डिजिटल समाचार स्रोत

...

'अमेरिका में बनाओ तभी प्लेन बेच पाओगे', ट्रंप का बॉम्बार्डियर को अल्टीमेटम

डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा की विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर को साफ संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कंपनी को अमेरिकी बाजार में विमान बेचने हैं, तो उसे अमेरिका में ही उत्पादन करना होगा. ट्रंप ने बॉम्बार्डियर के विमानों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं.

आज तक 8 Sep 2026 1:01 am

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों की आलोचना की, कहा- उठाएंगे जरूरी जवाबी कदम

सियोल, 7 सितंबर . उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री किम सोंग-गी ने दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम एज’ की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देश उत्तर कोरिया के खिलाफ ... Read more

डेली किरण 8 Sep 2026 12:03 am

हमारी संपत्तियों पर हमला किया तो छोड़ेंगे नहीं... ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी

ईरान ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसकी संपत्तियों पर कोई भी नया हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। सप्ताहांत में दोनों पक्षों के बीच हमलों के बाद खाड़ी में तनाव बढ़ गया है और तेल कीमतें छह सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 11:02 pm

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले ट्रंप प्रशासन का बड़ा दांव, मेल-इन वोटिंग को सीमित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई आपातकालीन गुहार

अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से चुनावी नियमों और डाक मतदान (मेल-इन वोटिंग) को लेकर घमासान छिड़ गया है। नवंबर में होने वाले आगामी बेहद महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। प्रशासन की तरफ से देश की सर्वोच्च अदालत में एक आपातकालीन अपील दायर की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिकी डाक सेवा (USPS) के माध्यम से होने वाले मतदान प्रक्रिया पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाली योजना को किसी भी तरह से लागू करवाना है। इससे पहले निचली अदालत के एक संघीय न्यायाधीश ने इन विवादास्पद प्रतिबंधों पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट के पाले में जा गिरा है। दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में चुनाव प्रणाली, मतदान की पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर चल रही यह कानूनी लड़ाई इस समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है।#निचली अदालत के फैसले को पलटने और नए नियमों को लागू करने की जोरदार कोशिशपूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब बोस्टन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश इंदिरा तलवानी ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत ट्रंप प्रशासन के नए नियमों पर लगाई गई रोक की अवधि को और अधिक आगे बढ़ा दिया। निचली अदालत के इस आदेश से ट्रंप प्रशासन की उन योजनाओं को तगड़ा झटका लगा था जिसके तहत वे चुनाव से पहले डाक मतपत्रों के वितरण को नियंत्रित करना चाहते थे। निचली अदालत द्वारा रोक बढ़ाए जाने के तुरंत बाद, ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने रविवार को बिना एक भी दिन गंवाए सुप्रीम कोर्ट में नया आपातकालीन आवेदन दाखिल कर दिया। प्रशासन की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर ने सर्वोच्च न्यायालय से पुरजोर आग्रह किया है कि वे निचली अदालत के आदेश को दरकिनार करते हुए इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अनुमति प्रदान करें, भले ही कई अमेरिकी राज्यों ने 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों के लिए पहले ही डाक मतपत्र भेजना शुरू क्यों न कर दिया हो।#ट्रंप प्रशासन की दलील: समय रहते नियम लागू नहीं हुए तो चुनाव में फैल सकता है भ्रम और अराजकतासुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलें रखते हुए ट्रंप प्रशासन के प्रतिनिधियों ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया है कि यदि नियमों को लेकर अस्पष्टता बनी रही और निचली अदालत की रोक यूं ही जारी रही, तो आगामी चुनावों के दौरान मतदाताओं के बीच भारी भ्रम और प्रशासनिक अराजकता फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर का तर्क है कि जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, विभिन्न राज्य अपने स्तर पर मेल बैलेट जारी कर रहे हैं, और यदि डाक सेवा के नए सुरक्षा मानक समय पर लागू नहीं किए गए, तो पूरी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता दांव पर लग सकती है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन ने ट्रंप प्रशासन के इस नए अनुरोध पर प्रतिक्रिया देने या जवाब दाखिल करने के लिए इस बुधवार तक की सख्त समय सीमा तय की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सर्वोच्च न्यायालय का अंतिम निर्णय क्या होगा, जो अमेरिका की चुनावी दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।#क्या है अमेरिकी डाक सेवा (USPS) का नया और विवादास्पद नियम?अमेरिकी डाक सेवा द्वारा लागू किया गया यह नया नियम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इसी साल मार्च के महीने में हस्ताक्षरित किए गए एक कड़े कार्यकारी आदेश (Executive Order) का सीधा परिणाम है। राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से, विशेषकर 2020 के राष्ट्रपति चुनावों के बाद से, मेल-इन वोटिंग यानी डाक द्वारा मतदान प्रणाली की खुले तौर पर आलोचना करते रहे हैं। उनका यह निरंतर दावा रहा है कि पिछले चुनावों में उनकी हार के पीछे बड़े पैमाने पर मतदाता धोखाधड़ी और मेल बैलेट का दुरुपयोग एक प्रमुख कारण रहा था। इसी कमी को दूर करने के लिए इस नए नियम के तहत यह प्रावधान किया गया है कि सभी अमेरिकी राज्यों को अनिवार्य रूप से अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को उन सभी नागरिकों की सूची उपलब्ध करवानी होगी जो मेल द्वारा वोट डालना चाहते हैं। इसके साथ ही, सभी आउटबाउंड और रिटर्न बैलेट लिफाफों पर एक यूनिक बारकोड का होना भी पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कोई मतपत्र इन नए मानकों का पालन नहीं करता है या फिर उस मतदाता से जुड़ा नहीं है जिसका नाम आधिकारिक सूची में दर्ज है, तो USPS को ऐसे मतपत्रों को वितरित करने से साफ इनकार करने का कानूनी अधिकार मिल जाता है।#वर्तमान में अमेरिका में कैसी है मेल-इन वोटिंग की स्थिति और राजनीतिक प्रभाव?मौजूदा समय में संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न राज्यों में मेल-इन वोटिंग की व्यवस्था अलग-अलग रूपों में लागू है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, देश के 29 राज्य अपने मतदाताओं को बिना कोई ठोस कारण बताए मेल द्वारा मतपत्र भेजने का अनुरोध करने की पूरी छूट देते हैं, जबकि 8 राज्य तो ऐसे हैं जो पूरी तरह से केवल मेल के माध्यम से ही अपने यहां चुनाव आयोजित कराते हैं। ऐसे में, यदि ट्रंप प्रशासन के ये नए प्रतिबंध लागू होते हैं, तो यह सीधे तौर पर लाखों मतदाताओं की मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। डेमोक्रेटिक पार्टी और मानवाधिकार संगठन इस कदम को मतदाता दमन (Voter Suppression) का एक प्रयास बता रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी और ट्रंप समर्थक इसे चुनावों में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक कदम करार दे रहे हैं। मिडटर्म चुनावों के ठीक मुहाने पर खड़े इस कानूनी और राजनीतिक संघर्ष का परिणाम अमेरिकी लोकतंत्र के भविष्य पर एक गहरी छाप छोड़ेगा, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Sep 2026 8:59 pm

अमेरिका के दबाव में हुई बोइंग डील? बांग्लादेशी वकील ने सरकार को भेजा नेटिस, मांगा पूरा हिसाब

बांग्लादेश के वरिष्ठ वकील बैरिस्टर एमएमजी सरवर ने 3.7 अरब डॉलर के बोइंग विमान खरीद सौदे को लेकर सरकार और बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस को कानूनी नोटिस भेजा है। दो मंत्रियों के परस्पर विरोधी बयानों के बाद उन्होंने पूछा है कि इस सौदे पर अमेरिका का कोई दबाव था या नहीं?

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 8:36 pm

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 7:37 pm

अमेरिका के मियामी में लैंडिंग के दौरान कार्गो प्लेन क्रैश, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका के मियामी एयरपोर्ट पर एक कोर्गो विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया. जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. इस दौरान कई गाड़ियां भी चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे की वजह साफ नहीं है. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 7 Sep 2026 5:34 pm

हेयरड्रेसर ने जिंदा की अमेरिका की ऐतिहासिक रेस:10 साल पहले बजट की कमी से बंद हुई फिलाडेल्फिया क्लासिक रेस फिर खेली गई

अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रेस ‘फिलाडेल्फिया साइक्लिंग क्लासिक’ पूरे एक दशक के सन्नाटे के बाद फिर से सड़कों पर लौट आई है। 1985 से 2016 तक दुनिया भर के दिग्गज साइकिल चालकों को आकर्षित करने वाला यह आयोजन 10 लाख डॉलर (करीब 94 लाख रुपए) के भारी बजट और प्रायोजकों की कमी के चलते बंद हो गया था। इस बार इस रेस को वापस पटरी पर लाने वाला कोई अरबपति खेल प्रमोटर नहीं, बल्कि फिलाडेल्फिया के एक हेयर सैलून के मालिक और पूर्व शौकिया राइडर कार्लोस रोजर्स हैं। रोजर्स के चार साल के कड़े संघर्ष, शहर के पूर्व मेयर के साथ और एक प्रमुख प्रायोजक के दम पर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का पुनर्जन्म संभव हुआ है। रोजर्स का इस रेस से भावनात्मक जुड़ाव बचपन से रहा है। वे मानायंक इलाके में पले-बढ़े, जहां इस रेस का सबसे कठिन और मशहूर हिस्सा ‘मानायंक वॉल’ मौजूद है। कभी किशोर उम्र में पुलिस की हार्ले-डेविडसन की गड़गड़ाहट देखकर रोमांचित होने वाले रोजर्स ने 1994 में एक कंपोजिट टीम से खुद इस रेस में पैडल मारे थे और लांस आर्मस्ट्रांग जैसे दिग्गजों के साथ 130 मील तक राइड की थी। अगस्त 2022 में मैरीलैंड साइक्लिंग क्लासिक देखने के बाद रोजर्स में अपने शहर की रेस को लौटाने की तड़प जगी। उन्होंने पूर्व रेस डायरेक्टर रॉबिन मॉर्टन से तकनीकी बारीकियां समझीं और अपने सैलून में बाल कटवाने आने वाले ग्राहकों से लेकर उद्योगपतियों तक सैकड़ों कोल्ड कॉल्स किए। शुरुआती असफलताओं के बाद 2024 में रोजर्स की मुलाकात उद्यमी एरिक रॉबिंस और फिलाडेल्फिया के पूर्व मेयर माइकल नटर से हुई। नटर के जुड़ते ही इस मुहिम को प्रशासनिक और नैतिक मजबूती मिली और तीनों इसके सह-संस्थापक बने। इसके बाद 2025 में ‘अमेरीगैस’ के सीईओ बॉब फ्लेक्सन बतौर टाइटल स्पॉन्सर सामने आए, जिससे 10 लाख डॉलर से जुड़े वित्तीय संकट का समाधान हुआ। जून 2025 तक जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर विश्व साइक्लिंग संस्था से 2026 के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में इसे शामिल करने की औपचारिक मंजूरी हासिल कर ली गई। अगस्त अंत में हुई यूसीआई 1.1 श्रेणी की इस रेस में आठ वर्ल्ड टूर टीमें उतरीं, जहां पुरुष वर्ग में 193 किमी और महिला वर्ग में 100 किमी का कड़ा मुकाबला हुआ। इस आयोजन में लैंगिक समानता को तरजीह देते हुए दोनों वर्गों के लिए समान 62 लाख रुपए की इनामी राशि रखी गई थी। मानायंक वॉल के आधे मील में 250 फीट से अधिक की चढ़ाई और 14 फीसदी तक के तीखे ढलान ने एक बार फिर राइडर्स का कड़ा इम्तिहान लिया। इस ऐतिहासिक ट्रैक पर पेरिस ओलिंपिक की स्वर्ण पदक विजेता क्रिस्टन फॉल्कनर और क्विन सिमंस जैसे सितारे भी उतरे। जर्मनी के टिम टॉर्न ने पुरुष और इटली की चियारा कोंसोनी ने महिला कैटेगरी का खिताब जीता। रोजर्स के मुताबिक, दोबारा इस रेस की शुरुआत होना किसी पदक से कम नहीं है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 5:19 pm

कैथल में पकड़ा 20 हजार का इनामी बदमाश:फिरौती, आर्म्स एक्ट, लूट जैसी वारदातें कर अमेरिका भागा, डिपोर्ट होने पर गिरफ्तार

कैथल में पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट द्वारा 20 हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर कैथल, नरवाना, जींद व सोनीपत में कातिलाना हमला, फिरौती, आर्म्स एक्ट व लूट के करीब 8 मामले दर्ज हैं। वह अमेरिका भाग गया था, जो पिछले दिनों अमेरिका से डिपोर्ट हुआ है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव भागल निवासी राहुल उर्फ गोगी के रूप में हुई है। उसके कब्जे से 315 बोर के अवैध देसी कट्टा व 2 रौंद बरामद हुए हैं। डीएसपी ने दी जानकारी मामले को लेकर डीएसपी बीरभान ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई में एचसी देवेंद्र सिंह की टीम गांव शिमला बस अड्डा पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस टीम को गुप्तचर से सूचना प्राप्त हुई कि गांव भागल निवासी राहुल उर्फ गोगी, जिसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं तथा जो काफी समय से फरार चल रहा है, आईटीआई कलायत के सामने हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर अवैध देसी कट्टा लेकर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़ा है। देसी कट्टा व रौंद बरामद सूचना पर पुलिस टीम ने आईटीआई कलायत के सामने दबिश दी। जहां बताए हुलिए के अनुसार एक युवक पुलिस की गाड़ी को देखकर हाईवे से कलायत की तरफ भागने लगा, जिसे पुलिस टीम ने पीछा करके कुछ दूरी पर ही काबू कर लिया। आरोपी की पहचान गांव भागल निवासी राहुल उर्फ गोगी के रूप में हुई। तलाशी दौरान आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देसी कट्टा तथा 2 रौंद बरामद हुए। पांच दिन रिमांड पर डीएसपी ने बताया कि इस बारे में आरोपी के खिलाफ थाना कलायत में मामला दर्ज कर कर लिया गया। आरोपी पर वर्ष 2024 दौरान जिला सोनीपत में फिरौती के एक मामले में 20 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है जिसमें आरोपी वांछित था। आरोपी का व्यापक पूछताछ के लिए न्यायालय से 5 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 4:52 pm

भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए खुला है अमेरिकी बाजार, चंद्रमा मिशन में भारत के साथ साझेदारी चाहता है अमेरिका: सर्जियो गोर

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी बाजार भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए पूरी तरह खुला है और अमेरिकी निवेशक भारत के तेजी से बढ़ते स्पेस सेक्टर पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति की दिशा में अमेरिका की महत्वाकांक्षी योजनाओं में भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।

खास खबर 7 Sep 2026 4:46 pm

भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए खुला है अमेरिकी बाजार, चंद्रमा मिशन में भारत के साथ साझेदारी चाहता है अमेरिका:

New Delhi, 7 सितंबर . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने Monday को कहा कि अमेरिकी बाजार भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए पूरी तरह खुला है और अमेरिकी निवेशक India के तेजी से बढ़ते स्पेस सेक्टर पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने संकेत दिया कि चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति की दिशा ... Read more

डेली किरण 7 Sep 2026 4:44 pm

जमुई की लक्ष्मी ने जीता मिस राइना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया खिताब:अब बोलिविया में भारत का करेंगी प्रतिनिधित्व; नौकरी के साथ मॉडलिंग का जुनून रखा जारी

जमुई की लक्ष्मी भार्गव ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 21 साल की लक्ष्मी ने अहमदाबाद, गुजरात में हुई मिस राइना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया 2026 प्रतियोगिता का खिताब जीता है। अब वह अगले साल बोलिविया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।उनकी इस जीत से जमुई में खुशी का माहौल है। लक्ष्मी भार्गव मूल रूप से जमुई जिला मुख्यालय के हरनाहा की रहने वाली हैं। वह उमाकांत सिंह और विभा देवी की बेटी हैं। जमुई पहुंचने पर उनके माता-पिता और बड़ी संख्या में लोगों ने स्टेशन पर फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। फिलहाल लक्ष्मी दिल्ली में रहकर अमेजन कंपनी में काम कर रही हैं। नौकरी के साथ मॉडलिंग का जुनून रखा जारी लक्ष्मी बताती हैं कि नौकरी के साथ मॉडलिंग के अपने जुनून को जारी रखना उनके लिए आसान नहीं था।इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। वह काम के बीच से समय निकालकर प्रतियोगिता की तैयारी करती रहीं। कई चरणों के बाद हासिल किया पहला स्थान इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।कई चरणों में हुई प्रतियोगिता के बाद फाइनल राउंड तक पहुंचना ही बड़ी चुनौती थी। लक्ष्मी ने यहां आत्मविश्वास और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उन्हें मिस राइना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया 2026 का ताज मिला। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद नहीं मानी हार लक्ष्मी का कहना है कि मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के दौरान कई बार परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं रहीं। नौकरी और मॉडलिंग को साथ लेकर चलना मुश्किल था। मध्यमवर्गीय परिवार से आने के कारण उन्हें आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। मॉडलिंग को करियर बनाने के फैसले पर सामाजिक स्तर पर भी कई तरह की रुकावटें सामने आईं, लेकिन उन्होंने लगातार खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। हालांकि लक्ष्मी ने इन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वह लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रहीं और हर अनुभव से खुद को निखारती गईं। कम उम्र में ही शुरू हुआ उपलब्धियों का सिलसिला उनकी उपलब्धियों की शुरुआत भी कम उम्र में ही हो गई थी। दिसंबर 2021 में पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने बेस्ट स्माइल अवार्ड जीता था। इसके बाद फरवरी 2022 में बेतिया में बेस्ट पर्सनैलिटी अवार्ड अपने नाम किया। वर्ष 2022 में उन्होंने मिस टीन इंडिया सुपरमॉडल का खिताब जीता। हालांकि लक्ष्मी ने इन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वह लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रहीं और हर अनुभव से खुद को निखारती गईं। उनकी उपलब्धियों की शुरुआत भी कम उम्र में ही हो गई थी। दिसंबर 2021 में पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने बेस्ट स्माइल अवार्ड जीता था। इसके बाद फरवरी 2022 में बेतिया में बेस्ट पर्सनैलिटी अवार्ड अपने नाम किया। वर्ष 2022 में उन्होंने मिस टीन इंडिया सुपरमॉडल का खिताब जीता। लक्ष्मी भार्गव की कुछ और तस्वीरें…

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 4:40 pm

एक अफ्रीका में समा जाए चीन, भारत, अमेरिका... फिर नक्शे में इतना छोटा क्यों?

दुनिया को जिस नक्शे पर हम अबतक देखते आए हैं क्या वास्तव में दुनिया की वैसी ही तस्वीर है जैसी धरती पर मौजूद है? जवाब चौंकाने वाला मगर सत्य है. दुनिया असल में एकदम ऐसी नहीं दिखती है. अफ्रीका का साइज इतना बड़ा है उसमें अमेरिका चीन और भारत एक साथ समा जाए फिर भी कुछ जगह बच जाए. लेकिन अफ्रीका अचानक बड़ा नहीं हुआ है. बस दुनिया ने उसे सही अनुपात में देखना शुरू किया है.

आज तक 7 Sep 2026 4:36 pm

Iran ने दक्षिण कोरिया को दी सीधी चेतावनी: 'अगर अमेरिका का साथ दिया तो भुगतने होंगे अंजाम'

Iran ने दक्षिण कोरिया को दी सीधी चेतावनी: 'अगर अमेरिका का साथ दिया तो भुगतने होंगे अंजाम'

समाचार नामा 7 Sep 2026 3:38 pm

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हुआ हावी, जानिए कल के लिए ट्रेडिंग प्लान

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।बाजार: नाजुक स्तरों परसीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?बाजार: अब क्या?बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीतिअनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।कल के लिए रणनीतिनिफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की रायडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 7 Sep 2026 3:08 pm

उत्तर कोरिया-अमेरिका संवाद के लिए ‘पेसमेकर’ की भूमिका निभाएंगे दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली

पेरिस, 7 सितंबर . दक्षिण कोरिया के President ली जे-म्युंग ने एक बार फिर उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को दोबारा शुरू कराने में अपने देश की सक्रिय भूमिका का संकल्प दोहराया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया इस प्रक्रिया में ‘पेसमेकर’ की भूमिका निभाएगा, ताकि दोनों पक्षों के बीच संवाद ... Read more

डेली किरण 7 Sep 2026 1:18 pm

उत्तर कोरिया-अमेरिका संवाद के लिए 'पेसमेकर' की भूमिका निभाएंगे दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली

उत्तर कोरिया-अमेरिका संवाद के लिए 'पेसमेकर' की भूमिका निभाएंगे दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली

समाचार नामा 7 Sep 2026 1:13 pm

 कीव में अमेरिकी दूतों से मुलाकात के बाद बोले जेलेंस्की

यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कीव दौरे पर आए अमेरिकी दूतों के साथ वार्ता के बाद कहा कि रूस के साथ युद्ध फिलहाल सर्दियों तक जारी रहने की संभावना है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेलेंस्की दोनों ने इस बातचीत को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन किसी ने भी रूस के साथ युद्ध …

इंडियन लेटर 7 Sep 2026 12:38 pm

पूर्व DRDO वैज्ञानिक ने सुनाया अमेरिका के F-16 का चौंकाने वाला किस्सा

पूर्व ब्रह्मोस प्रमुख डॉ. सुधीर मिश्रा और डीआरडीओ के डॉ. हरि बाबू श्रीवास्तव ने सुरक्षा सभा में कहा कि भविष्य का युद्ध ड्रोन आधारित होगा. आत्मनिर्भर भारत, तेजी से तकनीक अपनाने और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया.

आज तक 7 Sep 2026 12:17 pm

Indian Diaspora: विदेशों में कहां कितने भारतीय? अमेरिका से UAE और कनाडा तक, जानें कौन से काम करते हैं प्रवासी भारतीय

Indian Diaspora: विदेशों में कहां कितने भारतीय? अमेरिका से UAE और कनाडा तक, जानें कौन से काम करते हैं प्रवासी भारतीय

समाचार नामा 7 Sep 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान तनाव का असर, महंगी होगी बनारसी साड़ी; 10 सितंबर से 15% बढ़ेंगे दाम

अमेरिका-ईरान तनाव का असर, महंगी होगी बनारसी साड़ी; 10 सितंबर से 15% बढ़ेंगे दाम

समाचार नामा 7 Sep 2026 12:00 pm

Share Market Today | अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में उबाल, सेंसेक्स 69 अंक फिसला, निफ्टी 23,900 के नीचे खुला

हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन, 7 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) लाल निशान के साथ खुले। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष में नए हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स पर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 69.38 अंक (0.09%) की गिरावट के साथ 76,446.05 के स्तर पर खुला। वहीं, NSE निफ्टी 50 14.55 अंक फिसलकर 23,883.15 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इससे पिछले सत्र में सेंसेक्स 76,515.43 और निफ्टी 23,897.70 पर बंद हुए थे। इसी तरह, शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में बड़े इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। जहां BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 75.01 अंक नीचे था, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 2.46 अंक या 0.03 प्रतिशत गिर इसे भी पढ़ें: Maihar के Gola Math Temple का रहस्य, एक ही रात में भगवान Vishwakarma ने किया था निर्माण कर 9,292.81 पर ट्रेड कर रहा था। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में BEL, Eternal, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई, जिसमें BEL शुरुआती कारोबार में 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, इंफोसिस, HCL टेक, टेक महिंद्रा, TCS और हिंदुस्तान यूनिलीवर गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे, जिसमें इंफोसिस 2.39 प्रतिशत गिरा। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक था, जिसमें NSE पर 1,603 शेयरों में बढ़त और 1,535 शेयरों में गिरावट देखी गई। 118 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड, देवरश वकील ने कहा, US-ईरान तनाव और US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। भारत की मजबूत Q1 FY27 GDP ग्रोथ (7.8%) और अच्छे GST कलेक्शन के बावजूद रिस्क लेने की इच्छा कम बनी हुई है। गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? Nifty 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले Gift Nifty ने आज सपाट शुरुआत का संकेत दिया; यह पिछले बंद भाव 24,010 के मुकाबले 10.5 अंक गिरकर 23,999.50 पर खुला। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाल बने रहे और उन्होंने 4 सितंबर, 2026 को 3,111.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Secret Airbase बनाने में तेजी से जुटा है China, सैटेलाइट तस्वीरों ने Lop Nur में बन रहे खतरनाक मिलिट्री टेस्ट बेस का किया खुलासा आज के एशियाई बाज़ार US जॉब्स रिपोर्ट उम्मीद से कहीं ज़्यादा मज़बूत आने के बाद एशियाई शेयरों में तेज़ी आई, जबकि US-ईरान संघर्ष में नए हमलों के कारण तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 1,278.06 अंक या 1.93 प्रतिशत गिरकर 66,299 पर था। हालांकि, हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स 266.87 अंक या 1.05 प्रतिशत गिरा। दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 262.33 अंक या 3.92 प्रतिशत उछला, और शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 9.42 अंक या 0.24 प्रतिशत नीचे था।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 11:59 am

अमेरिकी विदेश मंत्री ने आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने से की बात, नेपाल बाढ़ पर जताया दुख

नेपाल त्रासदी पर दुख जताते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) अध्यक्ष रवि लामिछाने से टेलीफोन पर बातचीत की।

खास खबर 7 Sep 2026 11:48 am

India Metro Network: भारत का मेट्रो नेटवर्क लगाएगा बड़ी छलांग, अमेरिका से घटा फासला, जानें चीन से कितनी दूर

India Metro Network: भारत का मेट्रो नेटवर्क लगाएगा बड़ी छलांग, अमेरिका से घटा फासला, जानें चीन से कितनी दूर

समाचार नामा 7 Sep 2026 11:30 am

कार्लोस अल्काराज US ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे:टॉमी पॉल को हराया, सबालेंका भी अगले राउंड में: 5 अमेरिकी पुरुष अंतिम-16 में पहुंचे

न्यूयॉर्क में खेले जा रहे US ओपन 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्काराज और आर्यना सबालेंका ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। सबालेंका छठी बार US ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंची विमेंस सिंगल्स में सबालेंका ने अमेरिका की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-3 से मात दी। पहले सेट में दोनों के बीच कई बार सर्विस ब्रेक हुई। टाउनसेंड ने सबालेंका की शुरुआती चार सर्विस में से तीन बार ब्रेक लिया, लेकिन सबालेंका ने वापसी करते हुए पहला सेट 6-4 से जीत लिया। दूसरे सेट में 1-3 से पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार पांच गेम जीते और मैच अपने नाम किया। इस जीत के साथ सबालेंका लगातार छठी बार US ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं। अब उनका सामना छठी सीड और मौजूदा विंबलडन चैंपियन लिंडा नोस्कोवा से होगा। नोस्कोवा ने मार्ता कोस्ट्युक को 7-5, 5-7, 6-4 से हराया। कलाई की चोट से वापसी के बाद अल्काराज की लगातार 18वीं ग्रैंड स्लैम जीत मेंस सिंगल्स में अल्काराज ने अमेरिका के टॉमी पॉल को 6-4, 6-3, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। दाहिनी कलाई की चोट के कारण करीब चार महीने कोर्ट से दूर रहने के बाद लौटे अल्काराज ने पॉल के खिलाफ तीनों सेट में दबदबा बनाए रखा। इस जीत के साथ उनकी ग्रैंड स्लैम में लगातार 18 मैच जीतने की लय बरकरार रही। टूर्नामेंट में अब तक उन्होंने सिर्फ एक सेट गंवाया है। अब क्वार्टर फाइनल में अल्काराज का सामना अमेरिका के 8वीं सीड बेन शेल्टन से होगा। शेल्टन ने स्टेफानोस त्सित्सिपास को 6-2, 6-3, 6-4 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। 5 अमेरिकी पुरुष अंतिम-16 में पहुंचे, अब 3 क्वार्टर फाइनल में US ओपन के मेंस सिंगल्स में पांच अमेरिकी खिलाड़ी अंतिम-16 में पहुंचे थे। इनमें टॉमी पॉल, बेन शेल्टन, लर्नर टिएन, फ्रांसिस टियाफो और एलेक्स माइकलसन शामिल थे। यह 1995 के बाद किसी ग्रैंड स्लैम के अंतिम-16 में पहुंचने वाले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ियों की सबसे बड़ी संख्या थी। इनमें से टियाफो, माइकलसन और शेल्टन ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। टियाफो ने पूर्व चैंपियन डेनियल मेदवेदेव को 7-6(1), 6-4, 7-6(6) से हराया, जबकि माइकलसन ने टॉमस मार्टिन एचेवेरी को 7-6(6), 6-4, 6-4 से मात दी। अब टियाफो और माइकलसन क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने होंगे, जिससे सेमीफाइनल में एक अमेरिकी खिलाड़ी का पहुंचना तय है। वहीं, बेन शेल्टन ने स्टेफानोस त्सित्सिपास को 6-2, 6-3, 6-4 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। अब उनका सामना डिफेंडिंग चैंपियन अल्काराज से होगा। विमेंस सिंगल्स में पेगुला-नवारो का ऑल-अमेरिकन क्वार्टर फाइनल विमेंस में भी अमेरिका की दो खिलाड़ियों के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला होगा। जेसिका पेगुला ने सोराना क्रिस्टिया को 6-3, 6-4 से हराया, जबकि एमा नवारो ने अन्ना कलिन्सकाया को सीधे सेटों में मात देकर अंतिम-8 में जगह बनाई। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत 20 साल बाद AFC U20 एशियन कप में पहुंचा:बांग्लादेश को 3-0 से हराया, सीरिया की हार से मिली टूर्नामेंट में जगह भारतीय अंडर-20 फुटबॉल टीम ने 20 साल बाद AFC U-20 एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली है। रविवार को ताशकंद में खेले गए ग्रुप-B के आखिरी क्वालीफायर में बांग्लादेश को 3-0 से हराया। इसके बाद उज्बेकिस्तान ने सीरिया को 3-0 से हरा दिया। इस नतीजे के बाद भारत 6 अंक के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा। पूरी खबर

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 11:20 am

Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 11:12 am

'चांद हमारा है': अमेरिकी झंडे के साथ शेयर की तस्वीर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया नया दावा

'The Moon is Ours': Photo shared with American flag; President Donald Trump makes a new claim. 'चांद हमारा है': अमेरिकी झंडे के साथ शेयर की तस्वीर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया नया दावा

अमर उजाला 7 Sep 2026 11:07 am

चीन और रूस ने कर लिया अमेरिका की विदायी का इंतजाम, मिडिल ईस्ट अमेरिका का गेम बजा डाला

इस लिंक से सीधे UPI पेमेंट करें: https://tinyurl.com/paygirijesh चैनल के

नॉकिंग न्यूज़ 7 Sep 2026 10:59 am

क्या ट्रंप के पांव अब उखड़ने लगे हैं. अमेरिकी सेना के तीन नये संकट क्या हैं

Register for 1Day LIVE AI Training : https://link.outskill.com/MM-C125 100% Discount

नॉकिंग न्यूज़ 7 Sep 2026 10:59 am

India-US Relations: बेंगलुरु में अमेरिका के 250 साल का जश्न, राजदूत सर्जियो गोर बोले- पीछे देखने नहीं, आगे बढ़ने आए हैं

India-US Relations: बेंगलुरु में अमेरिका के 250 साल का जश्न, राजदूत सर्जियो गोर बोले- पीछे देखने नहीं, आगे बढ़ने आए हैं

समाचार नामा 7 Sep 2026 10:25 am

अमेरिका को समझ आ रहा: बच्चों की परवरिश माता-पिता ही बेहतर करेंगे, डे-केयर से दूरी बनाने के लिए बनी खास योजना

अमेरिका को समझ आ रहा: बच्चों की परवरिश माता-पिता ही बेहतर करेंगे, डे-केयर से दूरी बनाने के लिए बनी खास योजना

अमर उजाला 7 Sep 2026 9:45 am

द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला

7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।

अमर उजाला 7 Sep 2026 9:35 am

BJP प्रदेशाध्यक्ष बोले-अमेरिका, यूरोप 'कॉकरोच' पर कर रहा इनवेस्टमेंट:बाड़मेर की 55 सीटें जीताकर सिखाओ सबक, तभी राहुल गांधी-खड़गे बनेगें राष्ट्रभक्त

