अमेरिका के वित्तीय नियामक उस मामले की जांच कर रहे हैं जिसे आलोचक अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा इनसाइडर ट्रेडिंग ऑपरेशन बता रहे हैं। यह मामला तेल वायदा (फ्यूचर्स) और शेयर सूचकांकों में बड़े और बेहद सटीक समय पर लगाए गए दांव से जुड़ा है, जो राष्ट्रपति ...
चिट्ठियां और पगडंडियों का सहारा, जानें कैसे इजरायल और अमेरिका को छका रहे ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई
नेटफ्लिक्स अपने प्लेटफॉर्म को तेजी से बदल रहा है। अब कंपनी सिर्फ शो और फिल्में दिखाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि यूजर के देखने के पूरे तरीके को बदलने की तैयारी में है। इसी के तहत कंपनी जल्द ही मोबाइल एप में टिकटॉक-रील्स जैसा वर्टिकल वीडियो फीड जोड़ने जा रही है, जो इस महीने के अंत तक रोलआउट हो सकता है। टेकक्रंच के अनुसार यह पहले अमेरिका में रोलआउट होगा। बाद में इसे ग्लोबली लॉन्च किया जाएगा। वर्टिकल वीडियो, ताकि नए शो खोजना आसान हो नेटफ्लिक्स का मानना है कि आज के यूजर्स मोबाइल पर छोटे वीडियो देखकर ही नया कंटेंट खोजते हैं। नेटफ्लिक्स के प्रोडक्ट चीफ यूनिस किम के मुताबिक, लोग पहले ट्रेलर और क्लिप्स देखकर तय करते हैं कि उन्हें आगे क्या देखना है। रील्स जैसा फीड - स्क्रॉल करके खोजें अगला शो नेटफ्लिक्स का नया फीड कंटेंट खोजने (को आसान और मजेदार बनाने के लिए लाया जा रहा है। यह नया वर्टिकल फीड यूजर्स को छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स, ट्रेलर और वीडियो पॉडकास्ट दिखाएगा, जिससे यूजर सिर्फ स्क्रॉल करके कंटेंट देख पाएंगे। हर क्लिप एक सैंपल की तरह काम करेगी, पसंद आने पर सीधे उसी शो या फिल्म पर जा सकेंगे। यह फीचर केवल मोबाइल एप पर उपलब्ध होगा। डिज्नी में भी वर्टिकल वीडियो फीड शुरू की डिज्नी प्लस ने मोबाइल एप में Verts नाम का वर्टिकल वीडियो फीड शुरू किया है, जिससे यूजर्स छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स को स्वाइप करके नया कंटेंट खोज सकते हैं। यह मार्च 2026 में लॉन्च हुआ है और इसे अभी अमेरिका में शुरू किया है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच चीन का मास्टरस्ट्रोक: दुनिया तेल के लिए तरसी, बीजिंग ने लगा दिया जैकपॉट!
क्या आपने कभी सोचा है कि जब पूरी दुनिया युद्ध के डर से पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को देख कर कांप रही है, तब एक देश ऐसा भी है जो शांति से बैठकर मुस्कुरा रहा है? हम बात कर रहे हैं चीन की। जब दुनिया 'Strait of Hormuz' (होर्मुज जलडमरूमध्य) के बंद होने ...
पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता की तैयारी: ईरान से अराघची पहुंचे, ट्रंप ने विटकाफ-कुशनर को भेजा
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधे शांति वार्ता करेगा। अमेरिका लंबे समय से ईरान के साथ बातचीत के जरिए क्षेत्रीय तनाव कम करने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझौता करने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका में इमिग्रेशन पॉलिसी पर घमासान, कई डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने उठाई जीएओ जांच की मांग
अमेरिका में इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर विवाद के बीच शीर्ष डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं
ईंधन की कीमतों में उछाल से एयरलाइंस बेहाल, अमेरिका में छिड़ा विवाद
ईरान से जुड़े तनाव के कारण जेट ईंधन (हवाई जहाज का ईंधन) की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसका असर अमेरिकी एयरलाइनों पर पड़ रहा है
ईरानी तेल व्यापार को लेकर अमेरिका का एक्शन, चीन की रिफाइनरी पर लगाया प्रतिबंध
अमेरिका ने चीन में स्थित एक रिफाइनरी और ईरान के तेल कारोबार से जुड़े कई जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसका मकसद ईरान की तेल से होने वाली कमाई पर दबाव बढ़ाना है।
पाकिस्तान से वार्ता करेंगे अराघची, क्या अमेरिका से शांति वार्ता करेंगे ईरानी विदेश मंत्री?
