मैं स्वयं मुक्तिबोध जी को थोड़ा बहुत जानने का दावा रखता हूं तथा परसाई जी को एक लंबी अवधि तक निकट से जानने का सौभाग्य भी मुझे मिला है।
रणनीतिगत अंतरिक्ष क्षमता निजी क्षेत्र को सौंपना खतरनाक
निजी कंपनियां मुनाफ़ा कमाने के लिए ही होती हैं और भारत चाहता है कि वे सफल हों।
शिक्षा के लिए संघर्ष करता समाज
शिक्षक केवल पाठ पूरा न करे, यह देखे कि बच्चा समझ भी रहा है या नहीं।
नरेला सब सिटी में शुक्रवार से दिल्ली विकास प्राधिकरण लोगों को घर का तोहफा देने की तैयारी की है।
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड का एक मिनट छह सेकेंड का लाइव सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।
विचार: प्रकृति की अनदेखी के दुष्परिणाम
सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देना और उन्हें पूर्व-चेतावनी नेटवर्क से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
जागरण संपादकीय: सबक सिखाने वाली आपदा
भारत को इस दिशा में सक्रिय होना चाहिए कि कैसे चीन, नेपाल, भूटान के सहयोग से एक ऐसे साझा तंत्र का निर्माण हो, जो हिमालय की चोटियों में होने वाले बदलाव की निगरानी में सहायक साबित हो सके।
भारत को 99 साल की लीज पर मिली आजादी? नहीं, वायरल लेटर AI जनरेटेड है
बूम ने पाया कि यह लेटर फर्जी है और इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है. इसमें मौजूद गलतियां भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह कोई वास्तविक आधिकारिक ऐतिहासिक पत्र नहीं है.
दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना, जाने सेहत पर कैसे डालता है असर
नई दिल्ली, आज के समय में लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत बनती जा रही है।
नेपाल आपदा: हिमालय के संकटों के साझा संकेत है भोटेकोशी नेपाल की जलप्रलय
हिमालय में पैदा होने वाला यह जल-संकट किसी एक देश की प्रशासनिक या राजनीतिक सीमाओं को नहीं स्वीकारता। तिब्बत (चीन) के पठार से निकलने वाली नदियां नेपाल, भारत, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश तक के विशाल जनमानस को प्रभावित करती हैं।
भारत बनाम श्रीलंका Live Score: पांचवें दिन का खेल शुरू, नुवंथा और दिनुषा क्रीज पर मौजूद
Live Cricket Score Today IND vs SL 2nd Test Day 5: नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट मैच का आज पांचवां दिन है। भारत ने कोलंबो टेस्ट में शिकंजा कस लिया है। श्रीलंका ने मामूली बढ़त हासिल की है।
आज का राशिफल: कन्या सहित इन चार राशि वालों को मिलेगा बड़ा लाभ, भाग्य रहेगा मजबूत
Horoscope Prediction Today: 27 अगस्त 2026 का आज का राशिफल जानें और देखें मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए करियर, धन, प्रेम और सेहत के लिहाज से दिन कैसा रहेगा।
दूसरा पहलू: क्या पंख होने पर मगरमच्छ भी उड़ सकते हैं
दूसरा पहलू: क्या पंख होने पर मगरमच्छ भी उड़ सकते हैं
जीवन धारा: विचारों की खूबसूरती हमें सुंदर बनाती है
जीवन धारा: विचारों की खूबसूरती हमें सुंदर बनाती है
इस्लामाबाद में पकती नई खिचड़ी: इमरान खान को राहत ने बढ़ाई हलचल, बदलते सियासी समीकरण की आहट
इस्लामाबाद में पकती नई खिचड़ी: इमरान खान को राहत ने बढ़ाई हलचल, बदलते सियासी समीकरण की आहट imran-khan-supreme-court-relief-pakistan-politics-army-us-role-political-deal
एक और चेतावनी: हिमालय में बढ़ते आपदा जोखिम का इशारा है नेपाल की बाढ़ त्रासदी
एक और चेतावनी: हिमालय में बढ़ते आपदा जोखिम का इशारा है नेपाल की बाढ़ त्रासदी nepal-rasuwa-flood-himalayan-disaster-risk-india-china-nepal-alert
Celebrate Raksha Bandhan as occasion of social reform
safety of women as well as care of old parents and depressed People The Festival of Raksha Bandhan can become a powerful day for social reform by pledging to protect women, care for aging parents, and support those facing depression and age relatedhealth and financialproblems . Meaning of the Pledge Traditional Tie:— The sacred thread ... Read more
ललित सुरजन की कलम से स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्गति-1
'केन्द्र सरकार को एक नीतिगत निर्णय लेकर शहरी क्षेत्र में निजी अस्पताल खोलने के लिए बैंक ऋण देने पर पाबंदी लगा देना चाहिए
जन-विरोधी है केंद्र की चीनी नीति, गरीबों के लिए इसे खरीदना मुश्किल
भारत की एथनॉल नीति ने असल में पेट्रोल और खाने-पीने की चीज़ों के इस्तेमाल के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है।
राहुल गांधी की एक महत्वपूर्ण पहल को केवल राजनैतिक खांचे में फिट करके उसे खराब करने की कोशिश भाजपा कर रही है।
रक्षा बंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की खुशी इस बार महंगे सफर के बोझ तले दबती नजर आ रही है।
विचार: आकाश छूने को तैयार नई पीढ़ी
हमारे अपने ही जिगर के टुकड़े, हमारे बच्चे हैं। स्वाभाविक है कि उनकी हर बात हमेशा सही नहीं होगी, ठीक वैसे ही जैसे हमारी भी हर बात अपने समय में सही नहीं हुआ करती थी। वे अपने जीवन में तमाम गलतियां करेंगे, बिल्कुल वैसे जैसे गलतियां हमने भी की थीं।
