डी गुकेश : 7 साल की उम्र में चली शतरंज की पहली बाजी, सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बनकर रचा इतिहास
डोम्माराजू गुकेश शतरंज की दुनिया में तेजी से उभरता हुआ एक चैंपियन खिलाड़ी। गुकेश ने महज 7 साल की उम्र में शतरंज की अपनी पहली चाल चली थी। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में विश्व चैंपियन कहलाने का तमगा हासिल किया। 5 फुट और 7 इंच के गुकेश अपनी चालों से विपक्षी खिलाड़ी को भी अपना मुरीद बना लेते हैं।
क्रिकेट ब्रॉडकास्टर जियो हॉटस्टार ने दावा किया है कि दुनिया की किसी लीग में IPL जितनी इतनी भाषाएं नहीं हैं। दैनिक भास्कर मुंबई स्थित जियो-हॉटस्टार ऑफिस पहुंचा। यहां हेड कंटेंट सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व अंपायर अनिल चौधरी, पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर सरनदीप सिंह से बातचीत हुई। सिद्धार्थ ने बताया कि IPL अब 12 भाषाओं में देखा जा रहा है और भोजपुरी-हरियाणवी जैसी फीड्स तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौजूदा दौर का सबसे बेहतरीन टी-20 बैटर बताया। दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाब आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा गढ़ है, जहां से लगातार बड़े खिलाड़ी निकल रहे हैं। नीचे सवाल-जवाब में पूरा इंटरव्यू पढ़ें… सवाल: IPL में 12 भाषाओं में कमेंट्री शुरू करने का आइडिया कैसे आया? सिद्धार्थ ने बताया कि लंबे समय तक भारत में क्रिकेट सिर्फ अंग्रेजी में दिखाया जाता था। 2013 में स्टार स्पोर्ट्स के पास बड़े क्रिकेट राइट्स आने के बाद हिंदी फीड की शुरुआत हुई।उन्होंने कहा- मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में क्रिकेट देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस करें। 2017 में तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फीड शुरू की गईं। इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी समेत कई नई भाषाएं जोड़ी गईं और अब IPL 12 भाषाओं में उपलब्ध है। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री की शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? सिद्धार्थ के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती सही कमेंटेटर ढूंढना थी। उन्होंने कहा कि हर भाषा में पूर्व क्रिकेटर उपलब्ध नहीं होते, इसलिए ऐसे लोगों को तलाशा गया जो क्रिकेट समझते हों और साथ ही अच्छे स्टोरीटेलर भी हों। उन्होंने बताया कि भोजपुरी कमेंट्री के लिए कई ऑडिशन लिए गए। 10-12 लोगों का पूल तैयार किया गया, फिर वर्कशॉप और ट्रेनिंग के बाद कुछ आवाजों को चुना गया। कमेंटेटर्स को यह भी सिखाया गया कि रोहित शर्मा की बैटिंग या विराट कोहली के कवर ड्राइव को किस अंदाज में पेश करना है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग मॉड्यूल और फ्रेमवर्क बनाए गए। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री इतनी वायरल क्यों हुई? सिद्धार्थ ने कहा कि भोजपुरी कमेंट्री की ताकत उसका देसी अंदाज और कहानी सुनाने की कला है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी फीड में तकनीकी विश्लेषण से ज्यादा मनोरंजन, लोकल बोली, मुहावरे और भावनात्मक जुड़ाव पर फोकस किया गया। उनके मुताबिक, भोजपुरी कमेंटेटर क्रिकेट को ऐसे पेश करते हैं कि जो दर्शक खेल की बारीकियां नहीं भी समझते, वे भी उससे जुड़ जाते हैं। यही वजह है कि भोजपुरी कमेंट्री ने अपनी अलग पहचान बना ली। सवाल: IPL कमेंट्री में पूर्व खिलाड़ियों को इतनी अहमियत क्यों दी जाती है? सिद्धार्थ ने कहा कि कोशिश रहती है कि ऐसे लोगों को कमेंट्री में लाया जाए जो IPL इकोसिस्टम का हिस्सा रहे हों। सवाल: भारतीय ब्रॉडकास्ट की तुलना विदेशी लीग्स से कैसे होती है? सिद्धार्थ ने दावा किया कि IPL ब्रॉडकास्ट दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स से आगे है। उन्होंने कहा कि कवरेज की चौड़ाई, भाषाओं की संख्या और दर्शकों तक पहुंच के मामले में IPL का मॉडल अनोखा है। सवाल: पंजाबी कमेंट्री का फ्लेवर बाकी भाषाओं से अलग कैसे है? पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाबी भाषा खुद में बहुत भावनात्मक और मजेदार है। उन्होंने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी कमेंट्री में शब्द सीमित और औपचारिक होते हैं, जबकि पंजाबी में खुलकर बात होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाबी में ऐसे लोकल शब्द और जुमले इस्तेमाल होते हैं जो गांवों और कस्बों की भाषा से आते हैं। सवाल: पंजाबी कमेंट्री में सबसे यादगार IPL पल कौन सा रहा? सरनदीप ने पंजाब किंग्स के बड़े रन चेज और आक्रामक खेल को सबसे यादगार बताया। उन्होंने कोलकाता में 262 रन चेज करने और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन का जिक्र किया। सवाल: पंजाब से इतने क्रिकेटर क्यों निकलते हैं? सरनदीप ने कहा कि पंजाब में खेलों की संस्कृति बहुत पुरानी है। उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, कपिल देव, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट वहां की संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अलग-अलग इलाकों- मालवा, दोआबा और माझा की अपनी अलग बोली और फ्लेवर है, जो खिलाड़ियों और कमेंट्री दोनों में दिखाई देता है। सवाल: आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस कितनी जरूरी हो गई है? IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले अनिल चौधरी ने कहा कि आज के क्रिकेट में फिटनेस सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी या अंपायर फिट नहीं है तो वह खेल की स्पीड के साथ तालमेल नहीं बैठा सकता। सवाल: अभी के समय का बेस्ट टी-20 बैटर कौन है? अनिल ने बताया कि अभी जितने यंगस्टर्स वो शानदार खेल दिखा रहे हैं। आयुष म्हात्रे, यश राज पुंजा, देवदत्त पडीक्कल सभी बेहतरीन फॉर्म में रहे, लेकिन उनका पसंदीदा प्लेयर वैभव सूर्यवंशी है। वैभव की हिटिंग एबिलिटी को अनिल ने शानदार बताया।
सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में जगह बना ली है। 39 वर्षीय जोकोविच ने फ्रांस के वैलेंटाइन रोयर को चार सेट में हराया। वहीं महिला वर्ग में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रायबकिना को बड़ा उलटफेर झेलना पड़ा। जोकोविच ने 74वीं रैंक वाले वैलेंटाइन रोयर को 6-3, 6-2, 6-7 (7), 6-3 से हराया। करीब 3 घंटे 44 मिनट तक चले मुकाबले में रोयर ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। तीसरे सेट के टाईब्रेकर में बैकहैंड चूकने के कारण जोकोविच मैच जल्दी खत्म नहीं कर सके। पेरिस में लगातार चौथे दिन तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। गर्मी के कारण जोकोविच चेंजओवर के दौरान गर्दन और सिर पर आइस पैक लगाते नजर आए। मैच के बाद उन्होंने कहा कि यह बेहद मुश्किल परिस्थितियों में खेला गया मुकाबला था और अनुभव ने उनकी काफी मदद की। तीसरे सेट के टाईब्रेकर में चूके, वायलिन सेलिब्रेशन किया जीत के बाद जोकोविच ने अपना मशहूर ‘वायलिन सेलिब्रेशन’ किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उम्मीद है टूर्नामेंट के बाकी हिस्से में उनका सामना किसी और फ्रांसीसी खिलाड़ी से नहीं होगा। इस जीत के साथ जोकोविच ने रोलां गैरो में फ्रांसीसी खिलाड़ियों के खिलाफ 14-0 का रिकॉर्ड बना लिया। वह लगातार 21वें साल फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में पहुंचे हैं। रायबकिना को यूक्रेन की खिलाड़ी ने हराया विमेंस सिंगल्स में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रायबकिना को यूक्रेन की यूलिया स्टारोडुब्तसेवा ने 3-6, 6-1, 7-6 (4) से हराकर बाहर कर दिया। चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। रोलां गैरो में यह उनकी 42वीं जीत रही। अब तीसरे दौर में उनका मुकाबला पोलैंड की मागडा लिनेट से होगा। यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना और मार्टा कोस्त्युक भी अगले दौर में पहुंच गईं। स्वितोलिना ने कैटलिन क्वेवेदो को हराया, जबकि कोस्त्युक ने केटी वोलेट्स को मात दी। --------------------------------- वैभव बोले- गेल का रिकॉर्ड पता नहीं था:बस टीम के लिए खेलना था; गेल ने 30 बॉल में 100 बनाए थे, सूर्यवंशी 3 रन चूके राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को IPL के एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन बनाए। वे IPL इतिहास का सबसे तेज शतक बनाने के क्रिस गेल (30 गेंद) के रिकॉर्ड से चूक गए। पूरी खबर
6 फीट 5 इंच लंबा शरीर, एनएफएल के बड़े-बड़े स्टेडियमों का अनुभव और करोड़ों दर्शकों के सामने खेलने का आत्मविश्वास। लेकिन जब अमेरिकी फुटबॉलर जैक क्रॉफर्ड पहली बार न्यूयॉर्क के एक छोटे से कॉमेडी क्लब में ओपन माइक करने पहुंचे, तो उनके हाथ कांप रहे थे। कमरे में मुश्किल से 12 लोग थे। पांच मिनट की परफॉर्मेंस में उनके जोक्स पर कोई नहीं हंसा। इसी असफलता ने उन्हें जिंदगी का सबसे बड़ा सबक सिखाया कि डर से भागने के बजाय उसका सामना करो। 1. डर का सामना करने से बढ़ता है आत्मविश्वास 37 वर्षीय जैक क्रॉफर्ड कई सालों से स्टैंडअप कॉमेडी करना चाहते थे, लेकिन लोगों के जज करने का डर उन्हें रोकता रहा। फिर एक दिन उनका दोस्त उन्हें अचानक ओपन माइक में ले गया। पहली परफॉर्मेंस बुरी रही, लेकिन उसी दिन उन्होंने महसूस किया कि सबसे बड़ा डर असलियत में उतना बड़ा नहीं होता। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। उन्होंने कहा, ‘जब आप सबसे डरावनी चीज कर लेते हैं, तो बाकी चीजें छोटी लगने लगती हैं। ’2. गलतियां करना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के करियर में भी क्रॉफर्ड का सबसे बड़ा दुश्मन डर ही था। अभ्यास में वे शानदार खेलते थे, लेकिन मैच में गलती का डर उन्हें रोक देता था। डलास काउबॉयज के कोच रॉड मारिनेली ने उनसे कहा, ‘खूब गलती करो, लेकिन मैच में पूरी ताकत से खेलो।’ इसी सोच से उनकी जिंदगी बदल गई। क्रॉफर्ड ने समझा कि हर गलती शर्मिंदगी नहीं होती, बल्कि सीखने का मौका होती है। यही सोच उन्हें स्टैंडअप कॉमेडी में भी काम आई। 3. असहजता कमजोरी नहीं, बल्कि ग्रोथ का संकेत शिकागो यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में पाया गया कि जो लोग असहज और शर्मिंदगी वाले हालात को सीखने का हिस्सा मानते हैं, वे तेजी से आगे बढ़ते हैं। क्रॉफर्ड के मुताबिक, स्टैंडअप कॉमेडी ‘एक्सपोजर थेरेपी’ की तरह है। जब इंसान बार-बार शर्मिंदगी झेलता है, तो डर खत्म होने लगता है। उन्होंने महसूस किया कि लोग उतना ध्यान नहीं देते जितना हम सोचते हैं। यही सोच मानसिक मजबूती देती है। 4. कभी भी शर्मिंदगी से भागना नहीं चाहिए हाल ही में क्रॉफर्ड ने फिर खराब परफॉर्म किया। दर्शक उनके मजाक से जुड़ नहीं पाए। उन्हें बुरा लगा, लेकिन फर्क यह था कि अब वे उस डर से टूटते नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘अब शर्मिंदगी चुभती जरूर है, लेकिन पहले जितनी नहीं। सबसे जरूरी बात यह है कि अब मैं उससे डरता नहीं हूं।’ क्रॉफर्ड की कहानी यही बताती है कि आत्मविश्वास का मतलब डर खत्म होना नहीं, बल्कि डर के बावजूद आगे बढ़ते रहना है।
