प्रिया ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह को 4-1 के स्प्लिट फ़ैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। पहले राउंड में पिछड़ने के बाद, भारतीय बॉक्सर ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड में बढ़त बनाई और फिर फ़ाइनल राउंड में भी संयम के साथ खेलते हुए कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की और भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और गोल्ड मेडल जीता। साक्षी चौधरी के बाद, उनकी कज़िन प्रिया घांघस भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल लेकर आईं। इस खेल में अब भारत के नाम चार गोल्ड मेडल हो गए हैं। यह मुकाबला आसान नहीं था और आखिर में फैसला 'स्प्लिट डिसीजन' से हुआ। तीसरे राउंड में प्रिया ने आक्रामक शुरुआत की; दोनों ही खिलाड़ी एक-दूसरे पर मुक्के बरसा रही थीं क्योंकि उन्हें पता था कि यही राउंड निर्णायक है। पहला राउंड हारने के बाद प्रिया ने ज़्यादा सोच-समझकर खेलना शुरू किया और तीसरे राउंड में यह साफ़ तौर पर दिखाई दिया। उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काइ नोएस्टर को इप्पोन से हराकर ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 63 किलो जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार और साक्षी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की।
CWG 2026 में भारतीय बॉक्सर्स ने की गोल्ड मेडल की बारिश, प्रिया और साक्षी ने जीता गोल्ड मेडल
भारतीय मुक्केबाज प्रिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। उनसे पहले साक्षी ने महिला 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की रुबी व्हाइट को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
कोयंबटूर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। शनिवार को कोयंबटूर के कोयंबटूर हॉकी ग्राउंड में 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 के पांचवें दिन उत्तराखंड और चंडीगढ़ ने डिवीजन 'बी' में जीत हासिल की, जबकि उत्तर प्रदेश हॉकी, हॉकी पंजाब और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने डिवीजन 'ए' मुकाबलों में जीत हासिल की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दीपा करमाकर ने जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे की तारीफ की
अगरतला, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ओलंपियन दीपा करमाकर ने ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार को जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे को बधाई दी है।
ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को आज के दिन का पांचवां और बॉक्सिंग का दिन का चौथा गोल्ड मेडल मिला है। साक्षी के बाद अब प्रिया ने भी भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है। प्रीति, जैस्मिन ने दोपहर में ही सोने का पदक अपने नाम किया कर लिया था। पैरा एथलैटिक्स में सोमन ने स्वर्ण पदक जीता।
भूटान की राजधानी थिम्पू में सैफ (SAFF) चैंपियनशिप 2026 का ड्रा निकाला गया। मौजूदा और 9 बार की चैंपियन भारतीय टीम को ग्रुप-बी में पाकिस्तान और मालदीव के साथ रखा गया है। वहीं, मेजबान बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान ग्रुप-ए में हैं।
जदुमणि के परिणाम से परिवार निराश, एशियन गेम्स में लगाई स्वर्ण की उम्मीद
इम्फाल, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय मुक्केबाज मंदेंगबाम जदुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किग्रा में रजत पदक जीता। जदुमणि का कहना है कि वे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतेंगे।
'उन्होंने मुझे सफल बॉक्सर बनना सिखाया,' बॉक्सर जादुमणि ने सरिता देवी को दिया सफलता का श्रेय
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को सिल्वर मेडल जिताने वाले बॉक्सर जादुमणि सिंह ने बॉक्सर सरिता देवी को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। जादुमणि ने कहा कि सरिता देवी के लगातार मार्गदर्शन और अटूट भरोसे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।
Glasgow से CWG 2030 की मेजबानी का बिगुल बजेगा, अहमदाबाद को मिलेगा औपचारिक न्योता!
अहमदाबाद में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होंगे, क्योंकि यह खेल आयोजन अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में पहली बार आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स, 2030 में अहमदाबाद में इनके आयोजन के साथ ही 100 साल पूरे कर लेंगे। गुजरात CMO की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुजरात सरकार और अहमदाबाद शहर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेज़बानी के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Duleep Trophy के लिए Rajat Patidar को मिली कमान, Rinku Singh बने Central Zone के उपकप्तान गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हो रहे हैं। समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ, अहमदाबाद का 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेज़बान शहर के तौर पर आधिकारिक रूप से स्वागत किया जाएगा। इस समारोह के तहत, रविवार को ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन समारोह के दौरान 'होस्ट बैटन' और कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा औपचारिक रूप से अहमदाबाद को सौंपा जाएगा। यह प्रतीकात्मक हस्तांतरण 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेज़बान के तौर पर अहमदाबाद की यात्रा की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स का खास प्रतीक 'किंग्स बैटन रिले' एक पुरानी परंपरा है, जो एकता का जश्न मनाती है और कॉमनवेल्थ देशों के अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी रिश्ते को मज़बूत करती है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, किंग्स बैटन रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों का दौरा करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर देश और इलाके को अपनी खुद की बैटन मिलेगी, जिसे वे अपनी अनोखी संस्कृति, विरासत और क्रिएटिविटी के हिसाब से कस्टमाइज़ और सजा सकेंगे। हर बैटन में महामहिम किंग चार्ल्स तृतीय के संदेश का एक हिस्सा होता है, जो रिले में पहला संदेश रखते हैं। इसके बाद बैटन को ऐसे प्रेरणादायक लोग ले जाते हैं जिनका योगदान समाज पर सकारात्मक असर डाल रहा है। किंग्स बैटन रिले की शुरुआत सबसे पहले कार्डिफ़ में 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई थी। बैटन की ऊंचाई लगभग 470 mm है और इसकी हर साइड की चौड़ाई लगभग 70 mm है। ग्लासगो क्लोजिंग सेरेमनी में हैंडओवर का हिस्सा तीन एक्ट में पेश किया जाएगा। ओपनिंग एक्ट 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह को समर्पित होगा। For more Sports News in Hindi Today please click here.
चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन (UTCA) की पुरुष टीम के हेड कोच राजीव नय्यर के साथ मोहाली के सेक्टर 97 के पास मारपीट हुई है।उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की। 58 साल के कोच ने अपनी शिकायत में बताया कि शुक्रवार शाम को पांच अज्ञात लोगों ने उनकी कार रुकवाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावर एक सफेद रंग की एसयूवी में सवार थे, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। फिलहाल, नय्यर अक्टूबर में शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी सीजन के लिए चंडीगढ़ यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की टीम को तैयार कर रहे हैं। मैच से लौटते समय हुआ हमला नय्यर की शिकायत के अनुसार वे लॉन्चिंग पैड एकेडमी में अपनी टीम के लिए एक क्रिकेट मैच आयोजित करने गए थे। शाम करीब 5 बजे जब मैच खत्म हुआ और वह अपनी कार से वापस जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट की। नय्यर ने इस हमले को बिना किसी उकसावे के की गई कार्रवाई बताया है। उन्होंने किसी पर भी शक जाहिर नहीं किया है और न ही हमलावरों की पहचान की है। पुलिस ने गाड़ी का पता लगाया सोहाना पुलिस स्टेशन में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा करने (रायटिंग) का मामला दर्ज किया गया है। एसएचओ सिमरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी का पता लगा लिया है और मामले की जांच जारी है। पहले भी विवादों में रहे हैं कोच राजीव नय्यर पर पिछले साल नवंबर में मध्य प्रदेश के कोच संदीप अरोड़ा पर थप्पड़ मारने और अपमानित करने का आरोप लगाया था।नय्यर अपनी टीम को लेकर बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट के दौरान इंदौर दौरे पर गए थे। उस शिकायत के बाद नय्यर को छुट्टी पर भेज दिया गया था और उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
सेंट्रल जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले सीजन टीम को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार को एक बार फिर कप्तानी सौंपी गई है। टीम में भारतीय खिलाड़ी रिंकू सिंह, हर्ष दुबे और यश ठाकुर भी शामिल हैं। रिंकू को उपकप्तान बनाया गया है। डिफेंडिंग चैंपियन होने के कारण सेंट्रल जोन को पहले राउंड में बाय मिला है। टीम 30 अगस्त से शुरू होने वाले सेमीफाइनल में सीधे उतरेगी, जहां उसका सामना ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। टूर्नामेंट 23 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू होगा, जबकि फाइनल 6 सितंबर से खेला जाएगा। श्रीलंका टेस्ट टीम में शामिल सारांश जैन को भी जगह मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को भी टीम में शामिल किया गया है। उन्हें हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है। उनके साथ हर्ष दुबे और उत्तर प्रदेश के लेग स्पिनर जीशान अंसारी भी टीम में हैं। जीशान ने हाल ही में भारत-ए के श्रीलंका दौरे पर पांच साल बाद रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी की थी। अमन को रणजी में शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला विदर्भ के ओपनर अमन मोखाडे को बेहतरीन 2025-26 रणजी सीजन का पुरस्कार मिला है। उन्होंने 11 पारियों में 760 रन 76 की औसत से बनाए थे और इसी प्रदर्शन के दम पर भारत-ए टीम में भी जगह बनाई थी। छत्तीसगढ़ के ओपनर आयुष पांडे को भी टीम में शामिल किया गया है, जिन्होंने श्रीलंका दौरे पर भारत-ए के लिए डेब्यू किया था। सेंट्रल जोन की बैटिंग मजबूत मध्यक्रम में रजत पाटीदार के साथ विदर्भ के यश राठौड़ अहम भूमिका निभाएंगे। तेज गेंदबाजी विभाग में यश ठाकुर के अलावा नचिकेत भूटे और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान शामिल हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी आर्यन जुयाल संभाल सकते हैं, जबकि कुणाल सिंह राठौड़ बैकअप विकेटकीपर होंगे। सेंट्रल जोन की टीम रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सारांश जैन, अमन मोखाडे, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अर्शद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भूटे। ----------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर…
दलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन के स्क्वॉड का हुआ ऐलान, रिंकू सिंह को मिली उपकप्तानी
सेंट्रल जोन ने दलीप ट्रॉफी के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है। डिफेंडिंग चैंपियन टीम ने एक बार फिर रजत पाटीदार पर भरोसा जताया है और उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है।
सीडब्ल्यूजी: 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के साथ 'पैरा स्पोर्ट्स' में भारत का शानदार अभियान समाप्त
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के साथ भारत का 'पैरा इवेंट्स' में अभियान समाप्त हुआ, जिसमें देश ने कुल 7 मेडल जीते। इनमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने पर प्रीति और जैस्मीन को दी बधाई
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय दल ने ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारत की महिला मुक्केबाजों प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन दोनों महिला मुक्केबाजों को बधाई दी है।
ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के लिए स्क्वॉड में हुआ बदलाव, 31 साल के खिलाड़ी को किया गया टीम में शामिल
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम के लिए अच्छी खबर आई है। लिटन दास को टेस्ट सीरीज के लिए बांग्लादेश स्क्वॉड में शामिल किया गया है।
भारतीय पैरा गोला फेंक एथलीट सोमन राणा ने शनिवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता जबकि त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।इस तरह भारत के लिए एथलेटिक्स में शनिवार का दिन शानदार रहा। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दिन की शुरुआत पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया। वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं। वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
पिता करते थे मजबूरी अब बेटे प्रवीण चित्रवेल ने जीता रजत, सेल्वा प्रभु थिरुमारन को मिला कांस्य पदक
भारत के त्रिकूद खिलाड़ियों प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने शनिवार को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
सोमन ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, जुयाल को मिला सिल्वर
पुरुषों के F57 शॉट पुट इवेंट में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडलों पर कब्जा कर लिया है. पूर्व सैनिक सोमन राणा ने अपने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल हासिल करने में सफल रहे.
भारतीय पैरा एथलीट सोमन राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष शॉट पुट F57 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। बॉक्सिंग में जादूमणि सिंह को भी रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारत की नजरें 10 बॉक्सिंग गोल्ड पर, वीडियो में जाने लवलीना बोरगोहेन भी लगाएंगी दांव
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : गोल्ड चूके बॉक्सर जादुमणी सिंह, मेंस 55 किग्रा वर्ग में भारत के नाम सिल्वर
बॉक्सर जादुमणी सिंह को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा है, उन्हें शनिवार को एसईसी हॉल-5 में खेले गए मेंस 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
वैभव की उपकप्तानी पर जाफर ने उठाए सवाल, बताया कौन था सही दावेदार
दिलीप ट्रॉफी 2026-27 में वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने पर वसीम जाफर ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 'बेबी बॉस' का रेड-बॉल रिकॉर्ड अभी प्रभावशाली नहीं है और अभिमन्यु ईश्वरन बेहतर विकल्प थे.
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा: फिल फोडेन
नई दिल्ली, इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पैरा एथलेटिक्स में दोहरी सफलता मिली है। भारत के सोमन राणा ने स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, वीडियो में जाने एक दिन में 6 मेडल जीते, नीरज चोपड़ा का सिल्वर; जूडो में रचा इतिहास
सीडब्ल्यूजी 2026: गोल्ड चूके बॉक्सर जादुमणी सिंह, मेंस 55 किग्रा वर्ग में भारत के नाम सिल्वर
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बॉक्सर जादुमणी सिंह को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा है, उन्हें शनिवार को एसईसी हॉल-5 में खेले गए मेंस 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
जादूमणि सिंह ने Commonwealth Games में जीता Silver Medal, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार
22 साल के जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम ने शनिवार (1 अगस्त) को अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। मणिपुर के इरोइसेम्बा के रहने वाले इस बॉक्सर ने चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। पुरुषों के 55kg कैटेगरी के फ़ाइनल में उनका मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ, लेकिन उन्हें दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Games 2026: India का Sports में जलवा! Boxing में 2 Gold, Triple Jump में 2 Medals भारत के नाम मणिपुर में जन्मे जादुमणि 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय बॉक्सर हैं। उनसे पहले, प्रीति पवार ने महिलाओं के 54kg कैटेगरी में गोल्ड जीता, जबकि जैस्मिन लैंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराकर महिलाओं के 57kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। शनिवार शाम को चल रहे गेम्स में सात और भारतीय बॉक्सर्स के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लांबोरिया और प्रीति पवार ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के क्रमश: 57 किग्रा और 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसे भी पढ़ें: Taipei Open: तन्वी शर्मा का आक्रामक खेल, मात्र 33 मिनट में दर्ज की जीत, अब Thuy Linh Nguyen से होगी खिताबी भिड़ंत इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद रोमांचक और कड़ा रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले के आधार पर अपने नाम किया। उन्होंने हालांकि दूसरे राउंड में कई प्रभावशाली पंच लगाते हुए शानदार वापसी कर सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। इससे पहले प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में दमदार शुरुआत की और पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता। पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का फैसला दिया। बैंटमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। For more Sports News in Hindi Today please click here.
नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान में हिमस्खलन यानी एवलांच की चपेट में आने के बाद मौत हो गई। उनके निधन की पुष्टि उनकी ही पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेडिशन ने की है। निर्मल पुर्जा 30 जुलाई को काराकोरम इलाके में 8,051 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक की चोटी पर चढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा समेत 10 पर्वतारोही लापता हो गए थे। इनमें छह नेपाली पर्वतारोही भी शामिल थे। मैप से समझिए हादसे की लोकेशन… 6 महीने में 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कीं तीसरी बार ब्रॉड पीक की चढ़ाई में जान गई निर्मल पुर्जा ने पहली बार ब्रॉड पीक को 2019 में प्रोजेक्ट पॉसिबल के दौरान फतह किया था। दूसरी बार इस चोटी को उन्होंने जुलाई 2022 में फतह किया। तब उन्होंने बिना सप्लीमेंट ऑक्सीजन के चढ़ाई की थी। ब्रिटिश स्पेशल फोर्स जॉइन करने वाले पहले नेपाली निर्मल पुर्जा का जन्म 25 जुलाई 1983 को नेपाल के म्याग्दी जिले के दाना गांव में हुआ था। उनके परिवार का सेना से गहरा नाता रहा है। कई पीढ़ियों से परिवार के लोग गोरखा रेजिमेंट में सेवा करते रहे। उनके पिता और तीन बड़े भाई भी गोरखा सैनिक थे। ऐसे माहौल में पले-बढ़े निर्मल ने भी बचपन से ही सैनिक बनने का सपना देखा। बाद में उन्होंने इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और ब्रिटिश सेना की गोरखा रेजिमेंट में भर्ती हो गए। करीब छह साल तक गोरखा सैनिक के रूप में सेवा देने के बाद उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह ब्रिटिश रॉयल नेवी की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में शामिल होने वाले पहले नेपाली बने। SBS ब्रिटेन की नौसेना की सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित स्पेशल फोर्स है। इसके सैनिक समुद्र, पहाड़, जंगल और दुश्मन के इलाके में सीक्रेट ऑपरेशन चलाने के लिए ट्रेंड होते हैं। इसमें चयन इतना मुश्किल है कि बहुत कम सैनिक इसे पूरा कर पाते हैं। सपने को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ दी सेना में रहते हुए निर्मल पुर्जा ने अत्यधिक ठंडे और मुश्किल इलाकों में कई स्पेशल ऑपरेशन में हिस्सा लिया। इसी दौरान उनके मन में दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने का ख्याल आया साल 2012 में निर्मल पुर्जा पहली बार एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पर गए थे। उस समय वह सेना में थे तभी उनके मन में एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने का ख्याल आया। इसके लिए उन्होंने ट्रेनिंग शुरू की। करीब दो साल की मेहनत के बाद 2014 में उन्होंने पहली बार माउंट एवरेस्ट फतह किया। इसके बाद उन्होंने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी चोटियों पर चढ़ने का लक्ष्य बना लिया। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 2018 में अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह पर्वतारोहण पर फोकस किया। इसमें सबसे बड़ी चुनौती पैसों की थी। खर्च जुटाने के लिए उन्होंने अपना घर तक बेच दिया, ताकि दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने का सपना पूरा कर सकें। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री से दुनिया भर में मिली पहचान 2019 में छह महीने और छह दिन में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह करने के बाद निर्मल पुर्जा की कहानी पूरी दुनिया तक पहुंची। उनके इस रिकॉर्ड अभियान पर नेटफ्लिक्स ने '14 पीक्स: नथिंग इज इम्पॉसिबल' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई। इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि कैसे निर्मल पुर्जा और उनकी नेपाली टीम ने बेहद कम समय में दुनिया की सबसे कठिन चोटियों को फतह किया। इसमें उनके सामने आई खराब मौसम की चुनौतियां, मौत का खतरा, ऑक्सीजन की कमी और कई जानलेवा हालात भी दिखाए गए हैं। डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने के बाद इसे 191 देशों में देखा गया। इसके जरिए नेपाली पर्वतारोहियों के योगदान पर पूरी दुनिया का ध्यान गया। इससे पहले पर्वतारोहण की बड़ी उपलब्धियों में अक्सर विदेशी पर्वतारोहियों की चर्चा होती थी, जबकि नेपाली शेरपाओं और पर्वतारोहियों की भूमिका उतनी सामने नहीं आ पाती थी। इसके बाद 2020 में निर्मल पुर्जा ने 'बियॉन्ड पॉसिबल' नाम से अपनी आत्मकथा भी प्रकाशित की। इस किताब में उन्होंने अपने बचपन, सैन्य जीवन, पर्वतारोहण की शुरुआत, 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' और विश्व रिकॉर्ड बनाने तक के पूरे सफर को विस्तार से बताया है।
CWG में चला जादुमणि का जादू, जीत लिया सिल्वर मेडल
जादुमणि सिंह का जलवा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बरकरार है. शनिवार को फाइनल मुकाबले में उन्होंने दमदार प्रदर्शन कर भारत की झोली में सिल्वर मेडल डालने का काम किया.
टीम इंडिया को श्रीलंका दौरे से पहले झटका या राहत?
श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम के प्रैक्टिस मैच की अवधि 4 से घटाकर 3 दिन कर दी गई है. वहीं चोट से उबर रहे साई सुदर्शन ने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है, जिससे पहले टेस्ट से पहले उनकी वापसी की उम्मीद बढ़ गई है. ये सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप WTC 2025-27 का हिस्सा है, इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला अहम रहेगा.
मलेशिया में भारतीय गोल्फरों का जलवा, सीरत-गुंतास ने दिलाया तीसरा स्थान
भारतीय महिला गोल्फरों ने मलेशियन लेडीज एमेच्योर ओपन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया. सीरत कंग और गुंतास कौर संधू ने संयुक्त रूप से छठा स्थान हासिल किया. इन दोनों की बदौलत भारत ने टीम स्पर्धा में तीसरा स्थान अपने नाम किया.
श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम का शेड्यूल बदला, अब 3 दिन का होगा वॉर्म-अप मुकाबला
भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही श्रीलंका दौरे पर जाने वाली है, जहां वह 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज से पहले एक वॉर्म-अप मैच भी खेला जाएगा। अब उस वॉर्म अप मैच के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया गया है।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 'मेंस जैवलिन थ्रो' के बाद 'मेंस ट्रिपल जंप' में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
CWG 2026: बॉक्सिंग रिंग में भारत का जलवा जैस्मीन और प्रीति ने जीते गोल्ड, जाने अपब कितनी हुई स्वर्ण पदकों की संख्या
बॉक्सिंग के बाद ट्रिपल जंप में भी चमके भारतीय खिलाड़ी
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को बड़ी सफलता मिली है. पुरुषों की ट्रिपल जंप में भारत ने दो और मेडल जीत लिए हैं. प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु ने कमाल का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींच लिया.