विचार: तार-तार होती भाषा की मर्यादा
लोकतांत्रिक मर्यादा की रक्षा केवल नेताओं के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। नागरिक किस प्रकार की राजनीतिक भाषा को महत्व देते हैं, इससे भी सार्वजनिक जीवन की दिशा तय होती है।
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
आयुष्मान कार्ड कौन बनवा सकता है? क्या Taxpayers, PF, ESIC वाले इसके पात्र होंगे?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है। आयुष्मान कार्ड क्या है? आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है। इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान? आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटी PM-JAY के लिए एलिजिबल होने के लिए व्यक्ति को सोशियो-इकोनॉमिक कास्ट सेंसस (SECC) 2011 के डेटा के साथ-साथ राज्य-स्पेसिफिक बेनिफिशियरी डेटाबेस और तय ऑक्यूपेशनल कैटेगरी में आना चाहिए। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के लिए अलग-अलग हैं। आयुष्मान कार्ड के लिए एलिजिबल शहरी और ग्रामीण परिवारों की लिस्ट ये है: I. शहरी परिवार - कचरा बीनने वाले - भिखारी - घरेलू कामगार - स्ट्रीट वेंडर, फेरीवाले, मोची या सड़कों पर काम करने वाले दूसरे सर्विस प्रोवाइडर - कंस्ट्रक्शन वर्कर, राजमिस्त्री, प्लंबर, लेबर, वेल्डर, पेंटर, कुली, सिक्योरिटी गार्ड और दूसरे सिर पर बोझा ढोने वाले वर्कर - सफाई कर्मचारी, सैनिटेशन वर्कर और माली - घर से काम करने वाले वर्कर, हैंडीक्राफ्ट वर्कर, कारीगर और दर्जी - ट्रांसपोर्ट वर्कर, कंडक्टर, ड्राइवर, गाड़ी खींचने वाले, ड्राइवर और कंडक्टर के हेल्पर और रिक्शा चलाने वाले - असिस्टेंट, दुकान में काम करने वाले, छोटी जगहों पर चपरासी, डिलीवरी असिस्टेंट, हेल्पर, वेटर और अटेंडेंट - इलेक्ट्रीशियन, असेंबलर, मैकेनिक और रिपेयर वर्कर - धोबी और चौकीदार II. ग्रामीण परिवार - एक कमरे वाले कच्चे घरों में रहने वाले परिवार - जिन परिवारों में 16-59 साल की उम्र का कोई एडल्ट सदस्य नहीं है - SC/ST परिवार - जिन परिवारों में एक विकलांग सदस्य है, लेकिन कोई गैर-विकलांग एडल्ट सदस्य नहीं है - जिन परिवारों में 16-59 साल की उम्र का कोई एडल्ट पुरुष सदस्य नहीं है - बिना ज़मीन वाले परिवार जो हाथ से काम करके रोज़ाना काम करते हैं III. सीनियर सिटिज़न - ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के 70 साल से ज़्यादा उम्र के सभी सीनियर सिटिज़न जो सीनियर सिटिज़न पहले से आयुष्मान भारत PMJAY (AB PMJAY) के तहत कवर हैं, वे हर साल ₹5 लाख तक का एक्स्ट्रा टॉप-अप कवर पाने के लिए एलिजिबल हैं - जो सीनियर सिटिज़न पहले से ही दूसरी पब्लिक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, जैसे कि एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS), सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS), या आयुष्मान सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) का फायदा ले रहे हैं, वे अपनी मौजूदा स्कीम जारी रख सकते हैं या AB PMJAY में बदल सकते हैं - प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी या एम्प्लॉई स्टेट इंश्योरेंस (ESI) स्कीम के तहत कवर सीनियर सिटिज़न AB PMJAY के लिए एलिजिबल हैं आयुष्मान भारत योजना के तहत क्या कवर होता है? PMJAY लिस्टेड सेकेंडरी और टर्शियरी केयर कंडीशन के लिए परिवार के सभी सदस्यों को ₹5,00,000 तक का कैशलेस कवर देता है। आयुष्मान भारत योजना स्कीम इलाज के इन हिस्सों पर होने वाले खर्चों को कवर करती है: - मेडिकल जांच, इलाज और कंसल्टेशन - इंटेंसिव और नॉन-इंटेंसिव केयर सर्विस - दवा और मेडिकल कंज्यूमेबल्स - डायग्नोस्टिक और लैबोरेटरी जांच - इलाज के दौरान होने वाली दिक्कतें - रहने के फायदे - मेडिकल इम्प्लांटेशन सर्विस - मरीज़ को खाना - हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले का चार्ज 3 दिन तक - हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद 15 दिन तक फॉलो-अप केयर आयुष्मान कार्ड के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स आयुष्मान कार्ड रजिस्ट्रेशन, बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन या e-KYC के दौरान इन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत पड़ सकती है: - पहचान वेरिफिकेशन और आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन के लिए आधार कार्ड - OTP वेरिफिकेशन के लिए आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर - एलिजिबल राज्यों में बेनिफिशियरी सर्च के लिए राशन कार्ड या फैमिली ID - एड्रेस प्रूफ - PAN कार्ड या दूसरा पहचान प्रूफ - इनकम सर्टिफिकेट, अगर लागू हो - जाति सर्टिफिकेट, जहाँ ज़रूरी हो - फैमिली-बेस्ड वेरिफिकेशन के लिए फैमिली रिलेशनशिप प्रूफ - पासपोर्ट-साइज़ फोटो क्या Taxpayer आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है? केवल आयकरदाता होने या न होने से पात्रता तय नहीं होती। सामान्य PM-JAY में निर्धारित लाभार्थी सूची और पात्रता शर्तें देखी जाती हैं। केंद्र सरकार ने आय की परवाह किए बिना सभी 70+ नागरिकों को AB PM-JAY के तहत स्वास्थ्य कवर देने का फैसला किया है। यानी इस आयु वर्ग के लिए आयकरदाता होना बाधा नहीं है। क्या PF कटने वाले कर्मचारी आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं? सिर्फ किसी कर्मचारी के वेतन से EPF/PF का पैसा कटना यह तय नहीं करता कि वह आयुष्मान योजना का पात्र है या नहीं। यानी PF खाता होना अपने आप में न पात्रता देता है और न ही अपात्र बनाता है। 