चुनौतियों को स्वीकार करने में मजा आता है, नेट्स में बैटिंग करना मेरे लिए मेडिटेशन जैसा: एलिसा पेरी
ब्रिसबेन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार खेलने के लगभग दो दशक बाद भी बेहतरीन ऑलराउंडर एलिसा पेरी का कहना है कि वह आज भी हर दिन खुद को पिछले दिन की तुलना में एक बेहतर खिलाड़ी बनाने की कोशिश करती हैं।
विश्व चैम्पियन Manisha Bhanwala का लक्ष्य अब Los Angeles Olympics में पदक जीतना
भारत की पहली महिला विश्व चैम्पियन बनी मनीषा भानवाला की नजरें 2005 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 57 किलोवर्ग में पदक जीतने पर है और इस अनुभवी पहलवान की ताकत उनके पिता है जो उनके दिल में बसते हैं। 29 वर्ष की मनीषा ने कजाखस्तान के अस्ताना में इतिहास रच दिया जब वह सीनियर कुश्ती विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई। एशियाई खेलों की नाकामी की बखूबी भरपाई करते हुए उन्होंने कैरियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। एशियाई खेलों से खाली हाथ लौटी मनीषा ने अपने कोच वीरेंदर दहिया की सलाह मानकर विश्व चैम्पियनशिप पर पूरा फोकस रखा जिसकी उन्हें फायदा मिला। मनीषा ने भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा शनिवार को कराई गई बातचीत में कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में किस्मत ने साथ नहीं दिया। मैं कोच से कुश्ती, अभ्यास और रिकवरी के बारे में पूछती रही। उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य विश्व चैम्पियनशिप होना चाहिये। मुझे अभी भी याद है कि उन्होंने कहा था कि ईश्वर ने मेरे लिये कुछ बड़ा सोच रखा है।’’एशियाई खेलों में 57 किलोवर्ग में भाग लेने के बाद विश्व चैम्पियनशिप में वह 59 किलो में उतरी। उनका मानना है कि दोनों टूर्नामेंटों के बीच में अंतर कम रहने से उन्हें रिकवरी और वजन कम करने के लिये काफी कम समय मिला। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे एशियाई खेलों में पदक जीतने का यकीन था। मुझे पता था कि विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिये काफी कम समय मिलेगा। दस दिन में वजन कम करना कठिन था तो मुझे लगा कि 59 किलो सही रहेगा।’’मनीषा के लिये यह जीत पदक से कहीं अधिक मायने रखती है। उन्हें कुश्ती में उतारने वाले पिता ने उनके कैरियर में अहम भूमिका निभाई लेकिन 2022 में उनका निधन हो गया। विश्व चैम्पियनशिप फाइनल से पहले उन्होंने अपने पिता की याद में एक खास टीशर्ट पहना था। मनीषा ने कहा ,‘‘ मैं बता नहीं सकती कि मेरे पिता की कितनी बड़ी भूमिका रही है। मैं उनसे बात करती रहती हूं मानो वह मेरे भीतर हों। वह मेरे दिल में बसते हैं और मेरे जीवन का हिस्सा हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे पिता ने सिखाया कि या तो कोई काम शुरू मत करो और करो तो पूरा करके ही दम लो। यह मेरे खून में है। कुश्ती मेरे लिये पहला और आखिरी विकल्प है। इसने मुझे जीवन, नाम और जीने का सामर्थ्य दिया।’’
मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर घर में जमकर मना जश्न, मां बोलीं-जोरदार स्वागत करने की है तैयारी
जींद, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। मनीषा भनवाला ने शुक्रवार को इतिहास रचा। वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद उनके घर में जमकर जश्न मनाया गया। भारतीय महिला रेसलर की मां का कहना है कि बेटी का घर लौटने पर जोरदार स्वागत किया जाएगा।
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी:श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू; फाइनल में खिताबी मुकाबला
पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में श्रीलंका की पारी शुरू हो चुकी है। 2.4 ओवर के बाद टीम ने बिना विकेट गंवाए 10 रन बना लिए हैं। अविष्का फर्नांडो 6 और कामिंदु मेंडिस 4 रन बनाकर क्रीज पर हैं। शाहीन और नसीम ने की गेंदबाजी की शुरुआत पाकिस्तान की ओर से शाहीन शाह अफरीदी ने पहला ओवर किया। उन्होंने 7 रन दिए। वहीं, नसीम शाह ने दूसरे छोर से गेंदबाजी की और एक ओवर में 3 रन दिए। श्रीलंका की टीम शुरुआती ओवरों में संभलकर बल्लेबाजी कर रही है। शाहीन अफरीदी कर रहे पाकिस्तान की कप्तानी पाकिस्तान की कप्तानी शाहीन शाह अफरीदी कर रहे हैं, जबकि श्रीलंका की कमान कुसल मेंडिस के हाथों में है। पाकिस्तान ने फाइनल के लिए अपनी प्लेइंग-11 में फखर जमान, बाबर आजम और सलमान आगा जैसे बल्लेबाजों को शामिल किया है। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 पाकिस्तान: फखर जमान, माज सदाकत, बाबर आजम, साद बेग, सलमान आगा, हसन नवाज, अराफात मिन्हास, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), हारिस रऊफ और नसीम शाह। श्रीलंका: अविष्का फर्नांडो, कामिंदु मेंडिस, कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), पवन रत्नायके, दसुन शनाका, जनिथ लियानगे, सहान अराचिगे, महीश तीक्षणा, दुनिथ वेलालगे, असिथा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।
ऑस्ट्रेलिया के साउथ अफ्रीका दौरे का आखिरी टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर है। शनिवार को मुकाबले के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया को 283 रन बनाने हैं। जबकि, साउथ अफ्रीका को 8 विकेट गिराने हैं। खास बात यह है कि इस मुकाबले के नतीजे पर 3 मैचों की सीरीज का रिजल्ट निर्भर है। क्योंकि, दोनों ही टीमों एक-एक मैच जीत चुकी हैं। साउथ अफ्रीका दूसरी पारी में 387 रन पर ऑलआउट चौथे दिन साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 387 रन बनाए। टीम ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 429 रन बनाकर 100 रन की बढ़त हासिल की थी। इस तरह साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रन का टारगेट रखा है। रायन रिकेल्टन और वियान मुल्डर ने छठे विकेट के लिए 154 रन जोड़े और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रिकेल्टन ने 101 और मुल्डर ने 115 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साउथ अफ्रीका ने चौथे दिन की शुरुआत दूसरी पारी में 40 रन की बढ़त और 6 विकेट बाकी रहते की। क्रीज पर रायान रिकेल्टन और मैथ्यू ब्रीट्जके मौजूद थे। मिचेल स्टार्क ने ब्रीट्जके को शॉर्ट बॉल डालकर परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया ने स्पिन और तेज गेंदबाजी, दोनों से दबाव बनाया। आखिरकार पैट कमिंस को 372 गेंदों के इंतजार के बाद विकेट मिला। ब्रीट्जके ने शॉर्ट बॉल पर पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े स्टार्क के हाथों में चली गई। वह 121 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए। रिकेल्टन-मुल्डर ने पलटा मैच का रुख ब्रीट्जके के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 181 रन पर 5 विकेट था। लेकिन रिकेल्टन और मुल्डर ने संभलकर बल्लेबाजी की। पहले सेशन में साउथ अफ्रीका ने 28 ओवर में सिर्फ 62 रन बनाए और एक विकेट गंवाया। दूसरे सेशन में टीम ने 28 ओवर में 92 रन जोड़े। मुल्डर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रिकेल्टन ने भी शतक लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 318 गेंदों पर 154 रन की साझेदारी की। रिकेल्टन 219 गेंदों पर 101 रन बनाकर रनआउट हुए। इसके बाद साउथ अफ्रीका ने अगले तीन विकेट सिर्फ 16 रन के अंदर गंवा दिए। मार्को यानसन 8 गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हुए। साइमन हार्मर को नाथन लायन ने बोल्ड किया। गेराल्ड कोएत्जी भी रनआउट हो गए। मुल्डर ने निचले क्रम के साथ संभाली पारी रिकेल्टन के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 335 रन पर 6 विकेट था। मुल्डर ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कगिसो रबाडा के साथ 53 गेंदों पर 36 रन जोड़े। रबाडा ने 14 गेंदों पर सिर्फ 2 रन बनाए। नाथन लायन की गेंद पर चौका लगाकर मुल्डर ने टीम की बढ़त 250 रन के पार पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने पैट कमिंस की गेंद पर छक्का और लायन के खिलाफ स्लॉग स्वीप से एक और छक्का लगाया। आखिरकार 221 गेंदों पर 115 रन बनाकर वह स्टार्क के हाथों कैच आउट हुए। उनकी पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। ------------------यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
रवींद्र जडेजा की वापसी को लेकर पुजारा ने कहा- 'शायद अब उन्हें वनडे टीम में न चुना जाए'
नई दिल्ली, टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जडेजा को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया है। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि जडेजा के लिए अब टीम में वापसी काफी मुश्किल होगी।
धवन ने मनीषा को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने पहलवान मनीषा भनवाला को बधाई दी है।
मनीषा- मैं चाहती हूं कि अधिक लड़कियां वर्ल्ड चैंपियन बनकर सामने आएं
नई दिल्ली, सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला मनीषा भनवाला चाहती हैं कि उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से अन्य भारतीय महिला पहलवानों के लिए शीर्ष तक पहुंचने का रास्ता खुले। महिला रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल चार मेडल जीते हैं।
आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान: सूर्यवंशी को मौका न देने पर उठाए सवाल, बोले- 'क्या सिर्फ बैकअप खिलाड़ी बनकर रहेंगे?'
केरी ओ'कीफ : लाबुशेन अपने करियर के लिए खेलेंगे
केपटाउन, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक टेस्ट सीरीज के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट और फैंस की नजर मार्नस लाबुशेन पर होगी। खराब फॉर्म से गुजर रहे लाबुशेन के लिए अपने करियर को सही ट्रैक पर लाने का यह बड़ा मौका हो सकता है।
Asian Champions Trophy: सेमीफाइनल में पहुंच चुकी भारतीय हॉकी टीम रविवार को मलेशिया से भिड़ेगी
(सौमोज्योति एस चौधरी)जालंधर, 31 अक्टूबर लगातार तीन जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुकी भारतीय टीम को एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के चौथे राउंड रॉबिन मैच में रविवार को मलेशिया की चुनौती का सामना करना है। भारत ने जापान के आइची नागोया में एशियाई खेलों में मलेशिया को 5 . 1 से हराया था लेकिन मलेशियाई टीम से भारत को हमेशा कड़ी चुनौती मिली है। भारत ने पहले मैच में बांग्लादेश को 13 . 0 से , चीन को 5 . 2 से और फिर जापान को 4 . 1 से हराकर चार नवंबर को मोहाली में होने वाले सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा ,‘‘हमने एशियाई खेलों में मलेशिया को 5 . 1 से हराया लेकिन यह हमेशा से कठिन प्रतिद्वंद्वी रहा है। हमारे पास अच्छी टीम है और मलेशिया से हमें चुनौती मिलेगी लेकिन हमारा फोकस अपने खेल पर है।’’बांग्लादेश और चीन के खिलाफ एकदम एकतरफा मुकाबलों के बाद भारत को शुक्रवार को जापान से अच्छी चुनौती मिली। भारत ने लगातार हमले बोले लेकिन जापान का डिफेंस मजबूत था। पहले तीन क्वार्टर में भारत को एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिला जो चिंता का विषय है। भारत को मैच में एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर 47वें मिनट में मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागा। चौथे और आखिरी क्वार्टर में तीन गोल करके भारत ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत के लिये 150वां मैच खेल रहे फॉरवर्ड अभिषेक ने दो शानदार फील्ड गोल दागे। उपकप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन विवेक सागर प्रसाद और नीलाकांता शर्मा से उन्हें और सहयोग की जरूरत है। भारत ने स्ट्राइकर मनदीप सिंह को आराम दिया था जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ तीन गोल किये थे। वह रविवार को वापसी कर सकते हैं। दूसरी ओर मलेशिया भी अभी तक एक भी मैच नहीं हारी है लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत के बाद दूसरे स्थान पर है। अन्य मैचों में दक्षिण कोरिया का सामना बांग्लादेश से और जापान की टक्कर चीन से होगी। भारत का मैच शाम सात बजे शुरू होगा।
Dhruv Jurel के नाबाद 99 रन से India A ने पहले दिन बनाए 291/7
कप्तान ध्रुव जुरेल के नाबाद 99 रन और देवदत्त पडिक्कल के 80 रन की मदद से भारत ए ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ चार दिवसीय मैच के पहले दिन शनिवार को सात विकेट पर 291 रन बनाये। जुरेल 155 गेंद में 99 रन बनाकर और आकाश दीप 25 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। दोनों अभी तक आठवें विकेट की साझेदारी में 69 रन जोड़ चुके हैं। लंच के समय भारत ए का स्कोर एक विकेट पर 87 रन था। यशस्वी जायसवाल को पहले ओवर की चौथी गेंद पर तेज गेंदबाज फ्रेजर शीट ने पगबाधा आउट किया। लंच के बाद पहले ओवर में साइ सुदर्शन (41) आउट हो गए जिन्हें तेज गेंदबाज जेरोड मैकी ने विकेट के पीछे मिचेल हे के हाथों लपकवाया। पडिक्कल ने दूसरा छोर संभालकर 101 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। भारत का स्कोर एक समय दो विकेट पर 131 रन था लेकिन न्यूजीलैंड ने सात रन के भीतर तीन विकेट चटकाये। यश राठौड़ (13) पहले आउट हुए और उनके बाद पडिक्कल का विकेट गिरा। रविचंद्रन स्मरण को शीट ने पगबाधा आउट किया। वॉशिंगटन सुंदर को भी शीट ने ही पवेलियन भेजा। जुरेल और मानव सुतार (22) ने सातवें विकेट के लिये 62 रन की साझेदारी की। जुरेल ने 93 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।
IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में बदलाव, इस गेंदबाज को किया गया शामिल
इंटरनेट डेस्क। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। चयन समिति ने तेज गेंदबाज आकिब नबी को शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए टीम में शामिल कर लिया है। इससे पहले आकिब को सीरीज के चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय स्क्वॉड में जगह मिली थी। अब वह सीरीज की शुरुआत से ही टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्क्वॉड अपडेट जारी कर इसकी जानकारी दी। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहले आखिरी दो वनडे के लिए चुना गया था, लेकिन अब उन्हें पहले तीन मैचों के लिए भी टीम में शामिल कर लिया गया है। पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी (सिर्फ पहला वनडे), आकिब नबी चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर, उपकप्तान), अक्षर पटेल, नमन धीर, आकिब नबी , गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव। PC- cricinfo.com
केपटाउन की दूसरी पारी लाबुशेन अपने करियर के लिए खेलेंगे: केरी ओ'कीफ
केपटाउन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक टेस्ट सीरीज के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट और फैंस की नजर मार्नस लाबुशेन पर होगी। खराब फॉर्म से गुजर रहे लाबुशेन के लिए अपने करियर को सही ट्रैक पर लाने का यह बड़ा मौका हो सकता है।
