Strait of Hormuz पर संकट बरकरार, अमेरिका ने यूरोप पर बनाया दबाव, ट्रम्प ने NATO को दी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम ने कूटनीति के लिए एक छोटा सा रास्ता तो खोला है, लेकिन तनाव अभी कम नहीं हुआ है। अभी वार्ता में अधर में पड़ी है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल समर्थन के वादे पर्याप्त नहीं होंगे।
पानीपत जिले के समालखा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने किसानों को दी जाने वाली आर्थिक मदद के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई व्यापारिक डील पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। समालखा के देहरा गांव में सद्भाव यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अमेरिका अपने किसानों को प्रति वर्ष लगभग 60 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देता है, जबकि भारत में किसानों को केवल 6 हजार रुपए दिए जाते हैं। अपने ही देश में फसल बेच पाएंगे भारत के किसान : बीरेंद्र सिंह उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका में यह मदद किसी नुकसान की भरपाई के लिए नहीं, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए दी जाती है। ऐसे में, यदि अमेरिका से सस्ता अनाज और अन्य कृषि उत्पाद भारत में आने लगे, तो यहां के किसानों का गेहूं और अन्य फसलें नहीं बिक पाएंगी। उन्होंने बताया कि सद्भाव यात्रा के माध्यम से वे गांव-गांव जाकर लोगों को एकता, भाईचारे और किसानों के मुद्दों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इस सद्भाव यात्रा की 187वें दिन की शुरुआत समालखा के देहरा गांव से हुई, जहां ग्रामीणों ने इसका स्वागत किया। सद्भाव यात्रा में ये नेता हुए शामिल यात्रा माहावटी, गढ़ी त्यागान, पट्टी कल्याण होते हुए चुलकाना गांव में शाम बाबा मंदिर में दर्शन के बाद संपन्न हुई। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ पूर्व विधायक शमशेर गोगी, पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष संजय छौक्कर, पानीपत के पूर्व जिला अध्यक्ष जगदेव मलिक, रघवीर संधू, सुरेंद्र खरब, मोहकम सिंह छौक्कर, सुभाष तंवर, राकेश गाहल्याण, सूरजभान सहरावत, जिला परिषद सदस्य राजू, महेंद्र मलिक, एडवोकेट सुभाष डिडवाड़ी और चरणजीत चन्नी सहित अनेक वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर संशय, इस्लामाबाद में 2 दिन की छुट्टी, क्या-क्या होगा बंद
पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता से पहले राजधानी में बुधवार को 2 दिन की छुट्टी की घोषणा की। उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने बताया कि इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल (गुरुवार, शुक्रवार) को राजधानी में ...
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम का समझौता कर शांतिदूत बने पाकिस्तान की की टेंशन अब बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों से विरोधाभासों का दौर जारी है। समझौते की शर्तों, विशेषकर लेबनान की स्थिति को लेकर तीनों पक्ष एक-दूसरे के दावों को झुठला रहे हैं। ...
ईरान में फिर छिड़ेगी भीषण जंग! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए संकेत
Iran-US tensions: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने तेवर कड़े करते हुए एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं ...
होशियारपुर के युवक की अमेरिका में मौत:2 साल पहले ₹25 लाख कर्ज लेकर गया था, 2 बेटियों का पिता
होशियारपुर के युवक की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह 2 साल पहले 25 लाख रुपए का कर्ज लेकर अमेरिका गया था। घर में पत्नी और 8 और 4 साल की 2 बेटियां हैं। परिवार को 9 मार्च की सुबह दोस्तों ने फोन पर इसकी सूचना दी। परिवार ने सरकार से मांग की है कि अमेरिका से डेडबॉडी लाने के लिए 20 से 25 लाख रुपए का खर्च आ रहा। वहां पर एनआरआई भाई मदद कर रहे हैं, लेकिन अगर सरकार मदद करे तो डेडबॉडी बिना किसी परेशानी से लाई जा सकेगी। मृतक की पहचान राजिंदर सिंह (42) के नाम से हुई, जो गांव मुशाहपुर का रहने वाला है। 2 दिन पहले फोन पर पत्नी से बात की राजिंदर सिंह की पत्नी शमा देवी ने बताया कि दो दिन पहले ही पति का फोन आया था। मुझसे कहा था कि मैं ठीक हूं। इसके साथ ही बच्चों से बात की और उनका हाल-चाल और पढ़ाई के बारे बात की। इसके बाद उसे रिश्तेदारों का फोन आया कि राजिंदर की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। पत्नी ने कहा कि उसकी सरकार से मांग है कि उसके पति की डेडबॉडी को घर लाया जाए ताकि वह संस्कार कर सकें। पत्नी ने बताया कि राजिंद्र अमेरिका के मिनिसोटा शहर में मेहनत-मजदूरी का काम करता था। राजिंदर सिंह के रिश्तेदार कुलविंदर सिंह ने बताया कि राजिंदर 2 साल पहले 25 लाख रुपए का कर्ज लेकर अमेरिका गया था। अभी कर्ज आधा भी नहीं भरा गया था कि वहां उसकी आर्ट अटैक से मौत हो गई। मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिवार को रो-रोककर बुरा हाल है। चाचा बोले- कोई जमीन जायदाद नहीं राजिंदर के चाचा प्रीतम सिंह ने बताया कि वह परिवार को गरीबी से निकालने के लिए अमेरिका गया था। वहां सब कुछ ठीक चल रहा था और लगातार वहां से पैसे भी भेज रहा था। आज दुखभरी खबर मिली जिससे परिवार टूट गया है। गरीब परिवार क्या कर सकता है। सिर पर कर्ज भी है। गांव के लोग भी मदद करेंगे, लेकिन सरकार से भी मांग है कि जितना हो सके आर्थिक मदद की जाए। राजिंदर के पास कोई जमीन-जायदाद भी नहीं है। **************** ये खबर भी पढ़ें: गुरदासपुर के युवक की अमेरिका में मौत: बाथरूम में आया हार्ट अटैक, विदेश में हुआ अंतिम संस्कार, अंतिम दर्शन नहीं कर सके परिजन गुरदासपुर के कस्बा पुराना शाला में उस समय दुख का माहौल छा गया, जब गांव के निवासी 35 वर्षीय रिंकू की अमेरिका में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। रिंकू करीब दो साल पहले बेहतर भविष्य और रोजी-रोटी के लिए अमेरिका गया था। (पढ़ें पूरी खबर)
अमेरिका ने पिछले हफ्ते ईरान में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित निकालकर दुनिया को चौंकाया था। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे भूसे के ढेर में सुई ढूंढ़ने जैसा बताया था। अब खुलासा हुआ है कि सीआईए ने पहाड़ियों में छिपे पायलट को उसके दिल की धड़कन से खोजा था। इसके लिए पहली बार ‘घोस्ट मर्मर’ नाम का गोपनीय उपकरण इस्तेमाल हुआ। अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है। ये तकनीक क्वांटम मैग्नेटोमेट्री पर आधारित है। इसमें धड़कन के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फिंगरप्रिंट खोजे जाते हैं। एआई सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड का शोर हटाता है। कार्यक्रम से जुड़े सूत्र ने कहा, अगर आपका दिल धड़क रहा है तो हम आपको ढूंढ़ लेंगे। सूत्र के अनुसार, लापता पायलट ने लोकेटर बीकन चालू किया था। पर सटीक लोकेशन स्पष्ट नहीं थी। निर्णायक क्षण तब आया, जब घोस्ट मर्मर ने उसे ढूंढ़ा। दोनों तकनीकें उपयोगी थीं। बीकन सिग्नल भेजने के लिए वह बाहर आया। यहां सिग्नल से ज्यादा अहमियत बाहर निकलने की थी। सूत्र ने कहा कि घोस्ट मर्मर की गोपनीयता के चलते सब लोग अब तक हैरान हैं कि पायलट वास्तव में कैसे मिला। लोग ये भी नहीं जानते कि इतनी दूरी से ये तकनीक संभव है। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है ‘घोस्ट मर्मर’ की टेक्नोलॉजी क्या है? क्वांटम मैग्नेटोमेट्री। इंसान का दिल धड़कते वक्त बहुत हल्का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल पैदा करता है। खास क्वांटम सेंसर (जैसे डायमंड एनवी सेंटर) इन्हें पकड़ते हैं। मेडिकल में दिल की धड़कन के लिए ‘मर्मर’ शब्द इस्तेमाल होता है। ये संकेत कोई भी माप सकता है क्या? संकेत बेहद हल्के होते हैं। सामान्यत: छाती से सटे सेंसर ही पकड़ पाते हैं। हालांकि, क्वांटम मैग्नेटोमेट्री के क्षेत्र में प्रगति, खासकर कृत्रिम हीरों में सूक्ष्म दोषों पर आधारित सेंसर्स ने शारीरिक तौर पर छुए बिना ये संकेत पहचानना संभव बना दिया है। कोई रिसर्च है या सीआईए ने ही किया है? अमेरिका में एमआईटी, जापान में टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जर्मनी में मैक्स प्लांक जैसे कई बड़े संस्थान रिसर्च कर रहे हैं। हार्वर्ड के प्रो. रोनाल्ड वाल्सवर्थ ने 2024 में चूहे को छुए बिना धड़कन पहचानने में सफलता पाई। जनवरी, 2026 में 3 यूरोपीय रिसर्च ग्रुप्स ने एनवी डायमंड मैग्नेटोमीटर से इंसानी दिल की धड़कन पकड़ी। इन प्रयोगों में दूरी नैनोमीटर से मिलीमीटर ही थी। लंबी दूरी की ट्रैकिंग विकसित होने का उल्लेख कहीं नहीं है। सीआईए की तकनीक किसने बनाई है? द पोस्ट के अनुसार, ‘घोस्ट मर्मर’ को लॉकहीड मार्टिन की गुप्त इकाई ‘स्कंक वर्क्स’ ने बनाया है। ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर परीक्षण सफल रहा। एफ-35 लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल संभव है। ईरान में इसका प्रयोग कैसे हुआ? पायलट वीराने में था। घोस्ट मर्मर के लिए ये आदर्श था। साफ माहौल। कम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हस्तक्षेप। मानव संकेत भी बहुत ज्यादा नहीं। रात में शरीर व रेगिस्तानी जमीन के तापमान के अंतर ने और मजबूत पुष्टि की। ट्रम्प ने कहा था कि पायलट को 40 मील दूर से देखा। ये स्पष्ट नहीं है कि ये दूरी घोस्ट मर्मर की रेंज है या किसी और उपकरण की। ये तकनीक कहीं भी प्रयोग हो सकती है? नहीं, शांत, दूरदराज और कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह तकनीक सबसे बेहतर काम करती है। इसकी प्रोसेसिंग में भी काफी समय लगता है। क्या इससे प्राइवेसी का खतरा भी है? ये तकनीक पूरी तरह विकसित होती है तो बिना किसी डिवाइस के भी व्यक्ति की मौजूदगी का पता लगा सकती है। इससे निजता (प्राइवेसी) को लेकर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
लेबनान सीजफायर पर अमेरिका-ईरान के बीच महायुद्ध पाकिस्तान की एक गलती ने दुनिया भर में मचाया बवाल
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार रात जबलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से लेकर पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव तक कई विषयों पर खुलकर बात की। देर रात वे इंदौर के लिए रवाना हो गए। इजराइल-ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने अमेरिका की भूमिका पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह विवाद ईरान और इजराइल के बीच है, लेकिन अमेरिका इसमें “बिल्ली” की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इसे बिल्ली-बंदर की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि जैसे दो बंदरों की लड़ाई में बिल्ली तराजू लेकर बैठती है और दोनों तरफ से रोटी खाती जाती है, उसी तरह अमेरिका इस संघर्ष में अपना फायदा देख रहा है, जबकि असली पक्ष लड़ते रह जाते हैं। मोदी की विदेश नीति की तारीफ विजयवर्गीय ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की स्थिति ऐसी है कि ईरान और इजराइल—दोनों ही भारत को अपना मित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह सफल कूटनीति का उदाहरण है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए हुए है। बंगाल चुनाव को लेकर दावा मीडिया से बातचीत में उन्होंने पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों पर भी बड़ा दावा किया। विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार भाजपा न केवल चुनाव जीतेगी, बल्कि राज्य में सरकार भी बनाएगी। ‘वफादारी’ पर बयान बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो यहां रहते हैं, लेकिन देश के प्रति वफादारी नहीं रखते। उन्होंने सभी से अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए कहा कि समय के साथ ऐसे लोगों में भी समझ आएगी।
