एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान, सलीमा टेटे होगी कप्तान
नई दिल्ली, हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले 20वें एशियन गेम्स ऐची-नागोया 2026 के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। सलीमा टेटे को टीम की कमान सौंपी गई है।
अमेरिका के सुपर बाउल के लग्जरी सुइट, फॉर्मूला-1 के पेडॉक क्लब और ओलिंपिक के आईओसी फैमिली बॉक्सेस दुनिया के सबसे खास स्पोर्ट्स वीआईपी एरिया माने जाते हैं। यहां पहुंचने के लिए मोटी रकम, कॉर्पोरेट मेहमाननवाजी या विशेष पास की जरूरत होती है। लेकिन विम्बलडन का रॉयल बॉक्स इन सबसे अलग है। यहां प्रवेश न पैसे से मिलता है, न टिकट से। यह दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में है, जहां बैठना एक सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान माना जाता है। सेंटर कोर्ट के ठीक सामने बनी करीब 80 सीटों वाली यह दीर्घा 1922 से विम्बलडन की परंपरा का हिस्सा है। हर साल कैमरे जितनी बार कोर्ट पर टिकते हैं, उतनी ही बार रॉयल बॉक्स पर भी जाते हैं, क्योंकि यहां बैठे लोग भी मैच जितने ही चर्चा में रहते हैं। कभी ब्रिटिश शाही परिवार, कभी किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री तो कभी ओलिंपिक चैम्पियन यहां बैठे नजर आ जाते हैं। रॉयल बॉक्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी चयन प्रक्रिया है। यहां बिक्री के लिए कोई टिकट उपलब्ध नहीं होती। मेहमानों का चयन ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के चेयरमैन करते हैं और उन्हें व्यक्तिगत निमंत्रण भेजा जाता है। यानी यहां पहुंचना सामाजिक प्रतिष्ठा, उपलब्धि और योगदान का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि कई खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम जीतने के बाद भी रॉयल बॉक्स में आमंत्रित होने को अपने करियर का बड़ा सम्मान मानते हैं। इस सम्मान के साथ प्रोटोकॉल भी उतना ही सख्त है। पुरुषों के लिए सूट, टाई और फॉर्मल जूते अनिवार्य हैं, जबकि महिलाओं के लिए एलिगेंट डे-ड्रेस या स्मार्ट ट्राउजर सूट की अपेक्षा की जाती है। बड़ी टोपी पहनने से भी बचने की सलाह दी जाती है, ताकि पीछे बैठे दर्शकों को मैच देखने में असुविधा न हो। नियमों का पालन इतना सख्ती से होता है कि 2015 में 7 बार के एफ-1 चैम्पियन लुईस हैमिल्टन को निर्धारित ड्रेस कोड के बिना पहुंचने पर रॉयल बॉक्स में प्रवेश नहीं मिला था। 4 करोड़ में 5 साल तक रिजर्व हो सकती है मैच सीट - विम्बलडन में करीब 4 करोड़ रुपए से ज्यादा में 5 साल तक हर दिन की सेंटर कोर्ट सीट खरीदी जा सकती है। इसमें मैच शुरू होने से पहले महंगी शैंपेन, बेहतरीन खाना और आम दर्शकों से अलग खास लाउंज की व्यवस्था होती है। - सिंगल्स फाइनल का सेंटर कोर्ट का एक टिकट 29 लाख तक मिल सकता है। लग्जरी लाउंज के 6 लाख अलग से खर्चने होते हैं। वहीं, सेंटर कोर्ट के सबसे खास स्काईव्यू सुइट का एक दिन का किराया करीब 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है।
इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 हारने के बाद BCCI भारतीय टीम के परफॉर्मेंस की समीक्षा करने जा रहा है। हेड कोच गौतम गंभीर का रोल और टीम की रणनीति भी रिव्यू का हिस्सा होगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर समीक्षा के दायरे में आएगी। यह दावा न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से किया है। रिपोर्ट के अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड यह समझना चाहता है कि रणनीति और टीम चयन के स्तर पर कहां कमी रही है। फिलहाल, इन दोनों के भविष्य पर कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन उनके कामकाज की समीक्षा तय मानी जा रही है। गंभीर का अनुबंध 2027 तक है। जबकि श्रेयस अय्यर हाल ही में कप्तान बनाए गए हैं। भारतीय टीम को आयरलैंड दौरे में 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। जबकि, टीम इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 0-3 से पिछड़ रही है। एक मैच नो रिजल्ट रहा था। एक दिन पहले टीम सीरीज के चौथे मैच में 9 विकेट से हार गई थी। 12 साल बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हरा दिया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीती है। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। अय्यर की कप्तानी में लगातार दूसरी सीरीज गंवाई BCCI ने हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी थी। हालांकि, यह फैसला अब तक टीम के पक्ष में नहीं गया है। भारत लगातार दूसरी टी-20 सीरीज हार चुका है। इंग्लैंड दौरे से पहले टीम को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवानी पड़ी थी, जो भारत की आयरलैंड के खिलाफ पहली टी-20 सीरीज हार थी। ब्रिस्टल में 13.5 ओवर में हारे चौथे टी-20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों पर नाबाद 80 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। जवाब में इंग्लैंड ने 159 रन का लक्ष्य 13.5 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की बाइलैटलर टी-20 सीरीज जीती। पहली बार आयरलैंड से भी हारे इंग्लैंड से पहले आयरलैंड के खिलाफ भी 2 टी-20 मैचों की सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय टीम को 2023 के बाद किसी टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। 2023 में वेस्टइंडीज ने 3-2 से हराया था। ----------------------------------------- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… लॉर्ड्स पर 142 साल में पहला महिला टेस्ट, भारत-इंग्लैंड के बीच आज से मैच क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर पहली बार महिला टेस्ट खेला जाएगा। 21-23 जुलाई 1884 को यहां पहला मेंस टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इसके 142 साल बाद अब इस मैदान पर महिला टेस्ट मैच होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह महिला क्रिकेट इतिहास का 153वां टेस्ट मैच होगा। पढ़ें पूरी खबर
ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट लीग बिग बैश का ओपनिंग मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए यह ऐलान किया है। वे शुक्रवार 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पहुंचे थे। मोदी ने यहां एक सेल्फी भी ली। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे। इससे पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के 5 अधिकारियों के एक डेलिगेशन ने IPL के दौरान चेपॉक स्टेडियम का दौरा किया था। डेलिगेशन ने BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास और तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। रिपोर्ट के अनुसार यह मैच दिसंबर में खेला जा सकता है। भारत में पहले भी हो चुके हैं प्रमोशनल मैच यह पहला मौका नहीं है, जब किसी विदेशी लीग के मैच भारत में हो रहे हैं। भारतीय मैदान NBA, इंग्लिश प्रीमियर लीग और ला लिगा के मैच होस्ट कर चुके हैं। भारतीय क्रिकेट बाजार पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नजर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के 2 अधिकारियों ने फरवरी में भी चेन्नई के मैदान का निरीक्षण किया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया मैच के जरिए भारत के बड़े क्रिकेट बाजार में संभावनाएं तलाश रहा है। भारत में क्रिकेट का सबसे बड़ा फैन बेस है। -------------------------------------------- लीग क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मेजर लीग बेसबॉल ने सूर्यकुमार को एंबेसडर बनाया मेजर लीग बेसबॉल (MLB) ने भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव को अपना एंबेसडर नियुक्त किया है। टी-20 वर्ल्ड 2026 के विश्व विजेता कप्तान सूर्या भारतीय फैंस को बेसबॉल से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम और कंटेंट्स का हिस्सा बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर
क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर पहली बार महिला टेस्ट खेला जाएगा। 21-23 जुलाई 1884 को यहां पहला मेंस टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इसके 142 साल बाद अब इस मैदान पर महिला टेस्ट मैच होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह महिला क्रिकेट इतिहास का 153वां टेस्ट मैच होगा। इंग्लैंड महिला टीम ने 1937 से अब तक देश के 19 मैदानों पर 55 टेस्ट खेले हैं। लॉर्ड्स इस सूची में शामिल होने वाला 20वां मैदान बन जाएगा। भारत 1995 के बाद से इंग्लैंड के खिलाफ कोई टेस्ट नहीं हारी है। इंग्लैंड की धरती पर खेले गए 9 टेस्ट में भी भारत को हार नहीं मिली है। मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। महिला टेस्ट चार दिन का होता है और हर दिन कम से कम 100 ओवर फेंके जाते हैं। भारत का पलड़ा भारी भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 15 महिला टेस्ट खेले गए हैं। इनमें भारत ने 3 और इंग्लैंड ने 1 मैच जीता है, जबकि 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। दोनों टीमों के बीच पिछला टेस्ट दिसंबर 2023 में नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला गया था। तब भारत ने इंग्लैंड को 347 रन से हराया था। इंग्लैंड में दोनों टीमें आखिरी बार जून 2021 में ब्रिस्टल में भिड़ी थीं। वह मुकाबला ड्रॉ रहा था। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पिछले चार टेस्ट में तीन जीते हैं। हरलीन, श्री चरणी और नंदनी पहली बार टेस्ट टीम में भारत ने हरलीन देओल, स्पिनर श्री चरणी और तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। हालांकि ओपनर प्रतिका रावल घुटने की चोट के कारण यह मुकाबला नहीं खेल पाएंगी। मंधाना और स्नेह राणा पर रहेंगी नजरें स्मृति मंधाना भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी। उन्होंने 8 टेस्ट में 48.84 की औसत से 635 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में स्नेह राणा टीम की सबसे अनुभवी स्पिनर हैं। उन्होंने 5 टेस्ट में 24 विकेट लिए हैं। टैमी ब्यूमोंट खेलेंगी करियर का आखिरी टेस्ट लॉर्ड्स टेस्ट टैमी ब्यूमोंट के करियर का आखिरी मुकाबला होगा। उन्होंने इस मैच के बाद 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का फैसला किया है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की इकलौती महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाया है। ब्यूमोंट ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 208 रन की पारी खेली थी। उन्होंने अब तक 11 टेस्ट की 18 पारियों में 34.00 की औसत से 612 रन बनाए हैं। इंग्लैंड ने भी कई नए चेहरों को मौका दिया इंग्लैंड ने एलिस कैप्सी, विकेटकीपर एली थ्रेलकेल्ड, ग्रेस पॉट्स, मैडी विलियर्स और 18 साल की स्पिनर टिली कॉर्टिन-कोलमैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑफ स्पिनर चार्ली डीन को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है। हीथर नाइट इंग्लैंड की सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में हैं। उन्होंने 14 टेस्ट में 42.17 की औसत से 970 रन बनाए हैं। वहीं बाएं हाथ की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन 9 टेस्ट में 40 विकेट लेकर टीम की सबसे सफल गेंदबाज हैं। लॉर्ड्स में 150 पुरुष टेस्ट हो चुके लॉर्ड्स में अब तक 150 पुरुष टेस्ट खेले जा चुके हैं। इंग्लैंड में सबसे ज्यादा 9 महिला टेस्ट वॉर्सेस्टर के न्यू रोड मैदान पर हुए हैं। द ओवल में 6, जबकि टॉन्टन और स्कारबोरो में 5-5 महिला टेस्ट खेले गए हैं। 2023 में टेस्ट कराने का फैसला लिया गया लॉर्ड्स में महिला टेस्ट कराने का फैसला 2023 की एक रिपोर्ट के बाद लिया गया। जून 2023 में इंडिपेंडेंट कमीशन फॉर इक्विटी इन क्रिकेट (ICEC) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लॉर्ड्स पर कभी महिला टेस्ट नहीं होना लैंगिक असमानता को दर्शाता है। रिपोर्ट में इसे बेहद खराब स्थिति बताया गया था। 1976 में खेला गया था पहला महिला वनडे लॉर्ड्स में पहला महिला वनडे 4 अगस्त 1976 को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीता था। उस समय टीम की कप्तान रेचल हेहो फ्लिंट थीं। उनके सम्मान में लॉर्ड्स के एक गेट का नाम रखा गया है। उस दौर में महिला क्रिकेटर स्कर्ट पहनकर खेलती थीं। उस मैच में इंग्लैंड की खिलाड़ी मेगन लियर ने बाद में कहा था कि लॉर्ड्स की घास पर कदम रखना महिला क्रिकेटरों के लिए चांद पर उतरने जैसा अनुभव था। दोनों टीमें भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्री चरणी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, सायली सतघारे, प्रिया पुनिया। इंग्लैंड: नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, हीथर नाइट, सोफी एक्लेस्टोन, एमी जोन्स (विकेटकीपर), लॉरेन बेल, माइया बुशियर, एम्मा लैम्ब, एलिस कैप्सी, ग्रेस पॉट्स, लॉरेन फिलर, एली थ्रेलकेल्ड, मैडी विलियर्स, टिली कॉर्टिन-कोलमैन, इसी वोंग।
इंग्लैंड ने चौथे टी-20 में भारत को 9 विकेट से हराकर 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की बढ़त बना ली। इसके साथ ही इंग्लैंड ने पहली बार भारत को दो या उससे ज्यादा मैचों की टी-20 सीरीज में हराया। 2018 के बाद यह पहली बार है, जब भारत इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में सीरीज हारा है। ब्रिस्टल में कप्तान श्रेयस अय्यर ने लगातार छठा टॉस जीतकर विराट कोहली की बराबरी की, लेकिन उनकी नाबाद 80 रन की पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। वहीं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप रहे और सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हुए। IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. 2014 के बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हरा दिया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीती है। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। 2. श्रेयस ने लगातार छठा टॉस जीता श्रेयस ने टी-20 में टॉस जीतने के मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली। उन्होंने लगातार छठवीं बार टॉस जीता। भारत के लिए लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी के नाम है। उन्होंने 2010 से 2012 के बीच 7 टॉस जीते थे। श्रेयस ने कप्तानी डेब्यू के बाद लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बतौर कप्तान अपने सभी 6 मैचों में टॉस जीते। श्रेयस ने पाकिस्तान के शादाब खान का रिकॉर्ड तोड़ा। शादाब ने 2020 से 2023 के बीच बतौर कप्तान लगातार 5 टॉस जीते थे। 3. भारतीय इलेवन में 8 लेफ्ट हैंड बैटर खेले भारत ने 8 लेफ्टी बैटर को प्लेइंग-11 में खिलाया। टी-20 में तीसरी बार भारत 8 बाएं हाथ के बल्लेबाजों से खेला। इससे पहले एशियन गेम्स 2023 में भारत सेमीफाइनल और फाइनल में इसी कॉम्बिनेशन के साथ उतरा था। 4. श्रेयस ने राशिद के खिलाफ 44 रन बनाए श्रेयस ने आदिल राशिद के खिलाफ 16 गेंदों में 44 रन बनाए है। वे टी-20 में किसी एक गेंदबाज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। इस लिस्ट में संजू सैमसन टॉप पर हैं। सैमसन ने 2024 हैदराबाद में बांग्लादेश के रिशाद हुसैन के खिलाफ 10 गेंदों में 45 रन बनाए थे। 6. इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में टारगेट चेज किया इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में 37 गेंद रहते 159 रन का टारगेट हासिल किया। यह 150 या उससे ज्यादा रन के टारगेट में तीसरा सबसे तेज रनचेज है। पहले स्थान पर भारत है। टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 में 60 गेंद रहते 150+ का रनचेज किया था। यह टी-20 में भारत की तीसरी सबसे बड़ी हार भी है। टीम को सबसे बड़ी हार 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली थी। तब ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में 60 गेंद रहते भारत को हराया था। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. वैभव फिर फ्लॉप वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप साबित हुए। वे तीसरे ओवर में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर कैच आउट हुए। ओवर की चौथी गेेंद जोफ्रा ने ऑफ-स्टंप से बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ डाली। वैभव ने पुल करने का प्रयास किया। गेंद बल्ले के टॉप एज से लगकर हवा में खड़ी हो गई। मिड-ऑन पर खड़े सैम करन ने आसान कैच पकड़ लिया। 2. श्रेयस ने छक्के से फिफ्टी पूरी की कप्तान श्रेयस ने 15वें ओवर में आदिल राशिद की गेंद पर छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की। राशिद ने ओवर की पांचवी गेंद 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शॉर्ट पिच डाली। जिस पर कप्तान श्रेयस ने डीप स्क्वायर लेग के ऊपर से पुल शॉट खेला और गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा दिया। 3. अक्षर आखिरी गेंद पर रनआउट हुए अक्षर पटेल पारी की आखिरी गेंद पर रनआउट हुए। आर्चर ने स्लोअर गेंद डाली। श्रेयस फ्लिक करने से चूके और गेंद थाई-पैड से लगकर पिच पर ही रुक गई। नॉन-स्ट्राइक पर खड़े अक्षर सिंगल के लिए दौड़े। इस दौरान आर्चर ने फुटबॉल की तरह गेंद को किक मारी। गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी। रिप्ले में दिखा कि अक्षर का बल्ला क्रीज से रह गया।
