अमेरिका की शैलजा ने सात समंदर पार आकर यूपी के गाजियाबाद में आकर शादी की। यह शादी धूमधाम से की गई। गाजियाबाद में संजयनगर सेक्टर 23 निवासी विनोद कुमार राघव, पूनम राघव के बेटे विपुल राघव का विवाह धूमधाम से हुआ। विपुल और शैलजा ईटजेल की शादी हापुड़ रोड स्थित अवंतिका काॅलोनी के इम्पीरियल गार्डन एंड रिजोर्टस में धूमधाम से हुई। साधु संत भी शामिल हुए अमेरिका के मैक्सिको नार्थ के रहने वाले जोंस कौर की पुत्री शैलजा (इटलैज) ने गाजियाबाद के विपुल राधव से हिंदू रीति-रिवाज के साथ फेरे लेकर शादी के बंधनों में बंध गई। अब यह अनोखी शादी गाजियाबाद में चर्चा का विषय बनी हुई है। शैलजा ने इस मौके पर कहा कि मुझे बड़ी खुशी हुई है। गाजियाबाद की इस शादी समारोह में कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, पर्यावरण विद् विजयपाल बघेल, भाजपा नेता भानु सिसौदिया, सुनील चौधरी, संजयनगर बालाजी मंदिर के पीठाधीश्वर यून वत्स समेत अनेक साधु संत महात्माओं ने पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विवाह समारोह में परिवार के सदस्यों के साथ सुनील चौधरी समेत अन्य लोग भी शामिल हुए। प्रख्यात संतों ने दिया आशीर्वाद इस शादी में संत-महात्माओं के लिए अलग से मंच बनाया गया। जिसमें हरिद्वार शांति कुंज से आए आचार्य, अलीगगढ़ से आए कथा वाचक सुशील महाराज समेत अलग अलग संत महात्माओं ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। यह शादी सनातन धर्म की रीति रिवाज से हुई। अमेरिका से आए वधु पक्ष के लोगों ने खुशी जताई। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य सुशील मिश्रा हल्द्वानी आचार्य देवेंद्र शास्त्री। अलीगढ़ राम कथा व्यास कपिल शांतिकुंज शक्तिपीठ बुलंदशहर से आए हुए आचार्य द्वारा जयमाला के समय मंत्र उच्चारण एवं शंख ध्वनि से वातावरण गूंज मान हो गया ।आचार्य यूएन वत्स मौजूद रहे।
पाकिस्तान तो फेल रहा, भारत कर दिखाएगा, रक्षामंत्री ने दिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के संकेत
अमेरिका-ईरान में सीजफायर बढ़ने के बीच सोने और चांदी में तेजी
अमेरिका-ईरान में सीजफायर बढ़ने के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम एक प्रतिशत से अधिक बढ़ गए हैं।
ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक, मुंगेरीलाल के हसीन सपने बताकर अमेरिका को दिया जवाब
होरमुज की खाड़ी पर ट्रंप की महा घेराबंदी ,ईरान को घुटने पर लाने के लिए अमेरिका ने चला बड़ा दांव
अमेरिकी राजदूत का दावा, 100 दिन में तेजी से आगे बढ़े भारत-अमेरिका के रिश्ते
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे करने के साथ ही भारत-अमेरिका संबंधों में तेज प्रगति की बात कही
DNA जांच के बाद परिजनों को हुआ यकीन:अमेरिका में जिंदा जलने से हुई थी मौत, कैथल में 26 अप्रैल को भोग
कैथल जिले के गांव बाकल में निवासी 26 साल के सिमरनजीत सिंह की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। अब परिवार ने यह जानने के लिए कि हादसे में मृतक सिमरनजीत सिंह ही था या कोई और था, इसके लिए उसकी बचे हुए शरीर के अंगों का डीएनए टेस्ट करवाया है। हालांकि उसकी मौत की सूचना उस कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को दी थी, जिसमें वह काम करता था। परिवार के लोग अभी भी इस बात को नहीं मान रहे थे कि हादसा उनके बेटे के साथ हुआ है। परिजनों की मांग पर अमेरिका पुलिस ने ट्रक में जली अवस्था में मिले उसके शरीर के अंगों की डीएनए जांच कराई। अब परिवार के पास जब डीएनए रिपोर्ट आई तो उन्हें यकीन हुआ है कि हादसे में सिमरनजीत की ही मौत हुई है। 26 अप्रैल को भोग मृतक के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि परिवार के रीति रिवाज के अनुसार अब सिमरनजीत की आत्मिक शांति के लिए 26 अप्रैल को भोग कार्यक्रम किया जाएगा। संस्कार इत्यादी की प्रक्रिया वहीं कर दी गई है। गांव हाबड़ी के गुरुद्वारा साहब में गांव के लोगों द्वारा भोग लगाया जाएगा और अमेरिका में रह रही दो बहनें वहां पर भोग कार्यक्रम करेंगी। जानिए पूरा मामला बता दें कि सिमरनजीत सिंह की 4 दिन पहले अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह ट्रक चलाता था और केमिकल से भरे ट्रक के साथ सड़क किनारे खड़ा था। अचानक पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे उसके ट्रक में भरे केमिकल में आग लग गई और वह जिंदा जल गया। बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया इंद्रपाल ने बताया कि सिमरनजीत बेहतर भविष्य की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर आया था। वो खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए 6 महीने के अंदर विदेश पहुंचा था। कई देशों की कठिन यात्रा, जेल तक का सामना और संघर्ष भरी जिंदगी के बाद उसने ट्रक ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया, लेकिन सड़क हादसे ने उसके सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। हादसे में मौत के बाद सिमरनजीत की केवल जली हुई हडि्डयां मिलीं।
अमेरिका के टेक्सास में गिरफ्तार पंजाबी मूल की कोर्ट इंटरप्रेटर मीनू बत्रा पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी है। 17 मार्च से मीनू टेक्सास की जेल में बंद हैं। अमेरिकन इमिग्रेशन एजेंसी उन्हें डिपोर्ट करने पर अड़ी है, वहीं उनके वकील अलग-अलग कानूनों का हवाला देकर उनका डिपोर्टेशन रोकने में जुटे हैं। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वो 21 अप्रैल तक अपना जवाब फाइल करें। सरकार ने टेक्सास की कोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया है। कोर्ट ने अभी उनके डिपोर्टेशन के ऑर्डर जारी नहीं किए। मीनू बत्रा पर आरोप हैं कि वो इमिग्रेशन कानून का उलंघन करते हुए कई सालों से अमेरिका में रह रही हैं। ट्रंप सरकार ने मास डिपोर्टेशन ड्राइव शुरू की है। अमेरिका में अवैध तरीके से रहने वाले लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है। उसके तहत ही मीनू बत्रा को भी गिरफ्तार किया गया है। हालांकि मीनू बत्रा के वकील का तर्क है कि मीनू के पास 'विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल' की कानूनी सुरक्षा है। पूर्व में कोर्ट स्पष्ट कर चुकी है कि मीनू बत्रा को भारत नहीं भेजा जा सकता है वो अमेरिका में रहकर काम कर सकती हैं। लेकिन उन्हें ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगा। मीनू टेक्सास की कोर्ट में पंजाबी, हिंदी और उर्दू की अकेली कोर्ट इंटरप्रेटर हैं। वह 35 साल से अमेरिका में रह रही हैं। उनका बड़ा बेटा अमेरिका की सेना में अधिकारी है। कब क्या हुआ और क्यों फंसीं मीनू, सिलसिलेवार जानिए… सोशल मीडिया के लिए खिंचवाई फोटोमीनू बत्रा के वकील दीपक आहलूवालिया ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्होंने जबरन मीनू के हाथ पीछे करवाकर फोटो खिंचवाई ताकि वह अपराधी लगें और कहा कि यह सोशल मीडिया के लिए है। जेल के अंदर मीनू अब अन्य महिलाओं की मदद कर रही हैं, जो अंग्रेजी नहीं जानतीं। वे बताती हैं कि वहां लोग डिप्रेशन में हैं और कई ने आत्महत्या की कोशिश भी की है। सरकार का तर्क, मीनू के पास नहीं है नागरिकताकोर्ट में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) का कहना है कि मीनू के पास 2000 का फाइनल रिमूवल ऑर्डर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्क परमिट होने का मतलब यह नहीं है कि कोई अमेरिका में कानूनी रूप से हमेशा रह सकता है। सरकार अब प्रवासियों को सेल्फ डिपोर्ट के लिए कह रही है। कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गयादीपक आहलूवालिया का कहना है कि विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल मिलने के बाद इसे दो तरीकों से ही वापस लिया जा सकता है। यदि किसी ने अपराध किया हो तो आईसीई यह मोशन फाइल कर सकती है कि इसे वापस लिया जाए। दूसरा है 'कंट्री कंडीशन' फाइल किया जाना, जिसमें कहा जाता है कि हालात अब बदल गए हैं और मीनू को अपने मूल देश में कोई खतरा नहीं है। उनका कहना है कि इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई भी मोशन फाइल नहीं किया गया और न ही 26 वर्षों के दौरान आईसीई द्वारा उन्हें कोई नोटिस भेजा गया। मीनू बत्रा के पक्ष में आए ये लोगअमेरिकन ट्रांसलेटर्स एसोसिएशन पर मौजूद मीनू बत्रा की प्रोफाइल के मुताबिक उनके पास टेक्सास स्टेट से मास्टर लेवल कोर्ट इंटरप्रेटर का लाइसेंस मौजूद है। स्थानीय राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुवादकों के संगठनों ने भी मीनू को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ आवाज उठाई है। मीनू बत्रा टेक्सास एसोसिएशन ऑफ ज्यूडिशियरी इंटरप्रेटर्स एंड ट्रांसलेटर्स' (TAJIT) की बोर्ड मेंबर भी रह चुकी हैं।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने होनोलूलू में यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल, जनरल रोनाल्ड पी. क्लार्क और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक साझा दृष्टिकोण आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
अमेरिकी राजनेता और पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि जब्त किया गया जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और उस पर मिसाइल निर्माण से जुड़े रसायन मौजूद थे।
कानपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अमेरिका में बैठे सगे भाइयों ने एक बिल्डर के साथ मिलकर इस सरकारी जमीन का सौदा कर दिया। मामले में डीएम से शिकायत के बाद लेखपाल की तहरीर पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। नजूल जमीन को निजी कंपनी को बेचने का आरोपलेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा के अनुसार सिविल लाइंस स्थित भूखंड संख्या 1459A को नजूल संपत्ति के रूप में राज्य सरकार की भूमि घोषित किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2012 में इस जमीन को एक निजी कंपनी को बेच दिया गया, जो नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। अमेरिका में बैठे भाइयों पर मिलीभगत का आरोपसिविल लाइंस निवासी तरंग बेरी ने अपने भाई नीरज बेरी (कैलिफोर्निया, अमेरिका) और विकाश बेरी (वुडवेस्ट चेस्टर) तथा मनका शर्मा के साथ मिलकर इस जमीन का सौदा एसए बिल्ड हाई प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अहमद ऐतिशाम से किया। इस पूरे लेन-देन से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि सगे भाइयों और बिल्डर समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ट्रंप के सख्त रुख से लड़खड़ाई अमेरिका-ईरान वार्ता
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता असमंजस की स्थिति में लग रही है क्योंकि तेहरान ने पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में शामिल होने को लेकर हिचकिचाहट दिखाई है
Top News : अमेरिका-ईरान तनाव: सीजफायर का आज आखिरी दिन, बातचीत पर सस्पेंस बरकरार
Top News 21 April : अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का आज आखिरी दिन है। दूसरे दौर की बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को धमका रहे हैं तो ईरान ने भी दबाव में झुकने से इनकार कर दिया है। बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों ...
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल कीमतों पर असर
वैश्विक तेल कीमतों में सोमवार को तेज उछाल आया। ऐसा तब देखा गया जब अमेरिका ने एक ईरानी कार्गो जहाज को कब्जे में ले लिया। इससे तनाव बढ़ने का डर पैदा हो गया और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों पर भी असर पड़ा है।
Institute for the Study of War (ISW) के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में सत्ता का संतुलन पूरी तरह से बदल गया है। यहाँ की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) अब देश की 'सुप्रीम पावर' बन चुकी है, और उन्होंने अमेरिका को सीधे तौर पर 'समुद्री डकैत' ...
