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घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश

अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।

देशबन्धु 13 Jun 2026 3:20 am

गांधी के मुताबिक : छल-कपट से फिलिस्तीन यहूदियों को नहीं दिया जा सकता

'पिछले युद्ध में मुसलमान सैनिकों ने अपना खून इसलिए नहीं बहाया कि वे फिलिस्तीन को मुसलमानी नियंत्रण से बाहर किसी दूसरे को अर्पित कर दें।

देशबन्धु 13 Jun 2026 3:10 am

मरूभूमि में आत्मनिर्भरता की राह

उरमूल यानी उत्तरी राजस्थान मिल्क यूनियन लिमिटेड। 90 के दशक में उरमूल का विकेन्द्रीकरण हुआ। उरमूल ट्रस्ट बना।

देशबन्धु 13 Jun 2026 3:00 am

दिनभर रहती है थकान और सुस्ती? नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में थकान और सुस्ती को लोग आम समस्या मानकर अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग इसे काम के दबाव, कम नींद या मौसम का असर समझकर छोड़ देते हैं

देशबन्धु 13 Jun 2026 2:37 am

विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया

गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:47 pm

केरल में निपाह और शिगेला के बढ़ाते मामले पर हाई कोर्ट सख्त

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, केरल में जहां एक ओर निपाह वायरस का खतरा पैदा हो गया है, तो वहीं वायनाड में शिगेला बैक्टीरिया का प्रकोप जारी है। शिगेला के नए मामले दूसरे जिलों से सामने आने लगे हैं।

देशबन्धु 12 Jun 2026 1:43 pm

चाय के साथ गलत फूड कॉम्बिनेशन बढ़ा सकते हैं पेट की परेशानी, बढ़ सकती हैं गैस और एसिडिटी की समस्या

भारत में चाय रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम की थकान तक, एक कप चाय लोगों को आराम देने का काम करती है

देशबन्धु 12 Jun 2026 10:46 am

ललित सुरजन की कलम से साथ-साथ चुनाव करवाने का विचार

लोकसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। वह अगले आम चुनाव में भी अपनी दुबारा विजय के प्रति खासी आश्वस्त है।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:30 am

नीले धुएं की धरती: 'ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स'

'केड्स-कोव' जैसी घाटियों में आज भी पुराने लकड़ी के घर, लोकसंगीत, हस्तनिर्मित काष्ठ-शिल्प और ग्रामीण जीवन की झलक सुरक्षित है।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:20 am

कई लड़ाइयों में लड़ने वाली ममता बनर्जी क्या बागियों से हार गई?

ममता बनर्जी अभी भी बहुत लोकप्रिय हैं। टीएमसी के बड़े हिस्से में, उनके नेतृत्व पर सीधे हमले से ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता दूर हो सकते हैं।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:10 am

बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें

बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:12 pm

मासूम बचपन पर मजदूरी का बोझ: क्या बच्चों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं?

12जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस -बाबूलाल नागा जब किसी होटल में चाय परोसता,किसी ढाबे पर बर्तन साफ करता या ईंट-भट्टे पर काम करता बच्चा दिखाई देता है,तब केवल एक बच्चा मजदूरी नहीं कर रहा होता,बल्कि संविधान की आत्मा भी कहीं न कहीं घायल होती है। बच्चों के हाथों में किताबों और खिलौनों ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:05 pm

राजस्थान से राज्यसभा में अनुभव, सादगी और समर्पण की नई तिकड़ी

–राकेश दुबे राजस्थान की राजनीति में राज्यसभा चुनाव प्रायः राजनीतिक गणित,रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के लिए चर्चा में रहते हैं,लेकिन इस बार का चुनाव एक अलग ही संदेश देकर गया। प्रदेश से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नीरज डांगी तथा भारतीय जनता पार्टी के डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका सिंह गुर्जर का निर्विरोध निर्वाचन केवल ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:03 pm

भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया

नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।

देशबन्धु 11 Jun 2026 5:16 pm

अपने अपने कुरुक्षेत्र में

*आवाजों का छायादार चेहरा* *रात घर से निकलते हुए डर लगता है* *चांद दीवार पर रखा कटा सर लगता है* *अब्बास ताबिश का यह शे’ र हर उस समय के लिए माैजू बैठता है जब अंधेरे समूह चांद की चांदनी को डसने लगते हैं ।* *मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा जाने के रस्ते को बाधित ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 11:23 am

दिल्ली में आंधी-तूफान के बाद ट्रैफिक पुलिस ने रातभर चलाया राहत अभियान

दिल्ली में 9 जून की देर शाम अचानक आए तेज धूल भरे तूफान और उसके बाद आधी रात के बाद खराब हुए मौसम ने राजधानी में जनजीवन को प्रभावित कर दिया।

देशबन्धु 11 Jun 2026 3:40 am

ललित सुरजन की कलम से ''मोदीवाद की जीत

याद करें कि 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी की छवि को सामने रखा गया था, लेकिन तब चुनाव भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले लड़ा गया था और भ्रष्टाचार से मुक्ति तथा देश के विकास के नाम पर वोट मांगे गए थे।

देशबन्धु 11 Jun 2026 3:30 am

धन्य आध्यात्मिक यात्रा-हज: अनुग्रह की दिव्य संरचना : पवित्र यात्रा की आध्यात्मिक ज्यामिति पर एक चिंतन

अंतिम तीर्थयात्रा के द्वार पर खड़ा होना आत्मा की उस सूक्ष्म कंपन को महसूस करना है, जो उड़ान भरने से पहले एक पक्षी के पंखों में होती है।

देशबन्धु 11 Jun 2026 3:20 am

बारह साल बेमिसाल की गठरी खुल गई

प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर इस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता पर 12 साल पूरे करने की खुशियां उमड़ी जा रही हैं।

देशबन्धु 11 Jun 2026 3:10 am

असम में आंधी और भारी बारिश की आशंका, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले सात दिनों में असम के विभिन्न जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है

देशबन्धु 11 Jun 2026 2:50 am

राज्यसभा में निर्विरोध चयन से निखरी नीरज डांगी की राजनीतिक प्रतिष्ठा

अपने पिता की तरह नीरज भी आलाकमान के करीबी, दिनेश राय डांगी का भीथा जनता से गहरा लगाव -विशेष संवाददाता- जयपुर। राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नीरज डांगी सहित बीजेपी के डॉ सतीश पूनिया और डॉ अलका गुर्जर का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। लेकिन दूसरी बार राज्यसभा में जा रहे नीरज डांगी ... Read more

अजमेरनामा 10 Jun 2026 10:38 pm

लिवर,किडनी और तनाव को कम करे मंडूकासन

नई दिल्ली,आधुनिक जीवन की भागदौड़ और अनियमित जीवनशैली ने मानव के खान-पान और रहन-सहन को पूरी तरह बदल दिया है। इस बदलाव का सीधा और सबसे प्रतिकूल प्रभाव हमारे आंतरिक अंगों पर पड़ता है, जिनमें मुख्य रूप से लिवर और किडनी सर्वाधिक प्रभावित होते हैं।

देशबन्धु 10 Jun 2026 5:38 pm

ये रहे भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाने वाले नेचुरल ड्रिंक्स

नई दिल्ली, देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। तपती धूप, उमस भरी हवाएं और तेज गर्मी से जनजीवन पूरी तरह बेहाल है।

देशबन्धु 10 Jun 2026 4:10 pm

भारत में सस्ते एचपीवी टेस्ट से सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिल सकती है नई दिशा, जांच को मिलेगा बढ़ावा

