कन्यादान से कन्या के नाम राशि हड़पने तक : दो दशक में बदल गया जमाना
करीब 15-20 वर्षों पहले कन्या दान का भारतीय संस्कृति में बड़ा धार्मिक महत्व था । *कन्यादान के बिना व्यक्ति के जीवन की सार्थकता नहीं मानी जाती थी।* हर माता पिता की भावना होती थी कि कन्यादान करके अपने जीवन के एक बड़े (ऋण)भार से मुक्त महसूस करे।जिन माता पिता के पुत्री नहीं होती वे अपने ... Read more
एनवीएस 03 उपग्रह: सबसे कम समय में पूरी हुई जीएसएलवी से भेजने की तैयारी, इसरो प्रमुख गगनयान मिशन पर क्या बोले?
विचार: संशोधन मांग रहा जनप्रतिनिधित्व कानून
जब मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र दोनों ही चुनाव आयोग जारी करता है, तो फिर उनका स्तर और उनकी मान्यता एकसमान क्यों नहीं?
विचार: जोखिम बढ़ाता बढ़ता व्यापार घाटा
चीन से बढ़ता व्यापार घाटा भारत की आर्थिक स्थिरता, औद्योगिक क्षमता और संप्रभुता से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है।
निर्धनता में लगातार कमी आने के पीछे भारत की अर्थव्यवस्था का पिछले अनेक वर्षों से सबसे तेज गति से बढ़ना भी रहा।
युवा अपेक्षाओं को आवाज देने के लिए छात्र संघ जरूरी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर, 1947 को तत्कालीन प्रधानमंंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था, विश्वविद्यालय मानवता, सहिष्णुता, विचारों की स्वतंत्रता और सत्य की खोज के प्रतीक हैं। उन्होंने यह बुनियादी सवाल भ….
आभासी आकर्षण से जनादेश नहीं मिलते
राजस्थान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर 21 लाख फॉलोअर्स वाले ओमप्रकाश ज्योतिष को सरपंच चुनाव में महज 33 वोट मिले। सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जनता के बीच स्वीकार्यता में फर्क समझने के लिए इस पंचायत का चुनाव…
सरदार पटेलः नये भारत के शिल्पकार और स्वप्नद्रष्टा युगपुरुष
राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष: 31 अक्टूबर 2026 पर विशेषः किसी राष्ट्र का निर्माण केवल स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने से नहीं होता, बल्कि स्वतंत्रता को एकता, अखंडता, सुरक्षा और सामूहिक संकल्प की शक्ति में बदलने से होता है। भारत की स्वतंत्रता के बाद यह सबसे बड़ी चुनौती थी। देश के सामने रियासतों का बिखराव था, विभाजन ... Read more
इजरायल में खंडित जनादेश के मायने
इजरायली संसद ‘नेसेट’ के लिए 27 अक्तूबर को हुए चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए बेशक निराशाजनक रहे हैं, पर उनकी जल्द विदाई होती नहीं दिख रही। यह सही है कि नेतन्याहू जिस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं…
क्रिप्टोकरेंसी अर्थात डिजिटल मुद्रा की दुनिया में हुई महाचोरी ने साइबर संसार में सक्रिय लोगों के बीच सनसनी फैला दी है। दुनिया में क्रिप्टो मुद्रा के सबसे बड़े एक्सचेंज बायनेंस ने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की चोरी की बात मानी है…
क्या कंपनी बिना किसी कारण के आपको निकाल सकती है? जानें अपने अधिकार
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं। भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है। इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम? क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है? अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम एक साल की निरंतर सेवा पूरी की है तो सामान्य रिट्रेंचमेंट के मामले में कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होती हैं। नियोक्ता को सामान्य तौर पर: - कर्मचारी को एक महीने का लिखित नोटिस देना होता है और उसमें रिट्रेंचमेंट का कारण बताया जाना चाहिए। - नोटिस की जगह संबंधित अवधि का वेतन दिया जा सकता है। - कर्मचारी को प्रत्येक पूरी हुई सेवा के वर्ष के लिए 15 दिन के औसत वेतन के बराबर रिट्रेंचमेंट मुआवजा देना होता है। - निर्धारित तरीके से संबंधित सरकारी प्राधिकरण को भी नोटिस देना होता है। - इसलिए ऐसा नहीं है कि हर कर्मचारी को कंपनी किसी भी समय बिना किसी प्रक्रिया के नौकरी से निकाल सकती है। 300 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली यूनिट में क्या नियम हैं? औद्योगिक प्रतिष्ठानों की कुछ श्रेणियों पर ज्यादा कड़े प्रावधान लागू होते हैं। सरकार के मुताबिक 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में रिट्रेंचमेंट के लिए संबंधित सरकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में सामान्य एक महीने के बजाय कानून के तहत तीन महीने का नोटिस या उसके बदले वेतन और अन्य निर्धारित शर्तें लागू हो सकती हैं। इसका मतलब है कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारी को हटाने की प्रक्रिया और अधिक विनियमित है। क्या हर कर्मचारी को रिट्रेंचमेंट का मुआवजा मिलेगा? जरूरी नहीं। यहां ‘worker’ और ‘employee’ की कानूनी परिभाषा महत्वपूर्ण है। हर सफेदपोश या प्रबंधकीय कर्मचारी पर रिट्रेंचमेंट के यही प्रावधान सीधे लागू हों, ऐसा जरूरी नहीं है। इसके अलावा इस्तीफा, तय अवधि की नौकरी समाप्त