एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर; दोहा को मिली 2030 की मेजबानी
Asian Games 2026 का नागोया में समापन हो गया। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। 2030 की मेजबानी दोहा को मिली।
हार्दिक पंड्या चोट की वजह से ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। सीरीज इसी महीने 6 से 11 अक्टूबर के बीच पुडुचेरी में खेली जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी जगह बैटिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को टीम में शामिल किया गया है। सूर्यांश ने बेगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। वे पहले मैच से पहले पुडुचेरी में टीम के साथ जुड़ गए हैं। हार्दिक ने आखिरी बार IPL 2026 में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला था। उन्होंने भारत के लिए आखिरी बार मार्च में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में खेले थे। जून में भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं सूर्यांश सूर्यांश शेडगे ने जून 2026 में बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ T20I से भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब इंडिया A टीम में चुने जाने के कारण वे मुंबई के रणजी ट्रॉफी ओपनर में नहीं खेल पाएंगे। मुंबई को 11 अक्टूबर से वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ पहला मैच खेलना है। नमन धीर भी सीरीज से बाहर हार्दिक के अलावा नमन धीर भी ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 3 अनऑफिशियल वनडे नहीं खेलेंगे। उन्हें 1 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। नमन को वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में मौका मिला है। सुंदर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए T20I टीम से रिलीज किया गया है। वे तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी खेलेंगे। ऋतुराज गायकवाड़ कप्तान, पडिक्कल उपकप्तान ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ वनडे सीरीज में ऋतुराज गायकवाड़ इंडिया A की कप्तानी करेंगे। देवदत्त पडिक्कल उपकप्तान होंगे। टीम में साई सुदर्शन, रजत पाटीदार, प्रियांश आर्य, प्रिसिमरन सिंह, विप्रज निगम और यश ठाकुर समेत कई खिलाड़ी शामिल हैं। इंडिया A का स्क्वॉड: ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), प्रियांश आर्य, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल (उपकप्तान), रजत पाटीदार, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अर्शिन कुलकर्णी, अरशद खान, प्रिसिमरन सिंह (विकेटकीपर), गुरजपनीत सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान वनडे ट्राई-सीरीज से असलंका बाहर:खराब फॉर्म के चलते फैसला; निसांका की टीम में जगह फिटनेस पर निर्भर श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। पूरी खबर
Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत
(अजय मसंद)नागोया, चार अक्टूबर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं को आइची-नागोया एशियाई खेलों में एक कड़वी वास्तविकता का सामना करना पड़ा जहां पिछले हांगझोउ खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद एक और बड़ी छलांग की उम्मीद थी लेकिन अभियान पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट के साथ समाप्त हुआ। भारत ने कुल पदक तालिका में अपना चौथा स्थान बरकरार रखा लेकिन इस बार उसके खाते में 85 पदक ही रह गए जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यह पिछले एशियाई खेलों में हासिल किए गए 106 पदकों से 21 कम और स्वर्ण पदकों के मामले में सात कम है। वर्ष 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखने वाले भारत को ये आंकड़े याद दिलाते हैं कि शानदार प्रदर्शन करना एक बात है लेकिन लगातार प्रगति बनाए रखना कहीं अधिक कठिन चुनौती है। शीर्ष पर चीन का दबदबा कायम रहा। उसने 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण और कुल 269 पदकों के साथ दूसरे तथा दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण और 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत का चौथे स्थान पर रहना अब भी उसे एशिया के प्रमुख खेल राष्ट्रों में बनाए रखता है। यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है लेकिन शीर्ष पर मौजूद देशों और भारत के बीच अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता। भारत के पदक अभियान में कमी का सबसे बड़ा कारण उसका दो पारंपरिक मजबूत खेलों निशानेबाजी और एथलेटिक्स का अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाना रहा। दोनों खेलों से काफी उम्मीदें थीं लेकिन हांगझोउ की तुलना में भारत को इस बार कम पदक मिले। इससे निरंतरता, दबाव से निपटने और तैयारी में मौजूद कमियां उजागर हुईं। निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन खास तौर पर गिरा। पिछली बार सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य सहित 22 पदक जीतने वाली 30 सदस्यीय भारतीय टीम इस बार जापान से तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित 15 पदक लेकर लौटी। अभियान की शुरुआत कई मौकों के हाथ से निकलने और दावेदारों के लड़खड़ाने से हुई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का अभियान निराशाजनक रहा और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत पदक नहीं जीत सका। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत, आकाश भारद्वाज और केदारलिंग उचागांवने की टीम भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। सुरूचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत का निशानेबाजी में सोने के तमगे का खाता खोला। हालांकि टीम का माहौल बदलने वाली खिलाड़ी नीरू ढांडा रहीं। सत्ताइस वर्षीय नीरू ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत एशियाई खेल स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और काइनान चेनाई के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और स्वर्ण पदक जीता। लेकिन नीरू की शानदार उपलब्धियां भारतीय निशानेबाजी की व्यापक चिंताओं को पूरी तरह नहीं छिपा सकीं। एथलेटिक्स में भी भारत को बड़ा झटका लगा। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण हट गए और भारत का एक बड़ा स्वर्ण पदक दावेदार बाहर हो गया। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। तेजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी नहीं कर सके, जबकि लंबी कूद के मुरली श्रीशंकर और ऊंची कूद के सर्वेश कुशारे को रजत से संतोष करना पड़ा। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि भारत मुकाबले में तो है, लेकिन पदक के रंग को स्वर्ण में बदलने में अभी अंतर बाकी है। चोटों ने भी परेशानी बढ़ाई। ज्योति याराजी ने अभ्यास के दौरान घुटने में दर्द और परेशानी महसूस होने के बाद महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ की शुरुआती हीट से पहले नाम वापस ले लिया। घुटने की गंभीर चोट से वापसी कर रहे अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर रहे। किरण पाहल, एम पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने एथलेटिक्स का एकमात्र स्वर्ण दिलाया। हालांकि हांगझोउ में छह स्वर्ण जीतने वाले इस खेल का प्रदर्शन इस बार काफी नीचे रहा। निराशाजनक प्रदर्शन को असमान तैयारियों ने और मुश्किल बना दिया। खिलाड़ियों के आवास से जुड़ी समस्याएं, समर्पित खेल गांव का अभाव और लगातार परिवहन संबंधी दिक्कतों ने उनकी दिनचर्या प्रभावित की। प्रतियोगिता स्थलों तक लंबी यात्राएं, बसों में देरी और उबरने के लिए कम समय ने खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाला। ये समस्याएं हालांकि हम पदकों का बहाना नहीं हैं क्योंकि सुविधांए सभी के लिए समान थीं। इसके बावजूद आइची-नागोया खेलों ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू भी दिखाया और वह यह है कि देश का खेल आधार लगातार व्यापक हो रहा है। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। वह व्यक्तिगत रिकर्व में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते जिससे उसका कुल पदक प्रदर्शन हांगझोउ के बराबर रहा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि रिकर्व तीरंदाजों ने सभी पांच स्पर्धाओं में पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल रहा। यह दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने की भारत की गंभीर क्षमता का संकेत है। कुश्ती में भारत ने छह पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण शामिल रहे। सुजीत कलकल और अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक की राह में ओलंपिक और विश्व चैंपियनों को हराया। ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे। इसके विपरीत गोल्फ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की महिला टीम ने रजत पदक जीता जिससे भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार महिला टीम गोल्फ पदक हासिल किया। मुक्केबाजी ने भी भविष्य के लिए उम्मीद जगाई। परवीन हुड्डा ने 22 महीने के निलंबन के बाद शानदार वापसी करते हुए महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। हांगझोउ में जीता उनका कांस्य पदक निलंबन के कारण उनसे छिन गया था। लवलीना बोरगोहेन ने हांगझोउ के रजत पदक को इस बार स्वर्ण में बदला जबकि अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में एक और स्वर्ण भारत की झोली में डाला। हॉकी में भारतीय महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। उसने फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराया। लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया जबकि गोलकीपर बिचु देवी ने शानदार प्रदर्शन किया और अनुभवी सविता पूनिया ने पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इस स्वर्ण से भी बड़ी उपलब्धि थी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना रही। इससे क्वालीफिकेशन की अनिश्चितता खत्म हुई और भारतीय टीम को तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बढ़त मिली। पिछले 10 महीनों में नए कोचिंग ढांचे के तहत टीम में आया बदलाव यह दिखाता है कि लगातार और योजनाबद्ध तैयारी से क्या हासिल किया जा सकता है। पुरुष टीम ने भी एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिलिस का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में 4-3 की जीत के बाद भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराया। क्रिकेट ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में समाप्त किया। भारत ने पुरुष फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। श्रेयस अय्यर की टीम ने दबाव भरे मुकाबले में अपना धैर्य बनाए रखा। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। आइची-नागोया खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, नए क्षेत्रों में सफलता और भारत के पदक आधार के विस्तार के कई संकेत मिले। लेकिन निशानेबाजी और एथलेटिक्स की नाकामी ने उन कमियों को भी उजागर किया जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
'मैं बतौर बल्लेबाज मैदान पर अधिक समय बिताना चाहता था', अपनी शानदार शतकीय पारी को लेकर बोले राहुल
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। केएल राहुल ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में उनकी नाबाद 129 रन की पारी सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं थी, बल्कि क्रीज पर ज्यादा समय बिताने और अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए भी थी।
Asian Games में स्वर्ण जीतने वाली Indian Hockey टीम को ओडिशा सरकार देगी नकद इनाम
भुवनेश्वर, चार अक्टूबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को साढ़े पांच लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। भारत ने शनिवार को मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियाई खेलों में दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला टीम ने फाइनल में गत चैंपियन और ऊंची रैंकिंग वाली चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीता था और ओलंपिक का टिकट भी हासिल किया था। यह पहली बार है जब एशियाई खेलों के एक ही चरण में भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों को 11-11 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ को साढ़े पांच-पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। ’’मुख्यमंत्री ने टीम के प्रत्येक सदस्य को बधाई दी और इस यादगार उपलब्धि में उनके योगदान की सराहना की। कार्यालय ने कहा, ‘‘भारतीय हॉकी से ओडिशा का गहरा जुड़ाव रहा है। राज्य को अपने चैंपियनों पर गर्व है। राज्य खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए लगातार समर्थन देता रहेगा। ’’माझी ने राज्य के भारतीय पुरुष हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों अमित रोहिदास और शिलानंद लकड़ा से भी बात की और उनके प्रदर्शन की सराहना की। ओडिशा सरकार 2036 तक भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों की आधिकारिक प्रायोजक है। वर्ष 2018 में ओडिशा राष्ट्रीय हॉकी टीमों को प्रायोजित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
पाकिस्तान : तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
नई दिल्ली, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने 13 साल लंबे इंटरनेशनल करियर पर ब्रेक लगाने का फैसला किया है।
Irani Cup: शेष भारत ने जम्मू कश्मीर को 167 रन से हराया, मुकेश कुमार ने लिए छह विकेट
श्रीनगर, चार अक्टूबर मुकेश कुमार (33 रन पर छह विकेट) और आकाश दीप (25 रन पर तीन विकेट) की घातक गेंदबाजी की दम पर शेष भारत ने रविवार को चौथे और आखिरी दिन जम्मू-कश्मीर को 167 रन से हराकर ईरानी कप का खिताब जीत लिया। जीत के लिए 279 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही जम्मू-कश्मीर की टीम को ट्रॉफी अपने नाम करने के लिए केवल ड्रॉ की जरूरत थी। पहली पारी में 41 रन की बढ़त लेने वाली जम्मू कश्मीर की टीम मुकेश और आकाश दीप की धारदार गेंदबाजी के आगे दूसरी पारी में महज 111 रन पर ढेर हो गई। सलामी बल्लेबाज शुभम खजूरिया (32) और कामरान इकबाल (32) ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़कर टीम को जम्मू कश्मीर को अच्छी शुरुआत दिलाई। आकाश दीप ने इकबाल को पगबाधा कर इस साझेदारी को तोड़ा। मुकेश ने लंच से ठीक पहले 15वें ओवर में लगातार दो गेंदों पर शुभम पुंडीर और कप्तान पारस डोगरा (शून्य) को आउट कर जम्मू-कश्मीर को दोहरा झटका दिया। डोगरा के खिलाफ मुकेश की गेंद हल्की-सी बाहर निकली और उनके डिफेंस को भेदते हुए मिडिल स्टंप उखाड़ गई। लंच के समय जम्मू-कश्मीर का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 89 रन था। खजूरिया 36 और अब्दुल समद छह रन बनाकर क्रीज पर थे। लंच के बाद पहली ही गेंद पर आकाश दीप ने खजूरिया को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की पारी पूरी तरह लड़खड़ा गयी और टीम ने अगले नौ ओवर में महज 22 रन जोड़कर अपने छह विकेट गंवा दिए। मैच में आकाश दीप के शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम प्रबंधन भी खुश होगा। उन्होंने कुल 23.3 ओवर गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए। न्यूजीलैंड के आगामी दौरे को देखते हुए आकाश का यह प्रदर्शन खासा अहम माना जा रहा है। चोट से उबरने के बाद वह अब चयन के लिए पूरी तरह फिट नजर आ रहे हैं। शेष भारत ने इससे पहले ने अपनी दूसरी पारी में बीते दिन के आठ विकेट पर 306 रन के स्कोर से आगे खेलते हुए ज्यादा देर बल्लेबाजी नहीं की और 319 रन पर ऑलआउट हो गई। जम्मू कश्मीर की ओर से उमर नजीर, सुनील कुमार और साहिल लोटरा ने तीन-तीन विकेट लिए। शेष भारत के गेंदबाजों ने उससे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए टीम को शानदार जीत दिला दी।
श्रेयस अय्यर : सीरीज जीतना पहली प्राथमिकता
नई दिल्ली, वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्रयोग करने से ज्यादा नतीजों पर ध्यान देने की बात कही है। उनका कहना है कि अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाने से पहले सीरीज जीतना प्राथमिकता होगी।
20वें एशियन गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी शुरू हो चुकी है। जापान के नागोया शहर स्थित नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में कल्चरण इवेंट्स चल रहे हैं। सेरेमनी के दौरान भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने तिरंगा थामा। इससे पहले सऊदी अरब के घुड़सवार हमद अलदुहामी ने गेम्स का आखिरी गोल्ड मेडल जीता। क्लोजिंग सेरेमनी के 2 फोटो एशियन गेम्स 2026 की फाइनल मेडल टैली सऊदी अरब के घुड़सवार ने जीता आखिरी गोल्ड एशियन गेम्स 2026 का आखिरी गोल्ड मेडल सऊदी अरब के घुड़सवार हमद अलदुहामी ने जीता। वे घुड़सवारी के शो जम्पिंग इवेंट में चैंपियन बने। उन्हीं के देश के अब्दुलरहमान बदर एम अलराजही को सिल्वर और कतर के मोहम्मद बासेम को ब्रॉन्ज मिला। थाईलैंड के एथलीट और चीन की तैराक को MVP अवॉर्ड थाईलैंड के एथलीट बूनसोन पुरिपोल और चीन की 13 साल की तैराक यू जिदी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर अवॉर्ड दिया। बूनसोन ने पुरुषों की 100 मीटर रेस में सेमीफाइनल में 9.91 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में उन्होंने 9.90 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता। फिर 200 मीटर के सेमीफाइनल में 20.10 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में 19.88 सेकंड के साथ गोल्ड जीता। उनका समय एशियन रिकॉर्ड की बराबरी वाला रहा। यू जिदी ने महिलाओं की 200 मीटर बटरफ्लाई में 2:05.08 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 2:06.10 का एशियन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 4:28.56 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। यू जिदी ने 13 साल की उम्र में तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। वे एशियन गेम्स के इतिहास की सबसे कम उम्र की MVP बनीं।
