इंदौर के तुकोगंज क्षेत्र में रहने वाले बिल्डर संजय जैन को लगातार व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज के माध्यम से धमकियां मिल रही थीं। मामले में क्राइम ब्रांच में शिकायत के बाद तुकोगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच के दौरान अशोक नगर जेल में बंद आरोपी मनीष जागिड को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है। पुलिस के अनुसार मनीष का संपर्क गैंगस्टर हेरी बॉक्सर से था। उसी के कहने पर वह संजय जैन को टारगेट करने की तैयारी कर रहा था। संजय को लेकर गैंगस्टर को बड़े हवाला कारोबार से जुड़ी जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मनीष जागिड निवासी जयपुर को अशोक नगर जेल से हिरासत में लिया गया है। कुछ दिन पहले अशोक नगर पुलिस ने उसे फर्जी आधार कार्ड के जरिए पहचान छिपाकर ठहरने के मामले में पकड़ा था। उसके पास से एक लाख रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई थी। पूछताछ में मनीष ने हेरी बॉक्सर से संपर्क होने की बात स्वीकार की थी और बताया था कि वह इंदौर में भी बड़े घटनाक्रम को अंजाम देने की तैयारी में था। व्यापारी की रेकी कर भेजे थे वीडियोजांच में सामने आया कि मनीष ने इंदौर में एक बड़े व्यापारी अंकित की रेकी की थी। अंकित को भी लगातार मोबाइल पर धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद उसके मोबाइल पर घर के वीडियो भेजे जाने लगे थे। मैसेज में बताया गया था कि शूटर आसपास मौजूद है और उससे 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। हालांकि फिरौती वसूलने से पहले ही मनीष पकड़ा गया और विश्नोई गैंग की योजना विफल हो गई। हवाला कारोबार की जानकारी के आधार पर टारगेटतुकोगंज पुलिस को संजय जैन ने खुद को बिल्डरशिप से जुड़ा बताया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार विश्नोई गैंग को सूचना थी कि संजय हवाला कारोबार से भी जुड़े हैं और बड़ी पार्टियों में उनका आना-जाना है। इसी आधार पर उन्हें फिरौती के लिए टारगेट किया गया। क्राइम ब्रांच को आशंका है कि अशोकनगर-गुना क्षेत्र में वारदात से पहले मनीष अपने साथियों के साथ इंदौर आया था और संजय की रेकी की थी। अनजान नंबरों से भेजे गए वॉइस मैसेज में संजय से जुड़ी कई पुख्ता जानकारियां दी गई थीं। पुलिस का कहना है कि मनीष से इंदौर में पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और साजिश का खुलासा हो सकेगा। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में लॉरेंस गैंग का खौफ:अशोकनगर से इंदौर-भोपाल तक कारोबारियों को धमकियां सेलिब्रिटी के बाद अब एमपी में कारोबारियों-व्यापारियों को लॉरेंस गैंग के गुर्गों की धमकियां मिल रही हैं। अशोकनगर से लेकर ब्यावरा, इंदौर, भोपाल के कारोबारी-व्यापारी इनकी लिस्ट में है। करीब एक महीने पहले अशोकनगर के एक बिल्डर व कारोबारी को धमकी दी थी। वहीं शनिवार को भोपाल के कारोबारी को भी धमकी दी है। बता दें कि एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी का यह एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है।पूरी खबर पढ़ें
ज्यादा टैक्स देते व्यापारी, सुविधाएं नहीं
भास्कर न्यूज | जालंधर दैनिक भास्कर कार्यालय में शहर के प्रमुख व्यापारियों के साथ एक फोकस ग्रुप डिस्कशन हुआ। चर्चा में विभिन्न बड़े ब्रांड्स से जुड़े व्यापारियों ने हिस्सा लिया और वर्तमान समय में व्यापार को प्रभावित कर रही चुनौतियों पर अपनी राय रखी। व्यापारियों ने विशेष रूप से बढ़ते क्राइम, सुरक्षा की कमी, गिरते ग्राहक फुटफॉल और सरकारी नीतियों में समर्थन की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। चर्चा के दौरान व्यापारियों ने बताया कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं उनके व्यवसाय पर सीधा असर डाल रही हैं। कई व्यापारियों ने कहा कि उन्हें आजकल धमकियों का डर सताता रहता है, जिससे वे मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को व्यापारियों के लिए विशेष स्कीम्स और लाभ शुरू करने चाहिए, ताकि पंजाब में इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके और व्यापारिक माहौल मजबूत हो। व्यापारियों ने कहा कि बार-बार होने वाली हड़तालें और बंद उनके काम को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। एक दिन का बंद कई दिनों तक व्यापार पर असर डालता है, क्योंकि ग्राहक बाहर निकलने से कतराते हैं। खासतौर पर दोआबा क्षेत्र में एनआरआई की बड़ी भूमिका है। जब एनआरआई भारत आते हैं तो बाजार में रौनक बढ़ती है, लेकिन इस बार बढ़ते क्राइम के कारण उनकी संख्या कम रही, जिससे व्यापार में गिरावट आई। धरने के लिए तय करें निश्चित स्थान कलाश्री ब्रांड के दिनेश अग्रवाल ने कहा कि पंजाब लंबे समय से उपेक्षित रहा है। राज्य और केंद्र में अलग-अलग सरकारें होने के कारण कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। व्यापारी सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में उन्हें ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है। शोरूम स्थापित करने वाले ट्रेडर्स को भी सब्सिडी दी जानी चाहिए। व्यापारी अपने कर्मचारियों को ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएं देते हैं, लेकिन उसे किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलता। नोवा फर्निशिंग के राजेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी डरे हुए हैं। जैसे ही कोई व्यापार बढ़ता है, उसे गैंगस्टरों द्वारा फिरौती की धमकियों का खतरा बढ़ जाता है। एनआरआई पंजाब के बाजार की रीढ़ हैं और उनके आने से ही बाजार में पैसा घूमता है, लेकिन इस बार अपराध बढ़ने के कारण बाजार में मंदी देखने को मिली है। बंद और धरनों के कारण व्यापार में भारी नुकसान होता है। तनिष्क ज्वेलर के कारोबारी तनव ने कहा कि सोशल मीडिया ने व्यापार पर बड़ा प्रभाव डाला है। पुरानी पीढ़ी आज भी दुकान पर जाकर सामान देखना और खरीदना पसंद करती है, जबकि नई पीढ़ी ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देती है। इस बदलते व्यवहार का व्यापारियों को सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, इस फोकस ग्रुप डिस्कशन में व्यापारियों ने सुरक्षा, सरकारी सहयोग, सोशल मीडिया नियंत्रण, सब्सिडी और स्थिर व्यापारिक वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
व्यापारियों ने माल नहीं हटाया, मंडी में जगह नहीं, किसानों के अनाज से लदे वाहन रोड पर खड़े रहे
भास्कर संवाददाता | बैतूल अवकाश के बाद बडोरा मंडी खुलने से बाद 2 दिन में 58 हजार क्विंटल आवक हुई। पहले से मंडी में व्यापारियों का माल पड़ा है इस कारण परिसर में कम जगह बची है। मंगलवार को किसानों के अनाज से भरे ट्रैक्टर- ट्रॉली और अन्य वाहन मंडी के बाहर सड़क किनारे लाइन में खड़े रहे। व्यापारियों के ट्रक भी बाहर निकल रहे थे। इसके कारण जाम के हालात बने रहे। देरी से एंट्री मिलने के कारण कई किसानों के माल की तुलाई देर रात तक नहीं हो सकी। इसीलिए इन किसानों को रात मंडी में बिताना पड़ेगा। बडोरा मंडी में लगातार आ रही आवक और व्यापारियों के माल का उठाव नहीं करने से अव्यवस्था के हालात बने हुए है। चार दिन के अवकाश के पहले मंडी सचिव ने कहा था कि छुट्टी में व्यापारी माल उठा लेंगे लेकिन मंडी परिसर खाली हो जाएगा। लेकिन व्यापारियों ने माल नहीं उठाया और न ही मंडी सचिव ने उन पर जुर्माना किया इस कारण उनकी मनमानी जारी। वहीं बेचारा किसान अनाज बेचने सड़कों पर रात काट रहा है। सोमवार और मंगलवार को गेहूं, मक्का, चना, सोयाबीन सहित अन्य उपज की 58 हजार क्विंटल की आवक आ गई। व्यापारियों द्वारा सोमवार को खरीदे माल की तुलाई रात में नहीं हो पाने के कारण मंगलवार को भी हुई। इसके चलते किसानों को उपज रखने के लिए भी जगह नहीं बची। दोपहर एक बजे तक एक दर्जन किसानों को अनाज रखने के लिए इंतजार करना पड़ा। दोपहर बाद किसानों का अनाज ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतारा। देर शाम तक तुलाई के बाद भी कुछ किसानों का माल तुलाई के लिए बाकी रह गया था, जिसकी तुलाई बुधवार को होगी। माल नहीं उठाने वालों पर जुर्माना किया जाएगा ^मंडी में 2 दिन में 58 हजार क्विंटल आवक हुई। सोमवार के माल की तुलाई और उठाव होने के कारण किसानों के वाहन दोपहर बाद अंदर लिए गए। मंडी में लंबे समय से चौकड़े रखने वाले सात व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं। माल नहीं उठाने पर जुर्माना किया जाएगा। - सुरेश परते, सचिव, बडोरा मंडी मंडी में लगातार अव्यवस्था बनी हुई है। मंडी में आवागमन के लिए केवल एक ही गेट है। इसी गेट से वाहन आते हैं और जाते भी हैं। मंडी में वर्तमान में सब्जी मंडी भी लग रही है। सब्जी लाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी गेट से होता है। इसके चलते मंडी में अक्सर जाम के हालात बनते हैं। मंडी के सुरक्षा गार्ड भी व्यवस्था बनाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाते। इसके कारण परेशानी हो रही है। बंपर आवक आने से मंडी परिसर छोटा पड़ जाता है। जिससे किसानों को बेहद परेशानी होती है।
व्यापार में सफलता को अपनाएं ‘4-पी' फॉर्मूला: अमित मदान
गुरमीत लूथरा | अमृतसर टैक्सटाइल मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन (टीएमए) के कार्यालय स्थित सेमिनार हॉल में ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा जागरूकता सेमिनार' आयोजित किया गया। एमएसएमई के डिप्टी डायरेक्टर वजीर सिंह ने युवक-युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि स्किल डेवलपमेंट स्कीम व अन्य सरकारी योजनाओं के तहत नौजवानों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए 3 लाख रुपए तक का ऋण नाममात्र ब्याज दरों पर दिया जाता है। साथ ही, स्वरोजगार एवं मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। वजीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य दर्जी, धोबी, नाई, राजमिस्त्री, मूर्तिकार, सुनार, बढ़ई और मोची जैसे 18 पारंपरिक व्यापार श्रेणियों में कार्यरत कारीगरों को समग्र सहायता प्रदान करना है। मार्केटिंग एडवाइजर अमित मदान ने कहा कि किसी भी प्रोडक्ट की मैन्यूफैक्चरिंग से पहले निर्माता को ‘4-पी' (प्रोडक्ट, प्राइस, प्लेसमेंट और प्रमोशन) अवश्य याद रखने चाहिए। इस अवसर पर टैक्सटाइल एसोसिएशन के महासचिव दीपक खन्ना भी विशेष रूप से मौजूद थे।
बांग्लादेश में खाद्य महंगाई की ‘रेड’ स्थिति बरकरार, हालिया वृद्धि से बढ़ी चिंता
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों और वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश लगभग पिछले तीन वर्षों से भी उन अर्थव्यवस्थाओं की 'रेड' श्रेणी में बना हुआ है, जहां खाद्य असुरक्षा और महंगाई का जोखिम उच्च स्तर पर है
अवैध निर्माण के लिए बढ़ाई सड़क की चौड़ाई, कांग्रेस ने घेरा नगर निवेश
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव नंदई-मोहारा रोड में सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर मल्टीप्लेक्स को दिए विकास अनुज्ञा के विरोध में कांग्रेस ने नगर निवेश कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने विभाग की इस हरकत को पूंजीपतियों को लाभ देने वाला बताया। वहीं जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार की अगुवाई में कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए नगर निवेश कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मौजूद अफसरों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा सुनियोजित षड़यंत्र के तहत पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। नंदई चौक से रानीतराई तक नगर व ग्राम निवेश द्वारा 30 मीटर चौड़ाई की सड़क को 45 मीटर दर्शाया जा रहा है। जिससे इस क्षेत्र में व्यापारियों, निवासरत परिवारों को दिक्कत आएगी। भविष्य में कई वैध निर्माण भी अतिक्रमण की श्रेणी में आ जाएंगे। आगे चलकर जब रोड 45 मीटर की कर दी जाएगी तब आमलोगों को मुआवजा नहीं मिल पाएगा। गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के आशियाने और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
शाम को घर से निकला था व्यापारी, सुबह हाईवे पर पिचका मिला शव
भास्कर न्यूज | पाली बाबा रामदेव कॉलोनी में रहने वाले 50 वर्षीय वजाराम देवासी का क्षत-विक्षत शव मंगलवार सुबह नेशनल हाईवे पर रामासिया गांव के पास गैस गोदाम के सामने मिला। शव के ऊपर से वाहन गुजरते रहे, लिहाजा टुकड़ों को पोटली में लेकर मोर्चरी में रखवाया है। मूलत: भांवरी गांव का वजाराम घर के बाहर ही किराणा व सब्जी की दुकान लगाता था। प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता था। सोमवार शाम 4 बजे बाइक लेकर मंडी से सब्जी लेने का कहते हुए घर से निकला था। अपना फोन चार्जिंग में लगाकर पत्नी का फोन साथ ले गया था, जो बंद आ रहा था।रात को कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 1. खुद का फोन चार्जिंग में लगा पत्नी का फोन साथ ले गया। मंडी से सब्जी लेने के लिए बाइक लेकर निकला, लेकिन घंटे भर बाद बाद फोन बंद कैस हुआ। कहीं किसी ने जानबूझकर उसका फोन बंद तो नहीं किया? 2. शाम 6 बजे एक रिश्तेदार ने जोधपुर रोड आरटीओ के निकट सब रजिस्ट्रार ऑफिस के पास मृतक को खड़ा देखा था, लेकिन सुबह सुमेरपुर रोड के हाइवे पर शव मिला, जबकि बाइक हाईवे किनारे खड़ी थी। ऐसा तो नहीं है कि किसी ने हत्या कर शव को हाईवे पर डालकर एक्सीडेंट का रूप देना चाहा? मंगलवार सुबह पार्षद प्रकाश चौहान परिजनों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान सुबह 7 बजे सदर पुलिस ने सूचना दी कि वजाराम की बाइक रामासिया के पास खड़ी मिली। वहीं एक शव भी मिला है। कुछ देर बाद ही देवासी समाज के लोग मोर्चरी के बाहर जमा हुए और हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। दोपहर में देवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। हत्यारों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। एएसपी जयसिंह तंवर, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रतनू, प्रशिक्षु आरपीएस भानु, सदर एसएचओ कपूराराम, कोतवाल रवींद्रसिंह खिंची ने आश्वस्त किया, लेकिन माने नहीं। पुलिस हत्या-हादसा दोनों थ्योरी पर जांच कर रही 1. वजाराम सोमवार शाम 4 बजे बाइक लेकर घर से निकला। रिश्तेदार ने 6 बजे उसे देखा। रात 11 बजे परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। सुबह 6 बजे शव रामासिया के निकट मिला। घर से निकलने, रजिस्ट्रार ऑफिस की तरफ दिखने और शव मिलने के घटनास्थल तक रूटचार्ट बना सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी मंगाई है। किसी से रंजिश अथवा किसी से कहासुनी की बात भी सामने नहीं आई है। 2. हादसा मानने के पीछे पुलिस का तर्क है कि यदि किसी ने व्यापारी की हत्या की तो हाईवे के बजाय किसी सुनसान जगह पर शव को ठिकाने लगाते। यदि बाइक पर शव को लाते तो एक से अधिक लोगों की जरूरत पड़ती। यदि हत्या के बाद हादसा बताने के लिए हाईवे पर शव को पटकते तो बाइक भी हाइवे पर जरूर पटकते, ताकि यह हादसा लगे। जबकि बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली। हत्यारे ऐसी जगह चुनते, जहां लोगों की आवाजाही कम हो। जिस जगह शव मिला, वहां आसपास होटल-ढाबे और लोगों की आवाजाही है।
व्यापारियों ने उठाए पार्किंग, टैक्स और अतिक्रमण के मुद्दे
चारदीवारी के हेरिटेज पर मंथन जयपुर | शहर की चारदीवारी में हेरिटेज संरक्षण को लेकर जयपुर व्यापार महासंघ और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने बाजारों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। व्यापारियों ने बड़ी चौपड़ पर तुरंत पार्किंग शुरू करने, इंदिरा बाजार के जर्जर बरामदों के सुधार और यूडी टैक्स में पारदर्शी प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडी टैक्स वसूली कर रही निजी कंपनी ‘स्पैरो’ गलत नोटिस देकर जबरन वसूली कर रही है, जिस पर सख्ती जरूरी है। बैठक में महासंघ अध्यक्ष सुभाष गोयल, महामंत्री सुरेश सैनी सहित विभिन्न बाजारों के पदाधिकारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि चारदीवारी की पहचान को सुरक्षित रखते हुए व्यापार बढ़ाने की योजना बनाई जाए, ताकि जयपुर का हेरिटेज स्वरूप बरकरार रहे। महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि नाइट मार्केट को बढ़ावा देने, पूरे शहर में एक समान रंग-रोगन लागू करने, अतिक्रमण और आवारा पशुओं पर सख्ती, तथा पार्किंग माफिया पर नियंत्रण की मांग की गई। पार्किंग के लिए 2 घंटे की समय-सीमा और उचित शुल्क तय करने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा छोटे बाजारों में खुले बिजली तारों को व्यवस्थित करने, सुलभ शौचालय और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग उठी। बैठक में रामलीला मैदान में मेले की अनुमति नहीं देने, बाजारों में फ्लेक्स पर रोक और संजय बाजार से हटवाड़ा हटाने जैसी आपत्तियां भी दर्ज की गईं।
शहर के व्यापारी को धमकी देने के मामले में जेल में बंद लॉरेंस गैंग के गुर्गे मनीष जांगिड़ को इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ के लिए ले गई है। यह टीम इंदौर में दी गई धमकी के मामले में उससे पूछताछ करेगी। जानकारी के अनुसार, इंदौर में भी लॉरेंस गैंग से संबंधित एक धमकी का मामला सामने आया है, जिसमें उसी तरह से धमकी दी गई, जैसे अशोकनगर के व्यापारी को दी गई थी। इसके चलते मंगलवार को सुबह इंदौर क्राइम ब्रांच की 14 सदस्यीय टीम अशोकनगर पहुंची। कोतवाली टीआई आरपीएस चौहान ने बताया कि आरोपी को वहां पर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहां से पुलिस रिमांड मिलेगा। जितने दिन का पीआर मिलेगा, उतने दिन आरोपी को इंदौर में रखा जाएगा। पूछताछ के बाद आरोपी को दोबारा अशोकनगर लाया जाएगा। पेट्रोल बम से दहशत फैलाने की थी तैयारी, 10 करोड़ मांगे थे। शहर के कॉलोनाइजर और व्यापारी अंकित अग्रवाल को लॉरेंस गैंग की ओर से धमकी देकर 10 करोड़ रुपए मांगे गए थे। जब अंकित ने पुलिस से शिकायत कर दी तो बॉक्सर की ओर से धमकी भरा वॉइस मैसेज भेजा गया। इसके बाद गैंग का गुर्गा मनीष जांगिड़ अशोकनगर आया। वह यहां फर्जी आधार कार्ड से एक होटल में रुका था। बॉक्सर ने उसे मोबाइल पर पेट्रोल बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी। उसे अंकित के यहां पेट्रोल बम फेंककर दहशत फैलानी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसी गुर्गे को अशोकनगर में काम करने के बाद इंदौर पहुंचकर दहशत फैलानी थी।
रसोई गैस की किल्लत और पेट्रोलियम पदार्थों की अनियमित आपूर्ति को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में सीवान के अम्बेडकर चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “रसोई गैस की किल्लत दूर करो”, “कालाबाजारी बंद करो”, “पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराओ” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही “नरेंद्र भी गायब और सिलेंडर भी गायब” जैसे तीखे नारों से माहौल गूंजता रहा। आम जनता एलपीजी गैस की कमी से त्रस्तपुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि आम जनता एलपीजी गैस की कमी से त्रस्त है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त गैस उपलब्ध है, तो गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें क्यों लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि सरकार को स्थिति स्पष्ट कर जनता का भरोसा जीतना चाहिए। किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत निर्णय लिए हैं, जिससे पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित हुई है। हाल के दिनों में कालाबाजारी भी बढ़ीउन्होंने कहा कि पहले कम समय में आपूर्ति हो जाती थी, लेकिन अब लंबा समय लग रहा है, जिससे संकट गहरा सकता है। वहीं कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले जहां सिलेंडर सस्ता था, वहीं अब आम लोगों को ऊंचे दाम पर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कालाबाजारी भी बढ़ी है, जिससे आम उपभोक्ता और अधिक परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
मंगलवार को कटिहार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस (एलपीजी) की बढ़ती कीमतों और लगातार हो रही किल्लत के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में शहीद चौक के समीप आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने देश के पेट्रोलियम मंत्री और प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर सरकार की नीतियों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। जिला अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने कहा कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है, जबकि गैस की किल्लत ने गरीब और मध्यम वर्ग के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। यादव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गैस की कीमतों पर नियंत्रण नहीं किया गया और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को कभी नोटबंदी, कभी ऑक्सीजन और अब एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइन में खड़ा कर परेशान किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप विश्वास ने कहा कि बढ़ती महंगाई और गैस की किल्लत से किसानों और गरीब परिवारों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। जिला प्रभारी अमन कुमार ने इसे आम जनता की आवाज बताते हुए राज्यभर में व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इस अवसर पर तौकीर आलम, दिलीप विश्वास, अमन कुमार, अंजुमन कौसर उर्फ आम्रपाली यादव, सउद मुखिया, संजय सिंह, डॉ० विपिन, अवधेश मंडल, बनवारी यादव, प्रदीप पासवान, संजय कुमार सिंह, मुस्ताक आजम, अल्तमश दीवान, सुरतीकांत कश्यप, निरंजन पोद्दार, मेजर जमाल, एडवोकेट हसन, निक्कू सिंह, मोहम्मद असलम, मोहम्मद जहांगीर आलम, ताहिर आलम, अरुण यादव, चंदन यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।
जयपुर परकोटा विरासत संरक्षण: नगर निगम और व्यापार मंडलों की कार्यशाला आयोजित
यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा बरकरार रखने के लिए व्यापारियों के साथ संवाद, हेरिटेज बायलॉज 2020 और रेगुलेशन 2022 के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
भरतपुर में अनाह स्थित चामड़ माता के मंदिर से सरसों अनुसंधान केंद्र तक सड़क की चौड़ाई 200 फीट करने का प्लान है। ऐसे में सड़क के दोनों ओर जद में आने वाली दुकानें और मकान टूटेंगे। प्लान को लेकर प्रभावित व्यापारियों और लोगों में आक्रोश है। मंगलवार को व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। कई परिवार होंगे बेघर व्यापार महासभा के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा- चामड़ माता मंदिर से सरसों अनुसंधान केंद्र तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने का काम भरतपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी कर रही है। इसमें कई व्यापारियों के मकान और दुकान टूट जाएंगे। कई व्यापारी बेरोजगार और बेघर हो जाएंगे। सरकार-प्रशासन के लिए सद्बुद्धि यज्ञ मंगलवार को विरोध में सेवर के जैन मंदिर इलाके में व्यापारियों और कई परिवारों ने प्रशासन और सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया। लोग बोले- हम भी भरतपुर का विकास चाहते हैं लेकिन अपना विनाश नहीं चाहते। सरकार जिन मकानों और दुकानों को तोड़ रही है उन्हें मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा। व्यापार महासभा के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया- सड़क के दोनों तरफ से 100-100 फुट निर्माण को तोड़ा जाएगा। यह व्यावहारिक रूप से गलत है। शहर में कई जगह सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सभी जगह की हालत खराब है। जहां सड़क चौड़ी करने की जरूरत नहीं है, वहां भी जबरन काम किया जा रहा है। पट्टे और रजिस्ट्री के बाद भी मुआवजा नहीं विरोध कर रहे लोगों ने कहा- प्रशासन हमसे यूडी टैक्स ले रहा है। बिजली का बिल ले रही है। इसमें भी सभी तरह के टैक्स लगाए हुए हैं। इसके बाद भी प्रशासन मुआवजा नहीं देना चाहता। जबकि सभी के पास पट्टे और रजिस्ट्री हैं।
जयपुर पुलिस की कार्रवाई में नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मुख्य आरोपी मास्टर माइंड दलाल को गिरफ्तार किया गया है, जो लड़कियों को अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत लाकर होटल लीज पर लेकर सेक्स रैकेट चला रहा था। आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त था और अब पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुट गई है। इनामी बदमाश गुलबहार उर्फ राहुल (32) निवासी होलपारा आसाम हाल पोलोविक्ट्री विधायकपुरी को जयपुर से पकड़ा। बालिका गृह में दो नाबालिग लड़कियों को कराया था दाखिल डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया कि 29 जुलाई-2025 को एसोसिएशन फॉर वॉलटरी एक्शन जयपुर की सहायक परियोजना अधिकारी जया शशि शर्मा ने पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई। 26 जुलाई को बालिका गृह में दो नाबालिग लड़कियों को दाखिल करवाया गया था। एक साल पहले बांग्लादेश से अवैध रूप से लाया गया भारत काउसलिंग के दौरान एक लड़की ने बताया कि उसे पिछले एक साल पहले बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में राहुल नाम का दलाल लेकर आया था। दलाल राहुल की ओर से भारत में अंकलेश्वर फिर कोलकाता, चेन्नई और उसके बाद जयपुर लाकर देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया गया। दो महीने पहले जयपुर में देह व्यापार के धंधे में धकेला दूसरी लड़की ने बताया कि दो महीने पहले अशोक नाम के व्यक्ति ने जयपुर में उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया। पुलिस की विशेष टीम का गठन कर फरार आरोपियों की तलाश की गई। फरार आरोपी राहुल दलाल पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार रात दबिश देकर इनामी बदमाश गुलबहार उर्फ राहुल को जयपुर के मानसरोवर स्थित इंडियन होटल में दबिश देकर पकड़ा। पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल को लीज पर लेकर मेन आरोपी गुलबहार उर्फ राहुल देह व्यापार का काम करता है।
ट्रंप के बयान से Share Bazaar में आई बहार, Sensex 74 हजार के पार, Nifty भी 400 अंक उछला
Share Market Update News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की योजना को अस्थाई रूप से टाले जाने की घोषणा के बाद एशिया के अन्य बाजारों में तेजी के साथ स्थानीय शेयर बाजारों में आज जोरदार तेजी आ गई। कारोबार के ...
