डिजिटल समाचार स्रोत

...

वडोदरा की मांजलपुर सीट पर भाजपा की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30 हजार से अधिक वोटों से हराया

गुजरात के वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के सतीश गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों से हराया।

देशबन्धु 3 Aug 2026 3:48 pm

हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को 15 दिनों के अंदर महंगाई भत्ते का बकाया चुकाने का निर्देश दिया

हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को 15 दिनों के अंदर महंगाई भत्ते का बकाया चुकाने का निर्देश दिया

समाचार नामा 3 Aug 2026 3:14 pm

केरल के सीएम बोले- 'बाढ़ से निपटने में कोई कोताही नहीं', हेलीकॉप्टर यात्रा विवाद पर भी मुख्यमंत्री ने दिया जवाब

केरल के सीएम बोले- 'बाढ़ से निपटने में कोई कोताही नहीं', हेलीकॉप्टर यात्रा विवाद पर भी मुख्यमंत्री ने दिया जवाब

समाचार नामा 3 Aug 2026 2:54 pm

शिक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा उठेगा, हमारा संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा: अभिजीत दिपके

शिक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा उठेगा, हमारा संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा: अभिजीत दिपके

समाचार नामा 3 Aug 2026 2:49 pm

ईडी अटैक मामले में केरल हाईकोर्ट ने सीपीआई (एम) के 9 कार्यकर्ताओं को दी जमानत

ईडी अटैक मामले में केरल हाईकोर्ट ने सीपीआई (एम) के 9 कार्यकर्ताओं को दी जमानत

समाचार नामा 3 Aug 2026 2:47 pm

China के J-20 Stealth Fighter Jets और Pakistan की SH-15 Howitzer Guns भारत की ओर तैनात, अब क्या करेंगे PM Modi?

भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां अब किसी अनुमान का विषय नहीं रह गई हैं, बल्कि जमीन और आसमान दोनों मोर्चों पर उनकी रणनीतिक तैनाती खुलकर दिखाई देने लगी है। एक ओर पाकिस्तान ने चीन से प्राप्त अत्याधुनिक SH-15 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोपों को जम्मू-कश्मीर और पंजाब सेक्टर में भारत के सामने बड़ी संख्या में तैनात कर दिया है, वहीं दूसरी ओर चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के सामने अपने सबसे आधुनिक J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की बड़ी तैनाती कर दी है। यह घटनाक्रम भारत पर निरंतर दबाव बनाए रखने की चीन-पाकिस्तान की साझा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि भारत भी अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है और स्पष्ट संकेत दे चुका है कि उसकी सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देने की किसी भी कोशिश की कीमत बेहद भारी होगी। हम आपको बता दें कि पाकिस्तान ने वर्ष 2019 में चीन की सरकारी रक्षा कंपनी नोरिन्को से 236 SH-15 पहिएदार सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपों का सौदा किया था। इनकी आपूर्ति 2022 से शुरू हुई और 2023 में दूसरी खेप भी पाकिस्तान पहुंच गई। इतना ही नहीं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) समझौते के तहत पाकिस्तान ने टैक्सिला स्थित हेवी इंडस्ट्रीज प्लांट में इन तोपों के स्थानीय उत्पादन का लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। यह कदम पाकिस्तानी सेना की तोपखाना क्षमता को आधुनिक और मानकीकृत बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसे भी पढ़ें: बीजिंग Embassy के ओपन हाउस में भारतीय समुदाय ने उठाए वीजा और सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दे इन SH-15 तोपों की तैनाती मुख्य रूप से भारत से सटे गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टन क्षेत्रों में की गई है, जो रणनीतिक रूप से शकरगढ़ बल्ज के पीछे स्थित हैं। शकरगढ़ बल्ज जम्मू के दक्षिण और अमृतसर के उत्तर के बीच का वह संवेदनशील इलाका है, जिसके पूर्व में पठानकोट स्थित है। रक्षा सूत्रों के अनुसार इन्हीं आधुनिक तोपों का उपयोग पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया था। उत्तरी पंजाब और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में SH-15 तैनात हैं, जबकि राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तानी मोर्चों पर अमेरिका से प्राप्त M-109 ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गनों को लगाया गया है। रेगिस्तानी इलाकों में M-109 अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं, जबकि SH-15 मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में तेज गति से संचालन के लिए डिजाइन की गई है। हम आपको बता दें कि 52 कैलिबर वाली SH-15 पाकिस्तान की पहली ऐसी आधुनिक तोप प्रणाली है, जो 155 मिमी गोले दागने में सक्षम है। रॉकेट-सहायता प्राप्त प्रोजेक्टाइल के साथ इसकी मारक क्षमता 50 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। लंबी दूरी, बेहतर सटीकता और तेज गतिशीलता इसे पारंपरिक तोपों की तुलना में अधिक प्रभावी बनाती है। स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी पारंपरिक तोपखाना क्षमता को चीन की तकनीक के सहारे अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहा है। उधर, चीन ने भी भारत के सामने अपने सैन्य दबाव को और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। व्यावसायिक उपग्रह चित्रों से पता चला है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) ने कम से कम 12 J-20 माइटी ड्रैगन स्टील्थ लड़ाकू विमानों को भारत के निकट दो अग्रिम एयरबेस पर तैनात किया है। 9 जुलाई को लिए गए चित्रों में शिनजियांग के होतान एयरबेस पर आठ J-20 दिखाई दिए, जबकि 25 जून के उपग्रह चित्रों में तिब्बत के दामशुंग एयरबेस पर चार अन्य J-20 सुरक्षात्मक शेल्टरों के नीचे खड़े नजर आए। हम आपको बता दें कि होटान एयरबेस भारत के दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से लगभग 245 किलोमीटर तथा लेह से करीब 389 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं दामशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर से लगभग 344 किलोमीटर दूर है। इतने कम समय में दो अलग-अलग अग्रिम एयरबेस पर J-20 की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी हाल के वर्षों में भारत के सामने चीन की सबसे बड़ी ज्ञात स्टील्थ फाइटर तैनातियों में से एक मानी जा रही है। हम आपको बता दें कि J-20 चीन का सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे कम रडार पहचान क्षमता, लंबी दूरी की मारक क्षमता और उन्नत सेंसर प्रणाली के साथ विकसित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन विमानों की लगातार बढ़ती अग्रिम तैनाती अब किसी अस्थायी अभ्यास का हिस्सा नहीं, बल्कि चीन की स्थायी सैन्य नीति का संकेत है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 2020 की गलवान झड़प के बाद से सैन्य तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों और आधुनिक हवाई संसाधनों की भारी तैनाती बनी हुई है। हालांकि इन चुनौतियों के समानांतर भारत भी अपनी सैन्य शक्ति को तेज़ी से आधुनिक बना रहा है। फील्ड आर्टिलरी रैशनलाइजेशन प्लान के तहत भारतीय सेना अपनी अधिकांश तोपों को 155 मिमी प्रणाली में परिवर्तित कर रही है। M777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, K-9 वज्र और स्वदेशी धनुष तोप पहले ही सेना में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा 307 स्वदेशी एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का ऑर्डर दिया जा चुका है। SH-15 जैसी स्वदेशी पहिएदार माउंटेड गन सिस्टम (MGS) भी विकास के अंतिम चरण में है और इसके प्रारंभिक परीक्षण सफल रहे हैं। वायु शक्ति के क्षेत्र में भी भारत अपनी क्षमताओं के विस्तार पर काम कर रहा है, भले ही तेजस Mk1A कार्यक्रम में देरी और नए बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया अभी जारी है। सामरिक दृष्टि से यह पूरा घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान और उत्तरी सीमा पर चीन की समानांतर सैन्य सक्रियता इस बात का संकेत है कि दोनों देश भारत पर निरंतर रणनीतिक दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। आधुनिक तोपों, स्टील्थ लड़ाकू विमानों और सीमा क्षेत्रों में सैन्य ढांचे के विस्तार का उद्देश्य केवल रक्षा तैयारियां नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामरिक बढ़त हासिल करना भी है। लेकिन भारत ने हालिया वर्षों में स्पष्ट कर दिया है कि वह आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है। ऐसे में यदि कोई भी शक्ति भारत की सुरक्षा, संप्रभुता या सीमाओं को हल्के में लेने की भूल करती है, तो उसे इसकी कीमत केवल सामरिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी चुकानी पड़ सकती है। - नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 2:47 pm

