PM मोदी बोले- 9 महीने में हुआ भारत-न्यूजीलैंड FTA, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। ऑकलैंड में उन्होंने 9 महीने में हुए इस समझौते, UPI सहयोग और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य साझा
अगर आप बिना किसी जोखिम के अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित और मोटी कमाई की तलाश में हैं, तो भारतीय डाक विभाग की पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए सबसे बेहतरीन जरिया बन सकती है. केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है. वर्तमान में मिल रही 7.4 फीसदी की दमदार सालाना ब्याज दर के हिसाब से यदि आप इसमें जॉइंट अकाउंट खोलकर निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने घर बैठे करीब ₹9,250 की नियमित आमदनी होने लगेगी.क्या है पोस्ट ऑफिस MIS और क्यों है यह इतनी लोकप्रिय?पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेहद भरोसेमंद सरकारी बचत योजना है. इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को हर महीने एक निश्चित आय की गारंटी देना है. यही कारण है कि यह स्कीम देश के वरिष्ठ नागरिकों, नौकरी से रिटायर हो चुके कर्मचारियों और कम जोखिम में फिक्स्ड मंथली इनकम चाहने वाले मिडिल क्लास परिवारों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी जमा की गई मूल राशि (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहती है और ब्याज का भुगतान सीधे आपके खाते में हर महीने कर दिया जाता है.₹15 लाख के निवेश पर हर महीने का पूरा गणितइस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक सिंगल या जॉइंट अकाउंट के जरिए निवेश कर सकता है. सरकार प्रत्येक तिमाही में इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है. वर्तमान में लागू 7.4% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से मुनाफे का कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार है:कुल निवेश (जॉइंट अकाउंट): ₹15,00,000ब्याज दर: 7.4% प्रतिवर्षवार्षिक ब्याज की कमाई: ₹1,11,000मासिक आय (Monthly Income): लगभग ₹9,2505 साल में कुल मुनाफा: ₹5,55,000पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल (60 महीने) की होती है. 5 साल पूरे होने पर निवेशक को उसकी ₹15 लाख की पूरी मूल राशि वापस सौंप दी जाती है और इस दौरान वह ₹5.55 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में कमा चुका होता है.निवेश की अधिकतम सीमा और प्री-मैच्योर क्लोजर के नियमनियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम ₹9 लाख तक ही जमा कर सकता है, जबकि जॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 व्यक्ति) के माध्यम से ₹15 लाख तक निवेश करने की खुली छूट है. अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है, तो खाता बंद करने के लिए ये नियम लागू होंगे:खाता खोलने के पहले 1 वर्ष के भीतर आप इसे किसी भी हाल में बंद नहीं कर सकते.1 साल से 3 साल के बीच खाता बंद करने पर आपकी जमा मूल राशि से 2 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.3 साल के बाद और 5 साल से पहले खाता बंद करने पर मूल राशि का 1 प्रतिशत काटकर शेष रकम लौटाई जाएगी.टैक्स बेनिफिट्स और खाता खोलने से जुड़ी जरूरी बातध्यान रखने वाली बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है. इस योजना से मिलने वाला मासिक ब्याज आपकी कुल सालाना आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देय होता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि डाक विभाग इस ब्याज राशि पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटता है. चूंकि यह पूरी तरह डाक विभाग की योजना है, इसलिए इसका खाता केवल आधिकारिक पोस्ट ऑफिस में ही खोला जा सकता है, किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.
नई दिल्ली के आलीशान होटल ताज पैलेस में आयोजित 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026' के दूसरे दिन झारखंड के भविष्य को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस सत्र का मुख्य विषय 'डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' था. देश भर से आए नीति-निर्माताओं, बड़े उद्योगपतियों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने एक सुर में माना कि अब झारखंड को सिर्फ कोयले और खनिज का राज्य समझना भूल होगी. यह राज्य अब पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक टूरिस्ट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, 5 करोड़ से ज्यादा पहुंचे सैलानीइस महामंथन में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले हैं. साल 2024 में झारखंड में रिकॉर्ड 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4.40 करोड़ लोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए आए थे. सैलानियों की इस भारी तादाद को देखते हुए सरकार ने पर्यटन को बाकायदा 'उद्योग' का दर्जा दे दिया है. इस बड़े फैसले से अब प्राइवेट इंवेस्टर्स के लिए वित्तीय मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं. सरकार अब देवघर या सम्मेद शिखर जैसे धार्मिक स्थलों के आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर स्पोर्ट्स और देश के पहले 'माइनिंग टूरिज्म' जैसी अनूठी परियोजनाओं पर काम कर रही है.आ रही है 'पर्यटन नीति-2026', स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां का दिखेगा जलवानिवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही 'पर्यटन नीति-2026' लॉन्च करने जा रही है. कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 'डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था' लागू की जा रही है. केंद्र सरकार की 'प्रसाद' (PRASHAD) और 'स्वदेश दर्शन' योजनाओं के तालमेल से राज्य में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को चमकाया जा रहा है. सरकार ने निवेशकों को राज्य में लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, एडवेंचर स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने के लिए बंपर सब्सिडी और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऑफर दिया है.रोजगार का नया फॉर्मूला: 100 होमस्टे से 500 लोगों को मिलेगी आजीविकाइस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य की नई सोच को सामने रखा. उन्होंने रोजगार का एक बहुत ही व्यावहारिक गणित समझाते हुए कहा कि एक बड़ा फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को सीधा रोजगार देता है, लेकिन अगर हम गांव-गांव में 100 होमस्टे (Homestay) विकसित कर दें, तो लगभग 500 परिवारों को उनके घर पर ही आजीविका मिल जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार 'होमस्टे नीति-2026' ला रही है, जो झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा होमस्टे डेस्टिनेशन बनाएगी.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी इस राष्ट्रीय परामर्श में मौजूद रहीं. सभी ने संकल्प लिया कि झारखंड को बेहद कम समय में पूर्वी भारत का सबसे पसंदीदा, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) पर्यटन स्थल बनाया जाएगा.
पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स:पठानकोट में फर्नीचर व्यापारी पर हमला, सिर पर अटैक किया; VIDEO सामने आया
पठानकोट में फर्नीचर व्यापारी पर बकाया पैसों का भुगतान मांगने पर कुछ लोगों ने हथियारों से हमला कर दिया। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत व्यापारी को झांसा देकर नीचे बुलाया। इस झड़प में व्यापारी के सिर पर गहरी चोटें आई हैं। पूरी वारदात दुकान पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग हमला करते दिख रहे हैं। अस्पताल में उपचाराधीन फर्नीचर व्यापारी अनुज छाबड़ा ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले शहर के एक व्यक्ति ने उनसे फर्नीचर खरीदा था। फर्नीचर में बाद में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे उन्होंने एक जिम्मेदार व्यापारी होने के नाते दो बार ठीक भी करवाया।
राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी Paytm Money और Nuvama AMC जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम पर फर्जी वॉट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाकर नकली निवेश प्लेटफॉर्म और फर्जी ऐप के माध्यम से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की जा रही है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और गारंटीड रिटर्न जैसे लुभावने विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में Paytm Money और Nuvama AMC जैसी विश्वसनीय कंपनियों के नाम, लोगो और अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता जाता है। ऐसे होती है निवेश ठगी साइबर पुलिस के अनुसार, विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्यक्ति को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां Apply to Join या Join WhatsApp Group का विकल्प दिखाई देता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है, जहां खुद को कंपनी का अधिकारी या निवेश विशेषज्ञ बताने वाले ठग अधिक मुनाफे और गारंटीड रिटर्न का लालच देते हैं। इसके बाद पीड़ित से फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया जाता है या नकली ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है। ये प्लेटफॉर्म असली निवेश ऐप की तरह दिखाई देते हैं। फिर अलग-अलग बैंक खातों में जल्द से जल्द निवेश राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है और रकम जमा होते ही साइबर ठग संपर्क तोड़ देते हैं। SEBI पंजीकृत कंपनियां नहीं देतीं वॉट्सऐप पर निवेश सलाह राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी SEBI पंजीकृत वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी भी प्रस्ताव को संदेह की नजर से देखें और पहले उसकी सत्यता की जांच करें। संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत यदि आपके साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है या ऐसा कोई प्रयास किया जाता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दें।
पठानकोट में फर्नीचर व्यापारी पर बकाया पैसों का भुगतान मांगने पर कुछ लोगों ने हथियारों से हमला कर दिया। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत व्यापारी को झांसा देकर नीचे बुलाया। इस झड़प में व्यापारी के सिर पर गहरी चोटें आई हैं। पूरी वारदात दुकान पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग हमला करते दिख रहे हैं। अस्पताल में उपचाराधीन फर्नीचर व्यापारी अनुज छाबड़ा ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले शहर के एक व्यक्ति ने उनसे फर्नीचर खरीदा था। फर्नीचर में बाद में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे उन्होंने एक जिम्मेदार व्यापारी होने के नाते दो बार ठीक भी करवाया। सरेआम अभद्र व्यवहार किया था अनुज के अनुसार, जब फर्नीचर पूरी तरह ठीक होने के बाद उन्होंने बकाया भुगतान मांगा, तो संबंधित व्यक्ति टालमटोल करने लगा और गाली-गलौज पर उतर आया। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले भी एक रेस्टोरेंट में इन्हीं लोगों ने उनके साथ सरेआम अभद्र व्यवहार किया था। हालांकि, शहर और व्यापार का माहौल खराब न हो, इसलिए उन्होंने उस समय मामले को नजरअंदाज कर दिया। पैसे देने के बहाने नीचे बुलाया; घात लगाकर बैठे थे हमलावर व्यापारी अनुज छाबड़ा ने बताया कि घटना शुक्रवार रात के समय हुई। मुख्य आरोपी ने उन्हें फोन कर कहा कि वह बकाया पैसों का भुगतान करने आया है और उन्हें नीचे बुलाया। जैसे ही वह भुगतान लेने के लिए नीचे पहुंचे, वहां पहले से हथियारों से लैस आरोपी मौजूद थे। आरोपियों ने उन्हें संभलने का मौका दिए बिना हमला कर दिया। पीछे से पकड़ा और सिर पर मार दिया तेजधार हथियार मुख्य आरोपी ने उसे पीछे से दोनों हाथों से मजबूती से जकड़ लिया। इतने में उसके दूसरे साथियों ने उसके सिर को निशाना बनाकर हथियार से वार किया। वार इतना सटीक था कि उसका सिर तुरंत फट गया और खून बहने लगा। वह बेदम होकर नीचे गिरा, तो उन्होंने जमीन पर पटक-पटक कर बेरहमी से पीटा, जिससे घुटनों और पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। सिविल अस्पताल में इलाज जारी; व्यापार मंडल से सुरक्षा की गुहार अनुज छाबड़ा को तुरंत सिविल अस्पताल पठानकोट में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। सिर पर गहरी चोट लगने के कारण उन्हें टांके लगाए गए हैं। घटना के बाद पठानकोट के व्यापारियों में भारी रोष है। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत सौंप दी है। उन्होंने पठानकोट पुलिस, जिला प्रशासन और व्यापार मंडल से सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामले की जांच थाना डिवीजन नंबर-1 की पुलिस कर रही है।
गंभीर आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान में बुनियादी खाद्य पदार्थों की किल्लत और आसमान छूती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। सिंध प्रांत की राजधानी और पाकिस्तान की आर्थिक धड़कन कहे जाने वाले कराची शहर में इन दिनों आटे की कीमतों को नियंत्रित करने को लेकर प्रांतीय सरकार और आटा मिल उद्योग के बीच एक बड़ा और हिंसक प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सख्त चेतावनियों और नए आधिकारिक नोटिफिकेशन के बावजूद, बाजार के बड़े व्यापारियों और मिल मालिकों ने सरकारी आदेशों को पूरी तरह से ठेंगा दिखा दिया है। इस टकराव के कारण आने वाले दिनों में पूरे कराची महानगर में आटे की सप्लाई चेन पूरी तरह से ठप होने और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा होने की गंभीर आशंका बढ़ गई है।कागजों पर सिमटीं सरकारी दरें: नोटिफिकेशन के बाद भी ऊंचे दामों पर बिक रहा है अनाज'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' द्वारा जारी एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, कराची के स्थानीय प्रशासन ने बेलगाम हो रही महंगाई पर लगाम लगाने के लिए आनन-फानन में एक नया प्राइस-कंट्रोल नोटिफिकेशन जारी किया था। इस नए सरकारी आदेश के तहत सामान्य श्रेणी के आटे की खुदरा कीमत 125 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति किलोग्राम, महीन (फाइन) आटे की कीमत 135 PKR प्रति किलोग्राम और शुद्ध चक्की के आटे की दर 145 PKR प्रति किलोग्राम तय की गई थी। इसके साथ ही थोक बाजार के लिए भी कीमतें क्रमशः 122 और 132 रुपये निर्धारित की गई थीं। परंतु, धरातल पर सरकार का यह आदेश पूरी तरह से बेअसर साबित हुआ है। शहर के खुदरा बाजारों में आज भी सामान्य आटा 145 से 150 रुपये और बारीक तथा महीन आटा 160 से 170 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर खुलेआम बेचा जा रहा है।मिल मालिकों की खुली बगावत: गेहूं की बढ़ती इनपुट लागत का हवाला देकर फैसले को मानने से इनकारसरकारी नियंत्रण के खिलाफ पाकिस्तान के आटा मिल संघ (Flour Mills Association) और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने खुलकर बगावत का बिगुल फूंक दिया है। उद्योगपतियों का साफ तर्क है कि सरकार द्वारा एकतरफा तरीके से तय की गई ये कागजी दरें व्यावहारिक नहीं हैं और वे इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि ओपन मार्केट में गेहूं की इनपुट लागत (Wheat Procurement Cost) और बिजली-ईंधन के दामों में जो बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, सरकार ने इस नए नोटिफिकेशन में उसकी पूरी तरह अनदेखी की है। घाटे में धंधा करने से साफ मना करते हुए मिल मालिकों ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर जबरन सरकारी रेट थोपने की कोशिश की गई या प्रशासनिक कार्रवाई की गई, तो वे अपनी मिलों में ताला लगा देंगे, जिससे पूरे देश में गेहूं का अकाल पड़ सकता है।सप्लाई चेन टूटने की कगार पर: आम जनता के बीच जमाखोरी और भुखमरी का बढ़ा खौफइस बड़े प्रशासनिक और व्यापारिक गतिरोध का सीधा खामियाजा कराची की गरीब और मध्यमवर्गीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। बाजार में भारी अनिश्चितता के चलते खुदरा दुकानदारों ने आटे की जमाखोरी शुरू कर दी है, जिससे कई इलाकों में राशन की किल्लत पैदा हो गई है। भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और मिल मालिकों के बीच जल्द ही कोई व्यावहारिक समझौता नहीं हुआ, तो आने वाले 48 घंटों में कराची की आटा मंडियां पूरी तरह से बंद हो सकती हैं। यह संकट ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कठिन शर्तों और भारी विदेशी कर्ज के नीचे दबा हुआ है, जिससे शहबाज शरीफ सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
व्यापारी समाज शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़
पानीपत | मॉडल टाउन मार्केट एसोसिएशन के नवनियुक्त प्रधान ने पार्षद के कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात में एसोसिएशन के पदाधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पार्षद ने कवलजीत सिंह को नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई देते हुए बाजार हित में मिलकर काम करने का भरोसा दिलाया। बातचीत में मॉडल टाउन मार्केट के सौंदर्यकरण, व्यापारियों की सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई और बेहतर प्रकाश व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ने कहा कि व्यापारी समाज शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और बाजार के विकास व समस्याओं के समाधान के लिए वे लगातार सहयोग करेंगे। ने आभार जताते हुए कहा कि एसोसिएशन सभी व्यापारियों को साथ लेकर बाजार को अधिक व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने का प्रयास करेगी।
अनाज व्यापारी ने मंडी कर्मचारियों पर लगाए आरोप, उच्च न्यायालय की शरण में भी पहुंचा
भास्कर संवाददाता | रहली मंडी में रजिस्टर्ड एक व्यापारी ने रहली व देवरी मंडी के कुछ कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय की शरण ली है। व्यापारी के बताए अनुसार फरवरी में उसका मक्के से भरा ट्रक देवरी मंडी के सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह ठाकुर ने रोका और रुपए की मांग की। जिसके बाद वह दूसरे दिन देवरी पहुंचा तो उससे भी राशि की मांग की। व्यापारी ने अनुज्ञा पत्र होने की बात कही तो राजेन्द्र सिंह गाली गलौच करने लगे। मामले की शिकायत व्यापारी ने सीएम हेल्पलाइन व कृषि उपज मंडी के वरिष्ठ अधिकारियो से की। व्यापारी के बताए अनुसार राजेन्द्र सिंह ने रहली मंडी उप निरीक्षक परषोत्तम हजारी, सचिव विनय चौबे से मिलकर उसे जानकारी दिए बिना ट्रक की जुर्माने की रसीदें काट दी। जिन पर उसके हस्ताक्षर नहीं हैं। कुछ दिन बाद परषोत्तम हजारी मेरे घर आए और कर्मचारी लक्ष्मीकांत रजक को जुर्माने की रशीद थमा दी। व्यापारी ने परषोत्तम को फोन लगाया और ट्रक की रशीद काटे जाने की जानकारी ली तो परषोत्तम ने कहा कि जांच बैठ रही थी और हम लोग फंस रहे थे, इस कारण रशीद है। घबराने की बात नही है, जुर्माना 32150 रुपये भर दिए हैं। यदि रशीद नहीं काटता तो मैं सस्पेन्ड हो जाता है। व्यापारी ने बताया कि बातचीत की रिकॉर्डिंग उसके पास मौजूद है। व्यापारी आयुष जैन ने बताया कि 15 फरवरी को मक्का का ट्रक नरसिंहपुर जा रहा था, जिसकी ऑनलाइन अनुज्ञा बनाई थी। इस मामले में मंडी बोर्ड के डिप्टी डारेक्टर रोहित चक्रवर्ती ने कहा कि 14 फरवरी को मंडी के उड़नदस्ता दल ने आयुष इंटरप्राइजेज की टोल प्लाजा पर रात 10.40 पर गाड़ी रोकी थी। गाड़ी में मक्का लोड थी जिसकी मंडी शुल्क की अनुज्ञा पत्र नहीं थी। प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। सुबह 4 बजे चालक गाड़ी को भगाकर ले गया। रहली मंडी को व मुझको सूचना दी गई। मैंने वैधानिक कार्यवाही निर्देश दिए। 15 फरवरी को व्यापारी ने अपनी आईडी से अनुज्ञा पत्र बना लिया था। व्यापारी से पांच गुना टैक्स, समझौता शुल्क वसूल कर प्रकरण समाप्त किया गया है।
40% डीएलसी बढ़ाने का क्रेडाई का विरोध; बोले-रियल एस्टेट, आमजन पर पड़ेगा असर
राज्य सरकार की ओर से डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 40 प्रतिशत तक प्रस्तावित वृद्धि का क्रेडाई राजस्थान ने विरोध किया है। संगठन ने इसे अव्यावहारिक और जनहित के विपरीत बताते हुए सरकार से पुनर्विचार का आग्रह किया है। क्रेडाई राजस्थान के चेयरमैन अनुराग शर्मा ने कहा कि डीएलसी दरों में बढ़ोतरी वास्तविक बाजार मूल्य के विस्तृत सर्वे और जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसा के आधार पर होनी चाहिए। बिना क्षेत्रवार अध्ययन के एक समान वृद्धि स्थापित प्रक्रिया के विपरीत है। अनुराग शर्मा ने कहा कि सरकार वर्ष 2024 में डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि कर चुकी है। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सड़क की चौड़ाई के आधार पर 10, 15 और 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई। निर्माण दरों में 50% वृद्धि से स्टांप ड्यूटी का भार बढ़ चुका है। नई बढ़ोतरी से रियल एस्टेट कारोबार और आमजन प्रभावित होंगे। कृषि के बाद रियल एस्टेट सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जिससे 381 से अधिक उद्योग जुड़े हैं। वर्ष 2024-25 में सरकार को स्टांप एवं पंजीयन शुल्क से 10,542 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था, जबकि चालू वित्त वर्ष में 15 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। क्रेडाई राजस्थान के अध्यक्ष रविन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि डीएलसी बढ़ने से आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जबलपुर पुलिस ने शुक्रवार शाम देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुहागी के पन्नी मोहल्ला स्थित एक मकान पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से 2 महिलाओं समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। लंबे समय से एक महिला के घर पर देह व्यापार संचालित हो रहा था। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने सीधे एसपी संपत उपाध्याय से की थी। शुक्रवार को एसपी के निर्देश पर एएसपी अन्नू बेनीवाल के नेतृत्व में सीएसपी आशीष जैन, महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा और आधारताल टीआई विपिल ताम्रकार समेत पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां से कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई। पुलिस सभी आरोपियों को आधारताल थाने लेकर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि महिला के घर पर रोज दूर-दूर से पुरुष और महिलाएं आते थे। इसे लेकर कई बार पड़ोसियों से विवाद भी हुआ था। दो युवकों को ग्राहक बनाकर भेजा सीएसपी ने बताया कि शुक्रवार शाम एएसपी अन्नू बेनीवाल ने एसपी को मिली सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आधारताल थाना क्षेत्र के पन्नी मोहल्ला स्थित निमेष विनोदिया के मकान पर दबिश दी गई। कार्रवाई से पहले पुलिस ने दो युवकों को ग्राहक बनाकर भेजा। वहां देह व्यापार के लिए एक हजार रुपए में सौदा तय हुआ। पुलिस द्वारा भेजे गए युवक ने मकान के बाहर पहुंचकर तय संकेत के अनुसार तीन बार इशारा किया। इसके बाद पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दी। दरवाजा खुलते ही 41 वर्षीय महिला बाहर मिली। वहीं, पास में मुकेश और आरुप आपत्तिजनक हालत में बैठे थे। पुलिस जब अंदर के कमरे में पहुंची तो वहां एक अन्य महिला के साथ कुछ लोग मौजूद मिले। महिला पूरे नेटवर्क की मास्टरमाइंड जांच में पता चला कि पूरे नेटवर्क की मास्टरमाइंड एक महिला है, जो शहर के अलग-अलग इलाकों से महिलाओं को बुलाकर 500 से 1000 रुपए में सौदा तय कराती थी। हिरासत में ली गई एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसे धमकी दी जाती थी कि यदि उसने कहे अनुसार काम नहीं किया तो उसके पति को वीडियो और पूरी जानकारी भेज दी जाएगी। पुलिस ने मौके से अभय सिंह, सुबोध सिंह और संजय चौरसिया को भी गिरफ्तार किया। संजय ने पूछताछ में बताया कि मकान में रहने वाली महिला मोबाइल पर लड़कियों की फोटो भेजकर ग्राहकों से डील करती थी। पसंद आने पर सौदा तय किया जाता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान मकान से तीन कुत्ते भी मिले। पुलिस के अनुसार, महिला ने उन्हें घर के बाहर इसलिए बांध रखा था ताकि किसी के आने पर वे भौंककर उसे सतर्क कर दें।
मस्कट में जयशंकर-अलबुसैदी की मुलाकात, व्यापार से लेकर रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर बनी सहमति
विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने शुक्रवार को मस्कट में अपने ओमानी समकक्ष सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ओमान के बीच रिश्तों और खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की।
आगरा में 10 साल की बच्ची की अपहरण की सनसनी फैल गई। बच्ची शाम को डांस एकेडमी गई थी। इसके बाद वो वापस नहीं आई। घर पर 40 लाख रुपए की फिरौती का लेटर मिला। पुलिस को बताने पर बच्ची को जान से मारने की धमकी दी गई थी। माता-पिता घबरा गए। पुलिस को सूचना दी। हालांकि तीन घंटे बाद बच्ची सकुशल घर पर वापस आ गई। अब पढ़िए पूरा मामलामाधव कुंज निवासी मनीष अग्रवाल की प्रतापपुरा चौराहे पर भगवान की पोशाकों की दुकान है। नौ वर्ष की बेटी दिव्यांका ने पांच दिन पहले ही घर के पास स्थित डांस एकेडमी एमजे वायरस में डांस सीखने के लिए प्रवेश लिया था। चाचा महीप सिंह ने बताया कि भतीजी दिव्यांका को पिता मनीष रोज की तरह उसे एकेडमी में छोड़कर आए थे। शाम साढे सात बजे मां नेहा ने घर के गेट पर एक कागज पड़ा देखा। जिसने पढ़ने के बाद उनके होश उड़ गए। अब पढ़िए लेटर में क्या लिखा हैलेटर में लिखा था कि आपकी बेटी हमारे पास है, बेटी को वापस पाना चाहते हो तो शनिवार सुबह चार बजे 40 लाख रुपये लेकर आ जाओ। बेटी को लेने केवल उसके माता-पिता के अलावा कोई और आया तो वह नहीं दी जाएगी। पुलिस को दी तो आपकी बेटी कभी आपको नहीं मिल पाएगी। कल सुबह पैसा लाओ और अपनी बेटी को ले जाओ। मेरा बंदा आएगा बाइक से चेक करेगा और पिता को लेकर जाएगा। साढ़े तीन घंटे बाद बच्ची लौटकर वापस आ गई बच्ची के अपहरण और फिरौती का पत्र मिलने की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। वह सीसीटीवी फुटेज करने में जुटी थी। इसके करीब साढ़े तीन घंटे बाद बच्ची लौटकर वापस आ गई। अभी पुलिस ने उससे पूछताछ नहीं की है कि वह इतने समय तक कहां रही। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास का कहना है कि पुलिस ने सीसीटीवी चेक किए हैं जिसमें बच्ची अकेले ही घर वापस आती दिख रही है। अभी बच्ची से बातचीत की जा रही है।
