टीकमगढ़ के व्यापारी से 14 लाख की धोखाधड़ी:बेंगलुरु के व्यापारी ने टमाटर का एडवांस लेकर माल नहीं भेजा
टीकमगढ़ के एक टमाटर व्यापारी के साथ लाखों रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यापारी अजीम राईन ने बेंगलुरु के चित्तूर जिले (मदनपल्ली) के एक व्यापारी को टमाटर के एडवांस पेमेंट के तौर पर करीब 14 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि मोटी रकम मिलने के बाद भी आरोपी ने टमाटर की सप्लाई नहीं की और अब उसका फोन बंद आ रहा है। अजीम राईन ने बताया कि वह मदनपल्ली के रहने वाले व्यापारी महबूब खान के साथ पिछले पांच सालों से टमाटर का बिजनेस कर रहे थे। हर साल सीजन शुरू होने से पहले वे एडवांस पैसा भेज देते थे और वहां से माल आ जाता था। पिछले पांच वर्षों से यह व्यापार भरोसे पर सही चल रहा था। 15 दिन बाद भी नहीं आया माल, बंद आ रहे नंबर इस बार भी टमाटर का सीजन शुरू होने से पहले महबूब खान ने 14 लाख रुपए एडवांस भेजने को कहा। 17 जून को अजीम ने महबूब खान के बताए बैंक खातों में यह पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। लेकिन पैसा भेजने के 15 दिन बीत जाने के बाद भी जब टमाटर की गाड़ी टीकमगढ़ नहीं पहुंची, तो अजीम ने महबूब खान के मोबाइल नंबरों पर फोन लगाया। हैरान करने वाली बात यह रही कि उसके दोनों नंबर बंद मिले। धंधा समेटकर भागा आरोपी, पुलिस में शिकायत दर्ज जब अजीम ने बेंगलुरु के दूसरे व्यापारियों से इस बारे में पूछताछ की, तो उन्हें पता चला कि महबूब खान अपना पूरा कारोबार समेटकर वहां से भाग चुका है। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी अजीम राईन ने बुधवार को संबंधित बैंक को इसकी सूचना दी और टीकमगढ़ कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
नर्मदापुरम शहर के एक बेल्ट-चश्मा दुकानदार पर 33 साल की एक युवती ने शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया। युवती ने महिला थाने में आरोपी के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। बुधवार को पुलिस ने आरोपी जितेंद्र राठौर निवासी रिवर व्यू कॉलोनी के पास को गिरफ्तार किया। जिसे कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश किए। पुलिस के मुताबिक 33 साल की युवती जो शहर के एक कॉलोनी की रहने वाली है। आरोपी जितेंद्र राठौर की बाजार में चश्मे-बेल्ट की दुकान है। महिला थाना प्रभारी राखी मौर्य ने बताया आरोपी जितेंद्र शादीशुदा है। जिसका तलाक़ का केस चल रहा है। युवती और आरोपी की तीन साल पहले 2024 में इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई। कुछ समय बाद उनके बीच मोबाइल पर बातचीत होने लगी। दोस्ती प्रेम में बदल गई। फिर युवक जितेंद्र ने युवती को शादी करने का झांसा दिया। आरोपी ने अपने घर बुलाकर युवती से गलत संबंध बनाएं। फिर उनके बीच कई बार संबंध बने। अप्रैल 2026 में भी आरोपी ने घर बुलाकर रेप किया। जब युवती ने शादी का बोला तो उसने कहा कि अभी तलाक का निर्णय हो जाने तो तब वो शादी करेगा। ऐसा कहकर युवक समय बीता था था। युवती ने कोतवाली थाने में भी कुछ समय पहले शिकायत की थी। फिर उसने महिला थाने पहुंचकर शिकायत की। युवती की शिकायत पर आरोपी जितेंद्र राठौर के खिलाफ केस दर्ज किया। उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिसे जेल भेजा गया।
भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 444 अंक उछला, निफ्टी ने छुआ 24,000 का स्तर
मुंबई, वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान, सेंसेक्स 443.97 अंकों यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 के स्तर पर बंद हुआ
करनाल जिले में घरौंडा अनाज मंडी के एक व्यापारी को फोन पर जान से मारने की धमकी देने और बाद में पिस्टल दिखाकर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने पहले व्यापारी को मिलने के बहाने अलग-अलग जगह बुलाया और फिर शाम को उसकी दुकान के पास पहुंचकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पानीपत जिले के थाना मतलौडा क्षेत्र के छिछडाना निवासी संदीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह घरौंडा मंडी में 9 साल से व्यापार कर रहा है और उसकी यहीं पर दुकान है। 29 जून को करीब 12:30 बजे उसके मोबाइल नंबर पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को भौना चुलकाना बताया और उसे समालखा स्थित मन्नत ढाबा पर बुलाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने धमकी दी कि अगर वह मिलने नहीं आया तो उसे घर आकर मार देंगे। इसके बाद वह अपने परिचितों को साथ लेकर मन्नत ढाबा पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचने पर आरोपी ने फोन कर समालखा अनाज मंडी की कैंटीन में आने को कहा। शाम को दुकान के पास पहुंचे आरोपी जब संदीप कैंटीन पहुंचा तो आरोपी ने फिर फोन कर कहा कि वे कहीं बाहर चले गए हैं और तीन-चार घंटे बाद उसे घर पर आकर मारेंगे। शाम करीब 4 बजे भी धमकी दी गई। इसके बाद रात 7:43 बजे आरोपी ने संदीप की दुकान के पास अपनी लोकेशन भेजी और वहां आने को कहा। संदीप अपने तीन दोस्तों के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचा। वहां दो युवकों ने पिस्टल निकालकर उसे डराने की कोशिश की। साथ मौजूद दोस्तों ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी हाथापाई कर मौके से फरार हो गए। तीन गाड़ियों में आए थे आरोपी, एक मौके पर छोड़ी शिकायत में बताया गया है कि आरोपी तीन गाड़ियों में आए थे। इनमें से एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने छोड़ी गई गाड़ी को कब्जे में लेकर थाना घरौंडा में भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच इस मामले में थाना घरौंडा में संदीप कुमार की शिकायत पर भौना चुलकाना व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को सौंपी गई है। घरौंडा थाना के एसएचओ दीपक कुमार ने बताया कि इन लोगों का कोई आपसी झगड़ा है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। जहां तक पिस्टल वाली बात है उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Share Bazaar में गिरावट थमी, Sensex 444 अंक उछला, Nifty भी 24000 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों से जारी गिरावट पर आज विराम लग गया। भारतीय शेयर बाजार में आज जोरदार उछाल आया। बीएसई का सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76922.64 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी ...
चित्तौड़गढ़ में गोपालनगर के मानपुरा रिंको इंडस्ट्रीज एरिया में पिछले एक साल से चोर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे हैं। जिससे लेकर कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ती चोरी को लेकर कारोबारियों में रोष है। वहीं अपनी फैक्ट्रियों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। मंगलवार को उद्योग क्षेत्र के व्यापारी एकजुट होकर SP ऑफिस पहुंचे और चोरियों पर रोक लगाने की मांग उठाई। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई कारोबारियों का कहना है कि रात होते ही चोर बेखौफ होकर फैक्ट्रियों में घुस जाते हैं और मोटर, बिजली की केबल समेत कीमती सामान चोरी कर ले जाते हैं। कई मामलों में पुलिस को शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। तीन दिन में छह फैक्ट्रियों में चोरी गोपालनगर लघु उद्योग संस्थान के कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर न्याति ने बताया- चोरी की घटनाएं अब पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। सिर्फ पिछले तीन दिनों में ही छह फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया। चोर मोटर और बिजली की केबल ही नहीं ले गए, बल्कि कई जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर भी निकालकर साथ ले गए, ताकि उनके खिलाफ कोई सबूत न बच सके। इससे साफ है कि चोर पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दे रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से उद्योग क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है और उन्हें हर रात नई चोरी की आशंका बनी रहती है। एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं उन्होंने कहा- हर चोरी के बाद पुलिस को सूचना दी गई और कोतवाली थाने में कई एफआईआर भी दर्ज कराई गईं। इसके बावजूद अब तक न तो चोर पकड़े गए और न ही चोरी हुआ सामान बरामद हो सका। व्यापारियों का कहना है कि लाखों रुपए का नुकसान होने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कारोबारियों की मांग: सामान मिले और सुरक्षा बढ़े व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उद्योग क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों को गंभीरता से लिया जाए। उनका कहना है कि सबसे पहले चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और चोरी हुआ सामान बरामद कराया जाए। इसके साथ ही रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि चोरों पर लगाम लग सके। कारोबारियों का कहना है कि उद्योग क्षेत्र जिले की अर्थव्यवस्था का जरूरी हिस्सा है और यदि यहां सुरक्षा नहीं होगी तो इसका असर कारोबार और रोजगार दोनों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि वे केवल कार्रवाई का भरोसा नहीं, बल्कि जमीन पर उसका असर भी देखना चाहते हैं।
जुलाई के पहले दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 183 रुपए घटाकर लोगों को महंगाई से बड़ी राहत दी। दिल्ली में 3,113 रुपए का मिलने वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब सस्ता होकर 2,930 रुपए का रह गया है। 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतें ...
तिमाही में सेल कर्मियों का महंगाई भत्ता 1.6% बढ़ा
बोकारो | स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कर्मियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में जुलाई 2026 से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए 1.6 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन लेबर ब्यूरो द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई) के आधार पर नया महंगाई भत्ता 55.7 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जबकि अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में यह 54.1 प्रतिशत था। लेबर ब्यूरो के अनुसार मार्च 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 149.1, अप्रैल में 149.9 और मई में 150.8 दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती महंगाई, विशेषकर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के असर से महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी हुई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जुलाई 2026 से प्रभावी होगा और इसका लाभ कर्मियों एवं अधिकारियों को अगस्त माह में मिलने वाले जुलाई के वेतन के साथ मिलेगा। इससे सेल के हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
ललित सुरजन की कलम से राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं
लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में जिला व्यापार बंधु समिति की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने व्यापारियों को फायर सेफ्टी को अनिवार्य बताते हुए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानों में अग्निशमन उपकरण होने के साथ-साथ उनका क्रियाशील प्रमाणपत्र भी आवश्यक है। व्यापारियों को स्वयं और अपने कर्मचारियों को इन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिलाने की हिदायत दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान रोका जा सके। बैठक के दौरान व्यापारियों ने शहर में जाम की समस्या उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य बाजारों से जाम हटाने के लिए योजना तैयार की गई है। कटरा, जानसेनगंज, घंटाघर और सिविल लाइन्स जैसे क्षेत्रों में अवैध कब्जों को हटाने के लिए इस महीने से विशेष अभियान चलाया जाएगा। सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सड़क पर अतिक्रमण करने वाले 150 लोगों को चिह्नित किया है, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। सिविल लाइन्स क्षेत्र में अनियंत्रित ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई जाएगी और इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। मुख्य सड़कों पर गलत पार्किंग करने वाले वाहनों को अब चेतावनी के बजाय सीधे टोइंग गाड़ियों से जब्त किया जाएगा। व्यापारियों द्वारा उठाई गई लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। शाहगंज से सस्ता बाजार मार्केट तक नशेड़ियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस, आबकारी और नगर निगम की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जो औचक कार्रवाई करेगी। लोकनाथ चौराहे पर लटकते तारों को हटाकर भूमिगत करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके का निरीक्षण कर प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए गए। इसके अतिरिक्त, फाफामऊ और झूंसी-नैनी क्षेत्रों में सीवर तथा अन्य विकास कार्यों से संबंधित शिकायतों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ में व्यापारियों का विरोध:अग्निकांड के बाद सीलिंग-नोटिस से नाराज, उत्पीड़न का आरोप
लखनऊ में हालिया अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), अग्निशमन विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को लाटूश रोड स्थित व्यापार भवन में आयोजित लखनऊ व्यापार मंडल की प्रेस वार्ता में व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि सीलिंग और नोटिस के नाम पर उनका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रेस वार्ता में लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों की एकतरफा कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई नहीं रुकी तो व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। किसी भी प्रकार का शोषण और उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा प्रशासन और सरकार के साथ मिलकर काम करता आया है, लेकिन किसी भी प्रकार का शोषण और उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, न कि भय का वातावरण बनाकर। वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि यदि इसी तरह की कार्रवाई जारी रही तो व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां प्रशासन को सौंपकर सड़कों पर बैठ जाएंगे। उन्होंने बताया कि व्यापारी केवल एक लाख नहीं, बल्कि दस लाख लोगों के परिवारों से जुड़े हैं और उनकी दुकानों पर हजारों लोग रोजगार पाते हैं। संकट की घड़ी में व्यापारी वर्ग हमेशा सबसे आगे रहा मनोचा ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट की घड़ी में व्यापारी वर्ग हमेशा सबसे आगे रहकर समाज की सेवा करता है। इसलिए प्रशासन को व्यापारियों को प्रताड़ित करने के बजाय व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लखनऊ व्यापार मंडल से जुड़े लगभग 300 संगठन शहर के विभिन्न बाजारों का प्रतिनिधित्व करते हैं और प्रशासन के साथ हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार हैं।
केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, इलाहाबाद ने मंगलवार को प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इसका उद्देश्य छोटे और मझोले व्यापारियों की जीएसटी संबंधी समस्याओं का समाधान करना और जागरूकता बढ़ाना था। सिविल लाइंस स्थित जीएसटी भवन के कौटिल्य सभागार में आयोजित इस बैठक में व्यापारिक संगठनों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं और जीएसटी अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय, इलाहाबाद के अपर आयुक्त मह्फूजुर रहमान ने की। सहायक आयुक्त हेम नाथ झा और यश बिशेन के साथ अधीक्षक दिलीप यादव, अनुज मिश्र, असीम कुमार सिंह तथा आसिफ अली भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमार गोयल ने छोटे और मझोले व्यापारियों की जीएसटी संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों से नीतिगत मामलों से जुड़े सुझावों और समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का अनुरोध किया, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने जीएसटी पोर्टल पर आने वाली तकनीकी समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। बैठक में जीएसटी लागू होने के नौ वर्ष पूरे होने पर संतोष व्यक्त किया गया। इस दौरान जीएसटीआर-9, जीएसटीआर-9सी, रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म, जीएसटी-2बी, फर्जी सप्लायरों के कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट में आने वाली दिक्कतें तथा जीएसटी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम में तकनीकी सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापार प्रतिनिधियों ने छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए जीएसटीआर-9 वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने अनुपालन का बोझ कम करने और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह सुझाव भी दिया गया कि वास्तविक खरीदारों को फर्जी या गैर-मौजूद फर्मों की धोखाधड़ी के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। बैठक के अंत में, अपर आयुक्त मह्फूजुर रहमान ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं को उचित मंच पर उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
ग्वालियर में सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों से दोस्ती करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। मुरार थाना क्षेत्र के काली माई संतर निवासी 40 वर्षीय अमित शर्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने फेसबुक पर युवती बनकर पहले उनसे दोस्ती की और फिर आकर्षक मुनाफे का लालच देकर करीब 3 लाख 87 हजार 243 रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे दिया। पुलिस ने मंगलवार को मामले में एफआईआर दर्ज की। पीड़ित अमित शर्मा, जो निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर 2025 में उनके फेसबुक अकाउंट पर रिद्धिमा शाह नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। शुरुआत में उन्होंने अनुरोध स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद युवती ने खुद को निवेश से अच्छा मुनाफा कमाने वाली बताकर क्लब 21 मॉल नामक वेबसाइट पर पैसा लगाने की सलाह दी। विश्वास जीतने के लिए पहले आरोपी ने अमित को एक डेमो प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया, जहां उन्हें लाभ भी मिला। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तारीखों में कई किश्तों के जरिए विभिन्न यूपीआई आईडी पर कुल 3,87,243 रुपए ट्रांसफर कर दिए। 11 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 के बीच यह रुपए ट्रांसफर करवाए गए। शुरुआती निवेश पर कुछ रकम वापस मिलने से उनका भरोसा और मजबूत हो गया, लेकिन बाद में लगातार पैसा जमा कराने के बावजूद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस लौटी। लेकिन जब अमित ने अपने पैसे निकालने और रिद्धिमा शाह से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के झांसे में आकर किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें।
कथित देहव्यापार गिरोह में फंसी हुई थी दो अभिनेत्रियां, मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गिरगांव इलाके में एक होटल से संचालित होने वाले कथित देहव्यापार गिरोह का पर्दाफाश करने के कुछ दिनों बाद, मुंबई पुलिस ने इस नेटवर्क के मनोरंजन उद्योग से संभावित संबंधों, वित्तीय लेनदेन और होटल प्रबंधन की भूमिका की जांच के लिए अपना दायरा बढ़ा दिया है। यह कार्रवाई अपराध […] The post कथित देहव्यापार गिरोह में फंसी हुई थी दो अभिनेत्रियां, मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया appeared first on Sabguru News .
