ट्रैक साइकिलिंग में चौथा गोल्ड, एम्मा फिनुकैन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रचा
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। वेल्स की साइकिलिंग स्टार एम्मा फिनुकैन ने 'कॉमनवेल्थ गेम्स' में इतिहास रच दिया है। फिनुकैन ने रविवार को ग्लासगो में महिलाओं का कीरिन खिताब अपने नाम किया, जिसके साथ गेम्स के एक ही संस्करण में चार ट्रैक गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली स्प्रिंट साइक्लिस्ट बन गईं।
कॉमनवेल्थ गेम्स: 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत के अभियान का समापन
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच ग्लासगो में हुआ। इसमें भारत ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल रहे। पुरुष एथलीट्स ने 23 मेडल (5 गोल्ड, 13 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज) हासिल किए, जबकि महिलाओं ने कुल 16 मेडल (8 गोल्ड, 4 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज) जीते।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में दुनिया हमारी संस्कृति देखेगी: हर्ष संघवी
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है। इवेंट की समाप्ति के बाद क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन होना है। इस इवेंट के साथ ही ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स आधिकारिक तौर पर समाप्त हो जाएंगे। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान भारत के अहमदाबाद शहर को आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए मेजबान शहर के रूप में घोषित किया जाएगा और कॉमनवेल्थ झंडे के साथ बैटन ग्लासगो में मौजूद भारतीय प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद हैं।
ग्लासगो में हमने क्षमता, हिम्मत और खेल की खूबसूरत भावना देखी, अहमदाबाद तैयार है: हर्ष संघवी
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर में होना है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी इस समय ग्लासगो में हैं, जहां कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन किया जा रहा है। क्लोजिंग सेरेमनी में अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के मेजबान शहर के तौर पर घोषित किया जाएगा। संघवी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।
अर्जुन पुरस्कार पाना सपना है.., CWC में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू ने बताई आगे की प्लानिंग
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू का अगला कदम एशियंस गेम्स में पदक जीतना है। उन्होंने कहा है कि मुझे वहां पदक जीतना है, जहां अभी तक नहीं जीत सकी हूं। उन्होंने अर्जुन पुरस्कार को बचपन का सपना बताया है और उसे जीतना चाहती हैं।
आरुथ्रन प्रभु का मिनी अंडर-10 क्लास में दबदबा; कैरव रॉबर्सन, रेहान खान रशीद और रुद्र गोकुलनाथ की जीत
न्यू चंडीगढ़, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पिछले साल श्रीलंका में एफआईए-एशिया पैसिफिक मोटरस्पोर्ट्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले आरुथ्रन (कार्तक्रू मोटरस्पोर्ट्स) ने अपनी क्लास में ऑफिशियल प्रैक्टिस, हीट, सुपर हीट और फाइनल रेस में टॉप किया और इस वीकेंड अपने अभियान का शानदार समापन किया।
सीडब्ल्यूजी 2026: भारत के हाथ से फिसला मेडल, जूडोका इशरूप नारंग मामूली अंतर से चूकीं ब्रॉन्ज
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 78 किलोग्राम भार वर्ग के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में भारतीय जूडोका इशरूप नारंग को हार का सामना करना पड़ा। रविवार को 'एसईसी हॉल-4' में हुए इस कड़े मुकाबले में उन्हें कनाडा की कोराली गॉडबूट ने 'गोल्डन स्कोर' में हराया।
टीम इंडिया में वापसी पर भुवी ने तोड़ी चुप्पी! VIDEO
गेंद से कमाल का प्रदर्शन करने वाले अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने दिल तोड़ने वाली बात कही है. भुवनेश्वर को अब इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वह टीम इंडिया में वापसी करेंगे या नहीं. वह बस क्रिकेट को एन्जॉय करने के लिए मैदान पर उतरते हैं.
क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह समेत कई स्टार क्रिकेटर अब इसी महीने मोहाली के पीसीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेलते नजर आएंगे। शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग का रविवार को भव्य आगाज हुआ। टूर्नामेंट 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चलेगा। पीसीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर और अध्यक्ष अमरजीत सिंह महिता ने लीग का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। 9 अगस्त को होगी खिलाड़ियों की नीलामी टूर्नामेंट में छह फ्रेंचाइजी टीमें कुल 27 मुकाबले खेलेंगी। क्रिकेट प्रेमियों को शुभमन गिल, अर्शदीप सिंह, अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, गुरनूर बराड़ और रमनदीप सिंह जैसे स्टार खिलाड़ियों को एक्शन में देखने का मौका मिलेगा। खिलाड़ियों की नीलामी 9 अगस्त को होगी। छह फेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी लीग में अमृतसर, फाजिल्का, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और बठिंडा की छह फ्रेंचाइजी हिस्सा लेंगी। प्रत्येक फ्रेंचाइजी के पास 45 लाख रुपए का पर्स होगा और वह अधिकतम 20 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल कर सकेगी। मार्की खिलाड़ी की कीमत 10 लाख रुपए तय की गई है, जबकि आइकन खिलाड़ी की बेस प्राइस 1.50 लाख रुपए रखी गई है। प्रथम श्रेणी, अंडर-23, अंडर-19 और जिला स्तर के खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग बेस प्राइस निर्धारित की गई है। पीसीए सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि यह लीग मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इसका उद्देश्य पंजाब के घरेलू खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और पेशेवर माहौल में सीखने का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान टूर्नामेंट का आधिकारिक लोगो लॉन्च किया गया। इस अवसर पर पीसीए के पदाधिकारियों ने फ्रेंचाइजी मालिकों और प्रमुख क्रिकेटरों को सम्मानित भी किया।
भारत ने पाकिस्तान को 2 विकेट से रौंदा, ऋषि धवन का शानदार प्रदर्शन, आखिरी ओवर में मिली रोमांचक जीत
एशियन लीजेंड्स लीग 2026 में इंडियन रॉयल्स का सामना आज पाकिस्तान पैंथर्स की टीम से हुआ। इस मैच में नमन ओझा की कप्तानी में इंडियन रॉयल्स की टीम ने एक रोमांचक जीत दर्ज की।
सीडब्ल्यूजी 2026: ग्लासगो में उत्तराखंड की उन्नति शर्मा ने जीता ब्रॉन्ज, परिवार में जश्न का माहौल
देहरादून, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारत की उन्नति शर्मा ने तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ मुकाबले में साउथ अफ्रीका की स्काई नोस्टर को शिकस्त देकर महिलाओं के 63 किग्रा जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। बेटी की इस उपलब्धि के बाद देहरादून में जश्न का माहौल है।
एफसी अंडर-20 क्वालिफायर से पहले सिंगापुर टेस्ट के लिए इंडिया ने 30 सदस्यीय टीम का किया ऐलान
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। इंडिया अंडर-20 पुरुष टीम के हेड कोच महेश गवली ने रविवार को सिंगापुर के खिलाफ टीम के दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों के लिए 30 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। मैच 3 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में एफसी अंडर-20 एशियन कप चाइना 2027 क्वालिफायर की तैयारियों के तहत खेले जाएंगे।
फुटबॉल: लेवांटे ने बेल्जियम के फॉरवर्ड यानिस मुसुआई के साथ पांच साल का अनुबंध किया
मैड्रिड, 2 अगस्त (आईएएनएस)। स्ट्राइकर कार्लोस एस्पी के रियल मैड्रिड जाने के बाद स्पेनिश क्लब लेवांटे ने अपने अटैक को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। उन्होंने क्लब ब्रुग से बेल्जियम के होनहार फॉरवर्ड यानिस मुसुआई को पांच साल के अनुबंध पर साइन करने की घोषणा की है।
जमशेदपुर एफसी का कामकाज बंद करना भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका: गुरप्रीत संधू
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने रविवार को जमशेदपुर एफसी के कामकाज बंद करने के फैसले पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'बड़ा नुकसान' है और टाटा ग्रुप से इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अरशद नदीम के बेहतर प्रदर्शन ना कर पाने को लेकर अब पाकिस्तान का खेल तंत्र सवालों के घेरे में है। अरशद के करीबी सूत्र ने बताया कि पिछले वर्ष के अंत से पीएएएफ और यहां तक कि पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) ने भी राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के दौरान अरशद को अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
सुनील छेत्री: भारतीय फुटबॉल के 'पोस्टर ब्वॉय', जिन्होंने तोड़ा था मेसी का रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में शुमार सुनील छेत्री ने राष्ट्रीय टीम के लिए सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया और लंबे समय तक कप्तानी की। उनकी नेतृत्व क्षमता, फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन ने भारतीय फुटबॉल को नई पहचान दिलाई है।
ग्लासगो में एक भारतीय रेस्टोरेंट ने भारत के नक्शे में पूर्वोत्तर भारत को नहीं दिखाने पर माफी मांगी है। ओलंपिक पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने नक्शे को ठीक करने का आश्वासन दिया है। यह घटना ग्लासगो में 'मिस्टर सिंह इंडिया, द होम ऑफ करी' रेस्टोरेंट में हुई। भारतीय मुक्केबाजी दल 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद वहां डिनर के लिए पहुंचा था। इन खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत पदक समेत कुल 10 पदक जीते थे। नेपकिन और लोगो पर गलत नक्शा देख जताई आपत्ति असम की रहने वाली और ग्लासगो में रजत पदक जीतने वाली लवलीना ने देखा कि रेस्टोरेंट के नेपकिन और बाहर लगे लोगो पर छपे भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर का हिस्सा गायब है। उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट प्रबंधन के सामने यह मुद्दा उठाया। लवलीना ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि रेस्टोरेंट में कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि नेपकिन और लोगो पर छपे नक्शे में पूर्वोत्तर गायब है और कश्मीर का हिस्सा भी सही नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह देखकर बहुत बुरा लगा और उन्होंने मालिकों के सामने अपनी बात रखी। रेस्टोरेंट मालिकों ने सफाई दी कि यह ब्रिटिश नक्शा है, इसलिए पूर्वोत्तर गायब है। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगी और नक्शा बदलने का वादा किया। सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो 2021 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बताया कि यह मुद्दा उन्हें व्यक्तिगत रूप से क्यों प्रभावित कर गया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर से होने के नाते यह उन्हें काफी आहत करता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगली बार से इस बात का ध्यान रखें। मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया गया डिनर के दौरान मौजूद बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि रेस्टोरेंट मालिकों के साथ कोई विवाद नहीं हुआ और मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। उन्होंने पीटीआई से कहा कि यह एक चूक थी, जिसे उन्होंने और लवलीना ने पॉइंट आउट किया था। मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और इसे ठीक करने का भरोसा दिया है। ग्लासगो का यह रेस्टोरेंट काफी प्रसिद्ध है और यहां कई वर्षों से खेल टीमें और गणमान्य व्यक्ति आते रहे हैं। भारतीय मुक्केबाजी टीम ने शनिवार को अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए इस रेस्टोरेंट का दौरा किया था, जहां यह मामला सामने आया। -------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स- 10वें दिन भारत को 8 गोल्ड:7 बॉक्सरों ने जीते, एक पैरा शॉटपुट में मिला, ट्रिपल जंप में 2 मेडल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया है। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पी.टी. उषा ने स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला एथलीटों की तारीफ की
