श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह:घुटने की चोट बनी वजह, 15 अगस्त से खेली जाएग सीरीज
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरुआती जांच के बाद बुमराह को अपने बाएं घुटने में लगातार तकलीफ महसूस हो रही है। इसके बाद यह फैसला लिया है कि उनका अभी क्रिकेट में वापसी करना सुरक्षित नहीं होगा। उन्हें पूरी तरह से ठीक होने की सलाह दी गई है। हालांकि अब तक BCCI की ओर से कोई बयान नहीं आया है। 15 सदस्यीय टीम में शामिल थे इससे पहले PTI की रिपोर्ट में कहा गया था कि बुमराह श्रीलंका सीरीज के लिए फिट हो जाएंगे। 32 साल के दाएं हाथ के गेंदबाज बुमराह को मंगलवार को भारत की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनका खेलना फिटनेस पर निर्भर था। भारत को 18 साल से नहीं हरा सका श्रीलंका भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका को 3 में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 4 सीरीज ड्रॉ रही हैं। श्रीलंका पिछले छह सीरीज से भारत को नहीं हरा सका है। टीम ने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी, यानी उसे करीब 18 साल से भारत के खिलाफ सीरीज जीत का इंतजार है।
17 वर्षीय तन्वी शर्मा बनीं चैंपियन, ताइपे ओपन का खिताब जीतकर रचा इतिहास
ताइपे, 2 अगस्त (आईएएनएस)। 17 वर्षीय भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस खिताब को जीतने वाली किसी भी कैटेगरी की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी हैं। यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 300 टाइटल भी है।
हिसार, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारतीय मुक्केबाजी टीम के लिए यादगार रहा। बॉक्सिंग में देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें से 7 गोल्ड रहे। अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 'गोल्डन पंच' लगाया। अंकुश के कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि अंकुश और उन्होंने मिलकर इंग्लैंड के बॉक्सर डिमेजी शिट्टू के खिलाफ पहले से ही तैयारी कर रखी थी।
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 के तीसरे मुकाबले में वेस्ट दिल्ली लायंस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए न्यू दिल्ली टाइगर्स को 19 रनों से हराया। वेस्ट दिल्ली लायंस से मिले 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यू दिल्ली की पूरी टीम 151 रन बनाकर आल आउट हो गई।
टीम इंडिया को तगड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह श्रीलंका दौरे से बाहर
श्रीलंक दौरे से पहले टीम इंडिया की टेंशन बढ़ गई है. स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर अच्छी खबर नहीं आई है. बुमराह बाएं घुटने में तकलीफ महसूस होने के कारण दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. बीसीसीआई की मेडिकल टीम बुमराह को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है.
Tanvi Sharma ने ताइपे ओपन में जीता पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब
ताइपे सिटी, दो अगस्त युवा भारतीय सनसनी तन्वी शर्मा ने रविवार को यहां ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में वियतनाम की छठी वरीय थुई लिन्ह एनगुएन को सीधे गेम में हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता। पिछले साल अमेरिकी ओपन सुपर 300 में उप विजेता रही पंजाब की 17 साल की तन्वी ने फाइनल में एनगुएन को 36 मिनट में 21-16, 21-16 से हराया। खिताब जीतने के बाद तन्वी ने कहा, ‘‘यहां यह खिताब जीतकर मैं बेहद खुश हूं।’’सत्रह वर्ष और 222 दिन की उम्र में ताइपे ओपन के इतिहास की सबसे कम उम्र की चैंपियन बनी तन्वी ने इस मामले में ताइवान की महान खिलाड़ी ताई जू यिंग का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने की उम्मीद नहीं थी। मेरा लक्ष्य सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। मैंने एक बार में एक मैच पर ध्यान दिया और पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया।’’पीवी सिंधू के पूर्व मेंटर (मार्गदर्शक) पार्क ताए संग से कोचिंग लेने वाली तन्वी 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय हैं। पूरे टूर्नामेंट में केवल एक गेम गंवाने वाली तन्वी ने कहा, ‘‘मैं काफी नर्वस थी लेकिन मैंने यही सोचा कि मुझे अपना शत प्रतिशत देना है और अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘लगातार पांच मैच खेलना मेरे लिए भी आसान नहीं था। लेकिन मुझे पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता बनाए रखनी थी। अब मुझे सुपर 500 और सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी। मैं लगातार कड़ी मेहनत करती रहूंगी।’’तन्वी ने अमेरिकी ओपन में फाइनल में अपने सफर के दौरान भी एनगुएन को हराया था। इस भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने अपने प्रभावी ड्रॉप शॉट से एनगुएन को लगातार छकाते हुए 4-1 की बढ़त बना ली। ड्रॉप शॉट और क्रॉस कोर्ट स्मैश का बेहतरीन मिश्रण करते हुए भारतीय खिलाड़ी ने बढ़त को 10-2 तक पहुंचा दिया। वियतनाम की खिलाड़ी तन्वी के खेल को पढ़ने और शटल की दिशा का सही आकलन करने में संघर्ष करती नजर आई। हालांकि इसके बाद तन्वी से लगातार कुछ सहज गलतियां हुईं जिससे एनगुएन को वापसी का मौका मिला। इसके बावजूद तन्वी ने एक दमदार स्मैश लगाकर ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बरकरार रखी। मध्यांतर के बाद तन्वी ने फिर लय हासिल की और दोनों ओर से दमदार स्मैश लगाते हुए 15-9 की बढ़त बना ली। नेट और बैक कोर्ट से कुछ अंक गंवाने के बावजूद उन्होंने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। पांच गेम प्वाइंट हासिल करने के बाद उन्होंने क्रॉस कोर्ट स्मैश के साथ पहला गेम अपने नाम कर लिया। कोर्ट बदलने के बाद एनगुएन ने तेज शुरुआत करते हुए 3-0 की बढ़त बनाई और तन्वी को पूरे कोर्ट पर दौड़ाया। भारतीय खिलाड़ी ने धीरे-धीरे रैलियों पर नियंत्रण स्थापित किया और शानदार नेट शॉट की मदद से स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद उन्होंने विरोधी को लगातार बैक कोर्ट में धकेलते हुए नेट पर अपने नपे-तुले शॉट से दबाव बनाए रखा। तन्वी ने 8-4 की बढ़त बना ली। हालांकि एक बार फिर तन्वी की कुछ गलतियों के कारण वियतनाम की खिलाड़ी ने अंतर घटाकर 7-8 कर दिया। तन्वी ब्रेक तक 11-8 की बढ़त हासिल करने में सफल रहीं। इसके बाद तन्वी ने धीरे-धीरे अपनी बढ़त 15-10 और फिर 18-12 तक पहुंचाई। उनके भ्रामक शॉट लगातार उन्हें महत्वपूर्ण अंक दिलाते रहे। 19-12 के स्कोर पर लाइन कॉल को लेकर उनकी चुनौती असफल रही लेकिन इसके तुरंत बाद दमदार स्मैश के साथ उन्होंने सात मैच प्वाइंट हासिल कर लिए। शुरुआती तीन मैच प्वाइंट गंवाने के बावजूद तन्वी ने चौथे अवसर का फायदा उठाते हुए मुकाबला और अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीत लिया। जीत के बाद भावुक क्षण में तन्वी ने अपना स्वर्ण पदक उतारकर कोच पार्क के गले में पहनाया। इसके बाद दोनों ने साथ में तस्वीरें खिंचवाईं। तन्वी 17 साल और 222 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट भी बनीं। उन्होंने कोरिया के महान युगल खिलाड़ी ली योंग डे को पीछे छोड़ दिया जो 2006 में पुरुष युगल फाइनल में पहुंचने पर 17 साल और 287 दिन के थे। पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक तन्वी विश्व जूनियर चैंपियनशिप के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। उन्होंने लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक के अलावा मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वह उस भारतीय टीम की भी सदस्य थीं जिसने एशियाई टीम चैंपियनशिप में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था। तन्वी 16 साल की उम्र में 2025 अमेरिकी ओपन में अपने पहले सुपर 300 फाइनल में पहुंचीं। वह इस साल ताइपे ओपन में खिताबी मुकाबले में भी पहुंची और ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 तथा गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 में भी उप विजेता रहीं और दुनिया की शीर्ष 35 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।