70 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति की पात्रता योजना के निर्धारित रिकॉर्ड और राज्य के नियमों के आधार पर जांची जानी चाहिए। क्या ESIC वाले कर्मचारी पात्र हैं? ESIC (Employees' State Insurance Corporation) एक अलग सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था है। इसलिए केवल ESIC में पंजीकरण होने से किसी व्यक्ति को अपने आप AB PM-JAY का लाभार्थी नहीं माना जा सकता। - जे. पी. शुक्ला
फैक्ट चेक: महिलाओं पर विवादित बयान देते राहुल गांधी का यह वीडियो एडिटेड है
बूम ने पाया कि वीडियो पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का है. इस दौरान राहुल गांधी मोहन भागवत और मनोहर लाल खट्टर के बयानों का हवाला देते हुए यह बात कह रहे थे.
योग साधना : मन की शांति से एकाग्रता तक, जानें फायदे
नई दिल्ली, योग सिर्फ शरीर को लचीला बनाने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह शरीर, सांस और मन के बीच संतुलन बनाने का भी एक तरीका है। योग में कई ऐसी मुद्राएं और बंध बताए गए हैं, जिन्हें मन को स्थिर करने और एकाग्रता बढ़ना में मददगार माना जाता है।
ताड़ासन से स्पाइन में सारी परेशनी होगी दूर, पोस्चर सुधारने के साथ बढ़ता है आत्मविश्वास
नई दिल्ली, भारतीय योग संस्कृति में ताड़ासन को सभी आसनों का आधार माना जाता है। इस आसन में शरीर को ताड़ के वृक्ष की तरह सीधा और संतुलित रखा जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर में स्फूर्ति आती है और सही ढंग से खड़े होने की आदत विकसित होती है।
नशा, ओवरडोज और विदड्रॉल से कैसे पीछा छुड़ाए : सामाजिक न्याय मंत्रालय
नई दिल्ली, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशा मुक्ति को लेकर एक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 14446 जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा, नशे को ना कहने, जागरूकता फैलाने और नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने की शपथ लें। इसके साथ ही नशा करने से होने वाले प्रभाव के बारे में बताया है।
एमएसएमई के जरिए मजबूत हो रही स्वदेशी रक्षा की आपूर्ति : एसोचैम
नई दिल्ली, एसोचैम की राष्ट्रीय रक्षा और एयरोस्पेस परिषद (नेशनल काउंसिल ऑन डिफेंस एंड एयरोस्पेस) के चेयरमैन राजीव गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि देश उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए कितना दृढ़ संकल्प दिखाता है।
दूसरा पहलू: उषा मंदिर का बिगड़ता-बनता रूप और लोदी मीनार... बाणासुर की बेटी से जुड़ा है प्रसंग
दूसरा पहलू:उषा मंदिर का बिगड़ता-बनता रूप और लोदी मीनार...बाणासुर की बेटी से जुड़ा है प्रसंग
कल की बीमारी बदल रही आज का पता: गंभीर पारिस्थितिक बदलावों से खराब हो रही सेहत; स्वास्थ्य व्यवस्था को भी बदलना होगा रास्ता
साझा विरासत बनाम प्रतीकों की राजनीति: स्वतंत्रता आंदोलन के राष्ट्रीय प्रतीक क्यों पैदा हुए? आज याद करना जरूरी
आतंक के ठिकाने: पाकिस्तान को किसी भी नए प्रमाण की जरूरत नहीं, भारत के लिए भी संदेश स्पष्ट
आतंक के ठिकाने: पाकिस्तान को किसी भी नए प्रमाण की जरूरत नहीं, भारत के लिए भी संदेश स्पष्ट
आज का राशिफल: कुंभ और मकर राशि वालों की किस्मत देगी साथ, नौकरी-कारोबार में होंगे सकारात्मक बदलाव
26 अगस्त 2026 का आज का राशिफल जानें और देखें मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए करियर, धन, प्रेम और सेहत के लिहाज से दिन कैसा रहेगा।
राजस्थान में बीजेपी के बजाय आपस में ही लड़ती कांग्रेस
राजस्थान कांग्रेस आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसकी सबसे बड़ी चुनौती भाजपा नहीं,बल्कि उसकी अपनी उलझती हुई आंतरिक राजनीति है। अशोक गहलोतऔरसचिन पायलट अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र रखते हैं,लेकिन इन दोनों बड़े नेताओं की शक्तियों के समन्वय में खालीपन देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने खुद को ताकतवर दिखाना करना शुरू ... Read more
विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल
भारत आज वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। एक शिक्षक, टूटती दीवारें और घटते सरकारी स्कूल-क्या शिक्षा के बिना 2047 का सपना पूरा होगा? दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की प्रगति, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष उपलब्धियां, आधारभूत ढांचे का विस्तार और वैश्विक मंच पर ... Read more
ललित सुरजन की कलम से अटल: संघ के होकर संघ से दूर
हिन्दी क्षेत्र में दो ऐसे राजनेता हुए हैं जिनका लेखकों, पत्रकारों और अकादमिकों से जीवंत संवाद रहा है।
व्हीबी-जी राम-जी की पहली परीक्षा : रोजगार आधा क्यों हुआ?
भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड, भुगतान में देरी और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता जैसे सवाल उस पर उठते रहे।
विचार: हटाने नहीं, सुधारने की आवश्यकता
किसी भी व्यवस्था की समीक्षा में कोई हर्ज नहीं, यदि उसका उद्देश्य उसे और प्रभावी-बेहतर बनाना हो। पता नहीं इससे क्यों बचा जा रहा है। जितना यह सच है कि असमानता दूर करने के लिए आरक्षण की जरूरत है, उतना ही यह भी कि वह सुधार की भी मांग कर रहा है।
विचार: सच से मुंह मोड़ते राहुल गांधी
भारत जैसे उदार देश में संविधान के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अभी तक समान नागरिक कानून नहीं बना, क्योंकि उलेमा विरोध करते हैं। समान कानून के लिए तसलीमा नसरीन बार-बार आग्रह करती रही हैं।
जागरण संपादकीय: कामचलाऊ कौशल विकास
इस अंतर को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के लिए नीति आयोग के इस सुझाव पर यथाशीघ्र अमल किया जाए कि स्कूल से लेकर कालेज स्तर तक रोजगार और उद्यमिता से जुड़े कौशल की सीख दी जाए।
पानी की कमियां और गुस्ताखियां (व्यंग्य)
कमियां तो सभी में होती हैं लेकिन कमियों के साथ गुस्ताखियां भी बढ़ती जाएं तो नाराज़गी जायज़ है। पानी अब ऐसा ही कर रहा है। गांव, गलियां और बाज़ारों में तो घुस ही जाता है इसने तो महासमझदारी से बनाए एक्सप्रेस वे नहीं छोड़े। बारिश का मौसम आया और जनाब सड़क पर आराम से तैरने लगते हैं। अब तो हद कर दी, उधर पहाड़ों में धुंध छाई हुई थी। पर्यटक दूर दूर से रोमांटिक मौसम का मज़ा लेने आए हुए थे। पिछले दिनों इस गुस्ताख़ ने ग्यारह हज़ार करोड़ रुपयों की भी परवाह नहीं और बिना किसी को सूचित किए प्रवेश कर गए सीना चौड़ा किए हुए। नियमानुसार कहीं भी खड़े गार्ड से अनुमति लेनी चाहिए थी। अगर वहां सुरक्षा कर्मी नहीं था तो सम्बंधित विभाग से अग्रिम स्वीकृति लिखित में लेनी चाहिए थी। कुछ लोग हर कहीं बिना पूछे घुस जाते हैं और चुपचाप उत्पात मचाने लगते हैं, अगर पूछो तो कुटिल मुस्कुराहट के साथ कहते हैं आपने हमें पहचाना नहीं। हमें कौन रोक सकता है या कह सकते हैं आज तक किसी ने हमें रोकने की कोशिश नहीं की जिसने की हमने उसे बख्शा नहीं। पानी ऐसा कर रहा है। छोटे मोटे शहर और गांवों में पानी ने पिछले कई दशकों से परेशान कर रखा है। दर्जनों सड़कें उखाड़ दी, लोहे के पाइप तोड़ दिए, बड़े बड़े पत्थर लुढका दिए, मिटटी के तोंदे सड़कों पर ला दिए। इतना भी क्या गुस्सा। इंसान ने जहां रोका इसने वहीँ पंगा लिया, वहीँ रास्ता बना लिया। किसी आभूषण जैसी लगने वाली खुबसूरत ईमारत का उदघाटन होना होता है, उसमें हज़ारों रूपए के नलके लाखों रूपए में लगाए जाते है। आम आदमी उन्हें खोलकर पानी को आने देना चाहता है लेकिन इतनी गुस्ताख़ी कि उदघाटन से पहले वहां तालाब बना दिया। इसे भी पढ़ें: डिमांड एंड सप्लाई (व्यंग्य) पानी ने यह भी नहीं सोचा कि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की जगह है। यहां की मिटटी ही कितनी महंगी है। करोड़ों रूपए की शानदार गाड़ियां आकर यहां पार्क होने वाली हैं। वह सीमेंट में भी प्रवेश कर गया। इंतजाम का मौका नहीं दिया और निर्माण की गुणवत्ता को सवालों की बारिश से पहले तैरा दिया। पानी तो सहयोगी माना जाता है इसलिए इंसान को बख्श देना चाहिए क्यूंकि अब वह नैसर्गिक बुद्धि से नहीं, नकली बुद्धि से काम चला रहा है । उसका प्रबंधन राजनीति की गिरफ्त में आ चुका है। समझदारी में भ्रष्टाचार का कीचड़ घुस गया है लेकिन पानी तो कुदरत का हिस्सा है फिर भी उसने करुणा, सदभावना, सहयोग सब बहा दिया और प्रकृति की अदभुत रचना इंसान को परेशान करता रहता है। पानी को वहां जाना चाहिए जहां घर घर में नलके लगे हैं और उसका इंतज़ार कर रहे हैं। वह अनधिकृत निर्माण गिराने में भी सहयोग कर सकता है वह बात दीगर है कि वहां प्रशासन के प्रबंधन का सीमेंट ज़रूर लगा है। पानी की विशेषताएं अब उसकी कमियां बन चुकी हैं। खाने पीने के जिस सामान में प्रवेश करता है अपने जैसा दूषित कर देता है। कहते हैं रंग, गंध और स्वाद हीन होता है लेकिन अब तो उसमें यह तीनों गुण हैं। पानी की कमियां और गुस्ताखियां बढ़ती जा रही हैं। - संतोष उत्सुक
बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी बयान हो रहे वायरल, जानें क्या है सच
