भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने वियतनाम के दा नांग में अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया है। पहलवानों ने मंगलवार को प्रतियोगिता के चौथे दिन देश के लिए 4 और पदक जीते
IPL में बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम मैच शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। इस मुकाबले को हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के पास एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। उन्होंने बेंगलुरु की ओर से 2012 सीजन में 59 छक्के लगाए थे। वैभव इस सीजन 53 सिक्स लगा चुके हैं। 2 खास बातें… हैदराबाद ने 23 में से 14 मैच जीते, 9 हारे हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में हैदराबाद का प्रदर्शन राजस्थान से बेहतर है। दोनों के बीच 23 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 14 हैदराबाद और 9 मैच राजस्थान ने जीते हैं। वैभव राजस्थान के टॉप स्कोरर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ इसी सीजन में शतक लगाया था। वे 14 मैच में 583 रन बना चुके हैं। इनमें 3 फिफ्टी शामिल हैं। वहीं, जोफ्रा आर्चर टॉप विकेट टेकर हैं। वे 14 मैच में 21 विकेट ले चुके हैं। आर्चर ने इस सीजन 8.76 की इकोनॉमी से रन दिए हैं। क्लासन के पास ऑरेंज कैप पाने का मौका हैदराबाद के हेनरिक क्लासन के पास ऑरेंज कैप हासिल करने का मौका है। वे 14 मैच में 606 रन बना चुके हैं। 32 रन बनाते ही वे ऑरेंज कैप हासिल कर लेंगे। ईशान किशन (569 रन) और अभिषेक शर्मा (563 रन) भी सीजन में 500 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। गेंदबाजी में ईशान मलिंगा टॉप पर हैं। वे 19 विकेट ले चुके हैं। मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले तीनों मैचों में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि एक बार स्कोर डिफेंड किया गया। दिन का तापमान 25C से 45C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन। इम्पैक्ट प्लेयर: ट्रैविस हेड। राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा। इम्पैक्ट प्लेयर: रवींद्र जडेजा।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरे सीजन IPL फाइनल में जगह बना ली। धर्मशाला में खेले गए क्वालिफायर-1 में टीम ने गुजरात टाइटंस को 92 रन से हराकर जीत दर्ज की। मुकाबले में कई बड़े रिकॉर्ड और यादगार मोमेंट्स देखने को मिले। कप्तान रजत पाटीदार ने इस जीत के साथ एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। वह लगातार दो IPL फाइनल में टीम को पहुंचाने वाले पांचवें कप्तान बने। पाटीदार ने बल्लेबाजी में भी कमाल किया और सबसे तेज 200 सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा। पाटीदार की नाबाद 93 रन की पारी की बदौलत बेंगलुरु ने IPL प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर भी खड़ा किया। बेंगलुरु-गुजरात मैच के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा बार IPL फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बेंगलुरु ने IPL फाइनल में पांचवी बार जगह बनाई। टीम 2009, 2011, 2016, 2025 और 2026 में फाइनल में पहुंची। वह सबसे ज्यादा बार IPL फाइनल खेलने वाली तीसरी टीम है। चेन्नई रिकॉर्ड 10 फाइनल के साथ नंबर एक पर है। वहीं मुंबई 6 फाइनल के साथ दूसरे पायदान पर है। 2. बेंगलुरु ने IPL प्लेऑफ की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की बेंगलुरु ने गुजरात के खिलाफ धर्मशाला में 92 रन से जीत दर्ज की। यह IPL प्लेऑफ में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है। राजस्थान पहले नंबर पर है, जिन्होंने 2008 में दिल्ली के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 105 रन से जीत हासिल की थी। 3. पाटीदार लगातार दो IPL फाइनल खेलने वाले पांचवें कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने फाइनल में जगह बनाई। बतौर कप्तान पाटीदार लगातार दो या उससे ज्यादा बार IPL फाइनल में पहुंचने वाले पांचवे कप्तान बन गए। धोनी ने चेन्नई की कप्तानी करते हुए 2010, 2011, 2012, 2013 में लगातार 4 साल तक फाइनल खेले थे। इसके बाद उन्होंने 2018 और 2019 में भी लगातार चेन्नई को फाइनल में पहुंचाया। वहीं रोहित शर्मा 2019 और 2020 में मुंबई को फाइनल में पहुंचाया था। 4. रजत सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के पूरे कर लिए। वे यह मुकाम सबसे तेजी से हासिल करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा। अभिषेक ने 125 पारियों में 200 सिक्स लगाए थे। 5. पाटीदार ने वॉर्नर की बराबरी की पाटीदार ने कप्तान के तौर पर नाबाद 93 रन की पारी खेलकर डेविड वॉर्नर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। प्लेऑफ में बतौर कप्तान सबसे बड़ा स्कोर बनाने के मामले में अब दोनों संयुक्त रूप से टॉप पर हैं। 6. रजत ने प्लेऑफ की एक पारी में दूसरे सबसे ज्यादा सिक्स लगाए पाटीदार ने गुजरात के खिलाफ 9 छक्के जड़कर IPL प्लेऑफ इतिहास की दूसरी सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाली पारी खेली। इस लिस्ट में शुभमन गिल 10 सिक्स के साथ पहले स्थान पर हैं। 7. पाटीदार IPL प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले चौथे बल्लेबाज पाटीदार ने गुजरात के खिलाफ 93 रन की पारी में 9 छक्के लगाए। इसके साथ ही उनके IPL प्लेऑफ में 24 छक्के हो गए हैं। वे प्लेऑफ मैचों में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए। इस लिस्ट में सुरेश रैना 40 छक्कों के साथ पहले नंबर पर हैं। वहीं धोनी 28 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 8. पाटीदार ने प्लेऑफ में बतौर कप्तान तीसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाया पाटीदार ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह IPL प्लेऑफ में कप्तान के तौर पर तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है। पहले नंबर पर एडम गिलक्रिस्ट हैं। उन्होंने 19 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। दूसरे नंबर पर धोनी हैं, 2012 में धोनी ने मुंबई के खिलाफ 20 बॉल पर अर्धशतक पूरा किया था। 9. बेंगलुरु ने चौथी बार 250+ स्कोर बनाए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चौथी बार टी-20 में 250+ स्कोर बनाया। टीम इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। भारत और सनराइजर्स हैदराबाद उससे आगे हैं। 10. बेंगलुरु ने IPL प्लेऑफ का सबसे बड़ा स्कोर बनाया बेंगलुरु ने IPL प्लेऑफ का सबसे बड़ा स्कोर बनाया। उन्होंने गुजरात के खिलाफ 254/5 का स्कोर बनाया। उन्होंने गुजरात के ही तीन साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। गुजरात ने 2023 में मुंबई के खिलाफ अहमदाबाद के मैदान पर 233/3 का स्कोर बनाया था। 11. RCB प्लेऑफ के एक मैच में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली टीम बनी बेंगलुरु ने मैच में कुल 38 बाउंड्री लगाई। यह IPL प्लेऑफ में किसी टीम द्वारा एक मैच में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने चेन्नई का रिकॉर्ड तोड़ी, जिन्होंने 2012 में दिल्ली के खिलाफ चेन्नई के मैदान पर 33 बाउंड्री लगाई थी। 12. RCB ने IPL का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया बेंगलुरु ने गुजरात के खिलाफ मंगलवार को 5 विकेट खोकर 254 रन बनाए। ये IPL में बेंगलुरु का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। टीम ने 2013 में पुणे वारियर्स इंडिया के खिलाफ लीग का अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। उन्होंने बेंगलुरु के मैदान पर 263/5 स्कोर किए थे। 13. बेंगलुरु ने प्लेऑफ का चौथा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बनाया बेंगलुरु ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 76/1 का स्कोर बनाया। यह IPL प्लेऑफ में पहले 6 ओवर में सबसे बड़ा स्कोर है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स पहले नंबर पर है, जिन्होंने साल 2014 में पंजाब किंग्स के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 100/2 का स्कोर बनाया था। 14. IPL प्लेऑफ का दूसरा सबसे मंहगा ओवर कुलवंत खेजरोलिया ने बेंगलुरु की पारी के 15वें ओवर में 28 रन दिए। ये IPL प्लेऑफ में दूसरा सबसे महंगा ओवर है। इस लिस्ट में पंजाब किंग्स के परविंदर अवाना पहले नंबर पर हैं। उन्होंने चेन्नई के खिलाफ 2014 के क्वालीफायर में पंजाब की ओर से खेलते हुए वानखेड़े स्टेडियम में 33 रन दिए थे। 15. रबाडा एक सीजन में पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज कगिसो रबाडा ने इस सीजन 18वीं बार पावरप्ले में विकेट चटकाया। उन्होंने धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर को आउट किया। इसी के साथ वे IPL के एक सीजन में पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने मोहम्मद शमी को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 2023 में 17 विकेट झटके थे। 16. भुवनेश्वर एक सीजन में बेंगलुरु के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट की बराबरी की भुवनेश्वर कुमार ने क्वालीफायर-1 में 2 विकेट चटकाए। उन्होंने IPL 2026 में 26 विकेट लिए। इसके साथ वे IPL के एक सीजन में बेंगलुरु के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए। हर्षल पटेल पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2021 में रिकॉर्ड 32 विकेट लिए थे। वानिंदु हसरंगा ने भी 2022 में 26 विकेट लिए थे। यहां से टॉप-9 मोमेंट्स… 1. BCCI प्रेसिडेंट ने बेल बजाकर मैच की शुरुआत की बेंगलुरु-गुजरात के बीच धर्मशाला स्टेडियम में IPL 2026 का क्वालीफायर-1 खेला गया। मैच की शुरुआत में BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास ने बेल बजाकर की। 2. मैच के दौरान दिखा खास पोस्टर धर्मशाला स्टेडियम के स्टैंड्स में एक दिलचस्प मोमेंट देखने को मिला। एक फैन ने पोस्टर लेकर विराट कोहली के लिए खास मैसेज लिखा। पोस्टर पर लिखा था- मेरा नाम याद रखना, मैं रेयांश कोहली हूं। जल्द ही RCB के लिए खेलूंगा। कोहली सर, मेरा इंतजार कीजिए। RCB फैन के इस पोस्टर ने सोशल मीडिया पर भी खूब ध्यान खींचा। 3. मैच की पहली गेंद पर चौका लगा वेंकटेश अय्यर ने मैच की पहली ही गेंद पर चौका लगाया। गुजरात के गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने ऑफ-स्टंप के बाहर शॉर्ट गेंद फेंकी। अय्यर ने बैकफुट पर जाकर कवर-पॉइंट के बीच से कट शॉट खेला और चौके के साथ अपनी टीम का खाता खोला। 4. होल्डर ने एक ही ओवर में कोहली, पडीक्कल को पवेलियन भेजा बेेंगलुरू की पारी के 9वें ओवर जेसन होल्डर ने दो विकेट झटके। ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने विराट कोहली (43) को इनसाइड एज के जरिए बोल्ड किया। फिर चौथी गेंद (8.4 ओवर) पर देवदत्त पडिक्कल (30) को विकेटकीपर जोस बटलर के हाथों कैच आउट करा दिया। 5. कोहली के आउट होने अनुष्का ने अपना चेहरा ढंका जेसन होल्डर की गेंद पर विराट कोहली का विकेट गिरते ही स्टैंड्स में बैठीं उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा पूरी तरह शॉक रह गई। उन्होंने मायूसी में दोनों हाथों से अपना मुंह ढक लिया। खुद कोहली भी आउट होने के बाद अविश्वास में कुछ सेकेंड्स क्रीज पर ही रुके रहे, अपने बल्ले को देखा और फिर भारी मन से पवेलियन लौट गए। 6. पाटीदार का कैच गुजरात को 73 रन महंगा पड़ा बेंगलुरु की पारी के 14वें ओवर में रजत पाटीदार के दो कैच छूटे। प्रसिद्ध कृष्णा के ओवर की पहली गेंद पर पाटीदार के बल्ले का ऊपरी किनारा लगा। थर्ड मैन पर विकेटकीपर जोस बटलर और कुलवंत खेजरोलिया के बीच गेंद गिर गई। तीसरी गेंद पर पाटीदार के पुल शॉट पर कगिसो रबाडा ने डीप मिडविकेट उनका आसान कैच छोड़ दिया। तब पाटीदार 20 रन पर खेल रहे थे। 7. इनिंग ब्रेक पर म्यूजिक शो हुआ बेंगलुरु की पारी खत्म होने के बाद धर्मशाला मैदान पर शानदार लाइट शो दिखाया गया। पहले म्यूजिक शो हुआ, जिसमें वायलिन से वंदे मातरम की गूंज सुनाई दी। इसके अलावा प्लेऑफ में पहुंची चारों टीम का लाइट शो दिखाया गया। 8. सुदर्शन हिटविकेट आउट हुए गुजरात की पारी के तीसरे ओवर में गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन अजीबो-गरीब तरीके से आउट हुए। गेंदबाज जैकब डफी ने ओवर की तीसरी गेंद ऑफ-स्टंप के बाहर शॉर्ट लेंथ डाली। सुदर्शन ने बैकफुट पर जाकर कट शॉट खेला और चौका हो गया। लेकिन शॉट पूरा करते समय बैट उनके हाथ से छूटकर सीधे स्टंप्स से जा टकराया। वे IPL प्लेऑफ में हिट आउट होने वाले कुसल मेंडिस के बाद दूसरे बल्लेबाज बने। 9. रसिख ने ‘डबल विकेट मेडन’ ओवर डाला रसिख ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले का आखिरी ओवर ‘डबल विकेट मेडन’ डाला। उन्होंने ओवर की पहली गेंद पर निशांत सिंधु (5) को अपनी ही गेंद पर कैच पकड़ा। फिर चौथी गेंद पर जेसन होल्डर (0) को मिड-ऑन पर जोश हेजलवुड के हाथों कैच कराया। बाकि चार गेंद पर कोई रन नहीं बना।
अफगानिस्तान ने भारत दौरे के लिए टेस्ट और वनडे टीम का ऐलान कर दिया है। भारत के खिलाफ 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह ओमरजई की टीम में वापसी हुई है। वहीं स्पिनर राशिद खान टेस्ट टीम से बाहर हो गए हैं। हश्मतुल्लाह शाहिदी कप्तानी करेंगे हश्मतुल्लाह शाहिदी की कप्तानी वाली 15 सदस्यीय टेस्ट टीम में अटल और ओमरजई को जगह मिली है। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक सिर्फ एक-एक टेस्ट खेला है, जो उन्होंने 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह भी टीम में लौटे हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के 12 में से 11 टेस्ट खेले हैं और पिछला जिम्बाब्वे टेस्ट मिस किया था। राशिद खान बाहर हेड कोच रिचर्ड पाइबस ने हाल ही में राशिद खान को लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी। इसी वजह से राशिद एक बार फिर टेस्ट टीम में शामिल नहीं किए गए। उनकी गैरमौजूदगी में कायस अहमद स्पिन अटैक की अगुआई करते दिख सकते हैं। उनके साथ शराफुद्दीन अशरफ और नांगेयालिया खारोटे स्पिन विभाग संभालेंगे। न्यू चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक होगा इकलौता टेस्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 14 जून से धर्मशाला में होगी। वनडे टीम में फरीद मलिक की वापसी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम काफी हद तक उसी स्क्वॉड जैसी है जिसने पिछले साल बांग्लादेश का क्लीन स्वीप किया किया था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज फरीद मलिक की वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे 2024 में खेला था। भारत के खिलाफ अफगानी टीम टेस्ट स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमानुल्लाह जादरान, अफसर जजई, इकराम अलीखिल, अजमतुल्लाह ओमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, कायस अहमद, बिलाल सामी, जिया शरीफी, सलीम सफी। वनडे स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटे, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान, फरीद मलिक, बिलाल सामी। ईशान की 3 साल बाद वापसी 19 जून को भारतीय टीम का ऐलान हुआ था। वनडे टीम में ईशान किशन की 3 साल बाद वापसी हुई थी। उन्होंने आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ ही दिल्ली में खेला था। रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम में शामिल हैं। जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को दोनों टीमों से आराम दिया गया है। प्रिंस यादव समेत 4 खिलाड़ी पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए गए । प्रिंस को वनडे और मानव सुथार को टेस्ट टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को दोनों टीमों में शामिल किया गया है। अफगानिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम टेस्ट टीम- शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल। वनडे टीम- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।
उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल-2025 के लिए तैयार किए गए विश्वस्तरीय स्टेडियम और खेल मैदान अब आम खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए भी उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार ने इन सुविधाओं को 'पे एंड प्ले' व्यवस्था के तहत संचालित करने का फैसला किया है । विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा ने इसके लिए विस्तृत शासनादेश और फीस स्ट्रक्चर जारी कर दिया है । नई व्यवस्था के तहत देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रजत जयंती खेल परिसर, परेड ग्राउंड के साथ-साथ हल्द्वानी, रुद्रपुर और हरिद्वार के स्टेडियमों का उपयोग निर्धारित शुल्क देकर किया जा सकेगा । इस व्यवस्था से जहां एक तरफ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं खेल विभाग को भी नियमित राजस्व प्राप्त होगा, जिसे 'खेल विकास निधि' में जमा किया जाएगा । प्रतिभा निखारने का केंद्र बनेंगे स्टेडियम खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना तैयार की थी। सरकार का उद्देश्य इन सुविधाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इन्हें खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और प्रतिभा निखारने का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। किस खेल के लिए कितनी देनी होगी फीस? शासनादेश में खेलों के लिए प्रति घंटा किराया और मासिक सदस्यता शुल्क तय किया गया है । बुकिंग 'यूनिफाइड स्पोर्ट्स पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकेगी। जिसमें शूटिंग के लिए 250 रुपए प्रति घंटा और 5,000 रुपए मासिक है। स्विमिंग के लिए 100 रुपए प्रति घंटा और 2,000 रुपए मासिक है। बैडमिंटन के प्रति कोर्ट के लिए 150 रुपए प्रति घंटा और 2,500 रुपए मासिक है। टेबल टेनिस की प्रति टेबल के लिए 100 रुपए प्रति घंटा और 2,000 रुपए मासिक है। लॉन टेनिस/पिकलबॉल के लिए 250 रुपए प्रति घंटा और 3,000 रुपए मासिक है। स्क्वैश के प्रति कोर्ट के लिए 300 रुपए प्रति घंटा और 6,000 रुपए मासिक है। आइस स्पोर्ट्स में स्केट्स के साथ 500 रुपए प्रति घंटा और 10,000 रुपए मासिक है। जिम्नास्टिक कोच के साथ 2,000 रुपए मासिक है। क्रिकेट ग्राउंड का किराया 3,000 रुपए प्रति घंटा है लेकिन इसमें मासिक सुविधा नहीं है। फुटबॉल और हॉकी फील्ड का किराया क्रमशः 3,000 रुपए और 2,000 रुपए प्रति घंटा है। खिलाड़ियों को इन सुविधाओं के साथ चेंजिंग रूम, वॉशरूम और आधुनिक उपकरणों का लाभ भी मिलेगा। रजत जयंती खेल क्लब की मेंबरशिप भी शुरू देहरादून के विश्वस्तरीय राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कैंपस में स्थित 'रजत जयंती खेल क्लब' के लिए सरकार ने प्रीमियम मेंबरशिप मॉडल भी पेश किया है। इसमें चार टियर रखे गए हैं। सिल्वर मेंबरशिप के लिए 1,50,000 रुपए सालाना है, जिसमें जिम, एथलेटिक्स ट्रैक, बिलियर्ड्स के अलावा किन्हीं 2 खेलों का एक्सेस है। गोल्ड मेंबरशिप 2,00,000 रुपए सालाना है, जिसमें किन्हीं 4 खेलों का एक्सेस है। प्लैटिनम मेंबरशिप 2,50,000 रुपए सालाना है, जिसमें सभी खेल सुविधाओं और सौना का एक्सेस है। एलीट फैमिली मेंबरशिप का चार्ज 7,00,000 रुपए सालाना जिसमें 4 सदस्यों के लिए सभी सुविधाएं और 100 गेस्ट पास हैं। इन खिलाड़ियों को मिलेगी बिल्कुल फ्री एंट्री सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीटों और उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सत्यापन के बाद इन खेल सुविधाओं में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा भविष्य में ग्रामीण और युवा प्रतिभाओं को पहचानने के लिए 'स्काउटिंग प्रोग्राम' भी चलाए जाएंगे । स्कूल और कॉर्पोरेट आयोजनों पर मिलेगी छूट अगर कोई स्कूल या शिक्षण संस्थान खेल प्रतियोगिताओं के लिए स्टेडियम बुक करता है, तो उसे 30% की छूट मिलेगी। वहीं, सरकारी विभागों को 40%, स्पोर्ट्स फेडरेशन को 50% और कॉर्पोरेट इवेंट्स के लिए 20% तक का डिस्काउंट दिया जाएगा। प्राइवेट इंडिविजुअल बुकिंग पर कोई छूट नहीं मिलेगी
ऑस्ट्रेलिया के स्टैंड-इन कप्तान मिचेल मार्श टखने की चोट के कारण पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस को टीम का नया कप्तान बनाया गया है, क्योंकि रेगुलर कप्तान पैट कमिंस और टेस्ट उप-कप्तान ट्रैविस हेड IPL प्लेऑफ में व्यस्त होने के चलते पहले से ही इस दौरे का हिस्सा नहीं हैं। दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज 30 मई से शुरू होकर 4 जून तक खेली जाएगी। टखने की चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया लौटे मार्शमार्श शनिवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के आखिरी IPL मैच में नहीं खेले थे। वे 19 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ LSG के मैच के बाद ऑस्ट्रेलिया लौट आए थे। मार्श को 30 मई से पाकिस्तान में शुरू होने वाली तीन मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करनी थी, जिसके लिए ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई टीम रावलपिंडी पहुंच चुकी है। बांग्लादेश दौरे पर खेलने को लेकर संशयपाकिस्तान सीरीज से बाहर होने के बाद मार्श के बांग्लादेश दौरे पर जाने को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। ऑस्ट्रेलिया को 9 जून से बांग्लादेश में तीन मैचों की वनडे सीरीज और उसके बाद 17 जून से तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेलनी है। मार्श इस दौरे के लिए उपलब्ध रहेंगे या नहीं, इस पर फैसला होना अभी बाकी है। इंग्लिस बने ऑस्ट्रेलिया के चौथे विकल्प कप्तानपैट कमिंस, ट्रैविस हेड और अब मार्श के बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को जोश इंग्लिस के रूप में अपने चौथे विकल्प को कप्तान बनाना पड़ा है। इंग्लिस इससे पहले नवंबर 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ एक वनडे और तीन टी-20 मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी कर चुके हैं। अगर इंग्लिस भी किसी मैच में उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया के पास एलेक्स कैरी का विकल्प मौजूद है, जिन्होंने 2021 में वेस्टइंडीज दौरे पर तीन वनडे मैचों में कप्तानी की थी। स्टार गेंदबाजों के बिना उतरेगी ऑस्ट्रेलियाई टीमपाकिस्तान दौरे पर जा रही ऑस्ट्रेलियाई टीम काफी कमजोर नजर आ रही है। टीम में मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाज पहले से शामिल नहीं हैं। मार्श के रिप्लेसमेंट की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन कूपर कोनोली IPL खत्म होने के बाद जल्दी पाकिस्तान जा सकते है। कोनोली, बार्टलेट, ड्वारशुइस और हेड को 9 जून से मीरपुर में होने वाली बांग्लादेश वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह दी गई है। शानदार फॉर्म में चल रहे मार्श का बाहर होना बड़ा झटकाIPL के दूसरे हाफ में लखनऊ सुपर जायंट्स के मार्श ने अपनी पिछली चार पारियों में 111, 10, 90 और 96 रन बनाए थे। वे टूर्नामेंट में 163.18 के स्ट्राइक रेट के साथ सातवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और उन्होंने तीसरे सबसे ज्यादा छक्के लगाए। अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए मार्श और ट्रैविस हेड ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर तय हैं। नए ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर कॉम्बिनेशन की तलाशहेड की अनुपस्थिति में मैट शॉर्ट के साथ मार्श को ओपनिंग करनी थी, लेकिन अब सिलेक्टर्स को एक और कार्यवाहक ओपनर ढूंढना होगा। हालांकि टीम में कई खिलाड़ी इस भूमिका को निभा सकते हैं, लेकिन सिलेक्टर्स वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए मिडिल ऑर्डर कॉम्बिनेशन को मजबूत करना चाहते हैं। ऐसी संभावना है कि साल 2019 के बाद पहली बार एलेक्स कैरी को ओपनिंग के लिए प्रमोट किया जा सकता है ताकि 19 साल नए खिलाड़ी ओली पीक को मिडिल ऑर्डर में डेब्यू का मौका मिल सके। पाकिस्तान वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई स्क्वॉडजोश इंग्लिस (कप्तान), एलेक्स कैरी, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, मैथ्यू कुहनेमैन, मार्नस लाबुशेन, रिले मेरेडिथ, ओली पीक, मैथ्यू रेनशॉ, तनवीर सांघा, लियम स्कॉट, मैथ्यू शॉर्ट, बिली स्टैनलेक, एडम जंम्पा।
जोखिम और मुनाफे की बुनियाद पर खड़े शहर लास वेगास में इन दिनों एक अजीबोगरीब खेल की पटकथा लिखी गई। लेखक थे 48 वर्षीय अरबपति बायोहैकर क्रिश्चियन एंगरमेयर... सुबह उठकर वे खुद को वजन घटाने वाली दवाएं, टेस्टोस्टेरोन और लीगल ग्रोथ हार्मोन्स इंजेक्ट करते हैं। फोकस करने के लिए स्लीप एप्निया की दवा और लोगों से घुलने-मिलने के लिए ‘ऑक्सीटोसिन’ की मदद लेते हैं। एंगरमेयर खुद तो 48 की उम्र में 38 के दिखते ही हैं, पर अब वह पूरी दुनिया को ‘बायोहैकिंग’ का दीवाना बनाने निकले हैं। वे ‘एनहैंस्ड गेम्स’ के फाउंडर हैं। बीते रविवार को हुए इस अनूठे टूर्नामेंट में एथलीट्स पर ड्रग्स, स्टेरॉयड, हार्मोन्स और पेप्टाइड्स लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, बल्कि उन्हें सरेआम इसे लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। खेल इतिहास में पहली बार किसी टूर्नामेंट को खुलेआम ‘डोपिंग को बढ़ावा’ देने के लिए तैयार किया गया।पहली बार हुए इस आयोजन में दुनियाभर के 42 शीर्ष तैराक, धावक और वेटलिफ्टर ने हिस्सा लिया, जिनमें कई ओलिंपिक मेडल विजेता भी थे। इनमें से 91% टेस्टोस्टेरोन और 79% ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन के हैवी डोज पर हैं। ग्रीक ओलिंपिक तैराक क्रिस्टियन गोलोमेव ने गुप्त ट्रायल के दौरान 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 20.89 सेकंड का समय निकालकर आधिकारिक वर्ल्ड रिकॉर्ड को दो सौवें सेकंड से तोड़ दिया, जिसके लिए उन्हें करीब 9.55 करोड़ रुपए का बोनस भी मिला। कंपनी के 29 वर्षीय सीईओ मैक्स मार्टिन का कहना है,‘यह इनोवेशन सिर्फ एथलीट्स के लिए नहीं है। यह उन दादाजी के लिए भी है जो अपने पोते के साथ पार्क में दौड़ने के लिए ऊर्जा चाहते हैं।’ दिग्गजों ने किया निवेश, नजर 650 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री पर 11,460 करोड़ रु. के वैल्यूएशन के साथ पब्लिक हुई कंपनी एनहैंस्ड गेम्स इंक के पीछे सिलिकॉन वैली के दिग्गज अरबपति पीटर थिएल व ट्रम्प जूनियर की साझेदारी वाली वेंचर फर्म ‘1789 कैपिटल’ का हाथ है। एंगरमेयर इसके कोफाउंडर हैं। 191 करोड़ की लागत से हुए इस इवेंट का मकसद स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि बिजनेस एम्पायर खड़ा करना है। कंपनी का टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म ‘एनहैंस्ड’ जल्द ही आम लोगों को टेस्टोस्टेरोन और एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स बेचेगा। 650 लाख करोड़ रु. की वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री को भुनाने के लिए इस टूर्नामेंट ‘लाइव विज्ञापन’ की भूमिका निभाई। गलत संदेश जाएगा इवेंट को लेकर खेल जगत और मेडिकल एक्सपर्ट में आक्रोश है। अमेरिकी एंटी-डोपिंग एजेंसी के प्रमुख ट्रैविस टायगार्ट मानते हैं कि इससे बच्चों में गलत संदेश जाएगा कि खेल में आगे बढ़ने के लिए ड्रग्स जरूरी हैं। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भले ही ये दवाएं डॉक्टरों की देखरेख में दी जा रही हों, पर इनके कॉकटेल से भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, लिवर डैमेज और अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है।
राजस्थान रॉयल्स की टीम जब मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आई, तो वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और पापराजी की नजरें लगातार वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। इसी दौरान एक फोटोग्राफर ने कप्तान रियान पराग से मुस्कुराते हुए कहा कि वैभव के साथ एक फोटो हो जाए।
एक ओर दुनिया जहां आईपीएल में व्यस्त है, वहीं डिफेंडिंग चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उम्र और फिटनेस की चुनौतियों के बावजूद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को पूरा भरोसा है कि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की स्टार तेज गेंदबाजी तिकड़ी दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले वर्ल्ड कप में पूरी तरह फिट होकर खेलेगी। इन तीनों ने 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से सिर्फ एक वनडे एक साथ खेला है। फिलहाल इन तीनों दिग्गज गेंदबाजों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ आगामी लिमिटेड ओवर्स सीरीज से आराम दिया गया है। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने साफ किया कि ये तीनों इन सीरीज में खेलना चाहते थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के आगामी व्यस्त टेस्ट शेड्यूल को देखते हुए मैनेजमेंट ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। कोच मैकडोनाल्ड ने कहा, ‘लोगों को अक्सर लगता है कि ये बड़े खिलाड़ी अपनी मर्जी से सीरीज चुनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह फैसला पूरी तरह से मैनेजमेंट का है। अगर हम वर्ल्ड कप के नजरिए से देखें, तो इन गेंदबाजों को शारीरिक रूप से तरोताजा रखने के लिए यह ब्रेक देना बहुत जरूरी था। हम पूरी तरह से योजना बना रहे हैं कि ये तीनों 2027 में टीम का हिस्सा हों।’कोच ने टीम की कप्तानी पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि कमिंस की गैरमौजूदगी में मिचेल मार्श वनडे टीम की कप्तानी कर रहे हैं। हालांकि, जैसे ही कमिंस की वनडे टीम में वापसी होगी, मार्श कप्तानी छोड़ देंगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल है और वे टीम के हित में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। 34 से ऊपर होगी तीनों प्रीमियर पेसर्स की उम्र ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रीमियर गेंदबाजों को बढ़ती उम्र और चोटों से बचाना है। स्टार्क 36, हेजलवुड 35 और कमिंस 33 साल के हैं। यानी वर्ल्ड कप तक सभी 34 साल से ऊपर के होंगे। आईपीएल 2026 के दौरान भी इनकी फिटनेस को लेकर काफी सावधानी बरती गई है। जहां स्टार्क का वर्कलोड खुद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया संभाल रहा था, वहीं कमिंस पीठ की चोट व हेजलवुड हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे थे। कोच ने माना कि बढ़ती उम्र के साथ उनके वर्कलोड को मैनेज करना चैलेंज होगा। ऑलराउंडर मैक्सवेल के संन्यास से बढ़ी चुनौती - 2025 में ऑलराउंडर मैक्सवेल के वनडे से संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया को एक धाकड़ फिनिशर (नंबर 7 बल्लेबाज) की तलाश है। मैनेजमेंट टिम डेविड की वनडे में वापसी पर विचार कर रहा है। डेविड ने अपना आखिरी वनडे 2023 में खेला था। कोच के मुताबिक, अगर वे वनडे खेलने की इच्छा जताते हैं, तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं। - ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन भी इस भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। आगामी सीरीज में उन्हें हर पोजीशन पर आजमाया जाएगा, ताकि क्षमता का अंदाजा लग सके।