चेस: 8-21 अगस्त के बीच 'केर्न्स कप' का आयोजन, हम्पी-दिव्या समेत ये टॉप खिलाड़ी हिस्सा लेंगी
'केर्न्स कप चेस चैंपियनशिप 2026' में पूर्व वर्ल्ड रैपिड चैंपियन कोनेरू हम्पी, पूर्व महिला जूनियर वर्ल्ड चैंपियन दिव्या देशमुख और फिडे विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 की चैलेंजर वैशाली रमेशबाबू जैसी दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेंगी
FIFA वर्ल्ड कप 2026 का पहला क्वार्टर फाइनल मैच फ्रांस और मोरक्को के बीच खेला जा रहा है। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 है। फ्रांस ने कई अटैक बनाए, लेकिन गोल में तब्दील नहीं कर पाए। 26वें मिनट में किलियन एमबाप्पे को पेनल्टी भी मिली। हालांकि मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार सेव कर गोल बचाया। फ्रांस के स्ट्राइकर एमबाप्पे इस टूर्नामेंट में 7 गोल दाग चुके हैं। मेसी 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। अगर एम्बापे इस मैच में गोल करते हैं, तो वे मेसी को पीछे छोड़ देंगे। फ्रांस ने कई अटैक किए, सभी नाकाम फ्रांस ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पांचवें मिनट में एमबाप्पे का शॉट बूनू ने कॉर्नर पर भेज दिया। इसके तुरंत बाद दायो उपामेकानो का हेडर भी उन्होंने शानदार तरीके से रोक लिया। उस्मान डेम्बेले और देजिरे डुए ने भी कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को की डिफेंस ने नाकाम कर दिया। एमबाप्पे पेनल्टी पर चूके मैच का सबसे बड़ा मोमेंट 26वें मिनट में आया। एमबाप्पे बॉक्स के अंदर नौसैर मजराउई के टैकल का शिकार हुए और रेफरी ने तुरंत पेनल्टी दे दी। हालांकि VAR जांच के कारण पेनल्टी लेने में देरी हुई। एमबाप्पे का कमजोर शॉट बूनू ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाकर रोक लिया। मोरक्को की डिफेंस ने अच्छा खेल दिखाया पहले हाफ के आखिरी मिनटों में फ्रांस ने लगातार दबाव बनाए रखा। देजिरे डुए और लुकास डिग्ने के दूर से लगाए गए शॉट्स को बूनू ने रोका। स्टॉपेज टाइम में मोरक्को को एक फ्री-किक भी मिली, लेकिन अशरफ हाकिमी का प्रयास गोलपोस्ट से बाहर चला गया। हाफ टाइम तक फ्रांस के नाम 10 शॉट रहे, जबकि मोरक्को गोल की ओर एक भी शॉट नहीं लगा सका। बावजूद इसके स्कोर 0-0 है। फ्रांस और मोरक्को के बीच वर्ल्ड कप में दूसरी भिड़ंत फ्रांस और मोरक्को के बीच 6 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का एकतरफा दबदबा रहा है। फ्रांस ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है। मोरक्को को सिर्फ 1 में जीत मिली है। 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से शिकस्त दी थी। मोरक्को इस हार का बदला लेना चाहेगी। -------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में 'सन ऑफ बिच' कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ चौथे और पांचवें टी-20 से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट का अभी ऐलान नहीं किया गया है। दोनों खिलाड़ियों को ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टी-20 के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वरुण IPL 2026 के दौरान बाएं पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर के बावजूद खेलते रहे थे। इसके बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज और आयरलैंड दौरा मिस किया था। बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब पूरा करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड सीरीज से वापसी की थी। इस सीरीज में उन्होंने दो मैचों में 1 विकेट लिया। दूसरी ओर, हर्षित राणा को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में घुटने में चोट लगी थी। इसके चलते वे पूरा टूर्नामेंट नहीं खेल सके थे। सर्जरी और लंबे रिहैब के बाद उन्होंने आयरलैंड दौरे से टीम इंडिया में वापसी की थी। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…घुटने की चोट से मेजर लीग क्रिकेट से बाहर हुए अश्विन भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन दाएं घुटने की चोट के कारण मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। उनकी टीम सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। उनकी जगह ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज पीटर सिडल को पूरे सीजन के लिए टीम में शामिल किया गया है। अश्विन की चोट के कारण अगस्त के अंत में शुरू होने वाली यूरोपियन टी-20 प्रीमियर लीग (ETPL) में उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। इस लीग में वे राहुल द्रविड़ की टीम डबलिन गार्डियंस के कप्तान और मेंटर की भूमिका निभाने वाले हैं। अश्विन ने इस सीजन MLC में सिर्फ एक मुकाबला खेला। टेक्सास सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने 2 ओवर में 24 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं ले सके। इससे पहले भी घुटने की इसी चोट के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी, जिसके चलते उनका पहला बिग बैश लीग (BBL) सीजन भी नहीं हो पाया था। मुस्तफिजुर जिम्बाब्वे दौरे से बाहर बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण जिम्बाब्वे दौरे से बाहर हो गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। पहले वनडे के दौरान चोटिल होने के बाद वे दूसरा मैच भी नहीं खेल सके थे। अब उनकी चोट के चलते द हंड्रेड 2026 के शुरुआती मुकाबले भी छूटने की संभावना है। मुस्तफिजुर को द हंड्रेड के पूरे सीजन (20 जुलाई से 20 अगस्त) में खेलने के लिए BCB ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिया था। उन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1 लाख पाउंड (लगभग 1.15 करोड़ रुपए) के बेस प्राइस पर साइन किया था। वे द हंड्रेड खेलने वाले पहले बांग्लादेशी क्रिकेटर बनने वाले थे। बांग्लादेश के टीम फिजियो बायजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में गेंदबाजी के दौरान मुस्तफिजुर की दाईं हैमस्ट्रिंग में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे वनडे में जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को 13 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने 6 विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 48.1 ओवर में 234 पर ऑल आउट हो गई। जिम्बाब्वे की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज बेन कुरेन रहे, जिन्होंने नाबाद 111 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे ने पारी संभाली। आखिर में ब्रैड इवांस ने तेज बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 58 रन बनाए। दोनों ने सातवें विकेट के लिए अटूट 99 रन जोड़े। शुरुआती झटकों के बीच कुरेन ने संभाली पारी हरारे स्पोर्ट्स क्लब में सुबह 9:30 बजे शुरू हुए मैच में पिच पर नमी थी और गेंदबाजों को अच्छी मदद मिल रही थी। इसका फायदा उठाते हुए बांग्लादेश ने 32 रन तक जिम्बाब्वे के तीन विकेट गिरा दिए। इसके बाद बेन कुरेन ने जिम्मेदारी संभाली। शुरुआत में वह थोड़े संघर्ष करते नजर आए, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने संयम और आक्रामक बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन दिखाया। उन्होंने नाबाद 118 रन बनाकर अपने वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह जिम्बाब्वे के सातवें बल्लेबाज बने, जिन्होंने वनडे की एक पारी में पूरे 50 ओवर बल्लेबाजी की। कुरेन को 4 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला। तौहीद हृदोय ने शॉर्ट कवर पर उनका मुश्किल कैच छोड़ दिया। इवांस और कुरेन के बीच 99* रन की साझेदारी जिम्बाब्वे की पारी के आखिर में ब्रैड इवांस ने तेजी से रन बटोरे। नंबर-8 पर उतरे इवांस ने पहली 7 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाए, लेकिन इसके बाद आक्रामक अंदाज अपनाया। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने तस्कीन अहमद की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाए। इवांस 58 रन बनाकर नाबाद लौटे। जिम्बाब्वे की पारी में लगे सभी 5 छक्के उन्हीं के बल्ले से आए। इवांस और कुरेन की 99 रन की नाबाद साझेदारी ने जिम्बाब्वे को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। मधेवेरे और रजा अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके वेस्ली मधेवेरे ने नाहिद राना के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 13वें ओवर में 11 रन बटोरे, लेकिन कुछ देर बाद आउट हो गए। इसके बाद सिकंदर रजा ने बेन कुरेन के साथ चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हालांकि वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और मेहदी हसन मिराज की गेंद पर कवर में कैच दे बैठे। इसके बाद क्लाइव मदांडे भी जल्दी पवेलियन लौट गए। एक समय जिम्बाब्वे का स्कोर 148 रन पर 6 विकेट था, लेकिन कुरेन और इवांस ने टीम को संकट से निकालते हुए मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। बांग्लादेश की रणनीति नहीं चली बांग्लादेश ने इस मैच में मुस्तफिजुर रहमान की जगह शरीफुल इस्लाम को मौका दिया। टीम ने अतिरिक्त स्पिन विकल्प के तौर पर मेहदी हसन मिराज, रिशाद हुसैन और मोसद्देक हुसैन को खिलाया, लेकिन यह रणनीति असरदार साबित नहीं हुई। शुरुआत में तस्कीन अहमद और नाहिद राना ने शानदार गेंदबाजी की, लेकिन बीच और आखिरी ओवरों में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने स्पिनरों के खिलाफ आसानी से रन बनाए। खासकर आखिरी ओवरों में कुरेन और इवांस ने तेजी से रन जुटाकर मैच का रुख बदल दिया। 169 रन पर 3 विकेट से बिखरी बांग्लादेश की पारी 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की। एक समय टीम का स्कोर 3 विकेट पर 169 रन था और जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही थी। तंजीद हसन ने 70 गेंदों में 57 रन बनाए, जबकि तौहीद हृदोय ने 90 गेंदों पर 60 रन की पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 107 गेंदों में 84 रन जोड़कर पारी को संभाला। हालांकि, इसके बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने मैच का रुख पलट दिया। बांग्लादेश ने 169 से 176 रन के बीच सिर्फ 7 रन जोड़कर दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। टीम ने 211 रन पर छठा और 222 रन तक पहुंचते-पहुंचते आठवां विकेट भी गंवा दिया। यहीं से मुकाबला पूरी तरह जिम्बाब्वे के पक्ष में चला गया और बांग्लादेश लक्ष्य से दूर रह गया। कप्तान नगारवा ने आखिरी स्पेल में पलटा मैच जिम्बाब्वे के कप्तान रिचर्ड नगारवा ने अंतिम ओवरों में बांग्लादेश के निचले क्रम को संभलने का मौका नहीं दिया। बांग्लादेश के आखिरी छह विकेट सिर्फ 65 रन के भीतर गिर गए। नगारवा ने अपने तीसरे स्पेल में नूरुल हसन (38) और मोसद्देक हुसैन (7) के अहम विकेट लिए। इसके बाद अपने आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर उन्होंने मेहदी हसन मिराज को डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट कराकर बांग्लादेश की पारी समाप्त कर दी। इसी के साथ जिम्बाब्वे ने मैच के साथ सीरीज भी अपने नाम कर ली। DRS नहीं होने से अंपायरिंग पर उठा विवाद सीरीज में DRS की सुविधा नहीं होने से अंपायरिंग को लेकर भी विवाद देखने को मिला। बांग्लादेश को जीत के लिए 17 गेंदों में 17 रन चाहिए थे, तभी मेहदी हसन मिराज ने एक गेंद को वाइड नहीं दिए जाने पर अंपायर से नाराजगी जताई। हालांकि नए वनडे नियमों के तहत बल्लेबाज के क्रीज में मूव करने पर गेंदबाज को अतिरिक्त छूट मिलती है और मेहदी लेग स्टंप की ओर शिफ्ट हो गए थे, इसलिए अंपायर ने गेंद को वाइड नहीं माना। इससे पहले जिम्बाब्वे की दो कैच की अपील भी ठुकराई गई थीं, जिससे मेजबान टीम भी असंतुष्ट थी। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेक टेनिस स्टार मुचोवा पहली बार विंबलडन फाइनल में:अमेरिका की गॉफ को हराया; डॉक्टरों ने कभी टेनिस छोड़ने की सलाह दी थी चेक गणराज्य की 29 साल की कारोलिना मुचोवा ने सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली। पूरी खबर
चेक गणराज्य की 29 साल की कारोलिना मुचोवा ने सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली। सेंटर कोर्ट पर 2 घंटे 35 मिनट तक चले मुकाबले का फैसला तीसरे सेट के टाई-ब्रेकर में हुआ। यह मुचोवा के करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल है। इससे पहले वह 2023 फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। फाइनल में उनका सामना चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा या यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा। मुचोवा ने तीसरे सेट में मैच पॉइंट बचाया निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। टाई-ब्रेकर में स्कोर 8-8 होने पर सर्विस में देरी के कारण मुचोवा को टाइम वॉयलेशन की चेतावनी मिली। अगले ही अंक पर उनका फोरहैंड बाहर चला गया और कोको गॉफ को मैच पॉइंट मिल गया। हालांकि, गॉफ नेट पर ड्रॉप शॉट खेलने में चूक गईं। मुचोवा ने इसका पूरा फायदा उठाया और लगातार दो अंक जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। डॉक्टरों ने कहा था- टेनिस छोड़ दो मुचोवा का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है। वह कलाई, पेट, पीठ, जांघ, टखने और पैर की कई गंभीर चोटों से जूझ चुकी हैं। 2022 में डॉक्टरों ने उन्हें टेनिस छोड़ने तक की सलाह दे दी थी। इसके बाद 2023 और 2024 में उनकी दाईं कलाई की सर्जरी हुई, जिससे वह करीब 10 महीने कोर्ट से बाहर रहीं। अब शानदार वापसी करते हुए वह अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। गॉफ की सर्विस बनी हार की बड़ी वजह मुचोवा ने पहले सेट में गॉफ की कमजोर सर्विस का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने तीसरे और पांचवें गेम में सर्विस ब्रेक कर 6-2 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में गॉफ ने जोरदार वापसी करते हुए 6-1 से जीत हासिल की और मुकाबला निर्णायक सेट तक पहुंचाया। हालांकि, आखिरी सेट के दबाव भरे पलों में मुचोवा ने बेहतर खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की। जीत के बाद बोलीं मुचोवा मुचोवा ने कहा, ‘फाइनल में पहुंचना मेरे लिए बेहद खास पल है। मुकाबला बहुत कठिन था और पूरे मैच में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहे। कोर्ट पर सोचने का ज्यादा समय नहीं था। आखिर तक मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा।’
श्रीलंका अंडर-19 ने तीसरे यूथ वनडे में भारत को 1 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने वीके विनीत के शतक और लक्ष्य रायचंदानी के अर्धशतक की बदौलत 50 ओवर में 8 विकेट पर 290 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने 291 रन का लक्ष्य आखिरी गेंद पर 9 विकेट खोकर हासिल कर लिया। हम्बनटोटा में खेले गए इस मुकाबले में मेजबान श्रीलंका ने आखिरी ओवर में भारत के मुंह से जीत छीन ली। अंतिम ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे और उसके हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था। दबाव के बावजूद टीम ने लक्ष्य हासिल कर मैच के साथ सीरीज भी अपने नाम कर ली। विनीत ने 131 रन भारत के लिए वीके विनीत ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 136 गेंदों पर 13 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 131 रन बनाए। लक्ष्य रायचंदानी ने 63 गेंदों पर 7 चौकों के साथ 61 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी को संभाला। हालांकि, भारतीय टॉप ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। कप्तान यशवर्धन चौहान 6 रन और रजत बघेल 14 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। कुशाग्र ओझा ने 3, अर्जुन राजपूत ने 14 रन बनाए। सातवें नंबर पर उतरे शाविन विनोद ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 26 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि मोहित 19 रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से सेथमिका सेनेविरात्ने ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। गिम्हान मेंडिस को 2 और कविजा गामगे को 1 विकेट मिला। चमिका हीनातिगला ने दिलाई रोमांचक जीत 291 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहला विकेट जल्दी गंवा दिया। इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा ने 67 रन बनाकर पारी को संभाला। कविजा गामगे (29) और किथमा विथानापथिराना (31) ने भी अहम योगदान दिया। आखिर में चमिका हीनातिगला ने मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने 68 गेंदों पर 84 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया। अंतिम ओवर में श्रीलंका को 11 रन चाहिए थे। हीनातिगला ने ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाया, लेकिन अगली दो गेंदें डॉट रहीं, जिससे दबाव बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने पांचवीं गेंद पर शानदार छक्का जड़कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। आखिरी गेंद पर एक रन लेकर श्रीलंका ने 1 विकेट से मैच और 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। -------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में 'सन ऑफ बिच' कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का वर्ल्ड कप बैन हटाने के फैसले पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंदन के मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने उनके खिलाफ इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के एथिक्स कमीशन में शिकायत दर्ज कराई है। संगठन का आरोप है कि इन्फैन्टिनो ने ओलिंपिक चार्टर के राजनीतिक निष्पक्षता नियम का उल्लंघन किया है। IOC मेंबर होने के नाते उन पर राजनीतिक तटस्थता संबंधी नियम लागू होते हैं। फेयरस्क्वेयर ने दिसंबर 2025 में भी उनकी शिकायत फीफा की एथिक्स कमेटी से की थी। तब भी उन पर राजनीतिक निष्पक्षता के उल्लंघन के आरोप लगे थे। हालांकि, उस मामले में कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया। ट्रम्प ने बैन हटाने का दावा किया था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 6 जुलाई को दावा किया कि उनके फोन के बाद फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का एक मैच का बैन हटा दिया। बालोगुन को पिछले नाकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था, इसलिए उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मैच से बाहर रहना चाहिए था। लेकिन फीफा की अनुशासन समिति ने उनका प्रतिबंध हटाकर उन्हें खेलने की अनुमति दी। इसके बावजूद अमेरिका को बेल्जियम के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा। IOC प्रेसिडेंट कोवेंट्री बोली- शिकायत मिली तो जांच करेंगे IOC अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि यदि इस मामले में औपचारिक शिकायत मिलती है तो एथिक्स कमीशन इसकी जांच करेगा। उन्होंने कहा कि IOC पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अमेरिका 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक की भी मेजबानी करेगा। टूर्नामेंट से जुड़ी 2 अन्य कंट्रोवर्सी भी पढ़िए 1. रेफरशिप विवाद; EFA ने रेफरी को हटाने की मांग की प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना से 3-2 की हार के बाद इजिप्ट फुटबॉल संघ (EFA) ने रेफरी पर कार्रवाई की मांग की है। उसने मैच की रेफरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई फैसलों ने मुकाबले का रुख बदल दिया और वह इस मामले पर चुप नहीं रह सकता। वहीं, फीफा ने रेफरी के फैसलों का बचाव करते हुए अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत बताया। आरोप है कि रेफरी ने 58वें मिनट वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने VAR रिव्यू के बाद मारवान अटिया का गोल फाउल मानकर रद्द कर दिया था। टीम के हेड कोच होसम हसन ने अर्जेंटीना की जीत के बाद हाथों से 'X' का इशारा कर विरोध दर्ज कराया था। 2. एम्बाप्पे-सीनेटर विवाद; अमारिला ने फुटबॉलर को गाली दी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की विपक्षी सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। नस्लीय टिप्पणी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेल रहीं अमारिला ने अब एमबापे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। यह विवाद राउंड ऑफ-16 में फ्रांस की पैराग्वे पर 1-0 की जीत के बाद शुरू हुआ था। मैच के बाद एम्बाप्पे ने पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद सीनेटर ने उन्हें घमंडी बताते हुए नस्लीय टिप्पणी की थी। ------------------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 32 साल बाद 6 यूरोपियन टीमें क्वार्टर फाइनल में, एशिया की कोई टीम नहीं 2026 फीफा वर्ल्ड कप अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस बार के क्वार्टर फाइनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 32 साल बाद अंतिम-8 में 6 यूरोपियन (यूएफा) टीमों ने अपनी जगह बनाई है। पढ़ें पूरी खबर
क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स पर शुक्रवार से एक नया इतिहास रचा जाने वाला है। 142 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार यहां महिला टेस्ट खेला जाएगा। इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम और नैट स्कीवर-ब्रंट की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम इस पल को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला किसी रोमांच से कम नहीं होगा। एक्सप्लेनर में जानिए वो सबकुछ, जो जरूरी है… लॉर्ड्स के मैदान पर पहला महिला टेस्ट होने में इतना लंबा समय क्यों लगा? पुरुषों के पहले टेस्ट के 142 साल बाद यहां महिला टेस्ट हो रहा है। 1937 से अब तक इंग्लैंड की महिला टीम ने 19 अलग-अलग मैदानों पर 55 टेस्ट खेले हैं, लेकिन लॉर्ड्स अछूता रहा। जून 2023 में क्रिकेट में समानता आयोग की एक रिपोर्ट में लॉर्ड्स में महिलाओं का टेस्ट न होने को शर्मनाक बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था- ‘क्रिकेट का घर (लॉर्ड्स) अब भी पुरुषों का ही घर है।’ इसके बाद ही बोर्ड जागा और ऐतिहासिक मैच तय हुआ। क्या महिला टेस्ट और पुरुष टेस्ट मैच के नियमों में कोई बड़ा अंतर होता है? पुरुषों की तुलना में महिला टेस्ट के नियमों में सबसे बड़ा अंतर दिनों की संख्या का है। पुरुष टेस्ट पांच दिनों का होता है। महिला टेस्ट चार दिनों तक ही खेला जाता है। हालांकि, इतिहास में पांच दिन के दो महिला टेस्ट भी हुए हैं। महिला टेस्ट में एक दिन में कम से कम 100 ओवर फेंके जाने का नियम है, जबकि पुरुषों में यह 90 ओवर का होता है। महिला टेस्ट में फॉलोऑन 200 रनों की बजाय 150 रनों की बढ़त पर दिया जा सकता है। भारत व इंग्लैंड में किसका पलड़ा भारी है? टेस्ट में भारत का पलड़ा भारी है। भारत ने 1995 के बाद से इंग्लैंड से कोई टेस्ट नहीं हारा है। इंग्लैंड की धरती पर तो भारत अब तक अजेय है। 9 टेस्ट में से 2 जीते हैं और 7 ड्रॉ रहे हैं। दोनों के बीच आखिरी टेस्ट दिसंबर 2023 में नवी मुंबई में हुआ था, जिसे भारत ने 347 रनों से अपने नाम किया था। इंग्लिश धरती पर दोनों टीमें आखिरी बार साल 2014 में भिड़ी थीं। इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच से पहले दोनों टीमों का हालिया फॉर्म कैसा है? हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में भारत ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया था, जबकि इंग्लैंड को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। टेस्ट की बात करें तो भारत ने मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में टेस्ट खेला था, जिसमें उसे हार मिली थी। यह साल 2006 के बाद भारत की पहली टेस्ट हार थी। वहीं, इंग्लैंड ने अपना आखिरी टेस्ट जनवरी 2025 में खेला था। इंग्लिश टीम ने 2015 के बाद से खेले गए पिछले 10 टेस्ट मैचों में से सिर्फ एक मैच जीता है। किन नए खिलाड़ियों पर नजरें रहेंगी? दोनों टीमों में 8 ऐसी खिलाड़ी हैं, जो पहली बार टेस्ट टीम से जुड़ी हैं। भारत की हरलीन देओल, श्री चरणी और तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा अनकैप्ड हैं। वहीं, इंग्लैंड की एलिस कैप्सी और 18 वर्षीय टिली कॉर्टन-कोलमैन जैसी युवा खिलाड़ी शामिल हैं। फैंस की खास नजरें इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन फाइलर और भारत की स्टार बैटर स्मृति मंधाना पर होंगी। टॉप ऑर्डर में जगह बनाने के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
इंग्लैंड की स्टार बैटर टैमी ब्यूमोंट ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 35 वर्षीय ब्यूमोंट शुक्रवार से भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले ऐतिहासिक टेस्ट मैच के बाद विदाई लेंगी। 2009 में डेब्यू करने वाली ब्यूमोंट ने अपने 17 साल लंबे करियर में 11 टेस्ट, 140 वनडे और 109 टी20 मैच खेले हैं। उनके नाम वनडे में इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक 12 शतक दर्ज हैं। हालांकि, वे आगे भी घरेलू क्रिकेट खेलती रहेंगी। स्पोर्ट्स से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… ओलिंपिक कमेटी ने रूस से निलंबन हटाया, राष्ट्रगान और झंडे पर फैसला नहीं इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) ने रूस की ओलिंपिक समिति पर लगा निलंबन अस्थायी रूप से हटा दिया। इससे रूस के खिलाड़ियों की 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के क्वालिफायर और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी का रास्ता खुल गया है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि रूस अपने झंडे, राष्ट्रीय गान और आधिकारिक पहचान के साथ ओलिंपिक में हिस्सा ले सकेगा या नहीं। IOC ने अक्टूबर 2023 में यूक्रेन के कब्जे वाले लुहान्स्क, दोनेत्स्क, खेरसोन और जापोरिज्जिया के क्षेत्रीय ओलिंपिक परिषदों को मान्यता देने पर रूस ओलिंपिक समिति को निलंबित किया था। आईओसी अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि खिलाड़ियों को उनकी सरकार के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, यूक्रेन ने इस फैसले को चिंताजनक बताया, जबकि कई खिलाड़ी संगठनों ने इसकी आलोचना की।
ब्रिटेन के आर्थर फेरी ने विंबलडन 2026 में अपना शानदार सफर जारी रखते हुए फ्रेंच ओपन 2026 के रनर-अप फ्लेवियो कोबोली को 6-4, 7-6(4), 6-0 से मात देकर पुरुषों के सेमीफाइनल में जगह बना ली
भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेला जाएगा। मैच भारतीय समय के हिसाब से रात 10 बजे से शुरू होगा। इंग्लैंड सीरीज में 2-0 से आगे है। पहला मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा था, जबकि दूसरे और तीसरे टी-20 में मेजबान टीम ने जीत दर्ज की थी। भारत के लिए यह मुकाबला करो या मरो का है। हार मिलते ही टीम सीरीज गंवा देगी। 2018-19 के बाद यह पहला मौका होगा, जब भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हार सकता है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। उन्होंने अपने शुरुआती दो टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 14 और 13 रन बनाए हैं। यानी अब तक 2 मैचों में सिर्फ 27 रन ही बना सके हैं। श्रेयस की कप्तानी पर सवाल टी-20 कप्तान बनने के बाद श्रेयस अय्यर अब तक एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं जीत सके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में 125 रन की हार के बाद उन्होंने टीम के प्रदर्शन को बेहद खराब बताया था। IPL समेत श्रेयस अपनी पिछली 11 टी-20 कप्तानी में 10 मैच हार चुके हैं। कोच गौतम गंभीर ने हालांकि कहा कि एक हार से टीम खराब नहीं हो जाती। उनके मुताबिक भारत अपनी अटैकिंग अप्रोच नहीं बदलेगा। इंग्लैंड सीरीज जीतने से एक कदम दूर हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड शानदार फॉर्म में है। टीम ने पिछले 21 टी-20 मुकाबलों में 18 जीते हैं। इंग्लैंड के पास इतिहास रचने का मौका है, क्योंकि उसने अब तक भारत के खिलाफ कभी भी दो या उससे ज्यादा मैचों की टी-20 सीरीज नहीं जीती है। दुबे से पावर हिटिंग की उम्मीद बेथेल-आर्चर टॉप प्लेयर भारत बदलाव कर सकता है भारत तीसरे टी-20 की हार के बाद बदलाव कर सकता है। संजू सैमसन, वॉशिंगटन सुंदर, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई और प्रसिद्ध कृष्णा विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे/सूर्यांश शेडगे, अक्षर पटेल/वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वरुण चक्रवर्ती। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। पिच रिपोर्ट और मौसम ब्रिस्टल का काउंटी ग्राउंड टी-20 में बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यहां सीधी बाउंड्री छोटी हैं, हालांकि इस सीजन डोमेस्टिक टी-20 ब्लास्ट में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 156 रन रहा है। मौसम साफ और गर्म रहने की संभावना है। आंकड़ों में मुकाबला
FIFA वर्ल्ड कप 2026 आज रात पहला क्वार्टर फाइनल मैच खेला जाएगा। किलियन एम्बापे की फ्रांस का मुकाबला 'जायंट किलर्स' मोरक्को से होगा। मैच बोस्टन स्टेडियम में आज रात 1:30 बजे से खेला जाएगा। फ्रांस के स्ट्राइकर एम्बापे इस टूर्नामेंट में 7 गोल दाग चुके हैं। मेसी 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। अगर एम्बापे इस मैच में गोल करते हैं, तो वे मेसी को पीछे छोड़ देंगे। मैच 97- फ्रांस और मोरक्को के बीच वर्ल्ड कप में दूसरी भिड़ंत फ्रांस और मोरक्को के बीच 6 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का एकतरफा दबदबा रहा है। फ्रांस ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है। मोरक्को को सिर्फ 1 में जीत मिली है। 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से शिकस्त दी थी। मोरक्को इस हार का बदला लेना चाहेगी। फ्रांस ने सभी मैच जीते फ्रांस की टीम इस टूर्नामेंट में अजेय रही है। टीम ने अपने सभी 5 मुकाबले जीते हैं। ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। राउंड ऑफ 32 में टीम का सामना स्वीडन से हुआ। इसमें टीम ने 3-0 से जीत दर्ज की। फिर राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची। मोरक्को भी अब तक अजेय मोरक्को की टीम भी इस वर्ल्ड कप में अब तक कोई मैच नहीं हारी है। ग्रुप स्टेज में टीम ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। वहीं दिग्गज ब्राजील को 1-1 से ड्रॉ पर रोका। राउंड ऑफ 32 में मोरक्को का सामना नीदरलैंड से हुआ। फुल टाइम तक मैच 1-1 से बराबर रहा। आखिरकार पेनल्टी शूटआउट में मोरक्कों ने 3-2 से जीत दर्ज की। राउंड ऑफ 16 में टीम ने कनाडा को 3-0 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। एम्बापे की स्ट्राइक Vs हकीमी का डिफेंस फ्रांस की टीम एम्बापे से आक्रामक फिनिशिंग चाहेगी। उनपर मोरक्को के डिफेंस को तोड़ने की जिम्मेदारी होगी। दूसरी ओर मोरक्को स्टार डिफेंडर और कप्तान अचराफ हकीमी के दमपर फ्रांस के अटैक को रोकने उतरेगी। हालांकि मैच में फ्रांस का पलड़ा भारी रहने की उम्मीद है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल।
ब्रिटेन के वाइल्डकार्ड आर्थर फेरी ने विंबलडन 2026 में उलटफेर करते हुए पहली बार ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचे। 114वीं रैंक वाले फेरी ने इटली के 9वीं सीड फ्लावियो कोबोली को 6-4, 7-6 (7-4), 6-0 से हराया। 23 साल के फेरी विंबलडन पुरुष एकल के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सिर्फ दूसरे वाइल्डकार्ड खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले 2001 में गोरान इवानिसेविच ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने उसी साल खिताब भी जीता था। फेरी का सेमीफाइनल में फ्रेंच ओपन चैंपियन और दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से सामना होगा। कोबोली को सीधे सेटों में हराया सेंटर कोर्ट पर खेले गए मुकाबले में फेरी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहला सेट 6-4 से जीता। इसके बाद दूसरे सेट का टाई-ब्रेक 7-4 से अपने नाम किया। फिर तीसरा सेट में 6-0 से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह फेरी के करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल था। फेरी ने इस साल दूसरी बार कोबोली को हराया 2026 में यह दूसरी बार है जब आर्थर फेरी ने किसी ग्रैंड स्लैम में फ्लावियो कोबोली को हराया है। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले राउंड में कोबोली को 7-6, 6-4, 6-1 से शिकस्त दी थी। फ्रेंच ओपन में कोबोली की भिड़ंत फेरी से नहीं हुई थी, जहां वे फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचे थे। विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पांचवें ब्रिटिश फेरी ओपन एरा में विंबलडन पुरुष एकल के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पांचवे ब्रिटिश खिलाड़ी बने। उनसे पहले एंडी मरे (7 बार), टिम हेनमैन (4 बार), रोजर टेलर (2 बार) और कैमरून नॉरी (1 बार) एक बार सेमीफाइल में पहुंचे थे। फेरी बोले- यकीन नहीं हो रहा मैच के बाद फेरी ने कहा- ‘हर मैच के साथ सब कुछ और बेहतर होता जा रहा है। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि मैं विंबलडन के सेमीफाइनल में हूं।’ उन्होंने कहा कि मैच से पहले वह काफी घबराए हुए थे, लेकिन अंत तक खुद पर भरोसा बनाए रखा। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जोकोविच ने खेला विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा क्वार्टर फाइनल:5.15 घंटे चले मैच में 14 साल छोटे खिलाड़ी को हराया, यह 50वां 5 सेट मैच 39 साल के नोवाक जोकोविच विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर अपने से 14 साल छोटे कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे को 5 घंटे 15 मिनट में 7-6 (10), 3-6, 6-3, 6-7 (4), 7-6 (4) से हराया। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय महिला टीम की ओपनर प्रतिका रावल लॉर्ड्स टेस्ट से बाहर हो गई हैं। वे घुटने में चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट नहीं खेल पाएंगी। उनकी जगह प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है। दूसरी ओर, इंग्लैंड की बैटर टैमी ब्यूमोंट ने भी इस टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है। घुटने की चोट के कारण बाहर हुईं प्रतीका 25 साल की प्रतिका रावल पिछले सप्ताह टॉनटन में इंग्लैंड-ए के खिलाफ भारत-ए मैच के दौरान घुटने में चोटिल हो गई थीं। उनके घुटने में टांके लगे हैं, जिसके चलते वह लॉर्ड्स टेस्ट नहीं खेल पाएंगी। भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने उनके बाहर होने की पुष्टि की। प्रिया पुनिया की डेढ़ साल बाद वापसी प्रतिका की जगह प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर भारत-ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। वनडे सीरीज में 171 रन बनाकर वह टीम की सबसे सफल बैटर रहीं। प्रिया ने दिसंबर 2024 में भारत के लिए अपना आखिरी मैच खेला था। अब करीब डेढ़ साल बाद उनकी टीम में वापसी हुई है। टैमी ब्यूमोंट खेलेंगी आखिरी इंटरनेशनल मैच इंग्लैंड की 35 साल की बैटर टैमी ब्यूमोंट ने घोषणा की है कि भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मुकाबला होगा। उन्होंने 2009 में इंग्लैंड के लिए डेब्यू किया था और 17 साल के करियर में 260 मैच खेले। महिला वनडे में उनके नाम इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा 12 शतक दर्ज हैं। 2017 महिला वनडे वर्ल्ड कप में 410 रन बनाकर उन्होंने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी जीता था। टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली पहली इंग्लिश महिला ब्यूमोंट ने 2023 महिला एशेज में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 208 रन की पारी खेलकर इंग्लैंड की पहली महिला टेस्ट दोहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। वह इंग्लैंड की सिर्फ दूसरी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। संन्यास के बाद भी वह घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगी। लॉर्ड्स में पहला टेस्ट खेला जाएगा भारत और इंग्लैंड के बीच महिला टेस्ट 10 जुलाई से लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। यह लॉर्ड्स में खेला जाने वाला पहला महिला टेस्ट मैच होगा। --------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कप्तान श्रेयस बोले- खराब प्रदर्शन, ऐसी हार स्वीकार्य नहीं:गंभीर ने सैमसन की वापसी के संकेत दिए; जानिए भारत की हार पर किसने क्या कहा? टीम इंडिया को मंगलवार को टी-20 क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। उसे इंग्लैंड ने तीसरे मैच में 125 रन से हराया। ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम में 202 रन चेज कर रही टीम इंडिया सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