बूम ने पाया कि बाबा रामदेव का वायरल वीडियो AI जनरेटेड है. इसके अलावा रामदेव ने पीएम मोदी को लेकर वायरल पोस्टकार्ड जैसा कोई बयान नहीं दिया है.
तनाव घटाने से लेकर आंखों की सफाई तक 'रोना' हो सकता है फायदेमंद, जानें आंसुओं के फायदे
नई दिल्ली, रोते हुए किसी को देखकर हम अक्सर मान लेते हैं कि वह बहुत कमजोर है या अपनी इमोशन्स को संभाल नहीं पा रहा। खासकर बचपन से हमें कई बार कहा जाता है कि 'रोओ मत, मजबूत बनो', लेकिन सच यह है कि रोने से शरीर और मन पर इसके कुछ अच्छे असर भी हो सकते हैं। जब इंसान बहुत ज्यादा परेशान या तनाव में होता है, तो उसका शरीर भी इसका असर महसूस करता है।
रोज माउथवॉश करते हो, तो जान लें जरूरी बातें नहीं तो हो सकता है नुकसान
नई दिल्ली, सुबह उठते ही ब्रश करना और फिर मुंह की ताजगी के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल करना अब कई लोगों की रोज की आदत बन चुका है। कुछ लोग इसे सांसों की बदबू दूर रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ को लगता है कि माउथवॉश करने से दांत और मसूड़े ज्यादा साफ रहेंगे।
आई महंगाई: प्याज के दाम में अप्रत्याशित उछाल आर्थिक दबावों का संकेत, आने वाले दिनों में दायरा बढ़ सकता है
मुद्दा: आम लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष... नौकरशाह नए सामंत हैं?
मुद्दा:आम लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष... नौकरशाह नए सामंत हैं?
पहले ढांचागत सुधारों पर बात हो: भारतीयों को बेहतर प्रतिनिधित्व की जरूरत, लेकिन अभी केवल राजनीतिक कमी पूरी होगी
नीति आयोग की रिपोर्ट और 2047 का भारत
प्रधानमंत्री मोदी आज के हालात सुधारने की जगह या तो हजार साल पुराने भारत की बात करते हैं या फिर 2047 की बात करते हैं।
दूसरा पहलू: मशीनों की चौपाल बनता इंटरनेट
दूसरा पहलू: मशीनों की चौपाल बनता इंटरनेट
जीवन धारा: जीवन की भी तो हमसे अपेक्षाएं हैं
जीवन धारा: जीवन की भी तो हमसे अपेक्षाएं हैं
ललित सुरजन की कलम से परिभाषा और आंकड़ों में उलझी गरीबी
'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी का ही उदाहरण लें।
सरकारी भर्तियों में यह सालों की देरी महज़ लाल फीताशाही का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह युवाओं के मनोविज्ञान को तोड़ने का एक क्रूर हथियार है।
विचार: विपक्ष का एकमात्र एजेंडा संसद ठप करना
सदन के बाहर लगाए गए नारे, सदन के भीतर की तर्क-प्रस्तुति की जगह नहीं ले सकते। नुक्कड़ नाटक संसदीय जिम्मेदारी की जगह नहीं ले सकते।
विचार: एथनॉल नीति पर फिर से विचार हो
खाद्य संकट बनाए रखने के कारणों में यह एक प्रमुख कारण है। यदि जैविक ईंधन के लिए अनाज के प्रयोग को खुली छूट दे दी जाती है तो भारत में भूख का संकट गहरा सकता है। ऐसे में वाहनों के उत्पादन को बढ़ाना और बैंकों के कर्ज के जरिये उनकी बिक्री आसान करना भूख की स्थिति को और गंभीर बनाएगी।
जागरण संपादकीय: निरंकुश साइबर ठग
सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा कि साइबर अपराधों की छानबीन करने वाली पुलिस और अन्य एजेंसियां तकनीकी कौशल में कहीं अधिक समर्थ बनें। अभी वे डाल-डाल हैं तो साइबर ठग पात-पात।
अंतरिक्ष में भारत की निजी शक्ति एवं वैज्ञानिक सामर्थ्य की उड़ान
भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब केवल सरकारी संस्थानों और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह गई है। यह यात्रा आज नवाचार, उद्यमिता, युवा प्रतिभा, निजी पूंजी और वैश्विक महत्वाकांक्षा के ऐसे संगम में बदल रही है, जिसने भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की दिशा में एक नई गति प्रदान की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ... Read more
शार्क टैंक से PM मोदी तक: दृष्टिबाधित किशोर प्रथमेश सिन्हा दूसरों के लिए बने प्रेरणा, घर को ही बना लिया स्कूल
जिद की कीमत: जीवन ही अर्थहीन लगने लगे, कोई भी गैजेट इतना महत्वपूर्ण नहीं
जिद की कीमत: जीवन ही अर्थहीन लगने लगे,कोई भी गैजेट इतना महत्वपूर्ण नहीं
राजनीति की बदलती भाषा: सियासत में जब तकनैतिकता रही, तब तक दलों व नेताओं में कुछ ‘शर्म-लिहाज’ बची रही
Today Horoscope August 24 : सोमवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आएगा। ग्रहों की चाल का असर करियर, धन, प्रेम और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का भविष्यफल।
