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CWG 2026: मेंस जैवलिन थ्रो में डबल धमाल, नीरज ने जीता सिल्वर, यशवीर के नाम ब्रॉन्ज

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में देश को दो मेडल हाथ लगे। नीरज चोपड़ा ने (85.83 मीटर) ने सिल्वर जीता, जबकि यशवीर सिंह (85.41) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (89.75 मीटर) ने खिताब अपने नाम किया।

खास खबर 1 Aug 2026 10:35 am

CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल के साथ इतिहास रचा

तेजस्विन शंकर ने शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 'डेकाथलॉन' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। हाई जंपर से डेकाथलीट बने तेजस्विन शंकर कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग इवेंट्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बर्मिंघम में 2022 एडिशन में पुरुषों की हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

खास खबर 1 Aug 2026 10:29 am

कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल जीतने वाली अस्मिता की कहानी:पिता की मौत के बाद टूट गईं, बोलीं- CM योगी का धन्यवाद, जो मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी

यूपी पुलिस की दरोगा अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। यह मेडल जीतना अस्मिता का था उतना ही उनके पिता का भी था। वह इस जीत को अपने पापा से शेयर करना चाहती थीं लेकिन वह इस दुनिया में नहीं है। उनका 7 महीने पहले ब्रेन स्टोक के कारण निधन हो गया था। वह साइकिल मैकेनिक थे। अस्मिता ने भावुक होकर कहा- जब मेरे पिता का निधन हुआ, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया, क्योंकि वही मेरा सबसे बड़ा सहारा थे। लेकिन इसके बाद मां ने जिम्मेदारी संभाली। अंतिम संस्कार के केवल 10 दिन बाद उन्होंने अस्मिता से दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा- अगर मैं आज तुम्हें रोक दूंगी, तो तुम्हारे पिता सोचेंगे कि मैंने तुम्हारे सपने तोड़ दिए। इसके बाद अस्मिता अपना सामान लेकर भोपाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र लौट गईं। गोल्ड जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा- मैं यूपी पुलिस में हूं। मैं सीएम योगी जी का धन्यवाद करना चाहती हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी। इस नौकरी से मुझे सहारा मिला। इसी की बदौलत मैं यहां तक पहुंची और गोल्ड मेडल जीत सकी। अस्मिता डे त्रिपुरा के एक गांव से हैं और यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। शुरुआत में पिछड़ीं, फिर शानदार वापसी की फाइनल मुकाबले की शुरुआत अस्मिता डे के लिए आसान नहीं रही। कनाडा की हेडी क्वाच ने पहले ही युको अंक हासिल कर बढ़त बना ली। अस्मिता को एक शिदो पेनल्टी भी मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित समय तक कोई भी खिलाड़ी निर्णायक अंक नहीं बना सका, इसलिए मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंच गया। यहां अस्मिता ने सही मौके पर शानदार दांव लगाया और दूसरा युको अंक हासिल कर मैच के साथ-साथ गोल्ड मेडल भी जीत लिया। फाइनल में पहुंचने से पहले अस्मिता ने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग और समर शॉ को हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। अस्मिता बोलीं- योगी जी के समर्थन से संबल मिला अस्मिता ने कहा- दिसंबर 2025 में उनके पिता का निधन हो गया था। मेरे पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया। उनके जाने के बाद मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। लेकिन दो महीने बाद एशियन गेम्स के ट्रायल्स हुए, जिसमें मैं नेशनल स्तर पर पहले स्थान पर रही। गोल्ड मेडल जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा- यह पदक मेरे लिए, मेरे राज्य और मेरे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैं इसे अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करती हूं। मैं इस गोल्ड मेडल से बहुत खुश हूं। यह उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने मेरा साथ दिया। उन्होंने सीएम योगी का भी धन्यवाद जताया। 800 मीटर दौड़ छोड़ जूडो चुना त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली अस्मिता डे पहले 800 मीटर दौड़ की एथलीट थीं। जिला स्तरीय ट्रायल के दौरान उनकी रुचि जूडो में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स छोड़कर जूडो को अपना खेल बना लिया और लगातार मेहनत करती रहीं। अस्मिता ने भोपाल के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) रीजनल सेंटर में कोच यशपाल सोलंकी की देखरेख में प्रशिक्षण लिया। फिलहाल वह केंद्र सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के डेवलपमेंट ग्रुप का हिस्सा हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वजन बनाए रखने के लिए रहना पड़ा भूखा अस्मिता ने खिताबी मुकाबले से पहले रैंडम वेट-इन (वजन जांच) के संघर्ष को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह भूखा रहना पड़ा था। मैं ज्यादा कुछ नहीं खा सकती थी क्योंकि रैंडम वेट-इन में आपका वजन 50 किलो से कम होना चाहिए। जब मैं सुबह उठी, तो मेरा वजन 50 किलो 300 ग्राम था, इसलिए मैंने कुछ नहीं खाया। जब मेरा नाम रैंडम वेट-इन के लिए आया, तब जाकर मैंने औपचारिकता पूरी होने के बाद खाया-पिया और उसके एक घंटे बाद ही मेरी फाइट थी। डीजीपी बोले- अस्मिता ने बढ़ाया यूपी पुलिस और देश का गौरव यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने स्वर्ण पदक जीतने पर अस्मिता डे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अस्मिता डे ने महिला 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में गोल्ड जीतकर यूपी पुलिस, प्रदेश और पूरे देश का नाम रोशन किया है। यह उनकी सफलता अनुशासन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण है। यह उपलब्धि सीएम योगी की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की नीति का भी परिणाम है। खेल कोटे के जरिए खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में नौकरी देने से उन्हें खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिला है। ---------------------------ये खबर भी पढ़ें… यूपी में महिलाओं-बुजुर्गों को ₹1500 पेंशन; भाजपा का बड़ा दांव- चुनावी साल में 1.18 करोड़ लोगों को सीधा फायदा यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार ने बड़ा सियासी दांव चला है। राज्य के 1.18 करोड़ से ज्यादा पेंशन लाभार्थियों को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। इनमें वृद्ध, विधवा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को शामिल किया गया है। पढ़िए पूरी खबर

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 10:29 am

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : मुक्केबाज लवलीना, सचिन, साक्षी और प्रिया ने बनाई फाइनल में जगह, नरेंद्र का भी सिल्वर पक्का

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी रहा। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।

खास खबर 1 Aug 2026 10:27 am

Indian Team: श्रीलंका दौरे से पहले टीम के लिए अच्छी खबर, बुमराह हुए फिट,खेलेंगे दोनों टेस्ट मैच

इंटरनेट डेस्क। भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार बुमराह ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है और अब वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट की सीरीज 15 अगस्त से शुरू होनी है, फिर दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से खेला जाएगा। बुमराह को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में फिटनेस क्लियरेंस की शर्त के साथ चुना गया था, लेकिन अब मेडिकल टीम ने उन्हें हरी झंडी दे दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बुमराह ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अनिवार्य फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है। ऐसे में वह श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। इस चोट के कारण बुमराह लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले से बाहर हो गए थे। श्रीलंका दौरे का शेड्यूल 15-19 अगस्त- पहला टेस्ट, गॉल, सुबह 10 बजे से 23-27 अगस्त- दूसरा टेस्ट, कोलंबो, सुबह 10 बजे से pc- aaj tak

राजस्थान खबरे 1 Aug 2026 10:12 am

नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतने पर दिया बड़ा बयान, कहा - अगर मैं नहीं हूं तो भी हमारे पास अब अच्छे थ्रोअर हैं

नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में सिल्वर पदक जीतने के बाद जहां अपने बयान में इसकी खुशी जाहिर की तो वहीं उन्होंने कांस्य पदक जीतने वाले यश वीर सिंह की भी जमकर तारीफ की।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 10:03 am

ऋषभ पंत ने एमएस धोनी के साथ की ट्रेनिंग:रांची में श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले जिम में साथ दिखे दोनों खिलाड़ी

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुट गए हैं। इस तैयारी के दौरान पंत ने रांची में पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के साथ ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लिया। रांची के एक जिम से पूर्व भारतीय स्पिनर शाहबाज नदीम ने एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें पंत और धोनी साथ ट्रेनिंग करते नजर आ रहे हैं। इस फोटो में धोनी नीले रंग के ट्रैकसूट में दिख रहे हैं, जबकि पंत ने काली टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए हैं। शाहबाज नदीम ने शेयर की फोटो तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शाहबाज नदीम ने लिखा, ‘भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बेहतरीन फिनिशर ऋषभ पंत और माही भाई।’ हालांकि पंत अभी भारत की व्हाइट-बॉल टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह शुभमन गिल की कप्तानी वाली टेस्ट टीम के अहम सदस्य बने हुए हैं। IPL 2026 में रहा था खराब प्रदर्शन 28 साल के पंत के लिए IPL 2026 यादगार नहीं रहा। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की कप्तानी करते हुए उन्होंने 28.36 की औसत और 138.05 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए। उनकी कप्तानी में LSG अंक तालिका में 10वें और आखिरी स्थान पर रही। अब पंत की कोशिश श्रीलंका सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर उस निराशा को पीछे छोड़ने की होगी। जून के बाद पहली बार खेलेंगे इंटरनेशनल मैच पंत आखिरी बार जून 2026 में मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौता टेस्ट खेलते नजर आए थे। इसके बाद वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे। अब श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी होगी।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 9:49 am

CWG 2026 Day 9 Schedule: आज गोल्ड की होगी बारिश! फाइनल में उतरेंगे 10 मुक्केबाज; 17 मेडल इवेंट का पूरा शेड्यूल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन भारत के लिए मेडलों की बारिश की उम्मीद है। बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 10 फाइनल, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा एथलेटिक्स, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भी भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।

अमर उजाला 1 Aug 2026 9:44 am

नीरज चोपड़ा से टक्कर तो दूर, रोहित यादव से भी पीछे रहे अरशद नदीम

कॉमनवेल्थ गेम्स में खराब प्रदर्शन के बाद अब पाकिस्तान के अरशद नदीम की नजरें एशियन गेम्स पर होगी, जहां उन्हें एक बार फिर नीरज चोपड़ा और श्रीलंकाई स्टार रुमेश पथिरागे की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. अरशद नदीम ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था.

आज तक 1 Aug 2026 9:24 am

अस्मिता डे के संघर्ष की कहानी; पिता के निधन के बाद टूट गईं थीं, अब CWG में रचा इतिहास

23 साल की अस्मिता ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किग्रा से कम के भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा, तो यह पदक जितना उनका था, उतना ही उनके पिता का भी था।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 9:22 am

Commonwealth Games 2026: ऐसा हुआ तो भारत रच देगा इतिहास! जीत सकते है 10 गोल्ड मैडल, लवलीना समेत 10 बॉक्सर फाइनल में

Commonwealth Games 2026: ऐसा हुआ तो भारत रच देगा इतिहास! जीत सकते है 10 गोल्ड मैडल,लवलीना समेत 10 बॉक्सर फाइनल में

समाचार नामा 1 Aug 2026 9:15 am

पाकिस्तान के अरशद नदीम ने तीसरे राउंड में छोड़ दिया पसीना, श्रीलंकाई ने CWG 2026 में जीता गोल्ड मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम जिन्होंने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, वह तीसरा राउंड खत्म होने पर टॉप-8 में अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सके और वहीं से उनकी घर वापसी हो गई।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 9:11 am

कौन हैं रुमेश पथिरागे? नीरज चोपड़ा को हराकर बने CWG चैम्पियन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. रुमेश ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को भी पछाड़ दिया. रुमेश पहले एक क्रिकेटर थे, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने जैवलिन को चुना.

