टीसीएस का शेयर रिकॉर्ड में जोरदार गिरावट
नई दिल्ली, आईटी फर्म एक्सेंचर की ओर से कारोबार को लेकर सर्तक आउटलुक के बाद भारतीय आईटी कंपनियों में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।
सरकार ने कहा भारत में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं पर चल रहा काम
नई दिल्ली, एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत में 65,000 करोड़ रुपए से अधिक की कोयला गैसीकरण परियोजनाओं पर वर्तमान में काम चल रहा है।
ग्रेट निकोबार परियोजना की पर्यावरण मंजूरी और पारदर्शिता पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने शुक्रवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) और निगरानी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में खुलासा किया है कि उसने एक व्यक्ति के डीमैट खाते में गलती से जमा हुए शेयरों को कथित रूप से अपने पास रखने और बेचने के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सोना-चांदी 3 प्रतिशत तक फिसले
भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग कमजोर होने से हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को लगातार तीसरे सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
देश में ईंधन सप्लाई को लेकर राहत, बीते 3 दिनों में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर किए डिलीवर
नई दिल्ली, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वर्तमान में देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और बीते 3 दिनों में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हुई है।
एक्सेंचर के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निफ्टी आईटी 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) अनुमान में कटौती करने और मांग के कमजोर रहने के संकेत देने के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया और वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार की रफ्तार को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गईं।
राज्यसभा में NDA की बढ़ी ताकत: 27 में से 19 सीटों पर जीत, दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचा गठबंधन
राज्यसभा चुनाव में NDA ने 27 में से 19 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। झारखंड में परिमल नथवानी की जीत के बाद NDA दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच गया है।
राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उनके नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा और जेडी(एस) को बड़ा झटका दिया। क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं के बीच डीके शिवकुमार की रणनीति चर्चा में है।
UNHRC में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, कहा- आतंकवाद फैलाने वाला सहयोग की उम्मीद न करे
UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद और सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया। भारत ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश सहयोग और सद्भावना की उम्मीद नहीं कर सकता।
झारखंडराज्यसभाचुनावमेंकांग्रेसकोबड़ाझटका, क्रॉसवोटिंगकेबीचएनडीएसमर्थितपरिमलनथवानीकीजीत
रांची. झारखंडराज्यसभाचुनावकेनतीजोंनेराज्यकीराजनीतिमेंनयासमीकरणखड़ाकरदियाहै. दोसीटोंकेलिएहुएचुनावमेंएनडीएसमर्थितनिर्दलीयउम्मीदवारपरिमलनथवानीनेअप्रत्याशितजीतदर्जकरकांग्रेसकोबड़ाराजनीतिकझटकादियाहै, जबकिझारखंडमुक्तिमोर्चा (झामुमो) केउम्मीदवारबैद्यनाथरामदूसरीसीटपरनिर्वाचितहुएहैं. चुनावपरिणामसामनेआतेहीकांग्रेसखेमेमेंहलचलबढ़गईहैऔरपार्टीनेताओंनेक्रॉसवोटिंगकीआशंकाजतातेहुएअपनीहीपंक्तियोंमेंअसंतोषऔरसंगठनात्मकचुनौतियोंकीओरसंकेतकियाहै. राज्यसभाकीदोसीटोंकेलिएइसबारमुकाबलात्रिकोणीयरहा. मैदानमेंझामुमोकेबैद्यनाथराम, कांग्रेसकेप्रणवझाऔरभाजपासमर्थितनिर्दलीयउम्मीदवारपरिमलनथवानीथे. मतदानकोलेकरपहलेसेहीराजनीतिकगलियारोंमेंक्रॉसवोटिंगकीचर्चाएंतेजथीं. मतदानसुबहनौबजेशुरूहुआऔरदोपहरबादतकचला. विधानसभाकेकुल 81 सदस्योंनेमतदानप्रक्रियामेंहिस्सालिया. मुख्यमंत्रीहेमंतसोरेन, विपक्षकेनेताबाबूलालमरांडी, कांग्रेसविधायकदलकेनेताप्रदीपयादव, संसदीयकार्यमंत्रीराधाकृष्णकिशोरसहितसभीप्रमुखनेताओंनेअपनेमताधिकारकाउपयोगकिया. मतगणनापूरीहोनेकेबादसामनेआएआंकड़ोंनेकईराजनीतिकविश्लेषकोंकोभीचौंकादिया. एनडीएसमर्थितपरिमलनथवानीको 28 वोटप्राप्तहुए, जबकिझामुमोउम्मीदवारबैद्यनाथरामको 30 मतमिले. कांग्रेसउम्मीदवारप्रणवझाअपेक्षितसमर्थनजुटानेमेंअसफलरहेऔरचुनावहारगए. चुनावमेंतीनमतअमान्यघोषितकिएगए, जिसनेभीपरिणामोंकोप्रभावितकिया. नतीजेसामनेआतेहीकांग्रेसनेताओंनेखुलेतौरपरक्रॉसवोटिंगकीसंभावनाजताई. पार्टीनेताओंकामाननाहैकियदिगठबंधनकेसभीविधायकनिर्धारितरणनीतिकेअनुसारमतदानकरते, तोपरिणामअलगहोसकतेथे. कांग्रेसकेभीतरइसबातकोलेकरमंथनशुरूहोगयाहैकिआखिरकिनपरिस्थितियोंमेंपार्टीउम्मीदवारकोअपेक्षितसमर्थननहींमिलपाया. राजनीतिकजानकारोंकामाननाहैकियहपरिणामकेवलएकचुनावीहारनहीं, बल्किझारखंडमेंकांग्रेसकीआंतरिकस्थितिऔरगठबंधनराजनीतिकीचुनौतियोंकोभीउजागरकरताहै. वहींएनडीएखेमेमेंजीतकेबादउत्साहकामाहौलदिखाईदिया. भाजपाविधायकप्रदीपप्रसादनेपरिणामकोविधायकोंकीअंतरात्माकीआवाज काफैसलाबतातेहुएकहाकिकईविधायकोंनेराजनीतिकदबावसेऊपरउठकरमतदानकिया. उन्होंनेदावाकियाकियहपरिणामराज्यकीराजनीतिमेंबदलावकासंकेतहैऔरइससेविपक्षीगठबंधनकीएकजुटतापरगंभीरसवालखड़ेहुएहैं. परिमलनथवानीकीजीतकोइसलिएभीमहत्वपूर्णमानाजारहाहैक्योंकिवेनिर्दलीयउम्मीदवारकेरूपमेंमैदानमेंथे, लेकिनउन्हेंएनडीएकापूरासमर्थनप्राप्तथा. दूसरीओरझामुमोउम्मीदवारबैद्यनाथरामकीजीतनेसत्तारूढ़दलकीस्थितिकोमजबूतकियाहै, हालांकिकांग्रेसउम्मीदवारकीहारनेगठबंधनकेभीतरसंतुलनऔरसमन्वयकोलेकरनईबहसछेड़दीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिराज्यसभाचुनावकेयेनतीजेआनेवालेविधानसभाऔरलोकसभाचुनावोंसेपहलेझारखंडकीराजनीतिपरदूरगामीप्रभावडालसकतेहैं. कांग्रेसकेलिएयहपरिणामआत्ममंथनकाअवसरबनगयाहै, जबकिएनडीएइसेअपनीरणनीतिकसफलताकेरूपमेंप्रस्तुतकररहाहै. अबसबसेबड़ासवालयहीहैकिक्यावास्तवमेंक्रॉसवोटिंगहुईयाफिरराजनीतिकगणितमेंकोईऐसीचूकहुईजिसनेकांग्रेसकोहारकेमुहानेपरपहुंचादिया. फिलहालझारखंडकीराजनीतिमेंराज्यसभाचुनावकेपरिणामचर्चाकासबसेबड़ाविषयबनेहुएहैं. कांग्रेसहारकेकारणोंकीतलाशमेंजुटगईहै, जबकिएनडीएऔरझामुमोअपने-अपनेतरीकेसेइसजीतकोराजनीतिकसंदेशकेरूपमेंप्रस्तुतकररहेहैं. आनेवालेदिनोंमेंइसचुनावकेप्रभावऔरइसकेपीछेकीराजनीतिककहानीपरसबकीनजरेंटिकीरहेंगी.
टाटा मोटर्स ने बढ़ाए कमर्शियल वाहनों के दाम
नई दिल्ली, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (टीएमसीवी) ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है।
2027 के वित्त वर्ष में ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रामीण सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
एलआईसी के लिए मुनाफे का रास्ता खोलने से वित्तीय संस्थानों को लाभ मिलने की उम्मीद
मुंबई, रिपोर्ट्स के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित कई सरकारी वित्तीय संस्थानों को भारी लाभ होने की उम्मीद है।
अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
कीमती धातुओं पर अमेरिकी फेड के फैसले का असर, सिल्वर 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
भविष्य की सैन्य ताकत के लिए भारत का स्वदेशी ड्रोन पर जोर
भारत अपने अब तक के सबसे बड़े सैन्य ड्रोन ऑर्डर की तैयारी कर रहा है जिसकी कीमत दो अरब डॉलर से अधिक है. उम्मीद है कि इससे देश की अपनी ड्रोन युद्ध क्षमता बेहतर होगी
राम मंदिर चंदा विवाद में संत समाज के साथ खड़ी है कांग्रेस: कुमारी शैलजा
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है
आंध्र प्रदेश : वाईएसआरसीपी ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगाया
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश: किशाऊ बांध परियोजना पर समझौते के लिए भाजपा सांसद ने पीएम मोदी का जताया आभार
हिमाचल प्रदेश में किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौते का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
हार को स्वीकार करने की आदत डालें विपक्ष, बहाने बनाने से कुछ नहीं होगा: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी
कर्नाटक विधानसभा चुनाव: क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं के बीच 'मॉक वोटिंग' टेस्ट करा रही कांग्रेस
गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा की सात सीटों के लिए होने वाले चुनाव एक हाई-स्टेक राजनीतिक लड़ाई में तब्दील हो गए हैं
'इतिहास से सीखें,' पंजाब भाजपा प्रमुख ने सीएम भगवंत मान को सलाह दी
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को इतिहास से सीख लेने की सलाह दी और उन्हें याद दिलाया कि शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह भी अकाल तख्त के सामने झुके थे।
'जनादेश स्वीकार करने ही एक सच्चे नेता की पहचान', शांभवी चौधरी का ममता बनर्जी पर तंज
लोक जनशक्ति पार्टी (आर) की सांसद शांभवी चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से भवानीपुर सीट से उपचुनाव की मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
पार्टी में टूट की खबरें पूरी तरह भ्रामक, हमारे नौ सांसद एकजुट : संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने हाल ही में पार्टी में कथित टूट और असंतोष की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी के भीतर नौ सांसद लोकसभा में सक्रिय हैं और किसी तरह के बड़े विभाजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भारत और यूके व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, भारतीय निर्यात और पेशेवरों को बड़ा फायदा
भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने घोषणा करते हुए जानकारी दी कि कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होगा
‘हमारी लड़ाई आज से शुरू’: कोटा में राहुल गांधी का ऐलान
लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी ने बुधवार को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान छात्रों से बातचीत की।
हमने एक मस्जिद खोई, अब दूसरी और तीसरी नहीं खो सकते : शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कथावाचक रामभद्राचार्य के बयान पर पलटवार किया
बंगालकीसियासतमेंभूचाल, पूर्वमंत्रीउदयनगुहागिरफ्तार, अभिषेकबनर्जीपरभ्रष्टाचारकेदोनएमामलेदर्ज
कोलकाता. पश्चिमबंगालकीराजनीतिमेंबुधवारकोबड़ाघटनाक्रमदेखनेकोमिला, जबतृणमूलकांग्रेसकेवरिष्ठनेताऔरराज्यसरकारकेपूर्वमंत्रीउदयनगुहाकोएककथितधोखाधड़ीमामलेमेंगिरफ्तारकरलियागया. वहींतृणमूलकांग्रेसकेराष्ट्रीयमहासचिवअभिषेकबनर्जीकेखिलाफभीभ्रष्टाचारसेजुड़ेदोनएमामलेदर्जकिएगएहैं. इनघटनाक्रमोंकेबादराज्यकीराजनीतिमेंहलचलतेजहोगईहैऔरसत्तारूढ़दलपरदबावबढ़तादिखाईदेरहाहै. पुलिसअधिकारियोंकेअनुसारउदयनगुहाकोबुधवारसुबहकोलकातास्थितउनकेआवाससेहिरासतमेंलियागयाऔरबादमेंगिरफ्तारकरलियागया. उन्हेंआगेकीपूछताछऔरजांचकेलिएकूचबिहारलेजायागया. पुलिसकाकहनाहैकिगिरफ्तारीएकधोखाधड़ीसंबंधीमामलेमेंकीगईहै, जिसकीजांचपहलेसेचलरहीथी. उदयनगुहापूर्वमुख्यमंत्रीममताबनर्जीकीसरकारमेंमंत्रीरहचुकेहैं. उनकीगिरफ्तारीकेसाथहीवेपूर्वसरकारकेचौथेऐसेमंत्रीबनगएहैंजिन्हेंविभिन्नमामलोंमेंगिरफ्तारकियागयाहै. इससेपहलेसुजीतबोस, उज्ज्वलविश्वासऔरदिलीपमंडलभीअलग-अलगमामलोंमेंकानूनप्रवर्तनएजेंसियोंकीकार्रवाईकासामनाकरचुकेहैं. मामलेकीशिकायतदिनहाटाकेएकव्यवसायीरूपमसाहानेदर्जकराईथी. शिकायतकर्ताकाआरोपहैकिनवजातशिशुओंकेलिएअस्पतालमेंविशेषसुविधास्थापितकरनेकेनामपरकईलोगोंसेधनएकत्रकियागयाथा. आरोपहैकिएकत्रकीगईराशिनिर्धारितउद्देश्यकेलिएउपयोगनहींकीगई. रूपमसाहानेदावाकियाकिउनसेपहले 50 हजाररुपयेकीमांगकीगईथी, बादमेंराशि 25 हजाररुपयेकरदीगई. उन्होंनेआरोपलगायाकिभुगतानकरनेकेबावजूदउन्हेंकेवल 10 हजाररुपयेकीरसीददीगईऔरपूरीरसीदमांगनेपरधमकायाभीगया. गिरफ्तारीकेबादउदयनगुहानेमीडियाकेसवालोंकाकोईजवाबनहींदिया. पुलिसअधिकारियोंकाकहनाहैकिमामलेसेजुड़ेसभीतथ्योंकीजांचकीजारहीहैऔरआवश्यकदस्तावेजोंकीपड़तालभीकीजाएगी. इसीबीचतृणमूलकांग्रेसकेराष्ट्रीयमहासचिवअभिषेकबनर्जीकीकानूनीमुश्किलेंभीबढ़गईहैं. उनकेखिलाफदोनएप्राथमिकीदर्जकीगईहैं. येदोनोंमामलेभारतीयजनतापार्टीकेनेताअभिजीतदासकीशिकायतोंकेआधारपरदर्जकिएगएहैं. अभिजीतदासपहलेडायमंडहार्बरलोकसभासीटसेचुनावलड़चुकेहैं. पहलामामलाकोलकाताकेनिकटजोकाक्षेत्रमेंसरकारीजमीनसेकथितरूपसेमिट्टीकीअवैधखुदाईऔरबिक्रीसेजुड़ाबतायाजारहाहै. यहमामलाकालीतला-आसूतिथानाक्षेत्रमेंदर्जकियागयाहै. दूसरामामलाबिश्नुपुरथानाक्षेत्रमेंदर्जहुआहै, जिसमेंवर्ष 2020 मेंआएअम्फानचक्रवातकेदौरानराहतकोषमेंकथितअनियमितताओंऔरधनकेदुरुपयोगकेआरोपलगाएगएहैं. अभिषेकबनर्जीहालकेदिनोंमेंकईजांचएजेंसियोंकेसमक्षपेशहोचुकेहैं. 14 और 16 जूनकोराज्यपुलिसकेआपराधिकजांचविभागनेउनसेअलग-अलगमामलोंमेंपूछताछकीथी. इनमेंकथितभड़काऊभाषणऔरहस्ताक्षरजालसाजीसेजुड़ेमामलेशामिलबताएगएहैं. इसकेअलावा 15 जूनकोप्रवर्तननिदेशालयनेभीउन्हेंराज्यकेसरकारीस्कूलोंमेंशिक्षकोंऔरगैर-शिक्षकीयकर्मचारियोंकीभर्तीमेंकथितअनियमितताओंसेजुड़ेमामलेमेंपूछताछकेलिएबुलायाथा. समाचारलिखेजानेतकअभिषेकबनर्जीकीओरसेइननएमामलोंपरकोईआधिकारिकप्रतिक्रियासामनेनहींआईथी. वहींतृणमूलकांग्रेसकीओरसेभीतत्कालकोईबयानजारीनहींकियागया. हालांकिराजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिलगातारबढ़तीकानूनीचुनौतियांआनेवालेदिनोंमेंराज्यकीराजनीतिपरअसरडालसकतीहैं. उदयनगुहाकीगिरफ्तारीऔरअभिषेकबनर्जीकेखिलाफनएमामलोंकेदर्जहोनेसेपश्चिमबंगालकीराजनीतिमेंएकबारफिरआरोप-प्रत्यारोपकादौरतेजहोनेकेसंकेतमिलरहेहैं. अबसभीकीनजरजांचएजेंसियोंकीअगलीकार्रवाईऔरतृणमूलकांग्रेसकीआधिकारिकप्रतिक्रियापरटिकीहुईहै.
दोहराचरित्रहीसमाजवादीपार्टीकीअसलीपहचान
संजयसक्सेना,लखनऊ. राजनीतिमेंदोहरेमापदंडकोईनईबातनहींहै, लेकिनसमाजवादीपार्टीकेराष्ट्रीयअध्यक्षअखिलेशयादवनेपिछलेकुछहफ्तोंमेंजोतस्वीरपेशकीहै, वहकिसीभीसंवेदनशीलनागरिककोसोचनेपरमजबूरकरदेतीहै. एकतरफअयोध्याकेराममंदिरमेंचंदेकीचोरीकामामलाउठाकरवेहिंदूसमाजऔरसनातनधर्मकोकटघरेमेंखड़ाकरनेकीकोशिशकररहेहैं, वहींदूसरीतरफगाजियाबादकेखोड़ामें 17 सालकेसूर्याचौहानकीनिर्ममहत्यापरउनकेहोंठसिलेहुएहैं. यहमहजसंयोगनहीं, यहसोची-समझीसियासतहै. मुरादाबादमेंअपनेसांसदजावेदअलीकेउसबयानपरकुछनहींबोलतेहैं, जिसमेंवहबहुसंख्यकसमाजकोजहरीलाबताताहै. मुस्लिमयुवाओंसेहिंदूदोस्तोंकोकन्वर्टकरनेकीबातखुलेआमकहताहै. हिंदुओंकोबांटनेकेलिएब्राह्मणनेताओंकासम्मेलनकरातेहैं. दरअसल, सातजूनकोअखिलेशयादवनेप्रेसकॉन्फ्रेंसकरकेराममंदिरकेदानपात्रमेंकरोड़ोंरुपयेकीहेराफेरीकाआरोपलगाया. बातयहींनहींरुकी. आगरामेंमीडियासेबातकरतेहुएउन्होंनेपुजारियोंकीजांचकोसनातनकाअपमानबताया. अबसवालयहहैकिजबवहीपुजारीयामंदिरपरिसरकेकर्मचारीचोरीकेआरोपीहोंतोजांचक्योंनहो? लेकिनअखिलेशकीराजनीतिकफितरतयहहैकिकिसीएकघटनाकोपूरेहिंदूसमाजकेमाथेपरचिपकादोऔरफिरसियासीरोटीसेंको. दानपात्रसेचोरीकरनेवालेदोलोगोंकोगिरफ्तारकियागया, उत्तरप्रदेशसरकारनेएसआईटीभीबनादी, लेकिनअखिलेशकोयहकार्रवाईनहींदिखीक्योंकिदिखतीतोउनकानैरेटिवहीध्वस्तहोजाता. इसीबीचमुरादाबादमेंसपाकेराज्यसभासांसदजावेदअलीखाननेपीडीएसम्मेलनमेंजोकहा, वहपूरेप्रदेशकीराजनीतिकोएकबारफिरझकझोरगया. उन्होंनेसार्वजनिकमंचसेकहाकिदेशकाबहुसंख्यकहिंदूसमाजजहरीलाहोगयाहै. फिरउन्होंनेमुस्लिमकार्यकर्ताओंकोनसीहतदीकिहरमुसलमानकमसेकमचारऐसेहिंदूदोस्तबनाए, जिनपरहिंदूसमाजखुदभरोसाकरताहो, ताकिउनकेजरिएबीजेपीकोसत्तासेबाहरकियाजासके. यानीहिंदुओंकोहीहिंदुओंकेखिलाफइस्तेमालकरनेकीखुलेआमरणनीति. यहबयानजितनाविवादितहै, उतनाहीखतरनाकभी. लेकिनअखिलेशयादव? उन्होंनेइसबयानपरएकशब्दनहींबोला. ननिंदा, नखंडन, नस्पष्टीकरण. यहीउनकीराजनीतिकाअसलीचेहराहै. पार्टीकेमुस्लिमनेताजोचाहेंबोलें, अखिलेशकीतरफसेपूरीतरहमौनसमर्थनमिलतारहेगा. यहीवहदोमुंहीसियासतहै, जोदशकोंसेयूपीकीराजनीतिमेंजहरघोलतीआरहीहै. अबजराखोड़ाकीउसगलीपरभीनजरडालिए, जहां 28 मईकोबकरीदकेदिन 11वींकेछात्रसूर्याचौहानकोउसकेदोस्तअसदऔरउसकेसाथियोंनेचाकूसेगोददिया. इलाजकेदौरानसूर्यानेदमतोड़दिया. मांकीआंखोंमेंआंसूथे, भाईकादर्दशब्दोंमेंबयांनहींहोसकताथा. पूरेइलाकेमेंतनावथा. लेकिनसमाजवादीपार्टीकेसबसेबड़ेनेताअखिलेशयादवकेमुंहसेननिंदाकेदोशब्दनिकले, नपीड़ितपरिवारकेप्रतिसंवेदनाकाएकवाक्य. जैसेघटनाहुईहीनहीं. औरजबपुलिसनेआरोपीअसदकाएनकाउंटरकिया, तबसपाकेप्रवक्ताअमीकजामेईनेएनकाउंटरपरसवालउठानेकीकोशिशकी. यानीजबएकहिंदूछात्रकीहत्याहुईतबचुप्पी, औरजबहत्यारेपरकार्रवाईहुईतबआवाजउठाई. पर्देकेपीछेकीबातयहहैकिसपाकेभीतरइसएनकाउंटरकोमुस्लिमसमुदायकेखिलाफबताकरबड़ामुद्दाबनानेकीरणनीतिबनीथी, लेकिनसूर्याहत्याकांडकावीडियोसामनेआनेकेबादपार्टीकोबैकफुटपरआनापड़ा. यहकोईइकलौतीघटनानहींहै. यूपीकीराजनीतिमेंअखिलेशयादवकायहीढर्रारहाहै. जबभीकिसीमुस्लिमनेतानेविवादितबयानदिया, अखिलेशनेमौनसाधलिया. जबभीकिसीहिंदूकेसाथअन्यायहुआऔरआरोपीकिसीखासवर्गसेरहा, सपाकीतरफसेपीड़ितपरिवारकोढांढसदेनेकोईनहींगया. लेकिनजबभीकिसीअपराधीकाएनकाउंटरहुआ, जोमुसलमानथा, तबएनकाउंटरपरसवालउठानेकीपूरीताकतलगादीगई. यहतथाकथितपीडीएयानीपिछड़े, दलित, अल्पसंख्यककीराजनीतिकावहअसलीरूपहै, जिसेअखिलेशनेबड़ीचालाकीसेगढ़ाहै. समाजवादीपार्टीकीइसराजनीतिकोसमझनेकेलिएदोएनकाउंटरकीतुलनाकाफीहै. गाजीपुरमेंविनीतरायहत्याकांडकेआरोपीकमलेशबिंदकाएनकाउंटरहुआ. तबअखिलेशयादवखुद, उनकीसांसदपत्नीडिंपलयादव, महासचिवशिवपालयादवऔररामगोपालयादवतकनेबयानदिया. लेकिनसूर्याकेहत्यारेअसदकेएनकाउंटरपर? सन्नाटा. दोनोंएनकाउंटर, दोअलगप्रतिक्रियाएं, एकहीफर्कथाकिआरोपीकिसधर्मकाथा. यहवोटबैंककीराजनीतिकासबसेनंगाचेहराहै. अखिलेशयादवकीइसदोमुंहीसियासतकीजड़ेंबहुतगहरीहैं. मुलायमसिंहयादवकेजमानेसेहीसपाकीरणनीतिरहीहैकिमुसलमानोंकोएकजुटरखोऔरहिंदुओंकोजातियोंमेंबांटेरखो. इसीफार्मूलेकोअखिलेशनेपीडीएकेनएआवरणमेंलपेटकरपरोसाहै. जावेदअलीखानकाबयानइसीरणनीतिकाहिस्साहै, जहांमुस्लिमकार्यकर्ताओंकोहिंदुओंकेबीचपैठबनानेकेलिएकहाजारहाहै, नसामाजिकसद्भावकेलिएबल्किबीजेपीकोहरानेकेराजनीतिकलक्ष्यकेलिए. उधर, 2027 केविधानसभाचुनावकरीबआरहेहैंऔरयूपीकीराजनीतिमेंहरपार्टीअपनीजमीनतैयारकररहीहै. अखिलेशयादवनेराममंदिरकेचंदेकामुद्दाउठाकरभाजपाकोउसीकेहिंदुत्वकेमैदानमेंघेरनेकीकोशिशकीहै. लेकिनइसकोशिशमेंवेयहभूलगए, याजानबूझकरनजरअंदाजकियाकिकिसीमंदिरमेंकुछलोगोंकीबेईमानीकोपूरेहिंदूसमाजकादागनहींबनायाजासकता. मंदिरट्रस्टऔरसरकारदोनोंनेतत्कालकार्रवाईकी, एसआईटीबनाई, गिरफ्तारियांहुईं. यहीतोहोनाचाहिएथा. लेकिनअखिलेशचाहतेहैंकियहमुद्दासुलगतारहे, क्योंकिइसीसुलगनसेउनकीसियासीरोटीसिकतीहै. आजराममंदिरकेदानपात्रसेचोरीकीघटनासेअखिलेशजितनाआहतदिखाईदेरहेहैं, उससेअधिकदर्दसमाजवादीपार्टीने 1990 मेंतबदियाथा, जबमुलायमसरकारने 16 निहत्थेकारसेवकोंकोगोलीसेभूनदियाथा. बादमेंमुलायमनेयहांतककहाकिहमें 16 कीजगह 40 मारनेपड़तेतोभीहमहिचकतेनहीं. कारसेवकोंकीहत्याकेबादमुलायममुसलमानोंसेकहतेथेकिइससेअधिकहमआपकेलिएक्याकरसकतेहैं. बहरहाल, यूपीकीजनताअबसमझदारहोचुकीहै. वहदेखरहीहैकिकौनकबबोलताहैऔरकौनकबचुपरहताहै. सूर्याकीमांकादर्दऔरअखिलेशयादवकीचुप्पी, दोनोंएकसाथदर्जहोचुकीहैंइतिहासकेपन्नोंपर. जावेदअलीखानकाबयानऔरअखिलेशकामौनसमर्थन, यहभीदर्जहै. राममंदिरपरउनकीसक्रियताऔरखोड़ामेंएकहिंदूछात्रकीहत्यापरउनकीनिष्क्रियता, यहदोहराचरित्रहीसमाजवादीपार्टीकीअसलीपहचानबनचुकाहै. 2027 मेंजनताइसपहचानकाजवाबजरूरदेगी.