स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। वहीं, 19 साल के स्पेनिश स्टार राफेल जोदार ने डेब्यू में सबका ध्यान खींचा। उन्होंने अलेक्जेंडर कोवाचेविच को 6-1, 6-0, 6-4 से हराया। जोदार ने पूरे मैच में सिर्फ पांच गेम गंवाए। फ्रेंच ओपन डेब्यू में इससे कम गेम नोवाक जोकोविच ने 2005 में गंवाए थे। विमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-3 इगा स्वियातेक ने पहले दौर में डेब्यू कर रहीं इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराया। उन्हें दाएं हाथ की उंगली के छाले के लिए ट्रेनर की मदद लेनी पड़ी। जेस्पर ने सम्मान में तालियां बजवाई, वावरिंका बोले- टेनिस छोड़ना आसान नहीं जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते राफल जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते हैं। वे एक साल पहले तक ATP रैंकिंग में 707वें स्थान पर थे। अब दुनिया के 29वें नंबर के खिलाड़ी हैं। उन्हें यहां 27वीं वरीयता मिली है। स्वियातेक की आसान जीत, नडाल के कोच से ट्रेनिंग ले रहीं महिला वर्ग में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि मैच के दौरान उन्हें दाहिने हाथ की उंगली में परेशानी के कारण मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। हाल ही में स्वियातेक ने राफेल नडाल के साथ काम कर चुके फ्रांसिस्को रोइग को अपने जोड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार खिताब जीतने के बाद उम्मीदें बढ़ जाती हैं। इसलिए विनम्र रहना और हर मैच को नए सिरे से खेलना जरूरी होता है।
फ्रेंच ओपन: स्वितोलिना ने पहले राउंड के रोमांचक मुकाबले में बोंडार को हराया
फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में एलिना स्वितोलिना को एक मुश्किल चुनौती से निपटना पड़ा
लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ… 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि बारिश होने के 80% आसार हैं। इस मैच को जीतने वाली टीम के चैंपियन बनने की संभावना ज्यादा होगी क्योंकि 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट 6 में से 5 पारियों में 200+ का स्कोर बनाया HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-12 -----------------------------------------------------------
IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि, मैच के दिन 80% बारिश के आसार हैं। इस सीजन में RCB की सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी रही है। GT ने गेंदबाजों के दम पर कई अहम मुकाबले जीते हैं। उसके टॉप-3 बैटर्स भी फॉर्म में हैं। मैच में कोहली को कगिसो रबाडा और पाटीदार को राशिद खान चुनौती देंगे। ट्रेंड के अनुसार पिछले 8 फाइनल क्वालिफायर-1 खेलने वाली टीमों के बीच हुए हैं। सभी क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम के नाम रहे हैं। 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट धर्मशाला में बड़े स्कोर की उम्मीद, 80% बारिश के आसार HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-11 -----------------------------------------------------------
जोकोविच फ्रेंच ओपन के दूसरे राउंड में पहुंचे:निशेष ने फ्रिट्ज को हराया, स्वियातेक की जीत से शुरुआत
पेरिस में खेले जा रहे फ्रेंच ओपन के पहले दौर के मुकाबले में नोवाक जोकोविच ने फ्रांस के जियोवानी मपेट्शी पेरिकाड को 5-7, 7-5, 6-1, 6-4 से हरा दिया। इस जीत के साथ 3 बार के चैंपियन जोकोविच ने टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 जोकोविच ने फ्रांसीसी खिलाड़ी की सर्विस को बेहतर ढंग से समझना शुरू किया और मैच को 2 घंटे 51 मिनट में अपने नाम कर लिया। यह 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच की फ्रेंच ओपन में 102वीं जीत है। 82वीं बार ग्रैंड स्लैम खेल रहे जोकोविच का शानदार रिकॉर्डजोकोविच ने इस मैच के साथ ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में अपनी रिकॉर्ड 82वीं उपस्थिति दर्ज की। इस जीत के साथ ग्रैंड स्लैम के पहले दौर के मैचों में उनका रिकॉर्ड 80 जीत और 2 हार का हो गया है। जोकोविच आखिरी बार साल 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में हारे थे। निशेष ने फ्रिट्ज को हराकर उलटफेर कियाभारतीय मूल के अमेरिकी खिलाड़ी निशेष बसवरेड्डी ने फ्रेंच ओपन में पहला बड़ा उलटफेर करते हुए पहले दौर में सातवीं सीड अमेरिका के खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज को हराया। वाइल्डकार्ड एंट्री करने वाले निशेष ने रविवार रात खेले गए दो घंटे 45 मिनट के कड़े मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-9 फ्रिट्ज को 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। 21 साल बसवरेड्डी के माता-पिता 1999 में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से अमेरिका चले गए थे। वह साल 2000 के बाद इस ग्रैंडस्लैम में टॉप-10 रैंकिंग वाले खिलाड़ी को हराने वाले अमेरिका के पहले मेंस प्लेयर बन गए हैं। उनसे पहले 2000 में यान-माइकल गैम्बिल ने वर्ल्ड नंबर आठ निकोलस कीफर को शिकस्त दी थी। स्वियातेक की एकतरफा जीतविमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने फ्रेंच ओपन में डेब्यू कर रही ऑस्ट्रेलिया की युवा खिलाड़ी इमरसन जोंस को पहले दौर के एकतरफा मुकाबले में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। ग्रैंडस्लैम के पहले दौर में स्वियातेक की यह 29 मुकाबलों में 28वीं जीत रही। विसमें सिंगल्स में पिछले साल की उपविजेता जैसमीन पाओलिनी ने भी जीत दर्ज की। उन्होंने दयाना यास्त्रेम्स्का को 7-5, 6-3 से हराया।
स्पेन ने FIFA फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 26 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। वर्ल्ड कप के 92 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि स्पेनिश फुटबॉल क्लब ‘रियल मैड्रिड’ का कोई खिलाड़ी स्पेन की टीम में शामिल नहीं है। स्पेन के कोच डी ला फुएंते ने कहा, “मैं किसी क्लब को देखकर खिलाड़ी नहीं चुनता। मेरे लिए सिर्फ यह जरूरी है कि खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व महसूस करें।’ इस सीजन रियल मैड्रिड कोई ट्रॉफी नहीं जीत सकी और ला लीगा में बार्सिलोना से आठ अंक पीछे रही। बार्सिलोना के स्टार लामिन यामल को जगह टीम में बार्सिलोना के 18 साल के स्टार खिलाड़ी लामिन यामल को जगह मिली है। स्पेन ने यूरो कप 2024 का खिताब जीता था। यामल को यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। यामल पिछले महीने बार्सिलोना के लिए खेलते हुए हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे। इसके बावजूद कोच लुइस डी ला फुएंते ने उन्हें टीम में रखा है। एथलेटिक बिलबाओ के निको विलियम्स भी चोट से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें भी स्क्वॉड में जगह मिली है। स्क्वॉड में प्रीमियर लीग के 7 खिलाड़ी शामिल स्पेन की टीम में प्रीमियर लीग के सात खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें आर्सेनल के डेविड राया, मार्टिन जुबिमेंडी और मिकेल मेरिनो, टोटेनहैम के पेड्रो पोरो, चेल्सी के मार्क कुकुरेला, मैनचेस्टर सिटी के रॉड्री और क्रिस्टल पैलेस के येरेमी पीनो शामिल हैं। बार्सिलोना के फर्मिन लोपेज टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है। स्पेन 2010 में खिताब जीता था स्पेन ने 1930 का पहला FIFA वर्ल्ड कप नहीं खेला था। 1934 से अब तक स्पेन ने 17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। टीम ने 2010 में नीदरलैंड्स को एक्सट्रा टाइम में 1-0 से हराकर खिताब जीता था। स्पेन का पहला मुकाबला 15 जून को स्पेन 15 जून को केप वर्डे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद टीम 21 जून को सऊदी अरब और 26 जून को उरुग्वे से खेलेगी। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा। फुल स्क्वॉड: गोलकीपर: उनाई सिमोन, डेविड राया, जोआन गार्सिया। डिफेंडर्स: मार्कोस योरेंटे, मार्क पुबिल, पेड्रो पोरो, आयमेरिक लापोर्टे, एरिक गार्सिया, पाउ कुबार्सी, मार्क कुकुरेला, अलेजांद्रो ग्रिमाल्डो। मिडफील्डर्स: रोड्री, मार्टिन जुबिमेंडी, मिकेल मेरिनो, पेड्री, गावी, फेबियन रुइज, एलेक्स बैना। फॉरवर्ड्स: येरेमी पीनो, विक्टर मुनोज, मिकेल ओयारजाबाल, फेरान टोरेस, लामिन यामल, दानी ओल्मो, निको विलियम्स, बोरखा इग्लेसियास। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पूर्व रणजी क्रिकेटर को मैच के दौरान अटैक आया, मौत:एसएल अक्षय ने 2014-15 में कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी जीती कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। पूरी खबर पढ़ें…
धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का पहला क्वालीफायर मुकाबला मंगलवार शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। यह महत्वपूर्ण नॉकआउट मैच हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में होगा। सोमवार शाम को दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर अभ्यास किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली सोमवार शाम 4:30 बजे स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने मैदान पर हल्की एक्सरसाइज और वार्म-अप किया। इसके बाद कोहली ने फिटनेस सेशन के तहत स्टेडियम के दो चक्कर लगाए। नेट प्रैक्टिस से पहले विराट कोहली अपनी टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए। इस दौरान टीम के सदस्यों ने रणनीति पर भी चर्चा की। गुजरात टाइटंस के खिलाड़ियों ने भी शाम के सत्र में फ्लड लाइट्स के तहत अभ्यास किया। ठंडी हवाओं के कारण स्विंग मिलेगी धर्मशाला की पिच अपनी रफ्तार और उछाल के लिए जानी जाती है। शुरुआती ओवरों में धौलाधार की ठंडी हवाओं के कारण तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने की संभावना है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मोहम्मद सिराज और गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों के बीच पावरप्ले में मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होने के कारण दूसरी पारी में ओस एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। इसलिए, टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान हो सकता है। मौसम का मिजाज: शाम को बढ़ेगी ठिठुरन मैच के दौरान धर्मशाला का मौसम खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए सुखद रहेगा, लेकिन रात होते-होते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान: मैच की शुरुआत (शाम 7:30 बजे) के समय तापमान 22^circtext{C} के आसपास रहेगा, जो रात ढलने के साथ गिरकर 16^circtext{C} तक पहुंच सकता है। खिलाड़ियों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा। बारिश की आशंका: मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई आशंका नहीं है, जिससे दर्शकों को पूरे 40 ओवर का बिना किसी रुकावट के रोमांच देखने को मिलेगा। X-फैक्टर और संभावित प्लेइंग इलेवनबड़ी टक्कर: यह मुकाबला आरसीबी की आक्रामक बल्लेबाजी और गुजरात टाइटंस के संतुलित ऑलराउंडर प्रदर्शन के बीच है। जो भी टीम इस दबाव वाले मैच को जीतेगी, वह सीधे फाइनल का टिकट कटाएगी।संभावित टीमें:रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): विराट कोहली, फाफ डु प्लेसिस, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल, कैमरन ग्रीन, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), महिपाल लोमरोर, मयंक डागर, मोहम्मद सिराज, रीस टोपली, यश दयाल।गुजरात टाइटंस (GT): शुभमन गिल (कप्तान), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, डेविड मिलर, अजमतुल्लाह उमरजई, राहुल तेवतिया, राशिद खान, नूर अहमद, मोहित शर्मा, उमेश यादव, संदीप वारियर।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी। मैच से पहले गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजय दहिया ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मुकाबला गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगा। विजय दहिया ने कहा कि दोनों टीमों के पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं और वे एकजुट इकाई के रूप में खेलती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही इस सीजन में हाई स्कोरिंग मैच और आक्रामक बल्लेबाजी की ज्यादा चर्चा हो रही हो, लेकिन क्रिकेट का बुनियादी नियम नहीं बदला है। बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज मैच जिता सकते हैं, पर खिताब गेंदबाज ही दिलाते हैं। आशीष नेहरा की तारीफ दहिया ने मुख्य कोच आशीष नेहरा की कार्यशैली की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों में खुद पर भरोसा और कप्तान व मैनेजमेंट का समर्थन टीम की गेंदबाजी में लगातार बेहतरी ला रहा है। गेंदबाजों के बीच शानदार केमिस्ट्री असिस्टेंट कोच ने बताया कि टीम के गेंदबाजों के बीच मैदान के अंदर और बाहर बेहतरीन केमिस्ट्री है। वे एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं कि किसे कब और कैसे ओवर खत्म करने हैं। आशीष नेहरा द्वारा अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल चुके गेंदबाजों को संभालने का तरीका सराहनीय है। धर्मशाला की पिच और परिस्थितियां धर्मशाला के मैदान के बारे में बात करते हुए दहिया ने कहा कि यहां की परिस्थितियां कुछ हद तक बेंगलुरु जैसी हैं, जहां छक्के आसानी से लगते हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन स्पिनरों के लिए ज्यादा रोल नहीं बचता। फिर भी टीम के पास अनुभवी स्पिनर हैं जो पिच की परवाह किए बिना अहम भूमिका निभा सकते हैं। तकनीकी बल्लेबाजों का महत्व दहिया ने सिर्फ पावर हिटिंग पर जोर देने के बजाय तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बल्लेबाजों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों में मैच का रुख बदल सकते हैं। स्टार स्पिनर की सर्जरी के बाद वापसी गुजरात के प्रमुख स्टार स्पिनर की वापसी पर विजय दहिया ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो सीजन उनके लिए आसान नहीं थे। सर्जरी के बाद लय हासिल करने में समय लगता है, लेकिन इस सीजन से वे शानदार मानसिक स्थिति में हैं। नेट्स पर उनकी गेंदबाजी और फील्डिंग उनकी विश्व स्तरीय काबिलियत को दिखाती है। वे क्वालिफायर जैसे बड़े मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार ने अपनी टीम के इरादे साफ कर दिए हैं। पाटीदार ने कहा कि टीम का लक्ष्य सिर्फ फाइनल पहुंचना नहीं, बल्कि क्वालिफायर-1 जीतकर सीधे खिताबी मुकाबले का टिकट कटाना है। मीडिया से बातचीत में पाटीदार ने कहा, “अगर हम यह मैच जीत जाते हैं तो खिलाड़ियों को फाइनल से पहले अच्छा आराम मिल सकेगा। पूरी टीम इस लक्ष्य को लेकर काफी उत्साहित है और हम अटैकिंग माइंडसेट के साथ मैदान पर उतरेंगे।” दबाव को लेकर क्या कहा? जब उनसे पूछा गया कि क्या यह मुकाबला दो मजबूत बैटिंग लाइनों के बीच होगा, तो पाटीदार ने जवाब दिया, “यह एक बड़ा मंच है। क्वालिफायर-1 होने के कारण दबाव तो रहेगा, लेकिन जो टीम इस दबाव में शांत रहेगी और अपनी रणनीति को सही ढंग से लागू करेगी, वही जीतेगी।” उन्होंने कहा कि दोनों टीमें इस समय बहुत मजबूत हैं, इसलिए हमें आत्मविश्वास के साथ खेलना होगा। गेंदबाजों का बचाव और छोटे मैदान पर गेदबाजी चुनौती पूर्ण पाटीदार ने गेंदबाजों की आलोचना का बचाव करते हुए कहा कि आईपीएल में छोटे मैदान और अच्छे बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले मैच में कुछ चीजें उनके मुताबिक नहीं गईं, लेकिन टीम की रणनीति पूरी तरह साफ है। कप्तान ने भुवनेश्वर कुमार और रसिक दार सलाम जैसे गेंदबाजों की सराहना की और कहा कि टीम शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने पर फोकस करेगी। फिल साल्ट की फिटनेस पर अपडेट इंग्लैंड से लौटे फिल साल्ट की फिटनेस को लेकर पाटीदार ने बताया कि वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं और कुछ ड्रिल्स भी कर रहे हैं। प्लेइंग इलेवन का अंतिम फैसला पिच देखने के बाद लिया जाएगा।जब उनसे पूछा गया कि फाइनल बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में नहीं हो रहा है, तो पाटीदार ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह मेरे हाथ में नहीं है। फाइनल जहां भी हो, हमारा काम सिर्फ मैच जीतना है।” स्पिनर्स के खिलाफ आक्रामक रुख पाटीदार ने इस सीजन नंबर 4 पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स के खिलाफ आक्रमण करना टीम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने युवा खिलाड़ी जबात नाथन की तारीफ करते हुए कहा कि धर्मशाला में उनकी 70 रनों की पारी शानदार थी। नाथन बैटिंग ऑर्डर में लचीले हैं और उनका पॉजिटिव एटीट्यूड टीम को मजबूती देता है। RCB अब क्वालिफायर-1 में जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगी।