आज तक 1 Aug 2026 8:17 am

बॉक्सिंग में 10 गोल्ड दाव पर, देखें CWG 2026 के 10वें दिन का भारत का शेड्यूल

कॉमनवेल्थ गेम्स में आज यानी 1 अगस्त का दिन भारत के लिए काफी बिजी रहने वाला है, बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मेडल आज दाव पर होंगे। इसके अलावा भी कई मेडल इवेंट्स है। आईए एक नजर आज के शेड्यूल पर डालते हैं-

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 8:13 am

कौन हैं CWG 2026 में जैवलिन थ्रो के इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले यश वीर सिंह? आखिरी राउंड में पलट दी पूरी बाजी

भारत को इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो के इवेंट में दो मेडल जीतने में सफलता हासिल हुई, जिसमें नीरज चोपड़ा ने जहां सिल्वर पदक जीता तो वहीं 24 साल के यश वीर सिंह कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 8:08 am

अस्मिता ने पिता को, हर्ष ने कोच का भरोसा रखा:साइकिल मैकेनिक की बेटी और मजदूर का बेटा... दोनों ने संघर्ष से जीता कॉमनवेल्थ गोल्ड

ग्लासगो में शुक्रवार को भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। दक्षिण त्रिपुरा के छोटे से शहर बेलोनिया की साइकिल मैकेनिक की बेटी अस्मिता डे और दिल्ली के ककरोला इलाके में मजदूर परिवार से आने वाले हर्ष ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया। एक ने छह महीने पहले पिता को खोने का दर्द सहते हुए इतिहास रचा, तो दूसरे ने आर्थिक तंगी के बीच ऐसा मुकाम हासिल किया, जहां पहुंचने का सपना हर खिलाड़ी देखता है।सबसे पहले अस्मिता की कहानी... 10 साल की उम्र में टैलेंट हंट से हुई शुरुआत अस्मिता की प्रतिभा की पहचान साल 2014 में त्रिपुरा खेल विभाग के वार्षिक टैलेंट हंट कार्यक्रम में हुई। तब वह चौथी कक्षा में थीं और उनकी उम्र करीब 10 साल थी। इसके बाद उन्हें त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल में दाखिला मिला, जहां उन्होंने करीब पांच साल तक ट्रेनिंग ली। साल 2019 में वह भोपाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचीं, जहां से उनके करियर को नई दिशा मिली। साल 2022 में उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी मिली। इसके बाद से वह उत्तर प्रदेश की ओर से प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं। पिता के निधन के बाद भी नहीं टूटींअस्मिता की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है। उनके पिता साइकिल मैकेनिक थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण थी। करीब छह महीने पहले ब्रेन स्ट्रोक से उनके पिता का निधन हो गया। इस सदमे के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला। नौकरी से पहले प्रतियोगिता के लिए थे कर्ज त्रिपुरा स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के एडिशन डायरेक्ट और शुरुआती कोच रहे डॉ. मिहिर शील बताते हैं कि आर्थिक तंगी के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए उन पर 4-5 लाख रुपए तक का कर्ज हो गया था। बाद में यूपी पुलिस में नौकरी मिलने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर हुई। कोच बोले- सही सहयोग मिले तो इतिहास बन सकता है डॉ. मिहिर शील कहते हैं,'अस्मिता इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि अगर प्रतिभा को सही समय पर अवसर और सहयोग मिले तो वह इतिहास रच सकती है। साइकिल मैकेनिक के घर से निकलकर कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतना आने वाली पीढ़ी के लिए बड़ी प्रेरणा है।' 800 मीटर दौड़ से जूडो तक का सफर अस्मिता ने खेल की शुरुआत 800 मीटर दौड़ से की थी, लेकिन त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल में प्रशिक्षकों की सलाह पर उन्होंने जूडो अपनाया। बेलोनिया में बीना देबनाथ और बाद में त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल के कोच माणिक लाल देब ने उनकी प्रतिभा को निखारा। राष्ट्रीय स्कूल खेलों और खेलो इंडिया में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भोपाल स्थित SAI सेंटर में प्रशिक्षण का मौका मिला। वह भारतीय टीम में जगह बनाने वाली त्रिपुरा की पहली जूडो खिलाड़ी भी बनीं। ‘यह गोल्ड पिता और कोच को समर्पित’ महिलाओं के 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी के फाइनल में उन्होंने कनाडा की हाइडी क्वाक को गोल्डन स्कोर में हराकर इतिहास रचा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। गोल्ड जीतने के बाद अस्मिता ने कहा, यह पदक मेरे लिए, मेरे राज्य और मेरे देश के लिए बहुत खास है। मैं इसे अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करती हूं। पिता के निधन के बाद लगा था कि सब खत्म हो गया, लेकिन मैंने खुद को संभाला और आगे बढ़ी।' अब हर्ष सिंह की कहानी... चौथी कक्षा से शुरू किया जूडो दिल्ली के ककरोला गांव के पास रहने वाले हर्ष का सफर भी कम संघर्षभरा नहीं रहा। कोच हेमतं राठ ने बताया कि हर्ष के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और मां हाउस वाइफ हैं। ये यूपी के रहने वाले हैं। चौथी कक्षा में हर्ष ने विक्ट्री जूडो क्लब से जूडो की शुरुआत की। इसके बाद लगातार मेहनत करते हुए वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। प्रैक्टिस के बाद दूध पीने के भी नहीं थे पैसे हर्ष के कोच हेमंत बताते हैं,'कई बार ऐसा होता था कि प्रैक्टिस के बाद घर जाकर भी उसे दूध नहीं मिलता था। तब हम लोग क्लब में ही उसे दूध पिलाते थे। मेरे साथी सत्यवान गहलोत बच्चों के लिए दूध और अंडों का खर्च खुद उठाते थे। हर्ष ने कभी हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ता रहा।' स्कूल नेशनल से कॉमनवेल्थ तक का सफर हर्ष ने स्कूल नेशनल, सीबीएसई नेशनल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई बार सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। आज वह मिलिट्री पुलिस में सेवा दे रहे हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया। कोच बोले- ओलिंपिक में भी मेडल जीतने का दम कोच हेमंत का मानना है कि हर्ष का सफर अभी और लंबा है। वह कहते हैं,'पहले वह हमारे लिए मेडल जीतता था, अब पूरे देश के लिए गोल्ड जीतकर आया है। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन वह ओलंपिक में भी भारत के लिए मेडल जीतेगा। वह बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी है।'

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 8:00 am

सीडब्ल्यूजी 2026: मुक्केबाज लवलीना, सचिन, साक्षी और प्रिया ने बनाई फाइनल में जगह, नरेंद्र का भी सिल्वर पक्का

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी रहा। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।

समाचार नामा 1 Aug 2026 7:51 am

रहाणे का रिटायरमेंट बहाना... KKR को डुबो गई 2 साल पुरानी गलती!

अजिंक्य रहाणे के संन्यास के बाद KKR के सामने नए कप्तान की चुनौती खड़ी हो गई है. हालांकि टीम का नेतृत्व संकट रहाणे के रिटायरमेंट से नहीं, बल्कि IPL 2024 में खिताब जिताने वाले कप्तान श्रेयस अय्यर को टीम से अलग होने देने के फैसले से शुरू हुआ था.

आज तक 1 Aug 2026 7:30 am

CWG: भारतीय मुक्केबाजों का जलवा, लवलीना समेत 10 बॉक्सर फाइनल में

ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी है. शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के 10 मुक्केबाजों ने जीत दर्ज की. अब इन सभी 10 मुक्केबाजों से गोल्ड मेडल की आस है. भारतीय मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जिस तरह प्रदर्शन किया, उससे साफ है कि टीम सिर्फ पदक जीतने नहीं, बल्कि बॉक्सिंग में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगाने के इरादे से आई है.

आज तक 1 Aug 2026 7:08 am

कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते:जेवलिन में नीरज को सिल्वर और यशवीर को ब्रॉन्ज; भारत को कल 6 मेडल मिले

कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। देश के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 85.83 मीटर थ्रो किया। भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा। वह कॉमनवेल्थ में इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। ग्लासगो में चल रहे गेम्स के आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। भारत ने गेम्स में अब तक 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज समेत 23 मेडल जीते हैं और मेडल टैली में 10वें स्थान पर है। जेवलिन में भारत के दो मेडल, नीरज गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। मुकाबले का सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। उन्होंने आखिरी में 85.41 मीटर थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके और तीन राउंड के बाद बाहर हो गए। नीरज और यश के अचीवमेंट्स डेकाथलॉन में मेडल लाने वाले तेजस्विन पहले भारतीय तेजस्विन शंकर 7976 अंकों के साथ डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। दो दिन तक चले इस इवेंट में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले तेजस्विन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप का ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं। ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड और डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर जीता। डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग इवेंट्स होते हैं। हर इवेंट्स से मिले अंकों के आधार पर टोटल रैंकिंग बनती है। इस रैंकिंग के टॉप-3 प्लेयर्स को मेडल दिए जाते हैं। डेकाथलॉन में 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जम्प, शॉटपुट, हाई जम्प, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो, 1500 मीटर दौड़ होते हैं। यहां से जूडो में मेडल जीतने वाले प्लेयर्स के बारे में 1. अस्मिता ने दिलाया भारत को पहला जूडो गोल्ड त्रिपुरा की 23 साल की अस्मिता डे ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए कनाडा की हेइडी क्वाच को हराया। मुकाबले की शुरुआत में उन्होंने एक अंक गंवाया और पेनल्टी भी मिली, लेकिन आक्रामक खेल जारी रखते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर इतिहास रच दिया। 2. हर्ष ने 15 मिनट बाद दूसरा गोल्ड जीता 23 साल के हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को वाजा-अरी (10-0) से हराया। चार मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों को अंक नहीं मिले, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने निर्णायक दांव खेलकर बढ़त बनाई और गोल्ड अपने नाम कर लिया। 3. यामिनी को सिल्वर मिला महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य को इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। करीब सात मिनट तक चले मुकाबले में कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी। गोल्डन स्कोर में दोनों खिलाड़ियों पर दो-दो शिडो थे, लेकिन तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी को हार झेलनी पड़ी और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। जूडो और कराते में अंतर बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनलिस्ट बॉक्सिंग में भारत के सभी 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घंघास (60 kg) और लवलीना बोरगोहेन (75 kg) ने फाइनल में जगह बनाई है। वहीं पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगे।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:44 am

कॉमनवेल्थ गेम्स-जेवलिन में नीरज सिल्वर और यशवीर ने ब्रॉन्ज जीता:जूडो में 15 मिनट में अस्मिता और हर्ष सिंह ने गोल्ड जीता,आठवें दिन 6 मेडल

भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो किया। भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। ग्लासगो में चल रहे गेम्स के आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। जूडो में अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता।यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। भारत मेडल टैली में 10वें नंबर पर है। टीम ने 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज सहित 23 मेडल जीते हैं। जेवलिन में भारत के दो मेडल, नीरज गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का बेस्ट थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के साथ गोल्ड अपने नाम किया। मुकाबले का सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। उन्होंने आखिरी में 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके और तीन राउंड के बाद बाहर हो गए। नीचे नीरज और यश के अचीवमेंट्स के बारे में तेजस्विन ने डेकाथलॉन में रचा इतिहास तेजस्विन शंकर 7976 अंकों के साथ डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। दो दिन तक चले इस इवेंट में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले तेजस्विन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप का ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं। ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड और डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर जीते। डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग इवेंट्स होते हैं। हर इवेंट्स से मिले अंकों के आधार पर टोटल रैंकिंग बनती है। इस रैंकिंग के टॉप-3 प्लेयर्स को मेडल दिए जाते हैं। डेकाथलॉन में 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जम्प, शॉटपुट, हाई जम्प, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो, 1500 मीटर दौड़ होते हैं। यहां से जूडो में मेडल जीतने वाले प्लेयर्स के बारे में 1. अस्मिता ने दिलाया भारत को पहला जूडो गोल्ड त्रिपुरा की 23 साल की अस्मिता डे ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए कनाडा की हेइडी क्वाच को हराया। मुकाबले की शुरुआत में उन्होंने एक अंक गंवाया और पेनल्टी भी मिली, लेकिन आक्रामक खेल जारी रखते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर इतिहास रच दिया। 2. हर्ष ने 15 मिनट बाद दूसरा गोल्ड जीता 23 साल के हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को वाजा-अरी (10-0) से हराया। चार मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों को अंक नहीं मिले, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने निर्णायक दांव खेलकर बढ़त बनाई और गोल्ड अपने नाम कर लिया। 3. यामिनी को सिल्वर मिला महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य को इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। करीब सात मिनट तक चले मुकाबले में कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी। गोल्डन स्कोर में दोनों खिलाड़ियों पर दो-दो शिडो थे, लेकिन तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी को हार झेलनी पड़ी और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। जूडो और कराते में अंतर बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनलिस्ट बॉक्सिंग में भारत के सभी 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घंघास (60 kg) और लवलीना बोरगोहेन (75 kg) ने फाइनल में जगह बनाई है। वहीं पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगे।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:44 am

क्रिकेटर बनने का था सपना, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 31 जुलाई का दिन काफी ऐतिहासिक रहा जिसमें डेकाथलॉन के इवेंट में तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक अपने नाम करने के साथ इतिहास रच दिया। इस इवेंट में तेजस्विन शंकर ने कुल 7976 अंक हासिल किए।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 6:39 am

Commonwealth Boxing: जादूमणि, अरुंधति और जैस्मीन समेत 6 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में कम से कम छह पदक पक्के कर लिये जब अरूंधति चौधरी और विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया समेत छह मुक्केबाज शुक्रवार को फाइनल में पहुंच गए। अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। साक्षी ने महिलाओं के 51 किलोवर्ग में कनाडा की अम्बर जेन वाल को सर्वसम्मति से लिये गए फैसले में 5 . 0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। उन्होंने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:24 am

Commonwealth Games: लॉन बॉल्स में Navneet Singh और Dinesh Kumar ने दर्ज की चौथी जीत

भारत के नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की जोड़ी ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों में लॉन बॉल्स पुरुष युगल वर्ग की सेक्शनल प्ले स्पर्धा में फॉकलैंड आइलैंड्स के खिलाफ सीधे सेटों में शानदार जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और फॉकलैंड आइलैंड्स के इयान बार्न्स और ऑलिवर थॉम्पसन को 6-3 और 10-1 के स्कोर से आसानी से हराया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा है। टीम ने लगातार चार जीत दर्ज की हैं और अब उनका अगला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ होगा जो ग्रुप का अंतिम अहम मैच होगा। इंग्लैंड ने भी अपने सारे मैच जीते हैं और अंकों के औसत के आधार पर शीर्ष पर है। पुरूष युगल वर्ग में चारों सेक्शन से शीर्ष दो दो टीमें क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। महिला एकल सेक्शन सी के चौथे दौर में भारत की नयनमोनी सैकिया ने जाम्बिया की माइल्डरेड एम को 2 . 0 से हराया।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:24 am

Commonwealth Games में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास

(अपराजिता उपाध्याय)(फोटो सहित)ग्लास्गो, 31 जुलाई भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रच दिया। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में भारत के लिए पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीतकर देश के सबसे सफल जूडो अभियान को पूरा किया। भारत ने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता जो 1990 के ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पदक खेल बनने के बाद भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारतीय जूडो खिलाड़ी हर बार पदक जीतते रहे थे, लेकिन पीला तमगा हासिल नहीं कर सके। त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने 48 किग्रा से कम भार वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को नाटकीय ‘गोल्डन स्कोर’ मुकाबले में हराकर खिताब जीता। त्रिपुरा की 23 वर्ष की अस्मिता शुरूआत में पिछड़ गई थी और उन्हें पेनल्टी भी लगी। उन्होंने हालांकि शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1 . 1 से हराकर किया। चार मिनट के मुकाबले में दोनों में से किसी को निर्णायक स्कोर नहीं मिल सका जिससे मुकाबला गोल्डन स्कोर में गया। इसमें पहले स्कोर करने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। अस्मिता ने सडन डैथ में आक्रामक प्रदर्शन करके जीत दर्ज की। हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष खिलाड़ी बन गए जिन्होंने आस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर पुरूषों के 60 किलो फाइनल में स्वर्ण पदक जीता। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे 23 वर्ष के हर्ष ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जूडोका के खिलाफ संयम खोये बिना जबर्दस्त खेल दिखाया। शुरूआती चरण में कोई भी खिलाड़ी हावी होता नहीं दिख रहा था लेकिन आखिरी 41 मिनट में हर्ष ने आक्रामक खेल दिखाया। जोशुआ ओशियाना चैम्पियनशिप और आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कई बार जीत चुके हैं। उन्होंने बर्मिघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य जीता था और वह ओलंपियन भी हैं। हर्ष ने कहा, ‘‘मेरी वजह से इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान बजना बहुत खास अहसास है। मैं यह पदक अपनी मां को समर्पित करता हूं। ’’इन दोनों स्वर्ण पदकों ने भारतीय जूडो के लिए एक नया दौर शुरू किया और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक का 30 साल से अधिक पुराना इंतजार खत्म किया। यामिनी काफी करीब से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें महिलाओं के 57 किग्रा से कम भार वर्ग के ‘गोल्डन स्कोर’ तक पहुंचे फाइनल में इंग्लैंड की अनुभवी एसिल्या टॉपराक से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 की रजत पदक विजेता और अनुभवी खिलाड़ी 28 वर्ष की टॉपराक के खिलाफ यामिनी ने बराबरी का खेल दिखाया। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया जिससे मुकाबला बेहद कड़ा रहा और इसका फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ। टॉपराक ने यामिनी को जमीन पर गिराकर अंक हासिल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार बचाव किया। टॉपराक के तेज हमलों से यामिनी पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान रेफरी ने यामिनी को एक पेनल्टी दे दी। कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी जिसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंचा। अतिरिक्त समय में दोनों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा। आखिरकार करीब तीन मिनट तक चले गोल्डन स्कोर मुकाबले में टॉपराक के लगातार हमलों के कारण यामिनी से गलती हुई। टॉपराक ने इप्पोन के जरिए जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। मध्यप्रदेश के सागर की रहने वाली यामिनी दो बार सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियन रह चुकी हैं। उन्होंने 2022 से लगातार भारत के लिये खेला है और 2022 राष्ट्रीय खेल, 2025 हांगकांग एशियाई ओपन, 2026 डकार अफ्रीका ओपन में स्वर्ण पदक जीते। इससे पहले दिन में अस्मिता, हर्ष और यामिनी ने फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए तीन पदक पक्के कर दिए थे। अस्मिता ने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग को इप्पोन से हराया और फिर सेमीफाइनल में घरेलू खिलाड़ी समर शॉ को हराकर फाइनल में जगह बनाई। हर्ष ने पहले मुकाबले में मलावी के चिकोंडी कथेवेरा को इप्पोन से हराया, फिर वानुअतु के खिलाड़ी को मात दी और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में पहुंचे। यामिनी ने घाना की फ्रेमा अग्येई और दक्षिण अफ्रीका की डोन्ने ब्रेटेनबाख को हराकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि भारत के श्रद्धा कदुबाल चोपड़े और रोहित बसीर मजगुल अपने-अपने रेपेचेज मुकाबले हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गए।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:24 am

Yamini Maurya ने Glasgow में जीता रजत पदक, गोल्डन स्कोर में टॉपराक से हारीं

भारतीय जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य काफी करीब से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें महिलाओं के 57 किग्रा से कम वर्ग के गोल्डन स्कोर तक पहुंचे फाइनल में इंग्लैंड की एसिल्या टॉपराक से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया जिससे मुकाबला बेहद कड़ा रहा और इसका फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ। टॉपराक ने यामिनी को जमीन पर गिराकर अंक हासिल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार बचाव किया। टॉपराक के तेज हमलों से यामिनी पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान रेफरी ने यामिनी को एक पेनल्टी दे दी। कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी जिसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंचा। अतिरिक्त समय में दोनों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा। आखिरकार करीब तीन मिनट तक चले गोल्डन स्कोर मुकाबले में टॉपराक के लगातार हमलों के कारण यामिनी से गलती हुई। टॉपराक ने इप्पोन के जरिए जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:22 am

Asmita Dey ने Commonwealth Games में रचा इतिहास, जूडो में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक

भारतीय जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक जीतने की खबर सबसे पहले जिस व्यक्ति को देना चाहती थीं, वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। अस्मिता के पिता सात महीने पहले ‘ब्रेन स्ट्रोक’ के कारण चल बसे। वह साइकिल मैकेनिक थे और रोज करीब 300 रुपये कमाते थे। त्रिपुरा के एक छोटे से गांव में मिट्टी के घर में अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। शुक्रवार को जब 23 साल की अस्मिता ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किग्रा से कम के भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा, तो यह पदक जितना उनका था, उतना ही उनके पिता का भी था। अस्मिता ने भावुक होकर कहा, ‘‘जब मेरे पिता का निधन हुआ, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया, क्योंकि वही मेरा सबसे बड़ा सहारा थे। ’’कुछ पल के लिए जश्न की जगह उन यादों ने ले ली, जो उस व्यक्ति से जुड़ी थीं जिसने उनके सपने को तब से संजोया था जब वह भारत का सपना भी नहीं बना था। अस्मिता ने कहा, ‘‘मैं त्रिपुरा के एक बहुत छोटे गांव से हूं। वहां लोग इतने बड़े सपने नहीं देखते, लेकिन पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया। ’’परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता साइकिल ठीक करके रोज करीब 300 रुपये कमाते थे जिससे घर का खर्च चलता था। परिवार साधारण मिट्टी के घर में रहता था, लेकिन उन्होंने कभी पैसों की कमी को बेटी के खेल के रास्ते में नहीं आने दिया। जब घुटने की चोट के कारण अस्मिता का करियर खतरे में पड़ गया तो उनके पिता उन्हें इलाज के लिए दिल्ली लेकर आए, दवाइयां खरीदीं और अपनी क्षमता के अनुसार हर मदद की। पिछले साल दिसंबर में पिता की अचानक मौत ने अस्मिता को तोड़ दिया। उन्हें लगा कि उनका सबसे बड़ा सहारा और उनका सपना दोनों खत्म हो गए हैं। लेकिन उनकी मां ने पति की जगह जिम्मेदारी संभाली। अंतिम संस्कार के केवल 10 दिन बाद उन्होंने अस्मिता से दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं आज तुम्हें रोक दूंगी, तो तुम्हारे पिता सोचेंगे कि मैंने तुम्हारे सपने तोड़ दिए। ’’इसके बाद अस्मिता अपना सामान लेकर भोपाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र लौट गईं। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले वह काफी तनाव में थीं और कई रातों तक सो नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा कि पदक जीतने से पहले वह मुकाबलों के बारे में सोचती रहती थीं और सुबह 5:30 बजे अभ्यास के लिए उठ जाती थीं। ग्लास्गो पहुंचने के बाद भी उनका डर कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सोच रही थी कि क्या होगा। बस मेरे दिमाग में यही था कि मुझे सबको हराकर जीतना है। ’’उनका लक्ष्य इतना मजबूत था कि उन्होंने अपनी पसंदीदा मिठाई लवंगलता भी नहीं खाई। उनके भाई द्वारा खरीदी गई मिठाई घर के फ्रिज में रखी रही। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार खाने का मन हुआ, लेकिन फिर खुद को रोक लिया। शुक्रवार को उनकी सारी मेहनत और त्याग सफल हो गया। इस स्वर्ण पदक के साथ अस्मिता डे ने भारतीय जूडो के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:22 am

