रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL खिताब जीतने के बावजूद बेंगलुरु में विक्ट्री परेड नहीं निकालने का फैसला किया है। RCB के एक सूत्र ने बताया कि शहर में सार्वजनिक समारोहों को लेकर पहले से लागू दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। बेंगलुरु में किसी बड़े समारोह की संभावना नहीं है। बेंगलुरु ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। टीम ने लगातार दूसरे साल IPL खिताब जीता है। विक्ट्री परेड नहीं होने के 2 कारण पहला: पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर की भगदड़ 4 जून 2025 को पहला IPL खिताब जीतने के बाद फ्रेंचाइजी ने जल्दबाजी में विक्ट्री परेड की थी। इस दौरान 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी। दूसरा: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी उसी दिन होना है। यह कार्यक्रम लोक भवन में शाम 4:10 बजे आयोजित होगा। पुलिस ने कहा- अव्यवस्था न फैलाएं बेंगलुरु पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की थी कि RCB की जीत की स्थिति में सड़क पर जश्न, पटाखेबाजी, हुड़दंग या किसी तरह की अव्यवस्था न फैलाएं। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक स्थानों पर विजय उत्सव की अनुमति नहीं दी जाएगी और लोग चाहें तो घरों या निजी स्थानों पर जश्न मना सकते हैं। कई प्लेयर्स नेशनल टीम से जुड़ने वाले हैं RCB के कई प्लेयर्स को नेशनल टीमों से जुड़ना है। देवदत्त पडिक्कल को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम से जुड़ना है, जबकि जोश हेजलवुड, टिम डेविड, जैकब डफी और रोमारियो शेफर्ड भी अपनी-अपनी नेशनल टीम से जुड़ेंगे। -------------------------------------------------------------- IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर 2. चैंपियन बेंगलुरु को ₹20 करोड़; गुजरात को ₹12.50 करोड़ मिले; वैभव को 5 अवॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम लगातार दूसरे सीजन चैंपियन बनी है। उसने अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर 3. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 5. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार... फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी 'अंडरअचीवर' कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर
नेपाल ने T20 में दूसरी बार बनाया 300+ स्कोर:चीन को 221 रनों से हराया; कुशल ने ओवर में 6 छक्के लगाए
नेपाल ने टी-20 क्रिकेट में दूसरी बार 300 रन से ज्यादा का स्कोर बनाया है। टीम ने रविवार को एशियन गेम्स के क्वालिफायर में चीन के खिलाफ यह कारनामा किया है। इस मुकाबले में नेपाल को 221 रन की जीत मिली। सिंगापुर के नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में चीन ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। नेपाल ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 2 विकेट पर 313 रन बनाए। जवाब में चीन 92 रन पर ऑलआउट हो गई। नेपाल की ओर से ओपनर कुशल भुर्तेल ने एक ओवर में लगातार 6 छक्के लगाने का कारनामा भी किया। वे प्लेयर ऑफ द मैच रहे। रोचक फैक्ट टी-20 इंटरनेशनल में 5वीं बार लगातार 6 छक्के लगे भुर्तेल ने एक ओवर में लगातार 6 छक्के जड़ने का कारनामा भी किया। उन्होंने 9वें ओवर में जोयू चेन की गेंद पर 6 छक्के लगाए। हालांकि, बीच में एक वाइड गेंद भी शामिल रही। उनके ओवर से कुल 37 रन आए। ओपनर कुशल ने रोहित के रिकॉर्ड की बराबरी की कुशल ने 43 गेंदों में 300 के स्ट्राइक रेट से 129 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल का संयुक्त रूप से 5वां सबसे तेज शतक है। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। रोहित शर्मा ने टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका के खिलाफ 35 गेंदों पर शतक जड़ा था। कुशल ने पारी में 16 छक्के लगाए, वैभव-अभिषेक से ज्यादा कुशल भुर्तेल ने इस पारी में 16 छक्के लगाए और एक टी-20 पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में वैभव सूर्यवंशी को पीछे छोड़ा। वैभव ने इंडिया ए के लिए खेलते हुए एशिया कप राइजिंग स्टार्स में 144 रन की पारी में 15 छक्के लगाए थे। भुर्तेल ने अभिषेक शर्मा के टी-20 इंटरनेशनल में 37 गेंदों पर शतक के रिकॉर्ड को भी तोड़ा। चीन के 4 बैटर्स जीरो पर आउट 314 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चीनी टीम 19.2 ओवरों में 92 रन पर सिमट गई। चीन की तरफ से सिर्फ शेनझियान झेंग ने संघर्ष किया और 15 गेंदों में 31 रन बनाए। इसके अलावा चीन के 4 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। ----------------------------------------------
IPL 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपनी जीत उन फैंस को समर्पित की, जिन्होंने पिछले साल बेंगलुरु की भगदड़ में जान गंवाई थी। कप्तान रजत पाटीदार ने कहा- वे सिर्फ फैंस नहीं, बल्कि RCB परिवार का हिस्सा थे। 32 साल के पाटीदार ने कहा, 'जब ऐसी घटना के बारे में सुनते हैं, तो बहुत दुख होता है। एक तरफ टीम सेलिब्रेट कर रही होती है, दूसरी ओर फैंस की जान चली जाती है।' वहीं, विराट कोहली ने फाइनल में विजयी रन बनाने को अपने सपनों के सच होने जैसा पल बताया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष, सफलता और टीम के सफर पर खुलकर बात की। पढ़िए किसने क्या कहा? 1. जीत में विराट का रोल सबसे अहमद: पाटीदार पाटीदार ने जीत के बाद कोहली के योगदान की तारीफ की। उन्होंने कहा- 'कोहली ने बैटिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर मेरी मदद की। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को लगातार मार्गदर्शन दिया। पाटीदार ने कहा- 'जब भी मैं विराट भाई को देखता हूं, वे हमेशा टीम और खिलाड़ियों के लिए मौजूद रहते हैं। युवा खिलाड़ी उनके पास जाने में झिझकते हों, लेकिन वे खुद आगे बढ़कर उनसे बात करते हैं।' उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहुंचते ही पिछले साल की खिताबी जीत की यादें ताजा हो गई थीं, लेकिन टीम ने वर्तमान पर ध्यान रखा। पाटीदार ने माना कि पिच को देखते हुए लक्ष्य का पीछा करना आसान था और गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में टीम की सबसे बड़ी ताकत के रूप में काम किया। 2. कोहली बोले- मुझे अपना रोल अच्छे से पता थाविराट कोहली ने मैच जीतने के बाद कहा- विजयी रन बनाने का सपना सच हुआ। हर खिलाड़ी ऐसे पल का सपना देखता है। उन्होंने बताया कि मैच से पहले उनके दिमाग में कई बार यह ख्याल आया था कि फाइनल में विजयी रन वही बनाएंगे।' विराट ने अरशद खान की गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली ने कहा- 'रन चेज में मुझे अपना रोल अच्छे से पता था। इस टीम की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यहां कई मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं। अब हर बार अकेले जिम्मेदारी उठाने की जरूरत महसूस नहीं होती। हेजलवुड, भुवनेश्वर, क्रुणाल और रसिख सलाम ने पूरे सीजन शानदार प्रदर्शन किया। 3. कोर टीम को बरकरार रखने का मिला फायदा: हेजलवुडतेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने टीम की सफलता का श्रेय टीम के मजबूत माहौल और कोर खिलाड़ियों को साथ रखने की रणनीति को दिया। उन्होंने कहा- 'लगातार बदलाव वाली लीग में मजबूत संस्कृति बनाना आसान नहीं होता, लेकिन RCB ने यह कर दिखाया।' हेजलवुड ने कहा, 'पिछले साल पहली ट्रॉफी के बाद दबाव कम हो गया था। इस बार हम पूरे सीजन शांत और संयमित रहे। हर मैच में किसी न किसी खिलाड़ी ने आगे आकर जिम्मेदारी निभाई।' उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की भी तारीफ करते हुए कहा कि शायद ही कोई मैच रहा हो जिसमें उन्होंने 35 से ज्यादा रन दिए हों। हेजलवुड ने फाइनल में 2 विकेट लिए। 4. ट्रॉफी पर्पल कैप से ज्यादा अहम: भुवनेश्वर सीजन में 28 विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम की ट्रॉफी मायने रखती है। उन्होंने कहा, 'जरूरत पड़े तो मैं पर्पल कैप भी छोड़ सकता हूं। सीजन शुरू होने से पहले काफी तैयारी और योजना बनाई गई थी। लगातार विकेट मिलने से आत्मविश्वास बढ़ता है और बड़े मैचों में वही काम आता है।' 5. मैनेजमेंट ने बदली टीम की सोच: जितेश शर्माविकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने टीम मैनेजमेंट को सफलता का बड़ा श्रेय दिया। उन्होंने बताया कि क्रिकेट डायरेक्टर बोबट ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि टीम खिताब बचाने नहीं, बल्कि फिर से जीतने उतरी है। जितेश ने कहा, 'यहीं से हमारा माइंडसेट बदल गया। हमने पूरे सीजन सिर्फ एक मैच पर ध्यान दिया। डीके (दिनेश कार्तिक) और मो बोबट ने खिलाड़ियों को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई।' 6. पांचों ट्रॉफियां मेरे लिए बराबर खास: क्रुणाल ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने अपने करियर की 5वीं IPL ट्रॉफी जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि किसी एक खिताब को सबसे खास नहीं कहा जा सकता। क्रुणाल ने कहा- 'यह बच्चों की तरह है, आप तय नहीं कर सकते कि कौन ज्यादा खास है। ट्रॉफी जीतने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। 11 साल के करियर में पांच IPL ट्रॉफियां जीतना मेरे लिए बेहद खास उपलब्धि है।' क्रुणाल ने लगातार दो खिताब जीतने का श्रेय टीम प्रबंधन, कोचिंग स्टाफ और सफल नीलामी रणनीति को दिया। साथ ही विराट कोहली की भी तारीफ की, जिन्होंने 18 साल इंतजार करने के बाद लगातार दो खिताब जीते। 7. टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने से हारे: शुभमन गिलगुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने हार की वजह बल्लेबाजी को बताया। उन्होंने कहा कि टीम अपेक्षित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। गिल ने कहा, 'अगर हम 180-190 रन तक पहुंचते तो मुकाबला अलग हो सकता था। शुरुआती विकेट गिरने से हमारा मोमेंटम टूट गया। हालांकि, 155 रन बनाने के बाद भी हमें भरोसा था कि शुरुआती विकेट लेकर मैच में वापसी कर सकते हैं।' 8. पिच का आकलन करने में चूक गए: विक्रम सोलंकीगुजरात टाइटंस के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट विक्रम सोलंकी ने माना कि टीम पिच को सही तरह से नहीं पढ़ पाई। उन्होंने कहा, 'यह 200 रन वाली विकेट नहीं थी, लेकिन हम लगभग 20-25 रन कम बना पाए। अगर स्कोर 180 के आसपास होता तो मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता था।' 9. हेडन बोले- RCB ने पावरप्ले में मैच पर पकड़ बना लीगुजरात टाइटंस के बल्लेबाजी कोच मैथ्यू हेडन ने माना कि उनकी टीम पावरप्ले का फायदा नहीं उठा सकी। उन्होंने RCB के गेंदबाजों, खासकर क्रुणाल पंड्या की तारीफ की और कहा कि गुजरात ने पूरे सीजन अच्छा क्रिकेट खेला, लेकिन फाइनल में विपक्षी टीम बेहतर साबित हुई। -------------------------------------------------------------- IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर 2. चैंपियन बेंगलुरु को ₹20 करोड़; गुजरात को ₹12.50 करोड़ मिले; वैभव को 5 अवॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम लगातार दूसरे सीजन चैंपियन बनी है। उसने अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर 3. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 5. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार... फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी 'अंडरअचीवर' कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम से होटल लौटते समय टीम की बस में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा- 'इस सीजन में मैंने सीखा कि दबाव वाले मैचों में कैसे खेला जाता है। साथ ही परिस्थिति के हिसाब से अपने खेल को कैसे बदला जाता है।' वैभव रविवार को अहमदाबाद में फाइनल के बाद अवॉर्ड लेने पहुंचे थे। वैभव को टूर्नामेंट का 'मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर' (MVP) चुना गया। इस दौरान उन्होंने सुनील गावस्कर और स्टार स्पोर्ट्स के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ बात-चीत की। वैभव ने कहा- हर मैच को एक ही मोड में नहीं खेल सकतेवैभव ने कहा- 'आप हर मैच को एक ही मोड में नहीं खेल सकते। आपको खेल की स्थिति को पढ़ना होगा और जरूरत के अुनसार बल्लेबाजी करनी होगी। प्लेऑफ के मैचों में मुझे यह बात गहराई से सीखने को मिली।' 15 साल के वैभव ने क्वालिफायर-2 में गुजरात के खिलाफ अपने स्वाभाविक के विपरीज बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 47 बॉल पर 96 रन बनाए थे। उन्होंने शुरुआती 2 विकेट जल्दी गंवाने के बाद रवींद्र जडेजा के साथ अर्धशतकीय साझेदारी करके पारी को संभाला था। हालांकि, वे अपनी टीम को फाइनल में नहीं पहुंचा सके थे। वैभव सूर्यवंशी की खास बातें- वैभव ने ऑरेंज कैप समेत 5 अवॉर्ड जीतेवैभव ने 16 पारियों में 48.50 के औसत और 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। वे इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। उन्हें ऑरेंज कैप मिली। साथ ही उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन समेत कुल 5 अवॉर्ड मिले। इनसे उन्हें 40 लाख रुपए और एक कार मिली। वहीं, गुजरात के कगिसो रबाडा ने 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। -------------------------------------------------------------- IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर 2. चैंपियन बेंगलुरु को ₹20 करोड़; गुजरात को ₹12.50 करोड़ मिले; वैभव को 5 अवॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम लगातार दूसरे सीजन चैंपियन बनी है। उसने अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर 3. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 5. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार... फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी 'अंडरअचीवर' कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर
IPL फाइनल के बाद गुजरात की बस में शॉर्ट सर्किट:प्लेयर्स और स्टाफ को बाहर निकाला गया, सभी सुरक्षित
IPL 2026 फाइनल के बाद गुजरात टाइटंस की टीम बस शॉर्ट सर्किट हो गया। बस के अंदर धुआं फैलने लगा था। एहतियात के तौर पर सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ देर इंतजार के बाद दूसरी बस की व्यवस्था की गई और सभी को होटल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। यह घटना रविवार देर रात हुई। जब टीम फाइनल खेलने के बाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम से होटल जा रही थी। बाद में फ्रेंचाइजी ने दूसरी बस का इंतजाम कर सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित होटल पहुंचाया। मोहम्मद सिराज ने इंस्ट्रा में यह फोटो पोस्ट की… बस की फोटो देखिए 5 विकेट से फाइनल हारी गुजरात हादसे से पहले गुजरात की टीम को फाइनल में बेंगलुरु के खिलाफ 5 विकेट की हार झेलनी पड़ी। गुजरात ने दूसरा फाइनल मैच गंवाया है। जबकि, बेंगलुरु की टीम दूसरी बार चैंपियन बनी है। विराट कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर --------------------------------------------- IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 2. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया, सूर्यवंशी अवॉर्ड लेने पहुंचे RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 3. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार... फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी 'अंडरअचीवर' कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर 4. चैंपियन बेंगलुरु को ₹20 करोड़; गुजरात को ₹12.50 करोड़ मिले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम लगातार दूसरे सीजन चैंपियन बनी है। उसने अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL का खिताब जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। जीत के साथ ही मैदान पर जश्न का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया। कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर… शुरुआत बेंगलुरु-गुजरात फाइनल की 6 फोटोज से… यहां से सीजन के टॉप-20 मोमेंट्स… मैच-1, भगदड़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई मैच 10, ईशान के बोल्ड पर गोयनका ने भगवान की तस्वीर माथे से लगाई मैच 11, बेंगलुरु स्टेडियम में द्रविड़-कुंबले के स्टैंड्स मैच 13, बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ मैच 16, कोहली ने सूर्यवंशी को ऑटोग्राफ दिया मैच 21, फ्लड लाइट बंद हुई, दर्शकों ने फ्लैश लाइट जलाई मैच 24, श्रेयस के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट मैच-25, ग्रीन का सिक्स कार पर लगा, गाड़ी पर डेंट आया मैच 35, एनगिडी के सिर में चोट लगी, मैदान पर एंबुलेंस आई मैच 38, रघुवंशी फील्डिंग में रुकावट के लिए आउट दिए गए मैच 38, शमी ने छक्का लगा मैच को सुपर ओवर में पहुंचाया मैच 39, धूलभरी आंधी ने खेल रोका मैच 42, पाटीदार को आउट देने के TV अंपायर के फैसले से नाराज दिखे कोहली मैच 46, रबाडा ने गुलाटी मारकर सेलिब्रेशन किया मैच 50, कोहली को प्रिंस यादव ने जीरो पर बोल्ड किया मैच 53, उर्विल ने 13 बॉल पर फिफ्टी लगाकर पर्ची निकाली, लिखा- पापा यह आपके लिए 63 मैच, धोनी ने ग्रुप फोटोशूट कराया मैच 67, कोहली-हेड के बीच नोकझोंक, मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया मैच 68, फैंस ने चीयरलीडर से बदसलूकी की मैच 69, सूर्या ने पेपर का प्लेन बनाकर उड़ाया एलिमिनेटर, वैभव 97 रन पर आउट हुए, स्टेडियम में सन्नाटा छाया क्वालीफायर-1 और 2, सुदर्शन लगातार दो मैच में हिट-विकेट आउट हुए क्वालिफायर-2, हार के बाद सूर्यवंशी रोए