सीतामढ़ी में 6 जुलाई को ऑटो और ई-रिक्शा सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। चालक संघ ने बढ़ती महंगाई और वाहन संचालन लागत में वृद्धि के मद्देनजर किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है। संघ के अध्यक्ष दीपलाल दास ने बताया कि 6 जुलाई को सांकेतिक रूप से परिचालन बंद रहेगा, जिसके बाद 7 जुलाई से नई किराया दरें लागू होंगी। चालक संघ की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छोटे रूटों के किराए में 5 रुपये और बड़े रूटों के किराए में 10 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। संघ का कहना है कि मौजूदा किराया दरों पर वाहनों का संचालन अब आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं रह गया है। पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से हैं परेशान संघ के अध्यक्ष दीपलाल दास ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, बिजली की लागत, वाहन के स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत और रख-रखाव पर लगातार बढ़ रहे खर्च के कारण चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान किराए में वाहन चलाने से परिवार का भरण-पोषण और वाहन ऋण की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है। 7 जुलाई से संशोधित किराया होगा लागू चालकों ने आम लोगों से इस निर्णय में सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को ऑटो और ई-रिक्शा सेवा बंद रहने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। जिले में 7 जुलाई से संशोधित किराया लागू कर दिया जाएगा। चालक संघ ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला वाहनों के संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने की मजबूरी में लिया गया है।
बारिश के बीच सड़कों पर उतरे 500 पेंशनर:खरगोन में महंगाई राहत की उठाई मांग, 5 साल से रुका एरियर
खरगोन में मंगलवार को करीब 500 पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बारिश के बीच रैली निकाली। दोपहर 1 बजे शहर में निकली रैली में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर वीरेंद्र कटारे को सौंपा। महंगाई राहत और एरियर की उठाई मांग पेंशनरों ने महंगाई राहत और लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग की। जिलाध्यक्ष मुकुंदसिंह सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनका पांच साल का एरियर रोक रखा है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को तय समय पर महंगाई राहत और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। सरकार पर सुनवाई नहीं करने का आरोप मुकुंदसिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार और शासन स्तर पर पेंशनरों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे भोपाल में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें ज्ञापन में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) को समाप्त करने की मांग की गई है। कैशलेस बीमा योजना में पेंशनरों से अधिक प्रीमियम लेने का भी विरोध किया गया है। इसके अलावा पेंशनरों को आर्थिक लाभ और एरियर का समय पर भुगतान करने, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सहित अन्य न्यायालयों के आदेशों के अनुसार केंद्र की तिथि से लाभ देने, कोरोना काल, छठे और सातवें वेतनमान का एरियर 6 प्रतिशत ब्याज के साथ देने की मांग की गई है। ज्ञापन में 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाला 20 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ 79 वर्ष पूर्ण होने पर देने और नियमित कर्मचारियों की तरह उपादान राशि का भुगतान करने की मांग भी शामिल है।
उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने फायर विभाग, बिजली विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से चल रही कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल, लॉन और छोटे होटल संचालकों को लगातार नोटिस देकर और प्रतिष्ठानों को सील कर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की है। ‘कार्रवाई नहीं, समाधान चाहिए’ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि जिस तरह से लगातार फायर विभाग, बिजली विभाग और एलडीए की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उससे हजारों व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि विभागों की कार्रवाई एक सुनियोजित रणनीति के तहत की जा रही है। कभी फायर विभाग का नोटिस, कभी बिजली विभाग का और कभी एलडीए का नोटिस देकर व्यापारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ‘लेवाना हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई बीच में क्यों रुक गई?’ संगठन ने सवाल उठाया कि लेवाना होटल अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था, लेकिन कुछ समय बाद वह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। यदि उसी समय सभी कमियों को दूर कराया गया होता तो बाद में होने वाली घटनाओं को रोका जा सकता था।संगठन का कहना है कि हाल में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद अब व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि जिन संस्थानों में वास्तविक खामियां हैं, वहां पहले सुधार कराया जाना चाहिए। 25 साल पुरानी इमारत पर डेढ़ लाख लीटर की टंकी कैसे बनेगी? प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि विभाग कई पुराने होटलों को फायर एनओसी के लिए ऐसी शर्तें दे रहा है, जिन्हें पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 25 वर्ष पुरानी इमारत के ऊपर 1.5 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाने का निर्देश दिया जा रहा है। ऐसे में भवन की संरचनात्मक सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है।उन्होंने कहा कि कई जगह पहले प्रतिष्ठान सील कर दिए जाते हैं और बाद में व्यापारी को अपनी बात रखने का अवसर भी नहीं मिलता। ‘बिजली विभाग ने बिना मौका दिए काट दिया कनेक्शन’ संगठन का आरोप है कि गोमतीनगर क्षेत्र में एक व्यापारी को नोटिस देने के बाद उसे अपनी बात रखने का पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया और रात में अचानक बिजली आपूर्ति काट दी गई। इससे व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया।व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की कमी है तो उसे दूर करने के लिए पहले उचित समय दिया जाना चाहिए, न कि सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एनओसी और नक्शा पास कराने के लिए बने स्पेशल काउंटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि व्यापारियों के लिए बिजली, फायर एनओसी और भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके लिए फायर विभाग, बिजली विभाग और एलडीए में अलग-अलग स्पेशल काउंटर स्थापित किए जाएं, ताकि व्यापारियों को एक ही स्थान पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा मिल सके।संगठन का कहना है कि यदि व्यापारी समय पर आवेदन कर देता है और उसके बाद भी विभाग कार्रवाई पूरी नहीं करता, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होनी चाहिए, न कि व्यापारी की। ‘कागजी प्रक्रिया आसान हो, व्यापारियों को मिले पर्याप्त समय’ एसोसिएशन ने सरकार से अपील की कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और व्यापारियों को सभी मानक पूरे करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। संगठन का कहना है कि नियमों का पालन सभी करना चाहते हैं, लेकिन जटिल प्रक्रियाओं और अत्यधिक कागजी औपचारिकताओं के कारण व्यापारी अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि सरकार सुरक्षा मानकों का पालन जरूर कराए, लेकिन कार्रवाई का तरीका ऐसा हो जिससे व्यापार भी चलता रहे और सभी आवश्यक नियम भी समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
डिंडौरी में मंगलवार दोपहर एक बजे मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया। जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में लगभग ढाई घंटे तक झमाझम मूसलाधार बारिश हुई। इस पहली तेज बारिश ने ही नगर पालिका के सफाई दावों की पोल खोलकर रख दी। सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गईं और कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों तक जिले में बारिश का यह दौर जारी रहेगा। दुकानों में घुसा गंदा पानी, व्यापारियों का फूटा गुस्सा वार्ड नंबर आठ में जलभराव की स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई दुकानों के अंदर नाली का गंदा पानी घुस गया। यहां के व्यापारी राजकुमार रोहरा और राज किशोर गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए बताया कि उन्होंने नगर पालिका में सीवर लाइन और नालियों की जाम पड़ी सफाई को लेकर कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन अफसरों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि बारिश होते ही नाली ओवरफ्लो हो गई और पानी सीधे उनकी दुकानों में भर गया। व्यापारियों और उनके कर्मचारियों को करीब डेढ़ घंटे तक दुकानों से पानी बाहर निकालना पड़ा, जिससे उनका काफी सामान भी खराब हो गया। इसी वार्ड में एक घर के सामने खड़ी मारुति वैन के चारों पहिए पानी में पूरी तरह डूबे नजर आए। चौपाटी के दुकानदार परेशान, अवंती बाई चौक पर बहा नाली का पानी परेशानी सिर्फ वार्ड आठ तक सीमित नहीं रही, बल्कि वार्ड नंबर पांच में स्थित चौपाटी के दुकानदार भी व्यवस्थाओं को लेकर रोते नजर आए। दुकानदार राहुल गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन ने दो महीने पहले ही करीब बीस फास्ट फूड दुकानों को यहां शिफ्ट किया था। लेकिन यहां नालियों में पानी रुकने से मच्छर पनप रहे हैं और नगर पालिका ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे बारिश में उनकी मुसीबत और बढ़ गई है। उधर, वीरांगना रानी अवंती बाई चौक के पास गंदी नाली का पानी तेजी से मुख्य सड़क पर बहता दिखा, जिससे राहगीरों को निकलने में दिक्कत हुई। पार्षद ने क्या कहा? इस अव्यवस्था को लेकर वार्ड नंबर चार के भाजपा पार्षद रजनीश राय ने सफाई दी कि एसबीआई बैंक के सामने से लेकर अवंती बाई चौक तक पूरा ढलान है। ढलान होने की वजह से ऊपर का पूरा पानी बहुत तेजी से नीचे आता है। उन्होंने कुछ स्थानीय लोगों के नालियां जाम किए जाने को भी इस जलभराव की बड़ी वजह बताया और दावा किया कि बारिश रुकने के आधे घंटे के भीतर पानी साफ हो जाएगा।
Share Bazaar में लगातार दूसरे दिन गिरावट, Sensex 250 अंक टूटा, Nifty भी 24000 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। कारोबार के अंत में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। बिकवाली के दबाव में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक गिरकर 76478.67 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी भी 80.50 अंकों की गिरावट के साथ ...
पठानकोट शहर में नगर निगम द्वारा व्यापारियों की सुविधा के लिए बनाए गए सार्वजनिक शौचालय अपनी बदहाली के कारण अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से निर्मित ये शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे व्यापारियों और बाजार आने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम ने बाजारों में व्यापारियों और आम जनता की सुविधा के लिए इन शौचालयों का निर्माण कराया था। हालांकि, समय के साथ इनकी स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब ये केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। अधिकांश शौचालय या तो बंद हैं या उनकी हालत इतनी जर्जर है कि उनका उपयोग करना संभव नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि पूरे दिन दुकान पर रहने के दौरान उन्हें शौचालय की आवश्यकता होती है। सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें काफी दूर जाना पड़ता है, जिससे उनका समय बर्बाद होता है और ग्राहकों को भी परेशानी होती है। व्यापारी बोले- नियमित सफाई और मरम्मत हो व्यापारियों ने नगर निगम से इन शौचालयों की नियमित सफाई, मरम्मत और देखरेख सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने जल्द से जल्द इन्हें आम लोगों के उपयोग के लिए खोलने पर जोर दिया। उनका तर्क है कि यदि सरकार और नगर निगम नागरिक सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, तो उनका लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन शौचालयों को चालू नहीं किया गया, तो वे नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और लोगों को यह मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराता है।
पंचकूला जिले में कालका के मेन बाजार स्थित शांति ट्रेडिंग कंपनी में चोरी की घटना सामने आई है। दुकान मालिक और शहर के प्रसिद्ध व्यापारी हरीश गोयल (चिल्लू लाला) ने इस संबंध में जानकारी दी है। हरीश गोयल ने बताया कि बीते दिन एक चोर उनकी दुकान के गले से लगभग 60 हजार रुपए कैश चुरा ले गया। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ कैद हो गई है। गोयल ने यह भी बताया कि वारदात को कई घंटे बीत जाने के बाद भी चोर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उन्होंने व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग इस घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने प्रशासन से मुख्य बाजार में नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की भी अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जीनस पावर के निवेशकों को झटका: ₹267 करोड़ की ब्लॉक डील के बाद 10% टूटा शेयर, जानें क्या करें अब
शेयर बाजार में मंगलवार का दिन जीनस पावर (Genus Power) के निवेशकों के लिए चिंता लेकर आया। कंपनी के शेयरों में अचानक करीब 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजह [₹267-268 करोड़] की एक बड़ी ब्लॉक डील है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस डील के तहत लगभग 88 लाख शेयरों का सौदा हुआ, जो कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.9% हिस्सा है। हालांकि कंपनी ने खरीदार-विक्रेता की पहचान साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड GIC इस बिकवाली के पीछे हो सकता है।निवेशकों में क्यों मची घबराहट?जीनस पावर के मार्च 2026 तक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें, तो कंपनी में करीब 1.6 लाख छोटे रिटेल निवेशकों का पैसा लगा है। इतनी बड़ी संख्या में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी होने के कारण, किसी भी बड़े संस्थागत निवेशक द्वारा बिकवाली करने पर शेयर की कीमतों में तेज हलचल होना स्वाभाविक है। ब्लॉक डील की खबर आते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर दबाव में आ गया और देखते ही देखते 10% तक नीचे फिसल गया।क्या घबराने की जरूरत है? एक्सपर्ट्स की रायबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लॉक डील का अर्थ हमेशा कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं होता। बड़े निवेशक अक्सर अपना पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने या निवेश की अवधि पूरी होने पर मुनाफा बुक करते हैं। जीनस पावर स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है और सरकार की बिजली वितरण सुधार योजनाओं का इसे सीधा फायदा मिल रहा है। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) को मिले नए बजट आवंटन से भी कंपनी को स्मार्ट मीटर के नए ऑर्डर मिलने की प्रबल संभावना है। इसलिए, यह गिरावट मुख्य रूप से ब्लॉक डील के अल्पकालिक प्रभाव के रूप में देखी जा रही है।आगे की राह और निवेशकों के लिए संकेतवर्तमान में जीनस पावर का शेयर [₹288-289] के आसपास संघर्ष करता दिख रहा है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे केवल इस ब्लॉक डील के आधार पर कोई जल्दबाजी में निर्णय न लें। कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल, ऑर्डर बुक और आने वाली तिमाहियों के परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना अधिक लाभकारी हो सकता है। यदि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है, तो ब्लॉक डील के कारण आई यह गिरावट भविष्य में एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है।
मारुति सुजुकी ने जोड़े पांच स्टार्टअप्स, एआई और ऑपरेशनल को बनाएगी और स्मार्ट
नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को घोषणा की कि उसने पांच स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है।
वाराणसी के पिंडरा बाजार स्थित चौधरी बुक डिपो में सोमवार देर रात करीब 2:25 बजे शरारती तत्वों ने ट्रैक्टर से तोड़फोड़ कर दी। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद आक्रोशित व्यापारियों ने मंगलवार को बाजार की 500 से अधिक दुकानें बंद कर दीं। सीसीटीवी फुटेज में एक युवक ट्रैक्टर लेकर दुकान के सामने पहुंचता दिखाई दे रहा है। उसने ट्रैक्टर से दुकान का शटर और अंदर रखे फर्नीचर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान बाइक से पहुंचे दो अन्य युवक भी वहां मौजूद थे, जिन्होंने अपने चेहरे गमछे से ढंके हुए थे। तोड़फोड़ के बाद सभी मौके से फरार हो गए। व्यापारियों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाजार के बीचोंबीच ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल के पदाधिकारी पिंटू जायसवाल ने इस घटना को शर्मनाक बताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी पकड़े नहीं जाते हैं, तो व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। दुकान के संचालक त्रिलोकी नाथ चौरसिया ने बताया कि यह दुकान उनके दादा चौधरी चौरसिया ने शुरू की थी। उनके बाद उनके पिता हरि लाल चौरसिया और फिर त्रिलोकी नाथ चौरसिया इसका संचालन कर रहे हैं। सोमवार रात वे रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे।
अज्ञात वाहन ने व्यापारी को मारी टक्कर, हालत गंभीर:दुकान बंद कर खाना खाने जा रहे थे, जोधपुर रेफर
पाली जिले के खिंवाड़ा थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी 35 साल के व्यापारी भंवरलाल पुत्र सवाराम सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। 29 जून की रात दुकान बंद करने के बाद वह बाइक से होटल पर खाना खाने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पाली के बांगड़ हॉस्पिटल और बाद में बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। दुकान बंद कर होटल जा रहे थे जानकारी के अनुसार बरी गांव निवासी व्यापारी भंवरलाल 29 जून की रात अपनी दुकान बंद करने के बाद बाइक से होटल पर खाना खाने के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। सिर में आई गंभीर चोट टक्कर इतनी तेज थी कि भंवरलाल सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल भंवरलाल को तुरंत खिंवाड़ा हॉस्पिटल पहुंचाया। पाली से जोधपुर किया रेफर खिंवाड़ा हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें पाली के बांगड़ हॉस्पिटल रेफर किया गया। बांगड़ हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही हादसा करने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।
