एशियन गेम्स 2026 के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट के ड्रॉ और ग्रुप गुरुवार को घोषित कर दिए गए। भारतीय मेंस और विमेंस टीमों ने सीधे नॉकआउट (क्वार्टर फाइनल) में जगह बना ली है। इस बार क्रिकेट टूर्नामेंट के सभी मुकाबले जापान के नागोया में टी-20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे। विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 17 से 22 सितंबर तक किया जाएगा। इसके बाद मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 24 सितंबर से शुरू होगा और 1 अक्टूबर तक चलेगा। 4 टीमों को सीधे क्वार्टर फाइनल में एंट्री 2026 एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है। वहीं, अफगानिस्तान, हॉन्गकॉन्ग, जापान, मलेशिया, नेपाल और ओमान की टीमें प्रीलिमिनरी राउंड में खेलेंगी। इन 6 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप 2-2 टीमें यानी कुल 4 टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। यहां उनका मुकाबला पहले से क्वालिफाई कर चुकी 4 टीमों से होगा। भारतीय महिला टीम पहले मैच में जापान से भिड़ेगी महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। इस इवेंट की शुरुआत सीधे क्वार्टर फाइनल मुकाबलों से होगी। भारतीय टीम अपने पहले मुकाबले में जापान का सामना करेगी। 2023 एशियन गेम्स में भारत ने दोनों कैटेगरी में गोल्ड जीते थे इससे पहले 2023 एशियन गेम्स में भारत ने मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था। मेंस कैटेगरी का फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था। अफगानिस्तान ने 18.2 ओवर में 112/5 रन बनाए थे, जिसके बाद मैच आगे नहीं खेला जा सका। बेहतर सीडिंग के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था। वहीं, महिला क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
वर्ल्ड कप के दौरान दुनिया में फुटबॉल का जुनून हर जगह दिखाई देता है। लेकिन प्रशांत महासागर के बीच बसे 21 वर्ग किलोमीटर के छोटे से देश नौरू में विश्व कप खत्म होते ही फुटबॉल भी जैसे खत्म हो जाता है। इस देश में फुटबॉल सिर्फ टीवी तक सीमित है। करीब 12 हजार आबादी वाले नौरू ने अब तक एक भी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैच नहीं खेला। पूरे देश में फुटबॉल खेलने के लिए सिर्फ एक सख्त रेत का मैदान है। बच्चे लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की जर्सी पहनते हैं, लेकिन अगर कोई फुटबॉल खेलने की बात करे तो अक्सर उसका मजाक बना दिया जाता है। यहां ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल सबसे लोकप्रिय है। हालांकि, तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी है। ब्रिटेन के पूर्व फुटबॉलर चार्ली पॉमरॉय और उनके साथ जुड़े कुछ वॉलंटियर्स नौरू में फुटबॉल की नई शुरुआत करने में जुटे हैं। उनका सपना फुटबॉल की ऐसी संस्कृति तैयार करना है, जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे। इस रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि हालात हैं। कभी दुनिया का सबसे अमीर देश माना जाने वाला नौरू फास्फेट खनन पर टिका था। लगातार खनन से द्वीप का बड़ा हिस्सा बंजर और रहने लायक नहीं बचा। खेती लगभग खत्म हो गई। देश को अपने 90% से ज्यादा खाद्य पदार्थ आयात करने पड़ते हैं। इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ा। यहां करीब 69% आबादी मोटापे की शिकार है। ऐसे में फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की उम्मीद बनकर सामने आया है। वॉलंटियर्स ने 4 से 14 साल के दो हजार बच्चों तक फुटबॉल पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। चर्च और स्कूलों की मदद से बच्चों को गेंदें बांटी जा रही हैं। स्थानीय कोच तैयार किए जा रहे हैं, ताकि यह पहल कुछ महीनों की नहीं, बल्कि लंबे समय तक चल सके। ‘मिनी ओलिंपिक’ की मेजबानी भी करेगा नाउरू नौरू 2028 में माइक्रोनेशियन गेम्स की मेजबानी करेगा, जिसमें फुटबॉल भी शामिल है। इसलिए देश के लिए यह बदलाव और भी अहम हो जाता है। दुनिया के नक्शे पर छोटा दिखने वाला देश खेल के जरिए नई पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। माइक्रोनेशियन गेम्स, जिन्हें ‘माइक्रो गेम्स’ कहा जाता है, प्रशांत महासागर के माइक्रोनेशिया क्षेत्र के देशों के बीच 4 साल में होने वाला इंटरनेशनल मल्टी-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट है। इसे इस क्षेत्र का ‘मिनी-ओलिंपिक’ भी माना जाता है।
भारत के महान शतरंज खिलाड़ी और पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (फिडे) का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। रूसी प्रमुख अर्काडी द्वोरकोविच को यूरोपीय संघ (ईयू) की नवीनतम प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने के कारण यह फैसला लिया गया है।
महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने एक्स पोस्ट में युवाओं की निराशा को स्वाभाविक बताते हुए समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि वे प्रोफेसर थे और हमेशा सिखाते थे कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन धोखा देना कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा है कि भविष्य में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच भारत में टेस्ट मैच कराने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में क्रिकेट के लिए बड़े मौके हैं, हालांकि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। भारत में नए क्रिकेट कंटेंट की संभावना बीबीसी के 'स्टंप्ड' पॉडकास्ट में ग्रीनबर्ग ने कहा, ‘हमें सभी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। ECB और BCCI दोनों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। भारत में क्रिकेट का नया कंटेंट ले जाने के मौके हैं। अभी ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बीच टेस्ट क्रिकेट मजबूत स्थिति में है और इसे आगे बढ़ाना जरूरी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का व्यस्त कैलेंडर सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रीनबर्ग ने कहा, ‘साल में सिर्फ 365 दिन होते हैं। जितना क्रिकेट और कंटेंट हम देना चाहते हैं, उसके लिए शायद एक-दो महीने और चाहिए।’ चेन्नई में होगा बिग बैश का ओपनिंग मैच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इस साल दिसंबर में पहली बार बिग बैश लीग (BBL) का ओपनिंग मैच भारत में कराएगा। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। इसी तरह भविष्य में भारत में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच प्रदर्शनी टेस्ट कराने की संभावना भी देखी जा रही है। भारत के खिलाफ सीरीज से ECB को सबसे ज्यादा कमाई इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की हालिया वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के खिलाफ सीरीज बोर्ड के लिए सबसे ज्यादा कमाई करने वाली सीरीज में शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ECB की आय काफी हद तक भारत जैसी बड़ी ब्रॉडकास्ट सीरीज पर निर्भर करती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2027 में पुरुष और महिला एशेज की मेजबानी के बावजूद बोर्ड को घाटे की आशंका है। 2027 में MCG पर होगा विशेष टेस्ट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अगली एशेज सीरीज 2027 में इंग्लैंड में खेली जाएगी। इससे पहले मार्च 2027 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर दोनों टीमों के पहले टेस्ट की 150वीं वर्षगांठ पर डे-नाइट (पिंक बॉल) टेस्ट खेला जाएगा। यह मुकाबला एशेज सीरीज का हिस्सा नहीं होगा।
स्पोर्ट्स अपडेट:द हैंड्रैड 2026 में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स:ने लंदन स्पिरिट को 4 रन से हराया
द हंड्रेड 2026 के पहले पुरुष मुकाबले में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने लंडन स्पिरिट को 4 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए मैनचेस्टर ने 100 गेंदों में 9 विकेट पर 138 रन बनाए। जवाब में लंडन स्पिरिट 100 गेंदों में 134 रन ही बना सकी। 139 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही स्पिरिट को आखिरी 10 गेंदों में 21 और अंतिम 5 गेंदों में 12 रन चाहिए थे, लेकिन गस एटकिंसन और जॉनी बेकर ने शानदार गेंदबाजी की। बेकर ने आखिरी दो गेंद पहले लियम लिविंगस्टोन को बोल्ड कर मैनचेस्टर को जीत दिलाई। पहले बल्लेबाजी करते हुए मैनचेस्टर ने टिम सेफर्ट के 67 रन की मदद से 100 गेंदों में 9 विकेट पर 138 रन बनाए। टीम एक समय 67 गेंदों में 2 विकेट पर 105 रन थी, लेकिन आखिरी 33 गेंदों में सिर्फ 33 रन जोड़ सकी और 7 विकेट गंवा दिए। जवाब में लंडन स्पिरिट के कप्तान लियम लिविंगस्टोन ने 40 गेंदों में 69 रन बनाए। उन्होंने गेंदबाजी में भी 20 गेंदों में 14 रन देकर 2 विकेट लिए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें मीरकैट मैच हीरो (प्लेयर ऑफ द मैच) चुना गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, स्विमिंग, लॉन बॉल्स और बॉक्सिंग में चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में 14 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। भारतीय दल की सबसे ज्यादा उम्मीदें पैरा पावरलिफ्टिंग से हैं। इसमें 7 भारतीय खिलाड़ी 6 इवेंट में मेडल जीतने उतरेंगे। इसके अलावा जिम्नास्टिक्स में पुरुष टीम फाइनल, बॉक्सिंग में जदुमणि सिंह और लॉन बॉल्स में रूपा रानी तिर्की-पिंकी की जोड़ी पर भी नजर रहेगी। पैरा पावरलिफ्टिंग में 4 गोल्ड इवेंट भारत के लिए शाम 5:40 बजे अशोक कुमार मलिक और परमजीत कुमार पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग लाइटवेट फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी चुनौती पेश करेंगी। देर रात कस्तूरी राजामणि महिला हेवीवेट वर्ग में, जबकि सुधीर और झंडू कुमार पुरुष हेवीवेट फाइनल में मेडल के लिए मुकाबला करेंगे। लॉन बॉल्स में जीत का सिलसिला जारी रखने पर नजर महिला पेयर्स में रूपा रानी तिर्की और पिंकी की जोड़ी सेक्शनल राउंड-2 में साउथ अफ्रीका की थाबेलो मुवहांगो और जैकी वैन रेंसबर्ग का सामना करेगी। भारतीय जोड़ी ने पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की थी और अब वह जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। वहीं पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स सेक्शनल राउंड-2 मुकाबले में फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर से भिड़ेंगे। जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी चुनौती दोपहर 2:30 बजे तपेश्वरनाथ दास, स्वाथिश केपी, तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह जिम्नास्टिक पुरुष टीम फाइनल के साथ इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन में उतरेंगे। स्विमिंग में श्रीहरि नटराज 50 मीटर बैकस्ट्रोक हीट्स खेलेंगे और क्वालिफाई करने पर सेमीफाइनल में उतरेंगे। पैरा स्विमिंग में आर.वी.वी.बी.के. बुडिगिना पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 हीट्स में चुनौती पेश करेंगे और क्वालिफाई करने पर फाइनल खेलेंगे। बॉक्सिंग में जदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन से भिड़ेंगे। लवलीना को सीधे सेमीफाइनल का टिकट ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहाईं को महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग वर्ग के क्वार्टरफाइनल में बाय (Bye) मिला है। इसके साथ ही वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों को भी ब्रॉन्ज मेडल मिलता है, इसलिए लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो गया है। 75 किग्रा वर्ग में सिर्फ 5 मुक्केबाज हैं। इसी वजह से लवलीना समेत ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री और तुवालु की टारोना खानुम बाडी पासोनी ताफाकी को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली। इस वर्ग का इकलौता क्वार्टरफाइनल इंग्लैंड की मैरी-केट स्मिथ और नाइजीरिया की पैट्रिशिया मबाटा के बीच होगा। लवलीना का सेमीफाइनल मुकाबला 31 जुलाई को ताफाकी से होगा। लवलीना के पास 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स की निराशा भुलाने का मौका भी होगा। तब वह 70 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में वेल्स की रोजी एक्लेस से 2-3 के करीबी अंतर से हारकर मेडल से चूक गई थीं। -------------------------------कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…कॉमनवेल्थ गेम्स में 125 भारतीय खिलाड़ी 8 खेलों में उतरेंगे स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आज 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत होगी। 