IPL 2026 में निराशाजनक सीजन के बाद मुंबई इंडियंस अपने स्क्वॉड का रिव्यू कर रही है। इससे पहले कप्तान हार्दिक पंड्या ट्रेड विंडो की सबसे बड़ी चर्चा बन गए हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हार्दिक ट्रेड हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी ट्रेड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ट्रेड के संबंध में कोई बातचीत नहीं स्पोर्टस्टार से बातचीत में मुंबई इंडियंस के प्रवक्ता ने कहा, हमारा पोस्ट-सीजन रिव्यू फिलहाल चल रहा है और हम टीम के सभी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं। हम खिलाड़ियों के ट्रेड के संबंध में किसी बातचीत में शामिल नहीं हैं, रिव्यू पूरा होने के बाद ही यह संभव है। कई तरह के विकल्पों और विचारों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसमें समय लगता है, इसलिए अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। 4 टीमों की नजरें हार्दिक पर हाल ही में रिपोर्ट आई थी कि भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक के लिए अगला ठिकाना चेन्नई सुपर किंग्स हो सकती है। इसके अलावा राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स भी हार्दिक को अपनी टीम में शामिल करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। लीडरशिप और कोचिंग स्टाफ में बदलाव के संकेत रिव्यू केवल कप्तानी तक सीमित नहीं है। फ्रेंचाइजी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मुंबई इंडियंस अपने लीडरशिप ग्रुप, कोचिंग स्टाफ और ओवरऑल क्रिकेट ऑपरेशंस का मूल्यांकन कर रही है। टीम ऐसे स्क्वॉड का पुनर्गठन करना चाहती है जो पिछले कुछ, सालों से लगातार खिताबी दौड़ में पिछड़ रहा है। मुंबई का पिछले 3 सीजन में प्रदर्शन निराशाजनक रहा मुंबई इंडियंस का पिछले 3 सीजन में प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2024 में टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी। 2025 में 5 बार की चैंपियन टीम ने वापसी करते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई। 2026 में एक बार फिर टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई। -------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स में 10वें दिन भारत को 8 गोल्ड:7 बॉक्सरों ने दिलाए, एक पैरा शॉटपुट में मिला, ट्रिपल जंप में 2 मेडल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। पूरी खबर
कॉमनवेल्थ गेम्स में बवाल! भारत के नक्शे से 'नॉर्थ ईस्ट' गायब
लवलीना ने शनिवार के दिन ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने में सफलता हासिल की. लेकिन जीत के बाद उन्होंने एक रेस्टोरेंट में कुछ ऐसा देखा जिस पर उनका गुस्सा फूट पड़ा. यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने रेस्टोरेंट को ट्रोल कर शुरू कर दिया.
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय एथलीट और मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन पर गर्व करते हुए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश की बढ़ती साख की तारीफ की। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के लिए एक सुनहरा दिन बताया।
सेल्वा प्रभु थिरुमारन: भारत के लिए ब्रॉन्ज जीतकर गर्व है
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को ट्रिपल जंप इवेंट में भारत की झोली में दो मेडल आए। प्रवीण चित्रवेल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। सेल्वा ने कहा कि वह भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
सीडब्ल्यूजी 2026: भारत ने एक दिन में जीते 16 मेडल, ऑस्ट्रेलिया अभी भी टॉप पर
नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 10वां दिन ऐतिहासिक रहा। देश ने बॉक्सिंग में 10 मेडल समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए। एथलीटों के दमदार प्रदर्शन के बूते भारत ने मेडल टैली में भी लंबी छलांग लगाई है।
Taipei Open: 17 साल की तन्वी शर्मा ने रचा इतिहास, 18 साल बाद भारत को दिलाया महिला एकल खिताब
भारत की 17 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर-300 का महिला एकल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो के एक भारतीय रेस्टोरेंट में कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को डिनर के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद यह रेस्टोरेंट विवादों में घिर गया।
लवलीना ने अपना मेडल असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, मुझे गर्व है : पिता टिकेन बोरगोहेन
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारत की महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, जिसको लेकर उनके पिता टिकेन बोरगोहेन ने खुशी जाहिर की है।
बैडमिंटन में 17 साल की तन्वी शर्मा का धमाल, जीत लिया ताइपे ओपन
17 साल की उम्र में सुपर-300 खिताब जीतना इस बात का संकेत है कि तन्वी शर्मा भारतीय बैडमिंटन की भविष्य हैं. तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में 17 साल का इंतजार खत्म किया है. 2008 में साइना नेहवाल यहां पर चैम्पियन बनी थीं.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का होगा भव्य समापन, भारत में कितने बजे होगा क्लोंजिग सेरेमनी का आगाज?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। रंगारंग कार्यक्रम के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का ग्लास्गो में समापन होगा।
17 साल की तन्वी शर्मा ने रचा इतिहास, Taipei Open Super 300 जीतने वाली बनीं सबसे युवा खिलाड़ी
17 साल की युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब जीत इतिहास रच दिया है जिसमें वह इस टूर्नामेंट में जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गई हैं।
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 10वां दिन ऐतिहासिक रहा। देश ने बॉक्सिंग में 10 मेडल समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए। एथलीटों के दमदार प्रदर्शन के बूते भारत ने मेडल टैली में भी लंबी छलांग लगाई है।
'भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहा हूं', ब्रॉन्ज जीतने पर बोले सेल्वा प्रभु थिरुमारन
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को ट्रिपल जंप इवेंट में भारत की झोली में दो मेडल आए। प्रवीण चित्रवेल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। सेल्वा ने कहा कि वह भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
दिल्ली में युवाओं को फिटनेस और नशामुक्ति का संदेश देने के लिए निकाली गई साइकिल रैली
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' का 84वां संस्करण आयोजित किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम 'नशा मुक्त भारत' रखी गई थी। साइकिल रैली के जरिए युवाओं को फिट रहने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक Double Medal: 5000m में Bronze और Soman Rana ने जीता Shotput Gold Medal
गुलवीर सिंह शनिवार को 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए और एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले वह भारत के पहले खिलाड़ी हैं जबकि पैरा शॉटपुट में सोमन राणा ने शनिवार को स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। भारत के एथलीटों ने इन खेलों में ट्रैक और फील्ड में पांच रजत और पांच कांस्य पदक जीत लिये हैं। भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन यह 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 12 पदक जीतने के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मौजूदा एशियाई चैम्पियन गुलवीर ने 28 जुलाई को 10000 मीटर में रजत पदक जीता था। वह 13 मिनट 24 . 95 सेकंड का समय निकालकर 5000 मीटर में तीसरे स्थान पर रहे। कीनिया के मैथ्यू किपचुंबा किपसांग ने 13 मिनट 23 . 61 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता। आस्ट्रेलिया के की रॉबिनसन ने रजत पदक हासिल किया। भारत के 28 वर्ष के गुलवीर के नाम 5000 और 10000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। गुलवीर ने 10000 मीटर में हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में कांस्य पदक जीता था। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दिन की शुरुआत पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया। वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं। वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया। पुरूषों के पोल वॉल्टमें राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी देव कुमार मीणा 5 . 30 मीटर के साथ चौथे और कुलदीप कुमार 5 . 10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे। मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले फाइनल में भारत के विशाल टीके, अंसा बाबू, संतोष कुमार और रशदीप कौर तीन मिनट 20 . 32 सेकंड का समय निकालकर आठ टीमों में छठे स्थान पर रहे।
85 रन पर ऑलआउट, फिर भी जीत गई टीम! इस T20 फाइनल ने रचा इतिहास
टी20 क्रिकेट में 85 रनों का स्कोर आमतौर पर हार की गारंटी माना जाता है, लेकिन ग्लोबल सुपर लीग 2026 के फाइनल में क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला. गुयाना अमेजन वॉरियर्स सिर्फ 85 रनों पर सिमट गई, लेकिन इसके बावजूद टीम ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को 79 रनों पर समेटकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली.
