डिजिटल समाचार स्रोत

...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने भारत को दिलाया सिल्वर, 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग में 199 किलो वजन उठाकर रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं जिम्नास्ट प्रोतिष्ठा समांता वॉल्ट फाइनल में पदक से चूक गईं।

देशबन्धु 27 Jul 2026 7:27 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत जीतने वाले राजा मुथुपंडी को तमिलनाडु सरकार का तोहफा, सीएम विजय ने 30 लाख के नकद इनाम का किया ऐलान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में पुरुषों के 65 किग्रा में रजत पदक जीतने वाले वेटलिफ्टर राजा मुथुपंडी के लिए 30 लाख रुपये के नगद इनाम की घोषणा की है।

देशबन्धु 27 Jul 2026 5:19 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स-श्रीशंकर लॉन्ग जंप और साजन स्विमिंग के फाइनल में:हाई जंप में तेजस्विन उतरेंगे, वेटलिफ्टिंग में 3 मेडल की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सोमवार का दिन भारत के लिए बेहद अहम है। लॉन्ग जंप में श्रीशंकर और स्विमिंग में साजन प्रकाश फाइनल में मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम चुनौती पेश करेंगे। वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव, बिंद्यारानी देवी और वी. अजया बाबू से भारत को तीन मेडल की उम्मीद है। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, पैरा एथलेटिक्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी एक्शन में नजर आएंगे। श्रीशंकर फाइनल में पहुंचे भारत के लॉन्ग जंप के एथलीट मुरली श्रीशंकर फाइनल में पहुंच गए हैं। क्वालिफाइंग राउंड के दौरान अपनी पहली ही कूद में 8.01 मीटर दूरी तय कर श्रीशंकर ने फाइनल में जगह बनाई। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीता था। फाइनल के लिए क्वालिफाई करने के लिए 8 मीटर की दूरी तय करनी थी। साजन प्रकाश भी फाइनल में पहुंचे स्विमर साजन प्रकाश मेंस के 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंच चुके हैं। साजन प्रकाश ने हीट 2 में 1:58.59 के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जो उनके 1:57.09 के पर्सनल बेस्ट (PB) से थोड़ा ज्यादा था। वे रात 1:44 बजे होने वाले फाइनल में मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे। हाई जंप में तेजस्विन पर नजर एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों से मेडल की उम्मीद रविवार को मीराबाई चानू और ऋषिकांत सिंह के मेडल जीतने के बाद सोमवार को भी भारत की नजर वेटलिफ्टिंग पर रहेगी। शाम 5:30 बजे महिला 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में ज्ञानेश्वरी यादव चुनौती पेश करेंगी। इसके बाद रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। तीनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। बॉक्सिंग में चार भारतीय मुक्केबाजों की चुनौती बॉक्सिंग में भारत के चार मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे। शाम 4:45 बजे मेंस 60 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सचिन सिवाच का मुकाबला इंग्लैंड के विलियम हेविट से होगा। इसके बाद शाम 6:00 बजे मेंस 80 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में अंकुश का सामना एंटीगुआ एंड बारबुडा के जलान जान से होगा। रात 10:30 बजे विमेंस 51 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में साक्षी चौधरी, बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेल के खिलाफ उतरेंगी। वहीं रात 1:00 बजे मेंस 70 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सुमित कुंडू का मुकाबला नॉर्दर्न आयरलैंड के जॉन मैककॉनेल से होगा। जिम्नास्टिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी मेडल की उम्मीद आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में प्रतिष्ठा सामंता शाम 6:15 बजे महिला वॉल्ट फाइनल में भारत की ओर से मेडल की दावेदार होंगी। पैरा एथलेटिक्स में रात 11:35 बजे महिला शॉटपुट F57 फाइनल में शर्मिला ढांकर और शिल्पा के. शायला उतरेंगी। इसके बाद रात 1:57 बजे पुरुष 100 मीटर T38 फाइनल में राकेशभाई भट्ट और श्रेयांश त्रिवेदी ट्रैक पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा महिला व्हीलचेयर 3x3 बास्केटबॉल में भारतीय टीम शाम 7:30 बजे नाइजीरिया से भिड़ेगी। वहीं लॉन बॉल्स में रात 10:05 बजे पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले मुकाबले में पुतुल सोनोवाल का सामना केन्या के अनवर हमादा से होगा।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 4:02 pm

स्पोर्ट्स अपडेट:ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए बांग्लादेश की टीम घोषित, सौम्य सरकार की 5 साल बाद वापसी

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान नजमुल हुसैन शांतो को सौंपी गई है। बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम में ऑलराउंडर सौम्य सरकार को शामिल किया गया है। सौम्य आखिरी बार 2021 में टेस्ट फॉर्मेट में खेले थे। दूसरी तरफ, 2023 की WTC चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही इस सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर चुकी है। पहले टेस्ट के लिए बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम नजमुल हुसैन शंतो (कप्तान), सौम्य सरकार, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन, मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहीम, अमीत हसन, जाकिर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज (उप-कप्तान), तैजुल इस्लाम, तास्किन अहमद, हसन महमूद, सैयद खालिद अहमद, इबादत हुसैन चौधरी, मुश्फिक हसन। ISSF वर्ल्ड कप में ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, मनु भाकर को ब्रॉन्ज हांगझोउ में चल रहे ISSF वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार (27 जुलाई) को विमेंस 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत की ईशा सिंह ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि मनु भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। ईशा सिंह के गोल्ड और मनु भाकर के ब्रॉन्ज के साथ मौजूदा टूर्नामेंट में भारत ने कुल तीन मेडल अपने नाम कर लिए हैं। इससे पहले भारतीय निशानेबाज सैन्यम ने विमेंस की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर जीतकर भारत का खाता खोला था। हांगझोउ वर्ल्ड कप में चीन अब तक 14 पदक जीत चुका है, जबकि भारत तीन पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। ग्लासगो में ब्रॉन्ज जीतने वाले झांडू कुमार का दिल्ली में स्वागत ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का खाता खोलने वाले 28 साल के पैरा पावरलिफ्टर झांडू कुमार का दिल्ली लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने मेंस के हेवीवेट कैटेगरी में 130.9 पॉइंट्स के साथ ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाया। एयरपोर्ट पर परिवार, प्रशंसकों और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, हालांकि झांडू ने स्वर्ण पदक न जीत पाने पर थोड़ी मायूसी भी जाहिर की। स्वदेश लौटने पर प्रशंसकों से मिले प्यार के लिए झांडू ने सभी का आभार जताया।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 1:11 pm

कॉमनवेल्थ खेल चुके नौरू के राष्ट्रपति और न्यूए के प्रधानमंत्री:स्टीफन सत्ता से पहले विजेता बने; जबकि डाल्टन पीएम रहते हुए मैदान में उतरे

दुनिया में ऐसे नेता बहुत कम हैं, जिन्होंने पहले अपने देश के लिए मैदान में पसीना बहाया और बाद में उसी देश की कमान भी संभाली प्रशांत महासागर के दो द्वीपीय देश, नौरू और न्यूए की कहानी इसी वजह से अलग है। इन दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया। फर्क सिर्फ इतना है कि नौरू के मार्कस स्टीफन राष्ट्रपति बनने से पहले खिलाड़ी थे, जबकि न्यूए के डाल्टन टैगलागी प्रधानमंत्री रहते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरे। मार्कस स्टीफन की कहानी किसी फिल्म जैसी लगती है। 1990 के ऑकलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स में नौरू ने पहली बार हिस्सा लिया। टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी था- 20 साल के मार्कस स्टीफन। किसी को उनसे पदक की उम्मीद नहीं थी। लेकिन उन्होंने एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। उस समय नौरू में वेटलिफ्टिंग फेडरेशन भी नया-नया बना था और उसकी सबसे बड़ी पहचान स्टीफन ही थे। 1992 बार्सिलोना ओलिंपिक में उन्हें एक अजीब मुश्किल का सामना करना पड़ा। नौरू तब तक अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति का सदस्य नहीं बना था। इसलिए उन्हें समोआ के पासपोर्ट पर खेलना पड़ा। 1996 अटलांटा ओलिंपिक तक नौरू को सदस्यता मिल चुकी थी और इस बार स्टीफन अपने देश का झंडा लेकर उद्घाटन समारोह में सबसे आगे चले। उन्होंने चार कॉमनवेल्थ गेम्स में सात गोल्ड और पांच सिल्वर मेडल जीते। यह उपलब्धि अब भी कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग के इतिहास में सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है खेल से संन्यास लेने के एक साल बाद स्टीफन राजनीति में आए। उन्होंने पिता की संसदीय सीट संभाली और 2007 में नौरू के राष्ट्रपति बने। अब वे नौरू के सबसे लंबे समय तक रहने वाले स्पीकर हैं। दूसरी ओर, न्यूए के प्रधानमंत्री डाल्टन टैगलागी ने अलग मिसाल पेश की। उन्होंने 2014 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बाउल्स खेला। 2020 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने 14 वर्षीय बेटे के साथ जोड़ी बनाकर मुकाबले खेले। हालांकि उनकी टीम कोई मैच नहीं जीत सकी। उसी दौरान टीम चयन को लेकर उनके देश में अदालत तक मामला पहुंच गया, लेकिन वे प्रतियोगिता और सरकारी जिम्मेदारियां दोनों निभाते रहे। इस बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों नेता नहीं हैं। स्टीफन अब खेल प्रशासन में सक्रिय हैं, जबकि टैगलागी हाल ही में तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने गए हैं और बेहद कम बहुमत वाली सरकार संभाल रहे हैं। दोनों की राहें अब अलग हैं, लेकिन उनकी कहानी यह बताती है कि छोटे देशों में भी खिलाड़ी सिर्फ मेडल नहीं जीतते, वे कभी-कभी पूरे देश की तकदीर भी लिखते हैं।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 11:41 am

