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व्यापारी पिता-पुत्र हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार:बागपत में 25 हजार रुपए का इनामी के दोनों पैरों में लगी गोली

बागपत के बड़ौत में 9 जून को हुए चर्चित व्यापारी पिता-पुत्र हत्याकांड के फरार आरोपी भीमसेन को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी है। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध हथियार और बाइक बरामद की है। गौरतलब है कि 9 जून को बड़ौत क्षेत्र में व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास अपनी दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी अपने साथी भीमसेन के साथ वहां पहुंचा और दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के दौरान हुई फायरिंग में आरोपी वरुण लुहारी भी घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसका साथी भीमसेन वारदात के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, चेकिंग अभियान के दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में भीमसेन के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। कार्रवाई में बड़ौत कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि पिता-पुत्र हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 10:39 pm

अवैध वसूली के विरोध में उतरे खनन व्यापारी:बोले- 180 के बजाय ₹320 प्रति टन रॉयल्टी वसूल रहा ठेकेदार, एक गाड़ी पर 7 हजार का नुकसान

सेंड स्टोन पर अवैध तरीके से वसूली जा रही रॉयल्टी को लेकर हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कोटा कलेक्टर व माइनिंग एडीएम ऑफिस में ज्ञापन दिया। व्यापारियों से रॉयल्टी के नाम पर हो रही अवैध वसूली रोकने की मांग की। सीआईडी सीबी से जांच की मांग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश मित्तल ने कहा- बूंदी जिले के बरड (खान) क्षेत्र से रोज 100 गाड़ियां सेंड स्टोन मुक्कसर (उड्रेस्ड ब्लॉक ) लेकर निकलती है। धनेश्वर स्थित रॉयल्टी ठेकेदार अवैध तरीके से प्रतिटन ₹320 चार्ज वसूलता है। वहीं सरकारी नियमों में सेंड स्टोन मुक्कसर पर ₹180 प्रति टन दर निर्धारित की हुई है। सरकार की और से एग्रीमेंट में कोई भी पैमाना निर्धारित नहीं किया गया। उसके बावजूद व्यापारियों द्वारा अवैध वसूली का विरोध करने पर धमकाया जाता है। व्यापारी को एक गाड़ी पर 7 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। ये अवैध वसूली काफी समय से चल रही है। सभी व्यापारियों ने हिम्मत करके इसका विरोध जताया है। प्रशासन को ज्ञापन देकर अवैध वसूली रोकने, सभी व्यापारियों को इस जुल्म से राहत पहुंचाने की मांग की है। व्यापारियों ने अवैध वसूली की सीआईडी सीबी से जांच करवाने की मांग की। ज्ञापन देने में विकास जोशी, रोहित सूद, दिनेश भारद्वाज, ओम शर्मा, सचिन मित्तल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस बारे में SME अविनाश कुलदीप ने कहा- मैं अभी छुट्टी पर हूं। भरतपुर वालों के पास चार्ज है। ज्यादा जानकारी के लिए बूंदी माइनिंग इंजीनियर से बात करें।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 8:11 pm

मंडी टैक्स में 50 फीसदी बढ़ोतरी पर किसान-व्यापारी हुए एकजुट:शुल्क 1 से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के फैसले को वापस लेने की मांग

मध्यप्रदेश शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क (मंडी टैक्स) को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में मंगलवार को मंदसौर में किसानों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई दर वापस लेने की मांग की। लालघाटी स्थित कृषि उपज मंडी में दशपुर मंडी व्यापारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एवं व्यापारी एकत्रित हुए। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडी सचिव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि मंडी शुल्क में 50 प्रतिशत की वृद्धि से कृषि उपज के व्यापार पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। इसका सीधा असर किसानों और व्यापारियों दोनों पर होगा। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में कृषि क्षेत्र पहले से ही बढ़ती उत्पादन लागत, परिवहन खर्च और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में मंडी शुल्क बढ़ाने का निर्णय कृषि व्यापार को प्रभावित करेगा। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में भी कठिनाई हो सकती है। किसानों और व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से मंडी शुल्क को पूर्ववत 1 प्रतिशत बनाए रखने तथा बढ़ोतरी संबंधी निर्णय को तत्काल निरस्त करने की मांग की। इस दौरान मंडी परिसर में बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी एवं व्यापारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 7:32 pm

मानसून सत्र से पहले भूपेश बघेल का सरकार पर हमला:किसानों की समस्याओं, बढ़ते बिजली बिल और महंगाई को लेकर घेरने की तैयारी

छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिजली बिल बढ़ोतरी, खाद-बीज की कमी और किसानों की परेशानियों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाएगी। भिलाई-3 स्थित अपने निवास से दौरे पर निकलने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में खेती का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। ऐसे में किसानों को खाद, बीज और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। जहां सामग्री मिल रही है, वहां अधिक कीमत वसूली जा रही है। साथ ही घटिया गुणवत्ता की कृषि सामग्री मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। बिजली दरों में वृद्धि पर उठाए सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बिजली दरों में वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई बार बिजली दरें बढ़ाई जा चुकी हैं। बघेल ने कहा कि बढ़ी हुई दरों का असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। जिन परिवारों का बिजली बिल पहले कम आता था, अब उन्हें कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों पर भी चिंता उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इससे किसानों की लागत बढ़ रही है और आम लोगों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है। 13 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई 2026 से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। पांच दिवसीय सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा विधानसभा सचिवालय के अनुसार सत्र के दौरान विभिन्न शासकीय और विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक बजट मांगों तथा महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली दरों में वृद्धि, खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों की समस्याएं और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आगामी मानसून सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 7:26 pm

Share Bazaar में लगातार तीसरे दिन तेजी, Sensex 544 अंक उछला, Nifty पहुंचा 24000 के करीब

Share Market Update News : वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी रही। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71 प्रतिशत उछलकर 76808.48 अंक पर ...

ज़ी न्यूज़ 16 Jun 2026 5:32 pm

मलमास मेले में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी:33 कोटि देवी-देवताओं को दी गई विदाई, व्यापारी बोले- 100 करोड़ का हुआ कारोबार

अनादि काल से सनातन परंपरा चली आ रही है। इसका सबसे बड़ा गवाह राजगीर का ऐतिहासिक मलमास मेला (पुरुषोत्तम मास) सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार, शांति और पूर्ण आध्यात्मिकता के साथ संपन्न हो गया। एक महीने तक 33 कोटि देवी-देवताओं का आतिथ्य करने वाली इस पवित्र धर्मनगरी से देवताओं को ससम्मान विदाई दी गई। इस बार राजगीर मलमास मेले ने आस्था और भीड़ के मामले में इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। टूटा रिकॉर्ड- 30 दिन में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी 30 दिनों तक चले इस धार्मिक महाकुंभ में करीब 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मकुंड, सप्तधारा, सरस्वती और वैतरणी में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। पिछले मलमास मेले में करीब 2 करोड़ 70 लाख श्रद्धालु राजगीर पहुंचे थे। इस बार गर्मी की छुट्टियां, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, सुगम यातायात और रेलवे की ओर से चलाई गई स्पेशल ट्रेनों के कारण भीड़ में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई। बिहार के हर जिले के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और नेपाल तक से भारी संख्या में श्रद्धालु पापों से मुक्ति और मोक्ष की कामना लेकर राजगीर पहुंचे। उतरा धर्म ध्वज, देवताओं को दी गई विदाई एक महीने तक राजगीर की फिजाओं में गूंजने वाले शंख-घड़ियाल और वैदिक मंत्रोच्चार सोमवार को देव-विदाई के मधुर स्वरों में बदल गए। राजगृह तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति के अध्यक्ष नीरज उपाध्याय और सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि पुरुषोत्तम महीने में राजगीर में प्रवास करने वाले 33 कोटि देवी-देवताओं की विधिवत विदाई के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। सोमवार सुबह 7 बजे से लेकर 8:46 बजे तक शुभ मुहूर्त में विशेष वैदिक अनुष्ठान, हवन और देव-पूजन संपन्न कराया गया। ब्रह्मकुंड और सप्तधारा परिसर में पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद, एक महीने पहले जिस धर्म ध्वजा को फहराकर मेले का शंखनाद किया गया था, यज्ञ स्थल पर स्थापित उसी ध्वज का वैदिक रीति से ‘कड़ा’ (विसर्जन/उतारने की प्रक्रिया) कर मेले की धार्मिक समाप्ति की गई। चमका बाजार, व्यापारियों की हुई चांदी मलमास मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई जान फूंक दी। 30 दिनों तक राजगीर में पैर रखने की जगह नहीं थी, जिसका सीधा फायदा छोटे-बड़े हर तबके के कारोबारियों को मिला। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, इस बार मेले में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। मेले में बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में व्यापारी अपनी दुकानें लगाने पहुंचे थे। एक महीने तक खिलौने, श्रृंगार सामग्री, धार्मिक पुस्तकें, प्रसिद्ध खाजा-पेड़ा, पूजन सामग्री, हस्तशिल्प वस्तुएं और कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ रही। सबसे ज्यादा मुनाफा होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस संचालकों को हुआ, जहां कमरों के लिए 'नो-रूम' की स्थिति बनी रही। इसके अलावा ई-रिक्शा, ऑटो चालकों, रेस्टोरेंट मालिकों और मनोरंजन (थिएटर, सर्कस, झूला) व्यवसाय से जुड़े लोगों की भी बंपर आमदनी हुई। चौथे शाही स्नान में खली संतों की कमी मेले के अंतिम चरण में सोमवार को ही चौथा अमावस्या शाही स्नान भी था। हालांकि, इस बार एक कसक जरूर रह गई। परंपरागत रूप से इस अंतिम शाही स्नान में निकलने वाली साधु-संतों, महंतों और नागा साधुओं की भव्य शोभायात्रा और सामूहिक शाही स्नान इस बार देखने को नहीं मिला। इसके पीछे के कारणों पर विभिन्न अखाड़ों ने चुप्पी साधे रखी। हालांकि, संतों के न आने के बावजूद आम श्रद्धालुओं की आस्था रत्तीभर भी नहीं डिगी और हजारों श्रद्धालुओं ने अहले सुबह से ही पवित्र कुंडों में स्नान किया। सुनहरी यादें लेकर लौटे श्रद्धालु, अब तीन साल का इंतजार एक महीने तक राजगीर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। 22 अग्निकुंडों और 52 जलधाराओं की इस नगरी में प्रवचनों, भजन-कीर्तन, रासलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। सोमवार को ध्वज विसर्जन के साथ ही राजगीर की सड़कों पर रौनक भले ही कुछ कम हो गई हो, लेकिन यहां आए करोड़ों श्रद्धालु अपने साथ आध्यात्मिक शांति, मोक्ष का विश्वास और सुखद स्मृतियां लेकर अपने घरों को लौटे हैं। अब पावन नगरी को अगले तीन साल (अगले मलमास) का इंतजार रहेगा।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 3:55 pm

यदि आप निवेशकर्ता हैं और बेहतर मुनाफा चाहते हैं तो यह जानिए कि कब लगाएं PPF में पैसा और कब निवेश करें Mutual Fund में?

निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 3:15 pm

मई में थोक महंगाई 9.68 प्रतिशत रही, सरकार ने 2022-23 आधार वर्ष के साथ नई डब्ल्यूपीआई सीरीज लॉन्च की

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को 2022-23 को नया आधार वर्ष मानते हुए संशोधित थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) सीरीज लॉन्च की, साथ ही मंत्रालय ने बताया कि मई में थोक महंगाई दर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई।

देशबन्धु 16 Jun 2026 3:10 pm

कोटपूतली वस्त्र व्यापार संघ ने की सार्वजनिक शौचालय की मांग:महिलाओं-यात्रियों को होती है समस्या, शहर के मुख्य चौराहों पर सफाई ना होने से भी आक्रोश

कोटपूतली वस्त्र व्यापार संघ ने मंगलवार को नगर परिषद आयुक्त अरुण कुमार शर्मा को आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कस्बे में सफाई व्यवस्था सुधारने और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक करने की मांग की गई। ज्ञापन में अग्रसेन चौक पर आम जनता की सुविधा के लिए एक नए सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही, आजाद चौक, सोनी मार्केट, जलेबी चौक, नगर परिषद पार्क और मैन चौराहा स्थित मौजूदा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि इन शौचालयों में गंदगी और भयंकर बदबू के कारण इनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। इससे बाजार आने वाली महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने बाजार क्षेत्र में चरमराई साफ-सफाई व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया कि बाजार के नाले कचरे और गंदगी से भरे पड़े हैं। इस दौरान संघ के अध्यक्ष होषियार सिंह कसाना, उपाध्यक्ष दिनेष गुप्ता, महामंत्री ख्यालीराम सैनी, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, दिनेश चंद, गुरुप्रसाद अग्रवाल, सुभाष चंद्र मित्तल और रविंद्र सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 3:03 pm

पिकअप से मोबाइल चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी:4 हजार रुपए भी ले गया चोर, दिनदहाड़े चोरी से व्यापारियों में नाराजगी

चाकसू में पिकअप से एक मोबाइल चोरी हो गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़ित ने आरोपी की पहचान कर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पीड़ित जितेंद्र कुमार चिरानिया ने बताया- वे गंगोरी मैदान के सामने एचडीएफसी बैंक के पास अपनी पिकअप गाड़ी से टाइल्स उतार रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति कंडक्टर साइड से आया और डैशबोर्ड पर रखा मोबाइल चुराकर फरार हो गया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत करीब 28,000 रुपये थी, जिसमें 4,000 रुपये नकद भी रखे थे। चाकसू थाना इंचार्ज मनोहर लाल मेघवाल ने बताया- मामले की जांच चल रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अब ऐसे संदिग्ध चोरों की तलाश के लिए गश्त बढ़ाएगी और उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार करेगी। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना घटना के तुरंत बाद दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर एक आदतन नशेड़ी चोर को गाड़ी से मोबाइल चुराकर भागते हुए देखा गया। जितेंद्र ने आरोपी की पहचान कर ली है और पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। लगातार बढ़ रही चोरी की वारदात चाकसू उपखंड मुख्यालय पर चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। कस्बे के मुख्य बाजारों में दिनदहाड़े दुकानों के सामने खड़े वाहनों से नकदी और मोबाइल चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश है, क्योंकि इन घटनाओं को नशेड़ी और स्मैकची प्रवृत्ति के लोग अंजाम दे रहे हैं। पहले भी हो चुकी है घटनाएं पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। 10 जून को चाकसू के मोहम्मदपुरा गांव में एक ही रात में तीन कुओं से मोटर केबल चोरी हुई थी। इसके अगले दिन, 11 जून को मुख्य बाजार में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की कार से 20,000 रुपये नकद और दस्तावेज चोरी हो गए थे। इन लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। वे ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 2:54 pm

MLA से व्यापारी ने कहा- आपको थोड़ी शर्म आनी चाहिए:इस बार वोट भी ऑनलाइन दे देंगे, लोग मर रहे, आप फॉर्च्यूनर में घूम रहे

जालोर के जिला हॉस्पिटल में एक्सीडेंट के बाद इलाज कराने गए एक युवक को इमरजेंसी में इलाज नहीं मिला। इससे नाराज ग्रेनाइट व्यापारी ने जालोर विधायक और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को कॉल कर खरी-खोटी सुना दी। बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है। घटना 14 जून की है। जालोर में ग्रेनाइट व्यापारी पदमाराम एक्सीडेंट में घायल मजदूर को जालोर जिला हॉस्पिटल लेकर गए थे। इस दौरान इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया। वहीं मौके से विधायक को कॉल भी किया। कहा- आपके क्षेत्र में आपकी चल नहीं रही है। डॉक्टर भी सुन नहीं रहे हैं। सर, आपको थोड़ी शर्म आनी चाहिए। कैसे होगा? आपका सिस्टम कैसा चल रहा है? आपका नाम लिया तो डॉक्टर बोले, यह उनका काम है। विधायक ने एक्स-रे की फिल्म वॉट्सएप पर देने की बात कही तो व्यापारी बोला- कोई नहीं सर, इस बार आपको वोट भी ऑनलाइन दे देंगे। विधायक ने विनम्रता से जवाब में वेलकम कहा तो व्यापारी बोला- क्या वेलकम? शर्म आनी चाहिए आपको। लोग मर रहे हैं आपके जालोर में और आप फॉर्च्यूनर कार में आराम से घूम रहे हो और सो रहे हो। व्यापारी ने कहा कि रविंद्र सिंह भाटी के एक फोन पर घायल युवक का इलाज हुआ था। आपकी सरकार होते हुए भी आप इलाज नहीं करा पाए हो। आपके डॉक्टर भी बात नहीं सुनते हैं। इस विधायक ने कहा- कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हो? पढ़िए … बातचीत के अंश विधायक - क्या हुआ, अब तक कोई नहीं आया क्या? व्यापारी - क्या सर, कैसे होगा? आपका सिस्टम कैसा चल रहा है? विधायक - मरीज कौन है? व्यापारी - सुरेश नाम है और मेरे पास काम करता है। थोड़ा सिस्टम सुधारो सर। आप जालोर के मंत्री होकर भी सिस्टम नहीं सुधारोगे तो कैसे होगा? सर, अस्पताल में सिस्टम नहीं है। मरीज की कोई सुनवाई नहीं है। विधायक - उसकी पट्टी हुई कि नहीं? व्यापारी - सरकार के हिसाब से कुछ नहीं हुआ। न एक्स-रे हुआ। आपके कहने पर किया, लेकिन अस्पताल में फिल्म ही नहीं है। अगर हम कहीं और इलाज कराएं तो हमें दूसरा एक्स-रे कराना पड़ेगा। इसलिए हमने अपने स्तर पर डॉक्टर से बात कर कहा कि हमें बाहर जाना है और कहीं इलाज कराएंगे। तब जाकर पट्टी बांधी है। आपका भी नाम लिया था तो डॉक्टर बोले विधायक जाने और उनका काम जाने, वह सरकार को बोले। विधायक - पट्टी बांधी कि नहीं? व्यापारी - पट्टी तो बांध दी, लेकिन कोई इलाज भी तो होना चाहिए। विधायक - इलाज में और क्या होता? फ्रैक्चर होता है तो एक्स-रे और पट्टी होती है। हो गई, और क्या इलाज करना है? व्यापारी - एक्स-रे तो हमें मिलना चाहिए। हम कहीं और दिखाएं तो क्या दिखाएं? हमें फिर कराना पड़ेगा। बोले, फिल्म नहीं है हमारे पास। विधायक - तो आपको वॉट्सएप पर दे देंगे। व्यापारी - सर, कैसी बात कर रहे हैं आप? विधायक - अरे, वॉट्सएप पर भी दे सकते हैं। मान लो अस्पताल में फिल्म नहीं है तो आपको वॉट्सएप पर मिल सकती है। व्यापारी - कोई नहीं सर, इस बार आपको वोट भी ऑनलाइन दे देंगे। विधायक - हां, खैर वह ठीक है। व्यापारी - सर, आपको थोड़ी बहुत शर्म आनी चाहिए। जालोर में कुछ दिन पहले सीएमएचओ ऑफिस के सामने सड़क हादसा हुआ था। उसमें आहोर के दो लड़कों की मौत हुई थी। उसमें भी आपकी ही गलती थी। आपने ध्यान नहीं दिया, इसलिए हादसा हुआ। विधायक - अरे भाई, एक्स-रे भी हो गया और इलाज भी हो गया। व्यापारी - हो तो गया। हम तो कहीं और इलाज करा देंगे, लेकिन गरीब आदमी कहां और कैसे इलाज कराए? उसका भला कैसे होगा? मैं डॉक्टरों से बात करके आया हूं। फिल्म नहीं मिल रही तो हम भामाशाह बनेंगे, साइज बता दो, लाकर दे देंगे। सरकारी अस्पताल का मतलब ही यह है कि यहां इमरजेंसी में इलाज हो। डॉक्टर तो अपने निजी अस्पताल में पूरे दिन सेवा देते हैं। आपका नाम लिया तो डॉक्टर बोले, यह उनका काम है। जोगेश्वर सरकार को कॉल लगाए, मुझे क्यों लगाए? विधायक - कोई डॉक्टर ऐसा बोल ही नहीं सकता। क्या बात कर रहे हो? व्यापारी - ऐसा बोल ही नहीं सकता? मैंने आपको कॉल करके गलती कर दी। धन्यवाद है आपको। जालोर और हमारा दुर्भाग्य है कि हमें आप जैसे विधायक मिले हैं। वह रविंद्र सिंह भाटी... मेरी आंखों के सामने राजपूत समाज का एक युवक सड़क हादसे में घायल हुआ था। उसके एक फोन पर उसका इलाज हुआ था। आपकी सरकार होते हुए भी आप इलाज नहीं करा पाए हो। आपके डॉक्टर भी बात नहीं सुनते हैं। विधायक - इलाज हो गया, अब क्या चाहिए? व्यापारी - जो इलाज 20 मिनट में होना था, वह एक घंटे में हुआ है। पट्टी भी एक घंटे बाद बांधी है। विधायक - रविवार का दिन है। डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं होगा, कॉल करने पर आया होगा। इसलिए देर हुई, लेकिन मेरे कहने पर आया है। व्यापारी - सर, यह गलत बात है। सिस्टम सुधारो। जालोर के लिए यह बहुत बड़ी विडंबना है। आप चार बार विधायक रह चुके हैं और आपकी बात भी नहीं सुन रहे तो यह बहुत बड़ी गलत बात है। विधायक - मेरी नहीं सुनते तो आपकी पट्टी ही नहीं बंधती और इलाज नहीं होता। इलाज तो हुआ ही है भाई। व्यापारी - इसका मतलब आपके कहने पर ही इलाज होता है। इस बार कभी इमरजेंसी होने पर आपको बोलता हूं, क्या करते हैं आप, देखता हूं। विधायक - वेलकम। व्यापारी - क्या वेलकम? शर्म आनी चाहिए आपको। लोग मर रहे हैं आपके जालोर में और आप फॉर्च्यूनर कार में आराम से घूम रहे हो और सो रहे हो। विधायक - कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हो? व्यापारी - आप हमारे विधायक हैं, मंत्री हैं। अब हम क्या करें? वह आपके मुंह से सुनना चाहता हूं। विधायक - आपका विधायक हूं। आपने वोट दिए, इसलिए ही तो इतनी बात सुन रहा हूं। नहीं तो कौन सुनता है? व्यापारी - सर, सुननी तो पड़ेगी। हमने आपको वोट दिया है। ज्यादा मजबूरी में बोलना पड़ता है।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 2:52 pm