आज के समय में अपना खुद का स्टार्टअप (Startup) शुरू करना हर दूसरे युवा का सपना बन चुका है। लेकिन सच तो यह है कि एक सफल एंटरप्रेन्योर या बिजनेसमैन बनना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसमें आपको एक साथ सौ काम संभालने पड़ते हैं, जैसे सही बिजनेस स्ट्रेटजी बनाना, फंडिंग या पैसों का जुगाड़ करना और पूरी टीम को एक लीडर की तरह गाइड करना।जब हर दिन नए और कड़े फैसले लेने हों, तो दिमाग का एक्टिव और दूरदर्शी रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में बिजनेस को सही दिशा दिखाने के लिए आचार्य चाणक्य से बेहतर मार्गदर्शक कोई दूसरा नहीं हो सकता। चाणक्य ने ही अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर एक साधारण से लड़के चंद्रगुप्त को भारत का सबसे महान सम्राट बनाया था। अगर आप भी नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो चाणक्य नीति (Chanakya Niti) के ये 5 कड़वे सबक आपके बहुत काम आएंगे।1. अपनी प्लानिंग को हमेशा तिजोरी में बंद रखेंबिजनेस का पहला सबसे बड़ा नियम यही है कि अपनी अगली चाल के बारे में किसी को कानों-कान खबर न होने दें। ठीक वैसे ही जैसे एक जादूगर अपना जादू दिखाने से पहले उसकी ट्रिक किसी को नहीं बताता।जब तक आपकी प्लानिंग पूरी तरह जमीन पर न उतर जाए, उसे पूरी तरह गुप्त रखें। अगर आप जोश में आकर अपना सीक्रेट प्लान हर किसी से शेयर करने लगेंगे, तो मार्केट में बैठे आपके प्रतिस्पर्धी (Competitors) उसका फायदा उठा सकते हैं। इससे आपकी महीनों की मेहनत पर एक पल में पानी फिर सकता है, इसलिए काम पूरा होने तक चुप्पी साधे रखना ही समझदारी है।2. रोज कुछ नया सीखने की आदत डालेंआचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक सफल इंसान बनने के लिए सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। चाहे कोई अमीर घर में पैदा हुआ हो या गरीब, यह नियम सब पर बराबर लागू होता है।जो व्यक्ति यह सोच लेता है कि उसे सब कुछ आता है, उसका डूबना तय है। चाणक्य नीति के मुताबिक, आपको हर दिन कुछ न कुछ नया जरूर सीखना चाहिए, भले ही वह एक छोटा सा अक्षर ही क्यों न हो। आज के समय में भी एलन मस्क और वॉरेन बफेट जैसे दुनिया के सबसे अमीर लोग हर दिन घंटों किताबें पढ़ते हैं और नई चीजें सीखते हैं।3. गलत पार्टनर चुनना पड़ सकता है भारीबिजनेस में आप अकेले पूरी सेना नहीं बन सकते, आपको लोगों के साथ और मदद की जरूरत पड़ेगी ही। लेकिन यहां सबसे बड़ा खेल यह है कि आप अपना पार्टनर किसे चुनते हैं।चाणक्य ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि एक गलत या धोखेबाज पार्टनर खुले दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक होता है। दुश्मन को तो आप सामने से आते हुए देख सकते हैं, लेकिन एक छुपा हुआ गद्दार आपको सीधे खाई में धकेल देता है। इसलिए चाहे अपनी कंपनी में किसी को ऊंचे पद पर रखना हो या किसी को बिजनेस पार्टनर बनाना हो, आंख बंद करके भरोसा बिल्कुल न करें।4. जरूरत पड़ने पर कड़ा रुख अपनाना है जरूरीजब आप एक कंपनी चलाते हैं, तो कई बार ऐसी सिचुएशन आती है जहां आपको एक सख्त बॉस बनना पड़ता है। सहकर्मियों या काम करने वालों के साथ कभी-कभी कड़वी और दो-टूक बातचीत भी करनी पड़ती है।ऐसी स्थिति में ज्यादा सीधा बनना नुकसानदेह हो सकता है। चाणक्य ने एक बहुत बढ़िया व्यावहारिक उदाहरण दिया है कि एक बिना जहर वाला सांप भी अगर फुफकारना छोड़ दे, तो लोग उसे कुचल देंगे। इसलिए खुद को बचाने के लिए सांप को भी जहरीला होने का नाटक करना पड़ता है। बिजनेस में भी अपनी बात मनवाने और मार्केट में अपनी इज्जत बनाए रखने के लिए समय पर कड़क होना बहुत जरूरी है।5. नुकसान के डर से भागें नहीं, उस पर वार करेंस्टार्टअप की दुनिया में हमेशा सब कुछ अच्छा ही होगा, ऐसा सोचना बेवकूफी है। बिजनेस में उतार-चढ़ाव और नुकसान (Business Loss) होना आम बात है। कई लोग नुकसान के डर से अपने कदम पीछे खींच लेते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है।चाणक्य कहते हैं कि डर को खुद पर हावी मत होने दो, बल्कि उस पर सामने से हमला करके उसे खत्म कर दो। अगर कभी बिजनेस में घाटा हो भी जाए, तो निराश होकर बैठना नहीं है। उस गलती से सीखें कि कहां चूक हुई, ताकि भविष्य में वह गलती दोबारा न हो और आप आगे बड़ा मुनाफा (Profit) कमा सकें।
सीकर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने डिपो तिराहे से रीको तिराहे तक सड़क को चौड़ा करने की तैयारी की है। इसके तहत डिपो तिराहे से लेकर रीको तिराहे तक की सड़क को 100 फीट चौड़ा करने प्रस्ताव है। नगर परिषद ने इसके लिए पब्लिक नोटिस भी जारी कर दिए हैं। नगर परिषद के इस फैसले का स्थानीय व्यापारियों में विरोध बढ़ रहा है। नगर परिषद के इस फैसले का विरोध करने के लिए आज जयपुर रोड के प्रभावित व्यापारी बड़ी संख्या में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क को 100 फीट चौड़ा किया गया, तो उनकी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। इससे सालों से यहां व्यापार कर रहे सैकड़ों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने परिषद के सामने अपनी मांग रखते हुए सड़क को 100 फीट के बजाय 80 फीट ही करने की मांग की है। दरअसल, फिलहाल नगर परिषद सड़क के केंद्र (सेंटर पॉइंट) से दोनों तरफ 50-50 फीट चौड़ाईकरण का प्रस्ताव लिया है। व्यापारियों की मांग है कि इसे घटाकर सेंटर पॉइंट से दोनों तरफ 40-40 फीट किया जाए, ताकि उनका नुकसान कम से कम हो। व्यापारियों से बातचीत में नगर परिषद कमिश्नर शशिकांत शर्मा ने कहा कि शहर के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना जरुरी है। डिपो तिराहे से रीको तिराहे तक आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से जनता परेशान है। इस समस्या को स्थाई रूप से खत्म करने के लिए सड़क का चौड़ाईकरण जरूरी है और इसके लिए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। व्यापारियों के विरोध को देखते हुए कमिश्नर शशिकांत शर्मा ने कहा कि इस मामले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक संयुक्त 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में नगर परिषद के अधिकारियों के साथ-साथ व्यापारियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह कमेटी मौके का मुआयना करेगी और दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही सड़क चौड़ाईकरण की सीमा तय की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप पारीक महावीर चौधरी, सुनील सैनी, राधेश्याम टांक, रमेश सोनी, महावीर गोरा, नंदलाल शर्मा, मालीराम पारीक सुभाष खीचड़, बबलू कुमावत आदि शामिल थे।
संतकबीरनगर जिले के मुखलिसपुर में गाटा संख्या 580 और 581/1 से जुड़े भूमि विवाद को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा है। शुक्रवार को सौंपे गए इस ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार अग्रहरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कार्रवाई की मांग उठाई। व्यापारी नेता श्रवण कुमार अग्रहरी ने आरोप लगाया कि जिले में एक संगठित रैकेट सक्रिय है। इसमें कुछ प्रॉपर्टी डीलरों और बैंक कर्मियों की कथित मिलीभगत से गरीब और असहाय लोगों की संपत्तियों की नीलामी कराई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी तो व्यापारी समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा। मामले के पीड़ितों में दशरथ गुप्ता पुत्र रामलौट गुप्ता और गंगेश्वर पुत्र दुक्खी, निवासी मुखलिसपुर शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा 8 जुलाई 2026 को उनके हिस्से का विधिवत बंटवारा किए बिना मकान खाली कराने का नोटिस जारी कर दिया गया है। पीड़ितों ने इस नोटिस को पूरी तरह अवैध बताया और कहा कि पहले उनके वैध हिस्से का निर्धारण किया जाना चाहिए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है। व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में कहा है कि उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन से बैंक कर्मियों और सहकारिता विभाग की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। आरोप लगाया गया कि संबंधित पक्षों के वैध अधिकारों की अनदेखी करते हुए बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञापन में जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, सभी पक्षों के वैध अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने तथा ऋण वसूली एवं नीलामी प्रक्रिया में यदि कोई विधिक त्रुटि पाई जाए तो उसका परीक्षण कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। व्यापार मंडल का मानना है कि इससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास बना रहेगा। इस दौरान ग्राम प्रधान मनोज अग्रहरी, नगर अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रहरी, दिलीप अग्रहरी, पवन अग्रहरी, दशरथ, राम अवध, रामचंद्र, संजय मोदनवाल, शिवप्रकाश, राजेंद्र माझी, लालाजी माझी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
लगातार दूसरे सत्र में बाजार में छाई हरियाली, सेंसेक्स में 828 अंकों की बढ़त; निफ्टी 1 प्रतिशत ऊपर
बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद सकारात्मकम वैश्विक संकेतों के चलते लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।
Share Bazaar में बड़ा उछाल, Sensex 828 अंक उछला, Nifty भी 24200 के पार
Share Market Update News : शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भी मजबूती जारी है। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 827.57 अंक यानी 1.08 फीसदी के उछाल के साथ 77569.39 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी 244.10 अंक यानी 1.02 फीसदी की तेजी के साथ ...
उमरिया जिले में कबीर बिल्डकॉन के संचालक और बड़े व्यापारी विनोद आहूजा से 50 लाख की रंगदारी (अवैध वसूली) मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में आरोपों को सही पाते हुए आरोपी विकास सचदेव के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतें वापस लेने के एवज में मांगी थी मोटी रकम व्यापारी विनोद आहूजा ने एसपी को शिकायत में बताया था कि विकास सचदेव लगातार उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कर रहा था। आहूजा के मुताबिक, उन्होंने शासन और उच्च न्यायालय स्तर पर हुई सभी जांचों में हमेशा सहयोग किया, लेकिन इसके बावजूद शिकायतें बंद नहीं हुईं। इसके बाद विकास सचदेव ने एक रात उनसे मुलाकात की और कहा कि अगर वे 50 लाख रुपए दे दें, तो वह अपनी सभी शिकायतें वापस ले लेगा। जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस व्यापारी ने इस धमकी को अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्यों का परीक्षण किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि 27 जून को मिली इस शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। इसके आधार पर आरोपी विकास सचदेव के विरुद्ध एक्सटॉर्शन सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड को एक ग्लोबल औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विशेष 'ग्लोबल निवेश मिशन' (Global Investment Mission) के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल अब झारखंड का रुख कर रहे हैं। इस अभियान के तहत सिंगापुर से आए उच्चस्तरीय निवेशकों से लेकर देश की दिग्गज ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) तक ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश करने की गहरी दिलचस्पी दिखाई है।सिंगापुर के निवेशकों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंगझारखंड में औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगापुर के एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान राज्य की नई उद्योग नीति और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों पर विस्तार से चर्चा हुई। सिंगापुर के निवेशकों ने मुख्य रूप से झारखंड के सस्टेनेबल डेवलपमेंट, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने की इच्छा जताई है। यह निवेश न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर लाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) के साथ पर्यटन क्षेत्र का होगा कायाकल्पऔद्योगिक निवेश के साथ-साथ झारखंड के पर्यटन (Tourism) क्षेत्र को भी एक नया पंख लगने वाला है। देश की अग्रणी ट्रैवल टेक कंपनी मेकमायट्रिप ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी राज्य के खूबसूरत जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक जंगलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेगी। इसके तहत राज्य में इको-टूरिज्म, होमस्टे नेटवर्क और डिजिटल ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को सीधे तौर पर आजीविका मिल सकेगी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड बनेगा औद्योगिक लीडरइस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं है, बल्कि यहां हर उस सेक्टर के लिए अपार संभावनाएं हैं जो एक आधुनिक और प्रगतिशील राज्य के लिए जरूरी हैं। सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सिंगापुर और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स का झारखंड पर भरोसा जताना इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक उछाल आने वाला है।
भरतपुर पुलिस पर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में बदमाश ने पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। एक गोली SHO के मारी, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण जान बच गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, वहीं भागते समय गिरने से दूसरे का पैर टूट गया। एसपी राजेश मीणा ने बताया कि 4 जुलाई की रात करीब 9 बजे बाइक सवार तीन बदमाशों ने बर्तन व्यापारी चंद्रभान और किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल को गोली मार दी थी। इनमें बर्तन व्यापारी की इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई थी। एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया था कि डीग के कासौट के रहने वाले बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। 5 जुलाई की रात घटना के बाद बदमाश शहर में ही थे। पुलिस की टीमें लगातार सर्च कर रही थीं। 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था एसपी ने बताया- 8 जुलाई को पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में इनपुट के आधार पर सेवर थाना क्षेत्र के गिरधरपुर टोल पर पहुंची थी। इस दौरान आरोपी महेश (28) ने बचकर भागने के लिए पुलिस पर दो राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद पुलिस ने महेश को दबोच लिया। उन्होंने बताया कि दो आरोपी प्रवीण और बलराम मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। उनकी तलाश में लगातार टीमें दबिश दे रही थीं। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। यूपी के बुलंदशहर में छिपे थे दोनों बदमाश एसपी राजेश मीणा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि दोनों फरार आरोपियों के उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर में छिपे होने की सूचना मिली।। पुलिस की टीम बुलंदशहर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने में वारदात में काम ली गई बाइक जब्त कर ली गई। टॉयलेट के लिए रुके तो पिस्टल छीन ली गुरुवार रात जब आरोपियों को भरतपुर लाया जा रहा था। चिकसाना थाना क्षेत्र में टॉयलेट के लिए पुलिस रुकी थी। इस दौरान आरोपी प्रवीण ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर दो फायर कर दिए। एक गोली चिकसाना SHO बृजेश कुमार मीणा के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगने से जान बच गई। दूसरी गोली मिस फायर हो गई। इस दौरान दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रवीण के पैर में गोली लगी और बलराम भागते समय गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया। दोनों को आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के खिलाफ चिकसाना थाना में पुलिस पर जानलेवा हमले का मामला भी दर्ज किया गया है। अब जानिए क्या हुआ था मामला… 1. बेटे के साथ लौट रहे व्यापारी से 60 हजार लूटे थे 4 जुलाई को किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल अपने बेटे निशांक के साथ दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। मथुरा गेट क्षेत्र में घर से करीब 400 मीटर पहले एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोक लिया था और कट्टा दिखाकर करीब 60 हजार रुपए से भरा बैग छीन लिया। बैग देने के बाद भी बदमाशों ने फायरिंग की, जिसमें एक गोली प्रमोद मित्तल के कंधे के पास गर्दन में लग गई। बेटा उन्हें तुरंत आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उनका उपचार जारी है। गर्दन में फंसी गोली 6 जुलाई को ऑपरेट कर निकाल दी गई थी। 2. गोली लगने के बाद भी बर्तन व्यापारी ने नहीं छोड़ा था बैग बर्तन व्यापारी चंद्रभान मथुरा से प्लॉट खरीदने के लिए उधार लिए गए 5 लाख रुपए लेकर भरतपुर लौट रहे थे। सुभाष नगर स्थित अनोखी होटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर रुपए से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी। इसके बावजूद आरोपी बैग नहीं छीन सके और फरार हो गए। घायल चंद्रभान को पहले आरबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया। जहां 5 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। --- ये खबर भी पढ़ें… भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी:व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया एक किराना व्यापारी से ₹60 हजार लूट लिए, इसके बाद उसे गोली मार दी। दूसरी वारदात में एक बर्तन व्यापारी से ₹5 लाख लूटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उसके पेट में गोली मार दी। पूरी खबर पढ़िए
आज के दौर में स्टार्टअप की दुनिया किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं है, जहां हर कदम पर अनिश्चितता और चुनौती है। ऐसे में भारतीय इतिहास के महान अर्थशास्त्री और रणनीतिकार आचार्य चाणक्य के विचार आज के आधुनिक बिजनेस वर्ल्ड में भी उतने ही सटीक बैठते हैं। यदि आप एक नया स्टार्टअप शुरू करने जा रहे हैं या अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, तो चाणक्य की नीतियां आपके लिए एक मार्गदर्शक का काम कर सकती हैं। इन 5 कड़वे लेकिन जरूरी सबकों को अपनाकर कोई भी एंटरप्रेन्योर अपनी सफलता की नींव मजबूत कर सकता है।चाणक्य का पहला मंत्र: सही टीम का चुनावचाणक्य के अनुसार, कोई भी साम्राज्य तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसके सेनापति और सैनिक वफादार न हों। एक स्टार्टअप के लिए भी आपकी टीम ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। चाणक्य कहते हैं कि किसी को भी अपनी टीम में शामिल करने से पहले उसकी नैतिकता और कार्यक्षमता की परख जरूर करें। केवल योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि कंपनी के विजन के साथ जुड़ने की क्षमता के आधार पर लोगों को चुनें। एक गलत व्यक्ति पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है, इसलिए 'सही व्यक्ति को सही काम' पर लगाना ही सफलता की कुंजी है।दूसरा सबक: गुप्त रखें अपनी रणनीतिएक बिजनेस मंत्र जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है, वह है—अपने अगले कदम को तब तक उजागर न करें जब तक वह पूरा न हो जाए। चाणक्य नीति कहती है कि आपकी योजनाओं का शोर तब होना चाहिए जब काम सफल हो जाए। स्टार्टअप की दुनिया में अत्यधिक पारदर्शिता कभी-कभी आपकी कमजोरी बन सकती है। अपने कंपटीटर्स को अपनी रणनीति का पता न चलने दें और काम को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम दें। यह आपको बाजार में एक बढ़त (Competitive Advantage) प्रदान करता है।तीसरा सबक: संसाधनों का सही प्रबंधनचाणक्य का स्पष्ट मानना था कि धन का प्रबंधन ही राज्य का आधार है। एक एंटरप्रेन्योर के लिए पूंजी (Capital) को बचाना और उसे सही जगह निवेश करना सबसे जरूरी है। स्टार्टअप्स अक्सर दिखावे में अपना बजट खत्म कर देते हैं। चाणक्य के अनुसार, फिजूलखर्ची से बचें और हर पैसे का हिसाब रखें। संसाधनों की कमी को अपनी बाधा न बनने दें, बल्कि अपने सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग (Optimization) करना ही एक सच्चे उद्यमी की पहचान है।चौथा सबक: असफलता से न डरें, रणनीति बदलेंआचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि एक रास्ता बंद हो जाए, तो दूसरे रास्ते की तलाश में समय बर्बाद न करें, बल्कि अपनी रणनीति में बदलाव करें। बिजनेस में कभी-कभी 'पिवट' (Pivot) करना जरूरी होता है। यदि आपका प्रोडक्ट मार्केट में नहीं चल रहा है, तो अहंकार में आकर उसी पर अड़े रहने के बजाय ग्राहक की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालें। जो उद्यमी परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजनाएं बदल लेते हैं, वही लंबे समय तक टिक पाते हैं।पांचवां सबक: लक्ष्य पर अर्जुन जैसी नजरअंत में, चाणक्य का सबसे बड़ा सबक है—लक्ष्य प्राप्ति तक न रुकना। स्टार्टअप शुरू करना आसान है, लेकिन उसे टिकाए रखना तपस्या के समान है। कई एंटरप्रेन्योर शुरुआती सफलता के बाद सुस्त पड़ जाते हैं। चाणक्य सिखाते हैं कि जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए, तब तक अपना ध्यान पूरी तरह उसी पर केंद्रित रखें। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहना ही एक सफल स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनाने का एकमात्र रास्ता है।
बड़ी तेजी से खुला बाजार- सेंसेक्स 77 हजार के पार
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:29 पर सेंसेक्स 683 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,425 और निफ्टी 205 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,168 पर था।
सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त बहार, 700 अंक उछला बाजार; Vedanta Aluminium के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस खरीदारी के पीछे ग्लोबल संकेतों और घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन को बड़ी वजह माना जा रहा है।Vedanta Aluminium का दिखा कमालबाजार की इस तेजी में मेटल सेक्टर के दिग्गज शेयरों का खास योगदान रहा है। आज के सत्र में Vedanta Aluminium के शेयरों ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। कंपनी के शेयर 3% से ज्यादा की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक मांग और कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा इस शेयर पर फिर से बढ़ा है। मेटल और कमोडिटी सेक्टर में आई इस हलचल ने आज निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।क्यों चढ़ रहा है बाजार?बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी का 24,150 के पार निकलना तकनीकी रूप से बेहद मजबूत संकेत है। आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में हुई चौतरफा खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सक्रियता और सकारात्मक घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में जोश भर दिया है। यदि निफ्टी इस स्तर पर खुद को टिकाए रखने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में और भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई देखने को मिल सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बाजार में किसी भी निवेश से पहले स्टॉप लॉस का ध्यान जरूर रखें।
यदि आप अगले दो-तीन दिनों में अबोहर के मुख्य बाजारों से खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाएं। भीषण गर्मी और उमस के बीच अबोहर के व्यापारिक संगठनों ने एक अनूठी और राहत भरी पहल की है। बाजारों की रौनक अब सोमवार, 13 जुलाई से ही वापस लौटेगी। क्योंकि मुख्य बाजार के व्यापारियों ने तीन दिन के सामूहिक अवकाश की घोषणा की है। शहर के इतिहास में संभवतः पहली बार, लगभग सभी मुख्य बाजारों के व्यापारियों ने शुक्रवार से तीन दिनों के सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद आज पहले दिन शहर के छोटे-बड़े बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा नजर आया।यह सामूहिक अवकाश 10, 11 और 12 जुलाई (शुक्रवार, शनिवार और रविवार) तक जारी रहेगा। इसके बाद 13 जुलाई (सोमवार) से सभी दुकानें और प्रतिष्ठान हमेशा की तरह सामान्य रूप से खुलेंगे। व्यापारियों के साथ-साथ दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारी भी इस छुट्टी का भरपूर आनंद ले रहे हैं और अपने परिवारों के साथ धार्मिक यात्राओं व ठंडे इलाकों में सैर-सपाटे के लिए रवाना हो चुके हैं। डेढ़ महीने पहले ही बन गई थी रणनीति इस सामूहिक अवकाश की योजना अचानक नहीं बनी। करीब डेढ़ माह पहले शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से इस ब्रेक पर मुहर लगाई गई थी। वहीं, सर्राफा बाजार के व्यापारियों ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए वीरवार से ही चार दिनों के अवकाश की घोषणा कर दी थी। इन प्रमुख संगठनों और बाजारों का मिला समर्थन 'दि रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन' के प्रधान सर्वजीत सिंह कामरा ने बताया कि इस बंद को शहर के हर वर्ग के व्यापारियों का पूरा समर्थन मिला है। अवकाश में मुख्य रूप सर्राफा, इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा-रेडीमेड गारमेंट और मुनियारी (जनरल स्टोर) और जूता-चप्पल बाजार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस बड़े फैसले को सफल बनाने में कपड़ा बाजार एसोसिएशन के प्रधान नरेश छाबड़ा, 11 नंबर बाजार एसोसिएशन के प्रधान चंदन जुनेजा, 9 नंबर बाजार एसोसिएशन के प्रधान अतुल चावला और सदर बाजार एसोसिएशन के प्रधान मदन लाल डोडा सहित सभी संगठनों ने एकजुटता दिखाई है।
उन्नाव में पोनी रोड चौड़ीकरण परियोजना का विरोध तेज हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा मकानों और दुकानों पर नोटिस चस्पा किए जाने के बाद स्थानीय व्यापारी और निवासी लगातार अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। शुक्रवार को व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि सड़क चौड़ीकरण से पहले उन्हें पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके रोजगार और परिवार की आजीविका प्रभावित न हो। स्थानीय निवासी सरिता साहू ने बताया कि वे सड़क चौड़ीकरण को विकास के लिए आवश्यक मानती हैं और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पहले 9 मीटर तक भूमि अधिग्रहण की बात थी, जिसे अब 8 मीटर कर दिया गया है। इसके बावजूद लोगों को अपने मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक पंकज गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा कर लोगों को आश्वस्त किया था कि केवल लगभग चार फुट तक ही निर्माण प्रभावित होगा। स्थानीय व्यापारी राजू लाला, जो पिछले लगभग 20 वर्षों से किराए की दुकान में गारमेंट्स का कारोबार कर रहे हैं, ने किराएदार व्यापारियों के लिए गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि दुकानें टूट जाती हैं, तो यह अनिश्चित है कि मकान मालिक उन्हें दोबारा दुकान देंगे या नहीं, जिससे उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र में कई लोग पिछले 40 से 50 वर्षों से छोटी-छोटी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वर्तमान में नई दुकानें पांच हजार रुपये प्रतिमाह से कम किराए पर मिलना मुश्किल है। ऐसे में अचानक दुकानें हटने से उनका व्यवसाय बंद हो सकता है और परिवार आर्थिक संकट में आ सकते हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की एक स्पष्ट योजना बनाई जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाता है और पर्याप्त समय दिया जाता है, तो वे इस परियोजना का समर्थन करेंगे। उधर, प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना जनहित में है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि प्रभावित लोगों की आपत्तियों और मांगों पर भी नियमानुसार विचार किया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में चौड़ीकरण को लेकर लोगों की चिंताएं बनी हुई हैं और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।
