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CEC Gyanesh Kumar बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं, P Chidambaram ने मांगा इस्तीफा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पूरी तरह से असंवैधानिक और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फैसले लिए हैं और कहा कि उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए। ANI को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के बयान का भी ज़िक्र किया जिसमें कहा गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने कुछ अहम फैसलों पर अपनी असहमति जताई थी; उन्होंने कहा कि संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। चिदंबरम ने कहा हमारा आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। वह बीजेपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर चुनाव आयोग ने यह बयान जारी किया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे, तो फाइलों को सार्वजनिक किया जाए। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar को हटाने की मांग पर Guwahati में Congress नेता Gaurav Gogoi हिरासत में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में मतदाता सूची और डेटाबेस एक्सेस से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। चिदंबरम ने ANI से कहा, श्री संधू और श्री जोशी ने कहा है कि ECI के आधिकारिक कम्युनिकेशन ECI की मंज़ूरी के बिना जारी किए गए हैं। अगर ECI की मंज़ूरी ली गई थी, तो फ़ाइल दिखाएं। उन्होंने आगे कहा जोशी ने कहा है कि एक साल से ज़्यादा समय से, मीटिंग से पहले कोई एजेंडा और मीटिंग के बाद कोई मिनट्स (कार्यवृत्त) सर्कुलेट नहीं किए गए। मुझे लगता है कि चुनाव आयोग ने माना है कि 2018 से—यानी BJP के सत्ता में आने के बाद से—कोई एजेंडा सर्कुलेट नहीं किया जाता, कोई मिनट्स सर्कुलेट नहीं किए जाते। कई सदस्यों वाली संस्था बिना एजेंडा, बिना मिनट्स के कैसे काम कर सकती है? श्री जोशी और श्री संधू ने कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र लिखे हैं—एक ही दिन अलग-अलग पत्र। उन पत्रों को सार्वजनिक किया जाए। या तो चुनाव आयोग उन पत्रों को सार्वजनिक करे, या कैबिनेट सेक्रेटरी को उन पत्रों को सार्वजनिक करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 25 Sep 2026 6:47 pm

CEC Gyanesh Kumar को हटाने की मांग पर Guwahati में Congress नेता Gaurav Gogoi हिरासत में

(फोटो के साथ)गुवाहाटी, 25 सितंबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड से आगे जाने की कोशिश करने पर कांग्रेस की असम इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। गोगोई के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस ने अपने मुख्यालय राजीव भवन से एक मार्च निकाला और उसकी योजना सीईसी का पुतला फूकने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़ने की थी। पुलिस ने राजीव भवन के पास बैरिकेड लगाए थे, जिन्हें गोगोई समेत प्रदर्शनकारी नेताओं ने पार करने की कोशिश की। उसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में गोगोई ने कहा कि पार्टी ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए एक ‘लोकतांत्रिक कदम’ उठाया था और ‘भारतीय लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ अपनी चिंता प्रकट करने’ के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय जाने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने ‘हमें रोक लिया और हिरासत में ले लिया।’उन्होंने कहा, ‘‘ यदि वे (भाजपा) सोचते हैं कि हमें हिरासत में लेकर हमारा मुंह बंद करा सकते हैं तो उन्हें गलतफहमी हैं। ऐसा लगता है कि भाजपा डर गयी है।’’गोगोई ने कहा,‘‘कांग्रेस भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष करती रहेगी। हम भाजपा को हटायेंगे और देश को बचायेंगे।’’हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं को बस से चौथी असम पुलिस बटालियन ले जाया गया। इस दौरान उन्हें भाजपा और सीईसी के खिलाफ नारे लगाते हुए सुना गया। वे ‘भाजपा वापस जाओ’ और ‘ज्ञानेश कुमार को गिरफ़्तार करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। कांग्रेस प्रवक्ता बेदव्रत बोरा ने आरोप लगाया कि नेताओं को ‘बलपूर्वक गिरफ्तार’ कर लिया गया। उन्होंने दावा किया गया कि ‘यह लोकतंत्र के लिए एक और खतरा है।’उन्होंने कहा, ‘‘कुमार का पुतला जलाने के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जो बर्बरता दिखाई, वह न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि हर मोर्चे पर मौजूदा सरकार के बुरी तरह नाकाम रहने का पक्का सबूत भी है।’’गोगोई के अलावा, हिरासत में लिए गए लोगों में कांगेस सचिव मनोज चौहान, सेवा दल के अध्यक्ष दीप बयान और प्रदेश कांग्रेस महासचिव उदित भानु दास एवं कई अन्य लोग शामिल हैं। बुधवार को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर में दावा किया गया कि निर्वाचन आयुक्तों-- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान एसआईआर से जुड़े फैसलों - जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाना और चुनावी मतदाता सूची का डेटा शामिल है - पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। हालांकि, निर्वाचन आयोग का कहना है कि एसआईआर से जुड़े फैसले तीनों आयुक्तों की मंजूरी के साथ सर्वसम्मति से लिए गए थे। कांग्रेस ने कहा कि इन खुलासों से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी की वे चिंताएं पूरी तरह सही साबित होती हैं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि सत्ताधारी भाजपा को ‘अनुचित फायदा’ पहुंचाने के लिए चुनावी मशीनरी पर ‘कब्ज़ा किया जा रहा है और उसमें हेर-फेर की जा रही है।