व्हाइट हाउस: अमेरिका-ईरान समझौता वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जाएंगे इस्लामाबाद
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम पर अमेरिका की जीत हुई है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना ने संभव बनाया
अमेरिका-इजरायल और ईरान वॉर के चलते लखनऊ के मशहूर चिकनकारी उद्योग को बड़ा झटका लगा है। मिडिल ईस्ट में कपड़ों का एक्सपोर्ट ठप होने से करीब 22 करोड़ का माल गोदामों में सड़ रहा है। LPG गैस की किल्लत व्यापार पर दोहरी मार कर रही है। कपड़ों की डाई (रंगने) की लागत 50% बढ़ने से दाम बढ़ गए हैं। ग्राहक नहीं मिलने से नुकसान 2 से 3 गुना हो गया है। दैनिक भास्कर युद्ध के हालात से चिकन कपड़ों के कारोबार पर पड़ रहे प्रभाव को जानने के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंचा। बुनकरों, डाई कारीगरों और व्यापारियों से बात की। व्यापारियों ने बताया-खाड़ी देशों में माल एक्सपोर्ट नहीं होने से 20 से 22 करोड़ का माल फंसा हुआ है। बुनकरों-डाई कारीगरों का कहना है कि नया काम नहीं आ रहा। आमदनी जीरो हो गई है। खाने के लाले पड़ गए हैं। पढ़िए रिपोर्ट… पहले कारोबार से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए चिकन बुनकर-कारीगरों ने जो कहा… प्रतिदिन 20 कपड़े ही हो रहे हैं डाई डाई करने वाले मोहम्मद रेहान ने बताया- पहले गैस सिलेंडर का इस्तेमाल से प्रतिदिन 100-150 सूट डाई कर लेते थे। अब 20-25 सूट भी डाई कर पाना बहुत मुश्किल साबित हो रहा है। सिलेंडर की कीमत और ब्लैक में मिलने वाले सिलेंडर की वजह से अब यह काम उन्हें भट्टी पर करना पड़ रहा है। भट्टी पर काम करने की वजह से बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि किसी भी कारीगर को भट्टी पर काम करने का कोई तजुर्बा नहीं है। भट्टी को गर्म होने में काफी टाइम लग जाता है। पहले गैस पर हम लोग पानी गर्म करके जो काम 2 घंटे में कर लेते थे। अब वही काम करने में हमें 7 से 8 घंटा लग रहा है। भट्टी सुलगाने में काफी धुआं निकलता है, जिससे बर्तन भी खराब हो जाते हैं। कपड़े भी काले पड़ रहे हैं। अगर किसी कपड़े में जरा भी कोयला या कालिख लग जाती है तो वो कपड़ा वापस आ जाता है। उसका नुकसान हमें भरना पड़ता है। पहले हम लोग 24 घंटे में कस्टमर को सफेद कपड़े को डाई करके उसके हिसाब से जो रंग मांगता था। उसे करके डिलीवरी दे देते थे। मगर अब इस काम के तीन से चार दिन लग जाते हैं। खर्चा बढ़ने की वजह से फिलहाल हमने पैसे बढ़ा दिए हैं। पहले 200 रुपए में जो काम होता था। अब उसके 300 रुपए ले रहे हैं। अब पढ़िए चिकन व्यापारियों ने जो कहा… 80% दुकानदारी प्रभावित हुई चिकन कपड़ों के व्यापारी कृष्णा पाल ने बताया- 25 सालों से यह व्यापार कर रहे हैं। मगर ऐसी स्थिति कभी नहीं हुई। 80% काम प्रभावित हुआ है। गैस सिलेंडर का चिकन कपड़े तैयार करने में सबसे अधिक इस्तेमाल होता है। कपड़े डाई होते हैं। चिकन का कपड़ा पूरा प्लेन और सफेद आता है, उसके बाद उसकी धुलाई होती है। फिर कस्टमर की डिमांड के हिसाब से डाई में रंगा जाता है। उसके बाद छपाई कढ़ाई होती है। फिर धुलाई होने के बाद सूट तैयार होता है। पहले हम लोग कस्टमर को चिकन का सूट एक दिन में तैयार करके दे देते थे। अब उसके लिए चार से पांच दिन लग रहे हैं। इस साल रमजान और ईद पर भी पूरा व्यापार प्रभावित रहा। पूरी तरीके से व्यापार ठप हो चुका है। हम लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि कर्मचारियों का वेतन कैसे निकालें। 25 लोग काम करते हैं, जिन्हें हर महीने वेतन देना रहता है। ‘करोड़ों का चिकन कपड़ा स्टॉक में’ अमीनाबाद में चिकन व्यापारी गुरबीर सिंह ने कहा- लखनऊ का चिकन बाजार सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत का हब है। यहां से भारत के विभिन्न राज्यों में और विदेशों में चिकन के कपड़े भेजे जाते हैं। डाई का काम प्रभावित होने से पूरे चिकन चिकन मार्केट पर असर पड़ रहा है। डाई की कास्टिंग बढ़ने से प्रोडक्शन महंगा हो गया है और मैन्युफैक्चरिंग स्लो हो गई है। हमारा माल सऊदी, दुबई जैसे तमाम खाड़ी देश में जाता था। युद्ध का माहौल होने की वजह से यह माल रुक गया है। लखनऊ के चिकन मार्केट की अगर बात करें तो लगभग 20 से 22 करोड़ का माल फंसा हुआ है। सिर्फ सीज फायर से कुछ नहीं होगा। जब तक युद्ध पूरी तरीके से नहीं रुकता। तब तक हमारा काम प्रभावित रहेगा।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध फिलहाल स्थगित हो गया है। लेकिन राजधानी रांची में गैस की किल्लत से निपटने का जंग अभी भी जारी है। क्योंकि, ऑयल कंपनियां, जिला प्रशासन से लेकर गैस एजेंसियां गैस की आपूर्ति करने का दावा कर रही है। होम डिलेवरी बढ़ाई गई है। इससे नियमित उपभोक्ताओं को कुछ राहत ज़रुर हुई है। लेकिन एक तबका ऐसा है जो गैस की किल्लत का खामियाजा भुगत रहा है। वह है रांची के हजारों लॉज-हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स। शहर के मेन रोड, हरमू रोड, अपर बाजार, थड़पखना, लालपुर, सर्कुलर रोड, कोकर, रातू रोड सहित अन्य क्षेत्रों में लॉज-हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं की दिनचर्या बदल गई है। गैस की किल्लत से छात्र-छात्राओं और उनके परिवार का बजट बिगड़ गया है। हालात ऐसे है कि 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं अपना पेट काटकर पढ़ाई करने को विवश हैं। वे तीन बार के बजाय एक बार भोजन कर रहे हैं। सुबह का नाश्ता और रात का खाना छोड़कर दोपहर में एक समय होटल या स्ट्रीट फूड खाकर दिन काट रहे है। कई हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं चूड़ा-सत्तू व बाहर मिलने वाले चाईनीज फूड के भरोसे चल रही है। गैस नहीं मिलने की वजह से हॉस्टल के मेस में खाने में कटौती की गई है। इस वजह से कई हॉस्टल के छात्र अपने घर लौट रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार को शहर के 30 हॉस्टल-लॉज की पड़ताल की तो कई छात्राओं की आंखों से आंसू निकल गए। उन्होंने भास्कर के साथ ऐसे अपना दर्द साझा किया... इंटर्न: कृति वर्द्धन, वर्षा सोनी, चन्द्रदेव उरांव, काजोल यादव, ईशा उपाध्याय, प्रियांशु गुप्ता की रिपोर्ट करमटोली रोड स्थित आदिवासी हॉस्टल में अलग-अलग ब्लॉक है। सभी ब्लॉक में खाना बनाने का अलग-अलग तरीका है। अमर शहीद टाना भगत हॉस्टल बिल्डिंग में मेस नहीं है। छात्र कुंवर उरांव ने बताया कि सभी छात्र गैस पर ही खाना बनाते थे। लेकिन पिछले एक माह से गैस नहीं मिल रही है। छोटू सिलेंडर बाजार से रिफिलिंग कराते थे, वह भी नहीं मिल रहा है। ब्लैक में 300 रुपए प्रति किलो मांगा जा रहा है। इतना पैसा कहां से लाएंगे। इसलिए बिजली के हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्रों को बिजली का बिल नहीं देना होता है, इसलिए हीटर पर ही खाना बनाना मजबूरी है। जिस बिल्डिंग में मेस है, वहां कोयला और लकड़ी पर खाना बनता है। लेकिन कोयला भी महंगा हो गया है। हीटर और चूल्हा दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाने में कटौती की गई है। परेशानी की वजह : लॉज-हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं घरेलू गैस सिलेंडर का कनेक्शन नहीं लेते हैं। वे अपने घर से सिलेंडर लेकर आते हैं, या मार्केट से पांच-दस किलो वाला सिलेंडर लेकर उसमें गैस रिफिलिंग कराते हैं। गैस किल्लत की वजह से रिफिलिंग वाले अंडरग्राउंड हो गए हैं। चोरी-छिपे कुछ लोग गैस रिफिलिंग कर रहे हैं,लेकिन 250 से 300 रुपए प्रति किलो तक वसूल रहे हैं। इसलिए छात्रों को समस्या हो रही है। थड़पखना : 15 दिनों से बाहर खाना पड़ रहा थड़पखना क्षेत्र में स्थित वर्मा गर्ल्स हॉस्टल की छात्रा शालिनी गुप्ता बताती है कि पहले मासिक बजट चार हजार रुपए में पूरा हो जाता था। अब पांच हजार रुपए लग रहा है। इसलिए खाने में कटौती करनी पड़ रही है। चौधरी गर्ल्स हॉस्टल में 50 छात्राएं रहती हैं। छात्रा साक्षी कुमारी ने बताया कि पहले 90 रु. किलो गैस मिलता था, अब 300 रु. किलो में मिल रहा है। इसलिए बाहर खाना मजबूरी है। करीब दस छात्राएं अपने घर लौट गई। छात्रा जयंती कुमारी ने बताया कि गैस बुक करने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। सोनमति पैलेस हॉस्टल में रह रही साक्षी कुमारी और निशा रंजन का दर्द भी छलक गया। उन्होंने बताया कि गैस ने दिनचर्या के साथ बजट बिगाड़ दिया। यहां 50 छात्राएं रहती थी, लेकिन अब कई हॉस्टल छोड़कर जा रही है। जो यहां रह गए हैं वे ढाबा या स्ट्रीट फूड के सहारे हैं। खर्च मैनेज करने के लिए एक टाइम ही खाना खा रहे हैं।
सुपरपावर अमेरिका को घुटने टेकने पड़े : कासिम रसूल इलियास
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता कासिम रसूल इलियास ने अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर कहा कि ईरान के आगे सुपरपावर अमेरिका को घुटने टेकने पड़े
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव मंगलवार तक एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा था। ईरान संभावित अमेरिकी हमले के लिए तैयार था, वहीं खाड़ी देशों में ईरानी जवाबी कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। वॉशिंगटन भी लंबे संघर्ष की तैयारी में था, लेकिन ...
Iran-US Ceasefire News : ईरान और अमेरिका के बीच हुए 2 सप्ताह के युद्धविराम को ईरान की जीत बताते हुए कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख में भी खुशियां मनाई गई हैं। इस युद्धविराम पर नेताओं द्वारा प्रतिक्रियाएं भी दी गई हैं। जैसे ही संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ...
8 साल की तबाही और 10 लाख लाशें; क्या अमेरिका भी चल रहा है सद्दाम हुसैन की राह?
Iran-Iraq के बीच 8 साल चले भीषण युद्ध की अनकही दास्तां। जानिए कैसे सीमा विवाद और सद्दाम हुसैन की एक गलतफहमी ने खाड़ी देशों को महाविनाश की आग में झोंक दिया।
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर संकट, लेबनान में इजराइल की जंग से 2 हफ्ते भी नहीं टिकेगा समझौता?
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर एक महीने से अधिक समय तक हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद बुधवार को दोनों पक्षों ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। हालांकि, इस समझौते की नाजुक स्थिति ईरान द्वारा साझा की गई शर्तों से ही साफ नजर आ रही है। ईरान ने पूरे ...