होना, अनुशासनात्मक कार्रवाई या नियुक्ति-पत्र की शर्तों के अनुसार सेवा समाप्ति को हर स्थिति में रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता। इसलिए कर्मचारी को अपना appointment letter, employment contract और कंपनी की service conditions भी देखनी चाहिए। नौकरी से निकालते समय कर्मचारी क्या देखे? अगर कंपनी नौकरी समाप्त करने का फैसला करती है तो कर्मचारी को जल्दबाजी में दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बजाय ये बातें जांचनी चाहिए: - नौकरी समाप्त करने का कारण लिखित में दिया गया है या नहीं। - नोटिस अवधि और नोटिस पे का हिसाब सही है या नहीं। - रिट्रेंचमेंट मुआवजा लागू होता है या नहीं। - बकाया वेतन, छुट्टी का भुगतान और अन्य देय राशि का हिसाब किया गया है या नहीं। - नियुक्ति-पत्र में termination से जुड़ी शर्तें क्या हैं। - कंपनी ने ‘resignation’ देने का दबाव तो नहीं बनाया है। शिकायत कहां कर सकते हैं? अगर कर्मचारी को लगता है कि उसे कानून के विपरीत हटाया गया है या उसका वैधानिक भुगतान नहीं किया गया, तो वह संबंधित श्रम विभाग/श्रम अधिकारी के समक्ष शिकायत या विवाद निपटान की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। Industrial Relations Code में विवादों के समाधान के लिए conciliation और adjudication की व्यवस्था है। Fixed-Term कर्मचारी भी जानें अपना अधिकार अगर कोई कर्मचारी निश्चित अवधि यानी Fixed-Term Employment (FTE) के तहत काम करता है तो उसे भी कई वैधानिक लाभों में स्थायी कर्मचारियों के समान अधिकार दिए गए हैं। सरकार के अनुसार FTE कर्मचारियों को वेतन, काम के घंटे और अन्य वैधानिक लाभों में स्थायी कर्मचारियों के बराबर अधिकार मिलते हैं तथा एक वर्ष की सेवा पूरी होने पर ग्रेच्युटी का प्रावधान भी है। कंपनी का कर्मचारी को नौकरी से हटाने का अधिकार पूरी तरह असीमित नहीं है। खासकर रिट्रेंचमेंट के मामलों में कानून नोटिस, मुआवजे और कुछ प्रतिष्ठानों में सरकारी अनुमति जैसी शर्तें लगाता है। हालांकि हर termination को रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता और हर कर्मचारी पर एक जैसे नियम लागू नहीं होते। इसलिए नौकरी जाने की स्थिति में सबसे पहले अपने नियुक्ति-पत्र, सेवा शर्तों और लागू श्रम कानून को देखना जरूरी है। - जे. पी. शुक्ला
भारत में मॉडल वाई के लिए टेस्ला ने लॉन्च किया 'हैलोवीन मोड'
नई दिल्ली, टेस्ला इंडिया ने शुक्रवार को मॉडल वाई और मॉडल वाईएल के लिए एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट लॉन्च करने की घोषणा की।
नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की जीत के जश्न का बताकर पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 19 अक्टूबर 2026 का है. कोल्हापुर में मिल्क यूनियन चुनाव में कांग्रेस समर्थित सदस्यों की जीत के बाद यह जश्न मनाया गया था.
भारत को वित्त और टेक्नोलॉजी पर करना होगा फोकस: इंडस्ट्री
नई दिल्ली, भारत को अपने 500 गीगावाट की क्लीन एनर्जी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जलवायु निवेश, अनुकूलन वित्त (अडैप्टेशन फाइनेंस), टेक्नोलॉजी सहयोग और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला शुक्रवार को ऑकलैंड में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। इस दौरान अर्शदीप सिंह के पास एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने का मौका होगा।
AI Impact On Jobs: एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब अमेरिका में छात्रों के करियर चुनाव पर भी दिख रहा है। कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दो साल के भीतर छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 27.1% घट गई है।
Rashifal 30 October 2026: 30 अक्टूबर का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा? जानें सभी राशियों का करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, प्रेम जीवन और सेहत का हाल।
सिंगर दिलजीत दोसांझ नए कॉन्सर्ट टूर ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनका लाइव कॉन्सर्ट आज दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा। अगर आप भी लाइव परफॉर्मेंस देखने जा रहे हैं, तो जान लीजिए कॉन्सर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी।
गिरता राजनीतिक संवाद का स्तर:असंसदीय भाषा से लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाती है, भाषणों को सभ्य बनाना होगा
ललित सुरजन की कलम से - जनतांत्रिक संस्थाओं की साख का सवाल
'कुछ माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात के राज्यपाल द्वारा मनोनीत लोकायुक्त की नियुक्ति को जब वैध ठहराते हुए इस प्रदेश के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की राय को जो वजन दिया तब उसे भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने उचित नहीं माना था
सड़कों पर ज़बरन चुप्पी करवाने पर जनता की सहमति नहीं होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी गलती यह हो सकती है कि वे सड़कों की चुप्पी को लोगों की सहमति समझ लें