आगरा में ADM संग दवा कारोबारियों की बैठक:दवा व्यापारी बोले- छापेमारी से शहर के सम्मानित व्यापारी भी हो रहे असहज, नहीं कर पा रहे व्यापार

लखनऊ मुख्यालय से लगातार हो रही औषधि विभाग की छापेमारी कार्रवाई को लेकर आगरा के दवा व्यापारियों ने अपनी चिंता प्रशासन के सामने रखी। सोमवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त बैठक में व्यापारियों ने कहा कि लगातार हो रही कार्रवाई से कारोबारी असहज महसूस कर रहे हैं और दूसरे जिलों के व्यापारियों के साथ कारोबार करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल अवैध और फर्जी लाइसेंस के जरिए कारोबार करने वालों के खिलाफ चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर आयोजित बैठक में नगर मजिस्ट्रेट, आगरा फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारी, औषधि व्यापारी और जनपदीय औषधि निरीक्षक मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत आगरा के दो दवा कारोबारियों स्व. कमल कुमार और स्व. प्रेम जैसवानी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त कर की गई। बैठक में आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल ने कहा कि 12 और 13 जून को लखनऊ मुख्यालय की टीम द्वारा की गई छापेमारी के बाद शहर के सम्मानित व्यापारी भी असहज महसूस कर रहे हैं। आगरा फार्मा एसोसिएशन के महामंत्री महेश अग्रवाल और मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने भी लगातार हो रही कार्रवाई पर चिंता जताई। इस पर अपर जिलाधिकारी (नगर) ने बताया कि प्रदेश स्तर पर थोक ड्रग लाइसेंस सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी, निष्क्रिय या बंद पड़े प्रतिष्ठानों के लाइसेंसों के जरिए हो रहे अवैध औषधि व्यापार पर रोक लगाना है। अभियान के तहत नकली, अधोमानक, नशीली दवाओं और फिजीशियन सैंपल के अवैध कारोबार की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों और गोदामों के मुख्य शटर पर फर्म का नाम, औषधि लाइसेंस संख्या, जीएसटी नंबर, संपर्क नंबर और स्वामी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करें। साथ ही लाइसेंस की शर्तों और औषधि नियमों के अनुसार ही कारोबार संचालित करें। अपर जिलाधिकारी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि नियमों के अनुसार कारोबार करने वाले लाइसेंसधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अभियान केवल अवैध गतिविधियों में शामिल प्रतिष्ठानों के खिलाफ है। बैठक में व्यापारिक संगठनों ने भी विभाग को सहयोग देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 1:04 pm

जौनपुर में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा:बोले- स्वास्थ्य बीमा और दुकानों में आगजनी जैसी घटनाओं से सुरक्षा हेतु 1 करोड़ का बीमा किया जाए

जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी सैमुअल एन पाल को सौंपा। इस ज्ञापन में प्रदेश के व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। महामंत्री आरिफ हबीब ने मांग की कि जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और दुकानों में आगजनी जैसी घटनाओं से सुरक्षा हेतु 1 करोड़ रुपये तक का बीमा किया जाए। इसके अतिरिक्त, विभागीय बकाया या रिटर्न देर से जमा करने पर लगने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को घटाकर 9 प्रतिशत करने की मांग की गई। व्यापार मंडल ने यह भी मांग की कि विभिन्न विभागों के लाइसेंस आजीवन बनाए जाएं। ज्ञापन में व्यापारियों पर होने वाले सर्वे और छापों को कानून सम्मत तरीके से संचालित करने की बात कही गई। साथ ही, बिजली बिल में मीटर रीडिंग के आधार पर बिलिंग होने के कारण फिक्स चार्ज और न्यूनतम चार्ज समाप्त करने की भी मांग उठाई गई। व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर जारी करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करेगी। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष धनश्याम साहू, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु, कोषाध्यक्ष उमेशचंद गुप्त, नगर महामंत्री आलोक रंजन सिन्हा, युवा ज़िला अध्यक्ष अरुण शुक्ल और युवा ज़िला उपाध्यक्ष सुमित कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 12:46 pm

निवेशक मधुसूदन ने ₹121 करोड़ में खरीदा प्रीमियम फ्लैट:गुरुग्राम की दूसरी सबसे बड़ी रेजिडेंशियल खरीद, मुंबई के मालाबार-हिल और दिल्ली लुटियंस जोन के बराबर

गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 11:11 am

पटाखा व्यापार समिति; अवैध कारोबार की निंदा

जयपुर | जयपुर पटाखा व्यापार समिति ने अवैध पटाखा व्यापार से किनारा करते हुए कहा है कि समिति के सभी सदस्य विस्फोटक अधिनियम व नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं। हाल ही में हुई एक घटना पर नाराजगी जताते हुए समिति ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। समिति ने स्पष्ट किया कि सभी वैध व्यापारी पुलिस, अग्निशमन व संबंधित विभागों की अनुमति व लाइसेंस के बाद ही व्यापार करते हैं। समिति ने प्रशासन से शहर से बाहर पटाखा व्यापार के लिए व्यवस्था करने की मांग की।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 5:30 am

26 साल पुराना पेंशन विवाद...:मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में पेंशनर्स की महंगाई राहत पर अब हर बार सहमति जरूरी नहीं होगी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सरकारी कर्मचारियों के वायफरकेशन (विभाजन) के 26 साल बाद भी पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) का मामला दोनों राज्यों की आपसी सहमति के फेर में अटका हुआ है। हर बार महंगाई राहत बढ़ने पर मप्र के लाखों पेंशनर्स को छत्तीसगढ़ सरकार की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है। इस प्रशासनिक देरी और तकनीकी उलझन को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक पत्र लिखा है। मप्र सरकार ने रुख साफ किया है कि जब दोनों राज्यों के कर्मचारियों और पेंशनर्स का विभाजन पूरी तरह हो चुका है, तो हर बार आपसी सहमति लेने की कोई वैधानिक आवश्यकता नहीं है। मप्र ने प्रस्ताव दिया है कि छत्तीसगढ़ इस मामले में एक बार स्थायी सहमति दे, ताकि बार-बार के पत्राचार का सिलसिला खत्म हो सके। धारा-49 का हवाला: आपसी सहमति की अनिवार्यता नहीं वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा-49 के तहत दोनों राज्यों के बीच वित्तीय देनदारियों का बंटवारा किया गया था। इस एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, कानून में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि पेंशनर्स को देय हर नई महंगाई राहत के लिए बार-बार परस्पर सहमति लेना अनिवार्य होगा। दरअसल, अधिनियम के तहत तय फॉर्मूले के अनुसार, छत्तीसगढ़ के गठन के समय कुल पेंशनर्स की वित्तीय लायबिलिटी में से करीब 25 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ के खाते में गया था। दोनों राज्यों की सेवा अवधि के अनुपात के आधार पर पेंशन का खर्च तय किया गया था, जिसमें मप्र और छत्तीसगढ़ अपने-अपने कोटे का योगदान देते हैं। 26 साल पुराने DR विवाद को खत्म करने की तैयारी मप्र सरकार ने छग को भेजे पत्र में कहा है कि जिस राज्य से कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं या जिसे आवंटित किए गए हैं, उनकी पेंशन का खर्च वही राज्य वहन करे। दोनों राज्यों के बीच वित्तीय अनुपात पहले से तय है, इसलिए महंगाई राहत (DR) के लिए बार-बार सहमति लेने की प्रक्रिया खत्म होनी चाहिए। मप्र का तर्क है कि उसके पेंशनर्स के भुगतान के लिए छग की मंजूरी आवश्यक नहीं होनी चाहिए। अब मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ की सहमति का है इंतजार मप्र सरकार ने इस पत्र के माध्यम से व्यावहारिक रास्ता सुझाया है। यदि छत्तीसगढ़ सरकार इस स्थायी सहमति' के प्रस्ताव को कैबिनेट में पारित कर देती है, तो मप्र सरकार को अपने पेंशनर्स को राज्य के वर्तमान कर्मचारियों के साथ ही तत्काल डीआर (महंगाई राहत) देने का अधिकार मिल जाएगा। फिर मप्र को हर 6 महीने में अनुमति मांगने की औपचारिकता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। ये है विवाद की वजह

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 5:30 am

5.85 लाख के लेनदेन विवाद में व्यापारी की पिटाई, पगड़ी उतारने का आरोप, केस

भास्कर न्यूज |लुधियाना थाना डिवीजन नंबर 5 के अंतर्गत आती संपूर्ण पैलेस वाली गली में पैसे के लेनदेन को लेकर एक कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला करने और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपियों ने पैसे देने के बहाने व्यापारी को अपने घर बुलाया और फिर मिलीभगत कर उसकी बेरहमी से पिटाई की। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर एक ही परिवार के 5 सदस्यों और 3-4 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दिए बयानों में सराभा नगर के रहने वाले परमिंदर सिंह पुत्र ने बताया कि उनकी गूजरमल रोड पर कपड़ों की होलसेल की दुकान है। करीब ढाई साल पहले आरोपी दविंदर सिंह ने उनसे 5 लाख 85 हजार की कीमत के लेडीज सूट खरीदे थे। लंबे समय से वह अपने पैसों की मांग कर रहे थे। 7 जून 2026 को आरोपी दविंदर सिंह ने पैसे देने की बात कहकर परमिंदर सिंह को साउथ मॉडल ग्राम स्थित अपने घर बुलाया। जब परमिंदर सिंह वहां पहुंचे, तो बातचीत के दौरान ही आरोपी तैश में आ गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घर के अंदर मौजूद सभी आरोपियों ने मिलकर अचानक उन पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान आरोपियों ने परमिंदर सिंह की पगड़ी (दस्तार) उतार दी और उनकी दाढ़ी भी नोची। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां देते हुए धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। थाना डिवीजन नंबर 5 ने शिकायतकर्ता परमिंदर सिंह के बयानों पर नामजद आरोपी दविंदर सिंह, मेहताब सिंह (दोनों पुत्र इंद्रजीत सिंह), अमितोज सिंह, सिदक सिंह , कंवरप्रीत कौर पत्नी दविंदर सिंह अन्य आरोपी 3-4 अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परमिंदर सिंह के बयानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और मारपीट करने के इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 5:30 am

इंदौर के ज्वाइंट डायरेक्टर सूदखोरी में भी रहे शामिल:बेटे ने लगाया था चेक बाउंस का केस; पत्नी और दोनों बहू के नाम करोड़ों का निवेश-प्रॉपर्टी मिली

इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल को बुधवार सुबह पकड़ा था। उनके घर पर पांच घंटे से अधिक समय तक तलाशी चली। जांच में उनकी पत्नी शारदा, पुत्रवधु तनु और हर्षिता के नाम पर संपत्तियां और निवेश मिले। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में बताई गई है। यह संपत्ति कंडवाल की ज्ञात आय से काफी अधिक पाई गई है। हालांकि, कंडवाल के बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने नौकरी के दौरान सूदखोरी का काम भी किया। अपने बेटे अभिषेक के नाम से उन्होंने छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए और बाद में उनमें कोर्ट में समझौता भी किया। अभिषेक ने वर्ष 2022 में रमेश मलकानी के खिलाफ करीब छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए थे। इनमें प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में समझौता हुआ था। हालांकि, सभी चेक केसरबाग रोड स्थित एक संपत्ति के सौदे से जुड़े बताए गए थे। चूंकि बाद में इस मामले में रुपए लेकर अभिषेक ने समझौता कर लिया था, इसलिए लेनदेन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिस समय अभिषेक और रमेश मलकानी के बीच यह लेनदेन हुआ, उस समय वह पढ़ाई कर रहा था। ऐसे में पढ़ाई के दौरान उसके पास इतनी बड़ी राशि कहां से आई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपनी ही संपत्ति से अभिषेक को रुपए देकर इस प्रॉपर्टी संबंधी काम में लगाया था। हालांकि, अब लोकायुक्त की टीम बच्चों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी जांच कर सकती है। कंडवाल ने 1986 में शुरू की थी नौकरी कंडवाल ने वर्ष 1986 में ग्राम सुनाला के माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे महिला एवं बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर पदोन्नत होते हुए संयुक्त संचालक बने। हालांकि, कंडवाल के पुत्र अभिषेक और पवन के नाम पर एक सुपर मार्केट होने की जानकारी भी सामने आई है। जांच में इस व्यवसाय में करीब 35.73 लाख रुपए के निवेश की जानकारी मिली थी, लेकिन लोकायुक्त को कोर्ट में संपत्ति संबंधी मामलों, चेक बाउंस प्रकरणों और समझौते में प्राप्त राशि के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। नौकरी के दौरान यहां रहे कंडवाल कंडवाल के बारे में जानकारी मिली है कि वे नौकरी के दौरान नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ रहे हैं। हालांकि, लोकायुक्त अधिकारियों ने उनके परिवार के नाम पर मिली संपत्तियों के आधार पर इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया है। लोकायुक्त पुलिस जल्द ही इस मामले में पूरी संपत्ति का विवरण तैयार कर राज्य शासन को भेजेगी। वहीं, कंडवाल को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र भी भेज सकती है। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम, सुपर मार्केट इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 5:05 am

ऑनलाइन निवेश फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, चार शहरों में 8 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ऑनलाइन निवेश फ्रॉड के एक मामले में 1 और 4 जून 2026 को मुंबई, ठाणे, बैंगलोर और गुरुग्राम में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।

देशबन्धु 16 Jun 2026 1:00 am

राजनांदगांव बाईपास सर्वे 10 माह बाद भी अधूरा:किसानों की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक, रियल एस्टेट को नुकसान

राजनांदगांव में नेशनल हाईवे बाईपास निर्माण का सर्वे 10 महीने बाद भी अधूरा है। इस लेटलतीफी के कारण दर्जनों गांवों के किसानों को परेशानी हो रही है, क्योंकि सर्वे के दायरे में आने वाली जमीनों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नतीजतन, किसान अपनी निजी और पारिवारिक जरूरतों जैसे बच्चों की शादी, मकान निर्माण, ट्रैक्टर या वाहन खरीदी और खेती-किसानी के कार्यों के लिए भी अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी (PWD) के ईई सुनील कुमार चौरसिया और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह बाईपास लगभग 14 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी अनुमानित लागत अभी तय नहीं हुई है और फिलहाल अलाइनमेंट सर्वे की प्रक्रिया जारी है। राजनांदगांव एसडीएम गौतम पाटिल ने इस संबंध में बताया कि गठुला में बाईपास निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग द्वारा अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अलाइनमेंट फाइनल होते ही भू-अर्जन (भूमि अधिग्रहण) की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पाटिल ने आश्वासन दिया कि सर्वे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। सर्वे संपन्न होते ही जमीनों की खरीदी-बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। बाईपास निर्माण और उसके 1 किलोमीटर के दायरे में आने के कारण नवागांव, टोलगांव, बलहरी, गटुला, भेड़ीकला, पार्रीकला, सुंदरा और मनकी सहित दर्जनों गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री रोक दी गई है। इन गांवों के किसान अब एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि या तो सर्वे का काम तेजी से पूरा कर मुआवजा दिया जाए, या फिर जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक तत्काल हटाई जाए। शहर को जाम से राहत देने के लिए बनेगा बाईपास राजनांदगांव शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को कम करने के लिए पेढरी-मनकी बाईपास परियोजना प्रस्तावित की गई है। इस बाईपास के बनने से भारी वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खैरागढ़ की ओर जाने वाले ट्रक और अन्य भारी वाहन शहर में प्रवेश करने से पहले ही बाईपास से गुजर सकेंगे। वहीं दुर्ग की तरफ से आने वाले वाहन मनकी से चिचोला और पेढरी से खैरागढ़ की ओर आसानी से जा सकेंगे। यह बाईपास राजनांदगांव-कवर्धा स्टेट हाईवे से जुड़ेगा। इसके लिए गटुला के पास एक प्रमुख चौराहा भी बनाया जाएगा। जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक से कारोबार प्रभावित बाईपास परियोजना के कारण लंबे समय से जमीनों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगी हुई है। इससे इलाके का रियल एस्टेट कारोबार प्रभावित हो रहा है। नए सौदे नहीं हो पा रहे हैं और कई पुराने सौदे भी रद्द करने पड़ रहे हैं। इसका असर जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की आय पर पड़ रहा है। साथ ही रजिस्ट्री नहीं होने से सरकार को स्टाम्प ड्यूटी और अन्य करों के रूप में मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 10:36 pm

युवाओं के भविष्य पर योगी ने रखा विकास का विजन:लखनऊ में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से सीएम ने किया संवाद, बोले - निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर ने बदली प्रदेश की दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित D3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा, निवेश, अयोध्या के विकास और प्रदेश की बदलती पहचान को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है और आज प्रदेश में रोजगार तथा अवसरों की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं शिक्षक वेदांत सिंह हजारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में करीब एक करोड़ नए युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में शिक्षा, रोजगार और अवसरों को लेकर जागरूक इस युवा वर्ग को सरकार पर भरोसा क्यों करना चाहिए। 2017 से पहले की स्थिति याद रखने की जरूरत: योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि आज का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर है। उन्होंने कहा कि 2027 में मतदान करने वाला 18 से 25 वर्ष का युवा वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं जानता। उस समय उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू, भ्रष्टाचार और विकास के अभाव से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश के कई युवा खुद को उत्तर प्रदेश का बताने में संकोच करते थे। राज्य की छवि देश और दुनिया में अच्छी नहीं थी, जिसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। रोजगार और अवसरों की कमी के कारण उन्हें संघर्ष करना पड़ता था। पहचान से अवसर तक, बदली यूपी की तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की छवि बदलने का संकल्प लिया था और आज उसका परिणाम सामने है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में सम्मान के साथ अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग यूपी के युवाओं से दूरी बनाते थे, जबकि अब उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बना है और देश में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान है। उन्होंने बताया कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परिकल्पना वर्षों पहले हुई थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे जमीन पर उतारने का काम किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें पहली उड़ान में आमंत्रित किया गया। किसानों ने लखनऊ पहुंचकर उनसे मुलाकात की और सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में किसानों और युवाओं को साझेदार बनाया जा रहा है। अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक मॉडल D3 त्रिवेणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विरासत में देने योग्य एक अनुपम उपहार है। अयोध्या ने यह साबित किया है कि आध्यात्मिक पर्यटन किसी शहर के विकास का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग अयोध्या का नाम लेने और वहां जाने से भी डरते थे, जबकि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोर लेन सड़कों, डबल ब्रॉडगेज रेलवे लाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है। विपक्ष पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब रामभक्ति की बात वे लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संत समाज की उपेक्षा की थी, उन्हें अब साधु-संतों के सम्मान की याद आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास, सांस्कृतिक विरासत और सुशासन के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 9:37 pm

ट्रेडिंग के नाम पर सवा सौ करोड़ की धोखाधड़ी:वारासिवनी पुलिस ने नहीं सुनी, निवेशक एसपी कार्यालय पहुंचे, कार्रवाई की मांग

बालाघाट में ट्रेडिंग के नाम पर सवा सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वारासिवनी पुलिस की शिकायत पर सुनवाई न किए जाने से नाराज होकर निवेशकों ने सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सोमवार को निवेशकों ने वारासिवनी के वारा सरपंच राजा अली, मुद्दसर अली, फरहान और उनके साथियों पर केस दर्ज करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। लगभग आधा दर्जन से अधिक पीड़ित निवेशक एसपी दफ्तर पहुंचे थे। पीड़ित नगेंद्र रंगारे ने बताया कि उन्होंने ट्रेडिंग के नाम पर सात लाख रुपए का निवेश किया था, जबकि उनके साथ आए अन्य निवेशकों की कुल राशि लगभग 60 लाख रुपए है। उनका दावा है कि वारासिवनी और आसपास के इलाकों में कुल मिलाकर करीब सवा सौ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। महीने में 6% मुनाफे का लालच निवेशकों ने बताया कि उन्हें ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा (रिटर्न) दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों ने खुद गारंटी लेते हुए निवेशकों से मोटी रकम जमा करवाई, लेकिन अब जब निवेशक अपना पैसा वापस मांग रहे हैं, तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस की ढिलाई से निवेशकों में नाराजगी एक अन्य पीड़ित सुनील पिपरेवार ने कहा कि ट्रेडिंग के नाम पर चूना लगाने वालों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की इस ढिलाई से सभी निवेशक परेशान और गुस्से में हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस इस करोड़ों के घोटाले पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करे और निवेशकों की डूबी हुई राशि वापस करवाए।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 8:18 pm

US-Iran शांति समझौते का असर, सेंसेक्स 736 अंक उछला, निफ्टी 23,850 के पार; कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति बनने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार सोमवार को लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 736 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी में 231 अंक की तेजी रही। ...