बृजभूषण शरण सिंह के बाइज्जत बरी होने से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कई सारे समीकरण बदलने वाले हैं

करीब तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल जगत और मीडिया के केंद्र में रहे पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को आखिरकार दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से बड़ी राहत मिल गई। महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। वैसे बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के समर्थन में जिस तरह तमाम विपक्षी नेता खड़े हो गये थे उसके चलते यह सब कुछ शुरू से ही राजनीतिक षड्यंत्र नजर आ रहा था। उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन कराया गया था और धरने के मंच पर तमाम बड़े विपक्षी नेता पहुँचे थे और मंच से दिये गये भाषणों के जरिये भाजपा को महिला विरोधी बताया जा रहा था। साथ ही बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देशभर में माहौल बनवाने और मीडिया ट्रायल के जरिये उनकी छवि बिगाड़ने के तमाम प्रयास किये गये थे। आरोप लगाने वाले पहलवानों ने अपने मेडल गंगा में बहाने तक की नौटंकी भी की थी ताकि जनता की सहानुभूति अर्जित की जा सके और हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को जिताया जा सके। लेकिन साच का आंच नहीं वाली कहावत सही सिद्ध हुई और बृजभूषण सभी आरोपों से बाइज्जत बरी हो गये। हम आपको बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह और तत्कालीन डब्ल्यूएफआई सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इस फैसले ने न केवल तीन वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त किया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। इसे भी पढ़ें: पहले Ram Mandir विरोध, अब चंदे पर सवाल! Yogi ने SP के दोहरे रवैये पर बोला हमला उधर, फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें शुरू से अपने ऊपर लगे आरोपों पर भरोसा नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रतिक्रिया यही थी कि यदि आरोप सही साबित हुए तो वह स्वयं फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन आज का दिन उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। वहीं, सरकारी पक्ष ने कहा है कि विस्तृत निर्णय मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उच्च अदालत में आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। हम आपको याद दिला दें कि यह मामला अप्रैल 2023 में तब शुरू हुआ था, जब दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में छह महिला पहलवानों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी दौरान एक नाबालिग की शिकायत पर पॉक्सो कानून के तहत भी अलग मामला दर्ज हुआ था। जून 2023 में दिल्ली पुलिस ने करीब 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें चार राज्यों के 22 गवाहों के बयान शामिल थे। बाद में नाबालिग शिकायतकर्ता और उसके पिता ने अपने आरोप वापस ले लिए थे। पुलिस ने अदालत से पॉक्सो मामला समाप्त करने का अनुरोध किया था जिसे मई 2025 में अदालत ने स्वीकार कर लिया था। मई 2024 में अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 32 गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ताओं के बयानों में समय, स्थान और घटनाओं को लेकर कई बदलाव हुए तथा कुछ घटनाओं के समय आरोपी घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। बचाव पक्ष ने शिकायत दर्ज कराने में सात-आठ वर्ष की देरी का मुद्दा भी उठाया। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष का कहना था कि पीड़िताओं के बयान मुकदमे के दौरान लगातार एक जैसे रहे और अन्य गवाहों ने भी उनका समर्थन किया। शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने अदालत में तर्क दिया कि शक्ति के असंतुलन और खेल संघ के शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति के प्रभाव के कारण शिकायत दर्ज कराने में देरी स्वाभाविक थी। हालांकि, अंततः अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया। यूपी चुनाव पर क्या हो सकता है असर? उधर, इस फैसले का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं माना जा रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला पहलवानों के आंदोलन और बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों ने भाजपा को असहज स्थिति में ला दिया था। पार्टी को विपक्ष के लगातार हमलों का सामना करना पड़ा और अंततः कैसरगंज से बृजभूषण की जगह उनके पुत्र करण भूषण सिंह को चुनाव मैदान में उतारा गया था। अब अदालत से बरी होने के बाद भाजपा के लिए यह फैसला राजनीतिक दृष्टि से राहत देने वाला माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अगले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। हम आपको बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह का प्रभाव देवीपाटन मंडल और अवध क्षेत्र के कई जिलों में लंबे समय से माना जाता है। गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती तथा आसपास के क्षेत्रों में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़, सामाजिक नेटवर्क और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से व्यापक जनसंपर्क रहा है। ऐसे में उनके बरी होने के बाद इन क्षेत्रों में भाजपा की चुनावी संभावनाएं और मजबूत होने की चर्चा राजनीतिक हलकों में शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि उनके समर्थकों में नया उत्साह आएगा और इसका लाभ भाजपा उम्मीदवारों को मिल सकता है। हालांकि, इस फैसले के बाद भाजपा नेतृत्व के सामने एक नई चुनौती भी उभर सकती है। माना जा रहा है कि अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक प्रभाव देवीपाटन मंडल और अवध क्षेत्र में और बढ़ेगा इसके चलते विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में उनकी राय और पसंद को भी महत्व देना पड़ सकता है। स्थानीय राजनीति में उनका प्रभाव देखते हुए पार्टी के लिए संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होगा। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर एक और पहलू पर भी है। हाल ही में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी क्योंकि उनके विधायक पुत्र प्रतीक भूषण सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया था। अब अदालत से राहत मिलने के बाद यह अटकलें भी तेज हो सकती हैं कि भविष्य में संगठन या सरकार में उनके परिवार की राजनीतिक भूमिका और मजबूत हो। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। बहरहाल, दिल्ली की अदालत का यह फैसला केवल एक चर्चित आपराधिक मुकदमे का निष्कर्ष नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है। जहां कानूनी मोर्चे पर बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है, वहीं इसके राजनीतिक प्रभावों पर अब सभी दलों की नजरें टिकी रहेंगी। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 2:26 pm

जानिए, भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे सरकारी दमन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप और जवाबदेही तय करने का आह्वान क्यों किया?

भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK/PoJK) में कथित सरकारी दमन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप और जवाबदेही की अपील केवल एक मानवीय बयान नहीं, बल्कि एक बहु-स्तरीय कूटनीतिक रणनीति भी मानी जा रही है। हाल के दिनों में भारत ने पाकिस्तान से क्षेत्र में नागरिकों के साथ हुए कथित दमन पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। दरअसल किसी भी तानाशाह देश में जब चुनाव भरोसे का संकट बन जाए, तो जनता का उद्वेलित होना स्वाभाविक है। पाक अधिकृत कश्मीर/जम्मू-कश्मीर में आजकल यही हो रहा है।वहां पर इन दिनों एक ही नारा गूंज रहा है, वह यह कि Justice for PoJK, End Our Exile! अर्थात POJK के लिए न्याय, हमारा निर्वासन समाप्त करो! यही वजह है कि भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK/PoJK) में सरकारी दमन रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। इसे भी पढ़ें: Dhurandhar Style में Lyari की सड़कों पर बहा खून, Gangster Uzair Baloch के भाई Zubair को गोलियों से भून डाला भारत की यह अपील वहां के हालात के मद्देनजर बिल्कुल सही वक्त पर उठाया हुआ उचित कदम है। इससे वहां के आंदोलनकारियों को कूटनीतिक ऑक्सीजन मिली है। यदि बलूच विद्रोहियों का उन्हें साथ मिल जाये तो सोने पर सुहागा समझिए। भारत की सहानुभूति दोनों पक्षों से है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक मर्यादा के चलते भारत खुलकर इनका साथ नहीं दे सकता है, जबकि मानवता और लोकतंत्र के नाम पर वह पाकिस्तानी हुक्मरानों को घेर सकता है। इसलिए भारत ने वही किया है, जो सबके लिए उचित है। वैश्विक दुनियादारी के नकाबपोशों के नकाब उतारने के लिए भारत ने अंतर्राष्ट्रीय विरादरी से साफ कहा है कि पाकिस्तानी सरकार की कार्रवाई में PoK में 40 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि वहां लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि यह मामला वहां हो रहे चुनावों से जुड़ा है। पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 45 सीटों के लिए असेंबली इलेक्शन हो रहे हैं। ये चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं, जो 10 अगस्त को पूरे होंगे। यहां विधानसभा की 53 सीटें हैं। इनमें से 45 पर सीधा चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, टेक्नोक्रैट्स और धर्मगुरुओं के लिए आरक्षित हैं। इसी चुनाव में हुई जबरदस्त धांधली के बाद पीओके की जनता भड़क गई है। गत 27 जुलाई को पहले चरण का चुनाव हुआ, जिसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) ने 13 में से 9 सीटें जीतीं, बाकी 4 सीटें पाकिस्तान पीपल्स पार्टी को मिलीं। इस चरण में जबरदस्त धांधली हुई। यह बात भी किसी से छिपी हुई नहीं है कि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र की हमेशा से ही उपेक्षा की है। लिहाजा वहां प्रदर्शन हो रहे हैं। दरअसल, ये प्रदर्शन उन 12 सीटों को लेकर हो रहे हैं, जो प्रवासियों के लिए आरक्षित हैं। इसकी अगुआई जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) नाम का सिविल सोसाइटी ग्रुप कर रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) का कहना है कि इस्लामाबाद सरकार इन सीटों पर धांधली कर अपने लोग बिठाती है ताकि पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) असेंबली पर उसका कंट्रोल बना रहे। इस आरोप में दम है क्योंकि जो पार्टी पाकिस्तान पर हुकूमत करती है, वही अक्सर पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) चुनाव जीतती है। ,चूंकि पिछले दो महीने से पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में जबरदस्त आर्थिक परेशानी बढ़ी। इसलिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोगों के गुस्से बढ़े हुए हैं। वास्तव में, इसकी वजहें सिर्फ चुनावी धांधली ही नहीं हैं, बल्कि आर्थिक दुश्वारियों की वजह से भी उनका गुस्सा परवान चढ़ा हुआ है। चूंकि स्थानीय लोगों के अधिकार और भी सीमित किए जा रहे हैं, इसलिए भी लोग बौखलाए हुए हैं। खबरें तो ये भी हैं कि सरकारी बंदिशों की वजह से ही इलाके में लोगों को सब्सिडाइज्ड गेहूं और जरूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। वहीं, बिजली कटौती को लेकर भी लोगों में गुस्सा है। पाक अधिकृत कश्मीर की नदियों पर बने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जो बिजली बनती है, वह यहां के लिए जरूरी 400 मेगावॉट से कहीं अधिक है। इसके बावजूद इलाके में 15-20 घंटों तक बिजली काटी जाती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत दखल देकर पाकिस्तान सरकार के दमन पर रोक लगानी चाहिए। # भारत के इस कदम के प्रमुख कूटनीतिक मायने इस प्रकार हैं:- पहला, नैरेटिव का पलटवार: पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है। भारत अब PoK में मानवाधिकार और शासन के प्रश्नों को प्रमुखता देकर यह संदेश दे रहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र की स्थिति पर भी जाना चाहिए। दूसरा, मानवाधिकार आधारित कूटनीति: भारत अपनी बात को केवल क्षेत्रीय दावे तक सीमित न रखकर मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे से जोड़ रहा है। इससे उसकी अपील व्यापक अंतरराष्ट्रीय विमर्श में अधिक स्वीकार्य बनाने का प्रयास दिखता है। तीसरा, पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव: यदि प्रमुख देश, संयुक्त राष्ट्र या मानवाधिकार संस्थाएं इस मुद्दे पर अधिक सक्रिय होती हैं, तो पाकिस्तान पर राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ सकता है। हालांकि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कदम की संभावना कई देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगी। चौथा, PoK के लोगों के प्रति संदेश: भारत यह संकेत भी देता है कि वह PoK के निवासियों के अधिकारों और उनकी स्थिति पर सार्वजनिक रूप से आवाज उठा रहा है। इससे वहां के घटनाक्रम को लेकर भारत की आधिकारिक रुचि प्रदर्शित होती है। पांचवां, द्विपक्षीय से वैश्विक विमर्श की ओर: यह रुख दर्शाता है कि भारत केवल भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संदर्भ में नहीं, बल्कि वैश्विक मानवाधिकार और जवाबदेही के मानकों के आधार पर भी इस विषय को प्रस्तुत करना चाहता है। हालांकि, इस रणनीति की सीमाएं भी हैं। कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर अधिकांश देश संतुलित रुख अपनाते हैं और दोनों पक्षों से संयम की अपेक्षा करते हैं। इसलिए भारत की अपील से तत्काल कोई अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई होना निश्चित नहीं माना जा सकता, लेकिन इससे पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव और वैश्विक चर्चा अवश्य बढ़ सकती है। सुलगता सवाल है कि आखिर इस मसले पर दुनिया दखल क्यों दे, क्योंकि यह तो पहले ब्रिटिश और अब अमेरिकी शासकों द्वारा रचा गया और प्रोत्साहित किया गया खेल है, ताकि एशियाई देश परस्पर संघर्षरत रहें और अमेरिकी-यूरोपीय दाल यहां गलती रहे। पहले सोवियत संघ और अब रूस-चीन से अमेरिकी-यूरोपीय देशों को जो संयुक्त चुनौती मिल रही है, उसके दृष्टिगत भारत जैसे तटस्थ देश की नहीं, बल्कि पाकिस्तान जैसे दोगले देश की जरूरत अमेरिका को है, जो चीन के साथ मिलकर रूस/भारत के खिलाफ भी उसे भड़काता रहता है, क्योंकि यही अमेरिकी-यूरोपीय एजेंडा है। खासबात यह है कि भारत भले ही खुद को गुटनिरपेक्ष बताए, लेकिन अमेरिका-यूरोपीय देश उसे रूस का वफादार मित्र तथा चीन का चिर शत्रु समझते हैं। शायद इसी चीनी शत्रुता को भड़काकर वो अपना मकसद भी साधना चाहते हैं। लेकिन यहां भी भारत सधी चाल चलकर सबको हैरत में डाल देता है। इसलिए अब भारत को पीओके के बहाने घेरने की दुनियावी चाल चली गई है, जिसका अमेरिका-चीनी कुचक्र से गहरा नाता है। इस समस्या का समाधान अनुनय विनय से नहीं बल्कि शौर्य प्रदर्शन से किया जाना ही श्रेयस्कर होगा, ताकि पाकिस्तान-बंगलादेश से विदेशी खूंटों को उखाड़ फेंका जा सके। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 2:23 pm

तस्लीमा नसरीन के बयान पर दिलीप घोष बोले, 'भारत का बंटवारा नहीं होना चाहिए था'

तस्लीमा नसरीन के बयान पर दिलीप घोष बोले, 'भारत का बंटवारा नहीं होना चाहिए था'

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:46 pm

वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का निधन, सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का निधन, सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:45 pm

बांकीपुर उपचुनाव: 10वें राउंड के बाद भी प्रशांत किशोर की बढ़त बरकरार, भाजपा दूसरे स्थान पर ‎

बांकीपुर उपचुनाव: 10वें राउंड के बाद भी प्रशांत किशोर की बढ़त बरकरार, भाजपा दूसरे स्थान पर ‎

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:36 pm

मेरा बरी होना साबित करता है कि ओलंपियन अपने फायदे के लिए बोल सकते हैं झूठः बृजभूषण शरण सिंह

मेरा बरी होना साबित करता है कि ओलंपियन अपने फायदे के लिए बोल सकते हैं झूठः बृजभूषण शरण सिंह

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:27 pm

1000 पन्नों की चार्जशीट, 108 गवाहों के बयान... फिर भी कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह? जानें कोर्ट की वजह