Islamabad Talks : अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा पाकिस्तान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल को इस्लामाबाद लाने में सफल रहा है। हालांकि दूसरे दौर की वार्ता में दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत होगी या नहीं इस पर सस्पेंस बना हुआ है।
Top News : अमेरिका से ईरान की बैठक नहीं, स्टैंडबाय पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
Top News 25 April : ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध थमने के आसार नजर आ रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंच गए हैं जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी आज इस्लामाबाद आ रहा है। उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं-12वीं के नतीजे आज जारी होंगे। देशभर ...
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में प्रमुख मुद्दों पर बढ़े आगे, गोर ने चार्ल्स हार्डर से की मुलाकात
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने और व्यापक बीटीए के तहत वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी समकक्ष के साथ वॉशिंगटन में बैठक हुई
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बढ़ी कच्चे तेल की कीमतों का असर अब सरकारी महकमे पर दिखने लगा है। राजस्थान में स्टेट मोटर गैराज के पेट्रोप पंप सूख गए है और वहां से तेल की सप्लाई सरकारी गाड़ियों के लिए रोक दी है। इसके कारण सरकारी दफ्तरों में चल रहे सरकारी वाहन (कार, एम्बुलेंस, आदि) के पहिये भी थम गए। जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में मौजूद सरकारी एम्बुलेंस में ईधन नहीं होने से इनका संचालन आज से बंद हो गया, जिसका असर मरीजों पर देखने को मिल सकता है। दरअसल राजस्थान स्टेट मोटर गैराज विभाग (आरएसएमजी) की तरफ से सरकारी दफ्तरों में चलने वाली सरकारी गाड़ियों को ईंधन (पेट्रोल-डीजल) सप्लाई किया जाता है। लेकिन पिछले दिनों से आरएसएमजी के सहकार मार्ग स्थित पेट्रोल पंप से ईधन की सप्लाई सरकारी गाड़ियों (केवल मंत्रियों की गाड़ियों को छोड़कर) बंद कर दी। सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में संचालित एम्बुलेंस को भी आरएसएमजी ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई देता है, लेकिन कुछ समय पहले आरएसएमजी ने हॉस्पिटल अधीक्षक को पत्र लिखकर सप्लाई ईधन की खरीद स्वयं के स्तर पर बाजार के पेट्रोल पंपों से करने के लिए कहा है। इन रेट पर मिल रहा है डीजल-पेट्रोल सूत्रों के अनुसार, आरएसएमजी को पेट्रोलियम कंपनी (IOCL) से पेट्रोल करीब 124.21 रुपए और डीजल 139.60 रुपए प्रति लीटर की दर से मिल रहा है। जबकि बाजार में पेट्रोल पंपों पर वर्तमान में पेट्रोल करीब 105 रुपए और डीजल करीब 91 रुपए प्रति लीटर उपलब्ध है। इस अंतर के चलते राजस्थान स्टेट मोटर गैराज ने पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बाजार से स्वयं के स्तर पर करने के लिए कहा है। बाजार के पेट्रोल पंप से अनुबंध वहीं स्टेट मोटर गैराज ने बाजार के कुछ पेट्रोल पंप से अनुबंध किया है और उनसे राज्य के मंत्रियों की गाड़ियों के लिए पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को सुचारू रखा है। राजस्थान मोटर गैराज कंट्रोलर मानसिंह मीणा के मुताबिक बढ़ती कीमतों के कारण अभी केवल मंत्रियों की गाड़ियों के लिए ही व्यवस्था कर पा रहे हैं, बाकी विभागों को अपने स्तर पर ईंधन की व्यवस्था करने के लिए कहा है।