शेयर बाजार और IPO में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र के सावा गांव के 57 वर्षीय व्यक्ति से 13.50 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने पहले उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश के लिए तैयार किया। फिर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर अलग-अलग चरणों में लाखों रुपए जमा करवाते रहे। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालनी चाही तो हर बार नए बहाने बनाकर और पैसे मांगने लगे। आखिर में जब करोड़ों का मुनाफा सिर्फ स्क्रीन पर दिखता रहा और एक भी बड़ी रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें अपने साथ साइबर ठगी होने का पता चला। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर बनाया भरोसा पीड़ित रमेशचंद्र सुखवाल ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2026 में मोबाइल पर व्हाट्सएप देखते समय उनकी नजर एक निवेश से जुड़े ग्रुप पर पड़ी। उन्हें यह भी नहीं पता कि उस ग्रुप में उन्हें कब और किसने जोड़ा था। ग्रुप में खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले लोग भारतीय और अमेरिकी शेयर बाजार के साथ IPO में निवेश कर कुछ ही महीनों में 30 से 50 प्रतिशत या उससे अधिक मुनाफा कमाने के दावे कर रहे थे। ग्रुप में लगातार ऐसे संदेश और स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे, जिनमें कई लोगों को अच्छा लाभ मिलने का दावा किया जाता था। इसके बाद एक लिंक भेजकर ऑनलाइन डिमैट अकाउंट खुलवाया गया और निवेश शुरू करने के लिए कहा गया। पहले 4.50 लाख, फिर 3.50 लाख और बाद में 5.50 लाख जमा करवाए रमेशचंद्र ने सबसे पहले 27 अप्रैल को अलग-अलग किस्तों में 1.50 लाख, 1 लाख और 1 लाख रुपए, यानी कुल 4.50 लाख रुपए जमा किए। कुछ ही समय बाद उनके खाते में करीब 5.25 लाख रुपए का मुनाफा दिखाया जाने लगा। इसके बाद ठगों ने एक नए IPO में निवेश का झांसा देकर 30 अप्रैल को 1-1 लाख रुपए की तीन किस्तों और 50 हजार रुपए, यानी कुल 3.50 लाख रुपए और जमा करवा लिए। प्लेटफॉर्म पर उनका बैलेंस बढ़कर करीब 9 लाख रुपए दिखने लगा। इसके बाद फिर नए IPO का हवाला देकर 1 मई को 1 लाख रुपए और 4 मई को 1.50 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में एक और IPO में निवेश के नाम पर 18 मई और 20 मई को 2-2 लाख रुपए जमा करवा लिए गए। इस तरह ठगों ने अलग-अलग चरणों में कुल 13.50 लाख रुपए अपने खातों में जमा करवा लिए। निकासी के समय शुरू हुआ बहानों का सिलसिला जब पीड़ित ने पहली बार अपने खाते से 1 लाख रुपए निकालने की कोशिश की तो प्लेटफॉर्म पर तकनीकी त्रुटि बताकर निकासी रोक दी गई। कंपनी की ओर से कहा गया कि उनका ट्रेड अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए पैसा नहीं निकल सकता। बाद में भरोसा बनाए रखने के लिए केवल करीब 10 हजार रुपए की निकासी कराई गई। इसके बाद फिर उन्हें बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेश बढ़ाने के लिए कहा जाता रहा। हर बार दावा किया जाता था कि अगला IPO पहले से ज्यादा फायदा देगा और अभी पैसा निकालना नुकसान का सौदा होगा। 1.10 करोड़ का मुनाफा दिखाया, फिर 35 लाख और मांगे बाद में कंपनी ने पीड़ित के डिमैट खाते में हजारों शेयर दिखाए, लेकिन बड़ी संख्या में शेयर लॉक कर दिए। कहा गया कि इन शेयरों को अनलॉक करने और पूरा मुनाफा लेने के लिए पहले करीब 35 लाख रुपए और जमा कराने होंगे। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर आखिरी समय तक करीब 1.10 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाई देता रहा, लेकिन वास्तविक रकम निकालने का कोई रास्ता नहीं था। लगातार नई-नई शर्तें और अतिरिक्त पैसे मांगने पर पीड़ित को शक हुआ। उन्होंने ऑनलाइन जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह पूरा निवेश प्लेटफॉर्म फर्जी है। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब साइबर ठगी के इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 30 जून, दिन मंगलवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
लखीमपुर खीरी में दानवीर भामाशाह की जयंती पर सोमवार को व्यापारी कल्याण दिवस मनाया गया। यह आयोजन कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में जिला प्रशासन और राज्य कर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसमें जिले के प्रमुख व्यापारियों, अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह ने दानवीर भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। संस्कृति विभाग के कलाकारों ने इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अपने संबोधन में भामाशाह के त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा के भाव को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन व्यापारियों व उद्यमियों को सुरक्षित, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और व्यापार संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह ने भामाशाह के जीवन को त्याग, राष्ट्रभक्ति और लोककल्याण की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद में सर्वाधिक जीएसटी और राजस्व कर जमा कर विकास में योगदान देने वाले प्रमुख व्यापारियों को सम्मानित किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंट किए गए। सम्मानित प्रतिष्ठानों में मूसाराम इंटरप्राइजेज, मूसाराम ऑटो सेल्स, जीवन मोटोकॉर्प प्रा. लि., यूएस एरोमोटिक्स, शुभम आयरन ट्रेडर्स, श्रीराम मार्बल एंड टाइल्स, एक्शन सिक्योरिटी गार्ड सर्विस, बालाजी कॉन्ट्रेक्टर, दया विनियर (मुसेपुर) और अटल इंटरप्राइजेज शामिल थे।
सागर की मोतीनगर थाना पुलिस ने कृषि उपज मंडी परिसर से गल्ला व्यापारी की चने की बोरियां चोरी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई 12 बोरियां चना बरामद कर लिया है। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। गल्ला व्यापारी ने दर्ज कराई थी शिकायत मोतीनगर थाना पुलिस के अनुसार, 28 जून को फरियादी पैरभ केशरवानी निवासी सिद्धांत जैन मंदिर के पास, छोटा करीला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह नई गल्ला मंडी में अनाज का व्यापार करते हैं। व्यापारी ने 21 जून को नई गल्ला मंडी परिसर के एफ-ब्लॉक में चने की 137 बोरियां रखी थीं। 23 जून को मंडी पहुंचने पर 12 बोरियां गायब मिलीं। मंडी के सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ करने पर अज्ञात लोगों द्वारा चोरी किए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मंडी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। पांच आरोपी गिरफ्तार, चोरी का अनाज बरामद सोमवार को पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में पेहिल पिता राशिद खान (22), इमरान पिता सगीर खान (19), अमित पिता कमल अहिरवार, हर्ष पिता सरमन जाटव और राज पिता मानक जाटव, सभी निवासी सागर शामिल हैं। थाने में पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई चने की 12 बोरियां बरामद कर ली गईं। कोर्ट में किया गया पेश मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि कृषि उपज मंडी से अनाज चोरी करने वाले पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
पीएम मित्रा पार्क:अब तक 20 हजार करोड़ का निवेश; तीसरे चरण के लिए जमीन आवंटन की तैयारी
इंदौर संभाग के बदनावर के पास भैंसोला में विकसित हो रहे पीएम मित्रा पार्क का काम जारी है। करीब 2156 एकड़ में बन रहे इस टेक्सटाइल पार्क में अब तक पहले और दूसरे चरण में 1100 एकड़ से ज्यादा जमीन उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है। निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए अब तीसरे चरण में जमीन आवंटन की तैयारी एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) ने शुरू कर दी है। करीब 2063 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के लिए अब तक 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इन निवेशों के आधार पर क्षेत्र में 46 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। पार्क के विकसित होने के बाद इंदौर-धार क्षेत्र देश के प्रमुख टेक्सटाइल और गारमेंट उत्पादन केंद्रों में शामिल हो सकता है। प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा केंद्र के वस्त्र मंत्रालय और राज्य सरकार की ओर से नियमित रूप से की जा रही है। सड़कें, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सिविल कार्य चल रहे पार्क में उद्योगों के संचालन के लिए जरूरी अधोसंरचना का निर्माण तेजी से चल रहा है। आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति, ड्रेनेज और अन्य सिविल कार्य अंतिम चरण में हैं। इसके साथ ही कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इन्क्यूबेशन सेंटर और प्लग एंड प्ले शेड्स भी विकसित किए जा रहे हैं। पार्क के लिए बाहरी विद्युत अधोसंरचना का काम पूरा हो चुका है। बिजली वितरण का लाइसेंस भी मिल गया है, जिससे यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को नियमित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी। बड़े ब्रांड की सप्लाई चेन से जुड़ेगा क्षेत्र पीएम मित्रा पार्क के साथ इंदौर क्षेत्र में अरविंद समूह, ओएफबी टेक, नाइज और झील जैसी गारमेंट इकाइयों का विस्तार भी हो रहा है। इन इकाइयों में तैयार होने वाले परिधानों की आपूर्ति एचएंडए, जारा, आरो और यूएस पोलो जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड को किए जाने की योजना है। इससे इंदौर-धार क्षेत्र वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सकता है। एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी से मिलेगा फायदा पीएम मित्रा पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से चार लेन सड़क के जरिए जुड़ चुका है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में ताइवान के उद्योग प्रतिनिधिमंडल ने भी यहां निवेश की संभावनाओं का जायजा लिया। सरकार की कोशिश है कि यहां बचे काम जल्द से जल्द पूरे हों।
साझा व्यापार के बहाने खाते में किया करोड़ों का लेन-देन, आरोपी गिरफ्तार
उदयपुर | सुखेर थाना पुलिस ने एक व्यापारी को साथ काम करने का झांसा देकर बैंक खाते का एक्सेस लेने और करोड़ों रुपए की लेने-देने करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि मामले में तीतरड़ी के सूर्या नगर निवासी गौरव तेली को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। बता दें, डबोक निवासी कैलाश चंद्र डांगी ने 14 नवंबर 2024 को कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था। इसमें बताया कि वह कंस्ट्रक्शन सामग्री की सप्लाई करते हैं। सुखेर के रघुनाथपुरा में देवराज इंटरप्राइजेज के नाम से ऑफिस है। इसी साल अप्रैल में सलूंबर निवासी कालूराम डांगी उनसे मिला। उसने बताया कि अरब देशों में उसका कंस्ट्रक्शन का काम है। अच्छा मुनाफा देने का लालच देकर साथ काम करने को कहा। वह मान गए। कालूलाल ने तीतरड़ी निवासी हिमांशु से मिलवाया। उसने अहमदाबाद निवासी गौरव से फोन पर बात कराई। गौरव ने बताया कि उसका दुबई में ऑफिस है और 40-50 जगहों पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। उन्हें कहा कि दुबई में काम करने के लिए खाते में एक करोड़ का लेन-देन होना चाहिए। उन्होंने इतना लेन-देन होने से इंकार कर दिया। इस पर आरोपियों ने कहा कि उनका बड़ा व्यापार है। फिर उनकी फर्म के खातों का एक्सेस मांगा और एक माह में एक करोड़ के लेन-देन का आश्वासन दिया। उन्होंने झांसे में आकर खाते का एक्सेस दे दिए। 10 दिनों में इस खाते में 6 करोड़ का लेन-देन हो गया। इस पर उन्होंने सभी से बात की, लेकिन टालमटोल जवाब दिया। शंका होने पर उन्होंने साथ काम से इनकार कर दिया। इस पर आरोपियों ने धमकियां दी। मुंबई-दुबई से ऑनलाइन गेमिंग व ठगी की रकम के लिए खाते का इस्तेमाल कैलाश के अनुसार 23 मई को उन्होंने बेटे के इलाज के लिए खाते से 5 लाख रुपए निकालकर अपने भाई हीरालाल को सौंपे। हीरालाल रकम लेकर प्रतापनगर स्थित दुकान पर पहुंचे तो कुछ बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। फिर कैलाश को फोन कर बुलाया गया और उनका भी अपहरण कर रकमपुरा ले जाया गया। वहां उनसे मारपीट की गई। आरोप है कि वहां उन्हें बताया गया कि उनके खाते का इस्तेमाल अहमदाबाद, मुंबई और दुबई के माफिया द्वारा ऑनलाइन गेमिंग और ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए किया गया है। बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर उनके खाते से 10 लाख रुपए निकलवाए और बाद में 5 लाख रुपए और मंगवाकर ले लिए। अगले दिन कालूराम, हिमांशु और गौरव ने उनसे 20 लाख रुपए की मांग करते हुए यह रकम कराची भेजने की बात कही। कैलाश का आरोप है कि आरोपियों ने उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर उसे 80 लाख रुपए के घाटे (माइनस) में पहुंचा दिया।
उद्यमी ओडिशा एमएसएमई प्रोग्राम: 5 दिन तक उद्योग और व्यापार बढ़ाने ट्रेनिंग दे रहे
बलांगीर| ज़िले को औद्योगिक रूप से समृद्ध और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोशल कला मंडप पोड़िया में पांच दिवसीय उद्यमी ओडिशा एमएसएमई प्रोग्राम-2026 का औपचारिक उद्घाटन किया गया। डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज़ सेंटर, बलांगीर के आयोजित यह मेगा प्रोग्राम 27 जून से 1 जुलाई तक चलेगा। इस इवेंट का मुख्य उद्देश्य बलांगीर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना तथा नए उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण कारीगरों को व्यापार के अवसर प्रदान करना है। मेले में लगाए गए स्टॉलों पर स्थानीय हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, एग्रो और फूड प्रोसेसिंग प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन व बिक्री की जा रही है। पांच दिनों के दौरान उद्योग विशेषज्ञ नए उद्यमियों को तकनीक, मार्केट लिंकेज और ब्रांडिंग की जानकारी देंगे। साथ ही, सरकारी लोन स्कीम, सब्सिडी और रजिस्ट्रेशन के लिए स्पेशल हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। ने जिले के व्यापारियों, स्टार्टअप्स और नागरिकों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। डीआईसी के चीफ कोऑर्डिनेटर नीरज रंजन पानीग्रही की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में प्रेसिडेंट प्रकाश चंद्र नेपाक सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट इंडस्ट्रीज़ ऑफिसर खिरावती डुंगडुंग ने किया।
प्रदेश में विकास, तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विस्तार के बीच दैनिक भास्कर की ओर से ‘रियल एस्टेट कॉन्क्लेव-राइजिंग छत्तीसगढ़-2026’ का आयोजन 3 जुलाई को किया जाएगा। होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमुख बिल्डर्स और डेवलपर्स, उद्योग विशेषज्ञ और शासन-प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, राज्य के वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कॉन्क्लेव में प्रदेश के विकास में रियल एस्टेट की भूमिका, चुनौतियों, नीतिगत सुधारों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का फोकस रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने वाले मुद्दों पर होगा। साथ ही, प्रदेश में निवेश बढ़ाने, रियल एस्टेट पॉलिसी, टाउनशिप डेवलपमेंट, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन बिल्डिंग, सोलर संभावनाओं और रोजगार सृजन जैसे अहम विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा। कॉन्क्लेव में शामिल प्रतिनिधि रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर अपने सुझाव भी रखेंगे। इस आयोजन के मुख्य प्रायोजक के रूप में अविनाश ग्रुप अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, वहीं आरसीपी इंफ्राटेक एसोसिएट स्पॉन्सर के रूप में आयोजन को विशेष सहयोग प्रदान कर रहा है। रामा ग्रुप पावर्ड बाय पार्टनर, ऑगस्ट प्रोजेक्ट्स को-स्पॉन्सर, सद्भाव रिन्यूएबल लिमिटेड सोलर पार्टनर, नवकार ज्वेलर्स-ज्वेलरी पार्टनर तथा बैंक ऑफ बड़ौदा बैंकिंग पार्टनर के रूप में जुड़े हैं। इसके अलावा रहेजा ग्रुप, वॉलफोर्ट ग्रुप, श्री स्वास्तिक ग्रुप, अष्टविनायक रियल्टीज, ऋषभ बिल्डर्स, भगवती सोनाखान, वीजीआर बिल्डर एवं श्री द्वारिका बिल्डर्स आदि इस आयोजन के सहयोगी हैं।
सिद्धार्थनगर में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर सोमवार शाम अंबेडकर सभागार में व्यापारी कल्याण दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि दानवीर भामाशाह केवल महाराणा प्रताप के सहयोगी ही नहीं, बल्कि उनके सबसे विश्वसनीय मित्र और सलाहकार भी थे। उन्होंने कहा कि जब महाराणा प्रताप विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे थे और राजकोष लगभग खाली हो चुका था, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण धन-संपत्ति राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दी। उनके योगदान ने मेवाड़ की अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए स्वतंत्रता के संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान की। देखें, 3 तस्वीरें… कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि भामाशाह का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में भामाशाह ने अपना समस्त धन देकर महाराणा प्रताप की सेना के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 29 जून को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाने के निर्णय को व्यापारियों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने व्यापारी समुदाय को व्यापारी कल्याण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भामाशाह का व्यक्तित्व आज भी समाज को राष्ट्रसेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और भामाशाह की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रहित में अपना योगदान दे रहा है। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने विभिन्न व्यापारियों को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया। सम्मानित व्यापारियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों और उपस्थित व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भामाशाह का जीवन समाज को सेवा, त्याग और राष्ट्रहित में कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, उपायुक्त उद्योग सिद्धार्थ सौरभ, बंधु उपायुक्त विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज वर्मा, परमहंस यादव, कुलदीप, राज्य कर अधिकारी जयप्रकाश भारती, महेंद्र प्रताप सिंह, सदाशिव त्रिपाठी, प्रमोद भास्कर सहित विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में भामाशाह जयंती मनाई गई:उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने संगोष्ठी का आयोजन किया
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने सोमवार को भामाशाह की जयंती मनाई। अयोध्या रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एक व्यापारी संगोष्ठी भी हुई, जिसमें भामाशाह के जीवन और योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों ने भामाशाह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। राजनीति में महाराणा प्रताप जैसी त्याग की आवश्यकता संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में भी व्यापारी भामाशाह की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने राजनीति में महाराणा प्रताप जैसी प्रतिबद्धता और त्याग की भावना की आवश्यकता पर जोर दिया। गुप्ता ने बताया कि देश और समाज के हित में खर्च किया गया धन ही सर्वोत्तम होता है, और भामाशाह का जीवन इसी संदेश का प्रतीक है। संजय गुप्ता ने यह भी कहा कि आज के समय में सबसे मूल्यवान वस्तु समय है। उनके अनुसार, जो लोग समाज, राष्ट्र और दूसरों के कल्याण के लिए अपना बहुमूल्य समय देते हैं, वे ही वास्तविक अर्थों में समाजसेवा करते हैं। उन्होंने 'समय के दान' को वर्तमान दौर का सबसे बड़ा दान बताया और कहा कि देश व समाज की आवश्यकताओं को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखना ही भामाशाह के जीवन का सबसे बड़ा संदेश है। व्यापारी समाज हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा गुप्ता ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि व्यापारी समाज हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा है। उन्होंने धर्मशालाओं, मंदिरों, गुरुद्वारों, विद्यालयों और अनाथालयों के निर्माण में व्यापारियों के योगदान का उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, कोविड महामारी, बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं और अन्य राहत कार्यों में भी व्यापारी समाज ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद अफजल, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी, नगर महामंत्री राजीव शुक्ला, उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट कैटरिंग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष गुप्ता और उपाध्यक्ष संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी पदाधिकारी उपस्थित थे।