2 अगस्त तक चलने वाले इस इवेंट में 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 खेलों में 215 गोल्ड सहित कुल 1,168 मेडल दांव पर होंगे। भारत के 125 खिलाड़ी 8 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में शुरू हो गई है। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला ने उद्घाटन किया। इसके बाद 74 देशों के खिलाड़ियों का मार्च-पास्ट शुरू हुआ। भारतीय दल की एंट्री अभी बाकी है। भारत की ओर से दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और टोक्यो ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन तिरंगा लेकर दल की अगुवाई करेंगी। इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक बैंड वाल्टोस समेत कई कलाकार प्रस्तुति दे रहे हैं। समारोह में स्कॉटिश सिंगर टॉम वॉकर भी परफॉर्म करेंगे। ओपनिंग सेरेमनी की शुरुआत स्कॉटलैंड की संस्कृति और विरासत के वीडियो से हुई। इसके बाद किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला एरिना पहुंचे। उनके साथ प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम भी मौजूद रहे। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम का राष्ट्रगान 'गॉड सेव अवर किंग' प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के बाद एक-एक कर कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों का मार्च-पास्ट शुरू हुआ, जबकि भारतीय दल की एंट्री का इंतजार है। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाले इन खेलों में भारत 126 खिलाड़ियों के दल के साथ हिस्सा ले रहा है। ओपनिंग सेरेमनी ग्लासगो के ओवो हाइड्रो एरिना में हो रही है, जहां करीब 13 हजार दर्शकों की मौजूदगी है। इससे पहले भारत ने लॉन बॉल्स में दो जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। वहीं, भारतीय ध्वजवाहक लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में सीधे पहुंचने के कारण बिना मुकाबला खेले ही कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर चुकी हैं। मीराबाई और लवलीना भारत की अगुआई करेंगी सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक और बैटन बियरर की जिम्मेदारी ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन संभालेंगी। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने दोनों खिलाड़ियों के नामों की घोषणा की थी। मीराबाई ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कई पदक जीत चुकी हैं। वहीं लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और 2023 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड अपने नाम किया। एशियन गेम्स 2023 में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के शामिल हो सकते हैं 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के ग्लासगो कार्यक्रम में भी पहुंचने की उम्मीद है। सेरेमनी में ब्रिटेन के कई कलाकार परफॉर्म करेंगे। किंग चार्ल्स III यूनाइटेड किंगडम और अन्य 14 राष्ट्रमंडल देशों के राजा हैं। वहीं क्वीन कैमिला किंग चार्ल्स की पत्नी और महारानी हैं। कौन-कौन परफॉर्म करेंगे? कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में मशहूर सिंगर टॉम वॉकर परफॉर्म करेंगे। वह अपने लोकप्रिय गाने ‘लीव अ लाइनट ऑन’ के लिए जाने जाते हैं। सेरेमनी में स्कॉटलैंड के कई मशहूर सिंगर केटी टनस्टॉल, सिंगर कैलम बिट्टी, नीना नेस्बिट्ट, नाथन इवांस परफॉर्म करेंगे। इनके अलावा म्यूजिक डुओ सैंट फंक्स और वाल्टोस भी परफॉर्म करने वाले हैं। छह बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और पूर्व स्कॉटिश साइक्लिस्ट क्रिस होय भी स्पेशल गेस्ट होंगे। होय को 2024 में स्टेज-4 कैंसर का पता चला था। कहां देख सकते हैं ओपनिंग सेरेमनी? ओपनिंग सेरेमनी का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स चैनल्स पर होगा। वहीं ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर होगा। भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का ब्रॉडकास्टिंग राइट्स सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास है। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले यहीं दिखाए जाएंगे।
पेपर लीक और देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन पर कई खिलाड़ियों ने प्रतिक्रिया दी है। सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल, इरफान पठान, मोहम्मद कैफ, शिखर धवन और अभिनव बिंद्रा ने एजुकेशन में मेरिट, ईमानदारी और छात्रों के भविष्य पर जोर दिया। सचिन ने छात्रों की नाराजगी को जायज बताया है। भारतीय कप्तान गिल ने कहा कि हमें छात्रों के हित को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। वहीं कैफ ने कहा है कि छात्रों पर लाठी चार्ज नहीं होना चाहिए। सचिन बोले- मेहनत का सम्मान हो, मेरिट जीते सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उनके पिता ने बचपन में सिखाया था, 'असफल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं।' उन्होंने कहा कि ‘अगर छात्रों को लगे कि उनकी मेहनत का फल नहीं मिला, तो उनका निराश होना स्वाभाविक है। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहां मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और मेरिट की जीत हो।’ गिल ने कहा- युवाओं को आगे बढ़ने का हर मौका मिले भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सीखने, सपने देखने और भविष्य बनाने का हर अवसर मिलना चाहिए। शिक्षा देश का भविष्य तय करती है, इसलिए सभी पक्षों को छात्रों के हित को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। कैफ बोले- छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज को लकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों को सड़कों पर पीटा जाना दुखद है। उन्होंने जल्द समाधान निकालने की अपील की। इरफान ने कहा- पेपर लीक नहीं होने चाहिए इरफान पठान ने कहा कि हर छात्र और उसका परिवार बेहतर भविष्य के लिए सालों तक मेहनत करता है। पेपर लीक किसी भी छात्र की उम्मीद नहीं छीनना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि छात्रों को निष्पक्ष मौका मिलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जाएंगी। धवन ने संयम बरतने को कहा शिखर धवन ने कहा कि युवाओं के सपनों को समझना जरूरी है। हालांकि उन्होंने मुश्किल समय में धैर्य रखने और संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखने को जरुरी बताया। उन्होंने कहा कि हर चुनौती का समाधान बातचीत और संयम से निकलता है। बिंद्रा ने मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर जोर दिया ओलिंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा ने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है। ऐसी व्यवस्था युवाओं में विश्वास पैदा करती है, मेरिट को सम्मान देती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर तैयार करती है। वहीं ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा- परीक्षा का दबाव झेल रहे छात्रों के साथ ऐसा होना स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्या है पूरा मामला नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इस धरने में शामिल सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद मार्च किया था। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई झड़पें हुईं थीं। ----------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा:फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बने, अर्धशतक मां को डेडिकेट किया भारत ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हरा दिया। जिम्बाब्वे के हरारे ग्राउंड में खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल में फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। पूरी खबर पढ़ें…
भारत ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हरा दिया। जिम्बाब्वे के हरारे ग्राउंड में खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल में फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। मुकाबले में इंटरेस्टिंग मोमेंट्स भी आए। सूर्यवंशी ने फिफ्टी लगाने के बाद अपनी मां के नाम का पहला लेटर A का साइन बनाया। उनकी मां का नाम आरती सूर्यवंशी है। IND Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स मोमेंट्स… 1. सूर्यवंशी ने सचिन के यंगेस्ट फिफ्टी का रिकॉर्ड तोड़ा सूर्यवंशी इंटरनेशनल में फिफ्टी लगाने वाले दुनिया के यंगेस्ट प्लेयर बन गए। उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में फिफ्टी लगाई। वे फुल मेंबर देशों में ऐसा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 213 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था। सूर्यवंशी ने ओवरऑल इंटरनेशनल क्रिकेट में नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड तोड़ा। मल्ला ने 2020 में अमेरिका के खिलाफ वनडे में 15 साल 340 दिन की उम्र में फिफ्टी लगाई थी। 2. सूर्यवंशी टी-20 में फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर सूर्यवंशी 15 साल 118 दिन की उम्र में टी-20 में फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा। लुई ने माल्टा के खिलाफ 16 साल 56 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था। 3. जिम्बाब्वे में 23 भारतीयों ने टी-20 डेब्यू किया विदेश में सबसे ज्यादा भारतीयों ने टी-20 डेब्यू जिम्बाब्वे में किया है। अशोक शर्मा जिम्बाब्वे में टी-20 डेब्यू करने वाले 23वें भारतीय बने। ओवरऑल भारत में ही सबसे ज्यादा इंडियंस ने टी-20 डेब्यू किया है। देश में 31 भारतीय टी-20 डेब्यू कर चुके हैं। 4. मयंक यादव ने दूसरी बार टी-20 की पहली गेंद पर विकेट लिया मयंक यादव ने पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को कैच आउट कराया। उन्होंने करियर में दूसरी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया। उनसे पहले हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह भी 2-2 बार यह कारनामा कर चुके हैं। भुवनेश्वर कुमार 3 बार के साथ लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। 5. भारत ने 40 गेंद रहते टारगेट हासिल किया भारत ने 40 गेंद रहते 126 रन का टारगेट हासिल कर लिया। 120 से ज्यादा के टारगेट में भारत का यह चौथा सबसे तेज रनचेज है। टीम ने इसी साल न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज रनचेज किया था। तब भारत ने 154 रन का टारगेट 60 गेंद बाकी रहते हासिल किया था। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. अशोक शर्मा ने टी-20 डेब्यू किया राजस्थान के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने टी-20 डेब्यू किया। अशोक IPL 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेले थे। उन्होंने इस सीजन 6 मैचों में 6 विकेट लिए थे। 2. प्रिंस यादव की लगातार 2 गेंद पर विकेट गिरा 20वें ओवर में जिम्बाब्वे ने लगातार 2 गेंद पर विकेट गंवाए। प्रिंस यादव के ओवर की दूसरी गेंद पर मधेवेरे दूसरा रन लेने की कोशिश में रनआउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर ब्रैड इवांस बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में मिड-ऑफ पर श्रेयस अय्यर को कैच दे बैठे। इवांस बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। 3. सूर्यवंशी ने फिफ्टी के बाद A का साइन बनाया सूर्यवंशी ने अपनी फिफ्टी मां को डेडिकेट की। उन्होंने फिफ्टी पूरा करने के बाद दोनों हाथों से A का साइन बनाया। सूर्यवंशी ने बताया था कि वे इस साइन के जरिए अपनी मां को ट्रिब्यूट देते हैं। उनकी मां का नाम आरती है। उन्होंने 50 रन की पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए। -------------------मैच से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी बने टी-20 इंटरनेशनल के सबसे युवा हाफ सेंचुरियन भारत ने पहले टी-20 में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। हरारे में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। पढ़ें पूरी खबर…
खेल मंत्री मांडविया ने ग्लासगो में शर्ली अयोरकोर बोचवे से मुलाकात की
