महू में नर्मदा जल सप्लाई की पाइपलाइनें गंदी नालियों से होकर गुजर रही हैं, जिससे इंदौर के भागीरथपुरा जैसी बड़ी त्रासदी का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जांच में पता चला था कि लीकेज की वजह से ड्रेनेज का गंदा पानी पेयजल पाइपलाइनों में मिल गया था। दैनिक भास्कर महू की टीम ने शहर के कई इलाकों का दौरा किया तो पाया कि नर्मदा जल की पाइपलाइनें लोगों के घरों तक पहुंचने के लिए गंदी नालियों के भीतर बिछाई गई हैं। कई निवासियों ने इन्हीं नालियों में डूबी पाइपलाइनों से सीधे नल कनेक्शन ले रखे हैं। अगर इन पाइपलाइनों में कहीं भी लीकेज होता है, तो महू को भी गंभीर स्वास्थ्य संकट और मौत जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। रोजाना 5 लाख गैलन पानी की सप्लाई छावनी परिषद (कैंटोनमेंट बोर्ड) महू शहर के कई क्षेत्रों में हर दिन 5 लाख गैलन नर्मदा का पानी सप्लाई करती है। यह पानी पहले कोतवाली चौक स्थित पानी की टंकी में जमा किया जाता है, जहां से इसे शहरवासियों को बांटा जाता है। परेशानी यह है कि टंकी से निकलने के बाद यह पानी लोगों के घरों तक नालियों में बिछी पाइपलाइनों के जरिए ही पहुंचता है। ब्रिटिश काल की पुरानी पाइपलाइनें और गंदगी का अंबार इन नालियों में अक्सर गंदगी का ढेर लगा रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये पाइपलाइनें ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बिछाई गई थीं और तब से लेकर अब तक सिर्फ इनकी मरम्मत के भरोसे ही काम चल रहा है। शहर के मोती चौक, छोटा बाजार, फूल चौक, मार्केट चौक, संगी स्ट्रीट, मेन स्ट्रीट, मानक चौक, लुनियापुरा, राजमोहल्ला और गोकुलगंज जैसे मुख्य क्षेत्रों में पाइपलाइनें नालियों से होकर गुजरती साफ देखी जा सकती हैं। सिटी इंजीनियर बोले- चार्ज के डर से नए कनेक्शन नहीं लेते लोग जब छावनी परिषद के सिटी इंजीनियर हरिशंकर कोलाय से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि परिषद रोजाना 5 लाख गैलन पानी सप्लाई करती है और कोतवाली चौक की टंकी को हर 6 महीने में साफ किया जाता है। नालियों में बिछी पाइपलाइनों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को रोड निर्माण के वक्त वहां से कनेक्शन लेने को कहा गया, लेकिन खर्च (चार्ज) के डर से लोग ऐसा नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि लीकेज की शिकायत मिलते ही टीम तुरंत मरम्मत करती है। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और रहवासियों का गुस्सा महू के जनप्रतिनिधियों ने सड़क और पुलिया निर्माण पर तो ध्यान दिया, लेकिन नालियों के बीच से गुजर रही इन पाइपलाइनों को हमेशा नजरअंदाज किया। इंदौर के भागीरथपुरा हादसे के बाद हकीकत सामने आई है कि महू के लोग भी मौत के साए में जी रहे हैं। रहवासी हंसराज वर्मा और उर्मिला कौशल का कहना है कि नलों में रोजाना गंदा पानी आ रहा है। अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन वे कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं। लोगों को डर है कि महू भी किसी दिन भागीरथपुरा जैसे हादसे का शिकार हो जाएगा।
बरेली में BJP विधायक की हार्ट अटैक से मौत:आज होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी भी होंगे शामिल
बरेली में भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल की शुक्रवार को अचानक मौत हो गई। विधायक श्याम बिहारी सर्किट हाउस में थे। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह मीटिंग ले रहे थे। दोपहर करीब सवा 2 बजे अचानक विधायक की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। वे सीना पकड़कर बैठ गए। पसीना छूटने लगा। यह देख मीटिंग में अफरा-तफरी मच गई। विधायक को उनके सहयोगियों ने तत्काल मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया। यह हॉस्पिटल सर्किट हाउस से करीब 7 किमी और विधायक के घर शक्तिनगर से महज 100 मीटर की दूरी पर है। डॉक्टरों ने विधायक को CPR दिया। वेंटिलेटर पर रखा। लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और करीब 3 बजे मौत हो गई। विधायक ने एक जनवरी को अपना 60वां जन्मदिन मनाया था। विधायक का पार्थिव शरीर उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। क्षेत्र व प्रदेश के कई नेता पहुंचे। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ आज 3 जनवरी, शनिवार को दोपहर 12 बजे बरेली में किया जाएगा। सीएम योगी विधायक के निधन पर शोक प्रकट करने आएंगे। सांसद बोले- हंसी मजाक चल रहा था, तभी आया हार्ट अटैकभाजपा सांसद छत्रपाल गंगवार ने बताया- मीटिंग बहुत अच्छी थी। मीटिंग के बाद मंत्री धर्मपाल ने सहभोज रखा था। हंसी मजाक चल रहा था। तभी अचानक विधायक श्याम बिहारी को हार्ट अटैक आ गया। परिवार के मुताबिक- विधायक डॉ श्याम बिहारी को 2007 में पहला हार्ट अटैक पड़ा था। दिल्ली के अपोलो अस्पताल में बाईपास सर्जरी हुई थी। तब से इलाज चल रहा था। आज दूसरा अटैक पड़ा, जिसमें उनकी मौत हो गई। दोनों बेटियां अफसर, पत्नी टीचरडॉ. श्याम बिहारी बरेली में सुरक्षित फरीदपुर विधानसभा सीट से दूसरी बार चुनाव जीतकर विधायक बने थे। फरीदपुर सीट पर कोई नेता लगातार दो बार चुनाव जीता है, लेकिन श्याम बिहारी ने यह मिथ तोड़ा था। परिवार में पत्नी मंजू लता, एक बेटा और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी शिल्पा ग्वाल, कैंटोनमेंट बोर्ड रक्षा में संपदा अधिकारी है। छोटी बेटी शिवानी ग्वाल, मुंबई RBI में कार्यरत हैं। बेटा ईशान ग्वाल दिल्ली में UPSC की पढ़ाई कर रहा है। पत्नी मंजुलता बेसिक शिक्षा विभाग में टीचर हैं। ABVP से सियासी सफर की शुरुआत की थीविधायक श्याम बिहारी लाल का जन्म 1 जनवरी 1966 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम राधेश्याम था। श्याम बिहारी लाल पोस्ट ग्रेजुएट थे। वे पेशे से प्रोफेसर थे। वर्तमान में वे बरेली की महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी में प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष थे। इसके अलावा वे पांचाल संग्रहालय के निदेशक भी थे और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य थे। उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरुआत ABVP से की थी। लाइव अपडेट्स के नीचे ब्लॉग में पढ़िए...
मथुरा में देर रात एसएसपी ने थाना प्रभारियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव करते हुए 13 इंस्पेक्टर और 2 सब इंस्पेक्टर के तबादले कर दिए। न्यू ईयर के तीसरे दिन जारी हुई इस ट्रांसफर लिस्ट में 10 थाना प्रभारी बदले गए हैं। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच और प्रभारी 112 के भी कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। कोसी थाना प्रभारी को भेजा रिफाइनरी तेज तर्रार कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले इंस्पेक्टर अजय कौशल को कोसी थाना प्रभारी से हटाकर अब रिफाइनरी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गोविंदनगर थाना प्रभारी राजकमल को कोसी थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही स्वाट टीम प्रभारी छोटेलाल को फरह थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। गोवर्धन थाना प्रभारी को भेजा गोविंदनगर गोवर्धन क्षेत के देवसेरस गांव में साइबर अपराधियों के खिलाफ हुई कार्यवाही के बाद थाना प्रभारी रवि त्यागी को वहां से हटाकर शहर के महत्वपूर्ण थाना गोविंद नगर की जिम्मेदारी दी गई है। थाना सदर बाजार प्रभारी अश्वनी कुमार को बरसाना थाना प्रभारी बनाया है। पुलिस लाइन में तैनात भगवत सिंह को बरसाना थाना प्रभारी,महावन थाना प्रभारी सुधीर सिंह को थाना सदर बाजार,बरसाना थाना प्रभारी चेतराम शर्मा को महावन थाना प्रभारी बनाया गया है। अजय वर्मा को मिली स्वाट टीम की जिम्मेदारी रिफाइनरी थाना प्रभारी S I अजय वर्मा को अब स्वाट टीम प्रभारी बनाया है। जबकि उप निरीक्षक पुष्पेंद्र को क्राइम ब्रांच से हटाकर बलदेव थाना प्रभारी बनाकर भेजा है। फरह थाना प्रभारी रहे त्रिलोक सिंह को क्राइम ब्रांच,बलदेव थाना प्रभारी रंजना सचान को प्रभारी ऑपरेशन जागृत सेल बनाया गया है। इसके अलावा निरीक्षक पहलवान सिंह को एसएसपी का रीडर, देवपाल सिंह पुंडीर को प्रभारी 112 और बलदेव थाना में अतिरिक्त निरीक्षक उमेश चंद को साइबर थाना भेजा है।
प्रयागराज के माघ मेले में श्रद्धालुओं की सेहत का विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। इस संबंध में ‘दैनिक भास्कर एप’ से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके तिवारी से विशेष बातचीत हुई। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधित सभी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। CMO डॉ. एके तिवारी ने बताया, माघ मेले में 2 बड़े अस्पताल 20-20 के बेड बनाए गए हैं, जिसका नाम त्रिवेणी और गंगा रखा गया है। त्रिवेणी अस्पताल सेक्टर 2 में है जबकि गंगा सेक्टर चार में है। यहां इलाज संबंधित पूरी तैयारी है। यह 24 घंटे संचालित होगा। इसी तरह 75 डाॅक्टर्स और 250 से ज्यादा पैरामेडिकल स्टॉफ मेले में लगाए गए हैं। इसके अलावा 12 छोटे अस्पताल बनाए गए हैं जहां प्राथमिक इलाज की व्यवस्था होगी। यह सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। स्नान पर्व के दिनों में लगातार 48 घंटे यह छोटे अस्पताल संचालित होंगे। 50 एंबुलेंस हायर किया। बाकी 30 एंबुलेंस और हैं यानी कुल 80 एंबुलेंस मेले में अलग अलग सेक्टरों में लगाई गई हैं। 24 घंटे स्वास्थ्य संबंधित सुविधाएं जारी रहेंगी। पिछले माघ मेले में 30 एंबुलेंस लगाई गई थीं लेकिन इस बार 80 एंबुलेंस लगाई गई हैं। इतनी एंबुलेंस कभी माघ मेले में नहीं लगाई गई थीं। 14 प्राइवेट अस्पताल मेले के लिए तैयार CMO ने बताया कि माघ मेले के लिए मेला क्षेत्र के आसपास के 14 प्राइवेट अस्पतालों को भी तैयार किया गया है। यह इमरजेंसी के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इसमें 123 बेड माघ मेले के लिए रिजर्व में रखे गए हैं। इसमें विनीता हास्पिटल, फाफामऊ, प्राची हास्पिटल, नवजीवन हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल, कमला हॉस्पिटल, संगम हॉस्पिटल, आद्या हॉस्पिटल, जहांगीर हॉस्पिटल, हयात हॉस्पिटल, सरदार पटेल हॉस्पिटल, एमके केसरवानी हॉस्पिटल, शिखा हॉस्पिटल व पार्वती हॉस्पिटल शामिल हैं।
झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेने वाली सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (IRS अफसर) प्रभा भंडारी समेत 3 अफसरों को पकड़ने के लिए CBI को काफी मेहनत करनी पड़ी। पहले दो बार ट्रैप की कार्रवाई फेल हो गई थी। फिर तीसरी बार सीबीआई ने ठोस रणनीति बनाई और तीनों अफसरों समेत 5 आरोपी पकड़े गए। सभी के घरों में तलाशी ली गई। इस दौरान आरोपी सुपरिडेंटेंड अनिल तिवारी के घर से कई गोपनीय दस्तावेज समेत लेनदेन वाली 3 डायरियां बरामद हुई। इनमें ही सेंट्रल जीएसटी ऑफिस में चलने वाले पूरे खेल का राज छिपा है। सीबीआई ने मंगलवार को 70 लाख की घूस लेते सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दुर्गा हार्डवेयर फर्म के मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश को भी अरेस्ट किया था। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को अरेस्ट कर लिया था। सर्राफा बंधुओं पर कार्रवाई के बाद राडार पर आए 21 नवंबर को सेंट्रल जीएसटी ने सर्राफा बाजार स्थित जाने माने सराफा कारोबारी के यहां छापा मारा था। यहां टैक्स का घालमेल मिला था। टर्नओवर के सापेक्ष कागजों में काफी कम टैक्स जमा हुआ पाया गया। कार्रवाई के दौरान खुद डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी एवं सुपरिडेंटेंड अनिल तिवारी मौजूद थे। टीम कई दस्तावेज भी अपने साथ ले गई थी। इस मामले में सराफा कारोबारी पर मोटा जुर्माना लगाने की कवायद शुरू हो गई थी। उसके कुछ दिन बाद 5 दिसंबर को उनके चचेरे भाई के ज्वैलर्स शोरूम में जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) टीम ने छापा मारा। यहां सोना तस्करी का मामला सामने आया था। सूत्रों का कहना था कि इसके बाद सराफा बंधुओं ने मामला निपटाने के लिए अनिल तिवारी से संपर्क साधा। अनिल ने मदद करने का भरोसा दिलाते हुए उनको लखनऊ बुलाया। उनसे मोटी रकम की मांग की गई थी। इस सौदे की भनक भी सीबीआई को लग गई थी। अनिल तिवारी लखनऊ में थे लेकिन पैसों का इंतजाम न हो पाने से सराफा कारोबारी नहीं पहुंचे। इस वजह से सीबीआई वहां पकड़ने में असफल हो गई। इसके बाद झांसी में भी इन दोनों को पकड़ने की कोशिश हुई थी। तीसरी बार जाकर अनिल एवं अजय शर्मा ट्रैप में आए। एक पद पर दो अधिकारी थे सुपरिडेंटेंड अनिल सेंट्रल जीएसटी की डिवीजन प्रिवेंटिव टीम में तैनात था। झांसी में इसका सिर्फ एक पद है लेकिन अनिल ने अपने संपर्कों के सहारे अजय शर्मा को भी यहीं तैनात करा रखा था। अनिल तिवारी के रसूख का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उसने नौकरी के करीब 15-20 साल झांसी में ही बिता दिए। महज डेढ़ साल के लिए उसका तबादला आगरा हुआ था। उसके बाद अपने संपर्कों की बदौलत झांसी लौट आया। यहां अजय शर्मा के साथ मिलकर कारोबारियों के यहां छापा पड़ने के बाद उनसे तोलमोल करते थे। झांसी, उरई, ललितपुर, हमीरपुर के सभी बड़े कारोबारियों से अनिल की सीधी डीलिंग थी। हर महीने लगभग 3-4 करोड़ की उगाही थी। इसका पूरा हिसाब-किताब अनिल अपनी डायरियों में रखता था। ये डायरियां सीबीआई अपने साथ लेकर गई है। अनिल ने पत्नी एवं भाई के नाम से करोड़ों रुपए का निवेश झांसी, लखनऊ एवं दिल्ली की कई संपत्तियों में कर रखा है। अनिल के अलावा सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के घर से भी डायरी एवं लैपटॉप बरामद किए हैं। सीबीआई इनकी भी जांच कर रही है। इनके सहारे भी कई राज खुलकर सामने आएंगे। 160 अफसरों की प्रमोशन लिस्ट 2016 बैच की आईआरएस अफसर प्रभा भंडारी का प्रमोशन एक जनवरी 2026 को ज्वाइंट कमिश्नर पद पर होना था। मगर सीबीआई की गिरफ्त में आने के बाद उनके साथ के 160 अफसरों की प्रमोशन सूची सीबीआईसी बोर्ड ने रोक दी। प्रभा भंडारी के साथी अफसरों ने बताया कि प्रमोशन सूची में प्रभा का नाम था। इस वजह से सूची जारी नहीं हुई। जबकि इस प्रमोशन के बाद उनकी मनचाही जगह पर तैनाती होनी थी। इसके पहले पति की बबीना में तैनाती के चलते प्रभा की झांसी में तैनाती हुई थी। इस प्रमोशन के बाद जम्मू में उनके जाने की तैयारी थी। प्रमोशन सूची का इंतजार चल रहा था। यह प्रमोशन सूची गुरुवार को जारी होनी थी लेकिन इसके पहले प्रभा घूसखोरी मामले में फंस गई। अब प्रमोशन सूची पर भी रोक लगा दी गई है। सीबीआई की रडार पर कैसे आईं? अब पढ़िए, सीबीआई के ट्रैप की पूरी कहानी CBI की FIR में दो और कारोबारियों के नाम खुलासा होने के बाद सीबीआई ने लखनऊ में 7 नामजद और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, जीएसटी सुपरिटेंडेंट सिविल लाइन निवासी अनिल तिवारी और शिवाजी नगर निवासी अजय शर्मा, सिविल लाइंस निवासी वकील नरेश कुमार गुप्ता और मयूर विहार कॉलानी निवासी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी अरेस्ट हो चुके हैं। इसके अलावा राजू का भाई तेजपाल मंगनानी और आवास विकास कॉलोनी-1 निवासी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह कर रहे हैं। सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत दोनों सुपरिटेंडेंट की अकूत संपत्तियां खंगालना शुरू कर दिया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में चल रहे रेल दोहरीकरण कार्य का सीधा असर जोधपुर के यात्रियों पर पड़ा है। जोधपुर से हिसार जाने वाली ट्रेन अब 17 ट्रिप के लिए चूरू तक ही जाएगी। रेलवे ने इसे शनिवार (3 जनवरी) से 19 जनवरी तक आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि चूरू-सादुलपुर रेल खंड पर चूरू-असलु-दूधवाखारा स्टेशनों के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा है। रेल यातायात को और अधिक सुरक्षित व सुगम बनाने के उद्देश्य से इस खंड पर ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। इस कारण गाड़ी संख्या 14891 (जोधपुर-हिसार एक्सप्रेस) 3 जनवरी से 19 जनवरी 2026 तक जोधपुर से रवाना होकर केवल चूरू स्टेशन तक ही संचालित होगी। वापसी में हिसार से नहीं आएगी ट्रेन वापसी में भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गाड़ी संख्या 14892 (हिसार-जोधपुर एक्सप्रेस) 4 से 20 जनवरी 2026 तक हिसार के बजाय चूरू स्टेशन से ही जोधपुर के लिए प्रस्थान करेगी। यानी अगले करीब दो सप्ताह तक यह ट्रेन हिसार-चूरू-हिसार के बीच पूरी तरह रद्द रहेगी। यात्रियों को इस दौरान हिसार पहुंचने के लिए चूरू से आगे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना होगा। रूट बदलकर चलेगी यशवंतपुर एक्सप्रेस इसके अलावा, दक्षिण पश्चिम रेलवे में तकनीकी कार्य के चलते एक और ट्रेन प्रभावित हुई है। गाड़ी संख्या 16588 बीकानेर-यशवंतपुर एक्सप्रेस 15 फरवरी को अपने निर्धारित रूट से नहीं चलेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देवारागुड्डा-ब्याडगी रेलखंड पर समपार फाटक संख्या 222 पर तकनीकी कार्य के लिए ब्लॉक लिया जाएगा। तीन स्टेशनों पर नहीं होगा ठहराव यह ट्रेन 15 फरवरी को परिवर्तित मार्ग गदग-बल्लारी बाइपास-रायदुर्ग-चिकजाजूर और बिरूर होकर संचालित होगी। मार्ग परिवर्तन के कारण इस दिन एसएसएस हुब्बली, राणिबेन्नूर और दावणगेरे स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव नहीं होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा इसी अनुसार प्लान करें।
कम जमीन में ज्यादा जगह मिलेगी, हरियाली कम नष्ट होगी, सड़कें व ड्रेनेज पर कम लागत
हिसार के निजी चिकित्सा क्षेत्र में सुविधाओं की कमी नहीं है। एक के बाद एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल खुल रहे हैं। वर्तमान में यहां दिल्ली और एनसीआर के अस्पतालों वाली सभी सेवाएं मुहैया हैं। वास्तव में 90 फीसद मरीज सामान्य बीमारियों का इलाज करवाने अस्पताल जाते हैं, जबकि 10 फीसद मरीजों को सुपर मल्टी स्पेशलिटी सेवाओं की जरूरत होती है। सरकार द्वारा नित नए नियम लागू करने के चलते इलाज काफी महंगा होता जा रहा है। ऐसे में काफी मरीज तो इलाज का खर्च उठाने के बाद गरीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं। इसके लिए सरकार की नीतियां सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं। हिसार में एयरपोर्ट के कारण मेडिकल टूरिज्म को पंख लेगेंगे। मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग कॉलेज की संख्या बढ़ने से डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी नहीं रहेगी। भास्कर न्यूज | हिसार शहर हिसार तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। चहुंमुखी विकास के साथ जरूरतें बढ़ रही हैं। बदलाव भी जरूरी हैं। शहर में टाउन प्लानिंग, इन्फ्रास्ट्रक्टचर, ट्रैफिक प्रबंधन, हेल्थ, एजुकेशन जैसी अहम चीजों पर फोकस की जरूरत है। दैनिक भास्कर टीम ने शहर के विकास के साथ उन अव्यवस्थाओं पर एक्सपर्ट के माध्यम से फोकस किया है जो अपने अनुभव के जरिए यह बता रहे हैं कि विकास को रफ्तार देने के लिए क्या रणनीति अपनाएं और जो कमियां हैं उन्हें किस तरह दूर किया जाए, ताकि हिसार का व्यवस्थित तरीके से विकास हो। यह विकास कोई शहर का नहीं बल्कि हर व्यक्ति और यहां रहने वाले लोगों से भी जुड़ा है। शहर के बुनियादी ढांचे पर दबाव भी बढ़ा है, जिससे यह आवश्यक हो गया है कि विकास की दिशा केवल तात्कालिक समाधान तक सीमित न रहे, बल्कि दीर्घकालीन और टिकाऊ दृष्टिकोण पर आधारित हो। अगले 10 वर्षों में लगभग ₹3,500 करोड़ के कुल निवेश की आवश्यकता होगी। सड़क एवं परिवहन सुधार के लिए करीब 550 करोड़, जल आपूर्ति और जल-प्रबंधन हेतु 420 करोड़, सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 500 करोड़, ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 300 करोड़, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों हेतु 260 करोड़, डिजिटल एवं स्मार्ट सिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹330 करोड़, स्वास्थ्य-शिक्षा के निवेश की जरूरत है। {अवैध पार्किंग : जाम की दूसरी वजह ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की भारी कमी ने सार्वजनिक सड़कों को ‘फ्री गैरेज’ बना दिया है। परिणाम, पारिजात चौक और डाबड़ा चौक जैसे प्रमुख जंक्शन दिनभर जाम से जूझते रहते हैं। सरकार ने हाल ही में राजगुरु मार्केट के पास 167 करोड़ रुपए की मल्टी-स्टोरी पार्किंग बने तो बाजार क्षेत्र से 850 वाहन सड़कों से हट सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस को नो-पार्किंग जोन में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए। { अतिक्रमण : 2026 की शुरुआत तक नगर निगम और एचएसवीपी ने सार्वजनिक भूमि पर हजारों एकड़ अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। राजगुरु मार्केट, नागोरी गेट और सुभाष मार्केट में दुकानदार फुटपाथ और सड़क तक सामान फैला देते हैं। { भवन नियमों का उल्लंघन : पीएलए और अर्बन एस्टेट जैसे रिहायशी क्षेत्रों में बिना सीएलयू बदले क्लीनिक, कोचिंग सेंटर और दुकानें चल रही हैं। इससे पानी, बिजली और सीवरेज पर दबाव पड़ रहा है। { क्षैतिज बनाम ऊर्ध्व विकास : कौन सा रास्ता सही? हिसार का अब क्षैतिज फैलाव जारी रखना भारी पड़ रहा है। यह न सिर्फ आसपास की कृषि भूमि और हरियाली नष्ट कर रहा है, बल्कि सड़कों, पाइपलाइन और बिजली नेटवर्क की लागत भी बढ़ा रहा है। समाधान ‘वर्टिकल ग्रोथ’ में है। इसके ये फायदे होंगे। जैसे भूमि उपयोग: वर्टिकल डेवलेपमेंट से 70% तक जमीन बचाई जा सकती है। ट्रैफिक : वॉकएबल, हाई-डेंसिटी हब बनेंगे, लंबी यात्राएं घटेंगी। लागत: केंद्रीकृत यूटिलिटी से खर्च कम होगा। पार्किंग: इंटीग्रेटेड मल्टी-लेवल और बेसमेंट पार्किंग अनिवार्य होगी। ऐसे में 15मंजिल या उससे ऊंची इमारतें ही किफायतीआवास दे सकती हैं। 1. बाजार और शहर के केंद्र में भीड़भाड़ : नागोरी गेट, मुख्य बाजार, पुराना सब्जी बाजार, बस स्टैंड क्षेत्र, और तोशाम चुंगी जैसे व्यस्त खरीदारी क्षेत्रों में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के कारण सड़कों पर अक्सर जाम हो जाता है। विक्रेताओं और वाहनों द्वारा लेन अवरुद्ध करने से आवागमन धीमा हो जाता है। 2. पार्किंग और सड़क का दुरुपयोग : व्यवस्थित पार्किंग की कमी के कारण वाहन मुख्य सड़कों पर, विशेषकर व्यावसायिक क्षेत्रों में, पार्क किए जाते हैं, जिससे उपयोग योग्य सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। पैदल चलने वालों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है। 3. अव्यवस्थित ऑटो और रिक्शा स्टैंड : मुख्य बस स्टैंड और दिल्ली रोड के पास यात्रियों का इंतजार कर रहे ऑटो व ई-रिक्शा से ट्रैफिक जाम हो जाता है। निर्धारित स्थानों के अभाव में, ये वाहन व्यस्त सड़कों पर रुककर जगह घेर लेते हैं और यातायात को धीमा कर देते हैं। 4. अपर्याप्त यातायात प्रवर्तन : हालांकि ट्रैफिक नियम उल्लंघनों के लिए डाक चालान का उपयोग किया जा रहा है, पुलिस बल सीमित है। अपर्याप्त यातायात प्रवर्तन हैं। 5. सड़क चिह्नों और साइनेज में अंतराल : अफसरों ने वाहनों के सुचारू प्रवाह के लिए स्पष्ट पार्किंग चिह्नों, सड़क पट्टियों और यातायात संकेतों की जरूरत पर बल दिया है, लेकिन प्रमुख क्षेत्रों में इनका कार्यान्वयन धीमा रहा है। हिसार मेडिकल और एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां साइंस एंड टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और वेटरनरी तीन बड़ी यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थान हैं। कई मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल भी आ चुके हैं। एयरोस्पेस इंडस्ट्री और आती है तो यह शहर को एक नॉलेज इकोनॉमी में बदल देगा। हिसार में एयरपोर्ट बनाने के बाद अब मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और बनता है तो यह रोजगार की कई संभावनाएं खोलेगा। यहां पायलट और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग को लेकर कोर्स आरंभ किए जाने की भी जरूरत है। जीजेयू में बीएससी एविएशन कोर्स आरंभ हो चुका है। हिसार में फ्लाइंग क्लब का विस्तार भी किया जाना चाहिए। हिसार में यहां कृषि के डाटा एनालिसिस का सेंटर भी बनाया जा सकता है। ड्रोन पायलट जैसी तकनीकों में भी यहां ट्रेनिंग दी जा सकती है। जीजेयू साल 2026 में यह कोर्स भी शुरू कर रहा है। 1. टिकाऊ इन्फ्रास्ट्रक्चर : केवल सड़कें, भवन या पुल बनाना नहीं है, बल्कि ऐसा समग्र विकास करना है जो पर्यावरण के अनुकूल हो, आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो और सामाजिक रूप से समावेशी हो। 2. परिवहन और सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर : सड़कों को चौड़ा करने के साथ एक एकीकृत शहरी परिवहन योजना लागू की जाए। इसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दी जाए। पैदल यात्रियों और साइकिल ट्रैक बनाना चाहिए। 3. जल आपूर्ति और जल-प्रबंधन : वर्षा जल संचयन को सभी सरकारी, व्यावसायिक और आवासीय भवनों में अनिवार्य किया जाना चाहिए। स्मार्ट वाटर मीटर और लीकेज कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से जल की बर्बादी को रोका जा सकता है। 4. सीवरेज और जल-निकासी व्यवस्था : आधुनिक सीवरेज नेटवर्क, पर्याप्त क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वर्षा जल के लिए अलग ड्रेनेज प्रणाली विकसित करना अनिवार्य है। 5. ठोस कचरा प्रबंधन : घर-घर कचरा पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, बायोगैस संयंत्र और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएं शहर को स्वच्छ बनाएंगी। 6. ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर : सोलर रूफ-टॉप योजनाओं को प्रोत्साहित करना, स्ट्रीट लाइटिंग में सौर ऊर्जा का उपयोग हो। 7. डिजिटल, स्मार्ट इन्फ्रा : ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाएं, स्मार्ट सिटी कंट्रोल सेंटर और डिजिटल शिकायत निवारण हो।
कपड़ों और फोन लोकेशन से खुलासा, बेटे को बचाने के लिए बुजुर्ग पिता ने अपने ऊपर लेना चाहा था आरोप
भास्कर न्यूज | हिसार डाबड़ा चौक पुल पर हिट एंड रन केस में पुलिस की जांच में आरोपी गाड़ी चालक एक निजी स्कूल का कम्प्यूटर टीचर मॉडल टाउन वासी नरेश निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अपने टीचर बेटे को बचाने के लिए वृद्ध पिता ने आरोप अपने ऊपर ले लिया था। पुलिस को शक हुआ कि वृद्ध व्यक्ति 60 प्लस स्पीड से गाड़ी नहीं चला सकता। ऐसे में फोन लोकेशन व सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इससे असल आरोपी की पहचान हुई। पता चला कि वृद्ध पिता का सुबह साढ़े 8 बजे फोन बंद हुआ था जो शाम साढ़े 4 बजे खुला था लेकिन उनकी लोकेशन डाबड़ा पुल के आसपास नहीं थी। बेटे नरेश की फोन लोकेशन डाबड़ा चौक पुल के पास थी। इसके अलावा फुटेज में कैद गाड़ी चालक के कपड़ों से सच्चाई उजागर हुई। अर्बन एस्टेट चौकी में तैनात जांच अधिकारी एएसआई विरेंद्र ने बताया कि असल आरोपी की पहचान करके गिरफ्तार किया था जिसे जमानत मिल गई थी। इसमें पिता ने बेटे का आरोप अपने ऊपर लेना चाहा लेकिन अनुभव व तकनीक से झूठ पकड़ा गया। गौरतलब है कि सेक्टर 27-28 स्थित शिवा स्टील इंडस्ट्री संचालक संदीप सिंगल की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। सिंगल ने बताया था कि बड़ा भाई हरीओम है। वह अपना बिजनेस करता है। उसके 2 बेटे हार्दिक सिंगल व अर्पित सिंगल हैं। वे मूलत: गांव भगाना हाल जवाहर नगर में रहते हैं। भतीजा हार्दिक सिंगल बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र था जो नोएडा के शिक्षण संस्थान में पढ़ता था। 20 दिसंबर को वह नोएडा से जवाहर नगर आया था। 21 दिसंबर को जवाहर नगर से बाइक पर भगाना गांव आ रहा था। शाम करीब चार बजे डाबड़ा चौक पुल पर पीछे से आती तेज रफ्तार एक्सयूवी-500 गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। इस दौरान भतीजा बाइक सहित नीचे गिर गया। फिर गाड़ी चालक ने पहिया उसके पेट के ऊपर चढ़ाकर कुचलते हुए और वहां से फरार हो गया। वहां भगाना वासी युवराज भी था, जिसने दुर्घटना करके जा रही गाड़ी का नंबर नोट कर लिया था।
राजगढ़ रोड की स्ट्रीट लाइटें सीसीएमएस से जोड़ीं, अधिकारी मोबाइल से कर सकते हैं ऑन व ऑफ
इलेक्ट्रिक ब्रांच के एक्सईएन जयवीर डूडी ने बताया कि संबंधित ब्रांच के जेई के मोबाइल फोन से इस सिस्टम की मॉनीटरिंग हो रही है। उनके फोन में एप डाउनलोड की है। वे खुद ही अंधेरा होते ही पैनल ऑन कर देते हैं और सुबह टाइम से बंद कर देते हैं। अगर किसी लाइट में खराबी है तो उन्हें एप से पता चल जाता है। किस पैनल पर कितना लोड है। लोड कम या ज्यादा हुआ इसका पता भी लग जाता है। शहर की मुख्य सड़कों के अलावा गली-मोहल्लों में 55 हजार लाइटें लगी हैं। इन स्ट्रीट लाइटों को विशेषकर मुख्य रोड पर सीसीएमएस से जोड़ने के बाद इन्हें भविष्य में लगने वाले आईसीसीसी से इंटीग्रेट किया जाएगा। आईसीसीसी के जरिए फिर इनकी मॉनीटिरिंग की जा सकेगी। भास्कर न्यूज | हिसार राजगढ़ रोड की स्ट्रीट लाइटें सीसीएमएस (सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम) से जोड़ी गई है। इन लाइटों को एप के जरिये कहीं बैठे ही ऑन-ऑफ किया जा सकेगा। यानी कि इनके पैनल को एप के जरिये ऑपरेट किया जा सकेगा। यह भी पता चल जाएगा कि इस रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं अथवा खराब है। किसी को मैनुअल तरीके से पैनल ऑन ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नगर निगम के अधिकारियों ने पहले ट्रायल बेस पर शहर का मुख्य रोड इस तकनीक से जोड़ा है। इसके बाद अब पूरे शहर के मुख्य रोड की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस के जरिए ऑपरेट करने की प्लानिंग है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी की तर्ज पर यह प्लान किया गया है। एक रोड पर यानी सर छोटूराम चौक से आजाद नगर नहर तक इन लाइटों को ऑपरेट करने के लिए चार पैनल लगाए गए हैं। इन सभी पैनलों को पहले एक कर्मचारी मैनुअल ऑन या ऑफ करता था।
संदीप भैनी बने केयू रोड़ एंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान
कुरुक्षेत्र | कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को रोड़ एंप्लाइज एसोसिएशन की चुनावी बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से संदीप भैनी को प्रधान, सुनील टामक को सचिव, प्रवीण मथाना को संयुक्त सचिव, प्रवेश मथाना को प्रेस सचिव, संजीव बोदला को खजांची और संदीप जड़ोला को चेयरमैन बनाया गया। मौके पर नरेश साकरा, महावीर डीग, विनोद अंजनथली, नफे सिंह, बीरबल, लक्ष्मण आहूं, शमशेर चौहान, परीक्षित सागर और शीशपाल कौल मौजूद रहे।
आईएचएम ज्योतिसर में हुई बेकरी वर्कशॉप
कुरुक्षेत्र | इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट ज्योतिसर कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को बेकरी वर्कशॉप आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य छात्रों व प्रतिभागियों को बेकरी और कनफेक्शनरी की तकनीकों से परिचित कराना रहा। वर्कशॉप में प्रोफेशनल बेकर्स और शेफ ने छात्रों को विभिन्न प्रकार की बेकरी चीजों जैसे पिज्जा, मफिन और कुकीज बनाना सिखाया। इंस्टीट्यूट के प्राचार्य संजीव कुमार डे ने कहा कि बेकरी वर्कशॉप विद्यार्थियों के लिए एक अलग अनुभव है। इस वर्कशॉप में 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्राचार्य ने बताया कि इंस्टीट्यूट में बेकरी और कनफेक्शनरी में डिप्लोमा और खाद्य उत्पादन में डिप्लोमा भी करवाया जाता है। वर्कशॉप के दौरान शेफ सौरभ मोदी ने प्रशिक्षण दिया।
प्रभातफेरी में गूंजे हर-हर महादेव के जयघोष
भास्कर न्यूज | शाहाबाद मारकंडा प्राचीन श्री शिव मंदिर के पावन सानिध्य में श्री मार्कंडेश्वर महादेव शिव मंदिर सभा द्वारा आयोजित प्रभातफेरियों की शृंखला के अंतर्गत द्वितीय दिवस शुक्रवार की प्रभातफेरी मुकेश दहिया परिवार की ओर से लाडवा रोड स्थित शुभम पैलेस के समीप उनके निवास स्थान पर आयोजित की गई। प्रभातफेरी प्रातः मंदिर परिसर से पवित्र ध्वज एवं हर हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के साथ रवाना होकर आयोजन स्थल पर पहुंची, जहां आयोजक परिवार द्वारा पुष्प वर्षा व आतिशबाजी कर प्रभातफेरी का भव्य स्वागत किया गया। भजनों से पूर्व मंदिर के विद्वान पंडित सुनील शर्मा ने आयोजक परिवार मुकेश दहिया, साब सिंह व अन्य परिजनों से विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। मौके पर ओम नमः शिवाय के माला जाप का शुभारंभ अजय मोंगा द्वारा किया गया तथा गणपति वंदना प्रदीप करावा ने प्रस्तुत की। इसके पश्चात शिव भक्ति से ओतप्रोत भजनों की मधुर शृंखला शुरू हुई, जिसमें हर मुश्किल आसान करे मेरा भोला बाबा.. सारे गांव से दूध मंगा कर पिंडी को नहला दो...जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भजन गायकों में प्रवीण मेहता, रिंकू कश्यप (रामनगर), सुगम पिपलानी, अंकुश गोयल, गौरव ठुकराल, निक्स मेंहदीरत्ता, अवशीष शर्मा, आशा व ईशु सचदेवा ने भजनों के माध्यम से वातावरण को शिवमय बना दिया। आरती से पूर्व प्रभातफेरी के आयोजक परिवार को मंदिर सभा की ओर से नपा प्रधान गुलशन क्वात्रा, मलिक विजय आनंद, विजय शर्मा, संजीव भसीन एवं पार्षद विजय कलसी द्वारा स्वयंभू शिवलिंग का सुंदर स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन करते हुए अजय मोंगा ने बताया कि शनिवार की प्रभातफेरी प्राचीन श्री शिव मंदिर के सेवादारों द्वारा मंदिर प्रांगण में आयोजित की जाएगी। जबकि चतुर्थ दिवस रविवार की प्रभातफेरी हुड्डा पार्ट-2 स्थित श्री कृष्ण कृपा गली निवासी सेतिया परिवार द्वारा उनके निवास स्थान कोठी नंबर 628 में आयोजित होगी। कार्यक्रम में विधायक रामकरण काला, संजीव भसीन, वीरेंद्र मनचंदा, वीरेंद्र ठुकराल, पार्षद ईशु सचदेवा, दीवान चंद पाहुजा, पुनीत चड्ढा, गोपाल सिक्का, सुमित चड्ढा, हरीश मुंजाल, राज मक्कड़, नागेश शर्मा, दीपक चावला, नवीन वर्मा, सुनील कुकरेजा, वेद पुजारा, संजय हसीजा, सन्नी मुल्तानी, गुल्लू वर्मा, राजेंद्र कश्यप, आयुष कालड़ा, प्रदीप कुकरेजा, मीरा अरोड़ा, गौरव अरोड़ा व राजेश जस्सी, अनिल कथूरिया, भूषण चावला और मनन धमीजा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सीबीएसई ने प्रशासनिक कारणों से बदला 3 मार्च की 10वीं, 12वीं परीक्षाओं का शेड्यूल