मध्य प्रदेश में अखिल भारतीय सेवा (आईएएस, आईपीएस, आईएफएस) के अधिकारियों को जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) दिए जाने के बाद अब प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स भी इसी तिथि से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से जल्द घोषणा करने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और सरकार राहत दे नहीं रही। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने एक करोड़ से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दे चुकी है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश में कार्यरत करीब 850 अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को भी केंद्रीय दर से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत कर दिया गया है। ऐसे में प्रदेश के अन्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी समान लाभ मिलना चाहिए। 12 लाख से अधिक कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलेगा लाभ कर्मचारी संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 7.50 लाख कार्यरत कर्मचारियों और 4.50 लाख पेंशनर्स को इसका लाभ मिलना चाहिए। वर्तमान में कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। संगठन ने इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की मांग की है। बढ़ती महंगाई का दिया हवाला उमाशंकर तिवारी ने कहा कि महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का उद्देश्य बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना होता है। उन्होंने बताया कि मार्च से जून के बीच घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 89 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मई महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई, जबकि खाद्य पदार्थ भी लगातार महंगे हुए हैं। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग कर्मचारी संगठन ने राज्य सरकार से मांग की है कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की तरह प्रदेश के सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने के आदेश जल्द जारी किए जाएं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
अजमेर नगर निगम के स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों और ऑटो टिपर ड्राइवर्स की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के तीसरे दिन भी शहर में कचरा नहीं उठने से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए। इस बीच सफाई कर्मचारियों ने व्यापारियों को गुलाब का फूल भेंट कर अपने आंदोलन के समर्थन की अपील की। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दरअसल, शहर में तीन दिन से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण करीब 600 टन से ज्यादा कचरा सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में जमा हो गया है। मानसून के बीच कचरे के ढेर और नालों से निकला मलबा शहरवासियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। वहीं प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच चली वार्ता भी बेनतीजा रही, जिससे हालात सामान्य होने की उम्मीद कम है। सफाई कर्मचारियों ने किया शक्ति प्रदर्शन शुक्रवार को सभी 3680 स्थाई-अस्थाई सफाई कर्मचारी और 205 ऑटो टिपर ड्राइवर गांधी भवन पर एकत्र हुए और शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों ने गांधी भवन से मदार गेट तक रैली निकालकर व्यापारियों और आमजन को गुलाब का फूल भेंट किया। कर्मचारियों ने कहा कि वे जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने शहरवासियों से सहयोग और समर्थन की अपील करते हुए असुविधा के लिए माफी भी मांगी। बाजार में कचरा नहीं उठा हालत बिगड़ने लगे हड़ताल का सबसे ज्यादा असर पुराने शहर और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। लाखन कोटड़ी, डिग्गी बाजार, दरगाह बाजार, रेलवे स्टेशन, मदार गेट और मूंदड़ी मोहल्ला सहित कई इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। इन क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में व्यापारी, स्थानीय लोग और जायरीन पहुंचते हैं। लगातार तीसरे दिन कचरा नहीं उठने से दुर्गंध फैलने लगी है और लोगों को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दौरान सफाई व्यवस्था ठप होने से नगर निगम प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। कचरा डिपो क्षमता से अधिक भर चुके हैं, जबकि नालों की सफाई से निकला मलबा भी कई स्थानों पर सड़कों पर पड़ा है। यदि जल्द कचरा नहीं उठाया गया तो संक्रमण फैलने और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष सनी गोयर ने कहा कि उनकी मुख्य मांग बदले गए कर्मचारियों को पुराने वार्डों में वापस लगाने और हटाए गए 223 कर्मचारियों को तत्काल काम पर लेकर उनका भुगतान सुनिश्चित करने की है। मांगे पूरी नहीं होती तब तक जारी रहेगा आंदोलन वहीं संयुक्त सफाई कामगार यूनियन के उपाध्यक्ष गौरी शंकर ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगें उठाने पर यूनियन पदाधिकारियों का ही तबादला कर दिया गया। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अगर आप स्टार्टअप या किसी इंक्यूबेटर के साथ काम करते हुए पेटेंट कराते हैं, तब भी आप पीएचडी कर सकते हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह ने कानपुर में बताया कि हम रूल्स चेंज करने की कोशिश कर रहे हैं। जो आज पीएचडी का एक तरीका है कि दो पब्लिकेशन आपको करने होते हैं, तो अब हम उस पे जा रहे हैं कि अगर पेटेंट करेंगे तो भी पीएचडी कर सकते हैं। प्रो. सिंह सीएसजेएमयू कानपुर के दीक्षांत में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। सीड मनी के लिए एआईसीटीई देगी फंड एआईसीटीई के चेयरमैन ने कहा कि आप अगर अपनी कंपनी शुरू करना चाहते हैं, आपका स्टार्टअप कंपनी है और इनोवेशन में कुछ करेंगे, तो आप 5 साल इन्वेस्ट कीजिए, इनक्यूबेटर में काम कीजिए। वहाँ पर आपको सीड मनी है और व्यवस्थाएं मिलेंगी, उसको एआईसीटीई फंड करेगी। और बाद में आप अपना प्रोडक्ट बनाते हैं, आपकी कंपनी चलती है, तो साथ-साथ में आपको पीएचडी भी मिल जाएगी। रीजनल लैंग्वेज से पढ़ने वाले बच्चों के मन में भय प्रो. योगेश सिंह ने टेक्निकल एजुकेशन के कोर्सेज को रीजनल लैंग्वेजेज में ट्रांसलेट पर बताया कि आज फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर, थर्ड ईयर तक का पूरा करिकुलम भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। फिलहाल कुछ सौ बच्चे एडमिशन ले रहे हैं, बहुत सारी जगह सीट्स खाली हैं। तो उसका रीज़न एक ही है कि बच्चों के मन में कहीं भय है। उनको लगता है कि अगर इंग्लिश माध्यम में पढ़ाई करेंगे, तो हमको अच्छी जॉब मिलेगी। कार्पोरेट वर्ल्ड की जिम्मेदारी भय को निकाले अभी कॉर्पोरेट वर्ल्ड की ज़िम्मेदारी है और हम एजुकेशन से जुड़े लोगों की भी ज़िम्मेदारी है कि इस भय को बच्चों के मन से निकालें। यह धीरे-धीरे जाएगा, तो उसके बाद में यह आपको इसमें बढ़त देखने को मिलेगी। तो भाषा एक प्रभावी माध्यम है किसी भी चीज़ के लिए। लेकिन अब देश बदलता है, तो धीरे-धीरे ही बदलता है। शिक्षा के परिवर्तन बहुत धीरे आते हैं और धीरे आने भी चाहिए। एआई से फायदा होने वाला एआई के बढ़ते उपयोग पर कहा कि एआई से फायदा ही होने वाला है। भारत को तो नुकसान नहीं होगा। कंपैरिजन और एनालिसिस करना है, तो एआई आपको करके दे रहा है। पर उसमें से नया क्या निकालना है, क्या इनोवेशन हो सकती है, क्या समझ से हम लोगों की जिंदगी को अच्छा बनाने के लिए कुछ निकाल सकते हैं। यह तो मानव के मस्तिष्क का काम है।
अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी। बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद घर से डेढ़ लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। वारदात गुरुवार शाम कोतवाली थाना क्षेत्र में करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले की है। व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल (80) नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा और पूर्व सीएमएचओ (CMHO) डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। बुजुर्ग की हत्या की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। व्यापारी दिनेश चंद का एक बेटा विकास अग्रवाल हैं, वे एमआर हैं। वे स्कीम चार में रहते हैं। पिता खदाना मोहल्ले के मकान में अकेले रहते थे। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन मृतक की बहू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना दोपहर और रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से स्कीम नंबर 4 स्थित बेटे के घर आते थे। जब वे काफी देर तक गुरुवार को खाना खाने नहीं पहुंचे तो बेटे विकास ने फोन किया। तब उनका लैंड लाइन नंबर बंद आया। इसके बाद बेटा खदाना मोहल्ले वाले घर आए तो पिता चारपाई पर मृत पड़े मिले। घर का पूरा सामान बिखरा हुआ मिला। बेटे ने कहा- हाथ पैर बंधे मिले परिजनों ने बताया कि देर शाम करीब साढ़े 7 बजे घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके होश उड़ गए। कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव पड़ा था। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। पूरे घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। लाख-डेढ़ लाख कैश रखते थे पास, बदमाशों को लग गई थी भनक! घटना की सूचना मिलते ही पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- दिनेश चंद अग्रवाल रिश्ते में मेरे सगे मामा थे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-डेढ़ लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाशों ने रेकी कर घर में घुसे और उनकी हत्या कर दी। मृतक के बेटे विकास अग्रवाल ने बताया कि बुधवार रात 10:00 बजे वह अपने पिता को राजी खुशी छोड़ कर गए थे। पिता दोपहर का खाना खदाना मोहल्ले के मकान में खुद ही बनाकर खा लेते थे। लेकिन रात का खाना स्कीम चार आकर ही खाते थे। फोन किया तो नहीं बजी घंटी गुरुवार को नहीं आए तब उनको फोन किया। उनके टेलीफोन नंबर पर घंटी नहीं गई। इसके बाद यहां आकर देखा तो पिता मृत पड़े मिले। पिता अपना खर्च निकालने के लिए नए नोटों की फ्रेश गड्डियां और खुले रुपए देने का छोटा मोटा काम करते थे। विकास अग्रवाल ने बताया कि खदान मोहल्ले में आकर देखा तो मकान में अंदर से लॉक लगा हुआ था, जो में मेन गेट है उसमें एक छेद भी है। उन्होंने दूसरी चाबी से छेद में हाथ डालकर गेट खोला था। घर से करीब डेढ़ से दो लाख रुपए गायब हैं। सामान पूरा बिखरा हुआ है। एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य एएसपी दीपक कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बुजुर्ग की चारपाई पर डेड बॉडी पड़ी थी। एफएसएल की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालकर मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी।
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअल माध्यम से ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए देश-विदेश के उद्योग जगत से त्रिपुरा की विकास यात्रा का सहभागी बनने और राज्य में निवेश करने का आह्वान किया।
झारखंड के इतिहास में गुरुवार सुबह ऐसी खुशनुमा खबर आई, जो राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में राज्य सरकार ने 99,639 करोड़ रुपए के निवेश वाले 14 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इनमें 10 एमओयू उद्योग विभाग के साथ, दो आईटी विभाग के साथ और दो पर्यटन विभाग के साथ हुए हैं। इन समझौतों के अनुसार जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि. 30 हजार करोड़ रुपए की लागत राज्य का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इस प्लांट में ईंधन के रूप में यूरेनियम, प्लूटोनियम और थोरियम का उपयोग किया जाता है। वहीं गूगल एआई आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर टीबी जैसी बीमारियों के उपचार और नियंत्रण के लिए एआई के उपयोग को लेकर भी समझौता हुआ है। टाटा स्टील भी 9600 करोड़ की लागत से जमशेदपुर और आसपास के इलाके में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट्स का विस्तार करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार शॉट टर्म योजनाओं की बजाय लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को निश्चित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने को कहा। झारखंड को रिसर्च, इनोवेशन और आइडियाज का केंद्र बनाएंगे : हेमंतसमापन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज विभिन्न संस्थाओं से हुए एमओयू सिर्फ कागजी समझौता नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। झारखंड की पहचान खनिज संपदा से रही है। अब इसे रिसर्च, इनोवेशन और नए आइडियाज का केंद्र बनाना है। बेहतर कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की क्षमता दुनिया के सामने पूरी तरह से नहीं आ पाई। सरकार इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी। जानिए...कौन सी कंपनी किस क्षेत्र में कितना निवेश करेगीजिंदल स्टील लिमिटेड: 40 हजार करोड़ का निवेश कर राज्य में स्टील प्लांट लगाएगा और स्टील उत्पादन की क्षमता बढ़ाएगा। इससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि.: 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर राज्य में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इससे भविष्य में झारखंड को सरप्लस बिजली मिल सकेगी।जिंदल रिन्यूवेबल्स प्रा. लि.: 650 करोड़ रुपए का निवेश कर सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर काम करेगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बिजली मिल सके।रूंग्टा संस प्रा. लि. और रूंगटा माइंस लि.: कुल 13 हजार करोड़ निवेश करेगा। इसका मुख्य फोकस खनन और मेटल इंडस्ट्री को आधुनिक बनाने और नई यूनिट्स बनाने पर होगा।टाटा स्टील और टाटा स्टील टीन प्लेट एक्सपेंशन: 9600 करोड़ रुपए से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट का विस्तार करेगा। इससे रोजगार बढ़ेगे।अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड: 4980 करोड से स्टील और पावर सेक्टर में क्षमता बढ़ाएगी और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेगी।अंबुला सीमेंट (एपीजेएएल पावर प्लांट): सीमेंट क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी पावर प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 1000 करोड़ का निवेश करेगी।गूगल क्लाउड: आईटी विभाग के साथ मिलकर राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, एआई का ढांचा तैयार करने और डेटा सुरक्षित रखने पर काम करेगी। वाधवानी ग्रुप: युवाओं और सरकारी अधिकािरयों को आधुनिक एआई तकनीक, कोडिंग और डिजिटल िस्कल्स की ट्रेनिंग देगा।ईज माई ट्रिप प्लानर्स: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पार्टनर बनी है। यह झारखंड के माइनिंग टूरिज्म और सांस्कृतिक धरोहरों की ब्रांडिंग करेगी।वरुण बेवरेजेस: 409 करोड़ की लागत से नया बॉटलिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी समाज को मुख्य धारा से जोड़ें...मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आत्मा आदिवासी समाज में बसती है। जियाडा के नियमों में आदिवासियों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार करें, ताकि आदिवासी समुदाय भी औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
बारां के व्यापारियों को अब रेलवे से कम लागत में अपने माल को सुरक्षित भेजने की सुविधा मिलेगी
बारां | शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (बीजीपीएस) ने अपने टर्मिनल से गुरुवार को पहली डोमेस्टिक कंटेनर रैक का शुभारंभ किया। यह टर्मिनल रेलवे के गति शक्ति जीसीटी पॉलिसी के तहत स्केलर ग्रुप के स्वामित्व में है और पूरे दक्षिण-पूर्व राजस्थान का पहला मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स टर्मिनल है, जो दो रेल लाइनों, वेयरहाउस और साइलों की सेवा प्रदान कर रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि टर्मिनल से पहली कंटेनर रेक दक्षिण भारत में बैंगलोर के लिए रवाना की गई। कंपनी अपने इस टर्मिनल से आने वाले समय में लगातार कंटेनर ट्रेनों का परिचालन करने जा रही है, जो इस क्षेत्र के व्यापारियों और माल को देश के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ेगी। इस सुविधा से व्यापारियों को कम लागत और अपने माल को सुरक्षित तरीके से अंतिम गंतव्य पर भेजने की सुविधा मिलेगी। पहली कंटेनर ट्रेन का शुभारंभ पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल (सीनियर डीसीएम) के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने किया। इस अवसर पर स्केलर ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाग्यमनी सिंह, टर्मिनल प्रोजेक्ट प्रबंधक राकेश कुमार, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन, आईटीसी कंपनी और ट्रेड के कई लोग उपस्थित थे।
भारतीय व्यापार महोत्सव 12 अगस्त से, निर्यातकों को न्यौता
दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 15 अगस्त तक होने वाले भारतीय व्यापार महोत्सव (बीवीएम) को लेकर गुरुवार को सीतापुरा में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और एसोसिएशन ऑफ गारमेंट एक्सपोर्टर्स सीतापुरा (एजिस) की ओर से संवाद कार्यक्रम किया गया। इसमें कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने राजस्थान के उद्योगपतियों और व्यापारियों की महोत्सव में एग्जीबिटर्स और ट्रेड विजिटर्स के रूप में हिस्सा लेने का न्यौता दिया। उन्होंने कहा कि व्यापार महोत्सव निर्यात को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का मंच बनेगा। एजिस के अध्यक्ष डॉ. दिनेश गुप्ता ने कहा कि जयपुर के गारमेंट एक्सपोर्टर्स बड़ी तादाद में महोत्सव में हिस्सा लेकर नए बाजारों और व्यापारिक अवसरों का लाभ उठाएंगे। कार्यक्रम में कैट राजस्थान के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज गोयल, महासचिव हेमंत प्रभाकर, एजिस के संरक्षक राजीव दीवान और दलपत लोढ़ा, महासचिव सिद्धार्थ गढ़ैया सहित जयपुर के गारमेंट एक्सपोर्टर्स उपस्थित रहे।
ओडिशा: महंगाई भत्ता मामले में वन रेंजर गिरफ्तार, आय से 372 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली
ओडिशा सतर्कता विभाग ने एक सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास कथित तौर पर करोड़ों की चल और अचल संपत्ति पाई गई, जो उसकी ज्ञात आय के स्रोतों से 372 प्रतिशत अधिक है।
दमोह पुलिस ने गुरुवार शाम शहर के तीन गुल्ली इलाके में संचालित एक स्पा सेंटर पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर में तीन युवक और तीन युवतियां आपत्तिजनक हालत में पाए गए। पुलिस ने मौके से संचालक समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दी दबिश सीएसपी एचआर पांडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अंजाम दी गई। पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि इस स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) का धंधा चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने स्पा सेंटर पर अचानक दबिश दी। जबलपुर और कोलकाता की रहने वाली हैं युवतियां छापेमारी के दौरान मौके से ग्राहक के रूप में पहुंचे तीन युवकों भगवानदास, अंकुर और पप्पू को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, स्पा सेंटर का संचालक रीवा निवासी मोहम्मद आफताब अली है, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ी गई तीन युवतियों को महिला पुलिस की मदद से कोतवाली थाना लाया गया, जिनमें से एक जबलपुर और एक कोलकाता की रहने वाली है, जबकि तीसरी युवती के पते की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि शहर में करीब 10 स्पा सेंटर संचालित हैं, जिन पर अक्सर ऐसे आरोप लगते रहते हैं। अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में तीन महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। सीएसपी ने पांडे ने बताया- शहर में स्पा सेंटर मसाज सेंटर के रूप में ही रजिस्टर्ड होते हैं, लेकिन यदि कहीं भी नियमों के विरुद्ध गलत काम होने की शिकायत मिलेगी, तो आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अगर आप स्टार्टअप या किसी इंक्यूबेटर के साथ काम करते हुए पेटेंट कराते हैं, तब भी आप पीएचडी कर सकते हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह ने कानपुर में बताया कि हम रूल्स चेंज करने की कोशिश कर रहे हैं। जो आज पीएचडी का एक तरीका है कि दो पब्लिकेशन आपको करने होते हैं, तो अब हम उस पे जा रहे हैं कि अगर पेटेंट करेंगे तो भी पीएचडी कर सकते हैं। प्रो. सिंह सीएसजेएमयू कानपुर के दीक्षांत में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। सीड मनी के लिए एआईसीटीई देगी फंड एआईसीटीई के चेयरमैन ने कहा कि आप अगर अपनी कंपनी शुरू करना चाहते हैं, आपका स्टार्टअप कंपनी है और इनोवेशन में कुछ करेंगे, तो आप 5 साल इन्वेस्ट कीजिए, इनक्यूबेटर में काम कीजिए। वहाँ पर आपको सीड मनी है और व्यवस्थाएं मिलेंगी, उसको एआईसीटीई फंड करेगी। और बाद में आप अपना प्रोडक्ट बनाते हैं, आपकी कंपनी चलती है, तो साथ-साथ में आपको पीएचडी भी मिल जाएगी। रीजनल लैंग्वेज से पढ़ने वाले बच्चों के मन में भय प्रो. योगेश सिंह ने टेक्निकल एजुकेशन के कोर्सेज को रीजनल लैंग्वेजेज में ट्रांसलेट पर बताया कि आज फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर, थर्ड ईयर तक का पूरा करिकुलम भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। फिलहाल कुछ सौ बच्चे एडमिशन ले रहे हैं, बहुत सारी जगह सीट्स खाली हैं। तो उसका रीज़न एक ही है कि बच्चों के मन में कहीं भय है। उनको लगता है कि अगर इंग्लिश माध्यम में पढ़ाई करेंगे, तो हमको अच्छी जॉब मिलेगी। कार्पोरेट वर्ल्ड की जिम्मेदारी भय को निकाले अभी कॉर्पोरेट वर्ल्ड की ज़िम्मेदारी है और हम एजुकेशन से जुड़े लोगों की भी ज़िम्मेदारी है कि इस भय को बच्चों के मन से निकालें। यह धीरे-धीरे जाएगा, तो उसके बाद में यह आपको इसमें बढ़त देखने को मिलेगी। तो भाषा एक प्रभावी माध्यम है किसी भी चीज़ के लिए। लेकिन अब देश बदलता है, तो धीरे-धीरे ही बदलता है। शिक्षा के परिवर्तन बहुत धीरे आते हैं और धीरे आने भी चाहिए। एआई से फायदा होने वाला एआई के बढ़ते उपयोग पर कहा कि एआई से फायदा ही होने वाला है। भारत को तो नुकसान नहीं होगा। कंपैरिजन और एनालिसिस करना है, तो एआई आपको करके दे रहा है। पर उसमें से नया क्या निकालना है, क्या इनोवेशन हो सकती है, क्या समझ से हम लोगों की जिंदगी को अच्छा बनाने के लिए कुछ निकाल सकते हैं। यह तो मानव के मस्तिष्क का काम है।
बालाघाट वाणिज्यिक कर विभाग ने समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने वाले करदाताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने ऐसे 56 पंजीकृत व्यापारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन सभी व्यापारियों को लेट फीस के संबंध में नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। समय पर रिटर्न दाखिल करना वैधानिक दायित्व राज्य कर सहायक आयुक्त सरिता सिरसाम ने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत करदाता के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल करना एक वैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद कई करदाता लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और तय समय पर रिटर्न जमा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण विभाग को यह दंडात्मक कदम उठाना पड़ा है। लापरवाही पर लगेगा भारी ब्याज और पेनल्टी सहायक आयुक्त ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि रिटर्न दाखिल करने में देरी होने पर नियमानुसार विलंब शुल्क और ब्याज तो वसूला ही जाएगा, साथ ही अन्य वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि जो करदाता लगातार रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सबसे कठोर कदम उठाते हुए उनका जीएसटी पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) हमेशा के लिए निरस्त किया जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट की जीएसटी रिटर्न की समय-सीमा वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यापारियों की सुविधा और स्पष्टता के लिए टर्नओवर के आधार पर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीखें दोबारा जारी की हैं। सहायता के लिए संपर्क करने की अपील वाणिज्यिक कर विभाग ने सभी बकायादार करदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अपने लंबित जीएसटी रिटर्न तुरंत दाखिल करें। विभाग का मानना है कि समय पर कर अनुपालन से प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है। यदि किसी व्यापारी को रिटर्न दाखिल करने में कोई तकनीकी या प्रक्रियागत परेशानी आ रही है, तो वे सीधे राज्य कर सहायक आयुक्त कार्यालय, बालाघाट वृत्त या नजदीकी जीएसटी सहायता केंद्र पर जाकर मार्गदर्शन ले सकते हैं।
भारी गिरावट से उबरा बाजार, सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24,000 के करीब
पिछले दिन की भारी गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ
Share Bazaar में लौटी रौनक, Sensex 238 अंक उछला, Nifty में भी आई तेजी
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में एक दिन की भारी गिरावट के बाद फिर से रौनक लौटी है। कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन यानी आज बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी हरे निशान पर रहे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक (0.31%) की बढ़त के ...