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कैंपेन का नेतृत्व करने वाली देश की महिला एथलीटों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि महिला एथलीटों की उपलब्धियां उनकी वर्षों की लगन को दिखाती हैं और साथ ही नई पीढ़ी की लड़कियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करती हैं। महिला एथलीटों ने देश के 13 स्वर्ण पदकों में 8 स्वर्ण पदक जीते हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद भारतीय बॉक्सिंग टीम जश्न मनाने ग्लास्गो के एक भारतीय रेस्टोरेंट पहुंची, जहां लवलीना बोरगोहेन ने देखा कि रेस्टोरेंट में प्रदर्शित भारत के नक्शे से नॉर्थ-ईस्ट का हिस्सा गायब था।लवलीना ने इसे लेकर रेस्टोरेंट मैनेजमेंट से आपत्ति जताई।
CWG 2026 जश्न के बीच भारत का गलत नक्शा देखकर भड़कीं Lovlina Borgohain, रेस्टोरेंट से की शिकायत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए ग्लासगो में एक सेलिब्रेशन डिनर रखा गया था। लेकिन इस खुशी के माहौल में उस समय विवाद हो गया, जब ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन की नजर रेस्टोरेंट के नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे पर गई। लवलीना ने देखा कि नक्शे में भारत का नॉर्थ-ईस्ट हिस्सा नहीं दिखाया गया था। उन्होंने इस पर अपनी नाराजगी जताई और रेस्टोरेंट से इसे ठीक करने की अपील की। लवलीना ने जताई नाराजगी असम की रहने वाली लवलीना ने समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि रेस्टोरेंट के नैपकिन और बाहर लगे बोर्ड पर भी भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था। उन्होंने कहा, कृपया मेरी बात को गलत मत समझिए। मुझे यह देखकर बहुत बुरा लगा। भारत के नक्शे में हमारा नॉर्थ-ईस्ट नहीं दिखाया गया है। बाहर लगे नक्शे में भी यही गलती है। हम नॉर्थ-ईस्ट से आते हैं, इसलिए यह बात हमें बहुत दुख पहुंचाती है। मेरी बस यही अपील है कि अगली बार सही नक्शा इस्तेमाल करें। धन्यवाद। इसे भी पढ़ें: CWG में गोल्ड जीतकर स्वदेश लौटीं Mirabai Chanu ने की PM Modi और Coach की जमकर तारीफ बॉक्सिंग फेडरेशन ने भी उठाई आपत्ति बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी लवलीना की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नक्शे में सिर्फ पूर्वोत्तर ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर भी सही तरीके से नहीं दिखाया गया था। अजय सिंह ने रेस्टोरेंट प्रबंधन से कहा कि गलत नक्शे को हटाकर उसकी जगह भारत की सही सीमाओं वाला नक्शा लगाया जाए। रेस्टोरेंट की ओर से नहीं आया बयान यह घटना ग्लासगो के मशहूर भारतीय रेस्टोरेंट 'मिस्टर सिंह्स इंडिया – द होम ऑफ करी' में हुई। यहां अक्सर खेल टीमों और दूसरे खास मेहमानों का आना-जाना रहता है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक रेस्टोरेंट की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। शानदार प्रदर्शन के बीच हुआ विवाद यह विवाद ऐसे समय सामने आया, जब भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। महिला टीम ने पांच गोल्ड मेडल जीते। प्रीति पवार, जैस्मिन लैंबोरिया, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया घांघस ने अपनी-अपनी वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। वहीं, पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पांघल ने भी गोल्ड मेडल जीतकर भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या सात कर दी, जो एक नया रिकॉर्ड है। इसे भी पढ़ें: Tanvi Sharma ने ताइपे ओपन में जीता पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब गोल्ड से चूकीं लवलीना लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 70 किलोग्राम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 4-1 से हार गईं। उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा और वह गोल्ड जीतने से थोड़े अंतर से चूक गईं। जश्न के बीच बदल गया माहौल भारतीय टीम इस रेस्टोरेंट में अपनी ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाने पहुंची थी। लेकिन गलत भारत का नक्शा देखने के बाद बातचीत मेडल और जीत से हटकर उसी मुद्दे पर आ गई। इसके बाद भारतीय बॉक्सिंग दल ने रेस्टोरेंट से भारत का सही नक्शा दिखाने की मांग की।
कॉमनवेल्थ में बॉक्सिंग में भारत की रिकॉर्ड जीत के पीछे एथलीट-फर्स्ट अप्रोच: अजय सिंह
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन शानदार रहा है। खासकर, मुक्केबाजों ने देश की झोली स्वर्ण पदकों से भर दी है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि बॉक्सिंग में भारत का रिकॉर्ड तोड़ सात स्वर्ण पदक जीतना एथलीट-फर्स्ट अप्रोच का नतीजा है। एथलीटों को विश्व-स्तरीय सपोर्ट मिला है।
स्टार भारोत्तोलक सेखोम मीराबाई चानू और लवप्रीत सिंह सहित राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों के पहले दल का रविवार को यहां स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता।मीराबाई ने हवाई अड्डे पर पीटीआई से कहा, ‘‘मणिपुर से होने के नाते मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैं अपने देश के लिए कुछ अच्छा कर सकी।’’पुरुषों के 109 किग्रा से अधिक वर्ग में एक किग्रा के मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूककर रजत पदक जीतने वाले लवप्रीत सिंह ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं। पंजाब के 28 वर्षीय लवप्रीत ने कहा, ‘‘मैं भारतीय नौसेना, अपने कप्तान विजय कुमार और यहां स्वागत के लिए आए सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं।’’उन्होंने कुल 388 किग्रा वजन उठाया जिसमें ‘स्नैच’ में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा वजन भी शामिल है।लवप्रीत ने कहा, ‘‘ऐसा हो जाता है (स्वर्ण से चूकना) लेकिन मैंने कड़ी मेहनत की और उसका परिणाम मिला। जब दो खिलाड़ी मुकाबला करते हैं तो एक को हारना पड़ता है। अब मैं एशियाई खेलों की अच्छी तैयारी करूंगा।’’भारतीय भारोत्तोलकों ने अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया। महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली बिंदयारानी देवी सोरोखेबम ने कहा, ‘‘जिस तरह सभी ने हमारा स्वागत किया है, उससे बहुत अच्छा लग रहा है। सभी का धन्यवाद, आपने घर जैसा अहसास कराया।’’उन्होंने कहा, ‘‘आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए मैं पहले से भी अधिक कड़ी मेहनत करूंगी।’’पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले ऋषिकांत सिंह ने कहा कि अगली बार वह स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। मैं अपने प्रदर्शन के बारे में पहले ही बात कर चुका हूं, लेकिन अगली बार और मजबूत वापसी करूंगा तथा बेहतर प्रदर्शन करूंगा।’’ इम्फाल में जन्मे भारतीय सेना के भारोत्तोलक ऋषिकांत ने अपने गृह राज्य मणिपुर में शांति की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य से और अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए नौसेना और मैतेई दोनों समान हैं। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मणिपुर में शांति होनी चाहिए ताकि वहां से मुझसे भी बेहतर खिलाड़ी निकल सकें।’’भारतीय भारोत्तोलन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने कहा, ‘‘यहां जिस तरह हमारा स्वागत किया गया, उससे हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। सभी लोग बहुत खुश हैं। मैं अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम पीछे रह गए और हमें उन पर काम करने की जरूरत है ताकि अपने रजत पदक का रंग स्वर्ण में बदला जा सके। लेकिन खेलों में ऐसा होता है। कुल मिलाकर परिणाम अच्छे रहे हैं और हम खुश हैं।’’शर्मा ने मीराबाई चानू की लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतने के लिए जमकर प्रशंसा की।उन्होंने कहा, ‘‘मीराबाई एक असाधारण खिलाड़ी हैं। अपने अनुशासन के कारण वह इस तरह के परिणाम हासिल कर पाती हैं। हम एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे हैं और मुझे लगता है कि वहां भी हम पदक जीतेंगे।’’ महिलाओं के 69 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले राष्ट्रमंडल खेलों में अपने रजत पदक को स्वर्ण में बदलना है।उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य अहमदाबाद में होने वाले अगले राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलना है।’’पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले राजा मुथुपांडी ने कहा कि पोडियम पर जगह बनाना कई सर्जरी और लंबे संघर्ष के बाद वर्षों की मेहनत का परिणाम है। मुथुपांडी ने कहा, ‘‘मैं 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भी उतरा था लेकिन तब पदक नहीं जीत पाया। उस समय मुझे बहुत बुरा लगा था। इसके बाद मैंने इस पदक के लिए काफी मेहनत की।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश कर रहा था लेकिन उस दिन मेरा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। फिर भी मुझे खुशी है कि मैंने पहली बार भारत के लिए पदक जीता।’’उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के तौर पर मेरी दो-तीन सर्जरी हुई हैं। हर सर्जरी के बाद मैंने और मेरे कोच ने वापसी की योजना बनाई और चरणबद्ध तरीके से काम किया। इतने संघर्ष के बाद वापसी करके पदक जीतने का अहसास बेहद खास होता है।’’मुथुपांडी ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल आने वाले हैं और उसके बाद ओलंपिक है। ओलंपिक क्वालीफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी। हम अपने कोच विजय शर्मा सर के साथ बैठकर पूरी योजना बनाएंगे और सभी क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं तथा चरणों की तैयारी करेंगे।’’एक अन्य रजत पदक विजेता वल्लुरी अजय बाबू ने कहा कि कड़े मुकाबले के दबाव से निपटने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उनका लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह मेरे पहले राष्ट्रमंडल खेल थे और मेरे लिए शानदार अनुभव रहा। मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा। मैं स्वर्ण पदक से चूक गया, लेकिन कोई बात नहीं। मैं अच्छी तैयारी करूंगा और कड़ी मेहनत करूंगा।’’ अजय बाबू ने कहा, ‘‘मुकाबला केवल एक किग्रा के अंतर से तय हुआ, इसलिए दबाव था। लेकिन मैंने उस दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे अच्छा लगा। मैं यह पदक अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करना चाहता हूं। मैं 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने का प्रयास करूंगा।’’ महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक वर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं मार्टिना देवी ने अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल अभियान को सीखने वाला अनुभव बताया।उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेल मेरे लिए सीखने का अच्छा अवसर रहे। मैं भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी। हवाई अड्डे पर जिस गर्मजोशी से हमारा स्वागत किया जा रहा है, उसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।’’भारत फिलहाल पदक तालिका में 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर है।