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- खड़गे (राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष), सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सबक सिखाना जरूरी है। तभी राष्ट्रभक्त बनेंगे। अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, लेकिन बेकार हो गया। अब तरीका बदलकर कॉकरोज जैसों पर इनवेस्टमेंट कर रहे है। राठौड़ ने बाड़मेर में रविवार रात 9 बजे नगर परिषद के प्रत्याशी और कार्यकर्ता के साथ मीटिंग में यह बात कही। प्रदेशाध्यक्ष ने टिकट से नाराज बागियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके पास अपील करने मौका है। मां (पार्टी) के पीठ में छुरा खोंपने वालों को पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। अभी खूब नियुक्तियां पड़ी है, योग्य कार्यकर्ताओं को सम्मान किया जाएगा। राठौड़ बोले- एक-एक वोट की वैल्यू बैठक में राठौड़ ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में एक-एक वोट की वैल्यू है। एक वोट से सीपी जोशी हार गए और सांसद प्रत्याशी भी हारे हैं। उन्होंने प्रत्याशियों से पूछा कि टैक्सी बुक कर दी क्या? अगर नहीं की है तो आज ही पोलिंग के लिए टैक्सी बुक कर दो। उन्होंने कहा कि 100 रुपए एक्स्ट्रा दे दो और आज से ही टैक्सी पर भाजपा का झंडा लगाकर चलाओ। राठौड़ ने कहा - बाड़मेर में 55 वार्ड हैं। अगर प्रत्येक प्रत्याशी दो या तीन टैक्सियां लगाए तो शहर में कितनी टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर घूमती नजर आएंगी। कल्पना करो कि 150 टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर शहर में घूम रही हैं तो इससे एक माहौल बनेगा। यह व्यवस्था चुनाव संचालन समिति को करनी चाहिए। 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं, माहौल से भी असर पड़ता है: राठौड़ राठौड़ ने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि करीब 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं। कुछ वोट जातिगत होते हैं, जबकि कुछ दोस्ती और दुश्मनी के आधार पर पड़ते हैं। 10 फीसदी वोट ऐसे होते हैं जो हवा के साथ जाते हैं। हवा जिसके पक्ष में होती है, वही जीतता है। जब लोगों को लगता है कि इतनी टैक्सियां भाजपा की घूम रही हैं तो बाड़मेर में भाजपा ही जीत रही है, तो चुनाव का माहौल बनता है। बोले- बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेजो, खड़गे-सोनिया-राहुल को सबक मिलेगा राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आपने बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेज दीं तो उन लोगों को सबक सीखने को मिलेगा। तब वे भी राष्ट्रभक्ति करने लगेंगे और भारत माता की जय बोलने लगेंगे। जब वंदे मातरम् राष्ट्रगीत होते हुए खड़गे जी हिलते हैं तो आपको गुस्सा आता है या नहीं। जब सोनिया गांधी इधर-उधर हिलती-डुलती हैं तो आपको बुरा लगता है या नहीं। जब राहुल नाटक करते हैं तो आपको गुस्सा आता है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा - उस गुस्से को दबाकर मत रखो। उन लोगों को सबक सिखाना बेहद जरूरी है। तब उन्हें लगेगा कि बाड़मेर की जनता अराष्ट्रीय गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। तब जाकर उनकी अक्ल ठिकाने आएगी। मैं भी राष्ट्रभक्त हूं और मेरा विरोधी भी राष्ट्रभक्त बने, तभी लोकतंत्र सफल होगा। पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय जीतने का लक्ष्य बताया राठौड़ ने चुनाव संचालन समिति के सदस्यों से कहा कि वे फैल जाएं और जनता को बताएं कि यह समय अराष्ट्रीय गतिविधि करने वालों को सबक सिखाने का है। अगर पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय चुनाव जीत लेंगे तो उन्हें लगेगा कि जनता अराष्ट्रीय गतिविधि बर्दाश्त नहीं करती है। राठौड़ बोले- अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, बेकार हो गया राठौड़ ने कहा कि जब कोई व्यक्ति प्रगति करता है तो बहुत लोग उससे जलते हैं। भारत प्रगति करता है तो दुनिया के कई देश जलते हैं और नाराज हैं। वे भारत की प्रगति रोकना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका और यूरोप ने हमारे देश के विपक्षियों को पैसा देना शुरू किया। देश को अस्थिर करने की कोशिश की गई। जब उन देशों को लगा कि यह इनवेस्टमेंट तो बेकार हो गया, क्योंकि राहुल गांधी को जितना पैसा दो, वे कोई भी काम करें तो भाजपा को फायदा हो जाता है। इसलिए उन्होंने अपना तरीका बदल दिया। विरोधी देश 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट कर रहे: राठौड़ राठौड़ ने कहा - विरोधी देशों ने ऐसे लोगों को तैयार किया है। 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट करना शुरू किया गया है। ऐसे लोग कई जगह सुबबुगाहट उठाते हैं, कई नाटक करते हैं, कई आगजनी करते हैं और गंदी-गंदी भाषा बोल देते हैं। इसके बाद देश उन्हें शांत करने में लग जाता है और इससे विकास रुक जाता है। विरोधी देश इसी तरह सोचते हैं, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं और कतई चिंता नहीं करने वाले। हम मजबूती के साथ भारत को विकसित भारत बनाना चाहते हैं। बागियों को चेतावनी- पार्टी के खिलाफ गए तो बर्दाश्त नहीं करेंगे टिकट से नाराज दावेदारों और बागियों को लेकर राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर सर्वे करवाकर चुनाव में उम्मीदवार उतारे हैं। प्रत्याशी सेवक बनकर काम करेंगे, लेकिन कई योग्य कार्यकर्ता टिकट से पीछे रह गए क्योंकि टिकट एक ही व्यक्ति को मिल सकता है। ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने और उन्हें अवसर देने की कोशिश होगी। अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं और अब नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए यह व्यवस्था है कि हर कार्यकर्ता को काम और हर काम के लिए कार्यकर्ता हो। यह पार्टी के संस्कार हैं। बोले- कल शाम तक पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील कर दें राठौड़ ने कहा कि कुछ दावेदार गुस्से में आकर नामांकन कर चुके हैं। उनके पास कल शाम तक का समय है। वे पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील निकाल दें। जो नाराज हैं, उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। --- ये खबर भी पढ़ें … जोधपुर में शेखावत-गहलोत फैक्टर से कांटे की टक्कर:उदयपुर में कांग्रेस को बागियों से खतरा; पाली में राठौड़ के गढ़ में निर्दलीयों से बदले समीकरण जोधपुर नगर निगम में 100, उदयपुर में 80 और पाली में 65 वार्ड हैं। अभी तक के समीकरणों में जोधपुर और पाली में कांग्रेस-बीजेपी में टक्कर है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 9:31 am

अमेरिका में सत्यनारायण पूजा के कितने रुपये लगते हैं?

अमेरिका में सत्यनारायण कथा करवाना भारत के मुकाबले काफी महंगा पड़ सकता है. पंडित की फीस, मंदिर चार्ज, आने-जाने का खर्च और पूजा सामग्री मिलाकर कुल खर्च कई सौ डॉलर तक पहुंच सकता है.

आज तक 7 Sep 2026 9:30 am

पुतिन से मुलाकात के बाद कीव पहुंचे अमेरिकी दूत, जेलेंस्की से वार्ता; युद्ध खत्म होने पर दिया अपडेट

अमेरिकी मध्यस्थता के बीच रविवार को कीव और मास्को में अपेक्षाकृत शांति रही और बड़े हमलों की कोई जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि, काला सागर में यूक्रेन के एक जहाज पर रूस के हमले की खबर ने तनाव पूरी तरह खत्म होने की उम्मीदों को झटका दिया है।

देशबन्धु 7 Sep 2026 9:13 am

अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, बनारसी साड़ी होगी महंगी:10 सितंबर से 15 प्रतिशत बढ़ेंगे दाम, बुनकरों ने एक मत होकर किया एलान

बनारसी साड़ी के सभी प्रोडक्ट आगामी 10 सितंबर से महंगे हो जाएंगे। बुनकरों के प्रतिष्ठित संस्था बुनकर उद्योग मंडल ने इस बात का आह्वान किया है। इस फैसले पर बुनकर बिरादराना तंजीम, बुनकर उद्योग मंडल, हिंदू बुनकर कल्याण समिति तथा गिरस्ता एवं व्यापारी बंधुओं ने अपनी सहमति जताई है। बनारसी साड़ी का कच्चा माल अमेरिका- ईरान युद्ध के बाद से महंगा हुआ है। क्योंकि ये सभी पेट्रो प्रोडेक्टस हैं। कच्चे माल पर बढ़ा दाम बुनकर उद्योग मंडल के महासचिव मोहम्मद जुबेर ने बताया - 10 सितंबर 2026 से बनारसी साड़ी, दुपट्टा, थान, सूट फैब्रिक समेत तैयार कपड़ों की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी है। पिछले एक सप्ताह से हम लोगों ने बुनकर के सभी संगठनों एक कर एक सहमति बनाई है। कच्चे माल पर 20 से 25 प्रतिशत दाम बढ़ गया है। ऐसे हम लोगों ने यह फैसला लिया है कि अब आने वाली 10 सितंबर से हमारे प्रोडक्ट का दाम बढ़ाकर मार्केट में भेजेंगे। सभी गद्दीदार सहमत जुबेर ने बताया - इस बढ़ोत्तरी में कोई विरोधाभास नहीं है। क्योंकि हमारा जो कच्चा माल महंगा हुआ है। उसके लिए हमें अपना प्रोडक्ट महंगा करना पड़ रहा है। गद्दीदार जो हैं जहां से प्रोडक्ट लोग खरीद्ते हैं। वो भी इस बात से सहमत हैं। मार्किट दाम बढ़ाने के लिए सहमत है। अमेरिका-ईरान युद्ध का इफेक्ट सहकार भारती के प्रदेश प्रमुख और वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के उपाध्यक्ष शैलेश सिंह ने बताया - अमेरिका-ईरान युद्ध का सीधा असर पेट्रो प्रोडक्ट्स पर पड़ रहा है। बनारसी साड़ी में ज्यादातर पेट्रो प्रोडक्ट्स ही इस्तेमाल होता है। ऐसे में दाम बढ़ना लाजमी है क्योंकि पेट्रो प्रोडक्ट्स महंगे हो रहे हैं। ऐसे में सभी इस बढ़ोत्तरी से सहमत हैं। क्योंकि लागत के बराबर भी अगर पैसा नहीं मिलेगा तो कारोबार ठप हो जाएगा। और लोग पलायन करने लगेंगे।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 9:09 am

अमेरिका ने जारी किया ईरानी टैंकरों पर हमले का वीडियो, देखें US TOP-10

अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकर पर किए गए हमले का वीडियो जारी किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड की तरफ से जारी इस वीडियो में टैंकर में तेज आग लगी दिखाई दे रही है. टैंकर एक तरफ झुकता है और कुछ देर बाद ओमान की खाड़ी में डूब जाता है. सेंटकॉम के मुताबिक टैंकर के चालक दल ने हमला के बाद जहाज छोड़ दिया था.

आज तक 7 Sep 2026 9:05 am

जेलेंस्की से मिले अमेरिकी दूत, क्या हुई बात? देखें दुनिया आजतक

राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने जेलेंस्की से मुलाकात की. युद्ध खत्म करने को लेकर अमेरिकी प्रस्ताव पर चर्चा हुई, इस बैठक से सकारात्मक नतीजे मिलने की उम्मी है. इस कूटनीतिक बैठक के दौरान ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी कीव में रहे मौजूद.

आज तक 7 Sep 2026 8:29 am

होर्मुज बंद है या खुला: अमेरिकी जहाजों पर हमला करने के बाद क्या बोला ईरान? ट्रंप के दावे पर भी किया पलटवार

होर्मुज बंद है या खुला: अमेरिकी जहाजों पर हमला करने के बाद क्या बोला ईरान? ट्रंप के दावे पर भी किया पलटवार

अमर उजाला 7 Sep 2026 8:26 am

Stock Market LIVE Updates: GIFT निफ्ट से मिल रहे सपाट शुरुआत के संकेत, अमेरिकी बाज़ार गिरे, एशियाई बाजारों में तेजी

Stock Market LIVE Updates : आज शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 29.50 अंक की गिरावट के साथ लगभग 23,980.50 पर ट्रेड करता दिखा, जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में सपाट या निगेटिव शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल GIFT Nifty मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,980.50 पर ट्रेड कर रहा है। उधर 4 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत बढ़कर 23,897.70 पर बंद हुआ था।

ज़ी न्यूज़ 7 Sep 2026 8:00 am

कीव में अमेरिकी दूतों और जेलेंस्की से मुलाकात, शांति वार्ता पर हुई चर्चा

कीव, 7 सितंबर . अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने कीव में यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की. इस बैठक के बाद जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी दूतों के साथ हुई बातचीत ‘बहुत महत्वपूर्ण और सार्थक’ रही. पत्रकारों से बातचीत में जेलेंस्की ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष ... Read more

डेली किरण 7 Sep 2026 7:58 am

एक ही दिन में करीब 1 लाख रुपये की कमाई! भारतीय महिला ने बताया अमेरिका में मेहंदी आर्टिस्ट कितना कमा लेते हैं?

हमारे देश में जिस हुनर को लोग अक्सर सिंपल मानकर टाल देते हैं, सात समंदर पार उसी की कद्र सोने जैसी हो रही है. एक भारतीय महिला ने अमेरिका में अपने पार्ट टाइम पैशन का ऐसा हिसाब-किताब शेयर किया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है.

NDTV इंडिया 7 Sep 2026 7:01 am

ट्रंप का नया आइडिया! 'न्यू मैक्सिको' का नाम बदलकर करेंगे 'न्यू अमेरिका'? पोस्ट से मची हलचल

ट्रंप का नया आइडिया! 'न्यू मैक्सिको' का नाम बदलकर करेंगे 'न्यू अमेरिका'? पोस्ट से मची हलचल

खबर इंडिया टीवी 7 Sep 2026 7:01 am

विदेशी पर्यटकों की पसंद बना हिमाचल प्रदेश, ब्रिटेन से सबसे ज्यादा सैलानी पहुंचे; अमेरिका दूसरे नंबर पर

हिमाचल प्रदेश विदेशी पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन गया है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में 2.64 लाख से अधिक विदेशी सैलानी आए हैं। ब्रिटेन से सर्वाधिक पर्यटक पहुंचे हैं।

जागरण 7 Sep 2026 6:39 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:दिल्ली में बॉयज हॉस्टल ढहा; अमेरिका बोला- कनाडा भौंकने वाला कुत्ता; योगी ने मंच पर नेताओं को फटकारा, आकाश आनंद फिर BSP से बाहर होंगे

नमस्कार, दिल्ली के मोतीबाग इलाके में 5 मंजिला बॉयज हॉस्टल ढह गया। लोगों के मुताबिक बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कनाडा सरकार पर कमेंट किया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि दुनिया के नए नक्शे पर भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की सीमाओं को लेकर आपत्ति जताई है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. बेंगलुरु में स्पेस एक्स्पो 2026 की शुरुआत। 9 सितंबर तक चलेगा।2. दलीप ट्रॉफी का फाइनल ईस्ट जोन Vs साउथ जोन के बीच जारी, आज मैच का दूसरा दिन। कल की बड़ी खबरें... 1. दिल्ली में 5 मंजिला इमारत गिरी, 3 छात्रों की मौत: दावा- हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग अंदर मौजूद थे; बेसमेंट में खुदाई हो रही थी दिल्ली के मोतीबाग इलाके के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला बिल्डिंग ढह गई। यहां बॉयज हॉस्टल चलता था। घटना में 4 लोगों की मौत हुई, कई घायल हैं। इमारत 40-50 साल पुरानी थी। उसके बेसमेंट में काम चल रहा था, इसी दौरान वह ढह गई। लोगों के मुताबिक बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 स्टूडेंट्स रहते थे। हादसे के वक्त अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। बिल्डिंग के मालिक का नाम आनंद बंसल है, जो गुरुग्राम में रहता है। उसके खिलाफ FIR की गई है। सत्य निकेतन प्रमुख छात्र इलाका सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई छात्र आवास हैं और आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान हैं। 3 साल में दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं पूरी खबर पढ़ें... 2.आकाश आनंद को मायावती फिर BSP से निकाल सकती हैं, नेताओं से बोलीं- उन्हें अनफॉलो करें बसपा प्रमुख मायावती कभी भी अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से फिर बाहर कर सकती हैं। रविवार को मायावती और आकाश आनंद ने इस बात के संकेत खुद दिए। आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बायो (परिचय) बदल दिया। उन्होंने खुद को बसपा समर्थक लिखा। 4 दिन में यह दूसरा मौका है, जब आकाश ने अपना बायो बदला है। 3 सितंबर को लखनऊ बैठक में न बुलाए जाने पर उन्होंने बायो में बसपा कार्यकर्ता बताया था। उससे पहले वे बसपा के नेशनल कोआर्डिनेटर लिखा करते थे। तीन बड़े घटनाक्रम हुए- पढ़ें पूरी खबर… 3. अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'भौंकने वाला छोटा कुत्ता' बताया: बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में बातचीत नाकाम हुई थी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कनाडा को भौंकने वाला छोटा कुत्ता कहा। साथ ही कनाडाई पीएम मार्क कार्नी पर बेहतरीन व्यापार समझौते को ठुकराने का आरोप भी लगाया। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा- मेरे पास एक जर्मन शेफर्ड कुत्ता था। पार्क में एक छोटा कुत्ता उस पर लगातार भौंकता रहता था। यह स्थिति मुझे उसी की यााद दिलाती है। काफी समय तक जर्मन शेफर्ड उसे नजरअंदाज करता है। फिर एक दिन उसका भी सब्र खत्म हो गया। दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच 19-21 अगस्त में हुए तीन दिन की ट्रेड बातचीत के बाद डील नहीं हो पाई थी। पीएम मार्क कार्नी का कहना था कि अमेरिका ने आखिरी समय पर डील की शर्तें बदल दी थी। वहीं अमेरिका ने कहा कि उन्होंने अच्छा ऑफर दिया था। ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 22 अगस्त से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू किया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। पूरी खबर पढ़ें... 4. योगी ने चित्रकूट में मंच पर नेताओं को फटकारा, बाढ़ पीड़ितों को राहत चेक बांट रहे थे, नेता फोटो खिंचवाने की होड़ में लगे थे चित्रकूट में सीएम योगी ने रविवार को मंच पर नेताओं को जमकर फटकार लगाई। वह गरीबों को राहत चेक बांट रहे थे। इसी दौरान मंच पर मौजूद नेता उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ में लग गए। यह देखकर सीएम नाराज हो गए। उन्होंने हाथ से इशारा कर नेताओं को पीछे जाने को कहा, जिससे गरीबों को आने-जाने में दिक्कत न हो। सीएम रामघाट का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान लोग उन्हें अपनी समस्या बता रहे थे। तभी सिक्योरिटी में तैनात जवान लोगों को हटाने लगा। इस पर सीएम नाराज हो गए। कहा- बोलने दो, बीच में क्यों आते हो? चित्रकूट बाढ़ से 36 गांवों में 14 हजार लोग प्रभावित पढ़ें पूरी खबर… 5. मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से 2 दिन में 11 मौतें: जहर इतना कि 24 लोगों के शरीर नीले पड़े, 5 अधिकारी सस्पेंड, 25 पर FIR मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई। 25 लोगों का अभी भी इलाज जारी है। इनमें से 1 मरीज को एयरलिफ्ट करके भोपाल AIIMS लाया गया। ज्यादादर लोगों के शरीर नीले पड़ चुके है। मामले में 25 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। लापरवाही पर आबकारी-पुलिस विभाग के 5 अधिकारी सस्पेंड किए गए। एहतियातन क्षेत्र की 7 शराब दुकानों को सील किया गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक, 2-3 शवों के पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका सामने आई है। पूरी खबर पढ़ें... 6. दुनिया के नए नक्शे पर भारत की आपत्ति: कहा- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख हमारे नक्शे के मुताबिक दिखें, हमारी सीमाएं अटल, इनसे समझौता नहीं भारत ने दुनिया के नए नक्शे को लेकर आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत का पूरा इलाका भारत के आधिकारिक नक्शे के हिसाब से ही दिखना चाहिए। भारत के इलाके को गलत या भ्रामक तरीके से दिखाना हमें मंजूर नहीं है। भारत की सीमाएं अटल हैं, इससे समझौता नहीं हो सकता। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया, जिसमें दुनिया के नक्शे पर देशों और महाद्वीपों का आकार उनके असली क्षेत्रफल के करीब दिखाने की बात कही गई है। हालांकि, भारत ने साफ किया कि इसका मतलब किसी एक खास नक्शे को मंजूरी देना नहीं है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 सितंबर को दुनिया के नक्शे को नए तरीके से दिखाने का प्रस्ताव पास किया। इस बदलाव से किसी देश या महाद्वीप का असली क्षेत्रफल नहीं बदलेगा। सिर्फ नक्शे पर उनका आकार पहले से कुछ छोटा या बड़ा नजर आएगा। दुनिया में मर्केटर मैप का इस्तेमाल दुनिया में मर्केटर मैप काफी इस्तेमाल होता है। इसमें नक्शे पर ध्रुवों के पास के इलाके अपने असली आकार से बड़े दिखाई देते हैं। नए तरीके को इक्वल एरिया प्रोजेक्शन कहा गया है। इसमें अफ्रीका पहले से बड़ा, जबकि यूरोप-उत्तरी अमेरिका छोटे नजर आएंगे। एशिया के कुछ हिस्से भी पहले की तुलना में छोटे दिखाई दे सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें... 7. कर्मचारियों का सवाल- क्या ISRO रॉकेट नहीं बनाएगा: 9 संगठनों ने प्राइवेटाइजेशन पर स्पष्टीकरण मांगा ISRO के नौ कर्मचारी संगठनों ने स्पेस एजेंसी के चेयरपर्सन वी. नारायणन को पत्र लिखकर प्राइवेटाइजेशन पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह लेटर 4 सितंबर को लिखा गया। जानकारी 6 सितंबर को सामने आई। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि सरकारी संस्थानों में निजी कंपनियों की भागीदारी हो सकती है, लेकिन ISRO मजबूत संगठन बना रहना चाहिए। इसे केवल सीमित रिसर्च एंड डेवलपमेंट (RD) संस्था तक सीमित न कर दिया जाए। अब जानिए ISRO के बारे में, 57 साल पहले बना था ISRO की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई थी। इसका पूरा नाम इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन है। ISRO का मुख्यालय बेंगलुरु में है। ISRO की स्थापना में डॉ. विक्रम साराभाई की सबसे अहम भूमिका थी। उन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। इससे पहले 1962 में INCOSPAR बनाया गया था जिसकी अगुआई भी विक्रम साराभाई ने की थी। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: शाह बोले- नक्सलवाद के बाद नशा भी खत्म करेंगे:रेड कॉरिडोर की सोच वालों ने हथियार डाले; नॉर्थईस्ट में 10 हजार युवाओं का आत्मसमर्पण (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: नेपाल की थेरांग नदी में बाढ़, बूढ़ीगंडकी अलर्ट पर: गोरखा में 4 घर और सस्पेंशन ब्रिज बहा; अब तक 1344 शव मिले, 5 हजार लापता (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: खड़गे बोले- युवा रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा,पीएम आउट ऑफ रीच:नाकामी छिपाने के लिए 'नाराज फूफा', 'दिमागी नक्सल' जैसे जुमले लेकर लाए (पूरी खबर पढ़ें) 4. उत्तर प्रदेश: यूपी-सहारनपुर कलेक्ट्रेट में ढहाई मस्जिद के नीचे कुआं मिला: कितना पुराना, जांचने के लिए ASI को बुलाया; राजभर ने अखिलेश से पूछा- वहां फातिहा पढ़ेंगे (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: CJP कार्यकर्ता ने घर पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में पिता से मारपीट का दावा किया था, आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार (पूरी खबर पढ़ें) 6. महाराष्ट्र: शिवसेना नेता ने हॉस्पिटल कर्मचारी को थप्पड़ मारा,VIDEO:₹19 हजार के बिल पर विवाद हुआ था; विधायक के बेटे समेत 17 पर FIR (पूरी खबर पढ़ें) 7. दिल्ली: JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप:11 छात्रों की शिकायत; दावा- वाइवा में सेक्सुअल कमेंट किए; छात्रसंघ बोला- प्रोफेसर लैब में रोकते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: चुनाव प्रचार के लिए पार्टियां इंफ्लूएंसर्स का नेटवर्क बना रहीं: रील्स के जरिए प्रचार करेंगी, ₹30 लाख देने का तैयार; यूपी, उत्तराखंड, पंजाब में अगले साल इलेक्शन (पूरी खबर पढ़ें) 9. नेशनल: बाय-बाय, पापा कहकर चिनाब नदी में छलांग लगाई...VIDEO: बेटी ने फोन पर कहा- दिल कह रहा है मुझे इसी रास्ते जाना चाहिए, जम्मू की घटना (पूरी खबर पढ़ें) 9. इंटरनेशनल: अमेरिका- 10 लाख भारतवंशी वोटरों के नाम कटने का खतरा:ट्रम्प ने SIR जैसी वोटर लिस्ट जांच शुरू की, 125 करोड़ रुपए से डेटाबेस बनेगा (पूरी खबर पढ़ें) 10. इंटरनेशनल: अमेरिका ने ईरानी टैंकर पर हमले का वीडियो जारी किया: ओमान की खाड़ी में डूबा जहाज; तीन टैंकरों को निशाना बनाया था (पूरी खबर पढ़ें) 11. मध्य प्रदेश: धीरेंद्र शास्त्री बोले- भैया को सैयां बनाने वाले क्या जानें:बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर पर भड़के; कहा- जौहर कायरता नहीं, वीरता है (पूरी खबर पढ़ें) 12. उत्तर प्रदेश: बृजभूषण की बेटी शालिनी बोलीं- टिकट मिला तो जरूर लड़ूंगी:परिवारवाद कमजोरी नहीं, मेरी ताकत है; 15 साल से नोएडा में एक्टिव (पूरी खबर पढ़ें) 13. उत्तर प्रदेश: BHU में 85-साल के पद्मश्री प्रोफेसर को डॉक्टर ने पीटा:चेहरे पर चोट, आंख लाल; PRO बोले- आरोप गलत, परिवार देखने तक नहीं आता (पूरी खबर पढ़ें) 14. स्पोर्ट्स: सूर्यवंशी की बैटिंग देखने उमड़ी हजारों की भीड़:93 मिनट तक वैभवमय हुआ चेपॉक, दलीप ट्रॉफी फाइनल में स्टेडियम के एक्स्ट्रा स्टैंड खोले गए (पूरी खबर पढ़ें) 15. एंटरटेंमेंट: शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा (पूरी खबर पढ़ें) 16. स्पोर्ट्स: 7 महीने प्रेगनेंट कराटे खिलाड़ी ने गोल्ड जीता:चेन्नई की वी अनिता ने रचा इतिहास; पिछले 10 सालों से अपने जिले की महिला चैंपियन (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... जन्मदिन पर दोस्त ने दिया लॉटरी टिकट, ₹8 करोड़ जीते अमेरिका के इलिनॉय में एक व्यक्ति ने जन्मदिन पर गिफ्ट में मिले लॉटरी टिकट से 1 मिलियन डॉलर (करीब 8.3 करोड़ रुपए) का जैकपॉट जीता। व्यक्ति ने बताया कि उसे ये टिकट उसके दोस्त ने दिया था। . फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: ट्रम्प के दामाद, दोस्त से लेकर CIA डायरेक्टर तक, मॉस्को क्यों जा रहे; क्या रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने वाली है 2. साइबर लिटरेसी: सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो न डालें:गलत इस्तेमाल का रिस्क, पुलिस की एडवाइजरी और पेरेंट्स के लिए 10 सेफ्टी टिप्स 3. जरूरत की खबर: क्या आपके भोजन में विटामिन-P है:इससे खाना अच्छे से पचता और शरीर में लगता है, फूड में विटामिन-P बढ़ाने के 10 टिप्स 4. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: यूपी में रिश्वत ले रहे विधायक, ऑन-कैमरा बेनकाब: भाजपा विधायक ने खुद कैश लिया, सपा विधायक 35% कमीशन पर अड़ी 5. स्पाई फाइल्स: नंदा देवी पर्वत से गायब हुआ परमाणु उपकरण: अमेरिका को शक-भारत ने चोरी कर ली, इसमें भरा प्लूटोनियम लीक हुआ तो लाखों जान खतरे में; पार्ट-2 6. ग्राउंड रिपोर्ट: मुस्लिम धर्मगुरु बोले-100 साल पुरानी मस्जिद के लिए हाईकोर्ट जाएंगे:क्या मस्जिद, मदरसे या मजार ही अवैध; सहारनपुर में 16 घंटे में ढहाई गई मस्जिद 7. भास्कर एनालिसिस: अखिलेश की सहारनपुर जनसभा क्या गुटबाजी से टली:2 सितंबर को क्यों पहुंचे सपा प्रमुख? किसी के साथ भोजन किया, किसी को साथ लाए 8. ग्राउंड रिपोर्ट: भीलवाड़ा में पूर्व मंत्री सहित 2 नेता चुनाव से गायब:अजमेर में वासुदेव देवनानी को चुनौती, कोटा में बिरला और धारीवाल-गुंजल की प्रतिष्ठा दांव पर 9. भास्कर एक्सप्लेनर: प्याज की पैदावार नहीं घटी, फिर 80% महंगी क्यों हुई: क्या आगे और बढ़ेंगे दाम; आखिर प्याज की इकोनॉमिक्स चलती कैसे है 10. पंजाब: सिख युवती को ग्रूम कर बनाया मुस्लिम:2 साल पहले गई लंदन, ड्राइविंग सीखते संपर्क में आई; 2 बीवियों के पति से की शादी 11. भास्कर एनालिसिस: 8 MLC सीटों पर चुनाव, JDU में सिर फुटव्वल:अनंत सिंह ने नीरज के खिलाफ खोला मोर्चा, क्या PK दिखा पाएंगे करिश्मा करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मेष राशि के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर परिणाम मिलेंगे। मकर राशि वालों को उधारी या लेनदेन चिंता में डाल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 5:30 am

अमेरिकी हमले के बाद ईरान का कदम, होर्मुज में ‘एक्सक्लूजन जोन’ की तैयारी

ईरान ने होर्मुज के बाहर ‘एक्सक्लूजन जोन’ बनाने की तैयारी की है. इसे अमेरिकी नाकाबंदी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. ईरान ने कहा कि जोन में आने वाले जहाजों की पहचान की जाएगी. ऐसे जहाजों को प्रतिबंध सूची में डाला जाएगा.

आज तक 7 Sep 2026 4:24 am

एक सदी पुरानी पहेली हल: 99 साल की अमेरिकी प्रोफेसर और 22 साल की भारतीय मूल की वसुधा ने रचा इतिहास; खास क्यों?

एक सदी पुरानी पहेली हल: 99 साल की अमेरिकी प्रोफेसर और 22 साल की भारतीय मूल की वसुधा ने रचा इतिहास; खास क्यों?

अमर उजाला 7 Sep 2026 4:23 am

अमेरिका विमान हादसा: मियामी एयरपोर्ट पर मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोगों की मौत; रनवे पर कैसे लगी आग?

अमेरिका विमान हादसा: मियामी एयरपोर्ट पर मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोगों की मौत; रनवे पर कैसे लगी आग?

अमर उजाला 7 Sep 2026 4:12 am

Panchkula News: रिश्वत मामले में पूर्व एसडीओ और पत्नी को अमेरिका जाने की अनुमति नहीं

रिश्वत मामले में पूर्व एसडीओ और पत्नी को अमेरिका जाने की अनुमति नहीं

अमर उजाला 7 Sep 2026 1:36 am

'न्यू मैक्सिको' अब 'न्यू अमेरिका'... ट्रंप ने नाम बदलकर फिर चौंकाया

यह राज्य अमेरिका और मैक्सिको की सीमा से लगा है. इस दक्षिण-पश्चिमी राज्य का नाम बदलने का संकेत ट्रंप के पुराने आदेश की याद दिलाता है.