सौरव गांगुली ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होंगे:भारत के 12वें क्रिकेटर बनेंगे; 11 जुलाई को होगा ऐलान
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी घोषणा 11 जुलाई को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में ICC की सालाना कॉन्फ्रेंस में होगी। गांगुली हॉल ऑफ फेम में जगह बनाने वाले भारत के 12वें क्रिकेटर होंगे। 54वें जन्मदिन पर गांगुली को यह बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। इसी दिन उनकी बायोपिक 'दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी' का फर्स्ट लुक भी जारी किया गया, जिसमें एक्टर राजकुमार राव 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराते नजर आए। पोस्टर शेयर करते हुए गांगुली ने इसे अपने लिए सबसे बेहतरीन गिफ्ट बताया। 2000 में संभाली थी टीम इंडिया की कमान मैच फिक्सिंग विवाद के बाद 2000 में गांगुली ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, जहीर खान, मोहम्मद कैफ और बाद में महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 चैंपियंस ट्रॉफी जीती, 2003 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला, इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ की, 2004 में पाकिस्तान में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती और ऑस्ट्रेलिया की 16 मैचों की टेस्ट जीत की लय भी तोड़ी। वनडे में 11 हजार से ज्यादा रन बनाए गांगुली ने भारत के लिए 113 टेस्ट में 7212 रन बनाए, जिसमें 16 शतक शामिल हैं। 311 वनडे में उनके नाम 11363 रन और 22 शतक दर्ज हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 132 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी के बाद वे BCCI अध्यक्ष और वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष भी रहे हैं। कपिल देव, सचिन पहले शामिल हो चुके गांगुली के शामिल होने के बाद ICC हॉल ऑफ फेम में भारत के खिलाड़ियों की संख्या 12 हो जाएगी। उनसे पहले बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील गावस्कर, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीनू मांकड़, वीरेंद्र सहवाग, डायना एडुल्जी, नीतू डेविड और महेंद्र सिंह धोनी यह सम्मान हासिल कर चुके हैं। --------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में सबसे बड़ी हार:दूसरा लोएस्ट स्कोर भी बनाया, धोनी बर्थडे पर मैच देखने पहुंचे; वैभव सूर्यवंशी फिर फ्लॉप इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया। यह टी-20 में भारत की सबसे बड़ी हार है। टीम 76 रनों पर ऑलआउट हुई। इस फॉर्मेट में भारत का यह दूसरा लोएस्ट टोटल है। पूरी खबर पढ़ें…
सैमसन: माता-पिता के त्याग ने मुझे कम उम्र में ही क्रिकेट के प्रति गंभीर बना दिया
नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने क्रिकेट के अपने शुरुआती समय को याद किया है। उन्होंने अपने माता-पिता के त्याग और 14 साल की कम उम्र में भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और जॉन बुकानन जैसे दिग्गजों के सामने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए ट्रायल देने को याद किया है।
प्राइम वॉलीबॉल लीग को एफआईवीबी की मान्यता, 30 नवंबर से शुरू होगा सीजन 5
नई दिल्ली, फेडरेशन इंटरनेशनेल डी वॉलीबॉल (एफआईवीबी) ने 30 नवंबर से शुरू होने वाले सीजन 5 से पहले प्राइम वॉलीबॉल लीग (पीवीएल) को भारत की सबसे बड़ी प्रोफेशनल वॉलीबॉल लीग के तौर पर आधिकारिक पहचान दी है।
टी20 रैंकिंग: ईशान टॉप पर, बेथेल की लंबी छलांग
दुबई, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा जारी टी20 के बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारतीय टीम के बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाजों ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
सूर्यकुमार ने लिखा कि वह हमेशा युवा खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं और जानते हैं कि टीम के खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने वैभव को सलाह दी कि वह अपने हर पल का आनंद लें और देश का नाम आगे बढ़ाते रहें।
39 साल के नोवाक जोकोविच विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर अपने से 14 साल छोटे कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे को 5 घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में पांच सेटों में हराया। इससे पहले 2008 में रेनर शुटलर और अरनो क्लेमेंट के बीच खेला गया क्वार्टर फाइनल 5 घंटे 12 मिनट तक चला था। लगातार आठवीं बार सेमीफाइनलइस जीत के साथ जोकोविच लगातार आठवीं बार विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंच गए। उन्होंने इस मामले में रोजर फेडरर के लगातार सात सेमीफाइनल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब शुक्रवार को सेमीफाइनल में उनका सामना दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और डिफेंडिंग चैंपियन जैनिक सिनर से होगा। 5 घंटे बाद सुपर टाई-ब्रेक में हुआ फैसलासेंटर कोर्ट पर खेला गया मुकाबला शुरू से आखिर तक रोमांचक रहा। जोकोविच ने 7-6 (10), 3-6, 6-3, 6-7 (4), 7-6 (4) से जीत दर्ज की। पांच घंटे से ज्यादा चले संघर्ष के बाद दोनों खिलाड़ी थक चुके थे और मुकाबले का फैसला पांचवें सेट के सुपर टाई-ब्रेक में हुआ। 22 शॉट की रैली बनी टर्निंग पॉइंटसुपर टाई-ब्रेक में 22 शॉट की लंबी रैली मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई। जोकोविच ने ऑगर-अलियासिमे को कोर्ट के दोनों कोनों पर दौड़ाया और आखिर में कनाडाई खिलाड़ी का फोरहैंड बाहर चला गया। इससे जोकोविच ने 9-4 की बढ़त बना ली। इसके बाद अगले ही पॉइंट पर मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। जोकोविच बोले- ऐसे पलों के लिए ही आज भी खेलता हूंमैच के बाद 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच ने कहा, ‘मैं आज भी टेनिस ऐसे ही ऐतिहासिक पलों के लिए खेलता हूं।’ अपने से 14 साल छोटे खिलाड़ी के खिलाफ मिली इस जीत पर उन्होंने कहा,' मैं अब भी इन युवा खिलाड़ियों से मुकाबला कर सकता हूं। यह मेरे लिए सुखद आश्चर्य है, लेकिन मैं हमेशा खुद से सबसे ज्यादा उम्मीद रखता हूं।' अब सिनर से महामुकाबलासेमीफाइनल में जोकोविच का सामना इटली के जैनिक सिनर से होगा। सिनर ने जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ को 7-5, 7-6 (4), 6-3 से हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई। पिछले साल विंबलडन सेमीफाइनल में सिनर ने जोकोविच को सीधे सेटों में हराया था, जबकि इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन सेमीफाइनल में जोकोविच ने सिनर को पांच सेट तक चले मुकाबले में मात दी थी। सिनर से भिड़ंत पर जोकोविच ने मजाकिया अंदाज में कहा, काश यह फाइनल होता, ताकि मुझे यह चिंता न करनी पड़े कि कल मेरा शरीर कैसा महसूस करेगा। उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने चौथे सेट के बाद बच्चों से सो जाने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं माने। अच्छा हुआ कि वे रुके रहे, क्योंकि यह मेरे करियर में सेंटर कोर्ट पर खेले गए सर्वश्रेष्ठ मैचों में से एक था।’ मैच के दौरान चोट और रूफ बंद करने पर नाराजगीपहले सेट के दौरान जोकोविच को टखने और पिंडली में परेशानी महसूस हुई। उन्होंने मेडिकल टाइमआउट लिया, जिसके बाद ट्रेनर ने उनके बाएं टखने और पिंडली की जांच कर मसाज की। पट्टी बंधवाने के बाद उन्होंने मुकाबला जारी रखा। दूसरे सेट के बाद सेंटर कोर्ट की छत बंद करने के फैसले पर भी जोकोविच ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'हम आउटडोर टूर्नामेंट खेल रहे हैं और बाहर इतनी रोशनी थी कि एक और सेट आसानी से खेला जा सकता था।'
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम इंडिया के प्रदर्शन को बेहद खराब बताया है। मंगलवार रात को तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 125 रन की पराजय झेलनी पड़ी। जो टी-20 इंटरनेशनल में भारत की सबसे बड़ी हार है। मैच के बाद कप्तान अय्यर ने कहा- 'इतनी बड़ी हार स्वीकार्य नहीं है। टीम को अपनी गलतियों से सीख लेकर मजबूती से वापसी करनी होगी। ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम पर 202 रन चेज कर रही टीम इंडिया सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई थी। टीम अय्यर की कप्तानी में लगातार तीसरी टी-20 हारी है। अय्यर इस मैच में सिर्फ 5 रन ही बना सके। अय्यर ने कहा- हमारा प्रदर्शन बेहद खराब था। सबसे पहले हमें इसे स्वीकारना होगा। फिर ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटकर अपनी कमियों पर काम करना होगा। यह 200 रन वाली पिच नहीं थी: श्रेयस भारतीय कप्तान ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर कहा- 'मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन वाली विकेट थी।' उन्होंने बैटिंग पर कहा- 'पावरप्ले में हमारे चार विकेट गिर गए। यहीं से हम मैच में पिछड़ गए। आप कितनी भी योजना बना लें, लेकिन मैदान पर हालात के अनुसार खुद को ढालना जरूरी होता है। हमें सही लेंथ पहचाननी चाहिए थी। हार्ड लेंथ पर बल्लेबाजी करना मुश्किल था और हम उसे ठीक से लागू नहीं कर सके।' खिलाड़ियों से बेहतर योगदान की उम्मीद अय्यर ने कहा कि अब टीम को पिछली हार को भूलकर आगे की ओर देखना होगा। उन्होंने कहा, 'हमें मजबूत वापसी करनी होगी। हर खिलाड़ी को सोचना होगा कि वह टीम के लिए किस तरह बेहतर योगदान दे सकता है।' इंग्लिश कप्तान ब्रूक ने गेंदबाजों की तारीफ की इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने जीत का श्रेय अपने तेज गेंदबाजों जोश टंग और जोफ्रा आर्चर को दिया, जिन्होंने मिलकर सात विकेट लिए। ब्रूक ने कहा, 'दूसरी पारी से पहले हमारी रणनीति बिल्कुल स्पष्ट थी। हमने जल्दी पहचान लिया था कि स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी इस विकेट पर सबसे प्रभावी रहेगी। उसी योजना पर अमल किया और उसका फायदा मिला।' -------------------------------------------- तीसरे टी-20 की यह खबर भी पढ़िए… भारत ने टी-20 में दूसरा सबसे छोटा स्कोर बनाया, इंग्लैंड ने 125 रन से हराया भारत ने टी-20 इंटरनेशनल में अपना दूसरा सबसे छोटा स्कोर बनाया। ट्रेंट ब्रिज में 202 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टीम 11.4 ओवर में 76 रन पर ऑलआउट हो गई। यह भारत की टी-20 में रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार भी रही। इंग्लैंड ने मुकाबला 125 रन से जीतकर 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। पढ़ें पूरी खबर
वेस्टइंडीज ने 2 टेस्ट की होम सीरीज में श्रीलंका को 1-0 से हरा दिया। टीम ने 4 साल के बाद अपने घरेलू मैदान पर कोई टेस्ट सीरीज जीती है। इतना ही नहीं, टीम को 2023 के बाद किसी टेस्ट सीरीज में जीत मिली है। विंडीज ने सीरीज का पहला मैच पारी और 217 रन से जीता था। एंटीगुआ के नॉर्थ साउंड में मंगलवार को मुकाबले के आखिरी दिन श्रीलंका ने दूसरी पारी में 92/2 के स्कोर से खेलना शुरू किया। उसने 251/9 के स्कोर पर पारी घोषित की और मेजबान टीम को 302 रन का टारगेट दिया। लंच के बाद बैटिंग करने उतरी कैरेबियाई टीम ने टी-ब्रेक तक बिना नुकसान के 65 रन बना लिए थे। आखिरी सेशन में हल्की बारिश के कारण खेल 10 मिनट रुका। दोबारा खेल शुरू होने पर वेस्टइंडीज का स्कोर 109/0 था। इसके बाद दोनों कप्तानों ने ड्रॉ पर सहमति जताते हुए हाथ मिला लिया। आखिरी दिन श्रीलंका ने तेजी से बनाए रन 5वें और आखिरी दिन श्रीलंका ने तेजी से रन बनाए। दिनेश चांदीमल ने 71 रन बनाए, जबकि कामिंडु मेंडिस ने भी अटैकिंग बैटिंग की। पहले सेशन में टीम ने 24 ओवर में 139 रन जोड़े और रन रेट 5.79 रहा। हालांकि, टीम ने तेजी से रन बनाने की कोशिश में छह विकेट भी गंवा दिए। कामिंडु मेंडिस जेडेन सील्स का शिकार बने। कप्तान धनंजय डी सिल्वा कैच आउट हुए। दिनेश चांदीमल और कुसल मेंडिस भी कैच देकर लौटे, जबकि सोनल दिनुषा दूसरा रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए। कैंपबेल और किंग ने विकेट नहीं गिरने दिया 302 रन के टारगेट का पीछा करते हुए कैरेबियाई ओपनर्स ने संभलकर बल्लेबाजी की। जॉन कैंपबेल और ब्रैंडन किंग ने श्रीलंकाई पेसर्स और स्पिनर प्रभात जयसूर्या का धैर्य से सामना किया। ब्रैंडन किंग दो बार LBW की अपील में फंसे। पहली बार डीआरएस में पता चला कि गेंद स्टंप के ऊपर से जा रही थी। दूसरी बार अंपायर्स कॉल के कारण उन्हें आउट नहीं दिया गया। जस्टिन ग्रीव्स प्लेयर ऑफ द मैच वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रीव्स प्लेयर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने वेस्टइंडीज की पहली पारी में 180 रन बनाए। साथ ही एक विकेट भी हासिल किया। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में 183 रन बनाए और 4 विकेट भी झटके। ------------------------------------------
स्विट्जरलैंड ने 72 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। उसने मंगलवार रात को कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। टीम पिछली बार 1954 में क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। स्विट्जरलैंड ने पहली बार किसी एक वर्ल्ड कप में लगातार दो नॉकआउट मैच जीतने का रिकॉर्ड भी बनाया। वैंकूवर के बीसी पैलेस स्टेडियम में खेला गया मैच तय 90 मिनट में गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद दोनों टीमों को 15-15 मिनट का 30 मिनट एक्स्ट्रा टाइम दिया गया, लेकिन इसमें भी गोल नहीं आया। ऐसे में फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ। स्विट्जरलैंड की टीम क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से भिड़ेगी। यह मैच 12 जुलाई को सुबह 6:30 बजे कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में होगा। अर्जेंटीना ने इजिप्ट को 3-2 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई है। पेनल्टी शूटआउट में चूका कोलंबिया पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 2 बड़े झटके लगे। डेविंसन सांचेज की किक क्रॉसबार से टकरा गई, जबकि कुचो हर्नांडेज का प्रयास स्विस गोलकीपर ने रोक दिया। इसके बाद रुबेन वर्गास ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर स्विट्जरलैंड को अंतिम-8 में पहुंचा दिया। स्विट्जरलैंड को मंजांबी की कमी खली स्विट्जरलैंड को मैच से पहले बड़ा झटका लगा था। युवा मिडफील्डर जोहान मंजांबी ट्रेनिंग के दौरान घुटने में चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। पहले हाफ में कोलंबिया ने अधिक आक्रमण किए, लेकिन गोल का मौका नहीं बना। गुस्तावो पुर्ता का बॉक्स के बाहर से लगाया गया कर्लर शॉट स्विस गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने बचा लिया। लुइस सुआरेज ने गोल का मौका गंवाया दूसरे हाफ में कोलंबिया के लुइस सुआरेज को अच्छा मौका मिला, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से बाहर चला गया। दूसरी ओर स्विस खिलाड़ी फैबियन रीडर के वॉली शॉट को कोलंबियाई गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने बचा लिया। अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमों के पास जीत के मौके रहे। कोलंबिया के जॉन लुकुमी का हेडर क्रॉसबार से टकराया, जबकि स्विट्जरलैंड के सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जेकी अमदौनी के शॉट को वर्गास ने बचा लिया। -------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना 13 मिनट में 3 गोल दागकर क्वार्टर फाइनल में, मेसी ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 8 गोल किए डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। मंगलवार को अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना 78वें मिनट तक 2-0 से पीछे थी। इसके बाद रोमेरो, मेसी और फर्नांडीज ने 13 मिनट में 3 गोल कर टीम को जीत दिला दी। मेसी ने इस टूर्नामेंट में आठवां गोल किया। वे सबसे ज्यादा गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। पढ़ें पूरी खबर