दूसरा पहलू: आखिर क्या है सारनाथ की खोज का असली इतिहास, बाबू जगत सिंह ने खोली थी राह
दूसरा पहलू: आखिर क्या है सारनाथ की खोज का असली इतिहास, बाबू जगत सिंह ने खोली थी राह
जीवन धारा: दुख जीवन के नए द्वार भी खोलता है; हर चोट में छिपा है कोई नया रास्ता
जीवन धारा: दुख जीवन के नए द्वार भी खोलता है; हर चोट में छिपा है कोई नया रास्ता
ललित सुरजन की कलम से - आशीष अवस्थी की आत्महत्या
'पिछले कुछ बरसों में हमने किसानों द्वारा आत्महत्या करने की खबरें बारंबार पढ़ी हैं। इस हद तक कि नागर समाज ने तो उनकी तरफ ध्यान देना, उस बारे में बात करना तक बंद कर दिया है। लेकिन किसान मर रहे हैं
देश के भूजल में आर्सेनिक और क्रोमियम से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम का उजागर होना बेहद डरावना और चिंतित करने वाला है
दलित पिछड़े के बाद महिला की आवाज, राहुल देश बदल रहे हैं
राहुल के कई भाषणों के बाद हमने सुना लोग कहते हैं यह उनका सबसे अच्छा भाषण है। सच यह है कि उनके सभी भाषण बहुत अच्छे होते हैं
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने गाजियाबाद पुलिस की ओर से उनके खिलाफ दर्ज रोड रेज के एक मामले की एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
मौसम की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में आस्था के कदम नहीं रुक रहे हैं। इस साल भी यात्रा नए रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है। अब तक दर्शन करने वालों का आंकड़ा 48 लाख पार हो चुका है। सबसे अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं।
विचार: दिमागी नक्सल पर व्यर्थ की बौखलाहट
मोदी ने तंत्र में छिपे जिन लोगों के लिए इस शब्द का प्रयोग किया, उनसे अधिक आहत तो कांग्रेस के कई नेता हो गए।
जागरण संपादकीय: चीनी के बाद प्याज महंगा
केंद्र सरकार को चीनी के बाद प्याज की बढ़ती कीमतों पर चिंता करनी चाहिए, जो बरसात में आपूर्ति की कमी और जमाखोरी के कारण बढ़ रही हैं।
चाहते है खांसी से राहत तो करे अनुलोम-विलोम प्राणायाम
नई दिल्ली, बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी आम है। खांसी लगातार बनी रहे तो काफी परेशानी होती है। आमतौर पर लोग राहत के लिए दवाएं लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम से भी खांसी में आराम मिल सकता है? इसके अलावा यह एकाग्रता बढ़ाने और तनाव व चिंता को कम करने में भी मददगार है।
अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड: एक विषय में नहीं, बहुविषयक समझ में छिपी है कल की सफलता, रजिस्टर करें और परखें तैयारी
घर के काम से अलग भी होता है 'मेंटल लोड', रिश्तों में बढ़ा सकता है तनाव
घर के काम से अलग भी होता है 'मेंटल लोड', रिश्तों में बढ़ा सकता है तनाव
विचार: वंदे मातरम् पर घिरी कांग्रेस
संसद में वंदे मातरम् के सभी पदों के गायन को कानूनी स्वीकृति मिलने के बावजूद कांग्रेस द्वारा केवल दो पद गाने पर अड़े रहने से विवाद गहरा गया है
संपादकीय: सरकारी विद्यालयों की दशा
सरकारी विद्यालयों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी के कारण छात्र निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं
फाइलों के लगातार बढ़ते बोझ के बाद
फाइलों की दुनिया अजीब थी। एक काम के लिए एकाधिक फाइलें थीं। काम भले न संभले, फाइल संभालना वैश्विक मजबूरी थी। दफ्तर-दफ्तर की यही व्यथा थी। स्विट्जरलैंड स्थित यूरोपीय परमाणु शोध संगठन अर्थात सर्न के दफ्तर में भी…
मानवता की पाठशाला के सबसे उत्तम विद्यार्थी
अपनी संतान को शिक्षित और स्वावलंबी बनते देखकर हर माता-पिता को गर्व होता है। होना भी चाहिए। चंद संततियों को छोड़ दें, तो बेटे-बेटी भी माता-पिता के त्याग और योगदान को ताउम्र याद रखते हैं। कभी आपने सोचा है कि…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: महिलाओं के लिए मुफ्त कानूनी सलाह, कैसे और कहां मिलेगी मदद? जानें सवाल है कि क्या लंबे समय तक कार्ड इस्तेमाल न करने से CIBIL Score खराब हो जाता है? तो जवाब होगा कि सीधे तौर पर ऐसा कहना सही नहीं होगा। क्योंकि CIBIL के अनुसार क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में भुगतान इतिहास, क्रेडिट