केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक जनवरी 2026 से अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ाने की शनिवार को मंजूरी प्रदान कर दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत […] The post केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा appeared first on Sabguru News .
लखनऊ में अतिक्रमण हटाने के दौरान एक व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों ने नगर निगम की कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि निगम अधिकारियों ने आरोपों को खारिज किया है। मृतक की पहचान राजाजीपुरम के ई ब्लॉक के रहने वाले खुशाल बलेचा (60) के रूप में हुई। वे किराना और दोना-पत्तल का व्यापार करते थे। परिजनों ने कहा- नगर निगम की टीम जब अतिक्रमण हटाने पहुंची तो खुशाहल दहशत में आ गए। अचानक तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक आ गया। व्यापारी के सड़क पर गिरते ही आसपास के लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक हालत बिगड़ चुकी थी। खुशाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया- दोपहर करीब 3:30 बजे तक अतिक्रमण अभियान चलाया गया था। उस समय कोई भी हादसा नहीं हुआ। 3 तस्वीरें देखिए… अब घटनाक्रम विस्तार से… लखनऊ नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को राजाजीपुरम के ई ब्लॉक में अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई थी। निगम का अतिक्रमण निरोधी दस्ता शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार पहुंचा। इस दौरान दुकान के बाहर बनाए गए रैम्प, तिरपाल और छज्जों को तोड़ना शुरू किया। करीब 1 बजे के करीब खुशाल बलेचा के बाहर लगे तिरपाल को भी हटाया गया। नगर निगम की टीम कार्रवाई करते हुए आगे बढ़ गई। 50 मीटर आगे बढ़ी टीम, व्यापारी को पड़ा अटैक परिजनों ने बताया- नगर निगम की कार्रवाई से खुशाल असहज दिखे। पहला अटैक उनको करीब डेढ़ बजे आया। इसके बाद पास के नजदीकी अस्पताल लेकर गए। वहां से लारी में रेफर किया गया। जहां पर तुरंत स्टंट डाला गया। शाम करीब 6 बजे दोबारा से अटैक आया, जिससे खुशाल की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि जब कार्रवाई हो रही थी। तब दुकान से कार्रवाई करते हुए टीम करीब 50 मीटर आगे तक बुलडोजर के साथ में गई थी। तभी उनको अटैक आया। खुशाल को पंखे के नीचे लिटाया गया था, लेकिन राहत नहीं मिली। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। व्यापारी बोले- 302 का मुकदमा दर्ज हो व्यापारी की मौत की सूचना मिलते ही बाजार में तनाव का माहौल हो गया। बड़ी संख्या में व्यापारी खुशाल की दुकान के बाहर जमा हो गए। नाराज व्यापारी बोले- नगर निगम टीम पर 302 का मुकदमा दर्ज किया जाए। अपर नगर आयुक्त ने आरोप को नकारा अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे तक अतिक्रमण अभियान चलाया गया था और इस दौरान कोई भी हादसा नहीं हुआ। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। साथ ही यह भी बताया कि राजाजीपुरम ई ब्लॉक के व्यापार मंडल अध्यक्ष ने स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को पत्र दिया था और कार्रवाई की मांग की थी। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा- अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई है। व्यापारी की मौत को कार्रवाई से जोड़ने की बात गलत है। कुछ लोग यह अफवाह फैला रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ……………………………………… यह खबर भी पढ़ेंराहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला: बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का अपना ही आदेश बदल दिया है। मामला दोहरी नागरिकता से जुड़ा है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर नया आदेश जारी किया। यहां पढ़ें पूरी खबर
बठिंडा पुलिस ने शहर के एक मशहूर होटल 'बाहिया फोर्ट' में छापा मारकर किटी पार्टी की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में होटल मालिक समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3 लड़कियों को बचाया गया है। कोतवाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ परविंदर सिंह ने बताया कि एसएसपी डॉ. ज्योति यादव के निर्देशों पर 18 अप्रैल 2026 को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, होटल 'बाहिया फोर्ट' की दूसरी मंजिल पर मालिक बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, ऑर्केस्ट्रा और 'डॉसन बार' की लड़कियों का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति करवा रहा था। बिना लाइसेंस के मिल रहा था शराब साथ ही, बिना लाइसेंस के कमरों में शराब भी परोसी जा रही थी। इस सूचना के आधार पर, बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, हैप्पी और विक्की के खिलाफ कोतवाली बठिंडा में 'अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956' की धारा 3, 4 और 'आबकारी अधिनियम' की धारा 61/01/14 के तहत मामला संख्या 82 (दिनांक 17-04-2026) दर्ज किया गया। छापे के दौरान प्रदीप कुमार (निवासी मॉडल टाउन बठिंडा), विकास सिंगला (निवासी बल्ला राम नगर बठिंडा), पवन कुमार (निवासी रामा मंडी), महेश कुमार (निवासी अजमेर रो थिकारिया जयपुर), और मुकेश गुप्ता (निवासी आगरा) को होटल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 3 लड़कियों को बचाया पुलिस ने मौके से 3 लड़कियों को बचाया, जिन्हें बाद में उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। होटल से शराब भी बरामद की गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मामले के मुख्य आरोपी बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, हैप्पी और विक्की फिलहाल फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
केंद्रीय कर्मचारियों के डीए का ऐलान, 2% बढ़ोतरी को मिली मंजूरी, अब 60 फीसदी मिलेगा महंगाई भत्ता
सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी डीए में 2 पर्सेंट का इजाफा किया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता बढ़कर 60 पर्सेंट हो गया है। यह पहली बार है जब सरकार ने अप्रैल महीने के 15 दिन बीत जाने के बाद डीए का ऐलान किया है।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का असर, सेंसेक्स 505 अंक चढ़कर बंद
अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार को इस हफ्ते मजबूत सपोर्ट दिया
एरिज़ोना रैली में ट्रंप का दावा- ‘अर्थव्यवस्था तेज़, महंगाई पर जीत’
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एरिजोना में 'टर्निंग पॉइंट अमेरिका' के एक कार्यक्रम में अपनी आर्थिक उपलब्धियों की तारीफ की
जोधपुर शहर की चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने USDT क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी आसिफ चांद खान को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक व्यक्ति को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करीब 21 लाख 50 हजार रुपए हड़प लिए थे। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल शेखावत के अनुसार - सदर बाजार थाना क्षेत्र के घास मंडी निवासी हबीबुर्रहमान की फेसबुक के माध्यम से 'मो. मोहिद' नामक व्यक्ति से पहचान हुई थी। उस शख्स ने हबीबुर्रहमान को क्रिप्टो करेंसी में कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। उसका विश्वास जीतने के लिए 21 अगस्त 2025 को पहली मुलाकात में आरोपी के एक सहयोगी ने एम्स रोड पर पीड़ित से 35 हजार रुपए लिए और थोड़ी ही देर में उसे भरोसे के लिए 37 हजार रुपए वापस लौटा दिए। इससे पीड़ित को मुनाफे का यकीन हो गया। कार में बैठाकर बैग छीना और हुए फरार पुलिस के अनुसार ठगी के दूसरे चरण में 23 अगस्त 2025 को आरोपी ने पीड़ित को 21.50 लाख रुपए लेकर एम्स रोड स्थित मंगलम कैफे के पास बुलाया। वहां उसे एक सफेद कार में बैठे तीन व्यक्तियों से मिलवाया गया, जिन्होंने रुपये गिनने के बहाने उसे गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों ने उसे शहर में घुमाया और फिर जुणावा ढाणी के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। उसी समय वहां एक काली स्कॉर्पियो आई, जिसमें सवार अन्य साथी रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के बाद आरोपी ने व्हाट्सअप पर पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में चैट डिलीट कर संपर्क तोड़ दिया। मुंबई में बैठकर सोशल मीडिया पर चलाता था सिंडिकेट पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आसिफ चांद खान मूल रूप से मुंबई के गोवंडी (शिवाजी नगर) का रहने वाला है, जो वर्तमान में नवी मुंबई के उलवे में रह रहा था। वह मुंबई में बैठकर सोशल मीडिया पर 'USDT Bulk Buyer' जैसी विभिन्न फर्जी आईडी बनाकर लोगों से संपर्क करता था। वह बल्क में कम कीमत पर यूएसडीटी दिलाने का लालच देता था और देशभर में जहां भी खरीदार मिलते, वहां अपने सहयोगियों को भेजकर वारदात को अंजाम दिलवाता था। ठगी के दौरान ये शातिर पीड़ितों को यूएसडीटी ट्रांसफर होने का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर मौके से फरार हो जाते थे। पांच दिन की मशक्कत से पकड़ में आया मास्टरमाइंड इस मामले में पूर्व में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सह-आरोपी रंजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। मास्टरमाइंड की तलाश में थानाधिकारी ईश्वरचन्द्र पारीक के नेतृत्व में एएसआई अनिल कुमार और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल प्रेम चौधरी की टीम ने नवी मुंबई में पांच दिन तक लगातार पीछा किया। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी को नवी मुंबई के उलवे से पकड़ लिया गया। पुलिस इस विशेष टीम में कांस्टेबल दिनेश पटेल, देवेन्द्र पटेल और बाबुलाल भी शामिल रहे। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
छोटे नोट और सिक्के बाजार से गायब लेन-देन में ग्राहक व व्यापारी परेशान
भास्कर न्यूज | तमता पत्थलगांव विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय बाजारों में इन दिनों छोटे नोट और सिक्कों की भारी कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 1, 2, 5, 10 और 20रुपए के सिक्के व छोटे नोट बाजार से लगभग गायब हो गए हैं, जिससे दैनिक लेन-देन प्रभावित हो रहा है। चाय दुकानों, सब्जी मंडियों, किराना दुकानों और ठेलों पर स्थिति और भी खराब है, जहां रोजमर्रा के छोटे भुगतान को लेकर ग्राहकों और दुकानदारों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। कई बार दुकानदारों के पास खुले पैसे नहीं होने के कारण ग्राहकों को शेष राशि के बदले टॉफी, बिस्किट या अन्य सामान लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे उपभोक्ताओं में असंतोष भी देखा जा रहा है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि छोटे लेन-देन में बार-बार चिल्लर की समस्या आने से उन्हें अनावश्यक सामान खरीदना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि इस समस्या का सीधा असर उनकी बिक्री पर पड़ रहा है। कई ग्राहक खुले पैसे न होने के कारण सामान लेने से मना कर देते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और उधारी भी बढ़ती जा रही है।
शेयर बाजार में पांच लाख डूबे, कर्ज के दबाव में बीटेक के छात्र ने फांसी लगा की खुदकुशी
कदमा के रामनगर रोड नंबर 7 में अंकित शर्मा (23) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अंकित बीटेक का छात्र था। घटना गुरुवार देर शाम की है। घटना के बाद अंकित को उसकी बहन रिया शर्मा ने लोगों की मदद से दरवाजा तोड़कर फंदे से उतारा और इलाज के लिए टीएमएच ले गई। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर पर दोनों भाई बहन अकेले रहते थे। मां मानसिक रोगी होने की वजह से रांची में इलाजरत है। घटना के पीछे की प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि शेयर बाजार में उसने चार से पांच लाख रुपए इन्वेस्ट किए थे। शेयर बाजार में उसे भारी नुकसान हो गया। उसने शेयर बाजार में राशि लगाने के लिए बाजार से कर्ज लिया था। जब उसके परिचित लोग घर तक तगादा करने आने लगे, तो उसने यह बात किसी को नहीं बताई। वह कुछ दिन तक लोगों को समझाता रहा, लेकिन रुपए लौटाने के दबाव में उसने फांसी लगा ली। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया है। ऐसे हालात में परिवार का साथ जरूरी डॉ दीपक गिरि, मनोचिकित्सक ने बताया कि यदि कोई भारी वित्तीय घाटे से गुजर रहा है, तो परिवार में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां वित्तीय नुकसान बताने पर डांट के बजाय समाधान मिले। अगर कोई अचानक बहुत ज्यादा समय स्क्रीन (ट्रेडिंग ऐप्स) पर बिता रहा है और उसके व्यवहार में बदलाव आ रहा है, तो परिवार वालों को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। उसे कभी भी अकेला नहीं रहने दें। क्विक मनी के चक्कर में जा रही युवाओं की जान शेयर मार्केट, खासकर ऑप्शन्स ट्रेडिंग (FO) में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ी है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के लालच में छात्र अपनी पढ़ाई के पैसे या कर्ज लेकर बाजार में लगा देते हैं। शेयर मार्केट के विशेषज्ञ अरुण राय ने कहा कि जब घाटा बढ़ता है, तो युवा लोन के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं और डिप्रेशन का शिकार होकर अंकित जैसा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में टैरिफ सबसे बड़ा रोड़ा, कृषि क्षेत्र बना विवाद का केंद्र
संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत में मौजूद टैरिफ बाधाओं को लेकर चल रही व्यापार वार्ताओं को एक अहम मुद्दा बताया है
सराफा व्यापारी ने दी लूट की फर्जी सूचना:पुलिस जांच में खुलासा, जीजा-साले का आपसी विवाद निकला
फर्रुखाबाद में एक सराफा व्यापारी द्वारा 20 ग्राम सोने की लूट की फर्जी सूचना देने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में यह दावा झूठा निकला और पता चला कि यह सूचना जीजा-साले के पुराने विवाद के चलते दी गई थी। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार एक सराफा व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार में सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उससे 20 ग्राम सोना लूट लिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजब सिंह मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जिस मारुति स्विफ्ट डिजायर का जिक्र किया गया था, वह शिकायतकर्ता के जीजा के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद पुराना है। वर्ष 2022 में जीजा ने अपने साले को अहमदाबाद में नौकरी पर लगवाया था। आरोप है कि साला वहां से कुछ सोने के आभूषण लेकर गायब हो गया था, जिसके संबंध में संबंधित कंपनी ने कानूनी कार्रवाई की थी। इसी रंजिश के चलते साले ने अपनी पत्नी की ओर से अपने जीजा और अन्य के खिलाफ फर्रुखाबाद में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। उसका जीजा इसी मुकदमे की तारीख पर ग्वालियर से फर्रुखाबाद आए थे। साले ने उनकी गाड़ी का पीछा किया, वीडियो बनाया और फिर पुलिस को लूट की फर्जी सूचना दे दी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जीजा-साले के बीच का आपसी विवाद है और लूट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। मामले में सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया सर्राफा कारोबारी द्वारा लूट की सूचना दी गई थी जांच में वह फर्जी निकली है। उनके रिश्तेदार से आपसी का विवाद है।
