हर उस एथलीट पर गर्व है, जिन्होंने तिरंगे के सम्मान के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया: मनसुख मांडविया
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन यादगार रहा। देश ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किए। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है।
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के एथलीटों के प्रदर्शन पर बधाई देने वाले किसी भी सार्वजनिक संदेश के अभाव पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया और कहा कि देश की खेल उपलब्धियों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठना चाहिए।
भारत के मिक्सड मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी ओवैस याकूब ने शनिवार को बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो बार के वर्ल्ड चैंपियन और अजेय फाइटर डेलियन जॉर्जीव को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ओवैस याकूब को इस खास जीत के लिए बधाई दी है।
नयी दिल्ली, तीन अगस्त जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों ने इस फुटबॉल क्लब के मालिक टाटा समूह से इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से हटने और सीनियर टीम को भंग करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की भावुक अपील की है। जमशेदपुर एफसी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह चार सितंबर से शुरू होने वाले आईएसएल से हट रही है। उसने आगामी सत्र के लिए भागीदारी शुल्क जमा करने की समय सीमा चूकने के कुछ ही घंटों बाद यह घोषणा की। इसके साथ ही उसने सीनियर टीम को भंग करने का फैसला भी किया। मिडफील्डर प्रणय हल्दर ने सोमवार को पीटीआई से कहा, ‘‘यह मेरे लिए चौंकाने वाली खबर थी। मुझे टाटा समूह से ऐसे फैसले की उम्मीद नहीं थी। मेरा उनसे विनम्र निवेदन है कि वे अपना फैसला बदलें और आईएसएल में भाग लें। क्योंकि यह पूरी पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ा मंच है।’’उन्होंने कहा, ‘‘क्लब से मेरी कई यादें जुड़ी हैं। मुझे उम्मीद है कि टाटा स्टील और टाटा समूह के प्रमुख अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।’’भारत के लिए एक मैच खेल चुके गोलकीपर अल्बिनो गोम्स ने हल्दर की बात से पूरी तरह सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘इस क्लब को बंद करना मुझे बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। मैं टाटा समूह से अपील करना हूं कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। क्योंकि यह एक या दो साल की बात नहीं है, यह भारतीय फुटबॉल के भविष्य का सवाल है।’’मिडफील्डर निखिल बारला ने कहा, ‘‘ मैं टाटा समूह, टाटा स्टील के प्रमुख से अपील करना चाहता हूं कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और युवा खिलाड़ियों के भविष्य के बारे में सोचें।
पाकिस्तान की दूसरे टेस्ट में भी हालत खराब, वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रीव्स ने फिर खड़ी की मुसीबत
पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत दूसरा मैच शुरू हो चुका है। मैच के पहले ही दिन पाकिस्तान क्रिकेट टीम दबाव में नजर आ रही है। इस बीच जस्टिन ग्रीव्स जबरदस्त बल्लेबाजी कर रहे हैं।
'हमारे दल के प्रदर्शन पर गर्व है', पीएम मोदी ने CWG 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा
कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 भारत के लिए यादगार रहा। रेसलिंग, बैडमिंटन और शूटिंग जैसे खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद देश की झोली में कुल 39 मेडल आए, जिसमें 13 गोल्ड शामिल रहे।
शानदार क्लोजिंग सेरेमनी के साथ सीडब्ल्यूजी 2026 का समापन, भारत को सौंपी गई मेजबानी
कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 का समापन रविवार को क्लोजिंग सेरेमनी के साथ हुआ।
Jasprit Bumrah की जगह Aaqib Nabi को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया
नयी दिल्ली, तीन अगस्त जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया। इस तरह से वह भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले कश्मीर घाटी के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। बुमराह को फिटनेस के आधार पर टेस्ट टीम में शामिल किया गया था लेकिन वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला के दौरान बाएं घुटने में लगी चोट से अभी तक पूरी तरह नहीं उबर पाने के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए हैं। नबी को पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरुष चयन समिति ने बुमराह के स्थान पर औकिब नबी को टीम में शामिल किया है। जम्मू और कश्मीर के इस तेज गेंदबाज को पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।’’कश्मीर के बारामूला के एक गांव के रहने 29 वर्षीय नबी जम्मू कश्मीर के तीसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारत की सीनियर टीम में चुना गया है। उनसे पहले परवेज़ रसूल और उमरान मलिक को सीमित ओवरों के लिए सीनियर राष्ट्रीय टीम में चुना गया था। रसूल और मलिक सीमित ओवरों के प्रारूप में भारत के लिए खेल चुके हैं। नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं। वह हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गई भारत ए टीम का भी हिस्सा थे, जहां उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मैचों में छह विकेट लिए थे। तेज गेंदबाज बुमराह को इस श्रृंखला से बाहर होना पड़ा क्योंकि उनके घुटने में सूजन ज्यादा गंभीर निकली। बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्पोर्ट्स साइंस टीम ने भारतीय टीम के आगामी व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए इस अनुभवी तेज गेंदबाज की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी में किसी तरह की जल्दबाजी दिखाने से परहेज किया। यह 32 वर्षीय तेज गेंदबाज चोट लगने के कारण पिछले महीने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में नहीं खेल पाए थे। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बी साई सुदर्शन को भी श्रीलंका दौरे के लिए फिटनेस के आधार पर टीम ने चुना गया है क्योंकि वह अभी भी उस पैर की चोट से उबर रहे हैं। श्रीलंका में दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला 15 अगस्त को गॉल में शुरू होगी। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी।
PC: TV9 इंडियन टीम इस समय नए प्लेयर्स को मौके दे रही है, टीम में कई बदलाव हो रहे हैं। टीम इस बात पर ध्यान दे रही है कि हर सीरीज में नए प्लेयर्स को मौका देकर टीम की प्लानिंग को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। ऐसे में यह देखना ज़रूरी होगा कि जो प्लेयर्स लंबे समय से टीम से बाहर हैं, उन्हें टीम में फिर से मौका मिलेगा या नहीं। सभी को उम्मीद है कि कुछ बॉलर्स टीम में वापसी करेंगे। ऐसी ही एक मांग बहुत ज़ोरों पर थी कि भुवनेश्वर कुमार की टीम में फिर से एंट्री होगी, वहीं चर्चा थी कि BCCI भुवनेश्वर को फिर से मौका देगा, अब भुवनेश्वर कुमार ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। लंबे समय से इंडियन क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे तेज़ बॉलर भुवनेश्वर कुमार ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर ने कहा, अब मुझे इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि मैं इंडियन टीम में वापस आता हूं या नहीं। मैं अब सिर्फ़ प्यार के लिए खेल रहा हूं। भुवनेश्वर 2022 से इंडियन टीम से बाहर हैं। वह डोमेस्टिक क्रिकेट और IPL में ज़बरदस्त परफॉर्म कर रहे हैं। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को लगातार दो IPL टाइटल जिताने में अहम भूमिका निभाई। रविवार को RCB पॉडकास्ट पर बात करते हुए, भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में अपनी वापसी के बारे में कहा, “मैंने इंडिया के लिए खेला है। यह कोई कमाई वाली चीज़ नहीं है। अगर मुझे दोबारा मौका मिलता है, तो यह बहुत अच्छा है, मैं अभी जो कुछ भी कर रहा हूं, वह खेल के प्यार के लिए कर रहा हूं। मुझे पता है कि मुझे डिसिप्लिन में रहना होगा। मैं डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहा हूं। मैं UP T20 लीग खेल रहा हूं। मैं यह पक्का करना चाहता हूं कि मैं लगातार क्रिकेट के टच में रहूं और साथ ही खुद को ठीक होने के लिए ज़रूरी आराम भी दूं।” भुवनेश्वर ने इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए अपने परिवार को धन्यवाद दिया। भुवी ने यह भी कहा, मैं शांत रहता हूं। यह मेरा नेचर है। और मैं इसका क्रेडिट अपने परिवार को देता हूं, जब हम घर पर होते हैं तो हम कभी क्रिकेट के बारे में बात नहीं करते। हम कभी इस बारे में बात नहीं करते कि मैं इंडियन टीम में वापसी करूंगा या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या मैंने क्या गलत किया? हम घर पर इस बारे में कभी बात नहीं करते। मुझे अब अपने किसी भी काम का पछतावा नहीं है। जब आप टीम में खेल रहे होते हैं, तो आपको लगता है कि टीम को पहले आना चाहिए, लेकिन जब आप टीम से बाहर होते हैं, तो आपको लगता है, यार मैं टीम में क्यों नहीं हूं?
IND vs PAK: दुनिया के सामने फिर दिखा भारत का प्रदर्शन, पाकिस्तानी टीम को मिली करारी हार
PC: TV9 इंडिया और पाकिस्तान के बीच मैच फैंस के लिए एक ट्रीट है। इंडिया और पाकिस्तान के बीच इस शानदार मैच के लिए सभी फैंस बेताब हैं। ऐसा ही एक रोमांचक इंडिया-पाकिस्तान मैच कल हुआ। हमेशा की तरह, इंडियन टीम ने यह मैच जीत लिया। इंडियन टीम ने इस मैच में पाकिस्तान टीम को हराया, जाम्बिया में खेले जा रहे एशियन लेजेंड्स लीग 2026 के दूसरे सीजन में इंडिया और पाकिस्तान के बीच एक हाई-वोल्टेज मैच देखने को मिला। पूर्व लेजेंड्स से भरी इंडियन रॉयल्स टीम ने एक रोमांचक मैच में पाकिस्तान पैंथर्स को दो विकेट से हरा दिया। इंडिया की जीत के हीरो स्टार ऑलराउंडर ऋषि धवन रहे। धवन ने शानदार बॉलिंग की और मैच जिताने वाला हाफ सेंचुरी बनाई। इंडियन रॉयल्स के कैप्टन नमन ओझा ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्तान पैंथर्स ने 20 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 167 रन बनाए। पाकिस्तान के लिए कैप्टन इमरान नजीर सबसे ज्यादा आक्रामक रहे, उन्होंने 29 गेंदों में छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 47 रन बनाए। इस बीच, इबरार हुसैन ने 36 गेंदों में 39 रन और तौफीक उमर ने 23 गेंदों में उपयोगी 39 रन बनाए। इंडियन रॉयल्स के लिए शादाब जकाती और सुबोध भाटी ने दो-दो विकेट लिए, जबकि मनप्रीत गोनी और ऋषि धवन ने एक-एक विकेट लिया। 168 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंडियन रॉयल्स की शुरुआत खराब रही। कप्तान नमन ओझा सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। असद पठान भी सिर्फ नौ रन बना सके। हालांकि, इसके बाद बल्लेबाजों ने संभलकर 17.3 ओवर में आठ विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ऑलराउंडर ऋषि धवन ने शानदार पारी खेलते हुए 32 गेंदों में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से मैच जिताने वाले 50 रन बनाए। सुबोध भाटी ने भी बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया और 29 गेंदों में तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 46 रनों की तेज पारी खेली। इस बीच, अभिषेक जलोटा के 19 गेंदों में 30 रन और फिर अनरीत सिंह के 4 गेंदों में नाबाद 12 रन ने टीम को जीत दिलाई। लीग 30 जुलाई को शुरू हुई थी और फाइनल मैच 10 अगस्त को खेला जाएगा। भारतीय टीम ने बांग्लादेश टाइगर्स को 19 रन से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की और अब पाकिस्तान को हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार दूसरी सफलता हासिल की है। इस बीच, पाकिस्तान पैंथर्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।
धोनी नहीं, आशीष नेहरा हैं सबसे बड़े मास्टरमाइंड! इस क्रिकेटर ने बताई वजह
महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों और बेहतरीन रणनीतिकारों में गिना जाता है. ऐसे में धोनी के साथ लंबे समय तक खेलने वाले मोईन अली का आशीष नेहरा को उनसे भी बेहतर 'क्रिकेटिंग ब्रेन' बताना इस पूर्व तेज गेंदबाज के लिए बड़ी तारीफ माना जा रहा है. आशीष नेहरा की पहचान सिर्फ एक पूर्व तेज गेंदबाज की नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे सम्मानित और रणनीतिक सोच रखने वाले क्रिकेट कोचों में भी होती है.
