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Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

House Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं होता, बल्कि ऊर्जा का एक ऐसा केंद्र होता है जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। अगर घर में वास्तु के नियमों का पालन किया जाए, तो ...

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:45 am

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

4th Bronchopulmonary World Congress 2026: ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शनिवार से चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 की मुख्य कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से आए पल्मोनोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, थोरासिक सर्जन, ...

वेब दुनिया 4 Jul 2026 6:01 pm

Swami Vivekananda Quotes: स्वामी विवेकानंद के 11 अनमोल कथन, जो हमें ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता से भर देंगे

Swami Vivekanandas Inspirational Quotes: स्वामी विवेकानंद के विचार और कथन आज भी करोड़ों युवाओं को प्रेरित करते हैं। उनका मानना था कि भारत का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है, और युवा अपनी इच्छाशक्ति से कुछ भी हासिल कर सकते हैं। उनके अनमोल वचन ...

वेब दुनिया 4 Jul 2026 11:05 am

Monsoon Road Trip Destinations in India: बारिश में Long Drive का है Plan? ये 5 शानदार रूट्स आपका दिल जीत लेंगे!

खासतौर पर ऐसी कई सफर होते हैं जो किसी खास मौसम से जरुर जुड़े होते हैं। भारत में मॉनसून की रोड ट्रिप भी ऐसी ही एक यात्रा है। बारिश के दौरान रोड ट्रिप करने का अलग ही मजा होता है। बारिश से सड़कों से मिट्टी गायब हो जाती है, अचानक से कई जगहों पर झरने दिखाई देने लगते हैं। हाईवे पर अचानक से किसी फिल्म के सीन जैसे लगते हैं। मॉनसून के मौसम में ड्राइव का आनंद लेने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान सफर करने से काफी सुकून मिलता है। मॉनसून के मौसम में चारों तरफ हरियाली, मनमोहक झरने और धुंध से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं। इस लेख में हम आपको भारत की सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में बताते हैं, जिनका सबसे ज्यादा मजा बरसात के मौसम में आता है। मुंबई से लोनावला बारिश के मौसम में मुंबई से लोनावला का रास्ता मॉनसून में गाड़ी चलाने के लिए सबसे बेहतरीन है। यहां बरसात में वेस्टर्न घाट हरे-भरे एकदम स्वर्ग जैसे नजर आने लगते हैं, यहां जगह-जगह पर झरने और तैरते हुए बादल दिखाई देते हैं। खंडला घाट के आस-पास का सफर और भी जादुई लगता है, जहां पहाड़ों पर धुंध छा जाती है और सड़के किनारे बेचने वाले गरमा-गरम भुट्टा और कटिंग चाय का आनंद आ जाता है। यह सफर खूबसूरती और ताजगी से भरा होता है। यह जगह भारत की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1 घंटा 50 मिनट लगता है। बेंगलुरु से कूर्ग मॉनसून के मौसम में बेंगलुरु से कूर्ग का रास्ता बेहद खूबसूरत हो जाता है। हल्की बारिश में चमकने कॉफी के बागान चमकने लगते हैं, जंगल और भी घने हो जाते हैं और हवा मिट्टी का ताजी व भीनी-भीनी खुशबू घुल जाती है। मॉनसून के दौरान कूर्ग के झरने और भी खूबसूरत हो जाती हैं, जिससे रास्ते में रुकना बहुत सुखद अनुभव बन जाता है। यहां का ठंडा मौसम और घुमावदार सड़कें इसे आराम से घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। बेंगलुरु से कूर्ग जाने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से लैंसडाउन यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और मॉनसून सीजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दिल्ली से लैंसडाउन तक की ड्राइव कर सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले मॉनसून में शांति से घूमने का एक अच्छा डेस्टिनेशन है। जैसे ही सड़के गढ़वाल की पहाड़ियों पर ऊपर की ओर जाती है, नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। शहर की भागदौड़ शोर-शराबे की जगह धुंध में लिपटे चीड़ के जंगल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बरसात के मौसम में यहां काफी शांति देखने को मिलती है। दिल्ली से लैंसडाउन पहुंचने के लिए लगभग 6 घंटे लगते हैं। ईस्ट कोस्ट रोड से चेन्नई से पुडुचेरी चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड साल भर खूबसूरत रहती है, लेकिन मॉनसून के दौरान यहां की समुद्री सुंदरता और भी खास हो जाती है। इस रोड ट्रिप पर एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ बारिश से भीगी सड़कें, यहां गाड़ी चलाने का अनुभव सुकून देने वाला और किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। आसमान में छाए बादल, टकराती लहरें और समुद्र की हवा मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जैसा किसी और मौसम में मिलना मुश्किल है। यहां जाने के लिए लगभग 7.5 घंटे लगते हैं। शिलांग से चेरापूंजी शिलांग और चेरापूंजी के बीच का सफर शायद ही भारत की सबसे बेहतरीन मॉनसून रोड ट्रिप है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है और मॉनसून के दौरान यह इलाका अविश्वसनीय रूप से हरा-भरा हो जाता है। सड़कों पर बादल तैरते हैं, झरने पूरे जोर-शोर से बहने लगते हैं और यहां की घाटियों धुंध में आप खो जाएंगे। हर मोड़ किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर लगता है, जिससे नेचर लवर के लिए यह सफर यादगार बन जाएगा। शिलांग से चेरापूंजी पहुंचने में करीब 1 घंटा 40 मिनट लगते हैं। जयपुर से उदयपुर मानसून का नाम सुनते ही शायद राजस्थान का ख्याल सबसे पहले न आए, लेकिन जयपुर से उदयपुर तक की यात्रा इस रेगिस्तानी राज्य का एक अलग और सुकून भरा दर्शाती है। बरसात के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम ठंडा होने के कारण घूमना-फिरना बहुत सुखद हो जाता है। मानसून उदयपुर के महलों और झील के नजारों में एक रोमांटिक एहसास भी घोल देता है।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:25 pm