utilisation, क्रेडिट इतिहास की अवधि, लेन-देन का इतिहास और नए/बंद किए गए खातों जैसी जानकारी शामिल होती है। इसलिए केवल कार्ड का इस्तेमाल न करना और कार्ड को बंद कर देना—इन दोनों को एक ही बात नहीं समझना चाहिए। असली असर कार्ड बंद होने के बाद पड़ सकता है। मान लीजिए आपके पास दो क्रेडिट कार्ड हैं: - कार्ड A की लिमिट: ₹1 लाख, - कार्ड B की लिमिट: ₹2 लाख- कुल उपलब्ध लिमिट: ₹3 लाख। अगर कार्ड A बंद हो जाता है तो आपकी कुल उपलब्ध लिमिट घटकर ₹2 लाख रह जाएगी। यदि दूसरे कार्ड पर पहले से बकाया राशि है, तो आपकी credit utilisation ratio बढ़ सकती है। CIBIL भी बताता है कि उपलब्ध क्रेडिट में बदलाव और utilisation आपके स्कोर को प्रभावित कर सकते हैं। # समझिए कि पुराना क्रेडिट कार्ड बंद करना क्यों नुकसानदेह हो सकता है? यदि कोई कार्ड कई वर्षों से चल रहा है और उसका भुगतान इतिहास अच्छा है, तो वह आपके क्रेडिट इतिहास की लंबाई का हिस्सा है। CIBIL के अनुसार पुराने क्रेडिट खातों की अवधि और अच्छा repayment history आपके क्रेडिट प्रोफाइल के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इसलिए केवल इसलिए कि कार्ड का इस्तेमाल कम हो रहा है, सबसे पुराने और अच्छे रिकॉर्ड वाले कार्ड को तुरंत बंद कर देना हमेशा समझदारी नहीं है। सवाल है कि क्या इस्तेमाल न करने पर Annual Fee देनी पड़ सकती है? यह आपके कार्ड के नियम और शर्तों पर निर्भर करता है। कुछ क्रेडिट कार्ड पर annual/renewal fee होती है, जबकि कुछ कार्ड lifetime-free होते हैं। इसलिए कार्ड का इस्तेमाल नहीं करने का अर्थ यह नहीं है कि उससे जुड़े सभी शुल्क अपने-आप समाप्त हो जाएंगे। बल्कि कार्डधारक को अपने कार्ड की fee structure और statement नियमित रूप से देखनी चाहिए। # RBI का महत्वपूर्ण नियम: एक साल तक इस्तेमाल नहीं किया तो क्या होगा? यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है जिसे क्रेडिट कार्ड धारकों को जानना चाहिए। RBI के नियमों के अनुसार, यदि क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं हुआ, तो कार्ड जारीकर्ता को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक जवाब नहीं देता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया जा सकता है। इसके बाद कार्ड बंद होने की सूचना Credit Information Companies को भी अपडेट करनी होती है। एक और दिलचस्प बात यह है कि RBI के नियमों में 'used' होने के लिए केवल खरीदारी ही जरूरी नहीं है। Statement generate करना, PIN बदलना या transaction controls में बदलाव करना जैसे कुछ cardholder-initiated actions भी उपयोग माने जा सकते हैं। हालांकि केवल customer care पर सामान्य बातचीत करना usage नहीं माना जाता। # क्रेडिट कार्ड बंद करवाना हो तो आपके अधिकार क्या हैं? यदि आप स्वयं कार्ड बंद करवाना चाहते हैं और सभी बकाया चुका चुके हैं, तो RBI के नियम आपके लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा देते हैं। कार्ड जारीकर्ता को closure request मिलने के बाद सात working days के भीतर कार्ड बंद करना होता है। इसके लिए ग्राहक को helpline, email, IVR, website, internet banking या mobile app जैसे विभिन्न माध्यम उपलब्ध कराने होते हैं। केवल डाक से आवेदन भेजने पर जोर नहीं दिया जा सकता। यदि सभी dues clear हैं और issuer सात working days के भीतर कार्ड बंद नहीं करता, तो नियमों के अनुसार ₹500 प्रति calendar day की देरी की penalty cardholder को देनी होती है, जब तक account बंद नहीं हो जाता। # कार्ड बंद करने से पहले इन 7 बातों का ध्यान रखें 1. सबसे पहले outstanding dues चेक करें। कार्ड बंद करने से पहले पूरा बकाया साफ करें। 2. Annual fee देखें। अगर कार्ड पर भारी annual fee है और उसका उपयोग नहीं हो रहा, तो उसे बनाए रखने का आर्थिक लाभ कम हो सकता है। 