Air India Flight Canceled: अमेरिका में वेदर एक्सपर्ट ने बर्फीले तूफान को लेकर चेतावनी दी है, जिसके बाद एयर इंडिया ने 23 फरवरी को न्यूयॉर्क जाने वाली और वहां से आने वाली फ्लाइटें रद्द कर दी है.
चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के जेंगुरी गांव में रविवार शाम किसान विकास मंच ने एक गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते और एमएसपी गारंटी कानून लागू न करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाने की घोषणा भी की। संगठन के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने आरोप लगाया कि सरकार भारतीय किसानों को बचाने के बजाय अमेरिकी कृषि उत्पाद और तेल आयात कर उन्हें कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान विकास मंच सरकार के किसान विरोधी कार्यों का कड़ा विरोध करेगा। पांडेय ने दावा किया कि अमेरिका और केंद्र सरकार किसानों को भूमिहीन दिहाड़ी मजदूर बनाना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों ने विरोध नहीं किया, तो खेती बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में चली जाएगी। उन्होंने अमेरिकी विश्व व्यवस्था और भू-राजनीतिक प्रभुत्व के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि अमेरिका कभी भी भारत का हितैषी नहीं रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी साम्राज्यवाद के सामने समर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि किसान विकास मंच तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन का भी हिस्सा था। सिंह ने यह भी कहा कि यह मंच भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के खिलाफ आंदोलन में संयुक्त मोर्चा की ताकत बनेगा। उन्होंने धान खरीद पोर्टल बंद करने और खरीद में कथित फर्जीवाड़े को सरकार की विफलता बताया। इस गोष्ठी में राधेश्याम पांडेय, धीरेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, अशोक कुमार द्विवेदी, प्रमोद सिंह, बृजेश विश्वकर्मा, हौसला विंद, श्याम बिहारी सिंह, नरेंद्र सिंह, राधेश्याम सिंह, जयनाथ सिंह, धनंजय सिंह, राजबंश सिंह, कैलाश नाथ, महेंद्र सिंह, अंगद पटेल, राम अवध पटेल, श्याम बिहारी सिंह, भरत लाल यादव, भीष्म नारायण यादव, लोहा सिंह, सतीश सिंह, राधेश्याम सिंह, दीनबंधु सिंह और राजेश जायसवाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पंजाब में किसान संगठनों ने आम आदमी पार्टी के विधायकों और सांसदों के घरों का घेराव किया। इसी क्रम में मानसा में सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवाली के आवास के बाहर प्रदर्शन हुआ, जबकि बुढलाडा में विधायक बुद्धराम के निवास पर भी धरना दिया गया। किसानों ने केंद्र सरकार के बिजली संशोधन बिल, सीड बिल और मनरेगा में किए गए बदलावों का विरोध किया। उन्होंने पंजाब के बठिंडा जिले में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ भी रोष व्यक्त किया। केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन बता दे कि प्रदर्शन में किसान नेताओं राम सिंह भैणीबाघा, मनजीत सिंह उल्क, मक्कन सिंह और लखवीर सिंह अकलिया ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले तीन कृषि कानून लाए थे, जिन्हें किसानों ने लंबे संघर्ष के बाद वापस करवाया। अब सरकार नए बिलों और नीतिगत बदलावों के माध्यम से किसान-मजदूर विरोधी कदम उठा रही है, जिसका देशभर में विरोध हो रहा है। भारत- अमेरिका ट्रेड डील का विरोध तेज किसान नेताओं ने यह आरोप भी लगाया कि भारत द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही संभावित ट्रेड डील से पंजाब सहित देश के किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे खेती और डेयरी व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फरीदकोट के गांव संधवां में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और विभिन्न जन संगठनों ने भारत–अमेरिका के बीच हुई डील सहित अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के घर के बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही डील, बिजली संशोधन बिल, बीज बिल और अन्य कथित काले कानूनों के मुद्दे पर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने चुप्पी साध रखी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत–अमेरिका डील का विरोध किसाने नेताओं ने कहा कि भारत–अमेरिका डील से देशभर के किसान बुरी तरह प्रभावित होंगे, जबकि बिजली संशोधन बिल और बीज बिल का असर आम लोगों पर भी पड़ेगा। नेताओं ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज बीजेपी और आम आदमी पार्टी के नेताओं के घरों के बाहर भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी किसान नेताओं ने कहा कि जल्द ही राज्य स्तर पर एक कन्वेंशन आयोजित कर आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके अलावा मोर्चे ने बठिंडा में किसानों पर पुलिस बल प्रयोग करने की भी में निंदा की गई।किसान नेता राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला सहित अन्य नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन समझौतों और बिलों को रद्द नहीं किया गया तो पहले की तरह केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि पीएम मोदी तारीफ करते रहते हैं, जबकि ट्रम्प टैरिफ लगाते रहते हैं। मैं यह राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों के आधार पर कह रहा हूं। जयराम रमेश ने कहा कि अगर समझौता होना है तो बराबरी का होना चाहिए। लेन-देन का मतलब यह नहीं है कि भारत सिर्फ देता रहेगा और कुछ लेगा नहीं। रमेश ने कहा कि यह डील संतुलित नहीं बल्कि एकतरफा है। इसका सबसे बड़ा असर देश के किसानों पर पड़ेगा। 'ट्रेड डील किसानों के गले में फंदे जैसा' कांग्रेस नेता ने कहा कि यह समझौता मक्का, कपास, सोयाबीन, सेब, फल और अखरोट उगाने वाले किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। क्या सरकार गारंटी दे सकती है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसान इस डील से प्रभावित नहीं होंगे? रमेश ने कहा कि यह किसानों के गले में फांसी जैसा है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर भोपाल, यवतमाल और श्रीगंगानगर में 'महा किसान महा चौपाल' आयोजित करेगी। जयराम रमेश ने PM से तीन सवाल किए जयराम रमेश बोले- राहुल तथ्यों के साथ बोलते हैं रमेश ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के राहुल गांधी पर दिए बयान का जवाब देते हुए कहा- राहुल लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) हैं। वे जिम्मेदारी से बोलते हैं, कैजुअली नहीं बोलते हैं। वे तथ्यों के आधार पर बोलते हैं और जो भी कहते हैं, उसके सबूत देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि सदन में चर्चा हो। हमारी महिला सांसदों पर तरह-तरह के आरोप लगाए गए। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव अभी लंबित है। रिजिजू ने कहा है कि 9 तारीख को इस पर बहस होगी। 'ऑपरेशन सिंदूर रोकने की घोषणा अमेरिका से क्यों हुई?' रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि 10 मई 2025 को शाम 5:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा अमेरिका से आई। सवाल है कि क्या मजबूरी थी? यह अप्रत्याशित था। कोई नहीं चाहता था कि ऑपरेशन सिंदूर रोका जाए। उन्होंने कहा कि अचानक अमेरिकी विदेश मंत्री ने 5:30 बजे यह कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है। रमेश ने पूछा कि भारत की संप्रभुता से जुड़े फैसले की घोषणा अमेरिका से क्यों हुई? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बैठक टली भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) को लेकर वॉशिंगटन में होने वाली बैठक स्थगित कर दी है। यह बैठक 23-26 फरवरी को वॉशिंगटन में होने वाली थी। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी 'जॉइंट स्टेटमेंट' के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना था। न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों पक्षों ने तय किया है कि हालिया टैरिफ बदलावों के कारण भारतीय टीम की यह यात्रा टाल दी गई है। इन बदलावों की समीक्षा के बाद बैठक की नई तारीख तय की जाएगी। दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। जिसके बाद ट्रम्प ने शुक्रवार को ही दुनियाभर पर पहले 10% टैरिफ लगाया, फिर 24 घंटे के अंदर ही उसे बढ़ाकर 15% कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… ------ ये खबर भी पढ़ें… जयराम रमेश बोले- MODI गवर्नमेंट मतलब 'मैक्सिमम ऑप्टिक्स डैमेजिंग इंडिया':कहा- खुद को विश्वगुरु कहने वाले लोग दुनिया को ज्ञान देने में बिजी हैं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पेक्ट समिट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा कहा- MODI गर्वेंनेंस का मतलब ‘मैक्सिमम ऑप्टिक्स डैमेजिंग इंडिया, यानी भारत को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचा रहे है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगी रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली
सूत्रों के अनुसार, हाल के घटनाक्रम विशेषकर अमेरिका में टैरिफ को लेकर हुए कानूनी और राजनीतिक फैसलों के मद्देनजर दोनों पक्षों ने स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए अतिरिक्त समय लेने का निर्णय किया है। नई तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
Trump Tariff impact Gold-Silver: जैसे ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर ट्रंप प्रशासन को झटका देते हुए उसे अवैध करार दिया, आम लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि अब सोने-चांदी का क्या होगा ?