तारोबा टेस्ट में मसूद के नाबाद 88 रन, पाकिस्तान 199/3:वेस्टइंडीज पहली पारी में 311 पर ऑलआउट; मो. अली ने लिए 4 विकेट

वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तारोबा के ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल पाकिस्तान के नाम रहा। वेस्टइंडीज को पहली पारी में 311 रन पर समेटने के बाद पाकिस्तान ने दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 199 रन बना लिए। कप्तान शान मसूद 88 रन बनाकर नाबाद हैं और अपने शतक से सिर्फ 12 रन दूर हैं। पाकिस्तान अभी पहली पारी के आधार पर 112 रन पीछे है, जबकि उसके 7 विकेट बाकी हैं। मोहम्मद अली ने समेटा निचला क्रम दूसरे दिन की शुरुआत में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने पुरानी गेंद से शानदार स्विंग कराई। मोहम्मद अली ने 4 विकेट लेकर वेस्टइंडीज के निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। दिन के तीसरे ओवर में खुर्रम शहजाद ने वेस्टइंडीज के सबसे सफल बल्लेबाज कावेम हॉज को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद मोहम्मद अली ने जस्टिन ग्रीव्स को पवेलियन भेजा। लंच के बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर पहले शमार जोसेफ को बाउंसर पर आउट किया, फिर शाई होप को एलबीडब्ल्यू कर वेस्टइंडीज की पारी 311 रन पर खत्म कर दी। मोहम्मद अब्बास ने रोस्टन चेज, जबकि खुर्रम शहजाद ने केमार रोच का विकेट लिया। मसूद-इमाम ने की 155 रन की साझेदारी जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान शान मसूद और इमाम-उल-हक ने दूसरे विकेट के लिए 155 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मसूद को शुरुआत में किस्मत का साथ भी मिला। पहली ही गेंद पर वे बोल्ड होने से बचे। इसके बाद दूसरी गेंद पर जोमेल वारिकन ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। शुरुआती ओवरों में उनके कई एज चौके के लिए निकल गए। शुरुआती संघर्ष के बाद मसूद ने संयम से बल्लेबाजी की और इमाम के साथ बड़ी साझेदारी निभाई। आखिरी घंटे में वेस्टइंडीज की वापसी दिन के अंतिम सत्र में वेस्टइंडीज ने दो अहम विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की। इमाम-उल-हक अर्धशतक लगाने के बाद शमार जोसेफ की बाहर जाती गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बाबर आजम भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। जयडेन सील्स की गेंद पर विकेटकीपर को कैच देने से पहले उन्होंने 16 रन बनाए। स्टंप्स तक शान मसूद 88 रन पर नाबाद थे। उनके साथ नाइटवॉचमैन क्रीज पर मौजूद थे। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ऋषिकांत के सिल्वर के पीछे परिवार का संघर्ष:मां-बहनों ने मजदूरी की, भाई ने कर्ज लिया, पिता को कैंसर हुआ लेकिन प्रैक्टिस नहीं रुकी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रविवार को ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं, हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान के बाड़मेर में उनके बड़े भाई अमरजीत सिंह टीवी पर हर लिफ्ट देख रहे थे। जैसे ही ऋषिकांत का मेडल पक्का हुआ, अमरजीत की आंखें भर आईं। पूरी खबर

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 11:35 am

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत की झोली में एक और पदक, राजा मुथुपांडी ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर

CWG 2026 में भारत को एक और सफलता मिली। राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में 286 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

देशबन्धु 27 Jul 2026 9:52 am

ऋषिकांत के सिल्वर के पीछे परिवार का संघर्ष:मां-बहनों ने मजदूरी की, भाई ने कर्ज लिया, पिता को कैंसर हुआ लेकिन प्रैक्टिस नहीं रुकी

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रविवार को ऋषिकांत सिंह 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं, हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान के बाड़मेर में उनके बड़े भाई अमरजीत सिंह टीवी पर हर लिफ्ट देख रहे थे। जैसे ही ऋषिकांत का मेडल पक्का हुआ, अमरजीत की आंखें भर आईं। यह सिर्फ जीत की खुशी नहीं, बल्कि 15-16 साल के उस संघर्ष की याद थी, जिसमें पूरे परिवार ने ऋषिकांत के सपने पूरा करना ठाना था। मां और दोनों बहनों ने दूसरे के खेतों में मजदूरी की, बड़े भाई ने दोस्तों से कर्ज लेकर उनकी डाइट और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाया। पिता को ब्लड कैंसर होने के बाद भी परिवार ने ऋषिकांत से इलाज के लिए पैसे नहीं लिए, ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो।'बॉक्सिंग करना चाहते थे, कोच ने वेटलिफ्टिंग करने को कहा'ऋषिकांत के बड़े भाई चनंबम अमरजीत सिंह भारतीय सेना में हैं और राजस्थान के बाड़मेर में तैनात हैं। बताते हैं कि 2007-08 में गांव के एक शिक्षक ने मणिपुर सरकार की स्पोर्ट्स अकादमी के बारे में जानकारी दी। उस समय ऋषिकांत छठी कक्षा में पढ़ते थे और बॉक्सिंग करना चाहते थे। परिवार उन्हें ट्रायल दिलाने ले गया, लेकिन अकादमी के कोचों ने उनकी क्षमता देखकर वेटलिफ्टिंग के लिए चुन लिया। यहीं से उनके खेल सफर की शुरुआत हुई। 'नॉर्थ-ईस्ट में पहला मेडल जीता तो परिवार ने आगे बढ़ाने का ठाना'अमरजीत बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पिता शराब की लत से जूझ रहे थे और घर की जिम्मेदारी मां पर थी। परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं। जब ऋषिकांत ने नॉर्थ-ईस्ट की एक प्रतियोगिता में पहला मेडल जीता, तभी परिवार ने तय कर लिया कि हर हाल में उन्हें आगे बढ़ाना है।'मां और बहनों ने खेतों में मजदूरी की'अमरजीत ने बताया, '2009 से 2012 तक सबसे कठिन दौर था। मैं, मां और दोनों बहनें दूसरे के खेतों में मजदूरी करते थे, ताकि ऋषिकांत की डाइट और बाकी खर्च पूरे हो सकें। हॉस्टल में खाना मिल जाता था, लेकिन वेटलिफ्टिंग के लिए अतिरिक्त सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती थी। जितना बन पड़ता, हम उनकी हर जरूरत पूरी करते थे।''दोस्तों से कर्ज लेकर कराया अंतरराष्ट्रीय दौरा'जब पहली बार ऋषिकांत का चयन जूनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ, तब परिवार के पास पैसे नहीं थे। अमरजीत कहते हैं, 'हमने दोस्तों से कर्ज लेकर उन्हें पैसे दिए, ताकि वह भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। बाद में भी कई बार उनकी तैयारी और डाइट के लिए दोस्तों से उधार लेना पड़ा।''पिता को ब्लड कैंसर, फिर भी तैयारी नहीं रुकने दी'अमरजीत के मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के दौरान परिवार पर एक और बड़ा संकट आया। मार्च में जोधपुर एम्स में जांच के दौरान पिता को ब्लड कैंसर होने का पता चला। अभी उनका इलाज चल रहा है।‘ऋषिकांत ने इलाज के लिए पैसे भेजने की बात कही, लेकिन हमने मना कर दिया। नेवी में नौकरी लगने के बाद भी हमने उनसे कभी पैसे नहीं लिए। हम चाहते थे कि उनका पूरा ध्यान कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी और डाइट पर रहे।’ दोनों बहनों की शादी में भी नहीं पहुंच सकेऋषिकांत परिवार में सबसे छोटे हैं। दोनों बहनों की शादी के समय उनके अहम मुकाबले थे। इसी वजह से वह किसी भी शादी में शामिल नहीं हो सके। वह इसके बाद ही घर जा पाए।'अपने सपने छोड़े, ऋषिकांत के गोल्ड का इंतजार'अमरजीत सिंह कहते हैं, 'मैं खुद आगे पढ़ना चाहता था, लेकिन 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। छोटी बहन को डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन हालात ऐसे नहीं थे कि उसका सपना भी पूरा नहीं हो पाता। आज सबसे बड़ी खुशी यही है कि ऋषिकांत ग्रेजुएशन कर चुके हैं और खेलों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।'सिल्वर मेडल जीतने की खुशी तो है, लेकिन मन में एक कसक भी है। लगता है कि शायद हमसे ही कहीं कमी रह गई। अगर हम उनकी हर जरूरत समय पर पूरी कर पाते, तो शायद वह गोल्ड मेडल जीतते।’