सर्वाइकल कैंसर भारत में एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है। हर साल लगभग 1,27,000 नए मामले सामने आते हैं और करीब 80,000 महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो जाती है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की नियमित जांच 3–5 साल के अंतराल पर करने से इस बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है। इसके लिए 'विजुअल इंस्पेक्शन विद एसीटिक एसिड' नामक जांच राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद जांच का दायरा बहुत कम है।

देशबन्धु 10 Jun 2026 12:24 pm

बिहार-बंगाल का प्रदूषण अब हिमालय के ग्लेशियरों तक पहुंचा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक रिसर्च रिपोर्ट बता रही है कि बिहार और बंगाल के प्रदूषण की चपेट में हिमालय के ग्लेशियर भी आ गए हैं. केवल एक दशक में वायु प्रदूषण 20 प्रतिशत बढ़ गया है

देशबन्धु 10 Jun 2026 9:52 am

विश्व नेत्रदान दिवस : मौत के बाद भी जिंदा रहती हैं आंखें, किसी की अंधेरी दुनिया में ला सकता है उजाला

क्या आप जानते हैं कि इंसान की मृत्यु के बाद भी उसकी आंखें इस खूबसूरत दुनिया को देख सकती हैं? चिकित्सा विज्ञान का यह प्रमाणित सच किसी चमत्कार से कम नहीं है कि मौत के बाद भी हमारी आंखें जीवित रहती हैं और एक एकल मृत दाता की आंखों से आज की आधुनिक 'घटक सर्जरी' तकनीक के जरिए दो या उससे अधिक नेत्रहीन लोगों के जीवन में रोशनी लौटाई जा सकती है।

देशबन्धु 10 Jun 2026 6:40 am

हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे

खुद की उपेक्षा और पायलट को आगे बढ़ते देखना गहलोत को बर्दाश्त नहीं, शीर्ष पर रहे राजनीतिक क्षत्रप उतार आने पर बौखला जाते हैं *ओम माथुर* जब किसी राज्य में कोई राजनीतिक क्षत्रप लगातार शीर्ष पर रहता है, तो उसे ये बर्दाश्त नहीं होता है कि कोई उसे वहां से हटा दें। ... Read more

अजमेरनामा 10 Jun 2026 5:33 am

*तृणमूल की बिखरी पत्तियां*

*फूलों का बिखरना तो तय था लेकिन* *कुछ इसमें हवाओ की सियासत बहुत थी* *ममता बनर्जी की तृणमूल या फूल की पत्तियां के बिखरने पर परवीन शाकिर का उक्त शे’र कुछ इस तरह मानस में कौंधता है गोया शायरा ने इसी मौके के लिए यह कहा हो।* *ममता के साथ जो क्या ... Read more

अजमेरनामा 10 Jun 2026 5:31 am

नेत्रदान: अंधकार से प्रकाश की ओर सबसे बड़ा सेतु

विश्व नेत्रदान दिवस (10 जून, 2026) पर विशेषः मानव जीवन में आंखों का महत्व केवल देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हमारी चेतना, संवेदना, ज्ञान और जीवन के सौंदर्य का द्वार हैं। आंखों के माध्यम से ही हम प्रकृति की विविधता, परिवार का स्नेह, समाज की गतिविधियों और संसार की अनंत संभावनाओं का अनुभव ... Read more

अजमेरनामा 10 Jun 2026 5:27 am

शोर्य पराक्रम मेवाड़ रत्न महाराणा प्रताप

इतिहास गवाह है कि मुगल सम्राट अकबर के द्वारा दिये गये झूठे आश्वासन, उच्चस्थान, पदाधिकार आदि प्रलोभनों और भय से वशीभूत होकर कई राजपतू राजाओं ने सम्राट अकबर सत्ता के सामने नतमस्तक होकर उनकी अधीनता मंजूर कर ली थी जिससे यह स्थापित हो गया कि अधिकतर राजपूत अपना गौरव खो चुके थे ऐसा प्रतीत होता ... Read more

अजमेरनामा 10 Jun 2026 5:25 am

नरेंद्र मोदी, जनादेश की निरंतरता और भारतीय लोकतंत्र का बदलता स्वरूप

10जून2026भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि का दिन नहीं है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार4,399दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। किंतु इतिहास केवल संख्याओं से नहीं बनता;इतिहास ... Read more

अजमेरनामा 10 Jun 2026 5:11 am

तेल के बदले एथेनॉल : समाधान जब समस्या बन जाए?

विकास का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि या आयात बिल में कमी नहीं है। विकास वह है जो प्रकृति, समाज और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करे।

देशबन्धु 10 Jun 2026 3:30 am

ललित सुरजन की कलम से संसद की सर्वोच्चता कायम रखने की जरूरत

'एक आम धारणा बन गई है कि अगर देश में स्थितियां बिगड़ती हैं तो उन्हें न्यायपालिका का सहारा लेकर ही सुधारा जा सकता है।

देशबन्धु 10 Jun 2026 3:20 am

इंडिया गठबंधन की बैठक का संदेश- 'हम नहीं सुधरेंगे'

लोकसभा में संख्याबल के लिहाज से जितना मजबूत विपक्ष इस समय है, उतना पहले कभी नहीं रहा,

देशबन्धु 10 Jun 2026 3:10 am

आरआरबी भर्ती : तकनीशियन के 6,565 पदों पर वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी, जल्‍द शुरू होंगे आवेदन

भारतीय रेलवे में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने तकनीशियन के विभिन्न 6,565 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं

देशबन्धु 10 Jun 2026 3:05 am

केरल में सेना अधिकारी पर हुए हमले का पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो दिसंबर 2024 का है, तब केरल के एक NCC कैंप में लेफ्टिनेंट कर्नल करनैल सिंह पर फूड पॉइजनिंग से जुड़े आरोपों के बाद हमला हुआ था.

बूमलाइव 9 Jun 2026 4:22 pm

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ के दावे से AI एडिटेड विजुअल हुए वायरल

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो और तस्वीर प्रदर्शन के वास्तविक दृश्य नहीं दिखाते, बल्कि इनमें एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है.

बूमलाइव 9 Jun 2026 11:07 am

ललित सुरजन की कलम से यह तो पहिला फेरबदल है

होशियारपुर के दलित सांसद विजय सांपला को मंत्री बनाने से यही संकेत मिलता है।

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:30 am

जनसांख्यिकी परिवर्तन आयोग या 'हिंदू राज' की ओर लंबी छलांग!