आज तक 7 Sep 2026 1:26 am

फिर हमला हुआ तो मिलेगा दर्दनाक जवाब, ईरान ने अमेरिका को दी खुलेआम चेतावनी

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है। इसमें उन्होंने कहाकि उनके देश पर भविष्य में होने वाले किसी भी हमले का तेज, ताकतवर और ज्यादा दर्दनाक जवाब दिया जायेगा।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 12:54 am

अमेरिकी राजदूत गोर ने कर्नाटक के सीएम शिवकुमार से की मुलाकात, पैक्स सिलिका और ट्रस्ट जैसे पहलों पर हुई चर्चा

Bengaluru, 6 सितंबर . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने Sunday को कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार से Bengaluru में मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच पैक्स सिलिका और ट्रस्ट जैसे पहलों को लेकर चर्चा हुई, जिसका मकसद स्पेस तकनीक, एआई और व्यापार के जरिए India और अमेरिका के ... Read more

डेली किरण 7 Sep 2026 12:03 am

अमेरिका-ईरान युद्ध: फिर तेज़ हुए हमले, नागरिकों के लिए बढ़ता जोखिम

अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की अपेक्षाकृत शान्ति के बाद एक बार फिर हिंसक टकराव तेज़ हो गया है.दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं,जिससे आम नागरिकों के हताहत होने का ख़तरा बढ़ गया है.

खास खबर 7 Sep 2026 12:00 am

अमेरिकी हमलों में शहीद हुए थे बच्चे, अब यह स्कूला मेमोरियल; क्या है कहानी

यह उस स्कूल के उन बच्चों की याद में बनाया जा रहा स्मारक है, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान में शुरू किए गए युद्ध के शुरुआती क्षणों में हुए हमले में मारे गए थे।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 11:05 pm

बस्तर की बगिया में मध्य अमेरिका का रस: ट्रीमैन संपत झा का सफल प्रयोग, उगाया लेमन ड्रॉप मैंगोस्टीन

बस्तर के प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी संपत झा ने अपने उद्यान में मध्य अमेरिका के दुर्लभ फल लेमन ड्रॉप मैंगोस्टीन को सफलतापूर्वक उगाया है। गार्सिनिया इंटरमीडिया नामक इस विदेशी फल के उत्पादन से बस्तर में कृषि विविधता की नई संभावनाएं जगी हैं। इससे पहले वे मियाज़ाकी आम भी उगा चुके हैं। उनका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और फल विविधता बढ़ाना है।

दैनिक जागरण 6 Sep 2026 10:40 pm

'होर्मुज में अमेरिकी जहाज को निशाना बनाया', ईरान का दावा, US ने बताया झूठ

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका के एक बिना चालक वाले जहाज पर हमला करने का दावा किया है. हालांकि अमेरिका ने इस दावे को झूठा बताते हुए खारिज किया है.

आज तक 6 Sep 2026 10:33 pm

Moscow में Putin से मिलने के बाद Kyiv पहुंचे अमेरिकी दूत, शांति वार्ता पर चर्चा

कीव, छह सितंबर (एपी) अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने रूस -यूक्रेन युद्ध खत्म करने के प्रयासों के तहत रविवार को कीव में “उत्साहजनक” बातचीत की। दोनों की यह यात्रा शनिवार को मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक के बाद हुई है। इस बीच दोनों पक्षों ने हवाई हमले तेज कर दिए हैं ऐसे में चार साल से भी ज्यादा समय से जारी जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के प्रयासों की गति धीमी पड़ती दिख रही है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन पिछले छह महीने से ईरान युद्ध पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रूस हाल में तेज गति से उड़ने में सक्षम जेट इंजन वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है और हवाई हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन की आवाज कीव में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है। सैनिकों को 1,250 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर ज्यादा बढ़त हासिल करने में मुश्किल हो रही है। अमेरिकी अधिकारियों के साथ दो दौर की बातचीत के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि लक्ष्य “न्यायपूर्ण व उचित शांति” कायम करना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि “यूक्रेन के खिलाफ दोबारा हमला करने का कभी मौका न बने”। उन्होंने ट्रेन से कीव पहुंचे अमेरिकी वार्ताकारों का यूक्रेन आने के लिए धन्यवाद किया। विटकॉफ और कुशनर की यह पहली यूक्रेन यात्रा है। जेलेंस्की ने कहा कि रविवार को बाद में होने वाली अगली बातचीत में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल होंगे। विटकॉफ ने कहा, “हमने बहुत सार्थक, महत्वपूर्ण और विस्तृत चर्चा की है और हम बहुत उत्साहित हैं।”कुशनर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि केवल मौजूदा युद्ध को खत्म करने का रास्ता ही न निकाला जाए, बल्कि ऐसी व्यवस्था भी बनाई जाए जिससे लंबे समय तक शांति बनी रहे। शनिवार को मास्को में तीन घंटे से ज्यादा समय तक बंद कमरे में बैठक हुई और यह बिना किसी बड़ी सफलता की घोषणा के खत्म हो गई। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बैठक के बाद इसे रचनात्मक, स्पष्ट व उपयोगी बताया, लेकिन किसी विशेष नतीजे के बारे में जानकारी नहीं दी। पुतिन और जेलेंस्की ने बातचीत के दौरान एक-दूसरे की राजधानियों पर हमले रोकने पर सहमति जताई थी। हालांकि अधिकारियों के अनुसार, रविवार तड़के तक दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए। यूक्रेन की राज्य आपात सेवा ने बताया कि रविवार तड़के तक यूक्रेन के कई क्षेत्रों में रूस के हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और कम से कम 10 लोग घायल हुए। जापोरिज्जिया में ड्रोन हमलों में 74-वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए। यूक्रेन की वायुसेना ने रविवार को कहा कि रूस ने रात में 108 ड्रोन और छह मिसाइल दागीं, जिनमें से उसने 82 ड्रोन को रोक दिया। रूस में बेलगोरोद सीमा क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के ड्रोन हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में रूस के 14 क्षेत्रों, कब्जे वाले क्रीमिया और काला सागर तथा आजोव सागर के इलाकों में 258 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 10:32 pm

‘ईरान युद्ध छह महीने और खिंच सकता है’, पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जताई आशंका

वॉशिंगटन, 6 सितंबर . अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अगले छह महीने तक और चल सकता है तथा यह मध्य पूर्व का एक लंबा युद्ध बन सकता है. पेनेटा ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच फिलहाल गतिरोध की ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 9:58 pm

'ईरान युद्ध छह महीने और खिंच सकता है', पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जताई आशंका

'ईरान युद्ध छह महीने और खिंच सकता है', पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जताई आशंका

समाचार नामा 6 Sep 2026 9:55 pm

अमेरिकी बैंकों के जरिए ईरान से जुड़े अरबों डॉलर का लेनदेन, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

अमेरिकी बैंकों के जरिए ईरान से जुड़े अरबों डॉलर का लेनदेन, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

समाचार नामा 6 Sep 2026 9:23 pm

ईरान युद्ध में 'फंस' गए हैं ट्रंप, पूर्व रक्षा सचिव ने बताया- अब अमेरिका के पास सिर्फ 3 विकल्प

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के पूर्व रक्षा सचिव लियोन पैनेटा ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अगले छह महीने तक जारी रह सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 8:09 pm

अमेरिका: कनाडा के ट्रेड डील ठुकराने को बेसेंट ने बताया गलत, याद आया जर्मन शेफर्ड!

अमेरिका: कनाडा के ट्रेड डील ठुकराने को बेसेंट ने बताया गलत, याद आया जर्मन शेफर्ड!

समाचार नामा 6 Sep 2026 5:57 pm

युद्ध के नियम बदल चुके हैं, देर होने से पहले समझ जाओ; ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी

ईरान ने रविवार को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन को यह समझ लेना चाहिए कि तेहरान के खिलाफ युद्ध के नियम अब बदल चुके हैं, और यह समझ बहुत देर होने से पहले आ जानी चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 5:41 pm

अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब सख्त और दर्दनाक होगा : ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ

तेहरान, 6 सितंबर . ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने Sunday को संसद के खुले सत्र में कहा कि ईरान के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ किसी भी हमले का जवाब त्वरित, ज्यादा सख्त और दर्दनाक होगा. मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, खुले सत्र में उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को यह पता ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 5:40 pm

अमेरिका से लौटी महिला की पोस्ट वायरल, भारत की सैलरी पर उठाए सवाल

अमेरिका से लौटी महिला की पोस्ट वायरल, भारत की सैलरी पर उठाए सवाल

समाचार नामा 6 Sep 2026 5:20 pm

आईआरजीसी का दावा, ‘नाकेबंदी से ईरान नहीं अमेरिका को ज्यादा नुकसान’

तेहरान, 6 सितंबर . इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का दावा है कि होर्मुज में नाकेबंदी बढ़ाने से ईरान को नहीं बल्कि अमेरिका को ही ज्यादा नुकसान पहुंचेगा. आईआरजीसी प्रवक्ता ब्रिगेडियर-जनरल हुसैन मोहिबी का ये बयान स्थानीय न्यूज एजेंसी ने प्रकाशित किया. जिनका मत है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक और समुद्री नाकेबंदी ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 4:18 pm

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में डूबा ईरानी तेल टैंकर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक वीडियो जारी कर ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकर ‘एम/टी काइलो’ के जलकर डूबने का दावा किया है। वीडियो में ईरानी तेल टैंकर आग की लपटों में घिरने के बाद डूबता हुआ दिखाई दे रहा है। सेंटकॉम के अनुसार,यह कार्रवाई …

इंडियन लेटर 6 Sep 2026 4:06 pm

वीएचपी की गाइडलाइन और अमेरिका में मोहन भागवत के बयान में विरोधाभास पर विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्षी नेताओं ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत पर तंज कसते हुए कहा कि लगता है उन्होंने अपना कुछ सामान अमेरिका में ही छोड़ दिया...

खास खबर 6 Sep 2026 3:17 pm

अमेरिका में मेहंदी लगाना इतना महंगा? भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताई अपनी प्रति घंटे की फीस

भारत में मेहंदी का नाम आते ही शादी, त्योहार और शुभ अवसर याद आ जाते हैं। लेकिन अमेरिका में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रियंका जैन ने मेहंदी को सिर्फ उत्सव की परंपरा तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे अपने लिए एक साइड बिजनेस और जुनून में बदल दिया है।प्रियंका के मुताबिक, मेहंदी लगाकर वह एक घंटे में करीब 100 डॉलर, यानी लगभग 9,000 से 10,000 रुपये तक कमा लेती हैं। इतना ही नहीं, कई ग्राहक उन्हें बिल के ऊपर 20 फीसदी तक टिप भी दे देते हैं।1 घंटे की मेहंदी से 10 हजार तक कमाईप्रियंका ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में अपनी कमाई और मेहंदी बिजनेस के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में वह करीब 100 डॉलर प्रति घंटे चार्ज करती हैं। हालांकि, असली कमाई ब्राइडल मेहंदी में और बढ़ जाती है। शादी के लिए बनाए जाने वाले डिजाइन ज्यादा बारीक और लंबे होते हैं, इसलिए इसमें कई घंटे लग सकते हैं।प्रियंका के अनुसार, अगर कोई 10 घंटे की ब्राइडल या वेडिंग मेहंदी बुकिंग होती है, तो उससे करीब 1 लाख रुपये की कमाई हो सकती है। इसमें ग्राहक की ओर से मिलने वाली टिप अलग है। View this post on Instagram A post shared by Priyancka Jaiin (Creating Wings Co.) (@priyancka.jaiin) अमेरिका में ज्यादा कमाईभारतीय रुपये में 100 डॉलर प्रति घंटे की कमाई सुनकर यह रकम काफी बड़ी लगती है। हालांकि, प्रियंका का कहना है कि अमेरिका में कमाई के साथ रोजमर्रा के खर्च भी काफी ज्यादा हैं।यानी भारत और अमेरिका में मेहंदी की कमाई की सीधी तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं बताता। वहां कलाकारों को अपनी सेवाओं के लिए ज्यादा फीस मिल सकती है, लेकिन जीवन-यापन की लागत भी उसी हिसाब से अधिक है।सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग नहीं छोड़ना चाहतींमेहंदी से अच्छी कमाई होने के बावजूद प्रियंका का अपनी मुख्य नौकरी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह अभी भी फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही हैं।उनके मुताबिक, उनकी मुख्य आमदनी सैलरी से आती है, जबकि मेहंदी उनके लिए शौक और पैशन बिजनेस है। इसलिए मेहंदी से होने वाली कमाई उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया है।पैसे से ज्यादा ‘सम्मान’ करती है खुशप्रियंका की कहानी में सबसे खास बात सिर्फ उनकी कमाई नहीं है। उन्होंने अमेरिका में कलाकारों को मिलने वाले सम्मान को भी अपनी खुशी की बड़ी वजह बताया।उनका कहना है कि भारत में कई बार मेहंदी आर्टिस्ट के काम को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता। वहीं अमेरिका में उन्हें एक कलाकार के तौर पर पहचान और सम्मान मिलता है।प्रियंका के मुताबिक, उनके लिए पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण यह बात है कि वह जो काम कर रही हैं, उसकी इज्जत की जाती है। उनका मानना है कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता।सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?प्रियंका की कमाई का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा छिड़ गई। कुछ लोग अमेरिका में मेहंदी से मिलने वाली फीस देखकर हैरान हुए, तो कुछ ने भारत में कलाकारों को मिलने वाली कम फीस का जिक्र किया।एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उसे अमेरिका चले जाना चाहिए। वहीं भारत की एक मेहंदी आर्टिस्ट ने बताया कि उसे एक मेहंदी के लिए सिर्फ 300 से 500 रुपये तक मिलते हैं।एक अन्य यूजर ने कहा कि भारत में लोग पूरी ब्राइडल मेहंदी के लिए 1,000 रुपये देने में भी आनाकानी करते हैं।क्या अमेरिका में मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए लाइसेंस चाहिए?प्रियंका के वीडियो के बाद लोगों ने अमेरिका में मेहंदी का काम शुरू करने से जुड़ी जानकारी भी पूछी। एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या फ्रीलांस मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत होती है।जवाब में प्रियंका ने कहा कि उनके अनुसार इसके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं है, लेकिन व्यक्ति का कानूनी रूप से अमेरिका में रहना या वैध वर्क वीजा होना जरूरी है।इस तरह प्रियंका की कहानी सिर्फ डॉलर में होने वाली कमाई की वजह से नहीं, बल्कि यह दिखाने के लिए भी चर्चा में है कि किसी पारंपरिक कला को हुनर और बिजनेस के तौर पर आगे बढ़ाया जाए तो वह अतिरिक्त कमाई के साथ पहचान और सम्मान भी दिला सकती है।21 साल के बिट्टू तबाही की CM मोहन यादव से मुलाकात पर मचा बवाल! ध्रुव राठी ने कही ये बात

ज़ी न्यूज़ 6 Sep 2026 2:43 pm

ईरान ने US Navy पर दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने 3 तेल टैंकर उड़ा दिए! ट्रंप की धमकी के बाद बड़ा एक्शन

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्रीय जल क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरान के कई कथित हमलों से खुद को सफलतापूर्वक बचाया। ईरान के 3 तेल टैंकरों को बनाया निशाना अमेरिकी कमांड के अनुसार, ईरानी हमले की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने एमटी डौनी (M/T Downy) और एमटी स्टार्क 1 (M/T Stark 1) नाम के दो IRGC क्रूड ऑयल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इनमें से एक को खार्ग आइलैंड के पास और दूसरे को जास्क के नजदीक निशाना बनाया गया। इसके अलावा एक खाली तेल टैंकर एमटी काइलो को ओमान की खाड़ी में निष्क्रिय कर दिया गया। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा। https://t.co/Xo0Vj0t2AJ — U.S. Central Command (@CENTCOM) September 5, 2026 इसे भी पढ़ें: Iran War खत्म होते ही Trump चलेंगे बड़ी चाल! इजरायल से लेकर सऊदी अरब तक बदलेंगे समीकरण IRGC की फंडिंग से जुड़े थे टैंकर? अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये तीनों टैंकर अरबों डॉलर के एक कथित ‘शैडो नेटवर्क’ का हिस्सा थे। अमेरिका के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए IRGC और उससे जुड़े संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है। सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के तेल बेड़े को भी निशाना बना सकता है। कूपर के मुताबिक, अगर IRGC अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो उसे इसकी और बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। ईरान ने भी अमेरिका पर लगाया टैंकर हमले का आरोप इस बीच ईरान ने अमेरिका पर खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला करने का आरोप लगाया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है और टैंकर के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। यानी दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है। इसे भी पढ़ें: ईरान की Pickaxe Mountain न्यूक्लियर साइट पर Trump का बड़ा हमला संभव, तेहरान को परमाणु हथियारों से रोकने की तैयारी ट्रंप पहले ही दे चुके थे खार्ग आइलैंड को लेकर चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक छोटा सा पोस्ट किया था। इसके साथ शेयर किए गए एआई से बनाए वीडियो में उन्होंने खार्ग आइलैंड को “उड़ा देने” की बात कही थी। खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश के कच्चे तेल के निर्यात का प्रमुख केंद्र है। ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग आइलैंड? ईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड पर काफी निर्भर है। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर काम करता था। ऐसे में इस इलाके पर किसी भी तरह का हमला ईरान के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 2:38 pm

अमेरिका: कैलिफोर्निया में 4 सीटर प्लेन क्रैश, 2 की मौत और दो घायल

कैलिफोर्निया, 6 सितंबर . अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के फ्रेस्नो शहर में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान सवार दो बच्चों की मौत हो गई जबकि दो व्यस्क घायलावस्था में अस्पताल पहुंचाए गए. मृतकों और घायलों की पहचान की स्थानीय प्रशासन ने जाहिर नहीं की है. समाचार एजेंसी सिंहुआ ने Sunday ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 1:58 pm

अमेरिका में 6 लाख डॉलर के SNAP फ्रॉड का आरोप: FBI की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी पंजाब में गिरफ्तार

जालंधर। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को कथित तौर पर 6 लाख डॉलर से अधिक के SNAP बेनिफिट फ्रॉड मामले में अपनी 'मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल किया है। इस बीच, पंजाब पुलिस ने बेदी को जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है।

तहलका 6 Sep 2026 1:38 pm

भरोसे का संकट: यूरोप के देशों ने सोना समेटना शुरू किया, अमेरिका-कनाडा से 313 टन लंदन पहुंचा

नीदरलैंड ने अमेरिका और कनाडा से मार्च से अगस्त के बीच वापस लाए गए सोने को लंदन स्थित बैंक ऑफ इंग्लैंड की तिजोरी में रखने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंदन दुनिया के सबसे बड़े सोना व्यापार केंद्रों में शामिल है।

देशबन्धु 6 Sep 2026 1:29 pm

यूरोप से मॉस्को तक 'मेड इन इंडिया' डीजल का जलवा, आखिर कैसे हुआ ये कमाल? अमेरिका-रूस हुए आउट

रूस से डीजल आपूर्ति में गिरावट और अमेरिका से खेप कम होने के कारण भारत यूरोप के लिए डीजल का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। भारत की रिफाइनरी क्षमता घरेलू मांग से अधिक है, लेकिन कच्चे तेल की उपलब्धता निर्यात को प्रभावित कर सकती है।

जागरण 6 Sep 2026 1:22 pm

खार्ग आइलैंड के पास बड़ा हमला! अमेरिका ने ईरानी ऑयल टैंकर को बनाया निशाना, धमाकों से मचा हड़कंप

तेहरान/दुबई: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी ऑयल टैंकर को अमेरिकी हमले में निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में इलाके में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने की बात कही गई थी। बाद […] The post खार्ग आइलैंड के पास बड़ा हमला! अमेरिका ने ईरानी ऑयल टैंकर को बनाया निशाना, धमाकों से मचा हड़कंप first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 6 Sep 2026 1:11 pm

अमेरिकी हमले के बीच ईरान में फ्यूल टैंकर ब्लास्ट, 11 लोगों की मौत, कई घायल

ईरान में एक फ्यूल टैंकर ब्लास्ट होने की वजह से 11 लोगों की मौत हो गई है। युद्ध में घिरे ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 400 किमी दूर यह हादसा हुआ है। इसमें 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 12:57 pm

अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को बनाया निशाना

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी पुष्टि की. इनमें एक टैंकर खार्ग द्वीप के पास था. यह द्वीप ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात ...

वेब दुनिया 6 Sep 2026 12:46 pm

यूएन ने की भारत के समर्थन वाले ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ नक्शे को अपनाने की सिफारिश, अमेरिका ने किया विरोध

संयुक्त राष्ट्र, 6 सितंबर . दुनिया के नक्शे में महाद्वीपों और देशों के वास्तविक आकार को ज्यादा सही तरीके से दिखाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ऐसे विश्व मानचित्र का समर्थन किया है, जो देशों और महाद्वीपों के असली आकार को बेहतर ढंग से दर्शाता है. India के ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 12:18 pm

पाकिस्तानी-अमेरिकी नस्ल के इन कुत्तों को पाला, तो होगी कार्रवाई; ग्वालियर में आदेश जारी, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

ग्वालियर में पिटबुल, पाकिस्तानी बुली, रॉटविलर और जर्मन शेफर्ड जैसी आक्रामक नस्ल के कुत्तों को लेकर नगर निगम ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. ऐसे कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है. बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के साथ कुत्तों को जब्त कर शेल्टर होम भेजा जा सकता है.

NDTV इंडिया 6 Sep 2026 12:17 pm

अमेरिका की नर्स बनी सोशल मीडिया स्टार, नौकरी के साथ रील्स से भी बना रही पहचान

अमेरिका की नर्स बनी सोशल मीडिया स्टार, नौकरी के साथ रील्स से भी बना रही पहचान

समाचार नामा 6 Sep 2026 11:30 am

'अमेरिकी सेना बच्चों की हत्यारी, उनका झूठा गौरव तोड़ा': हमले के बाद ईरान ने यूएस को लताड़ा, दे डाली धमकी

'अमेरिकी सेना बच्चों की हत्यारी, उनका झूठा गौरव तोड़ा': हमले के बाद ईरान ने यूएस को लताड़ा, दे डाली धमकी

अमर उजाला 6 Sep 2026 10:21 am

हेगसेथ की ईरान को दो-टूक चेतावनी: अमेरिकी युद्धपोतों को छूने की कीमत होगी तेहरान के पूरे तेल बेड़े का खात्मा

फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा नौसैनिक टकराव अब उस विस्फोटक मुहाने पर पहुंच गया है, जहां से किसी भी क्षण एक अनियंत्रित महायुद्ध भड़क सकता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाकर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद वॉशिंगटन का रुख अभूतपूर्व रूप से आक्रामक हो चुका है। अमेरिकी रक्षा मंत्री (पेंटागन चीफ) पीट हेगसेथ ने तेहरान के शीर्ष नेतृत्व और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को सीधी और खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने किसी भी अमेरिकी नौसैनिक जहाज, नाविक या रणनीतिक संपत्ति को छूने या नुकसान पहुंचाने की हिमाकत की, तो पेंटागन ईरान के समूचे वाणिज्यिक और सैन्य तेल बेड़े को समुद्र की तलहटी में डुबोने में एक सेकंड की भी देरी नहीं करेगा। हेगसेथ ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि अमेरिकी सेना केवल रक्षात्मक रवैया नहीं अपनाएगी, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले तेल तंत्र को पूरी तरह तार-तार कर देगी। पेंटागन से जारी इस तीखे बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब छद्म युद्ध के बजाए सीधे प्रहार की रणनीति पर उतर आया है।'एक जहाज पर हमला तो पूरा फ्लीट समुद्र की तलहटी में': पेंटागन ने तय किए जवाबी कार्रवाई के कड़े नियमअमेरिकी रक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ एक आपातकालीन समीक्षा बैठक के बाद पीट हेगसेथ ने मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अमेरिका के 'रूल्स ऑफ एंगेजमेंट' (Rules of Engagement) को सार्वजनिक किया। हेगसेथ ने कहा कि वाशिंगटन दशकों से खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा और जहाजों की निर्बाध आवाजाही के लिए संयम बरतता रहा है, लेकिन तेहरान ने इस संयम को अमेरिका की कमजोरी समझने की भारी ऐतिहासिक भूल कर दी है। हेगसेथ ने तीखे लहजे में कहा, हम ईरान को बहुत स्पष्ट शब्दों में आगाह करना चाहते हैं—अगर आपने हमारे एक भी जहाज को निशाना बनाया या हमारे सैनिकों की जान जोखिम में डाली, तो हमारी प्रतिक्रिया आनुपातिक नहीं बल्कि विनाशकारी होगी। हम केवल आपकी मिसाइल बैटरियों को ही नष्ट नहीं करेंगे, बल्कि आपके उन सभी जहाजों, क्रूड ऑयल टैंकरों और रिफाइनरी हब्स को आग के गोलों में बदल देंगे जिनके दम पर आपका शासन चलता है। हमारे पास वह मारक क्षमता है कि हम कुछ ही घंटों में ईरान के पूरे 'शैडो फ्लीट' (Shadow Fleet) को समुद्र की गहराइयों में दफन कर सकते हैं। पेंटागन प्रमुख का यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा पहले ही नष्ट किए गए तीन ईरानी तेल टैंकरों (M/T Downy, M/T Stark 1 और M/T Kylo) की कार्रवाई के तुरंत बाद आया है, जिसने यह साबित कर दिया है कि अमेरिका अब धमकियों से आगे बढ़कर सीधे एक्शन के मूड में है।ईरान की दुखती रग पर सीधा वार: 90% तेल निर्यात और शैडो नेटवर्क को खाक करने का अमेरिकी ब्लूप्रिंटपीट हेगसेथ द्वारा ईरानी तेल बेड़े को सीधे तौर पर निशाना बनाने की चेतावनी कोई सामान्य धमकी नहीं है, बल्कि यह ईरान के सबसे संवेदनशील आर्थिक केंद्र पर प्रहार करने की सुनियोजित रणनीति है। ईरान की अर्थव्यवस्था 90 प्रतिशत से अधिक अपने कच्चे तेल के निर्यात पर टिकी हुई है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद ईरान अपने दर्जनों विशाल जहाजों और विदेशी झंडों तले चलने वाले 'घोस्ट या शैडो फ्लीट' के जरिए चीन और अन्य एशियाई देशों को प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल बेचता है। इसी तेल की काली कमाई से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट, परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और हिजबुल्लाह, हूती व इराकी मिलिशिया जैसे छद्म संगठनों को आर्थिक व सैन्य मदद मुहैया कराते हैं।यदि अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने खर्ग द्वीप (Kharg Island) के तटीय टर्मिनलों और गहरे समुद्र में मौजूद ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट करना शुरू कर दिया, तो ईरान का विदेशी मुद्रा भंडार और राजकोषीय ढांचा कुछ ही हफ्तों में ढह जाएगा। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में सक्रिय ईरान से जुड़े सभी ज्ञात और गुप्त तेल टैंकरों की सटीक लोकेशन और सैटेलाइट कोऑर्डिनेट्स पहले ही चिन्हित कर लिए हैं। हेगसेथ के अल्टीमेटम का मतलब है कि अगला ईरानी मिसाइल परीक्षण सीधे तौर पर तेहरान के पूरे समुद्री व्यापार के खात्मे का कारण बन सकता है।हॉर्मुज में बारूदी तनाव: सेंटकॉम का एक्शन और आईआरजीसी के पलटवार की धमकियों से दहला खाड़ी क्षेत्रपीट हेगसेथ के इस बयान के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के नेतृत्व में अमेरिकी 5वें नौसैनिक बेड़े ने फारस की खाड़ी के मुहाने पर अपनी गश्त कई गुना बढ़ा दी है। अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल क्रूजर और परमाणु ऊर्जा से संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने अपने एयर डिफेंस राडार और इंटरसेप्टर मिसाइलों को हाई-अलर्ट पर तैनात कर रखा है। हवा में एफ-35 और एफ/ए-18 हॉर्नेट लड़ाकू विमान लगातार आसमान की निगरानी कर रहे हैं।दूसरी ओर, हेगसेथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसैनिक विंग ने भी अपने बयानों में आग उगलना शुरू कर दिया है। आईआरजीसी के कमांडरों ने दावा किया है कि यदि अमेरिका ने उनके तेल जहाजों पर हाथ डाला, तो वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को हमेशा के लिए बंद कर देंगे और इस क्षेत्र से किसी भी पश्चिमी देश या उनके सहयोगी अरब देशों का एक बैरल तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। ईरानी सेना ने तटीय इलाकों में अपनी भूमिगत 'मिसाइल सिटीज' (Underground Missile Cities) के दरवाजे खोल दिए हैं और सतह से समुद्र में मार करने वाली 'नूर' और 'कादिर' क्रूज मिसाइलों के लॉन्चरों को पोजिशन कर दिया है। दोनों पक्षों की इस बारूदी तनातनी ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को एक ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया है जो किसी भी छोटी सी चिंगारी से फट सकता है।अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भूचाल: क्या वैश्विक युद्ध के मुहाने पर पहुंच चुका है संघर्ष?पेंटागन की इस खुली चेतावनी और समुद्र में टैंकरों के जलाए जाने की खबरों ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों और ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त हड़कंप मचा दिया है। वैश्विक स्तर पर कुल खपत होने वाले समुद्री कच्चे तेल का पांचवां हिस्सा जिस हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, वहां युद्धपोतों और टैंकरों पर मिसाइल हमलों के खतरे ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के होश उड़ा दिए हैं। प्रमुख लॉजिस्टिक्स और टैंकर फर्मों ने फारस की खाड़ी में जाने वाले अपने जहाजों का वॉर-रिस्क इंश्योरेंस (War-Risk Insurance) कई गुना बढ़ा दिया है, जबकि कई जहाजों ने अपने रूट पूरी तरह डायवर्ट कर दिए हैं।कमोडिटी एक्सचेंजों पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें अनियंत्रित उछाल की ओर अग्रसर हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का आकलन है कि यदि अमेरिका ने हेगसेथ की चेतावनी के अनुसार ईरान के संपूर्ण तेल बेड़े पर निर्णायक हमला बोला और ईरान ने जवाबी कार्रवाई में हॉर्मुज में बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछा दीं, तो तेल के दाम 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू सकते हैं। यह स्थिति न केवल मध्य पूर्व बल्कि यूरोप, अमेरिका और एशिया की तमाम बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को भयानक मंदी और ऊर्जा संकट की आग में झोंक देगी। संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देश पर्दे के पीछे से तनाव घटाने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन पीट हेगसेथ के इस ताजा अल्टीमेटम ने साफ कर दिया है कि वॉशिंगटन अब बातचीत की टेबल पर नहीं, बल्कि समंदर की लहरों पर अपनी शक्ति का अंतिम फैसला सुनाने के लिए तैयार खड़ा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Sep 2026 10:00 am

पुतिन और अमेरिकी प्रतिनिधियों की अहम बैठक, संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करने पर हुई चर्चा

पुतिन और अमेरिकी प्रतिनिधियों की अहम बैठक, संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करने पर हुई चर्चा

समाचार नामा 6 Sep 2026 9:51 am

अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरानी तेल टैंकर एमटी काइलो पर हमले का किया दावा, ओमान की खाड़ी में डूबा जहाज

अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरानी तेल टैंकर एमटी काइलो पर हमले का किया दावा, ओमान की खाड़ी में डूबा जहाज

समाचार नामा 6 Sep 2026 9:32 am

ब्राजील-अमेरिका टैरिफ विवाद, राष्ट्रपति लूला ने कहा- यूएन में ट्रंप से मिलकर 'पिक्स' का बचाव करूंगा

लूला की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ब्राजील और अमेरिका के बीच व्यापारिक विवाद चल रहा है। इसमें कुछ ब्राजीली उत्पादों पर 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाए गए हैं और अमेरिका ने ब्राजील की डिजिटल भुगतान प्रणाली की भी आलोचना की है।

खास खबर 6 Sep 2026 9:08 am

खाड़ी में महायुद्ध का आगाज: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी युद्धपोतों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