नई दिल्ली, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान कॉमनवेल्थ की चुनी हुई सेक्रेटरी-जनरल, शर्ली अयोरकोर बोचवे के साथ एक सार्थक द्विपक्षीय बैठक की।
साउथ अफ्रीका की प्रमुख टी-20 लीग SA20 के पांचवें सीजन के शेड्यूल का ऐलान कर दिया गया है। टूर्नामेंट की शुरुआत 17 जनवरी से होगी। पहला मुकाबला गकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में डिफेंडिंग चैंपियन सनराइजर्स ईस्टर्न केप और प्रिटोरिया कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला पिछले सीजन के फाइनल का री-मैच होगा,जहां दोनों टीमें आमने-सामने थीं। लीग कमिश्नर ग्रीम स्मिथ ने नए सीजन के शेड्यूल की घोषणा करते हुए कहा कि नए सीजन की शुरुआत उन्हीं दो टीमों के मुकाबले से करना सबसे मुफीद है। महाराज के कप्तान बनने से प्रिटोरिया की किस्मत बदली प्रिटोरिया कैपिटल्स ने अपने मैनेजमेंट और लीडरशिप में बदलाव किया है। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को टीम का नया हेड कोच बनाया गया है,जबकि साउथ अफ्रीकी स्पिनर केशव महाराज टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। शुरुआती दो सीजनों में पहले दौर से बाहर होने वाली प्रिटोरिया की टीम ने नई लीडरशिप में जबरदस्त वापसी की और पिछले सीजन में सीधे फाइनल तक का सफर तय किया। दूसरी तरफ, सनराइजर्स ईस्टर्न केप ने कप्तान और खिलाड़ियों के बदलने के बावजूद अपना दबदबा बरकरार रखा है। हेड कोच एड्रियन बीरेल के मार्गदर्शन में टीम ने एक बार फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। IPL मालिकों की 6 टीमें लेंगी हिस्सा; 21 फरवरी को फाइनल 6 टीमों के टूर्नामेंट में डरबन सुपर जायंट्स, जोबर्ग सुपर किंग्स,एमआई केपटाउन, प्रिटोरिया कैपिटल्स, पार्ल रॉयल्स और सनराइजर्स ईस्टर्न केप शामिल है। इन सभी फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक पूरी तरह या आंशिक रूप से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीमों के मालिकों के पास ही है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने ऐसा प्रोटोकॉल लागू किया है, जिसमें खिलाड़ियों को एआई से तैयार सामग्री पोस्ट करने, टीम के भीतर की बात सार्वजनिक करने और निजी ब्रांड के प्रचार से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों का पूरा ध्यान प्रतियोगिता पर केंद्रित रखना और सोशल मीडिया से पैदा होने वाले किसी भी विवाद या सुरक्षा संबंधी जोखिम से बचना है। साई अधिकारियों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों की सोशल मीडिया गतिविधियां कई बार चर्चा और विवाद का कारण बनी हैं। कई मामलों में टीम की तैयारियों, यात्रा कार्यक्रम और अन्य संवेदनशील जानकारियां समय से पहले सार्वजनिक हो गईं। अब एआई के जरिए भ्रामक फोटो, वीडियो और संदेश तैयार करना भी आसान हो गया है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए आईओए ने पहली बार ये नियम तय किए हैं। खिलाड़ियों के लिए नियम - एआई से तैयार फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री पोस्ट नहीं करेंगे। - टीम की रणनीति, चयन या आंतरिक बैठकों पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे। - यात्रा, ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा नहीं करेंगे। - प्रतियोगिता के दौरान निजी स्पॉन्सर या ब्रांड का प्रचार नहीं करेंगे। - व्हाट्सएप समेत किसी भी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर गोपनीय सूचनाएं प्रसारित करने से बचेंगे। भारत के 126 खिलाड़ी 8 खेलों में हिस्सा लेंगे ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स गुरुवार से शुरू हो रहे हैं। ओपनिंग सेरेमनी रात 10:30 बजे से होगी। इसमें भारत से मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहाईं फ्लैगबियरर होंगे। 11 दिन के टूर्नामेंट में 11 खेलों में 74 देशों के 3 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 215 मेडल इवेंट्स में उतरेंगे। इन गेम्स में भारत के 126 खिलाड़ी 8 खेलों में हिस्सा लेंगे। इसमें 78 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी हैं। दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा टीम की अगुआई करेंगे। आज भारतीय खिलाड़ी लॉन बॉल्स से करेंगे आगाज भारतीय खिलाड़ी गेम्स के पहले ही दिन से एक्शन में होंगे। गुरुवार को लॉन बॉल्स में भारत का सामना कनाडा और माल्टा से होगा। मुक्केबाजी के मुकाबले 24 जुलाई से शुरू होंगे। वहीं, एथलेटिक्स के सबसे बड़े मुकाबले 27 जुलाई से एक अगस्त के बीच खेले जाएंगे।
पीटर क्लार्क बने सिडनी सिक्सर्स महिला टीम के हेड कोच
सिडनी, बिग बैश लीग (बीबीएल) की फ्रेंचाइजी सिडनी सिक्सर्स ने पीटर क्लार्क को अपनी महिला टीम का हेड कोच नियुक्त किया है।
वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ और सहयोगी सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें हर समय पूरा समर्थन मिला। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें किसी तकनीकी सलाह, मानसिक मार्गदर्शन या अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता होती है, कोच तुरंत उनकी मदद के लिए उपलब्ध रहते हैं।
पिछले हफ्ते जापान ओपन सुपर-750 जीतने वाली पीवी सिंधु का चीन ओपन सुपर-1000 का प्री-क्वार्टर फाइनल हार गई हैं। उन्हें गुरुवार को वर्ल्ड नंबर-4 और घरेलू खिलाड़ी चेन युफेई ने 16-21, 22-20, 21-18 से हराया। यह मैच 1 घंटे 29 मिनट तक चला। चांगझोउ में सिंधु ने पहला गेम जीतकर शानदार शुरुआत की और दूसरे गेम में भी जीत के बेहद करीब पहुंच गई थीं। उनके पास मुकाबला समाप्त करने के चार मैच प्वाइंट थे, लेकिन वह उन्हें भुना नहीं सकीं। इसका फायदा उठाते हुए युफेई ने लगातार अंक जुटाए और दूसरा गेम 22-20 से जीतकर मैच बराबरी पर ला दिया। निर्णायक गेम में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन अहम मौकों पर युफेई ने बेहतर संयम दिखाया और 21-18 से जीत दर्ज कर ली। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेशी पेसर इबादत हुसैन ऑस्ट्रेलिया सीरीज से बाहर, रहमत शाह अफगानिस्तान के कप्तान बने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज इबादत हुसैन अगले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। वे पिता बनने वाले हैं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत बांग्लादेश 13 अगस्त से डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। इससे पहले टीम 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी। बांग्लादेश की चिंता सिर्फ इबादत तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की साइड इंजरी का स्कैन कराया गया है। पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर फैसला होना बाकी है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास पिंडली की चोट से उबरकर समय पर फिट हो जाएंगे। बैटिंग कोच मोहम्मद अशरफुल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरा चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन जल्दी पहुंचने और अभ्यास मैच खेलने का फायदा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी खिलाड़ी फिट रहे तो बांग्लादेश अच्छा प्रदर्शन करेगा। हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे टेस्ट में बल्लेबाजी विफल रहने के बावजूद अशरफुल ने कहा कि पिछले सात महीनों में बल्लेबाजों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2-0 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत का जिक्र करते हुए कहा कि एक-दो खराब मैचों से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास नहीं डगमगाना चाहिए।शाहिदी के इस्तीफे के बाद रहमत शाह टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान बने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने हश्मतुल्लाह शाहिदी के इस्तीफे के बाद अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह को टेस्ट और वनडे टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। रहमानुल्लाह गुरबाज दोनों फॉर्मेट में उपकप्तान होंगे। दोनों आयरलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। रहमत शाह 2021 से अफगानिस्तान की टेस्ट और वनडे टीम के उपकप्तान रहे हैं। एसीबी ने कहा कि रहमत का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और टीम की गहरी समझ अफगानिस्तान क्रिकेट को आगे नई सफलताएं दिलाएगी। हश्मतुल्लाह शाहिदी को मई 2021 में कप्तान बनाया गया था। उनके नेतृत्व में अफगानिस्तान ने 55 वनडे में 27 जीत दर्ज की। 2023 वनडे विश्व कप में टीम ने इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और नीदरलैंड को हराकर छठा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के दम पर अफगानिस्तान ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वालिफाई किया, जहां पहले ही अभियान में इंग्लैंड को हराकर पांचवें स्थान पर जगह बनाई। शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान पहली बार आईसीसी पुरुष वनडे टीम रैंकिंग में सातवें स्थान तक पहुंचा। टीम ने 2024-25 में लगातार पांच वनडे सीरीज जीतीं, जिनमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत भी शामिल रही। बांग्लादेश के खिलाफ लगातार तीन वनडे सीरीज जीतना भी उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में रहा।
बांग्लादेश के तेज गेंदबाज इबादत हुसैन अगले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। वे पिता बनने वाले हैं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत बांग्लादेश 13 अगस्त से डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। इससे पहले टीम 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी। बांग्लादेश की चिंता सिर्फ इबादत तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की साइड इंजरी का स्कैन कराया गया है। पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर फैसला होना बाकी है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास पिंडली की चोट से उबरकर समय पर फिट हो जाएंगे। बैटिंग कोच मोहम्मद अशरफुल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरा चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन जल्दी पहुंचने और अभ्यास मैच खेलने का फायदा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी खिलाड़ी फिट रहे तो बांग्लादेश अच्छा प्रदर्शन करेगा। हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे टेस्ट में बल्लेबाजी विफल रहने के बावजूद अशरफुल ने कहा कि पिछले सात महीनों में बल्लेबाजों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2-0 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत का जिक्र करते हुए कहा कि एक-दो खराब मैचों से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास नहीं डगमगाना चाहिए।शाहिदी के इस्तीफे के बाद रहमत शाह टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान बने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने हश्मतुल्लाह शाहिदी के इस्तीफे के बाद अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह को टेस्ट और वनडे टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। रहमानुल्लाह गुरबाज दोनों फॉर्मेट में उपकप्तान होंगे। दोनों आयरलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। रहमत शाह 2021 से अफगानिस्तान की टेस्ट और वनडे टीम के उपकप्तान रहे हैं। एसीबी ने कहा कि रहमत का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और टीम की गहरी समझ अफगानिस्तान क्रिकेट को आगे नई सफलताएं दिलाएगी। हश्मतुल्लाह शाहिदी को मई 2021 में कप्तान बनाया गया था। उनके नेतृत्व में अफगानिस्तान ने 55 वनडे में 27 जीत दर्ज की। 2023 वनडे विश्व कप में टीम ने इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और नीदरलैंड को हराकर छठा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के दम पर अफगानिस्तान ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वालिफाई किया, जहां पहले ही अभियान में इंग्लैंड को हराकर पांचवें स्थान पर जगह बनाई। शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान पहली बार आईसीसी पुरुष वनडे टीम रैंकिंग में सातवें स्थान तक पहुंचा। टीम ने 2024-25 में लगातार पांच वनडे सीरीज जीतीं, जिनमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत भी शामिल रही। बांग्लादेश के खिलाफ लगातार तीन वनडे सीरीज जीतना भी उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में रहा।