1000 पन्नों की चार्जशीट, 108 गवाहों के बयान... फिर भी कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह? जानें कोर्ट की वजह

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:26 pm

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ, 20 मंत्री आज शाम को लेंगे शपथ

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ, 20 मंत्री आज शाम को लेंगे शपथ

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:21 pm

हंगामे के बीच शुरू हुआ यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, आलम बदी को श्रद्धांजलि के बाद सदन मंगलवार तक स्थगित

हंगामे के बीच शुरू हुआ यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, आलम बदी को श्रद्धांजलि के बाद सदन मंगलवार तक स्थगित

समाचार नामा 3 Aug 2026 1:08 pm

कमजोर डॉलर का असर : सोने और चांदी एक प्रतिशत तक महंगे

मुंबई, सोने और चांदी की शुरुआत सोमवार को तेजी के साथ हुई। इस दौरान दोनों कीमती धातुओं में करीब एक प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।

देशबन्धु 3 Aug 2026 12:55 pm

संसद में फिर हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित; FCRA संशोधन विधेयक पेश होने की संभावना

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने राम मंदिर दान विवाद, पुलिस कार्रवाई और नए दल-बदल कानून पर चर्चा की मांग उठाई। FCRA संशोधन विधेयक भी पेश होने की संभावना है।

देशबन्धु 3 Aug 2026 12:52 pm

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी की महिला सहायक के जरिए बंगाल के 6 मंत्रियों के परिवारों को बनाया गया निशाना : एसटीएफ

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी की महिला सहायक के जरिए बंगाल के 6 मंत्रियों के परिवारों को बनाया गया निशाना : एसटीएफ

समाचार नामा 3 Aug 2026 12:50 pm

भारत पीएमआई जुलाई : 53.5 पर स्थिर, मांग रही मजबूत

नई दिल्ली, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गतिविधियां मजबूत रही हैं और इस कारण जुलाई में पीएमआई 53.5 रहा है, हालांकि, वृद्धि की रफ्तार में कमी आने के कारण यह जून के 54.2 से कम है। यह जानकारी एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई सर्वेक्षण में सोमवार को दी गई।

देशबन्धु 3 Aug 2026 12:32 pm

अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

समाचार नामा 3 Aug 2026 12:31 pm

जर्सी का रंग बदलने से बदलेगी भारतीय हॉकी की तस्वीर?

भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी को बदलकर 15 अगस्त से शुरू हो रहे एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में केसरिया रंग की मुख्य जर्सी पहनाने के निर्णय ने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। यह बहस केवल खेल तक सीमित नहीं रही है बल्कि राजनीति, संस्कृति, राष्ट्रीय पहचान और खेल परंपरा तक पहुंच गई है। एक पक्ष इसे खिलाड़ियों की सुविधा और तकनीकी आवश्यकता से जुड़ा निर्णय बता रहा है तो दूसरा पक्ष इसे भारतीय खेलों के कथित ‘भगवाकरण’ के रूप में देख रहा है। सवाल यह है कि क्या वास्तव में जर्सी का रंग बदलना इतना बड़ा मुद्दा है या यह विवाद मूल प्रश्नों से ध्यान भटका रहा है? सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि हॉकी इंडिया ने जर्सी का रंग बदलने का निर्णय किन आधारों पर लिया। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी रहे दिलीप तिर्की के अनुसार, आज अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मुकाबले नीले सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ पर खेले जाते हैं। ऐसे में नीली जर्सी कई बार मैदान की पृष्ठभूमि में घुल-मिल जाती है, जिससे तेज गति वाले खेल में खिलाड़ियों को अपने साथी खिलाड़ियों की पहचान करने में कठिनाई होती है। आधुनिक हॉकी में खेल की गति अत्यंत तेज हो चुकी है, जहां एक सैकेंड का निर्णय मैच का परिणाम बदल सकता है। पासिंग, पोजिशनिंग और त्वरित निर्णय के लिए खिलाड़ियों की स्पष्ट दृश्यता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण खिलाड़ियों, कप्तानों, कोचों और सहयोगी स्टाफ से विचार-विमर्श के बाद अधिक स्पष्ट दिखाई देने वाले रंग के रूप में केसरिया को चुना गया। यदि यही वास्तविक कारण है तो इसे केवल तकनीकी दृष्टि से देखने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। विश्व खेलों में जर्सी के रंग समय-समय पर बदले जाते रहे हैं। फुटबॉल, रग्बी, क्रिकेट, बास्केटबॉल और हॉकी जैसी लगभग सभी खेल प्रतियोगिताओं में टीमें प्रतियोगिता, दृश्यता, प्रायोजकों, प्रसारण गुणवत्ता और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार अपनी जर्सियों में परिवर्तन करती रहती हैं। भारतीय हॉकी टीम इससे पहले 2014 विश्व कप में पीली तथा 2018 में हल्के नीले रंग की जर्सी पहन चुकी है। इसलिए रंग परिवर्तन स्वयं में कोई असाधारण घटना नहीं है। विवाद इसलिए बढ़ा है क्योंकि भारतीय हॉकी की पहचान पिछले कई दशकों से नीली जर्सी के साथ जुड़ चुकी है। जैसे ब्राजील की फुटबॉल टीम पीली जर्सी, अर्जेंटीना आसमानी-सफेद धारियों, न्यूजीलैंड ‘ऑल ब्लैक्स’ और ऑस्ट्रेलिया हरे-पीले रंग से पहचाने जाते हैं, उसी प्रकार भारतीय हॉकी की पहचान भी नीली जर्सी रही है। ओलंपिक स्वर्णिम इतिहास, विश्व कप की उपलब्धियां और अनेक ऐतिहासिक मुकाबलों की स्मृतियां इसी नीली जर्सी से जुड़ी रही हैं। यही कारण है कि पूर्व कप्तान धनराज पिल्लै, परगट सिंह और वीरेन रासकिन्हा जैसे खिलाड़ियों ने चिंता व्यक्त की कि कहीं यह परिवर्तन भारतीय हॉकी की स्थापित पहचान को कमजोर न कर दे। इसे भी पढ़ें: PR Sreejesh ने हॉकी जर्सी विवाद को नकारा, टीम से 50 साल बाद पदक जीतने पर फोकस को कहा पूर्व दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों की चिंता को