734 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रांची टीम ने बुधवार सुबह झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने जमशेदपुर के तीन और पश्चिम बंगाल के चार ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा और अन्य आरोपियों से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा है। ED की टीम ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उनके अकाउंटेंट संजय पारेख और संबंधित लोगों के ठिकानों पर पहुंची। जांच में पता चला कि बिना असली माल की सप्लाई के ऐसी कंपनियों से इनवाइस लिए गए, जिनका अस्तित्व नहीं था। इन फर्जी इनवाइस से नकली जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप है। छापेमारी के दौरान ED टीमें दस्तावेज, कारोबारी रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही हैं। अब तक क्या मिला, इसकी आधिकारिक जानकारी ED ने नहीं दी है।
मऊआइमा थाना क्षेत्र के कल्यानपुर गांव से एक अत्यंत सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। यहां की एक 19 वर्षीय इंटर पास युवती ने चार युवकों पर मोबाइल फोन दिलाने का झांसा देकर कार से ले जाने, बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने मऊआइमा थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीड़िता के अनुसार, उसकी जान-पहचान फोन पर एक युवक से थी। आरोपी युवक ने 23 अगस्त को उसे नया मोबाइल फोन दिलाने का लालच देकर मऊआइमा चौराहे पर बुलाया था। सुबह करीब 10 बजे जब युवती चौराहे पर पहुंची, तो वहां पहले से ही चार पहिया वाहन में चार युवक मौजूद थे। आरोप है कि चारों युवकों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और मऊआइमा-कलंदरपुर मार्ग की ओर ले गए। कमरे में बंधक बनाकर हैवानियत, परिजनों को मारने की धमकी युवती का आरोप है कि आरोपी उसे एक सुनसान कमरे में ले गए, जहां चारों युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने इस हैवानियत का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे, उसके पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों के इस खौफ और धमकियों के कारण डरी-सहमी पीड़िता ने लंबे समय तक इस घटना का जिक्र अपने परिवार वालों से भी नहीं किया। सहेली से वीडियो वायरल होने की मिली जानकारी घटना के कुछ समय बाद पीड़िता की सहेली ने उसे बताया कि उसका एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जब पीड़िता को पता चला कि आरोपियों ने दुष्कर्म के दौरान उसका वीडियो भी बना लिया था और उसका कुछ हिस्सा इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया है, तो वह हिम्मत जुटाकर अकेले ही थाने पहुंची और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए तथा इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो पर तत्काल रोक लगाकर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में मऊआइमा थाना के प्रभारी निरीक्षक जगदीश कुशवाहा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पूरी गहराई से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 10:30 बजे इलाइट मुक्ति धाम में हुआ। उनके बेटों ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनके पार्थिव शरीर पर कांग्रेस पार्टी का झंडा लपेटा गया था। उनकी अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे उनके घर पिसनारी बाग से शुरू होकर इलाइट मुक्ति धाम पहुंची। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा, भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री रमेश कुशवाहा समेत हजारों लोग शामिल हुए। 77 वर्षीय दुर्गा प्रसाद कुशवाहा का निधन मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे ललितपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुआ था। वे लंबे समय से बीमार थे और चार दिन पहले भर्ती कराए गए थे। वे 2016 से 2019 तक कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे। वे 1995 में कुशवाहा समाज के जिलाध्यक्ष और दो बार नगर पालिका पार्षद भी रहे। उनकी बहू सविता कुशवाहा वर्तमान में पार्षद हैं।
गुमला जिले के घाघरा रोड स्थित उरांव छात्रावास के पास एक स्कूटी और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 18 वर्षीय एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान चंडाली गांव निवासी भीम कुमार बैगा (18) के रूप में हुई है, जो स्कूटी चला रहा था। घायलों में बाइक सवार अनुज कुमार साहू (29), अनिल कुमार (22), राम प्रकाश महतो (25) और स्कूटी सवार वर्धन मिंज व संजीव कुमार शामिल हैं। मृतक के परिजन सिकंदर बैगा ने बताया कि भीम अपने दो साथियों के साथ टोटो जा रहा था, तभी सामने से आ रही ट्रिपल सवारी बाइक से टक्कर हो गई। किसी ने हेलमेट नहीं पहना था और तेज रफ्तार हादसे की वजह बनी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की है।
पलवल में रिटायर्ड SI के खाते से 3.70 लाख निकाले:फर्जी APK भेजकर फोन किया हैक, 3 दिन तक निकाली रकम
पलवल जिले में एक रिटायर्ड एसआई के खाते से साइबर ठगों ने 3 लाख 70 हजार रुपए की ठगी की है। ठगों ने वॉट्सएप पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किया और 3 दिन तक लगातार रकम निकाली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना इंचार्ज संदीप के अनुसार, लखनाका गांव निवासी रिटायर्ड एसआई अब्दुल मजीद का फोन 14 अगस्त को हैक हुआ था। ठगों ने 14, 15 और 16 अगस्त को 3.70 लाख रुपए निकाले। उन्हें 16 अगस्त को पता चला और उसी दिन एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। करीब डेढ़ महीने बाद शिकायत दर्ज करीब डेढ़ महीने बाद 29 सितंबर को साइबर थाना पलवल में बीएनएस की धारा 318(4) व 319(2) के तहत केस दर्ज कर जांच पीएसआई विकास को सौंपी गई। पुलिस एपीके फाइल और ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। पहचान होने पर आरोपी को गिरफ्तार करेंगे।
संभल हिंसा के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगी NSA को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है और उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अफरोज के भाई फरोग आलम सहित पूरे परिवार ने कहा कि उन्हें न्यायालय से ही न्याय मिलने की उम्मीद है। बड़े भाई ने कहा कि उनके भाई का नाम मुल्ला अफरोज नहीं है, बल्कि पुलिस ने उसका नाम मुल्ला अफरोज लिखा है। बड़े भाई ने बताया कि पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। दैनिक भास्कर ने मुल्ला अफरोज के परिवार से बात की, पढ़िए रिपोर्ट… अब पढ़िए परिवार का बयान संभल के नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय में मुल्ला अफरोज का परिवार रहता है। उनके भाई फरोग आलम ने बताया- मैं इंग्लिश का शिक्षक हूं। मुरादाबाद जेल में बंद मेरे भाई के आधार कार्ड, पैन कार्ड से लेकर सभी दस्तावेजों में उसका नाम मोहम्मद अफरोज है। लेकिन पुलिस ने उसे मुल्ला अफरोज लिख दिया। फरोग आलम ने कहा, मैं सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता की प्रशंसा करता हूं। हमें बहुत राहत मिली है। बड़े भाई ने अपने छोटे भाई अफरोज का पक्ष रखते हुए कहा कि उस पर गलत आरोप लगाए गए हैं। उसके खिलाफ कोई सबूत भी नहीं है। हमारा भाई प्लॉट खरीदने और उनकी खरीद-फरोख्त का काम करता है। घटना के समय वह वहां मौजूद भी नहीं था। यह बिल्कुल हकीकत है। वह अपने घर पर था। उसके ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। भाई घर आए जाए, यही प्राथमिकता फरोग ने कहा- अभी मैं कुछ नहीं बता सकता, क्योंकि अभी प्रक्रिया जारी है। देखते हैं, भविष्य में क्या होता है। फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता यह है कि हमारा भाई घर पर आ जाए। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं, वे बुरी तरह रोते हैं। हमें सुप्रीम कोर्ट और अपनी सरकार से पूरी उम्मीद है कि इंशाअल्लाह हमारा भाई हमारे घर वापस आ जाएगा। हम शिक्षित लोग हैं। मैं खुद दूसरों को पढ़ाता हूं। फरोग ने कहा कि उनका परिवार इस तरह की किसी गतिविधि में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी नजर में हिंदू हो या मुसलमान, सब बराबर हैं। हम एक ही भगवान की औलाद हैं। हममें क्या फर्क है? हिंदू, क्रिश्चियन और पारसी सभी बराबर हैं। हम सभी समान लोग हैं।” पिता के जेल जाने से बच्चे परेशान अफरोज के तीन बच्चे हैं, जिनके नाम मोहम्मद तारिक (8 वर्ष), उसामा (7 वर्ष) और हिदाया (4 वर्ष) हैं। तारिक कक्षा 3, उसामा कक्षा 1 और हिदाया नर्सरी में पढ़ता है। उनका भाई अपने तीन बच्चों को संभल के बड़े इंग्लिश मीडियम स्कूल एंजेल पब्लिक में पढ़ा रहा था। पिता के जेल जाने के बाद बच्चे परेशान हैं। फरोग ने बताया कि वह रोजाना खुद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं और उनकी पढ़ाई में मदद करते हैं, ताकि उन्हें पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो और पिता की कमी भी कम महसूस हो। 24 नवंबर 2024 को हुई थी संभल हिंसा 24 नवंबर 2024 को हुई संभल हिंसा के 55 दिन बाद, जनवरी 2025 में संभल कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में मुल्ला अफरोज को गिरफ्तार किया था। अक्टूबर 2025 में उसके खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की गई। करीब 350 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर को अफरोज की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाई गई NSA को रद्द कर दिया और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि पुलिस हिरासत में दिए गए बयान को NSA के तहत हिरासत का आधार बनाया जा सकता है या नहीं, जबकि ऐसा बयान कानूनी तौर पर अदालत में मान्य नहीं होता। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट से कहा कि मुल्ला अफरोज की रिहाई से क्षेत्र में दोबारा हिंसा भड़कने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की पूरी आशंका थी। इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक नजरबंदी जरूरी थी। 19 नवंबर 2024 को दाखिल हुआ था मंदिर होने का दावा आपको बता दें कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट, चंदौसी में पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ। दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सर्वे को बाधित करते हुए हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, चर्चित एएसपी अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए। संभल कोतवाली और नखासा थाना क्षेत्र में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित कई लोगों को नामजद करते हुए 2,750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेजा गया। इनमें तीन महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता बताए गए फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे—मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम—भी शामिल हैं। मुल्ला अफरोज पर अक्टूबर 2025 में रासुका (NSA) लगाई गई थी। इसके बाद वारिस और गुलाम पर भी रासुका के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, शारिक साठा के खिलाफ रेड कॉर्नर लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था। उन्हें 24 मार्च को जेल भेजा गया था और 131 दिन बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दें कि कई अभियुक्तों को इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है
महराजगंज में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत काम करने वाली समूह सखियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के जरिए मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि उन्हें अभी हर दिन 66 रुपये मिलते हैं, जो उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के हिसाब से बहुत कम है। सखियों ने मुख्यमंत्री से मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये हर महीने करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि वे समूहों से जुड़ी महिलाओं को सरकारी योजनाओं और आजीविका के कामों में मदद करती हैं। कम मानदेय के कारण उन्हें आर्थिक दिक्कतें आती हैं। समूह सखियों ने काम को ठीक से चलाने के लिए 5जी स्मार्टफोन देने की भी मांग की। जिलाधिकारी ने महिलाओं को भरोसा दिया है कि उनका पत्र मुख्यमंत्री को भेज दिया जाएगा। इस दौरान संध्या, मीना, संजना, रामभवती, अनु, शांति, कंचन लता और आशिया खातून समेत कई समूह सखियां मौजूद थीं।
गबडुआ नहर पुल पर दो बाइकों की टक्कर:ओमप्रकाश महाविद्यालय के प्रिंसिपल समेत दो लोग गंभीर घायल
गबडुआ में चौक रोड पर बुधवार को गबडुआ नहर पुल के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर घायल हो गए। घायलों में बहुआर स्थित ओमप्रकाश महाविद्यालय के प्रिंसिपल और एक बाबू शामिल हैं। वे किसी काम से बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
माधोराजपुरा में जयपुर-भीलवाड़ा मेगा हाईवे से थला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क खराब है। डामर उखड़ गया है और बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता, जिससे हादसों का डर बढ़ जाता है। थला, बाग की ढाणी और गोपाल नगर सहित आसपास के गांवों के लिए यह मुख्य रास्ता है। ग्रामीण सीताराम चौधरी, शंकर लाल निठारवाल, हनुमान और बनवारी लाल ने बताया कि सड़क की खराब हालत से रोज परेशानी हो रही है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं, चार पहिया वाहनों को भी झटके लगते हैं। यह हालत लंबे समय से है, पर कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने विभाग से सड़क की मौके पर जांच कर जल्द मरम्मत की मांग की है, ताकि गड्ढों और उखड़े डामर वाले हिस्सों को ठीक कर बारिश में हादसे कम हों और आना-जाना आसान हो सके।
प्रयागराज-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी से इस सीट के लिए अशोक राठौर को प्रत्याशी घोषित किया गया है। इस चुनाव को जीतने के लिए भाजपा की क्या जमीनी तैयारियां हैं, विपक्ष की चुनौतियों से पार्टी कैसे निपटेगी और आगामी विधानसभा चुनाव से इसके क्या समीकरण जुड़ते हैं? इन तमाम गंभीर और समसामयिक मुद्दों पर दैनिक भास्कर ने भाजपा के प्रयागराज महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता से एक विस्तृत और खुली बातचीत की। पेश हैं इंटरव्यू के मुख्य अंश: सवाल: एमएलसी चुनाव का बिगुल बज चुका है और भाजपा ने अशोक राठौर को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस चुनाव को लेकर पार्टी की क्या और किस तरह की तैयारियां हैं? जवाब: हमारी तैयारी पूरी तरह से मुकम्मल है और हम जीत के संकल्प के साथ मैदान में हैं। हमारे बूथ स्तर के कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं। चुनाव की तैयारियां टिकट की घोषणा के बाद शुरू नहीं होतीं, बल्कि हमारा संगठन साल के 365 दिन काम करता है। हमने अपनी इस तैयारी को जीत में तब्दील करने की पुख्ता रणनीति बना रखी है। हमारे वरिष्ठ नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की फौज पूरी ताकत से जुटी है, और हमें पूरा विश्वास है कि प्रयागराज सहित सभी 10 जिलों में इस बार एक नया इतिहास कायम होगा। सवाल: सपा ने मान सिंह यादव को मैदान में उतारा है वह सिटिंग एमएलसी हैं। पिछली बार आपको इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में इस बार आप उनके मुकाबले किस रणनीति के तहत उतर रहे हैं? जवाब: हमारी सरकार पिछले इन वर्षों में जनता के हित में अभूतपूर्व काम किए हैं, जिसके कारण आज प्रदेश के मतदाताओं के मन में सरकार के प्रति अटूट विश्वास है। मौजूदा एमएलसी मान सिंह यादव का कार्यकाल पूरा हो चुका है। यदि आप आम जनता से पूछेंगे, तो शायद 20% लोग भी यह नहीं बता पाएंगे कि वे कहाँ रहते हैं। उनके कार्यकाल की कोई ऐसी उपलब्धि नहीं है, जिसके आधार पर जनता उन्हें दोबारा वोट दे। उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसा कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया है। सवाल: एक चर्चा यह भी है कि भाजपा के प्रत्याशी प्रयागराज से बाहर के हैं, जबकि सपा प्रत्याशी स्थानीय हैं। क्या इससे चुनावी मैदान में कोई फर्क पड़ेगा या मतदाताओं पर इसका असर होगा?जवाब: यहाँ 'दूर' और 'पास' जैसी कोई बात ही नहीं है। भारतीय जनता पार्टी एक वैचारिक और कैडर आधारित पार्टी है, जिसका संगठन पूरे प्रदेश के कोने-कोने में सक्रिय है। यहाँ चुनाव कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि हमारा मजबूत संगठन और हमारी नीतियां लड़ती हैं। हमारा संगठन अपने प्रत्याशी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। अशोक राठौर को पहले भी चुनाव लड़ने का लंबा और पुख्ता अनुभव रहा है। इसलिए हमारा पूरा संगठन उनके साथ समन्वय बिठाकर एक अचूक रणनीति पर काम कर रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि वह केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि चुनाव क्षेत्र के दसों जिलों में भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। सवाल: ठीक इसके कुछ ही महीनों बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। क्या यह स्नातक एमएलसी चुनाव विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है, और इसको लेकर पार्टी कितनी गंभीर है?जवाब: देखिये, विधानसभा चुनाव एक अलग प्रक्रिया है और विधान परिषद (एमएलसी) का चुनाव अपने आप में एक अलग फॉर्मेट रखता है। चूंकि इसके कुछ ही महीनों बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं, इसलिए इस चुनाव का अपना एक विशेष राजनीतिक महत्व है। इसको लेकर हम हमेशा की तरह बेहद गंभीर रहे हैं और इस बार हमारी गंभीरता और अधिक बढ़ गई है। इस चुनाव को जीतकर हम विधानसभा चुनाव के लिए एक मजबूत और अनुकूल सियासी जमीन तैयार करना चाहते हैं। जहाँ तक विधानसभा चुनाव की बात है, तो पिछले पाँच वर्षों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में भाजपा ने 'एक-एक घर' तक पहुँचकर जनसेवा की है। हमारे कार्यकर्ता और पदाधिकारी निरंतर जनता के संपर्क में रहते हैं, इसलिए हमें चुनाव के समय कभी कोई चिंता नहीं होती क्योंकि हम साल के बारह महीने चुनावी मोड में रहकर काम करते हैं। सवाल: हाल ही में कुछ युवा वर्गों (विशेषकर 'Gen Z') और कुछ छात्र संगठनों की तरफ से सरकार या पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं, जैसा कि दिल्ली या अन्य जगहों पर हुआ। आगामी चुनावों में इस वर्ग की नाराजगी को आप कैसे संभालेंगे या कैसे मनाएंगे?जवाब: जंतर-मंतर या अन्य जगहों पर जो लोग खुद को 'जेंजी' (Gen Z) बताकर या उनके नाम पर वहां उपस्थित थे, असल में वे उस वर्ग के वास्तविक प्रतिनिधि थे ही नहीं। मैं यह अच्छी तरह जानता हूँ कि भारत का युवा और पढ़ा-लिखा समाज बेहद परिपक्व है। वहाँ जो भाषा और प्रवृत्तियाँ देखने को मिलीं, वह स्पष्ट करती हैं कि वे लोग देश की मूलधारा से कटे हुए थे। भारत का युवा आज राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, और विकास के पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। अभी हाल ही में निकाली गई 'तिरंगा यात्रा' या अन्य राष्ट्रव्यापी आयोजनों में देश का एक-एक नौजवान भारत माता की तस्वीर के साथ सड़कों पर उतरा था। प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। जहाँ तक बात कुछ गिने-चुने विरोधों की है, तो विपक्ष के पास आज कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे भ्रामक हथकंडों का सहारा ले रहे हैं, जिसे जनता और युवा भली-भांति समझ चुके हैं।
कानपुर के थाना चकेरी के लालबंगला इलाके में बुधवार सुबह बेखौफ बदमाशों ने पैदल जा रहे थेरेपिस्ट को घेरकर बेरहमी से पीट दिया। पांच बदमाशों ने बेल्टों से युवक पर ताबड़तोड़ हमला किया। सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आने के बाद आरोपी उसका बैग और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो बदमाश धमकाते हुए मौके से भाग निकले। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पीड़ित ने दोपहर 12:30 बजे पुलिस से शिकायत की। लालबंगला के चंद्रनगर निवासी आसिफ अली ने पुलिस को बताया कि वह थेरेपिस्ट है, सुबह करीब छह बजे घर से पैदल जा रहे थे। रास्ते में घात लगाए बैठे पांच युवकों ने उन्हें अचानक घेर लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, आरोपियों ने बेल्ट निकालकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने उन्हें सड़क पर गिराकर भी पीटा। हमले में आसिफ के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। आसिफ ने बताया कि, मारपीट के बाद आरोपी उनका बैग और मोबाइल फोन छीनकर भागने लगे। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो बदमाश उन्हें धमकाते हुए वहां से फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपी उन्हें मृत समझकर छोड़ गए थे। इसके बाद आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला। थेरेपी मशीन समेत सामान ले गए बदमाश - आसिफ ने बताया कि बैग में थेरेपी करने वाली मशीन और काम से जुड़ा अन्य सामान रखा था। बदमाश मोबाइल के साथ बैग भी लूट ले गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद चकेरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
बुढ़ार के छोटकी टोला स्थित माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। सामने आई तस्वीरों में थाली में दाल पतली और सब्जी में पानी ज्यादा दिखा, जिससे भोजन की नियमित जांच पर सवाल खड़े हो गए। तस्वीरों में दाल का रंग और बनावट पतली दिखी। सब्जी में आलू के टुकड़ों के साथ पानी दिखा। भोजन की पौष्टिकता और मात्रा की लैब जांच हुई या नहीं, यह साफ नहीं। इन तस्वीरों के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भोजन की गुणवत्ता पर चर्चा शुरू हो गई। स्कूल में मिड-डे मील का संचालन रोशनी स्व-सहायता समूह कर रहा है। छात्रों को तय मेन्यू और मापदंड के हिसाब से खाना मिलना चाहिए। बनाने से लेकर परोसने तक स्वच्छता, मात्रा और गुणवत्ता जरूरी है। मिड-डे मील का मकसद बच्चों को पोषण देना है। खराब गुणवत्ता से योजना के उद्देश्य पर असर पड़ेगा। भोजन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल। क्या परोसने से पहले गुणवत्ता जांची जाती है और अधिकारी नियमित निरीक्षण करते हैं?