ज़ी न्यूज़ 15 Jun 2026 6:37 pm

धूल, गड्ढे की वजह से व्यापार थमा, सांसद देखने पहुंचे:सतना में सीवर प्रोजेक्ट के कारण सड़क खराब; व्यापारियों को हो रहा नुकसान

सतना शहर के बाजार क्षेत्र में सीवर प्रोजेक्ट के बाद खोदी गई सड़कों और गड्ढों का निरीक्षण करने सोमवार को सांसद गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना तकनीकी अमले के साथ पहुंचे। कई महीनों से धूल, गड्ढों और ठप पड़े कारोबार से जूझ रहे व्यापारियों के लिए यह निरीक्षण राहत की उम्मीद लेकर आया है। दरअसल, शहर के प्रमुख बाजारों में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरा निर्माण व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इससे दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। बिगड़ते हालात के कारण जयस्तंभ चौक और हनुमान चौक के व्यापारियों को कई बार विरोध प्रदर्शन भी करना पड़ा है। सोमवार को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से व्यापारियों में नई उम्मीद जगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़कों की स्थिति और गड्ढों को लेकर तकनीकी टीम से चर्चा की। अब व्यापारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि निरीक्षण के बाद सुधार कार्य कितनी तेजी से शुरू होते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक राजनीतिक पहलू भी चर्चा में रहा। पिछले लगभग तीन महीनों से महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना के बीच निर्माण कार्यों और प्रशासनिक मुद्दों पर लगातार मतभेद सामने आते रहे हैं। महापौर द्वारा कमिश्नर को लिखे गए कई पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें उन्होंने अपनी बातों की अनदेखी का आरोप लगाया था। ऐसे माहौल में सांसद, महापौर और कमिश्नर का एक साथ बाजार क्षेत्र का निरीक्षण करना शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि यदि विकास कार्यों को लेकर यही समन्वय आगे भी बना रहा, तो लंबे समय से अधूरे पड़े कामों में तेजी आ सकती है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अब निरीक्षण नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला काम चाहिए। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सोमवार का यह दौरा केवल औपचारिकता था या फिर बाजार क्षेत्र को बदहाली से बाहर निकालने की शुरुआत।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 4:42 pm

कैथल में तीन बदमाशों के एनकाउंटर का मामला:एसपी से मिले व्यापारी, आगे भी बदमाशों पर कार्रवाई की मांग, आभार जताया

कैथल जिले में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं के बाद एनकाउंटर कर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर शहर के व्यापारियों ने एसपी से मिल पुलिस का आभार प्रकट किया। लकड़ी मार्केट एसोसिएशन कैथल के पदाधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने एसपी मनप्रीत सिंह सूदन से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। जिले में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए धन्यवाद किया। एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारी एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि जिले में हुई लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं के बाद व्यापारी वर्ग में चिंता का माहौल था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा हुआ है बल्कि व्यापारियों और आम नागरिकों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। आगे भी कार्रवाई की उम्मीद जताई लकड़ी मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों सतीश सोनी, नरेश कुमार व अन्य लोगों ने कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी जिला पुलिस इसी प्रकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करती रहेगी और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखेगी। पुलिस को दें सूचना एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने व्यापारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिला पुलिस आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्क और सक्रिय रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 4:36 pm

व्यापार बंधु की बैठक पर व्यापारी नेता ने उठाए सवाल:मीटिंग में इस बार आमंत्रण नहीं; कहा- आवाज उठाने से घबरा रहे

व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा और उनका समाधान करने के लिए हर महीने होने वाले व्यापार बंधु की बैठक पर एक व्यापारी नेता ने सवाल उठाए हैं। अब तक हुई बैठकों में उनके संगठन चैंबर आफ कॉमर्स को आमंत्रित किया जाता था लेकिन इस बार आमंत्रण नहीं मिला है। 19 जून को बैठक प्रस्तावित है। अब चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंहानिया ने इस बैठक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आवाज उठाने से अधिकारी घबरा गए हैं, जिसके चलते उन्हें बैठक से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है। संजय सिंहानिया ने बारोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते हैं इसलिए उन्हें बैठक से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें और उनके जैसे कुछ अन्य व्यापारी नेताओं को बैठक से वनवास दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें वनवास मंजूर है लेकिन भ्रष्टाचार नहीं। संजय सिंहानिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक अधिकारी की शिकायत की थी। उसकी जांच भी उच्च अधिकारी कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शिकायतकर्ता को टारगेट किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अधिकारी ने जिलाधिकारी सभागार में व्यापारियों को देख लेने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा कि उनके संगठन को बैठक से बाहर करना प्रतिशोध का तरीका है। उन्होंने कहा कि शिकायत दबेगी लेकिन आवाज नहीं दबेगी।उन्होंने कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि व्यापार बंधु की बैठक में बुलाया जाएगा या नहीं। बैठक में न बुलाकर व्यापारियों की एकता को खंडित करने का प्रयास किया जा रहा है। हम मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाकर व्यापारियों को न्याय दिलवाएंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 2:41 pm

महंगाई का महाविस्फोट: 9.68% पर पहुंची भारत की थोक महंगाई, ईंधन और खाने-पीने की चीजों ने बिगाड़ा बजट

Wholesale Price Index : मई 2026 में भारत की थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह दर 43 महीने में सबसे ज्यादा है। ये बाजार के 9.1 प्रतिशत के अनुमान और अप्रैल के 8.3 प्रतिशत के आंकड़े से काफी अधिक है। मई में थोक महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण ईंधन और खाद्य वस्तुओं का महंगा होना है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए। आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। ईंधन और बिजली में थोक मूल्य महंगाई मई में 30.33 फीसदी पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 24.89 फीसदी थी। कच्चे पेट्रोलियम में महंगाई मई में 61.51 फीसदी रही। खाद्य वस्तुओं में महंगाई मई में 3.60 फीसदी दर्ज की गई। अप्रैल में यह 2.43 फीसदी थी। विनिर्मित उत्पादों में महंगाई अप्रैल के 6.68 फीसदी से बढ़कर मई में 7.48 फीसदी हो गई। खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई भी मई में 3.93 फीसदी पर पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल के दाम 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़े थे। दरअसल, थोक स्तर पर कीमतों में इस तेजी के पीछे कच्चे माल, ईंधन, ऊर्जा और विनिर्मित वस्तुओं की लागत में बढ़ोतरी प्रमुख कारण मानी जा रही है। अपेक्षा से अधिक महंगाई के आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उद्योगों की लागत और उपभोक्ताओं पर मूल्य दबाव बढ़ सकता है। थोक महंगाई दर क्या है थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत में थोक मूल्य सूचकांक को आधार मान कर महंगाई दर की गणना होती है। हालांकि थोक मूल्य और खुदरा मूल्य में काफी अंतर होने के कारण इस विधि को कुछ लोग सही नहीं मानते हैं। भारत में थोक मूल्य सूचकांक में 697 पदार्थों को शामिल किया गया है। इनमें खाद्यान्न, धातु, ईंधन, रसायन आदि हर तरह के पदार्थ शामिल हैं। अब मान लीजिए 10 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक 120 है और 17 मार्च को यह बढ़कर 122 हो गया। प्रतिशत में अंतर लगभग 1.6 प्रतिशत हुआ और यही महंगाई दर मानी जाती है। सामानों के थोक भाव लेने और सूचकांक तैयार करने में समय लगता है, इसलिए मुद्रास्फीति की दर हमेशा दो हफ्ते पहले की होती है। भारत में हर हफ्ते थोक मूल्य सूचकांक का आकलन किया जाता है। इसलिए महंगाई दर का आकलन भी हफ्ते के दौरान कीमतों में हुए परिवर्तन दिखाता है। पहले डब्ल्यूपीआई मापने का बेस ईयर 2004-2005 था। लेकिन अप्रैल 2017 में सरकार ने इसे बदलकर 2011-12 कर दिया। WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां होती हैं- प्राइमरी आर्टिकल्स, ईंधन और उत्पादित सामग्रियां। प्राइमरी आर्टिकल्स की भी दो उप-श्रेणियां हैं। पहली खाद्य उत्पाद। दूसरी गैर खाद्य उत्पाद। खाद्य उत्पादों में अनाज, धान, गेहूं, दालें, सब्जियां, फल, दूध, अंडा, मांस और मछली जैसी चीजें शामिल हैं। गैर खाद्य उत्पाद में तेल के बीज, खनिज संसाधन और कच्चा पेट्रोलियम शामिल है। डब्ल्यूपीआई की दूसरी श्रेणी है ईंधन। इसमें पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें देखी जाती हैं। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी है, मैन्युफैक्चर्ड गुड्स यानी उत्पादित सामग्रियां। इनमें कपड़ा, रेडिमेट कपड़े, कैमिकल, प्लास्टिक, सीमेंट, धातु, चीनी, तंबाकू उत्पाद, वसा उत्पाद जैसे मैन्युफैक्चर्ड खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। आम जनता पर क्या असर थोक महंगाई दर बढ़ने का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। थोक में अगर किसी वस्तु के दाम बढ़ते हैं तो आम आदमी को रिटेल में भी इसके ज्यादा दाम चुकाने होते हैं। वहीं थोक में दाम घटने पर बाजार में वस्तु कम दाम पर मिल जाती है। edited by : Nrapendra Gupta

वेब दुनिया 15 Jun 2026 1:04 pm

खाद्य प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग:उन्नाव में व्यापारी नेता ने एडीएम को ज्ञापन दिया, आंदोलन की चेतावनी

उन्नाव में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने खाद्य प्रशासन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। व्यापारी नेता अखिलेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने 2 जून को खाद्य प्रशासन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों के कार्य करने के तरीके को लेकर एक ज्ञापन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ज्ञापन के चार दिन बाद ही खाद्य अधिकारी प्रियंका सिंह की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। अवस्थी के अनुसार, नोटिस में यह उल्लेख किया गया था कि वह स्वयं खाद्य व्यापारी हैं, इसलिए इस तरह की शिकायत या आवाज नहीं उठा सकते। व्यापारी नेता ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में यदि वह व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो क्या वे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उनकी समस्याएं नहीं उठा सकते? उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस के जरिए उन पर कार्रवाई की चेतावनी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अवस्थी ने चिंता व्यक्त की कि यदि एक व्यापारी नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम व्यापारी अपनी समस्याएं अधिकारियों तक कैसे पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक वर्ष पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर उनके और एक अन्य व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अखिलेश अवस्थी ने कहा कि अब फिर से उसी तरह कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जिसे व्यापारी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारी नेताओं ने बताया कि अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एडीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। व्यापारी नेता ने बताया कि नोटिस का जवाब भी दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग को भी दे दी गई है। आंदोलन की चेतावनीव्यापारी नेता ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के अंदर खाद्य प्रशासन विभाग के खिलाफ जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे जिले के व्यापारी बाजार बंद कर बड़े चौराहे पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 12:40 pm

LIVE: अमेरिका ईरान डील से इजराइल नाराज, भारतीय शेयर बाजार में उछाल

Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका ईरान डील से हार्मुज स्ट्रेट खुलने और युद्ध खत्म होने की उम्मीद में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज उछाल आया। हालांकि इजराइल इस समझौते से नाराज है। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:14 pm

जयपुर में 1 करोड़ के विवाद में व्यापारी की हत्या:कार में लाश डालकर ठिकाने लगाने पहुंचा आरोपी; दोस्त ने फोन कर पुलिस को बताया

जयपुर में व्यापारी की हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह सड़क किनारे खड़ी कार में शव मिला। वह पिछले 2 दिनों से लापता थे और परिजनों ने शिवदासपुरा थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करवाई थी। व्यापारी के भाई प्रहलाद ने कहा- हरिशंकर (40) की हत्या उनके दोस्त सीताराम खोज ने की है। सीताराम ने हरिशंकर से बिल्डिंग मटेरियल और अन्य सामान के लिए 1 करोड़ रुपए उधार लिए थे। रुपए लौटाने के बदले सीताराम ने एक प्लॉट का सौदा करने की बात कही थी। हरिशंकर पिछले काफी समय से सीताराम से अपने 1 करोड़ रुपए मांग रहे थे। शनिवार शाम (13 जून) को पैसों के विवाद के चलते सीताराम ने हरिशंकर की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को चारे के ढेर में छुपा दिया। सीताराम शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने एक परिचित से कार मांगकर लाया। सोमवार सुबह उसने शव ठिकाने लगाने के लिए दोस्त को बुलाया। जैसे ही दोस्त को कार में शव का पता चला तो उसने पुलिस को बता दिया। इस दौरान आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग गया। हालांकि पुलिस ने कुछ देर बाद उसे हिरासत में ले लिया। कार की डिक्की में मिली लाशप्रहलाद शर्मा ने बताया- घर से करीब 100 मीटर दूरी पर कार की डिक्की में भाई हरिशंकर की लाश मिली। पूरे शरीर पर गंभीर चोट के निशान है। लाश को पन्नी और बोरे में बांध रखा था। पुलिस की सूचना पर महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचे तो हत्या का पता चला। चाकसू एसीपी भवानी सिंह ने बताया- मृतक की पहचान हरिशंकर शर्मा निवासी विधानी, शिवदासपुरा के रूप में हुई है। वह बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का बिजनेस करते थे। शनिवार सुबह घर से निकले थे, लेकिन लौटे नहीं। शाम करीब 7 बजे से उनका मोबाइल बंद आने पर परिजनों ने काफी ढूंढा, लेकिन पता नहीं चल सका। रविवार को दोपहर में परिजनों ने शिवदासपुरा थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के दोस्त ने फोन कर पुलिस को बतायापुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि हरिशंकर की हत्या शनिवार रात 9 बजे हुई थी। इसके बाद आरोपी ने अपने घर पर चारे के ढेर में शव को छुपा दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए वह अपने एक परिचित से कार मांगकर लाया। रविवार देर शाम उसने प्लास्टिक के कट्टों में शव को भरकर रस्सी से बांध दिया और फिर कार की डिक्की में डाल दिया। आरोपी रविवार शाम से लेकर देर रात तक शव को ठिकाने लगाने के लिए इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन शव ठिकाने नहीं लगा पाया और घर लौट आया। सोमवार सुबह वह दोबारा शव ठिकाने लगाने के लिए कार लेकर निकला। सुबह करीब 6:30 बजे बॉम्बे हॉस्पिटल के पास बहने वाले नाले में शव को ठिकाने लगाने पहुंचा। उसने मदद के लिए अपने एक दोस्त को फोन करके बुलाया, लेकिन जैसे ही दोस्त को कार में शव होने का पता चला तो उसने पुलिस को बता दिया। इसी बीच, आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश की और उसे हिरासत में ले लिया।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 11:34 am

फर्जी DIG और प्रोफेसर ने व्यापारियों से वसूले 1.09 करोड़:जेल का डर दिखाकर दो पीढ़ियों को ठगा; हाईटेक ऑफिस, लग्जरी गाड़ी से दिखाया रौब