30 अगस्त से शुरू होगी शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग: शुभमन, अर्शदीप रहे मौजूद; 250 खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
घोषणा के अनुसार, लीग की शुरुआत 30 अगस्त से होगी। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 120 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जबकि करीब 250 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के पूल से टीमों का गठन होगा।
रॉकेट क्लासिक के लिए राइली और ब्रेनन के बीच मुकाबला; प्ले-ऑफ की दौड़ में अक्षय भाटिया
डेट्रॉइट, 2 अगस्त (आईएएनएस)। डेविस राइली ने पीजीए टूर पर जीत हासिल करने और प्ले-ऑफ में जगह बनाने के लिए खुद को अच्छी स्थिति में ला खड़ा किया है। राइली ने डेट्रॉइट गोल्फ क्लब में 7-अंडर 63 का स्कोर किया और कुल 15 के स्कोर के साथ एक शॉट की बढ़त बना ली।
राजस्थान की पहली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी को इस बात की निराशा है कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने कि ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बावजूद उन्हें अब तक राज्य सरकार की ओर से किसी तरह का प्रोत्साहन या शुभकामना संदेश नहीं मिला है।अरुंधति ने महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की शेंटेले रीड को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार के त्याग और अपने राज्य के लिए इतिहास रचने की प्रेरणा का परिणाम है।उन्होंने कहा कि खेलों के लिए आने के बाद उन्हें पता चला कि वह राष्ट्रमंडल खेलों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला मुक्केबाज हैं। इस 23 साल की मुक्केबाज ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मेरे लिए यह मौका था कि मैं अपने राज्य के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली पहली मुक्केबाज बनूं। इसका कोई दबाव नहीं था, बल्कि यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थी। मैंने जो सोचा था, वह कर दिखाया। मेरे कोच और पिता ने भी कहा था कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन इतिहास रचने का मौका जरूर है।’’अरुंधति ने कहा कि फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने एकतरफा जीत दर्ज की, जिससे उनकी उपलब्धि और भी खास बन गई। राजस्थान में मुक्केबाजी के ढांचे पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान में इस तरह के खेलों के लिए कोई खास सुविधा नहीं है। मुझे पदक जीते हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अभी तक राज्य सरकार या खेल मंत्री की ओर से कोई शुभकामना या प्रोत्साहन नहीं मिला है।’’राजस्थान के कोटा जिले की इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘वहां (राजस्थान) से जो खिलाड़ी आगे आ रहे हैं, वे अपने दम पर आ रहे हैं। कोटा में भी मुक्केबाजी के लिए कोई खास सुविधा नहीं है। जब मैं वहां जाती हूं तो क्रिकेट के मैदान में अभ्यास करना पड़ता है। इसी कारण मैं भारतीय सेना से जुड़ी और वहीं की सुविधाओं का उपयोग कर प्रशिक्षण ले रही हूं।’’अरुंधति को मुक्केबाज बनाने के सफर में परिवार का पूरा साथ मिला और इन खेलों में जब उनका मुकाबला शुरु होने से पहले से ही उनके पिता ने उपवास रखा जो उनके स्वर्ण पदक जीतने पर टूटा। अरुंधति ने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में जब मैंने अपना पहला मुकाबला जीता था, तब मेरी बड़ी बहन ने बताया कि मेरे पिता मेरे स्वर्ण पदक जीतने के लिए उपवास रख रहे हैं। इसके बाद मैं स्वर्ण पदक जीतने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हो गई। मुझे अपने राज्य के लिए भी कुछ करना था। परिवार का मुझे पूरा सहयोग मिला।’’इस मुकाबले से पहले अरुंधति को तेज बुखार था लेकिन उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर खिलाड़ियों को अपने शरीर की परेशानियों को पीछे छोड़कर प्रदर्शन करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘इतने बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका बहुत लंबे समय बाद मिलता है। ऐसे में चोट, वजन कम करना या बीमार होना बहाने नहीं हो सकते। ये सब चीजें बाद में ठीक हो जाएंगी, लेकिन अगर पदक हाथ से निकल गया तो वह वापस नहीं आएगा। राष्ट्रमंडल खेलों में अगला मौका चार साल बाद ही मिलता है।’’ अरुंधति ने कहा, ‘‘‘मैंने फाइनल मुकाबले से कुछ समय पहले बुखार कम करने के लिए पैरासिटामोल ली थी, लेकिन जैसे ही रिंग में उतरी, सब कुछ भूल गई। वहां बड़ी संख्या में भारतीय दर्शक मौजूद थे। ‘इंडिया-इंडिया’ और ‘जय बजरंग बली’ के नारों ने मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा दिया और उसी ऊर्जा के साथ मैंने मुकाबला खेला।’’भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों में सात स्वर्ण और तीन रजत पदक जीत कर इतिहास रच दिया।
एशिया कप 2026 के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड का हुआ ऐलान, प्रेमा रावत को मिली टीम में जगह
एशिया कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम के स्क्वॉड का ऐलान हो गया है। इस टूर्नामेंट के लिए यास्तिका भाटिया को एक बार फिर टीम में जगह नहीं मिली है। प्रेमा रावत को श्रेयांका पाटिल की जगह मौका मिला है।
सीडब्ल्यूजी 2026: फाइनल में चोट के साथ उतरी थीं लवलीना बोरगोहेन; बाढ़ पीढ़ितों को समर्पित किया मेडल
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में फाइनल बाउट हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करने वालीं लवलीना बोरगोहेन ने खुलासा किया है कि उन्होंने फाइनल में घुटने की मामूली चोट के बावजूद मुकाबला किया। ओलंपिक मेडलिस्ट ने कहा कि दर्द को सहकर आगे बढ़ना एथलीट्स के सफर का एक हिस्सा है।
रेस्टोरेंट में हुए बवाल पर लवलीना बोरगोहेन ने खोला राज
भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. अब वह मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद हर बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कम से कम एक मेडल जीतने वाली तीसरी बॉक्सर बन गई हैं.
Commonwealth Games में इशरूप नारंग कांस्य पदक मुकाबले में पहुंची
ग्लास्गो, दो अगस्त भारतीय जूडो खिलाड़ी इशरूप नारंग ने रविवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की महिलाओं के 78 किग्रा वर्ग के रेपेशॉज मुकाबले में कैमरून की जॉर्जिका वेस्ली जेंगुए मौने को हराकर कांस्य पदक जीतने की उम्मीद बरकरार रखी। पंजाब की 19 साल की इशरूप ने अपने से मजबूत और लंबी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ दो युको हासिल करने के बाद ‘वाजा-आरी’ के आधार पर मुकाबला अपने नाम किया। इससे पहले इशरूप के क्वार्टर फाइनल में हारने से स्वर्ण पदक जीतने का अभियान समाप्त हो गया था। उन्हें इंग्लैंड की एमा रीड ने इप्पोन से हरा दिया। चार मिनट तक चले इस मुकाबले में इशरूप को दो पेनल्टी (शिडो) मिली जबकि एमा ने दो ‘वाजा-आरी’ हासिल कर जीत सुनिश्चित की। इशरूप ने स्कॉटलैंड की निकोल वुड को हराकर महिलाओं के 78 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी जिसमें निर्धारित समय के अंत तक मुकाबला बराबरी पर रहा। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों को एक-एक पेनल्टी मिली। भारतीय खिलाड़ी ने गोल्डन स्कोर में एक मिनट 40 सेकेंड के बाद निर्णायक युको हासिल कर पांच मिनट 40 सेकेंड तक चले मुकाबले में जीत दर्ज की। भारत के अवतार सिंह को हालांकि पुरुषों के 100 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में साइप्रस के अरिस्टोस माइकल के खिलाफ इप्पोन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं यश घंगास भी पुरुषों के 100 किग्रा से अधिक वजन वर्ग में राउंड 16 में वेल्स के जोशुआ व्हाइटहाउस से 0-1 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। व्हाइटहाउस ने मुकाबले के बीच में एक निर्णायक युको हासिल किया और अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी। चार मिनट तक चले मुकाबले में यश को दो पेनल्टी भी मिलीं और वह वापसी नहीं कर सके। इसके साथ ही उनका अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया। युको खिलाड़ी के प्रतिद्वंद्वी को गिराने या प्रतिद्वंद्वी को पांच से नौ सेकेंड तक ‘होल्ड-डाउन’ करने पर दिया जाता है। वहीं इप्पोन जूडो का सर्वोच्च अंक होता है। इप्पोन मिलते ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है।
CWG में गोल्ड जीतकर स्वदेश लौटीं Mirabai Chanu ने की PM Modi और Coach की जमकर तारीफ
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू भारत लौट आई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका बहुत भव्य और जोरदार स्वागत किया गया। हर मुश्किल और दर्द इस मेडल के लिए था अपनी इस कामयाबी और सफर के बारे में बात करते हुए मीराबाई चानू ने कहा, यह देश के लोगों का प्यार और दुआएं हैं जो मुझे यहां तक ले आई हैं। मेरा बस एक ही मकसद था - भारत के लिए मेडल जीतना। जब भी मैं मेडल लेकर घर आती हूं, तो मुझे अपने पुराने दिनों और संघर्षों की याद आ जाती है। लेकिन मेडल जीतने की खुशी में मैं अपनी सारी पुरानी तकलीफें भूल जाती हूं। मुझे लगता है कि मैंने जो भी दर्द सहा, वह इसी पल के लिए था। इसे भी पढ़ें: गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक Double Medal: 5000m में Bronze और Soman Rana ने जीता Shotput Gold Medal पीएम मोदी और कोच विजय शर्मा की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बधाई मिलने पर मीराबाई ने कहा कि पीएम मोदी हर मोड़ पर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं। वह हर एथलीट के खेल की जानकारी रखते हैं और ऐसा प्रधानमंत्री पाना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। वहीं अपने कोच विजय शर्मा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, बिना कोच के कोई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकता। विजय सर ने हर छोटी-बड़ी बात में मेरा साथ दिया है। हार हो या जीत, वे हमेशा जानते हैं कि मेरा हौसला कैसे बढ़ाना है। इसे भी पढ़ें: Tanvi Sharma ने ताइपे ओपन में जीता पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने पर नजर अपनी आगे की तैयारियों पर बात करते हुए मीराबाई चानू ने कहा कि एशियन गेम्स में मुकाबला बहुत कठिन होगा, लेकिन उनकी ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। उनका पूरा ध्यान वहां भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें अर्जुन अवॉर्ड देने का फैसला करती है, तो यह उनके लिए बहुत बड़े सम्मान की बात होगी।
मीराबाई से लेकर नीरज चोपड़ा तक, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का गोल्डन परफॉर्मेंस
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सरों ने अपना लोहा मनवाया. इसके अलावा वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू सहित 8 खिलाड़ियों ने मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की.