18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार... फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी 'अंडरअचीवर' कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर IPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कप्तान रजत पाटीदार लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे कप्तान बने। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी (2009, 2010) और रोहित शर्मा (2019, 2020) ही ऐसा कर पाए थे। RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने रन बनाए। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने जिम्मेदारी संभाली। टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स… 1. टॉप ऑर्डर ने मिलकर दबाव नहीं बनने दिया बेंगलुरु की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। ओपनर विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा और एक शतक के साथ 5 अर्धशतक भी लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए। वहीं वेंकटेश अय्यर 6 इनिंग में 209 रन बनाए। फाइनल में उन्होंने 16 बॉल पर 32 रन की पारी खेली। यही कारण रहा कि RCB को पूरे सीजन में मिडिल ऑर्डर में ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ा। 2. भुवनेश्वर-हेजलवुड ने संभाली गेंदबाजी RCB की बॉलिंग यूनिट इस सीजन बेहद संतुलित नजर आई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर टीम को लीड किया। रसिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। वहीं जोश हेजलवुड ने सिर्फ 13 मैच खेलकर 15 विकेट लिए। जैकब डफी ने भी 6 मैचों में 9 विकेट निकालकर योगदान दिया। स्पिन डिपार्टमेंट में क्रुणाल पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने के कारण वे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हुए। जब तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पाते थे, तब क्रुणाल और सुयश शर्मा (9 विकेट) जैसे स्पिनर बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख बदल देते थे। यही बैलेंस RCB की गेंदबाजी को बाकी टीमों से अलग बनाता रहा। 3. अलग-अलग 8 मैच विनर किसी भी चैंपियन टीम की पहचान उसके मैच विनर्स होते हैं और RCB के पास उनकी कोई कमी नहीं थी। इस सीजन टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। जोश हेजलवुड 2 बार और टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट भी एक-एक बार प्लेयर ऑफ द मैच बने। यानी टीम की जीत सिर्फ कोहली या पाटीदार पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत दिलाई। यही कारण रहा कि जब किसी एक खिलाड़ी का दिन खराब रहा, तब दूसरा खिलाड़ी टीम को जीत की मंजिल तक ले गया। 4. होमग्राउंड में 86% मैच जीते RCB ने इस सीजन अपने घरेलू मैदान को किला बना दिया। टीम ने होम ग्राउंड पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते और जीत प्रतिशत 86 रहा। पिछले सीजन टीम को घर पर हुए 6 मैचों में 3 में हार मिली थी। 2 में जीत मिली वहीं एक मैच बेनतीजा रहा। बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के अलावा रायपुर को भी अपने घरेलू मैदान के तौर पर इस्तेमाल किया और दोनों जगह शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि टीम पूरे सीजन कभी लगातार दो से ज्यादा मैच नहीं हारी। बेंगलुरु ने अपने घर में सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी मजबूत टीमों को हराया। घरेलू मैदान पर उसे सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के साथ-साथ रजत पाटीदार की कप्तानी भी शानदार रही। उन्होंने परिस्थितियों और बल्लेबाजों की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीम लीग स्टेज में लगातार जीत दर्ज करती रही और प्लेऑफ में मजबूत स्थिति के साथ पहुंची। 5. कोहली के लगातार चौथे सीजन 600+ रन विराट कोहली का शानदार फॉर्म RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। इससे भी खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदलता रहा, लेकिन कोहली के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। RCB के ओपनर फिल सॉल्ट चोट के कारण सिर्फ 6 मैच ही खेल सके। इसके बाद टीम ने जैकब बेथेल को मौका दिया, लेकिन वे 7 मैचों में सिर्फ 96 रन ही बना पाए। लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों और प्लेऑफ में वेंकटेश अय्यर ने कोहली के साथ पारी की शुरुआत की। लगातार बदलते ओपनिंग पार्टनर्स के बावजूद कोहली ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सीजन में टीम के लिए सबसे ज्यादा 675 रन बनाए। बड़े मैचों में उन्होंने पारी को संभाला, जबकि दूसरे बल्लेबाज अटैकिंग बैटिंग करते रहे। RCB की इस खिताबी जीत ने साबित कर दिया कि IPL सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम कॉम्बिनेशन, कई मैच विनर्स, बैलेंस्ड बॉलिंग और बेहतरीन कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाते हैं।
IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी की। ये IPL में उनकी 11वीं शतकीय साझेदारी थी। सुदर्शन और गिल की जोड़ी ने टी-20 क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी कर ली। दूसरे स्थान पर क्रिस गेल और विराट कोहली (10 बार) हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरे सीजन IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में RCB ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी जीती। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। व्यक्तिगत पुरस्कारों में राजस्थान के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का दबदबा रहा। उन्होंने सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती। वहीं, गुजरात के कगिसो रबाडा ने 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। सूर्यवंशी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन समेत कुल पांच अवॉर्ड मिले।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता IPL 2026 का खिताब, फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराया
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर खिताब जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में आरसीबी ने 156 रन का लक्ष्य हासिल कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सभी जिलों से आए 176 एथलीट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानक पूरे करने वाले खिलाड़ियों को आगामी नेशनल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण, अमेरिका से दौड़ने पहुंचे वरुण इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेल के प्रति दीवानगी का एक अनूठा उदाहरण भी देखने को मिला। चेस्ट नंबर 980 के खिलाड़ी वरुण ओबेरॉय केवल इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए विशेष रूप से अमेरिका से उत्तराखंड आए। उन्होंने 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण पुरुष वर्ग में ऊधमसिंह नगर के गुरशन सिंह, नवजोत सिंह, हरिद्वार के प्रखर शर्मा, अल्मोड़ा के धीरज बिष्ट, काशीपुर के राम सिंह, नैनीताल के दीपक भट्ट, पौड़ी गढ़वाल के प्रभु महतो, हरिद्वार के विक्रांत चौधरी, बागेश्वर के नीरज चंदोला, नैनीताल के सागर राम, चमोली के परमजीत सिंह बिष्ट, ऊधमसिंह नगर के वंश चौधरी, सोहेल, भूपेंद्र बिष्ट, देहरादून के अनिकेत काला, उत्तराखंड पुलिस के शिवकुमार और देहरादून के विकास शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। जबकि महिला वर्ग में ऊधमसिंह नगर की कनिष्का मनचंदा, देहरादून की अर्का गोरिया, चमोली की अनीशा, नैनीताल की अनु भट्ट, पिथौरागढ़ की माया कुमारी, हरिद्वार की सोनिया, आयशा रहमान, रुद्रप्रयाग की अंजलि, काशीपुर की पायल, चंपावत की भगवती बिष्ट, उत्तरकाशी की तक्षशिला चौहान, हरिद्वार की वृद्धि सचदेवा, देहरादून की आरुषि, पिथौरागढ़ की इंदिरा, देहरादून की निकिता रावत, ऊधमसिंह नगर की नीतू चंद प्रथम रहीं। इनकी देखरेख में संपन्न हुआ आयोजन आयोजन के दौरान उत्तराखंड एथलेटिक संघ के अध्यक्ष संदीप शर्मा, सचिव के.जे.एस. कलसी, कोषाध्यक्ष एम.सी. शाह और कोचिंग व प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष गुरुफूल सिंह सहित गुलशन अली, सुनील शर्मा, सरफराज चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।
भारत की पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीत लिया है। उन्होंने रविवार 31 मई को खेले गए फाइनल में इंडोनेशिया की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी फजार अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को 18-21, 21-17 और 21-16 से हराया। सात्विक-चिराग ने आखिरी खिताब थाईलैंड ओपन 2024 जीता था। इसके बाद वे कई बड़े टूर्नामेंटों में फाइनल तक पहुंचे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सके। जोड़ी का यह नौवां BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेनशन) वर्ल्ड खिताब है। जीत के बाद ‘भाग मिल्खा भाग’ का गाना बजा खिताब जीतने के बाद सात्विक और चिराग कोर्ट पर खुशी से झूम उठे। दोनों खिलाड़ियों ने जीत का जश्न डांस करके मनाया। पुरस्कार समारोह में उन्हें ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और 70 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। पोडियम समारोह के दौरान फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का शीर्षक गीत बजाया गया। चिराग शेट्टी ने पोडियम पर आंखें बंद कर ली थी। सात्विक बोले- ‘शब्दों में बयां करना मुश्किल’ कोर्टसाइड इंटरव्यू में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कहा, ‘इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इससे पहले हम हमेशा सिंगापुर में हारते रहे हैं। यह खेलने के लिए सबसे बेहतरीन स्टेडियमों में से एक है।’ उन्होंने सपोर्ट के लिए दर्शकों को धन्यवाद दिया। पहला गेम हारने के बाद वापसी की सात्विक-चिराग अपना पहला गेम 18-21 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरे गेम को 21-17 से जीकर मैच में बराबरी की। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने आखिरी और तीसरे गेम में इंडोनेशिया की जोड़ी को 21-16 से हराकर ट्रॉफी जीत ली। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में गुकेश की वापसी, प्रज्ञानानंद को हराया:कार्लसन हारे; दिव्या देशमुख विमेंस कैटेगरी में नंबर-1 पर आईं वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें…
सात्विक-चिराग ने पहली बार सिंगापुर ओपन जीता:इंडोनेशियाई जोड़ी को हराया; 2024 के बाद कोई खिताब जीता
भारत की पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीत लिया है। उन्होंने रविवार 31 मई को खेले गए फाइनल में इंडोनेशिया की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी फजार अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को 18-21, 21-17 और 21-16 से हराया। सात्विक-चिराग ने आखिरी खिताब थाईलैंड ओपन 2024 जीता था। इसके बाद वे कई बड़े टूर्नामेंटों में फाइनल तक पहुंचे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सके। जोड़ी का यह नौवां BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेनशन) वर्ल्ड खिताब है। जीत के बाद ‘भाग मिल्खा भाग’ का गाना बजा खिताब जीतने के बाद सात्विक और चिराग कोर्ट पर खुशी से झूम उठे। दोनों खिलाड़ियों ने जीत का जश्न डांस करके मनाया। पुरस्कार समारोह में उन्हें ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और 70 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। पोडियम समारोह के दौरान फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का शीर्षक गीत बजाया गया। चिराग शेट्टी ने पोडियम पर आंखें बंद कर ली थी। सात्विक बोले- ‘शब्दों में बयां करना मुश्किल’ कोर्टसाइड इंटरव्यू में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कहा, ‘इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इससे पहले हम हमेशा सिंगापुर में हारते रहे हैं। यह खेलने के लिए सबसे बेहतरीन स्टेडियमों में से एक है।’ उन्होंने सपोर्ट के लिए दर्शकों को धन्यवाद दिया। पहला गेम हारने के बाद वापसी की सात्विक-चिराग अपना पहला गेम 18-21 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरे गेम को 21-17 से जीकर मैच में बराबरी की। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने आखिरी और तीसरे गेम में इंडोनेशिया की जोड़ी को 21-16 से हराकर ट्रॉफी जीत ली। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में गुकेश की वापसी, प्रज्ञानानंद को हराया:कार्लसन हारे; दिव्या देशमुख विमेंस कैटेगरी में नंबर-1 पर आईं वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें…
साल 2024 में पेरिस की लाल मिट्टी पर जब राफेल नडाल आखिरी बार उतरे, तब दुनिया उन्हें सिर्फ एक महान टेनिस खिलाड़ी के रूप में नहीं देख रही थी। लोग उस इंसान को देख रहे थे, जिसने दो दशक तक दर्द के साथ जीते हुए खेल को अपना सब कुछ दिया। नेटफ्लिक्स की एक नई सीरीज में, 39 वर्षीय स्पेनिश स्टार नडाल ने इस बात का खुलासा किया है कि महानता हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी सेहत के साथ कितने जोखिम उठाए। साल 2005 में 19 वर्षीय नडाल ने पहली बार फ्रेंच ओपन खेला और पहले ही प्रयास में खिताब जीत लिया। लंबे बाल, जबरदस्त ताकत और कभी हार न मानने वाले जज्बे ने दुनिया को अपना दीवाना बना लिया, लेकिन उसी साल एक ऐसी समस्या सामने आई, जिसने उनके पूरे करियर में पीछा नहीं छोड़ा। मैड्रिड ओपन के दौरान उनके बाएं पैर में गंभीर चोट लगी। पता चला कि उन्हें म्यूलर-वाईस सिंड्रोम नाम की दुर्लभ बीमारी है। इसमें पैर की हड्डियों में असहनीय दर्द होता है। डॉक्टरों को डर था कि शायद वे दोबारा टेनिस नहीं खेल पाएंगे, लेकिन नडाल ने हार नहीं मानी। विशेष इनसोल (जूते के अंदर का पैड) की मदद से उन्होंने कोर्ट पर वापसी की। हालांकि इसके बाद उन्हें लगभग हर मैच दर्द के साथ खेलना पड़ा। नडाल को हमेशा लगता था कि शायद यह उनका आखिरी सीजन हो। यही सोच उन्हें रुकने नहीं देती थी। वह दर्द सहते रहे, क्योंकि उनके लिए खेल के प्रति जुनून हर तकलीफ से बड़ा था। पैर की समस्या का असर धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ने लगा। घुटनों में गंभीर चोटें हुईं। दर्द कम करने के लिए उन्हें लगातार दवाइयों का सहारा लेना पड़ता था। ज्यादा पेनकिलर दवाओं के कारण उनकी आंतों में भी परेशानी पैदा हो गई, लेकिन नडाल का सफर यहीं नहीं रुका। फ्रेंच ओपन 2022 में उनके पैर का दर्द इतना बढ़ चुका था कि डॉक्टरों ने नस को सुन्न करने वाले इंजेक्शन लगाए। हालत यह थी कि उन्हें अपने पैर का एहसास तक नहीं हो रहा था। फिर भी उन्होंने रोलां गैरो का 14वां और अपने करियर का आखिरी फ्रेंच ओपन खिताब जीत लिया। नडाल की यह जिद बचपन से ही उनके स्वभाव का हिस्सा थी। उनके कोच और चाचा टोनी नडाल उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में अभ्यास कराते थे। बचपन में टूटी अंगुली के साथ भी उन्होंने एक टूर्नामेंट जीता था। हालांकि लगातार दबाव और तनाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ा। एक समय उन्हें मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ी। बाद में उन्होंने अपने खेल और सोच में बदलाव किया। 2016 में कार्लोस मोया को कोचिंग टीम में शामिल किया और जीवन को थोड़ा खुलकर जीना सीखा। 2017 से 2024 के बीच उन्होंने आठ और ग्रैंड स्लैम जीते। कुल 22 ग्रैंड स्लैम खिताबों के साथ उन्होंने करियर को अलविदा कहा। नडाल मानते हैं कि अगर उन्होंने दर्द और जोखिम के साथ जीने का फैसला नहीं किया होता, तो शायद उनके नाम 10-12 ग्रैंड स्लैम कम होते।
