बांदा के बबेरू कस्बे में शुक्रवार रात एक सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद परिजनों और व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने समझाकर शांत कराया। पुलिस हत्या की वजह तलाश रही है। आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। कस्बा निवासी 45 साल के तेज प्रकाश सोनी उर्फ पप्पू सोनी सोने-चांदी का काम करते थे। शुक्रवार शाम लगभग 9 बजे बबेरू कस्बे के दूल थोक स्थित पुनी बापू चक्की के पास सराफा बाजार में मौजूद थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल तेज प्रकाश सोनी को तुरंत सीएचसी बबेरू ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने परिजनों को सूचित किए बिना ही शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की। इससे गुस्साए परिजनों और स्थानीय व्यापारियों ने सीएचसी के सामने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पत्नी स्नेहा ने बताया, हमलावर शुक्रवार सुबह भी दो बार उनके घर आए थे। शाम को फोन कर पति को बुलाया था। वह सब्जी लाने की बात कहकर घर से निलले थे। स्नेहा ने आशंका जताई है कि यह हत्या रंजिश में की गई है। तेज प्रकाश सोनी के दो बेटे हैं। एसपी पलाश बंसल ने बताया- फॉरेंसिक टीम ने घटना से सबूत जुटाए हैं। मौके से बीयर की बोतल बरामद की गई है। वारदात की वजह पता की जा रही है। SOG समेत 5 टीमों को आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाया गया है।
बांदा में बबेरू कस्बे के दूल थोक मोहल्ले में शुक्रवार रात एक सर्राफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय तेज प्रकाश सोनी उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। यह घटना रात करीब 8:00 बजे हुई, जब किसी अज्ञात व्यक्ति ने तेज प्रकाश सोनी के सीने में गोली मार दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यवसायी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तेज प्रकाश सोनी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और सर्राफा व्यापारियों ने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में धरना दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने गोली मारने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी है। मामले की जांच जारी है।
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि YEIDA अब उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक बन गया है। मास्टर प्लान 2041 की मंजूरी के बाद यह क्षेत्र वैश्विक निवेश के लिए तैयार है। इस क्षेत्र के विकास में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसका उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ था। यह हवाई अड्डा न केवल यात्रियों के आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स और वैश्विक व्यापार को भी नई गति दे रहा है। इसके अतिरिक्त, यमुना एक्सप्रेस-वे अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और अन्य प्रमुख कॉरिडोर से जुड़कर देश का एक प्रमुख कनेक्टिविटी हब बन गया है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक 3,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इससे लगभग 50,000 करोड़ रुपये के निवेश और 4 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। भविष्य की प्रमुख परियोजनाओं में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में एक आधुनिक इंटरनेशनल फिल्म सिटी भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिनटेक पार्क और अपैरल पार्क जैसे विशेष क्लस्टर तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। जापानी, कोरियन और सिंगापुर सिटी जैसी अंतरराष्ट्रीय टाउनशिप की भी योजना है। प्राधिकरण का विकास केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है। 'अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय' योजना के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। वहीं, मथुरा में हेरिटेज सिटी और टप्पल-बजाना अर्बन सेंटर के जरिए पर्यटन और शहरीकरण का संतुलित विकास किया जा रहा है। मास्टर प्लान 2041 के तहत लगभग 37 लाख की आबादी को बसाने का लक्ष्य है। अपनी रणनीतिक स्थिति और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के कारण, YEIDA आने वाले वर्षों में भारत और दुनिया के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में से एक बनने की ओर अग्रसर है।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली, सेंसेक्स एक हजार अंक लुढ़का
मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को आईटी सेक्टर की कंपनियों में तेज बिकवाली देखी गयी जिससे सकल निवेश धारणा प्रभावित हुई और बीएसई का सेंसेक्स एक हजार अंक टूट गया। सेंसेक्स सुबह 180 अंक नीचे खुला और एक समय 1,260 अंक गिर गया था। अंत में यह 999.79 अंक (1.29 प्रतिशत) की गिरावट में […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली, सेंसेक्स एक हजार अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .
गोरखपुर में टली बंदी:प्रशासन-व्यापारी बैठक में गोलघर ट्रैफिक पर सहमति, 100 ई-रिक्शा को मंजूरी
गोरखपुर में प्रस्तावित बंदी की खबर के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और व्यापारियों से सीधे बातचीत की पहल की गई। इसी क्रम में एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने व्यापार मंडल अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल से संपर्क कर पुलिस लाइन में बैठक आयोजित कराई, जिसमें अधिकारियों और व्यापारियों के बीच विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अपर नगर आयुक्त अमित कुमार और एडीएम (एलआर) की मौजूदगी में व्यापारियों की समस्याओं को सुना गया। चर्चा के दौरान अधिकांश मुद्दों पर सहमति बनी और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर की व्यवस्था और व्यापार दोनों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे। गोलघर में सीमित ई-रिक्शा को अनुमति गोलघर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को देखते हुए 100 ई-रिक्शा को अस्थायी रूप से संचालन की अनुमति देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही अयोध्या की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्फ कार्ट चलाने की योजना भी बनाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग को नियंत्रित करने के लिए व्हाइट लाइन के अंदर ही वाहनों को खड़ा करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अपर नगर आयुक्त और एसपी ट्रैफिक अपनी टीम के साथ क्षेत्र का निरीक्षण कर पार्किंग जोन चिन्हित करेंगे और उसी के अनुसार लाइन खींची जाएगी। साथ ही प्रवर्तन दल और ट्रैफिक पुलिस के व्यवहार को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। लाउडस्पीकर की आवाज और चटोरी गली पर जल्द फैसला ट्रैफिक अनाउंसमेंट सिस्टम में स्पीकर की आवाज को और नियंत्रित करने की बात कही गई, ताकि अनावश्यक शोर से लोगों को परेशानी न हो। वहीं चटोरी गली में दोपहिया वाहनों के संचालन को लेकर भी जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया। बैठक में नितिन कुमार जायसवाल, आकाश जालान, अनूप किशोर अग्रवाल, अमित टिबरेवाल, मनीष सिंह, अभिषेक जायसवाल, धवल दुबे और समीर राय सहित कई व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने अपने सुझाव और समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
उज्जैन के बड़नगर में दो बड़े व्यापारियों के बीच विवाद में मारपीट के बाद 65 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी की मौत हो गई। पुलिस ने मारपीट करने वाले व्यापारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बड़नगर थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार मृतक राजेन्द्र कुमार उर्फ राजू लोडा निवासी व्यास कॉलोनी बड़नगर अनाज व्यापारी थे। शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे तुलसी वेयरहाउस के पास अनाज खरीदने को लेकर उनका विवाद निलेश शाह और आदर्श शाह से हो गया। लात-घूंसे से की पिटाई, मौके पर गिरे बुजुर्गविवाद के दौरान आरोपियों ने बुजुर्ग व्यापारी राजेन्द्र लोडा के साथ लात-घूंसे से मारपीट की। हमले में उनकी छाती पर गंभीर चोट आई, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल गुप्ता अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धनाढ्य परिवारों के बीच टकरावबताया जा रहा है कि मृतक राजेन्द्र कुमार और आरोपी दोनों ही बड़नगर क्षेत्र के प्रतिष्ठित और संपन्न परिवारों से ताल्लुक रखते हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। मौत के कारण की जांच के लिए डॉक्टरों की टीमघटना की गंभीरता को देखते हुए मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए उज्जैन से डॉक्टरों की दो सदस्यीय टीम बुलाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का कारण चोट थी या अन्य कोई वजह। हत्या का केस दर्ज, आरोपी फरारपुलिस ने निलेश शाह और आदर्श शाह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।
राजस्थान के 12 लाख कर्मचारियों की चांदी भजनलाल सरकार ने 2% बढ़ाया महंगाई भत्ता, 60% हुआ DA
अमरोहा के नवागंतुक जिलाधिकारी नितिन गौड़ का शुक्रवार को व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर फोरम के सदस्यों ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया और शहर की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान फोरम ने अवैध नशे के कारोबारियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संस्था के प्रदेश संयोजक खत्री मनोज टण्डन, कुंवर नकवी, युवा जिलाध्यक्ष समीर खान, नगर अध्यक्ष मोनू यादव, युवा नगर अध्यक्ष रजा आदिल और नगर मंत्री विकास चौधरी सहित कई पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें नगर व जनपद की पांच प्रमुख समस्याओं का उल्लेख किया गया था। फोरम ने अपने ज्ञापन में सबसे पहले तालाबों और नालों पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा उठाया। संस्था ने जनहित में इन अतिक्रमणों को तत्काल हटाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों और पेड़ों की अवैध कटान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई। ज्ञापन में तीसरा प्रमुख मुद्दा नशे के अवैध कारोबार से संबंधित था। फोरम ने प्रतिबंधित दवाओं और नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार करने वालों पर रासुका लगाने की मांग की। साथ ही, सदर तहसील के विनियमित क्षेत्र कार्यालय में लंबे समय से लंबित पत्रावलियों को गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने का आग्रह किया गया। छोटे दुकानदारों को परेशान सबसे गंभीर आरोप खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पर लगाए गए। फोरम ने बताया कि विभाग के अधिकारी छोटे दुकानदारों को मनमाने ढंग से परेशान कर रहे हैं, जबकि बड़े कारोबारियों के साथ सांठगांठ कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है। संस्था ने इस भेदभावपूर्ण रवैये को तुरंत रोकने की मांग की। व्यापारी सुरक्षा फोरम ने अपने पत्र में दोहराया कि उनका लक्ष्य एक संगठित, सुरक्षित, स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त व्यापारी समाज का निर्माण करना है। फोरम को उम्मीद है कि नवागत जिलाधिकारी इन जनसमस्याओं पर प्राथमिकता के साथ संज्ञान लेंगे और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
नर्मदापुरम के सोहागपुर में कैनरा बैंक के सामने खड़ी एक ब्लैक थार गाड़ी से 5.50 लाख रुपए चोरी हो गए। वारदात गुरुवार दोपहर 12.30 बजे की है। जब एक अनाज व्यापारी का मुनीम रुपए रखे थैले को गाड़ी में छोड़कर बैंक के अंदर गया था। गाड़ी का गेट खुला छूट जाने से अज्ञात व्यक्ति थैला चुराकर ले गया। बैंक से निकलकर जब मुनीम गाड़ी में आया तो थैला गायब देख उसके होश उड़ गए। उसने तत्काल अपने मालिक को सारी घटना बताई। सूचना पर सोहागपुर थाना प्रभारी राहुल रायकवार स्टॉक के साथ मौके पर पहुंचे। बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी चेक किए। जिसमें एक महिला की गतिविधि संदिग्ध दिखाई दी। जो गाड़ी के आसपास ही घूम रही थी। गुरुवार रात 8.30 बजे अज्ञात चोर के खिलाफ रुपए चोरी करने का मुकदमा दर्ज लिया है। संदिग्ध महिला की तलाश भी जारी है। थाना प्रभारी राहुल रायकवार ने बताया फरियादी तिलक मालवीय सेमरी हरचंद में एक अनाज व्यापारी का कर्मचारी है। जिसने गुरुवार दोपहर में एसबीआई बैंक आया। फिर वो कैनरा बैंक गया। नगद 5.50 लाख रुपए, चेकबुक और सील रखा थैला उसने गाड़ी में ही रख दिया और आरटीजीएस की जानकारी लेने बैंक में चला गया। जल्दबाजी में वो गाड़ी को लॉक करना भूल गया। जिस वजह से अज्ञात चोर ने गेट खोलकर रुपए निकाल ले गया। संदिग्ध महिला की तलाश कर रहे है।
डीग जिले के पहाड़ी नगर पालिका के EO के खिलाफ व्यापारियों ने आज बाजार बंद किया। साथ ही SDM कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है की EO राजकुमार कस्बे में द्वेषपूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं। उनकी अगर कोई शिकायत कर देता है तो, वह शिकायतकर्ता को UD टैक्स और अतिक्रमण के नोटिस भेजकर परेशान करते हैं। टूटी सड़क की शिकायत की थी व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि पहाड़ी कस्बे की सड़क टूटी पड़ी थी। जिसके कारण नाली रुकी हुई थी। नाली रुकी होने के कारण नाली का पानी सड़क पर आ रहा था। आने जाने वाले लोग काफी परेशान हो रहे थे। स्थानीय लोगों ने व्यापारी मनोज जैन को इस समस्या से अवगत करवाया। इस पर मनोज जैन ने मौके का फोटो लेकर SDM को भेजा और समस्या का समाधान करने की अपील की गई। EO व्यापारियों को करते हैं परेशान कुछ लोगों ने नगर पालिका EO राजकुमार को बताया कि व्यापारी मनोज जैन ने आपकी शिकायत की है। उसके बाद से नगर पालिका के EO मनोज जैन को UD टैक्स, अतिक्रमण के नाम पर परेशान कर रहे हैं। इसके अलावा 14 अप्रैल को कस्बे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश था। क्योंकि यह कार्रवाई पक्षपात में की गई थी। शिकायत के बाद EO ने भेजे नोटिस किसी का मकान दुकान छोड़ा और, कई व्यापारियों का तोड़ा गया। फिर से व्यापारी मनोज जैन ने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई तो, उनके एक वीडियो के जरिए उनका दुष्प्रचार किया गया। मनोज जैन की सामाजिक छवि की धूमिल किया गया। व्यापारी के पेट्रोल पंप से नाला निकालने की कोशिश 7 दिन पहले पहाड़ी क़स्बे में सड़क का निर्माण किया गया। सड़क की गुवाक्ता को लेकर व्यापारी मनोज जैन और अन्य व्यापारियों ने SDM से कहा तो, नगर पालिका ने षड्यंत्र रचकर मनोज जैन के पेट्रोल पंप से जबरन नाले निकालने की कोशिश की जा रही है। EO के खिलाफ बाजार बंद नगर पालिका EO की इस कार्रवाई से व्यापारी काफी डरे हुए हैं। इसलिए आज व्यापारियों ने बाजारों को बंद किया है और, SDM से EO के बारे में बात करेंगे। EO द्वेषपूर्ण इस तरह की करवाई कर रहा है। आज सभी व्यापारियों ने मुख्य बाजार के चौराहे पर EO के खिलाफ धरना दिया और, रैली निकालकर SDM कार्यालय पहुंचे।
आगरा नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस निरस्त:व्यापारियों ने किया था विरोध प्रदर्शन,महापौर का जताया आभार
आगरा व्यापारियों के आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के आगे नगर निगम झुक गया। 69 ट्रेड पर एक अप्रैल से लागू ट्रेड लाइसेंस शुल्क को निरस्त किया जाएगा। महापौर हेमलता दिवाकर ने प्रक्रिया शुरू करते हुए निरस्तीकरण के संबंध में नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को निर्देश जारी किए हैं। ट्रेड लाइसेंस शुल्क लागू होने से शहर में एक लाख से अधिक दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। शुल्क निर्धारण को लेकर भी सराफा, जूता व अन्य ट्रेड से जुड़े व्यापारी खफा थे। दैनिक भास्कर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खामियों को उजागर किया था। महापौर हेमलता दिवाकर ने बताया कि वर्तमान ट्रेड लाइसेंस शुल्क प्रणाली में तमाम खामियां थीं। व्यापक अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। इसलिए यह शुल्क खत्म करने का निर्णय लिया है। महापौर का जताया आभार नगर निगम के ट्रेड लाइसेंस शुल्क वापसी के निर्णय कोश्री सराफा कमेटी के अध्यक्ष धन कुमार जैन ने व्यापारियों की जीत बताया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद और महापौर हेमलता दिवाकर का आभार व्यक्त किया। इनमें देवेंद्र गोयल, मनोज गुप्ता, मनीष अग्रवाल, दिनेश गर्ग आदि शामिल रहे। नहीं लागू होगा ट्रेड लाइसेंस शुल्क : ट्रेड लाइसेंस शुल्क अब लागू नहीं होगा। महापौर के पत्र का संज्ञान लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू की जाएगी। - अंकित खंडेलवाल
गोरखपुर में गोलघर के व्यापारी काफी नाराज हैं। उनका आरोप है कि अनावश्यक सख्ती के चलते उनका व्यापार चौपट हो रहा है। उन्होंने दुकानें बंद रखकर आंदोलन की चेतावनी दी है। मंगलवार को गोलघर बंद रखने का आह्वान किया है। हालांकि इससे पहले ही पुलिस की ओर से उनसे बातचीत की पेशकश की गई है। शुक्रवार को बैठक के जिए समय तय किया गया है। गोलघर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर गाड़ियों को सड़क किनारे से उठाया जा रहा है। नगर निगम की ओर से मल्टीलेवल पार्किंग संचालन का जिम्मा जिस फर्म को दिया गया है, उसकी ओर से ही गाड़ी उठाई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि सफेद पट्टी के अंदर खड़ी गाड़ियों को नहीं उठाना चाहिए। लेकिन पुलिस नहीं मान रही, जिससे ग्राहकों ने यहां आना ही कम कर दिया है। चटोरी गली विकसित कर नगर निगम की ओर से अपनी पीठ थपथपायी जा रही है लेकिन इससे व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। अब वे खुलकर अपना नुकसान बताने लगे हैं। गोलघर के व्यापरियों ने कहा कि एक ओर से गाड़ियों का आना पूरी तरह प्रतिबंधित है। व हां कोई गाड़ी खड़ी करके भी नहीं आ सकता क्योंकि मल्टीलेवल पार्किंग के संचालक गाड़ी उठा लेते हैं या यातायात पुलिस चालान कर देती है। दूसरी ओर से गाड़ियां आती हैं। इससे चटोरी गली (पुराना इंदिरा बाल विहार) के व्यापारियों का व्यापार 50 प्रतिशत तक कम हो गया है। गोलघर के व्यापारियों ने बताया कि दुकान का किराया नकालना मुश्किल हो रहा है। जानिए व्यापारियों की क्या मांग है व्यापारी काली मंदिर से टाउनहाल के बीच ई रिक्शा पर लगे प्रतिबंध को हटाने, सफेद पट्टी के अंदर खड़ी गाड़ियों का चालान न करने सहित कई मांगें कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये व्यवस्थाएं हुईं तो व्यापारियों को काफी लाभ होगा। उन्होंने उस बैठक का जिक्र भी किया, जिसमें एसएसपी भी शामिल थे। समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन जायसवाल के मुताबिक व्यापारियों के मुताबिक उसी बैठक में यह निर्णय हुआ कि सफेद पट्टी के भीतर खड़ी होने वाले वाहनों का चालान नहीं किया जाएगा। लेकिन ट्रैफिक पुलिस इन वाहनों का चालान भी करने लगी।
रेवाड़ी में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने भाड़ावास गेट के पास कई कंपनियों और कारोबारियों का काम संभालने KSV टैक्स कंसलटेंट कंपनी में रेड की। टीम ने सीए के ऑफिस को अंदर से बंद करने के बाद घंटों दस्तावेजों की जांच की। आयकर की टीम मकान के अंदर रिकॉर्ड की छानबीन में जुटी हुई है। KSV टैक्स कंसलटेंट कंपनी चलाने वाले सीए सतीश के ऑफिस पर सुबह के समय करीब 6 बजे ही ईडी की टीम पहुंच गई। 2 वाहनों में आए टीम के सदस्यों के साथ सीआईएसएफ के जवान भी मौजूद है। टीम ने ऑफिस में प्रवेश करने के बाद अंदर से मकान का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद सीए के दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। कारोबारियों में हड़कंप जैसे ही KSV टैक्स कंसलटेंट कंपनी के ऑफिस पर ED की रेड की सूचना का पता चला, कारोबारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि रेड किस मामले को लेकर की गई है। बताया जा रहा है कि एसकेजी टैक्स कंसलटेंट कंपनी चलाने वाला सीए कई बड़ी कंपनियों और फर्मों के टैक्स संबंधी कार्यों को देखता है। प्रवर्तन निदेशायल रेड सीए के साथ किसी कंपनी के टैक्स संबंधी मामले को लेकर भी हो सकती है।