मध्य पूर्व में महीनों से सुलग रही बारूद की चिंगारी आखिरकार एक विनाशकारी प्रत्यक्ष सैन्य टकराव में तब्दील हो गई है। ईरान की एलीट सैन्य शाखा 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के एयरोस्पेस फोर्स ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के एक विशाल विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक (Guided-Missile Destroyer) को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए कई शक्तिशाली एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों से भीषण हमला बोल दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया और स्टेट ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी (IRIB) द्वारा जारी एक आधिकारिक सैन्य बयान में दावा किया गया कि अमेरिकी युद्धपोत ईरानी व्यापारिक जहाजों को परेशान कर रहे थे और इस्लामी गणराज्य की नौसैनिक नाकेबंदी में सक्रिय रूप से शामिल थे। तेहरान ने दावा किया कि उसके मिसाइल हमलों के बाद अमेरिकी युद्धपोत भारी नुकसान के डर से संघर्ष क्षेत्र छोड़कर पीछे हटने को मजबूर हो गए। ईरान के इस अप्रत्याशित और सीधे हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि यह दशकों बाद ऐसा मौका है जब ईरानी सेना ने खुले तौर पर अमेरिकी नौसेना के शीर्ष जंगी जहाजों पर अपनी सबसे घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।अमेरिकी नौसेना का दावा: मिसाइलों को हवा में ही चकमा देकर बचे जंगी जहाज, कोई सैनिक हताहत नहींईरान के इस दुस्साहसिक हमले के तुरंत बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (Pentagon) और यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरानी दावों को खारिज किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नियमित गश्त पर तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाकर ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। हालांकि, अमेरिकी युद्धपोतों पर तैनात अत्याधुनिक एजिस मिसाइल डिफेंस शील्ड (Aegis Missile Defense System) और इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मेजर्स की मदद से अमेरिकी जहाजों ने ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक चकमा दे दिया। पेंटागन ने स्पष्ट किया कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक को खरोंच तक नहीं आई है और न ही जहाजों को कोई संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है। वाशिंगटन ने इस हमले को 'बिना किसी उकसावे के किया गया कायराना कृत्य' करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाने की कीमत तेहरान को बहुत भारी चुकानी पड़ेगी।अमेरिका का भीषण पलटवार: CENTCOM ने ईरान के 3 बड़े तेल टैंकर किए नष्ट, एडमिरल कूपर की सख्त चेतावनीईरानी हमले के चंद घंटों के भीतर ही अमेरिकी सेना ने ऐसा विध्वंसक पलटवार किया जिसने ईरानी अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर सीधा प्रहार किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के सीधे निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने समन्वित हवाई हमले करते हुए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े तीन विशाल कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने सैटेलाइट और सटीक मिसाइल हमलों के जरिए खर्ग द्वीप (Kharg Island) के तटीय जलक्षेत्र में मौजूद कच्चे तेल के टैंकर 'एम/टी डाउनी' (M/T Downy) और जास्क (Jask) के पास 'एम/टी स्टार्क 1' (M/T Stark 1) को स्थायी रूप से पंगु (Permanently Disabled) बना दिया। इसके अलावा ओमान की खाड़ी में मौजूद तीसरे तेल वाहक पोत 'एम/टी काइलो' (M/T Kylo, जिसे नॉक्सन भी कहा जाता है) पर सटीक प्रहार कर उसे समुद्र की गहराइयों में डुबो दिया गया।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस भीषण हमले का वीडियो फुटेज जारी करते हुए दुनिया को अपनी कार्रवाई के सबूत भी पेश किए। एडमिरल ब्रैड कूपर ने आईआरजीसी को सीधी और खुली चेतावनी देते हुए कहा, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को हमारा संदेश बिल्कुल साफ होना चाहिए—यदि आप हमारे दो जहाजों पर गोली चलाएंगे, तो हम आपके तीन जहाजों को नष्ट करके आपसे कहीं बड़ा आर्थिक हर्जाना वसूल करेंगे। हम अमेरिकी सेना की रक्षा करने में एक सेकंड की भी हिचकिचाहट नहीं दिखाएंगे और यदि आवश्यक हुआ, तो हम ईरान के सीमित और असुरक्षित तेल बेड़े को पूरी तरह से खाक कर देंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ये तीनों टैंकर ईरान के उस बहु-अरब डॉलर के 'शैडो नेटवर्क' का हिस्सा थे, जिसकी कमाई से आईआरजीसी अपने छद्म गुटों और सैन्य अभियानों को फंड करता है।'हॉर्मुज स्ट्रेट' बना बारूदी अखाड़ा: जहाजों की आवाजाही ठप, कच्चे तेल के दामों में भूचालअमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में छिड़े इस खूनी संघर्ष का केंद्र बिंदु रणनीतिक रूप से दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) बन चुका है। दुनिया के कुल तेल उपभोग का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस ताजा मिसाइल हमले और टैंकरों के विनाश के बाद हॉर्मुज से होकर गुजरने वाला वाणिज्यिक समुद्री यातायात ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से अपने विशाल तेल टैंकरों के मार्ग को पूरी तरह रोक दिया है या उन्हें अफ्रीका के लंबे चक्कर वाले रास्ते पर मोड़ दिया है। इस अभूतपूर्व नौसैनिक गतिरोध के चलते अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ऊर्जा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि यह जलडमरूमध्य आगामी कुछ दिनों तक पूरी तरह बाधित रहा, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम 120 से 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई का नया तूफान आ जाएगा।तेहरान और वॉशिंगटन के बीच 'आंख के बदले आंख': ट्रंप के कड़े तेवर और IRGC की नई धमकियांइस सैन्य संकट ने दोनों देशों के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के बीच की तल्खी को चरम पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में स्पष्ट संकेत दिए थे कि ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को बख्शा नहीं जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया बयानों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी सैन्य नियंत्रण का दावा करते हुए इसे बेहद सख्त चेतावनी के साथ रेखांकित किया है। दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने खाड़ी के देशों और अंतरराष्ट्रीय पोतों को खुली धमकी जारी की है कि यदि कोई भी जहाज तथाकथित 'अनधिकृत जलमार्गों' से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों से निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने सऊदी अरब की 'बहरी' और यूएई की 'एडनॉक' से जुड़े 50 से अधिक तेल टैंकरों की सूची भी जारी की है, जिन्हें जब्त करने या नष्ट करने की चेतावनी दी गई है। तेहरान का स्पष्ट रुख है कि यदि अमेरिका उसके तेल निर्यात पर प्रतिबंध या नौसैनिक घेराबंदी लगाएगा, तो वह इस क्षेत्र से किसी भी देश का एक बूंद तेल बाहर नहीं जाने देगा।क्या तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा है मध्य पूर्व? अंतरराष्ट्रीय समुदाय में खलबलीसैन्य विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच शुरू हुआ यह 'टिट-फॉर-टैट' (जैसे को तैसा) का खेल अब अनियंत्रित चरण में प्रवेश कर चुका है। अब तक यह लड़ाई सीरिया, इराक या यमन के हूती विद्रोहियों जैसे छद्म गुटों (Proxies) के जरिए लड़ी जा रही थी, लेकिन अब दोनों देशों की नियमित सेनाएं सीधे तौर पर एक-दूसरे की रणनीतिक संपत्तियों पर भारी हथियारों से प्रहार कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और प्रमुख यूरोपीय शक्तियों ने तत्काल युद्धविराम और संयम बरतने की अपील की है, लेकिन जिस तरह से अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी तेल संपत्तियों को निशाना बनाया है और ईरान ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल ब्रिगेड को हाई-अलर्ट पर रखा है, उससे बड़े पैमाने पर पूर्ण युद्ध की आशंका गहरा गई है। यदि ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों या क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी नौसैनिक बेड़ों पर दोबारा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, तो पेंटागन ईरान की मुख्य भूमि पर स्थित मिसाइल साइटों, वायु रक्षा प्रणालियों और परमाणु प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर हवाई बमबारी शुरू कर सकता है। खाड़ी की जलराशि में तैरते बारूद के धुएं ने साफ कर दिया है कि दुनिया इस समय एक नए और अत्यंत विनाशकारी महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Sep 2026 9:06 am

ब्राजील-अमेरिका टैरिफ विवाद, राष्ट्रपति लूला ने कहा- यूएन में ट्रंप से मिलकर ‘पिक्स’ का बचाव करूंगा

साओ पाउलो, 6 सितंबर . ब्राजील के President लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने Saturday (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि वह अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली बातचीत में ब्राजील की डिजिटल भुगतान प्रणाली ‘पिक्स’ का बचाव करेंगे. अमेरिका ने ब्राजील के साथ चल रहे टैरिफ विवाद में इस प्लेटफॉर्म का भी जिक्र ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 8:38 am

ब्राजील-अमेरिका टैरिफ विवाद, राष्ट्रपति लूला ने कहा- यूएन में ट्रंप से मिलकर 'पिक्स' का बचाव करूंगा

ब्राजील-अमेरिका टैरिफ विवाद, राष्ट्रपति लूला ने कहा- यूएन में ट्रंप से मिलकर 'पिक्स' का बचाव करूंगा

समाचार नामा 6 Sep 2026 8:31 am

ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी हमला: धू-धू कर जलता रहा जहाज, CENTCOM ने जारी किया वीडियो; हेगसेथ ने दी खुली धमकी

ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी हमला: धू-धू कर जलता रहा जहाज, CENTCOM ने जारी किया वीडियो; हेगसेथ ने दी खुली धमकी---Iranian Oil Tanker Hit by US: CENTCOM Releases Video as Pete Hegseth Warns Iran

अमर उजाला 6 Sep 2026 8:25 am

40 डॉलर पर आ जाएंगी तेल की कीमतें, अमेरिकी मंत्री का बड़ा दावा

अमेरिका ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने वाली है. ईरान के साथ जंग खत्‍म होते ही ये कीमतें 40 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाएंगी.

आज तक 6 Sep 2026 8:01 am

ईरान ने US वॉरशिप पर दागी मिसाइलें तो भड़का अमेरिका, बोला- डुबो देंगे सारे जहाज

IRGC ने दावा किया है कि उनकी मिसाइल स्ट्राइक में अमेरिकी जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद डरकर दोनों युद्धपोत उस इलाके से भागने पर मजबूर हो गए।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 7:58 am

सर्वे में बड़ा खुलासा: अमेरिका में मुस्लिम आबादी और मस्जिदें बढ़ीं, फिर भी 9/11 की छाया क्यों नहीं हुई खत्म?

सर्वे में बड़ा खुलासा: अमेरिका में मुस्लिम आबादी और मस्जिदें बढ़ीं, फिर भी 9/11 की छाया क्यों नहीं हुई खत्म?---Perception of Muslims in America Remained Unchanged 25 Years After 9/11

अमर उजाला 6 Sep 2026 7:56 am

होर्मुज में फिर छिड़ेगी जंग?: ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत पर मिसाइल हमले का किया दावा, यूएस ने क्या कहा?

होर्मुज में फिर छिड़ेगी जंग?: ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत पर मिसाइल हमले का किया दावा, यूएस ने क्या कहा?

अमर उजाला 6 Sep 2026 7:50 am

अमेरिका का मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉड भारत में गिरफ्तार, 1.25 करोड़ का था नाम

अमेरिका का मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉड मंजीत सिंह बेदी भारत में गिरफ्तार हो गया है. उस पर अमेरिकी सरकारी योजनाओं में छह लाख डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है. ऐसे में अमेरिकी सरकार ने बेदी पर 1.25 करोड़ रुपए का ईनाम रखा था. गिरफ्तारी के बाद अब एफबीआई उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया में जुट गई है.

आज तक 6 Sep 2026 7:45 am

जालंधर में पकड़ा गया FBI का मोस्ट वांटेड ठग: अब अमेरिका ले जाने की तैयारी; काश पटेल ने बताया पूरा प्लान

मनजीत बेदी: भारत में पकड़ा गया अमेरिका का मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर, FBI कर रही वापसी की तैयारी; क्या है मामला?---FBI Working to Bring Most Wanted Fraudster Manjit Singh Bedi Back to US

अमर उजाला 6 Sep 2026 7:43 am

Iran-America War Update: अमेरिका-ईरान की जंग ने लिया खतरनाक मोड़! ईरानी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोतों को बनाया निशाना

Iran-America War Update: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध एक बार फिर बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और अमेरिकी नौसेना के डिस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी है। इस खतरनाख हमले से ईरान के आसपास के समुद्री इलाकों में तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव और बढ़ गया है। 'अल जजीरा' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने कहा कि दो अमेरिकी युद्धपोतों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे। ईरानी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल थे।ईरानी सेना ने दावा किया कि मिसाइल हमले से जहाजों को नुकसान पहुंचा और उसके बाद दोनों युद्धपोत उस इलाके से चले गए। अल जजीरा के हवाले से तस्नीमन्यूज एजेंसी ने IRGC के दावे की रिपोर्ट दी कि दोनों जहाज नुकसान पहुंचने और आगे के हमलों के डर से संघर्ष वाले इलाके से भागने को मजबूर हुए। ईरान का यह दावा उस समय आया है जब इस इलाके में सैन्य और कमर्शियल जहाजों के बीच हमलों का दौर चल रहा है, जो ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद शुरू हुआ।IRGC ने और कड़े हमले की चेतावनी दीIRGC ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर की पहले की चेतावनी का भी जिक्र किया, जिन्होंने कहा था, अगर आप हमारे दो जहाजों पर गोली चलाते हैं, तो हम और भी भारी आर्थिक कीमत वसूलेंगे। आपके तीन जहाजों को नष्ट कर देंगे। IRGC ने इस बयान का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरानी शिपिंग के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो इसका और भी जोरदार जवाब दिया जा सकता है।अल जजीरा की रिपोर्ट मुताबिक, IRGC ने कहा, अगर अमेरिका अपनी दुश्मनी भरी और आक्रामक कार्रवाई जारी रखता है, तो अमेरिकी सरकार को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाओं से कड़े जवाब की उम्मीद करनी चाहिए। हम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जहाजों को निशाना बनायाईरान के ये ताजा दावे तीन ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद आए हैं। अमेरिकी सेना ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले के बाद उसकी सेना ने उन जहाजों पर हमला किया। न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बाद में कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तीन टैंकरों को निशाना बनाया, जिन्हें उसने अनधिकृत रास्तों पर चलने वाला बताया था।साथ ही तीन अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया जिनके बारे में उसने आरोप लगाया कि वे अमेरिका से जुड़े थे। ईरानी सेना ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन ईरानी शिपिंग में दखल देना जारी रखता है, तो अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमले और भी गंभीर हो जाएंगे।अमेरिका का कहना है कि जहाज ईरानी हमलों से बच निकलेवहीं, अमेरिकी सेना नेदावा किया है कि इलाके में काम करते समय एक अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर ईरान के कई हमलों से बच निकले। 'एसोसिएटेड प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस झड़प में कोई भी अमेरिकी कर्मी घायल नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिका ने कहा कि ईरान के तीन तेल टैंकरों को बेकार या नष्ट कर दिया गया है। एडमिरल कूपर ने चेतावनी दी कि वॉशिंगटन अमेरिकी सेना की रक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर ईरान के खुले में मौजूद तेल टैंकरों को निशाना बनाएगा।पीएम मोदी ने की युद्ध खत्म करने की अपीलइस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से कहा कि भारत पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता और नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बैठक की। फरवरी में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय वार्ता थी।बैठक में PM मोदी ने ईरानी नेता से यह भी कहा कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार के दायरे को बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है। पेजेश्कियान ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वह अलग-अलग पक्षों के साथ भारत के व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल करके उन्हें युद्ध और खून-खराबे के रास्ते से हटाकर बातचीत और समझौते के रास्ते पर लौटने में मदद करें।विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चर्चा की और उभरती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिये सुलझाया जाना चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखने की जरूरत पर भी ज़ोर दिया। एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स और एससीओ जैसे बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने के भारत के इरादे को दोहराते हुए कहा कि उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियान का भारत में स्वागत करने का इंतजार है।

ज़ी न्यूज़ 6 Sep 2026 7:39 am

अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्लेन क्रैश में दो लोगों की मौत, दो लोग घायल

कैलिफोर्निया के उत्तर-पश्चिम फ्रेस्नो में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

खबर इंडिया टीवी 6 Sep 2026 7:10 am

ईरान में शादी समारोह पर अमेरिका का ड्रोन हमला, देखें US TOP-10

ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमले के बाद तबाही की तस्वीरें सामने आई है. चश्मदीदों के मुताबिक मंगलवार को दो ड्रोन हमले हुए. इस हमले में तीन महिलाओं और दो बच्चों की मौत की खबर है. हालांकि अमेरिकी सेना ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है. वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मामले में जांच की बात कही है.

आज तक 6 Sep 2026 7:08 am

ईरान ने अमेरिका के हमले का दिया जवाब, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर पर दागी मिसाइलें

अमेरिकी सेना द्वारा तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद अब IRGC ने जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरान ने कहा कि हमले के डर से दोनों युद्धपोतों को संघर्ष वाले इलाके से भागने पर मजबूर होना पड़ा।

खबर इंडिया टीवी 6 Sep 2026 6:39 am

'नेवी पर हमला हुआ तो ईरानी तेल टैंकरों को डुबो देंगे', अमेरिका की धमकी

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी जहाजों पर गोली चलाता है, तो हम उनके तेल टैंकरों को नष्ट कर देंगे और डुबो देंगे.

आज तक 6 Sep 2026 6:07 am

नंदा देवी पर्वत पर गायब हो गया खतरनाक परमाणु उपकरण:अमेरिका को शक- भारत ने चोरी कर ली, आज भी लाखों लोगों की जान खतरे में; पार्ट-2

दैनिक भास्कर की सीरीज 'स्पाई फाइल्स' में आप पढ़ रहे हैं- 'ऑपरेशन हैट'। पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1965 में भारत और अमेरिका ने चीन की जासूसी के लिए एक परमाणु उपकरण तैयार किया था। योजना थी इसे 25 हजार फीट ऊंचे नंदा देवी पर्वत पर लगाने की। जैसे ही टीम 23 हजार फीट पर पहुंची, भयंकर तूफान आ गया। आगे जाना मुमकिन नहीं था। वे परमाणु उपकरण को वहीं एक चट्टान से बांधकर नीचे आ गए। तय हुआ कि गर्मियों में दोबारा आकर इसे इंस्टॉल करेंगे। जब वे दोबारा पहुंचे, तो कुछ ऐसा हुआ, जिससे दुनिया में खलबली मच गई। आज भी लाखों लोगों के लिए उपकरण खतरा बना हुआ है। पूरी कहानी पार्ट-2 में... बात है 1 मई 1966 की। दिल्ली में भारत की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो का एक सेफ हाउस। बाहर एक बस आकर रुकी। उसमें राशन भरा हुआ था। जल्दी से 11 लोग सवार हुए और बस चल पड़ी। सुबह सूरज निकलने से पहले बस ऋषिकेश पहुंच चुकी थी। आगे का रास्ता पहाड़ी, संकरा और खतरों से भरा था। बस में बैठे लोग परेशान थे। तभी एक मिलिट्री ट्रक आकर रुका। चार-पांच जवान उतरे और फुर्ती से बस का सामान ट्रक पर लाद दिया। अब बस और ट्रक, दोनों ने रफ्तार पकड़ ली। 2 मई की शाम तक काफिला श्रीनगर पहुंच गया। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद, आगे का सफर शुरू हुआ। 3 मई की सुबह होते-होते टीम जोशीमठ पहुंच गई। ये वही टीम थी, जो नंदा देवी की चोटी पर फिर से जासूसी उपकरण लगाने जा रही थी। अगला पड़ाव था- 14 हजार फीट ऊंचा नंदा देवी बेस कैंप। जोशीमठ से 90 किलोमीटर का सफर। यहां से पैदल ही पहाड़ चढ़कर जाना था। बर्फीली हवाओं को चीरते हुए टीम धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने लगी। सांसें उखड़ रही थीं, दम घुटने लगा था। ठंड इतनी कि बर्फ में हाथ-पैर सुन्न पड़ने लगे। थककर बैठना, फिर हिम्मत जुटाकर उठना और आगे बढ़ना…यही सिलसिला चलता रहा। इसी दौरान, चीन ने फिर से झटका दिया। 14 मई को उसने दूसरा परमाणु परीक्षण कर डाला। खबर मिलते ही प्रधानमंत्री दफ्तर से लेकर खुफिया विंग तक हलचल मच गई। अफसरों के चेहरों पर झुंझलाहट साफ झलक रही थी। जैसे-तैसे 15 मई को टीम नंदा देवी बेस कैंप पहुंच गई। अगले 10 दिन मीटिंग और रणनीतियां बनाने में गुजर गए। फैसला हुआ- कैंप-4 पर सिर्फ 4 भारतीय पर्वतारोही जाएंगे, साथ में कुछ शेरपा और कुली होंगे। कोई अमेरिकी ऊपर नहीं जाएगा। कैंप-4 पर ही पिछले साल टीम उपकरण छोड़ आई थी। बेस कैंप से वह जगह करीब 10 हजार फीट ऊंची थी। 25 मई की सुबह टीम कैंप-4 के लिए चल पड़ी। बर्फीली हवाएं टीम का रास्ता रोक रही थीं। हर दिन टीम कुछ ऊपर चढ़ती, आराम करती और फिर आगे बढ़ती। इस तरह 6 दिन गुजर गए। 1 जून को टीम जैसे ही कैंप-4 पहुंची, बर्फीला तूफान आ गया। जबरदस्त धुंध छा गई। कुछ भी दिखना बंद हो गया। एक गलत कदम और सीधे 2 हजार फीट नीचे गहरी खाई। सब कुछ ठप पड़ गया। कुछ घंटे बाद तूफान हल्का पड़ा। टीम आगे बढ़ी। मलबे के बीच ढहा हुआ तंबू मिला। पास में ही गैस स्टोव, कुछ बर्तन और सूखा राशन बिखरा पड़ा था। एक अफसर मुड़ा और उस चट्टान की तरफ देखा, जहां उन्होंने जासूसी उपकरण छुपाया था। अफसर की सांसें गले में ही अटक गईं, वह उपकरण गायब था। ऐसा लग रहा था जैसे, किसी ने बर्फ की चट्टान को कुल्हाड़ी से काटकर उपकरण को निकाल लिया हो। तभी दूसरा अफसर वहां पहुंच गया। उसे रिसीवर वाला गत्ते का एक टूटा-फूटा डिब्बा मिला। बाकी बक्से और जनरेटर गायब थे। अफसरों ने किनारे से नीचे झांका। सौ फीट नीचे, मुड़े हुए तारों का एक गुच्छा दिखा। एक अफसर बोला- ‘लगता है परमाणु उपकरण नीचे चट्टान की तरफ फिसल गया है, चलो चलकर देखते हैं।’ अफसर ने एक चोटी से रस्सी बांधी और ढलान के किनारे से नीचे उतरने लगा। आधे रास्ते पहुंचते ही वह ठिठक गया। उसका पैर अंदर धंसने लगा। साथी अफसर चिल्लाया- ‘जल्दी निकलो वहां से, वर्ना हिमस्खलन शुरू हो जाएगा। हम सब बह जाएंगे।’ अफसर ने तेजी से अपना पैर खींचा। फिर रास्ता बदलकर नीचे पहुंचा। मलबे पर धीरे से कुल्हाड़ी मारी। परत के बीच से प्लास्टिक और धातु के टुकड़े बाहर निकले। ‘लगता है इसी में उपकरण दबा है…’ अफसर ने बड़ी उम्मीद से केबल पकड़ा और उसे झटका दिया। वह तुरंत अलग खींच आया। उसका सिरा कट चुका था। तार के तीन टुकड़े और मिले, लेकिन कोई भी 4 फीट से लंबा नहीं था। हताश अफसर फिर से ऊपर चढ़कर कैंप-4 तक पहुंचा। उसने दोबारा मलबे को कुल्हाड़ी से कुरेदा। उसे एक रेडियो सेट मिला। उस पर एक भी खरोंच नहीं थी। अफसरों के माथे की नसें तन गईं। सिर पर हाथ रखकर बैठ गए। ‘आखिर उपकरण गायब कहां हुआ… कहीं वह नीचे बहकर ग्लेशियर की तरफ तो नहीं चला गया…बेस कैंप में मौजूद अफसरों को इसकी जानकारी कैसे दें, अमेरिका वाले क्या सोचेंगे…’ ये सारी बातें उनके दिमाग में घूम रही थीं। भारी मन से उन्होंने बेस कैंप तक यह खबर पहुंचाई। वहां से यह खबर दिल्ली पहुंची। खुफिया अफसर आरएन काव और आईबी चीफ बीएन मलिक का चेहरा उतर गया। फौरन इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। अमेरिकी दूतावास में दोनों देशों के खुफिया अफसर जुटे। तमाम सवालों, जवाबों और अटकलों के बीच तय हुआ कि एक बार फिर से टीम कैंप-4 की तरफ जाएगी। 3 जून को टीम फिर से उपकरण की खोज में ऊपर चढ़ने लगी। आखिरकार तीन पर्वतारोही कैंप-4 तक पहुंचे। फिर से खोजबीन शुरू हुई। हर दर्रे और मलबे को छान मारा, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। उन्होंने कैमरे निकाले और दर्जनों तस्वीरें खींच लीं। नीचे लौटकर सारा हाल बेस कैंप में मौजूद अफसरों से बयां कर दिया। तब तक अमेरिका से दो खास वैज्ञानिक आ चुके थे। शक की सुइयां भारत की तरफ भी घूम रही थीं। वे एक बार ऊपर जाकर अपनी आंखों से देखना चाहते थे। कुछ दिन बाद दोनों अफसर बड़ी मुश्किल से ऊपर पहुंच ही गए। हर जगह छान मारा, लेकिन हताशा के सिवा हाथ कुछ नहीं लगा। तभी अमेरिकी अफसरों को पांच हजार फीट नीचे बर्फीला और समतल मैदान दिखा। उन्होंने कहा- ‘उपकरण उसी तरफ गया होगा। चलो चलकर देखते हैं।’ भारतीय अफसर मुस्कुराया- ‘चलो तुम्हारा दिल रखने के लिए ये भी कर ही लेते हैं।’ अमेरिकी वैज्ञानिक नीचे पहुंचकर एक खास डिवाइस से चट्टान के टुकड़ों की जांच करने लगा। यह देखकर भारतीय अफसर बोल पड़ा- ‘ये क्या कर रहे हो?’ उसने जवाब दिया- ‘रेडियोएक्टिविटी जांच रहा हूं।’ ‘अगर रीडिंग नॉर्मल नहीं आई तो?’ भारतीय अफसर ने पूछा। अमेरिकी अफसर ने झुंझलाकर कहा- ‘कलकत्ता तक का पानी जहरीला हो चुका होगा। तुम्हारी पवित्र गंगा में डुबकी लगाने वाले बीमार पड़ जाएंगे।’ भारतीय अफसरों की सांसें अटक गईं… ‘जासूसी के चक्कर में हमने ये कौन सी मुसीबत ले ली। मिशन अमेरिका का और तबाही हमारी…’ लेकिन रीडिंग नॉर्मल आई… तब जाकर भारतीय अफसरों ने गहरी सांस ली। तब तक 11 जून आ चुका था। तय हुआ- अगले साल फिर से गर्मियों में आकर उपकरण की तलाश करेंगे। टीम नीचे तो लौट आई, लेकिन नया बखेड़ा खड़ा हो गया। चीन की जासूसी करने चले अमेरिका-भारत के अफसर अब एक दूसरे पर ही शक करने लगे। CIA के कुछ अफसर कहने लगे कि भारतीय टीम ने उपकरण गायब कर दिया है। वह जून में इसीलिए अकेले ऊपर गए थे। भारत अपने परमाणु कार्यक्रम में इसका इस्तेमाल करना चाहता है। ये बात भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दफ्तर से लेकर अमेरिकी हुकूमत तक पहुंची, पर राज की बात थी तो इसे राज ही रखने का फैसला लिया गया। आरोप-प्रत्यारोप लगते तो मिशन का भेद खुल जाता। भारत और अमेरिका के खुफिया अफसर फिर से मिले। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से बात हुई। तय हुआ कि फिर से एक नया जासूसी उपकरण लगाया जाएगा। इस बार नंदा देवी की टॉप चोटी के बजाय अब नंदा देवी कोट पर। यह करीब 22 हजार 510 फीट ऊंचा था। 15 मार्च 1967 को इस मिशन की मंजूरी मिल गई। एक बार फिर, कोहली को टीम लीडर चुना गया। सारी तैयारियों के साथ चुपचाप 24 अप्रैल को टीम नंदा देवी कोट के लिए निकल पड़ी। तमाम मुश्किलों के बाद मई अंत तक जासूसी उपकरण को नंदा देवी कोट पर इंस्टॉल कर दिया गया। दोनों देशों के लिए यह बहुत बड़ी कामयाबी थी। कैप्टन कोहली को बधाइयां मिलने लगीं। जल्द ही उपकरण अपने मिशन को अंजाम भी देने लगा। भारत और अमेरिका के खुफिया विंग को चीन की हरकतों का पता चलने लगा। मालूम पड़ा कि वह बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च करने की योजना बना रहा था। चीन की उस हरकत से भी पर्दा उठा कि वह तिब्बत के पहाड़ों पर बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को तैनात कर रहा था। लेकिन 1968 की सर्दियों में उपकरण ने काम करना बंद कर दिया। एक बार फिर से CIA और IB टीम को धक्का लगा। फौरन अमेरिकी अफसरों ने भारत फोन घुमाया। गुहार लगाई कि नंदा देवी कोट पर एक टीम भेजी जाए। इंदिरा गांधी की सहमति मिल गई। 1968 की गर्मियों में एक छोटी टीम नंदा कोट भेजी गई। जब टीम चोटी पर पहुंची, तो पहले की तरह, उपकरण का कोई निशान नहीं था। उन्होंने कुछ फीट खुदाई की। फिर जो उन्होंने देखा वह हैरान करने वाला था- एक अर्ध-गोलाकार गुफा के बीच जनरेटर फंसा हुआ था। अब यह ठीक होने या दोबारा काम करने की हालत में नहीं था। बड़ी मुश्किल से नीचे उतारा गया और एक खास विमान से ओडिशा के चारबतिया एयरपोर्ट पर ले जाया गया। वहां उसे एक खास विमान में छुपा दिया गया। चारबतिया वहीं एयरबेस था, जिसे अमेरिका ने 1964 में चीन की जासूसी के लिए तैयार किया था, लेकिन 4 दिन बाद ही प्रधानमंत्री नेहरू का निधन हो गया और आगे चलकर अभियान ठंडा पड़ गया। साल बीते, दिन बीते। अमेरिका और भारत की सरकारें इस पर पर्दा डाले रखीं। फिर आई 12 अप्रैल 1978 की तारीख। अमेरिकी मैगजीन ‘आउटसाइड’ ने इसकी रिपोर्ट छाप दी। हंगामा होना ही था। अमेरिका से ज्यादा हंगामा भारत में हुआ। हंगामा इसलिए भी ज्यादा हुआ, क्योंकि तब देश में पहली बार गैर-कांग्रसी सरकार बनी थी। मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे। सवाल उठने लगे कि नंदा देवी टॉप पर लगाने वाला उपकरण गायब कहां हुआ? सवाल के साथ चिंता भी थी। ऐसे समझिए कि नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम में जितना प्लूटोनियम इस्तेमाल हुआ था, उसका लगभग एक तिहाई हिस्सा उपकरण में मौजूद था। मोरारजी ने संसद में ना तो CIA का जिक्र किया ना ही अमेरिका का, लेकिन सारा दोष पिछली सरकार यानी कांग्रेस पर मढ़ दिया। 8 मई 1978 को अमेरिकी राष्ट्रपति कार्टर ने एक सीक्रेट लेटर भारत भेजा। उसमें पीएम मोरारजी देसाई के लिए लिखा था- ‘इस मुद्दे को आपने जिस तरह संभाला, उसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ दिनों बाद मोरारजी देसाई वाइट हाउस अमेरिका पहुंचे। नीले रंग की शेरवानी जैकेट और सफेद टोपी पहने। ओवल ऑफिस में मुस्कुराते हुए राष्ट्रपति कार्टर के सामने बैठे हुए थे। उनकी ये तस्वीर काफी चर्चा में रही। आज उस घटना को दशकों बीत गए। नेता, पर्यावरण कार्यकर्ता और नंदा देवी के आसपास रहने वाले आज भी मांग कर रहे हैं कि उस डिवाइस को ढूंढकर बाहर निकाला जाए। क्योंकि, नंदा देवी की चोटी पर मौजूद ग्लेशियर से ऋषि गंगा और धौलीगंगा नदी तक पानी पहुंचता है। यह नदी आगे चलकर अलकनंदा और भागीरथी से मिलती है और फिर गंगा नदी बनती है, जो करोड़ों लोगों की लाइफ लाइन है। उत्तराखंड में जब भी कोई बड़ी बाढ़, एवलॉन्च या पहाड़ खिसकने जैसी घटना होती है, तो यह उपकरण खतरनाक साबित हो सकता है। ऑपरेशन हैट का पार्ट-1 भी पढ़िए : परमाणु उपकरण लगाकर चीन की जासूसी कर रहे थे भारत-अमेरिका:बर्फीले तूफान में दिखा हिम मानव, खतरनाक डिवाइस पहाड़ पर छोड़कर भाग आए; पार्ट-1 रफेरेंस : 1. Nanda Devi: A Journey to the Last Sanctuary : By Hugh Thomson. 2. Spies in the Himalayas: By M.S. Kohli and Kenneth J. Conboy. 3. Nuclear Bomb in Ganga : By RK Yadav

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 5:01 am

Ukraine War: शांति वार्ता के लिए Moscow में अमेरिकी दूतों से मिले पुतिन, कीव पर हमले 72 घंटे रोके