भी खारिज नहीं किया जा सकता। खेल केवल तकनीक नहीं, भावनाओं और विरासत का भी विषय होता है। जर्सी केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं बल्कि करोड़ों प्रशंसकों की स्मृतियों, खिलाड़ियों के गौरव और राष्ट्रीय खेल संस्कृति का प्रतीक होती है। इसलिए ऐसे किसी भी बड़े परिवर्तन से पहले व्यापक संवाद और पारदर्शिता अपेक्षित थी। यदि हॉकी इंडिया खिलाड़ियों और विशेषज्ञों के साथ-साथ पूर्व खिलाड़ियों तथा खेल समुदाय को भी इस निर्णय प्रक्रिया से जोड़ती तो शायद विवाद की तीव्रता कम होती। दूसरी ओर इस पूरे विवाद का राजनीतिक स्वरूप भी कम चिंताजनक नहीं है। विपक्षी दलों ने इसे ‘खेलों का भगवाकरण’ करार दिया है जबकि कई समर्थकों ने इसे राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया। वस्तुतः दोनों अतिवादी दृष्टिकोण खेल भावना के अनुकूल नहीं हैं। किसी भी रंग का अपना कोई धर्म नहीं होता। रंग प्रतीकों का अर्थ समय, संस्कृति और संदर्भ के अनुसार बदलता रहता है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में केसरिया रंग त्याग, साहस और समर्पण का प्रतीक है। भारतीय सेना, राष्ट्रीय ध्वज, अनेक विश्वविद्यालयों, सांस्कृतिक परंपराओं तथा आध्यात्मिक जीवन में भी केसरिया का सम्मानजनक स्थान है। वहीं इस्लामी परंपराओं, सूफी परंपरा और अनेक एशियाई संस्कृतियों में भी यह रंग विभिन्न रूपों में प्रयुक्त होता रहा है। इसलिए किसी रंग को किसी एक धर्म या विचारधारा का स्थायी प्रतीक मान लेना ऐतिहासिक दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। हालांकि यह भी उतना ही सत्य है कि वर्तमान राजनीतिक वातावरण में रंगों के प्रतीकात्मक अर्थ अत्यधिक संवेदनशील हो चुके हैं। इसलिए जब किसी राष्ट्रीय टीम की दशकों पुरानी पहचान बदली जाती है तो राजनीतिक प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठते हैं। ऐसी परिस्थितियों में खेल संस्थाओं का दायित्व और बढ़ जाता है कि वे अपने निर्णयों के पीछे के सभी तथ्य, वैज्ञानिक अध्ययन और खिलाड़ियों की राय सार्वजनिक करें ताकि अनावश्यक विवाद की गुंजाइश कम हो। इस विवाद का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि क्या वास्तव में नीली जर्सी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में बाधा बन रही थी? कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने इस तकनीकी तर्क पर प्रश्न उठाए हैं। उनका कहना है कि कई वर्षों से नीले एस्ट्रो टर्फ पर प्रतियोगिताएं हो रही हैं और कभी ऐसी गंभीर समस्या सामने नहीं आई। यदि वास्तव में दृश्यता का प्रश्न था तो क्या इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ का कोई वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध है? यदि हॉकी इंडिया इस विषय में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक करे तो बहस अधिक तथ्यपरक हो सकती है। हालांकि आधुनिक खेल विज्ञान यह स्वीकार करता है कि रंगों का खिलाड़ियों की दृश्य पहचान, प्रतिक्रिया समय और निर्णय क्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है। कई खेलों में उच्च कंट्रास्ट वाले रंगों का चयन इसी कारण किया जाता है। प्रसारण तकनीक, कैमरा एंगल और दर्शकों की दृश्य सुविधा भी अब जर्सी डिजाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए तकनीकी आधार को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता। पूरे विवाद का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष यह है कि चर्चा खिलाड़ियों की तैयारी, रणनीति और पदक की संभावनाओं से हटकर जर्सी के रंग तक सीमित हो गई है। भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार कर चुकी हैं। टोक्यो ओलंपिक में पुरुष टीम ने कांस्य पदक जीतकर चार दशक का सूखा समाप्त किया जबकि महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन कर विश्व का ध्यान आकर्षित किया। अब जब विश्व कप जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट सामने हैं, तब खिलाड़ियों का ध्यान केवल अपने प्रदर्शन पर केंद्रित रहना चाहिए, किसी भी प्रकार का राजनीतिक या वैचारिक विवाद खिलाड़ियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव डाल सकता है। बहरहाल, वास्तविक प्रश्न यह नहीं है कि नीली हो या केसरिया बल्कि यह है कि क्या भारतीय हॉकी विश्व विजेता बनने की तैयारी कर रही है? क्या हमारे खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, फिटनेस सुविधाएं, खेल विज्ञान, मनोवैज्ञानिक सहयोग, आधुनिक विश्लेषण तकनीक और मजबूत घरेलू प्रतियोगिताएं उपलब्ध हैं? क्या जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर मिल रहे हैं? यदि इन प्रश्नों के उत्तर सकारात्मक नहीं हैं तो केवल जर्सी बदल देने से भारतीय हॉकी का भविष्य नहीं बदल सकता। इतिहास बताता है कि महान टीमें अपने रंग से नहीं, अपने खेल से अमर होती हैं। खेल में पहचान रंग से नहीं, उपलब्धियों से बनती है। यदि भारतीय टीम केसरिया जर्सी पहनकर विश्व कप जीतती है तो यही जर्सी नई गौरवगाथा का प्रतीक बन जाएगी। और यदि प्रदर्शन निराशाजनक रहा तो रंग चाहे कोई भी हो, आलोचना फिर भी होगी। खेल का सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र का सम्मान है। मैदान पर खिलाड़ी न किसी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं और न किसी दल का; वे केवल भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए जर्सी का रंग चाहे नीला हो, केसरिया हो या कोई और, देश की अपेक्षा केवल यही है कि भारतीय तिरंगा विश्व हॉकी के सर्वोच्च मंच पर सबसे ऊंचा लहराना चाहिए। वही किसी भी रंग की सबसे बड़ी सार्थकता होगी। - योगेश कुमार गोयल (लेखक 36 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार और ‘सागर से अंतरिक्ष तक: भारत की रक्षा क्रांति’ सहित कई पुस्तकों के लेखक हैं)