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 7:49 am

मीराबाई चानू को स्वर्ण पदक जीतने पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और खेल मंत्री ने दी बधाई

मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। चानू ने महिला वेटलिफ्टिंग के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता

देशबन्धु 27 Jul 2026 5:00 am

तीसरे टी20 में 35 रन से हारी जिम्बाब्वे, भारत ने 3-0 से जीती सीरीज

भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के 3 टी20 मैचों की सीरीज में 3-0 से हरा दिया है। रविवार को खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर सीरीज पर अजेय रहते हुए कब्जा किया।

देशबन्धु 27 Jul 2026 4:50 am

कॉमनवेल्थ गेम्स में आज एथलेटिक्स से भारत की शुरुआत:हाई जंप में तेजस्विन उतरेंगे, वेटलिफ्टिंग में 3 मेडल की उम्मीद; बॉक्सिंग-स्विमिंग भी एक्शन में

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सोमवार को पहली बार भारतीय एथलीट ट्रैक एंड फील्ड में चुनौती पेश करेंगे। मेंस के हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम मेडल के लिए उतरेंगे। वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव, बिंद्यारानी देवी और वी. अजया बाबू से भारत को मेडल की उम्मीद रहेगी। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, स्विमिंग, पैरा एथलेटिक्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी खेलते दिखेंगे। हाई जंप में तेजस्विन पर नजर एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे। मेंस 100 मीटर हीट्स में गुरिंदरवीर सिंह दोपहर 2:40 बजे, जबकि मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यानाथन दोपहर 3 बजे लॉन्ग जंप क्वालिफाइंग में उतरेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों से मेडल की उम्मीद रविवार को मीराबाई चानू और ऋषिकांत सिंह के मेडल जीतने के बाद सोमवार को भी भारत की नजर वेटलिफ्टिंग पर रहेगी। शाम 5:30 बजे महिला 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में ज्ञानेश्वरी यादव चुनौती पेश करेंगी। इसके बाद रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। तीनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। बॉक्सिंग में चार भारतीय मुक्केबाजों की चुनौती बॉक्सिंग में भारत के चार मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे। शाम 4:45 बजे मेंस 60 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सचिन सिवाच का मुकाबला इंग्लैंड के विलियम हेविट से होगा। इसके बाद शाम 6:00 बजे मेंस 80 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में अंकुश का सामना एंटीगुआ एंड बारबुडा के जलान जान से होगा। रात 10:30 बजे विमेंस 51 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में साक्षी चौधरी, बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेल के खिलाफ उतरेंगी। वहीं रात 1:00 बजे मेंस 70 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सुमित कुंडू का मुकाबला नॉर्दर्न आयरलैंड के जॉन मैककॉनेल से होगा। स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी मेडल की उम्मीद स्विमिंग में साजन प्रकाश दोपहर 3:00 बजे मेंस 200 मीटर बटरफ्लाई हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 1:44 बजे होने वाले फाइनल में मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे। वहीं आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में प्रतिष्ठा सामंता शाम 6:15 बजे महिला वॉल्ट फाइनल में भारत की ओर से मेडल की दावेदार होंगी। पैरा एथलेटिक्स में रात 11:35 बजे महिला शॉटपुट F57 फाइनल में शर्मिला ढांकर और शिल्पा के. शायला उतरेंगी। इसके बाद रात 1:57 बजे पुरुष 100 मीटर T38 फाइनल में राकेशभाई भट्ट और श्रेयांश त्रिवेदी ट्रैक पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा महिला व्हीलचेयर 3x3 बास्केटबॉल में भारतीय टीम शाम 7:30 बजे नाइजीरिया से भिड़ेगी। वहीं लॉन बॉल्स में रात 10:05 बजे पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले मुकाबले में पुतुल सोनोवाल का सामना केन्या के अनवर हमादा से होगा।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 4:30 am

वैभव सूर्यवंशी प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतने वाले यंगेस्ट प्लेयर:सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड टूटा, इस साल टी-20 में 86 छक्के लगाए

भारत ने तीसरे टी-20 मैच में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। सबसे ज्यादा 151 रन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। वे इंटरनेशनल क्रिकेट में यह अवॉर्ड जीतने वाले दुनिया के यंंगेस्ट खिलाड़ी बन गए। हरारे में सूर्यवंशी ने 49 गेंद पर 81 रन बनाए। वे प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऐसा करने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सूर्यवंशी इस साल टी-20 में भारत के लिए सबसे ज्यादा 86 छक्के लगा चुके हैं। IND Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. सूर्यवंशी ने पहला प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 15 साल 121 दिन की उम्र में यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। सूर्यवंशी ने अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान का रिकॉर्ड तोड़ा। मुजीब 16 साल 328 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने थे। 2. सूर्यवंशी प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले यंगेस्ट भारतीय सूर्यवंशी 15 साल 121 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच बने। वे इंटरनेशनल में यह अवॉर्ड जीतने वाले यंगेस्ट भारतीय बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सचिन ने 17 साल 112 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। सूर्यवंशी ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी भी बने। सिएरा लिओन के एलुसिन तुरे इंटरनेशनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। उन्होंने 15 साल 74 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। 3. सूर्यवंशी की इंटरनेशनल में दूसरी फिफ्टी सूर्यवंशी ने 16 साल की उम्र से पहले इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 15 साल 121 दिन की उम्र में दूसरी फिफ्टी लगाई। उनके अलावा नेपाल के कुशल मल्ला ने 16 साल की उम्र से पहले एक बार 50+ स्कोर बनाया था। 4. सूर्यवंशी इस साल सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय सूर्यवंशी एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीयों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। वे इस साल सभी टी-20 मैच मिलाकर 86 छक्के लगाकर लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। इस मामले में अभिषेक शर्मा पहले स्थान हैं। उन्होंने 2025 में 108 छक्के लगाए थे। टी-20 में कम से कम 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में सूर्यवंशी का प्रति बॉल सिक्स औसत सबसे बेहतर है। वे औसतन हर 5.21 बॉल पर छक्का लगाते हैं। बाकि खिलाड़ियों का रेशियों 7 से ऊपर है। 5. अभिषेक एक सीरीज में सबसे कम रन बनाने वाले भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने इस सीरीज में सिर्फ 11 रन बनाए। वे तीन मैचों की टी-20 सीरीज में सबसे कम रन बनाने वाले भारतीय ओपनर बन गए हैं। उन्होंने शिखर धवन का अनचाहा रिकॉर्ड तोड़ा। धवन ने 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में 19 रन बनाए थे। 6. मयंक यादव ने तीसरी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया मयंक यादव टी-20 में पारी की पहली गेंद पर सबसे ज्यादा बार विकेट लेने वाले भारतीयों में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। दोनों टी-20 में 3-3 बार यह कारनामा कर चुके हैं। 7. कप्तान सिकंदर रजा सातवीं बार शून्य पर आउट सिकंदर रजा टी-20 इंटरनेशनल में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे बतौर कप्तान 7वीं बार शून्य पर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के एरॉन फिंच 8 बार के साथ पहले स्थान पर हैं। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. सूर्यवंशी ने पहली ही गेंद पर चौका लगाया भारतीय पारी की पहली गेंद पर ही वैभव सूर्यवंशी ने चौका जड़ दिया। सिकंदर रजा ने फ्लाइटेड डिलीवरी डाली। सूर्यवंशी ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और शॉर्ट थर्ड मैन के पास से बाउंड्री के पार चली गई। 2. सूर्यवंशी ने 102 मीटर का छक्का लगाया 13वें ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने सिकंदर रजा की गेंद पर छक्का लगाया। रजा ने ओवर की तीसरी गेंद छोटी लेंथ डाली। सूर्यवंशी ने थोड़ा आगे निकले और सामने की ओर 102 मीटर लंबा सिक्स जड़ दिया। 3. इवांस ने सूर्यवंशी का शानदार कैच पकड़ा भारतीय पारी के 15वें ओवर में जिम्बाब्वे के फील्डर ब्रैड इवांस ने डाइव लगाकर शानदार कैच लपका। वेस्ली मधेवेरे की आखिरी गेंद पर सूर्यवंशी ने सामने की ओर शॉट लगाया। टाइमिंग ठीक नहीं हुई और गेंद लॉन्ग-ऑफ की ओर गई। वहां मौजूद ब्रैड इवांस ने आगे की ओर डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़ लिया। 4. ईशान ने आसान कैच छोड़ा, फिर गेंदबाज से माफी मांगी सातवें ओवर में भारतीय विकेटकीपर ईशान किशन ने आसान कैच छोड़ दिया। अशोक शर्मा के ओवर की दूसरी गेंद पर बेन करन ने स्लॉग शॉट लगाया। बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर गेंद हवा में खड़ी हो गई। ईशान गेंद के नीचे आए। हालांकि गेंद उनके दस्तानों से छिटककर उनके सीने पर लगी और नीचे गिर गई। यह देखकर अशोक बेहद निराश हुए। इस दौरान ईशान ने हाथ दिखाकर गेंदबाज से माफी मांगी।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 4:30 am