भास्कर न्यूज | भिवानी सीबीएसई ने 3 मार्च को होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। कक्षा 10वीं की जो परीक्षा तीन मार्च को होनी थी वह अब 11 मार्च को होगी। वहीं 12वीं कक्षा की जो परीक्षा तीन मार्च को होनी थी वो अब 10 अप्रैल को होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि और किसी परीक्षा के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बता दें कि सीबीएसई बोर्ड 12वीं और 10वीं सेशन 1 की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। एग्जाम के एडमिट कार्ड जल्द जारी किए जाएंगे। डॉ. संयम भारद्वाज, परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी पत्र के अनुसार विद्यालयों से अनुरोध किया गया है कि वे इस सूचना को सभी संबंधित छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाएं ताकि वे इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें। संशोधित तिथियां प्रवेश पत्र जारी होने पर उसमें भी दी जाएंगी। एक ही पाली में आयोजित होंगी परीक्षाएं : सीबीएसई की अंतिम डेटशीट के अनुसार कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। अधिकांश विषयों की परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कराई जाएंगी जिससे सभी छात्रों के लिए परीक्षा का समय समान रहेगा। हालांकि बोर्ड ने पहले ही कुछ विषयों के परीक्षा समय में आंशिक बदलाव किया है।
12 गांवों में पार्क, धर्मशाला, स्टेडियम व सड़कों के लिए करोड़ों की घोषणाएं
भास्कर न्यूज | भिवानी जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक ने नए साल पर वार्ड नंबर 5 के गांवों के विकास कार्य शुरू किए। गांव सांगा और मानहेरू सहित 12 गांवों में पार्क, धर्मशाला, स्टेडियम व सड़कों के लिए करोड़ों की घोषणाएं की है। गांव सांगा और मानहेरू में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ना केवल नई परियोजनाओं की नींव रखी, बल्कि क्षेत्र की कायाकल्प करने वाली दर्जनों योजनाओं का खाका भी पेश किया गया। जिला परिषद चेयरपर्सन अनिता मलिक के निर्देशानुसार वार्ड नंबर-5 में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन जिला पार्षद प्रीति दीपक सांगा ने किया। चेयरपर्सन अनिता मलिक के नेतृत्व में वार्ड 5 के विकास के लिए गांव मानहेरू में पार्क निर्माण के लिए के लिए 25 लाख, सामुदायिक हॉल के लिए 15 लाख, महाराणा प्रताप भवन गेट के लिए 5 लाख और दूधाधारी धर्मशाला गेट निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की सौगात दी। वही गांव सांगा में स्टेडियम में हॉल निर्माण के लिए 21 लाख रुपये और कश्मीरी धर्मशाला में शेड निर्माण 5 लाख रुपये की सौगात दी। नौरंगाबाद में धर्मशाला निर्माण के लिए 21 लाख रुपये, बडाला में जोहड़ की सफाई व खुदाई हेतु 21 लाख रुपये की घोषणा की है।
क्षेत्र में बूंदाबांदी और शीतलहर ने बढ़ाई सर्दी, पारा 5.5 डिग्री दर्ज
भास्कर न्यूज | भिवानी पश्चिमी मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है। भिवानी शहर सहित जिलाभर में नए साल के दूसरे दिन कड़ाके की ठंड का असर दिखाई दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भिवानी में रात का तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बर्फीली हवाओं के कारण दिन में भी ठिठुरन रही। इस मौसमी बदलाव ने ठंड के तेवरों को प्रचंड बना दिया है जिससे जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है। कड़ाके की ठंड के चलते खुले में जगह-जगह अलाव सेंक कर सर्दी से राहत पाने के प्रयास करते देखे गए। शुक्रवार को जहां अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 18 तो न्यूनतम तापमान डेढ़ डिग्री गिर कर सात डिग्री से 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। बता दें कि शुक्रवार को बादलों की आवाजाही और तेज ठंडी हवाओं के कारण कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। अब बदले मौसम के कारण अगले कुछ दिन कड़ाके की ठंड रहेगी। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार इस माह में 4-5 से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे जिनसे पूरे माह में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने भी राज्य के भिवानी सहित 12 जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बने रहने के आसार जताए। इससे पहले गुरुवार को मौसम विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में सबसे अधिक तापमान भिवानी में 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों की बात करें तो मौसम ठंडा रहने की संभावना है। वहीं सुबह के समय धुंध का भी सामना करना पड़ सकता है। भिवानी। कोहरे व शीतलहर से बचने के लिए जोगीवाला शिव मंदिर में अलाव सेकते हुए साधु। { हल्की सिंचाई: रात के समय तापमान अधिक गिरने की संभावना हो तो फसलों में हल्की सिंचाई जरूर करें। जिससे पाले का असर कम होता है। { बढ़ेगी नमी: पश्चिमी विक्षोभ के कारण वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई है। { तापमान में गिरावट: दिन व रात दोनों के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। { कोहरे का अलर्ट: आने वाले दिनों में घना कोहरा और शीतलहर के आसार हैं। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी जारी है। मैदानी इलाकों में बारिश और बूंदाबांदी से मौसम बदल गया है। बादलों, धुंध और कोहरे की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और कई स्थानों पर कोल्ड डे की स्थिति बन रही है। पश्चिमी मौसम प्रणाली आगे बढ़ जाने से उत्तर से बर्फीली हवाएं चलेंगी। इसके चलते आने वाले दिनों में शीतलहर, शीत दिवस और घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.0 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार शनिवार सुबह हल्की धुंध रहेगी और बाद में आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
लाइट व्यवस्था : हर साल मैन बाजारों में दो से तीन दुकानों में आगजनी की बड़ी घटनाएं हो रही
भिवानी के विकास की रफ्तार रेलगाड़ी की रफ्तार से भी जुड़ी हुई है। जैसे जैसे भिवानी से रेलगाड़ियों का विस्तार हुआ वैसे ही जिले में विकास की रफ्तार भी तेज हुई है। जयपुर से वाया भिवानी होते हुए हिसार रेलवे ट्रक पर अब डीजल के साथ इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियां भी चलना शुरू हो गई है। इससे रेल यात्रियों की गंतव्य तक पहुंचने का समय कम हो गया वहीं व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ी है। विषय के एक्सपर्ट एवं डीआरयूसीसी सदस्य हरीश गोस्वामी ने भिवानी जंक्शन या भिवानी सिटी पर नई वाशिंग लाइन बनाने की जरूरत है, ताकि भिवानी से यात्रियों को लंबी दूरी की गाड़ियां मिल सकें। गाड़ी संख्या 14323/24 जो रोहतक-दिल्ली के बीच इंटरसिटी के रूप में चलती है, उसका विस्तार भिवानी जंक्शन तक किए जाने की जरूरत है। क्योंकि सुबह 10 बजे के बाद भिवानी से रोहतक व दिल्ली के लिए रेलगाड़ी शाम 6 बजे ही है। अगर उक्त रेलगाड़ी का विस्तार होता है तो दोपहर को भी दिल्ली के यात्रियों को रेलगाड़ी की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी। शहर में आबादी क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन अवैध आबादी क्षेत्र के वैध न होने के कारण ऐसी कॉलोनियों में लोग 20 साल बाद भी पानी, सीवर, सड़कें, स्ट्रीट लाइट आदि मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रहे हैं वहीं आर जान एरिया नहीं होने से प्रॉपर्टी डीलर अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों को प्लाट बिक्री कर रहे हैं। शहरवासियों के सामने बनी उक्त समस्या के संबंध में विषय के एक्सपर्ट के तौर पर पूर्व पार्षद सुभाष तंवर ने बताया कि शहर में आर जोन एरिया बढ़ाने व 21 कॉलोनियों के अवैध हिस्सों को वैध करना समय व लोगों की जरूरत है। लेकिन नप के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने ठीक से कार्य नहीं किया, जिसके कारण स्थानीय निकाय विभाग रिपोर्ट पर ऑब्जेक्शन लगाकर बार बार वापस कर रहे है। इसी तरह से शहर में आर-जोन एरिया बढ़वाने की मांग को लेकर वह चंडीगढ़ स्थित संबंधित ऑफिस में कई बार पत्र दे चुका है वहीं जिला नगर योजनाकार विभाग को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया है। लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था व अवैध अतिक्रमण की स्थिति बेहद खराब है और तुरंत प्रभाव से दोनों क्षेत्रों में योजना के तहत कार्य करने की जरूरत है। इस संबंध में नप चेयरपर्सन प्रतिनिधि एवं पार्षद भवानी प्रताप सिंह दो साल से कार्य कर रहे हैं। जब उनसे एक एक्सपर्ट के रूप में शहर की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था के दबाव व बाजारों में अवैध अतिक्रमण के समाधान के बारे में पता किया तो उन्होंने बताया कि शहर में सरकुलर रोड पर ट्रैफिक दबाव का मुख्य कारण जहां फुटपाथ पर अवैध अतिक्रमण है वहीं वाहन पार्किंग की समस्या भी इसका कारण है। दुकानदार सुबह नौ बजे ही 15 फुट चौड़ी फुटपाथ पर अवैध अतिक्रमण कर लेते हैं। इस तरह से इस पेन एरिया में ट्रैफिक पुलिस को तुरंत प्रभाव से कार्य करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने बताया कि वाहन पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए नगरपरिषद नए साल में घंटाघर के नजदीक नेहरू पार्क क्षेत्र में तथा किरोड़ीमल पार्क क्षेत्र में लिफ्ट पार्किंग स्थापित करेगी। जिनमें 100 गाड़ियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। शहर में सबसे बड़ी समस्या ब्लॉक सीवर लाइन, लीकेज पेयजल लाइन व सफाई व्यवस्था को लेकर बनी हुई है। इसमें नागरिकों के साथ खुद प्रशासन की लापरवाही भी देखने को मिल रही है और इसका खामियाजा राहगीरों व स्थानीय निवासियों को उठाना पड़ रहा है। एक्सपर्ट के तोर पर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संदीप तंवर ने बताया कि शहर में हर तरफ दूषित पानी निकासी व दूषित पेयजल आपूर्ति की दिक्कत है वहीं शहर में अनेक स्थानों पर सड़क फुटपाथ पर कचरा जमा है। इसका मुख्य कारण प्रशासन की लापरवाही व संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों में इच्छा शक्ति की कमी है। शहर में जहां अनेक स्थानों पर फैले कचरे के उठान की उम्मीद नागरिक प्रशासन से करता है, उसी प्रशासनिक ऑफिस के आसपास लघु सचिवालय के अंदर ही अनेक स्थानों पर कचरा जमा रहता है। इस तरह प्रशासन कर सकता है समाधान {एडवोकेट संदीप तंवर ने बताया कि प्रशासन शहर में जहां भी लीकेज पेयजल लाइन है, उक्त स्थानों पर दोनों तरफ आधा किलोमीटर तक पुरानी पाइप को हटाकर नई पाइप लगाकर समाधान करे। { इसके अलावा विभाग के पास अगर पर्याप्त बजट है तो वह शहर में पेयजल की सभी डैमेज, लीकेज तथा 40 साल पुरानी पाइप को बदलकर पूरे शहर में समस्या का स्थाई समाधान कर सकता है। {शहर में जहां भी ब्लॉक सीवर लाइन है, जो सुपर सकर मशीनों से भी नहीं खुल रही है, वहां डैमेज हो चुकी लाइनों के पाइप को चेंज किया जाए। इसके अलावा लिंक सीवर लाइनें जो डैमेज है, उन्हें बदाला जाए। सीवर मैन होल में जो लग गोबर आदि सामान डालते है, उनके खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई अमल में लाई जाए। शहर में जो भी सीवर मैन होल डैमेज है, उनका तुरंत प्रभाव से नव निर्माण करवाए। नगर व्यापार मंडल के प्रधान भानूप्रकाश से जब एक्सपर्ट के तौर पर पूछा गया कि शहर के बाजारों व औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन हो रही आगजनी की घटनाओं पर कैसे नियंत्रित किया जा सकता है, तो उन्होंने विषय की गहनता को समझते हुए बताया कि बाजारों में बिजली केबल का जाल है। बिजली के पोल पर ही नेट की तार बंधी हुई है और बाजारों में 95 प्रतिशत आगजनी की घटनाएं बिजली शार्ट सर्किंट से हो रही है। इन आगजनी की घटनाओं को बिजली निगम व्यवस्था को सुधार कर रोक सकता है। दुकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर तार की ज्वाइंट को समय समय पर बदला जाए, ताकि शार्ट सर्किंट से निकली चिंगारी से आग दुकानों तक न पहुंचे। बिजली के खंभे पर केबल की सुरक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले इंसुलेटर, सही रेटिंग वाले फ्यूज/सर्किट ब्रेकर, अर्थिंग ग्राउंडिंग और स्पष्ट चेतावनी संकेत जैसे सुरक्षा फीचर्स जरूरी हैं। ताकि विद्युत आर्क, शॉर्ट सर्किट और बिजली के झटके से बचाव हो सके। हर साल मैन बाजारों में दो से तीन दुकानों में आगजनी की बड़ी घटनाएं हो रही है वहीं औद्योगिक क्षेत्र में हर साल एक से दो फैक्ट्री में आगजनी हो रही है। नगर व्यापार मंडल के प्रधान भानूप्रकाश ने बताया कि संगठन लंबे समय से फैक्ट्रियों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा औद्योगिक सेक्टर में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग कर रहा है। अशोक तंवर | भिवानी ढाई लाख की आबादी के अपने शहर में सीवर से लेकर पेयजल व सफाई से लेकर अतिक्रमण तक के अनेक पेन एरिया ऐसे हैं जिनमें तुरंत प्रभाव से काम शुरू कर सुधारने की जरूरत है। जबकि शहर में विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए आर जोन व अवैध कॉलोनियों को वैध करने की बेहद जरूरत है। इसी तरह से हेल्थ व एजुकेशन पर भी फोकस करने की जरूरत है। दैनिक भास्कर ने टाउन प्लानिंग, ट्रैफिक, हेल्थ, इन्फ्रा व एजुकेशन विषय के जानकारों से यह जानने का प्रयास किया है। विषय के एक्सपर्ट ने बताया कि पेन एरिया में तुरंत प्रभाव से कार्य करने की जरूरत है।
MoHUA भेजा गया मेट्रो प्रस्ताव:नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक जाएगी, 2245 करोड़ होंगे खर्च
नोएडा में बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक मेट्रो का विस्तार किया जाना है। पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड के बाद अब इस प्रस्ताव को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (महुआ) भेजा गया है। वहां इसका प्रजेंटेशन किया जाएगा। वहां से अप्रूवल मिलते ही निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही स्वायल टेस्टिंग और डिटेल ड्राइंग डिजाइन का काम शुरू होगा। इसके लिए पहले ही कंपनी का चयन हो चुका है। नोएडा में बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक का 11.56 किमी का मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाना है। इस रूट की डीपीआर पांच साल पहले तैयार की गई थी। रोजाना करीब 1 से 1.25 लाख लोग इस लिंक लाइन का प्रयोग करेंगे। इसके निर्माण में करीब 2254.35 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पीआईबी में ये पूछे थे प्रश्नपब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड में प्रजेंटेशन के दौरान पूछा गया था कि इस लाइन की वायबिलिटी क्या है ? कितने मुसाफिर इससे सफर करेंगे ? पहले से जो लाइन चल रही है वो घाटे में फिर भी आप इस लाइन को लेकर उत्साहित है? इसी तरह कई प्रश्नों का जवाब एनएमआरसी के एमडी ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष दिया था। पॉजिटिव रिस्पांस मिला था अब इस प्रस्ताव को आगे महुआ भेजा गया है। वहां भी प्रजेंटेशन दिया जाएगा। ये होंगे स्टेशनइस मेट्रो कॉरिडोर पर बॉटेनिकल गार्डन, नोएडा सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस, नोएडा सेक्टर-97, नोएडा सेक्टर-105, नोएडा सेक्टर-108, नोएडा सेक्टर-93, और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन बनाए जाएंगे। कॉरिडोर का आखिरी स्टेशन सेक्टर-142 होगा। ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तककेंद्र सरकार से ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक मेट्रो रूट को मंजूरी मिल चुकी है। इस रूट पर जुनपत और बोड़ाकी सिर्फ दो मेट्रो स्टेशन बनेंगे। बोड़ाकी में बड़ा स्टेशन बनाया जाएगा। एक्वा लाइन का ये सबसे छोटा मेट्रो विस्तार है। इसके लिए 2.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बिछाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर मेट्रो चलाने में 416 करोड़ रुपए का खर्च आएगा
घर में देहांत के बावजूद जरूरतमंद के लिए रक्तदान
सोनीपत | मां भारती जनसेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य और कमासपुर गांव के रक्तदाता नीतीश भारद्वाज ने मानवता का उदाहरण पेश किया। बीती रात करीब 12 बजे, कड़ाके की सर्दी और निजी शोक के बावजूद, उन्होंने एक निजी ब्लड बैंक जाकर एक महिला मरीज के लिए प्लेटलेट्स दान किए। महिला मरीज जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थी और नीतीश के तत्काल सहयोग से उसकी जान बचाई जा सकी। यह प्रयास और भी प्रेरणादायक इसलिए है, क्योंकि मात्र दो दिन पहले ही नीतीश की 80 वर्षीय दादी का निधन हुआ था। अपने दुःख को पीछे रखते हुए उन्होंने अनजान जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। मां भारती ट्रस्ट के संस्थापक प्रेम गौतम ने नीतीश के इस साहसिक कार्य को मानव सेवा की मिसाल बताते हुए उन्हें सादर नमन किया और कहा कि ऐसे रक्तदाता समाज की असली पूंजी हैं।
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा पर हुई कार्यशाला
सोनीपत | ऋषि कुल वर्ल्ड एकेडमी में शुक्रवार को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा एवं आलोचनात्मक चिंतन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक नीरज शर्मा, निर्देशिका रीमा शर्मा और प्रधानाचार्या चंचल शर्मा उपस्थित रहीं। नीरज शर्मा ने कहा कि अनुभवात्मक शिक्षा छात्रों को अपने कार्यों, विचार प्रक्रियाओं और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं पर चिंतन करना सिखाती है, जिससे वे जीवन और कार्यक्षेत्र की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं। कार्यशाला में मुख्य वक्ता अरुणिमा अग्रवाल, नीलम साधा और विजया शेट्टी रहीं। उन्होंने अनुभव के माध्यम से सीखने, प्रायोगिक ज्ञान और पंचकोष आधारित अधिगम पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षकों ने विभिन्न क्रियात्मक गतिविधियों में भाग लेकर इन अवधारणाओं को समझा।
विधायक ने ई-शिवांजलि का लोकार्पण किया
सोनीपत | शिवा शिक्षा सदन में जिला विधायक निखिल मदान ने कार्यक्रम के दौरान गोल्डन एडिशन ई-मैगज़ीन ‘ई-शिवांजलि 2026’ का लोकार्पण किया गया, जिसकी थीम स्वर्ण जयंती से नए सपनों की उड़ान विद्यालय की शिक्षा, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को दर्शाती है। प्रबंधक वीरेंद्र बंसल ने शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला। विधायक निखिल मदान ने विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन और समाज निर्माण में योगदान की सराहना की। उन्होंने प्रबंधक वीरेंद्र बंसल से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रबंधक को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के निदेशक अरुण बंसल ने विधायक का स्वागत किया।
माडल टाउन में नशे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सोनीपत | डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन द्वारा आर्य युवा समाज के सहयोग से नव दुर्गा शक्ति पीठ, महिला पार्क के समीप मॉडल टाउन में 101 कुंडीय हवन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वैदिक संस्कृति का प्रसार, स्वच्छ वातावरण, नशा उन्मूलन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा। कार्यक्रम में विधायक निखिल मदान, महिला रोग विशेषज्ञ ऊषा मुखी, चिकित्सक प्रदीप मुखी और मंदिर प्रधान रामेश मुखी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने हवन में आहुति अर्पित कर दान राशि प्रदान की और विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक विशेष आकर्षण रहा, जिसमें नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। इसके बाद छात्रों ने नशा मुक्ति रैली निकालकर जागरूकता फैलाई। प्रधानाचार्या सविता धनखड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया।
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद चौक का हुआ अनावरण
भासकर न्यूज | सोनीपत जाहरी चौक पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद चौक का अनावरण द स्प्रिंग एरा पब्लिक स्कूल, ग्राम ठरू, उल्देपुर द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय के अध्यक्ष राजेंद्र की देखरेख में संपन्न हुआ। अनावरण सोनीपत के विधायक निखिल मदान और मेयर राजीव जैन ने किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान, देशभक्ति और साहस पर आधारित कविताएं और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इस अवसर पर द स्प्रिंग एरा संस्था के सदस्य जगत सिंह, एस 7 स्कूल के प्रबंधक दीपक शर्मा, ऋषिकुल विद्यालय के प्रबंधक नीरज शर्मा, सरस्वती स्कूल के प्रबंधक शमशेर सिंह, जी 3 स्कूल की प्रिंसिपल गीता चोपड़ा, उल्देपुर गांव के सरपंच संदीप, जाहरी गांव के सरपंच विनोद और द स्प्रिंग एरा पब्लिक स्कूल की प्राचार्या रजनी छिक्कारा, डायरेक्टर नीतू लाकड़ा सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे। राजीव जैन ने राजेंद्र के अथक प्रयास की प्रशंसा की। राजेंद्र ने चौक के निर्माण, रख-रखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी ली। प्राचार्या रजनी छिक्कारा और डायरेक्टर नीतू लाकड़ा ने विद्यार्थियों को अच्छे नागरिक बनने और देश के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।
पारा 2 डिग्री गिरा, ट्रेनें भी एक घंटा लेट
भास्कर न्यूज। सिरसा जिले में नए साल की शुरुआत ठंड और हल्की बूंदाबांदी के साथ हुई। शुक्रवार सुबह से ही जिले में आसमान बादलों से ढके रहे। वहीं ग्रामीण इलाकों में हल्की फुहार भी पड़ी। गुरुवार रात भर तेज हवा चलने से मौसम में ठंडक और बढ़ गई। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोर छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और अनजान को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार जिले में आगामी दिनों में बादल छाए रहने की संभावना है। साथ ही धुंध नक कहर जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। ठंडी हवाओं के चलने से न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री गिरावट दर्ज की गई। सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। धुंध के चले बसें और ट्रेनें भी लेट चल रही हैं। धुंध के कारण ट्रेन व बस भी लेट चल रही हैं। 14030 श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन 27 मिनट, 14085 हरियाणा एक्सप्रेस 22 मिनट, 14731 किसान एक्सप्रेस 45 मिनट व गोरखधाम एक्सप्रेस करीब एक घंटा निर्धारित समय से लेट चल रही है। ट्रेनें लेट चलने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हल्की बूंदाबांदी से फसलों को होगा फायदा: ग्रामीण इलाकों में खेतों और सड़कों पर कोहरा छाए रहने से वाहन ड्राइवरों को विशेषता बरतनी पड़ रही है। वही फसलों के लिए मौसम लाभकारी माना जा रहा है, क्योंकि हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बनी रहेगी। हालांकि अधिक ठंड होने से सब्जी व सरसों की फसल पर प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले एक-दो दिनों तक ठंड बने रहने का अनुमान है। साथ ही शीत लहर चलेगी। आगामी दिनों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतनी की सलाह दी गई है। नए साल की शुरुआत ठंड, कोहरे और हल्की बारिश बूंदाबांदी के बीच हुई,जिसे पूरे इलाके में सर्द मौसम का एहसास करवा दिया है। डॉ. मदन खीचड़, मौसम वैज्ञानिक।
SIR: धीमा काम, 1935 बीएलओ ने 11 दिन में सिर्फ 1500 नोटिस बांटे
एसआईआर के दूसरे चरण की रफ्तार बहुत ही धीमी है। ग्यारह दिन गुजरने के बाद भी जिले के 1935 बीएलओ सिर्फ 1500 नो मैपिंग वाले वोटरों तक नोटिस पहुंचा सके हैं। मतलब औसत एक बीएलओ पर एक से भी कम है। ग्वालियर विधानसभा में तो यह काम अभी चालू ही नहीं हुआ है। कारण कड़ाके की ठंड या फिर अफसरों की सुस्त हो रही मॉनिटरिंग को माना जा रहा है। वहीं काम को रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को संभाग आयुक्त व रोल प्रेक्षक मनोज खत्री ने राजनैतिक दल, रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आयुक्त खत्री ने कांग्रेस-भाजपा नेताओं से आगे के काम में सहयोग मांगा।
माघ मेला:प्रयागराज जाने वाली दो ट्रेनों में लगेंगे डबल इंजन, रिवर्स में नहीं होगी परेशानी
माघ मेले के दौरान प्रयागराज जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने बड़ा निर्णय लिया है। माघ मेले के दौरान ग्वालियर से प्रयागराज जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में अब आगे और पीछे दोनों ओर इंजन लगाए जाएंगे। इससे ट्रेनों की शंटिंग करने में दिक्कत नहीं आएगी। इंजन को रिवर्स करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे के डिप्टी चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर डीके जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार बुंदेलखंड एक्सप्रेस (11107-08) और प्रयागराज एक्सप्रेस (11801-02) में यह व्यवस्था 1 जनवरी से 16 फरवरी तक लागू रहेगी। ट्रेनें फुल, बढ़ेगी कोचों की संख्या माघ मेले के कारण प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में भीड़ रहेगी। कई तिथियों में सीटें फुल हो चुकी हैं और वेटिंग लंबी चल रही है। रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त कोच लगाने के निर्देश दिए हैं। स्लीपर और एसी कोचों में भारी दबाव है, ऐसे में यह व्यवस्था यात्रियों को राहत देने वाली साबित होगी। इंजन बदलने में लगने वाला समय बचेगारेलवे अधिकारियों के अनुसार टर्मिनल या दिशा परिवर्तन वाले स्टेशनों पर इंजन बदलने में सामान्यत: 20 से 30 मिनट तक का समय लग जाता है। दोनों ओर इंजन लगाए जाने से समय बचेगा। राहत: 8 जनवरी से रिंग रेल 6 फेरों के लिए चलेगीमाघ मेले में ग्वालियर से प्रयागराज व प्रयागराज से ग्वालियर के लिए रिंग रेल का संचालन किया जाएगा। ग्वालियर से 8 जनवरी से हर सप्ताह गुरुवार को इटावा, प्रयागराज के लिए संचालित की जाएगी।
बांदा के पैलानी थाना क्षेत्र में पुलिस ने युवक को थर्ड डिग्री दी और जबरन यूरिन पिलाई। इन गंभीर आरोप के मामले में चौकी इंचार्ज समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पीड़ित की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद की गई है। पीड़ित युवक ने पहले पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि यह मामला पेशबंदी का है और लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद व फर्जी हैं। दर्ज एफआईआर के अनुसार, पिपरहरी गांव में 25 अगस्त 2025 को एक घर में चोरी की घटना हुई थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर गांव निवासी पप्पू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। जहां पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। पुलिस की पिटाई से उंगलियां भी टूटी आरोप है कि इसके बाद गांव के कुछ दबंगों ने पप्पू को अपने घर बुलाकर चोरी के संबंध में पूछताछ की। उसके साथ मारपीट व गाली-गलौज की। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और पप्पू को खप्टिहा कला चौकी ले गई। सूचना मिलने पर उसकी मां और पत्नी भी चौकी पहुंच गईं। पीड़ित का आरोप है कि चौकी पर दबंगों से एक गिलास में यूरिन कराई गई और उसे जबरन पिलाया गया। साथ ही उसे धमकी दी गई कि यदि उसने इस घटना की जानकारी किसी को दी तो उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। आरोप है कि इस दौरान पुलिस की पिटाई से उसकी उंगलियां भी टूट गईं। घटना के बाद पप्पू ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट के आदेश पर अब चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एलिवेटेड रोड:मुआवजा लेकर भी कब्जा, अमले ने तोड़ा
एलिवेटेड रोड में बाधक बन रहे निर्माण कार्यों को हटाने के लिए एक सप्ताह में दूसरी बार शुक्रवार को कार्रवाई की गई। हजीरा से सटे गौसपुरा और रमटापुरा क्षेत्र में जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए 3 मकान व एक मैरिज गार्डन का अतिक्रमण हटाया। इन सभी निर्माण कार्यों का मुआवजा संबंधित लोगों को दिया जा चुका था। लेकिन उसके बाद भी इन लोगों द्वारा जगह खाली नहीं की जा रही थी। इसलिए शुक्रवार को तहसीलदार महेश सिंह कुशवाह, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव दल-बल के साथ कार्रवाई करने पहुंचे। इस टीम ने कार्रवाई करते हुए 15 हजार वर्गफीट से अधिक जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई। इस अतिक्रमण के कारण पहले चरण मे 13 पिलर का काम नहीं हो पा रहा था। एलिवेटेड रोड के पहले चरण में सबसे बड़े बाधक के तौर पर हजीरा पुल से सटी 21 दुकानें और लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पीछे िस्थत छिद्दे का पुरा में 28 मकान हैं। लेकिन इनका अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है। इसके पीछे राजनीतिक दबाव कारण बताए जा रहे हैं। सिविल अस्पताल की लाइन में स्थित 21 दुकान और इन 28 मकानों के विस्थापन को लेकर लगातार पेंच फंस रहा है। क्योंकि यह लोग सरकार से नई जगह और विस्थापन चाह रहे हैं। जबकि ऐसा हो पाना संभव नहीं है, दूसरी तरफ छिद्दे का पुरा में जल संसाधन विभाग वर्षों पहले जमीन का अधिग्रहण कर चुका है और मुआवजा लेने के बाद भी लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा। इन लोगों का हटाया गया अतिक्रमण: चंद्रपाल, अजय पाल, विजय पाल, शिव पाल, अनीता पाल, लता कुशवाह, अमर सिंह, कन्हैया लाल, कुंदन सिंह, राजेश्वरी लाखन सिंह द्वारा किया गया निर्माण एवं खुली जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। इनके 6 सर्वे नंबरों से 15 हजार 605 वर्गफीट जमीन खाली कराई गई है। बीते दिनों राधा विहार कॉलोनी में ही कार्रवाई करते हुए शिवराम तोमर, बबीता तोमर आदि द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को हटाया गया था।
इंदौर के भागीरथपुरा की घटना के बाद भी नगर निगम ग्वालियर के अफसरों की नींद नहीं टूट रही है। जबकि मैदानी हालात दिनों-दिन खराब होते जा रहे है। नाले-नालियों के अंदर डिस्ट्रीब्यूटर लाइनें (घरों तक कनेक्शन वाली लाइनें) शहरभर की अधिकांश कॉलोनी और मोहल्लों में डली हैं। जरा भी पाइप लीकेज होते ही गंदा पानी घरों के अंदर आए दिन पहुंच जाता है। शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं होने के कारण सीएम हेल्पलाइन में 310 शिकायतें दर्ज है। वहीं मुख्यालय भोपाल से 59 गंदे पानी की शिकायतें निगम को मिली है। इनमें अधिकांश शिकायतें ऐसी हैं, जिनका निराकरण 6 माह में भी नहीं हुआ है। भास्कर रिपोर्टर ने शहर के अलग-अलग क्षेत्र में इंदौर जैसे हालात दिखे। गोलपहाडिय़ा से तिघरा रोड पर पानी की मुख्य लाइन तक सीवर चेंबर के अंदर से होकर निकल रही है। यह स्थिति तब है जब बीते वर्ष जून में अर्जुन नगर में 20 दिन गंदे पानी की सप्लाई से 50 घरों में सीवर युक्त पानी पहुंचा और 10 लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा था। इंदौर की घटना से हड़कंप, शिकायतों की रिपोर्ट मांगी इंदौर की घटना के बाद भोपाल मुख्यालय से गंदे पानी की लेकर मॉनीटरिंग की जा रही है। वहां से शुक्रवार को 59 शिकायतें ग्वालियर नगर निगम को पहुंचाई है। शिकायतें लंबित: वार्ड 9 के निवासी लोकेंद्र भदौरिया की शिकायत 6 माह से लंबित है, वार्ड 5 के फरीना सेन, वार्ड 41 के रोहित अलवानी और वार्ड 53 की अनीता सेन की शिकायत 3 माह से लंबित है। वहीं वार्ड 19 के अशोक शर्मा की शिकायत 2 माह से लंबित है। पानी लाइनें शिफ्ट करेंगे गंदे पानी की लेकर सीएम डा. मोहन यादव वीसी थी। उसमें प्रजेंटेशन था। जहां पुरानी लाइनें है। सीवर-पानी बगल-बगल चल रही हैं या अंदर है। उन्हें चिह्नित कर शिफ्ट करने का प्लान बनाया जाए। प्राथमिकता के हिसाब से पहले शार्ट टर्म प्लान पर काम करेंगे। फिर लॉग टर्म प्लान पर काम होगा। -संघ प्रिय, आयुक्त ननि