Jamshedpur FC ने फीस जमा करने की समयसीमा चूकी, ISL 2026-27 सत्र से बाहर

जमशेदपुर एफसी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के 2026-27 सत्र में हिस्सा नहीं लेगा। यह घोषणा क्लब के आगामी सत्र के लिए भागीदारी शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख चूकने के कुछ घंटे बाद की गई। इस महीने की शुरुआत में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने सभी क्लबों के लिए प्रशासनिक शुल्क के रूप में 1.1 करोड़ रुपये जमा करने की अंतिम तारीख 20 जुलाई तय की थी। बाद में इस समयसीमा को शुक्रवार शाम तक बढ़ा दिया गया था। जमशेदपुर एफसी ने कहा कि वह चार सितंबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र से आगे में भाग नहीं लेगा। सूत्रों के अनुसार क्लब के निदेशक मंडल ने फिलहाल पहली टीम को बंद करने का फैसला किया है। वाराणसी की इंटर काशी टीम ने भी अब शुल्क जमा कर दिया है। इसका मतलब है कि बाकी सभी 13 क्लबों ने भागीदारी शुल्क का भुगतान कर दिया है। एआईएफएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इंटर काशी ने भुगतान कर दिया है। अब हम शनिवार को फैसला करेंगे कि 13 टीमों के साथ लीग आगे बढ़ाई जाए या नहीं। ’’जमशेदपुर एफसी ने अपने बयान में कहा कि वह जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को विकसित करने का काम जारी रखेगा। क्लब ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जमशेदपुर फुटबॉल क्लब पुष्टि करता है कि वह 2026-27 सत्र से आईएसएल में हिस्सा नहीं लेगा।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:17 am

Commonwealth Games: अरुंधति, प्रीति, जैस्मीन, अंकुश और जादूमणि फाइनल में पहुंचे

अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। उन्होंने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। प्रीति ने जीत के बाद पीटीआई से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही। अब मेरा पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।’’म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:07 am

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा:85.83 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता; पिता बोले-2 कारणों से रह गया, फिर भी बेटे पर गर्व

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता है। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पदक तालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस कड़े मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम तीन थ्रो के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। जैसे ही नीरज मेडल विनर बने, पानीपत के गांव खंडरा में उनके घर खुशियां मनाई गई। दैनिक भास्कर एप से फोन पर बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा के पिता सतीश चोपड़ा ने कहा कि बेटे ने एक बार फिर देश की झोली में मेडल डाला, इसकी बेहद ज्यादा खुशी है, लेकिन उम्मीद गोल्ड मेडल की थी। उन्होंने बेटे के गोल्ड मेडल से चूकने दो मुख्य वजहें बताई। इनमें पहली वजह वहां का तेज हवा वाला ठंडा मौसम रहा। उन्होंने कहा- तेज हवा के कारण जिस खिलाड़ी ने अपना पहला जो भी बेस्ट थ्रो किया, इसके बाद उससे आगे कोई नहीं जा सका। सभी पिछड़ते ही रहे। दूसरा कारण बीते दिनों नीरज को जो चोट लगी थी, वो भी कारण रहा है। मगर, हर बड़े मुकाबले में हर खिलाड़ी पर प्रेशर रहता ही है। इसके बावजूद बेटे को सिल्वर मेडल मिला, इसकी हमें बहुत खुशी है। पिता ने ये बताया कि परिवार के सभी लोग बाहर गए हुए हैं, इसी वजह इस बार मुकाबला इक्ट्‌ठा नहीं देख पाए। नीरज का मैच देखते उनके परिवार के PHOTOS… फाइनल में उतार-चढ़ाव वाला रहा नीरज का प्रदर्शन फाइनल मुकाबले के दौरान नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उनके पहले प्रयास में 80.97 मीटर, दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर, तीसरे प्रयास में 81.29 मीटर और चौथे प्रयास में 80.73 मीटर दूर भाला फेंका। अपने चौथे थ्रो के बाद नीरज खुद के प्रदर्शन से काफी असंतुष्ट दिखे। वहीं, पांचवें और छठे प्रयास में भाला 80 मीटर से कम दूरी पर गिरता देख उन्होंने अपने थ्रो रद्द कर दिए। दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर के थ्रो के आधार पर उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। दूसरे थ्रो से बजी तालिया, परिजनों ने कराया मुंह मीठा जब नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का थ्रो किया, तो पूरे घर में तालियों की गूंज सुनाई दी और सभी चेहरे खिल उठे। सिल्वर मेडल पक्का होते ही देर रात घर पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर नीरज की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और एक बार फिर देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी। चाचा भीम बोले- आने वाले समय में ज्वेलिन पर भारत का होगा दबदबा भतीजे नीरज चोपड़ा के सिल्वर मेडल जीतने के बाद चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि उन्हें इस मेडल की भी बहुत खुशी है। भारत की झोली में दो पदक आए, इससे खुशी और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अब भारत में 80-85 मीटर तक भाला फेंकने वाले कई खिलाड़ी सामने आ गए हैं। इससे भविष्य की तस्वीर साफ है। जिस तरह पहले फिनलैंड का ज्वेलिन पर दबदबा होता था, आने वाले समय में भारत का दबदबा नजर आएगा। पानीपत के गांव खंडरा में जश्न, पिता और दादा नहीं थे मौजूद नीरज चोपड़ा के इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले को देखने के लिए हरियाणा में उनके पैतृक गांव खंडरा (पानीपत) स्थित आवास पर देर रात ग्रामीणों का जमावड़ा लगा। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने ग्रामीणों के साथ घर के वेटिंग एरिया में बैठकर पूरे मैच का आनंद लिया। हालांकि, उनके पिता सतीश चोपड़ा और दादा धर्म सिंह चोपड़ा इस बार मौजूद नहीं थे।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:01 am

Explainer: जूडो में कैसे मिलती है जीत? जानिए खेल के नियम और कैसे अस्मिता डे-हर्ष सिंह ने रचा स्वर्णिम इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने जूडो में नया इतिहास रच दिया। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण, जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता। जानिए जूडो कैसे खेला जाता है, इसमें अंक कैसे मिलते हैं और भारत ने 34 साल का स्वर्ण पदक का इंतजार कैसे खत्म किया।

अमर उजाला 1 Aug 2026 2:43 am

सीडब्ल्यूजी 2026: तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल के साथ इतिहास रचा

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। तेजस्विन शंकर ने शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 'डेकाथलॉन' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। हाई जंपर से डेकाथलीट बने तेजस्विन शंकर कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग इवेंट्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बर्मिंघम में 2022 एडिशन में पुरुषों की हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

समाचार नामा 1 Aug 2026 2:42 am

सीडब्ल्यूजी 2026: मेंस जैवलिन थ्रो में डबल धमाल, नीरज ने जीता सिल्वर, यशवीर के नाम ब्रॉन्ज

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में देश को दो मेडल हाथ लगे। नीरज चोपड़ा ने (85.83 मीटर) ने सिल्वर जीता, जबकि यशवीर सिंह (85.41) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (89.75 मीटर) ने खिताब अपने नाम किया।

समाचार नामा 1 Aug 2026 2:31 am

Who is Harsh Singh: मैट पर बरसों का पसीना रंग लाया, 23 साल के हर्ष ने भारत को दिलाया जूडो का पहला पुरुष स्वर्ण

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पुरुष वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने।

अमर उजाला 1 Aug 2026 2:27 am

नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह ने CWG 2026 में जैवलिन में दिखाया कमाल, सिल्वर और ब्रॉन्ज किया अपने नाम

भारत के स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कमाल देखने को मिला है, जिसमें वह सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे हैं, जबकि यश वीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया है।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 2:25 am

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक, भारत के लिए रचा इतिहास

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक, भारत के लिए रचा इतिहास---Tejaswin Shankar Creates History, Wins India First-Ever Commonwealth Games Decathlon Bronze Medal

अमर उजाला 1 Aug 2026 2:20 am

Tejaswin Shankar: पिता का साया बचपन में छूटा, क्रिकेट का सपना टूटा, फिर भी नहीं हारे तेजस्विन, रच दिया इतिहास

पैर में चोट के कारण वह अपने पसंदीदा हाई जंप में भी नहीं उतर सके, लेकिन 10 कठिन स्पर्धाओं में संघर्ष करते हुए भारत को डेकाथलॉन का पहला राष्ट्रमंडल पदक दिलाकर नई मिसाल कायम कर दी।

अमर उजाला 1 Aug 2026 2:10 am

अरशद नदीम हुए उलटफेर के शिकार: 2024 ओलंपिक और 2022 CWG चैंपियन 3 थ्रो के बाद ही हुआ बाहर, 77.41 मीटर रहा बेस्ट

पाकिस्तान के ओलंपिक 2024 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 चैंपियन अरशद नदीम ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भाला फेंक फाइनल में बड़ा उलटफेर झेल गए।

अमर उजाला 1 Aug 2026 1:42 am

CWG 2026 Day-9 Live: मुक्केबाज साक्षी फाइनल में, भारत का जूडो में दमदार प्रदर्शन; दो स्वर्ण-एक रजत जीता

Glasgow Commonwealth Games Day 9 Live Updates :नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स का आज नौवां दिन है। आज कई बड़े मुकाबले खेले जाने हैं।

अमर उजाला 1 Aug 2026 12:55 am

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे और हर्ष सिंह को दी बधाई

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार के दिन भारत की झोली में जूडो में 2 स्वर्ण पदक आए। अस्मिता डे ने पहला स्वर्ण पदक जीता, जबकि दूसरा स्वर्ण पदक हर्ष सिंह ने जीता। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अस्मिता डे और हर्ष सिंह को उनकी ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी है।

समाचार नामा 1 Aug 2026 12:08 am

मीराबाई चानू, शर्मिला धनखड़ और दिलीप गवित 'अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर' पहुंचे

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय दल ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। शुक्रवार का दिन भारत के लिए विशेष रहा। जूडो में जहां दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक आया, तो 5 मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाकर कम-से-कम 5 रजत पदक पक्के कर दिए हैं। ग्लासगो में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद हैं। संघवी एथलीटों का हौसला बढ़ाने के साथ ही अहमदाबाद में होने वाले अगले कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रचार-प्रसार में भी लगे हैं।

समाचार नामा 31 Jul 2026 11:56 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: यामिनी ने जूडो में जीता रजत पदक

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को जूडो में महिलाओं के 57 किग्रा के फाइनल में यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता। भारत का दिन का जूडो में यह तीसरा पदक था।