अमेरिका के महानतम रेसर्स में से एक और 86 वर्षीय मारियो एंड्रेटी फॉर्मूला-1 में ड्राइवर्स चैम्पियनशिप जीतने वाले मात्र दो अमेरिकियों में से एक हैं। इसके अलावा उन्होंने इंडियानापोलिस 500 और डायटोना 500 जैसे मोटर रेसिंग के सबसे प्रतिष्ठित खिताब भी जीते हैं। मारियो की यह कहानी हर उस इंसान के लिए एक बड़ा सबक है, जो अपने जीवन या करियर में शिखर पर पहुंचना चाहता है। मारियो अपनी सफलता का सबसे बड़ा राज अपनी सोच को मानते हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे औसत होने से नफरत है। या यूं कहें कि मैं इसका बिल्कुल सम्मान नहीं करता, क्योंकि यह बहुत सुविधाजनक है। इसमें कोई स्ट्रेस नहीं है।’ जब उन्होंने रेसिंग के टॉप लेवल पर कदम रखा, तो उनका लक्ष्य सिर्फ हिस्सा लेना नहीं था, बल्कि उन दिग्गजों को हराना था जो उस समय शिखर पर थे। शुरुआती दिनों का एक किस्सा साझा करते हुए मारियो बताते हैं- उस दौर के महानतम रेसर्स में से एक ए.जे. फोयट थे। वे मारियो से पांच साल बड़े और एक स्थापित चैम्पियन थे। मारियो के क्रू चीफ ने उनसे कहा था कि मारियो, बस कार को सुरक्षित वापस ले आओ। फोयट को हराने के बारे में सोचना भी मत। लेकिन मारियो ने सोचा कि अगर वे उन्हें हरा ही नहीं सकते, तो वे इस रेस में कर क्या रहे हैं? मारियो ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीधे टॉप पर पहुंचने का लक्ष्य रखा और जब उन्होंने फोयट को हराया, तो वह उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि का पल था। इंडिकार के टॉप लेवल के अपने पहले ही साल में मारियो नेशनल चैम्पियनशिप जीतने वाले सबसे कम उम्र के ड्राइवर बन गए थे। कई लोगों ने कहा कि यह महज उनकी किस्मत थी। मारियो ने इसे एक नई चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने एक और चैम्पियनशिप जीती, फिर दो बार दूसरे स्थान पर रहे और फिर एक और खिताब जीता। मारियो कहते हैं, ‘जिस बात ने मुझे हमेशा प्रेरित किया, वह यह थी कि मैं अपनी उपलब्धियों से कभी संतुष्ट नहीं हुआ। मैं यह साबित करना चाहता था कि मेरी जीत कोई तुक्का नहीं थी। मैं हमेशा खुद को चुनौती देता रहा।’ 86 वर्ष की उम्र में भी मारियो थमे नहीं हैं। वे बेटे माइकल के साथ मिलकर फॉर्मूला-1 में एक नई अमेरिकी टीम शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मारियो के शब्दों में, ‘आसान काम तो कोई भी कर सकता है, उसमें कोई संतुष्टि नहीं है। मुझे अब भी कुछ नया करने का इंतजार रहता है और यही बात मुझे जिंदा रखती है।’ बदलाव को अपनाया, अपनी ड्राइविंग स्टाइल तक चेंज की जब आप एक प्रतिस्पर्धी माहौल में होते हैं, तो आप एक जगह रुक नहीं सकते। साल 1977 में रेसिंग कारों के एयरोडायनामिक्स में ‘ग्राउंड इफेक्ट्स’ के रूप में एक बड़ी क्रांति आई। इसके लिए मारियो को अपना ड्राइविंग स्टाइल तक बदलना पड़ा। उन्होंने इस बदलाव का खुले दिल से स्वागत किया क्योंकि वे इसके फायदे देख पा रहे थे। मारियो कहते हैं, ‘हमारे खेल में कोई गोल्फ क्लब या बल्ला नहीं होता। हमारे पास एक रेस कार होती है जिसमें सैकड़ों पुर्जे होते हैं। सही बदलावों के साथ, आप कार को और तेज बना सकते हैं।’
बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल ने अमेरिका में आयोजित सिनेमाकॉन 2026 इवेंट में वैदिक मंत्रों का पाठ किया। दरअसल विद्युत हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' में योग गुरु 'धल्सिम' का किरदार निभा रहे हैं। सिनेमाकॉन इवेंट में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया। इस दौरान स्क्रीनिंग से पहले विद्युत ने मंच पर वैदिक मंत्रों का पाठ किया, जिसने दुनिया के सबसे शोरगुल वाले इवेंट्स में से एक में शांति का माहौल बना दिया। लास वेगास में गूंजे सूर्य और गायत्री मंत्रट्रेलर की स्क्रीनिंग से पहले विद्युत जामवाल ने भारतीय परंपरा के अनुसार प्रार्थना से शुरुआत की। उन्होंने सूर्य मंत्र, चंद्र मंत्र और गायत्री मंत्र का पाठ किया। इस दौरान उनके हॉलीवुड को-स्टार नोआ सेंटिनियो भी उनके साथ खड़े नजर आए। विद्युत बोले- यह पल मुझे जमीन से जोड़ता हैइस खास अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए विद्युत ने लिखा, कुछ उपलब्धियां मुझे जीवन के उद्देश्य की गहरी अनुभूति कराती हैं। लास वेगास के सिनेमाकॉन में प्रार्थना करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। मेरे भारतीय मंत्रों ने वहां शांति और सुकून की एक लहर पैदा कर दी। मुझे वहां मौजूद हर व्यक्ति के साथ एक गहरा और अनकहा बंधन महसूस हुआ, जो भाषा और शब्दों से परे था। वैदिक मंत्र सीमाओं से परे शांति का संदेश देते हैं। आर्केड गेम पर आधारित है फिल्मफिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' का निर्देशन किताओ सकुराई ने किया है। यह फिल्म मशहूर आर्केड गेम फ्रैंचाइज़ी पर आधारित है। ट्रेलर में गेम के सिग्नेचर मूव्स जैसे 'हाडौकेन' और जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस दिखाए गए हैं। फिल्म में विद्युत जामवाल 'धल्सिम' के रोल में हैं, जो अपने फ्लेक्सिबल शरीर और योग की शक्ति के लिए जाने जाते हैं। विद्युत के मार्शल आर्ट्स बैकग्राउंड को देखते हुए फैंस इस रोल के लिए उन्हें परफेक्ट मान रहे हैं। रोमन रेन्स-जेसन मोमोआ आएंगे नजरइस फिल्म में हॉलीवुड और खेल जगत की जानी-मानी हस्तियों की फौज नजर आएगी। नोआ सेंटिनियो 'केन मास्टर्स', एंड्रयू कोजी 'रयू' और रोमन रेन्स 'अकुमा' के रोल में दिखेंगे। इनके अलावा जेसन मोमोआ 'ब्लैंका' और मशहूर रैपर 50 सेंट 'बैलरोग' का किरदार निभा रहे हैं। स्ट्रीट फाइटर' भारत में 16 अक्टूबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
