भारत में 2028 तक कई WTA 125 टूर्नामेंट्स की तैयारी, TNTA ने बनाई योजना
... अमनप्रीत सिंह ...चेन्नई, 31 अक्टूबर चेन्नई ओपन की मेजबानी गंवाने के बाद भारतीय टेनिस को नयी दिशा देने के लिए तमिलनाडु टेनिस संघ (टीएनटीए) जनवरी-फरवरी 2028 में देश में तीन से चार डब्ल्यूटीए 125 टूर्नामेंट आयोजित कराने की तैयारी कर रहा है। डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन का इस साल आखिरी सत्र होगा। भारत से इस टूर्नामेंट की मेजबानी छिनकर फिलीपींस को मिलने के बाद भारतीय टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज ने पीटीआई को यह जानकारी दी। अमृतराज चेन्नई ओपन को भारत में बरकरार रखने के इच्छुक थे, लेकिन उनका मानना है कि मौसम की परिस्थितियों और फिलीपींस में एलेक्जेंड्रा इला के रूप में एक बड़ी टेनिस स्टार के उभरने के कारण डब्ल्यूटीए का टूर्नामेंट को वहां स्थानांतरित करने का फैसला समझ में आता है। चेन्नई ओपन को बेहतर रैंकिंग वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा मानसून के मौसम में आयोजन होने के कारण आयोजकों को कई तरह की व्यवस्थागत चुनौतियों से जूझना पड़ता है। फिलीपींस की इला महिला रैंकिंग में शीर्ष 20 खिलाड़ियों में शामिल हैं। विंबलडन में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद वह अपने देश में टेनिस की सुपरस्टार बन गई हैं। अमृतराज ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘हम 2027 के लिए फिलहाल डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट के बारे में नहीं सोच रहे हैं, लेकिन डब्ल्यूटीए 125 और 125 प्लस एच श्रेणी के कुछ और टूर्नामेंट आयोजित कराने की दिशा में हमारी तैयारी अच्छी चल रही है। हम जनवरी-फरवरी 2028 में तीन या चार टूर्नामेंट कराने की उम्मीद कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों, खासकर महिला खिलाड़ियों को एक बड़े टूर्नामेंट पर निर्भर रहने के बजाय लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर देना है। अमृतराज ने कहा, ‘‘ इससे वैष्णवी, सहजा और अन्य भारतीय लड़कियों को लगातार कई टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलेगा। उन्हें सिर्फ एक डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि जनवरी-फरवरी 2028 के लिए यह योजना अमल में ला सकूंगा।’’अमृतराज का मानना है कि डब्ल्यूटीए 125 टूर्नामेंटों की श्रृंखला भारतीय खिलाड़ियों को रैंकिंग अंक जुटाने और पेशेवर टेनिस में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर दे सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप अच्छा खेलने में सक्षम हैं तो डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट में दो मैच जीतने पर निश्चित रूप से ज्यादा अंक मिलते हैं। लेकिन सबसे पहले आपको मुख्य ड्रॉ में जगह बनानी होती है, जिसके लिए वाइल्ड कार्ड जैसी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।’’अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के आगामी चुनावों पर अमृतराज ने कहा कि नए नेतृत्व की प्राथमिकता देशभर के खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना और खेल के अवसरों को कुछ चुनिंदा राज्यों तक सीमित नहीं रहने देना होना चाहिए। उन्होंने घरेलू टूर्नामेंटों का कैलेंडर बढ़ाने और जूनियर से सीनियर स्तर तक खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने के वास्ते राज्य संघों और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच सहयोग पर जोर दिया। अमृतराज ने कहा, ‘‘ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देशभर के खिलाड़ियों के हितों के लिए काम किया जाए। हर राज्य कुछ करना चाहता है और उसे इसके लिए मदद की जरूरत है। मेरा मानना है कि यह सामूहिक प्रयास होना चाहिए, जिसमें सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।’’
'अगर कोई काम शुरू करो, तो उसे पूरा करो', वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद मनीषा ने याद की पिता से मिली सीख
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान मनीषा भनवाला ने अपने दिवंगत पिता, सुरेश भनवाला को इसका श्रेय दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने ही उनके अंदर यह विश्वास जगाया था कि कोई भी काम तब तक शुरू नहीं करना चाहिए, जब तक कि उसे पूरा करने का पक्का इरादा न हो। मनीषा के अनुसार, जीवन की यह सीख अब उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गई है और उनके कुश्ती करियर में हमेशा उनका मार्गदर्शन करती है।
लंदन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। चेल्सी फुटबॉल क्लब के मिडफील्डर जॉर्डन हेंडरसन ने क्लब के लिए अपने घरेलू डेब्यू मैच पर गोल करने को एक खास और भावुक पल बताया है। उन्होंने कहा कि खेल से लंबे समय तक दूर रहने के बाद वह एक शानदार शुरुआत करने का सपना देख रहे थे।
IOA चुनाव आचार संहिता लागू, उम्मीदवारों के सोशल मीडिया प्रचार और निजी टिप्पणियों पर पाबंदी
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के एथलीट आयोग और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के आगामी चुनावों के लिए जारी आदर्श आचार संहिता में कई महत्वपूर्ण नियम शामिल किए गए हैं। इसके तहत उम्मीदवारों के ‘निजी जीवन’ की आलोचना करने, सोशल मीडिया और नए डिजिटल माध्यमों सहित किसी भी प्रकार के प्रचार तथा सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा आईओए और राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के पदाधिकारियों को निष्पक्षता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। आईओए के एथलीट आयोग के 10 सदस्यों के चुनाव तीन नवंबर को होंगे जबकि आठ उत्कृष्ट खिलाड़ियों (स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ मेरिट -एसओएम) का चयन करने के लिए मतदान नौ नवंबर को होगा। दोनों चुनाव ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। चुनाव अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव बाद में इसके लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी करेंगे। एथलीट आयोग की सदस्यता के लिए कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और मीराबाई चानू भी शामिल हैं। आयोग के 10 सदस्यों में पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। इनका चुनाव 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल करेगा जिसमें 17 एनएसएफ के दो-दो प्रतिनिधि शामिल हैं। वहीं आठ उत्कृष्ट खिलाड़ियों का चुनाव 80 अधिसूचित उम्मीदवारों में से किया जाएगा। इनमें 40 पुरुष और 40 महिलाएं शामिल हैं। आठ सदस्यों में चार पुरुष और चार महिलाएं होंगी। भारतीय खेल जगत की कई दिग्गज हस्तियां भी आठ एसओएम में शामिल होने की दौड़ में हैं। इनमें मौजूदा आईओए अध्यक्ष पीटी उषा भी शामिल हैं। आदर्श आचार संहिता के एक प्रावधान में कहा गया है, ‘‘कोई भी उम्मीदवार ऐसा मौखिक बयान, लिखित सामग्री या किसी भी प्रकार का चित्रण प्रस्तुत नहीं करेगा जिससे दूसरे उम्मीदवार की छवि को नुकसान पहुंचे या उसके प्रति पूर्वाग्रह पैदा हो। यदि किसी अन्य उम्मीदवार की आलोचना की जाती है तो वह केवल उसकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित होनी चाहिए। ’’आचार संहिता में आगे कहा गया है, ‘‘किसी उम्मीदवार के प्रचार में नए मीडिया या सोशल नेटवर्क के इस्तेमाल सहित किसी भी प्रकार के प्रचार की अनुमति नहीं होगी। उम्मीदवार की उम्मीदवारी को बढ़ावा देने के लिए किसी भी तरह की सार्वजनिक बैठक या सभा आयोजित नहीं की जा सकती। ’’इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि एनएसएफ और उम्मीदवारों को खिलाड़ियों की सार्वजनिक गतिविधियों से असंबंधित उनके निजी जीवन के किसी भी पहलू की आलोचना करने से बचना होगा। इसके अनुसार, ‘‘कोई भी उम्मीदवार किसी अन्य उम्मीदवार के खिलाफ अपुष्ट आरोपों या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आधार पर आलोचना नहीं करेगा। वोट हासिल करने के लिए जातिगत या सांप्रदायिक भावनाओं का सहारा लेने पर भी रोक रहेगी। ’’आदर्श आचार संहिता में यह भी कहा गया है कि उम्मीदवारों को निष्पक्ष तरीके से और बुनियादी नैतिक सिद्धांतों का सम्मान करते हुए चुनाव प्रचार करना होगा। इसमें कहा गया है, ‘‘उम्मीदवारों को अपना चुनाव प्रचार गरिमा और संयम के साथ करना होगा तथा अन्य उम्मीदवारों, राष्ट्रीय खेल संस्था और उसके सदस्यों का सम्मान करना होगा। ’’इसके अनुसार, ‘‘कोई भी एनएसएफ या उम्मीदवार ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होगा जिससे विभिन्न जातियों, समुदायों, धर्मों या भाषाई समूहों के बीच मौजूदा मतभेद बढ़ें, आपसी नफरत पैदा हो या तनाव की स्थिति बने। ’’हालांकि प्रत्येक उम्मीदवार निर्वाचक सूची में शामिल सदस्यों के सामने निर्वाचित पद के लिए अपनी योजनाएं और विचार लिखित दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत कर सकता है। इस दस्तावेज को चुनाव अधिकारी द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। आचार संहिता में सभी उम्मीदवारों को रिश्वत देकर वोट हासिल करने, मतदाताओं को डराने-धमकाने और किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मतदान करने जैसी भ्रष्ट गतिविधियों से सख्ती से बचने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, ‘‘उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार में अत्यधिक खर्च करने से बचने को कहा गया है, क्योंकि इससे उम्मीदवारों के बीच असमानता पैदा हो सकती है। कोई भी उम्मीदवार किसी भी परिस्थिति में मतदान करने वाले सदस्यों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपहार, दान, भेंट या किसी अन्य प्रकार का लाभ नहीं दे सकता। ’’आदर्श आचार संहिता में ऐसी किसी भी तदर्थ नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है जिससे मतदाताओं को आईओए के किसी पदाधिकारी के पक्ष में प्रभावित किया जा सकता हो। आईओए ने 10 अक्टूबर को चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी। आचार संहिता के अनुसार, ‘‘आईओए द्वारा चुनावों की घोषणा किए जाने के बाद से पदाधिकारी और अन्य अधिकारी ऐसी कोई तदर्थ नियुक्ति नहीं करेंगे, जिससे मतदाता आईओए के किसी पदाधिकारी के पक्ष में प्रभावित हो सकें। ’’इसके अलावा, एनएसएफ और आईओए के पदाधिकारी अपनी आधिकारिक यात्राओं के साथ चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियों को नहीं जोड़ सकेंगे। मौजूदा कार्यकारी समिति के सदस्य चुनाव की घोषणा के बाद अपने विवेकाधीन कोष से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या भुगतान स्वीकृत नहीं कर सकेंगे। आचार संहिता में यह भी कहा गया है कि मतदान गुप्त होने के कारण मतदाता व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से सार्वजनिक रूप से यह घोषणा नहीं कर सकते कि वे किस उम्मीदवार को वोट देंगे या किसे वोट नहीं देंगे। मौजूदा कार्यकारी समिति के सदस्यों को भी सार्वजनिक रूप से किसी उम्मीदवार का समर्थन करने या उसके पक्ष में बयान देने से बचना होगा। उम्मीदवार किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसा कोई समझौता या वादा नहीं कर सकते जिससे निर्वाचित पद पर पहुंचने के बाद उनके निर्णय लेने या कार्य करने की स्वतंत्रता प्रभावित हो। आचार संहिता के अनुसार, ‘‘राष्ट्रीय खेल संस्था की कार्यकारी टीम और प्रशासन को हर समय पूरी निष्पक्षता बनाए रखनी होगी। किसी भी उम्मीदवार की उम्मीदवारी के संबंध में प्रशासन या कर्मचारियों के किसी भी सदस्य से समर्थन या सेवा नहीं मांगी जा सकती। ’’इन नियमों के तहत चुनाव अधिकारी द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय अंतिम और सभी के लिए बाध्यकारी होगा। चुनाव के संचालन या उसके परिणाम से संबंधित किसी भी शिकायत को राष्ट्रीय खेल पंचाट में चुनौती दी जा सकती है, लेकिन ऐसी याचिका केवल चुनाव प्रक्रिया के संचालन से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन तक ही सीमित होगी। ऐसी याचिका चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर दाखिल की जा सकती है।
भारत-न्यूजीलैंड ने मिलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि, T20I यह कारनामा करने वाली बनी पहली फुल मेंबर्स टीमें
भारत और न्यूजीलैंड के बीच में पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला ऑकलैंड के स्टेडियम में खेला गया, जिसको कीवी टीम 87 रनों के अंतर से जीतने में कामयाब रही। वहीं दोनों टीमों ने इस मुकाबले में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जो इससे पहले फुल मेंबर्स टीमों में कोई टीम हासिल नहीं कर सकी थी।
आकाश चोपड़ा : भुवनेश्वर की वापसी उम्मीद नहीं रही
नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम को शुक्रवार को ऑकलैंड में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में टीम इंडिया तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के बिना उतरी थी।
भारतीय टीम को WTC Points Table में बांग्लादेश की हार से मिला फायदा, पहुंची इस पोजीशन पर
बांग्लादेश की टीम अपने घर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है, जिसके पहले मुकाबले में उनको 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है और इसका फायदा टीम इंडिया को WTC 2025-27 की प्वाइंट्स टेबल में मिला है।
न्यूजीलैंड को रग्बी की दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में गिना जाता है। उसकी पुरुष टीम तीन बार और महिला टीम छह बार वर्ल्ड कप जीत चुकी है। इसके मुकाबले रग्बी में भारत की पहचान लगभग जीरो है। भारत अब तक रग्बी वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सका है। एशियाई स्तर पर भी भारत शीर्ष टीमों में शामिल नहीं रहा है। ऐसे में 27 अक्टूबर को बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारतीय अंडर-20 महिला टीम ने जो किया, उसने सबका ध्यान खींचा। भारतीय लड़कियों ने न्यूजीलैंड की युवा माओरी टीम को रग्बी सेवन्स के मुकाबले में 17-0 से हरा दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 12-0 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय डिफेंस को भेदने में नाकाम रही। आखिर रग्बी की इतनी मजबूत परंपरा वाले देश की टीम के खिलाफ भारत को इतनी बड़ी जीत कैसे मिली? क्या यह न्यूजीलैंड की कमजोर टीम थी या भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन ने अंतर पैदा किया? 5 फैक्टर में समझते हैं इस नतीजे की पूरी कहानी। 1. यह न्यूजीलैंड की नेशनल अंडर-20 टीम नहीं, माओरी खिलाड़ियों का सांस्कृतिक दल था इस जीत को समझने के लिए सबसे पहले न्यूजीलैंड की टीम की पहचान जानना जरूरी है। राजगीर में भारत के खिलाफ खेलने वाली टीम न्यूजीलैंड की नियमित राष्ट्रीय अंडर-20 महिला टीम नहीं थी। यह न्यूजीलैंड के अलग-अलग हिस्सों से चुनी गई माओरी समुदाय की 24 युवा खिलाड़ियों वाली इनविटेशनल टीम थी। माओरी न्यूजीलैंड का मूल निवासी समुदाय है। इस दौरे का उद्देश्य केवल मुकाबले खेलना नहीं, बल्कि खेल के जरिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और रग्बी के विकास को बढ़ावा देना भी था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने पर यह सीरीज आयोजित की गई थी। इसलिए भारत की जीत को न्यूजीलैंड की सीनियर टीम या उसकी नियमित राष्ट्रीय अंडर-20 टीम पर जीत बताना सही नहीं होगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय रग्बी की मजबूत संस्कृति वाले देश की युवा खिलाड़ियों को 17-0 से हराना भारतीय टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। 2. भारतीय लड़कियां पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थीं भारत की जीत को सिर्फ न्यूजीलैंड की टीम की पृष्ठभूमि से नहीं समझा जा सकता। भारतीय महिला रग्बी में भी पिछले कुछ समय से सुधार हुआ है। इसका उदाहरण अक्टूबर में हुए एशियन गेम्स में देखने को मिला। भारत की सीनियर महिला रग्बी सेवन्स टीम ने पिछले एशियन गेम्स में छठा स्थान हासिल किया। यह एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे पहले भारत ने 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में सातवां स्थान हासिल किया था। एशियन गेम्स में भारत ने मलेशिया को 26-5 और सिंगापुर को 22-5 से हराया था। ध्यान रहे, यह सीनियर टीम का प्रदर्शन है, इसे राजगीर में खेलने वाली अंडर-20 टीम का व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं समझना चाहिए। लेकिन इससे भारतीय महिला रग्बी के डेवलपमेंट का अंदाजा जरूर मिलता है। 3. मुकाबला रग्बी सेवन्स का था, 15 खिलाड़ियों वाला पारंपरिक रग्बी नहीं भारत की जीत में फॉर्मेट का भी महत्व रहा। राजगीर में मुकाबला रग्बी सेवन्स का था। इसमें एक टीम के सात खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं, जबकि पारंपरिक रग्बी यानी 15-ए-साइड में हर टीम के 15 खिलाड़ी होते हैं। सेवन्स का मुकाबला भी काफी छोटा होता है। सेवन्स मैच 14 मिनट का होता है, जिसमें सात-सात मिनट के दो हाफ होते हैं। इसके मुकाबले 15-ए-साइड रग्बी 80 मिनट खेला जाता है। सेवन्स में मैदान पर खाली जगह अधिक होती है। खिलाड़ियों की गति, पासिंग, टैकल और तेजी से पोजिशन बदलने की क्षमता ज्यादा मायने रखती है। कम समय में मैच का रुख बदल सकता है। इसलिए इसे पारंपरिक रग्बी की ताकत का सीधा पैमाना नहीं माना जा सकता। 4. भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन खेल दिखाया फॉर्मेट और विरोधी टीम की पहचान अपनी जगह है, लेकिन 17-0 का स्कोर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी दिखाता है। टीम ने पहले हाफ में 12 अंक बनाकर न्यूजीलैंड पर दबाव बनाया। भारतीय टीम की सबसे बड़ी खासियत उसका अनुशासित डिफेंस रहा। न्यूजीलैंड की खिलाड़ी एक भी अंक नहीं बना सकीं। रग्बी में विरोधी को स्कोर करने से रोकना आसान नहीं होता, क्योंकि खिलाड़ियों को लगातार टैकल, पोजिशनिंग और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना पड़ता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम ने बेहतर टैकलिंग और रणनीतिक अनुशासन का प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ी अक्षया एनएस ने इसे अपने लिए जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने न्यूजीलैंड की टीमों को पहले सिर्फ वीडियो में खेलते देखा था। 5. न्यूजीलैंड के साथ प्रशिक्षण और अनुभव का भी मिला फायदा इस सीरीज को सिर्फ दो टीमों के बीच एक मैच के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत और न्यूजीलैंड के बीच रग्बी को विकसित करने के लिए सहयोग भी चल रहा है। मई 2026 में न्यूजीलैंड रग्बी के कोचिंग विशेषज्ञों ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 35 भारतीय कोचों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसका उद्देश्य भारत में कोचिंग की गुणवत्ता और रग्बी की तकनीकी समझ को बेहतर बनाना था। राजगीर दौरे में भी दोनों देशों की युवा टीमों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। खिलाड़ियों को एक-दूसरे की खेल शैली समझने और अनुभव साझा करने का अवसर मिला। ऐसे कार्यक्रम भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय रग्बी की गति, तकनीक और रणनीति से परिचित कराने में मदद करते हैं। भारत के लिए इस जीत के क्या मायने हैं? राजगीर की 17-0 की जीत को न्यूजीलैंड की रग्बी ताकत पर भारत की जीत कहना अतिशयोक्ति होगी। लेकिन इसे सामान्य मुकाबला मानकर नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा। भारत की महिला टीम ने दिखाया कि सही तैयारी, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर कोचिंग के जरिए वह मजबूत रग्बी संस्कृति वाले देशों की युवा टीमों को चुनौती दे सकती है। खास बात यह है कि भारत की सीनियर महिला टीम भी एशियन गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी है। अब चुनौती इस प्रदर्शन को निरंतरता देने की है। भारत को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले, मजबूत घरेलू प्रतियोगिताएं, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और युवा खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट विकास प्रणाली तैयार करनी होगी। राजगीर में मिली जीत भारतीय महिला रग्बी के लिए एक अच्छा संकेत है। इसे मंजिल नहीं, बल्कि उस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जाना चाहिए। --------------------------------------------------- भारत की महिला खिलाड़ियों की अचीवमेंट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मनीषा विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग जीतने वाली पहली भारतीय, आखिरी 3 मिनट में जीता गोल्ड मनीषा भानवाला विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने शुक्रवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अमेरिका की एबिगेल नेट को 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में 8-6 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
अगले दो साल में सफेद गेंद क्रिकेट पर राज करेगी भारतीय Women Cricket Team: अमोल मजूमदार
मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने शनिवार को कहा कि आयु वर्ग के क्रिकेट से लगातार उभर रही प्रतिभाओं को देखते हुए भारतीय महिला क्रिकेट टीम अगले दो वर्षों में सफेद गेंद (वनडे और टी20) के प्रारूपों में विश्व क्रिकेट पर लगातार अपना दबदबा कायम करने में सक्षम होगी। भारत ने पिछले साल नवंबर में घरेलू मैदान पर 50 ओवर का विश्व कप जीता था लेकिन टीम अब तक कोई बड़ा टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं जीत पाई है। हालांकि मजूमदार और नयी कप्तान स्मृति मंधाना को इस कमी को दूर करने का मौका मुंबई और वडोदरा में आयोजित होने वाली आईसीसी टी20 चैंपियंस ट्रॉफी में मिलेगा। मुंबई में मुंबई खेल पत्रकारों के संघ (एसजेएएम) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मजूमदार ने कहा, ‘‘दो साल बाद अगर भारतीय टीम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा बनाने लगे तो मुझे बहुत खुशी होगी। टीम के भीतर हमने हमेशा दबदबे की बात की है। मैदान पर पूरी आक्रामकता और दृढ़ता के साथ खेलना भी हमारी प्राथमिकता रही है। ’’उन्होंने महिला टीम की दो साल बाद की स्थिति से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘निश्चित रूप से, मैं जिस पृष्ठभूमि से आता हूं, मुंबई क्रिकेट में मेरा विकास भी कुछ इसी तरह हुआ है। मैं उन्हीं मूल्यों को टीम में शामिल करने और अपने अनुभव खिलाड़ियों के साथ साझा करने की कोशिश करता हूं। अगर हम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा कायम करते हैं तो मुझे बेहद खुशी होगी। ’’मजूमदार ने भरोसा जताया कि भारत टी20 प्रारूप में भी ऐसी टीम बनेगा जिसे हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आयु वर्ग के क्रिकेटरों को टी20 क्रिकेट की जरूरतों और चुनौतियों की बेहतर समझ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कई शानदार प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बीसीसीआई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देखा है जहां अंडर-15, अंडर-19 और भारत ए के शिविर आयोजित होते हैं। सीओई में जिस तरह का काम हो रहा है, वह शानदार है। ये शिविर इस बात का अच्छा उदाहरण हैं कि वर्तमान में भारतीय महिला क्रिकेट किस दिशा में आगे बढ़ रही है। ’’मजूमदार ने कहा, ‘‘कई बेहतरीन खिलाड़ी उभरकर सामने आ रही हैं। आपको हैरानी होगी कि वे बहुत जल्दी खेल की जरूरतों के अनुरूप खुद को ढाल लेती हैं। हमें कुछ खास चुनौतियों के अनुसार खुद को ढालने में काफी समय लगा था, लेकिन ये युवा खिलाड़ी पहले से ही उन जरूरतों को समझती हैं। वे पूरी तरह पेशेवर हैं।
बर्थडे स्पेशल: 'गॉड ऑफ फोर्थ इनिंग' के नाम से मशहूर रहे हैं वीवीएस लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। कलाई के जादूगर के रूप में मशहूर लक्ष्मण का टेस्ट क्रिकेट में बड़ा योगदान रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है।
मिनर्वा के साइलेक्स ओइनम और वाहेन्गबम राज सिंह का भारतीय अंडर-17 राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में चयन
फॉरवर्ड पंक्ति में सेंटर-फॉरवर्ड वाहेन्गबम राज सिंह अपनी आक्रामक शैली और धारदार फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं। राज इससे पहले भी अंडर-17 राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। स्पेन में हुए एमआईसी फुटबॉल कप में उन्होंने इंग्लिश क्लब लिवरपूल एफसी के खिलाफ 6-0 की जीत में ऐतिहासिक हैट्रिक जमाई थी।
चुनौतियों को स्वीकार करने में मजा आता है, नेट्स में बैटिंग करना मेरे लिए मेडिटेशन जैसा: एलिसा पेरी
ब्रिसबेन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार खेलने के लगभग दो दशक बाद भी बेहतरीन ऑलराउंडर एलिसा पेरी का कहना है कि वह आज भी हर दिन खुद को पिछले दिन की तुलना में एक बेहतर खिलाड़ी बनाने की कोशिश करती हैं।
विश्व चैम्पियन Manisha Bhanwala का लक्ष्य अब Los Angeles Olympics में पदक जीतना
भारत की पहली महिला विश्व चैम्पियन बनी मनीषा भानवाला की नजरें 2005 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 57 किलोवर्ग में पदक जीतने पर है और इस अनुभवी पहलवान की ताकत उनके पिता है जो उनके दिल में बसते हैं। 29 वर्ष की मनीषा ने कजाखस्तान के अस्ताना में इतिहास रच दिया जब वह सीनियर कुश्ती विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई। एशियाई खेलों की नाकामी की बखूबी भरपाई करते हुए उन्होंने कैरियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। एशियाई खेलों से खाली हाथ लौटी मनीषा ने अपने कोच वीरेंदर दहिया की सलाह मानकर विश्व चैम्पियनशिप पर पूरा फोकस रखा जिसकी उन्हें फायदा मिला। मनीषा ने भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा शनिवार को कराई गई बातचीत में कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में किस्मत ने साथ नहीं दिया। मैं कोच से कुश्ती, अभ्यास और रिकवरी के बारे में पूछती रही। उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य विश्व चैम्पियनशिप होना चाहिये। मुझे अभी भी याद है कि उन्होंने कहा था कि ईश्वर ने मेरे लिये कुछ बड़ा सोच रखा है।’’एशियाई खेलों में 57 किलोवर्ग में भाग लेने के बाद विश्व चैम्पियनशिप में वह 59 किलो में उतरी। उनका मानना है कि दोनों टूर्नामेंटों के बीच में अंतर कम रहने से उन्हें रिकवरी और वजन कम करने के लिये काफी कम समय मिला। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे एशियाई खेलों में पदक जीतने का यकीन था। मुझे पता था कि विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिये काफी कम समय मिलेगा। दस दिन में वजन कम करना कठिन था तो मुझे लगा कि 59 किलो सही रहेगा।’’मनीषा के लिये यह जीत पदक से कहीं अधिक मायने रखती है। उन्हें कुश्ती में उतारने वाले पिता ने उनके कैरियर में अहम भूमिका निभाई लेकिन 2022 में उनका निधन हो गया। विश्व चैम्पियनशिप फाइनल से पहले उन्होंने अपने पिता की याद में एक खास टीशर्ट पहना था। मनीषा ने कहा ,‘‘ मैं बता नहीं सकती कि मेरे पिता की कितनी बड़ी भूमिका रही है। मैं उनसे बात करती रहती हूं मानो वह मेरे भीतर हों। वह मेरे दिल में बसते हैं और मेरे जीवन का हिस्सा हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे पिता ने सिखाया कि या तो कोई काम शुरू मत करो और करो तो पूरा करके ही दम लो। यह मेरे खून में है। कुश्ती मेरे लिये पहला और आखिरी विकल्प है। इसने मुझे जीवन, नाम और जीने का सामर्थ्य दिया।’’
मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर घर में जमकर मना जश्न, मां बोलीं-जोरदार स्वागत करने की है तैयारी
जींद, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। मनीषा भनवाला ने शुक्रवार को इतिहास रचा। वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद उनके घर में जमकर जश्न मनाया गया। भारतीय महिला रेसलर की मां का कहना है कि बेटी का घर लौटने पर जोरदार स्वागत किया जाएगा।
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी:श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू; फाइनल में खिताबी मुकाबला
पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में श्रीलंका की पारी शुरू हो चुकी है। 2.4 ओवर के बाद टीम ने बिना विकेट गंवाए 10 रन बना लिए हैं। अविष्का फर्नांडो 6 और कामिंदु मेंडिस 4 रन बनाकर क्रीज पर हैं। शाहीन और नसीम ने की गेंदबाजी की शुरुआत पाकिस्तान की ओर से शाहीन शाह अफरीदी ने पहला ओवर किया। उन्होंने 7 रन दिए। वहीं, नसीम शाह ने दूसरे छोर से गेंदबाजी की और एक ओवर में 3 रन दिए। श्रीलंका की टीम शुरुआती ओवरों में संभलकर बल्लेबाजी कर रही है। शाहीन अफरीदी कर रहे पाकिस्तान की कप्तानी पाकिस्तान की कप्तानी शाहीन शाह अफरीदी कर रहे हैं, जबकि श्रीलंका की कमान कुसल मेंडिस के हाथों में है। पाकिस्तान ने फाइनल के लिए अपनी प्लेइंग-11 में फखर जमान, बाबर आजम और सलमान आगा जैसे बल्लेबाजों को शामिल किया है। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 पाकिस्तान: फखर जमान, माज सदाकत, बाबर आजम, साद बेग, सलमान आगा, हसन नवाज, अराफात मिन्हास, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), हारिस रऊफ और नसीम शाह। श्रीलंका: अविष्का फर्नांडो, कामिंदु मेंडिस, कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), पवन रत्नायके, दसुन शनाका, जनिथ लियानगे, सहान अराचिगे, महीश तीक्षणा, दुनिथ वेलालगे, असिथा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।
ऑस्ट्रेलिया के साउथ अफ्रीका दौरे का आखिरी टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर है। शनिवार को मुकाबले के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया को 283 रन बनाने हैं। जबकि, साउथ अफ्रीका को 8 विकेट गिराने हैं। खास बात यह है कि इस मुकाबले के नतीजे पर 3 मैचों की सीरीज का रिजल्ट निर्भर है। क्योंकि, दोनों ही टीमों एक-एक मैच जीत चुकी हैं। साउथ अफ्रीका दूसरी पारी में 387 रन पर ऑलआउट चौथे दिन साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 387 रन बनाए। टीम ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 429 रन बनाकर 100 रन की बढ़त हासिल की थी। इस तरह साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रन का टारगेट रखा है। रायन रिकेल्टन और वियान मुल्डर ने छठे विकेट के लिए 154 रन जोड़े और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रिकेल्टन ने 101 और मुल्डर ने 115 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साउथ अफ्रीका ने चौथे दिन की शुरुआत दूसरी पारी में 40 रन की बढ़त और 6 विकेट बाकी रहते की। क्रीज पर रायान रिकेल्टन और मैथ्यू ब्रीट्जके मौजूद थे। मिचेल स्टार्क ने ब्रीट्जके को शॉर्ट बॉल डालकर परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया ने स्पिन और तेज गेंदबाजी, दोनों से दबाव बनाया। आखिरकार पैट कमिंस को 372 गेंदों के इंतजार के बाद विकेट मिला। ब्रीट्जके ने शॉर्ट बॉल पर पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े स्टार्क के हाथों में चली गई। वह 121 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए। रिकेल्टन-मुल्डर ने पलटा मैच का रुख ब्रीट्जके के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 181 रन पर 5 विकेट था। लेकिन रिकेल्टन और मुल्डर ने संभलकर बल्लेबाजी की। पहले सेशन में साउथ अफ्रीका ने 28 ओवर में सिर्फ 62 रन बनाए और एक विकेट गंवाया। दूसरे सेशन में टीम ने 28 ओवर में 92 रन जोड़े। मुल्डर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रिकेल्टन ने भी शतक लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 318 गेंदों पर 154 रन की साझेदारी की। रिकेल्टन 219 गेंदों पर 101 रन बनाकर रनआउट हुए। इसके बाद साउथ अफ्रीका ने अगले तीन विकेट सिर्फ 16 रन के अंदर गंवा दिए। मार्को यानसन 8 गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हुए। साइमन हार्मर को नाथन लायन ने बोल्ड किया। गेराल्ड कोएत्जी भी रनआउट हो गए। मुल्डर ने निचले क्रम के साथ संभाली पारी रिकेल्टन के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 335 रन पर 6 विकेट था। मुल्डर ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कगिसो रबाडा के साथ 53 गेंदों पर 36 रन जोड़े। रबाडा ने 14 गेंदों पर सिर्फ 2 रन बनाए। नाथन लायन की गेंद पर चौका लगाकर मुल्डर ने टीम की बढ़त 250 रन के पार पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने पैट कमिंस की गेंद पर छक्का और लायन के खिलाफ स्लॉग स्वीप से एक और छक्का लगाया। आखिरकार 221 गेंदों पर 115 रन बनाकर वह स्टार्क के हाथों कैच आउट हुए। उनकी पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। ------------------यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
रवींद्र जडेजा की वापसी को लेकर पुजारा ने कहा- 'शायद अब उन्हें वनडे टीम में न चुना जाए'
नई दिल्ली, टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जडेजा को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया है। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि जडेजा के लिए अब टीम में वापसी काफी मुश्किल होगी।
ध्रुव जुरेल ने बचाई टीम इंडिया की लाज, 99 रन बनाकर नाबाद लौटे, टीम इंडिया का स्कोर 291/7
भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच क्राइस्टचर्च में अनाधिकारिक टेस्ट खेला जा रहा है। मैच में पहले दिन का खेल खत्म हो चुका है और टीम इंडिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 291 रन बना लिए हैं।
धवन ने मनीषा को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने पहलवान मनीषा भनवाला को बधाई दी है।
मनीषा- मैं चाहती हूं कि अधिक लड़कियां वर्ल्ड चैंपियन बनकर सामने आएं
नई दिल्ली, सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला मनीषा भनवाला चाहती हैं कि उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से अन्य भारतीय महिला पहलवानों के लिए शीर्ष तक पहुंचने का रास्ता खुले। महिला रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल चार मेडल जीते हैं।
आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान: सूर्यवंशी को मौका न देने पर उठाए सवाल, बोले- 'क्या सिर्फ बैकअप खिलाड़ी बनकर रहेंगे?'