इंदौर के भागीरथपुरा में नर्मदा के दूषित पानी ने 15 जानें ले लीं। लगातार हो रही मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद यहां की जनता का नर्मदा के पानी से भरोसा उठ गया है। लीकेज सुधारने के 48 घंटे बाद भी लोग नर्मदा का पानी भरने से कतरा रहे हैं। लोग बोरिंग, टैंकर, आरओ या बोतलबंद पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद खुद मान रहे हैं कि जनता में भय का माहौल है। उनका कहना है कि तीन दिनों से साफ पानी आ रहा है, लेकिन जब तक लोगों का विश्वास वापस नहीं लौटता, तब तक पानी उबालकर ही पीना चाहिए। कहीं न कहीं भागीरथपुरा में हुई इस घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। दूषित पानी की वजह से आज भी कई लोग बीमार हैं। परिवारजन यही उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द ठीक हो जाएं। भागीरथपुरा की गलियों में महिलाएं उन परिवारों की चर्चा कर रही हैं, जिनके अपने उन्हें छोड़कर हमेशा-हमेशा के लिए चले गए हैं। खासकर उस मां की, जिसने इस दूषित पानी की वजह से अपने पांच महीने के बच्चे को खो दिया। अब तक हो चुकीं 15 मौतें, इलाके में आज भी भय का माहौल भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से अब तक 15 मौतें हो चुकी हैं। किसी ने अपनी मां को खो दिया, तो किसी ने अपने बच्चे को, तो किसी ने अपने पिता को। जिन घरों ने इस दूषित पानी के कारण अपने किसी प्रिय को खोया है, वहां मातम पसरा हुआ है। 15 मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। लीकेज ठीक करने के बाद यहां नर्मदा के पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, लेकिन लोग पानी भरने से अब भी कतरा रहे हैं। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि इस पानी का इस्तेमाल करें या नहीं। टैंकर और बोरिंग से भर रहे पानी हालात को देखते हुए भागीरथपुरा में दूसरी टंकियों से टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है। यहां कई लोग टैंकरों से पानी भर रहे हैं। जिन गलियों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है, वहां लोग बोरिंग का पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। कई लोग आरओ, यहां तक कि बोतलबंद पानी का भी उपयोग कर रहे हैं। डर का माहौल इतना है कि कई घरों में पानी को छानकर और उबालकर इस्तेमाल किया जा रहा है। क्षेत्र की महिला माया बोरासी ने बताया कि उनकी गली में टैंकर नहीं आ रहा है। गली में बोरिंग है, इसलिए उसी का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। वे बोरिंग के पानी को उबालकर पी रहे हैं और उसी से काम चला रहे हैं। नर्मदा का पानी आ रहा है, लेकिन वे पानी नहीं भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घर में उनके बेटे की तबीयत भी खराब है। उनके बेटे हर्ष ने बताया कि 24-25 तारीख से उनके पेट में दर्द की शिकायत हो रही थी। मेडिकल से दवा भी ली, लेकिन आराम नहीं मिला। पहले उन्हें लगा कि बाहर का खाना खाने की वजह से ऐसा हो रहा होगा, लेकिन कुछ दिनों बाद पता चला कि भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण यह परेशानी हो रही है। बाद में यहां डॉक्टर को दिखाया गया, उन्होंने दवाएं दीं, मगर उससे भी सिर्फ थोड़ा-बहुत ही असर हुआ। भय का माहौल बना हुआ है क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने माना कि क्षेत्र में दूषित पानी के कारण भय का माहौल है। हालांकि पिछले तीन दिनों से साफ पानी आ रहा है, लेकिन जब तक लोगों का विश्वास वापस नहीं लौटता, तब तक पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी जा रही है। इधर, इस घटना से इलाके के कई लोगों में आक्रोश भी है। यदि देखा जाए तो यहां नर्मदा लाइन का काम करीब 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि अभी 40 प्रतिशत काम बाकी है। इस लाइन को पूरी तरह डालने में अभी कुछ और समय लगने की संभावना है। अस्पताल और स्थानीय लोगों ने कहा- 15 लोग मारे गए इंदौर नगर निगम कमिश्नर को हटाया दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया है। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है।
खान विभाग:अवैध खनन रोकने गई टीम पर पथराव, गाड़ी के शीशे तोड़े, तीन ट्रैक्टर छुड़ा ले गए माफिया
ब्रज क्षेत्र के पवित्र पर्वत अब प्रशासन के नियंत्रण में नहीं, बल्कि अवैध खनन माफिया की गिरफ्त में नजर आ रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि खनन रोकने पहुंची पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम पर हमला कर दिया। पथराव और हिंसा के बीच सरकारी अमला जान बचाकर भागने को मजबूर हुआ, जबकि माफिया का मनोबल पुलिस-प्रशासन से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दिया। शुक्रवार देर शाम अवैध खनन की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम गढ़ाजान पहाड़ क्षेत्र में पहुंची। यहां खननकर्ता पहले से अलर्ट थे। टीम को देखते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छिपा दिया। जैसे ही पुलिस ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर आगे बढ़ना चाहा, तभी करीब 40-50 महिला-पुरुषों ने संगठित होकर हमला बोल दिया। खनन माफिया और उनके समर्थकों ने पुलिस व वन विभाग की टीम पर जमकर पथराव किया। वन विभाग की गाड़ी के आगे-पीछे के शीशे टूट गए, जबकि पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित कई कार्मिक चोटिल हो गए। हालात इतने भयावह हो गए कि टीम को जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा। पुलिस और वन विभाग टीम ने एक ट्रैक्टर -ट्रॉली जब्त की अवैध खनन रोकने के लिए पहले प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े गड्ढे खुदवाए गए थे, ताकि रास्ते बंद हो सकें। लेकिन खनन माफिया ने उन्हें पाटकर दोबारा पहाड़ों को छलनी कर दिया। इससे साफ है कि प्रशासनिक आदेशों का उन्हें कोई डर नहीं है। अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन लगातार मीटिंग कर रहा है लेकिन उसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा। भारी विरोध और हमले के बावजूद टीम एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को खनन सामग्री सहित जब्त करने में सफल रही, लेकिन जिस तरह से सरकारी अमले को पीछे हटना पड़ा, उसने पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए थे। करीब 50 महिला-पुरुषों ने हमला कर दिया। वन विभाग और पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। पथराव में स्वयं सहित कई कार्मिक घायल हुए हैं। मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। — सतवीर सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी, कामां
नमस्कार, कानपुर में कल (शुक्रवार) की बड़ी खबरें...मोबाइल चलाते-चलाते बीटेक स्टूडेंट की मौत हो गई। वहीं डॉक्टरों के न पहुंचने के कारण पोस्टमॉर्टम हाउस पर लाशों की लाइन लग गई। परिजन पोस्टमॉर्टम के इंतजाम में घंटों बैठे रहे। हाईटेंशन लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से युवक की मौत हो गई। पत्नी शव से लिपटकर रोती रही। गुजैनी में साड़ी कारोबारी की कार पर नए साल में तीन बदमाशों ने बमबाजी की। अर्मापुर में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी के घर चोरों ने चोरी की। फिर घर में आग लगा दी। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।
आज, शनिवार को पौष पूर्णिमा है। आज से प्रयागराज में संगम की रेती पर माघ मेले की शुरुआत हो गई है। यह महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला है। देश के अलग-अलग हिस्सों से साधु-संत, कल्पवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। स्नान-दान कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण का दावा है कि पहले स्नान पर्व पर 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। योगी सरकार 800 हेक्टेयर में माघ मेले को मिनी कुंभ के तौर पर आयोजित कर रही है। मेले को 7 सेक्टरों में बसाया गया है। माघ मेले में 5000 से ज्यादा संस्थाएं और साधु संत बसाए गए हैं। मेला क्षेत्र में लगभग 8 किलोमीटर के स्नान घाट बनाए गए हैं। स्नान घाटों पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम बनाया गया है। मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एंट्री प्वाइंट से संगम नोज समेत सभी घाटों पर करीब 10 हजार पुलिस के जवानों को लगाया गया है। AI तकनीक से लैस CCTV से भी यहां निगरानी की जा रही है। 15 फरवरी तक चलने वाले इस माघ मेले में आज से कल्पवासियों का कल्पवास भी हो रहा है। 45 दिनों तक कल्पवासी यहीं गंगा के तट पर रहेंगे और पूजन अर्चन भी करेंगे। माघ मेला होने की वजह से इसमें अखाड़े नहीं आते हैं और न ही पेशवाई निकलती है। 2 जनवरी की रात आठ बजे से ही मेले में वाहनों की एंट्री रोक दी गई है। संगम नोज पर प्रशासकीय और चिकित्सीय वाहनों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के वाहन नहीं जाएंगे। यह व्यवस्था चार जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी। तीन जोन के अनुसार अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है, जो इस प्रकार से होगी। पांटून पुलों पर है वनवेपांटून पुलों पर आवाजाही एकतरफा रहेगी। परेड से झूंसी की ओर जाने के लिए पांटून पुल संख्या-3, 5 और 7 का इस्तेमाल कर सकेंगे। पांटून पुल- 4 और 6 से झूंसी से परेड की ओर जा पाएंगे। पांटून पुल 1 और 2 रिजर्व रहेंगे। होटल पर रेट लिस्ट लगेगी, ओवर रेटिंग नहीं होगीप्रयागराज में छोटे बड़े करीब 5 हजार होटल-रेस्टोरेंट हैं। माघ मेला से पहले होटल स्टे को लेकर एडमिनिस्ट्रेशन अलर्ट है। मालिकों के साथ मीटिंग करके तय किया गया है कि 15 करोड़ लोग आएंगे, इसलिए होटल के कमरे की बुकिंग के रेट पहले ही सार्वजनिक करने होंगे। होम स्टे के रेट भी तय होंगे। ताकि लोगों को ज्यादा रुपए न चुकाने पड़े। रेस्टोरेंट मालिकों को अच्छी क्वालिटी के व्यंजन खिलाने के लिए कहा गया है। पहली बार माघ मेले में रिवर एम्बुलेंसइस माघ मेला में पहली बार 2 रिवर एम्बुलेंस लगाई गई हैं। पिछले माघ में 30 एम्बुलेंस लोगों को सुविधा दे रही थीं, मगर महाकुंभ में हादसे के बाद 80 एम्बुलेंस लगा दी गईं हैं। लोगों को 1 तरफ से दूसरी तरफ लेकर जाने के लिए 9 पांटून पुल बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र को 7 सेक्टर में बांटा जा रहा है। साथ ही मेला परिसर में 20–20 बेड के 2 बड़े अस्पताल बनाए गए हैं। जिसका नाम गंगा और त्रिवेणी रखा गया है। 10 हजार पुलिस फोर्स तैनातएसपी माघ मेला नीरज पांडेय ने बताया, मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। 10 हजार पुलिस फोर्स तैनात की गई है। स्नान घाटों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही फ्लड कंपनी पीएसी और गोताखोर तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में लगे 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से भी क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक मैनेजमेंट किया जाएगा। इसमें 200 से ज्यादा ए आई युक्त कैमरे लगाए गए हैं। इस बार झूंसी बस अड्डे से 2250 बस चलेंगीयूपी रोडवेज मेले में इस बार 3800 बसों का संचालन करेगा। इनमें से 2250 बसों का संचालन झूंसी से होगा। साथ ही, शहर से अलग-अलग एरिया के लिए भी शटल बसों का संचालन किया जाएगा। झूंसी में बसों के संचालन की वजह से संगम क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी। जानिए माघ मेला में कब-कब स्नान होंगे... मकर संक्राति और मौनी अमावस्या पर होंगे महास्नान हर साल माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है, जोकि महाशिवरात्रि तक चलता है। 2025 में महाकुंभ होने की वजह से माघ मेला नहीं हुआ था। इससे पहले 2024 में माघ मेला हुआ था। इस साल माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी, 2026 से हो रही है, जोकि महाशिवरात्रि 15 फरवरी तक चलेगा। इस बीच मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण दिनों में महास्नान होंगे।
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर श्रीरामनगरिया मेला शनिवार से शुरू हो गया है। हजारों की संख्या में संत और श्रद्धालु कल्पवास के लिए गंगा तट पर पहुंच गए हैं। यहां तंबुओं का एक शहर बस गया है, जहां अध्यात्म और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। श्रद्धालु जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति और आराध्य की कृपा प्राप्त करने की कामना से यहां आए हैं। भक्ति, भजन और स्नान-दान के माध्यम से वे अपनी आस्था व्यक्त करेंगे। कल्पवासी आधुनिक सुख-सुविधाएं छोड़कर तंबुओं और झोपड़ियों में अपनी गृहस्थी सजा चुके हैं। कल्पवास के दौरान, श्रद्धालु तीन समय स्नान-दान और भजन में लीन रहेंगे। यह मेला प्रयागराज संगम के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा माघ मेला है, जो गंगा की पवित्र रेती में लगता है। शनिवार, 3 जनवरी को पूर्णिमा स्नान के साथ इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। शहर का पांचाल घाट, जहां गंगा बनारस की तरह चंद्राकार आकार में बहती हैं, 'अपर काशी' के नाम से भी जाना जाता है। महाभारतकालीन यह घाट ब्रिटिश काल में जलमार्ग से व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। मेला लगभग 3 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां रंग-बिरंगे शिविर और कुटिया सज चुकी हैं। इस पावन उत्सव में एक माह तक कल्पवासी घरों की सुख-सुविधाओं को त्यागकर तंबू-झोपड़ी में रहकर कठिन व्रत और साधना करेंगे। वे गृहस्थी की झंझटों से मुक्त होकर संन्यासियों का जीवन व्यतीत करते हुए स्वयं का कायाकल्प करने और जीते जी मोक्ष प्राप्त करने की कामना से यहां पहुंचे हैं। धर्म ध्वजा के साथ राष्ट्र धर्म की पताका भी लहरा रही है। पास पड़ोस के जनपदों से भी आते श्रद्धालु कल्पवास करने के लिए मेला श्री राम नगरिया में जनपद के अलावा हरदोई शाहजहांपुर बरेली बदायूं पीलीभीत मैनपुरी कन्नौज लखीमपुर खीरी सीतापुर सहित अन्य जनपदों से भी बड़ी संख्या में साधक मां गंगा के तट पर पहुंचते हैं। जहां एक माह तक भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं। कई राज्यों से पहुंचे हैं संत पांचाल घाट पर कल्पवास करने के लिए कई राज्यों से संत यहां आए हैं। यहां जूना अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा व दांडी संतो के शिविर लगा चुके हैं। इसके अलावा प्रेमदास बाबा छत वाले स्वामी श्यामानंद कपिल देव महाराज स्वामी नर्मदानंद पागल बाबा स्वामी अवध बिहारी दास सुबोध आश्रम सहित बड़ी संख्या में संध्या पहुंचे हुए हैं। सांस्कृतिक पंडाल में दिन और रात में होंगे कार्यक्रम पांचाल घाट पर लगे मेला श्री रामनगरिया में सांस्कृतिक पंडाल भी बनाया गया है। इसमें दिन और रात के अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं जो पूरे माह चलेंगे। इसके अलावा पंडाल के पास ही विकास प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। इसमें 41 स्टार लगाए जाएंगे। वहीं सूचना विभाग द्वारा भी प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रशासन द्वारा मेला में 24 घंटे चिकित्सा की सुविधा दी जाएगी इसके लिए एलोपैथिक, होम्योपैथिक आयुर्वेदिक अस्पताल बनाए।
मेरठ के लोकप्रिय अस्पताल की घटना ने पूरी चिकित्सीय व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। संजय ICU में एडमिट थे, जिस कारण उनकी समस्त जिम्मेदारी उस वक्त वहां तैनात स्टाफ की थी। परिवार को भी केवल निर्धारित समय पर ही मिलने दिया जाता था। ऐसे में सवाल यह है कि संजय खुद टॉयलेट में कैसे चले गए। अगर किसी स्टाफ के द्वारा भी उन्हें वहां ले जाया गया था तो फिर संजय ने अंदर से दरवाजा कैसे लगा लिया? फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। पहले देखें यह तीन तस्वीरें... पहले जानते हैं क्या है पूरी घटना मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर कांगड़ा निवासी संजय कुमार अपनी पत्नी ज्योति व एक बेटे शुभांक के साथ यहां हाईडिल कालोनी के पास रहते आ रहे थे। पिछले कुछ दिन से संजय की तबियत खराब चल रही थी, जिनका इलाज डा. पीके शुक्ला की देखरेख में चल रहा था। सांस लेने में दिक्कत की शिकायत थी। टेस्ट में खून की कमी आई और डाक्टर ने संजय को खून चढ़ाने की सलाह दी। 31 दिसंबर की देर रात संजय को गढ़ रोड स्थित लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जहां उनका ICU में इलाज चल रहा था। 15 मिनट पहले ही घर गई थी ज्योति ज्योति ने बताया कि रात को जब वह घर खाना खाने जाती थी तो स्टाफ को बताकर जाती थी। क्योंकि वैसे भी स्टाफ अंदर जाने नहीं देता था। घर पहुंची ही थी कि अस्पताल से फोन आ गया। कॉलर ने बताया कि उनके पति की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई है। वह उल्टे पॉव भागी तो देखा सबकुछ खत्म हो चुका था। संजय जहां गिरे वहां खून ही खून था। पुलिस भी पहुंच चुकी थी। ज्योति का आरोप है कि उस 15 मिनट के अंतराल में ही कुछ ऐसा हुआ है, जिसे छिपाने का प्रयास हो रहा है। खून चढ़ाने के लिए ICU में रखा ज्योति अस्पताल पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। बोली- चार यूनिट खून के लिए उसके पति की जान ले ली गई। सवाल उठाए कि क्या शरीर का चार यूनिट खून कम होने से कोई व्यक्ति इतनी क्रिटिकल कंडीशन में पहुंच जाता है कि उसे ICU में रखना पड़ता है। संजय को कोई बीमारी नहीं थी। इसके बावजूद उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था। हॉस्पिटल का बड़ा बिल बनाने के लिए यह पूरा ड्रामा रचा गया और अब वह अपने पति की लाश लेकर जा रही है। खिड़की इतनी ऊंची तो कैसे कूदे संजय ज्योति की मानें तो संजय को तीन यूनिट खून चढ़ चुका था और चौथा यूनिट खून शनिवार को चढ़ना था। उससे पहले ही संजय की मौत हो गई। संजय की हालत से वह वाकिफ थीं, इसलिए सवाल उठा रही हैं। ज्योति का सवाल है कि इतनी कमजोरी में संजय बाथरूम की खिड़की तक कैसे चढ़े। खिड़की के आस पास खून लगा है। इसका मतलब गिरने से पहले ही संजय के शरीर से खून निकल रहा था। सबसे बड़ी बात कि ICU के स्टाफ को कांच टूटने और संजय के नीचे गिरने की भनक क्यों नहीं लगी। वह तो नीचे लोगों ने शोर मचाया, तब स्टाफ दौड़ा। हंसी ठहाके के बीच गुजरा पूरा दिन संजय दो बहन और चार भाई थे। उनकी तबियत खराब होने की सूचना पर शुक्रवार सुबह दिल्ली में रहने वाली उनकी दोनों बहने भी आई थीं। संजय की हालत में सुधार देखकर वह संतुष्ट थीं। संजय भी हंस हंसकर अपनी बहनों से बात कर रहे थे। लेकिन क्या पता था कि वह भाई-बहनों की वह आखिरी मुलाकात थीं। बहनें शाम को अपने घर पहुंची भी नहीं थी कि संजय की मौत की सूचना उनसे पहले घर पहुंच गई। रात में ही परिजन मेरठ के लिए रवाना हो गए। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी रात में लोकप्रिय अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ इंस्पेक्टर नौचंदी ईलम सिंह भी रहे। उन्होंने ICU के स्टाफ से पूछताछ की और फिर फोरेंसिक टीम को बुला लिया। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और लौट गई। तब तक बाथरूम और खून वाले स्थान तक किसी को जाने नहीं दिया गया। परिवार के तीन महत्वपूर्ण सवाल... 1. संजय जब ICU में थे तो बाथरूम का अंदर से दरवाजा क्यों लगने दिया।2. इस कमजोरी की स्थिति में बिना किसी सहारे के संजय खिड़की तक कैसे चढ़े।3. हादसे के बाद रात्रि शिफ्ट में काम करने वाले स्टाफ को क्यों हटा दिया गया।
रेवाड़ी जिले के रामगढ़ भगवानपुर में अस्पताल बनाओ संघर्ष समिति अपना आंदोलन तेज करेगी। संघर्ष समिति ने कहा कि विधायक लक्ष्मण सिंह ने सदन में झूठ बोला। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह का अस्पताल न बनाने के आश्वासन का झूठ भी ऑडियो में पकड़ा जा चुका है। यदि मंत्री ने समय नहीं दिया तो महिलाएं स्वयं उनसे मिलने के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ जाएंगी। विधायक ने कहा कि मैने तो सदन में इनकी पैरवी की है। मैने कभी कोई झूठ नहीं बोला। संघर्ष समिति ने कहा कि समिति का प्रतिनिधि मंडल स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात का समय मांग चुका है। समिति की मांग है कि स्वास्थ्य मंत्री अपनी सुविधानुसार प्रतिनिधि मंडल को दिल्ली या चंडीगढ़ में मिलने का समय दे। ताकि उनके साथ बात कर अपनी मांग को पुख्ता तरीके से रखा जा सके। विधायक पर लगाया यह आरोप संघर्ष समिति ने कहा कि विधायक ने सदन में कहा कि रामगढ़ भगवानपुरा में ग्रामीण पेजयल के लिए 10 एकड़ जमीन दी गई है। विधायक का सदन में दिया यह बयान पूरी तरह से झूठा है। इससे पहले विधायक ने कहा था कि राव इंद्रजीत सिंह ने अस्पताल बनाने का कोई आश्वासन नहीं दिया। जिसकी एक ऑडियो सामने आने के बाद सच्चाई सामने आ गई। जिसमें केंद्रीय राज्यमंत्री अस्पताल बनाने का आश्वासन देते सुनाई दे रहे हैं। मंत्री से मिलने जाएंगी महिलाएं भगवानपुर के सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार ने कहा कि मंत्री से मिलने का समय मांगा है। समय नहीं मिला तो 18 जनवरी को महिलाएं स्वंय स्वास्थ्य मंत्री से मिलने उनके कार्यालय पर जाएंगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन को 200 दिन हो गए है और न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। विधायक बोले- मैने कोई झूठ नहीं बोला रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि रिकॉर्ड पर जो चीज है, मैने वहीं सदन में उठाई। जलघर के नाम जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। मैने सदन में शहर के लिए अलग जलघर बनाने की बात कहने के लिए वह बात कही। जिससे गांवों वालों को उनके हक का पीने का पानी मिल सके।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने नए साल में यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा की दोहरी सौगात दी है। साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस अब पुराने कोचों की जगह अत्याधुनिक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) रैक से संचालित होने लगी है। वहीं, मुंबई जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए भगत की कोठी-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि बढ़ाते हुए शनिवार से 5 ट्रिप और चलाई जाएगी। जम्मूतवी एक्सप्रेस: 3 जनवरी से वापसी में नए कोच जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधाओं में विस्तार करते हुए ट्रेन संख्या 19223 साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस का संचालन 1 जनवरी से एलएचबी रैक के साथ शुरू कर दिया गया है। वापसी में ट्रेन संख्या 19224 जम्मूतवी-साबरमती एक्सप्रेस 3 जनवरी (शनिवार) से नए एलएचबी रैक के साथ साबरमती के लिए रवाना होगी। अभी फिरोजपुर तक ही जाएगी ट्रेन यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि तकनीकी कारणों से जम्मूतवी एक्सप्रेस का संचालन 30 मार्च तक जम्मूतवी तक नहीं होगा। यह ट्रेन फिलहाल फिरोजपुर कैंट स्टेशन तक ही संचालित की जा रही है। फिरोजपुर कैंट से जम्मूतवी स्टेशन के बीच यह आंशिक रूप से रद्द रहेगी। क्या है एलएचबी कोच का फायदा रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एलएचबी रैक में बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम और ज्यादा स्थिरता (Stability) होती है। ये कोच अग्निरोधक होते हैं और इनमें लोहे के पुराने कोचों के मुकाबले झटके कम लगते हैं। इससे शोर भी कम होता है और ट्रेन हाई स्पीड पर भी सुरक्षित रहती है। बांद्रा स्पेशल: जनवरी भर मिलेगी सुविधा जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि यात्रियों की मांग को देखते हुए ट्रेन संख्या 04827/04828 भगत की कोठी-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल के 5 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए हैं। जोधपुर से: यह ट्रेन भगत की कोठी से 3 से 31 जनवरी तक हर शनिवार सुबह 11:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7:25 बजे बांद्रा पहुंचेगी। बांद्रा से: वापसी में यह ट्रेन 4 जनवरी से 1 फरवरी तक हर रविवार सुबह 10:30 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 4:30 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। हितेश यादव के अनुसार, फेरों में वृद्धि से इस रूट पर अतिरिक्त सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और विशेषकर सप्ताहांत पर यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेन के प्रस्थान समय और सभी ठहराव पूर्व की तरह ही रहेंगे, केवल संचालन अवधि में पांच अतिरिक्त फेरे जोड़े गए हैं। यादव ने कहा है कि जम्मूतवी एक्सप्रेस की आंशिक रद्दीकरण और भगत की कोठी-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल के अतिरिक्त फेरों के मद्देनज़र यात्रियों को अपनी यात्रा योजना पहले से जांचनी चाहिए। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले रेलवे के अधिकृत ऐप, वेबसाइट, हेल्पलाइन या स्टेशन पूछताछ केंद्र से ट्रेन की नवीनतम स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। सीएम ने लगाया विधायक के भाषण पर ब्रेकमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर भाजपा विधायक का भाषण रोक दिया और अपना संबोधन शुरू कर दिया। सीएम उज्जैन जिले के खाचरोद पहुंचे थे। हुआ यूं कि सीएम कुछ जल्दी में थे, उन्हें जबलपुर में आयोजित वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में शामिल होना था। लेकिन मंच पर संबोधित कर रहे नागदा-खाचरोद विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान बोलते ही जा रहे थे। रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। फिर क्या था, सीएम अपनी जगह से उठे और मंच के दूसरी ओर रखे डायस पर पहुंच गए और भगवान महाकाल का जयकारा लगाकर अपना संबोधन शुरू कर दिया। उन्होंने विधायक के लिए तालियां भी बजवाई। लेकिन दूसरी ओर विधायक अपनी मांगें रखते रहे। मंच पर बना ये सीन देख पंडाल में ठहाके गूंजने लगे। बाद में सीएम ने विधायक की तारीफ की और अपने संबोधन को आगे बढ़ाया। अब विधायक के भाषण पर लोग कह रहे हैं कि वे नेता जो ठहरे। सामने जनता और माइक हाथ में हो तो कोई भला क्यों रुकेगा। जीतू पटवारी को दी पढ़ने-लिखने की नसीहतसीएम डॉ. मोहन यादव ने खाचरोद में ही मंच से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पढ़ने-लिखने की नसीहत दे डाली। दरअसल, सीएम हाल ही में रतलाम जिले के जावरा पहुंचे थे। वहां उन्होंने विधायक राजेंद्र पांडे की जावरा को जिला बनाने की मांग पर मजाकिया अंदाज में बताया था कि अब तो मेट्रोपॉलिटन सिटी आपके पास आ गई है। सीएम ने विधायक से जावरा से इंदौर और उज्जैन की दूरी पूछी। फिर 185 किलोमीटर दूर इंदौर और 102 किलोमीटर दूर उज्जैन को लेकर कहा कि ये दोनों शहर अब यहां 20 किलोमीटर दूर भी नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर तंज करते हुए कहा था कि दूरी कम करने की कौन सी टेक्नोलॉजी सीएम के हाथ लग गई। इस पर तो ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे संस्थानों को भी शोध करना चाहिए। इसके पलटवार में सीएम ने कहा- कांग्रेस के नेता, अध्यक्ष ये कह रहे हैं कि कहां इंदौर-उज्जैन यहां ले आओगे। अब उनको कौन समझाए कि मेट्रोपॉलिटन का तुम अर्थ नहीं समझते तो मैं क्या करूं, पढ़-लिख लिया करो, समझ लिया करो यार। मंच पर बदली सीएम और केंद्रीय मंत्री की सीटिंगजबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के मंच पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई की जुबान फिसल गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मोहन भागवत कह दिया। हालांकि फौरन गलती सुधारी और मोहन यादव कहकर संबोधित किया। कार्यक्रम के मंच पर अतिथियों की सीटिंग भी बदली गई। हुआ यूं कि सीएम मोहन यादव जगदगुरु रामभद्राचार्य के बाईं ओर उनके पास बैठे थे। सीएम के पास केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बैठे थे। फिर मंत्री राकेश सिंह उठकर आए और सीएम से बात की। इसके बाद सीएम अपनी कुर्सी से उठकर रामभद्राचार्य के दाईं ओर उनके पास बैठ गए। जबकि सीएम जहां बैठे थे वहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह बैठ गए। ये सब देखकर लोग पूछ रहे हैं कि पहले से सीटिंग अरेंजमेंट नहीं था क्या..? केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने निकाला गन्ने का जूस केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोल्हू से गन्ने का रस निकाला। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान नए साल पर महाराष्ट्र के शनि शिंगनापुर में दर्शन के लिए गए थे। वहां उन्होंने 'मामा रसवंती' नाम की दुकान पर गन्ने का जूस पिया। उनके साथ पत्नी साधना सिंह भी थी। शिवराज सिंह कोल्हू के पास बैठ गए और खुद गन्ने का जूस निकाला। ये देखकर साधना सिंह ने कहा- ये जूस मुझे पिलाना। इसके बाद वहां तालियां बजने लगी। इसका वीडियो भी सामने आया है। शिवराज सिंह ने दुकानदार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- कैलाश भाई के साथ हम मामा रसवंती पर खड़े हैं। हर एक जनवरी को यहां जूस पीते हैं। आज हमने गन्ने का जूस निकाला भी है। ये कैलाश जी का और पूरे परिवार का प्रेम है, जिसने मामा को बांध लिया है। और दुकान का नाम भी मामा रसवंती है। प्रेम का ये रस बरसता रहे। ये भी पढ़ें -सांप से बातचीत, साथ में बैठकर अलाव तापा: मातम के बीच मंत्री विजयवर्गीय ने खाई मटर काला नाग.. सामने आ जाए तो अच्छे-अच्छों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। लेकिन भिंड के लहार क्षेत्र में एक युवक काले नाग के साथ बैठा। दोनों ने मिलकर अलाव तापा। साथ ही आपस में बातें भी की। आपको सुनकर हैरानी हो रही होगी। लेकिन ऐसा एक वीडियो सामने आया है। पूरी खबर पढ़ें
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 16 मौतों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। अभी भी कई लोगों का इलाज चल रहा है। सरकार जागी मगर बहुत देर से। भास्कर ने जब इस इलाके के विधायक और प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि आखिर चूक कहां हुई? तो उन्होंने कहा इस त्रासदी के लिए 200 फीसदी अधिकारी ही जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री ने दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने माना कि ये सिस्टम की नाकामी है, जिसकी जवाबदेही सरकार की है। साथ ही कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा राशि 4 लाख रुपए की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए विशेष सिस्टम बनाने के निर्देश दिए है। और क्या कहा कैलाश विजयवर्गीय ने पढ़िए पूरी बातचीत.... सवाल: सरकार मौत के आंकड़े कन्फर्म क्यों नहीं कर रही?जवाब: जो लोग डिस्पेंसरी के जरिए हॉस्पिटल में गए हैं, उनके आंकड़े हैं, पर कुछ लोग डायरेक्ट चले गए थे। हम उन्हें कन्फर्म कर रहे हैं। इस त्रासदी की वजह से यदि कोई भी व्यक्ति मृत हुआ है, तो उसे वो ही सुविधा मिलेगी जो सबको मिल रही है। मौत में फर्क नहीं है, लेकिन उसे कन्फर्म करना बहुत जरूरी है। सवाल: यह आंकड़े कब तक कन्फर्म हो जाएंगे?जवाब: अधिकारियों को हमने निर्देश दिए हैं। पार्षद ने मुझे बताया है कि 14-15 मौत हुई है। हमने कलेक्टर को भी कहा है, सीएमएचओ को भी कहा है कि जरा देखिए, कन्फर्म करिए। इसमें एक प्रॉब्लम यह आ रही है कि कुछ लोगों के पोस्टमॉर्टम नहीं हुए हैं। इस पर मैंने कहा है कि उन लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड देख लीजिए कि उनका इलाज किस बात का हुआ है। सवाल: इस पूरे कांड में सबसे बड़ी नाकामी क्या रही है?जवाब: देखिए, यह सिस्टम की नाकामी है। मैं तो पहले दिन से कह रहा हूं कि चूंकि हम सरकार में हैं तो जवाबदेही हमारी है। सीएम ने एक कमेटी भी बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सीएम को दे दी होगी, शायद इसीलिए ही अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है। और नए अधिकारी आए हैं। सिस्टम की नाकामी तो है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। सवाल: इसमें पार्षद भी शामिल थे, वह काम शुरू नहीं करवा पाए?जवाब: देखिए, पार्षद बहुत छोटा जनप्रतिनिधि होता है। उसने लिखकर दे दिया कमिश्नर को, मेयर को और उन्होंने टेंडर बुलवा लिए। अब टेंडर कहीं पर रुक गया, तो यह नाकामी तो उस अधिकारी की है जिसके पास फाइल रुकी है। उसे पनीशमेंट मिलना चाहिए और उसे ये दिया भी गया है। सवाल: आगे ऐसा न हो, इसकी क्या तैयारी है?जवाब: मैंने आज ही हमारे एसीएस (अपर मुख्य सचिव) को निर्देश दिए हैं कि हमें मध्य प्रदेश में सबसे प्राथमिकता से गंदे पानी की शिकायत को लेना चाहिए। हमें भोपाल में एक नम्बर देना चाहिए जो सिर्फ गंदे पानी की शिकायत और समाधान के लिए हो। साथ ही यह भी कहा है कि जिस भी नगर पालिका और निगम के पास गंदे पानी की शिकायत आए, उसकी जानकारी हमको भी दें। इसके लिए हम एक अधिकारी की नियुक्ति करेंगे कि वह यह देखे और समय पर निराकरण करवाए। क्योंकि कोई भी दुर्घटना बहुत बड़ी होती है और उससे सबक लेना बहुत जरूरी है। सवाल: मुआवजा राशि को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है?