जनसांख्यिकी परिवर्तन आयोग, जिसका हाल में गठन किया गया है, इस तरह पहचाने गए संदिग्ध घुसपैठियों को 'डिपोर्ट' करने का रास्ता तैयार करने के लिए है।

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:10 am

अनूप-शुभ्रा के सृजन के पच्चीस वर्ष

कला केवल रंगों, रेखाओं और आकृतियों का संयोजन नहीं होती, वह जीवन की अनुभूतियों, संबंधों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति भी होती है। जब दो कलाकार अपने-अपने स्वतंत्र व्यक्तित्व, दृष्टि और शैली के साथ जीवन की यात्रा में सहयात्री बनते हैं, तब उनकी रचनात्मकता एक नए आयाम को जन्म देती है। डॉ. अनूप कुमार चांद और ... Read more

अजमेरनामा 8 Jun 2026 10:42 pm

गूगल 2029 तक स्पेसएक्स को देगा 30 अरब डॉलर, एआई कंप्यूटिंग क्षमता के लिए हुआ बड़ा समझौता

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने कहा है कि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने क्लाउड सेवाओं से जुड़े एक समझौते के तहत कंप्यूटिंग क्षमता हासिल करने के लिए हर महीने 92 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है

देशबन्धु 8 Jun 2026 10:50 am

चुनाव सुधार के लिए लोकतांत्रिक ताकतों को ज़ोरदार संघर्ष शुरू करना होगा

बिहार में चुनाव आयोग के एसआईआर आदेशों के खिलाफ याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि 'आयोग को अपने संवैधानिक अधिकार के तहत नागरिकता की सीमित जांच करने का अधिकार है, ताकि वह मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता के बारे में खुद को संतुष्ट कर सके

देशबन्धु 8 Jun 2026 3:20 am

देश गंभीर स्थिति में इंडिया की बैठक पर सबकी निगाह

जनता की समस्याओं का हल उसके बाद ही होना शुरू होगा। मोदी को जनता की समस्याएं हल करने में कोई दिलचस्पी नहीं है

देशबन्धु 8 Jun 2026 3:10 am

मिलावट-मुक्त भारत से ही विकसित भारत संभव

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2026) पर विशेषः हर वर्ष 7 जून को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस केवल सुरक्षित भोजन की आवश्यकता का स्मरण कराने वाला दिवस नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, आर्थिक समृद्धि और सतत विकास के लिए एक वैश्विक संकल्प का अवसर भी है। वर्ष 2026 ... Read more

अजमेरनामा 7 Jun 2026 4:49 am

परीक्षा के सवाल, परीक्षा पर सवाल

देश में परीक्षाएँ अब केवल विद्यार्थियों की नहीं रहीं, बल्कि स्वयं परीक्षाओं की भी परीक्षा होने लगी है।

देशबन्धु 7 Jun 2026 3:40 am

इस्लामाबाद : एक अलग तरह की राजधानी

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बारे में बड़ा मज़ा लेकर पाकिस्तानी कहता है इस्लामाबाद में न तो इस्लाम है और न आबादी! मगर हम उसे इस्लामाबाद कहते हैं।

देशबन्धु 7 Jun 2026 3:36 am

फायदेमंद ही नहीं, हर उम्र के लिए मजेदार भी है योगासन, आयुष मंत्रालय ने बताया कैसे

योग दिवस को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इस बीच भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना नए योगासनों के बारे में जानकारी देते हुए इसे दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दे रहा है

देशबन्धु 6 Jun 2026 9:45 am

तृणमूल कांग्रेस में टूट और ममता की बढ़ती चिन्ताएं

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जिसने पिछले डेढ़ दशक से बंगाल की राजनीति पर लगभग एकाधिकार स्थापित कर रखा था, आज आंतरिक असंतोष, नेतृत्व संबंधी प्रश्नों और जनविश्वास के संकट से जूझती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर असंतुष्ट नेताओं और विधायकों ... Read more

अजमेरनामा 6 Jun 2026 4:19 am

एसआईआर को हरी झंडी और बाहर हुए लोगों की मुश्किलें

एक गहरे स्तर पर एसआईआर प्रक्रिया की यह अव्यवस्था भारतीय लोकतंत्र के कामकाज में मौजूद एक बड़ी समस्या की ओर भी इशारा करती है।

देशबन्धु 6 Jun 2026 3:20 am

फीफा वर्ल्ड कप 26: कौन बनेगा चैंपियन!

11 जून से शुरू होने जा रहा फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है।

देशबन्धु 6 Jun 2026 3:10 am

पहाड़ पर फिर हरियाली

उत्तराखंड के जड़धार में जंगल बचाने, पानी-मिट्टी का संरक्षण, परम्परागत खेती और देशी बीज बचाने का अनूठा काम हुआ है और आज भी जारी है।

देशबन्धु 6 Jun 2026 3:00 am

इतना गर्म कैसे हो गया यूपी का बांदा जिला?

उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका यूं तो गर्मी और सूखे की खबरों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है लेकिन इसी इलाके का एक जिला बांदा, पिछले कुछ साल से देश के सबसे गर्म जिलों में शामिल होने का रिकॉर्ड बनाता जा रहा है

देशबन्धु 5 Jun 2026 11:41 pm

बीजेपी ने पटना के विकास के दावे से AI एडिटेड वीडियो शेयर किया

बूम ने वीडियो बनाने वाले कंटेट क्रिएटर से संपर्क किया जिन्होंने बताया कि उन्होंने पटना के असली विजुअल में एआई की मदद से लाइटिंग बढ़ाकर दिखाया है.

बूमलाइव 5 Jun 2026 11:13 pm

फैक्ट चेक: बांग्लादेश में मुस्लिम कट्टरपंथी ने काटे हिंदू महिला के बाल? जानें सच्चाई

बूम ने पाया वीडियो के साथ किया गया सांप्रदायिक दावा गलत है. घटना 2 मार्च 2026 की है, जहां बांग्लादेश के रूपगंज में चोरी के आरोप में तीन मुस्लिम महिलाओं के बाल काट दिए गए थे.

बूमलाइव 5 Jun 2026 6:26 pm

जर्मनी ने 20 साल में अपने एक तिहाई पेटेंट गंवाए, किसने जीते?

चीन की कंपनियों ने बीते सालों में बड़ी तेजी से जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय पेटेंट पर कब्जा जमाया है. हालांकि जर्मनी के पेटेंट हथियाने वाले देशों में सबसे आगे है अमेरिका

देशबन्धु 5 Jun 2026 4:27 pm

तालिबान और रूस के बीच क्यों बढ़ रही नजदीकियां?

रूस और तालिबान ने सोवियत जमाने के रूस में बने हथियारों की मरम्मत के लिए एक समझौता किया है

देशबन्धु 5 Jun 2026 4:19 pm

5 जून को एनसीआर में फिर येलो अलर्ट : आंधी-तूफान और बारिश के आसार; 6 जून से मौसम रहेगा सुहावना

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक बार फिर 5 जून को येलो अलर्ट जारी किया है

देशबन्धु 5 Jun 2026 9:45 am

पर्यावरण : संविधान का मूल्य, जीवन का आधार

5जून विश्व पर्यावरण दिवस –बाबूलाल नागा हर वर्ष5जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक औपचारिक दिवस नहीं,बल्कि मानव समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने का अवसर है। जल,जंगल,जमीन,स्वच्छ वायु और जैव विविधता केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं,बल्कि जीवन के मूल आधार हैं। यदि प्रकृति संतुलित रहेगी तो ... Read more

अजमेरनामा 5 Jun 2026 6:00 am

जब परीक्षा व्यवस्था स्वयं परीक्षा में असफल होने लगे ?

रात के दो बजे हैं। देश के किसी छोटे शहर में एक विद्यार्थी अभी भी जाग रहा है। मेज पर खुली हुई पुस्तकें हैं,दीवार पर समय-सारिणी चिपकी है और मोबाइल फोन महीनों से लगभग निष्क्रिय पड़ा है। घर के बाकी सदस्य सो चुके हैं,पर उसकी आँखों में नींद नहीं,भविष्य है। वह अकेला नहीं है। भारत ... Read more

अजमेरनामा 5 Jun 2026 5:58 am

देश के प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, नमस्कार। मैं कोसीनोक जैन, अजमेर का निवासी, आपसे एक गंभीर विषय पर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जानकारी के अनुसार, देश की संसद में वर्ष 2003 से कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसका उद्देश्य सांसदों और मंत्रियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा इन पेयों में ... Read more

अजमेरनामा 5 Jun 2026 5:31 am

मोदी, हिन्दी और संस्कृत

'भाषाविज्ञान के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है कि जो वैदिक संस्कृत थी आगे चलकर उसका स्थान लौकिक संस्कृत ने ले लिया,

देशबन्धु 5 Jun 2026 3:30 am

'विश्व पर्यावरण दिवस' पर विशेष जैव-विविधता के मार्फत बचाया जा सकता है पर्यावरण!

