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मिनी कूपर कनवर्टिबल स्टारडस्ट एडिशन लॉन्च, कीमत ₹62.90 लाख:फोल्डिंग सॉफ्ट टॉप के साथ 9.4-इंच सर्कुलर ओलेड स्क्रीन, 16.82kmpl का माइलेज

प्रीमियम कार बनाने वाली कंपनी मिनी ने भारत में अपनी लग्जरी कनवर्टिबल हैचबैक का नया स्पेशल मॉडल 'मिनी कूपर कनवर्टिबल स्टारडस्ट एडिशन' लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹62.90 लाख रखी गई है। कार में सबसे खास इसका इलेक्ट्रिकली फोल्डिंग सॉफ्ट टॉप है। यह छत सिर्फ 18 सेकंड में पूरी तरह खुल जाती है और 15 सेकंड में बंद हो जाती है। इसे 30kmph की स्पीड पर भी ऑपरेट किया जा सकता है। कम्प्लीटली बिल्ट-अप यूनिट के रूप में मिलेगी स्टैंडर्ड कूपर कनवर्टिबल (₹59 लाख) की तुलना में स्टारडस्ट एडिशन ₹3.9 लाख महंगा है। वहीं JCW पैक वैरिएंट (₹61.50 लाख) से यह ₹1.4 लाख ज्यादा कीमत पर आया है। यह कार भारत में कम्प्लीटली बिल्ट-अप यूनिट (CBU) यानी पूरी तरह से विदेश में बनकर आयात की जाएगी। ग्राहक इसे मिनी इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए बुक कर सकते हैं। कंपनी ने इसकी डिलीवरी शुरू कर दी है। एक्सटीरियर:18-इंच अलॉय व्हील्स, 215 लीटर बूट स्पेस स्टारडस्ट एडिशन को नए स्पार्कलिंग कॉपर ग्रे एक्सटीरियर पेंट शेड में पेश किया गया है। कार के साइड मिरर के कैप्स वाइब्रेंट सिल्वर कलर में हैं। साइड प्रोफाइल में 18-इंच के स्पोक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो वाइब्रेंट सिल्वर लुक में हैं। जब कार की छत खुली होने पर इसमें 160 लीटर का लगेज स्पेस मिलता है। वहीं सॉफ्ट-टॉप बंद होने पर बूट स्पेस बढ़कर 215 लीटर हो जाता है। इंटीरियर और फीचर्स: 9.4-इंच का गोल ओलेड टचस्क्रीन केबिन के अंदर का लेआउट प्रीमियम और हाई-टेक नजर आता है। इसमें डैशबोर्ड के सेंटर में 9.4-इंच का गोल ओलेड टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो मिनी OS 9 पर चलता है। कार में हेड-अप डिस्प्ले, हरमन कार्डन का सराउंड साउंड सिस्टम, वायरलेस चार्जर, हीटेड स्टीयरिंग व्हील, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और वायरलेस एपल कारप्ले व एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स दिए गए हैं। परफॉर्मेंस: 240kmph की टॉप स्पीड और 16.82kmpl का माइलेज इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें स्टैंडर्ड मॉडल वाला ही 2.0-लीटर का 4-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 204hp की पावर और 300Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है। यह कार सिर्फ 6.9 सेकंड में 0 से 100kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड 240kmph है। कंपनी इसके लिए 16.82kmpl के माइलेज का दावा करती है, जो कि स्टैंडर्ड मॉडल (16.39kmpl) से थोड़ा ज्यादा है। सेफ्टी फीचर्स: लेवल-1 ADAS के साथ टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम सफर को सुरक्षित बनाने के लिए कार में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। ड्राइविंग को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए लेवल-1 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) का सपोर्ट है। इसके अलावा, डायनेमिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, चारों सीटों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट्स, रियर-व्यू कैमरा और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 8:50 pm

वॉट्सएप वेब में ऑडियो-वीडियो कॉलिंग फीचर आया:एप डाउनलोड किए बिना लैपटॉप-कंप्यूटर से कॉल कर सकेंगे; स्क्रीन शेयरिंग का सपोर्ट भी मिलेगा

मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सएप ने वेब-बेस्ड कॉलिंग फीचर लॉन्च कर दिया है। अब यूजर्स को लैपटॉप या कंप्यूटर पर ऑडियो और वीडियो कॉल करने के लिए अलग से डेस्कटॉप एप्लीकेशन डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे अपने वेब ब्राउजर से ही ऑडियो-वीडियो कॉल कर सकेंगे और रिसीव भी कर पाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा जो कॉलेज कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं या ऐसे वर्क लैपटॉप पर काम करते हैं जहां एप डाउनलोड करने की इजाजत नहीं होती है। वेब कॉलिंग में मिलेंगे 4 खास फीचर्स रनिंग कॉल को दूसरे डिवाइस पर कर ट्रांसफर सकेंगे वेब कॉलिंग के साथ वॉट्सएप ने 'कॉल ट्रांसफर' फीचर भी पेश किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी चालू (एक्टिव) ग्रुप कॉल को डिस्कनेक्ट किए बिना एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस पर शिफ्ट कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपने मोबाइल पर कोई ग्रुप कॉल शुरू की है, तो बिना कॉल काटे उसे सीधे डेस्कटॉप पर ट्रांसफर कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए आया 'वेटिंग रूम' फीचर ग्रुप कॉल की सुरक्षा और मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए 'वेटिंग रूम' फीचर भी जोड़ा गया है। जब कोई यूजर रिक्वायर अप्रूवल टू जॉइन सेटिंग के साथ कॉल लिंक बनाएगा, तो जुड़ने वाले प्रतिभागी सीधे कॉल में नहीं आएंगे। वे एक वर्चुअल वेटिंग एरिया में रहेंगे और होस्ट के अप्रूव करने के बाद ही कॉल में शामिल हो सकेंगे। कॉल क्वालिटी सुधारने के लिए 2 नए टेक्निकल सुधार कॉलिंग के अनुभव और ऑडियो-वीडियो क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने दो नए टेक्निकल अपग्रेड किए हैं: कंपनी के मुताबिक, ये सभी नए फीचर्स ग्लोबल रोलआउट के तहत धीरे-धीरे यूजर्स तक पहुंचाए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 3:46 pm

2026 टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट को 5-स्टार रेटिंग मिली:भारत-NCAP क्रैश टेस्ट में बच्चों की सेफ्टी के लिए 45 पॉइंट मिले

2026 टाटा पंच EV को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है। इस इलेक्ट्रिक SUV ने सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। 31 पॉइंट के साथ हासिल की रेटिंग भारत NCAP की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, टाटा पंच EV ने क्रैश टेस्ट में कुल 31 पॉइंट हासिल किए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बाद इसे 5-स्टार रेटिंग दी गई है। टाटा की यह इलेक्ट्रिक SUV सुरक्षा के लिहाज से काफी मजबूत मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 3:00 pm

रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर को वॉन्टेड लिस्ट में डाला:पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप, केस दर्ज; एप बैन हो सकता है

रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए हैं। रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। रूस में पूरी तरह से बैन हो सकता है टेलीग्राम एप सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। दुबई में रहकर एप का ऑपरेशन संभाल रहे दुरोव पावेल दुरोव का जन्म रूस में ही हुआ था, लेकिन उन्होंने 2021 में फ्रांस की नागरिकता हासिल कर ली थी। इस समय वे दुबई से अपनी कंपनी और एप का संचालन कर रहे हैं। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। भारत में भी विवादों में रहा है टेलीग्राम एप नॉलेज बॉक्स क्या है फेडरल सिक्योरिटी सर्विस FSS रूस की मुख्य आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसी है। यह पूर्ववर्ती सोवियत संघ की एजेंसी KGB की उत्तराधिकारी मानी जाती है। इसका मुख्य काम देश के भीतर आतंकवाद रोकना, सीमाओं की सुरक्षा करना और साइबर सुरक्षा की निगरानी करना है। कौन हैं पावेल दुरोव 1984 में रूस में जन्मे दुरोव को 'रूस का मार्क जकरबर्ग' कहा जाता है। उन्होंने टेलीग्राम से पहले रूस का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म VK बनाया था। डेटा प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रूसी सरकार से हुए विवाद के बाद उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था। अभी दुरोव दुबई में रहते हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 12:48 pm

ऑडी ने पेश की अपनी सबसे बड़ी एसयूवी Q9:3-रो सीटिंग, V6 डीजल इंजन और दुनिया की पहली कर्व्ड OLED टेल-लाइट्स मिलीं

ऑडी ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी एसयूवी Q9 अनवील कर दी है। 3-रो सीटिंग वाली इस फुल-साइज SUV को Q7 और Q8 के ऊपर नए फ्लैगशिप मॉडल के तौर पर पेश किया गया है। इसमें दुनिया की पहली कर्व्ड डिजिटल OLED रियर लाइट्स, ऑटोमैटिक पावर डोर्स और कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा पैनोरमिक सनरूफ है। इंटीरियर और लग्जरी फीचर्स Q9 में सात सीटें स्टैंडर्ड तौर पर मिलती हैं, जबकि ग्राहक छह सीटों वाला विकल्प भी चुन सकते हैं। इसमें दूसरी रो में इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल कैप्टन सीटें दी गई हैं। फ्रंट सीटों में हीटेड, वेंटिलेटेड और मसाज जैसे फीचर्स हैं। ऑडी ने पहली बार पावर-ऑपरेटेड दरवाजे दिए हैं। इन्हें 'माई ऑडी' एप से भी कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें 1.5 वर्ग मीटर से बड़ा पैनोरमिक सनरूफ दिया गया है, जो ऑडी का अब तक का सबसे बड़ा सनरूफ है। दुनिया की पहली कर्व्ड ओएलईडी लाइटिंग ऑडी Q9 में थर्ड-जनरेशन कर्व्ड डिजिटल OLED रियर लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें पतले कर्व्ड ग्लास से तैयार किया गया है। फ्रंट में माइक्रो-LED तकनीक वाले हेडलाइट्स मिलते हैं जो एडेप्टिव लाइटिंग और पेडेस्ट्रियन हाईलाइटिंग का काम करते हैं। इसमें ऐसे इंडिकेटर्स दिए गए हैं जो रात में सड़क पर मुड़ने की दिशा में एरो प्रोजेक्ट करते हैं। 3 डिस्प्ले, AI असिस्टेंट और 4D साउंड सिस्टम इसमें 11.9-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 14.5-इंच का कर्व्ड टचस्क्रीन और पैसेंजर के लिए डाइनेमिक प्राइवेसी मोड वाला 12.3-इंच का डिस्प्ले मिलता है। यह सिस्टम एंड्रॉइड ऑटोमोटिव OS पर चलता है, जिसमें ऑडी एप स्टोर का एक्सेस मिलता है। इसका इंटीग्रेटेड 'ऑडी असिस्टेंट' AI का उपयोग करता है। इसमें 1,360-वॉट का 22-स्पीकर वाला 4D साउंड सिस्टम है। लो-फ्रीक्वेंसी साउंड को महसूस करने के लिए हेडरेस्ट स्पीकर्स और सीट्स में एक्ट्यूएटर्स लगे हैं। इंजन और परफॉर्मेंस: 3.0-लीटर V6 डीजल इंजन ऑडी Q9 में 3.0-लीटर का वी6 डीजल इंजन दिया गया है, जो 299 पीएस की पावर और 630 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इसे एमएचईवी प्लस माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक के साथ जोड़ा गया है, जो एक्सीलरेशन के दौरान अतिरिक्त 24 पीएस की पावर और 370 एनएम तक का टॉर्क दे सकती है। इसमें आठ-स्पीड टिपट्रोनिक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और क्वाट्रो ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम मिलता है। एडेप्टिव एयर सस्पेंशन और ऑल-व्हील स्टीयरिंग भी दिया गया है। सेफ्टी फीचर्स: 360-डिग्री कैमरा और ADAS सूट

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 12:28 pm

2026 टोयोटा हाइलक्स भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹31.99 लाख:2.8L डीजल इंजन और 4x4 ऑप्शन, 360-डिग्री कैमरा और ADAS जैसे एडवांस्ड फीचर्स

जापानी ऑटोमेकर कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर इंडिया ने आज 28 जुलाई को भारत में अपनी नाइन्थ-जनरेशन हाइलक्स पिकअप ट्रक को लॉन्च कर दिया है। 2026 टोयोटा हाइलक्स की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹31.99 लाख रखी गई है। कंपनी ने इस नए मॉडल के एक्सटीरियर और केबिन में कई बड़े बदलाव किए हैं, साथ ही इसमें एडवांस टेक्नोलॉजी और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। टोयोटा ने हालांकि, इसमें IMV बॉडी-ऑन-फ्रेम प्लेटफॉर्म और डबल कैब बॉडी स्टाइल को कायम रखा है। इसके अलावा, नए पिकअप में पहले की तरह ही 2.8L डीजल इंजन मिलेगा, जो 4x4 और 4x2 ऑप्शन के साथ आएगा। इसमें 360-डिग्री कैमरा और ADAS जैसे एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स भी हैं। यह पिकअप ट्रक भारत में मुख्य रूप से इसुजु वी-क्रॉस को टक्कर देगा। कीमत, वेरिएंट्स और बुकिंग डिटेल्स 2026 टोयोटा हाइलक्स को भारतीय बाजार में तीन वेरिएंट्स में पेश किया गया है। पुराने मॉडल (जिसकी कीमत ₹28.52 लाख से ₹36 लाख के बीच थी) की तुलना में इसके एंट्री-लेवल बेस वेरिएंट की कीमत ₹3.47 लाख बढ़ गई है, जबकि टॉप-एंड वेरिएंट में केवल ₹69,000 की मामूली बढ़ोतरी की गई है। पूरी तरह नया जनरेशन अपडेट, नए फीचर्स और नया केबिन मिलने के बावजूद टॉप मॉडल में कीमत का अंतर काफी कम रखा गया है। यह कार अब टोयोटा की आधिकारिक डीलरशिप्स पर उपलब्ध है। एक्सटीरियर डिजाइन और 6 कलर ऑप्शंस प्रीमियम इंटीरियर और नए फीचर्स केबिन के अंदर पूरी तरह से नया डैशबोर्ड दिया गया है। इसमें सॉफ्ट-टच लेदरेट और हार्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे लग्जरी और रफ-एंड-टफ लुक देता है। इंजन परफॉर्मेंस और गियरबॉक्स एडवांस सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में नई हाइलक्स को काफी अपग्रेड किया गया है:

