डिजिटल समाचार स्रोत

...

सीडब्ल्यूजी 2026: सोमन राणा-शुभम जुयाल का कमाल, एफ57 शॉट पुट में भारत ने 'गोल्ड' के साथ 'सिल्वर' भी जीता

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

खास खबर 1 Aug 2026 5:53 pm

पिता करते थे मजबूरी अब बेटे प्रवीण चित्रवेल ने जीता रजत, सेल्वा प्रभु थिरुमारन को मिला कांस्य पदक

भारत के त्रिकूद खिलाड़ियों प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने शनिवार को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 5:51 pm

Commonwealth Games 2026: सोमन राणा ने भारत के लिए जीता गोल्ड, जादूमणि और शुभम को रजत से करना पड़ा संतोष

भारतीय पैरा एथलीट सोमन राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष शॉट पुट F57 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। बॉक्सिंग में जादूमणि सिंह को भी रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 5:36 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुक्केबाजी, ट्रिपल जंप और शॉट पुट में पदक जीतने वालों को दी बधाई

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार के दिन की शुरुआत भारत के लिए बेहतरीन रही है। भारतीय एथलीटों ने देश की झोली में स्वर्ण और रजत पदक डाले हैं। प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने मुक्केबाजी में स्वर्ण जीता है, तो जदुमणि सिंह ने मुक्केबाजी में रजत पदक जीता है। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एथलीटों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने शॉट पुट के पदक विजेताओं को भी बधाई दी है।

समाचार नामा 1 Aug 2026 5:27 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : गोल्ड चूके बॉक्सर जादुमणी सिंह, मेंस 55 किग्रा वर्ग में भारत के नाम सिल्वर

बॉक्सर जादुमणी सिंह को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा है, उन्हें शनिवार को एसईसी हॉल-5 में खेले गए मेंस 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।

खास खबर 1 Aug 2026 5:25 pm

मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा: फिल फोडेन

नई दिल्ली, इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं।

देशबन्धु 1 Aug 2026 5:23 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, वीडियो में जाने एक दिन में 6 मेडल जीते, नीरज चोपड़ा का सिल्वर; जूडो में रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, वीडियो में जाने एक दिन में 6 मेडल जीते, नीरज चोपड़ा का सिल्वर; जूडो में रचा इतिहास

समाचार नामा 1 Aug 2026 5:18 pm

सीडब्ल्यूजी 2026: गोल्ड चूके बॉक्सर जादुमणी सिंह, मेंस 55 किग्रा वर्ग में भारत के नाम सिल्वर

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बॉक्सर जादुमणी सिंह को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा है, उन्हें शनिवार को एसईसी हॉल-5 में खेले गए मेंस 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।

समाचार नामा 1 Aug 2026 5:17 pm

जादूमणि सिंह ने Commonwealth Games में जीता Silver Medal, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार

22 साल के जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम ने शनिवार (1 अगस्त) को अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। मणिपुर के इरोइसेम्बा के रहने वाले इस बॉक्सर ने चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। पुरुषों के 55kg कैटेगरी के फ़ाइनल में उनका मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ, लेकिन उन्हें दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Games 2026: India का Sports में जलवा! Boxing में 2 Gold, Triple Jump में 2 Medals भारत के नाम मणिपुर में जन्मे जादुमणि 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय बॉक्सर हैं। उनसे पहले, प्रीति पवार ने महिलाओं के 54kg कैटेगरी में गोल्ड जीता, जबकि जैस्मिन लैंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराकर महिलाओं के 57kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। शनिवार शाम को चल रहे गेम्स में सात और भारतीय बॉक्सर्स के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लांबोरिया और प्रीति पवार ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के क्रमश: 57 किग्रा और 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसे भी पढ़ें: Taipei Open: तन्वी शर्मा का आक्रामक खेल, मात्र 33 मिनट में दर्ज की जीत, अब Thuy Linh Nguyen से होगी खिताबी भिड़ंत इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद रोमांचक और कड़ा रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले के आधार पर अपने नाम किया। उन्होंने हालांकि दूसरे राउंड में कई प्रभावशाली पंच लगाते हुए शानदार वापसी कर सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। इससे पहले प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में दमदार शुरुआत की और पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता। पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का फैसला दिया। बैंटमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। For more Sports News in Hindi Today please click here.

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 5:14 pm

नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान में मौत:8 हजार मीटर ऊंची ब्रॉड पीक पर चढ़ रहे थे, हिमस्खलन में गई जान

नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान में हिमस्खलन यानी एवलांच की चपेट में आने के बाद मौत हो गई। उनके निधन की पुष्टि उनकी ही पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेडिशन ने की है। निर्मल पुर्जा 30 जुलाई को काराकोरम इलाके में 8,051 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक की चोटी पर चढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा समेत 10 पर्वतारोही लापता हो गए थे। इनमें छह नेपाली पर्वतारोही भी शामिल थे। मैप से समझिए हादसे की लोकेशन… 6 महीने में 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कीं तीसरी बार ब्रॉड पीक की चढ़ाई में जान गई निर्मल पुर्जा ने पहली बार ब्रॉड पीक को 2019 में प्रोजेक्ट पॉसिबल के दौरान फतह किया था। दूसरी बार इस चोटी को उन्होंने जुलाई 2022 में फतह किया। तब उन्होंने बिना सप्लीमेंट ऑक्सीजन के चढ़ाई की थी। ब्रिटिश स्पेशल फोर्स जॉइन करने वाले पहले नेपाली निर्मल पुर्जा का जन्म 25 जुलाई 1983 को नेपाल के म्याग्दी जिले के दाना गांव में हुआ था। उनके परिवार का सेना से गहरा नाता रहा है। कई पीढ़ियों से परिवार के लोग गोरखा रेजिमेंट में सेवा करते रहे। उनके पिता और तीन बड़े भाई भी गोरखा सैनिक थे। ऐसे माहौल में पले-बढ़े निर्मल ने भी बचपन से ही सैनिक बनने का सपना देखा। बाद में उन्होंने इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और ब्रिटिश सेना की गोरखा रेजिमेंट में भर्ती हो गए। करीब छह साल तक गोरखा सैनिक के रूप में सेवा देने के बाद उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह ब्रिटिश रॉयल नेवी की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में शामिल होने वाले पहले नेपाली बने। SBS ब्रिटेन की नौसेना की सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित स्पेशल फोर्स है। इसके सैनिक समुद्र, पहाड़, जंगल और दुश्मन के इलाके में सीक्रेट ऑपरेशन चलाने के लिए ट्रेंड होते हैं। इसमें चयन इतना मुश्किल है कि बहुत कम सैनिक इसे पूरा कर पाते हैं। सपने को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ दी सेना में रहते हुए निर्मल पुर्जा ने अत्यधिक ठंडे और मुश्किल इलाकों में कई स्पेशल ऑपरेशन में हिस्सा लिया। इसी दौरान उनके मन में दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने का ख्याल आया साल 2012 में निर्मल पुर्जा पहली बार एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पर गए थे। उस समय वह सेना में थे तभी उनके मन में एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने का ख्याल आया। इसके लिए उन्होंने ट्रेनिंग शुरू की। करीब दो साल की मेहनत के बाद 2014 में उन्होंने पहली बार माउंट एवरेस्ट फतह किया। इसके बाद उन्होंने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी चोटियों पर चढ़ने का लक्ष्य बना लिया। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 2018 में अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह पर्वतारोहण पर फोकस किया। इसमें सबसे बड़ी चुनौती पैसों की थी। खर्च जुटाने के लिए उन्होंने अपना घर तक बेच दिया, ताकि दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने का सपना पूरा कर सकें। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री से दुनिया भर में मिली पहचान 2019 में छह महीने और छह दिन में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह करने के बाद निर्मल पुर्जा की कहानी पूरी दुनिया तक पहुंची। उनके इस रिकॉर्ड अभियान पर नेटफ्लिक्स ने '14 पीक्स: नथिंग इज इम्पॉसिबल' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई। इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि कैसे निर्मल पुर्जा और उनकी नेपाली टीम ने बेहद कम समय में दुनिया की सबसे कठिन चोटियों को फतह किया। इसमें उनके सामने आई खराब मौसम की चुनौतियां, मौत का खतरा, ऑक्सीजन की कमी और कई जानलेवा हालात भी दिखाए गए हैं। डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने के बाद इसे 191 देशों में देखा गया। इसके जरिए नेपाली पर्वतारोहियों के योगदान पर पूरी दुनिया का ध्यान गया। इससे पहले पर्वतारोहण की बड़ी उपलब्धियों में अक्सर विदेशी पर्वतारोहियों की चर्चा होती थी, जबकि नेपाली शेरपाओं और पर्वतारोहियों की भूमिका उतनी सामने नहीं आ पाती थी। इसके बाद 2020 में निर्मल पुर्जा ने 'बियॉन्ड पॉसिबल' नाम से अपनी आत्मकथा भी प्रकाशित की। इस किताब में उन्होंने अपने बचपन, सैन्य जीवन, पर्वतारोहण की शुरुआत, 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' और विश्व रिकॉर्ड बनाने तक के पूरे सफर को विस्तार से बताया है।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 5:09 pm

सीडब्ल्यूजी 2026: जैवलिन थ्रो के बाद 'ट्रिपल जंप' में डबल धमाल, प्रवीण ने सिल्वर जीता, सेल्वा के नाम ब्रॉन्ज मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 'मेंस जैवलिन थ्रो' के बाद 'मेंस ट्रिपल जंप' में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

खास खबर 1 Aug 2026 5:08 pm

श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम का शेड्यूल बदला, अब 3 दिन का होगा वॉर्म-अप मुकाबला

भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही श्रीलंका दौरे पर जाने वाली है, जहां वह 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज से पहले एक वॉर्म-अप मैच भी खेला जाएगा। अब उस वॉर्म अप मैच के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया गया है।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 4:43 pm

सीडब्ल्यूजी 2026: जैवलिन थ्रो के बाद 'ट्रिपल जंप' में डबल धमाल, प्रवीण ने सिल्वर जीता, सेल्वा के नाम ब्रॉन्ज मेडल

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 'मेंस जैवलिन थ्रो' के बाद 'मेंस ट्रिपल जंप' में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

समाचार नामा 1 Aug 2026 4:42 pm

CWG 2026: बॉक्सिंग रिंग में भारत का जलवा जैस्मीन और प्रीति ने जीते गोल्ड, जाने अपब कितनी हुई स्वर्ण पदकों की संख्या

CWG 2026: बॉक्सिंग रिंग में भारत का जलवा जैस्मीन और प्रीति ने जीते गोल्ड, जाने अपब कितनी हुई स्वर्ण पदकों की संख्या

समाचार नामा 1 Aug 2026 4:30 pm

Commonwealth Games 2026: India का Sports में जलवा! Boxing में 2 Gold, Triple Jump में 2 Medals भारत के नाम