सिरसी रोड पर प्रस्तावित जेडीए की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बैंच ने नंद किशोर शर्मा और अन्य की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सभी पक्षों को नोटिस जारी करके चार सप्ताह में जवाब मांगा है। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेडीए ने सिरसी रोड पर सड़क की चौड़ाई 160 फीट करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी थी। जेडीए ने गुरुवार को ही 300 से ज्यादा मकानों और दुकानों पर लाल निशान (डिमार्केशन) लगाए थे। 5 किलोमीटर में सैकड़ों दुकानें-मकान हटने थे जेडीए अधिकारियों के अनुसार-सड़क चौड़ीकरण के लिए दोनों ओर से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस कार्रवाई की जद में लगभग 5 किलोमीटर क्षेत्र में सैकड़ों दुकानें, मकान और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स आ सकते हैं। प्रभावित लोगों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में खुद अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अगर तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो जेडीए की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। जेडीए अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में की जा रही है। इसके लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही प्रभावित पक्षों से लगातार संवाद भी किया जा रहा है, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके। लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यह कार्रवाई रूक गई हैं।
पंजाब के संगरूर जिले में सोना-चांदी के कारोबार में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने न्यू गुन्नू ज्वेलर के मालिक वनीत बांसल की शिकायत पर हरप्रीत सिंह चंद नामक व्यक्ति के खिलाफ 51 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला दर्ज किया है। यह घटना संगरूर के व्यापारियों में चिंता का विषय बन गई है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, संगरूर के निवासी वनीत बांसल पुलिस को बताया कि उनकी फर्म न्यू गुन्नू ज्वेलर, पटियाला गेट, संगरूर में स्थित है। वे सोना-चांदी खरीदने, बेचने और आभूषण बनाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि आरोपी हरप्रीत सिंह चंद ने 29 जनवरी 2026 को उनसे संपर्क किया और सोना-चांदी का एक बड़ा ऑर्डर बुक कराया। सोने-चांदी के सौदे में धोखाधड़ी वनीत बांसल के अनुसार, हरप्रीत सिंह चंद ने 100 ग्राम सोने की डली व 8 किलोग्राम चांदी का ऑर्डर दिया था। बुकिंग पुराने तय रेट पर की गई थी। तब सोने का भाव 1,92,000 रुपये प्रति तोला और चांदी का भाव 4,08,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। सौदे की कुल कीमत लगभग 51 लाख 86 हजार रुपये बनी थी। उन्होंने आरोपी के कहने पर पूरी पेमेंट करके माल तैयार करवा लिया था। आरोपी ने सौदा रद्द किया, व्यापारी को नुकसान जब वनीत बांसल ने हरप्रीत सिंह चंद को सामान लेने के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया। कहा कि वह अब सोना और चांदी नहीं लेगा। वनीत बांसल का आरोप है कि हरप्रीत सिंह की मंशा शुरू से ही ठगी करने की थी। यदि बाजार में सोने-चांदी के दाम बढ़ जाते तो आरोपी पुराने रेट पर माल ले लेता, लेकिन दाम कम होने पर सौदा रद्द कर दिया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की मामले की शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने आरोपी हरप्रीत सिंह चंद के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे लेन-देन और उपलब्ध सबूतों की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की सच्चाई का पता लगाएंगे।
रेवाड़ी जिले के बावल स्थित कैपारो पावर लिमिटेड ने टिवोली हेरिटेज पैलेस में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें फिनलैंड, नीदरलैंड्स, दुबई, फ्रांस, सिंगापुर, पोलैंड और ऑस्ट्रेलिया से वार्टसिला कॉर्पोरेशन के 21 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला के समापन के बाद विदेशी प्रतिनिधियों ने बावल स्थित कैपारो पावर संयंत्र का दौरा किया। कंपनी अधिकारियों ने उन्हें संयंत्र की उन्नत क्षमताओं, अत्याधुनिक तकनीकों और संचालन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी। मजबूत साझेदारियां स्थापित करना उद्देश्य मार्केटिंग हेड कपिल मोहन ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वैश्विक सहयोग के नए अवसर तलाशना और औद्योगिक क्षेत्र में मजबूत साझेदारियां स्थापित करना था। कार्यशाला में कैपारो समूह की क्षमताओं, तकनीकी विशेषज्ञता और भारत में प्रस्तावित भविष्य की विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा कपिल मोहन के अनुसार यह दौरा हरियाणा में विदेशी निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने, रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस पहल से हरियाणा की छवि एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में मजबूत होने की उम्मीद है। क्षेत्र की वैश्विक पहचान होगी मजबूत कैपारो पावर लिमिटेड के अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाएं और संयंत्र दौरे कंपनी की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ भारत और विशेष रूप से हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इन प्रयासों से रेवाड़ी-बावल औद्योगिक क्षेत्र की वैश्विक पहचान मजबूत होगी और भविष्य में बड़े निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
मऊ में व्यापारियों ने सीड बिल का विरोध किया:वार्षिक अधिवेशन में सरकारी नीतियों पर जताई चिंता
मऊ जनपद में खाद-बीज व्यापारियों का एक महत्वपूर्ण वार्षिक अधिवेशन बलिया मोड़ स्थित प्रसाद वाटिका में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में जिले भर से सैकड़ों व्यापारियों ने भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं और सरकार की नई नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। अधिवेशन के दौरान व्यापारियों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सीड बिल का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल विदेशी कंपनियों के दबाव में लाया जा रहा है, जिससे देश के कृषि क्षेत्र और स्थानीय व्यापारियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। व्यापारियों ने आशंका व्यक्त की कि इस बिल के माध्यम से देश का कृषि संबंधी डेटा विदेशी कंपनियों तक पहुंच सकता है, जो राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध है। व्यापारियों ने सीड बिल में तकनीकी खामी पाए जाने पर 25 से 30 लाख रुपये तक की भारी पेनाल्टी के प्रावधान पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि छोटे दुकानदारों के लिए इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना असंभव होगा, जिससे उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो सकता है। इसके अतिरिक्त, सरकार के 'साथी ऐप' को लेकर भी व्यापारियों ने सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था लागू नहीं हुई है और कई दुकानदार तकनीकी रूप से दक्ष नहीं हैं। ऐसे में ऐप आधारित प्रणाली उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य किए जाने पर भी व्यापारियों ने आपत्ति व्यक्त की। उनका तर्क था कि बटाई पर खेती करने वाले किसानों को खाद-बीज खरीदने में कठिनाई होगी, जिससे व्यापार भी प्रभावित होगा। साथ ही, IPMS पोर्टल पर हर जानकारी दर्ज करने की अनिवार्यता को भी व्यापारियों ने जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया बताया। अधिवेशन के समापन पर, व्यापारियों ने सरकार से अपनी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और ऐसी नीतियां बनाने की मांग की, जो छोटे व्यापारियों और किसानों दोनों के हितों की रक्षा करें।
इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सहारा ट्रेड सेंटर के लगभग 150 से अधिक दुकानदारों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है। शुक्रवार को नाराज व्यापारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजली विभाग मुर्दाबाद, बिजली विभाग होश में आओ के नारे लगाए गए। व्यापारी अनूप कुमार सिंह ने कहा कि अगर हम लोगों की बात सुनी नहीं गई तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। हम लोग विभाग के मनमानी के खिलाफ कोर्ट भी जाएंगे। ताकि हमारी बात सुनी जाए। व्यापारियों का आरोप है कि पिछले करीब 25 साल से नियमित रूप से अपने-अपने व्यावसायिक बिजली बिल का भुगतान करते आ रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे हट रहा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थाई विकल्प पर काम नहीं कर रहा विभाग व्यापारियों के अनुसार कुछ समय पहले क्षेत्र का ट्रांसफॉर्मर खराब हो जाने से लगभग 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। शिकायत करने पर विद्युत उपकेंद्र HAL, इंदिरानगर द्वारा अस्थायी ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल तो कर दी गई, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है। दुकानदार अनूप कुमार सिंह का कहना है कि जब उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें ट्रांसफॉर्मर अपने खर्च पर ठीक कराने की बात कही गई, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। व्यापारियों का कहना है कि जब विभाग उनसे कई साल से फिक्स्ड चार्ज वसूल रहा है, तो ट्रांसफॉर्मर और अन्य बुनियादी ढांचे का रखरखाव भी विभाग की जिम्मेदारी है। व्यापारी बोले- विभाग लगवाए ट्रांसफॉर्मर इस मामले में व्यापारियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आरटीआई भी दायर की है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब ट्रांसफॉर्मर को तत्काल विभागीय स्तर पर ठीक या बदलवाया जाए। जब तक ट्रांसफॉर्मर के स्वामित्व को लेकर स्पष्टता नहीं हो जाती, तब तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। व्यापारी राज कुमार मौर्य और राजू श्रीवास्तव ने कहा कि कि यदि कोई ऐसा नियम है जिसके तहत उपभोक्ताओं को स्वयं ट्रांसफॉर्मर बनवाना पड़ता है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 122 अंक फिसला
पश्चिम एशिया तनाव के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में मामूली गिरावट देखने को मिली।
जबलपुर आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड एसडीओ महेंद्र नागवंशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आरोपी के पास 5.47 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति सामने आई है। कार्रवाई ईओडब्ल्यू एसपी अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर की गई। छिंदवाड़ा स्थित घर पर सर्चिंग कार्रवाई ईओडब्ल्यू टीम ने गुरुवार को छिंदवाड़ा के आदर्श नगर, परासिया रोड स्थित आरोपी के निवास पर सर्चिंग की। कार्रवाई में नकद, आभूषण, वाहन और अन्य संपत्तियां मिलीं। आवास, नकदी और घरेलू सामान का आकलन तलाशी में 40 लाख रुपए का आवास, 91,500 रुपए नकद और लगभग 24 लाख रुपए का घरेलू सामान मिला है। टीम को 22 बीमा पॉलिसियों में 20 लाख रुपए का निवेश मिला। इसके अलावा 187 ग्राम सोना और 1 किलोग्राम चांदी के आभूषण भी मिले हैं। सर्चिंग में 13 लाख रुपए की एक दुकान, तीन चारपहिया वाहन (करीब 20 लाख रुपए) और तीन दोपहिया वाहन (करीब 2.10 लाख रुपए) पाए गए। परिवार के नाम कई बैंक खाते महेन्द्र नागवंशी के 8 और उनकी पत्नी सीमा नागवंशी के 10 बैंक खाते मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज शिकायत के सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध क्रमांक 0/26 दर्ज किया गया है। जांच जारी है।
एक्मे फिनट्रेड इंडिया लिमिटेड की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड, निवेशकों का भरोसा मजबूत
उदयपुर। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एक्मे फिनट्रेड इंडिया लिमिटेड) ने अपनी क्रेडिट रेटिंग में सुधार की घोषणा की है। रेटिंग एजेंसी एक्यूइट रेटिंग्स एंड रिसर्च लिमिटेड ने कंपनी के बैंक लोन और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) पर कुल ₹835 करोड़ की सुविधाओं को “A (स्टेबल)” रेटिंग प्रदान की है। साथ ही ₹20 करोड़ के कमर्शियल पेपर प्रोग्राम को “A2+” रेटिंग दी गई है। सीएमडी निर्मल कुमार जैन ने कहा कि यह अपग्रेड कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, वित्तीय अनुशासन पर निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करता है।
सेंट्रल मार्किट के व्यापारियों के पक्ष में धरने का ऐलान करने वाले संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता को गुरुवार देर रात पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही कई पदाधिकारी उनके घर पहुंच गए। टीपीनगर पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया है, जिसके बाद नवीन गुप्ता ने अपना धरना स्थगित कर दिया है। पहले एक नजर पूरे मामले पर सेंट्रल मार्किट में पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 44 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन सभी प्रतिष्ठानों के स्वामियों को 15 दिन का समय दिया गया है कि वह इस अवधि में सेटबैक तोड़ दें अन्यथा आवास विकास परिषद इस काम को अंजाम देगा। इसके बाद से सेंट्रल मार्किट के लोग धरने पर बैठे हैं। नवीन गुट ने किया घेराव का ऐलान व्यापारियों के विरूद्ध हो रही कार्रवाई के बाद संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने भी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने आवास एवं विकास परिषद के अफसरों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और उनके विरूद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में 17 अप्रैल की सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक आवास एवं विकास परिषद के घेराव का ऐलान भी किया। भूख हड़ताल के लिए भी चेताया नवीन गुप्ता ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सही तथ्य नहीं रखे गए, जिसके कारण यह गाज गिरी है। उन्होंने अफसरों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और व्यापारियों का उत्पीड़न ना रुकने पर धरने प्रदर्शन के साथ ही भूख हड़ताल का ऐलान भी कर दिया। देर रात नवीन हुए हाउस अरेस्ट नवीन गुप्ता के ऐलान के बाद से खलबली मची थी। पूरे दिन पुलिस प्रशासन के अधिकारी आंदोलन को विफल बनाने की रणनीति तैयार करते रहे लेकिन जब संभव नहीं हुआ तो उन्होंने देर रात करीब 12 बजे नवीन गुप्ता के टीपीनगर थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित घर पर पहुंचकर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। नौचंदी थाने में कांग्रेसियों के विरूद्ध तस्करासेंट्रल मार्किट में पुलिस ने पहरा बढ़ा दिया है। यहां राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के आने जाने पर रोक लगा दी है। इसी को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला व महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा की इंस्पेक्टर नौचंदी अनूप सिंह से झड़प हुई। इस मामले में कांग्रेसियों के विरूद्ध नौचंदी थाने में तस्करा डाला गया है। अप्रिय घटना का अंदेशा, धरना स्थगित नवीन गुप्ता को हाउस अरेस्ट करने की सूचना मिलते ही संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता, मंत्री बिल्लू त्यागी समेत कई पदाधिकारी उनके घर पहुंच गए। नवीन गुप्ता ने उनसे बात की और शुक्रवार के धरने को स्थगित कर दिया। उन्होंने वीडियो जारी कर कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह धैर्य बनाकर रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्व उनके आंदोलन को खराब कर सकते हैं, इसलिए फिलहाल इसे स्थगित किया जा रहा है। नौचंदी थाने में 20 के विरूद्ध डाला तस्करा उधर, दिन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प के बाद मामला गंभीर होता जा रहा है। पुलिस ने धरने पर राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की मौजूदगी पर रोक लगा दी है। इसी के चलते दिन में कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा से विवाद भी हुआ था। देर शाम नौचंदी थाने में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के अलावा सपा विधायक अतुल प्रधान, हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही, सपा नेता जीतू नागपाल समेत करीब 20 लोगों के विरूद्ध जीडी में तस्करा डाल दिया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप के ठिकानों पर रेड की कार्रवाई की गई। ईडी ने ग्रुप के प्रमोटर-डायरेक्टर्स के जयपुर सहित 7 जगहों पर 13 और 14 अप्रैल को सर्च किया। यह कार्रवाई धन शोधन अधिनियम के तहत की गई, जिसमें करीब 500 करोड़ रुपए की कथित निवेश पर धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी सूत्रों के मुताबिक- 32 एवेन्यू रियल्टी ग्रुप पर करीब 500 करोड़ रुपए की कथित निवेश में धोखाधड़ी मामले में ईडी ने छापेमारी की। यह ग्रुप दिल्ली-एनसीआर और गोवा में रियल एस्टेट व कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स संचालित करता रहा है। दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की ओर से अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा और अन्य के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर ईडी की ओर से जांच शुरू की गई थी। निवेशकों का आरोप है कि ऊंचे रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपए का निवेश कराया गया, लेकिन बाद में न तो तय रिटर्न मिला और न ही प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हुए। बैंक अकाउंट्स और प्रॉपर्टी की जांच ईडी की ओर से ग्रुप के प्रमोटर-डायरेक्टर अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा और अन्य के ठिकानों पर 13-14 अप्रैल को सर्च किया गया। दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई स्थित 7 परिसरों पर ईडी ने सर्च चलाया। ग्रुप के प्रमोटर-डायरेक्टर्स पर निवेशकों को प्रलोभन देने, संपत्तियों का कब्जा न सौंपने, धन के गबन और दुरुपयोग, जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों के निर्माण और उपयोग, वैधानिक देय राशि का भुगतान न करने और कई संस्थाओं के माध्यम से धन की हेराफेरी करने जैसी संगठित और सुनियोजित आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसके आधार पर अपराध की बड़ी रकम प्राप्त हुई है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं। मनी ट्रेल का पता लगाने के लिए बैंक अकाउंट्स व प्रॉपर्टी की जांच की जा रही है।
शहर में पहली बार 'जयपुर चाय फेस्टिवल' आयोजित किया जाएगा। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में 27 और 28 अप्रैल को होने वाले फेस्ट में देशभर के चाय स्टार्टअप और फूड स्टार्टअप हिस्सा लेंगे। इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण चाय कवि सम्मेलन होगा, जिसकी थीम 'चाय और इमोशन' होगी। चाय और कॉफी के डायबल प्रोडक्ट से बने क्लॉथ, क्रॉकरी के साथ-साथ ब्रोकन क्रॉकरी से बनी ज्वेलरी व प्रोडक्ट फैशन शो में रैंप पर उतरेंगे। वहीं अवार्ड सेरेमनी में विभिन्न श्रेणियों के तहत चाय के 20 से अधिक अवार्ड दिए जाएंगे। वहीं चाय रैप बैटल कॉम्पीटिशन में देशभर के हिंदी, अंग्रेजी व हरियाणवी रैपर्स चाय पर आधारित अपनी रचनाएं सुनाएंगे। जेएलएन मार्ग स्थित टी पोस्ट कैफे में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में जयपुर चाय फेस्टिवल का पोस्टर और ट्रॉफी लॉन्च की गई। इस मौके पर फेस्ट की फाउंडर डायरेक्टर मोना शर्मा और शशांक वर्मा के साथ जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निवर्तमान महापौर सौम्या गुर्जर मौजूद रहीं। लाइव चाय मेकिंग सेशन में 50 तरह की टी करेंगे तैयार फेस्ट में लाइव चाय मेकिंग सेशन होंगे, एक छत के नीचे 50 तरह की चाय तैयार करने का रिकॉर्ड बनाया जाएगा और हाई टी कॉम्पिटिशन होगा। इसके अलावा चाय-कॉफी से संबंधित विषयों पर टॉक शो भी होंगे। इनमें चाय वर्सेस कॉफी, चाय एंड पॉलिटिक्स, चाय-इंटीरियर व आर्किटेक्चर, ज्योतिष व बिजनेस में चाय, सोशल मीडिया ब्रांडिंग एंड कैफे, वीआईपी वर्सेस आम आदमी की चाय, ब्रांड वर्सेस फ्रेंचाइजी कुछ प्रमुख विषय होंगे। चाय-कॉफी पर आधारित सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा चाय पीने व परोसने का सही तरीका, चाय कॉफी के स्टार्टअप, चाय एंड क्रॉकरी, हाई टी एंड फैशन जैसे विषयों पर बात की जाएगी, जिससे विजिटर्स को कई दिलचस्प तथ्य जानने को मिलेंगे। चाय रैप बैटल कॉम्पीटिशन में देशभर के हिंदी, अंग्रेजी व हरियाणवी रैपर्स चाय पर आधारित अपनी रचनाएं सुनाएंगे। आसाम के बागानों की प्रदर्शनी भी लगेगी आयोजक मोना शर्मा ने बताया- जयपुर चाय फेस्टिवल में राजस्थान के अलावा देशभर के स्टार्टअप शामिल होंगे। इसमें चाय-कॉफी के ब्रांड, देश की उभरती हुई चाय फ्रेंचाइजी सहित देश के 200 से अधिक स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं। वे युवाओं को फेस्टिवल के दौरान अपनी सक्सेस स्टोरी तो बताएंगे ही। साथ ही इस बिजनेस के विविध पहलुओं को लोकप्रिय बनाने के टिप्स भी देंगे। जयपुर चाय फेस्टिवल के एग्जीबिशन एरिया में पेंटिंग व आसाम के बागानों से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां देशभर के आर्टिस्ट चाय और इससे जुड़े विषयों पर पेंटिंग्स व अन्य कलाकृतियां प्रदर्शित करेंगे। मारवाड़ी के साथ जर्मन चाय ब्रांड्स भी होंगे शामिल फेस्ट से जुड़े शशांक वर्मा ने कहा- राजस्थान के कई फेमस चाय स्टार्टअप साहू चाय, टपरी, गुलाब चाय, नमो तंदूरी, सम्राट, जोधपुर की फेमस नींबू चाय वाले, बीकानेर का चाय लीला ब्रांड के साथ-साथ मारवाड़ी, डोकरी, टी पोस्ट, लीफ लाते, टी ट्रेडिशन, जर्मन चाय वाली जैसे उभरते ब्रांड्स का प्रतिनिधित्व रहेगा। चाय के नए स्टार्टअप अपने पुराने व नए बिजनेस मॉडल पर चर्चा करेंगे। साथ ही वेडिंग में थीम तैयार करने वाले डिजाइनर स्टॉल्स के ब्रांड ओनर्स भी चाय की स्टाइलिंग के बदलते रूप पर डिस्कशन करेंगे। सम्मेलन में कवि सुनाएंगे रचनाएं दो दिवसीय फेस्ट में देश का प्रथम चाय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। चाय पर चर्चा तो सभी करते हैं, लेकिन यह पहला मौका होगा, जब कहानीकार, गीतकार कवि चाय पर दिलचस्प रचनाएं गुनगुनाते हुए कहानी और किस्सों-कविताओं से चाय से जुड़ी भावनाओं को साकार करेंगे। इसमें 20 कवि व कहानीकार शामिल होंगे। शशांक ने बताया कि फेस्टिवल के तहत अनूठा फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इसमें चाय व क्रॉकरी थीम पर सस्टेनेबिलिटी और डॉयबल क्लॉथ और ब्रोकन क्रॉकरी को अनूठे अंदाज में रैंप पर शोकेस किया जाएगा। इन्हें राजस्थान व गुजरात के कुछ प्रमुख फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट्स के स्टूडेंट्स की ओर से डिजाइन किया गया है। शो में फैशन डिजाइनर नीतू बूतरा, नविता शर्मा, चाय कॉफी की डाई से बने क्लॉथ्स को रैंप पर प्रस्तुत करेंगी। साथ ही ब्रोकन क्रॉकरी कॉन्सेप्ट पर बनी ज्वेलरी व बटन, आर्टिस्टिक ज्वेलरी भी रैंप पर शोकेस की जाएगी। जयपुर के कारीगरों की बनाई हुई हैंडमेड ब्लू पॉटरी, जो डिजाइनर कपड़ों से मैच करते हुए होगी, उसे भी रैंप पर उतारा जाएगा। चाय फेस्टिवल के आखिर में अवार्ड सेरेमनी आयोजित की जाएगी। इसमें चाय के लोकप्रिय ब्रांड्स, स्टार्टअप सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें स्टार्टअप, पॉपुलर ऑन सोशल मीडिया, बेस्ट चाय फ्रेंचाइजी, फीमेल चाय स्टार्टअप, डिफरेंट चाय सेलिंग कॉन्सेप्ट, बेस्ट एस्थेटिक कैफे, पीपल्स चॉइस कुछ प्रमुख श्रेणियां हैं।
चित्रकूट के युवा अब बनेंगे जॉब क्रिएटर:जिला प्रशासन ने स्टार्टअप इंडिया कार्यशाला का आयोजन किया
चित्रकूट के युवाओं को 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारत सरकार की स्टार्टअप इंडिया योजना के अंतर्गत गुरुवार को सोनेपुर स्थित ऑडिटोरियम भवन में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार, नवाचार और स्टार्टअप की बारीकियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, नगर पालिका परिषद कर्वी के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी, उपायुक्त उद्योग एस.के. केसरवानी और इंडियन बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक अनुराग शर्मा सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चित्रकूट जिले के लिए स्टार्टअप इंडिया पहल का लोगो भी जारी किया गया। स्टार्टअप के माध्यम से असीम संभावनाएं उपलब्ध जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में स्टार्टअप के माध्यम से असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने जोर दिया कि एक छोटा सा विचार भी बड़े बदलाव की नींव रख सकता है। उन्होंने Uber, Ola और Paytm जैसे उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक छोटे विचार ने हजारों लोगों को रोजगार दिया। जिलाधिकारी ने युवाओं को पारंपरिक नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपना उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। ऋण लेकर युवा शुरू कर सकते हैं व्यवसाय उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में बोट और स्पीड बोट जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं को प्रशासन की ओर से त्वरित अनुमति और सहयोग दिया जाएगा। साथ ही, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ऋण लेकर युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि चित्रकूट में इंक्यूबेशन सेंटर की स्वीकृति मिल चुकी है, जहां युवाओं को तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सहयोग मिलेगा। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया का सीमित उपयोग कर कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह भी दी। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने किया। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कटिहार टेलीफोन भवन परिसर में अखिल भारतीय बीएसएनएल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन और अखिल भारतीय डीओटी (DoT) पेंशनर्स एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर पेंशनर्स ने प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे और सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारी पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में 01 जनवरी 2026 से बढ़ी हुई महंगाई भत्ता (3.5 प्रतिशत) को तत्काल प्रभाव से लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (DPE) द्वारा 27 फरवरी 2026 को जारी पत्र के पैरा-5 को वापस लेने की भी मांग की। 2026 से बढ़ी हुई महंगाई भत्ता अब तक नहीं मिलापेंशनर्स सचिव अशोक कुमार, फुलेश्वर यादव, मंगल मुरमू, शंकर झा, बासुदेव शाह, डॉ. बी.के. सिंह, चितरंजन वर्मा और सदानंद ठाकुर सहित अन्य पेंशनर्स ने कहा कि भविष्य में महंगाई भत्ता बढ़ोतरी को स्वतः और तत्काल लागू करने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल/एमटीएनएल से सेवानिवृत्त पेंशनर्स को 01 जनवरी 2026 से बढ़ी हुई महंगाई भत्ता अब तक नहीं मिला है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहापेंशनर्स का कहना था कि महंगाई भत्ता उनकी क्रय शक्ति को बनाए रखने के लिए दिया जाता है। इसके न मिलने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी से पेंशनर्स में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि लंबित 3.5 प्रतिशत महंगाई भत्ता को अविलंब लागू किया जाए, ताकि पेंशनर्स को राहत मिल सके और उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति मिल सके।
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में उधार में दिए 5 करोड़ वापस नहीं मिलने पर कारोबारी ने अपने पूरे परिवार के साथ जहर पी लिया। सुसाइड की कोशिश के बाद चारों की हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है। व्यापारी ने 3 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें 4 से 5 करोड़ रुपए के लेनदेन जिक्र है। देनदारों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया था। जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके चलते वो मानसिक रूप परेशान चल रहे थे। इसलिए व्यापारी ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मामला कोतवाली थाना इलाके का है। अब जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, व्यापारी योगेश जैन (42) ने अपनी पत्नी सुमन जैन (37), बेटे प्रिंस (17) और बेटी तारिका (16) को 14 अप्रैल की रात जहर (कीटनाशक) दे दिया। फिर खुद भी पी लिया। रात करीब 2:30 बजे योगेश ने अपने बड़े भाई लक्ष्मीचंद को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सभी को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। योगेश जैन की कवर्धा के लोहारा रोड स्थित भागो टोला के पास एक बिल्डिंग मटेरियल की दुकान है। सुसाइड नोट में करोड़ों के लेनदेन का जिक्र पुलिस को घटना स्थल से 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें 4 से 5 करोड़ रुपए के लेनदेन की बात लिखी गई है। नोट में एक व्यक्ति पर 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया होने की बात कही गई है। ‘चार ट्रेडर्स’ के नाम पर 3.20 करोड़ दिए, नहीं लौटे पैसे सुसाइड नोट के अनुसार, योगेश जैन ने साल 2020 से 2025 के बीच ‘चार ट्रेडर्स’ के नाम पर करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपए दिए थे, लेकिन यह रकम उन्हें वापस नहीं मिली। रकम मांगने पर संबंधित व्यक्ति लगातार टालमटोल करता रहा। पैसे मांगने पर धमकी, मानसिक रूप से थे परेशान परिजनों का आरोप है कि, देनदार समसुद्दीन ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया था। ज्यादा दबाव बनाने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। कथित तौर पर इसकी रिकॉर्डिंग भी पीड़ित के पास थी। लगातार दबाव और तनाव के चलते योगेश जैन मानसिक रूप से परेशान थे। आखिरकार उन्होंने यह कदम उठा लिया। भाई ने बताई पूरी घटना योगेश के भाई लक्ष्मीचंद जैन ने बताया कि, रात में फोन कर योगेश ने कहा कि उसने पूरे परिवार के साथ जहर (कीटनाशक) सेवन कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुसाइड नोट में ग्राम रेंगाखुर्द निवासी व्यापारी समसुद्दीन का नाम लिखा है, जिससे करोड़ों रुपए लेना बाकी था और जो पैसे लौटाने से इनकार कर रहा था। समसुद्दीन कहने लगा कि, वापस नहीं करूंगा, जो करना है कर लेना। ज्यादा दबाओ डालेगा तो गाड़ी से उड़ाने की भी धमकी दी गई। इससे परेशान होकर मेरे भाई ने यह गंभीर कदम पूरे परिवार के साथ उठाया है। अचेत हालत में चारों, बयान दर्ज करना चुनौती फिलहाल परिवार के सभी सदस्य अचेत अवस्था में हैं, जिसके कारण पुलिस अब तक किसी का बयान दर्ज नहीं कर पाई है। ऐसे में जांच में कई अहम पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का मानना है कि जब तक चारों में से किसी एक का भी बयान नहीं हो पाता, तब तक मामले की सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल होगा। सुसाइड नोट की सत्यता जांच रहे- पुलिस इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने बताया कि, सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। घटना स्थल को सील कर दिया गया है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। …………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बेटे की मौत के सदमे में पति-पत्नी ने लगाई फांसी,VIDEO:4 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, लिखा-खुद को शिव में अर्पण कर रहे,खुशी-खुशी करें विदाई छत्तीसगढ़ के जांजगीर-जांपा जिले में इकलौते बेटे की मौत से दुखी होकर पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घर के आंगन में लगे पेड़ में दोनों का फंदे पर लटकता शव मिला है। उन्होंने 4 पन्नों का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें लिखा है कि, हम दोनों पूरे होश में अपनी इच्छा से खुद को शिव में अर्पण कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। प्रसन्नचित के साथ विदाई दें। पढ़ें पूरी खबर…