वर्दी असली नहीं थी, लेकिन उसका रौब असली था। एफआईआर फर्जी थी, लेकिन उसका डर असली था। इसी डर के सहारे एक रिटायर्ड प्रोफेसर और फर्जी डीआईजी ने दतिया के सर्राफा कारोबारी परिवार से 10 महीने में एक करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए वसूल लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कारोबारी परिवार को लंबे समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि जिसके सामने वे झुक रहे हैं, वह कोई असली अधिकारी नहीं, बल्कि फर्जी पहचान के सहारे खड़ा किया गया एक छलावा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि कैसे पुरानी पहचान, फर्जी रसूख और वर्दी के रौब को करोड़ों की वसूली का हथियार बनाया गया। पढ़िए, रिपोर्ट… भरोसे की नींव पर खड़ी की ठगी की इमारत दतिया के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल और उनके दिवंगत भाई रोहित अग्रवाल का परिवार वर्षों से सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा है। शहर में अच्छी साख रही है। इसी परिवार से रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता की पुरानी पहचान थी। परिजन के अनुसार, प्रोफेसर गुप्ता की रोहित अग्रवाल से गहरी दोस्ती थी। वह कई बार जरूरत पड़ने पर दुकान पर आते थे और अपने सोने के आभूषण गिरवी रखकर रकम लेते थे। यही पुराना विश्वास बाद में ठगी की सबसे मजबूत कड़ी बन गया। प्रोफेसर गुप्ता की पहचान मनीष कुमार गुबरेले से भी थी, जिसकी कद-काठी, व्यक्तित्व और बोलने का अंदाज किसी पुलिस अधिकारी जैसा था। रोहित के निधन के बाद दोनों ने मिलकर परिवार की परिस्थितियों और अपनी पुरानी पहचान का फायदा उठाने की योजना बनाई। फर्जी डीआईजी बनकर दुकान में पहुंचा मनीष अक्टूबर 2024 की एक दोपहर अरविंद अग्रवाल अपनी सर्राफा दुकान पर बैठे थे। तभी तीन स्टार लगी वर्दी पहने मनीष वहां पहुंचा। उसने खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स (ACCF) का डीआईजी बताया। उसने आते ही रौबदार अंदाज में बातचीत शुरू की और कुछ दस्तावेज सामने रख दिए। ये दस्तावेज कथित तौर पर किसी सरकारी कार्रवाई से जुड़े हुए थे। आरोप है कि उनमें फर्जी शिकायत और फर्जी एफआईआर का मसौदा शामिल था। मनीष ने अरविंद को बताया कि उनके खिलाफ अवैध लेनदेन की गंभीर शिकायतें मिली हैं। किसी भी समय केस दर्ज हो सकता है। कार्रवाई हुई तो पूरा परिवार जेल जाएगा और सालों की कमाई हुई प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी। कानूनी कार्रवाई और बदनामी के डर ने व्यापारी परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया। यहीं से शुरू हुआ करोड़ों की वसूली का सिलसिला। 10 किश्तों में 60 लाख, फिर 20 लाख का 'समझौता' पुलिस के अनुसार, केस का डर दिखाकर अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच अरविंद अग्रवाल से 10 अलग-अलग किश्तों में 60 लाख रुपए वसूले। इनमें 24 अक्टूबर को 5 लाख, 27 अक्टूबर को 5 लाख, 30 अक्टूबर को 2 लाख, 6 दिसंबर को 9 लाख, 15 दिसंबर को 5 लाख, 18 दिसंबर को 5 लाख, 3 जनवरी को 5 लाख, 16 जनवरी को 10 लाख, 6 फरवरी को 8 लाख और 12 फरवरी को 6 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। मार्च 2025 में आरोपियों ने एक और मांग रखी। कहा गया कि केस को हमेशा के लिए बंद कराने के लिए 20 लाख रुपए देने होंगे। डर के कारण व्यापारी ने यह रकम भी दे दी। इस तरह अकेले अरविंद अग्रवाल से कुल 80 लाख रुपए वसूले गए। फिर परिवार की दूसरी पीढ़ी को बनाया निशाना अरविंद अग्रवाल से मोटी रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने परिवार के दूसरे हिस्से को निशाना बनाया। जून 2025 में मनीष नए किरदार में सामने आया। इस बार उसने खुद को झांसी एंटी करप्शन ब्यूरो का इंस्पेक्टर बताया। वह रोहित अग्रवाल के बेटे प्रियांश सिंघल की दुकान पर पहुंचा। उसने दावा किया कि प्रोफेसर अशोक गुप्ता का 100 ग्राम सोना रोहित अग्रवाल पर बकाया था। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। उसने प्रियांश को भी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जून से अगस्त 2025 के बीच प्रियांश से 6 किश्तों में 29.5 लाख रुपए वसूले गए। इनमें पांच किश्तें 5-5 लाख रुपए की थीं जबकि आखिरी किश्त 4.5 लाख रुपए की बताई गई है। यहीं से कुल वसूली का आंकड़ा 1 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गया। वर्दी पहनने के बाद पुलिस वाले भी समझते थे अफसर मनीष कुमार हमेशा सफेद रंग की लग्जरी एसयूवी से चलता था। इससे लोगों को लगता था कि वह किसी विशेष एजेंसी या उच्च पदस्थ अधिकारी से जुड़ा है। झांसी के एक पॉश इलाके में उसका अत्याधुनिक सुविधाओं वाला ऑफिस भी था। बाहर से देखने पर यह किसी कॉर्पोरेट फर्म या सरकारी जांच एजेंसी जैसा लगता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब वह वर्दी पहनकर निकलता था तो पुलिसकर्मी भी उसे अधिकारी समझते थे। इसका फायदा उठाकर वह लोगों पर दबाव बनाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वसूली की रकम से उसने झांसी के पास एक गांव में जमीन और लग्जरी कार भी खरीदी थी। कलेक्ट्रेट में मुलाकात बनी खुलासे का टर्निंग पॉइंट आरोपी मनीष कुमार की लगातार पैसों की मांग से परेशान प्रियांश सिंघल की मुलाकात एक दिन कलेक्ट्रेट में प्रोफेसर अशोक गुप्ता से हो गई। बातचीत के दौरान प्रियांश ने उनसे सीधे सवाल कर दिया कि जब उनका पूरा हिसाब-किताब चुकता कर दिया गया है, तो मनीष अब भी क्यों परेशान कर रहा है? यह सवाल सुनकर प्रोफेसर गुप्ता असहज हो गए। उन्होंने कहा कि वे मनीष नाम के किसी व्यक्ति को जानते ही नहीं हैं। इस मुलाकात के बाद प्रियांश ने खुद जानकारी जुटानी शुरू की। वह झांसी पहुंचा और उन दफ्तरों में पड़ताल की, जिनका नाम लेकर मनीष खुद को अधिकारी बताता था। पता चला कि वहां मनीष कुमार नाम का कोई अधिकारी पदस्थ ही नहीं है। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने योजना बनाकर 10 जून को मनीष को पैसे देने के बहाने बुलाया। जैसे ही वह रकम लेने पहुंचा, पहले से मौजूद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को बचाने की कोशिश की। मामला खत्म कराने के लिए पूरी रकम लौटाने की पेशकश भी की। पुलिस को और पीड़ितों के सामने आने का इंतजार टीआई धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि हाल ही में पुलिस टीम झांसी स्थित मनीष के कार्यालय भी पहुंची, जहां ताला लगा मिला। पुलिस को संदेह है कि ऑफिस के भीतर फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र, सील-सिक्के और अन्य लोगों को ब्लैकमेल करने से जुड़े रिकॉर्ड मिल सकते हैं। जांच में सामने आया कि जिस एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का नाम लेकर मनीष रौब दिखाता था, वह मूल रूप से एक ट्रस्ट से जुड़ी संस्था है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संस्था के नाम और पद का इस्तेमाल किस सीमा तक किया गया। आशंका है कि कई अन्य लोग भी इसी तरह के दबाव और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए होंगे, लेकिन बदनामी के डर से सामने नहीं आए। फिलहाल मनीष गिरफ्तार है जबकि रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता जांच एजेंसियों के रडार पर है। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेल सिर्फ दो लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढे़ं… दतिया में फर्जी DIG ने सर्राफा कारोबारी से की वसूली दतिया में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का फर्जी डीआईजी बनकर लोगों को डराने-धमकाने वाला गिरोह पकड़ाया है। शहर के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी डीआईजी मनीष कुमार गुबरेले और उसके सहयोगी एके गुप्ता ने गिरफ्तारी, एफआईआर और कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे करीब 80 लाख रुपए वसूल लिए। पढे़ं पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 9:10 am

डच गुलाब उगाकर सालाना 15 लाख रुपए मुनाफा बचा रहे:धमतरी के खरतुली गांव में मोहित पवार का हाईटेक स्टार्टअप, 65 लाख का लोन लेकर शुरू की वैज्ञानिक खेती

धमतरी जिले के खरतुली गांव के 38 वर्षीय किसान मोहित पवार ने पुणे से एमबीए करने के बाद निजी कंपनियों के नौकरी प्रस्ताव ठुकराकर खेती को चुना। वह एक एकड़ पैतृक जमीन पर हाईटेक तरीके से डच गुलाब की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उनके फूलों की आपूर्ति अब छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और झारखंड के बाजारों तक पहुंच रही है। मोहित पवार ने बताया कि डच गुलाब की खेती शुरू करने के लिए शुरुआती निवेश 50 से 60 लाख रुपये आंका गया था। पूंजी की जरूरत को देखते हुए उन्होंने बैंक से 65 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया। इसके बाद गांव में पॉली हाउस और अन्य जरूरी ढांचा तैयार किया गया। अप्रैल 2025 से खेती शुरू की गई। पहले साल में उन्हें नुकसान भी हुआ। शुरुआती 4 से 5 महीनों में पौधों के रखरखाव और तकनीकी समझ की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। बाद में उन्होंने प्रबंधन और मार्केटिंग रणनीति के जरिए संचालन में सुधार किया। इसके बाद परियोजना घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। वर्तमान में पॉली हाउस से रोज औसतन 12 किलो फूल तोड़े जा रहे हैं। इससे प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 डंडियां बाजार के लिए तैयार होती हैं। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने पर पूरा उत्पादन ऊंचे दामों पर बिक जाता है। फूलों को पैक कर रायपुर भेजा जाता है। वहां से आगे अन्य राज्यों में सप्लाई होती है। मोहित पवार के अनुसार, इस खेती से सालाना 15 से 18 लाख रुपये की कुल आय हो रही है। बैंक ऋण की किस्त, जैविक खाद, रखरखाव, खेत में काम करने वाले 8 स्थानीय मजदूरों की मजदूरी जैसे खर्च निकालने के बाद भी सालाना 13 से 15 लाख रुपये की शुद्ध बचत का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि खेती को रासायनिक खाद से मुक्त रखा गया है। डच गुलाब के उन्नत पौधे पुणे से मंगाए गए। तापमान नियंत्रित करने वाला पॉली हाउस बनाया गया। सिंचाई के लिए इजरायली ड्रिप सिस्टम लगाया गया है। इस व्यवस्था में गर्मी के दिनों में भी रोजाना 350 से 400 लीटर पानी से काम चल जाता है। सर्दियों में सप्ताह में एक बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है। कम पानी की खपत के कारण गिरते जलस्तर के बीच भी उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इनसे संपर्क करिए... 8349211191

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 7:00 am

पांच साल में व्यापार को दोगुना करने, तकनीक और इनोवेशन संबंधों को मजबूत करने पर सहमत हुए भारत और फ्रांस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई।

देशबन्धु 15 Jun 2026 5:40 am

विजन इंडिया सम्मेलन में अखिलेश ने व्यापारियों से किया संवाद:बोले- पेठे का स्वाद विदेशों तक ले जाएंगे, कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिस के रेट

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में रविवार को छोटे कारोबारी और कारोबार की समस्याओं पर आधारित ‘विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट’ नए शिखर सम्मेलन का आगरा में आयोजन किया गया। इसमें सपा अध्यक्ष ने विभिन्न जिलों से आए कारोबारी और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने आगरा के विकास को लेकर अपना रोड मैप सबके सामने रखा। अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इसके सुपर सेशन में हिस्सा लिया। अखिलेश यादव ने छोटे कारोबारी और कारोबार के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “छोटा कारोबार, यूपी की बुनियाद! हमारा मानना है की ‘छोटे कारोबार’ की समस्याओं, दिक्कतों, चुनौतियों, अपेक्षाओं, आकांक्षाओं को तब तक नहीं समझा जा सकता, जब तक हम उनकी परेशानियों को सुलझाने के लिए उनको स्थायी और अस्थायी में वर्गीकृत या क्लासिफाइड नहीं करेंगे।”उन्होंने कहाकि “एक संवेदनशील सरकार का कर्त्तव्य क़ेवल कानून बनाना नहीं, बल्कि उन लोगों का हाथ पकड़ना भी है जो हर दिन कठिन परिस्तिथियों में म़ेहनत करक़े अपने परिवार का जीवन ब़ेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” “जब छोटा कारोबारी सुरक्षित होगा, सम्मानित होगा और आगे बढ़ेगा, तभी उत्तर प्रदेश सच मायनों में समृद्ध और मज़बूत बनेगा।”“उत्तर प्रदेश की ताकत बड़े बड़े कारखाने नहीं है। हमारी ताकत है छोटा दुकानदार, छोटा कारीगर। दूध-सब्जी बेचने वाला, फल वाला, कुल्फी वाला, मूंगफली वाला। यही लोग UP की रीढ़ है। 6 करोड़ से ज़्यादा परिवार इन्हीं छोटी दुकानों, ठेलों और खोमचों से अपना घर चलाते हैं।”“गरीब आदमी का सबसे बड़ा दुख यही है की वो काम करना चाहता है, लेकिन व्यवस्था उसे बार-बार रोकती है। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहाँ ईमानदारी से काम करने वाले को सम्मान मिले, ना की उसे हर दरवाज़े पर खड़ा होकर हाथ जोड़ना पड़े।”अखिलेश यादव ने आगरा और उसके आस-पास के शहरों—जैसे फ़िरोज़ाबाद और मथुरा-वृंदावन की गिरती अर्थव्यवस्था पर चर्चा की और उनके विकास व खुशहाली के लिए काम करने का संकल्प लिया। आगरा में 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैंअखिलेश यादव ने कहा- आगरा में 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। 2017 में 2090 थे अब केवल 1637 स्कूल बचे हैं। उन्होंने कहा- 14 एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र थे। अब सब शून्य हो गए हैं। आगरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 2017 से पहले 25 थी अब 18 बचे हैं। निजी स्वास्थ्य 354 थे लेकिन अब 1100 हो गए हैं। प्राइवेट को इनकी सरकार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यूपी में कमिश्नरेट सिस्टम पर तंज कसते हुए कहाकि जैसे डायल 100 को 112 कर दिया। ऐसे ही पुलिस के रेट भी बढ़ गए। पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी हैअखिलेश यादव ने कहा- पीडीए केवल एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का संदेश भी है। पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी है। पी (P) से प्रेम, डी (D) से दया और ए (A) से अपनापन। उन्होंने कहा- समाज में जितना अधिक प्रेम, दया और अपनापन बढ़ेगा, उतनी ही सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होगा। यही मूल्य समाज को आगे बढ़ाने और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। फिरोजाबाद को एक आधुनिक 'ग्लास सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगाअखिलेश यादव ने कहा- यदि फिरोजाबाद के उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज देने की जरूरत पड़ी तो समाजवादी पार्टी की सरकार ऐसा करने में पीछे नहीं हटेगी। मौजूदा उद्योगों को कुछ सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन नए उद्यमियों और नई इकाइयों को स्थापित करने के लिए पर्याप्त सहयोग उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा- फिरोजाबाद को एक आधुनिक 'ग्लास सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। दुनिया के जिन देशों और शहरों में कांच उद्योग की सबसे उन्नत तकनीकें और सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन्हें यहां लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। अखिलेश यादव ने आगे कहा- उद्योग को मजबूती देने के लिए जरूरत पड़ने पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी स्थापित किए जाएंगे। फिरोजाबाद से हमारा विशेष जुड़ाव रहा है। पिछली सरकार के दौरान हमने ग्लास सिटी के लिए करीब 500 हेक्टेयर जमीन भी चिह्नित कर ली थी। उस समय यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी, लेकिन भविष्य में सरकार बनने पर ग्लास सिटी परियोजना को शुरू करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:37 am

स्पा की आड़ में देह व्यापार, 5 गिरफ्तार

जयपुर | विधायकपुरी थाना पुलिस ने भगवानदास रोड स्थित मॉल-21 में चल रहे लवाना स्पा सेंटर पर दबिश देकर अनैतिक गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षिराज ने बताया कि पुलिस को स्पा की आड़ में अवैध कार्य संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर थानाधिकारी नरेंद्र भडाना के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से 2 युवकों संजीव लोधी (सागर, मप्र) और आकाश लोधी (अशोकनगर, मप्र) सहित 3 युवतियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों व संचालक के बारे में जानकारी जुटा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:30 am

चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली तक फैला था नेटवर्क:इंदौर की होटलों में क्रिस्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर कराते थे मीटिंग

इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इंदौर की होटलों में सेमिनार व मीटिंग आयोजित कर लोगों को झांसे में लिया जाता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना निवासी विष्णुपुरी कॉलोनी, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी निवासी चंडीगढ़, अनिरुद्ध दलवी निवासी बेंगलुरु, मुकेश तायडे और जोसेफ निवासी भोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लोगों को 100 दिनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश करवाने और बाद में पैसा वापस नहीं करने का आरोप है। इन लोगों ने की शिकायत क्राइम ब्रांच को जिया पति सतीश वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, हरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सहित कई लोगों ने शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर शुरुआत में 2 प्रतिशत मुनाफा और 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दावा किया था। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। यूएस बेस्ड कंपनी बनाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी बनाई थी। हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने अपने और कंपनी के बैंक खातों में निवेशकों से करीब ढाई करोड़ रुपए जमा करवाए थे। किटी पार्टी से पहचान, फिर होटल में सेमिनार पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से किटी पार्टी में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को यूएस बेस्ड कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बाद उसे भंवरकुआ स्थित होटल सोलारिस में जसवंत सिंह और अनिरुद्ध से मिलवाया गया, जहां पूरा निवेश प्लान समझाया गया। बाद में होटल रेडिसन में बड़ा सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए। वहां महंगे गिफ्ट और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया गया। साइट अपडेट का बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान पीड़ितों के मुताबिक, मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने हरप्रीत कौर से संपर्क किया तो उसने कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने का बहाना बनाया और कहा कि जल्द ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाएगा। अप्रैल में भी इसी तरह टालमटोल की गई। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने झूम एप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें जसवंत और अनिरुद्ध भी जुड़े। उन्होंने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बाद भी किसी को रकम नहीं मिली। रुपए मांगने पर दी धमकी जब निवेशकों ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि कंपनी डूब चुकी है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। मामले में पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:00 am

Salary Transparency Debate: 4 राउंड इंटरव्यू और 3 हफ्ते की मेहनत बेकार, उम्मीदवार ने ठुकराया ₹20 लाख का पैकेज; स्टार्टअप फाउंडर ने मानी अपनी गलती

आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jun 2026 3:59 am

रोहतक आगजनी के बाद व्यापारियों की मीटिंग:फायर ब्रिगेड पर उठाए सवाल; बोले-पहले सिर्फ एक गाड़ी पहुंची, उसका भी प्रेशर नहीं बना

रोहतक में संयुक्त व्यापार मंडल की मीटिंग के बाद व्यापारी नेता हेमंत बख्शी ने कहा कि फायर स्टेशन को शहर से बाहर कर दिया है। जबकि शहर में तंग बाजार है और हादसा होने पर गाड़ी समय पर नहीं पहुंच सकती। ऐसे में फायर की गाड़ियों को बाजार के पास खड़ा करना चाहिए, ताकि घटना के दौरान तुरंत गाड़ी पहुंच सके। हेमंत बख्शी ने कहा कि मॉडल टाउन में आगजनी की घटना के दौरान फायर की एक गाड़ी पहुंची, जिसके ब्रेक डाउन थे और उसका प्रेशर नहीं बन पा रहा था। फायर विभाग की ठीक गाड़ियों को ही बाजारों के पास खड़ा रखना चाहिए, क्योंकि गर्मी के मौसम में हादसे हो सकते हैं। दुकानदार फायर बॉल व फायर सिस्टम जरूर लगवाएं हेमंत बख्शी ने कहा कि दुकानों के अंदर फायर सिस्टम को जरूर लगवाएं, ताकि आगजनी की घटना होने पर बचाव हो सके। इसके साथ ही हर दुकान में फायर बॉल होनी चाहिए, जिसमें एक प्रकार का केमिकल है, जो आग बुझाने में कारगर है। जल्द ही इसकी एक मॉक ड्रिल भी करवाई जाएगी। अतिक्रमण को खुद कंट्रोल नहीं कर रही सरकार हेमंत बख्शी ने कहा कि अतिक्रमण को सरकार खुद कंट्रोल नहीं कर रही। जब अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन बड़ी दुकानों पर कार्रवाई करेगा तो छोटे अपने आप डरकर हट जाएंगे। सरकार को निर्देश देने चाहिए कि अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन नहीं करता व्यापारियों से मीटिंग हेमंत बख्शी ने कहा कि प्रशासन पहले दो-तीन माह में एक बार मीटिंग कर लेता था, लेकिन अब मीटिंग नहीं करते। जब मीटिंग करते हैं तो उन लोगों को बुलाते हैं तो सरकार की हां में हां मिलाकर चले जाते हैं। बाजार में बैठे व्यापारियों के साथ मीटिंग करके समस्याओं के बारे में जानना चाहिए। उचित मुआवजा नहीं दिया तो देंगे धरना हेमंत बख्शी ने कहा कि आगजनी से प्रभावित दुकानदारों व मृतक के परिवार को उचित मुआवजा राशि नहीं दी गई तो बापू पार्क में धरने पर बैठ जाएंगे। जरूरत पड़ी तो व्यापारी वर्ग सीएम का घेराव करने का काम भी करेगा, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मोटर व्हीकल एक्ट वाले फॉर्मुला अपनाए सरकार व्यापारी नेता अनिल भाटिया ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों व मृतकों के परिवार के लिए मोटर व्हीकल एक्ट वाला फॉर्मुला अपनाकर सरकार को मुआवजा राशि देनी चाहिए। साथ ही व्यापारी राहत कोष बनाए, जिसमें जीएसटी का एक प्रतिशत जमा करवाए और इस प्रकार की घटना होने पर उस पैसे के ब्याज से तुरंत मदद की जाए।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 6:43 pm

नारनौल में सड़क ऊंची करने पर भड़के व्यापारी:किया प्रदर्शन, दुकानदार बोले- भारी वाहन और मालवाहक गाड़ियां नहीं निकल पाएंगी,