भागीरथपुरा त्रासदी:2 हजार चैंबर की जांच, सैकड़ों जगह खुदाई, ‘लीकेज’ नहीं मिला, दिनभर टैंकर दौड़े
नीता सिसौदिया/ प्रियंका रामचंदानी की रिपोर्ट 200 से ज्यादा संकरी गलियों वाला भागीरथपुरा अब भी सदमे में है। दूषित पानी से हर दिन मौत हो रही। हर घर में कोई न कोई बीमार है। लोग पानी उबालकर पी रहे हैं। कुछ परिवार आरओ की कैन मंगवा रहे हैं। उधर, इंजीनियरों की टीम को अब तक वह लीकेज नहीं मिला है, जहां से ड्रेनेज की गंदगी पानी की लाइन में मिली। 2 हजार चैंबर की जांच, सैकड़ों जगह खुदाई के बाद भी नतीजा शून्य है। इतनी बड़ी तबाही के बाद अब पूरे भागीरथपुरा में टैंकरों से पानी की सप्लाय की जा रही है। बोतलें बांटी जा रही है। क्षेत्र से वाकिफ रिटायर इंजीनियरों को बुलवाया लीकेज खोजने ड्रेनेज विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियरों को दोबारा बुलवाया गया है। शुक्रवार दोपहर पूर्व कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता, विवेश जैन सहित अन्य इंजीनियर पहुंचे। ये वे लोग हैं, जिन्होंने सालों तक यहां जल वितरण और ड्रेनेज लाइन का काम देखा। पानी की लाइन पर बने तीन चैंबर्स को हटाया गया। जहां-जहां से गंदे पानी की शिकायत मिल रही, वहां खुदाई कर जांच की जा रही है। रिंग सर्वे : आसपास के 50-50 घरों को जांच रहे भागीरथपुरा में अब रिंग सर्वे शुरू किया गया है। जो भी हॉट स्पॉट मिले हैं, वहां घरों के आसपास 50 घरों का सर्वे किया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि 6 एम्बुलेंस लगाई हैं। सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने बताया शुक्रवार को 3679 घरों का सर्वे किया। लगभग 141 मरीज मिले। विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 310 है। 107 मरीजों को डिस्चार्ज किया है। 208 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। आईसीयू में 27 मरीज भर्ती हैं। घोर लापरवाही... 5 साल से शिकायत, पर सुनवाई नहीं रहवासी चंदा बाई ने बताया 5 साल से परेशान हैं। नर्मदा का पानी गंदा ही आता है। शिकायत करो, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।राधेश्याम परिहार बताते हैं सैंपल देते रहे कि इनकी जांच कर लीजिए। शिकायतें होती रही लेकिन हालात नहीं बदले।भावना रूपानी की तबीयत भी गंदा पानी पीने से ऐसी बिगड़ी कि आईसीयू में रहना पड़ा। वे बोलीं नल खोलते ही डर लगता है कि… ये पानी नहीं, बीमारी है।
गोरखपुर महोत्सव की तैयारी जोरों पर है। स्थानीय कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से गुरु गंभीर नाथ प्रेक्षा गृह में 2 और 3 जनवरी को टैलेंट हंट का ऑडिशन आयोजित किया गया। पहले ही दिन युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। विभिन्न विधाओं डांस, सिंगिंग, ग्रुप डांस, सिंगल डांस, लोक गीत, लोक नृत्य के लिए हजारों लोग ऑडिशन देने पहुंचे। इसमें हर वर्ग के लोग शामिल थे। छोटे हो या बड़े सभी कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक प्रदर्शन से जलवा बिखेरा। उनके टैलेंट को देख कर जज भी अचंभित थे। बॉलीवुड, क्लासिकल, माइकल जैक्सन, ब्रेक डांस, कथक और तमाम तरह के डांस ने सभी को मोह लिया। माइकल जैक्सन स्टाइल में वेदांश ने किया कमाल ऑडिशन के दौरान बच्चों जबरदस्त टैलेंट देखने को मिला। 7 से 8 साल के वेदांश ने माइकल जैक्सन स्टाइल में कमाल कर दिया। मुकाबला गाने पर शानदार परफॉर्मेंस से जजों को खूब इंप्रेस किया। बेहतरीन बॉडी मूव्स और फेशियल एक्सप्रेशन से खूब जलवा बिखेरा। ऑडियंस के बीच से लगातार तालियों की गड़गड़ाहट और 'वेल डन वेदांश' की जोरदार आवाज सुनाई दी। ऐसा लग रहा रहा वाकई कोई प्रोफेशनल परफॉर्म कर रहा है। नोरा फतेही के गाने पर किया बेली डांस इसी तरह यूनिवर्सिटी के छात्र सारांश ने नोरा फतेही के गाने 'दिलबर' पर शानदार बेली डांस किया। खास बात यह है कि उन्होंने इस डांस के लिए कहीं से ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने जजों को बताया कि उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया से देख कर खुद से ही सीखा है। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक बनाना पहचान वहीं दैनिक भास्कर से बातचीत में सारांश ने बताया कि जब से नोरा फतेही के 'दिलबर' गाने को देखा तो उन्हें इतना अच्छा लगा कि शब्दों में बयां नहीं कर सकते। उन्हें लगा कि ऐसा डांस तो वो भी कर सकते हैं। तभी से उन्होंने इस पर प्रैक्टिस शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि नोरा फतेही का डांस देखकर इंस्पायर होते हैं। अभी तो तो यह फर्स्ट स्टेप है। अगर मौका मिला तो नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक जाना है। आशा करता हूं कि यहां सिलेक्शन हो जाए। महोत्सव में परफॉर्म करना मतलब तरक्की का रास्ता खुलना। बॉलीवुड बीट पर लगा कथक का तड़का ऑडिशन के पहले दिन कथक नृत्य विधा में भी कलाकारों भी बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। सुजीत और फ्यूजन ग्रुप की ओर से बॉलीवुड की बीट पर शानदार कथक के संगम के साथ प्रस्तुति दी गई। जजों ने कलाकारों के प्रतिभा की सराहना की और कहा कि ग्रुप में बेहतरीन को-ऑर्डिनेशन है। उन्होंने कलाकारों के कॉस्ट्यूम की और ज्वैलरी के साथ शानदार लुक की भी तारीफ की। मोरिष्का के मूव्स के दीवाने हुए लोग इस ऑडिशन में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से मन मोह लिया। 6 से 7 साल की मोरिष्का के डांस में फ्री स्टाइल, ब्रेक और बॉलीवुड का बेहतरीन मेल देखने को मिला। बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के गाने 'नगाड़े संग ढोल बाजे' पर उन्होंने शानदार प्रस्तुति दी। अपने हर एक मूव्स से सभी को दीवाना बना दिया। 82 आर्टिस्ट ने दिया ऑडिशन दो दिनों के लिए आयोजित इस ऑडिशन के पहले दिन कुल 82 कलाकारों ने अलग- अलग विधा, डांस, सिंगिंग, म्यूजिक और अन्य में ऑडिशन दिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले का चयन मुख्य प्रोग्राम के लिए होगा। GDA सचिव ने किया उद्घाटनशुक्रवार को टैलेंट हंट का उद्घाटन जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने निर्णायक मंडल के सदस्यों से परिचय प्राप्त किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मंच मिलता है और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा मिलता है। ऑडिशन में निर्णायक की भूमिका में रानू जानसन, वंदना दास, रामदरश शर्मा, राकेश उपाध्याय, डा. प्रदीप साहनी, हृदया त्रिपाठी, रीता श्रीवास्तव, रंजना श्रीवास्तव, सुमन वर्मा, सोनिका सिंह, डा. निशी अग्रवाल, रीना जायसवाल रहे।संचालन संदीप पांडेय ने किया। आज सुबह 10 बजे से होगा ऑडिशनदूसरे दिन का ऑडिशन शनिवार को सुबह 10 बजे से योगिराज बाबा गंभीरनाथ में होगा। सभी रजिस्टर्ड प्रतिभागियों का समय से पहुंचना होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता अनिल सिंह, सहायक संपति अधिकारी यशवंत सिंह, सत्येंद्र सिंह, अवर अभियंता दीपक गुप्ता, शिव कुमार पांडेय और अन्य की विशेष भूमिका रही।
पेट का संक्रमण पूरे शरीर में, मल्टी ऑर्गन फेल्योर से थम नहीं रही मौतें
लवीन राव ओव्हाल की रिपोर्ट भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद पोस्टमॉर्टम से जुड़े डॉक्टरों ने बताया, कुछ मामलों में सेप्टिक शॉक और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के संकेत दिखे हैं। सेप्सिस की स्थिति में संक्रमण खून में फैल जाता है और शरीर की रक्षा प्रणाली ही अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है। यही वजह है कि मरीज अचानक गंभीर हो जाता है और इलाज के बावजूद उसे बचाना मुश्किल हो जाता है। मौतें केवल दस्त या उल्टी से नहीं हुईं। यह एक ऐसी मेडिकल प्रक्रिया थी, जिसमें शरीर का पूरा सिस्टम धीरे-धीरे जवाब देता चला गया और आखिर में जान चली गई। डॉक्टरों के अनुसार दूषित पानी पीने के बाद सबसे पहले आंतों में संक्रमण होता है। पानी में मौजूद बैक्टीरिया या अन्य पैथोजन आंतों की कार्यप्रणाली को बिगाड़ देते हैं, जिससे तेज दस्त और उल्टी शुरू हो जाती है। बाहर से यह बीमारी सामान्य लग सकती है, लेकिन भीतर शरीर तेजी से कमजोर होने लगता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का सीधा असर किडनी, हार्ट पर हुआ एमजीएम के मेडिसिन विभाग अध्यक्ष डॉ. एडी भटनागर ने बताया तेज दस्त और उल्टी के कारण कुछ ही घंटों में शरीर से बड़ी मात्रा में पानी और जरूरी मिनरल बाहर निकल जाते हैं। इसे मेडिकल भाषा में गंभीर डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन कहा जाता है। यही वह मोड़ होता है, जहां बीमारी खतरनाक बन जाती है। शरीर का तापमान, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट असंतुलित होने लगते हैं। जब इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ता है, तो इसका सीधा असर किडनी और हार्ट पर पड़ता है। किडनी पर्याप्त मात्रा में खून को फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। वहीं हार्ट की धड़कन अनियमित हो सकती है। कई मामलों में यही स्थिति कर्डियक अरेस्ट या ऑर्गन फेल्योर तक पहुंच जाती है। खतरा बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा इस तरह के मामलों में सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार मरीजों को होता है। इनकी बॉडी रिजर्व क्षमता कम होती है, यानी शरीर लंबे समय तक डिहाइड्रेशन और इन्फेक्शन का दबाव नहीं झेल पाता। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचता है, तब तक अंदरूनी नुकसान जानलेवा स्तर तक पहुंच चुका होता है। पानी और मरीजों के सैंपल की मल्टीप्लेक्स पीसीआर जांच अरबिंदो अस्पताल के फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने बताया भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के सैंपल की अत्याधुनिक मल्टीप्लेक्स पीसीआर जांच की जा रही है। इसके जरिए पानी में साल्मोनेला, ई-कोलाई 0157, वीटीईसी और कैंपाइलोबैक्टर जैसे बैक्टीरिया की मौजूदगी का आकलन किया जा रहा है। साथ ही भर्ती मरीजों के स्टूल सैंपल्स की भी बैक्टीरियल पैथोजन जांच की जा रही है। पानी और मरीज, दोनों स्तर पर जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि संक्रमण किस स्तर तक पहुंचा और किस वजह से मरीजों में सेप्सिस व ऑर्गन फेल्योर जैसी स्थितियां बनीं।
युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन कर निगम का घेराव किया
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग अब भी बीमार हैं। इस मामले में युवा कांग्रेस ने शुक्रवार दोपहर नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया और प्रदर्शन किया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला फूंका। महापौर पुष्यमित्र भार्गव से तत्काल इस्तीफा देने और जिम्मेदार दोषी अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने निगम का घेराव कर रहे युवक कांग्रेस के 18 पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कई नेता-पदाधिकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी। कई कार्यकर्ताओं को घसीटकर ले गई। महक नागर, अमन बजाज, राजू भदौरिया, गजेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बयान जारी कर कहा, स्मार्ट सिटी इंदौर का स्मार्ट प्रशासन लोगों को गंदा पानी पिला रहा है। आखिर बेशर्मी का यह गहना सरकार कब उतारेगी।
SIR:अनकैप्ड मतदाताओं की आज से होगी विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई, अब तक 1 लाख 32 हजार को नोटिस जारी
एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण) अभियान के दूसरे चरण पर जिला प्रशासन काम शुरू कर चुका है। अब तक जिले के 1 लाख 33 हजार 696 अनकैप्ड मतदाताओं में से 1 लाख 32 हजार 907 वोटरों को नोटिस जारी हो चुके हैं। जिले की 9 विस सीटों में से सिर्फ विस-5 में ही 789 मतदाताओं को शुक्रवार दोपहर तक नोटिस नहीं बंटे थे। अब शनिवार से विस क्षेत्रवार एईआरओ इन नोटिस देने वालों की सुनवाई करेंगे। इसी कारण जिले के 3.12 प्रतिशत अनकैप्ड वोटर को नोटिस नहीं दिए गए हैं। जिले में अब यह अभियान 22 जनवरी 2026 तक चलेगा। शनिवार से जो सुनवाई होना है, वह विधानसभा क्षेत्रवार होगी। प्रशासन ने जो व्यवस्था की है, उसके तहत इंदौर विस-1 में 15, क्षेत्र-2 में 7, क्षेत्र-3 में 7, क्षेत्र-4 में 15, क्षेत्र-5 में 14, महू में 5, राऊ में 15, सांवेर में 9 और देपालपुर में 8 एईआरओ बनाए गए हैं। 95 एईआरओ सुनवाई करेंगे। इनके लिए जो स्थान चिह्नित किए गए हैं, वे 68 हैं। इसमें इंदौर 1 में 8, क्षेत्र क्रं. 2 में 4, क्षेत्र क्रं. 3 में 8, क्षेत्र क्रं. 4 में 15, क्षेत्र क्रं. 5 में 13, महू में 2, राऊ में 3, सांवेर में 7 और देपालपुर में 8 केंद्रों पर यह सुनवाई होगी। दूसरे चरण के अभियान के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र में बीएलओ नोटिस बांट चुके हैं। इससे पहले इंदौर में कुल 28.67 लाख में से 24.20 लाख का डेटा डिजिटाइज हो चुका है। सुनवाई के लिए 7 दिन का समय, फॉर्म-6 जमा करना पड़ेगा जिले के जो 1.33 लाख मतदाता नहीं मिले थे, उनके लिए दो प्रतियों में नोटिस बीएलओ ने दिए हैं। इसमें सुनवाई के लिए 7 दिन का समय मतदाता को मिलेगा। उसे संबंधित दस्तावेज जमा करना होंगे। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 जमा करना होगा। फॉर्म-8 के माध्यम से स्थानांतरण, दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नांकन, संशोधन तथा डुप्लीकेट वोटर कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है।
सर्कुलेशन सड़कें जल्द बनेंगी बायपास:रिंग रोड कनेक्ट होंगे, आरई-2, एमआर-10, आरडब्ल्यू-1
शहर में इन दिनों बायपास, एबी रोड, रिंग रोड पर पीक ऑवर में रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। इसकी बड़ी वजह इन सड़कों के ट्रैफिक को डायवर्ट करने के विकल्प अटके हुए हैं। मास्टर प्लान में वैकल्पिक इन सड़कों को पूरा कर लिया जाए तो इन क्षेत्रों में जाम से राहत मिल सकती है। प्रशासन, आईडीए और निगम ने जाम के कारणों का विश्लेषण किया। इसमें पता चला कि छोटी-छोटी परेशानियों का समाधान निकाल लें तो मास्टर प्लान में डाले गए सर्कुलेशन प्लान के कई हिस्से पूरे हो जाएंगे। इससे वाहन चालक इनका उपयोग कर कॉलोनी या टाउनशिप पहुंच सकेंगे। इनमें प्रमुख रूप से आरडब्ल्यू -1 व एमआर-4, आरई-2 और एमआर-9 व एमआर-10 लिंक रोड, मूसाखेड़ी के समीप आरई-2, निपानिया चौराहे से एमआर-11 व अन्य सड़कें शामिल हैं। वाहनों को राह मिल सकेगीइन हिस्सों के बन जाने के बाद वाहनों को सीधी राह मिल सकेगी और वे मुख्य मार्गों की ओर नहीं जाएंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसके लिए बाधाओं को चिह्नित करवा कर संबंधित एसडीएम, आईडीए व नगर निगम अफसरों की टीम बनाकर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए राजस्व की टीमें संबंधित विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर संवाद कर रही हैं, जिससे बाधाओं को दूर किया जा सके। इसी क्रम में पहले लिंक रोड पर अतिक्रमण हटाए गए। खजराना जागीर के समीप 200 मीटर हिस्सा भी बनेगाआरई-2 पर खजराना जागीर के पास 200 मीटर के हिस्से के लिए कवायद जारी है। जल्द यहां सीमांकन करके अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इससे एमआर-10 से खजराना, बिचौली और विजय नगर की ओर आवाजाही आसान होगी।
मौसम विभाग:मावठ मुश्किल, दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड
सर्दी दिसंबर की तरह जनवरी में भी सामान्य ही रहेगी। सिर्फ दूसरे सप्ताह में ही तापमान सामान्य से नीचे जाएगा। बाकी पूरे महीने उतना ही तापमान रहेगा, जितना औसत रहना चाहिए। मावठ जो हो चुकी, वही है। इसके बाद तीसरे सप्ताह में हल्का विक्षोभ आएगा। उससे तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है। पहले सप्ताह में सामान्य सर्दी रहेगी। बारिश के आसार कम हैं। जो अभी बादल छाए हैं, उनका असर भी कम हो जाएगा। कोहरा एक-दो दिन रह सकता है। दूसरे सप्ताह में तापमान सामान्य से नीचे आ सकता है। दूसरे सप्ताह में रात का सामान्य तापमान 7.7 डिग्री होना चाहिए। इससे कम होने का मतलब साफ है कि पारा 5 डिग्री और उससे नीचे भी जा सकता है। यानी कड़ाके की सर्दी मकर संक्रांति के आसपास ही होगी। दूसरे सप्ताह में एक पश्चिमी विक्षोभ आएगा। उससे तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है। यानी अगर बादल छाए तो रात का तापमान बढ़ सकता है। चौथे सप्ताह में भी एक विक्षोभ आएगा। मगर दोनों ही विक्षोभ से फर्क सिर्फ तापमान पर ही पड़ेगा। बारिश के आसार बहुत कम ही हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि मावठ के बाद पहले सप्ताह से जो सर्दी ने रिदम पकड़ा है, उसका असर दूसरे सप्ताह तक रह सकता है। हालांकि सप्ताह के अंत में तापमान में बढ़ोतरी होगी, मगर दूसरा सप्ताह शुरू होते ही वापस तापमान गिर सकता है। जनवरी में टूटते हैं सर्दी के रिकॉर्ड सर्दी को लेकर जनवरी ऐसा महीना है, जब तापमान के रिकॉर्ड टूटते हैं। इस बार वे रिकॉर्ड टूटने की संभावना कम है, क्योंकि तापमान सामान्य के आसपास रहना बताया जा रहा है। आंकड़े देखें तो बीते 10 सालों में 2017 और 2023 में तापमान शून्य तक पहुंचा था। 6 जनवरी 2023 को बीकानेर का तापमान शून्य डिग्री और 11 जनवरी 2017 को 0.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। बाकी बीते 10 सालों में एक साल भी ऐसा नहीं गया, जब पारा जनवरी में 5 डिग्री के नीचे न पहुंचा हो। न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड अब भी 26 जनवरी 1964 का है, जब तापमान माइनस 4 डिग्री पहुंचा था। लगातार तीसरे दिन नहीं निकली धूप 31 दिसंबर को दिन में बादल और कोहरे का दौर शुरू हुआ, जो 2 जनवरी को भी जारी रहा। लगातार तीसरे दिन भी धूप नहीं निकली। सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिसका असर पूरे दिन ही रहा। सुबह ज्यादा घना, मगर दिन में कोहरा पूरी तरह नहीं छंटा। इस बीच ठिठुरन जारी रही। बीती रात का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिनभर ठंडक रहने से लोगों ने अलाव और हीटर आदि का सहारा लिया। बुजुर्ग तो रजाइयों में ही दुबके रहे।
1722 मीटर ऊंचा गुरुशिखर (सिरोही) अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है। यहीं बसा है उतरज गांव। सड़क नहीं होने से न कार जाती है न बाइक। पैदल ही जाना पड़ता है, वो भी उबड़-खाबड़ संकरे रास्तों से होकर। भालू और लेपर्ड के अटैक का खतरा भी रहता है। गुरुशिखर से उतरज तक करीब 5 किमी का जोखिम भरा सफर है। इस सफर पर हमारे साथ आप भी चलिए... भास्कर टीम दोपहर 2 बजे गुरुशिखर पहुंची। स्थानीय लोगों से उतरज का रास्ता पूछा। हर कोई वहां जाने के लिए मना कर रहा था। गांव की तरफ जाने वाले पहाड़ी रास्ते के पास इंडियन एयरफोर्स का रडार स्टेशन हैं। यहां बिना अनुमति जाने की मनाही है। हालांकि रडार स्टेशन से पहले ही गांव जाने की पथरीली पगडंडी साइड से ही डायवर्ट होकर नीचे उतर जाती है। हम इसी पगडंडी से अपने सफर पर निकल पड़े। कुछ लोगों ने साथ में माचिस और पटाखे रखने की सलाह दी। हमने ऐसा ही किया। शुरुआत में सफर आसान था, लेकिन धीरे-धीरे मुश्किलें बढ़ने लगीं। 3 किमी सफर में डेढ़ घंटा लगा। आधे घंटे चलने के बाद कुछ कच्चे घर और खेत दिखाई दिएथाेड़ा आगे चले तो एक गुफा में ऊपर-नीचे बनी अलग-अलग 2 कुटिया दिखी। पास ही मंदिर था। जैसे ही कैमरा निकाला, कुटिया में मौजूद शख्स दौड़कर आया और वीडियो बनाने से मना कर दिया। भूतनाथ नाम के शख्स ने खुद को मंदिर का पुजारी बताया। बोला- ये संत चन्दनगिरि का बनाया बद्रीनाथ मंदिर है। उन्होंने ही वीडियो बनाने से मना कर रखा है। वहां थोड़ी देर रुककर हम आगे बढ़ गए। आधे घंटे चलने के बाद चारों ओर जंगल और पहाड़ों से घिरे कुछ कच्चे घर और खेत दिखाई दिए। एक सरकारी स्कूल था। बोर्ड पर लिखा था, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उतरज, सिरोही। टूरिस्ट सीजन के कारण अधिकतर पुरुष गांव से बाहर थेगांव के अधिकतर घर बंद थे। कुछ महिलाओं से पूछा तो पता चला कि टूरिस्ट सीजन के कारण गांव के ज्यादातर पुरुष माउंट आबू व गुरुशिखर गए हैं। जो महिला-पुरुष यहां हैं, वो खेतों में काम कर रहे हैं। अब तक अंधेरा गहराने लगा था। हालांकि शाम के साढ़े चार ही बजे थे। हमने रात को गांव में ही रुकना तय किया। रतन सिंह नाम के एक बुजुर्ग ने बताया कि वो आगे शेरगांव की तरफ जा रहे हैं। रास्ते में जंगल में केदारनाथ नाम से मंदिर हैं। हम चाहें तो वहां रुक सकते हैं। कंबल-चद्दर मिल जाएगा। पुजारी भी वहीं रुकते हैं। कोई दूसरा विकल्प (ऑप्शन) नहीं था। ऐसे में हम रतन सिंह के साथ शेरगांव के दुर्गम रास्ते की तरफ पैदल चल पड़े। एक किमी चलने के बाद केदारनाथ मंदिर आ गया। चारों तरफ ऊंची-ऊंची पहाड़ियां, जंगल और बीच में मैदान। मैदान के बीचों-बीच साफ पानी का नाला बह रहा था। टिनशेड में रुकने के लिए दरी-कंबल दिएकेदारनाथ मंदिर के पुजारी का नाम शैतान सिंह है। उन्होंने टिनशेड में रुकने के लिए दरी और कंबल दे दिए। अब तक अंधेरा हो गया था। हमें यहां छोड़कर रतन सिंह आगे निकल गए। मंदिर पुजारी ने हमें सख्त हिदायत दी- रात में टिनशेड से बाहर नहीं निकलना है। मंदिर के पास हर रात भालू और लेपर्ड आते रहते हैं। पुजारी की दी हुई रोटी-सब्जी खाकर सोने की कोशिश की। हाड़ गलाने वाली सर्दी में महज 2 घंटे नींद आ पाई। सुबह 7 बजे रोशनी होते ही मंदिर पुजारी को धन्यवाद कर भास्कर टीम वापस उतरज गांव की तरफ निकल पड़ी। जंगल के कारण सड़क और दूसरे कार्यों के लिए NOC नहींगांव पहुंचे तो कालूराम गेहूं की फसल को पानी दे रहा था। कालूराम ने बताया- खेती से कमाई नहीं होती। बस अपना और मवेशियों का पेट भर लेते हैं। न रोजगार है, न कमाई का कोई और जरिया। सड़क नहीं होने से सब कुछ ठप है। जंगल है तो सड़क और दूसरे कार्यों के लिए कोई भी एनओसी नहीं देता है। सिंचाई के लिए पहाड़ों से आने वाले नालों से पाइप के जरिए पानी खेत पर पहुंचाते हैं। इसमें किसी भी तरह की बिजली और मोटर का काम नहीं हैं। हालांकि गांव में कुछ ऊंचे खेत हैं, वहां डीजल वाले पंप से पानी सप्लाई होती है। जंगली जानवरों से खतरे के बारे में पूछने पर बोले- सुबह ही मंदिर की तरफ एक भालू आया था। गांव में अब मात्र 40 परिवार रहते हैंकालूराम ने बताया- कभी गांव में 150 परिवार थे। अब सिर्फ 40 परिवार हैं, बाकी पलायन कर गए। उनके घर भी खंडहर में बदल गए हैं। आठवीं तक सरकारी स्कूल है। वैसे जिसके पास भी थोड़ा पैसा है, वह अपने बच्चे को माउंट आबू में पढ़ाता है। बाहर पढ़ने वाले बच्चे इसी रास्ते से हर दिन गुरुशिखर और आगे ओरैया गांव तक पैदल ही पढ़ने जाते हैं। मोबाइल में सिर्फ कुछ ऊंची जगहों पर पहाड़ियों में ही बीएसएनएल का नेटवर्क कभी-कभी आता है। राशन का सामान भी गुरुशिखर से ही लाते हैं। सीमेंट, सरिया और बजरी लाना संभव नहीं है। यही वजह है कि सभी घर मिट्टी और पत्थर से बने हैं। भालू और लेपर्ड गाय-भैंस पर अटैक कर देते हैंथोड़ा आगे बढ़े तो खेत में काम करते केसरसिंह मिले। केसरसिंह ने बताया कई बार भालू और लेपर्ड गाय-भैंस पर अटैक कर देते हैं। उन्हें बचाने के लिए पहाड़ों में बनी इन गुफाओं को ही उनका शेल्टर बना दिया है। दिन ढलते ही मवेशियों को इन गुफा में डालकर बाहर से बंद कर देते हैं। जंगली जानवरों के साथ ही सर्दी-बारिश से भी बचाव हो जाता है। रात में अक्सर बिजली नहीं होती। थोड़ा आगे चले तो एक युवक मिला। उसने अपना नाम सुरेश सिंह बताया। सुरेश ने बताया कि वो माउंट आबू में रहकर 12वीं कर रहा है। सर्दी की छुटि्टयों में गांव आया हुआ है। अब तक गांव में एक या दो लोग ही होंगे, जिनकी सरकारी नौकरी लगी है। इसके अलावा कोई कुछ नहीं बन पाया। 8वीं के बाद अधिकतर बेटियों की पढ़ाई छूट जाती हैयहीं पास में हीरी बाई बैठी थीं, जो बच्चे को गाेद में खिला रही थीं। बोलीं- मेरा पीहर माउंट आबू में है। शादी के बाद पहली बार आई तो चारों तरफ पहाड़ और जंगल देख डर गई थी। मेरी शादी आटा-साटा प्रथा से हुई थी। अब यहां की आदत पड़ गई है। अच्छा भी लगता है कि सुकून की जिंदगी है। लड़कियों को 8वीं तक यहीं पढ़ाते हैं। इसके बाद या तो ओपन से पढ़ाते हैं या पढ़ाई छुड़वा देते हैं। मेरी बेटी का भी ओपन से ही फॉर्म भरा है। जंगली जानवरों के बारे में पूछने पर बोलीं- जब ढाणी में जाते हैं तो भालू और लेपर्ड पास से ही निकल जाते हैं। कभी परेशान नहीं करते। थोड़ा आगे बढ़े तो उतरज गांव की लक्ष्मी कंवर मिलीं। माउंट में उनका पीहर है। बीए, बीएड कर चुकीं लक्ष्मी उतरज में ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनकी शादी को 10 साल हो गए हैं। बोलीं- पति बारात के साथ पैदल ही लाए थे। उस समय तो बिल्कुछ अच्छा नहीं लगा, लेकिन अब सब बढ़िया लगने लगा है। पानी तो माउंट से भी बढ़िया है। वहां जाती भी हूं, तो पानी यहां से साथ ही लेकर जाती हूं। एक हफ्ते का राशन और सब्जियां मार्केट से लेकर आते हैं। ज्यादातर कढ़ी ही बनाते हैं। इसके अलावा खेतों में होने वाली सब्जियां काम में लेते हैं। बाहर के लोगों ने गांव में जमीन खरीदीलक्ष्मी ने बताया कि उनके पति शंकर सिंह माउंट में आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं। लक्ष्मी खुद भी बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती हैं। लक्ष्मी ने बताया कि यहां कुछ बाहर के लोगों ने भी जमीनें खरीदी हैं। हालांकि वो जमीनें ऐसे ही पड़ी हैं। लक्ष्मी से हुई बातचीत और गांव में काफी देर घूमने के बाद फिर से शाम होने लगी थी। ऐसे में हमने फिर से गुरुशिखर की तरफ लौटने का निर्णय कर लिया। शाम में 6 बजे तक गुरुशिखर पर पहुंच गए। यहीं पर हमारी ये रोमांचक पैदल यात्रा समाप्त हो गई। --- माउंट आबू के उतरज गांव की यह खबर भी पढ़िए... राजस्थान के सबसे ऊंचे गांव में पहली बार पहुंचा ट्रैक्टर, 50 लोग बांस के फ्रेम पर 1000 किलो के पाट्र्स ले गए; पहाड़ी रास्तों पर 3KM चले राजस्थान के सबसे ऊंची पर्वत चोटी से तीन किमी दूरी पर बसे गांव उतरज में भी अब ट्रैक्टर से खेती हो सकेगी। गांव के ही 60 परिवारों ने मिलकर यह ट्रैक्टर खरीदा है। राजस्थान के सबसे ऊंचे गांव (उतरज) में पहली बार दो हफ्ते पहले ट्रैक्टर पहुंचा है। सिरोही जिले के माउंट आबू के इस गांव में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
राजस्थान में सीकर, हनुमानगढ़ समेत 10 जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया गया। बारिश के बाद शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में घना कोहरा रहा और सर्द हवा चली। नए साल में पहली बार तापमान 0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। हिल स्टेशन माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया। वहीं, रेगिस्तानी जिलों में बाड़मेर, बीकानेर में भी कड़ाके की सर्दी रही। बाड़मेर में सीजन में पहली बार दिन का तापमान 10 डिग्री से नीचे आया। बीकानेर और जैसलमेर में अधिकतम तापमान 8 डिग्री के करीब रहा। इधर शेखावाटी के एरिया में गलनभरी सर्दी का दौर शुरू हो गया। शुक्रवार को राज्य में कोल्ड-डे की स्थिति रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में मौसम विशेषज्ञों ने राज्य में अगले एक सप्ताह तेज सर्दी रहने और सर्द हवाएं चलने का अनुमान जताया है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं समेत उत्तर-पूर्वी जिलों में घना कोहरा रहा। कोहरे के साथ प्रदेश में सर्द हवाओं का असर रहा। इस कारण प्रदेश के सभी शहरों में दिन में भी तेज सर्दी रही। कल सबसे अधिक अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ में दर्ज हुआ। माउंट आबू में पारा शून्य पर पहुंचा शुक्रवार को राज्य में के हिल स्टेशन माउंट आबू में लंबे समय बाद दिन का तापमान जमाव पॉइंट यानी शून्य पर दर्ज हुआ। पूरा दिसंबर का माह निकलने के बाद अब आबू में बर्फ जमने जैसी सर्दी शुरू हुई है। इससे पहले इस सीजन में आबू में 17 से 19 नवंबर के बीच पारा जमाव पॉइंट पर पहुंचा था। वहीं, बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जैसलमेर में न्यूनतम तापमान 7.7, बीकानेर में 7.8 सेल्सियस दर्ज हुआ। 4 जनवरी से प्रदेश में चलेंगी सर्द हवा मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 4 जनवरी से राज्य में सर्द हवाओं और ज्यादा चलने और उससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट होगा। इससे राज्य के कई इलाकों में सुबह-शाम की सर्दी तेज होगी।
जोधपुर तो दूर, उदयपुर-कोटा की टक्कर में भी बीकानेर में बहुत बदलाव की जरूरत है। करमीसर फांटे से गजनेर रोड और श्रीगंगानगर चौराहे तक सिक्स लेन की जरूरत है। मोड़ वाले रास्तों पर आइलैंड बनाने होंगे। यहां सर्विस रोड बहुत जरूरी है। भुट्टो के चौराहे से श्रीगंगानगर चौराहे तक करीब 15 पोल रोड पर हैं। उन्हें हटाकर सड़क चौड़ी करनी होगी। बस स्टॉप सिक्स लेन छोड़कर ही बनाए जाएं। कोठारी अस्पताल के पास टी-प्वाइंट पर लाइट लगे। अगर हाईवे के किनारे से पोल अंदर किए जाएं तो 20 फीट सड़क और निकल सकती है। प्रत्येक चौराहे पर फुट ओवरब्रिज बने। म्यूजियम सर्किल, श्रीगंगानगर सर्किल पर तो यह जरूरी है। हल्दीराम प्याऊ से बाइपास तक फोर लेन और सर्विस रोड बनाना जरूरी है। हल्दीराम प्याऊ से म्यूजियम सर्किल पर हर मोड़ पर ट्रैफिक लाइट की जरूरत है। म्यूजियम सर्किल पर जयपुर रोड की तरफ जाने वालों को स्पष्ट जगह मिलनी चाहिए, जो पीबीएम की ओर मुड़ने वाले घेर लेते हैं। रानीबाजार इलाका व्यवसायिक हो गया है। इसलिए वहां ट्रैफिक पुलिस कर्मी स्थायी रूप से तैनात किए जाएं। गोगागेट चौराहे का नए सिरे से डिजाइन हो। ऐसी रोड बने जिससे वाहन मुड़ सकें। मुख्य डाकघर से जस्सूसर गेट तक कब्जे हटाकर रोड चौड़ी हो। हाईकोर्ट का आदेश होने के बाद भी फड़बाजार में कब्जे नहीं हटे। शहर की भीतरी सड़कों पर रोड पर खड़े खंभे पीछे हटाए जाएं। शहर में कई स्थानों पर निजी और सरकारी बस स्टॉप बने हुए हैं। ये बसें बीच सड़क पर ही रुकती हैं, सवारी भरती हैं और बैक करने-घुमाने के कारण शहर में जाम की समस्या रहती है। इससे बचने के लिए स्टॉप सड़क से हटकर बनाए जाएं। म्यूजियम सर्किल, गंगाशहर और कलेक्ट्रेट इसके उदाहरण हैं। ट्रैफिक मैनेजमेंट—पार्किंग के लिए जगह-सुविधाएं जरूरी बीकानेर शहर और प्रमुख बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है वाहनों की पार्किंग का बेहतर तरीके से इंतजाम। यह तभी हो सकता है जब पुलिस को वाहन पार्किंग के लिए सही जगह पर पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन को पार्किंग के स्थान तलाशने होंगे। अगर नहीं मिल पा रहे हैं तो केईएम रोड, कोयला गली, तोलियासर भैरूंजी गली, कोटगेट, स्टेशन रोड, रानीबाजार एरिया में वाहनों की पार्किंग के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग व्यवस्था करनी होगी। रतनबिहारी पार्क, फोर्ट स्कूल मैदान, राजीव गांधी मार्ग, पुराना बस स्टैंड वाहन पार्किंग के लिए तय हैं। लेकिन यहां सख्ती से, सधे हुए तरीके से पार्किंग कराए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए मैनपावर का होना जरूरी है। वाहनों की सुरक्षा के इंतजाम भी होने चाहिए। ये करना होगा