भाजपा नेता और RSS लीडर राम माधव के अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते पर बयान को लेकर विवाद हो गया है। माधव ने वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद किया, रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई और अमेरिकी टैरिफ का भी विरोध नहीं किया। तो फिर आखिर भारत अमेरिका के साथ काम करने में कहां कमी कर रहा है?' हालांकि, बयान पर आलोचना के बाद राम माधव ने माफी मांग ली। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शुक्रवार को लिखा, ‘भारत ने कभी भी रूस से तेल आयात रोकने पर सहमति नहीं दी। साथ ही, 50% टैरिफ लगाए जाने का भी उसने जोरदार विरोध किया।' राम माधव वॉशिंगटन के हडसन इंस्टीट्यूट में एक पैनल चर्चा में शामिल हुए थे। पैनल में अमेरिकी राजनयिक कर्ट कैंपबेल और एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड भी शामिल थीं। इस दौरान माधव से अमेरिका के साथ संबंध मजबूत करने से जुड़ा सवाल पूछा गया। जवाब में राम माधव ने कहा, ‘हमने (भारत ने) ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी। हमने रूस से तेल खरीदना बंद करने पर भी सहमति दी, जबकि विपक्ष ने काफी आलोचना की। हमने 50% टैरिफ को भी स्वीकार किया। स्वीकार करने का मतलब है कि हमने ज्यादा विरोध नहीं किया। हमने धैर्य बनाए रखा।’ उन्होंने आगे कहा, अब नए ट्रेड डील में हमने 18% टैरिफ भी स्वीकार किया है, जो पहले से ज्यादा है। तो आखिर भारत कहां पीछे रह रहा है? ऐसे कौन से मुद्दे हैं जहां भारत अमेरिका के साथ काम करने में कमी कर रहा है?'
श्रीगंगानगर की नई धानमंडी में कट्टे और बोरियों(बारदाने) की कमी के कारण एमएसपी पर गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी पड़ गई है। खरीद एजेंसी एफसीआई पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। इसके कारण गुरुवार को मंडी में केवल 15 हजार थैलों में ही गेहूं की खरीद हो सकी। हालांकि, आज बारदाना पहुंचने के कारण खरीद के काम में तेजी आई है। गुरुवार शाम को करीब एक लाख थैले बारदाना मंडी में पहुंचा, जो आज दोपहर को व्यापारियों में वितरित किया गया। लेकिन जैसे ही बारदाना खोला गया तो वह खराब और फटा हुआ निकला। इसे देखकर किसान और व्यापारी भड़क गए और खरीद केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच सरकार ने भी गेहूं खरीद की समय सीमा एक महीना घटाकर 31 मई कर दी है। ऐसे में मंडी में बढ़ती आवक और धीमी खरीद से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में बारदाना एक साथ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया तेज हो सके। युद्ध के असर से ट्रांसपोर्ट प्रभावित कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष रायसिंह कुलड़िया ने कहा- ईरान-अमेरिका-इजरायल के युद्ध के प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रांसपोर्टेशन प्रभावित हो रहा है। इसी कारण नया बारदाना समय पर नहीं पहुंच पा रहा। मंडी में फिलहाल बी-ग्रेड (यूज किया हुआ) बारदाना भेजा गया है, जो पुराना होने के कारण कई जगह से कटा-फटा है। मंडी में बारदाने की कमी के कारण गेहूं की ढेरियां बढ़ती जा रही हैं। समय पर उठाव नहीं होने से किसानों और व्यापारियों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। व्यापारियों ने निर्णय लिया कि एफसीआई द्वारा भेजे गए बारदाने को ठीक कर उसमें ही गेहूं भर दिया जाएगा, ताकि खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसके बाद मंडी में फसल खरीद और बोरियों में भराई का काम फिर से तेजी से शुरू हो गया।
ईरान पर परमाणु हमले के सवाल पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, किसे बताया बेवकूफ
US President Donald Trump : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप उस समय एक पत्रकार पर बुरी तरह भड़क गए, जब उनसे ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के ...