प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को शानदार तरीके से हराकर महिलाओं की 54 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। पूरे मुकाबले के दौरान शांत, संयमित और हावी रहने वाली प्रीति ने चैंपियनशिप जिताने वाला प्रदर्शन करते हुए CWG 2026 में भारत को एक और शानदार गोल्ड मेडल दिलाया। वहीं, जैस्मिन ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Taipei Open: तन्वी शर्मा का आक्रामक खेल, मात्र 33 मिनट में दर्ज की जीत, अब Thuy Linh Nguyen से होगी खिताबी भिड़ंत दिन में पहले प्रीति पवार की जीत के बाद, जैस्मिन ने शानदार और संयमित प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया और इस तरह भारत ने महिला बॉक्सिंग में 'गोल्डन डबल' पूरा किया। भारत ने पुरुषों की ट्रिपल जंप में यादगार डबल पोडियम फ़िनिश हासिल की; प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की बेहतरीन छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 16.52 मीटर के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। चित्रवेल ने 16.05 मीटर से लगातार सुधार करते हुए चौथे राउंड में मेडल दिलाने वाली छलांग लगाई और कुछ समय के लिए प्रतियोगिता में बढ़त भी बनाई। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Games: भारत के 10 बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगे, इतिहास रचने को तैयार! वहीं, थिरुमारन ने 15.87 मीटर से 16.17 मीटर और फिर 16.43 मीटर तक का सफ़र तय किया और पांचवें राउंड में 16.52 मीटर की शानदार कोशिश के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया। हालांकि, महिलाओं की 10,000 मीटर रेस में भारत मेडल जीतने से चूक गया, क्योंकि प्रियंका 45:53.93 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा; जेमिमा मोंटाग ने 42:13.40 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि एलिज़ाबेथ मैकमिलन (42:39.87) और रेबेका हेंडरसन (43:27.46) उनके बाद रहीं। रेस के दौरान कई बार चेतावनी मिलने के बाद भारत की रवीना को डिसक्वालिफ़ाई कर दिया गया। For more Sports News in Hindi Today please click here

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 4:26 pm

CWG 2026: सिर्फ 30 मिनट में 2 गोल्ड, रिंग में प्रीति के बाद जैस्मिन ने दिखाया दमखम

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय महिला मुक्केबाजों ने महज 30 मिनट में 2 गोल्ड जीते। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने गोल्डन पंच लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।

खास खबर 1 Aug 2026 4:10 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने जीते गोल्ड मेडल, भारत के पदकों की संख्या इतनी हुई

ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आज 10वें दिन भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिए। पहले प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर महिला 54 किग्रा वर्ग का खिताब अपने नाम किया उसके बाद जैस्मिन ने कमाल किया।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 4:07 pm

सीडब्ल्यूजी 2026: सिर्फ 30 मिनट में 2 गोल्ड, रिंग में प्रीति के बाद जैस्मिन ने दिखाया दमखम

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय महिला मुक्केबाजों ने महज 30 मिनट में 2 गोल्ड जीते। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने 'गोल्डन पंच' लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।

समाचार नामा 1 Aug 2026 4:06 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल की बरसात, प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने जीता स्वर्ण

भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार ने 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो के खिलाफ शानदार जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह इस कॉमनवेल्थ में भारत का छठा गोल्ड मेडल जीता था।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 4:05 pm

लद्दाख में खेल नीति 2026 पेश, खिलाड़ियों के लिए 1 करोड़ रुपये के इंसेंटिव की घोषणा

लेह, 1 अगस्त (आईएएनएस)। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. के. सक्सेना ने शनिवार को लद्दाख खले नीति 2026 को मंजूरी दी। खेल नीति के तहत एथलीटों को मासिक स्कॉलरशिप, एक बार के नकद पुरस्कार और लगातार वित्तीय मदद देने का वादा किया गया है। खेल नीति 2026 की घोषणा को इस केंद्र शासित प्रदेश को एक खेल ताकत के रूप में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

समाचार नामा 1 Aug 2026 4:00 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन! प्रीति पवार ने फाइनल जीतकर दिलाया छठा गोल्ड मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन! प्रीति पवार ने फाइनल जीतकर दिलाया छठा गोल्ड मेडल

समाचार नामा 1 Aug 2026 4:00 pm

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति पवार ने मुक्केबाजी में जीता स्वर्ण, भारत की झोली में आया छठा गोल्ड

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की प्रीति पवार ने महिला 54 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। जूडो और एथलेटिक्स में भी भारत को कई पदकों की उम्मीद।

देशबन्धु 1 Aug 2026 3:54 pm

Commonwealth Games 2026 में 10वें दिन प्रीती पवार ने जीता गोल्ड, कनाडा के बॉक्सर को दी मात

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक 23 मेडल जीत चुका है। 1 अगस्त के मैच शेड्यूल को देखें तो आज बॉक्सिंग में भारतीय बॉक्सर्स को कई गोल्ड मेडल मिलने की उम्मीद है।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 3:18 pm

गोल्ड मेडल ना जीतने पर क्या बोले नीरज चोपड़ा? कहा- मैं चाहता था कि पूरी ताकत के साथ थ्रो करूं, लेकिन…

भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का मानना है कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 में जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीतने के बाद भी वह अभी अपने सबसे अच्छे फॉर्म में लौटने से कुछ दूर हैं। उन्होंने यह बयान रजत पदक जीतने के बाद दिया है। पूरा पढ़िए क्या कहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 3:08 pm

Commonwealth Games 2026 Live: भारत के मेडल इवेंट हुए शुरू, एथलीट लगाएंगे पदकों की झड़ी

Commonwealth Games 2026 Live: भारतीय एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन आज पदकों की झड़ी लगा सकते हैं। शनिवार को भारतीय बॉक्सर 10 गोल्ड मेडल के लिए रिंग में होंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 2:29 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यामिनी से लेकर अस्मिता, इन भारतीय प्लेयर्स ने जीते हैं अब तक मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय प्लेयर्स से जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी, उसमें वह काफी खरा उतरे हैं, जिसमें अधिकतर इवेंट में मेडल जीतने में कामयाबी मिली है। वहीं जूडो में भी पहली बार भारत मेडल जीतने में सफल रहा।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 2:18 pm

Taipei Open: तन्वी शर्मा का आक्रामक खेल, मात्र 33 मिनट में दर्ज की जीत, अब Thuy Linh Nguyen से होगी खिताबी भिड़ंत

युवा भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने शनिवार को यहां चीनी ताइपे की हुआंग यु सुन पर सीधे गेम में जीत दर्ज करके ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में प्रवेश किया।पिछले साल के यूएस ओपन सुपर 300 में उपविजेता रही पंजाब की 17 वर्षीय खिलाड़ी तन्वी ने सेमीफाइनल में यु सुन को केवल 33 मिनट में 21-17, 21-11 से पराजित किया। यहां फाइनल मुकाबला दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच होने की संभावना थी लेकिन महिला एकल के दूसरे सेमीफाइनल में उन्नति हुडा को वियतनाम की विश्व में नंबर 21 थूई लिन्ह गुयेन से 15-21 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से विश्व जूनियर चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी रविवार को होने वाले फाइनल में वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से भिड़ेंगी।तन्वी 2024 में बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने पिछले दो वर्षों में काफी प्रगति की है।तन्वी ने 2025 में ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 और गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 में उपविजेता रहने के अलावा 2024 में बॉन इंटरनेशनल और 2025 में डेनमार्क चैलेंज जीता था। तन्वी ने शुरू से आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया तथा अपने तेज क्रॉस-कोर्ट स्मैश और पुश शॉट्स से हुआंग को बार-बार परेशान किया। पहले गेम में स्कोर 3-3 से बढ़कर 7-6 हो गया। तन्वी ने इसके बाद पूरे गेम में मामूली बढ़त बनाए रखी और 14-10 से 17-11 तक पहुंच गई।स्थानीय खिलाड़ी ने स्कोर को 15-17 तक कम कर दिया, जिसके बाद तन्वी ने आक्रामक खेल दिखाया और पहला गेम अपने नाम कर दिया।दूसरे गेम में हुआंग ने स्कोर 9-9 से बराबर कर दिया, लेकिन तन्वी इसके बाद हावी हो गई। उन्होंने बैक कोर्ट से सटीक शॉट लगाते हुए नेट पर चतुराई से ड्रॉप शॉट भी मारे। भारतीय खिलाड़ी ने आखिरी 14 में से 12 अंक अपने नाम किए और लगातार गेम में जीत दर्ज करके फाइनल में प्रवेश किया।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 1:59 pm

वर्ल्ड कप से पहले इस क्रिकेटर का बड़़ा फैसला, टीम की कप्तानी छोड़ी

वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश जैसी टीमों को हराकर सुर्खियां बटोरने वाले डच कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कप्तानी छोड़ दी है. करीब तीन साल तक टीम का नेतृत्व करने वाले स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा कि अब वह बिना दबाव के बतौर प्लेयर टीम के लिए ज्यादा योगदान देना चाहते हैं.

आज तक 1 Aug 2026 1:50 pm

ताइपे ओपन: तन्वी शर्मा ने कटाया फाइनल का टिकट, सेमीफाइनल में हुआंग यू-हसुन को हराया

तन्वी शर्मा ने ताइपे बैडमिंटन ओपन 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने एकतरफा गेम में जीत हासिल की और बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 टूर्नामेंट में भारत के खिताब जीतने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।

खास खबर 1 Aug 2026 1:42 pm

छह मेडल एक दिन में जीतकर भी पीछे रहा भारत

नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए।

देशबन्धु 1 Aug 2026 1:35 pm

Commonwealth Games: भारत के 10 बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगे, इतिहास रचने को तैयार!

शनिवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के शेड्यूल में बॉक्सिंग का दबदबा रहेगा, जिसमें टोक्यो ओलंपियन लवलीना बोरगोहेन समेत रिकॉर्ड 10 एथलीट अपने-अपने फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। सभी 10 मुक्केबाजों ने अपने सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले जीतकर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है और अब वे गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान रहा है। इसे भी पढ़ें: Neeraj Chopra ने Commonwealth Games भालाफेंक में रजत पदक जीता, यशवीर को कांस्य Olympics.com के अनुसार, लवलीना बोरगोहेन (महिला 75kg), साक्षी चौधरी (महिला 51kg), प्रीति पवार (महिला 54kg), जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57kg), प्रिया घांघस (महिला 60kg), अरुंधति चौधरी (महिला 70kg), जादुमनी सिंह मंडेन्गबाम (पुरुष 55kg), सचिन सिवाच (पुरुष 60kg), अंकुश पांघल (पुरुष 80kg) और नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90kg) SEC सेंटर में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला करेंगे। एथलेटिक्स में, गुलवीर सिंह पुरुषों की 5000 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। वे ग्लासगो 2026 में 10,000 मीटर इवेंट में जीते गए सिल्वर मेडल के बाद एक और मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ट्रिपल जंपर प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन भी मुकाबले में उतरेंगे। उन्हें उम्मीद है कि वे 2022 बर्मिंघम गेम्स में एल्डहॉस पॉल और अब्दुल्ला अबूबकर की तरह भारत के लिए 1-2 फ़िनिश (पहला और दूसरा स्थान हासिल करने) का यादगार कारनामा दोहरा पाएंगे। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा और कुलदीप कुमार पुरुषों के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि भारत की मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम भी पोडियम पर जगह बनाने के लिए मुकाबला करेगी। ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी रेस वॉक इवेंट में हिस्सा लेंगी और बर्मिंघम 2022 में जीते अपने सिल्वर मेडल से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Boxing: जादूमणि, अरुंधति और जैस्मीन समेत 6 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे जूडो में, भारत ऐतिहासिक शुरुआती दिन के बाद अपनी शानदार शुरुआत को जारी रखने की कोशिश करेगा। शनिवार को उन्नति शर्मा (महिलाओं का 63 किग्रा), करनजीत सिंह मान (पुरुषों का 90 किग्रा), हर्ष टोकस (पुरुषों का 81 किग्रा) और इनुंगनबी तखेलंबम (महिलाओं का 70 किग्रा) मुकाबला करेंगे। यह सब शुक्रवार को अस्मिता डे और हर्ष सिंह द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जूडो में पहला गोल्ड मेडल जीतने के बाद हो रहा है। बोल्स में, नवनीत सिंह और दिनेश कुमार पुरुषों के पेयर्स मैच में इंग्लैंड का सामना करेंगे, जिसमें जीतने वाली टीम सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी। दिन के इवेंट्स के दौरान पैरा एथलेटिक्स और ट्रैक साइक्लिंग में भी भारत के पास मेडल जीतने के मौके होंगे। For more Sports News in Hindi Today please click here.

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 1:03 pm

'देश को आपकी उपलब्धि पर गर्व है', राष्ट्रपति और गृह मंत्री ने दी मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन ऐतिहासिक रहा। जूडो और डेकाथलॉन के खेल में भारत ने पहली बार मेडल जीता। वहीं, जैवलिन थ्रो में देश को दोहरी खुशी मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह ने मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

समाचार नामा 1 Aug 2026 12:58 pm

Asmita ने पिता का सपना किया पूरा, CWG में लहराया तिरंगा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अस्मिता डे ने भारत के लिए जूडो का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. सात महीने पहले पिता को खोने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थीं, लेकिन हार नहीं मानी. कठिन परिस्थितियों से उबरकर उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और यह ऐतिहासिक जीत अपने दिवंगत पिता, कोच और परिवार को समर्पित कर दी.

आज तक 1 Aug 2026 12:53 pm

हरियाणा के मुक्केबाजों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई

नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन जारी है।

देशबन्धु 1 Aug 2026 12:46 pm

भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी: सीडब्ल्यूजी 2026

ग्लासगो, ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।

देशबन्धु 1 Aug 2026 12:38 pm

मेडल जीतने की बहुत खुशी: यशवीर सिंह

ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया।

देशबन्धु 1 Aug 2026 12:33 pm

CWG 2026: एक दिन में छह मेडल जीतकर भी 10वें स्थान पर भारत, ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत बरकरार

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए। वहीं, जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। वहीं, डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता।

खास खबर 1 Aug 2026 12:15 pm

पाकिस्तानी कप्तान से गले मिली टीम इंडिया की स्टार, हैंडशेक भी किया

खेले गए द हंड्रेड विमेंस टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने मैच खत्म होने के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर खेल भावना की खूबसूरत मिसाल पेश की. दोनों खिलाड़ियों का यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

आज तक 1 Aug 2026 12:11 pm

हम हमेशा चाहते हैं कि राष्ट्रगान बजे, लेकिन…गोल्ड मेडल से चूकने पर नीरज चोपड़ा

कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर नीरज चोपड़ा ने कहा कि हम हमेशा चाहते हैं कि पदक वितरण समारोह हमारा राष्ट्रगान बजे लेकिन मैंने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वापसी के बाद में अपने प्रदर्शन से खुश हूं।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 12:05 pm

CWG 2026: भाला-फेंक में कांस्य जीतने वाले यशवीर सिंह के मुरीद हुए नीरज चोपड़ा; क्यों याद आया 2023 एशियन गेम्स?

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने कांस्य विजेता यशवीर सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दबाव में यशवीर ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर भारतीय जैवलिन के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई।

अमर उजाला 1 Aug 2026 11:39 am

आंखों में आंसू, गले में गोल्ड... अस्मिता ने दिवंगत पिता का सपना किया पूरा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम जूडो वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. पिता के निधन के सात महीने बाद हासिल की गई यह जीत बेहद भावुक करने वाली रही.

आज तक 1 Aug 2026 11:28 am

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक अगस्त को भारत का रहेगा यह शेड्यूल, बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल की बरसात होने की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खाते में अब तक कुल 23 मेडल आ चुके हैं, जिसमें एक अगस्त के शेड्यूल को देखा जाए तो बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल की बरसात होने की उम्मीद की जा सकती है।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 11:20 am

'थोड़ा और बेहतर हो सकता था, इंजरी से वापसी करने पर डर रहता है', सिल्वर मेडल जीतने पर बोले नीरज चोपड़ा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन जैवलिन थ्रो में भारत की झोली में दो मेडल आए। नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, तो यशवीर सिंह ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाने में सफल रहे। नीरज ने माना कि इंजरी से वापसी करने पर मन में थोड़ा डर रहता है। उन्होंने कहा कि वह थोड़ा और बेहतर कर सकते थे।

खास खबर 1 Aug 2026 11:13 am

'थोड़ा और बेहतर हो सकता था, इंजरी से वापसी करने पर डर रहता है', सिल्वर मेडल जीतने पर बोले नीरज चोपड़ा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन जैवलिन थ्रो में भारत की झोली में दो मेडल आए। नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, तो यशवीर सिंह ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाने में सफल रहे। नीरज ने माना कि इंजरी से वापसी करने पर मन में थोड़ा डर रहता है।

देशबन्धु 1 Aug 2026 11:13 am

'पहला मेडल जीतने की बहुत खुशी है', सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज जीतने के बाद बोले यशवीर सिंह

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। यशवीर का यह अब तक का बेस्ट प्रदर्शन भी रहा। इंटरनेशनल स्टेज पर पहला मेडल जीतने पर यशवीर ने खुशी जताई है।

समाचार नामा 1 Aug 2026 11:09 am

हॉकी जर्सी विवाद-सफाई देने वाले अध्यक्ष ने खुद उठाए सवाल:बोले-इस फैसले पर चर्चा होनी चाहिए थी, दिग्गजों ने नाराजगी जताई

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीला से नारंगी किए जाने पर विवाद गहरा गया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने इस पर आपत्ति जताते हुए फेडरेशन के अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा है। उनका आरोप है कि यह फैसला एग्जीक्यूटिव बोर्ड की मंजूरी और उन्हें बिना बताए लिया गया। टिर्की ने बोर्ड सदस्यों को ईमेल भेजकर सवाल पूछे हैं। उन्होंने लिखा, 'मुझे नारंगी रंग से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नेशनल टीम की पहचान से जुड़े इस बड़े फैसले पर चुनी हुई लीडरशिप से चर्चा जरूर होनी चाहिए थी। इस बीच, ओडिशा सरकार ने भी टिर्की से स्पष्टीकरण मांग लिया है। वहीं, गुरुवार को टिर्की ने बदलाव का बचाव किया था। उन्होंने लोगों से इसे राजनीतिक रंग न देने की अपील करते हुए कहा था कि यह पूरी तरह 'टेक्निकल' फैसला है। खिलाड़ियों से सलाह के दावे पर सवाल शुक्रवार को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भारतीय टीम के एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया कि जर्सी में बदलाव को लेकर न तो उनसे राय ली गई और न ही सलाह मांगी गई। हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने भी दावा किया कि उन्हें जर्सी में बदलाव की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे ऐसी किसी आधिकारिक बैठक का हिस्सा नहीं रहे, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हुई हो। जर्सी देखकर कोई प्रेरणा नहीं मिल रही- भास्करन इससे पहले, जर्सी के रंग को लेकर कई पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए थे। 1980 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान वासुदेवन भास्करन ने भी नाराजगी जताई थी। रासकिन्हा ने लिखा- टीम को भगवा रंग क्यों पहनाया भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि टीम को भगवा रंग पहनाया जाना शर्मनाक है। प्रियंका गांधी ने भी नई जर्सी आलोचना की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से नारंगी किए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की पहचान अहिंसा, सत्य और भाईचारे जैसे मूल्यों से जुड़ी है और इन्हें बदला नहीं जा सकता। जर्सी का रंग कैसे तय होता है, सवाल-जवाब के जरिए समझिए … सवाल: जर्सी का रंग किस आधार पर तय होता है? जवाब: जर्सी के रंग को लेकर कोई भी लिखित नियम नहीं है। कोई भी देश किसी भी रंग को चुन सकता है। लेकिन आमतौर किसी देश की टीम की जर्सी का रंग उसके राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय प्रतीकों या राष्ट्रीय पहचान के आधार पर चुना जाता है। सवाल: भारतीय टीम की जर्सी नीली क्यों रखी गई थी? जवाब: हॉकी इतिहासकार के. अरुमुगम ने बताया कि भारतीय हॉकी टीम 1928 से ज्यादातर नीली और सफेद जर्सी में खेलती आई है। समय-समय पर जर्सी का डिजाइन बदला, लेकिन रंग नीला ही रहा। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम ने 1992 में रंगीन जर्सी शुरू होने पर तिरंगे के अशोक चक्र का नीला रंग अपनाया। इसी वजह से भारतीय टीमों की पहचान 'मेन इन ब्लू' के तौर पर बन गई। सवाल: जर्सी का रंग ऑरेंज क्यों किया गया? जवाब: हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी अब नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेली जाती है। ऐसे में मैदान और जर्सी दोनों नीले होने से खिलाड़ियों को तेज खेल के दौरान साथी खिलाड़ियों और गेंद को पहचानने में दिक्कत होती थी। भारत ने 1975 में वर्ल्ड कप जीता था FIH मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट का 16वां एडिशन होगा। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) की ओर से आयोजित यह टूर्नामेंट 14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम के वावरे और नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेला जाएगा। भारत ने अपना आखिरी और इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप खिताब 1975 में जीता था। टीम करीब 50 साल बाद फिर से वर्ल्ड चैंपिंयन बनने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 11:09 am

तन्वी शर्मा ताइपे ओपन के फाइनल में:17 साल की भारतीय शटलर ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी को सीधे गेम में हराकर खिताबी मुकाबले में बनाई जगह

भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में 17 साल की तन्वी ने चीनी ताइपे की हुआंग यू-हसुन को सीधे गेम में मात दी। पंजाब की रहने वाली तन्वी ने यह मुकाबला 21-17, 21-11 से अपने नाम किया। यह एकतरफा सेमीफाइनल मैच महज 33 मिनट तक चला। तन्वी पिछले साल यूएस ओपन सुपर 300 में रनर-अप रही थीं। रविवार को होगा खिताबी मुकाबला जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट तन्वी शर्मा रविवार को होने वाले फाइनल में खिताबी जीत के लिए उतरेंगी। फाइनल में उनका मुकाबला हमवतन उन्नति हुड्डा या वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी गुयेन थुय लिन्ह में से किसी एक से होगा। पहले गेम में बढ़त बनाई, दूसरे में पूरी तरह हावी रहीं तन्वी ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले गेम में हुआंग यू-ह्सुन ने कुछ समय तक मुकाबला किया, लेकिन तन्वी ने 21-17 से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने विपक्षी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए 21-11 से जीत दर्ज की और सीधे गेम में फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते:जेवलिन में नीरज को सिल्वर और यशवीर को ब्रॉन्ज; भारत को कल 6 मेडल मिले कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 10:58 am

इंग्लैंड में गदर काट रहे कुलदीप यादव, बेन स्टोक्स भी फिरकी में घूम गए

इंग्लैंड में जारी मेट्रो बैंक वन-डे कप में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. कुलदीप यादव ने बेन स्टोक्स का भी अहम विकेट चटकाया. कुलदीप ने 10 ओवर में सिर्फ 23 रन देकर 2 विकेट लिए और यॉर्कशायर को डरहम पर 7 विकेट की शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

आज तक 1 Aug 2026 10:57 am

स्पोर्ट्स बिजनेस का बदला ट्रेंड...:स्पॉन्सरशिप की जगह टीमों में हिस्सेदारी खरीदने पर फोकस बढ़ा

एशियाई रईस परिवारों और बड़े निवेशकों का खेलों के प्रति नजरिया अब तेजी से बदल रहा है। पहले वे सिर्फ टीमों की जर्सी पर अपना नाम छपवाने (स्पॉन्सरशिप) या चैरिटी आयोजनों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब वे सीधे स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी, लीग और खेलों से जुड़ी तकनीक में अपनी हिस्सेदारी खरीद रहे हैं। निवेशकों को पूरा भरोसा है कि दर्शकों की लगातार बढ़ती संख्या और टीवी-डिजिटल राइट्स की आसमान छूती कीमतों से उन्हें लंबे समय में बहुत बड़ा मुनाफा मिलेगा। इस नए ट्रेंड की वजह से खेल जगत में निवेश के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 13 जुलाई तक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्पोर्ट्स से जुड़ी डील 3.69 बिलियन डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपए) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। यह 1980 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल के मुकाबले 12 गुना ज्यादा है। चूंकि किसी भी टीम का पूरा मालिकाना हक खरीदना बहुत महंगा और मुश्किल होता है, इसलिए ज्यादातर अमीर परिवार और निवेशक टीमों में थोड़ी हिस्सेदारी (माइनॉरिटी स्टेक) खरीदने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। भारत में इस बड़े बदलाव का सबसे सीधा असर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में देखने को मिल रहा है, जहां टीमों की कीमत लगातार आसमान छू रही है। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ सुपर जायंट्स की मालिक गोयनका फैमिली करीब 19 हजार करोड़ रुपए की वैल्यूएशन पर अपनी 5 से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है और विदेशी निवेशकों ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई है। इसी तरह, इस साल की शुरुआत में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों में हिस्सेदारी को लेकर भी बड़ी डील हो चुकी हैं। खेल जगत में हो रहे इस भारी निवेश के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि बड़े बैंक और निवेशक इसे ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ प्रूफ बिजनेस मान रहे हैं। इसका मतलब है कि तकनीक के बदलने या शेयर बाजार में मंदी आने का लाइव खेलों के रोमांच पर कोई खास असर नहीं पड़ता। स्पेनिश फुटबॉल क्लब वालेंसिया के मालिक किआट लिम का साफ मानना है कि आज के समय में दर्शकों का ध्यान ही सबसे कीमती चीज है। जितने ज्यादा लोग मैच देखेंगे, ब्रॉडकास्टर्स उतने ही ज्यादा पैसे देंगे, जिसका सीधा फायदा टीमों और उनमें पैसा लगाने वालों को मिलेगा। जानकारों का कहना है कि अब खेलों में पैसा लगाना सिर्फ अरबपतियों का शौक नहीं रह गया है, बल्कि यह मुनाफा कमाने की एक बेहद ठोस और सोची-समझी बिजनेस रणनीति बन चुका है। स्पोर्ट्स बिजनेस के निवेशक क्रिकेट के अलावा, अब जापान और दक्षिण कोरिया में बेसबॉल के साथ-साथ फॉर्मूला वन और यूरोपीय फुटबॉल में भी निवेश के नए मौके तलाश रहे हैं।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 10:56 am

CWG 2026: मेंस जैवलिन थ्रो में डबल धमाल, नीरज ने जीता सिल्वर, यशवीर के नाम ब्रॉन्ज

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में देश को दो मेडल हाथ लगे। नीरज चोपड़ा ने (85.83 मीटर) ने सिल्वर जीता, जबकि यशवीर सिंह (85.41) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (89.75 मीटर) ने खिताब अपने नाम किया।

खास खबर 1 Aug 2026 10:35 am

सीडब्ल्यूजी 2026 में हरियाणा के मुक्केबाजों का जलवा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी फाइनल में पहुंचने पर बधाई

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन जारी है। भारत के सभी 10 मुक्केबाजों ने अपने सेमीफाइनल मैच जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया है। इन 10 में से 7 मुक्केबाज हरियाणा से हैं, जो शनिवार को देश की झोली में कम से कम सिल्वर मेडल डालेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है।

समाचार नामा 1 Aug 2026 10:33 am

CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल के साथ इतिहास रचा

तेजस्विन शंकर ने शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 'डेकाथलॉन' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। हाई जंपर से डेकाथलीट बने तेजस्विन शंकर कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग इवेंट्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बर्मिंघम में 2022 एडिशन में पुरुषों की हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

खास खबर 1 Aug 2026 10:29 am

कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल जीतने वाली अस्मिता की कहानी:पिता की मौत के बाद टूट गईं, बोलीं- CM योगी का धन्यवाद, जो मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी

यूपी पुलिस की दरोगा अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। यह मेडल जीतना अस्मिता का था उतना ही उनके पिता का भी था। वह इस जीत को अपने पापा से शेयर करना चाहती थीं लेकिन वह इस दुनिया में नहीं है। उनका 7 महीने पहले ब्रेन स्टोक के कारण निधन हो गया था। वह साइकिल मैकेनिक थे। अस्मिता ने भावुक होकर कहा- जब मेरे पिता का निधन हुआ, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया, क्योंकि वही मेरा सबसे बड़ा सहारा थे। लेकिन इसके बाद मां ने जिम्मेदारी संभाली। अंतिम संस्कार के केवल 10 दिन बाद उन्होंने अस्मिता से दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा- अगर मैं आज तुम्हें रोक दूंगी, तो तुम्हारे पिता सोचेंगे कि मैंने तुम्हारे सपने तोड़ दिए। इसके बाद अस्मिता अपना सामान लेकर भोपाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र लौट गईं। गोल्ड जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा- मैं यूपी पुलिस में हूं। मैं सीएम योगी जी का धन्यवाद करना चाहती हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी। इस नौकरी से मुझे सहारा मिला। इसी की बदौलत मैं यहां तक पहुंची और गोल्ड मेडल जीत सकी। अस्मिता डे त्रिपुरा के एक गांव से हैं और यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। शुरुआत में पिछड़ीं, फिर शानदार वापसी की फाइनल मुकाबले की शुरुआत अस्मिता डे के लिए आसान नहीं रही। कनाडा की हेडी क्वाच ने पहले ही युको अंक हासिल कर बढ़त बना ली। अस्मिता को एक शिदो पेनल्टी भी मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित समय तक कोई भी खिलाड़ी निर्णायक अंक नहीं बना सका, इसलिए मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंच गया। यहां अस्मिता ने सही मौके पर शानदार दांव लगाया और दूसरा युको अंक हासिल कर मैच के साथ-साथ गोल्ड मेडल भी जीत लिया। फाइनल में पहुंचने से पहले अस्मिता ने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग और समर शॉ को हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। अस्मिता बोलीं- योगी जी के समर्थन से संबल मिला अस्मिता ने कहा- दिसंबर 2025 में उनके पिता का निधन हो गया था। मेरे पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया। उनके जाने के बाद मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। लेकिन दो महीने बाद एशियन गेम्स के ट्रायल्स हुए, जिसमें मैं नेशनल स्तर पर पहले स्थान पर रही। गोल्ड मेडल जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा- यह पदक मेरे लिए, मेरे राज्य और मेरे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैं इसे अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करती हूं। मैं इस गोल्ड मेडल से बहुत खुश हूं। यह उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने मेरा साथ दिया। उन्होंने सीएम योगी का भी धन्यवाद जताया। 800 मीटर दौड़ छोड़ जूडो चुना त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली अस्मिता डे पहले 800 मीटर दौड़ की एथलीट थीं। जिला स्तरीय ट्रायल के दौरान उनकी रुचि जूडो में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स छोड़कर जूडो को अपना खेल बना लिया और लगातार मेहनत करती रहीं। अस्मिता ने भोपाल के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) रीजनल सेंटर में कोच यशपाल सोलंकी की देखरेख में प्रशिक्षण लिया। फिलहाल वह केंद्र सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के डेवलपमेंट ग्रुप का हिस्सा हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वजन बनाए रखने के लिए रहना पड़ा भूखा अस्मिता ने खिताबी मुकाबले से पहले रैंडम वेट-इन (वजन जांच) के संघर्ष को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह भूखा रहना पड़ा था। मैं ज्यादा कुछ नहीं खा सकती थी क्योंकि रैंडम वेट-इन में आपका वजन 50 किलो से कम होना चाहिए। जब मैं सुबह उठी, तो मेरा वजन 50 किलो 300 ग्राम था, इसलिए मैंने कुछ नहीं खाया। जब मेरा नाम रैंडम वेट-इन के लिए आया, तब जाकर मैंने औपचारिकता पूरी होने के बाद खाया-पिया और उसके एक घंटे बाद ही मेरी फाइट थी। डीजीपी बोले- अस्मिता ने बढ़ाया यूपी पुलिस और देश का गौरव यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने स्वर्ण पदक जीतने पर अस्मिता डे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अस्मिता डे ने महिला 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में गोल्ड जीतकर यूपी पुलिस, प्रदेश और पूरे देश का नाम रोशन किया है। यह उनकी सफलता अनुशासन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण है। यह उपलब्धि सीएम योगी की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की नीति का भी परिणाम है। खेल कोटे के जरिए खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में नौकरी देने से उन्हें खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिला है। ---------------------------ये खबर भी पढ़ें… यूपी में महिलाओं-बुजुर्गों को ₹1500 पेंशन; भाजपा का बड़ा दांव- चुनावी साल में 1.18 करोड़ लोगों को सीधा फायदा यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार ने बड़ा सियासी दांव चला है। राज्य के 1.18 करोड़ से ज्यादा पेंशन लाभार्थियों को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। इनमें वृद्ध, विधवा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को शामिल किया गया है। पढ़िए पूरी खबर

