जोकोविच फ्रेंच ओपन के दूसरे राउंड में पहुंचे:निशेष ने फ्रिट्ज को हराया, स्वियातेक की जीत से शुरुआत
पेरिस में खेले जा रहे फ्रेंच ओपन के पहले दौर के मुकाबले में नोवाक जोकोविच ने फ्रांस के जियोवानी मपेट्शी पेरिकाड को 5-7, 7-5, 6-1, 6-4 से हरा दिया। इस जीत के साथ 3 बार के चैंपियन जोकोविच ने टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 जोकोविच ने फ्रांसीसी खिलाड़ी की सर्विस को बेहतर ढंग से समझना शुरू किया और मैच को 2 घंटे 51 मिनट में अपने नाम कर लिया। यह 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच की फ्रेंच ओपन में 102वीं जीत है। 82वीं बार ग्रैंड स्लैम खेल रहे जोकोविच का शानदार रिकॉर्डजोकोविच ने इस मैच के साथ ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में अपनी रिकॉर्ड 82वीं उपस्थिति दर्ज की। इस जीत के साथ ग्रैंड स्लैम के पहले दौर के मैचों में उनका रिकॉर्ड 80 जीत और 2 हार का हो गया है। जोकोविच आखिरी बार साल 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में हारे थे। निशेष ने फ्रिट्ज को हराकर उलटफेर कियाभारतीय मूल के अमेरिकी खिलाड़ी निशेष बसवरेड्डी ने फ्रेंच ओपन में पहला बड़ा उलटफेर करते हुए पहले दौर में सातवीं सीड अमेरिका के खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज को हराया। वाइल्डकार्ड एंट्री करने वाले निशेष ने रविवार रात खेले गए दो घंटे 45 मिनट के कड़े मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-9 फ्रिट्ज को 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। 21 साल बसवरेड्डी के माता-पिता 1999 में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से अमेरिका चले गए थे। वह साल 2000 के बाद इस ग्रैंडस्लैम में टॉप-10 रैंकिंग वाले खिलाड़ी को हराने वाले अमेरिका के पहले मेंस प्लेयर बन गए हैं। उनसे पहले 2000 में यान-माइकल गैम्बिल ने वर्ल्ड नंबर आठ निकोलस कीफर को शिकस्त दी थी। स्वियातेक की एकतरफा जीतविमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने फ्रेंच ओपन में डेब्यू कर रही ऑस्ट्रेलिया की युवा खिलाड़ी इमरसन जोंस को पहले दौर के एकतरफा मुकाबले में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। ग्रैंडस्लैम के पहले दौर में स्वियातेक की यह 29 मुकाबलों में 28वीं जीत रही। विसमें सिंगल्स में पिछले साल की उपविजेता जैसमीन पाओलिनी ने भी जीत दर्ज की। उन्होंने दयाना यास्त्रेम्स्का को 7-5, 6-3 से हराया।
स्पेन ने FIFA फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 26 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। वर्ल्ड कप के 92 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि स्पेनिश फुटबॉल क्लब ‘रियल मैड्रिड’ का कोई खिलाड़ी स्पेन की टीम में शामिल नहीं है। स्पेन के कोच डी ला फुएंते ने कहा, “मैं किसी क्लब को देखकर खिलाड़ी नहीं चुनता। मेरे लिए सिर्फ यह जरूरी है कि खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व महसूस करें।’ इस सीजन रियल मैड्रिड कोई ट्रॉफी नहीं जीत सकी और ला लीगा में बार्सिलोना से आठ अंक पीछे रही। बार्सिलोना के स्टार लामिन यामल को जगह टीम में बार्सिलोना के 18 साल के स्टार खिलाड़ी लामिन यामल को जगह मिली है। स्पेन ने यूरो कप 2024 का खिताब जीता था। यामल को यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। यामल पिछले महीने बार्सिलोना के लिए खेलते हुए हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे। इसके बावजूद कोच लुइस डी ला फुएंते ने उन्हें टीम में रखा है। एथलेटिक बिलबाओ के निको विलियम्स भी चोट से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें भी स्क्वॉड में जगह मिली है। स्क्वॉड में प्रीमियर लीग के 7 खिलाड़ी शामिल स्पेन की टीम में प्रीमियर लीग के सात खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें आर्सेनल के डेविड राया, मार्टिन जुबिमेंडी और मिकेल मेरिनो, टोटेनहैम के पेड्रो पोरो, चेल्सी के मार्क कुकुरेला, मैनचेस्टर सिटी के रॉड्री और क्रिस्टल पैलेस के येरेमी पीनो शामिल हैं। बार्सिलोना के फर्मिन लोपेज टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है। स्पेन 2010 में खिताब जीता था स्पेन ने 1930 का पहला FIFA वर्ल्ड कप नहीं खेला था। 1934 से अब तक स्पेन ने 17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। टीम ने 2010 में नीदरलैंड्स को एक्सट्रा टाइम में 1-0 से हराकर खिताब जीता था। स्पेन का पहला मुकाबला 15 जून को स्पेन 15 जून को केप वर्डे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद टीम 21 जून को सऊदी अरब और 26 जून को उरुग्वे से खेलेगी। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा। फुल स्क्वॉड: गोलकीपर: उनाई सिमोन, डेविड राया, जोआन गार्सिया। डिफेंडर्स: मार्कोस योरेंटे, मार्क पुबिल, पेड्रो पोरो, आयमेरिक लापोर्टे, एरिक गार्सिया, पाउ कुबार्सी, मार्क कुकुरेला, अलेजांद्रो ग्रिमाल्डो। मिडफील्डर्स: रोड्री, मार्टिन जुबिमेंडी, मिकेल मेरिनो, पेड्री, गावी, फेबियन रुइज, एलेक्स बैना। फॉरवर्ड्स: येरेमी पीनो, विक्टर मुनोज, मिकेल ओयारजाबाल, फेरान टोरेस, लामिन यामल, दानी ओल्मो, निको विलियम्स, बोरखा इग्लेसियास। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पूर्व रणजी क्रिकेटर को मैच के दौरान अटैक आया, मौत:एसएल अक्षय ने 2014-15 में कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी जीती कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। पूरी खबर पढ़ें…
धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का पहला क्वालीफायर मुकाबला मंगलवार शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। यह महत्वपूर्ण नॉकआउट मैच हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में होगा। सोमवार शाम को दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर अभ्यास किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली सोमवार शाम 4:30 बजे स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने मैदान पर हल्की एक्सरसाइज और वार्म-अप किया। इसके बाद कोहली ने फिटनेस सेशन के तहत स्टेडियम के दो चक्कर लगाए। नेट प्रैक्टिस से पहले विराट कोहली अपनी टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए। इस दौरान टीम के सदस्यों ने रणनीति पर भी चर्चा की। गुजरात टाइटंस के खिलाड़ियों ने भी शाम के सत्र में फ्लड लाइट्स के तहत अभ्यास किया। ठंडी हवाओं के कारण स्विंग मिलेगी धर्मशाला की पिच अपनी रफ्तार और उछाल के लिए जानी जाती है। शुरुआती ओवरों में धौलाधार की ठंडी हवाओं के कारण तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने की संभावना है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मोहम्मद सिराज और गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों के बीच पावरप्ले में मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होने के कारण दूसरी पारी में ओस एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। इसलिए, टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान हो सकता है। मौसम का मिजाज: शाम को बढ़ेगी ठिठुरन मैच के दौरान धर्मशाला का मौसम खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए सुखद रहेगा, लेकिन रात होते-होते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान: मैच की शुरुआत (शाम 7:30 बजे) के समय तापमान 22^circtext{C} के आसपास रहेगा, जो रात ढलने के साथ गिरकर 16^circtext{C} तक पहुंच सकता है। खिलाड़ियों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा। बारिश की आशंका: मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई आशंका नहीं है, जिससे दर्शकों को पूरे 40 ओवर का बिना किसी रुकावट के रोमांच देखने को मिलेगा। X-फैक्टर और संभावित प्लेइंग इलेवनबड़ी टक्कर: यह मुकाबला आरसीबी की आक्रामक बल्लेबाजी और गुजरात टाइटंस के संतुलित ऑलराउंडर प्रदर्शन के बीच है। जो भी टीम इस दबाव वाले मैच को जीतेगी, वह सीधे फाइनल का टिकट कटाएगी।संभावित टीमें:रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): विराट कोहली, फाफ डु प्लेसिस, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल, कैमरन ग्रीन, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), महिपाल लोमरोर, मयंक डागर, मोहम्मद सिराज, रीस टोपली, यश दयाल।गुजरात टाइटंस (GT): शुभमन गिल (कप्तान), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, डेविड मिलर, अजमतुल्लाह उमरजई, राहुल तेवतिया, राशिद खान, नूर अहमद, मोहित शर्मा, उमेश यादव, संदीप वारियर।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी। मैच से पहले गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजय दहिया ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मुकाबला गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगा। विजय दहिया ने कहा कि दोनों टीमों के पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं और वे एकजुट इकाई के रूप में खेलती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही इस सीजन में हाई स्कोरिंग मैच और आक्रामक बल्लेबाजी की ज्यादा चर्चा हो रही हो, लेकिन क्रिकेट का बुनियादी नियम नहीं बदला है। बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज मैच जिता सकते हैं, पर खिताब गेंदबाज ही दिलाते हैं। आशीष नेहरा की तारीफ दहिया ने मुख्य कोच आशीष नेहरा की कार्यशैली की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों में खुद पर भरोसा और कप्तान व मैनेजमेंट का समर्थन टीम की गेंदबाजी में लगातार बेहतरी ला रहा है। गेंदबाजों के बीच शानदार केमिस्ट्री असिस्टेंट कोच ने बताया कि टीम के गेंदबाजों के बीच मैदान के अंदर और बाहर बेहतरीन केमिस्ट्री है। वे एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं कि किसे कब और कैसे ओवर खत्म करने हैं। आशीष नेहरा द्वारा अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल चुके गेंदबाजों को संभालने का तरीका सराहनीय है। धर्मशाला की पिच और परिस्थितियां धर्मशाला के मैदान के बारे में बात करते हुए दहिया ने कहा कि यहां की परिस्थितियां कुछ हद तक बेंगलुरु जैसी हैं, जहां छक्के आसानी से लगते हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन स्पिनरों के लिए ज्यादा रोल नहीं बचता। फिर भी टीम के पास अनुभवी स्पिनर हैं जो पिच की परवाह किए बिना अहम भूमिका निभा सकते हैं। तकनीकी बल्लेबाजों का महत्व दहिया ने सिर्फ पावर हिटिंग पर जोर देने के बजाय तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बल्लेबाजों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों में मैच का रुख बदल सकते हैं। स्टार स्पिनर की सर्जरी के बाद वापसी गुजरात के प्रमुख स्टार स्पिनर की वापसी पर विजय दहिया ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो सीजन उनके लिए आसान नहीं थे। सर्जरी के बाद लय हासिल करने में समय लगता है, लेकिन इस सीजन से वे शानदार मानसिक स्थिति में हैं। नेट्स पर उनकी गेंदबाजी और फील्डिंग उनकी विश्व स्तरीय काबिलियत को दिखाती है। वे क्वालिफायर जैसे बड़े मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार ने अपनी टीम के इरादे साफ कर दिए हैं। पाटीदार ने कहा कि टीम का लक्ष्य सिर्फ फाइनल पहुंचना नहीं, बल्कि क्वालिफायर-1 जीतकर सीधे खिताबी मुकाबले का टिकट कटाना है। मीडिया से बातचीत में पाटीदार ने कहा, “अगर हम यह मैच जीत जाते हैं तो खिलाड़ियों को फाइनल से पहले अच्छा आराम मिल सकेगा। पूरी टीम इस लक्ष्य को लेकर काफी उत्साहित है और हम अटैकिंग माइंडसेट के साथ मैदान पर उतरेंगे।” दबाव को लेकर क्या कहा? जब उनसे पूछा गया कि क्या यह मुकाबला दो मजबूत बैटिंग लाइनों के बीच होगा, तो पाटीदार ने जवाब दिया, “यह एक बड़ा मंच है। क्वालिफायर-1 होने के कारण दबाव तो रहेगा, लेकिन जो टीम इस दबाव में शांत रहेगी और अपनी रणनीति को सही ढंग से लागू करेगी, वही जीतेगी।” उन्होंने कहा कि दोनों टीमें इस समय बहुत मजबूत हैं, इसलिए हमें आत्मविश्वास के साथ खेलना होगा। गेंदबाजों का बचाव और छोटे मैदान पर गेदबाजी चुनौती पूर्ण पाटीदार ने गेंदबाजों की आलोचना का बचाव करते हुए कहा कि आईपीएल में छोटे मैदान और अच्छे बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले मैच में कुछ चीजें उनके मुताबिक नहीं गईं, लेकिन टीम की रणनीति पूरी तरह साफ है। कप्तान ने भुवनेश्वर कुमार और रसिक दार सलाम जैसे गेंदबाजों की सराहना की और कहा कि टीम शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने पर फोकस करेगी। फिल साल्ट की फिटनेस पर अपडेट इंग्लैंड से लौटे फिल साल्ट की फिटनेस को लेकर पाटीदार ने बताया कि वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं और कुछ ड्रिल्स भी कर रहे हैं। प्लेइंग इलेवन का अंतिम फैसला पिच देखने के बाद लिया जाएगा।जब उनसे पूछा गया कि फाइनल बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में नहीं हो रहा है, तो पाटीदार ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह मेरे हाथ में नहीं है। फाइनल जहां भी हो, हमारा काम सिर्फ मैच जीतना है।” स्पिनर्स के खिलाफ आक्रामक रुख पाटीदार ने इस सीजन नंबर 4 पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स के खिलाफ आक्रमण करना टीम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने युवा खिलाड़ी जबात नाथन की तारीफ करते हुए कहा कि धर्मशाला में उनकी 70 रनों की पारी शानदार थी। नाथन बैटिंग ऑर्डर में लचीले हैं और उनका पॉजिटिव एटीट्यूड टीम को मजबूती देता है। RCB अब क्वालिफायर-1 में जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगी।
क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी T20 में 200 रन का पर्सनल स्कोर बनाना चाहते हैं। 15 साल के क्रिकेटर ने कहा कि उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं। क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 66 गेंदों में 175 रन बनाए थे। यह आज भी T20 क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीजन के 14 मैचों में 583 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 232 से ज्यादा है। 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा हैं। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर एशिया कप में 243 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट वैभव ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 टी-20 में 4 मैचों में 59.75 की औसत और 243.87 के स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 144 रन रहा। सूर्यवंशी ने इस सीरीज में एक शतक भी लगाया था। उन्होंने 20 चौके और 22 छक्के लगाए। क्रिस गेल के नाम टी20 की सबसे बड़ी पारी क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 175* रन बनाए थे। यह अब तक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी है। गेल ने उसी मैच में 30 गेंदों में शतक लगाया था, जो आज भी IPL का सबसे तेज शतक है।
कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। अक्षय बेंगलुरु में KSCA के थर्ड डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे। चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। कर्नाटक संघ ने शोक जताया, लिखा- समर्पण और जुनून से क्रिकेट की सेवा की कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने बयान जारी कर अक्षय के निधन पर शोक जताया। संघ ने कहा, 'अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। खेल करियर खत्म होने के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।' पूर्व क्रिकेटर डी गणेश ने लिखा- मेरे पास शब्द नहीं पूर्व क्रिकेटर डोडा गणेश ने भी उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- 'क्रिकेट जगत के लिए यह दुखद खबर है। मेरे पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं।' डोडा गणेश ने आगे लिखा कि शांत स्वभाव के अक्षय ने 2011-12 में कर्नाटक के लिए खेलते हुए अच्छी सफलता हासिल की थी। अंडर-19 टीम के कोच थे अक्षय क्रिकेट से संन्यास के बाद अक्षय कोचिंग से जुड़ गए थे। वे कर्नाटक की अंडर-19 टीम के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, तीन लिस्ट-ए और नौ टी-20 मैच खेले थे। तेज गेंदबाज के तौर पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाई थी। ------------------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया; बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। पढ़ें पूरी खबर
कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया:छोटी बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए; IPL मैच में बहस हुई थी
IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। हेड की पत्नी जेसिका ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एडवरटाइजर’ से कहा- ‘यह सब मुझे 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद की ट्रोलिंग की याद दिला रहा है।’ जेसिका ने बताया- 'जब मैं सोकर उठी तो मेरा सोशल मीडिया भरा पड़ा था…हम ठीक हैं। लेकिन, वे मेरे दोस्तों और परिवार पर निशाना साध रहे हैं।' 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। एक-दूसरे के प्रति काइंडनेस और सपोर्ट की जरूरत- जेसिका जेसिका ने कहा- इस समय सभी खेलों में मानसिक स्वास्थ्य, नजरिए और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को लेकर जरूरी चर्चा हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि खेल के पीछे लोग और परिवार होते हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के प्रति अधिक काइंडनेस और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। शादी की फोटोज में आपत्तिजनक कमेंट किए रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्रेविस हेड की शादी की तस्वीरों तक पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार को धमकियां भी दीं। जेसिका ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत पर जीत के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को इसी तरह के संदेश मिले थे। कमेंटेटर सुंदरेशन बोले- मैच के बाद कोहली का बिहेवियर गलत इसी बीच भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर भरत सुंदरेशन ने कोहली के बिहेवियर को गलत ठहराया। उनके मुताबिक भारत में क्रिकेटरों को लेकर फैन कल्चर हमेशा से बहुत भावुक रहा है, लेकिन अब यह ज्यादा आक्रामक और ट्राइबल हो गया है। भारत सुंदरासन ने कहा कि उन्होंने ट्रेविस हेड से बात की थी और वह ठीक हैं। उन्होंने सलाह दी कि खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सोशल मीडिया से दूरी बना लेनी चाहिए और किसी भी ट्रोलिंग का जवाब नहीं देना चाहिए। हेड ने एग्रेसिव खेलने के लिए कहा, विराट भड़के बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड ने कोहली से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने को कहा था। जवाब में कोहली ने कहा कि हेड खुद आकर गेंदबाजी करें। बाद में कोहली के आउट होने पर हेड ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि इसी के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए। --------------------------------------------- हेड-कोहली विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली-हेड में नोकझोंक, मैच के बाद दोनों ने हाथ नहीं मिलाया, टॉप मोमेंट्स एंड रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। पढ़ें पूरी खबर
25 साल के गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। जीत के बाद उन्होंने कहा- ‘लोग कहते थे कि भारतीयों में 100 मीटर दौड़ वाला जिंस नहीं है। मैं इसे गलत साबित करना चाहता था।’ साल 2008 में मशहूर धावक उसैन बोल्ट ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह TV पर यह देख रहे थे। बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया कि एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे। गुरिंदरवीर की 2 बातें… लॉकडाउन में किराए पर होटल लेकर ट्रेनिंग की कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे। वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते। कई बार ट्रेनिंग जारी रखने के लिए पटियाला में कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था। जब रूममेट ने कहा था- 'फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे', गोल्ड जीतकर दिया जवाब 2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदरवीर ने छह महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी। उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी। लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे। रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। गुरिंदरवीर ने पिता कमलजीत सिंह को फोन कर कहा कि दूसरा-तीसरा रैंक शायद मिल जाए। यह सुन पिता बोले 'अगर सोच ही वही है, तो पहला कभी नहीं आएगा।' पिता की यही डांट प्रेरणा बनी और अगले दिन गुरिंदरवीर ने पहला रैंक हासिल कर गोल्ड जीत लिया। ------------------------------------- गुरिंदरवीर की यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100 मीटर में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में जीते रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता की पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह पहली बार है, जब किसी भारतीय ने 100 मीटर रेस 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है। पढ़ें पूरी खबर
तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव ढींगसरी, राजस्थान के नक्शे पर किसी भी आम रेतीले गांव जैसा ही नजर आता है। इन दिनों इस गांव की हवा बदली हुई है। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले, जब पूरा रेगिस्तान सो रहा होता है, तब यहां की रेतीली जमीन पर जूतों की थाप और फुटबॉल की 'टप-टप' की आवाजें गूंजने लगती हैं। यह कहानी सिर्फ एक खेल की नहीं है। यह कहानी है उस संघर्ष की, जिसने बकरियां चराने वाली और घर-खेत के कामों में सिमटी बच्चियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। आज वर्ल्ड फुटबॉल डे के मौके पर बीकानेर शहर से दक्षिण में 58 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव हम आपके ले चलते हैं, जहां की बेटियां फुटबॉल में नाम कमा रही हैं। जो कल तक बकरियां चराती थीं, वो आज देश के लिए गोल दाग रही हैं ढींगसरी गांव की एक बेटी है- मुन्नी भांभू। मुन्नी आज इस गांव की हर उस बच्ची की उम्मीद का चेहरा बन चुकी है, जो कभी पिंजरे में कैद थी। एक बेहद सामान्य परिवार से आने वाली मुन्नी के पास कभी खेलने के लिए ढंग के जूते तक नहीं थे। वो संसाधनों की कमी के बावजूद सबसे पहले मैदान पहुंचती और देर शाम तक अकेले पसीना बहाती। आज मुन्नी भांभू भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की मुख्य गोलकीपर हैं और चीन में हुए 'एशियन कप क्वालिफायर मैच' में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 27 साल बाद राजस्थान से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, 'SAFF U-19 महिला चैंपियनशिप 2026' में मुन्नी को 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का अवॉर्ड भी मिल चुका है। मुन्नी भावुक हो जाती हैं और कहती हैं- मैं तो गांव में बस सामान्य पढ़ाई कर रही थी। विक्रम सर ने उंगली थामी और मुझे फुटबॉल से जोड़ा। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं। गांव की बेटियां गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रहीं ढींगसरी गांव की मुन्नी अकेली नहीं है। इस रेतीले धोरों से फुटबॉल की ऐसी पौध निकली है कि आज गांव की करीब 60 बेटियां मैदान पर पसीना बहा रही हैं। ये वो बच्चियां हैं, जिनके हाथों में कुछ समय पहले तक या तो बकरियां चराने की लाठी थी, या फिर चूल्हा-चौका संभालते हुए घरेलू काम का बोझ। जिन उंगलियों को सिर्फ गोबर के उपले थापना सिखाया जा रहा था, आज वे गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रही हैं। लड़कों ने नहीं दिखाया इंटरेस्ट, तो कोच ने थामी लड़कियों की उंगली इस सुनहरे सफर की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी के बेटे विक्रम सिंह राजवी (जो खुद रेलवे में हैं और फुटबॉल कोच हैं) ने नई पीढ़ी को तराशने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शुरुआत गांव के लड़कों से की थी, लेकिन लड़कों ने खेल में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कभी प्रैक्टिस में आते, तो कभी गायब हो जाते। गांव की बेटियों को मैदान में उतारा यह राह इतनी आसान नहीं थी। विक्रम सिंह उन घरों तक पहुंचे जहां बच्चियां सिर्फ स्कूल, चूल्हे-चौके या खेत के कामों तक सीमित थीं। शुरुआत में हर दरवाजे से 'ना' सुनने को मिली। लोग बेटियों को बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन कोच की जिद के आगे कुछ परिवार राजी हुए और साल 2021 में 20 लड़कियों के साथ ढींगसरी की रेतीली जमीन पर ट्रेनिंग शुरू हुई। जब 'शॉर्ट्स' पहनने पर हुआ विरोध, तो घर की महिलाओं को मैदान में उतारा गांव में लड़कियों का फुटबॉल खेलना ही बड़ी बात थी, लेकिन असली परीक्षा तब हुई जब बच्चियों को लोअर (शॉर्ट्स) पहनकर खेलने को कहा गया। रूढ़िवादी माहौल में बच्चियों के छोटे कपड़े पहनकर खेलने को लेकर खूब विरोध हुआ। परिवार वाले अड़ गए। तब कोच विक्रम सिंह ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने कोटा फुटबॉल एकेडमी की टीम को ढींगसरी में मैच के लिए बुलाया। उस मैच में कोटा की लड़कियां शॉर्ट्स पहनकर उतरीं और ढींगसरी की टीम हार गई। विक्रम सिंह ने बच्चियों और उनके माता-पिता को समझाया कि इस खेल में फुर्ती के लिए शॉर्ट्स पहनना मजबूरी है, शौक नहीं। ग्रामीणों का झिझक और डर दूर करने के लिए कोच की पत्नी और उनके घर की महिलाएं भी हर रोज प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर बैठने लगीं। तब जाकर माता-पिता का भरोसा जागा। कोच विक्रम सिंह राजवी कहते हैं- शुरुआत में जो बच्चियां 4-5 किलोमीटर दूर से आती थीं, उन्हें खुद अपनी गाड़ी से मैदान लाता था। उनके पैर न रुकें, बस यही एक जिद थी। एक खिलाड़ी की सगाई हुई, तो पूरी टीम को लेकर कोटा चले गए कोच साल 2022 में इस सफर में एक और बड़ा मोड़ आया। टीम की एक होनहार खिलाड़ी की उसके घर वालों ने कोटा में सगाई तय कर दी। विक्रम सिंह को डर था कि कहीं एक लड़की के जाने से पूरी टीम का हौसला न टूट जाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। वे सभी 20 बच्चियों को लेकर खुद कोटा शिफ्ट हो गए। वहां उनका स्कूल में एडमिशन कराया और एकेडमी जॉइन कराई। दो साल की इस तपस्या का फल तब मिला, जब कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल टूर्नामेंट हुआ। राजस्थान की टीम में चुने गए 22 खिलाड़ियों में से 12 लड़कियां अकेले ढींगसरी गांव की थीं। जब इन बेटियों ने कर्नाटक में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, तो पूरे ढींगसरी गांव की आंखों में आंसू आ गए। जो गांव कभी विरोध कर रहा था, वो अब अपनी बेटियों के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा था। बेटियों के सपनों के लिए बेच डाली 15 बीघा जमीन साल 2024 में विक्रम सिंह बच्चियों को लेकर वापस गांव लौट आए। अब गांव वालों का विश्वास मजबूत हो चुका था, लेकिन ट्रेनिंग के लिए एक बड़े मैदान की जरूरत थी। विक्रम सिंह ने पहले अपनी जमा पूंजी से गांव में 10 बीघा जमीन खरीदी, लेकिन मैदान छोटा पड़ रहा था। उन्हें 8.50 बीघा जमीन और चाहिए थी। विक्रम सिंह बताते हैं- गांव से दूर मेरी 15 बीघा पुश्तैनी जमीन और थी। लेकिन एकेडमी मुझे इसी गांव में बनानी थी। मैंने अपनी वो पूरी 15 बीघा जमीन बेच दी और उस पैसे से गांव में ही जमीन खरीदकर दो शानदार फुटबॉल मैदान तैयार किए। इस मैदान का करिश्मा देखिए... साल 2024 में 60 साल बाद राजस्थान की लड़कियों ने फुटबॉल की नेशनल ट्रॉफी जीती। इस टीम में भी 12 लड़कियां ढींगसरी की थीं। यह एक अद्भुत संयोग था कि 60 साल पहले कोच विक्रम सिंह के पिता मगन सिंह राजवी ने जो नेशनल ट्रॉफी जीती थी, ठीक 60 साल बाद उसी गांव की बेटियों ने इतिहास दोहरा दिया। बदल गई ढींगसरी की तस्वीर, अब 100 बेटियां हॉस्टल में रहकर ले रहीं ट्रेनिंग आज ढींगसरी गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सीनियर खिलाड़ी हंसा राजवी कहती हैं- पहले हम सिर्फ घर का काम करते थे, पानी भरते थे। अब सुबह 5:30 बजे मैदान में होते हैं। वहीं राजस्थान टीम की कप्तान संजू राजवी कहती हैं- अब गांव के लोगों की सोच बदल गई है। छोटी उम्र में लड़कियों की शादी करने की बजाय लोग उन्हें खिलाना चाहते हैं। अर्जुन अवॉर्डी बोले- 100 बच्चियां ट्रेनिं ले रही हैं अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी कहते हैं- हमने अपनी पूरी पूंजी लगा दी, लेकिन आज खुशी है कि 100 बच्चियां यहां ट्रेनिंग ले रही हैं। इस पुनीत कार्य में अब भामाशाह भी आगे आ रहे हैं।
IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में जगह बनाई। 26 मई को बेंगलुरु और गुजरात के बीच क्वालिफायर-1 खेला जाएगा, जबकि 27 मई को हैदराबाद और राजस्थान एलिमिनेटर में भिड़ेंगे। चारों टीमों का सफर अलग रहा, लेकिन प्रदर्शन में कई कॉमन फैक्टर्स नजर आए। स्टोरी में प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों के कॉमन फैक्टर्स का एनालिसिस है। इसके लिए 4 पैरामीटर्स तय किए गए हैं.... 1. टॉप बैटर्स का प्रदर्शन 2. टॉप बॉलर्स का प्रदर्शन 3. किस टीम ने कितनी बार 200+ स्कोर बनाए 4. टीमों की विनिंग और लूजिंग स्ट्रीक 1. गुजरात-हैदराबाद के टॉप-3 बैटर्स का औसत 576 रन प्रति बल्लेबाज प्लेऑफ में पहुंची टीमों की सबसे बड़ी ताकत टॉप ऑर्डर रहा। बेंगलुरु के विराट कोहली (557), देवदत्त पडिक्कल (433) और रजत पाटीदार (393) ने मिलकर 1383 रन बनाए। गुजरात के साई सुदर्शन (638), शुभमन गिल (616) और जोस बटलर (469) ने 1723 रन जोड़े। हैदराबाद के हेनरिक क्लासन (606), ईशान किशन (569) और अभिषेक शर्मा (563) ने 1738 रन बनाए। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी (583), ध्रुव जुरेल (458) और यशस्वी जायसवाल (397) ने 1438 रन बनाए। चारों प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 बल्लेबाजों ने मिलकर 6282 रन बनाए। प्रति टीम टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत 1570.5 रन रहा। गुजरात और हैदराबाद के टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत योगदान 576 रन प्रति बल्लेबाज रहा। राजस्थान के सूर्यवंशी ने 232.27 के स्ट्राइक रेट से टीम को तेज शुरुआत दिलाई। बेंगलुरु के कोहली ने 1 शतक और 4 फिफ्टी लगाईं। हैदराबाद के अभिषेक शर्मा ने 206.22 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 1254 रन बनाए। 2. बेंगलुरु के बॉलर्स ने 50 विकेट निकाले प्लेऑफ टीमों के गेंदबाजों ने पूरे सीजन लगातार विकेट लेकर मैचों का रुख बदला। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार (24), रासिख सलाम (14) और जोश हेजलवुड (12) ने 50 विकेट लिए। गुजरात के कगिसो रबाडा (24), राशिद खान (19) और मोहम्मद सिराज (17) ने 60 विकेट लिए। हैदराबाद के ईशान मलिंगा (19), साकिब हुसैन (15) और प्रफुल हिंगे (11) ने 45 विकेट लिए। राजस्थान के जोफ्रा आर्चर (21), बृजेश शर्मा (13) और नांद्रे बर्गर (11) ने 45 विकेट निकाले। प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 गेंदबाजों ने औसतन 50+ विकेट लिए। बेंगलुरु और गुजरात के टॉप गेंदबाजों ने मिलकर 110 विकेट निकाले। औसतन हर गेंदबाज ने 18.33 विकेट लिए। भुवनेश्वर और रबाडा ने 24-24 विकेट लेकर अपनी टीमों की गेंदबाजी अटैक लीड की। राशिद खान और सिराज ने मिडिल व डेथ ओवर्स में असर छोड़ा। राजस्थान के लिए आर्चर और हैदराबाद के मलिंगा ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले। 3. 200+ स्कोर बनाए तो जीत पक्की प्लेऑफ की चार टीमों में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर हैदराबाद ने बनाए। टीम ने 9 बार 200+ रन बनाए, जिनमें 7 मैच जीते और 2 हारे। बेंगलुरु के खिलाफ 255/4, मुंबई के खिलाफ 249/4, दिल्ली के खिलाफ 242/2 और पंजाब के खिलाफ 235/4 जैसे बड़े स्कोर बनाए। हैदराबाद का रनरेट 10.66 रहा, जो चारों प्लेऑफ टीमों में सबसे ज्यादा था। बेंगलुरु ने 8 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 मैचों में जीत और 3 में हार मिली। चेन्नई के खिलाफ 250/3, मुंबई के खिलाफ 240/4 और पंजाब के खिलाफ 222/4 जैसे बड़े टोटल बनाए। टीम का रनरेट 10.50 रहा। इसी बल्लेबाजी की वजह से बेंगलुरु का नेट रनरेट +0.783 रहा, जो प्लेऑफ टीमों में सबसे बेहतर था। गुजरात ने 5 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम ने 3 मैच जीते और 2 गंवाए। राजस्थान और चेन्नई के खिलाफ 229-229 रन बनाए, जबकि दिल्ली के खिलाफ 210 रन बनाए। टीम का रनरेट 9.37 और नेट रनरेट +0.695 रहा। यही टॉप-2 फिनिश की बड़ी वजह बना। राजस्थान ने 7 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 जीत और 2 हार मिलीं। पंजाब के खिलाफ 228/4, लखनऊ के खिलाफ 225/3 और गुजरात के खिलाफ 210 रन बनाए। राजस्थान का रनरेट 10.24 रहा। टीम +0.189 नेट रनरेट के साथ चौथे स्थान पर रही। 4. कोई भी टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों का बड़ा कॉमन फैक्टर उनकी निरंतरता रही। बेंगलुरु पूरे सीजन लगातार 2 से ज्यादा मैच नहीं हारी। गुजरात ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार 3 जीत दर्ज कीं। हैदराबाद ने अप्रैल के पहले हफ्ते में लगातार 2 हार झेलीं, लेकिन बाद में लगातार 5 मैच जीतकर वापसी की। राजस्थान को सीजन में लगातार 3 हार मिलीं, लेकिन टीम ने बाद में लखनऊ और मुंबई को हराकर वापसी की। चारों टीमों ने सीजन में कम से कम एक बड़ा विनिंग स्ट्रीक बनाया। बेंगलुरु ने मुंबई, कोलकाता और पंजाब को हराकर लगातार 3 जीत दर्ज कीं। राजस्थान ने सीजन की शुरुआत लगातार 4 जीत के साथ की थी। टीम ने चेन्नई, गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु को हराकर शुरुआती बढ़त बनाई। गुजरात ने चेन्नई, बेंगलुरु, पंजाब, राजस्थान और हैदराबाद को हराकर लगातार 5 मैच जीते। हैदराबाद ने राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई के खिलाफ लगातार 5 मैच जीते।
दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 40 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में दिल्ली के केएल राहुल ने IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। उन्होंने 51वीं बार पचास या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। रविवार को कुलदीप यादव की हैट्रिक बॉल पर विकेटकीपर अभिषेक पोरेल ने कैच छोड़ दिया। वहीं कोलकाता के मनीष पांडे IPL में 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे सबसे धीमें प्लेयर बने। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. राहुल IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले चौथे खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। यह IPL में उनकी 51वीं फिफ्टी रही। इसके साथ ही वह लीग में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले संयुक्त रुप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। इस लिस्ट में विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 76 बार यह स्कोर बनाया है। 2. मनीष IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी रनचेज के सातवें ओवर में मनीष ने चौका लगाकर IPL में अपने 4 हजार रन पूरे किए। उन्होंने इसके लिए 164 पारी खेली। वे IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने 188 पारी खेली थी। 3. राहुल ने सीजन में छठवीं बार 50+ स्कोर किया राहुल ने बतौर विकेटकीपर IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कोलकाता के खिलाफ फिफ्टी के साथ इस सीजन 6 फिफ्टी या उससे ज्यादा स्कोर बनाए। इससे पहले वे 2018 में भी 6 बार बतौर विकेटकीपर 6 बार यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा ऋषभ पंत (2018) और प्रभसिमरन सिंह (2026) इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। 4. बिना 50+ साझेदारी के चौथा सबसे बड़ा स्कोर बना दिल्ली ने कोलकाता के खिलाफ 203 रन का स्कोर बनाया। यह बिना किसी अर्धशतकीय साझेदारी के IPL का चौथा सबसे बड़ा टीम टोटल है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स नंबर-1 पर है, जिन्होंने 2026 में मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम पर 207/6 का स्कोर बनाया था। 5. रहाणे दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने दिल्ली के खिलाफ 63 रन की पारी खेली। उनका IPL में दिल्ली के खिलाफ यह आठवां 50+ स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 11 बार यह कारनामा किया है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स… 1. कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर पोरेल ने छोड़ा कैच कोलकाता की पारी के 14वें ओवर में कुलदीप ने गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (63) और तीसरी गेंद पर रिंकू सिंह (0) को आउट किया। हैट्रिक बॉल पर भी कुलदीप ने तेजस्वी दहिया को फंसा लिया था। तेजस्वी के बैट का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर पोरेल के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। इस तरह कुलदीप हैट्रिक से चूक गए। 2. स्टार्क के ओवर में 3 विकेट गिरे रनचेज में स्टार्क के ओवर में कोलकाता ने 3 विकेट गंवा दिए। 17वें ओवर की पहली गेंद पर रोवमन पॉवेल (29) समीर रिजवी के डायरेक्ट-हिट पर रन आउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर स्टार्क ने अनुकुल रॉय (9) का अपनी ही गेंद पर कैच लपका। इसके बाद चौथी गेंद पर कार्तिक त्यागी (0) मिड-ऑफ पर अक्षर पटेल को कैच दे बैठे।
राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 70वें मैच में मुंबई इंडियंस को 30 रन से हरा दिया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके साथ ही वे IPL में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी पर पहुंच गए। वानखेड़े स्टेडियम IPL का दूसरा ऐसा मैदान बन गया, जहां एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर बने। मैच देखने और मुंबई इंडियंस को सपोर्ट करने के लिए 20 हजार बच्चे स्टेडियम पहुंचे थे। सूर्यकुमार यादव ने बच्चों के लिए कागज का प्लेन बनाकर उड़ाया। मुंबई-राजस्थान मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स 1. रोहित IPL में 19वीं बार शून्य पर आउट हुए रोहित शर्मा राजस्थान के खिलाफ 4 गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके साथ ही वे IPL में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी की। दोनों खिलाड़ी 19-19 बार जीरो पर आउट हुए हैं। इस सूची में दिनेश कार्तिक और सुनील नरेन 18 बार के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 2. एक सीजन वानखेड़े में 10वीं 200+ स्कोर, अब सिर्फ अहमदाबाद से पीछे वानखेड़े स्टेडियम में रविवार को राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए। इस सीजन यहां यह 10वां 200+ स्कोर रहा। इसके साथ ही वानखेड़े IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर वाले मैदानों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच गया। इससे पहले 2025 में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 11 बार 200+ स्कोर बने थे। 3. रिकेल्टन ने की सूर्या की बराबरी रायन रिकेल्टन ने राजस्थान के खिलाफ 12 रन की पारी में एक सिक्स लगाया। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन में मुंबई के लिए संयुक्त रुप से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन 38 सिक्स लगाए। सूर्या ने 2025 में मुंबई के लिए 38 छक्के लगाए थे। 4. बिना फिफ्टी पांचवां सबसे बड़ा टोटल बना राजस्थान ने वानखेड़े स्टेडियम में 8 विकेट खोकर 205 रन बनाए। इस पारी में टीम का कोई भी बल्लेबाज फिफ्टी नहीं लगा सका। यह बिना किसी 50+ स्कोर के IPL का पांचवां सबसे बड़ा टोटल है। इस लिस्ट में मुंबई पहले नंबर पर है, जिन्होंने 2024 में दिल्ली के खिलाफ 5 विकेट खोर 234 रन बनाए थे। यहां से टॉप-10 मोमेंट्स… 1. सूर्या ने पेपर का प्लेन बनाकर उड़ाया वानखेड़े स्टेडियम में रिलायंस की मुहिम के तहत काफी बच्चे मैच देखने पहुंचे थे। इस दौरान सूर्यकुमार यादव ग्राउंड पर कागज से प्लेन बनाकर उड़ाते दिखाई दिए। 2. सूर्यवंशी सीजन में दूसरी बार बिना बाउंड्री लगाए आउट पहली पारी के पांचवे ओवर में वैभव सूर्यवंशी बिना बाउंड्री लगाए सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हुए। दीपक चाहर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी डीप प्वाइंट पर नमन धीर को कैच दे बैठे। यह सीजन में दूसरी बार है, जब सूर्यवंशी बिना बाउंड्री लगाए आउट हुए। वे इससे पहले 21 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पहली गेंद पर ही शून्य पर आउट हुए थे। उस मैच में राजस्थान को हार मिली थी। 3. तिलक ने बाउंड्री पर शानदार कैच पकड़ा पावरप्ले की आखिरी गेंद पर तिलक वर्मा ने बाउंड्री लाइन पर शानदार कैच पकड़ा। अल्लाह गजनफर ने फ्लाइटेड गेंद डाली, जिसपर रियान पराग ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शॉट खेला। बाउंड्री पर खड़े तिलक ने छलांग लगाई और गेंद को लपका, हालांकि बैलैंस जाता देख उन्होंने गेंद को हवा में उछाल दिया। इसके बाद बाउंड्री लाइन के थोड़ा अंदर आकर कैच पूरा किया। 4. शनाका ने 100 मीटर का सिक्स लगाया पारी के आठवें ओवर में शनाका ने लंबा छक्का लगाया। गजनफर ने आठवें ओवर की चौथी गेंद मिडिल स्टंप पर फ्लाइटेड गेंद डाली, जिसे शनाका ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से 100 मीटर का सिक्स जड़ दिया। 5. शनाका, जुरेल के एक एंड पर पहुंचे, रनआउट हुए पहली पारी के 11वें ओवर में शनाका और जुरेल के बीच अजीब स्थिति बनी। कोर्बिन बॉश के ओवर की तीसरी गेंद पर जुरेल ने पॉइंट के पीछे खेलकर रन के लिए कॉल किया। नॉन-स्ट्राइकर शनाका तेजी से दौड़े, लेकिन थोड़ी ही देर बाद जुरेल वापस अपनी क्रीज में पहुंच गए। शनाका जुरेल के एंड तक गए थे, फिर उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस दौरान शार्दुल ठाकुर के थ्रो पर बॉश ने गिल्लियां बिखेर दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच गलतफहमी से शनाका रनआउट हो गए। 6. जडेजा कैच आउट हुए, गेंद नो बॉल थी राजस्थान की पारी के आखिर ओवर में रवींद्र जडेजा और शार्दुल के बीच खूब टांग खिंचाई हुई। दरअसल ओवर की चौथी गेंद पर जडेजा कवर पर कैच आउट हो गए थे। पवेलियन लौट रहे जडेजा को शार्दुल ने चिढ़ाया, लेकिन फिर साइरन बजा और नो-बॉल हो गई। इसके बाद जडेजा उसी अंदाज में शार्दूल के पीछे गए। ओवर की अगली दो गेंद पर जडेजा ने चौका जड़ा और फिर शार्दूल को परेशान किया। 7. रोहित बिना रन बनाए आउट हुए रोहित शर्मा राजस्थान के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके। रनचेज के पहले ही ओवर में जोफ्रा आर्चर ने उन्हें पवेलियन भेजा। ओवर की चौथी गेंद आर्चर ने आउट स्विंग डाली और रोहित गेंद को गलत लाइन में खेल गए। बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेट के पीछे गई, जहां विकेटकीपर जुरेल ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच लपका। रोहित ने 4 गेंद खेली। 8. बल्ले से लगकर गेंद सूर्या के हेलमेट पर लगी मुंबई की पारी के छठवें ओवर में सूर्या के हेलमेट पर गेंद लगी। गेंदबाज बृजेश शर्मा ने ओवर की चौथी गेंद फुल-टॉस फेंकी। सूर्या पैडल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे उनके हेलमेट की ग्रिल पर जा लगी। बॉल लगने के बाद सूर्या पिच पर ही गिर गए। राजस्थान के खिलाड़ी हाल जानने के लिए उनके पास इकट्ठा हो गए। मैदान पर फिजियो आए, उन्होंने कंकशन जांच पूरी की और फिर खेल शुरु हुआ। 9. सूर्या का कैच बृजेश ने छोड़ा मुंबई की पारी के आठवें ओवर में 27 रन बनाकर खेल रहे सूर्या का कैच छूट गया। गेंदबाज यश राज पुंजा ने ओवर की चौथी गेंद फुल लेंथ डाली। सूर्या ने शॉट खेला, लेकिन गेंद सही से बैट पर नहीं लगी। मिड-विकेट पर खड़े बृजेश ने जंप लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। 10. हार्दिक का शून्य पर कैच छूटा, अगली दो गेंद पर सिक्स जड़ा यश पुंजा का 12वां ओवर काफी रोमांचक रहा। उन्होंने ओवर की तीसरी गेंद पर विल जैक्स को कैच आउट कराया। इसकी अगली गेंद पर उन्होंने हार्दिक को भी फंसा लिया था। कवर्स के ऊपर रियान पराग ने छलांग लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उनके हाथ से लगने के बाद गेंद जमीन पर गिर गई। इसके बाद की हार्दिक ने अगली दो गेंद पर लगातार सिक्स लगाए। -------------------------------------------- मैच की पूरी खबर भी पढ़ें… राजस्थान IPL के प्लेऑफ में पहुंची:सीजन की टॉप-4 टीमें तय; मुंबई 30 रन से हारी, आर्चर ने 3 विकेट लिए IPL में रविवार को खेले गए पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रन से हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। वानखेड़े स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 205 रन बनाए। जवाब में मुंबई की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 175 रन ही बना सकी। पूरी खबर पढ़ें…