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम में बड़ा बदलाव, BCCI ने किया जसप्रीत बुमराह के रिप्लेसमेंट का ऐलान
श्रीलंका दौरे के लिए BCCI ने बड़ा ऐलान किया है। श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है।
104 विकेट का इनाम! आकिब को पहली बार टीम इंडिया से बुलावा
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में लगी बाएं घुटने की चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है.
भारतीय टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जगह आकिब नबी को टीम में शामिल किया गया है। इससे पहले रविवार को मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं और वह सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बुमराह को बाएं घुटने की परेशानी है। टीम प्रबंधन और BCCI ने उनके लंबे करियर को देखते हुए कोई जोखिम नहीं लेने का फैसला किया है। श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। पहली बार टीम इंडिया में मौका 23 साल के आकिब नबी घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया था और अब उन्हें पहली बार सीनियर भारतीय टीम में मौका मिलने जा रहा है। आकिब नबी का चयन पहली बार भारतीय टीम में हुआ है। वह परवेज रसूल और उमरान मलिक के बाद जम्मू-कश्मीर से भारत की सीनियर टीम में जगह बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी है। BCCI ने दी जानकारी BCCI ने आधिकारिक तौर पर इस बदलाव की पुष्टि की है। हालांकि, बुमराह को टीम से बाहर करने या आकिब नबी को शामिल करने के पीछे के कारणों का विवरण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। टीम इंडिया के आगामी मैचों में अब आकिब नबी गेंदबाजी की कमान संभालते नजर आएंगे। हाल ही में इंडिया ए के साथ श्रीलंका दौरे पर थेआकिब नबी हाल ही में इंडिया ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी गए थे। वहां उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मैचों में छह विकेट अपने नाम किए थे। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम अब सीनियर भारतीय टीम में चयन के रूप में मिला है। शुभमन गिल के नेतृत्व में उतरेगी टीमश्रीलंका दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम की कमान शुभमन गिल संभालेंगे, जबकि केएल राहुल उपकप्तान होंगे। विकेटकीपर के रूप में ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल टीम का हिस्सा हैं। वहीं, साई सुदर्शन का चयन फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर करेगा। इस टीम में रवींद्र जडेजा की भी वापसी हुई है। वहीं, मध्य प्रदेश के 33 साल के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन टीम में नया चेहरा हैं। भारतीय टीम के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के लिहाज से यह सीरीज जीतनी जरूरी है। भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-0 से हार मिली थी। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जसप्रीत बुमराह श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर:घुटने की चोट से उबर नहीं पाए, 15 अगस्त से खेली जाएगी सीरीज भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे थे। बेंगलुरु में मौजूद BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनका रिहैबिलिटेशन चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड की मेडिकल टीम ने उन्हें अभी वापसी न करने की सलाह दी है। उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने को कहा गया है। पूरी खबर
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आने वाले हफ्तों में टीम इंडिया की चोटों से जुड़ी समस्याओं का आकलन करने की तैयारी में है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट फिजियोथेरेपिस्ट कमलेश जैन के काम पर फीडबैक देगा। कमलेश 2022 में नितिन पटेल की जगह लेने के बाद से टीम के साथ जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में भारतीय खिलाड़ी लगातार चोटिल हो रहे हैं और जसप्रीत बुमराह इस बढ़ती सूची में नया नाम हैं। हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी भी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट से बाहर हैं और दूसरे टेस्ट में भी उनके खेलने पर संशय बना हुआ है। साई सुदर्शन को टीम में चुना गया है, लेकिन उनका खेलना BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर है। कप्तान और कोच नाखुश इंग्लैंड में हाल ही में हुई व्हाइट-बॉल सीरीज के दौरान इस विषय पर कई बार चर्चा हुई है। कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने से नाखुश हैं। दोनों के लिए यह दौर निराशाजनक रहा है, क्योंकि उन्हें फिटनेस समस्याओं के कारण अपनी पहली पसंद की टीम के साथ खेलने का मौका नहीं मिला है। लॉर्ड्स में मिली हार के बाद गिल ने कहा था कि सुबह मैदान पर आकर यह पता चलना कि कोई खिलाड़ी चोटिल है, काफी मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी 80 फीसदी फिट है और आप पांच गेंदबाजों के साथ खेल रहे हैं, तो ऐसे में अगर वह खिलाड़ी पांच ओवर के बाद बाहर हो जाए, तो गेंदबाजी कौन करेगा। उन्होंने माना कि टीम को अपनी फिटनेस में सुधार करने की जरूरत है। CoE और सपोर्ट स्टाफ पर उठे सवाल इन चोटों को लेकर कई लोग CoE और हेड फिजियो कमलेश जैन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई सीनियर खिलाड़ी अब BCCI सेटअप के बाहर के विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि पूर्व स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई से एड्रियन ले रोक्स के पास जाने का बदलाव उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने सवाल उठाया कि हेड फिजियो कमलेश जैन और CoE के विशेषज्ञों की भूमिका जांच के दायरे में है। उन्होंने कहा कि कप्तान और कोच के लिए फुल स्ट्रेंथ प्लेइंग इलेवन चुनना मुश्किल हो रहा है। जब 15 खिलाड़ियों की टीम में भी पहली पसंद के खिलाड़ी नहीं होते, तो सही कॉम्बिनेशन के बारे में कैसे सोचा जा सकता है। जवाबदेही तय करने की मांग सूत्र ने आगे कहा कि हर स्थान के लिए इतनी प्रतिस्पर्धा है कि खिलाड़ी अपने शरीर पर दबाव डालते हैं। यहीं पर सपोर्ट स्टाफ और CoE को दखल देने की जरूरत है। उन्हें समय रहते चेतावनी देनी चाहिए और खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मैदान पर नहीं उतारना चाहिए। यह स्थिति अब शर्मनाक होती जा रही है और हर संबंधित व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सूत्र ने सवाल किया कि क्या नितीश रेड्डी अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरा वनडे खेलते समय 100 फीसदी फिट थे? क्या हर्षित को जल्दबाजी में वापस लाया गया? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब मिलने जरूरी हैं। श्रीलंका सीरीज के बाद बड़े बदलाव के संकेत भारत का क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त है, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच शामिल हैं। इस सीरीज के खत्म होने के बाद BCCI हेड फिजियोथेरेपिस्ट और टीम डॉक्टर के पदों के लिए नए नामों पर विचार कर सकता है। फिलहाल कमलेश जैन और डॉ. रिजवान खान इन दो पदों पर काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 भारत के लिए यादगार रहा। रेसलिंग, बैडमिंटन और शूटिंग जैसे खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद देश की झोली में कुल 39 मेडल आए, जिसमें 13 गोल्ड शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीडब्ल्यूजी में भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना की है।
चोट से वापसी की तैयारी के बीच तिरुपति पहुंचे हार्दिक पंड्या, तिरुमाला मंदिर में कराए मुंडन, गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा भी रहीं साथ
कॉमनवेल्थ गेम्स : 70 गोल्ड के साथ ऑस्ट्रेलिया नंबर-1, भारत ने हासिल किया चौथा स्थान
मेडल टैली में पांचवें स्थान पर मौजूद स्कॉटलैंड कुल 39 पदकों और गोल्ड मेडल के मामले में भारत की बराबरी पर रहा। इस देश ने 13 गोल्ड, 9 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज जीते। वहीं, न्यूजीलैंड 10 गोल्ड, 14 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज जीतकर कुल 36 मेडल के साथ छठे स्थान पर रहा।
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम का भारत दौरा:भारतीय मूल के नील पटेल को 16 सदस्यीय टीम में मिली जगह
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अगले महीने होने वाले भारत दौरे के लिए 16 सदस्यीय अंडर-19 पुरुष टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में भारतीय मूल के न्यू साउथ वेल्स के खिलाड़ी नील पटेल को भी शामिल किया गया है। यह टीम भारत के खिलाफ राजकोट और अहमदाबाद में पांच मैचों की मल्टी-फॉर्मेट सीरीज खेलेगी। न्यू साउथ वेल्स के रहने वाले नील पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट क्लब से खेलते हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के उभरते युवा खिलाड़ियों में गिना जाता है। राजकोट और अहमदाबाद में खेले जाएंगे मैच यह दौरा चार सप्ताह तक चलेगा। इसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के खिलाफ तीन 50-ओवर के मैच और दो चार-दिवसीय मैच खेलेगी। ये मुकाबले 13 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 के बीच राजकोट और अहमदाबाद में आयोजित किए जाएंगे। इस टीम का चयन यूथ नेशनल सिलेक्शन पैनल ने किया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों को जगह दी गई है। टिम नील्सन होंगे हेड कोच ऑस्ट्रेलियाई टीम के हेड कोच पूर्व क्रिकेटर टिम नील्सन होंगे। नील्सन फिलहाल डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन प्रोग्राम की देखरेख कर रहे हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नेशनल डेवलपमेंट हेड सोन्या थॉम्पसन ने कहा कि यह दौरा युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए एक बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने से खिलाड़ियों की तकनीकी और मानसिक क्षमता का परीक्षण होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम में ये खिलाड़ी शामिल टीम में केसी बार्टन (तस्मानिया), हेडन बारबुलोविक (साउथ ऑस्ट्रेलिया), एली ब्रेन (क्वींसलैंड), विल बायरोम (न्यू साउथ वेल्स), ब्लेक कैटल (न्यू साउथ वेल्स), जैक जोस्नेक (विक्टोरिया), स्पेंसर ग्रीन (क्वींसलैंड), कॉनर ग्रेगरी (साउथ ऑस्ट्रेलिया), चार्ली हेंडरसन (क्वींसलैंड), जेड होलिक (वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया), मैथ्यू लॉफ (वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया), नील पटेल (न्यू साउथ वेल्स), जैकब पिट्ज (विक्टोरिया), पैट्रिक सुलिवन (विक्टोरिया), थियो त्सिंगोस (क्वींसलैंड) और थॉमस वासेओ (क्वींसलैंड) शामिल हैं। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें स्टइंडीज ने पहले दिन बनाए 239/5:ग्रीव्स-चेज की नाबाद साझेदारी; पाकिस्तान के स्पिनर्स को मिली सफलता, पेसर्स रहे बेअसर वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वीन्स पार्क ओवल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन मेजबान टीम ने मजबूत शुरुआत की। बारिश और खराब रोशनी से प्रभावित दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 239 रन बनाए। पूरी खबर
बाबर आजम ने रचा इतिहास, इमरान-मिस्बाह के क्लब में एंट्री