भारत बनाम इंग्लैंड: बतौर कप्तान अय्यर का बड़ा रिकॉर्ड, इस मामले में बने 'नंबर-3'
श्रेयस अय्यर टी20 फॉर्मेट में लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने के मामले में संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। मंगलवार को ट्रेंट ब्रिज में जारी टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में अय्यर ने टॉस जीतकर यह कारनामा किया।
विंबलडन: गॉफ ने पेगुला को हराया, पहली बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बनाई
अमेरिकी स्टार कोको गॉफ ने विंबलडन 2026 में लगातार चौथे मैच में जीत दर्ज की। मंगलवार को एक सेट हारने के बाद वापसी करते हुए उन्होंने जेसिका पेगुला को 4-6, 6-3, 6-3 से मात देकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बनाई।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। मंगलवार को अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना 78वें मिनट तक 2-0 से पीछे थी। इसके बाद रोमेरो, मेसी और फर्नांडीज ने 13 मिनट में 3 गोल कर टीम को जीत दिला दी। मेसी ने इस टूर्नामेंट में आठवां गोल किया। वे सबसे ज्यादा गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने FIFA वर्ल्ड कप के लगातार नौवें मैच में गोल किया। जीत के बाद मेसी मैदान पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। अर्जेंटीना की जीत के जश्न के 3 फोटोज… मिस्र ने 2 गोल कर अर्जेंटीना को बैकफुट पर धकेला मिस्र ने बेहद अटैकिंग शुरुआत की। मैच के 15वें मिनट में ही मिस्र के यासिर इब्राहिम ने अर्जेंटीना के डिफेंस को भेदते हुए पहला गोल दागा। इसके बाद अर्जेंटीना ने लगातार अटैक बनाकर बराबरी करने की कोशिश की। हालांकि मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शौबीर ने सभी अटैक रोक दिए। आखिरकार दूसरे हाफ के 67वें मिनट में मोस्तफा जीको ने बेहतरीन मैदानी गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। 78 मिनट के खेल तक मिस्र पूरी तरह मैच पर हावी थी और ऐसा लग रहा था कि वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना का सफर यहीं खत्म हो जाएगा। मेसी पेनाल्टी से चूके मिस्र के पहले गोल के बाद 21वें मिनट में अर्जेंटीना को पेनाल्टी मिली। गोल करने का यह मौका कप्तान लियोनेल मेसी ने लिया। हालांकि मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शुबेर ने शानदार डाइव लगाते हुए मेसी के शॉट को रोक दिया। इसके बाद मेसी काफी मायूस नजर आए। अर्जेंटीना की जबरदस्त पलटवार अर्जेंटीना के फैंस के लिए खुश होने का पहला मौका 79वें मिनट में आया। जब क्रिस्टियन रोमेरो ने मेसी के क्रॉस पर हेडर के जरिए गोल कर अर्जेंटीना का खाता खोला। इसके ठीक 4 मिनट बाद 83वें मिनट में खुद लियोनेल मेसी ने गोल दागकर अर्जेंटीना को बराबरी दिला दी। फर्नांडीज ने वर्ल्ड कप का 3000वां गोल किया इंजुरी टाइम में अर्जेंटीना के लिए तीसरा गोल आया। 92वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने मार्टिंनेज के क्रॉस पर हेडर से गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास का 3000वां गोल भी बना। इसके बाद मिस्र बचे समय में कोई गोल नहीं कर सकी और अर्जेंटीना 3-2 से मैच जीता। अब क्वार्टरफाइनल में अर्जेंटीना का मुकाबला स्विट्जरलैंड और कोलंबिया मैच की विजेता टीम से होगा। ------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… संजू बाहर नहीं, एशियन गेम्स टीम में पहले से शामिल:जिम्बाब्वे दौरा 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी का हिस्सा, इसलिए प्रभसिमरन को मौका संजू सैमसन को भारतीय टीम से बाहर नहीं किया गया है। सिलेक्शन और टीम मैनेजमेंट ने 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू कर दी है। इसी योजना के तहत जिम्बाब्वे दौरे पर विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को मौका दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें..
सीडब्ल्यूजी 2026: भारतीय दल को शानदार विदाई, ग्लासगो के लिए ऑफिशियल किट का अनावरण
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2026' के लिए भारत के दल को शानदार विदाई दी। साथ ही, टीम इंडिया द्वारा ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होने वाले गेम्स के 23वें एडिशन के दौरान पहनी जाने वाली औपचारिक और प्रतियोगिता पोशाक का अनावरण भी किया गया।
संजू सैमसन को भारतीय टीम से बाहर नहीं किया गया है। सिलेक्शन और टीम मैनेजमेंट ने 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू कर दी है। इसी योजना के तहत जिम्बाब्वे दौरे पर विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को मौका दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड ने इस फैसले की जानकारी संजू को भी दे दी है। वे सितंबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए पहले से ही भारतीय टीम में शामिल हैं। एक दिन पहले BCCI ने 23 से 26 जुलाई तक जिम्बाब्वे में होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया था। इसमें टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन को जगह नहीं मिली थी। एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। जिम्बाब्वे सीरीज में नए खिलाड़ियों को मौका सिलेक्शन कमेटी ने ने जिम्बाब्वे सीरीज में नए प्लेयर्स को मौका दिया है। प्रभसिमरन सिंह, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और हर्ष दुबे को पहली बार टी-20 टीम में चुना गया है। रिंकू सिंह और मयंक यादव की वापसी हुई है। प्रभसिमरन को IPL परफॉर्मेंस का फायदा मिला जिम्बाब्वे में चयनकर्ताओं ने प्रभसिमरन सिंह को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने का फैसला किया। प्रभसिमरन ने पिछले दो IPL सीजन में पंजाब किंग्स के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2025 में 579 रन बनाए थे, जबकि इस सीजन 14 मैचों में 510 रन बनाए। उनका औसत 42.50 और स्ट्राइक रेट 168.87 रहा। प्रभसिमरन जून में श्रीलंका में भारत-ए के लिए भी खेले थे। खराब फॉर्म नहीं बनी बाहर होने की वजह संजू सैमसन हालिया आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर 5, 0 और 1 रन ही बना सके थे। इंग्लैंड के दूसरे टी-20 में उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया था। सूर्यकुमार को टीम से बाहर किया गया था टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया है। VVS लक्ष्मण होंगे कोच जिम्बाब्वे दौरे और सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) का सपोर्ट स्टाफ रहेगा। VVS लक्ष्मण हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके साथ सुनील जोशी और ऋषिकेश कानिटकर भी सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा हो सकते हैं। गौतम गंभीर वाला कोचिंग स्टाफ अगस्त में श्रीलंका टेस्ट सीरीज और सितंबर-अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज की तैयारी में व्यस्त रहेगा। 23 जुलाई से शुरू होगी सीरीज भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी-20 मैच 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में खेले जाएंगे। भारतीय टीम 19 जुलाई को हरारे पहुंचेगी, जबकि इंग्लैंड दौरे पर व्यस्त खिलाड़ी 20 जुलाई को टीम से जुड़ेंगे। 20 से 22 जुलाई तक अभ्यास होगा और सभी मुकाबले दोपहर 1 बजे शुरू होंगे। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
स्पोर्ट्स अपडेट्स:कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम की नई किट लॉन्च
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम की नई किट लॉन्च की गई है। दिल्ली में हुए कार्यक्रम में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की प्रेसिंडेंट पीटी उषा ने भारतीय दल के लिए किट लॉन्च की। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा- 'यह सिर्फ एक यूनिफॉर्म नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत है। इसमें खिलाड़ी 1.4 अरब भारतीयों की उम्मीदें लेकर जा रहे हैं।' पीटी उषा ने एथलीटों से कहा- ‘चाहे आप पोडियम पर खड़े हों या नहीं, बस अपना बेस्ट दें।’ ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स स्कॉटलैंड में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक खेला जाएगा। इसमें 124 सदस्यीय भारतीय टीम शामिल होगी। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने फीफा अध्यक्ष को फोन करके धमकाया:अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी का रेड-कार्ड रद्द कराया; टीम बेल्जियम से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर फीफा अध्यक्ष को फोन करके धमकाने का आरोप लगा है। अमेरिकी फुटबॉल टीम के खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन को मैच के दौरान रेड कार्ड दिखाया गया था। इसके चलते वे अगले मैच में नहीं खेल सकते थे। पूरी खबर पढ़ें…
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। पूर्व कैप्टन बोले- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और अपने देश का मान बढ़ाना जारी रखो। सूर्या ने सोशल मीडिया पर वायरल उस बयान को झूठा बताया, जिसमें कहा जा रहा था कि वे टीम से बाहर होने और कप्तानी छीने जाने से नाराज हैं। सूर्या ने मंगलावर को सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा- मैं हमेशा टीम के साथ हूं और सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा उनका बयान झूठा है। 2026 का टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया है। उन्हें आयरलैंड, इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स की टीम से भी बाहर कर दिया गया था। सूर्या की पोस्ट, वैभव को बधाई वैभव ने महज 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच इंटरनेशनल डेब्यू किया। उन्होंने सचिन और शेफाली वर्मा का सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड तोड़ा। इस मैच में वैभव ने सिर्फ 14 रन बनाए। सूर्यकुमार ने मंगलवार को की गई पोस्ट में उन्हें बधाई दी। टीम से ड्रॉप होने पर कड़वाहट नहीं- सूर्या सूर्यकुमार ने X पर लिखा- कप्तानी जाने या टीम से ड्रॉप होने को लेकर कोई कड़वाहट नहीं है। भारतीय टीम को पूरा सपोर्ट मिलता रहेगा। मुझे पता लगा है कि इंटरनेट पर वायरल एक बयान गलत तरीके से मुझसे जोड़ा जा रहा है। साफ कर देना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। ऐसी बिना जांच वाली खबरों पर भरोसा न करें और न ही इन्हें शेयर करें। भारतीय टीम के लिए बेहद खुश हूं और सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देता हूं। टीम का हर खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहा है और उन्हें हमेशा पूरा समर्थन मिलेगा। सूर्या टी-20 में सबसे सफल भारतीय कप्तान सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हार और दो मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। जिम्बाब्वे दौरे पर भी वैभव टीम में, सैमसन बाहर -------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी: भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज सूर्यवंशी भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 15 साल 99 दिन में पहला मैच खेलकर सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पूरी खबर सैमसन जिम्बाब्वे टी-20 सीरीज से बाहर, सूर्यवंशी को फिर मौका: लगातार तीसरी सीरीज में चुने गए, रिंकू सिंह और मयंक यादव की वापसी BCCI ने जिम्बाब्वे में 23 से 26 जुलाई तक होने वाली टी-20 सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिली है। बोर्ड ने उनको बाहर करने की कोई वजह भी नहीं बताई है। वहीं, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लगातार तीसरी सीरीज के लिए टीम में रखा गया है। पूरी खबर
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। पूर्व कैप्टन बोले- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और अपने देश का मान बढ़ाना जारी रखो। सूर्या ने सोशल मीडिया पर वायरल उस बयान को झूठा बताया, जिसमें कहा जा रहा था कि वे टीम से बाहर होने और कप्तानी छीने जाने से नाराज हैं। सूर्या ने मंगलावर को सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा- मैं हमेशा टीम के साथ हूं और सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा उनका बयान झूठा है। 2026 का टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया है। उन्हें आयरलैंड, इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स की टीम से भी बाहर कर दिया गया था। सूर्या की पोस्ट, वैभव को बधाई वैभव ने महज 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच इंटरनेशनल डेब्यू किया। उन्होंने सचिन और शेफाली वर्मा का सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड तोड़ा। इस मैच में वैभव ने सिर्फ 14 रन बनाए। सूर्यकुमार ने मंगलवार को की गई पोस्ट में उन्हें बधाई दी। टीम से ड्रॉप होने पर कड़वाहट नहीं- सूर्या सूर्यकुमार ने X पर लिखा- कप्तानी जाने या टीम से ड्रॉप होने को लेकर कोई कड़वाहट नहीं है। भारतीय टीम को पूरा सपोर्ट मिलता रहेगा। मुझे पता लगा है कि इंटरनेट पर वायरल एक बयान गलत तरीके से मुझसे जोड़ा जा रहा है। साफ कर देना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। ऐसी बिना जांच वाली खबरों पर भरोसा न करें और न ही इन्हें शेयर करें। भारतीय टीम के लिए बेहद खुश हूं और सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देता हूं। टीम का हर खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहा है और उन्हें हमेशा पूरा समर्थन मिलेगा। सूर्या टी-20 में सबसे सफल भारतीय कप्तान जिम्बाब्वे दौरे पर भी वैभव टीम में, सैमसन बाहर
शापूर जादरान पिछले कई महीनों से नई दिल्ली के एक अस्पताल में उपचाराधीन थे। उनकी तबीयत पिछले वर्ष अक्टूबर में अफगानिस्तान में अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उनके भाई घमई जादरान और पूर्व कप्तान असगर अफगान उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत लेकर आए।
फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे और पराग्वे की सांसद सेलेस्टे अमरिला के बीच फुटबॉल वर्ल्ड कप मैच के बाद शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद अब कानूनी कार्रवाई की चेतावनी तक पहुंच गया है। अमरिला ने एमबाप्पे के नाम खुला पत्र जारी कर उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका विवाद फ्रांस या उसकी टीम से नहीं, बल्कि एमबाप्पे के व्यवहार से है। साथ ही माफी नहीं मिलने पर जेंडर वायलेंस के तहत कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। फ्रांस से नहीं, एमबाप्पे के घमंड से है दिक्कत'यह विवाद तब शुरू हुआ जब फ्रांस ने वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में पराग्वे को 1-0 से हराकर बाहर कर दिया। मैच के बाद अमरिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे को लेकर आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। जवाब में एमबाप्पे ने उन्हें 'घृणास्पद महिला' और 'अपने पद के अयोग्य' बताया। अब अमरिला ने अपने X अकाउंट पर खुला पत्र जारी कर कहा कि उनका विरोध सिर्फ एमबाप्पे के व्यवहार से है, फ्रांस से नहीं। उन्होंने लिखा, 'मैंने बचपन से बड़े होने तक तक फ्रेंच स्कूल में पढ़ाई की है। फ्रेंच भाषा बोलती हूं और फ्रांस से मेरा गहरा लगाव है। पिछले साल क्रिसमस भी परिवार के साथ फ्रांस में मनाया था। इसलिए मेरा विवाद फ्रांस से नहीं, बल्कि तुम्हारे घमंडी रवैये से है।' मैच से पहले और बाद में भी पराग्वे का अपमान किया'अमरिला ने आरोप लगाया कि मैच से पहले एमबाप्पे के बयान और मैच के दौरान उनका रवैया पराग्वे के खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक था। उन्होंने कहा कि एमबाप्पे ने विरोधी खिलाड़ियों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और जीत के बाद भी खेल भावना नहीं दिखाई। उनके मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे के गोलकीपर से हाथ नहीं मिलाया और उसके सामने जाकर आक्रामक अंदाज में जीत का जश्न मनाया। उन्होंने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। अपनी विवादित पोस्ट पर भी जताया अफसोस अमरिला ने स्वीकार किया कि मैच के तुरंत बाद गुस्से में उन्होंने एमबाप्पे के खिलाफ नस्लीय और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। हालांकि बाद में उन्होंने वह पोस्ट डिलीट कर दी। उन्होंने लिखा, मुझे एहसास हुआ कि मैं भी वही नफरत दोहरा रही हूं, जिसका मैं खुद विरोध करती हूं। इसलिए मैंने वह पोस्ट हटा दी, क्योंकि वह अपमानजनक थी। माफी नहीं मांगी तो कोर्ट जाने की चेतावनी एमबाप्पे की ओर से 'घृणास्पद महिला' और 'अपने पद के अयोग्य' कहे जाने पर अमरिला ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वह पराग्वे की जनता द्वारा चुनी गई सीनेटर हैं और उन्हें इस तरह अपमानित करने का किसी को अधिकार नहीं है। पत्र के अंत में उन्होंने एमबाप्पे पर राजनीतिक और जेंडर आधारित हिंसा का आरोप लगाते हुए लिखा, तुम सिर्फ इसलिए मेरा अपमान कर रहे हो क्योंकि मैं एक महिला हूं। अपने शब्द वापस लो और मुझसे माफी मांगो। अगर ऐसा नहीं किया तो मैं तुम्हारे खिलाफ जेंडर वायलेंस के तहत कानूनी कार्रवाई करूंगी।