जालंधर के गुरिंदर वीर सिंह ने रांची में भारतीय एथलेटिक्स का नया इतिहास लिख दिया है। 29वें नेशनल सीनियर फेडरेशन कप में पंजाब के इस धावक ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.09 सेकंड में पूरी की। गुरिंदर वीर की उलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। करीब 90 साल की दादी ने भी लड्डू खाकर पोते को आशीर्वाद दिया। गुरिंदर वीर के पिता कमलजीत सिंह ने कहा कि जैसे ही बेटे ने रेस जीती तो उसके मोबाइल पर बधाइयों के फोन आना शुरू हो गए। फोन बिजी होने से बेटे से पहली बात उसकी मां की हुई। जब उसने मुझे फोन किया तो एक ही बात कही कि डेडी दस्स फेर किदां (अब बताओ कैसा लगा) गुरिंदर की मां गुरविंदर कौर ने बताया कि रेस जीतने के बाद उसने पहला फोन मुझे किया और कहा कि मम्मी मेरी रेस देखी। मैंने कहा कि हां तूने कमाल कर दिया। रेस जीतने और रिकॉर्ड तोड़ने का पता लगने के बाद से गुरिंदर वीर के घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। आस-पड़ोस के लोग घर के बाहर पहुंचे और परिवार को बधाई दी। पिता बोले-पहले ही रिकॉर्ड लिखा था, मुझे पता नहीं थानया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदर वीर ने कॉमनवेल्थ गेम्ज में अपनी जगह पक्की कर ली। बिरसा मुंडा स्टेडियम में फाइनल दौड़ पूरी करते ही गुरिंदर ने अपनी छाती पर लगे नंबर (चेस्ट नंबर) की ओर इशारा किया। उन्होंने फाइनल से पहले ही उस नंबर के पीछे अपना लक्ष्य 10.10 लिख दिया था। इस बारे में पूछने पर उनके पिता ने कहा कि गुरिंदर ने पहले ही रिकॉर्ड का समय लिख रखा था, इसकी जानकारी उनको भी न्यूज के माध्यम से चली। इसके साथ ही उसने लिखा था- रुको, मैं अब भी खड़ा हूं। बता दें कि 100 मी. दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड (9.58 सेकंड) जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के नाम है। मां बोलीं- मुझे गोल्ड की पक्की उम्मीद हैमुझे बहुत अच्छा लग रहा है। परमात्मा ने उस बच्चे को गुण बख्शा है। उसने पहले ही तय कर लिया था कि 10.10 सेंकेंड में रेस पूरी करनी है। उसने इस मुकाम के लिए बहुत मेहनत की है। वो रोज 8 घंटे प्रेक्टिस करता था। घर पर बात करने के लिए उसके पास वक्त नहीं मिलता था। उसने अपने शरीर को बहुत तोड़ा है। रेस जीतने के बाद पहले मुझसे बात कि और बोला कि मम्मा देखी है रेस। मैंने कहा कि हां देखी तूने आज खुश कर दिया है। परमात्मा इसी तरह मेहर रखेंगे तो कॉमनवेल्थ में भी गोल्ड आएगी। मुझे उस पर पूरा विश्वास है। वो एक बार जो ठान लेता है उसे पूरा करता है। 12 साल की उम्र में पिता के साथ रेस लगानी शुरू कीगुरिंदर वीर के पिता कमलजीत सिंह ने बताया कि वह खुद भी वॉलीबाल के प्लेयर रहे हैं। वो तो इतना ऊंचा मुकाम हासिल नहीं कर पाए लेकिन मन में एक सपना था कि बेटा स्पोर्ट्स में कुछ कर दिखाए। गुरिंदर वीर बचपन से उनके साथ दौड़ लगाने जाता था। 12 साल की उम्र में उसने ठीक से प्रेक्टिस शुरू की। छोटी उम्र में ही वो मुझे भी पीछे छोड़ देता था। दौड़ने में उसकी मेहनत और लगन देख उसे इसी स्पोर्ट्स में डाला।
पंत से छिन सकती है लखनऊ की कप्तानी:टॉम मूडी बोले- दबाव झेलने में फेल रहे, टीम आखिरी लीग मैच भी हारी
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत से IPL की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छिन सकती है। टीम के क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी ने शनिवार को स्वीकार किया है कि पंत दबाव को झेलने में विफल रहे हैं। मूडी ने कहा, 'अगर कप्तानी की बात करें तो मुझे यह चुनौतीपूर्ण लगी है। हमें इस पर विचार करना होगा कि कहीं कप्तानी के दबाव का असर पंत की बैटिंग पर तो नहीं पड़ रहा।’ पंत की टीम लखनऊ IPL में अपना आखिरी लीग मैच भी हार गई। उसे पंजाब किंग्स ने 7 विकेट से हराया। पंत की कप्तानी में टीम पिछले 2 सीजन में 28 मैचों में केवल 10 में जीत सकी है। मौजूदा सीजन में लखनऊ 10वें नंबर पर है। टॉम मूडी की खास बातें लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा थालखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसलिए उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। वे मौजूदा सीजन में महज 312 रन ही बना सके। पंत ने IPL 2018 में 173.60 के स्ट्राइक रेट से 684 रन बनाए थे। उसके बाद 2019 में 162.66 के स्ट्राइक रेट से 488 रन बनाए। लखनऊ के लिए उन्होंने पिछले दो सीजन में 135.74 के स्ट्राइक रेट से 581 रन बनाए। जो करियर 144.18 के स्ट्राइक रेट से कम है। इनकी कप्तानी पर भी सवाल पंजाब के कोच हैडिन बोले- हमारी टीम ने अच्छा खेलाइस बीच पंजाब किंग्स के सहायक कोच ब्रैड हैडिन ने अपनी टीम के प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा, 'हमारी टीम ने इस मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। आप चाहते हैं कि इस तरह के मैच में आपके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें।' हैडिन ने कहा, 'ये वह मैच हैं जिन्हें आप खेलना चाहते हैं, जिनमें सब कुछ दांव पर लगा होता है। पिछले कुछ दिनों से कप्तान (इस मैच में शतक जड़ने वाले श्रेयस अय्यर) की आंखों में यही चमक थी। वह अपने प्रदर्शन से मैच का रुख बदलने और हमें फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान देना चाहते हैं।' ---------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पंजाब की उम्मीदें बरकरार, टॉप-4 में शामिल, राजस्थान जीती तो प्लेऑफ खेलना पक्का IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 2 मैच बाकी हैं, लेकिन अभी तक प्लेऑफ की 4 टीमें तय नहीं हुई हैं। शनिवार को पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें कायम रखी हैं। टीम 14 मैचों में 15 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब की इस जीत से दिल्ली प्लेऑफ से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। उससे पहले लखनऊ, चेन्नई और मुंबई बाहर हो चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
IPL में आज मुंबई इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मुकाबला खेला जाएगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से मैच शुरू होगा। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए राजस्थान के पास ये आखिरी मौका है। अगर राजस्थान आज हार जाती है, तो टीम प्लेऑफ से बाहर हो जाएगी। वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। वे ऑरेंज कैप की रेस में चौथे स्थान पर हैं। वैभव 13 मैच में 236.32 के स्ट्राइक रेट से 579 रन बना चुके हैं, जिसमें 53 छक्के शामिल हैं। उनके नाम एक शतक और 3 अर्धशतक हैं। वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल (52 सिक्स) का रिकॉर्ड तोड़ा है। वैभव ने बतौर भारतीय एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाया है। उनके नाम अब 426 रन हो गए हैं। अगर आज वैभव 7 छक्के लगाते हैं, तो वो क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले टॉप बैटर बन जाएंगे। क्रिस गेल ने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पिछले मैच में वैभव ने कई रिकार्ड बनाते। वे IPL के एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर नंबर-1 पर हैं। वॉर्नर ने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी ने तीसरी बार इनिंग में 10+ सिक्स लगाए वैभव IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा 10 या इससे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ 10 या इससे ज्यादा सिक्स लगाए। वैभव ने तीसरी बार एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगाए। इस लिस्ट में क्रिस गेल नंबर एक पर है, जिन्होंने 4 बार यह कारनामा किया है। इसके अलावा वैभव सूर्यवंशी दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने IPL के एक ही सीजन में दो बार 10 या उससे ज्यादा सिक्स लगाए हैं। सूर्यवंशी सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाज वैभव IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस सीजन 236.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह IPL के एक सीजन में कम से कम 500 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले आंद्रे रसेल के नाम यह रिकॉर्ड था, जिन्होंने 2019 में 204.8 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। वैभव ने A बनाकर विक्ट्री सेलिब्रेट की थी 10वें ओवर की दूसरी बॉल पर वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 23 गेंद में फिफ्टी पूरी की। फिर उंगलियों से ‘A’ का निशान बनाकर फिफ्टी सेलिब्रेट की थी। इसके पीछे वजह पूछने पर उन्होंने कहा कि “ये चीजें पर्सनल होती हैं और मैं इसे आगे भी करना चाहता था, इसलिए किसी को बताना नहीं चाहता था।” बाद में उन्होंने खुलासा किया कि यह ‘A’ सेलिब्रेशन अपनी मां के लिए किया था, क्योंकि उनकी मां का नाम ‘A’ अक्षर से शुरू होता है।
ईरान ने अपना बेस कैंप अमेरिका से मैक्सिको में ट्रांसफर कर दिया है। ईरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक फीफा ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान को एरिजोना के टक्सन में ट्रेनिंग शिविर लगाना था, लेकिन मिडिल-ईस्ट में युद्ध और सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे कहीं और ट्रांसफर करने की चर्चा थी। टक्सन के कीनो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। ईरानी महासंघ का कहना है कि टीम अब सैन डिएगो के दक्षिण में स्थित मैक्सिको के तिजुआना में ठहरेगी। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। वर्ल्ड कप टीमों को बेस कैंप के लिए FIFA से मंजूरी लेनी होती है मेहदी ताज ने कहा, 'वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी देशों को अपने बेस कैंप के लिए फीफा से मंजूरी लेनी होती है। सौभाग्य से फीफा और वर्ल्ड कप के अधिकारियों के साथ इस्तांबुल में हुई बैठकों के बाद हमारी टीम के बेस कैंप को अमेरिका से मैक्सिको में स्थानांतरित करने का हमारी मांग स्वीकार ली है।' ईरान का पहला मेच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100m में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में रेस पूरी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पढ़ें पूरी खबर
रांची का बिरसा मुंडा स्टेडियम शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के एक नए युग का गवाह बना। यहां पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया। उन्होंने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है, क्योंकि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में पहली बार 100 मीटर रेस में 10.10 सेकेंड का मार्क क्रैक हुआ है, यानी कि कोई एथलीट पहली बार 100 मीटर की रेस को 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरा किया है। गुरिंदरवीर ने फिनिश लाइन पार करते ही सीने पर लगा बिब नंबर उखाड़ा दिया और जोश में चिल्लाते हुए ट्रैक पर जूते फेंके दिया। उन्होंने कहा- लोग कहते थे कि भारतीयों के पास 100 मीटर के लिए सही जीन नहीं हैं। मैं सबको गलत साबित करना चाहता था। भारतीय जीन बहुत मजबूत हैं और यह सिर्फ शुरुआत है।' एशिया के दूसरे सबसे तेज धावक बने गुरिंदरवीर का यह समय इस सीजन में पूरे एशिया का दूसरा सबसे तेज समय है, जो जापान के फुकुतो कोमुरो (10.08 सेकेंड) से सिर्फ एक पल पीछे है। इसके साथ ही उन्होंने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन मार्क (10.16 सेकेंड) को भी आसानी से पार कर लिया है। उन्होंने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी अनिमेष कुजूर को चौंकाते हुए पीछे छोड़ा। इस प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर और पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनिमेष के बीच 100 मीटर की दौड़ में सबसे तेज भारतीय धावक बनने का मुकाबला भारतीय एथलेटिक्स में हमेशा याद रखा जाएगा। 5 मिनट में 2 बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड यहां पंजाब के गुरिंदरवीर और ओडिशा के अनिमेष के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिले। अनिमेष पिछले साल बनाए गए 10.18 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ प्रतियोगिता में प्रबल दावेदार थे। लेकिन शुक्रवार को पहले दिन 25 वर्षीय गुरिंदरवीर ने शुरुआती सेमीफाइनल हीट में इसे 10.17 सेकंड तक कम कर दिया। इसके महज पांच मिनट बाद 22 साल के अनिमेष ने दूसरे सेमीफाइनल हीट में 10.15 सेकंड का समय निकालकर नेशनल रिकॉर्ड वापस हासिल कर लिया। शुक्रवार को पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड कुछ ही मिनटों के भीतर दो बार टूटा। फाइनल में अनिमेष से 0.11 सेकंड तेज दौड़े गुरिंदरवीर गुरिंदरवीर ने अनिमेष से 0.11 सेकंड तेज दौड़ लगाई। उन्होंने अपने युवा प्रतिद्वंद्वी से कम से कम दो फीट आगे रहते हुए फिनिश लाइन पार की। रिलायंस फाउंडेशन के ही प्रणव गुरव 10.29 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टेस्ट मैच के बीच लाल की जगह गुलाबी गेंद, दोनों कप्तानों की सहमित जरूरी ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। सबसे अहम प्रस्ताव लाल बॉल से शुरू हुए किसी टेस्ट मैच के बीच गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करना है। गेंद उन स्थितियों में बदली जाएगी जब खराब रोशनी के कारण खेल रोक दिया गया हो। पढ़ें पूरी खबर
पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के 68वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हरा दिया। मैच में कई रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स बने। श्रेयस IPL के रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बने। उन्होंने अर्जुन तेंदुलकर की गेंद पर सिंगल लेकर टी-20 में अपने 7 हजार रन भी पूरे किए। शमी ने प्रियांश आर्या को आउट कर IPL में छठी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया। पंजाब-लखनऊ मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. पंजाब लगातार 6 मैच हारने के बाद जीती IPL में पंजाब किंग्स की सबसे लंबी हार का सिलसिला 2015 में 7 मैचों का रहा था। 2026 में टीम लगातार 6 मैच हार चुकी थी, लेकिन लखनऊ के खिलाफ जीत के साथ यह सिलसिला टूट गया। इससे पहले पंजाब को 2011, 2018 और 2020 में लगातार 5-5 हार मिली थीं। साथ ही, पंजाब का लखनऊ के खिलाफ दबदबा जारी रहा। टीम ने 2025 के बाद से लखनऊ के खिलाफ सभी 4 मुकाबले जीते हैं। लखनऊ में खेले गए पिछले 4 मैचों में यह पंजाब की तीसरी जीत भी रही। 2. श्रेयस रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बने श्रेयस ने लखनऊ के खिलाफ आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बन गए। उनसे पहले वीरेंद्र सहवाग (2011), विराट कोहली (2016), संजू सैमसन (2021) यह कारनामा कर चुके हैं। इसके अलावा श्रेयस पंजाब के लिए शतक लगाने वाले तीसरे कप्तान भी बने। उनसे पहले केएल राहुल ने 2020 और एडम गिलक्रिस्ट ने 2011 में बेंगलुरु के खिलाफ शतक लगाए थे। 3. शमी ने सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिए मोहम्मद शमी IPL में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने पंजाब के खिलाफ प्रियांश आर्या को पहली गेंद पर कैच आउट कराया। उन्होंने टूर्नामेंट में रिकॉर्ड छठी बार यह कारनामा किया। दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर हैं, जिन्होंने 5 बार इनिंग की पहली गेंद पर विकेट लिए हैं। 4. अर्शदीप ने पंजाब के लिए सबसे ज्यादा बार 50+ रन दिए अर्शदीप सिंह पंजाब की ओर से सबसे ज्यादा बार 50 या उससे अधिक रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। वे अब तक 7 बार यह आंकड़ा छू चुके हैं। इस लिस्ट में सैम करन दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने पंजाब के लिए 4 बार 50+ रन दिए हैं। 5. प्रभसिमरन दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन के लीग स्टेज में 510 रन बना दिए। इसके साथ ही वह पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। 