सुप्रीम कोर्ट की मार के बाद ट्रंप का 'टैरिफ प्रहार'-क्या 15% टैरिफ से सुधरेगी अमेरिका की किस्मत?
अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज है। सुप्रीम कोर्ट से कानूनी झटका मिलने के ठीक बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सभी विदेशी सामानों पर 15% आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने की घोषणा की है। जानें इस फैसले का भारत और वैश्विक बाजार पर क्या होगा असर।
अमेरिका के ट्रेसी शहर के गुरुद्वारे से किडनैप हुए सिख व्यक्ति का आज शव मिला है। मौत किन कारणों से हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मृतक की पहचान अवतार सिंह (57) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले हैं और कई साल से कैलिफोर्निया में परिवार सहित रह रहे हैं। दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हरनाम सिंह धुमा ने शनिवार शाम को अपने फेसबुक पेज पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनका शव मिल गया है। वह ट्रेसी स्थित गुरुद्वारा साहिब में रसोइए के रूप में सेवा करते थे और परिसर में ही रहते थे। परिवार ने सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज की थी। जिसके बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली थी, जिसमें सफेद रंग की एसयूवी और गहरे कपड़े पहने तीन व्यक्ति अवतार सिंह को जबरन ले जाते दिखाई दे रहे थे। 17 फरवरी को हुए थे किडनेप पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी को शाम 8:52 बजे लापता होने की सूचना मिलने पर टीम ने डब्ल्यू ग्रांट लाइन रोड के 16000 ब्लॉक पर जांच की। पुलिस ने अवतार सिंह और संदिग्ध एसयूवी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कर लोगों से जानकारी देने की अपील की थी। अवतार सिंह को जबरन एक्सयूबी में बैठायाअमेरिकी पुलिस के अुनसार, एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिससे पता चला कि तीन अज्ञात लोगों ने अवतार सिंह को जबरन कार में बैठाया और उसके बाद वहां से चले गए। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पत्नी ने तीन बच्चों को जन्म दिया थापुलिस द्वारा डाली गई अवतार सिंह की पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों के कमेंट भी आए। लोग उनकी तरफ से गुरुद्वारा साहिब में की जाने वाली सेवा की प्रशंसा करते दिखे थे। वहीं कुछ लोगों ने ये भी बताया कि उनकी पत्नी ने तीन महीने पहले ही जुड़वा तीन बच्चे को जन्म दिया था।
कई दशकों से अमेरिका के नेवाडा में एक बेस एक्टिव है. यहां सीक्रेट टेस्ट होते हैं. अमेरिका बताता है कि प्लेन के टेस्ट हैं लेकिन इसे यूएफओ और एलियंस से जोड़कर देखा जाता है. इसे एरिया 51 कहते हैं. एक दिन स्पेस में गए यान से अनजाने में यहां की तस्वीर ले ली गई थी. जानें फिर क्या हुआ.
अमेरिका के पूर्वी तट पर बर्फीले तूफान की चेतावनी, 1500 से अधिक उड़ानें रद्द
अमेरिका के पूर्वी तट पर बर्फीले तूफान की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट और मौसम विभाग की माने तो तीव्र हो रहे शीतकालीन तूफान के कारण मध्य अटलांटिक और उत्तरपूर्वी अमेरिका में भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी 24 फरवरी 2026 को भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा का घेराव करेगी। इस संबंध में शनिवार शाम मंदसौर जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी की अगुवाई में प्रेस वार्ता हुई। बताया गया कि यह आंदोलन प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध, प्रदेश के किसानों के हितों की रक्षा तथा राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। यह घेराव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में होगा। प्रेस वार्ता के दौरान विधायक विपिन जैन, शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इष्टा भाचावत सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों और कार्यकर्ताओं से 24 फरवरी को भोपाल पहुंचकर विधानसभा घेराव में भाग लेने की अपील की है। ट्रेड डील से किसानों को नुकसान की आशंकाप्रदेश कांग्रेस का मत है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में संभावित कमी से मध्य प्रदेश के कपास, सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है। बताया गया कि अमेरिका में औसत कृषि जोत लगभग 170 हेक्टेयर है, जबकि भारत में यह औसतन 1 से 1.5 हेक्टेयर के बीच है। अमेरिकी किसानों को व्यापक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान पहले से ही बढ़ती लागत, मौसमी अस्थिरता और बाजार संकट का सामना कर रहे हैं। सोयाबीन उत्पादकों पर सीधा असरउन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन उत्पादक राज्य है, जहां लगभग 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है। यदि अमेरिकी सोयाबीन तेल या सोया खली का आयात बढ़ता है तो स्थानीय मंडियों में दाम गिरने की आशंका है। इससे किसानों के साथ-साथ स्थानीय प्रसंस्करण उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा मक्का निर्यातक देश है। एथेनॉल उत्पादन के बाद बचने वाले डिस्टलर ड्राइड ग्रेन जैसे उत्पादों के आयात से पशु आहार बाजार प्रभावित हो सकता है, जिससे प्रदेश के मक्का उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। कपास किसानों के लिए चिंताजनक स्थितिकपास के संदर्भ में भी स्थिति चिंताजनक बताई गई। आयात शुल्क में कमी होने पर अमेरिकी कपास के आयात से निमाड़ और मालवा क्षेत्र के कपास किसानों को सीधा आर्थिक आघात लगेगा। पहले से लागत और मूल्य संकट झेल रहे किसानों की आय पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि इस प्रकार का व्यापार समझौता स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था, मंडी व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली पर दबाव डालेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नगदी संकट और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग प्रदेश कांग्रेस ने नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए तीन मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की है - कैलाश विजयवर्गीय - इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल प्रकरण में जवाबदेही के आधार पर। विजय शाह - कर्नल सोफिया को आतंकवादियों की बहन कहने तथा सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत दिए गए बयानों के संदर्भ में। राजेंद्र शुक्ला - जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मृत्यु एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े गंभीर मामलों में जवाबदेही के आधार पर। विधानसभा घेराव के जरिए रखी जाएंगी ये मांगें भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विस्तृत श्वेतपत्र जारी किया जाए। मध्य प्रदेश के किसानों के हितों की संवैधानिक और नीतिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संबंधित मंत्रियों से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा लिया जाए। किसानों के लिए मूल्य सुरक्षा एवं आय संरक्षण की ठोस व्यवस्था लागू की जाए।
करनाल की अनाज मंडी में आयोजित कृषि एवं डेयरीटेक पशुधन प्रदर्शनी में शनिवार को हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी पहुंचे। उन्होंने विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में लगाए गए नवाचारों की सराहना की। मंत्री ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां किसानों और पशुपालकों के लिए नई तकनीक समझने और अपनाने का बड़ा अवसर देती हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। प्रदर्शनी लगाने वालों का बढ़ाना होगा हौसलाकृष्ण बेदी ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियों में भाग लेने वालों और स्टॉल लगाने वालों का हौसला बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी है। चाहे ऑर्गेनिक खेती की बात हो या दूसरे राज्यों से आए स्टॉल की, सभी को अपनी तकनीक और अनुभव साझा करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है, ताकि किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ सकें। एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रियाएआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर मंत्री ने कहा कि इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाए तो देश का सम्मान बढ़ता है, लेकिन विध्वंसक राजनीति देश की छवि को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि इस एआई समिट को केवल देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया देख रही है और लोग समझ रहे हैं कि कांग्रेस किस सोच से प्रेरित होकर ऐसा कर रही है। अमेरिका के 10 प्रतिशत टैरिफ पर बोलेअमेरिका द्वारा 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के सवाल पर कृष्ण बेदी ने कहा कि वह कोई अंतरराष्ट्रीय हस्ती नहीं, बल्कि सरकार के मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अमेरिका के राष्ट्रपति बिना सिर-पैर की बातें कर रहे हैं, उससे पूरी दुनिया परेशान है। अमेरिका की मजबूत आर्थिक व्यवस्था के कारण उसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ता है और अन्य देशों की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है।
Rahul Gandhi: भारत-अमेरिका समझौते को लेकर नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री ट्रेड डील पर फिर से बातचीत नहीं कर पाएंगे और फिर से सरेंडर कर देंगे.