अनियंत्रित मानवीय हस्तक्षेप और कृत्रिम जलवायु परिवर्तन-जैव-विविधता के संकट को बढ़ाने में इंसान का सीधा हस्तक्षेप सबसे ज्यादा जिम्मेदार है।

देशबन्धु 5 Jun 2026 3:20 am

केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते सेना प्रमुख का यह वीडियो डीपफेक है

बूम ने पाया कि भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी मूल वीडियो में देश की सैन्य तैयारियों पर बात कर रहे हैं.

बूमलाइव 4 Jun 2026 5:45 pm

नशा: राष्ट्र की जड़ों को खोखला करने वाली चुनौती

भारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है। देश की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी सामर्थ्य, सबसे बड़ी पूंजी और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विज्ञान, तकनीक, उद्योग, शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों ... Read more

अजमेरनामा 4 Jun 2026 8:31 am

Weather News: आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में आंधी-बारिश; कई राज्यों में अलर्ट जारी

देशभर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और भारी बारिश की संभावना है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून केरल में दस्तक देने की तैयारी में है।

देशबन्धु 4 Jun 2026 8:27 am

पिंगल से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक

आज मानवता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रवेश कर चुकी है। मशीनें भाषा समझ रही हैं,चित्र बना रही हैं,निर्णय ले रही हैं और अनेक क्षेत्रों में मनुष्य की क्षमताओं को चुनौती देती दिखाई दे रही हैं। विश्व के अधिकांश देशों में एआई को तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। किंतु भारत के ... Read more

अजमेरनामा 4 Jun 2026 8:07 am

ललित सुरजन की कलम से इस चेतावनी को सुनें

'यह व्यापार ही तो है जिसके चलते दुनिया के भूगोल में कई बार परिवर्तन हुए हैं और राजनीतिक इतिहास में नए-नए मोड़ आए हैं। अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देशों को हमेशा अपने अंगूठे के नीचे रखना चाहा, जिसका सफल प्रतिकार सबसे पहले फिदेल कास्त्रो के क्यूबा ने किया। कास्त्रो की राह पर ही वेनेजुएला के ह्यूगो शावेज, ब्राजील के जेवियर लूला, बोलेविया के इवो मोरालेस आदि चले, अर्जेन्टीना के नेस्टर किर्चनर ने भी काफी हद तक उसी रास्ते को अपनाया। यह सब अमेरिका को पसंद नहीं आया, परिणाम सामने है। ब्राजील में राष्ट्रपति दिलमा रूसेफ को संसद में महाभियोग लाकर हटाकर एक कार्पोरेट मुखिया को राष्ट्रपति बना दिया गया। वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को हटाने की कोशिशें हो रही हैं। अर्जेन्टीना में पूर्व राष्ट्रपति क्रिस्टीना किर्चनर के ऊपर मुकदमे की तैयारी चल रही है। इधर रूस और चीन की निकटता बढ़ी है। पाकिस्तान के साथ भी रूस ने संबंध बढ़ाए हैं। चीन ने भारत को ''वन बेल्ट वन रोड' परियोजना में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया है। भारत अभी तय नहीं कर पा रहा है कि वह समयसिद्ध मित्र रूस के साथ कहां तक संबंध निभाए, पाकिस्तान के प्रति उसकी नीति क्या हो और चीन से रिश्तों की शक्ल क्या बने।' (अक्षर पर्व फरवरी 2017 अंक की प्रस्तावना) https://lalitsurjan.blogspot.com/2017/02/blog-post_8.html

देशबन्धु 4 Jun 2026 3:30 am

कौड़ियों में उलझा भाषायी चरित्र

आज गांधी के अहिंसा के दर्शन पर बात करने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि पिछले कई सालों से हिंसा को सामान्य भाव की तरह लिया जाने लगा है।

देशबन्धु 4 Jun 2026 3:20 am

क्या रहने लायक बचे हैं, हमारे शहर?

क्लाइमेट स्मार्ट शहरों का निर्माण-अगर हमें अपने शहरों को भविष्य में रहने योग्य बनाए रखना है, तो पारंपरिक निर्माण और शहरी नियोजन के ढर्रे को पूरी तरह से 'ब्लू-ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर' में बदलना होगा।

देशबन्धु 4 Jun 2026 3:10 am

वेब टेलीस्कोप ने कैद किया इंटरस्टेलर कॉमेट 3आई-एटलस का केमिकल फिंगरप्रिंट

यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) ने एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोज की जानकारी साझा करते हुए बताया है कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने पहली बार किसी इंटरस्टेलर यानी दूसरे स्टार सिस्टम से आए खगोलीय पिंड का विस्तृत केमिकल फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड किया है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 9:42 am

ललित सुरजन की कलम से भारत और पड़ोसी देश

'बंगलादेश के साथ हमारे संबंध स्वाभाविक रूप से मधुर होना चाहिए।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:30 am

'विश्व साइकिल दिवस' जीवन के लिए जरूरी साइकिल का साथ

साइकिल केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि एक समय सामाजिक समानता और सादगी का प्रतीक भी रही है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

कब्ज और पीठ दर्द से छुटकारा दिलाएगा धनुरासन, बढ़ती उम्र की समस्याओं में कारगर

आज की अनियमित जीवनशैली बढ़ती उम्र के लोगों की शारीरिक व मानसिक समस्याओं को बढ़ाती दिख रही है। उम्र बढ़ने के साथ बार-बार कब्ज, पाचन संबंधी समस्याएं और लगातार पीठ दर्द आम हो जाते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय ने धनुरासन यानी बो पोज को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश की है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 10:46 am

दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी

दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और तापमान में गिरावट का अलर्ट जारी किया।

देशबन्धु 2 Jun 2026 9:30 am

क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता कोरा बुलबुला है या वास्तविक चुनौती?

मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसी क्रांतियां हुई हैं जिन्होंने जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदल दिया। कृषि क्रांति ने मनुष्य को स्थायित्व दिया, औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन और श्रम की परिभाषा बदली, सूचना क्रांति ने ज्ञान और संचार की सीमाएं समाप्त कर दीं। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की क्रांति मानव ... Read more

अजमेरनामा 2 Jun 2026 5:12 am

देश-प्रदेश की सवैधानिक सामाजिक महत्वपूर्ण कड़ी अधिवक्ता समुदाय है

राजनीतिक आर्थिक सामाजिक रूप से अधिवक्ताओं की देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका भी रहती रही है। पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस संगठन में कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं से कांग्रेस के आला कमान की दूरी देखने को मिली है, जबकि समाज से जन समुदाय से सीधा संपर्क रखने वाला सबसे बड़ा समुदाय अधिवक्ता परिवार है, भाजपा ... Read more

अजमेरनामा 2 Jun 2026 4:46 am

परीक्षाओं में गड़बड़ियां मोदी सरकार के आर्थिक प्रगति के दावों पर एक दुखद टिप्पणी

भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का वादा, मोदी सरकार के राजनीतिक संदेशों का एक सबसे लगातार दोहराया जाने वाला विषय बन गया है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:20 am

शर्मिंदगी का पर्यटन

बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:00 am

गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपियों से जोड़कर मध्य प्रदेश का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है, जहां एक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी घटनास्थल पर ले जाने के दौरान लंगड़ाते हुए नजर आए थे.