ट्रंप को भारत पर की गई टिप्पणियों को लेकर भारतीय अमेरिकी नेताओं की आलोचना का करना पड़ रहा सामना
भारतीय-अमेरिकी विधायकों और समुदाय के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय प्रवासियों और भारत को निशाना बनाकर की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है
ट्रंप का ऐलान: ईरान समझौते तक होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दबदबा कायम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान कोई समझौता नहीं करता, तब तक अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उन्होंने साफ कहा कि इस अहम तेल मार्ग को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
राज्यसभा की पूर्व सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने गुरुवार को अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं को लेकर चिंता जताई और महिलाओं के लिए अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग की।
अमेरिका और ईरान युद्ध रोकने में पाकिस्तान हुआ फेल मध्यस्थता की कोशिशें नाकाम
कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट का बचाव किया
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रूस के तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी छूट का बचाव किया
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने ट्रंप की टैरिफ नीति का बचाव किया
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति का जोरदार बचाव किया
लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी ईरान की व्यवस्था: पूर्व अमेरिकी एनएसए (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान किया
अमेरिका की शैलजा ने सात समंदर पार आकर यूपी के गाजियाबाद में आकर शादी की। यह शादी धूमधाम से की गई। गाजियाबाद में संजयनगर सेक्टर 23 निवासी विनोद कुमार राघव, पूनम राघव के बेटे विपुल राघव का विवाह धूमधाम से हुआ। विपुल और शैलजा ईटजेल की शादी हापुड़ रोड स्थित अवंतिका काॅलोनी के इम्पीरियल गार्डन एंड रिजोर्टस में धूमधाम से हुई। साधु संत भी शामिल हुए अमेरिका के मैक्सिको नार्थ के रहने वाले जोंस कौर की पुत्री शैलजा (इटलैज) ने गाजियाबाद के विपुल राधव से हिंदू रीति-रिवाज के साथ फेरे लेकर शादी के बंधनों में बंध गई। अब यह अनोखी शादी गाजियाबाद में चर्चा का विषय बनी हुई है। शैलजा ने इस मौके पर कहा कि मुझे बड़ी खुशी हुई है। गाजियाबाद की इस शादी समारोह में कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, पर्यावरण विद् विजयपाल बघेल, भाजपा नेता भानु सिसौदिया, सुनील चौधरी, संजयनगर बालाजी मंदिर के पीठाधीश्वर यून वत्स समेत अनेक साधु संत महात्माओं ने पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विवाह समारोह में परिवार के सदस्यों के साथ सुनील चौधरी समेत अन्य लोग भी शामिल हुए। प्रख्यात संतों ने दिया आशीर्वाद इस शादी में संत-महात्माओं के लिए अलग से मंच बनाया गया। जिसमें हरिद्वार शांति कुंज से आए आचार्य, अलीगगढ़ से आए कथा वाचक सुशील महाराज समेत अलग अलग संत महात्माओं ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। यह शादी सनातन धर्म की रीति रिवाज से हुई। अमेरिका से आए वधु पक्ष के लोगों ने खुशी जताई। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य सुशील मिश्रा हल्द्वानी आचार्य देवेंद्र शास्त्री। अलीगढ़ राम कथा व्यास कपिल शांतिकुंज शक्तिपीठ बुलंदशहर से आए हुए आचार्य द्वारा जयमाला के समय मंत्र उच्चारण एवं शंख ध्वनि से वातावरण गूंज मान हो गया ।आचार्य यूएन वत्स मौजूद रहे।
अमेरिका-ईरान में सीजफायर बढ़ने के बीच सोने और चांदी में तेजी
अमेरिका-ईरान में सीजफायर बढ़ने के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम एक प्रतिशत से अधिक बढ़ गए हैं।
ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक, मुंगेरीलाल के हसीन सपने बताकर अमेरिका को दिया जवाब
अमेरिकी राजदूत का दावा, 100 दिन में तेजी से आगे बढ़े भारत-अमेरिका के रिश्ते
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे करने के साथ ही भारत-अमेरिका संबंधों में तेज प्रगति की बात कही
DNA जांच के बाद परिजनों को हुआ यकीन:अमेरिका में जिंदा जलने से हुई थी मौत, कैथल में 26 अप्रैल को भोग
