जब भक्ति के सुर हों, कृष्ण की कथा हो और पूरा सभागार एक साथ हरिनाम में डूब जाए, तो संगीत महज प्रस्तुति नहीं रहता, वह अनुभव बन जाता है एक दिव्य यात्रा की।
उद्योगों में भी उत्तम है, 'लघु'
भारतीय समाज को आमतौर पर कृषि प्रधान माना जाता है, किंतु यह अर्धसत्य है।
जवाबदेही का मुद्दा फिर से एजेंडे पर
खुद मुख्य न्यायाधीश ने बीसीआई अध्यक्ष को बिना अधिकार के बोलने के लिए फटकार लगाई।
बरसात में प्रकृति की अनुपम छटा!
बरसात का मौसम आते ही धरती के सौंदर्य की छटा देखती ही बनती है।
Imran Khan Health: 'जेल में टॉर्चर, आंखों के इलाज के लिए इंजेक्शन'; पूर्व PM इमरान की बहन के दावे में और क्या?
आयुर्वेद के विज्ञान और विरासत पर आधारित वेलनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का सरल और सुलभ हिस्सा बनाने के उद्देश्य से कार्यरत Cura ने 21 से 23 अगस्त तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं वेलनेस एक्सपो 2026 में भाग लिया
खुद को दिमागी नक्सल क्यों बता रहे कुछ नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ का जो शब्द इस्तेमाल किया, उसने देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। भारत में नक्सलवाद केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रहा है। यह लगभग छह दशकों…
विचार: भीड़तंत्र का पर्याय न बने लोकतंत्र
राष्ट्रीय राजनीति में जनता पार्टी से लेकर असम में आसू और आम आदमी पार्टी के उदाहरणों में देखा गया कि छात्र-युवा अंततः पेशेवर नेताओं द्वारा ही मुख्य रूप से इस्तेमाल होते हैं।
अपने विरोधियों को ऐसे निशाना बनाना गलत
बीते 15 अगस्त, 2026 को देश की आजादी के जलसे को लाल किले के प्राचीर से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया जुमला उछाला- ‘दिमागी नक्सल’। उन्होंने इस जुमले को ‘डी कोड’ भी किया…
बांग्लादेश का ताजा रुख विरोधाभासी
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तीस्ता नदी का विवाद दशकों पुराना है, लेकिन ढाका का ताजा रुख इसलिए विवादास्पद माना जा रहा है, क्योंकि उसके बयान और कदम एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। एक ओर बांग्लादेश भारत को…
विचार: बार-बार चेतावनी देता हिमालय
हिमालय में लगातार हो रहे सुरंग हादसों से निर्माण एजेंसियों की लापरवाही और भूगर्भीय अनदेखी उजागर हुई है
वायरल तस्वीर में राजीव गांधी का सूटकेस पकड़े शख्स खरगे नहीं हैं, यह है सच
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि तस्वीर में राजीव और राहुल गांधी के साथ दिख रहे शख्स सिद्धार्थ रेड्डी हैं जो राजीव गांधी के करीबी दोस्तों में शामिल थे.