केरी ओ'कीफ : लाबुशेन अपने करियर के लिए खेलेंगे
केपटाउन, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक टेस्ट सीरीज के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट और फैंस की नजर मार्नस लाबुशेन पर होगी। खराब फॉर्म से गुजर रहे लाबुशेन के लिए अपने करियर को सही ट्रैक पर लाने का यह बड़ा मौका हो सकता है।
Dhruv Jurel के नाबाद 99 रन से India A ने पहले दिन बनाए 291/7
कप्तान ध्रुव जुरेल के नाबाद 99 रन और देवदत्त पडिक्कल के 80 रन की मदद से भारत ए ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ चार दिवसीय मैच के पहले दिन शनिवार को सात विकेट पर 291 रन बनाये। जुरेल 155 गेंद में 99 रन बनाकर और आकाश दीप 25 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। दोनों अभी तक आठवें विकेट की साझेदारी में 69 रन जोड़ चुके हैं। लंच के समय भारत ए का स्कोर एक विकेट पर 87 रन था। यशस्वी जायसवाल को पहले ओवर की चौथी गेंद पर तेज गेंदबाज फ्रेजर शीट ने पगबाधा आउट किया। लंच के बाद पहले ओवर में साइ सुदर्शन (41) आउट हो गए जिन्हें तेज गेंदबाज जेरोड मैकी ने विकेट के पीछे मिचेल हे के हाथों लपकवाया। पडिक्कल ने दूसरा छोर संभालकर 101 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। भारत का स्कोर एक समय दो विकेट पर 131 रन था लेकिन न्यूजीलैंड ने सात रन के भीतर तीन विकेट चटकाये। यश राठौड़ (13) पहले आउट हुए और उनके बाद पडिक्कल का विकेट गिरा। रविचंद्रन स्मरण को शीट ने पगबाधा आउट किया। वॉशिंगटन सुंदर को भी शीट ने ही पवेलियन भेजा। जुरेल और मानव सुतार (22) ने सातवें विकेट के लिये 62 रन की साझेदारी की। जुरेल ने 93 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।
IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में बदलाव, इस गेंदबाज को किया गया शामिल
इंटरनेट डेस्क। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। चयन समिति ने तेज गेंदबाज आकिब नबी को शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए टीम में शामिल कर लिया है। इससे पहले आकिब को सीरीज के चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय स्क्वॉड में जगह मिली थी। अब वह सीरीज की शुरुआत से ही टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्क्वॉड अपडेट जारी कर इसकी जानकारी दी। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहले आखिरी दो वनडे के लिए चुना गया था, लेकिन अब उन्हें पहले तीन मैचों के लिए भी टीम में शामिल कर लिया गया है। पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी (सिर्फ पहला वनडे), आकिब नबी चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर, उपकप्तान), अक्षर पटेल, नमन धीर, आकिब नबी , गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव। PC- cricinfo.com
केपटाउन की दूसरी पारी लाबुशेन अपने करियर के लिए खेलेंगे: केरी ओ'कीफ
केपटाउन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक टेस्ट सीरीज के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट और फैंस की नजर मार्नस लाबुशेन पर होगी। खराब फॉर्म से गुजर रहे लाबुशेन के लिए अपने करियर को सही ट्रैक पर लाने का यह बड़ा मौका हो सकता है।
PC: navarashtra एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार शानदार चल रहा है। टूर्नामेंट के अपने तीसरे मैच में पांच बार की चैंपियन भारत ने जापान को 4-1 से हराकर जीत की हैट्रिक लगाई। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पॉइंट्स टेबल में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। टीम की इस लगातार तीसरी जीत में युवा स्ट्राइकर अभिषेक नैन का प्रदर्शन तारीफ के काबिल रहा। अभिषेक नैन का शानदार प्रदर्शन मैच का मुख्य आकर्षण स्ट्राइकर अभिषेक नैन का शानदार प्रदर्शन रहा, जिन्होंने दो शानदार फील्ड गोल करके अपने 150वें इंटरनेशनल मैच को यादगार बना दिया। उन्होंने मैच के 11वें और 51वें मिनट में जापानी डिफेंस को तोड़ते हुए गोल किए। अभिषेक के अलावा कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि विष्णुकांत सिंह ने 56वें मिनट में चौथा फील्ड गोल करके जापान की वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए। जापान के लिए एकमात्र गोल शोता यामाडा ने 15वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर किया। पहला गोल मैच की शुरुआत में जापानी टीम अग्रेसिव दिखी और भारतीय डिफेंडरों पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश की। शुरुआती मिनटों में भारतीय मिडफील्ड और फॉरवर्ड लाइन के बीच तालमेल की कमी दिखी। रेगुलर खिलाड़ी मंदीप सिंह की गैरमौजूदगी में भारतीय अटैक शुरू में थोड़ा कमजोर दिखा। उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने बीच में अकेले कड़ी मेहनत की और आखिरकार, 11वें मिनट में उन्होंने सुखजीत और अभिषेक के साथ मिलकर टीम का पहला गोल किया। जापान ने वापसी की कोशिश की जापान ने मैच बराबर करने की पूरी कोशिश की। पहले क्वार्टर के आखिरी पलों में उन्हें लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। ऐसी ही एक घटना के दौरान, गेंद भारतीय खिलाड़ी संजय के शरीर से टकराई, जिसे शोता यामाडा ने गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद जापानी डिफेंडरों ने शानदार मैन-टू-मैन मार्किंग दिखाते हुए भारतीय फॉरवर्ड को खुलकर खेलने से रोका और ब्रेक तक दोनों टीमें 1-1 से बराबर रहीं। भारतीय टीम शानदार फॉर्म में ब्रेक के बाद, भारतीय टीम ने अपनी स्ट्रैटेजी बदली और खेल की रफ्तार बढ़ा दी। भारतीय खिलाड़ियों ने छोटे पास और शानदार मूव्स से जापानी डिफेंस को भेदना शुरू कर दिया। भारत ने आखिरी दो क्वार्टर में लगातार तीन गोल करके मैच को जापान की पहुंच से दूर कर दिया। अपने पिछले मैचों में बांग्लादेश को 13-0 और चीन को 5-2 से हराने के बाद, भारतीय टीम अब रविवार को अपने अगले मैच में मलेशिया का सामना करेगी।
PC: INDIA TV HINDI मनीषा भानवाला ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय रेसलिंग जगत में गर्व का योगदान दिया है। मनीषा ने महिलाओं की 59 kg वेट कैटेगरी के फाइनल में यूनाइटेड स्टेट्स की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ, वह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बन गई हैं। उनकी इस सफलता से भारतीय रेसलिंग जगत में खुशी का माहौल है। हरियाणा के एक किसान परिवार से ग्लोबल लेवल पर छलांग मनीषा भानवाला हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं और उनका परिवार खेती-बाड़ी के बिजनेस से जुड़ा है। उनके परिवार में स्पोर्ट्स का ट्रेडिशन रहा है। उनके भाई रिंकू कबड्डी प्लेयर हैं, जबकि उनकी भाभी ममता सिहाग भी रेसलर हैं। परिवार में स्पोर्ट्स का माहौल और गांव में स्पोर्ट्स कल्चर ने मनीषा को रेसलिंग करने के लिए इंस्पायर किया। अपने रेसलिंग करियर के दौरान, उन्होंने अलग-अलग वेट ग्रुप में हिस्सा लिया। उन्होंने 62 kg, 65 kg और 57 kg जैसे अलग-अलग ग्रुप में मुकाबला किया। हालांकि, 29 साल की उम्र में उन्होंने 59 kg की नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी में वर्ल्ड लेवल पर सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की। पिता की मौत के बाद भी जारी रखा संघर्ष मनीषा भानवाला की ज़िंदगी का सबसे मुश्किल दौर उनके पिता की मौत थी। 2022 में मंगोलिया में होने वाली एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए निकलने से एक रात पहले उनके पिता की मौत हो गई। उनके पिता सुरेश एक जागरण में गए थे। अगली सुबह, उन्हें नींद में हार्ट अटैक आया और वे गुज़र गए। इस घटना ने मनीषा को पूरी तरह से थका दिया था। वह घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहती थीं। कुछ समय के लिए तो उन्होंने रेसलिंग छोड़ने के बारे में भी सोचा। हालांकि, अपने पिता का सपना पूरा करने का पक्का इरादा करके उन्होंने फिर से रेसलिंग के मैदान में कदम रखा। मुश्किल हालात के बावजूद, उन्होंने प्रैक्टिस जारी रखी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। पिता को समर्पित गोल्ड मेडल वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के फाइनल मैच में, मनीषा ने यूनाइटेड स्टेट्स की एबिगेल नेट को 8-6 से हराया। इस जीत के साथ, वह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। जीत के बाद, उन्होंने दर्शकों के सामने गर्व से अपने माता-पिता की तस्वीर वाली एक सफेद टी-शर्ट दिखाई। यह पल सिर्फ एक एथलीट की जीत नहीं थी, बल्कि एक बेटी का अपने पिता का सपना पूरा करने का इमोशनल सफर था। मनीषा भानवाला की इस कामयाबी ने भारतीय रेसलिंग को एक नई पहचान दी है। उन्होंने अपने परफॉर्मेंस से दिखाया है कि संघर्ष, पक्के इरादे और कड़ी मेहनत से ग्लोबल लेवल पर सफलता पाई जा सकती है।
Gaurav Khanna ने खारिज किए आरोप, बोले चयन में गड़बड़ी उठाने पर बनाया जा रहा निशाना
भारत के पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने एशियाई पैरा खेलों के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये खिलाड़ियों का मनोबल गिराने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह आरोप उन्हें बदनाम करने के लिये गढे गए ‘भ्रामक नैरेटिव’ हैं क्योंकि उन्होंने चयन मसलों में ‘दस्तावेजी अनियमितताओं’ का मसला उठाया था। यह विवाद सोशल मीडिया पर खन्ना की अब डिलीट कर दी गई एक पोस्ट के कारण पैदा हुआ जिसमें उन्होंने कयास लगाया था कि भारत को 2022 पैरा एशियाई खेलों की तुलना में कम पदक मिलेंगे। फाइनल से एक दिन पहले उन्होंने लिखा था कि भारत को दो स्वर्ण समेत 16 पदक मिलेंगे।भारत ने तीन स्वर्ण समेत 16 पदक जीते। वहीं 2022 खेलों में भारत ने चार स्वर्ण समेत 21 पदक पैरा बैडमिंटन में जीते थे। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि खन्ना की पोस्ट के कारण उन पर दबाव बना। उन्होंने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण से इसकी जांच की मांग की थी। लखनऊ में बैडमिंटन अकादमी चलाने वाले खन्ना ने कहा ,‘‘ मुझे इस बात की चिंता है कि उस पोस्ट के कुछ समय दिखने के लगभग एक हफ्ते बाद यानी 27 अक्टूबर को सार्वजनिक आरोप लगाए गए जिनका मकसद उन अनियमितताओं से ध्यान भटकाना था, जिन्हें मैंने एशियाई पैरा खेल खत्म होने के बाद उच्च अधिकारियों के सामने उठाया था।’’उन्होंने पीटीआई को जारी बयान में कहा ,‘‘ इसकी टाइमिंग गहरी चिंता का विषय है। मेरे द्वारा मसला उठाये जाने की जानकारी मिलने के बाद सभी संबंधित लोगों ने भ्रामक सार्वजनिक धारणा बनाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की ताकि मुख्य मसले से ध्यान हट जाये।’’भारत के पैरा बैडमिंटन प्रमुख के प्रभाकर राव और छह बार के विश्व चैम्पियन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने खन्ना की सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना करके कहा था कि इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ा। खन्ना ने कहा ,‘‘ वह पोस्ट 22 अक्टूबर को रात नौ बजे लिखी गई और दो तीन मिनट में डिलीट कर दी गई। 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच बीएआई प्रमुख या किसी ने उसके बारे में मुझसे नहीं पूछा और कोई बवाल नहीं खड़ा हुआ।’’उन्होंने कहा ,‘‘ इसके अलावा उस समय जापान में 23 अक्टूबर को लगभग रात के 12:30 बजे होंगे। अगर प्रमोद का दावा है कि उस थोड़े से समय में इसे देखकर वह परेशान हो गया था तो उसने इसे कब और कैसे देखा? क्या वह अपने फाइनल मैच से ठीक पहले आधी रात के बाद सोशल मीडिया देख रहा था, जबकि उसे आराम करना चाहिए था और कुछ घंटों बाद होने वाले मैच पर ध्यान देना चाहिए था।’’खन्ना ने कहा कि कुछ योग्य खिलाड़ियों को खेलों के लिये चुना नहीं गया और यह मसला उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा ,‘‘ अपने अपने वर्ग में एशिया के शीर्ष छह खिलाड़ियों में शामिल चिराग बरेटा, अम्मु मोहन, शशांक कुमार और मनीषा पटेल को बाहर क्यो किया गया। खिलाड़ियों के लिखित बयान पर क्या कार्रवाई की गई।’’उन्होंने कहा ,‘‘मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि साइ और खेल मंत्रालय ने भी संबंधित प्रशासन द्वारा गढी गई धारणाओं पर भरोसा करके गलती की। मेरे पेशेवर आकलन के अनुसार साइ और खेल मंत्रालय के समक्ष तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट नहीं कर पाने के कारण भारत ने कम से कम चार संभावित पदक जीतने के मौके गंवा दिए।’’