महराजगंज के घुघली क्षेत्र के पौहरिया गांव निवासी फैजुल्लाह की मौत का मामला करीब दो साल बाद फिर चर्चा में है। रेलवे ट्रैक किनारे घायल मिले फैजुल्लाह की मौत को लेकर उठे सवालों के बीच फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर डमी के जरिए घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हुई है। 11 अक्टूबर 2024 को फैजुल्लाह रेलवे ट्रैक के किनारे गंभीर घायल हालत में मिले थे। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 13 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने गांव के चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट में मौत को रेल दुर्घटना बताया गया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सड़क दुर्घटना को मौत की वजह बताया गया था। रेलवे ट्रैक किनारे घायल मिले थे फैजुल्लाह 11 अक्टूबर 2024 को फैजुल्लाह रेलवे ट्रैक के किनारे गंभीर हालत में मिले थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन दो दिन बाद 13 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के चार लोगों के खिलाफ जांच की मांग की थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट में फैजुल्लाह की मौत को रेल दुर्घटना का परिणाम बताया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सड़क दुर्घटना बताई गई। दोनों रिपोर्ट में अलग-अलग निष्कर्ष सामने आने से मामला और उलझ गया। परिजन पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद घटनास्थल पहुंची टीम परिजनों की याचिका पर मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। निर्धारित समय में जांच पूरी नहीं होने पर अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस जारी किया। इसके बाद करीब दो साल बाद फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और डमी रखकर घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया। वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर टिकी अगली सुनवाई फोरेंसिक विशेषज्ञों ने डमी के जरिए यह समझने का प्रयास किया कि फैजुल्लाह को चोटें किन परिस्थितियों में लगी होंगी और घटना का वास्तविक स्वरूप क्या था। टीम ने मौके पर तकनीकी और वैज्ञानिक तथ्यों की भी जांच की। परिजनों को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच से सच्चाई सामने आएगी। अब 30 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई और फोरेंसिक रिपोर्ट पर सभी की नजर है।
गजरौला में सफाईकर्मी सम्मानित:स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक, सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग पर दिया जोर
गजरौला में नगर पालिका परिषद और आईटीसी मिशन सुनहरा कल के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पालिका सभागार में 'सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत चल रहे 157 घंटे के विशेष स्वच्छता कार्यक्रम के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सफाई मित्रों के श्रम का सम्मान करने के साथ ही उन्हें स्वास्थ्य व सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ पालिका अध्यक्ष राजेंद्री (उमा देवी) ने किया। उन्होंने सफाई मित्रों को शहर की स्वच्छता व्यवस्था की अहम कड़ी बताते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वहीं, अधिशासी अधिकारी ललित कुमार आर्य ने नागरिकों से शहर को स्वच्छ बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। खाद्य एवं सफाई निरीक्षक नेपाल सिंह ने सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करने के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष के पुत्र प्रमोद सिंह, आईटीसी कोऑर्डिनेटर यशपाल सिंह, लिपिक ललित कुमार, देवेंद्र सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अक्षय शुक्ला, दीपू कुमार, विभोर जिंदल, रितिक सिंगल, कपिल भटनागर सहित सफाई नायक जयचंद, महेश व मुनेश आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
कंटेनर के केबिन में लगी भीषण आग:उडवारिया टोल प्लाजा के पास केबिन जलकर खाक, शॉर्ट सर्किट से हादसा
सिरोही में उदयपुर-पालनपुर फोरलेन पर उडवारिया टोल प्लाजा के पास एक कंटेनर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। यह घटना बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे हुई। आग से कंटेनर का केबिन जलकर खाक हो गया। कंटेनर राजस्थान से प्लास्टिक के दाने भरकर गुजरात जा रहा था। ड्राइवर ने टोल प्लाजा के पास वाहन सड़क किनारे खड़ा किया और पानी लेने चला गया। इसी दौरान केबिन में आग लग गई।टोल प्लाजा और नेशनल हाईवे के कर्मचारियों ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी कोशिश के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्वरूपगंज पुलिस भी मौके पर पहुंची और जले वाहन को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
लखनऊ में संविदा और आउटसोर्सिंग पर काम कर रहीं ANM कर्मियों का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में ANM कर्मी इको गार्डन में जुटीं। उन्होंने सरकार पर अनदेखी और शोषण का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे पिछले 10 दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे कई बार डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन दे चुकी हैं। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। ANM कर्मियों का कहना है कि उनसे 24 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन महीने में सिर्फ 12 हजार रुपए वेतन दिया जाता है। इतने कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं और मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगी। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो 2027 में इसका असर देखने को मिलेगा। प्रदर्शन की 2 तस्वीरें देखिए… ‘24 घंटे काम कराया जा रहा’ प्रदर्शन कर रही पूनम ने कहा कि हम मात्र 10 हजार रुपए में काम कर रहे हैं। ये समझा जाए कि मुफ्त में काम कर रहे हैं। जो पैसा मिल रहा है वो तो दौड़-भाग और किराए में खर्च हो जाता है। इतने कम पैसों में बच्चों कि पढ़ाई, दवा और त्योहार पर उनकी फरमाइश कुछ भी पूरा नहीं हो पाता है। इतनी कम तनख्वाह होने के बाद भी 4 महीने लेट आती है। हम लोगों ने सोच लिया है कि पीछे हटने वाले नहीं है। अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल हड़ताल करेंगे। हमने ठान लिया है अगर चुनाव से पहले मांग पूरी नहीं हुई तो NOTA दबाएंगे। किसी को भी वोट नहीं देंगे। हमसे दबाव में 24 घंटे काम कराया जाता है। काम कर कर के पागल हो चुके हैं। सरकार को हमारी मजबूरियां नजर नहीं आ रही हैं। ANM संविदाकर्मियों की प्रमुख मांगें सभी संविदा ANM कर्मियों को स्थायी किया जाए। समान काम समान वेतन लागू किया जाए। गृह जनपद में तैनाती दी जाए। स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए। ANM कर्मियों के शोषण से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए वर्क प्लेस पर विशाखा कमेटी का गठन हो। EPF अंशदान को नियमित तरीके से सभी कर्मियों के नाम से जमा कराया जाए।
कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के गुंजन बिहार में आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने करीब 12 दिन पहले फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। परिजनों की नजर पड़ने पर उसे तत्काल फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। यहां करीब 12 दिनों तक उसका उपचार चला, लेकिन बुधवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची बर्रा पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लखनऊ में वायरिंग का काम करने गया था, लौटते समय हुआ था एक्सीडेंट गुंजन बिहार निवासी रामशंकर वर्मा हलवाई का काम करते हैं। परिवार में पत्नी आशा वर्मा, बड़ा बेटा संजय वर्मा (35) और छोटा बेटा मनोज है। संजय की पत्नी दिव्या, बेटा विवेक और बेटी नंदनी हैं। परिजनों के मुताबिक करीब दो साल पहले संजय को लखनऊ में इलेक्ट्रॉनिक वायरिंग का काम मिला था। काम पूरा करने के बाद वापस लौटते समय लखनऊ में ही उसका एक्सीडेंट हो गया था। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। लंबे समय तक इलाज और काम न कर पाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। इलाज का खर्च और आमदनी बंद होने से परिवार पर आर्थिक संकट बढ़ता गया। आर्थिक परेशानी के बीच शराब का सेवन भी बढ़ गया परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद संजय काफी समय तक घर पर ही रहा। आर्थिक परेशानी लगातार बढ़ने के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगा था। इस दौरान उसने शराब का सेवन भी अधिक शुरू कर दिया था। परिवार की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर वह चिंतित रहता था। खटपट की आवाज सुनकर पहुंचे परिजन, फंदे पर लटका मिला परिजनों के अनुसार बीते 18 सितंबर की देर रात संजय की पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान संजय ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। कुछ देर बाद कमरे से खटपट की आवाज सुनकर परिजन वहां पहुंचे तो संजय को फंदे पर लटका देखकर उनके होश उड़ गए। परिजनों ने आनन-फानन उसे फंदे से नीचे उतारा और उपचार के लिए पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद उसे हैलट में भर्ती कराया गया, जहां करीब 12 दिनों तक उसका उपचार चला। पति की मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हालबुधवार सुबह उपचार के दौरान संजय ने दम तोड़ दिया। पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी दिव्या और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में भी मातम छा गया। सूचना मिलने पर बर्रा पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस बोली- आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी बर्रा थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के मुताबिक संजय की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह शराब का भी सेवन करता था। करीब 12 दिन पहले उसने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हैलट में उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र के शाह चोखा गांव में एक सांप को डंडे से पीटकर मारने और उसका वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वन्य जीव विभाग के अधिकारियों ने वायरल वीडियों का संज्ञान लिया और और पुलिस से शिकायत की। पिनगवां पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी बोले- वन्य जीवों को नुकसान न पहुंचाएं पुलिस अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि 29 सितंबर को वन्य जीव निरीक्षक राकेश कुमार को यह वीडियो मिला था। इसमें एक लड़का सांप को मार रहा है, जबकि दूसरा कुल्हाड़ी लिए खड़ा है। यह वीडियो खोरी शाहचोखा के सरकारी स्कूल से जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि सांप पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वन्य जीवों को नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि विभाग को सूचना दें। पुलिस अब वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान कर रही है।
सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं के गहने लूटने वाली गैंग के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी महिलाओं का ब्रेनवॉश करके वारदात करते थे। वारदात करने से पहले गरीबों को रुपए दान भी करते हैं। देशभर में अब तक 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। कोतवाली थाना SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया- आरोपी सुनील शिंदे (29) पुत्र सरदार निवासी हिंगोली और रामचरण काले(32) पुत्र सीताराम काले निवासी परभणी को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, 14 अप्रैल को पुलिस थाने पर कैलाश सिंह ने मुकदमा दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि मां लिछमा कपड़े लेने के लिए 13 अप्रैल को सीकर आई थी। सुभाष चौक के पास तीन आदमी मिले और बातचीत करते हुए कहने लगे कि एक नई दुकान खुली है। वहां पर कपड़े सस्ते मिलते हैं। वहां से कपड़े दिलवा देंगे। सोने के गहने और रुपए छीने इसके बाद तीनों लोग महिला को बनारसी हॉस्पिटल की गली में ले गए। मौका पाकर गले से सोने का मादलिया छीन लिया। उनके पास से 25 हजार रुपए भी ले लिए। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। पुलिस ने आरोपियों के चेहरे पहचाने। इसी बीच आरोपी वापस सीकर में वारदात करने के लिए आए। पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल दलीप ने सालासर बस स्टैंड के पास आरोपियों को देखा। वहां भी आरोपी किसी महिला का पीछा कर रहे थे। इसके पहले ही दोनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी इतने शातिर हैं कि पुलिस को अपना असली नाम और एड्रेस नहीं बताते। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से कॉन्टेक्ट करके नाम और एड्रेस मालूम किए। दोनों के खिलाफ पहले भी महाराष्ट्र सहित अलग-अलग जगह पर काफी मुकदमे दर्ज हैं। रुपए दान करके टारगेट ढूंढते हैं आरोपी सीकर में भी कई वारदात कर चुके हैं। कई मामले तो ऐसे भी हैं, जिनमें परिवादी मुकदमा दर्ज करवाने ही नहीं पहुंचे। आरोपी वारदात करने के लिए ट्रेन से सीकर आते हैं। सीकर आने के बाद सबसे पहले शराब ठेके पर जाकर शराब पीते हैं। फिर रेलवे स्टेशन के बाहर भीख मांगने वाले लोगों को रुपए दान करके सीकर शहर में अपना टारगेट ढूंढते हैं। इनका टारगेट बुजुर्ग महिलाएं होती हैं, जो गले में जेवरात पहनी हुई होती है। उसे आरोपी नई दुकान दिखाने, सोना डबल करने जैसा लालच देकर सुनसान जगह पर लेकर चले जाते हैं। इसके बाद उन्हें कुछ सूंघाकर जेवरात और रुपए ले लेते हैं। कुछ मिनट में आरोपी वारदात करके वापस महाराष्ट्र भाग जाते हैं। अब तक आरोपी करीब 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं।
सोनीपत के गोहाना में करीब 37 हजार रुपये बकाया मांगने गए शीशा कारीगर पर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसे मांगने पर एक परिवार के कई लोगों ने उसे घेर लिया और डंडों से मारपीट की। शिकायतकर्ता ने एक आरोपी पर लोहे की कैंची से पेट में तीन वार करने का आरोप लगाया है। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके चाचा और चचेरे भाई के साथ भी मारपीट की गई। घायल को गोहाना सिविल अस्पताल से बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर किया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज, MLR और शिकायत की जांच के बाद केस दर्ज किया है। एक साल से 37 हजार रुपये थे बकाया गोहाना के बलराज नगर के रहने वाले अनिल पुलिस को बताया कि वह मकानों और दुकानों में शीशे लगाने का काम करता है। करीब एक साल पहले सुनील के कहने पर उसने विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी बिजेंद्र, कृष्ण, मुकेश आदि के घर पर शीशे लगाने का काम किया था। काम के 37 हजार रुपये बकाया थे। अनिल के अनुसार, वह कई बार पैसे मांग चुका था, लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे। सुनील के साथ पैसे मांगने पहुंचा था अनिल ने बताया कि 27 सितंबर की सुबह उसकी सुनील से बात हुई। सुनील ने रविवार होने के कारण आरोपियों के घर चलकर पैसे मांगने की बात कही। इसके बाद करीब 11:30 बजे दोनों बिजेंद्र के घर पहुंचे। अनिल मकान के बाहर खड़ा रहा, जबकि सुनील अंदर बातचीत करने चला गया। कुछ देर बाद सुनील ने उसे अंदर आकर बैठने के लिए कहा, लेकिन अनिल ने बाहर ही पैसे दिलाने की बात कही। डंडे और कस्सी लेकर बाहर आने का आरोप शिकायत के अनुसार, इसके बाद बिजेंद्र और उसकी पत्नी बाहर आए। बिजेंद्र के हाथ में डंडा, उसकी पत्नी के हाथ में डंडा और बेटे नितिन के हाथ में कस्सी थी। आरोप है कि बाहर आते ही सभी ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान कृष्ण भी कैंची लेकर बाहर आया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कृष्ण ने उसे जान से मारने की धमकी दी। कैंची से पेट में तीन वार करने का आरोप अनिल के अनुसार, इसके बाद महेंद्र और उसकी पत्नी समेत अन्य लोग भी डंडे लेकर बाहर आ गए और उसे चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि कृष्ण ने लोहे की कैंची से उसके पेट पर लगातार तीन वार किए। इसके बाद बिजेंद्र, नितिन, महेंद्र और अन्य लोगों ने डंडों से उसकी पिटाई की। बचाने पहुंचे चाचा और अन्य लोगों से भी मारपीट शोर सुनकर अनिल के चाचा रामकरण, मंजीत, अमित और प्रदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने अनिल को आरोपियों से छुड़ाने का प्रयास किया। शिकायत के अनुसार, इस दौरान आरोपियों ने उनके साथ भी डंडों से मारपीट की, जिससे रामकरण और मंजीत को चोटें आईं। आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। गोहाना अस्पताल से खानपुर रेफर मारपीट के बाद परिजन घायल अनिल को सिविल अस्पताल गोहाना लेकर पहुंचे। पुलिस कार्रवाई के अनुसार, अनिल, रामकरण और मंजीत का मेडिकल कराया गया। अनिल की MLR में दो चोटें दर्ज की गईं, जिन पर डॉक्टर ने ऑर्थोपेडिक राय लेने की बात कही। रामकरण की MLR में दो और मंजीत की MLR में तीन चोटें दर्ज हैं। सभी चोटों को ब्लंट बताया गया है। अनिल को प्राथमिक उपचार के बाद बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर किया गया। CCTV और मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद FIR पुलिस की कार्रवाई के अनुसार CCTV फुटेज, MLR और शिकायत का अध्ययन किया गया। जांच में संज्ञेय अपराध बनता पाए जाने पर थाना शहर गोहाना में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने BNS की धारा 190, 191(3), 126(2), 115 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है।
मेरठ में मिला युवक का शव, ओवरडोज की आशंका:इंजेक्शन बरामद, परिजन बोले- नशे का आदी था युवक
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर स्कूटी पर युवक का शव पड़ा मिलने से सनसनी फैल गई। शव रोहटा रोड चौकी के बराबर स्थित खाली मैदान में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया। मृतक की पहचान 26 वर्षीय रजत यादव पुत्र राधेश्याम निवासी बैंक कॉलोनी, थाना कंकरखेड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के बाद युवक की पहचान की और घटना की जानकारी परिजनों को दी। मृतक की मां ममता ने पुलिस को बताया कि रजत एसडी इंटर कॉलेज में प्राइवेट नौकरी करता था। वह काफी समय से नशे का आदी था। अत्यधिक नशे के कारण उसे काला पीलिया की बीमारी भी हो गई थी। उसका इलाज चल रहा था। रजत के पिता राधेश्याम झज्जर, हरियाणा में मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार, मौके पर स्कूटी के पास कुछ इंजेक्शन बरामद हुए हैं। परिजनों ने भी बताया कि रजत नशे के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल करता था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि युवक की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई होगी। हालांकि पुलिस ने अभी मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। टीपीनगर थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