Akha Teej 2026 gold investment: अक्षय तृतीया या आखा तीज 2026 आने ही वाला है और यह दिन केवल त्योहार ही नहीं, बल्कि सुनहरा निवेश का अवसर भी है। पारंपरिक रूप से, सोने को शुभ और लाभकारी माना जाता है। लेकिन बहुत से लोग सोचते हैं कि सोने में निवेश करने के लिए बड़ी रकम चाहिए। ALSO READ: अक्षय तृतीया पर बिना पंचांग देखे करें शुभ काम! जानें पूजा विधि, घर लाएं अटूट संपन्नता सच्चाई यह है कि अब 500 रुपए जैसी छोटी रकम से भी सोने में निवेश करना संभव है। आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और गोल्ड कॉइन, गोल्ड ETF जैसी सुविधाओं की वजह से कोई भी व्यक्ति अपने बजट के अनुसार निवेश शुरू कर सकता है। 1. डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) 2. मिनी गोल्ड कॉइन (Mini Gold Coins) 3. गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund) 4. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स: 500 की SIP 5. सरकारी बॉन्ड या सोने के बचत स्कीम 6. टिप्स: कम बजट में सोने में निवेश करते समय इस लेख में हम जानेंगे कि अक्षय तृतीया 2026 पर कम बजट में सोने में कैसे निवेश करें, कौन से ऑप्शन सुरक्षित हैं और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आखा तीज/ अक्षय तृतीया 2026: 500 रुपए से सोने में निवेश के विकल्प 1. डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) * बहुत से प्लेटफॉर्म जैसे Paytm, PhonePe, Google Pay Gold, आदि पर 1 ग्राम या उससे कम सोने में निवेश संभव है। * आप 500 रुपए या उससे कम में गोल्ड यूनिट खरीद सकते हैं। * लाभ: भौतिक सोने की चिंता नहीं, सुरक्षित और आसानी से बेच सकते हैं। 2. मिनी गोल्ड कॉइन (Mini Gold Coins) * सोने की छोटी कॉइनें बाजार में उपलब्ध हैं, जिसमें आप छोटा-छोटा या 12 महीनों के लिए 500 या 1000 रुपए से निवेश सकते हैं। * कई ज्वैलर्स और बैंक 0.5 ग्राम या 1 ग्राम के सोने के सिक्के बेचते हैं। इस निवेश से आप छोटी गोल्ड कॉइन खरीद सकते हैं। * लाभ: त्योहारों पर पूजा और निवेश दोनों के लिए उपयुक्त। 3. गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund) * स्टॉक मार्केट के जरिए सोने में निवेश करने का तरीका। * बहुत से ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म पर 500 रुपए से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। * लाभ: कम खर्च, सुरक्षित, और आसानी से ट्रेड कर सकते हैं। ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना नहीं खरीद पा रहे? इन 5 चीजों में से 1 जरूर खरीदें, मिलेगा शुभ फल 4. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स: 500 की SIP * अगर आप हर महीने बचत करना चाहते हैं, तो गोल्ड म्यूचुअल फंड्स बेहतरीन हैं। * कैसे करें: आप 500 की मंथली SIP शुरू कर सकते हैं। * फायदा: इसके लिए किसी डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती। यह फंड गोल्ड ETFs में निवेश करता है, जिससे आपको सोने की कीमतों का लाभ मिलता है। 5. सरकारी बॉन्ड या सोने के बचत स्कीम * भारत सरकार की गोल्ड बॉन्ड स्कीम में छोटी रकम से निवेश संभव है। * ब्याज भी मिलता है और सोने का मूल्य बढ़ने पर लाभ भी। 6. टिप्स: कम बजट में सोने में निवेश करते समय 1. हमेशा प्रामाणिक प्लेटफॉर्म या विक्रेता से खरीदें। 2. डिजिटल गोल्ड और ETF के लिए सुनिश्चित करें कि यह SEBI या RBI से मान्यता प्राप्त हो। 3. बजट छोटे होने पर भी नियमित निवेश करें, इससे लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलता है। 4. त्योहार और शुभ दिन जैसे आखा तीज या अक्षय तृतीया पर खरीदारी करने से शुभता भी बढ़ती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Remedies; अक्षय तृतीया: धन वर्षा के 7 दिव्य उपाय
निवेश की दुनिया के दिग्गज मार्क मोबियस का 89 वर्ष की आयु में निधन
उभरते बाजारों में निवेश की दुनिया के दिग्गज और मशहूर निवेशक मार्क मोबियस का 89 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से वैश्विक निवेश जगत को बड़ा झटका लगा है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डुप्लीकेट गोल्ड फ्लैक कंपनी की सिगरेट का भंडाफोड़ हुआ है। व्यापार विहार स्थित मालधक्का में नकली सिगरेट की सप्लाई हो रही थी। दिल्ली आईटीसी की टीम ने ग्राहक बनकर नकली सिगरेट की बड़ी खेप पकड़ी है। व्यापार विहार इलाके में एक व्यापारी के पास से करीब 5 लाख रुपए की 4 कार्टून सिगरेट बरामद किया गया है। यह कारोबारी शहर में छोटे-बड़े दुकानदारों को थोक में सिगरेट सप्लाई कर रहा था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। दरअसल, दिल्ली की आईटीसी को पहले ही सूचना मिली थी कि, शहर में नकली सिगरेट की सप्लाई हो रही है। जिस पर बुधवार को टीम के सदस्य बिलासपुर पहुंचे। पहले उन्होंने पान-ठेलों से सैंपल लिए और सिगरेट की जांच की। जिसमें दुकानों में बिक रहे सिगरेट नकली पाए गए। टीम के सदस्यों ने दुकानदारों से सिगरेट की सप्लाई की जानकारी ली। ग्राहक बनकर निगम कॉलोनी पहुंची टीम जिसके बाद टीम के सदस्यों ने ग्राहक बनकर सिगरेट की डिमांड की। इस दौरान कारोबारी ने उन्हें महाराणा प्रताप चौक स्थित निगम कॉलोनी के पास बुलाया। जहां थोक सप्लायर रोशन चंदानी की फर्म में आने की जानकारी दी। इस पर टीम के सदस्य सीधे रोशन चंदानी की दुकान पहुंच गए। टीम के सदस्यों ने यहां सिगरेट की जांच की और ओरिजनल पैकेट और स्टिक से मिलान किया। जिसमें दुकान का माल नकली निकला। पुलिस को बुलाकर जब्त कराया 5 लाख का सिगरेट इसके बाद टीम के सदस्य सिविल लाइन थाने पहुंचे। जब्त माल को भी थाने ले जाया गया। यहां देर रात तक पुलिस की कार्रवाई चलती रही। टीआई एसआर साहू ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है, जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा। रोजाना खपा रहे थे 2 लाख नकली सिगरेट बताया जा रहा है कि नकली सिगरेट का यह कारोबार रोजाना 2 लाख रुपए से ज्यादा का है। वहीं, असली और नकली की पहचान पैक की प्रिंटिंग, होलोग्राम, कोड, स्टिक की बनावट और स्वाद से की जाती है। शहर के छोटी दुकानों में यहां से सिगरेट की सप्लाई की जाती है। थाने में लगी कारोबारियों की भीड़ शहर में नकली सिगरेट का खेप पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही कारोबारी रोशन चंदानी के परिचित व्यापारी सिविल लाइन थाना पहुंचने लगे। देर रात तक यहां व्यापारियों की भीड़ जुटी रही। बताया जा रहा है कि कुछ व्यापारी उसे छोड़ने के लिए दबाव भी बना रहे थे। ऐसे करें असली और नकली गोल्ड फ्लेक सिगरेट की पहचान
सिरसी रोड…; अतिक्रमण हटाने को लेकर बैठक, व्यापारियों ने 15 दिन मांगे
सिरसी पुलिया से सिरसी मोड़ तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जेडीए में बुधवार को बैठक हुई। व्यापारियों ने जेडीसी सिद्धार्थ महाजन से वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 15 दिन का समय देने की मांग रखी। व्यापारियों का कहना है कि वे पिछले 40 वर्षों से व्यापार कर रहे हैं। अचानक कार्रवाई के आदेश से व्यापारियों में भय है। उन्होंने से जेडीसी से मुआवजा और पुनर्वास की मांग की। इस पर आयुक्त ने कहा कि दोनों मामले राज्य सरकार से संबंधित हैं। आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत हो रही है। जेडीए जल्द सड़क की चौड़ाई नापने (डीमार्केशन) का काम शुरू करेगा। प्रतिनिधिमंडल में जयपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित सिंह सांचौरा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश में छठा वेतनमान पा रहे एक लाख कर्मचारियों को सरकार ने अप्रैल माह के वेतन से 5 फीसदी महंगाई भत्ता देने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को एक जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई राशि का भुगतान किया जाएगा। आदेश में कहा है कि एक जनवरी 2025 से 252 प्रतिशत की दर से छठा वेतनमान पा रहे कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। इस फैसले के बाद अब एक जुलाई 2025 से इन सभी कर्मचारियों को 5 प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दिया मिलेगा, जो 257 प्रतिशत हो जाएगा। छठा वेतन पा रहे कर्मचारियों को जुलाई माह के वेतन जिसका भुगतान अगस्त 2025 के वेतन से होना है, से यह राशि दी जाना है। सरकार ने तय किया है कि इन्हें मिलने वाले एरियर की राशि का भुगतान छह समान किस्तों में किया जाएगा जो माह मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। साथ ही अप्रैल माह के वेतन के साथ बढ़ा हुआ पांच फीसदी महंगाई भत्ता भी मिलेगा। जो कर्मचारी अधिकारी रिटायर हो गए हैं, उन्हें एरियर्स की राशि का भुगतान एक मुश्त किया जाएगा। 7वें वेतन पाने वालों के लिए पहले ही जारी हो चुके हैं आदेश वित्त विभाग द्वारा सातवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को तीन प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने का आदेश इसी माह पहले ही जारी किया जा चुका है। इन कर्मचारियों और अधिकारियों को अप्रेल के वेतन जिसका भुगतान मई में होना है, उससे बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को मिलने वाला कुल महंगाई भत्ता 58 फीसदी हो जाएगा। इसके अलावा पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत देने का आदेश जारी किया जा चुका है।
मेरठ में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) व्यापार प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक बॉम्बे बाजार स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे संगठन की बढ़ती सक्रियता और जनाधार का संकेत मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि त्रिलोक त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल और जम्मू-कश्मीर प्रभारी विनय प्रधान का ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। बैठक के दौरान संगठन विस्तार को ध्यान में रखते हुए अभि सिंघल को मेरठ व्यापार प्रकोष्ठ का नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनके नाम की घोषणा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। वहीं, दीपक कुमार अग्रवाल को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्य अतिथि त्रिलोक त्यागी ने कहा कि रालोद हमेशा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रही है। प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने व्यापारियों के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने की बात कही। विनय प्रधान ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बाजार और गांव तक मजबूत करने का आह्वान किया। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अभि सिंघल ने व्यापारियों को संगठित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही बाजार स्तर पर बैठकों और अभियानों के जरिए संगठन को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रबुद्ध कुमार, रिचा, ओडी त्यागी, दिलप्रीत सिंह कोहली, संगीता दोहरे, अभिमन्यु ललसाना, विवेक बैफर, अनीकेत भारद्वाज और नरेंद्र खजूरी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस पार्टी ने अपने 'संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत खेरोदा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। ग्राम पंचायत खेरोदा, बग्गड़, अमरपुरा खालसा, भोपाखेड़ा और बाठेड़ा खुर्द में आयोजित इन कार्यक्रमों में संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका पर गहन मंथन किया गया। ‘संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना है’ पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना है। शक्तावत ने सभी कार्यकर्ताओं से अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक पहुंचने और कांग्रेस को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। विधानसभा प्रभारी आशीष हल्दीनियां ने इस अवसर पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार महंगाई और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गंभीर नहीं है, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। हल्दीनियां ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आमजन के साथ मजबूती से खड़े रहने और उनकी आवाज उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रमों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया गया। ये रहे मौजूद इस दौरान ब्लॉक संगठन महासचिव डालचंद नागदा, मंडल अध्यक्ष दिनेश जणवा, ब्लॉक उपाध्यक्ष गणेश गिरि गोस्वामी, इकाई अध्यक्ष भेरूलाल पाराशर, प्रकाश मेनारिया, सहकारी समिति अध्यक्ष मेहताब सिंह राठौड़, ब्लॉक महासचिव दाड़मचंद जाट, भेरूलाल गाडरी, ब्लॉक सचिव सत्यनारायण लोहार, भूरालाल डुंगावत, किसनलाल मेनारिया, देवींलाल जोशी, सरपंच पृथ्वीराज मीणा, लालूराम गायरी, राधेश्याम अहीर, परमानंद पांचावत, भगवतीलाल जोशी, रामेश्वर सेन, रामलाल प्रजापत सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जगराओं में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक महिला से 7.5 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी महिला निशा रानी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गांव भैणी दरेडा (सिधवां बेट) निवासी हरपिंदर कौर ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम निशा रानी पत्नी रंजीत सिंह, निवासी जसवंत नगर, अबोहर (फाजिल्का) और वर्तमान में गली नंबर-3, आजाद नगर, अनाज मंडी पटियाला बताया। पीड़िता के अनुसार, निशा रानी ने उसे अपनी एक ऑनलाइन कंपनी के बारे में बताया। उसने दावा किया कि इस कंपनी में पैसे निवेश करने पर काफी अधिक मुनाफा मिलता है और निवेश की गई पूरी रकम मुनाफे के साथ वापस कर दी जाएगी। आरोपी के झांसे में साढ़े सात लाख रुपए भेजे आरोपी के झांसे में आकर हरपिंदर कौर ने उसके द्वारा भेजे गए मोबाइल स्कैनर के माध्यम से अलग-अलग खातों में लगभग 7 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि पैसे मिलने के बाद निशा रानी ने न तो रकम वापस की और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। बाद में उसने हरपिंदर कौर का फोन उठाना भी बंद कर दिया, जिससे पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद हरपिंदर कौर ने सभी सबूतों के साथ एसपी देहात डॉ. अंकुर गुप्ता को मामले की शिकायत दी। शिकायत को जांच के लिए साइबर थाने भेजा गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी देहात डॉ. अंकुर गुप्ता की सहमति से पुलिस ने आरोपी निशा रानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। साइबर थाना इस मामले की जांच कर रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।