नागौर में जड़ा तालाब के पास विद्या भारती संस्थान के नवनिर्मित भवन माधव निलयम का लोकार्पण किया गया। यह भवन करीब 20 महीनों में तैयार हुआ है, जिस पर लगभग तीन करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख अरुण जैन मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम में संघ गतिविधियों के लिए इसे जिले का मुख्य केंद्र बनाने की जानकारी दी गई। संघ की यात्रा और समाज की एकजुटता पर बात मुख्य वक्ता अरुण जैन ने संघ की 100 साल की यात्रा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1925 में डॉ. हेडगेवार द्वारा स्थापित संघ आज बड़ा संगठन बन चुका है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता से ही राष्ट्रहित के कार्य संभव हैं और इतिहास में समाज की आपसी फूट को गुलामी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के संगठित होने से राम मंदिर जैसे कार्य पूरे हुए हैं और आगे भी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। विदेशी षडयंत्रों और सांस्कृतिक हमलों के प्रति दी चेतावनी अपने संबोधन के दौरान अरुण जैन ने समाज को वैश्विक षडयंत्रों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि चीन और अमेरिका जैसी शक्तियां भारत को आंतरिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने जातियों के बीच भेदभाव पैदा करने वाले भ्रामक सोशल मीडिया संदेशों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने रामसेतु आंदोलन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे समाज की जागरूकता ने देश की सांस्कृतिक और सामरिक विरासत को बचाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब समाज जागरूक होता है, तब सरकारें भी राष्ट्र और संस्कृति के अनुकूल निर्णय लेने के लिए बाध्य होती हैं। कुटुंब प्रबोधन और जड़ों से जुड़ने का आह्वान सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्य वक्ता ने भारतीय परिवारों को राष्ट्र की सबसे मजबूत इकाई बताया। उन्होंने आधुनिकता की चकाचौंध में अपनी मातृभाषा, स्थानीय बोली और संस्कारों को भूलने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने माताओं और बहनों से आग्रह किया कि वे बच्चों को घर में मारवाड़ी जैसी स्थानीय बोलियां सिखाएं और नमस्ते जैसी वैज्ञानिक परंपराओं का पालन करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सादगी और प्रामाणिकता बनाए रखने का आह्वान करते हुए माधव निलयम को समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बनाने का संकल्प दिलाया। संत शक्ति और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति समारोह में पांचला सिद्धा आश्रम के महंत योगी सूरजनाथ महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि संघ ने स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और गौ-सेवा के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चौधरी, मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा और विभिन्न क्षेत्रों के विधायक सहित अनेक वरिष्ठ प्रचारक, संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला संघचालक मुकेश भाटी ने सभी का आभार व्यक्त किया और संचालन जिला कार्यवाह दिलीप शर्मा व विभाग प्रचारक गिरधारी लाल ने किया।
हरियाणा के कैथल जिले के एक छोटे से गांव बाकल में जन्में 26 साल के सिमरनजीत सिंह की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। सिमरनजीत बेहतर भविष्य की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर आया था। वो खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए 6 महीने के अंदर विदेश पहुंचा था। कई देशों की कठिन यात्रा, जेल तक का सामना और संघर्ष भरी जिंदगी के बाद उसने ट्रक ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया, लेकिन सड़क हादसे ने उसके सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। परिवार को जब उसके मरने की खबर मिली तो सभी का रो-रो कर बुरा हाल था। परिवार सिमरनजीत की 6 महीने में शादी करने की तैयारी में था, लेकिन कैलिफोर्नियां में ट्रक की टक्कर के चलते उसकी जलकर मौत हो गई। टक्कर होते ही चिंगारी निकली और ट्रक में आग लग गई। मौत के बाद सिमरनजीत की केवल जली हुई हडि्डयां मिलीं। जानिए परिवार ने सिमरनजीत के बारे में क्या बताया… अक्टूबर में शादी का सोच रहा था परिवार सिमरनजीत सिंह के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि परिवार सिमरनजीत की शादी के लिए पिछले करीब 6 महीने से तैयारी में लगा हुआ था। इसके लिए उन्होंने यूपी में एक लड़की भी पसंद की हुई थी। हालांकि, सिमरनजीत सिंह अमेरिका में था, लेकिन वीडियो कॉल करके रोका कर लड़की को शगुन भी डाल रखा था। परिवार अक्टूबर या नवंबर माह में शादी करने के बारे में सोच रहा था। इसके लिए लड़के की मां ने गहने इत्यादि भी खरीद कर लिए थे। बहनें कर रहीं थी भाभी आने का इंतजार सिमरनजीत सिंह की एक बहन कैथल में ही शादी करके अपने पति के साथ अमेरिका गई। जबकि दूसरी बहन को उसने शादी से पहले ही अमेरिका बुला लिया था। उसने खुद ही अपनी बहन की वहां पर शादी करवाई। शादी के बाद दोनों बहने भी वहां पर खुशी-खुशी रह रही थी। बहनों को भी अब यही इंतजार था कि उनके भाई की जल्द से जल्द शादी हो जाए और भाई के साथ-साथ भाभी को भी अपने पास ले आएं। अब जानिए कैसे सिमरनजीत की मौत हुई…