दैनिक भास्कर 28 Jul 2026 9:07 pm

अवोरे इलेक्ट्रिक ने लॉन्च की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल EX:1.25 लाख रुपये है शुरुआती कीमत, 260 किमी तक की रेंज का दावा

अहमदाबाद की कंपनी अवोरे इलेक्ट्रिक ने मंगलवार को भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल EX लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.25 लाख रुपये रखी गई है। समर्थ ई-मोबिलिटी समर्थित इस कंपनी ने बाइक को तीन वेरिएंट्स—EX 2S, EX 2 और EX 1 में पेश किया है। ग्राहक इस मोटरसाइकिल की बुकिंग 799 रुपये में कर सकते हैं और इसकी डिलीवरी करीब दो महीने में शुरू होने की उम्मीद है। तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है बाइक कंपनी के अनुसार, EX 2S वेरिएंट एक बार चार्ज करने पर 260 किमी तक की IDC सर्टिफाइड रेंज देता है और इसकी टॉप स्पीड 114 किमी प्रति घंटा है। EX 2 वेरिएंट 255 किमी की रेंज देता है, जबकि एंट्री-लेवल EX 1 वेरिएंट 160 किमी की रेंज के साथ आता है। यह मोटरसाइकिल अवोरे की स्वदेशी AVORE सोर्स टेक्नोलॉजी और AVR इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे पिछले तीन वर्षों में विकसित किया गया है। 120 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए कंपनी ने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, मोटर, मोटर कंट्रोलर, ऑनबोर्ड चार्जर और ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे प्रमुख सिस्टम के लिए 120 से अधिक बौद्धिक संपदा (IP) आवेदन फाइल किए हैं। EX में रेयर-अर्थ-फ्री परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर दी गई है, जो वेरिएंट के आधार पर 7.5 kW से 10.5 kW की पावर पैदा करती है। सभी वर्जन 250 Nm का पीक व्हील टॉर्क जनरेट करते हैं। फीचर्स और चार्जिंग क्षमता इस मोटरसाइकिल में इंटीग्रेटेड मोटर-एंड-स्विंगआर्म पावरट्रेन, 1,500W का ऑनबोर्ड फास्ट चार्जर, मैनुअल और ऑटोमैटिक राइडिंग मोड दिए गए हैं। इसमें कंपनी का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम और AI-पावर्ड राइडर असिस्टेंट जैसी कनेक्टेड टेक्नोलॉजी भी शामिल है। इसे सामान्य घरेलू सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है। बैटरी 20% से 80% तक चार्ज होने में करीब दो घंटे लेती है और फुल चार्ज होने में लगभग चार घंटे का समय लगता है। गुजरात में है मैन्युफैक्चरिंग यूनिट अवोरे इलेक्ट्रिक के संस्थापक प्रियंक राखोलिया ने कहा कि उनका लक्ष्य हर भारतीय के लिए विश्व स्तरीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों को सुलभ बनाना है। कंपनी गुजरात के छतराल में 1,50,000 वर्ग फुट की सुविधा में वाहनों का निर्माण करती है, जिसकी उत्पादन क्षमता 15,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन प्रति माह है। यह मोटरसाइकिल AIS 156 और AIS 038 सुरक्षा मानकों का पालन करती है और इसके साथ पांच साल या 60,000 किमी की बैटरी वारंटी दी जा रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jul 2026 4:28 pm

रेडमी नोट 17 स्मार्टफोन 8000mAh बैटरी के साथ आएगा:7 इंच एमोलेड डिस्प्ले और 22.5W रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा, संभावित कीमत ₹30000

शाओमी के सब ब्रांड रेडमी ने 6 अगस्त को भारत में नए स्मार्टफोन रेडमी नोट 17 लॉन्च करने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी दी। अपकमिंग नोट 17 में सबसे खास 8000mAh की बैटरी, 22.5 वॉट रिवर्स चार्जिंग और 7-इंच का एमोलेड डिस्प्ले है। कंपनी नोट 17 सीरीज चीन में लॉन्च कर चुकी है और भारत में फिलहाल सिर्फ बेस मॉडल लॉन्च करेगी, जबकि इसके प्रो मॉडल यानी रेडमी नोट 17 प्रो के भारत आने की कोई जानकारी नहीं है। मिड-रेंज सेगमेंट में यह स्मार्टफोन उन यूजर्स के लिए अच्छा ऑप्शन बन सकता है, जिन्हें ज्यादा बैटरी बैकअप और बड़ी स्क्रीन चाहिए। क्या हो सकती है कीमत? लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, रेडमी नोट 17 को दो वैरिएंट में पेश किया जा सकता है। इसके 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले बेस वैरिएंट की शुरुआती कीमत 30,000 रुपए हो सकती है। वहीं, 8GB रैम और 128GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 33,000 रुपए तक रहने का अनुमान है। बता दें कि रेडमी नोट 15 को जनवरी 2026 में 22,999 रुपए की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। यानी नया मॉडल करीब 7,000 रुपए महंगा हो सकता है। स्मार्टफोन इंडस्ट्री में मेमोरी की बढ़ती लागत और डिमांड के कारण कीमत बढ़ने की आशंका पहले से ही है। इसके साथ ही रेडमी अपनी नोट सीरीज को प्रीमियम सेगमेंट में शिफ्ट कर रही है। बड़ी डिस्प्ले और कंटेंट के शौकीनों के लिए खास रेडमी नोट 17 में 7 इंच की बड़ी डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जिन्हें फोन पर वीडियो देखना या कंटेंट कंज्यूम करना पसंद है। यदि आप अभी नोट 15 या उससे पुराना मॉडल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसकी बैटरी लाइफ एक बड़ा अपग्रेड साबित हो सकती है। हालांकि, फोन खरीदने से पहले विस्तृत रिव्यू का इंतजार करना बेहतर होगा।

दैनिक भास्कर 28 Jul 2026 4:17 pm

एआई चैटबॉट्स का लगातार इस्तेमाल खतरनाक‎:करीबियों से ज्यादा आपके बारे में जानते हैं चैटबॉट्स; 2 तरीकों से खुद को करें सुरक्षित

एआई चैटबॉट्स सिर्फ हमारे सवालों के जवाब ही‎ नहीं देते, बल्कि हमारी आदतों, व्यवहार और‎ निजी जीवन के बारे में कई ऐसी जानकारियां जुटा‎ लेते हैं, जिनका हम अनुमान भी नहीं लगा सकते।‎न्यूयॉर्क टाइम्स के एक रिपोर्टर ने जब चैटजीपीटी‎ और जेमिनाई से पूछा कि वे उसके बारे में क्या‎ जानते हैं , तो मिले जवाब से वे दंग रह गए ।‎ रिपोर्टर कहते हैं - मैंने कभी चैटबॉट्स के साथ ‎बहुत निजी जानकारी साझा नहीं की। बच्चों की‎ खरीदारी, घर की मरम्मत या डॉक्टर से की जाने‎ वाली बातचीत जैसी सीमित जानकारी ही दी,‎लेकिन जब मैंने कुछ खास प्रॉम्प्ट्स के जरिए पूछा‎ तो चैटबॉट्स ने ऐसी बातें बताईं जो मैंने कभी ‎सीधे नहीं बताई थीं। उन्होंने मेरी आय का अनुमान‎ उस जर्मन कार से लगाया, जिसकी मरम्मत को‎ लेकर मैं अकसर सवाल पूछता था। पिछले एक ‎साल में पैर के अंगूठे के दर्द और उसके इलाज से‎ जुड़े सवालों के आधार पर उन्होंने लंबे समय से‎ चली आ रही स्वास्थ्य समस्या का संकेत दिया। ‎यहां तक रोटी को ठंडा होने में लगने वाले समय पर ‎पूछे गए सवाल से भी उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला‎ कि मैं हर चीज पर नियंत्रण रखना पसंद करता हूं।‎ एआई चैटबॉट्स बातचीत के आधार पर उतनी‎ जानकारी इकट्‌ठा कर सकते हैं, जितनी कोई‎ करीबी दोस्त, पत्नी या माता-पिता जानते हैं। ‎दुनिया भर में करोड़ों लोग इंटरनेट सर्च, काम‎ और स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए चैटबॉट्स ‎का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बहुत से लोगों‎ को यह अंदाजा नहीं है कि एआई उनके बारे में‎ क्या-क्या जानता है? शोधकर्ताओं का कहना ‎है कि यही वजह है कि चैटबॉट्स की प्राइवेसी‎ और मेमोरी सेटिंग्स पर ध्यान देना जरूरी है।‎ दो तरीके- जिनसे चैटबॉट आपकी बातें याद नहीं रख पाएंगे‎ चैटजीपीटी - ऐप या वेबसाइट में सेटिंग्स‎ पर जाएं। इसके बाद मेमोरी विकल्प खोलें‎ और इनेबल मेमोरी का स्विच बंद कर दें।‎ इससे चैटजीपीटी नई बातचीत के लिए‎ आपकी जानकारी याद नहीं रखेगा।‎ जेमिनाई - सेटिंग में जाकर पर्सनल‎ इंटेलिजेंस खोलें। यहां मेमोरी का विकल्प‎ मिलेगा। इसे बंद करने पर जेमिनाई‎ आपकी बातचीत के आधार पर‎ व्यक्तिगत जानकारी सहेजना और‎ उसका इस्तेमाल करना बंद कर देगा।‎ इन 4 प्रॉम्प्ट्स से निकालिए एआई के पास से अपनी जानकारी ?‎ 1. मैंने जो बातें कभी सीधे नहीं बताई,‎उसके आधार पर आपने मेरे बारे में क्या-क्या ‎अनुमान लगाया है? यह भी बताइए कि‎ आपको ये संकेत कहां से मिले।‎ 2. बताएं मैं उन चीजों को कैसे संभालूंगा,‎ जिनके बारे में मैंने आपको कभी नहीं बताया‎ जैसे कि पैसा, तनाव, संघर्ष, जोखिम और वह‎ निर्णय जो मैं अपने जीवन में आगे लेने वाला हूं।‎ 3. मेरे व्यक्तित्व के ऐसे कौन-से पहलू हैं, ‎जिन्हें शायद मैं खुद नहीं देख पाता? मेरी‎ असुरक्षाओं और दूसरों पर पड़ने वाले‎ प्रभाव के बारे में भी बताइए।‎ 4. मेरे बारे में आपने ऐसी कौन-सी संवेदनशील‎या निजी बातें अनुमानित की हैं, जिन्हें मैं‎ सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करना चाहूंगा?‎ क्या जान रहे हैं चैटबॉट्स?‎ आय और आर्थिक स्थिति - खरीदारी,‎वाहन या अन्य सवालों के आधार पर आपकी‎ आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगा लेते हैं।‎ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं - इलाज या ‎स्वास्थ्य से जुड़े सवालों से पुरानी या मौजूदा‎ दिक्कतों का अनुमान लगा लेते हैं।‎ व्यक्तित्व और व्यवहार - आपके सवाल ‎पूछने के तरीके से संदेह, नियंत्रण पसंद करने‎ जैसी प्रवृत्तियों का निष्कर्ष निकाल लेते हैं।‎ जीवन शैली और व्यवहार -: बातचीत के ‎पैटर्न से जीवनशैली, व्यवहार और सोच से जुड़े पैटर्न का अनुमान लगा लेते हैं।‎

दैनिक भास्कर 28 Jul 2026 12:19 pm

नई गाड़ियों में V2V सिस्टम का ड्राफ्ट नियम जारी:गाड़ियां आपस में करेंगी बात, अंधे मोड़ पर भी पहले ही मिलेगा अलर्ट

कल्पना कीजिए, आपकी कार ऐसे अंधे मोड़ पर पहुंचने वाली है, जहां सामने से आ रहा वाहन दिखाई नहीं दे रहा। तभी गाड़ी संभावित टक्कर का अलर्ट दे दे। केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा के लिए ऐसी तकनीक नई गाड़ियों में अनिवार्य बनाने की तैयारी में है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें 1 अक्टूबर 2028 से बनने वाले वाहनों में व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। यह बदलाव एल (टू-व्हीलर, ई-स्कूटर, ऑटो-रिक्शा), एम (कार, एसयूवी, टैक्सी, यात्री बस) व एन (पिकअप, ट्रक, अन्य मालवाहक वाहन) कैटेगरी के वाहनों पर लागू करने का प्रस्ताव है। 1 अक्टूबर 2027 से जिन वाहनों में ये सिस्टम होगा, उन्हें AIS-230 मानक का पालन करना होगा। इस ड्राफ्ट पर 23 अगस्त तक सुझाव और आपत्तियां दे सकते हैं। क्या है तकनीक, कैसे बदलेगी ड्राइविंग? 1. व्हीकल-टू-व्हीकल तकनीक क्या है?व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) एक वायरलेस संचार प्रणाली है। इसमें सड़क पर चल रहे वाहन आपस में अपनी लोकेशन, रफ्तार, दिशा और ब्रेक जैसी जानकारियां साझा करते हैं। इससे वाहन एक-दूसरे की मौजूदगी का पहले से अनुमान लगा सकते हैं। 2. वाहनों में यह तकनीक कैसे काम करेगी?हर V2V वाहन लगातार बेसिक सेफ्टी मैसेज (BSM) भेजेगा। आसपास के वाहन इन्हें रिसीव कर संभावित टक्कर का आकलन करेंगे। खतरा होने पर चालक को तुरंत अलर्ट मिलेगा। कुछ एडवांस गाड़ियों में सिस्टम स्वत: इमरजेंसी ब्रेक भी लगा सकेगा। 3. सबसे बड़ा फायदा क्या, कब से लागू?अंधे मोड़, चौराहों, धुंध, बड़े ट्रक के पीछे छिपे वाहन या अचानक ब्रेक जैसी स्थितियों में पहले से चेतावनी मिलेगी। इस तकनीक के लगने से गाड़ियों में पीछे से टक्कर, चौराहों और ब्लाइंड स्पॉट से जुड़े हादसे कम हो सकते हैं। 1 अक्टूबर 2028 से बनने वाले सभी वाहनों में यह सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। 4. इसे लेकर क्या चुनौतियां और आशंकाएं हैं?तकनीक विशेषज्ञों के अनुसार, वायरलेस संचार आधारित इस प्रणाली के साथ साइबर सुरक्षा, डेटा चोरी और लोकेशन ट्रैकिंग जैसी चुनौतियां भी होंगी। इसलिए इसे लागू करते समय मजबूत डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा मानकों की भी जरूरत होगी। ---------------- ये खबर भी पढ़ें... मारुति की कारें अगस्त से ₹30,000 तक महंगी हो जाएंगी: 2 महीने में दूसरी बार कीमतें बढ़ाईं देश की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कारों के दाम 30,000 रुपए तक बढ़ाएगी। नई कीमतें अगस्त 2026 से लागू होंगी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 28 Jul 2026 3:34 am