क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी T20 में 200 रन का पर्सनल स्कोर बनाना चाहते हैं। 15 साल के क्रिकेटर ने कहा कि उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं। क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 66 गेंदों में 175 रन बनाए थे। यह आज भी T20 क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीजन के 14 मैचों में 583 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 232 से ज्यादा है। 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा हैं। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर एशिया कप में 243 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट वैभव ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 टी-20 में 4 मैचों में 59.75 की औसत और 243.87 के स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 144 रन रहा। सूर्यवंशी ने इस सीरीज में एक शतक भी लगाया था। उन्होंने 20 चौके और 22 छक्के लगाए। क्रिस गेल के नाम टी20 की सबसे बड़ी पारी क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 175* रन बनाए थे। यह अब तक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी है। गेल ने उसी मैच में 30 गेंदों में शतक लगाया था, जो आज भी IPL का सबसे तेज शतक है।
फ्रांस के बॉरदॉ शहर में मैच खत्म होते ही इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम (रेड रोजेज) की खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 चमक रहा था। जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब और लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि टीम की कई खिलाड़ियों को यह भी ठीक से याद नहीं था कि उनकी जीतों का सिलसिला अब 38 मैच तक पहुंच चुका है। यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। कप्तान मेग जोन्स कहती हैं, ‘हम रिकॉर्ड नहीं गिनते। हम सिर्फ अगले मैच और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं।’ शायद यही वजह है कि यह टीम सिर्फ जीत नहीं रही, बल्कि खेल में एक नया मानक बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड की मौजूदा टीम अपनी पूरी ताकत के साथ भी नहीं खेल रही। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हैं और चार खिलाड़ी प्रेग्नेंट हैं। इसके बावजूद टीम की रफ्तार नहीं रुकी। फ्रांस ने हाल के वर्षों में इंग्लैंड को चुनौती देना शुरू किया है। इस बार भी फ्रांस ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने दबाव में भी मैच हाथ से नहीं जाने दिया। इंग्लैंड की स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं, ‘अगर यह टीम एक बार हारती भी है, तो दोबारा हारना नहीं चाहेगी। हम हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।’ सारा के मुताबिक टीम का लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन खेल टीम बनना है।अब सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर इंग्लैंड को हराएगा कौन? अगली चुनौती फिर न्यूजीलैंड होगी। लेकिन अगर कभी यह टीम हार भी गई, तो शायद उनकी सोच नहीं बदलेगी। मेग जोन्स के शब्दों में, ‘सूरज अगली सुबह फिर उगेगा, और हम वही रहेंगे।’ 2019 में मिला था फुल टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट इस सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम भी है। 2019 में इंग्लैंड ने महिला खिलाड़ियों को फुल-टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट देना शुरू किया था। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी में करीब 195 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसके उलट पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग करनी पड़ी थी। यही अंतर बताता है कि निवेश व सुविधाएं किसी टीम को कितना बदल सकती हैं।
कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। अक्षय बेंगलुरु में KSCA के थर्ड डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे। चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। कर्नाटक संघ ने शोक जताया, लिखा- समर्पण और जुनून से क्रिकेट की सेवा की कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने बयान जारी कर अक्षय के निधन पर शोक जताया। संघ ने कहा, 'अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। खेल करियर खत्म होने के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।' पूर्व क्रिकेटर डी गणेश ने लिखा- मेरे पास शब्द नहीं पूर्व क्रिकेटर डोडा गणेश ने भी उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- 'क्रिकेट जगत के लिए यह दुखद खबर है। मेरे पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं।' डोडा गणेश ने आगे लिखा कि शांत स्वभाव के अक्षय ने 2011-12 में कर्नाटक के लिए खेलते हुए अच्छी सफलता हासिल की थी। अंडर-19 टीम के कोच थे अक्षय क्रिकेट से संन्यास के बाद अक्षय कोचिंग से जुड़ गए थे। वे कर्नाटक की अंडर-19 टीम के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, तीन लिस्ट-ए और नौ टी-20 मैच खेले थे। तेज गेंदबाज के तौर पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाई थी। ------------------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया; बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। पढ़ें पूरी खबर
25 साल के गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। जीत के बाद उन्होंने कहा- ‘लोग कहते थे कि भारतीयों में 100 मीटर दौड़ वाला जिंस नहीं है। मैं इसे गलत साबित करना चाहता था।’ साल 2008 में मशहूर धावक उसैन बोल्ट ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह TV पर यह देख रहे थे। बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया कि एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे। गुरिंदरवीर की 2 बातें… लॉकडाउन में किराए पर होटल लेकर ट्रेनिंग की कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे। वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते। कई बार ट्रेनिंग जारी रखने के लिए पटियाला में कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था। जब रूममेट ने कहा था- 'फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे', गोल्ड जीतकर दिया जवाब 2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदरवीर ने छह महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी। उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी। लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे। रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। गुरिंदरवीर ने पिता कमलजीत सिंह को फोन कर कहा कि दूसरा-तीसरा रैंक शायद मिल जाए। यह सुन पिता बोले 'अगर सोच ही वही है, तो पहला कभी नहीं आएगा।' पिता की यही डांट प्रेरणा बनी और अगले दिन गुरिंदरवीर ने पहला रैंक हासिल कर गोल्ड जीत लिया। ------------------------------------- गुरिंदरवीर की यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100 मीटर में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में जीते रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता की पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह पहली बार है, जब किसी भारतीय ने 100 मीटर रेस 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है। पढ़ें पूरी खबर
तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव ढींगसरी, राजस्थान के नक्शे पर किसी भी आम रेतीले गांव जैसा ही नजर आता है। इन दिनों इस गांव की हवा बदली हुई है। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले, जब पूरा रेगिस्तान सो रहा होता है, तब यहां की रेतीली जमीन पर जूतों की थाप और फुटबॉल की 'टप-टप' की आवाजें गूंजने लगती हैं। यह कहानी सिर्फ एक खेल की नहीं है। यह कहानी है उस संघर्ष की, जिसने बकरियां चराने वाली और घर-खेत के कामों में सिमटी बच्चियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। आज वर्ल्ड फुटबॉल डे के मौके पर बीकानेर शहर से दक्षिण में 58 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव हम आपके ले चलते हैं, जहां की बेटियां फुटबॉल में नाम कमा रही हैं। जो कल तक बकरियां चराती थीं, वो आज देश के लिए गोल दाग रही हैं ढींगसरी गांव की एक बेटी है- मुन्नी भांभू। मुन्नी आज इस गांव की हर उस बच्ची की उम्मीद का चेहरा बन चुकी है, जो कभी पिंजरे में कैद थी। एक बेहद सामान्य परिवार से आने वाली मुन्नी के पास कभी खेलने के लिए ढंग के जूते तक नहीं थे। वो संसाधनों की कमी के बावजूद सबसे पहले मैदान पहुंचती और देर शाम तक अकेले पसीना बहाती। आज मुन्नी भांभू भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की मुख्य गोलकीपर हैं और चीन में हुए 'एशियन कप क्वालिफायर मैच' में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 27 साल बाद राजस्थान से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, 'SAFF U-19 महिला चैंपियनशिप 2026' में मुन्नी को 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का अवॉर्ड भी मिल चुका है। मुन्नी भावुक हो जाती हैं और कहती हैं- मैं तो गांव में बस सामान्य पढ़ाई कर रही थी। विक्रम सर ने उंगली थामी और मुझे फुटबॉल से जोड़ा। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं। गांव की बेटियां गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रहीं ढींगसरी गांव की मुन्नी अकेली नहीं है। इस रेतीले धोरों से फुटबॉल की ऐसी पौध निकली है कि आज गांव की करीब 60 बेटियां मैदान पर पसीना बहा रही हैं। ये वो बच्चियां हैं, जिनके हाथों में कुछ समय पहले तक या तो बकरियां चराने की लाठी थी, या फिर चूल्हा-चौका संभालते हुए घरेलू काम का बोझ। जिन उंगलियों को सिर्फ गोबर के उपले थापना सिखाया जा रहा था, आज वे गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रही हैं। लड़कों ने नहीं दिखाया इंटरेस्ट, तो कोच ने थामी लड़कियों की उंगली इस सुनहरे सफर की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी के बेटे विक्रम सिंह राजवी (जो खुद रेलवे में हैं और फुटबॉल कोच हैं) ने नई पीढ़ी को तराशने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शुरुआत गांव के लड़कों से की थी, लेकिन लड़कों ने खेल में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कभी प्रैक्टिस में आते, तो कभी गायब हो जाते। गांव की बेटियों को मैदान में उतारा यह राह इतनी आसान नहीं थी। विक्रम सिंह उन घरों तक पहुंचे जहां बच्चियां सिर्फ स्कूल, चूल्हे-चौके या खेत के कामों तक सीमित थीं। शुरुआत में हर दरवाजे से 'ना' सुनने को मिली। लोग बेटियों को बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन कोच की जिद के आगे कुछ परिवार राजी हुए और साल 2021 में 20 लड़कियों के साथ ढींगसरी की रेतीली जमीन पर ट्रेनिंग शुरू हुई। जब 'शॉर्ट्स' पहनने पर हुआ विरोध, तो घर की महिलाओं को मैदान में उतारा गांव में लड़कियों का फुटबॉल खेलना ही बड़ी बात थी, लेकिन असली परीक्षा तब हुई जब बच्चियों को लोअर (शॉर्ट्स) पहनकर खेलने को कहा गया। रूढ़िवादी माहौल में बच्चियों के छोटे कपड़े पहनकर खेलने को लेकर खूब विरोध हुआ। परिवार वाले अड़ गए। तब कोच विक्रम सिंह ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने कोटा फुटबॉल एकेडमी की टीम को ढींगसरी में मैच के लिए बुलाया। उस मैच में कोटा की लड़कियां शॉर्ट्स पहनकर उतरीं और ढींगसरी की टीम हार गई। विक्रम सिंह ने बच्चियों और उनके माता-पिता को समझाया कि इस खेल में फुर्ती के लिए शॉर्ट्स पहनना मजबूरी है, शौक नहीं। ग्रामीणों का झिझक और डर दूर करने के लिए कोच की पत्नी और उनके घर की महिलाएं भी हर रोज प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर बैठने लगीं। तब जाकर माता-पिता का भरोसा जागा। कोच विक्रम सिंह राजवी कहते हैं- शुरुआत में जो बच्चियां 4-5 किलोमीटर दूर से आती थीं, उन्हें खुद अपनी गाड़ी से मैदान लाता था। उनके पैर न रुकें, बस यही एक जिद थी। एक खिलाड़ी की सगाई हुई, तो पूरी टीम को लेकर कोटा चले गए कोच साल 2022 में इस सफर में एक और बड़ा मोड़ आया। टीम की एक होनहार खिलाड़ी की उसके घर वालों ने कोटा में सगाई तय कर दी। विक्रम सिंह को डर था कि कहीं एक लड़की के जाने से पूरी टीम का हौसला न टूट जाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। वे सभी 20 बच्चियों को लेकर खुद कोटा शिफ्ट हो गए। वहां उनका स्कूल में एडमिशन कराया और एकेडमी जॉइन कराई। दो साल की इस तपस्या का फल तब मिला, जब कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल टूर्नामेंट हुआ। राजस्थान की टीम में चुने गए 22 खिलाड़ियों में से 12 लड़कियां अकेले ढींगसरी गांव की थीं। जब इन बेटियों ने कर्नाटक में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, तो पूरे ढींगसरी गांव की आंखों में आंसू आ गए। जो गांव कभी विरोध कर रहा था, वो अब अपनी बेटियों के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा था। बेटियों के सपनों के लिए बेच डाली 15 बीघा जमीन साल 2024 में विक्रम सिंह बच्चियों को लेकर वापस गांव लौट आए। अब गांव वालों का विश्वास मजबूत हो चुका था, लेकिन ट्रेनिंग के लिए एक बड़े मैदान की जरूरत थी। विक्रम सिंह ने पहले अपनी जमा पूंजी से गांव में 10 बीघा जमीन खरीदी, लेकिन मैदान छोटा पड़ रहा था। उन्हें 8.50 बीघा जमीन और चाहिए थी। विक्रम सिंह बताते हैं- गांव से दूर मेरी 15 बीघा पुश्तैनी जमीन और थी। लेकिन एकेडमी मुझे इसी गांव में बनानी थी। मैंने अपनी वो पूरी 15 बीघा जमीन बेच दी और उस पैसे से गांव में ही जमीन खरीदकर दो शानदार फुटबॉल मैदान तैयार किए। इस मैदान का करिश्मा देखिए... साल 2024 में 60 साल बाद राजस्थान की लड़कियों ने फुटबॉल की नेशनल ट्रॉफी जीती। इस टीम में भी 12 लड़कियां ढींगसरी की थीं। यह एक अद्भुत संयोग था कि 60 साल पहले कोच विक्रम सिंह के पिता मगन सिंह राजवी ने जो नेशनल ट्रॉफी जीती थी, ठीक 60 साल बाद उसी गांव की बेटियों ने इतिहास दोहरा दिया। बदल गई ढींगसरी की तस्वीर, अब 100 बेटियां हॉस्टल में रहकर ले रहीं ट्रेनिंग आज ढींगसरी गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सीनियर खिलाड़ी हंसा राजवी कहती हैं- पहले हम सिर्फ घर का काम करते थे, पानी भरते थे। अब सुबह 5:30 बजे मैदान में होते हैं। वहीं राजस्थान टीम की कप्तान संजू राजवी कहती हैं- अब गांव के लोगों की सोच बदल गई है। छोटी उम्र में लड़कियों की शादी करने की बजाय लोग उन्हें खिलाना चाहते हैं। अर्जुन अवॉर्डी बोले- 100 बच्चियां ट्रेनिं ले रही हैं अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी कहते हैं- हमने अपनी पूरी पूंजी लगा दी, लेकिन आज खुशी है कि 100 बच्चियां यहां ट्रेनिंग ले रही हैं। इस पुनीत कार्य में अब भामाशाह भी आगे आ रहे हैं।
IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में जगह बनाई। 26 मई को बेंगलुरु और गुजरात के बीच क्वालिफायर-1 खेला जाएगा, जबकि 27 मई को हैदराबाद और राजस्थान एलिमिनेटर में भिड़ेंगे। चारों टीमों का सफर अलग रहा, लेकिन प्रदर्शन में कई कॉमन फैक्टर्स नजर आए। स्टोरी में प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों के कॉमन फैक्टर्स का एनालिसिस है। इसके लिए 4 पैरामीटर्स तय किए गए हैं.... 1. टॉप बैटर्स का प्रदर्शन 2. टॉप बॉलर्स का प्रदर्शन 3. किस टीम ने कितनी बार 200+ स्कोर बनाए 4. टीमों की विनिंग और लूजिंग स्ट्रीक 1. गुजरात-हैदराबाद के टॉप-3 बैटर्स का औसत 576 रन प्रति बल्लेबाज प्लेऑफ में पहुंची टीमों की सबसे बड़ी ताकत टॉप ऑर्डर रहा। बेंगलुरु के विराट कोहली (557), देवदत्त पडिक्कल (433) और रजत पाटीदार (393) ने मिलकर 1383 रन बनाए। गुजरात के साई सुदर्शन (638), शुभमन गिल (616) और जोस बटलर (469) ने 1723 रन जोड़े। हैदराबाद के हेनरिक क्लासन (606), ईशान किशन (569) और अभिषेक शर्मा (563) ने 1738 रन बनाए। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी (583), ध्रुव जुरेल (458) और यशस्वी जायसवाल (397) ने 1438 रन बनाए। चारों प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 बल्लेबाजों ने मिलकर 6282 रन बनाए। प्रति टीम टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत 1570.5 रन रहा। गुजरात और हैदराबाद के टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत योगदान 576 रन प्रति बल्लेबाज रहा। राजस्थान के सूर्यवंशी ने 232.27 के स्ट्राइक रेट से टीम को तेज शुरुआत दिलाई। बेंगलुरु के कोहली ने 1 शतक और 4 फिफ्टी लगाईं। हैदराबाद के अभिषेक शर्मा ने 206.22 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 1254 रन बनाए। 2. बेंगलुरु के बॉलर्स ने 50 विकेट निकाले प्लेऑफ टीमों के गेंदबाजों ने पूरे सीजन लगातार विकेट लेकर मैचों का रुख बदला। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार (24), रासिख सलाम (14) और जोश हेजलवुड (12) ने 50 विकेट लिए। गुजरात के कगिसो रबाडा (24), राशिद खान (19) और मोहम्मद सिराज (17) ने 60 विकेट लिए। हैदराबाद के ईशान मलिंगा (19), साकिब हुसैन (15) और प्रफुल हिंगे (11) ने 45 विकेट लिए। राजस्थान के जोफ्रा आर्चर (21), बृजेश शर्मा (13) और नांद्रे बर्गर (11) ने 45 विकेट निकाले। प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 गेंदबाजों ने औसतन 50+ विकेट लिए। बेंगलुरु और गुजरात के टॉप गेंदबाजों ने मिलकर 110 विकेट निकाले। औसतन हर गेंदबाज ने 18.33 विकेट लिए। भुवनेश्वर और रबाडा ने 24-24 विकेट लेकर अपनी टीमों की गेंदबाजी अटैक लीड की। राशिद खान और सिराज ने मिडिल व डेथ ओवर्स में असर छोड़ा। राजस्थान के लिए आर्चर और हैदराबाद के मलिंगा ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले। 3. 200+ स्कोर बनाए तो जीत पक्की प्लेऑफ की चार टीमों में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर हैदराबाद ने बनाए। टीम ने 9 बार 200+ रन बनाए, जिनमें 7 मैच जीते और 2 हारे। बेंगलुरु के खिलाफ 255/4, मुंबई के खिलाफ 249/4, दिल्ली के खिलाफ 242/2 और पंजाब के खिलाफ 235/4 जैसे बड़े स्कोर बनाए। हैदराबाद का रनरेट 10.66 रहा, जो चारों प्लेऑफ टीमों में सबसे ज्यादा था। बेंगलुरु ने 8 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 मैचों में जीत और 3 में हार मिली। चेन्नई के खिलाफ 250/3, मुंबई के खिलाफ 240/4 और पंजाब के खिलाफ 222/4 जैसे बड़े टोटल बनाए। टीम का रनरेट 10.50 रहा। इसी बल्लेबाजी की वजह से बेंगलुरु का नेट रनरेट +0.783 रहा, जो प्लेऑफ टीमों में सबसे बेहतर था। गुजरात ने 5 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम ने 3 मैच जीते और 2 गंवाए। राजस्थान और चेन्नई के खिलाफ 229-229 रन बनाए, जबकि दिल्ली के खिलाफ 210 रन बनाए। टीम का रनरेट 9.37 और नेट रनरेट +0.695 रहा। यही टॉप-2 फिनिश की बड़ी वजह बना। राजस्थान ने 7 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 जीत और 2 हार मिलीं। पंजाब के खिलाफ 228/4, लखनऊ के खिलाफ 225/3 और गुजरात के खिलाफ 210 रन बनाए। राजस्थान का रनरेट 10.24 रहा। टीम +0.189 नेट रनरेट के साथ चौथे स्थान पर रही। 4. कोई भी टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों का बड़ा कॉमन फैक्टर उनकी निरंतरता रही। बेंगलुरु पूरे सीजन लगातार 2 से ज्यादा मैच नहीं हारी। गुजरात ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार 3 जीत दर्ज कीं। हैदराबाद ने अप्रैल के पहले हफ्ते में लगातार 2 हार झेलीं, लेकिन बाद में लगातार 5 मैच जीतकर वापसी की। राजस्थान को सीजन में लगातार 3 हार मिलीं, लेकिन टीम ने बाद में लखनऊ और मुंबई को हराकर वापसी की। चारों टीमों ने सीजन में कम से कम एक बड़ा विनिंग स्ट्रीक बनाया। बेंगलुरु ने मुंबई, कोलकाता और पंजाब को हराकर लगातार 3 जीत दर्ज कीं। राजस्थान ने सीजन की शुरुआत लगातार 4 जीत के साथ की थी। टीम ने चेन्नई, गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु को हराकर शुरुआती बढ़त बनाई। गुजरात ने चेन्नई, बेंगलुरु, पंजाब, राजस्थान और हैदराबाद को हराकर लगातार 5 मैच जीते। हैदराबाद ने राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई के खिलाफ लगातार 5 मैच जीते।
दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 40 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में दिल्ली के केएल राहुल ने IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। उन्होंने 51वीं बार पचास या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। रविवार को कुलदीप यादव की हैट्रिक बॉल पर विकेटकीपर अभिषेक पोरेल ने कैच छोड़ दिया। वहीं कोलकाता के मनीष पांडे IPL में 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे सबसे धीमें प्लेयर बने। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. राहुल IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले चौथे खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। यह IPL में उनकी 51वीं फिफ्टी रही। इसके साथ ही वह लीग में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले संयुक्त रुप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। इस लिस्ट में विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 76 बार यह स्कोर बनाया है। 2. मनीष IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी रनचेज के सातवें ओवर में मनीष ने चौका लगाकर IPL में अपने 4 हजार रन पूरे किए। उन्होंने इसके लिए 164 पारी खेली। वे IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने 188 पारी खेली थी। 3. राहुल ने सीजन में छठवीं बार 50+ स्कोर किया राहुल ने बतौर विकेटकीपर IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कोलकाता के खिलाफ फिफ्टी के साथ इस सीजन 6 फिफ्टी या उससे ज्यादा स्कोर बनाए। इससे पहले वे 2018 में भी 6 बार बतौर विकेटकीपर 6 बार यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा ऋषभ पंत (2018) और प्रभसिमरन सिंह (2026) इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। 4. बिना 50+ साझेदारी के चौथा सबसे बड़ा स्कोर बना दिल्ली ने कोलकाता के खिलाफ 203 रन का स्कोर बनाया। यह बिना किसी अर्धशतकीय साझेदारी के IPL का चौथा सबसे बड़ा टीम टोटल है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स नंबर-1 पर है, जिन्होंने 2026 में मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम पर 207/6 का स्कोर बनाया था। 5. रहाणे दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने दिल्ली के खिलाफ 63 रन की पारी खेली। उनका IPL में दिल्ली के खिलाफ यह आठवां 50+ स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 11 बार यह कारनामा किया है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स… 1. कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर पोरेल ने छोड़ा कैच कोलकाता की पारी के 14वें ओवर में कुलदीप ने गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (63) और तीसरी गेंद पर रिंकू सिंह (0) को आउट किया। हैट्रिक बॉल पर भी कुलदीप ने तेजस्वी दहिया को फंसा लिया था। तेजस्वी के बैट का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर पोरेल के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। इस तरह कुलदीप हैट्रिक से चूक गए। 2. स्टार्क के ओवर में 3 विकेट गिरे रनचेज में स्टार्क के ओवर में कोलकाता ने 3 विकेट गंवा दिए। 17वें ओवर की पहली गेंद पर रोवमन पॉवेल (29) समीर रिजवी के डायरेक्ट-हिट पर रन आउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर स्टार्क ने अनुकुल रॉय (9) का अपनी ही गेंद पर कैच लपका। इसके बाद चौथी गेंद पर कार्तिक त्यागी (0) मिड-ऑफ पर अक्षर पटेल को कैच दे बैठे।
राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 70वें मैच में मुंबई इंडियंस को 30 रन से हरा दिया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके साथ ही वे IPL में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी पर पहुंच गए। वानखेड़े स्टेडियम IPL का दूसरा ऐसा मैदान बन गया, जहां एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर बने। मैच देखने और मुंबई इंडियंस को सपोर्ट करने के लिए 20 हजार बच्चे स्टेडियम पहुंचे थे। सूर्यकुमार यादव ने बच्चों के लिए कागज का प्लेन बनाकर उड़ाया। मुंबई-राजस्थान मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स 1. रोहित IPL में 19वीं बार शून्य पर आउट हुए रोहित शर्मा राजस्थान के खिलाफ 4 गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके साथ ही वे IPL में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी की। दोनों खिलाड़ी 19-19 बार जीरो पर आउट हुए हैं। इस सूची में दिनेश कार्तिक और सुनील नरेन 18 बार के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 2. एक सीजन वानखेड़े में 10वीं 200+ स्कोर, अब सिर्फ अहमदाबाद से पीछे वानखेड़े स्टेडियम में रविवार को राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए। इस सीजन यहां यह 10वां 200+ स्कोर रहा। इसके साथ ही वानखेड़े IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर वाले मैदानों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच गया। इससे पहले 2025 में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 11 बार 200+ स्कोर बने थे। 3. रिकेल्टन ने की सूर्या की बराबरी रायन रिकेल्टन ने राजस्थान के खिलाफ 12 रन की पारी में एक सिक्स लगाया। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन में मुंबई के लिए संयुक्त रुप से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन 38 सिक्स लगाए। सूर्या ने 2025 में मुंबई के लिए 38 छक्के लगाए थे। 4. बिना फिफ्टी पांचवां सबसे बड़ा टोटल बना राजस्थान ने वानखेड़े स्टेडियम में 8 विकेट खोकर 205 रन बनाए। इस पारी में टीम का कोई भी बल्लेबाज फिफ्टी नहीं लगा सका। यह बिना किसी 50+ स्कोर के IPL का पांचवां सबसे बड़ा टोटल है। इस लिस्ट में मुंबई पहले नंबर पर है, जिन्होंने 2024 में दिल्ली के खिलाफ 5 विकेट खोर 234 रन बनाए थे। यहां से टॉप-10 मोमेंट्स… 1. सूर्या ने पेपर का प्लेन बनाकर उड़ाया वानखेड़े स्टेडियम में रिलायंस की मुहिम के तहत काफी बच्चे मैच देखने पहुंचे थे। इस दौरान सूर्यकुमार यादव ग्राउंड पर कागज से प्लेन बनाकर उड़ाते दिखाई दिए। 2. सूर्यवंशी सीजन में दूसरी बार बिना बाउंड्री लगाए आउट पहली पारी के पांचवे ओवर में वैभव सूर्यवंशी बिना बाउंड्री लगाए सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हुए। दीपक चाहर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी डीप प्वाइंट पर नमन धीर को कैच दे बैठे। यह सीजन में दूसरी बार है, जब सूर्यवंशी बिना बाउंड्री लगाए आउट हुए। वे इससे पहले 21 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पहली गेंद पर ही शून्य पर आउट हुए थे। उस मैच में राजस्थान को हार मिली थी। 3. तिलक ने बाउंड्री पर शानदार कैच पकड़ा पावरप्ले की आखिरी गेंद पर तिलक वर्मा ने बाउंड्री लाइन पर शानदार कैच पकड़ा। अल्लाह गजनफर ने फ्लाइटेड गेंद डाली, जिसपर रियान पराग ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शॉट खेला। बाउंड्री पर खड़े तिलक ने छलांग लगाई और गेंद को लपका, हालांकि बैलैंस जाता देख उन्होंने गेंद को हवा में उछाल दिया। इसके बाद बाउंड्री लाइन के थोड़ा अंदर आकर कैच पूरा किया। 4. शनाका ने 100 मीटर का सिक्स लगाया पारी के आठवें ओवर में शनाका ने लंबा छक्का लगाया। गजनफर ने आठवें ओवर की चौथी गेंद मिडिल स्टंप पर फ्लाइटेड गेंद डाली, जिसे शनाका ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से 100 मीटर का सिक्स जड़ दिया। 5. शनाका, जुरेल के एक एंड पर पहुंचे, रनआउट हुए पहली पारी के 11वें ओवर में शनाका और जुरेल के बीच अजीब स्थिति बनी। कोर्बिन बॉश के ओवर की तीसरी गेंद पर जुरेल ने पॉइंट के पीछे खेलकर रन के लिए कॉल किया। नॉन-स्ट्राइकर शनाका तेजी से दौड़े, लेकिन थोड़ी ही देर बाद जुरेल वापस अपनी क्रीज में पहुंच गए। शनाका जुरेल के एंड तक गए थे, फिर उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस दौरान शार्दुल ठाकुर के थ्रो पर बॉश ने गिल्लियां बिखेर दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच गलतफहमी से शनाका रनआउट हो गए। 