पहलवान मनीषा भानवाला को ऐतिहासिक गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति ने दी बधाई
नई दिल्ली, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को मनीषा भानवाला की ऐतिहासिक वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीतने पर प्रशंसा की और उनकी इस कामयाबी को देश के लिए बहुत गर्व और शान का पल बताया।
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने पहलवान मनीषा भनवाला को बधाई दी है। मनीषा ने शुक्रवार को सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचा। कजाकिस्तान के अस्ताना में महिलाओं के 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में मनीषा ने शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पहलवान मनीषा भानवाला को ऐतिहासिक गोल्ड जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को मनीषा भानवाला की ऐतिहासिक वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीतने पर प्रशंसा की और उनकी इस कामयाबी को देश के लिए बहुत गर्व और शान का पल बताया।
पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर सवाल उठाया है। चोपड़ा ने कहा कि सूर्यवंशी को सिर्फ चोटिल खिलाड़ियों के विकल्प के तौर पर नहीं खिलाना चाहिए। अगर उन्हें रेग्युलर मौके नहीं मिलने हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट, खासकर फर्स्ट-क्लास खेलना चाहिए। ईशान किशन के फिट होने के बाद सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर किया गया। सूर्यवंशी ने किशन के चोटिल होने के बाद दूसरे और तीसरे टी-20I में खेला था। चोपड़ा ने यूट्यूब में वीडियो पोस्ट किया सूर्यवंशी के रोल पर रोडमैप बताने की मांग चोपड़ा ने टीम मैनेजमेंट से सूर्यवंशी की भूमिका को लेकर अपनी योजना और लंबे समय का विजन साफ करने की मांग की। उन्होंने युवा खिलाड़ी को बाहर किए जाने और टीम में उसका रोल क्लियर न होने पर निराशा जताई है। चोपड़ा ने कहा, ‘टीम को सामने आकर बताना चाहिए कि उसका रोडमैप और सोच क्या है। हो सकता है कि उन्होंने इस बारे में पहले ही सोच लिया हो और योजना भी बना ली हो। लेकिन उन्होंने किसी को बताया नहीं है।’ किशन की वापसी निराशाजनक रही ईशान किशन की वापसी निराशाजनक रही। भारत ने 260 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा किया, लेकिन किशन शून्य पर आउट हो गए। भारत की टीम 172/9 रन तक ही पहुंच सकी। ------------------------------------------------
आकिब नबी ने न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ रेड बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। पहले चार दिवसीय मुकाबले की दोनों पारियों में उन्होंने कुल छह विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने उनकी गेंदबाजी क्षमता को सामने रखा और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी उपयोगिता को लेकर उम्मीदें बढ़ाईं।
रयान रिकल्टन : 'जीत या हार, कोई ड्रॉ नहीं होगा'
केपटाउन, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक दौर में पहुंच गया है। शनिवार टेस्ट का आखिरी दिन है। दोनों टीमों के सामने जीत का अवसर और हार का डर है। साथ ही, ड्रॉ की भी संभावना है। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रयान रिकल्टन ने कहा है कि आखिरी दिन मैच का परिणाम आएगा।
हांगकांग : दूसरा मैच हारी भारतीय टीम
कॉव्लून, हांगकांग सिक्सेस में भारतीय टीम को यूएई के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है।
एल्वर्सबर्ग : मेंज को 4-1 से हराकर टॉप पांच में जगह बनाई
बर्लिन, एसवी एल्वर्सबर्ग ने मेंज पर 4-1 की शानदार जीत के साथ बुंडेसलीगा में पांचवें स्थान पर जगह बना ली है।
श्रेयस अय्यर : ग्लेन फिलिप्स को उनकी पारी के लिए शाबाशी
ऑकलैंड, भारत को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय कप्तान अय्यर ने खराब गेंदबाजी को हार की वजह माना है।
टीम इंडिया को यूएई ने हराया, 26 गेंदों में चेज किया 95 रन का टारगेट, टूर्नामेंट से हुई बाहर
हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में टीम इंडिया को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान के बाद अब यूएई ने भी भारत को हरा दिया। इसी के साथ ही टीम इंडिया इस टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।
बांग्लादेश ने मीरपुर टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 170 रन का टारगेट सेट किया है। टीम अपनी दूसरी पारी में 142 रन पर ऑलआउट हो गई। शनिवार को मैच के चौथे दिन बांग्लादेशी टीम ने 79/6 के स्कोर से खेलना शुरू किया। उसने पहले सेशन में 63 रन बनाने में आखिरी 4 विकेट गंवाए। वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज ने 5 विकेट झटके। जोमेल वारिकन ने 4 विकेट लिए। शमार जोसेफ को एक विकेट मिला। नईम हसन ने फिफ्टी लगाई नईम हसन ने 18 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। वे 91 बॉल पर 52 रन बनाकर आउट हुए। नईम ने टेस्ट करियर में पहली फिफ्टी लगाई। वहीं, जाकिर अली ने 22 रन बनाए। मेहदी हसन मिराज 9 रन बनाकर आउट हुए। टेलर में कोई बैटर दहाई का आंकड़ा हासिल नहीं कर सका। वेस्टइंडीज पहली पारी 245 पर सिमटी वेस्टइंडीज की पहली पारी 245 रन पर सिमट गई थी। टीम ने तीसरे दिन 4 विकेट पर 134 रन से आगे खेलना शुरू किया। तेगनारायण चंद्रपॉल ने 56 और जस्टिन ग्रीव्स ने 46 रन बनाए। कप्तान रोस्टन चेज 43 रन बनाकर नाबाद रहे। बांग्लादेश के लिए नईम हसन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। मेहदी हसन मिराज और ताइजुल इस्लाम को 2-2 विकेट मिले। शादमान इस्लाम ने पहली पारी में शतक लगाया बांग्लादेश ने पहली पारी में 272 रन बनाए थे। टीम के लिए शादमान इस्लाम ने 105 रन की पारी खेली। उन्होंने 234 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए। उनके अलावा तौहीद हृदोय ने 42 और लिटन दास ने नाबाद 34 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए जोमेल वारिकन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए। जोशुआ बिशप को 2 विकेट मिले। शमर जोसेफ ने भी 2 विकेट हासिल किए। -------------------------------------------------------- टेस्ट क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… वेस्टइंडीज के खिलाफ बांग्लादेश की दूसरी पारी लड़खड़ाई, 79 रन पर 6 विकेट गंवाए बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच मीरपुर में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी खत्म हो गया। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 79 रन बनाए हैं। जाकेर अली 18 और नईम हसन 18 रन बनाकर नाबाद हैं। पढ़ें पूरी खबर
Yuvraj Singh: अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में मिले मौका, युवराज सिंह ने चयनकर्ताओं को दी सलाह
न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारत की वनडे टीम में हुआ बदलाव, आकिब नबी को मिली जगह
न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के शुरुआती तीन मैचों के लिए तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया है। प्रसिद्ध कृष्णा के चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो जाने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया है।
IND vs NZ: आलराउंडर अक्षर पटेल के नाम दर्ज हुआ ये बड़ा रिकॉर्ड, यह कारनामा करने वाले बने पहले भारतीय
इंटरनेट डेस्क। भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने क्रिकेट में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने टी20 क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे कर लिए। वह पहले भारतीय ऑलराउंडर बन गए हैं, जिनके नाम टी20 फॉर्मेट में तीन हजार से अधिक रन और तीन सौ विकेट दर्ज हैं। इस प्रकार की उपलब्धि दुनिया के बहुत कम खिलाड़ियों के नाम दर्ज है और अब इस खास लिस्ट में अक्षर पटेल का नाम भी शामिल हो गया है। अफगानिस्तान के राशिद खान, वेस्टइंडीज के सुनील नरेन और आंद्रे रसेल जैसे दुनिया के बड़े-बड़े ऑलराउंडर इस लिस्ट में शामिल है। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने 300 विकेट लिए हैं, साथ ही 21.94 के औसत और 134.43 के स्ट्राइक रेट से कुल 3818 रन भी बनाए हैं, जिसमें उनके 9 अर्धशतक भी शामिल हैं। मैच में ग्लेन फिलिप्स (107) और माइकल ब्रेसवेल (65) की तूफानी पारियों के बाद जैकब डफी (चार विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम 87 रन से शिकस्त दी। PC- india tv hindi
बुंडेसलीगा: एल्वर्सबर्ग ने मेंज को 4-1 से हराकर टॉप पांच में जगह बनाई
बर्लिन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसवी एल्वर्सबर्ग ने मेंज पर 4-1 की शानदार जीत के साथ बुंडेसलीगा में पांचवें स्थान पर जगह बना ली है।
Hockey: जापान को हराकर भारत सेमीफाइनल में पहुंचा, अभिषेक नैन ने 150वें मैच को बनाया यादगार
Hockey: जापान को हराकर भारत सेमीफाइनल में पहुंचा, अभिषेक नैन ने 150वें मैच को बनाया यादगार
BREAKING:IND vs NZ: आकिब नबी की भारतीय वनडे टीम में एंट्री, अब सीरीज के शुरुआती तीन मैचों में भी खेलेंगे
जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती 3 वनडे मैच के लिए भी भारतीय टीम में चुने गए हैं। नबी को पहले चौथे और 5वें वनडे मैच के लिए टीम में चुना गया था। BCCI ने शनिवार को बताया कि आकिब को पहले चौथे और 5वें मैच के लिए वनडे टीम में शामिल किया गया था, लेकिन अब वे सीरीज की शुरुआत से ही भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। BCCI ने इस पोस्ट के जरिए टीम में बदलाव की जानकारी दी… एक दिन पहले प्रसिद्ध कृष्णा बाहर हुए एक दिन पहले 30 अक्टूबर को प्रसिद्ध कृष्णा वनडे सीरीज से बाहर हुए थे। प्रसिद्ध जांघ की चोट (हैमस्ट्रिंग) से उबर रहे हैं। वे 30 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में चोटिल हुए थे। नबी को कृष्णा का विकल्प माना जा रहा है। हलांकि, बोर्ड ने यह नहीं लिखा है कि नबी को कृष्णा की जगह टीम में लिया गया है। नबी ने विंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था आकिब नमी ने एक महीने पहले 30 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में वनडे में डेब्यू किया था। हालांकि, उस मैच में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। नबी भारतीय टेस्ट टीम में चुने जाने वाले जम्मू कश्मीर के पहले क्रिकेटर हैं। वैसे, यहां के परवेज रसूल और उमरान मलिक भी भारतीय टीम में चुने जा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ वनडे और टी-20 टीम में मौका मिला है। 4 नवंबर से वनडे सीरीज खेली जाएगी भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज 4 नवंबर से खेली जाएगी। पहला मुकाबला ऑकलैंड में खेला जाएगा। फिलहाल, टीम इंडिया 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 3-1 से आगे चल रही है। उसे चौथे टी-20 मुकाबले में 87 रन की करारी हार झेलनी पड़ी थी। शुरुआती 3 वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी (सिर्फ पहला वनडे), औकिब नबी। चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), अक्षर पटेल, नमन धीर, औकिब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव। ----------------------------------------------- भारत के न्यूजीलैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार, 260 चेज कर रही टीम 87 रन से हारी टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पढ़ें पूरी खबर
'हमारी गेंदबाजी खराब रही, ग्लेन फिलिप्स को उनकी पारी के लिए शाबाशी': श्रेयस अय्यर
ऑकलैंड, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय कप्तान अय्यर ने खराब गेंदबाजी को हार की वजह माना है।
IPL 2027: मुंबई इंडियंस में कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव संभव, रोहित शर्मा और तिलक वर्मा के बीच किसे मिलेगी कमान?