PC: INDIA TV HINDI मनीषा भानवाला ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय रेसलिंग जगत में गर्व का योगदान दिया है। मनीषा ने महिलाओं की 59 kg वेट कैटेगरी के फाइनल में यूनाइटेड स्टेट्स की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ, वह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बन गई हैं। उनकी इस सफलता से भारतीय रेसलिंग जगत में खुशी का माहौल है। हरियाणा के एक किसान परिवार से ग्लोबल लेवल पर छलांग मनीषा भानवाला हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं और उनका परिवार खेती-बाड़ी के बिजनेस से जुड़ा है। उनके परिवार में स्पोर्ट्स का ट्रेडिशन रहा है। उनके भाई रिंकू कबड्डी प्लेयर हैं, जबकि उनकी भाभी ममता सिहाग भी रेसलर हैं। परिवार में स्पोर्ट्स का माहौल और गांव में स्पोर्ट्स कल्चर ने मनीषा को रेसलिंग करने के लिए इंस्पायर किया। अपने रेसलिंग करियर के दौरान, उन्होंने अलग-अलग वेट ग्रुप में हिस्सा लिया। उन्होंने 62 kg, 65 kg और 57 kg जैसे अलग-अलग ग्रुप में मुकाबला किया। हालांकि, 29 साल की उम्र में उन्होंने 59 kg की नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी में वर्ल्ड लेवल पर सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की। पिता की मौत के बाद भी जारी रखा संघर्ष मनीषा भानवाला की ज़िंदगी का सबसे मुश्किल दौर उनके पिता की मौत थी। 2022 में मंगोलिया में होने वाली एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए निकलने से एक रात पहले उनके पिता की मौत हो गई। उनके पिता सुरेश एक जागरण में गए थे। अगली सुबह, उन्हें नींद में हार्ट अटैक आया और वे गुज़र गए। इस घटना ने मनीषा को पूरी तरह से थका दिया था। वह घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहती थीं। कुछ समय के लिए तो उन्होंने रेसलिंग छोड़ने के बारे में भी सोचा। हालांकि, अपने पिता का सपना पूरा करने का पक्का इरादा करके उन्होंने फिर से रेसलिंग के मैदान में कदम रखा। मुश्किल हालात के बावजूद, उन्होंने प्रैक्टिस जारी रखी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। पिता को समर्पित गोल्ड मेडल वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के फाइनल मैच में, मनीषा ने यूनाइटेड स्टेट्स की एबिगेल नेट को 8-6 से हराया। इस जीत के साथ, वह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। जीत के बाद, उन्होंने दर्शकों के सामने गर्व से अपने माता-पिता की तस्वीर वाली एक सफेद टी-शर्ट दिखाई। यह पल सिर्फ एक एथलीट की जीत नहीं थी, बल्कि एक बेटी का अपने पिता का सपना पूरा करने का इमोशनल सफर था। मनीषा भानवाला की इस कामयाबी ने भारतीय रेसलिंग को एक नई पहचान दी है। उन्होंने अपने परफॉर्मेंस से दिखाया है कि संघर्ष, पक्के इरादे और कड़ी मेहनत से ग्लोबल लेवल पर सफलता पाई जा सकती है।
Gaurav Khanna ने खारिज किए आरोप, बोले चयन में गड़बड़ी उठाने पर बनाया जा रहा निशाना
भारत के पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने एशियाई पैरा खेलों के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये खिलाड़ियों का मनोबल गिराने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह आरोप उन्हें बदनाम करने के लिये गढे गए ‘भ्रामक नैरेटिव’ हैं क्योंकि उन्होंने चयन मसलों में ‘दस्तावेजी अनियमितताओं’ का मसला उठाया था। यह विवाद सोशल मीडिया पर खन्ना की अब डिलीट कर दी गई एक पोस्ट के कारण पैदा हुआ जिसमें उन्होंने कयास लगाया था कि भारत को 2022 पैरा एशियाई खेलों की तुलना में कम पदक मिलेंगे। फाइनल से एक दिन पहले उन्होंने लिखा था कि भारत को दो स्वर्ण समेत 16 पदक मिलेंगे।भारत ने तीन स्वर्ण समेत 16 पदक जीते। वहीं 2022 खेलों में भारत ने चार स्वर्ण समेत 21 पदक पैरा बैडमिंटन में जीते थे। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि खन्ना की पोस्ट के कारण उन पर दबाव बना। उन्होंने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण से इसकी जांच की मांग की थी। लखनऊ में बैडमिंटन अकादमी चलाने वाले खन्ना ने कहा ,‘‘ मुझे इस बात की चिंता है कि उस पोस्ट के कुछ समय दिखने के लगभग एक हफ्ते बाद यानी 27 अक्टूबर को सार्वजनिक आरोप लगाए गए जिनका मकसद उन अनियमितताओं से ध्यान भटकाना था, जिन्हें मैंने एशियाई पैरा खेल खत्म होने के बाद उच्च अधिकारियों के सामने उठाया था।’’उन्होंने पीटीआई को जारी बयान में कहा ,‘‘ इसकी टाइमिंग गहरी चिंता का विषय है। मेरे द्वारा मसला उठाये जाने की जानकारी मिलने के बाद सभी संबंधित लोगों ने भ्रामक सार्वजनिक धारणा बनाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की ताकि मुख्य मसले से ध्यान हट जाये।’’भारत के पैरा बैडमिंटन प्रमुख के प्रभाकर राव और छह बार के विश्व चैम्पियन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने खन्ना की सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना करके कहा था कि इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ा। खन्ना ने कहा ,‘‘ वह पोस्ट 22 अक्टूबर को रात नौ बजे लिखी गई और दो तीन मिनट में डिलीट कर दी गई। 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच बीएआई प्रमुख या किसी ने उसके बारे में मुझसे नहीं पूछा और कोई बवाल नहीं खड़ा हुआ।’’उन्होंने कहा ,‘‘ इसके अलावा उस समय जापान में 23 अक्टूबर को लगभग रात के 12:30 बजे होंगे। अगर प्रमोद का दावा है कि उस थोड़े से समय में इसे देखकर वह परेशान हो गया था तो उसने इसे कब और कैसे देखा? क्या वह अपने फाइनल मैच से ठीक पहले आधी रात के बाद सोशल मीडिया देख रहा था, जबकि उसे आराम करना चाहिए था और कुछ घंटों बाद होने वाले मैच पर ध्यान देना चाहिए था।’’खन्ना ने कहा कि कुछ योग्य खिलाड़ियों को खेलों के लिये चुना नहीं गया और यह मसला उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा ,‘‘ अपने अपने वर्ग में एशिया के शीर्ष छह खिलाड़ियों में शामिल चिराग बरेटा, अम्मु मोहन, शशांक कुमार और मनीषा पटेल को बाहर क्यो किया गया। खिलाड़ियों के लिखित बयान पर क्या कार्रवाई की गई।’’उन्होंने कहा ,‘‘मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि साइ और खेल मंत्रालय ने भी संबंधित प्रशासन द्वारा गढी गई धारणाओं पर भरोसा करके गलती की। मेरे पेशेवर आकलन के अनुसार साइ और खेल मंत्रालय के समक्ष तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट नहीं कर पाने के कारण भारत ने कम से कम चार संभावित पदक जीतने के मौके गंवा दिए।’’
पहलवान मनीषा भानवाला को ऐतिहासिक गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति ने दी बधाई
नई दिल्ली, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को मनीषा भानवाला की ऐतिहासिक वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीतने पर प्रशंसा की और उनकी इस कामयाबी को देश के लिए बहुत गर्व और शान का पल बताया।
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने पहलवान मनीषा भनवाला को बधाई दी है। मनीषा ने शुक्रवार को सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचा। कजाकिस्तान के अस्ताना में महिलाओं के 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में मनीषा ने शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
Abhishek Sharma: 200+ रन के लक्ष्य में फिर नाकाम रहे अभिषेक, न्यूजीलैंड के खिलाफ आंकड़े बने चिंता
Abhishek Sharma: 200+ रन के लक्ष्य में फिर नाकाम रहे अभिषेक, न्यूजीलैंड के खिलाफ आंकड़े बने चिंता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पहलवान मनीषा भानवाला को ऐतिहासिक गोल्ड जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को मनीषा भानवाला की ऐतिहासिक वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीतने पर प्रशंसा की और उनकी इस कामयाबी को देश के लिए बहुत गर्व और शान का पल बताया।
पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर सवाल उठाया है। चोपड़ा ने कहा कि सूर्यवंशी को सिर्फ चोटिल खिलाड़ियों के विकल्प के तौर पर नहीं खिलाना चाहिए। अगर उन्हें रेग्युलर मौके नहीं मिलने हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट, खासकर फर्स्ट-क्लास खेलना चाहिए। ईशान किशन के फिट होने के बाद सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर किया गया। सूर्यवंशी ने किशन के चोटिल होने के बाद दूसरे और तीसरे टी-20I में खेला था। चोपड़ा ने यूट्यूब में वीडियो पोस्ट किया सूर्यवंशी के रोल पर रोडमैप बताने की मांग चोपड़ा ने टीम मैनेजमेंट से सूर्यवंशी की भूमिका को लेकर अपनी योजना और लंबे समय का विजन साफ करने की मांग की। उन्होंने युवा खिलाड़ी को बाहर किए जाने और टीम में उसका रोल क्लियर न होने पर निराशा जताई है। चोपड़ा ने कहा, ‘टीम को सामने आकर बताना चाहिए कि उसका रोडमैप और सोच क्या है। हो सकता है कि उन्होंने इस बारे में पहले ही सोच लिया हो और योजना भी बना ली हो। लेकिन उन्होंने किसी को बताया नहीं है।’ किशन की वापसी निराशाजनक रही ईशान किशन की वापसी निराशाजनक रही। भारत ने 260 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा किया, लेकिन किशन शून्य पर आउट हो गए। भारत की टीम 172/9 रन तक ही पहुंच सकी। ------------------------------------------------
आकिब नबी ने न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ रेड बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। पहले चार दिवसीय मुकाबले की दोनों पारियों में उन्होंने कुल छह विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने उनकी गेंदबाजी क्षमता को सामने रखा और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी उपयोगिता को लेकर उम्मीदें बढ़ाईं।
हांगकांग : दूसरा मैच हारी भारतीय टीम
कॉव्लून, हांगकांग सिक्सेस में भारतीय टीम को यूएई के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है।
एल्वर्सबर्ग : मेंज को 4-1 से हराकर टॉप पांच में जगह बनाई
बर्लिन, एसवी एल्वर्सबर्ग ने मेंज पर 4-1 की शानदार जीत के साथ बुंडेसलीगा में पांचवें स्थान पर जगह बना ली है।
श्रेयस अय्यर : ग्लेन फिलिप्स को उनकी पारी के लिए शाबाशी
ऑकलैंड, भारत को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय कप्तान अय्यर ने खराब गेंदबाजी को हार की वजह माना है।
टीम इंडिया को यूएई ने हराया, 26 गेंदों में चेज किया 95 रन का टारगेट, टूर्नामेंट से हुई बाहर
हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में टीम इंडिया को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान के बाद अब यूएई ने भी भारत को हरा दिया। इसी के साथ ही टीम इंडिया इस टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।
मोहम्मद कैफ : श्रेयस अय्यर को गेंदबाजों को मैनेज करना सीखना होगा
नई दिल्ली, भारत को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर सवाल उठाए हैं।
बांग्लादेश ने मीरपुर टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 170 रन का टारगेट सेट किया है। टीम अपनी दूसरी पारी में 142 रन पर ऑलआउट हो गई। शनिवार को मैच के चौथे दिन बांग्लादेशी टीम ने 79/6 के स्कोर से खेलना शुरू किया। उसने पहले सेशन में 63 रन बनाने में आखिरी 4 विकेट गंवाए। वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज ने 5 विकेट झटके। जोमेल वारिकन ने 4 विकेट लिए। शमार जोसेफ को एक विकेट मिला। नईम हसन ने फिफ्टी लगाई नईम हसन ने 18 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। वे 91 बॉल पर 52 रन बनाकर आउट हुए। नईम ने टेस्ट करियर में पहली फिफ्टी लगाई। वहीं, जाकिर अली ने 22 रन बनाए। मेहदी हसन मिराज 9 रन बनाकर आउट हुए। टेलर में कोई बैटर दहाई का आंकड़ा हासिल नहीं कर सका। वेस्टइंडीज पहली पारी 245 पर सिमटी वेस्टइंडीज की पहली पारी 245 रन पर सिमट गई थी। टीम ने तीसरे दिन 4 विकेट पर 134 रन से आगे खेलना शुरू किया। तेगनारायण चंद्रपॉल ने 56 और जस्टिन ग्रीव्स ने 46 रन बनाए। कप्तान रोस्टन चेज 43 रन बनाकर नाबाद रहे। बांग्लादेश के लिए नईम हसन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। मेहदी हसन मिराज और ताइजुल इस्लाम को 2-2 विकेट मिले। शादमान इस्लाम ने पहली पारी में शतक लगाया बांग्लादेश ने पहली पारी में 272 रन बनाए थे। टीम के लिए शादमान इस्लाम ने 105 रन की पारी खेली। उन्होंने 234 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए। उनके अलावा तौहीद हृदोय ने 42 और लिटन दास ने नाबाद 34 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए जोमेल वारिकन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए। जोशुआ बिशप को 2 विकेट मिले। शमर जोसेफ ने भी 2 विकेट हासिल किए। -------------------------------------------------------- टेस्ट क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… वेस्टइंडीज के खिलाफ बांग्लादेश की दूसरी पारी लड़खड़ाई, 79 रन पर 6 विकेट गंवाए बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच मीरपुर में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी खत्म हो गया। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 79 रन बनाए हैं। जाकेर अली 18 और नईम हसन 18 रन बनाकर नाबाद हैं। पढ़ें पूरी खबर
Yuvraj Singh: अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में मिले मौका, युवराज सिंह ने चयनकर्ताओं को दी सलाह
न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारत की वनडे टीम में हुआ बदलाव, आकिब नबी को मिली जगह
न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के शुरुआती तीन मैचों के लिए तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया है। प्रसिद्ध कृष्णा के चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो जाने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया है।
बुंडेसलीगा: एल्वर्सबर्ग ने मेंज को 4-1 से हराकर टॉप पांच में जगह बनाई
बर्लिन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसवी एल्वर्सबर्ग ने मेंज पर 4-1 की शानदार जीत के साथ बुंडेसलीगा में पांचवें स्थान पर जगह बना ली है।
Hockey: जापान को हराकर भारत सेमीफाइनल में पहुंचा, अभिषेक नैन ने 150वें मैच को बनाया यादगार
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BREAKING:IND vs NZ: आकिब नबी की भारतीय वनडे टीम में एंट्री, अब सीरीज के शुरुआती तीन मैचों में भी खेलेंगे
जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती 3 वनडे मैच के लिए भी भारतीय टीम में चुने गए हैं। नबी को पहले चौथे और 5वें वनडे मैच के लिए टीम में चुना गया था। BCCI ने शनिवार को बताया कि आकिब को पहले चौथे और 5वें मैच के लिए वनडे टीम में शामिल किया गया था, लेकिन अब वे सीरीज की शुरुआत से ही भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। BCCI ने इस पोस्ट के जरिए टीम में बदलाव की जानकारी दी… एक दिन पहले प्रसिद्ध कृष्णा बाहर हुए एक दिन पहले 30 अक्टूबर को प्रसिद्ध कृष्णा वनडे सीरीज से बाहर हुए थे। प्रसिद्ध जांघ की चोट (हैमस्ट्रिंग) से उबर रहे हैं। वे 30 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में चोटिल हुए थे। नबी को कृष्णा का विकल्प माना जा रहा है। हलांकि, बोर्ड ने यह नहीं लिखा है कि नबी को कृष्णा की जगह टीम में लिया गया है। नबी ने विंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था आकिब नमी ने एक महीने पहले 30 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में वनडे में डेब्यू किया था। हालांकि, उस मैच में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। नबी भारतीय टेस्ट टीम में चुने जाने वाले जम्मू कश्मीर के पहले क्रिकेटर हैं। वैसे, यहां के परवेज रसूल और उमरान मलिक भी भारतीय टीम में चुने जा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ वनडे और टी-20 टीम में मौका मिला है। 4 नवंबर से वनडे सीरीज खेली जाएगी भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज 4 नवंबर से खेली जाएगी। पहला मुकाबला ऑकलैंड में खेला जाएगा। फिलहाल, टीम इंडिया 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 3-1 से आगे चल रही है। उसे चौथे टी-20 मुकाबले में 87 रन की करारी हार झेलनी पड़ी थी। शुरुआती 3 वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी (सिर्फ पहला वनडे), औकिब नबी। चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), अक्षर पटेल, नमन धीर, औकिब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव। ----------------------------------------------- भारत के न्यूजीलैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार, 260 चेज कर रही टीम 87 रन से हारी टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच से एक बार फिर बाहर बैठना पड़ा है, क्योंकि विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन फिट होकर टीम में वापस लौट आए हैं। वैभव टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए इन दिनों एक नई स्किल पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
'हमारी गेंदबाजी खराब रही, ग्लेन फिलिप्स को उनकी पारी के लिए शाबाशी': श्रेयस अय्यर
ऑकलैंड, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय कप्तान अय्यर ने खराब गेंदबाजी को हार की वजह माना है।
IPL 2027: मुंबई इंडियंस में कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव संभव, रोहित शर्मा और तिलक वर्मा के बीच किसे मिलेगी कमान?