भारत को चीन के प्रति सख्त रवैया अपनाने की जरूरत
दुनिया की दो बड़ी ताकतों भारत और चीन के बीच रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच 1962 में भीषण युद्ध के अलावा सीमा पर अक्सर झड़प होती रहती है
विचार: प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने का समय
राजस्थान जैसे राज्यों द्वारा प्रशासनिक सुधारों की पहल के बावजूद, केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाया गया है
विचार: सही इतिहास लेखन की जरूरी पहल
एनसीईआरटी की नई सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की महत्वपूर्ण पहल है, जो उपेक्षित राजवंशों और सांस्कृतिक प्रतिरोध को स्थान देती है
विचार: स्वच्छ ऊर्जा की ओर अग्रसर
भारत ग्लोबल वार्मिंग और ऊर्जा असुरक्षा के बीच विकास और पर्यावरण संतुलन का मार्ग अपना रहा है। देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 300 GW पार कर चुकी है, जिसका लक्ष्य आत्मनिर्भरता और सतत विकास है।
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की कीमतों में 93 फीसदी तक की कमी इसके मरीजों को बड़ी राहत पहुंचाएगी। भारत में कैंसर की दवाओं और इलाज पर एक मरीज औसतन 3.15 लाख रुपये सालाना खर्च करता है…
एआई के रचनात्मक उपयोग से सबको होगा फायदा
इस साल की शुरुआत में कोलंबिया में एक दिलचस्प घटना घटी। वहां की सर्वोच्च अदालत ने एक अपील इसीलिए खारिज कर दी, क्योंकि उसके मुताबिक, याचिका में महज सात फीसदी सामग्री ही इंसान द्वारा लिखी गई थी…
ठेका आधारित व्यवस्था से बढ़ रहा भ्रष्टाचार
सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग, यानी ठेका आधारित व्यवस्था लाने का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक कुशल, लचीला और कम-खर्च बनाना था, पर असलियत में ठेका के बहाने सरकारी विभागों और आउटसोर्सिंग कंपनियों…
बंगाल की खाड़ी से उपजे चक्रवात अर्नब की वजह से आधे से ज्यादा भारत में मौसम बिगड़ा हुआ है। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं, कहीं बादल छाए हुए हैं, तो कहीं बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के करीब 14 राज्यों के…
याद रखूँगा मैं ये कृपा तेरी, ओ देव मेरे सिर पे सजाया तूने हाथ मेरे, ओ नाथ मेरे मैं मन को समझा लूँगा, मैं मन को समझा लूँगा प्रभु चरणों में ही रखना… जिहाल-ए-किस्मत बदल दे आकर, शरण में तेरी बेचारा दिल है… सुनाई देती है जिसकी धड़कन, वो नाम तेरा महावीर प्रभु है! सुनाई ... Read more
अनुकम्पा नौकरी आरक्षण पाने के लिए टूट रहे रिश्ते
*बर्बाद हो रहे परिवार* *परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को आरक्षण का ग़लत इस्तेमाल बन रहा भारतीय परिवार संस्कृति का दुश्मन* *हीरालाल नाहर पत्रकार* परित्यता और तलाकशुदा महिलाओं को स्वावलंबन, आर्थिक-सामाजिक सहायता के लिए सरकार द्वारा नौकरी में आरक्षण देना तय किया गया है। लेकिन इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग शादी के आपसी रिश्तों का दुश्मन ... Read more
जियो की छलांग और विकसित भारत की नई आर्थिक गाथा
किसी राष्ट्र की प्रगति केवल ऊँची इमारतों, चमचमाती सड़कों और बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद के आँकड़ों से नहीं आंकी जाती, बल्कि इस बात से तय होती है कि उसकी उद्यमशीलता कितने लोगों के जीवन को बदलती है, तकनीक कितनी दूर तक पहुँचती है और आर्थिक शक्ति किस सीमा तक जनसामान्य की आकांक्षाओं को पंख देती ... Read more
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट
भोपाल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के चलते गुरुवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
कार्तिक मास में दामोदर पूजा का विशेष महत्व: प्रयागराज
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में कार्तिक मास के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है।
बंगाल : नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश
चेन्नई, मौसम विशेषज्ञों ने बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम बनने का अनुमान लगाया है, जिससे 1 और 2 नवंबर को चेन्नई में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, इस सिस्टम की तीव्रता, दिशा और इसके तट से टकराने की संभावना को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
गैरसैंण: राजधानी के नाम पर कब तक रस्म अदायगी?
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही होती है।
डीपफेक के दौर में राजनीति: कहीं विपक्ष दुश्मन का हथियार तो नहीं बन रहा?
किसी गंभीर आरोप को सार्वजनिक करने से पहले मूल वीडियो, संबंधित अधिकारी का वास्तविक बयान और आधिकारिक स्पष्टीकरण देखना सामान्य सावधानी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्रियों ने करवा चौथ पर्व की दी बधाई
नई दिल्ली, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने करवा चौथ पर महिलाओं को बधाई एवं शुभकानाएं दी हैं।
बिहार: केके पाठक से भिड़े, शिक्षकों के हक में लड़े, अब फिर बने MLC, कौन हैं वंशीधर बृजवासी?
बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी ने दोबारा जीत दर्ज कर जेडीयू, आरजेडी और जन सुराज के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया।
नेतन्याहू नहीं, यह इस्राइल की परीक्षा है: जहां चुनावी गणित से बड़ा है नैतिक संकट
इस्राइल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे इस चुनाव से शायद ही कुछ बदलने वाला है, क्योंकि इस बार सभी प्रमुख दावेदार राजनीतिक रूप से दक्षिणपंथी हैं।
करवा चौथ पर पत्नी के लिए गिफ्ट खरीदते समय फर्जी वेबसाइट, नकली डिस्काउंट और संदिग्ध पेमेंट लिंक से सावधान रहें। जल्दबाजी में की गई एक छोटी-सी गलती आपकी बैंकिंग जानकारी साइबर ठगों तक पहुंचा सकती है और आप अपनी मेहनत की कमाई को गंवा सकते हैं।
सुरक्षा और चिंताएं: बैंक खाते तक पहुंच रहे एआई एजेंट, सुविधा के साथ बढ़ा खतरा; पैसे कटे तो जिम्मेदार कौन होगा?--AI Agents in Banking: Digital Payment Convenience Raises Cybersecurity and Privacy Concerns
उत्साहजनक संकेत: भारत पर विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा, एफडीआई 100 अरब डॉलर पार होने की उम्मीद
उत्साहजनक संकेत: भारत पर विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा, एफडीआई 100 अरब डॉलर पार होने की उम्मीद--India FDI Growth: Foreign Investment May Cross $100 Billion for the First Time
जलवायु परिवर्तन से चमगादड़ों के घरों पर संकट: 2070 तक घट सकते हैं 64% अनुकूल इलाके; गुफाएं मिलना भी मुश्किल
जीवन धारा: मन की प्रयोगशाला में बनता है भविष्य, इच्छाशक्ति और सही सोच से बदल सकती है जिंदगी
जीवन धारा: मन की प्रयोगशाला में बनता है भविष्य, इच्छाशक्ति और सही सोच से बदल सकती है जिंदगी-The Human Mind: How Willpower and Rational Thinking Shape Your Future
ललित सुरजन की कलम से मोदी : हवा में तलवारबाजी
भाजपा के एक वर्ग ने की है और इसमें उसे उद्योग जगत, मीडिया तथा कथित विचार समूहों या थिंक टैंक्स के एक हिस्से का समर्थन मिल रहा है।
भारत में कुछ समय पहले जेन ज़ी आंदोलन के कारण बड़ी हलचल मची।
विचार: पॉक्सो अधिनियम में सुधार आवश्यक
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में किशोर संबंधों के संदर्भ में पोक्सो अधिनियम के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था, 'इस निर्णय की एक प्रति भारत सरकार के विधि सचिव को भेजी जाए, ताकि इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए यथासंभव कदम उठाने पर विचार किया जा सके।
दिल्ली को दस वर्षीय स्वच्छ वायु योजना चाहिए
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता अक्तूबर का अंतिम सप्ताह आते ही एक बार फिर चिंता बढ़ाने लगी है। गत 21 अक्तूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को…
विधान परिषद चुनावों ने हमें क्या बताया
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन और विपक्ष के जमीनी संघर्ष की वजह से क्या राजनीति की हवा बदलती हुई दिख रही है? क्या यह कहना सही होगा कि केंद्र सरकार के लिए आगे के दिन मुश्किल भरे होंगे? क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव…
लंबे समय से देश में सबसे अव्वल रहे टाटा समूह का 28 अक्तूबर, 2026 को रिलायंस समूह से पिछड़ जाना एक निर्णायक घटना है। रिलायंस समूह को यह बादशाहत अपनी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयर के सूचीबद्ध होते…
विचार: प्रदूषण के खिलाफ लड़नी होगी साझा लड़ाई
विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों के अनुसार, पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए, जबकि उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में यह स्तर अक्सर 80 से 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक दर्ज किया जाता है।
संपादकीय: कांग्रेस को एक और सबक
मत पत्रों से हुए चुनावों में भी कांग्रेस की विफलता यही सिद्ध करती है कि कांग्रेस जिस तरह एसआईआर को वोट चोरी का नाम देकर लोगों को गुमराह करने के साथ अपना वक्त जाया कर रही है
केरल की वृद्ध संरक्षण पहल से जगेगी नई चेतना
भारत की संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। यहाँ कहा गया है-‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव।’ जिस देश में माता-पिता के चरणों में स्वर्ग देखने की परंपरा रही हो, उसी देश में यदि वृद्धावस्था में माता-पिता अपने ही घर में उपेक्षा, अपमान, अकेलेपन और असुरक्षा का दंश झेलने को विवश हों, तो यह केवल ... Read more