Glasgow में नैपकिन पर भारत का गलत नक्शा देख भड़की Lovlina
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय मुक्केबाज ग्लासगो के एक रेस्तरां पहुंचे, जहां नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे को लेकर विवाद खड़ा हो गया. लवलीना बोरगोहेन ने नक्शे में नॉर्थ ईस्ट को सही तरीके से नहीं दिखाए जाने पर आपत्ति जताई. भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सही नक्शे के इस्तेमाल की मांग की.
अभिषेक शर्मा ने बल्ले से बरपाया कहर, 91 गेंदों में 25 छक्कों की मदद से ठोक दिए 233 रन
भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पंजाब स्टेट इंटर-डिस्ट्रिक्ट सीनियर वनडे टूर्नामेंट 2026-27 में अमृतसर सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए 91 गेंदों में 233 रन की विस्फोटक पारी खेली।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले भारत को झटका, चोट से पूरी तरह नहीं उबरे जसप्रीत बुमराह
रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह फिलहाल इम्पैक्ट इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम उनकी फिटनेस पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के पक्ष में नहीं है।
फ्लेमिंग बने कोच इसलिए ली कप्तानी, जो रूट ने इंग्लैंड का दोबारा कप्तान बनने पर किया बड़ा खुलासा
जो रूट ने इंग्लैंड टीम की कप्तानी दोबारा संभालने की बड़ी वजह बताई है। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज रूट ने 2022 में कप्तानी छोड़ दी थी। वे इससे पहले 65 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड टीम की कमान संभाल चुके हैं।
अभिषेक शर्मा का तूफानी दोहरा शतक, 91 गेंदों में 233 रन ठोककर मचाई सनसनी; वनडे की भी मजबूत दावेदारी
अभिषेक शर्मा ने मुकाबले में केवल 91 गेंदों का सामना करते हुए 233 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज पूरी तरह आक्रामक रहा और उन्होंने गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा।
भारतीय टीम के ओपनर अभिषेक शर्मा ने पंजाब इंटर-डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट के एक वनडे मैच में दोहरा शतक जड़ा है। अमृतसर मेंस सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए अभिषेक ने तरन तारन मेंस सीनियर टीम के खिलाफ यह कारनामा किया। उनकी इस पारी की बदौलत अमृतसर की टीम ने 50 ओवर में 500 रन का आंकड़ा पार कर लिया। 15 चौके और 25 छक्के लगाए अभिषेक ने इस मुकाबले में 91 गेंदों का सामना करते हुए 233 रन की पारी खेली। उन्होंने 250 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 15 चौके और 25 छक्के लगाए। यानी उन्होंने सिर्फ बाउंड्री के जरिए ही 202 रन बना डाले। इस मैच में अभिषेक के दोहरे शतक और अभय चौधरी की 91 रनों की पारी के दम पर अमृतसर मेंस सीनियर टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 533 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। खराब फॉर्म के बाद जोरदार वापसी हाल के समय में अभिषेक शर्मा भारतीय टीम के लिए खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट की पिछली सात पारियों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ हालिया तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 1, 8 और 2 रन बनाए थे।
गर्लफ्रेंड माहिका संग तिरुमला मंदिर पहुंचे हार्दिक
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पंड्या खास वजह से चर्चा में हैं. हार्दिक, गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा संग आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर दर्शन करने पहुंचे.
सचिन ने दिखाया असली याराना, शेयर किया स्पेशल वीडियो
सचिन तेंदुलकर अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार और पर्सनल लाइफ से जुड़ी झलकियां शेयर करते रहते हैं. इस बार फ्रेंडशिप डे के मौके पर उन्होंने एक पोस्ट ऐसा किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है. सचिन तेंदुलकर के इस पोस्ट ने फ्रेंडशिप डे को उनके लिए और भी यादगार बना दिया है.
150 किमी/घंटा रफ्तार से मयंक ने बल्लेबाज को चौंकाया
भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव एक बार फिर से अपनी तेज गेंदबाजी के चलते सुर्खियों में आ गए हैं. मयंक ने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में ईस्ट दिल्ली राइडर्स के लिए डेब्यू करते हुए पहली ही गेंद पर विकेट लेकर तहलका मचा दिया.
Commonwealth Games 2026 में 11वें दिन भी भारतीय एथलीट से मेडल की उम्मीद, जूडो पर नजरें
ग्लास्गों में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज 11वां और आखिरी दिन है। भारत के पास आज भी 7 मेडल जीतने का मौका है।
खेल के मैदान पर पसीना बहाने वाले एथलीट्स अगर किचन में भी अपना कमाल दिखाएं, तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। दुनिया के बेहतरीन फुटबॉलर अर्लिंग हालेंड के वायरल ‘टोमाहॉक स्टेक’ कुकिंग वीडियो के बाद, अब इंग्लैंड की स्टार वेटलिफ्टर एमिली कैंपबेल ने इस धारणा को और मजबूत किया है। 32 वर्षीय एमिली ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता है। दिलचस्प बात यह है कि दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट एमिली कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने से ठीक पहले मशहूर टीवी शो ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ के किचन में अपनी कुकिंग का जलवा बिखेर रही थीं, जहां उन्होंने अपनी सिग्नेचर डिश ‘कैरेबियन करीड मटन’ बनाई थी। एमिली ने 86+ किग्रा में कुल 278 किलो (115 किलो स्नैच + 163 किलो क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर गेम्स का नया रिकॉर्ड कायम किया है। पेरिस ओलिंपिक की एकमात्र ब्रिटिश वेटलिफ्टर रहीं एमिली वहां से भी सिल्वर मेडल लेकर लौटी थीं। एमिली कहती हैं, ‘वेटलिफ्टर की पहचान से अलग हटकर कुछ और करना मेरे लिए बहुत सुखद रहा। खाना बनाना हमेशा से मेरा पैशन रहा है, लेकिन मास्टरशेफ में हिस्सा लेना वेटलिफ्टिंग से कहीं ज्यादा घबराहट वाला अनुभव था।’ एक एथलीट के तौर पर अपनी ताकत बरकरार रखने के लिए एमिली को रोजाना 3,500 कैलोरी की जरूरत होती है। यही वजह है कि उन्हें ज्यादा मात्रा में खाना बनाने की आदत हो गई है। एमिली बताती हैं कि ट्रेनिंग कैंप्स के दौरान वे अक्सर अपने साथी एथलीट्स के लिए शेफ की भूमिका निभाती हैं। नॉटिंघम में पली-बढ़ीं एमिली के कुकिंग शौक के पीछे उनके बचपन की यादें हैं। हर रविवार उनके पिता कैरेबियन डिशेज बनाते थे, जिसकी खुशबू से उनकी सुबह होती थी। एमिली अब भी साल्मन, ग्रिल्ड सब्जियां, चिकन लक्सा, जापानी कुजीन और स्पगेटी बोलोग्नीस जैसी डिशेज खुद पकाती हैं। मास्टरशेफ में हिस्सा लेने की प्रेरणा उन्हें अपनी दोस्त कदीना कॉक्स से मिली थी, जिन्होंने खाने से जुड़ी अपनी मानसिक बीमारी (बुलिमिया) को हराकर वह शो जीता था। एमिली का यह कामयाबी भरा सफर शुरुआत में बिल्कुल भी आसान नहीं था। एक समय था, जब उनके पोषण के लिए स्थानीय फल-सब्जी वाले उन्हें मुफ्त में राशन दे जाते थे ताकि उनकी डाइट पूरी हो सके। यहां तक कि क्राउडफंडिंग के जरिए स्थानीय मोचियों ने उनके लिए वेटलिफ्टिंग बेल्ट बनाई थी। आज वही एमिली खुद अपने ‘मील्स-टू-मसल’ (भोजन से ताकत तक) के सफर की कमान पूरी तरह से संभाल रही हैं और न्यूट्रिशनिस्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय अपनी डाइट खुद डिजाइन करती हैं। वह दुनिया को साबित कर रही हैं कि एथलीट्स न सिर्फ मैदान पर मेडल जीत सकते हैं, बल्कि किचन में भी असली चैम्पियन बन सकते हैं।
श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया को लगा तगड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह टेस्ट सीरीज से बाहर
श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं।
25 छक्के और 233 रन... अभिषेक ने उड़ाया गर्दा, गेंदबाज हुए बेबस
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में ऐसा तूफान मचाया कि हर कोई हैरान रह गया. अमृतसर मेन सीनियर की ओर से खेलते हुए उन्होंने 91 गेंदों पर 233 रन बना दिए. इस दौरान अभिषेक ने चौके-छक्कों की बरसात कर डाली.
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करके भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम रविवार को स्वदेश लौटी। ग्लासगो में गोल्ड मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू ने अपने प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। वहीं, लवप्रीत सिंह ने उनका समर्थन करने के लिए देशवासियों का धन्यवाद किया।
पश्चिम बंगाल में खेलों को मिलेगा बढ़ावा, 100 इंडोर स्पोर्ट्स एरीना बनाने की तैयारी
कोलकाता, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री इंद्रनील खान ने 'खेलो इंडिया' स्कीम के तहत राष्ट्रीय खेल संघों को मिलने वाली बढ़ी हुई मदद की तारीफ की है और कहा है कि इससे राज्य से और ज्यादा टॉप-लेवल के खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी।
भारत बनाम पाकिस्तान टीम आमने-सामने, यहां देखें एशियन लेजेंड्स लीग 2026 का लाइव स्कोर
एशियन लीजेंड्स लीग 2026 में भारत और पाकिस्तान की टीमें जाम्बिया के लुसाका स्थित लोटस स्पोर्ट्स क्लब में आमने-सामने हैं। इस मैच में दोनों भारत और पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स के बीच भिड़ंत हो रही है।
तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन 2026 जीतकर रचा इतिहास, 18 सालों में ऐसा करने वाली पहली भारतीय
भारत की युवा बैडमिंटन प्लेयर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन 2026 जीतकर इतिहास रच डाला है। उन्होंने फाइनल में वियतनाम की लिन्ह एनगुएन को सीधे गेम में हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता।
बेटी घर में घुसने नहीं देती... रवि शास्त्री निकले जूड बेलिंगहैम के फैन
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री का इंग्लैंड में एक अलग अंदाज देखने को मिला. द हंड्रेड के मुकाबले के दौरान उन्होंने इंग्लिश फुटबॉल टीम और रियल मैड्रिड के स्टार जूड बेलिंगहैम का शानदार अंदाज में स्वागत किया. बेलिंगहैम ने हालिया फीफा वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया था.