नमस्कार, कल की बड़ी खबर MP के इंदौर में जहरीले पानी से हुईं 15 मौतों से जुड़ी रही। सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि सिर्फ 4 लोग ही मारे गए। दूसरी बड़ी खबर यूपी के बरेली में भाजपा विधायक की मौत को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. इंदौर में जहरीले पानी से 15 मौतें, सरकार ने हाईकोर्ट में 4 बताया; राहुल बोले- जहर बंटा, प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा भागीरथपुरा में शुक्रवार को गीताबाई की अंतिम यात्रा निकली। परिजन ने कहा- इनकी भी मौत दूषित पानी से हुई। इंदौर में अस्पतालों और मृतकों के परिजनों ने जहरीले पानी से 15 लोगों की मौत की पुष्टि की। लेकिन MP सरकार ने हाईकोर्ट में सिर्फ 4 मौत होने की बात कही। अब मामले में 6 जनवरी को सुनवाई होगी। वहीं, मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया है। इसके अलावा दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में दो नेताओं के बयान... राहुल गांधी: इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है। कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे। लेकिन मोदी जी हमेशा की तरह खामोश हैं। उमा भारती: यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड। पढ़ें पूरी खबर... 2. पाकिस्तानी नेता का दावा- भारत के विदेश मंत्री जयशंकर खुद आकर हाथ मिलाया, कहा- आपको पहचानता हूं पाकिस्तान के स्पीकर अयाज सादिक ने कहा कि खालिदा जिया की अंतिम संस्कार में भारत के विदेश मंत्री ने खुद उनसे हाथ मिलाया। उन्होंने कहा कि वह खुद मेरे पास आए और नमस्ते कहा। अपना परिचय दिया और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। जब मैं अपना परिचय देने ही वाला था तो उन्होंने कहा, मैं आपको पहचानता हूं। बांग्लादेश में मिले दोनों नेता: भारत-पाकिस्तान के बीच मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार था, जब दोनों देशों के बड़े नेताओं ने आमने-सामने मुलाकात की और हाथ मिलाया। इसी वजह से इस मुलाकात को कूटनीतिक तौर पर अहम माना गया। हालांकि, एशिया कप के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाए थे। पढ़ें पूरी खबर... 3. मंत्री की मीटिंग में BJP विधायक को हार्ट अटैक, मौत; डॉ. श्याम बिहारी ने कल बर्थडे मनाया था बरेली में भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल की शुक्रवार को अचानक मौत हो गई। श्याम बिहारी सर्किट हाउस में थे। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह मीटिंग ले रहे थे। दोपहर करीब सवा 2 बजे अचानक विधायक की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। वे सीना पकड़कर बैठ गए। पसीना छूटने लगा। यह देख मीटिंग में अफरा-तफरी मच गई। विधायक को उनके सहयोगियों ने तत्काल मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया। यह हॉस्पिटल सर्किट हाउस से करीब 7 किमी और विधायक के घर शक्तिनगर से महज 100 मीटर की दूरी पर है। डॉक्टरों ने विधायक को CPR दिया। वेंटिलेटर पर रखा। लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और करीब 3 बजे मौत हो गई। विधायक ने एक जनवरी को अपना 60वां जन्मदिन मनाया था। पढ़ें पूरी खबर... 4. उत्तराखंड की मंत्री के पति का शर्मनाक बयान, कहा- बिहार में 20-25 हजार में मिलती हैं लड़कियां उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल ने शर्मनाक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में लड़की 20-25 हजार रुपए में मिल जाती हैं। RJD ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जदयू ने भी बयान को गलत ठहराया है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद मंत्री के पति ने माफी मांग ली। भाजपा भी नाराज: बिहार बीजेपी के नेता भी नाराज हैं। भाजपा के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा है, महिला कोई सौदे की वस्तु नहीं है। यह हर महिला का अपमान है। गिरधारी लाल का बयान घोर आपत्तिजनक और शर्मनाक है, जो उनके मानसिक दिवालियापन का संकेत है। पढ़ें पूरी खबर... 5. कर्नाटक सरकार का दावा- 91% ने माना चुनाव निष्पक्ष; राहुल ने वोट चोरी के आरोप लगाए थे कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी के सर्वे में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि देश में चुनाव निष्पक्ष होते हैं और EVM के नतीजे सटीक आते हैं। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है: ऐसे में भाजपा ने सर्वे रिपोर्ट को लेकर राहुल पर पलटवार किया। पार्टी ने कहा कि यह सर्वे कांग्रेस के मुंह पर करारा तमाचा है। लोग अभी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं। हालांकि, कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सर्वे को खारिज करते हुए कहा कि यह सर्वे प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े एक व्यक्ति ने किया था। पढ़ें पूरी खबर... 6. चांदी एक दिन में ₹5,300 रुपए महंगी, ₹2.34 लाख पहुंची; दस दिन में ₹34,483 रुपए महंगी हुई एक किलो चांदी की कीमत 5,300 रुपए बढ़कर 2,34,550 रुपए पर आ गई है। चांदी पिछले 10 दिन में 34,483 रुपए महंगी हो चुकी है। साल 2025 में इसकी कीमत 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी। सोना ₹1.34 लाख पार: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,321 रुपए बढ़कर 1,34,782 रुपए पहुंच गया है। पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... SIR ने 28 साल से मृत बुजुर्ग को जिंदा लौटाया यूपी के मुजफ्फरनगर में 28 साल से मृत माने जा रहे मोहम्मद शरीफ जिंदा अपने पैतृक घर लौट आए। उन्हें SIR प्रक्रिया के लिए डाक्यूमेंट्स की जरूरत थी। इसी के लिए वे अपने पैतृक घर खतौली वापस लौट आए। उन्हें जिंदा देखकर घरवाले भावुक हो गए। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि के लोगों को रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। कर्क राशि वालों की प्रॉपर्टी की अच्छी डील हो सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
एक लाख ई-बाइक, 6000 से अधिक कारें, चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 290, जरूरत 5000 की
छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब लोग सिर्फ ई-बाइक ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक कारों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में 2459 इलेक्ट्रिक और ईवी-बीओवी कारें पंजीकृत की गईं। वहीं 30 हजार से अधिक ई-बाइक की बिक्री हुई। हालांकि, वाहनों की संख्या के मुकाबले प्रदेश में ई-चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बेहद सीमित है। वर्तमान में करीब डेढ़ लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पूरे प्रदेश में सिर्फ 290 चार्जिंग स्टेशन हैं। मौजूदा जरूरतों को देखते हुए कम से कम 5000 चार्जिंग स्टेशन होने चाहिए। राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 लागू की है। नीति का उद्देश्य एक ओर ई-वाहनों की बिक्री बढ़ाना है, वहीं दूसरी ओर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना भी है। वाहन बिक्री के मामले में सरकार सफल रही है, लेकिन चार्जिंग नेटवर्क अभी अपेक्षा से काफी पीछे है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में हर 40-50 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन जरूरी हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए ई-वाहनों की मांग बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग सुविधाओं की कमी इस रफ्तार में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है। राज्य में पांच साल में 1500 गुना बढ़ीं कारें, ई-दुपहिया में 174 गुना वृद्धि राज्य में 272 नए चार्जिंग स्टेशन बनेंगेपरिवहन विभाग ने छत्तीसगढ़ के ई-वाहन निर्माताओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उनसे ज्यादा से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन भी शुरू करने की अपील की गई। स्थानीय नगरीय निकायों को भी ई-वाहन निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर शहरों में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने कहा गया। रायपुर नगर निगम ने करीब आधा दर्जन स्थानों पर स्टेशन खोले लेकिन पिछले दो साल में कोई नया चार्जिंग स्टेशन नहीं खुला। 290 में से आधे चार्जिंग स्टेशन रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में ही है। शेष 140 के आसपास प्रदेश के बाकी जिलों में है। परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने कहा कि वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ चार्जिंग स्टेशन भी होना चाहिए। पीएम ड्राइव योजना से राज्य में 272 नए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। छग ई-वाहन नीति का उद्देश्य ई-वाहनों पर सब्सिडीईवी की खरीद पर 10 प्रतिशत तक सब्सिडी या 150000 तक (जो भी कम हो) की मदद दी जाती थी। हालांकि मई 2025 के संशोधन के बाद, यह अधिकतम सब्सिडी 100000 रुपए कर दी गई है। साथ ही 20 लाख से ऊपर के ई-वाहनों पर सब्सिडी भी खत्म कर दिया गया है। पहले 2 वर्षों में 100 प्रतिशत रोड टैक्स छूट, उसके बाद अगले 2 वर्षों में 50 प्रतिशत और अंतिम वर्ष में 25 प्रतिशत छूट दिया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी नीति अवधि यानी 2026-27 तक छूट का प्रावधान है। पहले 300 फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर 25 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी प्रति स्टेशन तक 10 लाख दी जाती है।
यूपी के सरकारी अस्पतालों में पैसे लेकर X-Ray में हड्डी टूटी दिखाने और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले कर्मचारियों पर एक्शन हुआ है। एटा और महराजगंज के सरकारी अस्पतालों में तैनात इन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया, जबकि कासगंज के कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया। साथ ही कमेटी बनाकर विभागीय जांच शुरू करा दी है। इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों के खिलाफ FIR कराने के भी आदेश जारी किए हैं। एटा के वीरांगना लक्ष्मीबाई लोधी ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में तैनात स्टाफ नर्स मुनीश वर्मा को प्रिंसिपल डॉ. बलबीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही 3 सदस्यीय कमेटी बनाकर मुनीश वर्मा के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। जबकि, महराजगंज जिला अस्पताल में तैनात X-Ray टेक्नीशियन जय प्रकाश मिश्रा को CMO महाराजगंज ने सस्पेंड करते हुए 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा कासगंज जिला अस्पताल में तैनात संविदा स्टाफ नर्स राजपाल सिंह को CMO के निर्देश पर बर्खास्त कर दिया। साथ ही CMO ने राजपाल के खिलाफ FIR दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं। भास्कर के स्टिंग में एक्सपोज हुए थे कर्मचारीदरअसल, यूपी के सरकारी अस्पतालों के कर्मचारी पैसे लेकर फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बना रहे हैं। यह कर्मचारी X-Ray में हड्डी फ्रैक्चर दिखा देते और इसकी बाकायदा मेडिकल रिपोर्ट भी बनाकर दे देते। जब दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल शुरू की तो मामला उजागर हो गया। हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम ने एटा मेडिकल कॉलेज सहित कासगंज और महराजगंज के जिला अस्पतालों के कर्मचारियों का स्टिंग ऑपरेशन किया। जिसमें कर्मचारी ऑन-कैमरा रिश्वत लेकर फर्जीवाड़ा करने की डील करते हुए एक्सपोज हो गए। अब पूरा इन्वेस्टिगेशन पढ़िएहम सबसे पहले कासगंज के जिला अस्पताल पहुंचे। हमें सोर्स के जरिए पता चला कि यहां तैनात मेल स्टाफ नर्स राजपाल सिंह डॉक्टरों से मिलकर फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बनाता है। हमने राजपाल से संपर्क किया। रिपोर्टर: मेडिकल बनवाना है, X-Ray के साथ, बन जाएगा क्या…?राजपाल सिंह: मेरी समझ में नहीं आ रहा है, आपको क्या कराना है? रिपोर्टर: X-Ray रिपोर्ट बनवानी है, जिसमें हड्डी टूटी दिखानी है।राजपाल सिंह: क्या करेंगे उसका? रिपोर्टर: प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं, छुट्टी लेने के लिए बोल दिया था हाथ टूट गया, अब कंपनी वाले X-Ray मांग रहे हैं।राजपाल सिंह: अच्छा, X-Ray कहां का दिखाओगे? रिपोर्टर: हाथ का दिखाएंगे, क्योंकि मैंने तो हाथ का बताया था।राजपाल सिंह: लेकिन यहां उसमें पैसे खर्च हो जाएंगे बहुत। राजपाल सिंह की बातचीत से साफ हो गया कि वह पैसा लेकर फर्जी X-Ray रिपोर्ट बनवाकर दे देता है। अब हमने उससे लेन-देन की बात की। हाथ का फ्रैक्चर बता देंगे, प्लास्टर भी लगवा देंगे राजपाल सिंह: मेडिकल होगा तो 200 रुपए रोजाना के हिसाब से एक महीने के 6 हजार रुपए हो जाएंगे। फ्रैक्चर दिखाने का अलग लगेगा।रिपोर्टर: कितना लगेगा खर्च…? राजपाल सिंह: अभी मैं बात करता हूं, लेकिन काम हो जाएगा एकदम पक्का।रिपोर्टर: तब भी एक अंदाजा? राजपाल सिंह: कब से कब तक का चाहिए, डेट बताओ?रिपोर्टर: 20 से 22 दिन की चाहिए, 3 नवंबर से। राजपाल सिंह: हाथ में फ्रैक्चर बता देंगे… आपने क्या बताया है कंपनी वालों को…?रिपोर्टर: यही बताया था कि बाइक चला रहे थे… चोट लग गई…। राजपाल सिंह: ठीक है… कोई दिक्कत है तो इसमें प्लास्टर लगाकर देंगे… चले जाना वहां पर… ऐसे ही लेकर…।रिपोर्टर: हो जाएगा न…? राजपाल सिंह: पक्का काम होगा… प्लास्टर भी और X-Ray भी… मेडिकल रिपोर्ट भी दे देंगे…।रिपोर्टर: कितना खर्च लगेगा…? राजपाल सिंह: वही बता रहा हूं… जो मेरे हाथ में है… मैं उसका बता सकता… लेकिन दो दूसरे से कराना है… उसका पूछना पड़ेगा…।इसके बाद राजपाल किसी से बातचीत करने के लिए गया। कुछ देर बाद हम उससे फिर मिले। अब उसने हमें हर काम के रेट बताए। राजपाल सिंह: यार बैक डेट का ज्यादा लेंगे वो… रियल टाइम का हो तो कम करा देंगे कुछ…।रिपोर्टर: कितना लगेगा टोटल…? राजपाल सिंह: देखो… 3 हजार रुपए तो X-Ray वाला लेगा… सारा काम कर देगा… X-Ray और प्लास्टर सब कर देगा… लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत मेडिकल की है… 200 रुपए रोजाना के हिसाब से एक महीने का 6 हजार रुपए मेडिकल का लगेगा… एक हजार रुपए मैं लूंगा अपना…।रिपोर्टर: कोई दिक्कत तो नहीं होगी…? राजपाल सिंह: 10 मिनट में सारा काम करा दूंगा… कोई दिक्कत नहीं होगी… कोई जांच भी करने आएगा, तो भी नहीं पकड़ पाएगा।कासगंज के सरकारी अस्पताल में स्टाफ नर्स राजपाल सिंह ने हमें रेट लिस्ट बताई। उसने कुल 10 हजार रुपए की डिमांड की। इसमें 30 दिन का बैक डेट में मेडिकल भी शामिल है। अब चलिए, एटा के मेडिकल कॉलेज… हमारी इन्वेस्टिगेशन से साफ हो गया कि कासगंज के सरकारी अस्पताल में पैसा लेकर फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बनाई जा रही। अब हमारे सामने सवाल था कि क्या कासगंज के अलावा यूपी के दूसरे जिलों में भी ऐसा हो रहा? इसके जवाब के लिए हम एटा के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां हम सबसे पहले X-Ray सेंटर में तैनात कर्मचारी वीरेश से मिले। वीरेश ने बताया- ये काम मुनीश वर्मा करा देंगे। आप 5वें फ्लोर के रूम नंबर- 144 में चले जाओ। वीरेश ने मुनीश को कॉल कर बताया। इसके बाद हम वहां पहुंचे और मुनीश से डील की। मुनीश बड़ी आसानी से फर्जी X-Ray के लिए तैयार हो गया मुनीश वर्मा: बताइए, क्या समस्या है?रिपोर्टर: भैया… बता दिया था कि हाथ टूट गया है… अब वो X-Ray रिपोर्ट मांग रहे हैं… हाथ तो टूटा नहीं… अब उसी का X-Ray बनवाना है फर्जी… और मेडिकल भी…। मुनीश वर्मा: यह तो वही (वीरेश) कर देगा… जिसने नीचे से मेरी और आपकी बात कराई…।रिपोर्टर: नहीं… उन्होंने तो आपके पास भेजा है…। मुनीश वर्मा: अच्छा… कितने दिन का चाहिए आपको…?रिपोर्टर: मुझे ज्यादा नहीं… 15-20 दिन का चाहिए…। मुनीश की बातों से साफ हो गया था कि वह फर्जी X-Ray बनवाकर दे देगा। वह हमें एक कमरे में ले गया, जहां आगे की बातचीत हुई। मुनीश वर्मा: आपने तो बनवाया था मेडिकल हमसे…?रिपोर्टर: जी…। मुनीश वर्मा: (X-Ray दिखाते हुए) यह देखिए पहले से तैयार है… फ्रैक्चर।रिपोर्टर: यह चल जाएगा…? मुनीश वर्मा: देखो… इसमें सब कुछ लिखा हुआ है… AMC (ऑटोमेटेड मेडिकल सेंटर) डाटा… सब कुछ है इसमें…।रिपोर्टर: जी… मैं आपकी बात समझ रहा हूं…। मुनीश वर्मा: बस तो हो जाएगा…।रिपोर्टर: मेरा करा दीजिए… लगाना है…। मुनीश वर्मा: सोमवार को आ जाओ… हो जाएगा…।रिपोर्टर: पता न चले बस फर्जी है…। मुनीश वर्मा: देखो… जो निकालकर देगा वो तो लेगा ही लेगा… मेरे पास पहले से फिंगर वाला है…।यहां हमें पता चला कि पुराना फ्रैक्चर वाला X-Ray भी इनके पास मिलता है। जिसे ये जो पैसा देता है, उसका बताकर रिपोर्ट बनाकर दे देते हैं। इसके लिए ये कितने रुपए लेते हैं? यह जानने के लिए हमने मुनीश से बातचीत जारी रखी। फर्जी X-Ray के 2000, मेडिकल के अलग रुपए लगेंगे रिपोर्टर: मैं आपकी बात समझ रहा हूं… लेकिन कितना खर्च आएगा…?मुनीश वर्मा: लगभग 2 हजार रुपए खर्च लगेगा…। रिपोर्टर: सिर्फ X-Ray का…?मुनीश वर्मा: हां… X-Ray… X-Ray का…। रिपोर्टर: …और ऊपर से कितना खर्च आएगा…?मुनीश वर्मा: मेडिकल का…? रिपोर्टर: हां…।मुनीश वर्मा: मेडिकल का ज्यादा खर्च आएगा…। रिपोर्टर: टोटल… आप मुझे एक इस्टीमेट बताओ…?मुनीश वर्मा: वो मैं बता दूंगा… 101% हो जाएगा…। रिपोर्टर: पीछे कोई दिक्कत न हो बस…।मुनीश वर्मा: कुछ नहीं होगा… सरकारी रिपोर्ट बनेगी… तभी तुम्हें मैं यहां कमरे में लेकर आया था… क्योंकि यहां कैमरे नहीं हैं… बाहर कैमरे लगे हैं… 101%... मंडे को सब ले लेना…। रिपोर्टर: ठीक है भैया… धन्यवाद… मैं सोमवार को आऊंगा… मतलब 2 हजार रुपए X-Ray का… और मेडिकल का अलग से लगेगा…?मुनीश वर्मा: हां… मान लो 5 हजार रुपए तक सब हो जाएगा…। रिपोर्टर: हां… क्योंकि प्राइवेट कंपनी है… ज्यादा दिक्कत न हो…।मुनीश वर्मा: चलो… मैं डॉक्टर साहब से बात करके सब करा दूंगा…। अब चलिए, महराजगंज जिला अस्पताल… एटा के मेडिकल कॉलेज में किए स्टिंग से साफ हो गया कि फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बनाने का काम केवल एक जिले कासगंज में ही नहीं हो रहा। यूपी के सरकारी अस्पतालों में ये एक रैकेट की तरह चल रहा है। अब हमने महराजगंज के जिला अस्पताल को खंगाला। क्योंकि, यहां भी पहले फर्जी X-Ray के मामले सामने आए हैं। महराजगंज के जिला अस्पताल में हम आर्थो डिपार्टमेंट में तैनात एक्स-रे टेक्नीशियन जयप्रकाश मिश्रा के पास पहुंचे। रिपोर्टर: भैया हाथ में चोट लगी है… X-Ray कराना है…।जयप्रकाश मिश्रा: कैसे चोट लगी है…? रिपोर्टर: पड़ोस में लड़ाई हो गई थी…।जयप्रकाश मिश्रा: डॉक्टर से लिखवाकर लाइए…। रिपोर्टर: डॉक्टर ने पर्चे पर X-Ray लिखा है…।जयप्रकाश मिश्रा: ठीक है… जाइए सामने कमरे में कराकर आइए…। रिपोर्टर: हाथ में फ्रैक्चर दिखाना है… क्योंकि मुकदमा दर्ज कराना है…।जयप्रकाश मिश्रा: फिर ऐसे नहीं होगा… जाइए, मुलाहिजा कराकर आइए…। रिपोर्टर: भैया… कुछ जुगाड़ लगाइए… ऐसे ही हो जाए… बिना मुलाहिजा के…।जयप्रकाश मिश्रा: थाना कौन-सा है… जहां मुकदमा दर्ज कराना है…? रिपोर्टर: निचलौल… कैसे होगा…? करा दीजिए… हो जाएगा…?जयप्रकाश मिश्रा: हां, करा देंगे… हो जाएगा… परेशान मत हो…। रिपोर्टर: कितना पैसा लगेगा…?जयप्रकाश मिश्रा: बात करने दो… अभी साहब से… फिर बताएंगे…।टेक्नीशियन जयप्रकाश मिश्रा फर्जी X-Ray के लिए तैयार हो गया, लेकिन डॉक्टर से पूछने के बाद यह बताने के लिए बोला कि कितने रुपए लगेंगे? इसलिए हमने उससे बातचीत जारी रखी। खर्च देने की बात पर फर्जी X-Ray के लिए तैयार रिपोर्टर: बिना मुलाहिजा के ही करा दीजिए… जो खर्च लगेगा, वो दे देंगे…।जयप्रकाश मिश्रा: ठीक है… जाइए… पहले X-Ray कराइए…। रिपोर्टर: उसमें हो जाएगा न…?जयप्रकाश मिश्रा: हां, जाओ पहले कराकर आओ…। भास्कर रिपोर्टर ने खुद का X-Ray कराया, फिर X-Ray फिल्म लेकर टेक्नीशियन जयप्रकाश मिश्रा के पास पहुंचा।इसी X-Ray में माइनर फ्रैक्चर लिखवा देंगे रिपोर्टर: (X-Ray फिल्म दिखाते हुए) भैया… हो गया X-Ray…।जयप्रकाश मिश्रा: (X-Ray देखते हुए) इसे सुखाकर रख लो… कल सुबह आना… इसी की रिपोर्ट में डॉक्टर से माइनर फ्रैक्चर लिखवा देंगे…। रिपोर्टर: इस X-Ray में फ्रैक्चर दिखेगा…?जयप्रकाश मिश्रा: कल आइए… 10 बजे…। जयप्रकाश मिश्रा: डॉक्टर ऐसे नहीं लिखेंगे… कंधे में चोट बताकर डॉक्टर को दिखाओ तो X-Ray में कंधा खिसका हुआ दिखा देंगे…।रिपोर्टर: अच्छा… लिखवाकर लाएंगे तो हो जाएगा…? जयप्रकाश मिश्रा: पुलिस के साथ मुलाहिजा कराकर आओ… इसके बाद फ्रैक्चर दिखाकर लिखवा देंगे…।रिपोर्टर: अरे, कंधे वाला ही खिसका हुआ करा दीजिए। जयप्रकाश मिश्रा: अरे तो मुलाहिजा कराकर आओ न… हो जाएगा… उसी में कुछ डिसलोकेशन करा देंगे। 3 तरीकों से फर्जी X-Ray बनाए जा रहे हैं पूर्व DGP ने खुद पकड़ा था फर्जी X-Ray केसयूपी के पूर्व DGP सुलखान सिंह ने बताया- जब मैं यूपी पुलिस में था, तब एक केस में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के जरिए बेगुनाह को मुकदमे में फंसाने का मामला आया था। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी है। तब मेरे आदेश पर तत्काल दोबारा मेडिकल कराया गया। इसके बाद सच्चाई सामने आ गई। दोबारा मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले, जिसके आधार पर पीड़ित जेल जाने से बच गया। पुलिस ने मेडिकल करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा था। कई बार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गड़बड़ी की बात सामने आती है। सुप्रीम कोर्ट में सामने आ चुके हैं ऐसे कई केससुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट केके शुक्ला ने बताया- सुप्रीम कोर्ट में मेरे पास खुद ऐसे 2 केस आ चुके हैं, जिनमें मेडिकल का गलत उपयोग कर बेकसूर को जेल भिजवाया। इन दोनों केसों में जब मैंने कोर्ट से परमिशन लेकर दोबारा मेडिकल कराया, तो सच्चाई सामने आ गई। सरकारी अस्पतालों में फर्जी तरीके से सिर्फ X-Ray ही नहीं, मेडिकल सर्टिफिकेट, मेडिको लीगल, हैंडिकैप सर्टिफिकेट भी बन जाते हैं। जिनका लोग गलत उपयोग करके फायदा उठा रहे हैं। फर्जी सर्टिफिकेट बनाना, उपयोग करना… गंभीर अपराधसुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट आयुष शुक्ला ने बताया- किसी भी तरह का फर्जी प्रमाण-पत्र बनाना, उपयोग करना, प्रस्तुत करना गंभीर अपराध है। इसके लिए कानून के तहत सजा का प्रावधान है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें पैसा लेकर बांटे फिटनेस… CNG कारों में हो रहे विस्फोट, कानपुर में मोबाइल पर फोटो देख जारी किया सर्टिफिकेट हाल ही में हुई 2 घटनाएं याद कीजिए- 1. Wagon R का CNG सिलेंडर फटने से 5 की मौत। 2. एक्सप्रेस-वे पर 7 बसें और 3 कारों की टक्कर से 19 की मौत। प्रारंभिक जांच में कारों के CNG सिलेंडर फटने से आग लगी। हो सकता है इन कारों में जो CNG सिलेंडर लगे थे, उनकी टेस्टिंग में फर्जीवाड़ा किया हो। पढ़ें पूरी खबर
छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 इस बार और सख्त होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण के मापदंड इस बार और ज्यादा कड़े कर दिए गए हैं। सर्वे की नई टूलकिट के अनुसार पान-गुटखा के लाल धब्बे (रेड स्पॉट) और खुले में पेशाब से बने पीले निशान (येलो स्पॉट)शहर की रैंकिंग गिराएंगे। एक भी लापरवाही सामने आने पर 150 अंकों तक की कटौती होगी। इसलिए इस बार अच्छी रैंकिंग लाना कठिन टॉस्क होगा। हालांकि पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के कई शहरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। सात नगरीय निकायों को अलग-अलग श्रेणी में पुरस्कार मिला था। 20,000 से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में नगर पंचायत बिल्हा को भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। रायपुर को प्रोमिसिंग क्लीन सिटी का अवार्ड भी मिला था। इसलिए इस बार रायपुर नगर निगम समेत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को सर्वेक्षण के नए टूल किट के अनुसार तैयारियां पूरी करनी होगी। स्वच्छता सर्वे 2025-26 में कुल अंक 12,500 कर दिए गए हैं। इनमें से 10,500 अंक ग्राउंड निरीक्षण पर आधारित होंगे। यानी अब फाइलों और रिपोर्ट से नहीं, बल्कि सड़कों, दीवारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और कॉलोनियों में दिखने वाली सफाई से रैंकिंग तय होगी। छत्तीसगढ़ के कई शहरी इलाकों में दीवारों पर पान-गुटखा के दाग और खुले में यूरिन की समस्या पहले से मौजूद है। नई व्यवस्था में रेड स्पॉट और येलो स्पॉट के लिए अलग-अलग 75 अंक तय किए गए हैं। यदि शहर इन्हें पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए, तो सीधे अंक कटेंगे और राष्ट्रीय रैंकिंग नीचे जाएगी। केंद्र से आने वाली सर्वेक्षण टीम बिना पूर्व सूचना शहरों में पहुंचेगी। रायपुर पर रहेगी नजरपिछले स्वच्छता सर्वे में राजधानी रायपुर को प्रोमिसिंग शहरों का अवार्ड मिला था। यानी ऐसे शहर जो स्वच्छता में लगातार अच्छे प्रयास कर रहे हैं उन्हें स्वच्छता रैंकिंग में देश में चौथा स्थान मिला था। हालांकि रायपुर के लिए पिछली बार राह आसान हो गई थी, क्योंकि लगातार तीन साल टॉप थ्री में आने वाले शहरों को अलग कर उनके लिए अलग श्रेणी तय कर ली गई थी। इस वजह से रायपुर को चौथा स्थान हासिल करने में सफलता मिली थी। साथ ही रायपुर को पहली बार गार्बेज फ्री सिटी में 7 स्टार रेटिंग मिली थी। यह बड़ी उपलब्धि थी। इन बिंदुओं पर मिलेंगे 10,500 अंकविजिबल क्लीनलीनेस- 1500 {कचरा पृथक्करण व संग्रह- 1000 {सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट- 1500 {सैनिटेशन सुविधाएं- 1000 {यूज्ड वाटर मैनेजमेंट- 1000 {मशीनों से सीवरेज की सफाई- 500 {स्वच्छता जनजागरूकता- 1500 {संस्थागत ढांचा- 1000 {सफाई कर्मियों का कल्याण- 500 {सिटीजन फीडबैक- 1000। स्वच्छता के दावों की जमीनी हकीकत बताएंगे लोग आवासीय क्षेत्रों के साथ-साथ व्यावसायिक इलाके, सार्वजनिक स्थल, पार्क, पर्यटन स्थल और परिवहन केंद्र भी जांच के दायरे में होंगे। सर्वे के दौरान टीम हर जगह की फोटो खींचने के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग भी करेगी। उसी के आधार पर अंक दिए या काटे जाएंगे। स्वच्छता सर्वे 2025-26 में सरकारी सिस्टम के साथ-साथ आम लोगों की भूमिका भी पहले से कहीं ज्यादा अहम कर दी गई है। अब लोग केवल तय समय में शिकायत नहीं करेंगे, बल्कि फीडबैक दे सकेंगे। नगर निगमों के स्वच्छता के दावों की जमीनी हकीकत नागरिक ही सामने रखेंगे।
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एसआईआर का दूसरा चरण 6 जनवरी से शुरू हो रहा। इसे लेकर सियासी दल चौकन्ना है। सपा, भाजपा हो या फिर बसपा और कांग्रेस। सभी दल अपने-अपने वोटर को संजोने के लिए रणनीतियां बना रहे। पहले चरण की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद माना जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं में सक्रियता कम रही। यहां तक कि भाजपा के लोग भी मान रहे कि पहले चरण में समाजवादी पार्टी ने अधिक सक्रिय होकर काम किया है और अपने वोटर को बचाने की हर कोशिश की। वहीं, बसपा का भी पूरा जोर पहले चरण में अपने वोटरों को बचाने पर रहा। प्रमुख दलों में कांग्रेस इस मामले में सबसे कमजोर रही। ऐसे में सभी पार्टियां दूसरे चरण के लिए क्या रणनीति अपनाने जा रहीं? भाजपा अब इतना सक्रिय क्यों हुई है? क्या सच में सपा ने पहले चरण में अपना काम कर लिया है ? बसपा और कांग्रेस पहले चरण में कहां नजर आईं? इन सभी सवालों के जवाब इस खबर में तलाशने की कोशिश करेंगे। भाजपा का फोकस ज्यादा से ज्यादा आपत्तियों पर राजनीतिक जानकारों की मानें तो एसआईआर के दूसरे चरण में भाजपा का पूरा फोकस अधिक से अधिक आपत्तियां दर्ज कराकर मुस्लिम व यादव बाहुल्य बूथों पर फर्जी नाम कटवाने का है। इसमें बाहरी और संदिग्ध वोटर्स को चिन्हित कर आपत्ति दर्ज की जाएगी। भाजपा ने पार्टी की बूथ कमेटियों के साथ इस काम में लगे कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने सभी जिलाध्यक्षों को कार्ययोजना पर समयबद्ध काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। भाजपा क्या-क्या करेगी? ड्राफ्ट सूची का मुख्यालय स्तर से सत्यापन भी कराएगी भाजपा भाजपा की ओर से एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची का भाजपा मुख्यालय स्तर से सत्यापन भी किया जाएगा। इसके लिए एक एक बूथ की मतदाता सूची जांची जाएगी। इसके लिए ये किया जाएगा… भाजपा अब इतनी सक्रिय क्यों? राजनीतिक विश्लेषक राम दत्त त्रिपाठी कहते हैं कि शुरुआत में भाजपा के सक्रिय न रहने की कई वजहें हैं। जैसे प्रदेश अध्यक्ष को लेकर एक अनिश्चितता का माहौल था। यही वजह थी कि संगठन बहुत सक्रिय नहीं था। दूसरा अहम कारण भाजपा कार्यकर्ताओं के अंदर की निराशा है, उसे एसआईआर प्रक्रिया में दिलचस्पी नहीं है। तीसरा सबसे अहम कारण भाजपा के वोटरों को इस बात का विश्वास था उनका नाम नहीं कटेगा। यही वजह रही कि भाजपा शुरुआत में इतनी सक्रिय नहीं दिखी। लेकिन जब आंकड़े सामने आने लगे तो भाजपा की बेचैनी बढ़नी स्वाभाविक थी और मुख्यमंत्री को खुद सामने आना पड़ा। वरिष्ठ पत्रकार अशोक त्रिपाठी का कहना है कि भाजपा शहरी क्षेत्रों में खुद को मजबूत मानती रही है। लेकिन एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सबसे अधिक नाम शहरी क्षेत्रों की मतदाता सूची से कम हुए हैं। इसका प्रमुख कारण ये है कि बड़ी संख्या में ऐसे वोटर हैं जो शहर और गांव दोनों जगह थे। लेकिन एसआईआर के दौरान उन्होंने गांव में अपना नाम रखने काे वरीयता दी। इसे लेकर भाजपा चिंतित है। यही वजह है कि अब पार्टी के नेता और खुद मुख्यमंत्री इसके लिए अतिरिक्त सजग दिखाई दे रहे हैं। भाजपा की सक्रियता से सपा भी सतर्क पहले चरण के अंत में जिस तरह से भाजपा एसआईआर को लेकर सक्रिय हुई है, उसको लेकर समाजवादी पार्टी भी सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों का हवाला देकर सपा सुप्रीमो सरकार के साथ-साथ आयोग पर भी हमला बोल रहे हैं। सपा का मानना है कि एसआईआर के पहले चरण में जिन वोटर्स की छंटनी हुई है, उसमें अधिकतर वोट भाजपा के हैं। यही चिंता भाजपा की भी है। अब इसकी रिकवरी के लिए मुस्लिम और यादव बाहुल्य बूथों पर अधिक से अधिक आपत्तियां दर्ज कराने की बात कही जा रही है। अखिलेश यादव सीधे आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने जब 4 करोड़ वोट कटने की बात कही थी, उसी समय उन्होंने अधिकारियों को बेईमानी करने का संदेश दिया था। आखिर सरकार के आंकड़े और आयोग के आंकड़े में इतना फर्क कैसे है? इस समय अधिकारी और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का सवाल है। कहीं सरकार अधिकारियों पर हेराफेरी का दबाव तो नहीं बना रही है। क्या है सपा की रणनीति? समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई कहते हैं कि पार्टी भाजपाई साजिशों से पूरी तरह से सतर्क है। जिस तरह पीडीए प्रहरी ने पहले चरण में काम किया है, उसी तरह दूसरे चरण को लेकर भी पीडीए प्रहरी पूरी तरह से चौकन्ना हैं। चिंता इस बात की है कि जो मतदाता खाड़ी देशों में या विदेशों में मेहनत मजदूरी करते हैं, साल में उनका आना-जाना भी होता है, ऐसे लोग वंचित न रह जाएं। इसके लिए ऐसे लोगों के फॉर्म 6-ए भरवाने के लिए बूथ स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सपा कार्यकर्ता क्या-क्या करेंगे? क्या सच में समाजवादी पार्टी ने पहले चरण में अपना काम कर लिया पहले चरण में क्या सपा अपने मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने में कामयाब रही? इसे लेकर वरिष्ठ पत्रकार अशोक त्रिपाठी कहते हैं कि समाजवादी पार्टी ने अपने वोटरों खासकर मुस्लिम वोटरों को ये संदेश देने की कोशिश कि ये एसआईआर प्रक्रिया नागरिकता का प्रमाण है। यानी एसआईआर को एनआरसी के तौर पर पेश किया। इसका परिणाम ये रहा कि लगभग 98 प्रतिशत मुस्लिमों ने अपने नाम सही करा लिए। बहुत से ऐसे लोग जो विदेशों में थे, उन्होंने भी आकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराया। वहीं, समाजवादी पार्टी के लोगों को ये चिंता भी थी कि एसआईआर के बहाने उनके पक्ष के मतदाताओं को निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए उसने शुरू से ही सक्रियता दिखाई। यहां तक कि उनके नेता लगातार आयोग को पत्र लिखकर जहां-जहां खामियां रहीं, उन्हें उजागर करते रहे और आयोग का ध्यान दिलाते रहे। रामदत्त त्रिपाठी कहते हैं कि सपा के कार्यकर्ताओं में जोश इस बात का भी था कि उन्हें सत्ता में वापसी का प्रयास करना है, इसलिए भी उनके लोगों ने इस प्रक्रिया के दौरान अधिक मेहनत की है। SIR में कटे वोट की मानिटरिंग के लिए कांग्रेस ने बनाई कमेटी कांग्रेस ने डिलीटेड लिस्ट की मॉनिटरिंग के लिए हर जिले में अध्यक्षों के सहयोग से वरिष्ठ नेताओं की कमेटी का गठन किया है। ये कमेटी एसआईआर की गतिविधियों एवं कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन कर काटे हुए नामों का भौतिक सत्यापन करेगी। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी वैध मतदाता का नाम न कटे और फर्जी कोई नाम ना जुड़ सके। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि ‘हमारे नेता राहुल गांधी जी ने तथ्यात्मक आंकडों के साथ साबित किया है कि भाजपा और चुनाव आयोग के नापाक गठजोड़ से बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा में वोट चोरी हुई। ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश सभी वर्ग के वोट की रक्षा करनी है।’ हालांकि, शुरुआत में कांग्रेस और बसपा की सक्रियता कम थी। इन दोनों दलों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोग ने जब बीएलए नियुक्त करने की बात कही थी, उस समय भी इन दोनाें दलों के बीएलए की संख्या सपा और भाजपा के मुकाबले काफी कम थी। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में 21 IAS का ट्रांसफर, इनमें 8 महिलाएं:योगी ने महिला IAS को दी अहम जिम्मेदारियां, 3 अफसर संभालेंगी राजस्व यूपी की योगी सरकार ने देर रात 8 महिला अफसरों समेत 21 IAS का ट्रांसफर किया है। इनमें ज्यादातर प्रमोशन पाए अफसर हैं, जिन्हें नई तैनाती मिली है। सचिव से प्रमुख सचिव बनने वाले दो और विशेष सचिव से सचिव बने कुछ अफसरों को भी नई तैनाती दी गई है। इसके अलावा, 3 महिला IAS अफसरों को राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी महिला अफसरों को सौंपा गया है। साथ ही निर्वाचन, वित्त, राजस्व, नगर विकास, चिकित्सा शिक्षा और महिला कल्याण जैसे विभागों के अफसरों में भी फेरबदल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