CWG 2026: भारत की बेटियों का बॉक्सिंग में कमाल, प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने जीता गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारतीय मुक्केबाजी के लिए बेहद खास रहा, जहां प्रीति पवार और जैस्मिन लैंबोरिया ने गोल्ड मेडल पर निशाना साधा।
बल्ले से नहीं, गेंद से तहलका! IPL स्टार का धमाल, 5 विकेट लेकर पलटा मैच
आशुतोष शर्मा का यह प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के लिए बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है. आईपीएल में वह ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अब उन्होंने गेंद से भी मैच जिताने की क्षमता दिखाई है. अगर वह भविष्य में इसी तरह उपयोगी गेंदबाजी करते रहे, तो उनकी भूमिका सिर्फ एक बल्लेबाज तक सीमित नहीं रहेगी.
CWG 2026: सिर्फ 30 मिनट में 2 गोल्ड, रिंग में प्रीति के बाद जैस्मिन ने दिखाया दमखम
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय महिला मुक्केबाजों ने महज 30 मिनट में 2 गोल्ड जीते। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने गोल्डन पंच लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।
ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आज 10वें दिन भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिए। पहले प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर महिला 54 किग्रा वर्ग का खिताब अपने नाम किया उसके बाद जैस्मिन ने कमाल किया।
सीडब्ल्यूजी 2026: सिर्फ 30 मिनट में 2 गोल्ड, रिंग में प्रीति के बाद जैस्मिन ने दिखाया दमखम
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय महिला मुक्केबाजों ने महज 30 मिनट में 2 गोल्ड जीते। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने 'गोल्डन पंच' लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।
भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार ने 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो के खिलाफ शानदार जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह इस कॉमनवेल्थ में भारत का छठा गोल्ड मेडल जीता था।
प्रीति के बाद जैस्मिन लेंबोरिया ने गोल्ड पर जमाया कब्जा
जैस्मिन ने एक बार फिर अपना जलवा बिखेरते हुए देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की है. ग्लासगो शहर में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैस्मिन लंबोरिया ने देश को मेडल दिलाने का काम किया है.
लद्दाख में खेल नीति 2026 पेश, खिलाड़ियों के लिए 1 करोड़ रुपये के इंसेंटिव की घोषणा
लेह, 1 अगस्त (आईएएनएस)। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. के. सक्सेना ने शनिवार को लद्दाख खले नीति 2026 को मंजूरी दी। खेल नीति के तहत एथलीटों को मासिक स्कॉलरशिप, एक बार के नकद पुरस्कार और लगातार वित्तीय मदद देने का वादा किया गया है। खेल नीति 2026 की घोषणा को इस केंद्र शासित प्रदेश को एक खेल ताकत के रूप में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन! प्रीति पवार ने फाइनल जीतकर दिलाया छठा गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन! प्रीति पवार ने फाइनल जीतकर दिलाया छठा गोल्ड मेडल
भारत को मिला छठा गोल्ड मेडल, प्रीति पवार ने किया कमाल
भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी है.
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा, मैं अब उनके लिए योगदान देना चाहता हूं: फिल फोडेन
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड के इस मिडफील्डर के लिए नए मैनेजर एन्जो मारेस्का का आना बहुत अच्छा मौका है। पिछले दो सीजन उनके लिए मुश्किल रहे थे, लेकिन अब वह फिर से शुरुआत करना चाहेंगे।
Commonwealth Games 2026 में 10वें दिन प्रीती पवार ने जीता गोल्ड, कनाडा के बॉक्सर को दी मात
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक 23 मेडल जीत चुका है। 1 अगस्त के मैच शेड्यूल को देखें तो आज बॉक्सिंग में भारतीय बॉक्सर्स को कई गोल्ड मेडल मिलने की उम्मीद है।
भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का मानना है कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 में जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीतने के बाद भी वह अभी अपने सबसे अच्छे फॉर्म में लौटने से कुछ दूर हैं। उन्होंने यह बयान रजत पदक जीतने के बाद दिया है। पूरा पढ़िए क्या कहा है।
CWG का भावुक पल! ब्रॉन्ज जीतते ही 100 साल के दादा के गले लगी ये एथलीट
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्कॉटलैंड की मेगन कीथ ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने के बाद अपने 100 वर्षीय दादा को गले लगाकर भावुक कर दिया. यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया के शेड्यूल में बदलाव, सुदर्शन पर भी अपडेट
शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम 4 अगस्त को कोलंबो के लिए रवाना होगी. तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच के बाद भारतीय टीम गॉल जाएगी, जहां टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा. दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाना है.
Commonwealth Games 2026 Live: भारत के मेडल इवेंट हुए शुरू, एथलीट लगाएंगे पदकों की झड़ी
Commonwealth Games 2026 Live: भारतीय एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन आज पदकों की झड़ी लगा सकते हैं। शनिवार को भारतीय बॉक्सर 10 गोल्ड मेडल के लिए रिंग में होंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यामिनी से लेकर अस्मिता, इन भारतीय प्लेयर्स ने जीते हैं अब तक मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय प्लेयर्स से जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी, उसमें वह काफी खरा उतरे हैं, जिसमें अधिकतर इवेंट में मेडल जीतने में कामयाबी मिली है। वहीं जूडो में भी पहली बार भारत मेडल जीतने में सफल रहा।
युवा भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने शनिवार को यहां चीनी ताइपे की हुआंग यु सुन पर सीधे गेम में जीत दर्ज करके ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में प्रवेश किया।पिछले साल के यूएस ओपन सुपर 300 में उपविजेता रही पंजाब की 17 वर्षीय खिलाड़ी तन्वी ने सेमीफाइनल में यु सुन को केवल 33 मिनट में 21-17, 21-11 से पराजित किया। यहां फाइनल मुकाबला दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच होने की संभावना थी लेकिन महिला एकल के दूसरे सेमीफाइनल में उन्नति हुडा को वियतनाम की विश्व में नंबर 21 थूई लिन्ह गुयेन से 15-21 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से विश्व जूनियर चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी रविवार को होने वाले फाइनल में वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से भिड़ेंगी।तन्वी 2024 में बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने पिछले दो वर्षों में काफी प्रगति की है।तन्वी ने 2025 में ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 और गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 में उपविजेता रहने के अलावा 2024 में बॉन इंटरनेशनल और 2025 में डेनमार्क चैलेंज जीता था। तन्वी ने शुरू से आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया तथा अपने तेज क्रॉस-कोर्ट स्मैश और पुश शॉट्स से हुआंग को बार-बार परेशान किया। पहले गेम में स्कोर 3-3 से बढ़कर 7-6 हो गया। तन्वी ने इसके बाद पूरे गेम में मामूली बढ़त बनाए रखी और 14-10 से 17-11 तक पहुंच गई।स्थानीय खिलाड़ी ने स्कोर को 15-17 तक कम कर दिया, जिसके बाद तन्वी ने आक्रामक खेल दिखाया और पहला गेम अपने नाम कर दिया।दूसरे गेम में हुआंग ने स्कोर 9-9 से बराबर कर दिया, लेकिन तन्वी इसके बाद हावी हो गई। उन्होंने बैक कोर्ट से सटीक शॉट लगाते हुए नेट पर चतुराई से ड्रॉप शॉट भी मारे। भारतीय खिलाड़ी ने आखिरी 14 में से 12 अंक अपने नाम किए और लगातार गेम में जीत दर्ज करके फाइनल में प्रवेश किया।
वर्ल्ड कप से पहले इस क्रिकेटर का बड़़ा फैसला, टीम की कप्तानी छोड़ी
वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश जैसी टीमों को हराकर सुर्खियां बटोरने वाले डच कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कप्तानी छोड़ दी है. करीब तीन साल तक टीम का नेतृत्व करने वाले स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा कि अब वह बिना दबाव के बतौर प्लेयर टीम के लिए ज्यादा योगदान देना चाहते हैं.