यूपीमेंयोगीबाबा, बंगालमेंशुभेंदुदादाऔरबिहारमेंसम्राट; अपराधियोंकोनेपालहीभागनापड़ेगा
पटना. बिहारकेमुख्यमंत्रीसम्राटचौधरीनेअपराधऔरकानून-व्यवस्थाकोलेकरबड़ाऔरतीखाबयानदियाहै. कहा, “अपराधियोंकेलिएबिहारमेंकोईजगहनहींहै. उन्हेंनेपालहीभागनाहोगा, क्योंकियूपीमेंयोगीबाबाबैठेहैं, पश्चिमबंगालमेंशुभेंदुअधिकारीदादाहैंऔरबिहारमेंसम्राटबैठाहै.” मुख्यमंत्रीकेइसबयानपरकार्यक्रमस्थलपरमौजूदलोगोंनेतालियांबजाकरप्रतिक्रियादी. वहींउनकेइसबयानकोलेकरराजनीतिकऔरसामाजिकहलकोंमेंभीचर्चाशुरूहोगईहै. मुख्यमंत्रीनेदावाकियाकिबिहारमेंअपराधियोंकेलिएअबकोईसुरक्षितजगहनहींबचीहैऔरयदिकोईअपराधीकार्रवाईसेबचनाचाहताहैतोउसेराज्यछोड़करनेपालभागनापड़ेगा. उनकेइसबयानकेबादराजनीतिकगलियारोंमेंचर्चातेजहोगईहै. अपनेसंबोधनमेंमुख्यमंत्रीसम्राटचौधरीनेकहाकिबिहारसरकारअपराधऔरअपराधियोंकेखिलाफजीरोटॉलरेंसकीनीतिपरकामकररहीहै. उन्होंनेकहाकिराज्यमेंकानूनकाराजस्थापितकरनासरकारकीसर्वोच्चप्राथमिकताओंमेंशामिलहैऔरइसीदिशामेंलगातारअभियानचलाएजारहेहैं. मुख्यमंत्रीनेकहाकिपुलिसऔरप्रशासनकोअपराधियोंकेखिलाफकड़ीकार्रवाईकरनेकीपूरीस्वतंत्रतादीगईहैतथाकिसीभीप्रकारकीआपराधिकगतिविधिकोबर्दाश्तनहींकियाजाएगा. मुख्यमंत्रीनेकहाकिराज्यसरकारअपराधनियंत्रणकोलेकरलगातारगंभीरप्रयासकररहीहै. संगठितअपराध, अवैधगतिविधियोंऔरकानूनव्यवस्थाकोचुनौतीदेनेवालेतत्वोंकेखिलाफविशेषअभियानचलाएजारहेहैं. उन्होंनेदावाकियाकिपुलिसलगातारअपराधियोंकीगिरफ्तारीकररहीहैऔरराज्यमेंअपराधकेमामलोंपरप्रभावीनियंत्रणस्थापितकरनेकेलिएव्यापकस्तरपरकार्रवाईकीजारहीहै. सम्राटचौधरीनेकहाकिसरकारकाउद्देश्यआमनागरिकोंकोसुरक्षितवातावरणउपलब्धकरानाहै. उन्होंनेकहाकिकानूनकाभयअपराधियोंमेंहोनाचाहिए, जबकिआमलोगोंकोसुरक्षाऔरविश्वासकामाहौलमिलनाचाहिए. मुख्यमंत्रीकेअनुसारराज्यमेंसुशासनऔरविकासकीयोजनाओंकोसफलबनानेकेलिएमजबूतकानून-व्यवस्थाआवश्यकहैऔरसरकारइसदिशामेंलगातारकार्यकररहीहै. अपनेसंबोधनकेदौरानमुख्यमंत्रीनेविपक्षपरभीनिशानासाधा. उन्होंनेआरोपलगायाकिकुछराजनीतिकदलऔरविपक्षीनेताबिहारकीकानून-व्यवस्थाकोलेकरगलततस्वीरपेशकरनेकाप्रयासकररहेहैं. मुख्यमंत्रीनेकहाकिवास्तविकस्थितियहहैकिअपराधियोंकेखिलाफलगातारकार्रवाईहोरहीहैऔरसरकारकिसीभीमामलेमेंढिलाईबरतनेकेपक्षमेंनहींहै. उन्होंनेकहाकिविपक्षकेआरोपोंकेबावजूदराज्यसरकारकानून-व्यवस्थाकोमजबूतकरनेऔरविकासकोगतिदेनेकेलिएप्रतिबद्धहै. मुख्यमंत्रीनेकहाकिबिहारमेंविकास, निवेशऔररोजगारकेअवसरबढ़ानेकेलिएसुरक्षितवातावरणजरूरीहै. इसलिएअपराधनियंत्रणऔरसुशासनदोनोंपरसमानरूपसेध्यानदियाजारहाहै. उन्होंनेविश्वासजतायाकिसरकारकीसख्तनीतिऔरप्रशासनिककार्रवाईकेकारणआनेवालेसमयमेंअपराधपरऔरप्रभावीनियंत्रणदेखनेकोमिलेगा. सम्राटचौधरीकायहबयानऐसेसमयमेंआयाहैजबकानून-व्यवस्थाऔरअपराधनियंत्रणकामुद्दाबिहारकीराजनीतिमेंलगातारचर्चाकाविषयबनाहुआहै. मुख्यमंत्रीकेइसबयानकोसरकारकीअपराधविरोधीनीतिकामजबूतसंदेशमानाजारहाहै, वहींविपक्षइसेलेकरराजनीतिकप्रतिक्रियादेनेकीतैयारीमेंभीजुटगयाहै.
कच्चे तेल की कीमते काम होने पर आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के शेयरों में आई तेजी
मुंबई, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों के बीच बुधवार को सरकारी तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
एक्स डाउन: यूजर्स ने आउटेज की रिपोर्ट की, ऐप और वेबसाइट पर लॉगिन और फीड में आईं दिक्कतें
एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) की सर्विस में बुधवार को रुकावट आई। सुबह करीब 8:30 बजे सर्विस ठप होने की सबसे अधिक शिकायतें मिलीं।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।
फिर टूटेगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना! सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज, संजय राउत ने लगाया बड़ा आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के संपर्क से बाहर होने और पाला बदलने की अटकलों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। संजय राउत ने सांसदों की खरीद-फरोख्त को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राम मंदिर चंदा विवाद के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या का दौरा करेंगे
राम मंदिर चंदे में कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या का प्रस्तावित दौरा चर्चा का विषय बन गया है।
सपा शासन में था जंगलराज, योगी सरकार ने सुधारी कानून-व्यवस्था : जगदंबिका पाल
उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ जारी कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान का भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने समर्थन किया
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार घरेलू तथा औद्योगिक पाइप्ड नेचुरल गैस आपूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
पीयूष गोयल ने फ्रांस में किया यूपीआई लॉन्च, भारतीय पर्यटकों के लिए डिजिटल भुगतान हुआ आसान
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के नीस शहर में मशहूर गैलरीज लाफायेट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लॉन्च किया
मंत्री अनिल कुमार का अखिलेश यादव से सवाल, सपा की सरकार में कितनी आईआईटी खुली थीं
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, विकास और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रीराम मंदिर के चढ़ावा विवाद के बाद एसआईटी के गठन को स्वागतयोग्य बताया है।
किशाऊ परियोजना से हिमाचल को हर साल मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली: सीएम सुक्खू
हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि वर्षों से लंबित किशाऊ बहु उद्देशीय बांध परियोजना को लेकर बड़ी सफलता मिली है
दिल्ली-राजस्थान को मिलेगा अतिरिक्त पानी, किशाऊ परियोजना पर राज्यों के बीच बनी सहमति
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यमुना के पुनर्जीवीकरण के बारे में वर्षों से लंबित 'किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना' पर संबंधित राज्यों में सहमति बन गई
हल्दीघाटी का युद्ध देशभक्ति का एक जीता-जागता प्रतीक है : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मेवाड़ की पवित्र धरती ने पूरी दुनिया को साहस, वीरता और स्वाभिमान का संदेश दिया है।
राम मंदिर दान चोरी पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, ये भगवान राम के नाम पर सबसे बड़ा पाप
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राम दान चोरी मामले में गठित एसआईटी जांच को लेकर भाजपा पर निशाना साधा
‘ऑपरेशन टाइगर’ का धमाका! उद्धव गुट में बगावत की आहट
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने की आहट है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के 9 सांसदों में से 6 सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं और बुधवार (17 जून) को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं
बीजेपीमेंबड़ेबदलावकीउल्टीगिनतीशुरू, नईटीमऔरराज्यपालोंकीसूचीपरलगसकतीमुहर
नईदिल्ली. भारतीयजनतापार्टीमेंबड़ेसंगठनात्मकऔरराजनीतिकबदलावोंकीतैयारियांअंतिमचरणमेंपहुंचगईहैं. रक्षामंत्रीराजनाथसिंहकेआवासपरभाजपाऔरराष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ (आरएसएस) केशीर्षनेताओंकीमैराथनबैठककेबादसंकेतमिलेहैंकिपार्टीअध्यक्षनितिननवीनकीनईकेंद्रीयटीमकाऐलानकभीभीकियाजासकताहै. सूत्रोंकेअनुसारप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेजी-7 शिखरसम्मेलनसेलौटनेकेबादइसप्रक्रियाकोअंतिमरूपदियाजासकताहै. इसकेसाथहीकेंद्रसरकारऔरराज्यपालोंकेस्तरपरभीमहत्वपूर्णफेरबदलकीसंभावनाजताईजारहीहै. भाजपासूत्रोंकेमुताबिकरक्षामंत्रीराजनाथसिंहकेसरकारीआवासपरहुईइसमहत्वपूर्णबैठकमेंकेंद्रीयगृहमंत्रीअमितशाह, भाजपाअध्यक्षनितिननवीन, आरएसएसकेवरिष्ठपदाधिकारीअरुणकुमारऔरशिवप्रकाशसहितकईशीर्षनेतामौजूदरहे. बैठककरीबचारघंटेतकचलीऔरआधीरातकेबादसमाप्तहुई. राजनीतिकगलियारोंमेंइसबैठककोभाजपाकेआगामीसंगठनात्मकपुनर्गठनऔरव्यापकराजनीतिकरणनीतिसेजोड़करदेखाजारहाहै. सूत्रोंकाकहनाहैकिबैठकमेंकेवलसंगठनात्मकबदलावोंपरहीचर्चानहींहुई, बल्किसरकारऔरसंवैधानिकपदोंसेजुड़ेसंभावितफेरबदलपरभीविस्तारसेविचार-विमर्शकियागया. भाजपानेतृत्वआनेवालेचुनावीवर्षोंकोध्यानमेंरखतेहुएसंगठनऔरसरकारदोनोंस्तरोंपरनईरणनीतितैयारकररहाहै. पार्टीकेएकवरिष्ठसूत्रनेबतायाकिअधिकमासकीअवधि 15 जूनकोसमाप्तहोचुकीहै. परंपरागतरूपसेभाजपाऔरउससेजुड़ेकईसंगठनइसअवधिमेंबड़ेराजनीतिकयासंगठनात्मकफैसलोंसेबचतेहैं. ऐसेमेंअबसंगठनात्मकबदलावोंकीघोषणाकेलिएरास्तासाफहोगयाहै. हालांकियहभीसंभवहैकिप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीके 19 जूनकोविदेशदौरेसेलौटनेकेबादहीअंतिमघोषणाएंकीजाएं. भाजपाअध्यक्षनितिननवीनकीनईटीमकोलेकरपार्टीकेभीतरलंबेसमयसेचर्चाचलरहीहै. मानाजारहाहैकिनईटीममें 11 राष्ट्रीयउपाध्यक्षऔरछहराष्ट्रीयमहासचिवोंकेपदोंपरमहत्वपूर्णबदलावदेखनेकोमिलसकतेहैं. पार्टीइसबारसंगठनमेंसामाजिकऔरक्षेत्रीयसंतुलनकोप्राथमिकतादेरहीहै. महिलाप्रतिनिधित्वबढ़ानेकेसाथ-साथविभिन्नजातीयसमूहोंकोभीपर्याप्तस्थानदिएजानेकीसंभावनाहै. सूत्रोंकेअनुसारभाजपानेतृत्वयुवाऔरअनुभवीनेताओंकेबीचसंतुलनबनानेकीरणनीतिपरकामकररहाहै. नईटीममेंऐसेनेताओंकोअवसरदियाजासकताहैजिन्होंनेसंगठनात्मकस्तरपरउल्लेखनीयकामकियाहै. साथहीकईवरिष्ठनेताओंकेअनुभवकाभीलाभउठानेकीयोजनाबनाईजारहीहै. आगामीविधानसभाचुनावोंकोदेखतेहुएभाजपाउनराज्योंकोभीविशेषमहत्वदेनेकीतैयारीमेंहैजहांअगलेवर्षचुनावहोनेहैं. गुजरात, उत्तरप्रदेशऔरउत्तराखंडजैसेराज्योंकेअलावाराजस्थान, मध्यप्रदेशऔरछत्तीसगढ़सेभीसंगठनमेंमहत्वपूर्णप्रतिनिधित्वदिएजानेकीसंभावनाजताईजारहीहै. पार्टीनेतृत्वचाहताहैकिचुनावीराज्योंकेप्रभावशालीनेताओंकोसंगठनमेंऐसीजिम्मेदारियांदीजाएंजोआगामीचुनावोंमेंलाभकारीसाबितहों. भाजपाकेकेंद्रीयसंगठनमेंपिछलेछहवर्षोंसेबड़ेबदलावनहींहुएहैं. जनवरी 2020 मेंजेपीनड्डाकेराष्ट्रीयअध्यक्षबननेकेबादगठितटीममेंअधिकांशपदाधिकारीअबतकअपनीजिम्मेदारियांनिभारहेहैं. ऐसेमेंनितिननवीनकेनेतृत्वमेंबननेवालीनईटीमकोभाजपासंगठनकेलिएएकनईशुरुआतकेरूपमेंदेखाजारहाहै. पार्टीनेहालकेदिनोंमेंकईनेताओंकीभूमिकाओंमेंबदलावकरसंकेतभीदिएहैंकिसंगठनात्मकपुनर्गठनकीप्रक्रियाशुरूहोचुकीहै. इसीमहीनेभाजपाकेराष्ट्रीयमहासचिवविनोदतावड़ेऔरतरुणचुघकोराज्यसभाभेजागयाहै. इनकेसाथराष्ट्रीयसचिवअलकागुर्जरऔरराजस्थानभाजपाकेपूर्वप्रदेशाध्यक्षसतीशपूनियाकोभीउच्चसदनमेंस्थानमिलाहै. दूसरीओरराष्ट्रीयमहासचिवडॉ. राधामोहनदासअग्रवालकोराज्यसभाकानयाकार्यकालनहींदियागयाहै. वहींकेंद्रीयराज्यमंत्रीरवनीतसिंहबिट्टूऔरजॉर्जकुरियनकाकार्यकाल 21 जूनकोसमाप्तहोनेजारहाहै. इसकेअलावाभाजपाकेवरिष्ठनेताऔरराष्ट्रीयमहासचिवअरुणसिंहभीनवंबरमेंराज्यसभासेसेवानिवृत्तहोनेवालेहैं. ऐसेमेंकईपदोंपरनएचेहरोंकेआनेकीसंभावनाबढ़गईहै. भाजपाकेभीतरयहभीचर्चाहैकिमौजूदाराष्ट्रीयमहासचिवोंमेंसेकुछनेताओंकोसरकारमेंजिम्मेदारीदीजासकतीहै. विनोदतावड़ेऔरतरुणचुघजैसेनेताओंकोसंगठनमेंउनकीप्रभावीभूमिकाऔरराजनीतिकप्रबंधनक्षमताकेलिएजानाजाताहै. ऐसेमेंयहदेखनादिलचस्पहोगाकिवेनईटीममेंबनेरहतेहैंयाफिरउन्हेंकेंद्रसरकारमेंमंत्रीपदजैसीनईजिम्मेदारीसौंपीजातीहै. सूत्रोंकायहभीकहनाहैकिपिछलेछहवर्षोंमेंसंगठनकेलिएकामकरनेवालेकईवरिष्ठनेताओंकोराज्यपालपदोंयाविभिन्नआयोगों, बोर्डोंऔरअर्ध-सरकारीसंस्थाओंमेंमहत्वपूर्णजिम्मेदारियांदेकरसम्मानितकियाजासकताहै. इसीकारणराज्यपालोंकेस्तरपरभीबड़ेफेरबदलकीचर्चाएंतेजहोगईहैं. भाजपानेतृत्वआगामीचुनावीचुनौतियोंकोध्यानमेंरखतेहुएसंगठनकोऔरअधिकचुस्त-दुरुस्तबनानाचाहताहै. पार्टीकाफोकसकेवलचुनावीसफलतातकसीमितनहींहै, बल्किदीर्घकालिकसंगठनात्मकविस्तारऔरनएनेतृत्वकोआगेलानेपरभीहै. यहीवजहहैकिनईटीममेंयुवाचेहरोंऔरअनुभवीनेताओंकामिश्रणदेखनेकोमिलसकताहै. सूत्रोंकेमुताबिकउत्तरप्रदेशसेराज्यसभाकीकरीबएकदर्जनसीटोंकाकार्यकालनवंबरमेंसमाप्तहोनेजारहाहै. ऐसेमेंजिनवरिष्ठनेताओंकोनईसंगठनात्मकटीममेंस्थाननहींमिलेगा, उन्हेंराज्यसभाकेमाध्यमसेसमायोजितकिएजानेकीसंभावनाभीजताईजारहीहै. इससेपार्टीनेतृत्वविभिन्नक्षेत्रोंऔरराज्योंकेनेताओंकोसंतुलिततरीकेसेअवसरदेनेकीरणनीतिपरकामकरसकेगा. राजनाथसिंहकेआवासपरहुईदेररातकीबैठककेबादभाजपाकेभीतरराजनीतिकहलचलतेजहोगईहै. पार्टीकार्यकर्ताओंऔरनेताओंकीनिगाहेंअबप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकीवापसीऔरउसकेबादहोनेवालीसंभावितघोषणाओंपरटिकीहुईहैं. मानाजारहाहैकिआनेवालेकुछदिनोंमेंभाजपासंगठन, केंद्रसरकारऔरराज्यपालोंकेस्तरपरऐसेफैसलेसामनेआसकतेहैंजोआगामीवर्षोंकीराजनीतिकीदिशातयकरनेमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभाएंगे.
भाजपामेंबड़ेसंगठनात्मकबदलावकीआहट, राजनाथसिंहकेआवासपरशाह-नड्डासमेतशीर्षनेताओंकीमैराथनबैठक
नईदिल्ली. भारतीयजनतापार्टीकेकेंद्रीयसंगठनमेंबड़ेफेरबदलकीअटकलोंकेबीचसोमवारकोराष्ट्रीयराजधानीदिल्लीमेंपार्टीकेशीर्षनेतृत्वकीएकअहमबैठकहुई. रक्षामंत्रीराजनाथसिंहकेसरकारीआवासपरआयोजितइसबैठकमेंकेंद्रीयगृहमंत्रीअमितशाह, भाजपाअध्यक्षनितिननवीन, केंद्रीयमंत्रीजेपीनड्डा, राष्ट्रीयमहासचिव (संगठन) बीएलसंतोषऔरराष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ (आरएसएस) केवरिष्ठपदाधिकारीशामिलहुए. करीबचारघंटेसेअधिकसमयतकचलीइसबैठककोभाजपाकेआगामीसंगठनात्मकपुनर्गठनऔरराजनीतिकरणनीतिसेजोड़करदेखाजारहाहै. सूत्रोंकेअनुसारबैठकमेंभाजपाऔरआरएसएसकेबीचसमन्वयकीमहत्वपूर्णजिम्मेदारीनिभानेवालेवरिष्ठपदाधिकारीअरुणकुमारभीमौजूदरहे. केंद्रीयशिक्षामंत्रीधर्मेंद्रप्रधाननेभीबैठकमेंभागलिया. हालांकिबैठककेएजेंडेकोलेकरभाजपाकीओरसेकोईआधिकारिकजानकारीसाझानहींकीगईहै, लेकिनराजनीतिकगलियारोंमेंइसेपार्टीकेकेंद्रीयसंगठनमेंसंभावितबदलावोंकीदिशामेंमहत्वपूर्णकदममानाजारहाहै. भाजपासूत्रोंकाकहनाहैकिबैठकमेंसंगठनात्मकढांचेकोमजबूतबनाने, केंद्रीयपदाधिकारियोंकीनईटीमकेगठन, आगामीचुनावीरणनीतिऔरराज्योंमेंसंगठनविस्तारजैसेविषयोंपरविस्तृतचर्चाहुई. मानाजारहाहैकिपार्टीनेतृत्वआगामीचुनावीचुनौतियोंकोध्यानमेंरखतेहुएसंगठनकोनईऊर्जाऔरदिशादेनेकीतैयारीकररहाहै. जानकारीकेअनुसारजनवरीमेंभाजपाअध्यक्षकादायित्वसंभालनेवालेनितिननवीनकेनेतृत्वमेंपार्टीकीनईकेंद्रीयटीमकागठनलगभगअंतिमचरणमेंपहुंचचुकाहै. ऐसेसंकेतमिलरहेहैंकिइसीमहीनेनईटीमकीघोषणाकीजासकतीहै. पार्टीनेतृत्वसंगठनमेंअनुभवऔरयुवानेतृत्वकेबीचबेहतरसंतुलनस्थापितकरनेपरविशेषध्यानदेरहाहै. सूत्रोंकेमुताबिकनईटीममेंकईनएचेहरोंकोअवसरमिलसकताहै. पार्टीसंगठनकोअधिकसक्रिय, प्रभावीऔरचुनावीदृष्टिसेमजबूतबनानेकेलिएविभिन्नराज्योंसेऐसेनेताओंकोजिम्मेदारीदेनेपरविचारकियाजारहाहै, जिन्होंनेसंगठनात्मकस्तरपरउल्लेखनीयकार्यकियाहै. इसकेसाथहीकुछऐसेनेताओंकोभीसंगठनमेंमहत्वपूर्णभूमिकासौंपीजासकतीहैजोवर्तमानमेंसरकारमेंविभिन्नजिम्मेदारियोंकानिर्वहनकररहेहैं. भाजपाकेभीतरलंबेसमयसेकेंद्रीयटीममेंबदलावकीचर्चाचलरहीहै. पार्टीनेतृत्वकामाननाहैकिलगातारबदलतेराजनीतिकपरिदृश्यऔरआगामीचुनावोंकोदेखतेहुएसंगठनात्मकढांचेकोसमय-समयपरनईदिशादेनाआवश्यकहै. इसीरणनीतिकेतहतसंगठनमेंनईजिम्मेदारियोंकाबंटवाराऔरकार्यशैलीमेंबदलावकिएजानेकीसंभावनाजताईजारहीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहबैठककेवलपदाधिकारियोंकेचयनतकसीमितनहींथी, बल्किइसमेंआगामीवर्षोंकीराजनीतिकरणनीतिपरभीचर्चाहुईहोगी. भाजपाअगलेकुछवर्षोंमेंकईमहत्वपूर्णचुनावोंकासामनाकरनेजारहीहै. ऐसेमेंसंगठनकोमजबूतऔरचुस्त-दुरुस्तबनानापार्टीनेतृत्वकीप्राथमिकतामानाजारहाहै. बैठकमेंआरएसएसकेप्रतिनिधियोंकीमौजूदगीकोभीविशेषमहत्वदियाजारहाहै. भाजपाऔरसंघकेबीचसंगठनात्मकसमन्वयकोपार्टीकीताकतमानाजाताहै. ऐसेमेंकेंद्रीयसंगठनमेंहोनेवालेसंभावितबदलावोंकोलेकरसंघकीरायऔरसुझावभीमहत्वपूर्णमानेजारहेहैं. यहीकारणहैकिबैठकमेंभाजपाऔरआरएसएसदोनोंपक्षोंकेवरिष्ठपदाधिकारीमौजूदरहे. सूत्रोंकायहभीकहनाहैकिसंगठनात्मकफेरबदलकेसाथ-साथविभिन्नमोर्चों, प्रकोष्ठोंऔरविभागोंमेंभीबदलावकिएजासकतेहैं. पार्टीऐसेनेताओंकोजिम्मेदारीदेनाचाहतीहैजोजमीनीस्तरपरसंगठनकोमजबूतकरनेमेंसक्षमहोंऔरविभिन्नसामाजिकवर्गोंतकपार्टीकीपहुंचकोऔरव्यापकबनासकें. भाजपानेतृत्वकाफोकसकेवलचुनावीजीततकसीमितनहींहै, बल्किसंगठनकेदीर्घकालिकविस्तारपरभीहै. इसीवजहसेनईटीमकेगठनमेंक्षेत्रीयसंतुलन, सामाजिकप्रतिनिधित्वऔरराजनीतिकअनुभवजैसेकईपहलुओंकोध्यानमेंरखाजारहाहै. पार्टीचाहतीहैकिसंगठनमेंऐसेचेहरेसामनेआएंजोनएमतदाताओंऔरयुवाओंकेबीचप्रभावीसंवादस्थापितकरसकें. राजनीतिकहलकोंमेंयहचर्चाभीहैकिकुछवरिष्ठनेताओंकोसंगठनमेंबड़ीजिम्मेदारीदेकरउन्हेंचुनावीप्रबंधनऔररणनीतिककार्योंमेंलगायाजासकताहै. वहींकुछनएऔरयुवानेताओंकोराष्ट्रीयस्तरपरअवसरदेकरपार्टीभविष्यकेनेतृत्वकोभीतैयारकरनाचाहतीहै. हालांकिभाजपाकीओरसेअभीतककिसीभीसंभावितफेरबदलकीआधिकारिकपुष्टिनहींकीगईहै, लेकिनराजनाथसिंहकेआवासपरहुईइसलंबीऔरउच्चस्तरीयबैठकनेराजनीतिकचर्चाओंकोतेजकरदियाहै. पार्टीकार्यकर्ताओंऔरनेताओंकीनिगाहेंअबनईकेंद्रीयटीमकीघोषणापरटिकीहुईहैं. यदिआनेवालेदिनोंमेंभाजपाअपनीनईकेंद्रीयसंगठनात्मकटीमकीघोषणाकरतीहै, तोउसेआगामीचुनावीरणनीतिऔरसंगठनात्मकविस्तारकेदृष्टिकोणसेबेहदमहत्वपूर्णमानाजाएगा. फिलहालयहस्पष्टहैकिभाजपानेतृत्वसंगठनकोनएस्वरूपमेंढालनेऔरभविष्यकीराजनीतिकचुनौतियोंकेलिएतैयारकरनेकीदिशामेंसक्रियरूपसेकामकररहाहै.
जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका दिखा अलग थलग, दुनिया जता रही मोदी पर भरोसा
जी-7 शिखर सम्मेलन इस बार वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और व्यापार का मंच नहीं बल्कि बदलती विश्व व्यवस्था का आईना प्रतीत हुआ। फ्रांस में आयोजित इस सम्मेलन में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहुंचे तो उनके सामने वह यूरोप खड़ा था जो अब आंख मूंदकर वॉशिंगटन के पीछे चलने को तैयार नहीं दिखता। लंबे समय तक टैरिफ की धमकियां, कूटनीतिक दबाव, सार्वजनिक अपमान और अचानक फैसलों का सामना करने के बाद अब यूरोपीय देशों ने यह मान लिया है कि ट्रंप बदलती अमेरिकी सोच का स्थायी चेहरा हैं। यही कारण है कि इस बार जी-7 सम्मेलन पर सबसे गहरी छाया अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ती दूरी की रही। देखा जाये तो ईरान युद्ध के बाद पैदा हुई वैश्विक बेचैनी ने इस सम्मेलन को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। युद्धविराम की घोषणा के बावजूद तेल बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, महंगाई को लेकर चिंता गहरा रही है और दुनिया की अर्थव्यवस्था फिर अनिश्चितता के मोड में पहुंचती दिखाई दे रही है। ट्रंप इस सम्मेलन में यह साबित करने पहुंचे कि उनकी आक्रामक और टकराव वाली विदेश नीति परिणाम दे रही है। वह चाहते हैं कि दुनिया अमेरिकी प्राथमिकताओं को स्वीकार करे, चाहे मामला व्यापार का हो, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का, सुरक्षा का या फिर चीन को घेरने की रणनीति का। लेकिन इस बार यूरोप का स्वर बदला हुआ है। वह अमेरिका के साथ तो रहना चाहता है, मगर उसकी हर बात पर सिर झुकाने को तैयार नहीं है। इसे भी पढ़ें: France पहुंचे PM Modi, G7 Summit में वैश्विक चुनौतियों पर दुनिया को दिखाएंगे रास्ता देखा जाये तो यूरोप के भीतर यह बदलाव अचानक नहीं आया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वर्षों से यूरोप की रणनीतिक स्वायत्तता की वकालत करते रहे हैं। उनका तर्क साफ है कि यूरोप को अपनी सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए हमेशा अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इस बार सम्मेलन की मेजबानी कर रहे मैक्रों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यह ऐसा समय है जब अमेरिकी, रूसी और चीनी नेतृत्व यूरोप के हितों के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है। इसलिए यूरोप को अब जागना होगा और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी। हालांकि मैक्रों की रणनीति केवल विरोध की नहीं है। उन्होंने ट्रंप के साथ निजी संबंध बनाए रखने की भी भरपूर कोशिश की है। कभी एफिल टावर पर भोज, कभी सैन्य परेड में विशेष सम्मान और कभी नोट्रे डेम कैथेड्रल के पुनरोद्धार समारोह में आमंत्रण देकर उन्होंने ट्रंप को साधने की कोशिश की है। लेकिन ईरान युद्ध और ग्रीनलैंड विवाद के बाद यूरोप में ट्रंप विरोध चरम पर पहुंच गया। एक समय तो हालात ऐसे बन गए थे कि यूरोपीय नेताओं को लगने लगा कि ट्रंप डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए अमेरिकी सेना भेज सकते हैं। यह केवल एक भू-राजनीतिक विवाद नहीं था, बल्कि उस भरोसे के टूटने का प्रतीक था जिस पर दशकों से अटलांटिक गठबंधन टिका हुआ था। दरअसल, ग्रीनलैंड प्रकरण ने यूरोप को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं नाटो की सबसे बड़ी सैन्य ताकत ही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा न बन जाए। यही कारण है कि अब यूरोपीय देशों में यह बहस तेज हो गई है कि अगर अमेरिका हर वैश्विक संकट में नेतृत्व नहीं करता या करना नहीं चाहता, तो आगे की दुनिया कैसी होगी। इस चिंता ने नाटो और अटलांटिक गठबंधन की नींव तक को हिला दिया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी इस बार दबाव में दिखे। घरेलू राजनीति में चुनौती झेल रहे स्टारमर को ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन न करने के कारण ट्रंप की नाराजगी का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ब्रिटेन का मजाक उड़ाया और उसे असहयोगी तक कह दिया। नतीजा यह हुआ कि ब्रेक्जिट के बाद अमेरिका के और करीब जाने की कोशिश कर रहा ब्रिटेन अब फिर यूरोप की ओर झुकता दिखाई दे रहा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जिन्हें कभी ट्रंप का स्वाभाविक सहयोगी माना जाता था, वह भी अब दूरी बनाती नजर आ रही हैं। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची इस सम्मेलन में पहली बार शामिल हुईं और उन्होंने अमेरिका, यूरोप तथा पश्चिम एशिया के बीच संवाद की कड़ी बनने की कोशिश की। साफ है कि दुनिया अब केवल अमेरिकी नेतृत्व पर निर्भर रहने की बजाय बहुध्रुवीय संतुलन की तरफ बढ़ रही है। देखा जाये तो ट्रंप की सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि वह निजी कूटनीति को सार्वजनिक तमाशे में बदल देते हैं। पिछले वर्ष नाटो प्रमुख मार्क रुटे के निजी संदेश सार्वजनिक कर उन्होंने यह दिखा दिया था कि यूरोपीय नेता निजी तौर पर अमेरिका के दबाव को स्वीकार करते हैं, भले ही सार्वजनिक मंचों पर विरोध का अभिनय करें। इस कारण अब यूरोपीय नेताओं के लिए संतुलन साधना और मुश्किल हो गया है। उन्हें अपने मतदाताओं को भी संतुष्ट रखना है और अमेरिका से रिश्ते भी नहीं बिगाड़ने हैं। इसी उथल पुथल के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इस सम्मेलन में विशेष महत्व रखती है। जब पश्चिमी दुनिया भीतर से विभाजित दिखाई दे रही है, तब भारत एक ऐसे संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है जिस पर हर शक्ति केंद्र भरोसा करना चाहता है। मोदी ने रूस और अमेरिका दोनों से संबंध बनाए रखे, पश्चिम एशिया के संकटों में संतुलन साधा और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से उठाया। यही वजह है कि आज दुनिया भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि स्थिर नेतृत्व वाली निर्णायक शक्ति के रूप में देख रही है। देखा जाये तो मोदी की कूटनीति की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उन्होंने भारत को किसी एक खेमे में सीमित नहीं होने दिया। अमेरिका से रणनीतिक साझेदारी भी कायम रखी और रूस के साथ पुराने रिश्ते भी नहीं टूटने दिए। पश्चिम एशिया में भारत की स्वीकार्यता बनी रही और यूरोप के साथ आर्थिक तथा तकनीकी सहयोग भी लगातार बढ़ता गया। जी-7 जैसे मंचों पर मोदी की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत केंद्र में आ चुका है। जब दुनिया अविश्वास, टकराव और अनिश्चितता से जूझ रही है, तब भारत संवाद, संतुलन और स्थिरता का चेहरा बनकर उभरा है। यही प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। बहरहाल, जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि गहरे मतभेदों और पश्चिमी देशों के भीतर बढ़ती अविश्वास की राजनीति के बावजूद संवाद की प्रक्रिया टूटी नहीं। ईरान संकट के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैदा हुए तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर आशंकाओं और यूक्रेन युद्ध की लंबी खिंचती स्थिति के बीच सदस्य देशों ने कम से कम इस बात पर सहमति दिखाई कि बहुपक्षीय सहयोग को जिंदा रखना जरूरी है। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्विक आर्थिक असंतुलन, आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा और विकासशील देशों के कर्ज संकट जैसे मुद्दों पर साझा चर्चा आगे बढ़ी। यूरोप ने अपनी सामरिक स्वायत्तता का स्वर बुलंद किया, जबकि अमेरिका ने भी यह संकेत दिया कि यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों में अधिक भागीदारी निभानी होगी। भारत, ब्राजील, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की भागीदारी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ग्लोबल साउथ को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासशील देशों की आकांक्षाओं को मजबूती से उठाकर भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत किया। हालांकि सम्मेलन कई अहम मुद्दों पर ठोस नतीजे देने में विफल भी रहा। यूक्रेन युद्ध को लेकर कोई निर्णायक रोडमैप सामने नहीं आया, चीन को लेकर पश्चिमी देशों के भीतर मतभेद बने रहे और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषय को जानबूझकर पीछे कर दिया गया ताकि अमेरिका और यूरोप के बीच टकराव नहीं बढ़े। ईरान समझौते पर भी स्पष्टता का अभाव रहा और ट्रंप की आक्रामक शैली के कारण साझा घोषणापत्र को लेकर एकजुटता कमजोर दिखाई दी। कुल मिलाकर यह सम्मेलन उपलब्धियों से अधिक बदलती विश्व राजनीति के अंतर्विरोधों का प्रतीक बनकर सामने आया, जहां संवाद तो जारी रहा लेकिन भरोसे का संकट अब भी गहराता दिखाई दिया। -नीरज कुमार दुबे
सार्वजनिक जीवन में विश्वास की पूंजी