पिक्सल 11 सीरीज के दाम बढ़ाएगी गूगल:रैम की कमी से बढ़ी प्रॉडक्शन लागत, मौजूदा पिक्सल फोन भी होंगे महंगे; 12 अगस्त को लॉन्चिंग

गूगल अपने नए जनरेशन के स्मार्टफोन्स 'पिक्सल 11' सीरीज को 12 अगस्त 2026 को लॉन्च करेगा। लेकिन इस बार पिक्सल 11 खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से गूगल ने पिक्सल 11 सीरीज समेत पिक्सल इकोसिस्टम के प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। गूगल वीपी बोले- रैम संकट से बढ़ी लागत गूगल के डिवाइस और सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट शकील बरकत ने पिक्सल फोन्स के दामों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हार्डवेयर बिजनेस पर रैम मेमोरी क्राइसिस का असर पड़ा है। रैम की कीमतों में इस तरह का उछाल पहले कभी नहीं देखा गया। पूरी इंडस्ट्री इससे जूझ रही है। 1 GB रैम की कीमत 4 गुना बढ़ी गूगल के मुताबिक, सप्लायर्स की तरफ से कंपोनेंट्स की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। साल 2025 में 1 GB रैम की कीमत लगभग 2.80 डॉलर यानी करीब ₹235 थी। अब वही रैम 12 डॉलर यानी करीब ₹1,000 में मिल रही है। यानी रैम की लागत 4 गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। शकील बरकत ने बताया कि गूगल ने लंबे समय तक बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाकर यूजर्स को सप्लाई चेन की दिक्कतों से बचाकर रखा। लेकिन अब बढ़ते खर्चों को झेलना संभव नहीं रह गया है। पिक्सल 11 प्रो में 16GB की जगह 12GB रैम संभव रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ती लागत को कंट्रोल करने के लिए गूगल कुछ कड़े बदलाव कर सकता है: पिक्सल वॉच और पुराने पिक्सल फोन भी महंगे होंगे यह बढ़ोतरी सिर्फ आने वाली पिक्सल 11 सीरीज तक ही सीमित नहीं रहेगी। गूगल का कहना है कि पूरे 'पिक्सल परिवार' में यह प्राइस एडजस्टमेंट होगा। इसमें पिक्सल वॉच भी शामिल है।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 1:25 pm

होंडा ZR-V भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹48 लाख:फ्लैगशिप SUV में स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन के साथ 22.8kmpl का माइलेज, लेवल-2 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स

होंडा इंडिया ने अपनी नई फ्लैगशिप क्रॉसओवर SUV होंडा ZR-V भारत में लॉन्च कर दी है। यह भारत में होंडा के पोर्टफोलियो की सबसे प्रीमियम और महंगी SUV है। इसे जापान से सीधे कंपलीट्ली बिल्ट यूनिट (यानी पूरी तरह से बनी बनाई) के रूप में इंपोर्ट किया जाएगा। प्रीमियम SUV की सबसे बड़ी खासियत इसमें दिया गया 2.0-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन और 22.8kmpl का शानदार माइलेज है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला स्कोडा कोडियाक, वॉक्सवैगन टाइरॉन और टिगुआन जैसी प्रीमियम गाड़ियों से होगा। एक्स-शोरूम कीमत ₹48 लाख होंडा ZR-V को भारत में सिर्फ एक वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹48 लाख है। कार की बुकिंग शुरू कर दी गई है। जापान से इंपोर्ट होने के कारण इसकी लिमिटेड यूनिट ही अवेलेबल होगी। एक्सटीरियर: स्लीक LED लाइट्स और 18-इंच अलॉय व्हील्स होंडा ने अपनी पारंपरिक SUV डिजाइन के मुकाबले ZR-V को एक एडवांस और स्पॉटी क्रॉसओवर लुक दिया है। इंटीरियर: ऑल-ब्लैक थीम, लेदरेट सीट्स और प्रीमियम कंट्रोल कार के केबिन को काफी प्रीमियम और ड्राइवर-फ्रेंडली बनाया गया है। कम्फर्ट फीचर्स: 12-स्पीकर बोस साउंड सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले होंडा ZR-V में कई हाई-टेक और कम्फर्ट फीचर्स दिए गए हैं। इसमें 9-इंच का फ्रीस्टैंडिंग टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, 10.25-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले का सपोर्ट शामिल है। इसके अलावा, 12-स्पीकर वाला बोस प्रीमियम ऑडियो सिस्टम, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, 8-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर सीट (मेमोरी फंक्शन के साथ), 4-वे पावर पैसेंजर सीट, वायरलेस चार्जर, जेस्चर कंट्रोल के साथ इलेक्ट्रिक टेलगेट और एम्बिएंट लाइटिंग। हालांकि, लग्जरी कार में पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड (कूल/हीटेड) और मसाज सीट्स जैसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं। परफॉर्मेंस और माइलेज: 184hp पावर और 22.8kmpl का माइलेज इस सेगमेंट में होंडा ZR-V इकलौती SUV है जो स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड तकनीक के साथ आती है: सेफ्टी फीचर्स: 8 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS सेफ्टी तकनीक सुरक्षा के मामले में इस कार में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसमें होंडा सेसिंग यानी लेवल-2 ADAS तकनीक मिलती है। इसके अलावा, 8 एयरबैग्स, 360-डिग्री पार्किंग कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, हिल-स्टार्ट व हिल-डिसेंट असिस्ट, ट्रैक्शन कंट्रोल और ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट्स दिए गए हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 6:47 pm

ओप्पो F33 प्रो रिव्यू:लंबी बैटरी बैकअप चाहने वालों के लिए अच्छा ऑप्शन, 50MP सेल्फी कैमरा, लेकिन 4K वीडियो नहीं

ऑफलाइन स्मार्टफोन मार्केट में ओप्पो की F सीरीज हमेशा से सबसे ज्यादा बिकने वाली सीरीज रही है। अब, कंपनी ने नया स्मार्टफोन ओप्पो F33 प्रो 5G लॉन्च किया है। नया स्मार्टफोन कैसा है और क्या आपको इसे खरीदना चाहिए चलिए जानते हैं... डिजाइन: IP69K की वाटरप्रूफ रेटिंग और 360-डिग्री आर्मर प्रोटेक्शन सबसे पहले लुक की बात करें, तो मेरे पास यह 'पैशन रेड' कलर है जो देखने में काफी प्रीमियम लगता है। इसके अलावा यह स्टारी ब्लू और मिस्टी फॉरेस्ट कलर में भी आता है। इसका बैक और फ्रेम प्लास्टिक का है, लेकिन पीछे मैट फिनिश होने की वजह से इन-हैंड फील बहुत अच्छा है। इसका कैमरा मॉड्यूल पूरी तरह फ्लैट है। फोन का वजन 200 ग्राम से कम है और थिकनेस 8.5mm के अंदर है, यानी हाथ में साइज एकदम परफेक्ट बैठता है। मजबूती के मामले में ओप्पो ने इसमें IP69K की टॉप वाटरप्रूफ रेटिंग और 360-डिग्री आर्मर प्रोटेक्शन दी है, यानी पानी और गिरने की टेंशन खत्म! साथ ही, इसमें बढ़िया स्टीरियो स्पीकर्स और फास्ट इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी है। डिस्प्ले: 6.59 इंच का 120 हर्ट्ज वाला एमोलेड डिस्प्ले डिस्प्ले की बात करें तो यहां 6.59 इंच का 120 हर्ट्ज वाला एमोलेड फ्लैट डिस्प्ले दिया गया है। 1400 निट्स की पीक ब्राइटनेस है, तो धूप में विजिबिलिटी की कोई दिक्कत नहीं होगी। बेजल्स बहुत पतले और सिमिट्रिकल हैं, जिससे वीडियो देखने में मजा आता है। परफॉर्मेंस: मीडियाटेक डायेमेंसिटी 6360 मैक्स प्रोसेसर फोन में मीडियाटेक डायेमेंसिटी 6360 मैक्स प्रोसेसर है और यह एंड्रॉएड 16 पर बेस्ड कलर OS 16 पर चलता है। इसका एनतुतु स्कोर 6 से 7 लाख के बीच आता है। स्कोर भले ही एवरेज हो, लेकिन ओप्पो का डेली ऑप्टिमाइजेशन बहुत स्मूथ है। ऐप्स फटाफट खुलते हैं और डेली यूज में कोई लैग नहीं मिलता। गेमिंग की बात करें, तो BGMI जैसे गेम्स में बिना किसी हीटिंग इशू के 60fps पर आराम से खेल सकते हैं। कैमरा: 50 मेगापिक्सल का मेन और 2 मेगापिक्सल का डेप्थ कैमरा कैमरा सेटअप की बात करें तो पीछे 50 मेगापिक्सल का मेन और 2 मेगापिक्सल का डेप्थ कैमरा है। लेकिन इसमें OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन नहीं है। इसका मतलब है कि लो-लाइट या रात में फोटो खींचते वक्त अगर आपका हाथ जरा सा भी हिला, तो फोटो ब्लर आएगी। दिन में कलर्स और स्किन टोन अच्छे हैं, पर डिटेल्स थोड़ी कम लगती हैं। वीडियो में भी डाउनग्रेड है, आप फ्रंट और बैक दोनों से सिर्फ 1080p वीडियो ही रिकॉर्ड कर सकते हैं, जबकि पिछले मॉडल में 4K था। हालांकि, इसका 50 मेगापिक्सल का फ्रंट सेल्फी कैमरा जबरदस्त है! इसमें ऑटो-फोकस का सपोर्ट है और सेल्फीज बहुत क्रिस्प आती हैं। साथ ही, कैमरे में ऑब्जेक्ट इरेजर जैसे काम के AI फीचर्स भी दिए गए हैं। बैटरी: 7000mAh बैटरी के साथ 80W की फास्ट चार्जिंग पावरबैकअप के लिए इसमें 7000mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ बॉक्स में आपको 80W की फास्ट चार्जिंग मिलती है। फोन 6nm प्रोसेसर होने के कारण यह बहुत कम बैटरी खाता है, जिससे आपको आराम से डेढ़ से दो दिन का बैकअप मिल जाएगा। प्राइस और फाइनल वर्डिक्ट फोन दो वैरिएंट में आता है। इसके 8GB रैम + 128GB स्टोरेज की कीमत 37,999 रुपए और 8GB रैम + 256GB स्टोरेज की कीमत 40,999 है। अगर आपकी टॉप प्रायोरिटी लुक्स, स्लिम डिजाइन और लंबी बैटरी है, तो इसे खरीद सकते हैं। लेकिन आपका फोकस बेस्ट रियर कैमरा और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग है, तो आप दूसरे ऑप्शंस देख सकते हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 6:01 pm

एपल की नई सिरी करेगी चैटजीपीटी जैसे कई काम:स्क्रीन देखकर समझेगी आपकी जरूरत; जानिए किन आईफोन मॉडल्स में मिलेंगे नए फीचर्स

एआई की दौड़ में अब एपल भी पूरी ताकत से उतरने जा रहा है। iOS 27 के साथ आने वाली नई सिरी पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होगी। अब वह सिर्फ अलार्म लगाने या मौसम बताने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपकी ई-मेल, मैसेज, फोटो, नोट्स और कैलेंडर को समझकर निजी सहायक की तरह काम करेगी। एपल का दावा है कि नई सिरी का मुकाबला सीधे चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे एआई चैटबॉट्स से होगा। ये बदलाव होंगे 1. आपकी पूरी डिजिटल जिंदगी समझेगी - नई सिरी मैसेजेस, मेल, फोटोज और कैलेंडर जैसे एपल एप्स से जानकारी लेकर आपके सवालों का जवाब दे सकेगी। उदाहरण के लिए, पिछले हफ्ते लंच की फोटो दिखाओ। अगली फ्लाइट कब है? किसे कौन-सा डॉक्यूमेंट भेजना है? यानी सिरी सिर्फ कमांड नहीं मानेगी, बल्कि आपके संदर्भ को भी समझेगी। 2. स्क्रीन पर क्या चल रहा है, यह भी देखेगी - अगर आप यूट्यूब पर कोई रेसिपी देख रहे हैं, तो सिरी उससे सामग्री पहचानकर नोट्स में सेव कर सकती है। 3. चैटजीपीटी जैसा इंटरफेस - एपल पहली बार सिरी के लिए अलग चैट इंटरफेस दे रहा है। इसमें बातचीत का इतिहास रहेगा। एआई से बनाई गई फाइलें मिलेंगी। सभी चैट आईक्लाउड के जरिए दूसरे एपल डिवाइस पर भी उपलब्ध होंगी। 4. प्राइवेसी पर भी जोर - एपल का कहना है कि भारी एआई प्रोसेसिंग प्राइवेट क्लाउड कम्प्यूट पर होगी। डेटा एन्क्रिप्टेड रहेगा। इससे निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी। एआई इस्तेमाल करते समय भी गोपनीयता बनी रहेगी। 5. किन आईफोन में मिलेगी एआई सिरी - नई सिरी सिर्फ एपल इंटेलिजेंस वाले आईफोन पर चलेगी। जैसे- iPhone 15 Pro, iPhone 15 Pro Max, iPhone 16 सीरीज, iPhone 17 सीरीज। हालांकि आईओएस-27 पुराने आईफोन 11 तक मिलेगा, लेकिन एआई फीचर नहीं मिलेंगे। आईफोन-18 पर कब स्विच करें? सिर्फ एआई सिरी चाहिए, तो नहीं। आईफोन-16 और 17 में भी लगभग पूरा एआई अनुभव मिलेगा। लेकिन आईफोन 18 प्रो में बेहतर कैमरा, ज्यादा रैम और नई 2nm चिप मिलेगी। आईफोन-18 की कीमत भारत में 1 लाख रु. से शुरू होने का अनुमान है। इसलिए सिर्फ सिरी के लिए नया फोन खरीदना जरूरी नहीं है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 5:08 pm