समाचार नामा 31 Jul 2026 11:32 pm

अस्मिता और हर्ष के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने दी बधाई

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार के दिन भारत के लिए स्वर्णिम रहा है। भारत की झोली में जूडो में 2 स्वर्ण पदक आए हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत को पहली हार जूडो में स्वर्ण पदक मिला है। अस्मिता डे ने पहला स्वर्ण पदक जीता, जबकि दूसरा स्वर्ण पदक हर्ष सिंह ने जीता।

समाचार नामा 31 Jul 2026 11:01 pm

Commonwealth Games: Asmita Day और Harsh Singh ने Judo में दिलाए दो Gold, PM Modi ने दी बधाई

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 में शुक्रवार को भारत के पदकों की संख्या और बढ़ गई, जब जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता। सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज़ को हराकर यह ऐतिहासिक गोल्ड मेडल हासिल किया। खास बात यह है कि उनकी जीत ठीक उस समय हुई जब अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर गोल्ड मेडल जीता। सिंह की जीत के साथ ही, चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक दिन! गोल्ड मेडल जीतने पर हर्ष सिंह को बधाई। उनके शानदार प्रदर्शन में उनका जुनून और लगन साफ झलकती है। भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। इससे पहले अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया।भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 10:47 pm

कॉमनवेल्थ में अस्मिता का इतिहास: भारत को मिला पहला जूडो स्वर्ण

अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्मिता कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में भारत के लिए जूडो में पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली जूडोका बन गई हैं

देशबन्धु 31 Jul 2026 10:29 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'पदक मेरा साथ देने वालों के लिए', जूडो में स्वर्ण जीतने के बाद बोलीं अस्मिता डे

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्मिता कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में भारत के लिए जूडो में पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली जूडोका बन गई हैं। शुक्रवार को हुए जूडो के फाइनल मुकाबले में अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 हराकर स्वर्ण पदक जीता। डे ने अपने पदक को उन लोगों को समर्पित किया है जो उनके साथ हमेशा खड़े रहे।

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:16 pm

जमशेदपुर FC ने इंडियन सुपर लीग से नाम वापस लिया:वजह नहीं बताई; 2021-22 में पहली बार टाइटल जीता था

इंडियन सुपर लीग (ISL) की पूर्व चैंपियन जमशेदपुर FC ने लीग से हटने का फैसला किया है। क्लब ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की। टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाले इस क्लब ने इस फैसले के पीछे की वजह का जिक्र नहीं किया है। टीम 2021-22 सीजन में चैंपियन बनी थी। क्लब के हटने के बाद अब लीग में 13 टीमें बची हैं। फैंस और स्टाफ का जताया आभार क्लब ने अपने ऑफिशियल बयान में फैंस, खिलाड़ियों, कोच और स्टाफ का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फैंस ने बेहतरीन समर्थन दिया। इसके साथ क्लब ने सभी कर्मचारियों और एआईएफएफ (AIFF) के सहयोग के लिए भी आभार जताया है। 2021-22 में खिताब जीता था जमशेदपुर एफसी 2017 में शुरु हुआ था। क्लब ने 2021-22 सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए ISL शील्ड का खिताब अपने नाम किया था। पिछले सीजन में भी टीम सिर्फ 4 अंक से चैंपियन ईस्ट बंगाल से पीछे रही थी। क्लब ने कहा- फुटबॉल के लिए काम करते रहेंगे लीग से हटने के बावजूद क्लब ने कहा है कि वे भारत में फुटबॉल के लिए काम करना जारी रखेंगे। क्लब ने कहा कि वे ग्रासरूट लेवेल पर फुटबॉल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को तराशने का काम जारी रखेंगे। क्लब ने कहा- उनका टारगेट युवा खिलाड़ियों के लिए ग्रासरूट से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक एक मजबूत रास्ता तैयार करना है। ------------------------------ स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… इटली के दिग्गज फुटबॉलर फ्रेंको बारेसी का निधन:फुटबॉल वर्ल्डकप के तीनों मेडल जीतने वाले इकलौती खिलाड़ी, एसी मिलान को 18 टाइटल जिताए इटली के महान फुटबॉलर फ्रेंको बारेसी का 66 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार थे। बारेसी ने गुरुवार को मिलान के ह्यूमनिटास डि रोजानो क्लिनिक में अंतिम सांस ली। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 10:14 pm

Commonwealth Games cycling: 4000 मीटर परस्यूट में दिनेश और हर्षवीर बाहर

भारतीय खिलाड़ी दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 4000 मीटर व्यक्तिगत परस्यूट साइकिलिंग स्पर्धा की तालिका में निचले पायदान पर रहने के बाद अगले दौरे के लिए आगे बढ़ने में नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलिया ने क्रिस हॉय वेलोड्रोम में शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखा। दिनेश ने 23 खिलाड़ियों में 17वां स्थान हासिल किया। उन्होंने चार मिनट 29.267 सेकंड का समय निकाला और उनकी औसत रफ्तार 53.479 किमी प्रति घंटा रही। वह क्वालीफाइंग में शीर्ष पर रहे ऑस्ट्रेलिया के ओलिवर ब्लेडिन से 25 सेकंड से ज्यादा पीछे रहे। ब्लेडिन ने चार मिनट 4.132 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। हर्षवीर सिंह सेखों 19वें स्थान पर रहे। उन्होंने यह दूरी चार मिनट 35.524 सेकंड में पूरी की, जिसमें उनकी औसत गति 52.264 किमी प्रति घंटा रही। वहीं पुरुषों की कीरिन स्पर्धा में भारतीय साइकिलिस्टों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस प्रतियोगिता की शुरुआती हीट में भारतीय खिलाड़ी पीछे रह गए। देश के तीन खिलाड़ियों में डेविड बेकहम का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। बेकहम ने तीसरी हीट में हिस्सा लिया और पांचवें स्थान पर रहे। वह हीट विजेता ऑस्ट्रेलिया के डेनियल जेम्स बार्बर से 0.780 सेकेंड पीछे रहे। इस हीट से बार्बर और मलेशिया के मोहम्मद अजिजुलहसनी अवांग ने सीधे क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई जबकि बेकहम बाहर हो गए। चारों हीट में से प्रत्येक के शीर्ष दो साइकिलिस्ट क्वार्टरफाइनल में पहुंचे। पहली हीट में रोनाल्डो सिंह सातवें और अंतिम स्थान पर रहे। वह विजेता से 0.691 सेकेंड पीछे रहे और क्वार्टरफाइनल की दौड़ में जगह नहीं बना सके। वहीं जेमश सिंह चौथी हीट में पांचवें स्थान पर रहे। छह खिलाड़ियों की इस रेस में वह ऑस्ट्रेलिया के टेट रयान से 1.534 सेकंड पीछे रहे। इससे पहले परस्यूट में ब्लेडिन ने अपने ही देश के कॉनर लीही को बेहद मामूली अंतर से पीछे छोड़ा। ब्लेडिन और लीही के समय में सिर्फ 0.015 सेकंड का अंतर रहा। अब दोनों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्वर्ण पदक के लिए आमने-सामने होंगे। कांस्य पदक के मुकाबले में आइल ऑफ मैन के मैथ्यू बॉस्टॉक और ऑस्ट्रेलिया के जेम्स मोरियार्टी भिड़ेंगे। बॉस्टॉक ने क्वालीफाइंग में तीसरा और मोरियार्टी ने चौथा स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया ने इस स्पर्धा में कम से कम दो पदक पक्के कर लिए हैं जबकि उसके पास तीनों पदक जीत क्लीन स्वीप करने का भी मौका है।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 10:12 pm

Commonwealth Games: भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक दिन, Harsh Singh और Asmita Dey ने जीते दो Gold Medals

भारतीय खेल जगत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों से शानदार खबर सामने आई है। जूडो में भारत के खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने देश का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है। एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि जूडो में भारत की नई पहचान भी बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ओलंपियन खिलाड़ी जोशुआ काट्ज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस जीत के साथ वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल मुकाबले में हर्ष सिंह ने दबाव के बीच शानदार संयम दिखाया और अपने प्रतिद्वंद्वी को मात देकर देश को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। बता दें कि हर्ष सिंह की जीत से कुछ ही समय पहले भारत की अस्मिता डे ने भी इतिहास रच दिया था। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में कनाडा की हाइडी क्वाच को 2-1 के अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता है। इस उपलब्धि के साथ अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले भारत का कोई भी पुरुष या महिला जूडो खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सका था। गौरतलब है कि हर्ष सिंह की जीत भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के जूडो इतिहास का दूसरा स्वर्ण पदक भी बनी है। पहला स्वर्ण पदक अस्मिता डे ने अपने नाम किया था और उसके तुरंत बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण जीतकर भारत के लिए ऐतिहासिक दिन बना दिया है। दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय जूडो को नई पहचान दिलाई है। अस्मिता डे का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जाता है। वह त्रिपुरा के दक्षिण त्रिपुरा जिले के बेलोनिया की रहने वाली हैं। उनके पिता साइकिल मरम्मत का काम करते हैं और सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी खेल यात्रा में पूरा साथ दिया है। शुरुआत में अस्मिता 800 मीटर दौड़ में हिस्सा लेती थीं, लेकिन उनके पहले प्रशिक्षक ने उनकी क्षमता को देखते हुए उन्हें जूडो अपनाने की सलाह दी। इसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने त्रिपुरा खेल विद्यालय में प्रवेश लिया और यहीं से उनके जूडो करियर की शुरुआत हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अस्मिता डे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने एशियाई ओपन, जूनियर एशिया कप जूडो चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है। इसी निरंतर प्रदर्शन का परिणाम अब राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 10:12 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हर्ष सिंह ने जूडो में देश को दिलाया दूसरा स्वर्ण पदक

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल को जूडो में बड़ी सफलता मिली है। अस्मिता डे के जूडो में स्वर्ण पदक जीतने के कुछ ही समय बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीत लिया। शुक्रवार को पुरुषों के 60 किग्रा जूडो फाइनल में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

समाचार नामा 31 Jul 2026 9:56 pm

Mirabai Chanu को Arjuna Award देने की मांग, प्रतापराव जाधव ने खेल मंत्री को लिखा पत्र

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू को इस वर्ष प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार देने पर विचार करने का आग्रह किया है। जाधव ने अपने पत्र में कहा कि मीराबाई ने भारतीय भारोत्तोलन में शानदार प्रदर्शन किया है और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की इस खिलाड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर इतिहास रचा है। हालांकि जिन खिलाड़ियों को पहले ही मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार जैसे बड़े सम्मान मिल चुके हैं, उन्हें आमतौर पर अर्जुन पुरस्कार नहीं दिया जाता। मीराबाई को वर्ष 2018 में खेल रत्न और पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। मीराबाई ने लगातार तीन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं जिनमें ग्लास्गो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल भी शामिल हैं। जाधव ने कहा कि मीराबाई को ओलंपिक पदक जीतने के बाद मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री सहित देश के कई सर्वोच्च खेल सम्मान भी मिल चुके हैं लेकिन उनका बचपन से अर्जुन पुरस्कार पाने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने खेल मंत्री से आग्रह किया कि उनकी उपलब्धियों, असाधारण प्रतिभा और भारतीय खेलों में योगदान को देखते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाजा जाए।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 9:54 pm

Harsh Singh ने आस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराकर Commonwealth Games में स्वर्ण पदक जीता