महिलाओं के लिए मुफ्त कानूनी सलाह, कैसे और कहां मिलेगी मदद? जानें
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है। सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है। इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ? किन मामलों में मिल सकती है मदद? मुफ्त कानूनी सहायता केवल अदालत में वकील उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसमें जरूरत के अनुसार निम्नलिखित चीज़ें शामिल हो सकती है: - कानूनी सलाह और मार्गदर्शन - अदालत में वकील की सहायता - कानूनी दस्तावेज तैयार कराने में मदद - अपील या अन्य कानूनी प्रक्रिया में सहायता - उपयुक्त मामलों में कोर्ट फीस और अन्य कानूनी खर्च - विवाद को समझौते या लोक अदालत के माध्यम से सुलझाने में सहायता किन महिलाओं को मिल सकती है मुफ्त कानूनी सहायता? महिला होने के आधार पर पात्रता मिलती है। यानी केवल यह वजह कि महिला आर्थिक रूप से सक्षम है, उसे इस सुविधा से बाहर नहीं करती। NALSA में यह स्पष्ट किया गया है कि महिला अपनी आय या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है। कहां मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद? महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इन संस्थाओं से संपर्क कर सकती हैं: - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA): आमतौर पर जिला अदालत परिसर में कार्यालय होता है। - तालुका/तहसील विधिक सेवा समिति (TLSC): स्थानीय स्तर पर कानूनी सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है। - राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA): राज्य स्तर पर सहायता उपलब्ध होती है। - NALSA (National Legal Services Authority): राष्ट्रीय स्तर पर मार्गदर्शन और सहायता मिल सकती है। - Legal Aid Clinic: कई स्थानों पर पैरालीगल वॉलंटियर और पैनल वकील प्रारंभिक सहायता देते हैं। ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन मुफ्त कानूनी सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। NALSA के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन में सामान्य तौर पर अपनी पहचान, संपर्क विवरण और कानूनी समस्या से जुड़ी जानकारी देनी होती है। जरूरत के अनुसार संबंधित दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। 15100 पर भी मिल सकती है कानूनी सहायता जरूरी कानूनी मदद के लिए NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। वहां से महिला को आगे की प्रक्रिया और संबंधित विधिक सेवा संस्था के बारे में मार्गदर्शन मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में कहां संपर्क करें? उत्तर प्रदेश में महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) या अपने जिले के DLSA से संपर्क कर सकती हैं। UPSLSA के अनुसार महिला और बच्चे मुफ्त कानूनी सेवाओं के पात्र वर्ग में शामिल हैं। आवेदन लिखित रूप से, निर्धारित फॉर्म के जरिए या कुछ परिस्थितियों में मौखिक रूप से भी किया जा सकता है। क्या आवेदन के लिए कोई फीस लगती है? नहीं। NALSA के अनुसार मुफ्त कानूनी सहायता के आवेदन फॉर्म को लेने या जमा करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सेवाएं भी मुफ्त होती हैं। कानूनी परेशानी में आर्थिक स्थिति को मदद लेने की राह में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। महिलाओं के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह, वकील और अन्य कानूनी सहायता का प्रावधान है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी DLSA/TLSC से संपर्क करें या 15100 पर कानूनी सहायता के लिए मार्गदर्शन लें। आवेदन करने से पहले संबंधित संस्था से अपने मामले की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर ले लें। - जे. पी. शुक्ला
Raksha Bandhan 2026: भद्रा नही इस रक्षाबंधन राहू बिगाड़ेगा खेल, जानें भाई को राखी बांधने का सबसे शुभ समय
लहसुन की 1-2 कलियां रोज खाये, दिल से लेकर पेट तक फायदे ही फायदे
नई दिल्ली, हमारे घर की रसोई में ऐसी कई चीजें होती हैं, जिन्हें हम रोज खाते हैं, लेकिन उनके फायदे के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। लहसुन भी ऐसी ही एक चीज है। सब्जी हो, दाल हो या चटनी, लहसुन खाने का स्वाद बढ़ा देता है। लेकिन लहसुन सिर्फ स्वाद के लिए ही खास नहीं है। इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं।
बीजेपी ने पंजाब के स्कूलों की बदहाल स्थिति का पुराना वीडियो हाल का बताकर शेयर किया
बूम ने पाया कि पंजाब बीजेपी द्वारा आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए शेयर किया गया वीडियो असल में 2018 का है. उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी.
Gen-Z का असर या सियासी डर? बाबा रामदेव बोले, मायावती की भी टूटी चुप्पी!
Gen-Z को लेकर छिड़ी बहस अब नेताओं के बयानों से आगे निकल चुकी है। बाबा रामदेव के बाद मायावती का मुखर होना बताता है कि नई पीढ़ी के सवालों को अब नजरअंदाज करना आसान नहीं। जिस
'विदेश में अब तो अनगिनत इंडियन रेस्तरां खुल गए हैं। इनके नाम हिन्दी या उर्दू में होते हैं।
'videsh mein ab to anginat indian restaurant khul gaye han. inke naam hindi ya urdu mein hote han. lekin adhiktar aap payenge ki inke malik bangladesh ke han.