Diabetes Warning Signs: सुबह शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझिए बज गई खतरे की घंटी, ना करें इग्नोर

अक्सर खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण डायबिटीज बीमारी का खतरा बना रहता है। डायबिटीज की बीमारी एक साइलेंट किलर है, जो धीरे-धीरे शरीर को खराब करती है। पिछले कुछ सालों में भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डायबिटीज की बीमारी एक तरह का मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है जिसमें शरीर या पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है या उसे इसका ठीक से उपयोग करने में दिक्कत रहती है। इसलिए शरीर में इंसुलिन की कमी होने से शुगर का स्तर बढ़ने लगता है जो किडनी, स्किन, हृदय, आंखों और ओवरऑल पूरी हेल्थ को प्रभावित करता है। आपको बता दें कि, डायबिटीज की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बच्चों, किशोर और युवा वयस्क टाइप 1 डायबिटीज से अधिक प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, टाइप 2 डायबिटीज 40 वर्ष की आयु के बाद के वयस्कों में अधिक घेरती है। यह बीमारी किडनी और दिल की बीमारियों का भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर है। अक्सर डायबिटीज से पीड़ित लोगों को सुबह हाई ब्लड शुगर महससू होता है और उनमें गले और मुंह में शुष्की, रात भर बार-बार पेशाब करने के बाद भी पेशाब की थैली का भारी होना, नजर कमजोर होना और भूख जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। आइए आपको बताते हैं डायबिटीज के ऐसे लक्षण जिन्हें कभी-भी नहीं भूलना चाहिए। सुबह दिखने वाले इन संकेतों को कभी न भूलें हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि सुबह नजर आने वाले ये लक्षण दिन में नहीं दिखते हैं, जैसे कि खुजली, थकान, कमजोरी, ज्यादा भूख लगना, ज्यादा प्यास लगना दिन और रात दोनों में हो सकता है। वजन कम होना, ठीक ना होने वाले घाव, प्राइवेट पार्ट में खुजली ये सभी लक्षण आपको दिन भर फील हो सकते हैं। डायबिटीज के अन्य लक्षण - अधिक भूख लगना - अचानक वजन कम होना - हाथों-पैरों में झुनझुनी होना - थकावट, कमजोरी और शुष्क त्वचा होना - घावों का धीरे-धीरे भरना - ज्यादा प्यास लगना - रात के समय अत्यधिक पेशाब आना - संक्रमण और बालों का झड़ना ये सभी लक्षण टाइप 2 डायबिटीज के आम लक्षण है। वहीं, टाइप 1 डायबिटीज में लोगों को मतली, पेट दर्द, उल्टी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 4:33 pm