भिवानी पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर टेलीग्राम के माध्यम से निवेश के नाम पर ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ता नवीन निवासी दांग कलां ने साइबर क्राइम थाना भिवानी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर, 2025 को उन्हें टेलीग्राम पर वीडियो लाइक और शेयर करने के टास्क दिए गए थे। शुरुआत में 850 रुपए का मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद अधिक लाभ का लालच देकर उनसे अलग-अलग समय पर कुल 1,23,350 रुपए की धोखाधड़ी की गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। दोनों यूपी के रहने वाले हैं मामले में कार्रवाई करते हुए, साइबर क्राइम पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कानपुर निवासी गोपाल (यशोदा नगर) और आशीष (निराला नगर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी यूपी के रहने वाले हैं। गोपाल ने आशीष को 5 हजार में अपना बैंक खाता दिया पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गोपाल सिनेमा हॉल में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। उसने अपना बैंक खाता साइबर धोखाधड़ी के लिए आरोपी आशीष को 5 हजार रुपए में उपलब्ध कराया था। आरोपी आशीष पेंटिंग का काम करता है और उसी ने शिकायतकर्ता को लिंक भेजकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। आशीष तीन दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी गोपाल को न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेजने का आदेश दिया है, जबकि आरोपी आशीष को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी आशीष से इस प्रकार की अन्य वारदातों और उनके साथ जुड़े अन्य साथियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस की आमजन से अपील जिला पुलिस भिवानी ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, निवेश योजना या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले लालच में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।
सिंगरौली जिले में सराफा दुकानों को लगातार निशाना बना रहे चोरों के कारण व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। शिकायतों और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज सर्राफा व्यापार मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष खत्री ने मंगलवार शाम को विशेष बैठक और त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं। गैस कटर से शटर काटकर चोरी का प्रयास बीते माह 30 जनवरी को निगाही क्षेत्र के एक शॉपिंग सेंटर पर बदमाशों गैस कटर की मदद से दुकान का शटर काटकर चोरी की कोशिश की थी। इस मामले की एफआईआर नवानगर थाने में दर्ज कराई गई थी और पुलिस को स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे गए थे, लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है। बरगवां में दो दुकानों के शटर तोड़े निगाही की घटना के कुछ दिन बाद ही 19 फरवरी को बरगवां थाना क्षेत्र में चोरों ने दो सराफा दुकानों में बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने शटर और चैनल गेट तोड़कर सोने-चांदी के कीमती आभूषण पार कर दिए। इन घटनाओं की रिकॉर्डिंग भी कैमरों में कैद हुई थी, जिसे साक्ष्य के रूप में पुलिस को दिया गया था। व्यापारियों का आरोप है कि 24 मार्च तक इस दिशा में कोई प्रभावी प्रगति नहीं हुई है। एसपी ने बैढ़न थाने में बुलाई बैठक व्यापारियों के बढ़ते दबाव के बीच एसपी मनीष खत्री ने मंगलवार शाम 6 बजे बैढ़न थाने में सराफा व्यापारियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान करने और बाजार क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष रविकांत सोनी ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में हुई चोरियों का जल्द खुलासा कर माल बरामद किया जाए। उन्होंने प्रमुख बाजारों में पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा घेरा मजबूत करने पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लग सके।
यमुनानगर के पांसरा रायपुर रोड स्थित कामी माजरा में संचालित मैसर्स ओसियान इंडस्ट्रीज की संचालिका निशा नवलखा पर टिंबर व्यापारियों के लाखों रुपए हड़पने के आरोप लगे हैं। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मां शताक्षी टिंबर के प्रोपराइटर भूप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह लकड़ी का व्यापार करता है और किसानों से लकड़ी खरीदकर प्लाईवुड फैक्ट्रियों में सप्लाई करता है। कुछ समय पहले उसने पांसरा रायपुर रोड स्थित ओसियान इंडस्ट्रीज में लकड़ी सप्लाई की थी, जिसकी प्रोपराइटर निशा नवलखा है। भूप सिंह के अनुसार सप्लाई की गई लकड़ी के बिल और कांटा पर्ची उसके पास मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने भुगतान नहीं किया। जब उसने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की तो फैक्ट्री बंद मिली और संचालिका फरार हो चुकी थी। कई व्यापारियों को लगाया चूनाशिकायत में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने सिर्फ भूप सिंह ही नहीं, बल्कि कई अन्य टिंबर व्यापारियों से भी लकड़ी खरीदकर उनकी पेमेंट नहीं की। इनमें एसके टिंबर ट्रेडिंग कंपनी, सौरभ टिंबर, ओम टिंबर, विशाल राणा टिंबर, घोड़ा पिपली टिंबर, न्यू सूर्य टिंबर, न्यू आईएस टिंबर, हरिओम टिंबर, सलीम टिंबर, महरूफ टिंबर और श्री कृष्णा टिंबर सहित कई आढ़ती शामिल हैं। सभी का लाखों रुपए बकाया बताया जा रहा है। एसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ केसमामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस को केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद यमुनानगर सदर थाने में निशा नवलखा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कर रही तलाशपुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही पूरे मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि ठगी की कुल रकम और अन्य संभावित पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
इंदौर में डिलीवरी बॉय पर FIR:ई-कॉमर्स रिटर्न पार्सलों से मोबाइल गायब मिले, कई आरोपी नामजद
इंदौर के परदेशीपुरा थाना पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी के रिटर्न पार्सलों से मोबाइल गायब कर धोखाधड़ी करने के मामले में डिलीवरी बॉय सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर योगेंद्र सिंह राठौर ने दर्ज कराई। 34 मोबाइल रिटर्न पार्सलों से गायब पाए गए शिकायत के अनुसार पिछले 2-3 महीने में कंपनी के पास लौटे 34 मोबाइल पार्सलों में नहीं मिले। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। बॉक्स में केवल ब्लूटूथ डिवाइस पाए गए। जांच में सामने आया कि पार्सलों की डिलीवरी के दौरान मोबाइल बदले गए। कुछ पार्सल बिना नाम, मोबाइल नंबर और पते वाले व्यक्तियों को दिए गए थे। मयूर वर्मा और नितेश कोरी से पूछताछ पुलिस ने मयूर वर्मा और नितेश कोरी से पूछताछ की। मयूर ने 9 मोबाइल संदिग्ध व्यक्तियों को देने की बात बताई, जबकि अन्य डिलीवरी नितेश द्वारा की गई थीं। शिकायतकर्ता ने बताया कि दोनों आरोपियों के साथ अन्य लोग भी इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कनाड़िया में ट्रक से लाखों के पार्सल चोरी कनाड़िया थाना क्षेत्र में बदमाशों ने चलते ट्रक का लॉक तोड़कर लाखों रुपए के पार्सल चोरी कर लिए। पुलिस ने ट्रक चालक की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पंजाब निवासी ट्रक चालक अमरेंद्र सिंह ने बताया कि वह डाकाच्या वेयरहाउस से माल लेकर औरंगाबाद जा रहा था। रास्ते में पीछे आ रहे वाहन चालक ने गेट खुला होने का इशारा किया। जांच में 12 पार्सल बॉक्स गायब मिले ट्रक रोककर जांच करने पर अंदर से 12 पार्सल बॉक्स और बोरे गायब पाए गए। घटना के बाद ट्रक मालिक को सूचना दी गई। कनाड़िया पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
खगड़िया में रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति में कमी के विरोध में मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा बना खगड़िया यह कार्यक्रम बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर चलाए जा रहे राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार अविनाश ने किया, जबकि जिला प्रभारी मनोज शर्मा भी इस दौरान मौजूद रहे। महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि घरेलू बजट बिगड़ चुका है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कठिनाई हो रही है। गैस किल्लत से बढ़ा आक्रोश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कई जगहों पर समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य की जाए और कीमतों में राहत दी जाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही महंगाई और गैस संकट पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन के बाद खगड़िया में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में विरोध के और व्यापक होने के संकेत मिल रहे हैं।
मुंगेर में रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और कॉमर्शियल सिलेंडरों की कथित कमी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित तिलक मैदान कांग्रेस कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। तिलक मैदान से उठी विरोध की आवाज प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक पासवान ने किया। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूरे बिहार में चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुंगेर में भी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर गैस संकट और महंगाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ‘सरकार की नीतियों से बढ़ी परेशानी’ अशोक पासवान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों और लापरवाही के कारण आम लोगों को गैस सिलेंडर के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बाजार में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। रसोई पर सीधा असर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम जनता की रसोई पर पड़ रहा है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। देवराज सुमन ने मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। ‘जनभावनाओं की अनदेखी कर रही सरकार’ वहीं मो. इनामुल हक ने आरोप लगाया कि सरकार जनभावनाओं की अनदेखी कर रही है और समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस का आंदोलन और तेज किया जाएगा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पुतला दहन के बाद भी कार्यकर्ताओं ने गैस संकट और महंगाई के मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस प्रदर्शन के बाद मुंगेर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में विरोध के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
भोजपुर के आरा शहर में मंगलवार को रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बैनर तले यह प्रदर्शन शहीद भवन स्थित पार्टी कार्यालय से शुरू हुआ, जहां से कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला लेकर जुलूस की शक्ल में निकले। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुभाष चंद्र बोस मोड़, कोर्ट परिसर और अंबेडकर चौक तक पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आम लोगों की परेशानियों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। अंबेडकर चौक पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता पुतले पर चप्पल से प्रहार करते भी नजर आए, जिससे माहौल और गरमा गया। प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल के कुछ नेता और कार्यकर्ता भी शामिल रहे, जिन्होंने महंगाई और गैस संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा। ‘जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज करेंगे’ कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक राम ने किया। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी से आम जनता का बजट बिगड़ गया है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता अमित द्विवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा लगातार जिलाधिकारियों से झूठ बोला जा रहा है कि देश में गैस और पेट्रोल की कोई क्राइसिस नहीं है। लेकिन हकीकत यह कि नरेंद्र मोदी ने कल सदन में कहा कि कोरोना काल के उस समय को झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से कोरोना काल में इमरजेंसी जैसी स्थित थी, उसी तरह का माहौल होने जा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार जिलाधिकारियों से झूठ बोलवाने का काम कर रही है। हमारी मांग है कि जो भी देश की हालत है वो जनता के बीच रखने का काम करें। इसके साथ जिस तरह से देश में गैस एवं पेट्रोल की कालाबाजारी हो रही उसे रोक लगाने का काम करें।
करनाल में ₹65 करोड़ की आढ़त बकाया:व्यापारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन; काम बंद करने की चेतावनी दी
करनाल जिले की अनाज मंडियों में व्यापारियों की करीब 65 करोड़ रुपए की आढ़त बकाया होने से आढ़तियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। धान सीजन खत्म हुए करीब 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। मंगलवार को आढ़तियों ने जिला सचिवालय पहुंचकर डीसी के माध्यम से हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा और जल्द भुगतान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आढ़त नहीं मिली तो आगे काम बंद कर देंगे। आढ़तियों ने मंगलवार को एकजुट होकर जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। धान की आढ़त अब तक नहीं मिलीतरावड़ी अनाज मंडी के प्रधान सुभाष गुप्ता ने बताया कि यह समस्या केवल करनाल की नहीं बल्कि पूरे हरियाणा की है। करनाल की मंडियों में धान बिक्री के बाद मिलने वाली आढ़त अभी तक नहीं दी गई है, जबकि सीजन खत्म हुए 5 महीने हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार हर फसल पर ढ़ाई प्रतिशत आढ़त मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार 15 रुपए प्रति क्विंटल कम दे रही है। जब सरकार खुद अपने नियमों का पालन नहीं करेगी तो व्यापार कैसे चलेगा। 1 अप्रैल से गेहूं खरीद, तैयारी अधूरीसुभाष गुप्ता ने कहा कि 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने वाली है, लेकिन अभी तक मंडियों में बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे किसानों और आढ़तियों दोनों को परेशानी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि बारदाना नहीं होगा तो लोडिंग कैसे होगी और किसान कहां इंतजार करेगा। ऐसे हालात में गेहूं खुले में पड़ा रहने का खतरा है। मंडी में सफाई और लाइट व्यवस्था भी खराबआढ़तियों ने मंडियों में सफाई व्यवस्था और लाइट की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी तैयारियों के दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात ठीक नहीं हैं। सरकार से जल्द समाधान की मांगसुभाष गुप्ता ने कहा कि वे भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता हैं, लेकिन जब रोजी-रोटी का सवाल आता है तो आवाज उठाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बकाया आढ़त जल्द जारी की जाए और गेहूं खरीद से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।
झज्जर के प्रसिद्ध बालाजी भोजनालय में रसोई गैस की कमी ने संचालन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वर्षों से गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ता व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने वाला यह भोजनालय अब गैस की जगह लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर है। लकड़ी के चूल्हे पर पक रहा भोजन भोजनालय संचालक सुभाष रोहिल्ला ने बताया कि गैस की कमी के चलते अब भोजन तैयार करने के लिए लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे खाना पकाने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है और मेहनत भी बढ़ गई है। क्वालिटी से नहीं किया समझौता संचालक का कहना है कि हालात कठिन जरूर हैं, लेकिन भोजन की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा रहा। ग्राहकों को पहले की तरह स्वच्छ और अच्छा भोजन देने की पूरी कोशिश की जा रही है। गैस किल्लत से घटी भोजनालय की क्षमता बालाजी भोजनालय में गैस किल्लत का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। पहले यहां रोजाना करीब 1500 लोगों का खाना तैयार हो जाता था, लेकिन मौजूदा हालात में अब सिर्फ 500 लोगों का ही भोजन बन पा रहा है। गैस की कमी के चलते रसोई का पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है और भोजनालय की क्षमता काफी घट गई है। लकड़ी पर खाना पकाने में बढ़ी परेशानी संचालकों का कहना है कि अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा समय लग रहा है। गैस पर जहां खाना जल्दी तैयार हो जाता था, वहीं लकड़ी पर भोजन पकाने की प्रक्रिया धीमी और मेहनत भरी हो गई है। समय के साथ खर्च भी बढ़ा लकड़ी पर खाना बनाने से सिर्फ समय ही नहीं बढ़ा, बल्कि खर्च भी पहले से ज्यादा आने लगा है। ईंधन की व्यवस्था, अतिरिक्त मेहनत और धीमी रफ्तार से काम होने के कारण भोजनालय पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। इसके बावजूद भोजनालय की ओर से सेवा को जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। बढ़ी लागत ने बढ़ाई परेशानी उन्होंने बताया कि गैस की तुलना में लकड़ी पर खाना पकाने में खर्च अधिक आ रहा है। इसके साथ ही संसाधनों और समय की खपत भी बढ़ गई है, जिससे भोजनालय चलाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। 5 रुपए से 50 रुपए तक पहुंची थाली सुभाष रोहिल्ला ने बताया कि भोजनालय की शुरुआत गरीबों की सेवा के उद्देश्य से 5 रुपए की थाली से की गई थी। लेकिन लगातार बढ़ती लागत और मौजूदा संकट को देखते हुए अब थाली की कीमत बढ़ाकर 50 रुपए करनी पड़ी है। मन नहीं था, लेकिन फैसला जरूरी था संचालक ने कहा कि थाली के दाम बढ़ाने का मन नहीं था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि यह फैसला लेना जरूरी हो गया। उनका कहना है कि सेवा भावना आज भी वही है, लेकिन खर्च के दबाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ग्राहकों ने बताई भोजनालय की खासियत भोजनालय में खाना खाने आने वाले लोगों का कहना है कि बालाजी भोजनालय लंबे समय से सस्ते और स्वच्छ भोजन के लिए मशहूर है। उनका कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद यहां के स्वाद, सफाई और सेवा में कोई कमी नहीं आई है। हर महीने लगता है निशुल्क भंडारा भोजनालय की ओर से हर महीने एकादशी के अवसर पर निशुल्क भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। इससे जरूरतमंद लोगों को राहत मिलती है और भोजनालय की सेवा भावना भी बनी हुई है। सेवा भावना के साथ जारी संघर्ष गैस संकट और बढ़ती महंगाई के बीच बालाजी भोजनालय आज भी अपनी सेवा जारी रखे हुए है। हालांकि मौजूदा हालात ने इसके संचालन को कठिन जरूर बना दिया है, फिर भी भोजनालय जरूरतमंदों तक सस्ता भोजन पहुंचाने की कोशिश में जुटा है।
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट और ईरान-इज़राइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अब कानपुर के लोग भी चिंतित हैं। इस वैश्विक तनाव को कम करने और निर्दोषों की जान बचाने के लिए मंगलवार को किदवई नगर स्थित श्री रामलीला ग्राउंड (H-ब्लॉक) में विशेष शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। आदर्श उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस हवन में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दुनिया को विनाशकारी युद्ध से मुक्ति मिले और स्थितियाँ जल्द सामान्य हों। 2 घंटे तक गूँजे वैदिक मंत्र, मांगी सुख-शांति यज्ञ का आयोजन सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जो करीब 12 बजे तक चला। इसमें व्यापारियों और क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'रिचा ज्वेलर्स' के संचालक और विश्वबैंक बर्रा के अध्यक्ष विनायक सिंह ने बताया कि,आज पूरी दुनिया ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की मार झेल रही है। उन्होंने कहा, “हमने यज्ञ की पूर्णाहुति के माध्यम से प्रभु से यह कामना की है कि जल्द से जल्द यह युद्ध रुके। इस युद्ध में अब तक लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, हमने उन दिवंगत आत्माओं की शांति और मोक्ष के लिए भी प्रार्थना की है।” तस्वीरें देखिए… महंगाई और मासूमों की सुरक्षा बड़ी चिंता व्यापारियों का मानना है, कि इस वैश्विक युद्ध का असर केवल सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। यज्ञ में शामिल लोगों ने चिंता जताई कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। यज्ञ के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। निर्दोष लोगों की जान बचाना और वैश्विक शांति बहाल करना ही वर्तमान में सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। 40 लोगों ने मिलकर दी आहुतियांइस शांति यज्ञ में लगभग 35 से 40 लोगों ने हिस्सा लिया। मंत्रोच्चार के बीच सभी ने यज्ञ कुंड में आहुतियां डालीं और युद्ध विराम का संकल्प लिया। यज्ञ संपन्न होने के बाद सभी उपस्थित लोगों ने यज्ञ कुंड की परिक्रमा की और हाथ जोड़कर मंगल कामना की। इस अवसर पर आदर्श उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष हिमांशु पाल सहित कई स्थानीय व्यापारी और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। सभी का एक ही सुर में कहना था कि हम फिर से वही सामान्य जीवन चाहते हैं जहाँ भय और युद्ध की कोई जगह न हो।
मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए एक्साइज कमिश्नर द्वारा 8 लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई को सही ठहराया। जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 32 पन्नों के फैसले में कहा कि शराब का व्यापार मौलिक अधिकार नहीं है और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई वैध है। एक्साइज विभाग ने 4 फरवरी 2026 के आदेश से Som Distilleries Pvt. Ltd. और Som Distilleries and Breweries Pvt. Ltd. के कुल 8 लाइसेंस सस्पेंड किए थे। यह कार्रवाई 26 फरवरी 2024 के शो-कॉज नोटिस के आधार पर हुई थी, जिसमें फर्जी परमिट से शराब परिवहन के आरोप थे। कंपनियों ने पुराने नोटिस को आधारहीन बताया कंपनियों ने दलील दी कि नोटिस 2023-24 की अवधि से जुड़ा था और 31 मार्च 2024 को लाइसेंस समाप्त हो चुके थे। नए लाइसेंस जारी होने के बाद पुराने नोटिस के आधार पर कार्रवाई को अवैध बताया गया। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और शासकीय अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने कहा कि एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार स्पष्ट है और नियमों का पालन अनिवार्य है। ‘नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड करना वैध’ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शराब का कारोबार पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करना कानूनन वैध है। कोर्ट ने कहा कि शो-कॉज नोटिस किसी अवधि तक सीमित नहीं होता। गंभीर आरोप होने पर बाद में भी कार्रवाई संभव है और पुराने उल्लंघन नए लाइसेंस को प्रभावित कर सकते हैं। धोखाधड़ी साबित होने पर दलीलें कमजोर फैसले में कहा गया कि धोखाधड़ी किसी भी कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करती है। एक बार आरोप साबित होने पर अन्य दलीलें कमजोर हो जाती हैं। कोर्ट ने कहा कि डिस्टिलिंग, ब्रूइंग और बॉटलिंग जैसी गतिविधियों में गंभीर उल्लंघन होने पर व्यापक कार्रवाई उचित है। यह निर्णय “प्रोपोर्शनैलिटी टेस्ट” पर खरा उतरता है।
कृषि बाजार से 40 हजार का खाद्य तेल गायब:गोदाम का ताला तोड़ की गई चोरी, व्यापारियों में नाराजगी
बोकारो के चास स्थित कृषि बाजार में चोरी की घटना सामने आई है। आईटीआई मोड़ के पास स्थित इस बाजार में चोरों ने एक गोदाम का ताला तोड़कर लगभग 40 हजार रुपए मूल्य का खाद्य तेल चुरा लिया। इस घटना से बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है। बाजार समिति के अध्यक्ष और खाद्य तेल व्यापारी अनिल गोयल सुबह अपनी दुकान पहुंचे तो गोदाम का ताला टूटा पाया। अंदर स्टॉक की जांच करने पर उन्हें कई तेल की पेटियां गायब मिलीं। उन्होंने तत्काल चोरी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पीड़ित व्यापारी अनिल गोयल ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में तेल की चोरी बिना किसी वाहन के संभव नहीं है। उन्होंने अंदेशा जताया कि चोरों ने घटना को अंजाम देने के लिए चार पहिया वाहन का इस्तेमाल किया होगा। सुरक्षा के नाम पर हर महीने मोटी रकम ली जाती है: अनिल गोयल अनिल गोयल ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा के नाम पर हर महीने मोटी रकम ली जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि व्यापारी सरकार को करोड़ों रुपए का जीएसटी देते हैं, फिर भी उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पाती है। पुलिस पेट्रोलिंग भी कभी-कभार ही दिखाई देती है। घटना की सूचना मिलते ही चास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मंडी पूरे जिले में खाद्य सामग्री की आपूर्ति का एक मुख्य केंद्र है, ऐसे में इस तरह की चोरी की घटनाएं व्यापारियों और स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
गढ़दीवाला के जैन कॉलोनी में सोमवार रात करीब 10 बजे एक व्यापारी के घर के मुख्य गेट पर गोलीबारी हुई। दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने तीन गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। इस घटना में किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। रेडीमेड कपड़ों की दुकान के मालिक हैं चंद्र किशोर चंद्र किशोर उर्फ घुग्गा, जो गढ़दीवाला के गांधी चौक में एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान के मालिक हैं, ने इस संबंध में गढ़दीवाला थाने की पुलिस को सूचित किया। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस इस एंगल पर जांच कर रही है कि कहीं रंगदारी का मामला ताे नहीं है। पुलिस खंगाल रही इलाके के सीसीटीवी फुटेज गढ़दीवाला के थाना प्रभारी एस.आई. सतपाल ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने घर पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। घटना के कारण की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने यह भी बताया कि इस घटना के पीछे का वास्तविक कारण अभी तक सामने नहीं आया है और मामले की गहन जांच जारी है। जल्द ही आराेिपयाें काे िगरफ्तार कर लिया जाएगा।
बाइक सवार किराना व्यापारी की हत्या कर शव ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे-162 पर फेंक दिया गया। उसके ऊपर से अनगिनत गाड़ियां गुजर गईं, जिससे बॉडी के टुकड़े पूरी सड़क पर बिखर गए। एक-एक टुकड़े को पोटली में इकट्ठा कर पुलिस मॉर्च्युरी लेकर गई। घटना पाली के सदर थाना क्षेत्र में रामासिया के पास मंगलवार सुबह करीब 5 बजे की है। किराना व्यापारी प्रॉपर्टी का काम भी करते थे। उनकी बाइक सड़क किनारे सुरक्षित मिली है। परिवार वालों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए थाने में रिपोर्ट दी है। किराना का सामान लेने निकले थेसदर थाना SHO कपूराराम - मंडिया रोड स्थित बाबा रामदेव कॉलोनी के रहने वाले वजाराम (48) घर पर किराना स्टोर चलाने के साथ प्रॉपर्टी का काम करते थे। परिजनों ने शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई है। पूर्व पार्षद प्रकाश चौहान ने बताया- 23 मार्च की शाम करीब 5 बजे वजाराम किसी परिचित के साथ प्लॉट की रजिस्ट्री के सिलसिले में बाहर गए थे। जाते-जाते उन्होंने घर वालों को यह भी कहा था कि दुकान के लिए किराना का सामान भी लाना है। रजिस्ट्री ऑफिस में मिली लास्ट लोकेशनशाम 6 बजे रजिस्ट्रार ऑफिस में उनकी लास्ट लोकेशन मिली है। लोगों ने उनको वहां देखा भी था। सुबह पुलिस ने परिवार वालों को हाईवे पर शव मिलने की जानकारी दी। परिवार वाले मौके पर पहुंचे तो शव सड़क पर चिपका हुआ था। कई वाहन बॉडी के ऊपर से गुजर चुके थे। उनकी बाइक साइड में सही सलामत खड़ी थी। रजिस्ट्रार ऑफिस से हाईवे पर कैसे पहुंचे, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। आरोप है कि किसी रंजिश के चलते वजाराम का मर्डर कर उनके शव को हाईवे पर लाकर फेंका गया है। आधार कार्ड से हुई पहचानसदर थाना SHO कपूराराम ने बताया- हाईवे किनारे बाइक खड़ी मिली है। सड़क पर बॉडी के कई हिस्से अलग-अलग जगह पड़े थे। आधार कार्ड से पहचान कर परिजनों को हादसे की जानकारी दी गई। लास्ट लोकेशन (रजिस्ट्रार ऑफिस) से करीब 4 किलोमीटर दूर हाईवे पर किराना व्यापारी की बॉडी मिली है। यह उनके घर जाने वाले रूट से अलग है। घर से ये दूरी मात्र दो किलोमीटर की है। परिजनों ने शव लेने से इनकार कियाहादसे की सूचना के बाद पाली के बांगड़ जिला हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। सीओ ग्रामीण अमर सिंह रत्नू और सदर थाना SHO कपूराराम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। परंतु लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। परिजन हत्या का खुलासा कर आरोपियों को पकड़ने और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिससदर थाना SHO कपूराराम ने बताया- पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किराना व्यापारी के साथ आखिरी बार कौन था। वह हाईवे तक कैसे पहुंचे। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
The Bonus Market Update: शेयर बाजार में लौटी हरियाली; सेंसेक्स 1516 अंक चढ़ा, निफ्टी 22800 के पार
हफ्ते के दूसरे दिन बाजार खुलते ही तेजी का माहौल नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1500 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 74,000 के पार पहुंच गया।
रोहतक जिले के महम बाइपास पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। राजस्थान के भादरा निवासी एक व्यापारी की कार दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी। हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब व्यापारी दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना थे। हादसे में व्यापारी को मामूली चोटें आईं, जबकि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सामने से आए ट्रक के पानी से बिगड़ा संतुलन भिवानी रोड फ्लाईओवर पर सामने से आ रहे एक ट्रक के टायरों से उछला पानी व्यापारी की कार के फ्रंट शीशे पर आ गिरा। इससे दृश्यता खत्म हो गई और चालक ने तुरंत ब्रेक लगाए। अचानक ब्रेक लगाने से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकराकर उछलते हुए भिवानी-महम मार्ग के पास सड़क पर जा गिरी। राहगीरों ने बचाई जान राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर व्यापारी को कार से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें महम के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। मार्बल का कारोबार है भादरा के रहने वाले सुरजीत सिंह ने बताया कि वह मार्बल के व्यापारी हैं और व्यापार के सिलसिले में भादरा से हैदराबाद जा रहे थे। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी थी। उन्होंने कहा कि उनकी जान बचना किस्मत और उनकी 80 लाख रुपए की कीया कार्निवाल कार की मजबूती का नतीजा है। क्रेन से पुलिस ने हटवाई कार महम थाना पुलिस के अनुसार हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। कार को क्रेन की मदद से सड़क किनारे किया गया। पुलिस ने बताया कि हादसा ट्रक के टायरों से उछले पानी के कारण हुआ, जिससे चालक को दृश्यता नहीं मिली और वाहन अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरा। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बाजार में लौटी हरियाली- निफ्टी एक्सपायरी पर बुल्स का कब्जा, 1% से ज्यादा उछले इंडेक्स
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त उछाल देखा गया। सेंसेक्स 1100 अंक उछला और निफ्टी 22,800 के पार निकल गया। ऑटो और मेटल शेयरों में आई इस तेजी के पीछे के वैश्विक कारणों को विस्तार से जानें।
ट्रंप के एक बयान से बदल गया बाजार! सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल
Share Market 24 march : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बढ़त दिखाई दी। आज सुबह 10 बजे सेंसेक्स में 777 और निफ्टी में 240 अंकों का उछाल दिखाई दिया।
शादियों के सीजन से पहले राहत! चांदी की चमक पड़ी फीकी, निवेशकों को लगा झटका
चांदी की कीमतों में आज भारी गिरावट दर्ज की गई है। मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों में सिल्वर के ताजा रेट, वैश्विक बाजार के संकेत और निवेश के अवसरों पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट।
सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट- अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच गोल्ड हुआ सस्ता, निवेशक हैरान
आज सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा रेट, अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर और मुख्य शहरों के भाव जानने के लिए पढ़ें यह पूरी खबर।
भारतीय कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में 11 लाख करोड़ से ज्यादा पूंजीगत निवेश की बनाई योजना: सरकार
सरकार ने सोमवार को कहा कि भारतीय कंपनियों (इंडिया इंक) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) की योजना बनाई है
ट्रंप के फैसले से तेल की कीमतों में 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट, गिफ्ट निफ्टी में जोरदार उछाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा करने और दोनों देशों के बीच बातचीत के 'सकारात्मक' होने की बात कहने के बाद सोमवार को वैश्विक तेल कीमतों में भारी गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड की कीमत 13 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई
मप्र में सरकार निवेश लाने के लिए लगातार इन्वेस्टर समिट आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री व अफसरों की विदेशों की यात्रा पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन इन आयोजन और दावों की जमीनी हकीकत जो सामने आई है वह चौंकाने वाली है। मप्र में दो प्लास्टिक पार्क की स्थापित हो गए, जिनमें रायसेन जिले के तामोट में 108 रुपए खर्चा कर प्लास्टिक पार्क स्थापित किया गया। इसमें 20 हजार को रोजगार देने का दावा था, लेकिन जो जानकारी सामने आई है, इस भारी भरकर खर्च के बाद पार्क में सिर्फ 274 को ही रोजगार मिल पाया है। यही स्थिति ग्वालियर जिले के बिलौआ में स्थापित प्लास्टिक पार्क की है जिसमें 68 करोड़ रुपए खर्च के बाद रोजगार की स्थिति जीरो है। यह जानकारी रतलाम-झाबुआ से सांसद अनीता नागर सिंह चौहान द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में आई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में प्लास्टिक पार्क स्थापित करने में खर्चा तो हुआ सैंकड़ों करोड़ रुपए लेकिन निवेश आया वह भी कम और युवाओं को रोजगार मिलने के दावे और हकीकत कुछ और है। तामोट... 274 को ही मिला रोजगार रायसेन जिले के तामोट में स्थित प्लास्टिक पार्क की आधारशिला 5 जून 2015 को मौजूदा केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखी थी, उस दौरान दावा किया गया था कि 100 से अधिक इकाइयां लगेंगी, जिनमें 713 करोड़ रुपए का निवेश आएगा और 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। लेकिन, प्रोजेक्ट की लागत तो 108 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जिसमें केंद्रीय अनुदान 40 करोड़ रुपए था। यहां प्लास्टिक पार्क का काम पूरा हो चुका है, 33 प्लॉट भी आवंटित हो गए , लेकिन रोजगार सिर्फ 274 लोगों को मिला। निजी निवेश भी दावों के मुताबिक सिर्फ 68.75 करोड़ रुपए ही आया है। यानी खर्चा 108 करोड़ रुपए हुआ, 40 करोड़ केंद्र का अनुदान था तो पार्क स्थापित करने में खर्चा 68 करोड़ रुपए हुआ जिसमें सिर्फ 68 करोड़ रुपए का ही निजी निवेश आया।
बेगूसराय नगर निगम के सभागार में सामान्य बोर्ड की बैठक मेयर पिंकी देवी की अध्यक्षता में हुई है। बैठक में 5 अरब 25 करोड़ 36 लाख 32 हजार रुपए के अनुमानित बजट को स्वीकृति दी गई है। मेयर ने कहा कि आम शहरियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बुनियादी सुविधाओं को सुढृढ करने के लिए एक ठोस योजना का रूप है। यह बजट राजकोषीय अनुशासन, पारदर्शिता और सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करती है। बजट में आवश्यक सेवाओं, बुनियादी ढांचे में निवेश, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर फोकस किया गया है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और विकास के लिए प्रावधान है। नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर ने कहा कि 2026-2027 के प्रस्तावित बजट प्रारूप में बुनियादी ढाचे के विकास, सार्वजनिक सेवाओं, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, आपातकालीन तैयारियों के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। संपत्ति कर से 20 करोड़ रुपए इनकम का अनुमान नगर निगम को आगामी वित्तिय वर्ष में संपत्ति कर से 20 करोड़ रुपए आय का अनुमान है। वहीं, सभी अनिर्धारित और नए मकानों को संपत्ति कर के दायरे में लाने से राजस्व में बढोतरी का अनुमान है। नगर निगम क्षेत्र में भूमि-मकान के हस्तांतरण पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क के रूप में राजस्व प्राप्ति होती है। ट्रेड लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाने के शुल्क, देर से कर अदायगी पर लगने वाले जुर्माना, भवन अनुज्ञा शुल्क, पानी टैंकर के शुल्क, सेप्टिक टैंक सफाई और कचरा संग्रहण प्रभार जैसे मदों से 5.69 करोड़ आय का अनुमान है। विभिन्न फार्म के प्रकाशन, बिक्री और उपकरण भाड़ा से 25.39 लाख रुपए आय का अनुमान है। केंद्र-राज्य सरकार से 1.18 अरब अनुदान केंद्र-राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान के रूप में 1.18 अरब, मोबाइल टावर और दूरसंचार अवसंरचना से 5 लाख आय का अनुमान है। स्थापना व्यय के रूप में कर्मचारियों के वेतन, महंगाई भत्ता, पेंशन, प्रोविडेंट फंड योगदान और सेवानिवृति लाभ के लिए 15.33 लाख व्यय का प्रावधान है। प्रशासनिक व्यय के रूप में कार्यालय रख-रखाव, संचार-लेखन सामाग्री, किताबें, पत्रिकाएं-प्रकाशन, यात्रा एवं वाहन व्यय, बीमा, अंकेक्षण, शुल्क एवं विधि व्यय, राजस्व वृद्धि, वित्तिय तकनीकी परामर्श, विज्ञापन और प्रकाशन मद में सात करोड़ 37 लाख रुपए खर्च होने हैं। आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव के लिए 90 करोड़ से ज्यादा खर्च परिचालन-संरक्षण व्यय के रूप में आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव के लिए 90 करोड़ 65 लाख खर्च होगा। इसमें कचरा प्रबंधन-सफाई, बिजली-ईंधन, स्टोर की खपत, भवन, आधारभूत संरचना, नागरिक सुविधाओं के रखरखाव, अतिक्रमण नियंत्रण और अन्य सेवाओं का खर्च शामिल है। स्वच्छता-आपदा प्रबंधन के लिए 71 करोड़ 95 लाख रुपए खर्च होने हैं। इसमें संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए छिड़काव, बाढ़-सुखाड़ और भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव किया जाएगा। त्योहारों के अवसर पर विशेष स्वच्छता अभियान, प्याऊ, कंबल और जलावन वितरण, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना का व्यय शामिल है। पूंजीगत व्यय के लिए 1.39 अरब खर्च होने हैं। टाउन प्लानिंग एवं जियो टैंगिंग, सार्वजनिक शौचालय एवं प्रसाधन के लिए प्रावधान किया गया है। शहरी गरीबों के आधारभूत सेवाओं लिए धारा-82 के तहत कुल संसाधनों को 25 प्रतिशत हिस्सा व्यय का प्रावधान है।
पेट्रोलियम डीलरों के लिए स्टार्टअप नॉगती ने पेश किया समन्वित प्लेटफार्म ‘आवेग प्रो’
पुणे। फ्यूल-टेक स्टार्टअप नॉगती ने पेट्रोलियम डीलरों के खुदरा कारोबार के परिचालन को कारगर बनाने में सहायता प्लेटफॉर्म ‘आवेग प्रो’ पेश करने की घोषणा की है जो पेट्रोल पम्प परिचालन को डिजिटाइज़ और आधुनिक बनाने के लिए तैयार किया गया है। नॉगती की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार पुणे में आयोजित पेट्रोल डीलर्स […] The post पेट्रोलियम डीलरों के लिए स्टार्टअप नॉगती ने पेश किया समन्वित प्लेटफार्म ‘आवेग प्रो’ appeared first on Sabguru News .