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट का टेस्ट कामयाब:पानी में पहली बार सुरक्षित लैंडिंग, अंतरिक्ष में 20 सैटेलाइट भी तैनात किए, मस्क की कंपनी का मिशन

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान कामयाब रही। इस मिशन में स्टारशिप के अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। पिछले हफ्ते इंजन इग्निशन में खराबी के कारण इसकी लॉन्चिंग टाल दी गई थी। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इस रॉकेट को बनाया है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली 'स्टारशिप' कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ये पूरी तरह से रीयूजेबल है। स्टारशिप ने टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ से भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे उड़ान भरी थी। ये टेस्ट 1 घंटे 3 मिनट का था। इस टेस्ट की सफलता स्पेसएक्स और नासा दोनों के लिए बेहद जरूरी थी। अगले साल नासा की मून लैंडिंग इसी पर निर्भर है। पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने लाइव स्ट्रीम के दौरान कहा कि यह पहली बार है जब हमने पूरे स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी 'बेली-फ्लॉप' स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा। पहली बार असली स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स की तैनाती इस मिशन में स्टारशिप ने पहली बार नए वर्जन के 20 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में तैनात किया। स्पेसएक्स ने पुष्टि की कि उसने सभी 20 टेस्ट सैटेलाइट्स से संपर्क स्थापित कर लिया है। ये सैटेलाइट्स सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर थे और इन्हें स्थायी रूप से अंतरिक्ष में रहने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। तैनात होने के लगभग 20 मिनट बाद ये पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो गए। सुपर हैवी बूस्टर और 'हॉट स्टेजिंग' में सुधार लॉन्च के समय सुपर हैवी बूस्टर के सभी 33 रैप्टर इंजनों ने उड़ान भरी, जिससे 1.8 करोड़ पाउंड का थ्रस्ट पैदा हुआ। स्पेसएक्स के स्टारशिप लॉन्च के सीनियर डायरेक्टर जस्टिन स्टेयर के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे बड़ी मशीन गन की तरह है जो गोलियों की जगह हर सेकंड 11 पिकअप ट्रक फायर कर रही हो। उड़ान के 2 मिनट बाद मेन इंजन कटऑफ (MECO) के बाद 'हॉट स्टेजिंग' के जरिए स्टारशिप बूस्टर से अलग हुआ। मई में हुई पिछली उड़ान में सभी 6 इंजन एक साथ चालू न होने से बूस्टर उल्टा घूम गया था, जिसे इस बार सुधार लिया गया था। अलग होने के बाद बूस्टर ने 13 इंजनों का इस्तेमाल करके बूस्टबैक बर्न किया। लैंडिंग के समय इसकी स्पीड थोड़ी ज्यादा थी और सभी 13 इंजन चालू नहीं हो पाए, फिर भी इसने खाड़ी में एक नियंत्रित लैंडिंग की। अब स्टारशिप के पहले हुए 11 टेस्ट के बारे में जानें…. 12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग 'स्टारशिप' का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित 'स्टारबेस' लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया। 11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया था, लेकिन शिप (ऊपरी हिस्सा) में ऑक्सीजन लीक से ब्लास्ट हो गया था। छठा टेस्ट: लॉन्चपैड पर उतरने में दिक्कत दिखी तो पानी पर लैंड कराया, ट्रम्प भी मौजूद रहे स्टारशिप का छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 03:30 बजे किया गया था। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुंचे थे। इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया। स्टारशिप के इंजन को स्पेस में फिर से चालू किया गया। इसके बाद हिंद महासागर में लैंडिंग हुई। पांचवां टेस्ट: पहली बार बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच किया था स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस टेस्ट में पृथ्वी से 96 Km ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस लाया गया, जिसे मैकेजिला ने पकड़ा। मैकेजिला दो मेटल आर्म हैं जो चॉपस्टिक्स की तरह दिखाई देती हैं। वहीं स्टारशिप की पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराकर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई गई। स्टारशिप ने जब पृथ्वी के वातावरण में एंट्री की तब उसकी रफ्तार 26,000 किलोमीटर प्रति घंटे थी और तापमान 1,430C तक पहुंच गया था। चौथा टेस्ट: स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पानी में लैंडिंग हुई स्टारशिप का चौथा टेस्ट 6 जून 2024 को हुआ था, जो सक्सेसफुल रहा था। 1.05 घंटे के इस मिशन को बोका चिका से शाम 6.20 बजे लॉन्च किया गया था। इसमें स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पृथ्वी पर वापस लाकर पानी पर लैंड कराया गया। टेस्ट का मेन गोल यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में एंट्री के दौरान सर्वाइव कर पाता है या नहीं। टेस्ट के बाद कंपनी के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था, 'कई टाइल्स के नुकसान और एक डैमेज्ड फ्लैप के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।' तीसरा टेस्ट: रीएंट्री के बाद स्टारशिप से संपर्क टूटा था ये टेस्ट 14 मार्च 2024 को हुआ था। स्पेसएक्स ने बताया था कि स्टारशिप रीएंट्री के दौरान सर्वाइव नहीं कर पाया, लेकिन उसने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं इलॉन मस्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल आधा दर्जन स्टारशिप उड़ान भरेंगे। दूसरा टेस्ट: स्टेज सेपरेशन के बाद खराबी आ गई थी स्टारशिप का दूसरा टेस्ट 18 नवंबर 2023 को शाम करीब 6:30 बजे किया गया था। लॉन्चिंग के करीब 2.4 मिनट बाद सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप का सेपरेशन हुआ। बूस्टर को वापस पृथ्वी पर लैंड होना था, लेकिन 3.2 मिनट बाद 90 Km ऊपर यह फट गया। वहीं स्टारशिप तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ गया। करीब 8 मिनट बाद पृथ्वी से 148 Km ऊपर स्टारशिप में भी खराबी आ गई, जिस कारण उसे नष्ट करना पड़ा। फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम के जरिए इसे नष्ट किया गया था। दूसरे टेस्ट में रॉकेट और स्टारशिप को अलग करने के लिए पहली बार हॉट स्टैगिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया था, जो पूरी तरह सक्सेसफुल रही थी। सभी 33 रैप्टर इंजनों ने भी लॉन्च से सेपरेशन तक ठीक से फायर किया था। पहला टेस्ट: लॉन्चिंग के 4 मिनट बाद विस्फोट हो गया था 20 अप्रैल 2023 को स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट में बूस्टर 7 और शिप 24 को लॉन्च किया गया था। उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी के पास 30 किलोमीटर ऊपर स्टारशिप में विस्फोट हो गया था। स्टारशिप के फेल होने के बाद भी इलॉनमस्क और एम्प्लॉइज खुशी मना रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉकेट का लॉन्च पैड से उड़ना ही बड़ी सफलता थी। मस्क ने लॉन्चिंग से दो दिन पहले कहा था- सफलता शायद मिले, लेकिन एक्साइटमेंट की गारंटी है। स्पेसएक्स ने कहा था- सेपरेशन स्टेज से पहले ही इसका एक हिस्सा अचानक अलग हो गया, जबकि यह तय नहीं था। इस तरह के एक टेस्ट के साथ हम जो सीखते हैं, उससे सफलता मिलती है। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की रिलायबिलिटी में सुधार करने में मदद करेगा। टीमें डेटा को रिव्यू करना जारी रखेंगीं और अगले फ्लाइट टेस्ट की दिशा में काम करेंगीं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 6:38 am

2026 मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹7.40 लाख:नए टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज, सेफ्टी के लिए ADAS फीचर्स

मारुति सुजुकी ने आज 24 जुलाई को भारत में सेकंड जनरेशन ब्रेजा लॉन्च कर दी है। कंपनी ने अपनी इस पॉपुलर सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट SUV को 4 साल बाद अपडेट किया है और इसके एक्सटीरियर-इंटीरियर डिजाइन, फीचर्स और इंजन में बड़े बदलाव किए गए हैं। अपडेटेड मॉडल में सबसे खास नया 1-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10.1-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और लेवल-1 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स हैं। कंपनी का दावा है कि कार नए टर्बो इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज देती है। कीमत: 4 ट्रिम्स के साथ ₹7.40 लाख से कीमत शुरू 2026 मारुति ब्रेजा को 4 वैरिएंट्स- LXI, VXI, ZXI और ZXI+ में पेश किया गया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹7.40 लाख रखी है, ये इंट्रोडक्ट्री प्राइस लिमिटेड समय के लिए है। मारुति ने अभी इसके बेस मॉडल की कीमत का खुलासा किया है, जबकि अन्य वैरिएंट्स की प्राइस लिस्ट जल्द ही जारी की जाएगी। इसकी बुकिंग शुरू कर दी गई है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:58 pm

आईक्यू Z11 लाइट स्मार्टफोन लॉन्च, कीमत ₹17999 से शुरू:50MP सोनी कैमरा और 6500mAh बैटरी; 1% चार्ज पर 30 मिनट कॉल कर सकेंगे

टेक ब्रांड आइक्यू ने आज 24 जुलाई को भारत में नया बजट 5G स्मार्टफोन आईक्यू Z11 लाइट 5G लॉन्च कर दिया है। स्मार्टफोन में सबसे खास 6500mAh की बैटरी है, जो 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट और 5 साल की हेल्थ वारंटी दी गई है। कंपनी का दावा है कि फोन सिर्फ 1% चार्ज होने पर भी आप 30 मिनट कॉल कर सकेंगे। आईक्यू Z11 लाइट में मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर और 50 मेगापिक्सल का मैन कैमरा दिया गया है। इसे तीन वैरिएंट में उतारा गया है। इसकी शुरुआती कीमत 19,499 रुपए रखी गई है। स्मार्टफोन की बिक्री 30 जुलाई से शुरू होगी। लॉन्च ऑफर में शुरुआती सेल में 1500 का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। डिजाइन: मिलिट्री ग्रेड बॉडी और IP65 रेटिंग यह फोन मजबूत और टिकाऊ बॉडी के साथ आया है। फोन को SGS सर्टिफाइड मिलिट्री-ग्रेड बॉडी पर तैयार किया गया है, जिससे जमीन पर गिरने पर भी इसके टूटने का खतरा बहुत कम रहता है। धूल और पानी के छींटों से बचाव के लिए इसे IP65 रेटिंग मिली है। इसमें 'ग्रीसी हैंड' और 'वेट हैंड' टच तकनीक भी है, जिससे गीले या चिकने हाथ से स्क्रीन को बिना किसी दिक्कत चला सकते हैं। आईक्यू Z11 लाइट 5G: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: फोन में 1600x720 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.74 इंच की HD+ डिस्प्ले दी गई है, जो LCD पैनल पर बनी है। स्मूथ स्क्रॉलिंग और गेमिंग अनुभव के लिए इसमें 120Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है और इसकी पीक ब्राइटनेस 1200 निट्स है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर LED फ्लैश के साथ डुअल रियर कैमरा सेटअप है। इसमें 50 मेगापिक्सल सोनी LYT505C मुख्य सेंसर और एक सेकेंडरी AI लेंस दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 5 मेगापिक्सल का कैमरा है। परफॉर्मेंस: आईक्यू Z11 लाइट में 6nm फैब्रिकेशन पर बना मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 चिपसेट दिया गया है, जो 2.4GHz की क्लॉक स्पीड पर काम करता है। यह स्मार्टफोन एंड्रॉइड 16 पर आधारित ओरिजन OS 6 पर चलता है। बैटरी: पावर बैकअप के लिए फोन में 5 साल की बैटरी हेल्थ लाइफ वॉरंटी के साथ 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि फोन सिर्फ 1% चार्ज बचने पर भी यूजर 30 मिनट की 4G कॉलिंग, 12 मिनट इंस्टाग्राम, 8 मिनट वॉट्सएप चैटिंग या 6 मिनट गूगल मैप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। चार्जिंग: फोन में 44W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट है। कंपनी का दावा है कि सिर्फ 10 मिनट की चार्जिंग में 7 घंटे से ज्यादा का ऑनलाइन वीडियो प्लेबैक टाइम मिलता है। इसमें रिवर्स चार्जिंग तकनीक भी है, जिससे दूसरा फोन चार्ज किया जा सकता है। इसके अलावा हैवी गैमिंग के दौरान करंट को सीधे मदरबोर्ड में भेजने के लिए बायपास चार्जिंग 2.0 भी है। कनेक्टिविटी फीचर्स: लो-नेटवर्क एरिया में नेटवर्क सिग्नल स्ट्रेंथ को 10% तक बूस्ट करने के लिए AI सुपरलिंक टेक्नोलॉजी दी गई है। इसमें डुअल 5G नेटवर्क सपोर्ट, वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3.5mm ऑडियो जैक जैसे जरूरी फीचर्स शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:12 pm