चाची की हत्या करने वाले भतीजे को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्यारे के काका ने ही उसे हत्या करते देखा था और मौके पर पहुंच कर सहयोगी की मदद से पकड़ा था। जमीनी विवाद में हुई इस हत्या में साढ़े 7 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। पाली के सेशन न्यायालय ने दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। घटना साल 2018 में गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के बूसी गांव में हुई थी। कोर्ट के एसपीपी (विशिष्ट लोक अभियोजक) सुमेर सिंह राजपुरोहित ने बताया- मामले में पाली के सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा सुनाई है। फैसला 23 सितंबर 2026 को आया। जिसमें नरेश पुत्र लालाराम निवासी बूसी (गुड़ा एंदला) हाल पूना को लक्ष्मीदेवी का हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी गई है। हत्या करते पति ने देखा था एसपीपी सुरेंद्र सिंह ने बताया- 23 दिसंबर 2018 को पाली जिले के गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के बूसी गांव के घीसू बा की बेरी निवासी खूमाराम (65) पुत्र घीसाराम ने गुड़ा एंदला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि 23 दिसंबर की सुबह वह दूध डेयरी पर देने गया था। वापस साढ़े 10 बजे घर पहुंचा तो नरेश पुत्र लालाराम निवासी बूसी हाल पूना ने उसकी पत्नी लक्ष्मीदेवी (60) पर धारदार हथियार और हथोड़े से वार कर रहा था। वह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़ी थी। यह देख उन्होंने पास में रहने वाले जीवाराम को आवाज दी। दोनों ने मिलकर नरेश को पकड़ लिया और पुलिस को कॉल किया। पुश्तैनी जमीन का विवाद था एसपीपी राजपुरोहित ने बताया कि दोनों परिवारों में पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद था। 30 बीघा पुश्तैनी जमीन का बंटवारा हत्या की वजह बना। लक्ष्मी अपने पति के साथ यहां मकान बना कर रह रही थी। विवादित जमीन का मामला कोर्ट में चल रहा था।
महराजगंज में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत काम करने वाली एएनएम कर्मियों ने बुधवार को जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने समान काम के लिए समान वेतन समेत पांच सूत्रीय मांगें रखीं। ज्ञापन में कहा गया कि संविदा पर काम कर रही एएनएम लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। एएनएम ने सरकार से समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की। अन्य मांगों में संविदा एएनएम को अनुभव के आधार पर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, ओवरएज हो चुकी एएनएम के लिए उम्र सीमा खत्म करना, कैशलेस इलाज की सुविधा और गृह जनपद में तबादला करना शामिल है। एएनएम कर्मियों ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर उनमें नाराजगी है। उन्होंने काम बंद कर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना देने की चेतावनी दी है। एएनएम ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान लक्ष्मीपुर ब्लॉक की सुमन सिंह समेत कई एएनएम मौजूद रहीं।
बारां जिले की 66 ग्राम पंचायतों में अटल ज्ञान केंद्र बनाने के लिए 591 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। यह स्वीकृति वीबी-जी रामजी और पंचायतीराज योजना के तहत दी गई है। जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने बताया कि इन केंद्रों में 36 गुणा 20 फीट के नए भवन बनेंगे। इनमें फर्नीचर, कंप्यूटर, प्रिंटर के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें और पत्रिकाएं भी मिलेंगी। इन ज्ञान केंद्रों का मकसद ग्रामीण युवाओं, छात्रों, महिलाओं और किसानों को डिजिटल जानकारी और सरकारी योजनाओं तक पहुंच देना है। इससे ग्रामीण शिक्षा का स्तर सुधरेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे।
सुल्तानपुर में प्रतिभा सम्मान समारोह 4 को:प्रजापति समाज के प्रतिभाशाली लोग होंगे सम्मानित
उत्तर प्रदेश प्रजापति जागृति सेवा समिति की ओर से आगामी 4 अक्टूबर (रविवार) को दरियापुर ओवरब्रिज स्थित गोल्डन प्लाजा में 'प्रतिभा सम्मान समारोह-2026' का आयोजन किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में समाज के नव चयनित अधिकारियों, कर्मचारियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका मार्गदर्शन किया जाएगा। एटा के डीआईओएस डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि लाइफ केयर फर्म के डायरेक्टर वेद प्रकाश प्रजापति होंगे, जबकि अध्यक्षता पूर्व परिवहन उपायुक्त सीएम एलो प्रजापति करेंगे। इस भव्य समारोह में विमल प्रजापति (आईएएस), जितेंद्र प्रजापति (आईएएस), आकाश दीप प्रजापति (आईपीएस), एसडीएम संतोष प्रजापति, असिस्टेंट कमिश्नर राकेश प्रजापति और तहसीलदार सतीश प्रजापति समेत विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित कई अधिकारियों, चिकित्सकों, इंजीनियरों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों और इसे सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष पवन भार्गव (एडवोकेट), महासचिव रमेश भार्गव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. विनय प्रजापति, कोषाध्यक्ष संतोष प्रजापति तथा संरक्षक मंडल के प्रदीप भार्गव व श्याम बहादुर प्रजापति सहित सभी तहसील अध्यक्षों और पदाधिकारियों की प्रमुख भूमिका रहेगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में अधोसंरचना विकास और ट्रैक नवीनीकरण का काम होगा। इसके लिए 24 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक हर मंगलवार और शुक्रवार को मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। यह काम सीनी-राजखरसावां सेक्शन पर टीआरटी मशीन से किया जाएगा। इस दौरान कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कुछ ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ को बदले हुए रूट से चलाया जाएगा। रद्द होने वाली प्रमुख ट्रेनों में टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस (18109/18110), नांदेड़-संतरागाछी एक्सप्रेस (12767/12768) और संतरागाछी-पुणे हमसफर एक्सप्रेस (20822/20821) शामिल हैं। ये ट्रेनें ब्लॉक की निर्धारित तारीखों पर रद्द रहेंगी। वहीं, 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ईब-झारसुगुड़ा रोड-संबलपुर सिटी-कटक होकर पुरी जाएगी। 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस कांद्रा-सीनी होकर दुर्ग जाएगी और टाटानगर व गम्हरिया स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यात्रियों से अपील है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी ले लें। हटिया से बेंगलुरु और मुंबई के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनेंइधर, दुर्गापूजा और त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने हटिया से एसएमवीटी बेंगलुरु और एलटीटी मुंबई के लिए पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। दोनों स्पेशल ट्रेनों का परिचालन अक्टूबर से नवंबर तक निर्धारित दिनों में होगा। 08637 हटिया- एसएमवीटी बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन 14 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को हटिया से सुबह 9 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 8:45 बजे एसएमवीटी बेंगलुरु पहुंचेगी। वापसी में 08638 एसएमवीटी बेंगलुरु-हटिया स्पेशल 16 अक्टूबर से 13 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को रात 12:30 बजे बेंगलुरु से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 12:30 बजे हटिया पहुंचेगी। हटिया- मुंबई स्पेशल हर सोमवार को चलेगी : 08609 हटिया- एलटीटी मुंबई स्पेशल 12 से 26 अक्टूबर तक प्रत्येक सोमवार को शाम 4:20 बजे हटिया से रवाना होगी और अगले दिन रात 9:50 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी। वापसी में 08610 एलटीटी मुंबई- हटिया स्पेशल 13 से 27 अक्टूबर तक प्रत्येक मंगलवार को रात 10:55 बजे मुंबई से चलेगी। साहिबगंज में गंगा नदी के तटबंध में कटाव से वनांचल का मार्ग बदला वहीं, साहिबगंज में गंगा नदी के तटबंध में कटाव के कारण धनबाद होकर चलने वाली वनांचल एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए। रांची जाने वाली 13404 भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस मंगलवार को भागलपुर से रामपुरहाट के बीच परिवर्तित मार्ग से चलाई गई। बुधवार को निर्धारित मार्ग के बदले भागलपुर से बरहेट, मंदारहिल, हंसडीहा, नोनिहाट, दुमका, शिकारीपाड़ा होकर धनबाद आएगी। पूर्व रेल के सीपीआरओ शिबराम मांझी ने बताया कि साहिबगंज-बरहड़वा रेल मार्ग पर सकरी गली और महाराजपुर स्टेशन के बीच गंगा नदी का पानी रेलवे ट्रैक के काफी नजदीक आ गया है।
हनुमानगढ़ के भिरानी थाना क्षेत्र के गांव झांसल में खेत में बोरिंग चलाने से रोकने पर एक युवक से मारपीट की गई। आरोप है कि चार लोगों ने युवक पर लाठी और कसिए से हमला किया, जिससे उसके सीने और पैर पर चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झांसल निवासी राजेंद्र (40) पुत्र पृथ्वी सिंह वाल्मीकि ने थाने में रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि उनके खेत में विक्रम पुत्र प्रभाती, बिट्टू पुत्र लालचंद, दाताराम पुत्र लालचंद और प्रभाती पुत्र लालचंद बोरिंग चला रहे थे। जब उन्हें रोका गया, तो आरोपियों ने कहा कि यह उनकी जमीन है और उन्हें कोई रोक नहीं सकता। इसके बाद आरोपियों ने राजेंद्र के भाई राजकुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। विक्रम ने कसिए से राजकुमार के सीने पर वार किया, जबकि दाताराम ने उसके पैर पर हमला किया। आरोप है कि प्रभाती ने राजकुमार को जान से मारने के लिए उकसाया और कहा कि उसने पहले भी सुभाष नाम के व्यक्ति की हत्या की थी और उसका कुछ नहीं बिगड़ा। प्रभाती ने यह भी कहा कि उसके पास पैसे हैं और वह दोनों भाइयों को जान से मार देगा। पुलिस ने राजेंद्र की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र कुमार को सौंपी गई है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने हाईवे और सड़कों पर बाइक से खतरनाक स्टंटबाजी व बर्थ-डे सेलिब्रेशन पर सख्त रूख अपनाया है। डिवीजन बेंच ने इस तरह की समस्या से निपटने के लिए राज्य शासन को गाइडलाइन बनाने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान पता चला कि केवल बिलासपुर में ही स्टंटबाजी और सड़क पर बर्थ-डे सेलिब्रेशन के 13 महीने में 26 मामले सामने आए हैं। दरअसल, सड़कों पर जन्मदिन मनाने और स्टंटबाजी की खबरों को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। इस मामले की हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। पूर्व में हाईकोर्ट ने डीजीपी, बिलासपुर के एसएसपी समेत अन्य से जवाब मांगा था। SSP का जवाब-सभी थानों को स्टंट, रेसिंग और सोशल मीडिया रील पर कार्रवाई के निर्देश इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान बिलासपुर के एसएसपी की ओर से शपथपत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें बताया कि कोटा थान कोरी डैम के पास बाइक स्टंट का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही बाइक जब्त की और बाद में चार्जशीट पेश की। उन्होंने सभी थानों को खतरनाक स्टंट, रेसिंग और सोशल मीडिया रील के लिए चलती गाड़ियों के इस्तेमाल पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वायरल वीडियो और न्यूज रिपोर्ट के जरिए सामने आने वाले मामलों की भी निगरानी की जा रही है। उस शपथपत्र के संबंधित हिस्सों को कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में दर्ज किया था। डीजीपी के निर्देश, लेकिन अलग गाइडलाइन नहींडीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को सड़क पर स्टंट और बर्थडे सेलिब्रेशन रोकने, दोषियों पर तत्काल कार्रवाई और जनजागरूकता के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय ने सर्कुलर क्रमांक 6/2025 के जरिए विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की है। बताया गया कि 25 अक्टूबर 2025 को संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी की बैठक ली गई थी। अधिकारियों को सड़क सुरक्षा और सड़क पर हुड़दंग से जुड़ी शिकायतों पर 15 से 30 मिनट में रिस्पॉन्स देने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा- गाइडलाइन बनाए राज्य सरकार मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि डीजीपी ने समय- समय पर निर्देश तो जारी किए हैं, लेकिन गाइडलाइन नहीं बनाई गई है। इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों से निपटने सरकार को गाइडलाइन तैयार करने चाहिए। बिलासपुर में 13 महीनों में 26 से ज्यादा मामले, 80 गिरफ्तारीसड़कों पर स्टंट और जन्मदिन मनाने के मामलों में अब तक की लगभग सभी कार्रवाई सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही हुई है। करोड़ों रुपए खर्च कर लगाए गए आईटीएमएस कैमरे अब तक सड़क पर स्टंटबाजी या खतरनाक ड्राइविंग के किसी मामले को पकड़ नहीं सके हैं। बिलासपुर पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले 13 महीनों में सड़क पर स्टंटबाजी, खतरनाक ड्राइविंग और सार्वजनिक मार्ग पर बर्थ-डे सेलिब्रेशन से जुड़े 26 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 19 मामले स्टंटबाजी और 8 मामले सड़क पर बर्थ-डे सेलिब्रेशन के हैं। इन मामलों में अब तक 47 वाहन जब्त किए गए हैं, जबकि 80 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अजमेर जिले में अब तक 523.7 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है, वहीं अब तक औसत बरसात का आंकड़ा 457. 2 है। जो कि 14 प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन अभी भी जिले के अधिकांश बांध व तालाब में पानी की कमी है। सिंचाई विभाग के अनुसार- जिले में 48 तालाब-बांध हैं। आनासागर झील व गोविंदगढ़ बांध 100 प्रतिशत भरे हुए हैं। केवल 4 बांध ऐसे हैं जिनमें आधे से ज्यादा पानी है।वहीं 8 तालाब-बांध में एक चौथाई से ज्यादा पानी भरा है। वहीं जिले के अधिकांश तालाब-बांध खाली पडे़ है। जिले में 16 बांध तालाब ऐसे है, जहां एक चौथाई से भी कम पानी है और 18 बांध-तालाब तो खाली पडे़ है। जिनमें एक बूंद भी पानी नहीं। जिले में केवल 2 बांध पूरे भरे- इन 8 बांध-तालाब में एक चौथाई से ज्यादा पानी… सिंचाई के लिए रहेंगी पानी की किल्लत सिचाई विभाग के अधिशाषी अभिंयता सत्येन्द्र कुमार मीणा ने बताया-जिले में औसत बरसात भले ही ज्यादा हुई लेकिन बांध-तालाबों में पानी की कमी है। ऐसे में रबी की फसल में सिंचाई के लिए पानी की किल्लत रहेगी। हालाकिं गांवों में जल उपभोक्ता संगम बने हुए है और यहां पर सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी निर्णय करती है।
दुर्ग जिले के कुम्हारी में पुलिस ने गांजा बेचने की तैयारी कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी किराए के मकान में 6 किलो 350 ग्राम गांजा रखकर ग्राहक तलाश रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अटल आवास स्थित मकान नंबर 320 में दबिश दी और आरोपी को गांजे के साथ पकड़ लिया। जब्त गांजे की कीमत करीब 2 लाख 98 हजार 975 रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अटल आवास में एक व्यक्ति गांजा लेकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना के बाद कुम्हारी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। गवाहों की मौजूदगी में मकान की जांच की गई। यहां आरोपी प्रेम कुमार साहू (30) मिला। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 6.350 किलो गांजा बरामद हुआ। किराए के मकान को बनाया था गांजा रखने का ठिकानापुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अटल आवास में मकान किराए पर लेकर ही यह व्यापार कर रहा था। ग्राहकों को घर का पता होने के बाद ग्राहक सीधे आरोपी के किराए के मकान में आकर गांजा लेते थे। पुलिस को लंबे समय से इसकी जानकारी मिल रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करने से पहले प्वाइंटर भेजकर इसे कंफर्म किया, इसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। एक साथ मिला 6 किलो से ज्यादा गांजापुलिस ने कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद गांजे का कुल वजन 6 किलो 350 ग्राम है। पुलिस ने इसकी कीमत 2 लाख 98 हजार 975 रुपए आंकी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है, यह गांजा कहां से आया था और इसे किस तरह कुम्हारी तक पहुंचाया जा रहा था, इन सभी एंगल पर पुलिस जांच कर रही है।
हापुड़ में एनएच-9 पर बुधवार सुबह निजामपुर स्थित एटीएमएस कॉलेज के पास बेकाबू कैंटर ने एक के बाद एक आठ वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और कोई घायल भी नहीं हुआ। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेकर हादसे की वजह की जांच शुरू कर दी है। आगे चल रहे वाहन में मारी पीछे से टक्कर बुधवार सुबह करीब 10 बजे एनएच-9 पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी। इसी दौरान निजामपुर के पास कैंटर अचानक अनियंत्रित हो गया। उसने आगे चल रहे एक वाहन में पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद पीछे चल रहे वाहन भी एक-दूसरे से टकराते चले गए। एक के बाद एक आठ वाहन चपेट में आए कैंटर की टक्कर के बाद करीब आठ वाहन हादसे की चपेट में आ गए। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। टक्कर के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हालांकि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने वाहनों को हटवाकर रास्ता खुलवाया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। हादसे में शामिल कैंटर को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसके अनियंत्रित होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कोतवाली प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि कैंटर के अनियंत्रित होने की वजह की जांच की जा रही है। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलने पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करनाल में ई-रिक्शा का इंतजार कर रही 40 वर्षीय महिला की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब महिला स्कूल की दीवार के पास बने शैड के नीचे खड़ी थी। पराली से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली महिला को कुचलने के बाद सरकारी स्कूल की दीवार से जा टकराई, जिससे दीवार भी ढह गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवा शव परिजनों के हवाले कर दिया। मृतका की पहचान कैलाश गांव निवासी रीटा(40) के रूप में हुई है। वह घरों में काम करके परिवार का पालन-पोषण करती थी। उसके परिवार में पति कुलदीप सफाई कर्मचारी है जो हादसे के समय अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे। इसके अलावा रीटा की तीन बेटियां और एक बेटा है। हादसे के समय रीटा करनाल में काम पर जाने के लिए ई-रिक्शा का इंतजार कर रही थी। पति बोला- हादसे से 5 मिनट पहले ही हुई थी पत्नी से बातरीटा के पति कुलदीप ने बताया कि हादसे से करीब 5 मिनट पहले ही उसकी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। उस समय उसने काम पर जाने की बात कही थी। कुछ देर बाद ही हादसे की सूचना मिली। कुलदीप के मुताबिक, रीटा शैड के नीचे खड़ी थी, तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर वहां आया और उसे कुचल दिया। ट्रैक्टर का पहिया रीटा के सिर के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्कूल की दीवार भी ढहाईकुलदीप ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चालक ने किसी प्रकार का नशा किया हुआ था जिससे वह तेज रफ्तार से ट्रैक्टर चला रहा था। उसकी पत्नी रीटा को कुचलने के बाद ट्रैक्टर सरकारी स्कूल में जा घुसा, जिससे स्कूल की पूरी दीवार ढह गई। ट्रैक्टर के पीछे पराली से भरी ट्रॉली लगी हुई थी। हादसे के बाद लोगों ने चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों का आरोप- ट्रैक्टर मालिक मिलने तक नहीं आयाकुलदीप और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद ट्रैक्टर मालिक अभी तक उनसे मिलने तक नहीं आया। उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि रीटा परिवार के लिए कमाने वाली थी और उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर में तीन दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सबसे पहले गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वह गोरखनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे और गोसेवा की।मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को स्नेहपूर्वक अपने हाथों से गुड़ खिलाया। इस दौरान हाल ही में जन्मे एक बछड़े को उन्होंने गर्दन से पकड़कर बड़े प्यार से गुड़ खिलाया। मुख्यमंत्री उसे दुलारते हुए वीडियो में कहते नजर आए—“क्यों रे... आ जा, खा ले... आ जा, शाबाश।”गोसेवा के इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पहला मौका नहीं है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोसेवा करते हुए गोवंश के प्रति स्नेह और दुलार का वीडियो सामने आया हो। गोशाला में मुख्यमंत्री के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतजन भी मौजूद रहे। फोटो पर क्लिक करके VIDEO देखें
पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अहिरगुआ के उड़की गांव में मंगलवार रात सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के पास करीब 40 फीट गहरे कुएं से एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान बड़खेड़ा निवासी रोहित विश्वकर्मा (30) पिता विजय कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई है। रोहित वेल्डिंग मैकेनिक था और गांव में ही दुकान चलाता था। गोताखोरों और SDRF ने शव निकाला शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बृजपुर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और SDRF टीम की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस बोली- कुएं में गिरने की प्राथमिक जानकारी बृजपुर थाना प्रभारी सोनम शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार युवक कुएं के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान वह अचानक अनियंत्रित होकर कुएं में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। घटना को लेकर इलाके में अलग-अलग चर्चाएं हैं। पुलिस हादसे के साथ अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बृजपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
रायपुर में कचरा उठाने से लेकर उसके निपटारे तक की व्यवस्था अब नए तरीके से की जाएगी। भारत सरकार की ‘प्रगति 50’ योजना में देश के 50 शहरों को शामिल किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ से रायपुर और बिलासपुर भी हैं। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दी। केंद्र सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 भी लागू किए हैं। नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों में कचरा अलग-अलग रखना जरूरी होगा। कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा अलग करना होगा। रायपुर 4 हिस्सों में बंटेगा, 5 हजार बीट में होगा काम आयुक्त के मुताबिक, रायपुर को 4 क्लस्टर में बांटा जाएगा। इन क्लस्टरों में करीब 5 हजार बीट बनाए जाएंगे। कचरा संग्रहण और इससे जुड़े काम की निगरानी इसी व्यवस्था के तहत होगी। काम करने वाली एजेंसियों को भुगतान उनके काम के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। यानी सिर्फ कचरा उठाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि काम कितना और किस तरह हुआ, इसे भी देखा जाएगा। सेंट्रल कंट्रोल सेंटर से पूरे शहर की निगरानी कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिए सेंट्रल कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। यहां से कचरा उठाने, अलग करने, ले जाने और आगे के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। केंद्र के नए नियमों में भी कचरा पैदा होने से लेकर उसके संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। बड़े संस्थानों को खुद संभालना होगा अपना कचरा नए नियमों में ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। 20 हजार वर्गमीटर या उससे ज्यादा क्षेत्रफल, रोज 40 हजार लीटर या उससे ज्यादा पानी की खपत या 100 किलो या उससे ज्यादा कचरा रोज पैदा करने वाली जगहों को बल्क वेस्ट जनरेटर माना जाएगा। इसमें सरकारी विभाग, संस्थान, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय समितियां भी आ सकती हैं। इन्हें अपने कचरे के संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जहां संभव होगा, ऐसे संस्थानों को गीले कचरे का निपटारा अपने परिसर में ही करना होगा। कचरा कहां से उठा और कहां गया, ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा नए नियमों के तहत कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे यह देखा जा सकेगा कि कचरा कहां पैदा हुआ, कब उठा, कहां ले जाया गया और उसका क्या हुआ। कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का ऑडिट भी जरूरी होगा और उसकी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर डालनी होगी। नियम तोड़े तो देना पड़ सकता है मुआवजा कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जा सकता है। बिना पंजीकरण काम करना, गलत जानकारी देना या फर्जी दस्तावेज देना भी इसके दायरे में आएगा। पुराने कचरे के पहाड़ भी हटाने होंगे पुराने कचरा स्थलों की पहचान और उनका आकलन करना होगा। इन जगहों पर समयबद्ध तरीके से बायोमाइनिंग और बायोरिमेडिएशन किया जाएगा। लैंडफिल में हर तरह का कचरा नहीं भेजा जा सकेगा। नए नियमों के तहत वहां केवल ऐसा कचरा जाएगा जिसे न तो रिसाइकिल किया जा सकता है और न ही उससे ऊर्जा हासिल की जा सकती है। उद्योगों में कचरे से बने ईंधन का इस्तेमाल बढ़ेगा सीमेंट प्लांट और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट जैसे उद्योगों में कचरे से तैयार ईंधन RDF का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसके लिए ईंधन बदलने की दर को अगले छह साल में 5% से बढ़ाकर 15% करने का लक्ष्य रखा गया है। कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी रायपुर में नई व्यवस्था के तहत कचरा संग्रहण, अलग-अलग करना, परिवहन और निपटान को एक साथ मॉनिटर किया जाएगा। 4 क्लस्टर, 5 हजार बीट और सेंट्रल कंट्रोल सेंटर के जरिए व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। नए नियमों का असर सीधे घरों से निकलने वाले कचरे पर भी पड़ेगा। इसलिए अब सिर्फ कचरा बाहर देना ही नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से अलग करके देना भी जरूरी होगा।
रायपुर में कचरा उठाने से लेकर उसके निपटारे तक की व्यवस्था अब नए तरीके से की जाएगी। भारत सरकार की ‘प्रगति 50’ योजना में देश के 50 शहरों को शामिल किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ से रायपुर और बिलासपुर भी हैं। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दी। केंद्र सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 भी लागू किए हैं। नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों में कचरा अलग-अलग रखना जरूरी होगा। कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा अलग करना होगा। रायपुर 4 हिस्सों में बंटेगा, 5 हजार बीट में होगा काम आयुक्त के मुताबिक, रायपुर को 4 क्लस्टर में बांटा जाएगा। इन क्लस्टरों में करीब 5 हजार बीट बनाए जाएंगे। कचरा संग्रहण और इससे जुड़े काम की निगरानी इसी व्यवस्था के तहत होगी। काम करने वाली एजेंसियों को भुगतान उनके काम के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। यानी सिर्फ कचरा उठाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि काम कितना और किस तरह हुआ, इसे भी देखा जाएगा। सेंट्रल कंट्रोल सेंटर से पूरे शहर की निगरानी कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिए सेंट्रल कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। यहां से कचरा उठाने, अलग करने, ले जाने और आगे के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। केंद्र के नए नियमों में भी कचरा पैदा होने से लेकर उसके संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। बड़े संस्थानों को खुद संभालना होगा अपना कचरा नए नियमों में ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। 20 हजार वर्गमीटर या उससे ज्यादा क्षेत्रफल, रोज 40 हजार लीटर या उससे ज्यादा पानी की खपत या 100 किलो या उससे ज्यादा कचरा रोज पैदा करने वाली जगहों को बल्क वेस्ट जनरेटर माना जाएगा। इसमें सरकारी विभाग, संस्थान, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय समितियां भी आ सकती हैं। इन्हें अपने कचरे के संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जहां संभव होगा, ऐसे संस्थानों को गीले कचरे का निपटारा अपने परिसर में ही करना होगा। कचरा कहां से उठा और कहां गया, ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा नए नियमों के तहत कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे यह देखा जा सकेगा कि कचरा कहां पैदा हुआ, कब उठा, कहां ले जाया गया और उसका क्या हुआ। कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का ऑडिट भी जरूरी होगा और उसकी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर डालनी होगी। नियम तोड़े तो देना पड़ सकता है मुआवजा कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जा सकता है। बिना पंजीकरण काम करना, गलत जानकारी देना या फर्जी दस्तावेज देना भी इसके दायरे में आएगा। पुराने कचरे के पहाड़ भी हटाने होंगे पुराने कचरा स्थलों की पहचान और उनका आकलन करना होगा। इन जगहों पर समयबद्ध तरीके से बायोमाइनिंग और बायोरिमेडिएशन किया जाएगा। लैंडफिल में हर तरह का कचरा नहीं भेजा जा सकेगा। नए नियमों के तहत वहां केवल ऐसा कचरा जाएगा जिसे न तो रिसाइकिल किया जा सकता है और न ही उससे ऊर्जा हासिल की जा सकती है। उद्योगों में कचरे से बने ईंधन का इस्तेमाल बढ़ेगा सीमेंट प्लांट और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट जैसे उद्योगों में कचरे से तैयार ईंधन RDF का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसके लिए ईंधन बदलने की दर को अगले छह साल में 5% से बढ़ाकर 15% करने का लक्ष्य रखा गया है। कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी रायपुर में नई व्यवस्था के तहत कचरा संग्रहण, अलग-अलग करना, परिवहन और निपटान को एक साथ मॉनिटर किया जाएगा। 4 क्लस्टर, 5 हजार बीट और सेंट्रल कंट्रोल सेंटर के जरिए व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। नए नियमों का असर सीधे घरों से निकलने वाले कचरे पर भी पड़ेगा। इसलिए अब सिर्फ कचरा बाहर देना ही नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से अलग करके देना भी जरूरी होगा।
सामूहिक जप और दीप यज्ञ:गोमतीनगर विस्तार के गायत्री शक्तिपीठ में माताजी की जयंती मनाई
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित गायत्री शक्तिपीठ में भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर सामूहिक जप और दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। दीप यज्ञ में एक हजार दीप प्रज्वलित किए गए। कार्यक्रम में गायत्री परिवार के बड़ी संख्या में साधकों ने हिस्सा लिया। साधकों ने सामूहिक जप के साथ आध्यात्मिक साधना का संकल्प लिया। गायत्री परिवार की ओर से आगामी 2 अक्टूबर को साधना शिविर संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। इसमें गायत्री परिवार के सदस्य सामूहिक रूप से साधना का संकल्प लेंगे। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं, युवाओं और गायत्री परिवार के साधकों के शामिल होने की संभावना है। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी शिव शंकर मिश्रा ने बताया कि बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को सभी साधक सामूहिक रूप से साधना का संकल्प लेंगे और युग परिवर्तन में अपनी आहुति समर्पित करेंगे। ट्रस्टी सुरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में साधकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और सामूहिक साधना के संकल्प को आगे बढ़ाने की अपील की। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार साधना शिविर का उद्देश्य गायत्री परिवार के साधकों को नियमित साधना से जोड़ना और सामूहिक आध्यात्मिक प्रयास को विस्तार देना है.
मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में धार्मिक स्थल से पूजा कर लौट रही महिला ने रास्ते में रोककर छेड़खानी, मारपीट, जेवर छीनने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जमीन पर पटक दिया और अश्लील हरकतें कीं। महिला के शोर मचाने पर उसे बचाने पहुंचे बहन के बेटे दीपांशू के साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई। उसके सिर और शरीर में चोटें आईं। पीड़िता ने थाने में शिकायत देने के बाद कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए एसपी को शिकायती पत्र दिया है। उसने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बताया कि 16 सितंबर की शाम करीब 6 बजे वह परिवार के साथ किशनी के ग्राम कुम्हौल स्थित शेषनाग मंदिर में नेजा चढ़ाने गई थी। धार्मिक कार्यक्रम पूरा होने के बाद वह परिवार के साथ वापस लौट रही थी। आरोप है कि गांव के बाहर रास्ते में अनिल पुत्र उमेश चंद्र, मनू, कौशल और 4-5 अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया। विरोध पर जमीन पर पटकने का आरोप महिला के मुताबिक आरोपियों ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। विरोध करने पर उसे जमीन पर पटक दिया गया। शोर सुनकर उसका बहन का बेटा दीपांशू पुत्र बालकिशन मौके पर पहुंचा और बचाने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने दीपांशू को लाठी-डंडों से पीटा, जिससे उसके सिर और शरीर में कई चोटें आईं। जेवर गायब होने की भी शिकायत पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार मारपीट की गई। उसका कहना है कि अनिल और कौशल की मारपीट के दौरान उसके आभूषण गायब हो गए। महिला ने आशंका जताई कि जेवर आरोपियों ने छीन लिए या मारपीट के दौरान कहीं गिर गए। एसपी से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग महिला का आरोप है कि घटना के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी धमकी देते हुए चले गए। पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने दोबारा मंदिर आने पर अपमानित करने और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने बताया कि वह दीपांशू के साथ थाने पहुंची थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद एसपी को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
हनुमानगढ़ के फतेहपुर गांव में पानी लगाने के विवाद में किसान अनवर खां पर रॉड से हमला हुआ। हमले में अनवर की कोहनी में फ्रैक्चर और सिर में चोट लगी, जिससे वह बेहोश हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अकबर ने पुलिस को बताया कि आरोपी कासम खां अनवर से रंजिश रखता है। 28 सितंबर की शाम अनवर खेत में पानी लगा रहा था, तभी कासम खां ने खाला बंद करने की कोशिश की। इस पर कहासुनी हुई। कासम खां ने अनवर के सिर पर रॉड से वार किया। बचाव में रॉड कोहनी पर लगी, जिससे फ्रैक्चर हुआ। दूसरे वार में वह बेहोश हो गया। अकबर और असलम अनवर को अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। संगरिया पुलिस ने मामला दर्ज कर सहायक उप निरीक्षक रोहताश कुमार को जांच सौंपी है।
कानपुर देहात में ट्राला रोककर लूट का CCTV:चालक से 93 हजार की लूट का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर देहात के सिकंदरा में मंगलवार शाम 7 बजे ट्राला चालक से मारपीट कर 93 हजार रुपये की रोकड़ लूटने के आरोप वाले मामले में अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। सामने आए फुटेज में कुछ बाइक सवार ट्राला के आगे बाइक लगाकर उसे रोकते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद चालक को ट्राला से नीचे उतारने का भी घटनाक्रम नजर आ रहा है। हालांकि, इसके आगे की पूरी घटना कैमरे में कैद नहीं हो सकी, क्योंकि इसी दौरान एक दूसरा ट्राला बीच में आकर खड़ा हो गया। मामला सिकंदरा कस्बे के राजपुर रोड स्थित प्रिन्सी ट्रेडर्स के सामने का है। आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया मंगलवार शाम करीब 7 बजे ट्राला चालक सौरभ यादव छिबरामऊ से मौरंग बेचकर वापस लौट रहा था। चालक के मुताबिक, पटेल चौक पार करने के बाद प्रिन्सी ट्रेडर्स के पास पहुंचते ही करीब आधा दर्जन बाइक सवार लोगों ने ट्राला के आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया। सीसीटीवी फुटेज में भी ट्राला के सामने बाइक लगाकर उसे रोकने का दृश्य दिखाई दे रहा है। इसके बाद बाइक सवार ट्राला के पास पहुंचते हैं और चालक को नीचे उतारते नजर आते हैं। इसी बीच एक दूसरा ट्राला वहां से गुजरते हुए बीच में खड़ा हो जाता है, जिससे आगे की गतिविधियां कैमरे में दिखाई नहीं देतीं। चालक सौरभ यादव का आरोप है कि बाइक सवारों ने उसके साथ मारपीट की और ट्राला में रखी 93 हजार रुपये की रोकड़ लेकर फरार हो गए। चालक के अनुसार, इसमें छिबरामऊ में मौरंग बिक्री से मिले 63 हजार रुपये और पहले से रखे करीब 30 हजार रुपये शामिल थे। चालक और परिचालक के बयान दर्ज घटना के बाद चालक ने वाहन मालिक दीपू सिंह को सूचना दी। वाहन मालिक मौके पर पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने चालक और परिचालक के बयान दर्ज किए हैं। सिकंदरा थाना प्रभारी सुधाकर सिंह का कहना है कि घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने दिसंबर 2026 में होने वाले नगर पालिका और त्रिस्तरीय पंचायत आम/उप चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया है। मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर तैयार की जाएगी। नगर पालिका आम चुनाव के लिए 417 पदों के लिए मतदाता सूची तैयार होगी। इनमें भिलाई, भिलाई-चरौदा, रिसाली और बीरगांव नगर निगम के 4 महापौर, 13 अध्यक्ष और 400 पार्षद के पद शामिल हैं। उप चुनाव में 1 अध्यक्ष और 6 पार्षद पद भी शामिल हैं। पंचायतों के 814 पदों की सूची बनेगी त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य का 1, सरपंच के 92 और पंच के 721 पदों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी पदों के लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। 23 अक्टूबर को प्रारंभिक सूची, 30 नवंबर को अंतिम प्रकाशन निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 23 अक्टूबर को होगा। इसके बाद मतदाता सूची को लेकर दावा-आपत्ति ली जाएगी और उनका निराकरण किया जाएगा। 30 नवंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित होगी। पुनरीक्षण कार्य की निगरानी के लिए सभी 33 जिलों में एक-एक निर्वाचक नामावली प्रेक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
7 सूत्रीय मांगे पूरी न होने तक सप्ताह में एक दिन हड़ताल की घोषणा के बाद बुधवार को कानपुर कचहरी में तीसरे सप्ताह भी वकील एक दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। बार एसोसिएशन व लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 10 व 11 सितंबर को दो दिन चले प्रांतीय सम्मेलन में अधिवक्ताओं की मांगे न माने जाने तक सप्ताह में हर बुधवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार करने की घोषणा की गई थी। घूम-घूमकर काम बंद करने की अपील की इसी घोषणा के तहत तीसरे बुधवार यानी 30 सितंबर को भी कानपुर समेत कई जिलों में अधिवक्ताओं ने सामूहिक अवकाश रखा। अदालतों में सन्नाटा छाया रहा। वादकारियों को मुकदमों में तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। टाइपिस्ट, स्टांप वेंडर व फोटोकापी की भी ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। बार एसोसिएशन कार्यालय के बाहर सुबह से ही अधिवक्ता इकट्ठा होने लगे और अधिवक्ता एकता जिंदाबाद, हमारी मांगें पूरी करो के नारे लगाते हुए अपनी एकजुटता दिखाई। इसके बाद वकीलों ने अलग-अलग समूह बनाया।एक समूह तहसील की ओर, एक समूह अदालतों की ओर और एक रजिस्ट्री कार्यालय रवाना हुआ। यहां अधिवक्ताओं ने घूम घूम कर नारेबाजी करते हुए सभी अधिवक्ताओं से न्यायिक कार्य न करने का आह्वान किया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने शताब्दी गेट पर मानव श्रृंखला भी बनाई। बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा व लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि आंदोलन को तेज करने के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार या न्यायिक अधिकारियों की ओर से अधिवक्ताओं की मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया है जब तक समस्या का हल नहीं निकलता आंदोलन जारी रहेगा।