3. कार्ड की credit limit देखें। यदि यह आपकी कुल उपलब्ध credit limit का बड़ा हिस्सा है, तो इसे बंद करने बंद होने के बाद यह सुनिश्चित करें कि credit bureau report में account सही तरीके से 'closed' दिख रहा है। # क्या हर unused credit card बंद कर देना चाहिए? नहीं। यदि कार्ड lifetime-free है, उसका repayment history अच्छा है और वह आपकी कुल credit limit को मजबूत रखता है, तो उसे बनाए रखना कई लोगों के लिए बेहतर हो सकता है। दूसरी तरफ, यदि कार्ड पर लगातार शुल्क लग रहा है, उसका कोई उपयोग नहीं है, खर्च पर नियंत्रण की समस्या है या आपके पास जरूरत से ज्यादा कार्ड हैं, तो closure उचित हो सकता है। CIBIL भी सलाह देता है कि पुराने खातों को बंद करने से पहले उनकी उम्र, credit utilisation और आपके पूरे credit profile पर संभावित प्रभाव को समझना चाहिए। # निष्कर्ष: कार्ड रखना है या बंद करना है? लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल न करना अपने-आप में CIBIL Score खराब होने की गारंटी नहीं है। असल सवाल यह है कि कार्ड पर शुल्क कितना है? कार्ड कितना पुराना है? उसकी credit limit कितनी है? आपके पास अन्य कितने कार्ड हैं? और कार्ड बंद होने के बाद आपकी कुल credit utilisation कितनी हो जाएगी? इसलिए किसी पुराने क्रेडिट कार्ड को सिर्फ इसलिए बंद न करें कि वह लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है। पहले अपने पूरे credit profile को देखें और फिर फैसला लें। सबसे जरूरी बात: कार्ड बंद करने से पहले outstanding dues साफ करें, closure confirmation प्राप्त करें और बाद में अपनी CIBIL/credit report में account status की जांच जरूर करें। # RBI के नियमों के अनुसार एक वर्ष से अधिक समय तक unused credit card पर issuer को closure process शुरू करने से पहले cardholder को सूचित करना होता है। वहीं CIBIL के अनुसार credit utilisation, payment history, credit history की अवधि और closed accounts सहित कई कारक credit score को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए “एक साल कार्ड इस्तेमाल नहीं किया तो CIBIL Score खराब हो जाएगा” कहना भ्रामक है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
पारस्परिक प्रेम सोहार्द स्नेह का अटूट बंधन राखी
रक्षाबंधन का अर्थ है किसी को अपनी रक्षा के लिए बांध लेना। इसीलिए इस पर्व पर राखी बांधते समय बहन कहती है ‘हे भैया! मैं तुम्हारी शरण में हूँ, मेरी सब प्रकार से रक्षा करना।’ फलस्वरूप भाई भी अपनी बहन को जीवन पर्यन्त रक्षा करने का वचन देते हैं। भारतीय परम्परा में विश्वास का बन्धन ... Read more
स्वाइन फ्लू को ना करे नजरअंदाज, ख्याल रखें इन बातों का
नई दिल्ली, मौसम बदलने के साथ बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां आम लग सकती हैं। कई बार लोग इन्हें सामान्य वायरल या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें, तो सावधान होना जरूरी है। ये लक्षण स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में घबराने के बजाय सही सावधानी बरतना और डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
साधारण में असाधारण: हमारे आसपास की दुनिया रहस्यों से भरी है,प्रश्न पूछें और उत्तर खोजने का साहस रखें
Aaj Ka Rashifal 22 August: इन 4 राशि वालों को होगा धन लाभ, काम को लेकर मिलेगी बड़ी खुशखबरी
Aaj Ka Rashifal 22 August 2026: आज का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ सहित सभी के लिए कैसा रहेगा, आइए जानते हैं।
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चीनी की कड़वाहट: दस साल में पहली बार आयात की मजबूरी, कीमत नियंत्रित रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे
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तिरंगे की शान के लिए शहीद हुए गुलाब सिंह लोधी (91 वें बलिदान दिवस 23 अगस्त 2026 पर विशेष)
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास ऐसे वीर-वीरांगनाओं की कहानियों से भरा पड़ा है, जिनके योगदान को वह मान्यता नहीं मिल सकी, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार थे। ऐसे ही अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी थे, जिनका योगदान भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रहा। लेकिन दुर्भाग्य यह रहा कि इतिहासकारों ने अमर शहीद गुलाब ... Read more
जब भक्ति के सुर हों, कृष्ण की कथा हो और पूरा सभागार एक साथ हरिनाम में डूब जाए, तो संगीत महज प्रस्तुति नहीं रहता, वह अनुभव बन जाता है एक दिव्य यात्रा की।
उद्योगों में भी उत्तम है, 'लघु'
भारतीय समाज को आमतौर पर कृषि प्रधान माना जाता है, किंतु यह अर्धसत्य है।