हरियाणा के टेक्सटाइल हब पानीपत और पड़ोसी जिले करनाल में व्यापारियों के साथ संगठित रूप से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को रईस उद्यमी बताकर 29 व्यापारियों से करीब 1,11,11,476 रुपए का माल उधार लिया और चंपत हो गए। इस मामले में तहसील कैंप थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों सहित पूरे गिरोह के खिलाफ BNS की धारा 111(2)(b) (संगठित अपराध) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, मुख्य शिकायतकर्ता ने क्या-क्या बताया… दर्ज FIR में ये हैं नामजद आरोपी दीपक कपूर निवासी पठान वज्जा मोहल्ला, पानीपत (प्रो. ओम ट्रेडर्स), प्रीत सिंह (प्रो. नानक एंटरप्राइजेज), राज रतन निवासी लडवा कुआ, पानीपत (प्रो. फर्निशिंग वाला) और राहुल कुमार उर्फ मानिक जैसवार निवासी राजपुताना कॉलोनी, पानीपत (प्रो. महादेव एंटरप्राइजेज) के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने प्रेम कुमार की शिकायत पर इन चार मुख्य आरोपियों और उनके अज्ञात साथियों को नामजद किया है। शिकार बने 29 व्यापारियों और उनकी डूबी हुई रकम की सूची समीर (ओम ट्रेडर्स): 23,00,000 रुपए (सबसे बड़ी ठगी), अमन शर्मा (फर्निशिंग वाला): 6,63,936 रुपए, डिवाइन क्रिएशन (ओम ट्रेडर्स): 6,53,000 रुपए, माधव मिगलानी (ओम ट्रेडर्स): 5,10,000 रुपए, संजय जैन (ओम ट्रेडर्स): 4,67,280 रुपए, नन्द राम (ओम ट्रेडर्स): 4,11,600 रुपए, अचिन भाटिया (ओम ट्रेडर्स): 4,00,000 रुपए, रतन लाल (ओम ट्रेडर्स): 4,00,000 रुपए, युक्ति पोलीमर (ओम ट्रेडर्स): 3,83,716 रुपए, गुलजार (ओम ट्रेडर्स): 3,80,430 रुपए, जतिन बत्तरा (ओम ट्रेडर्स): 3,56,504 रुपए, आयुष कपूर (ओम ट्रेडर्स): 3,52,175 रुपए, हरमीत एंटरप्राइजेज (ओम ट्रेडर्स): 3,21,829 रुपए, मदन ग्रोवर (ओम ट्रेडर्स): 3,09,000 रुपए, संजय तनेजा (ओम ट्रेडर्स): 3,04,120 रुपए, अजित कुमार (नानक एंटरप्राइजेज): 2,75,000 रुपए, अशुल गर्ग (महादेव एंटरप्राइजेज): 2,50,000 रुपए, खुशी राम (ओम ट्रेडर्स): 2,34,000 रुपए, प्रेम गाबा (ओम ट्रेडर्स): 2,24,900 रुपए, दुआ हैंडलूम (नानक एंटरप्राइजेज): 2,07,273 रुपए, जयपाल सिंह (ओम ट्रेडर्स): 1,90,718 रुपए, हेमंत रोहिला (ओम ट्रेडर्स): 1,87,555 रुपए, लिक्षित ट्रेडर्स (ओम ट्रेडर्स): 1,47,000 रुपए, विनोद गोयल (ओम ट्रेडर्स): 1,15,400 रुपए, लक्ष्य (ओम ट्रेडर्स): 1,08,000 रुपए, शुभम (महादेव एंटरप्राइजेज): 65,500 रुपए, किशोर कुमार (नानक एंटरप्राइजेज): 63,540 रुपए और अरुण भाटिया (ओम ट्रेडर्स): 60,000 रुपए शामिल हैं।
भरतपुर के नदबई कस्बे में ज्वैलर योगेंद्र चौपड़ा के हत्यारे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस काफी कोशिश के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी आक्रोश के चलते आज नदबई कस्बे के बाजार, प्राइवेट स्कूलों को बंद रखा गया है। साथ ही आक्रोश रैली निकाली जाएगी और, तहसीलदार कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत होगी। 60 रुपये और ज्वैलरी से भरा बैग लूटा था 25 मार्च को दुकान बंद कर घर जाते समय योगेंद्र चौपड़ा को दो बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। बदमाश योगेंद्र चौपड़ा से सोने चांदी के गहने और कैश से भरा बैग भी लूटकर ले गए थे। बैग में 60 लाख का सामान बताया जा रहा था। घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश बढ़ा और उसी दिन व्यापारियों ने शव को लेकर जुलूस निकाला और नदबई थाने के सामने धरना दिया। 7 दिन का पुलिस ने मांगा था समय पुलिस ने 2 अप्रैल तक दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए समय मांगा लेकिन, ह्त्या के 7 दिन में भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई। व्यापारियों की तरफ से कलेक्टर एसपी को ज्ञापन दिए गए। कई संगठनों ने धरना दिया। पुलिस आश्वासन देती रही कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत योगेंद्र चौपड़ा की हत्या को 1 महीना बीत चुका है। उसके बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ऐसे व्यापारियों का गुस्सा फुट पड़ा। व्यापारी नदबई कस्बे के सभी बाजार बंद रखेंगे। साथ ही आक्रोश रैली निकाली जायेगी। तहसीलदार कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत होगी। जिसमें योगेंद्र चौपड़ा की पत्नी भी शामिल हो सकती हैं।
“मैं नोएडा सेक्टर-62 की रहने वाली संगीता से करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए मिली थी। संगीता ने मुझे कई बार अलग-अलग जगहों पर ऑर्केस्ट्रा में काम के लिए बुलाया। हर बार उसने तय मेहनताना भी दिया। हाल ही में उसने मुझे बिहार के बेगूसराय के नावकोठी में एक प्रोग्राम में डांस के लिए बुलाया था। मैं आई थी, लेकिन कुछ पैसे बकाया रह गए थे। मैंने बकाए पैसे की मांग की तो संगीता के साथ रहने वाले अमरजीत ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और जबरन देह व्यापार कराने की कोशिश की।” ये बातें हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली सोनल चौहान (काल्पनिक नाम) ने बेगूसराय पुलिस से कही। देश के अलग-अलग शहरों से लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा के नाम पर बेगूसराय बुलाकर जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। सोनल ने संगीता और ऑर्केस्ट्रा चलाने वाले अमरजीत के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अमरजीत और संगीता को गिरफ्तार किया है। साथ ही किराए के मकान से 6 लड़कियों को रेस्क्यू भी किया है। बेगूसराय का रहने वाला ऑर्केस्ट्रा संचालक कौन है? पुलिस को ऑर्केस्ट्रा की आड़ में देह व्यापार की सूचना किसने दी थी? रेस्क्यू की गई लड़कियों ने अपनी आपबीती में क्या बताया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले सोनल चौहान की 3 तस्वीरें देखिए…. अब जानिए सोनल ने बेगूसराय पुलिस को क्या बताया? 25 साल की सोनल ने बेगूसराय पुलिस को बताया, “हरियाणा के सोनीपत में मेरा पूरा परिवार रहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए मुझे काम करना पड़ता है। शुरुआत में मैं इधर-उधर छोटे-मोटे काम करती थी। सोशल मीडिया के जरिए मेरी मुलाकात संगीता से हुई। मैंने उसे अपनी कहानी और परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया। संगीता ने मुझसे पूछा कि क्या तुम डांस कर सकती हो। मैंने कहा- हां। जब मैंने डांस के लिए हामी भरी, तो संगीता ने कहा कि उसके कुछ दोस्त और जानने वाले हैं, जो ऑर्केस्ट्रा चलाते हैं। इसके बाद उसने मुझे कई बार ऑर्केस्ट्रा में डांस के लिए भेजा। हर प्रोग्राम के खत्म होने के बाद मुझे पेमेंट मिल जाता था।” सोनल चौहान ने बताया, “कुछ महीने पहले संगीता ने मुझे बिहार के बेगूसराय के रहने वाले अमरजीत के बारे में बताया। उसने कहा, ‘वह मेरा दोस्त है और ऑर्केस्ट्रा चलाता है। अगर तुम तैयार हो, तो मैं तुम्हारे बारे में उससे बात करती हूं। वहां पैसे अच्छे मिल जाएंगे। मैंने संगीता से कहा कि मैं तैयार हूं। कुछ दिन पहले मुझे संगीता का कॉल आया। उसने कहा कि एक शादी का फंक्शन है, जहां डांस करना है और मुझे बेगूसराय आना होगा। 20 अप्रैल को मैं बेगूसराय के एक मुंडन फंक्शन में गई, जहां मैंने डांस किया। प्रोग्राम खत्म होने के बाद मैंने पेमेंट की बात कही। इसके बाद संगीता ने मेरी मुलाकात अमरजीत से कराई। फिर पेमेंट देने के बहाने मुझे नागदह स्थित शंकर शाह के किराए के मकान में ले जाया गया।” ज्यादा पैसे चाहिए, तो हमारी बात माननी पड़ेगी सोनल ने बताया, “जब मैं किराए के मकान में पहुंची, तो अमरजीत ने मुझसे कहा कि अगर ज्यादा पैसे चाहिए, तो तुम्हें वह सब करना पड़ेगा जो हम चाहते हैं। यह सुनकर मैं चौंक गई और उसके इरादे समझ गई। फिर भी मैंने पूछा कि आखिर करना क्या है। इसके बाद मुझे एक दूसरे कमरे में ले जाया गया, जहां पहले से चार-पांच लड़कियां मौजूद थीं। अमरजीत और संगीता ने मुझे उन लड़कियों के साथ बैठने को कहा और कुछ देर के लिए बाहर चले गए। इस दौरान मैंने वहां मौजूद लड़कियों से बात की। उन्होंने बताया कि अमरजीत और संगीता उनसे जबरन देह व्यापार करा रहे हैं। यह सुनकर मुझे एहसास हुआ कि मैं फंस चुकी हूं। मैं किसी तरह वहां से निकलकर हरियाणा लौटने का प्लान बना ही रही थी कि तभी अमरजीत और संगीता वापस आ गए।” देहव्यापार के विरोध पर अमरजीत ने दुष्कर्म की कोशिश की कमरे में संगीता और अमरजीत ने मुझसे पूछा कि तुम्हें पता चल गया होगा कि ज्यादा पैसे के लिए तुम्हें क्या करना होगा। मैंने दोनों को बताया कि मुझे पता चल गया है, लेकिन पैसे के लिए मैं कुछ भी नहीं करूंगी, खासकर वो जो आप लोग मझसे चाहते हैं। सोनल के मुताबिक, जब मैंने देहव्यापार के लिए साफ इनकार कर दिया तो अमरजीत ने रेप की कोशिश की। मैंने पूरी ताकत से अमरजीत का विरोध किया। इस दौरान संगीता और अन्य लड़कियां चुपचाप सबकुछ देखती रही। अमरजीत और संगीता के जाने के बाद मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि इन दोनों के चंगुल से मैं कैसे बाहर निकलूं। मैं काफी देर तक रोती, चीखती और चिल्लाती रही, लेकिन न किसी ने मेरी आवाज सुनी, न किसी ने कोई मदद की। डायल 112 पर फोन पर पुलिस को दी घटना की जानकारी सोनल ने बताया कि मेरे बैग में एक कीपैड मोबाइल था। मैंने तुरंत डायल 112 को कॉल किया। पुलिस को मैंने सारी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मुझसे कहा कि आप चिंता मत कीजिए, हम आपको सुरक्षित निकाल लेंगे। मेरे कॉल करने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने उस मकान पर पहुंचकर छापेमारी की, जहां मुझे रखा गया था। सोनल ने बताया कि पुलिस ने मेरे साथ-साथ अंदर मौजूद पांच अन्य लड़कियों का रेस्क्यू किया और वीरपुर के बड़हरा गांव के रहने वाले अमरजीत और उसकी दोस्त संगीता को गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में सोनल के अलावा रेस्क्यू की गई लड़कियों ने पुलिस को बताया कि जबरन देहव्यापार कराया जा रहा था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। मजबूरी में हम लोग ऑर्केस्ट्रा के साथ-साथ गलत काम कर रहे थे। संगठित गिरोह की जांच कर रही पुलिस मामले की जानकारी और लड़कियों का रेस्क्यू करने वाली लोहियानगर थाना की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या यह संगठित गिरोह का हिस्सा है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पानीपत में कारोबारी बाप-बेटे ने किया मां-नाबालिग बेटी से गैंगरेप:शादी करने से मना करने पर उठा ले गए,12 दिन बंधक बनाए रखा; पिता पर भी FIR हरियाणा के पानीपत में रिश्तों को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की ने अपने पिता, उसके साथी कारोबारी बाप-बेटे सहित सात लोगों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाने और सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। (पूरी खबर पढ़ें)
राज्यसभा की पूर्व सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने गुरुवार को अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं को लेकर चिंता जताई और महिलाओं के लिए अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग की।
बेरोजगार को 10 हजार रुपए देकर करवाई थी रेकी:व्यापारी को लॉरेंस के नाम पर धमकाने वाली गैंग गिरफ्तार
वॉट्सएप कॉल के जरिए लॉरेंस गैंग के नाम पर फिरौती मांगने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को एसआईटी-एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में रहने वाले ज्वेलर्स गौरव जैन को धमकाने के मामले में की गई है। यह गिरोह पहले टारगेट के घर की रेकी कर वीडियो बनाते, फिर वही वीडियो भेजकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए फिरौती मांगते थे। इसका मकसद टारगेट तक यह मैसेज पहुंचाना था कि हम आपके घर तक पहुंच चुके हैं, इसलिए धमकीभरे कॉल को हल्के में मत लेना, क्योंकि आपकी हर गतिविधि पर हमारी नजर है। एसआईटी ने बताया कि जांच के दौरान 16 अप्रैल को रेकी कर वीडियो बनाने वाले आरोपी निर्मल तिवारी को गिरफ्तार किया गया। निर्मल यूपी के बांदा जिले का रहने वाला है, जिसने ज्वेलर्स के कोलार स्थित घर का वीडियो बनाया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि, उसे यह काम गिरोह के मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा ने दिया था। इसके लिए आनंद ने निर्मल को 10 हजार रुपए दिए थे। इसके चार दिन बाद यानी 20 अप्रैल को टीम ने आनंद मिश्रा को भी दबोच लिया। वह भी बांदी जिले का ही रहने वाला है और अपनी गिरफ्तारी के डर से महोबा शिफ्ट हो गया था। यहां से उसकी योजना नेपाल भागने की थी। प्रोफाइल: ऐसे जुड़ा पूरा गिरोह राजस्थान कनेक्शन भी... डीआईजी राहुल लोढ़ा ने बताया कि तकनीकी जांच में तीसरे आरोपी जेपी डारा की भूमिका भी सामने आई। जेपी राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है, जो बीती 25 फरवरी को ही बालिग हुआ है। वह इस गिरोह को आर्थिक मदद और जरूरी संसाधन मुहैया करवाता था। पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर रही है। हैरी देश छोड़कर भागा, तलाश जारीएसआईटी हैरी की तलाश में भी जुटी है। हालांकि, उसके देश के बाहर होने के प्रमाण मिले हैं। यह भी पता चला है कि वह मप्र में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिशों में जुटा है।
रांची में शुरू हुआ जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल, व्यापारियों को मिली राहत
जीएसटी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अब झारखंड के लोगों को हाईकोर्ट नहीं जाना पड़ेगा। गुरुवार से रांची के खेलगांव हाउसिंग कॉलोनी स्थित ब्लॉक-18 में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) की बेंच में सुनवाई शुरू हो गई है। यह ईस्टर्न जोन का पहला और देश का दूसरा स्टेट जीएसटी ट्रिब्यूनल है। इस ट्रिब्यूनल में ज्यूडिशियल सदस्य तुषार कांत सत्पति और तकनीकी सदस्य विजय बिहारी महापात्रा की नियुक्ति की गई है। दोनों सदस्य मिलकर जीएसटी से जुड़े मामलों की सुनवाई और फैसला करेंगे। इस नई व्यवस्था से व्यापारियों, उद्यमियों और आम करदाताओं को सीधी राहत मिलेगी। अब मामलों का निपटारा पहले से ज्यादा तेज और आसान होगा। इससे राज्य में व्यापार करने का माहौल भी बेहतर होने की उम्मीद है। किन मामलों की होगी सुनवाई इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े मामलों का जल्दी निपटारा टैक्स रेट को लेकर होने वाले विवादों की सुनवाई ई-वे बिल से जुड़ी समस्याओं का समाधान छापेमारी को छोड़कर अन्य जीएसटी विवाद पिछले करीब 5 साल से लंबित सैकड़ों आईटीसी मामलों का निपटारा मामलों की फर्स्ट हियरिंग जल्दी तय होगी, जिससे प्रक्रिया तेज होगी। पहले दिन 100 अपीलें दाखिल: झारखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष आनंद पसारी ने बताया कि पहले ही दिन करीब 100 अपीलें दाखिल की गई हैं। हाईकोर्ट में जीएसटी से जुड़े 5000 से ज्यादा केस लंबित हैं। इन मामलों को ट्रिब्यूनल में ट्रांसफर किया जा सकता है।
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट सीलिंग प्रकरण के बाद आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जहां मार्केट के सेक्टर 2 में विरोध प्रदर्शन जारी है तो सीलिंग कार्रवाई को लेकर भी में अब नए-नए खुलासे और आरोप सामने आ रहे हैं। बीते दिन उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ सलाहकार अवनीश अवस्थी के मेरठ दौरे के दौरान व्यापारियों और अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए। बैठक में व्यापारियों ने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर सीधे तौर पर पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि आखिर 56 भवनों की सूची में से 12 नाम कैसे हट गए और केवल 44 पर ही सीलिंग कार्रवाई क्यों हुई? लिस्ट लीक होने का दावाव्यापारियों का दावा है कि जो सूची सुप्रीम कोर्ट में पेश होनी थी, वह पहले ही 3 तारीख को कुछ लोगों तक पहुंच गई। इस पर सवाल उठाते हुए व्यापारियों ने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो लिस्ट पहले कैसे बाहर आई? इस पूरे मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि आवास विकास के अधिकारियों ने कोर्ट और सरकार दोनों को गुमराह किया।कैलाश डेरी को लेकर विवादसूची से बाहर किए गए 12 भवनों में कैलाश डेरी का नाम प्रमुख रूप से चर्चा में है। मार्कैट के व्यापारियों का कहना है कि वहां व्यावसायिक गतिविधियां जारी थी इसके बाद भी सीलिंग लिस्ट से उनका नाम कट गया । इसी प्रकार IDBI बैंक की बिल्डिंग को सील कर दिया गया लेकिन पास ही स्थित SBI की बिल्डिंग को छोड़ दिया गया। इसे लेकर भी अधिकारियों पर दोहरी नीति अपनाने के आरोप लगे। 14 लाख के चंदे पर भी विवादइस पूरे आंदोलन के बीच एक और विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से करीब 14 लाख रुपये का चंदा जुटाया गया अब इस रकम का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा है। पूरे प्रकरण को लेकर व्यापारियों द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप्स में व्यापारी इस पर नाराजगी जता रहे हैं और कुछ “सफेदपोश” लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। सेंट्रल मार्केट सीलिंग प्रकरण अब सिर्फ अतिक्रमण या नियमों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पारदर्शिता, प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। फिलहाल व्यापारियों को राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला है। अब जानिए सेट बैक की शर्तें सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक - रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक - कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। नोटिस के बाद मिलेगा 15 दिन का समय उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नोटिस तैयार हो रहे हैं, जिनका जल्द वितरण शुरु हो जाएगा। इसके बाद केवल 15 दिन का समय संपत्ति स्वामी को मिलेगा। 16वें दिन से आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगा।
राजस्थान में महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर गुरुवार को राज्य में महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी प्रदान की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इससे राज्य कार्मिकों एवं पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि देय होगी। अब प्रदेश में सातवें वेतनमान के अंतर्गत राज्य […] The post राजस्थान में महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कतर के विदेश व्यापार मामलों के राज्य मंत्री डॉ. अहमद बिन मोहम्मद अल सईद से वर्चुअल बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर फोकस किया।
डीडवाना-कुचामन जिले में पुलिस ने गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ 4 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई एसपी ऋचा तोमर के निर्देश पर की गई। पुलिस के अनुसार इन गैंगस्टरों के गुर्गों के खिलाफ कुचामन सिटी, मकराना, परबतसर और लाडनूं थानों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में गोपालदान (22), लिखमाराम उर्फ विकम (28) और विकास उर्फ धन्नाराम (30) शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। व्यापारियों को धमकाकर मांगी जाती थी फिरौतीजांच में सामने आया है कि वीरेंद्र चारण, जो वर्तमान में विदेश में रह रहा है, विदेशी नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल और ऑडियो संदेश भेजकर व्यापारियों को धमकाता था। गैंग के सदस्य स्थानीय स्तर पर धनाढ्य व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जानकारी गैंग लीडर तक पहुंचाते थे, जिसके बाद फिरौती की मांग की जाती थी। सुजानगढ़ में ज्वैलर्स पर की थी फायरिंगपुलिस ने बताया कि गैंग द्वारा पहले भी धमकी देने के बाद फिरौती नहीं मिलने पर गंभीर वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों में भय का माहौल बनाने के लिए फायरिंग और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। गिरफ्तार आरोपी गोपालदान और लिखमाराम पहले भी सुजानगढ़ के जेडीजे ज्वैलर्स फायरिंग प्रकरण में शामिल रहे हैं। पुलिस अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की गहन जांच जारी है।
Share Bazaar में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट, Sensex 852 अंक फिसला, Nifty भी 24200 के नीचे
Share Market Update News : पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नाकाबंदी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, कमजोर रुपए और अन्य प्रतिकूल कारकों के कारण भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद ...