उदयपुर के सिटी पैलेस में रविवार को अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर पहुंचे। पूर्व राजपरिवार के लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने राजदूत सर्जियो का शाही स्वागत किया। राजदूत गोर यहां की मेहमानवाजी और पैलेस की भव्यता को देखकर काफी प्रभावित नजर आए। राजदूत सर्जियो गोर ने पूरे सिटी पैलेस का भ्रमण किया और बारीकी से यहां के गौरवशाली इतिहास को समझा। उन्होंने लक्ष्यराज सिंह के साथ मेवाड़ की संस्कृति और विरासत को सहेजने के प्रयासों पर लंबी चर्चा की। मुलाकात के दौरान राजदूत ने उदयपुर को दुनिया के सबसे पसंदीदा और खास पर्यटन स्थलों में से एक बताया। अब देखिए, PHOTOS… सर्जियो गोर ने कहा कि इतने अद्भुत महल का भ्रमण करना उनके लिए वाकई एक यादगार और बहुत ही सुखद अनुभव रहा है। अमेरिका के राजदूत ने पैलेस में चल रहे संरक्षण कार्यों की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सिटी पैलेस सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और इतिहास से भरी हुई एक अद्भुत गाथा है। इस औपचारिक मुलाकात के दौरान विरासत, सांस्कृतिक संरक्षण और आपसी साझा मूल्यों के जरिए वैश्विक संबंधों को मजबूत करने पर भी सार्थक बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान लक्ष्यराज सिंह ने मेवाड़ की गौरवशाली परंपराओं के बारे में भी जानकारी साझा की।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर दो अमेरिकी नागरिक हिरासत में, सामान से सैटेलाइट फोन बरामद
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर रविवार को नियमित जांच के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों को उनके सामान से सैटेलाइट फोन मिलने के बाद हिरासत में लिया गया। दोनों से पूछताछ जारी है।
हरियाणा में कैथल के 26 वर्षीय युवक की अमेरिका में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक केमिकल से भरा ट्रक लेकर सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान पीछे से आए दूसरे ट्रक ने उसके ट्रक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद केमिकल में आग लग गई, जिसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई। दरअसल, टक्कर लगने के कारण ट्रक से आग की चिंगारी निकली, जिससे आग लग गई। आग बढ़ती-बढ़ती ट्रक के पिछले हिस्से में लोड केमिकल तक पहुंच गई और विक्राल रूप ले लिया। वहीं, युवक की ट्रक में लॉक होने के चलते जलकर मौत हो गई। युवक 10 साल पहले 2016 में डंकी रूट से अमेरिका गया था और वहां कैलिफोर्निया में ट्रक चलाता था। उसकी दो बहनें भी शादी के बाद अमेरिका में सेटल हो चुकी हैं। युवक का भी रिश्ता तय हो गया था और जल्द ही उसकी शादी होने वाली थी। अब परिवार ने युवक का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके शव को भारत लाने में सरकार से सहायता करने की गुहार लगाई है। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने गया था विदेश मृतक की पहचान सिमरनजीत निवासी गांव बाकल के तौर पर हुई है। उसके चेहरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसके चाचा का लड़का सिमरनजीत सिंह अमेरिका में ट्रक चलाता था। परिवार ने उसे इस उम्मीद से विदेश भेजा था कि वह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन जैसे ही उसकी मौत की सूचना मिली, परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार ने रिश्ता तय किया था इंद्रपाल सिंह ने आगे बताया कि सिमरनजीत सिंह का रिश्ता हो चुका था। अब समय निकालकर परिवार जल्दी उसकी शादी करने वाला था, लेकिन परिवार को नहीं पता था कि उनके बेटे की शादी की सपना अधूरा रह जाएगा। परिवार के लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि सिमरनजीत सिंह का शव भारत लाने में मदद की जाए। दो बहनें भी अमेरिका में रहती हैं इंद्रपाल ने बताया कि सिमरनजीत सिंह के परिवार में उसके पिता सरदार गुरनाम सिंह और माता सुरजीत कौर के अलावा तीन बहनें हैं। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है, जिनमें से दो शादी के बाद अमेरिका में सेटल हो गई हैं, जबकि एक बहन कैथल में ही रहती है। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए खर्च करके उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा था। सिमरनजीत सिंह के पिता 8 एकड़ जमीन के मालिक हैं।
पंजाब के होशियारपुर जिले की तहसील मुकेरियां के युवक की डेडबॉडी रविवार को गांव लाई गई। मुशाहपुर गांव के युवक राजिंदर सिंह (42) की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। राजिंदर सिंह 2 साल पहले रोजगार के लिए अमेरिका गए थे और वहां मिनसोटा में हार्ट अटैक आने से मौत हो गई थी। आज पार्थिव देह के मुशाहपुर लाए जाने पर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। राजिंदर सिंह को पत्नी को लोगों ने बहुत मुश्किल के संभाला। राजिंदर सिंह की 4 और 8 साल की बेटियों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। भाई में मुख्ग्नि देकर संस्कार की रस्में निभाईं। परिवार के मुताबिक राजिंदर घर का इकलौता कमाने वाले था। घर की आर्थिक दशा सुधारने के लिए वह 25 लाख रुपए कर्ज लेकर अमेरिका गया था। संस्कार से जुड़े PHOTOS पूर्व सरपंच और लोगों ने सरकार से मांगी आर्थिक सहायताराजिंदर के जीजा ने बताया कि वह मेहनती इंसान था। घर की सारी जिम्मेदारी उसी पर थी। हमने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था। अब परिवार