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया है। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। महिला बॉक्सिंग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किए। पुरुषों में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्ड मेडल जीते। बॉक्सिंग में ही लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि और नरेंद्र बेरवाल को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने गोल्ड जीता। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वे कॉमनवेल्थ गेम्स में 5000 और 10000 मीटर दोनों इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। भारत ने ट्रिपल जंप में दो और मेडल भी जीत लिए। बॉक्सिंग के रिजल्ट देखिए 1. पंघाल ने इंग्लिश बॉक्सर को 4-1 से हराया अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराया। अंकुश फाइनल की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाया और आखिर में जीत अपने नाम की। 2. सचिन सिवाच के आखिरी पंच से सोना आया सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में नामीबिया के मुक्केबाज को ट्राईगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराया। दूसरे राउंड में रेफरी ने सचिन पर एक अंक की पेनल्टी लगाई थी। ऐसे में आखिरी राउंड में उनका 4-1 से जीतना जरूरी हो गया था। आखिरी राउंड भी बराबरी पर था, लेकिन सचिन में आखिरी क्षणों में दमदार पंच लगाया, इससे नडेवेलो लड़खड़ा गए। इसी पंच ने सचिन की जीत तय कर दी। 3. अरुंधति चौधरी को भी गोल्ड अरुंधति चौधरी ने 70kg में इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से हराया। अंतिम राउंड के शुरुआती 30 सेकेंड में रेफरी ने दोनों मुक्केबाजों को खेल की रफ्तार बढ़ाने के लिए कहा। अरुंधति की प्रतिद्वंद्वी रीड को मुकाबले में वापसी के लिए आक्रामक होना था, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। 4. प्रिया घंघास की संघर्षपूर्ण जीत महिलाओं के 60kg फाइनल मुकाबले में भारत की प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने मिले जुले फैसले में 4-1 से जीत हासिल की। प्रिया ने मुकाबले की तेज शुरुआत की, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी अल-अहमदियेह ने भी कुछ सटीक पंच लगाकर जोरदार जवाब दिया। फाइनल राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। प्रिया थकी हुई नजर आ रही थीं, लेकिन उन्होंने लगातार आक्रामक रुख बनाए रखा और दमदार पंच लगाती रहीं। 5. साक्षी ने इंग्लैंड की खिलाड़ी को 5-0 से हराया महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत की साक्षी चौधरी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और यूनानिमस डिसीजन 5-0 से जीत हासिल की। साक्षी ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के पंचों को रोका और दाएं हाथ से लगातार सटीक जवाबी हमले किए। उनके कई पंच सीधे प्रतिद्वंद्वी के चेहरे पर लगे, जिससे मुकाबले में उनकी पकड़ मजबूत होती गई। 6. प्रीति ने कनाडाई मुक्केबाज को हराया हरियाणा की बॉक्सर प्रीति पवार ने विमेंस के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराया। उन्होंने तीनों ही राउंड में दबदबा कायम रखा और गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति ने 2023 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था। प्रीति 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 2026 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, जबकि 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति की ट्रेनिंग NS NIS पटियाला में होती है। 7. जैस्मिन ने मिशेला वॉल्स को 5-0 से मात दी हरियाणा की बॉक्सर जैस्मिन लांबोरिया 57 KG कैटेगरी के फाइनल में मिशेला वॉल्श को 5-0 से हराया। उन्हें सभी जजों ने एक मत फैसले से विजेता घोषित किया। जैस्मिन इस वर्ग में दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर हैं। उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड जीता है। जैस्मिन 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए खेल चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। 8. बोरगोहेन फाइनल में 1-4 से हारीं लवलीना बोरगोहेन को 70 किलो भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर एम्मा-सू ग्रीनट्री के हाथों 1-4 से हार झेलनी पड़ी। बोरगोहेन ने ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीता था। इस बार वे गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन फाइनल में उन्हें उपविजेता बनकर ही वापस लौटना पड़ा। 9. पहला राउंड जीतने के बाद पिछड़े जादुमणि जादुमणि ने अपने से लंबे ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी डिक्सन के खिलाफ पहला राउंड 3-2 से जीता। हालांकि, वे दूसरे और तीसरे राउंड में डिक्सन ने वापसी की और मुकाबला अपने नाम किया। जादुमणि शुक्रवार को नामीबिया के फिलिप हाओसेब को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचे थे। 10. नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़े, सिल्वर मिला नरेंद्र को पुरुषों के 90 प्लस किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में पराजय झेलनी पड़ी। उन्हें इंग्लैंड के डेमर थॉमस ने 5-0 से हराया। इस मैच में नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़ रहे थे। आखिरी के 2 राउंड में भी वे वापसी नहीं कर सके। पैरा शॉट पुटर सोमन ने गोल्ड जीता, शुभम को सिल्वर पैरा शॉट पुट इवेंट की F-57 कैटेगरी में भारत के सोमन राणा ने सीजन बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। एक अन्य भारतीयय शुभम जुयाल ने सिल्वर पाया। सोमन राणा ने 13.40 मीटर गोला फेंका। शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो किया। F-57 कैटेगरी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिनके कम के नीचे के अंग (पैरों) कमजोर होते हैं। लेकिन उनके ऊपरी शरीर (धड़ और हाथ) की ताकत पूरी तरह सामान्य होती है। गुलवीर ने 5000 मीटर में जीता ब्रॉन्ज गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन के दो ट्रैक इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं। गुलवीर ने 10000 मीटर में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीत लिया। गुलवीर ने 13 मिनट 24.95 सेकेंड का समय निकाला। उन्होंने केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकेंड से पीछे छोड़ा। इस इवेंट का गोल्ड युगांडा के मैथ्यू किपसांग (13:23.61) ने जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन (13:24.70) को सिल्वर मिला। आर्मी की तैयारी करते-करते नेशनल चैंपियन बन गए गुलवीर 28 साल के गुलवीर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के सिरसा गांव से आते हैं। किसान परिवार में पले-बढ़े गुलवीर बचपन में भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए गांव की कच्ची सड़कों पर दौड़ लगाते थे। सेना में शामिल होने के बाद उन्होंने इंटर-यूनिट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया और तीन साल के भीतर नेशनल गेम्स में 10,000 मीटर के चैंपियन बन गए। ट्रिपल जंप में भारत के दो और मेडल भारत ने पुरुष ट्रिपल जंप में दो और मेडल जीत लिए हैं। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर के जंप अटैम्प्ट के साथ सिल्वर अपने नाम किया। वहीं, भारत के ही सेल्वा प्रभु ने 16.52 के बेस्ट अटैम्प्ट के साथ ब्रॉन्ज जीता। इस इवेंट का गोल्ड जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने जीता। उनका बेस्ट अटैम्प्ट 16.72 मीटर का रहा। उन्नति शर्मा ने जूडो में जीता ब्रॉन्ज मेडल महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्नति ने मुकाबला महज 1 मिनट 7 सेकेंड में इप्पोन के जरिए जीत लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्नति आक्रामक नजर आईं। उन्होंने सही मौके का फायदा उठाते हुए प्रतिद्वंद्वी का संतुलन बिगाड़ा और उन्हें पीठ के बल गिरा दिया। इस शानदार मूव पर उन्हें इप्पोन मिला, जो जूडो में एक ही दांव पर मिलने वाला सर्वोच्च स्कोर होता है। शनमुगम सातवें स्थान पर रहे पैरा एथलेटिक्स में पुरुष 1500 मीटर T54 के फाइनल में भारत के रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे। उन्होंने 3:23:59 मिनट का समय लिया। रवीना गायकवाड़ डिस्क्वालिफाई महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल में भारत की रवीना गायकवाड को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन के लिए तीन रेड कार्ड मिले, जिसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अभियान निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। ------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर…
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा की जमकर तारीफ की है। तन्वी ने रविवार को ताइपे ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रचा। वह यह खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।
रोहित-विराट के वर्ल्ड कप खेलने पर पाकिस्तान से आया बयान
रोहित शर्मा 2007 और विराट कोहली 2008 से भारतीय वनडे टीम की रीढ़ बने हुए हैं. कोहली 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, जबकि रोहित उस स्क्वॉड से चूक गए थे. 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की हार का दर्द दोनों दिग्गजों के दिलों में आज भी ताजा है.