बिजली बिल करना है कम? AC को बस इस तापमान पर चलाएं, मिलेगा बेहतर कूलिंग

देशभर में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे में घर, ऑफिस और दुकानों में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। अक्सर लोग घर पहुंचते ही AC को 16C या 18C पर सेट कर देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे कमरा ज्यादा तेजी से ठंडा होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की सलाह क्या कहती है? बिजली मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) गर्मियों में AC का तापमान 24C रखने की सलाह देता है। यह तापमान आरामदायक कूलिंग देने के साथ-साथ ऊर्जा बचाने में भी मदद करता है। इसके अलावा, इससे बिजली की मांग पर दबाव कम होता है और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा मिलता है। इसे भी पढ़ें: Jio ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी! 200 रुपये में मिलेगा OTT, डेटा और लाइव टीवी का कॉम्बो विशेषज्ञों के अनुसार, 24C ऐसा संतुलित तापमान है जो शरीर को आराम देता है और AC को भी जरूरत से ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। सिर्फ 1 डिग्री का बदलाव, लेकिन बड़ी बचत कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि AC का तापमान हर 1C बढ़ाने पर लगभग 6 प्रतिशत तक बिजली की बचत की जा सकती है। इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति 22C की बजाय 24C पर AC चलाता है, तो बिजली की खपत में लगभग 12 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। यह बचत देखने में छोटी लग सकती है, लेकिन पूरे महीने के बिजली बिल में इसका असर साफ दिखाई देता है। यही कारण है कि अधिकांश कॉर्पोरेट ऑफिस, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24C के आसपास तापमान बनाए रखना पसंद करते हैं। कम बिजली खर्च, ज्यादा प्रभावी कूलिंग जब AC को 16C या 18C पर चलाया जाता है, तब उसका कंप्रेसर लगातार काम करता रहता है। इससे बिजली की खपत बढ़ जाती है और मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। दूसरी ओर, 24C पर AC अपेक्षाकृत कम ऊर्जा का उपयोग करता है, जिससे बिजली की बचत होती है और सिस्टम की कार्यक्षमता भी बनी रहती है। खासतौर पर इन्वर्टर AC में कंप्रेसर जरूरत के अनुसार अपनी गति को नियंत्रित करता है। इसलिए अत्यधिक कम तापमान सेट करने से अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, बल्कि बिजली खर्च बढ़ सकता है। क्या 24C पर पर्याप्त ठंडक मिलती है? कई लोगों को लगता है कि भीषण गर्मी में 24C पर्याप्त ठंडक नहीं देगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AC के साथ सीलिंग फैन का भी उपयोग किया जाए तो यह तापमान अधिकांश भारतीय घरों के लिए पूरी तरह आरामदायक साबित होता है। हवा का बेहतर प्रवाह कमरे को अधिक ताजगीभरा महसूस कराता है। इसके अलावा कमरे का आकार, इंसुलेशन और नमी का स्तर भी यह तय करते हैं कि आपको कितनी ठंडक महसूस होगी। छोटे और अच्छी तरह इंसुलेटेड कमरे अपेक्षाकृत जल्दी ठंडे हो जाते हैं। AC की उम्र और परफॉर्मेंस दोनों बेहतर आजकल बाजार में उपलब्ध कई नए एयर कंडीशनर 24C के डिफॉल्ट तापमान के साथ आते हैं। इसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना है। जब AC को संतुलित तापमान पर चलाया जाता है तो कंप्रेसर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता, जिससे मशीन की कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रहती है। इसके अलावा, नियमित रूप से अत्यधिक कम तापमान पर AC चलाने से उसके पुर्जों की घिसावट बढ़ सकती है। वहीं 24C पर संचालन से मशीन अधिक स्थिर और प्रभावी तरीके से काम करती है। गर्मियों में AC का तापमान 24C रखना केवल बिजली बचाने का तरीका नहीं, बल्कि स्मार्ट और जिम्मेदार उपयोग की आदत भी है। इससे न केवल बिजली बिल कम होता है, बल्कि AC की परफॉर्मेंस और उम्र भी बेहतर बनी रहती है। इसलिए अगली बार AC ऑन करते समय तापमान 16C या 18C रखने के बजाय 24C पर सेट करें और आरामदायक कूलिंग के साथ ऊर्जा बचत का लाभ उठाएं। - डॉ. अनिमेष शर्मा