किआ सिरोस EV लॉन्च, कीमत ₹7.99 लाख से शुरू:इलेक्ट्रिक SUV फुल चार्ज में 526km चलेगी, BaaS मॉडल में ₹3.3/किमी का चार्ज

किआ इंडिया ने अपनी प्रीमियम SUV सिरोस का इलेक्ट्रिक वर्जन भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि ये प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV एक बार फुल चार्ज करने पर 526km चलेगी। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 13.50 लाख रुपए से 20 लाख रुपए के बीच रखी गई है। कंपनी ने इसे बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) स्कीम के साथ भी पेश किया है, जिसके तहत इसकी शुरुआती कीमत 7.99 लाख रुपए है और ₹3.3 प्रति किलोमीटर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। इसका सीधा मुकाबला टाटा नेक्सॉन EV और महिंद्रा XUV 3XO EV से होगा। इसकी डिलीवरी 30 जुलाई से शुरू होगी। किआ सिरोस EV को 5 वैरिएंट- HTK, HTK+, HTX, HTX+ और X-Line में पेश किया गया है। छोटा बैटरी पैक शुरुआती तीन ट्रिम्स में मिलता है, जबकि बड़ा बैटरी पैक दूसरे ट्रिम (HTK+) से अवेलेबल है। कैरेंस क्लाविस के बाद दूसरी मास-मार्केट EV यह भारत में किआ का सबसे किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल है। कैरेंस क्लाविस के बाद यह ब्रांड की दूसरी मास-मार्केट EV है। कंपनी इसमें लाइफटाइम बैटरी वारंटी और एश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम दे रही है, जो 3 साल बाद 80% तक की रीसेल वैल्यू का दावा करता है। बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस किआ सिरोस EV में 42kWh और 51.4kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन दिए गए हैं। ये दोनों बैटरी पैक किआ कैरेंस क्लेविस EV और हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, सिरोस EV साइज में छोटी होने के कारण ज्यादा रेंज देती है। चार्जिंग टाइम: 100kW DC फास्ट चार्जर से 39 मिनट में 80% चार्ज कंपनी इलेक्ट्रिक SUV के साथ 7.4kW और 10.8kW के AC चार्जर ऑप्शन दे रही है। 7.4kW चार्जर से छोटी बैटरी को 10 से 100% चार्ज होने में 6 घंटे लगते हैं, जबकि बड़ी बैटरी 7 घंटे 15 मिनट का समय लेती है। वहीं, 100kW DC फास्ट चार्जर का उपयोग करने पर 51.4kWh की बैटरी को 10 से 80% तक सिर्फ 39 मिनट में चार्ज किया जा सकता है। एक्सटीरियर डिजाइन: 17-इंच के अलॉय व्हील्स इसके पेट्रोल/डीजल (ICE) मॉडल के मुकाबले एक्सटीरियर और इंटीरियर में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। केबिन फीचर्स: 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर कार के अंदर 'ट्रिनिटी पैनोरमिक डिस्प्ले' मुख्य आकर्षण है। इसमें 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 12.3-इंच की सेंट्रल इंफोटेनमेंट स्क्रीन और क्लाइमेट कंट्रोल के लिए 5.0-इंच की अलग यूनिट शामिल है। सेफ्टी फीचर्स : लेवल-2 ADAS के साथ 6 एयरबैग स्टैंडर्ड सेफ्टी के लिए किआ सिरोस ईवी में 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड), 360-डिग्री कैमरा ESC, हिल-स्टार्ट असिस्ट, फ्रंट पार्किंग सेंसर्स और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) भी है। इसमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 11:10 am

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:52 pm

सैमसंग गैलेक्सी अनपैक्ड इवेंट आज:पासपोर्ट डिजाइन वाला Z फोल्ड 8 आएगा, अल्ट्रा में 200MP कैमरा और टाइटेनियम बॉडी मिलेगी

टेक कंपनी सैमसंग का गैलेक्सी अनपैक्ड 2026 इवेंट आज शाम 7 बजे से होगा। इसमें कंपनी नए पासपोर्ट डिजाइन वाला गैलेक्सी Z फोल्ड 8, गैलेक्सी Z फ्लिप 8 और 200 मैगापिक्सल कैमरे गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा लॉन्च करेगी। इसके अलावा, नए सैमसंग गैजेट्स और सॉफ्टवेयर जैसे गैलेक्सी वॉच 9 सीरीज, गैलेक्सी AI और एंड्रॉएड XR, गैलेक्सी ग्लासेस भी पेश किए जाएंगे। सैमसंग गैलेक्सी अनपैक्ड इवेंट में ये डिवाइस आएंगे सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 ये मोबाइल पासपोर्ट शेप में लाया जाएगा। लीक के अनुसार इसमें 4:3 आस्पेक्ट रेश्यो वाली 7.6-इंच की मेन डिस्प्ले दी जाएगी और 5.5-इंच की कवर स्क्रीन मिलेगी। दोनों ही QXGA+ डायनामिक एमोलेड 2X पैनल पर बनाई जा सकती है। फोटोग्राफी के लिए गैलेक्सी Z फोल्ड 8 के बैक पैनल पर 50 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड कैमरा और 10 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है। वहीं मेन डिस्प्ले और कवर डिस्प्ले दोनों पर ही 10 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा मिलेगा। गैलेक्सी Z फोल्ड 8 को स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 प्रोसेसर पर लॉन्च किया जा सकता है, जो एंड्रॉयड 16 बेस्ड वन UI 9 पर काम करेगा। पावर बैकअप के लिए फोन में 4800mAh बैटरी के साथ 45W वायर्ड और 15W वायरलेस चार्जिंग दी जा सकती है। सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप 8 नया गैलेक्सी फ्लिप क्लैमशेल फोल्डेबल डिजाइन के साथ आएगा। इसमें 6.9 इंच की डायनामिक एमोलेड 2X LTPO मेन डिस्प्ले और 4.1-इंच की सुपर एमोलेड फ्लेक्स विंडो कवर स्क्रीन मिल सकती है। दोनों में ही 120Hz रिफ्रेश रेट और 2600nits पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट दिया जा सकता है। फोल्ड 8 की ही तरह कंपनी फ्लिप 8 को भी स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 प्रोसेसर पर लॉन्च कर सकती है, जिसमें एंड्रॉयड 16 बेस्ड वन UI 9 दिया जा सकता है। बैक पैनल पर 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा और 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा मिल सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 10 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। पावर बैकअप के लिए इसमें 4300mAh की बैटरी के साथ 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग, 15W वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस पावर शेयर सपोर्ट भी मिल सकता है। फोन को आर्मर एल्यूमीनियम फ्रेम पर बनाया जा सकता है, जिसके साथ गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 की प्रोटेक्शन मिल सकती है। सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा ये फोन भी फ्लेक्स टाइटेनियम स्ट्रक्चर के साथ आएगा। इसमें टाइटेनियम अलॉय फिल्म और टाइटेनियम सपोर्ट प्लेट शामिल होगा। यह नॉर्मल पॉलिमर फिल्म से 20x मजबूत और इंसानी बाल से भी 30% पतली बताई गई है। फोन में QXGA+ डायनामिक एमोलेड 2X पैनली पर बनी 8-इंच की मेन स्क्रीन और 6.5-इंच की कवर डिस्प्ले दी जा सकती है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा के साथ 50 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड और 10 मेगापिक्सल टेलीफोटो सेंसर मिलेगा। इसकी सेकेंडरी और प्राइमरी डिस्प्ले पर 10 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। ये भी क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 पर लॉन्च हो सकता है। पावर बैकअप के लिए इसमें 5000mAh बैटरी के साथ 45W वायर्ड, 15W वायरलेस और वायरलेस पावरशेयर सहित Qi वायरलेस फीचर भी दिया जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी वॉच 9 सीरीज इवेंट में कंपनी नई गैलेक्सी वॉच 9 सीरीज भी पेश कर सकती है, इसके अलावा गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा 2 भी आने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैलेक्सी वॉच 9 में जहां 40mm और 44mm डायल ऑप्शन मिलेंगे, वहीं वॉच अल्ट्रा 2 बड़े 47mm डायल के साथ आ सकती है। दोनों में सुपर एमोलेड ऑलवेस-वन डिस्प्ले, सेफायर क्रिस्टल ग्लास प्रोटेक्शन और 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस देखने को मिल सकती है। इनमें 5ATM वॉटर रेजिस्टेंस, IP68 रेटिंग और MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी देखने को मिल सकती है। गैलेक्सी वॉच 9 और गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा 2 को एग्जीनोस W1000 पर लाया जा सकता है जो वेयर OS 7 बेस्ड वन UI वॉच 9 पर काम करेगी। पावर बैकअप के लिए गैलेक्सी वॉच 9 में 435mAh और गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा 2 में 590mAh बैटरी दी जा सकती है। कनेक्टिविटी के लिए GPS, ब्लूटूथ 5.4, वाई-फाई, NFC और सैमसंग वॉलेट सहित कुछ मॉडल्स में LTE का सपोर्ट दिया जा सकता है। यूजर्स को इनमें हार्ट रेट मॉनिटरिंग, बायोएक्टिव सेंसर, ECG, SpO2, बॉडी कंपोजिशन एनालिसिस, स्लीप ट्रैकिंग और स्ट्रेस मॉनिटरिंग के साथ गैलेक्सी AI जैसे फीचर्स मिल सकते हैं।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 4:49 pm

मारुति की कारें अगस्त से ₹30,000 तक महंगी हो जाएंगी:2 महीने में दूसरी बार कीमतें बढ़ाईं, कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से फैसला लिया

देश की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कारों के दाम 30,000 रुपए तक बढ़ाएगी। नई कीमतें अगस्त 2026 से लागू होंगी। कंपनी ने 21 जुलाई, मंगलवार को शेयर बाजारों को भेजी जानकारी यानी रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग दाम बढ़ाए जाएंगे। कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से लेना पड़ा फैसला कंपनी ने बताया कि लगातार बढ़ रही इनपुट कॉस्ट यानी लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने अपने स्तर पर लागत घटाने की कोशिश की, ताकि ग्राहकों पर सीधा असर न पड़े। हालांकि, महंगाई दर ऊंची रहने और कारोबारी माहौल अनुकूल न होने की वजह से बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है। 2 महीने में दूसरी बार बढ़ेंगे दाम इस साल मारुति सुजुकी की तरफ से यह पहली बढ़ोत्तरी नहीं है। इससे पहले कंपनी ने जून 2026 में भी अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 30,000 रुपए तक का इजाफा किया था। उस बढ़ोत्तरी का ऐलान 21 मई 2026 को किया गया था। उस समय भी कंपनी ने इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और महंगाई के दबाव को ही मुख्य वजह बताया था। अगस्त से लागू होने वाला नया संशोधन जून में हुई बढ़ोतरी के ऊपर अतिरिक्त इजाफा होगा। ₹3.50 लाख से ₹25 लाख तक के वाहन बेचती है कंपनी मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में एंट्री-लेवल हैचबैक से लेकर प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियां बेचती है। इनमें एंट्री-लेवल मॉडल S-Presso से लेकर प्रीमियम MPV इनविक्टो शामिल हैं। फिलहाल कंपनी के पोर्टफोलियो की एक्स-शोरूम कीमतें ₹3.50 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख तक जाती हैं। अगस्त से होने वाली बढ़ोतरी के बाद एंट्री-लेवल और प्रीमियम दोनों सेगमेंट की कारें महंगी हो जाएंगी। रेगुलेटरी फाइलिंग और इनपुट कॉस्ट क्या होती है? रेगुलेटरी फाइलिंग: शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे अपने किसी भी बड़े बिजनेस फैसले, मुनाफे, नुकसान या कीमतों में बदलाव की जानकारी 'सेबी' या स्टॉक एक्सचेंज को दें। इसी आधिकारिक दस्तावेज को रेगुलेटरी फाइलिंग कहते हैं। इनपुट कॉस्ट: किसी भी कार को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे स्टील, प्लास्टिक, एल्युमिनियम, रबर और इलेक्ट्रॉनिक्स) की कुल लागत को इनपुट कॉस्ट कहा जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय या घरेलू बाजार में ये चीजें महंगी होती हैं, तो गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी बढ़ जाती है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 4:00 pm

सिट्रोएन बेसाल्ट X कम्फर्ट एडिशन भारत में लॉन्च:शुरुआती कीमत ₹8.75 लाख; यू और प्लस ट्रिम्स में अवेलेबल, 10.25-इंच टचस्क्रीन जैसे फीचर्स