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सामने 28 साल में अपने सबसे कमजोर प्रदर्शन का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय ओलिंपिक संघ और अलग-अलग स्पोर्ट्स फेडरेशन की इंटरनल रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को पैरा स्पोर्ट्स सहित 13 खेलों में 32 पदक मिलने का अनुमान है, जिसमें सिर्फ 7 गोल्ड शामिल हैं। रिपोर्ट में नीरज चोपड़ा को भी गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। नीरज ने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। वे ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं। जिन सात खिलाड़ियों को गोल्ड का दावेदार माना गया है उनके नाम आप नीचे दी गई तस्वीर में देख सकते हैं। 2002 से हर बार भारत ने जीते 15 या ज्यादा गोल्ड भारत के मेडल्स कम क्यों आएंगे? 1. जिन खेलों से सबसे ज्यादा मेडल आते हैं, वही इस बार बाहर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की सफलता का आधार शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे खेल रहे हैं। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पदक जीते हैं। ग्लासगो 2026 के कार्यक्रम में इन तीनों खेलों को शामिल नहीं किया गया है। यही भारत के लिए सबसे बड़ा झटका है। ग्लासगो 2026 में बर्मिंघम 2022 के 19 की तुलना में सिर्फ 10 खेल होंगे। भारत के कई मेडल स्पोर्ट्स शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, स्क्वैश और क्रिकेट इस बार शामिल नहीं हैं। बर्मिंघम में भारत के 61 में से 30 मेडल इन्हीं खेलों से आए थे। यही वजह है कि इस बार भारत का प्रदर्शन केवल खिलाड़ियों की फॉर्म पर नहीं, बल्कि गेम्स के स्पोर्ट्स प्रोग्राम पर भी निर्भर करेगा। 2. नीरज की फॉर्म चिंता का विषय भारत के कुछ बड़े मेडल दावेदारों की मौजूदा फॉर्म भी चिंता बढ़ा रही है। जेवलिन थ्रो में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज चोपड़ा हैं। लेकिन इस बार उनके सामने चुनौती पहले से ज्यादा कठिन होगी। उनकी मौजूदा फॉर्म भी पहले जैसी नहीं है और पाकिस्तान के अरशद नदीम के अलावा ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकिन्टायर जैसे खिलाड़ी भी नीरज को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इसलिए रिपोर्ट में नीरज को गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। बॉक्सिंग में भारत की उम्मीदें लवलीना बोरगोहेन जैसे बड़े नामों पर होंगी। हालांकि, पिछले कुछ समय में उनका प्रदर्शन उस लेवल का नहीं रहा है, जिसके लिए वे जानी जाती हैं। भारत के कई अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ भी यही स्थिति है। वे पदक जीतने की क्षमता रखते हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन के आधार पर उनके गोल्ड मेडल जीतने की गारंटी नहीं दी जा सकती। 5 खेल ऐसे जिनमें भारत हमेशा से कमजोर इस बार शामिल 10 में से 5 खेल स्वीमिंग, साइक्लिंग, जूडो, नेटबॉल और जिम्नास्टिक्स में भारत हमेशा से कमजोर रहा है। इसलिए इस बार भारत के मेडल काउंट में बड़ी गिरावट की आशंका है। क्या अहमदाबाद 2030 में बदलेगी तस्वीर? ग्लासगो गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत करेगा। अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2030 गेम्स में 15 से 17 खेल शामिल किए जा सकते हैं। इससे भारत को शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे अपने मजबूत खेलों को वापस कार्यक्रम में शामिल कराने का फायदा मिल सकता है। खेलों की संख्या बढ़ने के साथ मेडल इवेंट्स भी बढ़ेंगे, जिससे भारत के पदक जीतने के मौके बढ़ सकते हैं। ऐसे में ग्लासगो 2026 भारत के लिए चुनौतीपूर्ण एडिशन हो सकता है, लेकिन अहमदाबाद 2030 में तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। --------------------------- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, पिछली बार से 85 कम स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। पूरी खबर…
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सामने 28 साल में अपने सबसे कमजोर प्रदर्शन का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय ओलिंपिक संघ और अलग-अलग स्पोर्ट्स फेडरेशन की इंटरनल रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को पैरा स्पोर्ट्स सहित 13 खेलों में 32 पदक मिलने का अनुमान है, जिसमें सिर्फ 7 गोल्ड शामिल हैं। रिपोर्ट में नीरज चोपड़ा को भी गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। नीरज ने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। वे ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं। जिन सात खिलाड़ियों को गोल्ड का दावेदार माना गया है उनके नाम आप नीचे दी गई तस्वीर में देख सकते हैं। 2002 से हर बार भारत ने जीते 15 या ज्यादा गोल्ड भारत के मेडल्स कम क्यों आएंगे? 1. जिन खेलों से सबसे ज्यादा मेडल आते हैं, वही इस बार बाहर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की सफलता का आधार शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे खेल रहे हैं। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पदक जीते हैं। ग्लासगो 2026 के कार्यक्रम में इन तीनों खेलों को शामिल नहीं किया गया है। यही भारत के लिए सबसे बड़ा झटका है। ग्लासगो 2026 में बर्मिंघम 2022 के 19 की तुलना में सिर्फ 10 खेल होंगे। भारत के कई मेडल स्पोर्ट्स शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, स्क्वैश और क्रिकेट इस बार शामिल नहीं हैं। बर्मिंघम में भारत के 61 में से 30 मेडल इन्हीं खेलों से आए थे। यही वजह है कि इस बार भारत का प्रदर्शन केवल खिलाड़ियों की फॉर्म पर नहीं, बल्कि गेम्स के स्पोर्ट्स प्रोग्राम पर भी निर्भर करेगा। 2. नीरज की फॉर्म चिंता का विषय भारत के कुछ बड़े मेडल दावेदारों की मौजूदा फॉर्म भी चिंता बढ़ा रही है। जेवलिन थ्रो में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज चोपड़ा हैं। लेकिन इस बार उनके सामने चुनौती पहले से ज्यादा कठिन होगी। उनकी मौजूदा फॉर्म भी पहले जैसी नहीं है और पाकिस्तान के अरशद नदीम के अलावा ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकिन्टायर जैसे खिलाड़ी भी नीरज को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इसलिए रिपोर्ट में नीरज को गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। बॉक्सिंग में भारत की उम्मीदें लवलीना बोरगोहेन जैसे बड़े नामों पर होंगी। हालांकि, पिछले कुछ समय में उनका प्रदर्शन उस लेवल का नहीं रहा है, जिसके लिए वे जानी जाती हैं। भारत के कई अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ भी यही स्थिति है। वे पदक जीतने की क्षमता रखते हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन के आधार पर उनके गोल्ड मेडल जीतने की गारंटी नहीं दी जा सकती। 5 खेल ऐसे जिनमें भारत हमेशा से कमजोर इस बार शामिल 10 में से 5 खेल स्वीमिंग, साइक्लिंग, जूडो, नेटबॉल और जिम्नास्टिक्स में भारत हमेशा से कमजोर रहा है। इसलिए इस बार भारत के मेडल काउंट में बड़ी गिरावट की आशंका है। अहमदाबाद 2030 में बदलेगी तस्वीर? ग्लासगो गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत करेगा। अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2030 गेम्स में 15 से 17 खेल शामिल किए जा सकते हैं। इससे भारत को शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे अपने मजबूत खेलों को वापस कार्यक्रम में शामिल कराने का फायदा मिल सकता है। खेलों की संख्या बढ़ने के साथ मेडल इवेंट्स भी बढ़ेंगे, जिससे भारत के पदक जीतने के मौके बढ़ सकते हैं। ऐसे में ग्लासगो 2026 भारत के लिए चुनौतीपूर्ण एडिशन हो सकता है, लेकिन अहमदाबाद 2030 में तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। --------------------------- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, पिछली बार से 85 कम स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। पूरी खबर…
14 अक्टूबर 2010… दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 'भारत...भारत...' के नारों से गूंज रहा था। बैडमिंटन कोर्ट पर सायना नेहवाल थीं। सामने सिर्फ एक फाइनल नहीं था, बल्कि पदक तालिका में भारत का भविष्य भी था। अगर सायना हार जातीं, तो मेजबान भारत तीसरे स्थान पर खिसक जाता, लेकिन उन्होंने जीत दर्ज की। भारत का 38वां स्वर्ण पदक आया। कुल पदक 101 हुए और पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया। आज भी यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत की यह कहानी 2010 में शुरू नहीं हुई थी, इसकी शुरुआत 76 साल पहले हुई थी, जब 1934 में सिर्फ छह भारतीय खिलाड़ी पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरे थे। उस वक्त भारत पर अंग्रेजों का शासन था, लेकिन पहलवान राशिद अनवर ने कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स की कहानी इससे भी 43 साल पहले की है। आइए, 135 साल पुराने इस सफर के बारे में जानते हैं…. न सरकार, न राजा... एक पादरी का आइडिया कॉमनवेल्थ की कहानी शुरू होती है 1891 में। ब्रिटिश साम्राज्य अपने चरम पर था। दुनिया की करीब एक-चौथाई आबादी और विशाल भूभाग पर ब्रिटेन का शासन था। तब एक ब्रिटिश पादरी जॉन एस्टली कूपर ने एक ऐसा सपना देखा, जिसने बाद में दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि साम्राज्य की ताकत सिर्फ सेना से नहीं, बल्कि लोगों के रिश्तों से भी बढ़ती है। अगर ब्रिटिश साम्राज्य के अलग-अलग देशों के खिलाड़ी एक मैदान पर उतरेंगे तो आपसी भरोसा और भाईचारा मजबूत होगा। उन्होंने इसका नाम दिया- ‘पैन-ब्रिटेनिक फेस्टिवल’, लेकिन विचार देना आसान था, उसे सच करना मुश्किल। करीब 20 साल तक यह सपना कागजों में ही पड़ा रहा। राजा के राज्याभिषेक ने दिखाया भविष्य 1911 में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम का राज्याभिषेक हुआ। इसी मौके पर लंदन में फेस्टिवल ऑफ एम्पायर आयोजित किया गया। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के खिलाड़ी पहली बार एक ही आयोजन में उतरे। यह आधिकारिक कॉमनवेल्थ गेम्स नहीं थे, लेकिन इतिहासकार इसे कॉमनवेल्थ गेम्स की पहली झलक मानते हैं। यहीं लोगों को एहसास हुआ कि ऐसा आयोजन सफल हो सकता है। ओलिंपिक में हुई एक बैठक... जिसने इतिहास बदल दिया 1928 के एम्स्टर्डम ओलिंपिक के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के खेल प्रशासक मिले। यहीं फैसला हुआ कि ओलिंपिक से अलग, हर चार साल में ब्रिटिश साम्राज्य के देशों के लिए अपना एक खेल आयोजन होगा। यही वह फैसला था जिसने कॉमनवेल्थ गेम्स को जन्म दिया। पहले गेम्स लगभग रद्द होने की कगार पर थे 16 अगस्त 1930... कनाडा के छोटे से शहर हैमिल्टन में पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स शुरू होने वाले थे। लेकिन एक बड़ी समस्या सामने थी। उस समय हवाई यात्रा आम नहीं थी। ज्यादातर खिलाड़ी समुद्री जहाजों से कनाडा पहुंचते थे। कई देशों ने साफ कह दिया कि उनके पास यात्रा का खर्च नहीं है। आयोजकों ने कई टीमों की आर्थिक मदद की। तब जाकर पहला आयोजन हो सका। अगर उस समय कनाडा पीछे हट जाता, तो शायद कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास वहीं खत्म हो जाता। आज हजारों खिलाड़ी आते हैं... तब सिर्फ 400 थे पहले संस्करण में केवल 11 देशों के करीब 400 खिलाड़ी। इसमें सिर्फ 6 खेल- एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, स्विमिंग, डाइविंग, कुश्ती और लॉन बॉल्स शामिल थे। आज इन खेलों में हजारों खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और दर्जनों खेल खेले जाते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का पहला स्वर्ण पदक ऑस्ट्रेलिया के रोवर बॉबी पियर्स ने जीता। वे बाद में ओलिंपिक चैंपियन भी बने। 1934 में भारत गुलाम था, लेकिन इतिहास लिखा भारत पहली बार इन खेलों में उतरा। आजाद भारत नहीं... ब्रिटिश भारत। पूरे दल में सिर्फ छह खिलाड़ी थे। उनमें से पहलवान राशिद अनवर ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला। यानी भारत का पहला कॉमनवेल्थ पदक उस समय आया, जब देश का अपना तिरंगा भी आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज नहीं था। फिर आया ऐसा युद्ध, जिसने खेल ही रोक दिए 1942 और 1946... इन दोनों सालों में कॉमनवेल्थ गेम्स होने थे, लेकिन दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध में जल रही थी। लाखों लोग मारे जा रहे थे। ऐसे में खेलों की कोई जगह नहीं थी। इतिहास में केवल यही दो संस्करण हैं, जो विश्व युद्ध की वजह से रद्द हुए। 