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अगस्त का यह हफ्ता हम सबको घर-परिवार, आपसी रिश्तों और अपनी जिम्मेदारियों की ओर प्यार से देखने का संदेश दे रहा है। अंक 6 की अपनापन भरी ऊर्जा हमें यह सिख
पवित्र सावन महीने में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु तरह-तरह के व्रत रखते हैं। सावन सोमवार से लेकर मंगला गौरी व्रत, हरियाली तीज और साव
आजकल की व्यस्त और तनावभरी दिनचर्या में हर व्यक्ति अपने घर और कार्यस्थल पर शांति, सुकून और सकारात्मक ऊर्जा की उम्मीद करता है। यही कारण है कि आधुनिक इंट
खगोल विज्ञान और ज्योतिष जगत (Astrology and Astronomy) के दृष्टिकोण से साल 2026 का यह दौर बेहद खास और उथल-पुथल भरा रहने वाला है। सावन के पवित्र महीने औ
सनातन संस्कृति और हमारे प्राचीन ग्रंथों में ज्ञान का ऐसा अथाह भंडार छिपा है, जिसे देखकर आज के आधुनिक वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं। पश्चिम के वैज्ञान
हिंदू पंचांग और सनातन धर्म में सावन (Sawan Month 2026) के महीने का कण-कण भगवान शिव की आराधना में लीन रहता है। सावन का महीना वैसे तो पूरी तरह से भोलेना
सावन का महीना आते ही देश के कई हिस्सों से सांपों के निकलने और रेस्क्यू किए जाने की खबरें आम हो जाती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या
सावन का महीना शुरू होते ही चारों तरफ हरियाली, महादेव की गूंज और एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल देखने को मिलता है। इस पवित्र महीने में ज्यादातर लोग सात्विक
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार बुध को बुद्धि, विवेक, संवाद, व्यापार और गणित का मुख्य कारक माना जाता है। जब भी बुध अपनी चाल बदलते हैं या नक्षत्
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और यह समय शिव भक्तों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं होता। जब सावन की फुहारें धरती पर गिरती हैं, तो ऐसा ल
सावन के महीने में सुहागिन महिलाओं को जिस त्योहार का सबसे ज्यादा बेसब्री से इंतजार रहता है, वह है हरियाली तीज। यह व्रत पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य औ
अंक ज्योतिष (Numerology) में आपकी जन्मतिथि का बहुत बड़ा महत्व होता है। दिन की शुरुआत में ही अगर यह पता चल जाए कि आज का समय हमारे पक्ष में है या नहीं,
हिंदू धर्म में सावन का महीना शिव भक्तों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं होता। साल 2026 का सावन ज्योतिषीय दृष्टि से भी काफी खास माना जा रहा है। मान्य
सावन का पवित्र महीना हमेशा से ही खास माना जाता है, लेकिन 2026 का सावन ज्योतिषीय नजरिए से एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मायावी
हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र और देवाधिदेव महादेव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त पूरी श्रद्धा और नियम के साथ शिवलिंग पर गंगाजल,
फेंगशुई और वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार (Main Door) को ऊर्जा का सबसे बड़ा और मुख्य स्रोत माना जाता है। मान्यता है कि घर में सकारात्मक या नकारा
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध ग्रह का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। आगामी 5 अगस्त 2026 को ब
सनातन संस्कृति में सबसे पवित्र और ऊर्जावान माने जाने वाले सावन (श्रावण) महीने की आज से आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। पंचांग के अनुसार, आज सावन का पहला द
पवित्र सावन का महीना शिव भक्तों के साथ-साथ भगवान विष्णु के उपासकों के लिए भी बेहद खास होता है। इस मास में आने वाली हर एकादशी का सनातन धर्म में विशेष म
पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही शिव-पार्वती की आराधना का महापर्व शुरू हो चुका है। सावन के सोमवार जहां भगवान भोलेनाथ को समर्पित होते हैं, वहीं हर
शिवभक्तों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो चुका है। आज 30 जुलाई 2026, गुरुवार से पावन श्रावण (सावन) मास का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस साल सावन का मही
पावन सावन मास की शुरुआत के साथ ही चारों तरफ शिव भक्ति की बयार बहने लगी है। भगवान शिव को हम कई नामों से पुकारते हैं—नीलकंठ, भोलेनाथ, रुद्र, शंभू... लेक
अंक शास्त्र (Numerology) में हर इंसान की जन्मतिथि का एक अलग और खास महत्व होता है। किसी भी महीने की जिस तारीख को आपका जन्म होता है, उसे जोड़कर आपका मूल
भगवान भोलेनाथ के भक्तों का इंतजार खत्म हो गया है। देवों के देव महादेव का अतिप्रिय पावन सावन महीना गुरुवार, 30 जुलाई 2026 से आयुष्मान योग और श्रवण नक्ष
पवित्र सावन माह की शुरुआत हो चुकी है और दुनिया भर के शिव भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस पूरे महीने में श्रद्धालु नियम और निष्ठा के साथ