सबसे बड़ी सीख वह अनुभव है जो हमें मिला: सिकंदर रजा

भारत के खिलाफ अंतिम मैच को 35 रन से गंवाने के बाद मेजबान जिम्बाब्वे ने टी20 सीरीज 0-3 से गंवा दी है। अंतिम मैच में शिकस्त झेलने के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का मानना ​​है कि इस सीरीज से मिली अहम सीख उनकी टीम और दुनिया के टॉप क्रिकेट खेलने वाले देशों के बीच के अंतर को कम करने में बहुत काम आएगी।

देशबन्धु 27 Jul 2026 4:00 am

कप्तान के तौर पर पहली सीरीज जीतना बेहद खास एहसास: श्रेयस अय्यर

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से जीत ली है। बतौर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की यह पहली सीरीज जीत है। अय्यर ने इस जीत को खास बताया है

देशबन्धु 27 Jul 2026 2:40 am

टी20 अंतरराष्ट्रीय में 11वीं बार 'शून्य' पर आउट, सिकंदर रजा के नाम 'अनाचाहा रिकॉर्ड'

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के नाम पर अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। सिकंदर भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में 'गोल्डन डक' का शिकार हुए

देशबन्धु 26 Jul 2026 10:58 pm

जिम्बाब्वे-भारत के बीच टी-20 सीरीज:वैभव सूर्यवंशी ने पहले ओवर में दो चौके लगाए, भारत ने जीते हैं 2 मैच

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला हरारे में खेला जा रहा है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया है। 1.5 ओवर के बाद भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 20 रन बनाए हैं। वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन पिच पर हैं। सूर्यवंशी 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 21 रन बनाकर क्रीज पर है। सूर्यवंशी ने पहले ही ओवर में दो चौके लगाए। वहीं ईशान ने 6 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारतीय टीम पहले दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुकी है। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा,टीम उसी पिच पर खेल रही है, इसलिए इसके धीरे-धीरे और धीमा होने की उम्मीद है। भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए हैं। प्रिंस की जगह अशोक शर्मा और शिवम दुबे की जगह सूर्यांश को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया है। बता दें कि इसके पहले जिम्बाब्वे के हरारे ग्राउंड में खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल में फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बन गए थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। मुकाबले में इंटरेस्टिंग मोमेंट्स भी आए, जिसमें सूर्यवंशी ने फिफ्टी लगाने के बाद अपनी मां के नाम का पहला लेटर A का साइन बनाया। उनकी मां का नाम आरती सूर्यवंशी है।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 4:41 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स का चौथा दिन आज:लॉन बॉल्स में विमेंस जोड़ी नामीबिया से हारी, सेमीफाइनल की उम्मीदें कायम, वेटलिफ्टिंग में ऋषिकांत का मुकाबला जारी

कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, लॉन बॉल्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में चुनौती पेश कर रहे हैं। लॉन बॉल्स में भारत की विमेंस जोड़ी को नामीबिया के खिलाफ टाई-ब्रेक में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी कायम हैं। वहीं, वेटलिफ्टिंग में ऋषिकांत का मुकाबला जारी है। दिनभर में कुल 14 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें सबसे ज्यादा 9 स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, 3 वेटलिफ्टिंग और 2 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में होंगे। जिम्नास्टिक्स और लॉन बॉल्स में कई मुकाबले जिम्नास्टिक में शाम 4:30 बजे योगेश्वर सिंह और तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल खेलेंगे। वहीं रात 10:30 बजे महिला ऑल-अराउंड फाइनल होगा। इसमें भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर उतरेंगे। लॉन बॉल्स में दोपहर 1 बजे रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी महिला पेयर्स सेक्शनल प्ले में नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं शाम 7:15 बजे पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले में माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस का सामना करेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों पर नजर दोपहर 2 बजे ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा फाइनल में गोल्ड के लिए मुकाबला करेंगी। रात 11 बजे एम राजा पुरुष 65 किग्रा फाइनल में हिस्सा लेंगे। स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी चुनौती स्विमिंग में शाम 4:39 बजे श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धाक्शन शशिकुमार पुरुष 4200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर भारतीय टीम रात 1:56 बजे फाइनल खेलेगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 27 जुलाई को होगा। बॉक्सिंग में रात 10:45 बजे प्रीति पवार महिला 54 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में मलावी की डेबोरा मटेंजे से भिड़ेंगी। इसके बाद रात 11:45 बजे जदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में पाकिस्तान के मुक्केबाज का सामना करेंगे। 27 जुलाई को रात 12:45 बजे आदित्य प्रताप यादव पुरुष 65 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में युगांडा के मुक्केबाज के खिलाफ उतरेंगे।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 2:52 pm

130 साल पहले दो कूड़ेदानों से शुरू हुआ नेटबॉल:अब ओलिंपिक की दहलीज पर; महिलाओं को बराबरी दिलाने के लिए खेला जाता था

एक मैदान, दो कूड़ेदान और कुछ किशोर छात्राएं। किसी ने नहीं सोचा होगा कि ऐसे शुरू हुआ खेल एक दिन दुनिया के सबसे बड़े मंच ‘ओलिंपिक’ तक पहुंचने का सपना देखेगा। आज नेटबॉल को अक्सर ‘लड़कियों का खेल’ कहकर नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन इसकी कहानी बताती है कि यह खेल सिर्फ गेंद और गोल की नहीं, बल्कि महिलाओं की आजादी, आत्मविश्वास और बराबरी की लड़ाई की भी कहानी है। 1895 में इंग्लैंड के डार्टफोर्ड में मार्टिना बर्गमैन ओस्टरबर्ग नाम की एक शिक्षाविद ने अपने फिजिकल ट्रेनिंग कॉलेज में छात्राओं को नया खेल खिलाना शुरू किया। यह खेल अमेरिका में 1891 में बने बास्केटबॉल से प्रेरित था, लेकिन इसे महिलाओं के लिए नए नियमों के साथ तैयार किया गया। शुरुआत में गेंद कूड़ेदानों में डाली जाती थी। बाद में रिंग लगी, ड्रिब्लिंग खत्म हुई और खेल का नाम पड़ा- नेटबॉल। लेकिन यह सिर्फ खेल का जन्म नहीं था। उस दौर में महिलाओं के लिए खेलना भी सामाजिक नियमों के खिलाफ माना जाता था। उनसे उम्मीद की जाती थी कि वे घर संभालें, कॉर्सेट पहनें और सीमित जीवन जिएं। ओस्टरबर्ग ने इन धारणाओं को चुनौती दी। उन्होंने अपने कॉलेज में छात्राओं को शरीर विज्ञान, स्वास्थ्य, व्यायाम और नेतृत्व की शिक्षा दी गई। उनका मानना था कि मजबूत शरीर और आत्मविश्वास से ही मजबूत समाज बनता है। 1901 में नेटबॉल के पहले आधिकारिक नियम बने। शुरुआत में यह नौ खिलाड़ियों का खेल था, लेकिन 1960 में सात खिलाड़ियों वाला मौजूदा प्रारूप पूरी दुनिया में अपनाया गया। इसके तीन साल बाद 1963 में पहला नेटबॉल वर्ल्ड कप आयोजित हुआ। इसके बाद यह खेल ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और अफ्रीका के कई देशों में तेजी से फैल गया। नेटबॉल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पूरा इतिहास महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमता है। खेल इतिहासकार मार्गरेट हेनली के अनुसार, यह दुनिया के उन गिने-चुने टीम खेलों में है, जिसे महिलाओं ने बनाया, संचालित किया और आगे बढ़ाया। यहां पुरुषों का संस्करण अलग माना जाता है, जबकि मूल खेल महिलाओं का ही है। यही कारण है कि नेटबॉल को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे अनोखा उदाहरण माना जाता है। अब यह खेल पूरी तरह बदल चुका है। ऑस्ट्रेलिया की सनकॉर्प सुपर नेटबॉल दुनिया की सबसे बड़ी लीग बन चुकी है, जहां शीर्ष खिलाड़ी लाखों डॉलर कमाती हैं। इंग्लैंड की नेटबॉल सुपर लीग भी पेशेवर बनने की दिशा में 10 साल की योजना पर काम कर रही है। दुनिया में करीब 1.3 करोड़ लोग नेटबॉल खेलते हैं। अकेले इंग्लैंड में लगभग 30 लाख खिलाड़ी हैं। बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में इसके 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बिके थे। फिर भी कॉमनवेल्थ गेम्स के अनिश्चित भविष्य को देखते हुए अब ब्रिस्बेन 2032 ओलिंपिक में शामिल करने की मुहिम तेज हो गई है।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 2:44 pm

सौरव ने अनाहत को चैंपियन बनने पर दी बधाई

नई दिल्ली, अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप को जीतकर इतिहास रचा। वह इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।

देशबन्धु 26 Jul 2026 1:41 pm

मैच के दौरान बुरी तरह गिरने वाले जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन

ग्लासगो, ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में पुरुषों की टीम फाइनल के दौरान बुरी तरह गिरने के बाद रिकवर हो रहे इंग्लिश जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 1:36 pm