प्रभासाक्षी 25 Sep 2026 6:33 pm

Guwahati में हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi, CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन

गुवाहाटी में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे। यह विरोध 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। इनमें 'फॉर्म 6' में बदलाव और वोटर लिस्ट के डेटा को संभालने से जुड़े मामले शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां उन फैसलों को लेकर थीं जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना या उनकी सिफारिशों के खिलाफ लिए गए थे। इसे भी पढ़ें: Ajit Doval से क्या मांग रहे राहुल गांधी? क्यों पीछे पड़ी कांग्रेस, हैरान कर देगी वजह! हिरासत में गौरव गोगोई कांग्रेस ने चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए हैं। पार्टी नेता वोटर लिस्ट (electoral rolls) के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों को लेकर कुमार के इस्तीफ़े और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गुवाहाटी में कांग्रेस सांसद गोगोई और पार्टी के कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, जब उन्होंने कथित तौर पर राजीव भवन के पास पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। यह विरोध प्रदर्शन पार्टी के राज्य मुख्यालय से शुरू हुआ और इसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक जाना था, जहाँ प्रदर्शनकारियों की योजना CEC का पुतला जलाने की थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान ANI से बात करते हुए, गोगोई ने कुमार के इस्तीफ़े की माँग की और चुनाव आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की माँग की। इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री तो राजभर का बेटा ही होगा... बयान से मचा सियासी बवाल, योगी सरकार ने भी गुस्से में दे दी तगड़ी नसीहत! उन्होंने कहा कि आज जब लोगों को पता चल गया है कि ज्ञानेश कुमार जी ने अपराध और देशद्रोह किया है, तो उन्हें आज ही इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। गोगोई ने कहा कि यह मामला नागरिकों के वोट देने के मौलिक अधिकार से जुड़ा है और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा आज भारत एक लोकतंत्र है क्योंकि यहाँ निष्पक्ष चुनाव होते हैं और लोगों का वोट देने का अधिकार सुरक्षित है। आज उन्होंने लोकतंत्र पर हमला किया है। आने वाले समय में भारत की जनता उन्हें बख्शेगी नहीं।

प्रभासाक्षी 25 Sep 2026 3:22 pm

Guwahati Riya Talukdar Murder Case: पति Ramanuj Goswami पुलिस की चलती गाड़ी से कूदा, मौत। Assam

गुवाहाटी के जिस मर्डर केस ने पूरे शहर को झकझोर दिया था... अब उस केस में सबसे बड़ा आरोपी ही इस दुनिया में नहीं रहा. जिस पति पर अपनी पत्नी की हत्या करके उसका सिर फ्रिज में छिपाने का आरोप था... उसकी पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो गई...

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 7:21 pm

हीरामंडी को लेकर संजय लीला भंसाली ने खोले ये राज़

संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित सीरीज़ हीरामंडी नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हो गई है, जिसमें सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, और मनीषा कोईराला जैसे सितारों की कास्ट शामिल है। इस श्रृंखला ने काफी ध्यान आकर्षित किया है, हालांकि भंसाली ने खुलासा किया कि उनकी प्रारंभिक कास्टिंग विकल्प फाइनल कास्ट से अलग थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने मूल रूप से हीरामंडी को रेखा, करीना कपूर और रानी मुखर्जी के साथ एक फिल्म के रूप में देखा था। हालांकि, स्टोरी के बड़े होनेके कारण इसे फिल्म के बजाय एक सीरीज़ में बदल दिया गया। भंसाली ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से हीरामंडी के कॉसेप्ट पर काम कर रहे थे। श्रृंखला स्वतंत्रता से पहले के लाहौर में स्थित हीरा मंडी जिले में दरबारऔर नवाबों पर है। शुरू में, कास्टिंग ने वर्षों में कई बदलावों का सामना किया, जिसमें माहिरा खान, इमरान अब्बास, और फवाद खान जैसे नाम विभिन्न समयों पर विचार किए गए। अंततः, प्रोडक्शन ने एक नई कास्ट पर फैसला किया । हीरामंडी एक पीरियड ड्रामा है जिसका निर्देशन संजय लीला भंसाली और मिताक्षरा कुमार ने किया है। कहानी लाहौर के हीरा मंडी जिले में तवायफों के जीवन पर है, फिल्म की कहानीब्रिटिशकाल के दौरान की कहानी है, जहां एक वैश्यालय की महिलाएं आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लड़ रही होती हैं।। प्रमुख अभिनेताओं के साथ, श्रृंखला में मनीषा कोईराला, ऋचा चड्ढा, संजीदा शेख, महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फरदीन खान, शेखर सुमन और अध्ययन सुमन भी नवाबों की भूमिका में हैं। जियो फाइबर को कड़ी टक्कर दे रहा है एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर, जानिए सभी फ्री ओटीटी प्लान्स की लिस्ट ₹10,000 से कम में मिलेंगे ये 5 बेहतरीन स्मार्ट टीवी, पूरा दिन देखने का मन करेगा जियो सिनेमा के दो नए प्रीमियम प्लान लॉन्च, सिर्फ ₹29 में मिलेंगे इतने फायदे

न्यूज़ ट्रॅक लाइव 1 May 2024 4:05 pm