US Tariffs: 18% से घटकर सिर्फ 10% रह गया भारत पर टैरिफ, अमेरिकी कोर्ट के आदेश के बाद आया बड़ा अपडेट
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा था कि राष्ट्रपति को IEEPA के तहत व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। अदालत के इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन को नए कानूनी आधार की तलाश करनी पड़ी। इसी क्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत एक नया वैश्विक टैरिफ आदेश जारी किया।
ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को खत्म पर कांग्रेस ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की सराहना की
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले की तारीफ की है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए ज्यादातर बड़े टैरिफ को खत्म कर दिया गया। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप की पूरी टैरिफ रणनीति को खारिज करने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को सलाम। इसकी आइडियोलॉजिकल बनावट को देखते हुए यह काफी कमाल का फैसला है। 6-3 का फैसला निर्णायक है।” उन्होंने आगे कहा कि शुक्रवार को दिया गया यह फैसला ट्रंप के आर्थिक एजेंडे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, ट्रंप के टैरिफ पर आए कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि जल्दबाजी शैतान का काम है। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के तथाकथित ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है। अगर भारत ने सिर्फ 18 दिन और इंतजार किया होता तो शायद हम एकतरफा भारत-विरोधी ट्रेड डील में नहीं फंसते। उन्होंने आगे लिखा कि मोदी ने 2 फरवरी को देर रात वाशिंगटन को वह कॉल क्यों किया? भारत ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक इंतजार करने की शुरुआती स्ट्रैटेजी क्यों छोड़ दी? रूढ़िवादी नेतृत्व वाली अदालत ने एक दुर्लभ कदम उठाते हुए राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों के उपयोग को सीमित कर दिया। अदालत ने यह घोषित किया कि उनके पास 1977 के इमरजेंसी कानून के तहत भारत सहित अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। पोलिटिको ने 6-3 के फैसले को ट्रंप के इकोनॉमिक प्रोग्राम के एक मुख्य हिस्से की बड़ी अस्वीकृति बताया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की ओर से लिखते हुए राष्ट्रपति की शक्तियों की संवैधानिक सीमाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति असीमित मात्रा, अवधि और दायरे के टैरिफ एकतरफा लगाने की असाधारण शक्ति का दावा करते हैं। इस कथित अधिकार की व्यापकता, इतिहास और संवैधानिक संदर्भ को देखते हुए, उन्हें इसका प्रयोग करने के लिए स्पष्ट संसदीय अनुमति दिखानी होगी।” उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप जिस 1977 के कानून पर भरोसा करते थे, वह जरूरी कांग्रेसनल अप्रूवल से 'कम' है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, न्यायाधीशों ने फैसला सुनाया कि प्रेसिडेंट के पास इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत राष्ट्रपति को इतने बड़े टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं था। द हिल ने कहा कि टिप्पणी की कि अदालत ने “शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापक टैरिफ के अधिकांश हिस्से को खारिज कर दिया और यह निर्णय देते हुए कि वैश्विक व्यापार को पुनर्गठित करने के लिए आपातकालीन कानून का उनका उपयोग अवैध था, उनकी आर्थिक रणनीति के एक प्रमुख स्तंभ को समाप्त कर दिया।” न्यायाधीशों ने प्रेसिडेंट के पास इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के ट्रंप के बड़े टैरिफ को खारिज कर दिया, जो राष्ट्रपति को “अजीब और असाधारण” खतरों वाली नेशनल इमरजेंसी के जवाब में इंपोर्ट को रेगुलेट करने की इजाजत देता है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शन... सभी देशों पर लगाया 10% ग्लोबल टैरिफ
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “निराशाजनक और गलत” बताते हुए कहा कि वह तुरंत एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। उनका कहना था कि यह कदम अमेरिका के व्यापारिक हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी केवल तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक भू-राजनीतिक और आर्थिक महत्व भी है, खासकर उस समय जब दुनिया दुर्लभ खनिजों और उन्नत तकनीकी आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर चीन पर निर्भर है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका, क्या भारतीय सामान पर अब लगेगी जीरो ड्यूटी? यहां समझिए
Zero Duty for Indian Goods: IEEPA के तहत लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट की तहत से गलत करार दिया गया है. इसके बाद अब भारतीय सामान पर जीरो ड्यूटी से जुड़ा रास्ता साफ हो गया है.
Trump Tariff Update: टैरिफ पर अपनी मनमानी ग्लोबल इकोनॉमी में भूचाल लाने वाले अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप पर सुप्रीम कोर्ट का डंडा चला है. अमेरिकी सर्वोच्च अदालत ने ट्रंप के टैरिफ फैसलों को अवैध बताते हुए उन्हें रद्द करने का फैसला दिया है.
America Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिका के कांग्रेसी संसद ट्रंप को रोकने की योजना बना रहे हैं. वो मतदान करने वाले हैं.
US Tariff on India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां की सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगता है. कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ तो अवैध घोषित कर दिया. इस फैसले के दौरान कोर्ट रूम में भारत का नाम भी लिया गया.
भारत-अमेरिका डील पर कांग्रेस का हमला, पार्टी ने कहा- 'यूएस कोर्ट के फैसले के बाद इसे तुरंत रोकें'
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मांग की कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले के बाद केंद्र...
DNA: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को आज यूएस संसद से बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी संसद ने ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला न सिर्फ़ ट्रंप के लिए बड़ा झटका है बल्कि अमेरिका के खजाना पर भी भारी पड़ेगा.