ताइपे ओपन: तन्वी शर्मा ने कटाया फाइनल का टिकट, सेमीफाइनल में हुआंग यू-हसुन को हराया
तन्वी शर्मा ने ताइपे बैडमिंटन ओपन 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने एकतरफा गेम में जीत हासिल की और बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 टूर्नामेंट में भारत के खिताब जीतने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।
छह मेडल एक दिन में जीतकर भी पीछे रहा भारत
नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए।
इंग्लैंड के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने के काफी करीब पहुंच गए हैं, जिसमें वह वेस्टइंडीज के कायरन पोलार्ड को पीछे छोड़ेंगे।
Commonwealth Games: भारत के 10 बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगे, इतिहास रचने को तैयार!
शनिवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के शेड्यूल में बॉक्सिंग का दबदबा रहेगा, जिसमें टोक्यो ओलंपियन लवलीना बोरगोहेन समेत रिकॉर्ड 10 एथलीट अपने-अपने फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। सभी 10 मुक्केबाजों ने अपने सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले जीतकर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है और अब वे गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान रहा है। इसे भी पढ़ें: Neeraj Chopra ने Commonwealth Games भालाफेंक में रजत पदक जीता, यशवीर को कांस्य Olympics.com के अनुसार, लवलीना बोरगोहेन (महिला 75kg), साक्षी चौधरी (महिला 51kg), प्रीति पवार (महिला 54kg), जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57kg), प्रिया घांघस (महिला 60kg), अरुंधति चौधरी (महिला 70kg), जादुमनी सिंह मंडेन्गबाम (पुरुष 55kg), सचिन सिवाच (पुरुष 60kg), अंकुश पांघल (पुरुष 80kg) और नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90kg) SEC सेंटर में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला करेंगे। एथलेटिक्स में, गुलवीर सिंह पुरुषों की 5000 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। वे ग्लासगो 2026 में 10,000 मीटर इवेंट में जीते गए सिल्वर मेडल के बाद एक और मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ट्रिपल जंपर प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन भी मुकाबले में उतरेंगे। उन्हें उम्मीद है कि वे 2022 बर्मिंघम गेम्स में एल्डहॉस पॉल और अब्दुल्ला अबूबकर की तरह भारत के लिए 1-2 फ़िनिश (पहला और दूसरा स्थान हासिल करने) का यादगार कारनामा दोहरा पाएंगे। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा और कुलदीप कुमार पुरुषों के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि भारत की मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम भी पोडियम पर जगह बनाने के लिए मुकाबला करेगी। ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी रेस वॉक इवेंट में हिस्सा लेंगी और बर्मिंघम 2022 में जीते अपने सिल्वर मेडल से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Boxing: जादूमणि, अरुंधति और जैस्मीन समेत 6 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे जूडो में, भारत ऐतिहासिक शुरुआती दिन के बाद अपनी शानदार शुरुआत को जारी रखने की कोशिश करेगा। शनिवार को उन्नति शर्मा (महिलाओं का 63 किग्रा), करनजीत सिंह मान (पुरुषों का 90 किग्रा), हर्ष टोकस (पुरुषों का 81 किग्रा) और इनुंगनबी तखेलंबम (महिलाओं का 70 किग्रा) मुकाबला करेंगे। यह सब शुक्रवार को अस्मिता डे और हर्ष सिंह द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जूडो में पहला गोल्ड मेडल जीतने के बाद हो रहा है। बोल्स में, नवनीत सिंह और दिनेश कुमार पुरुषों के पेयर्स मैच में इंग्लैंड का सामना करेंगे, जिसमें जीतने वाली टीम सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी। दिन के इवेंट्स के दौरान पैरा एथलेटिक्स और ट्रैक साइक्लिंग में भी भारत के पास मेडल जीतने के मौके होंगे। For more Sports News in Hindi Today please click here.
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन ऐतिहासिक रहा। जूडो और डेकाथलॉन के खेल में भारत ने पहली बार मेडल जीता। वहीं, जैवलिन थ्रो में देश को दोहरी खुशी मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह ने मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
Asmita ने पिता का सपना किया पूरा, CWG में लहराया तिरंगा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अस्मिता डे ने भारत के लिए जूडो का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. सात महीने पहले पिता को खोने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थीं, लेकिन हार नहीं मानी. कठिन परिस्थितियों से उबरकर उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और यह ऐतिहासिक जीत अपने दिवंगत पिता, कोच और परिवार को समर्पित कर दी.
भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी: सीडब्ल्यूजी 2026
ग्लासगो, ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।
मेडल जीतने की बहुत खुशी: यशवीर सिंह
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया।
CWG 2026: एक दिन में छह मेडल जीतकर भी 10वें स्थान पर भारत, ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत बरकरार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए। वहीं, जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। वहीं, डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता।
पाकिस्तानी कप्तान से गले मिली टीम इंडिया की स्टार, हैंडशेक भी किया
खेले गए द हंड्रेड विमेंस टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने मैच खत्म होने के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर खेल भावना की खूबसूरत मिसाल पेश की. दोनों खिलाड़ियों का यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सीडब्ल्यूजी 2026: एक दिन में छह मेडल जीतकर भी 10वें स्थान पर भारत, ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत बरकरार
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए। वहीं, जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। वहीं, डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता।
हम हमेशा चाहते हैं कि राष्ट्रगान बजे, लेकिन…गोल्ड मेडल से चूकने पर नीरज चोपड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर नीरज चोपड़ा ने कहा कि हम हमेशा चाहते हैं कि पदक वितरण समारोह हमारा राष्ट्रगान बजे लेकिन मैंने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वापसी के बाद में अपने प्रदर्शन से खुश हूं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने कांस्य विजेता यशवीर सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दबाव में यशवीर ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर भारतीय जैवलिन के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई।
आंखों में आंसू, गले में गोल्ड... अस्मिता ने दिवंगत पिता का सपना किया पूरा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम जूडो वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. पिता के निधन के सात महीने बाद हासिल की गई यह जीत बेहद भावुक करने वाली रही.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन जैवलिन थ्रो में भारत की झोली में दो मेडल आए। नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, तो यशवीर सिंह ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाने में सफल रहे। नीरज ने माना कि इंजरी से वापसी करने पर मन में थोड़ा डर रहता है। उन्होंने कहा कि वह थोड़ा और बेहतर कर सकते थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन जैवलिन थ्रो में भारत की झोली में दो मेडल आए। नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, तो यशवीर सिंह ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाने में सफल रहे। नीरज ने माना कि इंजरी से वापसी करने पर मन में थोड़ा डर रहता है।
'पहला मेडल जीतने की बहुत खुशी है', सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज जीतने के बाद बोले यशवीर सिंह
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। यशवीर का यह अब तक का बेस्ट प्रदर्शन भी रहा। इंटरनेशनल स्टेज पर पहला मेडल जीतने पर यशवीर ने खुशी जताई है।