वेस्टइंडीज की धरती पर पाकिस्तान के सामने टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने की मुश्किल चुनौती है। दोनों टीमों के बीच 2 अगस्त से दूसरे टेस्ट का आगाज होने जा रहा है।
'यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि', पीएम मोदी ने की गुलवीर सिंह के ऐतिहासिक प्रदर्शन की तारीफ
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 10वें दिन भारत का प्रदर्शन लाजवाब रहा। देश की झोली में 7 गोल्ड समेत कुल 16 मेडल आए। भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने लॉन्ग-डिस्टेंस रेस में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलवीर को बधाई दी है।
भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में विमेंस सिंगल्स का खिताब जीत लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में 17 साल की तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुय लिन्ह गुयेन को सीधे गेम में 21-16, 21-16 से मात दी। यह तन्वी का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। पंजाब की रहने वाली तन्वी ने यह मुकाबला महज 36 मिनट में अपने नाम किया। पिछले साल US ओपन सुपर 300 में उपविजेता रहीं तन्वी ने इस जीत के साथ इतिहास रच दिया है। वह 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन में महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। शुरुआत में बनाई बड़ी बढ़त, फिर मैच पर रखा नियंत्रण तन्वी ने पहले गेम की शुरुआत शानदार की और 10-2 की बढ़त बना ली। बीच में उनसे कुछ गलतियां हुईं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में थुय लिन्ह ने 3-0 की बढ़त बनाई, लेकिन तन्वी ने लगातार अंक लेकर स्कोर 3-3 कर दिया। इसके बाद उन्होंने मैच पर पूरी पकड़ बनाए रखी और 21-16 से गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के बाद कोच को पहनाया गोल्ड मेडल तन्वी को पीवी सिंधु के पूर्व मेंटर पार्क ते-सांग कोचिंग दे रहे हैं। खिताबी जीत के बाद तन्वी ने अपना गोल्ड मेडल उतारकर कोच पार्क ते-सांग के गले में डाल दिया और दोनों ने साथ में फोटो खिंचवाई। टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट 17 साल और 222 दिन की उम्र में तन्वी ताइपे ओपन के इतिहास की सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट बनीं। उन्होंने कोरिया के ली योंग डे का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2006 में 17 साल और 287 दिन की उम्र में पुरुष युगल फाइनल खेला था। -------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स में 10वें दिन भारत को 8 गोल्ड:7 बॉक्सरों ने दिलाए, एक पैरा शॉटपुट में मिला, ट्रिपल जंप में 2 मेडल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। पूरी खबर
गंभीर के लिए 'करो या मरो' जैसी श्रीलंका सीरीज, हर हाल में चाहिए जीत
श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज हेड कोच गौतम गंभीर के भविष्य के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है. गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम को अपने घर पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी थी. अगर इस बार भी नतीजे नहीं बदले तो गंभीर और पूरी टीम पर सवाल उठना तय है.
'बस खुद पर विश्वास रखा', 'गोल्डन पंच' लगाने पर बोले मुक्केबाज अंकुश पंघाल
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों का जलवा रहा। इस खेल से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। गोल्ड जीतने वाले मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कहा कि उन्होंने फाइनल मैच के दौरान खुद पर विश्वास रखा, जिसका फायदा उन्हें मिला।
हार्दिक पांड्या जो चोटिल होने की वजह से अभी टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं वह 2 अगस्त की सुबह आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ दर्शन के लिए पहुंचे थे, जिसमें उन्होंने अपना सिर भी मुंडवाया हुआ था।
भारत-PAK की फिर होगी टक्कर! बांग्लादेश करेगा महामुकाबले की मेजबानी
भारत और पाकिस्तान के बीच एक और हाईवोल्टेज मुकाबले की उलटी गिनती शुरू हो गई है. SAFF चैम्पियनशिप 2026 के ड्रॉ में दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है. अब बांग्लादेशी धरती पर फुटबॉल के मैदान पर दोनों देशों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी.
CWG 2026 के आखिरी दिन भारत का रहेगा यह शेड्यूल, जूडो में ओलंपियन अवतार सिंह पर रहेंगी नजरें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन यानी 2 अगस्त को भी भारतीय एथलीट एक्शन में नजर आएंगे, जिसमें सबसे ज्यादा नजरें जूडो के इवेंट में हिस्सा लेने वाले ओलंपियन अवतार सिंह पर रहने वाली हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
देश के लिए लड़ते हुए गंवाया एक पैर, शॉट पुट में गोल्ड जीतने वाले सोमन राणा बोले-आसान नहीं थी राह
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में पैरा एथलीट सोमन राणा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल को अपने नाम किया। भारतीय सेना में देश की सेवा के दौरान एक पैर गंवाने वाले सोमन ने बताया कि यहां तक पहुंचने का सफर काफी चुनौतियों से भरा रहा।
रजत पाटीदार बने इस टीम के कप्तान, रिंकू सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए सेंट्रल जोन की टीम का ऐलान हो चुका है. रजत पाटीदार को कप्तानी सौंपी गई है. टीम में रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, यश ठाकुर, सरांश जैन के अलावा कुछ युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है. सेंट्रल जोन की टीम सीधे सेमीफाइनल में उतरेगी.
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारत के लिहाज से यादगार रहा। भारत ने मुक्केबाजी में 10 और कुल 16 मेडल अपने नाम किए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज अंतिम दिन है और भारत के पास 40 पदकों का आंकड़ा छूने का आखिरी मौका होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल से जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई थी, उसमें वह पूरी तरह से खरा उतरने में कामयाब रहे हैं, जिसमें मेडल टैली में भी दबदबा देखने को मिल रहा है। वहीं पाकिस्तान का हाल पदक तालिका में काफी खराब रहा है।
MI से होगा हार्दिक का पत्ता साफ? ट्रेड की खबरों पर फ्रेंचाइजी ने तोड़ी चुप्पी
हार्दिक पंड्या के मुंबई इंडियंस छोड़ने की अटकलों के बीच फ्रेंचाइजी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हार्दिक के ट्रेड को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अब एमआई ने इन खबरों पर अपना रुख साफ कर दिया है.