गुरुग्राम जिले के सोहना शहर में पिछले चार दिनों से जारी बिजली कटौती के विरोध में व्यापार मंडल, नगर पार्षदों और गणमान्य नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) से मुलाकात की। उन्होंने अघोषित कटौती और शिकायत निवारण में लापरवाही पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सोहना में पिछले चार दिनों से 12 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। गर्मी के कारण नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। पेयजल आपूर्ति, व्यापारिक गतिविधियां और दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए हैं। शिकायत केंद्र पर बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान न होने से उपभोक्ताओं में असंतोष है। एक्सईएन बोले- तकनीकी कमी से बाधित हो रही आपूर्ति कार्यकारी अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि विभाग में कर्मचारियों की कमी और पावर हाउस में तकनीकी समस्याओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही शहर में निर्बाध आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल एक्सईएन के आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती जारी रही, तो व्यापार मंडल, जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों के सहयोग से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस अवसर पर व्यापार मंडल के प्रधान मनोज बजरंगी, ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य राजेंद्र बागड़ी, पार्षद हरीश नंदा, पार्षद गुरुवचन, पार्षद टेकचंद, बॉबी और अशोक सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार और उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। विधेयक लागू होने के बाद निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) और दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में कारोबार करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक सब्जी विक्रेता और उसके साथियों के साथ दिनदहाड़े मारपीट, पथराव और मोटरसाइकिलें छीनने का मामला सामने आया है। बुधवार को हुई इस वारदात के विरोध में गुरुवार को बोरी नगर के व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी दुकानें बंद रखी और बाजार बंद का आह्वान किया। पुलिस के अनुसार, बोरी इमली चौक निवासी और लहसुन-प्याज के कारोबारी फरियादी दुर्गेश ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दुर्गेश बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर प्याज का थैला रखकर दुकान की तरफ जा रहा था। तभी जैन मंदिर के सामने उसे जितेंद्र, मुकेश और उनके दो अन्य साथी मिले। साइड से चलने की बात को लेकर आरोपियों ने दुर्गेश की चलती बाइक में लात मार दी और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब दुर्गेश ने गाली देने से मना किया, तो जितेंद्र और मुकेश ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद आरोपी उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने लगे। अपने दोस्त को मुसीबत में देख जब रोहित और दीपक बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपियों ने चूलिया रोड पर उन पर भी पत्थरों से हमला कर दिया। इस पथराव में रोहित के सिर और दीपक के सिर और पीठ पर चोटें आई हैं। फालिया-गोफन दिखाकर दी धमकी, दो बाइक भी लूटीं फरियादी दुर्गेश ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने धारदार हथियार फालिया और गोफन दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही आरोपी मौके से रोहित की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (MP-69-ZC-2707) और दुर्गेश की पल्सर मोटरसाइकिल (MP-09-VN-6884) भी जबरन अपने साथ लूट ले गए। इस पूरी वारदात के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में रोहित, संदीप और विशाल के नाम भी पुलिस रिपोर्ट में दर्ज किए गए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज, व्यापारियों में भारी आक्रोश वारदात के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए बोरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इसके बाद फरियादी अपने साथियों के साथ बोरी थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। इधर, दिनदहाड़े हुई इस गुंडागर्दी की घटना से बोरी नगर के व्यापारियों में भारी गुस्से और डर का माहौल देखा गया। आरोपियों की इस हरकत के खिलाफ गुरुवार को नगर पूरी तरह बंद रहा और बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की पुरजोर मांग की है।
महंगाई और AI के बीच घिरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, IMF की रिपोर्ट में भारत के लिए आई राहत की खबर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा 'मिनट्स' (बैठक का ब्योरा) ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। फेड ने अपनी हालिया चर्चाओं में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के सामने खड़े तीन बड़े खतरों का जिक्र किया है, जो आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगे। फेड की रिपोर्ट में महंगाई (Inflation), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव को सबसे बड़ी चिंता बताया गया है। इन चिंताओं के कारण ब्याज दरों में कटौती को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार और निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।फेड की तीन बड़ी चिंताएं: क्या है अर्थव्यवस्था का हाल?फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने अपनी बैठक में साफ किया है कि महंगाई अभी भी उनके लक्ष्य से ऊपर है, जिससे नीतिगत दरों में राहत देने में देरी हो सकती है। दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी को लेकर फेड ने दोधारी तलवार वाली स्थिति का जिक्र किया है—जहां एक तरफ यह उत्पादकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता और श्रम बाजार में बदलाव का डर भी बना हुआ है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट के तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। इन तीनों मोर्चों पर फेड की सतर्कता यह संकेत दे रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों पर फैसला अभी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।IMF ने भारत को लेकर दी बड़ी राहत की खबरएक तरफ जहां दुनिया के प्रमुख देश अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। आईएमएफ ने भारत की विकास दर को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। आईएमएफ के अनुसार, भारत का घरेलू उपभोग और नीतिगत सुधार इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। फेड की चिंताओं के बीच आईएमएफ का यह बयान विदेशी निवेशकों के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी भी रहती है, तो भारत के फंडामेंटल्स इसे बड़े झटकों से बचाने में सक्षम हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत में निवेश की संभावनाओं को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख कंपनियों के लीडर्स को भारत में आने और विस्तार करने का खुला निमंत्रण दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार की बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा। इस न्योते को भारत के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए एक आकर्षक मंच तैयार हो रहा है।CECA समझौता: आर्थिक विकास के नए रास्तेCECA यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की रीढ़ माना जा रहा है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला कि यह समझौता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दोनों देशों के उद्योगों के लिए अवसरों का एक नया द्वार खोलेगा। इस एग्रीमेंट के पूरा होने से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई निवेश को गति मिलेगी। साथ ही, भारतीय कंपनियों को भी ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक सीधी और आसान पहुंच प्राप्त होगी। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह सक्रियता भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का बढ़ता दायराऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत आमंत्रित करना और उनके साथ उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित करना, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने का संकेत है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे में हो रहा सुधार ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए बेहतरीन मौके पेश कर रहा है। तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता भारत के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस दिशा में चल रहे प्रयासों से आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में तालमेल बढ़ने की पूरी संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेश के 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। कंपनी ने लोगों को हर महीने 10% प्रॉफिट और रकम डबल करने का झांसा दिया था। शुरू के कुछ महीने में मुनाफा दिया गया, लेकिन पिछले 10 महीनों से रुपए मिलने बंद हो गए। तब जाकर लोगों को ठगी का एहसास हुआ। बुधवार को मुख्य आरोपी योगेश साहू किसी दूसरे मामले में कोर्ट पहुंचा था। निवेशकों ने योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। योगेश पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एरिना कैपिटल का संचालक है। इस मामले में सुपेला पुलिस ने योगेश के सहयोगी मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे ने 63 लाख रुपए निवेश किए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है। वहीं, दूसरा मामला कोंडागांव जिले का है जहां 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। केशकाल पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कम समय में पर्सनल लोन दिलाते थे और कुल राशि का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही देते थे। शेष 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। केस 1 - रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी पहला मामला दुर्ग जिले के भिलाई का है। शिकायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को बताया कि, कंपनी के लोगों को निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। आरोपियों का ऑफिस स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है। राजू नामदेव के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रखा गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और ऑफिस जाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। इन लोगों से भी ठगी हुई शिकायत में यह भी कहा गया है कि, सिर्फ राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता, अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अभी कई शिकायतकर्ता धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश भर में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है। 2025 में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थाने में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं। दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाने ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरे शिकायकर्ता ने कहा- ‘मेरा भी डेढ़ करोड़ का नुकसान’ इसी मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि, उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उनका कहना है कि सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे हुए हैं। पूरे प्रदेश में लोग हुए हैं शिकार शिकायकर्ता विवेक सिंह का दावा है कि, पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं। ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब पता चला कि आरोपी कोर्ट आया है तो निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। उन्होंने इस संबंध में भी पुलिस को आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने शुरू की जांच फिलहाल, सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि, इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी रकम का निवेश कराया गया। केस 2 - 43 शिक्षकों से ठगी कोंडागांव जिले के 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ की ठगी हुई है। 5 आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसे में लेकर उनके नाम पर बैंक लोन निकलवाए और लोन की 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने ये भी भरोसा दिलाया कि 2-3 सालों में पूरा लोन, एचआरए सहित चुका दिया जाएगा। इससे शिक्षक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते थे। बाद में आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे और पूरी ईएमआई का बोझ शिक्षकों पर आ जाता था। 3 महीने की जांच के बाद केशकाल पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 43 शिक्षकों से 10-12 करोड़ की ठगी का खुलासा: बैंकिंग सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर उठाए कई लोन, जांच के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार कम समय में अधिक पैसा कमाने और एक साथ कई बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर शिक्षकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला संगठित गिरोह का कोंडागांव पुलिस ने पर्दाफाश किया है। करीब तीन महीने तक चली तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद फरसगांव और केशकाल पुलिस ने पांच आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…
आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आज सुबह से ही खरीदारी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज 500 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार के इस सकारात्मक रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आ रही इस तेजी ने निवेशकों के बीच विश्वास पैदा किया है, जिससे चुनिंदा मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में भी रौनक देखी जा रही है।बाजार में तेजी का कारण और निफ्टी का नया पड़ावबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिके रहना एक मजबूत संकेत है। यदि बाजार इसी गति को बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में नए उच्चतम स्तर देखने को मिल सकते हैं। सेंसेक्स में 500 अंकों की उछाल के पीछे बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। बाजार की इस तेजी के दौरान चुनिंदा स्टॉक्स में मुनाफावसूली का दौर भी चल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर मार्केट का सेंटीमेंट 'बुलिश' बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में किसी भी बड़ी हलचल के दौरान सतर्क रहें और अपने पोर्टफोलियो को सावधानी से मैनेज करें।Dr. Reddy’s में बड़ी गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ीजहाँ एक ओर बाजार में हरियाली है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के शेयरों में आज भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के शेयर आज के कारोबारी सत्र में करीब 6 फीसदी तक टूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे बाजार में चल रही नकारात्मक खबरों और तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। अचानक आई इस गिरावट से फार्मा सेक्टर के निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और तकनीकी चार्ट को जरूर देखें।
रायबरेली में रातापुर-गल्ला मंडी मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय व्यापारियों और देवानंदपुर के सभासद जयप्रकाश वर्मा ने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के गहरे गड्ढों में धान के पौधे लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गड्ढामुक्त प्रदेश' के दावों पर सवाल उठाता है। यह मार्ग रायबरेली शहर को अयोध्या और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे से जोड़ता है। तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण वर्ष 2013 में हुआ था। लगभग 13 वर्षों से यह सड़क बदहाल है और अब पूरी तरह उखड़ चुकी है। 100 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे इस मार्ग पर 100 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। जिले की प्रमुख गल्ला मंडी इसी मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां व्यावसायिक वाहनों का भारी दबाव रहता है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिदिन लगभग 50,000 लोग, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लोग चोटिल होते हैं। देवानंदपुर के सभासद जयप्रकाश वर्मा ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में जिला अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के 'आईजीआरएस' (IGRS) पोर्टल तक दर्जनों शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, हर बार उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही मिला। वर्मा ने यह भी कहा कि यह सड़क सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली सड़कों में से एक है, फिर भी रायबरेली का कोई भी जनप्रतिनिधि इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग दो-तीन महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने बारिश से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है।
बंगाल में ईडी की बड़ी कार्रवाई, क्रिप्टो और चिटफंड निवेश मामलों में कई ठिकानों पर छापेमारी
पश्चिम बंगाल में ईडी ने क्रिप्टो निवेश, चिटफंड और फर्जी शेयर बाजार योजनाओं से जुड़े मामलों में दुर्गापुर, हावड़ा और नदिया सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच और एसपी की अनुमति के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न और 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे और उसके परिवार से करीब 8.96 लाख रुपए निवेश कराए। बाद में केवल 90 हजार रुपए लौटाए गए, जबकि 8.05 लाख रुपए हड़प लिए गए। गुजरात में प्लॉट दिलाने का लालच शिकायतकर्ता कंवर साहिब निवासी त्यागी गार्डन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निर्मल और सुखदास को पहले से जानता था। इन्हीं के माध्यम से उसकी पहचान अंबाला निवासी अभिषेक गोयल और प्रदीप राणा से हुई। दोनों ने उसे एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम की क्रिप्टो करेंसी स्कीम के बारे में बताया। आरोपियों ने दावा किया कि इस योजना में निवेश करने पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा अधिक निवेश करने पर परिवार सहित थाईलैंड का मुफ्त टूर और धोलेरा स्मार्ट सिटी (गुजरात) में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया गया। चेक की वैधता हुई समाप्त शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उसने मई से अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 8 लाख 95 हजार 900 रुपए निवेश किए। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसके खाते में 90 हजार रुपए वापस भेजे, लेकिन इसके बाद कोई रकम नहीं लौटाई। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 8 लाख रुपए और 3.66 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक दिए। बाद में कहा कि चेक बैंक में जमा न करें, वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर कर देंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके भरोसे में आकर उसने चेक बैंक में जमा नहीं किए और इस दौरान चेक की वैधता समाप्त हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। अन्य लोगों से भी लाखों की ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। इनमें चुहड़पुर कलां निवासी मोहन लाल से 18 लाख रुपए, प्रताप नगर निवासी नवीन कुमार से 20.70 लाख रुपए, गुमथला राव निवासी अनिल कुमार से 3.84 लाख रुपए और भम्भौली निवासी सुशील कुमार से 3.35 लाख रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ साढौरा थाना में वर्ष 2025 में भी कथित क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज है। गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अभिषेक गोयल निवासी महेश नगर अंबाला, प्रदीप राणा अंबाला और निर्मल निवासी अंबली अंबाला के खिलाफ केस दर्ज किया है।
डिंडौरी में चोरी के बाद किराना व्यापारी की हत्या:घर में अकेले थे व्यवसायी; आरोपियों की तलाश जारी
डिंडोरी जिले के विक्रमपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत हरई गांव में गुरुवार को एक किराना व्यवसायी की चोरी के बाद हत्या कर दी गई। अज्ञात बदमाशों ने व्यवसायी के घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान हरई निवासी किराना व्यवसायी ऊधोराम साहू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। विक्रमपुर चौकी पुलिस प्रभारी अतुल हरदहा भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। आरोपियों ने चोरी करने के बाद हत्या की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात के समय व्यापारी घर में अकेले थे। पुलिस आशंका जता रही है कि अज्ञात आरोपियों ने चोरी की घटना को अंजाम देने के दौरान ही उनकी हत्या की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की विवेचना जारी है। एसडीओपी अजय तिवारी ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। चोरी में कितना सामान ले जाया गया और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रियता से काम कर रही हैं।
व्यापारी से रोहित गोदारा गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपए की रंगदारी (फिरौती) मांगी गई है। फिरौती की रकम नहीं देने पर आरोपी ने व्यापारी के ऑफिस में गैस सिलेंडर फेंककर उड़ाने और पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी दी है। धमकी के बाद से व्यापारी और उसका पूरा परिवार सहमा हुआ है। यह मामला बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ के दुलचासर का है। पीड़ित व्यापारी के भाई ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित रिपोर्ट दी है। 5 और 7 जुलाई को आए धमकी भरे फोन व्यापारी के भाई ने एसपी को दी गई रिपोर्ट में बताया कि 5 और 7 जुलाई को उनके पास वीरेंद्र चारण नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताया और सीधे 5 करोड़ रुपए की मांग कर दी। आरोपी ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि अगर रुपए नहीं मिले तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। घर में कैद हुआ परिवार शिकायत के अनुसार, धमकी देने वाले ने व्यापारी को डराने के लिए कहा कि यदि पांच करोड़ रुपए का इंतजाम नहीं हुआ, तो वे उनके ऑफिस में गैस सिलेंडर फेंककर उसे ब्लास्ट कर देंगे। इसके साथ ही आरोपी ने परिवार के सभी सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी है। इस घटना के बाद से डरा-सहमा परिवार अब घर से बाहर निकलने में भी कतरा रहा है। पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा, निष्पक्ष जांच की गुहार लगातार मिल रही धमकियों से परेशान पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। लिखित रिपोर्ट में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की जाए। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और व्यापारी व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। शिकायत मिली है, जांच जारी है श्रीडूंगरगढ़ की SHO संध्या विश्नाई ने कहा- इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को शिकायत मिली है, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की तेजी के साथ हुई। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 336 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,822 और निफ्टी 112 अंक या 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,994.35 पर था।
पिछले छह महीने वैश्विक और भारतीय निवेशकों के लिए बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं। पहले घरेलू इक्विटी मार्केट में मंदी आई और फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स औंधे मुंह गिर गए। आमतौर पर जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की तरफ भागते हैं क्योंकि इन दोनों एसेट क्लास में उल्टा संबंध (Inverse Relationship) होता है। लेकिन इस बार इतिहास ने खुद को नहीं दोहराया। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें न घटाने के कड़े संकेतों के चलते पिछले 6 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% की भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के दबाव से सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट चुके हैं। जब कमाई के ये दोनों मुख्य रास्ते बंद हो गए, तब म्यूचुअल फंड की एक खास कैटेगरी 'मल्टी एसेट एलोकेशन फंड' (Multi-Asset Allocation Fund) निवेशकों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी और तगड़ा मुनाफा कराया।सेबी के नियम और निवेश का पूरा गणितमार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% का निवेश (Allocation) बनाए रखें। ये तीन मुख्य साधन होते हैं:इक्विटी (Equity): शेयर बाजार में निवेश।डेट (Debt): फिक्स्ड इनकम और सरकारी सिक्योरिटीज।कमोडिटी (Commodity): सोना, चांदी या रियल एस्टेट (REITs)।चूंकि अलग-अलग समय पर हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है, इसलिए यह फंड ऑटोमैटिक तरीके से आपके रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर देता है।इन टॉप फंड्स ने पिछले 3 साल में दिया 20% तक का सालाना रिटर्नइस कैटेगरी में सबसे बड़ी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभालने वाले फंड्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को भी मात दे दी है। पिछले 3 सालों के प्रदर्शन की तालिका नीचे दी गई है:म्यूचुअल फंड का नामपिछले 3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड19.92%एसबीआई (SBI) मल्टी एसेट एलोकेशन फंड17.50%आदित्य बिड़ला सन लाइफ मल्टी एसेट फंड17.40%मोतीलाल ओसवाल मल्टी एसेट फंड13.90%बार-बार पोर्टफोलियो बदलने के झंझट से मुक्तिमल्टी एसेट फंड का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि इसमें खुद निवेशकों को बाजार की चाल देखकर बार-बार अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (बदलना) नहीं करना पड़ता। फंड मैनेजर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए खुद ही पैसे को सही जगह शिफ्ट कर देते हैं। इससे निवेशकों का पैसा केवल उन एसेट्स में फंसने से बच जाता है जो पहले अच्छा कर रहे थे पर अब मंदी में हैं। यह फंड उन एसेट्स में भी सही समय पर एंट्री दिलाता है जिन्हें वर्तमान में बाजार पसंद नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में वे बंपर रिटर्न दे सकते हैं।बाजार के दिग्गजों की राय: पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए यही है बेस्ट टाइमफाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का साफ मानना है कि यदि आप मौजूदा वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों में अपने निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने का यह सबसे सही और सटीक समय है। मल्टी-एसेट फंड्स जोखिम को बहुत कम कर देते हैं क्योंकि जब इक्विटी और कमोडिटी दोनों नीचे जा रहे हों, तब डेट (Fixed Income) वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भारी गिरावट से बचाए रखता है। नए और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह हाइब्रिड मॉडल सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।
करनाल शहर में एक कारोबारी को वॉट्सएप कॉल और ऑडियो मैसेज के जरिए रोहित गोदारा गैंग द्वारा 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। आरोपियों ने परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। धमकी देने वाले ने कारोबारी के बेटे की पढ़ाई और गतिविधियों तक की जानकारी होने का दावा किया, जिससे परिवार दहशत में आ गया। शिकायत के आधार पर सदर थाना करनाल में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता कारोबारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पेशे से बिजनेसमैन हैं और उनकी फैक्ट्री भी है। बीती 1 जुलाई को करीब पौने 7 बजे उनके मोबाइल नंबर पर वॉट्सएप के जरिए वॉइस कॉल आई, जिसे वह उठा नहीं सके। इसके तुरंत बाद करीब 45 सेकंड का ऑडियो मैसेज आया। नाम लेकर मांगी फिरौती, बेटे की जानकारी भी दीजब उन्होंने ऑडियो सुना तो उसमें कॉलर ने खुद को एक बड़े गैंग से सम्बंधित बताया और गैंग का हवाला देते हुए 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। ऑडियो में आरोपी ने उनके बेटे का नाम लेते हुए कहा कि उसे पता है कि वह कहां पढ़ता है और उसकी पूरी रेकी की जा चुकी है। इस बात से शिकायतकर्ता को यकीन हो गया कि धमकी देने वाले को उनके परिवार की पूरी जानकारी है। विदेशी नंबर से आया मैसेज, पुलिस को सौंपे सबूत धमकी देने वाला ऑडियो एक विदेशी मोबाइल नंबर से भेजा गया था। शिकायतकर्ता ने इस नंबर से प्राप्त ऑडियो और स्क्रीनशॉट अपनी शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिए हैं। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरूमामले की जच सब इंस्पेक्टर संदीप को सौंपी गई है। सदर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। घटना के बाद पीड़ित और उनका परिवार डरे हुए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा देने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। SHO सदर तरसेम का कहना है कि शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
बस्तर फाइटर्स भर्ती संशोधन को हरी झंडी मिल गई है। ये फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें उद्योगों, आम जनता और किरायेदारों से जुड़े कानूनों को सरल और समकालीन बनाने के लिए कई अहम संशोधन भी शामिल हैं। इसके तहत राज्य में देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लागू होने जा रहा है, जिसमें छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों पर जेल का प्रावधान समाप्त कर केवल जुर्माने का नियम बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले नवा रायपुर के लिए ओटीएस योजना: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के आबंटित भूखंडों व निर्मित परिसरों के बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ को मंजूरी दी गई है। इससे इच्छुक न होने वाले आबंटिती समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे। प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए ‘रक्षित निधि’: छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब इसमें ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा।
होम स्टे में स्टार्टअप चांस : आपका रहना जरूरी नहीं, अब 8 कमरों की छूट, पूरी प्रोसेस ऑनलाइन
लेकसिटी के युवा उद्यमियों और टूरिज्म सेक्टर में कॅरिअर बनाने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए राजस्थान होम स्टे योजना-2026 लागू कर दी है। इसके तहत रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन कर दी गई है। नियमों में बड़ी ढील मिलने से अब युवा अपनी पढ़ाई या जॉब के साथ इसे एक बेहतरीन साइड-बिजनेस या स्टार्टअप के रूप में आसानी से ऑपरेट कर सकेंगे। नए नियमों के अनुसार अब घर बैठे आवेदन किया जा सकेगा। यानी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत खत्म होगी। अब राजस्थान सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज पूरे होने पर पर्यटन विभाग मात्र 7 दिनों के भीतर अस्थायी (प्रोविजनल) रजिस्ट्रेशन जारी कर देगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि मकान मालिक के खुद उसी परिसर में रहने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब केयरटेकर रखकर भी होम स्टे चलाया जा सकेगा। पुरानी नीति में अधिकतम 5 कमरों की ही लिमिट थी, जिसे बढ़ाकर अब 8 कमरे कर दिया गया है। इससे युवाओं की अर्निंग और बिजनेस का स्केल बढ़ेगा।
त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में शामिल होंगे सिंधिया, निवेश और औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 9 जुलाई को एक दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा जाएंगे। इस दौरान वह अगरतला के हापानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय मेला मैदान में आयोजित त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कुवैत में जयशंकर की अहम बैठकें, ऊर्जा, रक्षा और व्यापार सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने बुधवार को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय के कल्याण और सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए कुवैत सरकार का धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने भारत-कुवैत संबंधों को और मजबूत बनाने की उनकी सोच का स्वागत किया।
दरभंगा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपाधीक्षक उदय शंकर ने बुधवार को बताया कि सूचना मिली थी कि लहेरियासराय थाना क्षेत्र के जीएन गंज स्थित पंजाब […] The post दरभंगा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .
मंडी परिषद की नई व्यवस्था पर व्यापारियों का हल्ला:बोले- जियो टैगिंग और गेट पास नियम वापस लो
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की नई जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था और गेट पास की समय-सीमा के विरोध में प्रदेशभर से आए गल्ला, सब्जी और किराना व्यापारियों ने गोमतीनगर स्थित मंडी परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बुधवार को शाम 4 बजे व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए चार सूत्रीय ज्ञापन मंडी परिषद के निदेशक इंद्रविक्रम सिंह को सौंपा और नई व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में व्यापारियों ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के 73 हजार से अधिक कृषि उत्पाद के थोक व्यापारी, 25 लाख से ज्यादा फुटकर कारोबारी और मंडियों से जुड़े करोड़ों किसान अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। पहले से ऑनलाइन व्यवस्था, फिर नई टैगिंग क्यों? ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि मंडी परिषद में पहले से 6-आर, 9-आर, गेट पास और दूसरे राज्यों से आने वाले कृषि उत्पादों के लिए प्री-अराइवल स्लिप की ऑनलाइन व्यवस्था लागू है। इससे मंडी शुल्क चोरी की कोई संभावना नहीं रहती। इसके बावजूद 1 जुलाई 2026 से जियो ऐप के जरिए वाहन लोडिंग और अनलोडिंग के समय अनिवार्य वाहन टैगिंग लागू कर दी गई है, जो 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अधिकांश 251 गल्ला मंडियां ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जहां छोटे व्यापारी तकनीकी व्यवस्था का आसानी से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसका सीधा असर किसानों की उपज की खरीद-बिक्री पर पड़ेगा। गेट पास की समय सीमा पर भी जताया विरोध व्यापारियों ने गेट पास की तय समय-सीमा को भी अव्यावहारिक बताया। उनका कहना है कि एक जिले से दूसरे जिले तक कृषि उत्पाद पहुंचाने में कई बार ट्रैफिक और अन्य कारणों से देरी हो जाती है। ऐसे मामलों में समय सीमा खत्म होने पर दंड लगाया जा रहा है, जबकि मंडी शुल्क चोरी की कोई संभावना नहीं होती। छोटे वाहनों में दोबारा टैगिंग संभव नहीं प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय वाजपेयी ने कहा कि नए नियमों के तहत हर बार माल भेजते समय और गंतव्य तक पहुंचने के बाद वाहन टैग करना अनिवार्य किया गया है। कई बार छोटे वाहन ट्रांसपोर्ट नगर में माल उतारकर दूसरे वाहनों में शिफ्ट करते हैं। ऐसे में दोबारा वाहन टैगिंग व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। किसी तकनीकी त्रुटि पर दंड का प्रावधान व्यापारियों के उत्पीड़न का कारण बनेगा। पार्टनरशिप और लाइसेंस प्रक्रिया आसान करने की मांग व्यापारियों ने प्रोपराइटरशिप फर्म को पार्टनरशिप में बदलने के नियमों को भी जटिल बताया। उनका कहना है कि नए पार्टनर से दुकान की अधिकतम बोली राशि का 51 फीसदी जमा कराने की शर्त अव्यावहारिक है, जिसके कारण अब तक एक भी आवेदन नहीं हुआ। इसके साथ ही नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने, गारंटर की अनिवार्यता खत्म करने और जरूरी दस्तावेजों की संख्या कम करने की भी मांग उठाई गई। निदेशक ने दिया सरलीकरण का आश्वासन प्रदर्शन के बाद मंडी परिषद के निदेशक इंद्रविक्रम सिंह ने व्यापारियों की सभी मांगें सुनने के बाद नियमों के सरलीकरण का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गल्ला, किराना व कृषि उत्पाद कारोबारियों ने हिस्सा लिया।
दरभंगा शहर के लहेरियासराय थाना क्षेत्र स्थित जीएन गंज में पंजाब नेशनल बैंक के सामने संचालित एक स्पा सेंटर में पुलिस ने छापेमारी की है। यहां देह व्यापार के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यहां से 6 लोग अरेस्ट हुए है। डीएसपी उदय शंकर ने बताया है कि यहां ग्राहक फोन में फोटो देख कर लड़की को पसंद करते थे। कार्रवाई के दौरान तीन युवतियां, स्पा सेंटर के संचालक की पत्नी, एक ग्राहक और स्पा सेंटर का मैनेजर सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार चारों महिलाओं को पुलिस की निगरानी में वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है, जबकि फरार संचालक की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। क्राइम ब्रांच के डीएसपी उदय शंकर ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक ग्राहक और एक युवती को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। मौके से पुलिस ने जांच से संबंधित कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार युवतियां दिल्ली, गुजरात सहित अन्य राज्यों की रहने वाली हैं। पुलिस के अनुसार उन्हें शहर के विभिन्न होटलों में ठहराया जाता था और ग्राहक मिलने पर स्पा सेंटर बुलाया जाता था। पसंद आने के बाद बुलाया जाता था स्पा सेंटर जांच के दौरान पुलिस ने मैनेजर और एक युवती के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कई अन्य युवतियों की तस्वीरें मिलीं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ग्राहकों को पहले मोबाइल फोन पर युवतियों की तस्वीरें दिखाई जाती थीं। पसंद आने के बाद उन्हें स्पा सेंटर बुलाया जाता था। पुलिस के मुताबिक संबंधित स्पा सेंटर करीब तीन महीने पहले ही शुरू हुआ था। हालांकि, छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर का संचालक मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। डीएसपी ने बताया कि मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से आवश्यक सबूत और नमूने इकट्ठे किए हैं। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े थे और क्या इसका संबंध अन्य शहरों या राज्यों से भी था। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पलवल एसटीएफ यूनिट ने ई-कॉमर्स कंपनियों के ट्रकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड नईम को गिरफ्तार किया है। उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह बिहार के अररिया जिले में एक गंभीर मामले में वांछित था। आरोपी को गुप्त सूचना पर नूंह से पकड़ा गया। एसटीएफ यूनिट पलवल के प्रभारी अनिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नईम, जो नूंह के सतपुतिया गांव का निवासी है, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के कीमती सामान ले जाने वाले ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का संचालन करता था। वह ट्रक चालकों की मिलीभगत से वारदातों को अंजाम देता था। 10 से 15 वारदातों में रहा शामिल नईम लूटे गए सामान को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से ठिकाने लगवाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी 10 से 15 वारदातों में शामिल रहा है, जिनमें से कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2023 में फरीदाबाद के सेक्टर-58 थाने में दर्ज एक ट्रक लूट के मामले में भी करीब तीन साल से फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंप दिया गया है। बिहार पुलिस उससे आगे की पूछताछ करेगी, ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
बिलासपुर में अघोषित बिजली कटौती से परेशान सकरी के नागरिकों और व्यापारियों ने बुधवार (8 जुलाई) को सकरी बंद रखा। व्यापारियों ने बाजार बंद कर बिजली कार्यालय का घेराव किया और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा। सकरी व्यापारी संघ के अनिल कौशिक ने बताया कि पिछले चार महीनों से सुबह के समय लगातार बिजली कटौती हो रही है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों को तीन बार चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में व्यापारी संघ ने सकरी बंद का निर्णय लिया, जिसे क्षेत्रवासियों का भी समर्थन मिला। बाजार बंद, व्यापार पर असर बुधवार सुबह सकरी के अधिकांश बाजार और दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के हो रही बिजली कटौती से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली नहीं रहने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो जाते हैं, ग्राहक परेशान होते हैं और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पानी की समस्या भी बढ़ी व्यापारियों ने बताया कि सुबह बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कारोबार ठप होने से दुकानदार अपने कर्मचारियों को समय पर मजदूरी तक नहीं दे पा रहे हैं। बिजली कार्यालय का घेराव व्यापारी और स्थानीय नागरिक बिजली कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी व्यापारी संघ ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि पूरे सकरी क्षेत्र की जनता की समस्या को लेकर है। यदि अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं हुई और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा चक्का जाम जैसे कदम उठाए जाएंगे।
झज्जर शहर के सबसे व्यस्त बैंक रोड की बदहाल हालत ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और नगर परिषद की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून शुरू होने से पहले सड़क निर्माण के लिए रोड को उखाड़ दिया गया था, लेकिन करीब 2 महीने बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और जलभराव होने से दुकानदारों, बैंक उपभोक्ताओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक रोड शहर का प्रमुख व्यावसायिक मार्ग है। इसी सड़क पर आधा दर्जन से अधिक बैंक, कई शोरूम, कैफे, सैलून और अन्य प्रतिष्ठान संचालित हैं। प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन अधूरी सड़क और जलभराव के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। दुकानों तक पहुंचा बारिश का पानी बारिश के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी दुकानों तक पहुंच गया। व्यापारियों का कहना है कि इससे सामान खराब होने का खतरा बना हुआ है और कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहकों को वाहन खड़े करने और दुकानों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है, जिससे बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने कहा कि यदि पीडब्ल्यूडी को सड़क निर्माण करना ही था तो मानसून से पहले काम पूरा करना चाहिए था। बारिश के मौसम में सड़क उखाड़ने और निर्माण अधूरा छोड़ने का खामियाजा अब आम लोगों और कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है। लोग बोले-नगर प्रशासन ने नहीं की कोई व्यवस्था बैंकों में आने वाले उपभोक्ताओं ने भी सवाल उठाए हैं कि जब बारिश का मौसम सामने था तो सड़क उखाड़ने से पहले निर्माण की समयबद्ध योजना क्यों नहीं बनाई गई। उनका कहना है कि रोजाना बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग भी इसी मार्ग से बैंकों तक पहुंचते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले में पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ओर सड़क निर्माण समय पर पूरा नहीं हुआ, वहीं दूसरी ओर नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था भी समय रहते नहीं की गई। इसका परिणाम यह है कि पहली ही अच्छी बारिश में सड़क तालाब जैसी नजर आने लगी। रोड निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग शहरवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक रोड का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मानसून के दौरान लोगों को राहत मिल सके और व्यापार भी प्रभावित न हो।
हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को विदेशी उद्यमियों के साथ एक अहम बैठक हुई। जिसमें सीएम नायब सिंह सैनी से IKEA इंडिया के सीईओ पैट्रिक एंटोनी ने चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर स्थित सीएम आवास पर मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम में कंपनी के करीब ₹4000 करोड़ के निवेश वाले प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। कंपनी ने प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी सरकारी मंजूरियां और क्लीयरेंस समय पर एवं सुगमता से पूरी कराने के लिए सीएम का आभार भी जताया। बैठक के दौरान हरियाणा में IKEA के भविष्य के निवेश पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच राज्य में नए निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार उद्योगों को अनुकूल माहौल देगी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या प्रक्रियागत परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य निवेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है।सीएम ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल है। सरकार की पारदर्शी नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग हितैषी माहौल के कारण बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हरियाणा में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। गुरुग्राम के ₹4000 करोड़ प्रोजेक्ट पर चर्चा बैठक के दौरान IKEA इंडिया के प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम में चल रहे अपने ₹4000 करोड़ के प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मिले सहयोग से परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। कंपनी ने भविष्य में भी हरियाणा में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। यह बैठक विदेश सहयोग विभाग के सौजन्य से संत कबीर कुटीर में आयोजित हुई, जिसमें राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई गति देने पर भी चर्चा की गई।
दोपहर करीब 2:20 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,784 अंक की गिरावट के साथ 76,396 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक टूटकर 23,900 के स्तर से नीचे पहुंच गया।
पठानकोट के मुख्य गांधी चौक बाजार में सीवरेज ओवरफ्लो और मैनहोल की खराब व्यवस्था के कारण स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में गंदगी और दुर्गंध फैलने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने इस समस्या के समाधान की मांग करते हुए नगर निगम को धरने की चेतावनी दी है। व्यापार मंडल के चेयरमैन अनिल महाजन और प्रधान मनिन्दर सिंह ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर दुपहिया वाहन चालक अक्सर इन गड्ढों में फंसकर घायल हो रहे हैं। व्यापारिक नेताओं ने की शीघ्र करवाई की मांग व्यापारिक नेताओं ने यह भी बताया कि बाजार की खराब हालत और लगातार बनी रहने वाली दुर्गंध के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। इससे स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि सीवरेज व्यवस्था को तत्काल ठीक किया जाए और सड़क के गड्ढों की मरम्मत शीघ्र करवाई जाए। व्यापार मंडल ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापारी नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बिलासपुर में नगर निगम द्वारा पानी टंकियों की हर छह महीने में सफाई के दावे झूठे साबित हुए हैं। दीवारों पर दर्ज पिछली सफाई की तारीखों से यह खुलासा हुआ है कि कई टंकियों की सफाई निर्धारित समय पर नहीं की गई है। व्यापार विहार स्थित 21 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी की सफाई हाल ही में की गई। इस प्रक्रिया में लगभग चार घंटे लगे, जिसके बाद टंकी से 20 बाल्टी रेत, काई, टंकी की दीवारों का मलबा और मटमैला गंदा पानी निकला। जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार टंकी पर पिछली सफाई की तारीख 3 अगस्त 2025 दर्ज थी, जबकि शहर की सबसे बड़ी 22.50 लाख लीटर क्षमता वाली कुदुदंड पानी टंकी की सफाई 15 मार्च 2025 के बाद से नहीं हुई है। टंकियों की समय पर सफाई न होने से लोगों के घरों तक गंदा और मटमैला पानी पहुंचने की आशंका है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। टंकियों की सफाई के सत्यापन के लिए दीवारों पर पिछली और अगली सफाई की तारीखें दर्ज की जाती है, और यदि ये तारीखें अनुपस्थित हैं, तो यह सफाई ठेके में अनियमितता का संकेत है। नगर निगम की उपनेता संतोषी रामा बघेल ने आरोप लगाया कि उन्हें व्यापार विहार पानी टंकी की सफाई की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि शाम को पानी आपूर्ति के समय या किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। नल खोलते ही गंदा पानी.. वार्ड क्रमांक 62 शास्त्री नगर के पार्षद सीमा राजेश शुक्ला का कहना है कि कपिल नगर के कई घरों में कई महीने से नल खोलते साथ गंदा, मटमैला पानी आने लगता है, कुछ देर बाद वह साफ हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टंकियों की सफाई साल साल भर बाद होती है, पहले सफाई की पूर्व सूचना दी जाती है, जिससे पता चलता था कि टंकी की सफाई हो रही है। विष्णुनगर में भी गंदा पानी पूर्व पार्षद परमेश्वर यादव ने आरोप लगाया कि अमृत मिशन की लाइन से जोड़ने के बाद घरों में गंदा पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। इसके बारे में मैंने खुद कलेक्टर, विधायक और जल संसाधन विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टंकी की सफाई व्यवस्थित ढंग से नहीं हो रही। क्लोरीन पर 1.20 करोड़ खर्च आधिकारिक जानकारी के अनुसार नगर निगम एरिया की पानी टंकियों में सोडियम हाइपो क्लोराइड और मोटर पंप मंन लिक्विड क्लोरीन की सप्लाई पर साल भर में तकरीबन 70 लाख रूपए व्यय किए जाते हैं। इसी प्रकार अमृत मिशन योजना के अंतर्गत बिरकोना स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की दो बड़ी पानी टंकियों में क्लोरीन पर करीब 50 लाख रुपए व्यय किए जाते हैं। नल जल विभाग के प्रभारी के मुताबिक शहर भर की 60 पानी टंकियों की सफाई पर 4 लाख रुपए व्यय किया जाता है। नल जल विभाग प्रभारी के ईई अनुपम तिवारी से सीधी बात:सवाल: टंकियों की सफाई साल भर से नहीं हुई, कब कब सफाई होती है, सत्यापन कैसे होता है?जवाब: दिसंबर- जनवरी में शहर की 60 पानी टंकियों की सफाई कराई गई थी, वर्ष में दो बार यानी 6-6 महीने में टंकियों की सफाई कराई जाती है। सत्यापन जीपीएस फोटोग्राफ से होता है।सवाल: टंकियों से निकलने वाली रेत, काई और गंदा मटमैला पानी लोगों के लिए कितना नुकसानदायक होगा?जवाब: क्लोरीनेटेड वाटर होने के कारण टंकी की दीवारों में कुछ केमिकल की परत जम जाती है, इसकी सफाई कराई जाती है। क्लोरीनेशन के चलते टंकी में काई नहीं आती, सप्लाई होने वाले पानी की प्रतिदिन सैंपलिंग की जाती है, ताकि लोगों को शुद्ध पानी प्राप्त हो।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर खत्म होने संबंधी एलान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंक और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट ...