आखिर क्यों अमेरिका छोड़ने के लिए चार्ली हुए थे मजबूर ? 137वीं जयंती पर जानिए उनकी पूरी दास्तान
चार्ली चैपलिन की 137वीं जयंती पर उनके संघर्षपूर्ण बचपन, साइलेंट सिनेमा में ऐतिहासिक योगदान, ‘ट्रैम्प’ किरदार की लोकप्रियता, प्रसिद्ध फिल्मों, विवादों, एफबीआई जांच, अमेरिका छोड़ने की मजबूरी और मृत्यु के बाद शव चोरी जैसी सनसनीखेज घटना तक का पूरा जीवन वृत्तांत।
अमेरिका का आर्तेमिस 2 चंद्र मिशन, जब पृथ्वी पीछे छूटती जा रही थी
Artemis 2 Mission: अमेरिका 7 दिसंबर, 1972 के अपोलो 17 नाम के अपने अंतिम चंद्र-मिशन के बाद अब एक बार फिर चंद्रमा की तरफ अपने हाथ-पैर बढ़ा रहा है। 10 दिवसीय चंद्र-मिशन 'आर्तेमिस 2' के अंतर्गत पहली बार एक महिला सहित चार अंतरिक्ष यात्रियों ने 1 अप्रैल ...
ईरान-अमेरिका युद्ध में ऐतिहासिक मोड़ ; ट्रंप के सीजफायर पर मुज्तबा खामेनेई ने दी पहली प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर पर ईरान के मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान। सेना को दी गोलीबारी रोकने की सलाह लेकिन कहा- 'ये युद्ध का अंत नहीं, हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं।'
कहां चूक गई मोदी सरकार की विदेश नीति? कैसे 'दलाल' पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका संकट में मारी बाजी
Modi Government Foreign Policy: अंतरराष्ट्रीय राजनीति की बिसात पर पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी प्रासंगिकता साबित कर दी है। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनकर इस्लामाबाद ने दिल्ली को कूटनीतिक रूप से पीछे छोड़ दिया है। जानिए भारत की रणनीति में कहाँ रह ...
इंदौर के महेश गनोकर पहुंचे अमेरिका के चुनावी मैदान में, जानें पूरी कहानी
इंदौर के महेश गनोकर का सफर बेहद दिलचस्प है। जानिए कैसे भारत से अमेरिका तक पहुंचकर वे चुनावी मैदान में कैंडिडेट बने और उनकी प्रेरक कहानी क्या है।
सीजफायर पर ईरान की 10 शर्तें, जिन पर अमेरिका करेगा बातचीत
US Iran Ceasefire : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 15 दिनों के सीजफायर का एलान कर दिया। ईरान स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खोलने पर सहमत हो गया है। जानिए क्या है ईरान की 10 शर्तें जिन पर पाकिस्तान में अमेरिका चर्चा के लिए राजी हुआ है।
7 अप्रैल की रात। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐलान किया- आज रात ईरान की पूरी सभ्यता तबाह हो जाएगी, जो फिर कभी वापस नहीं आ सकेगी। दुनिया सांस रोककर बैठी थी। इस दौरान इस्लामाबाद के डिप्लोमैटिक गलियारों में हलचल थी और दो शख्स लगातार फोन पर लगे थे- पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर। कुछ घंटे बाद 8 अप्रैल की सुबह 4 बजे ट्रम्प ने लिखा- सीजफायर। ईरान भी राजी हो गया। सीजफायर के लिए कैसे राजी हुए ट्रम्प-खामेनेई, क्या 14 दिन बाद फिर जंग शुरू होगी और इस सबका भारत पर क्या असर पड़ेगा; भास्कर एक्सप्लेनर में 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कब हुआ, इसकी शर्तें क्या हैं? जवाब: 40 दिन से जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग में 14 दिन की रोक लग गई है… सीजफायर के बाद ट्रम्प ने बयान दिया, ‘ईरान ने अमेरिका को 10 पाइंट का प्रस्ताव भेजा। यह काफी नहीं है, लेकिन उन्होंने बहुत अहम कदम उठाया है। देखते हैं, आगे क्या होता है।’ वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। काउंसिल इसे जीत बता रही है। अमेरिका को भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में 10 शर्तें हैं… सवाल-2: क्या इजराइल भी सीजफायर के लिए राजी है? जवाब: न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने सीजफायर की घोषणा से ठीक पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की थी।घोषणा के बाद इजराइल ने भी इस सीजफायर का समर्थन किया है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान में कहा कि यह सीजफायर तभी संभव होगा जब... हालांकि, बयान में यह भी साफ किया गया कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा। जबकि इस सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी पोस्ट में साफ कहा था कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। सवाल-3: आखिर कैसे हुआ सीजफायर, इसमें पाकिस्तान ने क्या किया? जवाब: सीजफायर की बैक स्टोरी पॉइंट-टू-पॉइंट समझिए… पाकिस्तान ने क्यों दखल दिया? सवाल-4: अगर 14 दिन बाद बात नहीं बनी, तो क्या फिर हमले होंगे? जवाब: सीजफायर और डिप्लोमैटिक बातचीत को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में एक हाई लेवल मीटिंग की तैयारी हो रही है, जिसमें अमेरिका और ईरान के शीर्ष अधिकारी शामिल हो सकते हैं। यहीं से कोशिश की जाएगी कि सीजफायर के बाद समझौता हो सके और क्षेत्र में शांति बने। हालांकि ट्रम्प ने कहा है कि अगर वे (ईरान) समझौता नहीं करते हैं, तो उनके पास न तो पुल होंगे और न ही पावर प्लांट। जबकि ईरान ने भी साफ किया है कि युद्ध खत्म नहीं हुआ, ये सिर्फ विराम है। इजराइल की बात करें तो सीजफायर में वो ज्यादा दिलचस्प नहीं दिख रहा। क्योंकि पाक पीएम शरीफ की सीजफायर पोस्ट में लेबनान में भी हमले रोकने की बात लिखी थी, लेकिन इजराइली पीएम नेतन्याहू की पोस्ट में बताया गया है कि लेबनान इससे बाहर है। ऐसे में अगर अमेरिका और ईरान के बीच सबकुछ ठीक नहीं हुआ तो इजराइल पहले से और ज्यादा आक्रामक हो सकता है। वहीं अगर बातचीत में ठीक-ठाक प्रोग्रेस हुई तो सीजफायर आगे के लिए भी बढ़ाया जा सकता है। सवाल-5: भारत को इस सीजफायर से क्या नफा-नुकसान? जवाब: भारत ने खुद को इस युद्ध में तटस्थ रखा। पीएम मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से बात की और शांति की अपील की, लेकिन ईरान या अमेरिका-इजराइल का नाम लेकर कोई सीधी आलोचना नहीं की। इस सीजफायर से भारत पर मिले-जुले असर पड़ेंगे। पहले पॉजिटिव असर की बात... अब भारत के लिए चिंता की बात... हालांकि ट्रम्प जैसे लेनदेन वाले नेता के दरबार में 'पसंदीदा मध्यस्थ' और 'बेकार मोहरे' के बीच का फासला बेहद कम होता है। अगर यह मध्यस्थता नाकाम हुई, तो मुनीर और शरीफ ही खलनायक कहलाएंगे। ---------------- ये खबर भी पढ़िए… ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ: पापा के कहने पर 'किलर' बने, दोस्त को छत से फेंकने पर अड़े; अब ईरान को बास्टर्ड कहा अक्सर डोनाल्ड ट्रम्प अपनी हरकतों और बयानों से दुनिया को चौंका देते हैं। वे खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? पूरी खबर पढ़िए…
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम का फैसला लिया गया है। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने रिएक्ट किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि नफरत, हिंसा और अन्याय नहीं, साहस हमेशा जीतता है।
ओरबान को जिताने में जुटे ट्रंप, हंगरी चुनाव में अमेरिका की इतनी दिलचस्पी क्यों?
हंगरी के पीएम ओरबान सबसे मुश्किल चुनाव लड़ रहे हैं. उनकी हार के आसार हैं. ट्रंप ओरबान को जिताने की कोशिश कर रहे हैं
ईरान-अमेरिका सीजफायर : शहबाज शरीफ ने 'इस्लामाबाद वार्ता' का दिया न्योता
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है
ईरान-अमेरिका तनाव: पाक प्रधानमंत्री ने ट्रंप से सैन्य कार्रवाई टालने का किया अनुरोध
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक रूप से अपील की है कि वे एक अहम समय-सीमा को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें, ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बातचीत का रास्ता खुला रह सके
तेल संकट टला- 16% तक टूटा कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान समझौते से कच्चे तेल के दाम में ऐतिहासिक गिरावट
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले से वैश्विक ऊर्जा संकट में आई कमी, एशियाई शेयर बाजारों में दर्ज की गई भारी तेजी।
अमेरिका-भारत व्यापारिक सहयोग में एआई साझेदारी और निवेश बढ़ाने पर जोर
भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने यूनाइटेड स्टेट्स सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स हॉवर्ड लुटनिक के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अमेरिका-भारत व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा की गई
'जमीर को गवारा नहीं' कह कर शीर्ष पद से इस्तीफा देने वाले जो केंट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को गैर जरूरी और हलका करार दिया है
तेहरान का ऐतिहासिक सिनागॉग हुआ बर्बाद ; क्या अमेरिकी‑इजरायली हमलों का ये होगा अंतिम पड़ाव?
तेहरान के रफी‑निया सिनागॉग पर अमेरिकी‑इजरायली हवाई हमलों में पूरा धार्मिक स्थल ध्वस्त हो गया। यहूदी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण स्थल के नुकसान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ बढ़ा दी हैं और मानवतावादी चिंताओं को और गहरा किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर महासंग्राम,क्या समंदर में भी लगेगा 'टोल टैक्स'? जानें अमेरिका-ईरान की जंग
Kharg Island पर अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने भी दी चेतावनी
ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island पर एक बार फिर कई हमलों की खबरें सामने आई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) को लेकर बातचीत लगभग ठप पड़ चुकी है और तनाव चरम पर पहुंच गया है। खार्ग ...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर खुली धमकी दी है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका सिर्फ एक रात में पूरे ईरान को बर्बाद कर सकता है। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का समय ...