नारनौल के नागरिक अस्पताल गेट के सामने स्थित रेलवे अंडरपास में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए सड़क को ऊंचा करने का कार्य शुरू किया गया है। इस कार्य का आसपास के व्यापारियों और उद्योग संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया। दुकानदारों का कहना है कि सड़क का लेबल ऊंचा होने से भारी वाहन और मालवाहक गाड़ियां अंडरपास से नहीं निकल पाएंगी, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। इसको लेकर वहां के व्यापारियों ने कुछ देर के लिए धरना भी दिया। शहर में बने पांच अंडरपास दरअसल, नारनौल शहर में रेलवे के पांच अंडरपास बने हुए हैं। बरसात के मौसम में इनमें पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अंडरपासों में इतना पानी जमा हो जाता है कि आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। दोनों ओर सड़क उठा रहे इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने अंडरपास के दोनों ओर सड़क का स्तर ऊंचा करने का कार्य शुरू किया है, ताकि बारिश का पानी अंडरपास में प्रवेश न कर सके। इसके निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। व्यापारियों ने किया विरोध काम शुरू होते ही नागरिक अस्पताल के सामने स्थित अंडरपास से जुड़े व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि सड़क पहले से ही ऊंची है और अब इसे और ऊंचा करने से उनकी गाड़ियों के नीचे लगे गार्डर और अन्य हिस्से अंडरपास से गुजरते समय अटक सकते हैं। इससे माल ढुलाई प्रभावित होगी और उद्योगों व दुकानों तक सामान पहुंचाने में दिक्कत आएगी। लगी हैं 40 फैक्ट्रियां व्यापारियों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। आसपास तेल मिल, वेल्डिंग वर्कशॉप, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, लेकिन ऐसा समाधान नहीं होना चाहिए जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हों। विरोध के दौरान कई व्यापारी मौके पर एकत्रित हुए और प्रशासन से सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। वहीं निर्माण कार्य फिलहाल जारी है।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 12:52 pm

फ्रांस में गूंजे 'मोदी-मोदी' के नारे, भारतीय समुदाय बोला-पीएम ने युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई प्रेरणा दी

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। इंतजार में खड़े लोगों ने पीएम के पहुंचते ही 'मोदी मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए

देशबन्धु 14 Jun 2026 8:39 am

गोरखपुर में गैंगेस्टर एक्ट का आरोपी गिरफ्तार:नकली सोने को असली बता 6 लाख में बेचा, 2 व्यापारियों से की थी जालसाजी

गोरखपुर में गैंगेस्टर एक्ट में फरार चल रहे आरोपी को कैंट पुलिस ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी और उसके गैंग ने 6 लाख रुपए लेकर दो व्यापारियों को असली के बजाय नकली सोना बेच दिया था। इसी मामले में वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका था। लेकिन जमानत छूट गया। बाद में पुलिस ने पूरे गैंग पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया। तभी से आरोपी फरार चल था। शनिवार को उसे पकड़ कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की पहचान गुजरात के सूबेदार खेड़ा निवासी किशोर राठौर के रूप में हुई। जानिए पूरा मामला…जानकारी के मुताबिक, 7 जनवरी 2024 को सिद्धार्थनगर जिले के सर्राफा संजय कुमार गुप्ता और किराना व्यापारी घनश्याम प्रसाद को गिरोह ने अपना शिकार बनाया था। दोनों को पहले असली सोना दिखाकर भरोसे में लिया। जब वे सोना खरीदने को तैयार हो गए तब सिद्धार्थनगर से गोरखपुर में बुलाया। सिद्धार्थनगर से गोरखपुर बुलायालालच में फंसे दोनों व्यापारी तीन-तीन लाख रुपये में सोना खरीदने को तैयार थे। आरोपियों ने दोनों से छह लाख रुपये ले लिए और नकली सोना थमा कर फरार हो गए। रेलवे स्टेशन से हुई थी पहली गिरफ्तारीचेक कराने के बाद जब व्यापारियों को पता चला कि उनके साथ ठगी हुई। तब उन्होंने कैंट पुलिस को सूचना दी। उस समय सीसी कैमरा की मदद से पुलिस ने जांच शुरू की। सीडीआर और मोबाइल टॉवर लोकेशन से पूरी गैंग को तब रेलवे स्टेशन के पास से SOG और कैंट पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने बढ़ाई धारा, गैंगेस्टर एक्ट लगाउनके पास से भारी मात्रा में नकली सोना और रुपये बरामद हुए थे। जेल भेजने के बाद आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। बाद में पुलिस ने उनपर गैंगस्टर का केस दर्ज किया, और फिर सबकी गिरफ्तारी की। गैंग के अन्य आरोपी तो पकड़ें गए, लेकिन किशोर राठौर फरार था और वांछित चल रहा था। शनिवार को पुलिस ने उसे भी मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी गोलघर चौकी इंचार्ज अवनीश पांडेय, पैडलेगंज चौकी प्रभारी आशीष दुबे ने की है।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 6:08 am

महंगाई के विरोध में कांग्रेस की बाड़मेर में रैली कल

भास्कर न्यूज़ | बाड़मेर बाड़मेर में गहराते पेयजल संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर सरकार से त्वरित समाधान की मांग की। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है और पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना की घटती आपूर्ति क्षमता, जल जीवन मिशन में खामियों और जलदाय विभाग में कर्मचारियों की कमी को संकट की प्रमुख वजह बताया। नीट पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ युवा कांग्रेस बाड़मेर 15 जून को जनआक्रोश रैली निकालेगी। रैली आदर्श स्टेडियम से सुबह 9 बजे शुरू होगी। कलेक्टर परिसर तक जाएगी। युवा कांग्रेस नेता तोगाराम मेघवाल ने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चल रहा है। युवा कांग्रेस की अलग-अलग टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। कार्यकर्ता आमजन को रैली में आने का निमंत्रण दे रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि क्षतिग्रस्त जल संरचनाओं की मरम्मत कराई जाए, योजनाओं की समीक्षा हो और अंतिम छोर तक निर्बाध पेयजल पहुंचे। चौधरी ने कहा कि समय पर कदम नहीं उठे तो पार्टी आंदोलन करेगी। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मेघवाल राजबेरा, जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बाड़मेर किरण मेघवाल, निवर्तमान सभापति दीपक माली, ब्लॉक अध्यक्ष बाड़मेर करनाराम मेघवाल , वी पी सिंह आगोर, महावीर जैन, सोहनलाल मंसूरिया, राजू धनदेव, ब्लॉक अध्यक्ष सेड़वा ममता हुडडा, स्वरूप सिंह पंवार, हेम पर्वत गोस्वामी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 5:30 am

मुक्त व्यापार समझौतों से पंजाब के निर्यात को मिलेगी नई उड़ान

भास्कर न्यूज |लुधियाना भारत द्वारा यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के साथ किए गए और प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों से पंजाब के उद्योगों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। यह बात फिक्की और सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ द्वारा लुधियाना में आयोजित एक विशेष सम्मेलन में नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों ने कही। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंजाब को एक अग्रणी निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना था। पंजाब फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. सेनु दुग्गल (आईएएस) ने कहा कि पंजाब हमेशा से एक उद्यमशील राज्य रहा है। उन्होंने खेल सामग्री, साइकिल, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में पंजाब की मजबूत स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा मजबूत एमएसएमई इकोसिस्टम नए अंतरराष्ट्रीय अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्रिटिश डिप्टी कमीशन (चंडीगढ़) के डिप्टी हेड ऑफ मिशन अमनदीप ग्रेवाल ने भारत-यूके एफटीए को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यूके द्वारा भारतीय उत्पादों के लिए 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को उदार बनाने से लुधियाना के टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। इससे कस्टम और बॉर्डर से जुड़ी अनुपालन प्रक्रियाएं भी सरल होंगी। फिक्की (पंजाब, हरियाणा, हिमाचल) के को-चेयर कुणाल यादव ने कहा कि फिक्की जल्द ही पंजाब से निर्यात वृद्धि में तेजी विषय पर एक विस्तृत अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट पंजाब सरकार को सौंपेगी। वहीं, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा सहित अन्य विशेषज्ञों ने जोर दिया कि इस लाभ को उठाने के लिए स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और सस्टेनेबिलिटी मानकों को अपनाना होगा।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 5:30 am

लेकसिटी के युवा दंपती का स्टार्टअप मीशो ने खरीदा, 202 करोड़ में डील

लेकसिटी के अंशुल गुप्ता और उनकी प|ी ऐश्वर्या जैन के स्टार्टअप किराणा क्लब का अधिग्रहण ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने कर लिया है। यह डील करीब 202 करोड़ रुपए में हुई है। अंशुल और ऐश्वर्या किराणा क्लब के संस्थापक हैं। दोनों की स्कूली शिक्षा महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल से हुई है। अंशुल एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता दोनों सरकारी सेवक रहे हैं। पढ़ाई के बाद वे वर्ष 2015 के आसपास बेंगलुरु गए और विभिन्न स्टार्टअप्स में काम किया। इसी दौरान उन्हें छोटे कारोबारियों और किराना दुकानदारों की चुनौतियों को समझने का अवसर मिला। अंशुल बताते हैं कि बचपन से वे अपने नाना और मामा की दुकानों पर जाते रहे हैं। वहां उन्होंने देखा कि छोटे दुकानदारों को सामान की खरीद, बेहतर कीमत, नेटवर्किंग और जानकारी के अभाव जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को करीब से देखने के बाद उन्होंने समाधान तैयार करने का विचार बनाया। वर्ष 2020 में अंशुल और ऐश्वर्या ने किराणा क्लब की शुरुआत की। यह एक बी-टू-बी यानी बायर टू बायर प्लेटफॉर्म है, जिसे छोटे किराना रिटेलर्स के लिए विकसित किया गया। एप बनाया, कम्युनिटी से बनाया नेटवर्क, आज देश के 45 लाख दुकानदार कनेक्ट इस स्टार्टअप ने दुकानदारों के लिए एक मोबाइल एप तैयार किया, जिसके माध्यम से उनकी कम्युनिटी बनाई गई। वर्तमान में इस नेटवर्क से 40 से 45 लाख दुकानदार जुड़े होने की जानकारी है। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य किराना व्यापारियों को एक साथ जोड़ना और उन्हें बेहतर व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराना रहा। किराणा क्लब ने कम्यूनिटी, कॉमर्स और डिस्ट्रीब्यूशन को एक मंच पर लाते हुए दुकानदारों को सीधे कंपनियों से थोक ऑर्डर करने की सुविधा दी।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 5:30 am

फ्रांस में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे राष्ट्रपति ट्रंप, प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चर्चा की उम्मीद: व्हाइट हाउस

फ्रांस में अगले हफ्ते जी7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी फ्रांस पहुंचने वाले हैं।

देशबन्धु 14 Jun 2026 3:30 am

बालाघाट में ट्रेडिंग के नाम पर 7 लाख की ठगी:शिकायतकर्ता बोला- फर्जी आईडी बनाकर निवेश कराया, आरोपी ने कहा- मैंने भी पैसे लगाए

बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र में क्रिप्टो ट्रेडिंग (Crypto Trading) के नाम पर 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दूसरे युवक पर लाखों रुपए ठगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दूसरी तरफ, आरोपी ने खुद को भी इस खेल का शिकार बताते हुए आरोपों को गलत ठहराया है। जानकारी के मुताबिक, वारासिवनी के रहने वाले नगेंद्र रंगारे ने रिजवान उर्फ राजा अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। नगेंद्र का आरोप है कि रिजवान ने उसे एक ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा (प्रॉफिट) दिलाने का भरोसा दिया था। रिजवान ने इस निवेश की खुद गारंटी ली थी, जिसके बाद नगेंद्र झांसे में आ गया। नगेंद्र ने बताया कि उसने जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच बैंक ट्रांसफर और कैश के जरिए अलग-अलग किस्तों में करीब 7 लाख रुपए रिजवान को दिए। शुरुआत में तो नगेंद्र को मुनाफे के तौर पर कुछ पैसे मिले, लेकिन बाद में यह भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। नगेंद्र का यह भी आरोप है कि उसकी एक शिक गया था। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो रिजवान टालमटोल करने लगा और अब उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने सबूत के तौर पर पुलिस को बैंक के दस्तावेज और व्हाट्सएप चैट सौंपी है। आरोपी का दावा: मैं खुद ठगी का शिकार हूं दूसरी ओर, आरोपी रिजवान उर्फ राजा अली ने इन सभी आरोपों पर अपनी सफाई दी है। रिजवान का कहना है कि लवी चौधरी उर्फ नवाब अली नाम के एक शख्स ने देशभर में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से पैसा निवेश कराया था। रिजवान के मुताबिक, वह खुद इस कंपनी में एक निवेशक (इन्वेस्टर) था और उसने भी पैसे लगाए थे। रिजवान ने दावा किया कि कुछ समय तक तो कंपनी ने उसे और अन्य लोगों को मुनाफा दिया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। उसका कहना है कि अब लोग उस पर झूठे आरोप लगाकर जबरन वसूली करने की कोशिश कर रहे हैं। रिजवान ने इस मामले में पुलिस को अपना बयान दे दिया है और सरकार से मांग की है कि सभी निवेशकों का डूबा हुआ पैसा वापस दिलाया जाए। पुलिस कर रही है जांच वारासिवनी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनने और शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी सबूतों को खंगाल रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 9:11 pm

पानीपत का कंबल कारोबारी ठगी केस:अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य जेल भेजे; व्यापारियों से करोड़ों का कर चुके फ्रॉड

पानीपत में किला थाना क्षेत्र में व्यापारियों से संगठित रूप से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। इस गिरोह द्वारा पानीपत के एक कंबल व्यवसायी के साथ की गई ₹3.68 लाख से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पानीपत जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया था। इसके पहले आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था, ताकि वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर पुलिस टीमों ने आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। फर्जी फर्म और बाउंस चेक का जाल थाना किला में दर्ज FIR के अनुसार, खादी कॉलोनी निवासी भीषम कक्कड़ का मनमोहन नगर में कंबलों का कारोबार है। अक्टूबर 2024 में आरोपी राहुल कुमार, दीपक कपूर और उनके साथी भीषम की दुकान पर आए थे। उन्होंने खुद को महादेव एंटरप्राइजेज, ओम ट्रेडर्स, नानक एंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला जैसी फर्मों का मालिक बताकर करीब 2 हजार किलो कंबलों का ऑर्डर दिया। व्यापारी ने उन पर भरोसा कर ₹3,68,203 का माल सप्लाई कर दिया, जिसके बदले आरोपियों ने अलग-अलग चेक थमा दिए। जब ये चेक बैंक में लगाए गए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद जब पीड़ित ने अपनी पेमेंट मांगी, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने व गैंगस्टर से गायब करवाने की धमकियां दीं। मार्केट से करीब 30 से 40 करोड़ की ठगी का आरोप पुलिस जांच और शिकायतकर्ता के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता है। ये लोग महंगे कपड़े और गाड़ियों में घूमकर खुद को अमीर व्यापारी दिखाते हैं और बाजार से उधार माल खरीदकर उसे कम दाम में नकद बेचकर फरार हो जाते हैं। इस गिरोह के खिलाफ पहले से ही तहसील कैंप थाने में भी केस दर्ज है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों में पैर पसार चुका है और मार्केट से करीब 30 से 40 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी को अंजाम दे चुका है। फिलहाल पुलिस इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। ये खबर भी पढ़ें… पानीपत-करनाल के 29 व्यापारियों से सवा करोड़ की ठगी: महंगी गाड़ियों और ब्रांडेड कपड़ों की रहीसजादी दिखा लगाया चूना, चेक बाउंस पर खुलासा हरियाणा के टेक्सटाइल हब पानीपत और पड़ोसी जिले करनाल में व्यापारियों के साथ संगठित रूप से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को रईस उद्यमी बताकर 29 व्यापारियों से करीब 1,11,11,476 रुपए का माल उधार लिया और चंपत हो गए। इस मामले में तहसील कैंप थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों सहित पूरे गिरोह के खिलाफ BNS की धारा 111(2)(b) (संगठित अपराध) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया है। (पूरी खबर पढ़ें…)

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 4:17 pm

अच्छी बारिश की कामना के लिए सराफा बाजार में भंडारा:इंद्रदेव को प्रसन्न करने की कोशिश; व्यापारियों की 6 साल से जारी परंपरा

महू शहर के सराफा बाजार में शनिवार को अच्छी बारिश की कामना को लेकर एक भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सराफा बाजार व्यापारी संघ द्वारा किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और श्रद्धालु शामिल होंगे। सराफा व्यापारी अंकित पाल ने बताया कि व्यापारी संघ पिछले छह वर्षों से लगातार इस भंडारे का आयोजन कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अच्छी वर्षा और खुशहाली सुनिश्चित करना है। मान्यता है कि इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में लोग प्रसादी ग्रहण करते हैं। इस वर्ष भी आयोजन में सराफा बाजार के व्यापारियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिक भी शामिल होंगे। व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि भंडारे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी और अच्छी बारिश की कामना के साथ विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 3:37 pm

चंडीगढ़ BRICS CCI चैप्टर ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र:वैश्विक शांति के लिए करे पहल, कहा- युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव से व्यापार,उद्योग और निर्यात प्रभावित

BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दीपक शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए भारत की सक्रिय भूमिका जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई देशों में चल रहे युद्ध और तनाव का असर व्यापार, माल की सप्लाई और निवेश पर पड़ रहा है, जिससे कारोबारियों और उद्योगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और संघर्षों के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसका असर व्यापारियों, निर्यातकों और उद्योगपतियों पर पड़ रहा है। माल ढुलाई का खर्च बढ़ने, सामान की सप्लाई में दिक्कत आने और बाजार में अनिश्चितता के कारण व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। पंजाब के व्यापार और उद्योग पर भी असर पत्र में कहा गया है कि पंजाब देश के प्रमुख कृषि और औद्योगिक राज्यों में से एक है। यहां का बड़ा कारोबार निर्यात और व्यापार पर निर्भर करता है। दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव का असर पंजाब के उद्योगों और व्यापार पर भी पड़ रहा है, जिससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई है। भारत हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को सुलझाने की बात करता है। ऐसे में भारत विभिन्न देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा देकर तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। शांति से ही बढ़ेगा व्यापार और निवेश BRICS CCI ने पत्र में कहा कि दुनिया में शांति रहने से व्यापार बढ़ेगा, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। संगठन ने कहा कि भारत को अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का उपयोग कर शांति प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, ताकि दुनिया में स्थिरता बनी रहे और कारोबार बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 1:11 pm

ओंकार हत्याकांड में 50 हजार का इनामी एनकाउंटर में अरेस्ट:15 दिन में नहीं मिली दूध व्यापारी की लाश, कभी लाश को बागपत में फेंकना बताया तो कभी मेरठ में

गाजियाबाद के लोनी में 15 दिन पहले डेयरी संचालक ओंकार की हत्या और अपहरण मामले में 50 हजार के इनामी को पुलिस ने पैर में गोली मारकर अरेस्ट किया है। जिससे पूछताछ की है। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि बंथला चिरौड़ी मार्ग पर देर रात 3 बजे यह मुठभेड़ हुई। जहां पुलिस ने एक स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, जहां कार सवार ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में हमलावर को पैर में गोली मारकर अरेस्ट किया है। घायल ने अपना नाम गौरव नागर पुत्र गजराज निवासी गांव बादलपुर जिला नोएडा। मौके से एक 32 बोर की पिस्टल और एक स्विफ्ट कार बरामद हुई है। गौरव ने बताया कि मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर नहर को मेरठ में रोहटा के पास गंगनहर में फेंक दिया था। एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर में 2 पकड़े दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार देर रात गाजियाबाद के वांछित अपराधी सौरभ और गोपाल मालवीय नगर इलाके में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने अरबिंदो कॉलेज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन पर भी 50-50 हजार का इनाम था। 10 गोली मारकर ले गए थे लाश लोनी क्षेत्र में 30 मई को डेयरी संचालक ओंकार निवासी गनौली को उसी के गांव के लोगों ने गोली मारने के बाद अपने साथ ले गए थे। जहां दूध व्यापारी को 10 गोलियां मारी गई थीं। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही रहने वाले गौरव, सौरभ, गोपाल, मोहित समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा पाया गया। अभी तक 27 आरोपी जेल जा चुके हैं। 15 दिन में नहीं मिला ओंकार का शव मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहित ने पूछताछ में बताया था कि ओमकार के शव को बागपत की एक नहर में फेंक दिया गया। वहीं दूसरे आरोपी गौरव ने दावा किया कि शव को पूठ गंग नहर में फेंका गया था। आरोपियों के अलग अलग बयानों के बयानों के चलते पुलिस की कहानी भी बदल रही है। ओंकार की तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें और एनडीआरएफ लगातार सर्च अभियान चला रही हैं, लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है। पंचायत में हुए विवाद के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि गोपाल के भाई अंकुर की हत्या के मामले में शिवम उर्फ शैंकी जेल गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसके स्वागत का वीडियो देवांश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। इसी बात को लेकर गोपाल और सौरभ की देवांश से रंजिश हो गई थी। बताया जा रहा है कि 20 मई को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद 29 मई को गांव में पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि पंचायत के दौरान ओमकार ने सौरभ के पिता विजेंद्र को थप्पड़ मार दिया था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना से नाराज होकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई और 30 मई को ओमकार की हत्या कर दी।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 9:28 am