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 10:29 am

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : मुक्केबाज लवलीना, सचिन, साक्षी और प्रिया ने बनाई फाइनल में जगह, नरेंद्र का भी सिल्वर पक्का

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी रहा। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।

खास खबर 1 Aug 2026 10:27 am

Indian Team: श्रीलंका दौरे से पहले टीम के लिए अच्छी खबर, बुमराह हुए फिट,खेलेंगे दोनों टेस्ट मैच

इंटरनेट डेस्क। भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार बुमराह ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है और अब वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट की सीरीज 15 अगस्त से शुरू होनी है, फिर दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से खेला जाएगा। बुमराह को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में फिटनेस क्लियरेंस की शर्त के साथ चुना गया था, लेकिन अब मेडिकल टीम ने उन्हें हरी झंडी दे दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बुमराह ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अनिवार्य फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है। ऐसे में वह श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। इस चोट के कारण बुमराह लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले से बाहर हो गए थे। श्रीलंका दौरे का शेड्यूल 15-19 अगस्त- पहला टेस्ट, गॉल, सुबह 10 बजे से 23-27 अगस्त- दूसरा टेस्ट, कोलंबो, सुबह 10 बजे से pc- aaj tak

राजस्थान खबरे 1 Aug 2026 10:12 am

नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतने पर दिया बड़ा बयान, कहा - अगर मैं नहीं हूं तो भी हमारे पास अब अच्छे थ्रोअर हैं

नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में सिल्वर पदक जीतने के बाद जहां अपने बयान में इसकी खुशी जाहिर की तो वहीं उन्होंने कांस्य पदक जीतने वाले यश वीर सिंह की भी जमकर तारीफ की।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 10:03 am

Commonwealth Games 2026: नीरज चोपड़ा ने अपने नाम किया रजत पदक, गोल्ड का सपना रहा अधूरा

इंटरनेट डेस्क। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का स्वर्ण पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया है। हालांकि वह रजत पदक अपने नाम करने में सफल रहे। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो कर रजत पदक जीता। वहीं भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। ग्लासगो ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल अपने नाम किए। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। जूडो में अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीता। ये जूडो के इतिहास में भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा स्वर्ण पदक आने नाम किया। यामिनी मौर्य सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। pc- india tv hindi

राजस्थान खबरे 1 Aug 2026 10:01 am

ऋषभ पंत ने एमएस धोनी के साथ की ट्रेनिंग:रांची में श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले जिम में साथ दिखे दोनों खिलाड़ी

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुट गए हैं। इस तैयारी के दौरान पंत ने रांची में पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के साथ ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लिया। रांची के एक जिम से पूर्व भारतीय स्पिनर शाहबाज नदीम ने एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें पंत और धोनी साथ ट्रेनिंग करते नजर आ रहे हैं। इस फोटो में धोनी नीले रंग के ट्रैकसूट में दिख रहे हैं, जबकि पंत ने काली टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए हैं। शाहबाज नदीम ने शेयर की फोटो तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शाहबाज नदीम ने लिखा, ‘भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बेहतरीन फिनिशर ऋषभ पंत और माही भाई।’ हालांकि पंत अभी भारत की व्हाइट-बॉल टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह शुभमन गिल की कप्तानी वाली टेस्ट टीम के अहम सदस्य बने हुए हैं। IPL 2026 में रहा था खराब प्रदर्शन 28 साल के पंत के लिए IPL 2026 यादगार नहीं रहा। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की कप्तानी करते हुए उन्होंने 28.36 की औसत और 138.05 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए। उनकी कप्तानी में LSG अंक तालिका में 10वें और आखिरी स्थान पर रही। अब पंत की कोशिश श्रीलंका सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर उस निराशा को पीछे छोड़ने की होगी। जून के बाद पहली बार खेलेंगे इंटरनेशनल मैच पंत आखिरी बार जून 2026 में मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौता टेस्ट खेलते नजर आए थे। इसके बाद वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे। अब श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी होगी।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 9:49 am

CWG 2026 Day 9 Schedule: आज गोल्ड की होगी बारिश! फाइनल में उतरेंगे 10 मुक्केबाज; 17 मेडल इवेंट का पूरा शेड्यूल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन भारत के लिए मेडलों की बारिश की उम्मीद है। बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 10 फाइनल, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा एथलेटिक्स, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भी भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।

अमर उजाला 1 Aug 2026 9:44 am

Commonwealth Boxing: Lovlina Borgohain समेत भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में कम से कम आठ पदक पक्के कर लिये जब ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया समेत आठ मुक्केबाज शुक्रवार को फाइनल में पहुंच गए। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने तुवालू की तारोना खानम बादी पासोनी ताफाकी को 5 . 0 से हराया। अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) ,अंकुश पंघाल (80 किग्रा) , नरेंदर बेरवाल (प्लस 30 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। साक्षी ने महिलाओं के 51 किलोवर्ग में कनाडा की अम्बर जेन वाल को सर्वसम्मति से लिये गए फैसले में 5 . 0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। प्रिया ने इंग्लैंड की लूसी किंग्स व्हीटली को 60 किलो वर्ग में 5 . 0 से हराया। नरेंदर ने त्रिनिदाद और टोबैगो के नाइजेल पॉल को पुरूषों के प्लस 90 किलो मुकाबले में 5 . 0 से मात दी। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। उन्होंने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 9:31 am

Tejaswin Shankar ने Commonwealth Games डेकाथलन में कांस्य जीतकर इतिहास रचा

राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने घुटने की चोट के बाद शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया जब वह राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीतकर डेकाथलन स्पर्धा में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। तेजस्विन ने दस खेलों की इस स्पर्धा में 7976 अंक बनाये।लंबे समय से चली आ रही घुटने की समस्या के कारण उन्होंने ग्लास्गो खेलों की ऊंची कूद स्पर्धा से नाम वापिस ले लिया था। उन्होंने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में कांस्य जीता था। इसके साथ ही वह दो राष्ट्रमंडल खेलों में अलग अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले भी पहले भारतीय बन गए। हांगझोउ एशियाई खेल 2023 के रजत पदक विजेता 27 वर्ष के तेजस्विन कनाडा के डेमियन वार्नर से पिछड़ गए जिन्होंने 8036 अंक लेकर रजत पदक जीता। पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंक लेकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तेजस्विन ने नौवी स्पर्धा भालाफेंक के बाद तीसरा स्थान हासिल कर लिया था और 1500 मीटर में पांचवें स्थान पर रहने के बाद उसे बरकरार रखा।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 9:31 am

Commonwealth Games: Neeraj Chopra ने जीता रजत, जूडो में भारत को दो ऐतिहासिक स्वर्ण

(अपराजिता उपाध्याय)ग्लास्गो, 31 जुलाई जूडो में पहली बार दो स्वर्ण पदक, भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह को पदक और मुक्केबाजी रिंग में 10 भारतीयों के फाइनल में पहुंचने के साथ राष्ट्रमंडल खेलों में शुक्रवार को नौवां दिन भारत के लिये यादगार रहा।जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रच दिया जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में इस स्पर्धा में भारत की झोली में पहली बार पीले तमगे डाले। वहीं यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीतकर जूडो के लिये इन खेलों को अभूतपूर्व बना दिया।एथलेटिक्स में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को रजत से संतोष करना पड़ा जबकि पहली बार खेल रहे यशवीर ने आखिरी प्रयास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके कांस्य पदक जीता।राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर राष्ट्रमंडल खेलों में डेकाथलन में कांस्य जीतकर पदक अपने नाम करने वाले पहले भारतीय बन गए।मुक्केबाजी में अरूंधति चौधरी, ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और विश्व चैम्पियन जैस्मीन लंबोरिया समेत आठ भारतीय फाइनल में पहुंच गए।लॉन बॉल्स में भारत की युगल टीम ने अपराजेय अभियान बरकरार रखते हुए चौथी जीत दर्ज की जबकि साइकिलिंग में प्रदर्शन निराशाजनक रहा। जूडो में रचा इतिहास , दो स्वर्ण मिलेभारत ने जूडो में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता जो 1990 के ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पदक खेल बनने के बाद भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने 48 किग्रा से कम भार वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को नाटकीय ‘गोल्डन स्कोर’ मुकाबले में हराकर खिताब जीता।हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष खिलाड़ी बन गए जिन्होंने आस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर पुरूषों के 60 किलो फाइनल में स्वर्ण पदक जीता।पहली बार इन खेलों में उतरे 23 वर्ष के हर्ष ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जूडोका के खिलाफ संयम खोये बिना जबर्दस्त खेल दिखाया। यामिनी काफी करीब से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें महिलाओं के 57 किग्रा से कम भार वर्ग के ‘गोल्डन स्कोर’ तक पहुंचे फाइनल में इंग्लैंड की अनुभवी एसिल्या टॉपराक से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एथलेटिक्स : नीरज और यशवीर को पदक, तेजस्विन ने रचा इतिहासभारतीय भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा कठिन हालात में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके लेकिन रजत पदक जीता जबकि यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके कांस्य पदक अपने नाम किया।तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन 28 वर्ष के नीरज ने दूसरे प्रयास में इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85 . 83 मीटर थ्रो फेंका। राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार उतरे 24 बरस के यशवीर ने छठे और आखिरी प्रयास में 85 . 41 मीटर थ्रो फेंककर सभी को चौंका दिया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83 . 72 मीटर था।श्रीलंका के स्टार रूमेश थरंगा पथिरागे ने अपेक्षा के अनुरूप 89 . 75 मीटर फेंककर स्वर्ण पदक जीता।राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने घुटने की चोट के बाद शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया जब वह कांस्य जीतकर डेकाथलन स्पर्धा में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए।तेजस्विन ने दस खेलों की इस स्पर्धा में 7976 अंक बनाये। उन्होंने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में कांस्य जीता था। इसके साथ ही वह दो राष्ट्रमंडल खेलों में अलग अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले भी पहले भारतीय बन गए। मुक्केबाजी : दस भारतीय पहलवान फाइनल मेंभारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा और दस मुक्केबाज फाइनल में पहुंच गए।ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) ने तुवालू की तारोना खानम बादी पासोनी ताफाकी को 5 . 0 से हराया। अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) ,अंकुश पंघाल (80 किग्रा) , नरेंदर बेरवाल (प्लस 30 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए भारत का दबदबा कायम किया। लॉन बॉल्स में अपराजेय अभियान जारीभारत के नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की जोड़ी ने लॉन बॉल्स पुरुष युगल वर्ग की सेक्शनल प्ले स्पर्धा में फॉकलैंड आइलैंड्स के खिलाफ सीधे सेटों में शानदार जीत दर्ज की।भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और फॉकलैंड आइलैंड्स के इयान बार्न्स और ऑलिवर थॉम्पसन को 6-3 और 10-1 के स्कोर से आसानी से हराया।इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा है। टीम ने लगातार चार जीत दर्ज की हैं और अब उनका अगला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ होगा जो ग्रुप का अंतिम अहम मैच होगा। साइकिलिंग में निराशाराष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 4000 मीटर व्यक्तिगत परस्यूट साइकिलिंग स्पर्धा में भारत की चुनौती क्वालीफिकेशन चरण में खत्म हो गई जब दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों तालिका में निचले पायदान पर रहने के बाद अगले दौरे के लिए आगे बढ़ने में नाकाम रहे।वहीं पुरुषों की कीरिन स्पर्धा में भारतीय साइकिलिस्टों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस प्रतियोगिता की शुरुआती हीट में भारतीय खिलाड़ी पीछे रह गए। देश के तीन खिलाड़ियों में डेविड बेकहम का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।बेकहम ने तीसरी हीट में हिस्सा लिया और पांचवें स्थान पर रहे।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 9:31 am