6. पंजाब के लिए IPL की 5वीं सबसे बड़ी साझेदारी हुई श्रेयस और प्रभसिमरन ने लखनऊ के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी की। यह पंजाब के किसी भी विकेट के लिए 5वीं सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले नंबर पर एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श हैं, जिन्होंने साल 2011 में बेंगलुरु के खिलाफ 206 रन जोड़े थे। यहां से मैच के टॉप-7 मोमेंट्स… 1. उमरजई ने अपनी पहली गेंद पर ही विकेट लिया मैच के दूसरे ओवर में ही लखनऊ को पहला झटका लगा। ओवर की पहली गेंद पर ही अजमतुल्लाह उमरजई ने अर्शिन कुलकर्णी का विकेट लिया। उमरजई ने ऑफ स्टंप के बाहर बैक ऑफ लेंथ गेंद डाली। गेंद ने अर्शिन के बल्ले किनारा लिया और सीधे विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के दस्तानों में चली गई। अर्शिन बिना खाता खोले पहली गेंद पर ही पवेलियन लौटे। 2. बदोनी अजीबो-गरीब तरीके से आउट हुए लखनऊ की पारी के 7वें ओवर में बल्लेबाज आयुष बदोनी अनोखे अंदाज में स्टंप आउट हुए। ओवर की चौथी गेंद युजवेंद्र चहल ने तेज और फ्लैट डाली, जिसपर बदोनी चकमा खा गए। शॉट खेलने के बाद उन्होंने क्रीज से पैर उठाया और फिर वापस क्रीज में रखा। इस दौरान विकेटकीपर प्रभसिमरन ने स्टंपिंग की। ऐसा लगा कि बल्लेबाज क्रीज में आ गए हैं और चहल रनअप पर जाने लगे। तभी प्रभसिमरन ने अंपायर से अपील की। इसके बाद रिप्ले में दिखा की शॉट खेलने के बाद जब बदोनी ने पैर उठाया, उसी दौरान गिल्लियां बिखेरी। 3. पंत का कैच श्रेयस ने छोड़ा, 2 गेंद बाद आउट हुए पंजाब के खिलाफ ऋषभ पंत जीवनदान मिलने के दो गेेंद बाद ही आउट हो गए। पहली पारी के 14वें ओवर में चहल की तीसरी गेंद को पंत ने एक्स्ट्रा कवर की ओर खेला। वहां खड़े श्रेयस के पास कैच पकड़ने का मौका था, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। इसकी अगली गेंद पर पंत ने चौका जड़ दिया।इसके बाद पंत ने ऑन साइड में सिक्स लगाने की कोशिश की, लेकिन एलिवेशन नहीं मिला और डीप में खड़े मार्को यानसन ने आसान कैच पकड़ा। 4. दूसरी पारी के पहली गेंद पर विकेट गिरा पंंजाब की पारी विकेट के साथ शुरु हुई। इनिंग की पहली ही गेंद पर मोहम्मद शमी ने प्रियांश आर्या को शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी। प्रियांश पुल शॉट खेलते हुए बैलेंस खो बैठे। गेंद बल्ले के टॉप एज पर लगी और मिड-विकेट पर खड़े अर्जुन तेंदुलकर की ओर गई। अर्जुन ने आसान कैच पकड़ा और प्रियांश गोल्डन डक का शिकार हुए। 5. अर्जुन तेंदुलकर के पहले ओवर में पंत ने कैच छोड़ा अर्जुन के पहले ओवर में ही विकेटकीपर पंत ने प्रभसिमरन सिंह का कैच छोड़ दिया। दूसरी पारी में 7वें ओवर की चौथी गेंद अर्जुन ने बाउंसर फेंकी। प्रभसिमरन ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके ग्लव्स को छूकर विकेट के पीछे गई। पंत ने बाई ओर छलांग लगाते हुए कैच पकड़ा, लेकिन आखिरी वक्त में गेंद उनके हाथों से छिटक गई। इस तरह अर्जुन को पहले ओवर में विकेट मिलने का मौका चला गया। 6. श्रेयस ने टी-20 में 7 हजार रन पूरे किए श्रेयस अय्यर ने टी-20 क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने रनचेज के 7वें ओवर में अपने 7 हजार रन पूरे किए। अर्जुन तेंदुलकर के ओवर की तीसरी गेंद को श्रेयस ने स्वीपर कवर की ओर खेलकर सिंगल लिया। इसी के साथ उन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 7. श्रेयस ने छक्के से सेंचुरी पूरी की और पंजाब जीता रनचेज के 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर श्रेयस ने छक्का लगाकर IPL का अपना पहला शतक लगाया। इसके साथ ही पंजाब यह मैच जीत जहैया। 95 रन पर खेल रहे श्रेयस ने मोहसिन खान की स्लोअर गेंद पर सिक्स जड़ दिया।
IPL में रविवार को सीजन का आखिरी डबल हेडर होगा। पहला मैच मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच वानखेड़े स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। राजस्थान 14 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके पास प्लेऑफ में पहुंचने का आखिरी मौका है। वहीं, मुंबई 13 मैच में 4 जीत से 8 अंक ही हासिल कर सकी है। टीम 9वें स्थान पर है और पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। पॉइंट्स टेबल देखिए राजस्थान के लिहाज से समीकरण हेड-टु-हेड रिकॉर्ड राजस्थान एक मैच पीछे राजस्थान और मुंबई के बीच 31 मैच खेले गए हैं। इनमें 16 मैच मुंबई और 15 राजस्थान ने जीते हैं। दोनों टीमों के टॉप प्लेयर्स सूर्यवंशी टॉप स्कोरर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। वे ऑरेंज कैप की रेस में चौथे स्थान पर हैं। वैभव 13 मैच में 236.32 के स्ट्राइक रेट से 579 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 3 अर्धशतक हैं। वैभव के साथ यशस्वी जायसवाल भी मुंबई के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। जायसवाल ने गुवाहाटी में मुंबई के खिलाफ 32 गेंदों में 77 रन बनाकर मैच एकतरफा कर दिया था। जायसवाल ने 3 साल पहले वानखेड़े में अपना पहला IPL शतक लगाया था। गेंदबाजों में जोफ्रा आर्चर 18 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर बने हुए हैं। रिकेल्टन के सबसे ज्यादा रन, गजनफर टॉप विकेट टेकर मुंबई की ओर से रायन रिकेल्टन ने सबसे ज्यादा 436 रन बनाए हैं। अफगानी स्पिनर अल्लाह गजनफर ने सबसे ज्यादा 14 विकेट लिए हैं। टीम के भारतीय स्टार इस सीजन में खास प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या के पास आखिरी मैच में बड़ी पारी खेलने का मौका है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी वापसी करना चाहेंगे। वे इस सीजन सिर्फ 4 विकेट ले सके हैं। वे पिछले 6 महीने से लगातार व्हाइट बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं। IPL के बाद उन्हें आराम दिया गया है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट वानखेड़े में 5 में से 4 मैच में 200 रन बने, बारिश का अनुमान वानखेड़े स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां इस सीजन 5 मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच की कम से कम एक पारी में 200 रन बने हैं। छोटी बाउंड्री के कारण यहां ज्यादा रन बनते हैं। पावरप्ले के शुरुआती ओवर में गेंदबाजों को स्विंग मिलता है। मैच में बारिश खलल डाल सकती है, क्योंकि मुंबई के कुछ क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान है। एक्यूवेदर के अनुसार रविवार को 70% बारिश का अनुमान है। पॉसिबल प्लेइंग-11 मुंबई इंडियंस : रायन रिकेल्टन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह और रघु शर्मा। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवान फरेरा, शुभम दुबे, दसुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, संदीप शर्मा, सुशांत मेहता और बृजेश शर्मा।
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच रविवार का दूसरा मैच खेला जाएगा। यह इस सीजन का आखिरी लीग मैच भी है। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में मुकाबला 7:30 बजे से शुरू होगा। इस मैच में कोलकाता के पास प्लेऑफ में पहुंचने का आखिरी मौका है। कोलकाता 13 मैचों में 13 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है। दूसरी ओर, शनिवार को पंजाब ने लखनऊ को हराकर दिल्ली को प्लेऑफ से बाहर कर दिया है। दिल्ली 13 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। हेड-टु-हेड रिकॉर्ड कोलकाता का पलड़ा भारी कोलकाता और दिल्ली के बीच 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता का पलड़ा भारी रहा है। टीम ने 20 मैच जीते हैं, जबकि दिल्ली को 14 मुकाबलों में जीत मिली। एक मैच टाई रहा है। टॉप स्कोरर रघुवंशी बाहर, एलन से उम्मीदें कोलकाता की ओर से इस सीजन में सबसे ज्यादा 422 रन अंगकृष रघुवंशी ने बनाए हैं, लेकिन वे चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को फिन एलन से उम्मीदें होंगी। एलन 10 मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक के सहारे 329 रन बना चुके हैं। कार्तिक त्यागी ने टीम से सबसे ज्यादा विकेट झटके हैं। उनके नाम 18 विकेट हैं। मथीशा पथिराना ने चोट के कारण लेट वापसी की है। हर्षित राणा और आकाश दीप भी इंजरी से पहले ही बाहर हो चुके हैं। फ्रेंचाइजी ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL शुरू होने से पहले ही बाहर कर दिया था। दिल्ली की बैटिंग केएल राहुल पर निर्भर इस सीजन में दिल्ली की बैटिंग केएल राहुल पर निर्भर रही है। टीम के टॉप स्कोरर राहुल ने 13 मैचों में एक शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 533 रन बनाए हैं। पथुम निसांका (278 रन), ट्रिस्टन स्टब्स (275 रन) और समीर रिवजी (252 रन) ने कुछ मौकों पर योगदान दिया है। लेकिन, तीनों में निरंतरता की कमी रही है। गेंदबाजी में कप्तान अक्षर पटेल (10 विकेट) और कुलदीप यादव (7 विकेट) की स्पिन जोड़ी खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। टूर्नामेंट में देर से आए मिचेल स्टार्क ने जरूर प्रभावित किया है। वे 5 मैच में 9 विकेट ले चुके हैं। पिच एंड वेदर रिपोर्ट आमतौर पर ईडन गार्डन्स की पिच बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है। यहां आउट फील्ड तेज है और बाउंड्री छोटी है। ऐसे में तेजी से रन बनते हैं। ओस के कारण टॉस जीतने वाली टीमें गेंदबाजी चुन सकती हैं। मैच के दौरान हल्की बारिश होने की संभावना है। बादलों के कारण तेज गेंदबाजों को अधिक स्विंग मिलेगी, जिससे बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 कोलकाता : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, मनीष पांडे, कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, रिंकू सिंह, तेजस्वी दहिया, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, कार्तिक त्यागी और सौरभ दुबे। दिल्ली: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, साहिल परख, अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी और त्रिपुराणा विजय।
IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 2 मैच बाकी हैं, लेकिन अभी तक प्लेऑफ की 4 टीमें तय नहीं हुई हैं। शनिवार को पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें कायम रखीं। टीम 14 मैचों में 15 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, पंजाब की जीत से दिल्ली प्लेऑफ से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। उससे पहले लखनऊ, चेन्नई और मुंबई बाहर हो चुके हैं। रविवार को राजस्थान रॉयल्स का आखिरी लीग मैच मुंबई इंडियंस से है। टीम जीत के साथ सीधे प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। वहीं चौथे स्थान के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स की नजर अपनी जीत के साथ बाकी मुकाबलों पर भी रहेगी। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण पंजाब टॉप-4 में पहुंची पंजाब किंग्स लखनऊ को 7 विकेट से हराकर पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर आ गई है और 15 पॉइंट्स हो गए हैं। हालांकि टीम की प्लेऑफ की उम्मीदें अब भी राजस्थान रॉयल्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता के नतीजों पर निर्भर रहेंगी। अगर राजस्थान रविवार को मुंबई को हरा देती है, तो पंजाब प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी। राजस्थान के पास सीधा मौका पंजाब की जीत से राजस्थान एक स्थान नीचे खिसककर 14 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम अगर मुंबई इंडियंस को हराती है तो सीधे प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। हार की स्थिति में टीम बाहर हो जाएगी। कोलकाता की उम्मीदें जिंदा कोलकाता के 13 पॉइंट्स हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर है। टीम को दिल्ली के खिलाफ बड़ी जीत के साथ राजस्थान की हार की भी दुआ करनी होगी। मुंबई अगर राजस्थान को हरा देती है, तो कोलकाता के पास भी मौका रहेगा। कोलकाता को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 200 रन बनाने पर 77 रन से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं 180 रन का टारगेट मिलने पर करीब 12 ओवर में मैच खत्म करना होगा। अगर कोलकाता ऐसा नहीं कर पाती और राजस्थान हार जाता है, तो पंजाब प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। दिल्ली भी प्लेऑफ से बाहर पंजाब की जीत के बाद दिल्ली टूर्नामेंट से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। दिल्ली 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। मुंबई, चेन्नई और लखनऊ प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी हैं। चेन्नई सातवें, मुंबई नौवें और लखनऊ आखिरी पायदान पर हैं। बेंगलुरु और गुजरात क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु और गुजरात के 18-18 पॉइंट्स हैं। बेहतर नेट रनरेट के आधार पर बेंगलुरु पहले और गुजरात दूसरे स्थान पर है। दोनों टीमें 26 मई को क्वालिफायर-1 में भिड़ेंगी। हैदराबाद ने भी लीग स्टेज 18 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर खत्म किया। टीम अब एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी। क्वालिफायर का प्रोसेस नीचे पढ़िए… क्वालिफायर-1 पॉइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमों के बीच खेला जाता है। हारने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलता है, जबकि जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाती है। एलिमिनेटर तीसरे और चौथे स्थान की टीमों के बीच खेला जाता है। इसकी विजेता टीम का मुकाबला क्वालिफायर-1 हारने वाली टीम से क्वालिफायर-2 में होता है। हारने वाली टीम बाहर हो जाती है। क्वालिफायर-2 जीतने वाली टीम फाइनल में क्वालिफायर-1 की विजेता टीम से खेलती है। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सुदर्शन ऑरेंज कैप होल्डर गुजरात के साई सुदर्शन 638 रन के साथ ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं। उनके बाद गुजरात के ही कप्तान शुभमन गिल 616 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। बेंगलुरु के खिलाफ 51 रन की पारी खेलने वाले हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 606 रन के साथ तीसरे पायदान पर आ गए हैं। पर्पल कैप में भुवनेश्वर टॉप पर बरकरार हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के बाद पर्पल कैप में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पहले स्थान पर है। गुजरात कागिसो रबाडा (24 विकेट) दूसरे और चेन्नई के अंशुल कम्बोज (21 विकेट) के साथ तीसरे स्थान पर है।
एशियन जूनियर इंडिविजुअल स्क्वैश चैंपियनशिप: भारत का शानदार प्रदर्शन, फाइनल में पहुंचे चार खिलाड़ी
33वीं एशियन जूनियर इंडिविजुअल स्क्वैश चैंपियनशिप में शनिवार को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। लड़कों में अमर्या बजाज (अंडर-13), शिवेन अग्रवाल (अंडर-17) और आर्यवीर दीवान (अंडर-19) ने फाइनल में जगह बनाई, जबकि लड़कियों में अनिका दुबे (अंडर-17) ने खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
वियतनाम के दा नांग के टिएन सोन स्पोर्ट सेंटर में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के पहले दिन, भारत ने ग्रीको-रोमन वर्ग में पांच पदक हासिल किए