मामले के जांच अधिकारी जगरूप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वाले लोग अक्सर बड़े मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं और पैसे को दो-तीन गुना करने का झांसा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी स्कीम नहीं है जो रातों-रात पैसे कई गुना कर दे, इसलिए इस तरह के फोन या मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (15 अप्रैल) को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष (एम-5/20) में होगी। इस बैठक में कई विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। जरूरत के मुताबिक नई नीतियों और प्रस्तावों को मंजूरी भी दी जा सकती है। इस बैठक में बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर अलग से विस्तृत एजेंडा रखा गया है। “बस्तर रोडमैप 2.0” के तहत सरकार क्षेत्र के लिए नई कार्ययोजना पर चर्चा करेगी, जिसमें मौजूदा योजनाओं की समीक्षा के साथ नए प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत बस्तर में सड़क, कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर रहेगा। खासतौर पर अंदरूनी इलाकों को जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों से जोड़ने के लिए नई सड़कों और पुल-पुलियों के प्रस्ताव पर चर्चा संभव है। इसके साथ ही बिजली, पानी और संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रोजेक्ट भी एजेंडे में रहेंगे। रोजगार और निवेश पर फोकस रोजगार के मोर्चे पर सरकार स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, छोटे उद्योगों और सरकारी योजनाओं के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना पर विचार कर सकती है। बस्तर के युवाओं को क्षेत्र में ही काम मिले, इसके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर फोकस रहेगा। वहीं औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए बस्तर में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट लाने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। इसमें माइनिंग, फॉरेस्ट प्रोड्यूस और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन या अलग पॉलिसी फ्रेमवर्क पर भी विचार किया जा सकता है। कुल मिलाकर, इस रोडमैप के जरिए बस्तर में विकास कार्यों को जमीन पर तेजी से लागू करने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में फैसले लिए जा सकते हैं। निवेश और औद्योगिक प्रस्तावों पर फैसला संभव कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास और निवेश से जुड़े कई अहम प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। राज्य में निवेश का माहौल मजबूत करने के लिए सरकार नई औद्योगिक नीतियों, सेक्टर-विशेष प्रोत्साहन योजनाओं और प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर निर्णय ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने, जमीन आवंटन प्रक्रिया को आसान करने और उद्योग स्थापित करने में लगने वाले समय को कम करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-बेस्ड और माइनिंग सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने पर भी विचार संभव है। बैठक में विभिन्न विभागों की चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। इन रिपोर्ट्स के आधार पर योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी और जहां जरूरत होगी वहां सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय-सीमा में हो सके। कैबिनेट के बाद ये रहेगा सीएम का शेड्यूल कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दोपहर 1:30 बजे वे 515 पैक्स (नवीन सोसायटी) का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 3:15 बजे रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
मुजफ्फरपुर में साइबर ठगों ने एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट को निशाना बनाया है। सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज आनंदपुरी मोहल्ला निवासी ब्रजेश कुमार सिंह से शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 18.15 लाख रुपए की ठगी की गई है। मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और साइबर ठगों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि ब्रजेश कुमार सिंह बीते वर्ष 30 सितंबर को एयरफोर्स से रिटायर्ड हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद मिली रकम में से ही साइबर अपराधियों ने उनसे यह ठगी की। वाट्सएप ग्रुप बनाकर एप के जरिए की ठगी पीड़ित ब्रजेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह शेयर ट्रेडिंग में निवेश करना चाहते थे। इसी दौरान 18 मार्च को उन्हें ‘फनसोल सेक्युरिटीज प्रा. लि.’ नामक संस्था के बारे में जानकारी मिली, जो निवेश पर ज्यादा मुनाफे का दावा कर रही थी। इसके बाद ब्रजेश सिंह को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें करीब 120 सदस्य थे। ग्रुप के एडमिन गुल टेक चांदनी और अनन्या कुलकर्णी बताए गए। आरोप है कि दोनों ने उन्हें प्ले स्टोर से ‘फिनसोलगो’ नाम का ऐप डाउनलोड कराया। पहले 15 हजार, 3 लाख…फिर 15 लाख का लगाया चपत पीड़ित के अनुसार, 24 मार्च को सबसे पहले 15 हजार रुपये निवेश कराए गए, जिसके बदले सॉफ्टवेयर में 3200 शेयर दिखाए गए। इसके बाद 30 मार्च को आरटीजीएस के जरिए 3 लाख रुपये ‘किंग्स इंटरप्राइजेज’ के खाते में डलवाए गए। पीड़ित के अनुसार, 1 अप्रैल को ऐप में बिना अनुमति 60 हजार शेयर उनके नाम आवंटित कर दिए गए। विरोध करने पर आरोपियों ने व्हाट्सएप पर धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो पहले का निवेश ब्लॉक कर दिया जाएगा। दबाव में आकर उनसे ‘जुकेन यूनी प्रोडक्ट’ नाम के खाते में 15 लाख रुपए और जमा करा लिए गए। 18.15 लाख ठगने के बाद ग्रुप से किया बाहर इसके बाद भी सॉफ्टवेयर में करीब 3 लाख शेयर दिखाकर 11 लाख रुपए की और मांग की गई। जब ब्रजेश ने इसका विरोध किया, तो उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
व्यापार महासंघ ने नशा रोकथाम कार्रवाई पर किया सम्मान
विदिशा| व्यापार महासंघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे से शिष्टाचार भेंट की। पदाधिकारियों ने व्यापारी समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में व्यापारिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, स्थानीय समस्याएं विस्तार से रखीं। अध्यक्ष राजेश जैन के नेतृत्व में महामंत्री नरेंद्र सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश बाधवानी, उपाध्यक्ष आशीष महेश्वरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। व्यापार महासंघ ने नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। पदाधिकारियों ने कहा, कार्रवाई से नशे के नेटवर्क पर अंकुश लगेगा। युवाओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। बैठक में व्यापारियों और पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक जल्द कराने पर भी सहमति बनी। संवाद बेहतर करने पर जोर दिया गया।
बैकलॉग का सेंसेक्स:सारे दावे फेल, 14 दिन में घटा मात्र 15 हजार बैकलॉग, 60 हजार डिलिवरी पेंडिंग
एक से 14 अप्रैल तक रसोई गैस की बुकिंग बैकलॉग रांची में करीब 15 हजार कम हो गया है, फिर भी गैस संकट बरकरार है। मंगलवार को भी कई इलाकों में लोगों ने कतार पर खड़े होकर गैस प्राप्त की। बेल बगान और शास्त्री मैदान में 300 से ज्यादा लोग सुबह 3 बजे से लाइन में लगे थे। ज्यादातर एजेंसियों ने बैकलॉग खत्म करने की दिशा में काम तो किया है। इनके बैकलॉग औसतन 3000 से घटकर 1500 नीचे आ गए हैं, लेकिन कुछ एजेंसियों में बैकलॉग अभी भी काफी ज्यादा है। सोमवार के आंकड़े के अनुसार, सबसे अधिक संकट आनंद गैस सर्विस में दिख रहा है, जहां करीब 4798 बुकिंग लंबित हैं। वहीं, इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी (3585), झलक इंडेन (3460), ओरांव गैस(2254) और जयंत गैस कंपनी (3733) में भी भारी बैकलॉग दर्ज किया गया। इन एजेंसियों में से ज्यादातर उपभोक्ताओं का 10-20 दिनों का इंतजार आम बात हो गई है। इन एजेंसियों के उपभोक्ताओं के अलावा कुछ अन्य एजेंसियों के मिलाकर शहर में करीब 30-35 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्हें 10-20 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। अतिरिक्त सिलेंडर नहीं भेज रहीं कंपनियांएजेंसी संचालकों ने कहा कि अंबेडकर जयंती के कारण मंगलवार को गैस प्लांट बंद रहने से सप्लाई नहीं आएगी। ऐसे में बैकलॉग और बढ़ेगा। कंपनी बैकलॉग खत्म करने के लिए ज्यादा संख्या में गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। छुट्टियों के दिन प्लांट भी बंद रहता है।
मुजफ्फरनगर में न्यूमैक्स सिटी प्रोजेक्ट एक बार फिर विवादों में घिर गया है। गाजियाबाद से आए कई निवेशकों ने दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर मंसूरपुर स्थित प्रोजेक्ट साइट पर जमकर हंगामा किया। निवेशकों ने अपनी निवेश की गई रकम वापस करने की मांग की। निवेशकों का आरोप है कि उन्हें कम समय में अधिक मुनाफा देने का भरोसा देकर पैसे लगवाए गए थे। हालांकि, तय समय बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो कोई मुनाफा मिला है और न ही उनकी मूल निवेश राशि लौटाई जा रही है। गाजियाबाद के निवेशक उदय अग्रवाल ने बताया कि उन्हें 8 से 10 लाख रुपये के लाभ का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग 24 लाख रुपये का निवेश किया। उनका कहना है कि अब कंपनी के अधिकारी उनके फोन कॉल का जवाब नहीं देते और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति से मुलाकात हो पाती है। एक अन्य निवेशक अमित कौशिक ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर निवेश किया था। उन्हें 6 से 8 महीने में करीब 10 लाख रुपये के मुनाफे का वादा किया गया था, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला है। कौशिक का आरोप है कि अब कंपनी मुनाफा देने के बजाय मूल रकम में से 10 प्रतिशत की कटौती कर राशि वापस करने की बात कह रही है। निवेशकों ने यह भी आरोप लगाया कि साइट पर बाउंसर तैनात हैं, जो उन्हें अंदर जाने या कंपनी के जिम्मेदार लोगों से मिलने नहीं देते। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उनकी फंसी हुई मेहनत की कमाई ब्याज सहित वापस मिल सके। दूसरी ओर, न्यूमैक्स सिटी प्रोजेक्ट के निदेशक संजय अग्रवाल ने निवेशकों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया और कहा कि कंपनी के पास सभी लेनदेन के वैध दस्तावेज मौजूद हैं। अग्रवाल के अनुसार, ब्रोकर और निवेशकों के बीच हुई बातचीत के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है।
हरदोई से गुरसहायगंज को सांडी के रास्ते जोड़ने वाली प्रस्तावित रेल लाइन एक बार फिर चर्चा में है। रेल बजट 2026-27 के बाद रेलवे द्वारा जारी की गई पिंक बुक में इस परियोजना को दोबारा शामिल किया गया है। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नई आशा जगी है। इस रेल लाइन को पहली बार 2019 में 59.30 किलोमीटर के लिए 1302 करोड़ रुपए की स्वीकृति पिंक बुक में मिली थी। पूर्व के वित्तीय वर्ष में आवंटित धनराशि में इजाफा भी हुआ, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इस रेल मार्ग के शुरू होने से हरदोई और कानपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की संभावना है। वर्तमान में यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की अधिक खपत होती है। यह लाइन बनने से यात्रा समय कम होगा और आवागमन सुगम हो जाएगा। व्यापारिक दृष्टि से भी यह रेल लाइन महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हरदोई से सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और रविवार को, बड़ी संख्या में व्यापारी कानपुर जाकर कपड़े, जूते और सर्राफा से जुड़े सामान की खरीदारी करते हैं। इस परियोजना को लेकर रेलवे पहले ही प्रारंभिक कार्य कर चुका है। निजी एजेंसी से सर्वे कराया गया, भूमि का सीमांकन किया गया और किसानों को रेलवे भूमि पर खेती न करने के निर्देश भी दिए गए थे। इन कदमों के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। हर बार पिंक बुक में नाम शामिल होने से उम्मीदें तो जागती हैं, लेकिन काम शुरू न होने से निराशा भी बढ़ती है। सांसद जयप्रकाश रावत ने भरोसा दिलाया है कि वह इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएंगे और प्रयास करेंगे कि इस वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य की शुरुआत हो सके। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार यह बहुप्रतीक्षित रेल लाइन वास्तव में साकार हो पाएगी या फिर एक बार फिर केवल घोषणा बनकर रह जाएगी।
राज्य सरकार ने छोटे और मध्यम व्यापारियों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025 के तहत ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। इस पॉलिसी में व्यापारी अपनी SSO ID या ई-मित्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार का फोकस इस पॉलिसी के माध्यम से छोटे कारोबारियों को आसान लोन, बाजार और नई तकनीक से जोड़ने पर है, ताकि वे अपना व्यापार बढ़ा सकें। इस योजना के तहत खुदरा व्यापारियों को 2 करोड़ रुपए तक का लोन मिल सकेगा। साथ ही सरकार 6 प्रतिशत तक ब्याज में राहत देगी। इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 प्रतिशत तक की मदद भी मिलेगी। इससे प्रदेश के लाखों व्यापारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। 10.5 लाख व्यापारियों को मिलेगा फायदा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि यह पॉलिसी प्रदेश के व्यापार क्षेत्र के लिए नई पहल है, जिससे छोटे व्यापारियों को बड़े बाजार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और लॉजिस्टिक नेटवर्क तक पहुंच मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए मौके भी तैयार होंगे। इस पॉलिसी का फायदा प्रदेश के 10.5 लाख से ज्यादा रिटेल स्टोर्स और व्यापारियों को मिलेगा। सरकार का मकसद छोटे कारोबारियों को मजबूत करना, उन्हें आसान फाइनेंस दिलाना और बाजार से जोड़ना है, ताकि वे बड़े स्तर पर व्यापार कर सकें। लोन और ब्याज में क्या मिलेगी राहत नई पॉलिसी में छोटे व्यापार शुरू करने वालों को 1 करोड़ रुपए तक के लोन पर 6 प्रतिशत तक ब्याज में राहत मिलेगी। वहीं 1 से 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर 4 प्रतिशत तक ब्याज में छूट दी जाएगी। महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग व्यापारियों को 1 प्रतिशत अतिरिक्त राहत भी दी जाएगी। गारंटी फीस और इंश्योरेंस में भी मदद सरकार सीजीटीएमएसई योजना के तहत 5 करोड़ रुपये तक के लोन पर लगने वाली गारंटी फीस का 50 प्रतिशत तक 5 साल तक वापस देगी। इसके अलावा छोटे व्यापारियों को 5 साल तक इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये सालाना) तक की सहायता दी जाएगी। ई-कॉमर्स से जोड़ने पर जोर सरकार व्यापारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी फोकस कर रही है। इसके लिए एक साल तक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये) तक सरकार देगी, ताकि छोटे व्यापारी भी ऑनलाइन बाजार में अपनी पहुंच बना सकें।
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