दूसरी पारी: फ्रॉड हो गया, तो घबराएं नहीं; जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराएं
Second Innings: Don't panic if you've been defrauded; file a complaint as soon as possible- दूसरी पारी: फ्रॉड हो गया, तो घबराएं नहीं; जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराएं
मुड़-मुड़ के देख: उम्र तो सिर्फ समय का हिसाब है, 'बुजुर्ग' होना कोई नकारात्मक पहचान नहीं
Looking Back: Age is merely a measure of time; being 'elderly' is not a negative identity - मुड़-मुड़ के देख: उम्र तो सिर्फ समय का हिसाब है, 'बुजुर्ग' होना कोई नकारात्मक पहचान नहीं
मुद्दा: पैदल यात्री आखिर कहां जाएं, कैसे निकलेगी राह
Issue: Where should pedestrians go and how will they find their way? - मुद्दा: पैदल यात्री आखिर कहां जाएं, कैसे निकलेगी राह
दुनिया: पश्चिम की नीतियों में इतना विरोधाभास क्यों, फिर पुतिन को नसीहतों का औचित्य?
Why is there such contradiction in West's policies, and what, then, is the justification for lecturing Putin? - दुनिया: पश्चिम की नीतियों में इतना विरोधाभास क्यों, फिर पुतिन को नसीहतों का औचित्य?
21 August Rashifal: इन 4 राशि वालों को आज काम में मिलेगी अच्छी खबर, पढ़ें 12 राशियों का हाल
Rashifal 21 August: आइए जानते हैं आज का दिन मेष से लेकर मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा।
मार्च 2020 में कोविड-19 संकट के दौरान अपनी सार्वजनिक छवि को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद 'पीएम केयर्स' नाम का प्रचार-प्रसार वाला शब्द गढ़ा था सार्वजनिक छवि
विचार: एकाकी होता जीवन का संध्या काल
परिवार नामक संस्था भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषता रही है। उसे बचाने और मजबूत करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आदि संगठन ‘कुटुंब प्रबोधन’ जैसे अभियान चलाकर इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
विचार: जवाबदेही से दूर होते जनप्रतिनिधि
दोनों सदनों के लगभग साढ़े सात सौ सांसदों के वेतन-भत्तों और सुख-सुविधाओं पर भी तो करदाताओं की गाढ़ी कमाई ही खर्च होती है।
महिलाओं को मोहरा बनाती राजनीति
मौजूदा राजनीति में, जब विरोधी असल मुद्दों पर जीत नहीं पाते, तो वे एक पुरानी और घिनौनी चाल का सहारा लेते हैं। वे ‘विरोधियों’ की नजदीकी महिलाओं को मोहरे की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं। यह तरीका पितृसत्ता जितनी ही पुरानी…
तालिबान को मान्यता दिए बगैर उससे बात बढ़ाएं
काबुल पर 15 अगस्त, 2021 काे तालिबान ने कब्जा किया था, यानी अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के पांच वर्ष हो गए, मगर आज भी यह मुल्क एक ऐसी विरोधाभासी स्थिति में फंसा हुआ है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय…
अशालीन पहनावे पर नियंत्रण जरूरी
दिल्ली उच्च न्यायालय में एक वकील ने जब यह तर्क दिया कि ‘लड़की ने जींस और टॉप क्यों पहना था?’ तो न्यायाधीश ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए साफ-साफ कहा कि किसी महिला के कपड़े उसकी निजी पसंद हैं। वह क्या पहनती है…
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् पर छिड़ा विवाद दुखद और गैर-जरूरी है। काश! इस मामले में राजनेताओं में परस्पर सहमति बन जाती, तो अनावश्यक चर्चा को बल नहीं मिलता। इसमें कोई दोराय नहीं कि यह गीत हमारे स्वतंत्रता संग्राम में एक…
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के लिए हुक्का बनाते मुलायम सिंह की तस्वीर फेक है
बूम ने पाया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत सपा नेता मुलायम सिंह यादव की यह तस्वीर OpenAI के AI टूल्स की मदद से बनाई गई है.
एक भूखंड पर 150 से अधिक दावेदार, 109 आवेदकों को मिला भूखंड
मधुबन बापूधाम योजना में अपनी जमीन, अपना आसमान के तहत बुधवार को हिंदी भवन में ऑनलाइन ई-लॉटरी का आयोजन किया, जिसमें 109 भूखंडों को आवंटित किया गया। इसके लिए 16,436 आवेदक पात्र पाए गए थे। ऐसे में एक भूखंड पर 150 से अधिक आवेदकों ने दावेदारी की…
जीवन धारा: सत्य तो हमारे भीतर ही छिपा है, अपने मन पर विजय पाना ही सार्थक सूत्र
जीवन धारा: सत्य तो हमारेभीतर ही छिपा है, अपने मन पर विजय पाना ही सार्थक सूत्र
बुढ़िया के ताल में सदियों पुराने राज:इमारत पहली नजर में रहस्यमय लगती है, ASI को मिलीं बौद्ध और जैन मूर्तियां!