भारत के हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष खिलाड़ी बन गए जिन्होंने आस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर पुरूषों के 60 किलो फाइनल में शुक्रवार को स्वर्ण पदक जीता। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे 23 वर्ष के हर्ष ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जूडोका के खिलाफ संयम खोये बिना जबर्दस्त खेल दिखाया। शुरूआती चरण में कोई भी खिलाड़ी हावी होता नहीं दिख रहा था लेकिन आखिरी 41 मिनट में हर्ष ने आक्रामक खेल दिखाया। जोशुआ ओशियाना चैम्पियनशिप और आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कई बार जीत चुके हैं। उन्होंने बर्मिघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य जीता था और वह ओलंपियन भी हैं। उनके अनुभव से डरे बिना हर्ष ने काफी संयम के साथ खेला। जोशुआ के माता पिता भी जूडो खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके पिता आस्ट्रेलिया की ओलंपिक टीम के कोच रह चुके हैं।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 9:54 pm

Asmita Dey ने राष्ट्रमंडल खेलों की Judo स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता

भारत की अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने 48 किलो वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को नाटकीय ‘गोल्डन स्कोर’ मुकाबले में हराकर खिताब जीता। आकलैंड में 1990 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार जूडो को शामिल किया गया था। इसके बाद से भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने हर बार पदक जीता है लेकिन पीला तमगा हासिल नहीं कर सके। त्रिपुरा की 23 वर्ष की अस्मिता शुरूआत में पिछड़ गई थी और उन्हें पेनल्टी भी लगी। उन्होंने हालांकि शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1 . 1 से हराकर किया। चार मिनट के मुकाबले में दोनों में से किसी को निर्णायक स्कोर नहीं मिल सका जिससे मुकाबला गोल्डन स्कोर में गया। इसमें पहले स्कोर करने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। अस्मिता ने सडन डैथ में आक्रामक प्रदर्शन करके जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 9:52 pm

हर्ष सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 10-0 से रौंदा

अस्मिता डे और हर्ष सिंह से पहले कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में किसी भी भारतीय जूडो खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक नहीं जीता था। हर्ष इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष जूडोका बन गए हैं।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 9:39 pm

Commonwealth Games: अरुंधति चौधरी ने मौजूदा चैंपियन को हराया, 4 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में

अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लांबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने भी अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना कर राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। इस बीच, भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। प्रीति ने जीत के बाद पीटीआई से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही। अब मेरा पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।’’म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा 5-0 की जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 9:36 pm

एमएस धोनी के साथ ट्रेनिंग करते दिखे ऋषभ पंत, शाहबाज नदीम ने शेयर की तस्वीर

ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उनकी एमएस धोनी के साथ एक तस्वीर सामने आई है। जिसको शाहबाद नदीम ने पोस्ट किया है।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 9:35 pm

कॉमनवेल्थ में भारत की पंच: पाँच बॉक्सर फाइनल में, रजत पक्का

ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारत के लिए बेहतरीन रहा है। भारत के लिए मुक्केबाजी से बहुत ही अच्छी खबर आई है। 5 मुक्केबाज अपने-अपने वर्ग के फाइनल पहुंचे हैं और अपने लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।

देशबन्धु 31 Jul 2026 9:32 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अस्मिता डे ने जूडो में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को एक और स्वर्ण पदक मिल गया है। अस्मिता डे शुक्रवार को जूडो में देश को स्वर्ण पदक दिलाया। शुक्रवार को महिलाओं की 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में अस्मिता डे ने कनाडा की हेइडी क्वैच को हराकर स्वर्ण पदक जीता। अस्मिता का यह स्वर्ण पदक ऐतिहासिक है। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में यह देश का पहला स्वर्ण पदक है।

समाचार नामा 31 Jul 2026 9:30 pm

Manush Shah और Harmeet Desai राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंचे

शीर्ष वरीयता प्राप्त मानुष शाह और खिताब के दावेदार हरमीत देसाई की अगुवाई में भारतीय खिलाड़ियों ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप के व्यक्तिगत मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष और महिला एकल वर्ग में अधिकांश भारतीय खिलाड़ी प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंच गए। राउंड 32 में उतरे 14 भारतीय खिलाड़ियों में से 11 ने अगले दौर में जगह बनाई। मानुष शाह ने ऑस्ट्रेलिया के चुलोंग नी को 8-11, 11-9, 11-7, 11-7, 11-4 से हराया। हरमीत ने भी पहला गेम हारने के बाद वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के शुकी लिन को 9-11, 11-8, 11-9, 11-6, 11-4 से हराया। मानव ठक्कर ने मालदीव के अख्यार अहमद खालिद को सीधे गेमों में हराकर आसान जीत दर्ज की। वहीं सानिल शेट्टी, जस मोदी, पायस जैन और आकाश पाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम 16 में जगह बनाई। भारतीय खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबलों में एच जेहोब ने हमवतन मुदित दानी को सीधे गेम में जबकि अंकुर भट्टाचार्जी ने एक गेम से पिछड़ने के बाद दिव्यांश श्रीवास्तव को मात दी। एसएफआर स्नेहित ने पहला गेम गंवाने के बाद रीगन अल्बुकर्क को छह गेमों में हराया। रोनित भांजा ने सिंगापुर के एल्सवर्थ ली के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में पांचवां गेम 15-13 से जीतकर सफलता हासिल की। महिला एकल में राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता श्रीजा अकुला को ऑस्ट्रेलिया की जियामुवा वू ने सात गेम तक कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबला 6-11, 12-10, 11-8, 11-4, 7-11, 10-12, 11-2 से जीत लिया। इसके अलावा स्वस्तिका घोष, अनुषा कुटुम्बले, सिंड्रेला दास, तनीषा कोटेचा, नित्या श्री मणि, सायली वानी, सुतीर्था मुखर्जी, दिव्यांशी भौमिक और यशस्विनी घोरपड़े ने भी शानदार जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 9:22 pm

अस्मिता डे ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में पहली बार मिला मेडल

भारतीय जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 9:18 pm

अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, जुडो में गोल्ड मेडल जीतने वाली बनीं पहली भारतीय

भारत की जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने शानदार खेल दिखाते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। अस्मिता की यह जीत बहुत खास है, क्योंकि उनसे पहले भारत का कोई भी जूडो खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया था।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 9:05 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जदुमणि सिंह, अरुंधति चौधरी, जैस्मिन लंबोरिया बॉक्सिंग के फाइनल में

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारत के लिए बेहतरीन रहा है। भारत के लिए मुक्केबाजी से बहुत ही अच्छी खबर आई है। 5 मुक्केबाज अपने-अपने वर्ग के फाइनल पहुंचे हैं और अपने लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।

समाचार नामा 31 Jul 2026 9:04 pm

कॉमनेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतेंगे जूडो और मुक्केबाजी फाइनल में पहुंचे एथलीट: हर्ष संघवी

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा लेने गए भारतीय एथलीटों का हौसला बढ़ाने के लिए ग्लासगो में उपस्थित हैं। संघवी ने कहा है कि जूडो और मुक्केबाजी के फाइनल में जगह बनाने वाले एथलीट देश के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगे।

समाचार नामा 31 Jul 2026 8:30 pm

इमेशा दुलानी का शानदार शतक, पाकिस्तान को दी करारी शिकस्त, T20I में सेंचुरी लगाने वाली बनीं दूसरी श्रीलंकाई खिलाड़ी

श्रीलंका महिला टीम ने पहले टी-20 मैच में पाकिस्तान महिला टीम को 6 विकेट से हरा दिया। इस मैच में इमेशा दुलानी ने शानदार शतक जड़ा, जिसके साथ ही वह टी-20 इंटरनेशनल मैचों में शतक बनाने वाली श्रीलंका की दूसरी महिला क्रिकेटर बनीं।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 8:22 pm

Commonwealth Games जूडो: अस्मिता, हर्ष और यामिनी ने फाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किए

(तस्वीरों के साथ)ग्लास्गो, 31 जुलाई भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने शुक्रवार को यहां जारी राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कम से कम तीन रजत पदक सुनिश्चित कर दिए। अस्मिता डे, हर्ष सिंह और यामिनी मौर्य ने अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर ये पदक पक्के किये। महिला 48 किग्रा वर्ग में युवा खिलाड़ी अस्मिता डे ने बेहद रोमांचक मुकाबले में स्कॉटलैंड की समर शॉ को ‘युको’ के आधार पर हराकर फाइनल में प्रवेश किया। एक समय हार की कगार पर पहुंच चुकीं अस्मिता ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना कनाडा की हेइडी क्वाच से होगा। इससे पहले अस्मिता ने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग को ‘इप्पोन’ से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। जूडो में ‘इप्पोन’ को सर्वोच्च स्कोर माना जाता है जिसके मिलते ही मुकाबला समाप्त हो जाता है। ‘युको’ अपेक्षाकृत कम अंक वाला स्कोर है। पुरुष 60 किग्रा वर्ग में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को ‘वाजा-आरी’ के आधार पर हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले हर्ष ने क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के सफर में मलावी के चिकोंडी काथेवेरा को ‘इप्पोन’ से मात दी और फिर वानुआतु के एलन मोंथुएल को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। फाइनल में हर्ष का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज से होगा। जूडो में ‘वाजा-आरी’ दूसरा सबसे बड़ा स्कोर होता है, जो खिलाड़ी को मुकाबले में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाता है। महिला वर्ग में यामिनी मौर्य ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका की डोने ब्रेटेनबाख को ‘इप्पोन’ से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। फाइनल में उनका सामना इंग्लैंड की असेल्या टोपराक से होगा। इससे पहले यामिनी ने घाना की फ्रेमा अग्येई को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। महिला 52 किग्रा वर्ग में श्रद्धा कदुबाल चोपड़े पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। रेपेचेज मुकाबले में उन्हें वेल्स की लोला हॉडसन ने युको से हराया। श्रद्धा ने इससे पहले सिएरा लियोन की जेन मासाक्वॉई को इप्पोन से पराजित किया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टिंका ईस्टन के खिलाफ उन्हें हार मिली। पुरुष 66 किग्रा वर्ग में रोहित बसीर मजगुल का सफर भी रेपेचेज में समाप्त हो गया। उन्हें इंग्लैंड के माइकल फ्रायर ने ‘युको’ के आधार पर हराया। इससे पहले रोहित ने मोजाम्बिक के सैमुअल रिबेरो को मात दी थी, लेकिन क्वार्टर फाइनल में साइप्रस के पेट्रोस क्रिस्टोडुलिडेस से हार गए थे।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 8:02 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स: अस्मिता, हर्ष और यामिनी जूडो फाइनल में पहुंचे, तीन रजत पदक पक्के

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से भारत के लिए अच्छी खबर आई है। जूडो में भारत के तीन एथलीटों ने अपने-अपने भार वर्ग में फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए कम से कम तीन रजत पदक पक्के कर दिए हैं।

समाचार नामा 31 Jul 2026 7:58 pm

Gujarat के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने Glasgow में योग सत्र में लिया हिस्सा

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की बारीकियां सीखने के लिए ग्लास्गो गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं और उन्होंने शुक्रवार को वहां आयोजित एक योग सत्र में हिस्सा लिया। सांघवी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ग्लास्गो में दिन की शुरुआत भारतीय-स्कॉटिश योगियों के साथ की। यह ताजगी और ऊर्जा देने वाला योग सत्र था जिसने दिखाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग किस तरह एक वैश्विक आंदोलन बन गया है। यह स्वास्थ्य, सद्भाव और वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ दिन की एक शानदार शुरुआत थी। ’’सांघवी गुजरात का खेल विभाग भी संभालते हैं, उन्होंने बृहस्पतिवार को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले ‘अमदावाद एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया जिसमें पीटी उषा और स्कॉटिश अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने लिखा, ‘‘2026 राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन स्थल ग्लास्गो में ‘अमदावाद एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया गया जो अहमदाबाद की जीवंत भावना को प्रदर्शित करता है। अहमदाबाद 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी गर्व के साथ करेगा। ’’साघवी ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई भी दी।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 7:57 pm