नीतीश कैबिनेट की आज अंतिम बैठक है। सुबह 11 बजे से ये बैठक सीएम हाउस में होगी। इसके बाद नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे। बताया जा रहा कि इस बैठक में पूरा कैबिनेट नीतीश का धन्यवाद करेगा। आज भी कई एजेंडे पर मुहर लगने की संभावना है। नवंबर में बिहार में एनडीए सरकार बनी थी। नीतीश कुमार ने 10वीं मुख्यमंत्री पद का शपथ लिया था। उसके बाद से अब तक पिछले 4 महीने में नीतीश कैबिनेट की 10 से भी कम बैठक हुई है। आखिरी बैठक 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें सोनपुर में एयरपोर्ट बनेगा एजेंडे पर मुहर लगी थी। पिछले दो महीने से कैबिनेट की कोई बैठक नहीं हुई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इसपर सवाल उठा चुके हैं। दोनों डिप्टी सीएम सहित कई मंत्री रहेंगे मौजूद बिहार की मौजूदा कैबिनेट में कुल 26 मंत्री शामिल हैं, जिनमें सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, विजय चौधरी, लेसी सिंह, जमा खान समेत अन्य मंत्री हैं। ये सभी मंत्री आज होने वाली कैबिनेट की अंतिम बैठक में मौजूद रहेंगे। इस दौरान सभी मंत्री सीएम को पिछले 20 वर्षों से बिहार की सत्ता संभालने के लिए धन्यवाद देंगे। साथ ही, अंतिम बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगने की भी संभावना जताई जा रही है।
प्रभावित व्यापारियों ने मंत्री से की पुनर्वास और मुआवजे की मांग
जयपुर | सिरसी रोड (200 फीट पुलिया से सिरसी मोड़) पर प्रस्तावित चौड़ाई को लेकर जेडीए की कार्रवाई को रोकने की मांग को लेकर प्रभावित व्यापारियों ने उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मुलाकात की। व्यापारियों ने प्रतिनिधिमंडल ने जेडीए कार्रवाई को फिलहाल रोककर पुनर्वास और मुआवजा देने की मांग उठाई। जयपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित सिंह सांचौरा ने मंत्री से कहा कि कोर्ट के आदेश की पालना में व्यापारी सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सालों से व्यापार कर रहे दुकानदार एकाएक कार्रवाई से सड़क पर आ जाएंगे। इसलिए सरकार उचित मुआवजा और पुनर्वास करे ताकि रोजी-रोटी प्रभावित नहीं हो। व्यापारियों की मांग को लेकर मंत्री ने जेडीए अधिकारियों से इस मामले में बात की। कोर्ट के फैसले के साथ-साथ व्यापारियों का पक्ष सुनकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। गौरतलब है कि जेडीए कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने सिरसी रोड पर धरना दिया। पांच्यावाला व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि जल्द ही जेडीसी से मुलाकात करेंगे।
खाद्य पदार्थ व्यापार संघ : 23 सूत्री मांगों पर बनी सहमति
उदयपुर | राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की 247 मंडियों की वीसी चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को हुई। बैठक में मंडियों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए 23 सूत्रीय मांगों का विस्तृत मसौदा तैयार किया गया। यह ज्ञापन 15 अप्रैल को राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। व्यापारियों ने मंडी प्रांगणों में सीमेंट रोड, ऑक्शन प्लेटफॉर्म, सुलभ शौचालय, कचरा शोधन मशीन और शुद्ध पेयजल के लिए एक्वागार्ड लगाने की मांग रखी। साथ ही दुकानों के पीछे टिनशेड अनुमति, मालिकाना हक के लिए अभियान चलाने, कोल्ड स्टोरेज निर्माण और अंडरग्राउंड बिजली लाइन डालने पर जोर दिया गया। संवाद में श्रीगंगानगर के कुलदीप कासलिया, हनुमान गोयल, अजय सर्राफ और केदारनाथ अग्रवाल आदि जुड़े।
डीसी ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं, निपटारे के निर्देश दिए
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन ने लुधियाना जिले के व्यापारियों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान पंजाब स्टेट ट्रेड कमीशन के संयुक्त सचिव रजिंदर सिंह, जोन सचिव साहिल अग्रवाल, चेयरमैन परम्पाल बावा, वाइस चेयरमैन रोहित तथा विभिन्न हलकों के चेयरमैन भी उपस्थित थे। डिप्टी कमिश्नर जैन ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों से जुड़े जीएसटी रिफंड, आवारा पशुओं की समस्या, बिजली की लटकती तारें, गलियों में ट्रैफिक जाम और अन्य रोजमर्रा की दिक्कतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रशासन पहले से ही एक छत के नीचे प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, ताकि व्यापारियों का समय बचे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि व्यापारियों की अर्जियों पर अनावश्यक आपत्तियां न लगें और इस मामले में कोताही करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।
लखनऊ में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन:उद्योग संवाद के सहयोग से उद्यम रत्न अवार्ड भी दिए गए
लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसा में उद्योग संवाद के सहयोग में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन और उद्यम रत्न अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी और गणमान्य लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरक्की में व्यापारी वर्ग की सबसे बड़ी भूमिका है। जब व्यापारी मजबूत होंगे तो प्रदेश अपने आप आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेहतर माहौल के चलते करीब 40 लाख का निवेश आ चुका है। सरकार की योजना है कि हर बस अड्डे पर ओडीओपी उत्पादों के लिए अलग स्टॉल लगाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर बनें। ई-मार्केटिंग के दौर में व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा विशिष्ट अतिथि राकेश राठौर ने कहा कि आज के ई-मार्केटिंग के दौर में जो व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा, वह उद्योगपति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने व्यापार में नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अमित गुप्ता ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं। वे केवल व्यापार नहीं करते, बल्कि अर्थव्यवस्था को गति देते हैं और रोजगार भी पैदा करते हैं। उन्होंने ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया समारोह में इंद्र प्रकाश गुप्ता, छवि गोयल, आशीष गुप्ता, मोहम्मद सूफियान, जुलाइकमा बीवी, राजेश गुप्ता और जॉय चोपड़ा को उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया।इस मौके पर विधायक विनय वर्मा समेत कई व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में व्यापार को बढ़ावा देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
रेवाड़ी जिले में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक ग्राहक के साथ संदिग्ध अवस्था में एक महिला को पकड़ा। इसके अलावा, दो अन्य महिलाओं और एक मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में मॉडल टाउन थाना में 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई रेवाड़ी के सेक्टर 5 स्थित 'ए न्यू टाइम स्पा' पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस स्पा सेंटर में देह व्यापार चल रहा है। मैनेजर एक महिला के लिए 3 हजार रुपए में डील करता था। फर्जी ग्राहक को भेजकर किया भंडाफोड़ शिकायतों के आधार पर रेवाड़ी के आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने एक टीम का गठन किया। टीम ने पहले एक फर्जी ग्राहक को स्पा सेंटर भेजा।जैसे ही ग्राहक के साथ डील पक्की हुई, पुलिस ने तुरंत छापा मारा और मौके से महिला को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कुल 3 महिलाओं और एक मैनेजर को हिरासत में लिया है। फरार मालिक और मैनेजर की तलाश पुलिस अब फरार चल रहे एक अन्य मैनेजर और स्पा मालिक बंटी की तलाश कर रही है। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने बताया कि इस तरह के अनैतिक धंधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हनुमानगढ़ में गेहूं खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को किसानों, व्यापारियों और मजदूर संगठनों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने खरीद में आ रही समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग की। सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्लॉट सिस्टम हटाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कई दिक्कतें बरकरार हैं। किसानों और व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन के आधार पर खरीद, बायोमैट्रिक में तकनीकी परेशानी, पोर्टल में एंट्री की समस्या और प्रति बीघा खरीद सीमा जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। मजदूर संगठनों ने भी अव्यवस्थित खरीद के कारण रोजगार प्रभावित होने की बात कही। धरना-प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकांश मांगों पर सहमति जताई और जल्द सुधार का आश्वासन दिया। खरीद एजेंसियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार गेहूं खरीद प्रणाली तय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रति हेक्टेयर गेहूं खरीद की सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर राज्य स्तर पर पत्र लिखने की बात कही गई। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने बताया कि प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में गेहूं खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई और किसानों को राहत नहीं मिली, तो दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि, सभा के दौरान बीच-बीच में तनावपूर्ण स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन और आंदोलन के नेताओं ने इसे संभाल लिया। शाम होते-होते आंदोलन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
एएनटीएफ टीम नशे के सौदागरों को पकड़ने के लिए अहमदाबाद गई। लेकिन टीम को 27 साल से फरार लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को हत्थे चढ़ गया। ठग पर तीन जिलों में 26 हजार रुपए का इनाम है। मुकदमा दर्ज होने पर बाड़मेर छोड़कर पहले जयपुर, दिल्ली और अहमदाबाद में फरारी काटी। अपनी पहचान छुपाने के लिए नाम भी बदल दिया। एएनटीएफ ने फ्लेक्सी बैनर छपवाने के बहाने उसकी प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची, रेट को लेकर नौकरों से बहस की, फिर ठग बाहर आने पर हुलिया फोटो से मिलाकर कर दबोच लिया। फिलहाल एएनटीएफ की टीम रिकॉर्ड खंगाल रही है कि इसके खिलाफ कितने मामले है, कितने रुपए की ठगी की है। आईजी विकास कुमार ने बताया- बाड़मेर निवासी हेमराज और मनोज दोनों भाई 1994 निवेश कंपनी शुरू की थी। ब्रांच पर ब्रांच खोलते गए। सैकड़ों निवेशकों को रुपए डबल करने का साझा दिया। 5 बाद साल 1999 में पहला मुकदमा दर्ज होने पर सारा रुपए खा कर भाग जाते है। उसके बाद बाड़मेर से गायब हो गए। इन 27 सालों में जयपुर, दिल्ली और गुजरात के अहमदाबाद में फरारी काटी है। तीन जिलों का 26 हजार का इनामी, 27 साल बाद गिरफ्तार आरोपी पर निवेशकों का पैसा खा जाने के कई सारे मामले दर्ज है। एएनटीएफ पूरे रिकॉर्ड को खंगाल रही है। मनोज (54) पुत्र हरीश निवासी आजाद चौक बाड़मेर हाल, नव रचना सोसायटी, आनंदवाड़ी ईशनपुर अहमदाबाद के खिलाफ बाड़मेर, बालोतरा और जालोर जिले में मुकदमें दर्ज है। इस पर 26 हजार रुपए का इनाम है। वहीं बड़े भाई हेमराज की कोरोना से 2021 में मौत हो गई थी। दोनों बराबर के पार्टनर थे। 27 साल में जगह, धंधा, पहचान बदली आरोपी मनोज और भाई हेमराज ने 1994 में फर्जी कंपनी बनाकर निवेशकों के लाखों रुपए हड़प लिए। अहमदाबाद में निवेश कंपनी का धंधा छोडकर प्रिंटिग प्रेस का काम शुरू किया। नाम बदलकर कुमार ब्रदर्स रख लिया। बाड़मेर रिश्तेदारों से नाता तोड़ दिया। नशेबाज की तलाश में हत्थे चढ़े धोखेबाज एएनटीएफ के पास सूचना थी कि पश्चिमी राजस्थान में अवैध रूप से संचालित ड्रग्स फैक्ट्रियों के लिए कच्चा माल और कैमिकल गुजरात के अहमदाबाद से भेजा जा रहा है। इसमें कुछ राजस्थान के लोग शामिल है। लंबे समय तक टीम ने गुजरात के अलग-अलग इलाकों घूमी। सूचना मिली बाड़मेर के दो भाई फर्जी कंपनी चला रहे है टीम को सूचना मिली कि बाड़मेर के निवासी दो भाई लंबे समय से अहमदाबाद में फर्जी नाम से रह रहे है। तरह-तरह के संदिग्ध धंधे करके खूब पैसा कमा रहे है। टीम के पड़ताल करने पर यह जानकारी लगी कि 1999 से ही पुलिस से फरार चल रहे है। लेकिन बड़े भाई की कोरोना काल में डेथ हो गई। सैकड़ों कस्टमर को छुना लगाया एएनटीएफ ने बताया कि रिकॉर्ड की छानबिन से पता चला कि मनोज और उसका बड़ा भाई हेमराज दोनों ही 1999 से पुलिस से फरार चल रहे है। दोनों भाईयों ने 1994 में फाइनेंस कंपनी चलाकर सैकड़ों बेगुनाह लोगों से रुपए हड़प लिए। फ्लेक्सी बैनर बनवाने पहुंची टीम एएनटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर अनजान लोगों से बात नहीं करता है। ऐसे में टीम सादे कपड़ों में फ्लेक्सी बनवाने कस्टमर बनकर पहुंची। जब आरोपी नजर नहीं आया तो टीम ने नौकरों से रेट को लेकर बहसबाजी शुरू की। मालिक बुलाने की बात कही। हंगामा होते देख मनोज खत्री स्वंय आ गया। रेट के विवाद को सुलझाने की कोशिश की। इस दौरान टीम ने फोटो से चेहरे का मिलान कर पकड़ लिया। डबल करने का लालच देखकर भोली-भाले लोगों का ठगा आरोपी मनोज ने 1992 में बाड़मेर शहर के स्टेशन रोड पर कैरियर सेविग्स एंड इन्वेस्टर इंडिया लिमिटेड नाम से एक कंपनी खोली। आरोपी लोगों को रुपए डबल करने का लालच दिया। आरोपी के पास रुपए जमा कराने लगे। 16 ब्रांच और खोल दी आरोपी मनोज ने अच्छा मुनाफा होता देख कंपनी की धीरे-धीरे करते 16 ब्रांच और खोल दी। अपने भाई हेमराज को भी कंपनी में पार्टनर बना दिया। आरोपी को बाजार में और भी कंपनी टक्कर देने लगी तो मनोज को घाटा लगने लगा। आरोपी व उसका भाई हेमाराम लोगों के रुपए लेकर पूरे परिवार के साथ फरार हो गए। इन पर मुकदमें दर्ज हुए। अहमदाबाद में प्रिंटिंग पर की मजदूरी फरारी के दौरान जयपुर तो कभी दिल्ली रहे, उसके बाद अहमदाबाद में किराए का मकान लिया। 5 साल प्रिंटिंग के कार्य की मजदूरी की। फिर खुद की डोटकोम बिंडर व कुमार इंफो के नाम से प्रिटिंग प्रेस खोली। खुद का घर भी खरीद लिया। आरोपी मनोज को अहमदाबाद में कुमार के नाम से जानते थे।
कपूरथला में बिहार पुलिस की एक टीम ने एक व्यापारी दंपति को हिरासत में लिया है। इन पर पटना के रूपसपुर थाने में जालसाजी के चार मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ASCO कंपनी से जुड़े अनिल कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी सविता गुप्ता के रूप में हुई है। डीएसपी सब डिवीजन शीतल सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। यह गिरफ्तारी पटना की रूपसपुर पुलिस द्वारा अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई है। दंपति के खिलाफ बिहार के पटना स्थित रूपसपुर थाने में जालसाजी के चार मामले दर्ज हैं। आरोपियों को पटना लेकर जाएगी पुलिस डीएसपी सब डिवीजन शीतल सिंह ने बताया कि बिहार पुलिस की टीम में रूपसपुर थाने के एएसआई इमरान अली समेत सात पुलिस अधिकारी शामिल थे। टीम ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए और उन्हें हिरासत में ले लिया। बिहार पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश करेगी और ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पटना ले जाएगी। कपूरथला पुलिस ने इस कार्रवाई में बिहार पुलिस को पूरा सहयोग दिया है। मामले की आगे की जांच और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