CWG 2026 में भारतीय पैरा एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पहली बार जीते कुल 7 मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय पैरा एथलीटों का भी काफी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला जिसमें कुल 7 मेडल जीतने के साथ उन्होंने पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। महिला बॉक्सिंग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किए। पुरुषों में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्ड मेडल जीते। बॉक्सिंग में ही लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि और नरेंद्र बेरवाल को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने गोल्ड जीता। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वे कॉमनवेल्थ गेम्स में 5000 और 10000 मीटर दोनों इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। भारत ने ट्रिपल जंप में दो और मेडल भी जीत लिए। बॉक्सिंग के रिजल्ट देखिए 1. पंघाल ने इंग्लिश बॉक्सर को 4-1 से हराया अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराया। अंकुश फाइनल की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाया और आखिर में जीत अपने नाम की। 2. सचिन सिवाच के आखिरी पंच से सोना आया सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में नामीबिया के मुक्केबाज को ट्राईगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराया। दूसरे राउंड में रेफरी ने सचिन पर एक अंक की पेनल्टी लगाई थी। ऐसे में आखिरी राउंड में उनका 4-1 से जीतना जरूरी हो गया था। आखिरी राउंड भी बराबरी पर था, लेकिन सचिन में आखिरी क्षणों में दमदार पंच लगाया, इससे नडेवेलो लड़खड़ा गए। इसी पंच ने सचिन की जीत तय कर दी। 3. अरुंधति चौधरी को भी गोल्ड अरुंधति चौधरी ने 70kg में इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से हराया। अंतिम राउंड के शुरुआती 30 सेकेंड में रेफरी ने दोनों मुक्केबाजों को खेल की रफ्तार बढ़ाने के लिए कहा। अरुंधति की प्रतिद्वंद्वी रीड को मुकाबले में वापसी के लिए आक्रामक होना था, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। 4. प्रिया घंघास की संघर्षपूर्ण जीत महिलाओं के 60kg फाइनल मुकाबले में भारत की प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने मिले जुले फैसले में 4-1 से जीत हासिल की। प्रिया ने मुकाबले की तेज शुरुआत की, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी अल-अहमदियेह ने भी कुछ सटीक पंच लगाकर जोरदार जवाब दिया। फाइनल राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। प्रिया थकी हुई नजर आ रही थीं, लेकिन उन्होंने लगातार आक्रामक रुख बनाए रखा और दमदार पंच लगाती रहीं। 5. साक्षी ने इंग्लैंड की खिलाड़ी को 5-0 से हराया महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत की साक्षी चौधरी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और यूनानिमस डिसीजन 5-0 से जीत हासिल की। साक्षी ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के पंचों को रोका और दाएं हाथ से लगातार सटीक जवाबी हमले किए। उनके कई पंच सीधे प्रतिद्वंद्वी के चेहरे पर लगे, जिससे मुकाबले में उनकी पकड़ मजबूत होती गई। 6. प्रीति ने कनाडाई मुक्केबाज को हराया हरियाणा की बॉक्सर प्रीति पवार ने विमेंस के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराया। उन्होंने तीनों ही राउंड में दबदबा कायम रखा और गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति ने 2023 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था। प्रीति 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 2026 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, जबकि 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति की ट्रेनिंग NS NIS पटियाला में होती है। 7. जैस्मिन ने मिशेला वॉल्स को 5-0 से मात दी हरियाणा की बॉक्सर जैस्मिन लांबोरिया 57 KG कैटेगरी के फाइनल में मिशेला वॉल्श को 5-0 से हराया। उन्हें सभी जजों ने एक मत फैसले से विजेता घोषित किया। जैस्मिन इस वर्ग में दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर हैं। उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड जीता है। जैस्मिन 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए खेल चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। 8. बोरगोहेन फाइनल में 1-4 से हारीं लवलीना बोरगोहेन को 70 किलो भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर एम्मा-सू ग्रीनट्री के हाथों 1-4 से हार झेलनी पड़ी। बोरगोहेन ने ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीता था। इस बार वे गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन फाइनल में उन्हें उपविजेता बनकर ही वापस लौटना पड़ा। 9. पहला राउंड जीतने के बाद पिछड़े जादुमणि जादुमणि ने अपने से लंबे ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी डिक्सन के खिलाफ पहला राउंड 3-2 से जीता। हालांकि, वे दूसरे और तीसरे राउंड में डिक्सन ने वापसी की और मुकाबला अपने नाम किया। जादुमणि शुक्रवार को नामीबिया के फिलिप हाओसेब को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचे थे। 10. नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़े, सिल्वर मिला नरेंद्र को पुरुषों के 90 प्लस किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में पराजय झेलनी पड़ी। उन्हें इंग्लैंड के डेमर थॉमस ने 5-0 से हराया। इस मैच में नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़ रहे थे। आखिरी के 2 राउंड में भी वे वापसी नहीं कर सके। पैरा शॉट पुटर सोमन ने गोल्ड जीता, शुभम को सिल्वर पैरा शॉट पुट इवेंट की F-57 कैटेगरी में भारत के सोमन राणा ने सीजन बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। एक अन्य भारतीयय शुभम जुयाल ने सिल्वर पाया। सोमन राणा ने 13.40 मीटर गोला फेंका। शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो किया। F-57 कैटेगरी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिनके कम के नीचे के अंग (पैरों) कमजोर होते हैं। लेकिन उनके ऊपरी शरीर (धड़ और हाथ) की ताकत पूरी तरह सामान्य होती है। गुलवीर ने 5000 मीटर में जीता ब्रॉन्ज गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन के दो ट्रैक इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं। गुलवीर ने 10000 मीटर में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीत लिया। गुलवीर ने 13 मिनट 24.95 सेकेंड का समय निकाला। उन्होंने केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकेंड से पीछे छोड़ा। इस इवेंट का गोल्ड युगांडा के मैथ्यू किपसांग (13:23.61) ने जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन (13:24.70) को सिल्वर मिला। आर्मी की तैयारी करते-करते नेशनल चैंपियन बन गए गुलवीर 28 साल के गुलवीर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के सिरसा गांव से आते हैं। किसान परिवार में पले-बढ़े गुलवीर बचपन में भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए गांव की कच्ची सड़कों पर दौड़ लगाते थे। सेना में शामिल होने के बाद उन्होंने इंटर-यूनिट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया और तीन साल के भीतर नेशनल गेम्स में 10,000 मीटर के चैंपियन बन गए। ट्रिपल जंप में भारत के दो और मेडल भारत ने पुरुष ट्रिपल जंप में दो और मेडल जीत लिए हैं। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर के जंप अटैम्प्ट के साथ सिल्वर अपने नाम किया। वहीं, भारत के ही सेल्वा प्रभु ने 16.52 के बेस्ट अटैम्प्ट के साथ ब्रॉन्ज जीता। इस इवेंट का गोल्ड जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने जीता। उनका बेस्ट अटैम्प्ट 16.72 मीटर का रहा। उन्नति शर्मा ने जूडो में जीता ब्रॉन्ज मेडलमहिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्नति ने मुकाबला महज 1 मिनट 7 सेकेंड में इप्पोन के जरिए जीत लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्नति आक्रामक नजर आईं। उन्होंने सही मौके का फायदा उठाते हुए प्रतिद्वंद्वी का संतुलन बिगाड़ा और उन्हें पीठ के बल गिरा दिया। इस शानदार मूव पर उन्हें इप्पोन मिला, जो जूडो में एक ही दांव पर मिलने वाला सर्वोच्च स्कोर होता है। शनमुगम सातवें स्थान पर रहे पैरा एथलेटिक्स में पुरुष 1500 मीटर T54 के फाइनल में भारत के रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे। उन्होंने 3:23:59 मिनट का समय लिया। रवीना गायकवाड़ डिस्क्वालिफाई महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल में भारत की रवीना गायकवाड को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन के लिए तीन रेड कार्ड मिले, जिसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अभियान निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। ------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर…
Commonwealth Games ग्लास्गो में मुक्केबाजों और पैरा एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