6. जडेजा कैच आउट हुए, गेंद नो बॉल थी राजस्थान की पारी के आखिर ओवर में रवींद्र जडेजा और शार्दुल के बीच खूब टांग खिंचाई हुई। दरअसल ओवर की चौथी गेंद पर जडेजा कवर पर कैच आउट हो गए थे। पवेलियन लौट रहे जडेजा को शार्दुल ने चिढ़ाया, लेकिन फिर साइरन बजा और नो-बॉल हो गई। इसके बाद जडेजा उसी अंदाज में शार्दूल के पीछे गए। ओवर की अगली दो गेंद पर जडेजा ने चौका जड़ा और फिर शार्दूल को परेशान किया। 7. रोहित बिना रन बनाए आउट हुए रोहित शर्मा राजस्थान के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके। रनचेज के पहले ही ओवर में जोफ्रा आर्चर ने उन्हें पवेलियन भेजा। ओवर की चौथी गेंद आर्चर ने आउट स्विंग डाली और रोहित गेंद को गलत लाइन में खेल गए। बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेट के पीछे गई, जहां विकेटकीपर जुरेल ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच लपका। रोहित ने 4 गेंद खेली। 8. बल्ले से लगकर गेंद सूर्या के हेलमेट पर लगी मुंबई की पारी के छठवें ओवर में सूर्या के हेलमेट पर गेंद लगी। गेंदबाज बृजेश शर्मा ने ओवर की चौथी गेंद फुल-टॉस फेंकी। सूर्या पैडल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे उनके हेलमेट की ग्रिल पर जा लगी। बॉल लगने के बाद सूर्या पिच पर ही गिर गए। राजस्थान के खिलाड़ी हाल जानने के लिए उनके पास इकट्ठा हो गए। मैदान पर फिजियो आए, उन्होंने कंकशन जांच पूरी की और फिर खेल शुरु हुआ। 9. सूर्या का कैच बृजेश ने छोड़ा मुंबई की पारी के आठवें ओवर में 27 रन बनाकर खेल रहे सूर्या का कैच छूट गया। गेंदबाज यश राज पुंजा ने ओवर की चौथी गेंद फुल लेंथ डाली। सूर्या ने शॉट खेला, लेकिन गेंद सही से बैट पर नहीं लगी। मिड-विकेट पर खड़े बृजेश ने जंप लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। 10. हार्दिक का शून्य पर कैच छूटा, अगली दो गेंद पर सिक्स जड़ा यश पुंजा का 12वां ओवर काफी रोमांचक रहा। उन्होंने ओवर की तीसरी गेंद पर विल जैक्स को कैच आउट कराया। इसकी अगली गेंद पर उन्होंने हार्दिक को भी फंसा लिया था। कवर्स के ऊपर रियान पराग ने छलांग लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उनके हाथ से लगने के बाद गेंद जमीन पर गिर गई। इसके बाद की हार्दिक ने अगली दो गेंद पर लगातार सिक्स लगाए। -------------------------------------------- मैच की पूरी खबर भी पढ़ें… राजस्थान IPL के प्लेऑफ में पहुंची:सीजन की टॉप-4 टीमें तय; मुंबई 30 रन से हारी, आर्चर ने 3 विकेट लिए IPL में रविवार को खेले गए पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रन से हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। वानखेड़े स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 205 रन बनाए। जवाब में मुंबई की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 175 रन ही बना सकी। पूरी खबर पढ़ें…
जालंधर के गुरिंदर वीर सिंह ने रांची में भारतीय एथलेटिक्स का नया इतिहास लिख दिया है। 29वें नेशनल सीनियर फेडरेशन कप में पंजाब के इस धावक ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.09 सेकंड में पूरी की। गुरिंदर वीर की उलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। करीब 90 साल की दादी ने भी लड्डू खाकर पोते को आशीर्वाद दिया। गुरिंदर वीर के पिता कमलजीत सिंह ने कहा कि जैसे ही बेटे ने रेस जीती तो उसके मोबाइल पर बधाइयों के फोन आना शुरू हो गए। फोन बिजी होने से बेटे से पहली बात उसकी मां की हुई। जब उसने मुझे फोन किया तो एक ही बात कही कि डेडी दस्स फेर किदां (अब बताओ कैसा लगा) गुरिंदर की मां गुरविंदर कौर ने बताया कि रेस जीतने के बाद उसने पहला फोन मुझे किया और कहा कि मम्मी मेरी रेस देखी। मैंने कहा कि हां तूने कमाल कर दिया। रेस जीतने और रिकॉर्ड तोड़ने का पता लगने के बाद से गुरिंदर वीर के घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। आस-पड़ोस के लोग घर के बाहर पहुंचे और परिवार को बधाई दी। पिता बोले-पहले ही रिकॉर्ड लिखा था, मुझे पता नहीं थानया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदर वीर ने कॉमनवेल्थ गेम्ज में अपनी जगह पक्की कर ली। बिरसा मुंडा स्टेडियम में फाइनल दौड़ पूरी करते ही गुरिंदर ने अपनी छाती पर लगे नंबर (चेस्ट नंबर) की ओर इशारा किया। उन्होंने फाइनल से पहले ही उस नंबर के पीछे अपना लक्ष्य 10.10 लिख दिया था। इस बारे में पूछने पर उनके पिता ने कहा कि गुरिंदर ने पहले ही रिकॉर्ड का समय लिख रखा था, इसकी जानकारी उनको भी न्यूज के माध्यम से चली। इसके साथ ही उसने लिखा था- रुको, मैं अब भी खड़ा हूं। बता दें कि 100 मी. दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड (9.58 सेकंड) जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के नाम है। मां बोलीं- मुझे गोल्ड की पक्की उम्मीद हैमुझे बहुत अच्छा लग रहा है। परमात्मा ने उस बच्चे को गुण बख्शा है। उसने पहले ही तय कर लिया था कि 10.10 सेंकेंड में रेस पूरी करनी है। उसने इस मुकाम के लिए बहुत मेहनत की है। वो रोज 8 घंटे प्रेक्टिस करता था। घर पर बात करने के लिए उसके पास वक्त नहीं मिलता था। उसने अपने शरीर को बहुत तोड़ा है। रेस जीतने के बाद पहले मुझसे बात कि और बोला कि मम्मा देखी है रेस। मैंने कहा कि हां देखी तूने आज खुश कर दिया है। परमात्मा इसी तरह मेहर रखेंगे तो कॉमनवेल्थ में भी गोल्ड आएगी। मुझे उस पर पूरा विश्वास है। वो एक बार जो ठान लेता है उसे पूरा करता है। 12 साल की उम्र में पिता के साथ रेस लगानी शुरू कीगुरिंदर वीर के पिता कमलजीत सिंह ने बताया कि वह खुद भी वॉलीबाल के प्लेयर रहे हैं। वो तो इतना ऊंचा मुकाम हासिल नहीं कर पाए लेकिन मन में एक सपना था कि बेटा स्पोर्ट्स में कुछ कर दिखाए। गुरिंदर वीर बचपन से उनके साथ दौड़ लगाने जाता था। 12 साल की उम्र में उसने ठीक से प्रेक्टिस शुरू की। छोटी उम्र में ही वो मुझे भी पीछे छोड़ देता था। दौड़ने में उसकी मेहनत और लगन देख उसे इसी स्पोर्ट्स में डाला।
साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन की शुरुआत के साथ ही पेरिस की लाल मिट्टी एक बार फिर टेनिस की सबसे बड़ी कहानियों की गवाह बनने जा रही है। लेकिन इस बार पुरुष और महिला सिंगल्स की तस्वीर बिल्कुल अलग है। पुरुष वर्ग में पूरा टूर्नामेंट लगभग वर्ल्ड नंबर-1 यानिक सिनर के इर्द-गिर्द घूमता दिख रहा है, जबकि महिला सिंगल्स में इतनी दावेदार हैं कि हर दिन नई टक्कर और नया उलटफेर देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि इस बार फ्रेंच ओपन में पुरुष और महिला वर्ग दो अलग-अलग दुनिया जैसे नजर आ रहे हैं। पुरुष सिंगल्स: सिनर के सामने 127 खिलाड़ी पुरुष टेनिस में इस समय सबसे बड़ा नाम सिनर का है। इटैलियन ओपन के सेमीफाइनल में डेनियल मेदवेदेव ने शायद इस साल का अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। लंबी रैलियां, तेज शॉट्स और लगातार दबाव के बावजूद वह सिनर को पूरी तरह नहीं तोड़ सके। मैच के बाद मेदवेदेव ने कहा कि सिनर को हराने के लिए सर्विस, रिटर्न, फिटनेस और मानसिक मजबूती, हर चीज परफेक्ट होनी चाहिए। इस बार सिनर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी कार्लोस अल्कारेज चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं हैं। पिछले साल अल्कारेज ने ही फ्रेंच ओपन फाइनल में सिनर को हराया था। उनकी गैरमौजूदगी में 128 प्लेयर्स में सिनर अकेले दावेदार लग रहे हैं। मास्टर्स 1000 स्तर पर सिनर की जीत की कड़ी 34 मैच तक पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलियन ओपन, यूएस ओपन और विम्बलडन जीत चुके सिनर के पास अब करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने का मौका है। महिला सिंगल्स: टॉप-10 में से 9 के पास बड़ी ट्रॉफी महिला सिंगल्स में दावेदारों की लंबी कतार है और यही इस टूर्नामेंट को बेहद रोमांचक बना रहा है। यहां टॉप-10 में से नौ के पास ग्रैंड स्लैम या डब्ल्यूटीए 1000 खिताब है। यानी हर राउंड में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। नंबर-1 आर्यना सबालेंका लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन क्ले कोर्ट सीजन में वह थोड़ी कमजोर दिखीं। ऐसे में बाकी खिलाड़ियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। एलिना रायबकिना ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुकी हैं और हर सतह पर मजबूत मानी जाती हैं। इगा स्वातेक पांचवीं बार फ्रेंच ओपन जीतने उतरेंगी, जबकि डिफेंडिंग चैम्पियन कोको गॉफ भी शानदार फॉर्म में हैं। इसके अलावा एलिना स्वितोलिना, जेसिका पेगुला और युवा स्टार मिरा एंड्रीवा भी खिताब की बड़ी दावेदार हैं। यही वजह है कि जहां पुरुष वर्ग में सबकी नजर सिर्फ सिनर पर है, वहीं महिला सिंगल्स में हर दिन नई कहानी बनने की उम्मीद है।
पंत से छिन सकती है लखनऊ की कप्तानी:टॉम मूडी बोले- दबाव झेलने में फेल रहे, टीम आखिरी लीग मैच भी हारी
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत से IPL की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छिन सकती है। टीम के क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी ने शनिवार को स्वीकार किया है कि पंत दबाव को झेलने में विफल रहे हैं। मूडी ने कहा, 'अगर कप्तानी की बात करें तो मुझे यह चुनौतीपूर्ण लगी है। हमें इस पर विचार करना होगा कि कहीं कप्तानी के दबाव का असर पंत की बैटिंग पर तो नहीं पड़ रहा।’ पंत की टीम लखनऊ IPL में अपना आखिरी लीग मैच भी हार गई। उसे पंजाब किंग्स ने 7 विकेट से हराया। पंत की कप्तानी में टीम पिछले 2 सीजन में 28 मैचों में केवल 10 में जीत सकी है। मौजूदा सीजन में लखनऊ 10वें नंबर पर है। टॉम मूडी की खास बातें लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा थालखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसलिए उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। वे मौजूदा सीजन में महज 312 रन ही बना सके। पंत ने IPL 2018 में 173.60 के स्ट्राइक रेट से 684 रन बनाए थे। उसके बाद 2019 में 162.66 के स्ट्राइक रेट से 488 रन बनाए। लखनऊ के लिए उन्होंने पिछले दो सीजन में 135.74 के स्ट्राइक रेट से 581 रन बनाए। जो करियर 144.18 के स्ट्राइक रेट से कम है। इनकी कप्तानी पर भी सवाल पंजाब के कोच हैडिन बोले- हमारी टीम ने अच्छा खेलाइस बीच पंजाब किंग्स के सहायक कोच ब्रैड हैडिन ने अपनी टीम के प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा, 'हमारी टीम ने इस मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। आप चाहते हैं कि इस तरह के मैच में आपके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें।' हैडिन ने कहा, 'ये वह मैच हैं जिन्हें आप खेलना चाहते हैं, जिनमें सब कुछ दांव पर लगा होता है। पिछले कुछ दिनों से कप्तान (इस मैच में शतक जड़ने वाले श्रेयस अय्यर) की आंखों में यही चमक थी। वह अपने प्रदर्शन से मैच का रुख बदलने और हमें फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान देना चाहते हैं।' ---------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पंजाब की उम्मीदें बरकरार, टॉप-4 में शामिल, राजस्थान जीती तो प्लेऑफ खेलना पक्का IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 2 मैच बाकी हैं, लेकिन अभी तक प्लेऑफ की 4 टीमें तय नहीं हुई हैं। शनिवार को पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें कायम रखी हैं। टीम 14 मैचों में 15 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब की इस जीत से दिल्ली प्लेऑफ से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। उससे पहले लखनऊ, चेन्नई और मुंबई बाहर हो चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
ईरान ने अपना बेस कैंप अमेरिका से मैक्सिको में ट्रांसफर कर दिया है। ईरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक फीफा ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान को एरिजोना के टक्सन में ट्रेनिंग शिविर लगाना था, लेकिन मिडिल-ईस्ट में युद्ध और सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे कहीं और ट्रांसफर करने की चर्चा थी। टक्सन के कीनो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। ईरानी महासंघ का कहना है कि टीम अब सैन डिएगो के दक्षिण में स्थित मैक्सिको के तिजुआना में ठहरेगी। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। वर्ल्ड कप टीमों को बेस कैंप के लिए FIFA से मंजूरी लेनी होती है मेहदी ताज ने कहा, 'वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी देशों को अपने बेस कैंप के लिए फीफा से मंजूरी लेनी होती है। सौभाग्य से फीफा और वर्ल्ड कप के अधिकारियों के साथ इस्तांबुल में हुई बैठकों के बाद हमारी टीम के बेस कैंप को अमेरिका से मैक्सिको में स्थानांतरित करने का हमारी मांग स्वीकार ली है।' ईरान का पहला मेच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100m में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में रेस पूरी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पढ़ें पूरी खबर
रांची का बिरसा मुंडा स्टेडियम शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के एक नए युग का गवाह बना। यहां पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया। उन्होंने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है, क्योंकि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में पहली बार 100 मीटर रेस में 10.10 सेकेंड का मार्क क्रैक हुआ है, यानी कि कोई एथलीट पहली बार 100 मीटर की रेस को 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरा किया है। गुरिंदरवीर ने फिनिश लाइन पार करते ही सीने पर लगा बिब नंबर उखाड़ा दिया और जोश में चिल्लाते हुए ट्रैक पर जूते फेंके दिया। उन्होंने कहा- लोग कहते थे कि भारतीयों के पास 100 मीटर के लिए सही जीन नहीं हैं। मैं सबको गलत साबित करना चाहता था। भारतीय जीन बहुत मजबूत हैं और यह सिर्फ शुरुआत है।' एशिया के दूसरे सबसे तेज धावक बने गुरिंदरवीर का यह समय इस सीजन में पूरे एशिया का दूसरा सबसे तेज समय है, जो जापान के फुकुतो कोमुरो (10.08 सेकेंड) से सिर्फ एक पल पीछे है। इसके साथ ही उन्होंने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन मार्क (10.16 सेकेंड) को भी आसानी से पार कर लिया है। उन्होंने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी अनिमेष कुजूर को चौंकाते हुए पीछे छोड़ा। इस प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर और पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनिमेष के बीच 100 मीटर की दौड़ में सबसे तेज भारतीय धावक बनने का मुकाबला भारतीय एथलेटिक्स में हमेशा याद रखा जाएगा। 5 मिनट में 2 बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड यहां पंजाब के गुरिंदरवीर और ओडिशा के अनिमेष के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिले। अनिमेष पिछले साल बनाए गए 10.18 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ प्रतियोगिता में प्रबल दावेदार थे। लेकिन शुक्रवार को पहले दिन 25 वर्षीय गुरिंदरवीर ने शुरुआती सेमीफाइनल हीट में इसे 10.17 सेकंड तक कम कर दिया। इसके महज पांच मिनट बाद 22 साल के अनिमेष ने दूसरे सेमीफाइनल हीट में 10.15 सेकंड का समय निकालकर नेशनल रिकॉर्ड वापस हासिल कर लिया। शुक्रवार को पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड कुछ ही मिनटों के भीतर दो बार टूटा। फाइनल में अनिमेष से 0.11 सेकंड तेज दौड़े गुरिंदरवीर गुरिंदरवीर ने अनिमेष से 0.11 सेकंड तेज दौड़ लगाई। उन्होंने अपने युवा प्रतिद्वंद्वी से कम से कम दो फीट आगे रहते हुए फिनिश लाइन पार की। रिलायंस फाउंडेशन के ही प्रणव गुरव 10.29 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टेस्ट मैच के बीच लाल की जगह गुलाबी गेंद, दोनों कप्तानों की सहमित जरूरी ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। सबसे अहम प्रस्ताव लाल बॉल से शुरू हुए किसी टेस्ट मैच के बीच गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करना है। गेंद उन स्थितियों में बदली जाएगी जब खराब रोशनी के कारण खेल रोक दिया गया हो। पढ़ें पूरी खबर
पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के 68वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हरा दिया। मैच में कई रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स बने। श्रेयस IPL के रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बने। उन्होंने अर्जुन तेंदुलकर की गेंद पर सिंगल लेकर टी-20 में अपने 7 हजार रन भी पूरे किए। शमी ने प्रियांश आर्या को आउट कर IPL में छठी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया। पंजाब-लखनऊ मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. पंजाब लगातार 6 मैच हारने के बाद जीती IPL में पंजाब किंग्स की सबसे लंबी हार का सिलसिला 2015 में 7 मैचों का रहा था। 2026 में टीम लगातार 6 मैच हार चुकी थी, लेकिन लखनऊ के खिलाफ जीत के साथ यह सिलसिला टूट गया। इससे पहले पंजाब को 2011, 2018 और 2020 में लगातार 5-5 हार मिली थीं। साथ ही, पंजाब का लखनऊ के खिलाफ दबदबा जारी रहा। टीम ने 2025 के बाद से लखनऊ के खिलाफ सभी 4 मुकाबले जीते हैं। लखनऊ में खेले गए पिछले 4 मैचों में यह पंजाब की तीसरी जीत भी रही। 2. श्रेयस रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बने श्रेयस ने लखनऊ के खिलाफ आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बन गए। उनसे पहले वीरेंद्र सहवाग (2011), विराट कोहली (2016), संजू सैमसन (2021) यह कारनामा कर चुके हैं। इसके अलावा श्रेयस पंजाब के लिए शतक लगाने वाले तीसरे कप्तान भी बने। उनसे पहले केएल राहुल ने 2020 और एडम गिलक्रिस्ट ने 2011 में बेंगलुरु के खिलाफ शतक लगाए थे। 3. शमी ने सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिए मोहम्मद शमी IPL में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने पंजाब के खिलाफ प्रियांश आर्या को पहली गेंद पर कैच आउट कराया। उन्होंने टूर्नामेंट में रिकॉर्ड छठी बार यह कारनामा किया। दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर हैं, जिन्होंने 5 बार इनिंग की पहली गेंद पर विकेट लिए हैं। 4. अर्शदीप ने पंजाब के लिए सबसे ज्यादा बार 50+ रन दिए अर्शदीप सिंह पंजाब की ओर से सबसे ज्यादा बार 50 या उससे अधिक रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। वे अब तक 7 बार यह आंकड़ा छू चुके हैं। इस लिस्ट में सैम करन दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने पंजाब के लिए 4 बार 50+ रन दिए हैं। 5. प्रभसिमरन दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन के लीग स्टेज में 510 रन बना दिए। इसके साथ ही वह पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। 6. पंजाब के लिए IPL की 5वीं सबसे बड़ी साझेदारी हुई श्रेयस और प्रभसिमरन ने लखनऊ के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी की। यह पंजाब के किसी भी विकेट के लिए 5वीं सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले नंबर पर एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श हैं, जिन्होंने साल 2011 में बेंगलुरु के खिलाफ 206 रन जोड़े थे। यहां से मैच के टॉप-7 मोमेंट्स… 1. उमरजई ने अपनी पहली गेंद पर ही विकेट लिया मैच के दूसरे ओवर में ही लखनऊ को पहला झटका लगा। ओवर की पहली गेंद पर ही अजमतुल्लाह उमरजई ने अर्शिन कुलकर्णी का विकेट लिया। उमरजई ने ऑफ स्टंप के बाहर बैक ऑफ लेंथ गेंद डाली। गेंद ने अर्शिन के बल्ले किनारा लिया और सीधे विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के दस्तानों में चली गई। अर्शिन बिना खाता खोले पहली गेंद पर ही पवेलियन लौटे। 2. बदोनी अजीबो-गरीब तरीके से आउट हुए लखनऊ की पारी के 7वें ओवर में बल्लेबाज आयुष बदोनी अनोखे अंदाज में स्टंप आउट हुए। ओवर की चौथी गेंद युजवेंद्र चहल ने तेज और फ्लैट डाली, जिसपर बदोनी चकमा खा गए। शॉट खेलने के बाद उन्होंने क्रीज से पैर उठाया और फिर वापस क्रीज में रखा। इस दौरान विकेटकीपर प्रभसिमरन ने स्टंपिंग की। ऐसा लगा कि बल्लेबाज क्रीज में आ गए हैं और चहल रनअप पर जाने लगे। तभी प्रभसिमरन ने अंपायर से अपील की। इसके बाद रिप्ले में दिखा की शॉट खेलने के बाद जब बदोनी ने पैर उठाया, उसी दौरान गिल्लियां बिखेरी। 3. पंत का कैच श्रेयस ने छोड़ा, 2 गेंद बाद आउट हुए पंजाब के खिलाफ ऋषभ पंत जीवनदान मिलने के दो गेेंद बाद ही आउट हो गए। पहली पारी के 14वें ओवर में चहल की तीसरी गेंद को पंत ने एक्स्ट्रा कवर की ओर खेला। वहां खड़े श्रेयस के पास कैच पकड़ने का मौका था, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। इसकी अगली गेंद पर पंत ने चौका जड़ दिया।इसके बाद पंत ने ऑन साइड में सिक्स लगाने की कोशिश की, लेकिन एलिवेशन नहीं मिला और डीप में खड़े मार्को यानसन ने आसान कैच पकड़ा। 4. दूसरी पारी के पहली गेंद पर विकेट गिरा पंंजाब की पारी विकेट के साथ शुरु हुई। इनिंग की पहली ही गेंद पर मोहम्मद शमी ने प्रियांश आर्या को शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी। प्रियांश पुल शॉट खेलते हुए बैलेंस खो बैठे। गेंद बल्ले के टॉप एज पर लगी और मिड-विकेट पर खड़े अर्जुन तेंदुलकर की ओर गई। अर्जुन ने आसान कैच पकड़ा और प्रियांश गोल्डन डक का शिकार हुए। 5. अर्जुन तेंदुलकर के पहले ओवर में पंत ने कैच छोड़ा अर्जुन के पहले ओवर में ही विकेटकीपर पंत ने प्रभसिमरन सिंह का कैच छोड़ दिया। दूसरी पारी में 7वें ओवर की चौथी गेंद अर्जुन ने बाउंसर फेंकी। प्रभसिमरन ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके ग्लव्स को छूकर विकेट के पीछे गई। पंत ने बाई ओर छलांग लगाते हुए कैच पकड़ा, लेकिन आखिरी वक्त में गेंद उनके हाथों से छिटक गई। इस तरह अर्जुन को पहले ओवर में विकेट मिलने का मौका चला गया। 6. श्रेयस ने टी-20 में 7 हजार रन पूरे किए श्रेयस अय्यर ने टी-20 क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने रनचेज के 7वें ओवर में अपने 7 हजार रन पूरे किए। अर्जुन तेंदुलकर के ओवर की तीसरी गेंद को श्रेयस ने स्वीपर कवर की ओर खेलकर सिंगल लिया। इसी के साथ उन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 7. श्रेयस ने छक्के से सेंचुरी पूरी की और पंजाब जीता रनचेज के 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर श्रेयस ने छक्का लगाकर IPL का अपना पहला शतक लगाया। इसके साथ ही पंजाब यह मैच जीत जहैया। 95 रन पर खेल रहे श्रेयस ने मोहसिन खान की स्लोअर गेंद पर सिक्स जड़ दिया।
IPL में रविवार को सीजन का आखिरी डबल हेडर होगा। पहला मैच मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच वानखेड़े स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। राजस्थान 14 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके पास प्लेऑफ में पहुंचने का आखिरी मौका है। वहीं, मुंबई 13 मैच में 4 जीत से 8 अंक ही हासिल कर सकी है। टीम 9वें स्थान पर है और पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। पॉइंट्स टेबल देखिए राजस्थान के लिहाज से समीकरण हेड-टु-हेड रिकॉर्ड राजस्थान एक मैच पीछे राजस्थान और मुंबई के बीच 31 मैच खेले गए हैं। इनमें 16 मैच मुंबई और 15 राजस्थान ने जीते हैं। दोनों टीमों के टॉप प्लेयर्स सूर्यवंशी टॉप स्कोरर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। वे ऑरेंज कैप की रेस में चौथे स्थान पर हैं। वैभव 13 मैच में 236.32 के स्ट्राइक रेट से 579 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 3 अर्धशतक हैं। वैभव के साथ यशस्वी जायसवाल भी मुंबई के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। जायसवाल ने गुवाहाटी में मुंबई के खिलाफ 32 गेंदों में 77 रन बनाकर मैच एकतरफा कर दिया था। जायसवाल ने 3 साल पहले वानखेड़े में अपना पहला IPL शतक लगाया था। गेंदबाजों में जोफ्रा आर्चर 18 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर बने हुए हैं। रिकेल्टन के सबसे ज्यादा रन, गजनफर टॉप विकेट टेकर मुंबई की ओर से रायन रिकेल्टन ने सबसे ज्यादा 436 रन बनाए हैं। अफगानी स्पिनर अल्लाह गजनफर ने सबसे ज्यादा 14 विकेट लिए हैं। टीम के भारतीय स्टार इस सीजन में खास प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या के पास आखिरी मैच में बड़ी पारी खेलने का मौका है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी वापसी करना चाहेंगे। वे इस सीजन सिर्फ 4 विकेट ले सके हैं। वे पिछले 6 महीने से लगातार व्हाइट बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं। IPL के बाद उन्हें आराम दिया गया है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट वानखेड़े में 5 में से 4 मैच में 200 रन बने, बारिश का अनुमान वानखेड़े स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां इस सीजन 5 मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच की कम से कम एक पारी में 200 रन बने हैं। छोटी बाउंड्री के कारण यहां ज्यादा रन बनते हैं। पावरप्ले के शुरुआती ओवर में गेंदबाजों को स्विंग मिलता है। मैच में बारिश खलल डाल सकती है, क्योंकि मुंबई के कुछ क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान है। एक्यूवेदर के अनुसार रविवार को 70% बारिश का अनुमान है। पॉसिबल प्लेइंग-11 मुंबई इंडियंस : रायन रिकेल्टन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह और रघु शर्मा। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवान फरेरा, शुभम दुबे, दसुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, संदीप शर्मा, सुशांत मेहता और बृजेश शर्मा।
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच रविवार का दूसरा मैच खेला जाएगा। यह इस सीजन का आखिरी लीग मैच भी है। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में मुकाबला 7:30 बजे से शुरू होगा। इस मैच में कोलकाता के पास प्लेऑफ में पहुंचने का आखिरी मौका है। कोलकाता 13 मैचों में 13 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है। दूसरी ओर, शनिवार को पंजाब ने लखनऊ को हराकर दिल्ली को प्लेऑफ से बाहर कर दिया है। दिल्ली 13 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। हेड-टु-हेड रिकॉर्ड कोलकाता का पलड़ा भारी कोलकाता और दिल्ली के बीच 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता का पलड़ा भारी रहा है। टीम ने 20 मैच जीते हैं, जबकि दिल्ली को 14 मुकाबलों में जीत मिली। एक मैच टाई रहा है। टॉप स्कोरर रघुवंशी बाहर, एलन से उम्मीदें कोलकाता की ओर से इस सीजन में सबसे ज्यादा 422 रन अंगकृष रघुवंशी ने बनाए हैं, लेकिन वे चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को फिन एलन से उम्मीदें होंगी। एलन 10 मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक के सहारे 329 रन बना चुके हैं। कार्तिक त्यागी ने टीम से सबसे ज्यादा विकेट झटके हैं। उनके नाम 18 विकेट हैं। मथीशा पथिराना ने चोट के कारण लेट वापसी की है। हर्षित राणा और आकाश दीप भी इंजरी से पहले ही बाहर हो चुके हैं। फ्रेंचाइजी ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL शुरू होने से पहले ही बाहर कर दिया था। दिल्ली की बैटिंग केएल राहुल पर निर्भर इस सीजन में दिल्ली की बैटिंग केएल राहुल पर निर्भर रही है। टीम के टॉप स्कोरर राहुल ने 13 मैचों में एक शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 533 रन बनाए हैं। पथुम निसांका (278 रन), ट्रिस्टन स्टब्स (275 रन) और समीर रिवजी (252 रन) ने कुछ मौकों पर योगदान दिया है। लेकिन, तीनों में निरंतरता की कमी रही है। गेंदबाजी में कप्तान अक्षर पटेल (10 विकेट) और कुलदीप यादव (7 विकेट) की स्पिन जोड़ी खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। टूर्नामेंट में देर से आए मिचेल स्टार्क ने जरूर प्रभावित किया है। वे 5 मैच में 9 विकेट ले चुके हैं। पिच एंड वेदर रिपोर्ट आमतौर पर ईडन गार्डन्स की पिच बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है। यहां आउट फील्ड तेज है और बाउंड्री छोटी है। ऐसे में तेजी से रन बनते हैं। ओस के कारण टॉस जीतने वाली टीमें गेंदबाजी चुन सकती हैं। मैच के दौरान हल्की बारिश होने की संभावना है। बादलों के कारण तेज गेंदबाजों को अधिक स्विंग मिलेगी, जिससे बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 कोलकाता : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, मनीष पांडे, कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, रिंकू सिंह, तेजस्वी दहिया, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, कार्तिक त्यागी और सौरभ दुबे। दिल्ली: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, साहिल परख, अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी और त्रिपुराणा विजय।
IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 2 मैच बाकी हैं, लेकिन अभी तक प्लेऑफ की 4 टीमें तय नहीं हुई हैं। शनिवार को पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें कायम रखीं। टीम 14 मैचों में 15 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, पंजाब की जीत से दिल्ली प्लेऑफ से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। उससे पहले लखनऊ, चेन्नई और मुंबई बाहर हो चुके हैं। रविवार को राजस्थान रॉयल्स का आखिरी लीग मैच मुंबई इंडियंस से है। टीम जीत के साथ सीधे प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। वहीं चौथे स्थान के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स की नजर अपनी जीत के साथ बाकी मुकाबलों पर भी रहेगी। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण पंजाब टॉप-4 में पहुंची पंजाब किंग्स लखनऊ को 7 विकेट से हराकर पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर आ गई है और 15 पॉइंट्स हो गए हैं। हालांकि टीम की प्लेऑफ की उम्मीदें अब भी राजस्थान रॉयल्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता के नतीजों पर निर्भर रहेंगी। अगर राजस्थान रविवार को मुंबई को हरा देती है, तो पंजाब प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी। राजस्थान के पास सीधा मौका पंजाब की जीत से राजस्थान एक स्थान नीचे खिसककर 14 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम अगर मुंबई इंडियंस को हराती है तो सीधे प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। हार की स्थिति में टीम बाहर हो जाएगी। कोलकाता की उम्मीदें जिंदा कोलकाता के 13 पॉइंट्स हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर है। टीम को दिल्ली के खिलाफ बड़ी जीत के साथ राजस्थान की हार की भी दुआ करनी होगी। मुंबई अगर राजस्थान को हरा देती है, तो कोलकाता के पास भी मौका रहेगा। कोलकाता को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 200 रन बनाने पर 77 रन से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं 180 रन का टारगेट मिलने पर करीब 12 ओवर में मैच खत्म करना होगा। अगर कोलकाता ऐसा नहीं कर पाती और राजस्थान हार जाता है, तो पंजाब प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। दिल्ली भी प्लेऑफ से बाहर पंजाब की जीत के बाद दिल्ली टूर्नामेंट से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। दिल्ली 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। मुंबई, चेन्नई और लखनऊ प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी हैं। चेन्नई सातवें, मुंबई नौवें और लखनऊ आखिरी पायदान पर हैं। बेंगलुरु और गुजरात क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु और गुजरात के 18-18 पॉइंट्स हैं। बेहतर नेट रनरेट के आधार पर बेंगलुरु पहले और गुजरात दूसरे स्थान पर है। दोनों टीमें 26 मई को क्वालिफायर-1 में भिड़ेंगी। हैदराबाद ने भी लीग स्टेज 18 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर खत्म किया। टीम अब एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी। क्वालिफायर का प्रोसेस नीचे पढ़िए… क्वालिफायर-1 पॉइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमों के बीच खेला जाता है। हारने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलता है, जबकि जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाती है। एलिमिनेटर तीसरे और चौथे स्थान की टीमों के बीच खेला जाता है। इसकी विजेता टीम का मुकाबला क्वालिफायर-1 हारने वाली टीम से क्वालिफायर-2 में होता है। हारने वाली टीम बाहर हो जाती है। क्वालिफायर-2 जीतने वाली टीम फाइनल में क्वालिफायर-1 की विजेता टीम से खेलती है। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सुदर्शन ऑरेंज कैप होल्डर गुजरात के साई सुदर्शन 638 रन के साथ ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं। उनके बाद गुजरात के ही कप्तान शुभमन गिल 616 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। बेंगलुरु के खिलाफ 51 रन की पारी खेलने वाले हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 606 रन के साथ तीसरे पायदान पर आ गए हैं। पर्पल कैप में भुवनेश्वर टॉप पर बरकरार हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के बाद पर्पल कैप में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पहले स्थान पर है। गुजरात कागिसो रबाडा (24 विकेट) दूसरे और चेन्नई के अंशुल कम्बोज (21 विकेट) के साथ तीसरे स्थान पर है।
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के हेड कोच अभिषेक नायर ने कहा है कि दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले उनका नजरिया 'चीजों को आसान रखना' और उन चीजों पर फोकस करने में है जिनपर नियंत्रण है
एशियन जूनियर इंडिविजुअल स्क्वैश चैंपियनशिप: भारत का शानदार प्रदर्शन, फाइनल में पहुंचे चार खिलाड़ी
33वीं एशियन जूनियर इंडिविजुअल स्क्वैश चैंपियनशिप में शनिवार को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। लड़कों में अमर्या बजाज (अंडर-13), शिवेन अग्रवाल (अंडर-17) और आर्यवीर दीवान (अंडर-19) ने फाइनल में जगह बनाई, जबकि लड़कियों में अनिका दुबे (अंडर-17) ने खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
डिफेंडिंग चैंपियन बेंगलुरु के ओपनर जैकब बेथेल उंगली की चोट के कारण IPL 2026 से बाहर हो गए हैं। वह इलाज और निगरानी के लिए इंग्लैंड लौटेंगे। बेथेल को यह चोट 17 मई को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में लगी थी। दूसरी ओर राजस्थान के विकेटकीपर-बल्लेबाज रवि सिंह हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह पंजाब के युवा ऑलराउंडर इमनजोत चहल को टीम में शामिल किया है। बेथेल की चोट पर नजर रखेंगे- ECB इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने बताया कि बेथेल की चोट पर इंग्लैंड की मेडिकल टीम नजर रखेगी। इसके बाद तय होगा कि वह 4 जून से लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इस सीजन 96 रन ही बना सके बेथेल इस सीजन बेंगलुरु के लिए 7 मैच खेले और 96 रन बनाए। चोट के कारण वह हैदराबाद के खिलाफ आखिरी लीग मैच में भी नहीं खेल सके थे। उस मुकाबले में बेंगलुरु ने वेंकटेश अय्यर से ओपनिंग कराई थी। उन्होंने सिर्फ 19 गेंद में 44 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी थी। बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल के टॉप पर बेंगलुरु भले हैदराबाद में मैच हार गई, लेकिन टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रही। अब उसका मुकाबला 26 मई को धर्मशाला में गुजरात के खिलाफ क्वालिफायर-1 में होगा। टीम के लिए राहत की बात यह है कि फिल सॉल्ट वापसी कर चुके हैं। वह भी पहले उंगली की चोट के कारण करीब एक महीने बाहर रहे थे। राजस्थान में इमनजोत को मौका राजस्थान के विकेटकीपर-बल्लेबाज रवि सिंह हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए। उनकी जगह पंजाब के 21 साल के खिलाड़ी इमनजोत चहल को टीम में शामिल किया गया है। 2004 में जन्मे इमनजोत पटियाला के रहने वाले हैं। वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते हैं और जरूरत पड़ने पर उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। पंजाब के लिए खेले 3 फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 11 विकेट लिए हैं। इमनजोत ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में कर्नाटक के खिलाफ 83 रन की अहम पारी भी खेली थी। रवि सिंह को इस सीजन सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला था। उन्होंने 17 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबला खेला था, लेकिन अब चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सबसे अहम प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में मैच के दौरान लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने को लेकर है। हालांकि गेंद बदलने से पहले दोनों टीमों से सहमति ली जाएगी। वहीं T20 में 20 मिनट के इनिंग ब्रेक को 15 मिनट करने का प्रस्ताव दिया गया है। 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में इन बदलावों पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद नए नियम 1 अक्टूबर से लागू किए जा सकते हैं। बारिश या खराब रोशनी में गुलाबी गेंद से खेल ICC के प्रस्ताव के मुताबिक अगर टेस्ट मैच के दौरान बारिश या खराब रोशनी की वजह से खेल प्रभावित होता है, तो दोनों टीम की सहमति से लाल की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी। इसका मकसद डे-नाइट कंडीशन में मैच को बिना रुकावट के जारी रखना है। हालांकि, मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया अभी साफ नहीं है। फिलहाल दिन के टेस्ट मैच लाल गेंद से और डे-नाइट टेस्ट गुलाबी गेंद से खेले जाते हैं। ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर जा सकेंगे हेड कोच वनडे क्रिकेट में भी बदलाव के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। वनडे में हर पारी में दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं। अभी ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही मैदान पर जा सकते हैं। इसमें भी ड्रिंक्स लेकर जाने वाले खिलाड़ी क्रिकेट ड्रेस में होने अनिवार्य हैं। नए नियम में हेड कोच को भी खिलाड़ियों से बात करने के लिए मैदान पर आने की परमिशन मिलेगी। टी20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से ही इसकी इजाजत दी जा चुकी है। टी20 में ब्रेक 20 से घटकर 15 मिनट करने पर विचार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दोनों पारी के बीच का ब्रेक 20 मिनट से घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव है। इससे मैच जल्दी खत्म होंगे और ब्रॉडकास्ट शेड्यूल भी आसान होगा। अवैध गेंदबाजी एक्शन पर हॉकआई नजर ICC ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉकआई तकनीक उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है। इससे मैच के दौरान ही संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर नजर रखी जा सकेगी। आईसीसी अवैध एक्शन वाले गेंदबाजों पर सख्ती बढ़ाना चाहता है। ये सभी प्रस्ताव गुरुवार को ICC चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी (CEC) की वर्चुअल बैठक में चर्चा में आए। ICC क्रिकेट कमिटी के प्रमुख सौरव गांगुली भी बैठक में शामिल रहे। ------------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें…विमेंस टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप खेलने इंग्लैंड रवाना:तिलक लगाकर विदाई दी गई; पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जीता था भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। टीम हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उतर रही है, जिन्होंने पिछले साल भारत को पहली बार विमेंस वनडे वर्ल्ड कप जिताया था। उस टीम की 11 प्लेयर्स स्क्वॉड का हिस्सा हैं। यह टीम वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। जो लिमिटेड ओवर के ICC टूर्नामेंट की तैयारियों के लिहाज से अहम है। यह सीरीज 28 मार्च से शुरू हो रही है। टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव। भारत का पहला मैच पाकिस्तान से होगा भारत का पहला मैच पाकिस्तान से 14 जून को एजबेस्टन में खेला जाएगा। उसके बाद टीम इंडिया नीदरलैंड, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से खेलेगी। टूर्नामेंट में 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुपों में बांटा गया है। हर ग्रुप से 2 टीमों सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया है और कई बार फाइनल तक पहुंचकर अपनी बादशाहत साबित की है। इसके अलावा इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था। --------------------------------------------- विमेंस क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… क्रांति की संघर्ष और सफलता की कहानी, पंड्या रोल मॉडल; लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर दैनिक भास्कर से बात की। पढ़ें पूरी खबर
IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी फिर घर ले जाएंगे चमचमाती कार? IPL में बल्ले से मचा रखा है तूफान
IPL 2026, Vaibhav Suryavanshi, Rajasthan Royals, राजस्थान रॉयल्स, वैभव सूर्यवंशी
कभी इंग्लैंड के लिए फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने वाला एक गोलकीपर अब 59 साल की उम्र में फिर से देश की जर्सी पहनने जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के सामने नहीं, बल्कि क्रिकेट की विकेट के पीछे नजर आएगा। इंग्लैंड के पूर्व गोलकीपर नाइजल मार्टिन की यह कहानी बताती है कि खेल के प्रति जुनून उम्र का मोहताज नहीं होता। मार्टिन ने इंग्लैंड के क्रिस्टल पैलेस, लीड्स यूनाइटेड, एवर्टन जैसे बड़े क्लबों के लिए 666 मैच खेले। 1998 और 2002 फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे और अपने दौर के पहले गोलकीपर बने, जिनकी ट्रांसफर फीस एक मिलियन पाउंड थी। लेकिन फुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट उनका पहला प्यार रहा है। कॉर्नवाल के छोटे से शहर सेंट ऑस्टेल में बड़े हुए मार्टिन बचपन से विकेटकीपर बनना चाहते थे। स्कूल में वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के बजाय क्रिकेट की विकेट के पीछे ज्यादा खुश रहते थे। हालांकि फुटबॉल में उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और क्रिकेट पीछे छूट गया। उस समय प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब उन्हें क्रिकेट खेलने की इजाजत नहीं देते थे, क्योंकि चोट का खतरा रहता था। 2006 में फुटबॉल से रिटायर होने के बाद मार्टिन की जिंदगी में खालीपन आ गया। टखने में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें लगा था कि शायद अब कभी खेल नहीं पाएंगे। लेकिन कुछ साल बाद जब डॉक्टरों ने फिटनेस की अनुमति दी, तो उन्होंने फिर क्रिकेट का बल्ला और ग्लव्स उठा लिए। धीरे-धीरे वे यॉर्कशायर काउंटी टीम का बड़ा नाम बन गए। अब भी मार्टिन हर हफ्ते सैकड़ों किलोमीटर का सफर सिर्फ क्रिकेट खेलने के लिए करते हैं। वे यॉर्कशायर में क्लब मैच खेलते हैं और फिर करीब 1280 किमी ड्राइव कर कॉर्नवाल की ओवर-50 टीम में खेलने जाते हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब इंग्लैंड की 60+ क्रिकेट टीम ‘लायंस’ में उनका चयन हो गया है। अगले हफ्ते वे स्कॉटलैंड के खिलाफ डेब्यू कर सकते हैं। उनकी फिटनेस के पीछे बेटी का भी बड़ा हाथ है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट हैं। क्रिकेट सीजन खत्म होने के बाद जब मार्टिन जिम छोड़ने की बात करते हैं, तो बेटी उन्हें फिर ट्रेनिंग पर भेज देती है। मार्टिन का सपना अब एक और वर्ल्ड कप खेलने का है। इस बार फुटबॉल नहीं, बल्कि सीनियर क्रिकेट वर्ल्ड कप। वे कहते हैं, ‘अगर मौका मिला तो इंग्लैंड के लिए फिर खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।’ नाइजल मार्टिन की कहानी सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि जुनून, फिटनेस और कभी हार न मानने की मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान बूढ़ा नहीं होता मार्टिन कहते हैं, ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता।’ वे मानते हैं कि गोलकीपिंग और विकेटकीपिंग में काफी समानता है। दोनों में तेज नजर, हाथों का तालमेल और डाइव लगाने की कला जरूरी होती है। यही वजह है कि फुटबॉल के अनुभव ने उन्हें क्रिकेट में भी मदद की।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा और फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के बीच शनिवार को सुपर चेस क्लासिक में 6 घंटे तक मैराथन मुकाबला खेला गया। यह मैच 139 बाजियों तक चला। प्रज्ञानंदा को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। बुखारेस्ट में 8वें राउंड में प्रागननंदा के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड से पहले खिताब की रेस रोमांचक हो गई है। अब 5 खिलाड़ी मजबूत दावेदार हैं। डच खिलाड़ियों के लिए खराब दिन, वेस्ले सो को वॉकओवर मिलाटॉप पर चल रहे अमेरिका के फैबियानो कारूआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर का मुकाबला ड्रॉ रहा। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नीदरलैंड के दोनों खिलाड़ियों के लिए दिन खराब रहा। फॉरेस्ट को सिंदारोव से हार मिली, जबकि अनीश गिरी को सबसे कम रैंकिंग वाले रोमानियाई खिलाड़ी डेक बोग्दान-डेनियल ने हराया। अमेरिका के वेस्ले सो को अलीरेजा फिरोजा के हटने से वॉकओवर मिला। विजेता को मिलेंगे 1,00,000 अमेरिकी डॉलरटूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3,75,000 अमेरिकी डॉलर (USD) है। विजेता को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच टाई होने पर विजेता तय करने के लिए कम समय के टाईब्रेक मैच खेले जाएंगे। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश मामले में WFI को हाईकोर्ट की फटकार दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर
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