शुभमन गिल ने जडेजा के वर्ल्ड कप सेलेक्शन पर दी बड़ी सफाई, कहा- 'जड्डू भाई को आराम दिया'
मुल्लनपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए तीसरे व अंतिम वनडे मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में जगह न मिलने पर कई सवाल खड़े हो रहे थे।
रेस्ट ऑफ इंडिया ने 31वीं बार ईरानी कप का खिताब जीत लिया है। टीम ने जम्मू-कश्मीर को 167 रन से हराया। श्रीनगर में 1 से 5 अक्टूबर तक खेले गए मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया ने पहली पारी में 237 और दूसरी पारी में 319 रन बनाए। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर की टीम पहली पारी में 278 और दूसरी पारी में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मुकेश कुमार ने 6 विकेट लिए दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 28.4 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। क्वामरान इकबाल ने 32 और शुभम खजूरिया ने 36 रन बनाए। इनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। रेस्ट ऑफ इंडिया के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 10.4 ओवर में 33 रन देकर 6 विकेट लिए। आकाश दीप ने 3 और मुकेश चौधरी ने एक विकेट हासिल किया। रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए स्मरण का शतक रेस्ट ऑफ इंडिया की दूसरी पारी में रविचंद्रन स्मरण ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने 153 गेंदों पर 135 रन बनाए। उनकी पारी में 16 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। स्मरण के अलावा सनत सांगवान ने 55 और सुधीप कुमार घरामी ने 33 रन बनाए। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 41 रन की बढ़त ली रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम पहली पारी में 237 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम ने 68.1 ओवर में 237 रन बनाए। रविचंद्रन स्मरण ने सबसे ज्यादा 68 रन बनाए, जबकि शिखर मोहन ने 60 रन की पारी खेली। जम्मू-कश्मीर की ओर से सुनील कुमार ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 278 रन बनाए। पारस डोगरा ने 75, लोन नासिर ने 64 और अब्दुल समद ने 57 रन की पारी खेली। इस तरह जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी के आधार पर रेस्ट ऑफ इंडिया पर 41 रन की बढ़त हासिल की। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया सबसे सफल टीम रेस्ट ऑफ इंडिया ने अब तक 63 बार ईरानी कप खेला है और 31 बार खिताब जीता है। मुंबई 15 खिताब के साथ दूसरे नंबर पर है।
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) की गवर्निंग काउंसिल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने के लिए प्रणवी उर्स को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसके अलावा, सिल्वर जीतने वाली महिला गोल्फ टीम के प्रत्येक सदस्य को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे। महिला टीम में प्रणवी के साथ ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल हैं।
नागोया, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों के तीन गोल्ड समेत 6 मेडल जीतने के बाद बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के प्रेसिडेंट अजय सिंह ने पिछले दशक में भारतीय बॉक्सिंग की लगातार तरक्की की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले भारत वर्ल्ड बॉक्सिंग में 44वें नंबर पर था और अब टॉप पर है।
मुकेश कुमार ने गेंद से मचाया तहलका, ईरानी कप में सिर्फ 33 रन देकर झटके 6 विकेट; ROI बना विजेता
भारतीय घरेलू क्रिकेट में ईरानी कप इस बार शेष भारत और जम्मू-कश्मीर की टीम के बीच में खेला गया जिसको ऋषभ पंत की कप्तानी में शेष भारत की टीम 167 रनों से अपने नाम करने में कामयाब रही जिसमें तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने अपने 6 विकेट हॉल से अहम भूमिका अदा की।
Harmanpreet Singh के दो गोल से भारत ने जीता एशियाई खेलों का स्वर्ण
(फिलेम दीपक सिंह)काकामिगाहारा (जापान), चार अक्टूबर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उनकी टीम को भरोसा था कि वे विश्व कप की निराशा को पीछे छोड़कर एशियाई खेलों का खिताब जीतने के साथ 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकते है। हरमनप्रीत ने शनिवार को फाइनल में दो गोल किए जिससे भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘फाइनल हर खिलाड़ी के लिए बड़ा मौका था। कुछ खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे जबकि कुछ चौथी, तीसरी या दूसरी बार खेल रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता था कि हम यहां स्वर्ण पदक जीतने और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने आए हैं। लक्ष्य स्पष्ट था।’’एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। टीम ने अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड में हुए विश्व कप में निराशाजनक नौवां स्थान हासिल किया था। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘पूरा साल हमारे लिए बहुत कठिन रहा क्योंकि हमने कई टूर्नामेंट खेले। विश्व कप हमारे लिए अच्छा नहीं रहा लेकिन हमें पता है कि हम एशिया में हमेशा दबदबा रखते हैं। हम यहां अपने खिताब का बचाव करने आए थे।’’हरमनप्रीत ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को बढ़त दिलाई और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर टीम की ओर से पांचवां गोल किया। हरमनप्रीत लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। हॉकी खेलने की शुरुआत के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘यह कोई योजना नहीं थी। जब मैं स्कूल में था तो चुनने के लिए कई खेल थे। मैं हॉकी नहीं खेलना चाहता था, लेकिन हॉकी ने मुझे चुन लिया। और वहीं से मेरी यात्रा शुरू हुई।’’गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने कहा कि टीम 2028 ओलंपिक की तैयारी पूरी ताकत के साथ करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में खेलना होता है। अब तैयारी शुरू होगी और हम पूरी ताकत के साथ तैयारी करेंगे। हमें उम्मीद है कि लॉस एंजिलिस में हम पदक जीतेंगे।’’मोहित ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव आए। हमारा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर था। उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने हर मैच में अपना 100 प्रतिशत दिया।’’चौबीस वर्षीय मोहित ने बताया कि उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक जीतते हुए टेलीविजन पर देखा था और इससे उन्हें सीनियर टीम में जगह बनाने की प्रेरणा मिली।
चाइना ओपन: दुनिया की 34वें नंबर की खिलाड़ी से हारीं नंबर 2 एरिना सबालेंका
बीजिंग, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका को रविवार को चाइना ओपन के तीसरे राउंड में चेक रिपब्लिक की निकोला बार्टुंकोवा ने सीधे सेटों में हरा दिया।
वनडे सीरीज के बाद क्या बोले कप्तान शुभमन गिल?
न्यू चंडीगढ़, भारत और वेस्टइंडीज के बीच शनिवार को पीसीए स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला गया। इस मैच में वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए भारत को 5 विकेट से हरा दिया। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस मैच में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने जडेजा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने की वजह बताई।
शुभमन गिल : अगली सीरीज से हमारे सभी प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध होंगे
न्यू चंडीगढ़, भारत के कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि टीम को अगली सीरीज से ही वही प्लेइंग कॉम्बिनेशन अपनाना शुरू कर देना चाहिए, जिसे वर्ल्ड कप में उतारने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में अब सिर्फ एक साल का समय बचा है, इसलिए लगातार नए प्रयोग करने के बजाय टीम को अपने सबसे मजबूत संयोजन के साथ खेलना चाहिए।
Anahat Singh ने एशियाई खेलों के रजत पदक के बाद 2028 Olympics पर साधी नजरें
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अनाहत सिंह जानती थीं कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना ‘बहुत यथार्थवादी’ लक्ष्य नहीं था लेकिन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर रह जाना इस भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के लिए निराशा के साथ-साथ प्रेरणा का भी कारण बना और अब उनकी नजरें 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है। अनाहत एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्क्वाश स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। हालांकि उन्हें दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई खिलाड़ी सिवसांगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अगर अनाहत फाइनल जीत जातीं तो उन्हें 2028 ओलंपिक में सीधे जगह मिल जाती लेकिन यह 18 वर्षीय खिलाड़ी अब पीएसए रैंकिंग में ऊपर चढ़कर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। स्वदेश लौटने के बाद अनाहत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से काफी निराश थी। दोबारा खुश होने या थोड़ा बेहतर महसूस करने में मुझे कुछ दिन लगे। फाइनल में हारना अच्छा नहीं लगता, विशेषकर तब जब आप किसी बड़े मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद खिताब के इतने करीब पहुंच जाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सकारात्मक पहलुओं को देखने की कोशिश करूंगी और इसे इस रूप में देखूंगी कि मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। अगर मैं शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन कर सकती हूं तो इसमें मेरे लिए कई अच्छी बातें भी हैं।’’अनाहत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं लेकिन उन्हें पता था कि मजबूत खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए यह आसान लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पहला लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतना था। मुझे पता था कि यह बहुत यथार्थवादी लक्ष्य नहीं था लेकिन निश्चित रूप से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास वैकल्पिक योजना भी होनी है जिसका मतलब रैंकिंग के जरिए क्वालीफाई करना है। अब मैं यही करने की कोशिश करूंगी। अगले 18 महीने में मैं अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलने और उनमें अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दूंगी, जिससे कि रैंकिंग में ऊपर जा सकूं और ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर सकूं।’’सीधे क्वालीफिकेशन का मौका हाथ से निकलने के बाद अनाहत ने अब अपना पूरा ध्यान पीएसए रैंकिंग पर लगा दिया है। अनाहत और अभय सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक जीते, जबकि भारतीय महिला और पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किए। भारतीय महिला स्क्वाश टीम की कोच सुरभि मिश्रा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश थीं लेकिन उनका मानना था कि टीम स्पर्धाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते थे। सुरभि ने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। अनाहत और अभय ने बहुत अच्छा किया। टीम स्पर्धा में थोड़ी निराशा है क्योंकि हम शायद थोड़ा बेहतर कर सकते थे। हम जीत से बस कुछ अंक दूर थे।’’कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं तन्वी खन्ना ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय स्क्वाश में हो रही प्रगति को दिखाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन शानदार रहा। हमारे पास फाइनल में पहुंचने का मौका था, लेकिन इसके बावजूद टीम के रूप में हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और दिखाया कि हम शीर्ष स्तर पर हैं। उम्मीद है कि अगली बार हम स्वर्ण पदक के साथ लौटेंगे।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को गोल्ड मेडल मैच में 19 रनों से धूल चटाने के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं इस मैच के बाद टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन का बड़ा बयान सामने आया जिसमें उन्होंने साफ कहा कि हमें गोल्ड मेडल कोई थाली में परोसा हुआ नहीं मिला।
एशियन गेम्स में भारत का अभियान समाप्त हो चुका है। जापान में 16 दिन चले गेम्स में भारत चौथे स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज सहित 85 मेडल दिलाए। 5 खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई, जबकि 23 खिलाड़ियों ने 2-2 मेडल जीते। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की पुरुष-महिला टीमों ने गोल्ड जीते। सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलीट्स ने जीते भारत को सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलेटिक्स में जीते। आर्चरी और शूटिंग के 5-5 खिलाड़ी ने दोहरे पदक जीते। स्क्वैश के चार और गोल्फ की प्रणवी उर्स को 2 मेडल मिले। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की दोनों टीमों में एशियन चैंपियन सिंगल मेडल जीतने वाले खिलाड़ी ---------------------------------------------------- एशियन गेम्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 24 साल बाद लड़कों से आगे हुई भारत की लड़कियां, शूटिंग-एथलेटिक्स में इस बार 9 स्वर्ण का नुकसान एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। पढ़ें पूरी खबर
Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, चार अक्टूबर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत-पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट फाइनल और पुरुष हॉकी सेमीफाइनल सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबले रहे। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि आइची-नागोया खेलों में खिलाड़ियों को ‘सर्वश्रेष्ठ माहौल’ उपलब्ध कराया गया जिसका प्रमाण 212 रिकॉर्ड हैं। भारत ने काकामिगाहारा के गिफू प्रांतीय ग्रीन स्टेडियम में पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराया। इसके बाद भारत ने फाइनल में मलेशिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने पुरुष क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया। ओसीए समन्वय समिति के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘प्रसारण को खेलों के इतिहास में सबसे अधिक दर्शक मिले। इसके पीछे दो बड़े मुकाबले रहे। कल पाकिस्तान-भारत क्रिकेट मैच खेलों का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला रहा और उससे एक दिन पहले (बृहस्पतिवार को) पाकिस्तान-भारत हॉकी मैच खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला था।’’पारंपरिक खेल गांव को खत्म करके लागत घटाने के फैसले, सीमित जगह वाले आवास और परिवहन संबंधी परेशानियों के कारण इन खेलों की व्यवस्थाओं की आलोचना हुई। आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव की जगह करीब 17,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए होटल के कमरों, अस्थायी लकड़ी के कंटेनरों और एक क्रूज जहाज का इस्तेमाल किया। हालांकि इकराम ने कहा कि इतने बड़े बहु-खेल आयोजनों में संचालन संबंधी चुनौतियां हमेशा रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कुछ शिकायतें थीं और कुछ मुद्दे सामने आए। निश्चित रूप से कुछ चुनौतियां थीं, लेकिन हमने जिस तरह उन चुनौतियों का सामना किया, उसे अधिक महत्वपूर्ण तरीके से रेखांकित किया जाना चाहिए।’’इकराम ने कहा, ‘‘हमने अपने खिलाड़ियों को बेहतर परिस्थितियां, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था देने की कोशिश की। हमने ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों और अन्य महाद्वीपीय खेलों जैसे कई बड़े आयोजन देखे हैं और संचालन में हमेशा कुछ चुनौतियां होती हैं।’’खिलाड़ियों के आवास के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने इसे काफी अच्छी तरह स्वीकार किया। यह अनुकूलन का विषय था। बड़े खेल गांव का बाद में कोई उपयोग नहीं होता, यह अलग मॉडल था। हां, भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।’’ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम ने कहा कि आइची-नागोया खेलों के दौरान 54 विश्व रिकॉर्ड, 11 जूनियर विश्व रिकॉर्ड, 89 एशियाई रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के लिए बनाए गए सर्वश्रेष्ठ माहौल के बिना संभव नहीं थी।’’हुसैन ने कहा, ‘‘अगर खिलाड़ी अच्छी नींद नहीं लेते, अच्छा खाना नहीं खाते और उनके लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था नहीं होती तो वे प्रदर्शन नहीं कर सकते। हमें खुशी है कि आयोजन समिति पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ा और नागोया या कहीं भी कोई ऐसी बड़ी स्थायी परियोजना नहीं बची जिसका बाद में उपयोग नहीं हो।’’खेलों से ओसीए को हुए आर्थिक लाभ के बारे में अल-मुसल्लम ने कहा, ‘‘इन खेलों में ओसीए की मार्केटिंग और प्रायोजन से होने वाली आय 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक रही।’’खेलों को विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने के बारे में इकराम ने कहा, ‘‘ये खेल एक अलग मॉडल था। इनकी खासियत यह थी कि इन्हें अलग-अलग प्रांत में आयोजित किया गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक खेल भी इसी तरह के मॉडल पर विचार कर रहा है, जिसमें गोल्ड कोस्ट समेत दो या तीन मुख्य केंद्रों में खेल आयोजित किए जाएंगे।