इंडिया ए ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट की पहली पारी में 6 विकेट पर 160 रन बना लिए हैं। मानव सुथार और ध्रुव जुरेल क्रीज पर हैं। शनिवार को क्राइस्टचर्च में चल रहे मैच का पहला दिन है और तीसरे सेशन का खेल जारी है। देवदत्त पडिक्कल ने 80 रन की अर्धशतकीय पारी खेली है। जबकि बी साई सुदर्शन ने 41 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल पहली ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। पडिक्कल-सुदर्शन ने 91 रन की साझेदारी की एक रन के स्कोर पर जायसवाल का विकेट गंवाने के बाद पडिक्कल और साई सुदर्शन ने दूसरे विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी की। दोनों ने 159 गेंदों का सामना किया। पडिक्कल ने 100 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वे पिछले मैच की दूसरी पारी में 199 रन बनाकर आउट हुए थे। जायसवाल ने 4 गेंद खेलीं, खाता नहीं खोल सके यशस्वी जायसवाल इस पारी में भी अपना खाता नहीं खोल सके। वे पहले ओवर में फ्रैजर शीट की चौथी गेंद पर आउट हो गए। वे खाता भी नहीं खोल सके। पहले अनऑफिशियल टेस्ट की दोनों पारियों में जायसवाल ने 17 और 5 रन बनाए थे। अब वे लगातार तीसरी पारी में नाकाम रहे। स्मरण गोल्डन डक पर आउट, यश राठौड़ ने बनाए 13 रन भारत ए के बल्लेबाज स्मरण रविचंद्रन खाता नहीं खोल सके। पडिक्कल के 39वें ओवर में आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए स्मरण को फ्रैजर शीट ने पहली ही गेंद पर LBW आउट कर दिया। पहले अनऑफिशियल टेस्ट की पहली पारी में भारत-A के टॉप स्कोरर रहे यश राठौड़ दूसरे मैच में 13 रन ही बना सके। उन्होंने 22 गेंदें खेलीं। सिराज, मुकेश कुमार और मानव सुथार को मौका इंडिया ए ने दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए। मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार और मानव सुथार को टीम में शामिल किया गया। केएल राहुल और अंशुल कंबोज वनडे सीरीज में व्यस्तता के कारण इस मैच के लिए चयन के उपलब्ध नहीं थे। ------------------------------------------------- भारत के न्यूजीलैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार, 260 चेज कर रही टीम 87 रन से हारी इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पढ़ें पूरी खबर
हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस में पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हराया, वीडियो में जाने 13 गेंद बाकी रहते जीता मैच; अब्बास अफरीदी ने 8 गेंदों पर ठोके 35 रन
भारत के खिलाफ चौथे टी20 मैच में ग्लेन फिलिप्स ने शानदार शतक लगाया। शतक लगाने के बाद उन्होंने कहा कि उनके शानदार प्रदर्शन के पीछे आईपीएल (IPL) और गुजरात टाइटंस का बहुत बड़ा हाथ है।
'जीत या हार, कोई ड्रॉ नहीं होगा', रयान रिकल्टन को केपटाउन टेस्ट में परिणाम की उम्मीद
केपटाउन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक दौर में पहुंच गया है। शनिवार टेस्ट का आखिरी दिन है। दोनों टीमों के सामने जीत का अवसर और हार का डर है। साथ ही, ड्रॉ की भी संभावना है। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रयान रिकल्टन ने कहा है कि आखिरी दिन मैच का परिणाम आएगा।
रूस के डेनिल मेदवेदेव ने वियना ATP 500 टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दुनिया के नंबर-5 खिलाड़ी मेदवेदेव ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के एड्रियन मन्नारिनो को 6-2, 6-3 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने सीजन के आखिरी टूर्नामेंट ATP फाइनल्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। यह टूर्नामेंट 15 से 22 नवंबर तक इटली के ट्यूरिन में खेला जाएगा। अब सेमीफाइनल में मेदवेदेव का सामना स्पेन के कार्लोस अलकराज से होगा। अल्काराज ने क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के टॉमी पॉल को 6-4, 7-6 (7-2) से हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई। मन्नारिनो को सीधे सेटों में हराया मेदवेदेव ने दुनिया के 73वें नंबर के खिलाड़ी मन्नारिनो के खिलाफ शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहला सेट 6-2 और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। रूसी खिलाड़ी ने मन्नारिनो की सर्विस पर दूसरे मैच पॉइंट पर जीत दर्ज की। मेदवेदेव 2019 के बाद से सिर्फ एक बार ATP फाइनल्स के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहे हैं। इस बार उन्होंने अलेक्जेंडर ज्वेरेव, कार्लोस अलकराज और बेन शेल्टन के साथ सीजन के आखिरी टूर्नामेंट में जगह पक्की कर ली है। US ओपन के बाद शानदार फॉर्म में मेदवेदेव सितंबर में US ओपन के चौथे राउंड में अमेरिका के फ्रांसिस टियाफो से हारने के बाद मेदवेदेव ने शानदार वापसी की है। उन्होंने हांगझोउ और अल्माटी में ATP खिताब जीते। इसके अलावा वे शंघाई मास्टर्स और बीजिंग ATP 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक भी पहुंचे। अब वियना में खिताब जीतने के लिए उन्हें दो और मुकाबले जीतने होंगे। अलकराज ने टॉमी पॉल को हराया मेदवेदेव के सामने सेमीफाइनल में स्पेन के कार्लोस अल्काराज की चुनौती होगी। 23 साल के अल्काराज ने क्वार्टर फाइनल में अमेरिकी खिलाड़ी टॉमी पॉल को 6-4, 7-6 (7-2) से हराया। इस जीत के साथ ATP 500 स्तर के टूर्नामेंट में इस सीजन अलकराज का जीत-हार का रिकॉर्ड 14-0 हो गया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेला और सीधे सेटों में जीत हासिल करने से संतुष्ट हैं। ज्वेरेव ने 58 मिनट में जीता मुकाबला ड्रॉ के दूसरे हिस्से में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के आर्थर फेरी को 6-0, 6-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मुकाबला सिर्फ 58 मिनट चला। जीत के बाद ज्वेरेव ने फेरी के खेल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फेरी के पास भले ही दूसरे खिलाड़ियों जितनी ताकत न हो, लेकिन वे रणनीतिक रूप से अच्छा खेलते हैं। डी मिनौर से भिड़ेंगे ज्वेरेव दूसरे सेमीफाइनल में ज्वेरेव का सामना ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर से होगा। पांचवीं वरीयता प्राप्त डी मिनौर ने क्वार्टर फाइनल में इटली के मत्तेओ बेरेटिनी को 7-6 (7-4), 6-2 से हराया। डी मिनौर ने कहा कि मुकाबले के शुरुआती दौर में अपनी सर्विस बचाए रखना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने दबाव के बीच अच्छा खेल दिखाया और जीत हासिल की।
Commonwealth Kabaddi Championship: भारतीय पुरुष और महिला टीमें धमाकेदार जीत के साथ फाइनल में
भारतीय पुरुष और महिला टीम ने शुक्रवार को यहां अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज करके पहली राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। खिताबी मुकाबले में पुरुष टीम का सामना श्रीलंका से, जबकि महिला टीम की भिड़ंत युगांडा से होगी। भारतीय पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 56-27 से करारी शिकस्त दी, जबकि महिला टीम ने श्रीलंका को 39-14 से हराया। पुरुष वर्ग के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने केन्या को 28-24 से मात दी। वहीं, महिला वर्ग में युगांडा ने आखिरी मिनट तक चले कड़े मुकाबले में केन्या को 23-21 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारतीय पुरुष टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और पहले पांच मिनट के भीतर ही विरोधी टीम को पहली बार ‘ऑल-आउट’ कर दिया। रेडिंग में नवीन कुमार और नीरज नरवाल ने अगुवाई की, जबकि दीपक एस. और शुभम शिंदे ने डिफेंस की जिम्मेदारी संभाली। भारतीय टीम ने पहले हाफ के समाप्त होने से आठ मिनट पहले बांग्लादेश को दूसरी बार ऑल-आउट करके मध्यांतर तक 28-8 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। मध्यांतर के बाद भी मेजबान टीम का दबदबा कायम रहा और मैच में 10 मिनट शेष रहते भारत ने अपनी बढ़त 38-16 कर ली। भरत हुड्डा ने बांग्लादेश की डिफेंस को लगातार छकाया और मुकाबला समाप्त होने से चार मिनट पहले विरोधी टीम को एक बार फिर ऑल-आउट करने में मदद की। इससे भारत की बढ़त 49-20 हो गई। इसके बाद टीम ने 56-27 से बड़ी जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने केन्या को 28-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारतीय महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यांतर तक 24-7 की बढ़त बना ली और अंततः श्रीलंका को 39-14 से हरा दिया।
मनीषा भानवाला की कहानी: पिता को खोने का गम, आंखों में चैंपियन बनने का सपना; बेटी ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
अहमदाबाद, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेली गई कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनल में शुक्रवार को भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 56-27 से हराया।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में शामिल करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि इन्हें 50 ओवर क्रिकेट में मौका न देना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। युवराज ने कहा- ‘जिस तरह ये खिलाड़ी प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही टीम में जगह मिलनी चाहिए।’ हालांकि उन्होंने माना कि शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में टॉप ऑर्डर में जगह बनाना आसान नहीं है। अभिषेक-सूर्यवंशी ने बनाया पावरप्ले का रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में खेले गए टी-20 मुकाबले में रिकॉर्ड साझेदारी की थी। दोनों ने पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 118 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल के पावरप्ले में किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। अभिषेक ने इस मैच में 35 गेंदों पर शतक लगाया था। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल की थी। ईशान 32 वनडे खेल चुके, अभिषेक-सूर्यवंशी का डेब्यू बाकी ईशान किशन भारतीय टीम के लिए 32 वनडे मैच खेल चुके हैं। हालांकि, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को अभी इस फॉर्मेट में डेब्यू करना है। वैभव ने इसी साल इंग्लैंड दौरे पर टी-20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। वह भारत के लिए इस फॉर्मेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा जारी है। टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार को हैमिल्टन में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 4 नवंबर से 5 मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी। दौरे पर इसके बाद 2 टेस्ट मैच भी खेले जाएंगे। शुक्रवार को ऑकलैंड में खेले गए चौथे टी-20 में न्यूजीलैंड ने भारत को 87 रन से हराया। 260 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 172 रन पर ऑलआउट हो गई। यह सीरीज में भारत की पहली हार थी। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत के खिलाफ सबसे बड़ा टी-20 स्कोर बना:न्यूजीलैंड से सबसे बड़ी हार मिली, फिलिप्स ने लगातार 4 छक्के लगाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स न्यूजीलैंड ने चौथे टी-20 मुकाबले में भारत को 87 रन से हरा दिया। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 259 रन बनाए। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। पूरी खबर पढ़ें…
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। चौथे दिन साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 387 रन बनाए। टीम ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 429 रन बनाकर 100 रन की बढ़त हासिल की थी। इस तरह साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रन का टारगेट रखा है। चौथे दिन की कहानी रायन रिकेल्टन और वियान मुल्डर के नाम रही। दोनों ने छठे विकेट के लिए 154 रन जोड़े और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रिकेल्टन ने 101 और मुल्डर ने 115 रन बनाए। दिन की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साउथ अफ्रीका ने चौथे दिन की शुरुआत दूसरी पारी में 40 रन की बढ़त और 6 विकेट बाकी रहते की। क्रीज पर रायान रिकेल्टन और मैथ्यू ब्रीट्जके मौजूद थे। मिचेल स्टार्क ने ब्रीट्जके को शॉर्ट बॉल डालकर परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया ने स्पिन और तेज गेंदबाजी, दोनों से दबाव बनाया। आखिरकार पैट कमिंस को 372 गेंदों के इंतजार के बाद विकेट मिला। ब्रीट्जके ने शॉर्ट बॉल पर पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े स्टार्क के हाथों में चली गई। वह 121 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए। रिकेल्टन-मुल्डर ने बदला मैच का रुख ब्रीट्जके के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 181 रन पर 5 विकेट था। लेकिन रिकेल्टन और मुल्डर ने संभलकर बल्लेबाजी की। पहले सेशन में साउथ अफ्रीका ने 28 ओवर में सिर्फ 62 रन बनाए और एक विकेट गंवाया। दूसरे सेशन में टीम ने 28 ओवर में 92 रन जोड़े। मुल्डर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रिकेल्टन ने भी शतक लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 318 गेंदों पर 154 रन की साझेदारी की। रिकेल्टन 219 गेंदों पर 101 रन बनाकर रनआउट हुए। इसके बाद साउथ अफ्रीका ने अगले तीन विकेट सिर्फ 16 रन के अंदर गंवा दिए। मार्को यानसन 8 गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हुए। साइमन हार्मर को नाथन लायन ने बोल्ड किया। गेराल्ड कोएत्जी भी रनआउट हो गए। मुल्डर ने निचले क्रम के साथ संभाली पारी रिकेल्टन के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 335 रन पर 6 विकेट था। मुल्डर ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कगिसो रबाडा के साथ 53 गेंदों पर 36 रन जोड़े। रबाडा ने 14 गेंदों पर सिर्फ 2 रन बनाए। नाथन लायन की गेंद पर चौका लगाकर मुल्डर ने टीम की बढ़त 250 रन के पार पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने पैट कमिंस की गेंद पर छक्का और लायन के खिलाफ स्लॉग स्वीप से एक और छक्का लगाया। आखिरकार 221 गेंदों पर 115 रन बनाकर वह स्टार्क के हाथों कैच आउट हुए। उनकी पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। ------------------यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
Commonwealth Games 2030: राहुल द्रविड़ और Saina Nehwal आयोजन समिति में शामिल