Commonwealth Games 2026 Live Day 9: अस्मिता डे से गोल्ड की उम्मीद, फाइनल में हो रही कांटे की टक्कर

Commonwealth Games 2026 Live: कॉमनवेल्थ गेम्स का आज 9वां दिन है, जहां भारत को स्वर्ण पदक की उम्मीदे हैं। आज रात 12:45 पर नीरज चोपड़ा फाइनल में ऐक्शन में होंगे। इससे पहले भारत के लिए अस्मिता डे, हर्ष और यामिनी ने भारत के लिए पदक पक्के कर लिए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 7:52 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'प्रतियोगिता से पहले परिणाम पर नहीं सोचता', ट्रिपल जंप फाइनल से पहले बोले प्रवीण चित्रवेल

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल का कहना है कि वह अपनी जंप के हर फेज को अच्छे से करने पर फोकस कर रहे हैं और नतीजे के बारे में सोचने के बजाय अपनी तैयारी पर भरोसा कर रहे हैं। 25 साल के चित्रवेल ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की ट्रिपल जंप फाइनल के लिए तैयारी कर रहे हैं।

समाचार नामा 31 Jul 2026 7:18 pm

रूट को टेस्ट कप्तानी सौंपने पर भड़के इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क बुचर ने जो रूट की टेस्ट कप्तानी में वापसी पर नाराजगी जताई है. बुचर का मानना है कि यह फैसला इंग्लैंड के 'बैजबॉल' युग में हुए बदलावों को पीछे ले जाएगा और रूट को दोबारा कप्तान बनाना सही कदम नहीं है.

आज तक 31 Jul 2026 7:00 pm

Seema Kaliraman ने मातृत्व और गठिया से लड़कर Glasgow में जीता कांस्य पदक

... अपराजिता उपाध्याय ...ग्लास्गो, 31 जुलाई किसी खिलाड़ी के लिए मातृत्व के बाद खेल में वापसी को सबसे कठिन चुनौतियों में गिना जाता है लेकिन भारतीय चक्का फेंक और राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण के लिए असली संघर्ष मां बनने के बाद शुरू हुआ। साल 2022 में बेटे रुद्र के जन्म के कुछ ही सप्ताह बाद सीमा गठिया (आर्थराइटिस) की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गईं। इस सूजन संबंधी रोग ने उनके उन जोड़ों को प्रभावित किया, जिन पर चक्का फेंक खिलाड़ी की पूरी निर्भरता रहती है। हालत ऐसी हो गई कि रोजमर्रा की वस्तुएं उठाना भी मुश्किल था, एक किलोग्राम वजनी डिस्क फेंकना तो दूर की बात थी। उन्होंने हालांकि चार साल बाद शानदार वापसी करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक हासिल कर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। इस 27 साल की खिलाड़ी ने पीटीआई से कहा, ‘‘ गर्भावस्था के बाद मुझे गठिया हो गया था, जिससे कई तरह की परेशानियां सामने आईं।”उनकी वापसी का सफर आसान नहीं था। उनके पति रविंदर कालीरमण इस कठिन दौर में उनके कोच भी बने। रविंदर खुद राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं और चोटों के कारण उनका करियर समय से पहले समाप्त हो गया था। रविंदर ने कहा, ‘‘हमें इस बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हमने काफी शोध किया और आयुर्वेद का भी सहारा लिया, क्योंकि इसका स्थायी इलाज नहीं है, केवल इसे नियंत्रित किया जा सकता है।’’बीमारी से उबरने के लिए सीमा और उनके साथ रविंदर ने भी जीवनशैली और खानपान में बड़े बदलाव किए। रविंदर ने बताया, “उन्हें इमली और नींबू जैसी खट्टी चीजों से परहेज करना पड़ा। आहार में ऐसी चीजें शामिल की गईं जो उनके लिए लाभकारी थीं। उनके सभी जोड़ों में दर्द रहता था। वह कोई सामान तक नहीं उठा पाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने फिर से अभ्यास शुरू किया।’’यह प्रगति मीटरों में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे कदमों में दर्ज हुई। मातृत्व से पहले सीमा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 48.08 मीटर था। उन्होंने 2024 में प्रतिस्पर्धी खेलों में वापसी की और इस वर्ष ‘इंडियन चैंपियनशिप’ में 59.73 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। ग्लास्गो में 58.65 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया। शारीरिक मजबूती पर काम करने के साथ-साथ सीमा ने भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में पीएचडी भी जारी रखी। उन्होंने कहा, “मेरा शोध भी ‘कल्पना और अभिव्यक्ति’ पर आधारित है। सकारात्मक और नकारात्मक सोच खिलाड़ी के प्रदर्शन को किस तरह प्रभावित करती है, यही इसका विषय है।”मातृत्व ने उनके जीवन को खेल के बाहर भी पूरी तरह बदल दिया। सीमा ने कहा, “मेरा बेटा अब बड़ा हो रहा है। वह हमारे साथ रहना चाहता है। यह काफी कठिन होता है।”स्कॉटलैंड रवाना होने से पहले बेटे रुद्र ने उनसे सिर्फ एक ही फरमाइश की थी। सीमा मुस्कुराते हुए बताती हैं, “उसने कहा था, ‘मम्मी, मेरे लिए एक पदक लेकर आना।’ उसके लिए वही सबसे बड़ा खिलौना है।”पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी और भाला फेंक एथलीट रहे तथा भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके पिता की बेटी सीमा ने खेल, शोध और मातृत्व की जिम्मेदारियों को एक साथ निभा रही हैं। इसके बावजूद उनके पास आज भी कोई सरकारी नौकरी नहीं है। सीमा ने कहा, “मेरे पास कोई नौकरी नहीं है।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 6:43 pm

भारत दौरे को लेकर BCB की बढ़ी बेचैनी, तमीम पहुंचे सरकार के पास

भारत के बांग्लादेश दौरे पर अनिश्चितता के बीच BCB अध्यक्ष तमीम इकबाल ने सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है. उन्होंने भारत के सितंबर दौरे को सुनिश्चित कराने के लिए सरकारी स्तर पर बातचीत तेज करने का अनुरोध किया है.

आज तक 31 Jul 2026 6:34 pm

केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने खेल मंत्री को लिखा पत्र, मीराबाई चानू के लिए अर्जुन अवॉर्ड की सिफारिश की

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर कहा है कि इस वर्ष के अर्जुन पुरस्कार के लिए ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के नाम पर विचार किया जाए।

समाचार नामा 31 Jul 2026 6:30 pm

भारत के बांग्लादेश दौरे पर सस्पेंस बरकरार:BCB चीफ तमीम इकबाल ने सरकार से मदद मांगी; कहा- विदेश मंत्रालय भारत से बातचीत करे

भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर में होने वाली सीरीज पर सस्पेंस बरकरार है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट तमीम इकबाल ने अब सरकार से गुहार लगाई है कि वह भारत से बात करे। तमीम विदेश मंत्रालय गए और दौरे के लिए सुरक्षा की गारंटी मांगी। भारत को बांग्लादेश दौरे पर तीन वनडे और 3 टी-20 मैच खेलने हैं। हालांकि BCCI की ओर से सीरीज पर कन्फर्मेशन आना बाकी है। पूरा मामला 3 प्वॉइंट्स में समझे: तमीम बोले- कुछ चीजें हमारे हाथ में नहीं तमीम ने अपने बयान में कहा- ‘हम इस सीरीज को लेकर बहुत उम्मीद में हैं। लेकिन कुछ चीजें मेरे हाथ में नहीं हैं। यह दो देशों की सरकारों के बीच का मामला है और वही इसे तय कर सकती हैं।’ शेड्यूल अब तक जारी नहीं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड फिलहाल भारत के जवाब का इंतजार कर रहा है। मैच का ब्रॉडकास्ट (टीवी पर दिखाना) और बाकी कानूनी काम रोक दिए गए हैं। जैसे ही भारत सरकार और BCCI की तरफ से सीरीज को मंजूरी मिलती है। तब मैच की तारीखों का ऑफिशियल ऐलान किया जा सकता है। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्डकप के 12 होस्ट शहरों का ऐलान:साउथ अफ्रीका में 8 वेन्यू, जिम्बाब्वे-नामीबिया भी मेजबान; 24 साल बाद अफ्रीका में वर्ल्डकप ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान कर दिया है। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 6:20 pm

कैबिनेट ने खेलो इंडिया स्कीम को नया रूप देने और नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन को ज्यादा मदद की मंजूरी दी

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 36,441 करोड़ रुपये के कुल खर्च के साथ खेलो इंडिया स्कीम को बढ़ाने और नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (एएनएसएफ) को ज्यादा मदद देने को मंजूरी दी है। इससे युवाओं के विकास और देश बनाने के लिए खेलों की ताकत का इस्तेमाल करने के सरकार के वादे को फिर से सुनिश्चित किया गया है।

समाचार नामा 31 Jul 2026 6:09 pm

कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम पाकिस्तान मैच, टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकेंगे LIVE मुकाबला

एशियन लीजेंड्स लीग 2026 के मैच शुरू हो चुके हैं। इंडियन रॉयल्स और पाकिस्तान पैंथर्स की टीमें दो अगस्त को टकराएंगी। इसमें भारत और पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी नजर आने वाले हैं।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 5:59 pm

Taipei Open Semi-Finals: Unnati Hooda और Tanvi Sharma की धमाकेदार जीत, भारत की खिताबी उम्मीदें बरकरार

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने शुक्रवार को ताइपे ओपन के अपने महिला एकल क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। किरण जॉर्ज हालांकि पुरुष एकल क्वार्टरफाइनल में जापान के चौथे वरीय युडाई ओकिमोटो से 33 मिनट में 12-21 10-21 से हार गए। उन्नति ने हमवतन देविका सिहाग को 23-21, 21-16 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश कर लिया। वहीं तन्वी ने थाईलैंड की सुपानिडा काटेथोंग को 54 मिनट तक चले क्वार्टरफाइनल में 21-15 18-21 21-14 से शिकस्त दी। दिन में दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबले का पहला गेम बेहद रोमांचक रहा जहां उन्नति ने धैर्य का परिचय देते हुए 23-21 से जीत दर्ज की। उन्नति ने शानदार शुरुआत करते हुए 11-3 की बढ़त बना ली, लेकिन देविका ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 21-21 से बराबर कर दिया। उन्नति ने निर्णायक क्षणों में संयम बनाए रखते हुए लगातार दो अंक जीतकर पहला गेम 23-21 से अपने नाम कर लिया। तीसरी वरीयता प्राप्त 18 वर्षीय उन्नति ने दूसरे गेम में भी अपना दबदबा कायम रखा और आठवीं वरीय देविका को 21-16 से शिकस्त देकर 42 मिनट में मुकाबला जीत लिया।सेमीफाइनल में उन्नति का सामना चीनी ताइपे की चियू पिन-चियान और वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 5:56 pm