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 12:24 pm

संसद में फिर हंगामा, राज्यसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

संसद में फिर हंगामा, राज्यसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

समाचार नामा 3 Aug 2026 12:23 pm

पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को राहत, अदालत के फैसले से बदला पूरा मामला

पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को राहत, अदालत के फैसले से बदला पूरा मामला

समाचार नामा 3 Aug 2026 11:50 am

आखिर क्यों पूरा नहीं कर पाते शिक्षा मंत्री अपना कार्यकाल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन ने भारत की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की प्राथमिकताओं पर एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल सिर्फ़ इस्तीफा देने वाले शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पर नहीं, बल्कि मोदी सरकार के दौरान शिक्षा मंत्रालय की पूरी दिशा को लेकर भी उठ रहे हैं। साल 2014 से केंद्र में सत्ता में आने के बाद से अब तक मोदी सरकार में शिक्षा मंत्री रही स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल 'निशंक' और धर्मेंद्र प्रधान को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा। पांचवा शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी को बनाया गया है, हालांकि जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मोदी सरकार को तय करना है कि जोशी ही पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री रहेंगे या किसी नए चेहरे की तलाश करके उसको स्वतंत्र रूप से शिक्षा मंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जोशी भी विवादों में रहे हैं। साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो गैंग रेप और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई पर जब चौतरफ़ा सवाल उठ रहे थे, तब प्रल्हाद जोशी ने इसका बचाव किया था। सवाल यही है कि आखिरकार कोई भी शिक्षा मंत्री अपना कार्यकाल क्यों नहीं पूरा कर पाया। मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में शिक्षा मंत्रालय ही ऐसा प्रमुख मंत्रालय रहा, जिसकी कमान पांच अलग-अलग मंत्रियों ने संभाली वहीं, गृह, विदेश, वित्त, रक्षा और स्वास्थ्य जैसे मंत्रालयों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी रही। शिक्षा, संस्कृति और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (आईएनबी) ऐसे कुछ चुनिंदा मंत्रालय हैं, जिन्हें सॉफ्ट पावर की तरह देखा जाता है और जो संघ की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए अहम रहे हैं। यही कारण है कि यहां विवाद ज़्यादा हुए और अस्थिरता भी उतनी ही दिखती है। गौरतलब है कि आईएनबी में 12 साल के भीतर सात केंद्रीय मंत्री और संस्कृति मंत्रालय में पांच केंद्रीय मंत्री बने हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय संभाला मोदी के दूसरे कार्यकाल में यह ज़िम्मेदारी रमेश पोखरियाल 'निशंक' को मिली। मगर 2021 में हुए कैबिनेट विस्तार के दौरान धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बना दिया गया, जिनके इस्तीफ़े की मांग को लेकर एक महीने तक कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक जंतर-मंतर पर बैठे रहे और आख़िरकार केंद्र सरकार दबाव में आई और प्रधान को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा। नीट परीक्षा के लीक होने का मामला अलग कर दें, तो संघ से जुड़े उन सभी प्रमुख लक्ष्यों को धर्मेंद्र प्रधान बिना शोर-शराबा किए लागू करा पाने में सफल रहे हैं, जिनकी कोशिश उनके पूर्ववर्तियों ने ज़ोर लगाते हुए की और विवादों में फंसते गए। ग़ौरतलब है कि 2014 में बनी पहली मोदी कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्री बनाया गया, फिर मोदी के दूसरे कार्यकाल में वे शिक्षा मंत्री बने और मोदी के तीसरे कार्यकाल में भी यह ज़िम्मेदारी जारी रही। प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को बढ़ावा मिला। मातृभाषा और कई भाषाओं में शिक्षा को उन्होंने बढ़ावा दिया। मगर तीन-भाषा फ़ॉर्मूला पर तमिलनाडु राज्य सरकार के साथ लंबे समय तक वे विवाद के केंद्र में भी रहे। विरोधियों ने उन पर राजनीतिक हस्तक्षेप और हिंदी थोपने का आरोप लगाया, जिससे शिक्षा नीति केंद्र बनाम राज्य के विवाद का मुद्दा बन गई। मोदी सरकार के कार्यकाल के चारों शिक्षा मंत्रियों में से एक भी अपना विज़न लागू करने के लिए स्वतंत्र नहीं था। रणनीतियां ऊपर से बनती थीं। ये ज़रूर है कि हर मंत्री का उसे लागू करने का तरीक़ा अलग हो सकता है जैसे, स्मृति ईरानी ज़्यादा मुख़र थीं, जावड़ेकर रणनीतिक चुप्पी वाले व्यक्ति थे। मोदी के शासन में शिक्षा विभाग में जो भी नीतियां अपनाई गईं, वे सभी वाम विचारधारा को हटाने के मक़सद से लागू हुईं। संघ का मक़सद भारत की शिक्षा व्यवस्था से वाम विचारधारा वाली शिक्षा-पद्धति को हटाना है, क्योंकि संघ मानता है कि वे मुग़लों के समर्थक रहे हैं। संघ की नज़र में, मुग़ल घुसपैठिए हैं और देश की मुस्लिम आबादी उनकी वंशज है। संघ पर आरोप लगते रहें कि इस एजेंडे को पूरा मोदी सरकार के जरिए कराया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: NEET Protest पर Smriti Irani का बड़ा बयान, कहा- GenZ और PM Modi के बीच नहीं है कोई दूरी इसी लक्ष्य को साधने के लिए मोदी सरकार के चार शिक्षा मंत्रियों के चयन का पैमाना रहा है। स्मृति ईरानी को छोड़ दें, तो नवनियुक्त शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल 'निशंक' और धर्मेंद्र प्रधान संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। वाजपेयी के ज़माने में भी संघ से आने वाले मुरली मनोहर जोशी को शिक्षा मंत्री बनाया गया था, जो दर्शाता है कि संघ इस मंत्रालय में अपना दख़ल हमेशा चाहता रहा है। स्मृति ईरानी के साथ उनके नाम पर डिग्री विवाद, जेएनयू विवाद और रोहित वेमुला की आत्महत्या जैसे विवाद जुड़ चुके थे। स्मृति ईरानी संघ की पृष्ठभूमि से नहीं थीं। नई शिक्षा नीति तैयार करने और उसे लागू करने में देरी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्मृति से बहुत खुश नहीं था। संघ के संदेशों को समझना आसान नहीं है। संघ शोर-शराबा नहीं करता। यही कारण है कि फिलाहल संघ की पृष्ठभमि वाले प्रकाश जोशी को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। मंत्रालय में स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान नई शिक्षा नीति पर काम की शुरुआत हुई। मोदी के कार्यकाल के तीसरे शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' के समय इसे लागू किया गया। शिक्षा मंत्री रहे निशंक की पहचान संघ से आने वाले एक विद्वान की रही है, जो संघ के मक़सद को आगे ले जा सकते थे। हालांकि, अपने अवैज्ञानिक बयानों को लेकर भी वे विवादों में आए। उन्होंने यहां तक कहा कि चरक ऋषि ने अणु-परमाणु की खोज की थी। कोविड के समय जेईई-नीट की परीक्षा कराए जाने की घोषणा के बाद निशंक के ख़िलाफ़ काफ़ी ऑनलाइन विरोध हुआ था। विरोध में लोग कोर्ट भी गए, जहां सरकार के पक्ष में फ़ैसला आया। हालांकि, तब बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने से रह गए, जिसे लेकर विवाद हुआ। उनके समय भी आरोप लगे कि नई शिक्षा नीति के ज़रिए केंद्र सरकार शिक्षा पर नियंत्रण अपने हाथों में लेने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने नकार दिया था। शिक्षा मंत्रालय के जरिए मोदी सरकार का सारा जोर संघ को साधने में रहा है, किन्तु शिक्षा के उत्थान के लिए बजट को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसी कारण शिक्षा मंत्रालय में बजट घटता गया और विवाद बढ़ते गए। केंद्रीय बजट में शिक्षा मंत्रालय की हिस्सेदारी पिछले 12 वर्षों में तेज़ी से घटी हैै यह हिस्सा 2013-14 में कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में 4.6% था, जो 2025-26 में घटकर 2.5% रह गया। शिक्षा का घटता बजट ही दर्शाता है कि मोदी सरकार शिक्षा में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। चारों शिक्षा मंत्रियों के समय में लगभग हर विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर फ़ैकल्टी के चयन में संघ की विचारधारा को प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा में सुधार के लिए आवश्यक रोजगारपरक, रचनात्मक, सकारात्मक और शोधपरक वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित मुद्दे खास स्थान नहीं ले सके। पेपर लीक के केंद्र ही नहीं राज्यों की सरकारों ने कठोर कानून बनाए हैं, सजा और जुर्माने को बढ़ाया है, किन्तु देश में जब तक मौजूद सिस्टम ठीक नहीं होगा, तब तक चाहे कितने ही मंत्री बदल दिए जाएं, पेपर लीक की घटनाएं रुकने की कोई गारंटी नहीं है। - योगेन्द्र योगी

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 11:40 am

विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित

विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित

समाचार नामा 3 Aug 2026 11:33 am

प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता, जनता को न हो परेशानी: केशव प्रसाद मौर्य

प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता, जनता को न हो परेशानी: केशव प्रसाद मौर्य

समाचार नामा 3 Aug 2026 11:23 am

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू, सपा का प्रदर्शन, सीएम योगी ने जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की अपील

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू, सपा का प्रदर्शन, सीएम योगी ने जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की अपील

समाचार नामा 3 Aug 2026 11:23 am

पूर्व 'आप' विधायक नरेश बाल्यान को मकोका मामले में बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

पूर्व 'आप' विधायक नरेश बाल्यान को मकोका मामले में बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

समाचार नामा 3 Aug 2026 11:14 am

बांकीपुर उपचुनाव: तीसरे राउंड के बाद प्रशांत किशोर आगे, मतगणना जारी

बांकीपुर उपचुनाव: तीसरे राउंड के बाद प्रशांत किशोर आगे, मतगणना जारी

समाचार नामा 3 Aug 2026 11:12 am

महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोप के मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोप के मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

समाचार नामा 3 Aug 2026 10:57 am

दतिया उपचुनाव : शुरुआती रुझान में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को बढ़त

दतिया उपचुनाव : शुरुआती रुझान में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को बढ़त

समाचार नामा 3 Aug 2026 10:41 am

बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी करेंगे बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल, जैश-ए-मोहम्मद की धमकियों के बीच सुरक्षा बढ़ी

बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी करेंगे बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल, जैश-ए-मोहम्मद की धमकियों के बीच सुरक्षा बढ़ी

समाचार नामा 3 Aug 2026 10:33 am

कांग्रेस सांसद ने की पप्पू यादव पर हुए हमले की निंदा, बांकीपुर में मतगणना को लेकर प्रशांत किशोर को दी शुभकामनाएं

कांग्रेस सांसद ने की पप्पू यादव पर हुए हमले की निंदा, बांकीपुर में मतगणना को लेकर प्रशांत किशोर को दी शुभकामनाएं