बुलंदशहर में किसान की संदिग्ध मौत:चारपाई पर मिला शव, हत्या की आशंका पर जांच शुरू
बुलंदशहर के स्याना के बीबी नगर थाना क्षेत्र के गांव लुधपुरा में बुधवार को बुजुर्ग अमरपाल (57) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह उनका शव चारपाई पर पड़ा मिलने से परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के भतीजे ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। चारपाई पर पड़ा मिला शव अमरपाल मंगलवार रात खाना खाने के बाद रोजाना की तरह सोने चले गए थे। सुबह जब परिजन उन्हें जगाने पहुंचे तो वह चारपाई पर पड़े मिले। काफी प्रयास करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। इसके बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और घर में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाए। परिवार ने जताई हत्या की आशंका मृतक के भतीजे ने अमरपाल की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उसने पुलिस को तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। पुलिस ने परिजनों से भी जानकारी जुटाई और घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना प्रभारी हिमांशु चौधरी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब न तो दवाओं का अकाल रहेगा और न ही ब्लड या जांच के लिए मरीजों को भटकना पड़ेगा। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये के बजट और दर अनुबंधों (रेट कॉन्ट्रैक्ट) को मंजूरी दी है। यह फैसला हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में आयोजित विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति (SHPPC) की बैठक में लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इन फैसलों से प्रदेशभर के सिविल अस्पतालों, आयुष केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं, टीकों और डायग्नोस्टिक सुविधाओं की आपूर्ति निर्बाध रहेगी। किस क्षेत्र में कितना बजट और क्या मिला
गोरखपुर के ऐतिहासिक नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित शिवलिंग का भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम ने जांच किया। तीन घंटे की जांच बाद शिवलिंग के नीचे से पत्थर का टूकड़ा और उसके ऊपर अरबी-फारसी में लिखे लेख का कार्बन डेटिंग लेकर ASI टीम नागपुर रवाना हो गई। साक्ष्यों को साइंटिफिक जांच के लिए भेजा गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) के पुरालेख (एपिग्राफी) विभाग के निदेशक डॉ. के. मुनिराथनम के निर्देश पर यह टीम जांच करने पहुंची थी। नागपुर स्थित भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) कार्यालय से आए वरिष्ठ सुपरिटेंडिंग एपिग्राफिस्ट डॉ. मुहम्मद आफताब जेया ने बताया कि शिवलिंग पर अरबी-फारसी में लिखा लेख करीब एक हजार वर्ष पुराना लग रहा है। जब भारत पर कुतुबुद्दीन ऐबक और मुहम्मद गजनवी ने आक्रमण किया था। यह पूरा मामला खजनी थाना क्षेत्र का है। देखें 3 तस्वीरें… निचले हिस्से में ब्राह्मी लिपि के संकेत डॉ. मुहम्मद आफताब जेया ने आगे कहा कि शिवलिंग के निचले हिस्से में दिखाई देने वाले ब्राह्मी लिपि 2500 वर्ष पुराना लग रहा है। इस शिवलिंग को अशोककालीन कालखंड से जोड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। उस कालखंड में ऐसी लीपियां किसी पत्थर या मूर्ति पर उसके महत्व के वर्णन के उद्देश्य से लिखी जाती थीं। उन्होंने आगे कहा कि इसे केवल संभावना माना जा सकता है, प्रमाणित दावा नहीं। साइंटिफिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह कितना साल पूराना है। भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) के निदेशक डॉ. के. मुनिराथनम के पास ब्राह्मी लिपि को पहले ही भेजा जा चुका है। संस्कृति मंत्रालय तक पहुंचा था सर्वे का मुद्दा सरयां तिवारी के प्रधान प्रतिनिधि एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अधिवक्ता धरणीधर राम त्रिपाठी ने कहा कि अब भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) के टीम के ओर से लिए गए नमूने की साइंटिफिक जांच के बाद आने वाले रिपोर्ट से लेख के कालखंड और शिवलिंग कितना साल पूराना है यह स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि मैंने गोरखपुर में भाजपा की ‘दिशा’ बैठक में नीलकंठ मंदिर के सर्वे का मुद्दा उठाया था। बैठक में क्षेत्रीय विधायक श्रीराम चौहान और केंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्री कमलेश पासवान को भी इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद संस्कृति मंत्रालय स्तर से जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर को प्राचीन पौराणिक धरोहर के रूप में मान्यता दिलाने के लिए कोशिश कर रहा हूं। मंदिर क्षेत्र से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों में गोरखपुर विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग की ओर से पुण्यहवां पोखरे की खुदाई में मिले मुगलकालीन तलवार, खंडित सूर्य प्रतिमा और अन्य पुरावशेषों का भी उल्लेख किया जाता है। गांव में 12वीं शताब्दी की चपटी आयताकार ईंटें भी मिलती हैं। नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की लगती है भीड़ सरयां तिवारी के युवा भागवताचार्य पंडित अतुल राम त्रिपाठी ने कहा कि नीलकंठ महादेव मंदिर का संबंध प्राचीन धार्मिक परंपराओं से रहा है। इसके वजह से स्थानीय लोगों की नीलकंठ महादेव में गहरी आस्था है। यहां सालभर श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि, सावन और पुरुषोत्तम मास में जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार, धर्मशाला निर्माण सहित अलग-अलग कार्यों के लिए 1.79 करोड़ रुपए का अनुदान दिए जाने की जानकारी भी दी गई है। अब भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की जांच और नमूने की साइंटिफिक रिपोर्ट पर नजर है। रिपोर्ट आने के बाद ही शिवलिंग की वास्तविक प्राचीनता और उस पर अंकित लेख के कालखंड को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें:- अखिलेश ने अंबानी के करीबी को राज्यसभा का टिकट दिया:धनराज परिमल के पिता NDA समर्थित सांसद, रामगोपाल के साथ नामांकन किया सपा मुखिया अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव में चौंकाने वाला नाम उतारा है। उन्होंने जाने-माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के करीबी धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। बुधवार सुबह 11 बजे अखिलेश ने नथवानी और सपा महासचिव रामगोपाल यादव का नामांकन दाखिल कराया। निर्वाचन आयोग कार्यालय में अखिलेश हाथ पकड़कर परिमल को कुर्सी तक लेकर आए। नामांकन के बाद बधाई भी दी। पढ़िए पूरी खबर…
करौली के सपोटरा क्षेत्र में प्रशासन ने ओवरचार्जिंग और जानकारी प्रदर्शित न करने पर दो ई-मित्र कियोस्क संचालकों पर कार्रवाई की है। उपखंड अधिकारी अनूप सिंह के निर्देश पर मंगलवार को औचक निरीक्षण किया गया था। जांच में डांडा खेड़ला के ई-मित्र संचालक मीठालाल योगी के कियोस्क पर निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूलने और को-ब्रांड बैनर व रेट लिस्ट न लगाने की अनियमितता मिली। इस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर कियोस्क को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। इसी तरह, ग्राम पंचायत खेड़ला के ई-मित्र संचालक लखनलाल मीणा के कियोस्क पर को-ब्रांड बैनर और रेट लिस्ट नहीं मिली। इस अनियमितता के लिए उन पर 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। उपखंड अधिकारी ने सभी ई-मित्र संचालकों को सही दरों पर सेवा देने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
नर्मदापुरम के माखननगर रोड के चक्कर रोड चौराहे पर मंगलवार रात दो बसों के स्टाफ के बीच जमकर मारपीट हुई। करीब 10 से 15 मिनट तक चौराहे पर लात-घूंसे चलते रहे। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, एक पक्ष शिव शक्ति कंपनी की बस का स्टाफ था। बस पिपरिया से नर्मदापुरम आ रही थी। दूसरा पक्ष मोहासा औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी की स्टाफ बस का था। दोनों बसें रात करीब 9:30 बजे नर्मदापुरम की ओर आ रही थीं। शिव शक्ति बस पीछे चल रही थी। बताया जा रहा है कि ओवरटेकिंग और कट मारने को लेकर दोनों बसों के स्टाफ में पहले कहासुनी हुई। चक्कर रोड चौराहे पर पहुंचते ही विवाद बढ़ गया। दोनों बसों के ड्राइवर और कंडक्टर एक-दूसरे से भिड़ गए। एक युवक को कई लोगों ने पीटा वीडियो में एक युवक को 2-3 युवक मिलकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। सड़क पर लोगों की भीड़ जमा है और दोनों बसें भी मौके पर खड़ी नजर आ रही हैं। मारपीट की सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस दोनों पक्षों के स्टाफ को थाने ले गई। देहात थाना पुलिस के मुताबिक, थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। किसी भी पक्ष ने FIR दर्ज नहीं कराई है।
शाहजहांपुर में बुधवार सुबह करीब 9 बजे 7 साल के पवन कुमार का शव एक नदी से बरामद किया गया। पवन मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ करनापुर पैतापुर घाट पर नदी में नहाने आया था। उसने पुल से छलांग लगाई और गहरे पानी में डूब गया था। यह घटना पुवायां थाना क्षेत्र के बिलंदपुर गांव की है। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे यह हादसा हुआ। गोताखोरों ने तलाश की, लेकिन अंधेरा होने पर रेस्क्यू रोकना पड़ा। पुलिस ने रात में नदी में जाल बिछाया था। बुधवार सुबह करीब 9 बजे पवन का शव जाल में फंसा मिला। बेटे का शव देखकर पिता सुनील कुमार रोने लगे और शव से लिपट गए। वह शव से चिपटकर जोर जोर रो रहे थे। कभी उसके चेहरे पर तो कभी उसके पेट पर हाथ रखते और कहते कि बेटा तुम कहां चले गये। पिता को रोता देख आसपास मौजूद लोग भी अपने आंसू नही रोक पाए। पिता ने कहा कि उनको नहीं पता था कि बेटा नदी में नहाने जा रहा है। वरना वो उसको रोक लेते। वैसे भी इस समय नदियों में पानी ज्यादा है। पुलिस के अनुसार, बच्चा अक्सर नदी में आकर मछली भी पकड़ लेता था। उसने कई बार नदी में छलांग लगाई और फिर से पुल पर आ जाता। तभी वह गहरे पानी में चला गया। परिजनों के अनुसार, पवन की मां इंदू वति का पांच साल पहले निधन हो गया था। पवन अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुवायां प्रभारी निरीक्षक आरके रावत ने बताया कि शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सिद्धार्थनगर में गोल्हौरा थाना क्षेत्र के बरगदवा गांव में जमीन विवाद को लेकर एक महिला और उसकी मां से मारपीट, गाली-गलौज और घर की दीवार तोड़ने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मुकदमे में बरगदवा निवासी नाजमा खातून पत्नी महफूजुर्रहमान और सद्दाम पुत्र अब्दुल हई को आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता उम्मे कुलसुम के अनुसार घटना 5 जुलाई 2026 की शाम करीब चार बजे की है। उम्मे कुलसुम के मुताबिक जमीन के विवाद को लेकर नाजमा खातून और सद्दाम ने उसकी मां सहीमुननिशा के साथ गाली-गलौज की। विरोध करने पर आरोपियों ने सहीमुननिशा से मारपीट की। इसके बाद उम्मे कुलसुम के साथ भी मारपीट करने का आरोप है। घर की दीवार तोड़ने का भी आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने घर में घुसकर उसकी दीवार भी तोड़ दी। घटना के बाद उम्मे कुलसुम ने गोल्हौरा थाने और पुलिस कप्तान को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा उम्मे कुलसुम का कहना है कि थाने और पुलिस कप्तान से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रसाद यादव मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
साहिबगंज जिले के महाराजपुर के झुंझरी पुल के पास गंगा नदी का कटाव तेजी से बढ़ने से रेलवे लाइन पर खतरा मंडराने लगा है। पोल संख्या 219/32 के पास कटाव बढ़ने के बाद गंगा रेलवे ट्रैक से करीब 20 मीटर दूर रह गई है। खतरे को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने साहिबगंज और पाकुड़ में परिचालन तत्काल रोक दिया है। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए कटावरोधी काम शुरू कर दिया है। रेलवे की टीम मौके पर युद्धस्तर पर जुटी है। पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को परेशानी पाकुड़ रेलवे स्टेशन से करीब आधा दर्जन ट्रेनें बुधवार को रद्द या डायवर्ट की गई हैं। मरम्मत के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। वहीं, ट्रेन के रद्द रहने से यात्रियों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। बुधवार को बड़ी संख्या में लोग पश्चिम बंगाल वह अन्य शहर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन के रद्द रहने के कारण उन्हें बेरंग वापस लौटना पड़ा। वहीं, ट्रेन के रद्द रहने के कारण लोग मजबूरी में टोटो और टेंपो से अपने गंतव्य स्थल जाते देखे गए। वहीं ट्रेन के रद्द रहने से टोटो हुआ टेंपो चालक के द्वारा भाड़ा में बढ़ोतरी कर दिए जाने से भी यात्रियों में आक्रोश देखा गया. पाकुड़ जिले के हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा और सदर प्रखंड के ग्रामीण प्रभावित हैं। इलाज व अन्य कामों के लिए पश्चिम बंगाल जाने वाले लोगों को टोटो-टेंपो से यात्रा करनी पड़ रही है। टोटो-टेंपो चालक ज्यादा किराया वसूल रहे हैं, जिससे यात्रियों में गुस्सा है। कई ट्रेन का रूट भी डायवर्ट किया गया मुख्य टिकट निरीक्षक अखिलेश चौबे ने ट्रेन के रद्द रहने को लेकर बताया कि तटबंध कटाव को कारण पाकुड़ रेलवे स्टेशन होकर गुजरने वाली आधा दर्जन ट्रेन को रद्द की गई है। साथ ही कई ट्रेन का रूट भी डायवर्ट किया गया है। वहीं, ट्रेन के रद्द रहने के कारण रेलवे स्टेशन में दोपहर के बाद सन्नाटा देखा गया।
मरीजों का आयुष्मान योजना से इलाज करने वाले प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टर्स बुधवार को भोपाल में प्रदर्शन करने सड़क पर उतर गए। जेपी हॉस्पिटल कैम्पस स्थित आयुष्मान योजना के कार्यालय पहुंचकर उन्होंने नारेबाजी की। प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के बैनरतले हुए प्रदर्शन में उन्होंने एनबीएचएस को भी तुरंत हटाने की मांग की। एनबीएचएस सर्टिफिकेट मिलने के बाद अस्पताल में इलाज की पात्रता होगी। भोपाल में कुल 468 प्राइवेट अस्पताल है। प्रत्येक का आयुष्मान योजना का औसत डेढ़ से 2 करोड़ रुपए तक बकाया है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन (यूपीएचडीए) के उपाध्यक्ष डॉ. धन्यजय मिश्रा ने बताया कि आयुष्मान योजना में प्राइवेट हॉस्पिटलों का जितना भी बकाया है, उसका तुरंत भुगतान किया जाए। 5-6 महीने से राशि नहीं मिलने दवाई वेंडर्स, स्टॉफ का पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। यदि यह पैसा नहीं मिलता है तो प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। NABH को लेकर भी बढ़ा टकराव, डी-एम्पैनलमेंट की आशंकाइधर, प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के बीच NABH (नेशनल एकेडेशन बोर्ड ऑफ हेल्थ सविर्सेस) की अनिवार्यता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अस्पताल संगठनों का आरोप है कि लगातार आपत्तियां, ज्ञापन और संवाद के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंपलिट एनएबीएच की शर्त को लेकर कठोर रुख अपनाया जा रहा है। अस्पताल संगठनों का कहना है कि उन्हें विभागीय स्तर से ऐसी जानकारी प्राप्त हो रही है कि 1 अक्टूबर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बड़ी संख्या में अस्पतालों के आयुष्मान योजना से डी-एम्पैनलमेंट की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस संभावित कार्रवाई से संबंधित अस्पतालों की अंतिम आधिकारिक सूची अथवा आदेश सार्वजनिक रूप से सामने आना अभी शेष है। संगठनों का कहना है कि वे गुणवत्ता मानकों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन NABH को स्वैच्छिक एवं प्रोत्साहन आधारित रखा जाना चाहिए। अस्पताल के आकार, बेड संख्या, उपलब्ध संसाधनों और क्षेत्र के अनुसार व्यावहारिक गुणवत्ता मानक निर्धारित किए जाने चाहिए। छोटे-मध्यम अस्पतालों के योजना के बाहर होने का डरएनएबीएच अस्पताल में मौजूदा व्यवस्था, स्टॉफ, उनकी क्वॉलिअी, संख्या, लैब आदि सुविधाओं को लेकर रैटिंग देगा। इसके बाद अस्पताल को सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। बुनियादी सुविधाएं होने पर ही यह मिलेगा। ऐसा होने पर कई मध्यम और छोटे अस्पताल दायरे से बाहर हो सकते हैं। इस पर अस्पताल संचालकों ने चेताया है कि यदि भोपाल सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में एक साथ बड़ी संख्या में छोटे एवं मध्यम अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर होते हैं तो इसका सबसे बड़ा प्रभाव उन गरीब एवं मध्यमवर्गीय मरीजों पर पड़ेगा जो अपने घर के नजदीक निजी अस्पतालों में आयुष्मान के माध्यम से कैशलेस उपचार प्राप्त करते हैं। बड़ी संख्या में अस्पताल डी-एम्पैनल होते हैं तो इन अस्पतालों में इलाज करा रहे और भविष्य में आने वाले आयुष्मान मरीजों का भार आखिर कौन उठाएगा? क्या सरकारी और शेष सूचीबद्ध अस्पताल अचानक बढ़ने वाले मरीजों का अतिरिक्त भार संभालने के लिए तैयार हैं? सरकार हस्तक्षेप करेंअस्पताल संगठनों ने मांग की है कि किसी भी बड़े पैमाने की डी-एम्पैनलमेंट कार्रवाई से पहले राज्य सरकार हस्तक्षेप करे तथा अस्पताल संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। यह लड़ाई NABH में गुणवत्ता सुधार के विरुद्ध नहीं, बल्कि एक ऐसी अनिवार्यता के विरुद्ध है, जिसके कारण छोटे एवं मध्यम अस्पतालों के आयुष्मान नेटवर्क से बाहर होने की आशंका पैदा हो रही है। कार्रवाई होने पर प्रदेशभार में आंदोलनअस्पताल संचालकों ने स्पष्ट किया कि यदि 1 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर डी-एम्पैनलमेंट की कार्रवाई होती है, तो प्रदेशभर के अस्पताल संगठन इसके विरुद्ध सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाएंगे।
झालावाड़ के खानपुर उपखंड में इस साल पहली बार पानी से लबालब हुए परवन बांध के दो गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। बांध का जलस्तर बढ़ने से डूब क्षेत्र के हनोती, महुवाखेड़ा, बरेड़ा समेत कई गांवों के खेतों में पानी भरने लगा था। इससे किसानों की खड़ी फसलों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया था। 100 किसानों ने की थी गेट खोलने की मांग फसल बचाने के लिए करीब 100 किसान पूर्व विधायक नरेंद्र नागर से मिले और बांध के गेट खोलकर जलस्तर कम करने की मांग की। किसानों की समस्या को नागर ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने रखा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने पर बीती रात बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। जलस्तर 303 तक रखने की मांग पूर्व विधायक नरेंद्र नागर के अनुसार, बांध का जलस्तर कम होने से करीब एक सप्ताह में किसानों को राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि बांध का जलस्तर 308 की जगह 303 तक रखा जाए, तो डूब क्षेत्र के किसानों को काफी फायदा होगा। ग्रामीणों को मुआवजा मिल चुका है, लेकिन खेतों में बोई गई फसलें पानी भरने से खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि समय रहते जलस्तर कम नहीं किया गया तो खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। गेट खुलते ही किसानों ने लगाए नारे बांध स्थल पर गेट खोले जाने के दौरान मौजूद किसानों ने पूर्व विधायक नरेंद्र नागर और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थन में नारे लगाए। किसानों ने फसलों को पानी से बचाने के लिए बांध का जलस्तर नियंत्रित रखने की मांग की। अभी 0.6-0.6 सेंटीमीटर खुले हैं दोनों गेट परवन बांध के अधीक्षण अभियंता (एसई) महेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में बांध के दो गेट 0.6-0.6 सेंटीमीटर खोले गए हैं। इनसे पानी की निकासी की जा रही है। इससे पहले बीती रात दोनों गेट करीब एक-एक फीट तक खोलकर लगभग 2600 क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी।