अमृतसर के जंडियाला गुरु के मुख्य बाजार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग की चपेट में आने से दो दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घटना मंगलवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। आग से एक बर्तन स्टोर और एक फ्रूट-जूस की दुकान को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, देर रात बाजार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दोनों दुकानों में रखा सामान जलने लगा। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को घटना की सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे आग को अन्य दुकानों तक फैलने से रोका जा सका। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। लाखों का सामान जलकर राख इस दौरान बर्तन स्टोर और फ्रूट-जूस की दुकान में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। बर्तन स्टोर के मालिक तरुण जैन ने बताया कि यह दुकान उनके परिवार की कई पीढ़ियों की मेहनत से खड़ी हुई थी, लेकिन कुछ ही समय में आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस घटना से उनका पूरा कारोबार प्रभावित हुआ है और उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। वहीं, फ्रूट और जूस की दुकान के मालिक संदीप ग्रोवर ने बताया कि रात को बाजार के लोगों ने फोन कर उन्हें आग लगने की सूचना दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो दुकान पूरी तरह आग की चपेट में आ चुकी थी। उन्होंने बताया कि फ्रिज, जूस मशीनें और अन्य जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गए। अधिकारियों ने लिया नुकसान का जायजा घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष सतिंदर सिंह, उपाध्यक्ष अमन विरक और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। खुली तारों के कारण हादसों का खतरा वहीं, बाजार के व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुरानी और खुली तारों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लखनऊ में 8 जुलाई को चिनहट की एक महिला पुलिस के पास पहुंची। उसने आरोप लगाया कि उसे 25 दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान जबरन देह व्यापार कराने की कोशिश की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी 2 वर्षीय बेटी को एक व्यक्ति अपने पास रखे हुए है। उसे वापस नहीं किया जा रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलते ही चिनहट पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी अनिल कुमार सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि महिला उसकी परिचित है और पिछले 25 दिनों से उसके साथ होटल में रह रही थी। उसके अनुसार, 5 जुलाई को महिला अपनी बेटी को छोड़कर चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो बच्ची की देखभाल के लिए उसे अपनी एक परिचित महिला के पास सीतापुर भेज दिया।
बंपर लिस्टिंग: Knack Packaging ने निवेशकों को किया मालामाल, 10% प्रीमियम के साथ हुई धमाकेदार एंट्री
शेयर बाजार में आज नई कंपनी 'नैक पैकेजिंग' (Knack Packaging) ने दमदार शुरुआत की है। आईपीओ के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह दिन बेहद खास रहा, क्योंकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक शानदार रही। लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं। बाजार में सुस्ती के बावजूद नैक पैकेजिंग ने निवेशकों को 10% का मुनाफा देकर यह साबित कर दिया है कि बेहतर फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश हमेशा फायदे का सौदा होता है।निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का मौका या होल्ड करें?लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निवेशक अपना मुनाफा लेकर बाहर निकल जाएं या लंबी अवधि के लिए बने रहें? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नैक पैकेजिंग का बिजनेस मॉडल काफी मजबूत है और आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ की संभावनाएं काफी अधिक हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला है, उन्हें फिलहाल घबराहट में शेयर नहीं बेचना चाहिए। कंपनी के कारोबार में जो विस्तार देखने को मिल रहा है, वह संकेत देता है कि यह शेयर आने वाले समय में और भी अच्छी रिटर्न दे सकता है।क्या है कंपनी की मजबूती का राज?पैकेजिंग सेक्टर में अपनी पैठ जमाने वाली नैक पैकेजिंग ने पिछले कुछ समय में अपने वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर सुधार दिखाया है। कंपनी जिस सेगमेंट में काम करती है, वहां मांग लगातार बनी रहती है। निवेशकों का भरोसा इस बात पर भी टिका है कि कंपनी का प्रबंधन आने वाले समय में कैपेक्स (CAPEX) पर ध्यान दे रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। तकनीकी रूप से भी शेयर का चार्ट स्ट्रक्चर लिस्टिंग के बाद मजबूत बना हुआ है, जो संकेत दे रहा है कि इसमें आगे भी तेजी का रुझान रह सकता है।एक्सपर्ट्स की आगे की रायमार्केट एनालिस्टों के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद थोड़ी बहुत प्रॉफिट बुकिंग स्वाभाविक है, लेकिन यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धैर्य रखना फायदेमंद होगा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि शेयर लिस्टिंग प्राइस से थोड़ा नीचे भी आता है, तो इसे एक मौका मानकर पोर्टफोलियो में बनाए रखें। हालांकि, किसी भी निर्णय से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा कर लेनी चाहिए और स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए।
उज्जैन में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार सुबह एमआर-5 रोड पर बड़ा हादसा हो गया। शिव शक्ति सीमेंट की दुकान पर माल उतारने पहुंचा सीमेंट से भरा ट्राला सीमेंट की सड़क टूटने के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में पलट गया। हादसे में ट्राले में लदी करीब 3.50 लाख रुपए मूल्य की सीमेंट की बोरियां पानी में भीगकर खराब हो गईं। हालांकि चालक सुरक्षित बच गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। दुकान संचालक के अनुसार लगातार बारिश के कारण नाले के पास सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई थी, जिससे सड़क कमजोर हो चुकी थी। बुधवार सुबह जब ट्राला माल उतारने के लिए सड़क किनारे खड़ा हुआ तो जमीन धंस गई और वाहन का संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नाले में जा गिरा। कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। लोगों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई की होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था। शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट लगातार हो रही बारिश के कारण मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे स्थित कुछ मंदिर जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने नदी के संवेदनशील और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारों से दूर रहें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गिरिडीह जिले के धनवार नगर पंचायत स्थित होटल डिस्कवरी में कथित देह व्यापार की सूचना पर प्रशासन ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान होटल के एक कमरे से दो महिलाओं और दो पुरुषों को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लिया गया। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन को पहले से ही इस होटल में अवैध गतिविधियों के संचालन की गुप्त सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर योजनाबद्ध तरीके से टीम गठित कर होटल में दबिश दी गई। हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए धनवार थाना लाया गया। कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें देखें… चला सर्च अभियान, कई बिंदुओं पर जांच छापेमारी अभियान का नेतृत्व खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार, धनवार बीडीओ देवेंद्र कुमार दास और थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। पुलिस टीम ने होटल के विभिन्न कमरों की बारीकी से तलाशी ली। संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल को तत्काल सील कर दिया। सीआई सह दंडाधिकारी अभिषेक कुमार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, जिनकी मौजूदगी में मंगलवार रात करीब आठ बजे होटल डिस्कवरी को विधिवत सील कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस होटल के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अवैध गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं। मैनेजर से पूछताछ, संचालक फरार पुलिस ने होटल के मैनेजर प्रदीप साहू को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। होटल संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है। जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, होटल डिस्कवरी के खिलाफ पूर्व में भी दो बार इसी तरह की शिकायतों पर छापेमारी की जा चुकी थी। तब संचालक को कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिलती रहीं। इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए होटल को सील कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएदरअसल, झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
तारकोल व्यापारी से 16.83 लाख रुपए की कथित ठगी, केस दर्ज
पानीपत | गांजबड़ निवासी तारकोल व्यापारी से असम के डीलर ने 16.83 लाख रुपए की ठगी कर ली। डीलर ने 54 लाख रुपए का माल मंगाया, जिसमें से 37.17 लाख रुपए की पेमेंट कर दी। बची हुई पेमेंट मांगी तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्जकिया है। पुलिस को दी शिकायत में दलबीर राठी ने बताया कि वह गांजबड़ का रहने वाला है। उसने कुबेर इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म खोल रखी है। वह बिटमिन (तारकोल) का काम करता है। वर्ष 2020 से सरफेस टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ उसने काम शुरू किया था। 1 अप्रैल 2020 को उसने इस फर्म के मालिक असम के गुहावटी निवासी अवध किशोर को माल भेजा था, जिसके उसने पैसे दे दिए थे। वर्ष 2023 में इस फर्म के पास उसने 54,01,087 रुपए का माल भेजा था। जिसमें उसे फर्म ने 37,17,615 रुपए का भुगतान कर दिया। फर्म ने 16,83,472 रुपए देने थे। जब वह फर्म मालिक अवध किशोर से पैसे मांगता है तो वह जान से मारने की धमकी देता है। अब उसने फोन उठाने भी बंद कर दिए। आरोपी फर्म मालिक ने उससे 16.83 लाख रुपए की ठगी की है।
भिंड जिले के गोहद क्षेत्र के एक भैंस व्यापारी ने सिटी कोतवाली के दो आरक्षकों पर मारपीट, अवैध वसूली और 3.50 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद मामला चर्चा में है। ग्राम किचोली निवासी कासिम खान ने शिकायत में बताया कि वह 5 जुलाई को भैंस बेचने आगरा गए थे। 7 जुलाई की रात करीब एक बजे लौटते समय जौधपुर-कथोड़ी के पास गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया। उनका आरोप है कि आरक्षक गौरव तोमर और आनंद त्रिपाठी ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इसके बाद उन्हें सिटी कोतवाली ले जाकर भी पीटा गया। पुलिस पर रिश्वत लेने का आरोप लगायाव्यापारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने छोड़ने के बदले 6 हजार रुपए मांगे। उनके पास मौजूद नकदी और मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान भी करा लिया। बाद में जब वह अपने वाहन में रखे व्यापार के 3.50 लाख रुपए लेने पहुंचे तो रकम गायब मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बारे में पूछने पर उनके साथ दोबारा मारपीट की गई और वहां से भगा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी थाना प्रभारी को भी दी। इसके बाद एसपी को आवेदन देकर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और गायब हुई रकम वापस दिलाने की मांग की है। टीआई बोले- जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य ने बताया कि भैंस व्यापारी की लिखित शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल अवकाश पर हैं। व्यापारी ने दो आरक्षकों पर आरोप लगाए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
श्री अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से सुजानपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में सुजानपुर पुलिस ने स्थानीय शहर के दुकानदारों, व्यापारियों और मौजिज लोगों के साथ एक विशेष समन्वय बैठक का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता डीएसपी राजेश कक्कड़ ने की। बैठक के दौरान आगामी श्री अमरनाथ यात्रा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन, शहर की कानून-व्यवस्था को बनाए रखने तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील पहलुओं पर उपस्थित प्रबुद्ध जनों के साथ विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए गए। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कमरा या दुकान किराए पर देने पर पूर्ण रोक बैठक को संबोधित करते हुए डीएसपी राजेश कक्कड़ ने सभी दुकानदारों, व्यापारियों और मकान मालिकों से बेहद कड़े शब्दों में अपील की कि वे अपने व्यावसायिक या रिहायशी हितों के लिए किसी भी बाहरी राज्य या अज्ञात व्यक्ति को दुकान, मकान, गोदाम या अन्य कोई भी संपत्ति किराए पर देने से पहले उसका पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) अनिवार्य रूप से करवाएं। उन्होंने प्रशासनिक रुख साफ करते हुए स्पष्ट किया कि मकान मालिकों को सबसे पहले संबंधित थाने में संभावित किराएदार के पहचान पत्र और दस्तावेजों के साथ पुलिस को लिखित सूचना देनी होगी, और इस सत्यापन प्रक्रिया के पूरी तरह मुकम्मल होने के बाद ही किराएदारी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्वों पर नजर रखना मुख्य उद्देश्य, जनता से सहयोग की मांग डीएसपी कक्कड़ ने बैठक के दौरान व्यापारियों को समझाया कि पुलिस की इस कड़ाई का मुख्य उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी कोने से कोई भी राष्ट्रविरोधी या आपराधिक पृष्ठभूमि वाला संदिग्ध व्यक्ति भेष बदलकर शहर में आकर न बस सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सुजानपुर पुलिस चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, लेकिन इस सुरक्षा चक्र को तभी अभेद्य बनाया जा सकता है जब पुलिस को आम जनता का शत-प्रतिशत सहयोग प्राप्त हो। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपने आस-पास नजर रखने और किसी भी संदिग्ध वस्तु, लावारिस वाहन या अनजान व्यक्ति की गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया। नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों पर दर्ज होगी एफआईआर बैठक के आखिरी चरण में पुलिस अधिकारियों ने सभी व्यापारियों और होटल-सराय संचालकों से सुरक्षा संबंधी सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने का पुरजोर आग्रह किया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने एक सख्त चेतावनी भी जारी की है कि यदि भविष्य में औचक निरीक्षण या चेकिंग के दौरान कोई भी व्यक्ति बिना पुलिस सत्यापन के अपनी संपत्ति में किसी बाहरी या संदिग्ध किराएदार को रखता हुआ पाया गया, तो उस मकान मालिक या दुकानदार के खिलाफ विभागीय नियमों और कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भीलवाड़ा शहर की आरके कॉलोनी के मुख्य मार्ग से मंगलवार को अतिक्रमण हटाया गया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम का दस्ता जेसीबी लेकर मुख्य मार्ग पर पहुंचा और दुकानों के बाहर किए अवैध कब्जों और अतिक्रमण को ढहा दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कई दुकानदार खुद अपना सामान समेटते नजर आए और रास्ते भी चौड़े दिखाई दिए। आरके कॉलोनी रोड पर पिछले लंबे समय से कई दुकानदारों ने मेन रोड और नालियों के ऊपर पक्के निर्माण ,सीढ़ियां और रैंप बना कर अतिक्रमण किया था। इसके कारण पैदल चलने वाले राहगीरों को परेशानी हो रही थी। साथ ही आए दिन जाम के हालात बने हुए रहते थे। ऐसे में दुकानों के बाहर किए गए पक्के निर्माणों को जेसीबी की मदद से हटवाया गया। व्यापारियों ने कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर बहस की, लेकिन दस्ते ने सभी अतिक्रमण तोड़ दिए। मौके पर मौजूद होमगार्ड और निगम के सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को कंट्रोल किया। अधिकारियों का कहना है की आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। नाली या सड़क पर अतिक्रमण करने पर सामान जब्त कर जुर्माना भी वसूला जाएगा। अब देखिए- तस्वीरें
सहरसा में मंगलवार को भारतीय नगर स्थित रेड लाइट एरिया में देह व्यापार के खिलाफ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 18 लोगों को पकड़ा गया। इनमें 4 नाबालिग लड़कियां, 4 नाबालिग लड़के और 9 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, सेक्स रैकेट संचालित करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामला सदर थाना क्षेत्र का है। साइबर DSP कल्याण आनंद ने बताया कि पिछले कई दिनों से देह व्यापार की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की सत्यता की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। पकड़े गए नाबालिगों और महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। रेड से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार जानिए घटनाक्रम साइबर DSP ने बताया कि भारतीय नगर रेड लाइट एरिया में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसकी सूचना मिलने के बाद एक टीम गठित की गई। इस टीम में जिला पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को शामिल किया गया, फिर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पूर्व में सील किए गए मकानों से लड़कियों को बरामद किया गया है, यानी सील मकान में भी सेक्ट रैकेट संचालित किया जा रहा था। एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। पहले भी 10 महिलाओं को पकड़ा था साइबर डीएसपी ने बताया कि पहले भी इस रेड लाइट एरिया में छापेमारी की गई थी। इस दौरान 10 महिलाओं और चार नाबालिग लड़की को बरामद किया था। इसके अलावा जिस मकान में सेक्स रैकेट संचालित हो रहे थे, उन सभी मकानों को सील किया था। इसके बावजूद सील मकान में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थी। पकड़े गए सभी नाबालिगों और महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही एक गिरफ्तार महिला से पता लगाया जा रहा है कि सेक्स रैकेट के नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नाबालिगों की काउंसलिंग और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के उल्हासनगर, जिला ठाणे निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आईपीओ और शेयरों में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 33 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसके बाद आरोपी चेतन सूर्यकांत जगताप को 6 जुलाई को मुंबई से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। जिस खाते में रकम गई, वह चेतन का था पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 25 लाख 70 हजार रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी चेतन के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 4 प्रतिशत कमीशन के बदले दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया गया। पुलिस नेटवर्क का पता लगा रही फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र में सीएम ग्राम परिवहन योजना के तहत पसका-गोंडा रोडवेज बस सेवा का आज मंगलवार को शुभारंभ किया गया। भाजपा विधायक अजय कुमार सिंह ने आज मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पसका पहुंचकर इस बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सेवा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत शुरू की गई है। पसका क्षेत्र के लोग लंबे समय से परिवहन विभाग से रोडवेज बस चलाने की मांग कर रहे थे। स्थानीय विधायक अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखा था, जिसके बाद बस सेवा को मंजूरी मिली। इस बस सेवा के शुरू होने से पसका और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे लंबे समय से चली आ रही परिवहन की समस्या का समाधान होगा। पहले लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए किराए के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। विधायक अजय सिंह ने बताया कि यह सेवा श्रद्धालुओं, मरीजों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि पहले मरीजों को इलाज के लिए, बच्चों को शिक्षा के लिए, व्यापारियों को व्यापार के लिए और महिलाओं को बाजार जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोडवेज बस सेवा शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने भाजपा विधायक अजय सिंह और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का आभार व्यक्त किया है। विधायक ने कहा कि मेरे द्वारा परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा गया था। मेरे पत्र के आधार पर ही रोडवेज बस चलाई जाने की अनुमति मिली थी, जिसका आज मेरे द्वारा हरी झंडी दिखा करके शुभारंभ किया गया। सुबह और शाम दोनों टाइम यहां से रोडवेज बस गोंडा जाएगी और गोंडा से यहां पर आएगी।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
भरतपुर में 5 जुलाई को किराना व्यापारी और बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। बदमाशों ने चंद्रभान और प्रमोद कुमार मित्तल को गोली मारी थी। जिसमें बर्तन व्यापारी चंद्रभान की मौत हो गई थी, जबकि किराना व्यापारी का इलाज जारी है। बदमाश किराना व्यापारी से प्रमोद कुमार से 60 हजार रुपए से भरा बैग भी लूटकर ले गए थे। दोनों घटनाओं को लेकर भरतपुर के व्यापारियों में आक्रोश है। घटना को दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिसे लेकर मंगलवार को परचून और किरान संघ ने एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें फैसला लिया गया कि आगामी 9 जुलाई को व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखेंगे। आमजन को निशाना बना रहे बदमाश व्यापार महासंघ के जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने बताया- पिछले कुछ दिनों में अपराध लगातार बढ़ रहे है। व्यापारियों के साथ आमजन को भी बदमाश अपना निशाना बना रहे हैं। एक ही रात में दो व्यापारियों को गोली मार दी गई। यह बहुत ही दर्दनाक घटना है। एक व्यापारी की हत्या भी हो चुकी है। ध्यान नहीं दे रही पुलिस विपुल शर्मा ने बताया- इस तरह की घटना होना पुलिस पर सवाल खड़े करती है। पुलिस का ध्यान सिर्फ आमजन को परेशान करने पर है। पुलिस का वाहनों के चालान काटना एक मात्र उद्देश्य है। अगर शहर में कहीं भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी खड़े हैं और, वहां झगड़ा हो जाता है तो, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कोई मतलब नहीं रहता। व्यापारी 9 जुलाई को बंद रखेंगे दुकानें विपुल शर्मा ने बताया- मंगलवार को व्यापारियों की बैठक हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि व्यापारियों को गोली मारने वाले बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। अगर वह नहीं पकड़े जाते हो व्यापार महासंघ आंदोलन की प्लानिंग बनाएगा। इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। साथ ही बर्तन व्यापारी और किराना परचून व्यापारी 9 जुलाई को दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। दो दिन बाद भी नहीं लगा सुराग दरअसल 5 जुलाई की देर शाम आधे घंटे के अंदर दो व्यापारियों को गोली मारकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। जिसमें से बर्तन व्यापारी चंद्रभान की मौत हो गई। वहीं किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल का इलाज जारी है। प्रमोद कुमार मित्तल से बदमाश 60 हजार रुपए से भरा लूटकर फरार हो गए थे। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों का कुछ सुराग नहीं लग पाया है। ये खबर भी पढ़ें… 5 लाख लूटने के लिए व्यापारी की गोली मारकर हत्या:धरने पर बैठे लोग कलेक्ट्रेट में घुसने लगे तो पुलिस से धक्का-मुक्की हुई; बिलखती रही पत्नी-बेटी भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। घायल व्यापारी की रविवार रात 1:30 बजे जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई।भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार आज (सोमवार को) बंद रखा गया। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट के बाहर परिजनों ने व्यापारियों के साथ प्रदर्शन किया। पढ़े पूरी खबर…
उत्तराखंड के रामनगर में पुलिस ने एक नामी रिसॉर्ट में चल रहे हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट और कॉकटेल पार्टी का भंडाफोड़ किया है। सोमवार शाम को पुलिस ने कुल 52 पुरुषों और 10 लड़कियों को गिरफ्तार किया। यह पार्टी उत्तर प्रदेश के किसानों को नकली कीटनाशक बेचने के नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई थी। इस हाईप्रोफाइल पार्टी का आयोजन मेरठ की एक कीटनाशक दवा कंपनी के मालिक उमेन्द्र कुमार ने किया था। उमेन्द्र ने अपने व्यापारिक नेटवर्क को बढ़ाने और नकली कीटनाशकों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कॉकटेल पार्टी रखी थी। इसमें कथित तौर पर मनोरंजन के लिए सेक्स रैकेट का सहारा लिया गया। उत्तराखंड पुलिस की इस कार्रवाई में बुलंदशहर का एक व्यापारी भी पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ब्रजेश पुत्र सुनील सिंह शामिल है, जो बुलंदशहर के कोतवाली सिकंद्राबाद स्थित गांव गोपालपुर का निवासी है। बताया जा रहा है कि ब्रजेश की बुलंदशहर में अपनी पेस्टीसाइड कंपनी है और वह इस नेटवर्क का एक अहम हिस्सा था। पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम को पुख्ता सूचना के आधार पर रामनगर के रिसॉर्ट में छापेमारी की गई। मौके से गिरफ्तार किए गए सभी 52 पुरुष और 10 महिलाएं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया, यह पार्टी केवल मनोरंजन के लिए नहीं थी, बल्कि इसके पीछे किसानों को नकली कीटनाशक दवाइयां बेचने और सप्लाई चेन को मजबूत करने का एक बड़ा रैकेट काम कर रहा था। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कृषि एवं व्यापारिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस इस नेटवर्क के तार यूपी के अन्य किन जिलों और बड़े डीलरों से जुड़े हैं, इसकी जांच कर रही है।
रतलाम में 19 दिन पूर्व सराफा व्यापारी के घर फायरिंग के मामले में फरार बजरंग दल के पूर्व संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। पुलिस ने सोमवार को वीनू शर्मा समेत तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी है। शहर के डीडी नगर थाना अंतर्गत सेफी नगर में सराफा व्यापारी कमल सोनी के घर पर 19 जून को फायरिंग हुई थी। दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने फायरिंग कर भाग गए थे। चारों बदमाश मुंह पर कपड़ा बांध कर आए थे। फायरिंग की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने शहर के अन्य सीसीटीवी व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। अभी तक पांच गिरफ्तार पुलिस ने फायरिंग करने वाले एक बाइक पर सवार विनीत उर्फ चुचु (25) पिता महेंद्रसिंह बड़गोतिया निवासी रिटायर्ड कॉलोनी (लक्ष्मणपुरा), भोला (29) पिता रामेश्वर पाटीदार निवासी पैलेस रोड को गिरफ्तार किया था। गोलीकांड की साजिश में शामिल अजय उर्फ गट्टू (24) पिता हरिराम चौहान निवासी आनंद कॉलोनी, रवींद्र (32) पिता मिथलेश राजन निवासी रेलनगर, कन्हैया (43) पिता हीरालाल नायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। बजरंग दल का नेता समेत तीन फरार पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बजरंग दल का पूर्व जिला संयोजक विनोद उर्फ विनोद शर्मा के कहने पर फायरिंग करना बताया था। इसके बाद से पुलिस उसे तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक पकड़ नहीं पाई। वहीं दूसरी बाइक पर सवार वसीम उर्फ पांडू (36) पिता शब्बीर पठान निवासी चिंगीपुरा और अदनान मुकाती भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। एसपी अमित कुमार ने इन तीनों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार का इनाम घोषित किया है। दूसरी बाइक पर सवार आरोपी वसीम उर्फ पांडू रतलाम शहर में 21 सितंबर 2017 में हुए तरुण सांखला हत्याकांड का नामजद आरोपी भी रह चुका है। 40 लाख की ली थी सुपारीसैफी नगर निवासी सराफा व्यापारी कमल सोनी के बेटे दिव्यांश का सरवन निवासी आदित्य सोमानी के साथ एमसीएक्स से जुड़े करीब 1 करोड़ रुपए की लेन-देन का विवाद चल रहा था। दिव्यांश ने आदित्य सोमानी के खिलाफ सरवन थाने में केस दर्ज कराया था। इसके अगले दिन ही रतलाम में सराफा व्यापारी के घर फायरिंग हो गई थी। तब सराफा व्यापारी ने वीनू शर्मा द्वारा रुपयों की वसूली के लिए धमकाया था। फायरिंग करने की भी धमकी दी थी। खुद व्यापारी ने इस बात को कहा था। इसके बाद पुलिस जांच में सामने आया था कि बजरंग दल का पूर्व जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा ने रुपए दिलाने के लिए 40 लाख रुपए में सुपारी ली थी। उसने साथी गुंडों को भेजकर सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर फायरिंग करवाई थी। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी दबिश दी है। 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ ने 17 मंडलों में संयोजक व सह-संयोजकों की घोषणा की
भास्कर न्यूज | बालोद भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ जिला बालोद द्वारा संगठन विस्तार को गति देते हुए जिले के सभी 17 मंडलों के लिए मंडल संयोजकों एवं सह-संयोजकों की घोषणा की गई है। इसमें डौंडीलोहारा मंडल संयोजक देव प्रसाद साहू, सहसंयोजक दर्शन संचेती, रेंगाडबरी के संयोजक संतोष गुप्ता, सहसंयोजक जयचंद साहू, कुसुमकसा संयोजक अंकित टाटिया, सहसंयोजक मनीष जेठवानी, दल्लीराजहरा संयोजक मनन गुप्ता, सहसंयोजक पवन सोनी, जुंगेरा संयोजक कमलेश साहू, सहसंयोजक रामेश्वर पटेल, करहीभदर संयोजक ओमप्रकाश साहू, सहसंयोजक खिलेश्वर सार्वा, मिरीटोला संयोजक चिंटू राजा, सहसंयोजक शुभम सालुंके, बालोद संयोजक तरूण राठी, सहसंयोजक हरीश दहिया, अर्जुंदा संयोजक चंदन साहू, सिकोसा संयोजक धर्मचंद जैन, गुरूर संयोजक नंदकिशोर सिन्हा, सहसंयोजक अमर छाबड़िया, ओटेबंद संयोजक किशोर साहू, सहसंयोजक नरेंद्र चंद्राकर, सुरेगांव संयोजक अजय देवांगन सहसंयोजक टेकराम सिन्हा, देवरी संयोजक गजानंद चौधरी, सहसंयोजक जागृत देवांगन, सनोद संयोजक ललित चांडक, सहसंयोजक चंपेश गुरूपंच, गुंडरदेही संयोजक मनीष गुप्ता, डौंडी संयोजक रुपेश जैन, सहसंयोजक विनय जायसवाल को बनाया गया है। संयोजक गोविंद वाधवानी ने बताया कि यह नियुक्तियां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुभाष अग्रवाल के अनुमोदन तथा भाजपा जिला अध्यक्ष देशमुख की अनुशंसा के उपरांत की गई हैं। मंडल स्तर तक काम होगा उन्होंने बताया कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य संगठन को मंडल स्तर तक और अधिक मजबूत बनाना, व्यापारी वर्ग के साथ सतत संवाद स्थापित करना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं व्यापारी हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक व्यापारी तक पहुंचाना है। जिला संयोजक गोविंद वाधवानी ने कहा कि संयोजक एवं सह-संयोजक संगठन की रीति- नीति के अनुरूप राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य करेंगे।