कोटा में रानपुर थाना क्षेत्र में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने सुसाइड कर लिया। जबकि मोड़क थाना क्षेत्र में खांसी की दवा समझकर कीटनाशक पीने से व्यापारी की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। पहला मामला रानपुर थाना क्षेत्र के जगपुरा इलाके का है। यहां बीमारी से तंग आकर एक व्यक्ति ने सुसाइड कर लिया। प्रेमचंद (52l) ड्राइवर था। लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित था। साले रामलाल ने बताया कि प्रेमचंद का काफी इलाज करवाया, लेकिन बीमारी ठीक नहीं हुई। वो अपनी बीमारी को लेकर काफी तनाव में रहते थे। जैसे तैसे चार बच्चों (तीन बेटी, एक बेटे ) का पालन पोषण कर रहे थे। रानपुर थाना ASI हरिओम सिंह ने बताया कि प्रेमचंद डेढ़ साल से कैंसर की बीमारी से पीड़ित था। परिजनों ने बताया कि घर पर पत्नी व बच्चे कमरें में सो रहे थे। प्रेमचंद ने कमरें की बाहर की कुंडी लगा दी। फिर मकान के टिन से रस्सी लगाकर फांसी लगा ली। पता लगने पर परिजनों ने परिचित व रिश्तेदारों के फोन किया। कमरें की कुंडी खुलवाई। प्रेमचंद को नीचे उतारकर जगपुरा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां चेक करने के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहां से शव को कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया। परिजनों ने बीमारी के चलते मानसिक तनाव में होनी की बात बताई है। दूसरी घटना मोड़क थाना क्षेत्र की है। यहां गफलत में कीटनाशक पीने से फर्नीचर व्यापारी की मौत हो गई। मोड़क निवासी व्यापारी जगदीश (55) के काफी समय से खांसी थी। उनके दवाई रही चल रही। बुधवार शाम 5 बजे करीब खांसी की दवा समझकर खेत में फ़सल में छिड़कने वाली दवा पी ली। तबियत बिगड़ने पर परिजन मोड़क हॉस्पिटल लेकर गए वहां से कोटा रेफर किया गया जगदीश का कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। देर रात 1 बजे उनकी मौत हो गई। जगदीश की फतेहपुर गांव में फर्नीचर व फेब्रिकेशन की दुकान है। बड़े भाई श्याम ने तहरीर रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोहाली में एक व्यापारी को धमकाने और उसके फार्म हाउस पर अवैध ट्रेसपासिंग के मामले में आम आदमी पार्टी के (AAP) नेता राकेश सोनम ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल की गई याचिका वापस ले ली है। यह याचिका एफआईआर को रद्द करने के लिए लगाई गई थी। यह एफआईआर थाना सोहाना में 2025 में दर्ज हुई थी, जिसमें वरिंदर सिंह की शिकायत पर यह मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी राजनीति में एक्टिव है। लोकसभा चुनाव में बसपा ने उसे उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन बाद में वह AAP में शामिल हो गए थे। अब चार पॉइंट में जानिए पूरा मामला 1.वरिंदर सिंह ने अपने बयान में बताया कि वह चंडीगढ़ सेक्टर 40 के रहने वाले हैं, लेकिन हाल में वह डिंपी फार्म, गांव लांडरां में रहते हैं। 2. बिजनेसमैन ने बताया कि लांडरां में उनका घर है, जहां वह अपने परिवार के साथ आते-जाते रहते हैं। 13 नवंबर 2025 को उनकी मां और नौकर घर पर अकेले थे। 3. काले रंग की कार और सफेद इनोवा कार में 7-8 अनजान लोग आए, जिनके पास हथियार थे और वे जबरदस्ती डिंपी फार्म हाउस में घुस गए और उनकी मां और नौकर को धमकाने लगे। उन्होंने कहा कि मैं राकेश सोनम हूं, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। 4. उसने डिंपी को बाहर बुलाने के लिए भी कहा। उसने कहा कि डिंपी को वापस बुलाओ, मैं उसे मारकर आज यहां पर कब्जा करूंगा। इसके बाद वे मां और नौकर को धमकाते हुए वहां से चले गए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। एक दूसरे मामले में पुलिस ने दबोचा जानकारी के अनुसार, राकेश सोमन इस मामले में पेशी के लिए अदालत में आया था। इसी दौरान पुलिस ने उसे दूसरे मामले में गिरफ्तार करने की कोशिश की। हालांकि, राकेश को भनक लग गई, जिससे वह वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और कुछ दूर जाकर AAP नेता को गिरफ्तार कर लिया।
फिरोजाबाद में गुरुवार को व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया। फिरोजाबाद उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अंबेश शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह धरना प्रांतीय आवाहन पर आयोजित किया गया था। व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर में आ रही विसंगतियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। वक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए समस्या बन गए हैं, जिससे बिजली बिलों में अनियमित बढ़ोतरी, गलत रीडिंग और तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। व्यापारी वर्ग इन समस्याओं के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी हो रही है। अंबेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक स्मार्ट मीटर की खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उग्र आंदोलन करने को मजबूर उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो व्यापारी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। धरने के दौरान व्यापारियों ने सरकार से कई मांगें कीं। इनमें स्मार्ट मीटर की जांच कराना, उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निस्तारण करना और पुराने मीटर सिस्टम को बहाल करने पर विचार करना शामिल है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में व्यापारियों की मौजूदगी से जिला मुख्यालय परिसर में काफी हलचल रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। व्यापारियों ने दोहराया कि यह लड़ाई केवल उनके हितों की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों की भी है। उन्होंने कहा कि वे इस आंदोलन को हर हाल में जारी रखेंगे।
अजमेर-जयपुर नेशनल हाइवे से सटे गेगल रीको एरिया के व्यापारी परेशान है। यहां खोले गए एग्जाम सेंटर पर लगे जेमर के कारण बंद होने वाली नेट कनेक्टिविटी व्यापार में बाधा बनी हुई है। वहीं एरिया में आवागमन का साधन नहीं है और मजदूरों के संकट से व्यापारी जूझ रहे हैं। करीब 100 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर हर माह होता है। वर्तमान में यहां 30 फीसदी से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। पीने के पानी की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है। खाली पड़ी जगह व मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण की भरमार है। यहां छोड़ी गई ग्रीन बेल्ट भी दुर्दशा की शिकार हो रही है। ऐसा नहीं है कि इन समस्याओं को लेकर व्यापारियों ने रीको प्रशासन को अवगत नहीं कराया लेकिन रीको की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया और समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है। सबसे ज्यादा कपड़ा बनाने की फैक्ट्रियां गेगल रीको एरिया में सबसे ज्यादा करीब बीस कपड़ा बनाने की फैक्ट्रियां है। इसके अलावा मिनरल पत्थर पीसने, गैस प्लान्ट, ट्रांसफार्मर निर्माण, वर्कशॉप, सेमी इंजीनियरिंग मशीन बनाने, पीतल के बुश बनाने, गैस पाइप बनाने, बैकरी, बीज, डेयरी, प्लास्टिक कैप्सूल व धागा बनाने की फैक्ट्रियां है। करीब सौ से ज्यादा व्यापारी है और 2 हजार से ज्यादा मजदूरों को यहां पर रोजगार मिलता है। जेमर से नेट कनेक्टिविटी में बाधा, व्यापार प्रभावित गेगल रीको इंडस्ट्रीयल एरिया के अध्यक्ष दिनेश नवाल ने बताया- गेगल रिको औद्योगिक क्षेत्र में एक एग्जाम सेंटर बना हुआ है। यहां पर आए दिन परीक्षाएं होती है, जिस दिन एग्जाम होते है तो जेमर चालू रखते हैं। जिसकी फ्रीक्वेंसी बहु तेज होती है, जिससे पूरे गेगल रीको औद्योगिक क्षेत्र में मोबाइल के नेटवर्क और इंटरनेट में इश्यू आता है। इससे फ़ोन पर बात नहीं कर पाते हैं और इंटरनेट की दिक्कत के कारण अपने अकाउंट, बिल मेन्टेन करने में भी परेशान होते है। पिछले कई वर्षों से सभी के व्यापार में भारी नुक़सान है। जबकि ये सेंटर कॉमर्शियल है और प्लॉट इंडस्ट्रीयल। इसके बावजूद रीको की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके अलावा यहां पीने के पानी के लिए कोई सुचारू इंतजाम नहीं है। यहां तीन टंकियां बनी है लेकिन कनेक्शन नहीं दिए गए। वहां से पानी लाना पड़ता है। इससे अनावश्यक परेशानी होती है। ये टंकियां भी अधिकांश दिनों में खाली हो जाती है तो महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ते है। इसके अलावा क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन व मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हो रखे है। यहां झुग्गी झोपड़ी बनाकर लोग रह रहे हैं। यहां पार्क भी बने है लेकिन ये उजाड़ हो चुके है। यहां पेड़ पौधे कम और झाडि़या और बबूल ज्यादा है। रीको प्रशासन को इन सभी समस्याओं के बारे में बताया गया लेकिन कोई समाधान नहीं किया। अजमेर ज़िले के सभी औद्योगिक क्षेत्र बढ़े हैं, लेकिन केवल गेगल औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया। आज भी यहां पर तीस फीसदी फैक्ट्रियां बद है। आवागमन के साधन नहीं, लेबर की प्रोब्लम भी बड़ी गेगल रीको इंडस्ट्रीयल एरिया के पूर्व अध्यक्ष राजेश नवाल ने बताया- यहां सबसे बड़ी समस्या लेबर की है। लेबर के नहीं मिलने के कारण प्रोडक्शन नहीं मिल पाता और यहां कईं फैक्ट्रियां बद पड़ी है। ये समस्या वैसे सभी जगह है। साथ ही एरिया के सामने कट था और आए दिन होने वाले हादसों के कारण कट बंद कर दिया और अब डिवाइडर है। आगे पुलिया है, वह भी छोटी है, ऐसे में टोल के पास से वाहन घूम कर आते है। जिससे हादसे की सम्भावना बनी रहती है। हाइवे से सटे होने के बावजूद यहां के लिए लोकल आवागमन का साधन नहीं है। जो बसें चलती है, वे अधिकांश एक्सप्रेस है और ऐसे में अगर उनमें बैठ जाएं तो अधिकांश रूकती नहीं है और रूक भी जाती है तो किराया गेगल का नहीं लेकर किशनगढ़-अजमेर का लेती है। ऐसे में यहा लेबर भी काम करने के लिए आना पसंद नहीं करती। ……….. रीको की ये खबर भी पढ़ें…. 40% डिस्काउंट पर प्लॉट देगा RIICO:अजमेर-ब्यावर में 11 नए रीको एरिया बनाए; 1712 प्लॉट खाली, जानिए कैसे करें अप्लाई अजमेर-ब्यावर में रीको ने 11 नए रीको एरिया बनाए हैं और यहां पर उद्योग लगाने के लिए प्लॉट का सीधा आवंटन करेगा। नई पॉलीसी के तहत 33 साल की लीज पर 40 प्रतिशत डिस्कॉउंट दिया जाएगा। इनमें प्लॉट लेने के लिए राज निवेश पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर एमओयू करना जरूरी होगा। वहीं, अजमेर ब्यावर में पुराने 38 रीको एरिया में कुल 6 हजार 85 प्लॉट काटे गए थे और आज भी इनमें से 1712 प्लॉट खाली पडे़ हैं। इनका आवंटन रीको ई-ऑक्शन के माध्यम से करता है। इसके लिए समय समय पर रीको मुख्यालय की ओर से सूचना जारी की जाती है। ये आवंटन 99 साल की लीज पर होता है। पूरी खबर पढें
हापुड़ में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। इसी संबंध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अधिशासी अभियंता को सौंपा है। इसमें प्रीपेड स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन में मंडल के जिलाध्यक्ष विजेंद्र पंसारी और जिला वरिष्ठ महामंत्री अमन गुप्ता ने बताया कि हापुड़ में तेजी से स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इनकी प्रक्रिया में कई समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर लगाने के दौरान उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मिल रही हैं। 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल व्यापारियों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि बिल जमा करने के बावजूद कई बार 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती। इससे गर्मी के मौसम में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में महिलाएं, छोटे बच्चे और छात्र इससे सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपभोक्ताओं की शिकायतें समय पर हल नहीं हो रही हैं, जिससे बिजली विभाग के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। व्यापार मंडल ने जनहित में प्रीपेड स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष विजेंद्र पंसारी, अमन गुप्ता, विजय अग्रवाल, पुरुषोत्तम, सौरभ गोयल, सौरभ अग्रवाल, गोविंद और योगेंद्र अग्रवाल (मोनू) सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।
मेरठ में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर की शव यात्रा निकालकर विरोध जताया। ऊर्जा भवन के सामने आक्रोशित व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के पुतले को आग के हवाले कर दिया। न्यू मोहनपुरी स्थित कार्यालय से व्यापारियों का समूह स्मार्ट मीटर की अर्थी सजाकर निकला। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे। सभी के हाथों में स्मार्ट मीटर विरोधी नारे लिखी तख्तियां थीं। यह शव यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए ऊर्जा भवन पहुंची, जहां व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी की। पहले देखिए 2 तस्वीरें… पुतला फूंककर जताया आक्रोशऊर्जा भवन के सामने व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही व्यापार मंदा चल रहा है, ऐसे में स्मार्ट मीटर ने उनकी स्थिति और खराब कर दी है। उनका आरोप है कि हजारों व्यापारियों की बिजली काट दी गई है और सर्वर की समस्या के कारण कनेक्शन जुड़ने में घंटों लग रहे हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सौपा प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को राहत देने के लिए स्मार्ट मीटर हटाना ही एकमात्र विकल्प है। व्यापारियों का आरोप है कि इन मीटरों के कारण उत्पीड़न बढ़ गया है, जिसे वे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब तक प्रतिष्ठानों से स्मार्ट मीटर नहीं हटाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। नौ सूत्रीय मांग पत्र सोपा गया - स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म कर उपभोक्ता की स्वीकृति पर लगाया जाए। - उपभोक्ता की स्वीकृति पर जब मीटर लगे तो उसे पूरी जानकारी दी जाए। - उपभोक्ता को 5 साल की गारंटी वाला गारंटी कार्ड भी दिया जाए। - मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को मौके पर ही ऐप, सीलिंग सर्टिफिकेट दिया जाए। - मीटर से जुड़ी शिकायत के लिए विशेष लैब तैयार की जाए ताकि तत्काल शिकायत का निस्तारण हो। - नए कनेक्शन में एस्टीमेट के नाम पर होने वाला उत्पीड़न बंद किया जाए। - पुराने पीडी कनेक्शन की आड़ में होने वाला उत्पीड़न बंद हो। - प्रीपेड मीटर के पोर्टल को इस तरह अपडेट किया जाए कि बिल जमा होते ही तुरंत आपूर्ति चालू हो जाए।- प्रीपेड मीटर लग जाने के बाद उपभोक्ता की सिक्योरिटी एडजस्ट करने का अकाउंट स्टेटमेंट तैयार कर उपभोक्ता को दिया जाए।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने ट्रंप की टैरिफ नीति का बचाव किया
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति का जोरदार बचाव किया
जोधपुर के रातानाडा थाना क्षेत्र में म्यूचुअल फंड में निवेश कर एक साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 26 लाख 38 हजार की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने तीन लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपए ऐंठ लिए। अब पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि जोधपुर के रातानाडा सुभाष चौक न्यू रेलवे लोको कॉलोनी निवासी प्रमोद जटवाल (33) पुत्र जयराम जटवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया गया कि उसकी पहचान 2022 से झुंझुनूं के बासरी निवासी गौरव शर्मा पुत्र कृष्ण कुमार शर्मा से थी। गौरव ने ही परिवादी की मुलाकात झुंझुनूं के वार्ड संख्या 37, पुजारियों का मोहल्ला निवासी ललित शर्मा पुत्र रामकांत शर्मा से करवाई थी। आरोपियों ने खुद को बड़ी कंपनी से जुड़ा बताकर म्यूचुअल इंडेक्स फंड में निवेश के जरिए भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया था। फोन पे और बैंक खातों से ट्रांसफर किए 9 लाख रुपये आरोपियों के झांसे में आकर परिवादी प्रमोद जटवाल ने 13 से 17 नवंबर 2024 और फिर 1 से 11 अक्टूबर 2025 के बीच कुल 9 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह राशि आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में फोन पे और गूगल पे के माध्यम से भेजी गई थी। आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि एक साल के भीतर यह जमा राशि दोगुनी होकर वापस मिलेगी। दो अन्य पीड़ितों से भी ऐंठे लाखों रुपए ठगी का यह खेल केवल प्रमोद तक सीमित नहीं रहा। परिवादी के साथ ही न्यू रेलवे लोको कॉलोनी निवासी राम अवतार मेघवाल पुत्र रामनिवास ने भी आरोपियों के आश्वासन पर 16 जून से 8 नवंबर 2025 के बीच कुल 13 लाख रुपये नकद दिए। वहीं, इसी कॉलोनी के निवासी अश्विनी कुमार सैनी पुत्र जयराम सैनी ने भी आरोपियों के बताए बैंक खातों में 4 लाख 38 हजार रुपये जमा करवाए। इस प्रकार तीनों परिवादियों से कुल 26 लाख 38 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। रकम डकार कर ठिकाने बदल चुके हैं आरोपी निवेश के बाद जब 16 महीने का समय बीत गया और पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बार-बार तकाजा करने पर आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और अपने पुराने ठिकाने भी बदल दिए। पीड़ितों ने जब अपनी स्तर पर तलाश की तो पता चला कि गौरव और ललित शर्मा ने उनके अलावा अन्य कई लोगों के साथ भी इसी तरह का साइबर फ्रॉड किया है।
रीगो ब्रिज के निर्माण में देरी से व्यापारियों में रोष, पुल को जल्द खोलने की मांग
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल की जिला इकाई के पदाधिकारियों व कार्यकारिणी की अहम बैठक प्रधान सुरिंदर दुग्गल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में रीगो ब्रिज के पुनर्निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कर उक्त ब्रिज जनता के लिए खोलने की मांग की गई। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में कारोबारियों ने कहा कि 2 साल से अधिक अवधि से उक्त पुल के बंद रहने से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस पुल के बंद होने से शहरवासियों का सिविल लाइन से संपर्क लगभग कट गया है। प्रधान सुरिंदर दुग्गल, सचिव राकेश ठुकराल, सचिव बलबीर भसीन और उद्योगपति रवि अरोड़ा ने कहा कि सरकार को इस समस्या से जल्द निजात दिलानी चाहिए। दुग्गल ने कहा कि प्रदेश सहित अमृतसर में केमिस्टों और व्यापारियों के साथ लूट-खसोट की घटनाएं बढ़ रही हैं। बैठक में इन समस्याओं के हल के लिए जल्द ही मेयर मोती भाटिया, सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर और विधायकों से मुलाकात करने का फैसला लिया गया।
लखनऊ बिजली संकट को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमर नाथ मिश्र के साथ एक्सियन राजभवन और अन्य अधिकारियों की बैठक हुई । इस बैठक में अमीनाबाद , लाल बाग ,लाटूश रोड, मौलवीगंज हजरतगंज क्षेत्रों के विद्युत समस्या पर चर्चा हुई । बिजली कटौती और उससे संबंधित समस्याओं के साथ प्रभावित होने वाले व्यापार से अवगत कराया। अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि गर्मी में बिजली कटौती व्यापारियों समेत आदमियों को भी परेशान कर रही है। सबसे ज्यादा समस्या तब होती है जब बिना पूर्व सूचना के ही बिजली काट दी जाती है। अगर पहले से ही सूचना मिल जाए तो लोग अपना वैकल्पिक व्यवस्था कर लें। इसलिए हमारी यह मुख्य मांग है कि बिना प्रथम सूचना के लाइट न काटी जाए। उन्होंने कहा कि एक ऐसा ग्रुप बनाया जिसमें लखनऊ व्यापार मण्डल के प्रतिनिधि और बिजली के अधिकारी जुड़े हुए हो। ताकि बिजली काटने की सूचना पहले ही उस ग्रुप में डाल दी जाए जिससे सभी व्यापारियों को सूचना मिल जाए। व्यापारियों ने कहा की कोई भी फाल्ट होने पर पूरा फ़ीडर न बंद करके सिर्फ उस ट्रांसफार्मर की लाइट काटे। तारो के मकड़जाल को मार्केट से कम करने की मांग किया। बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों ने रस्सी बटान , अमीनाबाद जनाना पार्क में ट्रांसफार्मर बढ़ाने पर सहयोग मांगा जिस पर व्यापारियों ने सहमति दी । बैठक में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र , जितेन्द्र सिंह चौहान , सतीश अग्रवाल केदार बाजपेई , आरिफ के साथ तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 13 दिन बाद अधिकारियों और व्यापारियों की एक विशेष वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से लखनऊ से पहुंचे मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास विकास के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद और आवास आयुक्त डॉ बलकार सिंह के साथ मंडलायुक्त, जिले के डीएम, एसएसपी, मेडा के वीसी, नगर आयुक्त औरप्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि इस दौरान व्यापारियों को कोई राहत भरा संदेश तो नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें आश्वास्त किया कि वह उनकी बात को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेंगे। लगभग ढाई घंटे चली वार्ता मंडल आयुक्त कार्यालय पर लगभग ढाई घंटे चली इस विशेष वार्ता में व्यापारियों को समझाया कि क्योंकि यह आदेश सुप्रीम कोर्ट का है इसलिए इसका पालन करना अनिवार्य है। हालांकि उनके जख्म पर मरहम लगाते हुए अधिकारियों ने कहा कि जो उनकी मांग सेटबैक को लेकर है वह इसको भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेंगे लेकिन आदेश का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। न्यायालय के आदेश का करेंगे पालन बैठक के दौरान व्यापारियों की ओर से प्रतिनिधि मंडल में शामिल एडवोकेट अनजनेय सिंह ने बताया कि क्योंकि आदेश माननीय सर्वोच्च न्यायालय का इसलिए हम उसका अवश्य पालन करेंगे। हम कोर्ट के किसी आदेश की कोई अवहेला नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों ने भी हमसे यही बताया है कि इसको पालन करने के बाद ही उन्हें कोई राहत मिलेगी। जहां तक बात छोटे मकान में सेटबैक की है तो वह भी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश अनुसार ही उनको भी सेटबैक छोड़ना होगा। सरकार ले रही संज्ञान संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि जिस प्रकार इस प्रकरण में लखनऊ से आकर अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ बैठक की है और उनसे सुझाव लिया है इससे एक बात तो स्पष्ट है कि हमारी सरकार इस मामले पर संज्ञान ले रही है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कोई अवहेलना नहीं कर सकता है इसलिए इसमें आदेश का पालन करते हुए राहत की मांग के लिए सरकार हमारा पक्ष अवश्य रखेगी हमें सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह हमें न्याय दिलाएंगे। 13 दिनों से चल रहा है प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद सेक्टर 2 के व्यापारी और स्थानीय निवासियों ने 13 दिन से लगातार अपना विरोध प्रदर्शन चला रखा है। उनके कहना है कि 37 मीटर के मकान में वह दुकान तो बंद कर सकते हैं लेकिन अगर इसमें भी उनको सेटबैक छोड़ना पड़ा तो वह फिर कहां रहेंगे यह उनके लिए एक बड़ा सवाल है। इसके चलते आज व्यापारियों ने सरकार के भरोसे और अपने व्यापार को खत्म होने के लिए एक तेरहवी का भी आयोजन किया था। जिसमें सुबह पहले हवन फिर ब्रह्म भोज और फिर शोक सभा होनी थी, लेकिन सुबह ही सिविल लाइन भारी संख्या में पुलिस बल के साथ वहां पहुंची और महिलाओं से वार्ता की जिसके बाद सिर्फ हवन ही हो पाया। ब्रह्म भोज और शोक सभा धरना स्थल पर नहीं हुई। वहीं अब भी महिलाओं का कहना है कि उनका प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। संयुक्त व्यापार संघ मेरठ के उपाध्यक्ष तरुण कुमार गुप्ता ने आज की बैठक को लेकर कहा कि हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार, विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री जी, लगातार व्यापारियों को राहत देने के लिए प्रयासरत हैं। सरकार द्वारा भू-उपयोग परिवर्तन नीति 2025 लाकर यह साफ संकेत दिया गया है कि वह व्यापारियों के साथ खड़ी है और उनके घर-व्यापार को सुरक्षित रखना चाहती है। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि आवास विकास परिषद के अधिकारी इस राहत को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में विफल रहे हैं। बल्कि यह प्रतीत होता है कि जानबूझकर सरकार की नीतियों और वास्तविक तथ्यों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया। जब व्यापारी नियमों के अनुसार शुल्क जमा कर चुके हैं, तब भी उनकी स्थिति को न्यायालय तक न पहुंचाना सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी है। क्या थाआदेश बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवास विकास को आदेश दिया गया था कि सेंट्रल मार्केट के क्षेत्र की 44 संपत्तियों को सील कर उसकी रिपोर्ट पेश की जाए इसके बाद 8 अप्रैल को आवास विकास द्वारा कार्रवाई करते हुए सभी 44 संपत्तियां सील कर दी गई जिसकी रिपोर्ट 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पेश भी की गई इसके बाद हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 2 महीने के अंदर सभी 859 आवासीय संपत्तियों में चल रही कमर्शल गतिविधियां तो बंद कराई ही जाएं साथ ही आवासीय के लिए भी सेटबैक छोड़ जाए जिसके चलते अब वहां रहने वाले लोगों को अपने मकान भी तोड़ने पड़ेंगे इसी का विरोध अब वह कर रहे हैं। इसके चलते बीते 13 दिनों से सेक्टर 2 में विरोध प्रदर्शन जारी है। कब क्या हुआ 25 अक्टूबर में सेंट्रल मार्केट का 661/6 कॉम्प्लेक्स ध्वस्त हुआ । 27 अक्टूबर को जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होने के बाद पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद का आदेश आया कि ध्वस्तीकरण रोक दिया जाए इसके बाद प्रकरण में सुनवाई चलती रही मार्केट में सर्वे होता है 27 जनवरी को कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले छह हफ्तों में आवासीय प्लॉट में चल रही कॉमर्शियल गतिविधि वाले प्रतिष्ठान ध्वस्त कर रिपोर्ट दी जाए इसके बाद आवास विकास द्वारा ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। समय सीमा खत्म होने के बाद व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया धरना खत्म करने के समय आवास विकास ने 80 भूखण्ड स्वामियों को नोटिस दिया जिसमें शुल्क जमा कर आवासीय प्लॉट को कॉमर्शियल में बदल दिया जाएगा । इसके बाद 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में आवास विकास के चेयरमैन और मेरठ के पूर्व कमिश्नर को तलब किया गया। 6 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कमिश्नर को फटकार लगाई और ध्वस्तीकरण को रोकने का आधार पूछा। इसके साथ ही आदेश दिया कि 44 संपत्तियों में अगले 24 घंटों में सीलिंग की कारवाई की जाए। 9 अप्रैल को सीलिंग रिपोर्ट देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी कॉर्म्शियल गतिविधियां बंद हो साथ ही आवासीय गतिविधियां रखने के लिए भी सेटबैक छोडना अनिवार्य है।
Share Bazaar में तेजी पर लगा विराम, Sensex 757 अंक फिसला, Nifty में भी आई गिरावट
Share Market Update News : पश्चिम एशिया संकट जारी रहने से कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजार 3 दिनों की तेजी के बाद बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 756.84 अंक यानी 0.95 फीसदी ...
