टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव, असिस्टेंट कोच रायन टेन डेस्काथे ने छोड़ा पद
टेन डेस्काथे का भारतीय टीम के साथ कार्यकाल जुलाई 2024 में शुरू हुआ था। करीब दो वर्षों तक उन्होंने टीम इंडिया के साथ काम किया और कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में टीम की सफलता का हिस्सा बने। हालांकि अब उन्होंने पारिवारिक कारणों से राष्ट्रीय टीम से अलग होने का फैसला लिया है।
यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) के पहले सीजन का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। टूर्नामेंट 26 अगस्त से 20 सितंबर तक नीदरलैंड और आयरलैंड में खेला जाएगा। लीग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसमें दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ी और यूरोप के डोमेस्टिक खिलाड़ी शामिल होंगे। 26 अगस्त को पहला मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मैच 26 अगस्त को द हेग के वूरबर्ग क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा। इसमें जोंटी रोड्स की टीम रॉटरडैम डॉकर्स का मुकाबला स्टीव वॉ की एम्स्टर्डम फ्लेम्स से होगा। दूसरा मैच 27 अगस्त को राहुल द्रविड़ डबलिन गार्डियंस और ग्लेन मैक्सवेल की बेलफास्ट वॉल्व्स के बीच खेला जाएगा। द्रविड़ की टीम डबलिन गार्डियंस के कप्तानी रविचंद्रन अश्विन हैं। टूर्नामेंट का फॉर्मेट और वेन्यू टूर्नामेंट की शुरुआत वूरबर्ग से होगी। इसके बाद लीग के बाकी मैच डबलिन के मालाहाइड क्रिकेट क्लब में खेले जाएंगे। मालाहाइड में ही क्वालीफायर और फाइनल भी होगा। लीग में हर टीम दूसरी टीम के खिलाफ दो बार राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेगी। पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें फाइनल के लिए क्वालीफायर खेलेंगी। अभिषेक बच्चन लीग के सह-संस्थापक ETPL की सह-स्थापना अभिषेक बच्चन, सौरव बनर्जी, प्रियंका कौल और धीरज मल्होत्रा ने की है। लीग को क्रिकेट आयरलैंड, क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) की पार्टनरशिप में बनाया गया है। लीग में टिम डेविड, स्टीव स्मिथ, फाफ डु प्लेसिस, हेनरिक क्लासेन, मिचेल मार्श, लुंगी एनगिडी और ट्रेंट बोल्ट खेलेंगे। इनके अलावा पॉल स्टर्लिंग, स्कॉट एडवर्ड्स, जोश लिटिल, जय मूंदड़ा, जॉर्ज डॉकरेल, आर्यन दत्त, मैक्स ओ डाउड, रिची बेरिंगटन और मैथ्यू क्रॉस के यूरोपीय खिलाड़ी भी शामिल होंगे। ----------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट शर्मीला को 2 साल में पोलियो हुआ:पति ने निर्वस्त्र कर बेटियों के साथ सड़क पर छोड़ा; दूसरी शादी ने बदली जिंदगी भारत की शर्मिला धनकड़ ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता। उन्होंने महिलाओं की पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर का थ्रो फेंककर मेडल अपने नाम किया। 2 साल की उम्र में पोलियो का शिकार हुईं शर्मिला को शादी के बाद भी तकलीफें झेलनी पड़ी। उनका पति नशा करता था। 14 साल पहले उसने शर्मिला को निर्वस्त्र कर उनकी दो बेटियों के साथ सड़क पर छोड़ दिया था। पूरी खबर पढ़ें…
यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) के पहले सीजन का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यह टूर्नामेंट 26 अगस्त से 20 सितंबर तक नीदरलैंड और आयरलैंड के विभिन्न मैदानों पर खेला जाएगा। इस लीग में कुल छह टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ी और यूरोप के बेहतरीन घरेलू खिलाड़ी शामिल होंगे। 26 अगस्त को पहला मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मैच 26 अगस्त को द हेग के वूरबर्ग क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा। इसमें जोंटी रोड्स की टीम रॉटरडैम डॉकर्स का मुकाबला स्टीव वॉ की एम्स्टर्डम फ्लेम्स से होगा। इसके बाद 27 अगस्त को दूसरा मैच राहुल द्रविड़ समर्थित और रविचंद्रन अश्विन की कप्तानी वाली डबलिन गार्डियंस और ग्लेन मैक्सवेल की बेलफास्ट वॉल्व्स के बीच खेला जाएगा। लीग का फॉर्मेट और वेन्यू टूर्नामेंट की शुरुआत वूरबर्ग से होगी, जिसके बाद बाकी के लीग मैच डबलिन के मालाहाइड क्रिकेट क्लब में खेले जाएंगे। मालाहाइड में ही क्वालीफायर और फाइनल मुकाबला भी आयोजित होगा। लीग में हर टीम दूसरी टीम के खिलाफ दो बार राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेगी। अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर खेलेंगी। दिग्गज खिलाड़ी और आयोजक इस लीग में टिम डेविड, स्टीव स्मिथ, फाफ डु प्लेसिस, हेनरिक क्लासेन, मिचेल मार्श, लुंगी एनगिडी और ट्रेंट बोल्ट जैसे वैश्विक सितारे खेलते नजर आएंगे। इनके साथ पॉल स्टर्लिंग, स्कॉट एडवर्ड्स, जोश लिटिल, जय मूंदड़ा, जॉर्ज डॉकरेल, आर्यन दत्त, मैक्स ओ डाउड, रिची बेरिंगटन और मैथ्यू क्रॉस जैसे प्रमुख यूरोपीय खिलाड़ी भी शामिल होंगे। डबलिन गार्डियंस के सह-मालिक राहुल द्रविड़ ने कहा कि यूरोप की इस नई टी20 लीग में डबलिन का प्रतिनिधित्व करना रोमांचक है। वे एक ऐसे सीजन की उम्मीद कर रहे हैं जिस पर शहर और प्रशंसक गर्व कर सकें। ETPL की सह-स्थापना अभिषेक बच्चन, सौरव बनर्जी, प्रियंका कौल और धीरज मल्होत्रा ने की है। इस लीग को क्रिकेट आयरलैंड, क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) की साझेदारी में विकसित किया गया है।
वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का फाइनल मैच स्विट्जरलैंड के जेनेवा में होगा। 25 नवंबर से 15 दिसंबर तक होने वाले इस मैच में उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को चुनौती देंगे। खास बात यह है कि मैच शुरू होने के समय दोनों फाइनलिस्ट की उम्र 20 साल होगी, जो इसे इतिहास का सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच बनाता है। फिडे वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच फिडे वर्ल्ड चैंपियनशिप साइकिल का सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और वह चैलेंजर आमने-सामने होते हैं। चैलेंजर प्लेयर कैंडिडेट जीतने के बाद वर्ल्ड चैंपियन को टाइटल की चुनौती देने का अधिकार हासिल करता है। सिंगापुर में जीता था खिताब वर्ल्ड चैंपियन गुकेश उस ताज का बचाव करेंगे, जिसे उन्होंने दिसंबर 2024 में सिंगापुर में जीता था। तब 18 साल की उम्र में उन्होंने चीन के डिंग लिरेन को हराया था। गुकेश ने 14वें और अंतिम क्लासिकल गेम में जीत हासिल कर 18वें वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया था। वे यह खिताब जीतने वाले अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। दूसरी ओर सिंदारोव ने साइप्रस में आयोजित फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर इस मुकाबले के लिए अपनी जगह पक्की की। उज्बेकिस्तान के इस ग्रैंडमास्टर ने एक राउंड शेष रहते ही पहला स्थान हासिल कर लिया था। इससे पहले उन्होंने 2025 फिडे वर्ल्ड कप में भी जीत दर्ज की थी। न्यूट्रल वेन्यू पर होगा मुकाबला फिडे के अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने इस घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि भारत, अमेरिका और साइप्रस सहित कई देशों ने इस मैच की मेजबानी में गहरी रुचि दिखाई थी। सभी प्रस्तावों पर विचार करने के बाद फिडे ने मैच को न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित करने का फैसला किया। जेनेवा को इसलिए चुना गया, क्योंकि यह शहर देशों और संस्कृतियों को एक साथ लाने की ऐतिहासिक परंपरा रखता है। स्विस चेस फेडरेशन (एसएसबी) के अध्यक्ष आंद्रे वोग्टलिन ने कहा कि यह स्विस शतरंज के लिए एक विशेष दिन है। ब्रिसागो के 22 साल बाद स्विट्जरलैंड में शतरंज का इतना बड़ा वैश्विक आयोजन हो रहा है। यह उनके देश में शतरंज के लिए एक निर्णायक क्षण है। FIDE ने इस पोस्ट के जरिए वेन्यू का ऐलान किया… क्या होगा मैच का फॉर्मेट वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच में कुल 14 क्लासिकल गेम खेले जाएंगे। जो खिलाड़ी सबसे पहले 7.5 अंक हासिल करेगा, उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा। यदि 14 क्लासिकल गेम के बाद स्कोर बराबर रहता है, तो विजेता का फैसला टाईब्रेक के जरिए किया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही BCCI को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी। ESPN के मुताबिक अब टेन डोशेट IPL फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कोचिंग स्टाफ से दोबारा जुड़ेंगे। इंग्लैंड सीरीज में भारतीय टीम टी-20 और वनडे सीरीज हार गई थी। इससे पहले टीम को आयरलैंड ने पहली बार 2-0 से हराया था। गौतम गंभीर के साथ टीम इंडिया में आए थे नीदरलैंड के पूर्व कप्तान टेन डोशेट 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद गौतम गंभीर के हेड कोच बनने पर सपोर्ट स्टाफ में शामिल हुए थे। गंभीर ने ही उन्हें असिस्टेंट कोच चुना था। टीम में वह बल्लेबाजी और फील्डिंग, दोनों विभागों में जिम्मेदारी निभा रहे थे। भारत के साथ दो ICC खिताब जीते टेन डोशेट के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारत ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हार गया, जबकि घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड (3-0) और साउथ अफ्रीका (2-0) से टेस्ट सीरीज गंवाई। KKR से रहा है पुराना रिश्ता टेन डोशेट का KKR से लंबा जुड़ाव रहा है। खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने 2012 और 2014 में टीम को IPL खिताब जिताने में योगदान दिया। इसके बाद 2022 में वह फ्रेंचाइजी के फील्डिंग कोच बने और 2024 तक कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे। अब वह एक बार फिर KKR में वापसी करेंगे, जहां उनकी जोड़ी अभिषेक नायर के साथ फिर बनेगी। गंभीर 2027 वर्ल्ड कप तक कोच रहेंगे गौतम गंभीर जुलाई 2024 में हेड कोच बने थे। उनका कार्यकाल लगभग साढ़े 3 साल लंबा चलने वाला है। वो दिसंबर 2027 तक हेड कोच पद पर बने रहेंगे। दूसरी ओर अजीत अगरकर की बात करें तो उन्हें 2023 में चीफ सेलेक्टर बनाया गया था। उनका कार्यकाल साल 2026 में ही समाप्त होने वाला था, लेकिन 2027 वनडे वर्ल्ड कप के प्लान को देखते हुए उनका कार्यकाल 2027 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया गया है। 4 अक्टूबर से वनडे वर्ल्ड कप 2027 वनडे कप का आयोजन अगले साल अक्टूबर-नवंबर में होगा। 14 टीमों वाला यह टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से शुरू होकर 21 नवंबर तक चलेगा। इस बार कुल 14 टीम इस वर्ल्ड कप में भाग लेंगी। --------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान BCCI ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा फिट होकर टीम में लौट आए हैं। मध्य प्रदेश के 33 साल के ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को घरेलू क्रिकेट और हालिया इंडिया-ए दौरे पर शानदार प्रदर्शन के दम पर पहली बार राष्ट्रीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत ली है। मंगलवार (28 जुलाई) को खेले गए तीसरे और निर्णायक मुकाबले में श्रीलंका ने पाकिस्तान को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही श्रीलंका ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह पिछले 24 वर्षों में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत है। शुरुआती झटकों से नहीं उबर पाया पाकिस्तान टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी के दूसरे ओवर में ही चेतना विमुक्ति ने पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया। महज दो ओवर के खेल में पाकिस्तान का स्कोर 10 रन पर 3 विकेट हो गया था। इसके बाद गुल फिरोजा और मुनीबा अली ने 68 रनों की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन चमारी अथापथु ने फिरोजा को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। पाकिस्तान की टीम 110 रन पर 4 विकेट से लड़खड़ाकर 146 रन पर 7 विकेट पर पहुंच गई। कप्तान फातिमा सना ने 41 रनों की पारी खेलकर टीम को 188 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। श्रीलंका की ओर से काविशा दिलहारी और चमारी अथापथु ने 3-3 विकेट लिए। पाकिस्तान की पूरी टीम 40वें ओवर में 187 रन पर सिमट गई। अथापथु और समरविक्रमा ने आसान बनाया लक्ष्य 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम ने शानदार शुरुआत की। हालांकि, पिछले मैच की शतकवीर विश्मी गुणरत्ने सातवें ओवर में आउट हो गईं, लेकिन कप्तान चमारी अथापथु ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। अथापथु ने तस्मिया रुबाब के एक ओवर में तीन चौके और एक छक्का जड़ा। उन्होंने अपने वनडे करियर का 30वां 50 प्लस स्कोर पूरा किया। अथापथु के आउट होने के बाद हर्षिता समरविक्रमा और हसीनी परेरा ने मोर्चा संभाला। हसीनी परेरा ने अपने वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक जड़ा। श्रीलंका ने 37.2 ओवर में ही 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 76 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया। पुरस्कार और आगामी सीरीज ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए चमारी अथापथु को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं, हर्षिता समरविक्रमा को प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब मिला, जिन्होंने तीन मैचों में 173 रन बनाए और केवल एक बार आउट हुईं। इस जीत के साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान की लगातार चार सीरीज जीत के सिलसिले को भी तोड़ दिया। अब दोनों टीमों के बीच 31 जुलाई से दांबुला में टी-20 सीरीज शुरू होगी।
पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक ने उन बल्लेबाजों की आलोचना की है जो आउट होने के बाद उनके बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठाते हैं। तारिक ने कहा कि यह बल्लेबाजों का काम नहीं है। अंपायर और मैच रेफरी सब कुछ देखने के लिए वहां मौजूद होते हैं। अगर अंपायर मुझे गेंदबाजी करने की अनुमति दे रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मेरा बॉलिंग एक्शन लीगल है। द हंड्रेड में टिम डेविड ने उठाया था सवाल तारिक इस साल टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को रिप्रेजेंट कर चुके हैं। हाल ही में इंग्लैंड में 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट के दौरान बर्मिंघम फीनिक्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने ट्रेंट रॉकेट्स के ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज टिम डेविड को आउट किया था। कैच आउट होने के बाद डेविड ने नो-बॉल का इशारा किया था, जिससे ऐसा लगा कि वे तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठा रहे थे। अंपायरों को दखल देने की जरूरत तारिक ने कहा कि बार-बार एक्शन पर सवाल उठने से उन्हें निराशा होती है। उन्होंने कहा कि शायद अब अंपायरों और मैच रेफरी को इस पर कुछ करने की जरूरत है। तारिक ने याद दिलाया कि दुबई में इंटरनेशनल टी-20 लीग के दौरान इंग्लैंड के टॉम बैंटन ने भी ऐसा ही किया था। तब आउट करने के बाद उन्होंने बैंटन को अपनी बात साफ तौर पर बता दी थी। अश्विन कर चुके हैं तारिक का बचाव भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पहले भी तारिक के एक्शन का बचाव कर चुके हैं। अश्विन का कहना है कि तारिक के बॉलिंग मोशन में जो ठहराव (पॉज) आता है, वह खेल के नियमों का उल्लंघन नहीं है। PSL में रिपोर्ट हुआ था एक्शन उस्मान तारिक को पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के एक मैच के दौरान संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया था, लेकिन बाद में ICC के असेसमेंट में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। इससे पहले इस साल एक टी-20 इंटरनेशनल मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन ने भी तारिक के एक्शन पर सवाल उठाए थे। स्पिनरों के लिए टी-20 में कोई मदद नहीं तारिक ने कहा कि अब यह सब बंद होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे अपनी गेंदबाजी में वेरिएशन के लिए बहुत मेहनत करते हैं, क्योंकि आजकल टी-20 क्रिकेट में स्पिनरों के लिए कोई दया नहीं है। उन्होंने कहा कि इस फॉर्मेट में आपको हर समय पूरी तरह से फोकस रहना पड़ता है। बता दें कि तारिक इस सीजन 'द हंड्रेड' में अबरार अहमद के साथ खेलने वाले केवल दो पाकिस्तानी खिलाड़ियों में से एक हैं।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन से मिली हार के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने अपनी टीम के खिलाड़ियों को खास तोहफे दिए हैं। मेसी ने टीम के हर सदस्य को पर्सनलाइज्ड बैग और मेट सेट गिफ्ट किया है। यह जानकारी अर्जेंटीना के फुटबॉलर मार्कोस सेनेसी की पार्टनर केल्सी-रोज बोवर्स ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए दी। बोवर्स ने वीडियो में दिखाया कि मेसी ने हर खिलाड़ी को एक कस्टमाइज्ड कारमेल रंग का बैग दिया है, जिस पर खिलाड़ी का नाम लिखा है। बैग के अंदर क्या-क्या है? बैग के अंदर एक खास मेट सेट है, जिसे मेसी ने टीम के हर सदस्य को दिया है। इस किट में मेसी के लोगो वाला एक कस्टमाइज्ड गोल्ड स्टेनली कप, एक मेट कप, एक बॉम्बिला (मेट पीने के लिए इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक मेटल स्ट्रॉ) और यरबा मेट का एक पैक शामिल है। बोवर्स ने इसे काफी शानदार तोहफा बताया है। फाइनल में मिली थी हार अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना 2026 के फाइनल में टूट गया था। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। मैच के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल कर अर्जेंटीना की उम्मीदों को खत्म कर दिया था। मेसी का प्रदर्शन और फैंस की प्रतिक्रिया मेसी ने 2026 वर्ल्ड कप में 8 मैचों में 853 मिनट मैदान पर बिताए। इस दौरान उन्होंने 8 गोल किए और 4 असिस्ट दिए। एक यूजर ने याद दिलाया कि 2022 वर्ल्ड कप के बाद भी मेसी ने अपनी टीम के सभी खिलाड़ियों को कस्टमाइज्ड गोल्ड प्लेटेड आईफोन गिफ्ट किए थे।
इंग्लैंड में एक स्थानीय क्रिकेट मैच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मैच में साल्टबर्न के एक फील्डर पर चीटिंग करने का आरोप लगा है। आरोप है कि फील्डर ने उंगलियां चटकाकर अंपायर को यह भ्रमित करने की कोशिश की कि बल्लेबाज ने गेंद को छुआ है। नॉर्थ यॉर्कशायर और साउथ डरहम क्रिकेट लीग ने साल्टबर्न और नॉर्टन के बीच खेले गए सेकंड इलेवन डिवीजन 2 मैच की जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि जब गेंद बल्लेबाज नोमान शब्बीर के बल्ले के पास से गुजरती है, तो साल्टबर्न का एक फील्डर अपनी उंगलियां चटकाता है। इसके बाद विकेटकीपर जोश बोव्स गेंद को पकड़ लेते हैं। साल्टबर्न की टीम अपील करती है और अंपायर बल्लेबाज नोमान शब्बीर को आउट दे देते हैं। माना जा रहा है कि उंगलियां चटकाने का मकसद अंपायर को यह यकीन दिलाना था कि बल्लेबाज ने गेंद को एज किया है। साल्टबर्न ने यह मैच 159 रन से जीता था और टीम फिलहाल डिवीजन 2 में 17 अंकों के साथ शीर्ष पर है। लीग ने शुरू की जांच लीग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें शनिवार को खेले गए डिवीजन टू मैच में कथित घटनाओं को लेकर औपचारिक शिकायत मिली है। लीग ने कहा कि मामले की पूरी जांच शुरू कर दी गई है और जब तक औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई और टिप्पणी नहीं की जाएगी। इस घटना का वीडियो एक्स पर तीन मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के प्रकाशनों ने भी इस खबर को प्रमुखता से रिपोर्ट किया है। बीबीसी ने लीग और साल्टबर्न से संपर्क किया है, जबकि नॉर्टन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। पहले भी लग चुके हैं आरोप पिछले हफ्ते साल्टबर्न की शिलडन रेलवे पर 22 रन की जीत के दौरान विकेटकीपर जोश बोव्स ने आठ कैच लपके थे। टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा कैच लेने का रिकॉर्ड सात है। बोव्स फिलहाल 31 कैच के साथ लीग में सबसे आगे हैं, जो दूसरे स्थान पर मौजूद खिलाड़ी से 10 ज्यादा हैं। मिडलसब्रा सेकंड इलेवन के कप्तान रोरी कॉटरिल ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि पिछले महीने साल्टबर्न के खिलाफ हुए मैच में भी चीटिंग की दो घटनाएं हुई थीं। मिडलसब्रा को उस मैच में 29 रन से हार का सामना करना पड़ा था।
सर्बिया के नोवी साद में चल रहे वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप 2026 में भारत के राहुल शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्टैंडर्ड (SH1) इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। राहुल शर्मा ने इस प्रतियोगिता में न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी जा रही है। नोवी साद में भारत का दबदबा वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप का आयोजन सर्बिया के नोवी साद शहर में किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर राहुल शर्मा ने अपनी सटीक निशानेबाजी से भारत का मान बढ़ाया है। राहुल ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्टैंडर्ड (SH1) स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में सबसे खास नाम इंदौर के सारांश जैन का है, जिन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। 33 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर को घरेलू क्रिकेट में वर्षों की लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। सारांश जैन मध्यप्रदेश क्रिकेट के भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए की ओर से दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में उन्होंने नाबाद 70 रन बनाने के साथ छह विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 54 मैचों में 2,223 रन और 188 विकेट दर्ज हैं। इंदौर से टीम इंडिया तक का सफर इंदौर में जन्मे सारांश जैन ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत शहर के विजय क्लब से की। यहीं उन्होंने मध्यप्रदेश और भारत के बल्लेबाज रजत पाटीदार के साथ भी क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद आखिरकार उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। पिता से मिली क्रिकेट की विरासत सारांश क्रिकेट परिवार से आते हैं। उनके पिता सुबोध जैन भी मध्यप्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। उनका सपना भारत के लिए खेलने का था, जो अब बेटे सारांश के जरिए पूरा होता नजर आ रहा है। परिवार की कहानी संघर्ष से भरी रही। पिता कैंसर से जूझते रहे, लेकिन उन्होंने कभी बेटे का हौसला टूटने नहीं दिया। वहीं बड़े भाई ने अपना क्रिकेट करियर छोड़कर सारांश के सपने को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया। 15 अगस्त से होगी पहली चुनौती भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर होगा। सारांश जैन के पास इस दौरे पर टेस्ट कैप हासिल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने सफर की शुरुआत करने का सुनहरा अवसर होगा। टूर्नामेंट में शुभमन गिल कप्तान और केएल राहुल उपकप्तान होंगे। वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन को टीम में रखा गया है लेकिन उनका खेलना या ना खेलना फिटनेस पर निर्भर करेगा। नीतीश कुमार रेड्डी अनफिट होने के कारण टीम में नहीं चुने गए हैं। वाशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग के चलते पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। राहुल-जायसवाल करेंगे ओपनिंग, गिल नंबर-4 पर भारतीय बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत करेंगे। कप्तान शुभमन गिल नंबर-4 पर बल्लेबाजी करेंगे। साई सुदर्शन के साथ देवदत्त पडिक्कल भी टीम का हिस्सा हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋषभ पंत संभालेंगे। ध्रुव जुरेल रिजर्व विकेटकीपर होंगे। स्पिन में जडेजा, कुलदीप और मानव सुथार पर भरोसा स्पिन डिपार्टमेंट में रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव टीम में शामिल हैं। टेस्ट डेब्यू में 7 विकेट लेने वाले मानव सुथार भी टीम में हैं। बुमराह, सिराज और प्रसिद्ध संभालेंगे तेज गेंदबाजी तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह (फिट होने पर), मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पर होगी। श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में 10 विकेट लेने वाले गुरनूर बरार भी प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के मजबूत दावेदार हैं। भारत को 18 साल से नहीं हरा सका श्रीलंका भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका को 3 में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 4 सीरीज ड्रॉ रही हैं। श्रीलंका पिछले छह सीरीज से भारत को नहीं हरा सका है। टीम ने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी, यानी उसे करीब 18 साल से भारत के खिलाफ सीरीज जीत का इंतजार है।
दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल का सालाना बाजार 100 बिलियन डॉलर (करीब 9.6 लाख करोड़ रुपए) को पार कर चुका है। यह 95 देशों की जीडीपी से ज्यादा है। फीफा, क्लब्स, ब्रॉडकास्टर्स, कॉर्पोरेट घराने और खिलाड़ियों के पर्सनल ब्रांड्स मिलकर फाइनेंशियल इकोसिस्टम बनाते हैं। जानिए फुटबॉल की इस विशाल इकोनॉमी के हर उस अहम सोर्स को, जहां से इस खेल में पैसा आता है... 1. प्राइज मनी - 48 टीमों वाले वर्ल्ड कप में प्राइज पूल करीब 8400 करोड़ रुपए रहा। चैम्पियन को 480 करोड़ रुपए मिले। यूरोप की शीर्ष क्लब प्रतियोगिता चैम्पियंस लीग का प्राइज पूल करीब 27 हजार 500 करोड़ रुपए का है। - इंग्लिश प्रीमियर लीग में टेबल में सबसे नीचे रहने वाली 20वीं टीम को भी सेंट्रल रेवेन्यू शेयरिंग के तहत करीब 1290 करोड़ रुपए तक मिलते हैं। 2. ब्रॉडकास्टिंग राइट्स फीफा अपने चार साल के साइकल में कुल कमाई का 50% से अधिक हिस्सा केवल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स बेचकर हासिल करता है। अब पारंपरिक टीवी चैनलों के साथ-साथ एपल टीवी, अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी अरबों डॉलर की बोली लगाकर मैचों के राइट्स खरीद रहे हैं। एपल ने मेजर लीग सॉकर के साथ 10 साल के लिए 2.5 बिलियन डॉलर (करीब 24 हजार करोड़ रु.) डील की है। 3. ट्रांसफर मार्केट एमबापे, हालेंड और यमाल जैसे खिलाड़ियों की मार्केट वैल्यू करीब 1900 से 2200 करोड़ रु. के बीच आंकी गई। जब क्लब किसी खिलाड़ी को अनुबंध समाप्त होने से पहले खरीदता है, तो उसे दूसरे क्लब को ट्रांसफर फीस देनी होती है। ट्रांसफर फीस के अलावा, जब कोई खिलाड़ी फ्री एजेंट बनता है, तो उसे क्लब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का साइनिंग-ऑन बोनस देते हैं। 4. जर्सी स्पॉन्सरशिप, मर्चेन्डाइज क्लब की जर्सी बनाने का अधिकार हासिल करने के लिए एडिडास और नाइकी जैसी कंपनियां रियल मैड्रिड और बार्सिलोना जैसे क्लबों को 1200 करोड़ से ज्यादा का भुगतान करती हैं। जर्सी के सामने अपनी कंपनी का नाम छपवाने के लिए एमिरेट्स और एतिहाद जैसे मुख्य स्पॉन्सर सालाना 700-800 करोड़ रुपए अलग से खर्च करते हैं। जब रोनाल्डो-मेसी जैसे स्टार नए क्लब से जुड़ते हैं तो उनकी जर्सी की मांग अचानक बढ़ जाती है। 5. स्टेडियम से कमाई स्टेडियम के नाम के आगे अपना ब्रांड जोड़ने (जैसे बार्सिलोना का ‘स्पॉटिफाई कैंप नोउ’) से भी कमाई बढ़ी है। बार्सिलोना और स्पॉटिफाई के बीच करीब 50 हजार करोड़ की डील हुई है। रियल मैड्रिड और टॉटेनहम जैसे बड़े क्लबों ने स्टेडियम को अपग्रेड किया है। सीजन खत्म होते ही पिच जमीन के नीचे बने चेंबर में चली जाती है और वहां म्यूजिक कॉन्सर्ट्स और कॉर्पोरेट इवेंट्स होते हैं। 6. सोशल मीडिया एंगेजमेंट रोनाल्डो और मेसी जैसे स्टार्स की एक सोशल मीडिया स्पॉन्सर्ड पोस्ट की कीमत 30 करोड़ रुपए तक होती है। क्लबों के अपने डिजिटल चैनल्स और ऐप्स हैं। फैंस को बिहाइंड-द-सीन कंटेंट, ट्रेनिंग सेशन और प्लेयर्स के साथ इंटरेक्शन के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। 7. सरकारी फंड्स की एंट्री फुटबॉल के इस अर्थशास्त्र में एक दशक का सबसे बड़ा बदलाव ‘ऑयल मनी’ (खाड़ी देशों के सरकारी फंड्स) की एंट्री है। कतर ने पीएसजी का अधिग्रहण करके स्पोर्ट्स मैप पर अपनी अलग पहचान बनाई। सऊदी अरब ने इंग्लिश क्लब न्यूकैसल यूनाइटेड को खरीदने के अलावा अपनी घरेलू सउदी प्रो लीग में करोड़ों डॉलर झोंककर रोनाल्डो, बेंजेमा और नेमार जैसे सितारों को साइन किया। मैनचेस्टर सिटी का मालिकाना हक यूएई के सिटी फुटबॉल ग्रुप के पास है। इस ग्रुप के पास दुनिया भर में 13 अलग-अलग फुटबॉल क्लबों का नेटवर्क है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टर वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 330 किलोग्राम (149 किग्रा स्नैच + 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क में) उठाकर सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 58 किलोग्राम भार वर्ग में बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबाम ने 199 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। मणिपुर की इस वेटलिफ्टर ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
कॉमनवेल्थ गेम्सः शॉटपुट में शर्मिला ने गोल्ड मेडल जीता, राष्ट्रपति सहित कई नेताओं ने दी बधाई
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट एफ57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने पर शर्मिला धनखड़ ने खुशी जताई है।
BCCI ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा फिट होकर टीम में लौट आए हैं। मध्य प्रदेश के 33 साल के ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को घरेलू क्रिकेट और हालिया इंडिया-ए दौरे पर शानदार प्रदर्शन के दम पर पहली बार राष्ट्रीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन को टीम में रखा गया है लेकिन उनका सिलेक्शन उनकी फिटनेस के आधार पर होगा। जबकि नीतीश कुमार रेड्डी क्वाड्रिसेप्स चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, वाशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं। दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। सारांश जैन को डोमेस्टिक और इंडिया-ए के प्रदर्शन का इनाम मिला मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए के लिए दूसरे चार दिवसीय मैच में नाबाद 70 रन बनाए थे। इसके अलावा मैच में 6 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान भी खींचा। 33 साल के सारांश ने अब तक 54 फर्स्ट क्लास मैचों में 31.75 की औसत से 2,223 रन बनाए हैं। वहीं, गेंदबाजी में उन्होंने 27.30 की औसत से 188 विकेट लिए हैं। वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में सारांश के पास स्पिन ऑलराउंडर के रूप में अपनी जगह मजबूत करने का अच्छा मौका होगा। राहुल-जायसवाल करेंगे ओपनिंग, गिल नंबर-4 पर भारतीय बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत करेंगे, जबकि कप्तान शुभमन गिल नंबर-4 पर बल्लेबाजी करेंगे। साई सुदर्शन के साथ देवदत्त पडिक्कल भी टीम का हिस्सा हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋषभ पंत संभालेंगे, जबकि ध्रुव जुरेल रिजर्व विकेटकीपर होंगे। स्पिन में जडेजा, कुलदीप और मानव सुथार पर भरोसा स्पिन डिपार्टमेंट में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल टीम में शामिल हैं। टेस्ट डेब्यू में 7 विकेट लेने वाले मानव सुथार भी टीम में हैं। श्रीलंका के कई बाएं हाथ के बल्लेबाजों को देखते हुए ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे चार दिवसीय मैच में 6 विकेट लेने के साथ नाबाद 70 रन बनाए थे। बुमराह, सिराज और प्रसिद्ध संभालेंगे तेज गेंदबाजी तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पर होगी। श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में 10 विकेट लेने वाले गुरनूर बराड़ भी टीम में जगह बनाने के मजबूत दावेदार हैं। 15 अगस्त से शुरू होगी सीरीज भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के SSC मैदान पर होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा साइकल में भारत की यह पहली विदेशी टेस्ट सीरीज होगी। भारत फिलहाल WTC पॉइंट्स टेबल में पांचवें, जबकि श्रीलंका छठे स्थान पर है। श्रीलंका दौरे के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टेस्ट टीम शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर ब्रार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन। (नोट: साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह का खेलना BCCI COE से फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर करेगा। वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।)
टारौबा के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 7 विकेट पर 126 रन बना लिए। पहली पारी में मिली 29 रन की बढ़त के आधार पर उसकी कुल बढ़त 155 रन हो गई है। स्टंप्स के समय शमार जोसेफ 22 और केमार रोच 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। तीसरे दिन दोनों टीमों की पहली और दूसरी पारी मिलाकर कुल 14 विकेट गिरे। इससे पहले पाकिस्तान की पहली पारी 282 रन पर सिमट गई। कप्तान शान मसूद ने 109 रन की शतकीय पारी खेली, लेकिन जास्टिन ग्रीव्स ने 27 रन देकर 5 विकेट लेकर पाकिस्तान को बड़ी बढ़त बनाने से रोक दिया। ग्रीव्स ने 5 विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी समेटी तीसरे दिन पाकिस्तान ने 3 विकेट पर 209 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई। शान मसूद और सलमान अली आगा ने टीम को संभाला, लेकिन सलमान के आउट होने के बाद निचला क्रम ज्यादा देर टिक नहीं सका। ग्रीव्स ने लगातार दबाव बनाए रखा और 5 विकेट लेकर पाकिस्तान की पहली पारी 282 रन पर समेट दी। इससे वेस्टइंडीज को पहली पारी के आधार पर 29 रन की बढ़त मिली। अब्बास ने नई गेंद से दिए शुरुआती झटके दूसरी पारी में वेस्टइंडीज की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। मोहम्मद अब्बास ने ब्रैंडन किंग और कावेम हॉज को आउट किया, जबकि मोहम्मद अली ने आमिर जंगू का विकेट लिया। चायकाल तक वेस्टइंडीज का स्कोर 3 विकेट पर 30 रन था। इसके बाद तेजनारायण चंदरपॉल (35) और जास्टिन ग्रीव्स ने 37 रन की साझेदारी कर पारी संभाली। हालांकि, आखिरी सत्र में आमिर जमाल, मोहम्मद अब्बास और खुर्रम शहजाद ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेजबान टीम को फिर दबाव में ला दिया। शमार जोसेफ ने तेजी से रन जोड़े निचले क्रम में शमार जोसेफ ने तेज बल्लेबाजी की। उन्होंने आमिर जमाल के एक ओवर में 3 छक्के लगाए और केमार रोच के साथ आठवें विकेट के लिए नाबाद 32 रन की साझेदारी की। इसी साझेदारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने अपनी कुल बढ़त 155 रन तक पहुंचा दी। चौथे दिन 200 रन की बढ़त पर नजर अब चौथे दिन वेस्टइंडीज की कोशिश बढ़त को 200 रन के पार ले जाने की होगी। वहीं पाकिस्तान पहले सत्र में बाकी 3 विकेट जल्दी समेटकर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करना चाहेगा।
भारत की शर्मिला धनकड़ ने सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर यह उपलब्धि हासिल की। यह मौजूदा खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इसी इवेंट में भारत की शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। F57 कैटेगरी में उन पैरा एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं या जिनकी मांसपेशियों की ताकत कम होती है। भारत के मेडल टैली में कुल 10 मेडल हो गए हैं और टीम आठवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 26 गोल्ड सहित 59 मेडल के साथ पहले स्थान पर है। अन्य इवेंट्स में हाई जंप में सर्वेश कुशारे और वेटलिफ्टिंग के 79 किलोग्राम वर्ग में अजय बाबू ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं, बिंदियारानी देवी ने 58 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। शर्मिला धनखड़ ने घर बेचकर शुरू की ट्रेनिंग शर्मिला धनखड़ हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव की रहने वाली हैं। 2 साल की उम्र में पोलियो की शिकार हो गई थीं, जिससे उनका एक पैर प्रभावित हो गया। पिता छोटे किसान थे और मां दृष्टिबाधित हैं। बेहतर इलाज नहीं हो सका। आर्थिक तंगी के बीच कम उम्र में उनकी शादी कर दी गई। शर्मिला के लिए पैरा एथलेटिक्स का सफर आसान नहीं था। 34 साल की उम्र में उन्होंने कोच टेकचंद और देवेंद्र के मार्गदर्शन में F57 कैटेगरी के सीटेड शॉट पुट इवेंट की ट्रेनिंग शुरू की। आर्थिक तंगी इतनी थी कि 2023 में ट्रेनिंग का खर्च जुटाने के लिए उन्होंने अपना घर बेच दिया। इसके बाद परिवार किराए के मकान में रहने लगा, लेकिन शर्मिला ने अभ्यास नहीं छोड़ा। दूसरी शादी के बाद मिली नई राह 26 साल की उम्र में पति ने उन्हें घर से निकाल दिया। तब तक उनकी दो बेटियां हो चुकी थीं। वह दोनों बेटियों को लेकर मायके लौट आईं। 28 साल की उम्र में उन्होंने अजीत से दूसरी शादी की। अखबार में पैरा एथलीट्स की खबर पढ़ने के बाद अजीत ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया। शर्मिला की पूरी कहानी जानने के लिए यह भी पढ़ें… शिल्पा शायला को नाटकीय घटनाक्रम के बाद मिला ब्रॉन्ज शिल्पा शायला ने महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। हालांकि, उनका पदक नाटकीय घटनाक्रम के बाद पक्का हुआ। शिल्पा ने 7.26 मीटर का थ्रो कर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, लेकिन शुरुआती नतीजों में वह चौथे स्थान पर थीं। नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया था। भारत की आपत्ति के बाद अधिकारियों ने नाइजीरियाई खिलाड़ी के थ्रो की समीक्षा की। जांच में उनके एकमात्र वैध थ्रो को फाउल करार दिया गया। इसके बाद संशोधित नतीजों में शिल्पा को चौथे से तीसरे स्थान पर पहुंचाते हुए ब्रॉन्ज मेडल दे दिया गया। मेडल मिलने के बाद शिल्पा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने साथी खिलाड़ी शर्मिला धनखड़ के साथ इस उपलब्धि का जश्न मनाया। हालांकि, नाइजीरिया इस फैसले के खिलाफ आधिकारिक आपत्ति दर्ज करा सकता है। यदि आपत्ति स्वीकार होती है, तो पदक तालिका में बदलाव भी संभव है। सर्वेश कुशारे ने जीता सिल्वर: 2.25 मीटर की जंप लगाई, 2.28 मीटर पार नहीं कर सके भारत के सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष हाई जंप फाइनल में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2.25 मीटर की जंप लगाई, लेकिन 2.28 मीटर की ऊंचाई पार करने की तीनों कोशिशें नाकाम रहीं। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने काउंटबैक के आधार पर गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंग्लैंड के किमानी जैक ने 2.20 मीटर की जंप के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया। डायमंड लीग में भी ब्रॉन्ज जीता था कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भी सर्वेश शानदार फॉर्म में थे। इसी महीने मोनाको डायमंड लीग में उन्होंने 2.26 मीटर की जंप लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह डायमंड लीग में पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हाई जंपर बने। वह नीरज चोपड़ा, मुरली श्रीशंकर और विकास गौड़ा के बाद डायमंड लीग में टॉप-3 में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय एथलीट भी हैं। पिछले महीने भुवनेश्वर में हुई नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 2.31 मीटर की जंप लगाकर तेजस्विन शंकर का आठ साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा था। वह विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पुरुष हाई जंप फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय भी हैं। मकई के छिलकों और कपास से बनाई लैंडिंग पिट, वहीं से शुरू हुआ सफर महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव के रहने वाले सर्वेश कुशारे का सफर संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता प्याज की खेती करते थे। बचपन में उन्होंने खेत में ही मकई के छिलकों, कपास और खेती के दूसरे अवशेषों से अस्थायी लैंडिंग पिट तैयार किया, ताकि सर्वेश अभ्यास कर सकें। सीमित संसाधनों के बावजूद सर्वेश ने मेहनत जारी रखी और अब उसी संघर्ष का इनाम कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडल के रूप में मिला। अजय बाबू सिर्फ 1 किलो से गोल्ड मेडल से चूके अजय बाबू वल्लुरी ने पुरुष 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। आंध्र प्रदेश के इस युवा वेटलिफ्टर ने कुल 330 किलोग्राम (149+181) वजन उठाया और गोल्ड से महज 1 किलोग्राम पीछे रह गए। मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 331 किलोग्राम के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता, जबकि इंग्लैंड के क्रिस मरे 325 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीत सके। स्नैच में रिकॉर्ड, क्लीन एंड जर्क में पलटा मुकाबला अजय ने स्नैच में 149 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया और इस राउंड के बाद पहले स्थान पर रहे। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 181 किलोग्राम वजन उठाकर रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली, लेकिन हिदायत ने आखिरी प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और कुल 331 किलोग्राम के साथ गोल्ड अपने नाम कर लिया। अजय को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। कॉमनवेल्थ चैंपियन से कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल विजेता तक आंध्र प्रदेश के विजयनगरम के रहने वाले अजय बाबू ने 2025 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 335 किलोग्राम (152+183) के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल जीता था। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया। अब उन्होंने गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी लगातार प्रगति को बरकरार रखा। बिंदियारानी देवी ने कुल 199KG वेट उठाकर ब्रॉन्ज जीता नाइजीरिया की रफियातु फोलाशाडे लावल ने 229 kg (103+126) वजन उठाकर गेम्स और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। कनाडा की एन सोफी टाशेरो ने 215 kg (94+121) वजन उठाकर सिल्वर अपने नाम किया। बिंदियारानी ने स्नैच में 83, 85 और 87 kg वजन उठाया। क्लीन एंड जर्क में उनका पहला 110 kg का प्रयास फेल रहा। उन्होंने दूसरे प्रयास में 112 kg उठाया। हालांकि तीसरे प्रयास में 116 kg नहीं उठा सकीं। यह 27 साल की बिंदियारानी का लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल है। उन्होंने बर्मिंघम 2022 में सिल्वर जीता था। ताइक्वांडो गेम से शुरुआत की इम्फाल की रहने वाली बिंदियारानी ने खेल करियर की शुरुआत ताइक्वांडो से की थी। 2008 से 2012 तक ताइक्वांडो में उन्होंने भारत को रिप्रेजेंट किया। हालांकि छोटी हाईट और मजबूत कद-काठी की वजह से कई कोच ने उन्हें वेटलिफ्टिंग की सलाह दी। 2013 में उन्होंने वेटलिफ्टिंग शुरू की। जल्द ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (इम्फाल) में उनका सिलेक्शन हुआ। यहां से उन्होंने कई मेडल अपने नाम किए। ज्ञानेश्वरी को सिल्वर सोमवार को ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 kg वर्ग में 199 kg (88+111) वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने स्नैच में 88 kg उठाकर गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। हालांकि, नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 kg (93+113) वजन उठाकर गोल्ड अपने नाम किया। ज्ञानेश्वरी के पिता बॉडीबिल्डर, आर्थिक तंगी में छोड़ना पड़ा खेल छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के साथ ट्रेनिंग करते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और नेशनल टीम में जगह बनाई। 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वेटलिफ्टिंग में भारत के 6 मेडल, मणिपुर के खिलाड़ियों के 3 अजय बाबू का सिल्वर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारत का छठा मेडल है। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, ऋषिकांत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव और राजा मुथुपांडी ने सिल्वर, जबकि बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं, पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का खाता खोला था। मणिपुर के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी शानदार रहा। राज्य के मीराबाई चानू, ऋषिकांत सिंह और बिंदियारानी देवी भारत के लिए मेडल जीत चुके हैं। यानी अब तक वेटलिफ्टिंग में भारत के 6 में से 3 मेडल अकेले मणिपुर के खिलाड़ियों ने दिलाए हैं। तेजस शिरसे पुरुषों के 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में आठवें स्थान पर रहे तेजस शिरसे पुरुषों के 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में 15.39 सेकेंड का समय लेकर आठवें स्थान पर रहे। इस रेस के दौरान वे चोट से जूझते हुए दिखाई दिए। पैरा एथलेटिक्स: राकेशभाई भट्ट और श्रेयांश त्रिवेदी पांचवें और छठे स्थान पर रहेभारत के राकेशभाई भट्ट पुरुषों के 100 मीटर T38 फाइनल में 11.82 सेकेंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे, जबकि श्रेयांश त्रिवेदी 12.22 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। T38 पैरा-एथलेटिक्स का एक क्लासिफिकेशन है, जो ऐसे ट्रैक एथलीटों के लिए है जिन्हें चलने-फिरने और दौड़ने में हल्की-फुल्की तालमेल की समस्या होती है। स्वीमिंग में आर्यन सातवें, साजन आठवें स्थान पर रहे भारत के आर्यन नेहरा पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल के फाइनल में 8:07.26 मिनट का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे। वहीं, साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में 1:58.05 मिनट के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे। वह गोल्ड मेडल जीतने वाले न्यूजीलैंड के लुईस क्लेयरबर्ट से तीन सेकेंड पीछे रहे। सचिन और अंकुश बॉक्सिंग क्वार्टर फाइनल में भारतीय बॉक्सर सचिन सिवाच ने मेंस 60 kg के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब उनका सामना बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 kg में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स का पांचवां दिन:निरुपमा देवी सेरम और हरजिंदर कौर गोल्ड के लिए उतरेंगी; भारतीय खिलाड़ी 5 खेलों में चुनौती देंगे कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ी स्विमिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और पैरा स्विमिंग में चुनौती पेश करेंगे। टीम की सबसे ज्यादा उम्मीदें वेटलिफ्टिंग से रहेंगी। निरुपमा देवी सेरम महिला 63 kg और हरजिंदर कौर महिला 69 kg फाइनल में गोल्ड के लिए उतरेंगी। पूरी खबर
हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स के महिला पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया। शर्मिला का यह सफर आसान नहीं रहा। 2 साल की उम्र में पोलियो के कारण उनका एक पैर प्रभावित हो गया। 26 साल की उम्र में पहले पति ने छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की और जिंदगी की नई शुरुआत की। साल 2018 में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान उन्हें राज्य की पहली महिला कंडक्टर के रूप में नौकरी मिली, लेकिन हड़ताल खत्म होने के बाद नौकरी चली गई। करीब 10 दिन तक बधाइयां मिलने के बाद अचानक नौकरी छिनने से उन्हें बड़ा झटका लगा। तभी उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल करने का संकल्प लिया, जिसे कोई उनसे छीन न सके। पति अजीत के कहने पर उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा। आर्थिक तंगी के चलते ट्रेनिंग का खर्च उठाने के लिए घर तक बेचना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अब जानिए शर्मिला की कहानी… 2 साल की उम्र में पोलियो, एक पैर हुआ प्रभावित शर्मिला धनखड़ हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के छितरौली गांव की रहने वाली हैं। 2 साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया, जिससे उनका एक पैर प्रभावित हो गया। उनके पिता छोटे किसान थे, जबकि मां दृष्टिबाधित हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनका बेहतर इलाज नहीं हो सका। परिवार की परिस्थितियों के चलते कम उम्र में ही उनकी शादी कर दी गई। 26 साल की उम्र में पति ने छोड़ा, फिर नई शुरुआत की 26 साल की उम्र में पहले पति ने उन्हें घर से निकाल दिया। तब तक उनकी दो बेटियां हो चुकी थीं। इसके बाद वह दोनों बेटियों के साथ मायके लौट आईं। 28 साल की उम्र में उन्होंने अजीत से दूसरी शादी की। अखबार में पैरा एथलीट्स की खबर पढ़ने के बाद अजीत ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया। ट्रेनिंग का खर्च उठाने के लिए बेचना पड़ा घर शर्मिला का पैरा एथलेटिक्स का सफर आसान नहीं रहा। 34 साल की उम्र में उन्होंने रेवाड़ी में कोच टेकचंद और देवेंद्र के मार्गदर्शन में F57 कैटेगरी के सीटेड शॉट पुट की ट्रेनिंग शुरू की। आर्थिक तंगी इतनी थी कि 2023 में ट्रेनिंग का खर्च जुटाने के लिए उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा। इसके बाद परिवार किराए के मकान में रहने लगा, लेकिन शर्मिला ने प्रैक्टिस नहीं छोड़ी। 2022 कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान, फिर लगातार सुधार इंग्लैंड के बर्मिंघम में 2022 के पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स में शर्मिला ने शॉट पुट स्पर्धा में हिस्सा लिया और चौथे स्थान पर रहीं। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। सितंबर 2025 में दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया। दोनों बेटियां भी स्टेट लेवल की खिलाड़ी शर्मिला की दोनों बेटियां भी खेलों में करियर बना रही हैं। बड़ी बेटी अनुज (17) जेवलिन थ्रो की खिलाड़ी हैं, जबकि छोटी बेटी लक्ष्मी (13) लॉन्ग जंप की प्रैक्टिस करती हैं। दोनों ही स्टेट लेवल की खिलाड़ी हैं।
CWG 2026 में भारत को बड़ी सफलता मिली। शर्मिला धनखड़ ने महिला शॉट पुट F57 में गोल्ड मेडल जीता, जबकि हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने सिल्वर मेडल हासिल कर भारत की पदक संख्या बढ़ाई।
कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ी स्विमिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और पैरा स्विमिंग में चुनौती पेश करेंगे। टीम की सबसे ज्यादा उम्मीदें वेटलिफ्टिंग से रहेंगी। निरुपमा देवी सेरम महिला 63 kg और हरजिंदर कौर महिला 69 kg फाइनल में गोल्ड के लिए उतरेंगी। दिनभर में कुल 27 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें सबसे ज्यादा 10 स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, 6 एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, 5 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, 3 वेटलिफ्टिंग और 3 लॉन बॉल्स एंड पैरा बॉल्स में होंगे। वेटलिफ्टिंग में दो भारतीयों पर नजर वेटलिफ्टिंग में शाम 6:30 बजे निरुपमा देवी सेरम महिला 63 kg फाइनल में उतरेंगी। इसके बाद रात 11 बजे हरजिंदर कौर महिला 69 kg फाइनल में गोल्ड के लिए चुनौती पेश करेंगी। स्विमिंग में साजन प्रकाश और श्रीहरि नटराज का सेमीफाइनल मैच स्विमिंग में दोपहर 3:26 बजे साजन प्रकाश पुरुष 50 मीटर बटरफ्लाई हीट्स में उतरेंगे। 4:41 बजे श्रीहरि नटराज पुरुष 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट्स खेलेंगे। वहीं 4:57 बजे कार्तिक बुडीगिना और अली इमाम पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल S13 हीट्स में हिस्सा लेंगे। क्वालिफाई करने पर कार्तिक और अली इमाम रात 11:37 बजे फाइनल खेलेंगे। वहीं साजन प्रकाश 12:50 बजे और श्रीहरि नटराज 1:33 बजे सेमीफाइनल में उतरेंगे। एथलेटिक्स में विशाल टीके और राजेश रमेश पर निगाहें एथलेटिक्स में शाम 4:30 बजे विशाल टीके और राजेश रमेश पुरुष 400 मीटर हीट्स दौड़ेंगे। रात 11:35 बजे पूजा सिंह महिला हाई जंप फाइनल खेलेंगे। वहीं 12:55 बजे गुलवीर सिंह पुरुष 10,000 मीटर फाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। बॉक्सिंग में भारत के 4 क्वार्टरफाइनल मुकाबले बॉक्सिंग में रात 10:30 बजे प्रीति पवार महिला 54 kg वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की बॉक्सर से भिड़ेंगी। 11 बजे प्रिया घंघास महिला 60 kg वर्ग के क्वार्टरफाइनल में स्कॉटलैंड की खिलाड़ी का सामना करेंगी। 11:30 बजे परवीन हुड्डा महिला 65 kg वर्ग के क्वार्टरफाइनल में इंग्लैंड की बॉक्सर से भिड़ेंगी। वहीं 12:15 बजे जदुमणि सिंह पुरुष 55 kg वर्ग और 1:30 बजे कपिल पोखरिया पुरुष 90 kg वर्ग के क्वार्टरफाइनल में उतरेंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं जिम्नास्ट प्रोतिष्ठा समांता वॉल्ट फाइनल में पदक से चूक गईं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सोमवार का दिन भारत के लिए बेहद अहम है। लॉन्ग जंप में श्रीशंकर और स्विमिंग में साजन प्रकाश फाइनल में मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम चुनौती पेश करेंगे। वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव, बिंद्यारानी देवी और वी. अजया बाबू से भारत को तीन मेडल की उम्मीद है। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, पैरा एथलेटिक्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी एक्शन में नजर आएंगे। श्रीशंकर फाइनल में पहुंचे भारत के लॉन्ग जंप के एथलीट मुरली श्रीशंकर फाइनल में पहुंच गए हैं। क्वालिफाइंग राउंड के दौरान अपनी पहली ही कूद में 8.01 मीटर दूरी तय कर श्रीशंकर ने फाइनल में जगह बनाई। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीता था। फाइनल के लिए क्वालिफाई करने के लिए 8 मीटर की दूरी तय करनी थी। साजन प्रकाश भी फाइनल में पहुंचे स्विमर साजन प्रकाश मेंस के 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंच चुके हैं। साजन प्रकाश ने हीट 2 में 1:58.59 के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जो उनके 1:57.09 के पर्सनल बेस्ट (PB) से थोड़ा ज्यादा था। वे रात 1:44 बजे होने वाले फाइनल में मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे। हाई जंप में तेजस्विन पर नजर एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों से मेडल की उम्मीद रविवार को मीराबाई चानू और ऋषिकांत सिंह के मेडल जीतने के बाद सोमवार को भी भारत की नजर वेटलिफ्टिंग पर रहेगी। शाम 5:30 बजे महिला 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में ज्ञानेश्वरी यादव चुनौती पेश करेंगी। इसके बाद रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। तीनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। बॉक्सिंग में चार भारतीय मुक्केबाजों की चुनौती बॉक्सिंग में भारत के चार मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे। शाम 4:45 बजे मेंस 60 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सचिन सिवाच का मुकाबला इंग्लैंड के विलियम हेविट से होगा। इसके बाद शाम 6:00 बजे मेंस 80 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में अंकुश का सामना एंटीगुआ एंड बारबुडा के जलान जान से होगा। रात 10:30 बजे विमेंस 51 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में साक्षी चौधरी, बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेल के खिलाफ उतरेंगी। वहीं रात 1:00 बजे मेंस 70 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सुमित कुंडू का मुकाबला नॉर्दर्न आयरलैंड के जॉन मैककॉनेल से होगा। जिम्नास्टिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी मेडल की उम्मीद आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में प्रतिष्ठा सामंता शाम 6:15 बजे महिला वॉल्ट फाइनल में भारत की ओर से मेडल की दावेदार होंगी। पैरा एथलेटिक्स में रात 11:35 बजे महिला शॉटपुट F57 फाइनल में शर्मिला ढांकर और शिल्पा के. शायला उतरेंगी। इसके बाद रात 1:57 बजे पुरुष 100 मीटर T38 फाइनल में राकेशभाई भट्ट और श्रेयांश त्रिवेदी ट्रैक पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा महिला व्हीलचेयर 3x3 बास्केटबॉल में भारतीय टीम शाम 7:30 बजे नाइजीरिया से भिड़ेगी। वहीं लॉन बॉल्स में रात 10:05 बजे पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले मुकाबले में पुतुल सोनोवाल का सामना केन्या के अनवर हमादा से होगा।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान नजमुल हुसैन शांतो को सौंपी गई है। बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम में ऑलराउंडर सौम्य सरकार को शामिल किया गया है। सौम्य आखिरी बार 2021 में टेस्ट फॉर्मेट में खेले थे। दूसरी तरफ, 2023 की WTC चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही इस सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर चुकी है। पहले टेस्ट के लिए बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम नजमुल हुसैन शंतो (कप्तान), सौम्य सरकार, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन, मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहीम, अमीत हसन, जाकिर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज (उप-कप्तान), तैजुल इस्लाम, तास्किन अहमद, हसन महमूद, सैयद खालिद अहमद, इबादत हुसैन चौधरी, मुश्फिक हसन। ISSF वर्ल्ड कप में ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, मनु भाकर को ब्रॉन्ज हांगझोउ में चल रहे ISSF वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार (27 जुलाई) को विमेंस 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत की ईशा सिंह ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि मनु भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। ईशा सिंह के गोल्ड और मनु भाकर के ब्रॉन्ज के साथ मौजूदा टूर्नामेंट में भारत ने कुल तीन मेडल अपने नाम कर लिए हैं। इससे पहले भारतीय निशानेबाज सैन्यम ने विमेंस की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर जीतकर भारत का खाता खोला था। हांगझोउ वर्ल्ड कप में चीन अब तक 14 पदक जीत चुका है, जबकि भारत तीन पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। ग्लासगो में ब्रॉन्ज जीतने वाले झांडू कुमार का दिल्ली में स्वागत ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का खाता खोलने वाले 28 साल के पैरा पावरलिफ्टर झांडू कुमार का दिल्ली लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने मेंस के हेवीवेट कैटेगरी में 130.9 पॉइंट्स के साथ ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाया। एयरपोर्ट पर परिवार, प्रशंसकों और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, हालांकि झांडू ने स्वर्ण पदक न जीत पाने पर थोड़ी मायूसी भी जाहिर की। स्वदेश लौटने पर प्रशंसकों से मिले प्यार के लिए झांडू ने सभी का आभार जताया।
दुनिया में ऐसे नेता बहुत कम हैं, जिन्होंने पहले अपने देश के लिए मैदान में पसीना बहाया और बाद में उसी देश की कमान भी संभाली प्रशांत महासागर के दो द्वीपीय देश, नौरू और न्यूए की कहानी इसी वजह से अलग है। इन दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया। फर्क सिर्फ इतना है कि नौरू के मार्कस स्टीफन राष्ट्रपति बनने से पहले खिलाड़ी थे, जबकि न्यूए के डाल्टन टैगलागी प्रधानमंत्री रहते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरे। मार्कस स्टीफन की कहानी किसी फिल्म जैसी लगती है। 1990 के ऑकलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स में नौरू ने पहली बार हिस्सा लिया। टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी था- 20 साल के मार्कस स्टीफन। किसी को उनसे पदक की उम्मीद नहीं थी। लेकिन उन्होंने एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। उस समय नौरू में वेटलिफ्टिंग फेडरेशन भी नया-नया बना था और उसकी सबसे बड़ी पहचान स्टीफन ही थे। 1992 बार्सिलोना ओलिंपिक में उन्हें एक अजीब मुश्किल का सामना करना पड़ा। नौरू तब तक अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति का सदस्य नहीं बना था। इसलिए उन्हें समोआ के पासपोर्ट पर खेलना पड़ा। 1996 अटलांटा ओलिंपिक तक नौरू को सदस्यता मिल चुकी थी और इस बार स्टीफन अपने देश का झंडा लेकर उद्घाटन समारोह में सबसे आगे चले। उन्होंने चार कॉमनवेल्थ गेम्स में सात गोल्ड और पांच सिल्वर मेडल जीते। यह उपलब्धि अब भी कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग के इतिहास में सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है खेल से संन्यास लेने के एक साल बाद स्टीफन राजनीति में आए। उन्होंने पिता की संसदीय सीट संभाली और 2007 में नौरू के राष्ट्रपति बने। अब वे नौरू के सबसे लंबे समय तक रहने वाले स्पीकर हैं। दूसरी ओर, न्यूए के प्रधानमंत्री डाल्टन टैगलागी ने अलग मिसाल पेश की। उन्होंने 2014 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बाउल्स खेला। 2020 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने 14 वर्षीय बेटे के साथ जोड़ी बनाकर मुकाबले खेले। हालांकि उनकी टीम कोई मैच नहीं जीत सकी। उसी दौरान टीम चयन को लेकर उनके देश में अदालत तक मामला पहुंच गया, लेकिन वे प्रतियोगिता और सरकारी जिम्मेदारियां दोनों निभाते रहे। इस बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों नेता नहीं हैं। स्टीफन अब खेल प्रशासन में सक्रिय हैं, जबकि टैगलागी हाल ही में तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने गए हैं और बेहद कम बहुमत वाली सरकार संभाल रहे हैं। दोनों की राहें अब अलग हैं, लेकिन उनकी कहानी यह बताती है कि छोटे देशों में भी खिलाड़ी सिर्फ मेडल नहीं जीतते, वे कभी-कभी पूरे देश की तकदीर भी लिखते हैं।
वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तारोबा के ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल पाकिस्तान के नाम रहा। वेस्टइंडीज को पहली पारी में 311 रन पर समेटने के बाद पाकिस्तान ने दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 199 रन बना लिए। कप्तान शान मसूद 88 रन बनाकर नाबाद हैं और अपने शतक से सिर्फ 12 रन दूर हैं। पाकिस्तान अभी पहली पारी के आधार पर 112 रन पीछे है, जबकि उसके 7 विकेट बाकी हैं। मोहम्मद अली ने समेटा निचला क्रम दूसरे दिन की शुरुआत में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने पुरानी गेंद से शानदार स्विंग कराई। मोहम्मद अली ने 4 विकेट लेकर वेस्टइंडीज के निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। दिन के तीसरे ओवर में खुर्रम शहजाद ने वेस्टइंडीज के सबसे सफल बल्लेबाज कावेम हॉज को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद मोहम्मद अली ने जस्टिन ग्रीव्स को पवेलियन भेजा। लंच के बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर पहले शमार जोसेफ को बाउंसर पर आउट किया, फिर शाई होप को एलबीडब्ल्यू कर वेस्टइंडीज की पारी 311 रन पर खत्म कर दी। मोहम्मद अब्बास ने रोस्टन चेज, जबकि खुर्रम शहजाद ने केमार रोच का विकेट लिया। मसूद-इमाम ने की 155 रन की साझेदारी जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान शान मसूद और इमाम-उल-हक ने दूसरे विकेट के लिए 155 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मसूद को शुरुआत में किस्मत का साथ भी मिला। पहली ही गेंद पर वे बोल्ड होने से बचे। इसके बाद दूसरी गेंद पर जोमेल वारिकन ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। शुरुआती ओवरों में उनके कई एज चौके के लिए निकल गए। शुरुआती संघर्ष के बाद मसूद ने संयम से बल्लेबाजी की और इमाम के साथ बड़ी साझेदारी निभाई। आखिरी घंटे में वेस्टइंडीज की वापसी दिन के अंतिम सत्र में वेस्टइंडीज ने दो अहम विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की। इमाम-उल-हक अर्धशतक लगाने के बाद शमार जोसेफ की बाहर जाती गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बाबर आजम भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। जयडेन सील्स की गेंद पर विकेटकीपर को कैच देने से पहले उन्होंने 16 रन बनाए। स्टंप्स तक शान मसूद 88 रन पर नाबाद थे। उनके साथ नाइटवॉचमैन क्रीज पर मौजूद थे। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ऋषिकांत के सिल्वर के पीछे परिवार का संघर्ष:मां-बहनों ने मजदूरी की, भाई ने कर्ज लिया, पिता को कैंसर हुआ लेकिन प्रैक्टिस नहीं रुकी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रविवार को ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं, हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान के बाड़मेर में उनके बड़े भाई अमरजीत सिंह टीवी पर हर लिफ्ट देख रहे थे। जैसे ही ऋषिकांत का मेडल पक्का हुआ, अमरजीत की आंखें भर आईं। पूरी खबर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत की झोली में एक और पदक, राजा मुथुपांडी ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर
CWG 2026 में भारत को एक और सफलता मिली। राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में 286 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रविवार को ऋषिकांत सिंह 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं, हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान के बाड़मेर में उनके बड़े भाई अमरजीत सिंह टीवी पर हर लिफ्ट देख रहे थे। जैसे ही ऋषिकांत का मेडल पक्का हुआ, अमरजीत की आंखें भर आईं। यह सिर्फ जीत की खुशी नहीं, बल्कि 15-16 साल के उस संघर्ष की याद थी, जिसमें पूरे परिवार ने ऋषिकांत के सपने पूरा करना ठाना था। मां और दोनों बहनों ने दूसरे के खेतों में मजदूरी की, बड़े भाई ने दोस्तों से कर्ज लेकर उनकी डाइट और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाया। पिता को ब्लड कैंसर होने के बाद भी परिवार ने ऋषिकांत से इलाज के लिए पैसे नहीं लिए, ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो।'बॉक्सिंग करना चाहते थे, कोच ने वेटलिफ्टिंग करने को कहा'ऋषिकांत के बड़े भाई चनंबम अमरजीत सिंह भारतीय सेना में हैं और राजस्थान के बाड़मेर में तैनात हैं। बताते हैं कि 2007-08 में गांव के एक शिक्षक ने मणिपुर सरकार की स्पोर्ट्स अकादमी के बारे में जानकारी दी। उस समय ऋषिकांत छठी कक्षा में पढ़ते थे और बॉक्सिंग करना चाहते थे। परिवार उन्हें ट्रायल दिलाने ले गया, लेकिन अकादमी के कोचों ने उनकी क्षमता देखकर वेटलिफ्टिंग के लिए चुन लिया। यहीं से उनके खेल सफर की शुरुआत हुई। 'नॉर्थ-ईस्ट में पहला मेडल जीता तो परिवार ने आगे बढ़ाने का ठाना'अमरजीत बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पिता शराब की लत से जूझ रहे थे और घर की जिम्मेदारी मां पर थी। परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं। जब ऋषिकांत ने नॉर्थ-ईस्ट की एक प्रतियोगिता में पहला मेडल जीता, तभी परिवार ने तय कर लिया कि हर हाल में उन्हें आगे बढ़ाना है।'मां और बहनों ने खेतों में मजदूरी की'अमरजीत ने बताया, '2009 से 2012 तक सबसे कठिन दौर था। मैं, मां और दोनों बहनें दूसरे के खेतों में मजदूरी करते थे, ताकि ऋषिकांत की डाइट और बाकी खर्च पूरे हो सकें। हॉस्टल में खाना मिल जाता था, लेकिन वेटलिफ्टिंग के लिए अतिरिक्त सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती थी। जितना बन पड़ता, हम उनकी हर जरूरत पूरी करते थे।''दोस्तों से कर्ज लेकर कराया अंतरराष्ट्रीय दौरा'जब पहली बार ऋषिकांत का चयन जूनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ, तब परिवार के पास पैसे नहीं थे। अमरजीत कहते हैं, 'हमने दोस्तों से कर्ज लेकर उन्हें पैसे दिए, ताकि वह भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। बाद में भी कई बार उनकी तैयारी और डाइट के लिए दोस्तों से उधार लेना पड़ा।''पिता को ब्लड कैंसर, फिर भी तैयारी नहीं रुकने दी'अमरजीत के मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के दौरान परिवार पर एक और बड़ा संकट आया। मार्च में जोधपुर एम्स में जांच के दौरान पिता को ब्लड कैंसर होने का पता चला। अभी उनका इलाज चल रहा है।‘ऋषिकांत ने इलाज के लिए पैसे भेजने की बात कही, लेकिन हमने मना कर दिया। नेवी में नौकरी लगने के बाद भी हमने उनसे कभी पैसे नहीं लिए। हम चाहते थे कि उनका पूरा ध्यान कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी और डाइट पर रहे।’ दोनों बहनों की शादी में भी नहीं पहुंच सकेऋषिकांत परिवार में सबसे छोटे हैं। दोनों बहनों की शादी के समय उनके अहम मुकाबले थे। इसी वजह से वह किसी भी शादी में शामिल नहीं हो सके। वह इसके बाद ही घर जा पाए।'अपने सपने छोड़े, ऋषिकांत के गोल्ड का इंतजार'अमरजीत सिंह कहते हैं, 'मैं खुद आगे पढ़ना चाहता था, लेकिन 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। छोटी बहन को डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन हालात ऐसे नहीं थे कि उसका सपना भी पूरा नहीं हो पाता। आज सबसे बड़ी खुशी यही है कि ऋषिकांत ग्रेजुएशन कर चुके हैं और खेलों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।'सिल्वर मेडल जीतने की खुशी तो है, लेकिन मन में एक कसक भी है। लगता है कि शायद हमसे ही कहीं कमी रह गई। अगर हम उनकी हर जरूरत समय पर पूरी कर पाते, तो शायद वह गोल्ड मेडल जीतते।’
मीराबाई चानू को स्वर्ण पदक जीतने पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और खेल मंत्री ने दी बधाई
मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। चानू ने महिला वेटलिफ्टिंग के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सोमवार को पहली बार भारतीय एथलीट ट्रैक एंड फील्ड में चुनौती पेश करेंगे। मेंस के हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम मेडल के लिए उतरेंगे। वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव, बिंद्यारानी देवी और वी. अजया बाबू से भारत को मेडल की उम्मीद रहेगी। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, स्विमिंग, पैरा एथलेटिक्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी खेलते दिखेंगे। हाई जंप में तेजस्विन पर नजर एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे। मेंस 100 मीटर हीट्स में गुरिंदरवीर सिंह दोपहर 2:40 बजे, जबकि मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यानाथन दोपहर 3 बजे लॉन्ग जंप क्वालिफाइंग में उतरेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों से मेडल की उम्मीद रविवार को मीराबाई चानू और ऋषिकांत सिंह के मेडल जीतने के बाद सोमवार को भी भारत की नजर वेटलिफ्टिंग पर रहेगी। शाम 5:30 बजे महिला 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में ज्ञानेश्वरी यादव चुनौती पेश करेंगी। इसके बाद रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। तीनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। बॉक्सिंग में चार भारतीय मुक्केबाजों की चुनौती बॉक्सिंग में भारत के चार मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे। शाम 4:45 बजे मेंस 60 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सचिन सिवाच का मुकाबला इंग्लैंड के विलियम हेविट से होगा। इसके बाद शाम 6:00 बजे मेंस 80 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में अंकुश का सामना एंटीगुआ एंड बारबुडा के जलान जान से होगा। रात 10:30 बजे विमेंस 51 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में साक्षी चौधरी, बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेल के खिलाफ उतरेंगी। वहीं रात 1:00 बजे मेंस 70 किग्रा वर्ग के राउंड-ऑफ-16 में सुमित कुंडू का मुकाबला नॉर्दर्न आयरलैंड के जॉन मैककॉनेल से होगा। स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी मेडल की उम्मीद स्विमिंग में साजन प्रकाश दोपहर 3:00 बजे मेंस 200 मीटर बटरफ्लाई हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 1:44 बजे होने वाले फाइनल में मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे। वहीं आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में प्रतिष्ठा सामंता शाम 6:15 बजे महिला वॉल्ट फाइनल में भारत की ओर से मेडल की दावेदार होंगी। पैरा एथलेटिक्स में रात 11:35 बजे महिला शॉटपुट F57 फाइनल में शर्मिला ढांकर और शिल्पा के. शायला उतरेंगी। इसके बाद रात 1:57 बजे पुरुष 100 मीटर T38 फाइनल में राकेशभाई भट्ट और श्रेयांश त्रिवेदी ट्रैक पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा महिला व्हीलचेयर 3x3 बास्केटबॉल में भारतीय टीम शाम 7:30 बजे नाइजीरिया से भिड़ेगी। वहीं लॉन बॉल्स में रात 10:05 बजे पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले मुकाबले में पुतुल सोनोवाल का सामना केन्या के अनवर हमादा से होगा।
भारत ने तीसरे टी-20 मैच में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। सबसे ज्यादा 151 रन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। वे इंटरनेशनल क्रिकेट में यह अवॉर्ड जीतने वाले दुनिया के यंंगेस्ट खिलाड़ी बन गए। हरारे में सूर्यवंशी ने 49 गेंद पर 81 रन बनाए। वे प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऐसा करने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सूर्यवंशी इस साल टी-20 में भारत के लिए सबसे ज्यादा 86 छक्के लगा चुके हैं। IND Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. सूर्यवंशी ने पहला प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 15 साल 121 दिन की उम्र में यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। सूर्यवंशी ने अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान का रिकॉर्ड तोड़ा। मुजीब 16 साल 328 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने थे। 2. सूर्यवंशी प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले यंगेस्ट भारतीय सूर्यवंशी 15 साल 121 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच बने। वे इंटरनेशनल में यह अवॉर्ड जीतने वाले यंगेस्ट भारतीय बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सचिन ने 17 साल 112 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। सूर्यवंशी ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी भी बने। सिएरा लिओन के एलुसिन तुरे इंटरनेशनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। उन्होंने 15 साल 74 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। 3. सूर्यवंशी की इंटरनेशनल में दूसरी फिफ्टी सूर्यवंशी ने 16 साल की उम्र से पहले इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 15 साल 121 दिन की उम्र में दूसरी फिफ्टी लगाई। उनके अलावा नेपाल के कुशल मल्ला ने 16 साल की उम्र से पहले एक बार 50+ स्कोर बनाया था। 4. सूर्यवंशी इस साल सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय सूर्यवंशी एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीयों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। वे इस साल सभी टी-20 मैच मिलाकर 86 छक्के लगाकर लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। इस मामले में अभिषेक शर्मा पहले स्थान हैं। उन्होंने 2025 में 108 छक्के लगाए थे। टी-20 में कम से कम 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में सूर्यवंशी का प्रति बॉल सिक्स औसत सबसे बेहतर है। वे औसतन हर 5.21 बॉल पर छक्का लगाते हैं। बाकि खिलाड़ियों का रेशियों 7 से ऊपर है। 