जोकोविच: विराट के लिए सम्मान, जल्द भारत आने की इच्छा
नई दिल्ली, मौजूदा समय में क्रिकेट और टेनिस दुनिया की सर्वाधिक खेलों में शुमार है। क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली और टेनिस के दिग्गज सर्बिया के नोवाक जोकोविच अच्छे दोस्त हैं। फिलहाल विंबलडन में हिस्सा ले रहे जोकोविच जल्द भारत आने और विराट कोहली के साथ क्रिकेट खेलने की बात कही है।
ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर सातवीं बार ट्रॉफी उठाई। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू को इस साल जनवरी में ही टीम की कप्तानी मिली थी और 6 महीने में ही उन्होंने टीम को वर्ल्ड चैम्पियन बना दिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया का 1225 दिन का वर्ल्ड टाइटल का सूखा खत्म हुआ। अनुभवी बल्लेबाज बेथ मूनी ने अर्धशतक जमाया और प्लेयर ऑफ द फाइनल रहीं। वे दो बार (2023 में भी) यह अवॉर्ड पाने वाली एकमात्र खिलाड़ी हैं। वहीं, ऑलराउंडर एलिस पैरी की यह नौवीं वर्ल्ड ट्रॉफी है। वे सबसे ज्यादा नौ बार विश्व विजेता बनने वाली खिलाड़ी हैं। पढ़िए इन तीनों के किस्से... सोफी मोलिन्यू: आई कार्ड भूलीं तो अपना विकिपीडिया पेज दिखाकर क्लब में ली एंट्री ऑस्ट्रलिया के बैर्न्सडेल में एक बार क्लब क्रिकेट का फाइनल चल रहा था। मैच देखने पहुंचे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कोच जॉन हार्मर की नजर पास में लड़कों के साथ बेहतरीन फुटबॉल खेल रही 13 वर्ष की सोफी मोलिन्यू पर पड़ी। उन्होंने उनके दोस्त से पूछा, ‘यह लड़की कौन है?’ जवाब मिला, ‘इसे क्रिकेट खेलते देखोगे तो और हैरान रह जाओगे।’ हार्मर ने उसी दिन सोफी के पिता से मिलकर कह दिया, ‘यह एक दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलेगी।’ बाद में वही उनके निजी कोच बने। एक बार आईडी भूलने पर सोफी ने क्लब में अपना विकिपीडिया पेज दिखाकर एंट्री ली। सोफी वेस्ट इंडीज दौरे पर स्कूल कार्यक्रम में बच्चों के साथ खुद डीजे बन गईं। बेथ मूनी: खाते में सिर्फ 10 डॉलर बचे, उसी दिन तय किया क्रिकेट के अलावा कुछ नहीं करीब 20 साल की उम्र में बेथ मूनी की जिंदगी ऐसे मोड़ पर थी, जहां क्रिकेट छोड़ने की नौबत आ गई थी। क्वींसलैंड का सालभर का कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ 1000 डॉलर (करीब 95 हजार रुपए) का था। टीचिंग की पढ़ाई, नौकरी और क्रिकेट साथ मैनेज करना मुश्किल हो रहा था। एक दिन बैंक अकाउंट में सिर्फ 10 डॉलर (953 रु.) बचे मिले। तभी उन्होंने तय कर लिया कि अब पूरी बाजी क्रिकेट पर लगाएंगी या सबकुछ छोड़ देंगी। साल 2015 के एशेज में इंग्लैंड दौरे पर वे सिर्फ रिजर्व खिलाड़ी थीं और खुद को ‘ड्रिंक्स गर्ल’ मानती थीं। जिन लोगों ने कभी उनसे कहा था, ‘तुम टी20 के लिए बनी ही नहीं हो,’ वही बेथ बाद में दुनिया की नंबर-1 टी20 बैटर भी रहीं। एलिस पैरी: बचपन में भाई से बेहतर बनने के सपने ने बनाया सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर बचपन में पिता बड़े भाई डेमियन को गेंदबाजी सिखा रहे थे। पास खड़ी एलिस ने भी गेंद मांगी और वहीं से खेलना शुरू किया। इसके बाद घर के पीछे मैदान में भाई-बहन क्रिकेट खेलते। एलिस की कोशिश रहती कि भाई से ज्यादा रन बनाएं या उन्हें आउट करें। भाई से बेहतर बनने के सपने ने ही उन्हें शानदार क्रिकेटर्स में शामिल किया। आज पैरी की नेटवर्थ करीब 128 करोड़ रुपए आंकी जाती है, लेकिन उनकी कुछ आदतें बिल्कुल नहीं बदलीं। वह आज भी पूरा शेड्यूल डायरी में नोट करती हैं। एक इंटरव्यू के दौरान रिपोर्टर ने देखा कि उनकी मोबाइल स्क्रीन टूटी हुई थी और मुश्किल से पढ़ी जा रही थी। पैरी ने उसी टूटे फोन से रिपोर्टर को आसपास के तीन कैफे भी खोजकर बता दिए।
नॉर्वे ने 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील को हराकर अमेरिका में चल रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा उलटफेर किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के मुख्य कोच स्टॉल सोलबाकेन परिवार से गले मिलते नजर आए। यह पल उनके लिए सिर्फ एक जीत का जश्न नहीं था, बल्कि जिंदगी की सबसे बड़ी वापसी का प्रतीक भी था। करीब 25 साल पहले सोलबाकेन का दिल 7 मिनट तक धड़कना बंद हो गया था और वे 26 घंटे तक कोमा में रहे। डॉक्टरों ने खिलाड़ी के रूप में उनका करियर खत्म मान लिया था। उस दौर को याद करते हुए सोलबाकेन ने कहा था- ‘मेरी मां मेरे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रही थीं।’ लेकिन मौत को मात देने वाले वही सोलबाकेन अब नॉर्वे को पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाकर इतिहास रच चुके हैं।' 1998 में खिलाड़ी रहते भी ब्राजील को हराया था सोलबाकेन 1990 के दशक में नॉर्वे के प्रमुख मिडफील्डर थे। उन्होंने 1994 और 1998 वर्ल्ड कप खेलने वाली टीम का हिस्सा रहते हुए देश की कई बड़ी सफलताओं में योगदान दिया। 1998 वर्ल्ड कप में नॉर्वे ने ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में ब्राजील को 2-1 से हराया था। उस जीत से टीम पहली बार प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। अब करीब तीन दशक बाद सोलबाकेन ने कोच के रूप में फिर ब्राजील को हराकर नॉर्वे के लिए नया इतिहास लिख दिया। खिलाड़ी से सफल कोच बनने तक का सफर फुटबॉल छोड़ने के बाद सोलबाकेन ने कोचिंग शुरू की। उन्होंने डेनमार्क, इंग्लैंड और जर्मनी में काम किया, लेकिन सबसे ज्यादा सफलता एफसी कोपेनहेगन के साथ मिली। दिसंबर 2020 में उन्हें नॉर्वे की राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया। शुरुआत आसान नहीं रही। टीम 2022 वर्ल्ड कप और 2024 यूरोपीय चैम्पियनशिप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी, लेकिन फुटबॉल संघ ने उन पर भरोसा बनाए रखा। 2026 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में नॉर्वे ने सभी आठ मैच जीतकर सीधे टूर्नामेंट में जगह बनाई। वर्ल्ड कप में टीम ने ग्रुप चरण पार करने के बाद पहले आइवरी कोस्ट और फिर ब्राजील को हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। हालैंड और ओडेगार्ड की पीढ़ी ने बदली तस्वीर सोलबाकेन की टीम में इर्लिंग हालैंड, मार्टिन ओडेगार्ड और अलेक्जेंडर सोरलोथ जैसे स्टार खिलाड़ी हैं। ब्राजील के खिलाफ हालैंड ने दो गोल किए। इस वर्ल्ड कप में उनके सात गोल हो चुके हैं। ब्राजील पर जीत के बाद सोलबाकेन ने कहा, ‘यह नॉर्वे फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा दिन है। इन खिलाड़ियों ने सिर्फ फुटबॉल का नहीं, पूरे देश का इतिहास बदल दिया है।’ ---------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ट्रम्प ने फीफा अध्यक्ष को फोन करके धमकाया, अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी का रेड-कार्ड रद्द कराया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर फीफा अध्यक्ष को फोन करके धमकाने का आरोप लगा है। अमेरिकी फुटबॉल टीम के खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड दिखाया गया था। इसके चलते वे अगले मैच में नहीं खेल सकते थे। ट्रम्प ने फीफा प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो को फोन किया, जिसके बाद बालोगुन का रेड कार्ड रद्द हुआ और उन्हें बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन मिली। पढ़ें पूरी खबर
ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले जा रहे विम्बलडन 2026 में सोमवार को कई चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिले। मेंस सिंगल्स में ब्रिटेन के 23 साल के वाइल्डकार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी ने पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 ग्रिगोर दिमित्रोव को पांच सेट तक चले मुकाबले में 7-5, 3-6, 4-6, 6-4, 7-6 (10-7) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। 2014 में निक किर्गियोस के बाद वे अंतिम-8 में पहुंचने वाले पहले वाइल्डकार्ड खिलाड़ी बने हैं। महिला सिंगल्स में इटली की जैस्मीन पाओलिनी और मेंस डबल्स में ब्रिटेन की जूलियन कैश-लॉयड ग्लासपूल की जोड़ी ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। फेरी 26 हफ्ते पहले चोटिल हुए, अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचे आर्थर फेरी के लिए यह सफर किसी सपने से कम नहीं रहा। पांच जनवरी को कैनबरा चैलेंजर के क्वालिफाइंग मुकाबले में कोहनी की चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट छोड़ना पड़ा था। एक समय वे ठीक से सर्विस भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन 26 हफ्ते बाद सेंटर कोर्ट पर 14 हजार से ज्यादा दर्शकों के सामने उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। पूर्व ब्रिटिश नंबर-1 ग्रेग रुसेद्स्की ने कहा कि फेरी ने दबाव में शानदार खेल दिखाया और जीत के पूरी तरह हकदार रहे। अब क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला इटली के नौवें वरीय फ्लेवियो कोबोली से होगा। एक जीत से बदली किस्मत, रैंकिंग और कमाई दोनों बढ़ीं क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के साथ ही फेरी को कम से कम 4.80 लाख पाउंड (करीब 5.2 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिलना तय हो गया है। साल की शुरुआत 185वीं रैंकिंग से करने वाले फेरी अब कम से कम 63वें स्थान पर पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही वे ब्रिटेन के नए नंबर-2 खिलाड़ी भी बनेंगे। बेहतर रैंकिंग के कारण अब उन्हें ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में सीधे एंट्री मिलेगी। पाओलिनी ने ईला की चुनौती खत्म की महिला सिंगल्स में 2024 की फाइनलिस्ट जैस्मीन पाओलिनी ने फीलीपींस की 21 साल की एलेक्जेंड्रा ईला को 6-4, 4-6, 6-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। ईला ने पिछले दौर में डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातिएक को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। तीसरे सेट में मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन आठवें गेम में ईला की दो गलतियां भारी पड़ गईं। पाओलिनी ने मौके का फायदा उठाते हुए मैच अपने नाम किया। अब उनका सामना यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा। ब्रिटिश जोड़ी लगातार दूसरे खिताब से तीन जीत दूर मेंस डबल्स में मौजूदा चैंपियन जूलियन कैश और लॉयड ग्लासपूल की तीसरी वरीय जोड़ी ने पेट्र नौजा और नील ओबरलीटनर को 6-3, 3-6, 7-5 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। दोनों अब लगातार दूसरा विम्बलडन खिताब जीतने से तीन जीत दूर हैं। मैच के बाद लॉयड ग्लासपूल ने कहा कि उन्हें खिताब बचाने का दबाव नहीं, बल्कि पिछले साल की जीत से मिला आत्मविश्वास महसूस हो रहा है। वहीं, ब्रिटेन के नील स्कुप्सकी मेंस डबल्स और मिक्स्ड डबल्स दोनों स्पर्धाओं से बाहर हो गए।
फीफा वर्ल्ड कप में अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द होने पर विवाद हो गया है। रेड कार्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो को फोन करने के बाद रद्द किया गया। इसके बाद बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन मिल गई। हालांकि, बालोगुन के खेलने के बाद भी अमेरिकी टीम बेल्जियम के खिलाफ 1-4 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर गई। फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी राष्ट्राध्यक्ष ने रेड कार्ड रद्द करने की पैरवी की हो और फीफा ने इसे मान भी लिया हो। फीफा के इस फैसले का बेल्जियम फुटबॉल संघ और यूरोपियन फुटबॉल यूनियन ने विरोध किया है। बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था 25 साल के बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था। नियमों के अनुसार उन्हें एक मैच का बैन झेलना चाहिए था। इसके बावजूद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की मंजूरी दे दी। बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने फीफा के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की, जो खारिज हो गई। बालोगुन ने टूर्नामेंट में तीन गोल किए हैं। ट्रम्प ने दखल देने की बात मानी प्री क्वार्टर फाइनल से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बालोगुन रेड कार्ड मामले में दखल देने की बात स्वीकार की। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा कि उन्होंने ही फीफा से कहा था कि वे अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के बैन की समीक्षा (रिव्यू) करे। ट्रम्प ने कहा- ‘मैंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात की और फैसले की समीक्षा करने के लिए कहा। क्योंकि, मुझे नहीं लगता था कि यह फाउल था। उन्होंने कहा- फीफा ने सही निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंध लागू किया जाता, तो टूर्नामेंट पर एक बड़ा धब्बा लग जाता।’ फीफा ने फैसले का किया बचाव फीफा प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया है। हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 1962 में गैरिंचा का रेड कार्ड रद्द हुआ था यह वर्ल्ड कप के इतिहास में रेड कार्ड रद्द होने का दूसरा मामला है। पहला मामला 1962 में सामने आया था। तब ब्राजील के गैरिंचा को सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। लेकिन, गैरिंचा ने फाइनल में हिस्सा लिया और चेकोस्लोवाकिया पर जीत हासिल की। उस समय रेड कार्ड के बाद खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगता था, बल्कि अधिकारी सबूतों के आधार पर सजा तय करते थे। 1962 में फीफा की अनुशासनात्मक समिति का निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ था। --------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल फुटबॉल वर्ल्डकप से बाहर, स्पेन ने 1-0 से हराया स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है। उसे मंगलवार को राउंड ऑफ 16 मुकाबले में स्पेन ने 1-0 से हराया। इस हार के बाद 41 साल के रोनाल्डो ने अपने करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल लिया। पढ़ें पूरी खबर
फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फोन के बाद फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन के रेड कार्ड को रद्द कर दिया और बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन भी दी गई। हालांकि, बालोगुन के खेलने के बाद अमेरिका की टीम राउंड ऑफ 16 मैच में बेल्जियम के खिलाफ 1-4 से हारकर बाहर हो गई। फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में संभवत: यह पहला मामला है, जब किसी राष्ट्राध्यक्ष ने फीफा से किसी खिलाड़ी की पैरवी की हो और फीफा ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। बालोगुन के मामले में फीफा के फैसले के बाद बेल्जियम फुटबॉल संघ और यूरोपियन फुटबॉल यूनियन ने फीफा का विरोध किया है। बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था 25 साल के बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था, जिसके बाद नियमों के अनुसार उन्हें एक मैच का निलंबन झेलना चाहिए था। इसके बावजूद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने फीफा के खिलाफ अपील दायर की। बालोगुन ने अब तक इस टूर्नामेंट में तीन गोल किए हैं। 1962 में गैरिंचा का रेड कार्ड रद्द हुआ था यह वर्ल्ड कप के इतिहास में रेड कार्ड रद्द होने का दूसरा मामला है। पहला मामला 1962 में सामने आया था। तब ब्राजील के गैरिंचा को सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। लेकिन, गैरिंचा ने फाइनल में हिस्सा लिया और चेकोस्लोवाकिया पर जीत हासिल की। क्योंकि, उस समय रेड कार्ड के बाद खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगता था, बल्कि अधिकारी सबूतों के आधार पर सजा तय करते थे। 1962 में फीफा की अनुशासनात्मक समिति का निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ था। ट्रम्प ने दखल देने की बात मानी मैच से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बालोगुन रेड कार्ड मामले में दखल देने की बात को स्वीकार किया। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा कि उन्होंने ही फीफा से कहा था कि वे अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के बैन की समीक्षा (रिव्यू) करे। ट्रम्प ने कहा- मैंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात की थी और फैसले की समीक्षा करने के लिए कहा था। क्योंकि, मुझे नहीं लगता था कि यह फाउल था। उन्होंने कहा- फीफा ने सही निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंध लागू किया जाता, तो टूर्नामेंट पर एक बड़ा धब्बा लग जाता। बेल्जियम और नॉर्वे ने उठाए सवाल बेल्जियम फुटबॉल महासंघ का आरोप है कि फीफा ने उसकी अपील के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। वहीं, नॉर्वे फुटबॉल महासंघ ने कहा कि फीफा की ओर से कानूनी आधार स्पष्ट नहीं किए जाने से प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महासंघ ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। फीफा ने फैसले का किया बचाव इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया है और हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