पाली में छोटे भाई के मकान के मुहूर्त से पहले भजन संध्या में नाच रहे व्यापारी को हार्ट अटैक आ गया। वे नाचते-नाचते नीचे बैठ गए और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अचेत अवस्था में लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंबई के गोरेगांव से आए थे। मामला पाली के गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के कानेलाव गांव की देर रात 12:30 बजे की है। आज पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। छोटे भाई के मकान के मुहूर्त पर आए थे पाली जिले के खौड चौकी प्रभारी समुंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया- मिश्रीलाल (45) पुत्र नारायणलाल सीरवी निवासी कानेलाव हाल गोरेगांव (मुंबई) की मौत हो गई है। वे अपने छोटे भाई रूपाराम के मकान के मुहूर्त में 22 मार्च की दोपहर को कनेलाव आए थे। 22 मार्च को भजन संध्या और आज 23 मार्च मकान में गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। डांस करते-करते नीचे बैठ गए मिश्रीलाल के बुआ के लड़के बाबूलाल ने बताया- 22 मार्च की रात को भजन संध्या का आयोजन था। रात करीब 12 मिश्रीलाल भजन पर डांस कर रहे थे। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह डांस करते-करते नीचे बैठ गए। इसके बाद अचेत अवस्था में उन्हें पास ही गुंदोज हॉस्पिटल ले गए। जहां से उन्हें पाली के बांगड़ अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत हार्ट अटैक आने से हुई। मिश्रीलाल मुम्बई के गोरेगांव में जनरल स्टोर चलाते हैं। उनके 2 बेटियां और 1 बेटा है। उनका भी कानेलाव गांव में ही मकान काम चल रहा है। हार्ट अटैक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत:पुलिस क्वार्टर में जमीन पर पड़ा था शव, लांगरी से कहा था- मेरा खाना मत बनाना भीलवाड़ा कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह थाने की गाड़ी चलाते थे। सुबह ड्यूटी पर नहीं गए तो थानाधिकारी उन्हें बुलाने पहुंचे, देखा तो वह थाना परिसर में बने क्वार्टर में जमीन पर पड़े हुए थे। (पढ़ें पूरी खबर)
बुरहानपुर सायबर सेल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में सोमवार को पीड़ित को ₹1,28,940 वापस दिलाए हैं। पीड़ित से निवेश के नाम पर कुल ₹3,90,400 की ठगी की गई थी। गणपतिनाका थाना क्षेत्र की न्यू शिव कॉलोनी निवासी ऋषभ कुवाडे को ट्रेडिंग में निवेश का एक प्रस्ताव मिला था, जिसमें अत्यधिक रिटर्न का वादा किया गया था। उन्होंने IMPS ट्रांजैक्शन के माध्यम से अनावेदक के बैंक खाते में कुल ₹3,90,400 जमा किए थे। जब ऋषभ ने अपनी निवेशित राशि वापस लेने का प्रयास किया, तो उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिला। धोखाधड़ी का संदेह होने पर, पीड़ित ने तत्काल 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई। सायबर सेल की तत्परता रंग लाईपुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर, गणपतिनाका थाने में सायबर हेल्प डेस्क के आरक्षक गोलु ब्राह्मणे ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तत्काल नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की। सायबर सेल टीम, जिसमें आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर और सायबर हेल्प डेस्क के आरक्षक गोलु ब्राह्मणे शामिल थे, ने विभिन्न बैंकों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया। टीम के त्वरित और प्रभावी प्रयासों के कारण, धोखाधड़ी की गई राशि में से ₹1,28,940 को सफलतापूर्वक होल्ड कर लिया गया। विधिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, यह राशि पीड़ित ऋषभ कुवाडे के बैंक खाते में सुरक्षित रूप से वापस कर दी गई। पुलिस ने जनता से अपील की कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जिला बुरहानपुर के सभी थानों पर सायबर हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है।
आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) ने अभिव्यक्ति 2026 का सफल आयोजन किया। यह दो दिवसीय डीप-टेक सम्मेलन था, जिसमें देश के प्रमुख स्टार्टअप्स, नीति-निर्माता, निवेशक और वैज्ञानिक शामिल हुए। उन्नत शोध को वैश्विक समाधानों में बदलना विषय पर आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया। ये स्टार्टअप्स एआई. एमएल, मेडटेक, क्लीनटेक, रक्षा एवं एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, फिनटेक, आईओटी और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे। शोध और बाजार की दूरी को कम करने पर ध्यान कार्यक्रम का उद्घाटन कानपुर मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडियन और सीएसजेएमयू के वीसी विनय कुमार पाठक ने की। अभिव्यक्ति 2026 में “वैली ऑफ डेथ” यानी शोध और बाजार के बीच की दूरी को कम करने पर खास ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने शुरुआती तकनीकों के जोखिम को कम करने, फंडिंग बढ़ाने और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मेडटेक में नियमों से जुड़ी चुनौतियां, शोध को उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया और CSR के माध्यम से फंडिंग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। डीपटेक की भूमिका को किया उजागर अभिव्यक्ति में नए बैच लॉन्च, एमओयू साइनिंग और वर्कशॉप्स आयोजित की गईं। स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं द्वारा संचालित एक विशेष पैनल ने डीप-टेक में उनकी भूमिका और भागीदारी को भी उजागर किया। एथ्रोन एयरोस्पेस का पहला स्थान अभिव्यक्ति 2026 की मुख्य आकर्षणों में से एक पिच बैटल रहा, जिसमें स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों को एक प्रतिष्ठित जूरी के सामने प्रस्तुत किया। एथ्रोन एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, इसके बाद गोफ्लोट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड और सिमैक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। औपचारिक सत्रों के अलावा, इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी और नेटवर्किंग के जरिए स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच सीधी बातचीत हुई। इससे फंडिंग, साझेदारी और मार्गदर्शन के नए अवसर बने।
नागौर में किसानों और व्यापारियों को सशक्त बनाने के लिए एक ही दिन में दो बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक तरफ किसानों की समस्याएं सुनकर समाधान के प्रयास किए गए, वहीं दूसरी ओर कसूरी मैथी से जुड़े व्यापारियों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग के गुर सिखाए गए। इन आयोजनों से खेती और व्यापार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। किसानों की समस्याएं सुनीं, समाधान का भरोसा जिला परिषद सभागार में राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी की अध्यक्षता में कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें विधायक रेवंत राम डांगा, जिला परिषद सीईओ अरविंद जाखड़ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब 200 प्रगतिशील किसान, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक और अन्य कृषि से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। किसानों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों और अपनी समस्याओं को खुलकर रखा। अध्यक्ष ने किसानों की बात ध्यान से सुनकर भरोसा दिलाया कि सुझावों के आधार पर योजनाओं को और सरल व प्रभावी बनाया जाएगा। आधुनिक खेती और योजनाओं पर जोर संवाद के दौरान अधिकारियों ने किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने और आय बढ़ाने के नए तरीकों के बारे में भी बताया गया। इससे किसानों को खेती को और बेहतर बनाने का रास्ता समझने में मदद मिली। मेथी व्यापारियों को सिखाए गए मार्केटिंग के गुर जिला उद्योग केंद्र में उद्योग विभाग और लघु उद्योग निगम की ओर से कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर ‘एक जिला एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के तहत रखा गया था। इसमें नागौरी कसूरी मैथी से जुड़े व्यापारियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने उन्हें आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग करने के तरीके समझाए। नागौरी कसूरी मैथी की खास पहचान कार्यक्रम में बताया गया कि नागौरी कसूरी मैथी अपनी खास खुशबू और स्वाद के कारण देशभर में अलग पहचान रखती है। इसकी गुणवत्ता के कारण बाजार में इसकी हमेशा मांग बनी रहती है और यह महंगी भी बिकती है। व्यापारियों को मिला नया आत्मविश्वास प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने गुणवत्ता बनाए रखने और बेहतर पैकेजिंग व बिक्री के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर कई व्यापारी और उद्यमी मौजूद रहे, जिन्हें इस प्रशिक्षण से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ईरान-इजराइल युद्ध से हिला बाजार: सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निवेशकों के 14 लाख करोड़ डूबे
Share Market Crash : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में 1800 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 602 अंक गिर गया। इससे निवेशकों को 14 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
हरियाणा के जींद में 2 बदमाशों का एनकाउंटर कर दिया गया। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। बदमाश ने पहले पुलिस टीम पर फायर किया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। वहीं, दूसरा बदमाश भागते हुए गिर गया। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये वही बदमाश हैं, जिन्होंने 17 मार्च को जुलाना के व्यापारी सुशील तायल का फिरौती के लिए अपहरण करने का प्रयास किया था। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायर किए थे। इस वारदात का मास्टरमाइंड फौजी था। जींद के एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज निरीक्षक मनीष कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों बदमाश जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर मौजूद हैं। जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। जानिए क्या है पूरा मामला… ₹1 करोड़ की फिरौती लेने का था प्लान एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि 17 मार्च की सुबह जुलाना की पुरानी अनाज मंडी के पास व्यापारी सुशील तायल सैर पर निकले थे। तभी कार सवार तीन बदमाशों ने उन्हें जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश की। व्यापारी के शोर मचाने पर भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे डरकर बदमाश भाग निकले। पुलिस अब आरोपियों का रिमांड लेकर यह पता लगाएगी कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था या इन्होंने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।
गाजियाबाद में युवक ने की आत्महत्या:व्यापार में घाटा, जुए की लत और कर्ज बना कारण
गाजियाबाद में मुरादनगर थाना क्षेत्र के ईदगाह रोड पर एक किराएदार युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान 35 वर्षीय आसिफ पुत्र युनूस के रूप में हुई है। आसिफ मूल रूप से बागपत जिले के सिंघावली अहीर का रहने वाला था। वह वर्तमान में मुरादनगर के ईदगाह रोड स्थित शकील के मकान में किराए पर रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आसिफ ओडिशा में तिरपाल और कंबल का व्यापार करता था। कारोबार में लगातार घाटा होने और जुए की लत के कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से वह अत्यधिक मानसिक तनाव में था, जिसके चलते उसने देर रात यह कदम उठाया। कार्यवाहक मुरादनगर थानाध्यक्ष गोपाल चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है।
जैसलमेर: गोपा चौक सब्जी मंडी हटाने का अल्टीमेटम, व्यापारियों में भारी आक्रोश
नगर परिषद ने व्यापारियों को 3 दिन में जगह खाली करने का आदेश दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
अजमेर में गैस सिलेंडर के दामों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योतिबा फुले सर्किल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सिलेंडर के पुतले की शव यात्रा निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता सिलेंडर के पुतले से लिपटकर फूट-फूट कर रोते हुए भी नजर आए। जिला अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि आज गैस सिलेंडर के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल साबित हो रही है और आमजन को राहत देने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि गैस सिलेंडर के दामों में जल्द कटौती की जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब देखिए, घटना जुड़ी PHOTOS…
बस्ती जिले में कमर्शियल गैस की भारी कमी ने होटल और ढाबा कारोबार को गंभीर संकट में डाल दिया है। स्थिति यह है कि हाईवे किनारे संचालित लगभग 90 प्रतिशत ढाबे बंद हो चुके हैं और उनके बाहर ताले लटक रहे हैं। ढाबा संचालकों के अनुसार, पिछले कई दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे खाना बनाना असंभव हो गया है। इस मजबूरी के चलते अधिकांश ढाबों को बंद करना पड़ा है। कुछ ढाबे जो अभी भी किसी तरह संचालित हो रहे हैं, वे सीमित संसाधनों के सहारे काम चला रहे हैं और उनका कहना है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें भी अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ेंगे। इस संकट का सीधा असर इन ढाबों में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ा है। ढाबा मालिकों के अनुसार, कारोबार ठप होने से आय का स्रोत बंद हो गया है, जिससे कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल हो रहा है। कई कर्मचारी बेरोजगारी के कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट का व्यापक असर ऑनलाइन फूड डिलीवरी व्यवसाय पर भी देखा जा रहा है। स्थानीय संचालकों के मुताबिक, ऑनलाइन ऑर्डर में लगभग 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जिससे इस क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय भी प्रभावित हुए हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति को तत्काल सुचारु किया जाए, ताकि बंद पड़े ढाबे दोबारा खुल सकें और लोगों की आजीविका बहाल हो सके। अन्यथा, यह संकट और गहराने की आशंका है।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में बदनामी और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल किया, फिर फर्नीचर व्यापारी से 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। अब और रकम की मांग कर रहे थे। बाणगंगा पुलिस ने बताया कि 51 वर्षीय रामराज शर्मा निवासी प्रिंस नगर ने पुलिस को बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले उदय मौर्य, पिंकी मौर्य और उनके परिवार से पुराना विवाद चल रहा है। करीब चार महीने पहले भी झगड़ा और मारपीट हुई थी, जिसकी शिकायत थाने में की गई थी। इसके बाद से आरोपी उनसे रंजिश रखने लगे। शिकायत के अनुसार, उदय मौर्य ने अंकित परमार के साथ मिलकर फरियादी को बदनाम करने की साजिश रची। दोनों ने सोशल मीडिया पर झूठा वीडियो बनाकर वायरल किया, जिसमें उसे बीजेपी नेता, इलाके का गुंडा और लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाला बताया गया। इससे उसकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा। इस दौरान कई लोग उन्हे इस मामले में पूछताछ कर छेडने लगे। रामदीन ने बताया कि वह बीजेपी का नेता भी नही ओर उसके उपर कोई अपराध भी पूर्व से दर्ज नही। रामराज का आरोप है कि वीडियो डालने के बाद इसी बदनामी और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर आरोपियों ने कॉल किया ओर पितृ पर्वत पर मिलने बुलाया। यहां अंकित ओर अन्य लोगो ने धमकाया कि 50 हजार नही दिए तो तेरे ओर वीडियो वायरल कर देगे। तुझे रेप केस में किसी लडकी से बात कर फंसा देगे। डर के चलते 50 हजार रुपए उदय ओर अंकित को दे दिए। रकम मिलने के बाद भी दोनों और पैसे मांगने लगे। मना करने पर रेप के झूठे केस में फंसाने और नए वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद पीडित ने डीसीपी राजेश व्यास को मामले की शिकायत की। मामला जांच में लेने के बाद बाणगंगा पुलिस ने सभी आरोपियो के खिलाफ ब्लैकमेल करने ओर रूपए वसूलने के मामले में एफआईआर की है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर अफीम की अवैध खेती पकड़ाई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जिले में बीते दो दिन में यह दूसरा मामला है। 17 दिनों में अफीम की खेती का ये पांचवा मामला है। पुलिस ने अफीम की खेती का खुलाता करते हुए बताया कि जगतराम नाग और मनोज नाग को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया, जबकि साधराम नाग फरार है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लाकर अफीम उगा रहे थे। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और मामले की जांच जारी है। वहीं भूपेश बघेल ने अफीम की खेती पर भाजपा सरकार पर तंज कसा है। सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर उन्होंने पोस्ट कर लिखा है कि ‘सुशासन' के अफीम स्टार्टअप की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है। पहले ये दो तस्वीरें देखिए… 23 मार्च को तमनार में पकड़ी गई थी खेती दो दिन पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा यहां 10-12 साल से खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था। 10-12 सालों से हो रही थी खेती बताया जा रहा है कि, आरोपी मार्शल सांगा झारखंड से आ कर अपने ससुराल रायगढ़ के तमनार में रहने लगा। वह पिछले 10-12 साल से यहां खेती कर रहा था। झारखंड में अफीम की खेती उसके साथी कर रहे हैं और उसी को देख कर उसने यहां खेती करना शुरू किया। हालांकि इसकी जांच अभी जारी है। अफीम की खेती पकड़ाने का पांचवां मामला बता दें कि प्रदेश में पिछले 17 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह पांचवां मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी। 21 मार्च को रायगढ़ के तमनार में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। ……………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायगढ़ में मिली अफीम की खेती: झारखंड का शख्स हिरासत में, 15 दिन में चौथा मामला; भूपेश बोले- BJP सरकार के सरंक्षण में खेती जारी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई है। तमनार ब्लॉक के आमाघाट में करीब डेढ़ एकड़ में अफीम की फसल लहलहा रही थी। 20 मार्च यानि आज मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पढ़ें पूरी खबर…
ट्रंप की एक धमकी से शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम
Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरों और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार को बड़ा झटका दिया है।
शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, सेंसेक्स 1400 से ज्यादा टूटा, क्या करें निवेशक?
Share Market Crash : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम हो गए। सुबह 9.54 बजे सेंसेक्स में 1472 अंक टूटकर 73,060 पर थे, वहीं निफ्टी भी 484 अंकों की गिरावट के साथ 22,633 पर जा पहुंचा। बताया जा रहा है कि ...
ग्लोबल कोहराम का शेयर बाज़ार पर सीधा वार- भारतीय निवेशक घबराएं नहीं, पहले सारे तथ्यों को समझें
भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट के संकेत। GIFT Nifty के अनुसार बाजार 1.4% नीचे खुल सकता है। जानें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल टेंशन का आपके निवेश पर क्या होगा असर।
चाँदी की चमक ने बदला बाज़ार का मिजाज़ – निवेशक खुश, खरीदार परेशान; आखिर कब थमेगी ये उड़ान?
भारत में चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल। जानें आज का ताजा भाव, रुपया-डॉलर का असर और निवेश से जुड़ी जरूरी बातें। क्या यह चांदी खरीदने का सही समय है?