इंडिया ए ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट की पहली पारी में 6 विकेट पर 160 रन बना लिए हैं। मानव सुथार और ध्रुव जुरेल क्रीज पर हैं। शनिवार को क्राइस्टचर्च में चल रहे मैच का पहला दिन है और तीसरे सेशन का खेल जारी है। देवदत्त पडिक्कल ने 80 रन की अर्धशतकीय पारी खेली है। जबकि बी साई सुदर्शन ने 41 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल पहली ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। पडिक्कल-सुदर्शन ने 91 रन की साझेदारी की एक रन के स्कोर पर जायसवाल का विकेट गंवाने के बाद पडिक्कल और साई सुदर्शन ने दूसरे विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी की। दोनों ने 159 गेंदों का सामना किया। पडिक्कल ने 100 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वे पिछले मैच की दूसरी पारी में 199 रन बनाकर आउट हुए थे। जायसवाल ने 4 गेंद खेलीं, खाता नहीं खोल सके यशस्वी जायसवाल इस पारी में भी अपना खाता नहीं खोल सके। वे पहले ओवर में फ्रैजर शीट की चौथी गेंद पर आउट हो गए। वे खाता भी नहीं खोल सके। पहले अनऑफिशियल टेस्ट की दोनों पारियों में जायसवाल ने 17 और 5 रन बनाए थे। अब वे लगातार तीसरी पारी में नाकाम रहे। स्मरण गोल्डन डक पर आउट, यश राठौड़ ने बनाए 13 रन भारत ए के बल्लेबाज स्मरण रविचंद्रन खाता नहीं खोल सके। पडिक्कल के 39वें ओवर में आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए स्मरण को फ्रैजर शीट ने पहली ही गेंद पर LBW आउट कर दिया। पहले अनऑफिशियल टेस्ट की पहली पारी में भारत-A के टॉप स्कोरर रहे यश राठौड़ दूसरे मैच में 13 रन ही बना सके। उन्होंने 22 गेंदें खेलीं। सिराज, मुकेश कुमार और मानव सुथार को मौका इंडिया ए ने दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए। मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार और मानव सुथार को टीम में शामिल किया गया। केएल राहुल और अंशुल कंबोज वनडे सीरीज में व्यस्तता के कारण इस मैच के लिए चयन के उपलब्ध नहीं थे। ------------------------------------------------- भारत के न्यूजीलैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार, 260 चेज कर रही टीम 87 रन से हारी इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पढ़ें पूरी खबर
सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉनवेज बिक्री पर लगी रोक गुजरात हाईकोर्ट ने हटाई, फुटेज में देंखे सरकार की याचिका खारिज; 500 मीटर के दायरे में अब प्रतिबंध नहीं
हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस में पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हराया, वीडियो में जाने 13 गेंद बाकी रहते जीता मैच; अब्बास अफरीदी ने 8 गेंदों पर ठोके 35 रन
भारत के खिलाफ चौथे टी20 मैच में ग्लेन फिलिप्स ने शानदार शतक लगाया। शतक लगाने के बाद उन्होंने कहा कि उनके शानदार प्रदर्शन के पीछे आईपीएल (IPL) और गुजरात टाइटंस का बहुत बड़ा हाथ है।
'जीत या हार, कोई ड्रॉ नहीं होगा', रयान रिकल्टन को केपटाउन टेस्ट में परिणाम की उम्मीद
केपटाउन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक दौर में पहुंच गया है। शनिवार टेस्ट का आखिरी दिन है। दोनों टीमों के सामने जीत का अवसर और हार का डर है। साथ ही, ड्रॉ की भी संभावना है। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रयान रिकल्टन ने कहा है कि आखिरी दिन मैच का परिणाम आएगा।
रूस के डेनिल मेदवेदेव ने वियना ATP 500 टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दुनिया के नंबर-5 खिलाड़ी मेदवेदेव ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के एड्रियन मन्नारिनो को 6-2, 6-3 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने सीजन के आखिरी टूर्नामेंट ATP फाइनल्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। यह टूर्नामेंट 15 से 22 नवंबर तक इटली के ट्यूरिन में खेला जाएगा। अब सेमीफाइनल में मेदवेदेव का सामना स्पेन के कार्लोस अलकराज से होगा। अल्काराज ने क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के टॉमी पॉल को 6-4, 7-6 (7-2) से हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई। मन्नारिनो को सीधे सेटों में हराया मेदवेदेव ने दुनिया के 73वें नंबर के खिलाड़ी मन्नारिनो के खिलाफ शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहला सेट 6-2 और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। रूसी खिलाड़ी ने मन्नारिनो की सर्विस पर दूसरे मैच पॉइंट पर जीत दर्ज की। मेदवेदेव 2019 के बाद से सिर्फ एक बार ATP फाइनल्स के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहे हैं। इस बार उन्होंने अलेक्जेंडर ज्वेरेव, कार्लोस अलकराज और बेन शेल्टन के साथ सीजन के आखिरी टूर्नामेंट में जगह पक्की कर ली है। US ओपन के बाद शानदार फॉर्म में मेदवेदेव सितंबर में US ओपन के चौथे राउंड में अमेरिका के फ्रांसिस टियाफो से हारने के बाद मेदवेदेव ने शानदार वापसी की है। उन्होंने हांगझोउ और अल्माटी में ATP खिताब जीते। इसके अलावा वे शंघाई मास्टर्स और बीजिंग ATP 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक भी पहुंचे। अब वियना में खिताब जीतने के लिए उन्हें दो और मुकाबले जीतने होंगे। अलकराज ने टॉमी पॉल को हराया मेदवेदेव के सामने सेमीफाइनल में स्पेन के कार्लोस अल्काराज की चुनौती होगी। 23 साल के अल्काराज ने क्वार्टर फाइनल में अमेरिकी खिलाड़ी टॉमी पॉल को 6-4, 7-6 (7-2) से हराया। इस जीत के साथ ATP 500 स्तर के टूर्नामेंट में इस सीजन अलकराज का जीत-हार का रिकॉर्ड 14-0 हो गया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेला और सीधे सेटों में जीत हासिल करने से संतुष्ट हैं। ज्वेरेव ने 58 मिनट में जीता मुकाबला ड्रॉ के दूसरे हिस्से में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के आर्थर फेरी को 6-0, 6-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मुकाबला सिर्फ 58 मिनट चला। जीत के बाद ज्वेरेव ने फेरी के खेल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फेरी के पास भले ही दूसरे खिलाड़ियों जितनी ताकत न हो, लेकिन वे रणनीतिक रूप से अच्छा खेलते हैं। डी मिनौर से भिड़ेंगे ज्वेरेव दूसरे सेमीफाइनल में ज्वेरेव का सामना ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर से होगा। पांचवीं वरीयता प्राप्त डी मिनौर ने क्वार्टर फाइनल में इटली के मत्तेओ बेरेटिनी को 7-6 (7-4), 6-2 से हराया। डी मिनौर ने कहा कि मुकाबले के शुरुआती दौर में अपनी सर्विस बचाए रखना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने दबाव के बीच अच्छा खेल दिखाया और जीत हासिल की।
मनीषा भानवाला की कहानी: पिता को खोने का गम, आंखों में चैंपियन बनने का सपना; बेटी ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
अहमदाबाद, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेली गई कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनल में शुक्रवार को भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 56-27 से हराया।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में शामिल करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि इन्हें 50 ओवर क्रिकेट में मौका न देना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। युवराज ने कहा- ‘जिस तरह ये खिलाड़ी प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही टीम में जगह मिलनी चाहिए।’ हालांकि उन्होंने माना कि शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में टॉप ऑर्डर में जगह बनाना आसान नहीं है। अभिषेक-सूर्यवंशी ने बनाया पावरप्ले का रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में खेले गए टी-20 मुकाबले में रिकॉर्ड साझेदारी की थी। दोनों ने पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 118 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल के पावरप्ले में किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। अभिषेक ने इस मैच में 35 गेंदों पर शतक लगाया था। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल की थी। ईशान 32 वनडे खेल चुके, अभिषेक-सूर्यवंशी का डेब्यू बाकी ईशान किशन भारतीय टीम के लिए 32 वनडे मैच खेल चुके हैं। हालांकि, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को अभी इस फॉर्मेट में डेब्यू करना है। वैभव ने इसी साल इंग्लैंड दौरे पर टी-20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। वह भारत के लिए इस फॉर्मेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा जारी है। टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार को हैमिल्टन में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 4 नवंबर से 5 मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी। दौरे पर इसके बाद 2 टेस्ट मैच भी खेले जाएंगे। शुक्रवार को ऑकलैंड में खेले गए चौथे टी-20 में न्यूजीलैंड ने भारत को 87 रन से हराया। 260 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 172 रन पर ऑलआउट हो गई। यह सीरीज में भारत की पहली हार थी। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत के खिलाफ सबसे बड़ा टी-20 स्कोर बना:न्यूजीलैंड से सबसे बड़ी हार मिली, फिलिप्स ने लगातार 4 छक्के लगाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स न्यूजीलैंड ने चौथे टी-20 मुकाबले में भारत को 87 रन से हरा दिया। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 259 रन बनाए। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। पूरी खबर पढ़ें…
कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में भारत की महिला रेसलर मनीषा भानवाला ने 59 किग्रा कैटेगिरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है, जिसमें वह यह पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कुश्ती खिलाड़ी बन गई हैं।
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। चौथे दिन साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 387 रन बनाए। टीम ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 429 रन बनाकर 100 रन की बढ़त हासिल की थी। इस तरह साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रन का टारगेट रखा है। चौथे दिन की कहानी रायन रिकेल्टन और वियान मुल्डर के नाम रही। दोनों ने छठे विकेट के लिए 154 रन जोड़े और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रिकेल्टन ने 101 और मुल्डर ने 115 रन बनाए। दिन की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साउथ अफ्रीका ने चौथे दिन की शुरुआत दूसरी पारी में 40 रन की बढ़त और 6 विकेट बाकी रहते की। क्रीज पर रायान रिकेल्टन और मैथ्यू ब्रीट्जके मौजूद थे। मिचेल स्टार्क ने ब्रीट्जके को शॉर्ट बॉल डालकर परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया ने स्पिन और तेज गेंदबाजी, दोनों से दबाव बनाया। आखिरकार पैट कमिंस को 372 गेंदों के इंतजार के बाद विकेट मिला। ब्रीट्जके ने शॉर्ट बॉल पर पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े स्टार्क के हाथों में चली गई। वह 121 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए। रिकेल्टन-मुल्डर ने बदला मैच का रुख ब्रीट्जके के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 181 रन पर 5 विकेट था। लेकिन रिकेल्टन और मुल्डर ने संभलकर बल्लेबाजी की। पहले सेशन में साउथ अफ्रीका ने 28 ओवर में सिर्फ 62 रन बनाए और एक विकेट गंवाया। दूसरे सेशन में टीम ने 28 ओवर में 92 रन जोड़े। मुल्डर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रिकेल्टन ने भी शतक लगाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 318 गेंदों पर 154 रन की साझेदारी की। रिकेल्टन 219 गेंदों पर 101 रन बनाकर रनआउट हुए। इसके बाद साउथ अफ्रीका ने अगले तीन विकेट सिर्फ 16 रन के अंदर गंवा दिए। मार्को यानसन 8 गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हुए। साइमन हार्मर को नाथन लायन ने बोल्ड किया। गेराल्ड कोएत्जी भी रनआउट हो गए। मुल्डर ने निचले क्रम के साथ संभाली पारी रिकेल्टन के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 335 रन पर 6 विकेट था। मुल्डर ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कगिसो रबाडा के साथ 53 गेंदों पर 36 रन जोड़े। रबाडा ने 14 गेंदों पर सिर्फ 2 रन बनाए। नाथन लायन की गेंद पर चौका लगाकर मुल्डर ने टीम की बढ़त 250 रन के पार पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने पैट कमिंस की गेंद पर छक्का और लायन के खिलाफ स्लॉग स्वीप से एक और छक्का लगाया। आखिरकार 221 गेंदों पर 115 रन बनाकर वह स्टार्क के हाथों कैच आउट हुए। उनकी पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। ------------------यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
Commonwealth Games 2030: राहुल द्रविड़ और Saina Nehwal आयोजन समिति में शामिल
अहमदाबाद में 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की प्रस्तावित आयोजन समिति में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ और ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल करने का फैसला किया गया है। इस आयोजन समिति की अध्यक्षता गुजरात के उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री हर्ष सांघवी कर सकते हैं। समिति में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का भी प्रतिनिधित्व होगा जिसके चुनाव दिसंबर में होने हैं। इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेल संघ के प्रतिनिधि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह भी समिति का हिस्सा होंगे। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘हां, राहुल द्रविड़ और साइना नेहवाल को प्रस्तावित आयोजन समिति के लिए नामित किया गया है। निजी क्षेत्र से जिनल मेहता और अनन्या बिरला के नामों की सिफारिश की गई है। ’’लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना खेल से संन्यास लेने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य बन गई थीं। वहीं, क्रिकेट से संन्यास के बाद द्रविड़ ने कोच की भूमिका निभाई और उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2024 टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। जिनल मेहता और अनन्या बिरला दोनों का आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ाव है। टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स के प्रमुख मेहता गुजरात टाइटंस के चेयरमैन हैं जबकि अनन्या बिरला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मालिकाना हक वाली कंपनी के समूह से जुड़ी हैं। वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति में कुल 12 से 15 सदस्य होने की उम्मीद है। अहमदाबाद को नवंबर 2025 में इन खेलों की मेजबानी मिलने के बाद इस साल की शुरुआत में ही समिति का गठन किया जाना था। इस साल ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन धन की कमी के कारण सीमित स्तर पर किया गया था। हालांकि, अहमदाबाद में होने वाले 2030 के खेलों को भव्य रूप देने की तैयारी है। भारत की योजना इन खेलों में 15 से 17 खेलों को शामिल करने की है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 खेल शामिल थे। इसमें हॉकी, कुश्ती और क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों को जगह नहीं मिली थी। अहमदाबाद खेलों की आयोजन समिति एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में गठित की जाएगी। यही मॉडल 2006 में मेलबर्न में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में अपनाया गया था। दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भी इसी मॉडल की सिफारिश की थी। अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों के संचालन पर करीब 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। खेल मंत्रालय ने इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह राशि गुजरात सरकार की मांग के अनुसार जारी की जाएगी। हालांकि इस अनुमान में अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर होने वाला पूंजीगत खर्च शामिल नहीं है। इनमें से कुछ परियोजनाओं की जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग संभाल रहा है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर होने वाले खर्च को खेलों के बजट में शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि इन सुविधाओं का इस्तेमाल खेलों के बाद भी किया जा सकेगा। मेलबर्न में 2006 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों को अब तक के सबसे सफल आयोजनों में से एक माना जाता है। आयोजन की व्यवस्था और आम लोगों की भागीदारी के लिए इसकी सराहना की गई थी। आयोजन समिति में अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और राष्ट्रमंडल खेलों की संचालन संस्था ‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट’ के प्रतिनिधि भी होंगे। वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की अध्यक्षता तत्कालीन आईओए प्रमुख सुरेश कलमाड़ी ने की थी। उस समिति का पंजीकरण एक सोसायटी के रूप में हुआ था। खेलों के आयोजन और प्रबंधन को लेकर समिति को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेल अक्टूबर महीने में आयोजित होने की उम्मीद है।
भारत ने लगाई जीत की हैट्रिक, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में जापान को 4-1 से हराया
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को जापान को 4-1 से हराया। भारत की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत है।
DD Sports और Waves पर Indian Football League का प्रसारण, YouTube पर मुफ्त स्ट्रीमिंग
भारतीय फुटबॉल के फैंस के लिए अच्छी खबर है। अब 2026-27 के इंडियन फुटबॉल लीग के सभी मुकाबले टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखे जा सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ज़ी) और डीडी स्पोर्ट्स इस सीजन के मैचों का प्रसारण करेंगे। शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। आयोजकों को उम्मीद है कि इस साझेदारी से लीग पहले के मुकाबले ज्यादा दर्शकों तक पहुंचेगी और भारतीय क्लब फुटबॉल को देश के अलग-अलग हिस्सों में नई पहचान मिलेगी। इससे पहले पिछले सीजन में लीग को टेलीविजन पर 17.56 मिलियन दर्शकों ने देखा था। अब आयोजकों का लक्ष्य इस आंकड़े को पार करना है। दूरदर्शन का लीग के साथ जुड़ाव जारी रहेगा और वह पूरे सीजन के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर करेगा। वहीं, कुछ चुनिंदा मैच यूनाइट8 स्पोर्ट्स पर भी दिखाए जाएंगे। डिजिटल माध्यम पर भी दर्शकों के लिए कई विकल्प रखे गए हैं। सीजन के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण ज़ी5 और प्रसार भारती के ओटीटी मंच वेव्स पर होगा। इसके अलावा प्रशंसक यूनाइट8 स्पोर्ट्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी सभी मैच मुफ्त में देख सकेंगे। इस व्यवस्था से उन दर्शकों को भी फायदा होगा, जिनके पास टीवी की सुविधा नहीं है या जो मोबाइल पर मैच देखना पसंद करते हैं। इंडियन फुटबॉल लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीलदीप मंडल ने कहा कि 2026-27 का सीजन लीग के लिए कई मायनों में अहम है। मैदान पर मुकाबलों के स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ देशभर के फुटबॉल प्रशंसकों से जुड़ना भी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ज़ी के प्रसारण साझेदार बनने और कई टीवी तथा डिजिटल मंचों पर सभी मैच उपलब्ध होने से लीग की पहुंच बढ़ेगी। इससे अलग-अलग क्षेत्रों और उम्र के दर्शकों को भारतीय क्लब फुटबॉल से जोड़ने में मदद मिलेगी। ज़ी स्पोर्ट्स नेटवर्क के मुख्य कारोबार अधिकारी बावेश जनावलेकर ने कहा कि भारतीय फुटबॉल को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कि खेल को देशभर के प्रशंसकों तक पहुंचाया जाए। ज़ी5 और यूनाइट8 स्पोर्ट्स के जरिए लीग को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे लंबे समय की साझेदारी बताते हुए कहा कि इसका मकसद भारतीय फुटबॉल और लीग के लिए मजबूत पहचान बनाना है। गौरतलब है कि 2026-27 सीजन की शुरुआत शुक्रवार को श्रीनगर के टीआरसी स्टेडियम में रियल कश्मीर एफसी और पहली बार लीग में खेल रही नागालैंड यूनाइटेड एससी के बीच मुकाबले से हुई। यह इस सीजन का पहला मैच था। लीग 20 मार्च 2027 तक चलेगी। इसमें 11 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी टीमें घरेलू तथा विरोधी टीम के मैदान पर एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। इस तरह हर टीम को पूरे सीजन में बराबर मौके मिलेंगे। शिलॉन्ग लाजोंग एफसी के प्रबंध निदेशक लारसिंग एलडी सॉव्यान ने भी इस साझेदारी को भारतीय फुटबॉल के लिए अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साल शुरू हुई आईएफएल को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के मुकाबले 1.6 गुना ज्यादा दर्शक मिले थे। उनके मुताबिक, यूट्यूब सहित कई मंचों पर प्रसारण से इस सीजन में दर्शकों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय फुटबॉल का विकास तभी संभव है, जब घरेलू लीग मजबूत हों और क्लबों की भूमिका अहम हो। ज़ी जैसे साझेदारों का जुड़ना इस दिशा में सकारात्मक कदम है। आयोजकों और क्लबों को उम्मीद है कि इस साझेदारी से भारतीय फुटबॉल को नई पहचान मिलेगी और देश में क्लब स्तर पर खेल देखने वालों की संख्या बढ़ेगी।
रोहित शर्मा ने बताई 'जर्सी नंबर 45' चुनने के पीछे की कहानी, मां से ली थी सलाह
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी मशहूर नंबर 45 जर्सी के पीछे की कहानी साझा की है...
टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की। युवराज ने कहा कि अभिषेक जिस तरह की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे हैं इसका पूरा श्रेय उनकी...