अमेरिकी सेब पर लगे 50% टैरिफ, कश्मीर के किसानों को बचाना है; बोलीं- पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती
Kashmiri Apple: PDP प्रेसिडेंट महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित इंडो-US ट्रेड डील का जम्मू-कश्मीर के हॉर्टिकल्चर सेक्टर पर गंभीर असर पड़ेगा.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ कांग्रेस शुरू करेगी राष्ट्रव्यापी अभियान
मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पार्टी महासचिवों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की एक बैठक में लिया गया नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क और आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। इस संबंध में कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने जानकारी दी। यह फैसला शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पार्टी महासचिवों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की एक बैठक में लिया गया। बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सक्खू ने भी हिस्सा लिया। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी 24 फरवरी को भोपाल से किसान सम्मेलनों की श्रृंखला प्रारंभ करेगी, जिन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे। इसके बाद 7 मार्च को महाराष्ट्र के यवतमाल में किसान सम्मेलन होगा। तीसरा सम्मेलन मार्च में राजस्थान के श्रीगंगानगर में होगा। जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा हुई। कांग्रेस का मत है कि यह समझौता दबाव में किया गया है और इसका पहला असर कपास, सोयाबीन, मक्का, फल और मेवा उत्पादक किसानों पर पड़ेगा। पार्टी द्वारा पहले चरण में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। इसके बाद इस अभियान का विस्तार अन्य राज्यों में भी किया जाएगा और सीधे जनता के बीच इस मुद्दे को ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी ने बैठक में इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी का दूसरा ‘सरेंडर’ बताया। उन्होंने याद दिलाया कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोका जाना पहला ‘सरेंडर’ था। जयराम रमेश ने कहा कि जैसे तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने लंबा आंदोलन चलाया था, उसी तरह कांग्रेस किसान संगठनों के साथ मिलकर इस व्यापार समझौते के प्रभावों को उजागर करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील न होकर ‘ट्रैप डील’ थी, जिसमें मोदी सरकार ने किसानों के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हक की रक्षा के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ‘किसान सम्मेलन’ आयोजित कर इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही 'किसान जागृति यात्रा' शुक्रवार को अशोकनगर पहुंची। यात्रा के स्वागत में जिले भर के किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर-बाइक रैली निकाली, जिसने शहर में शक्ति प्रदर्शन का रूप ले लिया। यह रैली त्रिदेव मंदिर, विदिशा रोड से शुरू हुई। सेन चौराहा और नया बस स्टैंड होते हुए यह राजमाता चौराहे पर समाप्त हुई, जहां एक आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा में पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, हरियाणा के अभिमन्यु कुहाड़ और राजस्थान के इंद्रजीत पन्नीवाला सहित कई किसान नेता शामिल हुए। इन नेताओं ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक एमएसपी को कानूनी दर्जा नहीं मिलेगा, किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिलेगा और उनका शोषण जारी रहेगा। किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने सरकार की कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अमेरिका से आयातित जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) उत्पादों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जीएम सोया तेल के आयात से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के सोयाबीन उत्पादकों को भारी नुकसान हो सकता है। इसका डेयरी उद्योग पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। रैली के समापन पर, किसान प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर डी.एन. सिंह को मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रमुख मांगों में सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, अमेरिका के साथ हुई कृषि व्यापार डील को रद्द करना, पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक उपकरण और मुआवजा, गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित करना तथा खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में, किसान नेताओं ने किसानों से 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है. यूएस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टैरिफ इतना बढ़ाने का राष्ट्रपति को अधिकार नहीं है.
आगर मालवा में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ छावनी नाका चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय लक्ष्मी तंवर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विजय शाह और राजेंद्र शुक्ला के पुतले जलाए। कार्यकर्ताओं ने इन मंत्रियों के तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदेश और केंद्र सरकार को घेरा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बहाने मनरेगा में बदलाव कर मजदूरों के कानूनी अधिकारों पर सीधा हमला किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियां गरीब, किसान और मजदूर विरोधी हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। विजयवर्गीय के बयान की निंदी की प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पर की गई टिप्पणी की भी निंदा की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। नेता बोले- संघर्ष जारी रखेगा जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय लक्ष्मी तंवर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों, किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, अल्पसंख्यक कांग्रेस, किसान कांग्रेस, ओबीसी कांग्रेस, सेवा दल सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और ब्लॉक, मंडल, सेक्टर एवं बूथ स्तर के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय अलंकरणों की घोषणा की गई है। ये सम्मान उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को दिए जा रहे हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज, राष्ट्र और विश्व समुदाय को स्थायी मूल्य दिए हैं। अलंकरण समारोह के संयोजक डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया- फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति में फाउंडेशन का 42वां अलंकरण समारोह 15 मार्च को सिटी पैलेस उदयपुर में आयोजित होगा। फाउंडेशन अब तक 41 वार्षिक समारोहों में देश-विदेश की 4,972 विभूतियों एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर चुका है। इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का कर्नल जेम्स टॉड सम्मान अमेरिका की डॉ. मॉली एम्मा एटकिन को दिया जाएगा। वहीं वर्ष 2017 में 35 हजार फीट की ऊंचाई पर आपातकालीन प्रसव कराने वाले जेट एयरवेज की फ्लाइट 9डब्ल्यू 569 केक्रू सदस्यों को सामूहिक रूप से इस वर्ष का पन्नाधाय सम्मान दिया जाएगा। कर्नल जेम्स टॉड सम्मान: इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर का कर्नल जेम्स टॉड सम्मान अमेरिका की डॉ. मॉली एम्मा एटकिन को दिया जाएगा। डॉ. एटकिन सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क में कला इतिहास की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वे भारतीय लघुचित्र परंपरा, विशेषतः मेवाड़ एवं राजपूत दरबारी चित्रकला की अग्रणी विदुषी मानी जाती हैं। डॉ. एटकिन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एवं कोलम्बिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। भारत आकर राजस्थानी चित्रकला की परंपरा का अध्ययन किया। उनकी चर्चित कृति ‘दी इंटलीजेन्स ऑफ ट्रेडिशन इन राजपूत कोर्ट पेंटिंग’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिली और प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मेवाड़ की चित्रकला, साहिबदीन और चोखा जैसे सिद्धहस्त कलाकारों पर उनके शोध ने वैश्विक स्तर पर मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। कर्नल जेम्स टॉड अलंकरण के तहत दो लाख एक रुपए की राशि, तोरण, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किए जाएंगे। हल्दीघाटी सम्मान: इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का हल्दीघाटी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार कमलेश किशोर सिंह को दिया जाएगा। डिजिटल पत्रकारिता में नवाचार, हिंदी पत्रकारिता को सशक्त दिशा प्रदान करने तथा नई पीढ़ी के पत्रकारों को मार्गदर्शन देने में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। महाराणा उदय सिंह सम्मान: इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए मरिमुथु योगनाथन को महाराणा उदय सिंह सम्मान से सम्मानित किया जाएगा, जिन्हें देशभर में ‘ट्री मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। कोयंबटूर में तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (टीएनएसटीसी) के बस परिचालक के पद पर कार्यरत रहते पर्यावरण आंदोलन और विकास के लिए आपकी यात्रा प्रेरणादायी है। इन्होंने पांच लाख से अधिक पौधे रोपे हैं, जिनमें से लगभग साढ़े तीन लाख वृक्ष आज भी जीवित हैं। पन्नाधाय सम्मान: निर्धारित दायित्व सीमा से ऊपर उठकर किए गए कार्य के लिए दिया जाने वाला इस वर्ष का पन्नाधाय सम्मान, वर्ष 2017 में 35,000 फीट की ऊंचाई पर आपातकालीन प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले जेट एयरवेज की फ्लाइट 9डब्ल्यू 569 के समर्पित क्रू सदस्यों को सामूहिक रूप से दिया जाएगा। जेट एयरवेज की इस उड़ान के दौरान सीमित संसाधनों, चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव और अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में क्रू ने अद्भुत संयम, साहस और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। क्रू सदस्यों में ईशा जायकर, तेजस चव्हाण, मोहम्मद ताज हयात, कैथरीन वार्ष्णेय, सुष्मिता डेविड, एवं डेबोरा तावारेस ने मिलकर नवजीवन को सुरक्षित जन्म दिलाया। इसी बीच कॉकपिट में कैप्टन प्रणव छाबडिया और कैप्टन मार्टिन फेसानेक संकट के परिचालन संबंधी पहलू का प्रबंधन करते रहे हैं। यह घटना सेवा से परे जाकर कर्तव्य, करुणा और मानवीय उत्तरदायित्व का अद्वितीय उदाहरण बनी।