US-Iran War: अमेरिका-इजराइल vs ईरान युद्ध कब रुकेगा? ज्योतिष के संकेत चौंकाने वाले
US-Iran War: अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ज्योतिष क्या संकेत देता है? जानिए ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर युद्ध और शांति को लेकर संभावित भविष्यवाणी।
ईरान के भावी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की हालत बेहद नाजुक, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से मचा हड़कंप
अमेरिका से रियायत और ईरान से गारंटी: चाबहार के चक्रव्यूह को भेदने के लिए भारत की 'टू-वे' डिप्लोमेसी।
अमेरिका की प्रतिबंधों में छूट की मियाद खत्म होने से पहले भारत ने तैयार किया 'प्लान-बी', ईरान की स्थानीय कंपनी के साथ लीगल गारंटी पर चर्चा।
ईरानी बुनियादी ढांचों पर हमले की अमेरिकी धमकी से संयुक्त राष्ट्र चिंतित; प्रवक्ता ने जताई आपत्ति
संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका के उस बयान पर चिंता जताई है, जिसमें ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी दी गई थी। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की भाषा को लेकर संगठन चिंतित है
ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराया, 'स्थायी समाधान' के लिए 10-सूत्रीय योजना पेश की
ईरान ने अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह संघर्ष का स्थायी अंत चाहता है
LIVE: तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर अमेरिका और इजराइल का हमला
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका-इजराइल और अमेरिका के बीच 39वें दिन भी भीषण युद्ध जारी है। अमेरिका और इजराइली हमलों से ईरान दहल गया है। वहीं ईरान भी लगातार इजराइल और खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल अटैक कर रहा है। पल पल की
अमेरिका में गूंजेगी मेवाड़ की गवरी और गणगौर
उदयपुर | अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार सुबोध रंजन शर्मा अमेरिका में एकल कला प्रदर्शनियां करेंगे। मंगलवार को वे उदयपुर से रवाना होंगे। केलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, जॉर्जिया, वॉशिंगटन और न्यू कैरोलिना की गैलेरियों में कृतियां प्रदर्शित होंगी। गवरी-गणगौर विषय पर लंबी सीरीज पेश की जाएगी। कागज और कैनवास पर विभिन्न माध्यमों का उपयोग होगा। उद्देश्य मेवाड़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान देना है।
ईरान -अमेरिका युद्ध:संकट के बीच प्रवासियों को राहत, पलायन रोकने की मानवीय पहल
लुधियाना| ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर स्थानीय गैस आपूर्ति पर भी पड़ा है। ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से उपजे डर के कारण जब श्रमिकों ने पलायन का मन बनाना शुरू किया तब भगवान महावीर सेवा संस्थान ने एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल की। जैन स्थानक सिविल लाइंस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संस्थान ने 11 अत्यंत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर वितरित किए। संस्थान के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा, जब घर में चूल्हा नहीं जलता तो श्रमिक वर्ग असुरक्षित महसूस करने लगता है और घर लौटने का विचार करने लगता है। प्रवासी भाई हमारे शहर के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। हमने अपने बेटे के जन्मदिन को इन परिवारों की मदद के लिए चुना जो गैस की किल्लत के कारण बेहद परेशान थे। इस दौरान राजेश जैन, सह मंत्री सुनील गुप्ता, राष्ट्रपति अवार्ड विजेता गुरदेव सिंह, ऋचा जैन, रमा जैन, सुषमा जैन, किरण जैन, समाजसेवी मीना देवी, शिवा, सुलोचना जैन और प्रिया जैन आदि मौजूद थे। छोटू गैस सिलेंडर योजना ... • इस 5 किलो के (एफटीएल) नीले सिलेंडर के लिए स्थानीय पते के सबूत की जरूरत नहीं है। • सिर्फ आधार कार्ड या कोई भी एक फोटो पहचान पत्र देकर तुरंत नया कनेक्शन मिलेगा।• पहली बार में सिक्योरिटी और टैक्स मिलाकर करीब ₹1550 का खर्च है। रिफिलिंग ₹606 में उपलब्ध है। • उपभोक्ता महीने में 3 बार तक रिफिल ले सकता है।
लखनऊ के बड़ा इमाम बाड़ा में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम ने भी शिकरत किया। इस अवसर पर विशेष एग्जिबिशन, मेडिकल कैंप और ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया। एग्जिबिशन में ईरान युद्ध में मरने वाले लोगों और बच्चों की तस्वीर लगा कर श्रद्धांजलि दी गई। देखिए 3 तस्वीरें… कई धर्मों के धर्मगुरु शामिल हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने किया। मौलाना कल्बे जवाद ने बताया कि आज ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि हकीम अब्दुल मजीद लखनऊ आए। श्रद्धांजलि सभा में उनका शामिल होना हम सबके लिए सम्मान की बात है। इसके साथ ही श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, स्वामी सारंग, AIMIM प्रवक्ता असीम वकार के साथ विभिन्न सियासी दलों के नेता सामाजिक कार्यकर्ता और धर्मगुरु शामिल हुए। खामेनेई बहादुर नेता थे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि आयतुल्लाह अली खामेनेई इस समय के सबसे बहादुर नेता थे। पूरे विश्व में उन्हें बहादुरी का प्रतीक माना जा रहा है। एक बुजुर्ग व्यक्ति जिन्होंने समझौता नहीं किया। पीछे नहीं हटे और अपनी कौम के लिए अपने देश के लिए शहीद हो गए। ईरान ने हमेशा भारत की मदद की है। लेकिन भारत सरकार की तरफ से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। मगर ईरान पूरी तरीके से हिंदुस्तान की मदद कर रहा है। तेल के जहाज छोड़ रहा है। ईरान भाईचारा और प्यार के साथ हमारे साथ खड़ा है। हम शुक्रगुजार हैं। ईरान के खिलाफ जिस तरह से अमेरिका अपने बयान बदल रहा है। इससे पता चलता है कि अमेरिका और ट्रंप डरे हुए हैं।
अमेरिकी लोगों के साथ मेरी सहानुभूति, स्थिति बहुत ही चिंताजनक : मनोज झा
ईरान को अमेरिका द्वारा दी गई नई धमकी पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि मुझे अमेरिकी लोगों के साथ सहानुभूति है। उन्हें कैसे इंसान को सत्ता दे दी है
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में सोमवार को कला और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। 'एप्लाइड आर्ट एनुअल एग्जीबिशन' के दौरान न केवल छात्रों ने अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई, बल्कि न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी से आए विशेषज्ञों ने उन्हें वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के टिप्स भी दिए। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बताया गया कि कला अब केवल शौक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार का बड़ा जरिया है। आर्ट थेरेपी से मानसिक स्वास्थ्य का इलाज न्यूयार्क की मशहूर विजुअल आर्टिस्ट पेट्रीशिया मिरांडा ने छात्रों के साथ अपनी कला यात्रा साझा की। उन्होंने एक नई सोच पेश करते हुए बताया कि पेंटिंग और कलाकृतियां केवल देखने के लिए नहीं होतीं, बल्कि ये 'आर्ट थेरेपी' के रूप में मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने का भी काम करती हैं। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पेंटिंग्स के जरिए समझाया कि कैसे भावनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त कर तनाव को कम किया जा सकता है। भारतीय कलाकारों के लिए अमेरिका में बड़ी संभावनाएं न्यू जर्सी की मोंटक्लेयर स्टेट यूनिवर्सिटी से आए प्रो. क्रिस्टोफर काजमारेक ने भारत और अमेरिका के कला परिदृश्य की तुलना की। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में रचनात्मकता की कमी नहीं है, बस उन्हें सही प्लेटफॉर्म की जरूरत है। उन्होंने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, आईआईटी कानपुर के प्रो. ऋत्विज भौमिक ने छात्रों को 'फुलब्राइट स्कॉलरशिप' के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्र विदेश जाकर पढ़ाई कर सकें।
कुरुक्षेत्र जिले के इस्माइलाबाद में पुलिस ने अमेरिका से लौटे युवक की थार से कुचलकर हत्या करने वाले आरोपी की मदद करने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सोमनाथ (50) निवासी इस्माइलाबाद के रूप में हुई। आरोपी सोमनाथ के खिलाफ अंबाला और करनाल में धोखाधड़ी व इमिग्रेशन एक्ट के तहत 8 केस दर्ज हैं। हालांकि हत्या का मुख्य आरोपी दीपांशु अभी फरार चल रहा है। दीपांशु ने तीन बार साहिल (30) निवासी खेड़ी शीशगरां के ऊपर से गाड़ी निकाली थी। आरोपी ने साहिल के साथ-साथ उसके जीजा को टक्कर मारी थी। साहिल अपने जीजा की रिश्तेदारी में हो रही शादी में शामिल होने आया था। डीजे पर गाने को लेकर कहासुनी हुई गुरु गोबिंद सिंह कॉलोनी निवासी शैमिन पंजरथ ने बताया कि मेरा साला साहिल कुमार 29 मार्च की रात शादी के प्रोग्राम में शामिल होने आया था। इस प्रोग्राम में उसकी कॉलोनी का दीपांशु भी आया था। दीपांशु और साहिल DJ पर डांस कर रहे थे। यहां गाने को लेकर दीपांशु और साहिल के बीच थोड़ी बहस हुई थी। जीजा-साले को थार से टक्कर मारी तब उनको समझाकर शांत कर दिया था। प्रोग्राम के बाद रात करीब 12:40 बजे मैं अपने साले साहिल कुमार, दोस्त सिमरदीप सिंह, रमन नागपाल और विपुल बजाज के साथ हाईवे पर चम्मू चौक के पास खड़ा था। तभी सामने से काली थार (HR 31 W 2645) आई, जिसने साहिल के साथ-साथ मुझे जोरदार टक्कर मार दी। साहिल के ऊपर चढ़ाई थार टक्कर मारने के बाद दीपांशु ने उनके पास गाड़ी रोकी और शीशा नीचे किया। तब मैंने दीपांशु से पूछा कि बंदा मारना चाहते हो क्या? तभी दीपांशु ने जवाब दिया, अच्छा बच गया और फिर गाड़ी पीछे करके दोबारा साहिल के ऊपर से तीन बार थार चढ़ाई। उसके बाद दीपांशु मौके से भाग गया। अमेरिका जाने के बाद पहली बार घर आया घायल साहिल को गाड़ी से अंबाला के प्राइवेट अस्पताल में पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साहिल करीब एक-डेढ़ महीना पहले ही अमेरिका से अपने घर आया था। साहिल अमेरिका जाने के बाद पहली बार घर लौटा था। साहिल अमेरिका में स्टोर पर काम करता था। आरोपी पर 8 केस पहले दर्ज इस्माइलाबाद थाने के SHO जगदीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी सोमनाथ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सोमनाथ की दीपांशु की छिपने में मदद की थी। साथ ही उसने उसे पैसे भी मुहैया करवाए थे। आरोपी पर धोखाधड़ी व इमिग्रेशन एक्ट के तहत 8 केस पहले से दर्ज हैं।
बांका के रजौन स्थित कटरिया नदी में एक दुर्लभ मछली मिली है। इस अनोखी मछली के मिलने से पूरे इलाके में कौतूहल का माहौल बन गया। स्थानीय मछुआरों को नदी में मछली पकड़ने के दौरान यह मछली जाल में फंसी मिली।इस मछली की सबसे खास बात यह है कि इसमें चार आंखें हैं और इसका मुंह सामान्य से काफी बड़ा है। कुछ लोगों को इसकी बनावट उल्लू जैसी भी लग रही है। देखें,मौक से आई तस्वीर… आसपास के गांवों से देखने आए लोग मछली मिलने की खबर तेजी से फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए पहुंचने लगे। बताया जा रहा है कि इस तरह की मछली सामान्यतः स्थानीय नदियों या तालाबों में नहीं पाई जाती। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी प्रजाति की मछलियां मुख्य रूप से दक्षिणी अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में पाई जाती हैं। राकेश ठाकुर और गुंजन बाबा नामक स्थानीय लोगो ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक दुर्लभ प्रजाति की मछली है, जो आमतौर पर दक्षिण अमेरिका में मिलती है। इसके यहां मिलने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। चमत्कार से जोड़कर देख रहे ग्रामीण फिलहाल इस मछली को धौनी होटल के पास रखा गया है, जहां इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगातार उमड़ रही है। कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत जीव मान रहे हैं, तो कुछ इसे किसी चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर यह दुर्लभ मछली कटरिया नदी तक कैसे पहुंची।
LIVE: अमेरिका और इजराइल के हमले में 23 की मौत, ईरान का हार्मुज स्ट्रेट खोलने से इनकार
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 38वां दिन है। अमेरिका और इजराइल के हमले में आज 6 बच्चों समेत 23 लोगों की मौत हो गई। ईरान के हमले से इजराइल में भारी तबाही हुई। पल पल की जानकारी...