इस मुकाबले के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने टी20 क्रिकेट के बेताज बादशाह क्रिस गेल का एक ऐसा रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसे अजेय माना जाता था। वैभव अब आईपीएल के किसी एक सीजन में 60 से अधिक छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश लगातार दूसरे दौर में हार गए। अगले दौर में उनका सामना मैग्नस कार्लसन से होगा। प्रज्ञानानंदा ने क्लासिकल मुकाबले में कार्लसन को हराकर तीन अंक हासिल किए। इस जीत से वे 4.5 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख ने जीत का सिलसिला जारी रखा है। वे नंबर-2 पर हैं। प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को दूसरी बार हराया प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस में क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को दूसरी बार हराया है। उन्होंने 2024 में भी पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को मात दी थी। भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि मैच बेहद करीबी था और टाइम स्क्रैम्बल में नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। सात बार के चैंपियन कार्लसन छह खिलाड़ियों की अंक तालिका में 1.5 अंक के साथ सबसे नीचे हैं। गुकेश का मैच 5 घंटे चला, फिरोजा से हारे दूसरी ओर विश्व चैंपियन डी गुकेश की खराब फॉर्म जारी रही। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने उन्हें आर्मगेडन मुकाबले में हराकर 1.5 अंक हासिल किए। करीब 5 घंटे तक चला क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मगेडन में फिरोजा ने बाजी मार ली। चोटिल होने के बावजूद फिरोजा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मैच के बाद वह व्हीलचेयर और मून बूट में नजर आए। उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर 7.5 अंक के साथ बढ़त मजबूत कर ली। गुकेश 3.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। उन्हें इस साल जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप मुकाबला खेलना है। दिव्या देशमुख ने असाउबायेवा को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने टूर्नामेंट लीडर बिबिसारा असाउबायेवा को आर्मगेडन में हराकर तीसरी टाइब्रेकर जीत दर्ज की। वह 4.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं कोनेरू हम्पी अन्ना मुजिचुक से हारकर दो अंक के साथ आखिरी स्थान पर हैं। चेस में आर्मगेडन एक 'सडन-डेथ' टाई-ब्रेकर गेम होता है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई टूर्नामेंट या मैच ड्रॉ हो जाता है और परिणाम निकालना जरूरी होता है। इसमें ड्रॉ की कोई गुंजाइश नहीं होती। -------------------------------------------------- नॉर्वे चेस टूर्नामेंट की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर
भारत की उभरती चेस खिलाड़ी मायशा परवेज ने कॉमनवेल्थ यूथ रैपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। यह चैंपियनशिप 17 मई से 25 मई तक श्रीलंका के कालूतरा में खेले गई। 14 साल की मायशा ने अंडर-14 गर्ल्स कैटेगरी के रैपिड चेस में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 9 राउंड में 7.5 अंक हासिल किए। मायशा पहले नेशनल लेवल पर मेडल जीतकर अपने परिजान का नाम रोशन करती रही हैं। मायशा ने पहला राउंड गंवाया था, फिर दमदार वापसी कीमायशा पहले राउंड में मेजबान देश की येसांदी विक्रमराचि से हार गईं। वे राउंड-1 के बाद 17वें स्थान पर थीं। यहां से मायशा ने लगातार 5 जीत हासिल करके दमदार वापसी की। वे छठे राउंड के बाद की टेबल में दूसरे स्थान पर आ गई थीं। यहां उनके पास 5 अंक थे। WFM सेथुमली को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया AFM मायशा ने 7वें राउंड में श्रीलंका की विमेन फीडे मास्टर सेथुमली देवहारा पल्लियागे को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया और अंक साझा किया। फिर 8वें राउंड में केजी देवली अबिनादी चानसेया और AFM विनुदी दाहम्सा मड्डुमा पाता बेंडी को हराया। ---------------------------------------------- चेस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर
IPL 2026 के बुधवार को खेले गए एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। राजस्थान रॉयल्स ने हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वॉलिफायर-2 में जगह बनाई। इस मैच विनिंग पारी में वैभव ने 12 छक्के लगाए। वे IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने के क्रिस गेल के रिकॉर्ड से 3 रन से चूक गए। क्रिस गेल ने 30 गेंदों में यह कारनामा किया था। मैच के बाद वैभव से पूछा गया कि क्या उन्हें सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड की जानकारी थी। उन्होंने कहा, 'मुझे आउट होने के बाद ही इस रिकॉर्ड के बारे में पता चला। उस समय मेरा पूरा ध्यान सिर्फ टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन जोड़ने पर था। शतक तो आगे भी बनते रहेंगे, लेकिन अभी हमारा पूरा फोकस इस बात पर है कि टीम के लिए ट्रॉफी कैसे जीती जाए।' जीत के बाद जश्न या आगे की सोच पर वैभव ने कहा, ‘जब हम जीतते हैं, तो हम बस उसी पॉजिटिव अप्रोच को आगे ले जाते हैं और अगले मैच पर ध्यान लगाते हैं। हमारी कोशिश अगले मैच को भी इसी तरह जीतकर फाइनल में पहुंचने की है।’ प्रफल्ल हिंगे की गेंद पर हो गए थे आउट वैभव सूर्यवंशी पारी के आठवें ओवर में प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन पर कैच दे बैठे और 3 रन से शतक से चूक गए। अपनी आउट होने पर कहा, ‘मैं शतक के बारे में इस तरह से नहीं सोच रहा था, लेकिन मैंने मैदान पर मौजूद फील्डर को देखने के बाद वह शॉट खेला था और इसी वजह से टाइमिंग गलत हो गई। अगर मैंने गेंद को सीधे यथर्ड मैन की तरफ जाने दिया होता, तो वह आसानी से बाउंड्री पार चली जाती। लेकिन मैंने उसे सीधा मारने की कोशिश की, और इसी वजह से शॉट मिस हो गया।’ कोचों ने कहा था- जो प्रैक्टिस में किया, वही मैदान पर करो ब्रॉडकास्टर ने वैभव से पूछा कि क्या उनके दिमाग में यह बात थी कि यह बड़ा नॉकआउट मुकाबला है। उन्होंने कहा, 'हां, यह बात मेरे दिमाग में कहीं न कहीं जरूर थी। लेकिन मैच से पहले सभी कोचों ने मुझसे सिर्फ यही कहा था कि जो कुछ भी मैंने नेट प्रैक्टिस के दौरान किया है, ठीक वैसा ही मैदान पर भी करना है। उन्होंने मुझसे गेम को एन्जॉय करने और इस मैच में कोई भी एक्स्ट्रा प्रेशर न लेने की सलाह दी थी।' स्कोर 260 पार होना चाहिए था राजस्थान रॉयल्स ने वैभव की पारी के दम पर 8 विकेट पर 243 रन बनाए। हालांकि, वैभव का मानना है कि टीम इससे बड़ा स्कोर बना सकती थी। उन्होंने कहा, ‘नहीं, मेरे आउट होने के बाद भी मुझे ऐसा लग रहा था कि इस पिच पर 260 से ज्यादा का स्कोर बनाना मुमकिन था। लेकिन अब हमारे पास जो भी स्कोर है, हम अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करके इसे डिफेंड (बचाव) करने की कोशिश करेंगे।’ बाउंड्री साइज से लेकर गेंदबाजों की करते हैं स्टडी अपनी बेखौफ बल्लेबाजी की तैयारी पर वैभव ने कहा कि वे मैच से पहले काफी होमवर्क करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं बस यह सोचता हूं कि सामने वाली टीम में कौन से गेंदबाज हैं, इस विकेट पर उनका सामना कैसे करना है और बाउंड्री कितनी बड़ी है। मैं बस क्रीज पर पॉजिटिव रहने की कोशिश करता हूं। जब आप ऐसा करते हैं, तो गेंदबाज खुद दबाव में आ जाते हैं। मैं इसी दबदबे को बनाए रखने की कोशिश करता हूं।' अगले मैच की मानसिकता पर उन्होंने कहा, ‘मैं मैच के बारे में सोचता हूं, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। मैं सिर्फ उस खेल पर ध्यान देता हूं जो मैं खेल रहा हूं और ओवरथिंकिंग से बचता हूं। अगर मुझे लगता है कि किसी चीज पर काम करने की जरूरत है, तो मैं केवल उसी को देखता हूं।’ क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: एक सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के भले ही वैभव सूर्यवंशी शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने IPL इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। इस पारी के दम पर उन्होंने क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव के नाम IPL 2026 में अब 65 छक्के हो गए हैं। यह IPL के किसी एक सीजन में किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। विरोधी टीमों की प्लानिंग पर वैभव ने कहा, विपक्षी टीम क्या प्लान बना रही है, वह उनका काम है। मैं सिर्फ अपने प्लान पर फोकस करता हूं और नॉर्मल क्रिकेट खेलता हूं।' ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हैदराबाद IPL से बाहर, राजस्थान ने 47 रन से हराया:सूर्यवंशी ने 29 बॉल पर 97 रन बनाए; आर्चर को 3 विकेट सनराइजर्स हैदराबाद IPL 2026 से बाहर हो गई है। टीम को एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स ने 47 रन से हरा दिया। क्वालीफायर-2 में 29 मई को राजस्थान का मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटंस से होगा। इस मैच को जीतने वाली टीम 31 मई को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ फाइनल खेलेगी। पूरी खबर
राजस्थान रॉयल्स ने IPL एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वालिफायर-2 में जगह बना ली। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में रिकॉर्ड्स का दिन वैभव सूर्यवंशी के नाम रहा । सूर्यवंशी IPL इतिहास में 600 रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके नाम अब 65 सिक्स हो गए हैं। वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। IPL में यह पांचवीं बार रहा, जब उन्होंने 20 या उससे कम गेंदों में फिफ्टी लगाई। राजस्थान-हैदराबाद मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. एक IPL सीजन में 600+ रन बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज 15 साल के वैभव ने 97 रन बनाए। इस पारी के दौरान उन्होंने इस सीजन अपने 600 रन भी पूरे किए। वे IPL के एक सीजन में 600 या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था, जिन्होंने 20 साल की उम्र में 2018 में यह कीर्तिमान हासिल किया था। 2. पांचवीं बार IPL में 20 से कम गेंदों पर सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाई वैभव ने 16 गेंद में फिफ्टी के साथ IPL में 5वीं बार 20 से कम गेंद पर अर्धशतक जड़ा है। वे निकोलस पूरन के साथ संयुक्त रूप से इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। पहले स्थान पर अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने 6 बार यह कारनामा किया है। 3. एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बने वैभव ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने 12 छक्कों की पारी के दौरान सातवां सिक्स लगाते ही गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 59 छक्के लगाए थे। 4. वैभव ने में रैना की बराबरी की वैभव ने 16 गेंद में फिफ्टी पूरी की। इस पारी के दौरान उन्होंने IPL प्लेऑफ में सबसे तेज अर्धशतक लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इससे पहले यह रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के सुरेश रैना के नाम था, जिन्होंने 2014 में पंजाब किंग्स के खिलाफ वानखेड़े में 16 गेंद में फिफ्टी लगाई थी। 5. IPL पावरप्ले में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने वैभव ने मुल्लंपुर में पावरप्ले में अपना पांचवा 50+ का स्कोर बनाया। वे IPL में पावरप्ले में सबसे ज्यादा बार पचास या उससे अधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। पहले नंबर पर डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने पावरप्ले में 6 बार 50+ स्कोर किया था। 6. एक IPL पारी के पावरप्ले में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बने वैभव ने पावरप्ले के दौरान 8 छक्के जड़े। इसके साथ ही वे IPL की एक पारी के पहले 6 ओवर में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने सनथ जयसूर्या, जोस बटलर और जॉनी बेयरस्टो को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 7-7 छक्कों दर्ज हैं। वैभव ने भी इसी सीजन लीग मैच में भी हैदराबाद के खिलाफ पावरप्ले में 7 सिक्स लगाए थे। 7. एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने वैभव ने हैदराबाद के खिलाफ पावरप्ले में 23 गेंद पर 71 रन बनाए। वे IPL की एक सीजन में सबसे ज्यादा 490 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में हैदराबाद के लिए पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 8. IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा बार 10+ छक्के लगाने में गेल की बराबरी की वैभव ने हैदराबाद के खिलाफ अपनी पारी में 12 छक्के जड़े। यह चौथी बार है, जब उन्होंने एक ही पारी में 10 या उससे अधिक छक्के लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में क्रिस गेल की बराबरी, जिन्होंने 4 बार यह कारनामा किया है। 9. IPL प्लेऑफ की एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज वैभव 12 सिक्स की इस पारी के साथ ही IPL प्लेऑफ की एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। पहले यह रिकॉर्ड शुभमन गिल के नाम था, जिन्होंने 2023 प्लेऑफ में मुंबई इंडियंस के खिलाफ अहमदाबाद के मैदान पर 10 छक्के लगाए थे। 10. IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय वैभव IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। मैच में 12 छक्के लगाते हुए उन्होंने इस साल हैदराबाद के खिलाफ लगाए 12 सिक्स के अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की। वैभव के बाद मुरली विजय हैं, जिन्होंने 2010 में राजस्थान के खिलाफ 11 सिक्स लगाए थे। 11. एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज वैभव ने 97 रन की पारी के साथ इस सीजन अब तक 680 रन बना दिए हैं। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए हैं। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 12. 300+ स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बने वैभव ने हैदराबाद के खिलाफ 334.48 के स्ट्राइक रेट से 97 रन बनाए। वे IPL में 300 या उससे अधिक के स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा 3 बार 50+ का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने निकोलस पूरन और जेक फ्रेजर-मैकगर्क का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 2-2 फिफ्टी या उससे ज्यादा रन बनाए थे। 13. IPL प्लेऑफ में दूसरा सबसे बड़ा टीम टोटल बना राजस्थान ने हैदराबाद के खिलाफ 8 विकेट खोकर 243 रन बनाए। यह IPL प्लेऑफ का दूसरा सबसे बड़ा टीम टोटल है। पहले नंबर पर बेंगलुरु है, जिन्होंने इसी सीजन क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ 5 विकेट पर 254 रन का बनाए थे। 14. IPL प्लेऑफ की एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाली टीम राजस्थान ने मुल्लांपुर के मैदान पर अपनी पारी में रिकॉर्ड 17 छक्के जड़े। वे IPL प्लेऑफ की एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाली संयुक्त रूप से पहली टीम बन गई है। उन्होंने मुंबई इंडियंस के रिकॉर्ड की बराबरी की। मुंबई ने 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुल्लांपुर में ही 17 छक्के लगाए थे। 15. IPL प्लेऑफ की एक पारी में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली दूसरी टीम बनी राजस्थान ने हैदराबाद कुल 37 बाउंड्री लगाई। वे IPL प्लेऑफ की एक पारी में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली दूसरी टीम बन गई है। पहले स्थान पर बेंगलुरु है, जिन्होंने इसी साल धर्मशाला के मैदान पर गुजरात के खिलाफ 38 बाउंड्री लगाए थे। 16. राजस्थान ने IPL का अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया राजस्थान ने मुल्लांपुर में एलिमिनेटर मुकाबले में 8 विकेट खोकर 243 रन बनाए। यह IPL में राजस्थान का सबसे बड़ा टीम स्कोर है। इससे पहले टीम ने 2025 में हैदराबाद के खिलाफ उनके होम ग्राउंड पर 6 विकेट पर 242 रन बनाए थे। 17. एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर बनाने वाली टीम बनी राजस्थान ने हैदराबाद के खिलाफ 8वीं बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया है। इसके साथ ही वह किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा 8 बार 200 या उससे अधिक का स्कोर बनाने वाली संयुक्त रूप से पहली टीम बन गई है। उन्होंने मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु की बराबरी की, जिन्होंने क्रमशः दिल्ली, पंजाब और बेंगलुरु के खिलाफ 8-8 बार यह कारनामा किया है। 18. इस सीजन सबसे ज्यादा बल्लेबाजों ने 500+ रन बनाए इस सीजन अब तक 11 बल्लेबाज 500 या उससे अधिक रन बना चुके हैं, जो एक सीजन में सबसे ज्यादा बल्लेबाजों के रिकॉर्ड की बराबरी है। 2025 में भी 11 बल्लेबाजों ने 500+ रन बनाए हैं। 19. टी-20 में एक साल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा टी-20 क्रिकेट के एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। राजस्थान के खिलाफ वे इस सीजन आठवीं बार शून्य पर आउट हुए। दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा (2018) और संजू सैमसन (2024) हैं, जो 6-6 बार शून्य पर आउट हुए थे। यहां से मैच के टॉप-3 मोमेंट्स… 1. सूर्यवंशी ने कमिंस की गेंद पर जड़े लगातार 3 छक्के लगाए मैच के तीसरे ओवर में वैभव ने जबरदस्त शॉट लगाए। उन्होंने पैट कमिंस के ओवर की तीसरी गेंद को लॉन्ग-ऑन सिक्स जड़ा। फिर चौथी गेंद को थर्ड मैन के ऊपर से छक्के के लिए भेजा। इसकी अगली गेंद पर बॉलर के ऊपर से छक्का लगा दिया। 2. वैभव ने लगातार छक्के के साथ फिफ्टी पूरी की राजस्थान की पारी के चौथे ओवर में ही वैभव ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। उन्होंने साकिब हुसैन के ओवर की पांचवी गेंद और आखिरी गेंद पर लगातार 2 छक्के लगाए। इसके साथ उन्होंने 16 गेंद में अपनी फिफ्टी भी पूरी की। 3. वैभव 97 रन पर आउट हुए, स्टेडियम में सन्नाटा छाया राजस्थान की पारी के आठवेें ओवर में वैभव के आउट होते ही पूरे स्टेडियम में पिन ड्रॉप साइलेेंस छा गया। वैभव ने आउट होने से पहले प्रफुल हिंगे की दूसरी गेंद पर छक्का, तीसरी गेंद पर चौका, फिर नो बॉल पर चौका, फ्री हिट पर छक्का लगाया। इस समय वैभव 97 रन पर थे और अगली गेंद पर थर्ड मैन पर कैच दे बैठे। उनका विकेट गिरने के बाद स्टेडियम में मौजूद सभी दर्शक निराश नजर आए।
पीएम मोदी ने 51वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की, रूफटॉप सोलर को मिशन मोड में लागू करने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) की 51वीं बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक 'सेवा तीर्थ' में आयोजित हुई
गोल्फ: दीक्षा, प्रणवी की नजरें फ्रांस में जबरा लेडीज ओपन में अच्छा प्रदर्शन करने पर
भारतीय गोल्फर दीक्षा डागर और प्रणवी उर्स के नेतृत्व में भारतीय महिलाएं यूरोपियन टूर पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगी
म्यूनिख वर्ल्ड कप: ईशा ने 25 मीटर पिस्टल में बनाया 'वर्ल्ड रिकॉर्ड', गोल्ड पर साधा निशाना
ओलंपियन ईशा सिंह ने म्यूनिख के मशहूर ओलंपिक शूटिंग रेंज में साल के दूसरे इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल इवेंट के फाइनल में विमेंस 25 मीटर पिस्टल इवेंट में 43 के वर्ल्ड रिकॉर्ड (और जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड) स्कोर के साथ गोल्ड पर निशाना साधा
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की टीम फाइनल में पहुंचने के लिए आज भिड़ेगी। इस मुकाबले को हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। वहीं, जीतने वाले को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलेगा। राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के पास एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। उन्होंने बेंगलुरु की ओर से 2012 सीजन में 59 छक्के लगाए थे। वैभव इस सीजन 53 सिक्स लगा चुके हैं। अगर आज वैभव सात छक्के लगाते हैं, तो वो क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे। दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ इसी सीजन में शतक लगाया था। वे 14 मैच में 232.27 के स्ट्राइक रेट से 583 रन बना चुके हैं। इनमें एक शतक के साथ 3 फिफ्टी शामिल हैं। दो मैचों में ईशान लगातार बना रहे अर्धशतक दूसरी ओर ईशान किशन भी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पिछले दो मैचों में लगातार उन्होंने अर्धशतक बनाया है। RCB के खिलाफ पिछले मैच में ईशान ने 79 रन और CSK के खिलाफ 70 रन बनाए थे।ईशान इस सीजन में 500 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने 179.48 की स्ट्राइक रेट से खेलते 569 रन बनाए है। ईशान किशन भी ऑरेंज कैप की रेस में शामिल हैं। अगर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए ईशान 83 रनों से अधिक की पारी खेलते हुए ईशान किशन ऑरेंज कैप अपने नाम कर लेंगे। ईशान किशन ने अपने 10 साल लंबे आईपीएल करियर में अब तक प्लेऑफ में 9 मुकाबले खेले हैं। ईशान ने बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चौथी फिफ्टी लगाई ईशान किशन ने बेंगलुरु के खिलाफ 2024 से 2026 तक लगातार चौथी फिफ्टी लगाई। उन्होंने शुक्रवार को 79 रन की पारी खेली। वे बेंगलुरु के खिलाफ यह कारनामा करने वाले न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच लगातार 7 फिफ्टी लगाई। दूसरी ओर 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी टी-20 में डबल सेंचुरी बनाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर ये बातें कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं।
आईपीएल के नॉकआउट मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों मिली हार के बाद गुजरात टाइटंस (GT) के खेमे में मायूसी तो है, लेकिन खिलाड़ियों का हौसला कम नहीं हुआ है। मैच के बाद गुजरात टाइटंस के ग्लेन फिलिप्स मीडिया रूम में पत्रकारों के सवालों का जवाब देने आए। इस दौरान एक पत्रकार के 'सरेंडर' करने वाले सवाल पर फिलिप्स बुरी तरह भड़क गए और उसे 'बेवकूफाना सवाल' करार दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या पहली पारी खत्म होने के बाद ही आप लोगों को समझ आ गया था कि मैच हाथ से निकल चुका है और अब अगले मैच का इंतजार करना चाहिए? इस सवाल पर फिलिप्स ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि, यह बेहद ही बेवकूफाना और घटिया सवाल है। कोई भी टीम मैदान पर यह सोचकर नहीं उतरती कि चलो इस मैच को छोड़ देते हैं। हम प्रोफेशनल क्रिकेटर्स हैं, हम ऐसा क्यों करेंगे? हम मैदान पर गए और अपना सब कुछ झोंक दिया। हर चीज को आपके पक्ष में होना जरूरी होता है : फिलिप्स उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्य से जब आप 250 रन जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो हर चीज का आपके पक्ष में होना जरूरी होता है, जो उस दिन नहीं हुआ। मैच के टर्निंग पॉइंट को लेकर फिलिप्स ने माना कि खराब फील्डिंग का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा, प्लेऑफ जैसे बड़े मैचों में फील्डिंग की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। रुतुराज का कैच जब वह 21 रन पर थे, तब छूटना हमें बहुत भारी पड़ा। उन्होंने हमें इसकी बड़ी सजा दी। फिलिप्स ने स्वीकार किया कि कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता, लेकिन हमें अपनी मानसिकता में थोड़ा बदलाव करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि मैदान पर हर खिलाड़ी में गेंद को लपकने और कुछ खास करने की भूख दिखनी चाहिए। 254 का पीछा करना आसान नहीं, स्कोरबोर्ड का भारी दबाव था उन्होंने कहा कि, पिच और रन चेज पर बात करते हुए फिलिप्स ने कहा, “यह काली मिट्टी की पिच थी। जब आप 254 रन का पीछा करते हैं, तो स्कोरबोर्ड का भारी दबाव होता है। पंजाब किंग्स ने इस सीजन में एक-दो बार ऐसा करके इसे आसान दिखा दिया है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। मैं आज तक किसी ऐसी टीम का हिस्सा नहीं रहा जो 250 के करीब भी पहुंची हो।” बिना खेले प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्यों?' फिलिप्स ने दिया मजेदार जवाब एक पत्रकार ने जब चुटकी लेते हुए पूछा कि आप आज प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे, फिर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दे रहे हैं, क्या यह अजीब नहीं लगता? इस पर फिलिप्स ने मुस्कुराते हुए कहा कि, बिल्कुल नहीं। कई बार जो खिलाड़ी बाहर बैठा होता है, उसका नजरिया ज्यादा साफ होता है। हमारे मुख्य कोच आशीष नेहरा हमेशा कहते हैं- 'चिल पिल लो' (Take a chill pill)। खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे इस हार को भूलकर अगले मैच पर ध्यान लगाएं। एक रन की हार से बेहतर है ऐसी हार, वापसी करना आसान 2 दिन बाद होने वाले अगले नॉकआउट मुकाबले में वापसी को लेकर फिलिप्स ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बड़ी हार से उबरना कई बार 1 या 2 रन की हार से ज्यादा आसान होता है। अगर आप 1 रन से हारते हैं, तो आप सोचते रह जाते हैं कि काश वहां सिंगल ले लिया होता। लेकिन जब आप 250 रन के चेज में बहुत पीछे रह जाते हैं, तो आप बस यह मान लेते हैं कि आज हमारा दिन नहीं था। अच्छी बात यह है कि टॉप-2 में रहने की वजह से हमारे पास वापसी का एक और मौका मौजूद है।