सीनियर्स सिटीजन्स ( वरिष्ठ नागरिक ) के लिए मेरी कविता ” बोनस लाइफ “ बुढ़ापा उम्र की वो अंतिम पड़ाव है जहां हर इंसान पहुंच नही सकते है, ईश्वर उन्हीं पर मेहरबान होते है जिन्हें ये बोनस लाइफ लिख देते है। बचपन गुजरा गुज़र गई सारी जवानी आहिस्ता-आहिस्ता छा गया बुढ़ापा, सौभाग्यशाली होते है वे ... Read more
EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी। WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदन WhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें: - EPFO WhatsApp Channel: आधिकारिक खबरों, योजनाओं और जरूरी घोषणाओं के अपडेट के लिए। - क्षेत्रीय WhatsApp हेल्पलाइन: कुछ EPFO कार्यालय अपने क्षेत्र के सदस्यों की शिकायत और सवालों के लिए WhatsApp हेल्पलाइन चलाते हैं। उदाहरण के लिए, EPFO गोवा ने 8788914105 नंबर जारी किया है। - व्यक्तिगत PF सेवाएं: PF बैलेंस, क्लेम और खाते से जुड़ी सुविधाओं के लिए EPFO का आधिकारिक पोर्टल और UMANG ऐप अभी भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। EPFO WhatsApp Channel कैसे जॉइन करें? WhatsApp पर EPFO का चैनल फॉलो करने के लिए: - WhatsApp खोलें और Updates सेक्शन में जाएं। - Channels/Explore विकल्प पर जाएं। - वहां EPFO सर्च करें। - EPFO का आधिकारिक/वेरिफाइड चैनल पहचानकर Follow करें। - इसके बाद चैनल पर आने वाले EPFO के अपडेट आपको WhatsApp में दिखाई देंगे। - EPFO ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चैनल को जॉइन करने के लिए लिंक भी साझा किया है। EPFO WhatsApp चैनल से जुड़ना आसान है। मेंबर्स EPFO के शेयर किए गए लिंक से ऑफिशियल चैनल एक्सेस कर सकते हैं। एक बार जुड़ने के बाद वे ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा पोस्ट किए गए अपडेट और जानकारी पा सकते हैं। ऑफिशियल चैनल यहां उपलब्ध है: https://www.whatsapp.com/channel/0029Vb6kmH48Pgs8ftd6Kw3Y अनवेरिफाइड अकाउंट या मैसेज पर भरोसा करने के बजाय ऑफिशियल EPFO लिंक का इस्तेमाल करें। क्या WhatsApp पर PF बैलेंस भी चेक होगा? इस मामले में सावधानी जरूरी है। EPFO का नया आधिकारिक WhatsApp Channel मुख्य रूप से जानकारी और घोषणाएं भेजने वाला चैनल है। EPFO की घोषणा से यह पुष्टि नहीं होती कि हर सदस्य इस चैनल पर अपना व्यक्तिगत PF बैलेंस या निकासी सीधे कर सकता है। कुछ रिपोर्टों में WhatsApp आधारित व्यक्तिगत सेवाओं जैसे PF बैलेंस, अंतिम कुछ लेनदेन और क्लेम स्टेटस की सुविधा का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ऐसी व्यक्तिगत सेवाओं को आधिकारिक रूप से उपलब्ध मानने से पहले EPFO की वेबसाइट या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय की पुष्टि करना बेहतर है। साइबर फ्रॉड से रहें सावधान WhatsApp पर EPFO के नाम से आने वाले किसी भी अनजान मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। EPFO ने सदस्यों को UAN, पासवर्ड, OTP, Aadhaar, PAN और बैंक खाते की जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की चेतावनी दी है। किसी एजेंट या साइबर कैफे को EPFO की मुफ्त ऑनलाइन सेवाओं के लिए अनावश्यक पैसा भी न दें। EPFO के अनुसार उसकी ऑनलाइन सेवाएं और शिकायत प्रक्रिया आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध हैं। EPFO का WhatsApp Channel सदस्यों को जरूरी अपडेट आसानी से पहुंचाने का नया माध्यम है। लेकिन इसे PF खाते में लॉगिन करने या सभी व्यक्तिगत सेवाएं लेने वाला पूर्ण विकल्प नहीं समझना चाहिए। व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले हमेशा EPFO के आधिकारिक माध्यम की पुष्टि करें। - जे. पी. शुक्ला
पति पत्नी और करवा चौथ (व्यंग्य)