मानसा जिले में कांग्रेसी नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की और राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कमिश्नर मानसा को एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं बलकौर सिंह सिद्धू मूसेवाला, विक्रमजीत सिंह मोफर, कुलवंत राय सिंगला और किसान विंग के जिला अध्यक्ष बलजीत शर्मा ने इस डील को किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा और उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। कांग्रेसी नेताओं का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन सरदूलगढ़ से कांग्रेस नेता विक्रम मोफर ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी किसानों के खिलाफ तीन कृषि कानून लाए थे, जिनका देशभर में विरोध हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह ट्रेड डील अमेरिका को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है, जिससे भारतीय किसानों को बड़ा नुकसान होगा। डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर को सौंपा ज्ञापन नेताओं ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार को लगभग एक साल चले आंदोलन के बाद कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह ट्रेड डील रद्द नहीं की जाती, कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी। ज्ञापन डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर को सौंपा गया।
भारत-अमेरिका के ट्रेड डील को लेकर पंजाब की राजनीति में बहस तेज हो गई है। यह मामला इसलिए खास है क्योंकि टकराव एक ही परिवार के दो बड़े राजनीतिक चेहरों, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और उनके चचेरे भाई पूर्व कांग्रेसी मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली के बीच है। दोनों इस मुद्दे पर बिल्कुल विपरीत रुख अपनाए हुए हैं। तीन दिन पहले लुधियाना के दोराहा दौरे के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा था कि मार्च में फाइनल होने जा रही यह ट्रेड डील भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की फसलों को, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिकती हैं, किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। बिट्टू ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “एक भी दाना एमएसपी से बाहर नहीं जाएगा।” उनके अनुसार, भाजपा सरकार के कार्यकाल में एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद हुई है, जिससे किसानों को पहले से कहीं अधिक मजबूती मिली है। बिट्टू ने की मोदी और अमित शाह की तारीफ बिट्टू ने डेयरी सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब दूध उत्पादन में अग्रणी है और गुजरात मॉडल के साथ मिलकर देश को और मजबूत किया जा सकता है। उनका संकेत था कि अगर देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा, तो पंजाब के किसान और उत्पादक वर्ग को भी बड़े अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही बिट्टू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए गुजरात मॉडल और अमूल की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जिस नेता को देश की जनता ने तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है, क्या वह देश और किसानों की चिंता नहीं करेगा?” पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने सवाल खड़े किए दूसरी ओर, आज खन्ना में कांग्रेस के रोष प्रदर्शन के दौरान बिट्टू के चचेरे भाई और पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने इस ट्रेड डील पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कोटली से जब उनके भाई बिट्टू के दावे पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता बड़े-बड़े दावे तो कर रहे हैं, लेकिन यह साफ नहीं कर रहे कि जमीनी स्तर पर किसानों को असली फायदा कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा, “तरक्की की बात करना आसान है, लेकिन यह भी बताना जरूरी है कि किसान की आमदनी कैसे बढ़ेगी।” पंजाब को करना पड़ेगा प्रतिस्पर्धा का सामना : कोटली कोटली ने कहा कि अगर विदेशी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजार में आए, तो पंजाब के किसानों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए बड़े वादे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और हो सकती है। इस तरह, एक ही परिवार के दो प्रमुख राजनीतिक चेहरों के अलग-अलग विचारों ने इस ट्रेड डील को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बना दिया है।
PAX Silica Benefits: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद अब एक और समझौता हो गया है.भारत और अमेरिका के बीच Pax Silica डील हुई है. भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी राजूदत सर्गेई गोर ने इस समझौते का ऐलान किया.
अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार करते हुए दो प्रमुख ठिकानों डिएगो गार्सिया (हिंद महासागर) और RAF फेयरफोर्ड (ब्रिटेन) का इस्तेमाल करना चाहता है। डिएगो गार्सिया चागोस द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है और 1970 के दशक से यह ब्रिटेन और अमेरिका का साझा सैन्य अड्डा है।
ट्रंप ने ताइवान और ईरान पर अमेरिकी मिलिट्री स्ट्रैटेजी बताने से किया इनकार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान या ईरान को लेकर किसी भी संभावित मिलिट्री स्ट्रैटेजी के बारे में बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने तेहरान के लिए एक छोटी डेडलाइन तय की और ब्रिटेन के रॉयल फैमिली से जुड़े नए विवाद पर भी बात की
दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा- ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। अब तक चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि कांग्रेस कार्यकर्ता भारत मंडपम में अंदर कैसे आए क्योंकि एंट्री के लिए पास या क्यूआर कोड अनिवार्य किया गया है। AI समिट में प्रदर्शन की 2 तस्वीरें… भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X कहा कि कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया है। यह INC नहीं, बल्कि एंटी-नेशनल कांग्रेस है। शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस राहुल गांधी के कहने पर विरोध कर रही है। यह बिना मुद्दे का, बिना सोच का और बिना भावना का प्रदर्शन है। यह भाजपा या प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन नहीं, यह भारत की उपलब्धियों के खिलाफ प्रदर्शन है। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। तीन 'सूत्रों' पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है - पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले। --------------------------- AI समिट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मोदी बोले- अगली पीढ़ी के लिए सही AI छोड़ना जरूरी: AI इम्पैक्ट समिट में गूगल CEO पिचाई ने कहा दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' का आज चौथा दिन है। आज के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। इस पर किसी की मोनापॉली यानी एकाधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI में रफ्तार और पैमाना अकल्पनीय है। हमें इस क्षेत्र में बड़े सपने देखने होंगे, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। पूरी खबर पढ़ें… गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर: पहले चीनी रोबोट, फिर ड्रोन को अपना बताया; कांग्रेस बोली- सरकार ने देश की इमेज खराब की चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया है। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
America News: अमेरिका में एक 25 साल के भारतीय को गिरफ्तार किया गया है. इस युवक ने अपने ट्रक से तीन गाड़ियों को टक्कर मार दिया था जिसकी वजह से एक आदमी की मौत हो गई है.
