सीकर में हाल ही विदेशी हथियारों के साथ पकड़े रोहित गोदारा गैंग के गुर्गे गुलाब सिंह और मनोज को 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद जेल में भिजवा दिया गया है। गोदारा गैंग से गुलाब सिंह को जुड़वाने वाला मनोज था। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि गुलाब सिंह पहले USDT (बिटकॉइन) का अवैध धंधा करता था। उसके साथी उसके साथ धोखाधड़ी करके एक करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए। यह रुपए निकलवाने के लिए ही गुलाब रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा था। बता दें कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) टीम के इनपुट पर सीकर की कोतवाली पुलिस ने तापड़िया बगीची एरिया स्थित एक फ्लैट पर दबिश दी थी, जहां से आरोपी गुलाब सिंह को गिरफ्तार करते हुए उससे एक जिगाना पिस्टल सहित कुल 2 पिस्टल और कई कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में गुलाब सिंह ने बताया कि उसने खुड़ी बड़ी के रहने वाले प्रदीप से यह हथियार लिए थे। इसके बाद लक्ष्मणगढ़ पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार किया। उसके पास से भी दो पिस्टल और कई कारतूस मिले थे। पुलिस पूछताछ में गुलाब ने बताया कि उसने मनोज थालौड़ के जरिए रोहित गोदारा गैंग ज्वाइन की। बिटकॉइन का अवैध धंधा करता था गैंग में जुड़ने से पहले आरोपी गुलाब सिंह USDT का अवैध धंधा करता था, लेकिन उसके पार्टनर ही उसके एक करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए थे। गुलाब सिंह पहले से ही मनोज को जानता था। जब उसने यह बात मनोज को बताई तो उसने कहा कि रोहित गोदारा गैंग से जुड़ जाओ, तुम्हारा काम हो जाएगा। गुलाब चाहता था कि रोहित गोदारा गैंग के राहुल रिनाउ और वीरेंद्र चारण उसके पार्टनर को धमकी देकर वापस रुपए निकलवा देंगे। गोदारा गैंग से जुड़ने पर राहुल और वीरेंद्र गुलाब सिंह को कहने लगे कि पहले तुम हमारा काम करो। इसके बाद हम तुम्हारा काम करेंगे।
गाजीपुर में सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश व्यापारिक प्रतिमंडल के पदाधिकारी, व्यापार मंडल के सदस्य और जिले के प्रमुख व्यापारी तथा उद्यमी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हाल के आपराधिक मामलों पर चर्चा करना था। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्राधिकारी नगर ने व्यापारियों और उद्यमियों को अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखना और अपराधियों की पहचान को आसान बनाना है। बैठक का प्राथमिक लक्ष्य जिले में अपराधों की रोकथाम करना, व्यापारियों के लिए सुरक्षित व्यावसायिक माहौल तैयार करना और पुलिस-व्यापारी समन्वय को मजबूत करना था। व्यापारियों को यह भी सलाह दी गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और आपात स्थिति में बिना किसी देरी के संपर्क करें। इस अवसर पर पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।
पठानकोट के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र ढांगू पीर मार्केट में दिनदहाड़े चोरी की बढ़ती वारदातों ने स्थानीय दुकानदारों की रातों की नींद उड़ा दी है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिन के उजाले में दुकानों के गल्ले तोड़कर नकदी साफ कर रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से व्यापारियों में गहरा रोष और असुरक्षा का माहौल है। दुकान की कैंची से ही तोड़ डाला गल्ला चोरी का ताजा शिकार बने 'राहुल फुटवियर' के मालिक पप्पी ने बताया कि चोर उनकी दुकान में दाखिल हुए और बेहद शातिर तरीके से दुकान में ही रखी कैंची का इस्तेमाल कर गल्ला तोड़ दिया। चोर गल्ले में पड़ी तमाम नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। व्यापारियों के अनुसार, यह कोई इकलौती घटना नहीं है। पिछले कुछ ही दिनों में साहनी जी, डॉक्टर साहब, रिंकू गोरा-काला सहित कई अन्य प्रमुख दुकानदारों के प्रतिष्ठानों को भी चोर निशाना बना चुके हैं। आगामी छुट्टियों ने बढ़ाई व्यापारियों की धड़कनें बाजार के दुकानदारों ने आगामी 25 से 28 जून तक गर्मी की छुट्टियों के कारण मार्केट बंद रहने पर गंभीर चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि जब चालू बाजार में दिनदहाड़े चोरियां हो रही हैं, तो लगातार चार दिनों तक बाजार बंद रहने के दौरान दुकानों की सुरक्षा कैसे होगी? बंद दुकानों की सुरक्षा इस समय एसोसिएशन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; परमानेंट पीसीआर की मांग पीड़ित दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पहले हुई चोरियों की लिखित शिकायतें पुलिस को दी जा चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक एक भी चोर का सुराग लगाने में नाकाम रही है। ढांगू पीर मार्केट एसोसिएशन और समस्त दुकानदारों ने जिला प्रशासन व पुलिस विभाग से मांग की है कि बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए स्थायी रूप से पीसीआर (PCR) वैन या पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।
जींद में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक होटल में चल रहे देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 3 महिलाओं और 3 पुरुषों सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। थाना सिविल लाइन जींद के प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि उन्हें महिला कॉलेज के पास स्थित कुछ होटलों में अनैतिक देह व्यापार की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने एक विशेष अभियान चलाया। फर्जी ग्राहक बनकर होटल संचालक से किया सौंदा अभियान के तहत, पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक के माध्यम से होटल संचालकों से संपर्क साधा और सौदा तय किया। इसके बाद, पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और देह व्यापार में लिप्त 6 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी होटल की आड़ में अनैतिक देह व्यापार की गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने मौके से नकदी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इस संबंध में सिविल लाइन थाना जींद में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
उदयपुर में किराना व्यापारी ने किया सुसाइड:पत्नी और दोनों बच्चे गांव गए थे, पीछे से फंदा लगाया
उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र में एक किराना व्यापारी ने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मृतक पर्वत सिंह(35) पुत्र दलपत सिंह निवासी देवरों का खेड़ा सुसाइड करते वक्त घर में अकेला था। पत्नी और दोनों बच्चे गांव गए हुए थे। परिवार के पीछे से पर्वत सिंह ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर और साड़ी का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया। आसपास कमरे में नहीं दिखने पर मकान मालिक डालचंद तेली ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जबाव नहीं मिला। मकान मालिक को अनहोनी की आशंका हुई तो उसने आसपास ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़ा तो मृतक पर्वत सिंह फंदे पर लटका मिला। सूचना पर गोगुंदा थाने के एएसआई बाबूलाल जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी ली। शव को फंदे से उतराकर मोर्चरी में रखवाया गया। 8 साल से किराए से रह रहा था गोगुंदा थाने के एएसआई बाबूलाल ने बताया- मृतक पर्वत सिंह गोगुंदा में परिवार सहित किराए के मकान में 8 साल से रहता था। तेलियों की मगरी में उसकी किराए की किराना दुकान थी। 8 से 10 साल के दो बेटे हैं। पत्नी दोनों बच्चों को लेकर देवरा का खेड़ा अपने गांव गई थी। एएसआई ने बताया- युवक ने सुसाइड क्यों और किस कारण से किया। इसका फिलहाल पता नहीं लग पाया है। परिजनों की रिपोर्ट के बाद मामले की जांच की जाएगी। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट कारण पता लग पाएंगे।
फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की ओर से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में रोष मार्च निकालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने की। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों के हितों की रक्षा करने के बजाय अमेरिका के दबाव में आकर देश के आर्थिक और कृषि हितों को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह समझौता किसानों, डेयरी उत्पादकों और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से पहले भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस समझौते का विरोध किया जा चुका है। देश भर में पुतले फूंकने की चेतावनी इसके अलावा देशभर के जिला मुख्यालयों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले फूंककर केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई थी कि किसानों और आम लोगों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमेरिका का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। किसान संगठनों को आशंका है कि इस समझौते से भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। किसान नेता ने यह भी मांग की कि विदेशों से आयात होने वाले कृषि और अन्य उत्पादों पर उचित आयात शुल्क लगाया जाए ताकि भारतीय किसानों और उत्पादकों के हित सुरक्षित रह सकें। 23 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा-डल्लेवाल डल्लेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से 23 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस मुद्दे को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखने और देश के किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा की मांग को बुलंद करेंगे।
दतिया कृषि उपज मंडी में मंगलवार को नीलामी कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। यह निर्णय मंडी शुल्क में वृद्धि के विरोध में व्यापारियों के संगठन द्वारा लिया गया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत एक दिन के लिए कामकाज बंद रखने का फैसला किया गया है, जिससे किसानों की उपज की खरीद-फरोख्त और नीलामी नहीं हो सकेगी। मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नव युवक कृषि उपज व्यापार संघ ने मंडी प्रशासन को इस संबंध में सूचित किया है। व्यापारियों ने बताया कि मंडी शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है। किसानों से की उपज न लाने की अपीलनीलामी बंद रहने के कारण किसानों को मंगलवार को अपनी उपज लेकर मंडी न आने की सलाह दी गई है। मंडी परिसर में उपज की आवक होने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि दिनभर नीलामी प्रक्रिया संचालित नहीं होगी। व्यापारियों के इस निर्णय का असर मंगलवार को मंडी की सामान्य गतिविधियों पर भी दिखाई देगा। मंडी में अनाज और तिलहन की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रभावित रहने की संभावना है।
19 लाख की चोरी का खुलासा:व्यापारियों ने पुष्प मालाओं से किया जोबट पुलिस का सम्मान
आलीराजपुर जिले के जोबट नगर में हुई 19 लाख रुपए की चोरी का पुलिस ने खुलासा सोमवार को कर दिया है। यह चोरी अनाज व्यापारी प्रदीप जैन की दुकान से हुई थी। इस बड़ी सफलता के बाद नगर के व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों ने जोबट पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। व्यापारियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सतर्कता और लगातार की गई मेहनत की सराहना की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा कर 19 लाख रुपए की पूरी राशि बरामद कर ली। इस कार्रवाई से व्यापारियों और आम नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी गई रकम की बरामदगी जोबट पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। सम्मान समारोह के दौरान पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास और सहयोग का माहौल देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सतत जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचकर चोरी की पूरी रकम बरामद की है।
चीन ने जारी किया विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए नई कार्य योजना जारी
बीजिंग, चीन ने विदेशी निवेश को स्थिर रखने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्य योजना जारी की है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और वित्त मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस योजना की घोषणा की। योजना में पांच प्रमुख क्षेत्रों के तहत 15 उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
व्यापारियों ने जाम, मंडी गेट खोलने की मांग की:जीएसटी विभाग की बैठक में अधिकारियों से समाधान की मांग
कासगंज के विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जीएसटी विभाग और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा और उनके तत्काल समाधान की मांग की। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने अमापुर रोड पर लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस जाम से गल्ला आढ़तियों और आम लोगों को काफी परेशानी होती है। व्यापारियों ने मंडी के पिछले गेट को तुरंत खोलने और मंडी परिसर में स्थित धर्मकांटे को फिर से शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे यातायात सुचारु होगा और व्यापारिक गतिविधियों में आसानी आएगी। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं और व्यापार तथा जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने समस्याओं के समय पर समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। बैठक में जीएसटी विभाग से उमराव जी और अन्य अधिकारी मौजूद थे। व्यापार मंडल की ओर से जिला अध्यक्ष सतीश गुप्ता, अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल, संजय बोहरे, विकास गुप्ता सहित कई व्यापारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आईआईटी दिल्ली में खुलीं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और बायो-इनोवेशन लैब्स, रिसर्च, स्टार्टअप्स, एमएसएमई को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म-तैयार हुईं हाईटेक सुविधाएं, हेल्थकेयर, जीनोमिक्स, डायग्नोस्टिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नवाचार को मिलेगी नई रफ्तारदेश में उन्नत विनिर्माण और बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान ने आईसीआईसीआई फाउंडेशन के सहयोग से अपग्रेडेड फाउंडेशन फॉर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग (एफएसएम) लैब और उन्नत बायो-इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया। इन दोनों सुविधाओं का उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, नवाचारकर्ताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना है। ताकि वे अपने विचारों को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचा सकें। उद्घाटन समारोह में आईआईटी दिल्ली, आईसीआईसीआई बैंक और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नई सुविधाओं में रिसर्च, प्रोटोटाइपिंग, टेस्टिंग, वैलिडेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। संस्थान का मानना है कि इन संसाधनों के माध्यम से हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, जीनोमिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नई तकनीकों के विकास को गति मिलेगी और उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित किए जा सकेंगे। एफएसएम लैब, वैज्ञानिक खोजों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलेगी बायो-इनोवेशन सुविधा आईआईटी दिल्ली की इंडस्ट्री 4.0 परिकल्पना के तहत विकसित एफएसएम लैब आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम, ऑटोमेशन तकनीक और रैपिड प्रोटोटाइपिंग सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां स्टार्टअप्स और एमएसएमई अपने उत्पादों को डिजाइन, विकसित, परीक्षण और परिष्कृत कर तेजी से बाजार में उतार सकेंगे। साथ ही उद्योग की मांग के अनुरूप स्किलिंग और सर्टिफिकेशन कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे रोजगार योग्य मानव संसाधन तैयार होंगे। वहीं, बायो-नेस्ट इन्क्यूबेटर के अंतर्गत विकसित उन्नत बायो-इनोवेशन लैब स्वास्थ्य, मेडिकल टेक्नोलॉजी, जीनोमिक्स और डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में कार्यरत शोधकर्ताओं और उद्यमियों को वैज्ञानिक खोजों को व्यवहारिक समाधान में बदलने का अवसर देगी। यहां मॉलिक्यूलर कैरेक्टराइजेशन, प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन, प्रोडक्ट वैलिडेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विकास, उद्योग अकादमिक सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण उपलब्धि आईआईटी दिल्ली के डीन (कॉरपोरेट रिलेशंस) प्रो जयंत जैन ने कहा, ये सुविधाएं नवाचार आधारित विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। इससे स्टार्टअप्स, छात्रों और एमएसएमई को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध होंगे, जो नए विचारों को प्रभावी समाधानों में बदलने में मदद करेंगे। एफएसएम के निदेशक एवं एसोसिएट डीन (आरएंडडी) प्रो सुनील झा ने कहा, यह लैब उन्नत विनिर्माण तकनीकों को उद्योगों तक पहुंचाने का सशक्त मंच बनेगी। इससे नवाचार की गति बढ़ेगी, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
मंदसौर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान गांधी चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने, खाद संकट, मंडी टैक्स में वृद्धि, स्मार्ट मीटर, बिजली दरों में बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और महंगाई जैसे कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के खिलाफ है। कांग्रेस के अनुसार, इस निर्णय से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों में असंतोष है। कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए। कांग्रेस ने बताया कि प्रदेश के किसान इस समय खाद के गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में तकनीकी खामियों और सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडी कर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने का विरोध किया। उन्होंने इसे किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। इसके अलावा, मंदसौर कृषि उपज मंडी में पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर योजना की समीक्षा कर मनमाने बिजली बिलों पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, बढ़ती महंगाई और नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस दौरान विधायक विपिन जैन ने कहा कि बोवनी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है और बिजली की दरें भी बढ़ाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर निरस्त करवाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभा रही है, लेकिन अब जनता को भी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। एसडीएम शिवलाल शाक्य ने बताया कि कांग्रेस की ओर से सौंपा गया ज्ञापन प्राप्त कर लिया है जिसे उच्च स्तर पर भेजा जाएगा।