मॉस्को, पांच सितंबर (एपी) रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की रुकी हुई कोशिशों को फिर से शुरू करने के लिए, शनिवार को रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात की। इन दूतों की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों पक्षों की ओर से हवाई हमले तेज किए गए थे। पुतिन एवं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, दोनों ही बातचीत के दौरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हुए हैं। क्रेमलिन ने शनिवार को बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर हमले 72 घंटे रोकने का आदेश दिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि शांति प्रक्रिया के तहत दोनों अमेरिकी दूत रविवार को पहली बार यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा भी करेंगे। मॉस्को में बैठक की शुरुआत में, पुतिन ने कुशनर और विटकॉफ से कहा कि वे ट्रंप तक उनकी शुभकामनाएं और आभार पहुंचाएं। पुतिन ने यूक्रेन की स्थिति को ‘‘आसान नहीं’’ बताया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रूस पहुंचे हैं और रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के आक्रमण को समाप्त करने की रुकी हुई कोशिश को फिर से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास से कहा, ‘‘पुतिन ने आज आधी रात से शुरू होने वाले तीन दिनों तक कीव पर कोई हमला नहीं करने का आदेश दिया है।’’उन्होंने कहा कि यह फैसला विटकॉफ और कुशनर के यूक्रेन की राजधानी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों से जुड़ा है। कीव ने कहा है कि दोनों अमेरिकी दूत रविवार को यूक्रेन की राजधानी का दौरा करेंगे। क्रेमलिन द्वारा पड़ोसी देश यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किए जाने के करीब साढ़े चार साल बाद भी संघर्ष जारी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान यूक्रेन हवाई हमले रोक देगा और मॉस्को से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया था। अब पांचवें साल में चल रही लड़ाई खत्म करने की वॉशिंगटन की कोशिश धीमी पड़ गई है क्योंकि पिछले छह महीनों से अमेरिका का ध्यान ईरान के साथ जारी लड़ाई पर केंद्रित है। विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद कुशनर की मॉस्को की पिछली ज्ञात यात्रा जनवरी में हुई थी, जब उन्होंने क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। दोनों ने उससे पहले कभी कीव की यात्रा नहीं की थी। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने बताया कि हवाई अड्डे पर रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने इन दूतों से मुलाकात की। दिमित्रिएव ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के विमान से उतरने के दौरान उनसे मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा, ‘‘मॉस्को में शांति के दूतों का स्वागत है।’’शांति प्रयास रुकने के बीच रूस ने यूक्रेन के वायु रक्षा प्रणाली की कमी का फायदा उठाते हुए कीव और दूसरे शहरों पर हमले तेज कर दिए थे। शुक्रवार को, रूस के एक ड्रोन ने कीव में सरकार की सबसे अहम इमारतों में से एक पर हमला किया - यह यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) का मुख्यालय था। एसबीयू उन एजेंसियों में से एक है जो रूस के अंदर घुसकर हमले करने का काम करती हैं। यूक्रेन ने लंबी दूरी तक मार करते हुए रूसी सैन्य ठिकानों, तेल रिफाइनरी और ई-कॉमर्स केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों का उद्देश्य क्रेमलिन के युद्ध प्रयासों और अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी युद्ध के प्रभाव का एहसास कराना है। रूस और यूक्रेन के बीच हवाई युद्ध तेज हो गया है, क्योंकि दोनों देशों की सेनाएं 1,250 किलोमीटर लंबे मोर्चे पर आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रही हैं। रूस हाल में तेज़ी से उड़ने वाले, जेट-चालित ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है और कीव में हवाई हमले के सायरन की बार-बार बजने वाली आवाज अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात भर कीव और बोरिस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हमले किए, और इस हमले को अमेरिका की नियोजित यात्रा से जोड़ा। उन्होंने कहा, “साफ है कि हवाई अड्डों पर रूस के ये हमले, अमेरिका के यूक्रेन जाने के लिए एक विमान का इस्तेमाल करने की संभावना पर हो रही बातचीत और तैयारियों का जवाब हैं।”उन्होंने कहा, ‘‘हमने रूस के इस कदम का संज्ञान लिया है और अगले सप्ताह हम रूसी हवाई क्षेत्र के संबंध में उसी के अनुरूप अपनी कार्रवाई में बदलाव करेंगे, जो हमारे ड्रोन और आसमान में मौजूद मिसाइल के कारण खतरनाक हो गया है। बेशक, हमारी ओर से कूटनीति के लिए कोई खतरा नहीं है और न ही होगा।’’यूक्रेन के दक्षिणी निप्रॉपेट्रोव्स्क इलाके में एक औद्योगिकी केंद्र पर रूसी हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। स्थानीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांड्र हंझा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मारे गए लोग उसी जगह पर काम करने वाले कर्मचारी थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने क्षेत्र में दो धातुकर्म संयंत्रों को निशाना बनाकर हमले किए। मंत्रालय ने इन संयंत्रों को ‘‘यूक्रेन के सैन्य उत्पादन के लिए धातु उत्पादों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता’’ बताया। इस बीच, यूक्रेन के कीव क्षेत्र में रातभर हुए रूसी हमले में दो और लोग घायल हो गए। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने यह जानकारी दी। बोरिस्पिल जिले में हमले के कारण लगी आग से नौ मंजिला एक आवासीय इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। यूक्रेन की राज्य आपात सेवा के अनुसार, रूस की सेना ने दक्षिणी मायकोलाइव क्षेत्र में एक शॉपिंग सेंटर को रातभर ड्रोन से बार-बार निशाना बनाया। उसने कहा कि हमलों में दुकानों और अन्य व्यावसायिक परिसरों को नुकसान पहुंचा तथा आग लग गई। इस घटना में 72 वर्षीय एक व्यक्ति और 17 वर्षीय एक किशोरी घायल हो गई। आपात सेवा ने बताया कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे दलों को आगे के हमलों के खतरे के कारण कई बार सुरक्षित स्थानों पर पीछे हटना पड़ा। यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने रोस्तोव और वोरोनेझ क्षेत्रों से बैलिस्टिक मिसाइल दागीं और रातभर में 167 हमलावर ड्रोन तैनात किए। इनमें शाहेद श्रेणी के ड्रोन शामिल थे, जिनमें से करीब आधे जेट इंजन से संचालित थे। यूक्रेन की वायु रक्षा ने 128 ड्रोन को मार गिराया या निष्क्रिय कर दिया। इस बीच, रूस के सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के हमलों में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें 14 वर्षीय एक किशोरी भी शामिल है। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात में यूक्रेन के 53 ड्रोन मार गिराए।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 4:32 am

Kremlin में अमेरिकी दूतों से मिले Putin, कीव पर 72 घंटे हमले रोकने का दिया आदेश

मॉस्को, पांच सितंबर (एपी) रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की रुकी हुई कोशिशों को फिर से शुरू करने के लिए, शनिवार को रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात की। इन दूतों की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों पक्षों की ओर से हवाई हमले तेज किए गए थे। पुतिन एवं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, दोनों ही बातचीत के दौरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हुए हैं। क्रेमलिन ने शनिवार को बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर हमले 72 घंटे रोकने का आदेश दिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि शांति प्रक्रिया के तहत दोनों अमेरिकी दूत रविवार को पहली बार यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा भी करेंगे। मॉस्को में बैठक की शुरुआत में, पुतिन ने कुशनर और विटकॉफ से कहा कि वे ट्रंप तक उनकी शुभकामनाएं और आभार पहुंचाएं। पुतिन ने यूक्रेन की स्थिति को ‘‘आसान नहीं’’ बताया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रूस पहुंचे हैं और रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के आक्रमण को समाप्त करने की रुकी हुई कोशिश को फिर से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास से कहा, ‘‘पुतिन ने आज आधी रात से शुरू होने वाले तीन दिनों तक कीव पर कोई हमला नहीं करने का आदेश दिया है।’’उन्होंने कहा कि यह फैसला विटकॉफ और कुशनर के यूक्रेन की राजधानी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों से जुड़ा है। कीव ने कहा है कि दोनों अमेरिकी दूत रविवार को यूक्रेन की राजधानी का दौरा करेंगे। क्रेमलिन द्वारा पड़ोसी देश यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किए जाने के करीब साढ़े चार साल बाद भी संघर्ष जारी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान यूक्रेन हवाई हमले रोक देगा और मॉस्को से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया था। अब पांचवें साल में चल रही लड़ाई खत्म करने की वॉशिंगटन की कोशिश धीमी पड़ गई है क्योंकि पिछले छह महीनों से अमेरिका का ध्यान ईरान के साथ जारी लड़ाई पर केंद्रित है। विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद कुशनर की मॉस्को की पिछली ज्ञात यात्रा जनवरी में हुई थी, जब उन्होंने क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। दोनों ने उससे पहले कभी कीव की यात्रा नहीं की थी। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने बताया कि हवाई अड्डे पर रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने इन दूतों से मुलाकात की। दिमित्रिएव ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के विमान से उतरने के दौरान उनसे मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा, ‘‘मॉस्को में शांति के दूतों का स्वागत है।’’शांति प्रयास रुकने के बीच रूस ने यूक्रेन के वायु रक्षा प्रणाली की कमी का फायदा उठाते हुए कीव और दूसरे शहरों पर हमले तेज कर दिए थे। शुक्रवार को, रूस के एक ड्रोन ने कीव में सरकार की सबसे अहम इमारतों में से एक पर हमला किया - यह यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) का मुख्यालय था। एसबीयू उन एजेंसियों में से एक है जो रूस के अंदर घुसकर हमले करने का काम करती हैं। यूक्रेन ने लंबी दूरी तक मार करते हुए रूसी सैन्य ठिकानों, तेल रिफाइनरी और ई-कॉमर्स केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों का उद्देश्य क्रेमलिन के युद्ध प्रयासों और अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी युद्ध के प्रभाव का एहसास कराना है। रूस और यूक्रेन के बीच हवाई युद्ध तेज हो गया है, क्योंकि दोनों देशों की सेनाएं 1,250 किलोमीटर लंबे मोर्चे पर आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रही हैं। रूस हाल में तेज़ी से उड़ने वाले, जेट-चालित ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है और कीव में हवाई हमले के सायरन की बार-बार बजने वाली आवाज अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात भर कीव और बोरिस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हमले किए, और इस हमले को अमेरिका की नियोजित यात्रा से जोड़ा। उन्होंने कहा, “साफ है कि हवाई अड्डों पर रूस के ये हमले, अमेरिका के यूक्रेन जाने के लिए एक विमान का इस्तेमाल करने की संभावना पर हो रही बातचीत और तैयारियों का जवाब हैं।”उन्होंने कहा, ‘‘हमने रूस के इस कदम का संज्ञान लिया है और अगले सप्ताह हम रूसी हवाई क्षेत्र के संबंध में उसी के अनुरूप अपनी कार्रवाई में बदलाव करेंगे, जो हमारे ड्रोन और आसमान में मौजूद मिसाइल के कारण खतरनाक हो गया है। बेशक, हमारी ओर से कूटनीति के लिए कोई खतरा नहीं है और न ही होगा।’’यूक्रेन के दक्षिणी निप्रॉपेट्रोव्स्क इलाके में एक औद्योगिकी केंद्र पर रूसी हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। स्थानीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांड्र हंझा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मारे गए लोग उसी जगह पर काम करने वाले कर्मचारी थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने क्षेत्र में दो धातुकर्म संयंत्रों को निशाना बनाकर हमले किए। मंत्रालय ने इन संयंत्रों को ‘‘यूक्रेन के सैन्य उत्पादन के लिए धातु उत्पादों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता’’ बताया। इस बीच, यूक्रेन के कीव क्षेत्र में रातभर हुए रूसी हमले में दो और लोग घायल हो गए। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने यह जानकारी दी। बोरिस्पिल जिले में हमले के कारण लगी आग से नौ मंजिला एक आवासीय इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। यूक्रेन की राज्य आपात सेवा के अनुसार, रूस की सेना ने दक्षिणी मायकोलाइव क्षेत्र में एक शॉपिंग सेंटर को रातभर ड्रोन से बार-बार निशाना बनाया। उसने कहा कि हमलों में दुकानों और अन्य व्यावसायिक परिसरों को नुकसान पहुंचा तथा आग लग गई। इस घटना में 72 वर्षीय एक व्यक्ति और 17 वर्षीय एक किशोरी घायल हो गई। आपात सेवा ने बताया कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे दलों को आगे के हमलों के खतरे के कारण कई बार सुरक्षित स्थानों पर पीछे हटना पड़ा। यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने रोस्तोव और वोरोनेझ क्षेत्रों से बैलिस्टिक मिसाइल दागीं और रातभर में 167 हमलावर ड्रोन तैनात किए। इनमें शाहेद श्रेणी के ड्रोन शामिल थे, जिनमें से करीब आधे जेट इंजन से संचालित थे। यूक्रेन की वायु रक्षा ने 128 ड्रोन को मार गिराया या निष्क्रिय कर दिया। इस बीच, रूस के सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के हमलों में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें 14 वर्षीय एक किशोरी भी शामिल है। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात में यूक्रेन के 53 ड्रोन मार गिराए।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 4:17 am

वेस्ट बैंक हिंसा: इस्राइल पर बरसे अमेरिकी राजदूत हकबी, सेटलर्स को आतंकवादी बताया; फलस्तीनी जनता पर रूख क्या?

वेस्ट बैंक हिंसा: इस्राइल पर बरसे अमेरिकी राजदूत हकबी, सेटलर्स को आतंकवादी बताया; फलस्तीनी जनता पर रूख क्या?- US delivers blunt message to Israel over West Bank violence; Ambassador Huckabee calls settlers 'terrorists' and issues warning.

अमर उजाला 6 Sep 2026 3:54 am

Panipat News: अमेरिका भेजने के नाम पर तीन लोगों से 1.52 करोड़ की ठगी

अमेरिका भेजने के नाम पर तीन लोगों से 1.52 करोड़ की ठगी

अमर उजाला 6 Sep 2026 2:32 am

'भारत-अमेरिका संबंध इस वक्त ऐतिहासिक...', US राजदूत सर्जियो गोर का बयान

भारत और अमेरिका के रिश्ते मौजूदा समय में अपने सबसे मजबूत और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहे हैं. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने कहा कि आज के समय में भारत और अमेरिका के बीच का भरोसा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है. राजदूत सर्जियो गौर ने बताया कि नई दिल्ली के अलावा उन्होंने मुंबई, बैंगलोर और हैदराबाद जैसे शहरों का दौरा किया है, जहां व्यापार, अंतरिक्ष, सैन्य अभ्यास और तकनीक के क्षेत्रों में असीमित संभावनाएं मौजूद हैं.

आज तक 5 Sep 2026 11:12 pm

जीसीएल सीजन 4: अल्पाइन पाइपर्स ने मुंबा मास्टर्स को हराया, गैंगेस ग्रैंडमास्टर्स और अमेरिकन गैम्बिट्स ने भी दर्ज की जीत

बेंगलुरु, 5 सितंबर (आईएएनएस)। ग्लोबल चेस लीग (जीसीएल) के चौथे सीजन की शुरुआत शनिवार से बेंगलुरु में हुई। पहले ही दिन मौजूदा चैंपियन अल्पाइन एपीएल पाइपर्स ने कड़े मुकाबले में चेक मुंबा मास्टर्स को 10-8 से हराकर जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की।

समाचार नामा 5 Sep 2026 9:17 pm

अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले के बाद US सेना का एक्शन, ईरान के 3 तेल टैंकरों पर अटैक

अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है, जिसमें दो टैंकर पूरी तरह नष्ट हो गए और तीसरे को भी नुकसान पहुंचा का दावा किया है. अमेरिका सेना का कहा है कि ये हमला अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर मिसाइल हमलों के जवाब में किया गया.

आज तक 5 Sep 2026 9:15 pm

भारत दो साल में मेट्रो नेटवर्क की लंबाई में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा: मनोहर लाल

New Delhi, 5 सितंबर . केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने Saturday को कहा कि India अगले दो वर्षों में मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है. इंदौर में विस्तारित मेट्रो रेल सेवा का उद्घाटन करने के बाद मंत्री ने ... Read more

डेली किरण 5 Sep 2026 8:43 pm

अमेरिका में कार क्यों है इतनी जरूरी? भारतीय महिला ने Video में बताई असली वजह

अमेरिका में कार क्यों है इतनी जरूरी? भारतीय महिला ने Video में बताई असली वजह

समाचार नामा 5 Sep 2026 8:15 pm

रूस-यूक्रेन जंग में 72 घंटे का ब्रेक, अमेरिकी दूतों के दौरे के बीच ऐलान

अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के मॉस्को दौरे के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 72 घंटे के लिए कीव पर हमले रोकने का ऐलान किया है.

आज तक 5 Sep 2026 7:35 pm

अमेरिका में जारी हुआ ट्रंप के चित्र वाला 1 डॉलर का सिक्का, कुछ ही घंटों में हुआ 'आउट ऑफ़ स्टॉक'

अमेरिका का कानून ज़िंदा राष्ट्रपतियों को अमेरिकी मुद्रा पर दिखाने से रोकता है, लेकिन एक विशेष प्रावधान का इस्तेमाल करके इस नियम को दरकिनार कर दिया गया.

बीबीसी हिंदी 5 Sep 2026 7:20 pm

बदल जाएगा दुनिया का नक्शा! UN प्रस्ताव पर अकेला पड़ा अमेरिका, पूरी दुनिया एक तरफ

equal earth projection UNGA: दुनिया को देखने और भूगोल को समझने के तरीके में एक ऐतिहासिक बदलाव आने जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने शुक्रवार को एक नए विश्व मानचित्र 'इक्वल अर्थ कार्टोग्राफिक प्रोजेक्शन' को अपनाने के पक्ष में मतदान किया है। ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 6:42 pm

नेपाल में बाढ़ का कोहराम: अमेरिकी सांसदों ने Marco Rubio से DART Team और राहत पैकेज की मांग की

अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से आग्रह किया कि वे बाढ़ से प्रभावित नेपाल में अमेरिकी राहत और खोज-बचाव कार्यों को तेज़ करें। इसमें 'डिज़ास्टर असिस्टेंस रिस्पॉन्स टीम' (DART) को तैनात करना, अतिरिक्त मानवीय सहायता देना और बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण में मदद की योजना बनाना शामिल है, क्योंकि इस आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रुबियो को लिखे एक पत्र में, सांसदों ने अमेरिकी विदेश विभाग से आग्रह किया कि वे चल रहे खोज-बचाव कार्यों में मदद के लिए हर उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल करें और अमेरिकी नागरिकों तथा इस भयानक बाढ़ से प्रभावित अन्य लोगों की सुरक्षा और रिकवरी सुनिश्चित करें। सांसदों ने पत्र में कहा, हम विदेश विभाग से आग्रह करते हैं कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद चल रहे खोज-बचाव कार्यों में मदद के लिए हर उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल किया जाए और अमेरिकी नागरिकों तथा इस आपदा से प्रभावित अन्य लोगों की सुरक्षा और रिकवरी सुनिश्चित की जाए। यह अपील ऐसे समय में की गई है जब नेपाल बाढ़ से हुई भारी तबाही से जूझ रहा है। 'नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी' (NDRRMA) की ओर से जारी अपडेट के अनुसार, शुक्रवार शाम 6:30 बजे तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,294 हो गई थी और खोज टीमें कई प्रभावित ज़िलों से शव बरामद कर रही थीं। NDRRMA के अपडेट के अनुसार, सबसे ज़्यादा मौतें चितवन में (359) हुईं, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट (221), नवलपरासी वेस्ट (212), नुवाकोट (184) और रसुवा (140) का नंबर आता है। अब तक 96 शव परिवारों को सौंपे जा चुके हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Rescue: भोटेकोशी तबाही के 10 दिन बाद Upper Trishuli Tunnel से विदेशी नागरिक का चमत्कारिक रेस्क्यू NDRRMA ने बताया कि ज़मीन और हवा से चलाए गए जॉइंट ऑपरेशन के ज़रिए 13,000 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया है। इस बचाव कार्य में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के 21,421 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। सांसदों ने खास तौर पर बाढ़ से प्रभावित इलाकों में 'डिज़ास्टर असिस्टेंस रिस्पॉन्स टीम' (DART) तैनात करने की मांग की, ताकि खोज, बचाव, लॉजिस्टिक्स और मेडिकल ऑपरेशन में मदद मिल सके। उन्होंने कहा, DART तेज़ी से काम करने वाली यूनिट्स हैं जो आपदा प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव, लॉजिस्टिक्स और मेडिकल सेवाओं में मदद करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा का पैमाना इतना बड़ा है कि DART को जितनी जल्दी हो सके तैनात किया जाना चाहिए। उन्होंने वॉशिंगटन से यह भी अपील की कि लापता लोगों का पता लगाने और बचाव टीमों को रियल-टाइम जानकारी देने के लिए US की तकनीकी क्षमताओं का ज़्यादा इस्तेमाल किया जाए, जिसमें ज़्यादा ऊंचाई पर काम करने वाले साधन, थर्मल और इन्फ्रारेड ड्रोन, सैटेलाइट इमेजिंग और हवाई निगरानी के दूसरे उपकरण शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal PM Balendra Shah संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगे बाढ़ नुकसान और जलवायु परिवर्तन का मुद्दा कानून बनाने वालों ने कहा कि स्टेट डिपार्टमेंट को नेशनल जियोस्पेशियल-इंटेलिजेंस एजेंसी और अमेरिकी रक्षा विभाग की एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि जियोस्पेशियल और एरियल तस्वीरें सुरक्षित रूप से फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स, मानवीय संगठनों और स्थानीय अधिकारियों के साथ शेयर की जा सकें। उन्होंने कमर्शियल सैटेलाइट कंपनियों के साथ तालमेल बिठाने और लापता लोगों का पता लगाने के लिए फ़ोन-लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करने की कोशिशों पर भी ज़ोर दिया। पत्र में कहा गया है कि हज़ारों लोगों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। NDRRMA के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, लापता लोगों की संख्या लगभग 5,053 है, जिनमें रसुवा में 2,130, नुवाकोट में 2,340 और 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस संख्या में ऐसी अज्ञात लाशें भी शामिल हो सकती हैं जिन्हें पहले ही बरामद किया जा चुका है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 6:02 pm

जयशंकर ने कीव में किया ऐसा ऐलान, पुतिन ने यूक्रेन पर हमले 3 दिनों तक रोकने का दिया आदेश, आज अमेरिका से होगी बात

रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के हवाले से बताया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित यात्रा से पहले, शनिवार से यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमले तीन दिन के लिए रोकने का आदेश दिया है। पेस्कोव ने TASS समाचार एजेंसी को बताया कि पुतिन की शनिवार को अमेरिका के विशेष प्रतिनिधियों स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात होनी थी। इसे भी पढ़ें: भारत तैयार है...यूक्रेन पहुंचकर जयशंकर ने किया ऐसा धमाका, रूस-अमेरिका दोनों हो जाएंगे हैरान ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस ने यूक्रेन के एयरपोर्ट्स पर हमला किया यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पहले कहा था कि अमेरिकी दूतों के संभावित दौरे से ठीक पहले रूस ने कीव और उसके पास के शहर बोरिस्पिल के एयरपोर्ट्स पर हमला किया। उन्होंने टेलीग्राम ऐप पर कहा साफ़ है कि एयरपोर्ट्स पर रूस के ये हमले उस बातचीत और तैयारी का जवाब हैं, जिसमें अमेरिकी पक्ष यूक्रेन की यात्रा के लिए विमान का इस्तेमाल करके कीव एयरपोर्ट या बोरिस्पिल एयरपोर्ट पर उतरने पर विचार कर रहा था। अमेरिकी कूटनीति के जवाब में रूस-ईरान के शाहिद (ड्रोन) का इस्तेमाल किया गया। फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद से यूक्रेन ने अपना एयरस्पेस बंद रखा है। हालांकि, ज़ेलेंस्की ने कहा कि अधिकारियों ने रविवार को कीव के संभावित दौरे के लिए अमेरिकी शांति वार्ताकारों के विमान से यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की थी। इसे भी पढ़ें: Ukraine के Drone Attacks से असुरक्षित हुआ Russian Airspace, Zelenskyy की चेतावनी यूक्रेन शांति योजना पर चर्चा के लिए अमेरिकी दूत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उनके विशेष दूत, स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर, रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश में विदेश यात्रा कर रहे हैं। यह कदम वॉशिंगटन की ओर से यूरोप में दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे घातक संघर्ष में आए राजनयिक गतिरोध को दूर करने की एक कोशिश है। ईरान के साथ वॉशिंगटन के तनाव के बीच शांति वार्ता रुकी हुई है, क्योंकि रूस और यूक्रेन ने भी लंबी दूरी के हमले तेज़ कर दिए हैं, जिससे संघर्ष शुरू होने के बाद से आम नागरिकों के हताहत होने की संख्या सबसे ज़्यादा हो गई है। यह नई राजनयिक पहल ऐसे समय में की जा रही है जब रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ख़िलाफ़ लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए हैं।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 5:52 pm

AI से बनाई भारत की 'गंदी' तस्वीर? अमेरिकी महिला बोलीं- ये भारत नहीं

सोशल मीडिया पर भारत की ऐसी तस्वीरें और वीडियो अक्सर वायरल होते हैं, जिनमें देश को गंदगी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार से जोड़कर दिखाया जाता है, लेकिन एक अमेरिकी महिला ने ऐसे वीडियो की पोल खोल दी है.

आज तक 5 Sep 2026 5:21 pm

खाड़ी में फिर बढ़ा तनाव! खार्ग द्वीप के पास ईरानी ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले की खबर, धमाकों से मचा हड़कंप

ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप के पास शनिवार को कई धमाकों की आवाज सुनाई देने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी मीडिया में दावा किया गया कि द्वीप के पास मौजूद एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिकी मिसाइलों से निशाना बनाया गया। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों […] The post खाड़ी में फिर बढ़ा तनाव! खार्ग द्वीप के पास ईरानी ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले की खबर, धमाकों से मचा हड़कंप first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 5 Sep 2026 5:13 pm

खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर हमला: तेहरान का अमेरिका पर आरोप, बढ़ा तनाव

ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल खार्ग द्वीप के आसपास शनिवार को कई धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान की मीडिया ने इसकी जानकारी दी। हालांकि धमाकों के स्रोत की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।

खास खबर 5 Sep 2026 5:07 pm

खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइलों का दावा, खाड़ी में फिर बढ़ा तनाव

वॉशिंगटन डीसी/तेहरान, 05 सितंबर2026 । ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिकी मिसाइलों से निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, टैंकर पर चार अमेरिकी मिसाइलें दागी गईं। घटना को लेकर अभी अमेरिका की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं […] The post खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइलों का दावा, खाड़ी में फिर बढ़ा तनाव appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 5 Sep 2026 5:04 pm

इराक के लिए अमेरिका ने खोला खजाना! $150 मिलियन के Bell हेलीकॉप्टर सौदे को विदेश विभाग की मंजूरी

अमेरिका ने इराक के साथ रक्षा सहयोग को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक के लिए करीब 150 मिलियन डॉलर के संभावित हेलीकॉप्टर सौदे को मंजूरी दी है। प्रस्तावित Foreign Military Sale में Bell 412EPX हेलीकॉप्टर और उनसे जुड़ा जरूरी उपकरण व सेवाएं शामिल हैं। क्या है $150 मिलियन […] The post इराक के लिए अमेरिका ने खोला खजाना! $150 मिलियन के Bell हेलीकॉप्टर सौदे को विदेश विभाग की मंजूरी first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 5 Sep 2026 4:45 pm

ईरान के साथ तनाव के बीच, 5,000 अमेरिकी सैनिक USS अब्राहम लिंकन से थाईलैंड पहुँचे

थाईलैंड के पटाया शहर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ से लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिक पहुँचे हैं। समुद्र में 286 दिन बिताने के बाद, वे यहाँ अपने 5 दिन के प्रवास के दौरान मनोरंजन और खरीदारी में व्यस्त हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द गार्डियन’ के अनुसार, थाईलैंड पहुँचने के बाद कई अमेरिकी सैनिक शहर में […] The post ईरान के साथ तनाव के बीच, 5,000 अमेरिकी सैनिक USS अब्राहम लिंकन से थाईलैंड पहुँचे appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .

शहरनामा 5 Sep 2026 3:26 pm

अमेरिकी विमान में अफरा-तफरी, यात्री ने सहयात्री पर किया हमला,'डक्ट टेप' से बांधकर किया काबू, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग

आरोपी यात्री यहीं नहीं रूका उसने क्रू मेंबर पर नस्लभेदी और समलैंगिक विरोधी टिप्पणियां कीं। जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

दैनिक जागरण 5 Sep 2026 2:57 pm

बॉक्स ब्रीदिंग क्या है जिसे अमेरिकी सील कमांडो भी स्ट्रेस कम करने के लिए आजमाते हैं

हमने एक्सपर्ट्स से बात कर यह जानने की कोशिश की है कि सांस लेने की जिस तकनीक को आर्मी और इन्फ्लुएंसर्स तक अपनाते हैं, वह कैसे काम करती है.

बीबीसी हिंदी 5 Sep 2026 2:52 pm

अमेरिका में 6 लाख डॉलर के कथित फ्रॉड का आरोपी पंजाब में गिरफ्तार

जालंधर, 05 सितंबर2026 । पंजाब के जालंधर में पुलिस ने अमेरिका में करीब 6 लाख डॉलर की कथित धोखाधड़ी के मामले में वांछित मंजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, बेदी अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल था। पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर उसकी गतिविधियों […] The post अमेरिका में 6 लाख डॉलर के कथित फ्रॉड का आरोपी पंजाब में गिरफ्तार appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 5 Sep 2026 2:28 pm

'भारत-US रिश्तों में स्थिरता की वजह मोदी' बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो

भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है. गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध इस वक्त ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं- देखिए आजतक से अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर खास बातचीत.

आज तक 5 Sep 2026 2:19 pm

ईरान के ऑयल टैंकर पर अमेरिकी सेना का मिसाइल अटैक! खार्ग द्वीप के पास जोरदार धमाका

ईरान के खार्ग द्वीप के पास शनिवार को धमाकों की आवाजें सुनी गईं. स्थानीय सूत्रों के हवाले से ईरानी टैंकर को अमेरिकी मिसाइल से निशाना बनाए जाने की अपुष्ट रिपोर्ट है. हालांकि, धमाकों की वजह की पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी अधिकारियों ने तत्काल कोई बयान नहीं दिया.