बालाघाट के लांजी थाना क्षेत्र में एक सराफा कारोबारी से बंदूक की नोक पर हुई लूट के आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में दहशत का माहौल है। सोमवार को सराफा कारोबारी कपिल आसटकर की दुकान बंद रही, जहां आम दिनों में चहल-पहल रहती थी, वहां सन्नाटा पसरा रहा। कारोबारी का गोंदिया के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के दूसरे दिन सोमवार को महिला डीएसपी और पुलिस टीम ने सराफा कारोबारी के घर पहुंचकर जांच की। हालांकि, पुलिस ने इस मामले पर मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। क्षेत्रीय विधायक राजकुमार कर्राहे ने इस घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। विधायक कर्राहे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एसपी से भी चर्चा की है। दूसरी ओर, क्षेत्र में यह चर्चा है कि पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़ा है, जो एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह घटना 28 जून की रात लांजी के आमगांव रोड पर हुई थी। दो मोटरसाइकिल पर आए लगभग आठ बदमाशों ने बंदूक की नोक पर सराफा कारोबारी से लूटपाट की। उन्होंने फायरिंग की और कारोबारी पर लाठी से हमला भी किया। बदमाश दो थैलों में रखे लगभग 8 से 9 लाख रुपये के सोने और चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने नाकेबंदी की थी, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। इससे पुलिस की नाकेबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस को आरोपियों के महाराष्ट्र के गोंदिया और आमगांव में होने की जानकारी मिली है, जिसके बाद पुलिस टीम इन स्थानों पर रवाना हुई है।
देवरिया। दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर सोमवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में व्यापारी कल्याण दिवस का आयोजन किया गया। राज्य कर विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट करदाताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत एक दिवंगत व्यापारी के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर और दानवीर भामाशाह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों द्वारा जमा किए गए कर से ही सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत विकास कार्यों को गति देती है। उन्होंने व्यापारियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक राज्य कर (नेट एसजीएसटी) जमा करने वाले 10 उत्कृष्ट करदाताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य के राजस्व में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में दिवंगत महालक्ष्मी कंस्ट्रक्शन के स्वामी स्व. राजू यादव की पत्नी संध्या यादव को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा गया। इस मौके पर दिवंगत व्यापारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस योजना को व्यापारी परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच बताया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त राज्य कर विवेक कुमार मिश्रा, राजेश प्रताप सिंह, अमित कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने व्यापारियों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा करदाताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक राज्य कर जमा करने वाले जिन प्रतिष्ठानों को सम्मानित किया गया, उनमें गणेश ऑटो सेल्स, पूर्वांचल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, विराज कंस्ट्रक्शन, प्रिंस कंस्ट्रक्शन, देवराही सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्राइवेट लिमिटेड, काशीनाथ बर्नवाल एंड संस, अन्वी एंटरप्राइजेज, दुल्हन साड़ी कलेक्शन, ओम प्रकाश उपाध्याय (ठेकेदार) तथा मां वैष्णो ट्रेडर्स शामिल रहे।
फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी ने सोमवार को दानवीर भामाशाह जयंती को 'व्यापारी कल्याण दिवस' के रूप में मनाया। आवास विकास स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने प्रदेश सरकार पर छोटे व्यापारियों का दमन करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में छोटे व्यापारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनका दमन किया गया है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने की। समाजवादी व्यापार सभा फर्रुखाबाद के जिलाध्यक्ष रोमित सक्सेना ने गोष्ठी के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोष्ठी के दौरान, जिलाध्यक्ष ने दानवीर भामाशाह के त्याग और राज्य के प्रति उनकी भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भामाशाह ने अपने राज्य के अस्तित्व के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, जिसे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। गोष्ठी के बाद, जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सपा नेताओं ने आवास विकास क्षेत्र के दुकानदारों से मुलाकात की और उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष रोमित सक्सेना, उपाध्यक्ष शशांक सक्सेना, जिलाध्यक्ष महिला सभा सुलक्षणा सिंह, गौरव यादव, अरविंद यादव, रवि भारद्वाज, राहुल गुप्ता, बासु गुप्ता, शीलू खां, विवेक भारद्वाज सहित कई समाजवादी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जमशेदपुर के साकची स्थित शालीमार मार्केट में सोमवार दोपहर रंगदारी मांगने को लेकर चाकूबाजी हुई। इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद हमलावर पिस्टल लेकर दोबारा बाजार पहुंचे और दुकानदारों को धमकी देकर फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुलेट बाइक पर सवार तीन युवक होटल कलकत्तिया के सामने एक पान दुकान पर पहुंचे। गुटखा और सिगरेट लेने के बाद उन्होंने दुकानदार से 500 रुपए की रंगदारी मांगी। दुकानदार के विरोध करने पर आसपास के लोग जमा हो गए और दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। चाकू के हमले में मिनादुल हक, एमडी ताज और एमडी अब्दुल मस्जिद गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस के जाने के कुछ देर बाद ही आरोपी दोबारा बाजार में आ गए। इस बार उनके हाथ में पिस्टल थी। बदमाशों ने दुकानदारों को धमकाया और दहशत फैलाकर वहां से भाग गए। इस घटना और अपराधियों के दोबारा लौटने से शालीमार मार्केट के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने दिनदहाड़े हुई इस वारदात को कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, बाजार में नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साकची थाना पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
Share Market Today: 3 दिनों की छुट्टी के बाद बाजार का बुरा हाल! निफ्टी 24,000 के नीचे
Stock Market Update Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स में 400 से अधिक गिरावट आई है जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,000 अंक से नीचे आ गया। बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों में सबसे ...
इटावा में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर रविवार सुबह 11 बजे समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव का जन्मदिन धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केक काटकर प्रो. रामगोपाल यादव के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामगोपाल यादव के राजनीतिक योगदान और संगठन के प्रति उनकी भूमिका को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद भामाशाह जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में भी मनाया गया। कार्यक्रम में सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ के साथ विधायक भरथना राघवेंद्र गौतम, सपा जिला महासचिव वीरभान सिंह भदौरिया ‘वीरू’, सपा प्रदेश सचिव के.पी. शाक्य, इटावा सदर से विधानसभा प्रत्याशी रहे सर्वेश शाक्य, पूर्व जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, एसआईआर प्रभारी उदयभान सिंह यादव, वरिष्ठ नेता लाखन सिंह जाटव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष अनिल प्रताप यादव, आशीष राजपूत, उत्तम सिंह प्रजापति, अनवार हुसैन, नरेंद्र सिंह कुशवाहा, जिला सचिव संगीता राजपूत, प्रवीण कुशवाहा, रोहित श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह भदौरिया, प्रदीप सोनी, राजकुमार यादव, मनोज राणा, संतोष राठौर, ज्ञान सिंह यादव, उमेश राजपूत ‘दुल्ले’, विधानसभा अध्यक्ष इटावा, विधानसभा अध्यक्ष भरथना डॉ. जय सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष जसवंतनगर रामनरेश यादव, युवजन सभा जिलाध्यक्ष आदित्य गोविंद यादव, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल, अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष फरहान शकील सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में व्यापार सभा जिलाध्यक्ष राजीव चंदेल, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष राज किशोर भोजवाल, सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष कमलेश यादव, ब्लॉक अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य शिवम पाल, सपा नेता संतोष राजपूत, बृजमोहन राजपूत, महिला सभा प्रदेश उपाध्यक्ष लीलावती राजपूत, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव राकेश यादव, सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव रविंद्र यादव, विधानसभा इटावा उपाध्यक्ष दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
महू के मानपुर थाना पुलिस ने राहगीरों और व्यापारियों से अवैध हफ्ता वसूली करने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ लोगों को रोककर रुपए मांगता था और विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों ने राहत महसूस की है। पुलिस के अनुसार, 28 जून को ग्राम खेड़ीसिहोद में फरियादी सावन वास्केल (19) और पूनम भाटिया (19) से आरोपियों ने अवैध रूप से रुपए की मांग की थी। रुपए देने से इनकार करने पर आरोपियों ने दोनों के साथ गाली-गलौज की और डंडों तथा पत्थरों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। आरोपियों ने धमकी दी थी कि यह हमारा इलाका है, यहां आओगे तो रुपए देने पड़ेंगे, नहीं तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में मेडिकल परीक्षण कराया गया। फरियादी की शिकायत पर मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। भूरा और विशाल फरार पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू एवं एसडीओपी महू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले के नेतृत्व में एक टीम गठित कर दबिश दी गई। इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के सरगना संदीप चौहान (20), निवासी सोडल्यापुरा, थाना नालछा, जिला धार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले के अन्य आरोपी भूरा और विशाल चौहान अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपी संदीप चौहान से पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले, उपनिरीक्षक संदीप पोरवाल, उपनिरीक्षक कृष्णा पदमाकर, सहायक उपनिरीक्षक जसमल मुवेल, प्रधान आरक्षक प्रताप, आरक्षक विजय चौहान और सैनिक करण निनामा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
टैक्स सुधार से शेयर बाजार में घरेलू पूंजी की बाढ़: जेपी मॉर्गन
नई दिल्ली, हाल के वर्षों में लागू किए गए टैक्स सुधार और कई नीतिगत उपायों ने भारत में इक्विटी निवेश को और आकर्षक बना दिया है। इससे पिछले दो वर्षों में रिटर्न अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद, शेयर बाजार में घरेलू निवेश का प्रवाह लगातार बना रहने के लिए अनुकूल स्थितियां तैयार हुई हैं। यह जानकारी जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में दी गई।
भारतीय शेयर बाजार ने की दमदार वापसी, फिर दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बना
भारतीय शेयर बाजार फिर से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बन गया है और इसका मार्केटकैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।
मैं चाहती हूं कि लोग मुझे नौकरी करने वाली लड़की नहीं, बल्कि अपने ब्रांड के लिए पहचानें। यह कहना है मेरठ की निकिता का, जिन्होंने ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के बजाय खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला लिया। आज उनकी कोल्ड कॉफी सोशल मीडिया पर चर्चा में है और उनकी एक रील ने उनके छोटे से स्टार्टअप को नई पहचान दिला दी है। निकिता ने 'लो जी खाओ' नाम से अपना क्लाउड किचन शुरू किया। इसके बाद ग्राहकों तक सीधे पहुंचने के लिए उन्होंने अपनी स्कूटी को ही चलता-फिरता स्टॉल बना लिया। वह रोज स्कूटी पर कोल्ड कॉफी बनाने का पूरा सामान लेकर निकलती हैं और उसी पर स्टॉल लगाकर ग्राहकों को कोल्ड कॉफी सर्व करती हैं। शुरुआत में पहले दिन उम्मीद के मुताबिक ग्राहक नहीं मिले, लेकिन दूसरे ही दिन से लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा। उनकी कोल्ड कॉफी लोगों को पसंद आने लगी और ग्राहक दोबारा आने लगे। ग्राहकों ने अपने दोस्तों और परिचितों को भी उनके बारे में बताया, जिससे कारोबार लगातार बढ़ने लगा। निकिता का सपना 'लो जी खाओ' को एक बड़े और भरोसेमंद ब्रांड बनाना है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने IIMT के सामने स्टॉल लगाया था, लेकिन वहां लोकेशन और अनुमति से जुड़ी समस्याएं आने लगीं। स्थानीय अथॉरिटी ने वहां स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने दूसरी जगह तलाश की। उनके परिचित ने फिटनेस जिम के नीचे जगह उपलब्ध कराई, जहां अब वह अपना स्टॉल चला रही हैं और वहां भी ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। नौकरी नहीं, अपना काम करने का लिया फैसला निकिता ने बताया कि उन्होंने नौकरी करने की भी कोशिश की थी, लेकिन रोजाना ट्रैफिक, धक्का-मुक्की और लंबी यात्रा से परेशान हो गईं। उन्हें महसूस हुआ कि अगर इतनी मेहनत करनी ही है तो क्यों न अपने सपने के लिए की जाए। तभी उन्होंने तय किया कि किसी कंपनी के लिए काम करने की बजाय अपना ब्रांड बनाया जाए। उन्होंने कहा, मेरा सपना है कि लोग एक दिन मेरे नाम से मेरे ब्रांड को पहचानें। लोग कहें कि निकिता नाम की एक लड़की ने अपना ब्रांड बनाया है। एक रील बनी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट निकिता बताती हैं कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी एक साधारण सी वीडियो उनकी जिंदगी बदल देगी। उनके दोस्त ने मजाक-मजाक में उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डालने के लिए कहा। उन्होंने वीडियो अपलोड कर दी। निकिता कहती हैं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि उस वीडियो पर इतना अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। वीडियो वायरल हो गई। लाखों लोगों ने देखा, लाइक किया, शेयर किया और कमेंट करके मेरा हौसला बढ़ाया। लोगों ने कहा कि वे मुझे सपोर्ट करेंगे। वही रील मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। एक सच्चा दोस्त काफी होता है निकिता ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने अपने माता-पिता को इस काम के बारे में नहीं बताया। उन्हें पता था कि परिवार इसकी अनुमति नहीं देगा। उनके अनुसार, हर माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे पढ़-लिखकर किसी अच्छी कंपनी में नौकरी करें। उन्होंने कहा, मेरे घर में किसी ने कभी ऐसा काम नहीं किया, इसलिए मुझे लगा कि अगर पहले ही बता दूंगी तो मना कर देंगे। इसलिए मैंने शुरुआत छिपकर की। अभी भी मेरे मम्मी-पापा को इस काम के बारे में नहीं पता। सिर्फ मेरे बड़े भाई को पता है और वही मेरा साथ दे रहे हैं। निकिता ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रमोशन के लिए उन्होंने अपने कई क्लासमेट्स और परिचितों से स्टोरी लगाने की अपील की। कुछ लोगों ने इसके लिए पैसे तक मांग लिए। ऐसे समय में उनके दोस्त मुकुल ने बिना किसी स्वार्थ के हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, मेरे बहुत ज्यादा दोस्त नहीं हैं, लेकिन जो एक-दो दोस्त हैं, वही सबसे अच्छे हैं। मुकुल ने मेरी वीडियो बनाई, प्रमोट किया और शुरुआत से आज तक हर कदम पर मेरे साथ खड़ा है। मैंने सीखा कि जिंदगी में बहुत सारे दोस्तों की नहीं, बल्कि एक सच्चे दोस्त की जरूरत होती है। 'लोग क्या कहेंगे' सोचकर सपने मत छोड़िए निकिता ने युवाओं से कहा कि अगर वे अपना काम शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले लोगों और रिश्तेदारों की बातों से डरना छोड़ दें। परिवार शुरुआत में साथ न दे तो भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उन्होंने कहा, परिवार शायद शुरुआत में मना करेगा। मुझे भी छिपकर शुरुआत करनी पड़ी। अगर आपको लगता है कि लोग क्या कहेंगे, रिश्तेदार क्या कहेंगे, तो इस डर से बाहर निकलना होगा। आखिर आपकी जिंदगी आपको ही बनानी है। कोई और आपके लिए कमाकर नहीं देगा। एक बार जरूर कोशिश कीजिए। अगर मैं कर सकती हूं तो कोई भी कर सकता है।