अमेठी के प्राचीन काली मंदिर पर अवैध कब्जे को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) अर्पित गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मंदिर परिसर को तत्काल कब्जा मुक्त कराने की मांग की गई। यह प्राचीन काली मंदिर अमेठी कस्बे के सागर तिराहा के पास गौरीगंज रोड पर स्थित है। पहले यहां नवरात्रि में मेला लगता था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते थे। मंदिर का संचालन काली माता मंदिर समिति द्वारा किया जाता है, जिसका पंजीकरण संख्या 2418 है। मंदिर के पास रहने वाले पवन अग्रहरि और संजय अग्रहरि, जो कामता प्रसाद के पुत्र हैं, पर जबरन कब्जा करने का आरोप है। स्थानीय व्यापारियों और मंदिर समिति ने उन्हें कई बार रोकने की कोशिश की और प्रशासन से शिकायत भी की, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। आरोप है कि कब्जाधारियों ने मंदिर परिसर के अंदर बने हनुमान मंदिर और संतोषी माता मंदिर में भी ताला लगा दिया है। जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आए तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और मंदिर को अपनी संपत्ति बताते हुए अभद्रता की गई। बार-बार निवेदन के बावजूद कब्जा न हटने पर व्यापारियों ने 'काली माता मंदिर बचाओ संघर्ष समिति' का गठन किया। इसी के तहत आज बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय निवासी गौरीगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम अर्पित गुप्ता ने जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पवन अग्रवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी, नितिन अग्रवाल, फूलचंद्र कसौधन, हरिशंकर जायसवाल, नितिन अग्रहरि, घनश्याम चौरसिया सहित सैकड़ों की संख्या में व्यापारी और स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
कोटा से एक दंपति ने अपने छोटे बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए बाजार में मिलने वाले जंक फूड का हेल्दी विकल्प तैयार किया। जहां सृष्टि जैन और उनके पति अमन जैन ने मिलकर “EatElite” नाम से एक ऐसा स्टार्टअप शुरू किया है, जो मिलेट्स यानी मोटे अनाज से बने पौष्टिक और स्वादिष्ट फूड प्रोडक्ट्स तैयार कर रहा है। इस स्टार्टअप की शुरुआत एक बेहद निजी सोच से हुई—अपने बच्चे को ऐसा खाना देना जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पूरी तरह से हेल्दी भी हो। इसी विचार ने धीरे-धीरे एक बिजनेस का रूप ले लिया। सृष्टि जैन बताती हैं कि इन प्रोडक्ट्स को तैयार करने में उन्हें करीब 2 साल का समय लगा, जिसमें लगातार रिसर्च और डेवलपमेंट किया गया। EatElite के तहत फिलहाल 11 तरह के प्रोडक्ट्स बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें तीन प्रमुख कैटेगरी में बांटा गया है। पहली कैटेगरी ब्रेकफास्ट सीरियल की है, जिसमें चॉकलेट म्यूसली, फ्रूट एंड नट म्यूसली और चोकोस शामिल हैं। दूसरी कैटेगरी पैनकेक और वॉफल मिक्स की है, जो बनाना चोकोचिप, स्ट्रॉबेरी और वैनिला फ्लेवर में उपलब्ध हैं। वहीं तीसरी कैटेगरी स्नैक्स की है, जिसमें मल्टीग्रेन बॉल्स, चिप्स, रागी स्टिक्स, रागी चोको फिल्स और स्ट्रॉबेरी फिल्स जैसे आइटम शामिल हैं। इन सभी प्रोडक्ट्स की खासियत यह है कि इनमें 30 से 50 प्रतिशत तक मिलेट्स का उपयोग किया गया है, जबकि बाजार में मौजूद कई प्रोडक्ट्स में यह मात्रा 10 प्रतिशत से भी कम होती है। साथ ही इनमें रिफाइंड शुगर, पाम ऑयल, मैदा या किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले मिलेट्स में रागी, ज्वार और बाजरा जैसे प्रमुख अनाज शामिल हैं, साथ ही कोदो, सांवा, कंगनी, कुटकी और क्विनोआ जैसे छोटे मिलेट्स भी उपयोग में लिए जाते हैं। ये सभी अनाज पोषण से भरपूर होते हैं और बच्चों की ग्रोथ के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। अमन जैन ने बताया की इस स्टार्टअप में अब तक करीब 20 लाख रुपये का निवेश किया जा चुका है, जिसमें प्रोडक्ट डेवलपमेंट, पैकेजिंग, मैन्युफैक्चरिंग और ब्रांड बिल्डिंग शामिल है। हमने दक्षिण भारत के मिलेट्स का भी इसमें उपयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप को शुरुआती दौर में ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और लोग अब हेल्दी फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह पहल न केवल बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प दे रही है, बल्कि लोगों में सही खानपान के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 1600 अंक टूटा, निफ्टी 23600 से नीचे
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान कोई ठोस हल नहीं निकल पाने के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके असर से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिखी।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को राहत दिलाने के मुद्दे पर अब कांग्रेस भी समर्थन में आ गई है। रविवार को बुढ़ाना गेट स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने साफ किया कि सोमवार को होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक में व्यापारियों के हितों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनहित से जुड़े प्रस्ताव पास नहीं किए गए तो महापौर और नगर आयुक्त का घेराव किया जाएगा। रंजन शर्मा ने मांग रखी कि सेंट्रल मार्केट के विस्थापित व्यापारियों को तुरंत दुकानें आवंटित की जाएं। उन्होंने कहा कि 661/6 के ध्वस्तीकरण के बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया, सांसद अरुण गोविल और भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने नए नगर निगम कार्यालय में दुकानें देने का वादा किया था। कांग्रेस ने मांग की है कि इस वादे को बोर्ड बैठक में प्रस्ताव के रूप में पास किया जाए। इसके अलावा कांग्रेस ने हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत कटौती, 400 नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती और उनके मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव भी शामिल करने की मांग की है। प्रेस वार्ता में पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला और पूर्व महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते कई वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सीलिंग के खिलाफ कानून लाकर व्यापारियों को राहत दी गई थी। कांग्रेस ने 9 मई 2025 के नामांतरण से जुड़े शासनादेश को भी तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग उठाई है। रंजन शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों पर निर्णय नहीं हुआ तो महापौर और नगर आयुक्त का तब तक घेराव किया जाएगा, जब तक व्यापारियों के पक्ष में फैसला नहीं लिया जाता। इस दौरान राकेश मिश्रा, सलीमुद्दीन शाह, सचिन शर्मा, प्रेम प्रकाश शर्मा, कमल जायसवाल, मगन शर्मा, आशुतोष अग्रवाल और फिरोज रिजवी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट सीलिंग मामले में सोमवार का दिन बेहद अहम साबित होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के नियोजन विभाग की टीम लखनऊ से मेरठ पहुंचकर छोटे भवनों पर लागू सेटबैक (खुला स्थान) नियमों को लेकर मंथन करेगी। इसी के साथ विभाग की ओर से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के भवनों में सेटबैक अनिवार्य किया गया है। शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में 25 से 38 वर्ग मीटर के छोटे भूखंडों पर बने मकानों में भूतल पर दुकानें और ऊपर आवास हैं। ऐसे में यदि सख्ती से सेटबैक लागू किया गया तो बड़ी संख्या में दुकानें और मकान प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों की चिंता केवल जगह कम होने तक सीमित नहीं है। अधिकांश इमारतें 35-40 साल पुरानी हैं और इनमें बड़े बदलाव की बजाय केवल मरम्मत होती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सेटबैक के लिए तोड़फोड़ की गई तो पूरी इमारत के गिरने का खतरा भी पैदा हो सकता है। इस बीच, इंजीनियर हेमंत सिंह ने धरनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को तकनीकी और कानूनी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने आवास एवं शहरी नियोजन नियमावली 1982 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय वेंटिलेशन पर जोर था, जबकि अब एग्जॉस्ट फैन और अन्य आधुनिक साधनों से यह जरूरत पूरी की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि 60 वर्ग मीटर तक के मकानों में सेटबैक अनिवार्य नहीं है, जिससे छोटे दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन की कार्रवाई भी तेज हो गई है। 9 अप्रैल को सुनवाई के दौरान अदालत ने आवास एवं विकास परिषद को अवैध निर्माण हटाने के लिए 10 से 15 दिन का नोटिस देने के निर्देश दिए थे। तय समय में निर्माण न हटाने पर प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा। एडवोकेट अंजनेव शर्मा ने बताया कि ये प्लॉट एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आवंटित किए गए थे, जहां छोटे व्यापारियों का रोजगार करना नियमों के अनुरूप है। इन तर्कों से उत्साहित व्यापारियों ने एकजुट होकर अपने हक और रोजी-रोटी की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।
गोरखपुर की कैंट पुलिस ने रविवार को मुंबई के एक व्यापारी से छिनैती के मामले में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। 9 अप्रैल को व्यापारी बिजनेस के सिलसिले में सिवान से गोरखपुर पहुंचे। यहां अपना काम निपटाने के बाद ई-रिक्शे से रेलवे स्टेशन जा रहे थे। रास्ते में वाशरूम जाने के लिए उतरे, तभी पीछे से दो बाइक सवार आएं और रिक्शे में रखा उनका बैग छीन कर भाग गए। बैग में 2 लाख 70 हजार रुपए और मोबाइल रखा हुआ था। पुलिस ने उनके पास से 70 हजार रुपए और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद किया है। बाकी पैसों और मोबाइल के तलाश में जुटी है। पकड़ें गए आरोपी बेलघाट और संतकबीर नगर रहने वाले हैं। जानिए पूरा मामला…मुंबई के मोईवाड़ा स्वामी इलाके के रहने वाले व्यापारी कुमार पाल लोढ़ा 9 अप्रैल को सिवान से गोरखपुर पहुंचे थे। व्यापार से जुड़ा काम निपटाने के बाद वह शाम करीब सात बजे ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन लौट रहे थे। इस बीच सिविल लाइंस स्थित गोकुल अतिथि भवन के पास वह वाशरूम जाने के लिए ई-रिक्शा से उतरे। तभी पीछे से बाइक सवार दो युवक पहुंचे और रिक्शा में रखा उनका बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में करीब 2.70 लाख रुपए और मोबाइल फोन रखा था। उन्होंने बदमाशों का पीछा किया लेकिन वे तेज रफ्तार में बाइक भगाते हुए फरार हो गए। उसके बाद वे तत्काल कैंट थाने पहुंचे। पीड़ित की तहरीर पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। CCTV फुटेज से की पहचान पुलिस ने सर्विलांस और आसपास लगे सीसी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की। और छानबीन करते हुए रविवार को दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान बेलघाट के नरगड़ा जंगा सिंह के रहने वाले लालजी निषाद और संतकबीरनगर जिले के धनघटा स्थित तुर्कवलिया नायक गांव के राजेंद्र प्रसाद के रूप हुई है। उनके पास से अभी 70 हजार रुपए और बाइक बरामद किया गया है। एक आरोपी का आपराधिक इतिहास लंबा पुलिस के मुताबिक, लालजी निषाद का आपराधिक इतिहास लंबा है और उसके विरुद्ध हत्या, लूट, गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर बाकी रकम और मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही उनकी बरामदगी भी की जाएगी।
जैसलमेर में फैंसी स्टोर मालिक की पत्नी को घर में बंधक बना कर 3 बदमाश घर से सोना-चांदी लूट कर फरार हो गए। लूट के वक्त बदमाशों ने महिला का नजर का चश्मा भी उतार दिया ताकि वह किसी को पहचान न सके। इसके बाद 1 घंटे तक घर की अलमारियां खंगाली। 2 लोग कमरे खंगालते रहे और 1 महिला की गर्दन पर चाकू लगाए बैठा रहा। इसके बाद तीनों ज्वेलरी-कैश लेकर फरार हो गए। महिला उनके जाने के बाद जैसे-तैसे घिसटते हुए बाहर आई और पड़ोसियों से मदद मांगी। पड़ोसियों ने उनके हाथ-पैर खोले और महिला के पति-बेटे और पुलिस को सूचना दी। मामला जैसलमेर के कोतवाली थाना इलाके के सिंघवी पाड़ा का रविवार दोपहर 3 बजे का है। CCTV में दिखे संदिग्ध कोतवाली थाना SHO सुरजाराम जाखड़ ने बताया- सिंघवी पाड़ा में नवल भाटिया के घर उनकी पत्नी दमयंती भाटिया (50) से लूट होने की सूचना मिली थी। यहां पहुंचे और मौके पर पूछताछ की है। मामले में जांच जारी है। मौके पर जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे भी पहुंचे हैं। पुलिस को 3 संदिग्ध व्यक्तियों का CCTV फुटेज भी मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित महिला ने बताई 1 घंटे की पूरी कहानी गर्दन पर चाकू रखकर बैठा रहा 1 बदमाश मामले में दमयंती भाटिया ने बताया- मैं घर में अकेली थी। मुख्य दरवाजे की कुंडी नहीं लगी हुई थी। ऐसे में अचानक 3 लोग घर में घुस आए। मुझे पकड़ कर हाथ-पैर और मुंह टेप से बांध दिए। 2 लोग घर को खंगालने लगे और 1 मेरी गर्दन पर चाकू रखकर बैठा रहा। वो लोग आपस में बात कर रहे थे कि वो मेरे पति को जानते हैं। उन्हें ये मालूम भी था कि कुछ देर में पति और बेटा खाना खाने आने वाले हैं। पहचान न हो इसलिए चश्मा उतार कर फेंका दमयंती ने बताया कि पहले उन्होंने ऊपर का घर खंगाला और उन्हें वहां कुछ नहीं मिला तो नीचे वाले कमरे में घुसे और वहां रखे गहने और कैश निकाल लिए। बदमाशों ने चेहरे पर कोई मास्क नहीं लगा रखा था। उन्होंने घर में आते ही सबसे पहले मेरा चश्मा निकाल कर फेंक दिया था, मुझे तो सब धुंधला दिख रहा था। मैं बस बार-बार भगवान से यही दुआ करती रही कि भगवान किसी को भेज दे, किसी को भेज दे। वारदात के समय नवल भाटिया और उनका बेटा अपनी दुकान पर थे। घर की दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जिसके कारण घर पर महिला अकेली ही रहती है। लुटेरों ने रेकी करने के बाद इस समय को चुना।
हनुमानगढ़ में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद को लेकर विवाद गहरा गया है। किसान, व्यापारी और मजदूर संगठन मंडी में धरने पर बैठ गए हैं, जिससे खरीद व्यवस्था प्रभावित हो रही है और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। धरने पर बैठे संगठनों का कहना है कि स्लॉट सिस्टम खत्म होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली है। अब रजिस्ट्रेशन की तारीख के आधार पर खरीद की जा रही है, जो एफसीएफओ (फर्स्ट कम फर्स्ट आउट) सिस्टम नहीं है। इससे कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने बायोमैट्रिक सत्यापन व्यवस्था को भी एक बड़ी समस्या बताया है। तकनीकी खामियों के कारण कई बार सत्यापन नहीं हो पाता, जिससे किसान घंटों तक मंडी में परेशान होते हैं। इसके अलावा, खरीद पोर्टल में एंट्री को लेकर भी लगातार दिक्कतें आ रही हैं, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया बाधित हो रही है। एक अन्य प्रमुख मुद्दा प्रति बीघा खरीद सीमा का है। किसान और व्यापारी दोनों ही इस सीमा से असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि हनुमानगढ़ जिले में प्रति बीघा उत्पादन अधिक होता है, लेकिन निर्धारित सीमा के कारण पूरी उपज की खरीद नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में, सोमवार को मंडी में गेहूं खरीद पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, कलेक्ट्रेट के सामने प्रतीकात्मक रूप से गेहूं की बोली लगाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। धरने के कारण मंडी में आवक होने के बावजूद खरीद बंद है, जिससे किसानों और व्यापारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