बीकानेर के साइबर थाना पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया है। परिवादी इंदिरा गांधी नहर विभाग में अधिशासी अभियंता है, जिन्होंने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ करीब 31.71 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। साइबर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आईजीएनपी कॉलोनी निवासी अधिशासी अभियंता रविन्द्र कुमार जैन को फरवरी माह में एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां शेयर बाजार में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच दिया गया। ग्रुप एडमिन ने खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए निवेश के लिए प्रेरित किया गया। परिवादी ने बताया कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन किया और अलग-अलग बैंक खातों में किस्तों में कुल 31.71 लाख रुपए जमा करवा दिए। निवेश के बाद उनके अकाउंट में करीब 1.47 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब राशि निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले। आरोप है कि बाद में आरोपियों ने और पैसे जमा करवाने के लिए टैक्स (STCG) के नाम पर करीब 23 लाख रुपए की मांग की, तब परिवादी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी तरीके से निवेश का झांसा देकर कई लोगों को निशाना बनाया है। अलग-अलग बैंक खातों में लेन देन निवेश करने के लिए अलग अलग बैंक खातों का उपयोग किया गया। एफआईआर में पांच बैंक खातों का जिक्र किया गया है, जिसमें 31 लाख से ज्यादा राशि का लेनदेन किया गया है।
कोटा में दैनिक भास्कर और ओरिलाइट लाइफ स्पेसेस द्वारा आयोजित 2 दिवसीय प्रॉपर्टी एक्सपो का समापन रविवार को हुआ। झालावाड़ रोड स्थित श्री माहेश्वरी भवन में इसका आयोजन हुआ था। अंतिम दिन भी कई बुकिंग हुई। लोगों ने नए प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। साइट विजिट करके उन्होंने अपनी पसंद के अनुसार प्लॉट, मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट, विला और फ्लैट देखे और बुक भी करवाए। दूर-दराज से आए लोगों ने भी अपने सपनों के घर और बैंक से मिलने वाले लोन के बारे में जानकारी ली। यहां मार्च क्लोजिंग में निवेश के विभिन्न विकल्पों के बारे में लोगों को बताया गया। एक्सपो में रियल एस्टेट से संबंधित सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। बैंकिंग, लोन और निवेश से संबंधित जानकारी भी आसानी से उपलब्ध थी, जिससे खरीदारों को निर्णय लेने में आसानी हुई। एक्सपो में रविवार को दीप प्रज्वलन में मुख्य अतिथि निमित्त रंजन चौधरी (कुलगुरु, आरटीयू), समन्वय पाराशर (चैनल पार्टनर, ओरिलाइट लाइफ स्पेसेस), महेश गुप्ता (चेयरमैन, शिव ज्योति एजुकेशनल ग्रुप), महेश विजय (पूर्व महापौर एवं चेयरमैन, मां भारती ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन), डॉ. प्रवीण गुप्ता (निदेशक, केबीएस ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन), राज दाधीच (निदेशक, एमडी मिशन ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन), कुलदीप माथुर (चेयरमैन, एलबीएस ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन), दिनेश विजय एवं पुष्पांजलि विजय (निदेशक, एमबी इंटरनेशनल स्कूल), डॉ. अज़हर मिर्ज़ा एवं डॉ. मजहर मिर्ज़ा (निदेशक, सर्वोदय ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन), डॉ. नकुल विजय (निदेशक, बीएसएन ग्रुप एजुकेशन), सी.पी. चौधरी (प्रोजेक्ट हेड, राजस्थान स्टेट गैस), डॉ. ओम मालव (ऑर्थो सर्जन), नवीन गर्ग (प्रोप्राइटर, सुबोधिनी ज्वेलर्स), राजेंद्र प्रसाद मीणा (चीफ मैनेजर, एसबीआई बैंक) एवं अनअकेडमी से सौरभ शर्मा मौजूद रहे। प्रॉपर्टी एक्सपो में परिवार के साथ आने वालों को अनअकेडमी की ओर से आकर्षक उपहार प्रदान किए गए, और कोटा डेयरी की तरफ से लस्सी, छाछ व श्रीखंड का आनंद भी लिया गया। सहयोगी संस्थाएं: ओरिलाइट लाइफ स्पेसेस, आकांक्षा इंफ्रा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, सुमंगलम ग्रुप, पार्थसारथी ग्रुप, केजीवी इंफ्रा, पार्श्वनाथ ग्रुप, आशीर्वाद हाउसिंग, आशीष ग्रुप, सैफ्रन सिटी ग्रुप, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अनअकेडमी कोटा सेंटर, कोटा डेयरी (सरस), ऑर्डिनरी टू ब्रांड बाय राजकमल, एमडी इवेंट बाय कमल शर्मा।
व्यापारियों की समस्याओं का घर बैठे कराया जाए समाधान: ईटीओ
भास्कर न्यूज | अमृतसर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने रविवार को मेहता चौक में आयोजित ‘व्यापार मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान स्थानीय व्यापारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को विस्तार से सुना और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि व्यापारी वर्ग पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों को जीएसटी, बिजली आपूर्ति और लेबर से संबंधित किसी भी मुद्दे के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार का लक्ष्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को जमीनी स्तर पर लागू करना है। इस दौरान ट्रेड कमीशन के चेयरमैन रमेश अवस्थी और वाइस चेयरमैन अभिषेक बंसल ने भी व्यापारियों की समस्याओं को सुना। बैठक में पुलिस, तहसील, टैक्स विभाग, मंडी बोर्ड, बिजली विभाग और उद्योग विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरविंदर सिंह, अजय गांधी, राजविंदर लाडी, अमर रावत और जगजीत सिंह आदि मौजूद थे।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला सहसंयोजक बने अरविंद
प्रतापपुर | भारतीय जनता पार्टी जिला सूरजपुर के व्यापार प्रकोष्ठ में संगठनात्मक विस्तार के तहत अरविंद जायसवाल को जिला सहसंयोजक नियुक्त किया गया है। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि अरविंद जायसवाल संगठन की विचारधारा, सिद्धांत और मूल्यों के अनुरूप काम करते हुए व्यापार प्रकोष्ठ को मजबूती प्रदान करेंगे। उनके अनुभव, समर्पण और सक्रियता से संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। नवीन दायित्व मिलने पर उन्हें बधाई देते हुए सभी ने उनके सफल और जनसेवा पर आधारित कार्यकाल की कामना की।
महंगे रॉ मटेरियल से प्लाईवुड, लैमिनेट व्यापार पर भी असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच शहर के भी प्लाईवुड, लैमिनेट, ऐक्रेलिक शीट आदि के व्यापारियों पर भी असर पड़ रहा है। प्लाईवुड बनाने के लिए जरूरी लकड़ी को छोड़कर सभी कच्चा माल जैसे फार्मेल्डिहाइड, फीनॉल, मेथनॉल, कास्टिक आदि ईरान-इराक जैसे देशों से आता है। ये सभी पेट्रोलियम उत्पाद हैं। युद्ध की स्थिति के चलते फार्मेल्डिहाइड और पीवीसी की उपलब्धता पर भी असर पड़ने लगा है। इसका असर फर्नीचर निर्माण क्षेत्र पर पड़ेगा और आने वाले समय में घर का काम करवाना चुनौतीपूर्ण होगा। लैमिनेट में 10% और ऐक्रेलिक और पीवीसी शीट में लगभग 15% की वृद्धि की गई है। इसके बाद प्लाईवुड, फ्लश डोर और ब्लॉक डोर की कीमतों में 7% वृद्धि की गई है। यह वृद्धि मैन्युफैक्चरर्स द्वारा की गई वृद्धि के चलते की गई है। इस बीच देशभर के कई व्यापारिक एसोसिएशन ने प्लाई निर्माताओं को भाव वृद्धि नहीं करने का कहा है। लागत भी बढ़ने लगी है ऑल भारत प्लाईवुड एंड लैमिनेट ट्रेड व्यापारी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र बाफना ने बताया लैमिनेट बनाने में जरूरी केमिकल फार्मेल्डिहाइड और रेजिन के भाव में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ही तेजी आई है। चाइना द्वारा भाव बढ़ाए गए हैं, जिससे लागत बढ़ी है। युद्ध के दौरान अन्य चीजों की भी अनिश्चितता के चलते इन सभी के भाव बढ़ाए गए हैं। कई मेलामाइन यूनिट्स गैस की कमी के कारण भी बंद हो रहे हैं। प्लाईवुड और लैमिनेट व्यापारी एसोसिएशन ऑफ इंदौर के अध्यक्ष महेंद्र जैन ने बताया नए रेट 16 मार्च से लागू किए हैं। आगे लागत में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये अभी नहीं कह सकते। हम अपने सभी व्यापारियों से कह रहे हैं कि वे अपने ग्राहकों को पूरी स्थिति स्पष्ट करें और सभी शीट्स एक बार में खरीदने के लिए कहें।
मुरादाबाद : शेर ए पंजाब होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़, संचालक समेत 14 अरेस्ट
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने बड़े पैमाने पर अनैतिक देह व्यापार के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य संचालक समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) कुमार रणविजय सिंह ने रविवार को बताया कि कोतवाली क्षेत्र के बुध बाजार चौकी इलाके स्थित शेर ए पंजाब होटल में अनैतिक गतिविधियों […] The post मुरादाबाद : शेर ए पंजाब होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़, संचालक समेत 14 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
आज बिहार दिवस के अवसर पर पूरा राज्य अपनी स्थापना की 114वीं वर्षगांठ धूमधाम से मना रहा है। इस मौके पर पटना में जन्में, वेदान्ता ग्रुप के संस्थापक चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एक भावुक संदेश अपने सोशल मीडिया पर डाला है। मेटल किंग के नाम से पहचान बनाने वाले उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने अपने जन्मस्थान के प्रति भावुक जुड़ाव जताते हुए प्रदेशवासियों को खास शुभकामनाएं दी हैं। इन्होंने बिहार में बिताए अपने शुरुआती सालों को याद करते हुए यहां एम्प्लॉयमेंट जनरेशन और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निवेश की इच्छा जाहिर की है। बिहार दिवस के मौके पर भावनाओं से भरे इस संदेश में अनिल अग्रवाल ने अपनी मिट्टी से गहरे जुड़ाव को शब्द दिए हैं। बिहार के युवा देश-दुनिया में बना रहे अलग पहचान उन्होंने लिखा, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में रहें, उनके अंदर एक बिहार हमेशा जिंदा रहता है। अपने बचपन और युवावस्था के 15-20 सालों को याद करते हुए उन्होंने लिट्टी-चोखा की सोंधी खुशबू, छठ पूजा का उल्लास और संघर्षों से लड़ने की बिहारियों की जिद को अपनी सबसे बड़ी सीख बताया। उन्होंने आगे लिखा, आज भी बिहार के कोने-कोने से आने वाले लोगों के संदेश उन्हें अपनेपन का एहसास कराते हैं। उन्होंने बिहार की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए नालंदा और आर्यभट्ट का उदाहरण दिया। कहा कि आज भी बिहार के युवा देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। बिहार में जल्द करेंगे निवेश युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने लिखा, बड़े सपने देखें, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहें। शिक्षा को अपनी ताकत बनाए रखें और जहां भी जाएं, गर्व से खुद को बिहारी कहें। साथ ही उन्होंने बिहार में निवेश की इच्छा जताते हुए लिखा, वे लंबे समय से इसके लिए अवसर तलाश रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे। बिहार का कोई भी बच्चा भूखा न सोए उन्होंने महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण पर खास जोर देते हुए बताया कि जैसे राजस्थान में नंद घर के जरिए हजारों केंद्र बनाकर बच्चों को पोषण-शिक्षा और महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ा गया है, वैसा ही मॉडल बिहार में भी लागू करने की उनकी इच्छा है। उनका सपना है कि बिहार का कोई भी बच्चा भूखा न सोए और महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। अंत में उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में बिहार देश की अगली बड़ी विकास गाथा लिखेगा। सभी प्रदेशवासियों को बिहार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा- हम बिहारी, सब पे भारी। 7 जनवरी 2026 को बेटे को कहा अलविदा बता दें कि अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का 2 महीने पहले 7 जनवरी 2026 को निधन हो गया था। 6 जनवरी को अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 7 जनवरी 2026 को अस्पताल में ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और उसका 49 साल में निधन हो गया। पिता अनिल अग्रवाल ने रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। अनिल ने लिखा, हमें लगा था कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अग्रवाल ने X पर एक पोस्ट में लिखा था- ‘आज मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन है। मेरे प्यारे बेटे अग्निवेश ने हमें बहुत जल्द ही अलविदा कह दिया। मेरे लिए, वे सिर्फ मेरे बेटे नहीं थे, वे मेरे दोस्त थे, मेरा गौरव थे, मेरी दुनिया थे, परिवार इस क्षति से व्याकुल हैं। किरण और मैं टूट गए हैं।’ अनिल अग्रवाल 75% संपत्ति करेंगे दान उन्होंने अपने बेटे के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए वादा किया था कि वे अपनी 75 फीसदी संपत्ति दान करेंगे। अनिल अग्रवाल ने बताया था कि, उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अपने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता के लिए जाने जाते थे। अनिल अग्रवाल ने बेटे के साथ तस्वीरें शेयर की हैं... बिहार के पटना से निकलकर ग्लोबल बिजनेस मैन बनने वाले अनिल अग्रवाल आज वेदांता ग्रुप के चेयरमैन हैं। फोर्ब्स की जुलाई 2025 लिस्ट के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 35,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। जिससे वे बिहार के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में वे 16वें स्थान पर हैं, जबकि एनआरआई वेल्थ क्रिएटर्स में चौथे स्थान पर हैं। मेटल किंग के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल के परिवार की जड़ें राजस्थान में रही हैं। उनके पिता कारोबार के सिलसिले में बिहार चले गए थे। इससे पहले परिवार कुछ समय तक राजस्थान में रहा था। अनिल अग्रवाल का जन्म पटना में हुआ, पर उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर के चौमूं और सीकर में की। जानिए कैसे पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने लंदन तक का सफर पूरा किया। कैसे वो मेटल किंग बने… पटना टु लंदन वाया मुंबई अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में पटना के मारवाड़ी परिवार में हुआ। सरकारी स्कूल में पढ़े। पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल एल्यूमीनियम कंडक्टर के छोटे कारोबारी थे। पिता के बिजनेस में हाथ बंटाया। 19 की उम्र में बेहतर भविष्य की तलाश में मुंबई पहुंचे। वहां 9 बिजनेस किए, सभी फेल रहे। फिर वेदांता की स्थापना की। वेदांता, जिंक, लेड, एल्युमिनियम और सिल्वर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसके फाउंडर अनिल अग्रवाल इंडिया के मेटल मैन के नाम से जाने जाते हैं। कंपनी का मार्केट कैप करीब 83 हजार करोड़ रुपए है। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मैंने सोचा नहीं था कि साधारण आदमी होते हुए राष्ट्र निर्माण से योगदान दूंगा।’ मालूम हो, वेदांता ने 8 साल में 3.39 लाख करोड़ रुपए टैक्स का योगदान दिया है। एक टिफिन बॉक्स-बिस्तर लेकर मुंबई गए अनिल अग्रवाल चार भाई-बहन थे। पिता की आमदनी बहुत ज्यादा नहीं थी। वे पटना में ही एक छोटी सी एल्युमिनियम कंडक्टर की दुकान चलाते थे। अनिल की शुरुआती पढ़ाई पटना में ही हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें पटना से बाहर जाना था, लेकिन उन्होंने तय किया कि वे पिता के बिजनेस में हाथ बटाएंगे। इसके बाद वे पिता के साथ काम करने लगे। हालांकि कुछ सालों बाद अनिल का मन फिर से बाहर जाने का करने लगा। 19 साल की उम्र में वे पटना से मुंबई आ गए। साथ में था एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर। अनिल ने पिता को बिजनेस करते देखा था, इसलिए उन्हें नौकरी की दुनिया पसंद नहीं आई। छोटे-छोटे धंधे में हाथ आजमाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली मुंबई आने के बाद कुछ सालों तक अनिल अग्रवाल अलग-अलग धंधे में हाथ आजमाते रहे। कुछ समय तक स्क्रैप का भी बिजनेस किया। कैंब्रिज में एक बार बोलते हुए उन्होंने बताया था कि मेरे शुरुआती 30 साल संघर्ष में बीते। सालों तक डिप्रेशन में रहा। उसके बाद मुंबई में एक घर लिया। फिर पत्नी और बेटे को भी बुला लिया। कैंब्रिज में स्पीच के दौरान अनिल ने पत्नी की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने उस छोटे से मकान को घर बना दिया। एक बार सोशल मीडिया पर अनिल ने बताया था 'मैंने बहुत उम्मीदों से पहली कंपनी खरीदी, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ। दस साल बहुत मुश्किल हालात में गुजरे। इसके बाद 1976 में शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी खरीदी। तब मेरे पास वर्कर्स को सैलरी देने और रॉ मटेरियल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। दिन-दिनभर मैं पेमेंट क्लियर कराने के लिए बैंकों के चक्कर काटता था। इसके बाद मैंने अलग-अलग फील्ड में 9 बिजनेस शुरू किए। हर बिजनेस में असफलता मिली, लेकिन मैंने हार नहीं मानी।' 1976 में शुरू की वेदांता रिसोर्सेज इसके बाद 1976 में अनिल ने एक नई कंपनी शुरू की और नाम रखा वेदांता रिसोर्सेज। शुरुआत में ही इस बिजनेस में उन्हें फायदा होने लगा। इस प्रॉफिट का उन्होंने दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने में इस्तेमाल किया। 1993 में उन्होंने औरंगाबाद में एल्युमिनियम शीट्स और फॉइल्स बनाने का प्लांट लगाया। इसके साथ ही यह भारत की पहली कॉपर रिफाइनरी प्राइवेट कंपनी बन गई। सरकार के एक फैसले ने अनिल अग्रवाल को भारत का ‘मेटल किंग’ बना दिया 2001 में भारत सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी का ऑफर दिया। तब वेदांता रिसोर्सेज ने भारत एल्युमिनियम कंपनी में 51% शेयर खरीद लिए। यह सौदा 551.50 करोड़ रुपए में हुआ। अगले ही साल वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 65% हिस्सेदारी खरीद ली। इस तरह वेदांता रिसोर्सेज दो पब्लिक सेक्टर कंपनियों में आधे से ज्यादा शेयर की हिस्सेदार बन गई। कहा जाता है कि जब इन दोनों कंपनियों में वेदांता ने हिस्सेदारी खरीदी तब इनकी हालत अच्छी नहीं थी। दोनों ही माइनिंग कंपनियां थीं। वेदांता का भी इसी सेक्टर में बिजनेस था। ऐसे में, अनिल अग्रवाल के इस फैसले से वेदांता को खूब फायदा हुआ। यहीं से मेटल प्रोडक्शन सेक्टर में अनिल अग्रवाल स्थापित हो गए। उन्हें भारत का ‘मेटल मैन’ कहा जाने लगा। पहली भारतीय फर्म जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई 2001 में वेदांता की सिस्टर कंपनी स्टरलाइड इंडस्ट्रीज, ब्रोकर हर्षद मेहता के साथ शेयर प्राइज के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में फंस गई। इसमें BPL और विडियोकॉन जैसी कंपनियां भी शामिल थीं। शेयर बाजार में नियम-कानूनों को देखने वाली संस्था सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने तब स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को कैपिटल मार्केट में बैन कर दिया। 2003 में अनिल अग्रवाल लंदन चले गए। यहां कंपनी को नए नाम वेदांता रिसोर्सेज नाम से खड़ा किया। इसी साल उन्होंने वेदांता रिसोर्सेज को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया। यह पहली बार था जब कोई भारतीय कंपनी लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। इसके बाद दूसरी और भी भारतीय कंपनियां लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुईं। अनिल अग्रवाल को ऑफरिंग से करीब 7 हजार करोड़ रुपए का फायदा भी हुआ। अब जानिए अनिल अग्रवाल की फैमिली को अनिल अग्रवाल अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी किरण अग्रवाल को देते हैं। उन्होंने न केवल पारिवारिक मोर्चे पर सहयोग दिया, बल्कि वेदांता समूह की सामाजिक कामों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। अनिल अग्रवाल के दो बच्चे थे जिसमें बेटे अग्निवेश अग्रवाल ने 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। बेटी प्रिया अग्रवाल है। अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की इकाई तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में बोर्ड सदस्य थे। वहीं, प्रिया अग्रवाल वेदांता के बोर्ड में शामिल हैं। साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे थे अग्निवेश अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार से आने वाले अग्निवेश ने जीवन में खेल, संगीत और नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की, इसके बाद फुजैराह गोल्ड की स्थापना की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। अपने पेशेवर योगदान के साथ-साथ वे सरल, संवेदनशील और मानवीय स्वभाव के लिए जाने जाते थे। पूजा बांगुर से अग्निवेश की शादी हुई थी अग्निवेश की शादी पूजा बांगुर से हुई थी। पूजा बांगुर श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक हरि मोहन बंगुर की बेटी हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो कारोबारी घराने के बच्चों की ये शादी उस जमाने की सबसे महंगी शादियों में शुमार हुई थी। पूजा ने अग्निवेश अग्रवाल से गोवा के फोर्ट अगुआडा रिसॉर्ट के एक निजी समुद्र तट पर शादी की थी। दोनों की शादी में मुंबई और कोलकाता से जेट एयरवेज के चार्टर्ड विमान से 600 से अधिक मेहमान आए थे। अग्निवेश अग्रवाल का करियर अग्निवेश ने वेदांता समूह और उससे जुड़ी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वे हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और 2019 में उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। इसके अलावा, उन्होंने वेदांता द्वारा समर्थित कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) में निदेशक मंडल के अध्यक्ष के रूप में काम किया। साथ ही यूएई में स्थित एक बहुमूल्य धातु शोधन कंपनी, फुजैराह गोल्ड एफजेडसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक की भी जिम्मेदारी निभाई थी। इसके अलावा वे ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और स्टेरलाइट डिस्प्ले टेक्नोलॉजीज सहित समूह की अन्य सहायक कंपनियों में निदेशक पद संभाले। 2013 में बैंकर आकर्ष से हुई बहन प्रिया की शादी अग्निवेश की बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बर की शादी 2013 से बैंकर आकर्ष हेब्बर से हुई थी। उनकी एक बेटी माही है। उन्होंने ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। प्रिया वेदांता लिमिटेड में ईएसजी, निवेशक संबंध, कॉर्पोरेट संचार, मानव संसाधन, डिजिटल और सामाजिक प्रभाव विभागों का संचालन करती हैं।
इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी कड़ी में रिफाइनरी के जुबली हॉल में विक्रेता विकास कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले व्यवसायों को मुख्यधारा के व्यापार से जोड़कर सशक्त बनाना था। हितधारकों का विकास ही रिफाइनरी की प्राथमिकता कार्यशाला का उद्घाटन बरौनी रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने विक्रेताओं को केवल सप्लायर नहीं, बल्कि रिफाइनरी परिवार का अभिन्न सदस्य और मूल्यवान व्यापारिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के संचालन, प्रोजेक्ट निष्पादन और रखरखाव में इन छोटे उद्यमियों का योगदान अतुलनीय है। इस दौरान रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि अपने सभी हितधारकों के साथ मिलकर विकास करना है। इसलिए हितधारकों को शामिल करें, शिक्षित करें और प्रोत्साहित करें, यही हमारा मूल मंत्र है। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किया प्रेरित किया कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने की सलाह दी गई। रिफाइनरी प्रमुख ने सभी विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करें। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि उभरते हुए नए व्यापारिक अवसरों का फायदा उठाना भी आसान होगा। सफलता का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए प्रबंधन ने संतोष व्यक्त किया कि बरौनी रिफाइनरी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE), विशेषकर SC-ST और महिला उद्यमियों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया है। इसके साथ ही आने वाले निविदाओं (Tenders) में भी इनकी भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया। विशेषज्ञों ने दिए बोली लगाने के टिप्स कार्यकारी निदेशक (परियोजना एवं कोर ग्रुप) संजय रायजादा ने उद्यमियों को तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने निविदा दस्तावेजों के प्रमुख अनुभागों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के महत्व पर बल दिया। जिससे उद्यमी सटीक और प्रतिस्पर्धी बोली लगा सकें। कार्यशाला में GeM के माध्यम से खरीद, श्रेणी बोली, PP-LC नीति और टैक्स अपडेट पर प्रस्तुति दी गई। मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी उद्यमियों की सहायता के लिए कार्यक्रम स्थल पर अलग-्विलग भागों और बैंकों की ओर से सूचनात्मक स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामग्री विभाग, डाक विभाग, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक तथा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी शामिल हुए। स्टॉलों के माध्यम से उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं, बीमा और सरकारी लाभों के संबंध में जानकारी दी गई। 300 से अधिक उद्यमियों ने दिखाई रुचि इस कार्यशाला को लेकर स्थानीय विक्रेताओं में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में 300 से अधिक MSE उद्यमियों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में SC-ST और महिला ठेकेदार एवं आपूर्तिकर्ता शामिल थे। इतनी बड़ी उपस्थिति दर्शाती है कि बरौनी रिफाइनरी और उसके विक्रेता साझेदारों के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता और मजबूत हो रहा है।
रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र स्थित एसएएफ चौराहे पर रविवार को एक युवक ने शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक नशे की हालत में चौराहे पर पहुंचा और वहां खड़े फल विक्रेताओं के ठेलों को पलटना शुरू कर दिया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ठेला संचालकों में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि युवक की हरकतों से नाराज ठेला संचालकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की, लेकिन गुस्साए व्यापारियों ने युवक को नहीं छोड़ा। घटना की सूचना मिलते ही बिछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने मौके की स्थिति को नियंत्रित किया और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई। इधर, मारपीट की पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक द्वारा ठेले पलटने और बाद में उसकी पिटाई का दृश्य देखा जा सकता है। फिलहाल पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता किशनलाल पुरी ने तेंदू फल से बेवरेज विकसित किया है। उनके स्टार्टअप का चयन 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (RKVY) के तहत 'प्रेरणा श्रेणी' में किया गया है। यह पहल मध्यप्रदेश के बालाघाट और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती आदिवासी इलाकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। तेंदू फल, जिसका अब तक सीमित उपयोग होता था, अब स्थानीय परिवारों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनेगा। वनोपज भी बन सकता है समृद्धि का स्रोत किशनलाल पुरी ने दिखाया है कि उचित मार्गदर्शन और इच्छाशक्ति से वनोपज को भी समृद्धि का स्रोत बनाया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्हें भारत सरकार द्वारा सम्मानित किए जाने की भी संभावना है। देश भर से आए 200 से अधिक आवेदकों के बीच अपनी जगह बनाते हुए उन्होंने नई दिल्ली में उच्च स्तरीय समिति के समक्ष सफल प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके फलस्वरूप उन्हें 5 लाख रुपये की ग्रांट-इन-एड स्वीकृत की गई है। उन्हें जवाहर R-एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर में 30 दिनों का कड़ा प्रशिक्षण मिला, जहाँ विशेषज्ञों की देखरेख में उनके विचार को एक पेशेवर बिजनेस मॉडल, बेहतर पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग रणनीति में ढाला गया।
रायपुर में भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा उपायों के प्रति व्यापारियों को जागरूक करना था। कार्यशाला में कपड़ा और दवा व्यवसाय से जुड़े व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। जिला प्रशासन की टीम ने भी सहभागिता निभाई। गर्मी के मौसम में बढ़ते अग्नि जोखिम को देखते हुए व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सतर्कता बरतने पर विशेष जोर दिया गया। अग्निशमन उपकरणों का सीखा इस्तेमाल नगर सेना के निर्देशक चंद्रमोहन सिंह ने व्यापारियों को आग लगने के प्रमुख कारणों, उससे बचाव के उपायों और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कर उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना भी सिखाया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, नवीन ठाकुर और एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों का पालन करने का भरोसा जताया।
MP : CM यादव ने कहा- राजस्थान और मध्यप्रदेश हैं भाई-भाई, 5,055 करोड़ के निवेश से 3,530 रोजगार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजस्थान व मध्य प्रदेश को ‘भाई-भाई’ बताते हुए शनिवार को कहा कि ये दोनों राज्य अपनी क्षमता व योग्यता से आगे बढ़ने की सामर्थ्य रखते हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजस्थान की उद्यमशीलता और ...