1950 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड से खेलों की वापसी हुई। जब साम्राज्य टूट गया, तो खेलों का नाम भी बदल गया 1930 में इन खेलों का नाम था- ब्रिटिश एम्पायर गेम्स, लेकिन अगले तीन दशकों में दुनिया बदल गई। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, घाना, नाइजीरिया, मलेशिया जैसे कई देश आजाद हो गए। ब्रिटिश साम्राज्य सिकुड़ने लगा और नाम बदलने लगे। भारत 24 साल बाद जीता पहला गोल्ड 1958... कार्डिफ। एक दुबला-पतला धावक ट्रैक पर उतरा। नाम था मिल्खा सिंह। उन्होंने 440 यार्ड दौड़ जीतकर इतिहास रच दिया। वे कॉमनवेल्थ गेम्स की एथलेटिक्स स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने। इस जीत के बाद उन्हें 'फ्लाइंग सिख' कहा जाने लगा। उसी संस्करण में पहलवान लीला राम ने भी स्वर्ण पदक जीता। भारत 76 साल बाद बना मेजबान भारत 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हुआ और 2010 में उसने मेजबानी की, यानी 76 साल बाद। नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला दक्षिण एशिया का पहला शहर बना। 71 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों के करीब 6,000 खिलाड़ी 17 खेलों की 272 स्पर्धाओं में उतरे। मेजबान होने का दबाव कम नहीं था, लेकिन भारत ने 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य समेत 101 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में भारत ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचा। आज भी यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 126 भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होंगे। इस बार सिर्फ 10 खेल शामिल हैं। भारत 126 खिलाड़ियों का दल भेज रहा है, जो एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग, जूडो, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग, जिम्नास्टिक, लॉन बॉल्स, 3x3 बास्केटबॉल और पैरा कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेगा। मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहैन भारत की ध्वजवाहक होंगी। वहीं, 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स एक बार फिर भारत लौटेंगे। मेजबानी अहमदाबाद करेगा। 2030 में ही कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए इसे खास माना जा रहा है। —-----------------
स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आज 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत होगी। 2 अगस्त तक चलने वाले इस इवेंट में 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 खेलों में 215 गोल्ड सहित कुल 1,168 मेडल दांव पर होंगे। भारत के 125 खिलाड़ी 8 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। स्टोरी में जानिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी… कॉमनवेल्थ गेम्स कब और कैसे शुरू हुआ? कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुई थी। तब इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। पहले एडिशन में ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़े 11 देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, रोइंग, स्विमिंग और रेसलिंग जैसे खेल शामिल थे। 1930 से 1950 तक इस टूर्नामेंट को ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा गया। 1954 में इसका नाम बदलकर ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स किया गया। 1970 में यह ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स बना और 1978 से इसे कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसका आयोजन हर चार साल में होता है। इसका मकसद कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों को बड़े इंटरनेशनल मंच पर कम्पटीशन का अवसर देना है। भारत ने पहली बार 1934 में हिस्सा लिया था। हॉकी, क्रिकेट, शूटिंग, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे बड़े खेल गायब इस बार कुल 10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स शामिल हैं। क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेल ग्लासगो 2026 का हिस्सा नहीं हैं। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे ज्यादा मेडल शूटिंग में ही जीते हैं। भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है? भारत ने 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू किया था।भारत ने 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर बाकी सभी एडिशन में हिस्सा लिया है। लंदन 1934 गेम्स में भारत की ओर से छह एथलीटों ने हिस्सा लिया था। भारतीय दल ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में भाग लिया। इसी एडिशन में भारत ने अपना पहला मेडल जीता था। पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया था। 1934 में डेब्यू के बाद से भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते हैं। इनमें 203 गोल्ड, 189 सिल्वर और 172 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नया क्या होगा?कॉमनवेल्थ माइल की वापसी: एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ माइल की वापसी होगी। यह इवेंट आखिरी बार 1966 में हुआ था। यानी करीब 60 साल बाद इसकी वापसी हो रही है। 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 1500 मीटर की जगह 1 मील यानी 1.609 किलोमीटर की रेस कराई जाएगी। इस बार मेंस के साथ विमेंस की माइल रेस भी होगी।सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट प्रोग्राम: 2026 में छह खेलों में पैरा-स्पोर्ट्स को पूरी तरह शामिल किया गया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट प्रोग्राम है। कितने वेन्यू पर होंगे इवेंट्स? कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो के चार अलग-अलग वेन्यू पर किया जाएगा। ग्लासगो दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2014 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था। ओपनिंग सेरेमनी में चानू-लवलीना फ्लैग बियरर होंगी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी 23 जुलाई 2026 को होगी। समारोह ग्लासगो के ओवीओ हाइड्रो एरीना में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से 2:30 बजे तक होगी। भारत की ओर से मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन फ्लैग बियरर होंगी। इसमें मशहूर ब्रिटिश सिंगर टॉम वॉकर परफॉर्म करेंगे। मेडल में दिखेगा शहर की पहचान और इतिहास ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल्स में मेजबान शहर की पहचान, इतिहास और समावेशिता की झलक दिखेगी। पुरस्कार विजेता आर्टिस्ट और डिजाइनर मिलित्सा मिलेनकोवा ने मेडल डिजाइन किए गए हैं। ये मेडल ग्लासगो के लैंडमार्क्स, कोट ऑफ आर्म्स, औद्योगिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार मेडल्स में ब्रेल और टैक्टाइल एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। कहां देख सकते हैं इवेंट्स? भारत में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनल पर किया जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। आप इन खेलों का लुत्फ डीडी स्पोर्ट्स पर भी मुफ्त में उठा सकते हैं। इसके अलावा दैनिक भास्कर एप पर भी लाइव अपडेट्स पढ़े जा सकेंगे। --------------------------- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, पिछली बार से 85 कम स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। पूरी खबर…
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शामल 4:30 बजे से शुरु होगा। भारत श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक भी मुकाबला नहीं जीता है। टीम ने इंग्लैंड और आयरलैंड में 7 में से 6 टी-20 मैच हारे, एक मैच बेनतीजा रहा। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे पर फ्लॉप रहे। वे 3 मैचों में सिर्फ 42 रन बना सके। हालांकि हरारे के मैदान पर उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में यहां 80 गेंद पर 175 रन की पारी खेली थी। भारत को जिम्बाब्वे तीन बार हरा चुका भारत और जिम्बाब्वे के बीच 14 टी-20 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत को 11 मैचों में जीत मिली है। वहीं जिम्बाब्वे भी भारत को 3 बार हरा चुका है। आखिरी बार जुलाई 2024 में जिम्बाब्वे ने हरारे में भारत को 3 रन से शिकस्त दी थी। दोनों के बीच आखिरी मुकाबला इसी साल टी-20 वर्ल्ड कप में खेला गया था। तब भारत ने चेन्नई में खेले गए मुकाबले में 72 रन से जीत दर्ज की थी। ईशान किशन इस साल टीम के टॉप स्कोरर भारत के लिए ईशान किशन ने इस साल सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 20 मैचों में 182.73 की स्ट्राइक रेट से 667 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 103 रन रहा है। उनके अलावा अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी से भी बड़ी पारी की उम्मीद होगी। स्क्वाड में शामिल गेंदबाजो में शिवम दुबे ने इस साल सबसे ज्यादा 13 विकेट चटकाए हैं। हालांकि प्रिंस यादव युवा गेंदबाजी अटैक का नेतृत्व करेंगे। मुजरबानी जिम्बाब्वे के पेस अटैक का नेतृत्व करेंगे जिम्बाब्वे की सबसे बड़ी ताकत उसकी तेज गेंदबाजी है। टीम में ब्लेंसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगारवा और ब्रैड इवांस की पेस तिकड़ी है। इस साल मुजरबानी टीम के टॉप विकेट टेकर रहे। उन्होंने 9 मैचों में 7.17 की इकोनॉमी से 17 विकेट लिए हैं। ओपनर ब्रायन बेनेट ने 2026 में टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 9 मैचों में 135.86 की स्ट्राइक रेट से 394 रन बनाए। नाबाद 97 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा। पिच रिपोर्ट और वेदर हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मुफीद मानी जाती है। हालांकि नई गेंद से तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। गुरुवार को हरारे में धूप खिली रहेगी और बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के दौरान तापमान 25C के आसपास रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे/रवि बिश्नोई, अशोक शर्मा/मयंक यादव, यश ठाकुर, प्रिंस यादव। जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, वेस्ली मधेवेरे, तादिवानाशे मारुमानी/तफद्जवा त्सिगा (विकेटकीपर), डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, मिल्टन शुम्बा, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजरबानी।
IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं। भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं ललित मोदी ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने ED की सबसे अहम दलील ही खारिज कर दी, जिससे पूरे मामले का आधार बदल गया। उनके मुताबिक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम 'करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन' थी, न कि 'कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन'। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ललित मोदी ने कहा, ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि वह BCCI की ओर से FEMA के तहत कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे और न ही उनके पास वह वित्तीय अधिकार थे, जिनका ED ने दावा किया था। इससे 2009 के दक्षिण अफ्रीका IPL से जुड़े सबसे बड़े कानूनी मामले का अंत हो गया। ट्रिब्यूनल के इस फैसले से 2010 में भारत छोड़ने के बाद ललित मोदी के सामने मौजूद सबसे बड़ी कानूनी बाधाओं में से एक खत्म हो गई है। हालांकि यह फैसला सिर्फ IPL 2009 के FEMA मामले तक सीमित है। ED ने ललित मोदी के खिलाफ कई दूसरी जांचें भी शुरू की थीं। ललित मोदी से जुड़े अन्य मामले 1. IPL ब्रॉडकास्ट राइट्स मामला जब 2008 में IPL शुरू हुआ, तब टीवी पर मैच दिखाने के अधिकार (ब्रॉडकास्ट राइट्स) वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (WSG) को दिए गए थे। WSG ने भारत में मैच दिखाने के अधिकार सोनी को दिए। 2009 में IPL के दूसरे सीजन से ठीक पहले ललित मोदी ने सोनी से करार रद्द कर दिया और बिना दोबारा टेंडर निकाले दोबारा WSG के साथ समझौता कर लिया। ED ने आरोप लगाया कि IPL के मीडिया और ब्रॉडकास्ट अधिकार देने की प्रक्रिया में FEMA और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ। इसमें WSG को 425 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया गया। इस मामले में बाद में विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। 2. BCCI की अनुशासनात्मक कार्रवाई 2010 में IPL से जुड़े कई विवाद सामने आने के बाद BCCI ने ललित मोदी को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की। जांच में BCCI ने आरोप लगाया कि ललित मोदी ने IPL चलाने के दौरान कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया। इनमें ब्रॉडकास्ट राइट्स, टीमों की बोली, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय फैसलों से जुड़े आरोप शामिल थे। करीब तीन साल तक जांच और सुनवाई चलने के बाद 2013 में BCCI की अनुशासन समिति ने ललित मोदी को सभी क्रिकेट गतिविधियों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया।