नीरज चोपड़ा से टक्कर तो दूर, रोहित यादव से भी पीछे रहे अरशद नदीम

कॉमनवेल्थ गेम्स में खराब प्रदर्शन के बाद अब पाकिस्तान के अरशद नदीम की नजरें एशियन गेम्स पर होगी, जहां उन्हें एक बार फिर नीरज चोपड़ा और श्रीलंकाई स्टार रुमेश पथिरागे की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. अरशद नदीम ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था.

आज तक 1 Aug 2026 9:24 am

अस्मिता डे के संघर्ष की कहानी; पिता के निधन के बाद टूट गईं थीं, अब CWG में रचा इतिहास

23 साल की अस्मिता ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किग्रा से कम के भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा, तो यह पदक जितना उनका था, उतना ही उनके पिता का भी था।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 9:22 am

Commonwealth Games 2026: ऐसा हुआ तो भारत रच देगा इतिहास! जीत सकते है 10 गोल्ड मैडल, लवलीना समेत 10 बॉक्सर फाइनल में

Commonwealth Games 2026: ऐसा हुआ तो भारत रच देगा इतिहास! जीत सकते है 10 गोल्ड मैडल,लवलीना समेत 10 बॉक्सर फाइनल में

समाचार नामा 1 Aug 2026 9:15 am

पाकिस्तान के अरशद नदीम ने तीसरे राउंड में छोड़ दिया पसीना, श्रीलंकाई ने CWG 2026 में जीता गोल्ड मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम जिन्होंने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, वह तीसरा राउंड खत्म होने पर टॉप-8 में अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सके और वहीं से उनकी घर वापसी हो गई।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 9:11 am

कौन हैं रुमेश पथिरागे? नीरज चोपड़ा को हराकर बने CWG चैम्पियन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. रुमेश ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को भी पछाड़ दिया. रुमेश पहले एक क्रिकेटर थे, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने जैवलिन को चुना.

आज तक 1 Aug 2026 8:17 am

बॉक्सिंग में 10 गोल्ड दाव पर, देखें CWG 2026 के 10वें दिन का भारत का शेड्यूल

कॉमनवेल्थ गेम्स में आज यानी 1 अगस्त का दिन भारत के लिए काफी बिजी रहने वाला है, बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मेडल आज दाव पर होंगे। इसके अलावा भी कई मेडल इवेंट्स है। आईए एक नजर आज के शेड्यूल पर डालते हैं-

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 8:13 am

Commonwealth Games 2026: नीरज चोपड़ा को मिला सिल्वर, 8वें दिन भारत का शानदार प्रदर्शन, झटके 2 गोल्ड मेडल

Commonwealth Games 2026: नीरज चोपड़ा को मिला सिल्वर, 8वें दिन भारत का शानदार प्रदर्शन, झटके 2 गोल्ड मेडल

समाचार नामा 1 Aug 2026 8:12 am

कौन हैं CWG 2026 में जैवलिन थ्रो के इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले यश वीर सिंह? आखिरी राउंड में पलट दी पूरी बाजी

भारत को इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो के इवेंट में दो मेडल जीतने में सफलता हासिल हुई, जिसमें नीरज चोपड़ा ने जहां सिल्वर पदक जीता तो वहीं 24 साल के यश वीर सिंह कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 8:08 am

सीडब्ल्यूजी 2026: मुक्केबाज लवलीना, सचिन, साक्षी और प्रिया ने बनाई फाइनल में जगह, नरेंद्र का भी सिल्वर पक्का

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी रहा। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।

समाचार नामा 1 Aug 2026 7:51 am

रहाणे का रिटायरमेंट बहाना... KKR को डुबो गई 2 साल पुरानी गलती!

अजिंक्य रहाणे के संन्यास के बाद KKR के सामने नए कप्तान की चुनौती खड़ी हो गई है. हालांकि टीम का नेतृत्व संकट रहाणे के रिटायरमेंट से नहीं, बल्कि IPL 2024 में खिताब जिताने वाले कप्तान श्रेयस अय्यर को टीम से अलग होने देने के फैसले से शुरू हुआ था.

आज तक 1 Aug 2026 7:30 am

CWG: भारतीय मुक्केबाजों का जलवा, लवलीना समेत 10 बॉक्सर फाइनल में

ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी है. शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के 10 मुक्केबाजों ने जीत दर्ज की. अब इन सभी 10 मुक्केबाजों से गोल्ड मेडल की आस है. भारतीय मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जिस तरह प्रदर्शन किया, उससे साफ है कि टीम सिर्फ पदक जीतने नहीं, बल्कि बॉक्सिंग में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगाने के इरादे से आई है.

आज तक 1 Aug 2026 7:08 am

कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते:जेवलिन में नीरज को सिल्वर और यशवीर को ब्रॉन्ज; भारत को कल 6 मेडल मिले

कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। देश के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 85.83 मीटर थ्रो किया। भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा। वह कॉमनवेल्थ में इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। ग्लासगो में चल रहे गेम्स के आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। भारत ने गेम्स में अब तक 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज समेत 23 मेडल जीते हैं और मेडल टैली में 10वें स्थान पर है। जेवलिन में भारत के दो मेडल, नीरज गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। मुकाबले का सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। उन्होंने आखिरी में 85.41 मीटर थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके और तीन राउंड के बाद बाहर हो गए। नीरज और यश के अचीवमेंट्स डेकाथलॉन में मेडल लाने वाले तेजस्विन पहले भारतीय तेजस्विन शंकर 7976 अंकों के साथ डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। दो दिन तक चले इस इवेंट में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले तेजस्विन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप का ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं। ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड और डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर जीता। डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग इवेंट्स होते हैं। हर इवेंट्स से मिले अंकों के आधार पर टोटल रैंकिंग बनती है। इस रैंकिंग के टॉप-3 प्लेयर्स को मेडल दिए जाते हैं। डेकाथलॉन में 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जम्प, शॉटपुट, हाई जम्प, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो, 1500 मीटर दौड़ होते हैं। यहां से जूडो में मेडल जीतने वाले प्लेयर्स के बारे में 1. अस्मिता ने दिलाया भारत को पहला जूडो गोल्ड त्रिपुरा की 23 साल की अस्मिता डे ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए कनाडा की हेइडी क्वाच को हराया। मुकाबले की शुरुआत में उन्होंने एक अंक गंवाया और पेनल्टी भी मिली, लेकिन आक्रामक खेल जारी रखते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर इतिहास रच दिया। 2. हर्ष ने 15 मिनट बाद दूसरा गोल्ड जीता 23 साल के हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को वाजा-अरी (10-0) से हराया। चार मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों को अंक नहीं मिले, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने निर्णायक दांव खेलकर बढ़त बनाई और गोल्ड अपने नाम कर लिया। 3. यामिनी को सिल्वर मिला महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य को इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। करीब सात मिनट तक चले मुकाबले में कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी। गोल्डन स्कोर में दोनों खिलाड़ियों पर दो-दो शिडो थे, लेकिन तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी को हार झेलनी पड़ी और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। जूडो और कराते में अंतर बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनलिस्ट बॉक्सिंग में भारत के सभी 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घंघास (60 kg) और लवलीना बोरगोहेन (75 kg) ने फाइनल में जगह बनाई है। वहीं पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगे।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:44 am

कॉमनवेल्थ गेम्स-जेवलिन में नीरज सिल्वर और यशवीर ने ब्रॉन्ज जीता:जूडो में 15 मिनट में अस्मिता और हर्ष सिंह ने गोल्ड जीता,आठवें दिन 6 मेडल

भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो किया। भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। ग्लासगो में चल रहे गेम्स के आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। जूडो में अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता।यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। भारत मेडल टैली में 10वें नंबर पर है। टीम ने 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज सहित 23 मेडल जीते हैं। जेवलिन में भारत के दो मेडल, नीरज गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का बेस्ट थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के साथ गोल्ड अपने नाम किया। मुकाबले का सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। उन्होंने आखिरी में 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके और तीन राउंड के बाद बाहर हो गए। नीचे नीरज और यश के अचीवमेंट्स के बारे में तेजस्विन ने डेकाथलॉन में रचा इतिहास तेजस्विन शंकर 7976 अंकों के साथ डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। दो दिन तक चले इस इवेंट में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले तेजस्विन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप का ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं। ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड और डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर जीते। डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग इवेंट्स होते हैं। हर इवेंट्स से मिले अंकों के आधार पर टोटल रैंकिंग बनती है। इस रैंकिंग के टॉप-3 प्लेयर्स को मेडल दिए जाते हैं। डेकाथलॉन में 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जम्प, शॉटपुट, हाई जम्प, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो, 1500 मीटर दौड़ होते हैं। यहां से जूडो में मेडल जीतने वाले प्लेयर्स के बारे में 1. अस्मिता ने दिलाया भारत को पहला जूडो गोल्ड त्रिपुरा की 23 साल की अस्मिता डे ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए कनाडा की हेइडी क्वाच को हराया। मुकाबले की शुरुआत में उन्होंने एक अंक गंवाया और पेनल्टी भी मिली, लेकिन आक्रामक खेल जारी रखते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर इतिहास रच दिया। 2. हर्ष ने 15 मिनट बाद दूसरा गोल्ड जीता 23 साल के हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को वाजा-अरी (10-0) से हराया। चार मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों को अंक नहीं मिले, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने निर्णायक दांव खेलकर बढ़त बनाई और गोल्ड अपने नाम कर लिया। 3. यामिनी को सिल्वर मिला महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य को इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। करीब सात मिनट तक चले मुकाबले में कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी। गोल्डन स्कोर में दोनों खिलाड़ियों पर दो-दो शिडो थे, लेकिन तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी को हार झेलनी पड़ी और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। जूडो और कराते में अंतर बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनलिस्ट बॉक्सिंग में भारत के सभी 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घंघास (60 kg) और लवलीना बोरगोहेन (75 kg) ने फाइनल में जगह बनाई है। वहीं पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगे।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:44 am