बूमलाइव 1 Jun 2026 6:12 pm

गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद का नहीं है यह वीडियो, जानें सच

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में आरोपी असद नहीं है. वीडियो में नजर आ रहा युवक करण है, जो अप्रैल 2026 में दिल्ली के शालीमार बाग में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी है.

बूमलाइव 1 Jun 2026 2:23 pm

ललित सुरजन की कलम से देशबन्धु: चौथा खंभा बनने से इंकार- 11

वी.सी. दिल्ली से रायपुर आए। कलेक्टर, एसपी, उनकी अगवानी के लिए विमानतल पर मौजूद थे।

देशबन्धु 1 Jun 2026 3:30 am

संविधान के आलोक में विश्वास की पूंजी से हों कानूनी बदलाव

सत्ता की ताकत का बेजा इस्तेमाल करने की जगह लोक कल्याण और जन परंपराओं को पुष्ट करने में लगाना होगा। तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।

देशबन्धु 1 Jun 2026 3:20 am

सरकार हिन्दू-मुसलमान से बनती है बच्चों की पढ़ाई लिखाई से क्या मतलब!

शिक्षा की नींव ही गलत रखी। गांव-गांव स्कूल खुलवाने से लेकर उच्च शिक्षा तक एक मजबूत ढांचा बनवा कर बेवजह समस्याएं बढ़वाईं।

देशबन्धु 1 Jun 2026 3:10 am

माता-पिता हैं वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा

विश्व माता-पिता दिवस- 1 जून, 2026 विश्व के अधिकतर देशों की संस्कृति में माता-पिता का रिश्ता सबसे बड़ा एवं प्रगाढ़ माना गया है। भारत में तो इन्हें ईश्वर का रूप माना गया है। माता-पिता को उनके बच्चों के लिए किए गए उनके काम, बच्चों के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता और इस रिश्ते को पोषित करने ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 7:06 am