पाकिस्तान ने अपने 1000वें वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ उसने 3 मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। रावलपिंडी में शनिवार को खेले गए इस मैच में 21 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर अराफात मिन्हास ने डेब्यू किया। उन्होंने 5 विकेट झटके। वे वनडे डेब्यू मैच में 5 विकेट लेने वाले पहले पाकिस्तानी गेंदबाज बन गए। मिन्हास ने 10 ओवर में 32 रन दिए। उनकी गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 44.1 ओवर में 200 रन पर ऑलआउट कर दिया। फिर 5 विकेट खोकर 45 गेंद शेष रहते टारगेट हासिल कर लिया। बाबर आजम ने 69 और विकेटकीपर गाजी घोरी ने 65 रन बनाए। दोनों के बीच 127 रनों की मैच विनिंग पारी हुई। शाहीन टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, शॉर्ट की फिफ्टी पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने रावलपिंडी की सूखी पिच को देखते हुए टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। उन्होंने प्लेइंग-11 में 4 स्पिनर्स और 2 तेज गेंदबाजों को शामिल किया। शाहीन की यह रणनीति काम आई और पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 44.1 ओवर में ऑलआउट कर दिया। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर मैथ्यू शॉर्ट ने 55 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने एलेक्स कैरी के साथ 34 रन ही जोड़े थे कि अबरार अहमद ने कैरी को सलमान अली आगा के हाथों कैच करा दिया। अराफात ने दबाव में डाला, लाबुशेन-ग्रीन जीरो पर आउट कैरी के आउट होने के बाद कप्तान अफरीदी ने अराफात मिन्हास को गेंदबाजी पर लगाया। मिन्हास को लाइन और लेंथ हासिल करने में थोड़ा समय लगा, लेकिन लय मिलते ही उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन भेजना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने चौथे ओवर में जोश इंग्लिस (13 रन) और मार्नस लाबुशेन (शून्य) को तीन गेंदों के अंदर LBW आउट कर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया। फिर अगले ओवर में कैमरन ग्रीन को बोल्ड कर दिया। यहां ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 68 रन पर 4 विकेट हो गया। शॉर्ट-रेनशॉ ने संभाली पारी, कुह्नेमैन ने स्कोर 200 पहुंचाया मैथ्यू शॉर्ट और मैट रेनशॉ ने 5वें विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी करके पारी को संभाला। जब ऑस्ट्रेलिया की पारी लय पकड़ रही थी, तब शाहीन अफरीदी ने दोबारा मिन्हास को गेंदबाजी पर लगाया। मिन्हास ने मैथ्यू शॉर्ट को अपनी गति और टर्न से छकाया और विकेटकीपर गाजी घोरी ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया। इसके बाद अबरार अहमद ने मैट रेनशॉ को बोल्ड कर ऑस्ट्रेलिया की चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने की उम्मीद खत्म कर दी। मिन्हास ने अपने आखिरी स्पैल में नाथन एलिस को बोल्ड कर वनडे इतिहास में अपने पहले 5 विकेट पूरे किए। मैथ्यू कुह्नेमैन ने निचले क्रम में 40 गेंदों पर 24 रन बनाकर टीम का स्कोर 200 तक पहुंचाया। पाकिस्तान की खराब शुरुआत, ओपनर्स जल्दी आउट रन चेज में पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही। ओपनर माज सदाकत (8 रन) और साहिबजादा फरहान (28 रन) जल्दी आउट हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने चौथे ओवर से ही स्पिनर्स लगा दिए थे। इसका फायदा बाबर और घोरी को मिला। दोनों ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की पार्टनरशिप की। पिच लगातार खराब हो रही थी और स्पिनर्स को टर्न व असमान उछाल मिल रहा था। ऐसे में बाबर आजम ने आक्रामकता छोड़कर एंकर रोल निभाया। उन्होंने 94 गेंदों पर 69 रन बनाए। वहीं अपना दूसरा वनडे खेल रहे गाजी घोरी ने 92 गेंदों पर 65 रन बनाए, जो उनके लिस्ट-ए करियर का सर्वोच्च स्कोर है। दोनों के अर्धशतक पूरे होने के बाद नाथन एलिस ने बाबर और घोरी को आउट किया, लेकिन तब तक पाकिस्तान जीत के करीब पहुंच चुका था। अंत में अराफात मिन्हास ने 17 गेंदों पर नाबाद 18 रन बनाए और छक्का मारकर पाकिस्तान को जीत दिलाई। ------------------------------------- इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आयरलैंड को हराकर न्यूजीलैंड ने जीता इकलौता टेस्ट, कीवी टीम पारी और 79 रन से जीती न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। पढ़ें पूरी खबर
IPL 2026 फाइनल: अहमदाबाद में आरसीबी और गुजरात टाइटंस की खिताबी भिड़ंत, दूसरी ट्रॉफी पर दोनों की नजर
यह मुकाबला न सिर्फ खिताब के लिए अहम है, बल्कि दोनों टीमों के लिए इतिहास दोहराने और नई उपलब्धि हासिल करने का भी मौका है। स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ और दोनों टीमों के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए इस फाइनल को सीजन का सबसे रोमांचक मुकाबला माना जा रहा है।
फ्रेंच ओपन में शनिवार रात बड़ा उलटफेर हुआ। डिफेंडिंग चैंपियन कोको गॉफ तीसरे दौर में हारकर बाहर हो गईं। 30वीं वरीयता प्राप्त अनास्तासिया पोटापोवा ने उन्हें 4-6, 7-6 (1), 6-4 से हराया। हार के बाद अमेरिकी स्टार गॉफ ने माना कि वे अहम मौकों का फायदा नहीं उठा सकीं। ऑस्ट्रिया की पोटापोवा ने लंबी बेसलाइन रैलियों में बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने निर्णायक मौकों पर अंक लेकर जीत हासिल की। दूसरी ओर, जापान की नाओमी ओसाका ने अपने करियर के 100वें ग्रैंड स्लैम मैच में जीत दर्ज की। ओसाका ने जोविच को हराया, अब सबालेंका से मैच ओसाका ने अमेरिका की इवा जोविच को 7-6 (5), 6-7 (3), 6-4 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई। वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने डारिया कसातकिना को 6-0, 7-5 से हराकर चौथे दौर में प्रवेश किया। अब दोनों आमने-सामने होंगी। ओसाका खेल के साथ-साथ अपने फैशन स्टेटमेंट को लेकर भी चर्चा में रहीं। वे सुनहरे रंग के विशेष आउटफिट में कोर्ट पर उतरीं। मैच के बाद जापानी खिलाड़ी ने कहा कि वह अब टेनिस को ज्यादा आनंद और उत्साह के साथ खेल रही हैं। सेरुंडोलो करीब 6 घंटे चले मैच में जीते, लैंडालुसे को हराया पुरुष एकल में जुआन मैनुएल सेरुंडोलो ने मार्टिन लैंडालुसे को 5 घंटे 58 मिनट चले मुकाबले में हराया। यह पिछले छह वर्षों में फ्रेंच ओपन का सबसे लंबा मैच रहा। दो दिन पहले विश्व नंबर-1 यानिक सिनर को हराने वाले सेरुंडोलो ने लगातार दूसरी पांच सेट की जीत दर्ज की। फेलिक्स ऑगर-अलियासिम, फ्रांसेस टियाफो, माटेओ बेरेटिनी और फ्लावियो कोबोली भी अगले दौर में पहुंच गए। ---------------------------------------------------- फ्रेंच ओपन की यह खबर भी पढ़िए… जोकोविच तीसरे दौर में उलटफेर का शिकार, कैमरामैन पर भड़के 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में उलटफेर का शिकार हो गए। उन्हें शुक्रवार रात को 19 साल के ब्राजीली खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने लगभग पांच घंटे चले मैच में दो सेट से पिछड़ने के बाद 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
Interview: वैभव सूर्यवंशी बोले, अभ्यास नहीं करूं तो लगता है जिंदगी धीमी पड़ गई है
वैभव का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यही वजह है कि वह नियमित अभ्यास को अपने क्रिकेट जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। उनके अनुसार, अगर वह एक दिन भी अभ्यास नहीं करते हैं तो उन्हें लगता है कि उनकी दिनचर्या अधूरी रह गई है।
वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। एक गलती से हारे प्रज्ञानानंद रागोजिन डिफेंस से शुरू हुआ यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोनों खिलाड़ियों के पास जीत के अवसर थे, लेकिन समय के दबाव में प्रज्ञानानंद की एक गलती निर्णायक साबित हुई। गुकेश ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए चेकमेट के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया। कार्लसन अमेरिकी ग्रैंडमास्टर से हारेदूसरी ओर मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हार का सामना करना पड़ा। पांच दौर के बाद कार्लसन 4.5 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर हैं, जबकि अलीरेजा फिरूजा 10 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। दिव्या ने चीनी खिलाड़ी को हरायामहिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराकर पहली बार एकल बढ़त हासिल की। दिव्या अब 8.5 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर हैं। भारत की कोनेरू हम्पी ने भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से नॉर्वे चेस में भारत की चुनौती और मजबूत हो गई है। ------------------------------------------------- नॉर्वे चेस की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे, चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। पढ़ें पूरी खबर
चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, 'मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और 'मार्शले' को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। --------------------------------------------- फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- 'आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।' सचिन ने कहा, 'मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।' तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, 'वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।' चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, 'न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।' गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। -------------------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर
मीनाक्षी ने फाइनल में हार पर शिकायत दर्ज कराई, डब्ल्यूएफआई ने कहा- नतीजे नहीं बदलेंगे
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा आयोजित एशियन गेम्स 2026 का ट्रायल एक और विवाद में घिर गया है
IPL 2026 का फाइनल आज डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोनों टीमों के पास दूसरी बार टाइटल जीतने का मौका है। बेंगलुरु ने पिछले साल पहला खिताब जीता था, जबकि गुजरात 2022 में अपने पहले सीजन में चैंपियन बनी थी। फाइनल मैच की प्रीव्यू रिपोर्ट टॉप ट्रेंड पिछली भिड़ंत क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु ने गुजरात को हरायाबेंगलुरु और गुजरात में पिछला मुकाबला 26 मई को धर्मशाला के मैदान पर खेला गया था। उस मुकाबले में बेंगलुरु की टीम गुजरात पर हावी रही और मुकाबले को 92 रनों से जीता था। लीग राउंड में 2 बार दोनों टीमों का सामना हुआ है। हेड-टु-हेड पिछले रिकॉर्ड में बेंगलुरु एक जीत से आगे प्रीवियस रिकॉर्ड में बेंगलुरु की टीम एक जीत से आगे है। दोनों के बीच अब तक 9 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें से बेंगलुरु ने 5 जीते हैं, जबकि गुजरात ने 4 में जीत अपने नाम की है। प्लेयर्स टु वॉच गुजरात के टॉप-3 प्लेयर्स बेंगलुरु के टॉप-3 प्लेयर्स इंजरी एंड फिटनेस राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालिफायर-2 के दौरान मोहम्मद सिराज के कंधे में परेशानी दिखी थी। उन्होंने अपना स्पेल पूरा किया, लेकिन फाइनल से पहले उनकी फिटनेस गुजरात के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले की उम्मीद हैं। यहां मौजूदा सीजन में 3 बार ही 200 का स्कोर पार हुआ है। ऐसे में गुजरात के गेंदबाज होम कंडीशंस पर बेंगलुरु की बैटर्स की परीक्षा लेंगे। इस मैदान पर दोनों टीमों का पिछला रिकॉर्ड बराबरी पर है। दोनों ने एक-एक मैच जीते हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 बेंगलुरु: विराट कोहली, वेंकटेश अय्यर, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम और रोमारियो शेफर्ड। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज , प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया।
IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। 1. वैभव सूर्यवंशी, राजस्थान रॉयल्स बिहार के 15 साल के लेफ्ट हैंड बैटर वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू और सबसे तेज भारतीय शतक लगाने वाले वैभव ने इस बार 16 मैचों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा, जबकि उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 2025 मेगा ऑक्शन में 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा था। वैभव ने 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया था और भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। वैभव ने 20 या इससे कम गेंदों में 5 फिफ्टी लगाई। इस सीजन उन्होंने 36 बॉल में शतक लगाया। हालांकि उनका सबसे यादगार प्रदर्शन प्लेऑफ के एलिमिनेटर में आया, जब उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ महज 29 गेंदों पर 97 रन ठोक दिए। इस पारी में उन्होंने 12 छक्के लगाए और एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उनके नाम अब 72 छक्के लगाने का रिकॉर्ड हैं। वैभव ने इसके बाद क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 47 गेंदों पर 96 रन बनाए। हालांकि राजस्थान रॉयल्स उस मैच में हारकर फाइनल तक पहुंचाने में नाकाम रही। 15 साल की उम्र में उन्होंने सीजन में 600+ रन बनाने वाले वे पहले बैटर भी बने। 2. आयुष म्हात्रे, चेन्नई सुपर किंग्स मुंबई के 18 साल के ओपनर आयुष म्हात्रे चोट की वजह से इस IPL में सिर्फ 6 ही मैच खेल सके। इसमें उन्होंने 177.87 की स्ट्राइक रेट से 201 रन बनाए। आयुष ने 17 साल की उम्र में मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन के अपने तीसरे ही मैच में शतक जड़ दिया। 2024 के आखिर में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 117 गेंदों पर 181 रन बनाकर लिस्ट-ए क्रिकेट में 150+ रन बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज का रिकॉर्ड बनाया। IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में आयुष अनसोल्ड रहे, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद उन्हें रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर टीम में शामिल किया गया। मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने अपना IPL और टी-20 डेब्यू किया। CSK के सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे आयुष ने पहली ही पारी में 15 गेंदों पर 32 रन बनाकर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी। 3. अंगकृष रघुवंशी, कोलकाता नाइट राइडर्स दिल्ली में जन्मे अंगकृष 11 साल की उम्र में मुंबई आ गए थे। यहां उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिषेक नायर और कोच ओमकार साल्वी की देखरेख में ट्रेनिंग ली। इसके बाद उन्होंने मुंबई को ही अपना स्थायी ठिकाना बना लिया। 2023-24 सीजन में उन्होंने मुंबई के लिए लिस्ट-ए और टी-20 डेब्यू किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए कोलकाता ने IPL 2024 ऑक्शन में 20 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा। 21 साल के रघुवंशी 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। अंगकृष ने IPL 2026 में 13 मैचों में 422 रन बनाए और 5 अर्धशतक लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 146.52 का रहा। इस सीजन के दौरान कई बार शुरुआती विकेट गिरने के बाद अंगकृष ने पारी को संभालने और अंत तक ले जाने की भूमिका निभाई। 4. मुकुल चौधरी, लखनऊ सुपर जायंट्स राजस्थान के 21 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अपनी तेज बल्लेबाजी से पहचान बनाई। अंडर-23 स्तर पर शानदार खेल दिखाने वाले मुकुल ने 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 5 पारियों में 198.85 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन से प्रभावित होकर लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें IPL 2026 ऑक्शन में 2.60 करोड़ रुपए में खरीदा। मुकुल ने अपने पहले IPL सीजन के 10 मैचों में 170 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा। कोलकाता के खिलाफ मुकुल ने IPL करियर की यादगार पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाए, जिसमें 7 छक्के शामिल थे। 200 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने आखिरी गेंद पर रोमांचक जीत हासिल की। दबाव की स्थिति में मैच फिनिश करने की उनकी क्षमता ने उन्हें युवा फिनिशरों में शामिल कर दिया। 5. प्रिंस यादव, लखनऊ सुपर जायंट्स दिल्ली के 24 साल के तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने इस सीजन यॉर्कर्स से अपनी पहचान बनाई। प्रिंस ने सबसे पहले 2024 दिल्ली प्रीमियर लीग में पहचान बनाई, जहां ऋषभ पंत की कप्तानी वाली पुरानी दिल्ली-6 टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने 10 मैचों में 13 विकेट लिए। 2024-25 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपने पहले टी-20 मुकाबले में उन्होंने नीतीश राणा और समीर रिजवी जैसे बल्लेबाजों के विकेट लेकर प्रभावित किया। अगले ही दिन लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL मेगा ऑक्शन में उन्हें 30 लाख रुपए में खरीद लिया। रहे। IPL 2026 में प्रिंस ने 14 मैचों में 16 विकेट लिए। उनकी इकॉनमी 8.82 रही, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/32 का रहा। नई गेंद और डेथ ओवर्स दोनों में उन्होंने प्रभाव छोड़ा। प्रिंस के लिए सीजन का सबसे चर्चित पल तब आया, जब प्रिंस ने अपनी तेज बॉल पर विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में प्रिंस यादव को भारतीय टीम में चुना गया है। 6. रसिख सलाम, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जम्मू-कश्मीर के 25 साल के तेज गेंदबाज रसिख सलाम का क्रिकेट संघर्ष, विवाद और शानदार वापसी की कहानी रहा है। 