ग्लास्गो, एक अगस्त मुक्केबाजों ने रिकॉर्डतोड़ सात स्वर्ण पदक जीते जबकि जूडो और ट्रैक और पैरा फील्ड खिलाड़ियों ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करके राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार का दिन भारत के लिये यादगार बना दिया।खेल के दसवें दिन भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य समेत 39 पदक लेकर तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया। आस्ट्रेलिया के 61 स्वर्ण पदक हैं जबकि इंग्लैंड दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर है। मुक्केबाजों ने किया रिंग में कमाल :मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीता।इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण समेत सात पदक जीते थे। जूडो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन :जूडो खिलाड़ी उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा से कम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का इस स्पर्धा में ऐतिहासिक अभियान जारी रखा। यह जूडो में भारत का रिकॉर्ड चौथा पदक है।उन्नति ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए अपने पैर से दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोएस्टर स्काई का संतुलन बिगाड़ा और फिर उन्हें पीठ के बल पटककर इप्पोन हासिल कर मुकाबला महज एक मिनट सात सेकेंड में खत्म कर कांस्य पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे बड़ा स्कोर होता है और इसके साथ ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है।भारत के इस ऐतिहासिक अभियान की अगुआई हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) ने की। दोनों अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो प्रतियोगिता में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने।यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के रिकॉर्ड पदक अभियान में अपना योगदान दिया।भारत के पास रविवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन इस रिकॉर्ड पदक संख्या में और इजाफा करने का मौका होगा। ईशरूप नारंग (महिला 78 किग्रा), अवतार सिंह (पुरुष 100 किग्रा) और यश घंघास (पुरुष 100 किग्रा से अधिक) अभी भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं। पैरा एथलीटों का यादगार प्रदर्शन , गुलवीर ने भी बनाया रिकॉर्डभारतीय पैरा गोला फेंक एथलीट सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीता जबकि त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ऐतिहासिक कांस्य जीता।पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया।भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया।वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है।गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया और एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले वह भारत के पहले खिलाड़ी बन गए।मौजूदा एशियाई चैम्पियन गुलवीर ने 28 जुलाई को 10000 मीटर में रजत पदक जीता था।वह 13 मिनट 24 . 95 सेकंड का समय निकालकर 5000 मीटर में तीसरे स्थान पर रहे।पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे।महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं।वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
Commonwealth Games में नरेंदर को रजत, भारत ने जीते रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदक
ग्लास्गो, एक अगस्त नरेंदर ने पुरूषों की 90 प्लस किलो स्पर्धा में रजत पदक जीता और भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में शनिवार को अपने अभियान का समापन रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदकों के साथ किया। नरेंदर को पुरूषों के 90 प्लस किलो में इंग्लैंड के डामार थॉमस ने 5 . 0 से हराया। भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण और तीन रजत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। राष्ट्रमंडल खेलों में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की। सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का छठा स्वर्ण पदक रहा। सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की। हालांकि ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में आस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4 . 1 से मिली हार से रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इससे पहले भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी , अरूंधति चौधरी और प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5 . 0 से हराया। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया। महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया। बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
गुलवीर सिंह ने CWG में लगाया ‘ऐतिहासिक डबल’ का तड़का, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय
गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया और एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले वह भारत के पहले खिलाड़ी बन गए।
Commonwealth Games में भारतीय मुक्केबाजों का कमाल, जीते रिकॉर्ड स्वर्ण पदक
(अपराजिता उपाध्याय) ग्लास्गो, एक अगस्त भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए पांच स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने खिताब अपने नाम किये जिसके दम पर भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में शनिवार को अपने अभियान का समापन अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ किया। मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीता। इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण समेत सात पदक जीते थे। ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों के बीच एसएसी एरेना में भारतीय मुक्केबाजों को घर जैसा समर्थन मिला। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की। सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का छठा स्वर्ण पदक रहा। सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की। हालांकि ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में आस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4 . 1 से मिली हार से रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5 . 0 से हराया। नरेंदर को पुरूषों के 90 प्लस किलो में इंग्लैंड के डामार थॉमस ने 5 . 0 से हराया। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया। महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया। बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, CWG में 5000 मीटर इवेंट में पदक जीतने वाले बने पहले भारतीय एथलीट
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर रेस में कांस्य पदक अपने नाम करने के साथ इतिहास रच दिया है, जिसमें वह इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं।
CWG 2026: मुक्केबाजों ने की 'गोल्ड' की बरसात, एक दिन में जीते 16 मेडल; भारत ने टॉप-4 में बनाई जगह
कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन भारत ने 8 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 बॉन्ज समेत कुल 16 मेडल जीते। इसी के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 39 हो गई है। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल टैली में चौथे पायदान पर पहुंच गया है।
गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने जूडो में कनाडा की खिलाड़ी को मात दी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अस्मिता डे ने कहा- पापा साइकिल मैकेनिक थे, उसी से घर चलता था। मैंने जीवन में पापा को बहुत संघर्ष करते देखा है। एक समय सप्लीमेंट के लिए पैसे नहीं होते थे। पापा ने दूसरों से उधार पैसे मांगकर मुझे आगे बढ़ाया। अब आगे मुझे मम्मी के लिए यूपी में घर बनाना है। पापा तो नहीं रहे, लेकिन ये उन्हीं का सपना है, जिसे मैं पूरा करूंगी। अभी हम किराए पर रहते हैं। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: क्या आपने सोचा था कि गोल्ड मिलेगा?जवाब: जब मैं कॉमनवेल्थ के लिए रवाना हुई। तब मैंने सोचा था कि हां बिल्कुल गोल्ड जीतूंगी। मैंने सोचा था कि गोल्ड लेकर ही जाना है। अगर नहीं सोचती, तो मुझे गोल्ड नहीं मिलता। गाजियाबाद में मेरी 28 जुलाई, 2023 को कॉन्स्टेबल के पद पर जॉइनिंग हुई थी। पुलिस लाइन में पोस्टिंग मिली। नेशनल में गोल्ड जीतने के बाद आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया। 23 मार्च, 2026 को दरोगा बनी। सवाल: गोल्ड मेडल जीतने का श्रेय किसे देना चाहती हैं?जवाब: गोल्ड मेडल का श्रेय मैं अपने मम्मी-पापा और सीनियर को देना चाहती हूं। यूपी पुलिस ने मेरी बहुत हेल्प की है। अगर सीएम योगी मुझे नौकरी नहीं देते, तो मेरे लिए यह आसान नहीं था। सीएम का बहुत-बहुत धन्यवाद। यूपी में मुझे जॉब मिली और फिर प्रमोशन दिया गया। सोचा नहीं था कि इतना जल्दी प्रमोशन मिलेगा। सोचा था कि गोल्ड जीतेंगे, तब जाकर प्रमोशन मिलेगा। तब ही डीएसपी या तहसीलदार वगैरह बनेंगे। अब भगवान जो भी दे देंगे, वही मुझे मंजूर है। सवाल: जीवन में कौन-सा दौर सबसे संघर्ष वाला रहा?जवाब: अक्टूबर- 2023 में जब मेरे घुटने में चोट लगी, उसके 2 महीने बाद पापा की मौत हो गई। पापा और मम्मी ने मुझे बहुत आगे बढ़ाया। पापा हमेशा सपोर्ट करते थे। मैं कई बार हार जाती थी। उसके बाद भी वह सपोर्ट करते थे कि हार गई तो कोई बात नहीं, जीत भी होगी। हारने पर भी पापा ने कभी निराश नहीं होने दिया, उनका सपोर्ट ही मुझे यहां तक लाया। मम्मी-पापा ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। मम्मी को स्पोर्ट्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अभी परिवार में मम्मी, मैं, एक भाई और बड़ी बहन हैं। बहन की शादी हो चुकी है। सवाल: बचपन में किस तरह से तैयारियां कीं, शुरुआत कैसे हुई?जवाब: जब मैं छोटी थी, तब हम त्रिपुरा में अपने गांव में रहते थे। मेरे पापा ही मुझे स्कूल छोड़ने जाते थे। मैं बचपन में दौड़ की तैयारी करती थी। जिला स्तर पर भी बहुत मेडल लाए। उसके बाद पापा भी हौसला बढ़ाते गए कि और मेहनत करो, आगे बढ़ो। लेकिन, बाद में मैंने जूडो चुना। मैंने स्टेट में जीत हासिल की तो परिवार में खुशी आई। सवाल: वेट कंट्रोल के लिए क्या भूखे रहना पड़ा?जवाब: मुझे बहुत भूखा रहना पड़ा। मीठा भी छोड़ना पड़ा। जब दिल्ली में थी, तब कोच ने कहा कि अब गोल्ड आने के बाद ही मीठा खाना। महज 2 चम्मच चावल खाने पड़ते थे। गेम्स के 10 दिन पहले खाना छोड़ना पड़ा। पानी भी बहुत कम पीना पड़ता था। वेट कंट्रोल करने के लिए बहुत कुछ छोड़ना पड़ा। वर्कआउट अधिक करना पड़ा। क्योंकि रैंडम वेट-इन (वजन जांच) में तय वजन 50 किलो से कम होना चाहिए। मेरा वजन 50 किला 300 ग्राम था। काफी वर्कआउट के बाद वजन कम किया। सवाल: स्पोर्ट्स के लिए संघर्ष कैसा रहा?जवाब: दिसंबर- 2025 में ब्रेन स्ट्रोक से पापा का निधन हो गया। कभी सोचा नहीं था, पापा की ऐसे डेथ हो जाएगी। पिता के जाने के बाद मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। लेकिन, 2 महीने बाद एशियन गेम्स के ट्रायल्स हुए, जिसमें मैं नेशनल स्तर पर पहले स्थान पर रही। अस्मिता को काशी की मिठाई बहुत पसंद है अस्मिता डे का बनारस से भी लगाव है। खाली समय में वह बनारस में अपने दोस्त और जूडो खिलाड़ी विजय यादव के साथ सिगरा स्टेडियम में अभ्यास करती हैं। विजय चोलापुर के सुलेमापुर गांव के रहने वाले हैं। इस समय लखनऊ में बीकेडी तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। विजय ने बताया- अस्मिता 15 दिन बाद बनारस आएंगी। अस्मिता को बनारस की मिठाई बहुत पसंद है। वह यहां जब आती हैं, तो मिठाई रोज खाती हैं। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी की महिला दरोगा कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतकर रो पड़ीं, कहा-जहां से आती हूं, वहां इतना बड़ा सपना देखना आसान नहीं गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे ने शुक्रवार को कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने जूडो में कनाडा की खिलाड़ी को मात दी। गोल्ड जीतने के बाद वह भावुक हो गईं। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। पढ़ें पूरी खबर…