विश्वास और भरोसा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। सार्वजनिक जीवन में जन विश्वास गंवाने वाला व्यक्ति किसी योग्य नहीं रह जाता। हाल ही में भारतीय राजनीति में जन विश्वास से जुड़ी दो अहम घटनाएं घटित हुई। पहली घटना में एक नेता ने जन विश्वास की पूंजी खो दिया। वहीं दूसरी घटना में नेता ने जन विश्वास की पूंजी को सहेजा ही नहीं, बल्कि हर बीतते दिन के साथ उसमें वृद्धि भी की। पहली घटना 4 मई की है। इस दिन जन विश्वास खो चुकी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। तृणमूल और ममता से नाराजगी का आलम यह था कि स्वयं ममता बनर्जी अपनी सीट हार गई। आज ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की जो दुर्दशा हो रही है, उसकी जिम्मेदार कोई दूसरा नहीं बल्कि वह स्वयं और उनके कर्म ही हैं। इसे भी पढ़ें: Bengal में LoP पद पर संग्राम, विधानसभा Speaker के खिलाफ High Court पहुंचीं ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के विधायक और सांसद अपना अलग गुट बना चुके हैं। स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण मिलना मुश्किल है, जब किसी राजनीतिक दल का इतनी तेजी से विघटन हुआ हो। या किसी नेता की तथाकथित साख चुनाव हारने के चंद दिनों में ही औंधे मुंह गिरी हो। सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी को मंदिर जाने की याद आई। कालीबाड़ी दर्शन करने पहुंची ममता बनर्जी को लोगों ने पूरी तरह अनदेखा किया। डेढ दशक तक सूबे का मुख्यमंत्री रहने वाले नेता की जनता इस हद तक उपेक्षा करे, तो यह सिर्फ चुनावी हार नहीं, जनविश्वास के टूटने का संकेत होता है। तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से आजिज जनता आज उसके नेताओं का अंडे, टमाटर, जूते और मार कुटाई से सत्कार कर रही है। तृणमूल के नेताओं को देखकर चोर-चोर के नारे लगाए जा रहे हैं। ये वो लोग है जो पिछले 15 वर्षों से तृणमूल नेताओं की तानाशाही, गुण्डागर्दी और अत्याचार चुपचाप सह रहे थे। तृणमूल नेताओं के प्रति जनता का व्यवहार उनके स्वाभाविक क्रोध, कुंठा, निराशा और हताशा का परिणाम है। ममता सरकार के डेढ़ दशक के शासन के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की हत्या व अपहरण, पोलिंग एजेंटों की पिटाई, बमबाजी, गोलीबारी, बूथों में तोड़फोड़, वोटों की लूट, प्रत्याशियों व उनके परिवार के सदस्यों को धमकियां, ये सब बंगाल में आम बातें हो चुकीं थीं। भाजपा के अपने अनुमानों के अनुसार, 2021 में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई हिंसा में टीएमसी के गुंडों ने 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की थी। तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कानून व व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि, राज्य में लोकतंत्र सांस नहीं ले पा रहा है। मुख्यमंत्री और प्रशासन मूक दर्शक बने हुए हैं। दूसरी घटना 10 जून को घटित हुई। इस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे किए, जो देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पूरे किए गए 4,398 दिन के कार्यकाल से ज्यादा है। इस तरह जनविश्वास, सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के अटूट विश्वास की जीत है। 2014 में देश ने उत्साह और अटूट विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक प्रधानसेवक माना। इसी रूप में वे अपना राष्ट्रधर्म निभाते हुए विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग का विश्वास जीता है। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है। विपक्ष के लगातार मिथ्या प्रचार, व्यक्तिगत हमलों, यहां तक की अपशब्द देने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी अहर्निशं जनसेवा में जुटे हैं। देश की जनता उन पर भरोसा करती है, जनता को विश्वास है मोदी के रहते उनका अहित नहीं होगा। इसलिए वो लगातार तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी सहर्ष सौंपती है। जब विश्वास टूटता है तो बड़े से बड़े नेता और व्यक्ति अर्श से फर्श पर आ जाता है। भारतीय राजनीति में इंदिरा गांधी का बड़ा कद था। लेकिन अपनी सत्ता बचाने के लिए 1975 को इमरजेंसी लगाने के बाद जनता का विश्वास इंदिरा गांधी से टूट गया। 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस को ऐतिहासिक हार का मुंह देखना पड़ा। इंदिरा का घमंड चूर चूर हो गया, और देश में आजादी के बाद पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, उड़ीसा में बीजू जनता दल, दिल्ली में आम आदमी पार्टी तमाम ऐसे उदाहरण ऐसे हैं, जब जनता ने इन दलों पर विश्वास करके सत्ता के सिंहासन पर बैठाया। लेकिन जब ये नेता विश्वास और उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे तो, जनता ने इन्हें इनको आसमान से जमीन पर पटकने में देरी नहीं की। तमिलनाडु में विश्वास ही तो खत्म हुआ होगा, तभी तो वहां की जनता ने सत्तारूढ़ डीएमके को हटाकर अभिनेता चंद्रशेखरन जोसेफ विजय की नयी नवेली पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम यानी टीवीके को सत्ता की कुंजी सौंप दी। वहीं कई ऐसे उदाहरण भी हैं, जहां विश्वास के चलते जनता ने बार बार जीत का आशीष दिया। गुजरात में बीते 31 और मध्य प्रदेश 21 साल से भाजपा की सरकार है। इतने लंबे समय तक विश्वास और सेवा किये बिना कोई नेता या दल सत्ता या लोगों के दिलों में नहीं रह सकता। किसी जमाने में हरियाणा में भाजपा कोई बड़ी शक्ति नहीं थी। बामुश्किल उसके दो या तीन विधायक ही जीतते थे। लेकिन विश्वास और जनसेवा की बदौलत ही पिछले 12 वर्षों से हरियाणा में भाजपा की सरकार सत्ता में है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मिथक था कि यहां कोई सरकार दोबारा रिपीट नहीं करती। 2017 में भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व से सरकार और शासन के प्रति जनता के विश्वास को लगातार बढ़ाने का काम किया। नतीजा उत्तर प्रदेश की राजनीति में 37 साल पुराना यह मिथक 2022 के विधानसभा चुनाव में टूट गया। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भाजपा सरकार पिछले नौ साल से लगातार जनसेवा में जुटी है। जीवन की सबसे बड़ी पूंजी पद नहीं, बल्कि विश्वास होता है। यह विश्वास किसी नेता, राजनीतिक दल या किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी है। यह विश्वास बना रहना ही चाहिए। और जिस दिन यह विश्वास टूटता है, उस दिन नतीजे वैसे ही होते हैं, जैसे 4 मई को पश्चिम बंगाल में ईवीएम से निकले। हारने वाला कुंठा, निराशा और हताशा में भले ही इसे वोट की लूट बताता रहे, लेकिन ये वोट की नहीं बल्कि दिल की लूट होती है। इसलिए व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में विश्वास बनाए रखें। - डॉ. आशीष वशिष्ठ (लेखक-पत्रकार)
फिरसियासीभूचालकीआहट, उद्धवठाकरेके 16 विधायकऔर 7 सांसदोंपरनजर, शिंदेगुटकेदावोंसेबढ़ीहलचल
मुंबई. महाराष्ट्रकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ेराजनीतिकघटनाक्रमकीअटकलेंतेजहोगईहैं. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुखउद्धवठाकरेकेनेतृत्ववालीपार्टीमेंसंभावितटूटकोलेकरचर्चाओंकाबाजारगर्महै. दावाकियाजारहाहैकिउद्धवगुटकेकरीब 16 विधायकऔर 7 सांसदएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालीशिवसेनाकेसंपर्कमेंहैं. हालांकिइनदावोंकीअबतककोईआधिकारिकपुष्टिनहींहुईहै, लेकिनलगातारसामनेआरहेराजनीतिकसंकेतोंनेराज्यकीसियासतकोगरमादियाहै. रविवारकोमातोश्रीमेंउद्धवठाकरेद्वारालोकसभासांसदोंकीबुलाईगईबैठककेबादइनचर्चाओंनेऔरजोरपकड़लिया. राजनीतिकगलियारोंमेंयहसवालउठनेलगाकिक्यावास्तवमेंपार्टीकेसभीसांसदनेतृत्वकेसाथमजबूतीसेखड़ेहैंयाफिरअंदरहीअंदरअसंतोषबढ़रहाहै. बैठककेबादविभिन्नराजनीतिकहलकोंमेंइसबातकीचर्चाशुरूहोगईकिआनेवालेदिनोंमेंमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंबड़ाउलटफेरदेखनेकोमिलसकताहै. सूत्रोंकेमुताबिकशिवसेना (यूबीटी) केकुछसांसदऔरविधायकपार्टीकीवर्तमानकार्यशैलीऔरनेतृत्वसेअसंतुष्टबताएजारहेहैं. हालांकिइनमेंसेकिसीभीनेतानेसार्वजनिकरूपसेनाराजगीव्यक्तनहींकीहै, लेकिनराजनीतिकचर्चाओंमेंयहदावाकियाजारहाहैकिकईनेतावैकल्पिकराजनीतिकसंभावनाओंपरविचारकररहेहैं. उद्धवठाकरेनेसांसदोंकीबैठककेदौरानकथिततौरपरस्पष्टसंदेशदियाकियदिकिसीकोपार्टीछोड़करजानाहैतोवहजासकताहैऔरइससेसंगठनकमजोरनहींहोगा. सूत्रोंकेअनुसारउन्होंनेयहभीकहाकिसमयबदलनेपरपार्टीछोड़नेवालोंकाराजनीतिकहिसाबभीकियाजाएगा. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहबयानपार्टीकेभीतरचलरहीसंभावितअसंतोषकीचर्चाओंकेसंदर्भमेंकाफीमहत्वपूर्णमानाजारहाहै. उधरपिछलेकुछदिनोंसेमहाराष्ट्रकीराजनीतिमें‘ऑपरेशनटाइगर’ नामकराजनीतिकअभियानकीचर्चालगातारहोरहीहै. विपक्षीखेमेमेंयहचर्चाहैकिएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालीशिवसेनाउद्धवगुटकेनेताओंकोअपनेसाथलानेकेप्रयासमेंजुटीहुईहै. बतायाजारहाहैकिदोनोंपक्षोंकेनेताओंकेबीचदिल्लीऔरमुंबईमेंकईस्तरोंपरबातचीतभीहुईहै. हालांकिइनदावोंकोलेकरकोईआधिकारिकदस्तावेजयापुष्टिसामनेनहींआईहै. केंद्रीयमंत्रीऔरशिंदेगुटकेवरिष्ठनेताप्रतापरावजाधवनेभीइसबहसकोहवादेतेहुएकहाकिउद्धवगुटकेकईसांसदऔरविधायकपार्टीकेभीतरकीस्थितिसेसंतुष्टनहींहैं. उन्होंनेदावाकियाकिकईनेताओंकोलगताहैकिउनपरलगातारसंदेहकियाजाताहैऔरउन्हेंसंगठनमेंपहलेजैसीप्राथमिकतानहींमिलरहीहै. हालांकिउन्होंनेयहभीकहाकिसंपर्कमेंहोनेकाअर्थयहनहींहैकिकोईनेतातुरंतपार्टीबदलनेजारहाहै. राजनीतिकजानकारोंकामाननाहैकियदिशिंदेगुटवास्तवमेंबड़ीसंख्यामेंसांसदोंऔरविधायकोंकोअपनेसाथलानेमेंसफलहोताहैतोयह 2022 कीबगावतकेबादउद्धवठाकरेकेलिएदूसराबड़ाराजनीतिकझटकासाबितहोसकताहै. गौरतलबहैकि 2022 मेंएकनाथशिंदेकेनेतृत्वमेंहुएविद्रोहनेशिवसेनाकोदोहिस्सोंमेंबांटदियाथाऔरराज्यकीसत्ताकापूरासमीकरणबदलगयाथा. हालांकिउद्धवठाकरेगुटनेटूटकीसभीअटकलोंकोसिरेसेखारिजकरदियाहै. पार्टीकेवरिष्ठनेताऔरसांसदअरविंदसावंतनेकहाकिसभीसांसदपूरीतरहसेपार्टीनेतृत्वकेसाथहैंऔरटूटकीखबरेंकेवलराजनीतिकअफवाहेंहैं. उन्होंनेचुनौतीदेतेहुएकहाकियदिसातसांसदपार्टीछोड़नेवालेहैंतोउनकेनामसार्वजनिककिएजाएं. सावंतनेदावाकियाकिशिवसेना (यूबीटी) पूरीतरहएकजुटहैऔरपार्टीमेंकिसीप्रकारकासंकटनहींहै. दूसरीओरशिंदेगुटकीनेताशाइनाएनसीनेभी‘ऑपरेशनटाइगर’ कोलेकरचलरहीचर्चाओंकोखारिजकियाहै. उन्होंनेकहाकिउनकीपार्टीकिसीभीसंगठनकोतोड़नेकीराजनीतिमेंविश्वासनहींरखती. उनकेअनुसारमुख्यमंत्रीएकनाथशिंदेकीविकासआधारितराजनीतिऔरजनस्वीकृतिकेकारणविभिन्नदलोंकेनेतास्वेच्छासेउनकेसाथजुड़नाचाहतेहैं. उन्होंनेकहाकिमहाराष्ट्रमेंकिसीप्रकारका‘ऑपरेशनटाइगर’ नहींबल्किविकासऔरप्रगतिकाअभियानचलरहाहै. फिरभीराजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिलगातारउठरहेसवालऔरनेताओंकेबयानोंसेयहस्पष्टहैकिमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंअंदरखानेकुछनकुछगतिविधियांजरूरचलरहीहैं. खासकरआगामीस्थानीयनिकायचुनावोंऔरभविष्यकीराजनीतिकरणनीतियोंकोदेखतेहुएविभिन्नदलअपनेसंगठनात्मकढांचेकोमजबूतकरनेमेंजुटेहुएहैं. फिलहालस्थितिपूरीतरहदावोंऔरप्रतिदावोंकेबीचबनीहुईहै. एकओरशिंदेगुटकेनेताओंकेबयानराजनीतिकहलचलकोबढ़ारहेहैंतोदूसरीओरउद्धवठाकरेकाखेमापार्टीकीएकजुटताकादावाकररहाहै. ऐसेमेंआनेवालेकुछदिनमहाराष्ट्रकीराजनीतिकेलिएबेहदमहत्वपूर्णमानेजारहेहैं. यदिचर्चाओंकेअनुरूपकोईबड़ाराजनीतिकघटनाक्रमसामनेआताहैतोराज्यकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ाबदलावदेखनेकोमिलसकताहै. वहींयदिसभीविधायकऔरसांसदउद्धवठाकरेकेसाथबनेरहतेहैंतोयहउनकेनेतृत्वकेलिएबड़ीराहतहोगी. फिलहालमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंनिगाहेंअगलेकुछदिनोंपरटिकीहैं, जहांहरबयानऔरहरराजनीतिकगतिविधिकोबेहदध्यानसेदेखाजारहाहै.