पीढ़ी तो यही काम करेगी: जेन-जी और जेन अल्फा के कंधे पर विकसित भारत का सपना, क्या हम अवसर दे रहे हैं?
पीढ़ी तो यही काम करेगी: जेन-जी और जेन अल्फा के कंधे पर विकसित भारत का सपना, क्या हम अवसर दे रहे हैं?
उन्नीस साल बाद कोलकाता लौटना: अपने खोए हुए जीवन के एक जरूरी अध्याय में वापसी; लिखती रहूंगी, सच कहती रहूंगी
परीक्षा रद्द, सवाल बाकी: आंदोलन फिलहाल शांत, उत्तीर्ण अभ्यर्थी दंडित न हों, ये सुनिश्चित किया जाना भी जरूरी
Aaj Ka Rashifal 20 August: मेष और सिंह राशि वालों की बढ़ेगी तरक्की, मिलेंगे नए अवसर
Aaj Ka Rashifal 20 August 2026: आज का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए खास रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का असर करियर, कारोबार, धन और रिश्तों पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा।
मौत की सज़ा बरकरार, लेकिन पूरी तरह खुला है इसे खत्म करने का रास्ता
अदालत ने मौत की सज़ा देने के राज्य के मौजूदा तरीके को सही ठहराया है, साथ ही यह भी माना है कि उस तरीके का समर्थन करने वाले वैज्ञानिक आधार पुराने पड़ सकते हैं।
ललित सुरजन की कलम से- देशबन्धु: चौथा खंभा बनने से इंकार- 9
1950 के दशक में नागपुर से 'प्रतिभा' शीर्षक एक बेहतरीन साहित्यिक पत्रिका प्रकाशित होती थी, जिसमें संपादक के रूप में वीरेंद्र कुमार तिवारी का नाम छपता था।
भारतीय राजनीति में सोनिया गांधी का जीवन हमेशा ही चर्चा का विषय रहा है।
मेरठ-करनाल हाईवे पर बिडौली गुरुद्वारे के सामने बुधवार को हादसा हो गया।
टीकरी मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी पंप पर हुए भीषण ब्लास्ट ने ट्रांसपोर्ट कंपनियों की लापरवाही पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विचार: राष्ट्रीय गीत के प्रति दुर्भाग्यपूर्ण रवैया
चूंकि केरलम में मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस चुनाव लड़ती है और वह सरकार में शामिल है, इसलिए वहां राष्ट्रीय गीत का गायन नहीं हुआ। कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में यह स्थिति नहीं है, इसलिए इसे वहां गाया गया।
विचार: फरक्का समझौते से न हो देश को क्षति
पिछले 30 वर्षों से हो रही अन्यायपूर्ण अनदेखी को समाप्त करना समय की जरूरत है। बिहार सहित गंगा बेसिन पर निर्भर सभी राज्यों की 2050 तक की जल आवश्यकताओं का वैज्ञानिक आकलन कर एक नई व्यवस्था लागू की जाए।
यह सही है कि सुधारों का सिलसिला सदैव कायम ही रहता है, लेकिन जो सुधार बहुत पहले हो जाने चाहिए थे, उनका भी लंबित रहना अफसोस और चिंता की बात है।
सावन में कजरी से पूरबिया तक लोक संगीत परंपरा
कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया/ बदरिया घेरि आइल ननदी/ तू त जात हउ अकेली/ कौनो संग न सहेली... जी हां, ऐसे मधुर कजरी गीत सावन के महीने में ही सुनाई पड़ते हैं। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, सावन और कजरी... यह आपस में बिंधा…
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाली पहल
अक्षय ऊर्जा दिवस 20 अगस्त को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2004 में इस दिवस को मनाने का शुभारंभ किया गया था। अक्षय ऊर्जा का मतलब समझना जरूरी है, इस ऊर्जा…
अपनी पत्रकारिता के दौर में मैं राजीव गांधी से अक्सर मिला करता था। इन मुलाकातों के दरम्यान कई बार उन्होंने यह कहा कि तुम पत्रकार हो, मेरी आलोचना भी लिखा करो। एक बार मैंने पूछ ही लिया कि आप ऐसा क्यों कहते हैं…
शासन-प्रशासन की छोटी-बड़ी कमियों के विरोध में देश भर में विरोध-प्रदर्शनों का माहौल बनना चिंता की बात है। दोराय नहीं कि जंतर मंतर पर हुए आंदोलन से प्रेरित प्रदर्शनों की बाढ़ आई हुई है। स्वाभाविक है, छात्रों की नाराजगी को भुनाने…
फिल्म टॉक्सिक के लिए नयनतारा ने मुंडवा लिया सिर? नहीं, तस्वीर AI की मदद से एडिट की गई है
बूम ने पाया कि वायरल हो रही नयनतारा की दोनों तस्वीरें गूगल AI का उपयोग करके बनाई गई हैं.