अमेरिका के लास वेगास में चमकती रोशनी, तेज संगीत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भीड़ और करोड़ों रुपए की इनामी राशि। दावा था कि यहां इंसानी शरीर की सीमाएं टूटेंगी और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेंगे। लेकिन ‘एनहेंस्ड गेम्स’ का पहला आयोजन फ्लॉप रहा। करीब पांच घंटे तक चली प्रतियोगिता में आखिर तक कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं टूटा। अंतिम इवेंट में ग्रीस के तैराक क्रिस्टियन गकोलोमेव ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल रेस 20.81 सेकंड में पूरी की। यह आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 0.07 सेकंड बेहतर था। हालांकि, यह रिकॉर्ड मान्य नहीं है, क्योंकि उन्होंने प्रतिबंधित ‘स्किनसूट’ पहना था और डोपिंग भी की थी। फिर भी आयोजकों ने इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताकर जश्न मनाया। इन एनहेंस्ड गेम्स का मकसद ही अलग है। यहां खिलाड़ियों को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाएं लेने की अनुमति दी गई। टेस्टोस्टेरोन, ईपीओ और एनाबॉलिक स्टेरॉयड जैसी प्रतिबंधित चीजें खुले तौर पर इस्तेमाल हुईं। स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर यह तक दिखाया जा रहा था कि खिलाड़ी कौन-कौन सी दवाएं ले रहे हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि तीन ऐसे खिलाड़ी भी विजेता बने, जिन्होंने दावा किया कि वे बिना डोपिंग के उतरे थे। अमेरिका के फ्रेड केरली (पेरिस ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट) ने 100 मीटर दौड़ जीतने के बाद तंज कसते हुए कहा, ‘बाकियों को और मेहनत करनी चाहिए, शायद थोड़ा और ड्रग्स लेना चाहिए।’ वहीं महिलाओं की 100 मीटर रेस जीतने वाली ट्रिस्टन एवलिन ने कहा, ‘यह साबित करता है कि जीत सिर्फ केमिस्ट्री से नहीं मिलती।’ आयोजकों ने रिकॉर्ड टूटने की बड़ी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ सीरीज से मशहूर आइसलैंड के स्ट्रॉन्गमैन थॉर ब्योर्नसन 510 किलो डेडलिफ्ट का अपना रिकॉर्ड भी नहीं तोड़ सके। कई वेटलिफ्टर तीन-तीन कोशिशों के बाद भी रिकॉर्ड से दूर रह गए। यहां तक कि जब कनाडा के वेटलिफ्टर बोएडी सैंटावी असफल हो गए तो आयोजकों ने नियम बदलते हुए उन्हें एक अतिरिक्त मौका दे दिया। माहौल किसी पेशेवर टूर्नामेंट से ज्यादा स्कूल स्पोर्ट्स डे जैसा लगने लगा। हालांकि, खिलाड़ियों के लिए इनाम बेहद बड़ा था। ब्रिटेन के तैराक बेन प्राउड ने 50 मीटर बटरफ्लाई जीतकर और एक अन्य रेस में दूसरा स्थान हासिल कर करीब 3.5 करोड़ रुपए कमाए। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने इन गेम्स के बारे में सुना तो लगा जैसे लॉटरी लग गई हो।’ एनहेंस्ड गेम्स ने दुनिया को जरूर चौंकाया, लेकिन पहले ही आयोजन में यह साफ हो गया कि सिर्फ डोपिंग की छूट देने से इंसान सुपरह्यूमन नहीं बन जाता। दुनिया का पहला इस तरह का आयोजन यह दुनिया का पहला ऐसा खेल आयोजन है, जहां खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाएं लेने की अनुमति दी गई। आयोजकों का दावा है कि इससे इंसानी क्षमता की नई सीमाएं सामने आएंगी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएं और कई पूर्व खिलाड़ी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह खेल भावना और खिलाड़ियों की सेहत दोनों के लिए खतरनाक प्रयोग है।
क्रिकेट में बढ़ रही ऑनलाइन नफरत, खिलाड़ियों के परिवार भी बन रहे ट्रोलिंग का निशाना
हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड की पत्नी जेसिका डेविस ने खुलासा किया कि विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच मैदान पर हुई नोकझोंक के बाद उनके परिवार को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग और अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। इसी तरह पंजाब किंग्स से जुड़े एक वीडियो में नजर आने के बाद भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर को भी ऑनलाइन निशाना बनाया गया।
नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। राउंड-2 के बाद अलीरेजा फिरोजा 6 अंक के साथ ओपन कैटेगरी के टॉप पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंक के साथ पहले स्थान पर हैं। गुकेश बढ़त के बावजूद हारे डी गुकेश ने अमेरिका के वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मुकाबले में लंबे समय तक दबाव बनाए रखा। 116 चालों तक चले मुकाबले में वे जीत के करीब दिखे, लेकिन मुकाबला ड्रॉ हो गया। इसके बाद निर्णायक गेम में वेस्ली सो ने उन्हें हरा दिया। मैच के बाद वेस्ली सो ने कहा कि गुकेश का गेम उनकी रैंकिंग जैसा नहीं दिखा। प्रज्ञानानंदा को फिरोजा ने हराया दूसरी ओर आर प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने हराया। शुरुआत में प्रज्ञानानंदा बेहतर स्थिति में थे, लेकिन फिरोजा ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। लगातार दूसरी जीत के साथ फिरोजा अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी जर्मनी के विंसेंट कीमर ने कड़ी टक्कर दी। क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद कार्लसन ने आर्मगेडन में जीत हासिल की। दिव्या देशमुख ने हम्पी को मात दी महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने अनुभवी कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। दिव्या ने कहा कि उन्हें नॉर्वे चेस के आर्मगेडन मुकाबले और कन्फेशन रूम का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कन्फेशन रूम में खिलाड़ी मैच के दौरान अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बावजूद जीतीं कोको गॉफ फ्रेंच ओपन में खिताब बचाने उतरीं अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ मंगलवार को एक छोटे कार हादसे का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई और वे मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुंच गईं। 22 साल की गॉफ ने बताया कि रोलां गैरों पहुंचने के दौरान उनकी कार पोल से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें टैक्सी से स्टेडियम पहुंचना पड़ा। गाफ ने अपने ही देश की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के क्वालिफायर 1 में गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत के बाद अपनी टीम की जमकर तारीफ की
वर्ल्ड नंबर-1 एरीना सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में शानदार शुरुआत की है। टॉप सीड बेलारूसी खिलाड़ी ने मंगलवार को पहले राउंड में स्पेन की जेसिका बुजास मानेइरो (वर्ल्ड नंबर-50) को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। पेरिस के कोर्ट फिलिप चैटरियर पर खेला गया यह मैच 75 मिनट तक चला। सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 के बाद से विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा 30 ग्रैंड स्लैम मैच जीते हैं। उनसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड सिर्फ मेंस सिंगल्स कैटेगरी में यानिक सिनर (31) और कार्लोस अल्कारेज (31) के नाम है। जीत के बाद सबालेंका ने कहा- ‘मैंने अपने नेट गेम में सुधार किया है। अब इस अंदाज में खेलने का आनंद ले रही हूं।’ विमेंस सिंगल्स के एक अन्य मैच में जापान की नाओमी ओसाका ने जीत हासिल की। वहीं, पुरुष वर्ग में रूस के दानिल मेदवेदेव पहले दौर में हार गए। ओसाका एक घंटे 55 मिनट में जीतीं4 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने जर्मनी की लौरा सीजमंड को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 से मात देकर अगले दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला क्रोएशिया की डोना वेकिक से होगा, जिन्होंने फ्रांस की एलीस टुबेलो को 6-3, 6-2 से हराया है। वॉल्टन ने बड़ा उलटफेर, वाइल्ड कार्ड मिला था पुरुष एकल में ऑस्ट्रेलिया के एडम वॉल्टन ने दानिल मेदवेदेव को पांच सेट तक चले मुकाबले में 6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4 से हराया। वॉल्टन विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर हैं और उन्हें टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड मिला था। सितसिपास दूसरे दौर में, 17 साल के कुआमे ने सिलिच को हराया यूनान के स्टेफानोस सितसिपास अगले दौर में पहुंच गए। उनके प्रतिद्वंद्वी एलेक्जेंडर मुलर चोट के कारण मैच बीच में छोड़ने को मजबूर हो गए। वहीं, फ्रांस के 17 साल के मोइज कुआमे ने अनुभवी मारिन सिलिच को हराकर ग्रैंड स्लैम करियर की शानदार शुरुआत की। ATP टूर के अनुसार वे 2008 या उसके बाद जन्मे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम मुकाबले में जीत दर्ज की है। ------------------------------------- फ्रेंच ओपन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वावरिंका ने इमोशनल होकर फ्रेंच ओपन को अलविदा कहा स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने वियतनाम के दा नांग में अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया है। पहलवानों ने मंगलवार को प्रतियोगिता के चौथे दिन देश के लिए 4 और पदक जीते
IPL में बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम मैच शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। इस मुकाबले को हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के पास एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। उन्होंने बेंगलुरु की ओर से 2012 सीजन में 59 छक्के लगाए थे। वैभव इस सीजन 53 सिक्स लगा चुके हैं। 2 खास बातें… हैदराबाद ने 23 में से 14 मैच जीते, 9 हारे हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में हैदराबाद का प्रदर्शन राजस्थान से बेहतर है। दोनों के बीच 23 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 14 हैदराबाद और 9 मैच राजस्थान ने जीते हैं। वैभव राजस्थान के टॉप स्कोरर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ इसी सीजन में शतक लगाया था। वे 14 मैच में 583 रन बना चुके हैं। इनमें 3 फिफ्टी शामिल हैं। वहीं, जोफ्रा आर्चर टॉप विकेट टेकर हैं। वे 14 मैच में 21 विकेट ले चुके हैं। आर्चर ने इस सीजन 8.76 की इकोनॉमी से रन दिए हैं। क्लासन के पास ऑरेंज कैप पाने का मौका हैदराबाद के हेनरिक क्लासन के पास ऑरेंज कैप हासिल करने का मौका है। वे 14 मैच में 606 रन बना चुके हैं। 32 रन बनाते ही वे ऑरेंज कैप हासिल कर लेंगे। ईशान किशन (569 रन) और अभिषेक शर्मा (563 रन) भी सीजन में 500 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। गेंदबाजी में ईशान मलिंगा टॉप पर हैं। वे 19 विकेट ले चुके हैं। मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले तीनों मैचों में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि एक बार स्कोर डिफेंड किया गया। दिन का तापमान 25C से 45C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन। इम्पैक्ट प्लेयर: ट्रैविस हेड। राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा। इम्पैक्ट प्लेयर: रवींद्र जडेजा।
अफगानिस्तान ने भारत दौरे के लिए टेस्ट और वनडे टीम का ऐलान कर दिया है। भारत के खिलाफ 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह ओमरजई की टीम में वापसी हुई है। वहीं स्पिनर राशिद खान टेस्ट टीम से बाहर हो गए हैं। हश्मतुल्लाह शाहिदी कप्तानी करेंगे हश्मतुल्लाह शाहिदी की कप्तानी वाली 15 सदस्यीय टेस्ट टीम में अटल और ओमरजई को जगह मिली है। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक सिर्फ एक-एक टेस्ट खेला है, जो उन्होंने 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह भी टीम में लौटे हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के 12 में से 11 टेस्ट खेले हैं और पिछला जिम्बाब्वे टेस्ट मिस किया था। राशिद खान बाहर हेड कोच रिचर्ड पाइबस ने हाल ही में राशिद खान को लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी। इसी वजह से राशिद एक बार फिर टेस्ट टीम में शामिल नहीं किए गए। उनकी गैरमौजूदगी में कायस अहमद स्पिन अटैक की अगुआई करते दिख सकते हैं। उनके साथ शराफुद्दीन अशरफ और नांगेयालिया खारोटे स्पिन विभाग संभालेंगे। न्यू चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक होगा इकलौता टेस्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 14 जून से धर्मशाला में होगी। वनडे टीम में फरीद मलिक की वापसी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम काफी हद तक उसी स्क्वॉड जैसी है जिसने पिछले साल बांग्लादेश का क्लीन स्वीप किया किया था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज फरीद मलिक की वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे 2024 में खेला था। भारत के खिलाफ अफगानी टीम टेस्ट स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमानुल्लाह जादरान, अफसर जजई, इकराम अलीखिल, अजमतुल्लाह ओमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, कायस अहमद, बिलाल सामी, जिया शरीफी, सलीम सफी। वनडे स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटे, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान, फरीद मलिक, बिलाल सामी। ईशान की 3 साल बाद वापसी 19 जून को भारतीय टीम का ऐलान हुआ था। वनडे टीम में ईशान किशन की 3 साल बाद वापसी हुई थी। उन्होंने आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ ही दिल्ली में खेला था। रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम में शामिल हैं। जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को दोनों टीमों से आराम दिया गया है। प्रिंस यादव समेत 4 खिलाड़ी पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए गए । प्रिंस को वनडे और मानव सुथार को टेस्ट टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को दोनों टीमों में शामिल किया गया है। अफगानिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम टेस्ट टीम- शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल। वनडे टीम- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।
उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल-2025 के लिए तैयार किए गए विश्वस्तरीय स्टेडियम और खेल मैदान अब आम खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए भी उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार ने इन सुविधाओं को 'पे एंड प्ले' व्यवस्था के तहत संचालित करने का फैसला किया है । विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा ने इसके लिए विस्तृत शासनादेश और फीस स्ट्रक्चर जारी कर दिया है । नई व्यवस्था के तहत देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रजत जयंती खेल परिसर, परेड ग्राउंड के साथ-साथ हल्द्वानी, रुद्रपुर और हरिद्वार के स्टेडियमों का उपयोग निर्धारित शुल्क देकर किया जा सकेगा । इस व्यवस्था से जहां एक तरफ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं खेल विभाग को भी नियमित राजस्व प्राप्त होगा, जिसे 'खेल विकास निधि' में जमा किया जाएगा । प्रतिभा निखारने का केंद्र बनेंगे स्टेडियम खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना तैयार की थी। सरकार का उद्देश्य इन सुविधाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इन्हें खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और प्रतिभा निखारने का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। किस खेल के लिए कितनी देनी होगी फीस? शासनादेश में खेलों के लिए प्रति घंटा किराया और मासिक सदस्यता शुल्क तय किया गया है । बुकिंग 'यूनिफाइड स्पोर्ट्स पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकेगी। जिसमें शूटिंग के लिए 250 रुपए प्रति घंटा और 5,000 रुपए मासिक है। स्विमिंग के लिए 100 रुपए प्रति घंटा और 2,000 रुपए मासिक है। बैडमिंटन के प्रति कोर्ट के लिए 150 रुपए प्रति घंटा और 2,500 रुपए मासिक है। टेबल टेनिस की प्रति टेबल के लिए 100 रुपए प्रति घंटा और 2,000 रुपए मासिक है। लॉन टेनिस/पिकलबॉल के लिए 250 रुपए प्रति घंटा और 3,000 रुपए मासिक है। स्क्वैश के प्रति कोर्ट के लिए 300 रुपए प्रति घंटा और 6,000 रुपए मासिक है। आइस स्पोर्ट्स में स्केट्स के साथ 500 रुपए प्रति घंटा और 10,000 रुपए मासिक है। जिम्नास्टिक कोच के साथ 2,000 रुपए मासिक है। क्रिकेट ग्राउंड का किराया 3,000 रुपए प्रति घंटा है लेकिन इसमें मासिक सुविधा नहीं है। फुटबॉल और हॉकी फील्ड का किराया क्रमशः 3,000 रुपए और 2,000 रुपए प्रति घंटा है। खिलाड़ियों को इन सुविधाओं के साथ चेंजिंग रूम, वॉशरूम और आधुनिक उपकरणों का लाभ भी मिलेगा। रजत जयंती खेल क्लब की मेंबरशिप भी शुरू देहरादून के विश्वस्तरीय राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कैंपस में स्थित 'रजत जयंती खेल क्लब' के लिए सरकार ने प्रीमियम मेंबरशिप मॉडल भी पेश किया है। इसमें चार टियर रखे गए हैं। सिल्वर मेंबरशिप के लिए 1,50,000 रुपए सालाना है, जिसमें जिम, एथलेटिक्स ट्रैक, बिलियर्ड्स के अलावा किन्हीं 2 खेलों का एक्सेस है। गोल्ड मेंबरशिप 2,00,000 रुपए सालाना है, जिसमें किन्हीं 4 खेलों का एक्सेस है। प्लैटिनम मेंबरशिप 2,50,000 रुपए सालाना है, जिसमें सभी खेल सुविधाओं और सौना का एक्सेस है। एलीट फैमिली मेंबरशिप का चार्ज 7,00,000 रुपए सालाना जिसमें 4 सदस्यों के लिए सभी सुविधाएं और 100 गेस्ट पास हैं। इन खिलाड़ियों को मिलेगी बिल्कुल फ्री एंट्री सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीटों और उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सत्यापन के बाद इन खेल सुविधाओं में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा भविष्य में ग्रामीण और युवा प्रतिभाओं को पहचानने के लिए 'स्काउटिंग प्रोग्राम' भी चलाए जाएंगे । स्कूल और कॉर्पोरेट आयोजनों पर मिलेगी छूट अगर कोई स्कूल या शिक्षण संस्थान खेल प्रतियोगिताओं के लिए स्टेडियम बुक करता है, तो उसे 30% की छूट मिलेगी। वहीं, सरकारी विभागों को 40%, स्पोर्ट्स फेडरेशन को 50% और कॉर्पोरेट इवेंट्स के लिए 20% तक का डिस्काउंट दिया जाएगा। प्राइवेट इंडिविजुअल बुकिंग पर कोई छूट नहीं मिलेगी
ऑस्ट्रेलिया के स्टैंड-इन कप्तान मिचेल मार्श टखने की चोट के कारण पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस को टीम का नया कप्तान बनाया गया है, क्योंकि रेगुलर कप्तान पैट कमिंस और टेस्ट उप-कप्तान ट्रैविस हेड IPL प्लेऑफ में व्यस्त होने के चलते पहले से ही इस दौरे का हिस्सा नहीं हैं। दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज 30 मई से शुरू होकर 4 जून तक खेली जाएगी। टखने की चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया लौटे मार्शमार्श शनिवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के आखिरी IPL मैच में नहीं खेले थे। वे 19 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ LSG के मैच के बाद ऑस्ट्रेलिया लौट आए थे। मार्श को 30 मई से पाकिस्तान में शुरू होने वाली तीन मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करनी थी, जिसके लिए ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई टीम रावलपिंडी पहुंच चुकी है। बांग्लादेश दौरे पर खेलने को लेकर संशयपाकिस्तान सीरीज से बाहर होने के बाद मार्श के बांग्लादेश दौरे पर जाने को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। ऑस्ट्रेलिया को 9 जून से बांग्लादेश में तीन मैचों की वनडे सीरीज और उसके बाद 17 जून से तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेलनी है। मार्श इस दौरे के लिए उपलब्ध रहेंगे या नहीं, इस पर फैसला होना अभी बाकी है। इंग्लिस बने ऑस्ट्रेलिया के चौथे विकल्प कप्तानपैट कमिंस, ट्रैविस हेड और अब मार्श के बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को जोश इंग्लिस के रूप में अपने चौथे विकल्प को कप्तान बनाना पड़ा है। इंग्लिस इससे पहले नवंबर 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ एक वनडे और तीन टी-20 मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी कर चुके हैं। अगर इंग्लिस भी किसी मैच में उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया के पास एलेक्स कैरी का विकल्प मौजूद है, जिन्होंने 2021 में वेस्टइंडीज दौरे पर तीन वनडे मैचों में कप्तानी की थी। स्टार गेंदबाजों के बिना उतरेगी ऑस्ट्रेलियाई टीमपाकिस्तान दौरे पर जा रही ऑस्ट्रेलियाई टीम काफी कमजोर नजर आ रही है। टीम में मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाज पहले से शामिल नहीं हैं। मार्श के रिप्लेसमेंट की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन कूपर कोनोली IPL खत्म होने के बाद जल्दी पाकिस्तान जा सकते है। कोनोली, बार्टलेट, ड्वारशुइस और हेड को 9 जून से मीरपुर में होने वाली बांग्लादेश वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह दी गई है। शानदार फॉर्म में चल रहे मार्श का बाहर होना बड़ा झटकाIPL के दूसरे हाफ में लखनऊ सुपर जायंट्स के मार्श ने अपनी पिछली चार पारियों में 111, 10, 90 और 96 रन बनाए थे। वे टूर्नामेंट में 163.18 के स्ट्राइक रेट के साथ सातवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और उन्होंने तीसरे सबसे ज्यादा छक्के लगाए। अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए मार्श और ट्रैविस हेड ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर तय हैं। नए ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर कॉम्बिनेशन की तलाशहेड की अनुपस्थिति में मैट शॉर्ट के साथ मार्श को ओपनिंग करनी थी, लेकिन अब सिलेक्टर्स को एक और कार्यवाहक ओपनर ढूंढना होगा। हालांकि टीम में कई खिलाड़ी इस भूमिका को निभा सकते हैं, लेकिन सिलेक्टर्स वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए मिडिल ऑर्डर कॉम्बिनेशन को मजबूत करना चाहते हैं। ऐसी संभावना है कि साल 2019 के बाद पहली बार एलेक्स कैरी को ओपनिंग के लिए प्रमोट किया जा सकता है ताकि 19 साल नए खिलाड़ी ओली पीक को मिडिल ऑर्डर में डेब्यू का मौका मिल सके। पाकिस्तान वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई स्क्वॉडजोश इंग्लिस (कप्तान), एलेक्स कैरी, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, मैथ्यू कुहनेमैन, मार्नस लाबुशेन, रिले मेरेडिथ, ओली पीक, मैथ्यू रेनशॉ, तनवीर सांघा, लियम स्कॉट, मैथ्यू शॉर्ट, बिली स्टैनलेक, एडम जंम्पा।
तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पंजाब किंग्स के IPL सीजन से बाहर होने के बाद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से 200 से ज्यादा पोस्ट डिलीट कर की। उन्होंने प्रोफाइल फोटो भी बदल दिया। पंजाब के बाहर होने के बाद उन्हें फैंस की ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, पोस्ट डिलीट करने की असल वजह सामने नहीं आई है। कोहली के साथ ही वायरल रील भी डिलीटविराट कोहली के साथ की वायरल रील भी शामिल है, जिसमें अर्शदीप ने मजाक में कोहली से कहा था कि बड़ा टारगेट होता तो वह लगातार तीसरी सेंचुरी लगा सकते थे। इस पर कोहली ने भी मजेदार जवाब दिया था। इस वीडियो को 1.5 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले थे। 2 वीडियो, जिन पर विवाद हुआ था BCCI ने सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी की थीहाल ही में PTI ने दावा किया था कि पंजाब किंग्स खिलाड़ियों से जुड़े वीडियो अब केवल फ्रेंचाइजी के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों को BCCI की सोशल मीडिया गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश देने वाला था। 14 विकेट ही ले सके अर्शदीप, पंजाब लीग स्टेज से बाहरइस IPL में अर्शदीप का प्रदर्शन खास नहीं रहा। वे 14 मैचों में महज 14 विकेट ही ले सके। उन्होंने 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन खर्च किए। पंजाब किंग्स भी प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। ------------------------------------------------------- अर्शदीप सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्शदीप ने तिलक से पूछा- ओए अंधेरे, सनस्क्रीन लगाया पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का स्नैपचैट वीडियो पोस्ट चर्चाओं में है। 14 मई को पोस्ट किए गए वीडियो में वे मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज तिलक वर्मा से पूछ रहे हैं- ओए अंधेरे, सनस्क्रीन लगाया? इसे भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने नस्लीय टिप्पणी बताया। पढ़ें पूरी खबर