भारतीय पुरुष टीम ने जीता गोल्ड, महिला टीम को सिल्वर से करना पड़ा संतोष

मस्कट, भारतीय सब-जूनियर पुरुष टीम एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप के खिताब को अपने नाम किया।

देशबन्धु 26 Jul 2026 1:06 pm

केवम हॉज की दमदार पारी, कैरेबियाई बल्लेबाजों के नाम रहा टेस्ट का पहला दिन

नई दिल्ली, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 12:58 pm

वैभव सोशल मीडिया से ज्यादा ध्यान क्रिकेट पर दे: ईशान किशन

नई दिल्ली, महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले वैभव सूर्यवंशी की चर्चा हर तरफ हो रही है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 12:42 pm

अनाहत सिंह ने जूनियर स्क्वैश वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती:खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं; फाइनल में मिस्र की रुक्या सलेम को 3-0 से हराया

भारत की 18 साल की स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता। शनिवार को खेले गए गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में टॉप सीड अनाहत ने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुक्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। इसके साथ ही वे जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। जोशना चिनप्पा का 21 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2005 में रहा था, जब जोशना चिनप्पा फाइनल तक पहुंची थीं। अनाहत ने अब भारत को इस टूर्नामेंट का पहला गोल्ड दिलाया। मिस्र का 15 साल पुराना दबदबा खत्म गर्ल्स जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 2011 से लगातार मिस्र की खिलाड़ी खिताब जीत रही थीं। अनाहत ने फाइनल में रुक्या सलेम को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 6 मैच खेले और सिर्फ 2 गेम गंवाए। पिछले साल ब्रॉन्ज जीता था अनाहत ने पिछले साल जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने उसे गोल्ड में बदल दिया। चार बार की चैंपियन मिस्र की अमीना ओर्फी उम्र सीमा के कारण इस बार टूर्नामेंट में नहीं खेलीं। दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन गर्ल्स वर्ग में अनाहत के अलावा रुद्र सिंह, अनिका दुबे और शानवी कलंकी राउंड ऑफ-32 में बाहर हो गईं। बॉयज वर्ग में आर्यवीर दीवान भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। वे प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। युशा नफीस और गुरवीर सिंह राउंड ऑफ-32, जबकि पुरव रामभिया राउंड ऑफ-64 में हार गए। लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर नजर सीनियर PSA वर्ल्ड रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर होगी, जहां पहली बार स्क्वैश को शामिल किया गया है।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 9:09 am

स्पोर्ट्स अपडेट:प्रतिष्ठा सामंत वॉल्ट फाइनल में पहुंचीं, प्रणति नायक चूकीं

कॉमनवेल्थ गेम्स की महिला जिम्नास्टिक स्पर्धा में भारत की 22 साल की प्रतिष्ठा सामंत ने वॉल्ट इवेंट के फाइनल में जगह बना ली। क्वालिफिकेशन में पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठा ने 13.025 अंक के साथ 5वां स्थान हासिल कर टॉप-8 में जगह बनाई। वहीं, भारत की अनुभवी जिम्नास्ट प्रणति नायक 12.555 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं और तीसरी रिजर्व खिलाड़ी बनीं। ईशिता रेवाले (11.725) 15वें तथा निष्का अग्रवाल (11.075) 19वें स्थान पर रहीं। ऑल-अराउंड में प्रतिष्ठा (42.250) 27वें और ईशिता (41.700) 28वें स्थान पर रहीं। दोनों फाइनल में नहीं पहुंच सकीं। टीम इवेंट में भारत 123 अंकों के साथ 9वें स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया (158.400) ने गोल्ड, कनाडा (157.300) ने सिल्वर और इंग्लैंड (154.300) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 8:27 am

ट्रिनिडाड टेस्ट में वेस्टइंडीज की मजबूत शुरुआत:वेस्टइंडीज ने पहले दिन 3 विकेट पर 194 रन बनाए; कावेम हॉज 83 रन बनाकर नाबाद

वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन मेजबान टीम ने मजबूत शुरुआत की। बारिश और खराब रोशनी से प्रभावित दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 3 विकेट पर 194 रन बना लिए। कावेम हॉज 83 और शाई होप 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों चौथे विकेट के लिए 88 रन की साझेदारी कर चुके हैं। खराब रोशनी के कारण पहले दिन सिर्फ 67 ओवर का खेल हो सका। ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में पहला टेस्ट, सोबर्स को श्रद्धांजलि ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में पहली बार टेस्ट मैच खेला जा रहा है। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने पिछले सप्ताह निधन वाले महान क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स की याद में एक मिनट का मौन रखा। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों और अंपायरों ने काली पट्टी बांधकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सुबह का सत्र: अब्बास ने कसी गेंदबाजी की, 23 रन पर पहला विकेट बारिश के कारण सुबह के सत्र में सिर्फ 14.1 ओवर का खेल हो सका। वेस्टइंडीज ने इस दौरान 23 रन बनाए और एक विकेट गंवाया। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने शानदार लाइन-लेंथ से गेंदबाजी की। उन्होंने शुरुआती 7 ओवर में 5 मेडन डाले। दबाव में आए ब्रैंडन किंग बाहर जाती गेंद पर कट लगाने की कोशिश में बोल्ड हो गए। इसके बाद तेज बारिश शुरू होने से अंपायरों ने समय से पहले लंच की घोषणा कर दी। दोपहर का सत्र: चंद्रपॉल और जांगू के विकेट गिरे लंच के बाद पिच में नमी होने से तेज गेंदबाजों को मदद मिली। इसके बावजूद कावेम हॉज ने कुछ आकर्षक चौके लगाए और तगेनरायन चंद्रपॉल के साथ 50 से ज्यादा रन की साझेदारी की। कप्तान बाबर आजम ने आमेर जमाल को गेंद थमाई और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में चंद्रपॉल को स्लिप में सलमान आगा के हाथों कैच करा दिया। इसके बाद आमिर जांगू को मोहम्मद अब्बास ने डीआरएस की मदद से एलबीडब्ल्यू आउट किया। 106 रन तक वेस्टइंडीज के 3 विकेट गिर चुके थे। हॉज-होप ने संभाली पारी, चौथे विकेट के लिए 88 रन जोड़े तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद कावेम हॉज और शाई होप ने पारी संभाली। हॉज ने टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक अली उस्मान की गेंद पर कवर में चौका लगाकर पूरा किया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 88 रन जोड़ लिए हैं। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने आखिरी सत्र में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई और सफलता नहीं मिली। तीसरे सत्र में नहीं लगा एक भी चौका दिन के आखिरी सत्र में रन गति धीमी रही। इस दौरान एक भी चौका नहीं लगा। हॉज और होप ने जोखिम लेने के बजाय क्रीज पर टिके रहने पर ध्यान दिया। शाम को खराब रोशनी के कारण अंपायरों ने पहले दिन का खेल समय से पहले समाप्त कर दिया। दूसरे दिन का खेल तय समय पर शुरू होगा।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 7:40 am

अनाहत ने रचा इतिहास, पहली भारतीय वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनीं

अनाहत सिंह ने शनिवार को इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने कनाडा के ओंटारियो के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप में महिलाओं का खिताब जीता

देशबन्धु 26 Jul 2026 7:02 am

हमें फील्डिंग में सुधार की जरूरत, भारतीय बल्लेबाजों से सीखने में मदद मिलेगी: सिकंदर रजा

मेजबान जिम्बाब्वे को भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में 90 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी। इसी के साथ जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबलों की सीरीज भी गंवा दी है

देशबन्धु 26 Jul 2026 6:43 am

जिम्बाब्वे के खिलाफ क्लीन स्वीप करने उतरेगा भारत:तीसरा टी-20 आज, ईशान-तिलक फॉर्म में; बॉलिंग में प्रिंस ने सबसे ज्यादा विकेट लिए

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज हरारे में खेला जाएगा। मैच शाम 4:30 बजे से शुरू होगा। भारतीय टीम पहले दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुकी है। अब उसकी नजर जिम्बाब्वे का क्लीन स्वीप करने पर होगी। दोनों के बीच अब तक 16 टी-20 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम ने 13 मैच जीते हैं। जिम्बाब्वे को सिर्फ 3 मैचों में जीत मिली है। ईशान-तिलक ने फिफ्टी लगाई मरुमानी और मुजरबानी से उम्मीदें पिच रिपोर्ट और मौसम हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मिलती है, लेकिन विकेट पुराना होने के बाद बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। रविवार को हरारे में मौसम साफ रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं है। तापमान 10 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, मयंक यादव और यश ठाकुर। जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तादीवानाशे मरुमानी, बेन करन, डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 4:30 am

मीराबाई चानू गोल्ड के लिए उतरेंगी:कॉमनवेल्थ गेम्स का चौथा दिन आज; भारतीय खिलाड़ी 5 खेलों में दिखाएंगे दम