के सामने बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। पूर्व सरपंच राकेश मिन्हासने कहा कि राजिंदर की मौत पूरे गांव के लिए दुखद घटना है। राजिंदर एक अच्छा और मिलनसार व्यक्ति था। हम सरकार से अपील करते हैं कि परिवार की आर्थिक मदद की जाए। समाज सेवक सर्वजीत सिंह साबी ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को तुरंत मदद देनी चाहिए। परिवार की हालत बहुत कमजोर है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि बच्चों के भविष्य के लिए सहायता दी जाए। मौत से 2 दिन पहले हुई थी पत्नी से बातराजिंदर सिंह की पत्नी शमा देवी ने बताया कि 8 मार्च को पति को हार्ट अटैक आया। इससे 2 दिन पहले ही पति का फोन आया था। मुझसे कहा था कि मैं ठीक हूं। इसके साथ ही बच्चों से बात की और उनका हाल-चाल और पढ़ाई के बारे बात की। इसके बाद उसे रिश्तेदारों का फोन आया कि राजिंदर की हार्ट अटैक से मौत हो गई है।
क्यूबा में ईंधन संकट गहराया: अमेरिकी प्रतिबंध से बिगड़ी मानवीय स्थिति
जनवरी के आखिर में वॉशिंगटन द्वारा तेल की सप्लाई रोकने के बाद क्यूबा की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं मिल रहा है ईंधन के अभाव में इन तीन महीनों में वहां मानवीय स्थिति एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है
खरगोन पुलिस ने एक कारोबारी के घर फायरिंग मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें साजिशकर्ता सालिग्राम उर्फ संजय पाटीदार और लॉरेंस गैंग का गुर्गा योगेश भाटी शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में अब तक कुल 20 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इस मामले का मुख्य आरोपी हैरी बॉक्सर अभी भी फरार है, जिसकी लोकेशन अमेरिका में मिली है। एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल ने बताया कि आरोपी सालिग्राम उर्फ संजय पाटीदार लगभग डेढ़ साल से पुरानी रंजिश और लेनदेन के चलते इस षड्यंत्र को रच रहा था। पुलिस ने उससे 10 लाख रुपए की ब्रेजा कार और दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। योगेश भाटी, लॉरेंस गैंग के गुर्गे राजपाल सिंह चंद्रावत का साथी है, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। योगेश पर दिल्ली स्पेशल सेल सहित 9 गंभीर मामले दर्ज हैं। कुछ और आरोपियों की तलाश जारीपुलिस ने इस मामले में पहले ही शूटरों, रेकी करने वालों, गोली चलाने वालों, मदद करने वालों, संसाधन उपलब्ध कराने वालों और बिश्नोई गैंग से पहचान करवाने वालों सहित 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच अभी भी जारी है और कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब तक आरोपियों से मोबाइल फोन और हथियार सहित लगभग 80 लाख रुपए का माल जब्त कर चुकी है। 17 मार्च को हुई थी वारदातयह घटना गत 17 मार्च को हुई थी, जब कारोबारी दिलीप सिंह राठौर के घर पर फायरिंग की गई थी। आरोपियों ने फायरिंग का वीडियो भी भेजा था। इसके साथ ही, हैरी बॉक्सर के नाम से सोशल मीडिया और इंटरनेशनल कॉल के जरिए 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। कॉल में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर अगली बार हथगोले से घर उड़ाने की धमकी भी दी गई थी। कारोबारी के बेटे सत्येंद्र ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में थाईलैंड की ऐसी डायलिसिस किट सप्लाई कर दी गई जिसे अमेरिका (यूएस-एफडीए) ने मरीजों के लिए घातक माना। दवा सप्लाई करने वाली कंपनी (वैनटिव और बक्सटर) ने खुद स्वीकार किया है कि डायलिसिस किट में बांझपन और लिवर डैमेज करने वाले घातक केमिकल हैं। भास्कर की पड़ताल के बीच गुरुवार को मप्र फूड एंड ड्रग विभाग और सीडीएससीओ की टीम ने लसूड़िया मोरी स्थित दवा सप्लायर एमके ब्रदर्स फर्म पर जांच के लिए पहुंची और कुछ दवाओं के सैंपल लिए। एक ही इम्पोर्ट लाइसेंस पर दो कंपनियां संचालित होने की बात भी सामने आई है। रिकॉल के दिए थे आदेश : थाईलैंड की कंपनी बक्सटर के जिन उत्पादों को अमेरिकी एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) ने ‘क्लास-1’ (सबसे गंभीर श्रेणी) का खतरा मानकर रिकॉल (वापस बुलाने) के आदेश दिए, उसी कंपनी का फ्लुइड इंदौर से पूरे प्रदेश में सप्लाई किया गया। बक्सटर ने 20 फरवरी 2025 को ‘करेक्शन नोटिस’ में स्वीकार किया था कि उनके ‘डायलिसिस किट’ में घातक रसायन मिले हैं। इस केमिकल से एंडोक्राइन सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है। वैनटिव के पास इम्पोर्ट लाइसेंस नहींड्रग इंस्पेक्टर ने एमके ब्रदर्स पर 21 अगस्त 2025 को जांच की थी। तब डायलिसिस फ्लूड की लेबलिंग और पैकेजिंग में गंभीर अनियमितताएं मिली थीं। मप्र के ड्रग इंस्पेक्टर लोकेश गुप्ता की जांच रिपोर्ट में विशेष रूप से डायनेल पीडी-2 (पेरिटोनियल डायलिसिस सॉल्यूशन 2) का उल्लेख है। हालांकि विभाग ने तब कोई सैंपल जब्त नहीं किए थे। नोटिस पर एमके ब्रदर्स ने 25 अगस्त को दस्तावेजों के साथ जो जवाब दिया था, उसमें माना था कि वैनटिव इंडिया का इम्पोर्ट लाइसेंस नहीं है। कोई नोटिस नहीं मिलाड्रग विभाग ने 21 अगस्त 2025 को भी इंस्पेक्शन किया था। तब डायलिसिस फ्लुइड पर लेबलिंग और मिसब्रांडिंग को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। 