सिट्रोएन ने अपनी कूपे SUV बेसाल्ट X का नया 'कम्फर्ट एडिशन' भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। पिछले महीने एयरक्रॉस कम्फर्ट एडिशन को मिली सफलता के बाद कंपनी ने अब बेसाल्ट X को भी कम्फर्ट एडिशन का ट्रीटमेंट दिया है। इस कार की शुरुआती कीमत 8.75 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) रखी गई है। 1. 'यू' और 'प्लस' ट्रिम्स में अवेलेबल बेसाल्ट X कम्फर्ट एडिशन को कंपनी ने दो वेरिएंट्स- 'यू' और 'प्लस' ट्रिम्स में पेश किया है। इस नए एडिशन के साथ 'कम्फर्ट AXS' पैक दिया गया है। यह पैकेज कार के इंटीरियर और फीचर्स को पहले से ज्यादा प्रीमियम और सुविधाजनक बनाता है। 2. केबिन और इंटीरियर फीचर्स कंपनी ने नई बेसाल्ट X कम्फर्ट एडिशन के इंटीरियर में कई बड़े अपडेट्स दिए हैं… 3. इंजन और परफॉर्मेंस कार के इंजन या गियरबॉक्स में कंपनी ने कोई मेकैनिकल बदलाव नहीं किया है। यह अपने स्टैंडर्ड इंजन ऑप्शंस के साथ ही उपलब्ध रहेगी। 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन: बेस वेरिएंट में 1.2-लीटर का इंजन मिलता है, जो 81 BHP की पावर और 115 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है। 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन: इसके 'प्लस' ट्रिम में ज्यादा पावरफुल 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल यूनिट दी गई है, जो 108 BHP की पावर और 190 Nm का टॉर्क देती है। इसे 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ खरीदा जा सकता है। 4. सिट्रोएन बेसाल्ट X कम्फर्ट एडिशन: स्पेसिफिकेशन्स क्या होता है 'ड्यूल डैशकैम' और कार में यह क्यों जरूरी है? ड्यूल डैशकैम : यह एक ऐसा कैमरा सेटअप होता है जिसमें एक कैमरा कार के आगे की सड़क और दूसरा कैमरा पीछे की गतिविधियों को एक साथ रिकॉर्ड करता है। किसी दुर्घटना, रोड रेज या चोरी के समय यह फुल HD वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर देता है। इंश्योरेंस क्लेम पास कराने और कानूनी कार्रवाई में यह अहम भूमिका निभाता है। सिट्रोएन बेसाल्ट X में यह फीचर इन-बिल्ट/फैक्ट्री-फिटेड कम्फर्ट पैक के तहत दिया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 3:36 pm

हाइब्रिड कारों के लिए MG नई ADAPT टेक्नोलॉजी लाई:एक ही कार में 4 ड्राइव ऑप्शन मिलेंगे, दुनिया का पहला ई-क्लच भी पेश किया

JSW MG मोटर इंडिया ने अपना नया एडवांस्ड प्लेटफॉर्म 'ADAPT' यानी एडवांस्ड ड्राइव आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी रिवील कर दिया है। यह एक ऐसा न्यू एनर्जी व्हीकल प्लेटफॉर्म है, जिस पर कंपनी भविष्य में चार अलग-अलग तरह की गाड़ियां तैयार करेगी- इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज-एक्सटेंडर और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड। सबसे खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर सिर्फ इको-फ्रेंडली गाड़ियां ही बनेंगी, कोई भी प्योर पेट्रोल या डीजल कार नहीं बनाई जाएगी। कम पेट्रोल खपत के साथ 43% थर्मल एफिशिएंसी ADAPT प्लेटफॉर्म पर बेस्ड हाइब्रिड गाड़ियों में कंपनी एक नया नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन इस्तेमाल करेगी। कंपनी का दावा है कि यह इंजन पेट्रोल की कम खपत करेगा और इसकी थर्मल एफिशिएंसी 43% तक होगी। आमतौर पर पेट्रोल इंजनों की थर्मल एफिशिएंसी 20 से 35% के बीच ही होती है, ऐसे में MG का यह दावा काफी बेहतर माना जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस इंजन के डिस्प्लेसमेंट (cc), सिलेंडरों की संख्या और पावर आउटपुट की जानकारी नहीं दी है, लेकिन यह साफ किया है कि इसे DHT (डायरेक्ट हाइब्रिड ट्रांसमिशन) के साथ जोड़ा जाएगा। दुनिया के पहले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ई-क्लच से लैस DHT इस डायरेक्ट हाइब्रिड ट्रांसमिशन (DHT) में दुनिया का पहला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ई-क्लच लगाया गया है। कंपनी का दावा है कि यह पारंपरिक क्लच यूनिट्स के मुकाबले 4 गुना तेजी से रिस्पॉन्स देता है। हाइब्रिड कारों में आमतौर पर दिखने वाले e-CVT गियरबॉक्स के मुकाबले यह DHT तकनीक ज्यादा जटिल है, जिसमें मैकेनिकल गियर्स का इस्तेमाल होता है। यह तकनीक गाड़ी को बेहतर टॉर्क डिलीवरी और पारंपरिक ड्राइविंग का अहसास देगी। इसके साथ ही इसमें 10-इन-1 ड्राइव यूनिट दी गई है, जिसमें परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर और 2-स्टेज रिडक्शन गियरबॉक्स को इंटीग्रेट किया गया है। यह यूनिट पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के आउटपुट को मैनेज करके पहियों तक पहुंचाती है। 4 अलग-अलग मोड्स में चलेगी गाड़ी गाड़ी में दिए गए ये सभी पावरट्रेन कंपोनेंट्स और बैटरी मिलकर 4 अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स में काम कर सकते हैं:

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 11:56 am

इंस्टाग्राम और फेसबुक की सर्विस ठप:दुनियाभर में 4000 से ज्यादा यूजर्स प्रभावित; बोले- न प्रोफाइल दिख रही, न लोड हो रही स्टोरीज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम डाउन हो गया है। इसके अलावा फेसबुक और मैसेंजर पर भी यूजर्स को दिक्कत हो रही है। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, 4000 से ज्यादा लोगों ने इंस्टाग्राम में आ रही समस्याओं की शिकायत की है। वहीं, फेसबुक पर 3000 से अधिक यूजर्स ने शिकायत की। वहीं, मैसेंजर पर भी 100 से ज्यादा लोगों ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की है। यह आउटेज पूरी तरह से ग्लोबल है। हालांकि, भारतीय यूजर्स ने डाउन की कोई शिकायत नहीं की है। हालांकि, इस आउटेज की असली वजह क्या है, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। मेटा या इसकी व्यक्तिगत सर्विसेज की तरफ से यूजर्स को आ रही दिक्कतों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं आया है। X पर एक यूजर्स ने कहा- प्रोफाइल और स्टोरीज लोड नहीं हो रही कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी शिकायतें की हैं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने बताया कि उनका फीड तो काम कर रहा है, लेकिन प्रोफाइल नहीं देख पा रहे हैं। दूसरे यूजर ने कहा कि होम पेज लोड नहीं हो रहा है और वे स्टोरीज पोस्ट नहीं कर पा रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, इंस्टाग्राम डाउन है। मुझे फीड पर सिर्फ वेलकम पेज दिख रहा है, कोई नया कंटेंट नहीं आ रहा। क्या चल रहा है? कुछ यूजर्स ने ब्लैंक फीड के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। फेसबुक पर अकाउंट टेम्परेरी अनअवेलेबल का एरर मैसेज दिख रहा फेसबुक यूजर्स को लॉग-इन और फीड में एरर का सामना करना पड़ रहा है। एक यूजर ने रात 2 बजे लिखा, फीड पर सिर्फ दो पोस्ट दिखे और फिर एरर आ गया, यह दोबारा लोड नहीं हो रहा है। UK से लेकर अमेरिका के टेनेसी तक के लोगों ने मेटा की इस सर्विस में आ रही दिक्कतों की शिकायत की है। कई यूजर्स को स्क्रीन पर अकाउंट टेम्परेरी अनअवेलेबल (यानी साइट में दिक्कत के कारण आपका अकाउंट अभी उपलब्ध नहीं है) का मैसेज मिल रहा है। एक यूजर ने पूछा कि वे मोबाइल पर तो फेसबुक एक्सेस कर पा रहे हैं, लेकिन लैपटॉप पर नहीं, क्या किसी और के साथ भी ऐसा हो रहा है?

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 4:06 pm

एनवीडिया CEO की ब्लैक लेदर जैकेट ₹9.4 करोड़ में बिकी:नीलामी में उम्मीद से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत, पैसा फेलोशिप और रिसर्च पर खर्च होगा

अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया के CEO जेन्सन हुआंग की पहचान बन चुकी उनकी खास ब्लैक लेदर जैकेट करीब 9.4 करोड़ रुपए (9.60 लाख डॉलर) में नीलाम हुई है। ऑक्शन हाउस सोथबी द्वारा आयोजित इस नीलामी में जैकेट की कीमत उम्मीद से 16 गुना ज्यादा मिली है। पहले इसके 40 हजार से 60 हजार डॉलर (करीब 33 लाख से 50 लाख रुपए) में बिकने का अनुमान लगाया गया था। इस नीलामी से मिलने वाली पूरी रकम को टेक और साइंस सेक्टर के युवा इनोवेटर्स की मदद के लिए दान किया जाएगा। फेलोशिप और रिसर्च पर खर्च होगा नीलामी में मिला पैसा फॉर्च्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नीलामी से मिली राशि सैन फ्रांसिस्को की वेंचर कैपिटल फर्म 'लॉन्ग जर्नी वेंचर्स' द्वारा शुरू की गई एक पहल में जाएगी। यह पहल ‘एज इंस्टीट्यूट’ नाम के एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन की मदद के लिए काम करती है। एज इंस्टीट्यूट टेक, साइंस, कल्चर और सोसाइटी से जुड़े लोगों को एक साथ लाता है ताकि वे नए आइडियाज पर काम कर सकें। स्टीव जॉब्स और जुकरबर्ग जैसा स्टाइल स्टेटमेंट सिलिकॉन वैली में जिस तरह एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स का ब्लैक टर्टलनेक और मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की ग्रे टी-शर्ट या हुडी उनका सिग्नेचर स्टाइल रही है, उसी तरह जेन्सन हुआंग की ब्लैक लेदर जैकेट टेक जगत में एक बड़ा सिंबल बन चुकी है। जेन्सन एनवीडिया के बड़े प्रोडक्ट लॉन्चेस, डेवलपर कॉन्फ्रेन्स और कीनोट प्रेजेंटेशन्स में हमेशा इसी लुक में नजर आते हैं। साल 2016 में रेडिट के एक ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन में जेन्सन ने मजाकिया अंदाज में लिखा था, शायद आप मुझे 'लेदर जैकेट वाले उस शख्स' के रूप में बेहतर जानते होंगे जो अपनी बात को तीन बार दोहराता है। उनका यह लुक इतना पॉपुलर हुआ कि 2021 में जब 'टाइम' मैगजीन ने उन्हें अपने कवर पेज पर जगह दी, तब भी वे इसी सिग्नेचर जैकेट में दिखे थे। ताइपे के इवेंट में पहनी थी यही टॉम फोर्ड जैकेट सोथबी में जिस जैकेट की नीलामी हुई है, वह लग्जरी ब्रांड टॉम फोर्ड की ब्लैक लेदर जैकेट है। हुआंग ने इसे 18 अक्टूबर 2023 को ताइपे में आयोजित ‘हॉन हाई टेक डे’ के दौरान पहना था। ऑक्शन हाउस ने इवेंट की तस्वीरों से इस जैकेट का मिलान किया है। साथ ही जैकेट पर जेन्सन हुआंग के ऑटोग्राफ की जांच 'जेम्स स्पेंस ऑथेंटिकेशन' द्वारा की गई है। टॉम फोर्ड जैकेट के दीवाने हैं हुआंग जेन्सन हुआंग को टॉम फोर्ड की जैकेट्स काफी पसंद हैं और यह सिलिकॉन वैली में चर्चा का विषय रहता है। फैशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जेन्सन की ज्यादातर जैकेट्स की कीमत कई हजार डॉलर से लेकर 10,000 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपए) से अधिक होती है। जेन्सेन हुआंग की नेटवर्थ 15.39 लाख करोड़ फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, कंपनी के CEO जेन्सेन हुआंग 175 बिलियन डॉलर यानी 16.84 लाख करोड़ रुपए की नेटवर्थ के साथ दुनिया के 7वें सबसे अमीर आदमी हैं।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 1:57 pm

50MP टेलीफोटो लेंस वाला टेक्नो कैमॉन 50 अल्ट्रा लॉन्च:6.78-इंच डिस्प्ले, 6500mAh बैटरी और वाटरप्रूफ IP69K रेटिंग; शुरुआती कीमत ₹39999

टेक्नो ने भारत में अपना लेटेस्ट कैमरा-फोकस्ड स्मार्टफोन टेक्नो कैमॉन 50 अल्ट्रा लॉन्च किया है। फोन में सबसे खास 50 मेगापिक्सल का 3X टेलीफोटो लेंस है। इसके अलावा इसमें 6.78-इंच डिस्प्ले, 6500mAh बैटरी और वाटरप्रूफ IP69K रेटिंग मिलती है। फोन को 8GB रैम + 256GB स्टोरेज के सिंगल वैरिएंट के साथ पेश किया गया है और इसकी कीमत ₹39,999 रखी गई है। लॉन्च ऑफर में फोन पर 3 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। इसकी सेल 21 जुलाई से शुरू होगी। प्रीमियम डिजाइन, वजन और वाटर-डस्ट रेटिंग

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 8:50 pm

गूगल, सैमसंग और एपल हेल्थ में सेव करें मेडिकल रिकॉर्ड:फोन को ऐसे बनाएं हेल्थ असिस्टेंट, इमरजेंसी में मेडिकल ID आएगी काम