इंदौर के सियागंज स्थित पटेल ब्रिज पर हुए हादसे को दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब तक पुल की स्थायी मरम्मत शुरू नहीं कर पाया है। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े किराना व्यापारिक केंद्र सियागंज में स्थित इस पुल की टूटी रेलिंग और अधूरी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल औपचारिकता निभाते हुए कुछ सीमेंट के पिलर लगा दिए, जबकि क्षतिग्रस्त रेलिंग, लोहे की जालियां और मलबा अब भी मौके पर पड़ा हुआ है। टैंकर ने तोड़ी थी पुल की रेलिंग करीब दो सप्ताह पहले पानी से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पटेल ब्रिज पर कई वाहनों को टक्कर मारते हुए रेलिंग तोड़कर जा घुसा था। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था, जिसमें दुर्घटना की भयावहता साफ दिखाई दी थी। गनीमत रही कि टैंकर पुल से नीचे नहीं गिरा, वरना नीचे मौजूद दुकानों और व्यस्त गली में बड़ी जनहानि हो सकती थी। पहले भी हो चुके हैं हादसे स्थानीय लोगों के मुताबिक यह पुल पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। इससे पहले एक कार भी पुल से नीचे गिर चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लगातार दुर्घटनाओं के बाद भी पुल की सुरक्षा की अनदेखी पर लोग सवाल उठा रहे हैं। सिर्फ अस्थायी इंतजाम, स्थायी मरम्मत नहीं हादसे के बाद प्रशासन ने क्षतिग्रस्त हिस्से को घेरने के लिए कुछ सीमेंट के पिलर लगा दिए, लेकिन टूटी रेलिंग और अन्य सुरक्षा संरचनाओं की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई। क्षतिग्रस्त लोहे की जालियां और मलबा भी मौके पर ही पड़ा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। व्यापारियों ने जताई चिंता सियागंज के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग से रोज हजारों लोग और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में पुल की मौजूदा स्थिति किसी भी समय नए हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द स्थायी मरम्मत कराने और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रशासन पर उठ रहे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी और दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। ये खबर भी पढ़ें… नगर निगम के टैंकर ने कई वाहनों को रौंदा, VIDEO इंदौर के पटेल ब्रिज पर गुरुवार दोपहर नगर निगम का पानी का टैंकर बेकाबू हो गया। टैंकर को अपनी ओर आता देख लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अनियंत्रित टैंकर ने कई कारों और बाइकों को टक्कर मार दी, जिससे 4 लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसा टैंकर के ब्रेक फेल होने से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क पर आगे बढ़ते हुए वाहनों को टक्कर मारता चला गया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे से नाराज लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने रविवार को पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी में 1.77 करोड़ रुपये की लागत से बनी 32 नई दुकानों का लोकार्पण किया। इन दुकानों का उपयोग व्यापारी किसानों की उपज का भुगतान करने के लिए कैश काउंटर के तौर पर करेंगे, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुगम हो सकेगी। लोकार्पण समारोह में लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, अन्य जनप्रतिनिधि, मंडी व्यापारी संघ के पदाधिकारी, व्यापारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इन 32 दुकानों से किसानों और व्यापारियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने की बात कही और बताया कि मंडी की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मंडी के विकास के लिए भेजे गए 2.5 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा। देवड़ा ने आगे कहा कि प्रदेश की मंडियां लगातार आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही हैं। उन्होंने दिसंबर 2026 तक गांधी सागर का पानी हर खेत तक पहुंचाने के लक्ष्य का भी जिक्र किया, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक देश से गरीबी खत्म करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सुधीर गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 500 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और 25 एम्स संचालित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना से लाखों लोगों को जीवनरक्षक उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग कर प्राकृतिक खेती अपनाने की भी अपील की।
कपूरथला शहर में एक कपड़ा व्यापारी पर उसकी दुकान में घुसकर हमला किया गया। अज्ञात हमलावरों ने व्यापारी को कृपाणों से घायल कर दिया और दुकान में तोड़फोड़ की। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। घायल व्यापारी को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ज्योतिका क्लॉथ हाउस के मालिक और घायल व्यापारी अशोक कुमार ने बताया कि दोपहर बाद कुछ युवक उनकी दुकान पर खरीदारी के लिए आए थे। सामान देखने के बाद उन्होंने पैसे न होने की बात कहकर वापस आने को कहा। कुछ देर बाद वही युवक कुछ अन्य लोगों के साथ दुकान पर लौटे। आरोपियों ने कृपाणों से किया हमला बातचीत के दौरान अचानक विवाद शुरू हो गया और आरोपियों ने दुकान में तोड़फोड़ करते हुए कृपाणों से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे मोहित कुमार ने उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया। दुकान मालिक ने बताया कि यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। घटना की सूचना तत्काल सिटी थाना पुलिस को दी गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दुर्ग में आइसक्रीम पार्लर की आड़ में देह व्यापार चलाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एसीसीयू (ACCU) और कोतवाली टीम के साथ मिलकर एक परिसर में छापा मारकर इस रैकेट का खुलासा किया। मौके से तीन युवतियां और तीन ग्राहक पकड़े गए हैं, जिनसे पूछताछ जारी है। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, पुलिस की टीम रविवार दोपहर करीब 3 बजे तीन वाहनों में मौके पर पहुंची। इसके बाद परिसर को घेरकर अंदर जांच शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की और मौके से अन्य सबूत भी जुटाए। देर शाम तक पुलिस की कार्रवाई जारी रही। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस भवन में कार्रवाई हुई, उसके नीचे मिठाई दुकान और आइसक्रीम पार्लर संचालित होती थी, जबकि ऊपर बने लॉज में देह व्यापार का कारोबार चलाया जा रहा था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस ने मौके से दुकान संचालक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इसके अलावा अंदर मौजूद तीन युवतियों और तीन ग्राहकों से भी अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कारोबार का संचालन कब से हो रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। केवल चुने हुए ग्राहकों को ही एंट्री लॉज में हर किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता था। केवल उन्हीं लोगों को अंदर आने दिया जाता था, जिनका मोबाइल नंबर पहले से दर्ज या सेव रहता था। इससे आशंका जताई जा रही है कि पूरा काम सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया है और जांच के लिए सुरक्षित रखा है। बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल कोतवाली पुलिस और एसीसीयू की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
पन्ना में व्यापारी के बेटे को पुलिस ने ढूंढा:अपहरण की कहानी पर संदेह, 10 लाख फिरौती मांगी गई थी
पन्ना के पवई में एक कपड़ा व्यापारी के 20 साल के बेटे के अपहरण और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। शनिवार रात को हुई इस घटना के बाद पुलिस ने रविवार को युवक को हथकुरी के घने जंगलों से सुरक्षित ढूंढ निकाला। हालांकि, शुरुआती पूछताछ में यह पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। पवई के कपड़ा कारोबारी राजेश कुमार डेंगरे का 20 वर्षीय बेटा अंशुल उर्फ कान्हा शनिवार रात को अचानक लापता हो गया था। इसके कुछ ही देर बाद परिवार के पास बदमाशों का फोन आया, जिसमें अंशुल के किडनैप होने की बात कहकर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। घबराए परिवार ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना पवई पुलिस को दी। भारी बारिश और अंधेरे में जंगलों में घुसी पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक (एसपी) निवेदिता नायडू ने तुरंत एक स्पेशल टीम और साइबर सेल को काम पर लगाया। शनिवार रात को भारी बारिश और घने अंधेरे के बीच पुलिस टीम मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों के जरिए मिली जानकारी के आधार पर हथकुरी के बीहड़ जंगलों में पैदल ही सर्चिंग के लिए निकल पड़ी। युवक तो मिला, पर कहानी निकली संदिग्ध कई किलोमीटर तक जंगलों को छानने के बाद पुलिस ने युवक अंशुल को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस के आने की भनक लगते ही आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले। फरार आरोपियों की पहचान राजू उर्फ राजकमल रजक, शिवेन्द्र सिंह और राजकुमार पाल के रूप में हुई है, जिनकी तलाश में पुलिस जगह-जगह छापे मार रही है। पवई थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार ने बताया कि युवक को तो बचा लिया गया है, लेकिन शुरुआती पूछताछ में उसकी बातें और पूरा घटनाक्रम संदेहास्पद लग रहा है। पुलिस अब इसकी गहराई से जांच कर रही है कि यह सचमुच अपहरण था या इसके पीछे कोई और कहानी है।
खंडवा के किसानों ने मथुरा के एक व्यापारी को दिल्ली जाकर दबोच लिया। उसे पकड़कर रविवार को खंडवा के पंधाना थाने लाया गया। जहां उससे बकाया राशि वसूलने के लिए पहले FIR की धमकी दी, तब व्यापारी ने बेटे से 5 लाख रुपए किसानों के खाते में डलवाए और बचे 25 लाख रुपए के लिए बेटे को चेकबुक लेकर खंडवा बुलाया है। दरअसल, पंधाना क्षेत्र के करीब 25 अरबी उत्पादक किसानों ने स्थानीय व्यापारियों की मार्फत मथुरा के रहने वाले व्यापारी रमनसिंह को उपज बेची थी। उपज का करीब 30 लाख रुपए लंबे समय से रमनसिंह पर बकाया चल रहा था। उसने किसान और अरबी व्यापार से जुड़े लोगों से संपर्क तोड़ लिया था। इसके बाद कुछ किसानों ने रूपए लेने के हिम्मत जुटाई और व्यापारी रमनसिंह की तलाश में दिल्ली निकल गए। करीब चार दिन की मशक्कत के बाद रमनसिंह हाथ आया। पूरी राशि लौटाने का वादा कियाकिसानों ने दिल्ली में बातचीत की बजाय रमनसिंह को ट्रेन में बैठाया और खंडवा के लिए निकल गए। उसे पंधाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान रमनसिंह ने पूरी बकाया राशि लौटाने का वादा किया। उसने बेटे को फोन 5 लाख रुपए किसानों के खाते में डलवाए। आश्वस्त किया कि बाकी की रकम वह महीनेभर के भीतर चुकता कर देगा। बदले में चेक देगा, इसलिए बेटे को मथुरा से चेकबुक लेकर खंडवा बुलाया है। ग्राम माकरला के किसान ताराचंद पटेल के 3 लाख 58 हजार रुपए बाकी थे। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।
शहडोल शहर में रविवार को नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड तक चल रही कार्रवाई के बीच एक ऑटो पार्ट्स व्यापारी की दुकान की छत गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की जेसीबी मशीनों पर पथराव किया, जिसके चलते प्रशासन को अभियान रोकना पड़ा। नगर पालिका, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम रविवार सुबह इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड तक प्रस्तावित मॉडल सड़क के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। यह अभियान लगभग एक किलोमीटर लंबी और 17 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए चलाया जा रहा है। कार्रवाई के तहत करीब 50 दुकानों, मकानों और बाउंड्रीवाल पर जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित लोगों को छह माह पहले नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद एक सप्ताह पहले दोबारा नोटिस देकर अतिक्रमण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। शनिवार को मुनादी कर भी लोगों को रविवार की कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान, ऑटो पार्ट्स व्यापारी सीताराम गुप्ता (45) अपनी दुकान से सामान निकालने के लिए अंदर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसी समय दुकान की छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया और वे मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर एंबुलेंस से शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने नगर पालिका की दो जेसीबी मशीनों पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए नगर पालिका के अधिकारी और भवन शाखा की टीम मौके से हट गई, और प्रशासन ने फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित कर दी है।
सहारनपुर पुलिस ने ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार 200 रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी से दो शातिर साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, स्कैनर, पीओएस मशीन, अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और फर्जी कंपनियों से संबंधित कागजात सहित साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है। कारोबारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को बेहट रोड स्थित कुष्ठ आश्रम के सामने रहने वाले मंगलम एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अंशुल गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। KU COIN और MING COIN ऐप के जरिए कराया निवेश आरोपियों ने पीड़ित को KU COIN ऐप और MING COIN ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके लिए 7032700245 टोल फ्री नंबर के जरिए उनसे संपर्क किया गया। झांसे में आकर अंशुल गुप्ता ने अलग-अलग किश्तों में कुल 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार 200 रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो पैसा वापस नहीं मिला। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ और साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। बैंक खाते और मोबाइल नंबर की जांच से मिला सुराग मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की। जांच में पता चला कि ठगी गई रकम में से 4 लाख रुपये आरोपी सद्दाम के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। जब पुलिस खाते से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने पहुंची तो उसमें दर्ज पता फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग की, जिससे सद्दाम की लोकेशन गाजियाबाद की दीपक विहार, खोड़ा कॉलोनी में मिली। सूचना के आधार पर साइबर क्राइम टीम ने वहां दबिश देकर सद्दाम और उसके साथी जावेद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी संगठित गिरोह के सदस्य पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी शातिर साइबर अपराधी हैं और संगठित तरीके से ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अब इनके बैंक खातों, नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी जांच कर रही है। आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, एक एसर कंपनी का लैपटॉप, दो स्कैनर, एक स्कैनर मशीन, एक पीओएस मशीन, तीन प्लास्टिक की मोहरें, सात अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड, तीन अलग-अलग कंपनियों के पंपलेट, तीन उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र। एक पासपोर्ट, तीन आधार कार्ड, 20 चेक (19 खाली और एक भरा हुआ), 26 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 19 चेकबुक, 24 पासबुक और चार अलग-अलग कंपनियों की बिल बुक बरामद की हैं। बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सद्दाम मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, जबकि वह वर्तमान में गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में रह रहा था। दूसरा आरोपी जावेद अंसारी झारखंड का निवासी है और वह भी फिलहाल गाजियाबाद में रहकर साइबर ठगी की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
शेयर बाजार की चाल इन तीन फैक्टर्स पर निर्भर: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चा तेल घरेलू आकड़े
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी।
कालीबावड़ी में शुक्रवार देर रात तीन नकाबपोश बदमाशों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता व गल्ला व्यापारी नेमीचंद राठौड़ (80) के घर धावा बोलकर 22 मिनट तक आतंक मचाया। बदमाश रात 1.03 बजे चैनल गेट का ताला तोड़कर घर में घुसे। आवाज सुनकर जैसे ही नेमीचंद राठौड़ कमरे से बाहर आए, बदमाशों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके दोनों हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए, जबकि जांघ और पिंडलियों पर चोटें आईं। गंभीर हालत में उन्हें इंदौर रेफर किया गया है। वारदात के दौरान बदमाशों ने उनकी पत्नी पार्वतीबाई (70) के गले से मंगलसूत्र और पांचाली भी लूट ली। महिला के शोर मचाने पर पास में रहने वाले बेटा राजेश और पोता गोपाल दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज के अनुसार बदमाश 1.03 बजे घर में घुसे और 1.25 बजे तक अंदर रहे। सूचना मिलते ही मनावर एसडीओपी ब्रजेश मालवीय और धरमपुरी थाना प्रभारी संतोष यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। शनिवार सुबह एसपी सचिन शर्मा ने घटनास्थल पहुंचकर निरीक्षण किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। घटना के बाद ग्रामीणों ने एसपी के सामने गांव में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग दोहराई। धरमपुरी थाना करीब 13 किलोमीटर दूर होने से पुलिस के पहुंचने तक आरोपी फरार हो जाते हैं। एसपी ने पुलिस चौकी के प्रस्ताव पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों के मुताबिक करीब चार वर्ष पहले जन्माष्टमी की रात भी नेमीचंद राठौड़ के घर लूट की वारदात हुई थी। तब भी बुजुर्ग पर हमला कर लूटपाट की गई थी। दूसरी बार उसी परिवार को निशाना बनाया गया।
व्यापारी संगठनों और राम मंदिर प्रबंधन समिति ने सीपी से मुलाकात की
जालंधर | नवनियुक्त पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह (आईपीएस) का व्यापारी संगठनों और राम मंदिर प्रबंधन समिति ने स्वागत किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि वे स्थानीय मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जिससे समस्याओं का समाधान होगा। बैठक में तय हुआ कि स्थानीय समस्याएं और सुझाव साझा करने के लिए एक बैठक होगी। पुलिस आयुक्त ने जन सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून- व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का आश्वासन दिया। यहां नरेंद्र सिंह सग्गू, तजिंदर सिंह भसीन, नितिन कपूर, संजीव जुनेजा, राहुल टंडन, एसके पवार, संदीप थापर और पवन सेतिया उपस्थित रहे।
गोरखपुर में संभल SP KK बिश्नोई बनकर साइबर जालसाजों ने ठगी करने की कोशिश की। उन्होंने शहर के एक व्यापारी को SP के फर्जी फेसबुक एकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा। एक्सेप्ट करने पर मैसेज के जरिए खुद को KK विश्नोई बताते हुए अपने किसी रिश्तेदार का गोरखपुर से ट्रांसफर होने की बात कही। और उनके पुराने फर्नीचर को कम दामों में खरीदने के लिए कहा। इसके लिए व्यापारी से 85 हजार रुपए ऑनलाइन भेजने की मांग की। जिससे व्यापारी को शक हुआ और उन्होंने तत्काल SP को काल करके जानकारी ली। तब मामले का खुलासा हुआ। जानिए पूरा मामला... जानकारी के अनुसार शनिवार को चैंबर आफ टेक्सटाइल्स के अध्यक्ष राजेश नेभानी के फेसबुक अकाउंट पर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई। सामने वाले ने खुद को एसपी बताते हुए कहा कि गोरखपुर में तैनात सेना के एक अधिकारी उनके दोस्त हैं, जिनका ट्रांसफर हो गया है और वह कम कीमत पर अपना फर्नीचर व घरेलू सामान बेचना चाहते हैं। उनकाे आपका नंबर दे रहा हूं बात कर लिजिए। रूपए मांगने पर शक हुआ कुछ देर बाद राजेश नेभानी के पास दूसरे नंबर से फोन आया। काल करने वाले ने अपना नाम संतोष कुमार और खुद को सेना का अधिकारी बताते हुए कहा कि सामान खरीदने के लिए उनके खाते में 85 हजार रुपये आनलाइन जमा कर दीजिए। व्यापारी ने एसपी संभल केके बिश्नोई से जानकारी ली व्यापारी के पास उसने सोफा व बेड की तस्वीर भेजी। उसने भरोसा दिलाया कि भुगतान के बाद फर्नीचर और अन्य सामान मिल जाएगा। संदेह होने पर व्यापारी ने एसपी संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई से संपर्क कर जानकारी ली। एसपी ने बताया कि उनके नाम से बनाई गई फेसबुक आइडी फर्जी है और साइबर अपराधी उसी के जरिए लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं
राजस्थान में पहली बार आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), हस्तशिल्प, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को नई गति देने के लिए कई अहम घोषणाएं की। जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपए से ज्यादा के ऋण, अनुदान और सब्सिडी के चेक और रीको की योजनाओं के तहत भूमि आवंटन पत्र और ऑफर लेटर बांटे किए। साथ ही राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) कॉफी टेबल बुक और रैम्प (राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार सृजन के सबसे बड़े माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और विकास के साथ प्रदेश की विरासत को संरक्षित रखने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आज राजस्थान में 33 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिससे प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा एमएसएमई राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां लागू कर रही है और राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 के तहत पिछले एक वर्ष में 1600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इसके साथ ही उद्योगों से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए लैंड यूज अप्रूवल की समय-सीमा 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। वहीं उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक स्वीकृतियों का समय 120 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की व्हाइट कैटेगरी भी 104 से बढ़ाकर 877 उद्योगों तक विस्तारित की गई है, जिससे हजारों उद्यमियों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राजस्थान में सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग पार्क, सिरेमिक पार्क, डाटा सेंटर पार्क और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के माध्यम से प्रत्येक जिले के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से कृषि आधारित प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों और सूक्ष्म उद्यमों के उत्पादों के विपणन के लिए पीपीपी मॉडल पर हाट विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर में इन हाटों का विकास होगा। इसके अलावा पंच गौरव योजना के तहत चिन्हित प्रजातियों और वनस्पतियों से जुड़ी प्रसंस्करण इकाइयों को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स)-2024 में भी कई बड़े बदलावों की घोषणा की। एमएसएमई इकाइयों के लिए कैपिटल सब्सिडी की अवधि 10 वर्ष से घटाकर 7 वर्ष की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए चयनित कंपोनेंट श्रेणियों में न्यूनतम निवेश सीमा 25 करोड़ रुपये से घटाकर 15 करोड़ रुपए कर दी गई है। वहीं भारत सरकार की ईसीएमएस योजना के तहत आने वाली परियोजनाओं को अब तीन के बजाय पांच चरणों में निवेश करने की अनुमति मिलेगी। महिला और दिव्यांग कार्मिकों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के लिए मिलने वाला मासिक भत्ता 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 6 हजार कर दिया गया है। इसके साथ ही राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से इस वर्ष 25 नए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की गई। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से लगातार नई नीतियां और योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 33 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को एक मंच पर लाने के लिए शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्टार्टअप संस्थापक, उद्योगपति, शिक्षाविद, आईटी विशेषज्ञ, डिजिटल क्रिएटर्स और युवा उद्यमियों ने भाग लिया।समारोह में तकनीक, शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार और डिजिटल क्रिएशन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली 20 से अधिक प्रतिभाओं और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल राजस्थान बनाने का संकल्प लेते हुए प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। आईटी विस्तार से बदलेगा प्रदेश का भविष्यकार्यक्रम का शुभारंभ सांसद मंजू शर्मा और वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम संयोजक पंकज गुप्ता ने कहा कि तकनीक आधारित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है। सह-संयोजक मानव जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से राजस्थान में आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य उज्ज्वल है। पैनल चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सुरक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार, स्टार्टअप फंडिंग, ऑटोमेशन और टियर-2 शहरों में उद्यमिता की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी दक्षता आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप के समन्वय पर जोरकार्यक्रम में डॉ. ऋतु बनावत, ऋषि बंसल, सुरेश सैनी, सुभाष गोयल, अरुण अग्रवाल, जगदीश सोमानी, परेश गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, इंजी. अनुराग अग्रवाल (अरुण आर्या), भवानी सिंह राजावत, शिल्पी आर. पुरोहित, मनीष मित्तल, डॉ. मनोज गुप्ता (प्रो प्रेसिडेंट), डॉ. श्रद्धा आर्या, सोनिया माहेश्वरी, उमाशंकर अरोड़ा, मनीष गुप्ता, गौरव खेतरपाल और सेलिब्रिटी एंकर अंकित खंडेलवाल मौजूद रहे। वहीं आर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), पूर्णिमा यूनिवर्सिटी, वेबक्यूब सहित कई तकनीकी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों ने भागीदारी की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बेहतर समन्वय से राजस्थान तकनीकी नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को देश के बड़े टेक्सटाइल और गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर यहां 81 एकड़ में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है। इसका मकसद प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और नए उद्योगों को बढ़ावा देना है। टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट निर्माण यूनिट लगाने का काम शुरू हो गया है। इस यूनिट में करीब 235 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। इससे 4600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। 25 जून को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने इस यूनिट का भूमिपूजन किया। यह यूनिट तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड लगा रही है। कंपनी यहां बच्चों के कपड़े (किड्सवियर), निट गारमेंट्स और अन्य वस्त्र तैयार करेगी। इन उत्पादों का निर्यात यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में किया जाएगा। तीन कंपनियों को मिली जमीन टेक्सटाइल पार्क में सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि तीन कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इनमें स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी भी शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों के जरिए करीब 445 करोड़ रुपए का निवेश होने और 11 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित होने की संभावना है। उद्योगों के लिए तैयार हो रही सभी सुविधाएं सरकार टेक्सटाइल पार्क में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से सभी जरूरी सुविधाएं तैयार कर रही है। यहां पक्की सड़कें, बिजली, पानी, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी सड़क और लॉजिस्टिक सुविधा मिलने से निवेशकों की रुचि भी लगातार बढ़ रही है। नई औद्योगिक नीति से मिलेगा फायदा राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी है। इस नीति के तहत उद्योगों को रोजगार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक की रोजगार सहायता पांच साल तक देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 1.6 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने क्या कहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए तेजी से काम कर रही है। उद्योगों के विस्तार से रोजगार बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।
हर्ष फायरिंग में मामा की मौत:विदिशा में भांजे की शादी में रायसेन के किराना व्यापारी को लगी गोली
विदिशा में एक शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में रायसेन के 35 वर्षीय किराना व्यापारी राकेश सेन की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना विदिशा शहर के लवकुश नगर स्थित कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार शनिवार दिन रात को हुई, जहां राकेश सेन अपने भांजे की शादी में शामिल होने गए थे। शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार, राकेश सेन अपनी बहन के बेटे की शादी में शामिल होने विदिशा पहुंचे थे। समारोह में कथित तौर पर हर्ष फायरिंग के लिए लाए गए देसी कट्टे से अचानक गोली चल गई। यह गोली राकेश सेन को जा लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। मामले में पुलिस ने आरोपी भांजे अन्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हर्ष फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार के स्रोत और उसकी वैधता की जांच कर रही है। राकेश सेन रायसेन शहर के वार्ड चार रामपुर में किराने की दुकान चलाते थे। वे विवाहित थे और अपने पीछे पत्नी व दो बेटियों को छोड़ गए हैं। वे अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके पिता का नाम बेनी प्रसाद सेन है। मृतक राकेश सेन का अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया।
किशनगंज के कोचाधामन थाना क्षेत्र में एक मवेशी व्यापारी से हुई लूट की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने स्वयं घटनास्थल शीतलनगर का दौरा किया और मामले का गहनता से निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से घटना से संबंधित सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित मवेशी व्यापारी से भी मुलाकात की और घटना के समय, अपराधियों की संख्या तथा उनके हुलिए के बारे में विस्तार से पूछताछ की। उल्लेखनीय है कि चार दिन पूर्व शीतलनगर में अज्ञात बदमाशों ने हथियार के बल पर एक मवेशी व्यापारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद से इलाके के व्यापारियों में असुरक्षा की भावना व्याप्त है। एसपी संतोष कुमार ने कोचाधामन थानाध्यक्ष और अनुसंधानकर्ता को सख्त निर्देश दिए कि घटना में शामिल अपराधियों की शीघ्र पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर अनुसंधान को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इस मामले के त्वरित खुलासे के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मवेशी व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस की इस सक्रियता के बाद स्थानीय व्यापारियों ने संतोष व्यक्त किया है और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई है।
पठानकोट जिले में भू-माफियाओं द्वारा अवैध कॉलोनियां विकसित करने का सिलसिला जारी है। बूंगल भदानी, धारकलां और नीम पहाड़ी जैसे क्षेत्रों में बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला टाउन प्लानर (डीटीपी) विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में बूंगल भदानी क्षेत्र में एक अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला टाउन प्लानर (डीटीपी) कार्यालय ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं। डीटीपी जी.एस. संधू ने बताया कि जिले में जहां भी बिना लाइसेंस या नियमों के विपरीत कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, वहां विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। निवेश करने से पहले पूरी जांच करें उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई किसी भी प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। उन्होंने बताया कि विभाग ने जिला प्रशासन की वेबसाइट पर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों की सूची उपलब्ध करवाई है। निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी लाइसेंस प्राप्त है या नियमित श्रेणी में आती है। अवैध निर्माण की जानकारी मिली को होगी कार्रवाई डीटीपी जी.एस. संधू ने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनी या अवैध निर्माण की जानकारी मिलती है तो विभाग नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले विभाग से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और सलाह अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
विश्व बैंक की एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम (BUTP) के तहत गयाजी और बोधगया में अलग-अलग शहरी विकास और आधारभूत संरचना परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत नगर आयुक्त-सह-अपर समाहर्ता आदित्य कुमार पीयूष ने किया। एक प्रस्तुतीकरण सत्र में प्रतिनिधिमंडल को शहर में चल रही शहरी विकास योजनाओं की स्थिति की जानकारी दी गई। इसमें शहर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता प्रबंधन, भूमिगत जल निकासी, सीवरेज नेटवर्क विस्तार, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और प्रमुख बाजार क्षेत्रों को पैदल यात्री अनुकूल बनाने की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का भी निरीक्षण किया टीम ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का भी निरीक्षण किया, जहां इसे आधुनिक खेल परिसर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके बाद, नव-निर्मित विरासत स्तंभ और मिर्जा गालिब गोलंबर के पास प्रस्तावित वेंडिंग ज़ोन परियोजना को भी देखा गया, जिसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ने विष्णुपद मंदिर परिसर का भ्रमण किया और विष्णुपद कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। टीम ने मंदिर परिसर और उससे जुड़े घाट क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र में संरचनाओं के संभावित पुनर्स्थापन, नागरिक सुविधाओं के पुनर्निर्माण, पहुंच मार्गों के उन्नयन, बहुस्तरीय वाहन पार्किंग के निर्माण और भगवान विष्णु की भव्य प्रतिमा स्थापना जैसे विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। रिवरफ्रंट डेवलपमेंट मार्ग से होते हुए प्रतिनिधिमंडल बोधगया पहुंचा। बोधगया में टीम ने स्थानीय बाजारों और आवासीय क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय अर्थव्यवस्था, आजीविका गतिविधियों और नगरीय स्वरूप को देखा। अंत में, प्रतिनिधिमंडल ने गया और बोधगया के बीच प्रस्तावित 'मगध सैटेलाइट टाउनशिप' परियोजना स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना की अवस्थिति, भूमि उपलब्धता, संपर्कता और भावी विकास की संभावनाओं का मूल्यांकन किया गया। रोजगार के क्षेत्र में होगा फायदा अवगत कराया गया कि प्रस्तावित टाउनशिप अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 3.5 किलोमीटर की दूरी पर है और इसे एयरोसिटी (Aerocity) मॉडल के अनुरूप विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। विश्व बैंक की ओर से बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के अंतर्गत राज्य में आने वाले 5 साल के दौरान शहरी और आधारभूत संरचना विकास के लिए लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में पटना, गया और मुजफ्फरपुर को सम्मिलित करते हुए राज्य के प्रथम अर्बन एक्सियल नोड (Urban Axial Node) के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। आर्थिक विकास की संभावनाओं पर हुई बातभ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल और राज्य/स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के बीच अलग-अलग शहरी अवसंरचना परियोजनाओं, दीर्घकालिक नगरीय नियोजन, आर्थिक विकास की संभावनाओं और शहरों के भावी विस्तार संबंधी विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली और जापान सहित विभिन्न देशों से आए शहरी नियोजन विशेषज्ञ, अवसंरचना विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री शामिल थे।
लखनऊ में एक कारोबारी से फेसबुक पर दोस्ती कर डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 3.27 करोड़ रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। पीड़ित ने महिला समेत चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अलीगंज के सेक्टर-एन निवासी दीपक अग्रवाल ने पुलिस से की शिकायत में बताया वह श्री इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर हैं और जल निगम के ठेके लेकर ट्यूबवेल स्थापना व पानी की टंकियों का निर्माण कराते हैं। साल 2025 में कारोबार में काफी नुकसान हो रहा था।इस दौरान अक्टूबर में फेसबुक पर रीना अग्रवाल नाम की महिला से संपर्क हुआ। बाद में उसने अपना नाम स्वीटी अहलावत बताया और खुद को अमेरिका स्थित डिजिटल गोल्ड मिरेकल (DGM) कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर एवं एडवाइजर बताया।ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दिया स्वीटी ने अपनी बहन मीनू अहलावत और पिता अजीत सिंह अहलावत से भी बातचीत कराई। पिता को बीएसएफ में अधिकारी बताया। तीनों ने ट्रेडिंग में कभी नुकसान न होने और मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाकर 25 नवंबर 2025 को डीजीएम में उनका अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में 40 हजार रुपए जमा कराने के बाद लगातार निवेश कराया गया। दीपक का आरोप है कि ट्रेडिंग अकाउंट में प्रॉफिट सहित 10.23 लाख अमेरिकी डॉलर दिखाए गए, लेकिन रकम इंडियन एकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आयकर, स्टांप ड्यूटी और सेटलमेंट टैक्स के नाम पर करीब 3.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त रख दी गई। आरोपियों ने उनकी पत्नी अंकिता अग्रवाल के नाम से भी दूसरा ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाकर और निवेश कराया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में उन्होंने कुल 3 करोड़ 27 लाख 18 हजार 553 रुपए ट्रांसफर किए। बाद में महिला ने दोनों मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए और फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कर दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ। दो करोड़ लोन लेकर निवेश किया दीपक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि स्वीटी अहलावत, मीनू अहलावत, अजीत सिंह अहलावत और सुयोगा भटारिया संगठित गिरोह बनाकर लोगों को डिजिटल ट्रेडिंग के नाम पर ठग रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस रकम की व्यवस्था के लिए करीब दो करोड़ रुपए का बैंक से लोन भी लिया था, जिसकी 6 से 7 लाख रुए मासिक किस्त अभी भी चुका रहे हैं। वहीं मामले में इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