पति की उम्र बढ़ाने के लिए पत्नी को पटाने, करवा चौथ का व्रत ज़िंदगी में फिर आ गया है। एक राष्ट्रीय अखबार ने एक बढ़िया खबर छापी कि चांद देखे बगैर भी खोला जा सकता है व्रत। एक पीएचडी ज्योतिषाचार्य ने समझाया कि अगर मौसम खराब हो, बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई न दे तो भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं। कहीं से भी चांद देखने की सूचना मिलते ही व्रत खोला जा सकता है। वीडियो काल पर चांद देखना वैध माना गया है। ज्योतिषी सरगी का समय सुबह छ बजे के बाद बताते हैं लेकिन बहुत सी पत्नियां सुबह चार बजे ही उठ जाती हैं क्यूंकि उन्हें अपनी सास के ज़माने से आदत है। करवा चौथ के व्रत से सास इफेक्ट जाता नहीं। जब हम असली बुद्धि के ज़माने में थे तो कई नकली परिवर्तन किए अब नकली बुद्धि के युग में हैं तो त्योहार मनाने की शैली में असली परिवर्तन होना चाहिए यानि जैसे प्राचीन काल में स्त्रियां व्रत रखती थी वैसे रखें ताकि पति की जान वास्तव में सलामत रहे और पति से भी सम्मान मिले। इसे भी पढ़ें: सैटिंग, बैटिंग और रेटिंग (व्यंग्य) इंसान ने अपनी बनाई कृत्रिम बुद्धि के कारण कुदरत द्वारा दी नैसर्गिक बुद्धि को नकारना शुरू कर दिया है लेकिन दूसरी तरफ पूरे होश और जोश के साथ परम्परा और संस्कृति की लकीरों को पीटा जा रहा है। काफी कोशिश करने पर भी परम्पराएं छूट नहीं पा रही। परिस्थितियों में निरंतर बदलाव, ज़िंदगी में उगती जा रही वक़्त की कमी के कारण कुछ परम्पराएं बदल भी रही हैं। करवा चौथ की रात को खाने का तरीका बदला है। रिसोर्ट और होटल में जाकर व्रत खोल रहे हैं जोकि पौराणिक पारम्परिक संस्कृति के अनुसार गलत माना जाना चाहिए। पूजा समय पर नहीं करते लेकिन पूरा दिन त्यौहार मान लिया जाता है। पतियों ने भी व्रत रखना शुरू कर दिया गया है लेकिन मनोरंजक दिखावा और रिश्तों में छलावा बढ़ रहा है। इसलिए लगता नहीं अब इस व्रत से पति की जान बच सकती है। क्या वैवाहिक संस्था की व्यवस्था परिवर्तन चाहती है । पति की लम्बी आयु के लिए रखा जाने वाला व्रत बदलाव के कई रास्ते तय कर चुका है। करवा खरीदने बारे सोशल मीडिया पर अफवाहें उग रही हैं जिससे महिलाएं धोखा खा रही हैं। उधर धार्मिक नियमों के रखवालों को गुस्सा आ रहा है। उनके अनुसार धर्म पुस्तकों की पंडिताई गौण हो गई है क्यूंकि लोगों फेस टू फेस न होकर फेस बुक पर विशवास कर रहे हैं। धर्म और धर्म शास्त्र के प्रति निष्ठा कम करने में एंटी सोशल पंडिताई का सर्वश्रेष्ठ अविस्मरणीय योगदान है। हालांकि वे वहम न करने को कह रहे हैं। विदेश में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए दिलचस्प दुविधा है। वहां का समय भारतीय समय के असमानांतर है। उनका व्रत शुरू करने का समय कुछ और होता है जो भारतीय समय से बिलकुल अलग होता है। क्या उन्हें व्रत का फल मिलता होगा। वैसे व्रत रखना स्वास्थ्य के लिए हमेशा लाभदायक रहा है। उसमें बाज़ार के दखल की ज़रूरत नहीं होती लेकिन बाज़ार शातिर होता है किसी भी अवसर उत्सव त्यौहार यहां तक कि दुःख के अवसरों को भी नहीं बख्शता। बदलाव लाना मुश्किल काम है। - संतोष उत्सुक
करवा चौथ : सरगी सिर्फ रस्म नहीं, सेहत के लिए भी जरुरी है
नई दिल्ली, करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। सरगी की परंपरा सिर्फ धार्मिक मान्यताओं से ही नहीं जुड़ी है बल्कि सेहत के लिहाज से भी इसका खास महत्व है।
विधानपरिषद चुनाव: अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों और कैसे हारे बाहुबली अनंत सिंह?
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट का चुनाव उम्मीदवारों की लड़ाई से आगे बढ़कर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया।
बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी एएसओ मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। संतोष कुमार ने पहला,
ललित सुरजन की कलम से -प्रायोजित पत्रकारिता की चुनौतियां- 3
'यूं तो यह स्थिति लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अभी हाल में इसका ज्यादा खुला रूप सामने आया है
त्यौहार के समय जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतें परिवारों के बजट पर भारी
भारत में त्यौहार एक महत्वपूर्ण परम्परा है, सिर्फ जश्न मनाने का मौका नहीं। इसलिए इस दौरान परिवार नए कपड़े, मिठाइयां, सजावट के सामान और उपहार खरीदने पर काफी पैसा खर्च करते हैं
दूसरा पहलू: जापान में अंतिम संस्कार पर लाखों का खर्च, कब्र के लिए भी जगह नहीं; अब पेड़ों के पास दफन हो रही राख
अपनी सोच पर सवाल उठाना भी साहस है: जब अहंकार छोड़ दूसरों को समझेंगे, तभी रिश्तों में आएगी गहराई-Why Questioning Your Own Beliefs Is Courage: Lessons on Love, Ego and Relationships
बदलाव के संकेत: तकनीकी तरक्की की कीमत कहीं नौकरियां तो नहीं?
बदलाव के संकेत: तकनीकी तरक्की की कीमत कहीं नौकरियां तो नहीं?