तिलक वर्मा को मिली साउथ जोन की कमान, रिकी भुई को बनाया गया उपकप्तान
भारतीय T20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए साउथ जोन का कप्तान बनाया गया है। टीम के उपकप्तान रिकी भुई होंगे।
भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने रविवार को तिरुमाला के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान हार्दिक सिर मुंडवाए हुए नजर आए। हार्दिक के साथ उनकी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा भी मौजूद थीं। मंदिर में दर्शन के दौरान हार्दिक और माहिका दोनों ही पारंपरिक सफेद कपड़ों में दिखाई दिए। मंदिर में बाल दान करने की परंपरा तिरुमाला मंदिर में श्रद्धालु अक्सर आस्था और आभार के प्रतीक के रूप में अपने बाल दान करते हैं। हालांकि, हार्दिक ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि उन्होंने सिर क्यों मुंडवाया है। IPL 2026 के बाद से मैदान से बाहर यह मंदिर यात्रा हार्दिक के करियर के एक अहम मोड़ पर हुई है, क्योंकि वे चोट से उबरकर वापसी की कोशिश कर रहे हैं। हार्दिक पंड्या IPL 2026 के बाद से चोट के कारण क्रिकेट से दूर हैं। पहले उन्हें पीठ में अकड़न की समस्या हुई, फिर जांघ की चोट ने उनकी वापसी टाल दी। IPL 2026 में उन्होंने मुंबई इंडियंस की कप्तानी की थी, लेकिन पांच बार की चैंपियन टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। अफगानिस्तान, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरे से भी रहे बाहर चोट के कारण हार्दिक अफगानिस्तान के खिलाफ लिमिटेड ओवर सीरीज, इंग्लैंड दौरे की वनडे और टी-20 सीरीज तथा जिम्बाब्वे के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज भी नहीं खेल सके। उन्होंने IPL 2026 के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है। ऐसे में माना जा रहा है कि तिरुमाला में पूजा-अर्चना के साथ वह अब मैदान पर वापसी की तैयारियों में जुट गए हैं। हार्दिक पंड्या ने मुंबई इंडियंस छोड़ने की भी चर्चा हार्दिक पंड्या ने मुंबई इंडियंस छोड़ने की चर्चा चल रही है। हालांकि, अभी तक इस बारे में अधिकारिक बयान नही आया है। पंड्या 2015 से 2021 तक MI की ओर से खेले थे। इसके बाद उन्होंने टीम छोड़ दी और दो साल (2022 और 2023) गुजरात टाइटंस की कप्तानी की। 2024 में उनकी मुंबई में वापसी हुई और उन्हें रोहित शर्मा की जगह कप्तान बनाया गया। 2024 में मुंबई 10वें और आखिरी स्थान पर रही। 2025 में टीम प्लेऑफ में पहुंची लेकिन खिताब नहीं जीत पाई। इन दोनों सीजन के दौरान और उसके बाद खबरें आई कि पंड्या मुंबई छोड़ सकते हैं या मुंबई उनसे कप्तानी छीन सकती है। इस बार भी ऐसी ही खबरें आ रही हैं। ------------------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL-2027 ट्रेड विंडो से पहले मुंबई इंडियंस का रिव्यू:कप्तान हार्दिक पंड्या के ट्रेड पर फ्रेंचाइजी बोली- अभी ट्रेड पर कोई बातचीत नहीं IPL 2026 में निराशाजनक सीजन के बाद मुंबई इंडियंस अपने स्क्वॉड का रिव्यू कर रही है। इससे पहले कप्तान हार्दिक पंड्या ट्रेड विंडो की सबसे बड़ी चर्चा बन गए हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हार्दिक ट्रेड हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी ट्रेड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पूरी खबर जसप्रीत बुमराह श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर:घुटने की चोट से उबर नहीं पाए, 15 अगस्त से खेली जाएगी सीरीज भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे थे। बेंगलुरु में मौजूद BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनका रिहैबिलिटेशन चल रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड की मेडिकल टीम ने उन्हें अभी वापसी न करने की सलाह दी है। उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने को कहा गया है। पूरी खबर
भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे थे। बेंगलुरु में मौजूद BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनका रिहैबिलिटेशन चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड की मेडिकल टीम ने उन्हें अभी वापसी न करने की सलाह दी है। उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने को कहा गया है। हालांकि, BCCI की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोटिल हो गए थे। वे सीरीज के आखिरी वनडे में नहीं खेल सके थे। 15 सदस्यीय टीम में शामिल थे 32 साल के बुमराह को मंगलवार को भारत की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनका खेलना फिटनेस पर निर्भर था। PTI की रिपोर्ट में कहा गया था कि बुमराह श्रीलंका सीरीज के लिए फिट हो जाएंगे। सिराज-प्रसिद्ध भी टीम में शामिल श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को भी जगह मिली है। बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज के कंधों पर तेज गेंदबाजी का जिम्मा होगा। गुरनूर बरार भी टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने अब तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है। बुमराह ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट खेले बुमराह ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट खेले हैं, जिसमें 9.00 की औसत के साथ उन्होंने कुल 10 विकेट लिए हैं। एक पारी में 5 विकेट हॉल भी ले चुके हैं। उन्होंने श्रीलंका की धरती पर अब तक कोई टेस्ट नहीं खेला है। बुमराह ने अपने टेस्ट करियर में 234 विकेट लिए हैं। भारत को 18 साल से नहीं हरा सका श्रीलंका भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका को 3 में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 4 सीरीज ड्रॉ रही हैं। श्रीलंका पिछले छह सीरीज से भारत को नहीं हरा सका है। उसने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी, यानी उसे करीब 18 साल से भारत के खिलाफ सीरीज जीत का इंतजार है। --------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स का आखिरी दिन:जूडो और साइक्लिंग में भारत को 5 मेडल की उम्मीद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत जूडो तथा ट्रैक साइक्लिंग में अपनी चुनौती पेश करेगा। ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग में रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम और लिशा दास सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। पूरी खबर…
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह:घुटने की चोट बनी वजह, 15 अगस्त से खेली जाएग सीरीज
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरुआती जांच के बाद बुमराह को अपने बाएं घुटने में लगातार तकलीफ महसूस हो रही है। इसके बाद यह फैसला लिया है कि उनका अभी क्रिकेट में वापसी करना सुरक्षित नहीं होगा। उन्हें पूरी तरह से ठीक होने की सलाह दी गई है। हालांकि अब तक BCCI की ओर से कोई बयान नहीं आया है। 15 सदस्यीय टीम में शामिल थे इससे पहले PTI की रिपोर्ट में कहा गया था कि बुमराह श्रीलंका सीरीज के लिए फिट हो जाएंगे। 32 साल के दाएं हाथ के गेंदबाज बुमराह को मंगलवार को भारत की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनका खेलना फिटनेस पर निर्भर था। भारत को 18 साल से नहीं हरा सका श्रीलंका भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका को 3 में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 4 सीरीज ड्रॉ रही हैं। श्रीलंका पिछले छह सीरीज से भारत को नहीं हरा सका है। टीम ने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी, यानी उसे करीब 18 साल से भारत के खिलाफ सीरीज जीत का इंतजार है।
17 वर्षीय तन्वी शर्मा बनीं चैंपियन, ताइपे ओपन का खिताब जीतकर रचा इतिहास
ताइपे, 2 अगस्त (आईएएनएस)। 17 वर्षीय भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस खिताब को जीतने वाली किसी भी कैटेगरी की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी हैं। यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 300 टाइटल भी है।
हिसार, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारतीय मुक्केबाजी टीम के लिए यादगार रहा। बॉक्सिंग में देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें से 7 गोल्ड रहे। अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 'गोल्डन पंच' लगाया। अंकुश के कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि अंकुश और उन्होंने मिलकर इंग्लैंड के बॉक्सर डिमेजी शिट्टू के खिलाफ पहले से ही तैयारी कर रखी थी।
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 के तीसरे मुकाबले में वेस्ट दिल्ली लायंस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए न्यू दिल्ली टाइगर्स को 19 रनों से हराया। वेस्ट दिल्ली लायंस से मिले 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यू दिल्ली की पूरी टीम 151 रन बनाकर आल आउट हो गई।
टीम इंडिया को तगड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह श्रीलंका दौरे से बाहर
श्रीलंक दौरे से पहले टीम इंडिया की टेंशन बढ़ गई है. स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर अच्छी खबर नहीं आई है. बुमराह बाएं घुटने में तकलीफ महसूस होने के कारण दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. बीसीसीआई की मेडिकल टीम बुमराह को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है.
Tanvi Sharma ने ताइपे ओपन में जीता पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब
ताइपे सिटी, दो अगस्त युवा भारतीय सनसनी तन्वी शर्मा ने रविवार को यहां ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में वियतनाम की छठी वरीय थुई लिन्ह एनगुएन को सीधे गेम में हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता। पिछले साल अमेरिकी ओपन सुपर 300 में उप विजेता रही पंजाब की 17 साल की तन्वी ने फाइनल में एनगुएन को 36 मिनट में 21-16, 21-16 से हराया। खिताब जीतने के बाद तन्वी ने कहा, ‘‘यहां यह खिताब जीतकर मैं बेहद खुश हूं।’’सत्रह वर्ष और 222 दिन की उम्र में ताइपे ओपन के इतिहास की सबसे कम उम्र की चैंपियन बनी तन्वी ने इस मामले में ताइवान की महान खिलाड़ी ताई जू यिंग का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने की उम्मीद नहीं थी। मेरा लक्ष्य सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। मैंने एक बार में एक मैच पर ध्यान दिया और पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया।’’पीवी सिंधू के पूर्व मेंटर (मार्गदर्शक) पार्क ताए संग से कोचिंग लेने वाली तन्वी 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय हैं। पूरे टूर्नामेंट में केवल एक गेम गंवाने वाली तन्वी ने कहा, ‘‘मैं काफी नर्वस थी लेकिन मैंने यही सोचा कि मुझे अपना शत प्रतिशत देना है और अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘लगातार पांच मैच खेलना मेरे लिए भी आसान नहीं था। लेकिन मुझे पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता बनाए रखनी थी। अब मुझे सुपर 500 और सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी। मैं लगातार कड़ी मेहनत करती रहूंगी।’’तन्वी ने अमेरिकी ओपन में फाइनल में अपने सफर के दौरान भी एनगुएन को हराया था। इस भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने अपने प्रभावी ड्रॉप शॉट से एनगुएन को लगातार छकाते हुए 4-1 की बढ़त बना ली। ड्रॉप शॉट और क्रॉस कोर्ट स्मैश का बेहतरीन मिश्रण करते हुए भारतीय खिलाड़ी ने बढ़त को 10-2 तक पहुंचा दिया। वियतनाम की खिलाड़ी तन्वी के खेल को पढ़ने और शटल की दिशा का सही आकलन करने में संघर्ष करती नजर आई। हालांकि इसके बाद तन्वी से लगातार कुछ सहज गलतियां हुईं जिससे एनगुएन को वापसी का मौका मिला। इसके बावजूद तन्वी ने एक दमदार स्मैश लगाकर ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बरकरार रखी। मध्यांतर के बाद तन्वी ने फिर लय हासिल की और दोनों ओर से दमदार स्मैश लगाते हुए 15-9 की बढ़त बना ली। नेट और बैक कोर्ट से कुछ अंक गंवाने के बावजूद उन्होंने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। पांच गेम प्वाइंट हासिल करने के बाद उन्होंने क्रॉस कोर्ट स्मैश के साथ पहला गेम अपने नाम कर लिया। कोर्ट बदलने के बाद एनगुएन ने तेज शुरुआत करते हुए 3-0 की बढ़त बनाई और तन्वी को पूरे कोर्ट पर दौड़ाया। भारतीय खिलाड़ी ने धीरे-धीरे रैलियों पर नियंत्रण स्थापित किया और शानदार नेट शॉट की मदद से स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद उन्होंने विरोधी को लगातार बैक कोर्ट में धकेलते हुए नेट पर अपने नपे-तुले शॉट से दबाव बनाए रखा। तन्वी ने 8-4 की बढ़त बना ली। हालांकि एक बार फिर तन्वी की कुछ गलतियों के कारण वियतनाम की खिलाड़ी ने अंतर घटाकर 7-8 कर दिया। तन्वी ब्रेक तक 11-8 की बढ़त हासिल करने में सफल रहीं। इसके बाद तन्वी ने धीरे-धीरे अपनी बढ़त 15-10 और फिर 18-12 तक पहुंचाई। उनके भ्रामक शॉट लगातार उन्हें महत्वपूर्ण अंक दिलाते रहे। 19-12 के स्कोर पर लाइन कॉल को लेकर उनकी चुनौती असफल रही लेकिन इसके तुरंत बाद दमदार स्मैश के साथ उन्होंने सात मैच प्वाइंट हासिल कर लिए। शुरुआती तीन मैच प्वाइंट गंवाने के बावजूद तन्वी ने चौथे अवसर का फायदा उठाते हुए मुकाबला और अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीत लिया। जीत के बाद भावुक क्षण में तन्वी ने अपना स्वर्ण पदक उतारकर कोच पार्क के गले में पहनाया। इसके बाद दोनों ने साथ में तस्वीरें खिंचवाईं। तन्वी 17 साल और 222 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट भी बनीं। उन्होंने कोरिया के महान युगल खिलाड़ी ली योंग डे को पीछे छोड़ दिया जो 2006 में पुरुष युगल फाइनल में पहुंचने पर 17 साल और 287 दिन के थे। पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक तन्वी विश्व जूनियर चैंपियनशिप के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। उन्होंने लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक के अलावा मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वह उस भारतीय टीम की भी सदस्य थीं जिसने एशियाई टीम चैंपियनशिप में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था। तन्वी 16 साल की उम्र में 2025 अमेरिकी ओपन में अपने पहले सुपर 300 फाइनल में पहुंचीं। वह इस साल ताइपे ओपन में खिताबी मुकाबले में भी पहुंची और ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 तथा गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 में भी उप विजेता रहीं और दुनिया की शीर्ष 35 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।