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी आज रात 1:30 बजे से शुरु होगी। इसमें सिंगर शंकर महादेवन परफॉर्म करेंगे। इसी दौरान 2030 गेम्स के मेजबान भारत को बैटन (मशाल) पास किया जाएगा। गेम्स में पहली बार सभी 74 देशों को बैटन दिया जाएगा। इससे पहले सिर्फ मेजबान देश को बैटन पास किया जाता था। स्टोरी में गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी के बारे में… सेरेमनी की थीम है ‘कनेक्शन’ सेरेमनी ग्लासगो की ‘ओवो हाइड्रो एरिना’ में शुरु होगी। शो का मेन थीम है कनेक्शन। यानी 74 कॉमनवेल्थ देशों को जोड़ना और एथलीट्स को, ग्लासगो के लोगों को थैंक्यू कहना। स्कॉटलैंड की रॉक बैंड ‘सिम्पल माइंड्स’, लोकल आर्टिस्ट कैमी बर्न्स, बेम्ज और सैंडी थोम स्कॉटलैंड को ट्रिब्यूट देंगे। फोक-इलेक्ट्रॉनिक बैंड ‘एलिफेंट सेसंस’ परफॉर्म करेगें। पहली बार सभी 74 देश को बैटन मिलेगा किंग्स बैटन रिले पहली बार 1958 कार्डिफ गेम्स में शुरू हुई थी। बैटन करीब 470 मिलीमीटर लंबा और हर साइड 70 मिलीमीटर चौड़ा होता है। इसमें किंग चार्ल्स III का मैसेज रखा जाता है। ग्लासगो में पहली बार सभी 74 देश और क्षेत्र को अपना अलग कस्टमाइज्ड बैटन मिलेगा। इसे सभी देश अपनी संस्कृति के हिसाब से डिजाइन कर सकते हैं। गुजरात को ट्रिब्यूट देंगे कलाकार भारत के लिए 20 मिनट का स्पेशल ‘हैंडओवर सेगमेंट’ होगा। इसमें शंकर महादेवन अपने बेटे सिद्धार्थ और शिवम महादेवन के साथ परफॉर्म करेंगे। उनके साथ गुजराती सिंगर भूमि त्रिवेदी और फॉर्मर मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर भी नजर आएंगी। परफॉर्मेंस में खासतौर पर गुजरात को ट्रिब्यूट दिया जाएगा, जहां 2030 गेम्स खेले जाने हैं। 2030 में गेम्स के 100 साल पूरे होंगे 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरा करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। 2010 का गेम्स भारत के दिल्ली में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार गेम्स की मेजबानी की है। कनाडा और स्कॉटलैंड में 4 बार टूर्नामेंट खेला गया। इंडिया 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स होस्ट कर चुका इंडिया इससे पहले भी कई बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट होस्ट कर चुका है। 1951 और 1982 में एशियन गेम्स दिल्ली में खेला गया था। 2003 में एफ्रो-एशियन गेम्स हैदराबाद में हुआ। फिर 2010 में दिल्ली में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। मेजबानी में भारत ने 101 मेडल जीते थे 2010 एडिशन में भारत ने 101 मेडल जीते थे। इनमें 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 26 ब्रॉन्ज शामिल थे। यह अब तक भारत का बेस्ट परफॉर्मेंस है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत जूडो तथा ट्रैक साइक्लिंग में अपनी चुनौती पेश करेगा। ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग में रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम और लिशा दास सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। जूडो में ईशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास मुकाबले खेलेंगे। भारत अब तक 00 गोल्ड,00 सिल्वर और 00 ब्रॉन्ज सहित 00 मेडल जीत चुका है और मेडल टैली में चौथे स्थान पर हैं। प्वाइंट्स रेस में भी भारतीय दावेदारी दिन की शुरुआत ट्रैक साइक्लिंग की पुरुष 40 किमी प्वाइंट्स रेस से होगी। दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पहले राउंड में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर दोनों खिलाड़ी रात 9:09 बजे होने वाले फाइनल में हिस्सा लेंगे। जूडो में तीन भारतीयों की चुनौती महिला 78 किग्रा वर्ग में ईशरूप नारंग का मुकाबला स्कॉटलैंड की निकोल वुड से होगा। वहीं पुरुष 100 किग्रा वर्ग में अवतार सिंह साइप्रस के एरिस्टोस माइकल से भिड़ेंगे। पुरुष +100 किग्रा वर्ग में यश घंघास अपना अभियान शुरू करेंगे। यदि भारतीय खिलाड़ी शुरुआती मुकाबले जीतते हैं तो वे क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। जूडो के सेमीफाइनल मुकाबले शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। रोनाल्डो सिंह से मेडल की उम्मीद ट्रैक साइक्लिंग में भारत के स्टार साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुष 1000 मीटर टाइम ट्रायल फाइनल में उतरेंगे। यह सीधा मेडल इवेंट होगा। लिशा दास भी मेडल रेस में पैरा साइक्लिंग में लिशा दास महिला C4-C5 1000 मीटर टाइम ट्रायल फाइनल में हिस्सा लेंगी। यह भी सीधा मेडल इवेंट है।
ग्लासगो में भारत का ऐतिहासिक दिन: गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, सोमन राणा ने जीता स्वर्ण; कौन-कौन बना पदक विजेता?
लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने शनिवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) पुरुषों की 5,000 मीटर दौड़ के फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया
सीडब्ल्यूजी 2026: अंकुश ने जीता गोल्ड, नरेंद्र को सिल्वर, बॉक्सिंग में भारत का दिखा दमखम
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार रात बॉक्सिंग के अंतिम दो मुकाबलों में भारत ने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किया। अंकुश पंघाल (पुरुष 80 किग्रा वर्ग) ने 'गोल्डन पंच' लगाया, जबकि नरेंद्र (पुरुष 90+ किग्रा) को सिल्वर के साथ संतोष करना पड़ा।
Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए ऐतिहासिक दिन, बॉक्सिंग रिंग में इंडियन बॉक्सर्स का दिखा कमाल
सचिन सिवाच बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बने। इसके बाद अंकुश पांघल ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
सीडब्ल्यूजी 2026: सचिन सिवाच ने पुरुषों की 60 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड जीता
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने शनिवार को फाइनल में नामीबिया के ट्राईअगेन मोर्नी न्डेवेलो को 3-2 के करीबी स्प्लिट डिसीजन से हराकर पुरुषों की 60 किग्रा बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीता।
Commonwealth Games 2022: ग्लास्गो में जैसमीन और प्रीति समेत चार मुक्केबाजों ने जीते स्वर्ण
ग्लास्गो, एक अगस्त भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया। महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया। बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
अरुंधति का गोल्डन पंच : कॉमनवेल्थ में चमकी भारत की बेटी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर अरुंधति चौधरी (महिला 70 किलोग्राम वर्ग) ने गोल्ड और लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किलोग्राम वर्ग) ने सिल्वर मेडल अपने नाम कि
इन शानदार सफलताओं के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में भारत की कुल पदकों की संख्या 35 (11 गोल्ड, 16 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज) हो गई है और भारतीय टीम तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है।
CWG 2026: Arundhati ने Gold जीता, Lovlina को Silver से करना पड़ा संतोष
अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के सर्वसम्मत फ़ैसले से हराकर महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। अरुंधति ने पूरे मुक़ाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी और संयमित व आक्रामक बॉक्सिंग करते हुए तीनों राउंड जीते। चार जजों ने उन्हें 30-27 और पांचवें जज ने 29-28 अंक दिए, जिससे उनका दबदबा साफ़ दिखा और भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग का एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की लवलीना बोरगोहेन की कोशिश निराशाजनक रूप से खत्म हुई। महिलाओं के 75kg फ़ाइनल में भारतीय स्टार को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 4-1 के 'स्प्लिट-डिसीजन' में हार का सामना करना पड़ा। पहला राउंड हारने के बाद, लवलीना ने वापसी की और दूसरे राउंड के बाद मुकाबला बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक राउंड में वह अपनी लय में नहीं दिखीं। पांच में से चार जजों ने ग्रीनट्री के पक्ष में फ़ैसला सुनाया, जिससे ओलंपिक मेडलिस्ट को चौंकाने वाली हार मिली और उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। इससे पहले प्रिया ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह को 4-1 के स्प्लिट फ़ैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। पहले राउंड में पिछड़ने के बाद, भारतीय बॉक्सर ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड में बढ़त बनाई और फिर फ़ाइनल राउंड में भी संयम के साथ खेलते हुए कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की और भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और गोल्ड मेडल जीता। साक्षी चौधरी के बाद, उनकी कज़िन प्रिया घांघस भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल लेकर आईं। इस खेल में अब भारत के नाम चार गोल्ड मेडल हो गए हैं।
सीडब्ल्यूजी 2026: अरुंधति चौधरी का 'गोल्डन पंच', लवलीना के नाम सिल्वर
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर अरुंधति चौधरी (महिला 70 किलोग्राम वर्ग) ने गोल्ड और लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किलोग्राम वर्ग) ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 11 तक पहुंच गई है। कुल 35 मेडल के साथ भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
बॉक्सिंग में भारत का दबदबा, अरुंधति चौधरी ने जीता गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए अरुंधति चौधरी ने देश को एक और मेडल दिलाने में कामयाबी हासिल की है. अरुंधति चौधरी ने फाइनल में अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देने का काम किया है.