लखनऊ ITI में टाटा मोटर्स का जॉब फेयर:13,870 रुपए स्टाइपेंड, 18 से 25 साल के युवा ले सकेंगे हिस्सा
लखनऊ के ITI अलीगंज में बुधवार को टाटा मोटर्स का जॉब फेयर लगा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कैंपस पहुंच रहे हैं। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में हेला इंडिया ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। दोनों कंपनियों में युवाओं को अप्रेंटिसशिप और नौकरी का मौका मिलेगा। रिक्रूटमेंट ड्राइव सुबह 10 बजे से शुरू हुआ। टाटा मोटर्स में 13,870 रुपए स्टाइपेंड टाटा मोटर्स के अप्रेंटिसशिप के लिए 18 से 25 साल के युवा आवेदन कर सकते हैं। 10वीं और ITI में कम से कम 60% अंक जरूरी हैं। इलेक्ट्रिशियन, फिटर, मैकेनिक मोटर व्हीकल, वेल्डर, डीजल मैकेनिक, COPA/PASSA और CNC मशीनिंग समेत कई ट्रेड के अभ्यर्थी इसमें शामिल हो सकते हैं। चयन के लिए पहले प्रोफाइल स्क्रीनिंग होगी। इसके बाद इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। चयनित युवाओं को हर महीने 13,870 रुपए स्टाइपेंड मिलेगा। इसके अलावा कैंटीन, 10 किलोमीटर तक परिवहन, यूनिफॉर्म, सेफ्टी शूज और PPE की सुविधा भी दी जाएगी। हेला इंडिया में 17 से 19 हजार रुपए वेतन हेला इंडिया ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के ड्राइव में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन से डिप्लोमा या बीएससी पास युवा शामिल हो सकते हैं। 2020 से 2025 तक के पासआउट अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। डिप्लोमा में कम से कम 50% अंक जरूरी हैं। आयु सीमा 18 से 28 वर्ष है। चयनित अभ्यर्थियों को 17 हजार से 19 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। एक साल की अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद प्रदर्शन के आधार पर कंपनी में स्थायी नौकरी का मौका भी दिया जाएगा।
विधायक तूफानी सरोज के खिलाफ FIR की मांग:जौनपुर में ब्राह्मण महासभा ने सौंपा ज्ञापन
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा०) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को 11:30 बजे जौनपुर में सपा विधायक तूफानी सरोज के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा। यह मांग जनेऊ के अपमान और ब्राह्मण समाज व पंडा-पुजारियों पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में की गई है। जिलाध्यक्ष रत्नाकर चौबे ने बताया कि विधायक तूफानी सरोज ने एक सार्वजनिक मंच से 'जनेऊ' पर अमर्यादित टिप्पणी की। उन्होंने पंडा-पुजारियों और ब्राह्मण समाज के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। चौबे ने कहा कि जनेऊ सनातन धर्म का पवित्र प्रतीक है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा इसका उपहास उड़ाना करोड़ों सनातनी नागरिकों की धार्मिक आस्था पर आघात है। इस बयान से समाज में आक्रोश है और यह सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास है। महासभा ने विधायक तूफानी सरोज के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक दुश्मनी फैलाने के आरोप में तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। ब्राह्मण समाज का अपमान करने का दुस्साहस शासन-प्रशासन के स्तर से इस गंभीर प्रकरण की त्वरित जांच कराकर दोषी विधायक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक व विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि या व्यक्ति सनातन संस्कृति और ब्राह्मण समाज का अपमान करने का दुस्साहस न कर सके। अगर हमारी मांग पूरी नही होती है तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
कैथल में दोपहर को शुरू हुई पीआर धान खरीद:वेयरहाउस एजेंसी फसल खरीदने पहुंची, मंडी में लगे फसल के ढेर
कैथल की अनाज मंडी में बुधवार को पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई। हरियाणा वेयरहाउस एजेंसी द्वारा बुधवार को धान खरीद का कार्य किया गया। हालांकि खरीद का कार्य 29 सितंबर से शुरू किया जाना था, लेकिन 30 सितंबर को भी दोपहर को खरीद शुरू हो पाई। ऐसे में किसानों को खरीद के लिए इंतजार करना पड़ा। खरीद शुरू होने के बाद मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों ने राहत की सांस ली। धान की ढेरियों से अटी पड़ी मंडी बता दें कि मंडी में पीआर धान की ढेरियां कई दिनों से पहुंच रही हैं। इसके अलावा 1509 किस्म की धान के मंडी में ढेर लगे हुए हैं। मंडी पूरी तरह से फसल से अटी पड़ी है। ऐसे में किसानों को फसल डालने में दिक्कतें आ रही थी। अब खरी का कार्य शुरू होने के बाद किसानों को उम्मीद जगी है कि उनकी फसल जल्द बिक जाएगी और वे अपने खेतों में पहुंचकर अन्य कार्य कर सकेंगे। अब सुचारू रूप से होगी खरीद कैथल मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि 29 सितंबर को खरी शुरू होने की सरकार की ओर से बात कही गई थी, लेकिन पहले दिन नमी के कारण खरीद का कार्य नहीं हो सका। आज दोपहर को हरियाणा वेयरहाउस की ओर से धान की खरीद की गई। अब मौसम भी साफ हो गया है। ऐसे में खरीद का कार्य सुचारू हो जाएगा। फसल सुखाकर लाने की अपील सचिव ने किसानों से भी अपील की कि वे फसल को पूरी तरह से सुखाने के बाद ही मंडी में लेकर आएं, ताकि उन्हें बिक्री के लिए इंतजार न करना पड़े। फसल की खरी तुरंत हो जाए और किसान अपने अन्य कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि जल्द ही खरीद केंद्रों पर भी फसल खरीद का कार्य शुरू हो जाएगा।
कोरबा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक गर्भवती महिला से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक रेलवे कर्मचारी ने बीच-बचाव कर महिला को वहां से सुरक्षित हटाया। वीडियो सामने आने के बाद RPF ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्लेटफॉर्म पर पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद बताया जा रहा है कि पति-पत्नी दोनों प्लेटफॉर्म पर बैठे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद पति ने अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। वायरल वीडियो में महिला खुद को बचाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है, जबकि उसका पति उसके साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। रेलवे कर्मचारी ने बीच-बचाव कर महिला को छुड़ाया इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक रेलवे कर्मचारी ने हस्तक्षेप किया और महिला को पति से अलग कराया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने भी घटना का विरोध किया और पति को रोककर स्थिति संभाली। पूरी घटना एक यात्री ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर ली। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद RPF ने शुरू की जांच वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो के आधार पर घटना की जांच की जा रही है। RPF प्लेटफॉर्म पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पति-पत्नी कौन हैं, वे कहां के रहने वाले हैं और विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पहचान सामने नहीं आई, वैधानिक कार्रवाई की तैयारी फिलहाल महिला और उसके पति की पहचान सामने नहीं आई है। RPF के अनुसार जांच पूरी होने के बाद घटना के तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ में गर्भवती महिला की मौत:चार साल पहले शादी हुई थी, परिजन बोले- 10 लाख रुपये दहेज मांग रहे थे
हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली के गांव हावल में करीब 28 साल की एक गर्भवती महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। महिला के भाई ने पति कासिम और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए परेशान करने और जान लेने का आरोप लगाया है। महिला करीब छह महीने की गर्भवती थी। तहरीर के मुताबिक, बुलंदशहर निवासी महिला रुबीना की शादी चार साल पहले कासिम से हुई थी। मायके वालों का दावा है कि शादी में 17-18 लाख रुपये खर्च हुए, पर ससुराल पक्ष और दहेज मांग रहा था। भाई ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले कार और कारोबार के लिए 10 लाख रुपये मांग रहे थे। मांग पूरी न होने पर महिला को परेशान किया जाता और मारपीट भी होती थी। गर्भावस्था में भी उस पर दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि मंगलवार की रात करीब 3 बजे ससुराल वालों ने महिला की जान लेकर पीड़ित परिवार को सूचना दी। आरोप है कि उसकी हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार बालियान जांच कर रहे हैं। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी। जांच पड़ताल के बाद अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार गंगा चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है, जबकि रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। नदियों का पानी बढ़ने से अमृतपुर तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के खेतों में भी पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने के साथ फसलों की सुरक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक गंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। नरौरा बांध से गंगा में 1,53,173 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रामगंगा खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर रामगंगा का खतरे का निशान 137.10 मीटर है। बुधवार को नदी का जलस्तर 137.15 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। रामगंगा में खो बैराज से 7,753 क्यूसेक, हरेली बैराज से 333 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 7,963 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अमृतपुर के तटवर्ती गांवों में बढ़ी परेशानी रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से अमृतपुर तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के लोग परेशान हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम और आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नदी का पानी लगातार बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
कुड़वार में लगा पांच दिवसीय शिविर:ग्रामीणों को मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ
सुलतानपुर के कुड़वार विकासखंड मुख्यालय परिसर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत पांच दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविर में स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, आंगनबाड़ी, विद्युत और खाद एवं रसद विभाग द्वारा विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। यहां मौजूद अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं, पात्रता और सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। इसके साथ ही, पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवश्यक सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया भी पूरी कराई जा रही है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विवेक कटियार ने क्षेत्र के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में पहुंचकर सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध सेवाओं का पूरा लाभ उठाएं।
पानीपत जिले के नागरिक अस्पताल में बुधवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल हुई है। करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सात मंजिला एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग में गायनी और पीडियाट्रिक्स की ओपीडी शुरू कर दी गई है। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई इस सुविधा से गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और बच्चों को एक ही भवन में बेहतर इलाज मिल सकेगा। एमसीएच विंग में 100 नए बेड, अस्पताल की क्षमता 300 हुईनए एमसीएच विंग में 100 अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। इसके साथ ही जिला नागरिक अस्पताल की कुल बेड क्षमता 200 से बढ़कर 300 हो जाएगी। इससे खासकर प्रसूति, नवजात और बाल रोग से जुड़े मरीजों को राहत मिलेगी। इससे पहले अस्पताल में उपलब्ध बेडों पर मरीजों का दबाव बना रहता था।एमसीएच विंग में महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां गायनी ओपीडी और पीडियाट्रिक्स ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों को पुराने भवन में भटकने की जरूरत कम होगी। आने वाले समय में अन्य सेवाओं को भी इसी विंग में चरणबद्ध तरीके से संचालित किए जाने की योजना है। गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए पांच अत्याधुनिक ओटीएमसीएच विंग की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में पांच अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर शामिल हैं। इनका इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं और नवजात से जुड़े गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए किया जाएगा। इससे सामान्य प्रसव के साथ-साथ जटिल प्रसव और आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल ऑपरेशन की सुविधा मिल सकेगी।परियोजना की योजना में पहले से 20 डिलीवरी टेबल, गायनी एवं चाइल्ड ओपीडी, एसएनसीयू और एनआईसीयू जैसी सुविधाएं शामिल की गई थीं। इससे मां और नवजात को एक ही छत के नीचे उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी। सालों से चल रहा था निर्माण, कई बार बढ़ी समयसीमाएमसीएच विंग का निर्माण लंबे समय से चल रहा था। वर्ष 2021 में इसका टेंडर जारी हुआ था और शुरुआती तौर पर जून 2023 तक काम पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय में निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद समयसीमा कई बार बढ़ाई गई।ओपीडी शुरू होने से रोजाना आने वाली गर्भवती महिलाओं और बच्चों को राहतसिविल अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1500 से 2000 मरीजों की ओपीडी होती है और सालाना करीब 16 हजार डिलीवरी होती हैं। ऐसे में 100 बेड वाले एमसीएच विंग के संचालन से प्रसूति एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम होने की उम्मीद है। बोले सीएमओ सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि एमसीएच विंग में फिलहाल गायनी और पीडियाट्रिक्स की ओपीडी शुरू कर दी गई है इसके पूरी तरह संचालन में आने के बाद गायनी, प्रसूति, नवजात और बाल रोग सेवाओं को एक साथ विस्तार मिलेगा। इससे गंभीर गर्भवती महिलाओं और नवजातों को समय पर विशेषज्ञ उपचार, ऑपरेशन और जरूरी निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर को गिरफ्तार किया गया है। आगरा पुलिस ने दोनों नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया है। इस गिरफ्तारी पर भदोही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वसीम अंसारी और प्रदेश कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि दीवार पर नारे लिखने के मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाना तानाशाही है। कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि अनिल यादव की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश है। कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर अपनी आवाज उठा रही है। ऐसे में नेताओं को गिरफ्तार करना गलत है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करती है। चुनाव आयोग को सवालों का जवाब पारदर्शिता से देना चाहिए, न कि नेताओं को गिरफ्तार करके। उन्होंने चेतावनी दी कि गिरफ्तारी से कांग्रेस का आंदोलन और तेज होगा।
वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर भूमि अधिग्रहण और टोल वसूली के विरोध में किसानों का बुधवार को प्रदर्शन जारी है। किसानों के प्रदर्शन के ऐलान के बाद पुलिस ने हाईवे और ढेरही टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ा दी। टोल की ओर बढ़ रहे किसानों को अलग-अलग चौराहों पर रोका गया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच कई जगह नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। दोपहर करीब 1 बजे किसान नेता अजीत सिंह डोभी की ओर से सरकारी बस में सवार होकर किसान टोल प्लाजा के पास पहुंचे। उनके हाथ में तिरंगा था। टोल के पास पहुंचते ही उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और लाइटर निकालकर आत्मदाह की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें पकड़ लिया और हिरासत में लेकर पुलिस वाहन से ले गए। अजीत सिंह को पुलिस वाहन में ले जाने के दौरान किसानों ने वाहन को घेर लिया। पुलिसकर्मियों और किसान नेताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने अन्य किसान नेताओं को भी हिरासत में लिया। हाईवे पर जगह-जगह रोके गए किसान गांव-कस्बों से टोल प्लाजा की ओर आ रहे किसानों को पुलिस ने अलग-अलग चौराहों पर रोक दिया। सैकड़ों किसानों के पहुंचने की सूचना के बाद आला अधिकारी भी टोल प्लाजा पहुंचे। इलाके में करीब 1000 पुलिस कर्मी तैनात है और लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों के प्रदर्शन की पल-पल की जानकारी जानने के लिए नीचे लगे ब्लॉग से गुजर जाइए…