17 साल की उम्र में IPL डेब्यू करने वाले रसिख को अपने करियर में बैन और चोटों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन पर भरोसा दिखाते हुए 2025 में मैदान पर उतरे बिना भी 6 करोड़ रुपए में रिटेन किया था। फ्रेंचाइजी के इस विश्वास को रसिख ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन से सही साबित किया। उन्होंने 11 मैचों में 16 विकेट लिए और नई गेंद से लेकर डेथ ओवर्स तक प्रभावी गेंदबाजी की। इस सीजन लखनऊ के खिलाफ रसिख ने IPL करियर का अपना बेस्ट स्पेल डाला। उन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। रसिख ने बेंगलुरु में भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे वर्ल्ड क्लास बॉलर्स होने के बावजूद अपना नाम बनाया। 7. साकिब हुसैन, सनराइजर्स हैदराबाद बिहार के गोपालगंज के रहने वाले 21 साल के तेज गेंदबाज साकिब हुसैन की मां ने प्रोफेशनल बॉलिंग स्पाइक्स खरीदने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे। उन्होंने ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर पहचान बनाई। कोलकाता ने IPL 2024 मने उन्हें चुना, लेकिन साकिब को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। अगले सीजन रिलीज होने के बाद हैदराबाद ने IPL 2026 ऑक्शन में 30 लाख रुपए में उन पर दांव लगाया और साकिब ने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। साकिब ने अपनी स्विंग, यॉर्कर और स्लोअर गेंदों से बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। उन्होंने 11 मैचों में 15 विकेट लिए। साकिब ने राजस्थान के खिलाफ अपने IPL डेब्यू को यादगार बना दिया। उन्होंने 4 विकेट लेकर 24 रन दिए। इसके अलावा चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने शिवम दुबे को क्लीन बोल्ड कर अपनी काबिलियत दिखाई, जबकि सीजन के आखिर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ विराट कोहली का विकेट लेकर सुर्खियां बटोरीं। 8. प्रफुल हिंगे, सनराइजर्स हैदराबाद महाराष्ट्र के विदर्भ से आने वाले 24 साल के तेज गेंदबाज प्रफुल हिंगे IPL 2026 के सबसे बड़े सरप्राइज पैकेज बनकर उभरे। रेड-बॉल क्रिकेट में उन्होंने सिर्फ 10 फर्स्ट क्लास मैचों में 27 विकेट लेकर अपनी क्षमता दिखाई थी, लेकिन टी-20 क्रिकेट में उनके पास ज्यादा अनुभव नहीं था। सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 ऑक्शन में उन्हें 30 लाख रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। पैट कमिंस, हर्षल पटेल जैसे अनुभवी गेंदबाजों के बीच प्रफुल को सीखने और खुद को निखारने का मौका मिला। उन्होंने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया और सिर्फ 7 मैचों में 14 विकेट लेकर सभी को चौंका दिया। प्रफुल ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने IPL डेब्यू को ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने मैच के पहले ही ओवर में वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस के विकेट लेकर IPL इतिहास में पहले ओवर में तीन विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद प्लेऑफ के एलिमिनेटर में भी उन्होंने राजस्थान के खिलाफ 3 विकेट लिए। इसी मुकाबले में उन्होंने 29 गेंदों पर 97 रन बना चुके वैभव सूर्यवंशी का विकेट हासिल किया और वैभव को एक सीजन में दो बार आउट कर दिया। 9. बृजेश शर्मा, राजस्थान रॉयल्स 27 साल के जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज बृजेश शर्मा IPL 2026 के सबसे बड़े सरप्राइज पैकेज साबित हुए। 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले बृजेश ने 2025 बंगाल प्रो टी-20 लीग में 7 मैचों में 11 विकेट लेकर खुद को साबित किया, जिसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 ऑक्शन में उन्हें उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपए में खरीद लिया। दिलचस्प बात यह रही कि जब राजस्थान ने उन पर दांव लगाया, तब तक उन्होंने किसी भी फॉर्मेट में सीनियर स्तर पर डेब्यू नहीं किया था। बृजेश ने इस भरोसे को सही साबित करते हुए 13 मैचों में 14 विकेट लिए। बृजेश का सबसे यादगार प्रदर्शन गुजरात टाइटंस के खिलाफ आया। शुभमन गिल ने उन्हें सिक्स लगाया, लेकिन बृजेश ने अगली ही बॉल में गिल का विकेट चटका दिया। बृजेश की सबसे बड़ी ताकत मिडिल ओवर्स में उनकी गेंदबाजी है। वे पेस और स्लोअर्स दोनों बॉल को मिक्स करते रहते हैं। 10. यश राज पुंजा, राजस्थान रॉयल्स IPL 2026 स्पिनर्स का सीजन नहीं रहा। लेकिन कर्नाटक के 19 साल के लेग स्पिनर यश राज पुंजा को राजस्थान ने रवि बिश्नोई से ऊपर खेलने का मौका दिया। यश ने 9 विकेट लेकर इसे सही साबित कर दिया। राजस्थान ने उन्हें ऑक्शन में 30 लाख रुपए में खरीदा था। 6 फीट 5 इंच लंबे यश को ऊंचे रिलीज पॉइंट और गूगली की वजह से अलग पहचान मिली। पंजाब किंग्स के खिलाफ उनका सबसे यादगार पल रहा। उन्होंने प्रभसिमरन सिंह और कूपर जैसे अहम बल्लेबाजों को आउट कर राजस्थान को जीत दिलाई। लखनऊ के खिलाफ उनकी गूगली ने जोश इंग्लिस के स्टंप बिखेर दिए, जिसे सीजन की बेहतरीन स्पिन गेंदों में गिना गया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उन्होंने अपना पहला IPL विकेट हासिल किया, जिस पर कमेंटेटर इयान बिशप ने भी उनकी जमकर तारीफ की। कार्तिक शर्मा और शिवांग कुमार पर भी नजर रहेगी IPL 2026 में इन 10 खिलाड़ियों के अलावा कई युवा भारतीयों ने प्रभावित किया। इनमें चेन्नई के कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर हैदराबाद के सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा और चाइनामैन शिवांग कुमार जैसे खिलाड़ी शामिल रहे। लेकिन वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी और प्रिंस यादव की बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ सफलता ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई। आने वाले 12-18 महीनों में इनमें से कई चेहरे भारतीय टीम की जर्सी में नजर आ सकते हैं।
एशियन गेम्स: दिल्ली में डब्ल्यूएफआई के महिला ट्रायल खत्म, अंतिम, निशा दहिया, मानसी ने जीते गोल्ड
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में विवादों से घिरे चयन ट्रायल पूरे कर लिए, जिसके साथ आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला कुश्ती टीम का स्वरूप तय हो गया।
इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल के आखिरी दिन मनु भाकर और सम्राट राणा की जोड़ी को 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा
गुलवीर सिंह चार मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बने
पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता, 27 वर्षीय गुलवीर सिंह, 24वें वार्षिक म्यूजिक सिटी ट्रैक कार्निवल में चार मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय धावक बन गए
भारत की मेंस डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। चौथी वरीयता वाली भारतीय जोड़ी ने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-1 साउथ कोरियाई जोड़ी किम वोन हो और सियो सेउंग जे को 21-19 और 21-18 से हरा दिया। 52 मिनट तक चले मुकाबले में सात्विक और चिराग ने 21-19, 21-18 से जीत दर्ज की। यह भारतीय जोड़ी की किम और सियो के खिलाफ पहली जीत भी है। पहले गेम में पिछड़ने के बाद वापसी की मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले गेम के मिड-गेम ब्रेक तक कोरियाई जोड़ी 13-11 से आगे थी। हालांकि, सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने लगातार अंक जुटाए और वापसी करते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी सात्विक और चिराग 11-14 से पीछे चल रहे थे। फिर वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। रविवार को दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से मुकाबला अब भारतीय जोड़ी दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से रविवार को भिड़ेगी। दूसरा सेमीफाइनल इंडोनेशिया की फजार अल्फियान-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी जोड़ी और चीन की लियांग वेई कांग-चांग वांग के बीच होगा। मिश्रित युगल में भारत को निराशा मिश्रित युगल वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी है। ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी को जापान के युइची शिमोगामी और सयाका होबारा के खिलाफ 16-21, 21-17, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में ध्रुव और तनिषा ने दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन आखिरी गेम में जापानी जोड़ी ने बाजी मार ली। -------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट को हराने वाली मीनाक्षी गोयत की कहानी:मां के कैंसर से टूटीं, खुद के पैर में चोट, डॉक्टरों ने कहा था- चल नहीं पाएगी पहले मां को कैंसर हुआ। फिर खुद के पैर में चोट लगी। डॉक्टरों ने कहा था कि सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो सकता है, तब लगा था कि सब खत्म हो गया, लेकिन हार नहीं मानी। हरियाणा के जींद जिले की 25 साल की पहलवान मीनाक्षी गोयत की यह कहानी संघर्ष, जज्बे और मेहनत की मिसाल है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत की स्टार मेंस डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। चौथी वरीयता वाली भारतीय जोड़ी ने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-1 साउथ कोरियाई जोड़ी किम वोन हो और सियो सेउंग जे को सीधे गेम में 21-19 और 21-18 से हरा दिया। 52 मिनट तक चले मुकाबले में सात्विक और चिराग ने 21-19, 21-18 से जीत दर्ज की। यह भारतीय जोड़ी की किम और सियो के खिलाफ पहली जीत भी है। पहले गेम में पिछड़ने के बाद वापसी की मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले गेम के मिड-गेम ब्रेक तक कोरियाई जोड़ी 13-11 से आगे थी। हालांकि, सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने लगातार अंक जुटाए और वापसी करते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी सात्विक और चिराग 11-14 से पीछे चल रहे थे। फिर वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। रविवार को दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से मुकाबला अब भारतीय जोड़ी दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से रविवार को भिड़ेगी। दूसरा सेमीफाइनल इंडोनेशिया की फजार अल्फियान-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी जोड़ी और चीन की लियांग वेई कांग-चांग वांग के बीच होगा। मिश्रित युगल में भारत को निराशा मिश्रित युगल वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी है। ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी को जापान के युइची शिमोगामी और सयाका होबारा के खिलाफ 16-21, 21-17, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में ध्रुव और तनिषा ने दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन आखिरी गेम में जापानी जोड़ी ने बाजी मार ली। -------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट को हराने वाली मीनाक्षी गोयत की कहानी:मां के कैंसर से टूटीं, खुद के पैर में चोट, डॉक्टरों ने कहा था- चल नहीं पाएगी पहले मां को कैंसर हुआ। फिर खुद के पैर में चोट लगी। डॉक्टरों ने कहा था कि सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो सकता है, तब लगा था कि सब खत्म हो गया, लेकिन हार नहीं मानी। हरियाणा के जींद जिले की 25 साल की पहलवान मीनाक्षी गोयत की यह कहानी संघर्ष, जज्बे और मेहनत की मिसाल है। पूरी खबर पढ़ें…
BCCI ने 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आईची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) को 30 संभावित मेंस प्लेयर्स की लिस्ट भेज दी है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस लिस्ट में भारत के मौजूदा टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं हैं, जबकि युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है। वेस्टइंडीज सीरीज के कारण दो अलग-अलग टी-20 टीमें बनेंगीभारत को एशियन गेम्स के दौरान ही घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज खेलनी है। दोनों टूर्नामेंट की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। वेस्टइंडीज सीरीज में 27 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेले जाने हैं। वहीं, एशियन गेम्स में मेंस टीम के मुकाबले 24 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच होंगे। इस कारण BCCI दो अलग-अलग टी-20 टीमें तैयार करेगा। गिल वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में व्यस्त रहेंगेशुभमन गिल के वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम की कप्तानी करने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें एशियन गेम्स के लिए नहीं चुना गया है। वहीं, सूर्यकुमार यादव को लेकर समझा जाता है कि वे 2028 ओलिंपिक गेम्स और अगले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में शामिल नहीं हैं। यही वजह है कि उनका नाम एशियन गेम्स की लिस्ट में भी नहीं है। श्रेयस, संजू और तिलक कप्तानी की रेस मेंएशियन गेम्स की इस 30 सदस्यीय लिस्ट में कप्तानी के लिए तीन मुख्य दावेदार शामिल हैं। इनमें श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और तिलक वर्मा के नाम शामिल हैं, जिन्हें कप्तान बनाया जा सकता है। हर्षित राणा भी फिट होने की उम्मीद में लिस्ट मेंगेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा के तब तक फिट होने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह के साथ लिस्ट में रखा गया है। स्पिनर्स में अक्षर, सुंदर और हर्ष के नाम शामिलस्पिन डिपार्टमेंट में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और हर्ष दुबे जैसे फ्रंटलाइन गेंदबाजों को लिस्ट में जगह मिली है। हालांकि, इन चारों में से केवल दो को ही एशियन गेम्स के लिए चुना जाएगा, जबकि बाकी दो खिलाड़ी वेस्टइंडीज सीरीज में खेलेंगे। हांगझोऊ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे ऋतुराज गायकवाड का भी नाम शामिल है। IOA को भेजी गई 30 खिलाड़ियों की पूरी लिस्टयशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, आयुष बडोनी, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल, खलील अहमद, ऋतुराज गायकवाड, रवि बिश्नोई, शाहबाज अहमद, शिवम दुबे, विप्रज निगम, हर्षित राणा, यश ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर।
IPL का फाइनल मैच रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। अगर आप भी इस मैच को देखने के लिए फ्लाइट से अहमदाबाद जाना चाहते हैं, तो आपको 17,000 से 35,000 रुपए तक किराया ज्यादा चुकाना होगा। वहीं अहमदाबाद में बड़े होटलों का एक रात का किराया भी ₹36,000 तक पहुंच गया है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोनों टीमों के पास दूसरी बार टाइटल जीतने का मौका है। बेंगलुरु ने पिछले साल पहला खिताब जीता था, जबकि गुजरात 2022 में अपने पहले सीजन में चैंपियन बनी थी। शहर के कई बड़े होटलों में पहले से ही बुकिंग हो रही मई के अंत को आमतौर पर होटल इंडस्ट्री के लिए ऑफ-सीजन माना जाता है। शहर के कई बड़े होटलों में पहले से ही बुकिंग हो रही है। अहमदाबाद के अधिकांश प्रीमियम होटल 30 और 31 मई को पूरी तरह से बुक हैं। अनुमान है कि होटल इंडस्ट्री को सिर्फ दो दिनों में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुनाफा होगा। IPL फाइनल का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ होटल इंडस्ट्री को ही नहीं, बल्कि शहर के पूरे बिजनेस जगत को हो रहा है। देशभर से हजारों क्रिकेट फैंस मैच देखने अहमदाबाद आ रहे हैं। इसी वजह से हवाई टिकटों की मांग में भारी उछाल आया है। ट्रेन और बस टिकटों की मांग भी बढ़ गई है। अहमदाबाद के होटलों में करीब 20,000 कमरे उपलब्ध इससे पहले भी बड़े क्रिकेट आयोजनों के दौरान अहमदाबाद में हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी। साथ ही IPL फाइनल मैच के चलते एसजी हाईवे, मोटेरा, चांदखेड़ा और गांधीनगर इलाकों में होटलों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है। अहमदाबाद के होटलों में करीब 20,000 कमरे उपलब्ध हैं। हालांकि, IPL के फाइनल मैच के चलते सभी कमरे बुक होने का अनुमान है। फिलहाल यहां करीब 200 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटल हैं। लेकिन आने वाले समय में अहमदाबाद में ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में होटलों की संख्या दोगुनी हो सकती है। पहले से ही ज्यादातर होटलों के किरायों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिन होटलों में किराया पहले 8 से 10 हजार के बीच हुआ करते थे, अब उनका किराया 25 से 30 हजार तक पहुंच गया है। फाइनल मैच से पर्यटन उद्योग को भी फायदा होगा होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सोमानी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कई बड़े मैच खेले गए हैं। अब IPL का फाइनल मैच भी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले IPL का फाइनल मैच बेंगलुरु में होना था, लेकिन इसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया। इससे अहमदाबाद के होटल इंडस्ट्री को भारी लाभ होने वाला है। फाइनल मैच के कारण पर्यटन उद्योग को भी काफी फायदा होगा। फिलहाल, छुट्टियों के कारण युवाओं में मैच देखने का उत्साह चरम पर है। होटल इंडस्ट्री को ₹200 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा होगा होटल इंडस्ट्री को होने वाले लाभ के बारे में नरेंद्र सोमानी ने कहा कि इस बार छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में लोग मैच देखने आएंगे। इससे होटल इंडस्ट्री को 150 से 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ हो सकता है। फिलहाल अहमदाबाद की होटल इंडस्ट्री में ऑफ-सीजन चल रहा है। फाइनल के चलते होटल के कमरों का किराया सामान्य किराए की तुलना में करीब 20% तक बढ़ सकता है। क्योंकि मैच देखने आने वाले सभी लोगों को एक दिन होटल में रुकना होगा। इसलिए होटल उद्योग को इसका लाभ मिलेगा। अहमदाबाद में ओलंपिक खेलों की तैयारियां चल रहीं नरेंद्र सोमानी ने आगे कहा कि आने वाले समय में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेल और ओलंपिक खेलों के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। इसके चलते अहमदाबाद में कई नए होटल खुल सकते हैं। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बड़े मैच खेले जाने के कारण नए ब्रांड भी होटल शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। होटलों और कमरों की क्षमता वर्तमान संख्या से दोगुनी होने वाली है। होटल इंडस्ट्री को मिल रहे लाभ को देखते हुए अन्य बड़ी कंपनियां भी होटल शुरू कर सकती हैं। शहर को खेल और संगीत कार्यक्रमों से होने वाली अर्थव्यवस्था से काफी लाभ मिलता है। IPL फाइनल से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा IPL फाइनल एक वीकेंड फेस्टिवल बनने जा रहा है। अहमदाबाद के लिए IPL फाइनल अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक आर्थिक इंजन बन गया है। कोल्डप्ले के कॉन्सर्ट से लेकर विश्व कप फाइनल तक के आयोजनों ने साबित कर दिया है कि बड़े आयोजन शहर की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचाते हैं। IPL फाइनल के कारण हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार मिलेगा। वहीं इससे होटल उद्योग के लिए कमाई का बड़ा अवसर पैदा होगा, जिसके चलते होटलों की कीमतें भी 15 से 20% तक बढ़ सकती हैं। ये खबर भी पढ़ें… IPL फाइनल के दोनों कप्तानों का एनालिसिस: रजत लगातार दूसरा फाइनल खेलेंगे; गिल की कप्तानी में गुजरात पहली बार खिताबी मुकाबले में IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 मई को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी मुकाबला होगा। दोनों टीमों को दूसरे टाइटल का इंतजार है। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगतार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर बेंगलुरु को जीत दिलाई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल 2025 के प्लेऑफ में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने राजस्थान के खिलाफ शतक लगाया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में विनेश फोगाट ने 7-1 से जीता पहला मुकाबला
भारत की मशहूर पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार को एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में महिलाओं की 53 किलोग्राम कैटेगरी में ज्योति को 7-1 से शिकस्त दी। यह प्रतियोगिता सुप्रीम कोर्ट और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के दखल के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसके बाद उन्हें मुकाबले में हिस्सा लेने की इजाजत मिली थी।
उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को राजधानी देहरादून में दो बड़े खेल आयोजनों में शिरकत की। परेड ग्राउंड में उन्होंने जहां 'उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब' की वार्षिक प्रतियोगिता का शुभारंभ किया, वहीं आमवाला में '7वीं राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप' के समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया। खेल मंत्री ने राज्य में खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा विकसित हुआ है, उसे देखते हुए हम आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे बड़े खेलों की मेजबानी की उम्मीद कर सकते हैं। संघर्ष और समर्पण सिखाते हैं खेल परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन करते हुए खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन आयोजित यह प्रतियोगिता संदेश देती है कि काम के साथ-साथ शरीर के लिए खेल भी उतना ही जरूरी है। खेल हमें परिश्रम, संघर्ष और समर्पण जैसे अहम गुण सिखाता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की प्रोत्साहन नीतियों आरक्षण और सीधी नौकरी के कारण आज युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, महासचिव प्रमोद कुमार, प्रभारी जिला खेल अधिकारी रविंदर भंडारी, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुनीता और संजय जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आत्मरक्षा और फिटनेस का शानदार जरिया आमवाला स्थित मल्टीपरपज हॉल में दो दिवसीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप के समापन अवसर पर खेल मंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में राज्य के 8 जिलों से आए 250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। रेखा आर्या ने बताया कि यह खेल पहले उत्तराखंड की खेल नीति में शामिल नहीं था, लेकिन गोवा राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन और मेडल जीतने के बाद इसे तुरंत नीति का हिस्सा बनाया गया। पिछले एक साल में राज्य के खिलाड़ियों ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना लोहा मनवाया है। अभिभावकों की सोच में आया सकारात्मक बदलाव खेल मंत्री ने कहा कि पेंचक सिलाट युवाओं को अनुशासन सिखाता है और आत्मरक्षा का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अब अभिभावक खुद अपने बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। ऐसे में खिलाड़ियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरे उतरें।
हार के बाद छलक पड़े वैभव सूर्यवंशी के आंसू, अमिताभ बच्चन से लेकर क्रिस गेल तक ने बढ़ाया हौसला
वैभव के भावुक होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसके बाद बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी युवा क्रिकेटर के समर्थन में संदेश साझा किया। अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा कि 15 साल की उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे असाधारण हैं।
बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। बॉबी देओल ने कहा कि वैभव एक असाधारण प्रतिभा हैं और भगवान उन्हें बुरी नजर से बचाए। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में जब उनसे वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'वह एक फिनॉमेनन हैं। जब कोई इतना अच्छा खेलता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। जलन भी होती है। कभी-कभी अपनों की नजर लग जाती है।' वैभव को सलाह देते हुए बॉबी ने कहा, 'मैं यही चाहता हूं कि वह जिस तरह खेल रहा है, वैसे ही खेलता रहे। ज्यादा न सोचे कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं।' बॉबी ने कहा कि उन्हें वैभव के 97 रन पर आउट होने का दुख हुआ था। उन्होंने बताया कि वह मैच अपने फोन पर देख रहे थे। एक्टर ने यह भी कहा कि वह IPL के पहले सीजन से ही राजस्थान रॉयल्स के सपोर्टर रहे हैं, क्योंकि वह शेन वॉर्न के बहुत बड़े फैन थे। अमिताभ बच्चन भी वैभव सूर्यवंशी के फैन हो गए हैं। उन्होंने X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन में पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’। 77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया। 1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे। हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम... कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं।
बुडापेस्ट में शनिवार को जब आर्सनल और पीएसजी आमने-सामने होंगे, तब मुकाबला सिर्फ यूरोप के सबसे बड़े क्लब खिताब का नहीं होगा। यह लड़ाई दो अलग फुटबॉल संस्कृतियों और दो अलग रास्तों की भी होगी। एक तरफ इंग्लिश क्लब आर्सनल है, जिसने पूरे सीजन संघर्ष करते हुए यहां तक सफर तय किया। दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैम्पियन पीएसजी है, जिसके पास इतना बड़ा और मजबूत स्क्वॉड है कि कोच लुइस एनरिक अपने स्टार खिलाड़ियों को आराम देने का जोखिम उठा सकते हैं। दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क एक आंकड़ा दिखाता है। आर्सनल के खिलाड़ियों ने लीग मैचों में फ्रेंच क्लब पीएसजी के खिलाड़ियों से लगभग 7000 मिनट ज्यादा फुटबॉल खेला है। यानी आर्सनल के खिलाड़ी कहीं ज्यादा थके हुए शरीर के साथ फाइनल में उतरेंगे। टीम ने कुल 63 मैच खेले और अप्रैल तक चार ट्रॉफियों की दौड़ में बनी रही। डेविड राया ने आखिरी लीग मैच तक पूरे सीजन का हर मिनट खेला। डेकलान राइस, विलियम सलीबा, गैब्रियल जैसे खिलाड़ी लगातार मैदान में उतरे। इसके उलट पीएसजी ने खिलाड़ियों को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया। कप्तान मार्किन्योस ने चैम्पियंस लीग के 14 मैच खेले, लेकिन घरेलू लीग में सिर्फ 14 बार मैदान पर उतरे। फरवरी से अप्रैल के बीच वे सात घरेलू लीग मैचों में बेंच पर बैठे रहे, ताकि यूरोप के मैचों के लिए फिट रहें। डेम्बेले ने 22 लीग मैच खेले, लेकिन सिर्फ एक बार पूरे 90 मिनट मैदान पर रहे। यही वजह है कि पीएसजी के खिलाड़ी ज्यादा तरोताजा हैं। फाइनल से पहले आराम का अंतर भी बड़ा है। पीएसजी को फाइनल से पहले 13 दिन का आराम मिला। इसके उलट आर्सनल को सिर्फ छह दिन मिले। लेकिन कहानी सिर्फ थकान और आराम की नहीं है। यह खिताबी भूख की भी है। पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है। पिछले साल पीएसजी ने चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में आर्सनल को हराया था। अब आर्सनल के पास बदला लेने का मौका है। रात 9 बजे से फुटबॉल सिर्फ रणनीति का खेल नहीं होगी। यह सवाल भी होगा कि फाइनल में ज्यादा असर किसका पड़ता है- पीएसजी की ताजगी का या आर्सनल की थकान के बावजूद जीतने की जिद का।
IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स बाहर हो चुकी है। गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान को 7 विकेट से हरा दिया। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। राजस्थान रॉयल्स की टीम भले ही IPL से बाहर हो गई हो, लेकिन टीम के ओपनर बल्लेबाज और बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने अपने परफॉर्मेंस से दुनियाभर के क्रिकेट एक्सपर्ट से लेकर बॉलीवुड तक अपना ध्यान खींचा है। इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वैभव सूर्यवंशी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने X पर लिखा, वैभव, भले ही तुम्हारी टीम मैच हार गई हो, लेकिन तुम करोड़ों भारतीयों का दिल जीत चुके हो। मैं स्वयं क्रिकेट का खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। तुमने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए तुम्हें दिल से बधाई देता हूं। जल्द ही मैं तुम्हें झारखंड में सम्मानित करूंगा।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s पर आउट होने की बराबरी की वैभव ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार 'नर्वस नाइंटीज' (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।
राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन के IPL से हटने पर सवाल उठाए हैं। संगकारा ने शुक्रवार को कहा- 'करन ने सीजन खत्म करने वाली चोट का हवाला देकर टूर्नामेंट छोड़ा था, लेकिन बाद में वे इंग्लैंड में सरे के लिए खेलते नजर आए, जो निराशाजनक है।' श्रीलंका के पूर्व लेफ्टी बैटर ने गुजरात से क्वालिफायर-2 में हारने के बाद कहा- 'हमें बताया गया था कि सैम करन की चोट सीजन खत्म करने वाली है, लेकिन अब मैंने उन्हें सरे के लिए खेलते देखा है। यह निराशाजनक है।' करन के हटने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने रिप्लेसमेंट के तौर पर श्रीलंका के दासुन शनाका को टीम में शामिल किया था। लेकिन, वे खास प्रदर्शन नहीं कर सके। कहा- प्लेयर्स की अवेलेबिलिटी के लिए कड़े नियम जरूरी संगकारा ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सख्त नियम जरूरी हैं। BCCI की मौजूदा नीति सही दिशा में है। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों को समझा जा सकता है, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी अनुबंध संबंधी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन ने भी कहा है कि BCCI और विदेशी बोर्डों को खिलाड़ियों की उपलब्धता के मामले में बेहतर तालमेल बिठाने की जरूरत है, ताकि टीम के संतुलन पर ज्यादा असर न पड़े। बोर्ड का नियम- नीलामी के बाद हटे, तो 2 साल बैन BCCI ने पहले से ही एक नियम बना रखा है, जिसके तहत अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में खरीदे जाने के बाद IPL से अपना नाम वापस ले लेता है, तो उस पर दो साल का बैन लगा दिया जाता है। IPL में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। ऐसे में संगकारा का बयान इस बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। --------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुजरात तीसरी बार IPL के फाइनल में, राजस्थान को 7 विकेट से हराया गुजरात टाइटंस IPL में तीसरी बार फाइनल में पहुंच गई है। टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया। शुक्रवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रन बनाए। जवाब में गुजरात ने 18.4 ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर
सैम करन के IPL छोड़ने पर भड़के संगकारा:कहा- चोट सीजन खत्म करने वाली थी, तो सरे के लिए क्यों खेल रहे
राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन के IPL से हटने पर सवाल उठाए हैं। संगकारा ने शुक्रवार को कहा- 'करन ने सीजन खत्म करने वाली चोट का हवाला देकर टूर्नामेंट छोड़ा था, लेकिन बाद में वे इंग्लैंड में सरे के लिए खेलते नजर आए, जो निराशाजनक है।' श्रीलंका के पूर्व लेफ्टी बैटर ने गुजरात से क्वालिफायर-2 में हारने के बाद कहा- 'हमें बताया गया था कि सैम करन की चोट सीजन खत्म करने वाली है, लेकिन अब मैंने उन्हें सरे के लिए खेलते देखा है। यह निराशाजनक है।' करन के हटने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने रिप्लेसमेंट के तौर पर श्रीलंका के दासुन शनाका को टीम में शामिल किया था। लेकिन, वे खास प्रदर्शन नहीं कर सके। कहा- प्लेयर्स की अवेलेबिलिटी के लिए कड़े नियम जरूरी संगकारा ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सख्त नियम जरूरी हैं। BCCI की मौजूदा नीति सही दिशा में है। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों को समझा जा सकता है, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी अनुबंध संबंधी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन ने भी कहा है कि BCCI और विदेशी बोर्डों को खिलाड़ियों की उपलब्धता के मामले में बेहतर तालमेल बिठाने की जरूरत है, ताकि टीम के संतुलन पर ज्यादा असर न पड़े। बोर्ड का नियम- नीलामी के बाद हटे, तो 2 साल बैन BCCI ने पहले से ही एक नियम बना रखा है, जिसके तहत अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में खरीदे जाने के बाद IPL से अपना नाम वापस ले लेता है, तो उस पर दो साल का बैन लगा दिया जाता है। IPL में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। ऐसे में संगकारा का बयान इस बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। --------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुजरात तीसरी बार IPL के फाइनल में, राजस्थान को 7 विकेट से हराया गुजरात टाइटंस IPL में तीसरी बार फाइनल में पहुंच गई है। टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया। शुक्रवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रन बनाए। जवाब में गुजरात ने 18.4 ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर
आरआर पर मिली धमाकेदार जीत से खुश कप्तान गिल, बोले- मैच को खत्म करना चाहता था
आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में गुजरात टाइटंस (जीटी) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राजस्थान रॉयल्स (आरआर) को 7 विकेट से हराया