बाबर आजम बतौर कप्तान अपने 150वें मैच को यादगार बनाना चाहेंगे. पहले टेस्ट में मिली हार के बाद पाकिस्तान पर सीरीज बचाने का दबाव है. अगर बाबर बल्ले से बड़ी पारी खेलते हैं और टीम को जीत दिलाने में सफल रहते हैं, तो यह मुकाबला उनके करियर के सबसे यादगार मैचों में शामिल हो जाएगा.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन ने ग्लासगो के एक भारतीय रेस्टोरेंट में इस्तेमाल किए गए भारत के गलत नक्शे पर आपत्ति जताई।
धोनी नहीं बल्कि आशीष नेहरा को मोईन अली ने बताया क्रिकेट का सबसे तेज दिमाग, तारीफ में कह दी बड़ी बात
इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने आशीष नेहरा को अपने करियर का सबसे बेहतरीन क्रिकेटिंग ब्रेन बताया है। उन्होंने कहा कि नेहरा खेल की लगभग हर परिस्थिति को समझते हैं।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के भव्य समापन समारोह के साथ ही खेल जगत में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। ग्लास्गो ने खेलों की आधिकारिक बैटन भारत को सौंपकर 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण (24वें संस्करण) के लिए अहमदाबाद आने का शानदार न्योता पूरी दुनिया को दे दिया है। समापन समारोह में रविवार को ग्लास्गो ने राष्ट्रमंडल खेलों की बैटन भारत को सौंपी। इससे पहले संगीत और नृत्य के ताने बाने में तैयार किये गए अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में रखी जहां परंपरा और आधुनिकता साथ में बसते हैं। इसे भी पढ़ें: ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ दिल्ली में 1.45 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि प्रिंस एडवर्ड (ड्यूक आफ एडिनबर्ग) ने खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की।उन्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से आपने प्रतिस्पर्धा की, खेलों का आयोजन किया और समर्थन किया , उसके लिये धन्यवाद। आपने आज एक बार फिर राष्ट्रमंडल की भावना और मूल्यों को जीवंत कर दिया। शुक्रिया ग्लास्गो।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सभी देशों और प्रदेशों के खिलाड़ियों को भारत के अहमदाबाद आने का न्योता देता हूं जहां चार साल बाद 24वें राष्ट्रमंडल खेल होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है।’’ समापन समारोह में जैसमीन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक थी जिन्होंने महिला मुक्केबाजी 57 किलोवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। औपचारिक तौर पर ध्वज सौंपने का कार्यक्रम राष्ट्रमंडल खेलों के ध्वज की पूरे परिसर में सांकेतिक यात्रा के साथ शुरू हुआ। इसे भी पढ़ें: Punjab SIR: तीन अगस्त की समयसीमा से पहले पूरा हुआ डिजिटलीकरण स्कॉटलैंड और भारत के ध्वज वाहकों की अगुवाई में जुलूस ने गेम्स के मुड़े हुए झंडे को नीचे उतारा। इसके बाद ग्लास्गो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलारेन ने इसे राष्ट्रमंडल खेल स्कॉटलैंड की उपाध्यक्ष सुसान जैक्सन, स्कॉटिश नेटबॉल खिलाड़ी एमिली निकोल, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और आखिर में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा। इसके साथ ही स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंप दी गई।इसके बाद से समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत के जश्न में डूब गया। भारत की प्रस्तुति तीन खंडों में थी जिसमें दर्शकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाया गया जिसे आयोजकों ने साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव का जश्न मनाने वाला बताया। इसकी थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ थी जो राष्ट्रमंडल के एकता और दोस्ती के आदर्शों के अनुरूप है। पहली प्रस्तुति में भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया और नृत्य की अगुवाई अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने की। शानदार डिजिटल दृश्यों के बीच सैकड़ों नर्तकों ने भारत की विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश की, जबकि गायक शंकर महादेवन के दिल को छू लेने वाले संगीत ने ऑर्केस्ट्रा की भव्यता को भारतीय संगीत परंपराओं के साथ मिलाया। इस प्रस्तुति का उद्देश्य भारत को एक ऐसी सभ्यता के रूप में प्रस्तुत करना था जो अपनी विविध भाषाओं, रीति-रिवाजों और कलात्मक परंपराओं के माध्यम से दुनिया का स्वागत करती है। एक विशेष रूप से निर्मित फिल्म के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों का अहमदाबाद से परिचय कराया गया।दूसरी प्रस्तुति भारत और स्कॉटलैंड के बीच सबसे मजबूत सेतु यानी संगीत पर आधारित थी। भारत के सितारवादक ऋषभ शर्मा और स्कॉटलैंड के संगीतकार रोस ऐंसली ने सितार और स्कॉटिश पाइप की इस अनूठीर सांस्कृतिक जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आखिरी प्रस्तुति में शंकर महादेवन अपने बेटो सिद्धार्थ और शिवम के साथ फिर मंच पर लौटे और भारत के कुछ सुपरहिट गीत पेश किये जिनमें ‘सुनो गौर से दुनिया वालों’, ‘भाग मिल्खा’, ‘ऐ वतन मेरे वतन’ और ‘लहरा दो ’ शामिल था। गुजराती पार्श्वगायिका भूमि त्रिवेदी ने मेजबान प्रदेश की ओर से खास प्रस्तुति दी। ग्लास्गो ने विदाई समारोह में स्कॉटिश संगीत, कविता और नृत्य के कार्यक्रम पेश किये।
भारत ने पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया, धवन बने जीत के हीरो
भारत-पाकिस्तान के बीच एशियन लीजेंड्स लीग में रोमांचक मुकाबला खेला गया. इस मैच में भी अंत तक रोमांच बना रहा, लेकिन आखिरी मुस्कान इंडियन रॉयल्स के चेहरे पर थी. भारत ने एक बार फिर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को शिकस्त देकर फैन्स को जश्न मनाने का मौका दिया.
Commonwealth Games 2026 में भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा, आस्ट्रेलिया शीर्ष पर
ग्लास्गो, दो अगस्त ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में ऐसे कई खेल नहीं थे जिनमें भारत सबसे प्रबल दावेदार था लेकिन इसके बावजूद भारतीय दल ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 से शानदार प्रदर्शन के साथ विदा ली और 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक जीते। आस्ट्रेलिया 70 स्वर्ण समेत 171 पदक जीतकर शीर्ष रहा जबकि इंग्लैंड ने 110 और कनाडा ने 62 पदक जीते। मेजबान स्कॉटलैंड 39 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने 11 दिन तक चले खेलों में मुक्केबाजी, एथलेटिक्स , जूडो, पैरा खेलों और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन करके साबित कर दिया कि भारत राष्ट्रमंडल खेल महाशक्तियों में से एक है। मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत समेत दस पदक जीते। जूडो खिलाड़ियों ने भी जबर्दस्त प्रदर्शन करके पदक जीते। निशानेबाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल नहीं होने से भारत के पदकों की संख्या कम हुई है लेकिन बाकी खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना लोहा मनवाया। कुछ घटनाओं ने निराश भी किया जैसे खेलों से पहले ही जूडो खिलाड़ी तूलिका मान डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठिकाने का पता बनाने में तीन बार नाकाम रहने के कारण अस्थायी तौर पर निलंबित हो गई और खेलों में हिस्सा नहीं ले पाई। ग्लास्गो से विदा लेने के बाद अब नजरें अहमदाबाद पर होंगी जहां 2030 में खेल होने हैं।
West Indies और पाकिस्तान के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट का हाल
पोर्ट ऑफ स्पेन, दो अगस्त (एपी) ब्रैंडन किंग की आक्रामक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के बारिश से प्रभावित पहले दिन रविवार को तेज शुरुआत करते हुए लंच तक 9.5 ओवर में एक विकेट पर 49 रन बना लिये। किंग 27 गेंदों में सात चौकों की मदद से 33 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके सात चौकों में से छह पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज उबैद शाह के खिलाफ आए। पाकिस्तान को एकमात्र सफलता बारिश से ठीक पहले मिली, जब तेगनारायण चंद्रपॉल (15) मोहम्मद अली की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए साजिद खान के हाथों कैच आउट हो गए। उबैद अपनी लाइन और लेंथ से जूझते नजर आए और किंग ने उनके एक ही ओवर में तीन चौके जड़ दिए। शाह और उबैद दोनों ने शुरुआती मौके बनाए, लेकिन चंद्रपॉल और किंग के बल्ले का बाहरी किनारा स्लिप क्षेत्र में क्षेत्ररक्षण नहीं होने के कारण चार रन के लिए निकल गया। बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान ने शुरुआती स्पेल में अच्छी गेंदबाजी कर प्रभावित किया। इससे पहले शुरुआती टेस्ट में 90 रन से जीत दर्ज करने वाली वेस्टइंडीज ने अपनी विजयी एकादश में कोई बदलाव नहीं किया। कप्तान रोस्टन चेज ने क्वींस पार्क ओवल में लगातार दूसरी बार टॉस जीतकर बादल छाए रहने के बावजूद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पाकिस्तान ने हैरानी भरा फैसला लेते हुए पहले टेस्ट में आठ विकेट लेने वाले अपने प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास को बाहर रखा और उबैद को टेस्ट पदार्पण का मौका दिया गया। पाकिस्तान ने अपनी टीम में कुल चार बदलाव किए हैं। पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले शान मसूद बाएं हाथ की अंगुली में फ्रैक्चर के कारण बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अब्दुल्ला शफीक को टीम में शामिल किया गया है।
ग्लास्गो से भारत के नाम हुआ कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा, अहमदाबाद 2030 की उलटी गिनती शुरू
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन रंगारंग समारोह के साथ हुआ, जिसमें स्कॉटलैंड ने कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज और बैटन भारत को सौंप दिया।
कॉमनवेलथ गेम्स 2026 के महिला पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वालीं शर्मिला धनखड़ की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब उन्होंने गेम्स से दूरी बनाने का फैसला कर लिया था। बस उन्होंने आखिरी बार अपनी मां से इसका जिक्र कर लिया। शर्मिला ने अपनी मां संतोष से कहा था कि मेडल तो आया नहीं, आगे प्रैक्टिस के दौरान अगर कोई इंजरी आ गई और खेल नहीं पाई तो क्या होगा। जिस पर शर्मिला की दृष्टिहीन मां संतोष ने कुछ ऐसा कहा कि दिव्यांग शर्मिला फिर से मैदान पर जुट गईं। शर्मिला की मां ने कहा था कि मैं अपने हिस्से की जमीन भी बेच दूंगी तू बस खेलती रह। जिसके बाद शर्मिला ने खेल को जारी रखा। दरअसल, अपने हिस्से की जमीन बेच चुकीं शर्मिला धनखड़ की 2022 कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान आने पर आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। क्योंकि चौथे स्थान के कारण उसे सरकारी तौर पर कोई सहायता राशि नहीं मिल सकती थी। आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं होने और पहले ही काफी खर्चा होने के कारण गेम्स छोड़ने का विचार उनके दिल में आ गया था। अब गोल्ड जीतने के बाद शर्मिला और उनकी मां के साथ दैनिक भास्कर ने बातचीत की। आइए, पढ़िए खास बातचीत… पहले देखिए शर्मिला के कुछ PHOTOS शर्मिला ने बताया हार के बाद कैसे कमबैक किया… शर्मिला की मां से कॉल, बोलीं-अब मेरा दूसरा जन्म ग्लास्गो में जीत के बाद शर्मिला ने अपनी मां संतोष को कॉल किया। जिसमें मां से पूछा कि अब तो खुश होगी मां, तो उन्होंने जवाब दिया अब तो पूरा गांव खुश है बेटी। जिसके बाद संतोष ने शर्मिला से कहा कि अब मेरा नया जन्म हो गया है। शर्मिला की मां संतोष के अनुसार खिलाड़ी को तो पैसे की दिक्कत होती है, हमने कुछ जमीन बेच कर शर्मिला पर लगाया है तो कुछ ब्याज पर लेकर लगाया है। लेकिन अब शर्मिला ने मेडल जीतकर सभी कष्ट को दूर कर दिया है। अब जानिए शर्मिला के पैरा एथलीट बनने का सफर…
RCB के स्टार बॉलर Bhuvneshwar Kumar का बड़ा खुलासा!
भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान क्रिकेट का आनंद लेने पर है, न कि टीम इंडिया में वापसी की चिंता पर. उन्होंने बताया कि भारत के लिए खेलने का सपना वह पहले ही पूरा कर चुके हैं. शानदार आईपीएल प्रदर्शन के बावजूद उनका कहना है कि अगर दोबारा मौका मिला तो खुशी होगी, लेकिन यही अब उनका लक्ष्य नहीं है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 13 गोल्ड मेडल के साथ भारत चौथे पायदान पर रहा। यह चौथा मौका है जब भारत ने इस पोजिशन पर रहते हुए इन खेलों का अंत किया। भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में आया था।
CWG 2026 Medal Tally: किस देश ने जीते कितने पदक और भारत किस स्थान पर रहा? देखें पूरी लिस्ट
CWG 2026 Medal Tally: ग्लास्गो 2 अगस्त को समाप्त हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत सबसे ज्यादा पदक जीतने वाला चौथा देश बना, जबकि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने इन खेलों में पदकों का शतक लगाया।
आकिब नबी की खुल सकती है किस्मत, बुमराह की जगह श्रीलंका दौरे के लिए टीम में हो सकते हैं शामिल
जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो सकते हैं। उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टीम में पहली बार मौका मिलने की संभावना है।
वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वीन्स पार्क ओवल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन मेजबान टीम ने मजबूत शुरुआत की। बारिश और खराब रोशनी से प्रभावित दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 239 रन बनाए। जस्टिन ग्रीव्स अर्धशतक लगाकर नाबाद लौटे। उनके साथ कप्तान रोस्टन चेज भी क्रीज पर मौजूद हैं। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी हो चुकी है। पाकिस्तान की ओर से स्पिनरों ने शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन निचले क्रम ने टीम की वापसी नहीं होने दी। अब्बास को बाहर रखने पर उठे सवाल, ओपनर्स ने दिलाई तेज शुरुआत मैच से पहले पाकिस्तान ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया। इस फैसले पर पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए। वेस्टइंडीज के ओपनर्स ने इसका फायदा उठाते हुए 9.5 ओवर में 49 रन जोड़ दिए। हालांकि, बारिश से पहले आखिरी गेंद पर मोहम्मद अली ने तागेनरायन चंद्रपॉल को फाइन लेग पर कैच कराकर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। बारिश के बाद स्पिनर्स ने बदला मैच का रुख बारिश के बाद पिच से स्पिनरों को मदद मिलने लगी। कप्तान बाबर आजम ने अली उस्मान और साजिद खान को आक्रमण पर लगाया। अली उस्मान ने ब्रैंडन किंग को एलबीडब्ल्यू आउट कर टेस्ट करियर का पहला विकेट हासिल किया। इसके बाद साजिद खान ने कावेम हॉज को विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के हाथों कैच कराया। दोनों फैसलों में पाकिस्तान ने सफल डीआरएस लिया। उबेद शाह को मिला पहला टेस्ट विकेट शाई होप और अमिर जांगू ने चौथे विकेट के लिए तेजी से रन जोड़े और पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। होप ने कवर के ऊपर शानदार छक्का भी लगाया। इसके बाद डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज उबेद शाह ने अमिर जांगू को विकेटकीपर रिजवान के हाथों कैच कराकर टेस्ट क्रिकेट का पहला विकेट लिया। हालांकि, वह पूरे दिन महंगे साबित हुए। ग्रीव्स और चेज ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर फेरा पानी चायकाल के बाद मोहम्मद अली ने शाई होप को बोल्ड कर पाकिस्तान को पांचवीं सफलता दिलाई। इसके बाद लगा कि पाकिस्तान जल्द पारी समेट सकता है, लेकिन जस्टिन ग्रीव्स और कप्तान रोस्टन चेज ने संभलकर बल्लेबाजी की। ग्रीव्स ने शानदार अर्धशतक लगाया और चेज के साथ छठे विकेट के लिए 66 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम का स्कोर 239/5 तक पहुंचाया। पहले दो सत्र में असरदार दिखे पाकिस्तान के स्पिनर्स दिन के अंत तक पिच से कम मदद मिलने के कारण ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके।
अगले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में, भारत को सौंपी गई बैटन
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन समारोह के दौरान बैटन भारत को सौंपी गई। 4 साल बाद अहमदाबाद में 24वें कॉमनवेल्थ गेम्स होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है।
Commonwealth Games 2026 India Medalist: ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो गया। भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। एक खिलाड़ी ने दो पदक भी जीते।
11 दिन तक ग्लासगो में चले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 38 खिलाड़ियों ने 39 मेडल जीते। गुलवीर सिंह को डबल मेडल मिले। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल रहे। साइकल मैकेनिक की बेटी अस्मिता दहिया ने भारत को जूडो में पहला गोल्ड दिलाया। सेना में सेवा के दौरान ब्लास्ट में पैर गंवाने वाले पैरा एथलीट सोमन राणा ने भी देश के लिए पदक जीता। स्टोरी में भारत के सभी मेडल विनर्स के बारे में जानिए, शुरुआत गोल्ड मेडलिस्ट से... ------------------------------------------- कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल सौंपी गई, क्लोजिंग सेरेमनी में शंकर महादेवन, मानुषी छिल्लर ने परफॉर्म किया ग्लासगो में 11 दिन तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया है। रविवार रात को ओवो हाइड्रो एरिना में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई। पढ़ें पूरी खबर
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 39 मेडल जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू लगातार तीसरा गोल्ड जीतने के बाद राष्ट्रगान सुनकर रो पड़ीं। जेवलिन में नीरज चोपड़ा को सिल्वर मिला। रनर गुलवीर सिंह ने ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीतकर इतिहास रचा। दूसरी ओर लवलीना बोरगोहेन का बॉक्सिंग में मेडल गेम्स शुरू होने से पहले ही पक्का हो गया। पढिए ऐसे ही 10 यादगार मोमेंट्स… 1. मीराबाई गोल्ड जीतने के बाद रो पड़ीं भारत के सबसे भावुक पलों में से एक मीराबाई चानू का मेडल इवेंट रहा। वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने के बाद जब राष्ट्रगान बजा तो हमेशा मुस्कुराती दिखने वाली मीराबाई रो पड़ीं। 2. तेजस्विन शंकर ने चोट में भी रचा इतिहास तेजस्विन शंकर ने डेकाथलन में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडल जीता। उन्होंने चोटिल घुटने के बावजूद 10 इवेंट्स में हिस्सा लिया। कुछ मौकों पर उन्होंने कोचिंग का काम भी किया। वे साथी खिलाड़ियों को सलाह देते भी नजर आए। 3. अस्मिता डे ने दिलाया जूडो का पहला गोल्ड त्रिपुरा की अस्मिता डे ने भारत को कॉमनवेल्थ इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया। फाइनल में पिछड़ने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की। आर्थिक संघर्षों से निकलकर गोल्ड जीतने वाली अस्मिता ग्लासगो की सबसे इंस्पायर कहानियों में शामिल रहीं। 4. नीरज से ज्यादा चर्चा यशवीर की हुई जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, लेकिन सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। आखिरी थ्रो से पहले वे आठवें स्थान पर थे। छठे थ्रो में उन्होंने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन किया और ब्रॉन्ज जीत लिया। 5. गुलवीर सिंह का डबल पोडियम गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में सिल्वर और 5 हजार मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी भारतीय ने ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीते। 6. लवलीना का बिना खेले पक्का हुआ मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही महिला 75 किलो वर्ग में सिर्फ पांच मुक्केबाज थीं। ऐसे में लवलीना बोरगेहेन सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं और उनका मेडल पक्का हो गया। उन्होंने सिर्फ दो मुकाबले खेले। एक जीता और एक हारा, लेकिन सिल्वर अपने नाम कर लिया। यह भारत के सबसे अनोखे मेडल्स में से एक रहा। 7. प्रवीण चित्रावेल ने चार साल पुराना हिसाब बराबर किया ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रावेल 2022 में सिर्फ 3 सेंटीमीटर से मेडल से चूक गए थे। इस बार उन्होंने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर जीत लिया और चार साल पुराना हिसाब बराबर कर दिया। 8. 5 महिला बॉक्सरों ने गोल्ड जीता भारत की 6 में से पांच महिला बॉक्सर गोल्ड जीतने में सफल रहीं। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने मेडल जीते। ऐसा पहली बार हुआ जब एक ही कॉमनवेल्थ में 5 बॉक्सर को मेडल मिले। मेंस और विमेंस मिलाकर 10 मुक्केबाजों ने फाइनल खेला। 7 को गोल्ड, 3 ने सिल्वर जीता। 9. पैरा एथलेटिक्स के तीन डबल पोडियम भारत ने पैरा एथलेटिक्स में तीन बार डबल पोडियम हासिल किया। यानी 3 बार एक ही इवेंट में दो प्लेयर्स ने मेडल जीते। विमेंस शॉटपुट में शार्मिला धनखड़ ने गोल्ड और शिल्पा शायला ने ब्रॉन्ज जीता। 100 मीटर दौड़ में दिलीप गावित ने गोल्ड और मोहम्मद बासिल ने सिल्वर हासिल किया। मेंस शॉटपुट में सोमन राणा को गोल्ड और शुभम जुयाल को सिल्वर मिला। 10. झंडू कुमार ने पहला मेडल दिलाया भारत का पहला मेडल पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने दिलाया। पोलियो से प्रभावित झंडू कभी सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। ट्रेनिंग जारी रखने के लिए उन्होंने अपना रिक्शा तक बेच दिया था।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव, सुभदीप घोष बने नए फील्डिंग कोच
बीसीसीआई ने श्रीलंका सीरीज से पहले शुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। साल 2020 में बीसीसीआई से जुड़ने के बाद शुभदीप घोष ने भारतीय टीमों के साथ कई लेवल पर अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