जालंधर के बस स्टैंड के पास स्थित 'क्वीन स्पा सेंटर' में पुलिस ने छापेमारी कर अनैतिक गतिविधियों का पर्दाफाश किया है। एक स्थानीय युवक द्वारा किए स्टिंग ऑपरेशन के बाद हुई रेड में स्पा सेंटर के अंदर से युवक-युवतियों को संदिग्ध हालत में पाया गया। आरोप है कि यहां थाईलैंड और मलेशिया जैसी विदेशी लड़कियों के जरिए देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। यह मामला थाना 7 के अंतर्गत आने वाले ताज होटल के सामने का है। दुकानदार सम्राट ने खुद ग्राहक बनकर स्पा सेंटर में स्टिंग ऑपरेशन किया। सम्राट का दावा है कि वहां देह व्यापार के लिए 1500 रुपये की मांग की गई थी, जिसके पुख्ता सबूत मिलने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। विदेशी लड़कियां बरामद सम्राट के अनुसार, स्पा सेंटर में थाईलैंड और मलेशिया की लड़कियां काम कर रही हैं। छापेमारी के दौरान मौके से आपत्तिजनक सामान और नशे की पन्नियां भी बरामद होने का दावा किया गया है। घटना के समय पुलिस ने सेंटर के अंदर मौजूद युवक और युवतियों को बाहर निकाला। पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल यह स्पा सेंटर थाना 7 से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है। सम्राट ने आरोप लगाया कि निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के बिना सरेआम देह व्यापार का यह कारोबार नहीं चल सकता। हालांकि, उन्होंने उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताया। स्पा सेंटर के मालिक का पक्ष जब इस मामले में स्पा सेंटर के मालिक से संपर्क किया गया, तो उसने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह अब यह सेंटर छोड़ चुका है। पुलिस ने जांच की शुरू वहीं, मौके पर पहुंचे जांच अधिकारी का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी, जिसके आधार पर दबिश दी गई। पुलिस ने फिलहाल सेंटर से युवकों के मिलने की पुष्टि की है, जबकि वीडियो साक्ष्यों में युवतियां भी बाहर आती दिख रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना में ट्रैवल एजेंट रह चुका नितिश घई पर अब सट्टेबाजी के धंधे में जुड़ने के आरोप लग रहे हैं। नितिश घई के खिलाफ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाकर एक व्यापारी को ठगने के मामले में FIR दर्ज की है।पुलिस ने नितिश घई व उसके दो अन्य साथियों मन्नू हटवाल व पंकज वर्मा के खिलाफ भी थाना बस्ती जोधेवाल में मामला दर्ज किया है। नितिश घई के खिलाफ पूर्व में इमिग्रेशन एक्ट के तहत अलग-अलग थानों में 100 ज्यादा एफआईआर दर्ज पले हो चुकी हैं। लुधियाना के व्यापारी योगश गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि नितिश घई ने उसे ऑनलाइन क्रिकेट में सट्टा लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसने जब पैसे लगाए तो उसे कोई भी रकम वापस नहीं दी गई। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया। पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत तो हुई FIR व्यापारी योगेया कुमार को जब नितिश घई व उसके दो साथियों ने सट्टेबाजी के नाम पर ठगा तो उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो योगेश गुप्ता पुलिस कमिश्नर के पास पेश हुए। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच करवाई और जांच के बाद नितिश घई, मन्नू अटवाल व पंकज वर्मा के खिलाफ पर्चा दर्ज हुआ। नितिश घई पर इमिग्रेशन के 100 से ज्यादा पर्चे दर्ज नितिश घई के खिलाफ इमिग्रेशन में ठगी को लेकर 100 से ज्यादा मामले दर्ज हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान घई की कई संपत्तियों को अटैच किया था। उसमें से कई मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं। शिकायतकर्ता बोला, अवैध व्यवसायों में संलिप्त शिकायतकर्ता योगेश गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि घई कई अवैध व्यवसायों में शामिल है। उसके अनुसार, आरोपी गरीब परिवारों के लोगों के नाम पर जीएसटी नंबर के लिए आवेदन करता है और करंट अकाउंट खुलवाता है। इन खातों का इस्तेमाल सट्टेबाजी और अन्य अवैध प्लेटफॉर्म से आए पैसे को जमा करने के लिए किया जाता है। जान से मारने की धमकी दी योगेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी, जिसका सबूत उसके पास मौजूद वॉट्सएप चैट और वॉयस रिकॉर्डिंग है। उसने कहा कि आरोपियों से उसे जान का खतरा भी है। अब भी चला रहा ट्रेवल बिजनेस एसीपी इंडस्ट्रियल एरिया ए इंद्रजीत सिंह ने कहा कि नितीश घई के खिलाफ इमीग्रेशन एक्ट के तहत कई पर्चे दर्ज हैं। इसके बावजूद वो अब भी किसी अन्य के नाम से ट्रैवल बिजनेस चलाता रहा है।उन्होंने कहा कि एक स्थानीय इमिग्रेशन एजेंसी द्वारा किए गए धोखाधड़ी मामलों की जांच में घई का नाम सामने आया। एसीपी के अनुसार फोकल प्वाइंट पुलिस ने फरवरी में इमिग्रेशन एक्ट के तहत दो मामले दर्ज किए। पुलिस ने वीर पैलेस, मुंडियां कलां के पास एम्पावर इमिग्रेशन चलाने वाले कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिन्होंने अमृतसर और जालंधर के निवासियों को विदेश भेजने के बहाने ठगने का आरोप है। “प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान घई का नाम सामने आया और उसे दोनों एफआईआर में जोड़ा गया। अब उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।
पंचकूला में नगर निगम के करीब 150-160 करोड़ रुपए के FD घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED), अन्य केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने रियल एस्टेट कारोबारी सन्नी गर्ग के घर और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि ईडी की टीम कोई कैश बरामद नहीं कर सकी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला नगर निगम के फंड्स के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सरकारी धन को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नाम पर संदिग्ध तरीके से डायवर्ट किया गया। यह घोटाला कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े लेन-देन के कारण भी चर्चा में है। क्या मिला छापेमारी में सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, निवेश और FD रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर अब मनी ट्रेल खंगाली जा रही है। जांच के दायरे में बैंकिंग सिस्टम की भूमिका भी आ गई है। आशंका है कि कुछ बैंक दस्तावेजों में हेराफेरी कर बड़ी रकम को गलत खातों में ट्रांसफर किया गया। एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि इस पूरे मामले में अंदरूनी मिलीभगत तो नहीं थी। मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर फोकस प्रवर्तन निदेशालय इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू को लेकर खास तौर पर सक्रिय है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या शेल कंपनियों के जरिए सरकारी धन को घुमाकर निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। आने वाले दिनों में और ठिकानों पर छापेमारी संभव है तथा संदिग्धों से पूछताछ तेज होगी।
लुधियाना में बढ़ती महंगाई और लेबर संकट के चलते शहर में दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हैबोवाल और ताजपुर रोड डेयरी एसोसिएशन ने संयुक्त बैठक में 1 मई 2026 से दूध के रेट में 5 प्रति किलो बढ़ोतरी का ऐलान किया है। जानकारी देते हुए डेयरी एसोसिएशन के प्रधान कुलदीप सिंह लाहोरिया व चेयरमेन परमिंदर सिंह बोबी ने कहा कि ताजपुर रोड और हम्बड़ा रोड दोनों डेयरी कॉम्प्लेक्स की आज साझा बैठक हुई है। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बढ़ते खर्चों के कारण अब दूध सस्ता देना संभव नहीं है। यह बढ़ोतरी की दरें पूरे लुधियाना में लागू होगी। गैस सिलेंडर न मिलने से काम प्रभावित एसोसिएशन के मुताबिक लगातार बढ़ती महंगाई के कारण पशुओं के चारे की कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं लेबर की कमी और मजदूरी में बढ़ोतरी हो रही है। गैस सिलेंडर न मिलने से काम प्रभावित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय हालात (जंग) का असर के कारण अब डेयरी कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है। डेयरी एसोसिएशन की लोगों से अपील डेयरी एसोसिएशन ने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में रेट बढ़ाना मजबूरी है। लेबर की कमी के कारण डेयरियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 1 मई से ये होंगे नए रेट65 प्रति किलो वाला दूध अब-7070 प्रति किलो वाला दूध अब-7575 प्रति किलो वाला दूध अब-80
नेपाल द्वारा सख्ती बढ़ाए जाने के बाद भारत से नेपाल जाने वाले रोजमर्रा के सामान जैसे दाल, चीनी, रिफाइंड तेल, कपड़े आदि की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है।प
ग्वालियर में निवेश के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। एक दंपति ने ‘मोटे मुनाफे’ का सपना दिखाकर करीब 40 लोगों से करीब 2 करोड़ रुपए तक की ठगी कर डाली। खास बात यह है कि फरियादी सभी आपस में रिश्तेदार है। मामले में मंगलवार को फिर शिकायती आवेदन दिया गया। पीड़ित गुरुदयाल सिंह राठौर ने बताया कि अजय राठौर और उसकी पत्नी नीतू राठौर ने “मानसी इंटरप्राइजेज टू” नाम से कंपनी बनाकर निवेश पर हर महीने मोटे मुनाफे का लालच दिया। साथ ही नए निवेशक जोड़ने पर 4-5% कमीशन का भी झांसा दिया गया। रिश्तेदार होने के कारण लोगों ने बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के इन पर भरोसा कर लिया। गुरु दयाल राठौर ने तो भरोसे में आकर 30 लाख रुपए तक निवेश कर दिए। उन्होंने अपना सोना गिरवी रखा और फ्लैट पर लोन लेकर यह रकम जुटाई, लेकिन 6 महीने बाद भी न पैसा लौटा और न ही कोई मुनाफा मिला। शुरुआत में दिया मुनाफा, फिर किया खेल खत्म दूसरे पीड़ित नरेंद्र राठौर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कुछ महीनों तक मुनाफा दिया गया, ताकि भरोसा मजबूत हो सके। इसके बाद अचानक पेमेंट बंद कर दिया गया। उन्होंने करीब 11-12 लाख रुपये निवेश किए थे। इसी तरह दिनेश राठौर ने बताया कि पहले 3 लाख रुपये लगाए, जिन पर कुछ समय तक मुनाफा मिला। भरोसा बढ़ने पर उन्होंने 4 लाख रुपये और निवेश कर दिए, लेकिन उसके बाद से पैसा मिलना बंद हो गया। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से घूमाया पैसा ठगी की रकम पेटीएम, फोनपे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ट्रांसफर की गई, जिससे ट्रांजैक्शन का बड़ा नेटवर्क सामने आ रहा है। जब पीड़ितों को शक हुआ तो पता चला कि अजय राठौर और नीतू राठौर फरार हो चुके हैं। उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। दोनों भिंड के रहने वाले हैं। पत्नी नीतू चंडीगढ़ में रह रही थी, जबकि पति अजय नोएडा में रह रहा था। पीड़ितों का आरोप है कि वे कई बार थाने, क्राइम ब्रांच और एसपी ऑफिस में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब ठगी के शिकार लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व अपनी रकम वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
इस वर्ष औसत से कम बारिश के कारण आगामी गर्मी में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए छतरपुर जिले को 15 जुलाई 2026 तक के लिए जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने मंगलवार देर शाम मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत यह आदेश जारी किया, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। वर्तमान में प्रशासन ने आम जनता के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिले में बिना अनुमति पेयजल स्रोतों का सिंचाई या व्यावसायिक उपयोग करने और नए नलकूपों (ट्यूबवेल) के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 150 मीटर के दायरे में नहीं खुदेंगे नए हैंडपंप-ट्यूबवेल प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में नए नलकूपों के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अब किसी भी मौजूदा हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर के दायरे में नया हैंडपंप या ट्यूबवेल नहीं खोदा जा सकेगा। शासकीय कार्यों के लिए नलकूप खनन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, आम लोगों को विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति प्राप्त होने पर ही नलकूप खोदने की परमिशन मिल सकेगी। निस्तारी तालाबों के पानी से सिंचाई और व्यापार पर बैन प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता के लिए पेयजल की कमी को दूर करना है। इसके लिए तय किया गया है कि अब जिले में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग खेतों की सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पूरी तरह से वर्जित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग में अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने कंट्रोल रूम में कूरियर कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश जारी किए गए है, जिसमें अब उन्हें हर संदिग्ध बुकिंग की जानकारी पुलिस को तत्काल देनी होगी। पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर पर बताया कि नशीली दवाइयों और अवैध हथियारों का परिवहन, भंडारण और व्यापार गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। प्रतिनिधियों को NDPS Act और Arms Act से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई, ताकि वे समझ सकें कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर क्या सजा हो सकती है। पार्सल भेजने वालों की पहचान जरूरी ट्रेनिंग में यह भी बताया गया कि कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियां इस तरह के अपराधों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस ने निर्देश दिया कि पार्सल बुक करते समय भेजने वाले की पहचान जरूर जांची जाए। इसके लिए KYC प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही किसी भी संदिग्ध पार्सल को बिना जांच के आगे न बढ़ाया जाए। शक होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देना जरूरी पुलिस अधिकारियों ने स्कैनिंग प्रक्रिया को मजबूत करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अगर किसी पार्सल में शक हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है और अवैध सामान को पकड़ा जा सकता है। डिलीवरी और पिकअप स्टाफ को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन होना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कंपनी में काम करने वाले लोग विश्वसनीय हैं। हर गोदाम में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य इसके अलावा हर हब और गोदाम में CCTV कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में मदद मिल सके। पुलिस ने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। पुलिस ने कहा कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। सभी कंपनियों के प्रतिनिधि रहे मौजूद इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा, डीएसपी क्राइम यदुमणि सिदार सहित पुलिस कंट्रोल रूम दुर्ग के अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहे। साथ ही अलग-अलग कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने कहा कि कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के सहयोग से अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के कारोबार पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ते का एरियर्स सहित करें भुगतान
भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन नायब तहसीलदार बाबूसिंह निनामा को सौंपा। जिसमें पेंशन संबंधी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई। प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार दुबे के आव्हान पर प्रदेश के पेंशनर्स की प्रमुख समस्याओं को उठाया। जिलाध्यक्ष विजय कुमार जैन ने बताया कि मप्र-छत्तीसगढ़ विभाजन के समय लागू अनुसूची-6 की धारा 49(6) को समाप्त करने, पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ते (डीए) का एरियर्स सहित भुगतान करने और छठवें व सातवें वेतनमान के लंबित एरियर्स का जल्द भुगतान करने की मांग की गई। इसके अलावा 79 वर्ष पूर्ण कर चुके पेंशनर्स को 80वें वर्ष में प्रवेश पर 20% पेंशन वृद्धि देने, केशलैस चिकित्सा सुविधा लागू करने और 60 वर्ष के बाद सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। ज्ञापन में पेंशनर्स की मृत्यु के बाद नियमित कर्मचारियों की तरह 1.25 लाख रुपए एक्सग्रेशिया देने, प्रत्येक जिले में पेंशनर फोरम गठित करने और सेवानिवृत्त शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ देने की मांग भी शामिल है। तय समय में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर भोपाल में विधानसभा के सामने बड़ा धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन किया जाएगा। इस दौरान विजयसिंह चौहान, जीआर सूर्यवंशी, मनोहर सिंह दरबार, कैलाश कुमरावत, मोहन पाटील, रामलाल वानखेड़े सहित अन्य पेंशनर्स मौजूद थे।
जमीन के लिए बहा खून:पंडरा में पूजा कर निकले रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
पंडरा ओपी क्षेत्र स्थित ओटीसी मैदान के पास सिद्धि मनोकामना हनुमान मंदिर से पूजा कर बाहर निकले एक जमीन कारोबारी भार्गव सिंह (28) को मंगलवार सुबह 8:32 बजे बाइक सवार अपराधी ने गोली मार दी। गोली दाहिने ओर के पंजरे में लगी। घायल कारोबारी को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सुबह 11:30 बजे मौत हो गई। भार्गव पटना के रहने वाले थे और बहन व जीजा के साथ ओझा मार्केट के पास बैंक कॉलोनी स्थित किराए के फ्लैट में रहते थे। वह रियल एस्टेट कंपनी सिंह इंफ्राकॉम प्रा. लि. गोल्डन सिटी के सीईओ थे। कंपनी उनके जीजा शैलेश सिंह की है। शैलेश सिंह ने भार्गव की हत्या का आरोप विजय हेंड्रिक टेटे पर लगाते हुए पंडरा ओपी में एफआईआर दर्ज कराई है। आवेदन में कहा गया है कि विजय टेटे ने कांके रिंग रोड स्थित आईटीबीपी कैंप के पास जमीन दिलाने के नाम पर 70 लाख रुपए लिए थे, लेकिन जमीन नहीं दिलाई। जब भार्गव ने दबाव बनाया तो गोली मारकर हत्या कर दी। इधर, घटना के बाद पत्नी के साथ कार से भाग रहे आरोपी विजय टेटे को पुलिस ने बूटी मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और अन्य शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पत्नी के साथ भाग रहा था, बूटी मोड़ से धराया वारदात के बाद आरोपी विजय टेटे पत्नी के साथ कार से बरियातू रोड होते हुए रामगढ़ की ओर भाग रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने सुबह 9:45 बजे बूटी मोड़ के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की। उसने कहा कि जमीन के सौदे में 20 लाख रुपए के विवाद में हत्या की। पूछा कहां हो, फिर वहीं आकर मार दी गोली पुलिस पूछताछ में आरोपी विजय टेटे ने बताया कि वह कई दिनों से भार्गव सिंह की रेकी कर रहा था। उसे जानकारी थी कि भार्गव हर मंगलवार सुबह सिद्धि मनोकामना हनुमान मंदिर आते हैं। फिर भी उसने पहले फोन कर उनसे लोकेशन पूछा और मंदिर के बाहर इंतजार करने लगा। जैसे ही भार्गव बाहर निकले, उसने गोली मार दी और भाग गया। लोगों ने पकड़ना चाहा तो पिस्टल तानकर भागा आरोपी ने मंदिर से करीब 10 मीटर दूर स्कूटी खड़ी की थी और पैदल जाकर गोली मार दी। घटना के बाद लोगों ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पिस्टल तान दी। इस दौरान पिस्टल रीलोड करते समय एक गोली गिर गई। इसके बाद वह ओटीसी मैदान होते हुए शाहदेव नगर, डैम साइड और गांधीनगर के रास्ते कांके रोड की ओर भाग निकला। मृत्यु पूर्व बयान में लिया गोली मारनेवाले का नाम गोली लगने के करीब 20 मिनट तक भार्गव सिंह होश में थे। इस दौरान उन्होंने एक रिश्तेदार को बताया कि गांधीनगर निवासी विजय टेटे ने जमीन विवाद में उन्हें गोली मारी है। पहले भी आरोपी ने धमकी दी थी। रिश्तेदार ने बातचीत का वीडियो बना लिया, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस इस वीडियो को मृत्यु पूर्व बयान के रूप में कोर्ट में पेश करेगी, ताकि आरोपी को सजा दिलाई जा सके।
झारखंड के बिल्डरों से बिहार में निवेश करने की अपील की
बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष विवेक सिंह ने झारखंड में काम कर रहे बिल्डरों से बिहार में निवेश की अपील की है। रेरा बिहार द्वारा रांची में आयोजित कार्यक्रम में विवेक बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार के भू-संपदा प्रक्षेत्र में ‘ईज आफ डूइंग बिजनस’ से अवगत कराना था। कार्यक्रम में झारखंड के विकास आयुक्त अजय कु. सिंह, झारखंड रेरा के अध्यक्ष बीरेंद्र भूषण भी मौजूद थे।