श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने रविवार को एक्स पर टीम का ऐलान किया। कुसल मेंडिस ट्राई-सीरीज में श्रीलंका की कप्तानी करेंगे। वनडे ट्राई-सीरीज 18 से 31 अक्टूबर तक रावलपिंडी और लाहौर में खेली जाएगी। इसमें श्रीलंका, पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हिस्सा लेंगी। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी निसांका चोट के कारण इस हफ्ते घोषित टी-20 इंटरनेशनल टीम में शामिल नहीं किए गए थे। वहीं, असलंका को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों वनडे खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 1, 11 और 7 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी। वहां पहले तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद वनडे ट्राई-सीरीज होगी। नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली जाएगी। इंग्लैंड सीरीज के 14 खिलाड़ी बरकरार पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में खेलने वाले 14 खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। सहान अराचिगे और अविष्का फर्नांडो टीम में दो नए चेहरे हैं। 30 साल के सहान ने श्रीलंका के लिए पांच वनडे और तीन टी-20 खेले हैं। उनका आखिरी 50 ओवर का मैच जनवरी 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ था। अविष्का ने श्रीलंका के लिए आखिरी वनडे 12 फरवरी 2025 को कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्हें 51 वनडे खेलने का अनुभव है। उनके नाम 1,589 रन हैं। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज श्रीलंका ट्राई-सीरीज में अपना पहला मैच 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से मुकाबला होगा। श्रीलंका का तीसरा मैच 27 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होगा। टीम 29 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से फिर खेलेगी। फाइनल 31 अक्टूबर को गद्दाफी स्टेडियम में होगा। पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानागे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, महीश तीक्षणा, सचिंदु कोलंबगे, दुश्मंथा चमीरा, असिथा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा और पाथुम निसांका।
श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने रविवार को एक्स पर टीम का ऐलान किया। कुसल मेंडिस ट्राई-सीरीज में श्रीलंका की कप्तानी करेंगे। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज वनडे ट्राई-सीरीज 18 से 31 अक्टूबर तक रावलपिंडी और लाहौर में खेली जाएगी। इसमें श्रीलंका, पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हिस्सा लेंगी। निसांका चोट के कारण इस हफ्ते घोषित टी-20 इंटरनेशनल टीम में शामिल नहीं किए गए थे। श्रीलंका क्रिकेट के मुताबिक, मेडिकल फिटनेस मिलने पर ही वे वनडे ट्राई-सीरीज के लिए पाकिस्तान जाएंगे। चरिथ असलंका को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों ODI खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 1, 11 और 7 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी। वहां पहले तीन मैचों की T20I सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद ODI ट्राई-सीरीज होगी। नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली जाएगी। इंग्लैंड सीरीज के 14 खिलाड़ी बरकरार पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज में खेलने वाले 14 खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। सहान अराचिगे और अविष्का फर्नांडो टीम में दो नए चेहरे हैं। 30 साल के सहान अराचिगे ने श्रीलंका के लिए पांच ODI और तीन T20I खेले हैं। उनका आखिरी 50 ओवर का मैच जनवरी 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ था। अविष्का फर्नांडो ने श्रीलंका के लिए आखिरी ODI 12 फरवरी 2025 को कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्हें 51 ODI खेलने का अनुभव है। उनके नाम 1,589 रन हैं। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज श्रीलंका ट्राई-सीरीज में अपना पहला मैच 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से मुकाबला होगा। श्रीलंका का तीसरा मैच 27 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होगा। टीम 29 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से फिर खेलेगी। फाइनल 31 अक्टूबर को गद्दाफी स्टेडियम में होगा। फाइनल में पहुंचने के लिए श्रीलंका को अंक तालिका में शीर्ष दो टीमों में रहना होगा। पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानागे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, महीश तीक्षणा, सचिंदु कोलंबगे, दुश्मंथा चमीरा, असिथा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा और पाथुम निसांका।
पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है...
हार्दिक : एशियन गेम्स में हमारा लक्ष्य गोल्ड मेडल था
नागोया, एफआईएच वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर जोरदार वापसी की। शनिवार को भारत ने अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया और साथ ही लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया।
Brazil से मिली 0-4 की हार के बाद बोले Khalid Jamil, बड़े मैचों से ही सुधरेगा खेल
कोलकाता, चार अक्टूबर पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ करारी हार के बावजूद मुख्य कोच खालिद जमील ने भारत के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू देखे और उम्मीद जताई कि भविष्य में उनकी टीम को ऐसे ही बड़े मुकाबलों में खेलने के अधिक मौके मिलेंगे जिससे कि टीम बेहतर हो सके। फीफा पुरुष विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज ब्राजील ने शनिवार को यहां 138वें स्थान की भारतीय टीम को 4-0 से हराया। जमील ने मैच के बाद कहा, ‘‘निश्चित रूप से उनका स्तर बेहद ऊंचा है। उनके कोच भी अच्छे हैं और उनके पास अलग-अलग क्लबों के लिए खेल चुके खिलाड़ी हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनका सामना करना और उन्हें रोकना बहुत मुश्किल है। यह आसान काम नहीं है। ऐसा एक दिन में नहीं होता इसमें समय लगता है। दबाव हर जगह होता है। लेकिन हम जितना अधिक खेलेंगे उतना बेहतर होगा।’’उरुग्वे के खिलाफ मंगलवार को होने वाले मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘अगला मैच भी हमारे लिए बहुत अच्छा है, इसलिए हमें इसी तरह आगे बढ़ना होगा।’’ब्राजील 1993 में आधिकारिक फीफा रैंकिंग शुरू होने के बाद भारत का सामना करने वाला अब तक का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला प्रतिद्वंद्वी भी है। उसने 1995 में नौवें स्थान पर काबिज रूस और 1998 के जापान को पीछे छोड़ा। जमील ने भारत के प्रदर्शन पर संतोष जताया लेकिन माना कि टीम को रक्षात्मक रूप से और मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘महेश और थापा ने रक्षात्मक रूप से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मिडफील्ड में भी वे काफी अच्छे थे। विलियम्स, सहल (अब्दुल समद) और मनवीर ने भी अच्छा खेल दिखाया।’’जमील ने कहा, ‘‘मनवीर ने आमने-सामने की स्थिति में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर प्रदर्शन काफी अच्छा था, खासकर विलियम्स का। उसने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। रक्षात्मक रूप से हमें थोड़ा और मजबूत होना होगा।’’भारत ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की थी लेकिन 28वें मिनट में ब्राजील के पहला गोल करने के बाद उसकी लय टूट गई। जमील का मानना था कि शुरुआती गोल ने मुकाबले का रुख बदल दिया। भारत के कोच ने हार के लिए गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू को अकेले जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए अनुभवी खिलाड़ी का मजबूती से समर्थन किया। जमील ने कहा, ‘‘यह गुरप्रीत की वजह से नहीं हुआ। डिफेंडर खिलाड़ी के करीब नहीं पहुंच पाया और वहां से गेंद भी आगे निकल गई। इसलिए कुल मिलाकर यह सभी की गलती थी।’’मंगलवार को उरुग्वे के खिलाफ अगले मैत्री मुकाबले में गुरप्रीत के खेलने के बारे में पूछे जाने पर जमील ने अंतिम एकादश की पुष्टि नहीं की लेकिन साफ किया कि यह गोलकीपर उनकी योजनाओं का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘शायद सोम (कुमार) खेले, शायद एल्बिनो (गोम्स), कोई भी खेल सकता है। यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। लेकिन गुरप्रीत निश्चित रूप से वापसी करेगा।
'ओलंपिक के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से तैयारी का समय मिलता है', गोल्ड मेडल जीतने के बाद बोले मनप्रीत
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि ओलंपिक 2028 के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से भारतीय टीम को लॉस एंजिल्स गेम्स से पहले तैयारी के...
चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट में दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका तीसरे राउंड में हारकर बाहर हो गईं। चेकिया की 34वें नंबर की खिलाड़ी निकोला बार्टुनकोवा ने उन्हें सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया। मुकाबला डेढ़ घंटे से थोड़ा ज्यादा चला। इसके साथ ही बीजिंग में खेले जा रहे WTA-1000 टूर्नामेंट में दोनों टॉप सीड खिलाड़ी पहले ही हफ्ते में बाहर हो गईं। नंबर-1 एलेना रायबाकिना शनिवार को हारकर बाहर हुई थीं। कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ीं 28 साल की बेलारूसी खिलाड़ी का बीजिंग में संघर्ष जारी रहा। वे चाइना ओपन में कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। पिछले महीने US ओपन में भी उन्हें एलेना रायबाकिना ने हराया था। इस हार के साथ सबालेंका का चाइना ओपन में एक और निराशाजनक अभियान खत्म हो गया। बार्टुनकोवा का अगला मुकाबला सिंजा क्रॉस से सबालेंका को हराने के बाद बार्टुनकोवा अब ऑस्ट्रिया की 24 साल की सिंजा क्रॉस से खेलेंगी। क्रॉस ने तीसरे राउंड के मुकाबले में यूक्रेन की दायाना यास्त्रेम्स्का को 6-1, 6-4 से हराया। बार्टुनकोवा के लिए यह जीत खास है, क्योंकि उन्होंने चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सबालेंका को सीधे सेटों में हराया। वे अब टूर्नामेंट के अगले दौर में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेंगी। जोकोविच-ज्वेरेव क्वार्टर फाइनल मेंस कैटेगरी में टॉप सीड और US ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव का क्वार्टर फाइनल में नोवाक जोकोविच से मुकाबला होगा। यह मैच रविवार को खेला जाएगा। ज्वेरेव ने US ओपन का खिताब जीतने के बाद चाइना ओपन में अपना अभियान जारी रखा है। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 24 साल बाद लड़कों से आगे हुई भारत की लड़कियां:एशियन गेम्स में 4 गोल्ड ज्यादा जीते; शूटिंग-एथलेटिक्स में इस बार 9 स्वर्ण का नुकसान एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। पूरी खबर
एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बाद भी Abhay Singh स्वर्ण न मिलने से नाखुश
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बावजूद अधिक संतुष्ट नहीं हैं। यह भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पुरुष टीम के कांस्य पदक से निराश है क्योंकि उनका मानना है कि भारत के पास पिछले एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने का पूरा मौका था। हवाई अड्डे से अभय ने बिना किसी माला, बैंड और शोर-शराबे के चुपचाप बाहर निकलते हुए स्वदेश वापसी की। पुरुष एकल में रजत पदक जीतने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आ रही थी। अभय ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम विपक्षी खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए समझ में आता है। लेकिन मैं टीम स्पर्धा के नतीजे से काफी निराश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में लगता है कि हमारे पास स्वर्ण पदक जीतने की गहराई और गुणवत्ता थी, लेकिन खेल इसी तरह नहीं चलता। उम्मीद है कि हम अगली बार और मजबूत वापसी करेंगे और इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’अभय (28 वर्ष) एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश का पदक जीतने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले सौरव घोषाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि को हासिल करने वाला केवल दूसरा भारतीय होना अभी मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि यह अब भी रजत पदक है। जब तक मैं स्वर्ण नहीं जीतता तब तक काम अधूरा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उम्मीद है कि अगली बार इसमें बदलाव आएगा।’’भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों का ध्यान अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर होगा जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अभय ने कहा, ‘‘अब टीम अलग-अलग हो जाएगी और हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। फिलहाल मैं रैंकिंग में शीर्ष पर हूं और योजना इस स्थान पर बने रहने तथा लगातार सुधार करने की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी टीम के साथ बैठकर तय करूंगा कि आगे किन टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं पर हमें ध्यान देना चाहिए।
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल का वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में बल्ले से धमाकेदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसके दम पर वह अब वनडे फॉर्मेट में तीन मैचों की सीरीज में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
भारत ने एशियाई खेलों के अपने अभियान का अंत 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर किया। हांगझोउ के 107 पदकों से यह प्रदर्शन पीछे रहा, लेकिन अंतिम दो दिनों में 11 स्वर्ण ने भारत को शीर्ष चार में बनाए रखा।
रोहित-कोहली को लेकर सवाल पर शुभमन गिल ने दिया करारा जवाब, आलोचकों की कर दी बोलती बंद
भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर पूछे गए सवाल पर साफ कर दिया कि वर्ल्ड कप से एक साल से भी कम समय पहले टीम में इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की काबिलियत को लेकर कोई शक नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलवान अंतिम पंघाल और महिला गोल्फ टीम को सिल्वर जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में शनिवार को कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतने वाली अंतिम पंघाल और महिला टीम गोल्फ इवेंट में सिल्वर जीतने वाली अदिति अशोक, प्रणवी शरथ उर्स और दीक्षा डागर को बधाई दी है।
वेस्टइंडीज टीम के कप्तान शे होप के बल्ले से टीम इंडिया के खिलाफ तीसरे वनडे में 162 रनों की नाबाद पारी देखने को मिली, जिसके साथ ही अब वह रन चेज करते हुए भारतीय टीम के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रनों की पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
मोनालिसा और सोनाली ने 'सैंड आर्ट' बनाकर भारतीय क्रिकेट और हॉकी टीम को गोल्ड जीतने की बधाई दी
पुरी, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक और स्वर्णिम रहा। भारतीय दल ने मुक्केबाजी, आर्चरी, पुरुष गोल्फ, कुश्ती, क्रिकेट और हॉकी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अलग-अलग खेलों में भारतीय टीमों की उपलब्धियों से पूरे देश में जश्न का माहौल है। इस अवसर पर पुरी के सैंड आर्टिस्टों ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तानों की तस्वीर बनाकर उनका और टीमों का अभिनंदन किया है।
एशियन गेम्स: जापानी खाने से वजन बढ़ने का था डर तो देरी से पहुंचे अमन, एशियाड में जीता स्वर्ण
हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण से चूकने का दर्द अमन सेहरावत को लंबे समय तक कचोटता रहा।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों पर बात की है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे हारने के बाद कहा- 'रोहित शर्मा और विराट कोहली अच्छी फॉर्म में हैं। उनकी जगह प्रयोग करने का समय नहीं है।' गिल ने वनडे वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी में भी सुधार की जरूरत बताई। शनिवार को केएल राहुल के शतक के बावजूद भारत चंडीगढ़ में 5 विकेट की हार मिली। हालांकि, भारत ने सीरीज 2-1 से जीती। कोहली-रोहित की फॉर्म पर गिल का भरोसा, राहुल की तारीफ की गिल ने कहा कि रोहित और विराट दोनों अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने केएल राहुल के योगदान की भी तारीफ की। गिल ने कहा, ‘वे दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में तीसरा शतक लगाया है। वे बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई भी अच्छी फॉर्म में हैं। जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए अच्छा काम किया है और शानदार बल्लेबाजी की है।’ रोहित-विराट को आराम देने का समय नहीं कोहली और रोहित को कुछ वनडे में आराम देने और नए खिलाड़ियों को मौका देने के सवाल पर गिल ने कहा कि फिलहाल प्रयोग के लिए ज्यादा समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो प्रयोग करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। उम्मीद है कि अगली सीरीज से हमारे सभी उपलब्ध खिलाड़ी खेलेंगे। वर्ल्ड कप में जिस कॉम्बिनेशन के साथ उतरना है, उसके साथ खेलना शुरू करना जरूरी है।’ वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग बेहतर करनी होगी, 6-7 कैच छोड़े गिल ने कहा, 'हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है। पूरी सीरीज में हमने 6-7 कैच छोड़े। यह वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग टॉप क्लास हो।' गिल ने सीरीज में भारत की फील्डिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने करीब 6-7 कैच छोड़े। डेथ में अटैक करें या डिफेंड, रणनीति स्पष्ट नहीं गिल ने डेथ बॉलिंग को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई। उनके मुताबिक विपक्षी टीम के 5-6 विकेट गिरने के बाद फील्ड सेट करने को लेकर असमंजस रहता है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम स्पष्ट नहीं होते कि हमें अटैक करना है या डिफेंड। खासकर डेथ ओवर्स में। अगर विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हैं तो आप निश्चित नहीं होते कि कौन-सी फील्ड रखनी है। क्या हम बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर रहे हैं या अभी भी मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी कर रहे हैं।’ स्लो ओवर रेट से आखिरी में सिर्फ 4 फील्डर बाहर रख सके तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए थे। गिल के मुताबिक टीम मैच में नियंत्रण में थी, लेकिन स्लो ओवर रेट ने स्थिति बदल दी। भारत 46वें ओवर के बाद तय समय से चार ओवर पीछे था। इसके कारण आखिरी गेंदों में भारत को 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डर बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी। गिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैच हमारे नियंत्रण में था। लेकिन हम चार ओवर पीछे थे और आखिरी में उन्होंने इसका फायदा उठाकर मैच हमसे छीन लिया। अगर हम ओवर पूरे कर लेते तो शायद मैच आखिरी ओवर तक जाता।’ बुमराह-हार्दिक नहीं थे, नए गेंदबाजों को मौका मिला इस सीरीज में भारत का पहला पसंदीदा गेंदबाजी अटैक उपलब्ध नहीं था। जसप्रीत बुमराह एशियन गेम्स में थे, जबकि हार्दिक पंड्या चोटिल थे। मोहम्मद सिराज ने तीन में से सिर्फ एक मैच खेला। न्यू चंडीगढ़ में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नमन धीर ने आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजी की। गुवाहाटी में डेब्यू करने वाले औकीब नबी ने भी पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी की। गिल प्लेयर ऑफ द सीरीज, 334 रन बनाए गिल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में 334 रन बनाए। इसमें गुवाहाटी में 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई नाबाद डबल सेंचुरी भी शामिल है। तीसरे वनडे में वह जल्दी आउट हो गए। जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से उनका कैच लिया। गिल ने कहा, ‘जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो निराशा होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर मैं बहुत कुछ कर सकता था।’ होप ने नाबाद 162 रन से वेस्टइंडीज को जिताया शाई होप ने 143 गेंद पर नाबाद 162 रन बनाए। यह सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था। उनकी पारी से वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। होप ने अपनी बल्लेबाजी में एमएस धोनी की सलाह को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ने उन्हें नतीजे के बजाय प्रोसेस पर ध्यान देने की सलाह दी थी। साथ ही यह समझने को कहा था कि बल्लेबाज के पास उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। भारत का अगला वनडे असाइनमेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ है। वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम का फोकस अब अपने मुख्य कॉम्बिनेशन पर रहेगा। ---------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 10 नंबर की वेस्टइंडीज से हारी रैंकिंग टॉपर टीम इंडिया क्रिकेट वनडे रैंकिंग में नंबर-10 पर मौजूद वेस्टइंडीज ने रैंकिंग टॉपर भारत को 5 विकेट से हरा दिया। न्यू चंडीगढ़ में भारत 351 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर सका। वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में 5 विकेट पर 352 रन बनाकर जीत हासिल की। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय टीम के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले को विंडीज टीम अपने नाम करने में कामयाब रही जिसमें तीसरे मैच में उनके कप्तान शे होप के बल्ले से शानदार नाबाद 162 रनों की पारी देखने को मिली। होप ने इस मैच में जीत के बाद दिए अपने बयान में एमएस धोनी का भी जिक्र किया।
भारत का आइची-नागोया एशियन गेम्स में अभियान समाप्त हो गया है। भारत अपने पिछले प्रदर्शन को तो पीछे नहीं छोड़ सका, लेकिन पिछले तीन दिन में दमदार प्रदर्शन के दम पर सुखद स्थिति में पहुंच गया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर ही गोल्ड जीते हैं लेकिन ज्यादा सिल्वर के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है। रविवार को अगर उज्बेकिस्तान कोई गोल्ड नहीं जीतता है तो भारत चौथे स्थान पर ही फिनिश करेगा। आगे 5 पॉइंट्स में पढ़िए 2026 एशियन गेम्स का निचोड़ 2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे। बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े भारत ने 2023 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 28 गोल्ड के साथ 106 मेडल जीते थे। तब भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में 1 ही गोल्ड आया। यानी इन दो खेलों में ही भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हो गया। भारत ने पिछली बार स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीता था। इन खेलों में इस बार भारत को कोई गोल्ड नहीं मिला। बॉक्सिंग और रेसिलिंग में अच्छे प्रदर्शन ने कुछ हद तक गोल्ड में कमी की भरपाई की है। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए हैं। आर्चरी में भारत ने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है। टीम इवेंट्स में धाक कायम, हॉकी में गोल्ड के साथ 2 ओलिंपिक टिकट भी टीम इवेंट्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के गोल्ड मेडल जीते हैं। हॉकी में एशियाड गोल्ड जीतने पर सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है, लिहाजा भारत की दोनों हॉकी टीम लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर गई है। यह पहला मौका है जब भारत की दोनों वर्गों की हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में गोल्ड जीता है। मेडल टैली में 44 साल से चीन की चौधराहट कायम चीन ने इस बार 169 गोल्ड सहित 341 मेडल जीते हैं। नंबर-2 पर रहे जापान ने 83 गोल्ड जीते हैं। चीन से आधे से भी कम। चीन 1982 से अब तक हर एशियन गेम्स में टेबल टॉपर रहा है। भारत ने पोजीशन के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन की बराबरी की है। लेकिन, इस बार 7 गोल्ड सहित कुल 21 मेडल की कमी आई है। 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की इस एशियन गेम्स में अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे हैं। साथ ही 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने। भारतीय विमेंस कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट्स बनाए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है।
वेस्टइंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 5 विकेट से हरा दिया। न्यू चंडीगढ़ में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 351 रन बनाए थे। इसके बावजूद उसे हार झेलनी पड़ी। यह तीसरा मौका है, जब टीम 350+ रन बनाकर भी हार गई। शनिवार को वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में टारगेट हासिल किया। यह टीम का वनडे में सबसे बड़ा सफल रनचेज भी है। रोहित शर्मा बतौर ओपनर सबसे तेज 10 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा। भारत-वेस्टइंडीज तीसरे वनडे के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. भारत 350+ रन भी डिफेंड नहीं कर सकी भारत को तीसरी बार 350+ रन बनाने के बाद भी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 2025 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ऐसा हुआ था। सचिन-जयसूर्या का क्लब में शामिल हुए रोहित रोहित शर्मा ने वनडे में ओपनर के तौर पर 10 हजार रन पूरे किए। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले चौथे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या और क्रिस ने यह उपलब्धि हासिल की। रोहित सबसे कम 202 पारियों में इस मुकाम तक पहुंचे। उनसे पहले सचिन ने 214 पारियों में 10 हजार रन बनाए थे। 2. रोहित 75वीं बार 100+ रन की साझेदारी में शामिल हुए रोहित ने ऋतुराज के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी की। वे 75वीं बार 100+ रन की साझेदारी में शामिल हुए। सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी के मामले में वे तीसरे नंबर पर हैं। 3. भारत ने 7.43 के रनरेट से बल्लेबाजी की भारत ने वनडे सीरीज में 7.43 के रन रेट से रन बनाए। यह 3 या उससे ज्यादा मैचों वाली द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन रेट है। दूसरे नंबर पर इंग्लैंड है। टीम ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 7.15 के रनरेट से बल्लेबाजी की थी। 4. भारत ने 45वीं बार 350+ रन बनाया भारत ने 7 विकेट पर 351 रन बनाए। टीम ने 45वीं बार वनडे में 350+ का टोटल बनाया। साउथ अफ्रीका 36 बार के साथ दूसरे नंबर पर है। 5. भारत ने सीरीज में सबसे ज्यादा 45 छक्के लगाए भारत ने 3 मैचों में 45 छक्के लगाए। यह तीन मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज में किसी टीम के सबसे ज्यादा छक्के हैं। इससे पहले इंग्लैंड ने 2021 में तीन मैचों में भारत के खिलाफ ही 37 छक्के लगाए थे। भारत किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने में इंग्लैंड के साथ चौथे नंबर पर है। 6. कोहली को पहली गेंद पर आउट करने वाले चौथे गेंदबाज बने सील्स विराट कोहली को वनडे में पहली गेंद पर आउट करने वाले जेडन सील्स चौथे गेंदबाज बन गए। इस लिस्ट में 3 वेस्टइंडीज के प्लेयर हैं। 7. बरार लगातार तीन वनडे में सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज गुरनूर बरार ने इस सीरीज की 3 वनडे पारियों में 253 रन दिए। वे लगातार 3 वनडे मैचों में सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। 8. राहुल ने नंबर-5 पर तीसरी सबसे बड़ी भारतीय पारी खेली राहुल ने नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 129 रन बनाए। यह भारत के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए तीसरी सबसे बड़ी पारी है। 9. वेस्टइंडीज का वनडे में सबसे बड़ा सफल रनचेज वेस्टइंडीज ने न्यू चंडीगढ़ में 352 रन का लक्ष्य हासिल किया। यह वनडे में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। 10. शाई होप ने भारत के खिलाफ रनचेज में हाईएस्ट स्कोर बनाया होप ने न्यू चंडीगढ़ में नाबादा 162 रन की पारी खेली। यह भारत के खिलाफ वनडे में रनचेज करते हउए सबसे बड़ी पारी है। उन्होंने श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान को पीछे छोड़ा। 11. होप ने बतौर विकेटकीपर-कप्तान सबसे ज्यादा 8 शतक लगाए शाई होप वनडे में बतौर विकेटकीपर-कप्तान आठवां शतक लगाया। वे इस मामले में पहले से टॉप पर हैं। उन्होंने 53 मैचों में 8 शतक लगाए हैं। एमएस धोनी 6 शतक के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 12. होप ने भारत में चौथा शतक लगाया शाई होप ने भारत में भारत के खिलाफ अपना चौथा वनडे शतक लगाया। वे न्यूजलैंड के डैरिल मिचेल के साथ संयुक्त दूसरे नंबर पर हैं। 13. अमीर जंगू ने तीनों पारियों में 50+ स्कोर बनाया वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अमीर जंगू ने इस सीरीज की तीनों पारियों में 50+ का स्कोर बनाया। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले पांचवें बल्लेबाज हैं।
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रन चेज: शाई होप ने मचाई तबाही
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रन चेज: शाई होप ने मचाई तबाही
Shai Hope के नाबाद 162 रन, West Indies ने तीसरे ODI में भारत को पांच विकेट से हराया
मुल्लांपुर, तीन अक्टूबर कप्तान शाइ होप के नाबाद 162 रन की मदद से वेस्टइंडीज ने शनिवार को तीसरे और आखिरी वनडे में भारत को पांच विकेट से हराया। भारत ने तिरूवनंतपुरम और गुवाहाटी में पहले दो मैच जीतने के बाद श्रृंखला 2 . 1 से अपने नाम कर ली। होप ने 21वां वनडे शतक लगाया और 143 गेंद की उनकी पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने जीत के लिये 352 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया जो वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए उसकी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी खेली , रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। वेस्टइंडीज ने पावरप्ले में जॉन कैंपबेल का विकेट गंवाकर 78 रन बनाये। होप को गुरूनूर बरार ने शुरूआत में जीवनदान दिया जो भारत के लिये भारी पड़ा। आमिर जांगू ने उनके साथ अच्छी साझेदारी करके 56 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 67 रन बनाये। शेरफान रदरफोर्ड और होप ने वेस्टइंडीज को 29वें ओवर में 200 रन के पार पहुंचाया। स्पिनर नमन धीर ने रदरफोर्ड को विकेट के पीछे लपकवाकर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद कीमो पॉल ने होप के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की। पॉल को बरार ने 41वें ओवर में आउट किया। कुलदीप यादव ने मैथ्यू फोर्डे को पवेलियन भेजा।कुलदीप के आखिरी ओवर में होप ने पहली गेंद पर छक्का और फिर चौका जड़ा। इसके बाद उन्होंने 47वें ओवर में बरार को तीन चौके लगाये। होप ने 49वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगाया और अगली गेंद पर एक रन लेकर वेस्टइंडीज को जीत दिलाई। इससे पहले राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला। सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे। सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए। सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया। पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए। रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया। अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे। रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये। तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया। इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए। राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया। राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया। इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।
'हमने शानदार हॉकी खेली,' भारत ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड, कोच फुल्टन ने टीम की तारीफ की
काकामिगहारा, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम ने शनिवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए 'एशियन गेम्स 2026' के गोल्ड मेडल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से रौंदा। हेड कोच क्रेग फुल्टन ने भारतीय टीम पर गर्व जताते हुए कहा कि टीम ने 2026 के लिए अपना मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया है।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज हसन नवाज ने 96 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जो T20 क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी पाकिस्तानी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, हालांकि वे अपनी टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सके।
Kolkata में Brazil और Vinicius Junior के मैच में खाली रहीं सीटें
कोलकाता, तीन अक्टूबर साल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को विनिसियस जूनियर और ब्राजील का स्वागत उम्मीद के अनुरूप जोश भरा नहीं रहा जहां पांच बार की विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ भारत के ऐतिहासिक मैत्री मैच के लिए दर्शक दीर्घा के बड़े हिस्से खाली नजर आए। भारत में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा फुटबॉल मैच इस मैदान पर आमतौर पर ‘हाई-प्रोफाइल’ मुकाबलों से जुड़ी प्रशंसकों की दीवानगी पैदा करने में विफल रहा। मैच शुरू होने के समय दर्शकों की संख्या 30,000 से काफी कम दिखाई दी जो उस स्टेडियम के लिए एक चौंकाने वाला दृश्य था। यह स्टेडियम कोलकाता डर्बी के दौरान खचाखच भरी दर्शक दीर्घाओं और जोशीली भीड़ का आदी है। हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ दर्शक दीर्घाएं धीरे-धीरे भरती गईं। साल्ट लेक स्टेडियम में मोहन बागान-ईस्ट बंगाल डर्बी (मुकाबलों) के दौरान नियमित रूप से भारी भीड़ जुटती है जब करीब 50,000 दर्शक आम दृश्य होते हैं। पिछले दिसंबर में लियोनेल मेस्सी के कोलकाता दौरे के दौरान भी स्टेडियम पूरी तरह भर गया था। डर्बी के दिनों में टिकटों के लिए स्टेडियम के बाहर हजारों प्रशंसक इंतजार करते दिखाई देते हैं जबकि अंदर समर्थक क्लब के गीत गाते हैं, ढोल की थाप पर नाचते हैं और मोहन बागान तथा ईस्ट बंगाल खेमों के बीच नारेबाजी करते हैं। शनिवार को उस दीवानगी का बहुत कम असर दिखाई दिया। दोनों मैच यहां सबसे बड़े त्योहारों के मौसम (दुर्गा पूजा) की तैयारियों के दौरान आयोजित किए जा रहे हैं, ऐसे में ज्यादातर प्रशंसकों ने इतने कम अंतराल में दो अंतरराष्ट्रीय मैचों पर भारी खर्च करने से परहेज किया। मैच शुरू होने से ढाई घंटे पहले भी आधिकारिक ‘डिस्ट्रिक्ट ऐप’ पर कई टिकट उपलब्ध थे। स्टेडियम के बाहर भीड़ सीमित थी और दर्शक दीर्घाओं की ओर बढ़ते समर्थकों का आमतौर पर दिखने वाला सैलाब भी नहीं था। ब्राजील के झंडे भी आश्चर्यजनक रूप से कम दिखाई दिए लेकिन देश के मीडिया दल ने मैच शुरू होने से पहले जोर-जोर से अपना राष्ट्रगान ‘हिनो नासियोनाल ब्रासीलेरो’ गाकर ध्यान आकर्षित किया। भीड़ दोनों टीमों के बीच बंटी हुई दिखाई दी, कुछ प्रशंसक ब्राजील की जर्सी पहनकर और भारतीय झंडे लेकर स्टेडियम में आए। वहीं टिकटों की ऊंची कीमतें और दुर्गा पूजा के उत्सव फीकी प्रतिक्रिया के मुख्य कारणों में से एक दिखाई दिए। मैच शुरू होने से दो घंटे पहले, कई ब्लॉकों में टिकट अब भी उपलब्ध थे जिनकी कीमत 3,500 रुपये से 6,000 रुपये तक थी। डी1 और बी1 में 3,500 रुपये, बी3, डी3 और सी1 में 5,000 रुपये तथा सी3 और डी2 में 6,000 रुपये के टिकट उपलब्ध थे। अब छह अक्टूबर को दो बार के पूर्व विश्व कप चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ एक और मैत्री मैच है लेकिन अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के भारत के कुछ सबसे बड़े फुटबॉल क्लबों के जरिए बिक्री बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद उसकी बिक्री पर भी असर पड़ा है। मोहन बागान को 6,000 टिकट मिले लेकिन उसने केवल 90 बेचे जबकि ईस्ट बंगाल को 4,000 टिकट आवंटित किए गए और उसे 400 के अनुरोध मिले। आईएफए को 2,000 टिकट दिए गए लेकिन उसकी संबद्ध इकाइयों से केवल 24 अनुरोध मिले। मोहम्मडन स्पोर्टिंग को 3,000 टिकट मिले लेकिन उसने अपनी बिक्री के आंकड़े नहीं बताए। एक रिपोर्ट में कहा गया कि प्रतिक्रिया खराब रही, एक वरिष्ठ क्लब अधिकारी ने खुद 12 टिकट खरीदे। ऊंची कीमतें एक प्रमुख कारण दिखाई देती हैं। क्लबों और आईएफए को आवंटित टिकटों की कीमत 6,000 रुपये थी या 10 प्रतिशत छूट के बाद 5,400 रुपये। अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन सस्ते टिकट उपलब्ध थे जिससे रियायती टिकट कम आकर्षक हो गए। आईएफए के एक अधिकारी ने कहा कि मेजबान होने के बावजूद उन्हें मैच के आयोजन में ‘पूरी तरह दरकिनार’ कर दिया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘आईएफए मेजबान संगठन हो सकता है लेकिन हमें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। एआईएफएफ ने हमें जानकारी में नहीं रखा है और कोई मानार्थ टिकट नहीं हैं। हमें 5,400 रुपये की छूट के बाद कुछ 6,000 टिकट मिले हैं, लेकिन कोई लेने वाला नहीं है। यहां लोग 500 रुपये से कम में मैच देखने के आदी हैं। ’’अब बड़ी चिंता मंगलवार को होने वाला भारत-उरुग्वे मैत्री मैच है और यह देखना बाकी है कि क्या ये मैत्री मैच उम्मीदों पर खरे उतरते हैं।