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 6:42 am

अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं

स्वरांगी साने किताब - गीत ​फ़िल्मी है लेकिन... लेखक - डॉ. सुनील देवधर मूल्य - 450 रुपए प्रथम संस्करण - सन् 2025 प्रकाशक - भावना प्रकाशन, दिल्ली। पृष्ठ - 263 समीक्षक - स्वरांगी साने पुणे डा.सुनील देवधर आकाशवाणी से सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे उस दौर के साक्षी रहे हैं, जिसे आकाशवाणी का स्वर्ण युग कह सकते हैं। आकाशवाणी पर काम करने से विविध भारती पर बजते गीत सालों-साल कई घंटों तक उनके कानों में रस घोलते रहे होंगे। कहने को तो उस दौर में पनवारी और धोबी-परचून की दुकानों पर भी दिेन भर रेडियो बजता था लेकिन रेडियो के बजने और रेडियो सुनने में अंतर है। जब किसी संवेदनशील व्यक्ति का गंभीर मन उसे सुनता है और वह रचनात्मक लेखन भी करता हो तो वे गीत उसकी लेखनी में उतर आते हैं। संयोग ही रहा कि जब वे पहले-पहल कागज़ों पर उतरने लगे तो मैं एक अख़बार में नियमित कार्यरत थी और उनकी गीतों की उस श्रृंखला को हमने स्तंभ के रूप में प्रकाशित किया। तब उन गीतों से गुज़रते हुए कई बार मन अवाक् रह गया कि इस गीत के बारे में ऐसा तो कभी सोचा ही नहीं था। उस स्तंभ ने आगे चलकर 51 गीतों की किताब का रूप लिया, जिसे स्तंभ की तरह ही काफी पसंद किया गया। उसका नाम भी वही था, जो उस स्तंभ का था 'बड़े अनमोल गीतों के बोल'। इसके बाद गीतों पर आधारित उनकी यह दूसरी किताब है 'गीत फ़िल्मी हैं, लेकिन...'। पहली किताब पढ़ी तब पाठक से पहले एक अख़बारी संपादक के तौर पर उसमें छपे गीतों की 'बिटवीन द लाइंस' से गुज़र चुकी थी। दूसरी किताब पढ़ते हुए संपादक का चश्मा आँखों पर नहीं था और बिना उस चश्मे के किताब पढ़ना अधिक आनंददायक रहा। रस ग्रहण करते हुए अध्ययन अपने आप हो गया क्योंकि हर गीत को लेखक ने नए सिरे से तराशकर एक नगीने के रूप में सामने रखा है। इस किताब में भी लगभग उतने ही गीत है। इंस्टाग्राम पर बनने वाली रील्स और यू ट्यूब के शॉर्ट्स के इस दौर में आप इन गीतों को तसल्ली से पढ़िए, हफ्ते में एक गीत, इस विलंबित गति तक से उन गीतों का आनंद लेते चलिए, देखिए आप एक साल में अनुभवों से कितने अधिक समृद्ध हो जाएँगे। किताब में हर ​फ़िल्म का उस ज़माने का पोस्टर दिया गया है, उसके बाद वह पूरा गीत है और उसके बाद उसे पंक्ति दर पंक्ति खोला गया है। इन गीतों पर लिखते हुए दुनियाभर के लेखकों, कवियों, शायरों से लेकर वेद-पुराण और ऐतिहासिक संदर्भ भी दिए गए हैं। गीतों को भारतीय दर्शन से जोड़ा गया है। भारतीय दर्शन के साथ उर्दू साहित्य के संदर्भ में इन गीतों के विश्लेषण में मिलते हैं। डॉ. देवधर का भाषा सामर्थ्य और ज्ञान उनके द्वारा किए गए हर गीत के विश्लेषण में दिखता है। इसे महज़ विश्लेषण न कहकर मीमांसा कहना अधिक सही होगा। इस किताब का हर गीत गहरे अर्थों को समेटने वाला है। पहला गीत 'मेला' ​​फ़िल्म का 'ये जि़ंदगी के मेले...'। गीतकार और संगीतकार का नाम भी हर गीत के प्रारंभ में दिया जाता है। दूसरा गीत 'आवारा' ​​फ़िल्म का है। हर पोस्टर के नीचे कुछ वाक्यों में सिनोपसिस की तरह दिया गया है। शैलेंद्र की गीत 'आवारा हूँ' को उस दौर में कितना पसंद किया गया था। लेखक उससे जुड़े प्रसंग का जिक्र करता है कि शैलेंद्र आजादी के संघर्ष और सामाजिक क्रांति के विषय में कविताएँ लिखते थे, उन्होंने राजकपूर से सवाल किया था 'मैं पैसों के लिए नहीं लिखता, मैं क्यों लिखूँ'? राजकपूर ने न केवल 'आवारा' ​​फ़िल्म का बल्कि 'बरसात' ​​फ़िल्म का 'बरसात में हमसे मिले तुम'...भी शैलेंद्र से लिखवाया। 'दो बीघा ज़मीन' के पुराने पोस्टर के नीचे लेखक का वक्तव्य है कि 'रीमिक्स, पॉप और हिप-हॉप,रैप संगीत के दौर में भी पुराना गीत संगीत आज भी पसंद किया जाता है'। इस फिल्म के 'धरती कहे पुकार' को किताब में शामिल किया गया है। शैलेंद्र की कलम को संगीतबद्ध मदन मोहन ने किया है। सन् 1953 में आई विमल राय की इस ​​फ़िल्म में बलराज साहनी के उत्कृष्ट अभिनय को देखा जा सकता है। ​​फ़िल्मी गीतों के मर्म को सामने रखते हुए लेखक बताते हैं कि इन गीतों में कैसे आध्यात्मिकता और दार्शनिकता है जो कई बार निस्संगता तक ले जाती है। 'दो आँखें बारह हाथ' के पोस्टर के नीचे लेखक अपनी बात कहते हुए बड़ा सीधा सवाल पूछते हैं कि 'कई फ़िल्मी गीतकारों के साहित्यिक अवदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, फिर उन गीतों-कहानियों की चर्चा साहित्य में क्यों नहीं होती'? 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम' गीत को ही ले लीजिए। भरत व्यास के शब्द कितने ही सार्थक क्यों न हों, डॉ. देवधर तो गीता का उद्धरण भी यहाँ देते हैं कि 'देशेकाले च पात्रेच तद्दानं सात्विकं स्मृतम्'...पर वे महर्षि वेद व्यास तक इसलिए नहीं पहुँच सकते क्योंकि हमने शुरू से ही फ़िल्मों को और फ़िल्मी गीतों या कह लीजिए फ़िल्मी दुनिया को निकृष्ट, ओछा माना है। वी. शांताराम की इस फ़िल्म का यह गीत आज भी कई संस्कार केंद्रों और संस्थाओं में प्रार्थना की तरह गाया जाता है लेकिन केवल फ़िल्मी होने से वह हमारे घरों के मंदिरों-पूजा गृहों में न आ सका। हमने फ़िल्मों को हमेशा ग्लैमर से जोड़ा भले ही उनमें से कई फ़िल्में नेकी और भलाई के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती हों तब भी। फ़िल्मों को ओछा माना जाता था तो उन्हें कला और जनसंचार के माध्यम का दर्जा किसने दिया होगा। इसका जवाब भी लेखक 'मदर इंडिया' फ़िल्म के पोस्टर के नीचे दिए अपने वक्तव्य में देते हैं कि साप्ताहिक धर्मयुग ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई थी। समांतर सिनेमा को धर्मयुग पत्रिका ने स्थापित किया तो रेडियो ने उन्हें बार-बार बजाकर या प्रसारित कर प्रतिष्ठित किया। लोगों को भले ही न पता हो कि ठुमरी, चैती, होरी, कजरी शास्त्रीय संगीत के प्रकार हैं या शास्त्रीय संगीत के कितने राग हैं पर उस दौर में उन पर आधारित गीत सबकी ज़ुबान पर चढ़े थे तो वह आकाशवाणी की ही देन है। अस्तु, 'मदर इंडिया' का गीत 'दुनिया में हम आए हैं तो जीना ही पड़ेगा' कब लोकोक्ति में बदल गया होगा कहा नहीं जा सकता। शकील बदायूँनी ने इसे जिस तरीके से लिखा और नौशाद ने जिस तरह संगीत दिया वह इतिहास बन गया है। डॉ. देवधर इस गीत के साथ उस किस्से का भी जिक्र करते हैं जब मिस्र के राष्ट्रपति नासिर भारत आए थे। तब उन्हें मदर इंडिया दिखाई गई थी। फिल्म खत्म होने के बाद भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने संकोचवश उनसे पूछ लिया कि उन्हें फ़िल्म कैसी लगी? नासिर साहब का जवाब हैरान करने वाला था कि वे उससे पहले तीन बार इसे काहिरा में देख चुके थे। गीत की पंक्ति 'जल जाएँ मगर आग पे चलते ही रहेंगे' को डॉ. देवधर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पंक्तियों 'विपदाएँ आती हैं आएँ, हम न रुके हैं, हम न रुकेंगे' से जोड़ते हैं। श्रम के महत्व को प्रतिपादित करते हुए वे पंजाबी की कहावत लिखते हैं कि 'ऊँट न रुन्ने, बोरे रून्ने' अर्थात् सामान ढोने वाला ऊँट न रोया बल्कि बोरे ही रोने लगे। डॉ. देवधर का अथाह अध्ययन संस्कृत-उर्दू के संदर्भ इस किताब में कई बार प्रत्यक्षे किं प्रमाणम् की तरह उनकी विद्वत्ता के साक्षी बनते हैं। वे वर्तमान समय को भी अपनी लेखनी पर तौलते हैं कि पहले लिखा जाता था इश्क ईमान है, इश्क कुरआन है और अब इश्क कमीना लिखा जा रहा है। 