मोतिहारी शहर में जिला प्रशासन ने होटल संचालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शराब पार्टी और कथित देह व्यापार की शिकायतों के बाद यह सख्त रुख अपनाया गया है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर एसडीओ निशांत सिहारा के नेतृत्व में एक प्रशासनिक टीम ने शहर के प्रमुख होटलों में छापेमारी की। इस कार्रवाई से होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। होटल के अलग-अलग कमरों की तलाशी लीछापेमारी की शुरुआत छतौनी थाना क्षेत्र स्थित होटल सूर्या से हुई। टीम ने होटल के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली। जांच के दौरान कई खाली शराब की बोतलें मिलीं, जबकि एक कमरे से शराब की भरी बोतल भी बरामद हुई। मौके पर दो व्यक्तियों को शराब का सेवन करते हुए पकड़ा गया। होटल का मैनेजर भी नशे की हालत में पाया गया। सभी संदिग्धों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई, जिसमें अल्कोहल की पुष्टि हुई। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगाहोटल सूर्या के बाद टीम ने होटल हर्ष में भी छापेमारी की। यहां संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच की गई, हालांकि किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। प्रशासन ने होटल प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी है। सदर एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया कि शहर के होटलों में शराब पार्टी, देह व्यापार और घरेलू गैस के अवैध उपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की छापेमारी जारी रहेगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी जांच अभियान चलाया जा रहाजिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में हड़कंप है। केवल होटलों में ही नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक में एक बस कंडक्टर द्वारा नाबालिग खिलाड़ी से मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी कंडक्टर नीरज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 'मनीष ट्रेवल्स' की बस में हुई, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों और पालकों में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल रविवार दोपहर करीब 3 बजे तीन नाबालिग खिलाड़ी कांकेर से क्रिकेट ट्रेनिंग लेकर मनीष ट्रेवल्स की बस (क्रमांक CG07E7801) से लौट रहे थे। यात्रा के दौरान गर्मी के कारण एक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे बस के अंदर ही उल्टी हो गई। आरोप है कि बस कंडक्टर नीरज मिश्रा ने बच्चे की मदद करने के बजाय गाली-गलौज की और बीमार बच्चे के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उसने नाबालिग बच्चे से बस के अंदर हुई उल्टी को पानी से साफ करवाया। खिलाड़ियों ने बताया कि उन्हें कौरर चौक पर उतरना था, लेकिन कंडक्टर ने उन्हें निर्धारित स्टॉप पर नहीं उतरने दिया। यहां तक कि बस स्टैंड पर भी नहीं उतारा गया। बच्चों को डरा-धमकाकर बस स्टैंड से लगभग 500 मीटर आगे ले जाकर उतारा गया। इस घटना के बाद बच्चों ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। चारामा व्यापारी संघ ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग घटना की जानकारी मिलने के बाद चारामा व्यापारी संघ ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। संघ ने थाना प्रभारी और एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोपी कंडक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी संघ का कहना है कि बीमार बच्चे से सफाई करवाना और उसके साथ मारपीट करना गलत है। पुलिस ने कंडक्टर को किया गिरफ्तार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सोमवार को कंडक्टर को गिरफ्तार किया। मंगलवार को उस पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उसे अदालत में पेश किया गया।
वर्तमान समय में बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, जहां पैसा लगाकर कम समय में मोटी कमाई की जा सकती है। लेकिन हर किसी के पास सीधे प्रॉपर्टी खरीदने के लिए बड़ी पूंजी नहीं होती। ऐसे में रीट्स यानी आरईआईटी (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) और इनविट्स यानी आईएनवीआईटी (इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) आम निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं। ये ऐसे निवेश माध्यम हैं, जिनके जरिए आप कम पैसे में भी रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश कर सकते हैं और नियमित आय कमा सकते हैं।
घरौंडा की अनाज मंडी में लगी आग:गोदामों के बीच गली में डाला था कचरा, पास में लगा व्यापारियों का गेहूं
करनाल जिले के घरौंडा की नई अनाज मंडी में दोपहर के समय कचरे में आग लगने से हड़कंप मच गया। वेयरहाउस गोदामों के बीच गली में फैले कचरे में लगी आग से पूरी मंडी में धुआं फैल गया। समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो वेयर हाउस के गोदाम तक आग पहुंच सकती थी। कचरा गोदाम की दीवार के नीचे ही डाला हुआ है। इसके अलावा गली के सामने ही आढ़तियों ने गेहूं को तिरपाल से ढक कर रखा हुआ है, जिससे तेज हवा से चिंगारी चट्टो तक भी पहुंच सकती थी। घटना के बाद मार्किट कमेटी और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गली में फैले कचरे में अचानक लगी आग मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे मंडी के वेयरहाउस गोदामों के बीच वाली गली में पड़े मंडी से निकले गेहूं के कचरे में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते गली में धुआं भर गया। गली के दोनों ओर गोदाम थे और सामने गेहूं के चट्टे तिरपाल से ढके हुए रखे थे। ऐसे में आग फैलने का खतरा काफी ज्यादा था। व्यापारियों और मजदूरों में मचा हड़कंप आग लगते ही आढ़तियों और व्यापारियों के हाथ-पांव फूल गए। मजदूरों ने तुरंत गेहूं के चट्टों के आसपास पानी का इंतजाम किया। मौके पर मौजूद एक व्यापारी ने बताया कि अचानक पूरे इलाके में धुआं फैल गया, जिससे डर का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि अगर आग चट्टों या गोदाम तक पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। श्रमिक ने जताई साजिश की आशंका मौके पर काम कर रहे एक श्रमिक रूपेश ने बताया कि मंडी में कचरे में अपने आप आग नहीं लगती, बल्कि कोई शरारती तत्व इसे लगाता है। हालांकि यह साफ नहीं है कि आग किसने लगाई। लेकिन जिस जगह आग लगी थी, वहां बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि मंडी का कचरा गली में ही डाल दिया जाता है और इसे उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। फायर ब्रिगेड को करना पड़ा कड़ा संघर्ष घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायरकर्मी धीर सिंह ने बताया कि गली में कचरा ज्यादा फैला हुआ था, जिससे आग बुझाने में परेशानी आई। घरौंडा क्षेत्र में कोहंड, कालरम, हसनपुर, फुरलक रोड और अन्य स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई है, कहीं पर कचरे में आग लगी है तो कहीं पर फसल अवशेषों में आग लगी हुई है। जहां पर बड़ी गाड़ी भेजी हुई है और मंडी में आग बुझाने के लिए छोटी गाड़ी को बार-बार फायर स्टेशन जाकर पानी भरना पड़ा। मार्किट कमेटी ने मानी व्यवस्था की कमी इस मामले में मार्किट कमेटी के उप सचिव सुनील कुमार ने बताया कि मंडी के लिए अलग से डंपिंग यार्ड की व्यवस्था नहीं हो पाई थी। सीजन के चलते कहीं जगह खाली नहीं थी, इसलिए कचरा मंडी में ही डाला जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि किसी शरारती तत्व ने कचरे में आग लगाई है। उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दी गई थी और आग पर काबू पा लिया गया है। साथ ही आश्वासन दिया कि अब मंडी में कचरा डालना बंद करवाया जाएगा और जल्द ही उसे उठवाया जाएगा। घटना के बाद मार्किट कमेटी और सफाई ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है। अगर समय रहते कचरे का निपटान किया जाता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई। दरअसल,जीआरपी की टीम प्लेटफॉर्म पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध यात्री पर पुलिस की नजर पड़ी। जब उससे पूछताछ की गई और उसके सामान की तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। 10 से 200 की नोट बरामद यात्री के पास मौजूद सूटकेस, बैग और एक बोरे से कुल लगभग 16 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। खास बात यह रही कि यह रकम छोटे नोटों में थी 10 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के नोट बड़ी मात्रा में पाए गए। पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति कॉस्मेटिक का व्यापारी है और वह यह नकदी वाराणसी से शाहजहांपुर लेकर जा रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में कैश और वह भी छोटे नोटों में ले जाने के पीछे का स्पष्ट कारण वह तुरंत नहीं बता सका, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया। पूछताछ में व्यक्ति की पहचान रवि गुलाटी के रूप में हुई है, जो तिलहर, शाहजहांपुर का निवासी है। वह बनारस से बेगमपुरा ट्रेन के जरिए शाहजहांपुर जा रहा था। आयकर विभाग कर रही पूछताछ जीआरपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को इसकी सूचना दे दी है। अब आयकर विभाग इस बात की जांच करेगा कि बरामद की गई रकम वैध है या नहीं और इसके स्रोत क्या हैं। फिलहाल, पुलिस ने यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट में पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी और व्यापारी आज एक बार फिर सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात कैलाश आनंद गिरि महाराज से भी होगी। उनको भी वह अपनी पीड़ा बताएंगे और इसमें उनसे न्याय की गुहार भी लगाएंगे। दरअसल 2 दिन पहले भी सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल संगीत सोम से मिला था जहां उनको आश्वासन मिला था कि दो से तीन दिन में कोई समाधान निकलेगा। उसके बाद आज व्यापारी फिर से उनसे मुलाकात करेंगे। साथ ही प्रदर्शन में मौजूद महिलाओं का कहना है कि यदि आज शाम तक कोई समाधान इस प्रकरण में नहीं निकलता है तो शाम को आगे की रणनीति की रूपरेखा सार्वजनिक कर उसी के अनुसार प्रदर्शन को आगे चलाएंगे। जानिए कब से और क्यों है प्रदर्शन सेंट्रल मार्केट के 859 भूखंडों को सेटबैक के अनुसार ध्वस्त करने और उनमें चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों को बंद करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने बीती 9 अप्रैल को दिया था। इसके बाद 10 अप्रैल से शास्त्री नगर के सेक्टर दो स्थित तिरंगा चौक पर प्रदर्शन जारी है। वहां बैठी महिलाओं का कहना है कि वह अपनी दुकान तो बंद कर सकते हैं लेकिन जो उनके छोटे-छोटे मकान हैं उनमें सेटबैक कैसे छोड़ सकते हैं यदि वह सेटबैक के अनुसार इन्हें ध्वस्त कर लेते हैं तो वह अपने मकान में रह नहीं पाएंगे। प्रशासन ने दिए नोटिस पुलिस और प्रशासन ने जो बाहरी लोग वहां प्रदर्शन में पहुंच रहे थे उनको न्यायालय की अवमानना का नोटिस भी दिया है। जिस पर व्यापारी और विपक्ष नेताओं का कहना है कि प्रशासन दबाव बनाकर यहां के निवासियों की बात को दबाकर यह प्रदर्शन खत्म करना चाहता है। इसीलिए ऐसा तानाशाह रवैया दिखाया जा रहा है कि कोई किसी के दुख में भी शामिल नहीं हो सकता है। न्याय की उम्मीद पर बैठे हैं प्रदर्शन में बैठी महिलाओं का कहना है कि उनको एक उम्मीद है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए वह दुकान बंद कर लेंगे लेकिन अगर सरकार मध्यस्थ करें या हमारी आवाज वहां उठाई जाए तो हमारे मकान टूटने से बच सकते हैं। इसी उम्मीद पर हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं इसमें हम माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना बिल्कुल नहीं कर रहे हैं।
टोंक कोतवाली क्षेत्र में घंटाघर के पास सुभाष बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकान के गोदाम में आग लग गई। इसकी सूचना मिलने के करीब 2 घंटे बाद दमकल आई। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में 50 लाख रुपए से ज्यादा का इलेक्ट्रॉनिक सामान जल गया। व्यापारी बोला- दमकल समय पर नहीं आई दुकानदार दिनेश जैन ने दमकल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कहा कि समय पर दमकल आ जाती तो इतना ज्यादा नुकसान नहीं होता। दमकल घटना स्थल तो करीब दो घंटे देरी से पहुंची है। गनीमत यह रही कि आसपास आग जो फैली, वरना यह आग जानलेवा बन सकती थी। साढ़े 3 बजे लगी आग जैन ने बताया- वह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के सुभाष बाजार में इलेक्ट्रॉनिक का गोदाम है। उसमें अभी इलेक्ट्रिक सामानों की बिक्री का सीजन होने उसके फुल सामान रखे हुए थे। सोमवार मध्यरात्रि बाद उसमें आग लग गई। करीब साढ़े तीन बजे गोदाम में से धुआं उठता नजर आया। इसकी जानकारी पड़ोसियों को लगी तो उन्होंने मुझे और दमकल के लिए इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। साढ़े 5 बजे पहुंची दमकल फिर मैं आज अल सुबह करीब 4 बजे घटनास्थल पहुंचा। दमकल दो घंटे बाद साढ़े पांच बजे पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। धुआं और आग की लपटें इतनी तेज थी कि आग पर काबू नहीं पाया गया। फिर एक एक करके तीन दमकल पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत पर आज सुबह करीब 7 बजे आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हो गया, पूरा इलेक्ट्रॉनिक सामान जल गया।
कुशीनगर में एक बी-फॉर्मा के छात्र ने ई-कॉमर्स फ्रॉड में फंसकर जान दे दी। मरने से पहले युवक ने 5 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा है और फोन पर वॉइस रिकॉर्डिंग भी छोड़ी है। इसमें दोस्तों पर बिजनेस के नाम पर क्राइम में फंसाने का आरोप लगाया है। युवक तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। नोट में उसने मां-पिता से माफी मांगी और कहा कि आप जो बनाना चाहते थे वो मैं नहीं बन पाया। अब बहुत हो गया है। जितना दुःख आप लोगों को देना था मैं दे दिया हूं, मुझे अब जीने की बिल्कुल इच्छा नहीं हो रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए मामला… पूरा मामला सेवरही थाना क्षेत्र का है। दुबौली गांव के रहने वाले रामदास श्रीवास्तव एक मेडिकल स्टोर चलाते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा विवेक श्रीवास्तव है। दो बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी गांव में मां-पिता के साथ रहती है। विवेक नोएडा के एक मेडिकल कॉलेज में बी-फॉर्मा सेकेंड इयर का छात्र था। पिता ने बताया कि बेटा पढ़ाई के साथ-साथ काम करके परिवार की कुछ मदद करना चाहता था। इसी का फायदा उठाकर गांव के एक दोस्त संदीप ने उसे जाल में फंसा लिया। बिजनेस के नाम पर झांसा दिया मार्च महीने पहले बेटा गांव आया था तो उसे ई-कॉमर्स का बिजनेस करने का झांसा दिया। बिजनेस के नाम पर बेटे के कई खाते खुलवाए और खुद ट्रांजेक्शन करते रहे। बेटा सोचता रहा कि बिजनेस चल रहा है और उसने अपने सारे खाते-एटीएम इन लोगों को दे दिए। बिजनेस के नाम पर ये लोग साइबर फ्रॉड कर रहे थे। बिहार में थे तब पुलिस का कॉल आया 18 अप्रैल को कुछ काम से मैं बेटे के साथ बिहार के गोपालगंज गया हुआ था। घर पर पत्नी और बेटी थी। इसी बीच साइबर थाने से कुछ लोग घर पहुंचे और मेरा नंबर लेकर मुझे कॉल किया। उन लोगों ने कहा कि आपके बेटे के अकाउंट से फ्रॉड हो रहा है, सोमवार को उसे लेकर थाने आइए। दोस्त ने एड्रेस देने से मना किया इसके बाद हम लोग घर पहुंचे। बेटे ने संदीप से पूछा कि तुम लोग क्या कर रहे हो तो उसने साफ पल्ला झाड़ लिया। बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें कई ट्रांजेक्शन दिखाई दिए। बेटे ने संदीप से उन लोगों का पता मांगा तो उसने देने से इंकार कर दिया। जब विवेक को लगा कि वह ही इस मामले में फंस जाएगा तो रविवार रात को उसने जहर खा लिया। पिता ने इकलौते बेटे का अंतिम संस्कार किया उसे अस्पताल लेकर गए, जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। ये लोग मेरी पत्नी को भी फोन करके धमकाते थे। पिता ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और सोमवार देर रात युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब पढ़िए युवक ने सुसाइड नोट में क्या लिखा…. मैं विवेक श्रीवास्तव, अब बहुत हो गया है। जितना दुःख मां और पापा को देना था दे दिया हूं, मुझे अब जीने की बिल्कुल इच्छा नहीं हो रही है। अब एकदम थक सा गया हूं। मेरे घर के बगल में संदीप सिंह S/O प्रभुनाथ सिंह मेरा दोस्त था। उसने मुझे अपने दोस्त के पास काम के लिए भेजा। उन लोगों ने बताया कि ई-कॉमर्स बिजनेस (फ्लिपकार्ट-मीशो) शुरू करने वाले हैं। इसके लिए मैं गोरखपुर गया। मैं यहां करीब 10 दिनों तक रहा। वहां पे जो लड़के थे उनका नाम सोनू, अंकित कुशवाहा, अभिषेक कुशवाहा था। खाते खुलवाए- वेबसाइड बनाई वो लोग मुझसे बोले कि आपके नाम से बैंक में खाता ओपन करा देते हैं। मैं भी राजी हो गया कि चलो कुछ कमा लूंगा। फिर वहां से मैं घर चला आया। उसके बाद अंकित कुशवाहा तमकुही रोड आया और HDFC Bank में 25000, Axis Bank में 25000 और Central में 1500 दे कर मेरा खाता खुलवा दिए। बोले कि भइया अकाउंट में पैसा आएगा तो दिल्ली से कपड़ा मंगवाया जाएगा और Website भी TMT Ent. के नाम से बनवाई है। बैंक में पैसा आता गया और मैं निकाल कर देता गया। विश्वास करके मैंने अपना ATM भी अंकित कुशवाहा और सोनू को दे दिया। मेरे पास सूर्या सिंह का बैंक से कॉल आया कि आपका अकाउंट होल्ड हो गया है। मैंने आपत्ति जताई तो उन्होंने कहा कि पुलिस से सम्पर्क करो। पुलिस को लोकेशन देकर दो लड़कों को पकड़वाया मेरे एक भइया हैं आदित्य सिंह उनसे मिला तो उन्होंने पूछा कि उन लड़कों का एड्रेस पता है। मुझे पता नहीं था। 27 या 28 मार्च के बीच बांसी थाने की पुलिस ने कुछ लड़कों को पकड़ा। मैं सोनू के पास गया और लाइव लोकेशन पुलिस को देता गया। इसमें एक और मास्टमाइंड आदमी खान था। इन्हें मैंने पुलिस से पकड़वाया। उन लोगों के पास से 15 हजार कैश मिला और 6 फोन भी मिले। इसके बाद पुलिस ने एप्लीकेशन देने को बोला पर FIR नहीं लिखी। शाम 5 बजे सभी को छोड़ दिया गया। खान और सोनू मेरे मां के नंबर पर कॉल करके धमकी देने लगे। इन लोगों ने मुझे धमकी देकर डरा दिया, जिससे साइबर क्राइम थाने में एप्लीकेशन मैंने नहीं थी। 5 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी की गई आदित्य भइया को सब पता है। इन लोगों ने सभी बैंक से करीब 5 लाख का फ्रॉड किया है। अगर मुझे पता होता तो इस दलदल में कभी नहीं पड़ता। काश! पहले ही साइबर थाने में एप्लीकेशन दे दिया होता। तो आज मैं जहर खा कर जान नहीं देता/ बिजनेस के नाम पर ये सब जाल में फंसा दिया है सब। अब जो भी Police वाले या लोग ये पत्र पढ़ेंगे आशा है कि वो मुझे न्याय जरूर दिलाएंगे। अंकित कुशवाहा, संदीप (अंकित) सिंह का बचपन का दोस्त है। संदीप सिंह सब जानता है। मैंने अपने मोबाइल में वाट्सएप में वीरू के नाम से Contact है उस पर वाइस नोट डाल रहा हूं। लिखा- अब मानसिक उलझन झेल नहीं पा रहा मां-पापा आप दोनों को बहुत कष्ट दिया अब ये मानसिक उलझन झेल नहीं पा रहा हूं। आप लोग जितना किये उस लायक बन नहीं पाया मैं। मेरे पापा का जितना समाज में इज्जत था सब नाश कर दी मैंने। अब हमको घुटन सी महसूस हो रही है। मां और पापा आप दोनों माफ करना। आप लोग जो चाहे हमें बनाना हम बन नहीं पाये। मेरे मरने का कारण संदीप और उसके दोस्त सब हैं। Sorry ------------------------ यह खबर भी पढ़िए…. मुरादाबाद में पति-पत्नी की घर में घुसकर हत्या:24 हजार के लिए डबल मर्डर; 8 साल की बेटी मदद के लिए गिड़गिड़ाती रही मुरादाबाद में 24 हजार रुपए के लिए पति-पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घर में घुसे हमलावरों से बचाने के लिए 8 साल की बच्ची मदद के लिए पड़ोसियों से गुहार लगाती रही लेकिन डर के मारे कोई बचाने नहीं आया। बच्ची ने बताया- 6 लोग जबरदस्ती घर में घुस आए थे। पापा को पकड़कर चाकू मारे। मम्मी बचाने आई तो उस पर भी ताबड़तोड़ चाकूओं से वार किए और फरार हो गए। पढ़ें पूरी खबर
रायपुर के रायपुरा चौक स्थित मधुशाला बार में सोमवार देर रात मारपीट की घटना सामने आई है। कार सवार युवक ने बार में घुसकर किराना व्यापारी पर बीयर की बोतल से हमला कर दिया और धमकी देकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, जामगांव निवासी किराना व्यापारी संदीप अग्रवाल 18 अप्रैल की रात अपने दोस्त अनिवेश प्रताप सिंह के साथ मधुशाला बार पहुंचे थे। रात करीब 11:30 बजे दोनों बार के बाहर खड़े थे, तभी चंगोराभाठा निवासी हर्ष शुक्ला तेज रफ्तार कार से वहां पहुंचा और अचानक उनके सामने गाड़ी रोक दी। इस हरकत से घबराकर दोनों अंदर बार में चले गए। गाली-गलौज के बाद किया हमला आरोप है कि हर्ष शुक्ला भी उनके पीछे-पीछे बार के अंदर घुस आया और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उसने फ्रिज से बीयर की बोतल निकाली और संदीप अग्रवाल के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हमले में संदीप के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। घायल करके मौके से हुआ फरार घटना के दौरान अनिवेश प्रताप सिंह ने बीच-बचाव किया, जिससे विवाद और ज्यादा नहीं बढ़ा। हालांकि मौका पाकर आरोपी वहां से फरार हो गया। उसको तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।
गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात सर्राफा व्यवसायी समर कसौधन को गोली मारने की घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। यह घटना फूलपुर चौराहे से करीब 100 मीटर पहले हुई थी। मामले के खुलासे के लिए छपिया थाने सहित कुल पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने सिसईरानी स्थित सर्राफा व्यवसायी की दुकान से लेकर फूलपुर चौराहे तक लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। कुछ सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति आते-जाते दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस की सर्विलांस सेल भी सक्रिय है और घटना के समय क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। इस बीच, घायल सर्राफा व्यवसायी समर कसौधन को बेहतर इलाज और हाथ की सर्जरी के लिए अयोध्या मेडिकल कॉलेज से लखनऊ केजीएमसी रेफर कर दिया गया है। उनका इलाज और सर्जरी लखनऊ में जारी है। यह घटना रविवार देर रात उस समय हुई जब अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने लूट के प्रयास में असफल होने पर समर कसौधन को गोली मार दी। गोली उनके बाएं हाथ में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद सर्राफा व्यवसायी के घर पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है और परिजनों पर भी नजर रखी जा रही है। छपिया थाना अध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि समर कसौधन की हालत स्थिर है और उनकी लखनऊ में हाथ की सर्जरी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध दिखे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा किया है। हालांकि, पीड़ित के बयानों में विरोधाभास भी सामने आ रहा है।