बदलते मौसम में फ्लू को हल्के में न ले, बीमारी में गलती से भी ना करे ये काम
नई दिल्ली, मौसम बदलने के साथ सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। इन्हीं में से एक है फ्लू। यह एक तरह का वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो नाक और गले के साथ-साथ फेफड़ों पर भी असर डालता है। कई बार फ्लू के लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग इसे मामूली सर्दी-जुकाम समझ लेते हैं और अपनी मर्जी से दवाएं लेने लगते हैं। यही छोटी-छोटी गलतियां कई बार बीमारी को बढ़ा सकती हैं।
मेथी से बनाए हेयर मास्क, बेजान बालो के लिए कारगर नुस्खा
नई दिल्ली, मेथी के दाने हमारी रसोई में बहुत आम हैं। इनका इस्तेमाल सब्जियों, दाल और दूसरी चीजों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन यही छोटे-छोटे दाने बालों की देखभाल में भी काम आ सकते हैं। खासकर जब बाल रूखे, बेजान या कमजोर नजर आने लगें, तब मेथी से बना लेप एक समाधान हो सकता है। इसमें कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों और सिर की त्वचा के लिए मददगार होते हैं।
तनाव से राहत से लेकर दिमाग तेज करने तक, मेडिटेशन के फयदे जाने
नई दिल्ली, आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए समय काफी कम होता जा रहा है। काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां, भविष्य की चिंता और लगातार भागती दिनचर्या का असर मन पर भी पड़ता है। कई बार बिना किसी खास वजह के बेचैनी महसूस होने लगती है, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है या किसी काम में मन लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कुछ मिनट खुद के लिए निकालना काफी मददगार हो सकता है।
भरोसे की परीक्षा:एनटीए पर लगातार उठ रहे सवाल,चुनौती दोबारा परीक्षा कराने भर की नहीं, विश्वसनीयता की बहाली भी
Aaj Ka Rashifal 19 August: इन 5 राशि वालों के लिए लकी रहेगा दिन, बनेंगे सभी अटके काम
Rashifal 19 August:जानिए मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।
असफलता से सीख: जीवन सीधी रेखा नहीं, निरंतर सृजन है; क्या बदलते रास्ते ही हमें बेहतर इंसान बनाते हैं?
असफलता से सीख: जीवन सीधी रेखा नहीं, निरंतर सृजन है; क्या बदलते रास्ते ही हमें बेहतर इंसान बनाते हैं?