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लूट की वारदात सामने आई है। 2 बदमाशों ने चाय-नाश्ता ठेला चलाने वाले व्यवसायी के साथ मारपीट कर 37 हजार रुपए लूट लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला कापू थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक पत्थलागांव खुर्द निवासी इतेन्द्र गुप्ता ने कापू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि वह चाय-नाश्ता का ठेला चलाता है। 19 मार्च को वह अपने छोटा हाथी वाहन से महुआ लेकर कापू से जमरगाबाजार जा रहा था। दोपहर करीब 1 बजे मड़वाताल पहाड़ के नीचे मंदिर के पास पहुंचते ही बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने डंडे से मारपीट की। उसका मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़ दिया। कैश लूटकर फरार मारपीट के बाद बदमाश उसके बैग में रखे 37 हजार रुपए नकद लूटकर धरमजयगढ़ की दिशा में फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले में धारा 309(6) 324(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चेहरे पर बंधा था सफेद गमछा पीड़ित ने बताया कि आरोपी पल्सर या अपाचे जैसी बाइक पर आए थे। एक युवक नीली जींस, नीला-सफेद चेक शर्ट, हेलमेट पहने गाड़ी चला रहा था। दूसरा युवक पीछे बैठा था, जिसने मटमैले रंग का लोवर, ग्रे टी-शर्ट पहन रखा था। उसके चेहरे पर सफेद गमछा बंधा था, हाथ में डंडा था। फिलहाल, पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
फिरोजाबाद के मक्खनपुर थाना क्षेत्र में स्थित पारस होटल पर शनिवार रात को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारा। देह व्यापार के शक में की गई इस कार्रवाई में 4 युवतियों और 11 युवकों सहित कुल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रशासन द्वारा होटल को सील करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई शिकोहाबाद के क्षेत्राधिकारी अमरीश कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली थी कि बाईपास रोड स्थित इस होटल में अवैध देह व्यापार का धंधा संचालित हो रहा है। छापेमारी के दौरान होटल के विभिन्न कमरों की तलाशी ली गई, जहां से आपत्तिजनक स्थिति में मिले सभी लोगों को मौके से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने होटल परिसर से 7 मोटरसाइकिलें और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। पकड़े गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए मक्खनपुर थाने लाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जयपुर में राजस्थान के निवेशकों के बीच पहुंचे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस संवाद के जरिए प्रदेश में 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है, जिससे 3,530 युवाओं के लिए सीधे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने वन-टू-वन चर्चा में ऊर्जा, रक्षा उत्पादन, पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों के 400 से अधिक प्रतिनिधियों से संवाद किया। राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने भरोसा जताया कि जल्द ही मप्र के स्टार्टअप सेक्टर में बड़ा निवेश आएगा। 4 रुपये यूनिट बिजली ने खींचा ध्यानराजस्थान एंजल्स ग्रुप के चेयरमैन महावीर प्रताप शर्मा ने मप्र की तारीफ करते हुए कहा कि डेटा सेंटर और एआई के युग में मप्र जैसा राज्य, जहां 4 रुपए प्रति यूनिट की दर पर औद्योगिक बिजली उपलब्ध है, निवेशकों के लिए पहली पसंद बन रहा है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि मप्र अब देश की ‘ग्रीन, क्लीन और सोलर एनर्जी कैपिटल’ बनने की ओर अग्रसर है। मप्र में निवेश के लिए ये भी खास... मप्र में निवेश के लिए सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 6,104 करोड़ और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ पोर्टल तैयार है, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी जोन बन रहा है, साथ ही स्पेस और एआई नीति लाई जा रही है।
स्टार्टअप कप्शा को मिला 4000 यूएस डॉलर का पहला पुरस्कार
सिटी रिपोर्टर }स्टार्टअप कप्शा डायनेमिक्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 4000 यूएस डॉलर का पहला पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार राजस्थान स्टार्टअप समिट 2026 में दिया गया। इस समिट के पिचिंग कॉम्पीटिशन में दुनियाभर से 130 स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया था। जयपुर के इस स्टार्टअप ने विशेष तरह के ड्रोन तैयार किए हैं। इनकी टेक्नोलॉजी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई। ये डिफेंस के लिए भविष्य में उपयोगी साबित हो सकते हैं। राजस्थान यूनिवर्सिटी स्थित रूसा समर्थित ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर ने इस स्टार्टटप को विकसित करने में सहयोग दिया था। एक विशेष तरीके की टेक्नोलॉजी से ये ड्रोन काम करेंगे। बेहतरीन पिचिंग के आधार पर कैप्चर रोबोटिक्स को यह पुरस्कार दिया गया।
आत्म नगर में ट्रेड कमीशन की बैठक, व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा की
भास्कर न्यूज |लुधियाना चेयरमैन मनप्रीत सिंह की अगुवाई में आत्म नगर हलके के ट्रेड कमीशन की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हलका विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और नगर निगम मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर विशेष तौर पर शामिल हुए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने व्यापारियों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। इस दौरान विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और चेयरमैन मनप्रीत सिंह ने अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कई समस्याओं का तुरंत समाधान करवाया। बाकी लंबित मामलों को जल्द हल करने का आश्वासन भी दिया गया। बैठक में सबसे ज्यादा मुद्दा व्यापारियों के जीएसटी रिफंड और लंबे समय से लटक रही बिजली की तारों का रहा। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से समाधान करने के निर्देश दिए गए। चेयरमैन मनप्रीत सिंह ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए व्यापारियों को विश्वास दिलाया कि अब उनकी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। बैठक के अंत में व्यापारियों ने विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और मनप्रीत सिंह का सम्मान भी किया। इस अवसर पर गुरप्रीत सिंह राजा, सोहन सिंह गोगा, अर्शदीप सिंह बिल्ला, सतबीर सिंह बिंद्रा, हरमीत भाटिया, सतिंदर सिंह लोटे, हरविंदर सिंह, दीपक अरोड़ा, डीसी गर्ग और गुरविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।
चढ़दी कलां विच पंजाब... 2019 में 240 स्टार्टअप थे, अब 1730; 20 हजार जॉब दे रहे
पंजाब की पहचान सिर्फ खेती से नहीं, स्टार्टअप से भी बन रही है। 2019 में पंजाब इस दौड़ में बहुत पीछे था। स्टार्टअप इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब का फंडिंग सपोर्ट का स्कोर शून्य था। सिर्फ 240 स्टार्टअप थे। वो भी मोहाली-लुधियाना तक सीमित। 2022 में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लागू हुई। खेती को आईटी से जोड़ा गया। सरकार ने 75 स्टार्टअप को 3 करोड़ से ज्यादा फंडिंग दी। अब 2026 में तस्वीर अलग है। पंजाब केंद्र सरकार की ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में पहुंच चुका है। 1,730 से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। स्टार्टअप अब बठिंडा, मानसा, फाजिल्का जैसे जिलों तक पहुंचे हैं। इन स्टार्टअप ने 20 हजार नौकरियां पैदा की हैं। महिलाएं भी आगे आई हैं। 1,180 से ज्यादा स्टार्टअप में कम से कम एक डायरेक्टर महिला है। 2019 के मुकाबले ये 21 गुना है। स्टार्टअप्स ने पंजाब की ‘ब्रेन ड्रेन’ की समस्या का समाधान पेश किया है। 1,730 स्टार्टअप ने अब तक 20,000 प्रत्यक्ष नौकरियां दी हैं। वहीं, एग्रो और पराली आधारित स्टार्टअप ने हजारों किसानों की आय बढ़ाई है। अच्छी बात... 150 से ज्यादा स्टार्टअप लोक कल्याण पर पंजाब के स्टार्टअप्स अब बहुआयामी हैं। वे न केवल लाभ कमा रहे हैं, बल्कि सामाजिक समस्याओं का हल भी निकाल रहे हैं। 150+ स्टार्टअप लोक कल्याण क्षेत्र में सक्रिय हैं। ये मुख्य रूप से ‘स्केलिंग स्टेज’ पर हैं, यानी इन्होंने अपना मॉडल साबित कर दिया है और रोजगार दे रहे हैं। इसी तरह 80+ स्टार्टअप पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा पर काम कर रहे हैं। इनमें अधिकांश ‘कमर्शियल स्टेज’ में हैं, जो पराली से बिजली और कोयला (बायो-पेलेट्स) बनाकर बाजार में बेच रहे हैं। 20+ स्टार्टअप एग्रो, आईटी और टूरिज्म क्षेत्र के हैं। 25+ स्टार्टअप गांवों के विकास से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। इससे गांवों में रोजगार भी बढ़ा है। 250+ स्टार्टअप सात इन्क्यूबेशन सेंटर्स में ट्रेनिंग और मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। यूटिलिटी... आपके पास कोई आइडिया है तो यूं मिलेगी मदद सबसे पहले ‘Startup Punjab’ की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। आपके पास एक नया आईडिया या मौजूदा समस्या का बेहतर समाधान होना चाहिए। सरकार आपके आईडिया की समीक्षा करती है। आईडिया को हकीकत में बदलने के लिए 3 लाख की ‘सीड ग्रांट’ मिलती है। लोन पर 5 साल तक 8% ब्याज सब्सिडी और ऑफिस के किराये पर 25% की छूट दी जाती है। टीआईएससी सेंटर के माध्यम से आप अपना आईडिया मुफ्त में पेटेंट करा सकते हैं। उसके बाद मोहाली या रोपड़ जैसे 7 इन्क्यूबेशन सेंटर्स में आपको दफ्तर, इंटरनेट और मशीनों की सुविधा मिलती है। आप चंडीगढ़ स्थित ‘उद्योग भवन’ में स्टार्टअप सेल से मिल सकते हैं या अपने जिले के ‘जिला उद्योग केंद्र’ में नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। महिला डायरेक्टर वाले 1,180 स्टार्टअप पंजाब की महिलाओं ने देश के सामने बड़ी मिसाल पेश की है। यहां महिलाएं सिर्फ ‘नाम’ के लिए डायरेक्टर नहीं हैं। 2019 में महिलाओं के 54 स्टार्टअप थे, अब 1180 हो गए हैं। वजह- पंजाब सरकार ने ‘महिला स्टार्टअप’ की परिभाषा सख्त की है। इसके तहत 51% हिस्सेदारी महिलाओं की होना अनिवार्य रखी गई है। चौंकाने वाली बात ये भी है कि महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे सिर्फ 29 स्टार्टअप बंद हुए हैं। बठिंडा व मानसा में क्लाइमेट पर जोर, पटियाला में शिक्षा पर पंजाब स्टार्टअप में देशभर में ‘टॉप परफॉर्मर’ बना, मोहाली-लुधियाना से निकलकर बठिंडा-फाजिल्का तक स्टार्टअप कल्चर पराली, एग्रो-टेक, आईटी, टूरिज्म में काम हो रहा, 75 स्टार्टअप को 3 करोड़ से ज्यादा फंडिंग पंजाब में स्टार्टअप कल्चर अब मोहाली और लुधियाना के दफ्तरों से निकलकर पंजाब के खेतों और छोटे कस्बों तक पहुंच गए हैं। मोहाली में ‘न्यूरॉन’ हब एआई और बिग डेटा का केंद्र है। यहां सबसे ज्यादा टेक-स्टार्टअप हैं। लुधियाना और जालंधर में पारंपरिक उद्योगों (टेक्सटाइल, स्पोर्ट्स गुड्स) को मॉडर्न तकनीक से जोड़ने वाले स्टार्टअप ज्यादा बने हैं। बठिंडा और मानसा में ‘क्लाइमेट टेक’ का दबदबा है। यहां के स्टार्टअप पराली प्रबंधन में देश में सबसे आगे हैं। पटियाला और रोपड़ में एडु-टेक और डीप-टेक स्टार्टअप ज्यादा हैं। फाजिल्का और पठानकोट में एक्वाकल्चर (मछली पालन) और टूरिज्म स्टार्टअप को बढ़ावा मिला है।
“स्मार्ट स्टॉक निवेश फंडामेंटल विश्लेषण से लेकर तकनीकी रणनीति” विषय पर सेमिनार
भीलवाड़ा| दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की भीलवाड़ा शाखा द्वारा वित्तीय बाजार और निवेशकों की जागरूकता समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्मार्ट स्टॉक निवेश फंडामेंटल विश्लेषण से लेकर तकनीकी रणनीति विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। शाखा अध्यक्ष सीए दिनेश सुथार ने बताया कि प्रथम सत्र में जयपुर के सीए अमित कुमार जैन ने निवेशक की तरह सोचें, सीए की तरह विश्लेषण करें विषय पर विचार साझा किए। द्वितीय सत्र में वडोदरा के धर्मित जैन ने स्टॉक का तकनीकी विश्लेषण विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता सीए निर्मल खजांची ने की। कार्यक्रम में भीलवाड़ा के सीए निर्भीक गांधी (सेक्रेटरी, सीआईआरसी) भी उपस्थिति रहे।
लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक हाई टी और बिज़नेस नेटवर्किंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हजरतगंज स्थित होटल चरण प्लाजा में हुए इस कार्यक्रम में कनाडा के ओंटारियो प्रांत की SME मंत्री नीना टंगरी मुख्य अतिथि थीं। यह आयोजन इंडो अमेरिकन बिज़नेस चैंबर ऑफ SME के सहयोग से किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य लघु और मध्यम उद्योगों के लिए नए अवसर तलाशना तथा वैश्विक स्तर पर व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना था। तकनीकी सहयोग को नई दिशा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमी, उद्योगपति, निर्यातक, स्टार्टअप प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। मंत्री नीना टंगरी के दौरे को भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने वाला बताया गया। उन्होंने उद्यमियों से वैश्विक बाजार में संभावनाओं पर चर्चा की। नेटवर्किंग इवेंट के दौरान प्रतिभागियों को नए व्यावसायिक संपर्क बनाने, अपने अनुभव साझा करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की समझ विकसित करने का अवसर मिला। कई उद्यमियों ने इस मंच को उपयोगी बताया और भविष्य में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया। व्यापारिक नेटवर्क मजबूत होगा चैंबर के चेयरमैन डॉ. अजय प्रकाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय उद्योगों को वैश्विक मंच से जोड़ते हैं, जिससे व्यापारिक नेटवर्क मजबूत होता है और युवाओं को प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर लघु उद्योग विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और सहयोगी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते महंगाई की चपेट में आ सकता है चीन: रिपोर्ट
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों से चीन डिफ्लेशन (मंदी जैसी स्थिति) से तो बाहर निकल सकता है
मेरठ में सर्राफा कारोबार को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की गई है। शनिवार को मंदिर महादेव, सराफा बाजार में गोल्ड अप्रेजल एंड वैल्युएशन कोर्स का शुभारंभ किया गया। इस कोर्स का आयोजन मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, वेदव्यास पुरी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। तीन दिवसीय इस कोर्स में देहरादून, शामली, बिजनौर, पटियाला, बरेली, उत्तराखंड, गुरुग्राम, नजीबाबाद समेत विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सर्राफा कारोबारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को सोना-चांदी एवं अन्य धातुओं के मूल्यांकन, शुद्धता जांच और व्यापार से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों को बदलते समय के साथ नई तकनीकों को अपनाने, सही मूल्यांकन करने और ग्राहकों का भरोसा मजबूत करने के गुर सिखाए गए। इस पहल को सर्राफा कारोबार में पारदर्शिता और पेशेवर दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर एनआईजेटी के प्रेसिडेंट प्रदीप कुमार अग्रवाल, सेक्रेटरी दीपक रस्तोगी, एमबीटीए के महामंत्री विजय आनंद, शिक्षक यश रस्तोगी एवं प्रिंसिपल डॉ. बी.बी. अग्रवाल मौजूद रहे। एमबीटीए के महामंत्री विजय आनंद ने एनआईजेटी द्वारा आयोजित इस प्रोत्साहन कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों का आभार जताया। वहीं, प्रेसिडेंट प्रदीप कुमार अग्रवाल ने सभी आए हुए व्यापारियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में सर्राफा व्यवसाय को नई दिशा देंगे। व्यापारियों का मानना है कि इस तरह के कोर्स से उन्हें आधुनिक तकनीकी ज्ञान मिलेगा, जिससे न केवल उनका कारोबार मजबूत होगा, बल्कि क्षेत्रीय सर्राफा बाजार को भी नई पहचान मिलेगी।
छतरपुर। थाना लवकुश नगर पुलिस ने महोबा रोड पर अनाज व्यापारी से हुई लूट और मारपीट की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटी गई नकदी और अन्य महत्वपूर्ण सामान भी बरामद किया गया है। एसडीओपी नवीन दुबे ने लवकुश नगर थाने में इस लूटकांड का विवरण साझा किया। यह घटना 18 मार्च 2026 को दोपहर में हुई थी। अनाज व्यापारी विनय शिवहरे और उनके साथी इल्लु गुप्ता महोबा मंडी से अनाज बेचकर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उन पर हमला कर लूट को अंजाम दिया। हमलावरों ने पीड़ितों को चोट पहुंचाई और उनसे नकदी सहित अन्य सामान लूट लिया था। इस संबंध में थाना लवकुश नगर में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका आवश्यक उपचार किया गया। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जिला महोबा, हमीरपुर, जालौन और झांसी के विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दी। त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप पुलिस ने लूट की घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अयान खान पुत्र अयूब खान (निवासी काशीराम कॉलोनी महोबा), बबलू कुशवाहा उर्फ परफेक्ट डेंजर पुत्र आसाराम कुशवाहा (निवासी उदल चौक महोबा), राज वर्मा अहिरवार पुत्र नंदराम अहिरवार (निवासी बजरिया मोहल्ला महोबा) और महेंद्र कुशवाहा पुत्र गया प्रसाद कुशवाहा (निवासी उदल चौक महोबा) के रूप में हुई है। अभियुक्तों के पास से लूटी गई राशि में से 90 हजार रुपये नकद, दो आईफोन मोबाइल, घटना में प्रयुक्त 12 बोर का देसी कट्टा और कारतूस, तथा एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद की गई संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई गई है।
रायपुर में जीएसटी के लंबित मामलों और डिमांड नोटिस से जुड़ी दवा व्यापारियों की लिस्ट वायरल होते ही हड़कंप मच गया। इस लिस्ट में संबंधित फर्मों के नाम के साथ बकाया राशि भी शामिल होने से मामला और गंभीर हो गया है। लिस्ट पर्सनल ग्रुप से बाहर आने के बाद दवा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। कई व्यापारी इसे गोपनीय जानकारी सार्वजनिक होने का मामला मान रहे हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद दवा कारोबार एसोसिएशन और जीएसटी विभाग द्वारा दबाव देने की बात कही जा रही है। दबे स्वर में व्यापारी बोले दबाव बनाया जा रहा है वायरल लिस्ट को लेकर कुछ व्यापारी दबे स्वर में इसे जीएसटी विभाग की ओर से अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की रणनीति बता रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की जानकारी संबंधित फर्मों को व्यक्तिगत रूप से भेजी जानी चाहिए थी, लेकिन सूचीॉ वायरल होने से अनावश्यक दबाव और डर का माहौल बना है। व्यापारियों का कहना कि जब बकाया और केस से जुड़ी जानकारी खुले में आ जाती है, तो इससे न केवल व्यापारिक छवि प्रभावित होती है, बल्कि बिना सुने ही दोषी जैसा माहौल भी बन जाता है। बिना एडिट वायरल हुई लिस्ट रायपुर मेडिकल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष संजय रावत ने कहा कि यह लिस्ट व्यापारियों को अलर्ट करने के लिए संगठन के ग्रुप में डाली गई थी। उनका कहना है कि अमाउंट जैसी संवेदनशील जानकारी हटानी थी, लेकिन गलती से बिना एडिट के ही पोस्ट हो गई । रावत मे कहा कि कई बार जीएसटी से जुड़े नोटिस मेल पर आते है और ज्यादातर ई-मेल वकीलों के पास पहुंचते हैं, जिससे व्यापारियों को समय पर जानकारी नहीं मिल पाती। कई मामलों में थर्ड पार्टी ऑर्डर भी हो जाते हैं और अपील का समय निकल जाता है। इसी वजह से लिस्ट शेयर की गई थी ताकि व्यापारी समय रहते अपने केस का निराकर कर सके और उन्हें कोई परेशानी ना हो। चैंबर में कहां एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मांगी थी लिस्ट डिपार्टमेंट से लीक नहीं हुई छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज अध्यक्ष सतीश थुरानी ने बताया कि रायपुर मेडिकल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष संजय रावत किसी कार्य से जीएसटी कार्यालय गए थे, जहां अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल व्यापारियों के कई केस पेंडिंग हैं। इस पर उन्होंने मेडिकल कॉम्प्लेक्स से संबंधित व्यापारियों की लिस्ट मांगी, जिसे अधिकारियों ने उपलब्ध कराया। अध्यक्ष ने कहा कि यह लिस्ट आंतरिक ग्रुप दवा कारोबारियों के अध्यक्ष ने ही डाली गई थी, लेकिन बाहर कैसे वायरल हुई, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने साफ किया कि इसे सरकारी विभाग द्वारा लीक नहीं किया है। चैंबर ने की अपील चैंबर ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने लंबित जीएसटी मामलों को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में संपर्क कर स्पष्टीकरण और अनुपालन पूरा करें, ताकि आगे कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपए के स्तर के गिरने और इंस्ट्रीयल फ्यूल की कीमत बढ़ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने X पोस्ट में लिखा- रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं। उन्होंने लिखा कि सरकार चाहे इसे नॉर्मल बताए, लेकिन हकीकत ये है कि उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे। राहुल ने लिखा किविदेशी संस्थागत निवेशक (FII) का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा। यानी हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। उन्होंने लिखा है कि सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है, सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है। 20 मार्च- प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े सरकारी तेल कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ाईं। एमपी के भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹117 पहुंची है। हालांकि सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं किया गया। भारत पेट्रोलियम यानी BPCL प्रीमियम पेट्रोल को स्पीड नाम से बेचता है। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम यानी HPCL इसे पावर और इंडियन ऑइल यानी IOCL XP95 के नाम से इसे बेचता है। ये सामान्य पेट्रोल के मुकाबले करीब 10-12 रुपए महंगा होता है। इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की गई। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए। औद्योगिक डीजल के खरीदारों में रेलवे, रोडवेज बसें, बड़ी फैक्ट्रियां, अस्पताल और बड़े मॉल शामिल हैं। तेल कंपनियां ये डीजल टैंकरों के जरिए सीधे इन संस्थानों के निजी स्टोरेज टैंकों में भेजती हैं। पूरी खबर पढ़ें… रुपया 93.53 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर 20 मार्च को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे कमजोर होकर 93.53 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचा। बाजार के जानकारों का कहना था कि दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की वजह से घरेलू करेंसी पर है। ………………… यह खबर भी पढ़ें… लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
हनुमानगढ़ में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत के विरोध में शुक्रवार को शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सुभाष चौक पर प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आमजन की समस्याओं को उजागर किया। प्रदर्शन के दौरान पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि महंगाई ने आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित किया है। रसोई गैस के लगातार बढ़ते दामों से गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है, जिससे लोग अब गैस सिलेंडर भरवाने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हैं। ब्लॉक अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने गैस सिलेंडर की किल्लत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि शहर में गैस की समय पर आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जैन ने गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी। पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़ ने कहा कि महंगाई का असर ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के हर वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल और गैस के बढ़ते दामों ने किसानों और मजदूरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस अवसर पर पूर्व प्रधान जयदेव भिड़ासरा, गुरमीत चंदड़ा और अनिल खीचड़ सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
भोपाल के कोलार रोड इलाके में एक कारोबारी को विदेशी नंबरों से कॉल कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकियां दीं। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी का यह एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है। इसके पहले इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को भी लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी मिली थी। संजय ने इस मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। वहीं दो दिन पहले खरगोन जिले में किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। गैंग के मेंबर हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की थी। बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाई थीं, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इसके अलावा करीब एक महीने पहले अशोकनगर में बिल्डर और कारोबारी अंकित अग्रवाल को भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी मिली थी। उनसे 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी और धमकी देने वाले ने खुद को गैंग का सदस्य ‘हैरी बॉक्सर’ बताया था। खास बात यह है कि इन सभी मामलों में धमकी देने वाले ने अपना नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े ‘हैरी बॉक्सर’ के रूप में बताया है। व्हाट्सऐप कॉल कर मांगे 10 करोड़ पुलिस के अनुसार पार्वती नगर निवासी 42 वर्षीय रियल एस्टेट और सराफा कारोबारी गौरव जैन ने कोलार रोड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताते हुए कहा कि वह लॉरेंस गैंग से जुड़ा है और गौरव जैन को 10 करोड़ रुपए तैयार रखने होंगे। साथ ही आरोपी ने उन्हें अपने परिचितों से मिल लेने और अपने बारे में इंटरनेट पर जानकारी जुटाने की बात भी कही। दूसरे कॉल में गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी शिकायतकर्ता ने पहले कॉल को फर्जी समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन 20 मार्च की सुबह करीब 10:56 बजे दूसरे नंबर से दोबारा कॉल आया। इस बार आरोपी ने सीधे पैसों की मांग दोहराई। इनकार करने पर उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने धमकी दी कि रकम नहीं देने पर उसके गुर्गे कहीं भी हमला कर सकते हैं, और अंजाम गंभीर होगा।। पीड़ित के अनुसार, कॉल के बाद व्हाट्सऐप पर लगातार धमकी भरे ऑडियो मैसेज भी भेजे गए, जिनमें रैकी कराने और हथियार से हमला करवाने की बात कही गई। इससे डरे कारोबारी ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। ऑडियो और स्क्रीनशॉट के आधार पर जांच शुरू कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी के मुताबिक प्रारंभिक जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही भेजे गए ऑडियो और स्क्रीनशॉट को भी जांच में शामिल किया गया है। अब पहले की तीन धमकियों के बारे में जान लीजिए… इंदौर के कारोबारी से मांगे थे 15 करोड़ इससे पहले इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी मिली थी। संजय ने मामले में क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर तुकोगंज पुलिस को जांच सौंपी गई। एडीशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, गुरुवार को संजय को धमकी भरा कॉल आया था, जिसे उन्होंने तुरंत डिस्कनेक्ट कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर वॉइस मैसेज आया, जिसमें मैसेज करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का साथी और हेरी बॉक्सर बताया और 15 करोड़ रुपए की मांग की। वॉइस मैसेज में कहा गया कि रकम नहीं देने पर हत्या कर दी जाएगी। खरगोन में कारोबारी के घर फायरिंग इस घटना के दो दिन पहले खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र के भीलगांव में किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग हुई है। बाइक सवार 3 नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाईं। फायरिंग के बाद इंदौर की ओर भाग गए। फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली। गैंग के मेंबर हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई ने सोशल मीडिया के माध्यम से फायरिंग की पुष्टि की। सत्येंद्र राठौड़ की शिकायत के अनुसार, 16 मार्च को परिवार इंदौर गया हुआ था। उनके पिता को इंटरनेशनल नंबरों से कई कॉल आए। कुछ अज्ञात लोगों से WhatsApp कॉल और वॉइस नोट के जरिए धमकियां मिलीं। आरोपियों ने 10 करोड़ की फिरौती की मांग की। सबूत के तौर पर घर के बाहर फायरिंग का वीडियो भी भेजा। अशोकनगर के बिल्डर से मांगे 10 करोड़ करीब एक महीने पहले अशोकनगर के बिल्डर और कारोबारी अंकित अग्रवाल को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी मिली थी। अंकित से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। धमकाने वाले व्यक्ति ने खुद को गैंग का सदस्य 'हरि बॉक्सर' बताया था। व्हाट्सऐप वॉयस नोट के जरिए उसने कहा कि हमने एक बार जिसे फोन कर दिया उसे बगैर पैसे लिए नहीं छोड़ा। उसे मारा है या पैसे लिए हैं। तेरी हर एक डिटेल मेरे पास है। कोई गलतफहमी मत पालना। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस और सायबर सेल ने मामले की जांच शुरू की थी। तीन अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आए कॉल कारोबारी अंकित अग्रवाल के मुताबिक 11 फरवरी को उन्हें तीन अलग-अलग इंटरनेशनल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज मिले। फोन नहीं उठाने पर वॉयस नोट भेजे गए। कॉल करने वाला लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए अपना नाम ‘हैरी बॉक्सर’ बताया। उसने कहा कि गूगल पर नाम सर्च कर लो, सब पता चल जाएगा। धमकी देने वाले ने सीधे 10 करोड़ रुपए देने की मांग रखी। उसने कहा कि यह रकम दो दिन के अंदर पहुंच जानी चाहिए। बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटीज को मिल चुकी हैं धमकियां लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकियां हाल के महीनों में काफी चर्चा में रही हैं, खासकर बॉलीवुड और पंजाबी सेलिब्रिटीज के खिलाफ। गैंग के सरगना लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद हैं, लेकिन उनके सहयोगी सोशल मीडिया, वॉइस नोट्स, ईमेल और कॉल्स के जरिए धमकियां और एक्सटॉर्शन जारी रखे हुए हैं। हाल की प्रमुख धमकियां (2025-2026 में) • सिंगर-रैपर बादशाह: मार्च 2026 में सबसे ताजा मामला। उनके हरियाणवी गाने “टटीरी” (Tateeree) में आपत्तिजनक बोलों के आरोप के बाद गैंग ने फेसबुक पोस्ट में धमकी दी। पोस्ट में पानीपत फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा गया कि “2024 में क्लब में ट्रेलर दिखाया था, अगली बार सीधे माथे में गोली मारेंगे”। • रनवीर सिंह: हाल ही में उनके मैनेजर को वॉइस नोट से 1-20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। मुंबई पुलिस ने गैंग के सदस्य हरि चंद्रा (हरि बॉक्सर) के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया। • सलमान खान: पुराना और लगातार चल रहा विवाद (1998 ब्लैकबक केस से जुड़ा)। हाल में उनके करीबी सहयोगी को ईमेल से धमकी मिली। पहले भी उनके घर के बाहर फायरिंग हुई थी, और Y+ सुरक्षा है। यह खबर भी पढ़ें 1. इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी को लॉरेंस गैंग की धमकी इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी मिली है। संजय ने मामले में क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर तुकोगंज पुलिस को जांच सौंप दी गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 2. कारोबारी के घर लॉरेंस गैंग ने की फायरिंग...VIDEO:विदेशी नंबरों से कॉल-मैसेज, वॉइस नोट में बोले- 10 करोड़ दो, नहीं तो बम से उड़ा देंगे मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग हुई है। बाइक सवार 3 नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाईं। फायरिंग के बाद इंदौर की ओर भाग गए। वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। मामला कसरावद थाना क्षेत्र के भीलगांव का है। फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। पढ़ें पूरी खबर
शामली जनपद में शनिवार सुबह सामान रखने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सदर कोतवाली क्षेत्र के वी.वी. इंटर कॉलेज रोड पर पाइप और ड्रम व्यापारियों के बीच हुई इस झड़प में एक व्यक्ति धारदार हथियार से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वी.वी. इंटर कॉलेज रोड पर एक पाइप व्यापारी और एक ड्रम व्यापारी की दुकानें आमने-सामने हैं। शनिवार सुबह दोनों व्यापारियों के बीच सामान रखने को लेकर कहासुनी हुई। यह कहासुनी जल्द ही बड़े विवाद में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग सड़क पर आमने-सामने आ गए। विवाद के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गालियां दीं और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला करने का प्रयास किया। वायरल वीडियो में एक युवक डंडा फेंकते हुए और दूसरा युवक हाथ में आरी लिए दूसरे पक्ष पर हमला करने की कोशिश करते हुए दिख रहा है। आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति की गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