स्टूडेंट्स ने दिया अपने स्टार्टअप का प्रेजेंटेशन एक्सपर्ट ने बताई उन्हें आगे बढ़ने की ट्रिक
एमआईटीएस डीम्ड यूनिवर्सिटी में पांच दिवसीय आईडीई बूट कैंप सोमवार से शुरू हो चुका है। इसमें देश के अलग-अलग संस्थानों के 2500 से अधिक प्रतिभागी अपना-अपना इनोवेशन और आइडिएशन लेकर हाजिर हुए हैं। प्रतिभागियों ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल, नवाचार और प्रोटोटाइप पर आधारित प्रेजेंटेशन दिया। प्रतिभागियों को देश की भौगोलिक स्थिति से परिचित कराने के लिए जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्वी राज्य, लेह (लद्दाख) और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आरे में बताया गया। डिजाइन विकास के लिए सबसे बड़ा परिवर्तनकारी साधन हो सकता है विषय पर प्रतिभागियों ने अपने स्टार्टअप का प्रेजेंटेशन दिया। इसके अलावा उन्हें एक्सपर्ट्स का गाइडेंस भी मिला।
डीसी ने बैठक कर व्यापारियों की समस्याओं का निपटारा कराया
लुधियाना| डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के व्यापारियों से जुड़ी शिकायतों और दिक्कतों के निपटारे की समीक्षा की। बैठक में व्यापारियों की लंबित अर्जियों को तय समय-सीमा के भीतर निपटाने और अनावश्यक आपत्तियां न लगाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर हलका कोऑर्डिनेटर भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। हिमांशु जैन ने बताया कि पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत प्रशासन द्वारा व्यापारियों की सुविधा के लिए एक ही छत के नीचे प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं । उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि और रोजमर्रा की दिक्कतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
जीएसटी रिटर्न : आखिरी तारीख पर पोर्टल ठप, व्यापारी परेशान
मासिक जीएसटी रिटर्न भरने की सोमवार को आखिरी तारीख थी, लेकिन पोर्टल अचानक क्रैश हो गया। कैप्चा लोड नहीं हो रहा था तो लिंक भी नहीं खुल रही थी। जीएसटीआर 3-बी में भरी गई जानकारी सेव नहीं हो रही थी। इससे करदाताओं को रिटर्न भरने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों और कर सलाहकारों ने वाणिज्यिक कर आयुक्त को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा और रिटर्न भरने की डेडलाइन 10 दिन आगे बढ़ाने की मांग की है। दरअसल, हर महीने की 20 तारीख को जीएसटी करदाताओं को पिछले महीने का रिटर्न जमा करना होता है। समय पर रिटर्न नहीं भरने पर पेनल्टी और ब्याज देय होता है।
हनुमानगढ़ की नई धान मंडी टाउन में सोमवार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही गेहूं खरीद व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान एफसीआई निदेशक लोकेश कुमार शर्मा (दिल्ली), मंडल प्रबंधक श्रीगंगानगर रजनीश कुमार, संघ महाप्रबंधक जयपुर पीसी मीणा और सहायक महाप्रबंधक नीलकमल ने मंडी का दौरा कर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान फूडग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन टाउन के पदाधिकारियों ने एफसीआई अधिकारियों से मुलाकात कर गेहूं खरीद से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल और सचिव दिलीप सिंह ढिल्लों सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। व्यापारियों ने एफसीआई निदेशक को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 'क' श्रेणी के कच्चे आढ़तियों को दी जा रही आढ़त राशि निर्धारित 2.25 प्रतिशत से काफी कम है। व्यापारियों ने तुलना करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में आढ़तियों को अधिक भुगतान किया जाता है। उन्होंने एफएसडी गोदाम में तौल के दौरान सर्वर की धीमी गति को एक बड़ी समस्या बताया। व्यापारियों के अनुसार, एक ट्रक की तौल में 20 से 30 मिनट लगने के कारण लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त, आवासीय क्षेत्र से भारी वाहनों के गुजरने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। बायोमेट्रिक सत्यापन में आ रही दिक्कतों पर भी व्यापारियों ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि किसानों की उंगलियों और आंखों का सही स्कैन न होने के कारण कई किसान समर्थन मूल्य योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, जिससे अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। व्यापारियों ने एफसीआई अधिकारियों से गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 31 मई से बढ़ाकर 30 जून करने की मांग की। उन्होंने नए बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और अतिरिक्त वेयरहाउस खोलने का भी आग्रह किया। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे और उन्होंने अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
मजदूरों की सजगता से टली बड़ी चोरी:मरवाही में व्यापारी के घर वारदात, सामान छोड़ भागे चोर
मरवाही थाना क्षेत्र के दानीकुंडी गांव में एक व्यापारी के घर बड़ी चोरी की वारदात टल गई। चोरों ने लोहे का दरवाजा काटकर घर में प्रवेश किया था, लेकिन छत पर सो रहे मजदूरों की सूझबूझ से डकैती विफल हो गई। घटना के समय व्यापारी का पूरा परिवार बेटी की शादी के सिलसिले में अनूपपुर गया हुआ था। देर रात गांव की बिजली गुल होने पर गर्मी के कारण छत पर सो रहे दो मजदूरों की नींद खुल गई। नीचे उतरने पर उन्हें घर के भीतर हलचल महसूस हुई। मजदूरों ने देखा कि चोर कीमती सामान समेट रहे थे। मजदूरों के शोर मचने से भाग गए चोर मजदूरों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे घबराकर चोर कीमती सामान और जेवरात छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, भागते समय चोर गल्ले में रखी नकदी और सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर हार्डडिस्क अपने साथ ले जाने में कामयाब रहे। नागरिको की मांग इस घटना से दानीकुंडी क्षेत्र के ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है, क्योंकि पिछले तीन वर्षों में इस इलाके में 20 से ज्यादा सेंधमारी की वारदातें हो चुकी हैं। नागरिको की मांग है की पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़े और गश्त पर विशेष ध्यान दें।
अक्षय तृतीया पर्व पर रविवार को बाजारों में जबरदस्त रौनक लौट आई। सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर सिक्के और बर्तन खूब बिके। रियल एस्टेट से लेकर कपड़ा और वाहन बाजार तक में भारी उत्साह देखा गया। इस दौरान शहरभर में करीब 100 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। ग्राहकों का यह उत्साह सोमवार को भी जारी रहने की उम्मीद है। एमजी रोड से लेकर किनारी बाजार तक ज्वेलरी शोरूम्स पर भारी भीड़ रही। किनारी बाजार, रावत पाड़ा और जौहरी बाजार में खरीदारी के लिए ग्राहक उमड़ पड़े। सोने और चांदी की रिकॉर्ड बिक्री ने व्यापारियों को गदगद कर दिया। आभूषण ज्वेलर्स के स्वामी आनंद अग्रवाल ने बताया कि मेकिंग चार्ज पर भारी छूट और निश्चित उपहारों जैसे शानदार ऑफर्स के कारण ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। हल्के गहनों के साथ-साथ निवेश के लिए सिक्कों और बुलियन की भी भारी मांग रही। हमारे यहां निश्चित खरीद पर चांदी के सिक्के भी मुफ्त बांटे गए हैं। ग्राहकों के लिए ये ऑफर्स सोमवार को भी जारी रहेंगे। विवाह सीजन से अन्य सेक्टर्स में भी भारी उछालशादी के सीजन के चलते केवल सर्राफा बाजार ही नहीं, बल्कि अन्य व्यापारिक क्षेत्रों में भी रविवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कपड़ा और गारमेंट बाजार: शादियों की मुख्य खरीदारी के कारण गारमेंट शोरूम्स और सुभाष बाजार स्थित थोक कपड़ा बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ रही।ऑटोमोबाइल सेक्टर: शुभ मुहूर्त पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की जमकर बिक्री हुई। शोरूम्स पर पहले से बुक किए गए वाहनों की डिलीवरी लेने वालों का तांता लगा रहा। रियल एस्टेट: निवेशकों और घर खरीदारों ने भी इस पावन अवसर पर रियल एस्टेट में भारी दिलचस्पी दिखाई। संपत्तियों की जमकर बुकिंग हुई और कई लोगों ने नए घर में गृह प्रवेश भी किया।बर्तन बाजार: परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर धातु खरीदना शुभ माना जाता है, जिसके चलते बर्तन बाजार में भी अच्छी-खासी बिक्री दर्ज की गई।
मेरठ में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद से ही सेंट्रल मार्केट के सेक्टर 2 में महिलाओं का प्रदर्शन जारी है। इसी के बीच आज आवास विकास के अधिकारी लोगों के बीच पहुंचे और उनसे जनसंपर्क किया। अधिकारियों ने लोगों को बताया कि जिस आदेश का पालन आवास विकास द्वारा किया जा रहा है वह सुप्रीम कोर्ट का है। इसमें कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। इसलिए इस कार्य को पूरा करने में उनका सहयोग किया। व्यापारी बोले न्याय की है गुहार सेंट्रल मार्केट में चल रहे प्रदर्शन में बेठी महिलाओं का कहना है कि वह लगातार न्याय की गुहार सरकार और अपने जनप्रतिनिधियों से लगा रही हैं। इस बीच अब यह पता चला है कि नोटिस का कार्य जल्द शुरू किया जा रहा तो हमे इसमें भी आपत्ति नहीं है। हम अधिकारियों से मुलाकात भी करेंगे और सुप्रीम कोर्ट का आदेश का पालन भी करेंगे लेकिन अपने लिए न्याय मांगना बंद नहीं करेंगे। अवमानना के भी दिए जाने लगे नोटिस पुलिस द्वारा धरना स्थल पर बाहरी व्यक्तियों के पहुंचने के लिए भी पाबंदी की गई है। इसके बाद भी अगर कोई वहां पहुंचता है तो उसको नोटिस दे रही है। बीती दोपहर धरने में शामिल होने पहुंचे किसान नेता विजय राघव को पुलिस ने न्यायालय की अवमानना का नोटिस दे दिया । सेटबैक नहीं चाहते व्यापारी सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि हमे सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है उसके तहत अपनी दुकानें बंद करने के लिए तैयार हैं लेकिन वह सेटबैक नहीं चाहते । उनका कहना है कि हमारे 38 मीटर वर्ग में बने हुए मकान हैं इसमें अगर हम 1 मीअर सेटबैक छोड़ते हैं तो उनका पूरा मकान गिर जाएगा।
डीग जिले की जुरहरा थाना पुलिस ने नकली सोने की ईंट बेचने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी के जरिए करोड़ों रुपये कमा चुका है। आरोपी ने गांव में करोड़ों रुपये की लागत से मकान बनाया हुआ है। साथ ही अलवर में कई प्लॉट खरीद रखे हैं। आरोपी 6वीं क्लास फेल है। उसने कई बड़े व्यापारी और काफी पढ़े लिखे लोगों को अपना निशाना बनाया है। जंगल में बेच रहा था नकली सोने की ईंट एसपी शरण गोपीनाथ ने बताया कि कल पुलिस को सूचना मिली थी कि सोनोखर इंडस्ट्री एरिया के पीछे जंगल में के व्यक्ति नकली सोने की ईंट बेचने की फिराक में है। सूचना पर तुरंत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जहां व्यक्ति खड़ा था वह पुलिस को देखकर भागने लगा। गैंग बनाकर करता है ठगी पुलिस ने उसका पीछा कर उसे पकड़ा। आरोपी ने अपना शकील निवासी भंडारा गांव होना बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक सोने की ईंट जैसी धातु मिली। पूछताछ में उसने बताया कि वह पीतल की ईंट है। आरोपी ने बताया की वह अपने साथियों के साथ लोगों को झांसे में लेकर पीतल की ईंट को सोने की बताकर लोगों को बेचते हैं और, उनसे ठगी करते हैं। 10 साल से कर रहा है ठगी एसपी शरण गोपीनाथ ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आरोपी की अन्तर्राज्यीय गैंग है। वह खुद गैंग का सरगना है। पूछताछ में आरोपी शकील निवासी भंडारा से कई बड़े खुलासे हुए हैं। वह 10 साल से नकली सोने की ईंट बेचने की गैंग चला रहा था। वह भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में लेकर उनसे ठगी करता था। 6वीं फेल आरोपी ने कई बड़े व्यापारियों को फंसाया आरोपी 6वीं क्लास फेल है लेकिन, उसने बड़े-बड़े व्यापारियों और काफी पढ़े लिखे लोगों को झांसे में लेकर ठगी की है। आरोपी ने भंडारा गांव में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से मकान बनाया हुआ है। अलवर में कई प्लॉट खरीद रखे हैं। गांव में लाखों की लागत से बना सैलून चलाता है। 100 से ज्यादा लोगों को बनाया निशाना आरोपी शकील राजस्थान सहित महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के अलावा कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी कर चुका है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर 100 से भी ज्यादा ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। गैंग के हर सदस्य का अलग-अलग काम रहता है। आरोपी के खिलाफ 6 से ज्यादा ठगी और कई धाराओं में मामले दर्ज हैं।
वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के अस्सी घाट पर रविवार को बाइक सवार अराजकतत्वों की दबंगई का मामला सामने आया। सुबह बेखौफ बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया और वर्चस्व दिखाते हुए साड़ी कारोबारी पर हमला बोल दिया। अस्सी पार्किंग के पास बाइक सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर सवार व्यापारी को गालीगलौज के बाद जमकर पीटा, उसे दौड़ा-दौड़ाकर मारपीट की। इसके बाद उसकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की। हमलाावरों ने उसकी कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वारदात के बाद जब पीड़ित थाने की ओर भागा तो उसे रास्ते में रोककर फिर पीटा और थाने जाने पर जान से मारने की धमकी दी। मौका पाकर पहुंचे व्यापारी ने पुलिस को तहरीर देकर पूरी घटना बताई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य हमलावर ऋषभ सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। वाराणसी के घाटों और मुख्य स्थलों पर पुलिस की लापरवाही और सत्ताधारी नेताओं के सहयोग से अराजकतत्वों की दबंगई बढ़ती जा रही है। अस्सी घाट पर सुबह से लेकर रात तक ऐसे तमाम युवकों ने माहौल बिगाड़ रखा है जिसके चलते पर्यटकों को दुश्वारियों का सामाना पड़ रहा है। दशाश्वमेघ क्षेत्र के लाहौरी टोला निवासी यश कपूर, पेशे से साड़ी व्यापारी हैं। रविवार19 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 5:00 बजे के बीच वे अपनी फॉर्च्यूनर कार (UP 65 FX 0606) से अस्सी घाट की ओर से जा रहे थे। अस्सी पार्किंग के समीप पहुंचते ही पीछे से बाइक सवार 3-4 अज्ञात युवक आए और बिना किसी कारण अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। जब यश कपूर ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने ईंटों से हमला कर उनकी फॉर्च्यूनर कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित के अनुसार, जब वे अपनी जान बचाकर वहां से घर की ओर भागने लगे, तो आरोपियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। भेलूपुर चौराहे के पास बदमाशों ने उन्हें दोबारा घेर लिया और गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आयाइस वारदात में ऋषभ सिंह राजपूत का नाम सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी का विवादों और आपराधिक गतिविधियों से पुराना नाता रहा है। कुछ समय पहले उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर बंदूक से फायरिंग करता नजर आया था। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि ऐसे तमाम मामलों में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है।
हरदा में व्यापारी का बैग चोरी:दो आरोपी कुछ घंटों में गिरफ्तार, चोरी में नाबालिग का इस्तेमाल
हरदा में रविवार शाम बोहरा मस्जिद वाली गली में हरसूद के एक व्यापारी का लेदर बैग चोरी हो गया। लोडिंग के दौरान पिकअप गाड़ी से यह बैग चुराया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस चोरी में एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया था। सिविल लाइन थाना टीआई आर एस तिवारी ने बताया कि 19 अप्रैल 2026 को शाम को सौरभ सोनी (32), निवासी वार्ड नंबर 4, सेक्टर 5, नया हरसूद, खंडवा ने शिकायत दर्ज कराई थी। सौरभ हरदा में अपने व्यवसाय के सिलसिले में आए थे और बोहरा मस्जिद के पास अपनी लोडिंग पिकअप में सामान लोड करवा रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, पिकअप के केबिन के कांच खुले हुए थे, जिसमें उनका लेदर साइड बैग रखा था। बैग में महत्वपूर्ण दस्तावेज, नारजो कंपनी का नीले रंग का मोबाइल (सिम नंबर 9753503354) और लगभग 6000 रुपये नकद थे। अज्ञात व्यक्ति यह बैग चुरा ले गया। सौरभ सोनी की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 126/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 20 से अधिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान की। कुछ ही घंटों में पुलिस ने विष्णु पिता जगन्नाथ, निवासी डबल फाटक के पास, थाना कोतवाली हरदा, और सजन पिता राजू बाबा सोलंकी (22), निवासी तहसील के सामने, सिवनी मालवा को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आपस में दोस्त हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का सामान बरामद कर लिया है। टीआई तिवारी ने यह भी बताया कि एक आरोपी पर पूर्व में भी चोरी के मामले दर्ज हैं।
पाली में रेडीमेड गारमेंट व्यापारी का शव तालाब में मिला। व्यापारी दो दिन से लापता था। तालाब के पास बाइक मिलने के बाद गोताखोर सर्च कर रहे थे। इस दौरान सोमवार सुबह 7 बजे तालाब में शव दिखा। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के भैरूघाट स्थित लाखोटिया तालाब की है। SHO रवींद्र सिंह खींची ने बताया- शुरुआती जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है। युवक की गुमशुदगी पहले से दर्ज है। अब शव मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। गोताखोरों को तालाब में मिला शव SHO रवींद्र सिंह ने बताया- सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाले संजय (24) पुत्र ललित कुमार शनिवार (18 अप्रैल) शाम को बिना बताए घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। तलाश के दौरान 19 अप्रैल को उनकी बाइक भैरूघाट स्थित लाखोटिया तालाब के किनारे खड़ी मिली। इसके बाद परिजन ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस ने तालाब में गिरने की आशंका के चलते गोताखोरों की मदद से रविवार को तालाब में तलाश करवाई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह तालाब में शव दिखाई देने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया, जिसकी पहचान संजय के रूप में हुई। शव को बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। दो दिन से ढूंढ रहे थे परिजन संजय के लापता होने के बाद से परिवार के साथ मोहल्लेवासी भी उन्हें गली-गली ढूंढने में जुटे रहे। आज सुबह शव मिलने की सूचना पर सभी लोग बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे। संजय की शहर के शहद के बादशाह के झंडा क्षेत्र में रेडिमेड गारमेंट की शॉप है। संजय के माता-पिता, दोनों बीमार रहते हैं। वह इकलौता बेटा था। … यह खबर भी पढ़ें… जमीन विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर बहन की हत्या:शव के पास बैठा रहा भाई, फसल का हिस्सा लेने घर बुलाया था श्रीगंगानगर में जमीन विवाद में भाई ने कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर बड़ी बहन की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी भाई शव के पास बैठा रहा। (पूरी खबर पढ़ें)
विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया
बड़वानी | ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज में रसायन शास्त्र विषय की प्रायोगिक व प्रोजेक्ट परीक्षाओं के दौरान कॅरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम हुआ। इसमें डॉ. अनिल पाटीदार ने बीएससी तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र में रोजगार की असीम संभावनाओं से अवगत कराया। फोरेंसिक विज्ञान, दवा उद्योग, पर्यावरण एजेंसियां, खाद्य उत्पाद कंपनियां, पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक, पेंट्स व उर्वरक उद्योग में रसायन शास्त्र के विद्यार्थियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं। अनुसंधान, वैज्ञानिक, केमिस्ट, प्रोडक्शन और शैक्षणिक क्षेत्र में भी बेहतर कॅरियर बनाया जा सकता है। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने विद्यार्थियों से रोजगारपरक कॅरियर अपनाने व स्टार्टअप शुरू करने का आह्वान किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रिया बघेल ने प्रथम स्नातक बैच का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रोफेसर आकाश के., डॉ. रितेश भावसार व डॉ. लखन परमार ने भी कॅरियर विकल्पों की जानकारी दी।