2027 कीजंगसेपहलेमायावतीका OBC दांव, ‘आयरनलेडी’बनकर 2007 वालाकरिश्मादोहरानेकीतैयारी
लखनऊ. उत्तरप्रदेशविधानसभाचुनाव 2027 कीसियासीसरगर्मियांतेजहोनेलगीहैंऔरइसीबीचबहुजनसमाजपार्टीप्रमुखमायावतीनेऐसाराजनीतिकदांवचलाहै, जिसनेप्रदेशकीराजनीतिमेंनईहलचलपैदाकरदीहै. पार्टीकीअहमबैठककेबादजारीसंदेशमेंमायावतीनेखुदकोएकबारफिर‘आयरनलेडी’ केरूपमेंपेशकरतेहुएओबीसीसमाजकोसाधनेकीकोशिशकीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिबसपासुप्रीमोकायहकदमकेवलएकबयाननहीं, बल्कि 2007 मेंमिलीऐतिहासिकजीतकेफॉर्मूलेकोदोबाराजमीनपरउतारनेकीरणनीतिहै. मायावतीनेअपनेसंबोधनमेंकहाकिपिछड़ावर्ग, दलितऔरअन्यवंचितसमाजकावास्तविकहितबसपाशासनमेंहीसुरक्षितरहाहै. उन्होंनेदावाकियाकिउनकेमुख्यमंत्रीरहतेहुएओबीसीवर्गकोसम्मान, भागीदारीऔरअधिकारमिले, जबकिअन्यदलोंनेकेवलवोटबैंककीराजनीतिकी. इसीदौरानउन्होंनेस्वयंको‘आयरनलेडी’ बतातेहुएअपनेशासनकालकीसख्तप्रशासनिकछविकोभीसामनेरखा. राजनीतिकजानकारोंकेअनुसारमायावतीका‘आयरनलेडी’ वालासंदेशकेवलव्यक्तिगतछविनिर्माणतकसीमितनहींहै. इसकेजरिएवहप्रदेशकीजनताको 2007 से 2012 केउसकार्यकालकीयाददिलानाचाहतीहैं, जबकानून-व्यवस्थाऔरप्रशासनिकनियंत्रणकोलेकरउनकीसरकारकीअलगपहचानबनीथी. बसपासुप्रीमोयहसंदेशदेनाचाहतीहैंकिमजबूतनेतृत्वऔरकठोरप्रशासनदेनेकीक्षमताआजभीउनकेपासहै. अपनेभाषणमेंमायावतीनेवर्ष 2007 काविशेषउल्लेखकिया. उन्होंनेकहाकिउसीचुनावमेंओबीसीसमाजकेव्यापकसमर्थनसेबसपाकोपूर्णबहुमतमिलाथा. राजनीतिकदृष्टिसेयहबयानबेहदमहत्वपूर्णमानाजारहाहैक्योंकि 2007 काचुनावउत्तरप्रदेशकीराजनीतिमेंसामाजिकइंजीनियरिंगकासबसेसफलप्रयोगमानाजाताहै. उससमयदलित, पिछड़ाऔरसवर्णवर्गकेएकहिस्सेकेसमर्थननेबसपाकोअपनेदमपरसत्तातकपहुंचायाथा. पिछलेकुछचुनावोंमेंबसपाकाजनाधारकमजोरहुआहैऔरउसकापारंपरिकवोटबैंकभीकईहिस्सोंमेंबंटतादिखाईदियाहै. ऐसेमेंमायावतीएकबारफिरदलितऔरओबीसीगठजोड़कोमजबूतकरअपनेराजनीतिकआधारकोपुनर्जीवितकरनेकीकोशिशकररहीहैं. विशेषरूपसेगैर-यादवपिछड़ावर्गकोलेकरउनकीसक्रियताबढ़तीदिखाईदेरहीहै. मायावतीनेअपनेसंबोधनमेंआरक्षणकामुद्दाभीजोरदारतरीकेसेउठाया. उन्होंनेआरोपलगायाकिशिक्षाऔरसरकारीनौकरियोंमेंओबीसीवर्गकोमिलनेवाले 27 प्रतिशतआरक्षणकोधीरे-धीरेकमजोरकियाजारहाहै. उनकेइसबयानकोभाजपाऔरविपक्षीगठबंधनदोनोंपरएकसाथहमलामानाजारहाहै. बसपाप्रमुखकाप्रयासहैकिपिछड़ावर्गकेबीचयहसंदेशजाएकिउनकेअधिकारोंऔरहिस्सेदारीकीसबसेमुखरआवाजबसपाहीउठारहीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहरणनीतिसीधेतौरपरभाजपाकेउसवोटबैंककोप्रभावितकरनेकीकोशिशहै, जिसमेंगैर-यादवओबीसीसमुदायकीबड़ीभूमिकारहीहै. मौर्य, कुर्मी, सैनी, शाक्य, लोधऔरअन्यपिछड़ीजातियांपिछलेकईचुनावोंमेंभाजपाकेसाथमजबूतीसेखड़ीरहीहैं. ऐसेमेंमायावतीकानयाअभियानभाजपाकेलिएचुनौतीबनसकताहै. दूसरीओर, समाजवादीपार्टीऔरकांग्रेसद्वाराआगेबढ़ाएजारहेपीडीएयानीपिछड़ा, दलितऔरअल्पसंख्यकसमीकरणकोभीबसपाकीनईरणनीतिसेझटकालगसकताहै. सपाप्रमुखअखिलेशयादवलगातारपीडीएकोचुनावीआधारबनानेकीकोशिशकररहेहैं. लेकिनयदिदलितऔरअति-पिछड़ावर्गकाएकहिस्साबसपाकीओरलौटताहैतोविपक्षीवोटोंकाबिखरावबढ़सकताहै. मायावतीनेअपनेकार्यकर्ताओंकोभीनयाराजनीतिकसंदेशदिया. उन्होंनेकहाकिकेवलदूसरीपार्टियोंकीआलोचनाकरनेसेकोईलाभनहींहोगा. कार्यकर्ताओंकोसमाजकेबीचजाकरयहसंदेशदेनाहोगाकिदलित, पिछड़ाऔरशोषितवर्गसत्ताकी‘मास्टरचाबी’ अपनेहाथमेंलेकरहीवास्तविकपरिवर्तनलासकताहै. उन्होंनेसमर्थकोंसे 2027 में‘शासकवर्ग’ बननेकालक्ष्यलेकरआगेबढ़नेकाआह्वानकिया. यहबयानबसपाकीपारंपरिकबहुजनराजनीतिकीयाददिलाताहै, जिसमेंसामाजिकरूपसेवंचितवर्गोंकोकेवलवोटरनहींबल्किसत्ताकेकेंद्रमेंपहुंचानेकीबातकहीजातीरहीहै. ‘शासकवर्ग’ कानाराउसीराजनीतिकसोचकाविस्तारमानाजारहाहै. राजनीतिकपर्यवेक्षकोंकेअनुसारमायावतीकायहपूराअभियानसंकेतदेताहैकिबसपा 2027 केचुनावकोत्रिकोणीयबनानेकीतैयारीमेंहै. पार्टीअबकेवलअपनेपारंपरिकवोटबैंकपरनिर्भररहनेकेबजायपिछड़ेवर्गोंमेंनईपैठबनानेकाप्रयासकररहीहै. यदिबसपादलितोंकेसाथओबीसीवर्गकेप्रभावीहिस्सेकोजोड़नेमेंसफलहोतीहैतोउत्तरप्रदेशकीराजनीतिमेंसमीकरणपूरीतरहबदलसकतेहैं. फिलहालमायावतीकेइसनएराजनीतिकअभियाननेभाजपा, समाजवादीपार्टीऔरकांग्रेसतीनोंकीरणनीतियोंपरअसरडालनाशुरूकरदियाहै. आनेवालेमहीनोंमेंयहस्पष्टहोगाकि‘आयरनलेडी’ कीछविऔर 2007 केसोशलइंजीनियरिंगमॉडलकायहनयासंस्करणबसपाकोकितनाराजनीतिकलाभदिलापाताहै. लेकिनइतनातयहैकिउत्तरप्रदेशकीचुनावीराजनीतिमेंमायावतीनेएकबारफिरखुदकोकेंद्रमेंलानेकीकोशिशतेजकरदीहैऔरउनकेइसदांवने 2027 कीसियासीलड़ाईकोऔरदिलचस्पबनादियाहै.
E20 ईंधन को लेकर बड़ा बयान: इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने का दावा गलत :केंद्र
ई20 ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने के दावे को पीआईबी ने मंगलवार को फर्जी बताया। साथ ही कहा कि ई20 ईंधन के उपयोग के बाद भी मोटर वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह से वैध रहेगी।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी के दो एयरपोर्ट्स को प्रतिष्ठित 'प्रिक्स वर्साय वर्ल्ड्स मोस्ट ब्यूटीफुल एयरपोर्ट्स लिस्ट 2026' में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि कंपनी विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना विकसित करने पर जोर दे रही है, जो आर्थिक विकास, पर्यटन और क्षेत्रीय प्रगति में योगदान दे रही है।
पीएम मोदी ने 'नया भारत निर्माण' के 12 साल पूरे होने पे दोहराया नयी पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर का विजन
नई दिल्ली, 'नया भारत निर्माण के 12 साल' पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पिछले दशक में देशभर में रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हुआ है। साथ ही, उन्होंने 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुनाफा वसूली के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
मुंबई, लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली।
भारत अब पेट्रोल और डीजल पर निर्भर अर्थव्यवस्था से निकलकर वैकल्पिक ईंधन की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E-100 ईंधन के मानकों को मंजूरी देकर देश की ऊर्जा नीति में एक नई बहस और नई उम्मीद दोनों को जन्म दिया है। इस फैसले के बाद इथेनॉल आधारित परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार, वाहन कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यही ईंधन भारत को कच्चे तेल के वैश्विक झटकों से बचाने का मजबूत आधार बन सकता है। पेट्रोल का खेल खत्म? सरकार लाई E-100 ईंधन का मास्टर प्लान हम आपको बता दें कि E-100 ऐसा ईंधन है जिसमें लगभग सौ प्रतिशत इथेनॉल होता है और पारंपरिक पेट्रोल की मिलावट नहीं के बराबर रहती है। इथेनॉल गन्ना, मक्का, खराब अनाज और कृषि अपशिष्ट जैसे स्रोतों से तैयार किया जाता है। अभी देश में E-20 मिश्रण वाला पेट्रोल इस्तेमाल हो रहा है जिसमें बीस प्रतिशत इथेनॉल और अस्सी प्रतिशत पेट्रोल होता है। लेकिन E-100 पूरी तरह इथेनॉल आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ने का संकेत है। इसे भी पढ़ें: सही कहा था Modi ने... एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहा Pakistan, नहरें सूखीं, खेत बंजर हो रहे, शहरों में भी जल संकट तेल संकट से बचने का भारत का नया हथियार! मोदी सरकार की नजर सिर्फ पर्यावरण पर नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था और रणनीतिक सुरक्षा पर भी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चे तेल के रूप में खरीदता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ते ही देश का आयात बिल और महंगाई दोनों बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार इथेनॉल आधारित ईंधन को ऊर्जा आत्मनिर्भरता का रास्ता मान रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के कारण अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कच्चे तेल आयात की बचत हुई है, जबकि किसानों को लगभग अस्सी हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिली है। ऊर्जा विशेषज्ञ भी इसे भारत की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं। केपीएमजी की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इथेनॉल आधारित बदलाव भारत के परिवहन ऊर्जा ढांचे को मजबूत बना सकता है और वैश्विक तेल संकटों से देश को बचाने में मददगार साबित हो सकता है। देखा जाये तो E-100 ईंधन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इससे किसानों की भूमिका सीधे ऊर्जा अर्थव्यवस्था से जुड़ जाएगी। गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ेगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया सहारा मिलेगा। लंबे समय से खेती में लागत और लाभ के संकट से जूझ रहे किसानों के लिए यह अतिरिक्त आय का नया रास्ता बन सकता है। सरकार इसी वजह से इसे कृषि और ऊर्जा दोनों क्षेत्रों के लिए दोहरा लाभ मान रही है। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या E-100 पेट्रोल की पूरी तरह जगह ले सकता है। जवाब है, हां लेकिन तुरंत नहीं। देश की करोड़ों गाड़ियां अभी पारंपरिक पेट्रोल या E-20 ईंधन के हिसाब से बनी हैं। उन्हें सीधे E-100 पर चलाना संभव नहीं है। इथेनॉल का व्यवहार पेट्रोल से अलग होता है। इससे इंजन की संरचना, फ्यूल पंप, इंजेक्टर और पाइप लाइन तक में बदलाव करना पड़ता है। यही वजह है कि अब वाहन कंपनियां विशेष फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहन विकसित कर रही हैं। मारुति सुजूकी ने वैगन आर का फ्लेक्स फ्यूल मॉडल पेश कर संकेत दे दिया है कि कम कीमत वाली जनसाधारण की गाड़ियां भी इथेनॉल आधारित तकनीक पर लाई जा सकती हैं। इसके अलावा टोयोटा, एमजी, हुंडई और सुजुकी भी ऐसे उत्पादों पर काम कर रही हैं। दोपहिया क्षेत्र में हीरो मोटोकॉर्प ने स्प्लेंडर और एच एफ डीलक्स के फ्लेक्स फ्यूल संस्करण सामने रखे हैं। इससे साफ है कि उद्योग जगत अब इस बदलाव को गंभीरता से लेने लगा है। गन्ने से बनेगा गाड़ी का ईंधन! देखा जाये तो E-100 के कई फायदे हैं। सबसे पहला लाभ विदेशी तेल पर निर्भरता कम होना है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। दूसरा बड़ा लाभ पर्यावरण को होगा क्योंकि इथेनॉल पारंपरिक जीवाश्म ईंधन की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ माना जाता है और इससे कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है। तीसरा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा जहां इथेनॉल उत्पादन से कृषि आधारित उद्योगों को नई गति मिल सकती है। क्यों डर रहे हैं लोग इथेनॉल वाले पेट्रोल से? वैसे इथेनॉल को लेकर आम उपभोक्ताओं के मन में अभी भी कई तरह की आशंकाएं हैं। सबसे बड़ी चिंता गाड़ी के इंजन और उसकी उम्र को लेकर है। बहुत से वाहन मालिक मानते हैं कि अधिक इथेनॉल मिश्रण से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, माइलेज घट सकता है और लंबे समय में फ्यूल पाइप, रबर पार्ट्स तथा इंजेक्टर जैसे हिस्सों को नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने पेट्रोल वाहन पूरी तरह इथेनॉल आधारित ईंधन के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए उनमें दिक्कतें आ सकती हैं। यही वजह है कि लोग अपने मौजूदा वाहन में अधिक इथेनॉल वाला ईंधन डलवाने से हिचक रहे हैं। हालांकि नई फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाली गाड़ियां विशेष रूप से इथेनाल के हिसाब से तैयार की जा रही हैं, इसलिए उनमें ऐसी आशंकाएं कम होंगी। सरकार और कंपनियां यह दावा कर रही हैं कि सही तकनीक वाले इंजनों में इथेनॉल से गाड़ी की आयु पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उपभोक्ताओं का भरोसा जीतना अभी बाकी है। कीमत को लेकर भी बहस तेज है। माना जा रहा है कि देश में बड़े पैमाने पर उत्पादन होने पर इथेनॉल आधारित ईंधन पेट्रोल की तुलना में सस्ता पड़ सकता है, क्योंकि इसका स्रोत घरेलू कृषि क्षेत्र है और इसमें आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम रहती है। फिर भी आम लोगों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि जब मौजूदा E-20 ईंधन में बीस प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ है, तब उपभोक्ताओं से पूरी तरह पेट्रोल जैसी कीमत क्यों वसूली जा रही है। आलोचकों का तर्क है कि यदि पेट्रोल की मात्रा कम है तो कीमत में भी उसका असर दिखना चाहिए। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि ईंधन मूल्य निर्धारण केवल कच्चे तेल की मात्रा से तय नहीं होता, बल्कि उत्पादन, प्रसंस्करण, परिवहन और कर व्यवस्था जैसे कई पहलू उसमें शामिल रहते हैं। साथ ही डीजल में इथेनॉल मिलाने को लेकर अभी व्यापक स्तर पर कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है, क्योंकि डीजल इंजन की तकनीक पेट्रोल इंजनों से अलग होती है और उसमें इथेनॉल मिश्रण को लेकर ज्यादा तकनीकी चुनौतियां हैं। फिलहाल सरकार का मुख्य जोर पेट्रोल आधारित वाहनों और फ्लेक्स फ्यूल तकनीक को आगे बढ़ाने पर है। लेकिन तस्वीर का दूसरा पक्ष भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होती है। यानी समान दूरी तय करने के लिए वाहन को ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा मौजूदा वाहनों को सीधे E-100 पर चलाना संभव नहीं है। उपभोक्ताओं को नए फ्लेक्स फ्यूल वाहन खरीदने होंगे, जो शुरुआती दौर में महंगे भी हो सकते हैं। सबसे बड़ी चुनौती बुनियादी ढांचे की है। देशभर के पेट्रोल पंपों को E-100 के भंडारण और वितरण के लिए नई व्यवस्था विकसित करनी होगी। जब तक व्यापक स्तर पर ईंधन स्टेशन तैयार नहीं होंगे, तब तक उपभोक्ताओं का भरोसा भी नहीं बन पाएगा। दूसरी चुनौती इथेनॉल उत्पादन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यदि ईंधन उत्पादन के लिए अत्यधिक कृषि संसाधन लगाए गए तो खाद्य सुरक्षा और जल संकट जैसे सवाल भी उठ सकते हैं। बहरहाल, इसके बावजूद सरकार और उद्योग दोनों मानते हैं कि भारत अब ऊर्जा परिवर्तन के ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां वैकल्पिक ईंधन को टाला नहीं जा सकता। E-100 कोई रातोंरात होने वाली क्रांति नहीं है, बल्कि यह लंबी यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में पेट्रोल और इथेनॉल दोनों साथ-साथ चलेंगे, लेकिन दिशा साफ दिखाई दे रही है। भारत अब तेल आयात पर टिके भविष्य से हटकर खेतों से निकलने वाली ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। -नीरज कुमार दुबे
मोदी कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज, टीएमसी के बागियों को भी मिल सकती है जगह
मानसून सत्र से पहले मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज है। तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों वाली एनसीपीआई को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्र ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं
केंद्र सरकार ने मंगलवार से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है। हालांकि, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है।
'कॉकरोच जनता पार्टी': सोशल मीडिया पर धमाल के बाद जमीनी हकीकत क्या है?