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के पहले ही मैच में युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी की। उन्होंने 161 की तूफानी स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए अपनी इस पारी में 6 शानदार छक्के भी जड़े।
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत की पुरुष हॉकी टीम को 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड जीतने पर बधाई दी है। टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर शानदार जीत हासिल की। भारत ने कुल 85 मेडल (21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज) के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी और क्रिकेट टीमों की सराहना करते हुए कहा कि इन टीमों समेत अन्य पदक विजेताओं ने शानदार प्रदर्शन के साथ देशवासियों को गर्व और खुशी का अवसर दिया। भारत ने क्रिकेट में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराया जबकि हॉकी के स्वर्ण पदक मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से मात देकर खिताब पर कब्जा जमाया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘स्वर्ण पदक एक बार फिर भारत के नाम। एशियाई खेलों में अपना खिताब बरकरार रखने पर हमारी पुरुष क्रिकेट टीम को बधाई। यह निस्संदेह देश के लिए हर्ष और उल्लास का अवसर है। टीम के सभी सदस्यों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।’’भारतीय पुरुष हॉकी और क्रिकेट टीमों ने शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। खास बात यह रही कि इससे पहले उनकी महिला टीमों ने भी शीर्ष स्थान हासिल कर भारत के लिए दोहरे स्वर्ण पदक की राह तैयार कर दी थी। मोदी ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतना और कुल पांचवां स्वर्ण हासिल करना, हमारे खिलाड़ियों का यह अभियान शानदार रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार एक ही एशियाई खेलों में हमारी पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। यह साफ है कि भारतीय हॉकी एशियाई मंच पर मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए है।’’मोदी ने 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोद और अन्य पदक विजेताओं की तारीफ की। उन्होंने एशियाई खेलों में रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर कुमकुम को बधाई देते हुए कहा कि निर्णायक शूट-ऑफ में उनका धैर्य और संयम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘एक ऐसा स्वर्ण पदक, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। 2026 एशियाई खेलों में रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर कुमकुम अनिल मोहोद को बधाई। निर्णायक शूट-ऑफ में उनका धैर्य और संयम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। वह इसी तरह और ऊंचे लक्ष्य हासिल करती रहें! उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने गोल्फर प्रणवी उर्स को भी व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने पर बधाई दी। मोदी ने लिखा, ‘‘इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली उपलब्धि। एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत का अब तक का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर प्रणवी शरत उर्स को बधाई। उनके शानदार प्रदर्शन ने देश के खेल जगत को अभूतपूर्व ऐतिहासिक क्षण दिए हैं। यह जीत अधिक से अधिक युवा भारतीयों को इस खेल की ओर आकर्षित करे और उन्हें शिखर तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करे। खेल में शानदार प्रदर्शन और प्रणवी को शुभकामनाएं।’’कुश्ती में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान अमन सहरावत की भी प्रधानमंत्री ने जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि को शानदार बताते हुए कहा, ‘‘अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में एशियाई खेलों का भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक से इस बार पोडियम के शीर्ष स्थान तक पहुंचना अमन की शानदार जुझारू क्षमता को दर्शाता है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’’पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में दीपक पूनिया को भले ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भविष्य की सफलता की दिशा में एक अहम कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘छह दशक बाद भारत ने इन खेलों के पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में एक बार फिर पोडियम पर जगह बनाई है। दीपक पूनिया ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीतकर देश की कुश्ती यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्हें बधाई। कामना है कि आने वाले समय में वे लगातार नई सफलताएं हासिल करते रहें।
भारत ने शनिवार को खेले गए मुकाबले पाकिस्तान को हराकर एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। इस दौरान मैच में कई मोमेंट्स देखने को मिले। एक समय ऐसा लगा कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पाकिस्तानी खिलाड़ी से भिड़ जाएंगे। दरअसल सूर्यवंशी को आउट करने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी सईम अयूब ने दोनों हाथों से बच्चे का इशारा किया था। हालांकि सूर्यवंशी कुछ कहते, उससे पहले ही अभिषेक शर्मा ने उन्हें वापस लौटने का इशारा किया। साथ ही भारत नो-हैंडशेक के स्टैंड पर भी कायम दिखा। भारत और पाकिस्तान के कप्तानों या खिलाड़ियों ने मैच के दौरान हाथ नहीं मिलाया। भारत-पाकिस्तान मैच के टॉप मोमेंट्स… 1. टॉस के दौरान दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया टॉस के दौरान भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर और पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया। मैच के बाद भी दोनों टीम के खिलाड़ियों ने हैंडशेक नहीं किया। पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम अटैक के बाद से भारतीय टीम नो-हैंडशेक के स्टैंड पर कायम है। इसकी शुरुआत सितंबर 2025 में मेंस एशिया कप से हुई थी। क्रिकेट में भारत ने पिछले 384 दिन और 7 मैचों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया है। 2. सूर्यवंशी ने लगातार दो छक्के लगाए पारी के दूसरे ओवर में सूर्यवंशी ने साद मसूद की गेंद पर लगातार दो छक्के लगाए। उन्होंने दूसरी गेंद पर घुटने के बल बैठकर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का लगाया। इसकी अगली ही गेंद पर उन्होंने डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़ दिया। 3. सूर्यवंशी को आउट कर सईम ने बच्चे का इशारा किया तीसरे ओवर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी कैच आउट हुए। विकेट लेने के बाद गेंदबाज सईम अयूब ने सूर्यवंशी को देखते हुए दोनों हाथों से बच्चे खेलाने का इशारा किया। यह देखकर सूर्यवंशी एक पल के लिए रुके। इससे पहले कि वे सईम को कुछ रिप्लाई करते, उससे पहले ही नॉन-स्ट्राइक पर खड़े अभिषेक ने उन्हें ड्रेसिंग रुम की ओर लौटने का इशारा किया। फिर वैभव पवेलियन लौट गए। 4. सईम ने एक ही ओवर में 2 कैच छोड़े भारतीय पारी के पांचवे ओवर में अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर को जीवनदान मिला। दोनों ही मौको पर फील्डर सईम रहे। अराफात मिन्हास की चौथी गेंद पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद बल्ले का टॉप एज लेकर डीप मिडविकेट की ओर गई। सईम ने आगे की ओर डाइव लगाया, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। इसके बाद आखिरी गेंद पर श्रेयस इनसाइड-आउट ड्राइव खेला। गेंद कवर की ओर गई। जहां एक बार फिर सईम कैच नहीं पकड़ सके। 5. गेंद पकड़ते समय चोटिल हुए उस्मान खान पहली पारी के 12वें ओवर में विकेटकीपर उस्मान खान चोटिल हुए। सुफियान मुकीम की दूसरी गेंद पर श्रेयस ने शॉट खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में उस्मान चोटिल हो गए। वे काफी दर्द में नजर आए। इसके बाद फिजियो ने जांच की और उस्मान ने विकेटकीपिंग जारी रखी। 6. बुमराह की गेंद लगने के बाद फरहान ने बैट छोड़ा दूसरी पारी का पहला ओवर जसप्रीत बुमराह ने डाला। ओवर की उनकी दूसरी गेंद ही पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फहरान के एल्बो पर जा लगी। बुमराह की अंदर आती गेंद पर फहरान चकमा खा गए। गेंद सीधे उनके एल्बो से टकराई, जिसके बाद दर्द के कराण उन्होंने बैट छोड़ दिया। वह कुछ देर तक परेशान नजर आए। 7. सुंदर ने बाउंड्री लाइन पर शानदार कैच पकड़ा पारी के सातवें ओवर में भारतीय फील्डर वॉशिंग्टन सुंदर ने बाउंड्री लाइन पर बेहतरीन कैच पकड़ा। अक्षर पटेल की पहली गेंद पर माज सदाकत ने स्वीप शॉट लगाया। गेंद डीप मिडविकेट की ओर गई। वहां खड़े सुंदर ने पीछे भागते हुए कैच पकड़ा, लेकिन आखिरी वक्त में उनका पैर बाउंड्री रोप पर लगने वाला था। उन्होंने गेंद हवा में उछाली, फिर बाउंड्री लाइन के अंदर आकर कैच कंप्लीट कर लिया। 8. वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूटा पाकिस्तान की पारी के 9वें ओवर में वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूट गया। अभिषेक की तीसरी गेंद पर हसन नवाज ने गेंद को हवा में खेला। लॉन्ग-ऑफ से सूर्यवंशी और लॉन्ग-ऑन से बिश्नोई कैच के लिए दौड़े। वैभव ने कैच पकड़ लिया था, लेकिन इसी दौरान सामने से आ रहे बिश्नोई से वे टकरा गए और गेंद उनके हाथ से छिटक गई। इस टक्कर में वैभव को चोट लगी। इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। ---------------- मैच में बने रिकॉर्ड्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी एशियाड गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय:भारत ने पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ 200 रन बनाए; गेल से आगे निकले अभिषेक भारत ने एशियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वैभव सूर्यवंशी गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर भारत ने जीता Gold, BCCI अध्यक्ष मन्हास ने की तारीफ
श्रीनगर, तीन अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की शनिवार को सराहना करते हुए कहा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम ने दबाव से भरे फाइनल मुकाबले को शानदार तरीके से संभाला। भारत ने जापान के निशिन में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने पिछले सप्ताह अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा था। मन्हास ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘टूर्नामेंट की अब तक की सर्वश्रेष्ठ टीम। हम गत चैंपियन हैं और इस बार टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।’’उन्होंने खास तौर पर दबाव की परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई। मन्हास ने कहा, ‘‘उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया, जो मुझे लगता है कि अब ज्यादा चुनौती पेश नहीं करता। हमारी टीम ने जिस तरह दबाव की परिस्थितियों को संभाला उस तरह दुनिया की कोई दूसरी टीम ऐसा नहीं कर सकती।’’उन्होंने स्वर्ण पदक के मुकाबले में महत्वपूर्ण पारियां खेलने वाले तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम ‘गेम’ है। अभिषेक शर्मा ने पारी की लय तय की और फिर तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाजों का काम पारी की नींव रखना होता है, जबकि मध्यक्रम उसे खत्म करता है। इसलिए सलामी बल्लेबाज मूल रूप से खेल का रुख तय करते हैं।’’मन्हास ने कहा, ‘‘भारतीय टीम की बल्लेबाजी शानदार रही और गेंदबाजी की बात करें तो सभी ने मिलकर अच्छे स्कोर का बचाव किया।’’दिल्ली के इस पूर्व क्रिकेटर ने बीसीसीआई सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पुरुष और महिला टीमों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आईसीसी प्रमुख जय शाह का भी आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां एक बार फिर जय शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं। उस समय वह (बीसीसीआई) सचिव थे और इस टीम को तैयार करने में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ पुरुष टीम ही नहीं, हमारी महिला टीम ने भी (वनडे) विश्व कप जीता है। इसमें उनका योगदान बहुत बड़ा रहा है। इसलिए उन्हें भी विशेष धन्यवाद।’’मन्हास ने एशियाई खेलों की इस जीत को क्रिकेट प्रशंसकों और सशस्त्र बलों को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह जीत उन हजारों करोड़ प्रशंसकों को समर्पित की जानी चाहिए, जो भारतीय टीम के लिए प्रार्थना करते हैं। खास तौर पर उन सैनिकों को, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।’’एशियाई खेलों में क्रिकेट के आकर्षण का केंद्र बनने पर मन्हास ने कहा कि इस खेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर की अलग-अलग टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं और हर देश क्रिकेट से जुड़ रहा है। यह बहुत अच्छी बात है कि क्रिकेट वैश्विक खेल बन रहा है।’’कश्मीर में क्रिकेट से मन्हास के करीबी जुड़ाव के कारण उन्होंने भविष्य में इस क्षेत्र के और खिलाड़ियों को देश का प्रतिनिधित्व करते देखने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘बारामूला से आने वाले आकिब नबी ने काफी मेहनत के दम पर यहां तक का सफर तय किया है। जब वह (स्थानीय क्रिकेट में) खेलते थे, उस समय बीसीसीआई ही (जम्मू-कश्मीर क्रिकेट) चला रहा था। अब बीसीसीआई ने इस संघ को अपना पूरा समर्थन दिया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने भविष्य में भी इसे लगातार समर्थन देने का वादा किया है। यहां काफी प्रतिभाएं हैं और उन्हें सिर्फ सही तरीके से तराशने और समर्थन देने की जरूरत है।
एशियन गेम्स के आखिरी दिन भारत का गोल्डन धमाका, 21 गोल्ड मेडल के साथ चौथे स्थान पर किया कब्जा
एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 गोल्ड मेडल जीते। इसके साथ ही भारत कुल 85 पदकों के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
KL Rahul के तूफानी शतक और Rohit Sharma की पारी से भारत ने वेस्टइंडीज को दिया 352 रन का लक्ष्य
मुल्लांपुर, तीन अक्टूबर लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी और रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद मौजूद थी। भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला। सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे। सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए। सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया। पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए। रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया। अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे। रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये। तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया। इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए। राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया। राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया। इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।
एशियन गेम्स: 17 साल की कुमकुम ने तीरंदाजी में भारत को दिलाया गोल्ड
जापान में चल रहे एशियन गेम्स से भारत के लिए एक बेहद शानदार और गौरवान्वित करने वाली खबर आई है. भारत की 17 साल की युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोर ने इतिहास रचते हुए देश को 17वां गोल्ड मेडल दिलाया है. तीरंदाजी प्रतियोगिता में यह भारत का पांचवां गोल्ड मेडल है. इसके साथ ही कुमकुम महिलाओं की रिकर्व इंडिविजुअल्स कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं.