जोखिम और मुनाफे की बुनियाद पर खड़े शहर लास वेगास में इन दिनों एक अजीबोगरीब खेल की पटकथा लिखी गई। लेखक थे 48 वर्षीय अरबपति बायोहैकर क्रिश्चियन एंगरमेयर... सुबह उठकर वे खुद को वजन घटाने वाली दवाएं, टेस्टोस्टेरोन और लीगल ग्रोथ हार्मोन्स इंजेक्ट करते हैं। फोकस करने के लिए स्लीप एप्निया की दवा और लोगों से घुलने-मिलने के लिए ‘ऑक्सीटोसिन’ की मदद लेते हैं। एंगरमेयर खुद तो 48 की उम्र में 38 के दिखते ही हैं, पर अब वह पूरी दुनिया को ‘बायोहैकिंग’ का दीवाना बनाने निकले हैं। वे ‘एनहैंस्ड गेम्स’ के फाउंडर हैं। बीते रविवार को हुए इस अनूठे टूर्नामेंट में एथलीट्स पर ड्रग्स, स्टेरॉयड, हार्मोन्स और पेप्टाइड्स लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, बल्कि उन्हें सरेआम इसे लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। खेल इतिहास में पहली बार किसी टूर्नामेंट को खुलेआम ‘डोपिंग को बढ़ावा’ देने के लिए तैयार किया गया।पहली बार हुए इस आयोजन में दुनियाभर के 42 शीर्ष तैराक, धावक और वेटलिफ्टर ने हिस्सा लिया, जिनमें कई ओलिंपिक मेडल विजेता भी थे। इनमें से 91% टेस्टोस्टेरोन और 79% ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन के हैवी डोज पर हैं। ग्रीक ओलिंपिक तैराक क्रिस्टियन गोलोमेव ने गुप्त ट्रायल के दौरान 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 20.89 सेकंड का समय निकालकर आधिकारिक वर्ल्ड रिकॉर्ड को दो सौवें सेकंड से तोड़ दिया, जिसके लिए उन्हें करीब 9.55 करोड़ रुपए का बोनस भी मिला। कंपनी के 29 वर्षीय सीईओ मैक्स मार्टिन का कहना है,‘यह इनोवेशन सिर्फ एथलीट्स के लिए नहीं है। यह उन दादाजी के लिए भी है जो अपने पोते के साथ पार्क में दौड़ने के लिए ऊर्जा चाहते हैं।’ दिग्गजों ने किया निवेश, नजर 650 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री पर 11,460 करोड़ रु. के वैल्यूएशन के साथ पब्लिक हुई कंपनी एनहैंस्ड गेम्स इंक के पीछे सिलिकॉन वैली के दिग्गज अरबपति पीटर थिएल व ट्रम्प जूनियर की साझेदारी वाली वेंचर फर्म ‘1789 कैपिटल’ का हाथ है। एंगरमेयर इसके कोफाउंडर हैं। 191 करोड़ की लागत से हुए इस इवेंट का मकसद स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि बिजनेस एम्पायर खड़ा करना है। कंपनी का टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म ‘एनहैंस्ड’ जल्द ही आम लोगों को टेस्टोस्टेरोन और एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स बेचेगा। 650 लाख करोड़ रु. की वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री को भुनाने के लिए इस टूर्नामेंट ‘लाइव विज्ञापन’ की भूमिका निभाई। गलत संदेश जाएगा इवेंट को लेकर खेल जगत और मेडिकल एक्सपर्ट में आक्रोश है। अमेरिकी एंटी-डोपिंग एजेंसी के प्रमुख ट्रैविस टायगार्ट मानते हैं कि इससे बच्चों में गलत संदेश जाएगा कि खेल में आगे बढ़ने के लिए ड्रग्स जरूरी हैं। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भले ही ये दवाएं डॉक्टरों की देखरेख में दी जा रही हों, पर इनके कॉकटेल से भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, लिवर डैमेज और अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है।
राजस्थान रॉयल्स की टीम जब मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आई, तो वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और पापराजी की नजरें लगातार वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। इसी दौरान एक फोटोग्राफर ने कप्तान रियान पराग से मुस्कुराते हुए कहा कि वैभव के साथ एक फोटो हो जाए।
एक ओर दुनिया जहां आईपीएल में व्यस्त है, वहीं डिफेंडिंग चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उम्र और फिटनेस की चुनौतियों के बावजूद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को पूरा भरोसा है कि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की स्टार तेज गेंदबाजी तिकड़ी दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले वर्ल्ड कप में पूरी तरह फिट होकर खेलेगी। इन तीनों ने 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से सिर्फ एक वनडे एक साथ खेला है। फिलहाल इन तीनों दिग्गज गेंदबाजों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ आगामी लिमिटेड ओवर्स सीरीज से आराम दिया गया है। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने साफ किया कि ये तीनों इन सीरीज में खेलना चाहते थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के आगामी व्यस्त टेस्ट शेड्यूल को देखते हुए मैनेजमेंट ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। कोच मैकडोनाल्ड ने कहा, ‘लोगों को अक्सर लगता है कि ये बड़े खिलाड़ी अपनी मर्जी से सीरीज चुनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह फैसला पूरी तरह से मैनेजमेंट का है। अगर हम वर्ल्ड कप के नजरिए से देखें, तो इन गेंदबाजों को शारीरिक रूप से तरोताजा रखने के लिए यह ब्रेक देना बहुत जरूरी था। हम पूरी तरह से योजना बना रहे हैं कि ये तीनों 2027 में टीम का हिस्सा हों।’कोच ने टीम की कप्तानी पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि कमिंस की गैरमौजूदगी में मिचेल मार्श वनडे टीम की कप्तानी कर रहे हैं। हालांकि, जैसे ही कमिंस की वनडे टीम में वापसी होगी, मार्श कप्तानी छोड़ देंगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल है और वे टीम के हित में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। 34 से ऊपर होगी तीनों प्रीमियर पेसर्स की उम्र ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रीमियर गेंदबाजों को बढ़ती उम्र और चोटों से बचाना है। स्टार्क 36, हेजलवुड 35 और कमिंस 33 साल के हैं। यानी वर्ल्ड कप तक सभी 34 साल से ऊपर के होंगे। आईपीएल 2026 के दौरान भी इनकी फिटनेस को लेकर काफी सावधानी बरती गई है। जहां स्टार्क का वर्कलोड खुद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया संभाल रहा था, वहीं कमिंस पीठ की चोट व हेजलवुड हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे थे। कोच ने माना कि बढ़ती उम्र के साथ उनके वर्कलोड को मैनेज करना चैलेंज होगा। ऑलराउंडर मैक्सवेल के संन्यास से बढ़ी चुनौती - 2025 में ऑलराउंडर मैक्सवेल के वनडे से संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया को एक धाकड़ फिनिशर (नंबर 7 बल्लेबाज) की तलाश है। मैनेजमेंट टिम डेविड की वनडे में वापसी पर विचार कर रहा है। डेविड ने अपना आखिरी वनडे 2023 में खेला था। कोच के मुताबिक, अगर वे वनडे खेलने की इच्छा जताते हैं, तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं। - ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन भी इस भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। आगामी सीरीज में उन्हें हर पोजीशन पर आजमाया जाएगा, ताकि क्षमता का अंदाजा लग सके।
स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। वहीं, 19 साल के स्पेनिश स्टार राफेल जोदार ने डेब्यू में सबका ध्यान खींचा। उन्होंने अलेक्जेंडर कोवाचेविच को 6-1, 6-0, 6-4 से हराया। जोदार ने पूरे मैच में सिर्फ पांच गेम गंवाए। फ्रेंच ओपन डेब्यू में इससे कम गेम नोवाक जोकोविच ने 2005 में गंवाए थे। विमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-3 इगा स्वियातेक ने पहले दौर में डेब्यू कर रहीं इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराया। उन्हें दाएं हाथ की उंगली के छाले के लिए ट्रेनर की मदद लेनी पड़ी। जेस्पर ने सम्मान में तालियां बजवाई, वावरिंका बोले- टेनिस छोड़ना आसान नहीं जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते राफल जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते हैं। वे एक साल पहले तक ATP रैंकिंग में 707वें स्थान पर थे। अब दुनिया के 29वें नंबर के खिलाड़ी हैं। उन्हें यहां 27वीं वरीयता मिली है। स्वियातेक की आसान जीत, नडाल के कोच से ट्रेनिंग ले रहीं महिला वर्ग में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि मैच के दौरान उन्हें दाहिने हाथ की उंगली में परेशानी के कारण मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। हाल ही में स्वियातेक ने राफेल नडाल के साथ काम कर चुके फ्रांसिस्को रोइग को अपने जोड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार खिताब जीतने के बाद उम्मीदें बढ़ जाती हैं। इसलिए विनम्र रहना और हर मैच को नए सिरे से खेलना जरूरी होता है।
लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ… 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि बारिश होने के 80% आसार हैं। इस मैच को जीतने वाली टीम के चैंपियन बनने की संभावना ज्यादा होगी क्योंकि 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट 6 में से 5 पारियों में 200+ का स्कोर बनाया HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-12 -----------------------------------------------------------
IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि, मैच के दिन 80% बारिश के आसार हैं। इस सीजन में RCB की सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी रही है। GT ने गेंदबाजों के दम पर कई अहम मुकाबले जीते हैं। उसके टॉप-3 बैटर्स भी फॉर्म में हैं। मैच में कोहली को कगिसो रबाडा और पाटीदार को राशिद खान चुनौती देंगे। ट्रेंड के अनुसार पिछले 8 फाइनल क्वालिफायर-1 खेलने वाली टीमों के बीच हुए हैं। सभी क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम के नाम रहे हैं। 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट धर्मशाला में बड़े स्कोर की उम्मीद, 80% बारिश के आसार HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-11 -----------------------------------------------------------
अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में भारत के फ्रीस्टाइल पहलवान अक्षय टी. धेरे और विक्की ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया
जोकोविच फ्रेंच ओपन के दूसरे राउंड में पहुंचे:निशेष ने फ्रिट्ज को हराया, स्वियातेक की जीत से शुरुआत
पेरिस में खेले जा रहे फ्रेंच ओपन के पहले दौर के मुकाबले में नोवाक जोकोविच ने फ्रांस के जियोवानी मपेट्शी पेरिकाड को 5-7, 7-5, 6-1, 6-4 से हरा दिया। इस जीत के साथ 3 बार के चैंपियन जोकोविच ने टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 जोकोविच ने फ्रांसीसी खिलाड़ी की सर्विस को बेहतर ढंग से समझना शुरू किया और मैच को 2 घंटे 51 मिनट में अपने नाम कर लिया। यह 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच की फ्रेंच ओपन में 102वीं जीत है। 82वीं बार ग्रैंड स्लैम खेल रहे जोकोविच का शानदार रिकॉर्डजोकोविच ने इस मैच के साथ ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में अपनी रिकॉर्ड 82वीं उपस्थिति दर्ज की। इस जीत के साथ ग्रैंड स्लैम के पहले दौर के मैचों में उनका रिकॉर्ड 80 जीत और 2 हार का हो गया है। जोकोविच आखिरी बार साल 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में हारे थे। निशेष ने फ्रिट्ज को हराकर उलटफेर कियाभारतीय मूल के अमेरिकी खिलाड़ी निशेष बसवरेड्डी ने फ्रेंच ओपन में पहला बड़ा उलटफेर करते हुए पहले दौर में सातवीं सीड अमेरिका के खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज को हराया। वाइल्डकार्ड एंट्री करने वाले निशेष ने रविवार रात खेले गए दो घंटे 45 मिनट के कड़े मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-9 फ्रिट्ज को 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। 21 साल बसवरेड्डी के माता-पिता 1999 में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से अमेरिका चले गए थे। वह साल 2000 के बाद इस ग्रैंडस्लैम में टॉप-10 रैंकिंग वाले खिलाड़ी को हराने वाले अमेरिका के पहले मेंस प्लेयर बन गए हैं। उनसे पहले 2000 में यान-माइकल गैम्बिल ने वर्ल्ड नंबर आठ निकोलस कीफर को शिकस्त दी थी। स्वियातेक की एकतरफा जीतविमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने फ्रेंच ओपन में डेब्यू कर रही ऑस्ट्रेलिया की युवा खिलाड़ी इमरसन जोंस को पहले दौर के एकतरफा मुकाबले में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। ग्रैंडस्लैम के पहले दौर में स्वियातेक की यह 29 मुकाबलों में 28वीं जीत रही। विसमें सिंगल्स में पिछले साल की उपविजेता जैसमीन पाओलिनी ने भी जीत दर्ज की। उन्होंने दयाना यास्त्रेम्स्का को 7-5, 6-3 से हराया।