गोरखपुर में राइड कैंसिल कराने पर काट कर फेंकने की धमकी देने वाला राइडर को गोरखनाथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान जाहिदाबाद के अब्दुल रहमान (23) के रूप में हुई। बुधवार को कानूनी कार्रवाई पूरी कर पुलिस कोर्ट में पेश कर उसे जेल भिजवाएगी। पकड़े जाने के बाद आरोपी अब्दुल रहमान ने बताया कि मुझे कुछ बातें बुरी लग गई थीं। जिससे नाराज होकर मैंने बड़ी गलती करत दी। अब्दुल ने बताया कि गलती का अहसास होने पर वाराणसी के हेमंत मिश्रा के व्हाट्सएप पर सॉरी का मैसेज भेजकर माफी भी मांगी है। 22 बार धमकी देने वाला अब्दुल ने व्हाट्सएप पर 10 बार सॉरी बोला है। पुलिस के मुताबिक, अब्दुल रहमान मूल रूप से कुशीनगर के बड़हरा का रहने वाला है। गोरखनाथ क्षेत्र के जाहिदाबाद में किराए का कमरा लेकर माता-पिता और दो बहनों के साथ रहता है। अब पढ़िए पूरा घटनाक्रम गोरखपुर में राइड कैंसिल करने पर राइडर ने एक व्यक्ति को कॉल कर काटकर फेंकने की धमकी दी। कहा- “राइड कैंसिल क्यों की, आपको काटकर फेंक दूंगा।” युवक का आरोप है कि राइड कैंसिल करने के बाद राइडर ने उसे 22 बार कॉल किया और गाली-गलौज की। सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे का यह मामला शहर के रामगढ़ताल क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता की पहचान वाराणसी निवासी हेमंत मिश्रा के रूप में हुई है। वह इस्कॉन मंदिर से जुड़े हुए हैं। दरअसल, हेमंत ने गोरखनाथ मंदिर में रामकथा सुनने जाने के लिए राइड बुक की थी। बुकिंग में ड्राइवर का नाम जहुर अहमद देखकर उन्होंने राइड कैंसिल कर दी। इसके बाद राइडर ने उन्हें फोन कर धमकी दी। हेमंत ने गोरखनाथ थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, राइडर या रैपिडो की ओर से पक्ष नहीं मिल सका है। गोरखनाथ मंदिर में रामकथा सुनने पहुंचे थे हेमंत हेमंत मिश्रा ने बताया कि वह धार्मिक गतिविधियों के सिलसिले में देशभर की यात्रा करते हैं। उन्हें गोरखनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा की जानकारी मिली थी। इसलिए रविवार शाम करीब 8 बजे गोरखपुर पहुंचे और रात में होटल में ठहरे। सोमवार सुबह कथा सुनने के बाद रामगढ़ताल जाने के लिए रैपिडो से राइड बुक की। हेमंत के मुताबिक, बुकिंग में ड्राइवर का नाम जहुर अहमद देखकर उन्होंने खुद को सुरक्षित महसूस नहीं किया। करीब एक मिनट बाद उन्होंने राइड कैंसिल कर दी। इसके बाद राइडर ने फोन कर गाली-गलौज की और मारने-काटने की धमकी देने लगा। X पोस्ट के बाद पुलिस ने किया संपर्क हेमंत ने बताया कि धमकी भरी कॉल आने के बाद उन्होंने X पर पोस्ट कर घटना की जानकारी दी। पोस्ट पर गोरखपुर पुलिस ने उनसे मोबाइल नंबर मैसेज करने को कहा। उन्होंने पुलिस को नंबर भेज दिया। इसके बाद एसएसपी ने उन्हें कॉल कर पूरी घटना की जानकारी ली। एसएसपी के कहने पर हेमंत ने गोरखनाथ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 27 सितंबर को आयोजित 23वीं उत्तर प्रदेश ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अयोध्या की कृतिका सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया है। राणा वीर सिंह की पुत्री कृतिका ने 100 मीटर दौड़ में रजत और 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। कृतिका ने 100 मीटर की दौड़ महज 12.04 सेकंड में पूरी कर अयोध्या का नया रिकॉर्ड कायम किया, जबकि 200 मीटर में 25.17 सेकंड का समय निकाला। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन राजस्थान के जयपुर में होने वाली आगामी राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हुआ है। इस उपलब्धि पर जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव परमिंद्र सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि जिले के एथलीट लगातार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, खिलाड़ियों को आगे भी हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। कृतिका की सफलता पर संघ के चेयरमैन महंत गिरीशपति त्रिपाठी, अध्यक्ष संजय तिवारी, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव अभिषेक सिंह और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना ने उन्हें बधाई दी है।
एटा के सौहार गांव के 55 साल के सौदान सिंह पाल की सोमवार को भटिंडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह पंजाब के बीबीबाला गांव में एक शराब ठेके पर सेल्समैन थे। बुधवार को उनका शव पैतृक गांव पहुंचा, जिससे परिवार में मातम छा गया। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अज्ञात हमलावरों ने सौदान सिंह को तीन गोलियां मारीं। उन्हें घसीटकर ठेके के अंदर ले जाया गया, जहां सीने में दो गोलियां लगने से उनकी मौत हो गई। यह घटना भटिंडा के कैंट थाना इलाके में हुई। पुलिस को मौके से तीन खोखे मिले हैं CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ठेके के गल्ले से नकदी भी गायब मिली। पुलिस इसे लूट के इरादे से की गई हत्या मानकर जांच कर रही है। अज्ञात हमलावरों की तलाश के लिए आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। परिजनों के अनुसर 55 वर्षीय सौदान सिंह अविवाहित थे चार भाई है जो कि खेतीबाड़ी करके अपना जीवन यापन करते है।पैतृक गांव शव पहुंचते ही कोहराम मच गया परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
एमिटी विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर में 21 सितंबर से चल रहे ‘इन्नोवेशन वीक-2026’ का भव्य समापन हुआ। परिसर के चेयरमैन डॉ. असीम चौहान के जन्मदिवस (इन्नोवेशन डे) के उपलक्ष्य में आयोजित इस पूरे सप्ताह के दौरान इन्नोवेशन एक्सपो, पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज और संगोष्ठियों समेत कई अकादमिक व रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समापन समारोह में ऑनलाइन जुड़े डॉ. असीम चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार कोई ऐसी प्रक्रिया नहीं है जो रातों-रात हो जाए, बल्कि इसके लिए दशकों के समर्पण और निरंतर परिश्रम की आवश्यकता होती है। उन्होंने छात्रों को नए विचारों और स्टार्टअप्स के जरिए देश का मान बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, उप प्रति कुलपति डॉ. अनिल तिवारी, डीन अकादमिक डॉ. राजेश तिवारी और डीन छात्र कल्याण डॉ. राजीव वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। एमिटी लॉ स्कूल के छात्रों ने महिला सशक्तिकरण पर आधारित ‘शक्तिरूपा’ और बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत पर ‘राजदरबार’ की शानदार प्रस्तुति दी। समारोह का समापन केक काटकर किया गया।
मऊ के परदहां ब्लॉक के खरगजेपुर गांव में मनरेगा के कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। गांव निवासी राजन सिंह ने बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। उन्होंने ग्राम प्रधान और सचिव पर बिना काम कराए करीब 16 लाख रुपये की धनराशि निकालने का आरोप लगाते हुए मामले की जिला स्तर से जांच कराने और कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के नाम पर कई ऐसे कार्यों में भुगतान किया गया है, जिनका मौके पर काम नहीं कराया गया। राजन सिंह ने शिकायत के साथ संबंधित कार्यों के फोटो उपलब्ध होने की बात भी कही है। उन्होंने ग्राम प्रधान बृजेश सिंह, सचिव और रोजगार सेवक की भूमिका की जांच की मांग की है। नदी की सफाई के नाम पर 3.84 लाख निकालने का आरोप राजन सिंह के मुताबिक 2 सितंबर 2026 को नदी की सफाई और खुदाई के नाम पर 3,84,060 रुपये निकाले गए। उनका कहना है कि मौके पर नदी में पानी भरा हुआ है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने बताए गए कार्य के अनुसार काम होने पर सवाल उठाए हैं और इसकी जांच की मांग की है। नाला और पोखरी खुदाई में भी गड़बड़ी का आरोप शिकायत में खरगजेपुर में विनोद सिंह के खेत से छह लेन तक नाला सफाई और खुदाई के कार्य में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा गाटा संख्या 484 में पोखरी खुदाई के नाम पर 3,02,500 रुपये की फर्जी हाजिरी लगाकर वेज लिस्ट जारी करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पोखरी में पहले से पानी भरा हुआ है और मौके पर बताए गए कार्य के अनुरूप काम नहीं कराया गया। उन्होंने संबंधित अभिलेखों और मौके की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। चकबंद कार्य में फर्जी हाजिरी का भी आरोप राजन सिंह ने ओन्हाईच संपर्क मार्ग से श्मशान घाट तक चकबंद कार्य में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार 19 सितंबर को क्लोन ऐप के माध्यम से आठ दिनों की हाजिरी दर्ज की गई, जबकि मौके पर कार्य नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने इन कार्यों से संबंधित फोटो भी उपलब्ध होने की बात कही है। जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई राजन सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा को राजस्व परिषद का अध्यक्ष बनाया है। उन्हें उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, रेशम विभाग के विभागाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया है। वहीं पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। अमृत अभिजात को बीते दिनों परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया था। रोडवेज में आगामी दिनों में पीपीपी मोड पर नए बस स्टैंड बनाए जाने हैं वहीं करीब एक हजार नई बसों की खरीद होनी है। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल आज राजस्व परिषद अध्यक्ष पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हो रही है। बीएल मीणा अप्रैल 2028 तक राजस्व परिषद के अध्यक्ष रहेंगे। सूत्रों के मु्ताबिक शासन के कुछ वरिष्ठ आईएएस की तबादला सूची जल्द जारी होगी उसमें कुछ और अफसरों के विभाग बदले जाएंगे।
मुरादाबाद में श्रीमद्भागवत कथा:कथावाचक व्योम त्रिपाठी ने दिया धर्म व संस्कार का संदेश
दिल्ली रोड स्थित होटल ड्राइव-इन-24 में 50वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सुमित अग्रवाल और राजेश रस्तोगी द्वारा आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान 27 सितंबर से शुरू हुआ है और 3 अक्टूबर तक चलेगा। मंगलवार को कथा के तीसरे दिन कथा व्यास व्योम त्रिपाठी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराया। उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान की भक्ति, धर्म, उच्च संस्कार और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। भजनों और धार्मिक प्रसंगों के बीच बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। आयोजकों ने बताया कि जन्मतिथि के इस अवसर को आध्यात्मिक रूप से यादगार बनाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। कथा स्थल को आकर्षक फूलों से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे पूरे परिसर का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
अहिंसा दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को उरई स्थित विनायक एकेडमी इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक चले शिविर में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जिला न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे विशेष अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता सिविल जज (14वां वित्त आयोग) जूनियर डिवीजन सुश्री शैलजा ने की। 18 साल से कम बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो कानून छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सिविल जज सुश्री शैलजा ने पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराध, यौन शोषण, उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह कानून बनाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के लैंगिक अपराधों और उनके लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों के बारे में भी समझाया। बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर भी बताया गया। निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए 15100 पर संपर्क जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की सचिव श्रीमती मनाली चन्द्रा ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में जनपद न्यायालय परिसर, जालौन स्थान उरई स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी ले सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर भी कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार असहज या संदिग्ध लगे तो बिना डर या झिझक के माता-पिता, शिक्षक या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए। 1098 और 112 नंबर की दी जानकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य विवेक शुक्ला ने बच्चों को आपात स्थिति में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन नंबर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के जरूरी उपाय भी बताए। लोक अदालत और सुलह-समझौते के लाभ बताए पीएलवी महेश सिंह परिहार ने विद्यार्थियों को लोक अदालत और सुलह-समझौता केंद्र के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित मामलों में सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक राजकुमार गुप्ता ने अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान डीईओ दीपक नारायण, न्यायालय रीडर शैफाली तिवारी, पीएलवी महेंद्र कुमार मिश्रा, योगेंद्र सिंह तखेले, धर्मेंद्र कुमार, रामदेव चतुर्वेदी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को रोककर आवागमन और कामकाज में बाधा डालने के मामले में FIR दर्ज हुई है। कर्नलगंज थाने में विश्वविद्यालय प्रशासन की तहरीर पर 9 छात्रों को नामजद किया गया है। घटना 29 सितंबर की शाम करीब 5:20 बजे सीनेट परिसर स्थित गेट नंबर-1 पर हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान छात्रों और बाहरी लोगों ने गेट रोक दिया, जिससे शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थियों का आवागमन प्रभावित हुआ। इसी दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव की गाड़ी भी रोक दी गई। प्रशासन का कहना है कि उन्हें वाहन से उतरने के लिए मजबूर किया गया और दबाव बनाने का प्रयास किया गया। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नामजद छात्रों की भूमिका की जांच कर रही है। इन लोगों को किया गया नामजद विश्वविद्यालय की ओर से दी गई तहरीर में गौरव कुमार, आशुतोष मौर्य, अनुराग यादव, प्रियांशु भुरतिया, आयुष यादव, अमित यादव, रोशन कुमार, राकेश कुमार और ऋषिकेश के नाम शामिल हैं। इनमें कई विश्वविद्यालय के अलग-अलग पाठ्यक्रमों के छात्र बताए गए हैं।आयुष यादव बीए द्वितीय वर्ष, अमित यादव और रोशन कुमार बीए तृतीय वर्ष, राकेश कुमार बीए द्वितीय वर्ष तथा ऋषिकेश एमएससी द्वितीय वर्ष गणित के छात्र हैं। घटना में कई अज्ञात भी शामिल विश्वविद्यालय प्रशासन ने तहरीर में कहा है कि नामित लोगों के अलावा घटना में अन्य व्यक्ति भी शामिल रहे हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान किए जाने और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि प्रशासन छात्रों की मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखने तथा समस्याओं के समाधान के लिए संवाद और वार्ता को तैयार है। इसके लिए परिसर में धरना-प्रदर्शन और मांग रखने के लिए निर्धारित स्थान भी उपलब्ध है। इसके बावजूद मुख्य प्रवेश द्वार को अवरुद्ध करना विश्वविद्यालय की सामान्य व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने वाला है। प्रभारी प्रॉक्टर ने दी तहरीर प्रभारी कुलानुशासक प्रो. पवन कुमार शर्मा की ओर से यह तहरीर दी गई। कर्नलगंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि घटना के दौरान मौजूद लोगों, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नामजद लोगों की भूमिका और अन्य शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
“मोगली का घर” कहे जाने वाले पेंच टाइगर रिजर्व में 92 दिन बाद जंगल सफारी फिर शुरू होने जा रही है। 1 अक्टूबर से नए पर्यटन सीजन के साथ पेंच का कोर एरिया पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। शुरुआती पांच दिनों की एडवांस बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है। 1 अक्टूबर से 30 जून तक चलेगा पर्यटन सीजन पर्यटन सीजन 1 अक्टूबर से 30 जून तक चलेगा। इस दौरान सुबह और दोपहर की दो सफारी शिफ्ट होंगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जिप्सी सहित सफारी में उपयोग होने वाले वाहनों की फिटनेस जांच भी जारी है। भारतीय पर्यटकों के लिए वाहन प्रवेश शुल्क 2640 रुपए और गाइड शुल्क 800 से 1000 रुपए निर्धारित है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह शुल्क दोगुना होगा। 45 सदस्यीय पेंच मित्र दल बनाया पर्यटन को ग्रामीणों से जोड़ने के लिए पेंच प्रबंधन ने टुरिया और आसपास के गांवों की समितियों के सदस्यों को शामिल करते हुए 45 सदस्यीय ‘पेंच मित्र दल’ बनाया है। यह दल ग्रामीणों और वन विभाग के बीच समन्वय का काम करेगा। दल में शामिल महिलाओं को ‘बाघिन दीदी’ नाम दिया गया है। 1 अक्टूबर से वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत के साथ इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के बाद पेंच मित्र दल के सदस्यों और बाघिन दीदियों को जंगल सफारी भी कराई जाएगी। सफारी मार्गों की सफाई और सुधार कार्य जारी पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत गोयल के अनुसार नए पर्यटन सीजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वाहनों की फिटनेस जांच, सफारी मार्गों की सफाई और आवश्यक सुधार कार्य कराया जा रहा है। पेंच को राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा 1983 में मिला था। यह क्षेत्र ‘द जंगल बुक’ के मोगली से जुड़ी पहचान के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है। शुल्क में इस बार कोई बढ़ोतरी नहीं पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर देवप्रसाद जे ने बताया कि इस बार सफारी शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सफारी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा और इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। सुबह 50, दोपहर में 49 वाहनों को प्रवेश जमतरा, कर्माझिरी और टुरिया से सुबह 50 और दोपहर में 49 वाहनों को प्रवेश मिलेगा। पर्यटकों को वन्यजीवों और जंगल के बारे में बेहतर जानकारी देने के लिए 110 गाइडों को ट्रेनिंग दी गई है। इनमें 64 गाइडों को खवासा में 15 दिन की अंग्रेजी भाषा की ट्रेनिंग भी दी गई है।
कानपुर में नरवल तहसील के सरसौल ब्लॉक के ग्राम शिशुपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय हृदयखेड़ा की हालत देखकर आप भी कहेंगे कि आखिर बच्चों की जान कितनी सस्ती है। शिक्षा के मंदिर का मुख्य भवन पूरी तरह जर्जर और जीर्णशीर्ण हो चुका है।
लुधियाना के गांव हेरां में एक एनआरआई की बंद कोठी पर फायरिंग हुई। हमलावरों ने बुधवार तड़के 4:19 बजे कोठी के मुख्य गेट पर दो राउंड फायर किए। कोठी पर ताला लगा था और पूरा परिवार कनाडा में रहता है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान और फायरिंग के मकसद की जांच कर रही है। कोठी राजोआणा लिंक रोड के समीप स्थित एनआरआई जिंदर सिंह की है। घटना के बाद सामने आई CCTV फुटेज में सफेद कार में सवार हमलावर कोठी के मुख्य गेट के सामने रुकते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में फायरिंग के दौरान गोलियों की चमक भी नजर आ रही है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीमथाना प्रभारी कुलविंदर सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कनाडा में रह रहे जिंदर सिंह या उनके परिवार को पहले कभी किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह की ओर से फिरौती की मांग अथवा धमकी दी गई थी। फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच में शामिल कियावारदात की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। गोली चलने से चिंता में ग्रामीणग्रामीणों के अनुसार गांव में NRI की बंद कोठी पर इस तरह फायरिंग किए जाने की घटना ने चिंता में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले गांव में इस तरह की घटना नहीं देखी थी। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर बंद कोठी को निशाना बनाने वाले हमलावर कौन थे और उनका मकसद क्या था।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने आज सुबह 8:30 बजे हाथरस के जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्टेडियम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल मैदानों, जिम, बैडमिंटन कोर्ट, शूटिंग रेंज और निर्माणाधीन सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। स्टेडियम में एथलेटिक्स, जूडो, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा जिम और तीन बैडमिंटन कोर्ट भी संचालित हैं। जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। खेल मैदान और अभ्यास सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्रिकेट की नेट प्रैक्टिस पिच तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदान के समतलीकरण और घास की कटिंग कराने को कहा। एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए हाई जंप और लॉन्ग जंप की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मिट्टी की व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए। निर्माणाधीन खेल सुविधाओं का काम समय पर पूरा करने को कहा जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन वॉलीबॉल, लॉन टेनिस और बास्केटबॉल कोर्ट के साथ मल्टीपरपज हॉल का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। शूटिंग रेंज में उपकरण उपलब्ध होते ही उसे जल्द शुरू कराने के लिए भी कहा। खिलाड़ियों से की बातचीत, नियमित अभ्यास के लिए किया प्रोत्साहित स्टेडियम में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से जिलाधिकारी ने बातचीत की। खिलाड़ियों ने बताया कि वे सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने उन्हें नियमित रूप से अभ्यास करने और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेलों में लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भागीदारी से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित, अपर जिलाधिकारी प्रशांत तिवारी और प्रकाश चंद्र, जिला क्रीड़ा अधिकारी, हाथरस व मुरसान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सोनीपत में बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) रोहट में तनाव प्रबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किया। इसमें स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ और ग्रामीणों को तनाव के कारणों और उससे बचने के उपाय बताए गए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आज की जीवनशैली में काम का दबाव, गलत दिनचर्या और नींद की कमी तनाव की वजह बन सकती है। लंबे समय तक तनाव में रहने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह विशेषज्ञों ने तनाव कम करने के लिए योग, व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने परिवार और दोस्तों से बात करने और अपनी समस्याएं साझा करने को भी जरूरी बताया। रोजाना खुद के लिए समय निकालना और अपनी पसंद की गतिविधियों में शामिल होना मानसिक सेहत के लिए अच्छा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि वे खुद तनावमुक्त रहें और दूसरों को भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें।