Aman Sehrawat ने कुश्ती में जीता Gold, भारत के खाते में आए कुल छह पदक
(तस्वीरों के साथ)नागोया, तीन अक्टूबर अमन सहरावत ने एशियाई खेलों में अपने कांस्य पदक को स्वर्ण में बदल दिया जबकि महाद्वीपीय खिताब जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनने की अंतिम पंघाल की कोशिश को जापान की मेई मियोका के हाथों हार के साथ निराशा का सामना करना पड़ा। मियोका ने शनिवार को यहां अंतिम को एकतरफा मुकाबले में शिकस्त दी, जिससे भारतीय पहलवान को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने कुश्ती प्रतियोगिता में छह पदकों (दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) के साथ अपना अभियान समाप्त किया। यह 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान से चूकने के बाद भारत के इस प्रतियोगिता में सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक रहा। अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान को 10-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह कुश्ती में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक था। इससे पहले शुक्रवार को सुजीत कलकल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। भारत ने एशियाई खेलों में कुश्ती के दो स्वर्ण पदक 2018 के जकार्ता खेलों के बाद पहली बार जीते हैं। जकार्ता में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले अमन के सामने हान ने रक्षात्मक रवैया अपनाया। अमन ने अपना पहला स्कोरिंग मूव लगाते ही अंक हासिल करना शुरू किया और फिर एक और टेकडाउन करके स्कोर 4-1 कर दिया। उन्होंने बाएं पैर से हमला करते हुए हान को मैट पर पटक दिया और 6-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद हान ने अपने बाएं घुटने का उपचार कराया। खेल दोबारा शुरू होने के बाद उन्होंने लगातार तीन स्कोरिंग मूव बनाकर 7-6 की मामूली बढ़त हासिल कर ली। अमन ने अहम मौके पर अपना संयम बनाए रखा और दो और टेकडाउन करके 10-7 से जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले इस 23 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले अमन ने अपने अभियान की शुरुआत जापान के यामातो ओगावा पर 20-9 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत के साथ की थी। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के नुरदानत ऐतानोव को हराया था। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम पंघाल इस बार अमन सहरावत की तरह स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सकीं। उन्हें महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में 2024 की विश्व चैंपियन जापान की मियोका के हाथों 1-9 से करारी हार का सामना करना पड़ा। मियोका ने पूरे मुकाबले में अंतिम को कोई दमदार दांव लगाने का मौका नहीं दिया। दूसरे पीरियड में भारतीय पहलवान ने दाएं पैर से हमला करने की कोशिश की, लेकिन जापानी पहलवान ने तुरंत जवाबी हमला करते हुए बढ़त बना ली। इसके बाद मियोका ने 5-1 के स्कोर पर चार अंकों का दांव लगाकर अपनी बढ़त 9-1 कर ली, जो निर्णायक साबित हुई। महिला कुश्ती में भारत के लिए एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली इससे पहले केवल विनेश फोगाट थीं। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में 50 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीता था। इस बीच, दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर पदक अपने नाम किया। हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले 27 वर्षीय दीपक ने इससे पहले चीन के जुनपेंग झोउ को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया था। इसके बाद हांगकांग के विंसेंट फंग वुई ली के खिलाफ वॉकओवर मिलने के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्हें उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव के हाथों कड़े मुकाबले में 8-9 से हार का सामना करना पड़ा। सागर जगलान ने मंगोलिया के तुलगा तुमुर-ओचिर पर 8-1 से जीत हासिल करके पुरुषों के 74 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन उन्हें ईरान के योनेस इमामिचोगेई से हार का सामना करना पड़ा। बाद में जगलान ने रेपेचेज राउंड में उज्बेकिस्तान के रजामबेक जामालोव को 7-3 से हराया, लेकिन कांस्य पदक के मुकाबले में कजाखस्तान के नूरकोझा कैपानोव से हार गए। मनीषा भानवाला महिला 65 किलोग्राम वर्ग में पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। उन्होंने कोरिया की यंगजिन क्वोन को पिनफॉल से हराया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की ओलंपिक चैंपियन अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार गईं। फुजिनामी फाइनल में नहीं पहुंच सकीं, जिससे मनीषा की पदक की उम्मीद भी समाप्त हो गई।
गर्व है कि हमने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है, यह एहसास अविश्वसनीय - तिलक वर्मा
भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया
(फिलेम दीपक सिंह)काकामिगाहारा, तीन अक्टूबर कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने शनिवार को मलेशिया को एकतरफा फाइनल में 5 . 1 से हराकर एशियाई खेलों की पुरूष हॉकी स्पर्धा का स्वर्ण बरकरार रखा और 2028 ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर लिया। इससे एक दिन पहले महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता और ओलंपिक का टिकट कटाया था। यह पहली बार हुआ है कि एक ही एशियाई खेलों में भारत की महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता है। पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में निराशाजनक आठवें स्थान पर रहने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम ने शानदार वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत (11वें और 57वें मिनट), जुगराज सिंह (23वें मिनट), हार्दिक सिंह (42वें मिनट) और शिलानंद लाकड़ा (54वें मिनट) ने भारत के लिये गोल दागे। मलेशिया के लिये एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेलो सिल्वेरियस ने किया। हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे। इसके साथ ही वह लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह 2014 और 2022 खेलों में स्वर्ण पदक विजेता टीम का भी हिस्सा थे। भारत को मैच में 14 जबकि मलेशिया को दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिले। इस जीत के साथ लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाला पाकिस्तान के बाद भारत दूसरा देश बन गया। भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में खिताब जीता था। पहले हाफ में मलेशियाई खिलाड़ियों ने अपनी चपलता से भारतीयों को काफी परेशान किया लेकिन दूसरे हाफ में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा। पहले क्वार्टर में भारतीयों में तालमेल की कमी दिखी और ट्रैपिंग भी खराब थी। सर्कल के भीतर भी अच्छे पास नहीं दे पा रहे थे। भारत को छठे मिनट में गोल करने का मौका मिला लेकिन विवेक सागर प्रसाद की रिवर्स हिट गोल के ऊपर से चली गई। दो मिनट बाद हार्दिक सिंह को सर्कल के भीतर नीलाकांता शर्मा ने पास दिया लेकिन शॉट इतना कमजोर था कि मलेशिया ने आसानी से बचा लिया। भारत को 11वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले और दूसरे पर हरमनप्रीत ने गोल दागा। गोल गंवाने के बाद मलेशिया ने जवाबी हमले बोले और फैजल सारी भारतीय सर्कल में कई बार घुसे। मलेशिया के लिये बराबरी का गोल शेलो ने 14वें मिनट में दागा। हवा में आई गेंद को कब्जे में लेकर उन्होंने दमदार शॉट सीधे गोल के भीतर निशाना करके साधा जिसे गोलकीपर सूरज करकेरा रोक नहीं सके। दूसरे क्वार्टर में मलेशिया को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोल नहीं हो सका। वीडियो रेफरल पर मलेशिया को फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया और फिर वे नाकाम रहे। भारत ने 23वें मिनट में चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर बढत बना ली। हरमनप्रीत मैदान के बाहर थे और जुगराज ने यह गोल दागा। दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया और 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक बनाया जब पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद मलेशियाई रशर के शरीर से टकराई। हार्दिक ने इसे गोल में बदला। चौथा गोल अभिषेक के पास पर शिलानंद ने दागा। हरमनप्रीत ने हूटर से तीन मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके भारत की 5 . 1 से जीत तय कर दी।
Asian Games 2026 में भारत ने जीते 85 Medals, 21 Gold के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा
एक रोमांचक 15वें दिन का समापन हुआ और इसी के साथ एशियाई खेल 2026 में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया। भारत के खाते में पांच स्वर्ण पदक और जुड़े। पुरुष हॉकी टीम ने फ़ाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया। यह भारत का 21वां गोल्ड मेडल और कुल मिलाकर 85वां मेडल था, जिससे भारत ने हर चार साल में होने वाले इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में एक बार फिर टॉप-5 में जगह बनाई। पिछले संस्करण की तुलना में भारत के कुल मेडल की संख्या 21 कम रही। 2022 के हांगझोऊ खेलों के मुकाबले गोल्ड मेडल की संख्या में सात की कमी आई। भारत ने हांगझोऊ में 106 मेडल जीते थे और पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। आइची-नागोया का सफ़र मिला-जुला रहा; कुछ उम्मीद के मुताबिक नतीजे मिले तो कुछ निराशाजनक भी रहे, लेकिन आखिर में शानदार प्रदर्शन ने पूरे सफ़र की तस्वीर बदल दी। इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ दबाव हावी न होने की दी थी सलाह, जीत के बाद बोले Shreyas Iyer हालांकि, भारत के आखिरी समय में मिले मेडल्स की झड़ी का श्रेय भी बनता है। हाल ही में गुरुवार तक, भारत सिर्फ़ 10 गोल्ड मेडल के साथ मेडल टेबल में टॉप 10 से बाहर था। लेकिन आखिरी दो दिनों में हॉकी और क्रिकेट टीमों ने गोल्ड जीते, साथ ही तीरंदाज़ी, बॉक्सिंग और रेसलिंग में भी भारत को शानदार नतीजे मिले। इस तेज़ी से 11 और गोल्ड मेडल मिले और भारत टॉप पांच में पहुँच गया, जिससे गेम्स के खत्म होने से पहले ही इस अभियान को बहुत ज़रूरी बढ़ावा मिला। भारत ने एशियाई खेल 2026 में 85 मेडल जीते हैं, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। भारत पदकों के मामले में चौथे नंबर पर रहा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Deepak Punia ने 97kg Wrestling में जीता Bronze Medal, 60 साल का सूखा खत्म कुमकुम मोहोद और प्रणवी उर्स ने क्रमशः तीरंदाजी और गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीते, जबकि पहलवान अमन सहरावत ने वर्ल्ड चैंपियन को हराकर पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट और हॉकी टीमों ने अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा, जबकि महिला टीम गोल्फ में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल मिला। पहलवान अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत के लिए यह एक यादगार अभियान रहा, जिसमें कई रिकॉर्ड बने और टूटे, भले ही चीन में हुए पिछले संस्करण की तुलना में मेडल की संख्या कम थी।
Pakistan के खिलाफ दबाव हावी न होने की दी थी सलाह, जीत के बाद बोले Shreyas Iyer
पाकिस्तान के खिलाफ पहली बार कप्तान कर रहे श्रेयस अय्यर ने एशियाई खेलों के फाइनल में अपने साथियों से सिर्फ इतना कहा था कि मुकाबले को लेकर बने माहौल और दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दें और बड़े मंच पर अपने प्रदर्शन का स्तर ऊंचा उठाएं। भारतीय खिलाड़ियों ने भी कप्तान की बात पर अमल करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और शनिवार को यहां पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के बाद अय्यर ने कहा कि टीम ने पाकिस्तान या श्रीलंका के बजाय सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में सामने वाली टीम को देखा और अपना पूरा ध्यान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर रखा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे दिमाग में सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी था, पाकिस्तान या श्रीलंका नहीं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर हम अपनी क्षमता के मुताबिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं तो बाकी चीजें अपने आप सही हो जाती हैं। आज इसका सही उदाहरण देखने को मिला और हम उस पर खरे उतरे।’’ भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल को लेकर बने दबाव पर अय्यर ने कहा कि पूरा देश इस मुकाबले को देख रहा था, लेकिन उन्होंने खिलाड़ियों से इससे प्रभावित नहीं होने को कहा था। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल खेलना निश्चित रूप से बहुत बड़ा मौका होता है। पूरा देश आपको देख रहा होता है और इस तरह का दबाव रहता है। मैंने बस अपने साथियों से कहा कि इस बड़े मौके के दबाव को खुद पर हावी न होने दें। हमें वही करना है, जो हम अब तक करते आए हैं।’’ भारत की बल्लेबाजी ने जीत की मजबूत नींव रखी। टीम ने स्पिनरों की मददगार पिच पर 211 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जहां बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियों का अंदाजा लगाना आसान नहीं था। अय्यर ने कहा, “जिस तरह हमने बल्लेबाजी की और 211 रन का स्कोर खड़ा किया, वह प्रत्येक खिलाड़ी का शानदार प्रयास था। इस विकेट पर गेंद काफी टर्न हो रही थी और आपको पता ही नहीं होता कि पिच किस तरह खेलेगी। ऐसे में 211 रन असाधारण स्कोर था।” लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने बीच के ओवरों में मजबूत वापसी की। अय्यर ने पाकिस्तान के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भारतीय गेंदबाजों को दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “एक समय वे अच्छी तरह आगे बढ़ रहे थे। उन्हें लय मिली और फिर अचानक कुछ छक्के भी लगे। कुल मिलाकर दोनों टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा। वे बस लक्ष्य से कुछ पीछे रह गए। हमारे गेंदबाजों को भी श्रेय जाता है।” अय्यर ने कहा कि एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक उनके लिए खास मायने रखता है, क्योंकि यह अनुभव क्रिकेट की पारंपरिक प्रतियोगिताओं में मिली सफलताओं से अलग था। अय्यर ने कहा, “जब आप एशियाई खेलों में आते हैं तो भारतीय टीम के तौर पर आपसे जीत की उम्मीद की जाती है। सुविधाएं भी सीमित होती हैं, लेकिन आपको उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना होता है। यह बात हमारे दिमाग में थी।