अक्षय तृतीया के मौके पर इस बार प्रयागराज में बाजार से लेकर विवाह समारोह तक जबरदस्त रौनक देखने को मिली। शुभ मुहूर्त के चलते जिले भर में शादियों की भरमार रही, वहीं सराफा,ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक बाजार के साथ रियल इस्टेट में रिकॉर्ड कारोबार हुआ। अक्षय तृतीया पर करीब 400 करोड़ के कारोबार से प्रयागराज के बाजार खिलखिला उठे। तीर्थ पुरोहितों के मुताबिक, अक्षय तृतीया पर जिले में करीब 300 से 350 शादियां हुईं। जिले के लगभग 250 मैरिज लॉन पहले से ही बुक रहे। शादी के सीजन और पर्व के मेल ने बाजारों में जबरदस्त मांग पैदा कर दी है। सराफा बाजार में 200 करोड़ का व्यापारशहर के सराफा बाजार में इस बार कारोबार ने नई ऊंचाई छूने के संकेत दिए हैं। सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी दिनेश सिंह के अनुसार, अक्षय तृतीया पर 200 करोड़ रुपये के कारोबार हुआ। सिविल लाइंस के बड़े शोरूम से लेकर कटरा और चौक के पारंपरिक सराफा बाजार तक ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सोने-चांदी के सिक्के, हल्के आभूषण और शादी से जुड़े जेवरों की सबसे ज्यादा मांग बनी हुई है।सिविल लाइंस, कटरा और चौक में खरीदारी की भीड़सिविल लाइंस में ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम पर सुबह से ग्राहकों की लाइन लगी रही, जहां नई डिजाइनों और ऑफर्स ने लोगों को आकर्षित किया। कटरा बाजार में मध्यम वर्गीय ग्राहकों ने बजट फ्रेंडली ज्वेलरी की जमकर खरीदारी की। वहीं चौक के पारंपरिक सराफा बाजार में सोने के सिक्के, मंगलसूत्र और चांदी के बर्तनों की खरीदारी को लेकर खास उत्साह दिखा। प्रयागराज सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि रविवार को ही 150-200 करोड़ का सराफा कारोबार हुआ। अक्षय तृतीया का मुहूर्त सोमवार शाम पांच बजे तक रहेगा, ऐसे में यह आंकड़ा और ऊपर जाना तय है। ऑटोमोबाइल सेक्टर भी चमकाअक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर वाहन खरीदने की परंपरा का असर ऑटोमोबाइल बाजार में भी साफ दिखा। इस बार करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। दो पहिया में करीब तीन लाख रुपये की Royal Enfield Classic 350 की बुकिंग जोरों पर रही जबकि चार पहिया में लगभग 60 लाख रुपये कीमत की Toyota Fortuner Legender के लिए भी ग्राहकों ने डिलीवरी ली। सिविल लाइंस स्थित कार शोरूम के मैनेजर विकास सेन ने बताया कि रविवार को उनके शोरूम से 15 कारों की डिलीवरी हुई। इसी तरह टीवीएस शोरूम के आकाश गुप्ता ने बताया कि उनके शोरूम से 30 टू व्हीलर की डिलीवरी हुई। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि रविवार को जिले भर में करीब 100 कार व 1000 से ज्यादा टू व्हीलर बिके। 100 करोड़ का रियल इस्टेट कारोबारअक्षय तृतीया पर रियल इस्टेट सेक्टर में भी बूम रहा। जानकारों के मुताबिक, करीब 100 करोड़ का कारोबार इस बार हुआ है। इनमें फ्लैट्स के साथ ही प्लॉट्स व मकान की भी खरीदारी हुई है। हालांकि एक्चुअल आंकड़ा, दो दिन बाद ही मिल सकेगा। रियल इस्टेर कारोबारी अनिल गर्ग ने बताया कि अक्षय तृतीया पर 100 करोड़ के आसपास प्रॉपर्टी की सेल होने का अनुमान है। इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य पर भी धनवर्षागर्मी के मौसम में इस बार इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में भी जमकर धनवर्षा हुई। जिले भर में 50 करोड़ के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स की सेल हुई। सबसे ज्यादा एसी, कूलर, रेफ्रिजरेटर की डिमांड रही। सिविल लाइंस में इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के मैनेजर संजय जायसवाल ने बताया कि उनके शोरूम से रविवार को 72 एसी और 38 रेफ्रिजरेटर बिके। इसी तरह नैनी में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के कारोबारी मयंक केशरवानी ने बताया कि सबसे ज्यादा इस बार एसी की डिमांड रही। उनकी दुकान से रविवार को 24 एसी की सेल हुई। इस बार स्प्लिट एसी ज्यादा बिके। ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी, बाजारों में सवारी वाहनों की नो-एंट्रीभीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। शाम से ही चौक, सिविल लाइंस और कटरा बाजार में ई-रिक्शा समेत सभी सवारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू कर दी गई थी जो रात तक लागू रही। हालांकि भीड़ को देखते हुए कुछ देर के लिए राहत भी दी गई। उधर मुख्य बाजारों में ट्रैफिक पुलिस की स्पेशल पिकेट भी तैनात रही। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेड्स के अध्यक्ष महेंद्र गोयल के मुताबिक, अभी सोमवार को भी खरीदारी होगी। ऐसे में प्रयागराज में अक्षय तृतीया के दो दिनों में 500 करोड़ से ज्यादा के कारोबार का अनुमान है।
लखनऊ के नाका बसीरतगंज क्षेत्र के खुरशेदबाग कॉलोनी में भीषण गर्मी के बीच ट्रांसफार्मर में आग लग गई। वहीं, स्मार्ट मीटर लगने से मीटर रीडिंग अधिक आने और बिना बताए पोस्ट पेड मीटर का प्रीपेड मीटर में बदलने के मुद्दे पर विधायक नीरज बोरा ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है। आलमबाग में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। आग लगने से बिजली आपूर्ति बाधित रविवार को ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इससे देर रात तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे लोगों के घरों में पानी तक की दिक्कत हो गई। भीषण गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ा। लोगों ने बताया कि ट्रांसफार्मर से अचानक चिंगारियां निकलने लगीं और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। मौके पर मौजूद ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया और तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग को दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियातन क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। लाइनमैन मौके पर मौजूद हैं और क्षतिग्रस्त तारों को दोबारा जोड़कर जल्द से जल्द बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। आलमबाग में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों और भीषण गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती से नाराज व्यापारियों ने रविवार को आलमबाग नटखेड़ा रोड पर प्रदर्शन किया। नाराज व्यापारियों ने ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। बिल संबंधी शिकायतों को लेकर जब वे चंदरनगर उपकेंद्र जाते हैं, तो वहां कोई सुनवाई नहीं होती। विभागीय हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1912 पर भी फोन नहीं उठता, जिससे जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है। पारा चढ़ते ही बिजली की लगातार आवाजाही ने व्यापारियों के काम-काज को भी ठप कर दिया है। आलमबाग नटखेड़ा रोड युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा और चेयरमैन कमल चौधरी ने मांग की कि बिजली कटौती बंद हो और स्मार्ट मीटर की विसंगतियों को तुरंत दूर किया जाए। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ महामंत्री राजेश बत्रा, राजन सोनकर, संतोष तिवारी, शिवराज भाटिया, अनुज मौर्य, देवेंद्र पाल सिंह और मिंटू कृपलानी सहित कई व्यापारी मौजूद रहे। स्मार्ट मीटर से परेशान लोग लखनऊ में स्मार्ट मीटर के चलते लोगों को परेशानी हो रही है। मामले में मनकामेश्वर वार्ड की महिलाएं शनिवार को स्थानीय पार्षद रंजीत सिंह यादव के पास में स्मार्ट मीटर की शिकायत लेकर पहुंची थीं। महिलाओं ने कहा कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है। तब से बिजली का बिल बढ़कर आ रहा है। लगातार बिल माइनस में जाने के कारण बिजली कट रही है। इस बीच महिलाओं की शिकायत को पार्षद ने विधायक नीरज बोरा तक पहुंचाकर महिलाओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण समस्या बढ़ गई है। गरीब लोग परेशान हो रहे। बिना बताए प्रीपेड को पोस्ट पेड मीटर में बदल दिया गया। इसके बाद विधायक नीरज बोरा ने मामले में ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है।
रेती पर चारपहिया गाड़ियों से लग रहा जाम:व्यापारियों ने कहा-दुरुस्त की जाए ट्रैफिक व्यवस्था
एक ओर विरासत गलियारे से धर्मशाला से पांडेयहाता तक की सड़क चौड़ी हो रही है तो दूसरी ओर रेती पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। रेती चौराहे से गीता प्रेस तक देर शाम तक भयंकर जाम लगा रहता है। चारपहिया गाड़ियों के प्रवेश से घंटों लोगों को जाम में फंसना पड़ता है और व्यापार भी प्रभावित होता है। व्यापारियों ने इस क्षेत्र में भी ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। घोस कंपनी चौराहा से रेती की ओर बढ़ते समय इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के पास से ही जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम का प्रमुख कारण सड़कों के किनारे खड़ी होने वाली गाड़ियां हैं। इसके बाद दोनों ओर से चारपहिया वाहन आने से समस्या और बढ़ जाती है। इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से लेकर रेती चौक तक भयंकर जाम लगा रहता है। इस दौरान लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल रहता है। व्यापारियों का कहना है कि लगन और त्योहारों में ज्यादा भीड़ हो जाती है, जिससे जाम की समस्या बनी रहती है। लगन में थोक खरीदारी के लिए लोग रेती आते हैं। इसके साथ ही नियमित ग्राहक भी रहते हैं। ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरतइस क्षेत्र के व्यापारी यहां ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत बताते हैं। उनका कहना है कि रेती चौक पर बिना रोक-टोक चारो ओर से गाड़ियां आती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम हो जाता है। यदि नियमित रूप से यहां ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगे तो यहां ट्रैफिक को संभाला जा सकता है और थोड़ी-थोड़ी देर में गाड़ियां वहां से निकलने लगेंगी। रेती क्षेत्र के व्यापारी संजय अग्रवाल बताते हैं कि जाम से समस्या होती है। यहां ट्रैफिक पुलिस के साथ ही पुलिस के जवानों को भी लगाना जरूरी है। चारपहिया वाहनों के आगे-पीछे होने से भी जाम लगता है। इस क्षेत्र में भी एक पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी, जहां लोग अपनी गाड़ियां खड़ी कर पैदल मार्केट कर सकें। व्यापारी कन्हैया वर्मा का कहना है कि इस क्षेत्र में थोक कारोबार होता है। बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो जाम में फंसने के डर से यहां नहीं आते। दिन हो या रात यहां जाम की समस्या बनी रहती है। इसका स्थायी उपाय करना जरूरी है। व्यापारी नरेंद्र जायसवाल ने कहा कि लगन के समय ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है। शुरू से ही इस क्षेत्र में लोग खरीदारी के लिए आते हैं। चारपहिया वाहन भी लेकर आते हैं, जिससे जाम की समस्या रहती है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के इंतजाम करने होंगे।
बस्ती में गोंडा-बभनान मार्ग पर रविवार शाम एक व्यापारी को गोली मार दी गई। दुकान से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। गंभीर रूप से घायल व्यापारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) छपिया में भर्ती कराया गया है। घायल व्यापारी की पहचान नगर पंचायत बभनान के सुभाष नगर वार्ड निवासी समर कसौधन (30) पुत्र भगवती प्रसाद कसौधन के रूप में हुई है। वह छपिया थाना क्षेत्र के सिसई रानीपुर में ज्वेलरी और बर्तन की दुकान चलाते हैं। उनके भाई हैप्पी कसौधन ने बताया कि समर बभनान में एक मैरेज हॉल का भी संचालन करते हैं। रविवार शाम करीब 6:45 बजे समर अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। फुलवा चौराहे के पास पहुंचते ही एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से समर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। बदमाशों ने गिरने के बाद उनके दाहिने हाथ में गोली मारी। असलहे के बट से उनके सिर पर भी वार किया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और परिजन भी मौके पर पहुंच गए। चौकी प्रभारी बभनान घनश्याम वर्मा ने बताया कि घायल व्यापारी का इलाज सीएचसी छपिया में चल रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। घटना के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें स्थानीय व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी बैठक में शामिल हुए। उन्होंने जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में तकनीकी दिक्कतों, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में गड़बड़ियों, अनावश्यक पेनल्टी और विभाग द्वारा जारी नोटिसों पर अपनी शिकायतें विस्तार से रखीं। व्यापारियों ने बताया कि कई बार तकनीकी कारणों से रिटर्न समय पर फाइल नहीं हो पाता, जिससे उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। विभाग जीएसटी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने में लगा डिप्टी कमिश्नर, सरगुजा संभाग, राखी अग्रवाल ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि विभाग जीएसटी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। राखी अग्रवाल ने व्यापारियों से नियमों का पालन करते हुए समय पर रिटर्न फाइल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे विभाग से संपर्क करें, ताकि तत्काल समाधान हो सके। बैठक के अंत में चेंबर पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से व्यापारियों को राहत मिलेगी और जीएसटी प्रणाली अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।
पूरे भारत में रविवार को धूमधाम से अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन सोने और चांदी में निवेश करने को काफी शुभ माना जाता है और इससे समृद्धि बढ़ती है।
उदयपुर की सवीना थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी गजवीर सिंह ने बताया कि आरोपी मंशाराम परमार पुत्र लक्ष्मणलाल निवासी बिचला फला सरेगा को गिरफ्तार किया है। भागते वक्त आरोपी का दांया पैर टूट गया। जिसके बाद उसका हॉस्पिटल में इलाज कराया। आरोपी मंशाराम पहाड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, लड़ाई-झगड़ा, रेप, अपहरण, चोरी, नकबजनी, लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट, हिरासत से भागने, चेन स्नैचिंग आदि के कुल 23 मामले दर्ज हैं। इससे पहले इस मामले में 2 आरोपी पकड़े जा चुके हैं और 1 नाबालिग डिटेन हो चुका है। सिगरेट लेने के बहाने बातों में उलझाया, फिर चेन खींची थानाधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता सुनीता कलाल निवासी अंबामाता घाटी ने 11 फरवरी 2026 को थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि रात करीब 8 बजे वह अपनी किराना की दुकान पर थी। तभी दो युवक बाइक पर आए। उन्होंने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। उन्होंने सिगरेट लेने के बहाने उन्हें बातों में उलझाया और उनके गले में पहनी हुई सोने की चेन खींचकर भागने लगे। जब वह चिल्लाने लगी तो आसपास लोगों ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की। इस पर पीछे बैठे बदमाश ने लोगों को चाकू दिखाया और मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद तीसरे आरोपी को भी पकड़ लिया।
डिंडौरी में नर्मदा नदी और शहर की सफाई के लिए अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन ने मुख्य मार्ग पर कचरा फेंकने और अतिक्रमण करने वाले 350 व्यापारियों को नोटिस जारी किया है। रविवार सुबह जिला प्रशासन, नगर पालिका अमले और स्वयंसेवियों ने पुल के नीचे नर्मदा नदी में सफाई अभियान चलाया। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्वयं फावड़ा चलाकर अभियान में हिस्सा लिया। 350 व्यापारियों को जारी किया नोटिस कलेक्टर भदौरिया ने कहा कि नर्मदा की धारा स्वच्छ और अविरल बनी रहे। उन्होंने लोगों से नदी में कचरा न फेंकने और सफाई अभियान में सहयोग करने की अपील की। नर्मदा मैया से सभी की आस्था भी जुड़ी है। एसडीएम रामबाबू देवांगन ने बताया कि नर्मदा के साथ-साथ नगर सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। भारतीय नागरिक संहिता की धारा 152 के तहत लगभग 350 व्यापारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। लोगों से कचरा न फेंकने, डस्टबिन का इस्तेमाल करने की अपील एसडीएम ने व्यापारियों से सड़क पर कचरा न फेंकने और डस्टबिन का उपयोग करने को कहा। उन्होंने दुकान के सामने से अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। एक सप्ताह बाद जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। देवांगन ने यह भी बताया कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के प्रयास जारी हैं। चौपाटी के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है और जल्द ही सड़क किनारे की दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा। इस अभियान में अपर कलेक्टर जेपी यादव, नगर परिषद सीएमओ अमित तिवारी, नायब तहसीलदार शशांक शिंदे और जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पंजाब में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सीएम भगवंत मान नीदरलैंड के दौरे पर गए हैं। आज 19 अप्रैल को उनकी वहां के उद्योगपतियों से बैठक होगी। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगले साल पंजाब में चुनाव होने हैं। सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक कंपनियों को निवेश के लिए पंजाब लाया जाए। भारतीय राजदूत ने किया स्वागत नीदरलैंड पहुंचने पर भारत के राजदूत कुमार तुहीन ने सीएम का स्वागत किया। माना जा रहा है कि यह एक सप्ताह का दौरा है। इस दौरान वे एम्स्टर्डम में प्रमुख उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बैठकें करेंगे। इन बैठकों में मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, अलॉयज एंड स्टील, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने पर जोर रहेगा। नीदरलैंड भारत के लिए सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है और पहले से ही कई डच कंपनियां पंजाब में काम कर रही हैं। अक्टूबर 2023 में राजपुरा स्थित विविधा इंडस्ट्रियल पार्क में डी ह्यूस फैक्टरी का मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया था। वहीं, आलू की फसल के लिए इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी राज्य में सफलतापूर्वक काम कर रहा है। अब तक तीन देशों का दौरा किया इससे पहले उन्होंने सितंबर 2022 में जर्मनी का दौरा किया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में वे जापान और दक्षिण कोरिया के 10 दिवसीय सफल दौरे पर रहे, जहां उन्होंने यामाहा, होंडा और फुजित्सु जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ पंजाब में निवेश को लेकर संवाद किया। इन विदेशी दौरों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने घरेलू स्तर पर भी निवेश को बढ़ावा दिया है। इसी कड़ी में उन्होंने फरवरी 2026 में मुंबई का दौरा किया और मार्च 2026 में आयोजित छठे ‘प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट’ के माध्यम से वैश्विक उद्योगपतियों को आमंत्रित किया।
संगरूर पुलिस ने एक निजी स्पा सेंटर पर रेड कर पांच युवतियों सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि यहां देह व्यापार का धंधा चल रहा है। घटना शनिवार देर शाम की है। पुलिस ने स्पा सेंटर के मालिक जोया खान और मैनेजर अमन अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। रेड के दौरान पुलिस को एक क्लाइंट रिंकू और पांच लड़कियां मिलीं। बताया गया कि इन लड़कियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा था। पुलिस ने मैनेजर अमन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मालिक अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस रेड कर रही है। इस कार्रवाई के संबंध में एसएचओ सिटी गुलाब सिंह ने जानकारी दी। पुलिस ने स्पा सेंटर के मालिको दी चेतावनी उन्होंने शहर में चल रहे सभी स्पा सेंटरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी गलत काम करता पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। एसएचओ ने बताया कि एसपी सरताज सिंह चहल के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी अपराधी को छोड़ा न जाए।
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें ऊंचे मुनाफे का लालच देकर पहले भरोसे में लिया गया और फिर पोंजी स्कीम के जरिए करीब 4 करोड़ 16 लाख रुपए हड़प लिए गए। जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें टालमटोल करने के साथ-साथ जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें जेल में बैठे शूटर से गोलियां तक मरवाने की धमकी दी है। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने मामले में कंपनी के डायरेक्टर समेत 8 पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार निवासी तिलक नगर सहित अन्य लोगों ने पुलिस को बताया कि प्रांशु दत्ता (डायरेक्टर बीएफएक्स प्रो), उसके पिता रमेश दत्ता, संदीप दत्ता, दीक्षा दत्ता, अमित खेड़ा, हेमंत भटनागर, हरनेक सिंह और विनय गुप्ता ने आपस में साजिश रचकर एक सुनियोजित तरीके से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया। 5-6 माह तक अच्छा रिटर्न देकर जीता भरोसा शिकायत के अनुसार, आरोपी रमेश दत्ता ने लोगों से संपर्क कर उन्हें विश्वास दिलाया कि उसके बेटे प्रांशु दत्ता की कंपनी BFX Pro विदेशी स्तर पर काम कर रही है और निवेश करने पर हर महीने 8 से 10 प्रतिशत तक रिटर्न मिलता है। उसने यह भी भरोसा दिलाया कि कंपनी सरकारी तौर पर रजिस्टर्ड है और अनुभवी टीम द्वारा संचालित है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने 5-6 महीनों तक अच्छा रिटर्न देकर उनका भरोसा जीता, जिससे प्रभावित होकर लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी, आभूषण बेचकर, बैंक से लोन लेकर, रिश्तेदारों से उधार लेकर और यहां तक कि मकान बेचकर या गिरवी रखकर करोड़ों रुपये नकद में रमेश दत्ता के घर और ऑफिस में जमा करवाए। निवेश के बाद उन्हें MetaBFX Pro नाम की एप्लिकेशन डाउनलोड करवाई गई, जिसमें उन्हें एक आईडी दी गई, ताकि वे अपने निवेश को देख सकें। आरोप है कि यह पूरा सिस्टम निवेशकों को भ्रमित करने के लिए बनाया गया था। शिकायत में करीब 4 करोड़ 16 लाख 28 हजार 368 रुपए की कुल निवेश राशि का विवरण भी दिया गया है। बैंकॉक और दुबई के कराए टूर शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने निवेश बढ़ाने के लिए विदेश यात्राओं का लालच भी दिया और दिसंबर 2024 में बैंकॉक, जनवरी 2025 में दुबई तथा बाद में जिम कॉर्बेट जैसे टूर करवाए। साथ ही जीरकपुर, कसौली और चंडीगढ़ में बड़ी-बड़ी मीटिंग्स आयोजित कर देशभर से लोगों को जोड़कर और अधिक निवेश करवाया गया। आरोप है कि एक योजना के तहत निवेशकों को उनका रिटर्न 4 महीने के लिए लॉक करने को कहा गया, ताकि वे पैसा न निकाल सकें और इसी दौरान बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अगस्त 2025 के बाद जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो रमेश दत्ता और अन्य आरोपी टालमटोल करने लगे। जेल में बैठे शूटरों से जान से मरवाने की धमकी दी बाद में उन्होंने फोन उठाना और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया। जब प्रार्थी दोबारा ऑफिस पहुंचे तो रमेश दत्ता ने न केवल पैसा देने से इनकार किया, बल्कि धमकी दी कि उसका सिस्टम पर पूरा नियंत्रण है और ज्यादा दबाव बनाने पर वह जेल में बैठे शूटरों से उन्हें जान से मरवा देगा। पूरी मामले में आरोप लगाया गया है कि सभी आरोपी मिलकर एक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और पोंजी स्कीम के तहत लोगों को झूठे मुनाफे का लालच देकर ठगी की गई। पुलिस जांच में भी यह सामने आया कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच आरोपियों ने करीब 4.16 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। अब कंपनी के डायरेक्टर समेत आठ लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