कैथल जिले के गांव बाकल में निवासी 26 साल के सिमरनजीत सिंह की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। अब परिवार ने यह जानने के लिए कि हादसे में मृतक सिमरनजीत सिंह ही था या कोई और था, इसके लिए उसकी बचे हुए शरीर के अंगों का डीएनए टेस्ट करवाया है। हालांकि उसकी मौत की सूचना उस कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को दी थी, जिसमें वह काम करता था। परिवार के लोग अभी भी इस बात को नहीं मान रहे थे कि हादसा उनके बेटे के साथ हुआ है। परिजनों की मांग पर अमेरिका पुलिस ने ट्रक में जली अवस्था में मिले उसके शरीर के अंगों की डीएनए जांच कराई। अब परिवार के पास जब डीएनए रिपोर्ट आई तो उन्हें यकीन हुआ है कि हादसे में सिमरनजीत की ही मौत हुई है। 26 अप्रैल को भोग मृतक के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि परिवार के रीति रिवाज के अनुसार अब सिमरनजीत की आत्मिक शांति के लिए 26 अप्रैल को भोग कार्यक्रम किया जाएगा। संस्कार इत्यादी की प्रक्रिया वहीं कर दी गई है। गांव हाबड़ी के गुरुद्वारा साहब में गांव के लोगों द्वारा भोग लगाया जाएगा और अमेरिका में रह रही दो बहनें वहां पर भोग कार्यक्रम करेंगी। जानिए पूरा मामला बता दें कि सिमरनजीत सिंह की 4 दिन पहले अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह ट्रक चलाता था और केमिकल से भरे ट्रक के साथ सड़क किनारे खड़ा था। अचानक पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे उसके ट्रक में भरे केमिकल में आग लग गई और वह जिंदा जल गया। बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया इंद्रपाल ने बताया कि सिमरनजीत बेहतर भविष्य की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर आया था। वो खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए 6 महीने के अंदर विदेश पहुंचा था। कई देशों की कठिन यात्रा, जेल तक का सामना और संघर्ष भरी जिंदगी के बाद उसने ट्रक ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया, लेकिन सड़क हादसे ने उसके सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। हादसे में मौत के बाद सिमरनजीत की केवल जली हुई हडि्डयां मिलीं।
अमेरिका के टेक्सास में गिरफ्तार पंजाबी मूल की कोर्ट इंटरप्रेटर मीनू बत्रा पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी है। 17 मार्च से मीनू टेक्सास की जेल में बंद हैं। अमेरिकन इमिग्रेशन एजेंसी उन्हें डिपोर्ट करने पर अड़ी है, वहीं उनके वकील अलग-अलग कानूनों का हवाला देकर उनका डिपोर्टेशन रोकने में जुटे हैं। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वो 21 अप्रैल तक अपना जवाब फाइल करें। सरकार ने टेक्सास की कोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया है। कोर्ट ने अभी उनके डिपोर्टेशन के ऑर्डर जारी नहीं किए। मीनू बत्रा पर आरोप हैं कि वो इमिग्रेशन कानून का उलंघन करते हुए कई सालों से अमेरिका में रह रही हैं। ट्रंप सरकार ने मास डिपोर्टेशन ड्राइव शुरू की है। अमेरिका में अवैध तरीके से रहने वाले लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है। उसके तहत ही मीनू बत्रा को भी गिरफ्तार किया गया है। हालांकि मीनू बत्रा के वकील का तर्क है कि मीनू के पास 'विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल' की कानूनी सुरक्षा है। पूर्व में कोर्ट स्पष्ट कर चुकी है कि मीनू बत्रा को भारत नहीं भेजा जा सकता है वो अमेरिका में रहकर काम कर सकती हैं। लेकिन उन्हें ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगा। मीनू टेक्सास की कोर्ट में पंजाबी, हिंदी और उर्दू की अकेली कोर्ट इंटरप्रेटर हैं। वह 35 साल से अमेरिका में रह रही हैं। उनका बड़ा बेटा अमेरिका की सेना में अधिकारी है। कब क्या हुआ और क्यों फंसीं मीनू, सिलसिलेवार जानिए… सोशल मीडिया के लिए खिंचवाई फोटोमीनू बत्रा के वकील दीपक आहलूवालिया ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्होंने जबरन मीनू के हाथ पीछे करवाकर फोटो खिंचवाई ताकि वह अपराधी लगें और कहा कि यह सोशल मीडिया के लिए है। जेल के अंदर मीनू अब अन्य महिलाओं की मदद कर रही हैं, जो अंग्रेजी नहीं जानतीं। वे बताती हैं कि वहां लोग डिप्रेशन में हैं और कई ने आत्महत्या की कोशिश भी की है। सरकार का तर्क, मीनू के पास नहीं है नागरिकताकोर्ट में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) का कहना है कि