24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में उलटफेर का शिकार हो गए। उन्हें शुक्रवार रात को 19 साल के ब्राजीली खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने लगभग पांच घंटे चले मैच में दो सेट से पिछड़ने के बाद 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराया। 39 साल के जोकोविच मैच के दौरान शारीरिक रूप से संघर्ष करते नजर आए। भीषण गर्मी में उन्हें कई बार आइस पैक का इस्तेमाल करना पड़ा। एक मौके पर वे टेलीविजन कैमरा क्रू पर भी नाराज हो गए और कैमरा पीछे हटाने को कहा। जोकोविच 2 सेट जीतने के बाद हारेजोकोविच शुरुआती दो सेट जीतने के बावजूद बढ़त कायम नहीं रख सके। फोन्सेका ने चौथे सेट में हार के करीब पहुंचने के बाद शानदार वापसी की और निर्णायक सेट में भी पीछे रहने के बावजूद मुकाबला पलट दिया। 19 वर्षीय खिलाड़ी ने मैच का अंत लगातार तीन ऐस लगाकर किया और अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। फोन्सेका बोले- यह करियर का सबसे खास पलइस जीत के साथ फोन्सेका ग्रैंड स्लैम में जोकोविच को हराने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही वे रोलैंड गैरोस में दो सेट से पिछड़ने के बाद जोकोविच को हराने वाले इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी हैं। मैच के बाद फोन्सेका ने जोकोविच को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ खेलना और जीत हासिल करना उनके करियर का सबसे खास पल है। जोकोविच के 24 ग्रैंड स्लैम टाइटल… ----------------------------------- फ्रेंच ओपन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 500 प्रजाति पौधों के बीच फ्रेंच ओपन का अनोखा कोर्ट, ग्रैंड स्लैम का सबसे नया कोर्ट फ्रेंच ओपन के शोर, भीड़ और टेनिस के रोमांच से कुछ कदम दूर एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। फ्रेंच ओपन की मेजबानी करने वाले रोलां गैरो स्टेडियम के बीचों-बीच बना ऑटेय बॉटनिकल गार्डन मानो किसी दूसरी दुनिया का हिस्सा लगता है। पढ़ें पूरी खबर
न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। कीवियों ने तीसरे दिन की शुरुआत 65/2 से की और 232 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में उसने 179 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 490 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉम ब्लेंडल और रचिन रवींद्र ने शतकीय पारियां खेलीं। ब्लेंडल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टिकनर के बाउंसरों के आगे आयरलैंड ने सरेंडर किया मैच के तीसरे दिन आयरलैंड 246 रन पीछे थी। पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले नाथन स्मिथ ने सुबह के पहले 5 ओवर में नाइटवॉचर थॉमस मेस को स्लिप में कैच आउट कराकर आयरलैंड को पहला झटका दिया। ब्लेयर टिकनर की तेज बाउंसर हैरी टेक्टर के बल्ले के हैंडल पर लगी और वे स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कर्टिस कैंपर टिकनर की उठती गेंद को संभाल नहीं पाए और गेंद उनके बाएं हाथ पर लगी। कैंपर दर्द से कराह उठे और 4 रन पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज स्टीफन डोहेनी टिकनर की शॉर्ट डिलीवरी पर गल्ली में कैच दे बैठे। आउट होने से पहले डोहेनी ने 51 रन बनाए। लंच तक आयरलैंड ने 131 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। लॉर्कन टकर की फिफ्टी, अडायर की पारी भी काम नहीं आई लंच के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज लॉर्कन टकर ने काउंटर अटैक शुरू किया और 69 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, फिफ्टी पूरी करते ही वे अगली गेंद पर टिकनर का शिकार बन गए। टकर ने बाउंसर पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में विकेटकीपर के ऊपर हवा में शॉट खेला, जिसे स्लिप से भागकर आए डेरिल मिचेल ने लपक लिया। टकर 51 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर 9 पर आए मार्क एडेयर ने कीवी गेंदबाजों के बाउंसरों का जवाब आक्रामक बल्लेबाजी से दिया। वे लेग स्टंप की तरफ हटकर लगातार क्रॉस-बैट शॉट्स खेलते रहे। एडेयर ने 47 गेंदों में नाबाद 44 रन की तेज पारी खेली, जिसमें उन्होंने मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से बड़े शॉट्स लगाए। टिकनर का पहला फाइव-विकेट हॉल आयरलैंड की पारी का अंत तब हुआ जब रूबेन विल्सन बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ा बैठे और विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल को कैच दे बैठे। विल्सन का विकेट गिरते ही ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट करियर में पहली बार 5 विकेट पूरे किए। कैंपर के चोटिल होने के कारण आयरलैंड एक बल्लेबाज कम के साथ 232 रन पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड टीम लंदन के लिए रवाना, अब इंग्लैंड से भिड़ेगी इस जीत के बाद न्यूजीलैंड की टीम लंदन रवाना होगी, जहां उसे इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। दूसरी तरफ, आयरलैंड की टीम जून के आखिरी हफ्ते में भारत के खिलाफ होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तैयारियों में जुटेगी। ---------------------------------------- बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी खबर
गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान के फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। उन्होंने इस मैच में सबसे कम गेंद पर हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वहीं गुजरात टाइटंस ने IPL में अपना सबसे बड़ा रनचेज करते हुए IPL 2026 के फाइनल में जगह पक्की की। गुजरात और राजस्थान मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 2. IPL में गुजरात ने अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज किया गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट चेज किया। यह IPL में गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले उनको सबसे बड़ी जीत 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली थी। तब टीम ने अहमदाबाद में 204 रन चेज किया था। 3. IPL प्लेऑफ में सबसे बड़ा टारगेट चेज हुआ गुजरात ने राजस्थान के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट हासिल किया। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। उन्होंने गुजरात रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2025 के क्वालीफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 204 रन चेज किए थे। 4. सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 5. सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। 6. सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार 'नर्वस नाइंटीज' (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। 7. सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। 8. सूर्यवंशी IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था। 9. टी-20 में सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बनी गिल और सुदर्शन ने राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी की। दोनों ने IPL में 11वीं बार शतकीय साझेदारी की है। इसके साथ ही वे मेंस टी-20 में किसी भी विकेट के लिए सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बन गई है। इसके लिए उन्होंने महज 48 पारियां ली। उन्होंने क्रिस गेल और विराट कोहली के 10 शतकीय साझेदारी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 10. गिल और सुदर्शन दो सीजन में 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाज बने गिल और सुदर्शन ने क्वालिफायर-2 में इस सीजन में अपने-अपने 700 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वे दो अलग-अलग सीजन में 700 रन पूरे करने वाले तीसरे और चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। दोनों से पहले क्रिस गेल और विराट कोहली यह कारनामा हासिल कर चुके हैं। 11. IPL प्लेऑफ के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बना गिल और सुदर्शन ने क्वालीफायर-2 में 167 रनों की रिकॉर्डतोड़ पार्टनरशिप की। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। उन्होंने चेन्नई के माइक हसी और मुरली विजय का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2011 के फाइनल में बेंगलुरु के खिलाफ 159 रन बनाए थे। 12. सुदर्शन मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट हुए सुदर्शन राजस्थान के खिलाफ लगातार दूसरी बार हिट-विकेट आउट हुए। वे तीसरी बार IPL में हिट-विकेट आउट हुए। वे मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट तीसरे खिलाड़ी बने। उन्होंने आंद्रे रसेल (3 बार) और पाकिस्तान के शोएब मलिक (3) की बराबरी की। 13. गिल ने IPL में पांचवा शतक लगाया गिल ने क्वालीफायर-2 में 104 रन बनाए। उन्होंने IPL में अपना 5वां शतक लगाया। इसके साथ ही गिल IPL में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले पांचवे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने संजू सैमसन की बराबरी की। सबसे ज्यादा 9 शतक विराट कोहली के नाम है। 14. गिले IPL में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने इस सेंचुरी के साथ ही गिल ने बतौर कप्तान IPL में दूसरा शतक जड़ा। वे IPL में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। बतौर कप्तान सबसे ज्यादा 5 शतक विराट कोहली ने लगाए हैं। 15. सुदर्शन ने इस सीजन नौवीं बार 50+ स्कोर बनाया सुदर्शन ने राजस्थान 58 रन की पारी खेली। उन्होंने इस IPL में नौवीं बार 50+ का स्कोर किया। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार पचास या उससे अधिक रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। पहले नंबर पर विराट कोहली हैं, जिन्होंने 2018 में 11 बार 50+ का स्कोर किया था। वहीं डेविड वॉर्नर ने (2016, 2019) में 9 बार 50+ का स्कोर खड़ा किया था। यहां से टॉप-8 मोमेंट्स… 1. दो बार टॉस उछाला गया क्वालिफायर-2 के मुकाबले में एक बार नहीं, बल्कि दो बार टॉस उछाला गया। दरअसल जब पहली बार गुजरात के कप्तान गिल ने सिक्का उछाला, तब राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने ‘हेड्स’ कॉल किया था। सिक्का ‘टेल्स’ गिरा, लेकिन तभी मैच रेफरी ने कहा कि वे पराग की कॉल सुन नहीं पाए। इसके बाद गिल ने दोबारा सिक्का उछाला, पराग ने फिर हेड कहा। इस बार सिक्स हेड आया और राजस्थान टॉस जीत गई। 2. जडेजा चोट के बाद रिटायर्ड हर्ट हुए पहली पारी में 9वें ओवर की शुरुआत से पहले रवींद्र जडेजा रिटायर्ड हर्ट हुए। दरअसल 8वें ओवर जेसन होल्डर की दूसरी गेंद खेलने के बाद जाडेजा को हाथ में कुछ दिक्कत महसूस हुई। इसके बाद फिजियो मैदान पर आए। जाडेजा ने खेलना जारी रखा, लेकिन ओवर के बाद वे रिटायर्ड हर्ट होकर डगआउट की ओर चले गए। उनकी जगह रियान पराग बैटिंग के लिए उतरे। 3. सूर्यवंशी का 46 रन पर कैच छूटा 11वें ओवर की दूसरी बॉल पर सूर्यवंशी को जीवनदान मिला। प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट गेंद पर सूर्यवंशी पुल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के टॉप-एज पर लगी। डीप स्क्वायर लेग से दौड़ते हुए साई सुदर्शन गेंद तक पहुंचे, लेकिन छलांग लगाते समय गेंद उनके हाथ से छिटक गई । इस समय सूर्यवंशी 46 रन बनाकर खेल रहे थे। 4. सूर्यवंशी के हेलमेट पर गेंद लगी पहली पारी के 14वें ओवर में कगिसो रबाडा की गेंद सूर्यवंशी के हेलमेट पर लगी। ओवर की दूसरी गेंद रबाडा ने तेज बाउंसर डाली। सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सीधे हेलमेट पर जा लगी। इसके तुरंत बाद फिजियो ने मैदान पर आकर कंक्शन टेस्ट किया। हालांकि सूर्यवंशी ने खेलना जारी रखा। 5. सूर्यवंशी ने टेनिस शॉट खेलकर सिक्स लगाया पारी के 16वें ओवर में सूर्यवंशी ने जबरदस्त शॉट खेला। जेसन होल्डर ने ओवर की तीसरी गेंद स्टंप्स पर शॉर्ट गेंद डाली। वैभव ने अपनी जगह पर खड़े-खड़े टेनिस टेनिस की तरह स्लैप शॉट लगाया। गेंद लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से सीधा बाउंड्री लाइन के बाहर छह रन के लिए चली गई। 6. राशिद के ओवर में हैट्रिक सिक्स लगा राजस्थान की पारी के आखिरी ओवर में डोनोवन फरेरा ने लगातर 3 छक्के लगाए। गुजरात के स्पिनर राशिद खान ने ओवर की दूसरी गेंद शॉर्ट पिच डाली, जिसे फरेरा ने लॉन्ग-ऑन के पार भेजा। इसके बाद फरेरा ने तीसरी गेंद पर डीप मिड-विकेट और चौथी गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से सिक्स जड़ा। 7. लगातार दूसरे मैच में हिट विकेट आउट हुए सुदर्शन सुदर्शन लगातार दूसरे मैच में शुक्रवार को हिट विकेट आउट हुए। वे रनचेज के 13वें ओवर में बृजेश शर्मा की गेंद पर शॉट खेला, लेकिन शॉट पूरा करते समय बैट उनके हाथ से छूट गया और बल्ला सीधे स्टंप्स पर जा गिरा। इसके पहले क्वालीफायर-1 में भी वे हिट-विकेट आउट हुए थे। 8. हार के बाद सूर्यवंशी रोए गुजरात के खिलाफ 7 विकेट की हार के साथ ही राजस्थान IPL 2026 के फाइनल से बाहर हो गई। हार के बाद वैभव डगआउट में रोते नजर आए। उन्होंने ऑरेंज कैप से अपना मुंह ढंक लिया। साथी खिलाड़ी उनका हौसला बढ़ाते नजर आए।
IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 जून को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी मुकाबला होगा। दोनों टीमों को दूसरे टाइटल का इंतजार है। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगतार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर बेंगलुरु को जीत दिलाई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल 2025 के प्लेऑफ में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने राजस्थान के खिलाफ शतक लगाया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। फाइनल में पहुंचने वाले दोनों टीमों के कप्तानों की स्ट्रैटजी और एनालिसिस को 3 फैक्टर्स में समझिए... i. कब कप्तान बने, कप्तानी में क्या रिकॉर्ड रहा? ii. क्या स्ट्रैटजी अपनाई, पर्सनल परफॉर्मेंस कैसा रहा? iii. एक्सपर्ट्स की राय और ओवरऑल रिकॉर्ड क्या रहा? 1. रजत पाटीदार (RCB) i. दो सीजन में कप्तानी की और दोनों बार फाइनल में बेंगलुरु ओवरऑल पांचवीं बार फाइनल में पहुंची। टीम ने इस सीजन से पहले 2009, 2011, 2016 और 2025 में फाइनल खेला था। रजत पाटीदार दूसरे सीजन में टीम की कमान संभाल रहे हैं और दोनों बार टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। लीग स्टेज में बेंगलुरु 10 टीमों में पहले स्थान पर रही। कप्तान पाटीदार ने इस सीजन में 5 फिफ्टी लगाई। टीम ने उनकी कप्तानी में गुजरात, दिल्ली और मुंबई को 2-2 बार हराया। वहीं क्वालिफायर-1 में प्लेऑफ का सबसे बड़ा स्कोर 254/5 भी बनाया। रजत पाटीदार के IPL फैक्ट्स ii. अपनी परफॉर्मेंस से टीम को लीड किया रजत पाटीदार इस सीजन 14 मैचों में 486 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट 196.76 का रहा है। टूर्नामेंट में रजत पाटीदार की स्ट्रैटजी... iii. रजत दबाव में भी शांत रहते हैं रजत ने पहली ही बार में बेंगलुरु को IPL चैंपियन बना दिया था। उन्होंने भारत के घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्यप्रदेश की कप्तानी की और 2024-25 के सीजन में टीम को फाइनल में पहुंचाया था। रजत ने IPL में 27 मैचों में कप्तानी की, 19 में टीम को जीत दिलाई। यानी 70% सक्सेस रेट रहा। रजत के बारे में पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ कहते हैं- रजत मैच की परिस्थितियों को बेहतरीन तरीके से समझते हैं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजियों को भरोसा करना चाहिए, रजत इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। वहीं RCB के मेंटर दिनेश कार्तिक ने कहा- रजत ने कप्तानी के दबाव को बहुत अच्छी तरह से संभाला है। एक कप्तान के रूप में उनकी विनम्रता और खेल के प्रति समझ बेहद प्रभावशाली है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा- नॉकआउट और प्लेऑफ मुकाबलों में रजत का प्रदर्शन शानदार रहा है। उनकी कप्तानी और लगातार अच्छे बल्लेबाजी प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय चयनकर्ताओं को उन पर विचार करना चाहिए। 2. शुभमन गिल (GT) i. गिल की कप्तानी में पहला फाइनल खेलेगी गुजरात टीम शुभमन गिल ने बतौर कप्तान पहली बार गुजरात को IPL फाइनल में पहुंचाया है। उनसे पहले टीम दो बार हार्दिक पंड्या की कप्तानी में 2022 और 2023 के फाइनल में पहुंची थी। टीम 5 साल के भीतर अपना तीसरा फाइनल खेलेगी। गिल की कप्तानी में गुजरात ने लीग स्टेज में 14 में से 9 मुकाबले जीते और पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाई। क्वालिफायर-1 में RCB से हार के बाद टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। शुभमन गिल के IPL फैक्ट्स ii. कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में मिसाल गिल ने इस सीजन कप्तान और बल्लेबाज दोनों भूमिकाओं में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालिफयर-2 में शतक लगाया और टीम को फाइनल में पंहुचा दिया। टूर्नामेंट में शुभमन गिल की स्ट्रैटजी... iii. गिल बेहतरीन लीडर हैं गिल ने IPL में अब तक 42 मैचों में कप्तानी की है। इनमें 24 मुकाबलों में टीम को जीत मिली है। कप्तान के रूप में उनका विनिंग प्रतिशत 57.14 रहा है। 2026 में GT ने उनकी कप्तानी में 66.67% मैच जीते। उनकी कप्तानी पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कहा- शुभमन गिल बेहद शांत कप्तान हैं। वे दबाव में घबराते नहीं और मैच को अच्छी तरह पढ़ते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने कहा- गिल ने बहुत कम समय में कप्तानी की जिम्मेदारी को शानदार तरीके से निभाया है। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों का पूरा भरोसा जीता है। वहीं पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने कहा- शुभमन की नेतृत्व क्षमता लगातार बेहतर हो रही है। बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में उन्होंने खुद को साबित किया है