मैड्रिड, 2 अगस्त (आईएएनएस)। रियल मैड्रिड ने फीफा के विवादित 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज' (एफएफई) प्रस्ताव को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया है। क्लब ने इस कदम को फुटबॉल के लिए अच्छी खबर बताते हुए दोहराया कि फीफा वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के कमर्शियल अधिकारों को कभी भी सिर्फ फाइनेंशियल एसेट (वित्तीय संपत्ति) नहीं माना जाना चाहिए।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान हुआ खत्म, मेडल टैली में किस स्थान पर रहा इंडिया?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का सफर समाप्त हो गया है। भारत ने ग्लासगो में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और 39 मेडल अपने नाम किए। इंडिया ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
इंडिया हॉकी 360 फेस्टिवल ने चंडीगढ़ में वैश्विक हॉकी विशेषज्ञता को जोड़ा
तुलसीया स्पोर्ट्स मार्केटिंग (TSM) और एनएचएल (NHL) ब्रॉडकास्टर रणदीप जांडा द्वारा सह-आयोजित इस फेस्टिवल ने खिलाड़ी विकास, कोचिंग शिक्षा और खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत के हॉकी समुदाय को अंतरराष्ट्रीय संगठनों और पेशेवर कोचों से जोड़ा।
लवलीना बोरगोहेन ने असम के मुक्केबाजों को प्रेरित किया है: देव बरुआ
गोलाघाट, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने वालीं लवलीना बोरगोहेन ने अपना मेडल असम के बाढ़ प्रभावित लोगों को समर्पित किया है। सीडब्ल्यूजी में लवलीना की इस कामयाबी के बाद उनके गृह जिले में खुशी का माहौल है। असम बॉक्सिंग एसोसिएशन के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी देव बरुआ ने लवलीना की इस उपलब्धि पर खुशी और गर्व जाहिर किया है।
Mirabai Chanu: एशियाई खेलों में पदक जीतना मेरा अगला लक्ष्य, मीराबाई चानू ने कही यह बात
(सुमन रे)ग्लास्गो, दो अगस्त ओलंपिक रजत पदक विजेता और लगातार तीन बार राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू ने स्वीकार किया कि अपेक्षाओं का दबाव हमेशा रहता है, लेकिन अब उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में पदक जीतना है। चानू ने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक के साथ अपनी सफलता की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 2018 के गोल्ड कोस्ट, 2022 के बर्मिंघम और 2026 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपने भार वर्ग में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 2017 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2022 और 2025 में रजत पदक भी जीते हैं। इसके अलावा एशियाई और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में भी वह पदक अपने नाम कर चुकी हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में सफल अभियान के बाद रविवार को ‘पीटीआई’ से बातचीत में चानू ने कहा, ‘‘पदक जीतकर बहुत खुशी मिलती है, लेकिन उसे जीतना आसान नहीं होता। इसके बाद जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और आगामी प्रतियोगिताओं में आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देने का दबाव होता है। काफी दबाव रहता है। मेरे लिए एशियाई खेलों का पदक बहुत महत्वपूर्ण है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी कोशिश करूंगी क्योंकि मुझे वहां पदक जीतना है, जहां मैं अब तक नहीं जीत सकी हूं। इसलिए एशियाई खेल मेरे लिए बहुत अहम हैं। मेरा अगला लक्ष्य वहीं पदक जीतना है जिससे दबाव भी है। ’’चानू ने कहा कि उनके लिए हर पदक आगे बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा बनता है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ खिलाड़ी पदक जीतकर बहुत खुश हो जाते हैं, लेकिन मेरे लिए हर पदक नई ताकत देता है। मुझे लगता है कि अगला पदक जीतने के लिए और भी अधिक मेहनत करनी होगी। ’’अपने करियर के अच्छे और दुखद पलों को याद करते हुए चानू ने कहा कि दोनों अलग-अलग ओलंपिक से जुड़े हैं और पेरिस ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक चूकने के बाद दोबारा खुद को संभालना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘हर प्रतियोगिता में पदक जीतने का दबाव रहता है। हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में भाग लेना होता है। वहां पदक जीतना मेरा भी सपना था, लेकिन पेरिस ओलंपिक में बहुत मामूली अंतर से पदक चूकने का मुझे बेहद दुख हुआ। ’’उन्होंने कहा, ‘‘उसके बाद खुद को दोबारा तैयार करना और सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना बहुत कठिन था। मुझे आगे की योजना बनानी पड़ी और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। ’’चानू ने अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपने ऊपर रखी गई जिम्मेदारियों और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘‘2014 में ग्लास्गो में भारत के लिए रजत पदक जीतकर मुझे बहुत खुशी हुई। उसके बाद भारतीय भारोत्तोलन को लेकर मेरी जिम्मेदारियां बढ़ गईं। मुझे तय करना था कि मैं क्या करना चाहती हूं और कितनी दूर तक जाना चाहती हूं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘धीरे-धीरे मैं अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन को समझने लगी और यह भी पता चला कि इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। मैंने भारतीय भारोत्तोलन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। समय के साथ सभी का सहयोग मिला और मुझे खुशी है कि अपने कोच विजय शर्मा की मदद से मैं यह सब हासिल कर सकी। ’’एशियाई खेलों की तैयारियों पर चानू ने कहा कि वह किसी विशेष ट्रेनिंग की योजना नहीं बना रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण बात यह होगी कि खेलों तक मैं चोट से दूर रहूं। किसी विशेष ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है, सामान्य अभ्यास ही जारी रहेगा। ’’उन्होंने यह भी कहा कि खेल रत्न पुरस्कार मिलने के बावजूद अगर उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिलता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी क्योंकि यह उनके बचपन का सपना है।
ट्रैक साइकिलिंग में चौथा गोल्ड, एम्मा फिनुकैन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रचा
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। वेल्स की साइकिलिंग स्टार एम्मा फिनुकैन ने 'कॉमनवेल्थ गेम्स' में इतिहास रच दिया है। फिनुकैन ने रविवार को ग्लासगो में महिलाओं का कीरिन खिताब अपने नाम किया, जिसके साथ गेम्स के एक ही संस्करण में चार ट्रैक गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली स्प्रिंट साइक्लिस्ट बन गईं।
कॉमनवेल्थ गेम्स: 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत के अभियान का समापन
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच ग्लासगो में हुआ। इसमें भारत ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल रहे। पुरुष एथलीट्स ने 23 मेडल (5 गोल्ड, 13 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज) हासिल किए, जबकि महिलाओं ने कुल 16 मेडल (8 गोल्ड, 4 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज) जीते।
ग्लासगो में हमने क्षमता, हिम्मत और खेल की खूबसूरत भावना देखी, अहमदाबाद तैयार है: हर्ष संघवी
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर में होना है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी इस समय ग्लासगो में हैं, जहां कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन किया जा रहा है। क्लोजिंग सेरेमनी में अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के मेजबान शहर के तौर पर घोषित किया जाएगा। संघवी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।
अर्जुन पुरस्कार पाना सपना है.., CWC में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू ने बताई आगे की प्लानिंग
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू का अगला कदम एशियंस गेम्स में पदक जीतना है। उन्होंने कहा है कि मुझे वहां पदक जीतना है, जहां अभी तक नहीं जीत सकी हूं। उन्होंने अर्जुन पुरस्कार को बचपन का सपना बताया है और उसे जीतना चाहती हैं।
आरुथ्रन प्रभु का मिनी अंडर-10 क्लास में दबदबा; कैरव रॉबर्सन, रेहान खान रशीद और रुद्र गोकुलनाथ की जीत
न्यू चंडीगढ़, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पिछले साल श्रीलंका में एफआईए-एशिया पैसिफिक मोटरस्पोर्ट्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले आरुथ्रन (कार्तक्रू मोटरस्पोर्ट्स) ने अपनी क्लास में ऑफिशियल प्रैक्टिस, हीट, सुपर हीट और फाइनल रेस में टॉप किया और इस वीकेंड अपने अभियान का शानदार समापन किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स: अरशद नदीम पर मेंटर्स का आरोप, कहा- ट्रेनिंग की जगह व्यापार पर ध्यान
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के ओलंपिक्स गोल्ड मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम के दो खास मेंटर्स ने ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके फ्लॉप शो के लिए ट्रेनिंग की कमी और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। मेंटर्स ने वापसी के लिए अरशद को कड़ी मेहनत करने को कहा है।
सीडब्ल्यूजी 2026: भारत के हाथ से फिसला मेडल, जूडोका इशरूप नारंग मामूली अंतर से चूकीं ब्रॉन्ज
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 78 किलोग्राम भार वर्ग के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में भारतीय जूडोका इशरूप नारंग को हार का सामना करना पड़ा। रविवार को 'एसईसी हॉल-4' में हुए इस कड़े मुकाबले में उन्हें कनाडा की कोराली गॉडबूट ने 'गोल्डन स्कोर' में हराया।
टीम इंडिया में वापसी पर भुवी ने तोड़ी चुप्पी! VIDEO
गेंद से कमाल का प्रदर्शन करने वाले अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने दिल तोड़ने वाली बात कही है. भुवनेश्वर को अब इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वह टीम इंडिया में वापसी करेंगे या नहीं. वह बस क्रिकेट को एन्जॉय करने के लिए मैदान पर उतरते हैं.