धोनी के जन्मदिन पर चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो साझा किया। फ्रेंचाइजी ने लिखा कि धोनी सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए जीवन जीने की प्रेरणा हैं।
स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है। उसे मंगलवार को राउंड ऑफ 16 मुकाबले में स्पेन ने 1-0 से हराया। इस हार के बाद 41 साल के रोनाल्डो ने अपने करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल लिया। डलास स्टेडियम से बाहर जाते समय फैंस ने खड़े होकर रोनाल्डो का सम्मान किया। उन्होंने गंभीर चेहरे के साथ फैंस का अभिवादन किया, इससे यह साफ था कि वे अपने वर्ल्ड कप करियर का अंत जीत के साथ करना चाहते थे। लगातार छह मैचों में गोल नहीं खाने का विश्व रिकॉर्ड स्पेन वर्ल्ड कप इतिहास में लगातार सबसे अधिक मैचों तक गोल नहीं खाने वाली टीम बन गई। स्पेन ने लगातार छठे मैच में गोल नहीं खाया है। स्पेन ने इटली (1990) और स्विट्जरलैंड (2006-10) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। दोनों टीमों ने लगातार 5-5 वर्ल्ड कप मैचों में कोई गोल नहीं खाया था। स्पेन की क्लीन शीट का सिलसिला 2022 वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ 0-0 ड्रॉ से शुरू हुआ था। हालांकि, उस मैच में मोरक्को पेनल्टी शूटआउट में आगे बढ़ गया था। मौजूदा वर्ल्ड कप में स्पेन ने ग्रुप चरण में केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला, जिसके बाद लगातार चार मैचों में क्लीन शीट रखते हुए क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। गोलकीपर सिमोन ने तोड़ा 35 साल पुराना रिकॉर्ड 29 साल के गोलकीपर उनाई सिमोन ने लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाकर वर्ल्ड कप का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने ऑस्ट्रिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में इटली के दिग्गज गोलकीपर वाल्टर जेंगा का 517 मिनट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा था। सिमोन ने 2022 वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ 2-1 गोल खाया था। रोनाल्डो के खिलाफ दो बचाव किए सिमोन ने पुर्तगाल के खिलाफ पहले हाफ में क्रिस्टियानो रोनाल्डो के दो प्रयास विफल किए। इनमें एक शानदार डाइविंग सेव भी शामिल रही, जब उन्होंने हवा में रहते हुए दोनों हाथों से गेंद को पकड़ लिया। इस वर्ल्ड कप में सिमोन को अब तक बेहद कम चुनौती मिली है। ऑस्ट्रिया के खिलाफ विपक्षी टीम का कोई भी शॉट लक्ष्य पर नहीं था, जबकि पूरे टूर्नामेंट में पुर्तगाल मैच से पहले उन्हें केवल चार सेव ही करनी पड़ी थीं। स्पेन अब इसी मजबूत डिफेंस के दम पर वर्ल्ड कप खिताब की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो गया है। रोनाल्डो 2006 में खेला था पहला विश्व कप रोनाल्डो ने 2006 वर्ल्ड कप में डेब्यू किया था। उसी टूर्नामेंट में पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाया, जो उनके वर्ल्ड कप करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। 2018 विश्व कप में स्पेन के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में उन्होंने यादगार हैट्रिक लगाई थी। 3-3 से समाप्त हुआ वह मैच विश्व कप इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है।
भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला मंगलवार को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से रात 10 बजे शुरू होगा। इंग्लैंड सीरीज में 1-0 से आगे है। पहला मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा था, जबकि दूसरे मैच में इंग्लैंड ने 191 रन का टारगेट 4 विकेट से हासिल कर बढ़त बनाई थी। भारत अगर यह मैच हारती है तो सीरीज जीतने की उम्मीद खत्म हो जाएगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत अब तक एक भी मैच नहीं जीत सका है। वे लगातार 4 मैच गंवा चुके हैं। IPL समेत पिछले 10 टी-20 में श्रेयस 9 मैच हार चुके हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 32 टी-20 खेले गए हैं। इनमें भारत ने 18 और इंग्लैंड ने 13 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। वैभव से नेचुरल गेम खेलने को कहा- कोटक 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजरें रहेंगी। दूसरे टी-20 में डेब्यू करने वाले वैभव ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए थे। वे 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर बने। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने वैभव से सिर्फ अपना नेचुरल गेम खेलने को कहा है। ईशान टॉप स्कोरर, अर्शदीप टॉप विकेट टेकर बेथेल शानदार फॉर्म में, बटलर रन के लिए जूझ रहे पिच रिपोर्ट और मौसम ट्रेंट ब्रिज को हाई-स्कोरिंग मैदान माना जाता है। 2025 से यहां खेले गए पिछले 15 टी-20 मैचों में 11 बार चेज करने वाली टीम जीती है। यहां पहली पारी में जीत दिलाने वाला औसत स्कोर 191 रन रहा है। हालांकि इस सीजन इंग्लैंड के डोमेस्टिक टी-20 ब्लास्ट में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 165 रन रहा है। मंगलवार को नॉटिंघम में मौसम साफ रहने और तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आंकड़ों में मुकाबला इंग्लैंड बिना बदलाव उतरेगा, भारत चेंज कर सकता है इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 के लिए अपनी प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया है। भारत की टीम में बदलाव संभव है। पिछले मैच में तीन स्पिनर खिलाने की रणनीति सफल नहीं रही थी। रवि बिश्नोई के महंगे साबित होने के बाद उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिल सकता है, हालांकि प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे भी विकल्प हैं। प्लेइंग-11 इंग्लैंड- फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। भारत- अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वॉशिंगटन सुंदर/प्रिंस यादव, वरुण चक्रवर्ती।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में अजेय चल रही डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का मुकाबला मिस्र से होगा। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी शानदार फॉर्म में हैं। वे वर्ल्ड कप के लगातार 8 मैचों में गोल कर चुके हैं। मेसी इस फॉर्म के जरिए टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाने उतरेंगे। मैच अटलांटा स्टेडियम में आज रात 9:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरा मैच स्विट्जरलैंड और कोलंबिया के बीच होगा। वर्ल्ड कप में दोनों देश दूसरी बार एक-दूसरे से भिड़ेंगे। यह मुकाबला वैंकूवर स्टेडियम में रात 1:30 बजे से शुरु होगा। मैच 95- अर्जेंटीना और मिस्र की वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत अर्जेंटीना और मिस्र के बीच सिर्फ 1 इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया है। 2008 में खेले गए फ्रेंडली मैच में अर्जेंटीना ने मिस्र को 2-0 से हराया था। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। अर्जेंटीना ने सभी मैच जीते, मिस्र पेनल्टी शूटआउट जीतकर आई अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। टीम ने अपने चारों मुकाबले जीते हैं। राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मैच में अर्जेंटीना ने काबो वर्डे को 3-2 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने जॉर्डन को 3-1, ऑस्ट्रिया को 2-0 और अल्जीरिया को 3-0 से शिकस्त दी थी। दूसरी ओर मिस्र ने 2 मुकाबले जीते और 2 मैच ड्रॉ रहे। राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला फुल टाइम तक 1-1 से बराबर था। टीम ने पेनल्टी शूटआउट में 4-2 जीत दर्ज की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया। वहीं ईरान और बेल्जियम के खिलाफ मैच 1-1 की स्कोरलाइन से ड्रॉ रहा। मेसी और सालाह पर नजरें अर्जेंटीना की टीम मेसी से फिर गोल की उम्मीद करेगी। वह इस टूर्नामेंट में 7 गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की रेस में दूसरे नंबर पर हैं। वहीं मिस्र स्टार फॉरवर्ड और कप्तान मोहम्मद सालाह के दम पर उलटफेर करने उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज, मोलीना, रोमेरो, लिसैंड्रो मार्टिनेज, टैगलियाफिको, डी पॉल, एन्जो फर्नांडीज, मैक्अलिस्टर, लियोनेल मेसी, जूलियन अल्वारेज, निकोलस गोंजालेज। मिस्र: मोस्तफा शुबेर, मोहम्मद हानी, यासर इब्राहिम, रामी राबिया, मोहम्मद हम्दी, मारवान अत्तिया, अकरम तौफीक, इमाम अशुअर, ट्रेजेगुएट, मोस्तफा मोहम्मद, मोहम्मद सालाह। मैच 96- वर्ल्ड कप में स्विट्जरलैंड पर कोलंबिया का दबदबा स्विट्जरलैंड और कोलंबिया के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलंबिया ने 2 मैच जीते हैं। स्विट्जरलैंड को 1 में जीत मिली है। एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। 1994 के वर्ल्ड कप में कोलंबिया ने स्विट्जरलैंड को 2-0 से शिकस्त दी थी। कोलंबिया अजेय, स्विट्जरलैंड ने पिछले 3 मैच जीते स्विट्जरलैंड ने 4 में से 3 मुकाबले जीते। एक मैच ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराया। ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर से 1-1 से ड्रॉ खेला। फिर अगले 2 मुकाबलों में कनाडा को 2-1 और बोस्निया को 4-1 से हराया। कोलंबिया टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। टीम ने 4 मैचों में 3 जीत और 1 ड्रॉ हासिल किया। राउंड ऑफ 32 में कोलंबिया ने घाना को 1-0 से हराया। ग्रुप स्टेज में टीम ने कांगो डीआर को 1-0, उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया। वहीं पुर्तगाल से मुकाबला 0-0 से ड्रा रहा। कोलंबिया के लुइस डियाज पर निगाहें स्विट्जरलैंड को फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं कोलंबिया स्टार विंगर लुइस डियाज के दम पर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: स्विट्जरलैंड: यान सोमर, अकान्जी, एलवेदी, रॉड्रिगेज, विडमर, फ्रायलर, ग्रैनिट शाका, एनडॉय, एबिशर, रूबेन वर्गास, ब्रील एम्बोलो। कोलंबिया: कैमिलो वर्गास, मुनोज, डैविंसन सांचेज़, कुएस्टा, मोजिका, जेफरसन लेर्मा, रिचर्ड रीस, जॉन अरियास, जेम्स रोड्रिगेज, लुइस डियाज, जॉन कोर्डोबा।
अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग: विश्वनाथ, गंगा और हितेश की शानदार जीत, दूसरे दिन तनु का जलवा
अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दूसरे दिन एशियन चैंपियन विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान के अमीरबेक इस्मोइलोव को 5:0 से मात दी
विंबलडन: डी मिनौर को शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचे कोबोली
विंबलडन में सोमवार को फ्लेवियो कोबोली ने चौथे दौर के मैच में एलेक्स डी मिनौर को 7-5, 7-6(4), 6-3 से मात देकर लगातार दूसरे साल के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। मेंस सिंगल्स का यह मुकाबला 2 घंटे और 34 मिनट तक चला।
विंबलडन: एलेक्जेंड्रा एला को मात देकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं जैस्मीन पाओलिनी
विंबलडन में सोमवार को इटली की जैस्मीन पाओलिनी ने विमेंस सिंगल्स के चौथे राउंड में एलेक्जेंड्रा एला को 6-4, 4-6, 6-3 से मात दी।
जिम्बाब्वे ने पहले वनडे में बांग्लादेश को 25 रन से हराकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में सोमवार को खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 36.4 ओवर में 141 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 33.1 ओवर में 116 रन पर सिमट गई। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने 21 रन देकर 6 विकेट लिए। यह वनडे क्रिकेट में किसी भी बांग्लादेशी गेंदबाज का बेस्ट प्रदर्शन है, लेकिन उनकी यह प्रदर्शन भी टीम को जीत नहीं दिला सका। जिम्बाब्वे की जीत के हीरो न्यूमैन न्यामहुरी रहे। उन्होंने 33 रन बनाने के अलावा 2 विकेट और 2 शानदार कैच भी लिए। कप्तान रिचर्ड नगारावा ने 27 रन और 3 विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। जिम्बाब्वे के लिए न्यामहुरी और नगारावा ने नौवें विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की, जिसने मैच का रुख बदल दिया। इसी साझेदारी की बदौलत टीम 70/8 से 141 रन तक पहुंच सकी। बाद में चारों तेज गेंदबाजों ने मिलकर बांग्लादेश को समेट दिया। एक भी स्पिनर से गेंदबाजी नहीं कराई गई। नाहिद राणा ने 6 विकेट लिए बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने 10 ओवर में 21 रन देकर 6 विकेट लिए। उन्होंने सिकंदर रजा, वेस्ली मधेवेरे, क्लाइव मदांडे, इनोसेंट काइया, ब्रैड इवांस और रिचर्ड नगारावा को आउट किया। 70/8 से 141 तक पहुंचा जिम्बाब्वे टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरे जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी रही। बेन करन और ब्रायन बेनेट ने पहले विकेट के लिए 36 रन जोड़े, लेकिन इसके बाद टीम ने सिर्फ 34 रन में 8 विकेट गंवा दिए और स्कोर 70/8 हो गया। इसके बाद न्यूमैन न्यामहुरी (33) और कप्तान रिचर्ड नगारावा (27) ने नौवें विकेट के लिए 63 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। नाहिद राणा ने नगारावा को बोल्ड कर अपनी छठी विकेट ली, जबकि न्यामहुरी आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। 17 रन पर गिरे 3 विकेट 142 रन का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। तंजीद हसन (8), नजमुल हुसैन शांतो (3) और सौम्य सरकार (6) सिर्फ 17 रन तक पवेलियन लौट गए। इसके बाद तौहीद हृदोय (25) और नुरुल हसन (31) ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़कर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन न्यामहुरी ने हृदोय को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। यहीं से बांग्लादेश की बल्लेबाजी फिर बिखर गई। 66/3 से टीम ने 50 रन के भीतर आखिरी 7 विकेट गंवा दिए और 116 रन पर ऑलआउट हो गई। चार तेज गेंदबाजों ने बांग्लादेश को ऑलआउट किया जिम्बाब्वे ने पूरे मैच में सिर्फ तेज गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। रिचर्ड नगारावा ने 31 रन देकर 3 विकेट लिए। ब्रैड इवांस ने 34 रन देकर 3 विकेट निकाले। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 24 रन देकर 2 विकेट झटके। न्यूमैन न्यामहुरी ने 22 रन देकर 2 विकेट लिए। न्यामहुरी प्लेयर ऑफ द मैच बने। कप्तानों ने क्या कहा
भारत U-19 को दूसरे यूथ वनडे में श्रीलंका U-19 ने 8 विकेट से हरा दिया। राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने 67 गेंदों पर 87 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। श्रीलंका के ओपनर दिमंथा महाविथाना ने नाबाद 155 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। 4 जुलाई को पहला वनडे भारत ने 4 विकेट से जीता था।। हंबनटोटा में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 47.2 ओवर में 285 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने 48 ओवर में 2 विकेट पर 291 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। 81 रन पर 4 विकेट, फिर अन्वय-राजपूत ने संभाली पारी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। टीम ने 19वें ओवर तक 81 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ और अर्जुन राजपूत ने पांचवें विकेट के लिए 145 रन जोड़कर पारी संभाली। 17 साल के अन्वय ने 67 गेंदों में 87 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। उन्होंने 47 गेंदों में अपना पहला यूथ वनडे अर्धशतक पूरा किया। अर्जुन राजपूत ने 81 गेंदों पर 76 रन बनाए। राजपूत 221 के स्कोर पर दिमंथा महाविथाना के थ्रो पर रन आउट हुए। इसके बाद अन्वय भी शतक से 13 रन पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज गिम्हान मेंडिस का शिकार बने। उनके आउट होने के बाद भारत ने आखिरी 3 विकेट सिर्फ 22 रन में गंवा दिए। महाविथाना की 155 रन की पारी से श्रीलंका की आसान जीत 286 रन का पीछा करते हुए श्रीलंका को पहला झटका जल्दी लगा, लेकिन इसके बाद दिमंथा महाविथाना ने मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया। उन्होंने 153 गेंदों पर नाबाद 155 रन बनाए। महाविथाना ने पहले सेनुजा वेकुनागोड़ा (60) के साथ दूसरे विकेट के लिए 103 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान विमथ दिनसारा (56)* के साथ तीसरे विकेट के लिए 163 रन की नाबाद साझेदारी कर श्रीलंका को 8 विकेट से जीत दिला दी। गिम्हान मेंडिस ने झटके 5 विकेट श्रीलंका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज गिम्हान मेंडिस ने 41 रन देकर 5 विकेट लिए। उन्होंने अन्वय द्रविड़ समेत भारतीय लोअर ऑर्डर को जल्दी समेट दिया। अन्वय का दूसरा यूथ वनडे, पहली बड़ी पारी यह अन्वय द्रविड़ का सिर्फ दूसरा यूथ वनडे था। पहले मुकाबले में वह 14 रन ही बना सके थे, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने जिम्मेदारी भरी पारी खेली। अन्वय हाल ही में वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कर्नाटक अंडर-19 टीम के कप्तान रहे थे, जहां उन्होंने 220 रन बनाए थे। इससे पहले 2025 में वह इंडिया-बी अंडर-19 टीम की ओर से अफगानिस्तान अंडर-19 के खिलाफ ट्राई सीरीज भी खेल चुके हैं। द्रविड़ परिवार के लिए यादगार सप्ताह अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़ ने भी रविवार को KSCA महाराजा टी-20 ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 25 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाने के साथ 2/23 का गेंदबाजी प्रदर्शन किया और अपनी टीम को जीत दिलाई। समित 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारत अंडर-19 टीम में चुने गए थे, लेकिन घुटने की चोट के कारण दौरे से बाहर हो गए थे।