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीला से नारंगी किए जाने पर विवाद गहरा गया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने इस पर आपत्ति जताते हुए फेडरेशन के अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा है। उनका आरोप है कि यह फैसला एग्जीक्यूटिव बोर्ड की मंजूरी और उन्हें बिना बताए लिया गया। टिर्की ने बोर्ड सदस्यों को ईमेल भेजकर सवाल पूछे हैं। उन्होंने लिखा, 'मुझे नारंगी रंग से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नेशनल टीम की पहचान से जुड़े इस बड़े फैसले पर चुनी हुई लीडरशिप से चर्चा जरूर होनी चाहिए थी। इस बीच, ओडिशा सरकार ने भी टिर्की से स्पष्टीकरण मांग लिया है। वहीं, गुरुवार को टिर्की ने बदलाव का बचाव किया था। उन्होंने लोगों से इसे राजनीतिक रंग न देने की अपील करते हुए कहा था कि यह पूरी तरह 'टेक्निकल' फैसला है। खिलाड़ियों से सलाह के दावे पर सवाल शुक्रवार को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भारतीय टीम के एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया कि जर्सी में बदलाव को लेकर न तो उनसे राय ली गई और न ही सलाह मांगी गई। हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने भी दावा किया कि उन्हें जर्सी में बदलाव की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे ऐसी किसी आधिकारिक बैठक का हिस्सा नहीं रहे, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हुई हो। जर्सी देखकर कोई प्रेरणा नहीं मिल रही- भास्करन इससे पहले, जर्सी के रंग को लेकर कई पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए थे। 1980 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान वासुदेवन भास्करन ने भी नाराजगी जताई थी। रासकिन्हा ने लिखा- टीम को भगवा रंग क्यों पहनाया भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि टीम को भगवा रंग पहनाया जाना शर्मनाक है। प्रियंका गांधी ने भी नई जर्सी आलोचना की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से नारंगी किए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की पहचान अहिंसा, सत्य और भाईचारे जैसे मूल्यों से जुड़ी है और इन्हें बदला नहीं जा सकता। जर्सी का रंग कैसे तय होता है, सवाल-जवाब के जरिए समझिए … सवाल: जर्सी का रंग किस आधार पर तय होता है? जवाब: जर्सी के रंग को लेकर कोई भी लिखित नियम नहीं है। कोई भी देश किसी भी रंग को चुन सकता है। लेकिन आमतौर किसी देश की टीम की जर्सी का रंग उसके राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय प्रतीकों या राष्ट्रीय पहचान के आधार पर चुना जाता है। सवाल: भारतीय टीम की जर्सी नीली क्यों रखी गई थी? जवाब: हॉकी इतिहासकार के. अरुमुगम ने बताया कि भारतीय हॉकी टीम 1928 से ज्यादातर नीली और सफेद जर्सी में खेलती आई है। समय-समय पर जर्सी का डिजाइन बदला, लेकिन रंग नीला ही रहा। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम ने 1992 में रंगीन जर्सी शुरू होने पर तिरंगे के अशोक चक्र का नीला रंग अपनाया। इसी वजह से भारतीय टीमों की पहचान 'मेन इन ब्लू' के तौर पर बन गई। सवाल: जर्सी का रंग ऑरेंज क्यों किया गया? जवाब: हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी अब नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेली जाती है। ऐसे में मैदान और जर्सी दोनों नीले होने से खिलाड़ियों को तेज खेल के दौरान साथी खिलाड़ियों और गेंद को पहचानने में दिक्कत होती थी। भारत ने 1975 में वर्ल्ड कप जीता था FIH मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट का 16वां एडिशन होगा। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) की ओर से आयोजित यह टूर्नामेंट 14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम के वावरे और नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेला जाएगा। भारत ने अपना आखिरी और इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप खिताब 1975 में जीता था। टीम करीब 50 साल बाद फिर से वर्ल्ड चैंपिंयन बनने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी।
Kuldeep Yadav ने Ben Stokes को आउट कर यॉर्कशर को दिलाई जीत, आशुतोष का कमाल
लंदन, एक अगस्त भारत के बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स को आउट किया और यॉर्कशर की वनडे कप में डरहम पर जीत में अहम भूमिका निभाई। कुलदीप ने स्टोक्स (12) को जॉर्ज हिल के हाथों कैच आउट कराने के बाद सीमित ओवरों की क्रिकेट के विशेषज्ञ कॉलिन एकरमैन (26) को भी आउट किया। कुलदीप ने 10 ओवर में 23 रन देकर दो विकेट लिए जिससे यॉर्कशर ने डरहम को 48.1 ओवरों में केवल 165 रन पर ढेर कर दिया। जेम्स व्हार्टन (नाबाद 68) और सैम व्हाइटमैन (नाबाद 52) ने अर्धशतक बनाए और यॉर्कशर ने 41 ओवर में लक्ष्य को हासिल कर लिया। एक अन्य मैच में भारतीय ऑलराउंडर आशुतोष शर्मा (51 रन देकर पांच विकेट) ने लिस्ट ए क्रिकेट में पहली बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया, जिससे हैम्पशर ने एसेक्स को तीन विकेट से हरा दिया। आशुतोष की शानदार गेंदबाजी से हैम्पशर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रही एसेक्स को 49 ओवर में 317 रन पर रोक दिया। इसके जवाब में जेम्स फुलर (नाबाद 58), कप्तान निक गुबिन्स (53) और टॉम प्रेस्ट (51) के अर्धशतकों की बदौलत हैम्पशर ने 47.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में 17 साल की तन्वी ने चीनी ताइपे की हुआंग यू-हसुन को सीधे गेम में मात दी। पंजाब की रहने वाली तन्वी ने यह मुकाबला 21-17, 21-11 से अपने नाम किया। यह एकतरफा सेमीफाइनल मैच महज 33 मिनट तक चला। तन्वी पिछले साल यूएस ओपन सुपर 300 में रनर-अप रही थीं। रविवार को होगा खिताबी मुकाबला जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट तन्वी शर्मा रविवार को होने वाले फाइनल में खिताबी जीत के लिए उतरेंगी। फाइनल में उनका मुकाबला हमवतन उन्नति हुड्डा या वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी गुयेन थुय लिन्ह में से किसी एक से होगा। पहले गेम में बढ़त बनाई, दूसरे में पूरी तरह हावी रहीं तन्वी ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले गेम में हुआंग यू-ह्सुन ने कुछ समय तक मुकाबला किया, लेकिन तन्वी ने 21-17 से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने विपक्षी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए 21-11 से जीत दर्ज की और सीधे गेम में फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते:जेवलिन में नीरज को सिल्वर और यशवीर को ब्रॉन्ज; भारत को कल 6 मेडल मिले कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर
इंग्लैंड में गदर काट रहे कुलदीप यादव, बेन स्टोक्स भी फिरकी में घूम गए
इंग्लैंड में जारी मेट्रो बैंक वन-डे कप में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. कुलदीप यादव ने बेन स्टोक्स का भी अहम विकेट चटकाया. कुलदीप ने 10 ओवर में सिर्फ 23 रन देकर 2 विकेट लिए और यॉर्कशायर को डरहम पर 7 विकेट की शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
स्पोर्ट्स बिजनेस का बदला ट्रेंड...:स्पॉन्सरशिप की जगह टीमों में हिस्सेदारी खरीदने पर फोकस बढ़ा
एशियाई रईस परिवारों और बड़े निवेशकों का खेलों के प्रति नजरिया अब तेजी से बदल रहा है। पहले वे सिर्फ टीमों की जर्सी पर अपना नाम छपवाने (स्पॉन्सरशिप) या चैरिटी आयोजनों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब वे सीधे स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी, लीग और खेलों से जुड़ी तकनीक में अपनी हिस्सेदारी खरीद रहे हैं। निवेशकों को पूरा भरोसा है कि दर्शकों की लगातार बढ़ती संख्या और टीवी-डिजिटल राइट्स की आसमान छूती कीमतों से उन्हें लंबे समय में बहुत बड़ा मुनाफा मिलेगा। इस नए ट्रेंड की वजह से खेल जगत में निवेश के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 13 जुलाई तक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्पोर्ट्स से जुड़ी डील 3.69 बिलियन डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपए) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। यह 1980 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल के मुकाबले 12 गुना ज्यादा है। चूंकि किसी भी टीम का पूरा मालिकाना हक खरीदना बहुत महंगा और मुश्किल होता है, इसलिए ज्यादातर अमीर परिवार और निवेशक टीमों में थोड़ी हिस्सेदारी (माइनॉरिटी स्टेक) खरीदने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। भारत में इस बड़े बदलाव का सबसे सीधा असर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में देखने को मिल रहा है, जहां टीमों की कीमत लगातार आसमान छू रही है। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ सुपर जायंट्स की मालिक गोयनका फैमिली करीब 19 हजार करोड़ रुपए की वैल्यूएशन पर अपनी 5 से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है और विदेशी निवेशकों ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई है। इसी तरह, इस साल की शुरुआत में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों में हिस्सेदारी को लेकर भी बड़ी डील हो चुकी हैं। खेल जगत में हो रहे इस भारी निवेश के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि बड़े बैंक और निवेशक इसे ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ प्रूफ बिजनेस मान रहे हैं। इसका मतलब है कि तकनीक के बदलने या शेयर बाजार में मंदी आने का लाइव खेलों के रोमांच पर कोई खास असर नहीं पड़ता। स्पेनिश फुटबॉल क्लब वालेंसिया के मालिक किआट लिम का साफ मानना है कि आज के समय में दर्शकों का ध्यान ही सबसे कीमती चीज है। जितने ज्यादा लोग मैच देखेंगे, ब्रॉडकास्टर्स उतने ही ज्यादा पैसे देंगे, जिसका सीधा फायदा टीमों और उनमें पैसा लगाने वालों को मिलेगा। जानकारों का कहना है कि अब खेलों में पैसा लगाना सिर्फ अरबपतियों का शौक नहीं रह गया है, बल्कि यह मुनाफा कमाने की एक बेहद ठोस और सोची-समझी बिजनेस रणनीति बन चुका है। स्पोर्ट्स बिजनेस के निवेशक क्रिकेट के अलावा, अब जापान और दक्षिण कोरिया में बेसबॉल के साथ-साथ फॉर्मूला वन और यूरोपीय फुटबॉल में भी निवेश के नए मौके तलाश रहे हैं।
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन जारी है। भारत के सभी 10 मुक्केबाजों ने अपने सेमीफाइनल मैच जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया है। इन 10 में से 7 मुक्केबाज हरियाणा से हैं, जो शनिवार को देश की झोली में कम से कम सिल्वर मेडल डालेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है।
CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल के साथ इतिहास रचा
तेजस्विन शंकर ने शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 'डेकाथलॉन' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। हाई जंपर से डेकाथलीट बने तेजस्विन शंकर कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग इवेंट्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बर्मिंघम में 2022 एडिशन में पुरुषों की हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
यूपी पुलिस की दरोगा अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। यह मेडल जीतना अस्मिता का था उतना ही उनके पिता का भी था। वह इस जीत को अपने पापा से शेयर करना चाहती थीं लेकिन वह इस दुनिया में नहीं है। उनका 7 महीने पहले ब्रेन स्टोक के कारण निधन हो गया था। वह साइकिल मैकेनिक थे। अस्मिता ने भावुक होकर कहा- जब मेरे पिता का निधन हुआ, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया, क्योंकि वही मेरा सबसे बड़ा सहारा थे। लेकिन इसके बाद मां ने जिम्मेदारी संभाली। अंतिम संस्कार के केवल 10 दिन बाद उन्होंने अस्मिता से दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा- अगर मैं आज तुम्हें रोक दूंगी, तो तुम्हारे पिता सोचेंगे कि मैंने तुम्हारे सपने तोड़ दिए। इसके बाद अस्मिता अपना सामान लेकर भोपाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र लौट गईं। गोल्ड जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा- मैं यूपी पुलिस में हूं। मैं सीएम योगी जी का धन्यवाद करना चाहती हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी। इस नौकरी से मुझे सहारा मिला। इसी की बदौलत मैं यहां तक पहुंची और गोल्ड मेडल जीत सकी। अस्मिता डे त्रिपुरा के एक गांव से हैं और यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। शुरुआत में पिछड़ीं, फिर शानदार वापसी की फाइनल मुकाबले की शुरुआत अस्मिता डे के लिए आसान नहीं रही। कनाडा की हेडी क्वाच ने पहले ही युको अंक हासिल कर बढ़त बना ली। अस्मिता को एक शिदो पेनल्टी भी मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित समय तक कोई भी खिलाड़ी निर्णायक अंक नहीं बना सका, इसलिए मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंच गया। यहां अस्मिता ने सही मौके पर शानदार दांव लगाया और दूसरा युको अंक हासिल कर मैच के साथ-साथ गोल्ड मेडल भी जीत लिया। फाइनल में पहुंचने से पहले अस्मिता ने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग और समर शॉ को हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। अस्मिता बोलीं- योगी जी के समर्थन से संबल मिला अस्मिता ने कहा- दिसंबर 2025 में उनके पिता का निधन हो गया था। मेरे पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया। उनके जाने के बाद मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। लेकिन दो महीने बाद एशियन गेम्स के ट्रायल्स हुए, जिसमें मैं नेशनल स्तर पर पहले स्थान पर रही। गोल्ड मेडल जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा- यह पदक मेरे लिए, मेरे राज्य और मेरे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैं इसे अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करती हूं। मैं इस गोल्ड मेडल से बहुत खुश हूं। यह उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने मेरा साथ दिया। उन्होंने सीएम योगी का भी धन्यवाद जताया। 800 मीटर दौड़ छोड़ जूडो चुना त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली अस्मिता डे पहले 800 मीटर दौड़ की एथलीट थीं। जिला स्तरीय ट्रायल के दौरान उनकी रुचि जूडो में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स छोड़कर जूडो को अपना खेल बना लिया और लगातार मेहनत करती रहीं। अस्मिता ने भोपाल के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) रीजनल सेंटर में कोच यशपाल सोलंकी की देखरेख में प्रशिक्षण लिया। फिलहाल वह केंद्र सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के डेवलपमेंट ग्रुप का हिस्सा हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वजन बनाए रखने के लिए रहना पड़ा भूखा अस्मिता ने खिताबी मुकाबले से पहले रैंडम वेट-इन (वजन जांच) के संघर्ष को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह भूखा रहना पड़ा था। मैं ज्यादा कुछ नहीं खा सकती थी क्योंकि रैंडम वेट-इन में आपका वजन 50 किलो से कम होना चाहिए। जब मैं सुबह उठी, तो मेरा वजन 50 किलो 300 ग्राम था, इसलिए मैंने कुछ नहीं खाया। जब मेरा नाम रैंडम वेट-इन के लिए आया, तब जाकर मैंने औपचारिकता पूरी होने के बाद खाया-पिया और उसके एक घंटे बाद ही मेरी फाइट थी। डीजीपी बोले- अस्मिता ने बढ़ाया यूपी पुलिस और देश का गौरव यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने स्वर्ण पदक जीतने पर अस्मिता डे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अस्मिता डे ने महिला 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में गोल्ड जीतकर यूपी पुलिस, प्रदेश और पूरे देश का नाम रोशन किया है। यह उनकी सफलता अनुशासन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण है। यह उपलब्धि सीएम योगी की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की नीति का भी परिणाम है। खेल कोटे के जरिए खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में नौकरी देने से उन्हें खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिला है। ---------------------------ये खबर भी पढ़ें… यूपी में महिलाओं-बुजुर्गों को ₹1500 पेंशन; भाजपा का बड़ा दांव- चुनावी साल में 1.18 करोड़ लोगों को सीधा फायदा यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार ने बड़ा सियासी दांव चला है। राज्य के 1.18 करोड़ से ज्यादा पेंशन लाभार्थियों को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। इनमें वृद्ध, विधवा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को शामिल किया गया है। पढ़िए पूरी खबर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी रहा। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।
भारत का नया जैवलिन स्टार! ब्रॉन्ज जीतकर छाए यशवीर, नीरज भी बन गए फैन
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बावजूद नीरज चोपड़ा के चेहरे पर मुस्कान थी. नीरज चोपड़ा ने इस बार सिर्फ अपना पदक नहीं, बल्कि भारतीय जैवलिन थ्रो के उज्ज्वल भविष्य को भी पोडियम पर खड़े देखा.