Asian Games में भारतीय हॉकी का दबदबा, Malaysia को हराकर LA 2028 का टिकट पक्का
भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में पुरुषों की हॉकी फ़ाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता। खेलों के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत ने इस इवेंट में अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा है। इस जीत के साथ ही भारत ने LA 2028 ओलंपिक के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफ़िकेशन हासिल कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी-कॉर्नर ड्रैग फ़्लिक से पहला गोल किया, लेकिन मलेशिया ने 14वें मिनट में शेल्लो सिल्वेरियस के ज़रिए गोल करके पहले क्वार्टर के बाद स्कोर 1-1 कर दिया। इसे भी पढ़ें: Nagoya में Deepak Punia ने 97 किग्रा कुश्ती में जीता कांस्य पदक दूसरे क्वार्टर में जुगराज सिंह ने आठवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को फिर से बढ़त दिलाई, जिससे मौजूदा चैंपियन हाफ-टाइम तक 2-1 से आगे रहे। इसके बाद तीसरे क्वार्टर के 12वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया। आखिरी क्वार्टर में छह मिनट बाकी रहते हुए, शिलानंद लाकड़ा ने दूर के पोस्ट पर डिफ्लेक्शन से फील्ड गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया। जब मलेशिया ने अटैक के लिए ज़्यादा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया, तो हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से दूसरा गोल करके स्कोर 5-1 कर दिया और गोल्ड मेडल पक्का कर लिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Final में Pakistan को हराकर India ने जीता Gold Medal, बिना विवाद खत्म हुआ मैच मलेशिया के लिए पूरे दिन भारत के दबाव का सामना करना मुश्किल रहा। लेकिन भारत के लिए ज़्यादा अच्छी बात यह रही कि उनका डिफेंस उतना कमज़ोर नहीं था, जितना पिछले कुछ महीनों में रहा है। यह भी पहली बार है जब भारतीय पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने एक ही एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता है। महिला टीम ने शुक्रवार को चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पुरुष हॉकी का फ़ाइनल एशियाई खेलों में भारत का आखिरी इवेंट था और इसके साथ ही भारत ने अपना 21वां गोल्ड और कुल मिलाकर 85वां मेडल जीता।
'यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि पूरे भारत की जीत है', भारतीय टीम के गोल्ड मेडल जीतने पर बोले ईशान किशन
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर भारतीय क्रिकेट टीम के गोल्ड मेडल जीतने पर ईशान किशन ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की है। ईशान ने अपना गोल्ड मेडल सभी भारतीयों को समर्पित किया और कहा कि मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में मिली सफलता हर उस व्यक्ति की होती है, जिसने खिलाड़ियों का समर्थन और हौसला बढ़ाया है।
एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, चीन को हराकर 44 साल बाद जीता गोल्ड
एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है. भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में मजबूत चीनी टीम को 1-0 से हराकर 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है और खिलाड़ियों के घरों पर दिवाली से पहले ही दिवाली जैसी रौनक देखने को मिल रही है. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का सामना उस चीन से था जो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है और मौजूदा एशियाई चैंपियन है.
एशियन गेम्स में भारत का 21वां गोल्ड, हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से दी मात
भारत ने एशियन गेम्स में अपना 21वां स्वर्ण पदक जीत लिया है। पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 ओलिंपिक गेम्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
'यह वाकई देश के लिए खुशी का मौका है', गोल्ड मेडल जीतने पर पीएम मोदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी है। पीएम ने इसे देश के लिए खुशी का मौका बताया है।
India vs Malaysia Final result: एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर पांचवीं बार गोल्ड मेडल जीत लिया है। इसी के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिलस 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
Nagoya में Deepak Punia ने 97 किग्रा कुश्ती में जीता कांस्य पदक
नागोया, तीन अक्टूबर भारतीय पहलवान दीपक पूनिया ने शनिवार को यहां मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया। इसके साथ ही दीपक ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा पदक हासिल किया। इस 27 साल के पहलवान ने इससे पहले 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। वह इस बार फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। सेमीफाइनल में उन्हें उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव के हाथों कड़े मुकाबले में 8-9 से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले 86 किग्रा में चुनौती पेश करने वाले दीपक ने इन खेलों में 97 किग्रा भार वर्ग में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने चीन के जुनपेंग झोउ को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया। इसके बाद हांगकांग के विन्सेंट फंग वुई ली के खिलाफ उन्हें वॉकओवर मिला, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गए। कांस्य पदक ने दीपक के अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। वह 2019 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं और एशियाई चैंपियनशिप में उनके नाम पांच पदक हैं।
भारत ने एशियन गेम्स मेंस क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हरा दिया। इसके साथ ही टीम ने लगातार दूसरी बार इस इवेंट का गोल्ड मेडल जीता। जापान के निशिन में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 211 रन बनाए। यह पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर है। वहीं भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने टी-20 में सबसे तेज 400 लगाने के मामले में क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया। भारत-पाकिस्तान मैच में बने टॉप रिकॉर्ड्स… 1. सूर्यवंशी 15 साल में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट सूर्यवंशी ने 15 साल, 6 महीने और 7 दिन की उम्र में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। वे गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले भारतीय एथलीट बन गए। 2. भारत-पाकिस्तान मैच में पहली बार पारी में 200 रन बने भारत ने पहली पारी में 212 रन का टारगेट दिया था। यह पहली बार है जब भारत-पाकिस्तान के बीच टी-20 मैच में किसी पारी में 200 रन बने हैं। इससे पहले भारत ने ही 2012 में अहमदाबाद में 5 विकेट पर 192 रन बनाए थे। 3. अभिषेक ने 400 टी-20 छक्के पूरे किए अभिषेक शर्मा ने अर्धशतकीय पारी के दौरान टी-20 क्रिकेट में अपने 400 छक्के पूरे किए। उन्होंने 3,513 गेंद में यह उपलब्धि हासिल की। अभिषेक इंटरनेशनल, डोमेस्टिक और लीग क्रिकेट मिलाकर टी-20 में सबसे तेज 400 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में वे दूसरे नंबर पर पहुंच गए। अभिषेक ने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 3557 गेंद में 400 छक्के लगाए थे। इस मामले में वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल 3027 गेंद के साथ पहले स्थान पर हैं। 4. अभिषेक ने युवराज के रिकॉर्ड की बराबरी की अभिषेक पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीयों में टॉप पर पहुंच गए। उन्होंने अपने मेंटर युवराज सिंह की बराबरी की। युवराज ने 2012 में अहमदाबाद में 7 छक्के लगाए थे। 5. अभिषेक ने इस साल 104 छक्के लगाए अभिषेक ने 2026 में 104 छक्के लगाए हैं। यह एक कैलेंडर ईयर में भारत की ओर से दूसरा बेस्ट परफॉर्मेंस है। इस मामले में अभिषेक शर्मा ही टॉप पर हैं। उन्होंने 2025 में 108 छक्के लगाए थे। 6. ईशान किशन एक साल में हजार टी-20 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय किशन ने 2026 में 1,005 रन बनाए। वे टी-20 इंटरनेशनल में एक साल में हजार रन बनाने वाले दुनिया के सातवें और भारत के दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले सूर्यकुमार यादव ने 2022 में 1,164 रन बनाए थे। 7. नवाज ने पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ सबसे बड़ी पारी खेली हसन नवाज ने निशिन में 96 रन बनाए। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है।
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से मात देकर 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा है।
हिटमैन एक और सेंचुरी से चूके, करीब सात साल बाद रोहित शर्मा के साथ हो गया धोखा
रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे तीसरे वनडे में 92 के स्कोर पर आउट हो गए और अपने शतक से महज आठ रन से चूक गए। वे अब भारत के लिए सबसे ज्यादा उम्र में नर्वस 90s का शिकार होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
निशिन, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने टीम को बधाई दी है।
Asian Games: Deepak Punia ने 97kg Wrestling में जीता Bronze Medal, 60 साल का सूखा खत्म
3 अक्टूबर को एशियाई खेलों में दीपक पूनिया ने पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती कैटेगरी में मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। यह मेडल पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कैटेगरी में 60 साल बाद भारत का पहला मेडल है; इससे पहले 1966 के खेलों में भीम सिंह ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इस कामयाबी के साथ ही खेलों में भारत के कुल मेडलों की संख्या 83 हो गई, जिसमें 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ Team India की रणनीतिक जीत, Shreyas Iyer ने बताया कैसे बदला मैच का Momentum पुरुषों के फ्रीस्टाइल 74-kg ब्रॉन्ज़ मेडल मैच में, सागर जगलान को कज़ाकिस्तान के नूरकोझा काइपानोव ने 30 सेकंड से भी कम समय में हरा दिया। काइपानोव तीन बार के वर्ल्ड मेडलिस्ट हैं। वहीं, अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57-kg कैटेगरी में नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग हान को हराकर गोल्ड मेडल जीता। अमन ने शुरुआत में डिफेंस पर ध्यान दिया, अपने बाएं पैर पर हुए कई हमलों को सफलतापूर्वक रोका और शुरुआती दौर में स्कोर को शून्य बनाए रखा। पैसिविटी की चेतावनी मिलने और एक पॉइंट गंवाने के बाद, अमन ने 'टेकडाउन' के साथ वापसी की और ब्रेक से पहले एक और टेकडाउन करके 4-1 की बढ़त बना ली। दूसरे पीरियड की शुरुआत में एक और टेकडाउन के साथ उन्होंने अपनी बढ़त को 6-1 कर लिया, लेकिन घुटने की चोट के बावजूद हान ने वापसी की। उन्होंने टेकडाउन और रोल के ज़रिए छह पॉइंट हासिल किए और स्कोर को 7-6 से अपने पक्ष में कर लिया। इसे भी पढ़ें: IOA चीफ PT Usha ने की Cricket Teams की तारीफ, Asian Games में India को मिला 19वां Gold इसके बाद अमन ने चार पॉइंट वाला मूव किया; उन्होंने टेकडाउन के लिए दो पॉइंट और रोल के लिए दो पॉइंट हासिल किए, जिससे वे 10-7 से आगे हो गए। हान की ओर से की गई एक असफल चुनौती के बाद अमन को एक और पॉइंट मिला और उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए गोल्ड मेडल जीता। यह जीत इन खेलों में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड मेडल था; इससे पहले सुजीत कलकल ने भी गोल्ड मेडल जीता था। अमन ने शानदार डिफेंस और अटैकिंग तकनीक का प्रदर्शन किया और दूसरे पीरियड में थोड़ी देर के लिए हुई चूक के बावजूद एक शानदार जीत हासिल की।
'यह वाकई देश के लिए खुशी का मौका है', गोल्ड मेडल जीतने पर पीएम मोदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को सराहा
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी है। पीएम ने इसे देश के लिए खुशी का मौका बताया है।
Asian Games 2026: कुश्ती में अमन सहरावत का जलवा, दुनिया के नंबर-1 रेसलर को मात देकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games 2026: कुश्ती में अमन सहरावत का जलवा, दुनिया के नंबर-1 रेसलर को मात देकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games Final में Pakistan को हराकर India ने जीता Gold Medal, बिना विवाद खत्म हुआ मैच
(तस्वीरों के साथ)...अजय मसंद...नागोया, तीन अक्टूबर भारत और पाकिस्तान के बीच एशियाई खेलों के क्रिकेट फाइनल को लेकर काफी उत्सुकता थी लेकिन शनिवार को यहां हुआ मुकाबला बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। इस दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक बार फिर हाथ नहीं मिलाए। फाइनल देखने के लिए तोक्यो, नागोया और जापान के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में पहुंचे भारतीय समुदाय के लोगों के लिए यह दिन क्रिकेट के नाम रहा। पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत पर दबाव जरूर बनाया, लेकिन भारत का विशाल स्कोर निर्णायक साबित हुआ और उसने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीत लिया। मैच से पहले टॉस मैदान के एक कोने में कराया गया, जबकि टेलीविजन कैमरा दल पिच के पास मौजूद था। मैच के बाद का घटनाक्रम भी कुछ ऐसा ही रहा। जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी जब अपने ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़े तो उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पास जाने की कोशिश नहीं की। पाकिस्तान की टीम अपने ड्रेसिंग रूम से बाहर आई, अंपायरों से हाथ मिलाया और भारतीय खिलाड़ियों से बिना किसी बातचीत के वापस लौट गई। हाथ मिलाने को छोड़ दे तो मैच खेल भावना के साथ खेला गया। खिलाड़ियों के बीच कोई तीखी बहस या बड़ा विवाद नहीं हुआ और उन्होंने अपना ध्यान मुकाबले पर बनाए रखा तथा क्रिकेट को केंद्र में रहने दिया। पदक समारोह भी बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ और आयोजकों ने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखा। आइची-नागोया एशियाई खेल आयोजन समिति (एआईएनएजीओसी) के एक सीनियर अधिकारी ने पाकिस्तान की टीम को रजत पदक प्रदान किए, जबकि आईसीसी के अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व सचिव जय शाह ने कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को स्वर्ण पदक प्रदान किए। तीनों पदक विजेता टीमों के सामूहिक फोटो के दौरान ही एकमात्र असहज स्थिति बनी। भारत को बीच में खड़ा होना था जबकि पाकिस्तान को उसकी बाईं ओर और कांस्य पदक विजेता श्रीलंका को दाईं