सोशल मीडिया पर सनसनी के तौर पर उभरी सीजेपी एक महीने के भीतर ही देश में जगह जगह अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है. कई लोग इसमें युवाओं के नेतृत्व को लेकर उम्मीदें जता रहे हैं तो कइयों को इसके भविष्य को लेकर आशंकाएं भी हैं
एनसीपीआई: तृणमूल के बागी सांसदों ने एक अनाम राजनीतिक पार्टी का हाथ क्यों थामा?
जिस एनसीपीआई का रविवार से पहले तक ज्यादातर लोगों ने नाम तक नहीं सुना था वह तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के शामिल होने से अचानक पश्चिम बंगाल से लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर रातों-रात सुर्खियों में आ गई है
राजनाथ सिंह के आवास पर भाजपा की अहम बैठक, केंद्रीय टीम में बदलाव की चर्चाएं तेज
भाजपा की केंद्रीय टीम में संभावित फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी आज फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 समिट में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को दो दिन के दौरे पर फ्रांस के एवियन पहुंचेंगे। यह उनके दो देशों के दौरे का तीसरा और आखिरी पड़ाव होगा।
खान सर पर गंभीर आरोप लगने के बाद पटना कोचिंग संस्थान विवाद में नया मोड़
खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े विवाद में सोमवार को उस समय एक नया मोड़ आ गया, जब पटना की एक सिविल अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद बेउर जेल से रिहा हुए रोशन आनंद ने फैसल खान (खान सर) पर गंभीर आरोप लगाए।
कुणाल घोष पर फेंका गया अंडा, युवक का आरोप- 'उन्होंने हमारे साथ बहुत ज्यादतियां की हैं'
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अंडा फेंका गया
प्रिंस यादव मौत मामले की भारत, बिहार और नेपाल सरकार मिलकर संयुक्त जांच करे : तेजस्वी यादव
पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है
तमिलनाडु में मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने की मांग पर सियासत तेज, भाजपा ने जताया कड़ा विरोध
तमिलनाडु में मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की उस मांग का कड़ा विरोध किया है
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय अपने जन्मदिन पर राशन कार्ड वितरण की नई प्रणाली शुरू करेंगे
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपने जन्मदिन के अवसर पर 22 जून को राज्य भर में नए राशन कार्डों के वितरण की शुरुआत करने वाले हैं
Chai Par Sameeksha: Mamata Banerjee, Abhishek Banerjee, TMC से किसी को सहानुभूति क्यों नहीं हो रही?
प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने तृणमूल कांग्रेस में जारी उठापटक पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे। इसके अलावा हमने इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन की हुई बैठकों पर भी चर्चा की। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे ने सिर्फ वहां की राजनीति को प्रभावित नहीं किया है बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी परिवर्तन के दौर में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी का भी कांग्रेस के लिए हृदय परिवर्तन दिखाई दे रहा है। नीरज दुबे ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी भी कोई विचारधारा के नाम पर नहीं बनी थी। सिर्फ लेफ्ट की सरकार को हटाना तृणमूल कांग्रेस का मकसद था और आज जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में नहीं है तो वह पार्टी अब पूरी तरीके से टूटती हुई दिखाई दे रही है। इसका एक कारण यह भी है कि 15 सालों में तृणमूल सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल की जनता को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और शायद अब वहां की जनता तृणमूल कांग्रेस से कोई बदला लेने के मूड में दिखाई दे रही है। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने इतने सालों तक राज किया है तो इसका बड़ा कारण यह भी है कि कई लोगों को तृणमूल कांग्रेस ने द्वारा धमका कर वोट नहीं देने दिया जिसका फायदा हमेशा उसे पार्टी को हुआ और वह पार्टी सरकार में बनी रही। इसे भी पढ़ें: गुमनाम पार्टी में क्यों शामिल हुए TMC के नामी सांसद? दलबदल विरोधी नारे वाला दल क्यों बना तृणमूल के बागियों का नया ठिकाना? दुबे ने कहा कि आज तृणमूल कांग्रेस अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। यही कारण है कि कांग्रेस के साथ उसके विलय की चर्चा शुरू हो जाती है। लेकिन कभी यही ममता बनर्जी थीं जो कांग्रेस को भाव नहीं देती थीं। यही ममता बनर्जी थी जो 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कहा करती थीं कि कांग्रेस को तो 40 सीटे भी नहीं आएंगी। लेकिन आज बदली हुई परिस्थितियों में ममता बनर्जी मजबूर हुई हैं। ममता बनर्जी के साथ दिखाई देने वाले नेताओं को भी आज विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है और यह साफ तौर पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को यह लग रहा है कि अगर वह ममता बनर्जी के साथ या अभिषेक बनर्जी के साथ खड़े रहे तो उनके लिए जनता के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा। नीरज दुबे ने कहा कि विपक्षी एकता को बहुत ज्यादा नुकसान न पहुंचे इसलिए यह बैठक बुलाई गई थी। इसमें इंडिया गठबंधन के तमाम नेता शामिल हुए थे। लेकिन आप देखिए कि इस बैठक में उमर अब्दुल्ला शामिल हुए थे। लेकिन बैठक से निकलने के बाद ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। इसके अलावा नीरज दुबे ने कहा कि उस बैठक में जितने भी दल शामिल हुए थे, उन सब ने कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा। कांग्रेस पर कई आप भी लगाए हैं। वहीं, एनडीए की बैठक को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि जब भी दिल्ली में कोई बड़ा कार्यक्रम होता है और अलग-अलग राज्यों से नेता दिल्ली आते हैं। तब इस तरह की बैठकें होती रहती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगों को हमेशा साथ रखने की कोशिश करते हैं। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर है जो चुनावी दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।
राज्यसभा में बदल रहा सियासी गणित, एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब; टीएमसी में टूट का असर संसद तक
तृणमूल कांग्रेस में बगावत और हालिया राज्यसभा चुनावों के बाद संसद का सियासी गणित बदलता नजर आ रहा है। NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है, जबकि लोकसभा में भी TMC के बागी सांसदों का असर देखने को मिल रहा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 17 जून से कोटा से देशव्यापी छात्र संवाद अभियान की शुरुआत करेंगे। NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर छात्रों से सीधे चर्चा की जाएगी।
उद्योगपति परिमल नतवानी को आगे कर झारखंड में तोड़फोड़ की कोशिश कर रही है भाजपा: दीपांकर भट्टाचार्य
झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीपीआई (एमएल) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है
टीएमसी के 20 बागी सांसदों का नया ठिकाना बनी NCPI, त्रिपुरा से शुरू हुआ सफर अब पहुंचा संसद तक
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का दामन थाम लिया है। जानिए क्या है इस छोटी पार्टी का इतिहास, त्रिपुरा से उसका संबंध और इस विलय के राजनीतिक मायने।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते से कच्चा तेल 4% टूटा, पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की बढ़ी उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। जानिए इसका भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है।
त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में युवती की मौत पर सीपीआई (एम) ने एसआईटी जांच की मांग उठाई
त्रिपुरा के एक निजी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत 24 वर्षीय युवती की रहस्यमय मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं
पंढरपुर दुर्घटना पर मुआवजा ठीक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए सरकार: शायना एनसी
शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी ने पंढरपुर में हुई दुखद दुर्घटना पर दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पैसा देकर किसी के परिवार को नहीं लाया जा सकता है
बिहार के युवाओं ने देश का नाम किया रोशन, सम्मान देने से बढ़ता है मनोबल: उपेंद्र कुशवाहा
राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब (स्पीकर हॉल) में रविवार को 'बिहार प्रतिभा सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया, जिसमें सिविल सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में बिहार का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया गया।
ईमानदारी और विकास के दम पर 2027 में चुनाव जीतेगी आम आदमी पार्टी: अमन अरोड़ा
पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पूरी तरह तैयार है और यदि कल भी चुनाव हो जाएं तो पार्टी उसका स्वागत करेगी।
जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर 'विपक्ष की आवाज दबाने' का आरोप लगाया
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने एन. चंद्रबाबू नायडू सरकार पर लोगों और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
अन्ना हजारे: 'मैं भी अन्ना हूं' से देशभर में जागी थी क्रांति, भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई बुलंद आवाज
15 जून 1937 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में जन्मे किसान बाबूराव हजारे को आज दुनिया अन्ना हजारे के नाम से जानती है। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने कई सामाजिक सुधारों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई।
बदला हुआ गोरखपुर बनेगा देश के लिए विकास मॉडल: सीएम योगी
गोरखपुर को विकास का बेहतरीन मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शहर ने बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया है।
युवा, महिला और बुजुर्ग परेशान, ओडिशा सरकार जश्न में व्यस्त: ओपीसीसी अध्यक्ष
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने ओडिशा में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने और केंद्रपाड़ा जिले में एक महिला सरपंच के कथित उत्पीड़न व गिरफ्तारी के मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में कदम उठाते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार ने रविवार को ईस्टर्न रेलवे (ईआर) के तारकेश्वर-सेओराफुली सेक्शन का बारीकी से निरीक्षण किया
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत ऐसे इंसान थे, जो परिवार की खुशियों से पहले देश को रखते थे: बहन ऋतु
असम के जोरहाट में हुए कार्गो विमान हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह तोमर का पार्थिव शरीर देहरादून पहुंचा तो पूरे परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई
काकोली घोष का दावा, 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में शामिल होंगे टीएमसी के बागी सांसद
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ सांसदों ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और अलग बैठने की व्यवस्था तथा कथित राजनीतिक बदलाव को लेकर ज्ञापन सौंपा
एफएसएसएआई गुमराह करने वाले फूड लेबल्स के खिलाफ सख्त, कई ब्रांड्स को जारी किए नोटिस
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रविवार को कहा कि उसने कई खाद्य कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इन कंपनियों पर भ्रामक ब्रांडिंग और उत्पाद से जुड़े दावों के जरिए लेबलिंग नियमों का उल्लंघन का आरोप है।
नयी औद्योगिक क्रांति की और भारत, भव्य योजना से बदलेगी तस्वीर: उद्योग जगत
नई दिल्ली, भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) देश में नई पीढ़ी की औद्योगिक अवसंरचना (इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित करने की दिशा में एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है। उद्योग जगत का मानना है कि यह योजना भारत के औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे और मनोवैज्ञानिक डॉ. वैद्यनाथ घोष ने ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा सहित कई नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