भारत और केन्या ने अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी और निवेश पर की चर्चा

केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या के एल्डोरेट शहर (उवासिन गिशु प्रांत) का दौरा किया

देशबन्धु 13 Jun 2026 8:40 am

30 लाख की लूट मामले में पुलिस ने खंगाले कैमरे:इंदौर में गाड़ी अड्‌डे से स्क्रेप व्यापारी के पीछे लगे थे बदमाश, सेंट्रल कोतवाली इलाके में भी दिखे

इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप व्यापारी से 30 लाख रुपए की लूट के मामले में शुक्रवार को भी पुलिस जांच में जुटी रही। करीब 25 से अधिक पुलिस जवानों की टीम ने शहर के कई बाजारों और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया है कि बदमाश वारदात से करीब एक घंटे पहले से ही व्यापारी की रैकी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक निहालपुरा निवासी स्क्रैप व्यापारी मनय उर्फ मुकेश अग्रवाल के साथ नकली पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने लूट की वारदात की थी। आरोपी उन्हें अपने साथ ले गए और रास्ते में रुपए से भरा बैग लेकर फरार हो गए। गाड़ी अड्‌डा से पीछे लगे थे बदमाश जांच में पता चला है कि बदमाश गाड़ी अड्डा इलाके से ही व्यापारी के पीछे लग गए थे। यहीं से व्यापारी ने सबसे पहले पेमेंट लिया था। इसके बाद आरोपी लगातार उनका पीछा करते रहे और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस को आरोपी कोतवाली थाना क्षेत्र में भी दिखाई दिए हैं। पुलिस को पहले से ही आशंका थी कि पूरी वारदात रेकी के बाद अंजाम दी गई है। अब जांच में यह बात लगभग स्पष्ट हो गई है कि आरोपी व्यापारी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थे। पुलिस को साथियों पर भी शक इस मामले में पुलिस को व्यापारी के साथ काम करने वाले कुछ लोगों पर भी शक है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों तक दो संदिग्ध बदमाशों के नाम पहुंच चुके हैं और उनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। देर रात तक पुलिस की एक टीम गाड़ी अड्डा और जूनी इंदौर इलाके में आरोपियों की तलाश करती रही।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 8:13 am

ऑनलाइन पेमेंट का असर, दुर्ग में बाजारों से चिल्लर गायब:फुटकर व्यापारियों ने कलेक्टर से की शिकायत, कहा- बैंक से नहीं मिल रहा छोटा नोट

दुर्ग जिले में ऑनलाइन पेमेंट की वजह से छोटे व्यापारियों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही है। फुटकर और चिल्हर सब्जी विक्रेताओं ने बाजार में छोटे नोट और सिक्कों की कमी का मुद्दा उठाते हुए जनदर्शन में शिकायत की है। साथ ही मांग की है कि सब्जी बेचने वाले छोटे कारोबारियों को रोज सबसे ज्यादा जरूरत चिल्लर नोट और सिक्कों की होती है, लेकिन उन्हें बैंक से यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसलिए व्यापारियों ने कलेक्टर से चिल्लर दिलाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में लंबे समय से छोटे नोट और सिक्कों की कमी बनी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर फुटकर सब्जी विक्रेताओं पर पड़ रहा है क्योंकि उनका पूरा कारोबार छोटे लेनदेन पर चलता है। ग्राहक कई बार बड़े नोट देकर खरीदारी करते हैं और ऐसे में चिल्लर नहीं होने से परेशानी खड़ी हो जाती है। जनदर्शन में कलेक्टर के पास यह शिकायत और मांग पत्र थोक फल सब्जी मंडी दुर्ग के कार्यकारी अध्यक्ष नासिर खोखर की ओर से दिया गया है। बैंक की ओर से नहीं मिल रहा सहयोग जनदर्शन में दिए गए आवेदन में बताया गया है कि बैंक अब तक छोटे सब्जी विक्रेताओं को सीधे तौर पर छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध नहीं करा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बैंक की ओर से चिल्लर राशि चैंबर को दी जाती है, जबकि वहां ज्यादातर लेन-देन ऑनलाइन और यूपीआई के माध्यम से होता है। जो ऑनलाइन पेमेंट नहीं करते उन ग्राहकों को होती है परेशानी वहीं फुटकर सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि उनके यहां अब भी बड़ी संख्या में ग्राहक नकद भुगतान करते हैं। कई ग्राहक ऑनलाइन भुगतान नहीं कर पाते, इसलिए छोटे नोट और सिक्कों की जरूरत लगातार बनी रहती है। ऐसे में रोजाना कारोबार संभालना मुश्किल हो रहा है। हर महीने बैंकों को उपलब्ध करवाना चाहिए छोटे नोट व्यापारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि फुटकर और चिल्हर सब्जी विक्रेताओं के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए और हर महीने बैंक के माध्यम से छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि इससे बाजार में लेनदेन आसान होगा और ग्राहकों-व्यापारियों दोनों को राहत मिलेगी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि सब्जी बाजार जैसे कारोबार में डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद नकद लेनदेन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई ग्राहक अभी भी छोटी खरीदारी नकद में करते हैं। ऐसे में चिल्लर की उपलब्धता कारोबार का जरूरी हिस्सा बनी हुई है।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 7:34 am

नोएडा में युवक से 17 लाख का फ्रॉड:मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाया,निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए

नोएडा के सेक्टर-49 क्षेत्र में शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर जालसाजों ने एक युवक से 17 लाख 30 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-49 के बरौला स्थित हनुमान विहार निवासी 27 वर्षीय राकेश कुमार ने शिकायत में बताया कि वह शेयर बाजार में निवेश के जरिए अच्छा लाभ कमाना चाहते थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर उनसे संपर्क किया और कम समय में अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। रकम वापस मांगने पर बंद किया संपर्क राकेश का आरोप है कि जालसाजों ने भरोसा जीतने के बाद अलग-अलग चरणों में उनसे कुल 17.30 लाख रुपए निवेश करा लिए। शुरुआत में उन्हें मुनाफे का लालच दिया गया, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में आरोपियों ने उनसे संपर्क भी तोड़ दिया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। एनसीआरपी पर शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच साइबर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर, अनजान व्यक्तियों, सोशल मीडिया ग्रुप और बिना सत्यापन वाले निवेश प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से बचें। साइबर ठगी के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 6:31 am

छत्तीसगढ़ को 9,580 करोड़ रुपए के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के अंतर्गत हैदराबाद में शुक्रवार को निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश का बढ़ता प्रवाह इस बात का संकेत है कि प्रदेश विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।

देशबन्धु 12 Jun 2026 11:27 pm

धान खरीदी फड़ पर व्यापारी से मारपीट, 2 हजार लूटे:मुख्यमंत्री से शिकायत की धमकी देकर गाली-गलौज की फिर पीटा, 5 आरोपी पकड़े गए

कोंडागांव में धान खरीदी फड़ पर एक व्यापारी से मारपीट कर 2 हजार रुपए लूटने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की धमकी दी थी। विश्रामपुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार, ग्राम कौन्दकेरा निवासी सकरूराम नाग 7 जून को सलना आश्रित ग्राम उड़िदगांव बांध के पास धान और मक्का खरीदी का फड़ लगाए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे, सफेद रंग की कार (क्रमांक CG-27 K-2722) से ज्ञानदास कोर्राम, राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम, दौनूराम पटेल, फुलसिंग कोर्राम और रोहित राम पाण्डे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सकरूराम पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने का आरोप लगाया। आरोप है कि पांचों आरोपियों ने पहले सकरूराम से गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने हाथ-मुक्कों और थप्पड़ों से उसके साथ मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपियों ने सकरूराम के पास रखे 2 हजार रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर विश्रामपुरी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन और थाना प्रभारी शंकरलाल ध्रुव के नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पूछताछ के दौरान, सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने ग्राम कौन्दकेरा निवासी ज्ञानदास कोर्राम (49), राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम (19), दौनूराम पटेल (64), फुलसिंग कोर्राम (46) और रोहित राम पाण्डे (46) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की नेक्सन कार (क्रमांक CG-27 K-2722) को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं और उनके विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 10:09 pm

फ्लैट-प्लॉट खरीदने वालों के लिए बड़ी चेतावनी:रेरा नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर होगा शिकंजा, सैटेलाइट निगरानी में 29 संदिग्ध रियल एस्टेट प्रोजेक्ट

पटना समाहरणालय में आज डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेरा बिहार, जिला प्रशासन और नगर निकायों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रेरा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं के सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। रेरा नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेरा के प्रावधान रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। बिल्डर, डेवलपर, प्रोमोटर, नगर निकायों के अधिकारी और आम नागरिक सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना तेजी से विकसित हो रहा है, इसलिए लोगों को रेरा नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को मिला अहम संदेश जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी आवासीय परियोजना जिसमें 8 से अधिक फ्लैट हों या जिसकी जमीन 500 वर्गमीटर से अधिक हो, उसका रेरा में पंजीकरण अनिवार्य है। इसी तरह 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित प्लॉटिंग परियोजनाओं का भी रेरा पंजीकरण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फ्लैट या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा पंजीकरण नंबर जरूर जांचें। बिना पंजीकरण वाले प्रोजेक्ट में निवेश करने पर खरीदारों का पैसा फंस सकता है और ऐसे प्लॉटों के दाखिल-खारिज तथा निबंधन पर भी रोक लग सकती है। धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों को जेल तक हो सकती है जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई बिल्डर या डेवलपर बिना रेरा पंजीकरण के प्लॉट या फ्लैट बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है। जनता दरबार में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोगों के साथ जमीन और फ्लैट खरीदने में धोखाधड़ी की गई होती है। सैटेलाइट तकनीक से हो रही निगरानी बैठक में बताया गया कि रेरा बिहार और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सैटेलाइट इमेजरी आधारित निरीक्षण (Imagery Based Inspection-IBI) अभियान चला रहे हैं। इसके तहत सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ऐसे निर्माण परियोजनाओं की पहचान की जाती है, जो रेरा नियमों का उल्लंघन कर रही होती हैं। पटना में दानापुर-शिवाला-कन्हौली रोड, मीठापुर एलिवेटेड बाईपास से पुनपुन होते हुए सम्पतचक और एम्स से नौबतपुर तक के क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने जांच दलों को समय पर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। लोगों को जागरूक करने के लिए चलेंगे अभियान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को रेरा कानून की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जानकारी होना जरूरी है। रेरा जांच आयुक्त ने मांगा जिला प्रशासन का सहयोग बैठक में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि रेरा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में जिला प्रशासन और नगर निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग के बिना नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना संभव नहीं है। बिहार के कई जिलों में कार्रवाई, पटना में 29 संदिग्ध प्रोजेक्ट चिन्हित रेरा बिहार के अनुसार, सैटेलाइट आधारित जांच अभियान के तहत सारण में 18, भागलपुर में 9, पूर्णिया में 5, दरभंगा में 19 और मुजफ्फरपुर में 11 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पटना में अब तक 29 ऐसे बिल्डरों और परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिन पर रेरा नियमों के उल्लंघन का संदेह है। अब रेरा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें इन परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 10:05 pm

बिलासपुर में व्यापारी से 3 लाख की लूट, VIDEO:दिनदहाड़े बाइक सवार नकाबपोश लुटेरे फरार, वारदात सीसीटीवी में कैद, पुलिस तलाश में जुटी

बिलासपुर के थोक मार्केट व्यापार विहार में दोपहर करीब 3 बजे दो नकाबपोश बाइक सवार लुटेरों ने एक व्यापारी से 3 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। घटना के बाद तारबाहर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में नकाबपोश बाइक सवार लुटेरे नजर आए, जिसके आधार पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर बाइक सवार लोगों की जांच शुरू की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। देखिए तस्वीरें जानिए पूरा मामला लूट का शिकार हुए व्यापारी जांजगीर जिले के नवागढ़ क्षेत्र के निवासी हैं। उनके बेटे उमेश कुमार साहू ने बताया कि वे अपने पिता के साथ सामान खरीदने के लिए व्यापार विहार थोक मंडी पहुंचे थे। उमेश साहू के अनुसार, वे लोग लहसुन, मिर्च, आलू सहित अन्य कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त करते हैं। उमेश ने बताया कि वे बड़ी रकम लेकर सामान खरीदने बाजार आए थे। खरीदारी के बाद जब वे आगे का सामान लेने जा रहे थे, तभी अंडा चौक के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। लुटेरों ने व्यापारी के हाथ से रुपयों से भरा बैग झपट लिया और बाइक पर बैठकर तेज रफ्तार में फरार हो गए। यह वारदात इतनी तेजी से हुई कि व्यापारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। घटना के बाद व्यापारी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बैग में करीब 3 लाख रुपए नकद थे, जो सामान खरीदने के लिए लाए गए थे। लूट की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर दी। साथ ही घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 10:00 pm

साढ़ में व्यापारी से लूट का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेजा, पहले भी दर्ज हैं मुकदमे

कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत की गई। फरवरी 2025 में हुई थी लूट की वारदातजानकारी के अनुसार, कुढ़नी कस्बा स्थित शुक्ला ज्वैलर्स के संचालक के साथ फरवरी 2025 में लूट की घटना हुई थी। व्यापारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी जंगली बाबा मंदिर के पास बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेलघटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारीपुलिस आयुक्त के निर्देशन में चल रहे संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान साढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी कुढ़नी मंदिर के पास मौजूद है। सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहचान और आपराधिक इतिहासगिरफ्तार आरोपी की पहचान गोलू उर्फ प्रशांत सिंह पुत्र कुलदीप कुमार, निवासी गढ़ी, थाना औंग, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ साढ़, चकेरी और मलवा थाना क्षेत्रों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने भेजा जेलथाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 8:43 pm

इंदौर लोकायुक्त के खिलाफ व्यापारी ने की शिकायत:रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग लीक करने का आरोप; कहा- अधिकारियों पर हो विभागीय कार्रवाई

इंदौर लोकायुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर एक शिकायत लोकायुक्त डीजी तक पहुंची है। आमतौर पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें लोकायुक्त संगठन में की जाती हैं, लेकिन यह ऐसा मामला है, जिसमें एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोकायुक्त भोपाल, उप-लोकायुक्त और डीजी लोकायुक्त को शिकायत भेजी है। एक व्यापारी शेखर का आरोप है कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ इंदौर के जोन-1 के एक थाने में झूठी FIR दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान उनके नाबालिग बेटे का नाम भी प्रकरण में जोड़ दिया था। 16 अप्रैल 2026 को उन्हें थाने बुलाया गया तो मौजूद दो मीडियाकर्मियों में से एक ने अपना नाम कमलेश बताया। उसने नाबालिग बेटे का नाम मामले से हटाने के एवज में पहले एक लाख रुपए और बाद में 70 हजार रुपए की मांग की। यह राशि थाने की पुलिस के नाम पर मांगी जा रही थी। मीडियाकर्मी से बातचीत की रिकॉर्डिंग व्यापारी का कहना है कि मैंने एक मीडियाकर्मी से हुई बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग की, जिसमें 70 हजार रुपए की मांग और पुलिस की ओर से मदद कराने का जिक्र है। इसके बाद मैंने 17 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्डिंग सहित शिकायत दर्ज कराई। रिकॉर्डिंग की पेन ड्राइव भी सौंपी गई। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लोकायुक्त कार्यालय ने ट्रैप कार्रवाई करने के बजाय केवल उनके बयान दर्ज किए और रिकॉर्डिंग जब्त कर ली। बाद में भी संबंधित लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ समय बाद उसी मीडियाकर्मी ने मुझसे मुलाकात कर कहा कि शिकायत की जानकारी पहले ही उसे मिल गई थी, जिससे वे सतर्क हो गए। इस आधार पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों से घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भी अनुरोध किया है कि यदि शिकायत की गोपनीय जानकारी लीक हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। लोकायुक्त के वकील आशीष खरे ने बताया- लोकायुक्त निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है। यदि किसी लोक सेवक की रिकॉर्डिंग होती या पीड़ित की सीधे किसी लोक सेवक से बातचीत कराई जाती, तो मामला बन सकता था। इस प्रकार के मामलों में लोकायुक्त सामान्यतः संज्ञान नहीं लेता है। पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए शिकायत लोकायुक्त के रिटायर्ड डीएसपी बीएस परिहार ने बताया कि ऐसे मामलों में लोकायुक्त केवल अवैध संपत्ति या किसी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने संबंधी मामलों में कार्रवाई कर सकता है। उनके अनुसार, यह मामला फ्रॉड या चीटिंग की श्रेणी का प्रतीत होता है, जिसकी शिकायत संबंधित पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए थी।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 8:36 pm

भारतीय शेयर बाजार करीब 2 प्रतिशत उछले; निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपए का फायदा

अमेरिका-ईरान के बीच के बीच तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में जोरदार तेजी देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,695.40 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,527.95 और निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ।

देशबन्धु 12 Jun 2026 6:15 pm

व्यापारियों ने झूठी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की:बीसीएमओ को ज्ञापन सौंपा, शिकायत की जमीनी स्तर पर जांच कराई जाए

चूरू जिले के रतनगढ़ में खुदरा विक्रेता संघ ने एक व्यक्ति द्वारा व्यापारियों के खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें करने के मामले में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) डॉ. मनीष तिवाड़ी को ज्ञापन सौंपा है। खुदरा विक्रेता संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश इंदौरिया और महामंत्री मातेश्वरी अजीतसरिया के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि कमल कुमार शर्मा नामक एक व्यक्ति स्थानीय व्यापारियों के खिलाफ लगातार झूठी और बेबुनियाद शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को कर रहा है। संघ का आरोप है कि इस व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारियों को परेशान करना और व्यापारिक माहौल को खराब करना है। इन झूठी शिकायतों के कारण क्षेत्र के ईमानदार व्यापारियों को मानसिक तनाव और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि भविष्य में इस व्यक्ति द्वारा की जाने वाली किसी भी शिकायत पर सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले उसकी जमीनी स्तर पर जांच करवाई जाए। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर ही आगे कदम उठाया जाए, ताकि किसी निर्दोष व्यापारी को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े। इस अवसर पर दीपक मुरारका, पवन सराफ और निरंजन ताम्रायत सहित अनेक व्यापारी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 4:58 pm

IDFC फर्स्ट बैंक केस की CBI चार्जशीट में खुलासा:सावन ज्वेलर्स के खाते में गए ₹250 करोड़; बिल्डर ने रियल एस्टेट में इन्वेस्ट की रकम

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें एक मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) से संबंधित है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। CBI ने हरियाणा सरकार के धन के गबन से जुड़े मामले में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। इस बार दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जिन्हें कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताया गया है। जिसमें सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटौदिया व बिल्डर विक्रम वाधवा का नाम शामिल है। इससे पहले इसी मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। इनमें 3 सरकारी कर्मचारी, 6 बैंक अधिकारी, 2 कंपनियां और 4 निजी व्यक्ति शामिल थे। अब जानिए मुख्य आरोप और घोटाले का स्वरूप… चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मामले में पहली चार्जशीट चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सीबीआई ने चंडीगढ़ की विशेष कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। अभी और चार्जशीट दाखिल होने की संभावना जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की पड़ताल अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। सीबीआई ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच की जाएगी।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 4:00 pm

'बिहार में 5 लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य':CM सम्राट चौधरी का दावा- राजगीर-मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर, हर जिले में एयर कनेक्टिविटी की तैयारी