AI की दुनिया में महासंकट, अमेरिका में गूगल-माइक्रोसॉफ्ट के अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट्स पर ब्रेक
मिडिल ईस्ट में हो सकता है 45 दिन का सीजफायर, जंग पर नई रिपोर्ट, ईरान-अमेरिका में चल रही बात
ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर बड़े हमले किए जा सकते हैं, जिसकी तैयारी अमेरिका और इजराइल ने कर ली है।
ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट का आखिरी रेडियो संदेश लीक, आसमान में मचे घमासान की पूरी कहानी
ईरान में दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट को बचाने के अमेरिकी अभियान में शामिल था उच्च जोखिम
कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी बलों ने ईरान के भीतर गिराए गए एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए एक उच्च जोखिम वाला अभियान चलाया
ईरान पर ट्रंप की धमकी से अमेरिका में हंगामा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की हालिया धमकी ने देश के भीतर विरोध को जन्म दिया है
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के स्पीकर मौलाना यासूब अब्बास रविवार रात उन्नाव पहुंचे। उन्होंने यहां ईरान में हुए संघर्ष के दौरान शहीद हुए आयतुल्ला सैय्यद अली खामनाई की याद में आयोजित एक मजलिस में शिरकत की और लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद और स्थानीय लोग मौजूद रहे। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना यासूब अब्बास ने शहीद आयतुल्ला को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानियां हमेशा इंसानियत, न्याय और सच्चाई का मार्ग दिखाती हैं। मौलाना ने जोर देकर कहा कि हक और इंसाफ के लिए दी गई कुर्बानियां कभी व्यर्थ नहीं जातीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं। अपने संबोधन के दौरान मौलाना ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी देश को सुपर पावर नहीं मानता, बल्कि केवल अल्लाह को ही असली ताकत मानता है। मौलाना अब्बास के अनुसार, अमेरिका और इजरायल मिलकर भी ईरान को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण वे लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। मौलाना यासूब अब्बास ने आगे कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां यह संदेश देती हैं कि अन्याय और दबाव की राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने उपस्थित लोगों से धैर्य, एकता और इंसाफ के रास्ते पर कायम रहने की अपील की। साथ ही, उन्होंने समाज में अमन, भाईचारा और आपसी सम्मान बनाए रखने को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम में अन्य धार्मिक विद्वानों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और शहीदों की याद में दुआएं की गईं। मजलिस में मौजूद लोगों ने शांति, एकता और मानवता की बेहतरी के लिए सामूहिक प्रार्थना की। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। मजलिस के समापन पर अकीदतमंदों ने शहीदों की याद में फातिहा पढ़ी और दुनिया में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी। कार्यक्रम के बाद मौलाना यासूब अब्बास ने स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और सामाजिक व धार्मिक मुद्दों पर चर्चा की। जागरूकता बढ़ाने और लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
ईरानी मिसाइलों का शिकार हुए F-15E विमान के वेपन सिस्टम ऑफिसर को अमेरिका ने एक गुप्त और साहसिक मिशन के जरिए सुरक्षित निकाला।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान के दावे से जुड़ी रही। उसने दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराने की बात कही। दूसरी बड़ी खबर पाकिस्तान की धमकी को लेकर रही। वहां के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस बार कोलकाता तक हमला करेंगे। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान बोला- दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर और दो ट्रांसपोर्ट विमान गिराए, दावा- अमेरिका ने खुद जलाए ईरान ने फिर दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर और दो ट्रांसपोर्ट विमान गिराने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि जब अमेरिकी सेना अपने पायलट का रेस्क्यू कर रही थी, तभी विमानों को तबाह किया गया। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिका ने अपने विमान खुद जलाए हैं, ताकि तकनीक चोरी न हो पाए। ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहते हुए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलने पर बड़ा हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो उसे नरक बना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में पावर प्लांट और पुलों पर हमला करने की बात कही। खबर से जुड़े अहम अपडेट्स... पूरी खबर पढ़ें... 2. PM मोदी बोले- TMC के पापों का घड़ा भर चुका, चुन-चुनकर हिसाब लेंगे PM मोदी ने बंगाल के कूचबिहार में चुनावी सभा की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'TMC के पापों का घड़ा भर चुका है। उनसे चुन-चुन के हिसाब लिया जाएगा। 4 मई को कानून अपना काम करेगा। इस बार न्याय होकर रहेगा।' PM मोदी की 2 अहम बातें… पूरी खबर पढ़ें... 3. पाकिस्तान की भारत को धमकी, रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा- इस बार कोलकाता तक हमला करेंगे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा भारत अगर कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक हमला करेंगे। हम उनके घरों में घुसेंगे और हमला करेंगे। भारत को पिछले साल से भी ज्यादा शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी। राजनाथ ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी: ख्वाजा आसिफ के बयान पर भारत ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।हालांकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान फिर कोई गलत कदम उठाएगा तो भारतीय सेना निर्णायक जवाब देगी। ऐसा जवाब देंगे कि वे कभी नहीं भूलेंगे। पूरी खबर पढ़ें... 4. अखिलेश का तंज- कार पर खड़े हैं या स्टूल पर?, केशव का जवाब- तुम्हारे हाथ रामभक्तों के खून से रंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव मौर्य रविवार को सोशल मीडिया पर भिड़ गए। गाजियाबाद में केशव ने अखिलेश यादव की दादरी जनसभा को फ्लॉप शो बताया। इस पर अखिलेश यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा, कार पर खड़े होकर बोल रहे हैं या स्टूल पर? जनता द्वारा हराए जा चुके जो लोग, अपने चुनाव का आंकलन नहीं कर पाए, वो न ही बोलें तो उनका रहा-सहा मान-सम्मान बचा रहेगा। केशव ने वीडियो शेयर किया- सपा बहादुर के अंदर नहीं है साहस: इसके बाद 1 मिनट 21 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट करते हुए केशव ने लिखा, मैं जानता हूं, सपा बहादुर के अंदर नहीं है साहस। अखिलेश यादव के हाथ राम भक्तों के खून में सने हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 5. कांग्रेस का दावा- असम CM की पत्नी के पास दोहरी नागरिकता, हिमंत विदेश भागेंगे कांग्रेस ने असम CM हिमंता सरमा की पत्नी पर दोहरी नागरिकता का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि भारत में दोहरी नागरिकता मान्य नहीं है। लेकिन हिमंता की पत्नी के पास मिस्र, एंटीगुआ-बारबुडा और UAE के पासपोर्ट हैं। कांग्रेस ने आगे कहा कि हिमंता की पत्नी 52 हजार करोड़ रुपए की अमेरिकी कंपनी की भी मालिक हैं। पवन खेड़ा ने इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है और SIT गठित करने की मांग की है। सरमा बोले- मानहानि का केस करेंगे: असम CM हिमंत ने कांग्रेस के आरोपों को आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि मैं 48 घंटे में पवन खेड़ा पर मानहानि का केस करूंगा। अफवाह फैलाने के लिए उन्हें जेल जाना होगा। पूरी खबर पढ़ें… 6. गाजियाबाद में सिंगर को छूने दौड़े स्टूडेंट ने माफी मांगी, कान पकड़कर बोला- सॉरी गाजियाबाद के राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RKGIT) में 3 अप्रैल को पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा को छूने के लिए दौड़े स्टूडेंट ने रविवार को कान पकड़कर माफी मांगी है। उसने कहा, मेरा नाम शिवांग पांडे है। मैं सुनंदा का फैन हूं। जब वह स्टेज पर गा रही थीं तो मैं अचानक से चला गया और पैर छूने चाहे। मैं माफी मांगता हूं। आप मुझे माफ कर देंगी तो मुझे कॉलेज का मैनेजमेंट भी माफ कर देगा। सुनंदा ने स्टूडेंट को माफ कर दिया। उन्होंने कहा, स्टेज पर एक स्टूडेंट के अचानक आने और उसके मेरे पैरों में गिरने से जो हुआ, उसके लिए मैं स्टूडेंट्स को माफ करती हूं। कॉलेज प्रशासन ने स्टूडेंट पर सख्त कार्रवाई की है। इसे रोक देना चाहिए। प्यार जताने का सबका अपना तरीका होता है। पढ़ें पूरी खबर… 7. दावा- राघव चड्ढा ने मोदी-BJP की आलोचना वाले पोस्ट हटाए, सिर्फ प्रधानमंत्री की तारीफ वाले पोस्ट बचे आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया कि राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया से कई पुराने पोस्ट डिलीट कर दिए हैं, जिसमें PM मोदी और भाजपा की आलोचना थी। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब सिर्फ PM मोदी की तारीफ वाले पोस्ट बचे हैं। राघव चड्ढा बोले- पिक्चर अभी बाकी है: राघव चड्ढा ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें वो संसद में पंजाब के मुद्दे उठाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कैप्शन लिखा कि पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक विषय नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है। दरअसल, राघव पर पंजाब के मुद्दे न उठाने के आरोप लगे थे। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: अहमदाबाद प्लेन हादसे के पीड़ित परिवारों का PM को लेटर: कहा- हम पैसे नहीं, हादसे की वजह जानना चाहते हैं; ब्लैक बॉक्स डेटा की मांग (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: दावा- एपस्टीन और अनिल अंबानी के बीच सैकड़ों मैसेज-ईमेल हुए: यौन अपराधी ने खुद को व्हाइट हाउस का इनसाइडर बताया, विदेश नीति से जुड़ी जानकारियां दीं (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: झारखंड समेत 6 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट: अप्रैल के पहले हफ्ते में तीसरा वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव, इससे राजस्थान-MP में ओले गिरेंगे (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: चुनावी रेवड़ियों से राज्यों का कर्ज बढ़ रहा: लाड़ली बहना के कारण MP का कर्ज रेड लाइन में, महाराष्ट्र में राशन किट योजना बंद (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: शंकराचार्य बोले- मोहन भागवत शादी कर बच्चे क्यों नहीं पैदा करते: विपक्ष के समर्थन के सवाल पर कहा- जो हमारी सुनेगा, उसके साथ खड़े रहेंगे (पूरी खबर पढ़ें) यूपी: कानपुर किडनी कांड का मास्टरमाइंड बोला- करोड़ों फेंक देते हैं :एजेंट से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली; कन्नौज का डॉक्टर पकड़ाया (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: ट्रम्प बोले- ईरान पर आफत टूटने वाली है: सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार तीसरे दिन आएगी बढ़त या फिर गिरावट? 5 फैक्टर्स पर टिका मार्केट (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स के घर आया ₹78 करोड़ का बिजली बिल हरियाणा के नारनौल में पुनीत बुलाना के घर 78 करोड़ 92 लाख का बिजली बिल आया। 6 दिन की रीडिंग में 9 करोड़ से ज्यादा यूनिट दिखीं। शिकायत के बाद बिजली विभाग ने जांच शुरू कर दी है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… ग्राउंड रिपोर्ट: अश्लील वीडियो वाले कैप्टन बाबा का फार्महाउस सील, मंदिर सूना: आम के 5 हजार पेड़, नदी पर कब्जा; भाई बोला- परिवार को बदनाम कर दिया आज का एक्सप्लेनर: क्या है 'प्लान SERE', जिससे ईरान में 36 घंटे जिंदा रहा पायलट; अमेरिका ने रेस्क्यू में अपने ही 2 प्लेन क्यों उड़ाए हिंदू राजा पैगंबर से मिले, भारत की पहली मस्जिद बनवाई: पैगंबर को अदरक का अचार देकर मुसलमान बने; मस्जिद का 13 सीटों पर असर ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट: 36 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन संडे जज्बात-कश्मीरी मुसलमान से शादी की, विदेश ले जाकर छोड़ा: सौतेले पापा ने मुझे घर से निकाला था, मम्मी ने भी बंद किया दरवाजा जरूरत की खबर- चीनी बेहतर है या गुड़: वजन घटाना है तो दोनों न खाएं, खजूर है बेस्ट, डाइटीशियन से जानें वेटलॉस के टिप्स करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