दुर्ग पुलिस, खाद्य और औषधि प्रशासन ने कूरियर सेवाओं के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को कंट्रोल रूम सेक्टर-06, दुर्ग में दोनों विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले की अलग-अलग कूरियर कंपनियों के संचालक और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कूरियर और ऑनलाइन डिलीवरी के माध्यम से प्रतिबंधित नशीली सामग्री, अवैध दवाइयों और घातक हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने को लेकर चर्चा की गई। पुलिस ने पार्सल बुकिंग के दौरान नियमों का सख्ती से पालन करने को लेकर सभी प्रतिनिधियों को निर्देशित किया है। यह बैठक भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने ली। पार्सल लेने और भेजने वाले दोनों का रखना होगा रिकॉर्ड कूरियर संचालकों को निर्देश दिए गए कि किसी भी पार्सल की बुकिंग करते समय भेजने वाले और पार्सल लेने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज की जाए। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की कॉपी लेना जरूरी बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि इससे जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। सीसीटीवी अनिवार्य, एक महीने का रिकॉर्ड भी रखना होगा सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने निर्देश देते हुए कहा कि, सभी पार्सल बुकिंग केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और कम से कम एक महीने तक फुटेज सुरक्षित रखना होगा। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह रिकॉर्ड काफी मददगार साबित हो सकता है। बैठक में यह भी कहा गया कि अगर किसी पार्सल पर शक हो या उसमें प्रतिबंधित दवाइयों या किसी अवैध सामग्री के होने की आशंका हो तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित थाना और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दी जाए। दवाईयों से जुड़े पार्सलों का अलग रजिस्टर यह भी स्पष्ट किया गया है कि दवाईयों से जुड़े पार्सलों के लिए अलग रजिस्टर रखना होगा। इसमें भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज करने को कहा गया। साथ ही ऐसे मामलों में ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन भुगतान लेने की सलाह दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर भुगतान से जुड़ी जानकारी भी जांच में काम आ सके। बैठक में कुरियर कंपनी के प्रतिनिधि हुए शामिल अधिकारियों ने कहा कि कूरियर और ई-कॉमर्स सेवाओं का इस्तेमाल अब तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए सुरक्षा और जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी हो गई है। इस बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक संचालक संजय सिंह, औषधि निरीक्षक विष्णु प्रसाद साहू, गायत्री पटेल, जागेश्वरी साहू सहित कई कूरियर कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अगर आपको भी ऐसा लगता है कि देश में लोग और बड़ी कंपनियां इन दिनों कर्ज (Loan) लेने से कतरा रही हैं, तो वित्तीय बाजारों से आ रहे ताजा आंकड़े आपकी इस सोच को पूरी तरह बदल देंगे। देश में बैंक लोन बांटने की रफ्तार में अप्रत्याशित तेजी आई है और यह पिछले करीब 10 साल के सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंच चुकी है। राहत की बात यह है कि यह बूम सिर्फ होम लोन या पर्सनल लोन तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉरपोरेट जगत, एमएसएमई (MSME) और सर्विस सेक्टर भी बिजनेस बढ़ाने के लिए बैंकों से जमकर पैसा उठा रहे हैं।हर तरफ लोन की भारी डिमांड, 17.7% की रिकॉर्ड ग्रोथमशहूर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 के आखिर तक भारतीय बैंकिंग सिस्टम में कर्ज वृद्धि (Credit Growth) 17.7 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कई सालों का सबसे मजबूत आंकड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी (GST) नियमों में राहत, रिजर्व बैंक (RBI) की ग्रोथ सेंट्रिक नीतियां और घरेलू अर्थव्यवस्था में चौतरफा तेजी इसके पीछे की मुख्य वजह हैं।आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल 2026 तक:रिटेल लोन सेगमेंट: 16.4 फीसदी की वृद्धिसर्विस सेक्टर लोन: 17.0 फीसदी की वृद्धिइंडस्ट्री (उद्योग) लोन: 16.5 फीसदी की वृद्धिविशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ महीनों पहले तक इंडस्ट्री सेक्टर में लोन की मांग काफी सुस्त थी, लेकिन अब बड़ी कंपनियों और एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल के लिए ज्यादा फंड की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा, बॉन्ड मार्केट से पैसा जुटाना महंगा होने के कारण भी कॉरपोरेट जगत ने बैंकों का रुख किया है। गाड़ियों के लिए मिलने वाले वाहन लोन (Vehicle Loan) की मांग सबसे तेज है, जिसमें 18 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है, हालांकि क्रेडिट कार्ड लोन की रफ्तार अभी भी थोड़ी सुस्त है।सरकारी बैंकों (PSU Banks) की दमदार वापसी, बाजार हिस्सेदारी 53% हुईकुछ साल पहले तक देश के प्राइवेट बैंक तेजी से सरकारी बैंकों की बाजार हिस्सेदारी (Market Share) छीन रहे थे, लेकिन अब पासा पलट चुका है। मार्च 2026 तक कुल बैंकिंग लोन डिस्ट्रीब्यूशन में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी बढ़कर 53 फीसदी तक पहुंच गई है। यह लगातार दूसरा साल है जब पीएसयू बैंकों ने प्राइवेट दिग्गजों को पछाड़कर अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है।हालांकि, रिपोर्ट का अनुमान है कि आने वाले समय में प्राइवेट बैंक कॉरपोरेट लोन, बिजनेस बैंकिंग और एमएसएमई फाइनेंसिंग के दम पर फिर से वापसी करेंगे। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में प्राइवेट बैंकों की लोन ग्रोथ 14.8 फीसदी और सरकारी बैंकों की 12.8 फीसदी रहने का अनुमान है।बैंकों के सामने 'डिपॉजिट संकट', लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो 83% के पारलोन की रफ्तार तो बुलेट ट्रेन जैसी है, लेकिन बैंकों के पास पैसा जमा होने (Deposit Growth) की रफ्तार पैसेंजर ट्रेन जैसी बनी हुई है, जो इस समय बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती है। 31 मई 2026 तक जहां लोन ग्रोथ 17.7 फीसदी थी, वहीं डिपॉजिट ग्रोथ महज 12.2 फीसदी पर अटकी रही। नतीजा यह हुआ कि बैंकिंग सिस्टम का लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) बढ़कर करीब 83 फीसदी तक पहुंच गया है, जिसे काफी संवेदनशील और ऊंचा स्तर माना जाता है।हालांकि, इस मोर्चे पर आरबीआई की हालिया घोषणाएं (FCNR(B) डिपॉजिट और विदेशी उधारी में राहत) गेमचेंजर साबित हो सकती हैं। इससे भारत में 40 से 50 अरब डॉलर ($40-50 Billion) तक विदेशी पूंजी आने की उम्मीद है, जिससे बैंकिंग सिस्टम में करीब 4 से 4.5 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त लिक्विडिटी (जमा राशि) आएगी और बैंकों पर से डिपॉजिट जुटाने का दबाव काफी कम हो जाएगा।अगले दो साल में मुनाफे में 15% का तगड़ा उछाल संभवग्लोबल मोर्चे पर पश्चिम एशिया में तनाव कम होने, रुपये में मजबूती आने और सरकारी बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) नीचे गिरने से बैंकों के लिए फंड जुटाना अब सस्ता हो गया है। मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच बैंकिंग सेक्टर की कुल कमाई सालाना करीब 15 फीसदी की कंपाउंडेड दर से बढ़ सकती है, जिसका मुख्य जरिया नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) होगी। इस मुनाफे की रेस में प्राइवेट बैंक आगे रह सकते हैं, जिनकी कमाई में सालाना 21 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है, जबकि सरकारी बैंकों के लिए यह अनुमान 8 फीसदी रखा गया है।ब्रोकरेज की नजर: इन 4 बैंकिंग शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजीमजबूत क्रेडिट डिमांड, नकदी (Liquidity) की स्थिति में सुधार और बेहतर आर्थिक माहौल को देखते हुए मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर के इन चार प्रमुख स्टॉक्स पर सबसे बड़ा भरोसा जताया है और इन्हें अपनी टॉप-पिक्स लिस्ट में शामिल किया है:आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank)
हरदा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में कल (मंगलवार) नीलामी कार्य बंद रहेगा। मंडी व्यापारी मध्यप्रदेश शासन द्वारा मंडी शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में खरीदी में हिस्सा नहीं लेंगे। मंडी सचिव हरनारायण भिलाला ने बताया कि ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, हरदा के अध्यक्ष से 20 जून 2026 को एक आवेदन प्राप्त हुआ है। इसमें उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश दलहन तिलहन, अनाज व्यापारी संघ के आह्वान पर प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों में 23 जून 2026, मंगलवार को नीलामी कार्य विरोध स्वरूप बंद रखा जाएगा। यह विरोध मंडी शुल्क में 0.50 रुपए प्रति सैकड़ा की वृद्धि के खिलाफ किया जा रहा है। इसी कारण हरदा मंडी प्रांगण में मंगलवार, 23 जून 2026 को नीलामी नहीं होगी। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे मंगलवार को अपनी कृषि उपज बेचने के लिए मंडी प्रांगण में न लाएं।
सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर, निवेशकों को रहत
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुले।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिल सकती है अंतिम मंजूरी, इस हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते और अंतरिम डील पर अहम चर्चा होगी।
भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 22 जून को वैश्विक बाजारों (Global Markets) से बेहद शानदार और सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। घरेलू बाजार के खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में करीब 100 अंकों की तेजी देखी गई है, जो दलाल स्ट्रीट के लिए एक दमदार और हरी बत्ती वाली शुरुआत का साफ इशारा है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार को घरेलू मोर्चे पर संस्थागत निवेशकों का बड़ा सहारा मिला है। कैश मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने ₹4,800 करोड़ की बंपर खरीदारी की है, हालांकि वायदा बाजार (Futures) में हल्की मुनाफावसूली या बिकवाली दर्ज की गई है।अमेरिकी बाजारों में थी छुट्टी, पर डाओ फ्यूचर्स में दिखी हल्की बढ़तअमेरिकी बाजारों (Wall Street) की बात करें तो पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को वहां 'जूनटीन्थ नेशनल इंडिपेंडेंस डे' (Juneteenth National Independence Day) के मौके पर आधिकारिक फेडरल छुट्टी थी। यह दिन अमेरिका में गुलामी प्रथा के अंत की याद में मनाया जाता है, जिसके कारण मुख्य बाजार बंद रहे। हालांकि, आज सुबह डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) में हल्की रौनक और बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे वैश्विक सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से एशियाई बाजारों में लौटी रौनक, निक्केई 1.75% उछलासोमवार को एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली देखने को मिल रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति (Progress) की खबरें हैं, जिसने युद्ध की चिंताओं को फिलहाल कम किया है:जापान और कोरिया: जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.75% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि टॉपिक्स (Topix) में 1.17% की मजबूती है। साउथ कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1.54% चढ़कर ग्रीन जोन में बना हुआ है, हालांकि कोस्डैक (Kosdaq) में 0.57% की मामूली गिरावट देखी गई।गिफ्ट निफ्टी का जलवा: गिफ्ट निफ्टी सुबह 24,154 के मजबूत स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोजिंग स्तर से लगभग 97 अंकों का बड़ा प्रीमियम (बढ़त) दिखाता है, जो भारतीय सूचकांकों के लिए एक बेहतरीन ओपनिंग का आधार तय कर रहा है।अन्य इंडेक्स: इसके विपरीत, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स में कुछ कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स आज 0.4% नीचे खिसक गया है।वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स पर ब्याज दरों का साया, यूएस-ईरान वार्ता के पहले दौर का रोडमैप सफलएक तरफ जहां एशियाई बाजार झूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के तकनीकी पहलुओं पर टिकी हैं, लेकिन साथ ही भविष्य में ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ने के डर से यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट आई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.5%, नैस्डैक फ्यूचर्स 0.7% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.4% तक गिर गए।राहत की बात यह है कि कूटनीतिक मोर्चे पर अच्छी खबरें हैं। ईरानी वार्ताकारों के अनुसार, अमेरिका के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है, जिससे यह डर खत्म हो गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर का प्रोसेस टूट जाएगा। मध्यस्थता कर रहे कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की है कि वार्ता का पहला सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है और अगले 60 दिनों के भीतर एक 'फाइनल डील' तक पहुंचने का रोडमैप पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।चीन ने लगातार 13वें महीने नहीं बदले लोन रेट्स, जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन उछालएशिया की अन्य बड़ी आर्थिक खबरों पर नजर डालें तो:चीन एलपीआर (China LPR): चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपल्स बैंक ऑफ चाइना' (PBOC) ने देश की सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जून महीने में भी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (कर्ज दरों) में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 13वां महीना है जब दरें स्थिर हैं। बैंक ने एक साल के लोन प्राइम रेट (LPR) को 3.00% और पांच साल के एलपीआर को 3.50% के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखा है।जापानी बॉन्ड यील्ड: जापान में बढ़ती महंगाई और राजकोषीय (फिस्कल) चिंताओं के बीच सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख रहा। बेंचमार्क 10-साल का जेजीबी (JGB) यील्ड 3 बेसिस पॉइंट बढ़कर 2.675% के स्तर पर पहुंच गया है।होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई धीमी होने से कच्चे तेल में उबाल, डॉलर की मजबूती से येन रिकॉर्ड निचले स्तर परक्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के शुरुआती दौर में आई कुछ कड़वाहट के कारण रणनीतिक समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से जहाजों की आवाजाही थोड़ी धीमी हुई थी, जिसका असर कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.83% बढ़कर 81.24 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.04% की उछाल के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।सोना और चांदी: वैश्विक बाजार में महंगाई और उच्च ब्याज दरों की चिंता थोड़ी कम होने से बुलियन मार्केट में शानदार रिकवरी हुई है। सोने की कीमतें पिछले निचले स्तर से 1% से ज्यादा उछल गईं। स्पॉट गोल्ड का भाव 1.2% की बढ़त के साथ 4,209.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि हाजिर चांदी (Spot Silver) 2.6% की तूफानी तेजी के साथ 66.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।करेंसी मार्केट (Dollar Index): शांति समझौते को लेकर बनी शुरुआती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है। इसके चलते ब्रिटिश पाउंड 0.24% गिरकर $1.32055 और यूरो 0.1% की नरमी के साथ $1.1462 पर आ गया। वहीं, जापानी येन में लगातार कमजोरी जारी है और यह फिसलकर 161.53 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जो इसके पिछले दो साल के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब है।
शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक महिला से 62 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर महिला को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और शेयर बाजार में निवेश पर 30 प्रतिशत तक लाभ का भरोसा दिलाया। जब महिला ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगी का खुलासा हुआ। सेक्टर-27 निवासी प्रीति गृहिणी हैं। उनके पति एक निजी कंपनी में प्रबंधक हैं। प्रीति की शेयर बाजार में रुचि होने के कारण वह निवेश संबंधी जानकारियां जुटाती रहती थीं। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर बनाया शिकार पीड़िता के अनुसार, तीन मार्च को उन्हें मार्क सिक्योरिटीज नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को डॉ. राजीव सिंह बताकर शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश की सलाह दी। उसने दावा किया कि उसके बताए निवेश से 30 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है और पार्ट टाइम अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराकर कराया निवेश ठगों की बातों पर भरोसा कर प्रीति ने उनके बताए एक निवेश ऐप पर पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्हें शेयर और आईपीओ में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने को कहा। पीड़िता ने 17 बार में कुल 62 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। निवेश के दौरान उन्हें लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उनका भरोसा बढ़ता गया। रकम निकालने पर मांगे और पैसे 28 मार्च को जब प्रीति ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने कर, प्रोसेसिंग शुल्क और अन्य मदों के नाम पर चार लाख रुपए और जमा कराने की मांग की। महिला ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो ठगों ने उनका खाता फ्रीज करने की धमकी दी और बाद में संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। पुलिस कर रही जांच मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और निवेश प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निशाना बना रहे हैं, इसलिए निवेश से पहले प्लेटफॉर्म और सलाहकार की सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए।
नोएडा में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने निवेश पर मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। वह पेशे से डॉक्टर है। वह सोशल मीडिया एप पर महिला बनकर लोगों से संपर्क करता था। निवेश करने के बाद नाम पर उन्हें जाल में फंसाता था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद किया है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से रामाकृष्ण पेदगावेगी को गिरफ्तार किया है। उसकी अरेस्टिंग इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर हुई है। वह मूलरूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उसकी उम्र 37 वर्ष है। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ्रेंड ऐप व अन्य डेटिंग साइटों पर महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था।शुरुआत में छोटे निवेश पर फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाता था। इसके बाद वह अधिक धनराशि का निवेश करवाता था। लोगों से जिस बैंक खाते में पैसा जमा कराया जाता था, वह एक म्यूल अकाउंट था। इस खाते की इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरोपी का मोबाइल नंबर रजिस्ट्रर्ड था। इसी के जरिये वह ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर देता था। उसने शहर के एक ही व्यक्ति के साथ भी फर्जीवाड़ा किया था। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया गया था।
सीमेंट व्यापारियों ने सीएम के ओएसडी के सामने रखीं समस्याएं
सोनीपत | औद्योगिक क्षेत्र में मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा ने सीमेंट व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। सीमेंट एसोसिएशन के प्रधान उमेद छिक्कारा और चेयरमैन दिनेश जैन ने मुद्दे रखे। व्यापारियों ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से हरियाणा, खासकर सीमावर्ती जिलों में सीमेंट की आवक से स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है और राज्य को राजस्व नुकसान हो रहा है। जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला ने व्यापारियों की बीमा योजना के पोर्टल को सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की मांग की। बढ़खालसा ने कहा कि सभी मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का प्रयास करने की बात कही।