जयपुर अब तेजी से हेरिटेज शहर से आधुनिक मेट्रो शहर की ओर बढ़ रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश का त्रिकोण इस विकास की रीढ़ बन गया है। इस ग्रोथ ट्रायंगल को जमीन पर उतारने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं लव होम्स के डायरेक्टर अमित विजयवर्गीय। वह पिछले कई वर्षों से जयपुर के रियल एस्टेट क्षेत्र को नई दिशा दे रहे हैं। उनका मानना है कि दिल्ली-एनसीआर से मात्र ढाई घंटे की दूरी और वहां की तुलना में चौथाई कीमत पर उपलब्ध प्रॉपर्टी ने जयपुर को राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का पसंदीदा स्थान बना दिया है। आईटी-फिनटेक कंपनियों के बैक ऑफिस आने और व्हाइट कॉलर जॉब्स बढ़ने से मिडिल तथा अपर मिडिल क्लास हाउसिंग की मांग में उछाल आया है। विजयवर्गीय पोस्ट कोविड बदलाव को अच्छी तरह समझते हैं। आज खरीदार सिर्फ चार दीवारी नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल, गेटेड कम्युनिटी, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, ग्रीन एरिया और बच्चों के बेहतर पालन-पोषण की सुविधाएं खरीदना चाहते हैं। लव होम्स इसी सोच के साथ किफायती सेगमेंट में प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। रेरा ने पूरे सेक्टर में पारदर्शिता और विश्वास का माहौल बनाया है, जिससे बाहर के निवेशक और प्रवासी राजस्थानी भी आत्मविश्वास से जयपुर में निवेश कर रहे हैं। अमित विजयवर्गीय सरकार से आईटी पॉलिसी लाने की अपील करते रहे हैं, ताकि रोजगार बढ़े और जयपुर गुड़गांव या पुणे की राह पर और तेजी से आगे बढ़ सके। जयपुर का रियल एस्टेट भविष्य में और चमकने वाला है और अमित विजयवर्गीय जैसे डेवलपर्स इसी बदलाव की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।
फाजिल्का शहर के प्रमुख मेन बाजार चौंक घंटाघर में इन दिनों असामान्य सन्नाटा देखने को मिल रहा है। आम दिनों में जहां बाजार में लोगों की भारी आवाजाही और रौनक रहती है, वहीं अब अधिकांश दुकानें बंद होने के कारण बाजार सूना नजर आ रहा है। दरअसल, शहर के करियाना व्यापारियों, मोबाइल विक्रेताओं और अन्य यूनियनों के सदस्यों ने गर्मियों की छुट्टियां मनाने के लिए सामूहिक रूप से बाहर घूमने जाने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, करियाना एसोसिएशन ने 26 जून से 28 जून तक अपनी सभी दुकानों को बंद रखने का फैसला किया है। इस संबंध में पहले से ही शहर में अनाउंसमेंट कर लोगों को सूचित कर दिया गया था ताकि उन्हें आवश्यक सामान की खरीदारी में किसी प्रकार की परेशानी न हो। करियाना एसोसिएशन के अधीन करीब 150 से अधिक दुकानें आती हैं, जो इन दिनों पूरी तरह बंद हैं। मोबाइल यूनियन ने भी बंद की दुकान वहीं मोबाइल यूनियन के सदस्यों ने भी छुट्टियां मनाने के लिए अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। शहर में मोबाइल कारोबार से जुड़ी लगभग 100 दुकानें भी बंद पड़ी हैं। इसके चलते बाजार की रौनक काफी प्रभावित हुई है और मुख्य बाजारों में भीड़भाड़ की जगह सन्नाटा दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय यूनियन स्तर पर लिया गया है और सभी सदस्यों के लिए इसका पालन करना अनिवार्य माना गया है। बताया जा रहा है कि यदि कोई सदस्य यूनियन के फैसले के विपरीत दुकान खोलता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय बाद सामूहिक रूप से छुट्टियां मनाने का यह कार्यक्रम बनाया गया है।
हरियाणा के नारनौल में क्षेत्र की रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। होजरी एंड गारमेंट्स होलसेल एसोसिएशन ने दैनिक रेल यात्री एवं जनकल्याण संघ के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम स्टेशन अधीक्षक, नारनौल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि किसी भी क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक विकास के लिए मजबूत रेल संपर्क जरूरी है। रेवाड़ी-नारनौल-रींगस-फुलेरा (आरपीसी) रेलखंड से प्रतिदिन हजारों यात्री और व्यापारी सफर करते हैं, लेकिन लंबे समय से इस मार्ग पर रेल सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हो पाया है। इसका असर व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ रहा है। खाटू नाम से हो ट्रेन एसोसिएशन ने 04693/04694 दादर-श्री माता वैष्णो देवी रेलसेवा का नियमित संचालन करने, 'खाटू नगरी एक्सप्रेस' के नाम से जयपुर-रींगस-नीमकाथाना-नारनौल-रेवाड़ी-दिल्ली-हरिद्वार के बीच दैनिक ट्रेन चलाने तथा दिल्ली से कोटा, उदयपुर, उज्जैन, इंदौर, भोपाल और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के लिए नई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन आरपीसी रेलमार्ग से शुरू करने की मांग की। व्यापार को मिलेगी गति पदाधिकारियों ने कहा कि इन मांगों को मंजूरी मिलने से नारनौल सहित पूरे क्षेत्र के व्यापार को नई गति मिलेगी। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनेगी और विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों तथा आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। अभियान को मिलेगी मजबूती दैनिक रेल यात्री एवं जनकल्याण संघ के पदाधिकारियों ने होजरी एंड गारमेंट्स होलसेल एसोसिएशन का आभार जताते हुए कहा कि विभिन्न व्यापारी, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का लगातार मिल रहा समर्थन क्षेत्र की वर्षों पुरानी रेल मांगों को पूरा कराने के अभियान को और मजबूती देगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के प्रधान मुकेश जिंदल, सचिव मोहित जिंदल, उप प्रधान राजीव जैन, नरेश मित्तल व पूनम फौजदार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
चंडीगढ़ के उद्योग संगठनों ने मास्टर प्लान-2031, औद्योगिक नियमों और लैंड यूज पॉलिसी में ऐसे बदलाव करने की मांग की है, जिससे उद्योगों को लाभ हो। सार्वजनिक सुनवाई के दौरान व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने स्क्रीनिंग कमेटी को अपने सुझाव दिए। उनका कहना है कि नियमों को सरल बनाया जाए, ताकि उद्योगों का विस्तार आसानी से हो सके और कारोबार पर अतिरिक्त खर्च का बोझ न पड़े। उद्योग संगठनों की ओर से प्रतिनिधि के रूप में चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कन्वर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन चंदर वर्मा ने कहा कि अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) देने के लिए प्रशासन द्वारा रखी गई शर्तें व्यावहारिक नहीं हैं। उनका कहना है कि शहर के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की क्षमता को आधार बनाकर FAR सीमित करना उचित नहीं है। यदि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता है, तो यह प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसका बोझ उद्योगों पर नहीं डाला जाना चाहिए। उद्योग संगठनों ने मांग की है कि अतिरिक्त FAR के लिए ली जाने वाली फीस कम की जाए। उनका कहना है कि पंजाब और हरियाणा में यह शुल्क कम है, इसलिए चंडीगढ़ में भी इसे घटाया जाए, ताकि यहां के उद्योग अन्य राज्यों के उद्योगों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर सकें। कन्वर्टेड इंडस्ट्रियल प्लॉट को मिले अतिरिक्त FAR व्यापार संगठनों ने सुझाव दिया कि जिन औद्योगिक प्लॉटों का उपयोग बदला गया है, उन्हें अनिवार्य सर्विस एरिया के कारण होने वाले स्थान के नुकसान की भरपाई के लिए 0.50 अतिरिक्त FAR दिया जाए। साथ ही, फैक्ट्री परिसर में कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवास को कुल FAR की गणना से बाहर रखा जाए। उद्योग संगठनों ने प्रशासन के उस प्रस्ताव का भी विरोध किया है, जिसमें अधिक FAR का लाभ लेने के लिए पुरानी इमारत को गिराकर दोबारा निर्माण करना अनिवार्य बताया गया है। उनका कहना है कि मौजूदा इमारतों पर ही अतिरिक्त मंजिलें बनाने की अनुमति दी जाए और मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इससे उद्योगों का समय और पैसों दोनों की बचत होगी। ग्राउंड कवरेज और मिक्स्ड लैंड यूज में छूट की मांग संगठनों ने सक्रिय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए अधिक ग्राउंड कवरेज की अनुमति देने की मांग की है। इसके अलावा, फेज-3 की तरह फेज-1 और फेज-2 के औद्योगिक क्षेत्रों में भी मिक्स्ड लैंड यूज की सुविधा लागू करने का सुझाव दिया गया है। उद्योग संगठनों का कहना है कि अनिवार्य सेंट्रल कोर्टयार्ड (आंगन) जैसे नियमों से भवन का उपयोग प्रभावित होता है और उत्पादन क्षमता घटती है। इसलिए इन प्रावधानों में भी व्यावहारिक बदलाव किए जाने चाहिए। साथ ही, जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) या कब्जे के दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति रखने वालों को भी अतिरिक्त FAR का लाभ देने, MSME अधिनियम के तहत सभी सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को मान्यता देने तथा भवन उल्लंघन और मिसयूज से जुड़े लंबित नोटिस वापस लेने की मांग भी की गई। उनका कहना है कि यदि प्रशासन अधिक FAR, कम शुल्क, मिक्स्ड लैंड यूज और सरल नियमों वाली संतुलित नीति लागू करता है, तो चंडीगढ़ में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बागपत में 3 लाख रुपए उधार मांगने गए दूध व्यापारी पर महिला ने कुत्ता छोड़ दिया। युवक को जमीन पर गिरा कर कुत्ते ने 8 जगह काटा। इस दौरान कुत्ते की मालकिन युवक को बचाती भी नजर आई। उसने डंडा लेकर उसे भगाने की कोशिश की लेकिन वह युवक को लगातार काटता जा रहा था। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। घटना का वीडियो 3 दिन बाद सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है। वीडियो में युवक घर का दरवाजा खोलकर अंदर आता है। वहां मौजूद महिला से सोनू के बारे में पूछता है। इसी दौरान घर का पालतू कुत्ता उस पर हमला कर देता है। उससे बचने की कोशिश में युवक जमीन पर गिर पड़ता है। जिसके बाद कुत्ता उसे लगातार 8 बार काटता है। देखें 2 तस्वीरें अब विस्तार से जानें पूरा मामला मेरठ के रसूलपुर जाहिद निवासी रमन 24 जून को गांवड़ी निवासी सोनू पर दूध के उधार रुपए मांगने गया था। उसपर 3 लाख रुपए कारोबार के बकाया थे। जब वह ये रुपये लेने सोनू के घर पहुंचा, तो उस पर पालतू कुत्ता छोड़ दिया गया। वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला डंडे से कुत्ते को मारकर हटाने की कोशिश करती है, लेकिन कुत्ता हमला जारी रखता है। इस दौरान महिला का दुपट्टा भी उतर जाता है और वह भी गिर जाती है। महिला रमन को बचाने के लिए चीख-पुकार भी मचाती है। किसी तरह रमन कुत्ते के चंगुल से छूटकर घर से बाहर निकलने में सफल हो जाता है। कुत्ते के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसका उपचार मेरठ मेडिकल कॉलेज में कराया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रमन ने सिंघावली थाने में मामले की शिकायत दी है। थाना सिंहावली प्रभारी मनोज चहल का कहना है, कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से वह फरार चल रहा है। मामले की जांच कर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ओडिशा के बालेश्वर में व्यापारी की हत्या के बाद बीजद ने जांच के लिए टीम का गठन किया
बीजू जनता दल (बीजद) ने बालेश्वर जिले के रेमुना क्षेत्र में एक व्यापारी की कथित हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त की और स्थिति का जमीनी जायजा लेने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक टीम का गठन किया।
इंदौर में शुक्रवार को आयोजित कॉन्क्लेव ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए। शेराटन ग्रैंड पैलेस में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देशभर से आए निवेशकों, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग विशेषज्ञों, कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने भाग लेकर भविष्य के हरित विकास मॉडल पर मंथन किया। ह्युन्स ऑफ ईवी द्वारा आयोजित इस सकॉन्क्लेव में 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, निवेशक और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इंदौर नगर निगम ने सिटी होस्ट पार्टनर के रूप में आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे शहर की स्वच्छ और टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्धता भी सामने आई। कॉन्क्लेव में ईवी इकोसिस्टम, बैटरी एवं ऊर्जा प्रबंधन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर एक्सपर्टस ने विस्तृत चर्चा की। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों ने इन क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चयनित स्टार्टअप्स की लाइव पिच प्रस्तुति रही। लगभग 2,400 आवेदनों में से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद नौ स्टार्टअप्स को निवेशकों के समक्ष अपने नवाचार और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस दौरान स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक चर्चाएं और नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित किए गए। सम्मेलन में कईअग्रणी कंपनियों की भागीदारी रही। आयोजन ने उद्योग, निवेशकों और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का मंच प्रदान किया। एचईवी सीईओ डॉ. ललित सिंह ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ परिवहन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे मंच नवाचार तथा निवेश को नई गति प्रदान करते हैं। वहीं, सलाहकार स्वप्निल बंसल ने कहा कि इंदौर जैसे शहरों में होने वाले ऐसे आयोजन टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय पहचान और निवेश के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। डायरेक्टर आभा सिंह और एडिटर दिव्या ठक्कर ने कहा कि यह कॉन्क्लेव इस बात का प्रमाण है कि स्वच्छ ऊर्जा और ईवी आधारित नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं। मध्य भारत भी तेजी से इस बदलाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा की समृद्ध समुद्री विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के समुद्री क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भामाशाह टेक्नो हब, जयपुर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला अनलॉकिंग राजस्थान्स स्टार्टअप पोटेंशियल : बिट्स बायोसाइटीआईएच नेक्सस – नवाचार एवं उद्यमिता के अवसर अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला का आयोजन बिट्स बायोसाइटीआईएच फाउंडेशन, इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज (आईएसएलएस), लेट्स स्टार्ट तथा आईस्टार्ट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर इस आयोजन का स्टार्टअप कैटेलिस्ट रहा। उद्घाटन सत्र में प्रो. सुधीर कुमार बराई, निदेशक, बिट्स पिलानी, प्रदीप ओझा, निदेशक, एमएसएमई, प्रो. अशोक कुमार, अध्यक्ष, आईएसएलएस तथा डॉ. अनिल वाली ने नवाचार आधारित उद्यमिता को राजस्थान के विकास का प्रमुख आधार बताया। इस अवसर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु फैकल्टी इनोवेशन एवं स्टार्टअप ट्रांसलेशन (एफआईएसटी) अनुदान कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया गया, जिसके अंतर्गत नवाचार आधारित परियोजनाओं को ₹75 लाख तक की सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एआईसीटीई के नवाचार प्रकोष्ठ से आये डॉ. दीपन साहू, प्रयोगशाला से बाजार तक विषय पर विशेष व्याख्यान दिया तथा शोध आधारित नवाचारों के व्यावसायीकरण की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला।दोनों दिनों में नीति, वित्तपोषण, निवेश, शैक्षणिक सहयोग तथा स्थानीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। इनमें श्री महावीर प्रताप शर्मा (स्विशिन वेंचर्स), डॉ. शीनू झंवर (टाई राजस्थान), अनिला चोरड़िया (एमएसएमई), डॉ. अनिल वाली, प्रो. अशोक कुमार, विकास रुस्तगी, प्रो. सुमिता कच्छवाहा, डॉ. सुनील छींपा सहित अनेक विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चाओं का संचालन डॉ. अक्षय जैन तथा डॉ. जे. एम. एस. मूर्ति ने किया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस आयोजित आइडियाथॉन एवं स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता में राज्यभर से चयनित नवाचारकर्ताओं एवं स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने अभिनव विचार एवं व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए। निवेशकों एवं विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया तथा संभावित निवेश एवं इन्क्यूबेशन अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. जे. एम. एस. मूर्ति ने बिट्स बायोसाइटीह फाउंडेशन की अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं—ओमिक्स लैब, डिवाइस लैब, फैब्रिकेशन लैब, बायोसेंसर लैब तथा इन्क्यूबेशन सुविधाओं—का विस्तृत परिचय कराया और प्रतिभागियों को उपलब्ध सहयोग योजनाओं की जानकारी दी। समापन समारोह में श्री कुलदीप रांका, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने नवाचार आधारित उद्यमिता को राज्य के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवाओं से रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रो. सुमिता कच्छवाहा तथा प्रो. अशोक कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नवाचारकर्ताओं एवं स्टार्टअप्स को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र एवं विशेष सम्मान प्रदान किए गए। चयनित स्टार्टअप्स को निवेशकों से संवाद, इन्क्यूबेशन सहयोग तथा आगे की मेंटरशिप के अवसर भी उपलब्ध कराए गए। आयोजकों ने बताया कि कार्यशाला ने अपने सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करते हुए राजस्थान में नवाचार, अनुसंधान आधारित उद्यमिता तथा स्टार्टअप संस्कृति को नई गति प्रदान की है। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, युवा नवाचारकर्ताओं तथा स्टार्टअप संस्थापकों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम की सफलता पर आयोजकों प्रो. हेमंत पारीक, डॉ. जे. एम. एस. मूर्ति तथा डॉ. सुनील छींपा ने सभी मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, निवेशकों, पैनल विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों, सहयोगी संस्थानों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से यह कार्यशाला राजस्थान के नवाचार एवं स्टार्टअप परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई।
बिलासपुर में नकली सोने की माला को असली बताकर व्यापारी से तीन लाख रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने पहले भरोसा जीतने के लिए दुकानदार को असली सोने का एक छोटा टुकड़ा दिया, जिसे उसने सोनार से जांच कराया तो वह असली निकला। इसके बाद ठगों ने उसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे सोने की माला बेच दी। लेकिन बाद में जब माला की जांच कराई गई तो वह नकली निकली। इसके बाद मामला सामने आया और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह घटना सकरी थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार सकरी के बंधवापारा निवासी अनिल विश्वकर्मा की घर में जनरल स्टोर की दुकान है। करीब एक सप्ताह पहले दो अनजान युवक उनके घर पहुंचे और एक चांदी का सिक्का दिखाकर उसके बारे में पूछताछ करने लगे। बातचीत के दौरान उनकी नजर घर में रखी माला की तस्वीर पर पड़ी। उन्होंने कहा कि उनके पास भी ऐसी ही एक माला है, जिसे वे बेचना चाहते हैं। पहले असली सोने का टुकड़ा दिखाकर जीता भरोसा दो दिन बाद दोनों युवक फिर अनिल के घर पहुंचे और एक थैले में रखी माला दिखाई। उन्होंने माला से एक छोटा टुकड़ा निकालकर अनिल को जांच के लिए दिया। अनिल ने वह टुकड़ा सकरी के पुराने बाजार स्थित एक सोनार से जांच कराया, जहां उसे असली सोना बताया गया। इसके बाद दोनों युवक लगातार फोन पर संपर्क में बने रहे। 16 जून को उन्होंने अनिल को पुराने बस स्टैंड बुलाकर माला बेचने की बात की। बातचीत में करीब 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ, लेकिन अनिल ने एक साथ पैसे देने में असमर्थता जताई। इसके बाद आरोपियों ने उसे पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा। लालच में गोल्ड लोन लेकर जुटाए पैसे लालच में आकर अनिल ने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखकर गोल्ड लोन से 3 लाख 5 हजार रुपए जुटाए। 23 जून की सुबह दोनों आरोपी फिर उसके घर पहुंचे और 3 लाख रुपए लेकर उसे माला देकर चले गए। माला मिलने के बाद अनिल उसे लेकर सकरी के पुराने बाजार स्थित सोनार के पास जांच के लिए गया। जांच में पता चला कि पूरी माला नकली है और उसमें सोना नहीं है। इसके बाद उसने आरोपियों को फोन किया, लेकिन दोनों के मोबाइल बंद मिले। ठगी का एहसास होने पर अनिल ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