डिफेंडिंग चैंपियन बेंगलुरु के ओपनर जैकब बेथेल उंगली की चोट के कारण IPL 2026 से बाहर हो गए हैं। वह इलाज और निगरानी के लिए इंग्लैंड लौटेंगे। बेथेल को यह चोट 17 मई को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में लगी थी। दूसरी ओर राजस्थान के विकेटकीपर-बल्लेबाज रवि सिंह हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह पंजाब के युवा ऑलराउंडर इमनजोत चहल को टीम में शामिल किया है। बेथेल की चोट पर नजर रखेंगे- ECB इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने बताया कि बेथेल की चोट पर इंग्लैंड की मेडिकल टीम नजर रखेगी। इसके बाद तय होगा कि वह 4 जून से लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इस सीजन 96 रन ही बना सके बेथेल इस सीजन बेंगलुरु के लिए 7 मैच खेले और 96 रन बनाए। चोट के कारण वह हैदराबाद के खिलाफ आखिरी लीग मैच में भी नहीं खेल सके थे। उस मुकाबले में बेंगलुरु ने वेंकटेश अय्यर से ओपनिंग कराई थी। उन्होंने सिर्फ 19 गेंद में 44 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी थी। बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल के टॉप पर बेंगलुरु भले हैदराबाद में मैच हार गई, लेकिन टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रही। अब उसका मुकाबला 26 मई को धर्मशाला में गुजरात के खिलाफ क्वालिफायर-1 में होगा। टीम के लिए राहत की बात यह है कि फिल सॉल्ट वापसी कर चुके हैं। वह भी पहले उंगली की चोट के कारण करीब एक महीने बाहर रहे थे। राजस्थान में इमनजोत को मौका राजस्थान के विकेटकीपर-बल्लेबाज रवि सिंह हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए। उनकी जगह पंजाब के 21 साल के खिलाड़ी इमनजोत चहल को टीम में शामिल किया गया है। 2004 में जन्मे इमनजोत पटियाला के रहने वाले हैं। वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते हैं और जरूरत पड़ने पर उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। पंजाब के लिए खेले 3 फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 11 विकेट लिए हैं। इमनजोत ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में कर्नाटक के खिलाफ 83 रन की अहम पारी भी खेली थी। रवि सिंह को इस सीजन सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला था। उन्होंने 17 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबला खेला था, लेकिन अब चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सबसे अहम प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में मैच के दौरान लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने को लेकर है। हालांकि गेंद बदलने से पहले दोनों टीमों से सहमति ली जाएगी। वहीं T20 में 20 मिनट के इनिंग ब्रेक को 15 मिनट करने का प्रस्ताव दिया गया है। 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में इन बदलावों पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद नए नियम 1 अक्टूबर से लागू किए जा सकते हैं। बारिश या खराब रोशनी में गुलाबी गेंद से खेल ICC के प्रस्ताव के मुताबिक अगर टेस्ट मैच के दौरान बारिश या खराब रोशनी की वजह से खेल प्रभावित होता है, तो दोनों टीम की सहमति से लाल की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी। इसका मकसद डे-नाइट कंडीशन में मैच को बिना रुकावट के जारी रखना है। हालांकि, मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया अभी साफ नहीं है। फिलहाल दिन के टेस्ट मैच लाल गेंद से और डे-नाइट टेस्ट गुलाबी गेंद से खेले जाते हैं। ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर जा सकेंगे हेड कोच वनडे क्रिकेट में भी बदलाव के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। वनडे में हर पारी में दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं। अभी ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही मैदान पर जा सकते हैं। इसमें भी ड्रिंक्स लेकर जाने वाले खिलाड़ी क्रिकेट ड्रेस में होने अनिवार्य हैं। नए नियम में हेड कोच को भी खिलाड़ियों से बात करने के लिए मैदान पर आने की परमिशन मिलेगी। टी20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से ही इसकी इजाजत दी जा चुकी है। टी20 में ब्रेक 20 से घटकर 15 मिनट करने पर विचार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दोनों पारी के बीच का ब्रेक 20 मिनट से घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव है। इससे मैच जल्दी खत्म होंगे और ब्रॉडकास्ट शेड्यूल भी आसान होगा। अवैध गेंदबाजी एक्शन पर हॉकआई नजर ICC ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉकआई तकनीक उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है। इससे मैच के दौरान ही संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर नजर रखी जा सकेगी। आईसीसी अवैध एक्शन वाले गेंदबाजों पर सख्ती बढ़ाना चाहता है। ये सभी प्रस्ताव गुरुवार को ICC चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी (CEC) की वर्चुअल बैठक में चर्चा में आए। ICC क्रिकेट कमिटी के प्रमुख सौरव गांगुली भी बैठक में शामिल रहे। ------------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें…विमेंस टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप खेलने इंग्लैंड रवाना:तिलक लगाकर विदाई दी गई; पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जीता था भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। टीम हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उतर रही है, जिन्होंने पिछले साल भारत को पहली बार विमेंस वनडे वर्ल्ड कप जिताया था। उस टीम की 11 प्लेयर्स स्क्वॉड का हिस्सा हैं। यह टीम वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। जो लिमिटेड ओवर के ICC टूर्नामेंट की तैयारियों के लिहाज से अहम है। यह सीरीज 28 मार्च से शुरू हो रही है। टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव। भारत का पहला मैच पाकिस्तान से होगा भारत का पहला मैच पाकिस्तान से 14 जून को एजबेस्टन में खेला जाएगा। उसके बाद टीम इंडिया नीदरलैंड, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से खेलेगी। टूर्नामेंट में 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुपों में बांटा गया है। हर ग्रुप से 2 टीमों सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया है और कई बार फाइनल तक पहुंचकर अपनी बादशाहत साबित की है। इसके अलावा इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था। --------------------------------------------- विमेंस क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… क्रांति की संघर्ष और सफलता की कहानी, पंड्या रोल मॉडल; लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर दैनिक भास्कर से बात की। पढ़ें पूरी खबर
IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी फिर घर ले जाएंगे चमचमाती कार? IPL में बल्ले से मचा रखा है तूफान
IPL 2026, Vaibhav Suryavanshi, Rajasthan Royals, राजस्थान रॉयल्स, वैभव सूर्यवंशी
कभी इंग्लैंड के लिए फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने वाला एक गोलकीपर अब 59 साल की उम्र में फिर से देश की जर्सी पहनने जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के सामने नहीं, बल्कि क्रिकेट की विकेट के पीछे नजर आएगा। इंग्लैंड के पूर्व गोलकीपर नाइजल मार्टिन की यह कहानी बताती है कि खेल के प्रति जुनून उम्र का मोहताज नहीं होता। मार्टिन ने इंग्लैंड के क्रिस्टल पैलेस, लीड्स यूनाइटेड, एवर्टन जैसे बड़े क्लबों के लिए 666 मैच खेले। 1998 और 2002 फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे और अपने दौर के पहले गोलकीपर बने, जिनकी ट्रांसफर फीस एक मिलियन पाउंड थी। लेकिन फुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट उनका पहला प्यार रहा है। कॉर्नवाल के छोटे से शहर सेंट ऑस्टेल में बड़े हुए मार्टिन बचपन से विकेटकीपर बनना चाहते थे। स्कूल में वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के बजाय क्रिकेट की विकेट के पीछे ज्यादा खुश रहते थे। हालांकि फुटबॉल में उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और क्रिकेट पीछे छूट गया। उस समय प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब उन्हें क्रिकेट खेलने की इजाजत नहीं देते थे, क्योंकि चोट का खतरा रहता था। 2006 में फुटबॉल से रिटायर होने के बाद मार्टिन की जिंदगी में खालीपन आ गया। टखने में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें लगा था कि शायद अब कभी खेल नहीं पाएंगे। लेकिन कुछ साल बाद जब डॉक्टरों ने फिटनेस की अनुमति दी, तो उन्होंने फिर क्रिकेट का बल्ला और ग्लव्स उठा लिए। धीरे-धीरे वे यॉर्कशायर काउंटी टीम का बड़ा नाम बन गए। अब भी मार्टिन हर हफ्ते सैकड़ों किलोमीटर का सफर सिर्फ क्रिकेट खेलने के लिए करते हैं। वे यॉर्कशायर में क्लब मैच खेलते हैं और फिर करीब 1280 किमी ड्राइव कर कॉर्नवाल की ओवर-50 टीम में खेलने जाते हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब इंग्लैंड की 60+ क्रिकेट टीम ‘लायंस’ में उनका चयन हो गया है। अगले हफ्ते वे स्कॉटलैंड के खिलाफ डेब्यू कर सकते हैं। उनकी फिटनेस के पीछे बेटी का भी बड़ा हाथ है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट हैं। क्रिकेट सीजन खत्म होने के बाद जब मार्टिन जिम छोड़ने की बात करते हैं, तो बेटी उन्हें फिर ट्रेनिंग पर भेज देती है। मार्टिन का सपना अब एक और वर्ल्ड कप खेलने का है। इस बार फुटबॉल नहीं, बल्कि सीनियर क्रिकेट वर्ल्ड कप। वे कहते हैं, ‘अगर मौका मिला तो इंग्लैंड के लिए फिर खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।’ नाइजल मार्टिन की कहानी सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि जुनून, फिटनेस और कभी हार न मानने की मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान बूढ़ा नहीं होता मार्टिन कहते हैं, ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता।’ वे मानते हैं कि गोलकीपिंग और विकेटकीपिंग में काफी समानता है। दोनों में तेज नजर, हाथों का तालमेल और डाइव लगाने की कला जरूरी होती है। यही वजह है कि फुटबॉल के अनुभव ने उन्हें क्रिकेट में भी मदद की।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा और फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के बीच शनिवार को सुपर चेस क्लासिक में 6 घंटे तक मैराथन मुकाबला खेला गया। यह मैच 139 बाजियों तक चला। प्रज्ञानंदा को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। बुखारेस्ट में 8वें राउंड में प्रागननंदा के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड से पहले खिताब की रेस रोमांचक हो गई है। अब 5 खिलाड़ी मजबूत दावेदार हैं। डच खिलाड़ियों के लिए खराब दिन, वेस्ले सो को वॉकओवर मिलाटॉप पर चल रहे अमेरिका के फैबियानो कारूआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर का मुकाबला ड्रॉ रहा। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नीदरलैंड के दोनों खिलाड़ियों के लिए दिन खराब रहा। फॉरेस्ट को सिंदारोव से हार मिली, जबकि अनीश गिरी को सबसे कम रैंकिंग वाले रोमानियाई खिलाड़ी डेक बोग्दान-डेनियल ने हराया। अमेरिका के वेस्ले सो को अलीरेजा फिरोजा के हटने से वॉकओवर मिला। विजेता को मिलेंगे 1,00,000 अमेरिकी डॉलरटूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3,75,000 अमेरिकी डॉलर (USD) है। विजेता को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच टाई होने पर विजेता तय करने के लिए कम समय के टाईब्रेक मैच खेले जाएंगे। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश मामले में WFI को हाईकोर्ट की फटकार दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर
IPL में शनिवार को पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा। पंजाब के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। पहले हाफ में 7 में से 6 मैच जीतने वाली टीम लगातार 6 मुकाबले हार चुकी है। पंजाब को लखनऊ के खिलाफ जीत के बाद रविवार के अन्य मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। दूसरी तरफ, लखनऊ पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है। IPL में दोनों टीमें 8वीं बार भिड़ेंगी IPL में दोनों टीमें 7 बार भिड़ चुकी हैं। लखनऊ ने 3 और पंजाब ने 4 मैच जीते हैं। एक मैच टाई रहा। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। पहले मुकाबले में पंजाब ने अपने होमग्राउंड पर लखनऊ को हराया था। पंत और पूरन से बड़ी पारी की उम्मीद लखनऊ के लिए सबसे बड़ी राहत मिचेल मार्श और जोश इंग्लिस की शानदार फॉर्म है। पिछले मैच में दोनों ने 8.2 ओवरों में 109 रन की साझेदारी की थी। निकोलस पूरन पिछले 4 मैचों में केवल 87 रन बना सके हैं और फॉर्म में वापसी करना चाहेंगे। कप्तान ऋषभ पंत के बल्ले से इस सीजन केवल एक अर्धशतक निकला है। पंत आखिरी मैच में बड़ी पारी खेलकर सीजन खत्म करना चाहेंगे। गेंदबाजी में यह देखना दिलचस्प होगा कि मोहम्मद शमी की टीम में वापसी होती है या नहीं। मिचेल मार्श 13 मैचों में 563 रन बनाकर टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। प्रिंस यादव 13 मैचों में 16 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर हैं। प्रियांश, प्रभसिमरन और कप्तान श्रेयस आउट ऑफ फॉर्म पंजाब किंग्स की सबसे बड़ी कमजोरी उसका बल्लेबाजी क्रम बन गया है। शुरुआती मैचों में आक्रामक शुरुआत देने वाले प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह और कूपर कोनोली पिछले कुछ मैचों से फ्लॉप रहे हैं। प्रियांश ने पिछली 7 पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है और पिछले मैच में शून्य पर आउट हुए थे। प्रभसिमरन भी पिछली 5 पारियों में केवल एक पचासा लगा सके हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर का बल्ला भी शांत है। पिछली 6 हार में वे केवल एक बार 50 का आंकड़ा पार कर पाए हैं। दिल्ली के खिलाफ मैच जिताने वाला मिडिल ऑर्डर आउट ऑफ फॉर्म है, जबकि खराब गेंदबाजी और फील्डिंग ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं। कूपर कोनोली 13 मैचों में 473 रन बनाकर टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। अर्शदीप सिंह 13 मैचों में 14 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर हैं। पिच इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनरों को काफी मदद मिलती है और बल्लेबाजों के लिए बड़े हिट्स लगाना आसान नहीं होता। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को भी मूवमेंट और स्विंग मिलती है, जो बल्लेबाजों के खिलाफ असरदार साबित हो सकती है। लखनऊ का इकाना स्टेडियम बाकी मैदानों से अलग माना जाता है। जहां दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में 200 रन आम हैं, वहीं यहां औसतन स्कोर 165-170 के बीच रहता है। इससे मुकाबला संतुलित नजर आता है। इस पिच पर अब तक IPL के 28 मैच खेले गए हैं। 11 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि 15 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को जीत मिली है। एक मैच टाई रहा और एक का रिजल्ट नहीं निकला। बारिश की संभावना नहीं है लखनऊ में मैच के दौरान मौसम बेहद गर्म और शुष्क रहेगा। दिन भर तेज धूप और लू चलने की संभावना है। शाम 7.30 बजे तापमान 36 से 38 डिग्री के आसपास रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI लखनऊ- मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, मोहसिन खान, मयंक यादव, आकाश सिंह, प्रिंस यादव। इम्पैक्ट प्लेयर: दिग्वेश सिंह राठी पंजाब- प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, अजमतुल्लाह ओमरजई, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह। इम्पैक्ट प्लेयर: युजवेंद्र चहल