गुरुग्राम के सोहना अनाज मंडी में आगामी 1 अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी गेहूं खरीद से पहले अव्यवस्था और गंदगी का गंभीर मामला सामने आया है। प्रशासनिक दावों के बावजूद मंडी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे किसानों और आढ़तियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परिसरों में लंबे समय से झाड़ू तक नहीं लगाई गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और बेसहारा पशुओं ने मंडी में डेरा जमा रखा है, जो किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जलभराव और बदबू से बिगड़ा माहौल कई स्थानों पर जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। गंदा पानी जमा होने से बदबू फैल रही है, जिससे मंडी परिसर में काम करना मुश्किल हो गया है। शौचालयों की हालत खराब है और पीने के स्वच्छ पानी की व्यवस्था भी नहीं है। फसल खराब होने का खतरा मंडी की बदहाल स्थिति के कारण किसानों को अपनी फसल उतारने और सुरक्षित रखने में कठिनाई हो रही है। गीले और गंदे फड़ पर गेहूं रखने से फसल के खराब होने का खतरा बना हुआ है। आढ़तियों का कहना है कि अव्यवस्था के चलते व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। मार्केट कमेटी पर लापरवाही के आरोप किसानों और व्यापारियों ने मार्केट कमेटी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं होता। प्रशासन से सुधार की मांग किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन से मांग की है कि गेहूं खरीद शुरू होने से पहले मंडियों में साफ-सफाई, जल निकासी, पशुओं की रोकथाम और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता और किसानों की आय पर पड़ेगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार की चार साल की उपलब्धियां गिना रहे हैं। इसमें वह पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात कर रहे हैं। उन्होंने पंजाब में गैंगस्टरों और तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सफलता के बारे में बताया। मान ने कहा कि पुलिस ने पंजाब बॉर्डर से आए 806 ड्रोन बरामद किए हैं। उन्होंने वेयरहाउस के डीएम के आत्महत्या के मामले में कहा कि मंत्री का तुरंत इस्तीफा ले लिया गया है। मैं तुरंत जो कर सकता था, किया है। जांच की जा रही है। सूचना मिलते ही इस्तीफा ले लिया गया है, ताकि जांच प्रभावित न हो नशा तस्करों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन उन्होंने कहा कि जमाना काफी मॉडर्न हो गया है, AI का जमाना है। 450 पुलिस थानों में सभी थाना प्रभारियों को नई गाड़ी दी गई है। हमने नीचे से ऊपर तक काम करना शुरू किया है। पहले अफसर को नई गाड़ी मिलती थी और पुरानी होकर नीचे के मुलाजिमों को मिलती थी।उन्होंने कहा कि नशा और हथियार तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया है। तस्करों के घरों पर बुलडोजर एक्शन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन पुलिस मुस्तैदी से अपना काम कर रही है। दूसरे प्रदेशों से सुरक्षित है पंजाब पंजाब में कानून व्यवस्था कंट्रोल में है, दूसरे प्रदेशों के मुकाबले काफी सुरक्षित है। कुछ और भी मापदंड होते हैं कानून व्यवस्था जाँचने के, जिसमें इंडस्ट्री भी एक मापदंड है कि स्टेट में कितनी इंडस्ट्री आ रही है। टाटा स्टील जैसी कंपनी 3200 करोड़ रुपए लगाकर पंजाब में अपना प्लांट शुरू कर रही है। यह भी कानून व्यवस्था के कारण ही है। इस तरह की कंपनियों का पंजाब में आना माना जाता है कि पंजाब शांत और सुरक्षित प्रदेश है। हमारे पास टोयोटा स्टील, सनातन टाइटल डेनमार्क जिसने क्लास कंबाइन खरीदी है, जापान की सरकारी कंपनी जाएगा 1300 करोड़ रुपए हॉर्टिकल्चर में खरीद रहे हैं, रॉयल्टी हाउस एक डच कंपनी है जो कैटल फीड बनती है, उनका बड़ा योगदान है। जेएसडब्ल्यू जिंदल स्टील राजपुरा के पास सबसे बड़ी कोटेड लाइन है जो कारों के ऊपर... 20 या 25 अक्टूबर के बीच हमें उम्मीद है कि एशिया कप की चैंपियनशिप मिल जाएगी जिसको जालंधर और मोहाली के बीच में करवाएंगे। पंजाब हो रहे हर तरह के इवेंट 31 मार्च से आईपीएल शुरू हो जाएंगे। इससे लगता है हर तरह के इवेंट पंजाब में हो रहे हैं। इन्वेस्टर समिति में काफी कंपनियों ने पंजाब में पैसा लगाने का मन बनाया है, इसे आने वाले समय में बताएंगे। बीच-बीच में गृह मंत्रालय के साथ हमारी मीटिंग होती रहती है। सड़क सुरक्षा फोर्स बनाने से हादसों में मृत्यु की घटना कम हुई है, साथ ही सड़क पर लोगों के अंदर डर का माहौल भी खत्म हुआ है।
हिसार शहर में साइबर ठगों ने अब सरकारी अधिकारियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला हिसार का है, जहां कैथल में तैनात कृषि विभाग के एक निरीक्षक से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने फेसबुक पर महिला के नाम से दोस्ती कर पहले विश्वास जीता और फिर मोटी कमाई का लालच देकर निवेश करवाया। शिकायतकर्ता घनश्याम (40), जो फिलहाल सेक्टर 16-17 में रहते हैं, ने बताया कि 20 फरवरी को उनकी फेसबुक आईडी पर रेखा यादव नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोस्ती होने के बाद बातचीत व्हाट्सएप पर होने लगी। आरोपी महिला ने उन्हें ग्लोबल प्राइम नामक प्लेटफॉर्म पर निवेश करने का झांसा दिया। पहले मुनाफे का छोटा लालच दिया पीड़ित के मुताबिक, शुरू में उन्होंने निवेश से मना किया, लेकिन आरोपी के बार-बार कहने पर उन्होंने 50 हजार रुपए लगाए। भरोसे में लेने के लिए ठगों ने उनके खाते में 53,890 रुपए मुनाफे के साथ वापस भेज दिए। इस छोटे से रिटर्न ने घनश्याम का विश्वास जीत लिया, जो उनके लिए बड़ी भूल साबित हुई। मां के खाते से ट्रांसफर किए लाखों रुपए विश्वास जमने के बाद ठगों ने बड़ा दांव खेला। रेखा यादव नाम की आईडी से उन्हें 20 लाख रुपए निवेश करने को कहा गया। घनश्याम ने अपनी माता कृष्णा देवी के पीएनबी खाते से पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद फिर से 20 लाख की मांग की गई, जिसे पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में आरटीजीएस के जरिए भेज दिया। जब पैसे निकालने चाहे, तब खुला राज जब पीड़ित के ट्रेडिंग अकाउंट में भारी मुनाफा दिखने लगा, तो उन्होंने 5 हजार डॉलर निकालने की कोशिश की। इस पर ठगों ने तकनीकी बहाने बनाकर और ट्रेड करने का दबाव बनाया। शक होने पर घनश्याम ने अपने दोस्त से बात की, जिसने बताया कि यह पूरा अकाउंट फर्जी है और वे साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं। साइबर थाना पुलिस हिसार ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (जालसाजी) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है, जिनके जरिए यह ट्रांजैक्शन हुई है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पिछले 5 दिन में करीब 1 करोड़ 47 लाख 50 हजार कैश पकड़ाया है। ओडिशा के रास्ते आ रहे व्यापारी की कार से ये पैसे जब्त किए गए हैं। इनमें एक रायपुर का व्यापारी भी शामिल है। छत्तीसगढ़-ओडिशा की अंतरराज्यीय सीमा की नाके पर अलग-अलग थाना पुलिस ने ये कार्रवाई की। बड़ी रकम लेकर व्यापारी ओडिशा से छत्तीसगढ़ आ रहे थे, लेकिन उनके पास वैध डॉक्यूमेंट नहीं थे। इसे हवाले के पैसे से जोड़कर भी जांच की जा रही है। पुलिस ने सारा पैसा जब्त कर इनकम टैक्स विभाग को आगे की जांच के लिए सौंप दिया है। इसके साथ ही 2 लग्जरी कारें जब्त की गई हैं। जानिए किन व्यापारियों से कितना कैश पकड़ाया… केस 1 - रायपुर की कार से 32 लाख 50 हजार कैश मिला 20 मार्च को जिले की बसना पुलिस ने पलसापाली नाके पर संदिग्ध कार (CG 04 QU 6591) को रोका। गाड़ी ओडिशा के पदमपुर से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थी। कार में रायपुर के आशु बंसल और बालाघाट निवासी ड्राइवर महेंद्र चौहान सवार थे। तलाशी के दौरान कार से 32 लाख 50 हजार रुपए कैश बरामद हुआ। लेकिन पैसे से जुड़े कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिखा सके। केस 2 - ओडिशा की गाड़ी से 15 लाख बरामद 20 मार्च को दूसरी कार्रवाई बलौदा थाना के सिरपुर नाके पर हुई। चेकिंग के दौरान एक्सयूवी कार (OD 08 AA 4159) रोका और 15 लाख रुपए कैश बरामद किया गया। कार में ओडिशा निवासी केशव अग्रवाल और गोविंद चंद मुंड सवार थे। वो पैसों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ के दौरान पैसे के स्रोत और परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बीएनएस की धारा 106 के तहत कैश और वाहनों को जब्त कर लिया गया। केस 3 - कोमाखान थाना क्षेत्र में 75 लाख कैश मिला 16 मार्च को जिले की कोमाखान पुलिस ने वाहन चेकिंग में एक कार से 75 लाख कैश पकड़े। कार में ओडिशा निवासी महाप्रज्ञ जैन और राजेंद्र महानंद सवार थे। गाड़ी कांटाबांजी से रायपुर की तरफ आ रही थी। दोनों से जब कैश के बारे में पूछा गया तो वे कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाए। पुलिस ने पूरे पैसे जब्त कर लिए। जांच में ये बात सामने आई कि ये पैसे रायपुर के सोना चांदी व्यापारियों को देने जा रहे थे। केस 4 - पटेवा थाना क्षेत्र में 25 लाख कैश पकड़ाया 19 मार्च को पटेवा थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-53 पर ग्राम जोगीडीपा के पास की। वाहन चेकिंग के दौरान एक लग्जरी कार से 25 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। काले रंग की मारुति ग्रैंड विटारा (क्रमांक ओडी 15 एए 5080) को रोका गया। गाड़ी में ओडिशा के रहने वाले मोहित आनंद (26) सवार थे। उनके पास 500-500 के नोटों के 50 बंडल मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे रायपुर में फ्लैट खरीदने जा रहे थे। लेकिन इतनी बड़ी रकम के वैध डॉक्यूमेंट नहीं थे। ASP बोली - IT डिपार्टमेंट करेगा जांच एडिशनल एसपी प्रतिभा पाण्डेय ने कहा कि इतनी मात्रा में कैश की लेन-देन की जांच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सौंपा गया है। ……………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. 1. रायपुर के व्यापारियों का 75 लाख कैश महासमुंद में पकड़ाया: कोई डॉक्यूमेंट नहीं था, नाके पर पुलिस ने पकड़ी गाड़ी; 500-500 के 150 बंडल जब्त तीन दिन पहले 16 मार्च को महासमुंद जिले में कार की चेकिंग के दौरान 75 लाख कैश पकड़ाया है। कार में 2 युवक सवार थे। गाड़ी कांटाबांजी से रायपुर की तरफ आ रही थी। दोनों से जब कैश के बारे में पूछा गया तो वे कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाए। पुलिस ने पूरे पैसे जब्त कर लिए। मामला कोमाखान थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर… 2. महासमुंद में लग्जरी-कार से 25 लाख कैश बरामद:युवक बोला-रायपुर में फ्लैट खरीदने जा रहा था, नगदी और कार-मोबाइल जब्त; पुलिस ने हिरासत में लिया छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक लग्जरी कार से 25 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पटेवा थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-53 पर ग्राम जोगीडीपा के पास की। पढ़ें पूरी खबर…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर के आईटीसी राजपूताना में नामी उद्योगपतियों के साथ एमपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। ‘इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में राज्य की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण के बारे में उद्योगपतियों को अवगत कराया जाएगा। जयपुर में होने वाले सेशन में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्रवार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार, लॉजिस्टिक नेटवर्क, कौशल विकास तंत्र और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का प्रजेंटेशन किया जाएगा। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राघवेन्द्र कुमार सिंह राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे सीएम इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे और बताएंगे कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए स्थिर नीति वातावरण, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय व्यवस्था कर रहा है। वे निवेश को रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता बताएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग में प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। रीजनल बैलेंस अप्रोच पर जोर भीलवाड़ा में टेक्सटाइल सेक्टर पर केंद्रित सफल संवाद के बाद अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब कृषि, एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औद्योगिक विकास के साथ समेकित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की “रीजनल बैलेंस अप्रोच” के अंतर्गत औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जा रहा है। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों के लिए देश का पहला मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क जैसी पहल राज्य की औद्योगिक प्रगति के सशक्त उदाहरण हैं।
काकादेव में आनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने वाट़्सएप काल के जरिए निवेश कराकर 26.52 लाख रुपए हड़प लिए। 10 दिन में 18 ट्रांजेक्शन कराकर शातिरों ने महिला से रकम ठग ली। पीड़िता ने काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही साइबर थाने में शिकायत की है। आकर्षक योजनाओं का दिया झांसा काकादेव माडल टाउन निवासी संजना ओबेराय ने बताया कि उनके मोबाइल पर वाट्सएप काल के जरिए एक्स ट्रेड नामक कंपनी के प्रतिनिधियों ने संपर्क किया। उन्होंने शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। साइबर ठगों ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और आकर्षक योजनाएं दिखाईं, जिसके झांसे में आकर संजना ने छह से 16 फरवरी के बीच कुल 18 ट्रांजेक्शन किए। यह रकम उनके एचडीएफसी बैंक और बैंक आफ बड़ौदा खातों से डेबिट व क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ट्रांसफर की गई। कुछ समय बाद जब संजना को संदेह हुआ और उन्होंने कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि एक्स ट्रेड एक फर्जी संस्था है। ठगों ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अमानत में खयानत करते हुए उनसे बड़ी रकम ठग ली। हैरानी की बात यह है कि ठगी के बाद भी आरोपी लगातार फोन कर और पैसा निवेश करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता ने मामले की शिकायत काकादेव थाने के साथ ही साइबर थाने में आनलाइन दर्ज कराई है। काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्जकर साइबर सेल की मदद से ली जा रही है।
युद्ध से महंगाई के डर से पेट्रोल पंपों पर भीड़, औद्योगिक डीजल 22 रुपए तक महंगा
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर फैलते ही शहरभर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। संभावित महंगाई और ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोग घबराहट में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, औद्योगिक डीजल की कीमत में करीब 22 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। पहले यह 68-70 रुपए प्रति लीटर के आसपास था, जो अब बढ़कर 90-92 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं स्पीड पेट्रोल में भी लगभग 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इसकी कीमत करीब 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा ऑटो गैस (एलपीजी) के दाम में भी लगभग 10 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जो अब करीब 75 रुपए प्रति किलो के आसपास हो गया है। हालांकि, लुधियाना पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान रंजीत सिंह गांधी ने स्पष्ट किया कि सभी पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
आरके सर्किल पर एक्शन तेज, 20 व्यापारियों ने खुद तोड़ी दुकानें
भास्कर इनसाइट शहर के पुलां स्थित आरके सर्किल क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई ने अब रफ्तार पकड़ ली है। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की सख्ती के बाद दुकान मालिकों ने खुद ही अपनी दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। अब तक 20 से अधिक दुकानों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि शेष दुकानों पर भी जल्द कार्रवाई शुरू होने वाली है। यूडीए ने पिछले साल 10 अक्टूबर को मास्टर प्लान की सड़कों में बाधा बन रही 35 दुकानों को सीज किया था। इसके बाद सियासी दबाव और विरोध के चलते दुकानों को सशर्त खोलने की अनुमति दी गई थी। दुकान मालिकों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की धरोहर राशि जमा कर 60 दिन में अतिक्रमण हटाने का शपथ-पत्र दिया था। मियाद पूरी होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर यूडीए ने हाल ही में नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो धरोहर राशि जब्त कर ली जाएगी और प्राधिकरण खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इसी चेतावनी के बाद अब व्यापारियों ने स्वेच्छा से कार्रवाई शुरू कर दी है। यूडीए के मुताबिक, अब दुकानदारों को नए सिरे से नक्शा पास कराकर निर्माण करना होगा। इसके तहत दुकानों को सर्किल से करीब 135 से 150 फीट पीछे खिसकाना होगा और नियमानुसार सेटबैक व पार्किंग की व्यवस्था भी करनी होगी। रिकॉल : दुकानें सीज करने पर भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने किया था विरोध यूडीए ने 10 अक्टूबर 2025 को जब इन दुकानों को सील किया तो शहर की सियासत गरमा गई थी। कई भाजपा नेताओं ने यूडीए की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर यूडीए अधिकारियों पर दबाव बनाया। कांग्रेस नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन कर दुकानों को सीज मुक्त कराने की मांग की। नेताओं ने दुकानों को सीज मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री तक को शिकायती पत्र भेजे थे। इसके बाद यूडीए अधिकारी दबाव में आ गए और आनन फ़ानन में दुकानों को सीज मुक्त कराने का रास्ता निकाला और दुकानों को सीज मुक्त कर दिया। अब सशर्त सीज मुक्त करने की अवधि खत्म हो गई। सियासी समीकरण भी बदल गए। अब यूडीए ने सख्त नोटिस थमाकर दुकानदारों को ही दुकानों को ध्वस्त करने के लिए आगे खड़ा कर दिया। 150 फीट चौड़ी होगी सड़क, अभी 60-70 ही आरके सर्किल की वर्तमान चौड़ाई महज 60 से 70 फीट है, जबकि मास्टर प्लान 2011-31 में इसे 150 फीट तक चौड़ा करने का प्रस्ताव है। इसके लिए आसपास की जमीन का अधिग्रहण तय है, जिससे मौजूदा दुकानों का हटना लगभग निश्चित माना जा रहा था। जानकारों के मुताबिक सड़क चौड़ी होने और व्यवस्थित पार्किंग बनने से इस इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। साथ ही, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी। बता दें कि दैनिक भास्कर ने 12 अक्टूबर 2025 को इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शहरवासियों-पर्यटकों को जाम से मिलेगी राहत आरके सर्किल पर प्रतिदिन 50 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही रहती है। उदयपुर-नाथद्वारा के बीच आने-जाने वाले वाहन यहीं से निकलते हैं। सर्किल पर दुकानों के बाहर सड़क पर ही वाहनों का जमावड़ा लगा रहता था। ऐसे में सर्किल पर जाम की स्थिति रहती है। इन दुकानों के 135-फीट पीछे शिफ्ट होने से यहां शहरवासियों और पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी।
स्टार्टअप कॉन्क्लेव में स्टूडेंट्स को उद्यमिता के लिए किया प्रोत्साहित
सिटी रिपोर्टर } जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन हुआ डायरेक्टर इन-चार्ज डॉ. दानेश्वर शर्मा ने छात्रों को नेतृत्व और संवाद कौशल पर ध्यान देने के साथ ही उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आईईसी चेयरपर्सन डॉ. अंसिता अग्रवाल ने कहा- आज के विचार ही कल के उद्यम हैं। मुख्य वक्ता के लॉयर-2-सीए के संस्थापक अनिरुद्ध बगई ने असफलता को ही सफलता की सीढ़ी बताया। उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए मजबूत वित्तीय और कानूनी आधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
जेकेएलयू में स्टार्टअप शिखर सम्मेलन आरोहण 3.0
जयपुर | जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के अटल इनक्यूबेशन सेंटर में वार्षिक स्टार्टअप शिखर सम्मेलन ‘आरोहण 3.0’ का आयोजन हुआ। विकसित भारत 2047: अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स की ओर से संचालित यूथ एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन” थीम पर हुई समिट में उद्योग जगत के नेतृत्व, निवेशक, नीति विशेषज्ञ और प्रदेश से स्टूडेंट्स व उद्यमियों ने भाग लिया। शुरुआत लीडरशिप इंटरेक्शन और कैंपस वॉकथ्रू के साथ हुई। इस मौके पर डॉ. विजयशेखर चेलाबोइना, प्रेम सिंह और सत्य नारायणन आर ने विचार व्यक्त किए।
व्यापारियों को आधुनिक तकनीक और ई-कॉमर्स से कारोबार बढ़ाने पर जोर
बैठक में शामिल मार्बल उद्यमी सहित पदाधिकारी। उदयपुर। मार्बल एसोसिएशन कार्यालय में एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें व्यापारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और मार्केटिंग तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें राजस्थान लघु उद्योग विभाग की ओर से नॉलेज पार्टनर डिजाइन टू ऑक्यूपेंसी, जयपुर की टीम के वक्ता अंशुल डाड ने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) इस पहल का उद्देश्य कारीगरों और उद्यमियों को ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन ब्रांडिंग से जोड़ना है, ताकि स्थानीय उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुंच सकें। अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र सिंह सामर ने कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लेकर योजना का लाभ उठाया और पंजीयन भी कराया। सचिव रौनक कोठारी ने सुझाव दिया कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि व्यापारी पूरी सुविधाओं का लाभ ले सकें। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पंकज गंगावत, उपाध्यक्ष पिंटू प्रजापत, सह सचिव करण बैद, अरुण जैन, रमेश चित्तोड़ा, जितेंद्र नावेदिया, भगवती लाल जैन, जीवन सिंह देवड़ा, महेश गुप्ता, मोहम्मद इलियास, नीतेश कुमार जैन, प्रतीक जैन, वीरेंद्र चौधरी, खूबीलाल डांगी, सुनील मोगरा, हिमांशु मेघवंशी, रवि चौहान, निष्ठा जैन, सलमान खान, गौतम शर्मा एवं सभी मार्बल व्यापारी उपस्थित थे।
टाईकॉन उदयपुर-2026 में दिखा न्यू इंडिया का विजन, स्टार्टअप और निवेश पर मंथन
उदयपुर | टाई उदयपुर द्वारा आयोजित टाईकॉन उदयपुर-2026 का भव्य समापन हुआ, जिसमें 800 से अधिक उद्यमी, निवेशक, स्टार्टअप फाउंडर्स, कॉर्पोरेट लीडर्स और युवाओं ने भाग लेकर इसे दक्षिण राजस्थान का सबसे बड़ा उद्यमिता सम्मेलन बना दिया। पूरे दिन चले इस आयोजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप्स, निवेश, डिजिटल एसेट्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे समकालीन विषयों पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रोग्राम चेयर हितेश गांधी के स्वागत उद्बोधन से हुई। वहीं टाई उदयपुर के प्रेसीडेंट संदीप बापना ने कहा कि टाईकॉन का उद्देश्य केवल सम्मेलन तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्र में एक मजबूत और सस्टेनेबल स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां युवाओं को मेंटरशिप, नेटवर्किंग और निवेश के बेहतर अवसर मिलें। इस वर्ष सम्मेलन को दो प्रमुख ट्रैक बिग पिक्चर और एक्जीक्यूशन में आयोजित किया गया, जिससे प्रतिभागियों को रणनीतिक सोच के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव भी प्राप्त हुआ।
स्टार्टअप झारखंड में कमलदीप सिंह
सिटी रिपोर्टर } वरिष्ठ रिटेल उद्योग विशेषज्ञ कमलदीप सिंह को आई-हब स्टार्टअप झारखंड फाउंडेशन के बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति झारखंड के उभरते उद्यमियों को अनुभवी नेतृत्व से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्टार्टअप झारखंड, राज्य को पूर्वी भारत के प्रमुख स्टार्टअप केंद्र के रूप में स्थापित है। सिटी रिपोर्टर } संस्कार भारती, रांची महानगर द्वारा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। सुजाता मजूमदार व जेपी सिंह ने मधुर गायन किया। गार्गी शोम ने भरतनाट्यम नृत्य के जरिए देवी के सभी स्वरूपों की मनमोहक प्रस्तुति दी। सिटी रिपोर्टर } बीआईटी मेसरा में चल रहे वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव बीटोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को दो प्रमुख प्रतियोगिताएं हुई। फुटलूज में छात्रों ने नृत्य की विभिन्न शैलियां प्रस्तुत की। जिसमें सोबर स्क्वाड विजेता रही। वहीं, बैंड प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक और अन्य गीतों की लाइव प्रस्तुति दी, विजेता कर्ली टेल्स रही। सिटी रिपोर्टर } मनरखन महतो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में प्रकृति पर्व सरहुल पारंपरिक “फूल खोंसी’ रस्म के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। विद्यार्थियों ने आकर्षक समूह नृत्य और भाषणों के माध्यम से इस पर्व के सांस्कृतिक महत्व व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संस्कार भारती में सांस्कृतिक उत्सव बीटोत्सव: फुटलूज में हुई डांस-मस्ती मनरखन महतो ग्रुप में सरहुल मनाया cb news brief
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में लाखों रुपए के गेहूं से भरा एक ट्रक रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया है। इस घटना से नाराज होकर शुक्रवार रात अनाज मंडी के कई व्यापारियों ने पीड़ित व्यापारी के साथ थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। नलखेड़ा के 'पुनित ट्रेडर्स' के मालिक पुनित कुमार कांठेड़ ने 16 मार्च 2026 को एकता ट्रांसपोर्ट कंपनी के एक ट्रक (RJ 52 GA 1630) में करीब 353 क्विंटल गेहूं लोड करवाया था। यह माल पंजाब के राजपुरा भेजा जाना था, जिसकी कुल कीमत 8 लाख 96 हजार 620 रुपए बताई जा रही है। 17 मार्च को ट्रक यहां से रवाना तो हुआ, लेकिन अपनी मंजिल तक नहीं पहुंचा। ट्रांसपोर्ट कंपनी पर मिलीभगत का शक जब गेहूं समय पर नहीं पहुंचा, तो खरीदार कंपनी ने व्यापारी को इसकी जानकारी दी। पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि उन्होंने जब ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक उस्मान और अनीस से संपर्क किया, तो उन्हें कोई सही जवाब नहीं मिला। व्यापारी को शक है कि इस धोखाधड़ी में ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों का हाथ हो सकता है। व्यापारियों ने घेरा थाना इस घटना की खबर मिलते ही मंडी के अन्य व्यापारी भी पुनित के समर्थन में उतर आए। सभी ने मिलकर नलखेड़ा थाने में आवेदन दिया और मांग की कि या तो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जाए या फिर माल की पूरी कीमत दिलवाई जाए। पुलिस ने व्यापारियों की शिकायत ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बालाघाट जिले में प्रशासन ने बकाया राजस्व वसूली को लेकर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में तहसीलदार सुनील वर्मा और उनकी टीम ने किराया और टैक्स न चुकाने वाले तीन दुकानदारों की दुकानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के डर से कुछ दुकानदारों ने मौके पर ही 2.90 लाख रुपए की बकाया राशि सरकारी खजाने में जमा कर दी। नजूल आरआई और पटवारियों की टीम सरेखा इलाके में पहुंची। यहां मनोज (पिता रेवाशंकर) नाम के व्यक्ति ने अपनी तीन दुकानों का नजूल नवीनीकरण पैसा लंबे समय से जमा नहीं किया था। प्रशासन ने उन्हें कई बार नोटिस दिए, लेकिन पैसे जमा न होने पर आखिरकार दुकानों पर ताला जड़कर उन्हें सील कर दिया गया। कुर्की की भी दी चेतावनी तहसीलदार सुनील वर्मा ने साफ कर दिया है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जिन लोगों ने भी डायवर्सन या नजूल मद का पैसा रोक रखा है, वे जल्द से जल्द जमा कर दें, वरना उनकी संपत्तियों को कुर्क (जब्त) करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अन्य बड़े बकायादारों में भी हड़कंप मच गया है।
हांसी शहर में शुक्रवार शाम भगत सिंह रोड पर उस समय हंगामा हो गया, जब नगर परिषद के अधिकारी बकाया हाउस टैक्स के चलते एक दुकान को सील करने पहुंचे। व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों को दुकान सील करने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद की टीम भगत सिंह रोड निवासी राजकुमार की आटा चक्की पर 64 हजार रुपए बकाया टैक्स बताकर सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची थी। जैसे ही अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की, व्यापार मंडल के सदस्य मौके पर पहुंच गए और विरोध जताना शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारियों और व्यापारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिससे मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हंगामे के बीच, व्यापारियों ने नगर परिषद द्वारा दुकान पर लगाए गए ताले को तोड़ दिया और उसे सड़क के बीच में फेंक दिया। दुकानदार बोला- 20 हजार रुपए जमा करा दिए थे दुकानदार राजकुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले भी अधिकारी दुकान सील करने आए थे, जिस पर उन्होंने 26 फरवरी को 20 हजार रुपए जमा करवा दिए थे। इसके बावजूद, अब 64 हजार रुपए बकाया दिखाकर फिर से कार्रवाई की जा रही है। व्यापारी नेता प्रवीण तायल ने नगर परिषद पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से टैक्स निर्धारित किया जा रहा है और व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। तायल ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस तरह दुकान को सील किया गया तो पूरा शहर एकत्रित हो जाएगा। हालांकि, दुकानदार के पास पहले जमा करवाई गई राशि की रसीद मौके पर उपलब्ध नहीं थी। वहीं, व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद के पास भी टैक्स का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है और बिना ठोस आधार के कार्रवाई की जा रही है। अधिकारी बोले- 16 साल पुराना टैक्स बकाया इस मामले में नगर परिषद सचिव एंजेल वायु ने बताया कि संबंधित प्रॉपर्टी का करीब 16 साल पुराना टैक्स बकाया है। उनके अनुसार 20 हजार रुपए जमा कराने के बाद भी 64 हजार रुपए अब भी बकाया हैं, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की जा रही थी। साथ ही नगर परिषद सचिव ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ बदतमीजी करने के आरोप में दुकानदार और व्यापारी नेता के खिलाफ शहर थाना में शिकायत भी दर्ज करवाई है।
उज्जैन के बड़नगर में स्टॉक मार्केट में अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले एक फर्जी निवेश गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बड़नगर पुलिस ने 19 मार्च 2026 को Sky Commodities Private Limited नामक कंपनी के कार्यालय पर दबिश दी। इस कार्रवाई में कंपनी के तीन संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालक शास्वत विकल, श्लोक विकल और उबैद कुरैशी सुनियोजित तरीके से लोगों को निवेश के नाम पर गुमराह कर रहे थे। वे आम लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उनसे पैसे निवेश करवाते थे। 8-9 हजार के वेतन में रखे थे कर्मचारी दबिश के दौरान कार्यालय से कुल 12 कर्मचारी मिले, जिनमें 9 युवतियां और 3 युवक शामिल थे। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें 8 से 9 हजार रुपए मासिक वेतन पर रखा गया था। उनका मुख्य काम लोगों को कॉल करके निवेश के लिए तैयार करना था, जिसके लिए उन्हें पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी। कीपैड फोन का करते थे इस्तेमाल पुलिस ने मौके से 9 कीपैड मोबाइल फोन, 4 कॉपियां (जिनमें मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी दर्ज थी), एक उपस्थिति रजिस्टर और 2 लैपटॉप जब्त किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आधार पर अब साइबर तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। केस दर्ज कर जांच शुरू बड़नगर थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(1), 319(1), 61(2), 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-D, 72, 72-A के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
रायपुर में कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ पैदल मार्च किया, कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि, सिलेंडर खुलेआम 3 से 4 हजार रुपए में ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। प्रदर्शन अंबेडकर चौक से शुरू हुआ, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे और केंद्र-राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। गैस की कमी और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। “गैस के लिए भटक रही जनता” शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि, महंगाई से आम लोग पहले ही परेशान हैं, ऊपर से गैस सिलेंडर की किल्लत ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिलेंडर खुलेआम 3 से 4 हजार रुपए में ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, जबकि एजेंसियों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता वेटिंग में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। लोग रसोई चलाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। त्योहारों में भी परेशानी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नवरात्रि और ईद जैसे त्योहारों के समय भी लोगों को गैस के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीद रहे हैं। नेताओं पर साधा निशाना मेनन ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि, ये लोग चुनाव के समय तो नजर आते हैं, लेकिन जनता की समस्या के समय गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर से लेकर व्यापारी तक हर वर्ग इस समस्या से जूझ रहा है। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