अभिषेक और ईशान को वनडे में मौका न देना नाइंसाफी!, टीम इंडिया के सेलेक्शन पर छलका युवराज सिंह का दर्द
भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह ने टीम इंडिया में सेलेक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को वनडे में मौका नहीं देने को लेकर बयान दिया है।
मुंबई, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की। युवराज ने कहा कि अभिषेक जिस तरह की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे हैं इसका पूरा श्रेय उनकी कड़ी मेहनत को जाता है।
भारतीय महिला कुश्ती का ऐतिहासिक पल, Manisha Bhanwala ने जीता World Wrestling Championship Gold
भारतीय कुश्ती के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। हरियाणा की मनीषा भानवाला ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह विश्व कुश्ती चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। 29 साल की मनीषा ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में अमेरिका की ए. एलिजाबेथ नेटे को 8-6 से हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, क्योंकि पहले दौर के बाद मनीषा 1-6 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। हालांकि, 59 किलोग्राम भार वर्ग ओलंपिक की श्रेणी में शामिल नहीं है, लेकिन मनीषा की इस जीत का महत्व कम नहीं है। इससे पहले किसी भी भारतीय महिला पहलवान ने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक नहीं जीता था। इस बार भारतीय महिला पहलवानों का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा। मनीषा के अलावा नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम और काजल ढोचक ने 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, दोनों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। ये दोनों भार वर्ग ओलंपिक की श्रेणी में शामिल हैं। मनीषा से पहले अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने वाली इकलौती भारतीय महिला पहलवान थीं। उन्होंने 2021 में 57 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता था। वहीं, देश की अनुभवी पहलवान विनेश फोगाट विश्व चैंपियनशिप में 2 कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अंतिम पंघाल के नाम भी 2 कांस्य पदक हैं, जो उन्होंने ओलंपिक भार वर्गों में हासिल किए हैं। पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत के लिए विश्व चैंपियन बनने वाले एकमात्र पहलवान सुशील कुमार हैं। उन्होंने 2010 में मॉस्को में हुई विश्व चैंपियनशिप के 66 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के अलावा बजरंग पूनिया भी 2018 में बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें रजत पदक मिला था। मनीषा की यह जीत भारतीय महिला कुश्ती के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियाई खेलों में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। वहां अंतिम पंघाल ही पदक जीत सकी थीं। उन्होंने 53 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। मनीषा ने भी एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया था, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की अकारी फुजिनामी से हार गई थीं। इसके बाद उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम भार वर्ग में उतरने का फैसला किया, जो उनके लिए सफल साबित हुआ। फाइनल तक पहुंचने के सफर में मनीषा ने कई मजबूत पहलवानों को हराया। उन्होंने पहले विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को मात दी और फिर उन्हें चित कर दिया। इसके बाद मंगोलिया की बोलोरतूया खुरेलखू को हराया। सेमीफाइनल में उन्होंने कजाकिस्तान की अल्तिन शागायेवा को भी चित करके फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में पैन अमेरिकी चैंपियन ए. एलिजाबेथ नेटे के खिलाफ मनीषा की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले दौर के बाद वह 1-6 से पीछे थीं। लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने लगातार हमले किए और मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरकार 8-6 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के जींद की रहने वाली मनीषा 57 से 65 किलोग्राम तक के अलग-अलग भार वर्गों में मुकाबले कर चुकी हैं और इससे पहले 3 बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। उनके इसी अनुभव ने कठिन फाइनल में वापसी करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस जीत ने भारतीय महिला कुश्ती को नई पहचान दी है और आने वाली पीढ़ी की पहलवानों के लिए एक बड़ी मिसाल पेश की हैं।
Manisha Bhanwala ने World Championship में Abigail Nette को 8-6 से हराकर रचा इतिहास
मनीषा भानवाला ने शुक्रवार को विश्व चैंपियनशिप के महिला 59 किग्रा वर्ग के फाइनल में अमेरिका की अबीगैल नेट्टे को 8-6 से हराकर भारतीय कुश्ती में महिला विश्व चैंपियन का इंतजार खत्म कर दिया। वह मुकाबले में एक समय छह अंक से पिछड़ रही थीं, लेकिन शानदार वापसी करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया। मनीषा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। वह दिग्गज सुशील कुमार के बाद विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान हैं। सुशील ने 2010 में पुरुषों के 66 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्नतीस वर्षीय मनीषा की इस जीत के साथ भारतीय कुश्ती का विश्व चैंपियन बनने का लंबा इंतजार खत्म हो गया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महिला टीम के लिए भी विश्व चैंपियनशिप के इस संस्करण को ऐतिहासिक बना दिया। पहली बार एक ही विश्व चैंपियनशिप में भारत की तीन महिला पहलवानों ने स्वर्ण पदक के मुकाबलों में जगह बनाई। नीलम सिरोही (50 किग्रा) और काजल धोचक (76 किग्रा) को गुरुवार को अपने-अपने फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। हालांकि, मनीषा ने स्वर्ण पदक जीतकर यह सुनिश्चित किया कि भारतीय टीम इस प्रतियोगिता से बिना किसी स्वर्ण के नहीं लौटेगी। फाइनल में मनीषा के कौशल के साथ-साथ धैर्य और जुझारूपन की भी परीक्षा हुई। मुकाबले में नेट्टे ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए दाएं पैर पर हमला कर मनीषा पर मजबूत पकड़ बना लिया। उन्होंने मनीषा का पैर उठाकर मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। मनीषा ने करीब 30 सेकेंड तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन अंततः उन्हें मैट के किनारे से उठाकर पटक दिया गया। इस दांव से अमेरिकी पहलवान को चार अंक मिले। मनीषा के खिलाफ इस फैसले को चुनौती दी गई, लेकिन वीडियो समीक्षा का फैसला भारत के खिलाफ गया। समीक्षा में पुष्टि हुई कि मनीषा खतरनाक स्थिति में मैट पर गिरी थीं। चुनौती नाकाम रहने के कारण अमेरिका की पहलवान को एक अतिरिक्त अंक भी मिल गया। मनीषा ने इसके बाद अपनी प्रतिद्वंद्वी को मैट से बाहर धकेलकर एक अंक हासिल करने की कोशिश की लेकिन नेट्टे ने चतुराई से खुद को बचा लिया। इसके बाद मनीषा को चेतावनी मिली और नेट्टे की बढ़त 6-0 हो गई। पहले दौर के समाप्त होने से पहले मनीषा ने एक अंक हासिल किया, लेकिन मुकाबले पर अमेरिकी पहलवान का दबदबा बना हुआ था। बड़े अंतर से पिछड़ने के बावजूद मनीषा ने हार नहीं मानी। वह दूसरे दौर में आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ मैट पर उतरीं। नेट्टे ने एक बार फिर पैर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन इस बार मनीषा ने शानदार बचाव करते हुए पीछे से पकड़ बनाई और टेकडाउन के जरिए अंक हासिल किए। अमेरिका की टीम ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया कि रेफरी मुकाबला रोकने के लिए सीटी बजा चुके थे। उनकी चुनौती हालांकि खारिज हो गई और मनीषा को एक अतिरिक्त अंक मिल गया। इसके बाद नेट्टे को ‘पार टेरे’ स्थिति (मैट पर घुटनों और हाथों के बल की स्थिति) में रखा गया। मनीषा ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए पेट के पास पकड़ बनाकर पलटने का दांव पूरा कर 6-6 से बराबर कर दिया। स्कोर बराबर होने के बावजूद अमेरिका की पहलवान के पास अब भी तकनीकी बढ़त थी। मनीषा ने हालांकि मुकाबले पर मनीषा का नियंत्रण बना लिया था। उन्होंने एक और मौका तलाशा और दो अंकों का दांव लगाकर 8-6 की बढ़त हासिल कर ली। जब मुकाबला समाप्त होने में केवल 27 सेकेंड बाकी थे। नेट्टे ने बराबरी करने की पूरी कोशिश की, लेकिन मनीषा ने अपना पूरा दम लगाकर बढ़त बरकरार रखी और अमेरिकी पहलवान को कोई मौका नहीं दिया। आखिरी सीटी बजते ही मनीषा ने वह उपलब्धि हासिल कर ली, जो उनसे पहले कोई भारतीय महिला पहलवान नहीं कर सकी थी। ऐतिहासिक जीत के बाद मनीषा खुशी से उछल पड़ीं। उन्होंने झुककर मैट को चूमा कर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत के प्रति आभार जताया।
Vinesh Phogat मामले में WFI को Delhi High Court का निर्देश, 2 हफ्ते में लें फैसला
भारतीय पहलवान विनेश फोगाट की आगामी प्रतियोगिताओं में भागीदारी को लेकर चल रहे विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को विनेश को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर 2 सप्ताह के भीतर फैसला लेने को कहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया है कि महासंघ के फैसले पर अगली सुनवाई तक अमल नहीं किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2027 को होगी। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने 29 अक्टूबर को दिए आदेश में कहा कि किसी भी खिलाड़ी को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मानसिक रूप से शांत और पूरी तरह तैयार रहना जरूरी है। अदालत ने माना कि विनेश के खिलाफ जारी नोटिस और उन पर लंबित कार्रवाई का असर उनकी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी पर पड़ सकता है। इसी वजह से अदालत ने मामले को जल्द निपटाने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान विनेश के वकील ने अदालत को बताया कि वह दिसंबर के मध्य में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती हैं। लेकिन महासंघ की ओर से जारी नोटिस पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनके वकील ने कहा कि यह अनिश्चितता विनेश के लिए तलवार की तरह लटक रही है। उन्हें आशंका है कि भविष्य की प्रतियोगिताओं से ठीक पहले अगर उनके खिलाफ कोई फैसला आता है, तो उनके पास राहत पाने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा। अदालत ने विनेश की इस चिंता को जायज माना। उसने महासंघ को 9 मई और 17 जून को जारी दोनों कारण बताओ नोटिस पर 2 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इस अवधि में या इसके बाद जो भी फैसला लिया जाएगा, वह 20 जनवरी 2027 को होने वाली अगली सुनवाई तक लागू नहीं होगा। अदालत ने विनेश की याचिका पर केंद्र सरकार और कुश्ती महासंघ को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। दरअसल, विनेश ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दोनों नोटिस रद्द करने और उनके खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। उनका आरोप है कि महासंघ लगातार मनमाने और दुर्भावना से भरे फैसले ले रहा है। विनेश का कहना है कि इन कदमों का मकसद मां बनने के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में उनकी वापसी को मुश्किल बनाना है। याचिका में विनेश ने यह भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय डोपिंग जांच एजेंसी ने उन्हें 1 जनवरी 2026 से प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी थी। इसके बावजूद कुश्ती महासंघ ने बाद में खिलाड़ियों की पात्रता को लेकर ऐसा नियम बनाया, जिससे वह चयन प्रक्रिया से बाहर हो गईं। इसके बाद महासंघ ने उन्हें डोपिंग नियमों और अपनी उपलब्धता से जुड़ी जानकारी देने में कथित चूक के आरोप में पहला कारण बताओ नोटिस जारी किया। विनेश के मुताबिक, इन नोटिस और उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई से आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनकी पात्रता, चयन और भागीदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि महासंघ की कार्रवाई को रद्द किया जाए, ताकि उनकी खेल में वापसी का रास्ता बाधित न हो। बता दें कि डोपिंग रोधी नियमों के तहत खिलाड़ियों को जांच के लिए अपनी उपलब्धता और ठिकाने से जुड़ी जानकारी तय समय पर देनी होती है। इसमें चूक होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, विनेश ने अपनी याचिका में महासंघ के आरोपों और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश से महासंघ को नोटिस पर फैसला लेना होगा, लेकिन उस फैसले का असर अगली सुनवाई से पहले विनेश की प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर नहीं पड़ेगा। ऐसे में अब सभी की नजर 20 जनवरी 2027 को होने वाली सुनवाई और महासंघ के जवाब पर टिकी हुई हैं।
मनीषा भानवाला विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने शुक्रवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर गोल्ड जीत लिया। 29 साल की मनीषा वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में यह उपलब्धि हासिल की। वे एक समय 1-5 से पिछड़ रही थीं। लेकिन आखिरी तीन मिनट में सात पॉइंट हासिल कर 8-6 से जीत दर्ज कर ली। 39 साल बाद मिला पहला गोल्ड महिला कुश्ती की पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप 1987 में हुई थी। इसके बाद भारत की महिला पहलवानों ने कई बार पोडियम तक पहुंचकर देश का नाम रोशन किया, लेकिन गोल्ड मेडल नहीं जीत सकीं। 2012 में गीता फोगाट और बबीता फोगाट ने ब्रॉन्ज जीता। 2018 में पूजा ढांडा और 2019 में विनेश फोगाट ने भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 2021 में अंशु मलिक ने पहली बार किसी भारतीय महिला पहलवान के तौर पर वर्ल्ड चैंपियनशिप का फाइनल खेला। उन्होंने सिल्वर जीता, लेकिन गोल्ड तक नहीं पहुंच सकीं। इस तरह भारतीय महिला पहलवानों के खाते में वर्ल्ड चैंपियनशिप के कई मेडल थे, पर सबसे ऊपर वाला स्थान खाली था। इस बार भी भारत को एक साथ दो गोल्ड जीतने के मौके मिले थे। 50 किलोग्राम में नीलम सिरोही और 76 किलोग्राम में काजल ढोचक फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन दोनों को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। मनीषा इस चैंपियनशिप में फाइनल खेलने वाली तीसरी भारतीय महिला थीं। उन्होंने तीसरे मौके को गोल्ड में बदल दिया। इससे पहले सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले एकमात्र पहलवान सुशील कुमार थे। उन्होंने 2010 में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब मनीषा ने महिला वर्ग में भी भारत को पहली बार यह कामयाबी दिलाई है। फिटनेस सुधारने के लिए गई थीं कैंप, कुश्ती ही करियर बन गई मनीषा का जन्म हरियाणा में हुआ। उनका कुश्ती का सफर किसी बड़े मेडल या ओलिंपिक के सपने से शुरू नहीं हुआ था। 2013 में उनके पिता ने उन्हें फिटनेस सुधारने के लिए कुश्ती के ट्रेनिंग कैंप में भेजा। शुरुआत में मकसद शरीर को फिट बनाना था, लेकिन अभ्यास के दौरान मनीषा को समझ आया कि वह इस खेल में अच्छा कर सकती हैं। धीरे-धीरे कुश्ती उनके लिए फिटनेस की गतिविधि से आगे बढ़कर करियर बन गई। इस सफर में दबाव, आत्मविश्वास की कमी और चोटों जैसी चुनौतियां भी आईं। मनीषा ने खुद बताया था कि शुरुआती दौर में उन्हें दबाव महसूस होता था और अपने प्रदर्शन को लेकर संदेह भी रहता था। हालांकि, 2021 के बाद उन्होंने मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया। चोट के कारण मुकाबलों से बाहर रहने पर भी अभ्यास जारी रखा। उनकी तैयारी में रोहतक का छोटूराम अखाड़ा और कोच मंदीप सिंह अहम रहे हैं। मनीषा ने अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए ट्रेनिंग कैंप में दूसरी पहलवानों के साथ अभ्यास किया। जापानी कोच कोसेई अकाइशी से तकनीकी पहलुओं पर काम करने का मौका भी मिला। अलग-अलग वजन वर्गों में खेलने के अनुभव ने उनकी तैयारी को और व्यापक बनाया। एशियन गेम्स में हार के बाद बदला वजन वर्ग मनीषा के लिए 2026 का साल आसान नहीं रहा। एशियन गेम्स में उन्होंने 57 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। क्वार्टर फाइनल में उन्हें जापान की अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद वह बिना मेडल के लौट आईं। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए उन्होंने 59 किलोग्राम वर्ग चुना। यह ओलिंपिक का वजन वर्ग नहीं है। इससे पहले वह 57 और 62 किलोग्राम वर्गों में भी खेल चुकी थीं। एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के बीच तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं था। ऐसे में कोच मंदीप सिंह के साथ उन्होंने अपनी रणनीति पर काम किया। खास तौर पर मुकाबले के आखिरी समय तक ताकत बनाए रखने और शुरुआत में ही पॉइंट हासिल करने पर जोर दिया। इस बदलाव के पीछे वजह साफ थी। एशियन गेम्स में करीबी मुकाबले में हार के बाद उन्हें अपनी सहनशक्ति और पूरे मुकाबले में पकड़ बनाए रखने की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने उसी कमजोरी को सुधारने पर ध्यान लगाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में इसका असर भी दिखा। फाइनल तक का सफर भी रहा दमदार 59 किलोग्राम वर्ग में मनीषा ने फाइनल तक पहुंचने के लिए लगातार तीन मुकाबले जीते। कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को उन्होंने पिनफॉल से हराया। क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखू को 6-0 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में मेजबान कजाकिस्तान की अल्टिन शागायेवा को 10-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में मनीषा ने पहले 10 पॉइंट की बढ़त बनाई और फिर विरोधी पहलवान को मैट पर चित कर दिया। कुश्ती में इसे पिनफॉल या फॉल कहते हैं। इस स्थिति में विरोधी पहलवान के दोनों कंधे मैट पर टिक जाते हैं और रेफरी मुकाबला रोक देता है। यानी पूरा समय खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। फाइनल में अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट के खिलाफ उन्हें इससे बिल्कुल अलग चुनौती मिली। नेट ने शुरुआती दौर में बढ़त बना ली। पहले पीरियड के बाद मनीषा 1-5 से पीछे थीं। फ्रीस्टाइल कुश्ती में मुकाबला तीन-तीन मिनट के दो पीरियड में होता है। ऐसे में उनके पास वापसी के लिए दूसरा पीरियड था। उन्होंने इसी समय का पूरा इस्तेमाल किया। आखिरी तीन मिनट में मनीषा ने सात पॉइंट जुटाए और स्कोर 8-6 कर दिया। मुकाबले के अंत में अमेरिकी पहलवान को दो पॉइंट पीछे छोड़ते हुए उन्होंने गोल्ड जीत लिया। इस तरह मनीषा ने सिर्फ स्कोर नहीं पलटा, बल्कि भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I में Kuldeep Yadav और वरुण को मौका मिलना मुश्किल: बहुतुले
भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने कहा है कि अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें खेलने का मौका शायद नहीं मिले क्योंकि टीम प्रबंधन फिलहाल अपने पसंदीदा गेंदबाजी संयोजन के साथ ही उतर रहा है। दोनों स्पिनरों को चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 259 रन बनाए और फिर भारतीय टीम 87 रन से मुकाबला हार गई। हालांकि भारत पांच मैचों की सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त बना चुका है और एक मुकाबला बाकी है। बहुतुले ने कहा कि दोनों खिलाड़ी टीम चयन की परिस्थितियों को समझते हैं, पर्दे के पीछे लगातार मेहनत कर रहे हैं और वे मौका मिलने पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुतुले ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से सबसे अहम बात यह है कि वे (कुलदीप और वरुण) खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन टीम को जिस तरह के गेंदबाजी संयोजन की जरूरत है, उसे समझना भी जरूरी है। हो सकता है कि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिले। वे इस बात से अच्छी तरह परिचित हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद वे लगातार अभ्यास और मेहनत कर रहे हैं। जब भी टीम को उनकी जरूरत होगी, वे खेलने के लिए तैयार रहेंगे। मेरा मानना है कि यह सिर्फ उन्हें मौका देने की बात है। ’’स्पिन गेंदबाजी कोच ने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ियों को अगले टी20 मुकाबले या आगामी एकदिवसीय सीरीज में अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि अगले मैच और आने वाली वनडे सीरीज (वरुण चक्रवर्ती वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं) में उन्हें मौका मिलेगा। ’’टीम की स्पिन गेंदबाजी रणनीति पर बात करते हुए बहुतुले ने कहा कि गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैच की परिस्थितियों के अनुसार रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने पावरप्ले में अक्षर पटेल की गेंदबाजी क्षमता और अलग-अलग ओवरों में जिम्मेदारी निभाने की उनकी काबिलियत की भी सराहना की। साथ ही कहा कि कुलदीप और वरुण पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार हैं। बहुतुले ने कहा, ‘‘हम अपने गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कभी-कभी रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक भूमिका निभाने जैसा होता है। हमें मैच की अलग-अलग परिस्थितियों से निपटना होता है। अक्षर पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं और उन्हें जिस भी ओवर में जिम्मेदारी दी जाती है, वह उसे बखूबी निभाते हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके पास वरुण और कुलदीप जैसे गेंदबाज विकल्प के रूप में मौजूद हों, तो वे भी पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनकी भूमिका अलग होती है। हालांकि उन्हें यह स्पष्ट रूप से बता दिया जाता है कि टीम उनसे क्या उम्मीद करती है।
संन्यास की कोई योजना नहीं, Amit Rohidas बोले- फॉर्म और फिटनेस ठीक रही तो खेलेंगे 2028 Olympics
... सौमोज्योति एस चौधरी ...जलंधर, 30 अक्टूबर भारतीय हॉकी टीम के रक्षापंक्ति के अनुभवी खिलाड़ी अमित रोहिदास ने स्पष्ट किया है कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के बाद उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी फॉर्म और फिटनेस अच्छी रही वह देश के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं। इस महीने की शुरुआत में ‘पीटीआई’ ने खबर दी थी कि चार अनुभवी खिलाड़ी मंदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना विदाई टूर्नामेंट खेल सकते हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक से पहले टीम में सहज बदलाव सुनिश्चित करना चाहते हैं। रोहिदास ने पीटीआई से कहा, ‘‘ हममें से किसी को भी हॉकी इंडिया या कोच की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसलिए हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते कि क्या हुआ। हमने ये खबरें देखी हैं, लेकिन मैं बहुत आगे की नहीं सोचता। मेरा ध्यान वर्तमान और अभी खेले जा रहे मैचों पर है।’’नीलाकांता शर्मा पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि मौजूदा टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। मंदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने हालांकि देश के लिए खेलना जारी रखने की इच्छा जताई है। रोहिदास ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं इस टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले रहा हूं। मेरी ऐसी कोई योजना नहीं है। नीलाकांता ने संन्यास की घोषणा करते समय अपना फैसला स्पष्ट कर दिया था, लेकिन हममें से बाकी खिलाड़ियों को इस तरह के किसी फैसले की जानकारी नहीं थी।’’ओडिशा के 33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान एक समय में एक टूर्नामेंट पर है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर चलना जरूरी है, लेकिन उससे पहले कई अहम प्रतियोगिताएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बेशक, ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर चलना चाहिए, लेकिन उससे पहले कई टूर्नामेंट होने हैं और हमें प्रत्येक के लिए अच्छी तैयारी करनी होगी। आपको लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और पूरे समय अपनी फिटनेस बनाए रखनी होगी।’’रोहिदास ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक मैच की तैयारी करते हैं और उसी पर ध्यान केंद्रित रखते हैं। सिर्फ इसलिए कि हमने एशियाई खेलों के जरिए ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है, इसका मतलब यह नहीं है कि अब हमारा पूरा ध्यान केवल ओलंपिक पर होना चाहिए। हमें हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’’पेनल्टी कॉर्नर के दौरान भारत के प्रमुख ‘फर्स्ट रशर’ रोहिदास ने मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी को ओलंपिक की तैयारियों की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारियां काफी अच्छी रही हैं। एशियाई खेलों के बाद मिले समय का हमने पूरा इस्तेमाल किया और अभ्यास में कड़ी मेहनत की। हमारी तैयारियों का फायदा मैदान पर प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है। टीम में तीन-चार नए खिलाड़ियों को भी मौके मिल रहे हैं।’’एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब के लिए भी खास महत्व रखती है, क्योंकि राज्य में 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हुई है। पंजाब में इससे पहले 2009 में गोल्ड कप के रूप में अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। भारतीय टीम के आधे से अधिक खिलाड़ियों के पंजाब से होने के कारण इस टूर्नामेंट का महत्व और बढ़ गया है। रोहिदास ने कहा, ‘‘ओडिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई टूर्नामेंट आयोजित हुए हैं। ऐसे में लंबे समय बाद पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होना शानदार है। पंजाब के कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है और यहां टूर्नामेंट का आयोजन होना बहुत बड़ी बात है।’’उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने इसका आयोजन बहुत अच्छी तरह किया है। मैं इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।’’
बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड दौरे पर टी20 सीरीज के खत्म होने के बाद 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जिससे प्रसिद्ध कृष्णा के बाहर होने के बाद अब अपडेटेड स्क्वॉड को जारी कर दिया है तो वहीं मोहम्मद सिराज को दूसरे चार दिवसीय मैच के लिए इंडिया-ए का हिस्सा बनाया गया है।
बीसीसीआई ने 5 नवंबर से ओमान में खेले जाने वाले आगामी अंडर-19 एशिया कप के लिए भारतीय टीम के स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है, जिसमें कप्तान की जिम्मेदारी लक्ष्य रायचंदानी को सौंपी गई है तो वहीं स्क्वॉड में वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटों को भी जगह मिली है।
बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच मीरपुर में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी खत्म हो गया। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 79 रन बनाए हैं। जाकेर अली 18 और नईम हसन 18 रन बनाकर नाबाद हैं। बांग्लादेश की कुल बढ़त 106 रन हो गई है। दूसरी पारी में चेज ने 3 विकेट लिए 27 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी में उतरी बांग्लादेश की शुरुआत खराब रही। टीम ने 35 रन तक 5 विकेट गंवा दिए। शादमान इस्लाम 13, तंजीद हसन 0, कप्तान नजमुल हुसैन शांतो 10, तौहीद हृदोय 0 और लिटन दास 4 रन बनाकर आउट हुए। रोस्टन चेज ने 3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को झटका दिया। जोमेल वारिकन ने 2 और शमर जोसेफ ने एक विकेट लिया। इसके बाद जाकेर अली और मेहदी हसन मिराज ने पारी संभालने की कोशिश की। मेहदी 9 रन बनाकर आउट हुए। वेस्टइंडीज पहली पारी 245 पर सिमटी वेस्टइंडीज की पहली पारी 245 रन पर सिमट गई थी। टीम ने तीसरे दिन 4 विकेट पर 134 रन से आगे खेलना शुरू किया। तेगनारायण चंद्रपॉल ने 56 और जस्टिन ग्रीव्स ने 46 रन बनाए। कप्तान रोस्टन चेज 43 रन बनाकर नाबाद रहे। बांग्लादेश के लिए नईम हसन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। मेहदी हसन मिराज और ताइजुल इस्लाम को 2-2 विकेट मिले। शादमान इस्लाम ने पहली पारी में शतक लगाया बांग्लादेश ने पहली पारी में 272 रन बनाए थे। टीम के लिए शादमान इस्लाम ने 105 रन की पारी खेली। उन्होंने 234 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए। उनके अलावा तौहीद हृदोय ने 42 और लिटन दास ने नाबाद 34 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए जोमेल वारिकन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए। जोशुआ बिशप को 2 विकेट मिले। शमर जोसेफ ने भी 2 विकेट हासिल किए।
करारी हार के बाद छलका श्रेयस का दर्द, किन पर फोड़ा ठीकरा?
पांच मैचों की सीरीज में भारत पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका था. चौथे मुकाबले में हार के बाद अब टीम इंडिया की नजर आखिरी मैच में वापसी करने और सीरीज का अंत जीत के साथ करने पर होगी.
न्यूजीलैंड ने चौथे टी-20 मुकाबले में भारत को 87 रन से हरा दिया। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 259 रन बनाए। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके साथ ही भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार भी झेलनी पड़ी। शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स ने नीतीश रेड्डी के ओवर में लगातार 4 छक्के लगाए। भारत-न्यूजीलैंड चौथे टी-20 में बने टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. न्यूजीलैंड ने 7 विकेट पर 259 रन बनाए न्यूजीलैंड ने 259/7 का स्कोर बनाया। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले इंग्लैंड ने इसी साल साउथैम्पटन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। 2. भारत की टी-20 में दूसरी सबसे बड़ी हार भारत को ऑकलैंड में 87 रन से हार मिली। यह टी-20 इंटरनेशनल में रनों के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है। इससे पहले टीम को 2022 में इंग्लैंड में 125 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। 3. न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर न्यूजीलैंड ने टी-20 में अपना सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया। इससे पहले टीम ने 2022 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 254 रन बनाए थे। 4. अर्शदीप सिंह 150 टी-20 विकेट लेने वाले पहले भारतीय अर्शदीप ने टी-20 इंटरनेशनल में 150 विकेट पूरे किए। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने इसके लिए 2,143 गेंदें डाली। यह तीसरा सबसे तेज 150 विकेट है। वानिंदु हसरंगा 2,035 गेंदों के साथ पहले स्थान पर हैं। 5. अर्शदीप सिंह एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज अर्शदीप ने इस साल टी-20 इंटरनेशनल में 40 विकेट लिए। वे फुल मेंबर देशों में एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड आयरलैंड के जोश लिटिल के नाम था, जिन्होंने 2022 में 39 विकेट लिए थे। 6. न्यूजीलैंड ने इस साल भारत के खिलाफ 2,012 रन बनाए न्यूजीलैंड ने इस साल सभी इंटरनेशनल मैचों में मिलाकर भारत के खिलाफ 2,012 रन बनाए। यह एक साल में किसी एक टीम के खिलाफ तीसरा सबसे ज्यादा रन है। इस लिस्ट में कंबोडिया 2,109 रन के साथ पहले और भारत 2,075 रन के साथ दूसरे नंबर पर है। 7. न्यूजीलैंड ने आखिरी 10 ओवर में 150 रन बनाए न्यूजीलैंड ने 11 से 20 ओवर के बीच 150 रन बनाए। यह आखिरी 10 ओवर में भारत के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 2022 में गुवाहाटी के मैदान पर भारत के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 8. सैंटनर भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा टी-20 विकेट लेने वाले गेंदबाज मिचेल सैंटनर ने भारत के खिलाफ टी-20 में 32 विकेट लिए हैं। वे भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के ही ईश सोढ़ी हैं, जिनके नाम 30 विकेट हैं। 9. फिलिप्स सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले न्यूजीलैंड खिलाड़ी ग्लेन फिलिप्स ने टी-20 इंटरनेशनल में 10वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता। उन्होंने 101 मैचों में 10वीं बार यह उपलब्धि हासिल की। मार्टिन गुप्टिल ने भी 10 अवॉर्ड जीते हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने 122 मैच खेले। 10. फिलिप्स ने भारत के खिलाफ सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए ग्लेन फिलिप्स भारत के खिलाफ एक टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस टी-20 सीरीज में 276 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड शाई होप के नाम था, जिन्होंने इसी साल भारत के खिलाफ 4 मैचों में 261 रन बनाए थे। 11. फिलिप्स ने सूर्यकुमार यादव की बराबरी की फिलिप्स ने टी-20 में चौथे या उससे निचले नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में सूर्यकुमार यादव की बराबरी की। उन्होंने तीसरा शतक लगाया। ग्लेन मैक्सवेल 4 शतकों के साथ पहले नंबर पर हैं। 12. नीतीश रेड्डी ने स्पेल में 64 रन दिए नीतीश रेड्डी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 64 रन दिए। यह टी-20 इंटरनेशनल में किसी भारतीय गेंदबाज का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे महंगा स्पेल है। इस मामले में प्रसिद्ध कृष्णा 68 रन के साथ पहले नंबर पर हैं। युजवेंद्र चहल और वरुण चक्रवर्ती भी 64 रन दे चुके हैं। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. फिलिप्स ने नीतीश की लगातार 4 गेंदों पर छक्के लगाए 16वें ओवर में नीतीश रेड्डी ने 32 रन खर्च किए। उनके इस ओवर की लगातार 4 गेंद पर फिलिप्स ने सिक्स लगाया। उन्होंने ओवर की तीसरी गेंद पर एक्स्ट्रा कवर की ओर छक्का जड़ा। फिर चौथी गेंद पर 63 मीटर का सिक्स लगाया। इसके बाद उन्होंने अगली 2 गेंद को भी 6 रन के लिए भेजते हुए टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचा दिया। 2. जैकब्स ने नीतीश रेड्डी का कैच छोड़ा भारतीय पारी के 8वें ओवर में नीतीश रेड्डी का कैच छूट गया। नाथन स्मिथ की शॉर्ट गेंद पर नीतीश ने पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर स्क्वायर लेग की ओर हवा में चली गई। डीप से आगे आए जैकब्स ने डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई। तब नीतीश 2 रन पर खेल रहे थे। 3. रिले कैच के जरिए आउट हुए नमन धीर भारतीय पारी के 12वें ओवर में न्यूजीलैंड के फिल्डर्स के जरिए शानदार तालमेल देखने को मिला। जैकब डफी की दूसरी गेंद पर नमन धीर ने लॉन्ग-ऑन की ओर पुल शॉट खेला। गेंद बाउंड्री के पार जा रही थी, तभी डैरिल मिचेल ने दौड़कर कैच पकड़ा। इसी दौरान उनका बैलैंस बिगड़ा और लगा कि वे बाउंड्री के बाहर चले जाएंगे। इससे पहले ही उन्होंने बाउंड्री रोप पर खड़े नाथन स्मिथ की ओर उछाल दी। स्मिथ ने पीछे मुड़कर फुल स्ट्रेच डाइव लगाई और कैच पूरा कर लिया। ---------------------- मैच की यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार:260 चेज कर रही टीम 87 रन से हारी; डफी को 4 विकेट, फिलिप्स का शतक टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
अर्शदीप सिंह ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज
पांच मैचों की सीरीज में भारत पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका था. चौथे मुकाबले में भारतीय टीम को 87 रनों से हार झेलनी पड़ी. मगर अर्शदीप सिंह का ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए खास उपलब्धि रहा.