आगामी 30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास की कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने जा रही है, जो 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। इस
देवों के देव महादेव को समर्पित पावन सावन का महीना शुरू हो चुका है और इस पूरे महीने में देश के कोने-कोने से शिव भक्त भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर
देवों के देव महादेव को समर्पित सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और इस पूरे महीने शिव भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आते
सनातन परंपरा और ज्योतिष शास्त्र में नजर दोष से बचने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने के लिए हाथ, पैर या गले में काला धागा बांधने की प्राचीन परंपरा रही
फेंगशुई और वास्तु शास्त्र के जानकारों के बीच लाफिंग बुद्धा (Laughing Buddha) की मूर्ति को हमेशा से घर में सुख, शांति, धन और सौभाग्य का प्रतीक माना गया
सनातन संस्कृति में देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए समर्पित पवित्र सावन का महीना आरंभ हो चुका है। इस पूरे माह में भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत
आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा का पवित्र पर्व आज, 29 जुलाई 2026 को पूरे देश में आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सनातन परंपरा के अनुसार इसी
आज 29 जुलाई 2026 को देशभर में आषाढ़ पूर्णिमा यानी 'गुरु पूर्णिमा' का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जा रहा है। यह शुभ दिन हमारे जीवन क
सनातन धर्म में आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इस पवित्र दिन को महर्षि वेद व्यास जी के जन्म
सावन और भाद्रपद का महीना अपने साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार लेकर आता है, जिसमें सुहागिन महिलाओं के लिए तीज के व्रतों का विशेष स्थान होता है।
इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद खास और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है। पंचांग के अनुसार, इस पावन अवसर पर एक या दो नहीं बल्कि कई शुभ योगों का म
देवों के देव महादेव को समर्पित पवित्र सावन का महीना शुरू हो चुका है और इस बार सावन का पहला सोमवार 2 अगस्त को पड़ रहा है। शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ को
दिनभर की कड़ी मेहनत और थकावट के बाद हर व्यक्ति अपने घर पहुंचकर सुकून और शांति की उम्मीद करता है। लेकिन कई बार सब कुछ अनुकूल होने के बावजूद घर का माहौल
सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती की कृपा पाने के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। सावन महीने में जहां सोमवार का
घर की सजावट हो या दिनचर्या में समय देखने की जरूरत, दीवार घड़ी हर घर का एक अनिवार्य हिस्सा होती है। लेकिन वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घड़
सनातन धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए सावन के महीने में आने वाली हरियाली तीज (Hariyali Teej) का व्रत अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज यानी 25 जुलाई 2026, शनिवार का दिन बेहद खास और पवित्र है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी (हरिशयनी एक
27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का यह सप्ताह ग्रह-नक्षत्रों की चाल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस सप्ताह चंद्रमा मकर, कुंभ और मीन राशि से होकर
ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को सबसे प्रभावशाली और न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है। शनि एक राशि में लगभग ढाई साल तक विराजमान रहते हैं और अपनी साढ़े साती या
हिंदू पंचांग के अनुसार आज 24 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सुबह 09:13 बजे तक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर राशि का अपना स्वभाव होता है लेकिन कुछ राशियों के लोग प्यार और रिश्तों के मामले में बेहद ईमानदार और वफादार माने जाते हैं।
सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है, क्योंकि गुरु ही शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सत्य के प्रकाश की ओर ले जा
आज 22 जुलाई 2026 और दिन बुधवार है। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष स्थान है और आज का दिन बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी ति
हिंदू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी भड़ली नवमी बेहद धूमधाम से मनाई जा रही है। साल 2026 में 22 जुलाई यानी बुधवार के दिन पड़ रह
आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को सावन (श्रावण) मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। हिंदू धर्म में सावन माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व हो

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