आज तक 5 Sep 2026 1:35 pm

US-Iran War: शादी के जश्न के बीच अमेरिकी हमला, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई आपबीती

US-Iran War: शादी के जश्न के बीच अमेरिकी हमला, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई आपबीती

समाचार नामा 5 Sep 2026 1:31 pm

IIT : आईआईटी के PhD स्कॉलर को 40 लाख का पैकेज, दूसरे छात्र ने अमेरिका में बजाया डंका

आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी शोधार्थी डॉ शत्रुघ्न ठाकुर को इटली की हंसा टीएमपी में डिजाइन इंजीनियर के पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव मिला है। वे 40.65 लाख सालाना पे-पैकेज पर कार्य करेंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 1:15 pm

अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर

यूएस ग्रीन कार्ड को लेकर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी और बुरी खबर सामने आई है, जहां अमेरिकी वीजा बुलेटिन के अनुसार ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी पूरी तरह 'अनअवेलेबल' हो चुकी है।अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर?अमेरिका में सालों से परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड पाने का सपना देख रहे लाखों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिकों और उच्च कुशल कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही निराशाजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. Department of State) और आव्रजन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार-आधारित दूसरी श्रेणी यानी ईबी-2 (EB-2 - Employment-Based Second Preference) कैटेगरी को फिलहाल पूरी तरह से 'अनअवेलेबल' (Unavailable) यानी अनुपलब्ध घोषित कर दिया गया है। इस स्थिति का मतलब यह है कि चालू वित्त वर्ष के लिए इस श्रेणी के तहत तय किए गए कोटे के सारे वीजा पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी दूतावास या आव्रजन कार्यालय इस कैटेगरी में अब अगले आदेश या नए वित्त वर्ष के शुरू होने तक किसी भी नए ग्रीन कार्ड या अप्रवासन वीजा को जारी या स्वीकृत नहीं कर सकते हैं। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय वर्कफोर्स के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि वर्षों से लंबित पेंडिंग फाइलों और भारी-भरकम बैकलॉग के बीच इस प्रकार अचानक श्रेणी का बंद होना उनके सपनों पर एक बहुत बड़ा विराम लगाता हुआ नजर आ रहा है।ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी के पूरी तरह से अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह क्या सामने आई है?इस महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित कैटेगरी के अचानक बंद होने और अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी कानूनों के तहत तय की गई वार्षिक सीमा और देश-वार कोटा प्रणाली (Per-Country Ceiling) है। अमेरिकी आव्रजन नियमों के अनुसार, हर साल रोजगार-आधारित जितने भी ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं, उनमें से किसी एक देश के नागरिकों को कुल कोटे का केवल 7 प्रतिशत हिस्सा ही मिल सकता है। भारत जैसे विशाल देश से एडवांस्ड डिग्री धारकों और विशेष योग्यताओं वाले प्रोफेशनल्स की संख्या और आवेदन इतने ज्यादा हैं कि यह तयशुदा कोटा निर्धारित समय से बहुत पहले ही पूरी तरह से खत्म हो जाता है। इस वर्ष भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही भारत के कोटे के सारे ईबी-2 वीजा नंबर पूरी तरह से एग्जॉस्ट यानी समाप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, अन्य देशों द्वारा अप्रयुक्त रहने वाले वीजा नंबरों का लाभ भी इस बार समय पर नहीं मिल पाने के कारण अमेरिकी प्रशासन को मजबूरन इस कैटेगरी को पूरी तरह से बंद या अनअवेलेबल करना पड़ा है, जिससे भारतीय आवेदकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, एच-1बी (H-1B) धारकों और उनके परिवारों पर इस संकट का क्या असर पड़ेगा?अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम कर रहे हजारों भारतीय नागरिकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए यह स्थिति भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता लेकर आई है। जो प्रोफेशनल्स अपनी परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया के अंतिम चरणों में थे, उनकी फाइलें अब पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चली गई हैं और तब तक आगे नहीं बढ़ सकतीं जब तक कि नया कोटा शुरू नहीं होता। हालांकि आव्रजन वकीलों और विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस स्थिति के बावजूद यूएसिसिस (USCIS) द्वारा फॉर्म आई-485 (Adjustment of Status) की कुछ श्रेणियों के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया पर तकनीकी नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन अंतिम अप्रूवल के लिए लंबा इंतजार करना ही होगा। इस लंबी प्रतीक्षा और अनिश्चितता के कारण कई कुशल भारतीय कर्मचारी अब अमेरिका के अलावा अन्य देशों के विकल्पों पर भी विचार करने लगे हैं, क्योंकि ग्रीन कार्ड मिलने में लगने वाला यह बेहिसाब समय कई दशकों तक लंबा खींचता जा रहा है।इस गंभीर बैकलॉग और समस्या से निपटने के लिए आगे क्या उम्मीदें बची हैं?इस बड़ी प्रशासनिक रोक के बीच भारतीय प्रवासियों और नीति विश्लेषकों की निगाहें अब पूरी तरह से नए वित्त वर्ष और अमेरिकी संसद में होने वाले विधायी सुधारों पर टिकी हुई हैं। चूंकि हर साल 1 अक्टूबर को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही वार्षिक वीजा सीमाओं और कोटे का नया आवंटन दोबारा रिसेट होता है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि तब जाकर इस कैटेगरी में कुछ राहत मिल सकती है और कट-ऑफ डेट्स आगे बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, आव्रजन सुधारों की मांग उठाने वाले संगठनों का कहना है कि जब तक अमेरिका देश-वार लगने वाली इस 7 प्रतिशत की सीमा को समाप्त नहीं करता या ग्रीन कार्ड की कुल संख्या में बढ़ोतरी नहीं करता, तब तक भारतीय प्रोफेशनल्स को इसी तरह की गंभीर समस्याओं का सामना बार-बार करना पड़ेगा। अमेरिकी श्रम बाजार में अपनी योग्यता का लोहा मनवाने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति एक बार फिर से इस बात की गवाही देती है कि अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में बुनियादी बदलाव कितनी बड़ी और तत्काल आवश्यकता बन चुके हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 12:58 pm

अमेरिका की शह और कूटनीतिक इशारों पर म्यांमार के खिलाफ यूक्रेन द्वारा प्रॉक्सी वॉर चलाने का गंभीर दावा क्या

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर इन दिनों एक ऐसा हैरान करने वाला और खतरनाक भू-राजनीतिक भूचाल आया है जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया खुलासों के अनुसार, पश्चिमी देशों विशेषकर अमेरिका की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष शह पर यूक्रेन अब यूरोपीय सीमाओं से निकलकर सीधे एशिया के म्यांमार में एक गुप्त प्रॉक्सी वॉर (परोक्ष युद्ध) को हवा दे रहा है। म्यांमार वर्तमान में एक बेहद गंभीर आंतरिक गृहयुद्ध और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जहाँ देश की सैन्य सरकार (जुंटा) के खिलाफ कई विद्रोही संगठन armed struggle चला रहे हैं। विश्लेषकों का दावा है कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों और सैन्य सलाहकारों ने गुप्त रूप से म्यांमार के कुछ विद्रोही गुटों को आधुनिक ड्रोन तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण और सामरिक हथियार उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है ताकि वहां की सरकार को अस्थिर किया जा सके। इस परोक्ष युद्ध का मुख्य भू-राजनीतिक उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन और उसके करीबी सहयोगियों की रणनीतिक बढ़त को कमजोर करना है, क्योंकि म्यांमार इस क्षेत्र में बीजिंग के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील गलियारा माना जाता है। जब यूरोप में खुद रूस के खिलाफ युद्ध लड़ रहा यूक्रेन एशिया के इस संघर्ष में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करता है, तो यह पूरी दुनिया को एक तीसरे विश्व युद्ध या व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की खतरनाक आग में झोंकने की पूरी क्षमता रखता है।म्यांमार के आंतरिक गृहयुद्ध में विदेशी ताकतों और यूक्रेन की इस खतरनाक दखलंदाजी के पीछे असली भू-राजनीतिक मकसद क्या है?म्यांमार लंबे समय से लोकतांत्रिक संकट, जातीय संघर्षों और सैन्य शासन के कुचक्र में फंसा हुआ है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने इसके रणनीतिक चरित्र को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। पश्चिमी महाशक्तियों और विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका की यह सोची-समझी रणनीति रही है कि वे दुनिया के उन सभी अहम भू-भागों पर अपना दबाव बनाए रखें जहाँ उनके विरोधी यानी चीन और रूस का प्रभाव ज्यादा है। म्यांमार बंगाल की खाड़ी के मुहाने पर स्थित एक ऐसा सामरिक देश है जहाँ से चीन अपनी महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) और भारत-मियांमार-थैailand राजमार्ग जैसी परियोजनाओं को संचालित कर रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देश सीधे तौर पर चीन से टकराने से बचते हुए यूक्रेन जैसे मोहरों के जरिए ऐसे देशों में आंतरिक अशांति और प्रॉक्सी वॉर को हवा दे रहे हैं ताकि चीनी हितों को गहरी चोट पहुंचाई जा सके। यूक्रेन जो खुद हथियारों, पैसों और पश्चिमी मदद के लिए तरस रहा है, उसका म्यांमार के विद्रोहियों को सैन्य सहायता देना इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह खेल पर्दे के पीछे बैठे किसी बहुत बड़े वैश्विक खिलाड़ी के इशारे पर खेला जा रहा है। इस तरह के छद्म युद्धों से न केवल म्यांमार की संप्रभुता खतरे में पड़ रही है, बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया का पूरा सुरक्षा ढांचा भी भारी अस्थिरता और अराजकता की ओर धकेला जा रहा है।इस म्यांमार-यूक्रेन प्रॉक्सी संघर्ष की आंच से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और उत्तर-पूर्व राज्यों पर क्या गंभीर असर पड़ सकता है?दिल्ली में बैठे हमारे देश के रक्षा रणनीतिकारों और नीति निर्माताओं के लिए म्यांमार के घटनाक्रम में यूक्रेन की यह घुसपैठ गहरी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि भारत की सीमाएं म्यांमार के साथ सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। भारत के पूर्वोत्तर राज्य—जैसे मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश—अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण म्यांमार के घटनाक्रम से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। यदि म्यांमार में विदेशी ताकतों के इशारे पर प्रॉक्सी वॉर और गृहयुद्ध की आग और अधिक भड़कती है, तो वहाँ के उग्रवादी संगठन और विद्रोही गुट इस अराजकता का फायदा उठाकर भारतीय सीमा के भीतर हथियारों की तस्करी, ड्रग्स की अवैध सप्लाई और शरणार्थियों की घुसपैठ को बहुत ज्यादा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, भारत की कई महत्वपूर्ण सामरिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं जैसे 'कलादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट' म्यांमार के ही रास्ते म्यांमार के सितवे बंदरगाह को भारत से जोड़ती हैं, जो हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policy) की रीढ़ हैं। यदि म्यांमार पूरी तरह से विदेशी शक्तियों का अखाड़ा बन जाता है, तो भारत के लिए अपनी सीमाओं की सुरक्षा और इन सामरिक परियोजनाओं को बचाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाएगा, जिसके चलते भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद पैनी नजर रखनी पड़ रही है।इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका-चीन के इस परोक्ष संघर्ष के बीच भारत को क्यों रहना होगा अत्यधिक सतर्क?वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दुनिया की महाशक्तियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, और म्यांमार इस महान खेल का एक प्रमुख प्यादा बनता जा रहा है। अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी हर हाल में यह चाहते हैं कि म्यांमार और बंगाल की खाड़ी के इलाके में चीन और रूस का प्रभाव कम हो, जबकि चीन इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। इस महाशक्तिशाली संघर्ष के बीच भारत की विदेश नीति हमेशा से 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) की रही है, जिसके तहत भारत किसी भी गुट में शामिल हुए बिना अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखता है। हालांकि, जब यूक्रेन जैसे यूरोपीय देश प्रॉक्सी वॉर के जरिए हमारे पड़ोसी देश की जमीन पर अपनी चालें चलने लगते हैं, तो भारत के लिए तटस्थ रहना और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। रक्षा विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि भारत को अपनी खुफिया एजेंसियों (RAW और IB) को और अधिक सक्रिय करना होगा ताकि म्यांमार के भीतर चल रही इन गुप्त विदेशी साजिशों की हर गतिविधि की समय रहते सटीक जानकारी मिल सके। यदि भारत इस खतरनाक भू-राजनीतिक चाल से सतर्क नहीं रहता है, तो यह आग हमारे अपने घर की दहलीज तक पहुंच सकती है, जिससे हमारी आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभुत्व को अपूरणीय क्षति पहुँच सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 12:28 pm

Sergio Gor: भारत-अमेरिका रिश्तों पर बोले सर्जियो गोर, ‘ट्रंप की प्राथमिकता में पीएम मोदी’

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों से कई अन्य देश असहज या ईर्ष्यालु हैं।

देशबन्धु 5 Sep 2026 12:23 pm

दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी, UN में मर्केटर मैप के खिलाफ प्रस्ताव पास; अमेरिका ने किया विरोध

इस पहल का उद्देश्य ऐसे विश्व मानचित्र के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, जिसमें देशों और महाद्वीपों का आकार धरती पर उनके वास्तविक क्षेत्रफल के अनुपात के ज्यादा करीब दिखाई दे। प्रस्ताव अफ्रीकी देशों की ओर से आगे बढ़ाया गया।

देशबन्धु 5 Sep 2026 12:13 pm

ट्रंप के मेल-इन वोटिंग प्रतिबंधों पर अमेरिकी अदालत की रोक, जज इंदिरा तलवानी बोलीं- मामला काल्पनिक नहीं

अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और अदालत के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है।

खास खबर 5 Sep 2026 12:13 pm

दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी: संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के साथ खड़ा हुआ भारत; अमेरिका ने जताया विरोध

दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी: संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के साथ खड़ा हुआ भारत; अमेरिका ने जताया विरोध--UNGA Resolution on World Map: India Votes in Favour of More Accurate Global Representation

अमर उजाला 5 Sep 2026 11:49 am

ईरान अमेरिका युद्ध: परमाणु पहाड़ पर ट्रंप करेंगे हमला? जानें क्या है पिकैक्स माउंटेन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को एक बार फिर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान के पिकैक्स माउंटेन पर बहुत जल्द हमला कर सकता है। तो आखिर क्यों ट्रंप के इस पहाड़ से है खतरा

अमर उजाला 5 Sep 2026 11:43 am

भारतीय दवा कंपनी को अमेरिका में 'मोडाफिनिल' बेचने की मिली मंजूरी, जानें किस समस्या के लिए इस्तेमाल होती है दवाई

IQVIA MAT जुलाई 2026 के डेटा से पता चलता है कि अमेरिका में मोडाफिनिल टैबलेट्स की अनुमानित सालाना बिक्री 70.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी।

ज़ी न्यूज़ 5 Sep 2026 11:11 am

ट्रंप ने दोहराया होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा, ईरान के साथ 'पूर्ण युद्ध' को खारिज किया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अमेरिका के टकराव को पूर्ण युद्ध के बजाय रुक-रुक कर होने वाला सैन्य संघर्ष बताया है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर वॉशिंगटन का नियंत्रण है और उसने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है।

खास खबर 5 Sep 2026 10:47 am

निकाह वाले घर पर अमेरिका ने दागी मिसाइल, ईरान से आईं तबाही की दर्दनाक तस्वीरें

ईरान के शहर कुहस्तक में शादी समारोह के दौरान एक घर पर अमेरिकी मिसाइल गिरने की खबर है। हमले के बाद बर्बाद हो चुके घर, मलबे और मृतकों के सामूहिक अंतिम संस्कार की तस्वीरें सामने आई हैं।

खबर इंडिया टीवी 5 Sep 2026 10:04 am

अमेरिका : तूफान लोवेल फिर हुआ ताकतवर, हवाई में इमरजेंसी घोषित

लॉस एंजिल्स, 5 सितंबर . हवाई द्वीप के दक्षिण में कई सौ मील दूर स्थित तूफान लोवेल तेजी से मजबूत हो रहा है, जिसके बाद हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने तूफान के संभावित असर से निपटने की तैयारी के लिए पूरे राज्य में इमरजेंसी घोषित कर दी है. अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर के Friday ... Read more

डेली किरण 5 Sep 2026 9:18 am

डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी: नतांज के पास स्थित पिकैक्स माउंटेन पर बड़े अमेरिकी हमले के संकेत

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज बयान दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका बहुत जल्द ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने 'पिकैक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) पर सटीक और भीषण हमला कर सकता है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका की अंतरिक्ष तकनीक और यूएस स्पेस फोर्स (US Space Force) इस पूरे इलाके पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने दो टूक कहा कि वॉशिंगटन को पिकैक्स माउंटेन और पूरे ईरान में हो रही एक-एक गतिविधि और हर वाहन की आवाजाही की सटीक जानकारी है। ट्रंप ने साफ किया कि यदि हालात और बिगड़े तो अमेरिका वहां बेहद जोरदार प्रहार करेगा।यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में मिसाइल हमलों, ड्रोन टकरावों और फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव चरम पर है। ट्रंप की इस सीधी धमकी ने वैश्विक कूटनीतिक गलियारों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में हड़कंप मचा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ने सीधे तौर पर इस भूमिगत परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया, तो यह अब तक के छिटपुट हमलों से अलग सीधे तौर पर पूर्ण युद्ध की घोषणा साबित हो सकता है।क्या है पिकैक्स माउंटेन? ज़ाग्रोस की पहाड़ियों में 140 मीटर नीचे छुपा ईरान का अभेद्य परमाणु किलाअंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया एजेंसियों में 'पिकैक्स माउंटेन' के नाम से चर्चित यह ठिकाना वास्तव में ईरान के मध्य प्रांत इस्फ़हान (Isfahan) में स्थित है। फारसी भाषा में इस पर्वत को 'कूह-ए-कुलंग' (Kūh-e Kolang) या पूरा नाम 'कुलंग गज़ ला' (Kolang Gaz Lā) कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अनुवाद कुदाल या पिकैक्स पर्वत होता है। आधिकारिक तौर पर ईरान इसे 'शहीद अलीमोहम्मदी परिसर' के नाम से भी पुकारता है। भौगोलिक दृष्टि से यह विशालकाय पहाड़ ईरान के कुख्यात नतांज यूरेनियम संवर्धन संयंत्र से मात्र 1.5 से 2 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और राजधानी तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण की ओर पड़ता है।इस पर्वत की सबसे बड़ी खासियत इसकी भूगर्भीय संरचना है। आसपास की अधिकांश ज़ाग्रोस पर्वतमाला जहां अवसादी (Sedimentary) चट्टानों से बनी है, वहीं पिकैक्स माउंटेन अत्यधिक ठोस, कठोर और घने आग्नेय ग्रेनाइट (Dense Granite) पत्थरों से निर्मित है। यह पर्वत समुद्र तल से लगभग 1,608 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो कि ईरान के फोर्डो (Fordow) परमाणु संयंत्र वाले पहाड़ की तुलना में लगभग दोगुना ऊंचा है। सैटेलाइट विश्लेषणों और भूवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, ईरान ने इस कठोर ग्रेनाइट चट्टान को काटकर पहाड़ के शिखर से 100 से 140 मीटर की अत्यधिक गहराई में दो विशाल भूमिगत सुरंग परिसरों और हॉलों का निर्माण किया है। इस जटिल परिसर तक पहुंचने के लिए पूर्व और पश्चिम दिशाओं में मजबूत कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परतों से ढके भारी-भरकम टनल पोर्टल बनाए गए हैं।2020 के रहस्यमयी धमाके के बाद शुरू हुआ गुप्त निर्माण: नतांज से भी ज्यादा सुरक्षित क्यों है यह ठिकाना?पिकैक्स माउंटेन के निर्माण की कहानी जुलाई 2020 में नतांज में हुए एक बड़े गुप्त विस्फोट से जुड़ी है। 2 जुलाई 2020 को नतांज के मुख्य संवर्धन केंद्र के ठीक ऊपर जमीन पर बनी आधुनिक सेंट्रीफ्यूज असेंबली वर्कशॉप में एक रहस्यमयी तोड़फोड़ (Sabotage) की घटना हुई थी, जिसके पीछे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ माना गया था। इस विस्फोट में ईरान की उन्नत सेंट्रीफ्यूज बनाने वाली वर्कशॉप पूरी तरह नष्ट हो गई थी।इस बड़ी नाकामी के तुरंत बाद, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) के तत्कालीन प्रमुख अली अकबर सालेही ने ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सामने सार्वजनिक ऐलान किया था कि तेहरान अब अपनी आधुनिक सेंट्रीफ्यूज असेंबली यूनिट को किसी भी हवाई हमले या तोड़फोड़ से बचाने के लिए 'पहाड़ों के सीने को चीरकर' उसके भीतर स्थापित करेगा। इसके बाद वर्ष 2020 के अंत में पिकैक्स माउंटेन में भारी ड्रिलिंग और खुदाई का काम शुरू किया गया।ईरान का आधिकारिक रुख हमेशा यही रहा है कि यह जगह केवल हजारों उन्नत सेंट्रीफ्यूज मशीनों (जैसे IR-4 और IR-6) के विनिर्माण और संयोजन (Assembly) के लिए बनाई जा रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को आज तक इस ठिकाने के अंदर जाने और स्वतंत्र रूप से जांच करने की अनुमति नहीं दी गई है। पश्चिमी और इजरायली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि नतांज पर लगातार हुए साइबर हमलों और हवाई हमलों के डर से ईरान ने अपने उच्च-संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) के गुप्त भंडारों और क्रिटिकल सेंट्रीफ्यूज कैस्केड्स को इसी पर्वत की अतल गहराइयों में स्थानांतरित कर दिया है ताकि किसी भी युद्ध की स्थिति में उसका परमाणु हथियार कार्यक्रम जिंदा बच सके।बंकर बस्टर बम भी बेअसर? क्या अमेरिकी GBU-57 भेद पाएगा ग्रेनाइट की यह चट्टानी दीवार?पिकैक्स माउंटेन को लेकर सबसे बड़ा सैन्य और सामरिक सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायुसेना भी इसे पूरी तरह नष्ट कर सकती है? अमेरिकी शस्त्रागार में गैर-परमाणु श्रेणी का सबसे भारी और विनाशकारी बम GBU-57 मैसिव ऑर्डिनेंस पेनेट्रेटर (MOP) है। 30,000 पाउंड (लगभग 14,000 किलोग्राम) वजनी यह जीपीएस-निर्देशित बंकर बस्टर बम विशेष रूप से अमेरिका के बी-2 स्पिरिट (B-2 Spirit) स्टील्थ बॉम्बर्स द्वारा गिराया जाता है।अमेरिकी वायुसेना के परीक्षणों के मुताबिक, GBU-57 लगभग 60 मीटर सामान्य मिट्टी और चट्टान या लगभग 8 मीटर प्रबलित कंक्रीट (Reinforced Concrete) को भेदने में सक्षम है। लेकिन पिकैक्स माउंटेन की मुख्य प्रयोगशालाएं और संवर्धन हॉल 100 से 140 मीटर ठोस ग्रेनाइट के नीचे दबे हुए हैं। सैन्य हथियार विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया का कोई भी पारंपरिक बंकर बस्टर बम अकेले एक झटके में इतनी गहराई पर मौजूद प्राकृतिक ग्रेनाइट की परत को नहीं तोड़ सकता।अमेरिकी सेना के योजनाकारों के पास दूसरा विकल्प 'मल्टी-वेव स्ट्राइक' का हो सकता है, जहां एक ही सटीक निर्देशांक पर लगातार कई बंकर बस्टर गिराकर धीरे-धीरे चट्टान की ऊपरी परतों को हटाया जाए। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी हमले का मुख्य फोकस पर्वत के अंदर बने हॉलों को सीधे उड़ाने के बजाय उसकी जीवन रेखाओं को काटना हो सकता है। पिकैक्स माउंटेन के सुरंग द्वारों (Tunnel Entrances), बाहरी वेंटिलेशन शाफ्टों, बिजली आपूर्ति ग्रिड और नतांज से जोड़ने वाले सुरक्षा कॉरिडोर को भारी हवाई बमबारी से मलबे में तब्दील किया जा सकता है। ऐसा होने पर पहाड़ के अंदर मौजूद वैज्ञानिक और संवेदनशील मशीनें हफ्तों तक मलबे के नीचे दब जाएंगी और पूरा संयंत्र बिना पूरी तरह टूटे भी पूरी तरह निष्क्रिय (Inoperable) हो जाएगा।स्पेस फोर्स और सैटेलाइट की पैनी नजर: यूरेनियम संवर्धन और उन्नत सेंट्रीफ्यूज का खेलडोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में जिस अमेरिकी स्पेस फोर्स और सैटेलाइट सर्विलांस का उल्लेख किया है, वह बेहद महत्वपूर्ण है। अत्याधुनिक कॉमर्शियल और सैन्य जासूसी उपग्रहों जैसे प्लैनेट लैब्स, मैक्सार और पेंटागन के सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) उपग्रहों ने पिकैक्स माउंटेन की हर हलचल को दशकों तक कैमरे में कैद किया है। 2025 और 2026 की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान ने पहाड़ के चारों ओर कई किलोमीटर लंबी दोहरी सुरक्षा दीवारें, कंक्रीट के गश्ती मार्ग और अत्याधुनिक सतह से हवा में मार करने वाली वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियां (Air Defense Systems) तैनात की हैं।खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में भारी ट्रकों के जरिए सैकड़ों कंटेनर इस पर्वत की सुरंगों में ले जाए गए हैं। इजरायली खुफिया सूत्रों का दावा है कि ईरान के 60% तक संवर्धित किए गए लगभग 900 पाउंड यूरेनियम का एक बड़ा हिस्सा इसी पहाड़ के सुरक्षित बंकरों में छिपाया गया हो सकता है। यह यूरेनियम संवर्धन के उस स्तर पर है जहां से इसे कुछ ही हफ्तों में हथियार-ग्रेड (90% शुद्धता) में बदला जा सकता है।यही वजह है कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी (E3 समूह) संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) के जरिए ईरान को सुरक्षा परिषद में भेजने और उस पर नए कड़े वैश्विक प्रतिबंध लगाने का दबाव बना रहे हैं। उधर, ईरान के संसदीय अध्यक्ष के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी और तेहरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने चेतावनी दी है कि पिकैक्स माउंटेन दुनिया का सबसे सुरक्षित परमाणु ढांचा है, और यदि उस पर परिंदा भी पर मारने की कोशिश करेगा तो ईरान पूरे क्षेत्र को 'जहन्नुम' में तब्दील कर देगा।मध्य पूर्व में महायुद्ध का खतरा: होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असरयदि अमेरिका पिकैक्स माउंटेन पर हमला करता है, तो इसका असर केवल ईरान की सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समूची दुनिया को इसकी आर्थिक और सामरिक कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि किसी भी प्रत्यक्ष हमले की स्थिति में वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अवरुद्ध कर सकता है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हालांकि ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगों (Mines) को हटा दिया है और मध्य पूर्व में नई तेल पाइपलाइनों के निर्माण के बाद होर्मुज की निर्भरता कम हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि खाड़ी से तेल का प्रवाह बाधित होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।ऊर्जा संकट गहराने से दुनिया भर के देशों में मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ेगी और शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। इसके साथ ही इराक, सीरिया, यमन और लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित लड़ाके अमेरिकी सैन्य ठिकानों और वाणिज्यिक जहाजों पर आत्मघाती ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले तेज कर सकते हैं।पिकैक्स माउंटेन पर ट्रंप की ताजा चेतावनी ने यह साफ कर दिया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीति की गुंजाइश अब लगभग खत्म हो चुकी है। ग्रेनाइट चट्टानों के नीचे चल रही यह आणविक जंग दुनिया को एक नए और विनाशकारी महायुद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ी कर चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 9:16 am

सऊदी अरब को अमेरिका की सौगात: पांच अरब डॉलर के हथियार सौदे को मंजूरी; JDAM किट-बमों से खाड़ी में बढ़ेगी ताकत?

सऊदी अरब को अमेरिका की सौगात: पांच अरब डॉलर के हथियार सौदे को मंजूरी; JDAM किट-बमों से खाड़ी में बढ़ेगी ताकत?---US Approves Potential $5 Billion Arms Sale to Saudi Arabia Including JDAM Kits and Bombs

अमर उजाला 5 Sep 2026 8:22 am

रूस ने यूक्रेन के सुरक्षा सेवा मुख्यालय पर किया ड्रोन हमला, अमेरिकियों वार्ताकारों के आने से पहले एस्केलेशन

रूस यूक्रेन के बीच युद्ध के करीब 5 साल होने को है। इसी क्रम में शुक्रवार को कीव के बीचोंबीच यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू के मुख्यालय पर रूस का ड्रोन हमला हुआ। इमारत से काला धुआं निकलने लगा। यह जगह सेंट सोफिया कैथेड्रल के ठीक सामने है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर है। क्या […]

पांचजन्य 5 Sep 2026 6:45 am

अमेरिका भेजने के नाम पर ₹40 लाख ठगे:कंबोडिया समेत कई देश घुमाए, 10 महीने रिफ्यूजी कैंप में रहा लुधियाना का युवक

लुधियाना में अमेरिका भेजने के नाम पर एक युवक से 40 लाख रुपए की ठगी हो गई। जमालपुर के सुखदेव नगर निवासी गुरदीप सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसे अमेरिका भेजने का भरोसा देकर एजेंट ने लाखों रुपए ले लिए। इसके बाद उसे कंबोडिया समेत कई देशों में घुमाया गया। वह अमेरिका पहुंचने के बाद करीब 10 महीने तक टेक्सास के एक रिफ्यूजी कैंप में रहा। आखिरकार 25 जून 2025 को उसे डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया। मामले में पुलिस ने एजेंट के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला… जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस, फिर भी नहीं पहुंचा पुलिस ने राकेश कुमार के मोबाइल नंबर पर कई बार नोटिस भेजकर उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उसे 23 अप्रैल, 13 मई, 22 मई, 9 जून और 22 जून 2026 को नोटिस भेजे गए। पुलिस ने फोन के जरिए भी उससे संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि वह बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ। जांच अधिकारी ASI साहिब सिंह ने बताया कि आरोपी राकेश कुमार के खिलाफ थाना जमालपुर में IPC की धारा 420 के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 6:20 am

अमेरिका-ईरान जंग: ट्रंप के तेवरों से हड़कंप, पिकैक्स माउंटेन पर जल्द हमले का जिक्र; होर्मुज में कैसे हालात?

अमेरिका-ईरान जंग: ट्रंप के तेवरों से हड़कंप, पिकैक्स माउंटेन पर जल्द हमले का जिक्र; होर्मुज में कैसे हालात?