क्रिकेटर बनने का था सपना, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 31 जुलाई का दिन काफी ऐतिहासिक रहा जिसमें डेकाथलॉन के इवेंट में तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक अपने नाम करने के साथ इतिहास रच दिया। इस इवेंट में तेजस्विन शंकर ने कुल 7976 अंक हासिल किए।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 6:39 am

CWG 2026: भारत के खाते में 6 और मेडल, नीरज चोपड़ा ने किया निराश, अस्मिता डे ने रचा इतिहास; 10 बॉक्सर फाइनल में

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भारत की झोली में 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और इतने ही ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल आए। अब भारत के कुल मेडल की संख्या 23 हो गई है। मेडल टैली में भारत 10वें पायदान पर है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Aug 2026 6:32 am

Commonwealth Boxing: जादूमणि, अरुंधति और जैस्मीन समेत 6 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में कम से कम छह पदक पक्के कर लिये जब अरूंधति चौधरी और विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया समेत छह मुक्केबाज शुक्रवार को फाइनल में पहुंच गए। अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। साक्षी ने महिलाओं के 51 किलोवर्ग में कनाडा की अम्बर जेन वाल को सर्वसम्मति से लिये गए फैसले में 5 . 0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। उन्होंने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:24 am

Commonwealth Games में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास

(अपराजिता उपाध्याय)(फोटो सहित)ग्लास्गो, 31 जुलाई भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रच दिया। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में भारत के लिए पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीतकर देश के सबसे सफल जूडो अभियान को पूरा किया। भारत ने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता जो 1990 के ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पदक खेल बनने के बाद भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारतीय जूडो खिलाड़ी हर बार पदक जीतते रहे थे, लेकिन पीला तमगा हासिल नहीं कर सके। त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने 48 किग्रा से कम भार वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को नाटकीय ‘गोल्डन स्कोर’ मुकाबले में हराकर खिताब जीता। त्रिपुरा की 23 वर्ष की अस्मिता शुरूआत में पिछड़ गई थी और उन्हें पेनल्टी भी लगी। उन्होंने हालांकि शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1 . 1 से हराकर किया। चार मिनट के मुकाबले में दोनों में से किसी को निर्णायक स्कोर नहीं मिल सका जिससे मुकाबला गोल्डन स्कोर में गया। इसमें पहले स्कोर करने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। अस्मिता ने सडन डैथ में आक्रामक प्रदर्शन करके जीत दर्ज की। हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष खिलाड़ी बन गए जिन्होंने आस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर पुरूषों के 60 किलो फाइनल में स्वर्ण पदक जीता। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे 23 वर्ष के हर्ष ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जूडोका के खिलाफ संयम खोये बिना जबर्दस्त खेल दिखाया। शुरूआती चरण में कोई भी खिलाड़ी हावी होता नहीं दिख रहा था लेकिन आखिरी 41 मिनट में हर्ष ने आक्रामक खेल दिखाया। जोशुआ ओशियाना चैम्पियनशिप और आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कई बार जीत चुके हैं। उन्होंने बर्मिघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य जीता था और वह ओलंपियन भी हैं। हर्ष ने कहा, ‘‘मेरी वजह से इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान बजना बहुत खास अहसास है। मैं यह पदक अपनी मां को समर्पित करता हूं। ’’इन दोनों स्वर्ण पदकों ने भारतीय जूडो के लिए एक नया दौर शुरू किया और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक का 30 साल से अधिक पुराना इंतजार खत्म किया। यामिनी काफी करीब से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें महिलाओं के 57 किग्रा से कम भार वर्ग के ‘गोल्डन स्कोर’ तक पहुंचे फाइनल में इंग्लैंड की अनुभवी एसिल्या टॉपराक से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 की रजत पदक विजेता और अनुभवी खिलाड़ी 28 वर्ष की टॉपराक के खिलाफ यामिनी ने बराबरी का खेल दिखाया। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया जिससे मुकाबला बेहद कड़ा रहा और इसका फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ। टॉपराक ने यामिनी को जमीन पर गिराकर अंक हासिल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार बचाव किया। टॉपराक के तेज हमलों से यामिनी पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान रेफरी ने यामिनी को एक पेनल्टी दे दी। कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी जिसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंचा। अतिरिक्त समय में दोनों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा। आखिरकार करीब तीन मिनट तक चले गोल्डन स्कोर मुकाबले में टॉपराक के लगातार हमलों के कारण यामिनी से गलती हुई। टॉपराक ने इप्पोन के जरिए जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। मध्यप्रदेश के सागर की रहने वाली यामिनी दो बार सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियन रह चुकी हैं। उन्होंने 2022 से लगातार भारत के लिये खेला है और 2022 राष्ट्रीय खेल, 2025 हांगकांग एशियाई ओपन, 2026 डकार अफ्रीका ओपन में स्वर्ण पदक जीते। इससे पहले दिन में अस्मिता, हर्ष और यामिनी ने फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए तीन पदक पक्के कर दिए थे। अस्मिता ने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग को इप्पोन से हराया और फिर सेमीफाइनल में घरेलू खिलाड़ी समर शॉ को हराकर फाइनल में जगह बनाई। हर्ष ने पहले मुकाबले में मलावी के चिकोंडी कथेवेरा को इप्पोन से हराया, फिर वानुअतु के खिलाड़ी को मात दी और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में पहुंचे। यामिनी ने घाना की फ्रेमा अग्येई और दक्षिण अफ्रीका की डोन्ने ब्रेटेनबाख को हराकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि भारत के श्रद्धा कदुबाल चोपड़े और रोहित बसीर मजगुल अपने-अपने रेपेचेज मुकाबले हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गए।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:24 am

Yamini Maurya ने Glasgow में जीता रजत पदक, गोल्डन स्कोर में टॉपराक से हारीं

भारतीय जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य काफी करीब से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें महिलाओं के 57 किग्रा से कम वर्ग के गोल्डन स्कोर तक पहुंचे फाइनल में इंग्लैंड की एसिल्या टॉपराक से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया जिससे मुकाबला बेहद कड़ा रहा और इसका फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ। टॉपराक ने यामिनी को जमीन पर गिराकर अंक हासिल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार बचाव किया। टॉपराक के तेज हमलों से यामिनी पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान रेफरी ने यामिनी को एक पेनल्टी दे दी। कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी जिसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंचा। अतिरिक्त समय में दोनों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा। आखिरकार करीब तीन मिनट तक चले गोल्डन स्कोर मुकाबले में टॉपराक के लगातार हमलों के कारण यामिनी से गलती हुई। टॉपराक ने इप्पोन के जरिए जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:22 am

Asmita Dey ने Commonwealth Games में रचा इतिहास, जूडो में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक

भारतीय जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक जीतने की खबर सबसे पहले जिस व्यक्ति को देना चाहती थीं, वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। अस्मिता के पिता सात महीने पहले ‘ब्रेन स्ट्रोक’ के कारण चल बसे। वह साइकिल मैकेनिक थे और रोज करीब 300 रुपये कमाते थे। त्रिपुरा के एक छोटे से गांव में मिट्टी के घर में अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। शुक्रवार को जब 23 साल की अस्मिता ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किग्रा से कम के भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा, तो यह पदक जितना उनका था, उतना ही उनके पिता का भी था। अस्मिता ने भावुक होकर कहा, ‘‘जब मेरे पिता का निधन हुआ, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया, क्योंकि वही मेरा सबसे बड़ा सहारा थे। ’’कुछ पल के लिए जश्न की जगह उन यादों ने ले ली, जो उस व्यक्ति से जुड़ी थीं जिसने उनके सपने को तब से संजोया था जब वह भारत का सपना भी नहीं बना था। अस्मिता ने कहा, ‘‘मैं त्रिपुरा के एक बहुत छोटे गांव से हूं। वहां लोग इतने बड़े सपने नहीं देखते, लेकिन पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया। ’’परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता साइकिल ठीक करके रोज करीब 300 रुपये कमाते थे जिससे घर का खर्च चलता था। परिवार साधारण मिट्टी के घर में रहता था, लेकिन उन्होंने कभी पैसों की कमी को बेटी के खेल के रास्ते में नहीं आने दिया। जब घुटने की चोट के कारण अस्मिता का करियर खतरे में पड़ गया तो उनके पिता उन्हें इलाज के लिए दिल्ली लेकर आए, दवाइयां खरीदीं और अपनी क्षमता के अनुसार हर मदद की। पिछले साल दिसंबर में पिता की अचानक मौत ने अस्मिता को तोड़ दिया। उन्हें लगा कि उनका सबसे बड़ा सहारा और उनका सपना दोनों खत्म हो गए हैं। लेकिन उनकी मां ने पति की जगह जिम्मेदारी संभाली। अंतिम संस्कार के केवल 10 दिन बाद उन्होंने अस्मिता से दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं आज तुम्हें रोक दूंगी, तो तुम्हारे पिता सोचेंगे कि मैंने तुम्हारे सपने तोड़ दिए। ’’इसके बाद अस्मिता अपना सामान लेकर भोपाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र लौट गईं। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले वह काफी तनाव में थीं और कई रातों तक सो नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा कि पदक जीतने से पहले वह मुकाबलों के बारे में सोचती रहती थीं और सुबह 5:30 बजे अभ्यास के लिए उठ जाती थीं। ग्लास्गो पहुंचने के बाद भी उनका डर कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सोच रही थी कि क्या होगा। बस मेरे दिमाग में यही था कि मुझे सबको हराकर जीतना है। ’’उनका लक्ष्य इतना मजबूत था कि उन्होंने अपनी पसंदीदा मिठाई लवंगलता भी नहीं खाई। उनके भाई द्वारा खरीदी गई मिठाई घर के फ्रिज में रखी रही। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार खाने का मन हुआ, लेकिन फिर खुद को रोक लिया। शुक्रवार को उनकी सारी मेहनत और त्याग सफल हो गया। इस स्वर्ण पदक के साथ अस्मिता डे ने भारतीय जूडो के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:22 am