अहमदाबाद में 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की प्रस्तावित आयोजन समिति में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ और ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल करने का फैसला किया गया है। इस आयोजन समिति की अध्यक्षता गुजरात के उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री हर्ष सांघवी कर सकते हैं। समिति में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का भी प्रतिनिधित्व होगा जिसके चुनाव दिसंबर में होने हैं। इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेल संघ के प्रतिनिधि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह भी समिति का हिस्सा होंगे। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘हां, राहुल द्रविड़ और साइना नेहवाल को प्रस्तावित आयोजन समिति के लिए नामित किया गया है। निजी क्षेत्र से जिनल मेहता और अनन्या बिरला के नामों की सिफारिश की गई है। ’’लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना खेल से संन्यास लेने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य बन गई थीं। वहीं, क्रिकेट से संन्यास के बाद द्रविड़ ने कोच की भूमिका निभाई और उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2024 टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। जिनल मेहता और अनन्या बिरला दोनों का आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ाव है। टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स के प्रमुख मेहता गुजरात टाइटंस के चेयरमैन हैं जबकि अनन्या बिरला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मालिकाना हक वाली कंपनी के समूह से जुड़ी हैं। वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति में कुल 12 से 15 सदस्य होने की उम्मीद है। अहमदाबाद को नवंबर 2025 में इन खेलों की मेजबानी मिलने के बाद इस साल की शुरुआत में ही समिति का गठन किया जाना था। इस साल ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन धन की कमी के कारण सीमित स्तर पर किया गया था। हालांकि, अहमदाबाद में होने वाले 2030 के खेलों को भव्य रूप देने की तैयारी है। भारत की योजना इन खेलों में 15 से 17 खेलों को शामिल करने की है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 खेल शामिल थे। इसमें हॉकी, कुश्ती और क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों को जगह नहीं मिली थी। अहमदाबाद खेलों की आयोजन समिति एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में गठित की जाएगी। यही मॉडल 2006 में मेलबर्न में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में अपनाया गया था। दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भी इसी मॉडल की सिफारिश की थी। अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों के संचालन पर करीब 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। खेल मंत्रालय ने इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह राशि गुजरात सरकार की मांग के अनुसार जारी की जाएगी। हालांकि इस अनुमान में अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर होने वाला पूंजीगत खर्च शामिल नहीं है। इनमें से कुछ परियोजनाओं की जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग संभाल रहा है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर होने वाले खर्च को खेलों के बजट में शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि इन सुविधाओं का इस्तेमाल खेलों के बाद भी किया जा सकेगा। मेलबर्न में 2006 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों को अब तक के सबसे सफल आयोजनों में से एक माना जाता है। आयोजन की व्यवस्था और आम लोगों की भागीदारी के लिए इसकी सराहना की गई थी। आयोजन समिति में अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और राष्ट्रमंडल खेलों की संचालन संस्था ‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट’ के प्रतिनिधि भी होंगे। वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की अध्यक्षता तत्कालीन आईओए प्रमुख सुरेश कलमाड़ी ने की थी। उस समिति का पंजीकरण एक सोसायटी के रूप में हुआ था। खेलों के आयोजन और प्रबंधन को लेकर समिति को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेल अक्टूबर महीने में आयोजित होने की उम्मीद है।
भारत ने लगाई जीत की हैट्रिक, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में जापान को 4-1 से हराया
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को जापान को 4-1 से हराया। भारत की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत है।
DD Sports और Waves पर Indian Football League का प्रसारण, YouTube पर मुफ्त स्ट्रीमिंग
भारतीय फुटबॉल के फैंस के लिए अच्छी खबर है। अब 2026-27 के इंडियन फुटबॉल लीग के सभी मुकाबले टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखे जा सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ज़ी) और डीडी स्पोर्ट्स इस सीजन के मैचों का प्रसारण करेंगे। शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। आयोजकों को उम्मीद है कि इस साझेदारी से लीग पहले के मुकाबले ज्यादा दर्शकों तक पहुंचेगी और भारतीय क्लब फुटबॉल को देश के अलग-अलग हिस्सों में नई पहचान मिलेगी। इससे पहले पिछले सीजन में लीग को टेलीविजन पर 17.56 मिलियन दर्शकों ने देखा था। अब आयोजकों का लक्ष्य इस आंकड़े को पार करना है। दूरदर्शन का लीग के साथ जुड़ाव जारी रहेगा और वह पूरे सीजन के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर करेगा। वहीं, कुछ चुनिंदा मैच यूनाइट8 स्पोर्ट्स पर भी दिखाए जाएंगे। डिजिटल माध्यम पर भी दर्शकों के लिए कई विकल्प रखे गए हैं। सीजन के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण ज़ी5 और प्रसार भारती के ओटीटी मंच वेव्स पर होगा। इसके अलावा प्रशंसक यूनाइट8 स्पोर्ट्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी सभी मैच मुफ्त में देख सकेंगे। इस व्यवस्था से उन दर्शकों को भी फायदा होगा, जिनके पास टीवी की सुविधा नहीं है या जो मोबाइल पर मैच देखना पसंद करते हैं। इंडियन फुटबॉल लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीलदीप मंडल ने कहा कि 2026-27 का सीजन लीग के लिए कई मायनों में अहम है। मैदान पर मुकाबलों के स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ देशभर के फुटबॉल प्रशंसकों से जुड़ना भी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ज़ी के प्रसारण साझेदार बनने और कई टीवी तथा डिजिटल मंचों पर सभी मैच उपलब्ध होने से लीग की पहुंच बढ़ेगी। इससे अलग-अलग क्षेत्रों और उम्र के दर्शकों को भारतीय क्लब फुटबॉल से जोड़ने में मदद मिलेगी। ज़ी स्पोर्ट्स नेटवर्क के मुख्य कारोबार अधिकारी बावेश जनावलेकर ने कहा कि भारतीय फुटबॉल को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कि खेल को देशभर के प्रशंसकों तक पहुंचाया जाए। ज़ी5 और यूनाइट8 स्पोर्ट्स के जरिए लीग को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे लंबे समय की साझेदारी बताते हुए कहा कि इसका मकसद भारतीय फुटबॉल और लीग के लिए मजबूत पहचान बनाना है। गौरतलब है कि 2026-27 सीजन की शुरुआत शुक्रवार को श्रीनगर के टीआरसी स्टेडियम में रियल कश्मीर एफसी और पहली बार लीग में खेल रही नागालैंड यूनाइटेड एससी के बीच मुकाबले से हुई। यह इस सीजन का पहला मैच था। लीग 20 मार्च 2027 तक चलेगी। इसमें 11 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी टीमें घरेलू तथा विरोधी टीम के मैदान पर एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। इस तरह हर टीम को पूरे सीजन में बराबर मौके मिलेंगे। शिलॉन्ग लाजोंग एफसी के प्रबंध निदेशक लारसिंग एलडी सॉव्यान ने भी इस साझेदारी को भारतीय फुटबॉल के लिए अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साल शुरू हुई आईएफएल को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के मुकाबले 1.6 गुना ज्यादा दर्शक मिले थे। उनके मुताबिक, यूट्यूब सहित कई मंचों पर प्रसारण से इस सीजन में दर्शकों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय फुटबॉल का विकास तभी संभव है, जब घरेलू लीग मजबूत हों और क्लबों की भूमिका अहम हो। ज़ी जैसे साझेदारों का जुड़ना इस दिशा में सकारात्मक कदम है। आयोजकों और क्लबों को उम्मीद है कि इस साझेदारी से भारतीय फुटबॉल को नई पहचान मिलेगी और देश में क्लब स्तर पर खेल देखने वालों की संख्या बढ़ेगी।
मनीषा ने भारत के लिए रचा इतिहास, कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
मनीषा भनवाला ने शुक्रवार को भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गईं। उन्होंने 59 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में एक रोमांचक जीत हासिल की।
रोहित शर्मा ने बताई 'जर्सी नंबर 45' चुनने के पीछे की कहानी, मां से ली थी सलाह
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी मशहूर नंबर 45 जर्सी के पीछे की कहानी साझा की है...
टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की। युवराज ने कहा कि अभिषेक जिस तरह की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे हैं इसका पूरा श्रेय उनकी...
अभिषेक और ईशान को वनडे में मौका न देना नाइंसाफी!, टीम इंडिया के सेलेक्शन पर छलका युवराज सिंह का दर्द
भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह ने टीम इंडिया में सेलेक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को वनडे में मौका नहीं देने को लेकर बयान दिया है।
भारतीय महिला कुश्ती का ऐतिहासिक पल, Manisha Bhanwala ने जीता World Wrestling Championship Gold
भारतीय कुश्ती के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। हरियाणा की मनीषा भानवाला ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह विश्व कुश्ती चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। 29 साल की मनीषा ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में अमेरिका की ए. एलिजाबेथ नेटे को 8-6 से हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, क्योंकि पहले दौर के बाद मनीषा 1-6 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। हालांकि, 59 किलोग्राम भार वर्ग ओलंपिक की श्रेणी में शामिल नहीं है, लेकिन मनीषा की इस जीत का महत्व कम नहीं है। इससे पहले किसी भी भारतीय महिला पहलवान ने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक नहीं जीता था। इस बार भारतीय महिला पहलवानों का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा। मनीषा के अलावा नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम और काजल ढोचक ने 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, दोनों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। ये दोनों भार वर्ग ओलंपिक की श्रेणी में शामिल हैं। मनीषा से पहले अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने वाली इकलौती भारतीय महिला पहलवान थीं। उन्होंने 2021 में 57 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता था। वहीं, देश की अनुभवी पहलवान विनेश फोगाट विश्व चैंपियनशिप में 2 कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अंतिम पंघाल के नाम भी 2 कांस्य पदक हैं, जो उन्होंने ओलंपिक भार वर्गों में हासिल किए हैं। पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत के लिए विश्व चैंपियन बनने वाले एकमात्र पहलवान सुशील कुमार हैं। उन्होंने 2010 में मॉस्को में हुई विश्व चैंपियनशिप के 66 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के अलावा बजरंग पूनिया भी 2018 में बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें रजत पदक मिला था। मनीषा की यह जीत भारतीय महिला कुश्ती के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियाई खेलों में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। वहां अंतिम पंघाल ही पदक जीत सकी थीं। उन्होंने 53 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। मनीषा ने भी एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया था, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की अकारी फुजिनामी से हार गई थीं। इसके बाद उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम भार वर्ग में उतरने का फैसला किया, जो उनके लिए सफल साबित हुआ। फाइनल तक पहुंचने के सफर में मनीषा ने कई मजबूत पहलवानों को हराया। उन्होंने पहले विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को मात दी और फिर उन्हें चित कर दिया। इसके बाद मंगोलिया की बोलोरतूया खुरेलखू को हराया। सेमीफाइनल में उन्होंने कजाकिस्तान की अल्तिन शागायेवा को भी चित करके फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में पैन अमेरिकी चैंपियन ए. एलिजाबेथ नेटे के खिलाफ मनीषा की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले दौर के बाद वह 1-6 से पीछे थीं। लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने लगातार हमले किए और मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरकार 8-6 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के जींद की रहने वाली मनीषा 57 से 65 किलोग्राम तक के अलग-अलग भार वर्गों में मुकाबले कर चुकी हैं और इससे पहले 3 बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। उनके इसी अनुभव ने कठिन फाइनल में वापसी करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस जीत ने भारतीय महिला कुश्ती को नई पहचान दी है और आने वाली पीढ़ी की पहलवानों के लिए एक बड़ी मिसाल पेश की हैं।
Manisha Bhanwala ने World Championship में Abigail Nette को 8-6 से हराकर रचा इतिहास