5. अभिषेक एक सीरीज में सबसे कम रन बनाने वाले भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने इस सीरीज में सिर्फ 11 रन बनाए। वे तीन मैचों की टी-20 सीरीज में सबसे कम रन बनाने वाले भारतीय ओपनर बन गए हैं। उन्होंने शिखर धवन का अनचाहा रिकॉर्ड तोड़ा। धवन ने 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में 19 रन बनाए थे। 6. मयंक यादव ने तीसरी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया मयंक यादव टी-20 में पारी की पहली गेंद पर सबसे ज्यादा बार विकेट लेने वाले भारतीयों में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। दोनों टी-20 में 3-3 बार यह कारनामा कर चुके हैं। 7. कप्तान सिकंदर रजा सातवीं बार शून्य पर आउट सिकंदर रजा टी-20 इंटरनेशनल में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे बतौर कप्तान 7वीं बार शून्य पर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के एरॉन फिंच 8 बार के साथ पहले स्थान पर हैं। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. सूर्यवंशी ने पहली ही गेंद पर चौका लगाया भारतीय पारी की पहली गेंद पर ही वैभव सूर्यवंशी ने चौका जड़ दिया। सिकंदर रजा ने फ्लाइटेड डिलीवरी डाली। सूर्यवंशी ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और शॉर्ट थर्ड मैन के पास से बाउंड्री के पार चली गई। 2. सूर्यवंशी ने 102 मीटर का छक्का लगाया 13वें ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने सिकंदर रजा की गेंद पर छक्का लगाया। रजा ने ओवर की तीसरी गेंद छोटी लेंथ डाली। सूर्यवंशी ने थोड़ा आगे निकले और सामने की ओर 102 मीटर लंबा सिक्स जड़ दिया। 3. इवांस ने सूर्यवंशी का शानदार कैच पकड़ा भारतीय पारी के 15वें ओवर में जिम्बाब्वे के फील्डर ब्रैड इवांस ने डाइव लगाकर शानदार कैच लपका। वेस्ली मधेवेरे की आखिरी गेंद पर सूर्यवंशी ने सामने की ओर शॉट लगाया। टाइमिंग ठीक नहीं हुई और गेंद लॉन्ग-ऑफ की ओर गई। वहां मौजूद ब्रैड इवांस ने आगे की ओर डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़ लिया। 4. ईशान ने आसान कैच छोड़ा, फिर गेंदबाज से माफी मांगी सातवें ओवर में भारतीय विकेटकीपर ईशान किशन ने आसान कैच छोड़ दिया। अशोक शर्मा के ओवर की दूसरी गेंद पर बेन करन ने स्लॉग शॉट लगाया। बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर गेंद हवा में खड़ी हो गई। ईशान गेंद के नीचे आए। हालांकि गेंद उनके दस्तानों से छिटककर उनके सीने पर लगी और नीचे गिर गई। यह देखकर अशोक बेहद निराश हुए। इस दौरान ईशान ने हाथ दिखाकर गेंदबाज से माफी मांगी।
सबसे बड़ी सीख वह अनुभव है जो हमें मिला: सिकंदर रजा
भारत के खिलाफ अंतिम मैच को 35 रन से गंवाने के बाद मेजबान जिम्बाब्वे ने टी20 सीरीज 0-3 से गंवा दी है। अंतिम मैच में शिकस्त झेलने के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का मानना है कि इस सीरीज से मिली अहम सीख उनकी टीम और दुनिया के टॉप क्रिकेट खेलने वाले देशों के बीच के अंतर को कम करने में बहुत काम आएगी।
कप्तान के तौर पर पहली सीरीज जीतना बेहद खास एहसास: श्रेयस अय्यर
भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से जीत ली है। बतौर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की यह पहली सीरीज जीत है। अय्यर ने इस जीत को खास बताया है
'मैन ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड जीतना सपना सच होने जैसा: वैभव सूर्यवंशी
भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को 3 टी20 मैचों की सीरीज में 3-0 से हरा दिया है। तीसरे टी20 में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर मैच और सीरीज पर कब्जा किया
टी20 अंतरराष्ट्रीय में 11वीं बार 'शून्य' पर आउट, सिकंदर रजा के नाम 'अनाचाहा रिकॉर्ड'
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के नाम पर अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। सिकंदर भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में 'गोल्डन डक' का शिकार हुए
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला हरारे में खेला जा रहा है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया है। 1.5 ओवर के बाद भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 20 रन बनाए हैं। वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन पिच पर हैं। सूर्यवंशी 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 21 रन बनाकर क्रीज पर है। सूर्यवंशी ने पहले ही ओवर में दो चौके लगाए। वहीं ईशान ने 6 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारतीय टीम पहले दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुकी है। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा,टीम उसी पिच पर खेल रही है, इसलिए इसके धीरे-धीरे और धीमा होने की उम्मीद है। भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए हैं। प्रिंस की जगह अशोक शर्मा और शिवम दुबे की जगह सूर्यांश को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया है। बता दें कि इसके पहले जिम्बाब्वे के हरारे ग्राउंड में खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल में फिफ्टी लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बन गए थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। मुकाबले में इंटरेस्टिंग मोमेंट्स भी आए, जिसमें सूर्यवंशी ने फिफ्टी लगाने के बाद अपनी मां के नाम का पहला लेटर A का साइन बनाया। उनकी मां का नाम आरती सूर्यवंशी है।
कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, लॉन बॉल्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में चुनौती पेश कर रहे हैं। लॉन बॉल्स में भारत की विमेंस जोड़ी को नामीबिया के खिलाफ टाई-ब्रेक में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी कायम हैं। वहीं, वेटलिफ्टिंग में ऋषिकांत का मुकाबला जारी है। दिनभर में कुल 14 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें सबसे ज्यादा 9 स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, 3 वेटलिफ्टिंग और 2 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में होंगे। जिम्नास्टिक्स और लॉन बॉल्स में कई मुकाबले जिम्नास्टिक में शाम 4:30 बजे योगेश्वर सिंह और तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल खेलेंगे। वहीं रात 10:30 बजे महिला ऑल-अराउंड फाइनल होगा। इसमें भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर उतरेंगे। लॉन बॉल्स में दोपहर 1 बजे रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी महिला पेयर्स सेक्शनल प्ले में नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं शाम 7:15 बजे पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले में माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस का सामना करेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों पर नजर दोपहर 2 बजे ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा फाइनल में गोल्ड के लिए मुकाबला करेंगी। रात 11 बजे एम राजा पुरुष 65 किग्रा फाइनल में हिस्सा लेंगे। स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी चुनौती स्विमिंग में शाम 4:39 बजे श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धाक्शन शशिकुमार पुरुष 4200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर भारतीय टीम रात 1:56 बजे फाइनल खेलेगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 27 जुलाई को होगा। बॉक्सिंग में रात 10:45 बजे प्रीति पवार महिला 54 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में मलावी की डेबोरा मटेंजे से भिड़ेंगी। इसके बाद रात 11:45 बजे जदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में पाकिस्तान के मुक्केबाज का सामना करेंगे। 27 जुलाई को रात 12:45 बजे आदित्य प्रताप यादव पुरुष 65 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में युगांडा के मुक्केबाज के खिलाफ उतरेंगे।
सौरव ने अनाहत को चैंपियन बनने पर दी बधाई
नई दिल्ली, अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप को जीतकर इतिहास रचा। वह इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।
मैच के दौरान बुरी तरह गिरने वाले जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन
ग्लासगो, ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में पुरुषों की टीम फाइनल के दौरान बुरी तरह गिरने के बाद रिकवर हो रहे इंग्लिश जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
भारतीय पुरुष टीम ने जीता गोल्ड, महिला टीम को सिल्वर से करना पड़ा संतोष
मस्कट, भारतीय सब-जूनियर पुरुष टीम एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप के खिताब को अपने नाम किया।
केवम हॉज की दमदार पारी, कैरेबियाई बल्लेबाजों के नाम रहा टेस्ट का पहला दिन
नई दिल्ली, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है।
अभिषेक शर्मा का गेंद से कमाल, नाम हुई बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली, टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 मुकाबले में 90 रनों से रौंदा। इस जीत के नायक अभिषेक शर्मा रहे। हालांकि, अभिषेक ने इस मैच में बल्ले से नहीं, बल्कि गेंद से कमाल किया।
वैभव सोशल मीडिया से ज्यादा ध्यान क्रिकेट पर दे: ईशान किशन
नई दिल्ली, महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले वैभव सूर्यवंशी की चर्चा हर तरफ हो रही है।
भारत की 18 साल की स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता। शनिवार को खेले गए गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में टॉप सीड अनाहत ने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुक्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। इसके साथ ही वे जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। जोशना चिनप्पा का 21 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2005 में रहा था, जब जोशना चिनप्पा फाइनल तक पहुंची थीं। अनाहत ने अब भारत को इस टूर्नामेंट का पहला गोल्ड दिलाया। मिस्र का 15 साल पुराना दबदबा खत्म गर्ल्स जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 2011 से लगातार मिस्र की खिलाड़ी खिताब जीत रही थीं। अनाहत ने फाइनल में रुक्या सलेम को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 6 मैच खेले और सिर्फ 2 गेम गंवाए। पिछले साल ब्रॉन्ज जीता था अनाहत ने पिछले साल जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने उसे गोल्ड में बदल दिया। चार बार की चैंपियन मिस्र की अमीना ओर्फी उम्र सीमा के कारण इस बार टूर्नामेंट में नहीं खेलीं। दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन गर्ल्स वर्ग में अनाहत के अलावा रुद्र सिंह, अनिका दुबे और शानवी कलंकी राउंड ऑफ-32 में बाहर हो गईं। बॉयज वर्ग में आर्यवीर दीवान भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। वे प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। युशा नफीस और गुरवीर सिंह राउंड ऑफ-32, जबकि पुरव रामभिया राउंड ऑफ-64 में हार गए। लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर नजर सीनियर PSA वर्ल्ड रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर होगी, जहां पहली बार स्क्वैश को शामिल किया गया है।
स्पोर्ट्स अपडेट:प्रतिष्ठा सामंत वॉल्ट फाइनल में पहुंचीं, प्रणति नायक चूकीं
कॉमनवेल्थ गेम्स की महिला जिम्नास्टिक स्पर्धा में भारत की 22 साल की प्रतिष्ठा सामंत ने वॉल्ट इवेंट के फाइनल में जगह बना ली। क्वालिफिकेशन में पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठा ने 13.025 अंक के साथ 5वां स्थान हासिल कर टॉप-8 में जगह बनाई। वहीं, भारत की अनुभवी जिम्नास्ट प्रणति नायक 12.555 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं और तीसरी रिजर्व खिलाड़ी बनीं। ईशिता रेवाले (11.725) 15वें तथा निष्का अग्रवाल (11.075) 19वें स्थान पर रहीं। ऑल-अराउंड में प्रतिष्ठा (42.250) 27वें और ईशिता (41.700) 28वें स्थान पर रहीं। दोनों फाइनल में नहीं पहुंच सकीं। टीम इवेंट में भारत 123 अंकों के साथ 9वें स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया (158.400) ने गोल्ड, कनाडा (157.300) ने सिल्वर और इंग्लैंड (154.300) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
अनाहत ने रचा इतिहास, पहली भारतीय वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनीं
अनाहत सिंह ने शनिवार को इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने कनाडा के ओंटारियो के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप में महिलाओं का खिताब जीता