Jamshedpur FC ने फीस जमा करने की समयसीमा चूकी, ISL 2026-27 सत्र से बाहर

जमशेदपुर एफसी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के 2026-27 सत्र में हिस्सा नहीं लेगा। यह घोषणा क्लब के आगामी सत्र के लिए भागीदारी शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख चूकने के कुछ घंटे बाद की गई। इस महीने की शुरुआत में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने सभी क्लबों के लिए प्रशासनिक शुल्क के रूप में 1.1 करोड़ रुपये जमा करने की अंतिम तारीख 20 जुलाई तय की थी। बाद में इस समयसीमा को शुक्रवार शाम तक बढ़ा दिया गया था। जमशेदपुर एफसी ने कहा कि वह चार सितंबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र से आगे में भाग नहीं लेगा। सूत्रों के अनुसार क्लब के निदेशक मंडल ने फिलहाल पहली टीम को बंद करने का फैसला किया है। वाराणसी की इंटर काशी टीम ने भी अब शुल्क जमा कर दिया है। इसका मतलब है कि बाकी सभी 13 क्लबों ने भागीदारी शुल्क का भुगतान कर दिया है। एआईएफएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इंटर काशी ने भुगतान कर दिया है। अब हम शनिवार को फैसला करेंगे कि 13 टीमों के साथ लीग आगे बढ़ाई जाए या नहीं। ’’जमशेदपुर एफसी ने अपने बयान में कहा कि वह जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को विकसित करने का काम जारी रखेगा। क्लब ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जमशेदपुर फुटबॉल क्लब पुष्टि करता है कि वह 2026-27 सत्र से आईएसएल में हिस्सा नहीं लेगा।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:17 am

Commonwealth Games: अरुंधति, प्रीति, जैस्मीन, अंकुश और जादूमणि फाइनल में पहुंचे

अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया जबकि विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और जादूमणि सिंह (पुरुषों के 55 किग्रा) ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाते हुए राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का दबदबा कायम किया। अरुंधति ने एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबले में रोजी एक्लेस को 4-0 के फैसले से हराया। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं। जैस्मीन सेमीफाइनल में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज की। लेसोथो की रापेलांग मासेलेला की उनकी प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड के अंतिम क्षणों में तीसरी बार स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जैस्मीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी तेज पंच की बौछार कर से प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। जादूमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के पी पी एम हाओसेब को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। उन्होंने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। प्रीति ने जीत के बाद पीटीआई से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही। अब मेरा पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।’’म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा। दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं। दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

प्रभासाक्षी 1 Aug 2026 6:07 am

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा:85.83 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता; पिता बोले-2 कारणों से रह गया, फिर भी बेटे पर गर्व

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता है। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पदक तालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस कड़े मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम तीन थ्रो के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। जैसे ही नीरज मेडल विनर बने, पानीपत के गांव खंडरा में उनके घर खुशियां मनाई गई। दैनिक भास्कर एप से फोन पर बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा के पिता सतीश चोपड़ा ने कहा कि बेटे ने एक बार फिर देश की झोली में मेडल डाला, इसकी बेहद ज्यादा खुशी है, लेकिन उम्मीद गोल्ड मेडल की थी। उन्होंने बेटे के गोल्ड मेडल से चूकने दो मुख्य वजहें बताई। इनमें पहली वजह वहां का तेज हवा वाला ठंडा मौसम रहा। उन्होंने कहा- तेज हवा के कारण जिस खिलाड़ी ने अपना पहला जो भी बेस्ट थ्रो किया, इसके बाद उससे आगे कोई नहीं जा सका। सभी पिछड़ते ही रहे। दूसरा कारण बीते दिनों नीरज को जो चोट लगी थी, वो भी कारण रहा है। मगर, हर बड़े मुकाबले में हर खिलाड़ी पर प्रेशर रहता ही है। इसके बावजूद बेटे को सिल्वर मेडल मिला, इसकी हमें बहुत खुशी है। पिता ने ये बताया कि परिवार के सभी लोग बाहर गए हुए हैं, इसी वजह इस बार मुकाबला इक्ट्‌ठा नहीं देख पाए। नीरज का मैच देखते उनके परिवार के PHOTOS… फाइनल में उतार-चढ़ाव वाला रहा नीरज का प्रदर्शन फाइनल मुकाबले के दौरान नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उनके पहले प्रयास में 80.97 मीटर, दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर, तीसरे प्रयास में 81.29 मीटर और चौथे प्रयास में 80.73 मीटर दूर भाला फेंका। अपने चौथे थ्रो के बाद नीरज खुद के प्रदर्शन से काफी असंतुष्ट दिखे। वहीं, पांचवें और छठे प्रयास में भाला 80 मीटर से कम दूरी पर गिरता देख उन्होंने अपने थ्रो रद्द कर दिए। दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर के थ्रो के आधार पर उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। दूसरे थ्रो से बजी तालिया, परिजनों ने कराया मुंह मीठा जब नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का थ्रो किया, तो पूरे घर में तालियों की गूंज सुनाई दी और सभी चेहरे खिल उठे। सिल्वर मेडल पक्का होते ही देर रात घर पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर नीरज की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और एक बार फिर देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी। चाचा भीम बोले- आने वाले समय में ज्वेलिन पर भारत का होगा दबदबा भतीजे नीरज चोपड़ा के सिल्वर मेडल जीतने के बाद चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि उन्हें इस मेडल की भी बहुत खुशी है। भारत की झोली में दो पदक आए, इससे खुशी और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अब भारत में 80-85 मीटर तक भाला फेंकने वाले कई खिलाड़ी सामने आ गए हैं। इससे भविष्य की तस्वीर साफ है। जिस तरह पहले फिनलैंड का ज्वेलिन पर दबदबा होता था, आने वाले समय में भारत का दबदबा नजर आएगा। पानीपत के गांव खंडरा में जश्न, पिता और दादा नहीं थे मौजूद नीरज चोपड़ा के इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले को देखने के लिए हरियाणा में उनके पैतृक गांव खंडरा (पानीपत) स्थित आवास पर देर रात ग्रामीणों का जमावड़ा लगा। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने ग्रामीणों के साथ घर के वेटिंग एरिया में बैठकर पूरे मैच का आनंद लिया। हालांकि, उनके पिता सतीश चोपड़ा और दादा धर्म सिंह चोपड़ा इस बार मौजूद नहीं थे।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:01 am

भारत के बॉक्सर 10 गोल्ड मेडल मैच खेलेंगे:लवलीना बोरगोहेन पर नजर; आज कॉमनवेल्थ गेम्स में 5 खेलों में मेडल की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारतीय मुक्केबाज 10 गोल्ड मेडल मैच में हिस्सा लेंगे। इनमें ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन भी शामिल हैं। शनिवार को भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में कुल 44 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें 19 एथलेटिक्स-पैरा एथलेटिक्स, 14 बॉक्सिंग, 6 ट्रैक-पैरा ट्रैक साइक्लिंग और 5 जूडो के फाइनल शामिल हैं। बॉक्सिंग में भारत के 10 मेडल पक्के भारत की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे प्रीति पवार के महिला 54 kg फाइनल से होगी। इसके बाद 3:45 बजे जैस्मिन लांबोरिया (57 kg) और 4:15 बजे जदुमणि सिंह (55 kg) गोल्ड के लिए उतरेंगे। रात 9 बजे साक्षी चौधरी 51 kg, 9:15 बजे प्रिया घंघास 60 kg, 9:30 बजे अरुंधति चौधरी 70 kg, 10:15 बजे लवलीना बोरगोहेन 75 kg, 10:45 बजे सचिन सिवाच 60 kg, 11:15 बजे अंकुश पंघाल 80 kg और 11:45 बजे नरेंद्र बरवाल 90+ kg में अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी मेडल की उम्मीद दोपहर 2:35 बजे शुभम जुयाल और सोमन राणा पुरुष शॉटपुट एफ-57 फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद 2:40 बजे प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमारण पुरुष ट्रिपल जंप में हिस्सा लेंगे। फिर दोपहर 2:50 बजे रमेश शन्मुगम पुरुष 1500 मीटर टी-54 और 3 बजे प्रियंका गोस्वामी एंड रवीना गायकवाड़ महिला 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल खेलेंगी। रात 11:35 बजे देव मीणा और कुलदीप कुमार पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद 12:15 बजे गुलवीर सिंह पुरुष 5000 मीटर और 1:50 बजे भारत की मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम पदक के लिए चुनौती पेश करेगी। जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में भी मुकाबले जूडो में उन्नति शर्मा, करणजीत सिंह मान, हर्ष तोकस और इनुंगानबी ताखेल्लामबम अपने-अपने शुरुआती मुकाबले खेलेंगे। जीत मिलने पर वे अगले दौर में पहुंचेंगे। ट्रैक साइक्लिंग में 4:19 बजे दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुष 10 किमी स्क्रैच रेस क्वालिफाइंग में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर दोनों रात 10:50 बजे फाइनल खेलेंगे। लॉन बॉल्स में इंग्लैंड से मुकाबला लॉन बॉल्स में 3:50 बजे नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की भारतीय जोड़ी पुरुष पेयर्स सेक्शनल प्ले में इंग्लैंड का सामना करेगी। क्वालिफाई करने पर यही जोड़ी रात 11:45 बजे सेमीफाइनल खेलेगी। वहीं 10:20 बजे नयनमोनी सैकिया महिला सिंगल्स सेक्शनल प्ले में साउथ अफ्रीका की ब्रिजेट हर्सेलमैन के खिलाफ उतरेंगी।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 4:30 am

Explainer: जूडो में कैसे मिलती है जीत? जानिए खेल के नियम और कैसे अस्मिता डे-हर्ष सिंह ने रचा स्वर्णिम इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने जूडो में नया इतिहास रच दिया। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण, जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता। जानिए जूडो कैसे खेला जाता है, इसमें अंक कैसे मिलते हैं और भारत ने 34 साल का स्वर्ण पदक का इंतजार कैसे खत्म किया।

अमर उजाला 1 Aug 2026 2:43 am

सीडब्ल्यूजी 2026: तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल के साथ इतिहास रचा

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। तेजस्विन शंकर ने शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 'डेकाथलॉन' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। हाई जंपर से डेकाथलीट बने तेजस्विन शंकर कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग इवेंट्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बर्मिंघम में 2022 एडिशन में पुरुषों की हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

समाचार नामा 1 Aug 2026 2:42 am

सीडब्ल्यूजी 2026: मेंस जैवलिन थ्रो में डबल धमाल, नीरज ने जीता सिल्वर, यशवीर के नाम ब्रॉन्ज

ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में देश को दो मेडल हाथ लगे। नीरज चोपड़ा ने (85.83 मीटर) ने सिल्वर जीता, जबकि यशवीर सिंह (85.41) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (89.75 मीटर) ने खिताब अपने नाम किया।

समाचार नामा 1 Aug 2026 2:31 am

Who is Harsh Singh: मैट पर बरसों का पसीना रंग लाया, 23 साल के हर्ष ने भारत को दिलाया जूडो का पहला पुरुष स्वर्ण

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पुरुष वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने।

अमर उजाला 1 Aug 2026 2:27 am

नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह ने CWG 2026 में जैवलिन में दिखाया कमाल, सिल्वर और ब्रॉन्ज किया अपने नाम

भारत के स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कमाल देखने को मिला है, जिसमें वह सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे हैं, जबकि यश वीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया है।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 2:25 am