लुधियाना रविवार को मुस्लिम समुदाय ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इजराइल के विरोध में मध्य पूर्व सभ्यता के देवता 'बाल' (Baal) का पुतला फूंका और नारेबाजी की। बड़ी संख्या में लोगों ने बैनर और तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। टिब्बा रोड स्थित मायापुरी इलाके में इस प्रदर्शन में अमेरिका और इजराइन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उनको अत्याचारी बताया गया। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल तैनात था। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह विरोध फिलिस्तीन के समर्थन में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजराइल की फिलिस्तीन में लगातार हो रही कार्रवाई से आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है। इसी के विरोध में इजराइल और उसके समर्थक अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए गए। बाल मध्य-पूर्व की सभ्यता के देवता 'बाल' (Baal) प्राचीन मध्य-पूर्व की सभ्यताओं में पूजे जाने वाले एक देवता का नाम है। ऐतिहासिक रूप से इसे कनानी और फोनीशियन संस्कृतियों में वर्षा, उर्वरता और शक्ति का देवता माना जाता था। कई धार्मिक ग्रंथों, विशेषकर बाइबिल में, 'बाल' को एक ऐसे देवता के रूप में दर्शाया गया है जिसकी पूजा को गलत या विरोधी मानी गई है। अत्याचार और अंहकार के प्रतीक समय के साथ कुछ परंपराओं में 'बाल' को अन्याय, अहंकार या अत्याचार के प्रतीक के रूप में भी देखा जाने लगा। प्रदर्शन के दौरान 'बाल' के पुतले को जलाना प्रतीकात्मक रूप से बुराई, अत्याचार या विरोधी ताकतों के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने का तरीका बताया गया। स्टेफिन फाइल जैसे संदर्भों में उल्लेख कुछ आधुनिक व्याख्याओं और साजिश-सिद्धांतों (conspiracy theories) में 'बाल' का उल्लेख तथाकथित 'स्टीफन फाइल' जैसे संदर्भों में किया जाता है। इन संदर्भों में इसे वैश्विक सत्ता, गुप्त संगठनों या कथित षड्यंत्रों से जोड़ा जाता है। हालांकि, इन दावों का कोई प्रमाणिक ऐतिहासिक या आधिकारिक आधार नहीं है और इन्हें मुख्यधारा के इतिहासकार या शोधकर्ता मान्यता नहीं देते।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है।सोजत के निर्यातकों का करीब 250 करोड़ रुपए का माल पोर्ट और गोदामों में फंसा हुआ है। 4 से 5 हजार रुपए सालाना टर्नओवर वाले इस कारोबार पर ब्रेक लग गया है। प्रोडक्शन 80% गिरा, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार परव्यापारियों के अनुसार, पिछले एक महीने से एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप है। सोजत में करीब 35 ऐसी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जो खास तौर पर मिडिल ईस्ट के लिए नेचुरल मेहंदी और हेयर डाई बनाती हैं। मांग न होने के कारण उत्पादन 20% तक सिमट गया है। व्यापारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल के बाद पहली बार ऐसे हालात बने हैं। पलायन बनी मजबूरीमेहंदी व्यापारी अनिल हिरानी ने बताया कि काम बंद होने के कारण अब तक करीब 2200 मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। इनमें से 80% श्रमिक यूपी, बिहार और कोटपूतली (राजस्थान) के हैं। काम न मिलने के कारण श्रमिक पलायन को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और मंडी सप्लायर्स पर भी बुरा असर पड़ा है। माल भाड़ा हुआ डबल, पेमेंट भी फंसानिर्यातक विनोद लोढ़ा के अनुसार, मुंबई पोर्ट और दिल्ली एयर कार्गो में करीब 150 करोड़ का माल अटका हुआ है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाजों का जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियों ने माल भाड़ा दोगुना कर दिया है। पुराने भेजे गए माल का पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। रमजान के बाद आए ऑर्डर ठप, 100 करोड़ का माल गोदामों में कैदसोजत के मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर विनोद लोढ़ा ने बताया- रमजान से पहले के ऑर्डर तो समय पर चले गए थे, लेकिन उसके बाद आए सभी ऑर्डर युद्ध के कारण रुक गए हैं। वर्तमान में करीब 100 करोड़ रुपए की मेहंदी अकेले सोजत के गोदामों में तैयार पड़ी है, जिसे दुबई भेजा जाना था। लेकिन न तो नए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिस्पैचिंग हो पा रही है। गुजरात से आने वाला कच्चा माल हुआ महंगामेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी ने बताया कि मेहंदी के कोन और पाउडर बनाने के लिए जरूरी रॉ-मटेरियल मुख्य रूप से गुजरात से आता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से वहां के सप्लायर्स ने रेट बढ़ा दिए हैं। 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल, जो पहले 250 रुपए किलो मिलता था, वह अब 350 रुपए तक पहुंच गया है। एक्सपोट्र्स बोले- न दाम बढ़ा सकते, न माल बेच सकते हैंएक्सपोट्र्स की सबसे बड़ी दुविधा यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी और डिमांड की कमी के चलते वे अपनी फिनिश्ड गुड्स (तैयार माल) की कॉस्ट नहीं बढ़ा पा रहे हैं। लागत में 40% तक की बढ़ोतरी होने के बावजूद पुरानी रेट पर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। घरेलू बाजार में भी माल भेजना अब महंगा हो गया है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ चुकी है। 130 देशों का 'ग्लोबल मार्केट' अब अधर मेंसोजत की मेहंदी का रसूख इतना बड़ा है कि यह केवल भारत या खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, पेरिस, आयरलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। व्यापारियों के अनुसार, सोजत से निकलने वाली प्रीमियम मेहंदी और नेचुरल हेयर डाई की मांग यूरोपीय देशों में साल भर रहती है, लेकिन मौजूदा युद्ध ने शिपिंग रूट्स को इतना असुरक्षित बना दिया है कि 130 देशों का यह विशाल नेटवर्क ठप होने की कगार पर है।जो मेहंदी स्पेन, यूनान और माल्टा जैसे देशों के बाजारों की शोभा बढ़ाती थी, वह अब ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण सोजत के गोदामों से बाहर नहीं निकल पा रही है। क्वालिटी का डर- 1 महीने में खराब हो जाता है मेहंदी कोनव्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता क्वालिटी को लेकर है। मेहंदी कोन की लाइफ महज एक महीना होती है, जिसके बाद वह खराब होने लगता है। हेयर डाई की क्वालिटी भी 6 महीने बाद गिरने लगती है। अगर युद्ध लंबा चला, तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4 से 5 हजार रुपए का सालाना टर्नओवरसोजत का मेहंदी कारोबार का सालाना टर्नओवर 4 से 5 हजार रुपए सालाना है। व्यापारियों ने दावा किया- यदि युद्ध आज भी रुक जाए, तो स्थिति को सामान्य होने में कम से कम 4 से 6 महीने का समय लगेगा। व्यापारी बोले- समझ नहीं आ रहा उद्योग कैसे बचाएंमेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी कहते हैं- सोजत की मेहंदी का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट से है। वहां युद्ध शुरू होते ही हमारी सप्लाई लाइन कट गई। अब गुजरात से आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया और ट्रांसपोर्ट के दाम बढ़ गए। समझ नहीं आ रहा कि उद्योग को कैसे बचाएं। 80% श्रमिक बाहरी राज्यों के, रोजी-रोटी का संकटसोजत के मेहंदी उद्योग में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कोटपूतली (राजस्थान) क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं। कुल निकाले गए मजदूरों में 80 फीसदी प्रवासी हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय लोग हैं। इन मजदूरों के लिए मेहंदी सीजन ही साल भर की कमाई का मुख्य जरिया होता है, लेकिन युद्ध ने उनके इस भरोसे को तोड़ दिया है। केवल मजदूर नहीं, पूरी 'सप्लाई चेन' प्रभावित काम बंद होने का असर केवल फैक्ट्री के भीतर तक सीमित नहीं है। इसका 'चेन रिएक्शन' पूरे सिस्टम पर दिख रहा है। किसान: मेहंदी की फसल बेचने वाले किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे। मंडी: सोजत मंडी में व्यापारिक गतिविधियां सुस्त पड़ गई हैं। सप्लायर: पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और कच्चा माल सप्लाई करने वालों का काम भी रुक गया है। खाड़ी देशों की पहली पसंद है 'सोजत मेहंदी'सोजत की मेहंदी अपनी ए-ग्रेड क्वालिटी के लिए जानी जाती है। यहां मेहंदी में केमिकल के बजाय लौंग, नीलगिरी और टी-3 नेचुरल ऑयल का इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इसकी डिमांड मिडिल ईस्ट के अलावा दुनिया के 130 देशों में है। लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति ने इस चमक को फिलहाल धुंधला कर दिया है। लातविया से लेकर पुर्तगाल तक... हर जगह सोजत का डंकासोजत की मेहंदी की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह एस्टोनिया, लिथुआनिया, बुल्गारिया, स्लोवाकिया, और क्रोएशिया जैसे देशों में भी निर्यात की जाती है। यूरोप का बाजार- यहां नेचुरल कॉस्मेटिक्स की भारी डिमांड है, जिसे सोजत पूरा करता है। एशियाई बाजार- नेपाल और मलेशिया जैसे देशों में सोजत की मेहंदी एक अनिवार्य ब्रांड बन चुकी है। पेरिस के फैशन से रूस के बाजार तकसोजत की मेहंदी की सबसे बड़ी खूबी इसका 'केमिकल फ्री' होना है। इसी कारण पेरिस (फ्रांस) जैसे फैशन हब और रूस व बेलारूस जैसे ठंडे देशों में भी इसे स्किन-फ्रेंडली हेयर डाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल इन सभी देशों से आने वाले नए ऑर्डर्स पर युद्ध की अनिश्चितता के कारण 'ब्रेक' लग गया है। 38 हजार हेक्टेयर में फैला है ‘मेहंदी का साम्राज्य’पाली जिले का सोजत और उसके पड़ोसी क्षेत्र रायपुर व जैतारण मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा मेहंदी उत्पादक हब बनाते हैं। कुल 38 हजार हेक्टेयर भूमि पर होने वाली यह खेती यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यहां की मिट्टी और जलवायु मेहंदी के लिए इतनी अनुकूल है कि यहां पैदा होने वाली मेहंदी में लॉसोने (रंग देने वाला तत्व) की मात्रा दुनिया में सर्वाधिक पाई जाती है। प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल का उत्पादन, पर बाजार में सन्नाटा इस क्षेत्र में औसतन 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मेहंदी का उत्पादन होता है। इस साल भी पैदावार बंपर होने की उम्मीद है, लेकिन युद्ध के कारण सोजत की मंडी और फैक्ट्रियों में रौनक गायब है। बंपर स्टॉक: खेतों से मंडी तक माल पहुंच रहा है, लेकिन निर्यात रुकने से स्टॉक जमा होता जा रहा है। भाव का डर: मांग कम होने से किसानों को डर है कि उन्हें अपनी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पाएगा। क्यों खास है सोजत की मेहंदी?सोजत की मेहंदी को इसकी शुद्धता और गहरे रंग के लिए GI टैग (Geographical Indication) भी मिल चुका है। यहां की मेहंदी में किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल के बजाय प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जाता है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारता है। ------ अमेरिका-ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद, हजारों लोग बेरोजगार, डिमांड लगातार कम हो रही, घाटा करोड़ों में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण राजस्थान का मिनरल उद्योग प्रभावित हुआ है। गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्रीज में डिमांड घटने से करीब 2300 से ज्यादा मिनरल्स-ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...