25 अगस्त को ही जवाब दे दिया था। बक्सटर और वैनटिव के इम्पोर्ट लाइसेंस की स्थिति स्पष्ट कर दी थी। तब हमारी फर्म से कोई भी सैंपल नहीं लिया गया। प्रोडक्ट रिकॉल को लेकर भी कोई नोटिस नहीं मिला। - भरत जैन, प्रमुख, एमके ब्रदर्स जांच शुरू, सैंपल लिएएमके ब्रदर्स पर थाइलैंड से जुड़ी कंपनी से बिना वैधानिक इम्पोर्ट लाइसेंस के डायलिसिस किट और फ्लुइड मंगाने से जुड़ी शिकायत मिली है। गुरुवार से ड्रग विभाग और सीडीएससीओ की टीम ने ज्वाइंट इंस्पेक्शन शुरू किया है। सैंपल कलेक्ट किए हैं। इम्पोर्ट लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। - गौरव कुमार, डिप्टी ड्रग कंट्रोलर सीडीएससीओ भास्कर एक्सपर्ट - नरेंद्र आहुजा, पूर्व राज्य औषधि नियंत्रक, हरियाणा 5 साल तक की सजा का प्रावधानअन्य देशों की रिजेक्ट या रिकॉल की गई दवाएं हमारे देश में डम्प किए जाने से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है। इससे पूर्व भी फॉल्टी हिप इम्प्लांट के कारण भारतीय मरीजों को बड़ा नुकसान हुआ था। बाद में विदेशी कंपनी को मुआवजा देना पड़ा था। बिना वैध आयात लाइसेंस विदेश से दवा मंगाना और बेचना ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18-सी का उल्लंघन है। इसमें 5 साल तक की सजा हो सकती है। एक्ट में मिसब्रांडेड दवा बेचने की अनुमति नहीं है।
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर छत्तीसगढ़ की मछलियों पर भी पड़ रहा है। यहां से हर साल लाखों टन तिलापिया मछली का निर्यात अमेरिका में होता है। लेकिन युद्ध की वजह से करीब 20 हजार टन मछली तालाबों में ही पड़ी हुई है। अगर एक-दो महीने युद्ध और चल गया तो मछुआरों को 200 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा। यह मछली लोकल बाजार में कम बिकती है। मछुआरे इसे अमेरिका भेजने के लिए ही तैयार करते हैं। कांकेर के दुधावा, कोरबा के बांगो और कवर्धा के सरोदा बांध में इस मछली का पालन होता है। मछुआरों से कंपनी थोक में 105-110 रुपए प्रति किलो खरीदते हैं। इसके बाद कलकत्ता और विशाखापट्नम बंदरगाह के माध्यम से इसे अमेरिका 170 रुपए प्रति किलो में भेजा जाता है। वहां के बाजार में 250-300 रुपए प्रति किलो में बिकती है। वहां इसे एक्वाटिक चिकन भी कहते हैं। तिलापिया ही क्यों जाती है अमेरिका छत्तीसगढ़ के तालाब-बांध में सैकड़ों प्रजाति के मछली का पालन होता है। लेकिन तिलापिया की ही अमेरिका में सबसे अधिक मांग है। इसके पीछे की वजह यह है कि वहां मछली के टुकड़े करके खाने का चलन नहीं है। सीधी मछली को खाना ही लोग पसंद करते हैं। यही वजह है कि यह 500 ग्राम से लेकर 800 ग्राम की मछली को ही वहां भेजा जाता है। इससे अधिक वजन होने के बाद उसका निर्यात नहीं हो पाता। 8 महीने पहले इसके बीज छत्तीसगढ़ के बांधों में डाले गए थे, अब इस मछली का वजन 500 ग्राम से अधिक होने लगा है। अब चिंता मछुआरों को सता रही है कि कहीं यह बड़ी हो गई तो इसे खरीदेगा कौन। दो महीने से थम गया कारोबार मछुआरा राकेश निषाद ने बताया कि दो महीने से ही मछली का निर्यात कम होने लगा था। लेकिन एक महीने से तो बिल्कुल ही बंद हो गया है। अब समझ नहीं आ रहा है कि नए बीज तालाबों डालें या नहीं, क्योंकि युद्ध का असर कब तक रहेगा कोई पता नहीं चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ अगर मछली को दो-तीन महीने और छोड़ दिया तो वे मरने भी लगेंगी। अमेरिका में हो गई दोगुनी कीमतअमेरिका तिलापिया मछली का 95 प्रतिशत आयात चीन, ताइवान और भारत जैसे देशों से करता है। 2025 की शुरुआत में चीन से आने वाले समुद्री भोजन पर इंपोर्ट टैक्स 170 प्रतिशत तक कर दिया था। जिसकी वजह से भारत से निर्यात बढ़ गया था। यूएस में यह मछली अभी तीन गुना कीमत पर पहुंच गई है। युद्ध की वजह से तिलापिया मछली का निर्यात नहीं हो पा रहा है। करीब 20 हजार टन मछली तालाबों में ही डंप है। अभी छत्तीसगढ़ में इस मछली का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। सरकार इस मछली के लिए मछुआरों को प्रोत्साहित भी कर रही है। केज के लिए सब्सिडी दी जा रही हैं। -एनएस नाग, संचालक, मछली पालन
पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को कनाडा में ड्रग तस्करी केस में साढ़े 5 साल की सजा सुनाई गई। कभी वह सार्वजनिक मंचों से युवाओं को ड्रग नहीं करने की सलाह देती थीं, लेकिन पर्दे के पीछे उन्हीं खतरनाक दवाओं का कारोबार करने लगीं। 83 करोड़ रुपए की ड्रग के साथ पड़े जाने के बाद भी उन्होंने परिवार से मामला छिपाकर रखा। बचने के लिए कोर्ट में भी कई दलीलें दी, लेकिन सब खारिज हो गईं और मोइबाइल में मिले मैसेज से वह गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर निकलीं। वे जालंधर के नकोदर से संबंधित रखती हैं और 3 बच्चों की मां हैं। पति से तलाक हो चुका है। अपने मंझले बेटे और 78 साल की बीमार मां के साथ कनाडा में रह रही थीं। ब्रिटिश कोलंबिया में 10 साल से पंजाबी रेडियो और टीवी होस्ट रहीं। इसके अलावा वह फार्मेसी तकनीशियन भी थीं। दवाओं के विज्ञान और उनके शरीर पर होने वाले प्रभावों की उनको समझ थी। रेडियो होस्ट से ड्रग क्वीन कैसे बनीं, पुलिस से कैसे बचती रहीं, फिर कैसे पकड़ी गईं…जानने के लिए पढ़ें रिपोर्ट… संघा रेडियो होस्ट से कैसे बनीं ड्रग क्वीन अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर कैसे फंसी जानिए क्या है मेथामफेटामाइन ड्रग्स मेथामफेटामाइन एक अत्यंत शक्तिशाली और नशीला सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जो सीधे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर सफेद, गंधहीन और कड़वे स्वाद वाले पाउडर या कांच के टुकड़ों जैसे दिखने वाले 'क्रिस्टल' के रूप में पाया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क