अमर उजाला 5 Sep 2026 6:14 am

लीगल वीजा का झांसा देकर ऐंठे 40 लाख, डंकी रूट से भेजा अमेरिका

लुधियाना| अमेरिका भेजने के नाम पर 40 लाख रुपए ठगने के आरोप में जमालपुर थाना पुलिस ने राकेश कुमार उर्फ गोर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उसने पीड़ित को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा दिया, लेकिन अवैध रास्ते से वहां पहुंचा दिया। अमेरिका पहुंचने पर पीड़ित को सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया और बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया। सुखदेव नगर निवासी गुरदीप सिंह (45) ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात राकेश कुमार उर्फ गोर पुत्र धर्मवीर कालिया निवासी खसल, थाना भुलत्थ, जिला कपूरथला से हुई थी। आरोपी ने कानूनी तरीके से अमेरिका का वीजा लगवाकर भेजने का भरोसा देकर उससे करीब 40 लाख रुपए ले लिए। आरोप है कि 17 अगस्त 2023 को आरोपी ने गुरदीप को कानूनी वीजा के बजाय डंकी रूट से अमेरिका भेज दिया। वहां पहुंचने पर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। हिरासत केंद्र में रखने के बाद उसे भारत वापस भेज दिया गया। शिकायत की जांच के बाद जमालपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:30 am

चीन की जासूसी खातिर परमाणु उपकरण लगा रहे थे भारत-अमेरिका:बर्फीले तूफान में दिखा हिम मानव, खतरनाक डिवाइस पहाड़ पर छोड़कर भाग आए; पार्ट-1

जमीन से हजारों फीट ऊपर, बादलों के पार, भारत और अमेरिका मिलकर चीन की जासूसी कर रहे थे। वे 23 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर खतरनाक परमाणु उपकरण छोड़ आए। ऐसा उपकरण, जिसमें नागासाकी को तबाह करने वाले परमाणु बम में इस्तेमाल किए गए प्लूटोनियम का एक-तिहाई हिस्सा मौजूद था। आज कहानी उसी खुफिया मिशन की… 23 जून 1965 की शाम। दिल्ली का पालम हवाई अड्डा, जो अब इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है। रनवे के पास भीड़ जुटी थी। ढोल-नगाड़े बज रहे थे। भीड़ में सबसे आगे खड़े थे देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा। साढ़े चार बजे हवा को चीरता हुआ वायुसेना का डकोटा विमान रनवे पर उतरा। दरवाजा खुला और बाहर निकले 21 जांबाज। यह वही दस्ता था, जो माउंट एवरेस्ट के माथे पर देश का झंडा गाड़कर लौटा था। दुनिया के नक्शे पर ब्रिटेन, अमेरिका और चीन के बाद भारत का नाम दर्ज हो गया था। टीम के अगुवा थे- कैप्टन एमएस कोहली। वह नौसेना में थे, लेकिन जुनून पहाड़ चढ़ने का था। बंटवारे के वक्त पाकिस्तान के हरिपुर से जान बचाकर आए थे। उनकी ट्रेन में सवार एक हजार यात्रियों को दंगाइयों ने मार डाला था। रनवे पर खड़े कोहली के दिमाग में वही पुरानी तस्वीरें घूम रही थीं, तभी गुलजारी लाल ने उन्हें गले लगा लिया। कुछ देर बधाइयों का सिलसिला चला। फिर टीम एग्जिट गेट की तरफ बढ़ने लगी। तभी भारत की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर बलबीर सिंह ने कोहली के कान में धीरे से कहा- ‘विमान के पीछे कोई तुम्हारा इंतजार कर रहा है।’ कोहली पीछे पहुंचे। वहां आरएन काव खड़े थे। चेहरे पर हल्की मुस्कान और पैनी निगाहें। काव तब IB की हवाई खुफिया विंग 'एविएशन रिसर्च सेंटर', यानी ARC के डायरेक्टर थे। काव ने कोहली को गले लगाते हुए कहा- ‘Congratulations Captain.’ कोहली कुछ कहते उससे पहले ही काव बोले- 'एक सीक्रेट ऑपरेशन के लिए आपको अमेरिका जाना है।' अमेरिका! कब और क्यों? काव ने कोहली के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा- ‘अभी दिल्ली मत छोड़ना। जल्द मिलते हैं।’ दो दिन बाद… 25 जून 1965, दिल्ली का एक सेफ हाउस। बंद कमरे में 5 लोग बैठे थे- कैप्टन कोहली, IB प्रमुख बीएन मलिक, ARC डायरेक्टर आरएन काव, अमेरिकी माउंटेनियर बैरी बिशप और अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एक अफसर। बीएन मलिक ने कोहली से कहा, 'चीन परमाणु बम बना चुका है। वह भारत पर मिसाइल हमला कर सकता है। अमेरिका-भारत मिलकर उसकी निगरानी करेंगे।’ कैप्टन कोहली चुप रहे। तभी आरएन काव बोले- ‘हमें हिमालय की एक चोटी पर जासूसी उपकरण लगाना है। आप टीम के फील्ड कमांडर होंगे।' कैप्टन कोहली के मन में कई सवाल थे, लेकिन उन्होंने सहमति में सिर हिला दिया। वे जानते थे कि ना कहने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि दो देशों की सरकारें फैसला कर चुकी हैं। तारीख बदली और वो घड़ी आ गई, जिसका इंतजार कैप्टन कोहली 24 दिनों से कर रहे थे। 19 जुलाई को कोहली और उनके तीन साथियों को एक पैसेंजर विमान से चुपचाप अमेरिका भेज दिया गया। वहां 20 हजार फीट ऊंची मैकिनाले चोटी पर माइनस 30-40 डिग्री तापमान और खतरनाक बर्फीले तूफानों के बीच काम करने की ट्रेनिंग दी गई। फिर प्लूटोनियम से चलने वाले जासूसी डिवाइस को पीठ पर लादकर पहाड़ चढ़ने की प्रैक्टिस कराई जाने लगी। इधर, भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 की जंग छिड़ चुकी थी। अमेरिका इस जंग में तटस्थ था, लेकिन पाकिस्तान खुलकर अमेरिकी पैटन टैंकों और हथियारों का इस्तेमाल कर रहा था। तब वियतनाम जंग में फंसे अमेरिका ने भारत को युद्ध रोकने की धमकी दी और गेहूं की सप्लाई रोक दी, लेकिन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री अड़ गए। हफ्ते में एक दिन के उपवास की घोषणा कर दी। यहीं से ‘जय जवान जय किसान’ का नारा गूंजने लगा। इस सब के बावजूद दोनों देशों का खुफिया मिशन जारी रहा। 28 अगस्त को भारतीय टीम लौट आई। एक सैनिक विमान से अमेरिकी खुफिया अफसर और जासूसी उपकरण भी भारत पहुंचा दिया गया। अमेरिकी टीम उपकरण को दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी 'कंचनजंगा' पर लगाना चाहती थी। कैप्टन कोहली इसके लिए राजी नहीं हुए। लंबी बहस के बाद 'नंदा देवी की टॉप चोटी' को चुना गया। ऊंचाई 25 हजार 645 फीट। यह भारत की सीमा के भीतर थी और चीन की सरहद पर सीधी नजर रखती थी। सीक्रेट मिशन का नाम रखा गया- ‘ऑपरेशन HAT’, यानी High Altitude Training. 18 लोगों की टीम बनी- कैप्टन कोहली समेत 4 भारतीय और 14 अमेरिकी। कोहली को ऑपरेशन का फील्ड कमांडर बनाया गया। 1 सितंबर 1965 की सुबह दिल्ली से काफिला निकला और 3 सितंबर को जोशीमठ पहुंच गया। आगे सड़कें नहीं थीं। करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर नंदा देवी बेस कैंप था। वहीं से पूरा ऑपरेशन चलने वाला था। वहां जाने का रास्ता संकरा, पथरीला और जानलेवा था। पैदल ही चलकर जाना था, वो भी 57 किलो भारी जासूसी उपकरण को लेकर। खुफिया अफसरों ने मोटी रकम देकर लद्दाख के कुछ शेरपाओं और कुलियों को हायर कर लिया। ये वो लोग थे, जिनका जीवन ही पर्वतों पर बीतता है। अब असल मुश्किल इस मिशन की सीक्रेसी थी। सब जानना चाहते थे कि इतनी भारी डिवाइस को नंदा देवी की चोटी पर क्यों ले जाया जा रहा। फिर एक कहानी गढ़ी गई। कहा गया कि अमेरिकी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से होने वाले प्रभाव की स्टडी करने आए हैं। 200 कुलियों और 14 शेरपाओं को जुटाया गया। मशीन को 6 टुकड़ों में बांटा गया, ताकि किसी एक बंदे पर ज्यादा बोझ न पड़े। टीम चल पड़ी। आगे-आगे शेरपा, कुली और पर्वतारोही चल रहे थे, और ठीक पीछे CIA के अफसर और कैप्टन कोहली। 18 सितंबर को टीम नंदा देवी बेस कैंप पहुंच गई। बर्फानी हवाएं इतनी ठंडी थीं कि हर सांस फेफड़ों में सुइयों की तरह चुभती थी। यहां करीब 15 दिन गुजारने थे। भारतीय अफसरों के दिमाग में फिर से मिशन की सीक्रेसी का सवाल कौंधने लगा। इतने अमेरिकी यहां क्या कर रहे हैं? बेस कैंप में रहने वाले कर्मचारियों के बीच कानाफुसी होने लगी थी। अमेरिकी टीम से कहा गया- ‘कम से कम बात करें। हां या ना में जवाब दें।’ पर, इतने से काम चलने वाला था नहीं। खुफिया अफसरों को आइडिया आया- अमेरिकी अफसरों की बॉडी पेंट करने का, लेकिन वे इसके लिए राजी नहीं हुए। अमेरिकी अफसरों को ‘मैन टैन’ नाम से एक लोशन दिया गया। कहा गया कि यह सनबर्न से बचाएगा, लेकिन असल में उनकी गोरी रंगत को ढकने की यह चाल थी। अब तारीख आई 7 अक्टूबर 1965… अमेरिकी वैज्ञानिकों ने उस उपकरण के कंटेनरों का लॉक खोला। अंदर, एक जनरेटर और सात रेडियोएक्टिव प्लूटोनियम कैप्सूल अलग-अलग कांच के सांचों में रखे थे। जनरेटर तीन फीट लंबा और मशरूम के आकार का था। उसके साथ ट्रांसमिशन के लिए एक छाता-नुमा एंटीना और सिग्नल पकड़ने वाले खुफिया राडार जुड़े हुए थे। सातों कैप्सूल को निकालकर जनरेटर में भरा गया। इनमें 4.5 किलो प्लूटोनियम- 238 भरा हुआ था। इन कैप्सूलों का काम था- डिवाइस को सालों तक बिजली सप्लाई करना, यानी बैटरी का काम करना। इस उपकरण को नाम दिया गया- 'स्पेस न्यूक्लियर ऑक्सिलरी पावर' यानी SNAP-19. 8 अक्टूबर की सुबह, टीम चढ़ाई के लिए निकल पड़ी। उस रोज टीम का जोश देखते ही बन रहा था। टीम तेजी से ऊपर चढ़ रही थी, लेकिन तभी पर्वत ने अपना रंग दिखाया। बर्फीली हवाएं दीवार बनकर खड़ी हो गईं। लोग गिरने लगे। फिसलने लगे। कुछ बीमार भी पड़ गए। शाम ढली तो चढ़ाई रोक दी गई। रात 8 बजे का वक्त। एक अफसर तंबू का पर्दा उठाकर अंदर आया। उसके चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं। 'क्या हुआ वांग्याल?' कोहली ने पूछा। उसने अपना भारी-भरकम बैकपैक पटका और घुटनों के बल बैठ गया। हांफते हुए बोला- 'कैप्टन, मैंने ऋषि गंगा के उस पार एक जीव देखा। वह दो पैरों पर सीधा खड़ा था। कम से कम 15 फीट लंबा। काले-भूरे बालों से ढका हुआ।' 'तुमने कैमरा निकाला?' CIA के एक अफसर ने पूछा। उसने हांफते हुए कहा- ‘जैसे ही मैंने बैकपैक उतारना चाहा, वह लंबी छलांग मारकर गायब हो गया।' तंबू में खामोशी छा गई। कोने में बैठे लद्दाखी और तिब्बती शेरपा फुसफुसाने लगे- ‘ये तो पहाड़ी राक्षस है। अगर हमारे रास्ते में आ गया, तो किसी की हड्डी भी नीचे नहीं पहुंचेगी।’ 'क्या तुमने सच में ऐसा जानवर देखा?' कोहली ने पूछा। 'कैप्टन, मेरी आंखों में कोई धुंध नहीं थी। वह जो भी था, बेहद खौफनाक था।' अब कोहली ने CIA के अफसरों की तरफ देखा। वे थोड़ा डरे हुए थे। कोहली ने गहरी सांस ली और वांग्याल के कंधे पर हाथ रखा। 'सुनो सब, वांग्याल जो कह रहे हैं, उस पर शक नहीं है, लेकिन इतनी ऊंचाई पर दूर से किसी आकार का अंदाजा लगाना मुमकिन नहीं है। ये परछाइयों का खेल हो सकता है। पहाड़ी भालू होगा।’ ‘क्या भालू 15 फीट लंबा हो सकता है?' एक शेरपा ने डरते-डरते सवाल किया। ‘पहाड़ में हर साया बड़ा ही दिखता है। हमें अपने मिशन पर डटे रहना है। रात को पहरा बढ़ा दो।’ कोहली ने ये कहकर टीम को हौसला दिया, लेकिन उस रात बेस कैंप में कोई सो नहीं सका। 9 अक्टूबर को टीम और ऊपर बढ़ी। कैंप-3 पर पहुंचते-पहुंचते चट्टानें दिखना बंद हो गईं। सामने 23 हजार 750 फीट ऊंची सूखी बर्फ की दीवार खड़ी थी। खतरा हिमस्खलन का था। बर्फ की एक परत भी खिसकती, तो टीम हजारों फीट गहरी खाई में जा गिरती। शाम के 4 बज रहे थे। तापमान माइनस 30 डिग्री पहुंच चुका था। कोई शेरपा थूकता भी था, तो वह फर्श पर गिरने से पहले बर्फ बन जा रहा था। टीम बर्फ को कुल्हाड़ी से काटकर और चट्टानों में रस्सियां बांधते हुए ऊपर बढ़ रही थी। तभी बर्फीला तूफान आ गया। 100 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हवाएं तंबुओं को उखाड़ने लगीं। कुछ अफसर नीचे की तरफ भाग गए, तो कुछ वहीं डटे रहे। तूफान जारी रहा। दिन-रात गुजरने लगे। भूख खत्म हो चुकी थी, गले सूख गए थे। ऑक्सीजन की कमी से हर सांस के साथ छाती दर्द से फटी जा रही थी। पांचवें दिन 14 अक्टूबर की सुबह तूफान धीमा पड़ा। टीम ने फिर से जोर लगाया और दोपहर होने से पहले कैंप-4 तक पहुंच गई। यहां से नंदा देवी की टॉप चोटी 1895 फीट ऊंचाई पर थी। तभी 16 अक्टूबर को फिर से भयानक तूफान आ गया। बर्फ अफसरों के जांघों तक जमा हो गई। तूफान इतना तेज था कि पास खड़ा आदमी तक दिखाई नहीं दे रहा था। हिमस्खलन का खतरा था। तभी बेस कैंप से कोहली की आवाज गूंजी- ‘उपकरण को वहीं सुरक्षित बांध दो और तुरंत नीचे आ जाओ।’ अफसरों ने उपकरण को बर्फ की एक चट्टान से बांधा और नीचे उतर आए। तय हुआ कि अगले साल गर्मियों में आकर इसे फिर से इंस्टॉल करेंगे। वे एक ऐसा उपकरण छोड़ आए थे, जिसमें 4.5 किलो प्लूटोनियम- 238 भरा था। जो नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम में इस्तेमाल किए गए प्लूटोनियम का एक-तिहाई हिस्से के बराबर था। आगे जो हुआ, वो एक खतरनाक रहस्य बन गया। पूरी कहानी कल यानी रविवार को पार्ट-2 में पढ़िए… रफेरेंस : 1. Nanda Devi: A Journey to the Last Sanctuary : By Hugh Thomson. 2. Spies in the Himalayas: By M.S. Kohli and Kenneth J. Conboy. 3. Nuclear Bomb in Ganga : By RK Yadav

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:01 am

Kanpur News: अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी से एलेनहाउस इंस्टीट्यूट का करार

एलेन हाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम उठाया है।

अमर उजाला 5 Sep 2026 2:12 am

अमेरिकी ग्रीन कार्ड : अब स्पॉन्सर का चेक होगा क्रेडिट स्कोर, USCIS के नए फॉर्म का जानिए भारतीयों के लिए क्या है असली मतलब

अमेरिका में बसने का सपना देख रहे लाखों भारतीयों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली अपडेट सामने आ रही है। अमरीकी नागरिकता और आव्रजन सेवा यानी यूएसएसीआईएस (USCIS) ने ग्रीन कार्ड और परमानेंट रेजिडेंसी से जुड़े नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब ग्रीन कार्ड स्पॉन्सर करने वाले व्यक्ति या परिवार के वित्तीय दस्तावेजों के साथ-साथ उनके क्रेडिट स्कोर और वित्तीय स्थिरता की भी बारीकी से जांच की जाएगी। इस बदलाव का सीधा असर उन हजारों भारतीय परिवारों और प्रोफेशनल्स पर पड़ने वाला है जो अपने किसी परिजन या एम्प्लॉयी के जरिए अमेरिका में ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। आव्रजन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाए गए इस नए फॉर्म और नियमों को लेकर प्रवासी भारतीयों के बीच चिंता और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है, क्योंकि अब स्पॉन्सरशिप की राह उतनी आसान नहीं रह गई है जितनी पहले हुआ करती थी।क्या है USCIS का नया फॉर्म और कैसे काम करेगा स्पॉन्सर के क्रेडिट स्कोर की जांच का नया नियमयूएसएसीआईएस द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों के केंद्र में एफिडेविट ऑफ सपोर्ट (Affidavit of Support) से जुड़ा नया फॉर्म है, जिसके जरिए स्पॉन्सर को अपनी वित्तीय क्षमता का पूरा ब्योरा देना होता है। पारंपरिक तौर पर स्पॉन्सर को सिर्फ अपनी आय का टैक्स रिटर्न दिखाना होता था, लेकिन अब नए प्रावधानों के तहत आव्रजन अधिकारी स्पॉन्सर के क्रेडिट स्कोर, बैंक खातों की स्थिति, मौजूदा कर्ज और अन्य वित्तीय दायित्वों का गहराई से आकलन करेंगे। इसका मतलब यह है कि यदि कोई स्पॉन्सर आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है या उसका क्रेडिट स्कोर खराब चल रहा है, तो वह किसी आवेदक के लिए स्पॉन्सरशिप नहीं कर पाएगा। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि अमेरिका आने वाला नया अप्रवासी कभी भी वहां की सरकारी सहायता या पब्लिक चार्ज (Public Charge) पर निर्भर न हो और अपनी आजीविका खुद चलाने में पूरी तरह से सक्षम हो।भारतीय आवेदकों और टेक प्रोफेशनल्स के लिए इस बदलाव के क्या हैं गहरे मायनेअमेरिका में वर्क वीजा यानी एच-1बी (H-1B) पर काम कर रहे लाखों भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता पहले से ही काफी लंबा और पेचीदा रहा है। ऐसे में फैमिली-बेस्ड या एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड स्पॉन्सरशिप के नियमों का कड़ा होना भारतीयों के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है। कई बार परिवार के सदस्य जब अपने माता-पिता या भाई-बहनों को अमेरिका बुलाने के लिए स्पॉन्सर करते हैं, तो उन्हें इस नए वित्तीय कड़े मानदंड से गुजरना होगा। जानकारों का मानना है कि इस बदलाव के बाद अब कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है, और जरा सी भी वित्तीय चूक होने पर आवेदन को सीधे खारिज किया जा सकता है। इसलिए जो भारतीय परिवार या पेशेवर आने वाले दिनों में ग्रीन कार्ड के लिए फाइल करने की सोच रहे हैं, उन्हें अपने स्पॉन्सर के वित्तीय रिकॉर्ड और क्रेडिट हिस्ट्री को पहले से ही दुरुस्त और मजबूत रखना बेहद जरूरी हो गया है।भविष्य की आव्रजन नीतियां और ग्रीन कार्ड चाहने वालों के लिए जरूरी सलाहअमेरिकी आव्रजन प्रणाली में हो रहे ये लगातार बदलाव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आने वाले समय में ग्रीन कार्ड पाना और अधिक कठिन और अनुशासित होने जा रहा है। अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए हर साल नियमों में फेरबदल किए जाते हैं ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न पड़े। ऐसे में भारतीय अप्रवासियों और छात्रों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कागजी कार्रवाई को शुरू करने से पहले इमीग्रेशन वकीलों या विशेषज्ञों से पूरी सलाह जरूर लें। नए फॉर्म भरते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि स्पॉन्सर की आय संघीय गरीबी रेखा (Federal Poverty Guidelines) से काफी ऊपर हो और उनका क्रेडिट इतिहास बिल्कुल साफ-सुथरा हो। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर सही कदम उठाकर ही इस नई प्रशासनिक चुनौती से पार पाया जा सकता है और अमेरिका में स्थायी कानूनी निवास का सपना साकार किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Sep 2026 2:07 pm

अमेरिका में पढ़ाई का सपना होगा पूरा: बिना एक भी पैसा खर्च किए फ्री में पाएं डिग्री, ट्यूशन फीस से लेकर रहने-खाने का पूरा खर्च फ्री

विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना हर उस छात्र की आंखों में पलता है जो अपनी मेहनत के दम पर करियर में ऊंची उड़ान भरना चाहता है। जब दुनिया भर के बेहतरीन विश्वविद्यालयों की बात आती है, तो अमेरिका का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटीज और शानदार करियर ग्रोथ की वजह से अमेरिका भारतीय छात्रों के बीच हमेशा से पहली पसंद रहा है। हालांकि, वहां की महंगी यूनिवर्सिटी फीस, ट्यूशन कॉस्ट और रहने-खाने का भारी खर्च कई बार मेधावी छात्रों के सपनों की राह में एक बड़ा रोड़ा बन जाता है। वित्तीय तंगी के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका जाने का विचार छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में ऐसी कई प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स और फेलोशिप प्रोग्राम्स मौजूद हैं, जो छात्रों के ट्यूशन फीस से लेकर उनके रहने, खाने और यहाँ तक कि हेल्थ इंश्योरेंस तक का पूरा खर्च खुद उठाती हैं? इन स्कॉलरशिप्स के जरिए आप बिना किसी आर्थिक तनाव के अमेरिकी धरती पर अपने सपनों की डिग्री हासिल कर सकते हैं।अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में मिलने वाली फुल-ब्राइट और अन्य प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स के बारे में जानेंअमेरिका में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप (Fulbright-Nehru Fellowships) एक ऐसा नाम है जो भारत में बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित है। अमेरिकी सरकार और भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से दी जाने वाली यह स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो मास्टर या पीएचडी करने अमेरिका जाना चाहते हैं। इसके तहत छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस माफ होने के साथ-साथ मासिक वजीफा, आने-जाने का हवाई किराया और स्वास्थ्य बीमा का पूरा खर्च कवर किया जाता है। इसके अलावा ह्यूबर्ट हम्फ्री फेलोशिप प्रोग्राम (Hubert Humphrey Fellowship Program) जैसे विकल्प भी मौजूद हैं, जो अनुभवी प्रोफेशनल्स को अमेरिका में नॉन-डिग्री स्टडी और लीडरशिप ट्रेनिंग का मौका देते हैं। इन स्कॉलरशिप्स को हासिल करने के लिए छात्रों को एक निश्चित चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू और अपने एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर खरा उतरना होता है, जिसके बाद उनके विदेश में पढ़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाता है।यूनिवर्सिटी-बेस्ड फाइनेंशियल असिस्टेंस और फुल-राइड स्कॉलरशिप्स का कैसे उठाएं लाभकेवल सरकारी या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं ही नहीं, बल्कि अमेरिका के अधिकांश प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी अपने यहां आने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को मेरिट और जरूरत के आधार पर फुल-राइड स्कॉलरशिप्स प्रदान करते हैं। हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और येल जैसी दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज की वित्तीय सहायता नीतियां बहुत मजबूत हैं। अगर आपका एकेडमिक रिकॉर्ड शानदार है और आपके पास बेहतरीन एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज का रिकॉर्ड है, तो ये यूनिवर्सिटीज आपकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति दे सकती हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर ही मिलने वाली ग्रेजुएट रिसर्च असिस्टेंटशिप (GRA) या टीचिंग असिस्टेंटशिप (TA) के जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अच्छी खासी कमाई भी कर सकते हैं, जिससे उनका रहने-खाने का खर्च आसानी से निकल जाता है। इन अवसरों के बारे में सही समय पर जानकारी जुटाकर समय से आवेदन करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और अमेरिका में फ्री एजुकेशन पाने के लिए स्मार्ट टिप्सअमेरिका में बिना पैसे की टेंशन के पढ़ाई करने का यह सुनहरा अवसर पाने के लिए छात्रों को अपनी तैयारी बहुत पहले से शुरू करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया के दौरान आपको अपने एकेडमिक ट्रांसक्रिप्ट्स, एसओपी यानी स्टेटमेंट ऑफ पर्पस, प्रोफेसरों से मिलने वाले रिकमेंडेशन लेटर्स और आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) जैसे इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट के स्कोर कार्ड तैयार रखने होते हैं। अधिकांश स्कॉलरशिप्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया साल में एक निश्चित समय पर खुलती है, इसलिए यूनिवर्सिटीज की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर डेडलाइन पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी है। अपनी प्रोफाइल को मजबूत बनाने के लिए इंटर्नशिप, रिसर्च पेपर पब्लिकेशन और नेतृत्व क्षमता से जुड़े अनुभवों को अपने आवेदन में जरूर शामिल करें। थोड़ी सी मेहनत, सही दिशा में की गई रिसर्च और समय पर किए गए आवेदन आपको बिना किसी वित्तीय बोझ के अमेरिका की बेहतरीन शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बना सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Sep 2026 2:02 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बड़ा दावा, कहा-हम यूरोप को बचा रहे हैं...

इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यूरोप को लेकर बड़ा दावा किया है। खबरों के अनुसार, एक ब्रिटिश पत्रकार से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ब्रिटेन को कथित ईरानी परमाणु खतरे से बचा रहा है। उन्होंने इस दौरान ब्रिटिश पत्रकार से कहा कि मैं आपके देश को भी इस खतरे से बचा रहा हूं। अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो वे अमेरिका के मुकाबले यूरोप में इसका इस्तेमाल करने के लिए अधिक तत्पर होते, क्योंकि उनके पास यूरोप तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता मौजूद है। आपको बता दें कि इससे पहले गत वर्ष मार्च में अमेरिकी खुफिया समुदाय ने दावा किया था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और उसके नेतृत्व ने 2003 में निलंबित किए गए परमाणु हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। गौतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से जंग छिड़ चुकी है। PC:deccanchronicle अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

समाचार जगत 4 Sep 2026 1:20 pm

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:35 am

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:04 am

मस्क की 'साइबरकैब' में नहीं होगा स्टीयरिंग: फिर कैसे रुकेगी गाड़ी? अमेरिका में शुरू हुई नई सेवा

मस्क की 'साइबरकैब' में नहीं होगा स्टीयरिंग: फिर कैसे रुकेगी गाड़ी? अमेरिका में शुरू हुई नई सेवा

अमर उजाला 4 Sep 2026 5:03 am

Kangra News: अमेरिका से गठोता पहुंची अनूप कुमार की पार्थिव देह

उलेहड़ियां पंचायत के गठोता गांव निवासी एवं पब्लिक मॉडल स्कूल परिवार से जुड़े अनूप कुमार (40) पुत्र कैप्टन तारा सिंह का अमेरिका में बीमारी के चलते निधन हो गया था।

अमर उजाला 4 Sep 2026 2:07 am

Shamli News: यूरोप, अमेरिका, कनाडा और स्विट्जरलैंड में मिल रही गोगी गिरोह के गुर्गाें की लोकेशन

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में गोगी गिरोह के विदेश में बैठे गुर्गे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं।

अमर उजाला 4 Sep 2026 1:44 am

अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...

आज तक 3 Sep 2026 5:44 pm

1984 की झूठी कहानी पर शिकंजा: अमेरिका में फर्जी राजनीतिक शरण लेने वालों की मुश्किलें बढ़ेंगी, होगी जांच

अमेरिका में 1984 के दंगों और पंजाब के आतंकवाद के दौर में उत्पीड़न की कथित कहानियां गढ़कर राजनीतिक शरण लेने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 10:20 am

टैक्सी चालक गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द: दुष्कर्म और अपहरण का था दोषी, अपराध छिपाना पड़ा भारी

अमेरिका की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत ने भारतीय मूल के नागरिक गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया है।

अमर उजाला 3 Sep 2026 9:11 am

अमेरिका, चीन और इजरायल आगे, लेकिन भारत भी बन सकता है वैश्विक एआई पावर: एलेक्स कार्प

चैपल हिल (नॉर्थ कैरोलिना), 3 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स कंपनी पैलेंटिर टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलेक्स कार्प ने कहा है कि भारत एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने इसके लिए देश की तकनीकी प्रतिभा, ऊर्जा क्षेत्र में की गई पहल और उन्नत एआई मॉडल विकसित करने की क्षमता को प्रमुख कारण बताया।

समाचार नामा 3 Sep 2026 8:29 am

मानसा DC कार्यालय के बाहर किसानों का हल्ला बोल:केंद्र-पंजाब सरकार के खिलाफ की नारेबाजी; भारत-अमेरिका ट्रेड डील का किया विरोध

मानसा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी है। किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकारें किसान विरोधी कानून ला रही हैं, जिनका वे विरोध कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने पंजाब भर के जिला मुख्यालयों पर किसानों की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने शुरू किए हैं। मानसा में जिला प्रधान राम सिंह भैणी बागा, महिंदर सिंह रोमाणा, कुलदीप सिंह कोर वाला, जगसीत सिंह जवाहरके और मेजर सिंह गोबिंदपुरा जैसे किसान नेता प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। वे केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की भारत-अमेरिका डील का भी विरोध किया। उनका कहना है कि इस डील से देश के किसानों, व्यापारियों और मजदूरों को नुकसान होगा। पंजाब सरकार द्वारा किसानों की जमीनों की मैपिंग और लैंड पूलिंग नीति लाने का भी लगातार विरोध किया जा रहा है। 13 मांगों को लेकर चल रहा प्रदर्शन किसान नेताओं ने बताया कि देश के किसान और मजदूर कर्ज के बोझ तले दबे हैं। उनका पूरा कर्ज माफ किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकारें बड़े घरानों के कर्ज माफ कर रही हैं, जबकि छोटे किसानों और मजदूरों के घरों पर ताले लगाए जा रहे हैं। किसान नेताओं ने साफ किया कि पंजाब भर में चल रहे इन धरनों में किसानों की 13 मुख्य मांगें केंद्र और पंजाब सरकार से जुड़ी हैं। जब तक सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती, तब तक ये धरने जारी रहेंगे।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 3:30 pm

अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना

अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.

आज तक 2 Sep 2026 11:12 am

'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत

हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.

आज तक 2 Sep 2026 8:46 am

जन्माष्टमी-कान्हा की पोशाक की अमेरिका-रूस तक डिमांड:सबसे महंगी ड्रेस 20 हजार की, 3 हजार हिंदू-मुस्लिम कारीगर मिलकर बना रहे

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। कान्हा के 5253वें जन्मोत्सव को खास बनाने के लिए मथुरा-वृंदावन के बाजार सजकर तैयार हैं। जन्माष्टमी से पहले लड्डू गोपाल की पोशाक, मुकुट और अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। ब्रज में तैयार होने वाले कान्हा के श्रृंगार की मांग सिर्फ देश तक सीमित नहीं है। अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, जर्मनी, रूस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में भी यहां तैयार होने वाली पोशाक और श्रृंगार सामग्री भेजी जाती है। इस बार जन्माष्टमी के आसपास इससे करीब 1,500 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। कान्हा के श्रृंगार को तैयार करने में ब्रज के करीब 3 हजार हिंदू-मुस्लिम कारीगर दिन-रात जुटे हैं। कारीगर लड्डू गोपाल की अलग-अलग डिजाइन और आकार की पोशाक, मुकुट और अन्य श्रृंगार सामग्री तैयार कर रहे हैं। इनकी कीमत 10 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक है। 3 तस्वीरें देखिए- छोटी जरी की पोशाक बनाने में 8 घंटे तक लग रहे पोशाक व्यापारी शुभम गुप्ता ने बताया कि मथुरा-वृंदावन की गलियों में पोशाक, मुकुट और ठाकुरजी के श्रृंगार का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। यहां छोटे-बड़े करीब 300 कारखाने हैं। इनमें 3 हजार से ज्यादा कारीगर दिन-रात पोशाक और श्रृंगार का सामान तैयार कर रहे हैं। कारीगरों के मुताबिक, छोटी जरी की पोशाक तैयार करने में भी करीब 8 घंटे लग जाते हैं। इसमें ज्यादातर बारीक काम हाथ से किया जाता है। जन्माष्टमी नजदीक आते ही पोशाक और श्रृंगार के सामान की मांग बढ़ जाती है। कारोबारियों को करीब दो महीने पहले से ही ऑर्डर मिलने शुरू हो जाते हैं। पोशाक के साथ ठाकुरजी के मुकुट, गले के हार, पायजेब, बगलबंदी, चूड़ियां और कानों के कुंडल भी तैयार किए जा रहे हैं। अलग-अलग साइज और डिजाइन में उपलब्ध इन सामानों की भक्त जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इंग्लैंड, जापान और जर्मनी से भी पोशाक के ऑर्डर आए ब्रज की खासियत यह भी है कि ठाकुरजी की पोशाक तैयार करने में हिंदू और मुस्लिम कारीगर साथ मिलकर काम करते हैं। दोनों समुदायों के कारीगर महीन कढ़ाई और जरी का काम करते हैं। जन्माष्टमी से पहले यह काम आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है। कारीगर कान्हा के लिए अलग-अलग डिजाइन और रंगों में आकर्षक पोशाक तैयार कर रहे हैं। इस बार अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, जर्मनी, रूस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से पोशाक के ऑर्डर मिले हैं। 'राधा' नाम वाली पोशाक सबसे ज्यादा पसंद बाजार में लड्डू गोपाल के लिए कई डिजाइन और रंगों की पोशाक हैं। इस बार 'राधा' नाम लिखी पोशाक की सबसे ज्यादा डिमांड है। अलग-अलग साइज में इन पोशाकों पर राधा नाम के साथ राधा-कृष्ण के छोटे-छोटे चित्र भी लगाए गए हैं। इसके अलावा श्रीनाथजी की छवि वाली पोशाक भी भक्तों को पसंद आ रही है। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को आमतौर पर पीले रंग की पोशाक पहनाने की परंपरा है, जबकि राधारानी के लिए मोरपंखी रंग की पोशाक पसंद की जा रही है। 10 रुपए से शुरू, 20 हजार तक कीमत पहुंची पोशाक व्यापारी शुभम गुप्ता ने बताया- इस बार पोशाक की मांग पिछले वर्षों की तुलना में अच्छी है। बाजार में 10 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक की पोशाक हैं। पोशाक का साइज, डिजाइन और उस पर किए गए काम के हिसाब से कीमत तय होती है। मशीन से तैयार पोशाक कुछ सस्ती हैं, जबकि हाथ से जरी और कढ़ाई वाली पोशाक की कीमत ज्यादा है। भक्त अपनी पसंद और बजट के हिसाब से लड्डू गोपाल के लिए पोशाक खरीद रहे हैं। पालने में झूलेंगे लाला, 100 से 5 हजार तक कीमत जन्माष्टमी पर कान्हा के जन्म के बाद उन्हें पालने में झुलाने की परंपरा है। यही वजह है कि बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के पालने भी खूब बिक रहे हैं। खस, कपड़े और फूलों से तैयार पालनों के साथ गोल और चौकोर डिजाइन के पालने भी हैं। इनकी कीमत 100 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक है। इसके अलावा लकड़ी के खिलौने और भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाने के लिए खास तरह की हांडियां भी बाजार में हैं। इससे जन्माष्टमी से पहले मथुरा के बाजारों में कान्हा के श्रृंगार और जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर रौनक बढ़ गई है। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में तेज बारिश, सड़कें डूबीं: चित्रकूट में मंदाकिनी फिर उफनाई, SP अनाउंस कर रहे- घर-दुकान बंद करके जाइए यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत 35 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लखनऊ में दोपहर 2 बजे अचानक अंधेरा छा गया। फिर तेज बारिश शुरू हो गई। कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:41 am

Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz

अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 11:52 pm

गुरुग्राम में फर्जी Apple कस्टमर सर्विस सेंटर का भंडाफोड़:पुलिस ने 11 आरोपियों को पकड़ा, अमेरिकी नागरिकों से ठगी करते थे

गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने फर्जी Apple कस्टमर सर्विस के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी गुरुग्राम के पालम विहार स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 9 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 2 हेडफोन/माइक, 2 कार, 1 बाइक और 1 स्कूटी बरामद की है। पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम की टीम को जानकारी मिली थी कि प्लॉट नंबर 1208, जे ब्लॉक, पालम विहार में बिना इजाजत फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। इस दौरान आरोपी लैपटॉप, मोबाइल फोन और हेडफोन/माइक के जरिए X-Lite Dialler और Apple FaceTime पर अंग्रेजी भाषा में विदेशी नागरिकों से बात करते हुए मिले। पुलिस ने मौके से सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम प्रितपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, मनीष, शाहरुख अंसारी, संजीव पाण्डे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी, वरुण गौतम और नीरज हैं। पुलिस के अनुसार, प्रितपाल सिंह कॉल सेंटर में टीम लीडर के तौर पर काम करता था। वायरस या तकनीकी समस्या का झांसा देते आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब 2 से 3 महीने पहले मकान किराए पर लेकर यह कॉल सेंटर शुरू किया था। कॉल करने वालों को कमीशन के आधार पर रखा गया था, जबकि सेंटर का संचालन कोई और व्यक्ति कर रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों को Apple कस्टमर सर्विस का कर्मचारी बनकर कॉल करते थे। वे मोबाइल में वायरस या तकनीकी समस्या होने का झांसा देकर उन्हें फर्जी वर्चुअल टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने को कहते थे। 10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक ठगते थे इसके बाद फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के फर्जी पत्र का डर दिखाकर समस्या के समाधान के नाम पर उनसे 10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक की रकम ठगते थे। ठगी की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के साथ-साथ गिफ्ट वाउचर और कार्ड के नंबर भी हासिल किए जाते थे। मामले में साइबर अपराध पश्चिम थाने में BNS की धारा 318(4), 319, 61(2) तथा IT Act की धारा 43, 66D, 72 और 75 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े अन्य लोगों और ठगी से जुड़े बैंक खातों की भी जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 7:51 pm

Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 7:32 pm

फर्जी एपल कस्टमर सर्विस देने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों से ठगी, गुरुग्राम पुलिस ने 11 लोगों को किया गिरफ्तार

गुरुग्राम साइबर पुलिस ने पालम विहार में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को एपल कस्टमर सर्विस के नाम पर ठग रहा था। पुलिस ने 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

जागरण 1 Sep 2026 6:35 pm

मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा: भारतीय चिंतन की सार्थक प्रस्तुति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की अगस्त 2026 की अमेरिका यात्रा को केवल प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम तक सीमित करके देखना उसके व्यापक अर्थ को छोटा करना होगा। न्यूयार्क में 29 अगस्त को आयोजित ‘एक विश्व, एक मानवता’ कार्यक्रम में उनका संबोधन ऐसे समय हुआ, जब संघ को लेकर भारत ही नहीं, विदेशों में भी अनेक धारणाएं, आरोप और पूर्वाग्रह सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे वातावरण में भागवत ने जिस प्रकार विविधता, संवाद, सेवा, सह-अस्तित्व और मानवीय एकात्मता को केंद्र में रखा, उसने संघ की विचारधारा को उसके समर्थकों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक समाज के सामने भी एक अलग दृष्टि से प्रस्तुत किया। यह यात्रा इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है और उसके विचार अब भारत की सीमाओं से बाहर भी व्यापक चर्चा का विषय बन रहे हैं। भागवत का अमेरिका जाना वस्तुतः संघ के विचार को प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से समझाने का अवसर बना। संघ के बारे में भारत में लंबे समय से दो विपरीत धारणाएं दिखाई देती रही हैं। एक पक्ष उसे भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभावना, सेवा और सामाजिक संगठन की विराट शक्ति मानता है, जबकि दूसरा पक्ष उसके विचारों को संकीर्ण धार्मिक राजनीति से जोड़कर देखता है। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने समय-समय पर संघ और उसके विचारों पर गंभीर राजनीतिक प्रश्न उठाए हैं। अमेरिका में भी कार्यक्रम से पहले कुछ संगठनों और राजनीतिक व्यक्तियों ने भागवत की यात्रा और संघ की विचारधारा पर आपत्तियां व्यक्त कीं। ऐसे माहौल में किसी संस्था की वास्तविक छवि केवल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं बनती, वह संवाद से बनती है। यही इस यात्रा का सबसे बड़ा महत्व है। भागवत ने अपने विचार विरोधियों पर आक्रमण करके नहीं, बल्कि भारतीय चिंतन की व्याख्या करके सामने रखे। इससे संघ को लेकर बनी धारणाओं पर बहस का एक नया आधार तैयार हुआ। न्यूयार्क में भागवत के वक्तव्य का सबसे अधिक चर्चित पक्ष उनका हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर स्पष्ट कथन रहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमानों के लिए स्थान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। यह कथन राजनीतिक नारे से अधिक महत्वपूर्ण इसलिए है कि इसमें हिंदुत्व की उनकी व्याख्या को सामाजिक समावेश के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सत्य एक है और उसे समझने तथा व्यक्त करने के मार्ग अलग-अलग हो सकते हैं। भारतीय परंपरा की यही विशेषता है कि वह मतभिन्नता को अस्तित्व के संकट के रूप में नहीं, बल्कि सत्य की विविध अभिव्यक्तियों के रूप में देखने की क्षमता रखती है। यहां एक महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आता है-यदि हिंदुत्व का अर्थ भारत की सांस्कृतिक चेतना है, तो क्या वह किसी समुदाय को भारत से बाहर कर सकता है? भागवत का उत्तर स्पष्ट रूप से नकारात्मक दिखाई देता है। उनका कथन हिंदुत्व की उस व्याख्या को सामने रखता है, जिसमें भारतीयता किसी एक पूजा-पद्धति की बपौती नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Muslims पर Bhagwat के बयान के बाद BJP ने Rajasthan में 8 मुसलमानों को थमाए टिकट, UP में भी दिखेगा बदलाव! भागवत ने अमेरिका में भारत की विविधता को उसकी कमजोरी नहीं, शक्ति बताया। उनके अनुसार विविधता और एकता भारत के स्वभाव में ही अंतर्निहित हैं। भारत में भाषा, जाति, पंथ, पूजा-पद्धति और परंपराओं की असंख्य धाराएं हैं, फिर भी इन्हें एक साझा सभ्यतागत चेतना जोड़ती रही है। यह संदेश आज के विश्व के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। अनेक देशों में धार्मिक पहचान, नस्लीय भेद, सांस्कृतिक असहमति और राजनीतिक ध्रुवीकरण सामाजिक तनाव बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय भारत का अनुभव यह बताता है कि भिन्नताओं को मिटाना आवश्यक नहीं, उन्हें सम्मान देकर भी एकता स्थापित की जा सकती है। यही विचार भागवत के संबोधन को सामान्य राजनीतिक भाषण से ऊपर उठाता है। उनका आग्रह था कि विविधता को स्वीकार ही नहीं, सम्मान और संरक्षण भी मिलना चाहिए। संघ की सार्वजनिक छवि का एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक विमर्श से निर्मित हुआ है, जबकि संघ स्वयं को सामाजिक संगठन और सेवा-आधारित सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। भागवत ने अमेरिका में भी सेवा, सामाजिक समरसता और संवाद को परिवर्तन का आधार बताया। यही वह बिंदु है जहां संघ की छवि को केवल चुनावी राजनीति के चश्मे से देखने की सीमा सामने आती है। किसी संगठन को समझने के लिए उसके राजनीतिक प्रभाव के साथ उसकी सामाजिक गतिविधियों, सेवा-कार्य, संगठनात्मक संस्कृति और वैचारिक आधार को भी देखना आवश्यक है। भागवत की यात्रा ने कम से कम इतना अवसर अवश्य दिया कि संघ को उसके अपने शब्दों और उसके सरसंघचालक की प्रत्यक्ष व्याख्या के आधार पर सुना जाए। अमेरिका में बसे भारतीयों से भागवत ने एक संतुलित संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस देश में वे रह रहे हैं, वह उनकी कर्मभूमि है और वहां के प्रति उनकी निष्ठा तथा दायित्व सर्वोपरि हैं। साथ ही भारत उनकी जन्मभूमि है, जिससे उन्हें मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक संस्कारों की विरासत मिली है। यह दृष्टि प्रवासी भारतीयों के सामने पहचान के संघर्ष के बजाय पहचान के समन्वय का मार्ग रखती है। अपनी जड़ों से जुड़े रहना और जिस समाज में रह रहे हैं उसके प्रति पूर्ण निष्ठा रखना-दोनों एक साथ संभव हैं। यही भारतीय संस्कृति की उदारता है। यह भी तथ्य है कि भागवत के कार्यक्रम का अमेरिका में विरोध हुआ और संघ की विचारधारा को लेकर तीखी आलोचनाएं सामने आईं। लेकिन लोकतांत्रिक समाज में किसी विचार का उत्तर उसे दबाकर नहीं, उसके साथ संवाद करके दिया जाता है। इस दृष्टि से यह यात्रा संघ के लिए भी एक परीक्षा थी। भागवत ने विरोध का उत्तर आक्रामक भाषा में देने के बजाय एकात्मता, मानवता और सह-अस्तित्व की बात की। यही इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। आलोचक उनके शब्दों और संघ के व्यवहार के बीच अंतर का प्रश्न उठा रहे हैं, समर्थक इसे संघ के मूल विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति मान रहे हैं। इस बहस का अंतिम निर्णय समय और व्यवहार करेगा, लेकिन इतना निश्चित है कि बहस अब अधिक प्रत्यक्ष और वैश्विक हो गई है। मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा को संघ की छवि पर वर्षों से चले आ रहे विवाद का अंतिम उत्तर मानना अतिशयोक्ति होगी। किंतु इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ अवश्य कहा जा सकता है। जिन लोगों ने संघ को केवल राजनीतिक आरोपों और विरोधी व्याख्याओं के माध्यम से जाना है, उन्हें पहली बार इतने बड़े वैश्विक मंच पर उसके शीर्ष नेतृत्व की विचार-दृष्टि को सीधे सुनने का अवसर मिला। यह यात्रा संघ के लिए एक उजाला इसलिए बनी है कि इसमें प्रतिरक्षा की भाषा कम और आत्मविश्वास की भाषा अधिक दिखाई दी। इसमें यह कहने का प्रयास था कि भारतीयता किसी के निषेध से नहीं, सबके सम्मान से मजबूत होती है, हिंदुत्व किसी समुदाय के बहिष्कार से नहीं, मानवता की एकात्म दृष्टि से सार्थक होता है और भारत की शक्ति उसकी समानता में नहीं, उसकी विविधताओं के बीच बनी रहने वाली सांस्कृतिक एकता में है। आज विश्व को केवल आर्थिक शक्ति, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति की आवश्यकता नहीं है। उसे ऐसा जीवन-दर्शन भी चाहिए जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ सके। भागवत के अमेरिकी संबोधन में भारत की इसी भूमिका की कल्पना दिखाई दी-एक ऐसा भारत जो अपनी परंपरा के बल पर विश्व को सह-अस्तित्व, संवाद और एकात्मता का रास्ता दिखा सके। मोहन भागवत की यह यात्रा इसलिए स्मरणीय रहेगी कि उसने संघ के बारे में चल रही बहस को भारत की सीमाओं से निकालकर विश्व के सार्वजनिक विमर्श में पहुंचा दिया। अब संघ की पहचान केवल उसके विरोधियों के आरोपों या समर्थकों के दावों से नहीं, बल्कि उसके विचार, उसके व्यवहार और समाज के साथ उसके संवाद से तय होगी। अंततः किसी विचारधारा की सबसे बड़ी शक्ति उसका प्रचार नहीं, उसका आचरण होता है। अमेरिका की धरती से भागवत ने जो संदेश दिया है, उसकी वास्तविक कसौटी भारत की धरती पर सामाजिक समरसता, सेवा, संवाद और सह-अस्तित्व के रूप में दिखाई देगी। यदि यह संदेश व्यवहार में उतरता है, तो यह केवल संघ की छवि को नहीं, भारत की वैश्विक सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाई दे सकता है। - ललित गर्ग लेखक, पत्रकार, स्तंभकार

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 4:33 pm

क्या भारत की तरह अमेरिका में भी है ट्यूशन कल्चर? 

भारत में स्कूल के बाद बच्चों के ट्यूशन जाना बेहद आम है. स्कूल में जो चीजें उन्हें समझ नहीं उसके लिए छात्र अलग से कोचिंग या ट्यूटर की मदद लेते हैं. लेकिन क्या अमेरिका में भी बच्चों के लिए ऐसा ही ट्यूशन कल्चर है? इस सवाल पर इंस्टाग्राम पर ‘Sarika in America’ नाम के अकाउंट से शेयर किए गए एक वीडियो में 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने अनुभव के बारे में बताया.

आज तक 1 Sep 2026 3:48 pm

H-1B वीजा की बंदिशों और अकेलेपन से परेशान दिशा लांबा लौटीं देश, अमेरिका छोड़कर परिवार के पास पहुंचीं गुरुग्राम

भारतीय डेटा साइंटिस्ट दिशा लांबा ने अमेरिका में लाखों का पैकेज और एच-1बी वीजा छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया है। उन्होंने अकेलेपन और एच-1बी वीजा की कड़ी बंदिशों को इस निर्णय का मुख्य कारण बताया है। अब वह गुरुग्राम में परिवार के साथ हैं।

जागरण 1 Sep 2026 2:44 pm

पंजाबी युवक की कनाडा में गोली मारकर हत्या:कैलगरी में हुई फायरिंग, पठानकोट से 3 महीने पहले नौकरी के लिए अमेरिका गया था

पठानकोट के युवक की कनाडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। युवक 3 महीने पहले ही रोजगार की तलाश में अमेरिका गया था। वहां एक स्टोर में काम करता था। वह किसी काम के लिए कनाडा के कैलगरी गया था। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी। मामला कनाडा के कैलगरी स्थित कॉर्नस्टोन बुलेवर्ड के 1100 ब्लॉक का है। मृतक की पहचान हरजस सिंह (24) के रूप में हुई है। पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने के लिए अपीलजैसे ही इसकी सूचना पठानकोट के सुंदर नगर स्थित उसके घर पहुंची, परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने सरकार से मांग की है कि मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाए। फायरिंग की सूचना के बाद पहुंची पुलिसकैलगरी पुलिस की होमिसाइड यूनिट मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को तड़के करीब 12:55 बजे कॉर्नस्टोन बुलेवर्ड एन.ई. के 1100 ब्लॉक में गोलीबारी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। यहां अधिकारियों को युवक मृत अवस्था में मिला। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से मांगी मददपुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी है तो वे 403-266-1234 पर संपर्क करें। इसके अलावा क्राइम स्टॉपर्स के जरिए गुमनाम रूप से भी जानकारी दी जा सकती है। हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 11:05 am

हिमाचल प्रदेश: ईरान-अमेरिका तनाव से Gen Z के मुद्दों तक, कसौली लिट फेस्ट में होगी बेबाक बहस

कसौली क्लब में 23 से 25 अक्तूबर तक 15वां खुशवंत सिंह लिट फेस्ट होगा। ईरान-अमेरिका तनाव, मध्य पूर्व संघर्ष और जेन जी के मुद्दों पर चर्चा होगी।

अमर उजाला 1 Sep 2026 9:42 am

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!

हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।

देशबन्धु 1 Sep 2026 3:21 am

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:59 pm

अमेरिका में CPT को लेकर क्या है ICE का नया मेमो? भारतीय छात्र तुरंत जानें इससे जुड़े सभी कड़े नियम और भविष्य पर पड़ने वाले असर की पूरी सच्चाई

संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) विभाग द्वारा CPT (Curricular Practical Training) को लेकर एक नया नीतिगत मेमो जारी किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है। CPT वह माध्यम है जिसके जरिए अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्र अपनी डिग्री कोर्स के दौरान ही इंटर्नशिप या व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। लेकिन ICE के इस नए मेमो ने इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक कड़ा और पेचीदा बना दिया है, जिससे भारतीय छात्रों के करियर और उनकी कानूनी स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय इस विषय को लेकर लाखों छात्र सर्च कर रहे हैं कि आखिर इस नए बदलाव का उनकी पढ़ाई और जॉब करियर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आइए इस विस्तृत लेख के जरिए अमेरिका में CPT के पूरे गणित को समझते हैं और जानते हैं कि ICE के इस नए मेमो में क्या-क्या खास बातें कही गई हैं।अमेरिका में CPT (कर्रिकलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) असल में क्या है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि CPT क्या है और यह विदेशी छात्रों के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण होता है। जब कोई भारतीय छात्र अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी में हायर एजुकेशन (मास्टर्स या बैचलर्स) के लिए एडमिशन लेता है, तो उसे अपने कोर्स के करिकुलम के हिस्से के रूप में इंटर्नशिप करने की अनुमति दी जाती है, जिसे CPT कहा जाता है। इसके जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान ही अमेरिकी कंपनियों में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं और साथ ही कुछ पैसे भी कमाते हैं। यह विकल्प उन छात्रों के लिए जीवनरेखा की तरह होता है जो अपने खर्चों का एक हिस्सा खुद उठाने और अमेरिकी कॉर्पोरेट कल्चर को नजदीक से समझने की कोशिश करते हैं। पारंपरिक रूप से CPT को F-1 वीजा धारक छात्रों के लिए एक बेहद लचीली और मददगार व्यवस्था माना जाता रहा है, जिसके जरिए वे आगे चलकर OPT (Optional Practical Training) और H-1B वीजा की ओर कदम बढ़ाते हैं।ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने क्यों जारी किया नया मेमो?हाल ही में अमेरिकी एजेंसी ICE द्वारा जारी किए गए नए मेमो ने विदेशी छात्रों की नींद उड़ा दी है। इस मेमो का मुख्य उद्देश्य CPT के नियमों का कथित तौर पर हो रहे दुरुपयोग को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन का यह मानना है कि कुछ छात्र और विश्वविद्यालय CPT नियमों का अनुचित लाभ उठाकर पढ़ाई की आड़ में लंबे समय तक अमेरिका में अवैध रूप से काम करने के रास्ते तलाश रहे हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब विश्वविद्यालयों को CPT के अनुमोदन (Approval) के मामले में और अधिक कठोर नियमों का पालन करना होगा। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि CPT सीधे तौर पर छात्र के अकादमिक पाठ्यक्रम और डिग्री की अनिवार्य आवश्यकता से जुड़ा होना चाहिए, न कि केवल अंशकालिक नौकरी पाने का एक आसान जरिया। इस प्रशासनिक सख्ती के बाद से छात्रों में इस बात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि क्या उनकी यूनिवर्सिटीज अब आसानी से CPT अप्रूव कर पाएंगी या नहीं।भारतीय छात्रों पर इस नए मेमो का क्या होगा सीधा असर?लोकल ऑप्टिमाइजेशन और अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय के दृष्टिकोण से देखें तो अमेरिका में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय छात्रों के भविष्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका में हर साल हजारों की संख्या में भारतीय छात्र कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और डेटा साइंस जैसे कोर्सेज में दाखिला लेते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने ट्यूशन फीस के कर्ज को चुकाने और अमेरिकी बाजार में फुल-टाइम जॉब पाने के लिए CPT और फिर OPT पर निर्भर रहता है। यदि ICE के नए नियमों के कारण CPT मिलना मुश्किल हो जाता है, या इसके घंटों (Hours) को सीमित कर दिया जाता है, तो भारतीय छात्रों की आर्थिक स्थिति और करियर प्लानिंग बुरी तरह चरमरा सकती है। जानकारों का मानना है कि छात्रों को अब पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने और अपनी यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस (ISO) के संपर्क में रहने की जरूरत है।आधुनिक Generative Engine Optimization और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स का परिदृश्यआधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक, विदेश में शिक्षा, वीजा नियमों में बदलाव और करियर से जुड़ी ऐसी जटिल कानूनी खबरों को छात्र और उनके परिवार सबसे ज्यादा खोजते हैं। आज का डिजिटल युग यह मांग करता है कि किसी भी ग्लोबल पॉलिसी बदलाव को बेहद सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया जाए ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रेडिट (Reddit) और इमिग्रेशन फोरम्स पर इस समय CPT मेमो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जहाँ छात्र अपनी चिंताएं साझा कर रहे हैं। सही और तथ्यात्मक जानकारी समय पर मिलना हर उस छात्र के लिए बेहद जरूरी है जो अमेरिका में अपने सपनों को साकार करने की राह पर है।भारतीय छात्रों को अब किन सावधानियों और नियमों का रखना होगा ध्यान?इस बदलते हुए परिदृश्य में अमेरिका में पढ़ रहे या जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों को कुछ बेहद अहम बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, अपने कोर्स के दौरान लिए जाने वाले CPT का पूरा दस्तावेजीकरण (Documentation) एकदम दुरुस्त रखें और यह सुनिश्चित करें कि आपका एम्प्लॉयर और आपकी यूनिवर्सिटी का कोर्स करिकुलम पूरी तरह से नियमों के दायरे में हो। किसी भी शॉर्टकट या संदिग्ध तरीके से CPT प्राप्त करने से बचें, क्योंकि अमेरिकी आव्रजन विभाग (USCIS और ICE) इस मामले में अब बहुत अधिक आक्रामक हो चुका है। अपनी यूनिवर्सिटी के कानूनी सलाहकारों से समय-समय पर परामर्श लेते रहें ताकि वीजा की स्थिति पर कोई आंच न आए।अमेरिकी शिक्षा और करियर की राह में आने वाली नई चुनौतियाँअंततः, अमेरिका में CPT को लेकर ICE द्वारा जारी किया गया यह मेमो इस बात की चेतावनी है कि अमेरिका में आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नियमों को लेकर प्रशासन अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई करना और वहां टिके रहना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है, इसके लिए उच्च स्तर की शैक्षणिक ईमानदारी और नियमों की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यदि छात्र सही दिशा में योजना बनाकर चलेंगे और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करेंगे, तो वे इन नई बाधाओं को पार करते हुए अपने अमेरिकी सपने को जरूर पूरा कर पाएंगे, बशर्ते हर कदम बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ उठाया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 31 Aug 2026 10:01 am

अमेरिका में इंटर्नशिप और नौकरी का रास्ता मुश्किल, भारतीय छात्रों को ट्रंप का झटका; CPT नियम सख्त

अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी का सपना देख रहे छात्रों के लिए बुरी खबर है। ट्रंप सरकार ने CPT इंटर्नशिप नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 29 Aug 2026 4:02 pm

जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी

एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।

जागरण 26 Aug 2026 11:19 pm

बच्चे रात में नहीं चला पाएंगे फेसबुक-इंस्टाग्राम:डेली लिमिट और नाइटटाइम ब्लॉक फीचर लाना होगा, अमेरिकी कोर्ट में मेटा पर ₹1.59 लाख करोड़ का जुर्माना

मेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वॉच टाइम कम करने के लिए डेली लिमिट और नाइट टाइम ब्लॉक जैसे फीचर लाने होंगे। अमेरिका के कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में 29 राज्यों की ओर से दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह निर्देश टेक कंपनी को दिए गए। कंपनी पर बच्चों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लत लगाने, उनकी सुरक्षा पर गुमराह करने और बिना सहमति डेटा जुटाने के आरोप थे। मेटा बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ के मामले को खत्म करने के लिए करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। बच्चों का डेटा चुराकर AI को ट्रेन करने का आरोप मेटा पर अमेरिका के राज्यों, स्कूलों और माता-पिता ने युवाओं में मानसिक तनाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कराए हैं। कंपनी ने माता-पिता को बिना बताए या उनकी मंजूरी लिए बिना बच्चों का पर्सनल डेटा जुटाया और उसका इस्तेमाल अपने मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई (AI) मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए किया। मेटा बोला- सोशल मीडिया की लत कोई बीमारी नहीं मेटा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। कंपनी का कहना था कि उसने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। मेटा ने कोर्ट में तर्क दिया कि वो यूजर्स को गुमराह नहीं कर रही है, क्योंकि 'सोशल मीडिया की लत' कोई मान्यता प्राप्त मानसिक बीमारी नहीं है। इस मामले में अमेरिका के राज्य मेटा से भारी-भरकम जुर्माने की मांग कर रहे थे। कोर्ट फाइलिंग के मुताबिक, कैलिफोर्निया और कोलोराडो जैसे राज्य मेटा पर करीब 133.48 लाख करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाने की मांग कर रहे थे। हालांकि, राज्यों ने बाद में इस राशि को 19.07 लाख करोड़ रुपए के करीब बताया था। जुर्माने के अलावा राज्यों ने मुआवजे और बच्चों के नए अकाउंट बनाने पर पूरी तरह रोक लगाने की भी मांग की थी। एल्गोरिदम कैसे बनाता है लत? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम इस तरह बनाया जाता है कि यूजर ज्यादा से ज्यादा समय तक एप पर बना रहे और यही धीरे-धीरे लत में बदल जाता है। इसे कई रिसर्च और रिपोर्ट्स ने भी साबित किया है। इन टेक कंपनियों पर भी चल रहे हैं मुकदमे मेटा के अलावा स्नैपचैट, यूट्यूब (अल्फाबेट) और टिकटॉक (बाइटडांस) भी कई अदालतों में हजारों मुकदमों का सामना कर रही हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अपने एप्स में ऐसे फीचर्स जोड़े जो बच्चों और युवाओं को लत लगा रहे हैं। न्यू मेक्सिको और अन्य मामलों में मेटा की हार यह 1.59 लाख करोड़ रुपए का समझौता ऐसे समय में आया है, जब मेटा हाल ही में न्यू मेक्सिको राज्य में दायर एक लैंडमार्क मुकदमे के दोनों फेज में हार चुका है… इसके अलावा, मार्च में ही किसी व्यक्ति की याचिका पर आया पहला फैसला भी मेटा और गूगल के खिलाफ रहा। लॉस एंजिल्स की जूरी ने वादी कैली जीएम को डिप्रेशन और एंग्जाइटी के लिए इन कंपनियों को जिम्मेदार माना और संयुक्त रूप से 6 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया। मेटा और गूगल ने इन फैसलों के खिलाफ अपील करने की बात कही है। फेडरल कोर्ट में सुनवाई के लिए तय पहले मामले में मेटा, स्नैप, अल्फाबेट और बाइटडांस- इन चारों कंपनियों ने समझौता कर लिया था। केंटकी के ब्रेथिट काउंटी स्कूल डिस्ट्रिक्ट द्वारा दायर इस केस में आरोप था कि ये एप्स छात्रों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके तहत स्कूल जिले को संयुक्त रूप से 27 मिलियन डॉलर मिलने तय हुए थे।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 7:36 pm

Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War

इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 8:17 pm

US Education: अमेरिका में भारतीय छात्रों के UG एडमिशन में गिरावट, 15% कम हुए दाखिले; क्या है इसकी वजह? जानें

Indian Students in US: अमेरिका में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। 2025-26 में पिछले साल के मुकाबले दाखिलों में 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

अमर उजाला 25 Aug 2026 11:59 am

एस्प्रेसो से अमेरिकानो तक, जानें कैफे में मिलने वाली 5 ब्लैक कॉफी का स्वाद, ऑर्डर करना होगा आसान

किसी कैफे में जाकर अलग-अलग तरह की कॉफी को देखकर आप भी कंफ्यूज हो जाते हैं तो आपकी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हम यहां कैफे में मिलने वाली कुछ मुख्य ब्लैक कॉफी का स्वाद बता रहे हैं। जिसे जानने के बाद अगली बार ऑर्डर देना आसान हो जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Aug 2026 1:30 pm

Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Aug 2026 3:53 pm

Career Tips: क्या अमेरिका में पहले साल कर सकते हैं Part-Time Job? भारतीय छात्र समझें USCIS गाइडलाइन्स

अमेरिका के फॉल इनटेक में एडमिशन ले चुके अधिकतर भारतीय छात्रों के मन में एक ही सवाल उठता है- क्या वह पहुंचते ही पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। अमेरिका में फीस और रहने-खाने के खर्च को देखते हुए छात्रों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि टॉप यूनिवर्सिटीज की सालाना फीस और रहने खाने का खर्चा करीब 50 से 60 लाख रुपए तक होता है। वहीं पूरी पढ़ाई का खर्च 1.5 करोड़ तक पहुंच जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अमेरिका के F-1 स्टूडेंट वीज पर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पार्ट टाइम जॉब के नियम बेहद सख्त हैं। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यहां तक कि डिपोर्टेशन तक का समय आ सकता है। ऐसे में हम इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय स्टूडेंट्स फर्स्ट सेमेस्टर में पार्ट-टाइम नौकरी कर सकते हैं और इसको लेकर क्या नियम हैं। इसे भी पढ़ें: क्या 40 की उम्र में संभव है LLB? BCI के नए नियमों के तहत Age Limit और Career Switch पर एक विशेष रिपोर्ट फर्स्ट ईयर में जॉब कर सकते हैं या नहीं USICS के नियमों क मुताबिक F-1 वीजा पर पहले पूरे अकेडमिक ईयर तक आप कैंपस के बाहर कोई नौकरी नहीं कर सकते हैं। USICS के नियमों में फर्स्ट सेमेस्टर वाले स्टूडेंट्स के लिए कोई खास छूट नहीं दी गई है। कैंपस के बाहर किसी भी स्थिति में जॉब नहीं करना है। फर्स्ट ईयर छात्रों के पास ऑन कैंपस जॉब का ऑप्शन जरूर है। छात्र कैंपस के अंदर आराम से पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं। फर्स्ट सेमेस्टर में क्या करें अच्छी खबर यह है कि ऑन कैंपस जॉब के लिए आपको USCIS से अलग इजाजत लेने की जरूरत नहीं होती है। इसको आपको फर्स्ट सेमेस्टर से ही शुरूकर सकते हैं। जब क्लास चल रही हो, तब आप सप्ताह में 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप फुल टाइम यानी की सप्ताह में 40 घंटे काम कर सकते हैं। ऑन कैंपस जॉब का मतलब है, यूनिवर्सिटी के कैंपस पर होने वाला काम कैफेटेरिया में काम, लाइब्रेरी में असिस्टेंट, यूनिवर्सिटी बुकस्टोर में जॉब, या किसी प्रोफेसर के साथ रिसर्च असिस्टेंटशिप। यह जॉब कुछ मामलों में कैंपस के बाहर भी हो सकता है। बशर्ते वह जगह आपकी यूनिवर्सिटी से एजुकेशनली एफिलिएटेड हो। उसका सीधा संबंध आपकी पढ़ाई या यूनिवर्सिटी से हो। ऑन कैंपस जॉब के लिए क्लास शुरू होने से करीब 30 दिन पहले तक अप्लाई कर सकते हैं। इसलिए अगर आप फॉल इनटेक में अभी पहुंचे हैं। तो जल्द से जल्द अपने कैंपस जॉब पोर्टल या फिर इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप ऑन कैंपस जॉब ढूंढ रहे हैं, या भविष्य में ऑफ-कैंपस काम के बारे में जानना चाहते हों। तो सबसे जरूरी काम है कि अपने DSO से बात करें। DSO आपकी यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के मामलों को संभालने वाला अधिकारी होता है। वह आपको बताएगा कि कौन सी जॉब्स उपलब्ध हैं और आप उनके लिए एलिजिबल हैं या नहीं।

प्रभासाक्षी 20 Aug 2026 5:40 pm

Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 11:40 pm

Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 7:52 pm

शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.

आज तक 17 Aug 2026 8:36 pm

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:25 pm

Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin

Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:31 pm

'IIT से होकर भी यहीं हो?'40 हजार की नौकरी के इंटरव्यू में ताने ने तोड़ दिया था, आज अमेरिका में करोड़ों की कमाई

अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 3:09 pm

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 9:55 am

Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump

तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 8:09 pm

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

अमर उजाला 11 Aug 2026 7:59 am

सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 8:55 pm

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

समाचार नामा 8 Aug 2026 6:10 pm

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

अमर उजाला 8 Aug 2026 9:38 am

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

समाचार नामा 6 Aug 2026 6:00 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:47 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am