ललित सुरजन की कलम से - शीशे का मसीहा
'शीशे के मसीहाओं की इस लंबी कतार में सबसे ताजा नाम देश के महालेखानियंत्रक वी.के. राय का है. जनता को ऐसा बताया जा रहा है मानो भ्रष्टाचार से खात्मे के लिए वे ही देश की आखिरी उम्मीद हैं
चीन का 'आइस सिल्क रोड': आर्कटिक में सबसे पहले पहुंचना क्यों मायने रखता है
पिघलती बर्फ और सुलगते मध्य पूर्व ने चीन को एक नया व्यापारिक मार्ग और एक शुरुआती बढ़त दे दी है
भारी वर्षा और धराशायी होती हरियाली
भारतीय मानसून केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं है; यह जीवन और विनाश, दोनों का एक साथ आगमन है।
मानसून का बुखार: गंभीर होने से पहले पहचानें चेतावनी के संकेत
जयपुर, 18अगस्त2026:मानसून गर्मी से राहत लेकर आता है,लेकिन इसके साथ आने वाली नमी,बारिश और जगह-जगह जमा पानी मौसमी संक्रमणों के लिए अनुकूल परिस्थितियां भी पैदा करते हैं। इस मौसम में डेंगू,मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां आम होती हैं। वहीं,टाइफाइड,डायरिया और बुखार के अन्य कारण भी सामने आ सकते हैं,जिन पर समय रहते ध्यान देना ... Read more
विचार: सत्ताधारी दल के संगठन की चुनौतियां
किसी सत्तारुढ़ दल के संगठन का काम तब आसान होता है, जब उसकी सरकार सुशासन के हर मोर्चे पर मजबूत दिखे
जागरण संपादकीय: स्वदेशी रक्षा सामग्री
रक्षा मंत्रालय ने 400 से अधिक सैन्य सामग्री के स्वदेशी निर्माण की छठी सूची जारी की, जिसमें उन्नत हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान शामिल हैं।
संकट में सहायता करने वालों की कमी नहीं
हर वर्ष 19 अगस्त को ‘विश्व मानवतावादी दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस केवल उन लोगों के स्मरण का अवसर नहीं है, जिन्होंने युद्ध, हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के बीच दूसरों की सहायता करते हुए अपने प्राण…
रेलवे की तरह सड़क परिवहन को भी डीजल मुक्त बनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से कहा, ‘भारतीय रेल का सौ फीसदी नेटवर्क अब बिजली से चलने लगा है।’ मतलब, भारत ऐसा करने वाला स्विटजरलैंड के बाद दुनिया का दूसरा देश बन गया और बड़े…
टीम नवीन से भाजपा ने बांधी नई उम्मीद
एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खबर आ ही गई। भारतीय जनता पार्टी के नए से पुराने हो चुके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया गया। नवीन को बड़े जोर-शोर से पीढ़ीगत बदलाव के नाम पर पटना से…
Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?
आधार आज कई सरकारी और निजी सेवाओं में पहचान के दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है। बैंकिंग और दूसरी सेवाओं में KYC के लिए भी आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार नंबर को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए Masked Aadhaar का विकल्प दिया गया है। इसमें आधार नंबर के ज्यादातर अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं। क्या होता है Masked Aadhaar? UIDAI के मुताबिक, Masked Aadhaar में आधार नंबर के पहले आठ अंक ‘xxxx-xxxx’ से छिपा दिए जाते हैं, जबकि केवल अंतिम चार अंक दिखाई देते हैं। यानी 12 अंकों का पूरा आधार नंबर दस्तावेज पर नजर नहीं आता। यह e-Aadhaar का ही एक रूप है। इसका मकसद जरूरत के मुताबिक पहचान का दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करना है। इसे भी पढ़ें: Atal Pension Scheme: क्या आपको मिल सकती है 5000 रुपये की पेंशन? क्या Masked Aadhaar से बैंक अकाउंट सुरक्षित रहता है? यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। Masked Aadhaar अपने आप बैंक अकाउंट को फ्रॉड से सुरक्षित नहीं करता। इसका फायदा मुख्य रूप से यह है कि आपका पूरा आधार नंबर हर जगह साझा नहीं होता। UIDAI स्पष्ट करता है कि केवल आधार नंबर की जानकारी से कोई व्यक्ति बैंक खाते से पैसे नहीं निकाल सकता। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए बैंक का PIN, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। इसलिए Masked Aadhaar को सुरक्षा की एक अतिरिक्त सावधानी के तौर पर देखा जा सकता है, न कि बैंक फ्रॉड से बचाव की गारंटी के रूप में। Masked Aadhaar इस्तेमाल करने के फायदे - पूरा 12 अंकों का आधार नंबर सामने नहीं आता। - दस्तावेज की कॉपी साझा करते समय आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे का जोखिम कम होता है। - पहचान सत्यापन के लिए जरूरत के मुताबिक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। - आधार नंबर को सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने में मदद मिलती है। Masked Aadhaar कैसे डाउनलोड करें? Masked Aadhaar को UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। - UIDAI