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल वनडे के नंबर-1 बल्लेबाज बनने से एक अंक दूर है। वे ICC के वनडे बैटर्स की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। गिल के 801 रेटिंग पॉइंट्स हैं, जबकि मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 डेरिल मिचेल के 802 अंक हैं। 19 जुलाई को लॉर्ड्स में 138 रनों की पारी खेलने वाले रोहित शर्मा ने विराट कोहली से रेटिंग पॉइंट्स का फासला कम कर लिया है। दोनों में 9 रेटिंग पॉइंट्स का अंतर है। रोहित चौथे और विराट तीसरे स्थान पर हैं। ICC ने बुधवार को ताजा रैंकिंग जारी की। जो रूट टॉप-10 में लौटे, डकेट 19वें नंबर पर आए वनडे की बैटिंग रैंकिंग में इंग्लैंड के जो रूट को चार स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें नंबर पर पहुंच गए हैं। रूट साल 2020 के बाद पहली बार उन्होंने वनडे रैंकिंग के टॉप-10 में जगह बनाई है। रूट ने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में नाबाद रहे थे। उन्होंने 76, 99 और 74 रन की पारियां खेली थीं। लॉर्ड्स वनडे में 141 रन बनाने वाले बेन डकेट 11 स्थान की बढ़त के साथ संयुक्त 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अक्षर, अल्जारी और करन को 10-10 स्थान का फायदा वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भारत के अक्षर पटेल, वेस्टइंडीज के अल्जारी जोसेफ और इंग्लैंड के सैम करन को 10-10 स्थान का फायदा हुआ है। अक्षर 32वें, जोसेफ 26वें और करन 70वें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनर चौथे और वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती संयुक्त नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं। T20I में तांजिद, बेनेट और नगरवा ने लगाई छलांग ICC की ताजा T20I रैंकिंग में बांग्लादेश के तांजिद हसन करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर ब्रायन बेनेट नौवें स्थान पर पहुंचकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की, जबकि तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा 37 स्थान की छलांग लगाकर करियर के सर्वश्रेष्ठ 32वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ------------------------------------------- इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वेस्टइंडीज ने आखिरी वनडे 2 विकेट से जीता, न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-3 से सीरीज गंवाई वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी मैच में 2 विकेट की जीत हासिल की। हालांकि, बुधवार को मिली इस जीत के बावजूद टीम ने 5 मैचों की सीरीज 2-3 से गंवा दी। ब्रिजटाउन में कैरेबियाई टीम ने 269 रन का टारगेट 47.3 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया। शिमरोन हेटमायर ने नाबाद 69 रनों की पारी खेली। वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जॉयडन लेनिक्स को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। पढ़ें पूरी खबर
हालिया फुटबॉल वर्ल्ड कप में नॉर्वे के अर्लिंग हालेंड 7 गोल दागकर टूर्नामेंट के चौथे सबसे सफल खिलाड़ी रहे। 6 फुट 5 इंच लंबे इस खिलाड़ी की फुर्ती और फिटनेस भी चर्चा में रही। उनकी इस शानदार परफॉरमेंस का राज केवल उनकी शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि उनकी गजब की मानसिक मजबूती है। पिछले साल की एक घटना है, जब मैनचेस्टर सिटी की ट्रेनिंग फैसिलिटी में हालेंड एक ‘हाइपोक्सिक चैंबर’ में एक्सरसाइज बाइक चला रहे थे। यह एक ऐसा कमरा होता है, जहां पहाड़ों जैसी ऊंचाई और तेज गर्मी का माहौल बनाकर हवा में ऑक्सीजन काफी कम कर दी जाती है। हालेंड को पूरी ताकत लगाकर अपना हार्ट रेट 150 बीट्स प्रति मिनट तक ले जाना था। उन्होंने कैमरे की तरफ देखते हुए कहा था कि वह यह बिल्कुल नहीं करना चाहते, लेकिन फिर भी करेंगे क्योंकि यह उनके शरीर और दिमाग दोनों के लिए अच्छा है। हालेंड का खुद को थकावट की लिमिट से आगे ले जाने का तरीका बेहद असरदार है। उनका मानना है कि अगर आप खुद से कहेंगे कि आप थक गए हैं, तो आप सच में थक जाएंगे। लेकिन अगर आप खुद से कहेंगे कि ‘मैं इतना भी नहीं थका हूं, सब ठीक है,’ तो आपको थकान महसूस नहीं होगी। उनका सीधा सा फंडा है कि हमारे शरीर में हमारी सोच से कहीं ज्यादा सहने की ताकत होती है और यह सब सिर्फ दिमाग का खेल है। बास्केटबॉल सुपरस्टार लेब्रोन जेम्स और अमेरिकी फुटबॉल के दिग्गज टॉम ब्रैडी जैसे चैम्पियन खिलाड़ी भी इसी सोच के साथ मैदान में उतरते रहे हैं। सालों से खेल मनोवैज्ञानिक भी मानते आए हैं कि खुद से सकारात्मक बातें करना (पॉजिटिव सेल्फ-टॉक) एक बेहतरीन टूल है, और अब विज्ञान भी यही मानता है। वेल्स की बांगोर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेम्स हार्डी और उनके साथियों द्वारा 2014 में की गई एक रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि एथलीट इसलिए हार नहीं मानते क्योंकि उनकी मांसपेशियों की ताकत खत्म हो जाती है, बल्कि वे इसलिए रुकते हैं क्योंकि उनका दिमाग मान लेता है कि अब दर्द या मेहनत बर्दाश्त से बाहर है। इस रिसर्च में कुछ युवाओं को साइकिल चलाने को कहा गया। जिस ग्रुप ने एक्सरसाइज के दौरान खुद से सकारात्मक बातें कीं, उनकी क्षमता में 18 प्रतिशत का सुधार देखा गया। दिलचस्प बात यह थी कि उनकी हार्ट रेट और शारीरिक मेहनत में कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन खुद से अच्छी बातें करने की वजह से उन्हें वह काम आसान लगा। हालेंड जब भी मैदान पर थकते हैं, तो खुद से बस यही कहते हैं कि ‘मैं थका नहीं हूं।’ खुद से ‘तुम’ कहकर बात करना भी देता है एनर्जी यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के मनोवैज्ञानिक एथन क्रॉस की रिसर्च के अनुसार, खुद से बात करते समय किसी दूसरे व्यक्ति की तरह (जैसे ‘तुम’ कहकर) बात करना और भी ज्यादा फायदेमंद होता है। इसलिए, अगर आप भी चैम्पियन जैसी एनर्जी पाना चाहते हैं, तो अगली बार जब आप दौड़ते हुए, जिम में, या ऑफिस का काम करते हुए थकने लगें, तो खुद से बस यही कहें कि ‘तुम थके नहीं हो।’
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मंगलवार को बेलफास्ट से ग्लासगो पहुंची टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा। टीम का आधा सामान बेलफास्ट में ही छूट गया, जहां खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रहे थे। इनमें बॉक्सिंग गियर, किट और ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस शामिल हैं। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, टीम के सदस्यों ने बताया कि आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट से ग्लासगो जाने वाला विमान काफी छोटा था। इस वजह से काफी सामान वहीं छोड़ना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन ओपनिंग सेरेमनी होगी। बॉक्सिंग के मुकाबले 24 जुलाई से शुरू होने हैं। भाारत ने गेम्स में 22 बॉक्स उतारे हैं। ये सभी खिलाड़ी 12 जुलाई से बेलफास्ट में स्पेशल ट्रेनिंग कर रहे थे। 3 फोटो देखिए… वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन और हेड कोच का सामान गायब वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), जादुमनी सिंह (55 किग्रा) और कपिल पोखारिया (90 किग्रा) का सामान मिसिंग है। प्लेयर्स के अलावा, मेंस टीम के हेड कोच सी. कुटप्पा का बैग भी ग्लासगो नहीं पहुंचा है। इसी महीने जब टीम दोहा से बेलफास्ट जा रही थी, तब भी लगेज को लेकर ऐसी ही समस्या आई थी। महिला कोच को अलग होटल में ठहराया, तैयारियों पर असर सामान छूटने के साथ-साथ टीम को रुकने की व्यवस्था में भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। महिला मुक्केबाजों की कोच को उस होटल में कमरा नहीं मिला है, जहां खिलाड़ी ठहरी हुई हैं। कोच को खिलाड़ियों से दूर दूसरे होटल में रखा गया है, जिससे टूर्नामेंट की तैयारियों और टीम के तालमेल में परेशानी आ रही है। -------------------------------------- कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चानू और लवलीना होंगी भारत की ध्वजवाहक, IOA ने घोषणा की ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
वेस्टइंडीज ने आखिरी वनडे 2 विकेट से जीता:न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-3 से सीरीज गंवाई, हेटमायर की फिफ्टी
मेजबान वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी मैच में 2 विकेट की जीत हासिल की। हालांकि, बुधवार को मिली इस जीत के बावजूद टीम ने 5 मैचों की सीरीज 2-3 से गंवा दी। ब्रिजटाउन में कैरेबियाई टीम ने 269 रन का टारगेट 47.3 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया। शिमरोन हेटमायर ने नाबाद 69 रनों की पारी खेली। वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जॉयडन लेनिक्स को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। न्यूजीलैंड की खराब शुरुआत टॉस हराने के बाद पहले बैटिंग कर रही न्यूजीलैंड 50 ओवर में 9 विकेट पर 268 रन बनाए। टीम ने 16 रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया था। यहां पर हेनरी निकोलस 10 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें मैथ्यू फोर्ड ने बोल्ड किया। यंग-केली ने पारी संभाली, दोनों की फिफ्टी 5वें ओवर में पहला विकेट गंवाने के बाद ओपनर विल यंग और निक केली ने कीवियों की पारी संभाली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 90 गेंद पर 86 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी को विटेल लुईस ने विल यंग को बोल्ड करके तोड़ा। विल यंग ने 56 रन बनाए। यंग के आउट होने के बाद केली ने मार्क चैपमैन के साथ पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन चैपमैन 11 रन बनाकर आउट हो गए। चैपमैन के आउट होने के बाद विल यंग 64 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टॉम लैथम ने स्कोर 200 पार पहुंचाया मार्क चैपमैन के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे टॉम लैथम ने न्यूजीलैंड की पारी को 200 पार पहुंचा दिया। उन्होंने 69 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। आखिर में कप्तान मिचेल सैंटनर और नाथन स्मिथ ने 50 ओवर में टीम का स्कोर 268/9 पहुंचा दिया। विटेल लुइस और अल्जारी जोसेफ को दो-दो विकेट मिले। कैरेबियाई ओपनर्स में फिफ्टी पार्टनरशिप 269 रन का टारगेट चेज करने उतरे कैरेबियाई ओपनर्स ने फिफ्टी पार्टनरशिप की। हालांकि, 59 रन के टीम स्कोर पर पवेलियन भी लौट गए। एकीम ऑगस्टे 34 और जस्टिन ग्रीव्स 22 रन बनाकर आउट हुए। केसी कर्टी 20 और कप्तान शाई होप 39 रन बनाकर आउट हुए। एक समय टीम का स्कोर 123/4 हो गया था। हेटमायर-रदरफोर्ड में 95 रनों की साझेदारी, स्कोर 200 पार शुरुआती विकेट जल्दी गंवाने के बाद शेरफन रदरफोर्ड ने शिमरोन हेटमायर के साथ मिलकर वेस्टइंडीज को 200 पार पहुंचाया। दोनों ने 5वें विकेट के लिए 90 गेंद पर 95 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी रदरफोर्ड के आउट होने से टूटी। उन्हें 61 रन के निजी स्कोर पर टॉम लैथम ने माइकल ब्रेसवेल की गेंद पर स्टंप किया। हेटमायर मैच जिताकर लौटे, नाबाद 69 रन बनाए 218 रन के टीम स्कोर पर रदरफोर्ड का विकेट गंवाने के बाद शिमरोन हेटमायर ने टीम की नैया पार लगाई। वे 69 रन बनाकर नाबाद लौटे। न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी और जॉयडन लेनिक्स को 3-3 विकेट मिले। आखिर में ब्रीफ स्कोर देखिए… ---------------------------------------- इंटरनेशनल क्रिकेट की यह खबरें भी पढ़िए… ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश टेस्ट सीरीज के लिए टीम घोषित की, कमिंस, हैजलवुड और लॉयन की वापसी ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त में होने वाली 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 13 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। कप्तान पैट कमिंस, तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड और अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लॉयन की वापसी हुई है। तीनों चोट के कारण हालिया मैचों से बाहर थे। पढ़ें पूरी खबर
चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स-2026 चेस टूर्नामेंट के छठे राउंड में मंगलवार को एम प्रनेश ने वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को 39 चालों में हराया। टूर्नामेंट में यह गुकेश की लगातार दूसरी हार है। वहीं, निहाल सरीन ने अर्जुन एरिगैसी को 60 चालों में हराया। इस हार के बाद अर्जुन दूसरे स्थान पर खिसक गए, जबकि फ्रांस के अलीरेज़ा फिरोजा 4 अंकों के साथ अकेले टॉप पर पहुंच गए। नोदिरबेक अब्दुसातोरोव भी 3.5 अंकों के साथ अर्जुन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर हैं। गुकेश पूरे मुकाबले में कई बार गलत कैलकुलेशन कर बैठे, जिसका फायदा उठाते हुए प्रनेश ने टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत दर्ज की। दूसरी ओर, ड्रॉ की ओर बढ़ रहे मुकाबले में निहाल ने शानदार रुक सैक्रिफाइस खेलकर बाजी अपने पक्ष में कर ली और एरिगैसी ने 60 चालों के बाद हार स्वीकार कर ली। अन्य मुकाबलों में अलीरेजा फिरोजा और नोदिरबेक अब्दुसातोरोव तथा हंस नीमन और दिमित्री अंद्रेकिन के बीच बाजी ड्रॉ रही। अब बुधवार को होने वाले अंतिम राउंड में गुकेश का सामना हंस नीमन से होगा, जबकि फिरोज़ा और एरिगैसी के बीच मुकाबला खिताब का फैसला करेगा। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी 5s एशियन चैंपियनशिप: भारत ने पाकिस्तान को 7-4 से हराया, महिला टीम की 16-0 से जीत एफआईएच यूथ हॉकी 5s एशियन चैंपियनशिप-2026 में भारतीय सब-जूनियर पुरुष और महिला टीमों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को एलीट पूल मुकाबलों में पुरुष टीम ने पाकिस्तान को 7-4 और मेजबान ओमान को 14-0 से हराया। वहीं महिला टीम ने चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद उज्बेकिस्तान को 16-0 से मात दी। इन नतीजों के साथ भारत की दोनों टीमें टूर्नामेंट में अजेय हैं और यूथ हॉकी 5s वर्ल्ड कप में जगह बनाने के करीब पहुंच गई हैं। पाकिस्तान के खिलाफ करण गौतम ने हैट्रिक लगाई, जबकि राहुल यादव, प्रह्लाद राजभर, कप्तान केतन कुशवाहा और रोमित पाल ने एक-एक गोल किया। इससे पहले ओमान पर 14-0 की जीत में केतन ने चार और आशीष तानी पूर्ति ने तीन गोल दागे। अल्टीमेट टेबल टेनिस: कोलकाता ने यू मुंबा को 8-7 से हराया अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटीटी) सीजन-7 में मंगलवार को एचवीआर कोलकाता थंडर ब्लेड्स ने यू मुंबा टीटी को 8-7 से हरा दिया। इस जीत के साथ कोलकाता ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। हार के बावजूद बेहतर गेम काउंट के आधार पर यू मुंबा भी अंतिम-4 में पहुंच गया। डेम्पो गोवा चैलेंजर्स के साथ अब तीन सेमीफाइनलिस्ट तय हो चुके हैं। कोलकाता ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की। एडुआर्ड इयोनेस्कू ने पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए मानुष शाह को 2-1 (9-11, 11-8, 11-7) से हराकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद कोलकाता के लिए तनीषा कोटेचा ने इस सीजन में पहली बार एना हर्सी को हराया, जबकि जेंग जियान ने निर्णायक तीसरा गेम जीतकर टीम को मुकाबला जिताया।
अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटीटी) सीजन-7 में मंगलवार को एचवीआर कोलकाता थंडर ब्लेड्स ने यू मुंबा टीटी को 8-7 से हरा दिया। इस जीत के साथ कोलकाता ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। हार के बावजूद बेहतर गेम काउंट के आधार पर यू मुंबा भी अंतिम-4 में पहुंच गया। डेम्पो गोवा चैलेंजर्स के साथ अब तीन सेमीफाइनलिस्ट तय हो चुके हैं। कोलकाता ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की। एडुआर्ड इयोनेस्कू ने पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए मानुष शाह को 2-1 (9-11, 11-8, 11-7) से हराकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद कोलकाता के लिए तनीषा कोटेचा ने इस सीजन में पहली बार एना हर्सी को हराया, जबकि जेंग जियान ने निर्णायक तीसरा गेम जीतकर टीम को मुकाबला जिताया। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी 5s एशियन चैंपियनशिप: भारत ने पाकिस्तान को 7-4 से हराया, महिला टीम की 16-0 से जीत एफआईएच यूथ हॉकी 5s एशियन चैंपियनशिप-2026 में भारतीय सब-जूनियर पुरुष और महिला टीमों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को एलीट पूल मुकाबलों में पुरुष टीम ने पाकिस्तान को 7-4 और मेजबान ओमान को 14-0 से हराया। वहीं महिला टीम ने चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद उज्बेकिस्तान को 16-0 से मात दी। इन नतीजों के साथ भारत की दोनों टीमें टूर्नामेंट में अजेय हैं और यूथ हॉकी 5s वर्ल्ड कप में जगह बनाने के करीब पहुंच गई हैं। पाकिस्तान के खिलाफ करण गौतम ने हैट्रिक लगाई, जबकि राहुल यादव, प्रह्लाद राजभर, कप्तान केतन कुशवाहा और रोमित पाल ने एक-एक गोल किया। इससे पहले ओमान पर 14-0 की जीत में केतन ने चार और आशीष तानी पूर्ति ने तीन गोल दागे।
IPL-2009 को साउथ अफ्रीका में आयोजित कराने से जुड़े 15 साल पुराने फेमा (FEMA) मामले में पूर्व IPL चेयरमैन ललित मोदी को बड़ी राहत मिली है। स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट (SAFIMA) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) का उन पर लगाया जुर्माना रद्द कर दिया है। यह मामला 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा कारणों से आईपीएल का दूसरा सीजन दक्षिण अफ्रीका में आयोजित कराने से जुड़ा है। ईडी का आरोप था कि BCCI ने IPL 2009 के आयोजन के लिए करीब 4.98 करोड़ अमेरिकी डॉलर (243 करोड़ रुपए से अधिक) भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व अनुमति के बिना विदेश भेजे थे। ट्रिब्यूनल ने कहा- ललित मोदी इस लेनदेन के जिम्मेदार नहीं 105 पन्नों के फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि ललित मोदी की जिम्मेदारी साबित करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि मोदी BCCI के मामलों के प्रभारी नहीं थे। उन्हें पर्याप्त सबूतों के बिना इस मामले में शामिल किया गया था। इसलिए उन पर लगाया गया जुर्माना गलत था। 2018 में ED ने जुर्माना लगाया था ईडी ने 2011 में इस मामले में शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। 2018 में ललित मोदी, BCCI के कुछ पूर्व पदाधिकारियों और अन्य पर जुर्माना लगाया था। इसके बाद सभी ने SAFEMA अपीलीय न्यायाधिकरण में इसे चुनौती दी थी। ललित मोदी ने कहा- कोई गलत काम नहीं किया फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा भारतीय क्रिकेट और IPL के हित में काम किया और कोई व्यक्तिगत गलत कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह भी पुष्टि करता है कि किसी भी आरोप का फैसला कानून और साक्ष्यों के आधार पर ही होना चाहिए। आखिरी में ललित मोदी का करियर देखिए… -------------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल पर रेप का आरोप, कोलकाता हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के आदेश दिए कोलकाता हाईकोर्ट ने रेप मामले में IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस को अभिषेक के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने का आदेश दिया है। बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल पर एक महिला ने शादी का वादा कर संबंध बनाने और दोनों के निजी पलों की रिकॉर्डिंग करने के आरोप लगाए हैं। क्रिकेटर पर धमकियां देने के भी आरोप हैं। पढ़ें पूरी खबर
भारत और जिम्बाब्वे टी20 सीरीज होगी रोमांचक
हरारे, भारतीय टीम 3 टी20 मैचों की सीरीज के लिए जिम्बाब्वे दौरे पर है। आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज में हार के बाद टीम इंडिया के लिए जिम्बाब्वे दौरा अहम है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट और भारत में खेले जाने वाले इंटरनेशनल मैचों के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए टेंडर जारी किया है। मौजूदा स्पॉन्सर IDFC फर्स्ट बैंक का तीन साल का करार अगस्त 2026 में खत्म हो रहा है। बोर्ड ने एसोसिएट पार्टनर राइट्स के लिए भी आवेदन मांगे हैं। IDFC से पहले मास्टरकार्ड था टाइटल स्पॉन्सरIDFC से पहले टाइटल स्पॉन्सर का अधिकार मास्टरकार्ड के पास था। उसके बाद पेटीएम के पास था। घरेलू और इंटरनेशनल मैच शामिल चुनी गई कंपनी को भारत में होने वाले पुरुष और महिला टीमों के टेस्ट, वनडे और टीञ20 इंटरनेशनल मैचों के साथ रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, ईरानी कप और जूनियर घरेलू टूर्नामेंटों के टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकार मिलेंगे। 4 अगस्त तक दस्तावेज, 13 अगस्त तक बिड टेंडर पेपर खरीदने के लिए 1 लाख रुपए (GST अलग) की नॉन-रिफंडेबल फीस तय की गई है। टेंडर पेपर खरीदने की अंतिम तारीख 4 अगस्त और बिड जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त है। 2023 में IDFC फर्स्ट बैंक से हुई थी डीलIDFC फर्स्ट बैंक ने सितंबर 2023 में BCCI के साथ तीन साल का करार किया था, जिसकी अवधि अगस्त 2026 में पूरी होगी। इसके बाद बोर्ड नए टाइटल स्पॉन्सर का चयन करेगा। एसोसिएट पार्टनर के लिए भी आवेदनBCCI ने एसोसिएट पार्टनर राइट्स के लिए भी बोली मंगाई है। टेंडर पेपर 14 अगस्त तक खरीदे जा सकेंगे, 16 अगस्त तक स्पष्टीकरण मांगा जा सकेगा और 25 अगस्त तक कोटेशन जमा किए जा सकेंगे। केवल फीस जमा करने से एलिजिबिलिटी नहींBCCI ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ टेंडर की फीस जमा करने से कोई कंपनी टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेगी। बोर्ड की सभी शर्तें पूरी करने वाली कंपनियों को ही इसमें शामिल होने की अनुमति मिलेगी।
विश्व कप खेलना रोहित की इच्छा: रविचंद्रन अश्विन
नई दिल्ली, भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर हो रही बहस के बीच उनका समर्थन किया है।
स्पेन ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के तीन अहम व्यक्तिगत अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए। मिडफील्ड के उस्ताद रोड्री ने शानदार खेल के लिए गोल्डन बॉल जीता। गोलकीपर उनाई सिमोन ने गोल्डन ग्लव हासिल किया, जिन्होंने 7 मैचों में बिना गोल खाए रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले कोई खिलाड़ी ऐसा 5 से ज्यादा बार नहीं कर पाया था। वहीं, 19 साल के युवा सनसनी पाउ कुबारसी ने बेस्ट यंग प्लेयर का अवॉर्ड जीता। ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ, जब चैम्पियन टीम ने ये तीन मेजर अवार्ड्स भी जीते। 2022 में अर्जेंटीना ने भी ऐसा किया था। जानिए स्पेन के इन खिलाड़ियों की कहानियां... रोड्री - करोड़पति खिलाड़ी, लेकिन आम इंसान जैसी जिंदगी, सेकंड हैंड कार खरीदी 30 साल के रोड्री सादगी के लिए मशहूर हैं। स्पेन के टॉप लेवल फुटबॉल में खेलने के बावजूद उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए एक सामान्य यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहना जारी रखा। दिखावे की जिंदगी से दूर, उन्होंने एक बुजुर्ग महिला से पुरानी कार खरीदी थी। उनका मानना है कि कार का मकसद सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाना है, दिखावा करना नहीं। रोड्री सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। उनके शरीर पर कोई टैटू नहीं है। मॉडर्न और फैशनेबल फुटबॉलर्स के बीच वह पुराने जमाने के दिग्गजों की तरह हमेशा अपनी जर्सी (शर्ट) शॉर्ट्स के अंदर (टक-इन) करके खेलते हैं। उनकी गर्लफ्रेंड लौरा कोई सुपरमॉडल नहीं बल्कि मेडिकल की छात्रा हैं। दोनों की मुलाकात यूनिवर्सिटी हॉस्टल में ही हुई थी। पाउ कुबारसी - बढ़ई के बेटे, 200 लोगों के गांव से निकले; मैच के बाद होमवर्क 19 वर्षीय पाउ कुबारसी की जड़ें ‘एस्टानयोल’ में हैं, जो 200 से भी कम आबादी वाला एक गांव है। कुबारसी एक बढ़ई (कारपेंटर) परिवार से आते हैं और फुटबॉल स्टार बनने से पहले अपने पिता की लकड़ी की दुकान में हाथ बंटाते थे। उनके माता-पिता अब भी गांव में यह दुकान चलाते हैं। कुबारसी अपने अनुशासन के लिए मशहूर हैं। बार्सिलोना के लिए शुरुआती दिनों में वह मैच के बाद हॉस्टल लौटकर अपना स्कूल का होमवर्क पूरा करते थे। चैम्पियंस लीग में पहला ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीतने के बाद अगली सुबह वह आम बच्चों की तरह स्कूल पहुंच गए। कुबारसी बचपन में महान स्पेनिश डिफेंडर्स कार्लेस पुयोल और गेरार्ड पिके के टैकल और डिफेंस के वीडियो देखकर सीखते थे। उनाई सिमोन - सोशल मीडिया से दूर, बोले- मेरा काम गोल रोकना, सामान बेचना नहीं 29 साल के उनाई सिमोन चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं। इस गोल्डन ग्लव विजेता सिमोन का कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। वह स्पॉन्सरशिप और विज्ञापनों से भी दूरी बनाकर रखते हैं। उनका मानना है कि उनका काम सिर्फ मैदान पर गोल रोकना है, टीवी पर प्रोडक्ट बेचना नहीं। मैदान से फुर्सत मिलते ही वह अपने बचपन के दोस्तों के साथ मछली पकड़ने के लिए होमटाउन ‘मुर्गिया’ चले जाते हैं। मैच से पहले जब बाकी खिलाड़ी तेज संगीत सुनते हैं, तब सिमोन ड्रेसिंग रूम के एक कोने में बैठकर किताबें पढ़ना पसंद करते हैं। उनके सख्त अनुशासन की नींव बचपन में ही पड़ गई थी, क्योंकि पिता पुलिस अधिकारी रहे हैं। वे स्पेन को 2024 में भी यूरो चैम्पियन बना चुके हैं।