चुनौतियां दूर होने के बाद ही दौड़ेंगी एथेनॉल गाड़ियां
सौ फीसदी एथेनॉल वाले ईंधन को मंजूरी देने का केंद्र सरकार का फैसला विवेचना की मांग करता है। इस ईंधन में पेट्रोल नहीं होता, जिसका मतलब है, गाड़ियां ‘हाइड्रो-कार्बन’ से नहीं, बल्कि ‘बायो फ्यूल’ से चलेंगी। निश्चय ही, ई-100 ईंधन वाली गाड़ियों को मंजूरी…
न्यायपालिका की प्रतिष्ठा सबसे जरूरी
देश के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की आने वाली पुस्तक विदाउट फीयर ऑर फेवर से जुड़े कुछ अंशों और खुद उनके साक्षात्कारों ने भारतीय न्यायपालिका की आंतरिक कार्यशैली को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है…
विचार: जिम्मेदार नागरिक निर्माण में शिक्षा का महत्व
यह लेख शिक्षा, परिवार और शिक्षकों की जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। नई शिक्षा व्यवस्था को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन, मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम नागरिक तैयार करना चाहिए।
विचार: राष्ट्र निर्माण में नई पीढ़ी की भूमिका
आज की पीढ़ी पहले की पीढ़ियों की तुलना में बहुत भिन्न है। उसके हाथ में पाठ्यपुस्तक से पहले मोबाइल आ जाता है। वह ऐसी दुनिया में बड़ा हो रहा है, जहां ज्ञान के स्रोत विद्यालय और परिवार तक सीमित नहीं हैं। इंटरनेट मीडिया, वीडियो प्लेटफार्म्स, गेमिंग, एआइ और डिजिटल समुदाय उसके सीखने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए उन्हें इनके सदुपयोग की समुचित जानकारी देनी होगी, क्योंकि यही वह पीढ़ी है जिसके सहयोग से विकसित भारत का निर्माण संभव होगा
विचार: वामपंथियों के शिकंजे में जकड़ी कांग्रेस
वामपंथियों से घिरे राहुल गांधी की रीति-नीति से कांग्रेस मध्यमार्गीय दल की अपनी छवि से मुक्त होने को है
जागरण संपादकीय: विपक्ष का उतावलापन
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की चुनाव आयोग के हलफनामे पर प्रतिक्रिया उसकी बेचैनी को दर्शाती है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
दिल्ली और एनसीआर : प्रदूषण नियंत्रण पर उपायों को मजबूत करे
जयपुर, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और एनसीआर में शामिल चार राज्यों को प्रदूषण नियंत्रण उपायों को मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के बाद ही करे योग नहीं तो पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली, योग शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है, लेकिन गलत तरीके से किया गया योग शरीर को लाभ पहुंचाने की जगह नुकसान भी कर सकता है। अक्सर लोग बिना किसी ट्रेनर या सही जानकारी के योगाभ्यास शुरू कर देते हैं, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर कई फिल्मों के बीच मुकाबला है। कमाई के मामले में 'जेलर 2' सबसे आगे है।वहीं पुरानी फिल्म 'दृश्यम 3' कई नई फिल्मों पर भारी पड़ रही है।
दूसरा पहलू: जब धूमकेतु से खौफ पैदा हो जाता था, आजखगोलीय परिघटना कहते हैं, कभी राजाओं के पतन का संकेत समझते थे
जीवन धारा: महानता आडंबर में नहीं चरित्र में होती है, अच्छे इन्सान बनने का सूत्र अपनाएं
जीवन धारा:महानता आडंबर में नहीं चरित्र में होती है, अच्छे इन्सान बनने का सूत्र अपनाएं
समस्या केवल पराली नहीं: साफ हवा के लिए राजनीति को दोषारोपण से ऊपर उठना पड़ेगा; किन कार्यों में सरकार की सफलता?
इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती
इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती
नशे के विरुद्ध त्रिशूल: पूर्वोत्तर में नशे के अवैध कारोबार का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ध्वस्त, ऐसी निरंतरता जरूरी
इज़रायल का चुनाव : सत्ता कगार पर
बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक ताकत एक सशक्त तर्क पर टिकी है : इज़रायल अस्तित्व के खतरों का सामना कर रहा है और केवल उनके पास इनसे निपटने का अनुभव और संकल्प है।
यह संयोग ही नहीं है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने, विजयदशमी के अपने परंपरागत संबोधन में एक तरह से इस युद्घ ऐलान किया है।
विचार: तकनीक आधारित विकास को गति
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन विकसित भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
विचार: उत्तर प्रदेश का निर्णायक प्रश्न
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का राजनीतिक भविष्य केवल जातियों के जोड़-घटाव पर केंद्रित नहीं होना चाहिए
जागरण संपादकीय: बचकानी राजनीति
आखिर वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या इसलिए कि वे अच्छे से जान रहे हैं कि वोट चोरी का आरोप झूठा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर जो अशोभनीय टिप्पणी की है, वह बहुत निंदनीय है। उन्होंने ऐसा जान-बूझकर कहा या उनकी महज जुबान फिसल गई, यह तो वही जानते होंगे, लेकिन बाद में…
आंध्र प्रदेश के निकाय चुनावों में हैरान कर रही हिंसा
आंध्र प्रदेश में शहरी नुक्कड़ों और गांवों के चौराहों पर इन दिनों एक जंग-सी छिड़ी हुई है। ऐसे नजारे वहां पहले कभी नहीं देखे गए। वहां स्थानीय निकायों (शहरी और ग्रामीण पंचायत) के चुनाव होने वाले हैं और इनमें अपना दबदबा कायम करने के लिए…
पंजाब में फिर नशे पर बिछी बिसात
फिल्म उड़ता पंजाब बॉक्स ऑफिस पर भले झंडे न गाड़ पाई, मगर चुनावी राजनीति के थियेटर से उतरने का नाम नहीं ले रही। लगातार दो बार जनादेश पाने वाली अकाली-भाजपा सरकार 2017 में सत्ता से बेदखल हो गई, तो उसमें ‘उड़ता पंजाब’, यानी नशीले पदार्थों की…
ब्राजील में वाम विचारों के नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। लूला डा सिल्वा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं। ट्रंप की इच्छा थी कि ब्राजील में लूला…
पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदन
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला। क्या है PMEGP योजना? प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा देता है। इसे भी पढ़ें: यूपी सरकार द्वारा एक करोड़ महिलाओं को ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना से बदलेगी उद्यमिता की तस्वीर? प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसे MSME मंत्रालय के तहत KVIC लागू करता है। इसका उद्देश्य नए माइक्रो एंटरप्राइज शुरू कराकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना में बैंक लोन के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी दी जाती है। PMEGP के खास फायदे - फाइनेंशियल सपोर्ट और मार्जिन मनी सब्सिडी: PMEGP, माइक्रो-एंटरप्राइज शुरू करने या बढ़ाने वाले एंटरप्रेन्योर्स के लिए शुरुआती फाइनेंशियल बोझ को कम करने के लिए मार्जिन मनी सब्सिडी देता है। सब्सिडी कैटेगरी और जगह के हिसाब से अलग-अलग होती है, जिसमें ग्रामीण इलाकों और महिलाओं, SC/ST और दिव्यांग लोगों जैसी खास कैटेगरी के लिए ज़्यादा सपोर्ट होता है। सब्सिडी और बेनिफिशियरी कंट्रीब्यूशन के बाद, बाकी प्रोजेक्ट कॉस्ट को शेड्यूल्ड बैंक फाइनेंस करते हैं, जिससे नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए ज़्यादा पर्सनल इन्वेस्टमेंट के बिना कैपिटल पाना आसान हो जाता है। - सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा: यह स्कीम नॉन-फार्म सेक्टर में सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा देती है, जिसमें लोगों और सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) जैसे ग्रुप दोनों को टारगेट किया जाता है। यह नए एंटरप्रेन्योर्स को मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज़ और ट्रेड में काम के बिज़नेस शुरू करने में मदद करता है, जिससे सस्टेनेबल रोज़गार बनता है और सैलरी वाली नौकरी पर डिपेंडेंस कम होती है। - रोज़गार पैदा करना और इकोनॉमिक डेवलपमेंट: नए माइक्रो-एंटरप्राइज़ को सपोर्ट करके, PMEGP ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोज़गार के मौके पैदा करता है। इससे ग्रामीण इलाकों से शहरी इलाकों में माइग्रेशन रोकने में मदद मिलती है, सैलरी कमाने की कैपेसिटी बढ़ती है और लोकल इकोनॉमिक ग्रोथ में मदद मिलती है। - पहली बार एंटरप्रेन्योर्स के लिए एनकरेजमेंट: यह स्कीम खास तौर पर पहली बार बिज़नेस ओनर्स के लिए फायदेमंद है, जो उन्हें अपने वेंचर्स के लिए एक मज़बूत फाउंडेशन बनाने के लिए फाइनेंशियल और एडवाइजरी सपोर्ट देती है कितना प्रोजेक्ट लगा सकते हैं? मौजूदा नियमों के अनुसार PMEGP में अधिकतम प्रोजेक्ट लागत इस प्रकार है: - मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: 50 लाख रुपये तक - सर्विस सेक्टर: 20 लाख रुपये तक - सब्सिडी की दर श्रेणी और ग्रामीण/शहरी क्षेत्र के आधार पर 15% से 35% तक हो सकती है। - सामान्य श्रेणी में लाभार्थी का अपना योगदान सामान्यतः 10% और विशेष श्रेणी में 5% होता है। ध्यान रखें, यह पूरी रकम सरकार मुफ्त में नहीं देती। बैंक प्रोजेक्ट के आधार पर लोन मंजूर करता है और पात्रता के अनुसार सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी लोन से जुड़ती है। कौन कर सकता है आवेदन? PMEGP की आधिकारिक जानकारी के अनुसार: - आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। - नई यूनिट शुरू करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। - मैन्युफैक्चरिंग में 10 लाख रुपये से अधिक और सर्विस/बिजनेस में 5 लाख रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है। - एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को नई यूनिट के लिए सहायता मिल सकती है। - पहले से चल रही यूनिट सामान्य नई-इकाई सहायता के लिए पात्र नहीं है। - जिस प्रोजेक्ट में पूंजीगत खर्च नहीं है, उसे PMEGP के तहत वित्त नहीं किया जाता। आवेदन कैसे करें? PMEGP के लिए ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। आवेदन में प्रस्तावित कारोबार, प्रोजेक्ट लागत, अपनी हिस्सेदारी और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। इसके बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदन की जांच और बैंक स्तर पर ऋण संबंधी निर्णय होता है। सरकार ने संभावित आवेदकों की मदद के लिए PMEGP हेल्पडेस्क और मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान PMEGP में लोन या सब्सिडी गारंटीड नहीं है। कारोबार की व्यवहार्यता, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पात्रता और बैंक की क्रेडिट प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने कारोबार का खर्च, बिक्री, कच्चा माल, मशीनरी और संभावित रोजगार का स्पष्ट अनुमान तैयार करें। मनोज शर्मा की कहानी दिखाती है कि छोटा शुरू किया गया कारोबार सही योजना और वित्तीय मदद से आगे बढ़ सकता है। लेकिन PMEGP को मुफ्त पैसा समझने के बजाय इसे बैंक लोन से जुड़ी सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी योजना के रूप में समझना जरूरी है। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक PMEGP पोर्टल पर पात्रता और आवेदन प्रक्रिया देखकर ही आगे बढ़ें। - जे. पी. शुक्ला
विचार: उपभोक्ताओं में जागरूकता जरूरी
त्योहारों पर मिठाइयों और दूध में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जिसके पीछे अधिक मुनाफा कमाने की चाह और कमजोर कानून व्यवस्था मुख्य कारण हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून, नियमित जांच और उपभोक्ताओं की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