के MyAadhaar पोर्टल पर जाएं। - Download Aadhaar विकल्प चुनें। - अपना आधार नंबर या उपलब्ध अन्य विवरण दर्ज करें। - OTP के जरिए सत्यापन करें। - डाउनलोड के विकल्प में Masked Aadhaar चुनें। - PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रखें। UIDAI के अनुसार e-Aadhaar को MyAadhaar पोर्टल या mAadhaar ऐप के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान Masked Aadhaar इस्तेमाल करने के साथ इन सावधानियों का भी ध्यान रखें: - बैंक का OTP किसी के साथ साझा न करें। - ATM PIN, UPI PIN और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड गोपनीय रखें। - अनजान लिंक पर क्लिक करके बैंकिंग जानकारी न भरें। - किसी अनजान व्यक्ति को आधार की कॉपी जरूरत से ज्यादा साझा न करें। - सार्वजनिक जगहों या सोशल मीडिया पर आधार की पूरी कॉपी पोस्ट न करें। - संदिग्ध बैंक कॉल आने पर खुद बैंक के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें। UIDAI यह भी बताता है कि आधार नंबर का इस्तेमाल अपने आप बैंकिंग फ्रॉड करने के लिए नहीं किया जा सकता; बैंक खाते की सुरक्षा के लिए PIN और OTP जैसी गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना जरूरी है। ज्यादा सुरक्षा चाहिए तो UID लॉक कर सकते हैं। अगर आप आधार की सुरक्षा को और मजबूत करना चाहते हैं तो UIDAI की Aadhaar Lock/Unlock सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। UIDAI के अनुसार Aadhaar (UID) लॉक करने के बाद UID, UID Token और VID के जरिए बायोमेट्रिक, डेमोग्राफिक और OTP आधारित authentication नहीं किया जा सकता। जरूरत पड़ने पर इसे बाद में अनलॉक किया जा सकता है। Masked Aadhaar उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प है, जिन्हें पहचान दस्तावेज साझा करने की जरूरत पड़ती है लेकिन वे अपना पूरा आधार नंबर सार्वजनिक नहीं करना चाहते। इसमें पहले आठ अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं। हालांकि, इसे बैंक खाते की सुरक्षा की गारंटी नहीं समझना चाहिए। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए OTP, PIN, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। जरूरत के अनुसार Masked Aadhaar और UIDAI की अन्य सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करके आधार संबंधी जोखिम को कम किया जा सकता है। - जे. पी. शुक्ला
405 रक्षा उत्पाद : लड़ाकू विमान से बख्तरबंद प्लेटफॉर्म तक अब भारत में होगा विकास
नई दिल्ली, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिली है। रक्षा उत्पादन विभाग ने 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रक्षा वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची जारी की है।
विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: रोमन पोलांस्की- हादसे ही जीवन की कथा रही
विश्व सिनेमा के इतिहास में रोमन पोलांस्की का नाम एक प्रभावशाली पोलिश-फ्रेंच फिल्ममेकर, निर्देशक और अभिनेता के रूप में दर्ज है। उनकी फिल्मों में मनोवैज्ञानिक तनाव, रहस्य, भय और मानवीय रिश्तों की जटिलताओं को खास अंदाज में पेश किया गया।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच जारी है। तीन दिन का खेल हो चुका है।
Moral Values: भीतर की नैतिक आवाज कैसे बनती है जीवन की सबसे बड़ी ताकत, हर फैसला लेने से पहले क्यों सोचना चाहिए?
ललित सुरजन की कलम से न्यायमूर्ति दवे के उद्गार
श्री दवे पहली कक्षा से ही बच्चों को गीता और रामायण पढ़ा देना चाहते हैं।
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
लाल किले का भाषण और फासीवादी एजेंडा की खुलती परतें
'दिमागी नक्सल के नाम पर किस तरह मौजूदा निजाम की तमाम वास्तविक आलोचनाओं को मोदीशाही निशाने पर रखने जा रही है,
विचार: फिर से पटरी पर आता बंगाल
नए बंगाल को आधुनिक बनना है, लेकिन अपनी जड़ों को छोड़कर नहीं। सौ दिन मंजिल नहीं, शुरुआत हैं।
विचार: सुविधा की कीमत चुकाने का समय
समग्रता में देखें तो हर किसी सेवा-सुविधा के साथ कुछ शुल्क तो जुड़ा ही रहता है। अगर यह शुल्क स्पष्ट है तो उसमें ईमानदारी का भाव रहेगा, लेकिन दबे-छिपे रूप में शायद ऐसा संभव न हो।
जागरण संपादकीय: भाजपा की नई टीम
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम मेंयुवाओं और अनुभवी लोगों में संतुलन बैठाने के साथ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने की कोशिश की गई है और युवाओं एवं महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
दिमागी नक्सलियों पर पूरे देश में चर्चा के मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ के खतरे से सावधान किया है। यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि नक्सलवाद केवल जंगलों में हथियार उठाने से नहीं फैलता, बल्कि….