क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह समेत कई स्टार क्रिकेटर अब इसी महीने मोहाली के पीसीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेलते नजर आएंगे। शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग का रविवार को भव्य आगाज हुआ। टूर्नामेंट 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चलेगा। पीसीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर और अध्यक्ष अमरजीत सिंह महिता ने लीग का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। 9 अगस्त को होगी खिलाड़ियों की नीलामी टूर्नामेंट में छह फ्रेंचाइजी टीमें कुल 27 मुकाबले खेलेंगी। क्रिकेट प्रेमियों को शुभमन गिल, अर्शदीप सिंह, अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, गुरनूर बराड़ और रमनदीप सिंह जैसे स्टार खिलाड़ियों को एक्शन में देखने का मौका मिलेगा। खिलाड़ियों की नीलामी 9 अगस्त को होगी। छह फेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी लीग में अमृतसर, फाजिल्का, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और बठिंडा की छह फ्रेंचाइजी हिस्सा लेंगी। प्रत्येक फ्रेंचाइजी के पास 45 लाख रुपए का पर्स होगा और वह अधिकतम 20 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल कर सकेगी। मार्की खिलाड़ी की कीमत 10 लाख रुपए तय की गई है, जबकि आइकन खिलाड़ी की बेस प्राइस 1.50 लाख रुपए रखी गई है। प्रथम श्रेणी, अंडर-23, अंडर-19 और जिला स्तर के खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग बेस प्राइस निर्धारित की गई है। पीसीए सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि यह लीग मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इसका उद्देश्य पंजाब के घरेलू खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और पेशेवर माहौल में सीखने का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान टूर्नामेंट का आधिकारिक लोगो लॉन्च किया गया। इस अवसर पर पीसीए के पदाधिकारियों ने फ्रेंचाइजी मालिकों और प्रमुख क्रिकेटरों को सम्मानित भी किया।
भारत ने पाकिस्तान को 2 विकेट से रौंदा, ऋषि धवन का शानदार प्रदर्शन, आखिरी ओवर में मिली रोमांचक जीत
एशियन लीजेंड्स लीग 2026 में इंडियन रॉयल्स का सामना आज पाकिस्तान पैंथर्स की टीम से हुआ। इस मैच में नमन ओझा की कप्तानी में इंडियन रॉयल्स की टीम ने एक रोमांचक जीत दर्ज की।
एफसी अंडर-20 क्वालिफायर से पहले सिंगापुर टेस्ट के लिए इंडिया ने 30 सदस्यीय टीम का किया ऐलान
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। इंडिया अंडर-20 पुरुष टीम के हेड कोच महेश गवली ने रविवार को सिंगापुर के खिलाफ टीम के दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों के लिए 30 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। मैच 3 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में एफसी अंडर-20 एशियन कप चाइना 2027 क्वालिफायर की तैयारियों के तहत खेले जाएंगे।
फुटबॉल: लेवांटे ने बेल्जियम के फॉरवर्ड यानिस मुसुआई के साथ पांच साल का अनुबंध किया
मैड्रिड, 2 अगस्त (आईएएनएस)। स्ट्राइकर कार्लोस एस्पी के रियल मैड्रिड जाने के बाद स्पेनिश क्लब लेवांटे ने अपने अटैक को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। उन्होंने क्लब ब्रुग से बेल्जियम के होनहार फॉरवर्ड यानिस मुसुआई को पांच साल के अनुबंध पर साइन करने की घोषणा की है।
जमशेदपुर एफसी का कामकाज बंद करना भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका: गुरप्रीत संधू
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने रविवार को जमशेदपुर एफसी के कामकाज बंद करने के फैसले पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'बड़ा नुकसान' है और टाटा ग्रुप से इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की।
टीम में कौन लेगा बुमराह की जगह? लिस्ट में ये चार गेंदबाज
जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद कई गेंदबाजों पर इस समय बीसीसीआई की नजरें हैं. आकिब नबी और अंशुल कंबोज में से किसी एक गेंदबाज को श्रीलंका दौरे के लिए टीम में एंट्री मिल सकती है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अरशद नदीम के बेहतर प्रदर्शन ना कर पाने को लेकर अब पाकिस्तान का खेल तंत्र सवालों के घेरे में है। अरशद के करीबी सूत्र ने बताया कि पिछले वर्ष के अंत से पीएएएफ और यहां तक कि पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) ने भी राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के दौरान अरशद को अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
सुनील छेत्री: भारतीय फुटबॉल के 'पोस्टर ब्वॉय', जिन्होंने तोड़ा था मेसी का रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में शुमार सुनील छेत्री ने राष्ट्रीय टीम के लिए सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया और लंबे समय तक कप्तानी की। उनकी नेतृत्व क्षमता, फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन ने भारतीय फुटबॉल को नई पहचान दिलाई है।
ग्लासगो में एक भारतीय रेस्टोरेंट ने भारत के नक्शे में पूर्वोत्तर भारत को नहीं दिखाने पर माफी मांगी है। ओलंपिक पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने नक्शे को ठीक करने का आश्वासन दिया है। यह घटना ग्लासगो में 'मिस्टर सिंह इंडिया, द होम ऑफ करी' रेस्टोरेंट में हुई। भारतीय मुक्केबाजी दल 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद वहां डिनर के लिए पहुंचा था। इन खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत पदक समेत कुल 10 पदक जीते थे। नेपकिन और लोगो पर गलत नक्शा देख जताई आपत्ति असम की रहने वाली और ग्लासगो में रजत पदक जीतने वाली लवलीना ने देखा कि रेस्टोरेंट के नेपकिन और बाहर लगे लोगो पर छपे भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर का हिस्सा गायब है। उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट प्रबंधन के सामने यह मुद्दा उठाया। लवलीना ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि रेस्टोरेंट में कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि नेपकिन और लोगो पर छपे नक्शे में पूर्वोत्तर गायब है और कश्मीर का हिस्सा भी सही नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह देखकर बहुत बुरा लगा और उन्होंने मालिकों के सामने अपनी बात रखी। रेस्टोरेंट मालिकों ने सफाई दी कि यह ब्रिटिश नक्शा है, इसलिए पूर्वोत्तर गायब है। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगी और नक्शा बदलने का वादा किया। सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो 2021 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बताया कि यह मुद्दा उन्हें व्यक्तिगत रूप से क्यों प्रभावित कर गया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर से होने के नाते यह उन्हें काफी आहत करता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगली बार से इस बात का ध्यान रखें। मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया गया डिनर के दौरान मौजूद बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि रेस्टोरेंट मालिकों के साथ कोई विवाद नहीं हुआ और मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। उन्होंने पीटीआई से कहा कि यह एक चूक थी, जिसे उन्होंने और लवलीना ने पॉइंट आउट किया था। मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और इसे ठीक करने का भरोसा दिया है। ग्लासगो का यह रेस्टोरेंट काफी प्रसिद्ध है और यहां कई वर्षों से खेल टीमें और गणमान्य व्यक्ति आते रहे हैं। भारतीय मुक्केबाजी टीम ने शनिवार को अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए इस रेस्टोरेंट का दौरा किया था, जहां यह मामला सामने आया। -------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स- 10वें दिन भारत को 8 गोल्ड:7 बॉक्सरों ने जीते, एक पैरा शॉटपुट में मिला, ट्रिपल जंप में 2 मेडल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया है। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पी.टी. उषा ने स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला एथलीटों की तारीफ की
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कैंपेन का नेतृत्व करने वाली देश की महिला एथलीटों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि महिला एथलीटों की उपलब्धियां उनकी वर्षों की लगन को दिखाती हैं और साथ ही नई पीढ़ी की लड़कियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करती हैं। महिला एथलीटों ने देश के 13 स्वर्ण पदकों में 8 स्वर्ण पदक जीते हैं।
CWG 2026 जश्न के बीच भारत का गलत नक्शा देखकर भड़कीं Lovlina Borgohain, रेस्टोरेंट से की शिकायत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए ग्लासगो में एक सेलिब्रेशन डिनर रखा गया था। लेकिन इस खुशी के माहौल में उस समय विवाद हो गया, जब ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन की नजर रेस्टोरेंट के नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे पर गई। लवलीना ने देखा कि नक्शे में भारत का नॉर्थ-ईस्ट हिस्सा नहीं दिखाया गया था। उन्होंने इस पर अपनी नाराजगी जताई और रेस्टोरेंट से इसे ठीक करने की अपील की। लवलीना ने जताई नाराजगी असम की रहने वाली लवलीना ने समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि रेस्टोरेंट के नैपकिन और बाहर लगे बोर्ड पर भी भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था। उन्होंने कहा, कृपया मेरी बात को गलत मत समझिए। मुझे यह देखकर बहुत बुरा लगा। भारत के नक्शे में हमारा नॉर्थ-ईस्ट नहीं दिखाया गया है। बाहर लगे नक्शे में भी यही गलती है। हम नॉर्थ-ईस्ट से आते हैं, इसलिए यह बात हमें बहुत दुख पहुंचाती है। मेरी बस यही अपील है कि अगली बार सही नक्शा इस्तेमाल करें। धन्यवाद। इसे भी पढ़ें: CWG में गोल्ड जीतकर स्वदेश लौटीं Mirabai Chanu ने की PM Modi और Coach की जमकर तारीफ बॉक्सिंग फेडरेशन ने भी उठाई आपत्ति बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी लवलीना की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नक्शे में सिर्फ पूर्वोत्तर ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर भी सही तरीके से नहीं दिखाया गया था। अजय सिंह ने रेस्टोरेंट प्रबंधन से कहा कि गलत नक्शे को हटाकर उसकी जगह भारत की सही सीमाओं वाला नक्शा लगाया जाए। रेस्टोरेंट की ओर से नहीं आया बयान यह घटना ग्लासगो के मशहूर भारतीय रेस्टोरेंट 'मिस्टर सिंह्स इंडिया – द होम ऑफ करी' में हुई। यहां अक्सर खेल टीमों और दूसरे खास मेहमानों का आना-जाना रहता है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक रेस्टोरेंट की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। शानदार प्रदर्शन के बीच हुआ विवाद यह विवाद ऐसे समय सामने आया, जब भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। महिला टीम ने पांच गोल्ड मेडल जीते। प्रीति पवार, जैस्मिन लैंबोरिया, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया घांघस ने अपनी-अपनी वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। वहीं, पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पांघल ने भी गोल्ड मेडल जीतकर भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या सात कर दी, जो एक नया रिकॉर्ड है। इसे भी पढ़ें: Tanvi Sharma ने ताइपे ओपन में जीता पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब गोल्ड से चूकीं लवलीना लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 70 किलोग्राम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 4-1 से हार गईं। उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा और वह गोल्ड जीतने से थोड़े अंतर से चूक गईं। जश्न के बीच बदल गया माहौल भारतीय टीम इस रेस्टोरेंट में अपनी ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाने पहुंची थी। लेकिन गलत भारत का नक्शा देखने के बाद बातचीत मेडल और जीत से हटकर उसी मुद्दे पर आ गई। इसके बाद भारतीय बॉक्सिंग दल ने रेस्टोरेंट से भारत का सही नक्शा दिखाने की मांग की।
कॉमनवेल्थ में बॉक्सिंग में भारत की रिकॉर्ड जीत के पीछे एथलीट-फर्स्ट अप्रोच: अजय सिंह
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन शानदार रहा है। खासकर, मुक्केबाजों ने देश की झोली स्वर्ण पदकों से भर दी है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि बॉक्सिंग में भारत का रिकॉर्ड तोड़ सात स्वर्ण पदक जीतना एथलीट-फर्स्ट अप्रोच का नतीजा है। एथलीटों को विश्व-स्तरीय सपोर्ट मिला है।
स्टार भारोत्तोलक सेखोम मीराबाई चानू और लवप्रीत सिंह सहित राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों के पहले दल का रविवार को यहां स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता।मीराबाई ने हवाई अड्डे पर पीटीआई से कहा, ‘‘मणिपुर से होने के नाते मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैं अपने देश के लिए कुछ अच्छा कर सकी।’’पुरुषों के 109 किग्रा से अधिक वर्ग में एक किग्रा के मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूककर रजत पदक जीतने वाले लवप्रीत सिंह ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं। पंजाब के 28 वर्षीय लवप्रीत ने कहा, ‘‘मैं भारतीय नौसेना, अपने कप्तान विजय कुमार और यहां स्वागत के लिए आए सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं।’’उन्होंने कुल 388 किग्रा वजन उठाया जिसमें ‘स्नैच’ में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा वजन भी शामिल है।लवप्रीत ने कहा, ‘‘ऐसा हो जाता है (स्वर्ण से चूकना) लेकिन मैंने कड़ी मेहनत की और उसका परिणाम मिला। जब दो खिलाड़ी मुकाबला करते हैं तो एक को हारना पड़ता है। अब मैं एशियाई खेलों की अच्छी तैयारी करूंगा।’’भारतीय भारोत्तोलकों ने अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया। महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली बिंदयारानी देवी सोरोखेबम ने कहा, ‘‘जिस तरह सभी ने हमारा स्वागत किया है, उससे बहुत अच्छा लग रहा है। सभी का धन्यवाद, आपने घर जैसा अहसास कराया।’’उन्होंने कहा, ‘‘आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए मैं पहले से भी अधिक कड़ी मेहनत करूंगी।’’पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले ऋषिकांत सिंह ने कहा कि अगली बार वह स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। मैं अपने प्रदर्शन के बारे में पहले ही बात कर चुका हूं, लेकिन अगली बार और मजबूत वापसी करूंगा तथा बेहतर प्रदर्शन करूंगा।’’ इम्फाल में जन्मे भारतीय सेना के भारोत्तोलक ऋषिकांत ने अपने गृह राज्य मणिपुर में शांति की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य से और अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए नौसेना और मैतेई दोनों समान हैं। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मणिपुर में शांति होनी चाहिए ताकि वहां से मुझसे भी बेहतर खिलाड़ी निकल सकें।’’