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। अश्विनी वैष्णव बोले- सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी आर्थिक मामलों के सचिव जैकब हेलबर्ग ने इसपर साइन किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया- भारत में पहले से ही 10 प्लांट्स पर काम चल रहा है। बहुत जल्द देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। वैष्णव ने यह भी साझा किया कि भारतीय इंजीनियर अब देश में ही एडवांस '2-नैनोमीटर' चिप डिजाइन कर रहे हैं। सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री को 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को आने वाले समय में करीब 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी और दुनिया की यह उम्मीद भारत से ही है। उन्होंने कहा, देश के पास अब एक साफ दिशा और लक्ष्य है। हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडरशिप लेनी है। अमेरिका बोला- भारत का प्रवेश सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं समिट में शामिल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस गठबंधन में भारत की एंट्री को रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, भारत के पास ऐसा टैलेंट है जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता है। भारत की इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बहुत जरूरी है। मोदी और ट्रम्प की जल्द हो सकती है मुलाकात सर्जियो गोर ने भारत में हो रही इस समिट को बेहद प्रभावशाली बताया। जब उनसे पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत देते हुए कहा- बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी। भारत-अमेरिका की साझेदारी से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए 'पैक्स सिलिका' समझौते के दौरान गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इस समझौते का मकसद सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे। सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि एआई (AI) का फायदा सबको मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गूगल अपने प्रोडक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और खास बिजनेस सॉल्यूशंस के जरिए भारत में एआई की ग्रोथ को पूरा सपोर्ट कर रहा है। क्या है पैक्स सिलिका और इसमें कौन-कौन शामिल? इसे दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहां कच्चे माल से लेकर एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर तक की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे। सदस्य देश: भारत के अलावा इस गठबंधन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई, कतर, ग्रीस और ब्रिटेन शामिल हैं। विकासशील देश में होने वाली पहली AI समिट यह अपनी तरह का पहली एआई समिट है जो विकासशील देश में हो रही है। 5 दिन की समिट में दुनिया भर के लीडर्स, मंत्रियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया। समिट के दौरान टेक कंपनियों ने भारत में कई नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और डील्स का एलान किया है। आज शाम को ये लीडर्स AI को संभालने और इसके रिस्क को कम करने पर एक साझा विजन पेश करेंगे। 200 बिलियन डॉलर का निवेश आने की उम्मीद इस समिट के जरिए भारत ने खुद को ग्लोबल AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि अगले दो साल में देश में एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 200 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा।
लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर ने एक्टर रणवीर सिंह से 10 करोड़ रुपए मांगे थे। यह मांग एक धमकी भरे वॉइस नोट के जरिए की गई। वॉइस नोट अमेरिका के एक फोन नंबर से रणवीर सिंह के मैनेजर के व्हाट्सऐप पर भेजा गया था। यह दावा एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से किया। सूत्रों के अनुसार बताया गया कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उस अमेरिकी नंबर के बारे में जानकारी के लिए अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क किया है। प्राथमिक जांच में वॉइस नोट की आवाज हैरी बॉक्सर से मिलती बताई गई है। वहीं, रणवीर सिंह को मिले इस धमकी भरे मैसेज पर अब तक एक्टर की ओर से कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। रणवीर सिंह को धमकी मिली थी द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह को धमकी रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के करीब एक दिन बाद, 2 फरवरी को मिली थी। वहीं, इस खबर की जानकारी 10 फरवरी को मीडिया में आई। धमकी के बाद रणवीर सिंह के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई। मामला मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। रणवीर और दीपिका ने प्राइवेट सिक्योरिटी भी बढ़ाई। छह हथियार से लैस सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए। इसके बाद 13 फरवरी को रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी को एक और धमकी ऑडियो क्लिप के जरिए मिली। क्लिप में बोलने वाले व्यक्ति ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए कहा था, 'अब तुम्हें दिखाएंगे कि हमारी ताकत के आगे तुम्हारी सात पुश्तें भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगी। तुम्हारे सभी मैनेजर कहां रहते हैं, कब आते-जाते हैं और परिवार कहां रहता है, सब पता है। संभल जाओ, वरना एक-एक मैनेजर को निशाना बनाना शुरू करेंगे।' धमकी वाली यह ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने रणवीर और रोहित शेट्टी के मैनेजरों का बयान दर्ज किया था। कौन है हैरी बॉक्सर?हैरी बॉक्सर का असली नाम हरी चंद जाट है, जो लॉरेंस गैंग का एक्टिव मेंबर माना जाता है। हैरी राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है और पहले जयपुर में बॉक्सिंग कोच था, जिससे उसे बॉक्सर नाम मिला। उसके खिलाफ राजस्थान, पंजाब और दिल्ली में जबरन वसूली, लूट और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। ………….. रणवीर सिंह से जुड़ी यह खबर पढ़िए… धमकी मामले में रणवीर सिंह के मैनेजर का बयान दर्ज:रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग केस में क्राइम सीन भी किया गया रीक्रिएट मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के मैनेजरों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, इसके अलावा अलग से क्राइम ब्रांच ने रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग से जुड़े घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट किया है। इसमें पुणे से मुंबई एक स्कूटर लाना भी शामिल है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिका के कैलिफोर्निया में ट्रेसी सिटी के गुरुद्वारा परिसर से एक सिख व्यक्ति का अपहरण हो गया है। अवतार सिंह का अपहरण उस समय हुआ जब वो गुरुद्वारा परिसर में था। पुलिस को इस मामले में एक सीसीटीवी फुटेज मिली है जिसमें तीन अज्ञात लोग दिख रहे हैं और एक सफेद रंग की एक्सयूवी कार दिख रही है। अवतार सिंह मूलरूप से लुधियाना के रहने वाला है लेकिन कई वर्षों से उसका परिवार कैलिफोर्निया में ही है। अवतर सिंह की उम्र 57 साल बताई जा रही है और वो ट्रेसी स्थिति गुरुद्वारा साहिब में लंबे समय से रसोइए के रूप में कार्य कर रहे थे और गुरुद्वारा परिसर में ही रहते थे। परिवार ने अपहरण की शिकायत स्थानीय पुलिस सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस को दे दी है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस ने अवतार सिंह की फोटो व एक्सयूवी कार की फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करके लोगों से जानकारी मांगी है। पुलिस के अनुसार 17 फरवरी को लगभग शाम 8:52 बजे उन्हें किसी व्यक्ति के लापता हाेने की सूचना मिली तो वो पेट्रोल डिप्टी ट्रेसी के डब्ल्यू ग्रांट लाइन रोड के 16000 ब्लॉक में पहुंचे। जांच के दौरान निगरानी फुटेज में एक सफेद एसयूवी और गहरे कपड़े पहने तीन अज्ञात व्यक्ति लगभग दोपहर 2:30 बजे पीड़ित के साथ दिखाई दिए। अवतार सिंह को जबरन एक्सयूबी में बैठाया स्थानीय पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिली है उससे पता चला है कि तीन अज्ञात लोगों ने अवतार सिंह को जबरन कार में बैठाया और उसके बाद वहां से चले गए। स्थानीय पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर किडनेपरों की पहचान करने में जुटी है। अभी तक नहीं लगा सुराग स्थानीय पुलिस के मुताबिक अभी तक अवतार सिंह का कोई पता नहीं लगा है। पुलिस मिसिंग के साथ साथ किडनेपिंग के एंगल से जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर लोग उनके सकुशल होने और मिलने के संबंध में कमेंट कर रहे हैं। तीन महीने पहले ही हुए थे उनके तीन बच्चे एक साथ पुलिस ने अवतार सिंह की जो पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली है उस पर बड़ी संख्या में लोग कमेंट कर रहे हैं। कमेंट में लोग उनकी तरफ से गुरुद्वारा साहिब में की जाने वाली सेवा की प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग लिख रहे हैं कि इनके तीन महीने पहले तीन बच्चे एक साथ हुए थे।
Iran Nuclear Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर 10-15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कड़े परिणामों की चेतावनी दी है. इस बीच ईरान-रूस ने संयुक्त युद्धाभ्यास से तनाव को और बढ़ा दिया है.
DNA: किसी भी सूरत में अमेरिकी शर्तों झुकने को तैयार नहीं है ईरान, अब ट्रंप करेंगे हमले का फैसला
अगर ईरान डील न करने का फैसला करता है, तो यूनाइटेड स्टेट्स के लिए डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड में मौजूद एयरफील्ड का इस्तेमाल करना ज़रूरी हो सकता है, ताकि एक बहुत अस्थिर और खतरनाक सरकार के संभावित हमले को खत्म किया जा सके - एक ऐसा हमला जो संभावित रूप से यूनाइटेड किंगडम के साथ-साथ दूसरे दोस्त देशों पर भी किया जा सकता है.
Air Force one :एयरफोर्स वन अब ट्रंप के पसंदीदा रंग का हो जाएगा. जिस रंग की टाई में ट्रंप अक्सर नजर आते हैं, वही रंग अब ट्रंप के प्लेन में भी दिखाई देगा. जो सुनहरा रंग ट्रंप के होटल में दशकों से मौजूद है और अब व्हाइट हाउस में भी इस्तेमाल हो रहा है, वो अब एयरफोर्स वन का भी हिस्सा बनने जा रहा है.