PR Sreejesh ने हॉकी जर्सी विवाद को नकारा, टीम से 50 साल बाद पदक जीतने पर फोकस को कहा
(मोना पार्थसारथी)नयी दिल्ली, दो अगस्त महान गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग केसरिया किये जाने को लेकर विवाद को खारिज करते हुए टीम से बाहर की आवाजों पर ध्यान नहीं देते हुए पूरी ऊर्जा 50 साल बाद विश्व कप में पदक जीतने पर फोकस करने के लिये कहा है। तोक्यो ओलंपिक 2020 में 41 साल बाद भारतीय हॉकी टीम के ओलंपिक कांस्य जीतने और 2024 में पेरिस में उस प्रदर्शन को दोहराने में अहम भूमिका निभाने वाले इस दिग्गज ने जर्सी विवाद के बारे में पूछे जाने पर से कहा ,‘‘ सच कहूं तो मुझे पहले समझ ही नहीं आया कि क्या मसला है क्योंकि 2014 और 2018 विश्व कप में भी जर्सी का रंग बदला था। हमारी एक ट्रेनिंग किट का भी रंग आरेंज है। इस बार विश्व कप से पहले इतनी चर्चा क्यों हो रही है। केसरिया रंग की वजह से या जर्सी का रंग बदलने की वजह से।’’नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 अगस्त से शुरू हो रहे विश्व कप से पहले भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग बदलकर नीले से केसरिया कर दिया गया है। इस पर पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा , धनराज पिल्लै, अजित पाल सिंह, वासुदेवन भास्करन और परगट सिंह समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाये थे। पेरिस ओलंपिक के बाद हॉकी से विदा लेकर कोच बने श्रीजेश ने कहा ,‘‘अगर विवाद रंग बदलने की वजह से है तो 2014 और 2018 में भी होना चाहिये था जब हमने पीली और हल्के नीले रंग की जर्सी पहनी थी।’’उन्होंने कहा कि जर्सी का रंग बदलने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन यह कहना कि नीली टर्फ पर खेलने में दिक्कत होती है, समझ से परे है क्योंकि इतने साल से नीली जर्सी में ही तो खेलते आये हैं। भारत के लिये 339 मैच खेल चुके और पिछले साल चेन्नई में जूनियर हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के कोच रहे 38 वर्ष के इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा ,‘‘मुझे जर्सी के रंग बदलने से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन उसका जो कारण बताया जा रहा है , वह समझ से परे है। अगर खेलने में दिक्कत की वजह से रंग बदला जा रहा है तो फिर दोबारा नीली जर्सी कभी नहीं पहननी चाहिये।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यह सही है कि एक सा रंग होने से देखने में थोड़ा मुश्किल तो होता है लेकिन 2012 लंदन ओलंपिक में नीली टर्फ आने के बाद से अब तक 14 साल में दो ही बार जर्सी का रंग बदला है। बाकी टूर्नामेंट में हम नीली जर्सी में ही खेले हैं जिसमें पेरिस ओलंपिक, तोक्यो ओलंपिक शामिल है।’’उन्होंने यह भी कहा कि अगर खिलाड़ियों की मर्जी से यह फैसला किया गया है तो विवाद होना ही नहीं चाहिये था। उन्होंने कहा ,‘‘ मीडिया में मैने जो कुछ भी देखा है, उसमें यही बोला गया है कि खिलाड़ियों की सहमति से रंग बदला गया है। हॉकी इंडिया ने एफआईएच से केसरिया रंग की जर्सी के लिये अनुमति ली होगी। अब चूंकि आरेंज हालैंड की जर्सी का भी रंग है तो जब उससे मैच होगा तो हम अपनी दूसरी सफेद जर्सी पहनकर खेल सकते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘अगर इस फैसले में खिलाड़ियों की मंजूरी है तो बात वही खत्म हो जाती है क्योंकि आखिर में तो मैदान पर खिलाड़ियों को ही खेलना होता है।’’मसले के राजनीतिक रंग लेने के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा मानना है कि राजनीति को खेलों से दूर रखना चाहिये। खिलाड़ी सबसे अहम है और अगर उन्हें दिक्कत नहीं है तो बाहर बैठे लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिये। ’’श्रीजेश ने हालांकि यह जरूर कहा कि अगर रंग बदला जाना था तो यह पहले हो जाना चाहिये था कि खिलाड़ियों को नयी जर्सी की आदत हो सके। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को इस जर्सी को पहनकर थोड़ा खेलने का भी मौका देना चाहिये था। अभी तक हमें नीली जर्सी में खेलने की आदत है। मान लीजिये कि मैं मैदान में खेल रहा हूं और सामने हरमनप्रीत है तो मैं उसे नीली जर्सी में ही तलाशूंगा।अगर जर्सी का रंग बदलना था तो थोड़ा जल्दी करना चाहिये था।’’श्रीजेश ने यह भी कहा कि उन्हें यकीन है कि विश्व कप से पहले मैदान से बाहर की आवाजों का टीम पर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा,‘‘ हम टीम के भीतर हमेशा बोलते थे कि बाहर की आवाजों से दूर रहना है। मैदान से बाहर की बातों का पता तो रहता है लेकिन शुक्र है कि अभी उनके पास समय है। अब टीम यूरोप में है और इन बातों को भुलाकर अब पूरा फोकस टूर्नामेंट पर करना होगा।’’श्रीजेश ने कहा कि भारत के पास विश्व कप में 50 साल का पदक का इंतजार खत्म करने का यह सबसे सुनहरा मौका है और खिलाड़ियों को इसे चूकना नहीं चाहिये। यह पूछने पर कि टीम को क्या संदेश देना चाहेंगे, उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इतना ही कहूंगा कि हम बहुत साल से इंतजार कर रहे हैं। इस बार सुनहरा मौका है। पूल में इंग्लैंड ही थोड़ी कठिन टीम है। अगर हम शीर्ष रह सकें तो पूल ए से अर्जेंटीना से खेलना पड़ सकता है, जिसे हम पहले हरा चुके है। सेमीफाइनल की राह आसान है।’’उन्होंने कहा ,‘‘जाओ और अपनी सर्वश्रेष्ठ हॉकी खेलो, खेल का पूरा मजा लो और 50 साल का ये इंतजार खत्म करो। ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा। अपेक्षाओं का दबाव भूल जाओ, मैदान के बाहर की बातों को भूल जाओ और पोडियम पर जगह बनाओ।
कॉमनवेल्थ गेम्स में बवाल! भारत के नक्शे से 'नॉर्थ ईस्ट' गायब
लवलीना ने शनिवार के दिन ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने में सफलता हासिल की. लेकिन जीत के बाद उन्होंने एक रेस्टोरेंट में कुछ ऐसा देखा जिस पर उनका गुस्सा फूट पड़ा. यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने रेस्टोरेंट को ट्रोल कर शुरू कर दिया.
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय एथलीट और मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन पर गर्व करते हुए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश की बढ़ती साख की तारीफ की। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के लिए एक सुनहरा दिन बताया।
सेल्वा प्रभु थिरुमारन: भारत के लिए ब्रॉन्ज जीतकर गर्व है
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को ट्रिपल जंप इवेंट में भारत की झोली में दो मेडल आए। प्रवीण चित्रवेल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। सेल्वा ने कहा कि वह भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
सीडब्ल्यूजी 2026: भारत ने एक दिन में जीते 16 मेडल, ऑस्ट्रेलिया अभी भी टॉप पर
नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 10वां दिन ऐतिहासिक रहा। देश ने बॉक्सिंग में 10 मेडल समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए। एथलीटों के दमदार प्रदर्शन के बूते भारत ने मेडल टैली में भी लंबी छलांग लगाई है।
Taipei Open: 17 साल की तन्वी शर्मा ने रचा इतिहास, 18 साल बाद भारत को दिलाया महिला एकल खिताब
भारत की 17 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर-300 का महिला एकल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो के एक भारतीय रेस्टोरेंट में कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को डिनर के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद यह रेस्टोरेंट विवादों में घिर गया।
लवलीना ने अपना मेडल असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, मुझे गर्व है : पिता टिकेन बोरगोहेन
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारत की महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, जिसको लेकर उनके पिता टिकेन बोरगोहेन ने खुशी जाहिर की है।
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की आजादी के 79 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एनसीसी साइक्लोथॉन एक्सपिडिशन 2026 का भव्य फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और बॉक्सर एवं ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम विशेष रूप से मौजूद रहीं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का होगा भव्य समापन, भारत में कितने बजे होगा क्लोंजिग सेरेमनी का आगाज?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। रंगारंग कार्यक्रम के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का ग्लास्गो में समापन होगा।
17 साल की तन्वी शर्मा ने रचा इतिहास, Taipei Open Super 300 जीतने वाली बनीं सबसे युवा खिलाड़ी
17 साल की युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब जीत इतिहास रच दिया है जिसमें वह इस टूर्नामेंट में जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गई हैं।
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 10वां दिन ऐतिहासिक रहा। देश ने बॉक्सिंग में 10 मेडल समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए। एथलीटों के दमदार प्रदर्शन के बूते भारत ने मेडल टैली में भी लंबी छलांग लगाई है।
'भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहा हूं', ब्रॉन्ज जीतने पर बोले सेल्वा प्रभु थिरुमारन
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को ट्रिपल जंप इवेंट में भारत की झोली में दो मेडल आए। प्रवीण चित्रवेल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। सेल्वा ने कहा कि वह भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
दिल्ली में युवाओं को फिटनेस और नशामुक्ति का संदेश देने के लिए निकाली गई साइकिल रैली
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' का 84वां संस्करण आयोजित किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम 'नशा मुक्त भारत' रखी गई थी। साइकिल रैली के जरिए युवाओं को फिट रहने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक Double Medal: 5000m में Bronze और Soman Rana ने जीता Shotput Gold Medal
गुलवीर सिंह शनिवार को 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए और एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले वह भारत के पहले खिलाड़ी हैं जबकि पैरा शॉटपुट में सोमन राणा ने शनिवार को स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। भारत के एथलीटों ने इन खेलों में ट्रैक और फील्ड में पांच रजत और पांच कांस्य पदक जीत लिये हैं। भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन यह 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 12 पदक जीतने के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मौजूदा एशियाई चैम्पियन गुलवीर ने 28 जुलाई को 10000 मीटर में रजत पदक जीता था। वह 13 मिनट 24 . 95 सेकंड का समय निकालकर 5000 मीटर में तीसरे स्थान पर रहे। कीनिया के मैथ्यू किपचुंबा किपसांग ने 13 मिनट 23 . 61 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता। आस्ट्रेलिया के की रॉबिनसन ने रजत पदक हासिल किया। भारत के 28 वर्ष के गुलवीर के नाम 5000 और 10000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। गुलवीर ने 10000 मीटर में हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में कांस्य पदक जीता था। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दिन की शुरुआत पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया। वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं। वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया। पुरूषों के पोल वॉल्टमें राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी देव कुमार मीणा 5 . 30 मीटर के साथ चौथे और कुलदीप कुमार 5 . 10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे। मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले फाइनल में भारत के विशाल टीके, अंसा बाबू, संतोष कुमार और रशदीप कौर तीन मिनट 20 . 32 सेकंड का समय निकालकर आठ टीमों में छठे स्थान पर रहे।
85 रन पर ऑलआउट, फिर भी जीत गई टीम! इस T20 फाइनल ने रचा इतिहास
टी20 क्रिकेट में 85 रनों का स्कोर आमतौर पर हार की गारंटी माना जाता है, लेकिन ग्लोबल सुपर लीग 2026 के फाइनल में क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला. गुयाना अमेजन वॉरियर्स सिर्फ 85 रनों पर सिमट गई, लेकिन इसके बावजूद टीम ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को 79 रनों पर समेटकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली.