कांग्रेस के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद प्रवीण चक्रवर्ती जल्द ही छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता सीए रवि ग्वालानी चेन्नई गए थे, जहां उन्होंने प्रवीण चक्रवर्ती से मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा भेंट करते हुए राज्य का दौरा करने का निमंत्रण दिया। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, रोजगार और निवेश पर हुई चर्चा मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, निवेश बढ़ाने और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक चुनौतियों और उनसे जुड़े संभावित समाधान पर भी विचार साझा किए। रवि ग्वालानी ने प्रवीण चक्रवर्ती को राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि एक अनुभवी अर्थशास्त्री और नीतिगत विशेषज्ञ के रूप में उनकी मौजूदगी संसद में देश की आर्थिक नीतियों को और मजबूत बनाएगी। प्रवीण चक्रवर्ती ने छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि संसद के मानसून सत्र के बाद वे राज्य के दौरे का कार्यक्रम बनाने की कोशिश करेंगे। बतादें कि प्रवीण चक्रवर्ती इससे पहले भी रायपुर आ चुके हैं और वहां उन्होंने प्रोफेशनल्स कांग्रेस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। वे ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। प्रवीण चक्रवर्ती ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पिलानी स्थित संस्थान से की है और विदेश के एक प्रतिष्ठित संस्थान से प्रबंधन की उच्च शिक्षा हासिल की है। वे वित्तीय क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सीए रवि ग्वालानी रायपुर स्थित भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) की शाखा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे जिला कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। फिलहाल वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में सक्रिय हैं और भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान की राष्ट्रीय परिषद की महिला एवं युवा सदस्य समिति के सह-नामित सदस्य भी हैं।
फॉक्सकॉन करेगा भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश
नई दिल्ली, ताइवान के हॉन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी फॉक्सकॉन सिंगापुर ने अपनी भारतीय इकाई फॉक्सकॉन हॉन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में 37.2 मिलियन डॉलर के निवेश को मंजूरी दे दी है।
किशनगंज में किराना दुकान से चोरी:चोरों ने 3 ताले तोड़े, व्यापारियों ने पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की
किशनगंज जिले के पौआखाली नगर बाजार में शुक्रवार अहले सुबह एक किराना दुकान में चोरी हो गई। अज्ञात चोरों ने इमामबाड़ा चौक के पास स्थित दुकान के मुख्य दरवाजे के तीन ताले तोड़कर करीब 17 से 18 हजार रुपये नकद चुरा लिए। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। पीड़ित दुकानदार मो. सितारे ने बताया कि शुक्रवार सुबह दुकान खोलने पर उन्हें ताले टूटे मिले। दुकान के अंदर जांच करने पर एक प्लास्टिक की थैली गायब पाई गई, जिसमें लगभग 18 हजार रुपये के खुले पैसे रखे थे। दुकान का अन्य सामान सुरक्षित बताया गया है। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण सूचना मिलने पर पौआखाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुकानदारों से पूछताछ की। थाना अध्यक्ष शंखराज कर्ण ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक पीड़ित पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोई लिखित आवेदन नहीं मिला था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, नगर क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लगभग एक सप्ताह पहले गुदरी बाजार में भी चोरी हुई थी। इससे पहले भी कई छोटी-बड़ी वारदातें हो चुकी हैं, जिससे व्यापारियों में असुरक्षा की भावना है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की मांग व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्ती बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस फिलहाल आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और चोरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने 61.06 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में केरल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराते थे। इनमें से एक आरोपी के नाम पर 7 से 8 बैंक खाते संचालित मिले, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है। गीदम के रहने वाले भूपेंद्र तेलामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 61.06 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। शिकायत के आधार पर धारा 318(4) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच से जुड़े साइबर नेटवर्क के तार जांच के दौरान भारत सरकार के समन्वय पोर्टल, तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। इससे पहले इसी मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और केरल से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपियों की तलाश में भेजी गई टीम ने केरलम के कोझिकोड से मोहम्मद नीजाज आरएम (21), अभिनव श्रीनिवास (23) और मोहम्मद साहिल (21) को गिरफ्तार किया। एक आरोपी के नाम पर मिले 7-8 बैंक खाते पूछताछ में मोहम्मद नीजाज ने स्वीकार किया कि उसके नाम से अलग-अलग बैंकों में 7-8 खाते संचालित थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने और नकद निकासी के लिए किया जाता था। पुलिस को चकमा देकर भागा, अगले दिन फिर गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाते समय 20 जून को मोहम्मद नीजाज केरलम के मलाबार क्षेत्र स्थित एक लॉज से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। स्थानीय थाना में मामला दर्ज कराने के बाद अगले ही दिन उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। कमीशन लेकर रकम दूसरे खातों और क्रिप्टो में भेजते थे पूछताछ में आरोपी अभिनव श्रीनिवास ने बताया कि वह परिचितों और अन्य लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाता था। इसके बाद कमीशन लेकर रकम दूसरे बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आगे भेज देता था। वहीं, मोहम्मद साहिल ने भी अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और निकासी में किए जाने की बात स्वीकार की। पुलिस को आरोपियों से साइबर नेटवर्क से जुड़े कई अहम डिजिटल और वित्तीय इनपुट मिले हैं। इनकी मदद से नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी की अपील- ऑनलाइन निवेश और टास्क के झांसे में न आएं एसपी गौरव राय ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, पार्ट-टाइम जॉब, टास्क आधारित कमाई और अज्ञात लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
अदाणी एयरपोर्ट्स ने गुरुवार को अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के आसपास एकीकृत एयरपोर्ट सिटी विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की घोषणा की। इस परियोजना के पहले चरण में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।
बरेली में कैंटर ने 2बाइकों को मारी टक्कर,व्यापारी की मौत:मासूम सहित 3 गंभीर घायल, आरोपी चालक फरार
बरेली के भमोरा थानाक्षेत्र में बरेली-बदायूं हाईवे पर शुक्रवार को करीब 12 बजे एक कैंटर ने दो बाइकों टक्कर मार दी। हादसे में एक गल्ला व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कैंटर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानिए पूरा मामला… भमोरा थानाक्षेत्र के खुली गांव निवासी नारद मुनि मौर्य (46) गल्ला व्यापारी हैं। उनके परिवार में नारद मुनि अपने पीछे पत्नी गीता देवी(38) और तीन बच्चे हैं। शुक्रवार सुबह अपनी बाइक से उझानी की ओर मक्का खरीदने जा रहे थे। पुठी मोड़ से आगे बरेली-बदायूं हाईवे पर उनकी बाइक को तेज रफ्तार कैंटर ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी कैंटर ने युसुफपुर निवासी इंतजार खां की बाइक को भी पुठी मोड़ के पास टक्कर मारी। इंतजार खां अपने 10 वर्षीय बेटे बिलाल के साथ बदायूं के मोहल्ला कबूलपुरा जा रहे थे। इस टक्कर में इंतजार खां और उनके बेटे बिलाल को गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को निजी अस्पताल भेजा। गल्ला व्यापारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने बताया कैंटर सड़क किनारे पलट गया था और चालक उसे छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों बाइकें और कैंटर को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ऑपरेशन मदमारुत के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। एएनटीएफ ने राज्य के टॉपमोस्ट ड्रग माफियाओं की सूची में शामिल और पिछले 3 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर समीर खां को ब्यावर से गिरफ्तार कर लिया है। एएनटीएफ महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने बताया आरोपी समीर खान पुत्र जारद खान पठान मूल रूप से मध्य प्रदेश के रतलाम का रहने वाला है। आरोपी केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह पहले मजदूरी करता था, लेकिन अपने एक रिश्तेदार को तस्करी के जरिए मोटा पैसा कमाते देख उसके मन में भी ऐशो-आराम की लालसा जागी। उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर मध्य प्रदेश से राजस्थान में मादक पदार्थों (स्मैक) की खेप सप्लाई करना शुरू कर दिया। एजेंट स्मैक के साथ पकड़ा था समीर ने राजस्थान के फलोदी जिले में अपने एजेंट तैयार किए थे। 2024 में फलोदी के बाप थाना क्षेत्र में इसका एक एजेंट स्मैक के साथ पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में समीर के नाम का खुलासा किया। नाम सामने आने के बाद समीर राजस्थान से फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए दोबारा छिपकर मजदूरी व ड्राइविंग करने लगा। स्लेट-पेंसिल फैक्ट्री में काम करता शातिर अपराधी को दबोचने के लिए एएनटीएफ की टीम मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंची। वहां पता चला कि समीर मुल्तानपुरा की किसी स्लेट पेंसिल फैक्ट्री में काम करता है और पिकअप चलाता है। इस पर पुलिस टीम व्यापारी का रूप धारण कर मुल्तानपुरा के फैक्ट्री एरिया में घुस गई। टीम बड़ी मात्रा में माल खरीदने और उसे जयपुर सप्लाई करने के बहाने फैक्ट्रियों में सुराग तलाशने लगी। ब्यावर की अनाज मंडी गया था एक फैक्ट्री में जब टीम ने मालिक से जयपुर माल भेजने के लिए गाड़ी का इंतजाम करने को कहा, तो मालिक ने बताया कि उनके पास समीर नाम का ड्राइवर है जो पिकअप चलाता है। मालिक ने आगे बताया कि समीर आज माल लेकर राजस्थान के ब्यावर की अनाज मंडी गया हुआ है। समीर के ब्यावर में होने की पुख्ता जानकारी मिलते ही मंदसौर में मौजूद टीम ने तुरंत ब्यावर में तैनात एएनटीएफ की दूसरी टीम से संपर्क किया। सूचना मिलते ही ब्यावर टीम अनाज मंडी पहुंची और वाहनों के नंबर खंगालने शुरू किए। मंडी के पीछे बारदाना गोदाम के पास मध्य प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक पिकअप खड़ी दिखाई दी, जिसके पास दो युवक बैठे थे। टीम ने पहचान की पुष्टि करते हुए घेराबंदी की और इनामी तस्कर समीर को दबोच लिया। आमजन से अपील आईजी विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को मादक पदार्थों की तस्करी या अपराधियों से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत एएनटीएफ कंट्रोल रूम के नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
एटा जिले में स्टेडियम रोड पर बुधवार शाम को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की भीषण टक्कर में दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे, और दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को जानकारी दी, जहां पर 16 वर्षीय किशोर अंतरिक्ष गुप्ता की मौत हो गई। वही दुसरे युवक का इलाज जारी है। देखिएं घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें… कोतवाली नगर क्षेत्र के शिवगंज निवासी प्रमोद गुप्ता का 16 वर्षीय पुत्र अंतरिक्ष गुप्ता बुधवार शाम करीब 4:30 बजे अपनी बाइक से किसी काम से जा रहा था। जैसे ही वह स्टेडियम रोड पर पहुंचा, सामने से आ रही एक दूसरी तेज रफ्तार बाइक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी बाइक सवार की हालत भी नाजुक इस हादसे में दूसरी बाइक पर सवार नगला भजा (थाना कोतवाली नगर) निवासी संदीप (पुत्र मुरारी लाल) को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मंडी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार गोस्वामी और कांस्टेबल रामअवतार सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज भिजवाया। डॉक्टरों ने अंतरिक्ष को किया मृत घोषित रेफर होने के बाद आगरा में तोड़ा दम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया। अंतरिक्ष के परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए आनन-फानन में आगरा के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां पर गुरूवार देर रात इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे घायल संदीप का इलाज जारी है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
चीन में एक ही कंपनी के करीब 7 लाख डिलीवरी कर्मचारियों की जगह रोबोट ले सकते हैं। ई-कॉमर्स कंपनी जेडी.कॉम के संस्थापक रिचर्ड लियू ने एपीईसी चाइना सीईओ फोरम में कहा कि भविष्य में डिलीवरी कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होगी। सारी डिलीवरी रोबोट द्वारा की जाएगी। कंपनी के करीब 7 लाख डिलीवरी और फ्रंटलाइन कर्मचारी इस बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं। जेडी.कॉम पहले से ही अपने वेयरहाउस, सॉर्टिंग सेंटर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन का उपयोग कर रही है। रिचर्ड लियू ने बताया कि उनकी कंपनी ने एआई और रोबोटिक्स से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक निर्वाण योजना शुरू की है। इसके तहत चीन के लगभग 120 शिक्षण संस्थानों की मदद से कर्मचारियों को रोबोट मरम्मत, रखरखाव, मॉनिटरिंग और तकनीकी संचालन जैसे कौशल सिखाए जाएंगे। 100 से ज्यादा काम रोबोट से करवाने की कोशिश चीन की कोशिश है कि इस साल के आखिर तक ह्यूमनॉइड रोबोट 100 से ज्यादा तरह के असल जिंदगी के कामों में सक्रिय हो जाएं। चीन के उद्योग मंत्रालय ने सरकारी उद्यमों को निर्देश दिए हैं कि वे रोबोट्स को ‘वर्क मोड’ में लाएं। भारत में क्या स्थिति है? भारत में अभी लास्ट-माइल डिलीवरी काफी हद तक मानव श्रमिकों पर निर्भर है। हालांकि बड़े वेयरहाउस, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ग्राहक सेवा क्षेत्रों में एआई व ऑटोमेशन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। नौकरियों की प्रकृति बदल सकते हैं रोबोट विशेषज्ञों के अनुसार रोबोट जॉब खत्म नहीं करेंगे, बल्कि नौकरियों की प्रकृति बदलेंगे। इंसान रोबोट की मरम्मत, मेंटेनेंस, मॉनिटरिंग और तकनीकी संचालन जैसे काम करेंगे। रोबोट ऑपरेटर और रोबोट मेंटेनेंस इंजीनियर जैसी नई नौकरियां उभर सकती हैं। चीन की 44% वर्कफोर्स अस्थायी रोजगार में लगी थिंक चाइना की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की गिग इकोनॉमी दुनिया में सबसे बड़ी है। डिलीवरी और राइड-हेलिंग जैसे प्लेटफॉर्म पर 8.4 करोड़ लोग काम करते हैं। अस्थायी रोजगार पर निर्भर आबादी 32 करोड़ (करीब 44%) तक पहुंच गई है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कैथकार्ट अब मेटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। सोमवार को यह जानकारी मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग ने एक पोस्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने यह फैसला उस डील के तहत लिया है, जिसमें मेटा UPI और बिल पेमेंट एप क्रेड में करीब 8,550 करोड़ रुपए निवेश करेगी। इसके बदले मेटा को क्रेड में 20% की हिस्सेदारी मिलेगी। इसके बाद क्रेड कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर ₹43,239 करोड़ हो जाएगी। वॉट्सएप में AI इंटीग्रेशन और विज्ञापन से कमाई बढ़ाने पर फोकस होगा मेटा के मुताबिक, कुणाल शाह के बॉस बनने के बाद वॉट्सएप का पूरा ध्यान दो बड़ी चीजों पर होगा। मितेन संपत बने क्रेड के अंतरिम CEO, IPO लाने की तैयारी तेज वॉट्सएप के ग्लोबल हेड की कमान संभालने के लिए कुणाल शाह क्रेड CEO के अपने मौजूदा ऑपरेटिंग पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद वह मेटा का हिस्सा बनेंगे। क्रेड ने फिलहाल मितेन संपत को कंपनी का अंतरिम CEO बनाया है। मितेन संपत साल 2020 से क्रेड में स्ट्रेटजी और फाइनेंस विभाग की कमान संभाल रहे थे। क्रेड के बोर्ड और मैनेजमेंट ने बताया कि वे कंपनी के लिए एक लॉन्ग-टर्म मैनेजमेंट स्ट्रक्चर तैयार करने पर काम कर रहे हैं, क्योंकि कंपनी आने वाले समय में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की योजना बना रही है। वॉट्सएप-फेसबुक-इंस्टाग्राम के प्लस वर्जन आएंगे मेटा ने हाल ही में इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए गए हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें… क्रेड का डेटा सुरक्षित, मेटा को नहीं मिलेगी जानकारीइस बड़ी डील के बाद क्रेड के ग्राहकों के मन में डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, मेटा ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि एक रणनीतिक निवेशक (Strategic Investor) बनने के बावजूद उसे क्रेड के ग्राहकों की किसी भी तरह की निजी या फाइनेंशियल जानकारी का एक्सेस नहीं दिया जाएगा। ग्राहकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। नई फंडिंग से बिजनेस बढ़ाने और क्रेड को आगे ले जाने का प्लान निवेश और लीडरशिप में हुए इस बड़े बदलाव पर बात करते हुए कुणाल शाह ने कहा कि क्रेड की शुरुआत सिर्फ अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को रिवॉर्ड देने के एक आइडिया से हुई थी, जो आज लाखों मेंबर्स और मुनाफे वाले बिजनेस मॉडल के साथ एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने बताया कि क्रेड की लीडरशिप टीम अगले फेज में कंपनी को और आगे ले जाएगी। नए अंतरिम CEO मितेन संपत ने भी कहा कि इस फ्रेश कैपिटल (नई फंडिंग) का इस्तेमाल अलग-अलग वर्टिकल्स में लीडरशिप मजबूत करने और क्रेड को शेयर बाजार में लिस्ट कराने से पहले बिजनेस का दायरा बढ़ाने के लिए किया जाएगा। ------------------ पूरी खबर पढ़ें… ब्रोकरेज हाउसेज ने डिकोड की रिलायंस की AGM: जियो IPO से कमाई का रास्ता खुलेगा, न्यू एनर्जी और AI से ग्रोथ मिलेगी; शेयर आज 2% चढ़ा रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आज कारोबार के दौरान 2% से ज्यादा की तेजी है। कंपनी का शेयर ₹1,345 के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने इसके भविष्य के रोडमैप और जियो इन्फोकॉम के IPO के लिए सेबी (Sebi) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) को लेकर अपनी एनालिसिस रिपोर्ट जारी की है। पूरी खबर पढ़ें…
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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