गूगल हेल्थ, सैमसंग हेल्थ और एपल हेल्थ जैसे एप्स में दवा का रिमाइंडर, मेडिकल रिकॉर्ड, इमरजेंसी आईडी और नींद जैसी जानकारियां एक ही जगह रख सकते हैं। ऐसे में जानिए इनके फायदे और कैसे करें इनका इस्तेमाल। ये सबसे जरूरी, इमरजेंसी मेडिकल आईडी बनाएं यह सबसे उपयोगी लेकिन सबसे कम इस्तेमाल होने वाले फीचर्स में से एक है। इसमें दर्ज कर सकते हैं - ब्लड ग्रुप, एलर्जी, पुरानी बीमारी, नियमित दवाएं, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट, अगर किसी दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी में फोन लॉक हो, तब भी कई फोन में यह जानकारी लॉक स्क्रीन से देखी जा सकती है। इससे अगर किसी इमरजेंसी कंडीशन में अस्पताल पहुंचते हैं तो डॉक्टर या राहतकर्मियों को इलाज शुरू करने में मदद मिलती है। दवा का रिमाइंडर सेट करें, इससे डोज मिस नहीं होगी अगर आप रोजाना कोई दवा लेते हैं या घर में किसी बुजुर्ग को नियमित दवा लेनी होती है, तो फोन के हेल्थ एप में उसका नाम, डोज और समय दर्ज कर सकते हैं। फायदा - तय समय पर नोटिफिकेशन मिलेगा। - कौन-सी दवा कब ली, उसका रिकॉर्ड रहेगा। - अगर कोई डोज छूट गई हो, तो हिस्ट्री में दिख जाएगी। - यह फीचर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और थायरॉयड जैसी बीमारियों के मरीजों के लिए उपयोगी है। मेडिकल रिपोर्ट और हेल्थ रिकॉर्ड एक ही जगह रखें अक्सर ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, प्रिस्क्रिप्शन और डिस्चार्ज समरी अलग-अलग वॉट्सएप चैट, ईमेल या फोल्डर में बिखरी रहती हैं। हेल्थ एप में इन्हें व्यवस्थित रखा जा सकता है। यह सैमसंग-एपल जैसे डिवाइस में है। फायदा - इसमें सभी हेल्थ रिकॉर्ड्स सेव कर सकते हैं - ब्लड टेस्ट रिपोर्ट डाल सकते हैं - एक्स-रे और स्कैन रिकॉर्ड - डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन -वैक्सीनेशन रिकॉर्ड - एलर्जी और पुरानी बीमारी की जानकारी। एंड्रॉइड और आईफोन में इस तरह से इस्तेमाल करें गूगल हेल्थ या सैमसंग हेल्थ एप खोलें। प्रोफाइल बनाकर स्टेप ट्रैकिंग ऑन करें। इसके बाद दवा का शेड्यूल, मेडिकल रिकॉर्ड और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट जोड़ें। इसी तरह आईफोन में हेल्थ एप खोलें और ऊपर प्रोफाइल आइकन पर टैप करें। यहां मेडिकल आईडी सेट करें और हेल्थ से जुड़ी जरूरी जानकारी भरें। नींद, मूड और रोजमर्रा की आदतों पर रख सकते हैं नजर इन एप्स में सिर्फ शारीरिक गतिविधि ही नहीं, बल्कि आपकी दिनचर्या भी रिकॉर्ड की जा सकती है। ये एक्टिविटी रिकॉर्ड कर सकते हैं- कितनी देर सोए, दिनभर कैसा महसूस किया, पानी कितना पिया, वजन में बदलाव, मानसिक स्थिति, कुछ हफ्तों का डेटा जमा होने पर ऐप पैटर्न दिखाता है, जिससे समझ आता है कि किन दिनों आपकी दिनचर्या या नींद प्रभावित हुई। किस फोन में कौन-सा एप मिलेगा? फोन हेल्थ एप Android Google Health Samsung Samsung Health iPhone Apple Health - तीनों एप फ्री हैं और इनके अधिकांश जरूरी फीचर बिना अतिरिक्त शुल्क के इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 2:23 pm

भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की लॉन्चिंग आज:450 किमी की कक्षा में पेलोड तैनात करेगा; सोने से बने कलाम, साराभाई और सीवी रमन भी जाएंगे

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस आज शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च करेगी। यह लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सुबह 11:30 बजे होगी। कंपनी ने 2022 में विक्रम-S सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 89.5 km की ऊंचाई तक गया था। अब विक्रम-1 450 km की पृथ्वी की निचली कक्षा तक जाएगा। सोने के कलाम, साराभाई और सीवी रमन भी जाएंगे इस लॉन्चिंग को 'मिशन आगमन' नाम दिया गया है। इसके तहत विक्रम-1 रॉकेट अपने साथ टेक्नोलॉजी से लेकर कला से जुड़े पेलोड्स अंतरिक्ष में ले जा रहा है: कॉमर्शियल और टेक्नोलॉजी पेलोड्स: 18 कैरेट सोने से बना आर्ट पीस भी स्पेस में जाएगा कॉस्मोस डायमंड्स की कलाकृति कॉस्मिक ब्लूम और एक खास माइक्रो-आर्ट पीस भी रॉकेट में भेजा जा रहा है। यह माइक्रो-आर्ट पीस 18 कैरेट सोने से बना छोटा सा रॉकेट है। इस पर वैज्ञानिक सर सी वी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां उकेरी गई हैं। हल्के कार्बन-कंपोजिट से बना है पूरा रॉकेट विक्रम-1 पूरी तरह से हल्के और मजबूत कार्बन-कंपोजिट स्ट्रक्चर से बना पहला ऑर्बिटल रॉकेट है। कार्बन फाइबर स्टील की तुलना में पांच गुना हल्का होता है। इससे रॉकेट का वजन कम हो जाता है, जिससे इसकी ईंधन दक्षता बढ़ जाती है। रॉकेट को ऊर्जा देने के लिए इसमें तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल दिया गया है। 1. तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज: इसे आप रॉकेट के नीचे लगे तीन बेहद ताकतवर 'बूस्टर्स' की तरह समझ सकते हैं, जिनमें ठोस ईंधन जैसे बारूद की तरह का ठोस केमिकल भरा होता है. रॉकेट को जमीन से उठाकर आसमान की तरफ धकेलने के लिए शुरुआत में बहुत भारी ताकत की जरूरत होती है। ये तीनों सॉलिड स्टेज एक-एक करके जलते हैं और रॉकेट को शुरुआती धक्का देकर अंतरिक्ष की सीमा लो अर्थ ऑर्बिट के पास पहुंचा देते हैं। 2. लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल यह रॉकेट के ऊपरी हिस्से में लगा एक बेहद बारीक और स्मार्ट तरल ईंधन वाला छोटा इंजन होता है। जब रॉकेट अंतरिक्ष में पहुंच जाता है, तो वहां ठोस ईंधन काम नहीं आता क्योंकि उसे अपनी मर्जी से ऑन या ऑफ नहीं किया जा सकता। यहां 'लिक्विड मॉड्यूल' काम आता है। यह अंतरिक्ष में सैटेलाइट को सही दिशा देने, रॉकेट की रफ्तार कम-ज्यादा करने और सैटेलाइट को उसकी तय की गई कक्षा में 'एडजस्ट' यानी स्थापित करने का काम करता है। अब 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल 1: 'स्काईरूट एयरोस्पेस' की शुरुआत कब और किस उद्देश्य से हुई थी? जवाब: स्काईरूट की शुरुआत करीब 8 साल पहले 2018 में हुई थी। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य भारत में ही बेहद किफायती और भरोसेमंद रॉकेट्स का निर्माण करना है, ताकि दुनिया भर के सैटेलाइट ऑपरेटर्स को ऑन-डिमांड और बजट-फ्रेंडली लॉन्चिंग सॉल्यूशंस दिए जा सकें। सवाल 2: इस रॉकेट का नाम 'विक्रम-1' क्यों रखा गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: इस रॉकेट का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में 'विक्रम-1' रखा गया है। डॉ. साराभाई ने ही देश के स्पेस सेक्टर की मजबूत नींव रखी थी। स्काईरूट अपने सभी रॉकेट्स के नाम उनके सम्मान में इसी सीरीज पर रखती है। साल 2022 में लॉन्च किया गया पहला सबऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-एस' भी इसी सम्मान श्रृंखला का हिस्सा था। सवाल 3: इस लॉन्चिंग से भारत के स्पेस सेक्टर को क्या फायदे होंगे? जवाब: यह लॉन्चिंग भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए गेम चेंजर हो सकती है: सवाल 4: स्काईरूट के फाउंडर्स कौन हैं और उनका क्या कहना है? जवाब: स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना पवन कुमार चंदना (फाउंडर और सीईओ) और नागा भरत डाका (को-फाउंडर और सीओओ) ने मिलकर की है। सीईओ पवन कुमार चंदना ने कहा कि यह हमारी पहली टेस्ट फ्लाइट है और इससे हमें अंतरिक्ष की कक्षा में रॉकेट के व्यवहार का बेहद कीमती डेटा मिलेगा। सीओओ नागा भरत डाका ने कहा कि हमारा और हमारी पूरी टीम का आठ वर्षों का कठोर प्रयास आज इस ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में साकार हो रहा है। सवाल 5: साल 2022 में लॉन्च हुए 'विक्रम-एस' और इस नए 'विक्रम-1' रॉकेट में क्या अंतर है? जवाब: इन दोनों रॉकेट्स में तकनीक और क्षमता के स्तर पर बड़ा अंतर है: विक्रम S और विक्रम-1 में अंतर नॉलेज पार्ट: क्या होता है लो अर्थ ऑर्बिट यह पृथ्वी की सबसे निचली कक्षा होती है जो जमीन से लगभग 160 से 2,000 किमी की ऊंचाई पर स्थित होती है। ज्यादातर कॉमर्शियल और मौसम संबंधी सैटेलाइट इसी ऑर्बिट में चक्कर लगाते हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भी इसी ऑर्बिट में 450 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 7:28 am

फरारी अमाल्फी स्पाइडर लॉन्च, कीमत ₹4.6 करोड़:3.3 सेकेंड में 100kmph की स्पीड, 15.6-इंच डिस्प्ले और ADAS जैसे फीचर्स

इटली की सुपरकार बनाने कंपनी फरारी ने आज भारत में नई कनवर्टिबल कार अमाल्फी स्पाइडर लॉन्च की है। ये 15.6 इंच डिजिटल डिस्प्ले और ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स के साथ आई है। कंपनी का दावा है कि यह 3.3 सेकेंड में 100kmph की स्पीड से दौड़ सकती है। कंपनी ने भारत में इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.6 करोड़ रुपए रखी है। यह अपने कूपे मॉडल की तुलना में करीब 52 लाख रुपए महंगी है, जिसकी मौजूदा कीमत 4.08 करोड़ रुपए है। नई अमाल्फी स्पाइडर की बुकिंग शुरू हो चुकी है। सेफ्टी फीचर्स: एडवांस्ड ADAS से लैस फरारी अमाल्फी में सुरक्षा के लिए एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है। इसमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा बेहतर ब्रेकिंग के लिए इसमें 296 GTB से इन्स्पायर्ड ABS इवो कंट्रोल यूनिट दी गई है।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 2:29 pm

अमेरिका को टक्कर देने आया चीन का AI मॉडल:किमी K3 में इंसानों जैसी आंखें और दिमाग; कोडिंग और रिसर्च मिनटों में करेगा

चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का 'अनुभव' मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां 'T' का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे '3T क्लास' का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की 'याददाश्त' या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? 'स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर' होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. 'ओपन मॉडल' होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे 'ओपन मॉडल' रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की 'ब्लूप्रिंट' दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर 'अटेंशन' देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का 'असर' (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन 'नेटिव विजन' का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है 'सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता'। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में 'अगर-मगर' लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 12:41 pm

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अज्ञात लोग फेसबुक के एडिट फीचर का इस्तेमाल कर पोस्ट की तारीख बैकडेट में कर देते हैं और फिर असली क्रिएटर्स के कंटेंट पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेज रहे हैं। इस खेल के खिलाफ दो बड़े डिजिटल क्रिएटर्स पुष्कर राज ठाकुर और नीरज जोशी ने दिल्ली हाई कोर्ट में कॉमर्शियल सूट फाइल किया है। क्रिएटर्स ने कोर्ट में क्या आरोप लगाए? फाइनेंशियल एजुकेटर पुष्कर राज ठाकुर और डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ अज्ञात लोग ओरिजिनल क्रिएटर्स को परेशान करने और उनके अकाउंट बंद कराने की धमकी देने के लिए फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हथियार बना रहे हैं। इस सिस्टम के चलते उनके ओरिजिनल कंटेंट को डिलीट करने या उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को सस्पेंड/डिलीट करने का खतरा पैदा हो गया है। मेटा के ऑटोमेटेड सिस्टम पर उठे सवाल क्रिएटर्स का तर्क है कि मेटा का ऑटोमेटेड कॉपीराइट सिस्टम बिना किसी गहन जांच के काम कर रहा है। यह सिस्टम वीडियो के असली क्रिएटर, मेटाडेटा, एडिट हिस्ट्री या वास्तविक पब्लिशिंग क्रोनोलॉजी (अपलोड करने का सही समय) की जांच किए बिना ही स्ट्राइक की शिकायतों पर एक्शन ले लेता है। पुष्कर राज ठाकुर ने बताया कि इस फर्जी खेल की वजह से उनके दर्जनों वीडियो को हटा दिया गया, डिसेबल किया गया या रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मेटा ने ठाकुर को अपने 'राइट्स मैनेजर' टूल का एक्सेस देने से मना कर दिया, जबकि जालसाज इसी टूल का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ लगातार फर्जी स्ट्राइक भेजते रहे। नीरज जोशी के केस में कोर्ट का आदेश डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी के मामले में 9 जुलाई को जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेटा के उस बयान को रिकॉर्ड किया, जिसमें कंपनी ने कहा कि अगर जोशी का अकाउंट अभी तक स्थायी रूप से बंद नहीं हुआ है, तो वे इन आरोपों की जांच करेंगे और उनके वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट (@Neerajjoshi5014) को सुरक्षित रखेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर नीरज जोशी को संबंधित बेसिक सब्सक्राइबर इंफॉर्मेशन (BSI) और आईपी (IP) लॉग उपलब्ध कराए। इन जानकारियों से उन अज्ञात लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जो उनके अकाउंट के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मामले में समन जारी कर दिए गए हैं और जोशी की अंतरिम रोक वाली अर्जी पर अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। पुष्कर राज ठाकुर के केस में क्या हुआ? जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 29 मई को पुष्कर राज ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेटा से पूछा था कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं या वह क्या उपाय कर सकती है। इसके बाद 1 जुलाई को यह मामला जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के सामने आया। सुनवाई के दौरान मेटा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक ठाकुर के वीडियो को कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर नहीं हटाया जाएगा। साथ ही बार-बार आ रही कॉपीराइट स्ट्राइक की वजह से उनका अकाउंट भी बंद नहीं किया जाएगा। मेटा ने यह भी सहमति दी कि जैसे ही ठाकुर उन्हें हटाए गए वीडियो के यूआरएल (URLs) सौंपेंगे, वे उन वीडियो को रिस्टोर कर देंगे। कोर्ट ने इन आश्वासनों को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई तय की है। क्रिएटर्स ने मेटा से मांगा ₹2 करोड़ का मुआवजा पुष्कर राज ठाकुर ने कोर्ट से मांग की है कि मेटा को उनके ओरिजिनल कंटेंट को ऐसे फर्जी और बैकडेटेड दावों के आधार पर हटाने से रोका जाए। उन्होंने कंपनी को राइट्स मैनेजर टूल के भीतर केवाईसी (KYC) सुरक्षा उपाय, टाइमस्टैम्प सुरक्षा, मेटाडेटा वेरिफिकेशन और एंटी-मैनिपुलेशन प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की है। इसके अलावा, ठाकुर ने उनके फॉलोअर्स घटने, मोनेटाइजेशन के मौके गंवाने, स्पॉन्सरशिप के नुकसान और उनकी कॉमर्शियल साख को ठेस पहुंचने के एवज में मेटा और अज्ञात जालसाजों से लगभग ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इस तरह के मामलों ने डिजिटल क्रिएटर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा के लिए बने कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल अब खुद क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इस विषय को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी पेंडिंग है। क्या है मेटा का राइट्स मैनेजर और कॉपीराइट स्ट्राइक ये खबर भी पढ़ें… IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च: सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट' फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। अभी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है, यानी आम यात्रियों से फीडबैक के आधार पर इस वेबसाइट में बदलाव किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 2:41 pm

IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च:सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट' फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा

भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। अभी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है, यानी आम यात्रियों से फीडबैक के आधार पर इस वेबसाइट में बदलाव किया जाएगा। इस बड़े बदलाव को समझने के लिए पूरी खबर पढ़ें इस खास QA रिपोर्ट में… सवाल 1: IRCTC की इस नई वेबसाइट को लेकर क्या अपडेट आया है? जवाब: IRCTC की वेबसाइट का बीटा वर्जन 15 जुलाई 2026 को रात 9 बजे से लाइव हो गया है। पिछले महीने जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दौरे पर गए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से बातचीत के दौरान यह घोषणा की थी कि 15 जुलाई तक IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च कर दी जाएगी। सवाल 2: आम यात्रियों के लिए नई बीटा वेबसाइट में कौन से बड़े सुधार किए हैं? जवाब: रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए मुख्य रूप से चार बड़े तकनीकी सुधार किए गए हैं: सवाल 3: बीटा वेबसाइट एक्सेस कैसे होगी और इसका लिंक कहां मिलेगा? जवाब: यात्री https://www.irctc.co.in/eticket/ पर जाकर नए पोर्टल का अनुभव ले सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग IRCTC की पुरानी या मौजूदा होमपेज वेबसाइट पर जा रहे हैं, उन्हें भी मुख्य पेज पर ही नई बीटा वेबसाइट पर जाने के लिए सीधा लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। सवाल 4: बीटा वर्जन जारी करने के पीछे रेलवे का असली मकसद क्या है? जवाब: बीटा वर्जन लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों से फीडबैक और सुझाव लेना है। रेल यात्री नई वेबसाइट का इस्तेमाल करके इसके फीचर्स पर अपनी राय दे सकेंगे। इस फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में वेबसाइट में और जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि कस्टमर सेटिस्फेक्शन बढ़ सके। सवाल 5: IRCTC वेबसाइट पर कितना लोड है, जिसके चलते बदलाव की जरूरत पड़ी? जवाब: साल 2002 में लॉन्च की गई IRCTC वेबसाइट देश के सबसे व्यस्त ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है। पहले इसपर ट्राफिक कम था, लेकिन वर्तमान में इस वेबसाइट के जरिए रोजाना औसतन 14.5 लाख ट्रेन टिकट बुक किए जाते हैं। इतने बड़े यूजर बेस को बिना किसी रुकावट तेज सर्विस देने और तकनीकी रूप से अप-टू-डेट रखने के लिए इस वेबसाइट के पूरे ढांचे को अपग्रेड करना जरूरी हो गया था। सवाल 6: क्या यह बदलाव सिर्फ वेबसाइट के डिजाइन तक सीमित है? जवाब: नहीं, यह सिर्फ बाहरी डिजाइन का बदलाव नहीं है। भारतीय रेलवे इसके साथ ही अपने बैकएंड सिस्टम को भी बदल रहा है। दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को समानांतर रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। सवाल 7: पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन बदलने में क्या चुनौतियां आ रही हैं? जवाब: रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस पूरे अपग्रेडेशन के दौरान ट्रेन टिकट बुकिंग की लाइव सर्विस को एक मिनट के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता था। चालू सिस्टम के साथ ही बैकएंड में यह काम करना काफी चुनौतीपूर्ण था। नया पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन भी जल्द लॉन्च कर दिया जाएगा। सवाल 8: नई वेबसाइट पूरी तरह से फंक्शनल कब तक हो जाएगी? जवाब: चूंकि पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन और नई वेबसाइट दोनों पर एक साथ काम चल रहा है, इसलिए रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बीटा वर्जन से यूजर फीडबैक लेने और इंजन का काम पूरा होने के बाद, अगले कुछ हफ्तों के भीतर पूरी तरह से फंक्शनल नया IRCTC पोर्टल सभी के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। तब तक यात्री बीटा वर्जन का इस्तेमाल कर सकते हैं और पुराने पोर्टल से भी सामान्य बुकिंग जारी रख सकते हैं। रीडर्स के लिए टिप्स: नई वेबसाइट पर फीडबैक कैसे दें?

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 10:42 am

MG नई हाइब्रिड और EV टेक्नोलॉजी कल पेश करेगी:एसयूवी 69.2kWh बैटरी पैक के साथ 530km की रेंज, महिंद्रा XUV 7XO और टाटा सफारी से मुकाबला

MG मोटर्स 16 जुलाई को भारत में अपनी नई 'न्यू एनर्जी व्हीकल' टेक्नोलॉजी को पेश करने जा रही है। कंपनी इवेंट में अपनी नई प्लग-इन हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक को शोकेस करेगी। इस नए पावरट्रेन का इस्तेमाल कंपनी अपनी अपकमिंग SUV में कर सकती है, जो वुलींग स्टारलाइट 560 का रीबैज्ड वर्जन होगी। भारत में '520' कोडनेम वाली यह SUV 1000km से ज्यादा की कुल रेंज और 7-सीटर ऑप्शन के साथ आ सकती है। कार 2026 के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकती है। एक्सटीरियर डिजाइन और डायमेंशन इंटीरियर और केबिन फीचर्स कार के अंदर डुअल-टोन थीम के साथ एक मिनिमलिस्टिक (साफ-सुथरा) डैशबोर्ड लेआउट दिया गया है। परफॉर्मेंस: इंजन, मोटर और ड्राइविंग रेंज अंतरराष्ट्रीय बाजार (इंडोनेशिया स्पेसिफिकेशन) के मुताबिक इस SUV को दो पावरट्रेन ऑप्शंस के साथ पेश किया गया है, जिसके भारत में भी आने की उम्मीद है: सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में इस SUV में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। कार में पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए 6 एयरबैग्स, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), हिल-होल्ड असिस्ट और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे स्टैंडर्ड फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, हादसे से बचाने के लिए इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) तकनीक भी शामिल की गई है। इन गाड़ियों से होगा मुकाबला भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद इस कार के प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) मॉडल का मुकाबला महिंद्रा XUV 7XO और टाटा सफारी जैसी दमदार डीजल/पेट्रोल कारों से होगा। वहीं, इसका पूरी तरह से इलेक्ट्रिक (EV) वैरिएंट सीधे तौर पर अपकमिंग महिंद्रा XEV 9S को टक्कर देगा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 2:02 pm

Ai+ की नई स्मार्टफोन सीरीज नोवा 2 लॉन्च:कलर बदलने वाली कस्टमाइजेबल लाइट्स और 6000mAh बैटरी; शुरुआती कीमत ₹12,999

टेक ब्रैंड Ai+ ने भारत में दो नए बजट-फ्रेंडली 5G स्मार्टफोन नोवा 2 प्रो और नोवा 2 नियो लॉन्च किए हैं। कंपनी ने दोनों ही हैंडसेट्स को 15 हजार रुपए की रेंज में उतारा है। इस सीरीज में सबसे खास नोवा 2 प्रो है, जिसके बैक पैनल पर कस्टमाइजेबल LED लाइट्स दी गई हैं, जो फोन में आने वाले कॉल, मैसेज और नोटिफिकेशन्स के हिसाब से अपना कलर बदलती हैं। इसके अलावा दोनों ही डिवाइसेज में हैवी पावर बैकअप के लिए 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। Ai+ ने दोनों स्मार्टफोन को दो-दो वैरिएंट्स में पेश किया है। नोवा 2 नियो की कीमत 12,999 रुपए से शुरू होती है। वहीं, नोवा 2 प्रो की शुरुआती कीमत 15,999 है। नोवा 2 प्रो पर ₹1000 का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। Ai+ नोवा 2 प्रो: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: नोवा 2 प्रो में 2340x1080 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.9-इंच की फुल HD+ स्क्रीन दी गई है। यह डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट और 800nits की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करती है। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए इस पर 2.5D ग्लास की लेयर दी गई है। फोन की थिकनेस 8.2mm और वजन 213 ग्राम है। इसके बैक पैनल पर कस्टमाइजेबल LED लाइट्स लगी हैं, जो कॉल या मैसेज आने पर ब्लिंक करती हैं। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए इसके बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप है। इसमें 48 मेगापिक्सल का मेन सोनी IMX582 सेंसर है, जो 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस के साथ मिलकर काम करता है। सेल्फी के लिए 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है। परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर: फोन एंड्रॉयड 16 पर बेस्ड नेक्स्ट क्वांटम OS पर चलता है। इसमें 6 नैनोमीटर फेब्रिकेशन पर बना मीडियाटेक डायमेंसिटी 7100 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 2.4 गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन करता है। ग्राफिक्स के लिए माली-G610 जीपीयू है। बैटरी और अन्य फीचर्स: इसमें 33W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6000mAh की बैटरी दी गई है। फोन में स्टीरियो स्पीकर्स, 3.5mm हेडफोन जैक, FM रेडियो और साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर जैसी सुविधाएं हैं। पानी और धूल से बचाव के लिए इसे IP65 रेटिंग मिली है। Ai+ नोवा 2 नियो: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: नोवा 2 नियो 5G में 720 x 1600 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.74-इंच की HD+ डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 600nits ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए इसके रियर पैनल पर 48 मेगापिक्सल का सोनी IMX582 लेंस के साथ डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है, जबकि फ्रंट में 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा लगा है। इस बजट फोन में भी सुरक्षा के लिए IP65 की रेटिंग दी गई है। परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर: परफॉर्मेंस के लिए नोवा 2 नियो में 6 नैनोमीटर वाला मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर और आर्म माली-G57 MC2 जीपीयू दिया गया है। यह फोन भी एंड्रॉयड 16 बेस्ड नेक्स्ट क्वांटम OS पर काम करता है। बैटरी: पावर बैकअप के लिए इसमें भी 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। यह 18W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 11:30 am

मोटो G77 पावर 5G स्मार्टफोन लॉन्च, कीमत ₹23,999:50MP सोनी कैमरा और 24GB तक की रैम के साथ 7000mAh बैटरी, सिंगल चार्ज में 3 दिन चलेगा

मोटोरोला ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन मोटो G77 पावर लॉन्च कर दिया है। फोन में सबसे खास 7000mAh की बड़ी बैटरी और रैम बूस्ट टेक्नोलॉजी है, जो वर्चुअल रैम के जरिए फोन को 24GB रैम की ताकत देती है। मोटोरोला ने इसे 50 मेगापिक्सल सोनी कैमरा और मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6400 प्रोसेसर के साथ उतारा है। मोटो G77 पावर को 8GB रैम और 128GB स्टोरेज के सिंगल वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी कीमत 25,999 रुपए है। कंपनी फोन पर लॉन्च ऑफर में 2 हजार रुपए का डिस्काउंट दे रही है, जिससे इसे 23,999 में खरीदा जा सकेगा। फोन ऑफिशियल वेबसाइट और ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए अवेलेबल है। डिजाइन और बिल्ड: प्रीमियम प्लास्टिक-पॉलीकार्बोनेट मटीरियल डिस्प्ले: 6.72-इंच का फुल HD+ स्क्रीन और 120Hz रिफ्रेश रेट फोन में 2400 1080 पिक्सल रेजोल्यूशन वाला 6.72-इंच का फुल HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है। यह स्क्रीन 120Hz रिफ्रेश रेट और 1050nits की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती है, जिससे आउटडोर या तेज धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। डिस्प्ले की सेफ्टी के लिए इस पर गोरिल्ला ग्लास 7i का प्रोटेक्शन दिया गया है। परफॉर्मेंस: मीडियाटेक डायमेंसिटी 6400 ऑक्टाकोर प्रोसेसर कैमरा: 50 मेगापिक्सल का सोनी LYT600 सेंसर पावर बैकअप: 7000mAh के साथ 3 दिन का बैकअप अन्य फीचर्स: डुअल-बैंड वाई-फाई और GPS कनेक्टिविटी के लिए इसमें मजबूत 5G नेटवर्क सपोर्ट, लेटेस्ट ब्लूटूथ, डुअल-बैंड वाई-फाई, GPS और चार्जिंग व डेटा ट्रांसफर के लिए टाइप-C पोर्ट दिया गया है। बेहतर ऑडियो एक्सपीरियंस के लिए इसमें स्टीरियो स्पीकरों के साथ 3.5mm का ऑडियो जैक भी बरकरार रखा गया है।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 6:17 pm