अंतरराष्ट्रीय हालातों और ईरान-इजराइल तनाव के बीच किसानों ने सरकार से खरीफ सीजन से पहले खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने की मांग की है। किसान नेता तेजराम विद्रोही ने कहा कि, सरकार को पहले से पता होता है कि खरीफ सीजन में कितने रकबे में खेती होगी। इसलिए उसी अनुसार खाद का स्टॉक पहले से तैयार रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि, पिछली बार रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान खाद की भारी कमी देखने को मिली थी। जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ी थी। इस बार ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सस्ते दर पर और बिना कालाबाजारी के खाद उपलब्ध कराना जरूरी है। कांग्रेस ने श्वेत-पत्र जारी करने की मांग की कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सरकार केवल बयानबाजी कर रही है, जबकि जमीनी तैयारी नजर नहीं आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, पिछले खरीफ सीजन में किसानों को भारी संकट का सामना करना पड़ा था। करीब 4.5 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की जरूरत के मुकाबले शुरुआती दो महीनों में केवल 80 हजार मीट्रिक टन ही उपलब्ध कराया गया था। इससे किसान यूरिया, डीएपी और पोटाश के लिए भटकते रहे। कालाबाजारी के आरोप कांग्रेस का कहना है कि, कमी के चलते बिचौलियों ने फायदा उठाया और किसानों को तीन से चार गुना ज्यादा कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ा। पार्टी ने आरोप लगाया कि, अगर इस बार भी ऐसी स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सरकार से मांगे जवाब कांग्रेस ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम से स्पष्ट करने को कहा है कि, इस साल उर्वरकों की कुल मांग कितनी है, अब तक कितना स्टॉक तैयार किया गया है ? पार्टी ने कहा कि विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उर्वरकों की उपलब्धता पर पारदर्शिता लाने के लिए श्वेतपत्र जारी करना चाहिए।
अमेरिका-ईरान युद्ध में झुलसा कारोबार:चाइना क्ले उद्योग की 100 यूनिट बंद हुईं, 2000 मजदूरों पर संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर अब स्थानीय उद्योगों तक पहुंच गया है। नागौर का चाइना क्ले उद्योग इस वैश्विक संकट की सीधी चपेट में है। जिले में 100 से अधिक यूनिट पिछले 15 दिनों से बंद हैं, जिससे दो हजार से ज्यादा श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उद्योगों में रोजाना करीब 2-5 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है और अब तक यह आंकड़ा 50 करोड़ रुपए पार कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि 15 अप्रैल तक स्थिति सुधरने की उम्मीद भी नहीं है, क्योंकि गुजरात की खरीदार यूनिटें पूरी तरह ठप हैं। अगर यही स्थिति बनी रही तो नागौर को अकेले 60 से 70 करोड़ रुपए तक का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदेश स्तर पर यह आंकड़ा 300 करोड़ तक पहुंच सकता है। दरअसल, इस पूरे संकट का कारण गुजरात के मोरबी क्षेत्र में सिरेमिक उद्योग का ठप होना है, जो नागौर के चाइना क्ले का सबसे बड़ा खरीदार है। गैस सप्लाई प्रभावित होने और अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने के कारण वहां की फैक्ट्रियां बंद हैं, जिससे नागौर की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। स्थानीय व्यापारी रामप्रसाद मेहरिया ने बताया कि जिले के 100 से अधिक यूनिटों पर काम करने वाले करीब 2 हजार मजदूर बेरोजगार हो गए है। ऐसे में अब सरकार कोई राहत नहीं दी तो उद्योग बर्बाद हो जाएगा। मजदूरों का पलायन, ट्रांसपोर्ट भी ठप मोरबी की सिरेमिक फैक्ट्रियों में काम करने वाले 4 लाख से ज्यादा मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या यूपी, बिहार, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के श्रमिकों की है, जो फैक्ट्रियां बंद होने के बाद अपने घर लौट गए हैं। कच्चा माल ढोने वाले 8000 से ज्यादा ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। संकट बढ़ने के संकेत, 15 तक राहत नहींमोरबी की यूनिट्स 15 अप्रैल तक बंद रहने वाली हैं। अगर इस दौरान गैस सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हुए, तो शटडाउन और लंबा खिंच सकता है। ऐसे में नागौर के उद्योगों के सामने नकदी संकट, श्रमिक पलायन और उत्पादन ठप रहने जैसी कई चुनौतियां एक साथ खड़ी हो गई है। गुजरात में फैक्ट्रियां बंद, राजस्थान से सप्लाई चेन पूरी तरह टूटी“गुजरात के मोरबी में करीब 600 सिरेमिक फैक्ट्रियां अलग-अलग राज्यों से चाइना क्ले खरीदती हैं। नागौर सहित राजस्थान से रोजाना बड़ी मात्रा में कच्चा माल यहां पहुंचता था, लेकिन फैक्ट्रियां बंद होने के बाद प्रोसेसिंग यूनिट से लेकर अंतिम सप्लाई तक पूरी शृंखला ठप हो गई है। मोरबी में करीब 25 प्रोसेसिंग यूनिट्स ही चल रही है बाकि बंद पड़ी हैं, जिससे चाइना क्ले की खपत पूरी तरह रुक गई है और इसका सीधा असर नागौर के उद्योगों पर पड़ा है। जिले के झुंझाला गांव सहित खराड़ी, इंदावड़, टांगळा-टांगळी, छावटा, बोड़वा, पातेली से रोज करीब 250 ट्रक मोरबी जाते थे, मगर ये व्यापार अब पूरी तरह ठप्प हो चुका है।” -भूराराम भाकर, अध्यक्ष, श्री गुंसाई बाबा चाइना क्ले सोसायटी, नागौर।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 450 रुपए पार होने की रही। उधर, ईरान ने अमेरिका के F-35 फाइटर जेट गिराने का दावा किया है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान का दावा- अमेरिका का F-35 फाइटर जेट गिराया, टुकड़ों की तस्वीर भी जारी की ईरान ने अमेरिका के F-35 फाइटर जेट गिराने का दावा किया है। साथ ही F-35 को खोजने आए एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर को भी निशाना बनाया है। ईरान ने F-35 विमान के कुछ टुकड़ों की तस्वीर भी जारी की हैं। ईरानी सेना ने कहा कि अगर हमारे पुल और एनर्जी ठिकानों को छुआ, तो हम मिडिल ईस्ट में सभी अमेरिकी ठिकाने तबाह कर देंगे। दरअसल, गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के 3,800 करोड़ रुपए के ब्रिज पर हमला किया था। पायलट को जिंदा पकड़ने पर इनाम: F-35 फाइटर जेट का पायलट अभी भी लापता है। ईरान ने पायलट को जिंदा पकड़ने पर ईनाम की घोषणा की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि थोड़ा और समय मिला तो होर्मुज का रास्ता खोल देंगे, क्योंकि वहां से तेल की सप्लाई शुरू करके काफी पैसा कमाया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 2. राघव चड्ढा बोले- मुझे खामोश करवाया गया, लेकिन हारा नहीं हूं AAP सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं संसद में जनता के मुद्दे उठाता था। इसी वजह से मुझे खामोश कर दिया गया है। लेकिन मैं हारा नहीं हूं। राघव ने AAP को चेतावनी दी कि आवाज खामोश कराने वालों के सामने मैं सैलाब बनकर आऊंगा। AAP बोली- मोदी से डरे राघव चड्ढा: AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि राघव सदन में पार्टी के मुद्दे नहीं उठा रहे थे। अगर कोई मोदी से डर जाए तो देश के लिए क्या लड़ेगा? वहीं, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि राघव चड्ढा कंप्रोमाइज्ड हो गए हैं। इसी वजह से पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। पूरी खबर पढ़ें... 3. पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा, डीजल 520, पेट्रोल 458 रुपया/लीटर हुआ पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा हो गया है। अब पेट्रोल की कीमत 137 पाकिस्तानी रुपए से बढ़कर 458 रुपए 41 पैसे प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 184 रुपए 49 पैसे बढ़कर 520 रुपए 35 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है। केरोसिन के दाम भी 457 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। ईरान जंग का असर: यह फैसला ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बाद लिया गया है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसे मुश्किल फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था। पूरी खबर पढ़ें... 4. तीखी बहस के बाद ऋषभ पंत से दोबारा वीडियो बनवाया, LSG मालिक गोयनका अब गले लगाते दिखे लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक संजीव गोयनका एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इसकी वजह इकाना स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हार के बाद LSG के कप्तान कप्तान ऋषभ पंत से तीखी बातचीत है। फैंस और आलोचक इस घटना को गोयनका और केएल राहुल के बीच आईपीएल 2024 में हुई घटना से जोड़कर देख रहे हैं। मामले को शांत करने के लिए LSG ने सफाई में एक वीडियो X पर पोस्ट किया। जिसमें लिखा- हर चीज जो आप देखते हैं, वह सत्य नहीं होती। X ने कहा- वीडियो दोबारा शूट किया: LSG के इस वीडियो पर अब विवाद शुरू हो गया है। X ने LSG की पोस्ट पर कम्युनिटी नोट लगा दिया। इसमें वीडियो को रीक्रिएट यानी दोबारा शूट किया गया बताया है। 2 अक्टूबर की घटना से जोड़ते कम्युनिटी ने कहा- जब घटना हुई तो मैदान में भीड़ थी, लेकिन मिस्टर गोयनका ने घटना के बाद में सीन को दोबारा से शूट कराया। इसके लिए ऋषभ पंत को बुलाया गया और दृश्यम 2 अक्टूबर का सीन बनाया गया। वहीं, IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने LSG मालिक संजीव गोयनका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा- वह लूजर हैं। IPL में बतौर फ्रेंचाइजी उन्हें बैन कर देना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 5. लखनऊ में विस्फोट करने आए 4 आतंकी अरेस्ट, पाकिस्तान ने धमाके का टारगेट दिया था यूपी एटीएस ने गुरुवार को लखनऊ से 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया। इसका खुलासा शुक्रवार को किया गया। एटीएस के मुताबिक, आतंकी पाकिस्तान के हैंडलर्स के कहने पर भारत में आगजनी और दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। टारगेट पर था लखनऊ रेलवे स्टेशन: पकड़े गए आतंकी सोशल मीडिया के जरिए विदेशी नंबरों से जुड़े थे। लखनऊ का रेलवे स्टेशन आतंकियों के टारगेट पर था। इसके अलावा देश के प्रतिष्ठित संस्थान और गाड़ियों में विस्फोट करने की भी प्लानिंग थी। इनकी पहचान साकिब उर्फ डेविल, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ बाबू, उर्फ पपला पंडित और अरबाब के रूप में हुई है। नाई निकला गिरोह का सरगना: साकिब इस गिरोह का सरगना है। वह पेशे से नाई है। आतंकियों के पास से केमिकल से भरा कैन, 7 मोबाइल, 24 पंपलेट और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। बरामद मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। यूपी ATS इनकी जांच की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 6. पश्चिम बंगाल में मालदा हिंसा का आरोपी अरेस्ट, एयरपोर्ट से पकड़ा गया; भागने की फिराक में था बंगाल में चुनावी अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में मुख्य आरोपी समेत 35 लोग गिरफ्तार हुए। पुलिस ने मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से पकड़ा। वह बेंगलुरु भागने की फिराक में था। इस्लाम कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील है। वह 2011 में AIMIM का उम्मीदवार रह चुका है। क्या है पूरा मामला: मोफक्करुल पर आरोप है कि मालदा के सुजापुर में 1 अप्रैल को SIR में नाम कटने के विरोध प्रदर्शन में भड़काऊ भाषण दिया, जिसके बाद BDO ऑफिस का घेराव हुआ। इस घटना के दौरान 7 न्यायिक अधिकारियों को 9 घंटे तक ऑफिस के अंदर बंधक बनाकर रखा गया। फिलहाल मामले की जांच NIA को सौंपी गई है। पूरी खबर पढ़ें... 7. राजस्थान के रेगिस्तान में ओले गिरे, 7 जिलों में बारिश; UP-दिल्ली में धूल भरी आंधी चली राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों जैसलमेर और बीकानेर में ओले गिरे, जबकि जयपुर समेत 7 जिलों में बारिश हुई। पंजाब और यूपी के भी कई इलाकों में बारिश हुई। यूपी में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें वाराणसी में सरकारी टीचर, उनकी पत्नी, चित्रकूट में 2 और ललितपुर में 1 व्यक्ति शामिल हैं। मथुरा में 10 हजार बोरी गेहूं भीगा: मथुरा में शुक्रवार शाम होते ही जमकर ओले गिरने लगे। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कोसीकला अनाज मंडी में 10 हजार बोरियों में रखा 5 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। 9 राज्यों में बारिश का अलर्ट: देश के कई राज्यों में अगले तीन दिन मौसम बदला रहेगा। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में एवलांच की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट जारी किया। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... अमेरिका में गलती से महिला बनी करोड़पति अमेरिका में 57 साल की महिला ने लॉटरी लेते समय गलती से 47 की जगह 39 नंबर चुन लिया। उसी नंबर से उसके सभी अंक मैच हो गए और वह करीब 2.33 करोड़ रुपए जीतकर करोड़पति बन गई। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को कामकाज में फायदा मिल सकता है। सिंह राशि वालों को मेहनत के पॉजिटिव नतीजे मिलेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
झांसी में पूर्व डिप्टी सीएम एवं राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए गए आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा की तारीफ की। उन्होंने कहा- राघव चड्ढा एक अच्छे वक्ता हैं। उन्होंने कुछ पब्लिक इश्यू उठाए हैं, जो आम आदमी पार्टी को अच्छे नहीं लगे। रही बात भाजपा के प्रति झुकाव की तो सभी स्पीच में वे भाजपा के खिलाफ ही बोलते हैं। सांसद के तौर पर उनकी परफॉरमेंस अच्छी रही है। अब वो आम आदमी पार्टी नहीं रही, वो खास आदमी पार्टी हो गई है। पार्टी में बहुत सारे उद्योगपति सदस्य बन गए। इसलिए वहां कार्यकर्ता और नेता का कोई महत्व नहीं है। राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा शुक्रवार को झांसी में सखी हनुमान मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां से भाजपा नेता रामजी परिहार और सदर विधायक रवि शर्मा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। लोग अफवाह फैला रहे हैं दिनेश शर्मा ने कहा- दूसरे दलों के लोग गैस और पेट्रोल को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। मगर ये बात सही है कि विश्व में संकट है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 रुपए लीटर पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में छूट कर दी। प्रोडक्ट और खाद पर कस्टम ड्यूटी हटा दी। जीएसटी का सरलीकरण कर दिया। क्राइसिस का मैनेजमेंट किया जा रहा है। देश के विपक्ष को उनकी आरती उतारनी चाहिए, मगर वो आरती अमेरिका से लेकर चीन तक की उतार रहे हैं। उस पाकिस्तान के बारे में बोलते हैं, जहां बुखमरी मची है। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा दिनेश शर्मा ने यूजीसी पर कहा- थोड़े दिन प्रतीक्षा कर लीजिए। धर्मेंद्र प्रधान का 1 मार्च को बयान आ चुका है। उन्होंने कहा- अगड़ा, पिछड़ा, दलित समेत किसी के साथ कोई भेदभाव न हो। ये सरकार की प्राथमिकता पहले भी थी और आज भी है। अभी सुप्रीम कोर्ट में मामला है। अखिलेश के भारत के विश्वगुरु खोने का मौका गंवाने वाले बयान पर कहा- विश्व गुरु कौन बनता है, जो नेतृत्व करता है। अभी G20 हुआ तो जापान, जर्मनी, फांस, अमेरिका के लोग सामने की रो में बैठे थे और मोदी अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे थे। अब गुरु तो हो ही गए न। गुरू का मतलब, नेतृत्वकर्ता और मोदी आज विश्व में है। 102 जिले हिंदू अल्पसंख्यक, उन्हें सुविधा मिले उन्होंने कहा- 2 की जगह अब हम एक बच्चे के सिद्धांत पर बढ़ रहे हैं। ये रिश्तों को समाप्त कर रहा है। संस्कृति को खत्म कर रहा है। डेमोग्राफी का परिवर्तन कर रहा है। अमेरिका रिसर्च कहती है कि जिनके यहां एक बच्चा होता है तो वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। सरसंघचालक ने 3 बच्चों के लिए कहा है। इस पर अमल होना चाहिए। सब लोगों को मिलकर एक राष्ट्रीय नीति तैयार करनी होगी। जनसंख्या के स्थाईकरण के संदर्भ में कानून बने। कश्मीर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश समेत 10 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। हिंदू अल्पसंख्यक है, लेकिन उसको बहूसंख्यक का दर्जा मिलता है। 102 जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक है, उसको अल्पसंख्यक के अधिकार मिलने चाहिए। इसमें मुस्लिम, सिख या किश्चियन का विरोध नहीं है, बल्कि देश के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रत्यन की बात है। भारत बुजुर्ग भारत देश न कहलाए, इसलिए ये प्रयास करना चाहिए। मैंने खतरा बताया है, अब मानना और न मानना समाज के ऊपर है। इस दौरान मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, सांसद अनुराग शर्मा, सदर विधायक रवि शर्मा, विधायक डॉ. रश्मि आर्य, जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह आदि मौजूद थे। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अयोध्या में बुर्का पहनकर लूटने वाली महिला हिंदू निकली:4 महीने की गर्भवती, खिलौना पिस्टल दिखाकर ज्वेलरी लूटी; बॉयफ्रेंड के साथ गिरफ्तार अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली महिला हिंदू निकली। बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उसने वारदात की थी। पुलिस ने गुरुवार देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला का नाम पायल (25) और लड़के का नाम राहुल (27) है। पढ़ें पूरी खबर….