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा आज पटना पहुंचे थे। कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस सरकार का नारा जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ था वह अब लुढ़ककर ‘अमेरिका निर्भर भारत’ हो गया है। अमेरिका से डील करके यह मजबूत सरकार एक मजबूर सरकार बन गई है। इस डील के माध्यम से किसी को सबसे ज्यादा नुकसान किसका हो रहा है और बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। वहीं उन्होंने गलगोटिया विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह सरकार के लिए एक सांकेतिक बात है कि सरकार अपनी दिशा को लेकर सोचे। सरकार ने भारत के किसानों के हितों की बलि दे डाली उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में मोदी सरकार ने भारत के किसानों व खेत-खलिहान के हितों की बलि दे डाली। भारत की ऊर्जा सुरक्षा से सरेआम खिलवाड़ किया। भारत की डिजिटल स्वायत्ता व हमारी डेटा प्राईवेसी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। भारतीय हितों की रक्षा में मजबूती से खड़े होने की बजाय, एक मजबूर सरकार ने भारत की संप्रभुता व आत्मनिर्भरता से समझौता कर लिया। मोदी सरकार द्वारा भारतीय हितों की तिलांजलि देने के विभिन्न पहलुओं को परखें गए हैं। अमेरिका ने पड़ोसी देश बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया व्यापार समझौते का बड़ा प्रभाव ‘‘कपास’’ पैदा करने वाले किसान पर पड़ेगा। 9 फरवरी, 2026 को अमेरिका ने पड़ोसी देश, बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया, जिसमें स्पष्ट तौर से कहा गया कि बांग्लादेश अमेरिकी कपास व धागा आयात कर जो कपड़ा व वस्त्र अमेरिका को निर्यात करेगा, उस पर अमेरिका में जीरो शुल्क लगेगा। इसके विपरीत, भारत जो कपड़ा व वस्त्र का बड़ा निर्यातक है, हमारे निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इससे तिरुपुर, सूरत, पानीपत, लुधियाना व पूरे देश के वस्त्र उद्योग पर भी विपरीत असर पड़ेगा। कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद 12 फरवरी, 2026 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सार्वजनिक तौर से देश को बताया कि भारत भी अमेरिका से कपास आयात कर जो कपड़ा वा वस्त्र निर्यात करेगा, उसे भी बांग्लादेश के बराबर राहत मिलेगी। यानी अब अमेरिकी कपास के भारत में निःशुल्क आयात का दरवाजा भी मोदी सरकार ने खोल दिया है। दूसरी ओर, बांग्लादेश भारत से 50 प्रतिशत कपास का आयात करता है। अब कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद हो जाएगा। यह किसान पर डबल मार है।
केंद्र सरकार के 'विकसित भारत' अभियान के बीच पाटी जनपद के आदिवासी किसानों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खेती, बिजली और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि वर्तमान नीतियां अन्नदाता को सशक्त करने के बजाय कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही हैं। बिजली निजीकरण और सब्सिडी खत्म होने का डर संगठन के हरसिंग जमरे ने बिजली संशोधन बिल का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र का निजीकरण कर गरीबों और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म करना चाहती है। किसानों को आशंका है कि सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निजी कंपनियों को सौंपने से मुनाफा कंपनियों की जेब में जाएगा, जबकि ग्रामीण इलाकों में बिजली और महंगी व दुर्लभ हो जाएगी। फिलहाल गांवों में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, ऐसे में निजीकरण से स्थिति और बिगड़ने का डर है। मजदूरी और बीज नीति पर नाराजगी किसानों ने 'विकसित भारत ग्राम जी' कानून को मजदूर विरोधी बताया है। उनका कहना है कि मोबाइल हाजिरी और आधार-केवाईसी जैसे तकनीकी पेचों के कारण मजदूरों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। वहीं, नए बीज बिल 2026 को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। इसमें विदेशी कंपनियों को बिना सख्त जांच के बीज बेचने की छूट दी गई है, जिससे किसानों के साथ ठगी की आशंका बढ़ गई है। अगर नकली बीज से फसल खराब होती है, तो किसानों के लिए न्याय की प्रक्रिया को भी कमजोर कर दिया गया है। विदेशी समझौतों से किसानों को घाटा नासरी बाई निंगवाल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों को छूट देने से घरेलू बाजार में कपास, सोयाबीन और मक्का के दाम गिर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि लागत का डेढ़ गुना भाव देने का वादा आज भी अधूरा है। पलायन और भगोरिया हाट की सुरक्षा का मुद्दा आर्थिक तंगी के कारण आदिवासी परिवारों को गुजरात और महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूरी व शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। संगठन ने प्रशासन को पत्र सौंपकर आगामी भगोरिया हाट के दौरान शराब, जुआ-सट्टा और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और आदिवासियों की साल भर की कमाई को बर्बादी से बचाने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है।
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के मध्य जंग की आहट के बीच गनबोट डिप्लोमेसी क्या है?
क्या अमेरिका इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकता है? कहा जा रहा है कि युद्ध की तैयारी कर ली गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित अमेरिकी कार्रवाई जून में इजरायल द्वारा किए गए 12-दिवसीय हमले से कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को निशाना बना सकता है। बताया जा रहा है कि पेंटागन संभावित ईरानी जवाबी हमले को देखते हुए क्षेत्र में अपनी तैयारियां बढ़ा रहा है।
'ट्रंप फिर खोज रहे हैं भारत पर टैरिफ लगाने के बहाने...', ट्रेड डील के बाद अमेरिकी सांसद का बड़ा दावा
India Tariffs: US कांग्रेसी ब्रैड शेरमन भारत पर प्रस्तावित टैरिफ को लेकर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की है. उन्होंने कहा कि टैरिफ के जरिए हमारे दोस्त को परेशान किया जा रहा है.
हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा अचानक वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को चेताया है कि इस रणनीतिक द्वीप को लंबी लीज पर देना खतरनाक होगा.माना जा रहा है कि ईरान से टकराव की स्थिति में यही बेस अमेरिका की असली ताकत बन सकता है. जानते हैं आखिर क्या हैडिएगो गार्सिया, इसकी पूरी कहानी.
American military strikes on Iran as soon as Saturday:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके सलाहकारों ने बताया कि अमेरिकी सेना शनिवार तक ईरान पर हमला कर सकती है, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन मिडिल ईस्ट से कुछ कर्मियों को हटा रहा है, ताकि ईरान की जवाबी कार्रवाई से बचा जा सके. ये खबर व्हाइट हाउस में तनाव बढ़ा रही है.
अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन के बयान से बवाल: ‘कुत्तों और मुसलमानों’ वाली टिप्पणी पर देशव्यापी विवाद
किसवानी और उनके समर्थकों ने रैंडी फाइन पर मुसलमानों और फिलिस्तीनियों को अमानवीय रूप में पेश करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल समाज में नफरत और ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है।
हरदोई में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा
भारतीय किसान यूनियन अम्बावता (अ) गुट के किसानों ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील समझौते के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने इस समझौते को अन्नदाताओं के हितों के खिलाफ बताया। विरोध जताते हुए किसान डीएम कोर्ट की सामने धरने पर बैठ गए, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अरुणिमा श्रीवास्तव के समझने की बाद ही किसानों ने धरना समाप्त कर ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि यह समझौता गेहूं, धान, मक्का और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसानों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और उनकी आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। धरने के दौरान किसानों ने राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तत्काल रद्द किया जाए या इस पर पुनः विचार किया जाए। जिला अध्यक्ष प्रेमसागर यादव और महिला जिलाध्यक्ष अर्चना ने इस अवसर पर कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