कॉमनवेल्थ गेम्स के तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में चुनौती पेश करेंगे। भारतीय की सबसे ज्यादा उम्मीदें वेटलिफ्टिंग से रहेंगी। ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा फाइनल में उतरेंगी। दिनभर में कुल 14 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें सबसे ज्यादा 9 स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, 3 वेटलिफ्टिंग और 2 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में होंगे। जिम्नास्टिक्स और लॉन बॉल्स में कई मुकाबले जिम्नास्टिक में शाम 4:30 बजे योगेश्वर सिंह और तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल खेलेंगे। वहीं रात 10:30 बजे महिला ऑल-अराउंड फाइनल होगा। इसमें भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर उतरेंगे। लॉन बॉल्स में दोपहर 1 बजे रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी महिला पेयर्स सेक्शनल प्ले में नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं शाम 7:15 बजे पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले में माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस का सामना करेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों पर नजर दोपहर 2 बजे ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा फाइनल में गोल्ड के लिए मुकाबला करेंगी। रात 11 बजे एम राजा पुरुष 65 किग्रा फाइनल में हिस्सा लेंगे। स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी चुनौती स्विमिंग में शाम 4:39 बजे श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धाक्शन शशिकुमार पुरुष 4200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर भारतीय टीम रात 1:56 बजे फाइनल खेलेगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 27 जुलाई को होगा। बॉक्सिंग में रात 10:45 बजे प्रीति पवार महिला 54 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में मलावी की डेबोरा मटेंजे से भिड़ेंगी। इसके बाद रात 11:45 बजे जदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में पाकिस्तान के मुक्केबाज का सामना करेंगे। 27 जुलाई को रात 12:45 बजे आदित्य प्रताप यादव पुरुष 65 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में युगांडा के मुक्केबाज के खिलाफ उतरेंगे।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 4:30 am

रेगिस्तान का ‘विम्बलडन’:सऊदी में पर्पल-ग्रीन रंग के टेनिस सेंटर में होंगे 30 कोर्ट; 33 हजार दर्शकों की क्षमता और रिट्रैक्टेबल छत

कभी टेनिस की सबसे बड़ी पहचान लंदन का विम्बलडन हुआ करता था। उसकी हरी-बैंगनी रंगत, घास से ढका सेंटर कोर्ट और शाही अंदाज दुनिया भर के खिलाड़ियों और फैंस को आकर्षित करता है। अब उसी पहचान की झलक करीब 5,000 किलोमीटर दूर सऊदी अरब के रेगिस्तान में दिखाई देने वाली है। सऊदी अरब का नया नेशनल टेनिस सेंटर पहली नजर में विम्बलडन की याद दिला सकता है। सेंटर कोर्ट का बाहरी हिस्सा घास जैसा बनाया जाएगा, रंग भी वही हरा और बैंगनी होगा और इसकी डिजाइन भी काफी हद तक ऑल इंग्लैंड क्लब से प्रेरित है। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को डिजाइन करने वाली आर्किटेक्चर कंपनी पॉपुलस वही है, जिसने विम्बलडन के सेंटर कोर्ट की मशहूर रिट्रैक्टेबल रूफ तैयार की थी। रिट्रैक्टेबल रूफ ऐसी छत होती है जिसे जरूरत पड़ने पर खोला और बंद किया जा सकता है। हालांकि, यहां एक बड़ा फर्क भी होगा। बाहर से यह कोर्ट भले ही घास वाला दिखे, लेकिन अंदर खिलाड़ी घास पर नहीं, बल्कि हार्ड कोर्ट पर खेलेंगे। कोर्ट की सतह भी बैंगनी और हरे रंग की होगी। सेंटर कोर्ट में 15 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी और उस पर रिट्रैक्टेबल छत लगाई जाएगी, ताकि 45 से 50 डिग्री तक पहुंचने वाली गर्मी में भी मैच आराम से कराए जा सकें। इसके अलावा 8 हजार क्षमता वाला एक और कोर्ट भी छत से ढका होगा। पूरे परिसर में कुल 30 टेनिस कोर्ट होंगे। इनमें 28 हार्ड कोर्ट, 2 क्ले कोर्ट शामिल हैं। सभी कोर्ट मिलाकर 33 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। सऊदी के लिए यह सिर्फ एक स्टेडियम नहीं, बल्कि विजन 2030 का हिस्सा है। लक्ष्य है कि तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था को खेल, पर्यटन और मनोरंजन के जरिए नई पहचान दी जाए। इसी रणनीति के तहत सऊदी पहले ही कई टूर्नामेंटों का प्रायोजक बन चुका है। 2028 से एटीपी मास्टर्स-1000 टूर्नामेंट की मेजबानी भी करेगा। सिक्स किंग्स स्लैम जैसी प्रदर्शनी प्रतियोगिता में अल्कारेज, जोकोविच और यानिक सिनर जैसे सितारे खेल चुके हैं। 34 लाख करोड़ की लागत से बन रहे शहर का हिस्सा होगा टेनिस सेंटर यह टेनिस सेंटर किद्दिया सिटी का हिस्सा होगा, जो रियाद से करीब 50 किलोमीटर दूर बन रही नई स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट और कल्चर सिटी है। इस पूरे शहर पर लगभग 34 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह शहर आकार में पेरिस से लगभग तीन गुना बड़ा होगा। इसी शहर में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान स्टेडियम, 18 होल का गोल्फ कोर्स, थीम पार्क आदि बनाए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 1:54 pm

स्पोर्ट्स अपडेट:हरारे के इंडिया हाउस में भारतीय टीम का स्वागत, उच्चायुक्त ने दिया रात्रिभोज; अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश के फाइनल में

जिम्बाब्वे में भारत के उच्चायुक्त एच.ई. ब्रम्हा कुमार ने हरारे स्थित इंडिया हाउस में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। यह कार्यक्रम दूसरे टी20 मुकाबले से पहले हुआ, जिसमें खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के साथ समय बिताया। अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश के फाइनल में कनाडा के ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत की 16 साल की अनाहत सिंह फाइनल में पहुंच गई हैं। वह 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय हैं। टॉप सीडेड अनाहत ने सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी/चौथी वरीय बार्ब समेह को 3-1 (11-3, 8-11, 11-4, 11-6) से हराया। अब फाइनल में उनका सामना मिस्र की दूसरी वरीय रुकैया सालेम से होगा। जीत मिलने पर अनाहत इस चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन जाएंगी। मैच के बाद अनाहत ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं, लेकिन काम अभी बाकी है। पहली बार फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच भी खुश हैं।' पिछले साल उन्होंने इस टूर्नामेंट में ब्रान्ज मेडल जीता था। एशियाई हॉकी5एस में पुरुष टीम ने ओमान और पाकिस्तान को हराया ओमान के मस्कट में चल रही एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियन चैंपियनशिप में भारतीय टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष टीम ने पहले मेजबान ओमान को 10-1 और फिर पाकिस्तान को 7-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब शनिवार को खिताबी मुकाबले में उसकी फिर पाकिस्तान से भिड़ंत होगी। पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने हाफ टाइम तक 3-0 की बढ़त बना ली थी। कप्तान केतन कुशवाहा ने दो गोल किए, जबकि रोमित पाल, करन गौतम, प्रहलाद राजभर, शाहरुख अली और राहुल यादव ने एक-एक गोल दागा। ओमान के खिलाफ केतन ने चार गोल किए। महिला टीम ने चीन से 3-6 की हार के बाद शानदार वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान को 10-0 से हरा दिया। नौशीन नाज़ ने हैट्रिक लगाई, जबकि संदीप कुमारी ने दो गोल किए। भारत अब शनिवार को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान से खेलेगा। यह टूर्नामेंट पहली बार होने वाले एफआईएच यूथ हॉकी5एस वर्ल्ड कप का एशियाई क्वालिफायर भी है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमें वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:27 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: बिहार के झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में जीता कांस्य, देश का बढ़ाया मान

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन के बाद पूरे देश में खुशी की लहर।

देशबन्धु 25 Jul 2026 10:46 am

मां बोलीं- 'तिरंगा फहरा कर आना', झंडू ने मेडल जीता:कॉमनवेल्थ मुकाबले से पहले पैरा पावरलिफ्टर ने मां से बात की, फिर देश को मेडल दिलाया

कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले झंडू कुमार के लिए उनकी मां कमला देवी के शब्द सबसे बड़ी प्रेरणा बने। मुकाबले से कुछ देर पहले व्हाट्सऐप कॉल पर मां ने बेटे से कहा, ‘बेटा, जब वहां तक पहुंच ही गए हो, तो देश का तिरंगा फहरा कर आना। पहला, दूसरा और तीसरा स्थान में से कोई भी स्थान लेकर आना।’ मेडल जीतने के बाद झंडू ने सबसे पहले मां को फोन किया और कहा, 'तोहनी के आर्शीवाद से जीत गई लो मइया। (मां, आप सभी के आशीर्वाद से मैं मेडल जीत गया।) झंडू के बड़े भाई कुंदन कुमार ने बताया कि चार भाइयों में झंडू सबसे छोटे हैं। एक भाई का निधन हो चुका है। प्रतियोगिता से पहले शुक्रवार रात करीब 8 बजे झंडू ने घर पर फोन किया था। परिवार के सभी लोगों ने उन्हें विजय भव कहकर आशीर्वाद दिया। इसके बाद उन्होंने मां से बात की। मां ने कहा, ‘जब वहां तक पहुंच गए हो, तो झंडा फहरा कर ही आना और पहला, दूसरा, तीसरा स्थान ले आना।’ मां कमला देवी ने भास्कर से कहा, ‘रात भर जगलीईओ और देखलियो बाबू ने देश का नाम रोशन कईलन।’ (रात भर जागकर उनका मुकाबला देखा। झंडू को देश का नाम रोशन करते देखा।) उन्होंने बताया, 'जीतने के बाद झंडू ने कहा- जीत गईलियो मइया। उससे पहले भी आर्शीवाद लेवे खातिर फोन कईले रहलन। तब हम कहनी कि झंडा फहराकर आना।' नाम को लेकर उन्होंने बताया कि उनका नाम झन्नू रखा गया था, लेकिन धीरे-धीरे सभी लोग उन्हें झंडू कहने लगे। रात 2 बजे तक जागकर देखा मुकाबला कुंदन कुमार ने बताया कि पूरा परिवार रात 9 बजे तक खाना खा चुका था, ताकि सभी मिलकर झंडू का मुकाबला देख सकें। पहले झंडू ने बताया था कि उनका इवेंट रात 10 बजे होगा, लेकिन मुकाबला रात करीब 2 बजे शुरू हुआ। उन्होंने पहली कोशिश में 180 किलो वजन उठाया तो पूरे परिवार के चेहरे पर मुस्कान आ गई। मां कमला देवी और पिता रामानंद पासवान खुशी से मुस्कुरा रहे थे। इसके बाद झंडू ने 196 किलो वजन उठाया तो घर में तालियां गूंज उठीं। मां-पिता ने पूछा कि क्या हुआ, सभी ताली क्यों बजा रहे हैं? तब परिवार वालों ने बताया कि झंडू ने पदक जीत लिया है। सुबह बाजार पहुंचे तो लोगों ने दी बधाई कुंदन बताते हैं कि अगले दिन सुबह जब वह सब्जी की दुकान जा रहे थे, तब रास्ते में मिलने वाले लोग रोक-रोककर बधाई दे रहे थे। जो लोग पहले उन्हें झंडू कहकर बुलाते थे, वही अब कह रहे थे, ‘झंडू की जीत पर बधाई।’ लगातार फोन भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि झंडू पहले मां-पिता के साथ सब्जी की दुकान पर हाथ बंटाते थे। बाद में उन्होंने जिम जाना शुरू किया और धीरे-धीरे पावरलिफ्टिंग में रुचि बढ़ती गई। परिवार ने कभी उन्हें रोका नहीं, बल्कि हर कदम पर पूरा साथ दिया। पढ़ाई के साथ मां-पिता के काम में भी हाथ बंटाते थे झंडू हरनौत के सबनौह डीह गांव के रहने वाले हैं। चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे हैं। वह दिव्यांग हैं। चार साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया था, जिससे कमर के नीचे शरीर का एक हिस्सा प्रभावित हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। मां-पिता हरनौत बाजार में सड़क किनारे आलू-प्याज बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पूरा परिवार किराए के एक कमरे में रहता है। झंडू पढ़ाई के साथ मां-पिता के काम में भी हाथ बंटाते थे। इसके बावजूद वह खेल के लिए समय निकालते रहे। बेटे का कॉमनवेल्थ तक पहुंचना ही हमारे लिए गर्व की बात : पिता झंडू के पिता रामानंद पासवान कहते हैं, बेटे का कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चयन होना ही हमारे लिए गर्व और खुशी की बात थी। झंडू बचपन से ही बहुत होनहार रहा है। वह शारीरिक रूप से दिव्यांग जरूर है, लेकिन उसकी इच्छाशक्ति कभी कमजोर नहीं हुई। उसने हमेशा हौसला बनाए रखा। आज उसी मेहनत के दम पर विदेश तक पहुंच गया। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। पैरालंपिक पदक विजेता से मिली ट्रेनिंग एक साधारण परिवार के बेटे को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाने में कई लोगों का योगदान रहा। वर्ष 2019 से कुंदन कुमार पांडे मार्गदर्शक के रूप में लगातार उनके साथ जुड़े रहे। रॉकस्टार जिम के संचालक और ट्रेनर ने भी उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण दिया। बाद में उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर (गुजरात) में हुआ। वहां उन्हें पैरालंपिक पदक विजेता राजेंद्र सिंह रहेलू से प्रशिक्षण लेने का अवसर मिला। बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव संदीप कुमार ने भी हर स्तर पर उनका सहयोग किया। सब्जी विक्रेता का बेटा कॉमनवेल्थ तक पहुंचा, यह पूरे देश के लिए गर्व की बात : कोच नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव और झंडू के कोच कुंदन कुमार पांडे कहते हैं, ‘ह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि नालंदा और हरनौत जैसे छोटे इलाके से निकला खिलाड़ी कॉमनवेल्थ जैसे प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचा है। एक सब्जी विक्रेता के बेटे का इस स्तर तक पहुंचना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह विश्व स्तर का ऐसा मंच है, जिसकी तुलना ओलंपिक से की जाती है।’ झंडू मेरे पास 2019 से ट्रेनिंग कर रहा है। वह 4 चाल के थे, तभी उन्हें पोलियो मा दिया था।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 8:20 am

जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार तीसरी सीरीज जीतने उतरेगा भारत:दूसरा टी-20 आज, सूर्यवंशी ने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज हरारे में खेला जाएगा। मैच शाम 4:30 बजे से शुरू होगा। भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है और आज का मुकाबला जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। भारत के पास जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका है। पहले मुकाबले में ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने अर्धशतक लगाया था और टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया था। भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे सिर्फ 3 मैच जीता टी-20 इंटरनेशनल में भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 15 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम ने 12 मैच जीते हैं, जबकि जिम्बाब्वे को 3 मुकाबलों में जीत मिली है। ईशान किशन पर रहेंगी नजरें 2026 में भारतीय टीम की ओर से ईशान किशन ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 21 मैचों में 702 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 180.46 रहा है और वे एक शतक भी लगा चुके हैं। उनका बेस्ट स्कोर 103 रन है। गेंदबाजी में शिवम दुबे टीम स्क्वाड में शामिल सबसे सफल गेंदबाज हैं। उन्होंने 2026 में 22 मैचों में 14 विकेट लिए हैं। हालांकि उनकी इकोनॉमी 11.14 है। बेनेट और मुजरबानी जिम्बाब्वे के अहम खिलाड़ी जिम्बाब्वे की ओर से ब्रायन बेनेट इस साल टीम के टॉप बैटर रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में 394 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 135.86 रहा है और वे 97* रन की पारी खेल चुके हैं। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजरबानी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। उन्होंने 10 मैचों में 19 विकेट लिए हैं। उन्होंने पहले मैच में 2 विकेट लिए थे। भारतीय बल्लेबाजों को मुजरबानी की गेंदबाजी से सावधान रहना होगा। पिच रिपोर्ट और वेदर हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर बल्लेबाजों को आमतौर पर मदद मिलती है। हालांकि, नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में कुछ स्विंग और सीम मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम आज के मुकाबले में भी पहले गेंदबाजी चुन सकती है। भारतीय टीम ने गुरुवार को पहले मैच में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करते हुए मैच अपने नाम किया था। शनिवार को हरारे में मौसम साफ रहने का अनुमान है और बारिश की आशंका नहीं है। आज यहां 7 से 23 डिग्री सेल्शियस तक तापमान रह सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, मयंक यादव और अशोक शर्मा। जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मारुमानी, बेन करन, डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:30 am

भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहला मेडल:झंडू कुमार को पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज, 190 kg का वजन उठाया; बॉक्सिंग में जादुमणि जीते