अमृतसर पुलिस की बड़ी कामयाबी, व्यापारी पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर गिरफ्तार
पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यापारी पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया है।
एआई और डिजिटल तकनीक एमएसएमई, स्टार्टअप और निर्यातकों को नई ताकत दे सकती है: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीकें एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं
संतकबीरनगर में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार देर शाम महुली क्षेत्र से की गई। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि एक आरोपी ने करीब चार करोड़ रुपये और दूसरे ने 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। धनघटा के सीओ अभय नाथ मिश्र ने बताया कि महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य की तहरीर पर 18 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला, उसकी सहयोगी रजनी प्रजापति समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शेयर बाजार में बैंक से अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में बड़ी रकम जमा कराई। शिकायतकर्ता संतलाल मौर्य ने भी अपने परिजनों के माध्यम से 51 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। बाद में आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। 'एआईपीएल ट्रेडिंग' के नाम पर चलता था फर्जी निवेश का खेल पुलिस ने 18 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी 'एआईपीएल ट्रेडिंग' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि निवेश की रकम वास्तव में शेयर बाजार में नहीं लगाई जाती थी। नए निवेशकों से मिली राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके से करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। दो और आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति खरीदी जांच के दौरान पुलिस ने महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंदहर निवासी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की भूमिका नए निवेशकों को जोड़ने, धनराशि एकत्र करने तथा बैंक खातों और नकद लेनदेन के जरिए अवैध लाभ कमाने में पाई गई। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत ने करीब चार करोड़ रुपये और सत्यप्रकाश ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर खजनी, सहजनवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों, उनकी भूमिका और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कर वसूली पूरी, सुविधाएं शून्य:व्यापारी नगर निगम पर भड़के, बोले नगर निगम को 'नरक निगम' बना दिया
कानपुर में जलभराव, चोक नालियों, ओवरफ्लो सीवर और शहर में फैली गंदगी के विरोध में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार दोपहर दो बजे संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अपर नगर आयुक्त संतोष यादव और महाप्रबंधक जलकल आनंद कुमार त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम संपत्ति कर, स्वच्छता शुल्क, नाली कर, पार्किंग और विज्ञापन सहित विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये की वसूली करता है। इसके बावजूद शहरवासियों और व्यापारियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संगठन ने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग नगर निगम को व्यंग्य में 'नरक निगम' कहने लगे हैं, जिससे शहर की छवि प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में जोन-2 के वार्ड-11 सफीपुर, वार्ड-24 कृष्णा नगर, वार्ड-26 गांधी ग्राम, वार्ड-46 यशोदा नगर और वार्ड-62 स्वर्ण जयंती विहार की समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं होती, नालियां और नाले सिल्ट से भरे हैं, सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं। कई स्थानों पर चेंबरों की टूटी या खुली पट्टियां हादसों का कारण बन रही हैं। बरसात में जलभराव और कूड़े के ढेर से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। संगठन ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात शुरू होने के बाद सड़कों की खुदाई और इंटरलॉकिंग उखाड़ने का काम शुरू कर दिया जाता है। इससे आम जनता और व्यापारियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा, शिकायतों के बावजूद अधिकारी फोन नहीं उठाते और कंट्रोल रूम भी प्रभावी ढंग से काम नहीं करता। जिलाध्यक्ष महेश वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। इस पूरे मामले को नगर आयुक्त, जिलाधिकारी और शासन स्तर तक उठाया जाएगा। इस दौरान संगठन के रवि सिंह, श्याम सुंदर, आनंद गुप्ता, विष्णु सोनी, अभय सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर में मालवीय नगर स्थित महिमा ग्रुप के क्रिस्टल कोर्ट मॉल में दो दिनों से 300 से ज्यादा दुकानों पर ताले लटके हैं। व्यापारी मॉल के बाहर धरने पर बैठे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि लाखों रुपए किराया, हर महीने हजारों रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देने के बावजूद मॉल में एसी बंद हैं। एस्केलेटर दो महीने से ठप पड़ा है। सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। कई बार शिकायत के बाद भी मैनेजमेंट ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। धरने की वजह से मॉल का कारोबार प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने कहा- दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। गंदगी और अव्यवस्था होने से ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे। व्यापारियों ने कहा- जब तक सभी सुविधाएं बहाल नहीं होंगी, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी। दो दिन से पूरा मॉल बंद क्रिस्टल कोर्ट मॉल में रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स समेत कई तरह के रिटेल कारोबार होते हैं। यहां बड़ी संख्या में दुकानें किराए पर संचालित हैं। व्यापारियों ने कहा- लाखों रुपए निवेश और भारी खर्च के बावजूद ग्राहकों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दो महीने से एस्केलेटर बंद, ग्राहक ऊपर नहीं पहुंचते रेडीमेड गारमेंट्स शॉप संचालक बंटी ने बताया- मॉल का मेंटेनेंस महिमा ग्रुप की कंपनी के पास है, लेकिन सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब दो महीने से एस्केलेटर बंद पड़ा है। एसी सही तरीके से नहीं चल रहे हैं। पूरे मॉल में केवल पांच-छह गार्ड हैं। सफाई व्यवस्था खराब है। वॉशरूम भी गंदे पड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक रोज इन समस्याओं की शिकायत करते हैं, लेकिन मैनेजमेंट कोई ध्यान नहीं देता। डेढ़ लाख तक किराया, 23 हजार मेंटेनेंस... फिर भी सुविधा नहीं गारमेंट्स व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- एक दुकान का मासिक किराया एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक है। इसके अलावा हर महीने 22 से 23 हजार रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देना पड़ता है। इसके बावजूद बिजली कटने पर बैकअप नहीं मिलता और जनरेटर भी काम नहीं करता। कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी मैनेजमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। व्यापारियों की चेतावनी, पहले सुविधा, फिर कारोबार धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा- जब तक एसी, एस्केलेटर, सुरक्षा, सफाई और बिजली बैकअप जैसी सभी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी, तब तक कोई भी दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोलेगा। उनका आरोप है कि मैनेजमेंट बातचीत करने तक नहीं आ रहा और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने पर पहुंचीं कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा मालवीय नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा भी व्यापारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा- यह शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में से एक है। जहां अच्छी-खासी फुटफॉल रहती है। व्यापारियों ने मुझे बताया कि दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारी नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अगर चार्ज जमा नहीं करें तो बिजली काट दी जाती है, लेकिन एसी और एस्केलेटर चालू रखने की जिम्मेदारी कोई नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि मैंने मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। कंज्यूमर कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारियों के पास कंज्यूमर कोर्ट का स्टैंडिंग ऑर्डर है, जिसमें साफ तौर पर मॉल मालिक की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह मेंटेनेंस और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकलता है तो व्यापारी दोबारा कंज्यूमर कोर्ट जाएं और जरूरत पड़ने पर सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने भी अपनी बात रखें। व्यापारियों की मांग दो महीने से बढ़ती गई परेशानी व्यापारियों ने कहा- पिछले दो महीने से लगातार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे। गर्मी में एसी बंद होने से लोग खरीदारी किए बिना लौट रहे हैं। कारोबार लगातार गिर रहा है। उनका कहना है कि जब तक मैनेजमेंट सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करेगा, तब तक मॉल की एक भी दुकान नहीं खुलेंगी।
खेरवाड़ा में संयुक्त व्यापार महासंघ संस्थान के दायित्व ग्रहण समारोह में सांसद सीपी जोशी ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने व्यापारी वर्ग को देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। समारोह में अतिथियों ने खेरवाड़ा के विकास के लिए कुल एक करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। भारत चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है - जोशी चित्तौड़गढ़ सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है और जल्द ही तीसरी आर्थिक शक्ति बनेगा, जिसमें व्यापारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आगे बताया कि खेरवाड़ा कस्बे में एनएच 48 पर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू होगा। इस परियोजना में स्थानीय व्यापार महासंघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अध्यक्ष अमित कलाल और संरक्षक पारस जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में कई बार मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में सीपी जोशी, सांसद डॉ. रावत और पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा भी शामिल थे। वृक्षारोपण करने का आग्रह किया सांसद जोशी ने व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों से वर्षा ऋतु में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने आगामी लोकसभा सत्र, जो 20 जुलाई से शुरू होगा, के दौरान सभी पदाधिकारियों को नई दिल्ली आकर लोकसभा देखने का निमंत्रण भी दिया। 10 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी नहर समारोह की अध्यक्षता कर रहे उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने खेरवाड़ा क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि एनएच 48 पर जाने वाली नहर को 10 करोड़ रुपये की लागत से नया बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कस्बे के अस्पताल मार्ग पर 25 लाख रुपये की लागत से एक उद्यान और 25 लाख रुपये की लागत से एक पुस्तकालय का निर्माण भी किया जाएगा। रावत ने एकलव्य मॉडल स्कूल के सामने स्थित पहाड़ पर वाकिंग ट्रेक बनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने क्षेत्र में समाज व देश विरोधी मानसिकता को लेकर चल रहे दुष्प्रचार से भी सतर्क रहने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि भाजपा देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली ने संयुक्त व्यापार महासंघ के भवन निर्माण हेतु राशि उपलब्ध कराने तथा अति विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक नानालाल आहारी ने खेरवाड़ा मोक्ष धाम के लिए जनजाति विकास विभाग से 10 लाख रुपए दिलाने की भी घोषणा की । प्रारंभ में व्यापार महासंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कलाल ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा संस्थापक संरक्षक पारस जैन ने महासंघ की स्थापना 1983 से लेकर वर्तमान समय तक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। ये कार्यकर्ता-पदाधिकारी और आमजन रहे मौजूद समारोह में मुख्य अतिथि सीपी जोशी ने महासंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कलाल, महामंत्री नरेंद्र पंचोली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, उपाध्यक्ष गजेंद्र कोठारी, गुणवंत फढ़िया, प्रेमचंद कलाल, गणेश कलाल, धनपाल शाह एवं नरेश पटेल, मंत्री मुकेश सिसोदिया, नरेंद्र मुडलिया, मुकेश कलाल, मनीष चौबीसा, विशाल पंचोली, कोषाध्यक्ष लव सीतलानी, सह कोषाध्यक्ष मुकेश बी कलाल, प्रचार प्रचार मंत्री धर्मेंद्र जैन ,संगठन मंत्री प्रवीण कलाल,सह संगठन मंत्री अंकित पटेल, प्रवक्ता माजूम जैन, सह प्रवक्ता गौरव वाधवानी, मीडिया प्रभारी सुनील राजपुरोहित एवं विशेष आमंत्रित कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र कोठारी, बजरंग अग्रवाल, श्याम सुंदर कोठारी, हसमुख जैन, रविंद्र जोधावत, पोपट कलाल, अशोक कलाल , पुष्कर पंचोली, नानजी भाई पटेल, नईमुद्दीन रिजवी, नरेश मोची, रमेश चंद्र जोधावत एवं भरत कुमार भाटिया को पद एवं गोपनीयता की शपथ एवं दायित्व ग्रहण कराया। समारोह में पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर, खेरवाड़ा सरपंच लक्ष्मी देवी आहारी, उप सरपंच विक्रांत कोठारी ,प्रसिद्ध कवि बलवंत जैन बल्लू, देवनारायण पटेल ओडा ग्रुप, डॉक्टर दिनेश बंसल, महेश चंद्र कलाल, आनंद जैन सहित ऋषभदेव ,उदयपुर, डूंगरपुर के व्यापार संघ के प्रतिनिधि सहित कस्बे के व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। संचालन समाजसेवी हेमंत मेहता ने किया और आभार महामंत्री नरेंद पंचोली ने ज्ञापित किया।
कैथल में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रोहतक स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (UHSR) द्वारा मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की फीस में की गई बढ़ोतरी को छात्रों के भविष्य पर डकैती और खुली वसूली करार दिया। कहा-युवा हो रहे प्रताड़ित सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट बनने का सपना देखने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय युवाओं के अरमानों पर सरकार ने महंगाई का एक नया नायब बम फोड़ दिया है। हर साल 10% की अतिरिक्त सालाना वृद्धि और 20 हजार रुपए तक की लेट फीस का आतंक युवाओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। फीस में हुई भारी बढ़ोतरी का विवरण साझा किया सुरजेवाला ने फीस में हुई भारी बढ़ोतरी का विस्तृत विवरण साझा करते हुए लूट का पूरा गणित बेतहाशा फीस वृद्धि करार दिया। सुरजेवाला कहा कि सरकार ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है। MBBS प्रति वर्ष की फीस को सीधे ढाई हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया। एमफार्मा फीस को तीन से सीधे बढ़ाकर 12 हजार कर दिया। बीपीटी को 4500 रुपए कर दिया गया है। एमडी व एमएस फीस को ढाई हजार से सीधे 20 हजार कर दिया गया है। बढ़ी फीस वापस लेने की मांग राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह मार सिर्फ यहीं नहीं रुकती। नई दरें 1 अगस्त से लागू होने जा रही हैं और आने वाले 5 वर्षों तक हर साल फीस में 10% की अतिरिक्त सालाना वृद्धि का प्रावधान कर छात्रों को परमानेंट आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है। कांग्रेस पार्टी इस फैसले का पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि बढ़ी हुई फीस के आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सड़कों से लेकर विधानसभा तक छात्रों के हक की लड़ाई लड़ेगी।
पंजाब संयुक्त मुलाजिम मंच और पंजाब मुलाजिम व पेंशनर्स फ्रंट के बैनर तले सोमवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने संगरूर से आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के बरनाला स्थित आवास का तीखा घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन से पहले मुलाजिम नेताओं बलजिंदर प्रभु, तरसेम भट्ठल, दर्शन चीमा, मोहन सिंह छन्ना, मनोहर लाल अरोड़ा, जगराज रामा, सुखजंट सिंह और गमदूर सिंह की अगुवाई में स्थानीय कचहरी चौक में एक विशाल धरना दिया गया, जिसके बाद सभी प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए सांसद के आवास तक पहुंचे। रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं। कर्मचारियों और पेंशनर्स की प्रमुख मांगें: महंगाई भत्ता (DA): बकाया 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें तुरंत जारी की जाएं। भत्ते और पेंशन योजना: एसीपी (ACP) भत्ता दोबारा लागू किया जाए और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल हो। वेतन आयोग में सुधार: पंजाब के कर्मचारियों पर 17 जुलाई 2020 के पत्र के जरिए लागू किए गए केंद्रीय वेतन आयोग के फैसले को रद्द किया जाए। प्रोबेशन पीरियड: प्रोबेशन (परख काल) अवधि बढ़ाने वाले 15 जनवरी 2015 के पत्र को तुरंत वापस लिया जाए। पेंशन संशोधन: पेंशनर्स को 2.59 के गुणांक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) के अनुसार संशोधित पेंशन दी जाए। कच्चे मुलाज़िम व न्यूनतम मजदूरी: सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और मानभत्ते (मानदेय) पर काम करने वाली महिलाओं पर न्यूनतम मजदूरी कानून लागू हो। 15 जुलाई को मोहाली कूच की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सांसद के आवास का घेराव उनके आंदोलन का दूसरा चरण है। अपनी मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज करने का एलान करते हुए नेताओं ने बताया कि अगले पड़ाव के रूप में 15 जुलाई को बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स मोहाली की तरफ कूच करेंगे। उन्होंने सभी संगठनों और साथियों से अभी से इस राज्य स्तरीय आंदोलन की तैयारियां शुरू करने की अपील की है।
बिलासपुर में व्यापार विहार स्थित 21 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी की सफाई लगातार बारिश के कारण स्थगित कर दी गई है। नगर निगम के नल जल विभाग ने पहले शाम की पानी आपूर्ति बाधित होने की सूचना दी थी, लेकिन अब यह अपने निर्धारित समय पर होगी। नगर निगम के नल जल विभाग के प्रभारी और कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी ने बताया कि व्यापार विहार टंकी की सफाई अब मौसम साफ होने पर की जाएगी। इस कारण पानी की आपूर्ति सुचारू रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह पर्याप्त पानी की आपूर्ति की गई थी, ताकि लोग टंकी की सफाई के दौरान अपनी आवश्यकतानुसार पानी जमा कर सकें। तिवारी ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार 15 जुलाई तक शहर की सभी पानी टंकियों की सफाई पूरी की जानी है। अब तक शहर की कुल 60 टंकियों में से 32 की सफाई हो चुकी है। इन टंकियों की सफाई का ठेका मयंक मिश्रा को 1 पैसे प्रति लीटर (टंकी की क्षमता के अनुसार) की दर पर दिया गया है। व्यापार विहार पानी टंकी से तालापारा, मरीमाई रोड, भारत चौक, कुम्हारपारा, ग्रीन पार्क कॉलोनी, अज्ञेयनगर, विनोबा नगर, क्रांति नगर और बैंक कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाती है।
वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार
मुंबई, मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 280 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,044 और निफ्टी 76 अंक या 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,348 पर था।
नागौर जिले की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और पूर्व छात्र नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अजमेर में JLN अस्पताल को सोमवार सुबह से ही परिजन, ग्रामीण और समाज के लोग मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी मांग है कि पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करे, मृतक का मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कर निष्पक्ष जांच की जाए। मांगें पूरी होने पर ही पोस्टमॉर्टम कराने और शव उठाने की बात कही जा रही है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर 2 डीएसपी (DSP) सहित 4 थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों से समझाइश में जुटे हैं। 5-6 महीने से रची जा रही थी साजिश पीह के पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा ने बातचीत में आरोप लगाया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि पिछले पांच-छह महीनों से देवकरण की हत्या की साजिश रची जा रही थी। इस संबंध में संदिग्ध लोगों के नाम पुलिस को दिए जा चुके हैं और उन्हें तत्काल हिरासत में लेने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि मामला व्यापारिक रंजिश से जुड़ा हो सकता है। देवकरण रविवार सुबह करीब 11:30 बजे घर से निकले थे। शाम करीब 4:30 बजे गेगल थाना पुलिस का फोन आया कि उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें जेएलएन (JLN) अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही भाई की गाड़ी की चाबी, मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी वहां नहीं मिले हैं। 'मेरे पीछे पुलिस लगी है... मुझे बचाओ' पोस्टमॉर्टम से पहले कार्रवाई की मांग परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे पोस्टमॉर्टम कराने और शव लेने को तैयार नहीं होंगे। इसी मांग को लेकर सोमवार को मोर्चरी के बाहर धरना जारी रहा। सांसद-विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने भी घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस जुटा रही वैज्ञानिक साक्ष्य एडिशनल एसपी (ग्रामीण) डॉ. लालचंद कायल ने बताया- परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी की जा रही है। एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल, कार और आसपास से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए.. पूर्व सरपंच के भाई की संदिग्ध स्थिति में मौत:आरोप- नशीला पदार्थ देकर की हत्या; अजमेर के जेएलएन अस्पताल में जुटे लोग नागौर के पीह गांव के पूर्व सरपंच और प्रशासक अमरचंद जाजड़ा के भाई देवकरण जाजड़ा की अजमेर में संदिग्ध स्थिति में रविवार को मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। दिल्ली में दो दिवसीय वैश्विक परामर्श, सीएम करेंगे अध्यक्षता इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
भरतपुर में शनिवार रात लूट की कोशिश के दौरान गोली लगने से घायल हुए बर्तन व्यापारी की जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बदमाश उनसे करीब 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने की कोशिश कर रहे थे। चंद्रभान ने बैग नहीं छोड़ा, तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह बाइक चलाकर भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक इलाज किया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां ऑपरेशन कर उनके पेट से गोली निकाली गई। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने SMS हॉस्पिटल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, व्यापारी की मौत के बाद व्यापारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने पुलिस को दो दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मथुरा से लौटते समय बदमाश पीछे लग गए मृतक के बेटे केशव निवासी सुभाष नगर ने बताया कि शनिवार को उनके पिता चंद्रभान (46) मथुरा में प्लॉट देखने गए थे। उनके साथ दुकान पर काम करने वाला एक युवक भी था। चंद्रभान अपने साथ 5 लाख रुपए भी लेकर गए थे। भरतपुर लौटते समय तीन बाइक सवार बदमाश उनका पीछा करने लगे। पहले दुकान पर काम करने वाले युवक को उसके घर छोड़ा। इसके बाद जब वह अपने घर की तरफ जा रहे थे, तब अनोखी होटल के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की। चंद्रभान ने बैग नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। खुद बाइक चलाकर पहुंचे हॉस्पिटल पेट में गोली लगने के बाद भी चंद्रभान ने हिम्मत नहीं हारी। दर्द और खून बहने के बावजूद उन्होंने खुद ही अपनी बाइक संभाली और सीधे भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल पहुंच गए। हॉस्पिटल पहुंचते ही उन्होंने अपने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग घबराए हुए हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चंद्रभान की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार ने एसएमएस हॉस्पिटल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिवार में तीन बच्चे, व्यापारियों में रोष चंद्रभान के परिवार में तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा केशव 25 साल का है, बेटी डिम्पल 30 साल की है और सबसे छोटा बेटा कान्हा 16 साल का है। चंद्रभान अपने बेटे केशव के साथ बर्तन की दुकान संभालते थे। उनकी मौत के बाद भरतपुर के व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
बिहार सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट में पटना नगर निगम को 200 करोड़ तक का म्यूनिसिपल बांड जारी करने की मंजूरी दी थी। अब पटना नगर निगम शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। निगम बॉन्ड जारी करने से पहले सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने में लगा हुआ है। क्रेडिट रेटिंग मिलने के बाद म्युनिसिपल बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया जाएगा। बॉन्ड से जुटाई गई राशि को पटना को स्मार्ट सिटी बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। बॉन्ड की राशि का भुगतान नगर निगम को ही करना होगा हालांकि, इसे मंजूरी देने के बाद अब सरकार ने बॉन्ड के लिए नियम और शर्तें भी तय कर दी हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार इस बॉन्ड के मूलधन और ब्याज के एक-एक रुपये का भुगतान नगर निगम को अपने ही राजस्व से करना होगा। सरकार इस भुगतान की कोई जिम्मेदारी नहीं लेगी। बॉन्ड जारी होने के चार साल बाद मूलधन की अदायगी शुरू होगी, जबकि पूरे 10 वर्षों तक नगर निगम को वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए निवेशकों का पैसा समय पर लौटाना होगा। SEBI के सभी नियमों का करना होगा पालन सरकार ने नगर निगम को SEBI के सभी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत मर्चेंट बैंकर, कानूनी सलाहकार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी, डिबेंचर ट्रस्टी और अन्य जरूरी एजेंसियों की नियुक्ति करनी होगी। साथ ही समय-समय पर वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।सरकार ने ये भी शर्त रखी है कि बॉन्ड के कारण शहर की सफाई, पेयजल, सड़क, रोशनी और अन्य जरूरी नागरिक सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। पटना नगर निगम बॉन्ड जारी करने वाला बिहार का पहला नगर निकाय बनेगा। 200 करोड़ की राशि का उपयोग शहर की आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में होगा
इंदौर में ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने एक दवा व्यापारी और उनकी पत्नी के बैंक खातों से 1.08 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गूगल पर मिले एक कथित कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया था। आरोपी ने पहले 5 रुपए ट्रांसफर कर प्रक्रिया पूरी करने का झांसा दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोबाइल स्क्रीन बंद हो गई और दोनों के बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1.08 लाख रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर जूनी इंदौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गूगल से मिला नंबर बना ठगी की वजहसाइबर सेल में गोपाल कॉलोनी निवासी निर्मल नवलानी ने शिकायत दर्ज कराई। वे दवा व्यापारी हैं और उन्होंने अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन ले रखे थे। 4 जून को दवा बाजार स्थित कार्यालय से उन्होंने गूगल पर जियो हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन बंद कराने के लिए एक नंबर खोजा। कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टमर सपोर्ट प्रतिनिधि बताया और सब्सक्रिप्शन बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 5 रुपए ट्रांसफर करते ही मोबाइल स्क्रीन हुई बंदआरोपी ने निर्मल से कहा कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले 5 रुपए एक खाते में ट्रांसफर करने होंगे। निर्मल ने अपने गूगल पे से राशि भेज दी। इसके कुछ ही देर बाद मोबाइल की स्क्रीन बंद हो गई। मोबाइल दोबारा चालू करने पर बैंक ट्रांजेक्शन के लगातार मैसेज आने लगे। पति-पत्नी के खातों से कुल 1.08 लाख रुपए निकलेसबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 8 हजार रुपए और फिर 50 हजार रुपए निकल गए। इसके बाद निर्मल की पत्नी शारदा के खाते से 20 हजार और 30 हजार रुपए के दो ट्रांजेक्शन हो गए। इस तरह दोनों खातों से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। बैंक खाते फ्रीज कराए, फिर FIR दर्ज हुईनिर्मल को ठगी का संदेह होते ही उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क कर दोनों खाते फ्रीज कराए। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में उन्हें जूनी इंदौर थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर जांच कर रही है।
एडवाइजरी:पुराने ई-कॉमर्स खाते से साइबर ठगी का खतरा, पासवर्ड बदलने की चेतावनी