ऐश्वर्या कॉलेज में स्टार्टअप कार्यशाला
पाली | ऐश्वर्या कॉलेज में आई-स्टार्ट सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज निदेशक ताज वीर सिंह राठौड़ ने माता सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलन कर की। इन्क्युबेशन सेंटर के मेंटर संदीप शर्मा, सूचना सहायक अभिषेक, डोमेन एक्सपर्ट राहुल ने बताया कि स्टार्टअप कैसे शुरू करें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जानकारी भी दी। निदेशक ताजवीर सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शिक्षा के साथ नवाचार के जरिए अपना स्टार्टअप शुरू कर सकती है। प्रवीण भाटी, प्रोग्रामर ने बताया कि नवाचार के जरिए स्टार्टअप को धरातल पर कैसे लाया जाए।
कृषि मंडी में व्यापारी संघ का चुनाव, विजेंद्र अध्यक्ष बने
भास्कर संवाददाता| जावर कृषि उपज मंडी में अनाज तिलहन व्यापारी संघ की आवश्यक बैठक अन्नपूर्णा मंदिर में हुई। बैठक में व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके बाद संघ के नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ। सर्वसम्मति से मंडी एसोसिएशन का अध्यक्ष विजेंद्र जैन को बनाया गया। व्यापारी संघ की ओर से नए अध्यक्ष विजेंद्र जैन का पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया गया। विजेंद्र जैन ने कहा कि व्यापारियों ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर सभी के सहयोग से खरा उतरने का प्रयास करूंगा। हमेशा व्यापारियों के हितों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। बैठक में अन्य पदाधिकारी भी चुने गए। सचिव जितेंद्र माहेश्वरी बने। कोषाध्यक्ष नटवर राठौर बने। उपाध्यक्ष दिलीप जैन बने। सदस्य के रूप में पंकज अजमेरा, संरक्षक संतोष महेश्वरी, नरेंद्र सिंह ठाकुर, योगेश अजमेरा, आनंद कुमार, श्याम माहेश्वरी, अनिल अजमेरा, गोपाल भंसाली को शामिल किया गया।
निवेश के नाम पर 8.5 लाख की ठगी
लुधियाना| निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर एक महिला और उसके साथी से 8.50 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता दलजीत कौर और मनप्रीत सिंह ने बताया कि आरोपी टोनी उर्फ कुंदन (निवासी फगवाड़ा) ने उन्हें सुरक्षित निवेश और कम समय में ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिया। झांसे में आकर उन्होंने करीब साढ़े आठ लाख रुपए आरोपी को दे दिए। जांच में सामने आया कि आरोपियों की शुरुआत से ही ठगी की मंशा थी। रकम लेने के बाद न तो कोई रिटर्न दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए। उल्टा आरोपी टालमटोल करता रहा। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी तरसेम सिंह के अनुसार फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
निवेश प्रोत्साहन योजना की अवधि बढ़ाई
जयपुर| वित्त विभाग ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2019 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए इसकी अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। जारी आदेश के अनुसार यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। योजना के क्लॉज-1 में नया प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत उन उद्यमों को राहत दी गई है जिन्हें 31 मार्च 2026 से पहले योजना के तहत पात्रता प्रमाण पत्र जारी हो चुका है, लेकिन जिन्होंने अब तक व्यावसायिक उत्पादन या संचालन शुरू नहीं किया है। ऐसे उद्यमों के लिए योजना की प्रभावी अवधि 31 मार्च 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दी गई है। सरकार का मानना है कि यह फैसला सार्वजनिक हित में लिया गया है और लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी।
अलीगढ़ के गूलर रोड पर शुक्रवार आधी रात को निर्माणाधीन सड़क पर गड्ढे बचाने के प्रयास में दवा कारोबारी की स्कूटी फिसल गई। इससे थाना देहली गेट के न्यू राजेंद्र नगर निवासी कारोबारी विकास राठौर (37) की मौके पर मौत हो गई। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को फोन कर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस कारोबारी को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन ने सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़क में गड्ढा छोड़े जाने के मामले को लापरवाही बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में नगर आयुक्त का कहना है कि वहां कोई भी गड्ढा नहीं था। स्कूटी सवार की हेलमेट के न पहनने के कारण गई है। हालांकि घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें स्कूटी सवार गड्ढा सामने आने पर अचानक ब्रेक लगाने से गिरते हुए नजर आ रहे हैं। ब्रेक लगाते ही गिरे कारोबारी घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। शुक्रवार रात 12:18 बजे विकास सिंह राठौर स्कूटी से जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। गड्ढा सामने आने पर अचानक वह ब्रेक लगा देते हैं। इससे स्कूटी फिसल जाती है और विकास सीमेंटेड सड़क पर स्कूटी के साथ ही गिर जाते हैं। रात का समय होने के कारण आवाजाही कम थी। इसी दौरान वहां बाइक सवार युवक पहुंचते हैं और कारोबारी को पड़ा देखकर रुक जाते हैं। वह युवक स्कूटी को खड़ा कर फोन करना शुरू कर देते हैं। तीन साल पहले एक्सीडेंट में हुई थी पिता की मौत पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद विकास के साले गौरव माहेश्वरी ने बताया कि विकास बाजार से घर लौट रहे थे। सीएम ग्रिड योजना के तहत गूलर रोड पर बनाई गई सड़क में गड्ढा है। उस गड्ढे को बचाने के लिए विकास के ब्रेक लगाते ही स्कूटी फिसल गई। इससे उनका सिर सड़क पर टकराया और मौत हो गई। उन्होंने नगर निगम के ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि विकास की 14 साल पहले शादी हुई थी। बड़ा बेटा 12 साल और छोटी बेटी 8 साल की है। कारोबारी की मौत की जानकारी पर पत्नी सारिका और परिजन का रो–रोकर बुरा हाल है। 3 साल पहले विकास के पिता की मौत भी सड़क हादसे में ही हुई थी। नगर आयुक्त बोले, नहीं था कोई गड्ढा नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वहां पर कोई गड्ढा नहीं है। अचानक ब्रेक लगाने पर स्कूटी फिसल गई, इससे वह गिर गए। स्कूटी सवार ने हेलमेट नहीं पहना था। अगर हेलमेट पहना होता तो, पत्थर में सिर टकराने के बाद भी दुर्घटना टल सकती है। नगर आयुक्त का कहना है कि उन्होंने स्वयं सड़क का निरीक्षण किया है। वहां पर कोई गड्ढा नहीं है। वहीं, सीसीटीवी में देखा जा रहा है कि स्कूटी सवार से कुछ सेकेंड पहले एक बाइक सवार भी वहां से गुजरता है, जो गड्ढा आने पर बाइक को धीमा कर निकलता है। बाइक की हेडलाइट की रोशन में वह गड्ढा स्पष्ट देखा जा सकता है। अज्ञात कारणों में दी तहरीर सीओ प्रथम नरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि स्कूटी फिसलने से मौत की पुष्टि हुई है। परिवार की ओर से अज्ञात कारणों से स्कूटी फिसलने की तहरीर दी गई है, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
लखनऊ में अतिक्रमण हटाने के दौरान एक व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों ने नगर निगम की कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि निगम अधिकारियों ने आरोपों को खारिज किया है। मृतक की पहचान राजाजीपुरम के ई ब्लॉक के रहने वाले खुशाल बलेचा (60) के रूप में हुई। वे किराना और दोना-पत्तल का व्यापार करते थे। परिजनों ने कहा- नगर निगम की टीम जब अतिक्रमण हटाने पहुंची तो खुशाहल दहशत में आ गए। अचानक तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक आ गया। व्यापारी के सड़क पर गिरते ही आसपास के लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक हालत बिगड़ चुकी थी। खुशाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया- दोपहर करीब 3:30 बजे तक अतिक्रमण अभियान चलाया गया था। उस समय कोई भी हादसा नहीं हुआ। 3 तस्वीरें देखिए… अब घटनाक्रम विस्तार से… लखनऊ नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को राजाजीपुरम के ई ब्लॉक में अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई थी। निगम का अतिक्रमण निरोधी दस्ता शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार पहुंचा। इस दौरान दुकान के बाहर बनाए गए रैम्प, तिरपाल और छज्जों को तोड़ना शुरू किया। करीब 1 बजे के करीब खुशाल बलेचा के बाहर लगे तिरपाल को भी हटाया गया। नगर निगम की टीम कार्रवाई करते हुए आगे बढ़ गई। 50 मीटर आगे बढ़ी टीम, व्यापारी को पड़ा अटैक परिजनों ने बताया- नगर निगम की कार्रवाई से खुशाल असहज दिखे। पहला अटैक उनको करीब डेढ़ बजे आया। इसके बाद पास के नजदीकी अस्पताल लेकर गए। वहां से लारी में रेफर किया गया। जहां पर तुरंत स्टंट डाला गया। शाम करीब 6 बजे दोबारा से अटैक आया, जिससे खुशाल की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि जब कार्रवाई हो रही थी। तब दुकान से कार्रवाई करते हुए टीम करीब 50 मीटर आगे तक बुलडोजर के साथ में गई थी। तभी उनको अटैक आया। खुशाल को पंखे के नीचे लिटाया गया था, लेकिन राहत नहीं मिली। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। व्यापारी बोले- 302 का मुकदमा दर्ज हो व्यापारी की मौत की सूचना मिलते ही बाजार में तनाव का माहौल हो गया। बड़ी संख्या में व्यापारी खुशाल की दुकान के बाहर जमा हो गए। नाराज व्यापारी बोले- नगर निगम टीम पर 302 का मुकदमा दर्ज किया जाए। अपर नगर आयुक्त ने आरोप को नकारा अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे तक अतिक्रमण अभियान चलाया गया था और इस दौरान कोई भी हादसा नहीं हुआ। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। साथ ही यह भी बताया कि राजाजीपुरम ई ब्लॉक के व्यापार मंडल अध्यक्ष ने स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को पत्र दिया था और कार्रवाई की मांग की थी। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा- अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई है। व्यापारी की मौत को कार्रवाई से जोड़ने की बात गलत है। कुछ लोग यह अफवाह फैला रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ……………………………………… यह खबर भी पढ़ेंराहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला: बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का अपना ही आदेश बदल दिया है। मामला दोहरी नागरिकता से जुड़ा है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर नया आदेश जारी किया। यहां पढ़ें पूरी खबर
बठिंडा पुलिस ने शहर के एक मशहूर होटल 'बाहिया फोर्ट' में छापा मारकर किटी पार्टी की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में होटल मालिक समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3 लड़कियों को बचाया गया है। कोतवाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ परविंदर सिंह ने बताया कि एसएसपी डॉ. ज्योति यादव के निर्देशों पर 18 अप्रैल 2026 को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, होटल 'बाहिया फोर्ट' की दूसरी मंजिल पर मालिक बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, ऑर्केस्ट्रा और 'डॉसन बार' की लड़कियों का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति करवा रहा था। बिना लाइसेंस के मिल रहा था शराब साथ ही, बिना लाइसेंस के कमरों में शराब भी परोसी जा रही थी। इस सूचना के आधार पर, बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, हैप्पी और विक्की के खिलाफ कोतवाली बठिंडा में 'अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956' की धारा 3, 4 और 'आबकारी अधिनियम' की धारा 61/01/14 के तहत मामला संख्या 82 (दिनांक 17-04-2026) दर्ज किया गया। छापे के दौरान प्रदीप कुमार (निवासी मॉडल टाउन बठिंडा), विकास सिंगला (निवासी बल्ला राम नगर बठिंडा), पवन कुमार (निवासी रामा मंडी), महेश कुमार (निवासी अजमेर रो थिकारिया जयपुर), और मुकेश गुप्ता (निवासी आगरा) को होटल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 3 लड़कियों को बचाया पुलिस ने मौके से 3 लड़कियों को बचाया, जिन्हें बाद में उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। होटल से शराब भी बरामद की गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मामले के मुख्य आरोपी बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, हैप्पी और विक्की फिलहाल फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
केंद्रीय कर्मचारियों के डीए का ऐलान, 2% बढ़ोतरी को मिली मंजूरी, अब 60 फीसदी मिलेगा महंगाई भत्ता
सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी डीए में 2 पर्सेंट का इजाफा किया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता बढ़कर 60 पर्सेंट हो गया है। यह पहली बार है जब सरकार ने अप्रैल महीने के 15 दिन बीत जाने के बाद डीए का ऐलान किया है।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का असर, सेंसेक्स 505 अंक चढ़कर बंद
अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार को इस हफ्ते मजबूत सपोर्ट दिया
जोधपुर शहर की चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने USDT क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी आसिफ चांद खान को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक व्यक्ति को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करीब 21 लाख 50 हजार रुपए हड़प लिए थे। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल शेखावत के अनुसार - सदर बाजार थाना क्षेत्र के घास मंडी निवासी हबीबुर्रहमान की फेसबुक के माध्यम से 'मो. मोहिद' नामक व्यक्ति से पहचान हुई थी। उस शख्स ने हबीबुर्रहमान को क्रिप्टो करेंसी में कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। उसका विश्वास जीतने के लिए 21 अगस्त 2025 को पहली मुलाकात में आरोपी के एक सहयोगी ने एम्स रोड पर पीड़ित से 35 हजार रुपए लिए और थोड़ी ही देर में उसे भरोसे के लिए 37 हजार रुपए वापस लौटा दिए। इससे पीड़ित को मुनाफे का यकीन हो गया। कार में बैठाकर बैग छीना और हुए फरार पुलिस के अनुसार ठगी के दूसरे चरण में 23 अगस्त 2025 को आरोपी ने पीड़ित को 21.50 लाख रुपए लेकर एम्स रोड स्थित मंगलम कैफे के पास बुलाया। वहां उसे एक सफेद कार में बैठे तीन व्यक्तियों से मिलवाया गया, जिन्होंने रुपये गिनने के बहाने उसे गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों ने उसे शहर में घुमाया और फिर जुणावा ढाणी के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। उसी समय वहां एक काली स्कॉर्पियो आई, जिसमें सवार अन्य साथी रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के बाद आरोपी ने व्हाट्सअप पर पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में चैट डिलीट कर संपर्क तोड़ दिया। मुंबई में बैठकर सोशल मीडिया पर चलाता था सिंडिकेट पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आसिफ चांद खान मूल रूप से मुंबई के गोवंडी (शिवाजी नगर) का रहने वाला है, जो वर्तमान में नवी मुंबई के उलवे में रह रहा था। वह मुंबई में बैठकर सोशल मीडिया पर 'USDT Bulk Buyer' जैसी विभिन्न फर्जी आईडी बनाकर लोगों से संपर्क करता था। वह बल्क में कम कीमत पर यूएसडीटी दिलाने का लालच देता था और देशभर में जहां भी खरीदार मिलते, वहां अपने सहयोगियों को भेजकर वारदात को अंजाम दिलवाता था। ठगी के दौरान ये शातिर पीड़ितों को यूएसडीटी ट्रांसफर होने का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर मौके से फरार हो जाते थे। पांच दिन की मशक्कत से पकड़ में आया मास्टरमाइंड इस मामले में पूर्व में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सह-आरोपी रंजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। मास्टरमाइंड की तलाश में थानाधिकारी ईश्वरचन्द्र पारीक के नेतृत्व में एएसआई अनिल कुमार और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल प्रेम चौधरी की टीम ने नवी मुंबई में पांच दिन तक लगातार पीछा किया। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी को नवी मुंबई के उलवे से पकड़ लिया गया। पुलिस इस विशेष टीम में कांस्टेबल दिनेश पटेल, देवेन्द्र पटेल और बाबुलाल भी शामिल रहे। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
छोटे नोट और सिक्के बाजार से गायब लेन-देन में ग्राहक व व्यापारी परेशान
भास्कर न्यूज | तमता पत्थलगांव विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय बाजारों में इन दिनों छोटे नोट और सिक्कों की भारी कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 1, 2, 5, 10 और 20रुपए के सिक्के व छोटे नोट बाजार से लगभग गायब हो गए हैं, जिससे दैनिक लेन-देन प्रभावित हो रहा है। चाय दुकानों, सब्जी मंडियों, किराना दुकानों और ठेलों पर स्थिति और भी खराब है, जहां रोजमर्रा के छोटे भुगतान को लेकर ग्राहकों और दुकानदारों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। कई बार दुकानदारों के पास खुले पैसे नहीं होने के कारण ग्राहकों को शेष राशि के बदले टॉफी, बिस्किट या अन्य सामान लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे उपभोक्ताओं में असंतोष भी देखा जा रहा है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि छोटे लेन-देन में बार-बार चिल्लर की समस्या आने से उन्हें अनावश्यक सामान खरीदना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि इस समस्या का सीधा असर उनकी बिक्री पर पड़ रहा है। कई ग्राहक खुले पैसे न होने के कारण सामान लेने से मना कर देते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और उधारी भी बढ़ती जा रही है।
शेयर बाजार में पांच लाख डूबे, कर्ज के दबाव में बीटेक के छात्र ने फांसी लगा की खुदकुशी
कदमा के रामनगर रोड नंबर 7 में अंकित शर्मा (23) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अंकित बीटेक का छात्र था। घटना गुरुवार देर शाम की है। घटना के बाद अंकित को उसकी बहन रिया शर्मा ने लोगों की मदद से दरवाजा तोड़कर फंदे से उतारा और इलाज के लिए टीएमएच ले गई। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर पर दोनों भाई बहन अकेले रहते थे। मां मानसिक रोगी होने की वजह से रांची में इलाजरत है। घटना के पीछे की प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि शेयर बाजार में उसने चार से पांच लाख रुपए इन्वेस्ट किए थे। शेयर बाजार में उसे भारी नुकसान हो गया। उसने शेयर बाजार में राशि लगाने के लिए बाजार से कर्ज लिया था। जब उसके परिचित लोग घर तक तगादा करने आने लगे, तो उसने यह बात किसी को नहीं बताई। वह कुछ दिन तक लोगों को समझाता रहा, लेकिन रुपए लौटाने के दबाव में उसने फांसी लगा ली। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया है। ऐसे हालात में परिवार का साथ जरूरी डॉ दीपक गिरि, मनोचिकित्सक ने बताया कि यदि कोई भारी वित्तीय घाटे से गुजर रहा है, तो परिवार में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां वित्तीय नुकसान बताने पर डांट के बजाय समाधान मिले। अगर कोई अचानक बहुत ज्यादा समय स्क्रीन (ट्रेडिंग ऐप्स) पर बिता रहा है और उसके व्यवहार में बदलाव आ रहा है, तो परिवार वालों को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। उसे कभी भी अकेला नहीं रहने दें। क्विक मनी के चक्कर में जा रही युवाओं की जान शेयर मार्केट, खासकर ऑप्शन्स ट्रेडिंग (FO) में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ी है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के लालच में छात्र अपनी पढ़ाई के पैसे या कर्ज लेकर बाजार में लगा देते हैं। शेयर मार्केट के विशेषज्ञ अरुण राय ने कहा कि जब घाटा बढ़ता है, तो युवा लोन के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं और डिप्रेशन का शिकार होकर अंकित जैसा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
दो व्यापार समझौते और तीन चुनौतियां
करोड़ों गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी और काम के तय घंटे जैसी बुनियादी चीजें देना भी उसका काम है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
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राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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