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 4:09 pm

Monsoon Travel Tips: बारिश में भी आपकी ट्रैवलिंग होगी Super Safe, बस अपने बैग में रख लें ये 7 Life Saver चीजें

बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही आनंद होता है। मॉनसून में चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की हल्की बौछर मन को सुकून देती है। इस मौसम में कई लोग ट्रिप पर जरुर जाते हैं। हालांकि, मॉनसून में कई समस्याएं भी देखने को मिलती है। जब हम कहीं घूमने जाते हैं, तो काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बारिश के समय ट्रैवलिंग करने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ चीजों को अपने पास जरुर रखें, ताकि आपको ट्रिप पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ट्रैवल बैग में कुछ जरुरी चीजों को शामिल करें, जिससे आपकी ट्रिप आसान और सुरक्षित बन जाए। रेनकोट मॉनसून ट्रैवलिंग में सबसे जरुरी है रेनकोट अपने बैग में रखना। अचानक होने वाली तेज बारिश से बचने के लिए रेनकोट बहुत जरुरी है। इसके अलावा, आप फोल्डेबल छाता रख सकते हैं, जो फैशन का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको बारिश से भी बचाएगा। एक्सट्रा कपड़े यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने बैग में डार्क कलर के ड्राई फिट या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं। जब आपके कपड़े भीग जाएं, तो इन्हें पहन सकते हैं। माइक्रोफाइबर तौलिया कपड़ो के साथ ही अपने बैग में माइक्रोफाइबर तौलिया जररु रखें जो बहुत ही हल्की होती है। इसके साथ ही यह बैग में कम जगह घेरती है और आसानी से रखी जा सकती है। अगर आपके साथ बच्चे ट्रैवल कर रहे है, तो भी आपके काफी काम आ सकती है। वॉटरप्रूफ बैग कवर कहीं आप ट्रिप पर जाएं, तो अपने साथ वॉटरप्रूफ बैग कवर जरुर साथ लें जाएं। ऐसा करने से आपका बैग भीगने से बच जाएगा और उसके अंदर का जरुरी सामान भी सुरक्षित रहेगा। जिससे आपका सामान सुरक्षित रहेगा और आप आराम से मौसम का आनंद ले सकेंगे। जिप लॉक बैग मॉनसून की ट्रिप पर जाने के लिए सबसे जरुरी है कि जिप लॉक बैग अपने पास रखें। मोबाइल फोन, वॉलेट, जरुरी कार्ड्स, रुपए और कीमती चीजों को आप जिप लॉक बैग में रख सकते हैं। इस बैग में आप किसी भी तरह का सामान रख सकते हैं जो पानी से खराब हो सकता है। फर्स्ट एड किट हमेशा अपनी ट्रिप को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए अपने पास फर्स्ट एड किट रख सकते हैं। किसी को भी कोई भी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम हो, तो उपचार कर सकते हैं। क्योंकि अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलती हैं पावर बैंक मॉनसून ट्रिप के लिए अपने साथ हमेशा पावर बैंक जरुर रखें। कई बार बारिश-तूफान के चलते काफी समस्या हो जाती है या फिर लाइट चली जाती है, तो ऐसे में ट्रैवल के दौरान पावर बैंक जरुर रखें, जिससे आप अपने फोन चार्ज कर सकते हैं। अगर आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक नहीं चलती हैं, तो आप फोन चार्ज करने के लिए बैग में पावर बैंक जरुर रख सकते हैं।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 2:58 pm