न्यूजीलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को चौथे टी20 मुकाबले में 87 रनों से हराया। भारतीय टीम 260 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 172 रन ही बना सकी।
न्यूजीलैंड टीम के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल ग्लेन फिलिप्स का भारतीय टीम के खिलाफ टी20 सीरीज में लगातार चौथे मुकाबले में भी शानदार फॉर्म जारी देखने को मिला जिसमें ऑकलैंड के मैदान पर उन्होंने 107 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
Auckland T20: Glenn Phillips के शतक से New Zealand ने भारत को 87 रन से हराया
ग्लेन फिलिप्स के तूफानी शतक और तेज गेंदबाज जैकब डफी की घातक गेंदबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला के चौथे मुकाबले में शुक्रवार को यहां भारत को 87 रन से करारी शिकस्त दी। भारतीय टीम शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पहले ही शृंखला अपने नाम कर चुकी है। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने शृंखला में हार का अंतर 1-3 कर दिया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि माइकल ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों में 65 रन बनाए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी कर न्यूजीलैंड को सात विकेट पर 259 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का सर्वोच्च स्कोर है। इसके जवाब में भारतीय टीम अतिरिक्त उछाल वाली पिच पर नौ विकेट पर 172 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत की दरकार थी, लेकिन तेज गेंदबाज डफी ने पहले ही ओवर में संजू सैमसन (चार) और ईशान किशन (शून्य) को आउट कर उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारत ने पहले ओवर के बाद दो विकेट पर महज चार रन बनाए थे। इस शुरुआती झटके से टीम अंत तक नहीं उबर सकी। भारत की ओर से तीसरे विकेट के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर (22) और अभिषेक शर्मा (27) के बीच 46 रन की साझेदारी सबसे बड़ी रही। यह भारतीय बल्लेबाजी की नाकामी को बयां करने के लिए काफी थी। आमतौर पर आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले अभिषेक इस बार लय में नहीं दिखे। वह मैथ्यू फिशर की गेंद पर कवर में मिचेल सैंटनर को कैच थमा बैठे। अय्यर ने एडम मिल्ने की गेंद पर जगह बनाकर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई गेंद उनके बल्ले को छकाती हुई सीधे स्टंप पर जा लगी। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने पावरप्ले के बाद भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत ने पावरप्ले में चार विकेट पर 61 रन बनाए। नमन धीर ने दो छक्कों और दो चौकों की मदद से 13 गेंदों में 28 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही भारत की हार लगभग तय हो गई। तिलक वर्मा ने 35 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को ऑलआउट होने से बचाया। प्रिंस यादव 17 गेंदों में 18 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों में 65 रन बनाए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए केवल 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी। टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल को तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पवेलियन भेजकर न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद फिलिप्स और फिन एलन ने तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़कर पारी को संभाला। एलन और बेवन जैकब्स के जल्दी-जल्दी आउट होने से न्यूजीलैंड की रन गति कुछ धीमी पड़ती दिख रही थी, लेकिन फिलिप्स और ब्रेसवेल ने यहां से पारी का रुख बदल दिया। फिलिप्स ने प्रिंस यादव के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक ओवर में एक छक्का और तीन चौके लगाए। इसके बाद उन्होंने नीतिश कुमार रेड्डी को भी निशाने पर लिया। 31 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद इस 29 वर्षीय बल्लेबाज ने 16वें ओवर में रेड्डी की गेंदों पर एक चौका और चार छक्के जड़कर 32 रन बटोरे। ब्रेसवेल भी दूसरे छोर से भारतीय गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे। उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के एक ओवर में लगातार तीन चौके और एक छक्का जड़ा। ब्रेसवेल ने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। भारत की ओर से मयंक यादव सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे। उन्होंने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को परेशान किया। ब्रेसवेल ने हालांकि उनकी तेज गेंदों का भी बखूबी सामना किया और फ्लिक तथा स्कूप शॉट के जरिए लगातार दो छक्के लगाकर गेंदबाजी कं आंकड़े खराब किये। अर्धशतक पूरा करने के बाद ब्रेसवेल को प्रिंस ने पगबाधा आउट किया। फिलिप्स और ब्रेसवेल की आतिशी बल्लेबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11वें ओवर में चार विकेट पर 112 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड की टीम 17.2 ओवर में पांच विकेट पर 227 रन तक पहुंच गई। फिलिप्स ने तेज गेंदबाज अर्शदीप की गेंद पर सीधा छक्का लगाकर महज 46 गेंदों में अपना तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने अर्धशतक से शतक तक पहुंचने के लिए सिर्फ 15 गेंदें खेलीं। शतक पूरा करने के बाद फिलिप्स को रेड्डी ने आउट किया, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। कीवी बल्लेबाजों ने अंतिम पांच ओवरों में 85 रन बटोरकर भारत के सामने 260 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था।
एलेना रिबाकिना गर्दन की चोट के कारण हटीं: पैन पैसिफिक ओपन
टोक्यो, दुनिया की नंबर 1 एलेना रिबाकिना का पैन पैसिफिक ओपन में अभियान शुक्रवार को समय से पहले समाप्त हो गया।
न्यूजीलैंड ने भारत को दिया 260 रन का लक्ष्य: चौथा टी20
ऑकलैंड, न्यूजीलैंड ने ईडन पार्क में खेले जा रहे चौथे टी20 मुकाबले में ग्लेन फिलिप्स के शतक और माइकल ब्रेसवेल के अर्धशतक की बदौलत भारत को जीत के लिए 260 रन का लक्ष्य दिया है।
BCCI ने ACC मेंस अंडर-19 एशिया कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। लक्ष्य रायचंदानी को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि यशवर्धन सिंह चौहान उपकप्तान होंगे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भी 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है। टूर्नामेंट 5 से 14 नवंबर तक ओमान के मस्कट में खेला जाएगा। 6 नवंबर को नेपाल से पहला मुकाबला भारत अपने अभियान की शुरुआत 6 नवंबर को नेपाल के खिलाफ करेगा। इसके बाद 8 नवंबर को पाकिस्तान और 10 नवंबर को UAE से मुकाबला होगा। भारत के तीनों ग्रुप मैच मस्कट के ओमान क्रिकेट अकादमी में खेले जाएंगे। भारत के ग्रुप में पाकिस्तान, नेपाल और UAE भारतीय टीम को ग्रुप-A में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल और UAE की टीमें हैं। वहीं, ग्रुप-B में बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और मलेशिया को जगह मिली है। दोनों ग्रुप से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल मुकाबले 12 नवंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 14 नवंबर को होगा। भारतीय अंडर-19 टीम लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (उपकप्तान), आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), रजत बघेल (विकेटकीपर), वी. यशवीर, आर्यन सावसानी, मोहित उल्वा, काव्या पटेल, शाविन विनोद और ईशान सूद। पाकिस्तान ने पिछले फाइनल में भारत को हराया था ACC मेंस अंडर-19 एशिया कप का 13वां सीजन 5 से 14 नवंबर 2026 तक ओमान में खेला जाएगा। इसमें एशिया की 8 टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट 50 ओवर के वनडे फॉर्मेट में होगा। पाकिस्तान पिछली बार का चैंपियन है। उसने 2025 के फाइनल में भारत को हराकर खिताब जीता था। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस- पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हराया हॉन्गकॉन्ग इंटरनेशनल सिक्सेस में पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया। भारत ने शुक्रवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर में 5 विकेट पर 88 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में 2 विकेट पर 91 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। पाकिस्तान ने 13 गेंद बाकी रहते 89 रन का टारगेट हासिल किया। पूरी खबर…
Glenn Phillips के शतक से New Zealand ने भारत के खिलाफ 259 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया
ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल की विस्फोटक पारियों के दम पर न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को यहां चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत के खिलाफ सात विकेट पर 259 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। तीसरे टी-20 में भारतीय बल्लेबाजों ने भी इसी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों की श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। फिलिप्स ने 49 गेंदों पर 107 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों पर 65 रन बनाये दिए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए केवल 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी। टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल को तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पवेलियन भेजकर न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद फिलिप्स और एलन ने तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़कर पारी को संभाला। एलन और बेवन जैकब्स के जल्दी-जल्दी आउट होने से न्यूजीलैंड की रफ्तार कुछ धीमी पड़ रही थी लेकिन फिलिप्स और ब्रेसवेल ने यहां से पारी का रूख बदल दिया। फिलिप्स ने प्रिंस यादव के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक ओवर में छक्का और तीन चौके लगाए। इसके बाद उन्होंने नीतिश कुमार रेड्डी के खिलाफ भी आक्रामक रूख अपनाया। उन्होंने 31 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद 16वें ओवर में रेड्डी की गेंदों पर एक चौका और चार छक्के जड़कर 32 रन बटोरे। ब्रेसवेल भी दूसरे छोर पर भारतीय गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे। उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के एक ओवर में लगातार तीन चौके और एक छक्का जड़ दिया। ब्रेसवेल ने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। भारत की ओर से मयंक यादव सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे। उन्होंने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को परेशान किया। ब्रेसवेल ने हालांकि उनकी तेज गेंदों का भी बखूबी इस्तेमाल किया और फ्लिक तथा स्कूप शॉट के जरिए लगातार दो छक्के जडे। ब्रेसवेल अर्धशतक पूरा करने के बाद प्रिंस यादव की गेंद पर पगबाधा आउट हुएफिलिप्स और ब्रेसवेल की आतिशी बल्लेबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11वें ओवर में चार विकेट पर 112 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड की टीम 17.2 ओवर में पांच विकेट पर 227 रन तक पहुंच गई। फिलिप्स ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की गेंद पर सीधा छक्का लगाकर महज 46 गेंदों में अपना तीसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने 50 से 100 रन तक पहुंचने में सिर्फ 15 गेंद लिये। शतक पूरा करने के बाद फिलिप्स का विकेट रेड्डी ने लिया तब तक न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने अंतिम पांच ओवरों में 85 रन बटोरकर भारत के सामने 260 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
अदाणी स्पोर्ट्सलाइन एकेडमी के स्केटर्स ने जीते 15 मेडल
अहमदाबाद, अदाणी स्पोर्ट्सलाइन एकेडमी के स्केटर्स ने अहमदाबाद में 46वें 'जीएसआरएसए' रोलर स्केटिंग कॉम्पिटिशन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग एज ग्रुप और डिसिप्लिन में दो गोल्ड, 10 सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज समेत 15 मेडल जीते।
टखने की चोट से उबरे Neeraj Chopra, कुछ हफ्तों में शुरू करेंगे प्रैक्टिस और रिहैबिलिटेशन
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा कि उनकी टखने की चोट में काफी सुधार हुआ है और वह अगले कुछ सप्ताह में फिर से अभ्यास शुरू करने और ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजरने की योजना बना रहे हैं। चोपड़ा चोटिल होने के कारण जापान में एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाए थे। भाला फेंक के इस सुपरस्टार ने 2021 में तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और 2024 की पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीता था। वह इस साल अगस्त में अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। इस कारण वह डायमंड लीग फाइनल्स में भी नहीं खेल पाए थे। उन्होंने कहा कि जाने-माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला से परामर्श लेने के बाद अब उनकी हालत काफी बेहतर हुई है। चोपड़ा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) मीडिया से कहा, ‘‘मेरी चोट अब काफी बेहतर है। पहले डेढ़ महीने में मुझे कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब इसमें काफी सुधार हुआ है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने डॉ. दिनशॉ परदीवाला से परामर्श लिया और उन्होंने सलाह दी है कि मैं अब अभ्यास और रिहैबिलिटेशन शुरू कर सकता हूं। मैं अगले कुछ सप्ताह में इन दोनों को शुरू करने की योजना बना रहा हूं।’’चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने अपनी चिकित्सा टीम की सलाह के अनुसार पूरा आराम किया। उन्होंने कहा, ‘‘चिकित्सकों ने मुझे आराम करने की सलाह दी थी और मैंने वैसा ही किया। प्रतियोगिताओं के संबंध में टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और साइ वर्षों से मेरा साथ दे रहे हैं।’’चोपड़ा ने कहा, ‘‘मैं कई वर्षों से टॉप्स के कोर ग्रुप का हिस्सा रहा हूं और जब भी मुझे मदद की जरूरत पड़ती है तो वह हमेशा मौजूद रहते हैं।’’चोपड़ा ने इस साल आखिरी बार 21 अगस्त को लुसाने में डायमंड लीग में भाग लिया था जहां वह दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्होंने जुलाई में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था।’’इस बीच चोपड़ा ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया और इसे भारतीय खेल के लिए एक बड़ा कदम बताया। इस योजना के लिए 1800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है और इसका लक्ष्य अगले एक दशक में भारत को खेल सामग्री तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनाना है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम शानदार पहल है। खिलाड़ियों को भारत में कुछ उपकरणों के लिए बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है या उन्हें खेल उपकरण विदेशों से आयात करने पड़ते हैं। अगर भारत में उपकरण तैयार होने शुरू हो जाएंगे तो उन्हें हासिल करना आसान हो जाएगा।’’चोपड़ा ने सेनेगल के डकार में शनिवार से शुरू होने वाले युवा ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले 17 सदस्यीय भारतीय दल को भी अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘युवा ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को मेरी शुभकामनाएं। इस अनुभव का भरपूर आनंद लें और खुद पर ज्यादा दबाव नहीं बनाएं। युवा ओलंपिक से आपको काफी कुछ सीखने को मिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’
पैन पैसिफिक ओपन: एलेना रिबाकिना गर्दन की चोट के कारण हटीं
टोक्यो, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की नंबर 1 एलेना रिबाकिना का पैन पैसिफिक ओपन में अभियान शुक्रवार को समय से पहले समाप्त हो गया। कजाकिस्तान की इस खिलाड़ी ने गर्दन की चोट के कारण डब्ल्यूटीए 500 टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। इस वजह से कनाडा की लेयला फर्नांडीज सेमीफाइनल में पहुंच गईं।
रणजी ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, आंध्र प्रदेश की टीम को हराया
छत्तीसगढ़ की ओर से जयंत यादव ने चार विकेट लेकर आंध्र प्रदेश की बल्लेबाजी पर अंकुश लगाया। अजय मंडल ने तीन और धर्मेंद्र सिंह जडेजा ने दो विकेट हासिल किए।
अर्शदीप सिंह ने रच दिया नया इतिहास, T20I में पूरे किए 150 विकेट, आयरिश गेंदबाज का तोड़ा रिकॉर्ड
भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। T20I में 150 विकेट लेने वाले वह पहले भारतीय गेंदबाज हैं।