सैफ चैंपियनशिप 2026: पाकिस्तान और मालदीव के साथ 'ग्रुप-बी' में डिफेंडिंग चैंपियन भारत
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। सैफ चैंपियनशिप 2026 में मौजूदा चैंपियन भारत को 'ग्रुप-बी' में पाकिस्तान और मालदीव के साथ रखा गया है। इस क्षेत्रीय टूर्नामेंट के 15वें संस्करण के लिए ड्रॉ शनिवार को थिम्पू, भूटान में निकाला गया।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स के सौवें संस्करण की मेजबानी करने की अहमदाबाद की तैयारी रविवार को आधिकारिक रूप से शुरू होगी। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा। इसके लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मौजूद हैं।
प्रिया ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह को 4-1 के स्प्लिट फ़ैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। पहले राउंड में पिछड़ने के बाद, भारतीय बॉक्सर ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड में बढ़त बनाई और फिर फ़ाइनल राउंड में भी संयम के साथ खेलते हुए कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की और भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और गोल्ड मेडल जीता। साक्षी चौधरी के बाद, उनकी कज़िन प्रिया घांघस भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल लेकर आईं। इस खेल में अब भारत के नाम चार गोल्ड मेडल हो गए हैं। यह मुकाबला आसान नहीं था और आखिर में फैसला 'स्प्लिट डिसीजन' से हुआ। तीसरे राउंड में प्रिया ने आक्रामक शुरुआत की; दोनों ही खिलाड़ी एक-दूसरे पर मुक्के बरसा रही थीं क्योंकि उन्हें पता था कि यही राउंड निर्णायक है। पहला राउंड हारने के बाद प्रिया ने ज़्यादा सोच-समझकर खेलना शुरू किया और तीसरे राउंड में यह साफ़ तौर पर दिखाई दिया। उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काइ नोएस्टर को इप्पोन से हराकर ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 63 किलो जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार और साक्षी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की।
सीडब्ल्यूजी 2026: प्रिया और प्रीति ने भी लगाए 'गोल्डन पंच', बॉक्सिंग में भारत का चौथा स्वर्ण
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारत के लिए बॉक्सिंग में 'स्वर्णिम दिन' रहा है। रात साढ़े 9 बजे तक भारत ने इस खेल में 4 गोल्ड मेडल हासिल कर लिए हैं। प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया के बाद साक्षी यादव और प्रिया घणघस ने भी अपनी-अपनी फाइनल बाउट जीतकर गोल्ड हासिल कर लिए हैं।
कोयंबटूर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। शनिवार को कोयंबटूर के कोयंबटूर हॉकी ग्राउंड में 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 के पांचवें दिन उत्तराखंड और चंडीगढ़ ने डिवीजन 'बी' में जीत हासिल की, जबकि उत्तर प्रदेश हॉकी, हॉकी पंजाब और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने डिवीजन 'ए' मुकाबलों में जीत हासिल की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दीपा करमाकर ने जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे की तारीफ की
अगरतला, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ओलंपियन दीपा करमाकर ने ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार को जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे को बधाई दी है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में अबतक 33 मेडल, बॉक्सिंग में साक्षी और प्रिया का 'गोल्डन पंच'
साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है. इससे पहले आज ही के दिन दो और महिला बॉक्सरों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाने का काम किया है.
ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को आज के दिन का पांचवां और बॉक्सिंग का दिन का चौथा गोल्ड मेडल मिला है। साक्षी के बाद अब प्रिया ने भी भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है। प्रीति, जैस्मिन ने दोपहर में ही सोने का पदक अपने नाम किया कर लिया था। पैरा एथलैटिक्स में सोमन ने स्वर्ण पदक जीता।
भूटान की राजधानी थिम्पू में सैफ (SAFF) चैंपियनशिप 2026 का ड्रा निकाला गया। मौजूदा और 9 बार की चैंपियन भारतीय टीम को ग्रुप-बी में पाकिस्तान और मालदीव के साथ रखा गया है। वहीं, मेजबान बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान ग्रुप-ए में हैं।
मैंने बहुत मेहनत की और उस मेहनत का फल मिला है: जैस्मीन लेम्बोरिया
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जैस्मीन लेम्बोरिया ने शनिवार को नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खिताबी जीत के बाद जैस्मिन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत की थी, जिसका फल मिला है।
जदुमणि के परिणाम से परिवार निराश, एशियन गेम्स में लगाई स्वर्ण की उम्मीद
इम्फाल, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय मुक्केबाज मंदेंगबाम जदुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किग्रा में रजत पदक जीता। जदुमणि का कहना है कि वे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतेंगे।
Glasgow से CWG 2030 की मेजबानी का बिगुल बजेगा, अहमदाबाद को मिलेगा औपचारिक न्योता!
अहमदाबाद में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होंगे, क्योंकि यह खेल आयोजन अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में पहली बार आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स, 2030 में अहमदाबाद में इनके आयोजन के साथ ही 100 साल पूरे कर लेंगे। गुजरात CMO की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुजरात सरकार और अहमदाबाद शहर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेज़बानी के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Duleep Trophy के लिए Rajat Patidar को मिली कमान, Rinku Singh बने Central Zone के उपकप्तान गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हो रहे हैं। समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ, अहमदाबाद का 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेज़बान शहर के तौर पर आधिकारिक रूप से स्वागत किया जाएगा। इस समारोह के तहत, रविवार को ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन समारोह के दौरान 'होस्ट बैटन' और कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा औपचारिक रूप से अहमदाबाद को सौंपा जाएगा। यह प्रतीकात्मक हस्तांतरण 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेज़बान के तौर पर अहमदाबाद की यात्रा की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स का खास प्रतीक 'किंग्स बैटन रिले' एक पुरानी परंपरा है, जो एकता का जश्न मनाती है और कॉमनवेल्थ देशों के अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी रिश्ते को मज़बूत करती है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, किंग्स बैटन रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों का दौरा करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर देश और इलाके को अपनी खुद की बैटन मिलेगी, जिसे वे अपनी अनोखी संस्कृति, विरासत और क्रिएटिविटी के हिसाब से कस्टमाइज़ और सजा सकेंगे। हर बैटन में महामहिम किंग चार्ल्स तृतीय के संदेश का एक हिस्सा होता है, जो रिले में पहला संदेश रखते हैं। इसके बाद बैटन को ऐसे प्रेरणादायक लोग ले जाते हैं जिनका योगदान समाज पर सकारात्मक असर डाल रहा है। किंग्स बैटन रिले की शुरुआत सबसे पहले कार्डिफ़ में 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई थी। बैटन की ऊंचाई लगभग 470 mm है और इसकी हर साइड की चौड़ाई लगभग 70 mm है। ग्लासगो क्लोजिंग सेरेमनी में हैंडओवर का हिस्सा तीन एक्ट में पेश किया जाएगा। ओपनिंग एक्ट 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह को समर्पित होगा। For more Sports News in Hindi Today please click here.
चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन (UTCA) की पुरुष टीम के हेड कोच राजीव नय्यर के साथ मोहाली के सेक्टर 97 के पास मारपीट हुई है।उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की। 58 साल के कोच ने अपनी शिकायत में बताया कि शुक्रवार शाम को पांच अज्ञात लोगों ने उनकी कार रुकवाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावर एक सफेद रंग की एसयूवी में सवार थे, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। फिलहाल, नय्यर अक्टूबर में शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी सीजन के लिए चंडीगढ़ यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की टीम को तैयार कर रहे हैं। मैच से लौटते समय हुआ हमला नय्यर की शिकायत के अनुसार वे लॉन्चिंग पैड एकेडमी में अपनी टीम के लिए एक क्रिकेट मैच आयोजित करने गए थे। शाम करीब 5 बजे जब मैच खत्म हुआ और वह अपनी कार से वापस जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट की। नय्यर ने इस हमले को बिना किसी उकसावे के की गई कार्रवाई बताया है। उन्होंने किसी पर भी शक जाहिर नहीं किया है और न ही हमलावरों की पहचान की है। पुलिस ने गाड़ी का पता लगाया सोहाना पुलिस स्टेशन में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा करने (रायटिंग) का मामला दर्ज किया गया है। एसएचओ सिमरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी का पता लगा लिया है और मामले की जांच जारी है। पहले भी विवादों में रहे हैं कोच राजीव नय्यर पर पिछले साल नवंबर में मध्य प्रदेश के कोच संदीप अरोड़ा पर थप्पड़ मारने और अपमानित करने का आरोप लगाया था।नय्यर अपनी टीम को लेकर बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट के दौरान इंदौर दौरे पर गए थे। उस शिकायत के बाद नय्यर को छुट्टी पर भेज दिया गया था और उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
सेंट्रल जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले सीजन टीम को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार को एक बार फिर कप्तानी सौंपी गई है। टीम में भारतीय खिलाड़ी रिंकू सिंह, हर्ष दुबे और यश ठाकुर भी शामिल हैं। रिंकू को उपकप्तान बनाया गया है। डिफेंडिंग चैंपियन होने के कारण सेंट्रल जोन को पहले राउंड में बाय मिला है। टीम 30 अगस्त से शुरू होने वाले सेमीफाइनल में सीधे उतरेगी, जहां उसका सामना ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। टूर्नामेंट 23 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू होगा, जबकि फाइनल 6 सितंबर से खेला जाएगा। श्रीलंका टेस्ट टीम में शामिल सारांश जैन को भी जगह मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को भी टीम में शामिल किया गया है। उन्हें हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है। उनके साथ हर्ष दुबे और उत्तर प्रदेश के लेग स्पिनर जीशान अंसारी भी टीम में हैं। जीशान ने हाल ही में भारत-ए के श्रीलंका दौरे पर पांच साल बाद रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी की थी। अमन को रणजी में शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला विदर्भ के ओपनर अमन मोखाडे को बेहतरीन 2025-26 रणजी सीजन का पुरस्कार मिला है। उन्होंने 11 पारियों में 760 रन 76 की औसत से बनाए थे और इसी प्रदर्शन के दम पर भारत-ए टीम में भी जगह बनाई थी। छत्तीसगढ़ के ओपनर आयुष पांडे को भी टीम में शामिल किया गया है, जिन्होंने श्रीलंका दौरे पर भारत-ए के लिए डेब्यू किया था। सेंट्रल जोन की बैटिंग मजबूत मध्यक्रम में रजत पाटीदार के साथ विदर्भ के यश राठौड़ अहम भूमिका निभाएंगे। तेज गेंदबाजी विभाग में यश ठाकुर के अलावा नचिकेत भूटे और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान शामिल हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी आर्यन जुयाल संभाल सकते हैं, जबकि कुणाल सिंह राठौड़ बैकअप विकेटकीपर होंगे। सेंट्रल जोन की टीम रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सारांश जैन, अमन मोखाडे, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अर्शद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भूटे। ----------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर…
दलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन के स्क्वॉड का हुआ ऐलान, रिंकू सिंह को मिली उपकप्तानी
सेंट्रल जोन ने दलीप ट्रॉफी के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है। डिफेंडिंग चैंपियन टीम ने एक बार फिर रजत पाटीदार पर भरोसा जताया है और उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है।
सीडब्ल्यूजी: 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के साथ 'पैरा स्पोर्ट्स' में भारत का शानदार अभियान समाप्त
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के साथ भारत का 'पैरा इवेंट्स' में अभियान समाप्त हुआ, जिसमें देश ने कुल 7 मेडल जीते। इनमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने पर प्रीति और जैस्मीन को दी बधाई
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय दल ने ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारत की महिला मुक्केबाजों प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन दोनों महिला मुक्केबाजों को बधाई दी है।
CWG में भारत का सुपर शनिवार! 3 घंटे में जीते सात मेडल
आज यानी शनिवार को बॉक्सिंग में भारतीय बॉक्सरों का दबदबा देखने को मिला. महज 15 मिनट के अंदर दो भारतीय महिला बॉक्सर ने बैक टू बैक गोल्ड जीतकर भारत को मेडल टैली में ऊपर लाने का काम किया.
गोल्फ: रॉकेट क्लासिक में शुरुआती ट्रिपल बोगी के बाद भाटिया कट से बाहर
डेट्रॉइट, 1 अगस्त (आईएएनएस)। पीजीए टूर पर रॉकेट क्लासिक में दूसरे राउंड की शुरुआत में ट्रिपल बोगी लगने से अक्षय भाटिया को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसके साथ वह कट से बाहर हो गए। भाटिया ने पहले राउंड में 68 का स्कोर किया था, लेकिन दूसरे राउंड में 1-ओवर 71 का स्कोर किया। 36 होल्स के बाद उनका स्कोर 1-अंडर रहा, जो कट लाइन (दो राउंड के लिए 3-अंडर) से कम था।
भारतीय पैरा गोला फेंक एथलीट सोमन राणा ने शनिवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता जबकि त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।इस तरह भारत के लिए एथलेटिक्स में शनिवार का दिन शानदार रहा। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दिन की शुरुआत पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया। वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं। वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
पिता करते थे मजबूरी अब बेटे प्रवीण चित्रवेल ने जीता रजत, सेल्वा प्रभु थिरुमारन को मिला कांस्य पदक
भारत के त्रिकूद खिलाड़ियों प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने शनिवार को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
सोमन ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, जुयाल को मिला सिल्वर
पुरुषों के F57 शॉट पुट इवेंट में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडलों पर कब्जा कर लिया है. पूर्व सैनिक सोमन राणा ने अपने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल हासिल करने में सफल रहे.
भारतीय पैरा एथलीट सोमन राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष शॉट पुट F57 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। बॉक्सिंग में जादूमणि सिंह को भी रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारत की नजरें 10 बॉक्सिंग गोल्ड पर, वीडियो में जाने लवलीना बोरगोहेन भी लगाएंगी दांव
नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार के दिन की शुरुआत भारत के लिए बेहतरीन रही है। भारतीय एथलीटों ने देश की झोली में स्वर्ण और रजत पदक डाले हैं। प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने मुक्केबाजी में स्वर्ण जीता है, तो जदुमणि सिंह ने मुक्केबाजी में रजत पदक जीता है। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एथलीटों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने शॉट पुट के पदक विजेताओं को भी बधाई दी है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : गोल्ड चूके बॉक्सर जादुमणी सिंह, मेंस 55 किग्रा वर्ग में भारत के नाम सिल्वर
बॉक्सर जादुमणी सिंह को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा है, उन्हें शनिवार को एसईसी हॉल-5 में खेले गए मेंस 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
वैभव की उपकप्तानी पर जाफर ने उठाए सवाल, बताया कौन था सही दावेदार
दिलीप ट्रॉफी 2026-27 में वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने पर वसीम जाफर ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 'बेबी बॉस' का रेड-बॉल रिकॉर्ड अभी प्रभावशाली नहीं है और अभिमन्यु ईश्वरन बेहतर विकल्प थे.
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा: फिल फोडेन
नई दिल्ली, इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पैरा एथलेटिक्स में दोहरी सफलता मिली है। भारत के सोमन राणा ने स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया है।