IPL 2026 के लीग स्टेज में प्लेऑफ की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। शुक्रवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को हराकर 18 पॉइंट्स हासिल कर लिए। हालांकि बेहतर नेट रनरेट के दम पर बेंगलुरु ने पहले पायदान पर फिनिश किया। इसके साथ ही बेंगलुरु और गुजरात 26 मई को धर्मशाला में क्वालिफायर-1 खेलेंगे। गुजरात टाइटंस ने पहले ही चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर 18 पॉइंट्स हासिल कर लिए थे। टीम का नेट रनरेट +0.695 है और वह दूसरे स्थान पर है। हैदराबाद भी 18 पॉइंट्स तक पहुंच गई, लेकिन नेट रनरेट में पीछे रहने के कारण तीसरे स्थान पर है। अब चौथे स्थान के लिए राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला बचा है। पंजाब आज लखनऊ सुपर जायंट्स से भिड़ेगी और टीम को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण बेंगलुरु और गुजरात टॉप-2 में कायम बेंगलुरु और गुजरात के 18-18 पॉइंट्स हैं। बेहतर नेट रनरेट के कारण बेंगलुरु (+0.783) पहले, जबकि गुजरात दूसरे स्थान पर है। दोनों टीमों का क्वालिफायर-1 खेलना तय है। क्वालिफायर-1 हारने वाली टीम को फाइनल खेलने का एक और चांस मिलता है। क्वालिफायर-2 जीतने वाली टीम का मुकाबला क्वालीफायर-1 हारने वाली टीम से एलिमिनेटर में होता है। जीतने वाली टीम फाइनल में क्वालीफायर-1 जीतने वाली टीम से खेलती हैं। हैदराबाद तीसरे स्थान पर हैदराबाद ने बेंगलुरु को हराकर 18 पॉइंट्स हासिल कर लिए। टीम तीसरे स्थान पर है। हालांकि नेट रनरेट कम (+0.524) होने के कारण SRH टॉप-2 में जगह नहीं बना सकी। टीम को अपना रनरेट ऊपर ले जाने के लिए बेंगलुरु के खिलाफ 91 रन की जीत चाहिए थी। लेकिन टीम 55 रन से ही जीत सकी। राजस्थान के पास सबसे बड़ा मौका राजस्थान 14 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला मुंबई इंडियंस से है। जीत के साथ राजस्थान सीधे प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। पंजाब के लिए करो या मरो की स्थिति पंजाब 13 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। पंजाब की नजर राजस्थान और कोलकाता के नतीजों पर भी रहेगी। कोलकाता की उम्मीदें बरकरार कोलकाता के भी 13 पॉइंट्स हैं। टीम को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी और साथ ही राजस्थान और पंजाब की हार की उम्मीद करनी होगी। दिल्ली के चांस बेहद कम दिल्ली 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है। टीम का नेट रनरेट काफी खराब (-0.871) है। दिल्ली को कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीत के अलावा दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। मुंबई, चेन्नई और लखनऊ बाहर मुंबई, चेन्नई और लखनऊ प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं। चेन्नई सातवें, मुंबई नौवें और लखनऊ आखिरी पायदान पर हैं। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… क्लासन तीसरे पायदान पर आए गुजरात के साई सुदर्शन साई सुदर्शन 638 रन के साथ ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं। उनके बाद गुजरात के ही कप्तान शुभमन गिल 616 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। बेंगलुरु के खिलाफ 51 रन की पारी खेलने वाले हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 606 रन के साथ तीसरे पायदान पर आ गए हैं। पर्पल कैप में भुवनेश्वर टॉप पर बरकरार हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के बाद पर्पल कैप में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पहले स्थान पर है। गुजरात कागिसो रबाडा (24 विकेट) दूसरे और चेन्नई के अंशुल कम्बोज (21 विकेट) के साथ तीसरे स्थान पर है।
सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। मैच में कई मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. कोहली 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे कोहली ने हैदराबाद के खिलाफ 211वीं बार टी-20 में फिफ्टी पार्टनरशिप की। उन्होंने राजीव गांधी स्टेडियम में वेंकटेश अय्यर के साथ पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। वे टी-20 में सबसे ज्यादा बार फिफ्टी रन की साझेदारी का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 210 साझेदारी है। 2. एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने बेंगलुरु के खिलाफ 4 विकेट खोकर 255 रन बनाए, जो इस सीजन टीम का नौवां 200+ स्कोर है। इससे पहले ये रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार यह कारनामा किया था। 3. भुवनेश्वर सबसे ज्यादा बार 50+ रन देने वाले गेंदबाज बने भुवनेश्वर IPL में संयुक्त रुप से सबसे ज्यादा बार एक स्पेल (4 ओवर) में 50+ रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने मोहम्मद शमी बराबरी की, जिन्होंने 9 बार पचास से ज्यादा रन दिए हैं। भुवनेश्वर ने हैदराबाद के खिलाफ 51 रन दिए। इस लिस्ट में मोहम्मद सिराज 8 बार के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 4. क्लासन ने मिडिल ऑर्डर में एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए क्लासन ने IPL के एक सीजन में नंबर 4 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हुए 606 रन बनाए हैं। उन्होंने ऋषभ पंत को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 2018 में 579 रन बनाए थे। 5. हैदराबाद ने IPL में छठवीं बार 250+ का स्कोर बनाया हैदराबाद ने शुक्रवार को छठवीं बार 250 या उससे रन का स्कोर खड़ा किया। वह सबसे ज्यादा बार यह आंकड़ा पार करने वाली टीम है। इस लिस्ट में पंजाब और बेंगलुरु संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 3-3 बार यह कारनामा किया है। 6. अभिषेक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे भारतीय अभिषेक एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने बेंगलुरु के खिलाफ 5 सिक्स लगाए। अभिषेक ने इस सीजन 43 छक्के लगाते हुए खुद को पीछे छोड़ा। उन्होंने 2024 में 42 सिक्स लगाए थे। इस लिस्ट में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने इस सीजन 53 छक्के जड़े हैं। 7. नंबर-4 या नीचे बैटिंग करते हुए क्लासेन ने 6वीं फिफ्टी लगाई क्लासेन ने इस सीजन नंबर 4 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए छठवीं बार 50+ का स्कोर बनाया। उन्होंने बेंगलुरू के खिलाफ 51 रन बनाए। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा बार ऐसा करने वाले ऋषभ पंत और ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी की। पंत ने 2018 और मैक्सवेल ने 2021 में 6 फिफ्टी लगाई थी। 8. पहली 2 गेंद पर सिक्स लगाने वाले टीम के तीसरे बल्लेबाज नीतीश ने बेंगलुरु के खिलाफ अपनी पहली 2 गेंदों पर लगातार 2 छक्के लगाए। वे हैदराबाद के लिए पारी की पहली 2 गेंदों पर सिक्स लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले राशिद खान ने 2018 और पैट कमिंस ने 2025 में यह कारनामा किया था। 9. बेंगुलरु के 3 गेंदबाज ने 50+ रन दिए बेंगलुरु के 3 गेंदबाजों ने मैच में 50 या उससे ज्यादा रन दिए। एक मैच में सबसे ज्यादा 50+ रन देने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में नंबर एक पर बेंगलुरु ही है। 2024 में बेंगलुरु के 4 गेंदबाजों ने एक मैच में फिफ्टी का आंकड़ा छुआ था। दिल्ली (2024) और राजस्थान (2024) के 3 गेंदबाजों ने पचास से ज्यादा रन दिए। सभी मौकों पर विरोधी टीम हैदराबाद थी। 10. ईशान ने बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चौथी फिफ्टी लगाई ईशान किशन ने बेंगलुरु के खिलाफ 2024 से 2026 तक लगातार चौथी फिफ्टी लगाई। उन्होंने शुक्रवार को 79 रन की पारी खेली। वे बेंगलुरु के खिलाफ यह कारनामा करने वाले न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच लगातार 7 फिफ्टी लगाई। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. अभिषेक शर्मा ने सिक्स लगाकर खाता खोला बेंगलुरु के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने सिक्स लगाकर अपना खाता खोला। उन्होंने मैच के पहले ओवर में भुवनेश्वर की पांचवी गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ दिया। यह पारी का उनका पहला रन था। 2. वेंकटेश ने अभिषेक का कैच छोड़ा हैदराबाद की पारी के छठवें ओवर में वेंकटेश अय्यर ने अभिषेक का कैच छोड़ दिया। ओवर की चौथी गेेंद रसिख सलाम डार ने शॉर्ट-लेंथ डाली। अभिषेक ने उसपर फ्लैट पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप स्क्वायर लेग पर पर खड़े वेंकटेश की ओर गई। उन्होंने दाईं ओर भागते हुए कैच लपकने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गया। 3. कोहली-हेड के बीच नोंकझोंक, मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच किसी बात को लेकर नोंक-झोंक हुई। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए।
एशियाई जूनियर व्यक्तिगत स्क्वैश: चीन में भारत के आठ मेडल पक्के
चीन के पान्झिहुआ में 33वीं एशियाई जूनियर व्यक्तिगत स्क्वैश चैंपियनशिप में शुक्रवार को भारत के आठ मेडल पक्के हो गए। शिवेन अग्रवाल की अगुवाई में भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग श्रेणी में सेमीफाइनल में जगह बनाई।
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 को स्थगित कर दिया है। चैंपियनशिप का आयोजन 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बहरीन में होना था। चैंपियनशिप को पश्चिम एशिया की मौजूदा हालात की वजह से स्थगित किया गया है।
कोलकाता नाइट राइडर्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी IPL 2026 के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। रघुवंशी को मुंबई इंडियंस के खिलाफ 20 मई को खेले गए मैच के दौरान कन्कशन और बाएं हाथ की उंगली में फ्रैक्चर हुआ था। यह चोट ऐसे समय में आई है, जब कोलकाता को प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना आखिरी मैच हर हाल में जीतना जरूरी है। टीम को इसके साथ दूसरे मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। कोलकाता और दिल्ली के बीच मुकाबला रविवार को ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। मुंबई के खिलाफ चोट लगी रघुवंशी मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में विकेटकीपिंग कर रहे थे। मुंबई की पारी के 11वें ओवर में तिलक वर्मा का कैच पकड़ने की कोशिश के दौरान उनकी टक्कर वरुण चक्रवर्ती से हो गई। दोनों खिलाड़ी गिर पड़े और चक्रवर्ती कैच नहीं पकड़ सके। इसके बाद 14वें ओवर में तिलक वर्मा आउट हुए। उसी के तुरंत बाद रघुवंशी मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह तेजस्वी दहिया सब्स्टीट्यूट विकेटकीपर के तौर पर मैदान पर आए। कन्कशन के चलते मैच से बाहर हुए रघुवंशी को कन्कशन के चलते मैच से बाहर कर दिया गया। तेजस्वी दहिया ने ही प्लेइंग-XII में उनकी जगह ली। इसके बाद कोलकाता ने मुकाबला चार विकेट से जीत लिया। 21 साल के अंगकृष रघुवंशी IPL 2026 में कोलकाता के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने अब तक 422 रन बनाए हैं। उनका औसत 42.2 और स्ट्राइक रेट 146.52 रहा। इस सीजन में उन्होंने पांच अर्धशतक भी लगाए हैं। क्या होता है कन्कशन क्रिकेट में कन्कशन का मतलब सिर या गर्दन पर गेंद लगने के कारण सिर में लगने वाली चोट से है। जब किसी खिलाड़ी के सिर पर गंभीर चोट लगती है, जिससे उसका दिमाग ठीक से काम नहीं कर पाता या उसे चक्कर और उलझन महसूस होती है, तो उसे मेडिकल भाषा में कन्कशन कहा जाता है।] क्रिकेट में कन्कशन नियम को ICC ने 2019 में इसलिए लागू किया गया था ताकि चोटिल खिलाड़ी को जोखिम में डालकर खेलने के लिए मजबूर न किया जाए। यदि किसी बल्लेबाज या फील्डर के सिर पर गेंद लगती है, तो टीम का फिजियो मैदान पर आकर उसका कन्कशन टेस्ट करता है (जैसे- तारीख, जगह या खिलाड़ी का नाम पूछना)। यदि खिलाड़ी सिर की चोट या चक्कर के कारण आगे खेलने की स्थिति में नहीं होता है, तो उसे मैच से बाहर कर दिया जाता है। घायल खिलाड़ी की जगह मैच रेफरी की मंजूरी से कन्कशन सब्स्टीट्यूट (नया खिलाड़ी) टीम में शामिल किया जाता है। नियम के अनुसार, जो नया खिलाड़ी अंदर आता है, वह चोटिल खिलाड़ी के बिल्कुल समान (जैसे- बल्लेबाज की जगह बल्लेबाज या गेंदबाज की जगह गेंदबाज) होना चाहिए, ताकि टीम का संतुलन न बिगड़े।
भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने X पर भावुक पोस्ट डाला। 25 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने BCCI, परिवार और साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। पेसर ऑलराउंडर विजय ने साफ किया है कि वे पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे हैं और नए विकल्प के साथ क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। विजय बोले- ‘क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है’ विजय ने लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जिंदगी रही है। उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में आखिरी ओवर फेंकने और 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने को सबसे यादगार पल बताया। विजय ने बताया कि करियर के दौरान उन्हें भारी नफरत और आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चुना। उन्होंने BCCI, IPL टीमों और अपनी घरेलू टीम तमिलनाडू क्रिकेट को धन्यवाद कहा। फर्स्ट क्लास में 9 हजार रन, 150+ विकेट लिए तमिलनाडू के विजय ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अंडर-13 से लेकर सीनियर टीम तक अपना ज्यादातर क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेला। उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैच में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। लिस्ट ए में 112 मैचों में 2790 रन और 73 विकेट, जबकि 159 टी20 मैचों में 2583 रन और 38 विकेट उनके नाम रहे। भारत के लिए दूसरे ही टी-20 में मैन ऑफ द मैच बने विजय को 2018 में निदहास टी-20 ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुना गया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जबकि दूसरे ही टी-20 में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए। विजय ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने 12 वनडे और 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप खेले विजय को 2019 वर्ल्ड कप में नंबर-4 बल्लेबाज और उपयोगी मीडियम पेसर के तौर पर चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लिया। IPL में उनका सफर 2014 में चेन्नई सुपर किंग्स से शुरू हुआ। उन्होंने गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। 2022 में गुजरात टाइटंस की ट्रॉफी जीत वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2023 में 301 रन बनाए, जो उनका बेस्ट सीजन रहा। --------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:बाबर-शादाब और नसीम की वापसी; रिजवान सहित 6 खिलाड़ियों को बाहर किया गया पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। पुरी खबर पढ़ें..
भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने X पर एक भावुक पोस्ट डाला। 25 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने बीसीसीआई, परिवार और साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। पेसर ऑलराउंडर विजय ने साफ किया है कि वे पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे हैं और नए विकल्प के साथ क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। विजय बोले- ‘क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है’ विजय ने लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जिंदगी रही है। उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में आखिरी ओवर फेंकने और 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने को सबसे यादगार पल बताया। उन्होंने BCCI, IPL टीमों और अपनी घरेलू टीम तमिलनाडू क्रिकेट को धन्यवाद कहा। उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलने को सबसे गर्व भरा पल बताया है। फर्स्ट क्लास में 9 हजार रन, 150+ विकेट लिए तमिलनाडू के विजय ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अंडर-13 से लेकर सीनियर टीम तक अपना ज्यादातर क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेला। उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैच में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। लिस्ट ए में 112 मैचों में 2790 रन और 73 विकेट, जबकि 159 टी20 मैचों में 2583 रन और 38 विकेट उनके नाम रहे। भारत के लिए दूसरे ही टी20 में ‘मैन ऑफ द मैच’ बने विजय को 2018 में निदहास टी20 ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुना गया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जबकि दूसरे ही टी20 में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए। विजय ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने करियर के दौरान मिली नफरत और आलोचना पर कहा कि उन्होंने हमेशा इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चुना। भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप खेले विजय को 2019 वर्ल्ड कप में नंबर-4 बल्लेबाज और उपयोगी मीडियम पेसर के तौर पर चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लिया। आईपीएल में उनका सफर 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स से शुरू हुआ। उन्होंने गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। 2022 में गुजरात टाइटंस की ट्रॉफी जीत वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2023 में 301 रन बनाए, जो उनका बेस्ट सीजन रहा। --------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:बाबर-शादाब और नसीम की वापसी; रिजवान सहित 6 खिलाड़ियों को बाहर किया गया पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। पुरी खबर पढ़ें..
IPL 2026 में CSK पर विवाद तेज, धोनी की फिटनेस और मैनेजमेंट की रणनीति पर उठे सवाल
अपने यूट्यूब शो में कृष्णमाचारी श्रीकांत ने CSK मैनेजमेंट, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और कोच स्टीफन फ्लेमिंग पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पूरे सीजन एक ही तरह का बयान दोहराया जाता रहा कि “धोनी अगले मैच में उपलब्ध हो सकते हैं।”
पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। शाहीन ही कप्तानी करेंगे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को टीम का ऐलान किया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी टीम की कप्तानी करते रहेंगे, जबकि सलमान अली आगा को उपकप्तान बनाया गया है। सीरीज के बाकी दो मुकाबले दो और चार जून को लाहौर में खेले जाएंगे। बांग्लादेश ने हराया था बांग्लादेश के खिलाफ मार्च में हुई वनडे सीरीज में पाकिस्तान को 2-1 से हार मिली थी। उस दौरे की टीम से मोहम्मद रिजवान, फहीम अशरफ, फैसल अकरम, साद मसूद, मोहम्मद वसीम जूनियर और हुसैन तलात को बाहर कर दिया गया है। वहीं, बाबर आजम, शादाब खान और नसीम शाह की टीम में वापसी हुई है। ओपनर फखर जमान और सैम अयूब चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। दानियाल-मिन्हास को पहली बार मौका इसी बीच, पाकिस्तान ने दो नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया है। तेज गेंदबाज अहमद दानियाल और ऑलराउंडर अराफात मिन्हास को पहली बार ODI टीम में शामिल किया गया है। टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश ने क्लीन स्वीप किया इससे पहले, पाकिस्तान टीम को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। यह सीरीज इसी सप्ताह खत्म हुई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान वनडे टीम: शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), सलमान अली आगा (उपकप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अहमद दानियाल, अराफात मिन्हास, बाबर आजम, हारिस रऊफ, माक सादाकत, गाजी घोरी, नसीम शाह, सोहेल नजीर, साहबजादा फरहान, शादाब खान, शामिल हुसैन और सूफियान मुकीम।
खिलाड़ी अक्सर किसी बड़े टूर्नामेंट की तैयारी या मुश्किल ट्रेनिंग सेशन शुरू करने से पहले मोटिवेशन का इंतजार करते हैं। लेकिन, खेल और मनोविज्ञान के शोधकर्ता कार्ल हेंड्रिक का शोध इस पारंपरिक सोच को खारिज करता है। हेंड्रिक के अनुसार, किसी खिलाड़ी को सफल होने के लिए काम शुरू करने से पहले मोटिवेट होना बिल्कुल जरूरी नहीं है। इसके उलट, जब आप मैदान पर उतरकर पसीना बहाते हैं और कोई छोटी सी सफलता हासिल करते हैं, तो असली मोटिवेशन वहीं से जन्म लेता है। 1. छोटे लक्ष्य पाने से दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है एक खिलाड़ी के तौर पर यह सोचना कि ‘मुझे सीधे चैम्पियनशिप जीतनी है’, कई बार मानसिक दबाव बढ़ा देता है। इस विशाल लक्ष्य को हफ्तों, दिनों और घंटों के छोटे-छोटे ट्रेनिंग सेशन में बांट लें। जब आप दिनभर की कड़ी ट्रेनिंग के बाद एक छोटा सा टारगेट हासिल कर लेते हैं, तो आपके दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है। यही आपको अगले दिन वापसी करने की ऊर्जा देता है। 2. कंफर्ट जोन से बाहर आएं, इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा प्रैक्टिस का स्तर हमेशा ऐसा होना चाहिए, जो कंफर्ट जोन से बाहर धकेले। चुनौती ऐसी हो जिससे गेम में कुछ नया जोड़ सकें, लेकिन यह इतनी भी कठिन न हो कि आप चोटिल हो जाएं। जब आप अपनी क्षमता से थोड़ा ऊपर उठकर किसी चुनौती को पार करते हैं, तो आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। बड़े मैचों में दबाव झेलने की मानसिक मजबूती इसी प्रोसेस से आती है। 3. सिर्फ स्कोर बोर्ड या मेडल टैली पर फोकस नहीं हो पूरा फोकस सिर्फ स्कोरबोर्ड या मेडल टैली पर नहीं होना चाहिए। कई बार नतीजे तुरंत नहीं मिलते। ऐसे में अगर किसी बड़ी कमजोरी को सुधारने के लिए पसीना बहा रहे हैं, तो उस प्रयास पर गर्व करना सीखें। अमेरिका की मशहूर मिशिगन बास्केटबॉल टीम के कोच डस्टी मे मानते हैं कि जब आप खुद अपनी छोटी-छोटी प्रोग्रेस को स्वीकार करते हैं, तो सेल्फ बिलीफ मजबूत होता है। 4. अपने प्रदर्शन का खुद फीडबैक लें, आकलन करें ट्रेनिंग पूरी होने पर खिलाड़ी को खुद का आकलन करना चाहिए। आपको यह समझना होगा कि आपने जो नया शॉट या टेक्निक सीखी है, वह मैच के दौरान पूरे गेम को किस तरह से फायदा पहुंचाएगी। जब आपको यह स्पष्ट हो जाता है कि नेट पर बिताया गया एक घंटा आपके मौजूदा खेल को कितना अच्छा बना रहा है, तो आपके अंदर और बेहतर करने की भूख जागती है। 5. ‘परफेक्ट डे’ की प्रतीक्षा न करें, तुरंत मैदान पर उतरें यदि आप प्रैक्टिस शुरू करने के लिए मोटिवेशन या किसी ‘परफेक्ट डे’ का इंतजार कर रहे हैं, तो आप केवल अपना समय और टैलेंट बर्बाद कर रहे हैं। एक्शन हमेशा मोटिवेशन से पहले आता है। जैसे ही आप पहला कदम उठाएंगे, आपके शरीर और दिमाग की वही लय आपके अंदर आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति को अपने-आप जगा देगी।
‘मातृत्व अपराध नहीं’: विनेश फोगाट मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की WFI को सख्त फटकार
अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि “मातृत्व कोई अपराध नहीं है” और किसी खिलाड़ी के साथ बदले की भावना से व्यवहार नहीं किया जा सकता।
आईपीएल 2026 में बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे वह पटना की ईशान किशन हो, समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी या फिर गोपालगंज के साकिब हुसैन। सभी अपने शानदार परफॉर्मेंस से चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार के अपनी खुद की टीम बनाने की मांग की है। बिहार के अनिल अग्रवाल ने कहा कि, ‘अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए- अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, 'क्या आपको नहीं लगता चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए? बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI डबल सेंचुरी लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।' बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी- अनिल अग्रवाल बिहार की अपनी आईपीएल क्रिकेट टीम नहीं होने को लेकर अफसोस जाहिर करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा, ‘एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही, जिसके हम हकदार हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट बिहार में ही मिलना चाहिए।' अनिल अग्रवाल ने विश्वास जताते हुए कहा कि, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।’ हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे - अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूं। बिहार की क्रिकेट टीम और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से कंडीशनल सपोर्ट दूंगा। बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक इमोशन है। और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ सीएम सम्राट ने क्रिकेट टीम को लेकर दिया भरोसा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडियो एक्स पर पोस्ट कर सीएम सम्राट ने लिखा, 'आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूं। बिहार के क्रिकेट इमोशन के लिए सरकार स्पष्ट विजन के साथ मिशन मोड में कार्यरत है। आपके सहयोग से निश्चित ही बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।'
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट का आकलन करने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को “बदले की भावना” से काम नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से बताया गया कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से कहा कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर विनेश की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह ट्रायल में हिस्सा ले सकें। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की गई है। यहां पढ़िए विनेश के वकील ने क्या दीं दलीलें.... दिल्ली हाईकोर्ट हरियाणा की रेसलर विधायक विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को सिंगल बैंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद इस वर्ष के एशियाई खेलों के लिए 30-31 मई को होने वाले सिलेक्शन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी के मुद्दे पर उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया था। विनेश फोगाट के सीनियर वकील ने पीठ से उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि 9 मई को, गोंडा में एक घरेलू कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से एक दिन पहले, उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस दर्शाता है कि कोई उन्हें पद से हटाने के लिए बेबुनियाद कोशिश कर रहा है। हाईकोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए दावा किया कि पेरिस ओलंपिक में फोगाट की अयोग्यता राष्ट्रीय शर्म थी और सवाल उठाया कि यह क्यों नहीं माना जाना चाहिए कि डब्ल्यूएफआई ने उसके लिए चयन मानदंड बदल दिए थे। विनेश के वकील ने ये उठाए सवाल 3 पॉइंट्स में जानिए विवाद क्या… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। विनेश ने पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण पर फिर आरोप लगाए थे इसके बाद विनेश फोगाट ने 3 मई को WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा था- यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर कॉम्पिटीशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा। कहा था- मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक हैं। बृजभूषण भाजपा के पूर्व सांसद हैं। वर्तमान में उनका एक बेटा यूपी से सांसद और एक विधायक है। विनेश ने वीडियो जारी ये बातें कहीं थीं… पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी ताजा विवाद के बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था- आप सब को नमस्कार। जैसा कि सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रही हूं। बड़ी ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं। देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीने पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो यूपी का गोंडा जिला है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ी नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। केस कोर्ट में पेंडिंग है विनेश ने कहा कि आज से तीन साल पहले हमने सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। उससे संबंधित केस कोर्ट में पेंडिंग है। 6 महिला खिलाड़ियों ने उसमें शिकायत और गवाही दी थी, उस केस में गवाहियां चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि किसी भी पीड़ित की पहचान को सार्वजनिक न किया जाए, क्योंकि उनकी गरिमा और मान सम्मान की बात होती है। आज कुछ मजबूरियां ऐसी है कि मैं आप सभी को कुछ बताना चाहती हूं। मैं अभी नहीं बोलना चाहती थी, क्योंकि कोर्ट में केस पेडिंग है। देश के सामने सब सच्चाई सामने आ जाएगी। मैं बताना चाहती हूं कि उन 6 में से एक विक्टिम मैं खुद हूं, जिन्होंने शिकायत दी थी। अब जानिए क्या है यौन उत्पीड़न का पूरा मामला… बृजभूषण पर लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे, जो नियमों के खिलाफ है। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद WFI के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा था। बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… रेसलर विनेश 26 जून तक घरेलू मुकाबले नहीं खेल पाएंगी:डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर बैन; रेसलिंग फेडरेशन ने कहा- उनके व्यवहार से शर्मिंदगी हुई भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट पर 26 जून तक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन खेलने पर बैन लगा दिया है। WFI ने शनिवार को फोगाट को अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया। (पूरी खबर पढ़ें)
क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी वाली अल नासिर ने सीजन के आखिरी दिन फुटबॉल में सऊदी प्रो लीग (SPL) का खिताब अपने नाम कर लिया है। रियाद के अल-अव्वल पार्क में गुरुवार रात खेले गए फाइनल मुकाबले में अल नास्र ने शानदार खेल दिखाते हुए दमैक क्लब को 4-1 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही अल नास्र का पिछले 7 सालों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। क्लब ने साल 2018-19 के बाद पहली बार लीग ट्रॉफी पर कब्जा किया है। वहीं, पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए भी सऊदी क्लब के साथ यह पहला बड़ा ऑफिशियल खिताब है। पिछले हफ्ते AFC चैंपियंस लीग टू के फाइनल में जापानी क्लब गांबा ओसाका से मिली हार के बाद रोनाल्डो काफी निराश थे। लेकिन सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण मैच में 41 साल के दिग्गज फॉरवर्ड ने शानदार वापसी की और दूसरे हाफ में बैक-टू-बैक दो गोल दागकर अल नासिर के फैंस को जश्न मनाने का मौका दे दिया। सादियो माने ने दिलाई शुरुआती बढ़त, पहले हाफ में हावी रही अल नास्रमैच के पहले हाफ से ही अल नास्र ने आक्रामक फुटबॉल खेला। टीम को पहली सफलता 33वें मिनट में मिली जब सादियो माने ने मैच का पहला गोल दागा। जोआओ फेलिक्स के कॉर्नर पास पर सादियो माने ने हवा में उछलकर गेंद को सीधे नेट के अंदर धकेल दिया। फेलिक्स पूरे मैच के दौरान राइट विंग और मिडफील्ड में काफी एक्टिव नजर आए, जिसके चलते दमैक के डिफेंडर्स लगातार दबाव में दिखे। अल नास्र ने पहले हाफ में 1-0 की बढ़त बनाए रखी। दमैक ने पेनल्टी से की वापसी की कोशिश, पर कोमैन ने फिर आगे कियासऊदी प्रो लीग में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही दमैक की टीम ने दूसरे हाफ की शुरुआत में वापसी की कोशिश की। मैच के 58वें मिनट में दमैक को एक पेनल्टी मिली, जिसे मोर्ले सिला ने बिना कोई गलती किए गोल में बदल दिया और स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। वहीं, मैच के 62वें मिनट में अल नास्र के किंग्सले कोमैन ने राइट साइड से ड्रिबल करते हुए दमैक के डिफेंस को छकाया और शानदार मैदानी गोल दागकर अल नास्र को 2-1 से आगे कर दिया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो का डबल ब्लास्ट: फ्री-किक से दागा पहला गोल, 81वें मिनट में किया खेल खत्मइसके बाद मैदान पर पूरी तरह से क्रिस्टियानो रोनाल्डो का जलवा देखने को मिला। रोनाल्डो ने मैच में अपना पहला गोल फ्री-किक पर दागा।इसके बाद 81वें मिनट में रोनाल्डो ने मैच का अपना दूसरा और टीम का चौथा गोल दागा। किंग्सले कोमैन ने राइट विंग से गेंद को आगे बढ़ाया और बॉक्स के बीच में मौजूद अपने कप्तान रोनाल्डो को एक बेहतरीन पास दिया, जिसे रोनाल्डो ने आसानी से गोल में तब्दील कर अल नास्र की 4-1 से जीत और खिताबी जीत पक्की कर दी।