Preeti Pawar और Ankush Panghal राष्ट्रमंडल मुक्केबाजी के फाइनल में पहुंचे

भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने शुक्रवार को अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में जगह बना ली। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। प्रीति ने जीत के बाद पीटीआई से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही। अब मेरा पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।’’म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा 5-0 की जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 5:43 pm

Khelo India योजना के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने 29,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वतंत्रता के बाद का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम बताते हुए शुक्रवार को खेलो इंडिया योजना के विस्तार और राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता (एएनएसएफ) के बजट के लिए अगले पांच वर्षों कुल 36,441 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी। सरकार ने खेलो इंडिया योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 29,054 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें तैयार करना है, ताकि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी के माध्यम से वैश्विक खेल केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सके। वहीं राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को सहायता के लिए अगले पांच वर्षों में 7,387 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में पहले 425 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान था। सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘स्वीकृत बजट पिछले खेलो इंडिया कार्यक्रम की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक है जो युवाओं के विकास, राष्ट्र निर्माण और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ’’स्कूल स्तर पर खेलों को मजबूत करने के लिए सरकार ने दो नयी पहल शुरू की हैं जो खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय हैं। इनका उद्देश्य खेलों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना, प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करना और उन्हें व्यवस्थित रूप से विकसित करना है। एएनएसएफ योजना के तहत 2026-31 की अवधि के लिए भारतीय खिलाड़ियों और टीम को कोचिंग, खेल विज्ञान, आधुनिक उपकरण, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण एवं प्रतिस्पर्धाओं में भागीदारी, प्रशिक्षण शिविरों और विदेशी विशेषज्ञों की सेवाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार ने कहा, ‘‘यह वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के देशों के साथ खेल सहयोग को भी बढ़ावा देगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देगा। ’’बयान में कहा गया, ‘‘महिला खिलाड़ियों, पैरा-एथलीट, स्वदेशी खेलों तथा शांति, समावेशन और सामुदायिक विकास के माध्यम के रूप में खेलों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। ’’बयान के अनुसार, ‘‘इस योजना के तहत राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और भारत में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। ’’योजना में एक एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म विकसित करने का भी प्रस्ताव है जिसमें खिलाड़ियों का डेटाबेस, खेल अवसंरचना, प्रतियोगिताएं, कोचिंग संसाधन, प्रतिभा मूल्यांकन, वित्तीय सहायता और फिट इंडिया अभियान से जुड़ी जानकारी को एक मंच पर लाया जाएगा। सरकार के अनुसार यह प्लेटफॉर्म डेटा-आधारित योजना निर्माण, पारदर्शी प्रशासन और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देगा। सरकार ने कहा कि उसे विश्वास है कि इस पुनर्गठित योजना से भारत की दीर्घकालिक खेल महत्वाकांक्षाओं के लिए मजबूत आधार तैयार होगा जिसमें देश की ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की दावेदारी भी शामिल है। योजना के तहत एक और महत्वपूर्ण सुधार के रूप में मौजूदा ‘खेलो इंडिया एथलीट्स’ कार्यक्रम के साथ ‘इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट्स’ नामक नयी श्रेणी बनाई जाएगी। सरकार ने कहा, ‘‘इससे खिलाड़ियों के संरचित विकास तंत्र का दायरा लगभग दस गुना तक बढ़ जाएगा और हजारों अतिरिक्त युवा खिलाड़ियों को पेशेवर कोचिंग, खेल विज्ञान आधारित सहायता तथा दीर्घकालिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। ’’देशभर में प्रतिभा की पहचान के लिए एक राष्ट्रीय प्रतिभा खोज तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके तहत क्षेत्रीय समितियां, स्काउट्स, हाई परफॉर्मेंस निदेशक और हाई परफॉर्मेंस मैनेजर मिलकर देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेंगे, उनकी प्रगति पर नजर रखेंगे और उनके समग्र विकास में सहयोग करेंगे।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 5:41 pm

Droupadi Murmu ने Commonwealth Games पदक विजेता लवप्रीत सिंह और सीमा को बधाई दी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के भारोत्तोलन और महिलाओं की चक्का फेंक स्पर्धा में पदक जीतने पर लवप्रीत सिंह और सीमा कालीरमण को शुक्रवार को बधाई दी। राष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारोत्तोलन में पुरुषों के 110 किलोग्राम से अधिक वजन वर्ग में रजत पदक जीतने पर लवप्रीत सिंह को हार्दिक बधाई। आपका शानदार प्रदर्शन आपके अटूट दृढ़ संकल्प, असाधारण शक्ति और उत्कृष्टता को दर्शाता है। आपकी इस उपलब्धि ने हर भारतीय को अपार गर्व और खुशी दी है। मैं कामना करती हूं कि आने वाले वर्षों में आप और भी कई उपलब्धियां हासिल करें।’’पंजाब के सीमावर्ती जिले अमृतसर के बाल सिकंदर गांव के रहने वाले लवप्रीत एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता दर्जी हैं, जबकि उनके दादा सब्जियां बेचकर अपना जीवन यापन करते थे। मुर्मू ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिला चक्का फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर सीमा कालीरमण को हार्दिक बधाई। आपकी यह उपलब्धि आपकी दृढ़ता, समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। आपकी सफलता युवा महिलाओं को खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। आशा है कि आप देश का नाम रोशन करती रहेंगी।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 5:37 pm

Asian Legends League में इंडियन रॉयल्स की टीम को बड़ी साझेदारी की जरूरत, बांग्लादेश टाइगर्स की अच्छी वापसी

Asian Legends League का तीसरा मैच इंडियन रॉयल्स और बांग्लादेश टाइगर्स के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में इंडिया रॉयल्स की टीम ने टॉस जीता है। इस मैच में टीम इंडिया की कप्तानी नमन ओझा कर रहे हैं। वहीं बांग्लादेश की कप्तानी धीमान घोष कर रहे हैं।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 5:36 pm

स्वप्ना बर्मन ने लिया संन्यास, एशियन गेम्स हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय रहीं

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली हेप्टाथलीट स्वप्ना बर्मन ने शुक्रवार को एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा कर दी। स्वप्ना ने लगातार चोटिल होने को अपने संन्यास की वजह बताई।

समाचार नामा 31 Jul 2026 5:24 pm

इंटरनेशनल कबड्‌डी प्लेयर की पत्नी ने सुसाइड किया:रोहतक में घर में फांसी लगाई; ढाई साल पहले हुई थी शीलू बल्हारा की शादी

रोहतक के रहने वाले इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया। बताया गया है कि उन्होंने अपने घर में फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पर बहु अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। सुसाइड के कारणों को लेकर फिलहाल पता नहीं चल पाया है। शीलू और मुस्कान की शादी दिसंबर 2023 में हुई थी। पिछले साल नवंबर में उनके बेटे हार्दिक का जन्म हुआ। एक पॉडकास्ट में शादी को लेकर पूछे गए सवाल पर शीलू बल्हारा ने बताया था कि उनका जन्म 2003 में हुआ था। उनकी मां लंबे समय से बीमार रहती हैं और उनके पैरों व कमर में तकलीफ है। इसी वजह से परिवार ने उनकी कम उम्र में ही शादी कराने का फैसला लिया था, लेकिन मैं बेहद खुश हूं। 3 पॉइंट में जानिए कौन हैं शीलू बल्हारा बहु अकबरपुर गांव के रहने वाले शीलू बल्हारा रोहतक में बहु अकबरपुर गांव के रहने वाले हैं। पिता सुरेंद्र बल्हारा साधारण किसान हैं और एक भाई है। शीलू की करीब दिसंबर 2025 में मुस्कान से शादी हुई थी। शीलू ने मात्र छह साल की उम्र में ही कबड्‌डी खेलना शुरू कर दिया था। जब जवानी में कदम रखा तो उनका नाम पंजाब तक पहुंचा। पंजाब की अलग-अलग टीमों में शीलू खेलने के लिए जाते रहते है। चीते के नाम से फेमस हैं शीलू शीलू पंजाब में 'हरियाणा आला चीता' के नाम से फेमस हैं। विदेशों में शीलू कबड्‌डी खेलने जाते हैं। वे कैचर हैं। पिछले साल अमेरिका में हुए कबड्‌डी टूर्नामेंट में भी वे बेस्ट कैचर चुने गए थे। यहां शीलू ने उत्कृष्ट पकड़ क्षमता और फुर्ती से सबका दिल जीत लिया था। ट्रैक्टर, कंबाइन और बुलेट जीत चुके शीलू कबड्‌डी मुकाबलों में पंजाब से अब तक 24 ट्रैक्टर, 50 से ज्यादा बुलेट और एक कंबाइन जीतकर घर ला चुके है। उन्होंने मुकाबलों में जीतकर लाई बुलेट को कभी बेचा नहीं है, वे इन्हें अपने दोस्तों या फिर खुद के यूज के लिए ही रखते हैं। ट्रैक्टर और दूसरे उपकरण वे बेच देते हैं। बड़ी संख्या में किसानी से जुड़े उपकरण पंजाब से जीतकर ला चुके हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 5:22 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दो और मेडल पक्का, प्रीति पवार और अंकुश पंघाल ने बॉक्सिंग में फाइनल में बनाई जगह

22 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 54 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराया। वहीं अंकुश पंघाल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को हराया है।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 5:20 pm

रहाणे के बाद KKR की कमान किसके हाथ? रिंकू मजबूत दावेदार

अजिंक्य रहाणे के संन्यास के बाद KKR नए कप्तान की तलाश में है. मौजूदा स्क्वाड में रिंकू सिंह सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं. UPT20 और उत्तर प्रदेश टीम की कप्तानी का उनका रिकॉर्ड उन्हें IPL 2027 से पहले इस रेस में सबसे आगे खड़ा करता है.

आज तक 31 Jul 2026 5:16 pm

WI vs PAK 2nd Test: पाकिस्तान को लगा तगड़ा झटका, चोट के कारण करो या मरो वाले मैच से बाहर हुए पूर्व कप्तान

पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम इन दिनों वेस्‍टइंडीज के दौरे पर है। इस दौरान दोनों टीमों के बीच 2 टेस्‍ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है।

जागरण 31 Jul 2026 4:57 pm

प्रीति पवार फाइनल में पहुंचीं, भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का किया; एकतरफा सेमीफाइनल में म्वापे को धोया

प्रीति पवार शुक्रवार को महिलाओं के 54 किग्रा सेमीफ़ाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बॉक्सर बनीं। इस जीत से प्रीति का कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 4:54 pm

वैभव सूर्यवंशी अब कब खेलेंगे इंटरनेशनल मुकाबला, इससे पहले होगा डोमेस्टिक क्रिकेट में टेस्ट

वैभव सूर्यवंशी इस वक्त इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो वे फिर से अ​ब सीधे अक्टूबर में टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगे। इससे भी पहले वे दलीप ट्रॉफी में दिखाई देंगे, जहां वे ईस्ट जोन के उपकप्तान बनाए गए हैं।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 4:43 pm

श्रीलंका सीरीज से पहले टीम इंडिया के लिए गुड न्यूज, जसप्रीत बुमराह ने पास किया फिटनेस टेस्ट

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड का ऐलान हो चुका है। इस सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन का सेलेक्शन फिटनेस के अधीन किया गया था।

खबर इंडिया टीवी 31 Jul 2026 4:37 pm

बुमराह पूरी तरह फिट, श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट खेलेंगे

जसप्रीत बुमराह ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है. अब वह श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में खेलने के लिए पूरी तरह फिट हैं, जिससे टीम इंडिया की गेंदबाजी को बड़ी मजबूती मिलेगी.

आज तक 31 Jul 2026 4:35 pm