हमें फील्डिंग में सुधार की जरूरत, भारतीय बल्लेबाजों से सीखने में मदद मिलेगी: सिकंदर रजा
मेजबान जिम्बाब्वे को भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में 90 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी। इसी के साथ जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबलों की सीरीज भी गंवा दी है
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज हरारे में खेला जाएगा। मैच शाम 4:30 बजे से शुरू होगा। भारतीय टीम पहले दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुकी है। अब उसकी नजर जिम्बाब्वे का क्लीन स्वीप करने पर होगी। दोनों के बीच अब तक 16 टी-20 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम ने 13 मैच जीते हैं। जिम्बाब्वे को सिर्फ 3 मैचों में जीत मिली है। ईशान-तिलक ने फिफ्टी लगाई मरुमानी और मुजरबानी से उम्मीदें पिच रिपोर्ट और मौसम हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मिलती है, लेकिन विकेट पुराना होने के बाद बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। रविवार को हरारे में मौसम साफ रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं है। तापमान 10 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, मयंक यादव और यश ठाकुर। जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तादीवानाशे मरुमानी, बेन करन, डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी।
कॉमनवेल्थ गेम्स के तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में चुनौती पेश करेंगे। भारतीय की सबसे ज्यादा उम्मीदें वेटलिफ्टिंग से रहेंगी। ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा फाइनल में उतरेंगी। दिनभर में कुल 14 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें सबसे ज्यादा 9 स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, 3 वेटलिफ्टिंग और 2 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में होंगे। जिम्नास्टिक्स और लॉन बॉल्स में कई मुकाबले जिम्नास्टिक में शाम 4:30 बजे योगेश्वर सिंह और तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल खेलेंगे। वहीं रात 10:30 बजे महिला ऑल-अराउंड फाइनल होगा। इसमें भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर उतरेंगे। लॉन बॉल्स में दोपहर 1 बजे रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी महिला पेयर्स सेक्शनल प्ले में नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं शाम 7:15 बजे पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स सेक्शनल प्ले में माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस का सामना करेंगे। वेटलिफ्टिंग में तीन भारतीयों पर नजर दोपहर 2 बजे ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा फाइनल में गोल्ड के लिए मुकाबला करेंगी। रात 11 बजे एम राजा पुरुष 65 किग्रा फाइनल में हिस्सा लेंगे। स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी चुनौती स्विमिंग में शाम 4:39 बजे श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धाक्शन शशिकुमार पुरुष 4200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर भारतीय टीम रात 1:56 बजे फाइनल खेलेगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 27 जुलाई को होगा। बॉक्सिंग में रात 10:45 बजे प्रीति पवार महिला 54 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में मलावी की डेबोरा मटेंजे से भिड़ेंगी। इसके बाद रात 11:45 बजे जदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में पाकिस्तान के मुक्केबाज का सामना करेंगे। 27 जुलाई को रात 12:45 बजे आदित्य प्रताप यादव पुरुष 65 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में युगांडा के मुक्केबाज के खिलाफ उतरेंगे।
भारत ने दूसरे टी-20 में जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। हरारे में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। भारत ने इस साल नौवीं बार टी-20 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। टीम ने इसके साथ ही एक साल में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाने के अपने ही रिकॉर्ड (2024) की बराबरी कर ली। वहीं, जिम्बाब्वे के खिलाफ यह भारत की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत रही। IND Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. भारत ने 2026 में 9वीं बार बनाया 200+ स्कोर टीम इंडिया ने इस साल नौवीं बार टी-20 में 200 या उससे ज्यादा रन बनाए। इससे पहले 2024 में भी भारत ने एक कैलेंडर ईयर में 9 बार 200+ स्कोर बनाया था। दोनों संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा हैं। 2. जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी जीत भारत ने जिम्बाब्वे को 90 रन से हराया। यह टी-20 इंटरनेशनल में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। सबसे बड़ी जीत 2024 में हरारे में मिली थी, जब भारत ने 100 रन से मुकाबला जीता था। 3. बेनेट ने पूरे किए 2 हजार टी-20 रन जिम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट ने टी-20 क्रिकेट में अपने 2,000 रन पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले जिम्बाब्वे के तीसरे बल्लेबाज बने। सिकंदर रजा 3,144 रन के साथ इस सूची में पहले स्थान पर हैं। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. यश ठाकुर को मिली इंटरनेशनल डेब्यू कैप तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्हें पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक ने कैप सौंपी। साथी खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। 2. सूर्यवंशी ने लगातार 4 बाउंड्री लगाईं वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे ओवर में रिचर्ड नगारवा पर चौका, छक्का और लगातार दो चौके जड़ दिए। लगातार चार बाउंड्री लगाने के बाद उन्होंने एक और बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन मिड-ऑन पर ब्लेसिंग मुजरबानी ने उनका कैच पकड़ लिया। सूर्यवंशी ने 9 गेंदों में 20 रन बनाए। 3. बर्ल ने शानदार फील्डिंग से बचाया छक्का भारत की पारी की आखिरी गेंद पर रयान बर्ल ने बाउंड्री लाइन पर शानदार एथलेटिक फील्डिंग की। उन्होंने संतुलन बिगड़ने से पहले गेंद को मैदान के अंदर उछाल दिया, जिससे शिवम दुबे को सिर्फ दो रन मिले और छक्का बच गया। उन्होंने करन की ओर फेंका। करन गेंद से दूर रह गए और शिवम दुबे को 2 रन मिल गया। फिर भी बर्ल ने टीम के लिए छक्का बचाया। 4. कैच की कोशिश में तिलक चोटिल हुए जिम्बाब्वे की पारी के दूसरे ओवर में ब्रायन बेनेट का तेज शॉट तिलक वर्मा के पेट पर जा लगा। कैच छूट गया और तिलक कुछ देर दर्द से मैदान पर लेट गए। बाद में फिजियो ने मैदान पर आकर उनका उपचार किया। 5. यश ठाकुर ने लिया पहला इंटरनेशनल विकेट यश ठाकुर ने ब्रायन बेनेट को आउट कर इंटरनेशनल क्रिकेट का पहला विकेट हासिल किया। बेनेट 19 गेंदों में 32 रन बनाकर रिवर्स स्कूप खेलने के प्रयास में विकेटकीपर ईशान किशन को कैच दे बैठे। यश ने अपने डेब्यू मैच में 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट लिए।
कभी टेनिस की सबसे बड़ी पहचान लंदन का विम्बलडन हुआ करता था। उसकी हरी-बैंगनी रंगत, घास से ढका सेंटर कोर्ट और शाही अंदाज दुनिया भर के खिलाड़ियों और फैंस को आकर्षित करता है। अब उसी पहचान की झलक करीब 5,000 किलोमीटर दूर सऊदी अरब के रेगिस्तान में दिखाई देने वाली है। सऊदी अरब का नया नेशनल टेनिस सेंटर पहली नजर में विम्बलडन की याद दिला सकता है। सेंटर कोर्ट का बाहरी हिस्सा घास जैसा बनाया जाएगा, रंग भी वही हरा और बैंगनी होगा और इसकी डिजाइन भी काफी हद तक ऑल इंग्लैंड क्लब से प्रेरित है। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को डिजाइन करने वाली आर्किटेक्चर कंपनी पॉपुलस वही है, जिसने विम्बलडन के सेंटर कोर्ट की मशहूर रिट्रैक्टेबल रूफ तैयार की थी। रिट्रैक्टेबल रूफ ऐसी छत होती है जिसे जरूरत पड़ने पर खोला और बंद किया जा सकता है। हालांकि, यहां एक बड़ा फर्क भी होगा। बाहर से यह कोर्ट भले ही घास वाला दिखे, लेकिन अंदर खिलाड़ी घास पर नहीं, बल्कि हार्ड कोर्ट पर खेलेंगे। कोर्ट की सतह भी बैंगनी और हरे रंग की होगी। सेंटर कोर्ट में 15 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी और उस पर रिट्रैक्टेबल छत लगाई जाएगी, ताकि 45 से 50 डिग्री तक पहुंचने वाली गर्मी में भी मैच आराम से कराए जा सकें। इसके अलावा 8 हजार क्षमता वाला एक और कोर्ट भी छत से ढका होगा। पूरे परिसर में कुल 30 टेनिस कोर्ट होंगे। इनमें 28 हार्ड कोर्ट, 2 क्ले कोर्ट शामिल हैं। सभी कोर्ट मिलाकर 33 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। सऊदी के लिए यह सिर्फ एक स्टेडियम नहीं, बल्कि विजन 2030 का हिस्सा है। लक्ष्य है कि तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था को खेल, पर्यटन और मनोरंजन के जरिए नई पहचान दी जाए। इसी रणनीति के तहत सऊदी पहले ही कई टूर्नामेंटों का प्रायोजक बन चुका है। 2028 से एटीपी मास्टर्स-1000 टूर्नामेंट की मेजबानी भी करेगा। सिक्स किंग्स स्लैम जैसी प्रदर्शनी प्रतियोगिता में अल्कारेज, जोकोविच और यानिक सिनर जैसे सितारे खेल चुके हैं। 34 लाख करोड़ की लागत से बन रहे शहर का हिस्सा होगा टेनिस सेंटर यह टेनिस सेंटर किद्दिया सिटी का हिस्सा होगा, जो रियाद से करीब 50 किलोमीटर दूर बन रही नई स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट और कल्चर सिटी है। इस पूरे शहर पर लगभग 34 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह शहर आकार में पेरिस से लगभग तीन गुना बड़ा होगा। इसी शहर में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान स्टेडियम, 18 होल का गोल्फ कोर्स, थीम पार्क आदि बनाए जा रहे हैं।
जिम्बाब्वे में भारत के उच्चायुक्त एच.ई. ब्रम्हा कुमार ने हरारे स्थित इंडिया हाउस में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। यह कार्यक्रम दूसरे टी20 मुकाबले से पहले हुआ, जिसमें खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के साथ समय बिताया। अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश के फाइनल में कनाडा के ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत की 16 साल की अनाहत सिंह फाइनल में पहुंच गई हैं। वह 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय हैं। टॉप सीडेड अनाहत ने सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी/चौथी वरीय बार्ब समेह को 3-1 (11-3, 8-11, 11-4, 11-6) से हराया। अब फाइनल में उनका सामना मिस्र की दूसरी वरीय रुकैया सालेम से होगा। जीत मिलने पर अनाहत इस चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन जाएंगी। मैच के बाद अनाहत ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं, लेकिन काम अभी बाकी है। पहली बार फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच भी खुश हैं।' पिछले साल उन्होंने इस टूर्नामेंट में ब्रान्ज मेडल जीता था। एशियाई हॉकी5एस में पुरुष टीम ने ओमान और पाकिस्तान को हराया ओमान के मस्कट में चल रही एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियन चैंपियनशिप में भारतीय टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष टीम ने पहले मेजबान ओमान को 10-1 और फिर पाकिस्तान को 7-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब शनिवार को खिताबी मुकाबले में उसकी फिर पाकिस्तान से भिड़ंत होगी। पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने हाफ टाइम तक 3-0 की बढ़त बना ली थी। कप्तान केतन कुशवाहा ने दो गोल किए, जबकि रोमित पाल, करन गौतम, प्रहलाद राजभर, शाहरुख अली और राहुल यादव ने एक-एक गोल दागा। ओमान के खिलाफ केतन ने चार गोल किए। महिला टीम ने चीन से 3-6 की हार के बाद शानदार वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान को 10-0 से हरा दिया। नौशीन नाज़ ने हैट्रिक लगाई, जबकि संदीप कुमारी ने दो गोल किए। भारत अब शनिवार को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान से खेलेगा। यह टूर्नामेंट पहली बार होने वाले एफआईएच यूथ हॉकी5एस वर्ल्ड कप का एशियाई क्वालिफायर भी है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमें वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: बिहार के झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में जीता कांस्य, देश का बढ़ाया मान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन के बाद पूरे देश में खुशी की लहर।