दतिया में बडोनी थाना पुलिस की कार्रवाई से नाराज कस्बा बड़ौनी के व्यापारी वर्ग रविवार को लामबंद हो गया। बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर में एसपी बंगला और कलेक्टर बंगला पहुंचे और दो अलग-अलग आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी शिकायतों पर पुलिस द्वारा उन्हें थाने बुलाकर अपमानित किया जाता है और कई मामलों में झूठे प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। पहले आवेदन में पुनीत गुप्ता ने अपने भाई धीरज गुप्ता के खिलाफ थाना बडोनी में दर्ज एफआईआर को झूठा बताते हुए निरस्त करने की मांग की। आवेदन में बताया गया कि उनके स्वर्गीय पिता के पास गांव की एक महिला द्वारा उधारी के बदले सोने-चांदी के आभूषण अमानत के रूप में रखे गए थे। आरोप- पुलिस ने दबाव बनाकर कार्रवाई कीबाद में महिला और उसके पति द्वारा मौखिक सहमति से गहने बेचकर राशि समायोजित करने की बात कही गई थी। वर्षों बाद सोने-चांदी के बढ़े दामों के चलते विवाद खड़ा हुआ, लेकिन दोनों पक्षों के बीच पंचों के सामने 25 हजार रुपए में राजीनामा भी हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस ने दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज कर दी। दूसरे आवेदन में बडोनी के समस्त व्यापारियों ने सामूहिक रूप से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कस्बे के छोटे व्यापारी बिना लाइसेंस के पारंपरिक उधारी व्यवस्था के तहत काम करते हैं, जिसका कुछ लोग गलत फायदा उठाकर थाने में शिकायत कर देते हैं। कहा- अभद्र भाषा में बात करती है पुलिसपुलिस व्यापारियों को बुलाकर अभद्र भाषा में बात करती है और कानूनी दबाव बनाकर मामलों में फंसा देती है। व्यापारियों का कहना है कि पुराने लेन-देन और अमानत के मामलों में अचानक शिकायतें बढ़ रही हैं, जिससे उनमें भय और असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों ने मांग की कि ऐसे मामलों में बिना ठोस जांच के प्रकरण दर्ज न किए जाएं और छोटे व्यापारियों को अनावश्यक प्रताड़ना से बचाया जाए। साथ ही धीरज गुप्ता के मामले की वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराकर एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। प्रशासन ने मामले में उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अमृतसर के मुस्तफाबाद इलाके में दिनदहाड़े एक कपड़ा व्यापारी पर तेजधार हथियार से हमला किया गया। इस हमले में व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे 'मदन क्लॉथ हाउस' के मालिक अमित के साथ हुई। पीड़ित के अनुसार, चार नकाबपोश युवक पहले दुकान के आसपास घूमते रहे और फिर ग्राहक बनकर अंदर दाखिल हो गए। जैसे ही दुकान में मौजूद अन्य ग्राहक बाहर निकले, युवकों ने अचानक दातर से व्यापारी पर हमला कर दिया। हमले में व्यापारी के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने दावा किया कि हमलावर गल्ले से करीब 10,000 रुपये लेकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने लूट की बात से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में केवल हमले का जिक्र है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। दुकानदार ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से यह कारोबार कर रहे हैं और उनके साथ ऐसी घटना पहली बार हुई है। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कैथल जिले में थाना गुहला क्षेत्र में अनैतिक कार्य करवाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कैथल व जिले के बाहर से महिलाओं को अपने मकान पर बुलाकर अनैतिक कार्य करवा रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान सलेमपुर निवासी दर्शन सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को थाना गुहला प्रबंधक पीएसआई सनेष कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि डेरा भाग सिंह क्षेत्र में एक मकान में बाहर से महिलाओं को बुलाकर अनैतिक कार्य करवाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान से तीन महिलाएं व तीन पुरुष संदिग्ध अवस्था में मिले। सुमन महिलाओं से करवाती थी देह व्यापार पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि डेरा भाग सिंह गुहला निवासी सुमन द्वारा उन्हें देह व्यापार के लिए बुलाया गया था। यहां ग्राहकों से पैसे लेकर देह व्यापार करवाया जाता था। सूचना मिलते ही डीएसपी मुख्यालय बीर भान भी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। आरोपी दर्शन ने दी थी जगह पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस बारे में थाना गुहला में केस दर्ज करके आगामी जांच डीएसपी बीर भान द्वारा करते हुए महिला आरोपी डेरा भाग सिंह गुहला निवासी सुमन को गिरफ्तार कर लिया गया था। यह जगह भी दर्शन की थी, जिसने अनैतिक कार्य करवाने के लिए सुमन को जगह उपलब्ध करवाई गई थी। पुलिस द्वारा मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
बागपत के बड़ौत नगर में कपड़ा व्यापारी नीरज जैन के इकलौते बेटे प्रतीक जैन (21) का रविवार सुबह निधन हो गया। बताया जा रहा है कि प्रतीक को सुबह करीब चार बजे हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार अभी प्रतीक की मां शिल्पी जैन के निधन के दुख से उबर नहीं पाया था। अब इकलौते बेटे की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। प्रतीक अपनी दो बहनों नीशु जैन और खुशी जैन का इकलौता भाई था। बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता नीरज जैन बेहोश हो गए, जबकि दोनों बहनें भी सदमे में आ गईं। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी समाज और परिचितों में शोक फैल गया। व्यापारी नेता मुदित जैन, नवनीत जैन, हर्षित जैन, प्रभात जैन, बोबी सहित कई लोगों ने घर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। गमगीन माहौल में प्रतीक जैन का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के बीच न जाने की राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा- सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के बीच आपसी बंटवारा है, जिसके चलते वे वहां नहीं गए। उन्होंने कहा- जब पहले टावर को ध्वस्त करने की बात चल रही थी, तब कुछ लोगों ने दावा किया था कि बाकी दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इस बयान को लेकर व्यापारियों और जन प्रतिनिधियों के बीच विवाद भी देखने को मिला है। उन्होंने कहा- अभी भी समाधान की आशा की किरण दिख रही है। व्यापारियों को 2 महीने का समय मिल गया है, और इस दौरान जनता की ओर से सरकार और सुप्रीम कोर्ट से अपील की जाएगी। डॉ. बाजपेयी ने कहा- सरकार और न्यायालय दोनों ही 'माईबाप' (अभिभावक) के समान हैं। वे उचित व्यक्तियों के माध्यम से न्यायालय के सामने अपना पक्ष फिर से रखेंगे और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए नियमों के दायरे में समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। जन प्रतिनिधियों के वहां न पहुंचने और इसे लेकर हो रही राजनीति पर डॉ. बाजपेयी ने विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के घर में दुख होने पर वहां राजनीति करना गलत है। उन्होंने कहा- वे व्यापारियों का समर्थन करने जा सकते हैं, लेकिन वहां राजनीति करने का इरादा नहीं है और ऐसा करना उचित भी नहीं है।
पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम जलकुआं (सिंगोट) में 15 किसानों को सरकारी खरीदी से ज्यादा भाव का लालच देकर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव का ही व्यापारी एक महीने की उधारी में किसानों से गेहूं और चना खरीदकर अपने परिवार समेत फरार हो गया है। किसान दौलतसिंह राजपूत सहित अन्य किसानों की शिकायत पर पिपलोद पुलिस ने आरोपी व्यापारी शंकर बलाही के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पिछले 21 दिनों से गायब आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 40 लाख की उपज खरीदी, पिकअप-गाड़ियां लेकर फरार जलकुआं निवासी किसान दौलतसिंह ने बताया कि उन्होंने 80 क्विंटल चना और 90 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने की बजाय व्यापारी शंकर को बेचा था। शंकर ने सरकारी खरीदी से भी ज्यादा भाव लगाते हुए गेहूं 2700 रुपए और चना 6500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा था। उपज का पैसा एक महीने के भीतर देने की बात तय हुई थी। दौलतसिंह के अलावा गांव के 15 अन्य किसानों ने भी शंकर को ही अपनी उपज बेची थी। सभी किसानों का कुल हिसाब-किताब करीब 40 लाख रुपए का है। उपज खरीदने के बाद आरोपी अपनी पिकअप गाड़ियां और परिवार लेकर गांव से गायब हो गया है। 3 साल से कर रहा था खरीदी, भरोसा जीतकर दिया धोखा किसानों ने बताया कि शंकर गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उन्होंने उस पर भरोसा किया। गांव में शंकर की किराना व साड़ी की दुकान है और उसके पास पिकअप गाड़ियां हैं। वह पिछले 3 सालों से अनाज खरीदी का काम करता आ रहा था। पहले वह किसानों से एक महीने का वक्त लेता था और तय समय पर पूरा पैसा चुकता कर देता था, जिससे उस पर किसानों का भरोसा बढ़ गया था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने इस बार धोखा दिया। पिछले 21 दिनों से किसान शंकर की तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर अब उन्होंने पुलिस की शरण ली है।
ग्वालियर के नया बाजार क्षेत्र में सराफा व्यापारी से ठगी का मामला सामने आया है। ठग 40 ग्राम सोने के मोती लेकर चांदी की बॉल देकर फरार हो गए। घटना 4 अप्रैल की है, जिसके बाद शनिवार को कंपू थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। माधौगंज निवासी सराफा कारोबारी शाहीन अली को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुरैना का सराफा व्यापारी महेश सोनी बताया और 40 ग्राम सोने के मोती की मांग की। कर्मचारी बताकर युवक को भेजा आरोपी ने कहा कि वह खुद नहीं आ सकता और उसका कर्मचारी नया बाजार में मौजूद है। तय स्थान पर कारोबारी ने युवक को सोने के मोती सौंप दिए। युवक ने बदले में एक बॉल दी और मौके से चला गया। दुकान पर जांच कराने पर पता चला कि बॉल 28 ग्राम की चांदी है, जिस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। कंपू थाना में दर्ज हुआ मामला पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। घटना क्षेत्राधिकार के अनुसार कंपू थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी और कॉल डिटेल से जांच पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि तीन दिन पहले झांसी में भी इसी तरह की ठगी हुई थी। मामले में इंटरस्टेट गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
स्टार्टअप्स के लिए ‘मिनिमम वायरल प्रेजेंस’ पर फोकस
भास्कर न्यूज | लुधियाना अरविंदो कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर ने अपने ब्रांड को वायरल बनाएं: डिजिटल उपस्थिति की ताकत विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया। इस सेमिनार में सुकृति कपूर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने बताया कि 2026 में किसी भी ब्रांड के अस्तित्व के लिए डिजिटल पहचान बहुत जरूरी है। उन्होंने डिजिटल उपस्थिति के “पांच स्तंभ” बताए, जिसमें सोशल मीडिया, सर्च विजिबिलिटी, वैल्यू आधारित कंटेंट, भरोसा और निरंतरता। उन्होंने स्टार्टअप के लिए “मिनिमम वायरल प्रेजेंस” बनाने का तरीका भी समझाया, जिसमें सच्ची कहानी और समुदाय से जुड़ाव पर जोर दिया गया। सेमिनार में यह बताया गया कि आज के समय में मजबूत डिजिटल उपस्थिति बनाए रखना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ किस्मत का खेल नहीं, बल्कि सही समय और लोगों से जुड़ाव का सही मेल है। प्रिंसिपल डॉ. विशाल कुमार ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक ज्ञान से युवा अपनी रचनात्मकता को सही दिशा में लगाकर नए और नवाचार पूर्ण कार्य कर सकते हैं।
व्यापारियों का आरोप:120 की पर्ची, 300 की वसूली, शिकायत करने पर मारपीट करते
भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब की सबसे बड़ी सब्जी मंडियों में से एक लुधियाना मंडी में भ्रष्टाचार का ऐसा वायरस फैला है कि यहां सरकारी पर्ची के रेट सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह गए है। एक तरफ चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल जांच का भरोसा दे रहे हैं, वहीं सचिव के बयानों ने खुद मार्केट कमेटी को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सुबह आने जाने वाले रेहड़ी फड़ी वालों ने खुलेआम डबल वसूली हो रही है। फिर भी मार्केट कमेटी के अधिकारी चेक नहीं कर रहे है, जबकि शनिवार से मार्केट कमेटी ने अपने हाथों में ठेका ले लिया है। यूजेस चार्जेज का फिर भी आम पब्लिक को लूटा जा रहा है।मंडी में सुबह-सुबह जब व्यापार शुरू होता है, तो उसी समय वसूली का काला खेल भी शुरू हो जाता है। वसीम रेहड़ी वाला ने बताया कि मुझसे 20 रुपए की पर्ची देकर 50 रुपए वसूले गए। विरोध करने पर ये करिंदे गाली-गलौज और मारपीट पर उतर हो जाते हैं। उन्होंने कहा किसी को भी शिकायत करने का कोई फायदा नहीं है। शिकायत करने पर भी कर्मचारी मारपीट करते हैं। गोगी व्यापारी ने कहा कि साहब ये लूट नहीं तो क्या है मुलाजिम हाथ में 120 रु. की पर्ची थमाते हैं और जबरन 300 रु. वसूलते हैं। प्रति गाड़ी 180 रुपए का सीधा डाका। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी के पास ठेका हो उसके बावजूद लूट मचा रखी है। कहा कि गरीब की आवाज कोई नहीं सुनता है। हरिंदर सिंह गिल, मार्केट कमेटी सचिव सवाल: पर्ची काटने वाले लोग कौन हैं? जवाब: ये पुराने ठेकेदार के कर्मचारी भी हो सकते हैं। सवाल: पुराने ठेकेदार का कार्यकाल तो समाप्त हो चुका है, अब व्यवस्था कौन संभाल रहा है? जवाब: फिलहाल मंडी का संचालन मार्केट कमेटी द्वारा किया जा रहा है और हमारे कर्मचारी ही पर्ची काट रहे हैं। सवाल: पर्चियों में कटिंग कर अधिक पैसे वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं? जवाब: हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा कुछ पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। सवाल: ठेकेदार राजू द्वारा 15 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं? जवाब: सभी आरोप बेबुनियाद हैं। यदि उनके पास कोई सबूत है तो वे पेश करें।
सबसे महंगी बुगाटी ‘ला वॉइट्यूर नोआर’ के असली मालिक का रहस्य अब खुला है। यह कार ऑटोमोटिव जगत में ‘हाइपरकार’ के तौर पर जानी जाती है। इसे किसी फुटबॉलर या सुल्तान ने नहीं, बल्कि बुगाटी ब्रांड को पुनर्जीवित करने वाले ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गज फर्डिनेंड पीच के परिवार ने खरीदा था। अब उनके बेटे एंथोनी पीच इसे 270 करोड़ रुपए में बेच रहे हैं। इसकी मूल कीमत करीब 172 करोड़ रुपए थी। वे इस राशि का इस्तेमाल महत्वाकांक्षी ईवी स्टार्टअप के लिए फंड जुटाने में करेंगे। 2019 में तैयार कार को टेस्टिंग पूरी करने में ही लग गए थे दो सालबुगाटी ने अपने 110 साल पूरे होने के मौके पर ला वॉइट्यूर नोआर को 2019 में विशेष रूप से तैयार किया था। इसे पूरी तरह से सड़क पर चलने लायक बनाने और टेस्टिंग पूरी करने में दो साल और लगे और इसकी डिलीवरी 2021 में की गई। इस कार के मालिक कौन है इसे लेकर रहस्य बना हुआ था।
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
दो व्यापार समझौते और तीन चुनौतियां
करोड़ों गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी और काम के तय घंटे जैसी बुनियादी चीजें देना भी उसका काम है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
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'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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