CWG 2030: ग्लास्गो में अहमदाबाद को मिलेगा कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा, मेजबानी की होगी आधिकारिक शुरुआत
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह में अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन सौंपा जाएगा।
'यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि', पीएम मोदी ने की गुलवीर सिंह के ऐतिहासिक प्रदर्शन की तारीफ
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 10वें दिन भारत का प्रदर्शन लाजवाब रहा। देश की झोली में 7 गोल्ड समेत कुल 16 मेडल आए। भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने लॉन्ग-डिस्टेंस रेस में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलवीर को बधाई दी है।
भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में विमेंस सिंगल्स का खिताब जीत लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में 17 साल की तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुय लिन्ह गुयेन को सीधे गेम में 21-16, 21-16 से मात दी। यह तन्वी का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। पंजाब की रहने वाली तन्वी ने यह मुकाबला महज 36 मिनट में अपने नाम किया। पिछले साल US ओपन सुपर 300 में उपविजेता रहीं तन्वी ने इस जीत के साथ इतिहास रच दिया है। वह 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन में महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। शुरुआत में बनाई बड़ी बढ़त, फिर मैच पर रखा नियंत्रण तन्वी ने पहले गेम की शुरुआत शानदार की और 10-2 की बढ़त बना ली। बीच में उनसे कुछ गलतियां हुईं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में थुय लिन्ह ने 3-0 की बढ़त बनाई, लेकिन तन्वी ने लगातार अंक लेकर स्कोर 3-3 कर दिया। इसके बाद उन्होंने मैच पर पूरी पकड़ बनाए रखी और 21-16 से गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के बाद कोच को पहनाया गोल्ड मेडल तन्वी को पीवी सिंधु के पूर्व मेंटर पार्क ते-सांग कोचिंग दे रहे हैं। खिताबी जीत के बाद तन्वी ने अपना गोल्ड मेडल उतारकर कोच पार्क ते-सांग के गले में डाल दिया और दोनों ने साथ में फोटो खिंचवाई। टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट 17 साल और 222 दिन की उम्र में तन्वी ताइपे ओपन के इतिहास की सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट बनीं। उन्होंने कोरिया के ली योंग डे का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2006 में 17 साल और 287 दिन की उम्र में पुरुष युगल फाइनल खेला था। -------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स में 10वें दिन भारत को 8 गोल्ड:7 बॉक्सरों ने दिलाए, एक पैरा शॉटपुट में मिला, ट्रिपल जंप में 2 मेडल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। पूरी खबर
गंभीर के लिए 'करो या मरो' जैसी श्रीलंका सीरीज, हर हाल में चाहिए जीत
श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज हेड कोच गौतम गंभीर के भविष्य के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है. गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम को अपने घर पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी थी. अगर इस बार भी नतीजे नहीं बदले तो गंभीर और पूरी टीम पर सवाल उठना तय है.
'बस खुद पर विश्वास रखा', 'गोल्डन पंच' लगाने पर बोले मुक्केबाज अंकुश पंघाल
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों का जलवा रहा। इस खेल से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। गोल्ड जीतने वाले मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कहा कि उन्होंने फाइनल मैच के दौरान खुद पर विश्वास रखा, जिसका फायदा उन्हें मिला।
हार्दिक पांड्या जो चोटिल होने की वजह से अभी टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं वह 2 अगस्त की सुबह आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ दर्शन के लिए पहुंचे थे, जिसमें उन्होंने अपना सिर भी मुंडवाया हुआ था।
भारत-PAK की फिर होगी टक्कर! बांग्लादेश करेगा महामुकाबले की मेजबानी
भारत और पाकिस्तान के बीच एक और हाईवोल्टेज मुकाबले की उलटी गिनती शुरू हो गई है. SAFF चैम्पियनशिप 2026 के ड्रॉ में दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है. अब बांग्लादेशी धरती पर फुटबॉल के मैदान पर दोनों देशों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी.
CWG 2026 के आखिरी दिन भारत का रहेगा यह शेड्यूल, जूडो में ओलंपियन अवतार सिंह पर रहेंगी नजरें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन यानी 2 अगस्त को भी भारतीय एथलीट एक्शन में नजर आएंगे, जिसमें सबसे ज्यादा नजरें जूडो के इवेंट में हिस्सा लेने वाले ओलंपियन अवतार सिंह पर रहने वाली हैं।
ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भिवानी की बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता है। जिसके बाद दैनिक भास्कर ऐप ने जैस्मिन की मां जोगिंदर कौर से बातचीत की और यहां तक के सफर की कहानी जानी। जैस्मिन लंबोरिया की मां जोगिंदर कौर ने कहा कि जैस्मिन ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर सिर गर्व से ऊंचा किया है। बचपन से ही जैस्मिन में खेल भावना थी। आठवीं कक्षा में फुटबाल में भाग लिया था, लेकिन बाद में फुटबाल नहीं कर पाई और बॉक्सिंग शुरू की। उन्होंने बताया कि, शुरुआत में तो जैस्मिन के दादा ने मना कर दिया था, लेकिन उन्हें पीवी सिंधु व मैरी कॉम का उदाहरण देकर मनाया कि ये बेटियां भी किसी की हैं और मेडल लेकर आ रही है। हमारी जैस्मिन भी मेडल लेकर आएगी। इसके बाद दादा ने हामी भरी। परिवार की पहली लड़की जो गेम खेल रही जोगिंदर कौर ने कहा कि, उनके परिवार में पहली लड़की जैस्मिन है, जो खिलाड़ी है। इससे पहले किसी ने गेम नहीं किया। उम्मीद करते हैं कि आगे भी कोई बेटी गेम करे। जैस्मिन के पिता के बचपन में दो-तीन एक्सीडेंट हो गए थे, इसलिए नहीं किया। जोगिंदर कौर ने बताया कि, उन्होंने खुद भी कोई गेम नहीं किया। इसके अंकल बॉक्सिंग करते थे, उनको देखकर प्रेरणा मिली थी। पहले वे घर में पशु पालते थे, इससे घर का ही घी-दूध हो जाता था। उन्होंने कहा कि जैस्मिन सबसे ज्यादा लाडली पिता की है और वह भी पापा को ही ज्यादा पसंद करती है। हालांकि पूरे परिवार की लाडली है। वह घर के कार्य में भी हाथ बंटाती है। जैस्मिन किसी शादी, प्रोग्राम व सिनेमा आदि से दूर रहती है। परिवार में भी कोई कार्यक्रम होता है तो उससे भी दूर रहती है। खेल के साथ पढ़ाई में भी अच्छी जोगिंदर कौर ने कहा कि एशियाड गेम में जैस्मिन जीता हुआ मैच हार गई थी। जिसके बाद यह थोड़ी तो टूट गई थी। लेकिन वह अपनी हिम्मत व हौंसले को नहीं खोती। हार के कुछ समय दुख होता है, लेकिन फिर से वह उठकर आगे की तैयारी में जुट जाती है। पिछली बार कॉमनवेल्थ गेम में भी उसका सपना गोल्ड मेडल जीतने का था, लेकिन वह चूक गई थी। अबकि बार वह कमी बेटी ने पूरी कर दी। जैस्मिन के संघर्षशील दिन तो 12वीं कक्षा के दौरान के थे। उस समय ट्रेनिंग व स्कूल को समय देने के चक्कर में भागती रहती थी। खाने तक का समय नहीं मिलता था। कई बार तो बिना खाना खाए ही स्कूल चली जाती, जिस पर वह खाना पैक करके स्कूल भेजती थी। हालांकि जैस्मिन खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छी रही है। 10वीं व 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए है। टीचर आज भी कहते हैं कि जैस्मिन ऐसे बेटी हैं जो खेल व पढ़ाई दोनों में अव्वल रही है। जैस्मिन के पिता होमगार्ड, मां गृहणी बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया के पिता जयवीर लंबोरिया होमगार्ड हैं और उनकी माता जोगिंदर कौर गृहणी हैं। जयवीर लंबोरिया के 4 बच्चे हैं, तीन बेटी और एक छोटा बेटा। जैस्मिन लंबोरिया तीसरे नंबर की है। जैस्मिन घर की पहली लड़की है, जो बॉक्सिंग कर रही हैं। वहीं जैस्मिन फिलहाल फिजिकल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा भी कर रही हैं। 2021 में जैस्मिन ने खेल कोटे से आर्मी को जॉइन किया था। 2016 में शुरू की थी बॉक्सिंग जैस्मिन ने 2016 में बॉक्सिंग की शुरू की थी। बचपन से ही अपने अंकल एवं कोच संदीप लंबोरिया और प्रमेंद्र लंबोरिया को देखकर बॉक्सिंग शुरू की। शुरुआत में फाइनेंशियल सपोर्ट भी इतना अच्छा नहीं था। थोड़ा डाइट में भी बेसिक कोच ने साथ दिया। हेल्थ से रिलेटेड इश्यू भी रहते थे। कोई भी देखकर बोलता था कि तुम भी बॉक्सिंग करती हो। वो चीजें भी कहीं ना कहीं दिमाग में रहती थी कि पतली हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
देश के लिए लड़ते हुए गंवाया एक पैर, शॉट पुट में गोल्ड जीतने वाले सोमन राणा बोले-आसान नहीं थी राह
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में पैरा एथलीट सोमन राणा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल को अपने नाम किया। भारतीय सेना में देश की सेवा के दौरान एक पैर गंवाने वाले सोमन ने बताया कि यहां तक पहुंचने का सफर काफी चुनौतियों से भरा रहा।
रजत पाटीदार बने इस टीम के कप्तान, रिंकू सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए सेंट्रल जोन की टीम का ऐलान हो चुका है. रजत पाटीदार को कप्तानी सौंपी गई है. टीम में रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, यश ठाकुर, सरांश जैन के अलावा कुछ युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है. सेंट्रल जोन की टीम सीधे सेमीफाइनल में उतरेगी.
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारत के लिहाज से यादगार रहा। भारत ने मुक्केबाजी में 10 और कुल 16 मेडल अपने नाम किए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