राजधानी रायपुर के भविष्य को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय एक साझा दिशा की ओर इशारा करती है। ट्रैफिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी नियोजन... हर मोर्चे पर ठोस और दीर्घकालीन योजना की जरूरत बताई जा रही है। रोड इंजीनियरिंग से लेकर मेट्रो, इंडस्ट्री, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्ता आधारित शिक्षा और सस्टेनेबल शहरी विकास तक, विशेषज्ञ मानते हैं कि समन्वित प्रयासों के बिना रायपुर स्मार्ट और रहने योग्य शहर नहीं बन सकता। संसाधनों के सही उपयोग, मजबूत पब्लिक सिस्टम और पर्यावरण संतुलन के साथ ही राजधानी का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। सुरेंद्र कुमार जैन, इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्टअब हमारे रायपुर को चाहिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, तभी बनेगा स्मार्ट शहर राजधानी के सर्वांगीण विकास में अधोसंरचना की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। किसी भी शहर या राज्य की प्रगति उसके संसाधनों के सही उपयोग और दीर्घकालीन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। हालांकि, वर्तमान में एक बड़ी चुनौती यह है कि राज्य के अधिकांश संसाधन मुफ्त योजनाओं और वेतन-भत्तों पर खर्च हो रहे हैं, जिससे अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। नवा रायपुर का समग्र विकास, रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर, मेट्रो या मोनोरेल परियोजना, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार, औद्योगिक हब और आईटी पार्क का निर्माण प्रमुख हैं। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार भी जनहित में आवश्यक बताया गया है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय को अनिवार्य बताया गया है। वित्तीय निरंतरता को भी एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को इसका सकारात्मक उदाहरण बताया गया है, जो आज भी निरंतर रूप से संचालित हो रही है। वहीं, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण की समस्या और गिरते भूजल स्तर जैसी बाधाएं भी अधोसंरचना विकास में चुनौती बनी हैं। रायपुर को लॉजिस्टिक और रिटेल पावरहाउस के रूप में विकसित कर सार्वजनिक-निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विकास को नई दिशा मिलेगी। बाधा या बदलाव - स्काईवॉक ने रोका फ्लाईओवर का रास्ता, गार्डन से आगे बनेगा राजधानी रायपुर में पीडब्ल्यूडी स्काईवॉक का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही यहां फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो गया है। राज्य सरकार ने हाल ही में गांधी उद्यान (गुरु तेगबहादुर उद्यान) से तेलीबांधा (नेताजी सुभाष चौक/गुरुनानक चौक) तक 173 करोड़ रुपए की लागत से 4-लेन फ्लाईओवर को मंजूरी दी है। स्काईवॉक का ढांचा नहीं होता तो यह फ्लाईओवर फाफाडीह चौक, देवेंद्र नगर, शास्त्री चौक और घड़ी चौक को जोड़कर बनाया जा सकता था। समर पाटनी, रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्टट्रैफिक नियमों के पालन से ही जाम से राहत, बायपास सड़क की भी जरूरत राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के पीछे लोगों में ट्रैफिक सेंस की कमी बड़ी वजह है। यदि वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें, तो कई जगहों पर जाम की स्थिति ही पैदा न हो। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और नई सड़कों की भी आवश्यकता है। शहर के भीतर एक बायपास सड़क की जरूरत बताई गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। मोवा-सड्डू क्षेत्र की ओर नई सड़क या लंबा ओवरब्रिज बनाया जाना चाहिए, क्योंकि शहर का विस्तार इसी दिशा में तेजी से हो रहा है। टाटीबंध से जोरा तक एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। इस मार्ग पर दोनों ओर सर्विस रोड और अंडरपास का निर्माण किया जाना चाहिए। नया एक्सप्रेसवे बनाकर बिलासपुर रोड को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ा जाए, ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों का समय बचे। वहीं, नवा रायपुर के प्रमुख जंक्शनों का सर्वे कर उन्हें सिग्नल फ्री जंक्शन में बदले जाने की जरूरत है, जिसके लिए अभी से योजना और तैयारी शुरू करनी होगी। शहर में निजी वाहनों का दबाव कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना भी जरूरी है। इसके तहत एसी बसें चलाई जाएं और हर रूट पर सिटी बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा सिलतरा बायपास को बिलासपुर रोड से जोड़ने के लिए नई एक्सेस कंट्रोल सड़क बनाई जाए, जिससे दुर्ग और रायपुर के बीच ट्रैफिक दबाव कम हो सके। मनीष पिल्लीवार, टाउन प्लानर एंड आर्किटेक्टटिकाऊ, समावेशी व जल-संवेदनशील शहर हो वर्ष 2026 तक रायपुर को सस्टेनेबल (टिकाऊ), समावेशी और जल-संवेदनशील शहर के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई जा रही है। इसके लिए शहर में वॉक-फ्रेंडली सड़कें, चौड़े फुटपाथ और साइकिल ट्रैक को अनिवार्य रूप से विकसित किया जाना चाहिए। इससे निजी वाहनों की संख्या घटेगी, जाम की समस्या कम होगी और ध्वनि व वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके तहत अधिक से अधिक ई-बसों की सुविधा विकसित की जानी चाहिए, ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। इसके साथ ही नई इमारतों में रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर रूफ और नेचुरल वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाओं को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। शहर के तालाब, नाले और हरित कॉरिडोर को शहरी डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देने से ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकता है। वहीं, पब्लिक स्पेस, बस-स्टॉप और बाजारों को मानव-केंद्रित डिजाइन के तहत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। यही भविष्य का रायपुर होगा-एक स्वच्छ, सुरक्षित और रहने योग्य शहर। डॉ. जवाहर सूरी सेट्टी, वरिष्ठ शिक्षाविद्डिग्री पर नहीं, बल्कि शिक्षा पर हो फोकस समय तेजी से बदल रहा है और तकनीक लगातार नई दिशा ले रही है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है, जिसमें केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं रह गया है। ऐसे में प्रदेश में अब शिक्षा व्यवस्था का फोकस डिग्री के बजाय गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर होना चाहिए। स्कूली स्तर पर कौशल विकास और समानांतर शिक्षा को प्रभावी रूप से वर्ष 2026 से लागू किया जाना आवश्यक है। प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, लेकिन इनमें प्रदेश के महज एक प्रतिशत विद्यार्थी ही प्रवेश पा रहे हैं। इसे देखते हुए जरूरी है कि प्रदेश के निजी और सरकारी दोनों तरह के शैक्षणिक संस्थानों को कम से कम एनआईटी स्तर की गुणवत्ता के साथ विकसित किया जाए, ताकि अधिक संख्या में छात्रों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। इसके साथ ही बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। तकनीकी युग में बच्चों की आउटडोर गतिविधियां लगातार कम होती जा रही हैं, जिससे शारीरिक समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में पर्याप्त खेलकूद के संसाधन विकसित कर अनुकूल माहौल बनाना जरूरी होगा। ताकि बच्चों को स्वस्थ और संतुलित विकास का अवसर मिले। डॉ विवेक चौधरी, कैंसर विशेषज्ञ व डीन मेडिकल कॉलेज, रायपुरमेकाहारा से उम्मीद, पर पुरानी मशीनें बनीं चुनौती डॉ. भीमराव अंबेडकर अपस्ताल केवल राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के मरीजों की उम्मीदों का केंद्र है। यहां एक्स-रे से लेकर सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई और कैंसर इलाज तक की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। हालांकि, अस्पताल में लगी अधिकांश जांच और उपचार से जुड़ी मशीनें पुरानी हो चुकी हैं या अपनी निर्धारित उम्र पूरी करने के करीब हैं, जिसके चलते मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुरानी मशीनों को तत्काल बदले जाने की जरूरत है, ताकि जांच और इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इसके अलावा जिला अस्पताल और हमर क्लीनिकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। यदि विशेषज्ञों की नियमित पोस्टिंग हो जाए, तो सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी हद तक पटरी पर आ सकती है। इसका सीधा असर अंबेडकर अस्पताल पर भी पड़ेगा, जहां मरीजों की भीड़ कम होगी और इलाज के स्तर में सुधार संभव होगा। राजधानी के निजी अस्पतालों में वर्तमान में अंग प्रत्यारोपण की सुविधाएं उपलब्ध हैं। किडनी के साथ-साथ लीवर ट्रांसप्लांट के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, शहर के बीच स्थित डॉ. खूबचंद बघेल (डीकेएस) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद बताए जा रहे हैं।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन रोड पर शुक्रवार की शाम पुलिस ने सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले दुकानदार को 50 लाख रुपये नकद के साथ पकड़ा। कैंट थाना पुलिस और आयकर विभाग की टीम ने मशीन से रुपये गिने गए और पूरे प्रकरण को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में मामला हवाला नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पर्स, बैग और बेल्ट की दुकान चलाता है दुकानदार बताया जा रहा है कि 52 साल का राजीव जायसवाल उर्फ राजू सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज का रहने वाला है। कस्बे में ही वह पर्स,बैग व बेल्ट की दुकान चलाता है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे राजीव बस से गोरखपुर पहुंचा था। बस से उतरने के बाद वह पैदल ही धर्मशाला बाजार की ओर गया। वहां स्कूटी सवार दो युवक पहले से मौजूद थे, जिन्होंने उसे रुपये से भरा एक बैग सौंप दिया। इसके बाद राजीव जायसवाल उसी बैग को लेकर पैदल ही रेलवे स्टेशन की तरफ बढ़ने लगा। गेट नंबर छह के पास रेलवे स्टेशन चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह की नजर उस पर पड़ी। संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो वह घबराकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने तत्काल घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। जब उसके कंधे पर टंगे बैग की तलाशी ली गई तो अंदर बड़ी मात्रा में नकदी देखकर पुलिस टीम चौंक गई।पूछताछ में राजीव जायसवाल ने बताया कि रुपये से भरा बैग देने वाले युवकों को वह नहीं जानता।रुपये उसे फरेंदा ले जाना था। वह बस से फरेंदा जाने की तैयारी में था।राजीव ने यह भी दावा किया कि उसके भांजे ने फोन पर बताया था कि वही जानता है कि स्कूटी सवार युवक कौन थे और रुपये किसके हैं। हालांकि, इस बारे में वह कोई ठोस दस्तावेज या संतोषजनक जानकारी पुलिस को नहीं दे सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग को सूचना दी।नकदी को सुरक्षित तरीके से सील कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
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आंदोलन जारी:10 दिन से आमरण अनशन पर बैठे डीएड अभ्यर्थी, कई बेहोश होकर गिर पड़े, 30 की हालत भी गंभीर
सहायक शिक्षक के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी तूता में पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। कई अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर रहे हैं। अब तक 30 अभ्यर्थियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। आंदोलन के दसवें दिन चार अभ्यर्थियों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। डीएड अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियुक्ति नहीं दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। अभ्यर्थी 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर हैं। दरअसल, मार्च 2023 में राज्य सरकार ने 6285 सहायक शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी कर डीएड और बीएड दोनों अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र घोषित किया था। इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 10 जून 2023 को परीक्षा और 2 जुलाई 2023 को परिणाम घोषित हुआ। चार चरणों की काउंसलिंग में 5301 नियुक्तियां हुईं, जिनमें 2897 बीएड अभ्यर्थी शामिल थे, जबकि 984 पदों पर काउंसलिंग ही नहीं हो सकी। इसके बाद 2 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट बिलासपुर और 28 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक पद के लिए अपात्र ठहराते हुए डीएड अभ्यर्थियों की मेरिट सूची पुनर्व्यवस्थित कर सभी पदों पर नियुक्ति के निर्देश दिए। आरोप है कि राज्य सरकार ने इन आदेशों का पूर्ण पालन नहीं किया। दिसंबर 2024 में केवल 2621 बीएड अभ्यर्थियों को हटाया गया और बिना मेरिट रिअरेंज किए पांचवीं काउंसलिंग कराई गई, जिसमें सिर्फ 1299 डीएड अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए। इससे 2300 पद रिक्त रह गए। हाईकोर्ट द्वारा 26 सितंबर 2024 को दो माह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। डीएड अभ्यर्थियों की मांग है कि 2300 पदों पर तत्कालछठवें चरण की काउंसलिंग कर नियुक्ति दी जाए।
उदयपुर की पहचान पर्यटन नगरी के रूप में है, लेकिन आज यह शहर तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव से जूझ रहा है। सीमित सड़क चौड़ाई, बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार और वाहनों की बढ़ती संख्या ने शहर की यातायात व्यवस्था को जाम के स्थायी संकट में बदल दिया है। सूरजपोल से देबारी, सुखाड़िया सर्कल से पुलां, भुवाणा और प्रतापनगर-देबारी जैसे प्रमुख कॉरिडोर अब केवल सड़कें नहीं रहे, बल्कि रोजमर्रा की परेशानी, समय की बर्बादी और दुर्घटनाओं के हॉटस्पॉट बन चुके हैं। इन मार्गों से रोज लाखों वाहन गुजरते हैं, जिनमें भारी वाहन, औद्योगिक परिवहन, एयरपोर्ट व रेलवे ट्रैफिक के साथ-साथ स्थानीय आवागमन भी शामिल है। संपर्क सड़कों, चौराहों और सिग्नलों पर बार-बार रुकना न केवल ट्रैफिक की रफ्तार थाम देता है, बल्कि आपात सेवाओं, पर्यटन गतिविधियों और आर्थिक संचालन को भी प्रभावित करता है। शहर में कुछ स्थानों पर बने छोटे फ्लाईओवर राहत तो देते हैं, लेकिन वे आंशिक समाधान भर साबित हो रहे हैं। स्थायी और दूरदर्शी समाधान के तौर पर अब जरूरत है। एक समग्र फ्लाईओवर नेटवर्क की, जो मुख्य ट्रैफिक को सिग्नल-फ्री मार्ग दे सकें। सूरजपोल-देबारी, सुखाड़िया सर्किल-पुलां, भुवाणा और प्रतापनगर-देबारी फ्लाईओवर न केवल जाम से मुक्ति दिलाएंगे, बल्कि उदयपुर को भविष्य की यातायात जरूरतों के लिए भी तैयार करेंगे। वाहन बढ़े, अब सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ानी होगी सूरजपोल से प्रतापनगर हर जगह जामइस मार्ग पर एयरपोर्ट, शिक्षण संस्थानों सहित चित्तौड़गढ़ की तरफ जाने वाले 1 लाख से ज्यादा वाहनों दबाव है। कदम-कदम पर संपर्क सड़कें हैं। मंडी पास होने से भारी वाहनों का भी आवागमन रहता है। सुखाड़िया सर्किल से पुलां के ये हालयह मार्ग शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक है। विश्वविद्यालय, न्यायालय, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और पर्यटकों के वाहनों का दवा रहता है। ट्रैफिक के कारण यहां दिनभर जाम के हालात रहते हैं। भुवाणा क्षेत्र हाईवे जाम का नया केंद्रभुवाणा व आसपास के क्षेत्रों में आवासीय व व्यावसायिक विकास तेजी से हुआ है। नाथद्वारा हाईवे से जुड़े इस इलाके में हाईवे ट्रैफिक और स्थानीय ट्रैफिक के टकराव से जाम और दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। प्रताप नगर से देबारी तक यूं बढ़ेगी गतिप्रतापनगर और देबारी मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव रहता है। एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले प्रतिमाह औसतन 1 लाख लोग भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। वाहनों के चौराहों पर रुक-रुक कर चलने से जाम लगा रहता है। बढ़ेगी स्वच्छता की चमक-कचरा निस्तारण तक मॉनिटरिंग, रात में सफाई व पब्लिक टॉयलेट जरूरी कचरा संग्रहण - सुबह-शाम दोनों समय कचरा संग्रहित किया जाए। टिपरों की संख्या 1 वार्ड में 2 और पूरे शहर में 200 की जाए। कचरा स्टेशन भी दो बनाए जाने चाहिए। यूडीए के क्षेत्र में भी व्यवस्था मजबूत की जाए। कचरा निस्तारण - शहर के 1.70 टन कचरे को प्लांटों तक पहुंचाने की प्रॉपर मॉनिटरिंग हो। गीले-सूखे कचरे की मॉनिटरिंग नहीं होने से ही प्लांटों पर ढेर लगे रहते हैं। कचरा छांटने की प्रक्रिया में तेजी लाकर और निस्तारण पर रोज निगरानी कर व्यवस्था सुधारी जा सकती है। रात में सफाई - शहर के 70 वार्डों में सुबह की जगह रात को सफाई कराए जाने पर फोकस करने की जरूरत है। सफाईकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए। यूडीए-निगम में सामंजस्य की भी जरूरत है। पब्लिक टॉयलेट - शहर में हर साल औसत 20 लाख पर्यटक आते हैं और 6 लाख आबादी है। इस लिहाज से 350 नए टॉयलेट की जरूरत है। स्वच्छता के लिए खानापूर्ति कर लगाए 228 यूरिनल हटाए जाने चाहिएं। सर्वे प्लान - निगम के रिकॉर्ड में मात्र 1700 होटल-रेस्टोरेंट-किराना दुकान हैं। हकीकत में 3000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट-किराना दुकान संचालित हैं। ऐसे में संस्थानों का सर्वे करने के बाद सफाई का नया प्लान बनाएं।
रायपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग खत्म करने का दावा एक बार फिर फेल हो गया है। प्रदेश के सबसे बड़े पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में नए बैच के चार मेडिकल स्टूडेंट्स से रैगिंग करने का मामला सामने आया है। इसमें 2023 बैच के सीनियर स्टूडेंट पर मारपीट का आरोप है। वो जूनियर छात्रों को हॉस्टल के कमरे में जबरदस्ती लेकर गया। फिर जमकर मारपीट की। इसके बाद भी उनका मन नहीं भरा तो छात्रों को हॉस्टल की छत पर लेजाकर पीट दिया। मारपीट की घटना से छात्रों का ग्रुप इतना डरा हुआ है कि उन्होंने अपने कॉलेज के किसी प्रोफेसर, डीन या स्थानीय निकाय में शिकायत के बजाय सीधे नई दिल्ली स्थित नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के एंटी रैगिंग सेल में शिकायत की है। इस शिकायत के आधार पर कॉलेज एंटी रैगिंग कमेटी ने आरोपी छात्र को 3 माह के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उसका मनोचिकित्सकीय मूल्यांकन कराने का भी फैसला लिया गया है। लेकिन इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर नहीं हुई है। आरोप है कि निष्कासन की कार्रवाई अन्य सीनियर छात्रों को बचाने और खानापूर्ति के लिए की गई है। 5 छात्रों ने मारा-पीटा, थप्पड़ जड़ने से छात्र हुआ बेहोश मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी किस तरह से काम कर रही है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मारपीट का शिकार होने वाले छात्रों ने कॉलेज के डीन या किसी प्रोफेसर से शिकायत करने के बजाय सीधे नेशनल एंटी रैगिंग कमेटी को ई-मेल किया। 2024 एमबीबीएस बैच के छात्रों के ग्रुप से करीब 12 दिन पहले रैगिंग की घटना हुई थी। इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को भी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। आरोपी 2023 बैच के सीनियर छात्र अंशु जोशी को लगातार बचाने की कोशिश की जा रही थी। पीड़ित छात्रों की शिकायत के अनुसार 5 सीनियर छात्र 4 छात्रों को नए ब्वॉयज हॉस्टल के कमरा नंबर 17 में ले गए। यहां उन्हें 10-12 बार थप्पड़ मारे गए। इसके बाद उन्हें हॉस्टल की छत पर ले जाया गया, जहां फिर से मारपीट और गाली-गलौज की गई। एक छात्र बेहोश हो गया। उनकी शिकायत में कमरे में धूम्रपान और शराब की बोतलों की मौजूदगी का भी आरोप है। एनएमसी की एंटी रैगिंग सेल को शिकायत मिलने के बाद ही मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा गया। मामला बढ़ा तो पुरानी कमेटी भंग, अब नई कमेटी बनी घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की पुरानी कमेटी को भंग कर दिया गया है। अब नई कमेटी बनाई गई है, जिसका चेयरपर्सन कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी को बनाया गया है। इसके साथ एंटी रैगिंग स्कवाड का भी गठन किया गया है। जिसमें एक दर्जन से ज्यादा सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर भी शामिल हैं। कमेटी की अधिकृत घोषणा आजकल में होगी। ऐसे करें रैगिंग की शिकायत… कॉलेज में रैगिंग रोकने कॉलेज एंटी रैगिंग कमेटी बनाई गई है। इनके चेयरमैन और सदस्यों के नंबर भी कॉलेज व हॉस्टल में चस्पा हैं। मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटियों से शिकायत कर सकते हैं। रैगिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज मामले की भी पूरी जांच रिपोर्ट लेंगे। किसी भी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की कोई भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कमेटी बनाई गई है उन्हें सख्ती से काम करना ही होगा। - डॉ. यूएस पैकरा, डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन केवल एक छात्र पर कार्रवाई से उठे सवाल
मध्य प्रदेश में अब आरक्षक और सब इंस्पेक्टर की भर्ती में किन्नर भी शामिल हो सकेंगे। किन्नर महिला है या पुरुष है, इसका प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड जारी नहीं करेगा बल्कि यह प्रमाण पत्र कलेक्टर जारी करेंगे। महिला किन्नर या पुरुष किन्नर के आधार पर उसे सिलेक्ट होने पर प्रशिक्षण देने की कार्यवाही की जाएगी। शासन ने पुलिस भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। इसके लिए गृह विभाग ने अधिसूचना कर दी है और यह प्रभावशील भी हो गई है। इसमें कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार अब ऐसे उम्मीदवार जो जन्म के समय तय लिंग से भिन्न लिंग की पहचान रखते हैं या जिन्होंने लिंग परिवर्तन या उससे संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया कराई है, उन्हें नियमों में आईडेंटिफाई किया गया है। नोटिफिकेशन में भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक मापदंडों और परीक्षणों से संबंधित प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए शारीरिक योग्यता एवं मापदंडों का निर्धारण प्रमाण-पत्रों के आधार पर किया जाएगा। राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों की पात्रता, शारीरिक मानक और चयन प्रक्रिया संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों एवं शासन के पहले से प्रभावी नियमों के अनुरूप ही तय की जाएगी। 30 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के साथ ही संशोधित नियम प्रभावशील हो गए हैं। ओबीसी कैटेगरी में माने जाएंगे ट्रांसजेंडरजिन किन्नरों को पुलिस भर्ती में शामिल होने का मौका मिलेगा उनके लिए नियमों में एक और बदलाव किया गया है। इसमें कहा है कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 17 अप्रेल 2023 के आदेश के अनुसार उभयलिंगी (किन्नर) व्यक्ति को पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कैटेगरी में शामिल किया गया है। इसके चलते ये अब ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार माने जाएंगे। मेडिकल बोर्ड नहीं कलेक्टर जारी करेंगे प्रमाण पत्रगृह विभाग के नोटिफिकेशन में कहा है कि ऐसे लोगों के लिए कलेक्टर द्वारा जारी पहचान प्रमाण के आधार पर उनके महिला या पुरुष किन्नर के रूप में उन्हें चुना जाएगा। कलेक्टर मेडिकल बोर्ड से यह सर्टिफिकेट लेंगे कि किन्नर महिला या पुरुष है, इसके बाद वे पहचान पत्र जारी करेंगे। इसी के आधार पर भर्ती के दौरान किन्नर की महिला या पुरुष ट्रांसजेंडर में गणना की जाएगी।
जबलपुर के बाबा टोला की संकरी गलियों में सुबह के 7 बजे हैं। शराब की तेज गंध हवा में तैर रही है। कुछ घरों के बाहर सन्नाटा है। कुछ दरवाजों पर मृतकों की तस्वीरें टंगी हैं। यही वह मोहल्ला है, जहां जनवरी 2024 से जनवरी 2026 तक की स्थिति में एक-एक कर 17 लोगों की मौत हुई है। कोई बीमारी से तो किसी की अचानक तबीयत बिगड़ जान गई है। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की मौत की जानकारी प्रशासन को लगी तो जांच शुरू की गई। इसकी हाल ही में रिपोर्ट आई है। जिसमें बताया गया है कि बाबा टोला में रहने वाले अधिकतर लोग शराब पीते हैं। माैतों की वजह भी शराब से जुड़ी है। दैनिक भास्कर ने इस बस्ती का जायजा लिया। यहां की लगभग हर गली में किसी न किसी की जान गई हैं। दो जवान बेटों को खोने वाली एक बुजुर्ग महिला का कहना है कि उन्हें खूब समझाती थी। मना करने पर दोनों छिपकर पीने लगे थे। वहीं, यहां की महिलाएं कहती हैं कि सुबह होते ही शराब सामने आ जाती है। जिनकी जान गई, उन्हें रोकते थे, लेकिन लत हमेशा भारी पड़ जाती थी। पढ़िए, यह रिपोर्ट... SP ऑफिस पहुंचे, बोले- हर जगह नशेड़ियों का जमघटसिंधी कैंप बाबा टोला में रहने वाले स्थानीय लोग मृतकों की तस्वीरों वाला एक पोस्टर लेकर 30 दिसंबर को एसपी ऑफिस पहुंचे थे। उन्होंने एसपी को बताया कि क्षेत्र में 50-50 रुपए में कच्ची और अवैध शराब बिक रही है, लेकिन पुलिस-प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। आरोप है कि दो साल के भीतर यहां रहने वाले 17 से ज्यादा लोगों की मौत शराब पीने के कारण हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा स्थल, आंगनबाड़ी और स्कूल हर जगह शराब पीने वालों का जमघट लगा रहता है। नशा करने वालों के उपद्रव से निकलना दूभर हो गया है। बेटियों, महिलाओं सहित आम जनता का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शराबियों का जमावड़ा रोड पर ही रहता है। 6 माह में दो सगे भाइयों की मौतशराब पीने से युवाओं की मौत की पड़ताल करने दैनिक भास्कर की टीम बाबा टोला पहुंची। सामने आया कि अधिकतर घरों में किसी न किसी युवा की मौत हो चुकी है। बुजुर्ग महिला माया बाई चौधरी ने बताया कि उनके दो बेटे थे और दोनों का विवाह हो चुका था। बड़े बेटे अरुण की मौत 26 मार्च 2024 को हुई, जबकि छोटे बेटे सुरेंद्र की 17 अक्टूबर 2025 को मौत हो गई। दोनों मजदूरी करते थे, लेकिन जैसे ही उनके पास पैसे आते, वे शराब में खर्च कर देते थे। सुबह होते ही दोनों शराब के नशे में धुत रहते थे। दोनों बेटे कई सालों से शराब पी रहे थे। पहले बड़ा बेटा शराब पीता था, उसे देखकर छोटे बेटे ने भी पीना शुरू कर दिया। हालात ऐसे हो गए कि मना करने पर दोनों चोरी-छिपे शराब पीने लगे। जानकारी मिलने पर डांटा भी गया, लेकिन तब तक लत लग चुकी थी। दोनों सुबह 7 बजे से शराब पीना शुरू कर देते थे और धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाया गया तो शराब पीने से मना किया गया, लेकिन दोनों नहीं माने। माया बाई ने बताया कि क्षेत्र में बहुत आसानी से शराब मिल जाती है। यहां 50 रुपए में भी शराब मिल जाती है, जिसके चलते इलाके में रहने वाले अधिकतर युवक शराब पीते हैं। 6 साल से पी रहे थे शराब, कई बार मना कियाबाबा टोला में रहने वाली राजकुमारी चौधरी ने बताया कि उनके देवर प्रदीप चौधरी मजदूरी करते थे। अविवाहित होने के कारण उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। बीते 5-6 वर्षों से वे अत्यधिक शराब पीने लगे थे। कई बार मना किया गया, लेकिन वे नहीं माने। मौत से कुछ माह पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टर को दिखाया गया तो बताया गया कि अधिक शराब पीने से लिवर खराब हो गया है। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। 24 घंटे नशे में धुत रहते थे बड़े भाईअविनाश चौधरी के बड़े भाई की भी कुछ साल पहले मौत हो गई थी। वे घर के बाहर मृत हालत में मिले थे। अविनाश ने बताया कि उनके लिए 24 घंटे शराब पीना और नशे में धुत रहना आम बात हो गई थी। कुछ साल पहले वे गंभीर रूप से बीमार भी पड़े थे। डॉक्टरों ने शराब पीने से मना किया, लेकिन उन्होंने नहीं माना और अंततः उनकी मौत हो गई। अविनाश ने बताया कि अधिक शराब पीने के कारण कुछ साल पहले उनके पिता का भी देहांत हो गया था। पुलिस-आबकारी ने शुरू की थी जांचबाबा टोला सिंधी कैंप में हुई मौतों की जानकारी मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग ने जांच शुरू की थी। प्रशासन का दावा है कि बाबा टोला में जितनी भी मौतें हुई हैं, वे अत्यधिक शराब पीने और डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने के कारण हुई हैं। कलेक्टर ने दिए निर्देश, दुकान होगी शिफ्ट30 दिसंबर 2025 को बाबाटोला, सिंधी कैंप में स्थापित शराब दुकान को हटाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। मांग की गई थी कि जल्द से जल्द दुकान को बस्ती से हटाया जाए। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों की मांग को मानते हुए आबकारी विभाग को निर्देश दिए हैं कि शराब दुकान को वहां से शिफ्ट कर किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जाए। एएसपी बोले- अवैध शराब की होगी धरपकड़एएसपी आयुष गुप्ता का कहना है कि सिंधी कैंप में हुई कुछ मौतों के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। कुछ लोग ज्ञापन लेकर आए थे, जिसके माध्यम से जानकारी दी गई। इसके बाद फौरन हनुमान ताल और बेलबाग थाना पुलिस को अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस-प्रशासन संयुक्त रूप से लगातार अवैध शराब के खिलाफ धरपकड़ करेगा। यह खबर भी पढ़ें... जहरीली शराब से 24 मौत...14 लोगों को 10-10 साल सजा मुरैना जिले के बहुचर्चित छैरा जहरीली शराब केस में कोर्ट ने पांच साल बाद फैसला सुनाया है। जौरा कोर्ट ने 14 आरोपियों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। 11 आरोपियों पर 1 लाख 32 हजार रुपए का जुर्माना और 3 आरोपियों पर 1 लाख 7 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
हरियाणा के सीएम नायब सैनी प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक स्व.पंडित जसराज की जयंती मनाने फतेहाबाद जिले के गांव पीलीमंदोरी आएंगे। इसके लिए 2 फरवरी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेशभर के मिरासी समाज को भी सीएम साधने का काम करेंगे। इस कार्यक्रम की प्रशासन और पंचायत के स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कार्यक्रम में पंडित जसराज के बेटे सारंगदेव और बेटी दुर्गा जसराज भी शामिल होंगे। बता दें कि, पंडित जसराज मूल रूप से फतेहाबाद जिले के गांव पीलीमंदोरी के निवासी थे। उनकी मात्र चार वर्ष की उम्र उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था। उनका जन्म 28 जनवरी 1930 को हुआ। उनका निधन 90 साल की उम्र में 17 अगस्त 2020 को हुआ। गांव में पिता के नाम से बनवाई थी लाइब्रेरी, वहीं लगेगी प्रतिमा पंडित जसराज साल 2014 में अपना 84वां जन्मदिन मनाने के लिए गांव पीलीमंदोरी पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने पिता मोतीराम के नाम पर बनी लाइब्रेरी और अपने खुद के नाम पर बने पार्क का उद्घाटन किया था। इसी लाइब्रेरी में अब पंडित जसराज की प्रतिमा लगेगी। इस प्रतिमा का अनावरण 2 फरवरी को सीएम नायब सैनी की ओर से किया जाएगा। इस प्रतिमा का निर्माण लाइब्रेरी प्रबंधन कमेटी ने करवाया है। भाईयों का परिवार रहता है गांव पीलीमंदोरी में गांव पीलीमंदोरी के सरपंच धर्मवीर गोरछिया ने बताया कि पंडित जसराज के भाई का परिवार आज भी गांव में रहता है। गांव में जन्में पंडित जसराज ने दुनियाभर में ख्याति प्राप्त की। यह ग्रामीणों के लिए बेहद गौरव का विषय है कि पंडित जसराज के कारण गांव पीलीमंदोरी का नाम भी प्रसिद्ध हुआ। सरपंच ने बताया कि पिछले दिनों इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला था। उन्होंने उस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया। अब कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि भी हो चुकी है। इसलिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। जानिए... कौन थे पंडित जसराज
हरियाणा में आज शनिवार को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का अनुमान है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग ने अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल में कई स्थानों पर बहुत घने कोहरे का अनुमान जताया और रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पंचकूला, यमुनानगर, कैथल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी के कुछ स्थानों पर घना कोहरा रहने की संभावना जताई है और ओरेंज अलर्ट जारी किया है। आज राजस्थान से सटे महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। विभाग ने 5 जनवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। 4 जनवरी से कोहरा कम होगामौसम विभाग के अनुसार 4 जनवरी से हवाएं बदलकर उत्तर-पश्चिमी हो जाएंगी। इसके कारण कोहरे से राहत मिलेगी मगर शीत हवाएं चलने से रात का तापमान विशेषकर गिरेगा वहीं दिन के तापमान में मामूली बढ़त देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अभी फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं। विभाग ने 2 से 6 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी...