विजय सरकार में सौ दिन का हासिल
अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय की सरकार ने तमिलनाडु की सत्ता में 100 दिन पूरे कर लिए। इसमें कोई शक नहीं कि उनके सुपरस्टार होने की वजह से उन्हें अपनी पार्टी बनाने के दो साल के अंदर ही सत्ता मिल गई, मगर क्या फिल्मी…
पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रगान के अपमान के दावे से एडिटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में पीछे राष्ट्रगान नहीं चल रहा है. 20 जून 2025 को बिहार के सीवान में आयोजित एक कार्यक्रम के वीडियो में राष्ट्रगान की धुन अलग से एडिट करके जोड़ी गई है.
लोअर बैक दर्द है तो करे शलभासन, नियमित अभ्यास से मिलेंगे कई लाभ
नई दिल्ली, आजकल लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल पर झुककर रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर और पीठ से जुड़ी परेशानियां आम होती जा रही हैं। ऐसे में योग शरीर को एक्टिव रखने का एक आसान तरीका हो सकता है। योग के कई आसनों में शलभासन (लोकस्ट पोज) को खास माना जाता है। यह आसन मुख्य रूप से पीठ, जांघों और हिप्स की मांसपेशियों को सक्रिय करता है।
सोशल मीडिया के प्रभाव में छात्र, हार्मोन बिगाड़ने वाले प्रोडक्टस की डिमांड बढ़ी : रिसर्च
नई दिल्ली, सोशल मीडिया आज सिर्फ मनोरंजन या दोस्तों से जुड़े रहने का जरिया नहीं रह गया है। खासकर किशोरों की रोजमर्रा की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन गया है। अब एक नई रिसर्च ने सोशल मीडिया के एक और पहलू पर ध्यान खींचा है। अमेरिका में हुई इस स्टडी के मुताबिक, जो हाई स्कूल के छात्र सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं और ब्यूटी, हेयर केयर या मेकअप से जुड़ा कंटेंट ज्यादा देखते हैं, वे पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स का भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल हो सकते हैं जो शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।
बिना दूध के बनने वाले एनालॉग पनीर पर एमपी, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बाद उत्तर प्रदेश ने भी कार्रवाई का फैसला किया है। जानें असली, नकली और एनालॉग पनीर में अंतर और एफएसएसएआई के नियम।
विचार: जेन-जी के सपनों को मिले पंख
प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत के सपने के बावजूद, जेन-जी और जेन-अल्फा युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और कोचिंग संस्कृति जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं
विकास और युवा:बस्तर में आजादी के बाद से पहली बार तिरंगा स्वागतयोग्य, अर्थपूर्ण तभी जब अंतिम व्यक्ति तक लाभ
मुद्दा: तकनीक का जिम्मेदार इस्तेमाल जरूरी, ताकि जनता का भरोसा कायम रहे; सोशल मीडिया के साथ चुनौती भी बढ़ी
MP: पिस्टल के साथ फोटो वायरल हुई तो घर पहुंची पुलिस, अलमारी खोली तो मिले तीन करोड़ रुपये; जांच शुरू
सागर के तिली तिगड्डा इलाके में सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो भाइयों के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान हथियार तो नहीं मिला, लेकिन अलमारी से नोटों के बंडल बरामद हुए हैं।
Nag Panchami 2026: शुभ संयोग में नाग पंचमी आज, इन संदेशों से दें सभी को शुभकामनाएं
Nag Panchami 2026: आज नाग पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर आप इन प्यार भरे संदेशों के जरिए अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं दे सकते हैं।
ललित सुरजन की कलम से - 'स्मार्ट सिटी' का सपना
स्मार्ट सिटी की चर्चा करते हुए एक भय भी मन में उपजता है। अनेक वर्ष पूर्व इरविंग वालेस का उपन्यास आया था- द आर डाक्यूमेंट
संगठित राजनीति से भी आगे बढ़ रही है जंतर मंतर प्रदर्शन की भावना
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में अचानक होने वाले छात्र आन्दोलन एक ऐसी कमज़ोरी को सामने ला रहे हैं जिसे पारंपरिक राजनीति पहचानने में धीमी रही है