महंगाई में मुश्किल से पढ़ाई कर रहे हैं युवा : डॉ. डहरिया
भास्कर न्यूज | पामगढ़ बिजली दर में बढ़ोतरी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने जिला मुख्यालयों में प्रेसवार्ता की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया जांजगीर-चांपा में प्रेसवार्ता के लिए पहुंचे। इस दौरान पामगढ़ में हरप्रसाद साहू के नेतृत्व में डॉ. शिवकुमार डहरिया का आतिशबाजी के साथ स्वागत किया गया। डॉ. शिवकुमार डहरिया ने पामगढ़ के पार्षद आकाश यादव के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और कामों को उजागर करने के लिए मुखर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग बेतहाशा महंगाई में जैसे-तैसे पढ़ाई का खर्च उठा रहा है। इस मौके पर संदीप अग्रवाल, द्वारिका प्रसाद यादव, लव तिवारी, दिनेश थवाइत, राजा राम कश्यप, विजय यादव, उदल कश्यप, बरातू दास, प्रकाश सारथी आदि मौजूद रहे।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका इस हफ्ते मंत्रियों के स्तर पर व्यापार वार्ता करेंगे। दोनों देश अगले महीने टैरिफ से जुड़ी एक अहम समय-सीमा से पहले प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
हरियाणा के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को सांपला पहुंचे। उन्होंने कस्बे के मुख्य बाजार में हाल ही में हुए अग्निकांड से प्रभावित व्यापारी परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सांपला पहुंचने पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर नाराज नजर आए। उन्होंने मौके से ही रोहतक के डीसी को फोन कर कहा कि उनके कार्यक्रम की जानकारी होने के बावजूद न तो तहसीलदार और न ही एसडीएम मौजूद थे। नुकसान का आकलन करने के दिए निर्देश हुड्डा ने डीसी रोहतक से बातचीत के दौरान कहा कि आग की इस घटना में व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कराने के निर्देश देने की बात कही और प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। 3 मंजिला शोरूम में लगी थी आग गौरतलब है कि 19 जून की रात सांपला के मुख्य बाजार स्थित जेपी फैशन शोरूम में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भयावह थी कि 3 मंजिला शोरूम का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो गया और लाखों रुपए का सामान नष्ट हो गया। दमकल विभाग की टीमों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता का माहौल बना हुआ है। प्रभावित परिवार अब प्रशासनिक सहायता और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
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रोहतक जिले के सांपला कस्बे के मुख्य बाजार में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद, पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर रविवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आग से प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और नुकसान का जायजा लिया। ग्रोवर ने उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इस दौरान, ग्रोवर ने बताया कि विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्डा ने अपने सरकारी कोष से पीड़ित व्यापारियों के लिए 5 लाख रुपए की अंतरिम राहत राशि की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस अग्निकांड से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। 'संकट की घड़ी में व्यापारियों के साथ खड़ी है सरकार' मनीष ग्रोवर ने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार इस संकट की घड़ी में व्यापारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन से सांपला में दमकल विभाग की सुविधाओं को मजबूत करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। ग्रोवर ने आग बुझाने में जुटे दमकल विभाग के कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई से आसपास की कई अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। आग से जला था लाखों का सामान उल्लेखनीय है कि यह अग्निकांड 19 जून की रात सांपला के मुख्य बाजार स्थित जेपी फैशन शोरूम में हुआ था। आग इतनी भीषण थी कि पूरी दुकान जलकर राख हो गई और लाखों रुपए का सामान नष्ट हो गया। दमकल विभाग की टीमों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। इस घटना से क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता का माहौल है।
उमरिया में साप्ताहिक बंदी पर व्यापारी बंटे:चैंबर ऑफ कॉमर्स और कैट के बीच विवाद गहराया
उमरिया जिले में सोमवार को प्रस्तावित साप्ताहिक बाजार बंदी को लेकर दो प्रमुख व्यापारिक संगठनों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और अखिल भारतीय व्यापारी परिषद (कैट) के बीच विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर दोनों संगठनों के पदाधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। फैसला थोपने का आरोप चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रतन खंडेलवाल ने कैट पर मनमाने ढंग से व्यापारियों पर फैसले थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि उमरिया एक आदिवासी बहुल जिला है, जहां बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी और दैनिक आय वाले लोग व्यवसाय से जुड़े हैं। साप्ताहिक बंदी लागू होने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापारियों से संबंधित कोई भी निर्णय स्थानीय परिस्थितियों और सभी व्यापारियों की सहमति को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। कैट हमेशा व्यापारियों के हित में काम करता है दूसरी ओर, अखिल भारतीय व्यापारी परिषद (कैट) की जिला अध्यक्ष कीर्ति सोनी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैट हमेशा व्यापारियों के हित में काम करता है। सोनी ने कहा कि साप्ताहिक बंदी का निर्णय व्यापारियों को सप्ताह में एक दिन आराम और पारिवारिक समय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। यह फैसला व्यापारिक वर्ग के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। दोनों संगठनों के अलग-अलग रुख के कारण जिले के व्यापारियों में गहन चर्चा का माहौल है। अब सभी की निगाहें सोमवार को प्रस्तावित साप्ताहिक बंदी पर टिकी हैं कि व्यापारियों का अंतिम निर्णय क्या रहता है और प्रशासन इस मामले में कोई हस्तक्षेप करता है या नहीं।
गौरेला में मंडी टैक्स चोरी के कथित मामले को उजागर करने वाले स्थानीय पत्रकार विपिन जैन और उनके परिवार पर हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि चिरौंजी व्यापारी और उसके परिजनों ने शिकायत से नाराज होकर पत्रकार को रास्ते में रोककर मारपीट की। घटना के बाद मामला थाने तक पहुंचा, जहां भी विवाद और हाथापाई होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के बाद व्यापारी पक्ष नाराज था जानकारी के अनुसार, पत्रकार विपिन जैन ने सूर्या ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सुबोध जैन के खिलाफ बिना वैध दस्तावेजों के चिरौंजी परिवहन और मंडी टैक्स चोरी की शिकायत मंडी अधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद व्यापारी पक्ष नाराज हो गया। रास्ते में रोककर मारपीट का आरोप बताया गया है कि एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे पत्रकार विपिन जैन को रास्ते में रोक लिया गया। आरोप है कि सुबोध जैन, ललित जैन, सुकांत जैन, सलभ जैन, शौर्य जैन और अग्रिम जैन ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। पत्रकार ने किसी तरह वहां से निकलकर थाने पहुंचकर मदद मांगी। थाने के भीतर भी विवाद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी पक्ष थाने पहुंच गया और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी दुर्व्यवहार और मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद पत्रकार और उनके परिजनों में आक्रोश है। मंडी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल मामले में मंडी अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता की पहचान और शिकायत की जानकारी संबंधित व्यापारी तक पहुंचाई गई, जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी। हालांकि इस संबंध में मंडी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों पर दर्ज हुआ काउंटर केस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने बताया कि घटना को लेकर दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद काउंटर मामला दर्ज किया है। व्यापारी पक्ष की शिकायत पर पत्रकार विपिन जैन, विवेक जैन, विमल जैन, नीरज जैन और विनीत जैन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उपलब्ध सबूतों, गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
बड़वानी शहर के मुख्य रास्ते पर बने डाया भाई पेट्रोल पंप के बाहर सीएनजी (CNG) गाड़ियों की लंबी-लंबी लाइनें अब जनता और दुकानदारों के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं। इन कतारों की वजह से यहां की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और लोग दिनभर जाम से जूझ रहे हैं। कई बार तो ये लाइनें पेट्रोल पंप से खिंचती हुई सीधे बस स्टैंड तक पहुंच जाती हैं। स्थानीय निवासी करण और सूरज जयप्रकाश ने कहा कि सुबह से लेकर देर शाम तक सीएनजी भरवाने वाली गाड़ियों की भीड़ लगी रहता है, जो सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा घेर लेती हैं। बस स्टैंड से सिद्धेश्वर मंदिर तक का इलाका वैसे ही शहर का सबसे व्यस्त हिस्सा है और उस पर इन गाड़ियों के कब्जे के कारण बाइक और कार चालकों का यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। इस रास्ते से रोज स्कूल-कॉलेज के बच्चे, कर्मचारी, ग्रामीण और अस्पताल जाने वाले मरीज गुजरते हैं, जिन्हें इस अव्यवस्था के चलते बेवजह की देरी झेलनी पड़ती है। कई बार तो एम्बुलेंस जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी इस जाम में फंसी नजर आती हैं। दुकानदारों का धंधा चौपट, ग्राहक आने से कतरा रहे पेट्रोल पंप के आसपास दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारियों का कहना है कि रोज-रोज के इस तमाशे से उनका धंधा मंदा पड़ गया है। गाड़ियां उनकी दुकानों के ठीक सामने आकर खड़ी हो जाती हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। जाम और इस भीड़ को देखकर ग्राहक उनकी दुकानों तक आने से कतराने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या कोई आज या कल की नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि सीएनजी गाड़ियों के लिए कोई अलग रास्ता, कतार या पार्किंग का इंतजाम किया जाए ताकि शहर को इस रोज के जाम से मुक्ति मिले। जिम्मेदार क्या बोले? ट्रैफिक थाना प्रभारी रजनी भार्गव से ने कहा- “आपके जरिए बस स्टैंड पर जाम लगने की जानकारी अभी मिली है। मैं तुरंत ट्रैफिक पुलिस के जवानों को मौके पर भिजवा रही हूं। पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने आए वाहनों को सलीके से लाइन में लगवाया जाएगा ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके और आगे लोगों को कोई दिक्कत न हो।”
शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
छत्तीसगढ़ की जीपीएम जिले में दिनदहाड़े 2 बदमाश पुलिसकर्मी बनकर घर आए और बंदूक की नोक पर व्यापारी को किडनैप कर लिया। जबरन उसको पकड़कर अपनी गाड़ी में बैठाकर साथ ले गए। इस घटना का लाइव CCTV वीडियो भी सामने आया है। मामला मरवाही थाना इलाके के उषाढ गांव का है। पुलिस केस दर्ज कर सीसीटीवी की मदद से आरोपियों और व्यापारी की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक फिरौती या किसी और चीज को लेकर कोई कॉल या मैसेज नहीं आया है। इससे 25 दिन पहले सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, व्यापारी गिरीश यादव अपने गांव उषाढ में ही किराना, छड़-सीमेंट और आटा चक्की का व्यवसाय करते हैं। शनिवार (20 जून) को दोपहर 11 बजे गिरीश यादव घर के गलियारे पर सो रहे थे। उनका बेटा पंकज दुकान पर बैठा था। इसी दौरान एक नीले रंग की कार से दो व्यक्ति वहां पहुंचे। बदमाशों ने दुकान से सिगरेट और पानी खरीदा। उसके बाद पंकज से उसके पिता के बारे में पूछा। पंकज जैसे ही अपने पिता को बुलाने अंदर जाने लगा, दोनों बदमाश जबरन घर में घुस गए। उन्होंने सो रहे गिरीश यादव को उठाया और स्टील रंग की पिस्तौल दिखाकर खुद को पुलिसकर्मी बताने लगे। गोली मारने की धमकी, कार में बैठा ले गए विरोध करने पर बदमाशों ने गिरीश यादव को पैर में गोली मारने की धमकी दी, उसे जबरन कार में बैठाकर बरौर बस्ती की ओर ले गए। परिजन चिल्लाते रहे, लेकिन वो रुके नहीं। पंकज ने कार के नंबर का कुछ हिस्सा 'OD 8552' देखा था। यह वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जिसमें बदमाश जबरन व्यापारी को उठाकर अपने साथ ले जा रहे हैं। इसकी जानकारी लगने पर व्यापारी के पत्नी का मुंहबोला भाई मनीष जायसवाल ने बरौर में कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाश मरवाही की तरफ तेजी से भाग गए। पत्नी ने दर्ज कराई शिकायत पत्नी दुर्गा यादव ने मामले की शिकायत मरवाही थाने में दर्ज कराई है। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने इसकी जांच की, जब पता चला कि वो पुलिस वाले नहीं है, तो केस दर्ज कर तलाश शुरू की गई। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जगह दबिश दे रही है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है। 25 दिन पहले सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर की गई थी हत्या इससे पहले, 26 मई को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की कोटमी साप्ताहिक बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार बदमाश उनसे सोने-चांदी का बैग भी छीनकर भाग गए थे। इसके लिए बिहार-झारखंड से शूटर बुलाए गए थे। इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। इस काम में उसके भतीजे राजाराम साहू ने भी मदद की। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिया गया है। ………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सराफा व्यापारी हत्याकांड...कटे हाथ में तार बांधकर दौड़ाई थी बाइक:पुलिस ने मास्टरमाइंड से क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया, मेन शूटर समेत 3 अरेस्ट छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड और लूट मामले में पुलिस ने बिहार के मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और झारखंड के संतोष दास को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
प्रयागराज के करेली में रविवार सुबह लूट की घटना से हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के रहने वाले एक मजदूर ने आरोप लगाया है कि तीन बदमाशों ने उसकी बाइक में टक्कर मारकर उसके साथ मारपीट की और 42 हजार रुपये समेत दो मोबाइल फोन लूट लिए। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित के बयान बार-बार बदल रहे हैं, जिसके चलते पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हर पहलू पर पड़ताल कर रही है।पशु मेले में जाने के लिए निकला था मजदूरएयरपोर्ट थाना क्षेत्र निवासी मिथिलेश मजदूरी करता है। उसका रिश्तेदार शालू पशुओं का कारोबार करता है। रविवार को महेवा घाट में लगने वाले पशु मेले में जाने के लिए मिथिलेश सुबह घर से निकला था।मिथिलेश के अनुसार, करीब तीन बजे शालू का फोन आया। उसने बताया कि कुछ रुपये घर पर रखे हैं, जिन्हें लेकर महेवा घाट पहुंचाना है। इसके बाद सुबह करीब 4:20 बजे फिर बातचीत हुई, जिसमें मिथिलेश ने बताया कि वह थोड़ी देर में पहुंच रहा है।रिश्तेदार के घर से लिए थे 42 हजार रुपयेमिथिलेश का कहना है कि वह शालू के घर पहुंचा और वहां से 42 हजार रुपये लेकर महेवा घाट के लिए रवाना हो गया। सुबह करीब पांच बजे वह करेली थाना क्षेत्र के करेलबाग स्थित मदारीपुर इलाके में पहुंचा था।इसी दौरान उसके साथ लूट की वारदात हुई।बाइक में टक्कर मारकर की मारपीटपीड़ित के मुताबिक, रास्ते में तीन लोगों ने उसकी बाइक में जबरन टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपी गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।मिथिलेश का आरोप है कि आरोपियों के पास असलहे भी थे, जिसके कारण वह डर गया और विरोध नहीं कर सका।500 मीटर तक खदेड़ने के बाद लूटे रुपये और मोबाइलमिथिलेश ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे करीब 500 मीटर तक खदेड़ते रहे। इसके बाद उन्होंने उसके दोनों मोबाइल फोन छीन लिए और उसकी पैंट की जेब में रखे 42 हजार रुपये निकाल लिए। वारदात के बाद आरोपी उसे धमकाते हुए मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही करेली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।एसओजी को भी लगाया गया जांच मेंमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को भी जांच में शामिल किया। वहीं पशु व्यापारी शालू को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया ताकि रुपये और उनके लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।पुलिस घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।सीसीटीवी फुटेज से बढ़ा पुलिस का संदेहपुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिले एक सीसीटीवी फुटेज में मिथिलेश किसी से फोन पर बातचीत करते हुए जाता दिखाई दे रहा है। इसके अलावा पूछताछ में उसके बयान भी एक जैसे नहीं मिले हैं।इसी वजह से पुलिस लूट की घटना के साथ-साथ अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।क्या बोले थानाध्यक्ष करेली थानाध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि पीड़ित लगातार अलग-अलग बयान दे रहा है। ऐसे में पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
अफीम की खेती व अवैध व्यापार में दो आरोपियों को 5-5 वर्ष की सजा
चाईबासा| जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम, चाईबासा के न्यायालय द्वारा अफीम (पोस्ता) की खेती एवं अवैध रूप से व्यापार करने के आरोप में सुरजा दुराईबुरू एवं गर्दी सुंडी को पांच-पांच साल की सजा एवं दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस संबंध में 19 मार्च 2020 को टोंटो थाना क्षेत्र के बड़ा कुचिया निवासी दोनों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। अनुसंधान के क्रम में चाईबासा पुलिस द्वारा दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया तथा सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संग्रह करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया। जिसके आधार पर 20 जून को न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को सजा सुनाई गई।