BCCI ने जिम्बाब्वे में 23 से 26 जुलाई तक होने वाली टी-20 सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिली है। बोर्ड ने उनको बाहर करने की कोई वजह नहीं बताई है। वहीं, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लगातार तीसरी सीरीज के लिए टीम में रखा गया है। इंग्लैंड-आयरलैंड दौरे की टी-20 टीम की तुलना में भारत ने 6 बदलाव किए हैं। रिंकू सिंह और मयंक यादव की वापसी हुई है, जबकि प्रभसिमरन सिंह, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और हर्ष दुबे को पहली बार टी-20 इंटरनेशनल टीम में चुना गया है। इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चोटिल नीतीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को टीम में शामिल किया गया है। संजू सैमसन ने 3 पारियों में 6 रन ही बना सके BCCI ने यह नहीं बताया कि संजू को बाहर किया गया है या आराम दिया गया है। सैमसन ने हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन पारियों में 5, 0 और 1 रन बनाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भी उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया था। वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरा मौका भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी टीम में बरकरार रखा गया है। 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले वैभव ने अपने पहले इंटरनेशनल मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए थे। रिंकू और मयंक यादव की वापसी फिनिशर रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टीम में वापसी हुई है। मयंक 2024 में भारत के लिए तीन टी-20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन लगातार चोटों के कारण लंबे समय तक टीम से बाहर रहे। IPL 2026 में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सिर्फ 4 मैच खेले और कोई विकेट नहीं ले सके। उनका इकॉनमी रेट 11.37 रहा। 4 खिलाड़ियों को पहली बार मौका भारत ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए चार नए खिलाड़ियों को पहली बार टी-20 इंटरनेशनल टीम में शामिल किया है। इनमें प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर-बल्लेबाज), यश ठाकुर (तेज गेंदबाज), अशोक शर्मा (तेज गेंदबाज), हर्ष दुबे (लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर) इंग्लैंड वनडे सीरीज में शिवम दुबे की एंट्री इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को टीम में शामिल किया गया है। वनडे सीरीज 19 जुलाई को समाप्त होगी, जबकि भारत 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी-20 मैच खेलेगा। जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत की टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उपकप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर)। इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए अपडेटेड भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और शिवम दुबे।
स्पोर्ट्स अपडेट्स:शनाका ने मेजर क्रिकेट लीग में पहली डबल हैट्रिक ली
श्रीलंकाई ऑलराउंडर दासुन शनाका ने मेजर लीग क्रिकेट में लगातार 4 गेंद पर 4 विकेट लिए। वे इस लीग में डबल हैट्रिक लेनेवाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने सिएटल ओर्कास के लिए खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की। टेक्सस सुपर किंग्स के खिलाफ सिएटल ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 122 रन का टारगेट दिया। टेक्सस को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन बनाने थे। 20वें ओवर में शनाका ने तीसरी, चौथी, पाचंवी और छठवीं गेंद पर विकेट लेकर टीम को 9 रन से जीत दिला दी। स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ब्राजील फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर, नेमार ने रिटायरमेंट लिया: नॉर्वे ने 2-1 से हराया, पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा, इंग्लैंड भी जीता 5 बार का चैंपियन ब्राजील फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। नॉर्वे ने सोमवार को प्री क्वार्टर फाइनल में ब्राजील को 2-1 से हराया। नॉर्वे पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। अब उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। इंग्लिश टीम ने मेजबान मैक्सिको को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पूरी खबर पढ़ें…
ऐसे समय में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने उतरे अन्वय द्रविड़ ने जिम्मेदारी संभाली और संयम के साथ तेज रन गति बनाए रखी। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए टीम की पारी को संभाला और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया।
40 साल की उम्र आम लोगों के लिए अक्सर शरीर की सीमाओं का अहसास कराने लगती है, लेकिन खेल की दुनिया में तस्वीर तेजी से बदल रही है। कभी जिस उम्र को खिलाड़ियों के करियर का अंत माना जाता था, अब वही उम्र नई मिसालें गढ़ रही है। इसकी सबसे ताजा तस्वीर विम्बलडन में दिखी, जहां 44 वर्षीय सेरेना विलियम्स ने करीब चार साल बाद सिंगल्स कोर्ट पर वापसी की। 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीत चुकी सेरेना ओपन एरा में विम्बलडन के मुख्य ड्रॉ में खेलने वाली दूसरी सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी बनीं। उनकी बड़ी बहन 46 वर्षीय वीनस विलियम्स भी डबल्स में उतर रही हैं। यानी उम्र बढ़ी है, लेकिन चुनौती लेने का जज्बा नहीं। यह बदलाव सिर्फ टेनिस तक सीमित नहीं है। 2026 फीफा वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड आठ खिलाड़ी 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के रहे। इससे पहले खेले गए सभी वर्ल्ड कप मिलाकर भी इतने 40+ खिलाड़ी नहीं उतरे थे। 41 वर्षीय लुईस हैमिल्टन अब भी फॉर्मूला-1 में पोडियम फिनिश कर रहे हैं, जबकि 41 साल के बास्केटबॉल स्टार लेब्रन जेम्स एनबीए में अब भी अपनी टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। 39 वर्षीय लियोनेल मेसी अपने छठे वर्ल्ड कप में 7 गोल कर चुके हैं। इस बड़े बदलाव के पीछे की वजह है खेल विज्ञान। पहले खिलाड़ी केवल अभ्यास पर निर्भर रहते थे, अब उनके साथ न्यूट्रीशन एक्सपर्ट, रिकवरी स्पेशलिस्ट, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच और डेटा एनालिस्ट की पूरी टीम काम करती है। हर ट्रेनिंग सत्र, शरीर पर पड़ने वाला दबाव, नींद और खानपान तक की निगरानी होती है। अब अनुमान नहीं, बल्कि आंकड़ों के आधार पर तय होता है कि खिलाड़ी कब कितना अभ्यास करेगा और कब आराम करेगा। हालांकि उम्र का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि 30 साल की उम्र के बाद हर दशक में मांसपेशियां 3 से 8 प्रतिशत तक कम होने लगती हैं। शरीर को रिकवर होने में ज्यादा समय लगता है और चोट का खतरा भी बढ़ता है। इसलिए अनुभवी खिलाड़ियों का सबसे बड़ा हथियार उनकी समझ बन जाती है। वे जानते हैं कि कब पूरी ताकत लगानी है और कब ऊर्जा बचानी है। सेरेना इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने विम्बलडन में 7 सिंगल्स खिताब जीते हैं, जबकि 11 बार फाइनल खेला है। घास के कोर्ट पर उन्होंने 123 में से 107 मुकाबले जीते हैं। यही अनुभव उन्हें अब भी खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाता है। खेल अब सिर्फ ताकत का नहीं, विज्ञान और समझ का भी खेल बन चुका है। इसलिए 40 की उम्र अब करियर का अंत नहीं, बल्कि बेहतर तैयारी और अनुभव के दम पर नई शुरुआत की पहचान बनती जा रही है।
सौरव गांगुली का एक फैसला बना था धोनी के लिए वरदान, तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान
नई दिल्ली, भारत के सबसे सफल कप्तानों का जिक्र होता है, तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर आता है। धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर में हर वो बड़ी उपलब्धि हासिल की, जिसकी कल्पना एक क्रिकेटर करता है।
भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या आज करोड़ों प्रशंसकों के चहेते हैं, लेकिन जीवन में बड़े संघर्षों से गुजर कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। फिलहाल उनकी नई फ्रेंचाइजी में जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। जानते हैं संघर्ष से सफलता की उनकी कहानी... वडोदरा के छोटे-मोटे मैदानों में खेल कर टीम इंडिया के सितारे बने हार्दिक का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को सूरत के चौरियासी में हुआ था। उनके पिता कार फाइनेंस का व्यवसाय करते थे। हार्दिक और उनके भाई क्रुणाल का कॅरिअर क्रिकेट में बनाने के लिए परिवार वडोदरा शिफ्ट हो गया। वडोदरा में पिता को दिल का दौरा पड़ गया। उनकी गिरती सेहत के कारण आमदनी ठप हुई तो परिवार को गहरी आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा। संघर्ष : एक मैच के सिर्फ 400 रु. मिलते, सर्जरी भी बनी बाधा एक वक्त ऐसा भी था, जब हार्दिक के पास स्कूल फीस चुकाने के पैसे भी नहीं होते थे। उन्होंने नौवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया। दोनों भाई लोकल क्लब्स के लिए गांवों में क्रिकेट खेलने जाते थे, जहां उन्हें 400 रुपए मिलते थे। कई बार दोनों वक्त मैगी खाकर पेट भरना पड़ता था। क्रिकेट किट खरीदने के भी पैसे नहीं थे तो उधार की किट लेकर खेलते। हार्दिक सेहत की समस्याओं से भी जूझते रहे। 2019 में लंदन में बड़ी स्पाइनल सर्जरी हुई, जिससे महीनों तक वे खेल से दूर रहे। लोग उनका कॅरिअर खतरे में मानने लगे थे। हाल ही में आईपीएल के दौरान पीठ में गंभीर एेंठन के बाद वे बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर में रिहैब कर रहे हैं। सफलता : आईपीएल जीता, दो बार विश्वविजेता टीम में रहे 2015 का साल हार्दिक का टर्निंग पॉइंट रहा। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन को देख कर मुम्बई इंडियंस ने उन्हें आईपीएल के लिए खरीदा। जनवरी 2016 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 फॉर्मेट में डेब्यू किया। जल्द ही वे वनडे और टेस्ट टीम में भी शामिल हो गए। 2022 में गुजरात टाइटंस का कप्तान रहते हुए उन्होंने आईपीएल चैम्पियनशिप जीती। 2024 में उन्हें भारतीय टी20 और वनडे टीम का उप-कप्तान बनाया गया। हार्दिक 2024 और 2026 की टी20 वर्ल्डकप विजेता टीम में शामिल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कॅरिअर में हार्दिक 94 वनडे मैचों में 1904 और 138 टी20 मैचों में 2 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। दोनों फॉर्मेट में क्रमश: 91 और 114 विकेट ले चुके है। कई मैचों के व्यक्तिगत पुरस्कार उनके नाम हैं।
होप-ग्रीव्स की पार्टनरशिप से वेस्टइंडीज का कमबैक, तीसरा दिन रहा कैरेबियाई टीम का
एंटिगुआ, वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। टेस्ट का तीसरा दिन पूरी तरह से कैरेबियाई टीम के बल्लेबाजों के नाम रहा। वेस्टइंडीज ने दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 4 विकेट खोकर 318 रन बना लिए हैं।
फीफा ने हटाया बालोगुन पर लगा एक मैच का बैन
नई दिल्ली, फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले अमेरिका के लिए अच्छी खबर आई है। फीफा ने इस विश्व कप में टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन पर लगे एक मैच के बैन को हटा दिया है।
FIFA World Cup 2026: नॉर्वे ने ब्राजील को किया बाहर, नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा
ब्राजील की हार के बाद मैदान पर नेमार अपने आंसू नहीं रोक सके। टीम के साथी राफिन्हा और मार्क्विनहोस ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वह रोते हुए ही ड्रेसिंग रूम की ओर लौटे। मैच के बाद उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला सुनाया।
नोवाक जोकोविच विंबलडन के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। चौथे दौर में 39 साल के जोकोविच ने रूस के क्वालिफायर रोमान सफीउलिन को 7-6 (8-6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर अपनी 106वीं जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने रोजर फेडरर (105 जीत) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। अब पूरे विंबलडन इतिहास में उनसे आगे केवल मार्टिना नवरातिलोवा हैं, जिनके नाम 120 जीत हैं। 17वीं बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचे इस जीत के साथ जोकोविच ने रिकॉर्ड 17वीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे से होगा। मैच के दौरान गुस्से में गेंद मार दी 132वीं रैंकिंग के रोमान सफीउलिन ने जोकोविच को कड़ी टक्कर दी। मैच की शुरुआत में जोकोविच को आंखों में परेशानी हुई। तीसरे सेट में सफीउलिन ने उनकी सर्विस ब्रेक की तो जोकोविच गुस्से में गेंद को दूसरी ओर मार बैठे। अंपायर ने उन्हें चेतावनी दी, जबकि दर्शकों ने भी हूटिंग की। मैच के बाद बोले- गुस्से के लिए माफी चाहता हूं मैच के बाद जोकोविच ने अपनी हरकत पर माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने गुस्से और चिड़चिड़ेपन के लिए जाना जाता हूं। आज भी ऐसा ही हुआ, जिसके लिए माफी चाहता हूं। हमारा दिमाग बार-बार भटकता है। उसे वर्तमान में बनाए रखना आसान नहीं होता। जो ऐसा कर पाता है, वही आखिर में जीतता है।’ चोट से लौटे सफीउलिन ने किया परेशान 28 साल के सफीउलिन छह महीने पहले गंभीर चोट से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने जोकोविच को तीन घंटे से ज्यादा समय तक कोर्ट पर संघर्ष करने के लिए मजबूर किया। पहले सेट में उन्होंने 5-3 की बढ़त भी बना ली थी, हालांकि जोकोविच ने वापसी कर टाई-ब्रेकर में सेट जीत लिया। तीसरे सेट में सफीउलिन ने मेडिकल टाइमआउट लिया, फिर भी 6-3 से सेट जीतकर मुकाबला चौथे सेट तक पहुंचाया। आखिर में अनुभव के दम पर जोकोविच ने मैच अपने नाम कर लिया। सिनर भी क्वार्टर फाइनल में पहुंचे दूसरी ओर, मौजूदा चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जैनिक सिनर ने जापान के क्वालिफायर शिंतारो मोचिजुकी को 6-3, 7-6 (7-0), 6-3 से हराकर लगातार पांचवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ से होगा। यदि सिनर और जोकोविच अपने-अपने क्वार्टर फाइनल जीतते हैं तो सेमीफाइनल में दोनों आमने-सामने हो सकते हैं। फेडरर के 8 खिताब की बराबरी पर नजर जोकोविच इस बार खिताब जीतकर रोजर फेडरर के आठ विंबलडन खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी करना चाहेंगे। साथ ही वह अपने करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के भी करीब हैं। हालांकि इस बार खेले गए चार मैचों में से तीन में उन्हें जीत के लिए चार सेट तक खेलना पड़ा है। ओसाका ने नंबर-1 सबालेंका को हराया, पहली बार विंबलडन क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं ऑल इंग्लैंड क्लब में सोमवार को महिला सिंगल्स का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जापान की चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को 6-2, 7-6 (7-2) से हराकर पहली बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीन महीने में चौथी भिड़ंत, ओसाका ने पहली बार सबालेंका को हराया पिछले तीन महीनों में ओसाका और सबालेंका के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले हुए तीनों मुकाबलों में सबालेंका ने जीत दर्ज की थी। लेकिन सेंटर कोर्ट पर इस बार ओसाका शुरुआत से ही हावी रहीं। उन्होंने दमदार सर्विस और सटीक फोरहैंड की मदद से बेसलाइन रैलियों में सबालेंका को पीछे रखा और केवल 32 मिनट में पहला सेट 6-2 से जीत लिया। कोको गॉफ और पेगुला भी अंतिम-8 में एक अन्य मुकाबले में अमेरिका की कोको गॉफ ने स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेनसिच को 4-6, 6-3, 6-4 से हराया। मुकाबला स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे के कर्फ्यू से दो मिनट पहले खत्म हुआ। अब क्वार्टर फाइनल में गॉफ का सामना अपनी डबल्स पार्टनर और चौथी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से होगा। पेगुला ने इवा जोविक को 4-6, 6-3, 6-1 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई।