समाचार नामा 3 Aug 2026 10:18 am

चार दिन का सत्र औपचारिकता न बने, जनहित के मुद्दों पर हो गंभीर चर्चा : मायावती

चार दिन का सत्र औपचारिकता न बने, जनहित के मुद्दों पर हो गंभीर चर्चा : मायावती

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:51 am

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने जताया दुख

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने जताया दुख

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:46 am

कड़ी सुरक्षा के बीच बांकीपुर, दतिया और मंजलपुर उपचुनावों के लिए मतगणना जारी

कड़ी सुरक्षा के बीच बांकीपुर, दतिया और मंजलपुर उपचुनावों के लिए मतगणना जारी

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:27 am

श्रावण के पहले सोमवार पर हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे तेजस्वी यादव

श्रावण के पहले सोमवार पर हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे तेजस्वी यादव

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:03 am

दतिया उप चुनाव की मतगणना आज, कुल 21 काउंटर बनाए गए

दतिया उप चुनाव की मतगणना आज, कुल 21 काउंटर बनाए गए

समाचार नामा 3 Aug 2026 8:54 am

बांकीपुर उपचुनाव: सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना, 25 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

बांकीपुर उपचुनाव: सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना, 25 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

समाचार नामा 3 Aug 2026 7:44 am

'श्रावण का प्रथम सोमवार लाता है आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश', ओम बिरला समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

'श्रावण का प्रथम सोमवार लाता है आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश', ओम बिरला समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

समाचार नामा 3 Aug 2026 7:28 am

अंग दान में तमिलनाडु भारत में सबसे आगे: मंत्री केजी अरुण राज

अंग दान में तमिलनाडु भारत में सबसे आगे: मंत्री केजी अरुण राज

समाचार नामा 3 Aug 2026 12:21 am

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक के पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती 'घोटाले' की सीबीआई जांच की मांग की

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक के पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती 'घोटाले' की सीबीआई जांच की मांग की

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:56 pm

'बिहार में बेखौफ घूम रहे अपराधी, सरकार नाकाम', एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की हत्या पर बोले तेजस्वी यादव

'बिहार में बेखौफ घूम रहे अपराधी, सरकार नाकाम', एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की हत्या पर बोले तेजस्वी यादव

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:54 pm

दिल्ली भाजपा ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' पर झूठ फैलाने के लिए आप की आलोचना की

दिल्ली भाजपा ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' पर झूठ फैलाने के लिए आप की आलोचना की

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:52 pm

स्यूटा प्रवासी संकट: मृतकों की संख्या बढ़कर 72 हुई, समुद्री सीमा पर फ्लोटिंग बैरियर तैनात

स्यूटा प्रवासी संकट: मृतकों की संख्या बढ़कर 72 हुई, समुद्री सीमा पर फ्लोटिंग बैरियर तैनात

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:40 pm

ओडिशा के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन

ओडिशा के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:39 pm

दिल्ली का आंदोलन संविधान विरोधी और देशविरोधी था: अतुल लिमये

दिल्ली का आंदोलन संविधान विरोधी और देशविरोधी था: अतुल लिमये

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:28 pm

शेख हसीना को बांग्लादेश लौटने दिया जाए, बीएनपी सरकार अवामी लीग से बैन हटाए: तस्लीमा नसरीन

शेख हसीना को बांग्लादेश लौटने दिया जाए, बीएनपी सरकार अवामी लीग से बैन हटाए: तस्लीमा नसरीन

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:22 pm

संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधिमंडल के सामने भारत का विजन, सिबी जॉर्ज ने साझा किया बहुपक्षवाद पर विचार

संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधिमंडल के सामने भारत का विजन, सिबी जॉर्ज ने साझा किया बहुपक्षवाद पर विचार

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:17 pm

बीजेडी ने बाढ़ पर ओडिशा सरकार की 'देरी से' की गई कार्रवाई की आलोचना की

बीजेडी ने बाढ़ पर ओडिशा सरकार की 'देरी से' की गई कार्रवाई की आलोचना की

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:09 pm

पीएम किसान योजना 2030-31 तक बढ़ने से लातेहार के किसानों में खुशी, पीएम मोदी का जताया आभार

पीएम किसान योजना 2030-31 तक बढ़ने से लातेहार के किसानों में खुशी, पीएम मोदी का जताया आभार

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:06 pm

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भारत में समान नागरिक संहिता का किया समर्थन

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भारत में समान नागरिक संहिता का किया समर्थन

समाचार नामा 2 Aug 2026 11:06 pm

पीओके में महिलाओं और बच्चों का विरोध प्रदर्शन, मुजफ्फराबाद की ओर मार्च की तैयारी

पीओके में महिलाओं और बच्चों का विरोध प्रदर्शन, मुजफ्फराबाद की ओर मार्च की तैयारी

समाचार नामा 2 Aug 2026 10:58 pm

पाकिस्तान के कई इलाकों में बाढ़ का प्रकोप, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 196 लोगों की मौत

पाकिस्तान के कई इलाकों में बाढ़ का प्रकोप, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 196 लोगों की मौत

समाचार नामा 2 Aug 2026 10:56 pm

दिल्ली: भाजपा विधायक ने साइकिल घोटाले के आरोप को किया खारिज, 'आप' पर साधा निशाना

दिल्ली: भाजपा विधायक ने साइकिल घोटाले के आरोप को किया खारिज, 'आप' पर साधा निशाना

समाचार नामा 2 Aug 2026 10:43 pm

तमिलनाडु में नीट अभ्यर्थियों के परिजनों से मिले राहुल, बोले- छात्रों को सरकार से सच, न्याय और माफी चाहिए

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु दौरे के दौरान उन तीन मेडिकल अभ्यर्थियों के परिवारों से मुलाकात की, जिनकी मौत नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद हुई थी

देशबन्धु 2 Aug 2026 10:27 pm

बंगाल: अब घर बनाने के लिए निर्माण सामग्री सड़क पर छोड़ी तो भरना होगा जुर्माना

बंगाल: अब घर बनाने के लिए निर्माण सामग्री सड़क पर छोड़ी तो भरना होगा जुर्माना

समाचार नामा 2 Aug 2026 10:25 pm

हरियाणा ने वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में एसजीएसटी संग्रह वृद्धि में देशभर में बनाया पहला स्थान

वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह वृद्धि में देशभर में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में भी पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह वृद्धि में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।

देशबन्धु 2 Aug 2026 10:13 pm

'बदले की राजनीति' के खिलाफ लड़ेंगे, आंध्र सीएम नायडू पर जगन का हमला

'बदले की राजनीति' के खिलाफ लड़ेंगे, आंध्र सीएम नायडू पर जगन का हमला

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:58 pm

राज ठाकरे अधूरी जानकारी पर लगाते हैं आरोप, चिट्ठी वाला मामला बेबुनियाद : राजू वाघमारे

राज ठाकरे अधूरी जानकारी पर लगाते हैं आरोप, चिट्ठी वाला मामला बेबुनियाद : राजू वाघमारे

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:54 pm

बिहार: बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना का काउंटडाउन शुरू, 25 उम्मीदवारों का भाग्य होगा तय

बिहार: बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना का काउंटडाउन शुरू, 25 उम्मीदवारों का भाग्य होगा तय

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:49 pm

रक्तदान देश की सेवा है, कोई भी फैक्ट्री खून नहीं बना सकती और न ही कोई दौलत इसे पैदा कर सकती है: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता

रक्तदान देश की सेवा है, कोई भी फैक्ट्री खून नहीं बना सकती और न ही कोई दौलत इसे पैदा कर सकती है: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:41 pm

किसी भी धर्म का मजाक उड़ाना किसी भी तरह से उचित नहीं: मैथिली ठाकुर

किसी भी धर्म का मजाक उड़ाना किसी भी तरह से उचित नहीं: मैथिली ठाकुर

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:32 pm

विपक्षी दल और सीजेपी केवल चुनिंदा राज्‍यों में छात्रों के प्रदर्शन में होते हैं शामिल: आरपी सिंह

विपक्षी दल और सीजेपी केवल चुनिंदा राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन में होते हैं शामिल: आरपी सिंह