बलरामपुर-गोंडा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत बलरामपुर जनपद का रेहरा बाजार ब्लॉक में बच्चों के पोषण को लेकर एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। 1 अक्टूबर से 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विदेश राज्यमंत्री एवं गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह‘राजा भैया’के प्रयासों से शुरू हो रही इस पहल में जोमैटो फीडिंग इंडिया और बलरामपुर जिला प्रशासन की साझेदारी होगी। इस अभियान का शुभारंभ 1 अक्टूबर को दतलूपुर स्थित बाबू आरपीवी एजुकेशनल एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं।इसे‘आंगन का मिलन’कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की योजना अभियान के तहत चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को प्रतिदिन तीन बार संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए अचलपुर चौधरी में आधुनिक केंद्रीय रसोई तैयार की जा रही है। यहां से प्रतिदिन करीब 4,000 गर्म एवं पौष्टिक भोजन पैकेट विशेष वाहनों के माध्यम से संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। भोजन की गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के साथ बच्चों के स्वास्थ्य,पोषण स्तर और नियमित उपस्थिति की निगरानी भी की जाएगी।इसमें फीडिंग इंडिया की टीम और आंगनबाड़ी कर्मियों की संयुक्त भूमिका रहेगी। इस पहल के लिए क्षेत्र का चयन एक विस्तृत अध्ययन के बाद किया गया। जानकारी के मुताबिक,अप्रैल 2026 से फीडिंग इंडिया की टीम और जिला प्रशासन की ओर से क्षेत्रवार आकलन, समीक्षा और आंकड़ों का अध्ययन किया गया।कुपोषण से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण के बाद उतरौला क्षेत्र के रेहरा बाजार ब्लॉक को अभियान के प्रथम चरण के लिए चुना गया। 22 सितंबर को बलरामपुर जिला प्रशासन और जोमैटो फीडिंग इंडिया के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए।इसके बाद अब 1 अक्टूबर से धरातल पर अभियान की शुरुआत होने जा रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के अनुसार,पहले चरण में रेहरा बाजार ब्लॉक की 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल किए गए हैं। ग्राम पंचायतों तक विस्तारित करने की तैयारी आने वाले चरणों में इस पहल को रेहरा ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित करने की तैयारी है। यह पहल ऐसे समय में शुरू हो रही है,जब केंद्र सरकार की ओर से आंगनबाड़ी सेवाओं और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता दी जा रही है। नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में शामिल बलरामपुर में इस तरह की पहल को पोषण संबंधी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों तक भोजन पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उनके पोषण स्तर में सुधार और नियमित निगरानी के जरिए स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव तैयार करना है। पहल के सफल क्रियान्वयन से आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित होने की उम्मीद है।
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित रेलवे अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों का वेतन भुगतान को लेकर तीन दिनों से धरना जारी है। छह महीने का वेतन बकाया था, जिसमें दो महीने की सैलरी अब खातों में भेजी गई है।कर्मचारियों का कहना है कि चार महीने का भुगतान अभी बाकी है। पूरा वेतन नहीं मिलने तक उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया है। सुरक्षा कर्मियों ने घर का किराया, बच्चों की फीस और परिवार के दूसरे खर्चों का हवाला देते हुए जल्द पूरा भुगतान करने की मांग की है। वहीं, फील्ड ऑफिसर पर धरना खत्म करने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। छह महीने से नहीं मिला था वेतन सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक, उन्हें छह महीने से वेतन नहीं मिला था। धरना शुरू होने के बाद ठेकेदार की ओर से दो महीने की सैलरी खातों में भेजी गई, लेकिन चार महीने का बकाया अभी बाकी है। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। किराया, बच्चों की स्कूल फीस और भाई-बहनों की पढ़ाई के लिए पैसे भेजने में परेशानी हो रही है। सुरक्षा कर्मियों का दावा है कि बुधवार सुबह फील्ड ऑफिसर मान सिंह अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने धरना खत्म करने के लिए दबाव बनाया। कर्मचारियों के मुताबिक, धरना खत्म नहीं करने पर पुलिस बुलाकर लात मारकर बाहर निकलवाने और उनकी जगह दूसरे लोगों को काम पर रखने की बात कही गई। PF-ESI नहीं मिलने की भी शिकायत कर्मियों ने SS4 ग्रुप पर पीएफ और ईएसआई का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से रेलवे अस्पताल में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन वेतन के साथ इन सुविधाओं को लेकर भी परेशानी बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन दिन से धरना चल रहा है, लेकिन रेलवे का कोई अधिकारी उनकी समस्या सुनने मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि धरने के दौरान खाने-पीने का इंतजाम भी नहीं है और आसपास के लोग जो मदद करते हैं, उसी से काम चल रहा है। सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि चार महीने का बकाया मिलने के बाद ही वे धरना खत्म करेंगे। उन्होंने वेतन भुगतान के साथ पीएफ और ईएसआई की समस्या दूर करने की भी मांग की है।
दिल्ली में बुधवार को मास्टर प्लान दिल्ली-2047 पर नौवीं हितधारक बैठक हुई। इसमें यमुना के सक्रिय बाढ़ क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए गतिविधि-मुक्त क्षेत्र तय करने की जरूरत बताई गई।
रायबरेली के बछरावां थाना के शेखपुर समोधा गांव में मंगलवार को एक विवाहिता का शव उसके घर के कमरे में संदिग्ध हालत में फांसी पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हलचल मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान आरती देवी (25) पत्नी विनय कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। बताया गया कि आरती की सास रुक्मणी गुप्ता जब घर पहुंचीं तो उन्हें बहू दिखाई नहीं दी। उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो आरती फांसी पर लटकी मिली। रुक्मणी ने तत्काल पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। कमरे में लटका मिला शव पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आरती को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की स्थिति को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष ने कहा- जांच की जा रही थानाध्यक्ष श्याम कुमार पाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाट पर बैठे अधेड़ पर झपटा कुत्ता, हाथ-पैर नोचे:चिल्लाया तो छोड़ कर भागा; 10 टांके लगाने पड़े
बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र के दशहरा पाड़ा गांव में घर के बाहर खाट पर बैठे 50 साल के व्यक्ति पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने व्यक्ति के पैरों पर झपट्टा मारा और दांत गड़ा दिए। दर्द से चीखने पर कुत्ता वहां से भाग निकला। हमले में घायल व्यक्ति के दोनों पैरों पर 10 टांके आए हैं और हाथ पर भी घाव हुए हैं। फिलहाल पीड़ित का इलाज जारी है।घर के बाहर खाट पर बैठे थे, अचानक किया हमलाजानकारी के मुताबिक, दशहरा पाड़ा निवासी वालेंग पुत्र मोगजी बुधवार सुबह अपने घर के बाहर खाट पर बैठे हुए थे। इसी दौरान एक कुत्ते ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उनके दोनों पैरों पर बुरी तरह काट लिया। कुत्ते के काटने से वालेंग के दोनों पैरों पर गहरे घाव हो गए। वहीं हाथ की अंगुली पर भी कुत्ते ने बुरी तरह काटा है। अस्पताल में चल रहा इलाजघटना के तुरंत बाद खून से लथपथ घायल को परिजनों ने जिला मुख्यालय पर स्थित एमजी हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों ने उनके दोनों पैरों पर हुए गहरे घावों को देखते हुए कुल 10 टांके लगाए। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार जारी है।
कोटा ग्रामीण के कनवास थाना क्षेत्र के SDM कोर्ट परिसर में पारिवारिक विवाद को लेकर महिला और उसके पिता से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति और ससुराल वालों ने उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। वकीलों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। कनवास थानाधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि महिला मामोर झोपड़ियां निवासी महिला की रिपोर्ट पर उसके पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभाषक परिषद ने भी नाराजगी जताई। कार से पीछा करने और कोर्ट जाकर पीटने का आरोप जानकारी अनुसार- महिला सोमवार को अपने पिता के साथ बाइक से कनवास जा रही थी। पावर हाउस के पास कार सवार उसके पति ने अपने परिवार के साथ उनका पीछा करना शुरू कर दिया। महिला ने अपने पिता से बाइक SDM कोर्ट परिसर की ओर ले जाने को कहा, पीछे से ससुराल के लोग भी वहां पर आ गए। पीड़िता का आरोप है कि कोर्ट परिसर में ही ससुराल वालों ने उनके साथ और उनके पिता से लात-घूंसों से मारपीट की। पिता को बचाने की कोशिश की तो पति ने उसका हाथ पकड़कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद सभी ने मिलकर उसके साथ मिलकर भी मारपीट की। मौके पर मौजूद वकीलों और लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को बचाया।
भिवानी के गांव अजीतपुर के एक बंद मकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर पीछे के रास्ते से झटका मशीन के तार काटकर घर में घुसे। जिन्होंने ताले तोड़कर अलमारी व बेड की तलाशी ली। जहां से सामान चोरी करके फरार हो गए। जबकि परिवार गुरुग्राम में रहता है। जब वापस लौटे तो इसका पता लगा। मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। भिवानी के गांव अजीतपुर निवासी जयबीर सिंह ने सदर थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि वह गुरुग्राम कंपनी में काम करता है। इसलिए वह अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में ही रहता है। गांव में उसका मकान है, जहां पर वह महीने में 2 बार आता है। अब वह करीब 10 दिन पहले गांव आकर वापस गुरुग्राम गया था। अब वह अपनी पत्नी के साथ वापस अपने गांव अजीतपुर आया तो मकान संभाल। इस दौरान मकान के अंदर दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी। वहीं दरवाजे पर लगा ताला भी गायब मिला। जब कमरे के अंदर जाकर देखा तो पाया कि बेड व अलमारियों का सामान बिखरा हुआ था। इसके बाद उन्होंने अपना सामान चेक किया तो पाया कि एक जोड़ी पाजेब, तीन-चार हजार रुपए कैश, घर में लगे सीसीटीवी की डीवीआर, एक बुफर व व्यक्यूम क्लीनर आदि घर का सामान चोरी हुआ मिला। उन्होंने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए थे, जिसकी डीवीआर भी चोरी कर ले गए। आरोपी पीछे के रास्ते घर में घुसे। वहीं घर की चारदीवारी पर झटका मशीन के तार थे, उनको काटकर अंदर घुसा गया है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके चोरों की तलाश शुरू कर दी।
सांभर लेक में 43वीं बाल रामलीला के तीसरे दिन मंगलवार को गिरिजा पूजन, नगर भ्रमण, धनुष यज्ञ, रावण-बाणासुर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन हुआ। इसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। धनुष यज्ञ मुख्य आकर्षण रहा। श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ने का दृश्य देख दर्शक जय श्रीराम के नारों से गूंज उठे। रावण-बाणासुर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने भी दर्शकों को लुभाया। राम की भूमिका पवन व्यास, लक्ष्मण की गोकुल नामा, सीता की अक्षत सैन, विश्वामित्र की ध्रुव जाजू, जनक की दीपक शर्मा, सुमति की राम कुमावत, विमति की माधव काबरा, पुरवासी की हार्दिक नामा, गिरिजा की राघव शर्मा, रावण की मितेश शर्मा, बाणासुर की पंकज शर्मा, मुनीम की शेखर व्यास तथा सेठजी एवं परशुराम की भूमिका विजय प्रजापत ने निभाई। मंचन में गौतम सिंघानिया, संजय सूँठवाल, विष्णु शर्मा, दीपक व्यास, ललित सोनी, तरुण शर्मा और मनीष सूँठवाल सहित अन्य सहयोगियों ने बैकस्टेज व्यवस्थाएं संभालीं।
रतिया में मेडिकल स्टोर से हजारों की चोरी:शटर के ताले तोड़े, कैश, डीवीआर और एक एलईडी चुरा ले गए
फतेहाबाद जिले में रतिया के टोहाना रोड पर एक मेडिकल स्टोर में चोरी की वारदात का अंजाम दिया गया है। मंगलवार देर रात अज्ञात चोरों ने गुरु फार्मेसी मेडिकल स्टोर के ताले तोड़कर दुकान से करीब 7 हजार की नकदी, सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और एक एलईडी चुरा ले गए। मेडिकल स्टोर संचालक साहिल कुमार को बुधवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का पता चला। उन्होंने देखा कि दुकान के ताले टूटे थे और शीशा भी टूटा हुआ था। साहिल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई। दो महीने में हो चुकी चोरी की 8 वारदात स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पिछले दो महीनों में टोहाना रोड पर 7-8 चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से दुकानदारों में गुस्सा और असुरक्षा बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस से रात की गश्त बढ़ाने और चोरियों का जल्द खुलासा करने की मांग की है। पुलिस द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
हाथरस के सादाबाद-मथुरा मार्ग पर नौगांव बंबा के पास मंगलवार देर रात अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में सहपऊ थाना क्षेत्र के मढ़ाका गांव निवासी 29 वर्षीय संदीप कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की जानकारी मिलने पर राहगीरों ने 108 एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस से संदीप को सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग भी सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंच गए और संदीप को उपचार के लिए आगरा ले गए। आगरा में इलाज के दौरान तोड़ा दम परिजन संदीप को आगरा के अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। संदीप मथुरा में प्राइवेट नौकरी करते थे। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया। वह अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गए हैं। मढ़ाका गांव के रहने वाले थे संदीप संदीप हाथरस के सहपऊ थाना क्षेत्र के मढ़ाका गांव के रहने वाले थे। मंगलवार देर रात वह बाइक से सादाबाद-मथुरा मार्ग से जा रहे थे। नौगांव बंबा के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के संबंध में पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटा रही है।
सीधी में बुधवार सुबह गोवंश को कैंपर वाहन की चपेट में आने के बाद करीब 500 मीटर तक घसीटे जाने का मामला सामने आया है। घटना जिले के बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम भनवारी का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वाहन गुप्ता क्रेशर का बताया जा रहा है। घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घायल गोवंश को उपचार के लिए भेजा गया। टक्कर के बाद भी वाहन नहीं रोकने का आरोप सड़क पर मौजूद गोवंश वाहन की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक टक्कर के बाद चालक ने वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ा दिया, जिससे गोवंश करीब आधा किलोमीटर तक सड़क पर घिसटता चला गया। इसके बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कराया उपचार घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने घायल गोवंश के उपचार की व्यवस्था की। बजरंग दल कार्यकर्ता रामेंद्र दुबे ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने वाहन का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर बहरी थाने में आवेदन दिया गया है और चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। कार्रवाई होने तक मांग उठाने की बात कार्यकर्ताओं का कहना है कि हादसे के बाद चालक वाहन रोककर घायल गोवंश का उपचार कराता तो स्थिति अलग होती। उनका आरोप है कि गोवंश को घसीटने के बाद चालक वाहन लेकर चला गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के अनुसार क्षेत्र में वाहनों की टक्कर से गोवंश के घायल होने की यह करीब 12वीं घटना है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई होने तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे। थाना प्रभारी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। घायल गोवंश के उपचार के लिए पशु चिकित्सालय को सूचना दी गई है और उसका उपचार कराया जा रहा है। आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी: कटान के कारण 10 सेकंड में शारदा नदी में समाया मंदिर, देखें वीडियो
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खासकर दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले लोग वाहनों की चार्जिंग खत्म होने की नौबत आने पर भटकते रहते हैं। कोई होटल जाकर अपने वाहन को चार्ज करता है तो कोई कार के सर्विस सेंटर पहुंचकर।
अलवर जिला अस्पताल में RMSCL की ओर से 55 तरह की दवाओं और जरूरी मेडिकल सामग्री की सप्लाई नहीं हो पा रही है। दवाओं की शॉर्टेज के चलते अस्पताल प्रशासन को मरीजों की जरूरत पूरी करने के लिए अब लोकल स्तर पर खरीद करनी पड़ रही है। इसके लिए RMSCL से NOC जारी होने के बाद अलग-अलग फर्मों के चल रहे टेंडर के माध्यम से सामग्री खरीदी जा रही है। जिला अस्पताल की ओर से तैयार सूची में ओमेप्राजोल, टैम्सुलोसिन, मिसोप्रोस्टोल, उर्सोडियोऑक्सीकॉलिक एसिड, एस्कॉर्बिक एसिड, डिफेरेसिरॉक्स, डोपामिन, डॉक्सीसाइक्लिन सहित कई दवाएं शामिल हैं। इनके अलावा सिरिंज, सर्जिकल ब्लेड, ग्लव्स, कैथेटर, परफ्यूजन सेट, सर्जिकल स्यूचर, एंडोट्रेकियल ट्यूब और अन्य मेडिकल सामग्री भी शामिल है। PMO प्रवीण शर्मा ने बताया कि अस्पताल में 55 ऐसी दवाइयां हैं, जिनकी पीछे से सप्लाई नहीं हो पा रही है। RMSC की NOC प्रक्रिया के तहत इन्हें लोकल में खरीदा जा रहा है। अलग-अलग फर्मों के टेंडर के जरिए खरीद कर मरीजों के लिए दवाओं और जरूरी सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। इन दवाओं को लोकल स्तर पर खरीद रहे