मीनू के पास 2000 का फाइनल रिमूवल ऑर्डर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्क परमिट होने का मतलब यह नहीं है कि कोई अमेरिका में कानूनी रूप से हमेशा रह सकता है। सरकार अब प्रवासियों को सेल्फ डिपोर्ट के लिए कह रही है। कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गयादीपक आहलूवालिया का कहना है कि विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल मिलने के बाद इसे दो तरीकों से ही वापस लिया जा सकता है। यदि किसी ने अपराध किया हो तो आईसीई यह मोशन फाइल कर सकती है कि इसे वापस लिया जाए। दूसरा है 'कंट्री कंडीशन' फाइल किया जाना, जिसमें कहा जाता है कि हालात अब बदल गए हैं और मीनू को अपने मूल देश में कोई खतरा नहीं है। उनका कहना है कि इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई भी मोशन फाइल नहीं किया गया और न ही 26 वर्षों के दौरान आईसीई द्वारा उन्हें कोई नोटिस भेजा गया। मीनू बत्रा के पक्ष में आए ये लोगअमेरिकन ट्रांसलेटर्स एसोसिएशन पर मौजूद मीनू बत्रा की प्रोफाइल के मुताबिक उनके पास टेक्सास स्टेट से मास्टर लेवल कोर्ट इंटरप्रेटर का लाइसेंस मौजूद है। स्थानीय राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुवादकों के संगठनों ने भी मीनू को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ आवाज उठाई है। मीनू बत्रा टेक्सास एसोसिएशन ऑफ ज्यूडिशियरी इंटरप्रेटर्स एंड ट्रांसलेटर्स' (TAJIT) की बोर्ड मेंबर भी रह चुकी हैं।
कानपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अमेरिका में बैठे सगे भाइयों ने एक बिल्डर के साथ मिलकर इस सरकारी जमीन का सौदा कर दिया। मामले में डीएम से शिकायत के बाद लेखपाल की तहरीर पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। नजूल जमीन को निजी कंपनी को बेचने का आरोपलेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा के अनुसार सिविल लाइंस स्थित भूखंड संख्या 1459A को नजूल संपत्ति के रूप में राज्य सरकार की भूमि घोषित किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2012 में इस जमीन को एक निजी कंपनी को बेच दिया गया, जो नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। अमेरिका में बैठे भाइयों पर मिलीभगत का आरोपसिविल लाइंस निवासी तरंग बेरी ने अपने भाई नीरज बेरी (कैलिफोर्निया, अमेरिका) और विकाश बेरी (वुडवेस्ट चेस्टर) तथा मनका शर्मा के साथ मिलकर इस जमीन का सौदा एसए बिल्ड हाई प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अहमद ऐतिशाम से किया। इस पूरे लेन-देन से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि सगे भाइयों और बिल्डर समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल कीमतों पर असर
वैश्विक तेल कीमतों में सोमवार को तेज उछाल आया। ऐसा तब देखा गया जब अमेरिका ने एक ईरानी कार्गो जहाज को कब्जे में ले लिया। इससे तनाव बढ़ने का डर पैदा हो गया और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों पर भी असर पड़ा है।
नागौर में जड़ा तालाब के पास विद्या भारती संस्थान के नवनिर्मित भवन माधव निलयम का लोकार्पण किया गया। यह भवन करीब 20 महीनों में तैयार हुआ है, जिस पर लगभग तीन करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख अरुण जैन मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम में संघ गतिविधियों के लिए इसे जिले का मुख्य केंद्र बनाने की जानकारी दी गई। संघ की यात्रा और समाज की एकजुटता पर बात मुख्य वक्ता अरुण जैन ने संघ की 100 साल की यात्रा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1925 में डॉ. हेडगेवार द्वारा स्थापित संघ आज बड़ा संगठन बन चुका है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता से ही राष्ट्रहित के कार्य संभव हैं और इतिहास में समाज की आपसी फूट को गुलामी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के संगठित होने से राम मंदिर जैसे कार्य पूरे हुए हैं और आगे भी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। विदेशी षडयंत्रों और सांस्कृतिक हमलों के प्रति दी चेतावनी अपने संबोधन के दौरान अरुण जैन ने समाज को वैश्विक षडयंत्रों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि चीन और अमेरिका जैसी शक्तियां भारत को आंतरिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने जातियों के बीच भेदभाव पैदा करने वाले भ्रामक सोशल मीडिया संदेशों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने रामसेतु आंदोलन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे समाज की जागरूकता ने देश की सांस्कृतिक और सामरिक विरासत को बचाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब समाज जागरूक होता है, तब सरकारें भी राष्ट्र और संस्कृति के अनुकूल निर्णय लेने के लिए बाध्य होती हैं। कुटुंब प्रबोधन और जड़ों से जुड़ने का आह्वान सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्य वक्ता ने भारतीय परिवारों को राष्ट्र की सबसे मजबूत इकाई बताया। उन्होंने आधुनिकता की चकाचौंध में अपनी मातृभाषा, स्थानीय बोली और संस्कारों को भूलने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने माताओं और बहनों से आग्रह किया कि वे बच्चों को घर में मारवाड़ी जैसी स्थानीय बोलियां सिखाएं और नमस्ते जैसी वैज्ञानिक परंपराओं का पालन करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सादगी और प्रामाणिकता बनाए रखने का आह्वान करते हुए माधव निलयम को समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बनाने का संकल्प दिलाया। संत शक्ति और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति समारोह में पांचला सिद्धा आश्रम के महंत योगी सूरजनाथ महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि संघ ने स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और गौ-सेवा के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चौधरी, मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा और विभिन्न क्षेत्रों के विधायक सहित अनेक वरिष्ठ प्रचारक, संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला संघचालक मुकेश भाटी ने सभी का आभार व्यक्त किया और संचालन जिला कार्यवाह दिलीप शर्मा व विभाग प्रचारक गिरधारी लाल ने किया।
हरियाणा के कैथल जिले के एक छोटे से गांव बाकल में जन्में 26 साल के सिमरनजीत सिंह की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। सिमरनजीत बेहतर भविष्य की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर आया था। वो खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए 6 महीने के अंदर विदेश पहुंचा था। कई देशों की कठिन यात्रा, जेल तक का सामना और संघर्ष भरी जिंदगी के बाद उसने ट्रक ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया, लेकिन सड़क हादसे ने उसके सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। परिवार को जब उसके मरने की खबर मिली तो सभी का रो-रो कर बुरा हाल था। परिवार सिमरनजीत की 6 महीने में शादी करने की तैयारी में था, लेकिन कैलिफोर्नियां में ट्रक की टक्कर के चलते उसकी जलकर मौत हो गई। टक्कर होते ही चिंगारी निकली और ट्रक में आग लग गई। मौत के बाद सिमरनजीत की केवल जली हुई हडि्डयां मिलीं। जानिए परिवार ने सिमरनजीत के बारे में क्या बताया… अक्टूबर में शादी का सोच रहा था परिवार सिमरनजीत सिंह के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि परिवार सिमरनजीत की शादी के लिए पिछले करीब 6 महीने से तैयारी में लगा हुआ था। इसके लिए उन्होंने यूपी में एक लड़की भी पसंद की हुई थी। हालांकि, सिमरनजीत सिंह अमेरिका में था, लेकिन वीडियो कॉल करके रोका कर लड़की को शगुन भी डाल रखा था। परिवार अक्टूबर या नवंबर माह में शादी करने के बारे में सोच रहा था। इसके लिए लड़के की मां ने गहने इत्यादि भी खरीद कर लिए थे। बहनें कर रहीं थी भाभी आने का इंतजार सिमरनजीत सिंह की एक बहन कैथल में ही शादी करके अपने पति के साथ अमेरिका गई। जबकि दूसरी बहन को उसने शादी से पहले ही अमेरिका बुला लिया था। उसने खुद ही अपनी बहन की वहां पर शादी करवाई। शादी के बाद दोनों बहने भी वहां पर खुशी-खुशी रह रही थी। बहनों को भी अब यही इंतजार था कि उनके भाई की जल्द से जल्द शादी हो जाए और भाई के साथ-साथ भाभी को भी अपने पास ले आएं। अब जानिए कैसे सिमरनजीत की मौत हुई…
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
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सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
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अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