हरियाणा में कैथल जिले के गांव करोड़ा के युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत के बाद अब पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा। परिजनों द्वारा युवक का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार को बेटे के अंतिम दर्शन करवाने के बाद उसका संस्कार कर दिया गया। युवक के अंतिम संस्कार में गांव के लोगों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं व संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हुए और नम आंखों से उसे विदाई दी। फ्रेस्नो पहुंचकर संभाली जिम्मेदारी अमेरिका के फ्रेस्नो शहर में युवक की मौत के बाद समाजसेवी जसबीर लोहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां से पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू करवाई। उन्होंने बताया कि यह बेहद दुखद समय रहा और कोशिश रही कि जल्द से जल्द शव भारत पहुंचे, ताकि परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर सके। अब युवक का संस्कार किया गया है। हार्टअटैक से हुई थी मौत मृतक सुनील उर्फ मोना करोड़ा कैलिफोर्निया में रह रहा था। रात को अपनी मां से बातचीत करने के बाद वह सो गया था। उसके साथ रहने वाले युवक जब बाहर से लौटे, तो वह बेड के नीचे पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 3 साल पहले डंकी रूट से गया था विदेश रिश्ते में चाचा विजेंद्र ने बताया कि सुनील मई 2023 में डंकी रूट से अमेरिका गया था। परिवार ने करीब 40 लाख रुपए खर्च कर उसे विदेश भेजा था। वहां वह गाड़ी चलाने का काम करता था और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद थी। सुनील अविवाहित था और परिवार में उसकी मां व बड़ा भाई है। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घटना से पहले उसने अपनी मां से फोन पर बात की थी और कहा था कि रात हो गई है, अब वह सोने जा रहा है। इसके बाद संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों ने बताया कि बेटे को विदेश भेजने के लिए कर्ज तक लेना पड़ा था। अब उसकी मौत के बाद परिवार सदमे में है।
अमेरिका से इंडियाना सूबे ने अवैध रूप से गए सभी पंजाबी ड्राइवरों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं। इंडियाना के नए कानून से 1790 ड्राइवरों की नौकरी चली गई है। इसमें अधिकतर पंजाबी हैं। गवर्नर माइक ब्रॉन ने मार्च 2026 में हाउस एनरोल्ड एक्ट 1200 पर साइन कर दिए। इंडियाना बीएमवी ने 16 मार्च को 1790 ड्राइवरों को नोटिस भेजा था जिसमें लाइलेंस रद्द करने की सूचना दी गई थी। कानून लागू होते ही 1 अप्रैल को सभी नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल (जिनके पास एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा नहीं था) अपने आप एक्सपायर हो गए। अवैध रूप से ट्रक चला रहे प्रवासियों पर कार्रवाई करने वाला इंडिया अमेरिका का पहला सूबा है। गवर्नर माइक ब्रॉन ने बताया कि ये फैसला फरवरी 2026 में पंजाबी ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए 2 बड़े हादसों के बाद लिया गया है। खासकर फरवरी 2026 में सुखदीप सिंह के ट्रक से हुए एक्सीडेंट में 64 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। सरकार का कहना है कि इससे अनट्रेंड और अनक्वालिफाइड ड्राइवरों को रोका जाएगा, सड़कें सुरक्षित होंगी। नए नियम में अंग्रेजी आना अनिवार्य है। रद्द लाइसेंस वाले ट्रक ड्राइवरों को नौकरी देने वाले ट्रक मालिकों पर 50000 डॉलर जुर्माना लगेगा। इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा बोले- हमारा मकसद किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि स्टीयरिंग व्हील के पीछे बैठा व्यक्ति पूरी तरह ट्रेंड और कानूनी रूप से योग्य हो। जानें वो ट्रक हादसे जिनके कारण कानून बना… तरनतारन के युवक ने बैन को मारी थी ट्रक से टक्कर: इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा ने बताया कि कानून बनाने का मुख्य कारण पिछले 4 महीनों में अवैध इमिग्रेंट ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए गए हादसे हैं। इनमें कुल 6 मौतें हुईं। पंजाब के एक ट्रक ड्राइवर की अमेरिका के फ्लोरिडा टर्न पाइक में ड्राइविंग दौरान बड़ी लापरवाही का वीडियो सामने आया था। फ्लोरिडा की सड़क पर गलत यूटर्न लेने कारण एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया था। इसमें वैन में सवार 3 लोगों की मौत हो गई थी। ट्रक ड्राइवर तरनतारन के गांव रटैला का रहने वाला था। पंजाबी मूल के सुखदीप सिंह ने रेड लाइट जंप कर मारी थी टक्कर: दूसरा हादसा 18 फरवरी 2026 को पंजाबी मूल के सुखदीप सिंह ने किया। 24 साल का सुखदेव 2018 में अवैध रूप से आया था और मई 2025 में लाइसेंस लिया था। उसने हैंड्रिक्स काउंटी में यूएस 36 पर रेड लाइट क्रॉस की। सेमी ट्रक ने पिकअप ट्रक को टक्कर मारी जिसमें 64 वर्षीय टेरी शुल्त्ज की मौत हो गई। सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह सिर्फ 3 महीने से ट्रक चला रहा था। इसी के साथ अमेरिका के कैलिफोर्निया में पंजाब के ट्रक ड्राइवर ने करीब 10 वाहनों को टक्कर मार दी थी। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी पहचान 21 साल के जशनप्रीत सिंह के रूप में हुई थी। हादसों के बाद कानून बनने पूरी कहानी
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका की एक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में मेटा को बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने में नाकाम रहने का दोषी माना। न्यू मैक्सिको की जूरी ने माना कि फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अश्लील वीडियो और फोटो, गलत कामों के लिए बहलाने-फुसलाने और मानव तस्करी जैसे खतरों से बच्चों को नहीं बचाया जा सका। इस मामले में जूरी ने मेटा पर 3141 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। एक अन्य मामले में कैलिफोर्निया की एक जूरी ने मेटा और गूगल को एक युवती के डिप्रेशन और एंग्जायटी के लिए जिम्मेदार माना। युवती का आरोप है कि मेटा समेत सोशल मीडिया कंपनियों ने जानबूझकर ऐसे प्रोडक्ट बनाए जो लत लगाने वाले हैं। इससे उसकी मेंटल हेल्थ पर असर पड़ा। इस मामले में कोर्ट ने मेटा और गूगल पर 28 करोड़ रु. का जुर्माना लगाया है। इसमें से 70% राशि यानी करीब 20 करोड़ रुपए मेटा को देने हैं। कोर्ट दोनों कंपनियों के खिलाफ अतिरिक्त जुर्माना भी लगाएगी। यहां समझिए कि क्यों ऐतिहासिक है ये जीत क्यों है इस केस पर सबकी नजर - यह दोनों मामला उन शुरुआती केसों में शामिल है, जिनमें यह परखा गया कि क्या सोशल मीडिया कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर पोस्ट होने वाले कंटेंट के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। क्यों अहम है यह जीत - न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने इसे बड़ी टेक कंपनी के खिलाफ बच्चों-युवाओं को नुकसान पहुंचाने के मामले में किसी राज्य की ट्रायल में पहली जीत बताया। उन्होंने कहा, मेटा ने बच्चों की सुरक्षा से ऊपर मुनाफे को रखा। क्या मेटा को खतरों की जानकारी नहीं थी: कंपनी के अधिकारियों को पता था कि उनके प्रोडक्ट नुकसान पहुंचा रहे हैं, फिर भी चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जनता से सच छिपाया। हजारों केस के लिए नजीर: यह मामला कैलिफोर्निया की एक अदालत में एक साथ जोड़े गए हजारों व्यक्तिगत मुकदमों में शामिल है। इसके अलावा, फेडरल कोर्ट में 2,000 से ज्यादा मुकदमे अभी लंबित हैं, जो अलग-अलग व्यक्तियों और स्कूल ने दायर किए हैं। क्या होगा असर: ये फैसले ऐसे समय में आए हैं, जब दुनियाभर में बच्चों व किशोरों में फोन के उपयोग को सीमित या प्रतिबंधित कर करने को लेकर कानून बन रहे हैं। फैसले का असर दूरगामी होगा। मेटा बोला- अपील करेंगे: मेटा ने कहा है कि वह फैसले के खिलाफ अपील करेगा। कंपनी ने चुनिंदा दस्तावेज उठाकर सनसनीखेज और गैर-जरूरी दलीलें दिए जाने का आरोप लगाया। भारत- बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध 2 साल में 38% बढ़े केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि पूरे देश में 2021 से 2023 के बीच बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के मामलों में लगभग 38% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। केरल और कर्नाटक टॉप पर देश में बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम के सर्वाधिक मामलों में केरल शीर्ष पर है, जहां 2023 में 443 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.7 प्रति लाख रही। इसके बाद कर्नाटक का स्थान है। राजस्थान - बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां 2021 में मात्र 33 से बढ़कर 2023 में 306 हो गए यानी 827% की चिंताजनक उछाल। केरल में केस 163 से 443 (172%) और उत्तराखंड में 23 से 64 (178%) हो गई। कर्नाटक 164 से 363 (121%) और छत्तीसगढ़ 88 से 193 (119%) में भी दोगुने से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। यहां घटा -: यूपी में केस में 66% की कमी आई है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यह कम रिपोर्टिंग का संकेत हो सकती है।
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?
डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