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहला मेडल जीत लिया है। बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। उन्होंने 190 किलोग्राम की बेस्ट लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए। इससे पहले पुरुष और महिला लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूक गया था। वहीं बॉक्सिंग में जादुमणि सिंह ने जीत के साथ राउंड ऑफ-16 में जगह बनाई। लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की। झंडू कुमार ने जीता ब्रॉन्ज, भारत का खाता खोला 28 साल के झंडू कुमार ने ग्रुप-बी से खेलते हुए पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया। इससे उन्हें 130.9 अंक मिले। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका स्कोर ब्रॉन्ज मेडल के लिए पर्याप्त रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर जीता। सुधीर छठे, कस्तूरी लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकीं पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के सुधीर 183 किलोग्राम की लिफ्ट के साथ छठे स्थान पर रहे। महिला हेवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि तीनों प्रयासों में असफल रहीं और कोई लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकीं। जादुमणि ने 5-0 से जीता मुकाबला भारत के 21 साल के जदुमणि सिंह ने पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-32 में मेजबान स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन को 5-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। पांचों जजों ने तीनों राउंड भारत के पक्ष में दिए। लॉन बॉल्स में पुतुल की लगातार दूसरी जीत पुरुष सिंगल्स में पुतुल सोनोवाल ने फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर को टाईब्रेकर में 7-5, 6-8, 1-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इससे पहले महिला पेयर्स में रूपा रानी तिर्की और पिंकी की जोड़ी साउथ अफ्रीका को 2-0 से हरा चुकी थी। पैरा पावरलिफ्टिंग में पहले भारत रहा था खाली हाथ पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक 200 किलोग्राम की पर्सनल बेस्ट लिफ्ट के बावजूद चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार सातवें स्थान पर रहे। महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर छठे और सुमन देवी सातवें स्थान पर रहीं। जिम्नास्टिक्स और स्विमिंग में मिला मिला-जुला प्रदर्शन पुरुष टीम जिम्नास्टिक्स में भारत 208.550 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहा। हालांकि तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह ने क्रमशः 17वें और 18वें स्थान पर रहकर ऑलराउंड फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। दूसरी ओर, श्रीहरि नटराज 50 मीटर बैकस्ट्रोक सेमीफाइनल में 25.29 सेकेंड के समय के साथ सातवें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना सके। पैरा स्विमिंग के पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 फाइनल में कार्तिक (आरवीवीबीके) बुडिगिना चौथे और अली इमाम सातवें स्थान पर रहे। तीसर दिन 9 गोल्ड मेडल इवेंट्स कॉमनवेल्थ गेम्स के तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ी जिम्नास्टिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल और स्विमिंग में चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में कुल 9 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। शुरुआत महिला जिम्नास्टिक्स टीम फाइनल से होगी। फिर बॉक्सिंग में सचिन सिवाच और परवीन हुड्डा और अरुंधति चौधरी के मुकाबले होंगे। देर रात स्विमिंग और बॉक्सिंग के दूसरे मुकाबले भी होंगे। जिम्नास्टिक्स और लॉन बॉल्स पर नजर दोपहर 2:30 बजे महिला जिम्नास्टिक्स टीम का फाइनल खेला जाएगा। इसमें भारतीय टीम पदक की चुनौती पेश करेगी। लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स के सेक्शनल मुकाबले में उतरेंगे। वहीं महिला पेयर्स में पिंकी सिंह और रूपा रानी तिर्की की जोड़ी अपना सेक्शनल मुकाबला खेलेगी। बॉक्सिंग में पांच भारतीयों की चुनौती दोपहर 3:30 बजे से शुरू होने वाले सेशन में परवीन हुड्डा, अरुंधति चौधरी और सचिन सिवाच अपने-अपने पहले राउंड के मुकाबले खेलेंगे। उन्होंने 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स में गोल्ड मेडल जीता था। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने थे। रात 10:30 बजे से शुरू होने वाले इवनिंग सेशन में अंकुश पहले राउंड में उतरेंगे। अगर आदित्य प्रताप सिंह अपना पहला मुकाबला जीतते हैं, तो दूसरे राउंड में खेलेंगे। 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल और स्विमिंग में भी एक्शन शाम 5 बजे महिला 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भारत का मुकाबला वेल्स से होगा। स्विमिंग में शाम 4 बजे धक्षन शशिकुमार पुरुष 400 मीटर फ्रीस्टाइल हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 11:30 बजे फाइनल खेलेंगे। इसके बाद शाम 4:15 बजे चैतन्य विश्वास कुलकर्णी पुरुष S14 200 मीटर फ्रीस्टाइल हीट्स में हिस्सा लेंगे। क्वालिफाई करने पर उनका फाइनल रात 12:45 बजे होगा। क्वालिफाई करने पर श्रीहरि नटराज पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में रात 12:20 बजे उतरेंगे। --------------------------------------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट इवेंट का शेड्यूल जारी एशियन गेम्स 2026 के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट के ड्रॉ और ग्रुप गुरुवार को घोषित कर दिए गए। भारतीय मेंस और विमेंस टीमों ने सीधे नॉकआउट (क्वार्टर फाइनल) में जगह बना ली है। इस बार क्रिकेट टूर्नामेंट के सभी मुकाबले जापान के नागोया में टी-20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 2:45 am

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नाडा से निलंबन के बाद तूलिका मान ग्लासगो से हटीं, बर्मिंघम में जीता था रजत पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। बर्मिंघम में जूडो में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली तूलिका मान ग्लासगो में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स से हट गई हैं

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:32 am

एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट इवेंट का शेड्यूल जारी:भारत की मेंस-विमेंस टीम की सीधे क्वार्टर फाइनल में एंट्री, 17 सितंबर से खेले जाएंगे मुकाबले

एशियन गेम्स 2026 के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट के ड्रॉ और ग्रुप गुरुवार को घोषित कर दिए गए। भारतीय मेंस और विमेंस टीमों ने सीधे नॉकआउट (क्वार्टर फाइनल) में जगह बना ली है। इस बार क्रिकेट टूर्नामेंट के सभी मुकाबले जापान के नागोया में टी-20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे। विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 17 से 22 सितंबर तक किया जाएगा। इसके बाद मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 24 सितंबर से शुरू होगा और 1 अक्टूबर तक चलेगा। 4 टीमों को सीधे क्वार्टर फाइनल में एंट्री 2026 एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है। वहीं, अफगानिस्तान, हॉन्गकॉन्ग, जापान, मलेशिया, नेपाल और ओमान की टीमें प्रीलिमिनरी राउंड में खेलेंगी। इन 6 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप 2-2 टीमें यानी कुल 4 टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। यहां उनका मुकाबला पहले से क्वालिफाई कर चुकी 4 टीमों से होगा। भारतीय महिला टीम पहले मैच में जापान से भिड़ेगी महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। इस इवेंट की शुरुआत सीधे क्वार्टर फाइनल मुकाबलों से होगी। भारतीय टीम अपने पहले मुकाबले में जापान का सामना करेगी। 2023 एशियन गेम्स में भारत ने दोनों कैटेगरी में गोल्ड जीते थे इससे पहले 2023 एशियन गेम्स में भारत ने मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था। मेंस कैटेगरी का फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था। अफगानिस्तान ने 18.2 ओवर में 112/5 रन बनाए थे, जिसके बाद मैच आगे नहीं खेला जा सका। बेहतर सीडिंग के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था। वहीं, महिला क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 1:36 pm

विश्वनाथन आनंद बने फिडे के अंतरिम अध्यक्ष, अर्काडी द्वोरकोविच पर ईयू के प्रतिबंध के बाद मिली जिम्मेदारी

भारत के महान शतरंज खिलाड़ी और पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (फिडे) का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। रूसी प्रमुख अर्काडी द्वोरकोविच को यूरोपीय संघ (ईयू) की नवीनतम प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने के कारण यह फैसला लिया गया है।

देशबन्धु 24 Jul 2026 10:51 am

छात्र आंदोलन पर खेल जगत की एकजुट आवाज: सचिन, युवराज, शुभमन, धवन, कैफ, इरफान और अभिनव बिंद्रा ने शिक्षा सुधार पर दिया जोर

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने एक्स पोस्ट में युवाओं की निराशा को स्वाभाविक बताते हुए समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि वे प्रोफेसर थे और हमेशा सिखाते थे कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन धोखा देना कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता।

देशबन्धु 24 Jul 2026 9:00 am

ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट मैच भारत में कराने पर विचार:ऑस्ट्रेलिया CEO बोले-भारत बड़ा मार्केट, संभावनाओं के लिए दरवाजे खुले; शेड्यूल व्यस्त होना बड़ी चुनौती

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा है कि भविष्य में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच भारत में टेस्ट मैच कराने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में क्रिकेट के लिए बड़े मौके हैं, हालांकि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। भारत में नए क्रिकेट कंटेंट की संभावना बीबीसी के 'स्टंप्ड' पॉडकास्ट में ग्रीनबर्ग ने कहा, ‘हमें सभी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। ECB और BCCI दोनों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। भारत में क्रिकेट का नया कंटेंट ले जाने के मौके हैं। अभी ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बीच टेस्ट क्रिकेट मजबूत स्थिति में है और इसे आगे बढ़ाना जरूरी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का व्यस्त कैलेंडर सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रीनबर्ग ने कहा, ‘साल में सिर्फ 365 दिन होते हैं। जितना क्रिकेट और कंटेंट हम देना चाहते हैं, उसके लिए शायद एक-दो महीने और चाहिए।’ चेन्नई में होगा बिग बैश का ओपनिंग मैच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इस साल दिसंबर में पहली बार बिग बैश लीग (BBL) का ओपनिंग मैच भारत में कराएगा। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। इसी तरह भविष्य में भारत में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच प्रदर्शनी टेस्ट कराने की संभावना भी देखी जा रही है। भारत के खिलाफ सीरीज से ECB को सबसे ज्यादा कमाई इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की हालिया वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के खिलाफ सीरीज बोर्ड के लिए सबसे ज्यादा कमाई करने वाली सीरीज में शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ECB की आय काफी हद तक भारत जैसी बड़ी ब्रॉडकास्ट सीरीज पर निर्भर करती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2027 में पुरुष और महिला एशेज की मेजबानी के बावजूद बोर्ड को घाटे की आशंका है। 2027 में MCG पर होगा विशेष टेस्ट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अगली एशेज सीरीज 2027 में इंग्लैंड में खेली जाएगी। इससे पहले मार्च 2027 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर दोनों टीमों के पहले टेस्ट की 150वीं वर्षगांठ पर डे-नाइट (पिंक बॉल) टेस्ट खेला जाएगा। यह मुकाबला एशेज सीरीज का हिस्सा नहीं होगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:41 am