पटना के निजी होटल में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश और बिहार में हुए विकास कार्यों की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार के लिए भविष्य की योजनाओं का भी विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। CM सम्राट ने विकसित भारत को बताया सबसे बड़ा लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के कार्यकाल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि, ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए देश का नेतृत्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और अब देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ा जा रहा है।’ भाजपा ने अपने संकल्पों को किया पूरा- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, 'भारतीय जनता पार्टी 1950 में जनसंघ के रूप में अस्तित्व में आई थी और तब से लेकर आज तक पार्टी ने जो भी संकल्प जनता के सामने रखा, उसे पूरा करने का प्रयास किया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करना भाजपा की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया। इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना भी साकार हुआ। भाजपा कभी भी अपने एजेंडे और विचारों से पीछे नहीं हटी है।' बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ा लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, ‘बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।’ सम्राट चौधरी ने घोषणा किया कि राज्य सरकार ने 20 नवंबर को सरकार के एक वर्ष पूरे होने तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल होगा। उद्योगों को 30 दिन में मिलेगी स्वीकृति उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘जिस प्रकार अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए समय सीमा तय की गई है, उसी तरह उद्योगों के लिए भी 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि, ‘कोई भी निवेशक उद्योग लगाने के लिए आवेदन करेगा तो 30 दिनों के भीतर उसे स्वचालित रूप से आवश्यक अनुमति मिल जाएगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार में उद्योगों की स्थापना तेज होगी।’ राजगीर और मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘देश में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। वर्तमान में देश में 33 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण हो रहा है और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है।’ उन्होंने घोषणा की कि बिहार में राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के हर जिले को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप का निर्माण कराया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना है।' पटना हवाई अड्डे के नए स्वरूप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि, ‘वहां उतरने के बाद अब स्पष्ट रूप से महसूस होता है कि बिहार बदल रहा है।’ सड़क और बिजली के क्षेत्र में बिहार की बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, ‘इस योजना के माध्यम से देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी।’ जीएसटी ने राज्यों की आर्थिक स्थिति को किया मजबूत सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, 'जीएसटी लागू होने से पहले राज्यों की आबादी का आर्थिक महत्व उतना नहीं था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी लागू होने के बावजूद बिहार को जीएसटी व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार से लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह तंत्र का लाभ मिल रहा है। राज्य के बजट में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी करीब 60 हजार करोड़ रुपये की है, जबकि शेष संसाधन केंद्र सरकार की सहायता और राज्य के स्वयं के प्रयासों से जुटाए जाते हैं।' जनधन और डीबीटी ने बदली गरीबों की जिंदगी सीएम सम्राट ने कहा कि, ‘जब जनधन योजना शुरू की गई थी, तब विपक्ष ने इसे लेकर कई तरह की आशंकाएं और भ्रम फैलाए थे। लेकिन आज यही जनधन खाते और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पैसा अब सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।’ शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर नहीं लगेगी रोक मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, ‘राज्य सरकार का प्रतिदिन का खर्च लगभग 1000 करोड़ रुपये के आसपास है। 12 जून तक ट्रेजरी में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध है। शिक्षकों का वेतन और पेंशन उनका मौलिक अधिकार है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में इसे रोका नहीं जा सकता।’ उन्होंने अधिकारियों से कहा कि, ‘विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) जरूर लिया जाए, लेकिन वेतन और पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।’ नक्सलवाद पर बड़ी सफलता, अब खुद करेंगे बड़ी योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि, ‘वह स्वयं उस विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जहां कभी नक्सलियों ने एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) की हत्या कर दी थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। अब विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है।’ उन्होंने बताया कि, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को निर्देश दिया है कि दो वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर की जाए। इसी के तहत उन्होंने निर्णय लिया है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि योजनाएं कहां अटकी हुई हैं और उन्हें पूरा करने में क्या बाधाएं हैं।’

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 2:52 pm

यमुनानगर में NASA से जुड़ा बिजनेस दिखाकर ठगी:₹4 करोड़ का कराया निवेश; PM-CM के साथ फोटो दिखाकर जीता भरोसा

यमुनानगर में NASA से जुड़े उत्पादों के 6 देशों में बिक्री अधिकार होने का दावा करके 4 करोड़ रूपए से ज्यादा निवेश कराने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया हे। इतना ही नहीं आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बाबा रामदेव और अन्य नामी हस्तियों के साथ तस्वीरें दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत येस वर्ल्ड, इनफ्लेक्टर इंडिया और बिग विसन कंपनी से जुड़े 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना शहर यमुनानगर में धारा 420, 406 और 120-बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पीएम-सीएम के साथ फोटो दिखाकर जीता भरोसा शिकायतकर्ता त्रिलोचन सिंह निवासी लक्ष्मी नगर ने आरोप लगाया कि 2022 में शाहाबाद निवासी धीरज सैनी और धरमवीर वर्मा ने उसे येस वर्ल्ड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने दावा किया कि कंपनी ग्रीन एनर्जी, कार्बन क्रेडिट और सेव अर्थ मिशन पर काम कर रही है और निवेशकों को अत्यधिक रिटर्न मिलेगा। शिकायत के अनुसार बाद में उसे जिरकपुर स्थित कंपनी कार्यालय ले जाया गया, जहां कंपनी के को-फाउंडर डॉ. संदीप चौधरी ने विभिन्न सेमिनारों के वीडियो और प्रस्तुतियां दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने कहा संदीप चौधरी ने दावा किया था कि उनकी कंपनी के पास NASA द्वारा विकसित इनफ्लेक्टर उत्पादों को 6 देशों में बेचने का विशेष अधिकार है। इसी दौरान निवेशकों को ऐसे ब्रोशर और प्रचार सामग्री भी दिखाई गई। जिनमें संदीप चौधरी की तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बाबा रामदेव, जनरल वीके. सिंह और अन्य चर्चित हस्तियों के साथ दिखाई गई थीं। अलग-अलग लोगों से कराया निवेश शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन तस्वीरों और दावों को देखकर उसका भरोसा बढ़ा और उसने बड़ी रकम निवेश कर दी। आरोप है कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 के बीच शिकायतकर्ता ने विभिन्न खातों और माध्यमों से 15 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश की। बाद में कंपनी से भुगतान बंद हो गया और निवेश की गई रकम वापस नहीं मिली। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि केवल उसके साथ ही नहीं बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी बड़े स्तर पर ठगी हुई। शिकायत के अनुसार वरुण चौहान से करीब 50 लाख रुपए, रुपिंदर सिंह से 30 लाख रुपए, राहुल गोयल से 7 लाख रुपए, लक्ष्मी देवी से 20 लाख रुपए, अरुण कुमार से 85 लाख रुपए, हरदीप धीमान और उसके साथियों से लगभग 37 लाख रुपए तथा सरबजोत सिंह उर्फ बाबा से करीब 62 लाख रुपए की रकम निवेश के नाम पर ली गई। अलग-अलग स्थानों पर होते थे सेमिनार शिकायतकर्ता ने अपने साथ लगभग 35 लाख रुपए, परिवार के साथ करीब 36 लाख रुपए और रिश्तेदारों तथा दोस्तों के साथ लगभग 50 लाख रुपए की ठगी होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा कंपनी का नाम बदलकर Big Vision किए जाने के बाद 27 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 24.30 लाख रुपए) के गबन का भी आरोप लगाया गया है। इस प्रकार 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि निवेशकों को जिरकपुर, जयपुर, अहमदाबाद और अन्य स्थानों पर आयोजित सेमिनारों में बुलाया जाता था। जहां बड़े मुनाफे और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दावे किए जाते थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कंपनी ने लोगों को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ तस्वीरों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने जांच के उपरांत शाहाबाद निवासी धीरज सैनी, धरमवीर वर्मा, इन्फ्लेक्टर इंडिया एवं यस वर्ल्ड के सह-संस्थापक डॉ. संदीप चौधरी, बिग विजन के संस्थापक सदस्य रतन त्यागी और यस वर्ल्ड के संस्थापक सदस्य अमित यादव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 2:40 pm

बुलंदशहर में व्यापारियों ने बाजार बंद करने का विरोध किया:परीक्षा के दौरान 500 मीटर के दायरे में दुकानें बंद रखने का आदेश

बुलंदशहर में व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कुमार हर्ष और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात प्रदेश महामंत्री अनिल देशभक्त और जिलाध्यक्ष रविंद्र गोयल के नेतृत्व में मुस्लिम इंटर कॉलेज मार्केट के पदाधिकारियों के साथ हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के दौरान मुस्लिम इंटर कॉलेज बाजार को पूरी तरह बंद करने का विरोध किया गया। व्यापारियों ने बताया कि सरकारी आदेश केवल परीक्षा केंद्र से 500 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और फोटो स्टेट जैसी दुकानों को बंद करने के लिए है, न कि पूरे बाजार को। फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहेंगी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों की शिकायत को गंभीरता से सुना। उन्होंने तत्काल आदेश जारी किए कि भविष्य में केवल वे साइबर कैफे और फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहेंगी जो परीक्षा केंद्र के 500 मीटर के दायरे में आती हैं। व्यापारियों ने इस निर्णय के लिए अधिकारियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर मोहम्मद यासिर, सत्येंद्र, विक्की गोयल, मोहम्मद शमशाद, अमित चौधरी, मोहम्मद रियाजुद्दीन, शिवम गोयल और मोहम्मद मुजाहिद सहित दो दर्जन से अधिक व्यापारी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 1:40 pm

बैंक ने बढ़ाई ब्याज दर, विदेशी मुद्रा जमाकर्ताओं को फयदा

मुंबई, शीर्ष भारतीय बैंकों ने विदेशी मुद्रा में जमा (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट -एफसीएनआर (बी) डिपाजिट) विशेष रूप से अमेरिकी डॉलर जमा पर ब्याज दर को बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत तक कर दिया है।

देशबन्धु 12 Jun 2026 12:34 pm

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से बड़ी उछाल के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 967 अंकों की बढ़त

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों से उपजे सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी तेजी के साथ हरे निशान में खुला।

देशबन्धु 12 Jun 2026 10:39 am

व्यारमा नदी पर 21 करोड़ की लागत से बना पुल:8 महीने बाद आवागमन शुरू, व्यापारियों को राहत; विधायक ने निरीक्षण किया

दमोह जिले के गैसाबाद में व्यारमा नदी पर नवनिर्मित पुल 8 महीने बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। गुरुवार शाम हटा विधायक उमा देवी खटीक ने कई जनप्रतिनिधियों और गैसाबाद थाना प्रभारी सौरभ शर्मा के साथ पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लिया। सेतु विभाग की ओर से गैसाबाद की व्यारमा नदी पर 21 करोड़ रुपए की लागत से 225 मीटर लंबा यह पुल निर्मित किया गया है। लगभग आठ महीने पहले, पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इस पर आवागमन रोक दिया था। इस निर्णय के कारण दमोह और पन्ना जिलों के बीच सीधा संपर्क बाधित हो गया था। सांसद ने कलेक्टर से बात कर पुल निर्माण करवाया पुल बंद होने से गैसाबाद के निवासियों को दमोह जाने के लिए 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था। इसी तरह, दमोह और पन्ना के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी। हटा के स्थानीय लोगों ने दमोह सांसद और हटा विधायक से पुल का अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने विभागीय अधिकारियों से चर्चा की, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया गया। पुल बंद होने से लोगों का व्यापार ठप था सोमवार से पुल पर आवागमन पूरी तरह बहाल हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। अब भारी वाहन भी बिना किसी बाधा के पुल से गुजर पा रहे हैं। गैसाबाद के व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उनका व्यापार काफी हद तक प्रभावित हो गया था। पुल खुलने से अब उनके व्यवसाय में सुधार की उम्मीद है। विधायक उमा देवी खटीक ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्रवासी इस पुल के पूर्ण रूप से चालू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। पुल के शुरू होने से गैसाबाद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी तथा दमोह और पन्ना जिलों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 9:40 am

रायगढ़ में खाद व्यापारियों पर एक्शन:9 टन यूरिया जब्त, एक दुकानदार पर 21 दिन बिक्री करने पर लगा प्रतिबंध, जांच में मिली गड़बड़ी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की संयुक्त जांच टीम लगातार खाद दुकानों का निरीक्षण कर रही है। पुसौर इलाके में जांच के दौरान दो उर्वरक दुकानों में अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई। एक दुकान से 9 टन यूरिया जब्त किया गया, जबकि दूसरी दुकान पर 21 दिनों का विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्ड में नहीं मिला 9 टन यूरिया कृषि विभाग के उप संचालक अनिल वर्मा ने बताया कि, संयुक्त जांच दल ने पुसौर स्थित अग्रवाल खाद भंडार का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में एचयूआरएल कंपनी का लगभग 9 टन यूरिया भंडारित मिला। स्टॉक पंजी, बिक्री अभिलेख और पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का मिलान करने पर उक्त यूरिया का कोई उल्लेख नहीं मिला। वास्तविक भंडारण और दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक के बीच स्पष्ट अंतर पाए जाने पर उर्वरक भंडारण एवं विक्रय नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। इसके बाद जांच दल ने पूरे 9 टन यूरिया को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी। दूसरी दुकान में भी मिली गड़बड़ी इसके बाद टीम ने पुसौर स्थित बाबा मोहनदास एग्रो शॉप का निरीक्षण किया। यहां एसएसपी उर्वरक के स्टॉक का मिलान करने पर पीओएस एंट्री, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में अंतर पाया गया। जांच में उर्वरक वितरण व्यवस्था में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 21 दिनों का विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। कालाबाजारी पर सख्ती जारी उप संचालक अनिल वर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 8:15 am

व्यापारियों की कई समस्याओं का मौके पर समाधान, तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया

भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा व्यापारियों और दुकानदारों की जमीनी स्तर की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के उद्देश्य से गठित ट्रेडर्स कमीशन की एक महत्वपूर्ण और रचनात्मक बैठक लुधियाना में आयोजित की गई। इस बैठक में लुधियाना के दुकानदारों, व्यापारियों और उद्योगपतियों की बिजली विभाग से संबंधित आ रही विभिन्न दिक्कतों पर गहन विचार-विमर्श किया गया और कई समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करवाया गया। यह प्रभावशाली बैठक ट्रेडर्स कमीशन के लुधियाना हलका चेयरमैनों की मौजूदगी में, जिला चेयरमैन परम्पाल सिंह बावा और वाइस चेयरमैन मोहित शर्मा की अगुवाई में हुई। बैठक में मुख्य रूप से पावरकॉम के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर)जगदेव सिंह हंस और बिजली विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान व्यापारियों ने कमर्शियल व इंडस्ट्रियल बिजली सप्लाई, केबल, ट्रांसफार्मर और नए कनेक्शनों से जुड़ी जमीनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर चीफ इंजीनियर ने तुरंत सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। व्यापारियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने के लिए इस बैठक में पंजाब ट्रेडर्स कमीशन के चेयरमैन प्रीत महिंदर सिंह और कमीशन मेंबर हरदीप सिंह चावला विशेष रूप से शामिल हुए। उनके अलावा, हलका पश्चिमी के चेयरमैन दविंदर सिंह घुम्मन, हलका उत्तरी के चेयरमैन महिंदर पाल सिंह, हलका आत्म नगर से अमनप्रीत सिंह, हलका साहनेवाल से अमनदीप शर्मा और जगजीत सिंह पूरबा सहित ट्रेडर्स कमीशन के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे। पावरकॉम अधिकारियों के साथ चर्चा करते ट्रेडर्स कमीशन के पदाधिकारी।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 5:30 am

सम्मोहन के झांसे में व्यापारी की सोने की अंगूठी चुराई:बातों में उलझाकर गल्ले से निकाली; गोटेगांव में CCTV में कैद हुए ठग, जांच जारी

नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में गुरुवार शाम बैलहाई रोड पर एक शातिर ठग ने किराना दुकान संचालक को अपनी बातों के जाल में उलझाकर उसकी सोने की अंगूठी चुरा ली। पीड़ित ने गोटेगांव थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सामान खरीदने के बहाने आया ठग बैलहाई रोड निवासी किराना व्यापारी राजेश कुमार जैन की दुकान पर शाम को एक अज्ञात व्यक्ति सामान खरीदने के बहाने आया। सामान लेने के दौरान उसने राजेश जैन से बातचीत शुरू की और उन्हें अपनी बातों में इस कदर उलझा लिया कि उसने व्यापारी से उंगली में पहनी सोने की अंगूठी उतारकर गल्ले में रखने को कहा। गल्ले में रखवाई अंगूठी और चालाकी से निकाल ली राजेश जैन ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के प्रभाव में आकर उन्होंने बिना किसी संदेह के अपनी अंगूठी उतारकर गल्ले में रख दी। आरोपी लगातार उन्हें अपनी बातों में व्यस्त रखता रहा और इसी बीच उसने चालाकी से गल्ले में हाथ डालकर अंगूठी निकाल ली, जिसकी भनक व्यापारी को नहीं लगी। अंगूठी उड़ाने के बाद आरोपी दुकान से बाहर निकला और सड़क पर पहले से स्टार्ट खड़ी बाइक पर अपने साथी के साथ बैठकर फरार हो गया। होश आने पर गायब मिली अंगूठी, पुलिस खंगाल रही फुटेज घटना के करीब 4-5 मिनट बाद जब राजेश जैन ने अंगूठी दोबारा पहनने के लिए गल्ला खोला, तो वह गायब थी। इसके बाद उन्होंने अपने भतीजे मन्नू जैन के साथ बाइक से आरोपियों की तलाश की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित ने गोटेगांव थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। घटना की सूचना पर एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर भगतराम चौराहा तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें बाइक सवार संदिग्ध मेन बाजार मार्ग से जबलपुर रोड की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर ठगों की तलाश कर रही है।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 10:00 pm

सहरसा व्यापार संघ की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन:व्यापार संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष की मां परमेश्वरी देवी को पुष्पांजलि अर्पित किया गया

सहरसा जिला व्यापार संघ ने गुरुवार शाम रेनबो रिसॉर्ट में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा सहरसा जिला व्यापार संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष और कोशी चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अर्जुन दहलान की माता परमेश्वरी देवी के निधन पर आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा की अध्यक्षता करते हुए जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने परमेश्वरी देवी को एक धार्मिक, सरल और संस्कारवान महिला बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को उच्च मानवीय मूल्यों और सामाजिक दायित्वों की शिक्षा दी। चौधरी ने उनके जीवन को सेवा, त्याग और सदाचार का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके निधन से दहलान परिवार के साथ-साथ पूरे व्यापारिक एवं सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। जिला व्यापार संघ के सचिव विकास गुप्ता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि माता-पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है। उन्होंने उल्लेख किया कि परमेश्वरी देवी द्वारा परिवार को दिए गए संस्कारों और मूल्यों के कारण ही आज दहलान परिवार समाज और व्यापार जगत में सम्मानित स्थान रखता है। गुप्ता ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की। श्रद्धांजलि सभा के अंत में, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित सभी लोगों ने स्व. परमेश्वरी देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नगर निगम उप मेयर गुड्डू हयात, जिला वैश्य समाज जिलाध्यक्ष मोहन साह, भाजपा उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह, कोषाध्यक्ष गोपाल चौधरी, संगठन सचिव नवल सिंह, संयुक्त सचिव अशीष टिंकू, मेजर गौतम भगत, मोहम्मद नौशाद नजमी, सोनू भीमसेरिया, नितेश दहलान, सौरभ दहलान, गोपाल दहलान, पंकज गुप्ता, सत्यम राज, राहुल गौरव, विशाल सिंह, गौतम भगत, मनीष कुमार, शैलेन्द्र भगत, उमाशंकर भगत और संजीव सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 9:36 pm

लखनऊ में रिटायर्ड कर्मचारी से 92.5 लाख की ठगी:जालसाजों ने शेयर बाजार में 2 करोड़ मुनाफे का लालच देकर बनाया शिकार

लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर मंडी परिषद के सेवानिवृत्त कंप्यूटर ऑपरेटर से 92.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश के नाम पर कई किस्तों में रकम जमा कराई और बाद में मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर चिनहट पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कमता निवासी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें बलबीर मेंटर नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप की एडमिन साक्षी शर्मा ने खुद को कोलकाता निवासी बताते हुए शेयर बाजार में निवेश पर 100 फीसदी लाभ का दावा किया। उसके कहने पर दिनेश ने एक निवेश एप डाउनलोड किया, जहां उनकी आईडी बनाई गई और निवेश की प्रक्रिया शुरू कराई गई। पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में उन्होंने 18.50 लाख रुपये निवेश किए, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। जब उन्होंने मुनाफे की मांग की तो ठगों ने आईडी एड्रेस में गड़बड़ी बताकर उसे ठीक करने के नाम पर 29 लाख रुपये और जमा करा लिए। इसके बाद कथित कस्टमर सर्विस के जरिए सेबी खाता सक्रिय कराने के नाम पर 20 लाख रुपये और वसूले गए। रिश्तेदारों से उधार लेकर भी जमा की रकम दिनेश का आरोप है कि बार-बार रकम जमा कराने के बावजूद उन्हें न तो मुनाफा मिला और न ही मूल धन वापस हुआ। बाद में लॉगिन संबंधी समस्या बताकर 13 लाख रुपये और ऐंठ लिए गए। इस तरह ठगों ने उनसे कुल 92.50 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने अपनी पेंशन और जीवनभर की जमा पूंजी के अलावा रिश्तेदारों से उधार लेकर भी रकम जमा की थी। जब लगातार दबाव बनाने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिला तो आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इसके बाद दिनेश ने चिनहट थाने में बलबीर, साक्षी शर्मा, एक निवेश कंपनी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी। चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक मनोज कुमार राव को सौंपी गई है। पीड़ित से बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 9:25 pm