'घर संसार' फ़िल्म के पोस्टर के नीचे वे अपनी यह बात कहते हैं। गीतकार एस.एच. बिहारी के इस फ़िल्म के लिखे गीत 'भला करने वाले भलाई किए जा' की जब वे बात करते हैं तो उनके द्वारा लिखे कई गीतों की याद दिला देते हैं जैसे 'कजरा मुहब्बतवाला', 'रातों को चोरी-चोरी', 'हौले-हौले चलो मोरे साजना', 'मेरा प्यार वो है', 'दीवाना हुआ बादल', 'इशारों-इशारों में', 'तारीफ करूँ क्या'...। 'घर-संसार' के गीत की बानगी देते हुए वे कबीर-रहीम, कवि बेकन, खलील जिब्रान तक को उद्धृत करते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे अपने हाथों को लंबा पसार रहे हैं और जितना समेट सकते हैं सब चीज़ों को समेटते जा रहे हैं। 'अनाड़ी' के गीत 'सब कुछ सीखा हमने, ना सीखी होशियारी' तो जैसे उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है। उनकी विद्वत्ता उनकी लेखनी, वाणी में झलकती है लेकिन व्यवहार में वे किसी को कमतर नहीं आँकते। वे इस गीत को कबीरदास से जोड़कर कहते हैं कि 'जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोई तू फूल'। किताब की विशेषता है कि हर गीत की व्याख्या उतनी ही लयात्मकता से की गई है। कहीं भी यह लय टूटती नहीं है। किताब का प्रकाशन भी साफ-सुधरा और त्रुटिविहीन है। 'दीदी' फ़िल्म के गीत 'हमने सुना था एक है भारत' के साथ वे सामाजिक परिवेश में होते बदलाव कैसे साहित्य और सिनेमा में भी दिखते हैं, यह बताते हैं। 'छलिया' फ़िल्म के 'छलिया मेरा नाम' गीत के संदर्भ वे जोश मलीहाबादी की पंक्तियों में भी देते हैं और सूरदास के पद भी कि 'खेलत में कऊ काको गुसइयाँ' यानी खेल में कोई किसी का स्वामी कैसे हो सकता है। डॉ. देवधर द्वारा चुने हर गीत में उनका फलसफा दिखता है लेकिन वे 'जिस देश में गंगा बहती है' के गीत को याद करते हुए कहते हैं कि साहिर लुधियानवी के गीत अपने में एक फलसफा लिये होते थे। वैसे इस फ़िल्म के जिस गीत को वे रखते हैं वह शैलेंद्र का 'मेरा नाम राजू' है, जिसका संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था। इस गीत की व्याख्या करते हुए वे बिहारी कवि, गंग कवि, कवि मान, कविराज, महाकवि पद्माकर की याद करते चलते हैं। 'हमारी याद आएगी' के गीत 'सोचता हूँ ये क्या किया मैंने' लिखा। जबकि 'हम दोनों' के गीत 'अल्लाह तेरो नाम' को चुना। यह गीत सन् 1965 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखा गया था। 'बंदिनी' के गीत 'अब के बरस भेज' ने कितनों को रुलाया होगा कहा नहीं जा सकता। शैलेंद्र के शब्द और सचिन देव बर्मन का संगीत इस गीत को अधिक मर्मस्पर्शी बना देता है। 'फूल बने अंगारे' के गीत 'वतन पर जो फिदा होगा' फिर पाठकों को देशभक्ति की ओर ले जाता है। समझ नहीं आता कि देशभक्ति के गीतों को अलग से सिलसिलेवार क्यों नहीं दिया गया। हो सकता है पाठकों का जायका बदलता रहे इसलिए ऐसा किया गया होगा। साहिर के इस गीत में भी देशभक्ति की भावना दिखती है जिसे कल्याणजी-आनंदजी ने संगीतबद्ध किया था। भारत-चीन के सन् 1962 के युद्ध की याद इस गीत में है। इसके बाद 'दोस्ती' फ़िल्म का मजरूह का लिखा गीत है कोई जब राह न पाए'। इस गीत में भी वेदों की पंक्तियों का हवाला दिया गया है तो इतिहास भी रखा गया है कि कैसे तात्या टोपे को उनके ही साथी ने पकड़वाया था और चंद्रशेखर आज़ाद की मुखबिरी भी उनके साथी ने ही की थी। इस गीत के साथ सन् 1971 के युद्ध की पृष्ठभूमि को भी तौला गया है। 'साँझ-सवेरा' फ़िल्म के गीत 'अजहुँ न आए बालमा', को हसरत जयपुरी ने लिखा है और शंकर जयकिशन ने संगीत दिया है। डॉ. देवधर के शब्दों में कहें तो पहले के गीतों में शब्दों की अपनी ताकत होती थी, उनकी उपस्थिति एक लय बनाती थी। पहले के गीतों में लोक बोलियों के शब्द और उनकी मिठास थी जैसे 'अजहूँ न आए'...। इस गीत पर लिखते हुए डॉ. देवधर प्रकृति के चितेरे कवि पंत और रीतिकाल के कवि सेनापति की पंक्तियों को याद करते हैं। कालिदास के मेघदूत की पंक्तियाँ भी इस लेख में आ जाती हैं तो पं. नरेंद्र शर्मा भी। अगला गीत 'जहाँआरा' फ़िल्म का 'वो चुप रहें तो मेरे दिल के दाग' है। गीतकार राजेंद्र कृष्ण के शब्दों के साथ मदन मोहन का संगीत न्याय करता सा लगता है। भाषा, भाव और बयान एक साथ इस गीत के कहन में है। आप इस गीत में डूबते-उतरते हैं कि किताब में अगला गीत 'शहीद' फ़िल्म का 'मेरा रंग दे बसंती चोला' आ जाता है। इसके गीतकार-संगीतकार प्रेम धवन हैं। इस फ़िल्म के अन्य गीतों का उल्लेख भी यहाँ मिलता है जैसे 'ए वतन, ए वतन', 'हमको तेरी कसम', 'सरफरोशी की तमन्ना', 'पगड़ी सम्हाल जट्टा' और 'जोगी हम तो लुट गए तेरे प्यार में'..। डॉ. देवधर इस गीत के साथ भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु, महाराणा प्रताप, लक्ष्मीबाई, गुरू गोविंद सिंह, दुर्गावती, रानी चेनम्मा, राणा सांगा, पृथ्वीराज चौहान, बाजीराव आदि का जिक्र करते हैं। 'सिकंदर-ए-आजम' फ़िल्म के गीत 'जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया' के बारे में अधिक जानना हो तो भी आप इस किताब को पढ़ सकते हैं। इतना ही क्यों 'वक्त' मूवी के 'वक्त से दिन और रात', 'बादल' मूवी का 'ख़ुदगज़र् दुनिया में ये' जैसे कई गीत इस किताब से खुलते चले जाते हैं। 'तीसरी कसम' फ़िल्म के पोस्टर के नीचे लेखक ने जानकारी दी कि सन् 1910 में दादासाहेब फालके ने दि लाइफ ऑफ क्राइस्ट देखकर भारतीय सिनेमा रचने का संकल्प किया और सन् 1913 में फ़िल्म आई राजा हरिश्चंद्र। वैसे यह बात भी समझ से परे है कि फिल्म के पोस्टर के नीचे दी जानकारी इतनी असंगत क्यों है, भले ही महत्वपूर्ण हो। मतलब फ़िल्म के पोस्टर से उसके नीचे चस्पा की गई जानकारी का वैसे कोई लेना-देना नहीं है। जबकि गीतों पर लिखते हुए वे अपनी बात पर टिके हुए लगते हैं। 'तीसरी कसम' फ़िल्म का 'दुनिया बनाने वाले' गीत लिया गया है। सर्वज्ञात है कि यह फ़िल्म फणीश्वरनाथ रेणु की कथा 'मारे गए गुलफाम' पर आधारित है। हसरत जयपुरी के इस गीत में पूछे सवाल पर डॉ. देवधर की कलम बृहदारण्यक उपनिषद का वाक्य देते हैं कि 'स वै नैव रेमे, तस्मात एकाकी न रमते, सद्वितीयम्इच्छत' अर्थात् वह अकेला नहीं रमा। ज्याँ पॉल सार्त्र का उद्धरण देते हैं कि यदि मनुष्य न भी होता, तब भी सृष्टि होती और शायद कुछ बेहतर होती। इसके बाद 'ममता' फ़िल्म के 'छुपा लो यूँ दिल में यूँ प्यार मेरा, कि जैसे मंदिर में लौ दिये की', को लिया गया है। सन् 1966 में ये फ़िल्म रिलीज़ हुई थी। मजरूह सुलतानपुरी ने गीत लिखे थे और रोशन का संगीत था। 