तमनार हिंसा:महिला पुलिसकर्मी से हुई बदसलूकी का वीडियो सामने आने से ग्रामीण भी तनाव में रायगढ़
रायगढ़ जिले के तमनार में एक महिला पुलिसकर्मी से बर्बरता का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस बल और ग्रामीणों में गम और गुस्सा है। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस घटना की निंदा की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल ग्रामीण डरे हुए हैं और हर किसी को संदिग्ध की तरह देख रहे हैं। पुलिस भी बहुत संभल कर कार्रवाई कर रही है, क्योंकि आदिवासी समुदाय के लोग होने के कारण फिर कोई नया विवाद मोल नहीं लेना चाह रही। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसर भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे विद्रोह को भांप नहीं पाए। जब तक खुफिया नेटवर्क बना, तब तक इतनी बड़ी घटना हो चुकी थी। पहली बार कुछ प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया, इसलिए पुलिस को विद्रोह को भड़काने में बाहरी लोगों का हाथ होने की आशंका है। इस दिशा में जांच की जा रही है। इस घटना में पुलिस के दर्जनभर स्टाफ ग्रामीणों का शिकार हुए हैं। इनमें दो टीआई, एसआई और अन्य शामिल हैं। वहीं, जिंदल के तमनार प्लांट के भी इतने ही स्टाफ घायल हुए हैं। साथ ही करीब 30-40 करोड़ का नुकसान भी हुआ है। फिलहाल पुलिस ने एक अस्थाई चौकी बनाई है, ताकि फिर प्लांट में लोग न घुसें। विरोध प्रदर्शन और हिंसा में शामिल लोग ग़ायब हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। तमनार की घटना से निवेश को झटका तमनार की घटना ने राज्य सरकार की औद्योगिक निवेश की कोशिशों के लिए बड़ी चुनौती प्रस्तुत की है। दरअसल, औद्योगिक निवेश के लिए क़ानून व्यवस्था भी काफी महत्वपूर्ण है। ऐसी घटनाओं से निवेश करने वाली कंपनियां पीछे हटती हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन पर यह दबाव है कि किसी भी स्थिति में व्यवस्था बहाल हो और ग्रामीणों का भरोसा वापस जीतें। इन बिंदुओं से समझें पूरी घटना को अफवाहों से भड़के लोग: गारे पेलमा सेक्टर-1 में ओपन कास्ट और अंडरग्राउंड माइनिंग होनी है। गांव में यह अफवाह फैल गई कि घरों के नीचे भी खोद देंगे और मुआवजा नहीं मिलेगा। दूसरा जहां मुआवजा दिया जाएगा, वहां भी चार गुना देने का प्रावधान नहीं है। इससे लोग भड़के और विरोध सुलगा। संवाद और समन्वय नहीं: ग्रामीणों में जब नाराज़गी सामने आई, तब जिंदल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से संवाद नहीं हुआ। अफवाहों को दूर नहीं किया गया। समन्वय का अभाव था, इसलिए धीरे-धीरे 14 गांव के लोग एकजुट होने लगे। प्रशासन और जन प्रतिनिधियों पर अविश्वास: विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा था, लेकिन प्रशासन और जन प्रतिनिधियों पर अविश्वास के कारण ग्रामीण किसी की बात मानने के लिए तैयार नहीं हुए। नेताओं को पकड़ा तब हिंसा: 27 दिसंबर को जब भीड़ बढ़ी तो पुलिस-प्रशासन ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों को पकड़ना शुरू किया, तब भीड़ उग्र होती गई। स्थानीय नेता वहां से गायब हो गए और भीड़ नेतृत्व विहीन हो गई। इसके बाद पुलिस भी स्थिति को नहीं संभाल पाई।
हिंडोली फॉरेस्ट रेंज से फंदे में फंसने के बाद रेस्क्यू कर कोटा चिड़ियाघर में लाई गई मादा पैंथर ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इसके गर्भ में दो शावक थे। चिड़ियाघर में पोस्टमार्टम कर शव निस्तारित कर दिया गया। इस मादा पैंथर को 24 दिसंबर को डाडूंदा गांव से रेस्क्यू किया था। इसके पेट में एक फीट लंबा और 6 इंच गहरा घाव था। वेटनरी डॉ. अखिलेश पांडे ने एनेस्थीसिया देकर 56 टांके लगाए थे। घाव गहरा और पेट की चमड़ी नाजुक होने से टांके बार-बार टूट रहे थे। एसीएफ पंकज मीना ने बताया कि महीने के दौरान हुईं तीनों घटनाएं बूंदी जिले की हैं। कहीं न कहीं मॉनिटरिंग की कमी है। फंदा बाइक के क्लच वायर का बनाते हैं, जो टूटता नहीं है। यह फंदा जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाया जाता है, जिसमें पैंथर भी फंस जाती हैं। बचने के प्रयास में वायर से पैंथर का शरीर कट जाता है। एक पैंथर का इलाज चल रहा है 14 दिसंबर 2025—हिंडोली में भी पैंथर फंसा मिला था। रात 9 बजे इसे अभेड़ा चिड़ियाघर लेकर आए। इसके शरीर में भी फंदा लगने से गहरा घाव था। करीब 50 टांके लगाए गए हैं। इसका अभी भी कोटा चिड़ियाघर में उपचार चल रहा है। 19 दिसंबर 2025—नाका मुफजा के पास फंदे में फंसा हुआ मिला था। इसके शरीर में भी गहरा घाव था, जिसका उपचार चल रहा है। भास्कर एक्सपर्ट—अनुराग भटनागर, डीएफओ शाकाहारी की तुलना में मांसाहारी वन्यजीवों के घाव भरने में दिक्कत होती है, खासकर सर्दी में। मांसाहारियों के घाव में कीड़े अधिक लगते हैं। गहरा घाव होने के बाद रिकवरी मुश्किल रहती है। गर्भधारण के समय तो इनकी केयर करना भी चुनौती होता है, क्योंकि मां और बच्चे दोनों का ध्यान रखना पड़ता है। दवाइयां इसके अनुसार देनी होती हैं।
पंजाब के लुधियाना में वर्कर ने अपने साथियों के साथ मालिक के घर पर पथराव व तेजधार हथियारों से हमला किया। वर्कर व उसके साथियों ने गली में जमकर गुंडागर्दी की और मालिक के घर पर पथराव किया। यही नहीं घर के बाहर खड़ी मालिक की कार को भी तोड़ दिया। अब इस हमले की सीसीटीवी फुटेज व वीडियो सामने आई है। वर्कर व उसके साथी जब गली में हमला कर रहे थे तो मालिक ने घर की पहली मंजिल से छुपकर वीडियो बनाया। इसके अलावा घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी यह पूरी घटना कैद हुई। करीब 10 मिनट तक गली में जमकर हंगामा होता रहा। पहले पांच मिनट तो हमलावरों ने पहले तेजधार हथियारों से गेट पर हमला किया और फिर गाड़ी तोड़ दी। उसके बाद हमलावरों ने घर पर पथराव करना शुरू कर दिया। मालिक घर की बालकनी से वीडियो बनाता रहा। उसकी बेटी अंदर से उसे पीछे होने को कहती रही। करीब पांच मिनट तक जमकर गुंडागर्दी हुई। उधर मालिक ने पुलिस को फोन करके बुलाया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व वीडियो कब्जे में ले ली है। घटना 31 दिसंबर रात की बताई जा रही है। सीसीटीवी व वीडियो में कैद हुए हमले को सिलसिलेवार जानिए मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद: जानकारी के मुताबिक हमला करने वाले वर्कर को मालिक के बेटे ने किस्तों पर एक फोन दिलाया था। जिसकी वो अब किस्तें नहीं दे रहा था। मालिक के बेटे ने उसे फोन अपनी गारंटी पर बिना घर वालों को बताए दिलाया था। उसी फोन को लेकर दोनों में विवाद हुआ और फिर वर्कर ने अपने दोस्तों को बुलाकर घर पर हमला कर दिया। गली में आकर ललकारे मारने लगे: मुंडियां की रमनदीप कॉलोनी में रहने वाले डीके झा के घर बाहर गली में रात को करीब साढ़े आठ बजे कुछ युवक मोटर साइकिलों पर आते हैं और ललकारे मारकर मालिक के बेटे को बाहर बुलाते हैं। उनमें से कुछ युवकों के हाथ में हथियार दिख रहे है। पहले की गेट तोड़ने की कोशिश: सीसीटीवी फुटेज के अनुसार हमलावरों ने गालियां देने के बाद गेट पर तेजधार हथियार से हमला करना शुरू किया। उसके बाद एक युवक ने सुआ लेकर घर के बाहर खड़ी कार के बोनट पर मारना शुरू किया। गेट पर तेजधार हथियार से हमला करने वाले ने कार को तोड़ना शुरू कर दिया। मालिक बालकनी पर आकर वीडियो बनाने लगा: मालिक का पूरा परिवार घर की पहली मंजिल पर था और घर के अंदर लगी स्क्रीन पर गुंडागर्दी का नंगा नाच देख रहे थे। फिर मालिक बालकनी पर आया और उसने हमलावरों का वीडियो बनाना शुरू किया साथ ही हमलावरों के साथ बहस करने लगा। मालिक को देख पथराव किया: मालिक को बालकनी पर देखकर हमलावरों ने गली में से ईंट पत्थर के रोड़े उठाकर उनकी तरफ फेंकने शुरू कर दिए। मालिक की बेटी उसे अंदर आने को कहती है लेकिन मालिक वहीं डटा रहा। फिर उसकी बेटी उसे जबदरस्ती अंदर लेकर आई। जाते-जाते गली में फिर कार को तोड़ने लगे हमलावर: मालिक जब बालकनी से अंदर चले गया तो हमलावर कार को तोड़ने के बाद मौके से चले गए। फिर वहां पर कुछ और लोग आए तथा आसपास के लोग बाहर निकले। करीब 10 मिनट तक वहां पर जमकर हंगामा होता रहा। करीब आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस: मालिक डीके झा ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस आधे घंटे बार मौके पर पहुंची। तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। डीके झा ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने सीसीटीवी व वीडियो कब्जे में ली। हालांकि उसके बाद अभी तक पर्चा दर्ज नहीं हुआ है। पैसों के लेन देन को लेकर हुई लड़ाई मुंडियां पुलिस चौकी के इंचार्ज ए.एस.आई हरमीत सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है। बयान लेकर कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रुपयों को लेकर ही दोनों पक्षों में विवाद हुआ। कार तोड़ने वाला पीड़ित का ही वर्कर है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव की ‘बंदर’ से तुलना करके सर्दी के बीच राज्य की सियासत गरमा दी है। अब छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने इसे अपने सम्मान पर हमला बताते हुए भूपेश से माफी मांगने को कहा है। अध्यक्ष नीरेंद्र साहू ने कहा, ‘सभी जिलों में एसपी को ज्ञापन सौंपेंगे। भूपेश को 10 दिन में समाज से माफी मांग कर बयान वापस लेना होगा। वर्ना समाज आंदोलन करेगा।’साहू समाज के तेवर देख कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, ‘भूपेश ने कहानी का उदाहरण दिया। उन्होंने किसी को अपमानित करने की कोशिश नहीं की है। राजनीति में अगर विपक्ष का नेता सत्ता से सवाल करता है तो उसमें ज्ञापन दिया जाना, या किसी जाति-धर्म विशेष के अपमान से जोड़ा जाना ठीक नहीं है। साहू समाज से अनुरोध है कि वीडियो को देखकर और उसके बाद ही कोई निर्णय लें। भूपेश ने भ्रष्टाचार में नवाचार किया: शर्मा डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि भूपेश बड़े नेता हैं। उनकी ऐसी भाषा नहीं होनी चाहिए। जैसे वे भाषा की सीमा नहीं समझते, वैसे ही भ्रष्टाचार में भी सीमा नहीं समझी। भ्रष्टाचार में भी नवाचार किया। अरुण साव- राजनीति में ऐसी भाषा अक्षम्य डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, ‘भूपेश को शब्दों की मर्यादा होनी चाहिए। सियासी टिप्पणी अपनी जगह है। राजनीति में ऐसी भाषा का इस्तेमाल अक्षम्य है। समाज पर टिप्पणी नहीं की: सिंहदेवसमाज को लेकर भूपेश ने कुछ नहीं कहा है। उन्होंने एक व्यक्ति पर टिप्पणी की है। चूक हुई है।-टीएस सिंहदेव, कांग्रेस नेता ये कहा था भूपेश ने: भूपेश ने कहा था कि अरुण साव के विभागों में कहीं काम नहीं हो रहा है। एक बार जंगल में मामला उठा कि शेर राजा बनता है। उसे बदला जाए। फिर ‘जंगल के जम्मो झन मिल के बेंदरा ल राजा बना दिस’ (जंगल के जानवरों ने मिलकर बंदर को राजा बना दिया)। बागेश्वर बाबा- कोई अपने पिता, मां और गुरु को प्रणाम करे तो वह गलत कैसे...? राजधानी में 25 दिसंबर को एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान माना थाना प्रभारी द्वारा पैर छूने पर उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इसे ‘आस्था बनाम अनुशासन’ की गलत व्याख्या बताया है। उन्होंने कहा कि वर्दी के भीतर भी इंसान होता है। उसकी भी तो आस्था है। उन्होंने कहा कि कोई अपने पिता, मां, गुरु को प्रणाम करता है, तो वह गलत कैसे हो सकता है? उन्होंने पूछा कि क्या वर्दी पहनने के बाद इंसान अपनी धार्मिक और व्यक्तिगत आस्था खो देता है? उन्होंने इसे बेवजह का विवाद बताया। बागेश्वर बाबा ने पुलिसकर्मियों के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि जब पूरा देश दीपावली या होली मनाता है तब यही पुलिसकर्मी अपनी खुशियां छोड़कर सड़कों पर सुरक्षा दे रहे होते हैं। किसी का बच्चा गुम हो या समाज में कोई अपराध हो, पुलिस चौबीसों घंटे तनाव में काम करती है। क्या है मामला हनुमंत कथा के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री 25 दिसंबर को सरकारी विमान से रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान माना थाना प्रभारी मनीष तिवारी ने जूता और टोपी उतारकर बाबा के पैर छुए थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद लोग पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
हादसा:जामन घाटी के मोड़ पर कार और लोडिंग वाहन की भिड़ंत; 2 लोगों की मौत, एक गंभीर
धार-धामनोद गुजरी मार्ग पर ग्राम जामन घाटी के समीप मोड़ पर गुरुवार देर शाम लोडिंग वाहन और कार की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, और एक गंभीर रूप से घायल हुआ है। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। दोनों वाहनों में शव फंस गए थे, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से निकाला गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम बगड़ी स्थित इलेक्ट्रिक बाइक के शोरूम संचालक पवन पटेल गुरुवार को बगड़ी स्थित बाइक शोरूम से अपनी कार से घर, ग्राम डोल धामनोद के लिए निकले थे। इस दौरान, रात को जामन घाटी के समीप अंधे मोड़ पर धामनोद की तरफ से बदनावर की ओर जा रहे लोडिंग वाहन से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ही वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। वाहन में फंसे शव : दुर्घटना के बाद ग्रामीणों की सूचना पर नालछा थाना प्रभारी कैलाश बारिया मौके पर पहुंचे। 108 एंबुलेंस के नितेश कारपेंटर व पायलट निर्मल धनगर की मदद से दोनों वाहनों में फंसे शव निकाले गए। ग्राम डोल धामनोद निवासी पवन पटेल और बदनावर निवासी चालक फरीद शाह की मौके पर मौत हो गई। बदनावर निवासी दिलीप मोदी (48) गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे इंदौर रेफर किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए।
पति पर हत्या की कोशिश का अपराध दर्ज:35 लाख के बैंक लोन से बचने पत्नी को पिलाया कीटनाशक
35 लाख के लोन से बचने के लिए कीटनाशक पिलाकर पत्नी की हत्या के प्रयास के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि पूर्णिमा त्रिपाठी (32) का विवाह जून 2020 में अनुराग पुत्र सोहनलाल त्रिपाठी (32), निवासी पिंडरा, थाना मझगवां, हाल संतनगर-बगहा से हुआ था। पूर्णिमा का मायका जसो थाना क्षेत्र के झिंगोदर गांव में है। शादी के कुछ समय बाद ही पति छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगा। पीड़िता ने परिजनों को बताया, लेकिन समझाइश का कोई असर नहीं हुआ। पूर्व में उसने जसो थाने में मारपीट की शिकायत भी की थी। इसी बीच आरोपी ने सर्जिकल सामग्री के कारोबार के लिए पत्नी के नाम पर रुद्रा इंटरप्राइजेज फर्म पंजीकृत कर बैंक से 35 लाख का लोन मंजूर कराया और पूरी राशि अपनी जरूरतों में खर्च कर दी। शराब के नशे में बेरहमी से पीटा : 28 दिसंबर की रात आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी से गाली-गलौज कर मारपीट की। इसके बाद फिनाइल की गोलियां पीसकर पानी में मिलाते हुए यह कहकर पिला दिया कि उसके मरने पर कर्ज माफ हो जाएगा। जहरीला पदार्थ पीने से महिला की हालत बिगड़ गई। उसने किसी तरह पिता को फोन कर जानकारी दी। मायके पक्ष रात में ही बगहा पहुंचा और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। चार दिन इलाज के बाद हालत सुधरने पर पीड़िता ने पिता व भाई के साथ सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धारा 109(2) में आरोपी अनुराग त्रिपाठी गिरफ्तार हुआ।
दूषित पानी से 16 लोगों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया है। 200 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। 26 आईसीयू में हैं। वहां सप्लाई हुए पानी में हैजा सहित कई घातक बीमारियों के जीवाणु पाए गए हैं। भास्कर ने इस विषय पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ये सीधे सवाल किया कि 8 साल से देश के सबसे स्वच्छ शहर में गंदे पानी से मौत के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने माना कि दूषित जल से लोगों की मौत हुई है, इसलिए हमारा सिस्टम भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई थी, उसमें जो लोग प्रारंभिक तौर पर जिम्मेदार पाए गए हैं, उन पर कार्रवाई भी की गई है। आइंदा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई हेल्प लाइन बनाएंगे। समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती, अब पानी की हर छोटी शिकायत का प्राथमिकता से निराकरण होगा लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे, क्या कोई सुनने वाला ही नहीं है? मामले में गड़बड़ी हुई है। समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। जिन लोगों ने शिकायत की अनदेखी की है उन पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। अब पूरा सिस्टम बना रहे हैं, ताकि आइंदा प्रदेश में कहीं भी ऐसी स्थिति न बने। मौतों को रोका नहीं जा सकता था? मैं दिल्ली में था, जब मेरे पास सूचना आई तत्काल इंदौर पहुंचा। भागीरथपुरा की हालत दयनीय थी। कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते लोग इलाज कराने अस्पताल तक नहीं जा रहे थे। सीएम से बात करने की कोशिश की, संपर्क नहीं हो पाया तो अफसरों से बात कर, सभी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज का इंतजाम किया। सुबह 9 बजे से रात को 9 बजे तक वहीं रहकर एक–एक घर पहुंच कर लोगों को सभी तरह की जरूरी मदद पहुंचाई। तीन रात ठीक से सोए तक नहीं। अन्यथा मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका थी। प्रशासन ने कोर्ट के सामने सिर्फ चार मौत स्वीकार की है? अभी तक जो रिपोर्ट आई है, उसके आधार पर उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया होगा। कुछ लोगों की मेडिकल रिपोर्ट बाकी है। कुछ लोगों को अन्य समस्या भी हो सकती है, यह पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही कहा जा सकता है। मृतकों को मात्र दो–दो लाख रुपए मुआवजा दिया गया है? अभी हमारी प्राथमिकता उन्हें तत्काल मदद पहुंचाने की थी। बीमारों के समुचित नि:शुल्क उपचार और उनके परिजन की देखभाल के साथ उन्हें शुद्ध पानी मुहैया कराना था। मुआवजा राशि बढ़ाने के साथ बीमारों को आर्थिक मदद देने पर भी विचार चल रहा है। जल्द ही उस पर निर्णय हो जाएगा। अपका विधानसभा क्षेत्र है, वहां काम पेंडिंग कैसे हो सकते हैं? इस मामले में जिन्होंने ढिलाई बरती उन पर सख्ती से कार्रवाई की गई है। बाकी में हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहा हूं। इलाज के लिए भी सभी अस्पतालों को कह दिया था कि यदि और कहीं से इंतजाम नहीं होता है तो सबके इलाज का खर्च मैं दूंगा। इससे पहले कोविड में भी जामनगर से ऑक्सीजन की व्यवस्था करने से लेकर लोगों की हर संभव मदद के लिए दिन-रात लगा रहा था। महापौर लगातार कह रहे हैं कि अफसर सुनते नहीं हैं, ये कैसे संभव है? जो भी अफसर हैं, उन्हें जनप्रतिनिधियों की सुनना ही होगी। घटना को लेकर जो कार्रवाई हुई है, उससे भी स्पष्ट है कि जनप्रतिनिधियों की अवहेलना करके कोई भी इंदौर में पदस्थ नहीं रह सकता। इंदौर के अन्य इलाकों में भी पाइप लाइन पुरानी हो चुकी है? इसके लिए एक पूरी योजना लेकर आ रहे हैं। इंदौर में जहां भी इस तरह की परेशानी है, उसका त्वरित निराकरण किया जाएगा। गंदे पानी की छोटी से छोटी शिकायत का प्राथमिकता पर निराकरण होगा। कोई भी इसमें जरा भी लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारी को बख्शेंगे नहीं।
जोधपुर में युवक की हाथ-पांव तोड़कर काटी नाक:युवती को भगाकर ले गया था, पोक्सो एक्ट को भी है आरोपी
जोधपुर के लूणी थाना इलाके में युवती को भगा ले जाने के आरोपी युवक पर शुक्रवार को लोगों ने हमला कर धारदार हथियार से नाक काट दी। साथ ही मारपीट कर वाहन में तोड़-फोड़ कर दी। इसके बाद हमलावर भाग गए। लहूलुहान हालत में युवक को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) आनंदसिंह राजपुरोहित ने बताया कि दिनेश बिश्नोई आठ दिन पूर्व पड़ोसी गांव की एक युवती को भगाकर ले गया था। पुलिस व ग्रामीणों के दबाव पर उसने गुरुवार को युवती को छोड़ दिया। शुक्रवार दोपहर दिनेश एसयूवी से गांव पहुंचा। जहां लोगों ने उस पर हमला कर दिया। इससे उसके हाथ व पांव में फ्रैक्चर हो गए। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने धारदार हथियार से उसकी नाक भी काट दी। उसके खून बहने लगा। एनडीपीएस एक्ट व पोक्सो में वांटेड है घायल थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि घायल दिनेश के खिलाफ 26 दिसंबर को युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के दबाव के बाद युवती गुरुवार शाम थाने पहुंच गई थी। इससे पहले दिनेश को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया गया था। पैरोल पर छूटने के बाद वह फरार हो गया था। वह पोक्सो एक्ट में भी आरोपी है और जमानत पर छूटने के बाद कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर भागवत बोले:जहां हिंदू माइनॉरिटी में आया, वहां उसका प्रभाव कम हुआ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में उनका दो दिवसीय प्रवास भोपाल में हुआ। पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में उन्होंने युवाओं से संवाद किया। इस दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति, डेमोग्राफी, एआई, तकनीक, बच्चों के करियर और संघ के 100 वर्ष से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए। भोपाल के युवा अंकित सप्रे ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर सवाल पूछा। भागवत ने कहा कि वहां के हिंदुओं की जो मदद कर सकते हैं, वो सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदु वहां मायनोरिटी में हैं इसलिए हालात वहां ऐसे हैं। हिंदु जहां मायनोरिटी में आ गया, वहां प्रभाव कम हो गया। इसलिए हिंदु जनसंख्या और भावना सतत बढ़ती रहनी चाहिए। तीन संतान जरूरी, इससे बच्चे ईगो मैनेजमेंट सीखते हैं एक सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि डॉक्टर्स, विशेषज्ञ और नीति विशेषज्ञों का कहना है कि तीन संतान होना चाहिए। कम से कम दो संतान तो रहंे ही। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि दो बच्चे या तीन बच्चे जब परिवार में रहते हैं तो वे ईगो मैनेजमेंट सीखते हैं। कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक सह प्रमुख दीपक विस्पुते ने संघ यात्रा के 100 वर्षों के बारे में बताया और कहा कि संघ स्वामी विवेकानंद की बातों का अनुसरण करते हुए काम कर रहा है। भोपाल करुणा धाम के प्रमुख सुदेश शांडिल्य बोले कि संघ समर्थवान युवा तैयार कर रहा है। इस मौके पर मध्यभारत प्रांत के सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी भी रहे। चार बड़ी बातें, जो संघ प्रमुख ने कहीं
जहां अंधेरा है, वहां प्रकाश फैलाना ही सनातन संस्कृति है। इसे सहेजने और आगे बढ़ाने में संतों का बड़ा योगदान है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानस भवन में आयोजित चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण के नाम से पूरी दुनिया में भारत की पहचान है। भगवान श्रीराम के जीवन से हर प्रश्न का उत्तर मिलता है। जब कई जन्मों के पुण्य एकत्र होते हैं, तभी रामकथा श्रवण का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग रखी। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत को भारत बनाए रखने में तुलसी बाबा की रामचरित मानस का महत्वपूर्ण योगदान है। राम के चरित्र को पढ़ने के साथ जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने जबलपुर के साथ अन्य स्थानों पर भी वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने की।
पिंकसिटी में क्रिकेट के दो चरम नजर आएंगे। रोहित शर्मा मुंबई की ओर से खेले थे तो लगभग 20 हजार क्रिकेटप्रेमी सवाई मानसिंह स्टेडियम में उन्हें देखने पहुंच गए थे। शनिवार को जयपुर में ही युवा दिलों की धड़कन शुभमन गिल भी खेलेंगे लेकिन बंद दरवाजे में क्योंकि पंजाब का मैच जयपुरिया एकेडमी पर है और यहां पब्लिक को अंदर जाने इजाजत नहीं है। अगर यही मैच एसएमएस में होता तो तय है कि कम से कम 10 से 15 हजार लोग उन्हें देखने जरूर पहुंचते। अहमदाबाद में राजस्थान-तमिलनाडु मैच यशस्वी बाउंसरों से घिरे रहे; सभी टीमों ने आरसीए एकेडमी पर प्रैक्टिस की। मुंबई टीम से यशस्वी जायसवाल भी पहुंचे। 20-25 मिनट नॉकिंग करके चले गए। उनकी प्रैक्टिस देखने के लिए एकेडमी पर एक भी क्रिकेटप्रेमी नहीं था, फिर भी यशस्वी को 8-10 बाउंसरों ने घेर रखा था। मुंबई को शनिवार को एसएमएस स्टेडियम में महाराष्ट्र के खिलाफ खेलना है। एसएमएस : मुंबई बनाम महाराष्ट्र।जयपुरिया: पंजाब बनाम सिक्किम।अनंतम : छत्तीसगढ़ बनाम हिमाचल।केएल सैनी : गोवा बनाम उत्तराखंड। अहमदाबाद में राजस्थान और तमिलनाडु के बीच मैच खेला जाएगा। राजस्थान को पहली जीत की तलाश है, अब तक 4 मैच हार चुकी है राजस्थान। इतना ही नहीं राजस्थान की टीम नॉकआउट की दौड़ से भी बाहर हो चुकी है।
फर्जी भर्तियों पर एमपी मेट्रो की चेतावनी:वेबसाइट के अलावा कहीं से भी न मानें नौकरी का दावा
मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने फर्जी भर्ती और नौकरी दिलाने के झूठे दावों को लेकर आम लोगों को सावधान किया है। मेट्रो कॉर्पोरेशन ने यह एडवाइजरी अपनी आधिकारिक वेबसाइट के पहले पेज पर जारी की है। इसमें कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व और एजेंसियां एमपी मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर उम्मीदवारों और आम जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। एमपी मेट्रो को यह एडवायजरी, प्रबंधन के पास आ रही इस तरह की शिकायतों के बाद जारी करनी पड़ी है। प्रबंधन के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर प्रभाव का दावा कर भर्ती कराने के झूठे वादे किए जा रहे हैं, जिनसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भर्ती के लिए किसी भी एजेंट या कोचिंग सेंटर को अधिकृत नहीं किया है। कॉर्पोरेशन की ओर से होने वाली सभी भर्तियों से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं केवल MPMRCL की वेबसाइट www. mpmetrorail. com पर ही जारी की जाती हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति या एजेंसी की ओर से किए जा रहे नौकरी के दावों पर भरोसा न करें। ऐसे दावे पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं और आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कानूनी परेशानी का कारण भी बन सकते हैं।
साल बदला, लेकिन अपराध का पैटर्न नहीं बदला। बीते साल पेंडेंसी के बोझ से बचने के लिए जिन शिकायतों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई, वही मामले नए साल की पहली तारीख में एक-एक करके लूट एवं झपटमारी के दर्ज किए गए हैं। रिकॉर्ड दुरुस्त रखने की कवायद में पीड़ितों की शिकायतें कितनी आसानी से टाल दी गईं। साल के पहले दिन छोला मंदिर में लूट के मामले में साधारण धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। दो बदमाशों ने चाकू की नोक पर ई-रिक्शा चालक से 7200 रुपए लूट लिए। गोविंदपुरा और निशातपुरा ने झपटमारी एवं मोबाइल चोरी की एफआईआर दर्ज की हैं। इन सभी घटनाओं को दिसंबर में बदमाशों द्वारा अंजाम दिया गया था। गर्दन पर छुरी रख नकदी और ऑटो की चाबी छीन ले गए छोला मंदिर पुलिस के मुताबिक मूलत: गढ़ाकोटा, सागर निवासी 29 वर्षीय आसिफ खान विश्वकर्मा नगर, निशातपुरा में रहकर सवारी ऑटो चलाता है। आसिफ ने बताया कि 29 दिसंबर की रात करीब 2.30 बजे वह रेलवे स्टेशन से ऑटो लेकर घर जा रहा था। नादरा बस स्टैंड के पास दो युवकों ने ऑटो रुकवाया और कल्याण नगर चलने की बात कही। दोनों से 120 रुपए किराया तय हुआ। कल्याण नगर 80 फीट रोड पर पहुंचते ही बदमाशों ने 500 रुपए के चेंज पूछे। आसिफ ने जैसे ही पैसे निकाले, दोनों ने उसका हाथ पकड़ लिया। आरोपियों ने छुरी निकालकर गर्दन और पेट पर वार किया। उसे धमकाकर मोबाइल, पर्स में रखे 6300 रुपए और हाथ में मौजूद 900 रुपए लूट लिए। मारपीट कर ऑटो की चाबी लेकर फरार हो गए। रास्ते में पल्सर सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल छीना जनता क्वार्टर, करोंद निवासी 18 वर्षीय विशाल शाक्य ने पुलिस को बताया कि वह मिस्त्री का काम करता है। उसका मौसेरा भाई राज शाक्य नादरा बस स्टैंड स्थित मंडी में चाय की दुकान पर काम करता है। 3 दिसंबर की रात 10.40 बजे दोनों काम खत्म कर बैटरी ऑटो से घर लौट रहे थे। हाउसिंग बोर्ड करोंद फ्लाईओवर पर पीछे से काली पल्सर पर सवार तीन बदमाश आए। बाइक चालक ने ऑटो के पास आकर राज शाक्य के हाथ से मोबाइल झपट लिया और फरार हो गया। दोनों भाइयों ने ऑटो से ग्रीन सिटी हॉस्पिटल तक बदमाशों का पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। निशातपुरा पुलिस ने गुरुवार को विशाल की शिकायत पर अज्ञात तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लाइब्रेरी से लौट रहे छात्र से एक्टिवा सवार बदमाशों ने लूटा मोबाइल मूलत: खैरी तायगांव, पांढुर्ना निवासी 30 वर्षीय सौरभ गजभिए ओल्ड सुभाष नगर में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। सौरभ 2 दिसंबर की रात 10.30 बजे वह एमपी नगर जोन-टू स्थित लाइब्रेरी से मोबाइल पर बात करते हुए पैदल घर लौट रहा था। रचना नगर पुलिया के पास पीछे से एक्टिवा सवार दो युवक आए मोबाइल झपटकर फरार हो गए। सौरभ ने घटना की शिकायत थाने में की थी। गोविंदपुरा पुलिस ने एक महीने बाद अज्ञात दो युवकों के खिलाफ झपटमारी का मामला दर्ज किया है। ऑटो में यात्रा के दौरान मोबाइल चोरी, अज्ञात पर चोरी का केस सेमरा, अशोका गार्डन निवासी 28 वर्षीय रोहित लोधी ड्राइवरी करता है। रोहित ने पुलिस को बताया कि 27 दिसंबर की रात 08 बजे वह मिनाल रेसीडेंसी गेट नंबर-2 से सीएनजी ऑटो से अपने घर सेमरा आ रहा था। तभी ईको ग्रीन, अयोध्या नगर बाइपास पर घर जाने के लिए ऑटो से उतरा। इस बीच सीएनजी ऑटो में किसी व्यक्ति ने रोहित का मोबाइल गायब कर दिया। छोला मंदिर पुलिस ने गुरुवार को अज्ञात के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस मामले में उनकी जमानत याचिका पर बहस पूरी हो चुकी थी। हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा करने के बावजूद, वारंट होते हुए भी उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। लक्ष्मी नारायण बंसल को खुलेआम घूमने देना जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है और कानून के चुनिंदा इस्तेमाल को दर्शाता है। शराब घोटाला केस में गिरफ्तार चैतन्य बघेल 18 जुलाई से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। यह राहत उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB/EOW) की ओर से दर्ज केसों में मिली है। ED ने चैतन्य को पिछले साल जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में ACB ने उन्हें तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से ही जेल में थे। जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला। इसके अलावा ACB का दावा है कि चैतन्य बघेल को हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपए मिले और इस पूरे घोटाले की कुल रकम 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। वहीं बेटे को जमानत मिलने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है। पराजित नहीं हो सकता। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। पहले देखिए ये तस्वीरें- हाईकोर्ट ने DGP को लगाई फटकार शराब घोटाला केस में हाईकोर्ट ने सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल को अरेस्ट नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को भागने का मौका दिया, जिसके खिलाफ पहले से ही परमानेंट वारंट जारी था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बजाय केवल उसका बयान दर्ज किया और उसे जाने दिया, जिसके बाद वह फरार हो गया। कोर्ट ने इसे कानून का गंभीर उल्लंघन (Grave violation of law) माना है। साथ ही राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश दिया है कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखें। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। 'चुनिंदा कार्रवाई' की नीति अपनाई हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा तो किया, लेकिन जब वही आरोपी पुलिस के सामने था और उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी मौजूद था, तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया? उसे खुलेआम घूमने की अनुमति देना यह दर्शाता है कि जांच पारदर्शी नहीं है। कानून का ऐसा 'चुनिंदा इस्तेमाल' न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। अब जानिए चैतन्य बघेल तक कैसे पहुंची ED ? प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकील सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले का जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा था उसमें एविडेंस मिले हैं, जिसमें चैतन्य बघेल ने बहुत सारे पैसे को लेयरिंग की है। 1000 करोड़ का लेनदेन किया है। पप्पू बंसल ने अपने बयान में खुलासा किया है। शराब के घोटालों के पैसों को चैनलाइज्ड करके चैतन्य बघेल तक पहुंचाया जाता था। लिकर स्कैम का पैसा अनवर ढेबर के जरिए दीपेंद्र चावड़ा फिर वह पैसा केके श्रीवास्तव और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल औ उसके बाद चैतन्य बघेल के पास यह पैसा पहुंचता था। सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले में जिन लोगों का इन्वॉल्वमेंट है उन लोगों के आपस में कनेक्शन है। अनवर ढेबर से मोबाइल चैट और रिकॉर्डिंग मिली है। चैतन्य बघेल तक पैसा पहुंचाया गया है। पूर्व सीएम के बेटे इसलिए हुई गिरफ्तारी- चैतन्य के वकील बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया था कि पप्पू बंसल के बयान को आधार मानते हुए चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की गई है जो सही नहीं है। पप्पू बंसल के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट है और वह बाहर घूम रहे हैं। किसके दबाव में उन्होंने इस तरह का बयान दिया है यह आप समझ सकते हैं। रिजवी ने कहा था कि 2022 से शराब घोटाले मामले में जांच चल रही है, और आज चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी तक एक भी समन चैतन्य बघेल को नहीं दिया गया है। मार्च में जब उनके घर में रेड की गई थी तब उनके सभी डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए थे। जो डॉक्यूमेंट एजेंसी ने मांगी थी, उन्हें सभी डॉक्यूमेंट को चैतन्य के जरिए दिया गया है। वकील ने कहा था कि ED की जांच में चैतन्य बघेल ने लगातार सपोर्ट किया है, जांच में भी शामिल हुए हैं लेकिन एक बार भी उनका बयान नहीं लिया गया। सीधे उनकी अरेस्टिंग की गई है। कानून को ताक पर रखकर चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया है, उनका अपराध सिर्फ यही है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना C: डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को कम/ज्यादा कर अवैध धन उगाही करना ....................................... चैतन्य बघेल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... शराब घोटाला...चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के बेटे के खिलाफ ED का एक्शन; 364 प्लॉट अटैच छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों में 364 आवासीय प्लॉट और कृषि भूमि के टुकड़े शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर
इस साल भोपाल में पिछले साल के मुकाबले नए वाहनों की बिक्री में करीब 4.45% का उछाल आया है। यानी कार, दो पहिया और इलेक्ट्रिक व्हीकल तीनों ही कैटेगरी में 5869 वाहनों की बिक्री ज्यादा हुई है। आंकड़े बताते हैं कि भोपाल में वाहन बाजार की ग्रोथ भले ही 4-5% के दायरे में हो, लेकिन ईवी सेगमेंट ने 15% से ज्यादा की छलांग लगाई है। जानकारों का मानना है कि ईवी रजिस्ट्रेशन में आई दो अंकों की उछाल यह इशारा करती है कि आने वाले सालों में भोपाल का वाहन बाजार धीरे-धीरे पारंपरिक ईंधन से इलेक्ट्रिक की ओर शिफ्ट हो सकता है। आरटीओ भोपाल जितेंद्र शर्मा का कहना है कि इस बार एक खास बात और रही कि दोनों वर्ष 2024 व 2025 में हाइएंड गाड़ियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई। जो शहर में बढ़ती क्रय क्षमता और प्रीमियम सेगमेंट की मांग दर्शाता है। कैटेगरी वाइज ट्रेंड: कार, टू-व्हीलर और ईवी में कैसी रही डिमांड कार: प्रीमियम सेगमेंट की मजबूत मौजूदगी 2024: 28,765 कार {2025: 30,272 कारकार सेगमेंट में 1,507 कारों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।हाइएंड कार टू-व्हीलर: प्रीमियम और सुपर बाइक सेगमेंट का दायरा बढ़ा इसमें 3,344 यूनिट की बढ़ोतरी हुई, जो कुल बढ़त का सबसे बड़ा हिस्सा है।हाइएंड टू-व्हीलर: दोपहिया में भी प्रीमियम और सुपर-बाइक सेगमेंट का दायरा बढ़ रहा है। ईवी : सबसे तेज रफ्तार से बढ़ता हुआ सेगमेंट ईवी रजिस्ट्रेशन में करीब 15 प्रतिशत यानी 1,477 वाहनों की बढ़ोतरी हुई, जो सभी श्रेणियों में सबसे ज्यादा है।क्यों बढ़ रही डिमांडईंधन लागत, पर्यावरणीय जागरूकता और ईवी विकल्पों की उपलब्धता के कारण ईवी की डिमांड लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों से जानें अपने शहर की जरूरत
इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया। यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर भेजा गया है। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए अधिकारी नियुक्त किए गए। खरगोन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, आलीराजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को निगम में अपर आयुक्त बनाया गया। शुक्रवार को ही सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है कि इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं। सरकार की यह रिपोर्ट तब आई है, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी। इससे पहले 1 जनवरी को हाईकोर्ट ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा था। सरकार ने 5 दिन बाद 4 मौतों की बात स्वीकारी। 39 पेज की स्टेट्स रिपोर्ट में बताया कि सभी मृतकों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। इनमें उर्मिला की मौत 28 दिसंबर, तारा (60) और नंदा (70) की 30 दिसंबर और हीरालाल ( 65) की 31 दिसंबर को हुई। जांच रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थीइंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने गुरुवार को बताया था कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट मिल गई है। इसमें बताया गया है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पानी में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी भी मिला है, लेकिन सरकारी तंत्र इसे अब भी प्रारंभिक रिपोर्ट कहकर टाल रहा है। नगर निगम ने भी खुद की लैब में करीब 80 सैंपल्स भेजे थे। जांच रिपोर्ट में इन सैंपल्स को असंतोषजनक बताया गया है। भागीरथपुरा से लिए गए सैंपल वाला पानी, पीने और अन्य घरेलू उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं था। हालांकि, दोनों रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। तब अपशपब्द कहे थे, अब सिर झुकाकर निकलेमंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार शाम भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां करीब 10 मिनट रुके। जोनल इंचार्ज डॉ. रुपाली जोशी से मरीजों की स्थिति पर चर्चा की। इलाके में पानी सप्लाई को लेकर भी बात की। बाहर निकले तो कार तक पहुंचने में 5 मिनट लगे। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने पूरे रास्ते 50 से ज्यादा सवाल दागे लेकिन उन्होंने कोई रिएक्शन नहीं दिया। सिर्फ एक बार कहा- कल अधिकृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सब बताएंगे। ये खबर भी पढ़ें.... इंदौर में जहरीला पानी...लोगों ने 'मुर्दे का पानी' भी पीया इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग बीमार हो गए। इंदौर के लोग इसी तरह की त्रासदी 30 साल पहले भी देख चुके हैं, जब एक बड़ी आबादी ने मुर्दे का पानी पीया था। इस पानी को पीकर बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े थे। पढे़ं पूरी खबर...