उत्तर प्रदेश को सौर ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा निवेश का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विकास भवन, प्रयागराज में उत्तर प्रदेश एनर्जी एक्सपो (UPEX) 2026 से पहले जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ और ‘पीएम-कुसुम योजना’ जैसी पहलें आम लोगों, किसानों और उद्योगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उत्तर प्रदेश एनर्जी एक्सपो (UPEX) 2026 का आयोजन 7 से 9 मई के बीच लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जाएगा, जहां देश-विदेश से 150 से अधिक प्रदर्शक और 60 से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम PHD Chamber of Commerce and Industry के यूपी स्टेट चैप्टर और फर्स्टव्यू द्वारा, UPNEDA, उत्तर प्रदेश सरकार और सेवा (SEVA) के सहयोग से, KEI Industries Limited के समर्थन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ पर खास चर्चा हुई। इसमें अधिकारियों और उद्योग से जुड़े लोगों ने सौर ऊर्जा में बढ़ते अवसर और सरकारी नीतियों पर विचार साझा किए। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह (IAS) ने कहा कि राज्य के विकास के लिए नवीकरणीय ऊर्जा बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ और ‘पीएम-कुसुम योजना’ जैसी योजनाएं घरों, किसानों और उद्योगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। कॉन्फ्रेंस सह-संयोजक यू.पी. त्रिपाठी ने बताया कि यूपी एनर्जी एक्सपो 2026 का आयोजन 7 से 9 मई तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में होगा। इसमें 150 से ज्यादा प्रदर्शक और 60 से अधिक वक्ता हिस्सा लेंगे। जिला विकास अधिकारी गोपाल कुशवाहा ने कहा कि सौर ऊर्जा को गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है, जिससे ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि सौर ऊर्जा अब पारंपरिक ऊर्जा का बेहतर विकल्प बन रही है। कार्यक्रम में बताया गया कि इस एक्सपो में ईवी, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण से जुड़ी नई तकनीकों का भी प्रदर्शन होगा। UPNEDA के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा अपनाने में अग्रणी राज्य बन सकता है। अंत में आयोजकों ने बताया कि एक्सपो से पहले जागरूकता कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे हैं। इसके तहत 7 अप्रैल को वाराणसी, 17 अप्रैल को गोरखपुर और 24 अप्रैल को लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पटियाला के नाभा में स्थानीय व्यापारियों को समस्याओं के प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करने के लिए ट्रेडर्स कमीशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम कार्यालय नाभा के अधिकारियों के साथ पंजाब ट्रेड कमीशन पटियाला के वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमौली विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमौली ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार व्यापारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान करना है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें। गंभीरता से ली जा रही व्यापारियों की समस्या : कौशल नाभा के चेयरमैन भूपिंदर कौशल ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के विधानसभा हलका स्तर पर ट्रेडर्स कमीशन का गठन किया है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों द्वारा उठाई जाने वाली हर समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित विभागों के सहयोग से उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। कौशल ने व्यापारिक समुदाय से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे ट्रेडर्स कमीशन से संपर्क करें। बैठक के दौरान व्यापारियों ने सुरक्षा, टैक्स, लाइसेंसिंग और अन्य प्रशासनिक समस्याओं सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। कमीशन के सदस्यों ने इन मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। व्यापारियों ने अपने मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की। अधिकारियों ने कारोबारियों का दिया भरोसा इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कमीशन के साथ मिलकर प्रत्येक मुद्दे का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस बैठक में विधायक नाभा की ओर से कपिल देव मान, ट्रेडर्स कमीशन के स्टेट मेंबर संजीव कुमार, मनदीप खान, संजीव सूद, सुखबिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, शिव लाल, जगतार सिंह, थाना के एसएचओ, नगर काउंसिल, फूड सप्लाई, जिला इंडस्ट्रीज सेंटर, श्रम विभाग, स्टेट टैक्स तथा अन्य विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिसार शहर में उत्तरप्रदेश के मथुरा के रहने वाले स्वर्ण व्यापारी की 40 किलो चोरी हो गई। वारदात गुरुवार अल सुबह हुई। व्यापारी प्राइवेट बस से मथुरा से फतेहाबाद जा रहा था। बस ड्राइवर ने उसे अपनी बातों में उलझाकर उसकी चांदी को रामायण टोल के पास बस से नीचे उतरकर झाड़ियों में छिपा दिया। व्यापारी को अग्रोहा टोल पर बैग नहीं दिखा, तो उसने शोर मचा दिया और उसके बाद पुलिस को फोन पर सूचना दी। अब हिसार पुलिस ने 40 किलो चांदी चोरी के मामले का 13 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई पूरी चांदी बरामद कर ली। बरामद चांदी की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। एएसपी ने प्रेस कान्फ्रेंस का पूरा मामला बताया… कल सुबह 6 बजे सूचना मिली : एएसपी मयंक मुदगिल ने प्रेसवार्ता में बताया कि 19 मार्च को सुबह लगभग 6 बजे कंट्रोल रूम को 40 किलो चांदी चोरी होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न टीमें गठित की। एएसआई संदीप और स्पेशल स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर पवन के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि बस मथुरा से फतेहाबाद जा रही थी। रास्ते में ड्राइवर संदिग्ध रूप से चांदी के बारे में जानकारी जुटा रहा था। चांदी चोरी का ड्राइवर पर संदेह हुआ : एएसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता अग्रोहा के रविंद्र सोनी ने भी ड्राइवर पर संदेह व्यक्त किया था। पुलिस को यह भी इनपुट मिला कि आरोपी सिरसा की ओर जा सकता है, जिसके बाद टीमों ने घेराबंदी तेज कर दी। एएसपी के अनुसार, बस जब रामायण टोल के पास रुकी, तो ड्राइवर ने मौका पाकर चांदी से भरा बैग झाड़ियों में फेंक दिया। बाद में उसने बैग से चांदी निकालकर अलग छिपा दी। जब बस अग्रोहा के पास पहुंची, तो यात्रियों को बैग गायब मिला, जिससे चोरी का खुलासा हुआ। हिसार बस स्टैंड पर चालक पकड़ा : पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिरसा पहुंचने के बाद चालक बदल गया था। आरोपी दोबारा रामायण टोल के पास जाकर छिपाई गई चांदी उठाने की फिराक में था। इसी दौरान उसे हिसार बस स्टैंड पर पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर पूरी चांदी बरामद कर ली गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी हाल ही में एक ट्रैवल कंपनी के माध्यम से बस ड्राइवर के रूप में नियुक्त हुआ था। उसने मथुरा के व्यापारी राजेश शर्मा से जान-पहचान के जरिए चांदी के बारे में जानकारी जुटाई और फिर वारदात को अंजाम दिया।
पंजाब सीएम भगवंत मान के राजस्थान से पानी के बदले 1.44 लाख करोड़ की मांग को राजस्थान सरकार ने ठुकरा दिया है। राजस्थान सरकार ने पंजाब की मांग को असंवैधानिक बताया है। पंजाब सीएम भगवंत मान ने 1920 के समझौते का हवाला देते हुए राजस्थान सरकार से पानी की बकाया रॉयल्टी देने अथवा पानी लेना बंद करने को कहा था। जलसंसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा- वर्ष 1920 का समझौता ब्रिटिश सरकार, बहावलपुर (अब पाकिस्ताान में) और बीकानेर रियासत के बीच हुआ था। बीकानेर रियासत की लगभग 5 लाख एकड़ जमीन के लिए पानी आवंटन तय किया गया। था। पानी के बदले चार्ज ब्रिटिश सरकार को देना था, पंजाब प्रांत को नहीं। मंत्री ने कहा- आजादी के बाद रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के पानी के उपयोग और बंटवारे पर 3 बार समझौता हुआ है। यह समझौता वर्ष 1955, 1959 और 1981 में संबंधित राज्यों के बीच विचार-विमर्श के बाद किए गए। इनमें कहीं भी रॉयल्टी या किसी चार्ज का कोई प्रावधान नहीं किया गया। इसलिए पंजाब की तरफ से रॉयल्टी की मांग तथ्यों से परे और गैर कानूनी है। मंत्री बोले- पानी व्यापार की चीज नहीं जलसंसाधन मंत्री सुरेश सिंह के बयान के मुताबिक- संविधान के अनुच्छेद 262 के अनुसार अंतरराज्यीय नदियों के जल के उपयोग, वितरण और नियंत्रण से संबंधित विवादों का रेगुलेशन करने का अधिकार संसद को है। ऐसे मामलों में संसद के बनाए गए कानून से ही फैसला हो सकता है। इस संवैधानिक व्यवस्था के तहत अंतरराज्यीय नदी जल को व्यापारिक वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संसाधन के रूप में देखा जाता है। मंत्री के अनुसार- किसी एक राज्य का पानी पर रॉयल्टी या वाणिज्यिक दावा करना संविधान की मूल भावना और स्थापित विधिक सिद्धांतों के खिलाफ है। राजस्थान सरकार अपने किसानों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसी किसी भी गैर-संवैधानिक और निराधार मांग को सिरे से अस्वीकार करती है। आजादी के बाद किसी समझौते में रॉयल्टी का प्रावधान नहीं राजस्थान सरकार की तरफ से तर्क दिया गया है कि भारत सरकार ने वर्ष 1955 में रावी और ब्यास नदी प्रणाली के पानी का अंतरराज्यीय आवंटन किया। इसमें राजस्थान को 8.00 MAF (मिलियन एकड़ फीट) पानी आवंटित किया गया। इस ढांचे में रॉयल्टी भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद 1981 के समझौते के तहत रावी और ब्यास नदी के सरप्लस पानी में राजस्थान को 8.60 MAF पानी आवंटित किया गया। मंत्री ने कहा- वर्तमान में राजस्थान को पानी बीकानेर कैनाल, राजस्थान फीडर भाखड़ा मेन लाइन और सरहिंद फीडर से मिलता है। इसका रेगुलेशन भारत सरकार की देख-रेख में BBMB (भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड) के माध्यम से होता है। सतलुज, रावी, ब्यास नदी प्रणाली के पानी के उपयोग के लिए राजस्थान पर पंजाब राज्य को किसी प्रकार की रॉयल्टी के भुगतान को कोई कानूनी आधार नहीं है। अब भगवंत मान बोले- राजस्थान से पानी की रॉयल्टी पर कोर्ट जाएगी पंजाब सरकार राजस्थान सरकार द्वारा रॉयल्टी को लेकर इनकार करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा- वे इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे, वहां राजस्थान अपना पक्ष रखे। जो भी बताना है, वहां पर जाकर बता दें। हालांकि, उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा- चोर कभी नहीं कहता कि वह चोर है, लेकिन बाद में सारी बात कबूल लेता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 मार्च को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह कहा। राजस्थान के पानी की रॉयल्टी देने से इनकार करने के मीडिया के सवाल पर भगवंत मान ने कहा- पहले तो वह ऐतराज ही करेंगे। चोरी करने के बाद कोई चोर नहीं कहता कि मैंने चोरी की है। वह तो बाद में मनवाना पड़ता है। पकड़ा तो वह ट्रांसफार्मर से तेल चोरी के आरोप में जाता है, लेकिन बाद में 14-15 मोटरें चोरी करने और दो-चार मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल लेता है। उसी तरह हम कोर्ट में केस लड़ेंगे। वह जो भी कहना है, कोर्ट में कह दें। भगवंत मान ने कहा था- पंजाब को पानी की 1.44 लाख करोड़ रॉयल्टी राजस्थान चुकाए या पानी लेना बंद करे वहीं पंजाब सीएम भगवंत मान ने 19 मार्च को कहा था कि सितंबर 1920 में बीकानेर के तत्कालीन महाराजा, बहावलपुर रियासत और ब्रिटिश सरकार के बीच समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत राजस्थान ने प्रति एकड़ के हिसाब से पानी पर रॉयल्टी का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। राजस्थान ने 1960 तक पंजाब को पानी के लिए रॉयल्टी दी थी, लेकिन उसके बाद रुपए देना बंद कर दिया गया। पंजाब सीएम भगवंत मान के अनुसार- राजस्थान सरकार पर फिरोजपुर फीडर से लिए गए पानी के लिए पंजाब का यह पैसा बकाया है। पिछले छह दशक में राजस्थान ने पैसा नहीं दिया है। वर्ष 1960 से 1926 तक 1.44 लाख करोड़ बकाया है। सिंधु जल संधि के बाद राजस्थान ने 18,000 क्यूसेक पानी लेना जारी रखा, लेकिन पैसा देना बंद कर दिया। अगर हम 1960 से 2026 तक के बकाए की गणना करें, तो राजस्थान पर पंजाब का 1.44 लाख करोड़ बकाया है। ………… यह खबर भी पढ़ें... पंजाब ने राजस्थान से मांगा पानी का पैसा:सीएम भगवंत मान बोले-1.44 लाख करोड़ दो या पानी छोड़ो; 66 साल से है बकाया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान सरकार से पिछले छह दशकों के पानी का पैसा बकाया होने का दावा किया है। मान ने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ देने की मांग की है। इसके लिए औपचारिक दावा पेश करने की घोषणा की है। मान ने कहा- राजस्थान या तो पैसा दे या पंजाब से पानी लेना बंद करे। (पूरी खबर पढ़ें)
सीहोर में बेमौसम बारिश से गेहूं खराब:कृषि उपज मंडी में भीगा अनाज, किसान-व्यापारी सुखाने में जुटे
सीहोर जिले में बीती रात अचानक मौसम बदलने से बेमौसम बारिश हुई। लगभग 45 मिनट तक रुक-रुक कर हुई तेज बारिश के कारण कृषि उपज मंडी समिति सीहोर में दुकानों के बाहर रखा गेहूं भीग गया। बारिश से भीगे गेहूं को अब व्यापारी और किसान धूप में सुखाने में जुटे हैं। कई दुकानदारों के सामने रखा गेहूं खराब होने की स्थिति में है। कृषि मंडी के व्यापारी सतीश दरोठिया ने बताया कि बेमौसम बारिश से गेहूं की चमक पर असर पड़ेगा। गेहूं के साथ लहसून प्याज को भी नुकसानकिसानों ने बताया कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की चमक पर भी इस बारिश का प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, लहसुन और प्याज की फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है। जिले के कई इलाकों में बारिश यह बारिश बीती रात 1:45 बजे से 1:30 बजे के बीच हुई। इससे पहले 21 फरवरी को श्यामपुर में 1.3 मिमी, आष्टा में 4 मिमी और जावर में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। 21 फरवरी के बाद अब 20 मार्च को यह बारिश हुई है। इस बारिश से बीते 24 घंटे में दर्ज 38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जिले में हुई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं: सीहोर में 2.2 मिमी और इछावर में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
कन्नौज में एलपीजी गैस की कमी के कारण छोटे व्यापारियों और ठेला संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने 5 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण शुरू किया है, ताकि उनका दैनिक व्यवसाय प्रभावित न हो। पिछले कुछ दिनों से जिले में एलपीजी गैस की किल्लत बनी हुई है। इस दौरान व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति भी पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। इससे खानपान की ठेली लगाने वाले और छोटे दुकानदार प्रभावित हो रहे थे, क्योंकि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। इस समस्या के समाधान के लिए जिला पूर्ति विभाग ने पहल की। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि नगर क्षेत्र में छोटे व्यापारियों और वेंडरों को निर्बाध रूप से अपना कारोबार चलाने में मदद करने के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है। इसी क्रम में सरायमीरा स्थित रोडवेज बस स्टैंड, गैस एजेंसी क्रॉसिंग और गोल कुआं चौराहे के आसपास खान-पान कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों, वेंडरों और ठेला संचालकों को 5 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनका दैनिक व्यवसाय प्रभावित न हो और वे अपनी आजीविका सुचारु रूप से चला सकें। इच्छुक छोटे व्यापारी और ठेला संचालक अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर 5 किलोग्राम के छोटे व्यावसायिक सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
करनाल में एक युवती को वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क पूरे कर मोटी कमाई का लालच देकर साइबर ठगों ने करीब 29.58 लाख रुपए की ठगी कर ली। शुरुआत में छोटे टास्क देकर मुनाफा दिखाया गया, जिससे विश्वास बना। बाद में बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कराई गई। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ पूरा खेलकरनाल निवासी ज्योति की शिकायत के अनुसार 19 नवंबर 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। उसमें घर बैठे काम करने का ऑफर दिया गया। सहमति देने पर उसे टेलीग्राम ग्रुप “5811 द रॉयल मिंट” से जोड़ा गया। 20 नवंबर 2025 को पहला टास्क दिया गया, जिसमें 8 हजार रुपए लगाने पर 11 हजार 806 रुपए उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में वापस आए। छोटे मुनाफे से जीता भरोसा, फिर बढ़ाया निवेश21 नवंबर 2025 को 10 हजार रुपए लगाने के बाद 19 हजार 119 रुपए और जमा करवाए गए। इसके बदले 36 हजार 007 रुपए खाते में आए। इसके बाद 22 नवंबर 2025 को 50 हजार रुपए लगवाए गए और फिर 1.50 लाख रुपए और जमा करवाने को कहा गया। धीरे-धीरे ठगों ने विश्वास बनाकर बड़ी रकम फंसा ली। पीड़िता ने अलग-अलग तारीखों में अलग अलग बैंक खातों में अलग-अलग अमाउंट ट्रांसफर किया। खाते में आए पैसे से हुआ शक, खाता हुआ बंदपीड़िता के खाते में 36 हजार 007 रुपए आने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने खाते को बंद कर दिया। पीड़िता का कहना है कि उसे नहीं पता था कि यह फर्जी पैसा है। उसने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरूशिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाना करनाल में वीरवार को मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर देवेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी बैंक खातों और लेनदेन की जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
रतलाम में एक सराफा व्यापारी को धमकाने का मामला सामने आया है। धमकाने वाले रतलाम व इंदौर के निवासी है जिन्होंने दुकान चलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए देने को कहा है। नहीं देने पर दुकान से उठवाने पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी है। सराफा व्यापारी की रिपोर्ट पर माणकचौक थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शहर के चांदनीचौक में सोने-चांदी की दुकान संचालित करने वाले विमल मांडोत (45) पिता श्रेणिकलाल मांडोत निवासी नीमचौक रतलाम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि उनकी चांदनी चौक रतलाम में सोने चांदी की दुकान है। 13 मार्च दोपहर करीब 3 बजे वह दुकान पर थे। तभी बंटी गुगलिया निवासी रतलाम व चयन सोनी निवासी इंदौर दोनों दुकान पर आए। दोनों ने आकर गालियां दी। उन्होंने कहा कि तुझे दुकान चलाना है तो डेढ़ करोड रुपए देने होंगे। रुपए नहीं देने पर हम तुझे दुकान से उठवा लेंगे। तुझे व तेरे परिवार को जान से खत्म कर देंगे। दुकान में बेटा दक्ष मांडोत, स्टाफ के श्रीकांत शर्मा व यश कुमार कुशवाह दुकान पर थे। लगातार दे रहे धमकियां व्यापारी ने रिपोर्ट में बताया कि इन लोगो द्वारा अवैध वसूली को लेकर लगातार धमकियां दी जा रही है। पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। इन लोगों की धमकियों के डर के कारण 13 मार्च को रिपोर्ट नहीं लिखाई। व्यापारी गुरुवार दोपहर थाने पहुंचा। पुलिस ने देर शाम व्यापारी के आवेदन पर रिपोर्ट दर्ज की। माणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे ने बताया चयन सोनी निवासी सुदामा नगर इंदौर व बंटी गुगालिया पिता पारसमल गुगलिया निवासी थावरिया बाजार के खिलाफ बीएनएस की धारा 119(1), 296(b), 351(3), 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
निवेशकों को नोएडा की विभिन्न योजनाओं की सटीक और समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के तहत देश-विदेश में बैठे निवेशक अब अपने मोबाइल फोन पर ही प्राधिकरण की नई और मौजूदा सकीम की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए इच्छुक निवेशकों को नोएडा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://noidaauthorityonline.in पर जाकर “Register Yourself to Invest in Noida” विकल्प पर क्लिक करना होगा। इस विकल्प के माध्यम से निवेशक अपनी बुनियादी जानकारी भरकर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवेशक का मोबाइल नंबर प्राधिकरण के सिस्टम में दर्ज हो जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार, रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित निवेशकों को उनके मोबाइल नंबर पर समय-समय पर नई स्कीम की जानकारी भेजी जाएगी। यह जानकारी प्राधिकरण की अलग-अलग श्रेणियों से संबंधित स्कीम की होगी। इससे निवेशकों को किसी भी नई स्कीम की जानकारी के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बताना होगा किस श्रेणी में करना है निवेशरजिस्ट्रेशन के दौरान निवेशकों को यह भी बताना होगा कि वे किस श्रेणी में निवेश करना चाहते हैं। प्राधिकरण ने इसके लिए कई विकल्प दिए हैं, जिनमें इंडस्ट्री, कमर्शियल और ग्रुप हाउसिंग प्रमुख हैं। निवेशक अपनी रुचि के अनुसार इनमें से किसी एक या अधिक विकल्प का चयन कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई निवेशक इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश करना चाहता है और वह रजिस्ट्रेशन के दौरान इंडस्ट्री विकल्प चुनता है, तो उसे नोएडा प्राधिकरण की सभी इंडस्ट्रियल स्कीम से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर मिलती रहेगी। इसी तरह यदि कोई व्यक्ति कमर्शियल या ग्रुप हाउसिंग से संबंधित योजनाओं में रुचि रखता है, तो उससे संबंधित अपडेट भी उसे सीधे फोन पर उपलब्ध कराए जाएंगे। धोखाधड़ी से बच सकेंगे निवेशकनोएडा प्राधिकरण का कहना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से निवेशकों को दो बड़े फायदे होंगे। पहला, उन्हें प्राधिकरण की सभी योजनाओं की आधिकारिक और सही जानकारी समय पर मिल सकेगी। दूसरा, निवेशक किसी भी तरह की फर्जी जानकारी, बिचौलियों या धोखाधड़ी से बच सकेंगे। देश-विदेश के निवेशकों को मिलेगी जानकारीप्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। साथ ही इससे देश-विदेश के निवेशकों को नोएडा में निवेश के बेहतर अवसरों की जानकारी सीधे और सरल तरीके से मिल सकेगी, जिससे क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बिहार ने वैश्विक निवेशकों को अपना ऊर्जा विजन बताया
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में बिहार ‘फोकस स्टेट’ के रूप में शामिल हुआ है। नई दिल्ली में आयोजित इस वैश्विक कार्यक्रम में बिहार ने अपनी उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया और वैश्विक निवेशकों व उद्योगपतियों के साथ संवाद किया। समिट में बिहार पैवेलियन चर्चा का केंद्र बना रहा, जहां बड़ी संख्या में आगंतुकों और प्रतिनिधियों ने राज्य की ऊर्जा पहलों को करीब से समझा। बीएसपीएचसीएल की टीम ने निवेशकों से बातचीत कर भविष्य की परियोजनाओं पर चर्चा की। समिट के दौरान बिहार ने अपने ऊर्जा क्षेत्र के विजन को भी मजबूती से पेश किया। पीरपैंती की लगभग 30,000 करोड़ रुपए की परियोजना और कजरा की सौर व बैटरी स्टोरेज परियोजना को प्रमुख पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025 के तहत राज्य ने वर्ष 2030 तक 24 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 6.1 गीगावाट ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ट्रांसमिशन शुल्क में छूट, ऊर्जा बैंकिंग, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और कार्बन क्रेडिट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। 2.2 करोड़ उपभोक्ता, 87 लाख प्रीपेड मीटर ऊर्जा सेवाओं के डिजिटलीकरण में बिहार ने तेजी से काम किया है। अब तक 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता और राजस्व संग्रहण में सुधार हुआ है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में टीबीसीबी मोड में 81,000 करोड़ रुपए के निवेश से ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। इसमें 38,950 करोड़ रुपए पावर जेनरेशन, 16,194 करोड़ रुपए ट्रांसमिशन और 22,951 करोड़ रुपए वितरण प्रणाली को मजबूत करने में खर्च किए जाएंगे। वहीं, मेंटेनेंस और रख-रखाव पर 3,346 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछले 20 वर्षों में बिहार के बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव आया है। वर्ष 2005 में जहां राज्य को 700 मेगावाट से भी कम बिजली मिलती थी, वहीं आज 8,700 मेगावाट से अधिक की मांग पूरी की जा रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 24 घंटे बिजली उपलब्ध है। राज्य में 2.2 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं और बिजली अब हर गांव व घर तक पहुंच चुकी है, जिससे विकास की नई संभावनाएं खुली हैं।
दो वयस्क महिला-पुरुष यदि अपनी मर्जी से लिव-इन में रहते हैं और आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, लेकिन बाद में विवाद होने पर यदि महिला रेप की शिकायत दर्ज कराती है, तो यह उचित नहीं है। यह कहते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने रेप केस में फंसे कटनी के कपड़ा व्यापारी को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने यह फैसला 17 मार्च को सुनाया। मामला कटनी के कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है, जिनके खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और तलवार की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पत्नी से हुआ विवाद, फिर युवती आई जिंदगी में कटनी के माधव नगर निवासी मुकेश ठाकुरानी (35) कपड़ा व्यवसायी हैं। वर्ष 2003 में उनका विवाह हुआ था और उनके दो बच्चे हैं। 5 मई 2019 को किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ दहेज व भरण-पोषण का केस दर्ज कर दिया। इसी बीच 10 मई 2019 को कोर्ट के काम के दौरान मुकेश की मुलाकात कटनी में रहने वाली 24 वर्षीय से हुई। वह भी अपने पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट आती थी। कोर्ट में दोनों की अक्सर बातचीत होने लगी। युवती ने बताया कि उसका पति उसे परेशान करता है, जिसके खिलाफ उसने शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश के वैवाहिक विवाद की जानकारी मिलने पर वह उसके और करीब आ गई और दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। युवती का कहना था कि अब सरकार भी लिव-इन रिलेशन को मान्यता देती है, इसलिए वे साथ रह सकते हैं। आगे चलकर दोनों अपने-अपने जीवनसाथियों से तलाक लेकर शादी कर सकते हैं। इसके बाद दोनों गोवा, भेड़ाघाट और मैहर घूमने भी गए। लिव-इन की शुरुआत ठीक, फिर बढ़ा विवाद और बिगड़े रिश्ते मुकेश युवती के साथ लिव-इन में रहने को तैयार हो गया। 1 सितंबर 2019 को युवती अपनी मां और दो साल की बेटी के साथ मुकेश के घर आकर रहने लगी। शुरुआती कुछ दिन ठीक रहे, लेकिन समय बीतने के साथ दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान घर से लगातार नकदी और जेवरात गायब होने लगे। इस बारे में पूछने पर मुकेश और युवती के बीच विवाद बढ़ने लगा। याचिकाकर्ता के अनुसार, घर से करीब 15 लाख रुपए कैश और सोना गायब हो गया था। जब इस संबंध में युवती से पूछताछ की गई, तो उसने विवाद करना शुरू कर दिया और मार्च 2020 में यह कहते हुए मुकेश का घर छोड़ दिया कि अब वह उसे जेल भिजवाएगी। एफआईआर के बाद अगले ही दिन गिरफ्तारी, जेल भेजा गया मुकेश का घर छोड़कर युवती अपने पति के घर लौट गई। 25 जुलाई 2020 को उसने कटनी के महिला थाने में मुकेश ठाकुरानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n), 377, 294 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। युवती ने आरोप लगाया कि मुकेश ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी कहा कि शादी का झांसा देकर मुकेश ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही, उसकी नाबालिग बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ जबरन यौन और अप्राकृतिक कृत्य किए गए। पुलिस ने अगले दिन 26 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से मुकेश को जेल भेज दिया गया। 20 अगस्त 2020 को 25 दिन तक कटनी जेल में रहने के बाद मुकेश को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लिव-इन के बाद दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट में दी चुनौती मर्जी से लिव-इन रिलेशन में रहने के बावजूद युवती ने कपड़ा व्यापारी पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे चुनौती देते हुए व्यापारी ने हाईकोर्ट में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस जांच में भी सामने आया कि मुकेश के मोबाइल में ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला, जिसके आधार पर वह युवती को ब्लैकमेल कर रहा हो। इसके अलावा, घर की तलाशी के दौरान भी कोई तलवार बरामद नहीं हुई। सीनियर वकील बोले- संबंध सहमति से, आरोप निराधार याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस तथ्य से भली-भांति अवगत थी कि तलाक मिलने तक वह दूसरा विवाह नहीं कर सकती, जैसा कि उसके सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान से स्पष्ट है। आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप के संबंध में साइबर सेल को कोई भी सबूत नहीं मिला, जो पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र से भी स्पष्ट है। इसलिए युवती का यह आरोप कि पत्नी को तलाक देने के झूठे आश्वासन पर उसे रिश्ते में फंसाया गया, असत्य है। डेढ़ साल तक रहे शारीरिक संबंध, दोनों थे विवाहित याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने कोर्ट को बताया कि युवती और उसके पति ने समाज में अपनी छवि बचाने के लिए दोबारा साथ आकर झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। विशेष रूप से यह तथ्य सामने आया कि पहले से विवाहित दो व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे, जिनमें समय के साथ दरार आ गई और वे स्वतः समाप्त हो गए। यह स्थिति याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकती। विवाह का आश्वासन अवास्तविक, आरोप निराधार कोर्ट को बताया गया कि विवाह के आश्वासन का आरोप भी निराधार है, क्योंकि युवती पहले से विवाहित थी और उसका एक बच्चा भी था, इसलिए ऐसा वादा स्वाभाविक रूप से अवास्तविक था। साथ ही, भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत जबरदस्ती या चोट पहुंचाने की धमकी के संबंध में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने पाया-आरोप सही नहीं, एफआईआर रद्द सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने बताया कि जस्टिस बी.पी. शर्मा की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। यदि कोई महिला अपनी मर्जी से किसी के साथ रहती है और बाद में उसी व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराती है, तो यह उचित नहीं है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया।
सोसायटियों में निवेशकों का धन डूबा, सुनवाई नहीं
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की ओर से मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों में फंसी आमजन की राशि दिलाने की मांग को लेकर एडीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला अध्यक्ष महावीर बोहरा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2008-09 में कोऑपरेटिव सोसायटी एक्ट के तहत विभिन्न संस्थाओं को लाइसेंस दिए गए थे, जिसके बाद बाड़मेर में संजीवनी, नवजीवन और आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों ने कार्य शुरू किया। इन सोसायटियों की जिले सहित अन्य राज्यों में भी शाखाएं संचालित थीं, जहां लाखों लोगों का करोड़ों रुपये का निवेश हुआ। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2018-19 से इन सोसायटियों द्वारा निवेशकों को भुगतान बंद कर दिया गया, जिससे आमजन की अरबों रुपए की जमा पूंजी अटकी हुई है।
करोड़ों का जीएसटी रिफंड अटका, व्यापारियों ने जताई नाराजगी
भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब स्टेट ट्रेड कमीशन की बैठक में इस बार व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या के रूप में जीएसटी रिफंड में देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। चेयरमैन राजू चावला की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में विभिन्न मार्केट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि महीनों से रिफंड अटका होने के कारण उद्योग और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों के करोड़ों रुपए रिफंड के रूप में फंसे हुए हैं, जिससे उनका कैश फ्लो प्रभावित हो रहा है और छोटे उद्योगों के लिए कामकाज चलाना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों ने बताया कि बार-बार विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद समय पर रिफंड नहीं मिल रहा। इससे आर्थिक दबाव बढ़ने के साथ-साथ उत्पादन और सप्लाई चेन भी प्रभावित हो रही है। खासतौर पर एमएसएमई सेक्टर इस समस्या से सबसे ज्यादा जूझ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक बग्गा और चेयरमैन चावला ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिफंड मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए और व्यापारियों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। बैठक में इसके अलावा बिजली की ढीली तारें, ट्रांसफार्मर, ट्रैफिक जाम, तहबाजारी और बाजारों की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए गए, लेकिन जीएसटी रिफंड का मुद्दा पूरे समय चर्चा में रहा। विधायक बग्गा ने कहा कि सरकार उद्योगों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। अंत में चेयरमैन राजू चावला ने भरोसा दिलाया कि लंबित जीएसटी रिफंड मामलों को जल्द हल करवाया जाएगा, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। इस मौके पर शहर के कई व्यापारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
वेदांता समूह ने 1 लाख करोड़ के निवेश से राजस्थान के विकास को दी गति
उदयपुर| राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में वेदांता समूह ने 1 लाख करोड़ के निवेश के साथ राज्य के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है। तेल और गैस, तथा ऊर्जा क्षेत्रों में पहले से ही किए गए 1.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश के अतिरिक्त है। पिछले एक दशक में राष्ट्रीय और राज्य के खजाने में लगभग 3 लाख करोड़ का योगदान दिया है। इस अवसर पर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि “जब प्राकृतिक संसाधनों की बात आती है, तो राजस्थान भारत के लिए सबसे खास जगह रखता है। इसकी जमीन के नीचे जो कुछ भी मौजूद है, धातुएं, खनिज, तेल और गैस ,उसमें न सिर्फ इस राज्य को, बल्कि पूरे देश को ऊर्जा देने की क्षमता है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के जरिए, ग्रुप ने महिलाओं और बच्चों के पोषण और शिक्षा को मजबूत करने के लिए 25,000 से अधिक नंद घर बनाए हैं। वेदांता गर्ल्स पीजी कॉलेज, रिंगस जैसे संस्थान, जिन्होंने 50,000 से अधिक छात्राओं को शिक्षा दी है। गुरुकुल पब्लिक स्कूल व वेदांता स्कूल ने मिलकर 25,000 से अधिक बच्चों को सशक्त बनाया है।
स्टार्टअप के लिए छात्र-छात्राओं को मिला नया विजन
भास्कर न्यूज| मधुबनी उद्योग विभाग अंतर्गत स्टार्टअप सेल की ओर से गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अररिया संग्राम में एक दिवसीय स्टार्टअप आउटरीच जागरूकता कार्यक्रम का सफल व प्रभावकारी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 300 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर उद्यमिता व नवाचार के प्रति अपनी गहरी रुचि प्रदर्शित की। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य डॉ. शंभुकांत झा द्वारा किया गया। अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर सम्मानित करते हुए किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के संदेश को भी दर्शाता है। अपने स्वागत भाषण में प्राचार्य ने छात्रों को नवाचार, रचनात्मक सोच एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला उद्योग केंद्र डीआईसी के महाप्रबंधक रमेश कुमार शर्मा ने राज्य व केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न औद्योगिक व एमएसएमई योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए उद्यम स्थापित करने हेतु प्रेरित किया तथा आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर कुमार हार्दिक ने छात्रों को स्टार्टअप, उद्यमिता व नवाचार की अवधारणाओं से अवगत कराते हुए बताया कि नवाचार केवल नई तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा उत्पादों एवं सेवाओं में सुधार कर आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। छात्रों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया कार्यक्रम के दौरान फरवरी माह में आयोजित स्टार्टअप आइडिएशन चैलेंज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों में नवाचार के प्रति उत्साह एवं प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर होते रहेंगे, जिससे जिले के युवा उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकेंगे। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि मधुबनी जिले में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
बेटी से देह व्यापार कराने के मामले में माता-पिता गिरफ्तार
सिटी रिपोर्टर|औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में गुरुवार दोपहर 3 बजे अपनी ही बेटी से देह व्यापार कराने के मामले में पुलिस ने एक महिला, उसके पति और बेटी को गिरफ्तार किया है। नगर थाने की पुलिस गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की कार्रवाई में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार उक्त मोहल्ले में पिछले कई वर्षों से यह खेल चल रहा था। लेकिन मोहल्ले वालों को इसकी भनक नहीं लग पाई। मोहल्ले में जब अंजान लोगों का उसके घर में आना जाना शुरू हुआ तो स्थानीय लोगों ने इस पर रोक लगाने की कोशिश की। लेकिन इस धंधे में लिप्त महिला एवं उसके परिजनों द्वारा झूठा केस में फंसाने की धमकी दी गई। तो लोगों ने टोकना बंद कर दिया। इसकी सूचना नगर थाने को दी गई। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है। नगर थाना क्षेत्र में सामने आया मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज और परिवार के टूटते मूल्यों की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है। जिस घर को सुरक्षा, संस्कार और संरक्षण का केंद्र माना जाता है, वहीं अगर माता-पिता ही अपनी संतान को अपराध की ओर धकेल दें, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आर्थिक लालच, नैतिक पतन, पारिवारिक विघटन या फिर अपराधी मानसिकता का विकास।
बीएचईएल का बड़ा निवेश, कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम में लगाएगी 3,064 करोड़ रुपए
इंजीनियरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भेल यानी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने गुरुवार को कहा कि वह कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) में करीब 3,064.46 करोड़ रुपए तक का निवेश करेगी
विदिशा व्यापार महासंघ चुनाव:अध्यक्ष पद के लिए राजेश और राजीव जैन आमने-सामने, 29 मार्च को चुनाव
विदिशा व्यापार महासंघ के वर्ष 2026-2029 के लिए चुनावों का माहौल तेज हो गया है। अध्यक्ष पद के लिए राजेश जैन और राजीव जैन (गट्टू) के बीच सीधा मुकाबला तय हुआ है। नामांकन की अंतिम दिन यानी गुरुवार शाम तक केवल इन दोनों ने ही पर्चे दाखिल किए। चुनाव अधिकारियों के अनुसार महासंघ में अध्यक्ष, महामंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ मंत्री और संयुक्त मंत्री समेत कुल सात पदों के लिए चुनाव होंगे। अंतिम दिन तक कुल 19 नामांकन फार्म जमा हुए, जिनमें कुछ प्रत्याशियों ने एक से अधिक पदों के लिए भी दावेदारी की है। इन पदों के लिए भी भरे पर्चेअन्य पदों के लिए नामांकन करने वाले उम्मीदवार इस प्रकार हैं: महामंत्री—उमेश सिंघल, राजेश सोनी (खुवाल), नरेन्द्र सोनी; वरिष्ठ उपाध्यक्ष—हरीश वाधवानी, पवन जैन, आशीष मोदी (बाबा); उपाध्यक्ष—नीरज चौरसिया, विवेक शर्मा, आशीष माहेश्वरी; वरिष्ठ मंत्री—विवेक शर्मा, जितेंद्र जैन, अर्पित उपाध्याय; संयुक्त मंत्री—अनुराग गोयल, राजकुमार नेमा, विवेक शर्मा; कोषाध्यक्ष—राजकुमार अग्रवाल, मनीष जैन। ये चुनाव 29 मार्च को होंगे, जिसमें शहर के 36 व्यापारी संगठनों के सदस्य नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं।
हापुड़ में गुरुवार शाम प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने योगी सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, सुरक्षा, किसानों के कल्याण और गरीबों के उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। गढ़ रोड स्थित मनोहर रिजेंसी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान मंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग का परिणाम हैं। मंत्री अग्रवाल ने हापुड़ की विशेष उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के समानांतर बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, ब्रजघाट को ‘मिनी हरिद्वार’ के रूप में विकसित करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि हापुड़ दिल्ली-एनसीआर का पहला जनपद है, जहां 100 प्रतिशत स्वचालित आलू बुवाई की उपलब्धि हासिल की गई है। इसके अलावा, नवीन जिला कारागार के लिए भूमि क्रय, पुलिस लाइन के आवासीय और अनावासीय भवनों का निर्माण तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा 639.40 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य पूरे किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास में व्यापक काम किया है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे, विधायक विजयपाल आढ़ती, विधायक हरेन्द्र तेवतिया, डीएम अभिषेक पांडेय, एसपी कुंवर ज्ञानेंजय सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
जींद जिले के जुलाना में एक व्यापारी की किडनैपिंग के प्रयास के बाद स्थानीय व्यापारियों ने बैठक की। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 6 बजे हुई थी, जिसके बाद 17 मार्च को हनुमान मंदिर में व्यापारियों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैलाश सिंगला ने बताया कि व्यापारी सुशील की किडनैपिंग का प्रयास मंडी चौकी से कुछ ही कदमों की दूरी पर मंगलवार सुबह करीब 6 बजे किया गया था। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सिंगला ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुख्य बाजार और मंडी क्षेत्र में भी व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। व्यापारियों और पुलिस के बीच बंद कमरे में चर्चा बैठक में डीएसपी संदीप कुमार भी पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के करीब है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद व्यापारियों ने डीएसपी से बंद कमरे में बातचीत की। सिंगला बोले- पुलिस पर पूरा भरोसा बंद कमरे में बातचीत के बाद बाहर आकर कैलाश सिंगला ने कहा कि उन्हें पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेगी। हालांकि, सिंगला ने यह भी चेतावनी दी कि यदि रविवार तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाती है, तो व्यापारी कोई कड़ा फैसला लेने पर मजबूर होंगे।
पटना में बागवानी और नर्सरी क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से 21 से 23 मार्च तक ज्ञान भवन में “बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कॉन्क्लेव बिहार में बागवानी के क्षेत्र में अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में बागवानी और नर्सरी प्रबंधन को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उसे सशक्त बनाना है। तकनीक और अनुभव का मिलेगा संगम कृषि मंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में देशभर के प्रमुख नर्सरी विशेषज्ञ, कृषि विश्वविद्यालयों एवं उद्यान महाविद्यालयों के वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान और उद्यमी भाग लेंगे। यह मंच उन्हें अपने अनुभव साझा करने, नई तकनीकों को समझने और बागवानी क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को अपनाने का अवसर प्रदान करेगा। किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ उन्होंने बताया कि यह आयोजन किसानों और नर्सरी संचालकों को नई किस्मों, उन्नत तकनीकों और बाजार के अवसरों से जोड़ने का काम करेगा। कॉन्क्लेव में टिशू कल्चर, उन्नत नर्सरी प्रबंधन और उच्च गुणवत्ता वाले प्लांटिंग मटेरियल पर विशेष जोर रहेगा, जिससे बागवानी फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि होगी। प्रदर्शनी बनेगी आकर्षण का केंद्र कार्यक्रम के दौरान एक भव्य प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रतिष्ठित नर्सरी संचालक अपने प्रीमियम पौधे, नई किस्में और तकनीकी नवाचार प्रदर्शित करेंगे। इससे किसानों को सीधे बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों और तकनीकों तक पहुंच मिलेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा राम कृपाल यादव ने कहा कि यह कॉन्क्लेव बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जलवायु अनुकूल और अधिक लाभकारी बागवानी फसलों पर ध्यान केंद्रित करने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य में कृषि-व्यवसाय के नए अवसर भी विकसित होंगे। युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उन्होंने बताया कि युवाओं और किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण देने के लिए उद्यान पाठशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बिजनेस आइडिया प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा। इससे राज्य के युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। डिजिटल तकनीक और ग्रीन इनोवेशन पर फोकस कॉन्क्लेव में क्यूआर कोड और इंटरएक्टिव तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे आगंतुकों को सभी जानकारी उनके मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। बच्चों के लिए “ग्रीन इनोवेशन जोन” भी बनाया जाएगा, जहां वे पर्यावरण और खेती से जुड़ी नई चीजें सीख सकेंगे।
पटियाला जिले में घनौर विधानसभा क्षेत्र के व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बस स्टैंड घनौर में ट्रेडर्स कमीशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित फॉर्म भरकर जमा किए। बैठक की अध्यक्षता पंजाब ट्रेड कमीशन हलका घनौर के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह मन्नण ने की। इसमें एस.डी.एम. राजपुरा नमन मार्कन और पंजाब ट्रेड कमीशन पटियाला के वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमौली भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। ट्रेडर्स कमीशन के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। चेयरमैन गुरप्रीत सिंह मन्नण ने किया संबोधित चेयरमैन गुरप्रीत सिंह मन्नण ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार व्यापारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विधानसभा स्तर पर ट्रेडर्स कमीशन का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि कमीशन का मुख्य लक्ष्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्ध समाधान करना है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें। व्यापारियों की समस्याओं का जल्द समाधान मन्नण ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों द्वारा उठाई गई हर समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभागों के सहयोग से उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे ट्रेडर्स कमीशन से संपर्क करने की अपील की, ताकि उनकी मांगों का त्वरित निपटारा हो सके। व्यापारियों के हर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता एस.डी.एम. नमन मार्कन ने भी प्रशासन की ओर से पूर्ण प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन कमीशन के साथ मिलकर व्यापारियों के हर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करेगा। प्रशासनिक दिक्कतों सहित विभिन्न समस्याएं उठाईं बैठक में व्यापारियों ने सुरक्षा, टैक्स संबंधी मुद्दों, लाइसेंसिंग और अन्य प्रशासनिक दिक्कतों सहित विभिन्न समस्याएं उठाईं। अधिकारियों ने इन समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं लिखित रूप में पंजाब सरकार तक पहुंचाने के लिए फॉर्म भरे।
भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 2,496 अंक टूटा, निवेशकों के 12 लाख करोड़ हुए स्वाहा
Stock Market Crash Today: बाजार में इस हाहाकार के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले 20 दिनों से जारी जंग है। अब यह युद्ध थमने के बजाय और भड़क गया है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी की ओर से इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल किया गया है।यूनिवर्सिटी ने 'नवोन्मेष: द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन' नाम से एक का इन्क्यूबेशन सेंटर/कंपनी रजिस्टर कराई है। इस सेंटर का मुख्य मकसद यूनिवर्सिटी में नए आइडियाज और बिजनेस को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से स्टूडेंट्स को बिजनेस चलाने की ट्रेनिंग, कानूनी और फाइनेंशियल एडवाइस और बड़े व्यापारियों से जुड़ने का मौका मिलेगा। बोर्ड संभालेगा जिम्मेदारी इस नई संस्था को चलाने के लिए एक बोर्ड बनाया गया है, जिसमें कुलपति प्रो. पूनम टंडन, कुलसचिव धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी जय मंगल राव, सहायक आचार्य डॉ. राजू कुमार गुप्ता और डॉ. अंशु गुप्ता शामिल हैं। इस इन्क्यूबेशन सेंटर को सरकार से जरूरी लाइसेंस और कागजात मिल चुके हैं, जिससे अब यह पूरी तरह काम करने के लिए तैयार है। कुलपति ने ऐतिहासिक कदम बताया कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इसे यूनिवर्सिटी के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर सिर्फ नाम का नहीं होगा, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें दुनिया के बाजार के लिए तैयार करने का एक मजबूत जरिया बनेगा। इससे न सिर्फ नए बिजनेस शुरू होंगे, बल्कि इलाके में रोजगार के नए मौके भी पैदा होंगे। आत्मनिर्भर बनेंगे युवा-डायरेक्टरसेंटर के डायरेक्टर डॉ. राजू कुमार गुप्ता ने बताया कि यह सेंटर युवाओं को 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद करेगा। इससे यूनिवर्सिटी के छात्र अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे।
जोधपुर कमिश्नरेट के देवनगर थाना इलाके में व्यापारी के मकान में चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर छत के रास्ते घर में घुसा और अलमारी का ताला तोड़कर नकदी व जेवरात चोरी कर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देवनगर थाने में दी रिपोर्ट में मुख्य चौपासनी रोड स्कीम नन्दनवन निवासी कपड़ा व्यवसायी फिरोज खान पुत्र इन्साफ ने बताया कि मंगलवार रात करीब 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच चोर उनके मकान की दूसरी मंजिल की छत से अंदर घुसा। चोर ने छत के दरवाजे की जाली में हाथ डालकर कुंडी खोली और ऊपर बने कमरे में प्रवेश कर अलमारी का ताला तोड़ दिया। तीन फोटों में देखिए वारदात… ये आइटम चुराए चोर अलमारी में रखे बच्चे की गुल्लक से करीब 30 हजार रुपए नकद, करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन, सोने के टॉप्स, कान की बालियां, सोने की अंगूठी और दो जोड़ी चांदी के पायजेब सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। इसके अलावा कमरे में टंगे कपड़ों में रखी नकदी भी निकाल ली गई। चोरी किए गए सामान की अनुमानित कीमत तीन से चार लाख रूपए है। एएसआई पेमाराम को सौंपी जांच पीड़ित के अनुसार सुबह करीब 3:45 बजे आवाज सुनकर उसकी नींद खुली, लेकिन तब तक चोर छत के पीछे के रास्ते फरार हो चुका था। इस संबंध में देवनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच एएसआई पेमाराम को सौंपी गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश जारी है।
इंदौर में साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। कनाड़िया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ करीब साढ़े आठ लाख रुपए की ठगी का केस दर्ज किया है। ठगों ने तीन बैंकों के पांच क्रेडिट कार्ड के जरिए रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, फरियादी रोहित विजयवर्गीय निवासी आस्कर टाउनशिप, बिचौली मर्दाना की शिकायत पर बुधवार को एफआईआर दर्ज की गई। रोहित पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं और उनका शोरूम भी है। घटना 13 मार्च की है, जब रोहित के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए एचएसबीसी का नया क्रेडिट कार्ड ऑफर किया। पहले से ही पांच क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे रोहित ने हामी भर दी। इसके बाद ठग ने उन्हें एक लिंक भेजकर एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा। जैसे ही रोहित ने प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। ठग ने कुछ समय तक उनके फोन को रिमोटली ऑपरेट किया और फिर कॉल काट दिया। कुछ देर बाद रोहित की पत्नी ने बताया कि फोन पर कॉल नहीं आ रहे हैं, जबकि मोबाइल चालू था। फोन को रीस्टार्ट करने पर कई बैंक मैसेज सामने आए, जिनमें अमेरिकन एक्सप्रेस, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से करीब साढ़े आठ लाख रुपए निकाले जाने की जानकारी थी। इसके बाद रोहित ने साइबर पुलिस में शिकायत की। जांच के बाद मामला कनाड़िया थाने को सौंपा गया, जहां बुधवार को एफआईआर दर्ज की गई।
लुधियाना में डिजिटल इन्वेस्टमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना मॉडल टाउन की पुलिस ने एक व्यक्ति की शिकायत पर लंबी जांच के बाद 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को अमेरिकी डॉलर (USDT) जो कि एक डिजिटल करेंसी है में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया और उससे 43 लाख रुपये हड़प लिए। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता जसकरनजीत सिंह निवासी अर्बन एस्टेट दुगरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उससे संपर्क कर उसे झांसा दिया था कि यदि वह USDT में निवेश करता है तो उसे बहुत कम समय में बड़ा रिटर्न मिलेगा। उनकी बातों में आकर जसकरनजीत ने करीब 43 लाख रुपये का निवेश कर दिया। लेकिन रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने न तो उसे कोई मुनाफा दिया और न ही उसकी मूल राशि वापस की।जिसके बाद उसने इसकी शिकायत पुलिस में की पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच की और मामला दर्ज किया। 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज पुलिस ने जांच के बाद गुरदीप सिंह निवासी गांव रंघीया,मनप्रीत सिंह निवासी,रंजीत एवेन्यू, कपूरथला,परमिंदर सिंह निवासी मनजीत नगर,सतविंदर सिंह उर्फ प्रिंस अब्दुल्लापुर बस्ती, लुधियाना,कुलदीप सिंह और भट्टी निवासी जालंधर आरोपियों को नामजद किया है करीब 8 महीने की जांच के बाद हुई कार्रवाई पीड़ित जसकरनजीत सिंह ने इस धोखाधड़ी के संबंध में 07 जुलाई 2025 को शिकायत (PGD No. 612863) दर्ज कराई थी। पुलिस विभाग की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा गहन पड़ताल किए जाने के बाद अब 18 मार्च 2026 को थाना मॉडल टाउन में FIR दर्ज की गई है। आरोपियों ने मिलीभगत कर शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की है। पुलिस ने BNS की धाराओं 318(4), 316(2), 351(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। क्या है यूएसडीटी USDT (टेदर) एक प्रमुख स्टेबलकॉइन (Stablecoin) है, जो अमेरिकी डॉलर ($1 USD) के मूल्य से 1:1 के अनुपात में जुड़ा हुआ है। यह एक ब्लॉकचेन-आधारित क्रिप्टोकरेंसी है, जिसका मूल्य अन्य क्रिप्टो के विपरीत अस्थिर नहीं होता, बल्कि डॉलर के बराबर स्थिर रहता है। इसका उपयोग क्रिप्टो बाजार में अस्थिरता से बचने और सुरक्षित व्यापार के लिए किया जाता है।
क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर वकील से 5.16 लाख रुपए ठगे
लुधियाना| क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर एक वकील से लाखों रुपये ठग लिए गए। शिकायतकर्ता वकील मोहित खुल्लर वासी उपकार नगर ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले विजय पाल नाम का व्यक्ति उनके पास क्लाइंट बनकर आया था और खुद को एलआईसी एजेंट बताया। धीरे-धीरे उसने भरोसा जीत लिया और बाद में क्रिप्टो करंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। क्रिप्टो की जानकारी न होने के कारण पीड़ित ने खुद निवेश करने की बजाय आरोपी को ही पैसे दे दिए और करीब 5,16,600 रुपए उसके हवाले कर दिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़ित के जरिए चार अन्य लोगों से भी पैसे लेकर निवेश करने का दावा किया। कुछ समय बाद आरोपी ने सभी को बताया कि निवेश में नुकसान हो गया है और इसके बाद वह फरार हो गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लोगों का विश्वास जीतने के लिए बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी फोटो दिखाता था। जब पैसे वापस नहीं मिले तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद थाना मोती नगर पुलिस ने आरोपी विजय पाल निवासी रेलवे कॉलोनी, फोकल पॉइंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
वेदांता प्रदेश में ₹एक लाख करोड़ का निवेश करेगा
जयपुर| राजस्थान दिवस के अवसर पर वेदांता समूह ने राज्य में ₹1 लाख करोड़ के नए निवेश की घोषणा की है। यह निवेश धातु, तेल-गैस और ऊर्जा क्षेत्रों में पहले से किए गए ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक निवेश के अतिरिक्त होगा। कंपनी के अनुसार, हिंदुस्तान जिंक और केयर्न ऑयल एंड गैस के माध्यम से पिछले एक दशक में करीब ₹3 लाख करोड़ का योगदान राष्ट्रीय और राज्य के खजाने में दिया है। वेदांता के ऑपरेशन्स ने राजस्थान को धातु और ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाई है। समूह ने 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है, जबकि सप्लाई चेन के जरिए हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी है। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, अजमेर और बाड़मेर जैसे जिलों में इसका मजबूत औद्योगिक नेटवर्क विकसित हुआ है। हिंदुस्तान जिंक राज्य की खनन रॉयल्टी में लगभग एक-तिहाई योगदान देता है। वहीं, केयर्न के बाड़मेर ऑपरेशन्स से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।
घर के बाहर से मंडी व्यापारी की कार चोरी
चिमनगंज थाना क्षेत्र में चोर सक्रिय हो गए। यहां रतन एवेन्यू कॉलोनी में रहने वाले मंडी व्यापारी विकास अग्रवाल की घर के बाहर खड़ी कार बदमाश चुरा ले गए। सीसीटीवी कैमरे में पांच बदमाश दिखाई दिए हैं। इसी तरह अगस्त 2025 में भी चिमनगंज थाना क्षेत्र में ही कानीपुरा मार्ग की कॉलोनी में बदमाशों का गिरोह आया था और एक साथ चार बाइके चुरा ले गए थे। कोचिंग संचालक अमित सक्सेना के घर दो गाड़ियां थी, लेकिन बदमाश अब तक नहीं पकड़ाए। अब मंडी व्यापारी की घर के बाहर खड़ी कार को बदमाश चुरा ले गए। पांच बदमाश सीसीटीवी में कैद हुए, जो बाइक पर सवार होकर आए थे और चंद मिनट में घर के बाहर खड़ी कार का लॉक खोलकर उसमें दो बदमाश गाड़ी में बैठकर बेखौफ उसे ले गए। बदमाश अन्य कैमरों में कैद हुए और कार को कानीपुरा मार्ग की तरफ ले जाते दिखाई दिए। व्यापारी अग्रवाल ने कुछ साल पहले ही कार खरीदी थी। बुधवार सुबह उन्होंने चिमनगंज थाने पहुंच पुलिस को चोरी की घटना से अवगत कराते हुए रिपोर्ट की।
विधानसभा में सरकार ने जिन उद्योगों को स्थापित और चालू बताया, उनकी सच्चाई परखने के लिए दैनिक भास्कर की टीम प्रदेश के आठ औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंची। 75 फैक्ट्रियों का मौके पर निरीक्षण किया गया। इनमें 21 ऐसी मिलीं, जहां ताले लगे थे, खाली प्लॉट थे या निर्माण अधूरा था। वहीं 11 इकाइयां ऐसी निकलीं, जिन्हें नई बताकर निवेश और रोजगार का दावा किया गया, लेकिन वे सालों से संचालित हैं। यानी कुल 32 फैक्ट्रियों में दावों और जमीन की हकीकत में सीधा अंतर मिला। ज्यादातर इकाइयों में न उत्पादन दिखा, न मजदूर और न मशीनें। साफ है कि जिन फैक्ट्रियों के नाम पर विधानसभा में निवेश और रोजगार के आंकड़े रखे गए, वे जमीन पर या तो मौजूद नहीं थीं या काम ही नहीं कर रही थीं। दो प्लॉट में दो यूनिट बताईं, एक ही संचालित, बोले- यह पहली का विस्तार, भवन निर्माण कर रहे श्रमिकों को रोजगार में गिना स्थान: आरएमजे वेरीटेबिल प्रा. लि., मंडीदीप समय: 17 मार्च 2026, शाम 5:26 बजे विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक कंपनी को दो प्लॉट आवंटित हुए। मार्च 2023 को 6750 वर्गमीटर (निवेश ₹3.06 करोड़), फरवरी 2025 को 7550 वर्गमीटर (निवेश ₹3.91 करोड़)। दोनों यूनिट को ‘स्थापित’ बताया गया। मंगलवार शाम 5:26 बजे भास्कर रिपोर्टर दूसरे प्लॉट पर पहुंचे तो वहां निर्माण कार्य चल रहा था। मशीनों के इंस्टालेशन के लिए स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा था। दो मशीनें पॉलिथीन से ढंकी थीं। फ्रंट गेट के सामने मजदूर शेड डाल रहे थे। करीब 5 मिनट बाद एमपीआईडीसी के जनरल मैनेजर राहुल शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रिपोर्टर ने पूछा- क्या यह इंडस्ट्री ऑपरेशनल है? शर्मा ने जवाब दिया- ‘यूनिट स्थापित है, ऑपरेशनल होने में कुछ समय लगेगा।’ जीएम ने पहले से ऑपरेशनल फैक्ट्री दिखाने का प्रस्ताव दिया। रिपोर्टर के आग्रह पर निर्माणाधीन यूनिट के निरीक्षण को राजी हुए। फिर पहले प्लॉट पर संचालित यूनिट दिखाई। बोले- दोनों यूनिट को अलग-अलग बताया है, जबकि ये 4 साल से चल रही कंपनी का विस्तार हैं। पूछा गया कि निर्माणाधीन यूनिट को स्थापित क्यों बताया व 55 लोगों को रोजगार कैसे दिखाया। बोले- प्लॉट पर शेड लगने पर यूनिट को स्थापित मान लेते हैं। निर्माण कर रहे मजदूरों को भी रोजगार में गिना। 8 माह पहले बंद हो चुकी फैक्ट्री को चालू बताया स्थान: सच इंटरप्राइजेज, प्लॉट नंबर 67, K सेक्टर, मंडीदीप मंगलवार शाम 6:37 बजे भास्कर टीम अफसरों के साथ मंडीदीप के प्लॉट नंबर 67 पहुंची। बड़े नीले गेट पर ‘सच इंटरप्राइजेज’ लिखा था, लेकिन गेट पर ताला लगा मिला। नाम के ऊपर ‘इलाइट सेल्स कॉर्पोरेशन’ का प्रिंटआउट व जीएसटी नंबर चस्पा था। अफसरों के निर्देश पर गेट खुलवाया गया तो अंदर टाइल्स अडेसिव प्लांट का इंस्टॉलेशन चलता मिला। कर्मचारियों ने बताया कि मशीनें लग रही हैं। एमपीआईडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रतुल सिन्हा का कहना है- विधानसभा में जिन 746 इंडस्ट्री को स्थापित बताया गया है, वे सभी स्थापित हैं। 75 में से 41% को बंद बताना गलत है। केवल मंडीदीप की सच इंटरप्राइजेज और मुरैना की कुसोल इंडस्ट्री बंद हुई हैं। बंद इंडस्ट्री के प्लॉट दूसरी इकाइयों को आवंटित करने का प्रावधान है। निवेश पर विधानसभा में सरकार के दो दावे मध्यप्रदेश में उद्योग और निवेश को लेकर सरकार के दावों पर खुद सरकारी जवाब ही सवाल खड़े कर रहे हैं। विधानसभा में एक जैसे सवालों पर अलग-अलग समय में दिए गए जवाबों में भारी विरोधाभास सामने आया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ तीन महीने के अंतराल में सरकार के आंकड़े इस तरह बदल गए कि दो साल में शुरू हुए उद्योगों की संख्या तो 22 कम हो गई, लेकिन कुल निवेश का आंकड़ा अचानक 61 गुना बढ़ गया। ऐसे में सवाल यह है कि सही आंकड़ा आखिर कौन-सा है? सबसे बड़ा सवाल- जब उद्योग कम हो गए तो निवेश 61 गुना कैसे बढ़ गया? पहला जवाब- 2 दिसंबर 2025 को विस में डॉ. चिंतामणि मालवीय के सवाल पर सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 746 उद्योग स्थापित हुए। इनमें कुल ₹8,016.60 करोड़ का निवेश हुआ, 57,565 लोगों को रोजगार मिला। दूसरा जवाब- 25 फरवरी 2026 को विधायक पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में सरकार ने विधानसभा में बताया कि मध्यप्रदेश में दो साल में 724 उद्योग प्रारंभ हो चुके हैं। इनमें ₹4,91,488 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। यानी इसमें निवेश 61 गुना बढ़ाया बताया गया।
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
दो व्यापार समझौते और तीन चुनौतियां
करोड़ों गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी और काम के तय घंटे जैसी बुनियादी चीजें देना भी उसका काम है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
ललित सुरजन की कलम से - राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं, इसके बावजूद दोनों के बीच एक अदृश्य रेखा है जिसका उल्लंघन करना अभी हाल तक ठीक नहीं माना जाता था
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
भारतीय रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करनी चाहिए
भारत के लिए अपनी मेहनत से कमाए गए विदेशी मुद्रा भंडार को रुपये के विनिमय मूल्य को अस्थायी रूप से बचाने के लिए खर्च करना समझदारी नहीं है
मुक्त व्यापार के लिए खतरा बन गए हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रूस, वेनेजुएला और कई अन्य देशों से समस्याएं हो सकती हैं और उन देशों से निपटने के लिए अमेरिकी व्यापार और राजनयिक नीतियों पर फैसला करने का उन्हें पूरा अधिकार है
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
भारत के बढ़ते विदेशी कर्ज के पीछे बढ़ता व्यापार घाटा
सरकार भले ही इससे सहमत न हो, लेकिन भारत का लगातार व्यापार घाटा देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर रहा है, जबकि विकास दर शानदार है
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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