भारतीय भारोत्तोलन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने कहा, ‘‘यहां जिस तरह हमारा स्वागत किया गया, उससे हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। सभी लोग बहुत खुश हैं। मैं अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम पीछे रह गए और हमें उन पर काम करने की जरूरत है ताकि अपने रजत पदक का रंग स्वर्ण में बदला जा सके। लेकिन खेलों में ऐसा होता है। कुल मिलाकर परिणाम अच्छे रहे हैं और हम खुश हैं।’’शर्मा ने मीराबाई चानू की लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतने के लिए जमकर प्रशंसा की।उन्होंने कहा, ‘‘मीराबाई एक असाधारण खिलाड़ी हैं। अपने अनुशासन के कारण वह इस तरह के परिणाम हासिल कर पाती हैं। हम एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे हैं और मुझे लगता है कि वहां भी हम पदक जीतेंगे।’’ महिलाओं के 69 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले राष्ट्रमंडल खेलों में अपने रजत पदक को स्वर्ण में बदलना है।उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य अहमदाबाद में होने वाले अगले राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलना है।’’पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले राजा मुथुपांडी ने कहा कि पोडियम पर जगह बनाना कई सर्जरी और लंबे संघर्ष के बाद वर्षों की मेहनत का परिणाम है। मुथुपांडी ने कहा, ‘‘मैं 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भी उतरा था लेकिन तब पदक नहीं जीत पाया। उस समय मुझे बहुत बुरा लगा था। इसके बाद मैंने इस पदक के लिए काफी मेहनत की।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश कर रहा था लेकिन उस दिन मेरा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। फिर भी मुझे खुशी है कि मैंने पहली बार भारत के लिए पदक जीता।’’उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के तौर पर मेरी दो-तीन सर्जरी हुई हैं। हर सर्जरी के बाद मैंने और मेरे कोच ने वापसी की योजना बनाई और चरणबद्ध तरीके से काम किया। इतने संघर्ष के बाद वापसी करके पदक जीतने का अहसास बेहद खास होता है।’’मुथुपांडी ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल आने वाले हैं और उसके बाद ओलंपिक है। ओलंपिक क्वालीफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी। हम अपने कोच विजय शर्मा सर के साथ बैठकर पूरी योजना बनाएंगे और सभी क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं तथा चरणों की तैयारी करेंगे।’’एक अन्य रजत पदक विजेता वल्लुरी अजय बाबू ने कहा कि कड़े मुकाबले के दबाव से निपटने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उनका लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह मेरे पहले राष्ट्रमंडल खेल थे और मेरे लिए शानदार अनुभव रहा। मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा। मैं स्वर्ण पदक से चूक गया, लेकिन कोई बात नहीं। मैं अच्छी तैयारी करूंगा और कड़ी मेहनत करूंगा।’’ अजय बाबू ने कहा, ‘‘मुकाबला केवल एक किग्रा के अंतर से तय हुआ, इसलिए दबाव था। लेकिन मैंने उस दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे अच्छा लगा। मैं यह पदक अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करना चाहता हूं। मैं 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने का प्रयास करूंगा।’’ महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक वर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं मार्टिना देवी ने अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल अभियान को सीखने वाला अनुभव बताया।उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेल मेरे लिए सीखने का अच्छा अवसर रहे। मैं भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी। हवाई अड्डे पर जिस गर्मजोशी से हमारा स्वागत किया जा रहा है, उसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।’’भारत फिलहाल पदक तालिका में 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर है।
85 रन पर ऑलआउट होकर भी टीम बनी चैंपियन, 47 साल के कप्तान ने फाइनल में किया कमाल
47 साल के कप्तान इमरान ताहिर की टीम गयाना अमेजन वारियर्स ने लगातार दूसरी बार ग्लोबल सुपर लीग (GSL) का खिताब जीत लिया है। फाइनल मैच में गयाना ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के सामने सिर्फ 86 रनों का टारगेट रखा था।
30 अगस्त से शुरू होगी शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग: शुभमन, अर्शदीप रहे मौजूद; 250 खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
घोषणा के अनुसार, लीग की शुरुआत 30 अगस्त से होगी। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 120 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जबकि करीब 250 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के पूल से टीमों का गठन होगा।
रॉकेट क्लासिक के लिए राइली और ब्रेनन के बीच मुकाबला; प्ले-ऑफ की दौड़ में अक्षय भाटिया
डेट्रॉइट, 2 अगस्त (आईएएनएस)। डेविस राइली ने पीजीए टूर पर जीत हासिल करने और प्ले-ऑफ में जगह बनाने के लिए खुद को अच्छी स्थिति में ला खड़ा किया है। राइली ने डेट्रॉइट गोल्फ क्लब में 7-अंडर 63 का स्कोर किया और कुल 15 के स्कोर के साथ एक शॉट की बढ़त बना ली।
राजस्थान की पहली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी को इस बात की निराशा है कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने कि ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बावजूद उन्हें अब तक राज्य सरकार की ओर से किसी तरह का प्रोत्साहन या शुभकामना संदेश नहीं मिला है।अरुंधति ने महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की शेंटेले रीड को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार के त्याग और अपने राज्य के लिए इतिहास रचने की प्रेरणा का परिणाम है।उन्होंने कहा कि खेलों के लिए आने के बाद उन्हें पता चला कि वह राष्ट्रमंडल खेलों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला मुक्केबाज हैं। इस 23 साल की मुक्केबाज ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मेरे लिए यह मौका था कि मैं अपने राज्य के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली पहली मुक्केबाज बनूं। इसका कोई दबाव नहीं था, बल्कि यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थी। मैंने जो सोचा था, वह कर दिखाया। मेरे कोच और पिता ने भी कहा था कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन इतिहास रचने का मौका जरूर है।’’अरुंधति ने कहा कि फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने एकतरफा जीत दर्ज की, जिससे उनकी उपलब्धि और भी खास बन गई। राजस्थान में मुक्केबाजी के ढांचे पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान में इस तरह के खेलों के लिए कोई खास सुविधा नहीं है। मुझे पदक जीते हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अभी तक राज्य सरकार या खेल मंत्री की ओर से कोई शुभकामना या प्रोत्साहन नहीं मिला है।’’राजस्थान के कोटा जिले की इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘वहां (राजस्थान) से जो खिलाड़ी आगे आ रहे हैं, वे अपने दम पर आ रहे हैं। कोटा में भी मुक्केबाजी के लिए कोई खास सुविधा नहीं है। जब मैं वहां जाती हूं तो क्रिकेट के मैदान में अभ्यास करना पड़ता है। इसी कारण मैं भारतीय सेना से जुड़ी और वहीं की सुविधाओं का उपयोग कर प्रशिक्षण ले रही हूं।’’अरुंधति को मुक्केबाज बनाने के सफर में परिवार का पूरा साथ मिला और इन खेलों में जब उनका मुकाबला शुरु होने से पहले से ही उनके पिता ने उपवास रखा जो उनके स्वर्ण पदक जीतने पर टूटा। अरुंधति ने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में जब मैंने अपना पहला मुकाबला जीता था, तब मेरी बड़ी बहन ने बताया कि मेरे पिता मेरे स्वर्ण पदक जीतने के लिए उपवास रख रहे हैं। इसके बाद मैं स्वर्ण पदक जीतने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हो गई। मुझे अपने राज्य के लिए भी कुछ करना था। परिवार का मुझे पूरा सहयोग मिला।’’इस मुकाबले से पहले अरुंधति को तेज बुखार था लेकिन उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर खिलाड़ियों को अपने शरीर की परेशानियों को पीछे छोड़कर प्रदर्शन करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘इतने बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका बहुत लंबे समय बाद मिलता है। ऐसे में चोट, वजन कम करना या बीमार होना बहाने नहीं हो सकते। ये सब चीजें बाद में ठीक हो जाएंगी, लेकिन अगर पदक हाथ से निकल गया तो वह वापस नहीं आएगा। राष्ट्रमंडल खेलों में अगला मौका चार साल बाद ही मिलता है।’’ अरुंधति ने कहा, ‘‘‘मैंने फाइनल मुकाबले से कुछ समय पहले बुखार कम करने के लिए पैरासिटामोल ली थी, लेकिन जैसे ही रिंग में उतरी, सब कुछ भूल गई। वहां बड़ी संख्या में भारतीय दर्शक मौजूद थे। ‘इंडिया-इंडिया’ और ‘जय बजरंग बली’ के नारों ने मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा दिया और उसी ऊर्जा के साथ मैंने मुकाबला खेला।’’भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों में सात स्वर्ण और तीन रजत पदक जीत कर इतिहास रच दिया।
एशिया कप 2026 के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड का हुआ ऐलान, प्रेमा रावत को मिली टीम में जगह
एशिया कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम के स्क्वॉड का ऐलान हो गया है। इस टूर्नामेंट के लिए यास्तिका भाटिया को एक बार फिर टीम में जगह नहीं मिली है। प्रेमा रावत को श्रेयांका पाटिल की जगह मौका मिला है।
रेस्टोरेंट में हुए बवाल पर लवलीना बोरगोहेन ने खोला राज
भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. अब वह मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद हर बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कम से कम एक मेडल जीतने वाली तीसरी बॉक्सर बन गई हैं.
Commonwealth Games में इशरूप नारंग कांस्य पदक मुकाबले में पहुंची
ग्लास्गो, दो अगस्त भारतीय जूडो खिलाड़ी इशरूप नारंग ने रविवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की महिलाओं के 78 किग्रा वर्ग के रेपेशॉज मुकाबले में कैमरून की जॉर्जिका वेस्ली जेंगुए मौने को हराकर कांस्य पदक जीतने की उम्मीद बरकरार रखी। पंजाब की 19 साल की इशरूप ने अपने से मजबूत और लंबी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ दो युको हासिल करने के बाद ‘वाजा-आरी’ के आधार पर मुकाबला अपने नाम किया। इससे पहले इशरूप के क्वार्टर फाइनल में हारने से स्वर्ण पदक जीतने का अभियान समाप्त हो गया था। उन्हें इंग्लैंड की एमा रीड ने इप्पोन से हरा दिया। चार मिनट तक चले इस मुकाबले में इशरूप को दो पेनल्टी (शिडो) मिली जबकि एमा ने दो ‘वाजा-आरी’ हासिल कर जीत सुनिश्चित की। इशरूप ने स्कॉटलैंड की निकोल वुड को हराकर महिलाओं के 78 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी जिसमें निर्धारित समय के अंत तक मुकाबला बराबरी पर रहा। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों को एक-एक पेनल्टी मिली। भारतीय खिलाड़ी ने गोल्डन स्कोर में एक मिनट 40 सेकेंड के बाद निर्णायक युको हासिल कर पांच मिनट 40 सेकेंड तक चले मुकाबले में जीत दर्ज की। भारत के अवतार सिंह को हालांकि पुरुषों के 100 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में साइप्रस के अरिस्टोस माइकल के खिलाफ इप्पोन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं यश घंगास भी पुरुषों के 100 किग्रा से अधिक वजन वर्ग में राउंड 16 में वेल्स के जोशुआ व्हाइटहाउस से 0-1 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। व्हाइटहाउस ने मुकाबले के बीच में एक निर्णायक युको हासिल किया और अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी। चार मिनट तक चले मुकाबले में यश को दो पेनल्टी भी मिलीं और वह वापसी नहीं कर सके। इसके साथ ही उनका अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया। युको खिलाड़ी के प्रतिद्वंद्वी को गिराने या प्रतिद्वंद्वी को पांच से नौ सेकेंड तक ‘होल्ड-डाउन’ करने पर दिया जाता है। वहीं इप्पोन जूडो का सर्वोच्च अंक होता है। इप्पोन मिलते ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है।
CWG में गोल्ड जीतकर स्वदेश लौटीं Mirabai Chanu ने की PM Modi और Coach की जमकर तारीफ
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू भारत लौट आई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका बहुत भव्य और जोरदार स्वागत किया गया। हर मुश्किल और दर्द इस मेडल के लिए था अपनी इस कामयाबी और सफर के बारे में बात करते हुए मीराबाई चानू ने कहा, यह देश के लोगों का प्यार और दुआएं हैं जो मुझे यहां तक ले आई हैं। मेरा बस एक ही मकसद था - भारत के लिए मेडल जीतना। जब भी मैं मेडल लेकर घर आती हूं, तो मुझे अपने पुराने दिनों और संघर्षों की याद आ जाती है। लेकिन मेडल जीतने की खुशी में मैं अपनी सारी पुरानी तकलीफें भूल जाती हूं। मुझे लगता है कि मैंने जो भी दर्द सहा, वह इसी पल के लिए था। इसे भी पढ़ें: गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक Double Medal: 5000m में Bronze और Soman Rana ने जीता Shotput Gold Medal पीएम मोदी और कोच विजय शर्मा की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बधाई मिलने पर मीराबाई ने कहा कि पीएम मोदी हर मोड़ पर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं। वह हर एथलीट के खेल की जानकारी रखते हैं और ऐसा प्रधानमंत्री पाना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। वहीं अपने कोच विजय शर्मा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, बिना कोच के कोई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकता। विजय सर ने हर छोटी-बड़ी बात में मेरा साथ दिया है। हार हो या जीत, वे हमेशा जानते हैं कि मेरा हौसला कैसे बढ़ाना है। इसे भी पढ़ें: Tanvi Sharma ने ताइपे ओपन में जीता पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने पर नजर अपनी आगे की तैयारियों पर बात करते हुए मीराबाई चानू ने कहा कि एशियन गेम्स में मुकाबला बहुत कठिन होगा, लेकिन उनकी ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। उनका पूरा ध्यान वहां भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें अर्जुन अवॉर्ड देने का फैसला करती है, तो यह उनके लिए बहुत बड़े सम्मान की बात होगी।
सरकार सहयोग जारी रखे, हम आगे और भी ज्यादा पदक जीतेंगे: मीराबाई चानू
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। चानू ने 48 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा इवेंट में चानू का स्वर्ण देश का पहला स्वर्ण था। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में चानू का यह लगातार तीसरा स्वर्ण पदक था। मीराबाई चानू ग्लासगो में यादगार प्रदर्शन के बाद स्वदेश लौट आई हैं।
मीराबाई से लेकर नीरज चोपड़ा तक, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का गोल्डन परफॉर्मेंस
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सरों ने अपना लोहा मनवाया. इसके अलावा वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू सहित 8 खिलाड़ियों ने मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की.