स्पेन ने FIFA फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 26 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। वर्ल्ड कप के 92 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि स्पेनिश फुटबॉल क्लब ‘रियल मैड्रिड’ का कोई खिलाड़ी स्पेन की टीम में शामिल नहीं है। स्पेन के कोच डी ला फुएंते ने कहा, “मैं किसी क्लब को देखकर खिलाड़ी नहीं चुनता। मेरे लिए सिर्फ यह जरूरी है कि खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व महसूस करें।’ इस सीजन रियल मैड्रिड कोई ट्रॉफी नहीं जीत सकी और ला लीगा में बार्सिलोना से आठ अंक पीछे रही। बार्सिलोना के स्टार लामिन यामल को जगह टीम में बार्सिलोना के 18 साल के स्टार खिलाड़ी लामिन यामल को जगह मिली है। स्पेन ने यूरो कप 2024 का खिताब जीता था। यामल को यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। यामल पिछले महीने बार्सिलोना के लिए खेलते हुए हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे। इसके बावजूद कोच लुइस डी ला फुएंते ने उन्हें टीम में रखा है। एथलेटिक बिलबाओ के निको विलियम्स भी चोट से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें भी स्क्वॉड में जगह मिली है। स्क्वॉड में प्रीमियर लीग के 7 खिलाड़ी शामिल स्पेन की टीम में प्रीमियर लीग के सात खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें आर्सेनल के डेविड राया, मार्टिन जुबिमेंडी और मिकेल मेरिनो, टोटेनहैम के पेड्रो पोरो, चेल्सी के मार्क कुकुरेला, मैनचेस्टर सिटी के रॉड्री और क्रिस्टल पैलेस के येरेमी पीनो शामिल हैं। बार्सिलोना के फर्मिन लोपेज टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है। स्पेन 2010 में खिताब जीता था स्पेन ने 1930 का पहला FIFA वर्ल्ड कप नहीं खेला था। 1934 से अब तक स्पेन ने 17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। टीम ने 2010 में नीदरलैंड्स को एक्सट्रा टाइम में 1-0 से हराकर खिताब जीता था। स्पेन का पहला मुकाबला 15 जून को स्पेन 15 जून को केप वर्डे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद टीम 21 जून को सऊदी अरब और 26 जून को उरुग्वे से खेलेगी। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा। फुल स्क्वॉड: गोलकीपर: उनाई सिमोन, डेविड राया, जोआन गार्सिया। डिफेंडर्स: मार्कोस योरेंटे, मार्क पुबिल, पेड्रो पोरो, आयमेरिक लापोर्टे, एरिक गार्सिया, पाउ कुबार्सी, मार्क कुकुरेला, अलेजांद्रो ग्रिमाल्डो। मिडफील्डर्स: रोड्री, मार्टिन जुबिमेंडी, मिकेल मेरिनो, पेड्री, गावी, फेबियन रुइज, एलेक्स बैना। फॉरवर्ड्स: येरेमी पीनो, विक्टर मुनोज, मिकेल ओयारजाबाल, फेरान टोरेस, लामिन यामल, दानी ओल्मो, निको विलियम्स, बोरखा इग्लेसियास। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पूर्व रणजी क्रिकेटर को मैच के दौरान अटैक आया, मौत:एसएल अक्षय ने 2014-15 में कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी जीती कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। पूरी खबर पढ़ें…
धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का पहला क्वालीफायर मुकाबला मंगलवार शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। यह महत्वपूर्ण नॉकआउट मैच हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में होगा। सोमवार शाम को दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर अभ्यास किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली सोमवार शाम 4:30 बजे स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने मैदान पर हल्की एक्सरसाइज और वार्म-अप किया। इसके बाद कोहली ने फिटनेस सेशन के तहत स्टेडियम के दो चक्कर लगाए। नेट प्रैक्टिस से पहले विराट कोहली अपनी टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए। इस दौरान टीम के सदस्यों ने रणनीति पर भी चर्चा की। गुजरात टाइटंस के खिलाड़ियों ने भी शाम के सत्र में फ्लड लाइट्स के तहत अभ्यास किया। ठंडी हवाओं के कारण स्विंग मिलेगी धर्मशाला की पिच अपनी रफ्तार और उछाल के लिए जानी जाती है। शुरुआती ओवरों में धौलाधार की ठंडी हवाओं के कारण तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने की संभावना है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मोहम्मद सिराज और गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों के बीच पावरप्ले में मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होने के कारण दूसरी पारी में ओस एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। इसलिए, टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान हो सकता है। मौसम का मिजाज: शाम को बढ़ेगी ठिठुरन मैच के दौरान धर्मशाला का मौसम खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए सुखद रहेगा, लेकिन रात होते-होते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान: मैच की शुरुआत (शाम 7:30 बजे) के समय तापमान 22^circtext{C} के आसपास रहेगा, जो रात ढलने के साथ गिरकर 16^circtext{C} तक पहुंच सकता है। खिलाड़ियों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा। बारिश की आशंका: मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई आशंका नहीं है, जिससे दर्शकों को पूरे 40 ओवर का बिना किसी रुकावट के रोमांच देखने को मिलेगा। X-फैक्टर और संभावित प्लेइंग इलेवनबड़ी टक्कर: यह मुकाबला आरसीबी की आक्रामक बल्लेबाजी और गुजरात टाइटंस के संतुलित ऑलराउंडर प्रदर्शन के बीच है। जो भी टीम इस दबाव वाले मैच को जीतेगी, वह सीधे फाइनल का टिकट कटाएगी।संभावित टीमें:रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): विराट कोहली, फाफ डु प्लेसिस, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल, कैमरन ग्रीन, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), महिपाल लोमरोर, मयंक डागर, मोहम्मद सिराज, रीस टोपली, यश दयाल।गुजरात टाइटंस (GT): शुभमन गिल (कप्तान), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, डेविड मिलर, अजमतुल्लाह उमरजई, राहुल तेवतिया, राशिद खान, नूर अहमद, मोहित शर्मा, उमेश यादव, संदीप वारियर।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी। मैच से पहले गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजय दहिया ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मुकाबला गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगा। विजय दहिया ने कहा कि दोनों टीमों के पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं और वे एकजुट इकाई के रूप में खेलती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही इस सीजन में हाई स्कोरिंग मैच और आक्रामक बल्लेबाजी की ज्यादा चर्चा हो रही हो, लेकिन क्रिकेट का बुनियादी नियम नहीं बदला है। बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज मैच जिता सकते हैं, पर खिताब गेंदबाज ही दिलाते हैं। आशीष नेहरा की तारीफ दहिया ने मुख्य कोच आशीष नेहरा की कार्यशैली की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों में खुद पर भरोसा और कप्तान व मैनेजमेंट का समर्थन टीम की गेंदबाजी में लगातार बेहतरी ला रहा है। गेंदबाजों के बीच शानदार केमिस्ट्री असिस्टेंट कोच ने बताया कि टीम के गेंदबाजों के बीच मैदान के अंदर और बाहर बेहतरीन केमिस्ट्री है। वे एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं कि किसे कब और कैसे ओवर खत्म करने हैं। आशीष नेहरा द्वारा अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल चुके गेंदबाजों को संभालने का तरीका सराहनीय है। धर्मशाला की पिच और परिस्थितियां धर्मशाला के मैदान के बारे में बात करते हुए दहिया ने कहा कि यहां की परिस्थितियां कुछ हद तक बेंगलुरु जैसी हैं, जहां छक्के आसानी से लगते हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन स्पिनरों के लिए ज्यादा रोल नहीं बचता। फिर भी टीम के पास अनुभवी स्पिनर हैं जो पिच की परवाह किए बिना अहम भूमिका निभा सकते हैं। तकनीकी बल्लेबाजों का महत्व दहिया ने सिर्फ पावर हिटिंग पर जोर देने के बजाय तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बल्लेबाजों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों में मैच का रुख बदल सकते हैं। स्टार स्पिनर की सर्जरी के बाद वापसी गुजरात के प्रमुख स्टार स्पिनर की वापसी पर विजय दहिया ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो सीजन उनके लिए आसान नहीं थे। सर्जरी के बाद लय हासिल करने में समय लगता है, लेकिन इस सीजन से वे शानदार मानसिक स्थिति में हैं। नेट्स पर उनकी गेंदबाजी और फील्डिंग उनकी विश्व स्तरीय काबिलियत को दिखाती है। वे क्वालिफायर जैसे बड़े मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी T20 में 200 रन का पर्सनल स्कोर बनाना चाहते हैं। 15 साल के क्रिकेटर ने कहा कि उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं। क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 66 गेंदों में 175 रन बनाए थे। यह आज भी T20 क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीजन के 14 मैचों में 583 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 232 से ज्यादा है। 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा हैं। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर एशिया कप में 243 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट वैभव ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 टी-20 में 4 मैचों में 59.75 की औसत और 243.87 के स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 144 रन रहा। सूर्यवंशी ने इस सीरीज में एक शतक भी लगाया था। उन्होंने 20 चौके और 22 छक्के लगाए। क्रिस गेल के नाम टी20 की सबसे बड़ी पारी क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 175* रन बनाए थे। यह अब तक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी है। गेल ने उसी मैच में 30 गेंदों में शतक लगाया था, जो आज भी IPL का सबसे तेज शतक है।
फ्रांस के बॉरदॉ शहर में मैच खत्म होते ही इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम (रेड रोजेज) की खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 चमक रहा था। जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब और लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि टीम की कई खिलाड़ियों को यह भी ठीक से याद नहीं था कि उनकी जीतों का सिलसिला अब 38 मैच तक पहुंच चुका है। यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। कप्तान मेग जोन्स कहती हैं, ‘हम रिकॉर्ड नहीं गिनते। हम सिर्फ अगले मैच और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं।’ शायद यही वजह है कि यह टीम सिर्फ जीत नहीं रही, बल्कि खेल में एक नया मानक बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड की मौजूदा टीम अपनी पूरी ताकत के साथ भी नहीं खेल रही। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हैं और चार खिलाड़ी प्रेग्नेंट हैं। इसके बावजूद टीम की रफ्तार नहीं रुकी। फ्रांस ने हाल के वर्षों में इंग्लैंड को चुनौती देना शुरू किया है। इस बार भी फ्रांस ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने दबाव में भी मैच हाथ से नहीं जाने दिया। इंग्लैंड की स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं, ‘अगर यह टीम एक बार हारती भी है, तो दोबारा हारना नहीं चाहेगी। हम हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।’ सारा के मुताबिक टीम का लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन खेल टीम बनना है।अब सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर इंग्लैंड को हराएगा कौन? अगली चुनौती फिर न्यूजीलैंड होगी। लेकिन अगर कभी यह टीम हार भी गई, तो शायद उनकी सोच नहीं बदलेगी। मेग जोन्स के शब्दों में, ‘सूरज अगली सुबह फिर उगेगा, और हम वही रहेंगे।’ 2019 में मिला था फुल टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट इस सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम भी है। 2019 में इंग्लैंड ने महिला खिलाड़ियों को फुल-टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट देना शुरू किया था। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी में करीब 195 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसके उलट पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग करनी पड़ी थी। यही अंतर बताता है कि निवेश व सुविधाएं किसी टीम को कितना बदल सकती हैं।
कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। अक्षय बेंगलुरु में KSCA के थर्ड डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे। चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। कर्नाटक संघ ने शोक जताया, लिखा- समर्पण और जुनून से क्रिकेट की सेवा की कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने बयान जारी कर अक्षय के निधन पर शोक जताया। संघ ने कहा, 'अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। खेल करियर खत्म होने के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।' पूर्व क्रिकेटर डी गणेश ने लिखा- मेरे पास शब्द नहीं पूर्व क्रिकेटर डोडा गणेश ने भी उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- 'क्रिकेट जगत के लिए यह दुखद खबर है। मेरे पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं।' डोडा गणेश ने आगे लिखा कि शांत स्वभाव के अक्षय ने 2011-12 में कर्नाटक के लिए खेलते हुए अच्छी सफलता हासिल की थी। अंडर-19 टीम के कोच थे अक्षय क्रिकेट से संन्यास के बाद अक्षय कोचिंग से जुड़ गए थे। वे कर्नाटक की अंडर-19 टीम के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, तीन लिस्ट-ए और नौ टी-20 मैच खेले थे। तेज गेंदबाज के तौर पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाई थी। ------------------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया; बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। पढ़ें पूरी खबर
कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया:छोटी बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए; IPL मैच में बहस हुई थी
IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। हेड की पत्नी जेसिका ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एडवरटाइजर’ से कहा- ‘यह सब मुझे 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद की ट्रोलिंग की याद दिला रहा है।’ जेसिका ने बताया- 'जब मैं सोकर उठी तो मेरा सोशल मीडिया भरा पड़ा था…हम ठीक हैं। लेकिन, वे मेरे दोस्तों और परिवार पर निशाना साध रहे हैं।' 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। एक-दूसरे के प्रति काइंडनेस और सपोर्ट की जरूरत- जेसिका जेसिका ने कहा- इस समय सभी खेलों में मानसिक स्वास्थ्य, नजरिए और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को लेकर जरूरी चर्चा हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि खेल के पीछे लोग और परिवार होते हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के प्रति अधिक काइंडनेस और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। शादी की फोटोज में आपत्तिजनक कमेंट किए रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्रेविस हेड की शादी की तस्वीरों तक पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार को धमकियां भी दीं। जेसिका ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत पर जीत के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को इसी तरह के संदेश मिले थे। कमेंटेटर सुंदरेशन बोले- मैच के बाद कोहली का बिहेवियर गलत इसी बीच भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर भरत सुंदरेशन ने कोहली के बिहेवियर को गलत ठहराया। उनके मुताबिक भारत में क्रिकेटरों को लेकर फैन कल्चर हमेशा से बहुत भावुक रहा है, लेकिन अब यह ज्यादा आक्रामक और ट्राइबल हो गया है। भारत सुंदरासन ने कहा कि उन्होंने ट्रेविस हेड से बात की थी और वह ठीक हैं। उन्होंने सलाह दी कि खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सोशल मीडिया से दूरी बना लेनी चाहिए और किसी भी ट्रोलिंग का जवाब नहीं देना चाहिए। हेड ने एग्रेसिव खेलने के लिए कहा, विराट भड़के बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड ने कोहली से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने को कहा था। जवाब में कोहली ने कहा कि हेड खुद आकर गेंदबाजी करें। बाद में कोहली के आउट होने पर हेड ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि इसी के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए। --------------------------------------------- हेड-कोहली विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली-हेड में नोकझोंक, मैच के बाद दोनों ने हाथ नहीं मिलाया, टॉप मोमेंट्स एंड रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। पढ़ें पूरी खबर
25 साल के गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। जीत के बाद उन्होंने कहा- ‘लोग कहते थे कि भारतीयों में 100 मीटर दौड़ वाला जिंस नहीं है। मैं इसे गलत साबित करना चाहता था।’ साल 2008 में मशहूर धावक उसैन बोल्ट ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह TV पर यह देख रहे थे। बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया कि एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे। गुरिंदरवीर की 2 बातें… लॉकडाउन में किराए पर होटल लेकर ट्रेनिंग की कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे। वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते। कई बार ट्रेनिंग जारी रखने के लिए पटियाला में कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था। जब रूममेट ने कहा था- 'फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे', गोल्ड जीतकर दिया जवाब 2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदरवीर ने छह महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी। उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी। लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे। रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। गुरिंदरवीर ने पिता कमलजीत सिंह को फोन कर कहा कि दूसरा-तीसरा रैंक शायद मिल जाए। यह सुन पिता बोले 'अगर सोच ही वही है, तो पहला कभी नहीं आएगा।' पिता की यही डांट प्रेरणा बनी और अगले दिन गुरिंदरवीर ने पहला रैंक हासिल कर गोल्ड जीत लिया। ------------------------------------- गुरिंदरवीर की यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100 मीटर में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में जीते रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता की पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह पहली बार है, जब किसी भारतीय ने 100 मीटर रेस 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है। पढ़ें पूरी खबर
तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव ढींगसरी, राजस्थान के नक्शे पर किसी भी आम रेतीले गांव जैसा ही नजर आता है। इन दिनों इस गांव की हवा बदली हुई है। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले, जब पूरा रेगिस्तान सो रहा होता है, तब यहां की रेतीली जमीन पर जूतों की थाप और फुटबॉल की 'टप-टप' की आवाजें गूंजने लगती हैं। यह कहानी सिर्फ एक खेल की नहीं है। यह कहानी है उस संघर्ष की, जिसने बकरियां चराने वाली और घर-खेत के कामों में सिमटी बच्चियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। आज वर्ल्ड फुटबॉल डे के मौके पर बीकानेर शहर से दक्षिण में 58 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव हम आपके ले चलते हैं, जहां की बेटियां फुटबॉल में नाम कमा रही हैं। जो कल तक बकरियां चराती थीं, वो आज देश के लिए गोल दाग रही हैं ढींगसरी गांव की एक बेटी है- मुन्नी भांभू। मुन्नी आज इस गांव की हर उस बच्ची की उम्मीद का चेहरा बन चुकी है, जो कभी पिंजरे में कैद थी। एक बेहद सामान्य परिवार से आने वाली मुन्नी के पास कभी खेलने के लिए ढंग के जूते तक नहीं थे। वो संसाधनों की कमी के बावजूद सबसे पहले मैदान पहुंचती और देर शाम तक अकेले पसीना बहाती। आज मुन्नी भांभू भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की मुख्य गोलकीपर हैं और चीन में हुए 'एशियन कप क्वालिफायर मैच' में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 27 साल बाद राजस्थान से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, 'SAFF U-19 महिला चैंपियनशिप 2026' में मुन्नी को 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का अवॉर्ड भी मिल चुका है। मुन्नी भावुक हो जाती हैं और कहती हैं- मैं तो गांव में बस सामान्य पढ़ाई कर रही थी। विक्रम सर ने उंगली थामी और मुझे फुटबॉल से जोड़ा। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं। गांव की बेटियां गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रहीं ढींगसरी गांव की मुन्नी अकेली नहीं है। इस रेतीले धोरों से फुटबॉल की ऐसी पौध निकली है कि आज गांव की करीब 60 बेटियां मैदान पर पसीना बहा रही हैं। ये वो बच्चियां हैं, जिनके हाथों में कुछ समय पहले तक या तो बकरियां चराने की लाठी थी, या फिर चूल्हा-चौका संभालते हुए घरेलू काम का बोझ। जिन उंगलियों को सिर्फ गोबर के उपले थापना सिखाया जा रहा था, आज वे गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रही हैं। लड़कों ने नहीं दिखाया इंटरेस्ट, तो कोच ने थामी लड़कियों की उंगली इस सुनहरे सफर की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी के बेटे विक्रम सिंह राजवी (जो खुद रेलवे में हैं और फुटबॉल कोच हैं) ने नई पीढ़ी को तराशने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शुरुआत गांव के लड़कों से की थी, लेकिन लड़कों ने खेल में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कभी प्रैक्टिस में आते, तो कभी गायब हो जाते। गांव की बेटियों को मैदान में उतारा यह राह इतनी आसान नहीं थी। विक्रम सिंह उन घरों तक पहुंचे जहां बच्चियां सिर्फ स्कूल, चूल्हे-चौके या खेत के कामों तक सीमित थीं। शुरुआत में हर दरवाजे से 'ना' सुनने को मिली। लोग बेटियों को बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन कोच की जिद के आगे कुछ परिवार राजी हुए और साल 2021 में 20 लड़कियों के साथ ढींगसरी की रेतीली जमीन पर ट्रेनिंग शुरू हुई। जब 'शॉर्ट्स' पहनने पर हुआ विरोध, तो घर की महिलाओं को मैदान में उतारा गांव में लड़कियों का फुटबॉल खेलना ही बड़ी बात थी, लेकिन असली परीक्षा तब हुई जब बच्चियों को लोअर (शॉर्ट्स) पहनकर खेलने को कहा गया। रूढ़िवादी माहौल में बच्चियों के छोटे कपड़े पहनकर खेलने को लेकर खूब विरोध हुआ। परिवार वाले अड़ गए। तब कोच विक्रम सिंह ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने कोटा फुटबॉल एकेडमी की टीम को ढींगसरी में मैच के लिए बुलाया। उस मैच में कोटा की लड़कियां शॉर्ट्स पहनकर उतरीं और ढींगसरी की टीम हार गई। विक्रम सिंह ने बच्चियों और उनके माता-पिता को समझाया कि इस खेल में फुर्ती के लिए शॉर्ट्स पहनना मजबूरी है, शौक नहीं। ग्रामीणों का झिझक और डर दूर करने के लिए कोच की पत्नी और उनके घर की महिलाएं भी हर रोज प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर बैठने लगीं। तब जाकर माता-पिता का भरोसा जागा। कोच विक्रम सिंह राजवी कहते हैं- शुरुआत में जो बच्चियां 4-5 किलोमीटर दूर से आती थीं, उन्हें खुद अपनी गाड़ी से मैदान लाता था। उनके पैर न रुकें, बस यही एक जिद थी। एक खिलाड़ी की सगाई हुई, तो पूरी टीम को लेकर कोटा चले गए कोच साल 2022 में इस सफर में एक और बड़ा मोड़ आया। टीम की एक होनहार खिलाड़ी की उसके घर वालों ने कोटा में सगाई तय कर दी। विक्रम सिंह को डर था कि कहीं एक लड़की के जाने से पूरी टीम का हौसला न टूट जाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। वे सभी 20 बच्चियों को लेकर खुद कोटा शिफ्ट हो गए। वहां उनका स्कूल में एडमिशन कराया और एकेडमी जॉइन कराई। दो साल की इस तपस्या का फल तब मिला, जब कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल टूर्नामेंट हुआ। राजस्थान की टीम में चुने गए 22 खिलाड़ियों में से 12 लड़कियां अकेले ढींगसरी गांव की थीं। जब इन बेटियों ने कर्नाटक में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, तो पूरे ढींगसरी गांव की आंखों में आंसू आ गए। जो गांव कभी विरोध कर रहा था, वो अब अपनी बेटियों के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा था। बेटियों के सपनों के लिए बेच डाली 15 बीघा जमीन साल 2024 में विक्रम सिंह बच्चियों को लेकर वापस गांव लौट आए। अब गांव वालों का विश्वास मजबूत हो चुका था, लेकिन ट्रेनिंग के लिए एक बड़े मैदान की जरूरत थी। विक्रम सिंह ने पहले अपनी जमा पूंजी से गांव में 10 बीघा जमीन खरीदी, लेकिन मैदान छोटा पड़ रहा था। उन्हें 8.50 बीघा जमीन और चाहिए थी। विक्रम सिंह बताते हैं- गांव से दूर मेरी 15 बीघा पुश्तैनी जमीन और थी। लेकिन एकेडमी मुझे इसी गांव में बनानी थी। मैंने अपनी वो पूरी 15 बीघा जमीन बेच दी और उस पैसे से गांव में ही जमीन खरीदकर दो शानदार फुटबॉल मैदान तैयार किए। इस मैदान का करिश्मा देखिए... साल 2024 में 60 साल बाद राजस्थान की लड़कियों ने फुटबॉल की नेशनल ट्रॉफी जीती। इस टीम में भी 12 लड़कियां ढींगसरी की थीं। यह एक अद्भुत संयोग था कि 60 साल पहले कोच विक्रम सिंह के पिता मगन सिंह राजवी ने जो नेशनल ट्रॉफी जीती थी, ठीक 60 साल बाद उसी गांव की बेटियों ने इतिहास दोहरा दिया। बदल गई ढींगसरी की तस्वीर, अब 100 बेटियां हॉस्टल में रहकर ले रहीं ट्रेनिंग आज ढींगसरी गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सीनियर खिलाड़ी हंसा राजवी कहती हैं- पहले हम सिर्फ घर का काम करते थे, पानी भरते थे। अब सुबह 5:30 बजे मैदान में होते हैं। वहीं राजस्थान टीम की कप्तान संजू राजवी कहती हैं- अब गांव के लोगों की सोच बदल गई है। छोटी उम्र में लड़कियों की शादी करने की बजाय लोग उन्हें खिलाना चाहते हैं। अर्जुन अवॉर्डी बोले- 100 बच्चियां ट्रेनिं ले रही हैं अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी कहते हैं- हमने अपनी पूरी पूंजी लगा दी, लेकिन आज खुशी है कि 100 बच्चियां यहां ट्रेनिंग ले रही हैं। इस पुनीत कार्य में अब भामाशाह भी आगे आ रहे हैं।