मनीषा भानवाला ने शुक्रवार को विश्व चैंपियनशिप के महिला 59 किग्रा वर्ग के फाइनल में अमेरिका की अबीगैल नेट्टे को 8-6 से हराकर भारतीय कुश्ती में महिला विश्व चैंपियन का इंतजार खत्म कर दिया। वह मुकाबले में एक समय छह अंक से पिछड़ रही थीं, लेकिन शानदार वापसी करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया। मनीषा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। वह दिग्गज सुशील कुमार के बाद विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान हैं। सुशील ने 2010 में पुरुषों के 66 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्नतीस वर्षीय मनीषा की इस जीत के साथ भारतीय कुश्ती का विश्व चैंपियन बनने का लंबा इंतजार खत्म हो गया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महिला टीम के लिए भी विश्व चैंपियनशिप के इस संस्करण को ऐतिहासिक बना दिया। पहली बार एक ही विश्व चैंपियनशिप में भारत की तीन महिला पहलवानों ने स्वर्ण पदक के मुकाबलों में जगह बनाई। नीलम सिरोही (50 किग्रा) और काजल धोचक (76 किग्रा) को गुरुवार को अपने-अपने फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। हालांकि, मनीषा ने स्वर्ण पदक जीतकर यह सुनिश्चित किया कि भारतीय टीम इस प्रतियोगिता से बिना किसी स्वर्ण के नहीं लौटेगी। फाइनल में मनीषा के कौशल के साथ-साथ धैर्य और जुझारूपन की भी परीक्षा हुई। मुकाबले में नेट्टे ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए दाएं पैर पर हमला कर मनीषा पर मजबूत पकड़ बना लिया। उन्होंने मनीषा का पैर उठाकर मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। मनीषा ने करीब 30 सेकेंड तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन अंततः उन्हें मैट के किनारे से उठाकर पटक दिया गया। इस दांव से अमेरिकी पहलवान को चार अंक मिले। मनीषा के खिलाफ इस फैसले को चुनौती दी गई, लेकिन वीडियो समीक्षा का फैसला भारत के खिलाफ गया। समीक्षा में पुष्टि हुई कि मनीषा खतरनाक स्थिति में मैट पर गिरी थीं। चुनौती नाकाम रहने के कारण अमेरिका की पहलवान को एक अतिरिक्त अंक भी मिल गया। मनीषा ने इसके बाद अपनी प्रतिद्वंद्वी को मैट से बाहर धकेलकर एक अंक हासिल करने की कोशिश की लेकिन नेट्टे ने चतुराई से खुद को बचा लिया। इसके बाद मनीषा को चेतावनी मिली और नेट्टे की बढ़त 6-0 हो गई। पहले दौर के समाप्त होने से पहले मनीषा ने एक अंक हासिल किया, लेकिन मुकाबले पर अमेरिकी पहलवान का दबदबा बना हुआ था। बड़े अंतर से पिछड़ने के बावजूद मनीषा ने हार नहीं मानी। वह दूसरे दौर में आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ मैट पर उतरीं। नेट्टे ने एक बार फिर पैर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन इस बार मनीषा ने शानदार बचाव करते हुए पीछे से पकड़ बनाई और टेकडाउन के जरिए अंक हासिल किए। अमेरिका की टीम ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया कि रेफरी मुकाबला रोकने के लिए सीटी बजा चुके थे। उनकी चुनौती हालांकि खारिज हो गई और मनीषा को एक अतिरिक्त अंक मिल गया। इसके बाद नेट्टे को ‘पार टेरे’ स्थिति (मैट पर घुटनों और हाथों के बल की स्थिति) में रखा गया। मनीषा ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए पेट के पास पकड़ बनाकर पलटने का दांव पूरा कर 6-6 से बराबर कर दिया। स्कोर बराबर होने के बावजूद अमेरिका की पहलवान के पास अब भी तकनीकी बढ़त थी। मनीषा ने हालांकि मुकाबले पर मनीषा का नियंत्रण बना लिया था। उन्होंने एक और मौका तलाशा और दो अंकों का दांव लगाकर 8-6 की बढ़त हासिल कर ली। जब मुकाबला समाप्त होने में केवल 27 सेकेंड बाकी थे। नेट्टे ने बराबरी करने की पूरी कोशिश की, लेकिन मनीषा ने अपना पूरा दम लगाकर बढ़त बरकरार रखी और अमेरिकी पहलवान को कोई मौका नहीं दिया। आखिरी सीटी बजते ही मनीषा ने वह उपलब्धि हासिल कर ली, जो उनसे पहले कोई भारतीय महिला पहलवान नहीं कर सकी थी। ऐतिहासिक जीत के बाद मनीषा खुशी से उछल पड़ीं। उन्होंने झुककर मैट को चूमा कर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत के प्रति आभार जताया।
Vinesh Phogat मामले में WFI को Delhi High Court का निर्देश, 2 हफ्ते में लें फैसला
भारतीय पहलवान विनेश फोगाट की आगामी प्रतियोगिताओं में भागीदारी को लेकर चल रहे विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को विनेश को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर 2 सप्ताह के भीतर फैसला लेने को कहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया है कि महासंघ के फैसले पर अगली सुनवाई तक अमल नहीं किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2027 को होगी। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने 29 अक्टूबर को दिए आदेश में कहा कि किसी भी खिलाड़ी को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मानसिक रूप से शांत और पूरी तरह तैयार रहना जरूरी है। अदालत ने माना कि विनेश के खिलाफ जारी नोटिस और उन पर लंबित कार्रवाई का असर उनकी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी पर पड़ सकता है। इसी वजह से अदालत ने मामले को जल्द निपटाने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान विनेश के वकील ने अदालत को बताया कि वह दिसंबर के मध्य में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती हैं। लेकिन महासंघ की ओर से जारी नोटिस पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनके वकील ने कहा कि यह अनिश्चितता विनेश के लिए तलवार की तरह लटक रही है। उन्हें आशंका है कि भविष्य की प्रतियोगिताओं से ठीक पहले अगर उनके खिलाफ कोई फैसला आता है, तो उनके पास राहत पाने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा। अदालत ने विनेश की इस चिंता को जायज माना। उसने महासंघ को 9 मई और 17 जून को जारी दोनों कारण बताओ नोटिस पर 2 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इस अवधि में या इसके बाद जो भी फैसला लिया जाएगा, वह 20 जनवरी 2027 को होने वाली अगली सुनवाई तक लागू नहीं होगा। अदालत ने विनेश की याचिका पर केंद्र सरकार और कुश्ती महासंघ को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। दरअसल, विनेश ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दोनों नोटिस रद्द करने और उनके खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। उनका आरोप है कि महासंघ लगातार मनमाने और दुर्भावना से भरे फैसले ले रहा है। विनेश का कहना है कि इन कदमों का मकसद मां बनने के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में उनकी वापसी को मुश्किल बनाना है। याचिका में विनेश ने यह भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय डोपिंग जांच एजेंसी ने उन्हें 1 जनवरी 2026 से प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी थी। इसके बावजूद कुश्ती महासंघ ने बाद में खिलाड़ियों की पात्रता को लेकर ऐसा नियम बनाया, जिससे वह चयन प्रक्रिया से बाहर हो गईं। इसके बाद महासंघ ने उन्हें डोपिंग नियमों और अपनी उपलब्धता से जुड़ी जानकारी देने में कथित चूक के आरोप में पहला कारण बताओ नोटिस जारी किया। विनेश के मुताबिक, इन नोटिस और उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई से आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनकी पात्रता, चयन और भागीदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि महासंघ की कार्रवाई को रद्द किया जाए, ताकि उनकी खेल में वापसी का रास्ता बाधित न हो। बता दें कि डोपिंग रोधी नियमों के तहत खिलाड़ियों को जांच के लिए अपनी उपलब्धता और ठिकाने से जुड़ी जानकारी तय समय पर देनी होती है। इसमें चूक होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, विनेश ने अपनी याचिका में महासंघ के आरोपों और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश से महासंघ को नोटिस पर फैसला लेना होगा, लेकिन उस फैसले का असर अगली सुनवाई से पहले विनेश की प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर नहीं पड़ेगा। ऐसे में अब सभी की नजर 20 जनवरी 2027 को होने वाली सुनवाई और महासंघ के जवाब पर टिकी हुई हैं।
मनीषा भानवाला विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने शुक्रवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर गोल्ड जीत लिया। 29 साल की मनीषा वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में यह उपलब्धि हासिल की। वे एक समय 1-5 से पिछड़ रही थीं। लेकिन आखिरी तीन मिनट में सात पॉइंट हासिल कर 8-6 से जीत दर्ज कर ली। 39 साल बाद मिला पहला गोल्ड महिला कुश्ती की पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप 1987 में हुई थी। इसके बाद भारत की महिला पहलवानों ने कई बार पोडियम तक पहुंचकर देश का नाम रोशन किया, लेकिन गोल्ड मेडल नहीं जीत सकीं। 2012 में गीता फोगाट और बबीता फोगाट ने ब्रॉन्ज जीता। 2018 में पूजा ढांडा और 2019 में विनेश फोगाट ने भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 2021 में अंशु मलिक ने पहली बार किसी भारतीय महिला पहलवान के तौर पर वर्ल्ड चैंपियनशिप का फाइनल खेला। उन्होंने सिल्वर जीता, लेकिन गोल्ड तक नहीं पहुंच सकीं। इस तरह भारतीय महिला पहलवानों के खाते में वर्ल्ड चैंपियनशिप के कई मेडल थे, पर सबसे ऊपर वाला स्थान खाली था। इस बार भी भारत को एक साथ दो गोल्ड जीतने के मौके मिले थे। 50 किलोग्राम में नीलम सिरोही और 76 किलोग्राम में काजल ढोचक फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन दोनों को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। मनीषा इस चैंपियनशिप में फाइनल खेलने वाली तीसरी भारतीय महिला थीं। उन्होंने तीसरे मौके को गोल्ड में बदल दिया। इससे पहले सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले एकमात्र पहलवान सुशील कुमार थे। उन्होंने 2010 में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब मनीषा ने महिला वर्ग में भी भारत को पहली बार यह कामयाबी दिलाई है। फिटनेस सुधारने के लिए गई थीं कैंप, कुश्ती ही करियर बन गई मनीषा का जन्म हरियाणा में हुआ। उनका कुश्ती का सफर किसी बड़े मेडल या ओलिंपिक के सपने से शुरू नहीं हुआ था। 2013 में उनके पिता ने उन्हें फिटनेस सुधारने के लिए कुश्ती के ट्रेनिंग कैंप में भेजा। शुरुआत में मकसद शरीर को फिट बनाना था, लेकिन अभ्यास के दौरान मनीषा को समझ आया कि वह इस खेल में अच्छा कर सकती हैं। धीरे-धीरे कुश्ती उनके लिए फिटनेस की गतिविधि से आगे बढ़कर करियर बन गई। इस सफर में दबाव, आत्मविश्वास की कमी और चोटों जैसी चुनौतियां भी आईं। मनीषा ने खुद बताया था कि शुरुआती दौर में उन्हें दबाव महसूस होता था और अपने प्रदर्शन को लेकर संदेह भी रहता था। हालांकि, 2021 के बाद उन्होंने मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया। चोट के कारण मुकाबलों से बाहर रहने पर भी अभ्यास जारी रखा। उनकी तैयारी में रोहतक का छोटूराम अखाड़ा और कोच मंदीप सिंह अहम रहे हैं। मनीषा ने अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए ट्रेनिंग कैंप में दूसरी पहलवानों के साथ अभ्यास किया। जापानी कोच कोसेई अकाइशी से तकनीकी पहलुओं पर काम करने का मौका भी मिला। अलग-अलग वजन वर्गों में खेलने के अनुभव ने उनकी तैयारी को और व्यापक बनाया। एशियन गेम्स में हार के बाद बदला वजन वर्ग मनीषा के लिए 2026 का साल आसान नहीं रहा। एशियन गेम्स में उन्होंने 57 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। क्वार्टर फाइनल में उन्हें जापान की अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद वह बिना मेडल के लौट आईं। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए उन्होंने 59 किलोग्राम वर्ग चुना। यह ओलिंपिक का वजन वर्ग नहीं है। इससे पहले वह 57 और 62 किलोग्राम वर्गों में भी खेल चुकी थीं। एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के बीच तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं था। ऐसे में कोच मंदीप सिंह के साथ उन्होंने अपनी रणनीति पर काम किया। खास तौर पर मुकाबले के आखिरी समय तक ताकत बनाए रखने और शुरुआत में ही पॉइंट हासिल करने पर जोर दिया। इस बदलाव के पीछे वजह साफ थी। एशियन गेम्स में करीबी मुकाबले में हार के बाद उन्हें अपनी सहनशक्ति और पूरे मुकाबले में पकड़ बनाए रखने की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने उसी कमजोरी को सुधारने पर ध्यान लगाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में इसका असर भी दिखा। फाइनल तक का सफर भी रहा दमदार 59 किलोग्राम वर्ग में मनीषा ने फाइनल तक पहुंचने के लिए लगातार तीन मुकाबले जीते। कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को उन्होंने पिनफॉल से हराया। क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखू को 6-0 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में मेजबान कजाकिस्तान की अल्टिन शागायेवा को 10-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में मनीषा ने पहले 10 पॉइंट की बढ़त बनाई और फिर विरोधी पहलवान को मैट पर चित कर दिया। कुश्ती में इसे पिनफॉल या फॉल कहते हैं। इस स्थिति में विरोधी पहलवान के दोनों कंधे मैट पर टिक जाते हैं और रेफरी मुकाबला रोक देता है। यानी पूरा समय खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। फाइनल में अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट के खिलाफ उन्हें इससे बिल्कुल अलग चुनौती मिली। नेट ने शुरुआती दौर में बढ़त बना ली। पहले पीरियड के बाद मनीषा 1-5 से पीछे थीं। फ्रीस्टाइल कुश्ती में मुकाबला तीन-तीन मिनट के दो पीरियड में होता है। ऐसे में उनके पास वापसी के लिए दूसरा पीरियड था। उन्होंने इसी समय का पूरा इस्तेमाल किया। आखिरी तीन मिनट में मनीषा ने सात पॉइंट जुटाए और स्कोर 8-6 कर दिया। मुकाबले के अंत में अमेरिकी पहलवान को दो पॉइंट पीछे छोड़ते हुए उन्होंने गोल्ड जीत लिया। इस तरह मनीषा ने सिर्फ स्कोर नहीं पलटा, बल्कि भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया।
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में 87 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने में कामयाब रहे जिसमें उन्होंने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I में Kuldeep Yadav और वरुण को मौका मिलना मुश्किल: बहुतुले
भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने कहा है कि अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें खेलने का मौका शायद नहीं मिले क्योंकि टीम प्रबंधन फिलहाल अपने पसंदीदा गेंदबाजी संयोजन के साथ ही उतर रहा है। दोनों स्पिनरों को चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 259 रन बनाए और फिर भारतीय टीम 87 रन से मुकाबला हार गई। हालांकि भारत पांच मैचों की सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त बना चुका है और एक मुकाबला बाकी है। बहुतुले ने कहा कि दोनों खिलाड़ी टीम चयन की परिस्थितियों को समझते हैं, पर्दे के पीछे लगातार मेहनत कर रहे हैं और वे मौका मिलने पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुतुले ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से सबसे अहम बात यह है कि वे (कुलदीप और वरुण) खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन टीम को जिस तरह के गेंदबाजी संयोजन की जरूरत है, उसे समझना भी जरूरी है। हो सकता है कि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिले। वे इस बात से अच्छी तरह परिचित हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद वे लगातार अभ्यास और मेहनत कर रहे हैं। जब भी टीम को उनकी जरूरत होगी, वे खेलने के लिए तैयार रहेंगे। मेरा मानना है कि यह सिर्फ उन्हें मौका देने की बात है। ’’स्पिन गेंदबाजी कोच ने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ियों को अगले टी20 मुकाबले या आगामी एकदिवसीय सीरीज में अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि अगले मैच और आने वाली वनडे सीरीज (वरुण चक्रवर्ती वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं) में उन्हें मौका मिलेगा। ’’टीम की स्पिन गेंदबाजी रणनीति पर बात करते हुए बहुतुले ने कहा कि गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैच की परिस्थितियों के अनुसार रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने पावरप्ले में अक्षर पटेल की गेंदबाजी क्षमता और अलग-अलग ओवरों में जिम्मेदारी निभाने की उनकी काबिलियत की भी सराहना की। साथ ही कहा कि कुलदीप और वरुण पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार हैं। बहुतुले ने कहा, ‘‘हम अपने गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कभी-कभी रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक भूमिका निभाने जैसा होता है। हमें मैच की अलग-अलग परिस्थितियों से निपटना होता है। अक्षर पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं और उन्हें जिस भी ओवर में जिम्मेदारी दी जाती है, वह उसे बखूबी निभाते हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके पास वरुण और कुलदीप जैसे गेंदबाज विकल्प के रूप में मौजूद हों, तो वे भी पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनकी भूमिका अलग होती है। हालांकि उन्हें यह स्पष्ट रूप से बता दिया जाता है कि टीम उनसे क्या उम्मीद करती है।