Health Tips: आखिर रात को ही क्यों लगती है मिठाई और स्नैक्स की तलब, जानिए पूरा सच

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि दिनभर आप अपनी डाइट का पूरा ख्याल रखते हैं, लेकिन रात होते-होते क्रेविंग्स बढ़ने लगती हैं। रात के समय अचानक कुछ मीठा, चॉकलेट, नमकीन या चिप्स खाने का मन करने लगता है और ऐसा लगता है कि मानो खुद पर कोई कण्ट्रोल ही ना रहा हो। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना हममें से अधिकतर लोग करते हैं। आपको शायद जानकर हैरानी हो, लेकिन रात में अनहेल्दी फूड खाने की तलब के पीछे सिर्फ भूख नहीं, बल्कि हमारे शरीर, हार्माेन और आदतों का भी बड़ा रोल होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम इस बारे में बात करते हैं- इसे भी पढ़ें: Health Tips: Prostate Cancer बन रहा 'Silent Killer', शर्म और अनदेखी बन रही जानलेवा वजह, जानें Doctor's Warning दिनभर की थकान रिवार्ड ढूंढने पर मजबूर करती है जब हम पूरा दिन काम करते हैं तो इससे हमें रात में थकान व तनाव का अहसास होता है। ऐसे में हमारा दिमाग खुद को कोई छोटा सा इनाम देना चाहता है। ऐसे में हम रात में सलाद या कोई हेल्दी फूड नहीं खाना चाहते, बल्कि आइसक्रीम, चॉकलेट, बिस्कुट या नमकीन खाकर खुद को खुशी और संतुष्टि का एहसास देना चाहते हैं। नींद की कमी से बढ़ सकती है क्रेविंग अक्सर हमें क्रेविंग्स देर रात होती है। इसका सीधा सा मतलब यही है कि नींद की कमी से भी कहीं ना कहीं क्रेविंग बढ़ती है। अगर आप देर रात तक जागते हैं तो शरीर के कुछ हार्माेन प्रभावित होते हैं। जिसकी वजह से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ज्यादा सक्रिय हो जाता है। ऐसे में रात में बार-बार कुछ खाने का मन करता है। जरूरत से ज्यादा डाइटिंग अधिकतर लोग अपनी बॉडी को एक शेप में देखना चाहते हैं और इसलिए दिन में बहुत कम खाते हैं या फिर बेहद स्ट्रिक्ट डाइटिंग करते हैं। ऐसे में रात तक शरीर एनर्जी की कमी महसूस करने लगता है। जिससे अचानक तेज क्रेविंग शुरू हो जाती है और फिर हम खुद को रोक ही नहीं पाते हैं। रात की क्रेविंग कम करने के लिए क्या करें अगर आप रात की क्रेविंग को नेचुत तरीके से कण्ट्रोल करना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ आसान तरीके आजमाएं। - दिनभर पर्याप्त प्रोटीन खाएं। - मील स्किप करने से बचें। - रात में अच्छी नींद लें। - तनाव कम करने के लिए खाने की जगह रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं। - टीवी देखते समय स्नैक खाने की आदत को धीरे-धीरे बदलें। - मिताली जैन

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 2:43 pm