ओर खड़ा होना था। पाकिस्तानी खिलाड़ी इस बात को लेकर असमंजस में दिखे कि उन्हें कहां खड़ा होना है और पदक समारोह के बाद पोडियम से नीचे उतर गए। श्रीलंका के खिलाड़ी भी उनके पीछे उतर गए। इसके बाद दोनों टीमें भारतीय खिलाड़ियों के साथ फोटो के लिए एकत्र हुईं। एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अनुपस्थिति से भी संभवतः एक असहज स्थिति टल गई। नकवी ने पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं का हवाला देते हुए फाइनल में शामिल नहीं होने की बात कही थी। नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और वह एशिया कप की पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं की ट्रॉफी सौंपने को लेकर बीसीसीआई के साथ जारी गतिरोध के केंद्र में रहे हैं। भारतीय टीमों ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय रक्षा बलों के साथ एकजुटता जताने के लिए नकवी से अपनी-अपनी ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बीसीसीआई का कहना रहा है कि उसकी टीमें नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगी, जबकि पाकिस्तानी मंत्री ने जोर देकर कहा है कि भारत को ट्रॉफी व्यक्तिगत रूप से उनसे ही लेनी होगी। यह गतिरोध 2025 के पुरुष एशिया कप और इस साल के महिला सत्र के दौरान भी जारी रहा। दोनों भारतीय टीमों ने नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। बीसीसीआई ने एसीसी से अपने उपाध्यक्ष को पुरस्कार समारोह आयोजित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था, लेकिन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया, जिसके कारण ट्रॉफियां बिना किसी के लिए रह गईं। इस पृष्ठभूमि में एशियाई खेलों का फाइनल एक और विवाद का केंद्र बन सकता था, क्योंकि दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब के लिए आमने-सामने थे। नकवी की अनुपस्थिति और आयोजकों द्वारा पदक समारोह के प्रबंधन से यह अवसर एशिया कप विवाद की पुनरावृत्ति के बिना संपन्न हो गया। मैदान पर खिलाड़ियों ने एक बार फिर हाथ मिलने से परहेज किया लेकिन भारत ने शुरुआत से मैच पर अपनी पकड़ बनाये रखते हुए जीत दर्ज की। पाकिस्तान को रजत और श्रीलंका को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा तथा प्रतिद्वंद्विता से जुड़े राजनीतिक पहलुओं के बजाय ध्यान पदकों पर रहा।
IND VS WI Live Update : 10 चौके-3 छक्के ठोक 92 रन पर आउट हुए रोहित, भारत का स्कोर 141/3
IND VS WI Live Update :10 चौके-3 छक्के ठोक 92 रन पर आउट हुए रोहित, भारत का स्कोर 141/3
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा वनडे मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के पीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है।
Aman Sehrawat ने Asian Games में जीता गोल्ड, फाइनल में विश्व चैंपियन को हराया
नागोया, तीन अक्टूबर अमन सहरावत ने एशियाई खेलों में शनिवार को यहां पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के कड़े मुकाबले वाले फाइनल में उत्तर कोरिया के विश्व चैंपियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। तेईस वर्षीय भारतीय पहलवान ने हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने इस बार शानदार रणनीति का प्रदर्शन करते हुए हान को मात दी और अपने पदक का रंग बदलते हुए पोडियम के शीर्ष स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। अमन ने इससे पहले सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोलियुब्स्की को 14-8 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जगाई थी। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के ओलंपिक पदक विजेता बने सहरावत फाइनल में लगातार नियंत्रण में रहे। हान ने भारतीय पहलवान को हराने के लिए हर संभव दांव आजमाया और एक समय 7-6 की बढ़त भी हासिल कर ली थी लेकिन अमन ने फिर अच्छी वापसी की। अमन के स्वर्ण पदक से कुश्ती में भारत के शानदार प्रदर्शन को और मजबूती मिली है। सुजीत कलकल ने शुक्रवार को पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
टूट गया Chris Gayle का ये विश्व रिकॉर्ड, लुहान डी प्रीटोरियस ने किया ध्वस्त
खेल डेस्क। वेस्टइंडीज के पूर्व तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन के व्यक्तिगत स्कोर का विश्व रिकॉर्ड टूट गया है। इस रिकॉर्ड को साउथ अफ्रीका के युवा बल्लेबाज लुहान डी प्रीटोरियस ने ध्वस्त किया है। 20 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज लुहान डी प्रीटोरियस ने सीएसए20 चैलेंज में केवल 79 गेंदों में नाबाद 188 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 13 छक्के और 15 चौके लगाए। इसी के साथ उन्होंने क्रिस गेल का नाबाद 175 रन रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो गया हे। क्रिस गेल ने आईपीएल 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से पुणे वॉरियर्स के खिलाफ नाबाद ये पारी खेली थी। इस पारी के दौरान उन्होंने केवल 66 गेंदों में 13 चौके और 17 छक्के की मदद से नाबाद 175 रन बनाए थे। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज प्रीटोरियस केवल 12 रन से अपना पहला टी20 दोहरा शतक जमाने से चूक गए। उन्होंने केवल 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके बाद अगली 16 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
IND VS WI Live Update :'हिटमैन' रोहित शर्मा का नया कारनामा! बतौर ओपनर वनडे में 10 हजार रन पूरे, भारत का स्कोर 38/2
रोहित शर्मा वनडे में दस हजार रन बनाने वाले दुनिया के चौथे ओपनर बन गए हैं। वे यहां तक सबसे तेज पहुंचने वाले बल्लेबाज हैं। भारत बनाम वेस्टइंडीज तीसरे वनडे मैच में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।
न्यू चंडीगढ़, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा वनडे मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के पीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही है। विराट कोहली 'गोल्डन डक' पर पवेलियन लौटे।
नागोया, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में एक ऐतिहासिक उलटफेर करते हुए फाइनल में साउथ कोरिया को 5-3 से हराया और इस इवेंट में कोरियाई टीम के 44 साल के दबदबे को खत्म किया।
IND vs MAS Live: भारत के पास हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने का मौका, थोड़ी देर में मलेशिया से होगा सामना
भारतीय महिला हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में अपने अभियान का अंत शानदार तरीके से किया। अब पुरुष हॉकी टीम के पास लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने का मौका है। पुरुष हॉकी टीम का फाइनल में सामना मलयेशिया से है।
IOA चीफ PT Usha ने की Cricket Teams की तारीफ, Asian Games में India को मिला 19वां Gold
3 अक्टूबर को हुए फ़ाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर भारत ने एशियाई खेलों में पुरुषों का क्रिकेट गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक बरकरार रखा। इस जीत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने खुशी ज़ाहिर की। जीत के बाद उषा ने भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों की तारीफ़ की और बताया कि इन खेलों में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 19 हो गई है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। महिला क्रिकेट और पुरुष क्रिकेट, दोनों में ही। और मुझे बहुत खुशी हुई कि यह हमारे देश के लिए 19वां गोल्ड मेडल है। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में Ishan Kishan ने पूरा किया 1000 T20I रन का आंकड़ा, बनाया खास रिकॉर्ड उषा ने भारत के कुल मेडल टैली पर भी बात की, जो 81 था - इसमें 19 गोल्ड, 26 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे। उन्होंने खेल में होने वाले उतार-चढ़ाव को माना और कहा कि खिलाड़ियों के मुकाबले जारी रहने के दौरान धैर्य रखना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि खेल में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं। हमें धैर्य के साथ देखना और इंतज़ार करना होगा। अब खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने लगे हैं। यह अच्छी बात है, और 19वां मेडल भी मिला है। अभी भारतीय टीमों का खेल देखने के लिए अलग-अलग वेन्यू पर जा रहीं उषा ने आने वाले हॉकी इवेंट्स को लेकर अपनी उम्मीद ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि और अब हम अगले वेन्यू पर जा रहे हैं। अब तक एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू तक जाने में दिक्कत हो रही है, लेकिन मैं भागते हुए दूसरे वेन्यू - हॉकी - के लिए जा रही हूँ। मैं वहाँ गोल्ड मेडल जीतते हुए देखना चाहती हूँ। पाकिस्तान के खिलाफ़ हुए रोमांचक क्रिकेट फ़ाइनल के अपने अनुभव को याद करते हुए, उषा ने कहा कि वह मैच पर बारीकी से नज़र रखे हुए थीं और भारत द्वारा तीन विकेट लेने के बाद एक और विकेट की उम्मीद कर रही थीं। इसे भी पढ़ें: Team India के ODI स्क्वाड में Rishabh Pant की वापसी मुश्किल, 2 साल से नहीं खेला मैच उन्होंने कहा कि मैंने पूरा मज़ा लिया। जब 3 विकेट गिर चुके थे, तो मैं एक और विकेट चाहती थी, जबकि जय शाह कह रहे थे कि अगर विकेट नहीं भी गिरते हैं तो कोई बात नहीं, इसलिए चिंता न करें। लेकिन मैं बस एक और विकेट चाहती थी।
ईशान किशन ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, T20I में यह कारनामा करने वाले बने सिर्फ दूसरे भारतीय खिलाड़ी
ईशान किशन भले ही पाकिस्तान के खिलाफ एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडल मैच में बल्ले से कमाल नहीं दिखा सके लेकिन 20 रनों की अपनी पारी के दम पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल करने में कामयाब हो गए जो पहले सिर्फ टी20 इंटरनेशनल में सूर्यकुमार यादव ने हासिल की थी।
एशियन गेम्स में भारत का जलवा, पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार जीता क्रिकेट गोल्ड
एशियन गेम्स में भारत का जलवा, पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार जीता क्रिकेट गोल्ड
भारत और पाकिस्तान ने मिलकर रच दिया इतिहास, टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार हुआ कारनामा
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए टी20 इंटरनेशनल मैच में ऐसा कुछ हुआ, जो इससे पहले दोनों टीमों के बीच कभी नहीं हुआ था। पहली बार दोनों टीमों ने मिलकर 400 से अधिक रन बना दिए हैं।
एशियन गेम्स में भारत ने PAK को हराकर जीता क्रिकेट का गोल्ड, ये रहे जीत के हीरो
एशियन गेम्स के क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने बेहतरीन खेल दिखाया. अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने टीम को एक धमाकेदार शुरुआत दी, जिसके बाद शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने पारी को आगे बढ़ाते हुए टीम का स्कोर 212 रनों तक पहुंचा दिया. इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उनके शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए. हालांकि, पाकिस्तान के बल्लेबाज हसन नवाज ने एक जुझारू पारी खेली और 96 रन बनाए, जिससे भारतीय खेमे में थोड़ी हलचल मच गई थी. लेकिन जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी और टीम के शानदार प्रयास की बदौलत भारत ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी.
Asian Games Hockey Final में चीन को हराने के लिए Coach Marijne ने दिया था शेर का मंत्र
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने चीन के खिलाफ एशियाई खेल फाइनल से पहले टीम को स्पष्ट संदेश दिया था कि एक शेर के गुणों को आत्मसात करके मैदान पर उतरना है और नतीजा खुद ब खुद मिलेगा। भारतीय महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर एशियाई खेलों में 44 साल में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। मारिन ने ऐतिहासिक जीत के बाद को दिये विशेष इंटरव्यू में कहा ,‘‘ मैने भारतीय शेरों का उदाहरण दिया। शेर की आंख, प्रतीक और वह पत्थर जो मैने लड़कियों को दिया था। मैने उनसे कहा कि जैसे शेर शिकार करता है, एकाग्र होकर शिकार को देखता है और कैसे झटके से उबरकर फिर वापसी करता है। भारत में शेर सबसे बड़ा प्रतीक है। मैने मैच से पहले उनसे यही सब कहा।’’ एशियाई खेलों में वह पदक जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के इरादे से ही आये थे और उन्हें यकीन था कि टीम ऐसा कर सकेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले महीने विश्व कप के दौरान पूरे समय मुझे यह भरोसा था। हमने चीन को पहले मैच में ड्रॉ पर रोका और पहली बार बड़े टूर्नामेंट में हम ऊंची रैंकिंग वाली टीम के खिलाफ खेल रहे थे। वहां टीम का प्रदर्शन देखकर मुझे विश्वास जगा था कि हम एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत सकते हैं।’’ मारिन ने कहा ,‘‘ हमने एफआईएच नेशंस कप में अच्छा प्रदर्शन किया था और विश्व कप क्वालीफायर में भी लेकिन वह अलग था। विश्व कप में बेहतर टीमें थी और वही मुझे लगा कि हम एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत सकते हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ और सबसे अहम बात यह है कि मुझे ही ऐसा नहीं लगा, बल्कि टीम को भी यह महसूस हुआ।’’ इस स्वर्ण पदक से पूरे भारत में जश्न का माहौल है और एक बार फिर महिला हॉकी ने सभी का ध्यान खींचा है। कोच ने कहा ,‘‘ मैं अतीत के बारे में नहीं सोच रहा था और यह भी नहीं कि इस जीत के मेरे लिये क्या मायने हैं। मुझे यह अच्छा लग रहा है कि इस जीत ने भारत के लोगों को कितनी खुशी दी है। वे कितने उत्साहित और भावुक हैं और कितने बच्चों को इससे प्रेरणा मिलेगी।’’ तोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक ले जाने वाले कोच ने कहा ,‘‘हम सभी टीम को खुलकर खेलने का मौका देते हैं , दबाव नहीं डालते और साथ में मनोरंजन भी करते हैं। बहुत सारी चीजों को मिलाकर यह उपलब्धि हासिल हुई है। सिर्फ एक चीज नहीं है।’’ हॉकी पिच से इतर भी मारिन का भारत से जुड़ाव ऐसा हो गया है कि वह इस देश को अपना दूसरा घर मानते हैं। बेंगलुरू में बाइक राइड से लेकर फिल्टर कॉफी तक और हिन्दी के कुछ शब्द सीखने तक। उन्होंने कहा ,‘मैं भारत से करीब से जुड़ गया हूं। लोग हमारी कितनी हौसलाअफजाई करते हैं। सोशल मीडिया पर अच्छे कमेंट आते हैं और कितना सम्मान मिलता है। मैं इससे अभिभूत हूं।’’ तोक्यो ओलंपिक, विश्व कप और एशियाई खेलों में से अपना पसंदीदा पल चुनना मारिन के लिये मुश्किल है लेकिन उन्होंने कहा ,‘‘ ओलंपिक खास था , कोविड की वजह से। मैं डेढ साल तक घर नहीं जा सका लेकिन इस साल विश्व कप और एशियाई खेल भी मेरे शीर्ष तीन अनुभव में से हैं।