सहरसा के शंकर चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एक विशाल विरोध रैली का आयोजन किया। इस रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी, नीट परीक्षा में धांधली, भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई और पेट्रोल में इथेनॉल के अनिवार्य मिश्रण जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। रैली को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अच्छे दिन का सपना दिखाकर देश को गर्त में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि कमरतोड़ महंगाई ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। झा ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि कांग्रेस सरकार के समय मिलावट करने वालों पर कार्रवाई होती थी, जबकि मौजूदा सरकार जनता की कमाई लूटकर गाड़ियों को कबाड़ बनाने में लगी है। मुकेश कुमार झा ने आगे कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त अपने मंत्रियों और नेताओं को लूटने की छूट दे रही है, जबकि विरोधियों को सरकारी एजेंसियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा में पेपर लीक होने की घटना को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि सरकार उनकी मेहनत का मजाक बनाने से भी नहीं चूक रही है। इस विशाल रैली में एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरीय नेता केशर कुमार सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि मो नईम उद्दीन, वरीय उपाध्यक्ष कुमार हीरा प्रभाकर, राम शरण कुमार, बद्री प्रसाद यादव, सत्य नारायण चौपाल, रंजन यादव, शोभा कांत झा, बैधनाथ झा, मंगल झा, मो खाजा, नितीश कुमार, राम कुमार पासवान, भरत नारायण झा, वीरेंदर पासवान, गबन कुमार सिंह, प्रतिभा सिंह डोली, मृतुन्जय कुमार सिंह भरत झा, बिंदेशवरी यादव, अबिनाश कुमार भोलू, आलोक कुमार ठाकुर, हासिम अंसारी, बिनोद शर्मा, मो इस्माइल मो रुवान, बंटी झा और मो मोईन सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इंदौर के एक बैग व्यापारी के साथ साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने व्यापारी के क्रेडिट कार्डों से लाखों रुपए निकाल लिए। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई, जब क्रेडिट कार्ड का बकाया जमा करने संबंधी मैसेज आया। इसके बाद व्यापारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। सराफा पुलिस के मुताबिक, राममार्ग कुंजरा बाखल निवासी मुफद्दल पिता असगर अली के साथ यह घटना हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे बैग का व्यवसाय करते हैं। उनके दोनों मोबाइल नंबर अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्डों से रजिस्टर्ड हैं। कुछ दिन पहले उनके पास एक क्रेडिट कार्ड का बिल जमा करने का मैसेज आया, जबकि उन्होंने उस कार्ड का इस्तेमाल ही नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने कस्टमर केयर से संपर्क किया। जांच में पता चला कि 27 अप्रैल से 7 मई के बीच उनके क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 39 हजार रुपए मोबीक्विक ऐप के जरिए किसी अन्य खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। जब उन्होंने अपने अन्य क्रेडिट कार्डों की जानकारी निकाली तो उनसे भी ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई। इस तरह साइबर ठगों ने उनके मोबाइल नंबर हैक कर क्रेडिट कार्डों का दुरुपयोग करते हुए करीब 5 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए। मामले में व्यापारी ने शुक्रवार को केस दर्ज कराया है। पुलिस जांच कर रही है।
पीथमपुर में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के जारी किए गए नोटिसों को लेकर रहवासियों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग हाउसिंग बोर्ड की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और अपनी कॉलोनी को फ्री-होल्ड (मालिकाना हक) कराने की मांग पर अड़े हैं। इस समस्या को लेकर पिछले दो दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा है, जिसके बाद शनिवार को पीड़ितों ने धार विधायक नीना वर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही व्यापारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि के साथ एक विशेष बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। विधायक ने दिया विधानसभा में मुद्दा उठाने का भरोसा विधायक नीना वर्मा ने व्यापारियों और रहवासियों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि वे इस गंभीर मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगी और इसका जल्द से जल्द कोई स्थायी समाधान निकालने का प्रयास करेंगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के प्रमुख नागरिक तेजराम राठौड़, रंजीत ठाकुर, रोहित शर्मा और चंद्रेश जैन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जब कॉलोनी नगर पालिका को दे दी, तो हाउसिंग बोर्ड क्यों वसूल रहा पैसे? स्थानीय नागरिक भोलूराम अंजने ने हाउसिंग बोर्ड पर दोहरे मापदंड अपनाने और जनता को परेशान करने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जनता कॉलोनी को फ्री-होल्ड कराने की उम्मीद लगाए बैठी थी, वहीं दूसरी तरफ हाउसिंग बोर्ड ने नोटिस थमा दिए। अंजने के मुताबिक, यह कॉलोनी पहले ही आधिकारिक तौर पर नगर पालिका को हैंडओवर की जा चुकी है, ऐसे में हाउसिंग बोर्ड द्वारा लीज राशि की वसूली करना और नोटिस जारी करना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि पीथमपुर अब तहसील बन चुका है और बढ़ती आबादी के हिसाब से लोगों को आजीविका के लिए दुकानों की जरूरत है, इसलिए बोर्ड को कड़े कदम उठाने के बजाय जनता को राहत देनी चाहिए। बुजुर्गों और मध्यमवर्गीय परिवारों को क्या दिक्कतें? हाउसिंग बोर्ड की इस प्रशासनिक कार्रवाई की सबसे गाज मध्यमवर्गीय और बुजुर्ग परिवारों पर गिरी है। कॉलोनी में शुरुआत से रह रही रेखा राजावत ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उनका एक छोटा सा परिवार है। उनके पति नौकरी से रिटायर हो चुके हैं और इस उम्र में घर चलाने और भरण-पोषण करने का एकमात्र साधन उनकी एक छोटी सी दुकान ही है। हाउसिंग बोर्ड के नोटिस के बाद अब उनके सामने रोजी-रोटी और जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर उनका यह छोटा सा व्यापार बंद न कराया जाए। पीथमपुर के रहवासियों और व्यापारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने इन नोटिसों को वापस नहीं लिया और कॉलोनी को फ्री-होल्ड करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मोतिहारी में जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में प्रदर्शन किया। कचहरी चौक पर आयोजित इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय ने किया। धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर चिंता व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में है, और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। ''देश का युवा कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहा'' जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश का युवा कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने बेरोजगारी के चरम पर होने और महंगाई से आम लोगों की कमर टूटने का जिक्र किया। राय ने शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, को युवाओं के विश्वास पर गहरा आघात बताया। उन्होंने कहा कि इससे मेहनती छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी वर्षों की तैयारी व्यर्थ जा रही है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई धरना-प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नोएडा में सेक्टर-20 थाना पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी दिलाने के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 11.49 लाख रुपये नकद, पीएनबी बैंक की चेकबुक, एक डेबिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया गया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पीड़ित सोनू ने थाने में शिकायत की थी उनके साथ इस तरह का फ्राड हुआ है। उनसे कुछ लोगों ने संपर्क किया और क्रिप्टो करेंसी दिलाने का लालच दिया। बातों में आने के बाद वे बताए गए स्थान पर 11 लाख 49 हजार रुपए लेकर गए। डील कार में की गई। बतों में फंसाकर ठगों ने उनसे पैसे ले लिए। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से सेक्टर-27 स्थित कैम्ब्रिज स्कूल के पास सर्विस रोड से उमेर खान और अनुराग पारासरी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के पास मौजूद बैग की तलाशी लेने पर 11 लाख 49 हजार 500 रुपये नकद मिले। साथ ही एक पीएनबी बैंक की चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड भी बरामद हुआ। दोनों आरोपी ग्रेजुएट गिरफ्तार उमेर खान सेक्टर-50 का रहने वाला है और बीबीए स्नातक है, जबकि अनुराग पारासरी मूल रूप से बरेली के मीरगंज का निवासी है। वर्तमान में सेक्टर-128 में रहकर बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर चुका है। पुलिस के अनुसार दोनों युवकों पर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी दिलाने का झांसा देकर रकम हड़पने का आरोप है। दो अन्य की तलाश पूछताछ में सामने आया है कि इस नेटवर्क में दो अन्य लोग भी शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। बरामद नकदी और बैंकिंग दस्तावेजों के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
सेंसेक्स 1274 अंक उछला, फिर भी IT शेयरों ने बढ़ाई टेंशन! अगले हफ्ते बाजार में क्या होगा?
Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का तीसरा हफ्ता भी भारी उठापटक वाला रहा। अमेरिका ईरान पीस डील की वजह से 4 दिन बाजार हरे निशान में रहा तो आईटी शेयरों में भारी गिरावट के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद ...
फतेहाबाद जिले के जाखल शहर में शनिवार दोपहर दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है। रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित सिंगला एग्रो फूड के बाहर खड़ी चावल से लदी ट्राली से दो अज्ञात युवक चावल का एक बैग चोरी कर फरार हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दोनों युवक एक बाइक पर सवार होकर आए थे। उन्होंने ट्राली से चावल का बैग उतारा और उसे बाइक पर रखकर मौके से फरार हो गए। फुटेज में दोनों चोर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों में रोष इस घटना के बाद आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में रोष है। सिंगला एग्रो फूड के संचालक दीपक सिंगला ने बताया कि उन्होंने तुरंत डायल-112 पर मामले की सूचना दी है। दीपक सिंगला ने पुलिस से जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से व्यापारियों और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने की मांग की है। जाखल थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर भेज दी गई थी। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
औरैया में व्यापारियों ने मंडी सचिव को ज्ञापन दिया:नए ऐप और लाइसेंस नवीनीकरण की शर्तों पर आपत्ति
औरैया में शनिवार को व्यापारियों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव को एक ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन प्रांतीय अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा के निर्देश पर जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू, मंडी समिति अध्यक्ष शिवाकांत पाठक और महामंत्री जमाली सिंह के नेतृत्व में दिया गया। ज्ञापन निदेशक मंडी समिति, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को संबोधित था। जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई ने बताया कि ज्ञापन मंडी समिति की नई ऐप व्यवस्था और ऑनलाइन पोर्टल में मौजूद खामियों को लेकर था। इसके अतिरिक्त, लाइसेंस नवीनीकरण के लिए जारी किए गए नए आदेशों में गारंटर और शपथ पत्र जैसी अनिवार्य शर्तों को समाप्त करने की मांग भी की गई। कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए व्यापारियों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं को माननीय मंडी निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के समक्ष रखेंगे ताकि उनका समाधान हो सके। ज्ञापन सौंपते समय गल्ला मंडी अध्यक्ष शिवाकांत पाठक, महामंत्री जमाली सिंह, रवि शंकर शुक्ला, अमर बिश्नोई, दीपक अग्रवाल, आरती नंदन तिवारी, मयंक शुक्ला एडवोकेट, भानु राजपूत, रितेश गुप्ता, वेद राठौर, सब्जी मंडी अध्यक्ष विजय मिश्रा, महामंत्री हेमचंद कुशवाहा, अनिल शुक्ला, विवेक तिवारी, नूर मोहम्मद, सानू, प्रताप सिंह, अजीत सिंह, प्रेम चतुर्वेदी, अभय गुप्ता, अवधेश तिवारी, रजत पांडे, कृपाल राठौर, राजेश बिश्नोई और श्री नारायण पुरवार सहित कई व्यापारी मौजूद थे।
हाथरस में एक आलू व्यापारी का शव पेड़ से लटका मिला है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय विष्णु पुत्र मूलचंद के रूप में हुई है, जो सहपऊ के नगला रमजू गांव का निवासी था। उसका शव आज सुबह खोंडा गांव के पास एक पेड़ से बरामद किया गया। विष्णु आलू का व्यापार करता था और बताया जा रहा है कि उसे व्यापार में भारी घाटा हुआ था। उस पर कई लोगों का कर्ज भी हो गया था। मृतक के पिता मूलचंद ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके बेटे को कर्ज के लिए लगातार परेशान करते थे और धमकी भी देते थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मृतक अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गया है।
रोहतक में एक ही दिन में 3 जगह आगजनी की घटनाएं हुई। मॉडल टाउन मार्केट में जहां जली हुई दुकान में चिंगारी सुलगी, वहीं 50 मीटर दूर मार्केट में डेंटल क्लीनिक में आग लग गई, जिसे तुरंत काबू किया गया। रात को सांपला में कपड़े के शोरुम में आग लगी, तो देर रात सनसिटी हाइट्स फ्लैट की रसोई आग की चपेट में आ गई। गर्मी के कारण आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। 9 जून का दिन कोई भूल नहीं सकता, क्योंकि इस दिन मॉडल टाउन मार्केट में आग लगने के कारण 10 दुकानों के साथ 3 लोग भी जिंदा जल गए थे। वो यादें अभी ताजा है और मार्केट में दोबारा आग सुलगने लगी, जिसे फायर ब्रिगेड की टीम ने काबू किया। फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पा रही थी, इतनी देर में 50 मीटर दूर ही दूसरी मार्केट में स्थित डेंटल क्लीनिक की छत से धुंआ निकलता दिखा। तंग गली होने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत मौके पर जाकर आग को बुझाने का काम शुरू किया और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। सांपला में कपड़े का शोरुम जलकर राख सांपला मार्केट में रात को एक कपड़े के शोरुम में आग लग गई। आग लगने के कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया। आग लगने के कारण शोरुम में कोई ग्राहक नहीं था, लेकिन दुकानदार मौजूद था, जो बाहर निकल गया। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग के कारण सामान जलकर राख हो गया। सनसिटी हाइट्स के फ्लैट में लगी आग देर रात को भाजपा कार्यालय के पीछे लाढौत रोड स्थित सनसिटी हाइट्स के एक फ्लैट में भी आग लगने की घटना हुई, जिसमें फ्लैट की रसोई में रखा सामान जलकर राख हो गया। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का काम किया। बता दें कि सनसिटी हाइट्स के एक फ्लैट में भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान व भाजपा नेता दीपक हुड्डा भी रहते हैं। वहीं, भारतीय बॉक्सर अमित पंघाल का फ्लैट भी इसी सोसाइटी में है। आग लगने के दौरान लोगों में हड़कंप मच गया था, लेकिन आग को बढ़ने से पहले ही फायर ब्रिगेड ने कंट्रोल कर लिया। 10 दिन में क्यों सुलगी दोबारा चिंगारी मॉडल टाउन एसोसिएशन के प्रधान अजय धनखड़ ने कहा कि 10 दिन बाद जली हुई दुकान की छत पर चिंगारी क्यों सुलगी, यह बड़ा सवाल है। क्या आग अभी तक पूरी तरह नहीं बुझाई गई है। वहीं, दुकानों को क्यों अभी तक दुकानदारों को नहीं सौंपा गया। दुकानों को गिराकर दोबारा बनाने के लिए जल्द दुकानें सौंपनी चाहिए, ताकि दुकानदार अपनी आजीविका दोबारा शुरू कर सके।
फ्री ट्रेड डील और महंगाई का करेंगे विरोध, संयुक्त रैली की तैयारी तेज
भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के अमृतसर और गुरदासपुर जिलों की एक संयुक्त शिक्षण बैठक गुरुद्वारा बाबा जीवन सिंह, गग्गो माहल में आयोजित की गई। जिला प्रधान कश्मीर सिंह और लखविंदर सिंह मंझियांवाली की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के प्रदेश प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के समापन पर गग्गो माहल कस्बे में किसान संगठन की ओर से एक रोष मार्च भी निकाला गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, यूरिया खाद की कमी, बिजली संकट, बीज विधेयक-2025, अमेरिका के दबाव में किए जा रहे फ्री ट्रेड समझौते, मनरेगा को खत्म करने की कोशिशों तथा बढ़ती महंगाई के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोला जाएगा। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और डकौंदा द्वारा 4 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
ओएनडीसी डिजीदुकान एप लॉन्च, 1350 व्यापारियों ने करवाया अपना रजिस्ट्रेशन
जयपुर | जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से शुक्रवार को बिरला ऑडिटोरियम में व्यापारिक सम्मेलन एवं ओएनडीसी डिजीदुकान लॉन्चिंग का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में ‘ओएनडीसी डिजीदुकान’ ऐप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तकनीक, व्यापार और निवेश संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘डिजीदुकान’ प्रदेश के व्यापारियों को डिजीटल बाजार से जोड़कर उनके व्यवसाय के विस्तार में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड भारत सरकार के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने अध्यक्षता की। इस दौरान भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष केएल जैन, फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल, महामंत्री सुरेश सैनी, कोषाध्यक्ष सचिन गुप्ता, आईटी चेयरपर्सन निशिता सिरोलिया, अमित शर्मा, प्रकाश सिंह, पंकज शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में 300 से अधिक व्यापारिक संगठनों के 1500 से अधिक व्यापारी, महिला उद्यमी एवं महिला व्यापारी मौजूद रहे। 1350 व्यापारियों ने ओएनडीसी डिजीदुकान का पंजीकरण करवाया।
राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडियों में लगने वाले शुल्क को फिर बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया है। कागजों में यह शुल्क व्यापारी और खरीदारों से वसूला जाएगा, लेकिन किसान संगठनों का आरोप है कि इसकी असली कीमत आखिरकार किसानों को ही चुकानी पड़ेगी। उनका कहना है कि मंडियों में कारोबार की लागत बढ़ने पर व्यापारी उसकी भरपाई किसानों की उपज के भाव में कटौती कर करेंगे। ऐसे में जिस किसान को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद रहती है, उसकी जेब पर ही इस फैसले का असर पड़ सकता है। खास बात यह है कि करीब ढाई साल पहले 6 अक्टूबर 2023 को सरकार ने किसानों और व्यापारियों को राहत देने का हवाला देते हुए मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया था, जिसे अब फिर बढ़ा दिया गया है। बढ़ा हुआ शुल्क 15 जून से लागू हो गया है। डेढ़ रुपए के मंडी शुल्क का ये है पूरा गणित मंडी शुल्क के डेढ़ रुपए में से 75 पैसे सीधे राज्य स्तर की विभिन्न योजनाओं में जाएंगे। इनमें किसान सड़क निधि, कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास, गौ संवर्धन और मुख्यमंत्री कृषक कल्याण जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके बाद बची 75 पैसे की राशि में से 30 प्रतिशत यानी करीब 23 पैसे बोर्ड स्तर के खर्चों और व्यवस्थाओं के लिए रखे जाएंगे। शेष लगभग 52 पैसे मंडी स्तर पर खर्च होंगे। इसमें करीब 10 पैसे मंडी की स्थायी निधि में जमा किए जाएंगे, जबकि करीब 5 पैसे सुरक्षित निधि के लिए रखे जाएंगे। बची हुई लगभग 37 पैसे की राशि संबंधित मंडी के संचालन, रखरखाव, विकास कार्यों, नीलामी प्लेटफॉर्म, सड़क, पानी, बिजली और अन्य स्थानीय सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। मंडी टैक्स को लेकर किसान की चिंता की असल वजह ये है मान लीजिए कि प्रदेश में यदि कोई किसान मंडी में 1 लाख रुपये की फसल बेचता है, तो उस बेची गई उपज पर पहले 1,000 रुपये का मंडी शुल्क बनता था, जो अब बढ़कर 1,500 रुपये हो जाएगा। हालांकि ये शुल्क प्रत्यक्ष तौर पर व्यापारी मंडी को देता है, लेकिन किसानों का मानना है कि व्यापारी अपना मुनाफा कम नहीं करेगा, इसलिए वे फसल खरीदते समय प्रति क्विंटल पर कुछ रुपये कम की बोली लगा सकते हैं। इससे मंडी के भाव में कमी आएगी। वापस लेना चाहिए आदेश सीएम के सामने हमने मांग रखी है, बढ़े हुए शुल्क का आदेश वापस लेना चाहिए। -सर्वज्ञ दीवान, अध्यक्ष मध्यभारत प्रांत, किसान संघ असर किसान पर ही कहने के लिए व्यापारी पर बोझ बढ़ा है, पर असर किसानों की ही जेब पर होगा। - संजय खेरवा, आम किसान यूनियन। मंडी में रेट कम हो जाएंगे व्यापारी अपने मुनाफे से कोई समझौता नहीं करेगा। वह मंडी में रेट कम कर देगा। - केदार सिरोही, पूर्व सदस्य, कृषि सलाहकर परिषद।