संभल जिले के पलथा गांव में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) असली ने एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर अमेरिकी सरकार के साथ हुई ट्रेड डील के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। पंचायत को संबोधित करते हुए संगठन के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव ऋषिपाल सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अमेरिकी सरकार के साथ की गई ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों की कमर टूट जाएगी और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा। यादव ने स्पष्ट किया कि किसान किसी भी सूरत में अपने अधिकारों और आजीविका पर आंच नहीं आने देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पंचायत में मौजूद किसानों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले का विरोध करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि खेती-किसानी पहले से ही महंगी लागत, कम समर्थन मूल्य और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रही है। ऐसे में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय समझौते किसानों की मुश्किलें और बढ़ा देंगे। पंचायत में यह भी घोषणा की गई कि 18 फरवरी 2026 को मुरादाबाद स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक किसानों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, जयवीर सिंह यादव, दिलशाद भाई, राहिद भाई, हाजी महबूब, बारिश भाई, विरेश यादव, मोहम्मद उमर, राशिद खां, वसीम खां, हाजी यूसुफ सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे। पंचायत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन किसानों में सरकार की नीतियों को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जैसे ही 'विकसित एमपी' का रोडमैप पढ़ना शुरू किया, विपक्ष ने शोर मचाकर इंदौर दूषित जलकांड, छिंदवाड़ा कफ सिरप से हुई मौतों के मामले पर हंगामा किया। वहीं, सदन के बाहर मोहन सरकार के मंत्री और कांग्रेस विधायक आमने-सामने आ गए। एक तरफ 'विकास' की बात हुई, तो दूसरी तरफ सीधा हमला 'देश की नाक' और 'प्रधानमंत्री की रील' तक पहुंच गया। एमएसएमई मंत्री ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा। वहीं, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने पटलवार करते हुए कहा काश्यप साहब अमेरिका की तरफ देख तो लो, आपके प्रधानमंत्री ने नाक कहां से कटाई है। आज जो रील बनाकर अमेरिकन्स भेज रहे हैं, प्रधानमंत्री जी डांस कर रहे हैं। मंत्री बोले- पहली बार किसी IAS को किया सस्पेंड मंत्री चैतन्य काश्यप ने कांग्रेस के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि डॉ. मोहन यादव सरकार की कार्य करने की गति से कांग्रेस घबरा गई है। इंदौर मामले में मुख्यमंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी आईएएस अधिकारी को सस्पेंड किया है। छिंदवाड़ा में भी त्वरित कार्रवाई की गई है। सरकार इन सभी मुद्दों पर सदन में रिपोर्ट पेश करने वाली है। कांग्रेस को अगर सवाल पूछना है तो चर्चा के लिए आए, संबंधित मंत्री और खुद मुख्यमंत्री जवाब देंगे।' उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, ‘विजय शाह ने कोर्ट में 4 बार माफी मांगी है या नहीं, इन सब बातों के लिए सदन में चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस का नेतृत्व दिल्ली से लेकर भोपाल तक दिग्भ्रमित है। उन्हें संसदीय मर्यादाओं का पालन करना चाहिए, लेकिन वे केवल हंगामा करना जानते हैं क्योंकि उन्हें विकास का रोडमैप पच नहीं रहा है।’ बरैया ने पीएम पर की टिप्पणी मंत्री चेतन्य काश्यप के बयान पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने पटलवार करते हुए कहा कि काश्यप साहब को इतिहास का ज्ञान नहीं है। पहले गोरों के आदेश लंदन से चलते हैं आज गोरों के आदेश अमेरिका से चल रहे हैं। कांग्रेस के न होने के कारण ही तो ये हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने के बाद विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री के बयान पर जवाब देते हुए कहा- काश्यप साहब अमेरिका की तरफ देख तो लो, आपके प्रधानमंत्री जी ने नाक कहां से कटाई है आज जो रील बनाकर अमेरिकन्स भेज रहे हैं। प्रधानमंत्री जी डांस कर रहे हैं। चेतन्य काश्यप जी, अपनी दिल्ली सरकार से कहो कि अमेरिका से कम से कम बैन तो लगवाओ, हमारे देश का प्रधानमंत्री को आप उसको डांस करवा रहे हो। ये कांग्रेस न होने के कारण ही हो रहा है।
कनाडा-अमेरिका रूट के विमानों का हो तकनीकी ऑडिट : औजला
भास्कर न्यूज | अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने एयर इंडिया की लंबी दूरी की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री को पत्र लिखकर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका रूटों पर विमानों के उन्नयन की मांग की है। सांसद औजला ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब और उत्तर भारत से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय इन देशों की यात्रा करते हैं। यात्रियों से भारी किराया वसूला जाता है, लेकिन उन्हें पुरानी और जर्जर विमानों में सफर करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 12 से 15 घंटे की लंबी उड़ानों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों और यात्रियों के अनुभवों में भी इन कमियों की पुष्टि हुई है। उन्होंने मंत्रालय से मांग की है कि संबंधित अंतरराष्ट्रीय रूटों पर संचालित वाइड-बॉडी विमानों का तत्काल तकनीकी ऑडिट कराया जाए, पुराने विमानों को बदला या उनका व्यापक नवीनीकरण किया जाए तथा आधुनिक इन-फ्लाइट मनोरंजन प्रणाली के अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू किया जाए। उन्होंने हवाई अड्डों पर ग्राउंड स्टाफ की जवाबदेही और यात्री सेवा मानकों में सुधार की भी आवश्यकता बताई। औजला ने कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और प्रवासी भारतीयों की सुविधा के लिए इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
ट्रेड डील अमेरिका के हित में, इससे भारत को बड़ा नुकसान : प्रणव झा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रणव झा ने कहा कि आज देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। देश में जो हो रहा है, वह रहस्यमय तरीके से हो रहा है। आम लोगों को इसका कुछ पता नहीं चल रहा। केंद्र सरकार द्वारा हाल में किए गए यूएस ट्रेड डील पर सचिव ने कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेंस कांफ्रेंस में झा ने कहा कि यह डील अमेरिकी हित में है। इससे भारत को नुकसान है। एपस्टिन फाइल में सरकार के मंत्री का नाम आने और अमेरिका में भारत के एक उद्योगपति पर कसते शिकंजे के दबाव में यह डील संभव हो सकी। झा ने कहा कि 2025 में अमेरिका को हमारा निर्यात 86 बिलियन डॉलर और आयात 46 बिलियन डॉलर था। 40 बिलियन ट्रेड सरप्लस था। अब अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त सामान खरीदना है। सरप्लस ट्रेड डेफिसिट ट्रेड में बदल जाएगा। चीन के साथ पहले ही 116 बिलियन का व्यापार घाटा है। कृषि क्षेत्र को भी अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है। अमेरिकी किसानों को 64 लाख रुपए सब्सिडी प्रतिवर्ष मिलती है। जबकि भारतीय किसानों को मुश्किल से 12000 रु प्रतिवर्ष।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए AI टूल 'क्लॉड' का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार है जब एआई का इस्तेमाल किसी इतने बड़े और गुप्त ऑपरेशन में किया गया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है। अमेरिकी सेना ने जनवरी की शुरुआत में काराकास में बमबारी करने के बाद मादुरो को गिरफ्तार किया था। उन पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं। फिलहाल वे न्यूयॉर्क की जेल में हैं। डेटा फर्म पालान्टिर के जरिए हुआ AI का इस्तेमाल रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने सीधे एनट्रॉपिक से नहीं बल्कि डेटा कंपनी 'पैलेंटियर' के जरिए क्लॉड का इस्तेमाल किया है। पैलेंटियर पहले से ही अमेरिकी रक्षा विभाग और फेडरल पुलिस के लिए काम करती है। एनट्रॉपिक की चिंताओं को देखते हुए अब ट्रम्प प्रशासन उसके 200 मिलियन डॉलर (करीब ₹1,800 करोड़) के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करने पर विचार कर रहा है। हिंसा के लिए क्लॉड AI के इस्तेमाल पर पाबंदी क्लॉड AI को बनानी वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने कहा, हम किसी विशेष ऑपरेशन पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन हमारा हर यूजर हमारी 'यूसेज पॉलिसी' मानने के लिए बाध्य है। क्लॉड एआई की गाइडलाइन्स में साफ लिखा है कि इस तकनीक का इस्तेमाल हिंसा फैलाने, हथियार बनाने या किसी की जासूसी करने के लिए नहीं किया जा सकता। युद्ध लड़ने से रोकने वाले AI का इस्तेमाल नहीं करेगी अमेरिकी सेना अमेरिकी रक्षा विभाग चाहता है कि ओपनAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां अपने टूल्स को मिलिट्री के क्लासिफाइड नेटवर्क पर बिना किसी कॉमर्शियल पाबंदी के उपलब्ध कराएं। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में कहा था कि हम ऐसे AI मॉडल इस्तेमाल नहीं करेंगे जो हमें युद्ध लड़ने से रोकें। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट भी इस रेस में शामिल एनट्रॉपिक पहली ऐसी एआई कंपनी है जिसका इस्तेमाल सेना के गुप्त ऑपरेशन्स में हुआ है, लेकिन वह अकेली नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी xAI, गूगल का जेमिनी और माइक्रोसॉफ्ट के निवेश वाली ओपन एआई भी सेना के लिए विशेष AI प्लेटफॉर्म तैयार करने में जुटी हैं। इनका इस्तेमाल फिलहाल डॉक्यूमेंट्स का विश्लेषण करने, रिपोर्ट बनाने और रिसर्च करने में हो रहा है। क्या है एंथ्रोपिक का 'क्लॉड' AI? क्लॉड एक एडवांस AI चैटबॉट है, जो टेक्स्ट जनरेशन, डेटा एनालिसिस और कोडिंग जैसे कामों में माहिर है। इसे ओपन AI के पूर्व एग्जीक्यूटिव्स ने 2021 में शुरू किया था। हाल ही में एक फंडिंग राउंड के बाद एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन 380 बिलियन डॉलर यानी, करीब 34 लाख करोड़ रुपए हो गई है। नॉलेज पार्ट: युद्ध में कैसे मदद करता है AI? मिलिट्री ऑपरेशंस में AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों के लिए किया जाता है:
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
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अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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