संन्यास की कोई योजना नहीं, Amit Rohidas बोले- फॉर्म और फिटनेस ठीक रही तो खेलेंगे 2028 Olympics
... सौमोज्योति एस चौधरी ...जलंधर, 30 अक्टूबर भारतीय हॉकी टीम के रक्षापंक्ति के अनुभवी खिलाड़ी अमित रोहिदास ने स्पष्ट किया है कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के बाद उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी फॉर्म और फिटनेस अच्छी रही वह देश के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं। इस महीने की शुरुआत में ‘पीटीआई’ ने खबर दी थी कि चार अनुभवी खिलाड़ी मंदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना विदाई टूर्नामेंट खेल सकते हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक से पहले टीम में सहज बदलाव सुनिश्चित करना चाहते हैं। रोहिदास ने पीटीआई से कहा, ‘‘ हममें से किसी को भी हॉकी इंडिया या कोच की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसलिए हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते कि क्या हुआ। हमने ये खबरें देखी हैं, लेकिन मैं बहुत आगे की नहीं सोचता। मेरा ध्यान वर्तमान और अभी खेले जा रहे मैचों पर है।’’नीलाकांता शर्मा पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि मौजूदा टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। मंदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने हालांकि देश के लिए खेलना जारी रखने की इच्छा जताई है। रोहिदास ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं इस टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले रहा हूं। मेरी ऐसी कोई योजना नहीं है। नीलाकांता ने संन्यास की घोषणा करते समय अपना फैसला स्पष्ट कर दिया था, लेकिन हममें से बाकी खिलाड़ियों को इस तरह के किसी फैसले की जानकारी नहीं थी।’’ओडिशा के 33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान एक समय में एक टूर्नामेंट पर है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर चलना जरूरी है, लेकिन उससे पहले कई अहम प्रतियोगिताएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बेशक, ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर चलना चाहिए, लेकिन उससे पहले कई टूर्नामेंट होने हैं और हमें प्रत्येक के लिए अच्छी तैयारी करनी होगी। आपको लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और पूरे समय अपनी फिटनेस बनाए रखनी होगी।’’रोहिदास ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक मैच की तैयारी करते हैं और उसी पर ध्यान केंद्रित रखते हैं। सिर्फ इसलिए कि हमने एशियाई खेलों के जरिए ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है, इसका मतलब यह नहीं है कि अब हमारा पूरा ध्यान केवल ओलंपिक पर होना चाहिए। हमें हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’’पेनल्टी कॉर्नर के दौरान भारत के प्रमुख ‘फर्स्ट रशर’ रोहिदास ने मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी को ओलंपिक की तैयारियों की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारियां काफी अच्छी रही हैं। एशियाई खेलों के बाद मिले समय का हमने पूरा इस्तेमाल किया और अभ्यास में कड़ी मेहनत की। हमारी तैयारियों का फायदा मैदान पर प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है। टीम में तीन-चार नए खिलाड़ियों को भी मौके मिल रहे हैं।’’एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब के लिए भी खास महत्व रखती है, क्योंकि राज्य में 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हुई है। पंजाब में इससे पहले 2009 में गोल्ड कप के रूप में अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। भारतीय टीम के आधे से अधिक खिलाड़ियों के पंजाब से होने के कारण इस टूर्नामेंट का महत्व और बढ़ गया है। रोहिदास ने कहा, ‘‘ओडिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई टूर्नामेंट आयोजित हुए हैं। ऐसे में लंबे समय बाद पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होना शानदार है। पंजाब के कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है और यहां टूर्नामेंट का आयोजन होना बहुत बड़ी बात है।’’उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने इसका आयोजन बहुत अच्छी तरह किया है। मैं इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।’’
बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड दौरे पर टी20 सीरीज के खत्म होने के बाद 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जिससे प्रसिद्ध कृष्णा के बाहर होने के बाद अब अपडेटेड स्क्वॉड को जारी कर दिया है तो वहीं मोहम्मद सिराज को दूसरे चार दिवसीय मैच के लिए इंडिया-ए का हिस्सा बनाया गया है।
बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच मीरपुर में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी खत्म हो गया। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 79 रन बनाए हैं। जाकेर अली 18 और नईम हसन 18 रन बनाकर नाबाद हैं। बांग्लादेश की कुल बढ़त 106 रन हो गई है। दूसरी पारी में चेज ने 3 विकेट लिए 27 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी में उतरी बांग्लादेश की शुरुआत खराब रही। टीम ने 35 रन तक 5 विकेट गंवा दिए। शादमान इस्लाम 13, तंजीद हसन 0, कप्तान नजमुल हुसैन शांतो 10, तौहीद हृदोय 0 और लिटन दास 4 रन बनाकर आउट हुए। रोस्टन चेज ने 3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को झटका दिया। जोमेल वारिकन ने 2 और शमर जोसेफ ने एक विकेट लिया। इसके बाद जाकेर अली और मेहदी हसन मिराज ने पारी संभालने की कोशिश की। मेहदी 9 रन बनाकर आउट हुए। वेस्टइंडीज पहली पारी 245 पर सिमटी वेस्टइंडीज की पहली पारी 245 रन पर सिमट गई थी। टीम ने तीसरे दिन 4 विकेट पर 134 रन से आगे खेलना शुरू किया। तेगनारायण चंद्रपॉल ने 56 और जस्टिन ग्रीव्स ने 46 रन बनाए। कप्तान रोस्टन चेज 43 रन बनाकर नाबाद रहे। बांग्लादेश के लिए नईम हसन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। मेहदी हसन मिराज और ताइजुल इस्लाम को 2-2 विकेट मिले। शादमान इस्लाम ने पहली पारी में शतक लगाया बांग्लादेश ने पहली पारी में 272 रन बनाए थे। टीम के लिए शादमान इस्लाम ने 105 रन की पारी खेली। उन्होंने 234 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए। उनके अलावा तौहीद हृदोय ने 42 और लिटन दास ने नाबाद 34 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए जोमेल वारिकन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए। जोशुआ बिशप को 2 विकेट मिले। शमर जोसेफ ने भी 2 विकेट हासिल किए।
करारी हार के बाद छलका श्रेयस का दर्द, किन पर फोड़ा ठीकरा?
पांच मैचों की सीरीज में भारत पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका था. चौथे मुकाबले में हार के बाद अब टीम इंडिया की नजर आखिरी मैच में वापसी करने और सीरीज का अंत जीत के साथ करने पर होगी.
न्यूजीलैंड ने चौथे टी-20 मुकाबले में भारत को 87 रन से हरा दिया। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 259 रन बनाए। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके साथ ही भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार भी झेलनी पड़ी। शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स ने नीतीश रेड्डी के ओवर में लगातार 4 छक्के लगाए। भारत-न्यूजीलैंड चौथे टी-20 में बने टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. न्यूजीलैंड ने 7 विकेट पर 259 रन बनाए न्यूजीलैंड ने 259/7 का स्कोर बनाया। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले इंग्लैंड ने इसी साल साउथैम्पटन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। 2. भारत की टी-20 में दूसरी सबसे बड़ी हार भारत को ऑकलैंड में 87 रन से हार मिली। यह टी-20 इंटरनेशनल में रनों के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है। इससे पहले टीम को 2022 में इंग्लैंड में 125 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। 3. न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर न्यूजीलैंड ने टी-20 में अपना सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया। इससे पहले टीम ने 2022 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 254 रन बनाए थे। 4. अर्शदीप सिंह 150 टी-20 विकेट लेने वाले पहले भारतीय अर्शदीप ने टी-20 इंटरनेशनल में 150 विकेट पूरे किए। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने इसके लिए 2,143 गेंदें डाली। यह तीसरा सबसे तेज 150 विकेट है। वानिंदु हसरंगा 2,035 गेंदों के साथ पहले स्थान पर हैं। 5. अर्शदीप सिंह एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज अर्शदीप ने इस साल टी-20 इंटरनेशनल में 40 विकेट लिए। वे फुल मेंबर देशों में एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड आयरलैंड के जोश लिटिल के नाम था, जिन्होंने 2022 में 39 विकेट लिए थे। 6. न्यूजीलैंड ने इस साल भारत के खिलाफ 2,012 रन बनाए न्यूजीलैंड ने इस साल सभी इंटरनेशनल मैचों में मिलाकर भारत के खिलाफ 2,012 रन बनाए। यह एक साल में किसी एक टीम के खिलाफ तीसरा सबसे ज्यादा रन है। इस लिस्ट में कंबोडिया 2,109 रन के साथ पहले और भारत 2,075 रन के साथ दूसरे नंबर पर है। 7. न्यूजीलैंड ने आखिरी 10 ओवर में 150 रन बनाए न्यूजीलैंड ने 11 से 20 ओवर के बीच 150 रन बनाए। यह आखिरी 10 ओवर में भारत के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 2022 में गुवाहाटी के मैदान पर भारत के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 8. सैंटनर भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा टी-20 विकेट लेने वाले गेंदबाज मिचेल सैंटनर ने भारत के खिलाफ टी-20 में 32 विकेट लिए हैं। वे भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के ही ईश सोढ़ी हैं, जिनके नाम 30 विकेट हैं। 9. फिलिप्स सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले न्यूजीलैंड खिलाड़ी ग्लेन फिलिप्स ने टी-20 इंटरनेशनल में 10वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता। उन्होंने 101 मैचों में 10वीं बार यह उपलब्धि हासिल की। मार्टिन गुप्टिल ने भी 10 अवॉर्ड जीते हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने 122 मैच खेले। 10. फिलिप्स ने भारत के खिलाफ सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए ग्लेन फिलिप्स भारत के खिलाफ एक टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस टी-20 सीरीज में 276 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड शाई होप के नाम था, जिन्होंने इसी साल भारत के खिलाफ 4 मैचों में 261 रन बनाए थे। 11. फिलिप्स ने सूर्यकुमार यादव की बराबरी की फिलिप्स ने टी-20 में चौथे या उससे निचले नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में सूर्यकुमार यादव की बराबरी की। उन्होंने तीसरा शतक लगाया। ग्लेन मैक्सवेल 4 शतकों के साथ पहले नंबर पर हैं। 12. नीतीश रेड्डी ने स्पेल में 64 रन दिए नीतीश रेड्डी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 64 रन दिए। यह टी-20 इंटरनेशनल में किसी भारतीय गेंदबाज का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे महंगा स्पेल है। इस मामले में प्रसिद्ध कृष्णा 68 रन के साथ पहले नंबर पर हैं। युजवेंद्र चहल और वरुण चक्रवर्ती भी 64 रन दे चुके हैं। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. फिलिप्स ने नीतीश की लगातार 4 गेंदों पर छक्के लगाए 16वें ओवर में नीतीश रेड्डी ने 32 रन खर्च किए। उनके इस ओवर की लगातार 4 गेंद पर फिलिप्स ने सिक्स लगाया। उन्होंने ओवर की तीसरी गेंद पर एक्स्ट्रा कवर की ओर छक्का जड़ा। फिर चौथी गेंद पर 63 मीटर का सिक्स लगाया। इसके बाद उन्होंने अगली 2 गेंद को भी 6 रन के लिए भेजते हुए टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचा दिया। 2. जैकब्स ने नीतीश रेड्डी का कैच छोड़ा भारतीय पारी के 8वें ओवर में नीतीश रेड्डी का कैच छूट गया। नाथन स्मिथ की शॉर्ट गेंद पर नीतीश ने पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर स्क्वायर लेग की ओर हवा में चली गई। डीप से आगे आए जैकब्स ने डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई। तब नीतीश 2 रन पर खेल रहे थे। 3. रिले कैच के जरिए आउट हुए नमन धीर भारतीय पारी के 12वें ओवर में न्यूजीलैंड के फिल्डर्स के जरिए शानदार तालमेल देखने को मिला। जैकब डफी की दूसरी गेंद पर नमन धीर ने लॉन्ग-ऑन की ओर पुल शॉट खेला। गेंद बाउंड्री के पार जा रही थी, तभी डैरिल मिचेल ने दौड़कर कैच पकड़ा। इसी दौरान उनका बैलैंस बिगड़ा और लगा कि वे बाउंड्री के बाहर चले जाएंगे। इससे पहले ही उन्होंने बाउंड्री रोप पर खड़े नाथन स्मिथ की ओर उछाल दी। स्मिथ ने पीछे मुड़कर फुल स्ट्रेच डाइव लगाई और कैच पूरा कर लिया। ---------------------- मैच की यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार:260 चेज कर रही टीम 87 रन से हारी; डफी को 4 विकेट, फिलिप्स का शतक टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
अर्शदीप सिंह ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज
पांच मैचों की सीरीज में भारत पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका था. चौथे मुकाबले में भारतीय टीम को 87 रनों से हार झेलनी पड़ी. मगर अर्शदीप सिंह का ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए खास उपलब्धि रहा.