में 'डोपामाइन' रसायन की भारी मात्रा निकलती है, जिससे व्यक्ति को अचानक ऊर्जा, अत्यधिक उत्साह और खुशी का अनुभव होता है। हालांकि, यह प्रभाव जितना तीव्र होता है, इसके दुष्परिणाम उतने ही घातक होते हैं; इसके निरंतर उपयोग से हृदय रोग, याददाश्त में कमी, हिंसक व्यवहार, मसूड़ों की गंभीर सड़न (मेथ माउथ) और मानसिक मतिभ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह ड्रग बहुत जल्दी लत लगा देता है, जो व्यक्ति के शारीरिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। ******************* ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी महिला रेडियो होस्ट को कनाडा में सजा: ₹83 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़ी, मैसेज से खुलासा- गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर थी कनाडा में रहने वाली पंजाबी रेडियो होस्ट को नशा तस्करी के केस में ब्रिटिश कोलंबिया की कोर्ट ने साढ़े 5 साल की सजा सुनाई है। पुलिस ने 83 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। (पढ़ें पूरी खबर)
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
अमेरिका ने पिछले हफ्ते ईरान में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित निकालकर दुनिया को चौंकाया था। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे भूसे के ढेर में सुई ढूंढ़ने जैसा बताया था। अब खुलासा हुआ है कि सीआईए ने पहाड़ियों में छिपे पायलट को उसके दिल की धड़कन से खोजा था। इसके लिए पहली बार ‘घोस्ट मर्मर’ नाम का गोपनीय उपकरण इस्तेमाल हुआ। अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है। ये तकनीक क्वांटम मैग्नेटोमेट्री पर आधारित है। इसमें धड़कन के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फिंगरप्रिंट खोजे जाते हैं। एआई सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड का शोर हटाता है। कार्यक्रम से जुड़े सूत्र ने कहा, अगर आपका दिल धड़क रहा है तो हम आपको ढूंढ़ लेंगे। सूत्र के अनुसार, लापता पायलट ने लोकेटर बीकन चालू किया था। पर सटीक लोकेशन स्पष्ट नहीं थी। निर्णायक क्षण तब आया, जब घोस्ट मर्मर ने उसे ढूंढ़ा। दोनों तकनीकें उपयोगी थीं। बीकन सिग्नल भेजने के लिए वह बाहर आया। यहां सिग्नल से ज्यादा अहमियत बाहर निकलने की थी। सूत्र ने कहा कि घोस्ट मर्मर की गोपनीयता के चलते सब लोग अब तक हैरान हैं कि पायलट वास्तव में कैसे मिला। लोग ये भी नहीं जानते कि इतनी दूरी से ये तकनीक संभव है। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है ‘घोस्ट मर्मर’ की टेक्नोलॉजी क्या है? क्वांटम मैग्नेटोमेट्री। इंसान का दिल धड़कते वक्त बहुत हल्का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल पैदा करता है। खास क्वांटम सेंसर (जैसे डायमंड एनवी सेंटर) इन्हें पकड़ते हैं। मेडिकल में दिल की धड़कन के लिए ‘मर्मर’ शब्द इस्तेमाल होता है। ये संकेत कोई भी माप सकता है क्या? संकेत बेहद हल्के होते हैं। सामान्यत: छाती से सटे सेंसर ही पकड़ पाते हैं। हालांकि, क्वांटम मैग्नेटोमेट्री के क्षेत्र में प्रगति, खासकर कृत्रिम हीरों में सूक्ष्म दोषों पर आधारित सेंसर्स ने शारीरिक तौर पर छुए बिना ये संकेत पहचानना संभव बना दिया है। कोई रिसर्च है या सीआईए ने ही किया है? अमेरिका में एमआईटी, जापान में टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जर्मनी में मैक्स प्लांक जैसे कई बड़े संस्थान रिसर्च कर रहे हैं। हार्वर्ड के प्रो. रोनाल्ड वाल्सवर्थ ने 2024 में चूहे को छुए बिना धड़कन पहचानने में सफलता पाई। जनवरी, 2026 में 3 यूरोपीय रिसर्च ग्रुप्स ने एनवी डायमंड मैग्नेटोमीटर से इंसानी दिल की धड़कन पकड़ी। इन प्रयोगों में दूरी नैनोमीटर से मिलीमीटर ही थी। लंबी दूरी की ट्रैकिंग विकसित होने का उल्लेख कहीं नहीं है। सीआईए की तकनीक किसने बनाई है? द पोस्ट के अनुसार, ‘घोस्ट मर्मर’ को लॉकहीड मार्टिन की गुप्त इकाई ‘स्कंक वर्क्स’ ने बनाया है। ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर परीक्षण सफल रहा। एफ-35 लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल संभव है। ईरान में इसका प्रयोग कैसे हुआ? पायलट वीराने में था। घोस्ट मर्मर के लिए ये आदर्श था। साफ माहौल। कम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हस्तक्षेप। मानव संकेत भी बहुत ज्यादा नहीं। रात में शरीर व रेगिस्तानी जमीन के तापमान के अंतर ने और मजबूत पुष्टि की। ट्रम्प ने कहा था कि पायलट को 40 मील दूर से देखा। ये स्पष्ट नहीं है कि ये दूरी घोस्ट मर्मर की रेंज है या किसी और उपकरण की। ये तकनीक कहीं भी प्रयोग हो सकती है? नहीं, शांत, दूरदराज और कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह तकनीक सबसे बेहतर काम करती है। इसकी प्रोसेसिंग में भी काफी समय लगता है। क्या इससे प्राइवेसी का खतरा भी है? ये तकनीक पूरी तरह विकसित होती है तो बिना किसी डिवाइस के भी व्यक्ति की मौजूदगी का पता लगा सकती है। इससे निजता (प्राइवेसी) को लेकर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
US-Iran War: अमेरिका-इजराइल vs ईरान युद्ध कब रुकेगा? ज्योतिष के संकेत चौंकाने वाले
US-Iran War: अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ज्योतिष क्या संकेत देता है? जानिए ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर युद्ध और शांति को लेकर संभावित भविष्यवाणी।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