2 बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने अपनी दमदार वापसी का क्रेडिट भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को दिया है। उन्होंने 2 दिन पहले शनिवार को जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीता। सिंधु ने करीब 2 साल बाद कोई खिताब जीता था। इससे पहले वे करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थीं। 31 साल की पीवी सिंधु ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने कमबैक में कोहली की भूमिका का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि करियर के सबसे मुश्किल दौर में उन्होंने विराट से सलाह ली थी और उनकी एक सीख ने पूरी सोच बदल दी। सिंधु की 2 बातें सिंधु की वापसी के 3 किरदार 1. कोहली; ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल में खुशी तलाशने की सलाह दी सिंधु ने कहा कि उस मुलाकात में हुई बातचीत निजी रहेगी, लेकिन विराट की सबसे बड़ी सीख थी कि ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल में दोबारा खुशी तलाशनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब वह सुबह 5:30 बजे अभ्यास के लिए ट्रॉफी जीतने नहीं, बल्कि खेल के प्रति अपने जुनून की वजह से उठती हैं। इस मानसिक बदलाव के साथ सिंधु ने अपने खेल में कई सुधार किए। उन्होंने करीब 3.5 किलो वजन कम किया, नेट गेम को मजबूत बनाया, डेटा आधारित ट्रेनिंग अपनाई और इंडोनेशियाई कोच इरवांशाह व स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड के साथ फिटनेस पर विशेष काम किया। 2. पति वेंकट दत्ता; वापसी के लिए मेंटली तैयार किया पैर के लिगामेंट की चोट के बाद डॉक्टर दिनशॉ परदीवाला ने सिंधु को पूरा आराम करने की सलाह दी। इसके बाद दत्ता साई उन्हें अमेरिका के अटलांटा ले गए। जहां परिवार के बीच रहकर मानसिक रूप से सिंधु ने खुद को फिर से तैयार किया। पेरिस ओलिंपिक के बाद डेटा एनालिटिक्स की मदद से सिंधु के खेल का विश्लेषण किया। सात ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए फिटनेस, हार्ट रेट, नींद, रिकवरी और ट्रेनिंग लोड की लगातार निगरानी की गई। लगभग 3.5 किलो वजन कम कराया गया, जबकि मसल्स बरकरार रखी गईं। 3. कोच इरवांशाह; गेम के कई पहलुओं में सुधार किया कोच इरवांशाह ने उनके नेट गेम, धैर्य और अटैकिंग पैटर्न पर काम किया। टीम ने अनफोर्स्ड एरर कम करने और लंबे समय तक उच्च स्तर पर खेलने की क्षमता विकसित करने पर फोकस किया। इन बदलाव का असर सिंधु के खेल में देखने को मिला। उन्होंने यामागुची को महज 50 मिनट में सीधे गेम में हरा दिया। उन्होंने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 चीनी खिलाड़ी चेन यूफेई को हराया। सिंधु की नजर वर्ल्ड चैंपियनशिप पर अब सिंधु की नजर चीन ओपन, विश्व चैंपियनशिप और लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 पर है। उनके पति वेंकट दत्ता साई का कहना है कि टीम का अंतिम लक्ष्य अभी भी ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतना है। -------------------------------------------------- पीवी सिंधु से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पीवी सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बनीं भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। वे यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। 31 साल की सिंधु ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
कोलकाता हाईकोर्ट ने रेप मामले में IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने मोगरा पुलिस को अभिषेक के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने का आदेश दिया है। ताकि वे कथित निजी फोटो और वीडियो का आगे प्रसार रोका जा सके। दरअसल, एक महिला ने अभिषेक पोरेल पर शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने और दोनों के निजी पलों की रिकॉर्डिंग करने के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं, क्रिकेटर पर धमकियां देने के भी आरोप हैं। 23 साल के अभिषेक पोरेल विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। वे दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं। दिल्ली ने उन्हें 4 करोड़ रुपए में रीटेन किया था। अदालत ने कहा- जांच के दौरान एक पेन ड्राइव जब्त की गई है, जिसमें अहम डिजिटल सामग्री होने की आशंका है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती आवश्यक है, ताकि कथित आपत्तिजनक डेटा को आगे साझा होने से रोका जा सके। पीड़िता का आरोप- फ्लैट पर संबंध बनाए, अब धमकी दे रहा शिकायत के अनुसार दोनों की पहचान जनवरी 2023 में हुई थी। महिला का आरोप है कि पोरेल उसे मंकुंडू स्थित अपने फ्लैट में ले गया और शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे पता चला कि आरोपी का अन्य महिलाओं के साथ भी संबंध था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे अवैध रूप से रोके रखा, खाना नहीं दिया और अलग-थलग रखा गया। शिकायत में कहा गया है कि 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई कथित घटना के बाद उसकी शारीरिक स्थिति बिगड़ गई थी और उसे तत्काल इलाज कराना पड़ा। उसने फोन और सोशल मीडिया के जरिए धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस पहले से आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अदालत ने पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित करने के लिए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अभिषेक पोरेल या उनके वकील की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है और आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। क्रिकेटर ने आरोपों को झूठा बताया था क्रिकेटर अभिषेक पोरेल इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की गई है, तो आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। यह मामला मोगरा पुलिस स्टेशन में 23 जून 2026 को दर्ज किया गया था। --------------------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनजोत कालरा श्रीलंका में गिरफ्तार पूर्व भारतीय अंडर-19 क्रिकेटर मनजोत कालरा को श्रीलंका में गिरफ्तार किया गया है। उन पर लंका प्रीमियर लीग (LPL) में एक खिलाड़ी को रिश्वत देने का आरोप लगा है। कालरा LPL की टीम जाफना किंग्स के को-ऑनर हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी टूर्नामेंट के छठे सीजन की शुरुआत से कुछ घंटे पहले की गई। पढ़ें पूरी खबर
कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन भारत अंडर-19 ने 0/2 की खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी करते हुए 65 ओवर में 3 विकेट पर 253 रन बना लिए। बारिश और खराब रोशनी के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा। सलामी बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी और सागर विर्क बिना खाता खोले आउट हो गए थे। इसके बाद कप्तान यशवर्धन चौहान (78) और कुशाग्र ओझा (103 )* ने तीसरे विकेट के लिए 122 रन जोड़कर पारी संभाली। यशवर्धन के आउट होने के बाद मनाल चौहान (55 )* ने कुशाग्र का साथ निभाया। दोनों चौथे विकेट के लिए अब तक नाबाद 131 रन जोड़ चुके हैं। श्रीलंका की ओर से गिमहान मेंडिस ने 2 और सेथमिका सेनेविरात्ने ने 1 विकेट लिया। यह खबर भी पढ़ें… जून के ICC प्लेयर ऑफ द मंथ नाथन स्मिथ और डैनी वैट-हॉज बनीं आईसीसी ने जून महीने के प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड का ऐलान किया। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ और महिला वर्ग में इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी वैट-हॉज को सम्मान मिला। स्मित ने भारत के कप्तान शुभमन गिल और बांग्लादेश के मोसादेक हुसैन को पीछे छोड़ा, जबकि डैनी ने स्कॉटलैंड की कैथरीन ब्राइस और भारत की श्री चरणी को मात दी। न्यूजीलैंड की इंग्लैंड पर 2-1 की टेस्ट सीरीज जीत में स्मित सबसे ज्यादा 16 विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने मैच में 9 विकेट (दूसरी पारी में 6/70) लिए। अवॉर्ड मिलने पर उन्होंने कहा कि टीम की जीत में योगदान देना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। महिला वर्ग में डैनी वैट-हॉज ने टी20 वर्ल्ड कप में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 62 गेंदों में नाबाद 105 रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ 53 गेंदों में नाबाद 89 रन बनाए। दोनों मैचों में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में वर्ल्ड कप फाइनल खेलना हमेशा यादगार रहेगा। आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ के विजेताओं का चयन फैंस की वोटिंग और पूर्व खिलाड़ियों व क्रिकेट विशेषज्ञों के पैनल की रेटिंग के आधार पर किया जाता है। -
फीफा ने फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल के बाद खिलाड़ियों की झड़प की जांच शुरू कर दी है। इसमें दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों पर कम से कम तीन मैचों का प्रतिबंध लग सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डिसिप्लिन कमेटी ने डिसिप्लिनरी एंड एथिक्स प्रॉसीक्यूटर नियुक्त किया है, जो संभावित नियम उल्लंघन की जांच करेगा। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। इसके बाद स्पेन के जश्न के दौरान अर्जेंटीना के लिएंड्रो परेडेस और थियागो अल्माडा, स्पेन के मिडफील्डर गावी से भिड़ गए। झड़प में क्या हुआ? प्लेयर्स पर 3 मैचों का प्रतिबंध लग सकता है FIFA अनुशासन संहिता के अनुच्छेद-14 के तहत हिंसक आचरण साबित होने पर खिलाड़ियों को न्यूनतम तीन आधिकारिक मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा जुर्माना और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (AFA) के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है। अर्जेंटीना पर बैनर मामले की जांच भी जारी अर्जेंटीना पहले से ही इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल के बाद दिखाए गए 'Las Malvinas son Argentinas' (फॉकलैंड/माल्विनास अर्जेंटीना के हैं) बैनर को लेकर FIFA की जांच का सामना कर रहा है। अब फाइनल के बाद हुई झड़प ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ----------------------------------------------------------- फीफा वर्ल्डकप फाइनल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता, अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उसने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल किया। पढ़ें पूरी खबर वर्ल्डकप फाइनल में स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ी भिड़े, 2 को रेडकार्ड; फोटो देखिए स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। पढ़ें पूरी खबर