ऋषभ पंत ने IPL फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने बयान जारी कर कहा कि पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। लखनऊ की टीम इस सीजन में 10वें और आखिरी स्थान पर रही। पिछले सीजन में भी टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और वह सातवें नंबर पर रही थी। दो सीजन में पंत की कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत हासिल कर सकी है। फैसले आसान नहीं होते: टॉम मूडीलखनऊ के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, पंत ने इस अनुरोध के साथ फ्रेंचाइजी से संपर्क किया था और हमने इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया है। खेल में इस तरह के फैसले कभी भी आसान नहीं होते हैं। मूडी ने कहा, पंत ने बतौर कप्तान इस ड्रेसिंग रूम को जो कुछ भी दिया है, उसके लिए हम उनके बेहद आभारी हैं। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा थालखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसलिए उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। वे मौजूदा सीजन में महज 312 रन ही बना सके। पंत ने IPL 2018 में 173.60 के स्ट्राइक रेट से 684 रन बनाए थे। उसके बाद 2019 में 162.66 के स्ट्राइक रेट से 488 रन बनाए। लखनऊ के लिए उन्होंने पिछले दो सीजन में 135.74 के स्ट्राइक रेट से 581 रन बनाए। जो उनके करियर स्ट्राइक रेट (144.18) से कम है। हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस छोड़ेंगे मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक,लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही MI के टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई इंडियंस के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। पढ़ें पूरी खबर… ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। पूरी खबर…
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही मुंबई टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। रोहित की जगह कप्तानी मिलने के बाद से लगातार हुई हूटिंग हार्दिक पंड्या साल 2024 में मुंबई के कप्तान बनकर टीम में लौटे थे। इससे पहले उन्होंने दो साल तक गुजरात की कप्तानी की थी। मुंबई ने रोहित शर्मा की जगह हार्दिक को कप्तानी सौंपी थी। इसके बाद से ही फैंस नाराज थे। पहले साल (2024) में भी मैदान पर हार्दिक के खिलाफ जमकर हूटिंग हुई थी और मौजूदा सीजन में भी चीजें उनकी प्लानिंग के मुताबिक नहीं रहीं। लगातार दो सीजन तक दर्शकों के गुस्से का सामना करने के बावजूद हार्दिक ने हमेशा यही कहा कि यह सफर मुश्किल लेकिन मनोरंजक रहा है। हालांकि, अब उन्होंने अलग होने का फैसला किया है। पीठ की चोट और मानसिक थकान बनी वजह IPL के एक सोर्स ने PTI को बताया, हार्दिक मानसिक रूप से बहुत तनाव में थे और पूरी तरह थक चुके थे। उन्हें पीठ में चोट (बैक इंजरी) भी लगी थी। जैसे ही प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हुईं, हार्दिक ने टीम के डिसीजन-मेकर्स को बता दिया कि वे अब टीम में नहीं रुकेंगे। सोर्स ने आगे कहा कि एक युवा खिलाड़ी आखिर कितना बर्दाश्त कर सकता है, उनके लिए पिछले तीन साल आसान नहीं रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों के साथ मतभेद हार्दिक ने साल 2021 में जिस मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम को छोड़ा था, 2024 में वापसी करने पर वह वैसा नहीं रहा। टीम के सभी सीनियर खिलाड़ी एक मत नहीं थे। अगर विचार अलग होने के बाद भी नतीजे अच्छे आएं, तो निराशा नहीं होती। लेकिन जब हर कोई अलग-अलग दिशा में खींचे, तो एक समय के बाद आगे बढ़ने की मानसिक क्षमता नहीं बचती। इसलिए हार्दिक ने मिड-सीजन में ही तय कर लिया था कि वे अगले सीजन में मुंबई इंडियंस का हिस्सा नहीं होंगे।
राजस्थान के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनके लिए पर्सनल रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 मैच से पहले सूर्यवंशी ने जियोस्टार से बातचीत में कहा- ‘अगर मैं शतक की जगह 80 रन बनाऊं और टीम जीत जाए, तो वह पारी मेरे लिए 100 रन से ज्यादा कीमती है।’ 15 साल के इस लेफ्टी बल्लेबाज वैभव ने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 29 बॉल पर 97 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। वे महज 3 रन से IPL इतिहास का सबसे तेज शतक बनाने से चूक गए थे। इस पारी की बदौलते राजस्थान ने हैदराबाद को 47 रन से हराया था। वैभव की खास बातें… रिलैक्स होने के लिए आज भी देखते हैं कार्टून वैभव से जब पूछा गया कि वे रिलैक्स रहने के लिए क्या करते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी कार्टून देखना पसंद है। वैभव ने बताया, 'दो-तीन साल पहले जब मैं घर पर रहता था और मैच या प्रैक्टिस से फ्री होता था, तो कार्टून देखता था। आज भी जब मुझे थोड़ा आराम या शांति चाहिए होती है, तो मैं अपने कमरे में बैठकर पसंदीदा कार्टून देखता हूं। इससे मुझे अच्छा लगता है और घर की यादें ताजा हो जाती हैं।' -------------------------------------- वैभव से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सूर्यवंशी IPL में 600 रन बनाने वाले यंगेस्ट प्लेयर, एक सीजन में 65 सिक्स भी लगाए राजस्थान रॉयल्स ने IPL एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वालिफायर-2 में जगह बना ली। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में रिकॉर्ड्स का दिन वैभव सूर्यवंशी के नाम रहा। सूर्यवंशी IPL इतिहास में 600 रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके नाम अब 65 सिक्स हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर
फ्रेंच ओपन के शोर, भीड़ और टेनिस के रोमांच से कुछ कदम दूर एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। फ्रेंच ओपन की मेजबानी करने वाले रोलां गैरो स्टेडियम के बीचों-बीच बना ऑटेय बॉटनिकल गार्डन मानो किसी दूसरी दुनिया का हिस्सा लगता है। यहां 500 से ज्यादा पौधों की प्रजातियां हैं, ऊंचे-ऊंचे पेड़ हैं, रंग-बिरंगे फूल हैं और उनके बीच छिपा है एक अनोखा टेनिस कोर्ट- कोर्ट सिमोन-मैथ्यू। इस कोर्ट का नाम दो बार की पूर्व महिला सिंगल्स चैम्पियन सिमोन मैथ्यू के नाम पर रखा गया है। यहां पहुंचने वाले खिलाड़ी और दर्शक पहले हरियाली के बीच से गुजरते हैं। कुछ देर के लिए ऐसा लगता है कि वे किसी बॉटनिकल पार्क में घूम रहे हैं, लेकिन जैसे ही मैच शुरू होता है, वही शांत जगह शोर और जुनून से भर उठती है। खासकर जब कोई फ्रेंच खिलाड़ी कोर्ट पर हो, तब यहां का माहौल किसी फुटबॉल स्टेडियम जैसा हो जाता है। रविवार को फ्रांस के टिटुआं द्रोगे के मुकाबले में यही देखने को मिला। दर्शक लगातार ‘द्रो-गे, अले!’ के नारे लगा रहे थे। हर पॉइंट पर तालियां और शोर गूंज रहा था। लेकिन यह समर्थन द्रोगे के लिए दबाव भी बन गया। दुनिया के 110वें नंबर के खिलाड़ी द्रोगे मैच में अपनी लय नहीं पकड़ सके और सीधे सेटों में हार गए। शाम ढलने के साथ कोर्ट सिमोन-मैथ्यू की खूबसूरती और भी अलग नजर आने लगती है। दर्शक जब सीढ़ियों से नीचे उतरकर अपनी सीटों तक पहुंचते हैं, तो उन्हें ऐसा अहसास होता है मानो वे किसी गुप्त स्टेडियम में प्रवेश कर रहे हों। ऊपर हरियाली और फूलों की खुशबू, नीचे लाल मिट्टी का कोर्ट और बीच में हजारों दर्शकों की आवाजें, यही इस कोर्ट को बाकी से अलग बनाता है। कोर्ट सिमोन-मैथ्यू सिर्फ एक टेनिस कोर्ट नहीं, बल्कि रोलां गैरो की नई पहचान बन चुका है। यहां हरियाली की शांति भी है और खेल का उन्माद भी। दिन में यह जगह किसी बगीचे जैसी लगती है, लेकिन रात होते-होते यही कोर्ट खिलाड़ियों के लिए सबसे कठिन परीक्षा बन जाता है। जमीन से साढ़े चार मीटर नीचे बना है कोर्ट साल 2019 में शुरू हुआ यह कोर्ट फ्रेंच ओपन का तीसरा सबसे बड़ा कोर्ट है। इसकी खासियत सिर्फ इसकी क्षमता या आधुनिक डिजाइन नहीं, बल्कि उसका माहौल है। चार विशाल कांच के ग्रीनहाउस के बीच बना यह कोर्ट ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने खुद टेनिस को अपनी गोद में जगह दी हो। कोर्ट जमीन से करीब साढ़े चार मीटर नीचे बनाया गया है, ताकि वह आसपास के बगीचों के साथ घुल-मिल जाए।
फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। कोच लियोनेल स्कालोनी ने खिलाड़ियों की इंजरी पर कहा- ‘ज्यादातर खिलाड़ी टूर्नामेंट तक फिट हो जाएंगे।’ स्क्वॉड में 17 खिलाड़ी 2022 कतर वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के हैं। अर्जेंटीना ने फाइनल में फ्रांस को हराकर तीसरी बार विश्व खिताब जीता था। मेसी की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव टीम चयन से पहले कई खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का विषय थी। मेसी बाएं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव से जूझ रहे हैं। इसी कारण वे इंटर मियामी का पिछला मैच पूरा नहीं खेल पाए थे। गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की उंगली में फ्रैक्चर हुआ था। क्रिस्टियन रोमेरो, नहुएल मोलिना और गोंजालो मोंटियल भी चोट से उबर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 16 जून को अल्जीरिया से मैच खेलेगी टीम अर्जेंटीना 16 जून को ग्रुप-जे में अल्जीरिया के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। इस ग्रुप में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन भी हैं। टीम शनिवार को कंसास सिटी स्थित बेस कैंप के लिए रवाना होगी। टूर्नामेंट से पहले अर्जेंटीना होंडुरास और आइसलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगा। अर्जेंटीना टीम गोलकीपर्स: एमिलियानो मार्टिनेज, जेरोनिमो रूली, जुआन मुस्सो। डिफेंडर्स: गोंजालो मोंटियल, नहुएल मोलिना, लिसांद्रो मार्टिनेज, निकोलस ओटामेंडी, लियोनार्डो बालेरडी, क्रिस्टियन रोमेरो, निकोलस टैग्लियाफिको, फाकुंडो मेडिना। मिडफील्डर्स: जियोवानी लो सेल्सो, लिएंड्रो परेडेस, रोड्रिगो डी पॉल, एक्सेकियल पलासियोस, एंजो फर्नांडीज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, वैलेंटिन बार्को। फॉरवर्ड: लियोनल मेसी, निकोलस गोंजालेज, गिउलियानो सिमेओने, लाउतारो मार्टिनेज, जोस मैनुएल लोपेज, जूलियन अल्वारेज, थियागो अल्माडा और निको पाज।------------------------------------------------------------
IPL 2026 के क्वालीफायर-2 में आज(29 मई 2026) गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले को जीतने वाली टीम सीधे फाइनल का टिकट हासिल करेगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो जाएगा। इस बड़े मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा राजस्थान रॉयल्स के विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को हो रही है, जिन्होंने अपने आक्रामक खेल से पूरे सीजन में सनसनी मचा दी है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की विस्फोटक की पारी में 12 छक्के लगाए थे। एलिमिनेटर मुकाबले में क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने 2012 में IPL के एक सीजन में 59 छक्के जमाए थे। जबकि सूर्यवंशी ने इस सीजन 65 छक्के लगाए। 65 छक्के के साथ वैभव IPL के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। पूरे सीजन में राजस्थान के सबसे बड़े मैच विनर बने वैभव वैभव सूर्यवंशी सिर्फ एक-दो मैचों में नहीं, बल्कि पूरे सीजन में राजस्थान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। अब तक 15 मैचों में 680 रन बनाए हैं। टीम के टॉप स्कोरर भी हैं। इस सीजन में एक शतक और 4 अर्धशतक लगा चुके हैं। सबसे खास बात उनकी बल्लेबाजी की गति रही है। उनका स्ट्राइक रेट 242.85 का है। सिर्फ रन ही नहीं, बल्कि मैच की परिस्थिति के अनुसार आक्रामक बल्लेबाजी करना वैभव की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। पावरप्ले में तेज शुरुआत हो या स्पिनर्स के खिलाफ बड़े शॉट्स लगाने हो, वैभव हर चुनौती का जवाब बेहद आत्मविश्वास के साथ दे रहे हैं। पिछले पांच मैचों में गेंदबाजों पर टूटा कहर वैभव इस समय अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहे हैं। पिछले पांच मैचों में उन्होंने 276 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 250.9 का रहा है। इन पांच पारियों में वे सिर्फ एक बार सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए हैं। पिछली पांच पारियों में वैभव का स्कोर सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन मुंबई इंडियंस के खिलाफ 4 रन लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 93 रन दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 46 रन गुजरात टाइटंस के खिलाफ 36 रन गुजरात की मजबूत गेंदबाजी के सामने असली चुनौती हालांकि आज का मुकाबला वैभव के लिए आसान नहीं रहने वाला। गुजरात टाइटंस के पास इस सीजन का सबसे संतुलित और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण माना जा रहा है। टीम में कगिसो रबादा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, राशिद खान और जेसन होल्डर जैसे अनुभवी गेंदबाज मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि गुजरात के खिलाफ वैभव का रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। उन्होंने गुजरात के खिलाफ खेले 3 मैचों में 168 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 233.33 का रहा है। इस दौरान उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए हैं। हालांकि मोहम्मद सिराज, राशिद खान और प्रसिद्ध कृष्णा उन्हें एक-एक बार आउट कर चुके हैं। पिछले मुकाबले में जयपुर में मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट बॉल पर वैभव का विकेट लिया था। राजस्थान की बल्लेबाजी में वैभव सबसे बड़ा सहारा इस सीजन राजस्थान की बल्लेबाजी काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर पर टिकी हुई नजर आई है। यशस्वी जायसवाल उम्मीद के मुताबिक लगातार रन नहीं बना सके हैं। ध्रुव जुरेल ने नंबर-3 पर कुछ उपयोगी पारियां जरूर खेली हैं, लेकिन टीम को लगातार मजबूत शुरुआत देने का काम वैभव ने ही किया है। कप्तान रियान पराग ने भी माना कि हैदराबाद के खिलाफ टीम 260 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन डेथ ओवरों में बल्लेबाजी बिखर गई। आर्चर गेंदबाजी से राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत जहां बल्लेबाजी में वैभव सबसे बड़ा हथियार बने हुए हैं, वहीं गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर राजस्थान के लिए मैच विनर साबित हो रहे हैं। आर्चर ने इस सीजन 15 मैचों में 24 विकेट लिए हैं और वे टीम के सबसे सफल गेंदबाज हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/17 रहा है। नई गेंद से उनकी गति और डेथ ओवरों में यॉर्कर गुजरात के बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। मुल्लांपुर की पिच पर हाई स्कोरिंग की उम्मीद न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। यहां पिछले चार मैचों में 200 से ज्यादा रन बने हैं। दो बार लक्ष्य का सफल पीछा हुआ, जबकि दो बार टीमों ने स्कोर डिफेंड किया। पिछले मुकाबले में राजस्थान ने यहां 243 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 196 रन पर ऑलआउट हो गई थी। हालांकि 27 मई को इसी मैदान पर तेज गेंदबाजों को मदद मिली थी। मैच में गिरे 18 विकेटों में से 12 विकेट पेसर्स ने लिए थे। ऐसे में शुरुआती ओवरों में वैभव के सामने सिराज और रबाडा की असली परीक्षा होगी। बारिश बन सकती है राजस्थान की सबसे बड़ी दुश्मन मौसम विभाग के मुताबिक चंडीगढ़-मोहाली में मैच के दौरान 60 से 70 प्रतिशत बारिश की संभावना है। तापमान 23C से 37C के बीच रह सकता है। अगर बारिश के कारण मैच रद्द होता है तो पॉइंट्स टेबल में बेहतर स्थिति के आधार पर गुजरात टाइटंस सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी। इस मुकाबले के लिए कोई रिजर्व डे नहीं रखा गया है। ऐसे में राजस्थान के लिए हर ओवर बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। हेड टू हेड में गुजरात का पलड़ा भारी दोनों टीमों के बीच अब तक 10 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें गुजरात ने 7 मैच जीते हैं, जबकि राजस्थान सिर्फ 3 मैच जीत पाई है। हालांकि इस सीजन दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मुकाबला जीता है। पिछली भिड़ंत में गुजरात ने राजस्थान को 77 रन से हराया था, जबकि उससे पहले राजस्थान ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी। ऐसे में आज का मुकाबला पूरी तरह दबाव, रणनीति और बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
मुंबई इंडियंस से अलग हो सकते हैं हार्दिक पांड्या ?, रिपोर्ट में सामने आई अंदरूनी तनाव की कहानी
आईपीएल 2026 के दौरान मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए 44वें मुकाबले के बाद हार्दिक पांड्या अचानक टीम के साथ नजर नहीं आए। वह न तो टीम के साथ यात्रा करते दिखाई दिए और न ही डगआउट में मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट से विनेश फोगाट को राहत, एशियन गेम्स ट्रायल्स में खेलने की अनुमति