मध्यप्रदेश में रात में कड़ाके की ठंड तो कम हुई है, लेकिन घना कोहरा छा रहा है। शुक्रवार को आधे प्रदेश में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं, 15 शहरों में दिन का तापमान 24 डिग्री से नीचे रहा। शनिवार सुबह भी उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन तक घना कोहरा छाया रहेगा। फिर तेज सर्दी का दौर आएगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम साफ रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चली। ऐसा ही मौसम जनवरी में भी बना रहेगा। साल के पहले ही दिन ग्वालियर में हल्की बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है। कड़ाके की ठंड का दौर दूसरे सप्ताह में शुरू होगा, जो आखिरी तक बना रहेगा। भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में कोहरे से ट्रेनें लेटगुरुवार-शुक्रवार की रात में पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा रहा, लेकिन शुक्रवार सुबह कोहरे की वजह से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर की ओर जाने वाली ट्रेनें 2 घंटा तक लेट है। दिल्ली से आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड समेत अन्य ट्रेनों पर कोहरे का असर देखने को मिला। खजुराहो में 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा। भोपाल, दतिया, ग्वालियर, रतलाम, दमोह, रीवा, सागर, सतना, गुना, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, मलाजखंड, श्योपुर, नर्मदापुरम, सिवनी, नौगांव और मंडला में भी विजिबिलिटी कम रही। दूसरी ओर, रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और ग्वालियर में पारा 10 डिग्री से ऊपर ही रहा। प्रदेश में सिर्फ पचमढ़ी, शिवपुरी, टीकमगढ़, राजगढ़, रीवा और नौगांव ही ऐसे रहे, जहां तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर और चंबल संभाग में बादल छाए रहे। ग्वालियर में हल्की बारिश भी हुई। शनिवार को भी ठंड का असर कम रहेगा, लेकिन सुबह कोहरा छाया रहा। शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, भोपाल, पन्ना, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर समेत कई जिलों में कोहरे का असर है। सर्दी में पहली बार... दिन भी रात जैसे ठंडे प्रदेश में इस सर्दी के सीजन में पहली बार ऐसा हुआ, जब दिन इतने ठंडे हैं, जैसे रात हो। शुक्रवार को दतिया में अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री, गुना-नौगांव में 17 डिग्री, ग्वालियर में 17.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 18 डिग्री, खजुराहो में 18.2 डिग्री, श्योपुर में 19.4 डिग्री, पचमढ़ी में 20.2 डिग्री, रतलाम में 21.1 डिग्री, रीवा में 21.8 डिग्री, सतना में 22.4 डिग्री, उज्जैन में 22.5 डिग्री, दमोह में 23 डिग्री, भोपाल-सीधी में 23.6 डिग्री पहुंच गया। इस वजह से यहां कोल्ड डे जैसे स्थिति बनी रही। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम4 जनवरी को ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में कोहरे का अलर्ट है। 5 जनवरी को भी ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कोहरे का ज्यादा असर देखने को मिलेगा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। मौसम विभाग ने नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चलेगी। इसलिए बढ़ेगी ठंडपहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी से एमपी में सर्दी का असर बढ़ेगा। सुबह घने कोहरे के अलावा कोल्ड वेव यानी, शीतलहर, कोल्ड डे और तेज ठंड का असर भी बना रहेगा।मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 213 kmph तक पहुंच गई। इस वजह से दिन में सर्द हवाएं चल रही हैं। क्या होती है जेट स्ट्रीम?मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12.6 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिल बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
1.17 लाख वोटर्स के नोटिस किए जनरेट:एसआईआर... मतदान केंद्रों से गायब दो बीएलओ सस्पेंड
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का 23 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद से बीएलओ को मतदान केंद्रों पर बैठकर नए नाम जोड़ने और संशोधन के आवेदन लेने थे, लेकिन गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर-295 और 96 के बीएलओ अपने केंद्रों से गायब रहे। इस पर लोक शिक्षण संस्थान में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 रविंद्र कुमार डीकाते और आईटीआई में सहायक प्रशिक्षण अधिकारी मीनू बाला को सस्पेंड कर दिया गया है। सातों विधानसभा क्षेत्रों में नो मैपिंग वाले एक लाख 16 हजार 925 वोटर्स के नोटिस जनरेट हो चुके हैं। इनमें से 3 हजार 752 लोगों को नोटिस भी दे दिए गए हैं। 2 हजार 508 लोगों के दस्तावेज अपलोड हो गए हैं। नोटिस और सुनवाई का काम 14 जनवरी तक जारी रहेगा। उपजिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता का कहना है कि सभी विस के बीएलओ को केंद्रों पर बैठकर नए नाम जोड़ना और संशोधन के आवेदन लेना है। लापरवाही मिलने पर काईवाई की जाएगी। उत्तर में सबसे तेज काम नोटिस तामील करना और मतदाताओं के वेलिड दस्तावेजों को बीएलओ एप पर अपलोड करने के काम में उत्तर विधानसभा सबसे आगे चल रही है। यहां 10 हजार 80 मतदाताओं को नोटिस तामील किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 1037 को नोटिस देकर 401 मतदाताओं के दस्तावेज भी अपलोड कर दिए गए हैं।
अगली कैबिनेट बैठक से लागू होगा ई- कैबिनेट एप्लीकेशन, सभी मंत्रियों को मिलेंगे एस-11 टेबलेट
मप्र में अगली कैबिनेट बैठक से ई-कैबिनेट एप्लीकेशन लागू करने की तैयारी है। 6 जनवरी को होने वाली 2026 की पहली कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को टैबलेट दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने मप्र इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के माध्यम से गैलेक्सी एस-11 सीरीज के 50 टैबलेट मंगा लिए हैं। मंत्रियों के साथ ही कैबिनेट के स्थायी रूप से शामिल रहने वाले आईएएस अधिकारियों को भी ये टैबलेट दिए जाएंगे। झारखंड में लागू ई-कैबिनेट मॉडल की तर्ज पर ही इसे मप्र में लागू किया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देश पर शुक्रवार को मंत्रालय में ई-कैबिनेट एप के संबंध में सभी मंत्रियों के विशेष सहायक, ओएसडी और निजी सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया। सीएस ऑफिस के उपसचिव डीके नागेंद्र, एनआईसी के डायरेक्टर अमित जैन और वल्लभ भवन के रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव ने मंत्रियों के स्टाफ को ई-कैबिनेट के एजेंडा की जरूरत और इसके कार्यों के बारे में बताया। इसमें बताया गया कि जनवरी महीने में होने वाली दो- तीन कैबिनेट बैठकें हाइब्रिड मोड पर होंगी, यानी टैबलेट के साथ-साथ मंत्रियों को एजेंडे का पेपर फोल्डर भी दिया जाएगा। तीन कैबिनेट बैठकों के बाद पेपर फोल्डर व्यवस्था को बंद कर सिर्फ टैबलेट पर ही डिजिटल फॉर्मेट में मंत्रियों को कैबिनेट के एजेंडे की कॉपी और निर्णयों के आदेश की कॉपी मिलेगी। फरवरी महीने से कैबिनेट से जुड़ी सभी सूचनाएं और दस्तावेज सिर्फ डिजिटल फॉर्मेट में दिए जाएंगे। रियल टाइम पर मिल सकेगी एजेंडे की कॉपी प्रशिक्षण में बताया गया कि ई-कैबिनेट एप से मंत्रियों को एजेंडे की कॉपी रियल टाइम और गोपनीयता के साथ पहुंचाई जा सकेगी। मंत्री कहीं भी और कभी भी कैबिनेट की कार्यसूची को देख सकेंगे और अपनी तैयारी कर सकेंगे। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, विधि विभाग के एसीएस और जनसंपर्क आयुक्त को भी ये टैब दिए जाएंगे।
हरियाणा के नारनौल के गांव खोड़मा से एक 20 वर्षीय युवती अपने घर से लापता हो गई। वह अपने साथ लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात तथा 65 हजार रुपए नकद भी ले गई। लड़की के परिजनों ने शक जताया है कि वह पड़ोसी गांव जाखनी के लड़का उसको भगा ले गया। इस बारे में लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत दी है।सदर थाना के गांव खोड़मा निवासी लापता लड़की के पिता के अनुसार उसके दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल है। बीते कल की सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसकी लड़की घर से चली गई। उस समय वह व उसकी पत्नी भेड़-बकरियां चराने जंगल गए हुए थे। उनके पीछे से लड़की घर से नकदी और कीमती जेवरात लेकर चली गई। 65 हजार रुपए ले गई उसने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अपने साथ दो जोड़ी बालों के सोने के जेवर, एक मंगलसूत्र, एक जोड़ी सोने के टॉप्स, तीन जोड़ी चांदी की पाजेब, उनके बेटे का एक चांदी का कड़ा और एक चांदी की चैन शामिल है। इसके अलावा भेड़-बकरी बेचकर मिले करीब 65 हजार रुपए नकद भी स्नेहा अपने साथ ले गई। जाखनी का सोनू ले गया परिजनों की तहकीकात में सामने आया है कि उनकी लड़की को गांव जाखनी निवासी सोनू नाम का लड़का भगाकर ले गया। उसका आरोप है कि सोनू के पिता और भाई ने भी उसकी बेटी को भगाने में सहयोग किया और उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी थी। पुलिस ने किया मामला दर्ज पीड़ित पिता ने पुलिस से बेटी की जल्द से जल्द तलाश करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है।
दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार घुसने और उत्पात मचाने की समस्या से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन ने नई तरकीब निकाली है। बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने वाले लोगों को तैनात करने की योजना बनाई गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लंगूरों की आवाज निकालने वाले लोगों की हायरिंग के लिए टेंडर भी निकाल दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले उनके पास लंगूर की नकल करने वाले लोग थे, लेकिन उनका कांट्रेक्ट खत्म हो गया है। अब प्रशासन वर्किंग डे और शनिवार को प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात करने की योजना बना रहा है, जिनमें से हर कर्मी 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेगा। ये कर्मी लंगूर की आवाज की नकल कर बंदरों को भगाएंगे। विशेषज्ञ अपने साथ एक लंगूर भी लाएगा। अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा के आसपास दर्जनों बंदर मौजूद रहते हैं। ये अक्सर तारों और डिश एंटीना पर कूदते हैं और उन्हें तोड़ देते हैं। बंदरों से दिल्ली विधानसभा में मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। लंगूर के पुतलों से डरना बंद कर चुके हैं बंदर एक अधिकारी ने बताया कि पहले विधानसभा परिसर में लंगूर के पुतले लगाने की भी योजना थी, लेकिन बंदर उनसे डरना बंद कर चुके हैं। बल्कि वे उन पुतलों के ऊपर बैठ जाते हैं। इसलिए बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती की योजना बनाई गई है। यह तरीका प्रभावी और मानवीय माना जाता है, क्योंकि इसमें बंदरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इस दौरान कर्मी पर उचित उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार होगी। कर्मियों के लिए निगरानी और बीमा कवरेज की व्यवस्था भी होगी। 2023 में PM आवास के पास भी लंगूर के कटआउट्स लगे थे दिल्ली में साल 2023 में जी-20 समिट में कई देशों से मेहमान भारत पहुंचे थे। इस दौरान बंदरों की समस्या से निपटने के लिए लंगूर के कटआउट्स का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही 30-40 ऐसे लोगों की तैनाती की गई, जो लंगूर की आवाज निकालने में माहिर हैं। राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों, खासकर IGI एयरपोर्ट से आने वाले रास्ते, समिट वेन्यू, होटलों, प्रमुख सड़कों और डेलीगेट्स के आवागमन वाले रास्तों पर ये कटआउट्स लगाए गए थे। दिल्ली के लुटियंस जोन में भी लंगूर के पुतले लगाए गए, जहां राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, बड़े-बड़े नेताओं और बिजनेसमैन के बंगले हैं। 2017 में कार्यवाही के दौरान बंदर सदन में घुसा था साल 2017 में दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक बंदर अचानक सदन के भीतर घुस आया था। उस समय सदन में सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर्स से जुड़े मुद्दे पर चर्चा चल रही थी। बंदर के अचानक सदन के अंदर आ जाने अफरा-तफरी मच गई और कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी थी। सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों को बंदर को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बाद में बंदर को सुरक्षित तरीके से परिसर से बाहर निकाला गया, जिसके बाद चर्चा दोबारा शुरू हो सकी। तभी से परिसर में बंदरों के प्रवेश को रोकने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किया जाता रहा है। ------------------------------- दिल्ली सरकार का आरोप- AAP ने कुत्ते गिनने के आदेश पर झूठी जानकारी फैलाई, शिक्षकों में घबराहट फैलाने का इरादा था कुत्ते गिनने के आदेश को लेकर गलत जानकारी फैलाने को लेकर 2 जनवरी, 2026 को दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की। यह कार्रवाई शिक्षा निदेशालय (डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन) की शिकायत पर की गई । शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि उसके सर्कुलर में कहीं भी आवारा कुत्तों की गिनती का उल्लेख नहीं है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर झूठ फैलाया। सरकार ने झूठे प्रचार के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ें...
सिस्टम का लीकेज:कोर्ट में बताया-145 करोड़ से लाइनें डालीं, हकीकत-नलों में अभी भी आ रहा गंदा पानी
राजधानी में पेयजल को लेकर सिस्टम का बड़ा झूठ सामने आया है। नगर निगम ने 2018 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बताया था कि यूनियन कार्बाइड के पीछे के प्रेम नगर, शिव नगर जैसे मोहल्लों में अमृत योजना के तहत 145 करोड़ रुपए पानी और सीवेज लाइन पर खर्च किए गए हैं। हकीकत में 50 करोड़ रुपए से पानी की लाइन डाल दी गई। लेकिन 7 साल बाद भी सीवेज की लाइन यहां नहीं पड़ पाई है। 95 करोड़ रुपए का यह प्लान कागजों से धरातल पर उतर ही नहीं सका। इलाके में रहने वाले मुबीन बताते हैं कि सालों से हम गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। सीवेज खुले में बह रहा है। पेयजल की लाइनें पड़ी हैं, जिनके वॉल्व इन्हीं सीवेज की नालियों के पास लगे हैं। बरसात में तो सीवेज का गंदा-बदबूदार पानी पूरे चार महीने तक घरों तक पहुंचता है। 2 जनवरी शुक्रवार को भी भास्कर टीम ने मौके पर देखा तो यहां घरों में मटमैला पानी रखा था। यहां के लोग इसी का इस्तेमाल खाना बनाने और पीने के लिए करते हैं। 50 करोड़ से पानी की लाइन बिछाई गई, लेकिन नालियों से गुजरी यह लाइन बस दिखाने की है। बचे हुए 95 करोड़ सीवेज नेटवर्क पर लगने थे। लेकिन, इसका प्लान ही फाइलों से जमीन पर नहीं उतरा। शिव शक्ति नगर... सीवेज की नाली में पानी की लाइन इन इलाकों में ज्यादा परेशानीशिव शक्ति नगर, प्रीत नगर, ब्लू मून कॉलोनी, नवाब कॉलोनी, उड़िया बस्ती, गरीब नगर, कल्याण नगर, शिवनगर, अन्नू नगर आदि। 42 बस्तियों की स्थिति खराबभोपाल गैस त्रासदी के बाद से सुप्रीम कोर्ट ने यहां की 42 बस्तियों के ग्राउंड वॉटर की मॉनीटरिंग कमेटी बना रखी है। यह कमेटी यहां के पानी की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर 2018 में में सुप्रीम कोर्ट ने यहां के लोगों को सुरक्षित पेयजल के लिए पाइप लाइन और सीवेज नेटवर्क बनाने के आदेश दिए थे। 10 मिनट तक बदबूदार पानीगैस पीड़ित संगठन की रचना ढींगरा बताती हैं कि सीवेज नेटवर्क बिछाने के बजाय करीब 50 करोड़ रुपए खर्च कर केवल पीने के पानी की पाइप लाइन नालियों के भीतर बिछा दी गई। नतीजा- नल चालू होने के पहले 10 मिनट तक घरों में गंदा, बदबूदार और दूषित पानी आता है। 20 से अधिक बस्तियों का यही हाल है। सच छिपाने के लिए टंकियों में लिखवाई झूठी तारीख... नगर निगम के ओवरहैड टैंक महीनों से साफ नहीं हुए है। इसका खुलासा दैनिक भास्कर ने किया था। अब अफसर अपने बचाव में टंकियों पर नई तारीखें लिखने लगे हैं। शुक्रवार सुबह वेटरनरी अस्पताल के पास वाले टैंक के गेट के बाहर सफाई की नई तारीख लिख दी गई। लोग बताते हैं कि टंकी साफ किए बिना तारीख लिखी गई। पूरे शहर का ऑडिट करा रहे हैं पूरे शहर का ऑडिट कराया जा रहा है। जहां जो दिक्कतें हैं उन्हें दूर करने के लिए काम कर रहे हैं। जहां पुरानी हैं, वहां पानी के सैंपल कराए जा रहे हैं। शुक्रवार को 340 जगह पानी की टेस्टिंग की गई।-संस्कृति जैन, आयुक्त नगर निगम भोपाल अफसरो को जांच के निर्देश दिए अफसरों के साथ शुक्रवार को बैठक की है। निगम कमिश्नर भी मौजूद थीं। जिन इलाकों में पुरानी पाइप लाइनें नाली से गुजर रही हैं, उनमें सीवेज तो नहीं मिल रहा है। इसकी जांच कराई जाएगी।-रविंद्र यती, एमआईसी मेंबर
पंजाब के नेताओं में शुरू हुई AI जंग:एक-दूसरे को लेकर वीडियो जारी किए, अमली-नशेड़ी और गप्पी तक बताया
पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए अभी एक साल का वक्त है, लेकिन टॉप लीडरशिप में अभी से तल्खी बढ़ने लगी है। राजनीतिक दलों के टॉप नेताओं ने एक दूसरे पर भड़ास निकालने के लिए AI वीडियो का सहारा लेना शुरू कर दिया। नेताओं में इन दिनों सोशल मीडिया पर पॉलिटिकल AI वीडियो वॉर छिड़ी हुई है। AI वीडियो के जरिए नेता एक दूसरे को अमली, नशेड़ी, भंड, पागल जैसे अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ एक पार्टी कर रही है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस व शिरोमणि अकाली दल तीनों बड़ी पार्टियां कर रही हैं। AI वीडियो से कटाक्ष करने की शुरुआत शिअद ने की थी और अब तीनों पार्टियां रोजाना नए-नए वीडियो क्रिएट करके डाल रहे हैं। AAP ने सोशल मीडिया पर क्रिएट कर दिया AI पेज आम आदमी पार्टी के नाम से इंस्टाग्राम पर एक पेज क्रिएट हुआ है। उस पेज का नाम AAP पंजाब AI है और उसकी प्रोफाइल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो लगी है। खास बात यह है कि इस पेज में जो भी रील पोस्ट की गई हैं, वो सभी रील पहले आम आदमी पार्टी के ऑफिशियल अकाउंट्स पर भी अपलोड हो रही हैं। इस पेज पर कुल 23 वीडियो अपलोड हुए हैं, जिसमें से 16 तो अकेले अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल को टारगेट करके बनाए गए हैं। जबकि दो वीडियो में AAP सरकार का गुणगान है। कुछ वीडियो ऐसे हैं, जिनमें कांग्रेस के राहुल गांधी, राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सिद्धू समेत तमाम नेताओं को घेरा गया है। इंस्टाग्राम पर बने इस पेज पर पहला वीडियो 15 दिसंबर को अपलोड किया गया। जिसमें सुखजिंदर सिंह रंधावा को पौने दो किलोमीटर का मुख्यमंत्री बताया गया है। उसके बाद 21 दिसंबर से लगातार वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। दो वीडियो में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीएम की कुर्सी की बोली लगाते हुए दिखाया गया है। AAP ने न्यू ईयर पर जारी किया चन्नी-वड़िंग व सुखबीर का AI वीडियो AAP ने नए साल पर एआई वीडियो जारी किया है, उसमें पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, शिअद प्रधान सुखबीर बादल व सीएम भगवंत मान को दिखाया है। एक एंकर है, जो पूछता है कि मेहमान नए साल में क्या करेंगे। जिसमें चन्नी को बोलते हुए दिखाया है कि मुझे बकरी का दूध निकालना आता है। रिक्शा चलाया है, पेट्रोल पंप पर काम किया और इस साल में चार पांच काम और सीखने हैं, राजनीति का कोई भरोसा नहीं है। राजा वड़िंग को बोलते हुए दिखाया है कि इस साल वो कुर्ते पजामे सिलवाएंगे, लेकिन सिलाई किसी दर्जी की नहीं मारेंगे। किसी अच्छे डॉक्टर से दिमाग का इलाज करवाएंगे। किसी को कम-ज्यादा बोला जाता है, तो फिर बात एफआईआर तक पहुंच जाती है। सुखबीर बादल को बोलते हुए दिखाया है कि नए साल में माल थोड़ा कम खाऊंगा। गोली ज्यादा बड़ी खाई जाती है और फिर कम ज्यादा बोला जाता है। फिर लोग सुक्खा गप्पी कहते हैं। आखिर में सीएम भगवंत मान को बोलते हुए दिखाया है और वो कहते हैं कि इनमें से किसी को पंजाब की फिक्र नहीं है। सभी अपने अपने बारे में सोचते हैं। किसी को पंजाब के बारे में सोचना पड़ेगा। मैं तो पहले भी पंजाब के बारे में सोचता था आगे भी पंजाब के बारे में सोचूंगा। शिअद ने वीडियो जारी कर CM पर साधा निशाना शिअद ने अब एक AI वीडियो जारी किया है, जिसमें सीएम भगवंत मान को दिखाया गया है। वीडियो में बोलते हुए दिखाया गया है कि किसी ने मुझे भंड कहा, किसे ने झंडा अमली तो किसी ने शराबी मुख्यमंत्री कहा। मुझे पंजाब से नहीं मुझे शराब, शबाब और सत्ता से प्यार है। जो कोई पंजाब की बात करेगा तो पर्चे के लिए तैयार रहे। कांग्रेस ने भी जारी किया CM मान पर AI वीडियो नए साल पर AAP के AI वीडियो के जवाब में कांग्रेस ने भी वीडियो जारी कर दिया है। जिसमें सीएम भगवंत मान को दिखाया गया है। कांग्रेस के AI वीडियो में एक एंकर सवाल पूछती है कि सीएम साहब नए साल में आपका एजेंडा क्या है? जवाब में सीएम के रूप में दिखाया व्यक्ति कहता है कि मैं इस साल विज्ञापन कम करूंगा, लोगों को चुटकले बिल्कुल नहीं सुनाऊंगा और बेरोजगारों पर लाठी चार्ज बिल्कुल नहीं करूंगा। हालांकि चार साल से मेरा यही सेम एजेंडा चल रहा है।
शपथ लेने के बाद पहली बार चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत हरियाणा में अपने पैतृक गांव आएंगे। वह पुराने हिसार जिले के पेटवाड़ गांव के रहने वाले हैं। हाल ही में हरियाणा सरकार ने हिसार से अलग करके हांसी को 23वां जिला बनाया है। अब उनका गांव हांसी जिले में आता है। उनके आगमन पर हिसार में 9 और 10 जनवरी को अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम तय किए गए हैं। हालांकि 2 से 3 दिन में उनका शेड्यूल फाइनल हो जाएगा। मगर उनके आने की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। हरियाणा सरकार पहले से ही उनके कार्यक्रमों को लेकर हिसार प्रशासन से संपर्क बनाए हुए हैं। वहीं पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से भी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। हाईकोर्ट की कमेटी भी लगातार हिसार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से तालमेल बैठाकर उनके आगमन को लेकर लगातार बैठकें कर रही है। CJI हिसार बार के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे जहां वह अपने पुराने चैंबर को देखने आएंगे। इसके अलावा वह अगले दिन सुबह गांव में अपने स्कूल जाएंगे जहां वह बचपन में पढ़ा करते थे। हरियाणा सरकार स्टेट डिनर देगीCJI के सम्मान में हरियाणा सरकार स्टेट डिनर होस्ट कर सकती है। इसके लिए हिसार के होटल लेमन ट्री को 9 जनवरी के लिए कोई भी बुकिंग नहीं लेने के लिए कहा गया है। होटल के सभी कमरों सहित बैंक्वेट को भी बुक किया जाएगा। इसके लिए होटल संचालक को बोल दिया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इस डिनर को होस्ट कर सकते हैं। हाईकोर्ट के करीब 50 न्यायधीश सहित कई वीवीआईपी इसमें शामिल हो सकते हैं। होटल संचालक मोहित अरोड़ा का कहना है कि अभी उनको फाइनल कुछ नहीं बताया है, मगर यह कहा है कि 9 जनवरी को आप कोई भी बुकिंग मत करना। सीजेआई डिनर में क्या खाएंगे, क्या मेन्यू रहेगा और कितने जनों का रहेगा अभी तय नहीं है। वह अगले दिन सुबह नाश्ता कर यहां से निकलेंगे। भाई बोले- पूरे गांव के लिए गौरव का पलसीजेआई के भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया कि सीजेआई बनने के बाद उनके भाई सूर्यकांत पहली बार गांव आ रहे हैं। इसलिए पूरा गांव उनके आगमन पर स्वागत करेगा। गांव के स्कूल में दोपहर 12 बजे उनका सम्मान समारोह होगा। गांव की पंचायत उनका सम्मान करेगी। इस दौरान वह गांव में अपने पुराने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिजनों से भी मुलाकात करेंगे। वह अपने पैतृक आवास भी जाएंगे। इतना ही नहीं जिस स्कूल में वह बचपन में पढ़े उसी स्कूल के मैदान में अब उनका स्वागत होने जा रहे हैं। वह उस क्लास रूम में भी जाएंगे जहां जमीन पर बैठकर वह पढ़ा करते थे। हिसार बार में उनका कार्यक्रम होगाहिसार बार प्रधान संदीप बूरा और सेक्रेटरी समीर भाटिया ने बताया कि 9 जनवरी की शाम 5 बजे सीजेआई सूर्यकांत हिसार बार में आएंगे। वह सीजेआई बनने के बाद पहली बार यहां बार में आ रहे हैं, तो उनके स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वह लगातार प्रशासन और हाईकोर्ट की कमेटी के संपर्क में हैं। बार को पूरी तरह सजाया जाएगा। रंगरोगन करवाया जाएगा। हिसार बार की पार्किंग में हाई टी कार्यक्रम होगा। हाई टी कार्यक्रम में शाम को चाय के साथ हल्के-फुल्के नमकीन और मीठे व्यंजन परोसे जाएंगे। इस कार्यक्रम में वकीलों की पास के जरिए एंट्री होगी। वह हिसार बार में नए चैंबरों का शिलान्यास करेंगे और बार को संबोधित करेंगे। करीब दो घंट का शेड्यूल उनको मिला है। वह दो घंटे यहां रुक सकते हैं। हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में एलुमनी मीट में शिरकत करेंगेशहर के राजगढ़ रोड स्थित गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में सीजेआई 10 जनवरी को एलुमनी मीट में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए कॉलेज प्रशासन तैयारियों में जुटा है। सीजेआई सूर्यकांत इसी कॉलेज के वर्ष 1981 बैच के विद्यार्थी रहे हैं। कॉलेज प्रशासन को सीजेआई की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। कार्यक्रम में कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक और पूर्व प्राचार्य भी शिरकत करेंगे। इसके साथ ही कॉलेज से पढ़कर निकले विद्यार्थियों का पंजीकरण जारी है। कॉलेज प्रशासन को उम्मीद है कि कार्यक्रम में करीब 2000 पूर्व विद्यार्थी शामिल होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं और शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जा रही है। पूर्व विद्यार्थी 9 जनवरी तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। हिसार से जस्टिस सूर्यकांत का विशेष जुड़ाव रहा... जस्टिस सूर्यकांत के बारे में उनके भाई की अहम बातें...
हरियाणा में सिरसा जिला जेल के वार्डन सुखदेव सिंह के सुसाइड केस में जेल प्रशासन व पुलिस जांच कर रही है। इसी बीच परिवार ने DSP वरुण गोदारा व लाइन ऑफिसर (LO) फूल कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुखदेव के सुसाइड नोट में भी इन दोनों का जिक्र है। परिवार का कहना है कि नए साल पर DSP के इशारे पर LO ने सुखदेव को ड्यूटी जॉइन नहीं करवाई। करीब दो घंटे तक खड़े रखा। सुखदेव बार-बार माफी मांगते रहे और ड्यूटी जॉइन कराने का आग्रह करते रहे। जब बात नहीं बनी तो परेशान होकर चले गए। 1 जनवरी को उन्होंने जहर खरीदकर निगल लिया। यह भी कहा जा रहा है कि DSP और सुखदेव के बीच पहले तकरार भी हुई थी। सुखदेव के बेटे जसपाल का आरोप है कि DSP का जेल में तैनात गार्द से व्यवहार ठीक नहीं था। तू-तड़ाक करके बात की जाती थी। वहीं, जेल सुपरिंटेंडेंट जसवंत सिंह ने कहा- अभी जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ कहा जा सकेगा। घटना दुखद है। जेल में गार्द से गलत व्यवहार करने की कोई शिकायत उनके सामने नहीं आई। अब सिलसिलेवार पढ़ें सुखदेव के परिवार के 5 गंभीर आरोप पिता बोले- मैं DSP की मां से मिला थासुखदेव के पिता दीप ने बताया कि कई दिनों से DSP वरुण सुखदेव को परेशान कर रहा था। 10-15 दिन पहले भी झगड़ा हुआ था। मैं खुद DSP से बात करने के लिए फतेहाबाद में उनके घर गया था और DSP की मां से मिला था। मैंने DSP की मां से कहा था कि मेरे बेटे को दो स्टंट डाले हुए हैं, इसलिए उसकी ड्यूटी दिन-दिन में कर दें। मैंने उनसे यह भी कहा कि आप अपने बेटे को समझाओ कि वह उसे तंग न करे। उनकी मां ने कहा था कि वह अपने बेटे से बात करेंगी। चार घंटों के बाद चार घंटे आराम के बाद दोबारा शिफ्टजेल के कुछ कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गार्द शिफ्ट ड्यूटी से अधिक परेशान हैं। जेल में मेन गेट व अन्य जगह पर अधिकतर गार्द की चार-चार घंटे डयूटी रहती है। चार घंटों के बाद चार घंटे आराम और फिर अगले चार घंटे दोबारा शिफ्ट शुरू हो जाती। इसी बात से सुखदेव परेशान था। सुखदेव ने सुपरिंटेंडेंट से कई बार मांग की कि उसे दिल की बीमारी है और उसकी ड्यूटी बदल दी जाए। 4-4 घंटों की शिफ्ट के बजाय 8 घंटे लगातार ड्यूटी लगाने को कहा था। DSP बोले- सुखदेव ने शराब पी रखी थी तो मेडिकल करायावहीं, इस घटना के बाद से DSP वरुण गोदारा छुट्टी पर चले गए हैं और उनका फोन भी बंद आ रहा है। उनका पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर एप ने उनके नंबर पर टैक्स्ट मैसेज किया। उनके संबंधित एक अधिकारी से संपर्क किया तो उनको अपना पक्ष रखते हुए बताया- 31 दिसंबर की शाम को सुखदेव ने शराब पी रखी थी और इस पर उन्होंने पुलिस बुलाकर अस्पताल में ले जाकर मेडिकल करवाया था। फिर सुखदेव ने माफी मांगी तो मैंने सुपरिंटेंडेंट से कह दिया था कि मुझे कोई ऐतराज नहीं है ड्यूटी जॉइन कराने से। बाद में उसने सुसाइड कर लिया। दो बच्चे, दोनों शादीशुदासुखदेव सिंह मूल रूप से फतेहाबाद के हिजरावां खुर्द गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं। उनकी सिरसा जेल में लगभग 7 साल से पोस्टिंग थी। 1 जनवरी को आत्महत्या करने से पहले, उन्होंने जेल महानिदेशक, हरियाणा कारागार विभाग, पंचकूला, और सिरसा डीसी एवं पुलिस सुपरिंटेंडेंट के नाम 2 सुसाइड नोट लिखे। जेल वार्डन के सुसाइड नोट की कॉपी... ॰॰॰॰॰॰॰ ये खबर भी पढ़ें :- 'मैं दरिंदों से हार गया' लिखकर जेल वार्डन का सुसाइड:सिरसा में DSP समेत 2 पर FIR, ड्यूटी टाइमिंग को लेकर परेशान करने का आरोप हरियाणा में सिरसा जिला जेल के एक वार्डन ने सल्फास खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले वार्डन ने 2 सुसाइड नोट भी छोड़े, जिसमें उन्होंने DSP समेत 2 अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे ड्यूटी लगाने को लेकर इन्होंने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया। पढ़ें पूरी खबर...
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां बगलामुखी हवन में दी गई आहुतियां
भास्कर न्यूज | लुधियाना विकास नगर स्थित श्री गीता मंदिर में नव वर्ष के आगमन पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के स्वामी प्रकाशानंद के सान्निध्य में मां बगलामुखी हवन आध्यात्मिक प्रवचन और ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर ऊषा माता का जन्मोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। विद्वान ब्राह्मणों की तरफ से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां बगलामुखी का हवन संपन्न हुआ। जिसमें श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना के साथ आहुतियां दीं। पं. मंगलानंद ने पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां बगलामुखी की कृपा से शत्रुओं का नाश होता है और असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी प्रकाशानंद ने ब्रह्मलीन ऊषा माता के मंदिर के विकास में योगदान को याद किया।