ऑकलैंड में हार के बाद कप्तान अय्यर का छलका दर्द, अगले मैच को लेकर दे दिया अभी से बड़ा बयान
ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में भारतीय टीम को 87 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा, जिसमें इस मैच में गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजों का भी काफी खराब प्रदर्शन देखने को मिला। मुकाबले में हार के बाद भारतीय कप्तान अय्यर का भी बड़ा बयान सामने आया।
न्यूजीलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को चौथे टी20 मुकाबले में 87 रनों से हराया। भारतीय टीम 260 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 172 रन ही बना सकी।
न्यूजीलैंड टीम के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल ग्लेन फिलिप्स का भारतीय टीम के खिलाफ टी20 सीरीज में लगातार चौथे मुकाबले में भी शानदार फॉर्म जारी देखने को मिला जिसमें ऑकलैंड के मैदान पर उन्होंने 107 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
Auckland T20: Glenn Phillips के शतक से New Zealand ने भारत को 87 रन से हराया
ग्लेन फिलिप्स के तूफानी शतक और तेज गेंदबाज जैकब डफी की घातक गेंदबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला के चौथे मुकाबले में शुक्रवार को यहां भारत को 87 रन से करारी शिकस्त दी। भारतीय टीम शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पहले ही शृंखला अपने नाम कर चुकी है। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने शृंखला में हार का अंतर 1-3 कर दिया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि माइकल ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों में 65 रन बनाए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी कर न्यूजीलैंड को सात विकेट पर 259 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का सर्वोच्च स्कोर है। इसके जवाब में भारतीय टीम अतिरिक्त उछाल वाली पिच पर नौ विकेट पर 172 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत की दरकार थी, लेकिन तेज गेंदबाज डफी ने पहले ही ओवर में संजू सैमसन (चार) और ईशान किशन (शून्य) को आउट कर उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारत ने पहले ओवर के बाद दो विकेट पर महज चार रन बनाए थे। इस शुरुआती झटके से टीम अंत तक नहीं उबर सकी। भारत की ओर से तीसरे विकेट के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर (22) और अभिषेक शर्मा (27) के बीच 46 रन की साझेदारी सबसे बड़ी रही। यह भारतीय बल्लेबाजी की नाकामी को बयां करने के लिए काफी थी। आमतौर पर आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले अभिषेक इस बार लय में नहीं दिखे। वह मैथ्यू फिशर की गेंद पर कवर में मिचेल सैंटनर को कैच थमा बैठे। अय्यर ने एडम मिल्ने की गेंद पर जगह बनाकर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई गेंद उनके बल्ले को छकाती हुई सीधे स्टंप पर जा लगी। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने पावरप्ले के बाद भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत ने पावरप्ले में चार विकेट पर 61 रन बनाए। नमन धीर ने दो छक्कों और दो चौकों की मदद से 13 गेंदों में 28 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही भारत की हार लगभग तय हो गई। तिलक वर्मा ने 35 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को ऑलआउट होने से बचाया। प्रिंस यादव 17 गेंदों में 18 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों में 65 रन बनाए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए केवल 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी। टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल को तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पवेलियन भेजकर न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद फिलिप्स और फिन एलन ने तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़कर पारी को संभाला। एलन और बेवन जैकब्स के जल्दी-जल्दी आउट होने से न्यूजीलैंड की रन गति कुछ धीमी पड़ती दिख रही थी, लेकिन फिलिप्स और ब्रेसवेल ने यहां से पारी का रुख बदल दिया। फिलिप्स ने प्रिंस यादव के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक ओवर में एक छक्का और तीन चौके लगाए। इसके बाद उन्होंने नीतिश कुमार रेड्डी को भी निशाने पर लिया। 31 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद इस 29 वर्षीय बल्लेबाज ने 16वें ओवर में रेड्डी की गेंदों पर एक चौका और चार छक्के जड़कर 32 रन बटोरे। ब्रेसवेल भी दूसरे छोर से भारतीय गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे। उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के एक ओवर में लगातार तीन चौके और एक छक्का जड़ा। ब्रेसवेल ने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। भारत की ओर से मयंक यादव सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे। उन्होंने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को परेशान किया। ब्रेसवेल ने हालांकि उनकी तेज गेंदों का भी बखूबी सामना किया और फ्लिक तथा स्कूप शॉट के जरिए लगातार दो छक्के लगाकर गेंदबाजी कं आंकड़े खराब किये। अर्धशतक पूरा करने के बाद ब्रेसवेल को प्रिंस ने पगबाधा आउट किया। फिलिप्स और ब्रेसवेल की आतिशी बल्लेबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11वें ओवर में चार विकेट पर 112 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड की टीम 17.2 ओवर में पांच विकेट पर 227 रन तक पहुंच गई। फिलिप्स ने तेज गेंदबाज अर्शदीप की गेंद पर सीधा छक्का लगाकर महज 46 गेंदों में अपना तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने अर्धशतक से शतक तक पहुंचने के लिए सिर्फ 15 गेंदें खेलीं। शतक पूरा करने के बाद फिलिप्स को रेड्डी ने आउट किया, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। कीवी बल्लेबाजों ने अंतिम पांच ओवरों में 85 रन बटोरकर भारत के सामने 260 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था।
न्यूजीलैंड ने भारत को दिया 260 रन का लक्ष्य: चौथा टी20
ऑकलैंड, न्यूजीलैंड ने ईडन पार्क में खेले जा रहे चौथे टी20 मुकाबले में ग्लेन फिलिप्स के शतक और माइकल ब्रेसवेल के अर्धशतक की बदौलत भारत को जीत के लिए 260 रन का लक्ष्य दिया है।
BCCI ने ACC मेंस अंडर-19 एशिया कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। लक्ष्य रायचंदानी को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि यशवर्धन सिंह चौहान उपकप्तान होंगे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भी 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है। टूर्नामेंट 5 से 14 नवंबर तक ओमान के मस्कट में खेला जाएगा। 6 नवंबर को नेपाल से पहला मुकाबला भारत अपने अभियान की शुरुआत 6 नवंबर को नेपाल के खिलाफ करेगा। इसके बाद 8 नवंबर को पाकिस्तान और 10 नवंबर को UAE से मुकाबला होगा। भारत के तीनों ग्रुप मैच मस्कट के ओमान क्रिकेट अकादमी में खेले जाएंगे। भारत के ग्रुप में पाकिस्तान, नेपाल और UAE भारतीय टीम को ग्रुप-A में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल और UAE की टीमें हैं। वहीं, ग्रुप-B में बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और मलेशिया को जगह मिली है। दोनों ग्रुप से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल मुकाबले 12 नवंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 14 नवंबर को होगा। भारतीय अंडर-19 टीम लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (उपकप्तान), आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), रजत बघेल (विकेटकीपर), वी. यशवीर, आर्यन सावसानी, मोहित उल्वा, काव्या पटेल, शाविन विनोद और ईशान सूद। पाकिस्तान ने पिछले फाइनल में भारत को हराया था ACC मेंस अंडर-19 एशिया कप का 13वां सीजन 5 से 14 नवंबर 2026 तक ओमान में खेला जाएगा। इसमें एशिया की 8 टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट 50 ओवर के वनडे फॉर्मेट में होगा। पाकिस्तान पिछली बार का चैंपियन है। उसने 2025 के फाइनल में भारत को हराकर खिताब जीता था। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस- पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हराया हॉन्गकॉन्ग इंटरनेशनल सिक्सेस में पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया। भारत ने शुक्रवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर में 5 विकेट पर 88 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में 2 विकेट पर 91 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। पाकिस्तान ने 13 गेंद बाकी रहते 89 रन का टारगेट हासिल किया। पूरी खबर…
Glenn Phillips के शतक से New Zealand ने भारत के खिलाफ 259 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया
ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल की विस्फोटक पारियों के दम पर न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को यहां चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत के खिलाफ सात विकेट पर 259 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। तीसरे टी-20 में भारतीय बल्लेबाजों ने भी इसी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों की श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। फिलिप्स ने 49 गेंदों पर 107 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों पर 65 रन बनाये दिए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए केवल 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी। टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल को तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पवेलियन भेजकर न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद फिलिप्स और एलन ने तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़कर पारी को संभाला। एलन और बेवन जैकब्स के जल्दी-जल्दी आउट होने से न्यूजीलैंड की रफ्तार कुछ धीमी पड़ रही थी लेकिन फिलिप्स और ब्रेसवेल ने यहां से पारी का रूख बदल दिया। फिलिप्स ने प्रिंस यादव के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक ओवर में छक्का और तीन चौके लगाए। इसके बाद उन्होंने नीतिश कुमार रेड्डी के खिलाफ भी आक्रामक रूख अपनाया। उन्होंने 31 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद 16वें ओवर में रेड्डी की गेंदों पर एक चौका और चार छक्के जड़कर 32 रन बटोरे। ब्रेसवेल भी दूसरे छोर पर भारतीय गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे। उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के एक ओवर में लगातार तीन चौके और एक छक्का जड़ दिया। ब्रेसवेल ने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। भारत की ओर से मयंक यादव सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे। उन्होंने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को परेशान किया। ब्रेसवेल ने हालांकि उनकी तेज गेंदों का भी बखूबी इस्तेमाल किया और फ्लिक तथा स्कूप शॉट के जरिए लगातार दो छक्के जडे। ब्रेसवेल अर्धशतक पूरा करने के बाद प्रिंस यादव की गेंद पर पगबाधा आउट हुएफिलिप्स और ब्रेसवेल की आतिशी बल्लेबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11वें ओवर में चार विकेट पर 112 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड की टीम 17.2 ओवर में पांच विकेट पर 227 रन तक पहुंच गई। फिलिप्स ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की गेंद पर सीधा छक्का लगाकर महज 46 गेंदों में अपना तीसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने 50 से 100 रन तक पहुंचने में सिर्फ 15 गेंद लिये। शतक पूरा करने के बाद फिलिप्स का विकेट रेड्डी ने लिया तब तक न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने अंतिम पांच ओवरों में 85 रन बटोरकर भारत के सामने 260 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
अदाणी स्पोर्ट्सलाइन एकेडमी के स्केटर्स ने जीते 15 मेडल
अहमदाबाद, अदाणी स्पोर्ट्सलाइन एकेडमी के स्केटर्स ने अहमदाबाद में 46वें 'जीएसआरएसए' रोलर स्केटिंग कॉम्पिटिशन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग एज ग्रुप और डिसिप्लिन में दो गोल्ड, 10 सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज समेत 15 मेडल जीते।
टखने की चोट से उबरे Neeraj Chopra, कुछ हफ्तों में शुरू करेंगे प्रैक्टिस और रिहैबिलिटेशन
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा कि उनकी टखने की चोट में काफी सुधार हुआ है और वह अगले कुछ सप्ताह में फिर से अभ्यास शुरू करने और ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजरने की योजना बना रहे हैं। चोपड़ा चोटिल होने के कारण जापान में एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाए थे। भाला फेंक के इस सुपरस्टार ने 2021 में तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और 2024 की पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीता था। वह इस साल अगस्त में अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। इस कारण वह डायमंड लीग फाइनल्स में भी नहीं खेल पाए थे। उन्होंने कहा कि जाने-माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला से परामर्श लेने के बाद अब उनकी हालत काफी बेहतर हुई है। चोपड़ा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) मीडिया से कहा, ‘‘मेरी चोट अब काफी बेहतर है। पहले डेढ़ महीने में मुझे कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब इसमें काफी सुधार हुआ है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने डॉ. दिनशॉ परदीवाला से परामर्श लिया और उन्होंने सलाह दी है कि मैं अब अभ्यास और रिहैबिलिटेशन शुरू कर सकता हूं। मैं अगले कुछ सप्ताह में इन दोनों को शुरू करने की योजना बना रहा हूं।’’चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने अपनी चिकित्सा टीम की सलाह के अनुसार पूरा आराम किया। उन्होंने कहा, ‘‘चिकित्सकों ने मुझे आराम करने की सलाह दी थी और मैंने वैसा ही किया। प्रतियोगिताओं के संबंध में टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और साइ वर्षों से मेरा साथ दे रहे हैं।’’चोपड़ा ने कहा, ‘‘मैं कई वर्षों से टॉप्स के कोर ग्रुप का हिस्सा रहा हूं और जब भी मुझे मदद की जरूरत पड़ती है तो वह हमेशा मौजूद रहते हैं।’’चोपड़ा ने इस साल आखिरी बार 21 अगस्त को लुसाने में डायमंड लीग में भाग लिया था जहां वह दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्होंने जुलाई में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था।’’इस बीच चोपड़ा ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया और इसे भारतीय खेल के लिए एक बड़ा कदम बताया। इस योजना के लिए 1800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है और इसका लक्ष्य अगले एक दशक में भारत को खेल सामग्री तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनाना है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम शानदार पहल है। खिलाड़ियों को भारत में कुछ उपकरणों के लिए बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है या उन्हें खेल उपकरण विदेशों से आयात करने पड़ते हैं। अगर भारत में उपकरण तैयार होने शुरू हो जाएंगे तो उन्हें हासिल करना आसान हो जाएगा।’’चोपड़ा ने सेनेगल के डकार में शनिवार से शुरू होने वाले युवा ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले 17 सदस्यीय भारतीय दल को भी अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘युवा ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को मेरी शुभकामनाएं। इस अनुभव का भरपूर आनंद लें और खुद पर ज्यादा दबाव नहीं बनाएं। युवा ओलंपिक से आपको काफी कुछ सीखने को मिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’
पैन पैसिफिक ओपन: एलेना रिबाकिना गर्दन की चोट के कारण हटीं
टोक्यो, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की नंबर 1 एलेना रिबाकिना का पैन पैसिफिक ओपन में अभियान शुक्रवार को समय से पहले समाप्त हो गया। कजाकिस्तान की इस खिलाड़ी ने गर्दन की चोट के कारण डब्ल्यूटीए 500 टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। इस वजह से कनाडा की लेयला फर्नांडीज सेमीफाइनल में पहुंच गईं।
रणजी ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, आंध्र प्रदेश की टीम को हराया
छत्तीसगढ़ की ओर से जयंत यादव ने चार विकेट लेकर आंध्र प्रदेश की बल्लेबाजी पर अंकुश लगाया। अजय मंडल ने तीन और धर्मेंद्र सिंह जडेजा ने दो विकेट हासिल किए।
अर्शदीप सिंह ने रच दिया नया इतिहास, T20I में पूरे किए 150 विकेट, आयरिश गेंदबाज का तोड़ा रिकॉर्ड
भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। T20I में 150 विकेट लेने वाले वह पहले भारतीय गेंदबाज हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को 9 मई और 17 जून को जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि कार्रवाई को लेकर असमंजस रहने से खिलाड़ी की तैयारी और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते बाद महासंघ जो भी फैसला लेगा, उसे अगली सुनवाई तक लागू नहीं किया जाएगा। अब जानिए विनेश को दिए गए दोनों कारण बताओ नोटिस में क्या… 9 मई 2026 को पहला नोटिस जारी हुआ 17 जून 2026 को दूसरा नोटिस जारी हुआ
Abhinav Bindra ने Khelo India टैलेंट हंट को सराहा, बोले तुरंत नतीजों के पीछे न भागे सिस्टम
भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा अंडर 15 तलाश योजना को लेकर काफी उत्साहित हैं और उन्होंने उम्मीद जताई है कि त्वरित नतीजों पर फोकस करने की बजाय युवाओं को तराशने के लिये संयम और चतुराई से काम लिया जायेगा। खेल मंत्रालय ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत युवा खिलाड़ियों का एक समूह तैयार करने के लिए चार चरणों वाला प्रतिभा पहचान और विकास मॉड्यूल बनाया है। इन खिलाड़ियों को 2036 ओलंपिक के लिए पदक के दावेदारों के रूप में तैयार किया जा सकता है। भारत अहमदाबाद में इन खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में इस पहल का ऐलान किया। बीजिंग ओलंपिक 2008 में व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने एक्स पर कहा ,‘‘ हर परीक्षा, हर समीक्षा और हर आंकड़े के पीछे एक बच्चा है जिसका एक सपना है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘हो सकता है कि 14 साल की उम्र में कोई बच्चा सबसे बेहतर न हो लेकिन 24 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उसमें असाधारण बनने की पूरी क्षमता हो सकती है। जैसे भारत इस महत्वपूर्ण सफर की शुरुआत कर रहा है, मुझे उम्मीद है कि हम एक ऐसी व्यवस्था बनायेंगे जो न केवल प्रतिभा को पहचाने, बल्कि उसे निखारने के लिए धैर्य भी रखे। जिसमें तुरंत मिलने वाले नतीजों से आगे देखने की समझ हो और जिसमें इतनी संवेदना हो कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बच्चे का सपना कभी भी सिर्फ एक दिन की परीक्षा से तय न हो।’’ चार चरण का मॉड्यूल फाउंडेशन, ग्रासरूट, इंटरमीडिएट और एलीट स्तर का होगा जिसे सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का समर्थन हासिल है।
अदाणी स्पोर्ट्सलाइन एकेडमी के स्केटर्स ने 'जीएसआरएसए' रोलर स्केटिंग कॉम्पिटिशन में 15 मेडल जीते
अहमदाबाद, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अदाणी स्पोर्ट्सलाइन एकेडमी के स्केटर्स ने अहमदाबाद में 46वें 'जीएसआरएसए' रोलर स्केटिंग कॉम्पिटिशन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग एज ग्रुप और डिसिप्लिन में दो गोल्ड, 10 सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज समेत 15 मेडल जीते।
हॉन्गकॉन्ग इंटरनेशनल सिक्सेस में पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को खेले गए ग्रुप-C के मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर में 5 विकेट पर 88 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में 2 विकेट पर 91 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। पाकिस्तान ने 13 गेंद बाकी रहते 89 रन का टारगेट हासिल किया। पाकिस्तान की जीत में अब्बास अफरीदी और ख्वाजा नफे ने अहम भूमिका निभाई। अब्बास ने 8 गेंदों पर 35 रन बनाए। उन्हें को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। शशांक सिंह ने 11 गेंदों पर 40 रन बनाए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। राहुल त्रिपाठी 5 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नीतीश राणा ने 14 गेंदों पर 19 रन बनाए। वह रिटायर्ड आउट हुए। शशांक सिंह ने आते ही आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 11 गेंदों पर 40 रन बनाए। उनकी पारी में 2 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। शशांक-नीतीश के बीच 57 रन की साझेदारी शशांक ने नीतीश राणा के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रन की साझेदारी की। हालांकि, उनके आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। राहुल तेवतिया और कप्तान क्रुणाल पंड्या खाता भी नहीं खोल सके। दोनों को अब्दुल समद ने लगातार गेंदों पर आउट किया। टी नटराजन ने 6 गेंदों पर नाबाद 12 रन बनाए। भारत ने 6 ओवर में 88 रन बनाए। पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में मैच खत्म किया 89 रन के टारगेट का पीछा करने उतरे पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी की। ख्वाजा नफे और अब्बास अफरीदी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 2.1 ओवर में 59 रन जोड़े। अब्बास 8 गेंदों पर 35 रन बनाकर शशांक सिंह की गेंद पर आउट हुए। नफे ने 12 गेंदों पर 41 रन बनाए इसके बाद नफे ने भी तेजी से रन बनाए। वह 12 गेंदों पर 41 रन बनाकर राहुल तेवतिया का शिकार बने। उनकी पारी में 2 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। इसके बाद अब्दुल समद ने 3 गेंदों पर नाबाद 7 और इरफान खान ने एक गेंद पर नाबाद 6 रन बनाकर पाकिस्तान को जीत दिला दी। क्रुणाल पंड्या ने एक ओवर में 31 रन दिए भारत की ओर से गेंदबाजी में राहुल तेवतिया और शशांक सिंह को एक-एक विकेट मिला। हालांकि, भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। क्रुणाल पंड्या ने एक ओवर में 31 रन दिए, जबकि टी नटराजन ने एक ओवर में 28 रन खर्च किए। शशांक सिंह ने 14 रन देकर एक विकेट लिया। पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में ही 91 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
Hockey World Cup 2030 की मेजबानी के लिए Punjab Tamil Nadu और ओडिशा सबसे आगे
(सौमोज्योति एस चौधरी)जालंधर, 30 अक्टूबर हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने पीटीआई को बताया कि पंजाब, ओडिशा और तमिलनाडु 2030 में होने वाले पुरुष और महिला एफआईएच विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में सबसे आगे हैं। ओडिशा दो बार पुरुषों के विश्व कप का मेजबान रह चुका है जबकि तमिलनाडु ने पिछले साल चेन्नई और मदुरै में पुरुषों के जूनियर विश्व कप की मेजबानी की थी। भारतीय हॉकी का गढ़ रहे पंजाब ने कभी विश्व कप की मेजबानी नहीं की है। वह अभी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। यह पिछले 17 वर्ष में पहला मौका है जबकि पंजाब किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। भोलानाथ ने पीटीआई से कहा, ‘‘ओडिशा, तमिलनाडु और पंजाब सभी विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में शामिल हैं। अगर ओडिशा को फिर से विश्व कप की मेजबानी मिलती है तो यह उसके भी बड़ी उपलब्धि होगी। ओडिशा हमारी पहली प्राथमिकता होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं यूं ही हवा में तीर नहीं मारता। मुझे झूठ बोलना नहीं आता।’’भोलानाथ ने कहा कि महासचिव बनने के बाद उनकी प्राथमिकता हॉकी को देश के हर कोने में पहुंचाना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हॉकी को देश के हर कोने तक पहुंचाना चाहता हूं। मध्य प्रदेश ने अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है लेकिन अब महिला चैंपियंस ट्रॉफी 19 से 28 नवंबर तक भोपाल में खेली जाएगी।’’भोलानाथ ने कहा कि पंजाब को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि उसकी हॉकी में समृद्ध विरासत रही है। उन्होंने कहा, ‘‘‘जब मैं हॉकी इंडिया का महासचिव बना तो मैंने देखा कि टीम के अधिकतर खिलाड़ी पंजाब से थे। जब मैंने पंजाब के खिलाड़ियों से बात की तो उन्होंने कहा कि वह दुनिया भर के देशों में खेल चुके हैं, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें कभी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते नहीं देखा था। इसलिए मैं पंजाब में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध था।’’पीटीआई ने इस महीने की शुरुआत में खबर दी थी कि चार सीनियर खिलाड़ी मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में भारत की तरफ से अपना अंतिम टूर्नामेंट खेलेंगे। नीलाकांता पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यह उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा, वहीं मनदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने टीम में बने रहने की इच्छा व्यक्त की है। भोलानाथ ने कहा, ‘‘यह हॉकी इंडिया का फैसला नहीं है। मैं नहीं जानता कि यह किसका फैसला है। हमने ऐसा कोई फैसला नहीं किया है। जो खिलाड़ी फिट और सक्षम हैं, वे खेलते रहेंगे। ईश्वर भी उन्हें खेलने से नहीं रोक पाएगा और जो सक्षम नहीं हैं, भगवान भी उन्हें नहीं खिला पाएंगे। हम अगले ओलंपिक में पदक जीतना चाहते हैं।’’
Mohammed Siraj की वापसी और पडिक्कल की फॉर्म से New Zealand A के खिलाफ मजबूत हुई India A
देवदत्त पडिक्कल की शानदार फॉर्म और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की वापसी से भारत ए को मजबूती मिली है और वह शनिवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे अनौपचारिक चार दिवसीय टेस्ट में न्यूजीलैंड ए को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय खिलाड़ियों को चार दिवसीय मैच से तैयार होने में मदद मिलेगी। पडिक्कल निस्संदेह अब तक भारत ए के लिए सबसे सकारात्मक पहलू रहे हैं, जिन्होंने पहले मैच में शतक बनाकर टीम को वापसी दिलाई थी। भारत ए की टीम पहली पारी में 39.3 ओवर में केवल 113 रन पर आउट हो गई थी। इसके बाद बाएं हाथ के प्रतिभाशाली बल्लेबाज पडिक्कल ने शानदार 199 रन बनाकर टीम को दूसरी पारी में 516 रन तक पहुंचाने में मदद की और न्यूजीलैंड ए के सामने 313 रन का लक्ष्य रखा। उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से दो विकेट भी लिए। यश राठौड़ ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 44 और 66 रन बनाए, लेकिन भारत के लिए सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उन्होंने 17 और पांच रन बनाए। केएल राहुल ने भी निराश किया। उन्होंने एक पारी में चार रन बनाए जबकि अन्य पारी में खाता भी नहीं खोल सके। राहुल अब वनडे टीम से जुड़ेंगे और दूसरा मैच नहीं खेलेंगे। राहुल की जगह टीम में शामिल किए गए झारखंड के 21 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर मोहन को रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत ए की टीम में शामिल किया गया है और वह मौका मिलने पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे। साई सुदर्शन ने पहली पारी में शून्य पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में 91 रन बनाकर शानदार वापसी की, वहीं कप्तान ध्रुव जुरेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उन्होंने एक और दो रन बनाए। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने दूसरी पारी में अर्धशतक बनाया। गेंदबाजों में औकिब नबी ने छह विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्रत्येक पारी में तीन-तीन विकेट लिए हैं। नबी और अंशुल कंबोज ने पहली पारी में तीन-तीन विकेट लिए। भारत की टेस्ट टीम के सदस्य आकाश दीप ने भी तीन विकेट हासिल किए। भारतीय टीम पहले मैच में जीत के करीब थी लेकिन खराब रोशनी के कारण मैच तब समाप्त कर दिया गया था जब भारत को जीत के लिए केवल एक विकेट लेने की जरूरत थी। सिराज के शामिल होने से तेज गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूती मिलेगी क्योंकि वह आगामी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला में जसप्रीत बुमराह के साथ नई गेंद संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार होने की कोशिश करेंगे। बुमराह और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिंकन में होने वाले तीसरे अनौपचारिक टेस्ट में खेलने की संभावना है, जिसमें नितीश कुमार रेड्डी की भी वापसी होगी। जहां तक न्यूजीलैंड की टीम का सवाल है तो उसने पहले दो दिन तक दबदबा बनाया लेकिन अपनी लय बरकरार नहीं रख सका। उसकी टीम अब अपने खेल में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध होगी। टीम इस प्रकार हैं:भारत ए: यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, यश राठौड़, आर स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान, विकेटकीपर) (डब्ल्यूके), वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, शिखर मोहन, मुकेश चौधरी, मुकेश कुमार, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर)। न्यूजीलैंड ए: रीस मारियू (कप्तान), मैट बॉयल, मैक्स चू, क्रिस्टियन क्लार्क, डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, ज़ैक गिब्सन, मिच हे (विकेटकीपर), कर्टिस हीफी, साइमन कीन, जेडन लेनोक्स, जारोड मैके, टिम रॉबिन्सन, फ्रेजर शीट।
भारत : न्यूजीलैंड के खिलाफ टॉस जीत चुनी गेंदबाजी
ऑकलैंड, भारत और न्यूजीलैंड के बीच ईडन पार्क में टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है।
राशिद खान : अंतरराष्ट्रीय टी20 में पूरा किया विकेटों का दोहरा शतक
शारजाह, अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने गुरुवार को शारजाह में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए टी20 मुकाबले में इतिहास रचा। राशिद ने अंतरराष्ट्रीय टी20 में 200 विकेट पूरे कर लिए हैं और ऐसा करने वाले वे दुनिया के पहले गेंदबाज हैं।
IND vs PAK Match Live Score: टीम इंडिया की पारी समाप्त, पाकिस्तान के सामने 89 रनों का टारगेट
हांगकांग सिक्सेस में भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में क्रुणाल पांड्या टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे हैं।
IPL 2027 से पहले Mumbai Indians के कोचिंग स्टाफ में बदलाव, उथप्पा बने बैटिंग कोच
पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 2027 के सत्र से पहले शुक्रवार को अपने कोचिंग स्टाफ में व्यापक फेरबदल करते हुए पूर्व भारतीय बल्लेबाज रोबिन उथप्पा को अपना बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया। उथप्पा के अलावा न्यूजीलैंड के मिशेल मैक्लेनाघन को गेंदबाजी कोच, जबकि पूर्व भारतीय क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप को इसी भूमिका में नियुक्त किया गया है। फ्रेंचाइजी ने धवल कुलकर्णी को विकास गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। इस तरह से उथप्पा, मैक्लेनाघन और कुलकर्णी की मुंबई इंडियंस की टीम में वापसी हो रही है, जो पहले खिलाड़ी के तौर पर इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं। यह तीनों नवनियुक्त मुख्य कोच कीरोन पोलार्ड के साथ मिलकर नए कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनेंगे। मुंबई इंडियंस ने आईपीएल में अपना आखिरी खिताब 2020 में जीता था। पिछले सत्र में उसकी टीम नौवें स्थान पर रही थी। उथप्पा 2007 में पुरुष टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। यह 40 वर्षीय खिलाड़ी आईपीएल के पहले सत्र में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेला था। मुंबई इंडियंस ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘हमारे पहले सत्र का हिस्सा बनने से लेकर अब अपार अनुभव के साथ वापसी करने तक, रोबिन खेल की गहरी समझ, बेहतरीन संवाद क्षमता और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने की स्पष्टता के साथ टीम से जुड़ रहे हैं। मुंबई इंडियंस में आपका फिर से स्वागत है रोबिन।’’दिलीप 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप और 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के दौरान भारत की कोचिंग टीम का हिस्सा थे। मुंबई इंडियंस के साथ चार बार आईपीएल चैंपियन रह चुके मैक्लेनाघन ने 2015 से 2020 के बीच फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 2015, 2017, 2019 और 2020 में टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने गेंदबाजी कोच लसिथ मलिंगा और पारस म्हाम्ब्रे की जगह ली है। मुंबई इंडियंस ने जब 2013 और 2020 में खिताब जीता था तब कुलकर्णी उसका हिस्सा थे। वह 2008 से 2013 और फिर 2020 से 2021 तक मुंबई की तरफ से खेले थे। मुंबई इंडियंस ने बृहस्पतिवार को गेंदबाजी कोच मलिंगा और म्हाम्ब्रे के साथ-साथ क्षेत्ररक्षण कोच कार्ल हॉपकिंसन से भी नाता तोड़ने का फैसला किया था। फ्रेंचाइजी ने पिछले सप्ताह अपने बल्लेबाजी कोच पोलार्ड को मुख्य कोच के रूप में पदोन्नत किया था, जिन्होंने माहेला जयवर्धने की जगह ली।
IND vs NZ 4th T20I LIVE SCORE: टीम इंडिया की नजर लगातार चौथी जीत पर, सम्मान बचाने उतरेगी कीवी टीम
इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है। भारत इस सीरीज को पहले ही अपने नाम कर चुका है। इस सीरीज में टीम इंडिया अभी तक तीनों मैच जीतने में कामयाब रही है।
अजमतुल्लाह ओमरजाई : रिकॉर्ड शतक के साथ ही तोड़ा पोलार्ड
शारजाह, अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह ओमरजाई को मौजूदा समय का बेहतरीन ऑलराउंडर माना जाता है। ओमरजाई कभी गेंद और कभी बल्ले से मैच अफगानिस्तान के पक्ष में कर देते हैं। गुरुवार को शारजाह में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उन्होंने अपनी रिकॉर्ड तोड़ पारी अफगानिस्तान को मैच और सीरीज में जीत दिला दी।