'इक कली मुस्काई' के पोस्टर के बाद 'ना तुम बेवफा हो, ना हम' को लिया गया है। 'नीलकमल' के पोस्टर के बाद उन दिनों को याद किया गया है जब सिनेमाघरों में 5 से 10 मिनट का वृत्तचित्र दिखाया जाता था और याद हो आया कि फ़िल्म प्रभाग की डॉक्युमेंट्रीज का प्रदर्शन अब बहुत कम होता है। इस फ़िल्म का गीत 'हे रोम-रोम में बसने वाले राम' है। इसके बाद सन् 1968 में आई फ़िल्म 'सरस्वतीचंद्र' का गीत 'मैं तो भूल चली बाबुल का देस' का वर्णन अपने आपमें सामाजिक दस्तावेज है। वहाँ से चलते हुए फ़िल्म 'जीने की राह' का 'एक बंजारा गाए' गीत आता है। फिर फ़िल्म 'मेरा नाम जोकर' का 'ए भाई, जरा देख के चलो' गीत वर्णित है। गीतकार नीरज ने इसे लिखा है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे फ़िल्मी दुनिया में बतौर गीतकार केवल पाँच साल ही थे। इसके बाद योगेश का लिखा 'आनंद' फ़िल्म का गीत है 'जि़ंदगी कैसी है पहेली'। 'पहचान' फ़िल्म का गीत 'बस यही अपराध' अगली बानगी है। यहाँ गीतों के नाम इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि पढ़ने वालों के मन में उत्सुकता जगी रहे। आदमी और इंसान के अंतर को स्पष्ट करते हुए लेखक मिर्जा गालिब का हवाला देता है कि 'बस कि दुश्वार है हर काम का आसां होना, आदमी को मयस्सर नहीं इंसां होना'। मतलब आदमी से इंसान होना एक प्रक्रिया है। फ़िल्म 'सीमा' के गीत 'जब भी ये दिल उदास होता है' को भी इस किताब से करीबी से जाना जा सकता है। फ़िल्म 'पिया का घर' के गीत 'ये जीवन है, इस जीवन का', के फलसफे को भी इस किताब से समझा जा सकता है। 'दाग' फिल्म के गीत 'जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा'...साहिर के शब्दों को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने स्वर दिए लेकिन उस आवाज़ का भी जिक्र होना था, जिसने इसमें दर्द भरा। इस गीत के बहाने डॉ. देवधर, मोहन राकेश, और अज्ञेय को भी याद करते हैं। गीत जहाँ ख़त्म होता है, वहाँ नायिका के मुँह से सिसकी निकलती है। इस गीत के बारे में पढ़ने के बाद वह सिसकी याद आती है,या कहिए ज़ेहन में अटक जाती है। इसके बाद दिल के भाव को बनाए रखने के लिए 'दिल की राहें' की गज़ल 'रस्म-ए-उल्फत को निभाएँ' को दिया गया है। नक्श लायलपुरी ने जैसे इसे लिखा है, वैसे ही मदन मोहन ने संगीत से इसे तराशा है। इस गज़ल के साथ निकहत नसीम, जयशंकर प्रसाद और गालिब भी आ जाते हैं। फ़िल्म 'परिणय' का गीत 'जैसे सूरज की गर्मी से', को तो भजनों में स्थान मिल गया है। रामानंद शर्मा की लेखनी और जयदेव के संगीत ने इसे उस स्थान तक पहुँचाया है। यह स्थान दिलाने में उज्जैन के शर्मा बंधुओं यानी पं. गोपाल शर्मा, सुखदेव शर्मा, पं. कौशलेंद्र और पं. राघवेंद्र शर्मा का भी योगदान है। राम दरबार गायकों के रूप में जाने जाते इन बंधुओं में से पं. गोपाल शर्मा और शुकदेव कुमार ने इसे गाया था। इसमें तरूवर क्यों लिखा गया है इसका उत्तर देते हुए डॉ. देवधर; रहीम का दोहा बताते हैं कि 'तरूवर फल नहीं खात है, सरवर करै न पान, कह रहीम पर काज हित, संपत्ति संचहि सुजान'। भक्तिभाव को ही आगे बढ़ाते हुए फ़िल्म 'मेहमान' का गीत आता है 'राम रहीम, कृष्ण करीम'। साहिर ने यह गीत लिखा है और डॉ. देवधर रेखांकित करते हैं कि साहिर की कलम से ही 'तोरा मन दर्पण कहलाए', 'हे रोम रोम में बसने वाले राम', 'प्रभु तेरो नाम जो ध्याए' के साथ रोमांटिक गीत व कई कव्वालियाँ लिखी हैं। बालकवि बैरागी के 'क्षितिज' फ़िल्म के गीत 'अंधे सफर में हम भी' है। इसके तुरंत बाद फ़िल्म 'चोर मचाए शोर' का वह गीत है जिसे लिखा भी और संगीतबद्ध भी किया रवींद्र जैन ने- 'ले जाएँगे, ले जाएँगे, दिलवाले दुल्हनियाँ'। पैसे वालों के देखते रहने की बात के साथ डॉ. देवधर; प्रेमचंद का लिखा भी रखते हैं कि 'बरात का बराती कभी खुश नहीं होता'। फ़िल्म 'वरदान' का गीत 'हे गिरिधारी, मेरे कृष्ण मुरारी' भी इस किताब में है। 'इम्तेहाँ' फ़िल्म का गीत 'रुक जाना नहीं तू कहीं हार के' की अभिव्यक्ति भी इस किताब में है, जिसके साथ वे प्रसाद की 'कामायनी' पर भी बात करते हैं कि 'अपने सुख को विस्तृत कर लो'। फ़िल्म 'घटना' के गीत 'हज़ार बातें कहे ज़माना' को लेखक ने गज़लनुमा गीत कहा है। गीतकार का नाम रविशंकर शर्मा आता है और संगीत रवि का। रविशंकर शर्मा ही संगीतकार रवि हैं। भारतीय फ़िल्मों में जितने गीत मिलते हैं, उतने शायद दुनिया के किसी देश की किसी भाषा में नहीं। ये गीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जि़ंदगी की बात भी करते हैं जैसे फ़िल्म 'रफ़्तार' का गीत 'संसार है एक नदिया, सुख-दु:ख दो किनारे'। फ़िल्म 'फकीरा' का गीत 'फकीरा चल चला चल' भी इसी दार्शनिकता को बया करता है। फ़िल्म 'कर्मा' का लिया गीत 'समय तू धीरे-धीरे चल' भी उसी तर्ज पर है, तो फ़िल्म 'अपनापन' का गीत 'आदमी मुसाफ़िर है, आता है जाता है' भी और फिर 'गोलमाल' का यह गीत भी 'आनेवाला पल, जाने वाला' है। गुलज़ार के इस गीत के बाद किताब में निदा फाजली का गीत है 'कभी पलकों में आँसू हैं, कभी लब पे शिकायत है' (फ़िल्म हरजाई)। 'प्रेम तपस्या' फ़िल्म का गीत 'आदमी दीवाना है, एतबार करता है' भी जीवन, प्रकृति, मौसम, समाज, अध्यात्म और दर्शन की बात करता है। गीतकार आनंद बख्शी के इस गीत के बाद दूसरा गीत भी इसी तर्ज पर है। वह गीत है- 'रोते रोते हँसना सीखो, हँसते-हँसते रोना'। 'राम तेरी गंगा मैली' फ़िल्म के शीर्षक गीत पर लिखते हुए डॉ. देवधर गंगा के अवतरण की पौराणिक कथा बताते हैं। जीवन की दूसरी सच्चाई अगले गीत में आती है, जो 'मेरी जंग' का है। गीत है 'जि़ंदगी हर कदम एक नई जंग है'। हर नए गीत को नए तरीके से रखने का सिलसिला इस किताब में इस गीत के साथ खत्म होता है पर हम चाहते हैं कि गीतों पर अगली किताब भी शीघ्र आए क्योंकि अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं।

देशबन्धु 31 May 2026 3:22 am

न जाने किस गली में जिंदगी की....

सैयद मोहम्मद बशीर जो बाद में बशीर बद्र के नाम से मशहूर हुए तो कह उठे कि

देशबन्धु 31 May 2026 3:20 am

असम: सैनिक स्कूल में कोच बनने का मौका, 18 और 19 जून को होगा वॉक-इन इंटरव्यू

सैनिक स्कूल गोलपारा, असम ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कोच/क्लब शिक्षक के विभिन्न 13 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

देशबन्धु 31 May 2026 2:49 am

एस्ट्रोनॉट्स की पहचान 'मिशन पैच', शुभांशु शुक्ला ने किया भावुक पोस्ट

भारतीय एयरफोर्स के ऑफिसर और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला अक्सर अपनी स्पेस यात्रा से जुड़ी रोचक और मजेदार पोस्ट कर जानकारी देते रहते हैं

देशबन्धु 30 May 2026 11:17 pm