Glasgow में नैपकिन पर भारत का गलत नक्शा देख भड़की Lovlina
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय मुक्केबाज ग्लासगो के एक रेस्तरां पहुंचे, जहां नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे को लेकर विवाद खड़ा हो गया. लवलीना बोरगोहेन ने नक्शे में नॉर्थ ईस्ट को सही तरीके से नहीं दिखाए जाने पर आपत्ति जताई. भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सही नक्शे के इस्तेमाल की मांग की.
अभिषेक शर्मा ने बल्ले से बरपाया कहर, 91 गेंदों में 25 छक्कों की मदद से ठोक दिए 233 रन
भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पंजाब स्टेट इंटर-डिस्ट्रिक्ट सीनियर वनडे टूर्नामेंट 2026-27 में अमृतसर सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए 91 गेंदों में 233 रन की विस्फोटक पारी खेली।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले भारत को झटका, चोट से पूरी तरह नहीं उबरे जसप्रीत बुमराह
रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह फिलहाल इम्पैक्ट इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम उनकी फिटनेस पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के पक्ष में नहीं है।
अभिषेक शर्मा का तूफानी दोहरा शतक, 91 गेंदों में 233 रन ठोककर मचाई सनसनी; वनडे की भी मजबूत दावेदारी
अभिषेक शर्मा ने मुकाबले में केवल 91 गेंदों का सामना करते हुए 233 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज पूरी तरह आक्रामक रहा और उन्होंने गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा।
भारतीय टीम के ओपनर अभिषेक शर्मा ने पंजाब इंटर-डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट के एक वनडे मैच में दोहरा शतक जड़ा है। अमृतसर मेंस सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए अभिषेक ने तरन तारन मेंस सीनियर टीम के खिलाफ यह कारनामा किया। उनकी इस पारी की बदौलत अमृतसर की टीम ने 50 ओवर में 500 रन का आंकड़ा पार कर लिया। 15 चौके और 25 छक्के लगाए अभिषेक ने इस मुकाबले में 91 गेंदों का सामना करते हुए 233 रन की पारी खेली। उन्होंने 250 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 15 चौके और 25 छक्के लगाए। यानी उन्होंने सिर्फ बाउंड्री के जरिए ही 202 रन बना डाले। इस मैच में अभिषेक के दोहरे शतक और अभय चौधरी की 91 रनों की पारी के दम पर अमृतसर मेंस सीनियर टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 533 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। खराब फॉर्म के बाद जोरदार वापसी हाल के समय में अभिषेक शर्मा भारतीय टीम के लिए खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट की पिछली सात पारियों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ हालिया तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 1, 8 और 2 रन बनाए थे।
गर्लफ्रेंड माहिका संग तिरुमला मंदिर पहुंचे हार्दिक
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पंड्या खास वजह से चर्चा में हैं. हार्दिक, गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा संग आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर दर्शन करने पहुंचे.
पुंछ, 2 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प' अभियान की शुरुआत की। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पुंछ ताइक्वांडो मैनेजमेंट और 'माय भारत' के तहत पुंछ ताइक्वांडो क्लब में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग की गई। इसमें करीब 150 युवाओं ने भाग लिया और पीएम के संदेश को सुना।
सचिन ने दिखाया असली याराना, शेयर किया स्पेशल वीडियो
सचिन तेंदुलकर अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार और पर्सनल लाइफ से जुड़ी झलकियां शेयर करते रहते हैं. इस बार फ्रेंडशिप डे के मौके पर उन्होंने एक पोस्ट ऐसा किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है. सचिन तेंदुलकर के इस पोस्ट ने फ्रेंडशिप डे को उनके लिए और भी यादगार बना दिया है.
150 किमी/घंटा रफ्तार से मयंक ने बल्लेबाज को चौंकाया
भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव एक बार फिर से अपनी तेज गेंदबाजी के चलते सुर्खियों में आ गए हैं. मयंक ने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में ईस्ट दिल्ली राइडर्स के लिए डेब्यू करते हुए पहली ही गेंद पर विकेट लेकर तहलका मचा दिया.
Commonwealth Games 2026 में 11वें दिन भी भारतीय एथलीट से मेडल की उम्मीद, जूडो पर नजरें
ग्लास्गों में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज 11वां और आखिरी दिन है। भारत के पास आज भी 7 मेडल जीतने का मौका है।
खेल के मैदान पर पसीना बहाने वाले एथलीट्स अगर किचन में भी अपना कमाल दिखाएं, तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। दुनिया के बेहतरीन फुटबॉलर अर्लिंग हालेंड के वायरल ‘टोमाहॉक स्टेक’ कुकिंग वीडियो के बाद, अब इंग्लैंड की स्टार वेटलिफ्टर एमिली कैंपबेल ने इस धारणा को और मजबूत किया है। 32 वर्षीय एमिली ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता है। दिलचस्प बात यह है कि दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट एमिली कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने से ठीक पहले मशहूर टीवी शो ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ के किचन में अपनी कुकिंग का जलवा बिखेर रही थीं, जहां उन्होंने अपनी सिग्नेचर डिश ‘कैरेबियन करीड मटन’ बनाई थी। एमिली ने 86+ किग्रा में कुल 278 किलो (115 किलो स्नैच + 163 किलो क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर गेम्स का नया रिकॉर्ड कायम किया है। पेरिस ओलिंपिक की एकमात्र ब्रिटिश वेटलिफ्टर रहीं एमिली वहां से भी सिल्वर मेडल लेकर लौटी थीं। एमिली कहती हैं, ‘वेटलिफ्टर की पहचान से अलग हटकर कुछ और करना मेरे लिए बहुत सुखद रहा। खाना बनाना हमेशा से मेरा पैशन रहा है, लेकिन मास्टरशेफ में हिस्सा लेना वेटलिफ्टिंग से कहीं ज्यादा घबराहट वाला अनुभव था।’ एक एथलीट के तौर पर अपनी ताकत बरकरार रखने के लिए एमिली को रोजाना 3,500 कैलोरी की जरूरत होती है। यही वजह है कि उन्हें ज्यादा मात्रा में खाना बनाने की आदत हो गई है। एमिली बताती हैं कि ट्रेनिंग कैंप्स के दौरान वे अक्सर अपने साथी एथलीट्स के लिए शेफ की भूमिका निभाती हैं। नॉटिंघम में पली-बढ़ीं एमिली के कुकिंग शौक के पीछे उनके बचपन की यादें हैं। हर रविवार उनके पिता कैरेबियन डिशेज बनाते थे, जिसकी खुशबू से उनकी सुबह होती थी। एमिली अब भी साल्मन, ग्रिल्ड सब्जियां, चिकन लक्सा, जापानी कुजीन और स्पगेटी बोलोग्नीस जैसी डिशेज खुद पकाती हैं। मास्टरशेफ में हिस्सा लेने की प्रेरणा उन्हें अपनी दोस्त कदीना कॉक्स से मिली थी, जिन्होंने खाने से जुड़ी अपनी मानसिक बीमारी (बुलिमिया) को हराकर वह शो जीता था। एमिली का यह कामयाबी भरा सफर शुरुआत में बिल्कुल भी आसान नहीं था। एक समय था, जब उनके पोषण के लिए स्थानीय फल-सब्जी वाले उन्हें मुफ्त में राशन दे जाते थे ताकि उनकी डाइट पूरी हो सके। यहां तक कि क्राउडफंडिंग के जरिए स्थानीय मोचियों ने उनके लिए वेटलिफ्टिंग बेल्ट बनाई थी। आज वही एमिली खुद अपने ‘मील्स-टू-मसल’ (भोजन से ताकत तक) के सफर की कमान पूरी तरह से संभाल रही हैं और न्यूट्रिशनिस्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय अपनी डाइट खुद डिजाइन करती हैं। वह दुनिया को साबित कर रही हैं कि एथलीट्स न सिर्फ मैदान पर मेडल जीत सकते हैं, बल्कि किचन में भी असली चैम्पियन बन सकते हैं।
श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया को लगा तगड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह टेस्ट सीरीज से बाहर
श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं।
25 छक्के और 233 रन... अभिषेक ने उड़ाया गर्दा, गेंदबाज हुए बेबस
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में ऐसा तूफान मचाया कि हर कोई हैरान रह गया. अमृतसर मेन सीनियर की ओर से खेलते हुए उन्होंने 91 गेंदों पर 233 रन बना दिए. इस दौरान अभिषेक ने चौके-छक्कों की बरसात कर डाली.
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करके भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम रविवार को स्वदेश लौटी। ग्लासगो में गोल्ड मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू ने अपने प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। वहीं, लवप्रीत सिंह ने उनका समर्थन करने के लिए देशवासियों का धन्यवाद किया।
पश्चिम बंगाल में खेलों को मिलेगा बढ़ावा, 100 इंडोर स्पोर्ट्स एरीना बनाने की तैयारी
कोलकाता, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री इंद्रनील खान ने 'खेलो इंडिया' स्कीम के तहत राष्ट्रीय खेल संघों को मिलने वाली बढ़ी हुई मदद की तारीफ की है और कहा है कि इससे राज्य से और ज्यादा टॉप-लेवल के खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी।