जर्मन निवेशकों के लिए उभरता केंद्र बनेगा इंदौर-पीथमपुर:जर्मन कॉन्सुलेट जनरल ने देखा विकास मॉडल, निवेश संभावनाओं पर जताया भरोसा

जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने 10 और 11 जून को इंदौर व पीथमपुर का दो दिवसीय दौरा कर क्षेत्र की औद्योगिक, आईटी और पर्यटन संभावनाओं का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर आधुनिक औद्योगिक इकाइयों तक का भ्रमण कर क्षेत्र की विकास क्षमता को करीब से समझा। दौरे के पहले दिनहॉलियर ने इंदौर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों लालबाग पैलेस और राजवाड़ा का भ्रमण किया। उन्होंने शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य कला की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता रखता है। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पीथमपुर स्थित हेटिच इंडिया की इकाई महाले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड तथा इंदौर स्थित इंफोविन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचारों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी ली। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इंदौर की बढ़ती भूमिका को भी समझा। इस अवसर पर एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने उन्हें इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, निवेश अवसरों, विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, आईटी इकोसिस्टम और व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाओं, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल की जानकारी भी दी। कॉन्सुलेट जनरल हॉलियर ने कहा कि भारत, जर्मनी का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं निवेश संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र औद्योगिक और तकनीकी सहयोग के लिए अत्यंत संभावनाशील है तथा भविष्य में जर्मन उद्योगों और निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाएं और निवेश अनुकूल वातावरण भारत-जर्मनी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। इस दौरे को भारत और जर्मनी के बीच औद्योगिक, तकनीकी और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 9:20 pm

जियोटैगिंग ऐप से वाहन टैगिंग व्यवस्था विरोध:व्यापार मण्डल अध्यक्ष बोले- व्यापार और किसानों पर पड़ेगा असर

प्रदेश की मंडियों में कृषि उत्पादों और किराना कारोबार के लिए प्रस्तावित जियोटैगिंग ऐप आधारित वाहन टैगिंग व्यवस्था का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की नयागंज किराना बाजार में आयोजित बैठक में व्यापारियों ने कहा कि यह व्यवस्था ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा के विपरीत है और इससे व्यापारियों के साथ किसानों को भी परेशानी होगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि प्रदेश की 220 मंडियों में कृषि उत्पादों, किराना बाजार की वस्तुओं, लकड़ी, रुई और गुड़ समेत अन्य उत्पादों के व्यापार एवं उद्योग के लिए 1 जुलाई से दो माह के परीक्षण के तौर पर जियोटैगिंग ऐप के माध्यम से वाहन टैगिंग व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से ऑनलाइन व्यवस्था के तहत 9आर, 6आर, गेट पास, प्रवेश पर्ची और स्टॉक सीमा जैसी व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं। इसके बावजूद एक और समानांतर ऑनलाइन व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि नई व्यवस्था का सीधा असर कृषि उत्पाद व्यापारियों, उद्यमियों और किसानों पर पड़ेगा। ग्रामीण मंडियों में लोडिंग और परिवहन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी होगी। छोटे वाहनों की दोबारा टैगिंग पर जताई आपत्तिकिराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश बाजपेयी ने कहा कि नई व्यवस्था में 5 क्विंटल से अधिक और पूरे ट्रक से कम माल छोटे वाहनों के जरिए ट्रांसपोर्ट नगर भेजे जाने के बाद दूसरे ट्रक में लोड होने पर दोबारा वाहन टैगिंग संभव नहीं होगी। इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। उन्होंने इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग की।पूरे प्रदेश में विरोध की चेतावनीज्ञानेश मिश्र ने कहा कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कानपुर से लेकर लखनऊ और पूरे प्रदेश की मंडियों में इस नई ऑनलाइन व्यवस्था का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा और इसके लागू होने के बाद आने वाली समस्याओं के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अनुराग जायसवाल ने भी नई व्यवस्था को व्यापार के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसका विरोध करने की बात कही।बैठक में जिला कोषाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, संगठन महामंत्री चंद्राकर दीक्षित, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश आहूजा, अब्दुल वहीद, किराना मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री विनोद गुप्ता, केदार माहेश्वरी, गिरीश पांडेय, हर्ष गुप्ता, रमन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 9:10 pm

बागपत में भाजपा नेता विनीत शारदा का बड़ा बयान:“सपा मानसिकता वाले अधिकारी बोरिया-बिस्तर बांध लें, व्यापारियों की सुरक्षा पर सरकार गंभीर”

भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत शारदा ने बड़ौत में मृतक व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो पुलिसकर्मी या अधिकारी समाजवादी पार्टी की मानसिकता से काम कर रहे हैं, वे अपना बोरिया-बिस्तर बांध लें। उन्होंने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर भी जोर दिया। शारदा ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को 'काला पानी' भेजने का काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भीड़ ने किसी बदमाश को मारा है, तो भीड़ की हौसलाअफजाई करनी चाहिए। उन्होंने 48 घंटे के भीतर बाकी अपराधियों को भी कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया। यह घटना बड़ौत में हुई थी, जहां दुकान पर बैठे व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की थी, जिसमें पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी भी घायल हो गया और उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने व्यापारियों की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए वरुण के पिता को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया और अन्य अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान वरुण के परिवार के लोगों ने भीड़ में मौजूद व्यक्ति द्वारा वरुण को गोली मारने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने वरुण के परिवार की तहरीर पर दो व्यापारियों सहित 5-6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया गया है। विनीत शारदा ने मृतक व्यापारी परिवार पर दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग की। उन्होंने व्यापारी परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि कोई भी अधिकारी लापरवाही न बरते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शारदा ने कहा कि वह इस पूरी घटना और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराने के लिए लखनऊ जाएंगे। उन्होंने जाति-पात की राजनीति छोड़ने की भी अपील की।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 8:44 pm

भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया

नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।

देशबन्धु 11 Jun 2026 5:16 pm

गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर चलते ट्रक में लगी आग:ई-कॉमर्स कंपनी का सामान जलकर खाक, शॉर्ट सर्किट होने की आशंका

गुरुग्राम जिले में सोहना-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गुरुवार रात को एक चलते ट्रक में भीषण आग लग गई। यह ट्रक ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट का कीमती सामान लेकर मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा था। गनीमत रही कि ड्राइवर और क्लीनर ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, ट्रक मुंबई एक्सप्रेसवे से गुरुग्राम-दिल्ली की तरफ आ रहा था। सोहना एलिवेटेड हाईवे की ओर मुड़ते ही अचानक उसके केबिन से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। चलती गाड़ी में आग देखकर एक्सप्रेसवे पर अन्य वाहन चालकों में भी हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक को सड़क किनारे रोका और क्लीनर के साथ कूदकर सुरक्षित बाहर निकल आया। पार्सल और इलेक्ट्रॉनिक सामान लदा था ट्रक में फ्लिपकार्ट कंपनी के सैकड़ों पार्सल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद लदे हुए थे। केबिन में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि उसने जल्द ही ट्रक के पिछले हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि आसमान में दूर से ही काले धुएं का गुबार देखा जा सकता था। एक्सप्रेसवे के सुरक्षाकर्मियों और राहगीरों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। फायर कर्मियों के अनुसार, अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो पूरी गाड़ी और उसका सारा सामान जलकर राख हो जाता। आग की वजह से ट्रक का केबिन पूरी तरह नष्ट हो गया है और कंटेनर के अंदर रखे सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कुछ देर ट्रैफिक हुआ प्रभावित एक्सप्रेसवे पर बीच रास्ते में ट्रक में आग लगने के कारण सोहना रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ के वाहनों को एक लेन से निकाला, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आग बुझने और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क से हटाए जाने के बाद ही ट्रैफिक सुचारू हो पाया। शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका शुरुआती जांच में पुलिस और फायर ब्रिगेड का अनुमान है कि आग ट्रक के केबिन के भीतर वायरिंग में हुए किसी शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। गर्मी के मौसम में वाहनों में इस तरह के हादसे बढ़ जाते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 1:59 pm

हरियाणा CM नीति आयोग की बैठक के लिए दिल्ली रवाना:रोडमैप करेंगे पेश, SYL समेत निवेश और रोजगार पर फोकस

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी राष्ट्रपति भवन के कल्चर सेंटर में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली स्थित हरियाणा भवन से रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। बैठक का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जमीन पर उतारना है। CM सैनी इस बैठक में हरियाणा के विकास का रोडमैप रखेंगे। उम्मीद है कि वे कृषि सुधार, जल संरक्षण, औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र से ज्यादा मदद मांगेंगे। SYL नहर और चंडीगढ़ जैसे अंतर-राज्यीय मुद्दे भी उठ सकते है। सीएम ने पीएम को दी बधाई इससे एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र में कहा कि यह अवसर उनके वंदन और अभिनंदन का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित एवं जन-जन के लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। 140 करोड़ लोगों ने दी सत्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में बीते 12 वर्ष राष्ट्र की सामूहिक चेतना के पुनर्जागरण, जनसेवा और विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री का यह कालखंड सेवा, सुशासन, संकल्प, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित एक युगांतकारी यात्रा का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देशवासियों ने विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत के जिस सपने के साथ देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपी थी, आज 140 करोड़ भारतवासी उस सपने को साकार होते हुए देख रहे हैं। रेवाड़ी में की थी पहली रैली मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 15 सितंबर, 2013 को रेवाड़ी में आयोजित देश के पूर्व सैनिकों की रैली से प्रधानमंत्री ने अपने लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की थी और उस रैली का उत्साह तथा हरियाणा के लोगों का स्नेह आज भी स्मरणीय है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के लोग सदैव राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। प्रदेश के वीर जवानों, परिश्रमी किसानों, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और कर्मठ युवाओं ने हमेशा राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। पिछले 12 वर्षों में देश ने जिस आत्मविश्वास, स्थिरता और विकास का अनुभव किया है, उससे हरियाणा का जन-जन भी नई ऊर्जा और नए विश्वास से भर गया है।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 11:54 am

पन्ना में डॉक्टर बनकर की 6.5 लाख की ठगी:नौकरी-दवा व्यापार के नाम पर की धोखाधड़ी; मुख्य आरोपी यूपी से गिरफ्तार

पन्ना में बृजपुर पुलिस ने खुद को डॉक्टर और दवाइयों का बड़ा कारोबारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कई लोगों को झांसा देकर लाखों रुपए और जेवरात हड़प लिए थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से रिमांड पर लेकर उसके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और दवाइयां बरामद की हैं। भरोसा जीतकर बनाया लोगों को शिकार मामला बृजपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ीखेड़ा गांव का है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू निवासी दीपक कुमार रैकवार अपनी पत्नी माया उर्फ रचना के साथ पिछले आठ से नौ महीनों से यहां किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने आसपास के लोगों को बताया था कि वह निजी डॉक्टर होने के साथ दवाइयों का थोक कारोबार भी करता है। उसके व्यवहार और बातों पर भरोसा कर मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने उससे नजदीकियां बढ़ा लीं। साझेदारी और नौकरी का झांसा देकर ठगे लाखों रुपए पुलिस के अनुसार, लोगों का विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने ठगी शुरू की। उसने मकान मालिक विप्र मिश्रा को मेडिकल स्टोर और दवाइयों के कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। इस बहाने उसने उनसे 3 लाख 60 हजार रुपये ले लिए। इसके अलावा कुछ बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर करीब 2 लाख रुपये की रकम भी वसूल ली। आरोपी ने मनीषा यादव और रीना रैकवार को भी अपने झांसे में लेकर उनके सोने-चांदी के आभूषण हासिल कर लिए। रकम और जेवर लेकर फरार हुआ दंपती पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 6 लाख 50 हजार रुपये की नकदी और जेवरात जुटाने के बाद आरोपी अपनी पत्नी के साथ एक रात अचानक मकान छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का पता चला और उन्होंने बृजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिमांड पर लेकर की गई बरामदगी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर और दवाइयां बरामद की हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है या नहीं।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 11:19 am

मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क घटाया, व्यापारियों ने जताया आभार:खेतिया-पानसेमल कॉटन एसोसिएशन ने विधायक का किया सम्मान, 4 महीने से कर रहे थे मांग

बड़वानी जिले के खेतिया-पानसेमल कॉटन एसोसिएशन और क्षेत्र के व्यापारियों ने गुरुवार को पानसेमल विधायक श्याम बरड़े का उनके कार्यालय पर सम्मान किया। यह सम्मान मंडी शुल्क में कमी के राज्य सरकार के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधायक बरड़े का आभार व्यक्त करने हेतु किया गया। लगभग चार माह पहले व्यापारी संगठनों ने विधायक बरड़े से मुलाकात कर मंडी शुल्क घटाने की मांग की थी। विधायक बरड़े ने इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रमुखता से उठाया। भोपाल प्रवास के दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री से पुनः इस विषय पर चर्चा की। इसके परिणामस्वरूप, किसान और व्यापारी हित में मंडी शुल्क ₹1.50 प्रति क्विंटल से घटाकर मात्र ₹0.50 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय का क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कपास उद्योग से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। विधायक बरड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों और व्यापारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अधिक मंडी शुल्क होने के कारण जिनिंग एवं प्रेसिंग उद्योग महाराष्ट्र की ओर पलायन कर रहे थे, जिससे स्थानीय रोजगार प्रभावित हो रहा था। अब मंडी शुल्क में कमी से कपास उद्योग को नई गति मिलेगी, स्थानीय जिनिंग-प्रेसिंग इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा हजारों श्रमिकों के रोजगार सुरक्षित होंगे। इससे प्रदेश की मंडियां अधिक सशक्त, समृद्ध एवं प्रतिस्पर्धी बनेंगी। विधायक बरड़े ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए किसानों एवं व्यापारियों को शुभकामनाएं दीं।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 10:47 am

सहारनपुर में 65 लाख निवेश कर दोगुना रिटर्न का झांसा:पीड़ित बोला–शेयर मार्केट में 10% मुनाफे का दिया लालच, पत्नी-बहन के खातों में रकम भेजी

सहारनपुर के बेहट क्षेत्र के एक ठेकेदार ने शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 65 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। अब कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम नानौली निवासी अर्जुन पुत्र जगदीश ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह ठेकेदारी का कार्य करता है। उसके रिश्तेदार सागर के माध्यम से उसकी पहचान मुजफ्फराबाद निवासी दीपक सैनी से हुई थी। आरोप है कि दीपक ने स्वयं को शेयर मार्केट का अनुभवी निवेशक बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने और हर माह 10 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। प्रार्थी के अनुसार, उसने 23 मार्च 2025 से 1 अक्टूबर 2025 के बीच करीब 65 लाख रुपए अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद रूप में दिए। आरोप है कि दीपक ने अधिकांश रकम अपनी पत्नी राधिका सैनी और बहन अंचल सैनी समेत अन्य लोगों के खातों में जमा कराई। जब अलग-अलग खातों में पैसा जमा कराने का कारण पूछा गया तो दीपक ने टैक्स और लेन-देन छिपाने की बात कहकर भरोसा दिलाया। अर्जुन का कहना है कि शुरुआत में कुछ भुगतान मुनाफे के रूप में किया गया, लेकिन बाद में रकम लौटाना बंद कर दिया गया। जब उसने अपनी मूल धनराशि और रिटर्न की मांग की तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में पैसा लौटाने से इंकार कर दिया। प्रार्थना पत्र में कहा कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी, उनमें से कुछ खाताधारकों ने बताया कि उनके खातों में धनराशि ऑनलाइन गैम्बलिंग और सट्टेबाजी से संबंधित लेन-देन के रूप में आई थी। इससे उसे संदेह हुआ कि निवेश के नाम पर ली गई रकम का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की पत्नी का बैंक खाता पुलिस द्वारा फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उसने धोखाधड़ी का विरोध किया तो आरोपी ने पैसा वापस न करने और जान से मारने की धमकी दी। उसके अनुसार आरोपी ने कहा कि वह इसी तरह लोगों से पैसा हड़पता है और दोबारा रकम मांगने पर हत्या करवा देगा। अर्जुन ने बताया कि उसने 8 मार्च 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 8:34 am

फूल और लालकोठी मंडी को मुहाना शिफ्ट करने की मांग:मंडी की समस्याओं और विकास कार्यों की मांग लेकर राज्यपाल से मिले व्यापारी

जयपुर फल एवं सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बुधवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े से मुलाकात कर मुहाना मंडी में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और विकास कार्य करवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि एशिया की बड़ी फल-सब्जी मंडियों में शामिल मुहाना मंडी में आज भी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। तंवर ने कहा कि मंडी में रोजाना हजारों किसान, मजदूर, पल्लेदार, व्यापारी और ग्राहक आते हैं, लेकिन यहां प्राथमिक उपचार केंद्र (फर्स्ट एड सेंटर) तक नहीं है। किसी को चोट लगने या तबीयत खराब होने पर तत्काल इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। रोज निकलता है 35 से 40 टन कचरा संघ ने बताया कि मंडी में हर दिन 35 से 40 टन फल और सब्जियों का कचरा निकलता है, लेकिन उसके निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं है। व्यापारियों ने मंडी में बायोगैस प्लांट और जैविक खाद बनाने की यूनिट लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे कचरे की समस्या कम होगी और मंडी साफ-सुथरी रहेगी। मेट्रो और सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग व्यापारियों ने मंडी को मेट्रो परियोजना से जोड़ने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि रोजाना 35 से 40 हजार लोग मंडी आते हैं, ऐसे में मेट्रो सुविधा मिलने से किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को राहत मिलेगी। साथ ही मंडी तक सिटी बसों का संचालन शुरू करने की भी मांग की गई, क्योंकि अभी लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। अजमेर रोड से बेहतर संपर्क मार्ग बनाने का सुझाव संघ ने मुहाना गांव, संस्कृत महाविद्यालय और भांकरोटा मार्ग को विकसित कर मंडी को सीधे अजमेर रोड से जोड़ने की मांग की। इससे ट्रकों और लोडिंग वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी। फूल मंडी और लालकोठी मंडी को मुहाना शिफ्ट करने की मांग व्यापारियों ने शहर में संचालित फूल मंडी और लालकोठी की खुदरा फल-सब्जी मंडी को मुहाना मंडी में स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इन व्यापारियों को सालों पहले दुकानें आवंटित की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक उन्हें वहां शिफ्ट नहीं किया गया है। इससे कई दुकानें बंद पड़ी हैं और खराब हालत में पहुंच चुकी हैं। राज्यपाल ने दिया सकारात्मक आश्वासन तंवर ने बताया कि राज्यपाल के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। राज्यपाल ने मंडी से जुड़ी मांगों पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई के लिए आग्रह करने का आश्वासन दिया है।

दैनिक भास्कर 11 Jun 2026 7:31 am

जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए

मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।

वेब दुनिया 15 May 2026 4:34 pm

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ

युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more

अजमेरनामा 29 Apr 2026 8:06 am

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लॉन्च किया 10,000 करोड़ रुपए का 'स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0'

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया

देशबन्धु 14 Apr 2026 9:43 am

राजकुमार राव-कीर्ति सुरेश की फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट का ऐलान, स्टार्टअप की दुनिया पर आधारित होगी कहानी

अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 4:02 pm

किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे

भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:41 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : क्या 'श्वेेत क्रांति' की आड़ में 'जीएम फसलों' का पिछला दरवाजा खुल रहा है?

कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए

देशबन्धु 25 Feb 2026 4:40 am

व्यापार समझौते में सरकार की उलझन

किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे

देशबन्धु 24 Feb 2026 2:38 am

महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक

अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।

देशबन्धु 20 Feb 2026 3:10 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी

मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।

देशबन्धु 17 Feb 2026 3:30 am

काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी

बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आ‍ती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 4:02 pm

जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश

पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...

वेब दुनिया 23 Oct 2024 11:58 am

'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ

राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........

मनोरंजन नामा 20 Jun 2024 10:00 pm

Khatron Ke Khiladi 14 | मुंबई में घर नहीं बल्कि प्रोडक्शन हाउस में निवेश करने की योजना बना रहे हैं Abhishek Kumar, इस टीवी कपल को बताया प्रेरणास्रोत

खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 5:55 pm