मेट्रो की अंडरग्राउंड टनल के लिए करीब तीन महीने पहले शुरू हुई खुदाई अब 70 मीटर तक पहुंच चुकी है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) फिलहाल आरा मशीनों के पीछे से काम कर रही है और मेट्रो निर्माण प्रभावित नहीं हो रहा। इसी बीच आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन से आरा मशीनों को हटाया जाना है, वह 1959 के खसरे में म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज है, इसलिए जमीन के मुआवजे का कोई आधार नहीं बनता। दूसरी ओर टिंबर मार्केट एसोसिएशन का दावा है कि उनके पास जमीन के मालिकाना हक के सभी दस्तावेज मौजूद हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शासन अपने रुख पर कायम रहता है तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा। ऐसे में शिफ्टिंग प्रक्रिया नए कानूनी विवाद में फंस सकती है। बता दें कि इन जमीनों के एवज में व्यापारियों को करीब 30 करोड़ रुपए मिलेंगे। अफसरों का दावा... 1959 के खसरे में यह भूमि म्यूनिसिपल बोर्ड में दर्ज छोटा रातीबड़ में बन रह टिंबर क्लस्टर आरा मशीनों की शिफ्टिंग के लिए अब तक 18 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। छोटा रातीबड़ में विकसित किए जा रहे नए टिंबर क्लस्टर पर लगभग 6 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, जबकि मुआवजे के लिए करीब 12 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। यह पूरी राशि मेट्रो रेल कंपनी ने दी है। डीपीआर के अनुसार भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की जिम्मेदारी शासन की है। मेट्रो आगे बढ़ी, विवाद जमीन पर अटकामैदानी स्थिति यह है कि आरा मशीन संचालक इतनी दूरी तक पीछे हट चुके हैं कि टनल की खुदाई जारी रह सके। टीबीएम लगभग 70 मीटर आगे बढ़ चुकी है और फिलहाल मेट्रो परियोजना पर कोई असर नहीं पड़ा है। अब विवाद मेट्रो निर्माण नहीं, बल्कि जमीन के स्वामित्व और मुआवजे का बन गया है। सरकारी जमीनों का मुआवजा नहीं दे सकते जितनी जमीन से आरा मशीनों को हटाया जाना है, वह 1959 के खसरे में म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज है। ऐसे में जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा सकता। इस संबंध में सूचना जारी की जा रही है। - दीपक पांडे, एसडीएम (शहर) अदालत के अलावा कोई विकल्प नहीं हमारे पास जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज हैं। शासन के इस रुख के बाद हमारे पास अदालत जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। हम शिफ्टिंग के लिए तैयार हैं।- बदर-ए-आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
एआई, रिसर्च और व्यापार पर भारत-ब्रिटेन की चर्चा, 15 जुलाई से लागू होगा सीईटीए
भारत और ब्रिटेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीकों, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में मिलकर काम आगे बढ़ाने पर चर्चा की
दुर्ग जिले में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी करने वाले पति-पत्नी को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपती 29 दिनों से फरार था। आरोपियों ने एक महिला से 25 लाख रुपए ठगे और उसकी सहेली के 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। मामले में अभी कई अन्य निवेशकों के पैसे फंसे होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया। उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में अच्छे लाभ का वादा किया। शुरुआती निवेश पर लाभ मिलने से फातिमा का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने और अधिक रकम निवेश की। इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे लगभग 25 लाख रुपए ठग लिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया। उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के आभूषण लिए। इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए प्राप्त किए गए। जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना से टूटा फरारी का खेल करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कई और निवेशकों के फंसे हैं पैसे जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि दंपती के झांसे में आने वाले लोगों की संख्या सिर्फ एक-दो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य लोगों ने भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की शिकायत की है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ सकता है और धोखाधड़ी की कुल राशि भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दस्तावेज और साक्ष्य जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य ट्रेडिंग और निवेश में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतना और फिर आर्थिक फायदा उठाना था। शुरुआती लाभ दिखाकर उन्होंने निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। जब रकम और गहने उनके कब्जे में आ गए तो उन्होंने धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरारी काट ली। हालांकि 29 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में 2024 में एक हार्डवेयर व्यापारी के घर हुई डकैती के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को नेपा थाना पुलिस ने रतलाम से गिरफ्तार किया है। यह घटना 03 नवंबर 2024 की है। फरियादी रौनक जैन, निवासी वृंदावन कॉलोनी, नेपानगर ने पुलिस को बताया था कि रात करीब 3:30 बजे उनके घर का दरवाजा जोर-जोर से खटखटाया गया। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो 7-8 अज्ञात बदमाश घर में घुस आए। व्यापारी को पीटकर कैश और गहने ले गए थेबदमाशों की उम्र करीब 25 से 30 साल के बीच थी और सभी ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने रौनक जैन के साथ मारपीट की और सोने की चेन, ब्रेसलेट, पत्नी के गहने और करीब 1.60 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में टीआई ज्ञानू जायसवाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। चार आरोपी पहले पकड़ाएजांच के दौरान पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब फरार चल रहे आरोपी प्रभात उर्फ चेतन मोंगिया (27), निवासी गुलगांव सांची, रायसेन, जो वर्तमान में नागदा (उज्जैन) में रह रहा था, उसे रतलाम से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई में उपनिरीक्षक शहाबुद्दीन कुरैशी, सहायक उपनिरीक्षक सूरज सिंह मौर्य, प्रधान आरक्षक अमर पवार और आरक्षक राकेश कनासे शामिल रहे।
मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर अब ड्राइव-इन सिनेमा रहेगा। भोपाल मंडल के 15 स्टेशनों पर इसकी शुरुआत की जाएगी। यहां पर स्टार्टअप्स समेत कमर्शियल एक्टिविटी भी होंगी। बता दें कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भोपाल मंडल के चिन्हित रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित, सुगम, आकर्षक एवं बहुआयामी शहरी केंद्र के रूप में विकसित करना है। जिससे वे केवल आवागमन के केंद्र न रहकर व्यापार, पर्यटन, सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो सकें। साथ ही स्थानीय उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर ये स्टेशन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। अमृत भारत योजना के अंतर्गत भोपाल मंडल के नर्मदापुरम एवं शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूर्ण होकर प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण हो चुका है, जबकि हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, सांची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ एवं संत हिरदाराम नगर स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकासाधीन हैं। प्रस्ताव मांगेंपुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कमर्शियल स्थानों के उपयोग, व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने उद्यमियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्टार्टअप्स, फर्मों एवं संस्थानों से वाणिज्यिक उपयोग के लिए प्रस्ताव भी मांगे हैं। ये हो सकेगा स्टेशनों पर ड्राइव-इन सिनेमा, मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स, गेमिंग जोन, बाल मनोरंजन केंद्र, डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर, पर्यटन एवं आतिथ्य सेवाएं, प्रतीक्षालय/लाउंज, डिजिटल बैंकिंग यूनिट/ई-लॉबी/एटीएम अथवा किसी अन्य नवाचारी एवं व्यवहार्य व्यावसायिक अवधारणा के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्तावों का परीक्षण बोर्ड नियमों को देखते हुए करेगा। इसके बाद ई-नीलामी भी होगी। यात्री सुविधाएं बढ़ेंगीइस पहल के संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भोपाल मंडल सौरभ कटारिया ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं के केंद्र ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे पारंपरिक व्यावसायिक गतिविधियों के साथ नवाचारी व्यावसायिक अवधारणाओं का स्वागत ही नहीं, बल्कि बढ़ावा दे रहा है।
स्टोन व्यापारी से मांगी 50 लाख रंगदारी, गिरफ्तार:वॉट्सऐप कॉल कर कहा था-पूरा परिवार खत्म कर देंगे
लीज धारक स्टोन बिजनेसमैन को वॉट्सऐप कॉल करके धमकाने और 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। मामला झुंझुनूं का है। बगड़ पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी नितीश उर्फ ब्लैक को धर दबोचा। पूरा मामला झुंझुनूं के बगड़ थाना इलाके के माखर गांव का है। पुलिस के अनुसार- माखर गांव निवासी अरविंद कुमार ने लीज पर पत्थर की खदान ली है। वे पत्थर का कारोबार करते हैं। 2 जून को माखर गांव के ही नितीश सिंह पुत्र उम्मेद और कालू पूनिया ने अरविंद कुमार को वॉट्सऐप कॉल किया और 50 लाख की रंगदारी मांगी। कहा- अगर 50 लाख रुपए नहीं दिए तो तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। धमकी के बाद 5 जून को अरविंद ने बगड़ थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। स्पेशल टीम का गठन किया झुंझुनू के पुलिस अधीक्षक (SP) कावेन्द्र सिंह सागर ने तुरंत टीम का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत और वृताधिकारी (डीएसपी) हरि सिंह धायल के सुपरविजन में बगड़ थानाधिकारी गोपाल सिंह थालोर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम बनी। जिसमें हेड कॉन्स्टेबल अंकित कुमार, कॉन्स्टेबल रामस्वरूप, संदीप कुमार, महेंद्र कुमार और नरेंद्र शामिल हुए। पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर और आसपास के संभावित छुपने वाले ठिकानों पर लगातार दबिश दी। साथ ही इलाके में पुलिस के मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। आखिरकार एक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी नितीश को दबोच लिया। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले के अन्य पहलुओं को खंगाल रही है।
सलूंबर में 60KG एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट:8 नमूने जांच के लिए भेजे, व्यापारी दुकानें बंद कर भागे
सलूंबर के वन नाका क्षेत्र, झल्लारा और भबराना में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई की भनक लगते ही भबराना क्षेत्र के कई व्यापारी दुकानें बंद कर मौके से भाग गए। इस दौरान 60 किलोग्राम अवधि-पार और दूषित खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। एक्सपायरी डेट के सामान मिलेजिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. और अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में वन नाका चौराहा, झल्लारा स्थित मेसर्स नमन ट्रेडर्स पर अनियमितताएं मिलीं। यहां विभिन्न ब्रांडों के मसाले, घी, कुरकुरे, चिप्स, रोस्टेड चना, कॉर्न फ्लेक्स, पापड़, पोहा, राजगीरा और सिंघाड़ा आटा सहित लगभग 60 किलोग्राम अवधि-पार और अनुपयोगी खाद्य सामग्री बिक्री के लिए रखी पाई गई। सामान को नष्ट कियाजनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, खाद्य सुरक्षा दल ने इस पूरी सामग्री को मौके पर ही जब्त कर गड्ढे में डालकर नष्ट करवा दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री आम उपभोक्ताओं को बेची जानी थी, जिससे उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था। सरसों तेल और काजू के नमूने लिएकार्रवाई के दौरान नमन ट्रेडर्स से जय मेवाड़ ब्रांड कच्ची घाणी सरसों तेल और काजू के नमूने लिए गए। भबराना स्थित कौशल ट्रेडर्स से नमक, जोधपुर मिष्ठान भंडार से रसगुल्ला, तेल और लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए। इसके अलावा, एक अन्य किराना स्टोर से चाय और धनिया पाउडर के नमूने भी लिए गए। कुल 8 खाद्य नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों पर खाद्य अनुज्ञा पत्र प्रदर्शित नहीं थे, साफ-सफाई का अभाव था और बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बिना लेबल के बेची जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया- संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार करना गैरकानूनी है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
संयुक्त व्यापार संघ निर्वाचित की ओर से प्रबुद्ध जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई मुख्य अतिथि रहे। बैठक का संचालन संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री संजय जैन ने किया, जबकि अध्यक्षता नवीन गुप्ता ने की। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. वाजपेई ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश का जवान माइनस डिग्री तापमान में सरहद पर खड़ा भी नहीं हो पाता था और उसे पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सैनिक 38 डिग्री माइनस तापमान में भी पूरी मुस्तैदी के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने सांसद के समक्ष ऑनलाइन व्यापार से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारी और उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है, जो एक गंभीर विषय है। इस पर डॉ. वाजपेई ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी सभी समस्याओं और मांगों का विस्तृत पत्र दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने भी व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को सांसद के सामने रखा। इस दौरान उपाध्यक्ष संजीव रस्तोगी, मनीष शर्मा, अमित बंसल, अनुज सिंघल, लल्लू मक्कड़, विकास गिरधर, सुधांशु पाराशर, अपार मेहरा और पूर्व पार्षद राजेश खन्ना समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।
भीलवाड़ा में दिनदहाड़े एक व्यापारी के साथ लूट का मामला सामने आया है। गुरुवार शाम को कार सवार तीन बदमाशों ने बाइक सवार व्यापारी को टक्कर मारकर उसके पास से 50 हजार रुपए लूट ले गए। मामला रायला क्षेत्र के कुंडिया-विजयपुरा रोड का है। पुलिस ने वारदात के महज 7 घंटों में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। बदमाशों से लूट की राशि बरामद भी कर ली गई है। कार से आए बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम मामला रायला क्षेत्र का है, यहां कुंडिया-विजयपुरा रोड पर 17 जून शाम को विजयपुरा निवासी मुस्ताक अली सोलर कनेक्शन का काम पूरा कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुंडिया कला के पास पीछे से आई एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बाइक से गिरते ही कार में सवार तीन बदमाश नीचे उतरे और मारपीट कर उनका बैग छीन लिया। बैग में 50 हजार रुपए कैश और जरूरी डॉक्यूमेंट्स रखे हुए थे। 6 घंटे में आरोपियों को दबोचा घटना की सूचना मिलने के बाद रायला थाना पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी मूलचंद वर्मा के नेतृत्व में नाकाबंदी कर अलग-अलग टीमों का गठन किया। पुलिस ने 7 घंटों के भीतर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील (24) पुत्र विजय गौड़ निवासी पटेल नगर सेक्टर-11, चांदमल जाट (20) पुत्र बंशी लाल निवासी भग्गा का खेड़ा, राहुल भांभी (23) पुत्र महावीर निवासी नांदसी, अजमेर हाल निवासी आजाद नगर, भीलवाड़ा के रूप में हुई है। ज्वैलर को लूटने का प्लान था रायला थाना प्रभारी मूल चंद ने बताया- पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 50 हजार रुपए और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि- आरोपियों ने एक ज्वैलर को लूटने की साजिश की थी। उसकी रैकी भी की, लेकिन बाद में गफलत के चलते दूसरा व्यापारी शिकार बन गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके अन्य आपराधिक मामलों में शामिल होने की भी जांच की जा रही है।
भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार
मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
एक्सेंचर के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निफ्टी आईटी 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) अनुमान में कटौती करने और मांग के कमजोर रहने के संकेत देने के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया और वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार की रफ्तार को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गईं।
भिवानी में घंटा घर चौक से लेकर रेलवे रोड तक लगने वाली रेहड़ियों को हटाने के विरोध में शुक्रवार को नेहरू पार्क में शहीद स्मारक के सामने रेहड़ी संचालकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उन्हें रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए। रेहड़ी संचालक संजय ने कहा कि उनकी रेहड़ी हटा दी गई है और उनके साथ गाली-गलौज किया जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों को गाली ना दी जाए और उन्हें रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करने की अनुमति दी जाए। सभी गरीब व्यक्ति हैं और रेहड़ी लगाकर कमाकर खा रहे हैं। रेहड़ी संचालिका ऊषा ने कहा कि वह कपड़े की रेहड़ी जिला अस्पताल के नजदीक लगाती है। जब प्रशासन की टीम आई तो उसने 2 बार रेहड़ी हटाई थी। लेकिन उन्हें धमकी दी कि रेहड़ी हटा लो अन्यथा उठाकर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार द्वारा रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए या फिर सरकार कोई ऐसा काम बताए, जिसे करके हम अपने बच्चों का पालन-पोषण कर पाएं। मांग नहीं मानी तो नगर परिषद का करेंगे घेराव भिवानी व्यापाल मंडल के अध्यक्ष जेपी कौशिक ने कहा कि रेहड़ी वाले व फल-फ्रूट के व्यापारियों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। बीच में सीएम के दौरे के दौरान शांति हो रखी थी। लेकिन अब फिर से इन्हें नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी परेशान कर रहे हैं। नगर परिषद के कर्मचारी इनकी रेहड़ी तोड़ देते हैं और गाली-गलौज करते हैं। विरोध स्वरूप किसी ने भी रेहड़ी नहीं लगाई। उनकी मांग है कि रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए या फिर उनका कोई रेहड़ी लगाने के लिए स्थान निश्चित किया जाए। इसके अलावा नगर परिषद इन रेहड़ी वालों का टोकन काटकर दे, जिससे नगर परिषद की कमाई होगी और इनका रोजगार भी चलता रहेगा। अगर उनकी मांग नहीं मानी तो वे नगर परिषद का घेराव करेंगे और धरना देंगे। विधायक घनश्याम सर्राफ व सांसद धर्मबीर सिंह का भी घेराव किया जाएगा। अगर रेहड़ी वालों के साथ अत्याचार किया गया तो उसका उल्टा जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। जल्द समाधान करें- विजय पंचगावा इनेलो नेता एवं नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन विजय पंचगावा भी रेहड़ी वालों से मिलने पहुंचे और समर्थन देकर कहा कि वे इनकी मांग डीसी व अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। विजय पंचगावा ने कहा कि जब वे चेयरमैन थे तो उस समय भी रेहड़ी वालों के समक्ष ऐसी ही समस्या आई थी। उस दौरान डीसी के साथ बैठकर एक नियम बनाया और सभी रेहड़ी वालों के 100-100 रुपए की रसीद काटकर एक साल का परमिट दिया था और उनकी जगह निश्चित की थी। जिससे व्यवस्था बनी। उसी तरह व्यवस्था अभी भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद व डीसी इनकी समस्या का समाधान करें। जहां रेहड़ी संचालक अपनी रेहड़ी लगाकर कमाई कर पाएं। रेहड़ी वालों को हटाने की बजाया तोड़ाफोड़ की जा रही है। जो बिल्कुल गलत है। अगर जरूरत है तो रेहड़ी वालों को चेतावनी देकर हटा दें। यह सरकार अंग्रेजों की तरह शासन ना करें, अंग्रेजों में भी सुनवाई होती थी। लेकिन अब सुनवाई नहीं हो रही।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच वर्ष 2018 से ‘ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन’ (एईओआई) व्यवस्था लागू है। इसके तहत दोनों देशों के बीच हर साल बैंक खातों से जुड़ी जरूरी वित्तीय जानकारी साझा की जाती है।
साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया। ठगों ने पिछले साल पीड़ित के वाट्सऐप नंबर एक एसएमएस भेजा। इसके बाद ग्रुप पर जोड़कर धीरे-धीरे करके रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी निवासी जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। पिछले साल 23 जून को उनके वाट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले का दावा था कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर वह मोटा मुनाफा दिला सकता है। उन्होंने निवेश करने पर रुचि जताई तो आरोपियों ने उन्हें एक ग्रुप पर जोड़ दिया। 200 से ज्यादा लोग पहले से जुड़े थेग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। जालसाजों की टीम ग्रुप में निवेश करने के टिप्स दे रही थी। ग्रुप में जुड़े लोग रकम निवेश करने और मुनाफा मिलने की जानकारी के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। जालसाजों ने उन्हें निवेश करने पर कम से कम समय में तीन गुना तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और निवेश कराना शुरू कर दिया। शुरुआत में किए निवेश पर उन्हें लाभ हुआ। धीरे-धीरे कर ट्रांसफर किए 17 लाखइसके बाद वह धीरे-धीरे करके रकम जालसाजों द्वारा बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते चले गए। 20 अगस्त तक उन्होंने करीब 17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। वेबसाइट पर निवेश की गई रकम से कई गुना अधिक दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनको ग्रुप से बाहर कर दिया।
अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, ईंटों के व्यापारी ने मांगी मोहल्लत
भास्कर न्यूज | वल्लभनगर उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत बड़गांव के राजस्व गांव नारायणपुरा में सरकारी बिलानाम भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद भींडर तहसील प्रशासन ने नेशनल हाईवे-48 स्थित नारायणपुरा बस स्टैंड पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। जानकारी के अनुसार बिलानाम आराजी संख्या 1660 की सरकारी भूमि पर एक ईंट व्यापारी द्वारा अवैध रूप से ईंटों का स्टॉक कर कब्जा कर रखा गया था। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासन को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भींडर तहसीलदार मोहित आशिया के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जैसे ही प्रशासन की जेसीबी और अमला स्थल पर पहुंचा तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान ईंट व्यापारी ने प्रशासन से स्वयं ईंटों को हटाने के लिए समय देने का आग्रह किया। इस पर प्रशासन ने उसे सीमित मोहलत देते हुए तत्काल भूमि खाली करने के निर्देश दिए। तहसीलदार आशिया ने बताया कि नारायणपुरा बस स्टैंड पर सरकारी बिलानाम भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई करते हुए प्रशासन मौके पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि व्यापारी फिलहाल स्वयं अपना सामान हटा रहा है, लेकिन यदि निर्धारित समय में भूमि खाली नहीं की गई तो प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
पीपलखेड़ा हाट में तौल कांटे जांचे, 5 व्यापारियों पर केस
विदिशा| पीपलखेड़ा हाट में नापतौल विभाग ने गुरुवार को विशेष जांच अभियान चलाया। निरीक्षक नापतौल राजीव पांडेय ने हाट में चल रही अस्थायी दुकानों पर इस्तेमाल हो रहे तौल कांटों और माप उपकरणों की जांच की। जांच में तय मानकों और वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं मिला। इसके बाद 5 व्यापारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई का मकसद उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। बाजार में सही नाप-तौल व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जिन व्यापारियों पर प्रकरण दर्ज हुए, उनमें किशन पिता रामकिशोर प्रजापति, सत्यम पिता मनोज कुशवाह, सीताराम पिता जुगन लाल, विक्की पिता धर्मेंद्र साहू शामिल हैं। कुल 5 व्यापारी हैं। सभी पीपलखेड़ा हाट में अस्थायी रूप से दुकान चला रहे थे। राजीव पांडेय ने कहा कि नापतौल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि प्रमाणित और सत्यापित तौल उपकरण ही इस्तेमाल करें। समय-समय पर सत्यापन कराएं। उपभोक्ताओं को नुकसान न हो।
इंदिरा बाजार स्थित मोहद्वानेश्वर (महादेव) मंदिर परिसर से भगवान शंकर की एक प्रतिमा चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में इंदिरा बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री पदम ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार इंदिरा बाजार में स्थित मोहद्वानेश्वर महादेव मंदिर में क्षेत्र के व्यापारी नियमित रूप से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करते हैं। 18 जून को सुबह करीब 11:30 बजे एक व्यापारी पूजा के लिए मंदिर पहुंचा तो उसने देखा कि शिव परिवार की मूर्तियों में से भगवान शंकर की एक प्रतिमा अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद अन्य व्यापारियों को इसकी जानकारी दी गई। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सुबह करीब 9:15 बजे एक अज्ञात व्यक्ति मंदिर में प्रवेश कर प्रतिमा लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। व्यापार मंडल का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने ही मंदिर से प्रतिमा चोरी की है। व्यापार मंडल ने पुलिस से अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, चोरी हुई प्रतिमा बरामद करने और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बदमाशों ने एक सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर करीब 7 लाख रुपए के जेवरात लूट लिए। वारदात लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी रमन सोनी (28) रतापुर चौराहे के पास ज्वेलरी की दुकान संचालित करते हैं। गुरुवार रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर जेवरात से भरा बैग लेकर घर लौट रहे थे। विरोध करने पर पैर में मारी गोली बताया जा रहा है कि छजलापुर के पास हाईवे पर पहले से घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। जब रमन ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश उनके पास मौजूद जेवरात से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी के मुताबिक बैग में करीब 7 लाख रुपये मूल्य के जेवरात रखे हुए थे। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल व्यापारी को संभाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रमन को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने गठित की टीमें घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि सर्राफा व्यवसायी के साथ लूट और गोली मारने की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले की जांच जारी है।
कोटा में अनैतिक गतिविधियों में उपयोग दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस और नगरपालिका की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से दोनों अवैध निर्माणों पर पीला पंजा चलाया गया। इन मकानों की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत इटावा कस्बे में गुरुवार को यह बड़ी कार्रवाई की। एसपी सुजीत शंकर ने बताया- कुछ दिन पहले जिला विशेष शाखा और इटावा पुलिस ने खातौली रोड स्थित दो मकानों पर दबिश देकर अनैतिक कार्यों में लिप्त 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया था। शबनम, हनीसा बानो निवासी खातौली रोड इटावा थाना के 2 मकानों में अनैतिक कार्य पर छापा मारा गया था। जांच में सामने आया कि जिन मकानों में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं। वे अवैध रूप से बनाए गए थे। वहीं अवैध कार्यों से मिले रुपए से इन्हें बनाया था। अनैतिक कार्य के कारण पड़ोसी खाली कर रहे थे मकान अनैतिक कार्यों के चलते आस-पड़ोस के लोग अपने मकान बेचकर जाने लगे थे। यह कार्रवाई होने के बाद इलाके के लोग खुश नजर आए। नगरपालिका इटावा और प्रशासन द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को दोनों मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत कोटा ग्रामीण पुलिस सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और डीवाईएसपी कैलाश मीणा के निर्देशन में जिलेभर में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम हेमंत घनघोर, नगरपालिका ईओ राजूलाल मीना, वृत्ताधिकारी ओमप्रकाश सरावग, थानाधिकारी अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
सहारनपुर में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने व्यापार बंधुओं की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा- व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। एजेंडे में शामिल किसी भी शिकायत को तब तक निस्तारित न माना जाए, जब तक शिकायतकर्ता स्वयं समाधान से संतुष्ट न हो जाए। राज्य कर विभाग के सहयोग से आयोजित बैठक में व्यापारियों ने बाजारों में जाम, अतिक्रमण, सड़क व्यवस्था और शौचालयों जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। नुमाइश कैंप के पास पुलिया पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और यातायात बाधित होने की शिकायत पर डीएम ने नगर निगम और पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। शहर में विकसित होंगे व्यवस्थित वैडिंग जोन जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क किनारे कारोबार करने वालों के लिए व्यवस्थित वैडिंग जोन विकसित किए जाएं, ताकि उन्हें निर्धारित स्थान मिल सके और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई करने को कहा। अंसारी रोड पर बनेगा यूरिनल अंसारी रोड क्षेत्र में व्यापारियों के लिए शौचालय की समस्या उठाए जाने पर डीएम ने नगर निगम को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर यूरिनल निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता पर होना चाहिए। बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि कई दुकानदार दुकान होने के बावजूद सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण कर रहे हैं। डीएम ने ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाए। निर्माण कार्य की अव्यवस्था पर जताई नाराजगी अंसारी रोड पर शिवालिक बैंक और कोतवाली के निकट चल रहे निर्माण कार्य के दौरान फैली सामग्री और गंदगी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्यों को 30 जून तक पूरा कर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घटतौली करने वालों पर चलेगा अभियान डीएम ने विधिक माप विज्ञान विभाग को घटतौली करने वाले व्यापारियों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए विभाग को रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में ढमोला नदी की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं जनपद में लेबर अड्डा विकसित करने के प्रस्ताव पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में उपजिलाधिकारी और नगर निगम अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश भी दिए गए। पिछले एजेंडे के निस्तारण पर व्यापारियों ने जताया संतोष जिलाधिकारी की सख्ती के चलते पिछले महीने के अधिकांश एजेंडा बिंदुओं का समयबद्ध निस्तारण होने पर व्यापारियों ने संतोष व्यक्त किया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भोपाल के बोट क्लब पर गुरुवार को नगर निगम ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर बड़ी कार्रवाई की। यहां से 30 किलो पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त की गई। साथ ही 15 व्यापारियों के विरुद्ध स्पॉट फाइल की कार्रवाई की। कमिश्नर संस्कृति जैन ने बड़ा तालाब किनारे बोट क्लब क्षेत्र में पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते गुरुवार को अमले ने कार्रवाई की। निगम के स्वास्थ्य विभाग के अमले ने बोट क्लब क्षेत्र में वेंडर्स पर छापामार कार्रवाई की और खाद्य पदार्थ आदि परोसने व पैक करने में उपयोग की जा रही पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्माकोल की सामग्री जब्त की। 5 हजार रुपए का जुर्माना निगम ने व्यापारियों के विरुद्ध 5 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। अमले ने वेंडर्स को समझाइश दी कि वे पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक व थर्माकोल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक सामग्री का उपयोग करें।
भिंड शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और बाजार क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने गुरुवार को विशेष अभियान चलाया। एसडीएम अखिलेश शर्मा नगर पालिका अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में पहुंचे और व्यापारियों को दुकानों के बाहर रखा सामान हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि फुटपाथ और सड़क पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान गुरुवार की शाम को चलाया गया। इन जगहों पर चला बुलडोजरअभियान के तहत जिला अस्पताल क्षेत्र, परेड चौराहा, सदर बाजार, संतोषी माता मंदिर मार्ग और बतासा बाजार का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मुनादी कराकर दुकानदारों और ठेला चालकों को सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं करने की समझाइश दी। एसडीएम ने कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए हैं। इन पर सामान रखकर कब्जा करने से लोगों को परेशानी होती है और यातायात भी प्रभावित होता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों को चेताया कि यदि दुकानों के सामने रखा सामान नहीं हटाया गया तो पांच-पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही बाजार क्षेत्रों में दुकानों का सीमांकन कराने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, ताकि निर्धारित सीमा से बाहर व्यापारिक गतिविधियां संचालित न हो सकें। ठेला व्यापारियों ने अधिकारियों को बताईं अपनी समस्याकार्रवाई के दौरान कुछ ठेला व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इस पर एसडीएम ने कहा कि सभी व्यापारियों को नियमों के दायरे में रहकर व्यवसाय करना होगा और किसी को भी सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभियान में नगर पालिका के अतिक्रमण प्रभारी रविंद्र भदौरिया, राजस्व निरीक्षक दिव्या यादव और स्वच्छता निरीक्षक नरेंद्र गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ और अधिक सख्त अभियान चलाया जाएगा।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
हरियाणा में जाने माने बिजनेसमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा दिल्ली में बंगला बिकने की वजह से सुर्खियों में हैं। दिल्ली के लुटियंस जोन में भगवानदास रोड पर उनका आलीशान बंगला 1,260 करोड़ रुपए में बिका है। हालांकि, इसका सौदा दिसंबर 2025 में कंपलीट हो गया था, लेकिन इसकी जानकारी अब सार्वजनिक हुई। यह जानकारी अभी भी सार्वजनिक नहीं की गई है कि यह बंगला किसने खरीदा। इसे दिल्ली लुटियंस जोन के सबसे महंगे रियल एस्टेट सौदों में से एक माना जा रहा है। खास बात यह है कि सुभाष चंद्रा ने 2.8 एकड़ में फैली यह प्रीमियम प्रॉपर्टी साल 2015 में करीब 304 करोड़ में खरीदी थी। 11 साल में इसकी कीमत चार गुना से अधिक बढ़ गई। बताया जा रहा है कि कर्ज से उबरने के लिए इस संपत्ति को बेचा गया है। अभी तक चंद्रा की तरफ से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। बता दें कि एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा मूलरूप से हिसार के रहने वाले हैं, जहां आज भी उनका पैतृक आवास है। इनके कारोबार की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। अग्रोहा ट्रस्ट में भी उनका योगदान रहा है। कभी कर्ज संकट में फंसा था एस्सेल समूह मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में एस्सेल समूह देश के सबसे चर्चित कॉरपोरेट कर्ज संकटों में से एक का सामना कर रहा था। समूह की कई कंपनियों के शेयर गिरवी रखे गए थे। बाजार में भारी उथल-पुथल के बाद बैंकों और वित्तीय संस्थानों का हजारों करोड़ रुपए फंस गया था। उस समय कर्जदाताओं ने दबाव बनाया और समूह को अपनी कई परिसंपत्तियां बेचनी पड़ी। सुभाष चंद्रा ने बाद में सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए अपनी व्यक्तिगत और कारोबारी संपत्तियां बेचने का रास्ता चुना। 2021 में उन्होंने दावा किया था कि समूह के 90 प्रतिशत से अधिक कर्ज का निपटारा कर दिया गया है। क्या है लुटियंस जोन, जहां था सुभाष चंद्रा का बंगला… देश का पावर कॉरिडोर है लुटियंस बंगलो जोन : यह प्रॉपर्टी नई दिल्ली के लुटियंस बंगलो जोन (LBZ) में स्थित है। इसे देश का पावर कॉरिडोर माना जाता है। 28 वर्ग किलोमीटर में फैले इस इलाके में करीब 3,000 बंगले हैं। इनमें मुख्य रूप से मंत्री, जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी रहते हैं। इस इलाके में लगभग 600 प्रॉपर्टीज देश के कुछ सबसे अमीर लोगों की हैं। इसका मैप एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया था। सबसे खास और सख्त नियमों वाला रिहायशी इलाका : यह राजधानी का सबसे प्रतिष्ठित और सख्त नियमों वाला रिहायशी इलाका है। यहां बड़े भूखंड वाली प्रॉपर्टियां बहुत कम बिकती हैं, इसलिए जब भी कोई सौदा होता है, तो उस पर पूरे रियल एस्टेट सेक्टर की नजर रहती है। इलाके में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, जज, राजनायिक और कुछ चुनिंदा कारोबारी परिवार रहते हैं। सीमित सप्लाई और सख्त डेवलपमेंट नियमों की वजह से यहां जमीन की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं। हरियाणा से ही चंद्रा की राजनीति में हुई एंट्री
अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल-डीजल, बिजली और खाद की बढ़ती कीमतों के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया और पुलिस के साथ झड़प भी हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर सरकार विरोधी नारे लगाए। यह प्रदर्शन धमतरी जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित किया गया था। कलेक्ट्रेट मोड स्थित जनपद कार्यालय के पास बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य और पार्षद शामिल थे। कलेक्ट्रेट से लगभग 100 मीटर दूर एक पंडाल लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सभा के बाद कांग्रेसियों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। बैनर-पोस्टर लिए कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। हालांकि, कांग्रेसी बैरिकेड तोड़ते हुए मुख्य गेट तक पहुंच गए और कई स्तर के बैरिकेड्स को लांघकर उन पर चढ़ गए, जहां उन्होंने महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। खरीफ सीजन में खाद की कमी से किसान परेशान जिलाध्यक्ष ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। खरीफ सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को सोसायटियों में यूरिया और डीएपी जैसे महत्वपूर्ण खाद नहीं मिल रहे हैं। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और उत्पादन कम होने की आशंका है, जिससे किसान परेशान हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में अघोषित बिजली कटौती के बावजूद सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। बिजली दरों में पांचवीं बार बढ़ोतरी का आरोप दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार ने पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की है। 1 जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को मिलने वाली बिजली महंगी हो जाएगी। एक ओर पूरा देश महंगाई की मार झेल रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार बिजली के दाम बढ़ाकर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
नारनौल में निवेश के नाम पर ₹3.69 लाख हड़पे:टेलीग्राम पर फंसाया, पहले 1450 रुपए लौटाकर जीता विश्वास
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। गांव खोर निवासी एक युवक से टेलीग्राम के माध्यम से निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.69 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव खोर निवासी सुनील पुत्र महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में नीमराना स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत है। 24 अप्रैल 2026 को उसकी टेलीग्राम आईडी पर एक अज्ञात आईडी से संदेश आया। संदेश भेजने वाली महिला ने अपना नाम आशा बताया और छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का लालच दिया। कई बार जमा कराए रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 25 अप्रैल को बताए गए यूपीआई खाते में 1,000 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बदले उसे 1,450 रुपए वापस मिले, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। बाद में उसे एक अन्य टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया, जहां उससे पहले 2,000 और फिर 12,000 रुपए निवेश करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने उसका कथित मुनाफा रोक लिया और अधिक राशि जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आखिरी बार मांगे 22400 सुनील ने बताया कि बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने स्वयं को मैनेजर बताते हुए अधिक लाभ का लालच दिया। आरोपियों के कहने पर उसने अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। 13 मई को उसने अंतिम बार 22,400 रुपए भेजे, लेकिन इसके बाद भी उससे लगातार और पैसे मांगे जाते रहे। भाई के खाते से भेजे रुपए पीड़ित के अनुसार उसने अपने एसबीआई और यूको बैंक खातों के अलावा अपने भाई के बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। इस तरह कुल 3 लाख 69 हजार रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए गए। ठगी का एहसास होने पर उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राजधानी लखनऊ की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। जनपद की अर्थव्यवस्था 1.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और प्रदेश की कुल जीडीपी में इसका योगदान 5.56 प्रतिशत है। प्रदेश की जीडीपी में 5.56% हिस्सेदारी के साथ लखनऊ वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर माना जा रहा है और सेवा क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी ताकत है। लखनऊ क्यों है टॉप-5 में? लखनऊ की 1.68 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर आधारित है। इसकी सेक्टरवार हिस्सेदारी इस प्रकार है।• सेवा क्षेत्र : 62.76%• औद्योगिक क्षेत्र : 30.14%• कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : 7.10% लखनऊ की जीडीपी बढ़ाने वाले प्रमुख सेक्टर1. स्वास्थ्य सेवाएं (केजीएमयू, एसजीपीजीआई, निजी अस्पताल)2. शिक्षा और रिसर्च संस्थान3. आईटी एवं सेवा क्षेत्र4. रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर5. उद्योग, एमएसएमई और निवेश सेवा क्षेत्र के दम पर आगे बढ़ रही राजधानी की अर्थव्यवस्था वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है। कुल जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 62.76 प्रतिशत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रियल एस्टेट, होटल और पर्यटन जैसी गतिविधियां राजधानी की आर्थिक ताकत बनी हुई हैं। राजधानी होने के कारण सरकारी और निजी संस्थानों की बड़ी मौजूदगी भी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र 30.14 प्रतिशत योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 7.10 प्रतिशत है। टॉप-5 सेक्टर लखनऊ की अर्थव्यवस्था को दे रहे गति लखनऊ की जीडीपी को गति देने में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। इसके अलावा औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे रही हैं, जबकि परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर राजधानी को उत्तर भारत के महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, आईटी और डिजिटल सेवाओं, फार्मा उद्योग, एमएसएमई इकाइयों और रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गतिविधियां भी आर्थिक विकास के प्रमुख आधार बनकर उभरी हैं। 58,300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से मिलेगी नई रफ्तार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत लखनऊ में 58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 28,900 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे करीब 37,500 रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा 16 औद्योगिक इकाइयां वाणिज्यिक संचालन शुरू कर चुकी हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को और बल मिलेगा। कृषि, एफपीओ और आधुनिक तकनीक पर फोकस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 54 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 2.70 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार मिलेट्स उत्पादन, वैज्ञानिक खेती, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से बढ़ेगी आर्थिक ताकत कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, आउटर रिंग रोड, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और सड़क परियोजनाओं से राजधानी की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। जल जीवन मिशन, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। आईटी , हेल्थ और एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी सरकार की योजना लखनऊ को मेडिकल, एजुकेशन और आईटी सेक्टर के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने, नई औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी और सेफ सिटी परियोजनाओं के माध्यम से कानून व्यवस्था और शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में राजधानी से बड़ी उम्मीदें वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का मानना है कि प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में राजधानी की भूमिका निर्णायक होगी। कृषि, उद्योग, निवेश और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास के जरिए लखनऊ को प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में राजधानी का योगदान और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आगे क्या है योजना?58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों, आईटी सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए लखनऊ को प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की तैयारी की जा रही है।
मथुरा में यमुना में मिला व्यापारी का शव:16 जून को घरवालों को बिना बताए निकले थे, फोन घर पर ही छोड़ गए
मथुरा के कस्बा राया के एक युवा कारोबारी का शव यमुना नदी में मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, राया कस्बे के सिंडिकेट बैंक गली निवासी मनोज उर्फ मोनू अग्रवाल (पुत्र श्याम सुंदर अग्रवाल) मोबाइल फोन का कारोबार करते थे। उनकी कस्बे में मोबाइल की दुकान है। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार शाम वह अचानक घर से निकल गए थे। हैरानी की बात यह रही कि वह अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गए थे। रातभर तलाश करते रहे परिजन काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजन पूरी रात उनकी खोजबीन में जुटे रहे। बुधवार शाम मिली शव मिलने की सूचना बुधवार शाम परिजनों को सूचना मिली कि जमुनापार थाना क्षेत्र में यमुना नदी में एक युवक का शव मिला है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। वहां शव की पहचान मनोज उर्फ मोनू अग्रवाल के रूप में हुई। पहचान होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। युवा कारोबारी की असमय मौत की खबर से राया कस्बे में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में व्यापारी, रिश्तेदार और परिचित पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारत और यूके व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, भारतीय निर्यात और पेशेवरों को बड़ा फायदा
भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने घोषणा करते हुए जानकारी दी कि कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होगा
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से आईएमए हॉल में आयोजित बैठक में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान व्यापारियों और अधिकारियों को बताया गया कि वेदव्यासपुरी में बनने वाला यह ज्वेलरी पार्क मेरठ के सर्राफा कारोबार को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क मेरठ को सर्राफा कारोबार की पहचान और विरासत का प्रतीक बनाने की तैयारी है। मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि पार्क का डिजाइन आभूषण उद्योग की कला, संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फेडरेशन के अनुसार, ज्वेलरी पार्क का पूरा लेआउट ऊपर से देखने पर एक भव्य अंगूठी (रिंग) के आकार में नजर आएगा। यह डिजाइन व्यापार की मजबूती, एकता और शाश्वत संबंधों का प्रतीक होगा। वहीं पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार झुमकी के स्वरूप में बनाया जाएगा, जो मेरठ की ज्वेलरी कारीगरी और पहचान को दर्शाएगा। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और यह प्रोजेक्ट मेरठ को देश-दुनिया के ज्वेलरी मानचित्र पर नई पहचान देगा। वहीं मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता ने इसे भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि जल्द डीपीआर तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि पार्क में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े कारीगरों, व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और शोरूम संचालकों के लिए एक ही जगह में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है। प्रोजेक्ट को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ऊर्जा बचाने वाले ग्लास और जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। व्यापारियों के सवालों के जवाब में प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए यूनिट की कीमत करीब ₹5 हजार प्रति वर्गफीट से शुरू होगी, जबकि प्रीमियम स्पेस की कीमत ₹20 हजार प्रति वर्गफीट तक रहेगी। मॉड्यूलर डिजाइन के कारण जरूरत के अनुसार यूनिट का आकार बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। कारीगरों के आवास के बारे में एमडीए सचिव ने बताया कि परियोजना के आसपास एमआईजी हाउसिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका विस्तार से जवाब दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में सर्राफा कारोबार से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। फेडरेशन के पदाधिकारियों का मानना है कि ज्वेलरी पार्क भविष्य में मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
देश और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बेलगाम महंगाई, नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और बेगूसराय में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ आज कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से वीर कुंवर सिंह चौक पन्हांस तक यह मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में छात्रों, युवाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ता और आम लोगों ने भारी संख्या में भाग लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताया। जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने कहा कि आज देश के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित और निराश हैं। करोड़ों शिक्षित युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार केवल झूठे वादों और आंकड़ों का खेल खेल रही है। मोदी सरकार के शासनकाल में अब तक कुल 90 से अधिक बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। यह परीक्षा प्रणाली की विफलता ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। जिसने मेहनतकश छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने हाल ही में मद्यनिषेध विभाग की परीक्षा में अभ्यर्थियों को गृह जिला नहीं देने की नीति को असंवेदनशील बताया। भीड़ से एक परीक्षार्थी की दम घुटने से मौत उन्होंने कहा कि इस कुप्रबंधन के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ से एक परीक्षार्थी की दम घुटने से मौत हो गई। पाटलिपुत्रा स्टेशन पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। अपनी विफलता छुपाने के लिए रेलवे की ओर से 500 से अधिक निर्दोष परीक्षार्थियों पर FIR दर्ज करा दी गई। एक तरफ बेरोजगारी है, तो दूसरी तरफ रसोई गैस, खाद्य सामग्री, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। मृत परीक्षार्थी के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। निर्दोष छात्रों पर दर्ज की गई झूठी FIR को अविलंब वापस लिया जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाई जाए। बेगूसराय सहित पूरे राज्य में हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण और गोलीबारी की घटनाएं आम हो चुकी है। अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है और लोग असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर हैं। महंगाई पर नियंत्रण और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। सरकार ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। आने वाले दिनों में और व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। जुलूस में रामानंद सिंह, हारून राशिद खान, नगर पार्षद शगुफ्ता ताजवर, नगर अध्यक्ष ब्रजेश कुमार प्रिंस, मुखिया अवनीश कुमार और निशांत सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
सीतामढ़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बेरोजगारी, महंगाई, बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जनसमस्याओं को उठाया। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक सुनील कुशवाहा ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। ''आम लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर'' कुशवाहा ने कहा कि राज्य में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब हत्या, लूट, अपहरण या अन्य आपराधिक घटनाएं सामने न आती हों। उन्होंने दावा किया कि आम लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। रुन्नीसैदपुर से राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंदन यादव ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोग सुबह घर से निकलते समय अपनी सुरक्षित वापसी को लेकर आश्वस्त नहीं होते। यादव ने महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। चंदन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिससे आम जनता परेशान है।
रीवा में हथियारों के प्रदर्शन के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। समान थाना क्षेत्र के संजय नगर से एक युवक का देशी कट्टा लहराते हुए वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि वीडियो बुधवार का है, जिसमें युवक वीडियो कॉलिंग के दौरान हथियार का प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार युवक ने वीडियो कॉलिंग के दौरान कट्टा दिखाते हुए उसकी रिकॉर्डिंग कराई थी। बाद में इस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वीडियो दोस्तों के बीच रौब जमाने और भौकाल बनाने के उद्देश्य से बनाया गया था। सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन का बढ़ता चलन रीवा में पिछले कुछ समय से हथियारों के साथ फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद इस प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि युवकों तक हथियार पहुंच कैसे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक है। कुछ युवक खुद को दबंग साबित करने और साथियों पर प्रभाव जमाने के लिए इस तरह के वीडियो बना रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा हथियार अवैध है। वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद समान थाना में अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि कट्टा लहराने का यह वीडियो रिकॉर्ड कर व्हाट्सएप पर शेयर किया गया था। पुलिस अब वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। गौरतलब है कि रीवा में पिछले एक वर्ष के दौरान 15 से अधिक फायरिंग और गोलीकांड की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में इसी तरह के अवैध हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस जुटी जांच में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान की जा रही है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर रीवा में हथियारों के खुले प्रदर्शन और उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर के स्क्रैप व्यापारी मुकुल अग्रवाल से हुई करीब 30 लाख रुपए की लूट का बुधवार को खुलासा हो गया। पुलिस ने मामले में रिटायर्ड सैनिक चंद्रशेखर मुकाती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी में भारी नुकसान होने के बाद मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी साजिश रची थी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुकाती एक अन्य स्क्रैप व्यापारी के यहां काम करता था और उसे व्यापार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी थी। आर्थिक तंगी और क्रिप्टोकरेंसी में हुए नुकसान के चलते उसने अपने साथी प्रवीण भंडारी और अमर उर्फ भांजा के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। जांच में पता चला कि प्रवीण भंडारी ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया और अमर के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूट के बाद आरोपी एक सेकेंड हैंड कार खरीदकर शहर से बाहर फरार हो गए थे। मददगार भी बने आरोपी पुलिस ने लूटकांड में सहयोग करने वाले फिरोज और कपिल भंडारी को भी आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार फिरोज ने वारदात के लिए प्रवीण को एक्टिवा उपलब्ध कराई थी, जबकि कपिल ने आरोपियों को ठहरने और छिपने में मदद की थी। गोवा में हुई थी पहचान मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुकाती पूर्व में गोवा में एक सिक्योरिटी एजेंसी संचालित करता था। वहीं उसकी पहचान प्रवीण भंडारी से हुई थी। बाद में दोनों इंदौर आ गए और संपर्क में बने रहे। इसी पहचान के आधार पर लूट की साजिश तैयार की गई। 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों से लूट की रकम, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, एक्टिवा और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस पूरे मामले में आगे की पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों की किसी अन्य आपराधिक वारदात में संलिप्तता तो नहीं रही है।
बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के विरोध में सुकमा कांग्रेस ने बुधवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग की। बुधवार शाम करीब 5 बजे जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ रही बिजली दरों से आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और महंगाई पर नियंत्रण की मांग उठाई। बढ़ती महंगाई पर सरकार को घेरा कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण लगातार महंगाई बढ़ रही है। डीजल की किल्लत, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और अब बिजली दरों में वृद्धि से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले अच्छे दिनों का वादा किया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में जनता को महंगाई और बढ़े हुए खर्चों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली दरों में की गई वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। पार्टी ने सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने और जनता को राहत देने की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
बांका में RJD का सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट:बढ़ती महंगाई और क्राइम को लेकर वर्कर्स का नारेबाजी
बांका जिला मुख्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, अपराध और जनसरोकार के अन्य मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता की समस्याओं के समाधान की मांग की। ''आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया'' धरना को संबोधित करते हुए राजद नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य पदार्थों, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब तथा मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल रही है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग नेताओं ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लूट, हत्या, चोरी जैसे अपराधों में वृद्धि से आम लोगों में भय का माहौल है। राजद ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस धरना-प्रदर्शन में राजद के पूर्व विधायक जावेद इकबाल अंसारी, रामदेव यादव, जिला अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद ठाकुर, जमीरुद्दीन जुम्मन, युवा राजद जिला अध्यक्ष विशाल यादव, हीरा बाबू, सुनील यादव और गौतम गोरे सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था में सुधार और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हुई तो राजद आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक करेगा।
RJD का अपराध, महंगाई और बेरोजगारी पर धरना:नवादा में कानून-व्यवस्था के खिलाफ एक दिन का प्रोटेस्ट
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को नवादा जिला मुख्यालय स्थित नगर थाना के पास एकदिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया। यह धरना बिहार में बढ़ते अपराध, महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के विरोध में था। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित इस धरना में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के साथ शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों का समर्थन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 'जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर' धरना कार्यक्रम का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष उदय यादव ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वक्ताओं ने आगे कहा कि महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और बढ़ती महंगाई ने गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण बताया उन्होंने बताया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और हत्या, लूट तथा अन्य आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वक्ताओं ने हाल के दिनों में एक व्यवसायी की दिनदहाड़े हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए इसे राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस तक सुरक्षित नहीं है, जो सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। राजद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की, तो पार्टी राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि राजद सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का काम करेगा।
आहोर कस्बे में मंगलवार को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद बुधवार को माहौल तनाव पूर्ण बना रहा। घटना के विरोध में आहोर व्यापार संगठन और नगरवासियों ने 17 जून को बाजार बंद रखकर प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा और आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस को रिपोर्ट देकर मारपीट, धमकी और वाहन तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई हैं, जिसके बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है। बाइक टक्कर से शुरू हुआ विवाद पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार रविन्द्र सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह राजपूत निवासी भैंसड़ा (हाल निवासी आहोर) ने बताया कि उसका भाई खुशपाल सिंह 16 जून को दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे कपड़े खरीदने के लिए सुरेश्वर कॉम्प्लेक्स, गौशाला रोड की तरफ गया था। आरोप है कि इसी दौरान यशपाल सिंह तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए आया और खुशपाल सिंह की बाइक को टक्कर मार दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के बाद खुशपाल सिंह ने वाहन चालक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। रिपोर्ट के अनुसार जाते समय कथित रूप से धमकी भी दी गई। ऑफिस में घुसकर मारपीट का आरोप दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद दो वाहनों में सवार होकर कई लोग राजेश्वर ट्रैवल्स कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। रिपोर्ट में यशपाल सिंह, बलवंत सिंह, छैल सिंह, राहुल सिंह, विक्रम सिंह सहित अन्य लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि वे हथियारों के साथ पहुंचे और हमला किया। साथ ही कार्यालय के बाहर खड़ी एक कार में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद लोग जान बचाकर वहां से भागे। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों ने लगाया सुनियोजित हमले का आरोप दूसरी ओर आहोर व्यापार संगठन द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि 16 जून को कुछ युवकों ने एक व्यापारी और उसके पुत्र के साथ मारपीट की और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। ज्ञापन में कहा गया है कि नेशनल हाईवे-325 पर पेट्रोल पंप के सामने थार और बोलेरो कैंपर वाहनों से व्यापारी की गाड़ियों को टक्कर मारी गई, जिससे दहशत का माहौल बन गया। व्यापारियों का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपित खुलेआम घूमते रहे और देर रात जोधपुर रोड स्थित आरजे-16 रेस्टोरेंट के पास अन्य व्यापारियों के साथ भी मारपीट की गई। साथ ही कई बाइक और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के आरोप भी लगाए गए हैं। व्यापार संगठन ने जताई कानून व्यवस्था पर चिंता ज्ञापन में व्यापार संगठन ने कहा कि पिछले कुछ समय से कस्बे में कुछ लोगों द्वारा आमजन और व्यापारियों के साथ मारपीट, अवैध वसूली, वाहनों में तोड़फोड़ और जमीनों पर कब्जे जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। व्यापारियों का आरोप है कि काली फिल्म, बिना नंबर प्लेट और अवैध बंपर लगे वाहन मुख्य मार्गों पर तेज गति से दौड़ाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार को आहोर बंद, बाजार रहे सूने घटना के विरोध में बुधवार को आहोर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों और नगरवासियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपितों की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती, अवैध वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। थानाधिकारी के बाद बाजार खुले आहोर थानाधिकारी करण सिंह ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायतें प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल समझाइश के बाद मामला शांत करवा दिया गया है और बाजार खुल चुके हैं।
कोडरमा के केशरिया कलाकंद को अब जीआई टैग मिल गया है। इस अंतरराष्ट्रीय पहचान से स्थानीय कलाकंद कारोबारियों और लोगों में उत्साह का माहौल है। यह टैग उत्पाद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में मदद करेगा। झारखंड के कुल 11 उत्पादों को जीआई टैग मिला है। इनमें कोडरमा का केशरिया कलाकंद के अलावा गोड्डा का भगैया सिल्क, सरायकेला खरसावां का कुचाई सिल्क, मुंडा ज्वेलरी और खूंटी क्षेत्र का बांस शिल्प प्रमुख हैं। इनके अतिरिक्त डोकरा क्राफ्ट, दुमका के चंदर बदोनी पपेट्स, तसर सिल्क और साड़ी, जादूपटुआ पेंटिंग, पंची साड़ी और झारखंड बेनाम हैंडीक्राफ्ट को भी यह टैग प्रदान किया गया है। नाबार्ड ने भी इस जीआई टैग की पुष्टि की है। टैग झारखंड के उत्पादों को प्रदान किया गयाइस प्रक्रिया के तहत चेन्नई से एक टीम ने झारखंड का दौरा किया और रांची में एक प्रेजेंटेशन लिया गया था। कई महीनों तक चले प्रारंभिक मूल्यांकन के दौरान कोई आपत्ति दर्ज नहीं होने के बाद यह टैग झारखंड के उत्पादों को प्रदान किया गया। जीआई जनरल कॉपी में प्रकाशित रिपोर्ट पर किसी अन्य दावे को स्वीकार नहीं किया गया। इस मान्यता से इन उत्पादों की सदियों पुरानी कला और आदिवासी विरासत को नई पहचान मिलेगी। यह न केवल इनकी पारंपरिक विधियों को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी बनेगा। अंग्रेजों के शासनकाल से ही क्षेत्र की पहचान रहा हैकोडरमा के कलाकंद का इतिहास आजादी से पहले का है। यह अंग्रेजों के शासनकाल से ही क्षेत्र की पहचान रहा है। कोडरमा जिले के सबसे पुराने कलाकंद व्यापारी संदीप खेतान ने बताया कि देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान के रावलपिंडी से आए भाटिया परिवार ने कोडरमा में इसकी शुरुआत की थी। भाटिया परिवार द्वारा ही इस मिठाई को पहली बार बनाया गया था, जिसे भाटिया स्वीट्स नामक दुकान में बेचा जाने लगा। हालांकि उनके द्वारा सफेद कलाकंद बनाया जाता था। समय बदला और कोडरमा के झुमरीतिलैया में आदर्श जलपान नामक एक अन्य होटल खुला, जिसे तीन पार्टनर्स मिलकर संचालित करते थे। 1975 में पहली बार बना केशरिया कलाकंदसंदीप खेतान बताते हैं कि सन 1975 में आदर्श जलपान के एक कारीगर ने कुछ प्रयोग करते हुए पहली बार केशरिया कलाकंद बनाया था। इसके बाद से इसकी मांग बढ़ने लगी और सन 1977 में आदर्श जलपान बंद होकर आनंद बिहार मिठाई दुकान खुली और तब से लेकर आज तक यह होटल संचालित है और यहां के केशरिया कलाकंद की मांग हर दिन बढ़ती ही जा रही है। केसरिया कलाकंद और सादा कलाकंद की झुमरी तिलैया शहर में कई दुकानें है। कलाकंद मिठाई से न सिर्फ भारत के ही लोग वाकिफ हैं, बल्कि विदेशों में झुमरी तिलैया का कलाकंद अपनी पहचान बनाए रखा है। अंग्रेजों के शासनकाल से झुमरी तिलैया शहर का यह कलाकंद और इसकी मिठास ब्रिटिश अधिकारीयो की पहली पसंद थी। संदीप खेतान बताते हैं कि आज भी जिनके रिश्तेदार विदेशों में रहते हैं, वे यहां से कलाकंद जरूर ले जाते हैं। संदीप खेतान की मानें तो यहाँ की आबो हवा कलाकंद के स्वाद को अनोखा बनता है। जी आई टैग मिलने से हर्ष, विश्व पटल पर मिली पहचान कलाकंद कारोबारी संदीप खेतान ने बताया कि कलाकंद को जी आई टैग मिलना बहुत बढ़ी उपलब्धि है। अब कोडरमा की पहचान यहां के केशरिया कलाकंद से होगी। जिस प्रांत या देश के लोग अब तक केशरिया कलाकंद से अनभिज्ञ थे, अब सबों तक इसकी विशेषता और इसके स्वाद की जानकारी पहुंचेगी। जीआइ (भौगोलिक संकेत) टैग एक विशेष चह्नि है, जो किसी उत्पाद को मिलता है। यह टैग किसी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति के लिए होता है और उसके कारण उत्पाद में अद्वितीय गुण या प्रतिष्ठा होती है। यह एक तरह का बौद्धिक संपदा अधिकार है, जो कृषि, प्राकृतिक या निर्मित वस्तुओं के लिए दिया जाता है। जीआइ टैग उत्पादकों को कानूनी सुरक्षा देता है और किसी भी व्यक्ति को उस उत्पाद के नाम का गलत इस्तेमाल करने से रोकता है।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में पॉलिटिकल चंदे को लेकर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि ईडी पार्टी व्यापारियों को चंदा देने के लिए डरा रही है और व्यापारियों से चंदे के नाम पर वसूली हो रही है। वहीं, केजरीवाल के बचान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि व्यापारियों ने मौजूदा सरकार को चंदा न देकर साफ कर दिया कि वो AAP सरकार से खुश नहीं हैं और अब उनकी विदाई तय है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले X पर पोस्ट डाली और लिखा कि ईडी पार्टी को पंजाब में 60 करोड़ का चंदा मिला है जबकि आम आदमी पार्टी को 70 लाख रुपए मिले हैं। इस पर केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ईडी पार्टी पंजाब के व्यापारियों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। अरविंद केजरीवाल ने चंदे को लेकर कही ये अहम बातें... केजरीवाल के बयान पर भाजपा ने कही ये अहम बातें..
लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन। अर्धनग्न होकर बैलगाड़ी पर सवार होकर सपा कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग स्थित जिला कार्यालय से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा , लोहिया वाहिनी , यूथ ब्रिगेड और छात्र संघ के कार्यकर्ता , पदाधिकारी शामिल हुए। हाथों में सपा का झंडा लेकर लाल टोपी पहनकर और बुशर्ट उतार कर भीषण गर्मी में सपा कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आए । प्रदर्शन में शामिल सपा नेता अनीस राजा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पेट्रोल और डीजल इतना ज्यादा महंगा कर दिया है कि हम लोग गाड़ियों में नहीं डलवा सकते। इसलिए आज बैलगाड़ी पर सवार होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सरकार ने हमें गाड़ी छोड़कर बैलगाड़ी पर चलने पर मजबूर कर दिया। हम लोग यह सरकार के साथ आम जनता को भी बताना चाहते हैं कि विकास के नाम पर विनाश की ओर जा रहे हैं।
जग्गाखेड़ी में 8 नए औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू:निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
मंदसौर के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए अवसर खुले हैं। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। पूर्व में सभी भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग पर अनुपयोगी भूमि को विकसित कर ये प्लॉट तैयार किए गए हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में जारी इन आठ प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर और छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं। इन पर लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। निवेशकों ने इन नए भूखंडों में रुचि दिखाई है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। एमपीआईडीसी ने प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें मंदसौर का जग्गाखेड़ी क्षेत्र भी शामिल है। उद्योग जगत में इस पहल को लेकर उत्साह है। उम्मीद है कि इससे नए निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन्हीं सुविधाओं के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। नए भूखंडों की उपलब्धता को उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे मंदसौर की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। जग्गाखेड़ी अब मंदसौर के औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। कृषि प्रधान जिले के रूप में अपनी पहचान रखने वाला मंदसौर अब उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। फेज-1 में विकसित किए गए कुल 136 औद्योगिक प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 78 इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। वहीं फेज-2 का विकास कार्य भी जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में फेज-1 में नए भूखंडों की उपलब्धता ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और इनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की संभावना जताई जा रही है। छोटे जिलों में औद्योगिकीकरण को मिल रही गति प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति का प्रभाव अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर, विदिशा, मंडला, कटनी सहित कई जिलों में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन प्रयासों के चलते छोटे जिलों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ के अनुसार मध्यप्रदेश निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है और जग्गाखेड़ी में नए औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
इंदौर में एक कथित रियल एस्टेट कारोबारी, उसकी पत्नी और पिता पर प्रॉपर्टी निवेश, प्लॉट बिक्री और समिति की सदस्यता दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। मामले में दो पीड़ितों ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच और जोन-2 पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत लेकर पहुंचे मनीष लोहाना और निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे खुद को बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह भारत सरकार लिखी वीआईपी नंबर की गाड़ियों का उपयोग करता था और प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने का दावा कर लोगों का भरोसा जीतता था। मनीष लोहाना के मुताबिक अभिषेक उमरे ने उन्हें स्कीम नंबर-136 स्थित एक आईडीए प्लॉट में निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार अलग-अलग किश्तों में अभिषेक और उसकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 5.80 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में दबाव बनाने पर केवल 1.50 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 4.30 लाख रुपए अब तक वापस नहीं किए गए हैं। प्लॉट को अपना बताकर बेचने का वादा वहीं दूसरे शिकायतकर्ता निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक प्लॉट को अपना बताकर बेचने और एक समिति की सदस्यता दिलाने का वादा किया था। निलेश के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 10 लाख रुपए दिए, लेकिन बाद में पता चला कि संबंधित प्लॉट अभिषेक के नाम पर ही नहीं है। साथ ही समिति से जुड़े कोई वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने अन्य लोगों से भी प्रॉपर्टी निवेश और प्लॉट बिक्री के नाम पर रकम ली है। उन्होंने कमलेश देशमुख और तरुण पटेल सहित अन्य लोगों के साथ भी कथित धोखाधड़ी होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं ने अभिषेक उमरे, उसकी पत्नी और पिता दिनेश उमरे की भूमिका की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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