Indian Team: श्रीलंका दौरे से पहले टीम के लिए अच्छी खबर, बुमराह हुए फिट,खेलेंगे दोनों टेस्ट मैच
इंटरनेट डेस्क। भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार बुमराह ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है और अब वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट की सीरीज 15 अगस्त से शुरू होनी है, फिर दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से खेला जाएगा। बुमराह को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में फिटनेस क्लियरेंस की शर्त के साथ चुना गया था, लेकिन अब मेडिकल टीम ने उन्हें हरी झंडी दे दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बुमराह ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अनिवार्य फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है। ऐसे में वह श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। इस चोट के कारण बुमराह लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले से बाहर हो गए थे। श्रीलंका दौरे का शेड्यूल 15-19 अगस्त- पहला टेस्ट, गॉल, सुबह 10 बजे से 23-27 अगस्त- दूसरा टेस्ट, कोलंबो, सुबह 10 बजे से pc- aaj tak
नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में सिल्वर पदक जीतने के बाद जहां अपने बयान में इसकी खुशी जाहिर की तो वहीं उन्होंने कांस्य पदक जीतने वाले यश वीर सिंह की भी जमकर तारीफ की।
Commonwealth Games 2026: नीरज चोपड़ा ने अपने नाम किया रजत पदक, गोल्ड का सपना रहा अधूरा
इंटरनेट डेस्क। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का स्वर्ण पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया है। हालांकि वह रजत पदक अपने नाम करने में सफल रहे। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो कर रजत पदक जीता। वहीं भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। ग्लासगो ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल अपने नाम किए। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। जूडो में अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीता। ये जूडो के इतिहास में भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा स्वर्ण पदक आने नाम किया। यामिनी मौर्य सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। pc- india tv hindi
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुट गए हैं। इस तैयारी के दौरान पंत ने रांची में पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के साथ ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लिया। रांची के एक जिम से पूर्व भारतीय स्पिनर शाहबाज नदीम ने एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें पंत और धोनी साथ ट्रेनिंग करते नजर आ रहे हैं। इस फोटो में धोनी नीले रंग के ट्रैकसूट में दिख रहे हैं, जबकि पंत ने काली टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए हैं। शाहबाज नदीम ने शेयर की फोटो तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शाहबाज नदीम ने लिखा, ‘भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बेहतरीन फिनिशर ऋषभ पंत और माही भाई।’ हालांकि पंत अभी भारत की व्हाइट-बॉल टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह शुभमन गिल की कप्तानी वाली टेस्ट टीम के अहम सदस्य बने हुए हैं। IPL 2026 में रहा था खराब प्रदर्शन 28 साल के पंत के लिए IPL 2026 यादगार नहीं रहा। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की कप्तानी करते हुए उन्होंने 28.36 की औसत और 138.05 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए। उनकी कप्तानी में LSG अंक तालिका में 10वें और आखिरी स्थान पर रही। अब पंत की कोशिश श्रीलंका सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर उस निराशा को पीछे छोड़ने की होगी। जून के बाद पहली बार खेलेंगे इंटरनेशनल मैच पंत आखिरी बार जून 2026 में मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौता टेस्ट खेलते नजर आए थे। इसके बाद वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे। अब श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी होगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन भारत के लिए मेडलों की बारिश की उम्मीद है। बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 10 फाइनल, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा एथलेटिक्स, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भी भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
Commonwealth Boxing: Lovlina Borgohain समेत भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे
भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में कम से कम आठ पदक पक्के कर लिये जब ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया समेत आठ मुक्केबाज शुक्रवार को फाइनल में पहुंच गए। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने तुवालू की तारोना खानम बादी पासोनी ताफाकी को 5 . 0 से हराया। अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) ,अंकुश पंघाल (80 किग्रा) , नरेंदर बेरवाल (प्लस 30 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। साक्षी ने महिलाओं के 51 किलोवर्ग में कनाडा की अम्बर जेन वाल को सर्वसम्मति से लिये गए फैसले में 5 . 0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। प्रिया ने इंग्लैंड की लूसी किंग्स व्हीटली को 60 किलो वर्ग में 5 . 0 से हराया। नरेंदर ने त्रिनिदाद और टोबैगो के नाइजेल पॉल को पुरूषों के प्लस 90 किलो मुकाबले में 5 . 0 से मात दी। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। उन्होंने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।
Tejaswin Shankar ने Commonwealth Games डेकाथलन में कांस्य जीतकर इतिहास रचा
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने घुटने की चोट के बाद शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया जब वह राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीतकर डेकाथलन स्पर्धा में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। तेजस्विन ने दस खेलों की इस स्पर्धा में 7976 अंक बनाये।लंबे समय से चली आ रही घुटने की समस्या के कारण उन्होंने ग्लास्गो खेलों की ऊंची कूद स्पर्धा से नाम वापिस ले लिया था। उन्होंने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में कांस्य जीता था। इसके साथ ही वह दो राष्ट्रमंडल खेलों में अलग अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले भी पहले भारतीय बन गए। हांगझोउ एशियाई खेल 2023 के रजत पदक विजेता 27 वर्ष के तेजस्विन कनाडा के डेमियन वार्नर से पिछड़ गए जिन्होंने 8036 अंक लेकर रजत पदक जीता। पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंक लेकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तेजस्विन ने नौवी स्पर्धा भालाफेंक के बाद तीसरा स्थान हासिल कर लिया था और 1500 मीटर में पांचवें स्थान पर रहने के बाद उसे बरकरार रखा।