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर बनाए गए पुराने और लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे ई-कॉमर्स अकाउंट अब साइबर ठगों के निशाने पर हैं। राज्य साइबर पुलिस के अनुसार पिछले एक वर्ष में ऐसे करीब 30 मामले सामने आए हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ठग निष्क्रिय अकाउंट में सेव भुगतान माध्यम, कार्ड डिटेल और रिवॉर्ड पॉइंट्स का दुरुपयोग कर रहे हैं। अधिकांश लोग ऐसे अकाउंट की नियमित निगरानी नहीं करते, जिससे अनधिकृत गतिविधियों का पता देर से चलता है। पुलिस ने उपयोग में नहीं आने वाले अकाउंट से सेव कार्ड डिटेल हटाने और पासवर्ड बदलने की सलाह दी है। साइबर पुलिस का कहना है कि कई लोग ऑनलाइन खरीदारी के लिए अकाउंट बनाते समय कार्ड या अन्य भुगतान संबंधी जानकारी सेव कर देते हैं। बाद में वे अकाउंट का इस्तेमाल बंद कर देते हैं। फिर भी उसमें मौजूद वित्तीय जानकारी हटाना भूल जाते हैं। साइबर अपराधी इसी लापरवाही का फायदा उठाते हैं। इस तरह की शिकायतें राज्य साइबर पुलिस और जिला साइबर पुलिस के पास आए दिन आ रही हैं। इस तरह बढ़ती ठगी को लेकर आरबीआई, बैंक, पुलिस अपने-अपने माध्यमों से लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। अलग-अलग तरीकों से वारदात इसके लिए ठग अकाउंट तक पहुंच बनाने के कई तरीके अपनाते हैं। इनमें डेटा लीक से मिले पासवर्ड, फिशिंग लिंक, फर्जी मैसेज, मालवेयर, सिम स्वैप जैसी तकनीकें शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी एक प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होने पर साइबर अपराधी उसी पासवर्ड से अन्य शॉपिंग अकाउंट्स में लॉग-इन की कोशिश करते हैं। अकाउंट तक पहुंचते ही खरीदारी शुरू: एक बार अकाउंट तक पहुंच मिलने के बाद ठग सेव किए गए कार्ड या भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर खरीदारी कर सकते हैं। वे रिवॉर्ड पॉइंट्स का दुरुपयोग भी कर सकते हैं। अकाउंट निष्क्रिय होता है। इसलिए कई बार ग्राहकों को लंबे समय तक इसकी जानकारी नहीं मिलती। सावधान…आपके पास भी ऐसा अकाउंट है पिछले 6 से 12 महीने से अकाउंट में लॉग-इन नहीं किया है। { कार्ड या भुगतान संबंधी जानकारी सेव है। { लंबे समय से पासवर्ड नहीं बदला है। { ट्रांजेक्शन अलर्ट नियमित रूप से नहीं देखते हैं। { एक ही पासवर्ड कई एप और वेबसाइट पर इस्तेमाल करते हैं। बचाव के 6 आसान उपाय ऐसे हटाएं सेव कार्ड डिटेल इसलिए बढ़ रहा है खतरा ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ लोगों के कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बन गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे अकाउंट्स की है, जिनका कई साल से इस्तेमाल नहीं हुआ। फिर भी उनमें भुगतान संबंधी जानकारी अब भी मौजूद है। साइबर अपराधी इन्हीं निष्क्रिय अकाउंट्स को आसान टारगेट मानकर हमला कर रहे हैं।
राजापार्क में चश्मा व्यापारी का शव फंदे से लटका मिला
जयपुर | आदर्श नगर थाना क्षेत्र में राजापार्क स्थित एक होटल के कमरे में 32 वर्षीय चश्मा व्यापारी का शव फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रविवार को कमरे का दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थानाप्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि मृतक की पहचान राजापार्क निवासी मानव छावड़ा (32) के रूप में हुई है। उसने गुरुवार को गली नंबर-2 स्थित होटल साहिब में कमरा बुक कराया था। रविवार दोपहर कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर युवक पंखे से बिस्तर पर बिछाए जाने वाले कपड़े के सहारे फंदे से लटका मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक के खिलाफ रुपए के लेनदेन से जुड़ा एक मामला न्यायालय में विचाराधीन था और शुक्रवार को उसकी पेशी भी हुई थी। पुलिस को पारिवारिक विवाद और पत्नी से तलाक को लेकर तनाव की जानकारी भी मिली है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद को याद करते हुए उन्हें अखंड भारत का शिल्पकार बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के ''एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाकर पूरा किया। आज भारत 90 देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है और मप्र में भी देश की नामी कंपनियों ने इस साल के पहले 6 महीनों में 86 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्टी सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि देश की आजादी के बाद अखंडता के लिए पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी ने दिया। उनकी दूरदृष्टि से पूर्वी पाकिस्तान के लिए गलियारा मांगने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम हुई और पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों से ही भाजपा विश्व का सबसे बड़ा दल बनी है। हमारे लिए बूथ केवल मतदान केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की इकाई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में सम्मेलन का शुभारंभ करते सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और सीएम मोहन यादव व अन्य। ताजा मुद्दों पर चर्चा, नरोत्तम के नाम पर भी मुहर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे सियासी मुद्दे, प्रदेश कार्यसमिति और मंत्रियों के कामकाज-बयानबाजी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच डेढ़ घंटे अहम चर्चा हुई। बैठक 74 बंगले के बी-15 निवास पर हुई। इसमें दतिया में पार्टी प्रत्याशी की घोषणा की औपचारिकता पर भी बात हुई। कोर ग्रुप से बातचीत की परंपरा पूरी करके दो-तीन दिन के भीतर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम जारी कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी शिवप्रकाश ने बात की। शाम को रवाना होने से पहले शिवप्रकाश ने खंडेलवाल से अलग से बात की। यह बैठक भी करीब एक घंटे तक चली। इसके बारे में सूत्रों का कहना है कि 15 जुलाई के बाद प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक की जानकारी शिवप्रकाश को दी गई। साथ ही निगम-मंडलों में बची हुई नियुक्ति के बारे में बताया गया। शाम की बैठक में मुख्यमंत्री को भी रहना था, लेकिन वे दतिया चले गए थे।
निवेशकों की सलाह के अनुसार होंगी राज्य की औद्योगिक नीतियां, दो के ड्राफ्ट जारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे फीडबैक सत्र की अध्यक्षता झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने और निवेश के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति -2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किया गया है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। सरकार का उद्देश्य आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार कर राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है िक उद्योगपतियों के सुझाव और सुविधा के अनुसार औद्योगिक नीतियां तैयार होने से राज्य में िनवेश बढ़ेगा। इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श (स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाई को होने वाले विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन नीतियों पर भी िनर्णय की है संभावना... यूरोपीय निवेशकों के लिए विशेष कोषांग विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन िकए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन िदया जा सकता है। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है।
अरवल जिला मुख्यालय के जनकपुर धाम इलाके में पुलिस ने कथित देह व्यापार के एक नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी कर 8 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया। इस कार्रवाई के दौरान महिला संचालिकाओं सहित कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, जनकपुर धाम इलाके में लंबे समय से कथित रूप से अवैध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई कमरों से जांच से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। नाबालिगों के शोषण की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि रेस्क्यू की गई नाबालिग लड़कियों का कथित रूप से शोषण किया जा रहा था और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। मेडिकल जांच के बाद सुरक्षित संरक्षण में भेजा गया रेस्क्यू की गई सभी 8 नाबालिग लड़कियों का सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़कियों को यहां कौन लाया, उन्हें इस गतिविधि में किसने धकेला और पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। 14 लोग हिरासत में पुलिस ने इस मामले में महिला संचालिकाओं सहित 14 लोगों को हिरासत में लिया है। साइबर डीएसपी मुशीर आलम ने बताया कि महिला संचालिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मानव तस्करी के पहलू से भी जांच पुलिस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी और संगठित अपराध के पहलू से भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद जनकपुर धाम इलाके में हलचल का माहौल है।
‘SITकी जांच रिपोर्ट आने तक राम मंदिर ट्रस्ट के किसी भी पदाधिकारी को दोषी न ठहराया जाए और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाए। चंपतराय के राम मंदिर में किए गए योगदान पर भी विचार किया जाए।’ राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा प्रकरण को लेकर जारी विवाद के बीच अयोध्या व्यापार मंडल ने रविवार शाम पांच बजे पीसी कर यह अपील की। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा- जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना न्यायसंगत नहीं है। सभी पक्षों से संयम बरतने और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से अपना कार्य करने देना चाहिए। जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो अयोध्या व्यापार मंडल सबसे पहले उसका बहिष्कार करेगा और कठोर कार्रवाई की मांग करेगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष की प्रमुख बातें… बार एसोसिएशन के प्रस्ताव का किया स्वागत: दान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी नहीं करने संबंधी बार एसोसिएशन फैजाबाद के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय निर्णय बताया। कहा- कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और श्रीराम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया है। मंदिर आंदोलन के दौरान संतों को एक मंच पर लाने, ऐतिहासिक साक्ष्यों को संकलित करने और मंदिर पक्ष को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राम जन्मभूमि प्रकरण में न्यायालय का फैसला भी ठोस साक्ष्यों के आधार पर आया था। राम मंदिर से बदली अयोध्या की आर्थिक तस्वीर: राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले जहां स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब देशभर से लोग अयोध्या में निवेश और व्यापार की संभावनाएं तलाश रहे हैं। रेलवे स्टेशन, रामपथ, धर्मपथ, एयरपोर्ट और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी सराहना की। कहा- मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले भक्तों को सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिल रहा है। 6 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें दान प्रकरण को लेकर संत समाज के बाद अब अयोध्या व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। ऐसे में 6 जुलाई को प्रस्तावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट के नेतृत्व, दान प्रकरण और आगे की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। बैठक में महामंत्री नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, सरदार कमलजीत, सरदार महेंद्र, जितेंद्र मोदनवाल, सोनू अग्रहरि, रंजीत गुप्ता, राकेश गुप्ता और निखिल गुप्ता समेत अयोध्या धाम के वरिष्ठ व्यापारी उपस्थित रहे।
दरभंगा में रविवार को 22 साल की एक युवती 24 दिनों बाद घर लौट आई। युवती ने एक युवक पर किडनैपिंग के बाद जबरन शादी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक ने उसे नेपाल में बंधक जबरन शादी की। इसके बाद देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। देह व्यापार से करने पर मारपीट करता था। वहीं, युवती के घर लौटने की सूचना मिलते ही जाले थाने की पुलिस गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था- शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की। अब युवती मिल गई है तो क्यों आए है। युवती जाले थाना क्षेत्र के एक गांव की है। युवती 12 जून से गायब थी। वहीं, आरोपी युवक शिवराज कुमार ने युवती के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हम दोनों के बीच अफेयर चल रहा था। आपसी सहमति से शादी की है। पहले जानिए युवती ने युवक पर क्या-क्या लगाए आरोप रविवार को घर लौटने के बाद युवती ने बताया कि, ‘12 जून की दोपहर करीब तीन बजे शिवराज कुमार जबरन अपने साथ ले गया। इसके बाद एक मंदिर में उसे जबरन माला पहनाई और तस्वीरें खींची। शादी के कागजात पहले से तैयार थे, जिन पर उससे केवल हस्ताक्षर कराए।’ शादी के बाद नेपाल ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा था। वहां आरोपी की मौसी और अन्य परिजन मेरे साथ मारपीट की। हमको धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को घटना की जानकारी दी तो तुम्हारे परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे। युवती ने आरोप लगाया कि उस पर अदालत में अपनी मर्जी से शादी करने का झूठा बयान देने का दबाव बनाया। इस दौरान हमारे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया और बाद में उसे देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर लोहे की रॉड से मारपीट की गई। मौका मिलने पर आज किसी तरह नेपाल से भागकर घर पहुंची है। बयान लेने पहुंची पुलिस का ग्रामीणों ने किया विरोध युवती के घर लौटने की सूचना मिलने पर जाले थाने की पुलिस उसका बयान दर्ज करने पहुंची। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क जाम को लेकर दर्ज की गई FIR से स्थानीय लोगों का नाम हटाए। इसके बाद मामले की जांच में सहयोग करेंगे। गांव के लोगों के आक्रोश के कारण पुलिस को वापस लौटना पड़ा। पुलिस ने बताया कि कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार युवती का बयान दर्ज कराया जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें युवती के गायब होने के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी, जिनमें युवती की मांग में सिंदूर लगा दिख रहा था। नेपाल के जनकपुर धाम की भी कुछ तस्वीरें सामने आई थी। बताया जा रहा है कि युवती जीविका परियोजना में कम्युनिटी मोबिलाइजर (सीएम) के पद पर कार्यरत थी। मां ने दर्ज कराई थी FIR युवती की मां ने 15 जून को जाले थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी जीविका समूह की बैठक में जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। एफआईआर में शिवराज कुमार सहनी और संतोष कुमार सहनी को नामजद आरोपी बनाया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों की ओर से लगातार धमकी मिल रहे है। आशंका है कि बेटी को बेचने या देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की जा रही है। सड़क जाम कर किया गया था प्रदर्शन युवती की बरामदगी की मांग को लेकर 15 और 16 जून को परिजनों और ग्रामीणों ने जाले-औराई मुख्य सड़क के खड़का जीरो माइल पर जाम कर प्रदर्शन किया था। इस दौरान एंबुलेंस सहित कई गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रही। इस मामले में जाले थाना में कांड संख्या 124/26 दर्ज किया गया, जिसमें 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर सड़क जाम, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य आरोप लगाए गए थे। इसमें लड्डू झा, गणेश पासवान, सचिन्दर सहनी, गुड्डू पासवान, प्रेम पासवान, राजन पासवान, चन्दन पासवान, सुशील पासवान, रोहित पासवान और उमेश पासवान शामिल थे। आरोपी युवक ने आरोपों से किया इनकार आरोपी शिवराज कुमार ने युवती के सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि हम दोनों पिछले तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे और प्रेम संबंध में थे। हम दोनों अपनी मर्जी से शादी की थी और नेपाल में साथ रह रहे थे। युवती अपने परिवार के दबाव में मेरे खिलाफ बयान दे रही है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस बोली- हर पहलू की हो रही जांच जाले थाना प्रभारी संदीप कुमार पाल ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़िता का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जाएगा। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), नेपाल में रहने से जुड़े साक्ष्य, मंदिर और विवाह से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल युवती अपने परिवार के साथ है।
सिरोही जिले के शिवगंज कस्बे में गंदे पानी की निकासी के लिए निर्माणाधीन नाला पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। दो दिन पहले रात को हुई बारिश थमने के करीब 42 घंटे बाद भी मुख्य बाजार क्षेत्र में कई दुकानों के बाहर गंदा पानी और कीचड़ जमा है, जिससे व्यापारियों, रिक्शा चालकों और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका ने पुराने नाले को तोड़कर नए नाले का निर्माण तो शुरू कर दिया, लेकिन उससे पहले गंदे पानी की निकासी के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश ने निर्माण कार्य की तैयारियों और योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना हुआ मुश्किललगातार जलभराव की स्थिति से व्यापार प्रभावित हो रहा है, वहीं दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। बाजार में जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है, जबकि कई दुकानदारों को दिनभर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। रविवार को व्यापारियों ने मौके पर एकत्र होकर समस्या पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पिछले 2 दिनों से लगातार शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। व्यापारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता को स्थिति बिगड़ने का कारण बताया। व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सोमवार तक गंदे पानी की निकासी कर बाजार को राहत नहीं दी गई तो वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उनका कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन बिना समुचित योजना और वैकल्पिक व्यवस्था के शुरू किए गए निर्माण कार्य आमजन और व्यापारियों के लिए मुसीबत बन गए हैं।
5 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का एक बड़ा ही खास दिन माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1960 में देश के सबसे सफल निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला का जन्म हुआ था। उन्हें भारतीय शेयर बाजार का 'बिग बुल' और 'भारत का वॉरेन बफेट' कहा जाता था। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रहे झुनझुनवाला ने सिर्फ 5,000 रुपए की शुरुआती पूंजी से निवेश का सफर शुरू किया और अपनी दूरदर्शी सोच, धैर्य और बेहतरीन निवेश रणनीति के दम पर करीब 40,000 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर दी। यही कारण है कि आज भी उनकी निवेश शैली लाखों निवेशकों के लिए प्रेरणा का काम करती है।
हरदोई रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह 11:30 बजे उद्योग व्यापार एकता एसोसिएशन की हरदोई इकाई ने प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा को रेल मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि जिले की बढ़ती औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण हरदोई रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव अब आवश्यक हो गया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि सांसद जयप्रकाश रावत लंबे समय से हरदोई में प्रमुख ट्रेनों के ठहराव के लिए प्रयास कर रहे हैं। अब इस अभियान को व्यापारियों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की इस संयुक्त पहल से रेलवे प्रशासन जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा। रेलवे के राजस्व में होगी वृद्धि ज्ञापन में बताया गया कि हरदोई उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो लखनऊ, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों को रेल मार्ग से जोड़ता है। संडीला औद्योगिक क्षेत्र तेजी से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। यहां पेप्सीको (वरुण बेवरेजेज), बर्जर पेंट्स, बालाजी वेफर्स और वेबले एंड स्कॉट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां संचालित हैं। इन उद्योगों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ, कारोबारी और अधिकारी आते-जाते हैं, जिन्हें पर्याप्त रेल सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों ने ट्रेन संख्या 12583/12584, 22545/22546, 19269/19270, 12237/12238 और 15043/15044 लखनऊ-काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस का हरदोई स्टेशन पर नियमित ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे उद्योग, व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर उद्योग व्यापार एकता एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता गौरव अग्रवाल, शोभित गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता 'राजू', विनोद गुप्ता, कमल गुप्ता, अमन सिंह, अपूर्व गुप्ता सहित कई अन्य पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित थे।
भिवानी जिले के सिवानी मंडी नगर पालिका क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में रोष है। आरोप है कि ठेकेदार ने दुकानों के सामने सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिया है, जिससे दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य की उचित निगरानी न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने मांग की है कि पहले दुकानों के सामने का अधूरा निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। निवासियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा लगाए जा रहे ब्लॉक घटिया गुणवत्ता के हैं, जो लगने से पहले ही टूट रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार कार्य में लापरवाही बरत रहा है। जल्द निर्माण पूरा होने का इंतजार इस संबंध में नगर पालिका के जेई मनदीप कुमार ने बताया कि ठेकेदार को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधूरा निर्माण कार्य जल्द ही पूरा करा दिया जाएगा। अब स्थानीय लोग नगर पालिका के आश्वासन पर अमल होने और अधूरे निर्माण कार्य के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
चित्रकूट के राजापुर कस्बे में एक किराना व्यापारी के बेटे का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर घंटों प्रदर्शन किया, जिससे लंबा जाम लग गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद देर रात करीब 1 बजे जाम खुलवाया जा सका। जानकारी के अनुसार, राजापुर निवासी किराना व्यापारी गुलाब के पुत्र पंकज का शव शनिवार रात नादिन कुर्मियान स्थित महादेव इंटर कॉलेज के पास बरामद हुआ। शव के समीप ही उसकी मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पंकज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसे संदिग्ध मौत बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने शव को नेशनल हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हो गए। जाम की सूचना पर सीओ राजापुर और एसडीएम राजापुर सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने कई घंटों तक परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद देर रात करीब 1 बजे परिजन माने और हाईवे से जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद से पूरे राजापुर कस्बे में शोक और चर्चा का माहौल है।
भरतपुर में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने महज आधे घंटे के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर व्यापारियों को निशाना बनाया। बदमाशों ने दोनों ही वारदातों में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पहली वारदात में बदमाशों ने एक किराना व्यापारी से ₹60 हजार लूट लिए, इसके बाद उसे गोली मार दी। दूसरी वारदात में एक बर्तन व्यापारी से ₹5 लाख लूटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उसके पेट में गोली मार दी। दोनों घायलों को गंभीर हालत में आरबीएम (RBM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बर्तन व्यापारी को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया। इन घटनाओं से शहर के व्यापारियों में गुस्सा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश कुमार मीणा ने टीम के साथ मौका-मुआयना किया। बदमाशों को पकड़ने के लिए तत्काल 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है। वारदात-1 बदमाशों ने कट्टा दिखाकर कहा- जल्दी बैग दे घायल किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल (52) के बेटे निशांक (निशु) मित्तल ने बताया कि उनके पिता की मथुरा गेट इलाके में 'मित्तल प्रोविजन स्टोर' के नाम से दुकान है। शनिवार रात करीब 9 बजे दोनों पिता-पुत्र दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। घर से महज 400 मीटर पहले बिजलीघर चौराहे (मथुरा गेट इलाका) के पास पीछे से आए एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रमोद न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी के रहने वाले हैं। घायल व्यापारी के बेटे निशांत मित्तल ने बताया- बदमाशों ने कट्टा दिखाकर कहा-जल्दी बैग दे। जान बचाने के लिए पिता ने बिना विरोध किए ₹60 हजार से भरा बैग उन्हें सौंप दिया। इसके बावजूद बदमाशों ने पीछे से तीन राउंड फायर किए। एक गोली पिता की गर्दन के निचले हिस्से (कंधे के पास) में धंस गई और वे सड़क पर गिर पड़े। बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। निशांक ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय खून से लथपथ पिता को तुरंत बाइक पर बैठाया और सीधे आरबीएम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, गोली अभी शरीर में ही फंसी है, जिसे ऑपरेशन कर निकाला जाएगा। वारदात-2 ₹5 लाख लूटने का विरोध किया तो पेट में दाग दी गोलीदूसरी वारदात सुभाष नगर निवासी चंद्रभान (46) के साथ हुई, जो अनाह गेट पर बर्तनों की दुकान चलाते हैं। दुकान पर साथ बैठने वाले उनके बेटे केशव ने बताया कि चंद्रभान शनिवार को मथुरा में अपने एक रिश्तेदार से प्लॉट खरीदने के लिए ₹5 लाख उधार लेने गए थे। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे रुपए लेकर जब वे बाइक से भरतपुर लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने रास्ते से ही उनकी रेकी शुरू कर दी। अनोखी होटल (सुभाष नगर) के पास पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने चंद्रभान को रुकवा लिया और रुपयों से भरा बैग छीनने लगे। चंद्रभान ने हिम्मत दिखाते हुए बैग को कसकर पकड़ लिया और विरोध किया। इससे बौखलाए बदमाशों ने सीधे उनके पेट में गोली मार दी। हालांकि, गोली मारने के बाद भी बदमाश बैग छीनने में सफल नहीं हो सके और खाली हाथ ही भाग निकले। चंद्रभान का भी आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बर्तन व्यापारी चंद्रभान को रात करीब डेढ़ बजे जयपुर रेफर किया गया। उनका ऑपरेशन अब जयपुर में ही किया जाएगा। अस्पताल पहुंचे व्यापारी वारदातों की खबर फैलते ही शहर के व्यापारी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग आरबीएम अस्पताल में जमा हो गए। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और एसपी से मिलकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने व आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही इन वारदातों से बाजार में डर का माहौल है। एसपी बोले- जल्द होगा वारदातों का खुलासा भरतपुर के SP राजेश कुमार मीणा ने कहा- दोनों घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। बदमाशों की पहचान और धरपकड़ के लिए पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स सहित आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। चंद्रभान के तीन बच्चे हैं- डिंपल (30), केशव (25) और कान्हा (16)।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
नई दिल्ली, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.2 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
ललित सुरजन की कलम से राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं
मारुति सुजुकी ने जोड़े पांच स्टार्टअप्स, एआई और ऑपरेशनल को बनाएगी और स्मार्ट
नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को घोषणा की कि उसने पांच स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है।
चीन में एक ही कंपनी के करीब 7 लाख डिलीवरी कर्मचारियों की जगह रोबोट ले सकते हैं। ई-कॉमर्स कंपनी जेडी.कॉम के संस्थापक रिचर्ड लियू ने एपीईसी चाइना सीईओ फोरम में कहा कि भविष्य में डिलीवरी कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होगी। सारी डिलीवरी रोबोट द्वारा की जाएगी। कंपनी के करीब 7 लाख डिलीवरी और फ्रंटलाइन कर्मचारी इस बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं। जेडी.कॉम पहले से ही अपने वेयरहाउस, सॉर्टिंग सेंटर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन का उपयोग कर रही है। रिचर्ड लियू ने बताया कि उनकी कंपनी ने एआई और रोबोटिक्स से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक निर्वाण योजना शुरू की है। इसके तहत चीन के लगभग 120 शिक्षण संस्थानों की मदद से कर्मचारियों को रोबोट मरम्मत, रखरखाव, मॉनिटरिंग और तकनीकी संचालन जैसे कौशल सिखाए जाएंगे। 100 से ज्यादा काम रोबोट से करवाने की कोशिश चीन की कोशिश है कि इस साल के आखिर तक ह्यूमनॉइड रोबोट 100 से ज्यादा तरह के असल जिंदगी के कामों में सक्रिय हो जाएं। चीन के उद्योग मंत्रालय ने सरकारी उद्यमों को निर्देश दिए हैं कि वे रोबोट्स को ‘वर्क मोड’ में लाएं। भारत में क्या स्थिति है? भारत में अभी लास्ट-माइल डिलीवरी काफी हद तक मानव श्रमिकों पर निर्भर है। हालांकि बड़े वेयरहाउस, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ग्राहक सेवा क्षेत्रों में एआई व ऑटोमेशन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। नौकरियों की प्रकृति बदल सकते हैं रोबोट विशेषज्ञों के अनुसार रोबोट जॉब खत्म नहीं करेंगे, बल्कि नौकरियों की प्रकृति बदलेंगे। इंसान रोबोट की मरम्मत, मेंटेनेंस, मॉनिटरिंग और तकनीकी संचालन जैसे काम करेंगे। रोबोट ऑपरेटर और रोबोट मेंटेनेंस इंजीनियर जैसी नई नौकरियां उभर सकती हैं। चीन की 44% वर्कफोर्स अस्थायी रोजगार में लगी थिंक चाइना की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की गिग इकोनॉमी दुनिया में सबसे बड़ी है। डिलीवरी और राइड-हेलिंग जैसे प्लेटफॉर्म पर 8.4 करोड़ लोग काम करते हैं। अस्थायी रोजगार पर निर्भर आबादी 32 करोड़ (करीब 44%) तक पहुंच गई है।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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