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:28 pm

बंगाल एसटीएफ: जैश कर्मी की महिला सहयोगी ने शहजाद भट्टी के नेटवर्क से ऐसे किया संपर्क

बंगाल एसटीएफ: जैश कर्मी की महिला सहयोगी ने शहजाद भट्टी के नेटवर्क से ऐसे किया संपर्क

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:27 pm

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में हाई-डेंसिटी सेब की तुड़ाई शुरू, बंपर फसल से किसान खुश, कृषि विभाग ने सही आकार का इंतजार करने को कहा

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में हाई-डेंसिटी सेब की तुड़ाई शुरू, बंपर फसल से किसान खुश, कृषि विभाग ने सही आकार का इंतजार करने को कहा

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:21 pm

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने नशे के खिलाफ 100 दिन के ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ का रखा प्रस्ताव

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने नशे के खिलाफ 100 दिन के ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ का रखा प्रस्ताव

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:13 pm

साधु-संतों की मांग-लोकसभा में राहुल गांधी और पप्पू यादव की सदस्यता रद्द की जाए

साधु-संतों की मांग-लोकसभा में राहुल गांधी और पप्पू यादव की सदस्यता रद्द की जाए

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:08 pm

खुद पर हुए हमले को लेकर पप्पू यादव बोले-'लोग नहीं होते तो अनहोनी हो सकती थी'

खुद पर हुए हमले को लेकर पप्पू यादव बोले-'लोग नहीं होते तो अनहोनी हो सकती थी'

समाचार नामा 2 Aug 2026 9:05 pm

जेन-जी के सड़कों पर आने से सरकार खामोश; पहले सांसदों के खरीद-बिक्री की दुकान खोल रखी थी : शत्रुघ्न सिन्हा

जेन-जी के सड़कों पर आने से सरकार खामोश; पहले सांसदों के खरीद-बिक्री की दुकान खोल रखी थी : शत्रुघ्न सिन्हा

समाचार नामा 2 Aug 2026 8:58 pm

बारिश संकट के बीच पोन्नानी लंच पर पहुंचे केरल सीएम सतीशन, विपक्ष ने साधा निशाना

बारिश संकट के बीच पोन्नानी लंच पर पहुंचे केरल सीएम सतीशन, विपक्ष ने साधा निशाना

समाचार नामा 2 Aug 2026 8:33 pm

बिहार में शराबबंदी के सकारात्मक परिणाम, नशामुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य : सम्राट चौधरी

बिहार में शराबबंदी के सकारात्मक परिणाम, नशामुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य : सम्राट चौधरी

समाचार नामा 2 Aug 2026 8:07 pm

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के 'सीता कौन थीं' वाले बयान पर साधु-संतों ने जताई आपत्ति

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के 'सीता कौन थीं' वाले बयान पर साधु-संतों ने जताई आपत्ति

समाचार नामा 2 Aug 2026 8:01 pm

कुंभकरण की भूमिका अदा कर रहे पप्पू यादव, राहुल गांधी मांगें माफी : प्रमोद कृष्णम

कुंभकरण की भूमिका अदा कर रहे पप्पू यादव, राहुल गांधी मांगें माफी : प्रमोद कृष्णम

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:57 pm

मुसलमानों ने बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन को कभी स्वीकार नहीं किया: मौलाना साजिद रशीदी

मुसलमानों ने बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन को कभी स्वीकार नहीं किया: मौलाना साजिद रशीदी

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:56 pm

प्रधानमंत्री मोदी का 'नशा मुक्त युवा अभियान' एक ऐतिहासिक पहल: केवल सिंह ढिल्लों

प्रधानमंत्री मोदी का 'नशा मुक्त युवा अभियान' एक ऐतिहासिक पहल: केवल सिंह ढिल्लों

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:55 pm

सीजेपी कोर पैनल की बैठक 5 अगस्त को, अभिजीत दिपके करेंगे अध्यक्षता

सीजेपी कोर पैनल की बैठक 5 अगस्त को, अभिजीत दिपके करेंगे अध्यक्षता

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:51 pm

प्रवासी संकट से निपटने के लिए यूरोपीय देशों के बीच एकजुटता जरूरी: ईसी अध्यक्ष

प्रवासी संकट से निपटने के लिए यूरोपीय देशों के बीच एकजुटता जरूरी: ईसी अध्यक्ष

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:50 pm

कावेरी संकट: कर्नाटक सरकार को सुप्रीम कोर्ट में सही दस्तावेजों के साथ मजबूत तर्क पेश करने चाहिए: बसवराज बोम्मई

कावेरी संकट: कर्नाटक सरकार को सुप्रीम कोर्ट में सही दस्तावेजों के साथ मजबूत तर्क पेश करने चाहिए: बसवराज बोम्मई

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:39 pm

स्वस्थ और नशामुक्त युवा, विकसित भारत के लक्ष्य की कुंजी: युमनाम खेमचंद सिंह

स्वस्थ और नशामुक्त युवा, विकसित भारत के लक्ष्य की कुंजी: युमनाम खेमचंद सिंह

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:30 pm

तमिलनाडु: श्रीपेरंबदूर-ओरगदम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का दौरा करेंगे सीएम विजय

तमिलनाडु: श्रीपेरंबदूर-ओरगदम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का दौरा करेंगे सीएम विजय

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:27 pm

परिसीमन देश की अखंडता के लिए सबसे बड़ी चुनौती : इमरान मसूद

परिसीमन देश की अखंडता के लिए सबसे बड़ी चुनौती : इमरान मसूद

समाचार नामा 2 Aug 2026 7:18 pm

केरल में भारी बारिश की वजह से हुई आठ लोगों की मौत पर राहुल गांधी ने जताया दुख

केरल में भारी बारिश की वजह से हुई आठ लोगों की मौत पर राहुल गांधी ने जताया दुख

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:58 pm

दिल्ली: एलजी टीएस संधू ने किरोड़ीमल कॉलेज में इनक्यूबेशन सेंटर का किया उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति बनाएगी विकसित भारत

दिल्ली: एलजी टीएस संधू ने किरोड़ीमल कॉलेज में इनक्यूबेशन सेंटर का किया उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति बनाएगी विकसित भारत

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:39 pm

पप्पू यादव नास्तिक, संसद परिसर में साधु का चोला पहनकर गलत कृत्य करना निंदनीय : संजय दास

पप्पू यादव नास्तिक, संसद परिसर में साधु का चोला पहनकर गलत कृत्य करना निंदनीय : संजय दास

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:33 pm

असदुद्दीन ओवैसी हमेशा सपा की आलोचना क्‍यों करते हैं: रुचि वीरा

असदुद्दीन ओवैसी हमेशा सपा की आलोचना क्यों करते हैं: रुचि वीरा

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:25 pm

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र: विपक्ष ने उठाई अवधि बढ़ाने की मांग, स्पीकर बोले- सभी को मिलेगा पूरा समय

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र: विपक्ष ने उठाई अवधि बढ़ाने की मांग, स्पीकर बोले- सभी को मिलेगा पूरा समय

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:20 pm

जेनजी के दृष्टिकोण, प्राथमिकताएं और तरीके पारंपरिक आंदोलनों से बिल्कुल अलग: वीसीके

जेनजी के दृष्टिकोण, प्राथमिकताएं और तरीके पारंपरिक आंदोलनों से बिल्कुल अलग: वीसीके

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:18 pm

केटीआर ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, छात्रों पर टिप्पणी के लिए सीएम रेड्डी से सार्वजनिक माफी की मांग

केटीआर ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, छात्रों पर टिप्पणी के लिए सीएम रेड्डी से सार्वजनिक माफी की मांग

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:14 pm

चीन: कम्युनिस्ट पार्टी में बुजुर्गों की तादाद बढ़ी, सदस्यता गति पड़ी धीमी

चीन: कम्युनिस्ट पार्टी में बुजुर्गों की तादाद बढ़ी, सदस्यता गति पड़ी धीमी

समाचार नामा 2 Aug 2026 6:08 pm