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिलहाल विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने से नहीं रोका जा सकता। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी विनेश के पक्ष में फैसला देते हुए WFI को उन्हें ट्रायल्स में शामिल करने का निर्देश दिया था।
आरआर बनाम जीटी: दूसरे क्वालीफायर में इन 5 खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी निगाहें
आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर में शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स (आरआर) की भिड़ंत गुजरात टाइटंस (जीटी) से होगी। जीटी को पहले क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
BCCI की एंटी करप्शन यूनिट ने IPL मैच के दौरान खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के लिए स्मार्ट सनग्लासेस के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने सभी टीमों के लिए एडवाइजरी जारी की। इसके अनुसार मैच के दिन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल एरिया (PMOA) में जाने से पहले अपने फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट सनग्लासेस को सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (SLO) के पास जमा कराने होंगे। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई और जुर्माने की चेतावनी दी गई है। हाल के दिनों में IPL में कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के कई मामलों सामने आए हैं। इसी वजह से बोर्ड ने एंटी करप्शन नियमों में सख्ती की है। उसने प्लेयर्स के देर रात बाहर जाने और होटल रूम में मेहमान बुलाने पर भी रोक लगाई गई है। स्मार्ट सनग्लासेस बैन क्यों? बोर्ड ने सनग्लासेस को कम्युनिकेशन डिवाइस मानाबोर्ड के अनुसार स्मार्ट सनग्लासेस को डिवाइसेज ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग और कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है। इनमें लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेजिंग और ऑडियो-वीडियो कॉलिंग की सुविधाएं होती हैं, जो सुरक्षा नियमों के खिलाफ हैं। डगआउट में फोन चलाने पर भिंडर पर जुर्माना लगायाबोर्ड की एंटी करप्शन यूनिट ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमि भिंडर पर टीम डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। --------------------------------------------- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। शुरुआती तीन राउंड में संघर्ष करने वाले कार्लसन अब 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि गुकेश 3.5 अंकों के साथ आखिरी स्थान पर खिसक गए हैं। मैच के बाद कार्लसन ने कहा कि उन्हें गुकेश की ओपनिंग रणनीति देखकर आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी ने जरूरत से ज्यादा आक्रामक खेला, जिसका फायदा उन्हें मिला। प्रज्ञानानंदा ने 17 चाल में टाईब्रेक जीता आर प्रज्ञानानंदा ने विन्सेंट कीमर को आर्मगेडन टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्थान बरकरार रखा है। उन्होंने विन्सेंट कीमर के खिलाफ क्लासिकल मैच ड्रॉ होने के बाद आर्मगेडन टाईब्रेक में 17 चालों में जीत दर्ज की। इस जीत से वे 6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा 8.5 अंकों के साथ शीर्ष पर कायम हैं। दिव्या को मुजिचुक ने हराया, हम्पी आखिरी स्थान पर महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख को पहली बार आर्मगेडन में हार मिली। डिफेंडिंग चैंपियन अन्ना मुजिचुक ने उन्हें हराया। दिव्या 5.5 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं। वहीं कोनेरू हम्पी आखिरी स्थान पर बनी हुई हैं। --------------------------------------------------
न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर आयरलैंड ने दूसरी पारी में 65 रन बनाने में दो विकेट गंवा दिए हैं। स्टीफन दोहेनी और थॉमस मेयस क्रीज पर हैं। इससे पहले टॉम ब्लंडेल ने 186 और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 98 रन बनाए। गेंदबाजी में नाथन स्मिथ ने 6 विकेट झटके। नाथन स्मिथ ने 29 गेंदों में 6 विकेट लिए न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ दूसरे दिन के हीरो रहे। उन्होंने नई गेंद से 29 गेंदों में अपना पहला टेस्ट फाइव-विकेट हॉल पूरा किया। स्मिथ ने 40 रन देकर 6 विकेट लिए। उन्होंने आयरलैंड के टॉप-6 बल्लेबाजों में से 4 को डक पर आउट किया। टेस्ट इतिहास में पहली बार किसी गेंदबाज ने टॉप-6 के 4 बल्लेबाजों को खाता नहीं खोलने दिया। आयरलैंड ने जीरो पर दो विकेट गंवाए न्यूजीलैंड के पारी घोषित करने के बाद लंच से पहले आयरलैंड की बल्लेबाजी शुरू हुई। स्मिथ ने पहले ओवर की दूसरी गेंद पर स्टीफन डोहेनी को LBW किया। चार गेंद बाद नंबर-3 बल्लेबाज केड कारमाइकल स्लिप में टॉम लाथम को कैच दे बैठे। आयरलैंड ने पहले ही ओवर में बिना रन बनाए 2 विकेट गंवा दिए थे। लंच के बाद भी स्मिथ ने एंड्रयू बालबर्नी (13), कर्टिस कैंपर (0) और लॉर्कन टकर (0) को आउट किया। एक समय टीम का स्कोर 38 रन पर 6 विकेट था। मैकब्राइन-एडेयर में शतकीय साझेदारी शुरुआती झटकों के बाद एंडी मैकब्राइन और मार्क एडेयर ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर आयरलैंड को संभाला। मैकब्राइन ने चायकाल से पहले अर्धशतक पूरा किया। एडेयर ने शुरुआत में बड़े शॉट्स खेले, फिर संभलकर बल्लेबाजी की। नेथन स्मिथ ने शॉर्ट बॉल पर एडेयर को 40 रन पर आउट कर साझेदारी तोड़ी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने आयरलैंड की पहली पारी 179 रन पर समेट दी। मैकब्राइन 73 रन बनाकर नाबाद रहे। ब्लंडेल-फॉक्सक्रॉफ्ट में रिकॉर्ड साझेदारी न्यूजीलैंड ने सुबह 361/5 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। टॉम ब्लंडेल और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने छठे विकेट के लिए 158 रन जोड़े। ब्लंडेल 186 रन पर रूबेन विल्सन का शिकार बने। फॉक्सक्रॉफ्ट 98 रन पर एंडी मैकब्राइन की गेंद पर आउट होकर शतक से चूक गए। ------------------------------------------------------------ बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आयरलैंड के खिलाफ टॉम ब्लंडेल का शतक, पहले दिन न्यूजीलैंड का स्कोर 361/5 न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ इकलौते टेस्ट मैच में मजबूत शुरुआत की है। टीम ने बुधवार को स्टंप्स तक 5 विकेट पर 361 रन बना लिए। टॉम ब्लंडेल 142 और डीन फॉक्स क्रॉफ्ट 38 रन पर नाबाद रहे। पढ़ें पूरी खबर
चेम्सफोर्ड में खेले गए पहले टी-20 में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 38 रन से हरा दिया। भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। हरमनप्रीत कौर को आराम दिया गया था और स्मृति मंधाना कप्तानी कर रही थीं। भारत ने 7 विकेट पर 188 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी। भारत की ओर से जेमिमा रोड्रिग्स ने 69 और यास्तिका भाटिया ने 54 रन बनाए। डेब्यू मैच खेल रहीं नंदनी शर्मा ने 3 विकेट लिए। शुरुआती झटकों के बाद यास्तिका और जेमिमा ने संभाली पारी टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। लॉरेन बेल ने पहले ओवर में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा को आउट कर भारत का स्कोर 7 रन पर 2 विकेट कर दिया। इसके बाद दो साल बाद टी-20 इंटरनेशनल में लौटीं यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी संभाली। दो साल बाद लौटीं यास्तिका ने 31 बॉल में बनाई फिफ्टी अप्रैल 2024 के बाद पहला मैच खेल रहीं यास्तिका भाटिया ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने इसी वोंग के ओवर में 4 चौकों समेत 27 रन बटोरे और सोफी एसलस्टोन पर सिक्स भी लगाया। यास्तिका ने 31 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। जेमिमा और यास्तिका ने तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। लॉरेन बेल ने शुरुआती सफलता दिलाई लॉरेन बेल ने इंग्लैंड को शुरुआती सफलताएं दिलाईं। हालांकि, खराब फील्डिंग से भारतीय बल्लेबाजों को रन लेने के मौके मिले। टिली कॉर्टिन-कोलमैन के थ्रो पर यास्तिका रन आउट हुईं, जबकि जेमिमा चार्ली डीन की गेंद पर आउट हो गईं। आखिरी ओवरों में ऋचा घोष और भारती फुलमाली जल्दी आउट हुईं, लेकिन दीप्ति शर्मा की 22 रन की पारी से भारत ने बड़ा स्कोर बनाया। एमी जोन्स की फिफ्टी भी इंग्लैंड को नहीं बचा सकी 189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम 37 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद एमी जोन्स और हीथर नाइट ने 64 रन की साझेदारी की। एमी जोन्स ने 48 गेंदों में 67 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिला। हीथर नाइट इंग्लैंड की ओर से सभी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 310 मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं। डेब्यू मैच में नंदनी शर्मा ने पहले ही ओवर में 3 विकेट लिए डेब्यू कर रहीं नंदनी शर्मा ने अपने पहले ओवर में 3 विकेट लिए। उन्होंने एमी जोन्स और डैनी गिब्सन को लगातार गेंदों पर शेफाली वर्मा के हाथों कैच कराया। नंदनी हैट्रिक पर थीं, लेकिन चार्ली डीन ने अगली गेंद रोक ली। इसके दो गेंद बाद नंदनी ने इसी वोंग को बोल्ड कर मैच भारत के पक्ष में कर दिया। इंग्लैंड इसके बाद वापसी नहीं कर सकी और भारत ने 38 रन से मैच जीत लिया।
शूटिंग वर्ल्ड कप: साक्षी पाडेकर ने अपने डेब्यू में सातवां स्थान हासिल किया
जर्मनी के म्यूनिख में ओलंपियाशीसेंलागे में आयोजित इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल के तीसरे दिन, साक्षी सुनील पाडेकर ने 10मीटर एयर राइफल महिला फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया।
IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। दूसरी ओर सीजन की सबसे मजबूत गुजरात की गेंदबाजी उन्हें रोकने का प्रयास करेगी। इसमें कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे गेंदबाज शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी? जवाब 4 फैक्टर्स से समझिए... पिछली भिड़ंत : 9 मई को जयपुर में गुजरात और राजस्थान के बीच पिछला मैच खेला गया था। इसमें मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट बॉल पर सूर्यवंशी का विकेट लिया था। जबकि रबाडा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का शिकार बने थे। वैभव ने 16 बॉल पर 3 छक्के सहित 36 रन बनाए थे। पुराना रिकॉर्ड: वैभव ने गुजरात के खिलाफ 3 मैच खेले हैं और एक शतक के सहारे 233.33 की स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के आ चुके हैं। उन्हें मोहम्मद सिराज, राशिद खान और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक बार आउट किया है। हालिया फॉर्म : वैभव की हालिया फॉर्म कमाल की है। वे पिछली 5 पारियों में सिर्फ एक बार सिंगल डिटिट पर आउट हुए हैं। बाकी कि चार पारियों में वैभव ने दो अर्धशतक लगाए हैं। वे 250.9 के स्ट्राइक रेट से 276 रन बना चुके हैं। दूसरी ओर गुजरात के 5 गेंदबाज सीजन में कम से कम 15 विकेट ले चुके हैं। पिच कंडीशन: महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम की पिच बैटर्स के लिए मददगार होती है। लेकिन, 2 दिन पहले 27 मई को यहां पेसर्स को मदद मिली थी। मैच में गिरे 18 में से 12 विकेट पेसर्स को मिले। जबकि, दो बैटर्स रनआउट हुए। जोफ्रा आर्चर ने लेंथ और स्पीड के दम पर हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, वैभव के सामने पैट कमिंस की अगुवाई वाला पेस अटैक बेअसर रहा था। हेड टु हेड गुजरात 7-3 से आगे, 2022 में फाइनल हराया था हेड टु हेड रिकॉर्ड में गुजरात का पलड़ा भारी है। दोनों के बीच अब तक 10 मैच खेले जा चुके हैं, इनमें से 7 मुकाबले गुजरात ने जीते हैं। जबकि, 3 मैच राजस्थान के नाम रहे हैं। इस सीजन में दोनों टीमें बराबरी पर रही है। पिछले मैच को गुजरात ने 77 रन से जीता। उससे पहले राजस्थान ने 6 विकेट की जीत हासिल की थी। टॉप प्लेयर्स राजस्थान सूर्यवंशी और आर्चर पर निर्भरराजस्थान रॉयल्स इस समय काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर पर निर्भर है। दोनों खिलाड़ियों ने एलिमिनेटर में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वैभव 680 रन के साथ मौजूदा सीजन के टॉप स्कोरर हैं। जबकि, जोफ्रा आर्चर 24 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर्स हैं। यशस्वी जायसवाल इस सीजन सूर्यवंशी की चमक के आगे फीके नजर आए हैं, जबकि ध्रुव जुरेल ने नंबर-3 पर उपयोगी पारियां खेली हैं। कप्तान रियान पराग ने माना कि सनराइजर्स के खिलाफ टीम 260 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन डेथ ओवरों में बल्लेबाजी बिखर गई। टीम इस कमजोरी को सुधारना चाहेगी। साई सुदर्शन के पास ऑरेंज कैप लेने का मौका गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी हद तक साई सुदर्शन (652 रन), शुभमन गिल (618 रन) और जोस बटलर (498 रन) पर निर्भर है। पिछले मैच में बेंगलुरु के खिलाफ टॉप-3 बैटर्स के जल्दी आउट होने के बाद टीम 162 रन पर ऑलआउट हो गई थी। क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु के बैटर्स ने गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। ऐसे में गुजरात अपने गेंदबाजी और फील्डिंग प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगा। कगिसो रबाडा 26 विकेट लेकर टीम सीजन के टॉप विकेट टेकर्स में दूसरे स्थान पर है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले चारों मैच में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि दो बार स्कोर डिफेंड किया गया। पिछले मुकाबले में राजस्थान ने 243 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 196 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच के दिन न्यू चंडीगढ़ का तापमान 23C से 37C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा और सुशांत मिश्रा। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया।
एक समय IPL की पहचान विदेशी पावर-हिटर्स से होती थी। क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स, पोलार्ड और वॉर्नर जैसे खिलाड़ी लीग का टेम्पो तय करते थे। लेकिन IPL 2026 ने तस्वीर बदल दी। अब मैच का रुख भारतीय बल्लेबाज तय कर रहे हैं। इस सीजन भारतीय बल्लेबाजों ने विदेशियों से ज्यादा आक्रामक स्ट्राइक रेट से रन बनाए। हालांकि गेंदबाजी में कहानी उलट गई। जहां भारतीय गेंदबाज पूरे सीजन दबाव में दिखे, वहीं विदेशी गेंदबाज कम संख्या में होने के बावजूद ज्यादा असरदार साबित हुए। स्टोरी में आगे पढ़िए 2026 में भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले सीजन की तुलना में कैसा रहा है। 1. भारतीयों बल्लेबाजों का स्ट्राइक विदेशी बल्लेबाजों से ज्यादा पहले भारतीय बल्लेबाज एंकर रोल में दिखते थे और तेज बल्लेबाजी का जिम्मा विदेशी खिलाड़ियों पर रहता था। अब भारतीय खिलाड़ी शुरुआत से ही अटैकिंग क्रिकेट खेल रहे हैं और मैच का टेम्पो कंट्रोल कर रहे हैं। IPL 2026 में भारतीय बल्लेबाजों का औसत स्ट्राइक रेट 157.01 रहा। पिछले सीजन यह आंकड़ा 152 का ही था। वहीं, विदेशी बल्लेबाजों ने 155.37 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। पिछले सीजन विदेशी बल्लेबाजों ने करीब 153 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। 2. भारतीय गेंदबाज ज्यादा दबाव में दिखे इस सीजन भारतीय गेंदबाजों ने 2025 के 533 विकेट के मुकाबले 506 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी 9.42 से बढ़कर 9.79 हो गई। विदेशी गेंदबाज भी पिछले सीजन की तुलना में इस बार ज्यादा महंगे साबित हुए, फिर भी वे भारतीय गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा किफायती रहे हैं। 3. प्लेयर ऑफ द मैच में भारतीयों के नंबर घटे इस सीजन 53 खिलाड़ियों को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। इनमें 31 भारतीय और 22 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहे। वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और संजू सैमसन को भारतीयों में सबसे ज्यादा 3-3 बार यह अवॉर्ड मिला। पिछले सीजन भी 53 खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इनमें 35 भारतीय और 18 विदेशी खिलाड़ियों को यह अवॉर्ड मिला था। भारतीयों में श्रेयस अय्यर और क्रुणाल पंड्या सबसे ज्यादा 3-3 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इस सीजन बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट और एवरेज दोनों बढ़ा क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि बल्लेबाजी की एवरेज बढ़ानी है तो स्ट्राइक रेट की कुर्बानी देनी होगी और अगर स्ट्राइक रेट में इजाफा करना है तो एवरेज से समझौता करना होगा। इस बार यह कहावत फेल होती दिखाई दे रही है। इस सीजन में ओवरलऑल बैटिंग एवरेज और स्ट्राइकरेट दोनों में पिछले सीजन की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चौके, छक्के, शतक और अर्धशतक के नंबर भी 2025 की तुलना में बढ़े हैं। गेंदबाज और महंगे साबित हुए 2025 में जहां कुल 829 विकेट गिरे थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 813 रह गई। गेंदबाजों का औसत 31.42 से बढ़कर 32.45 पहुंच गया। यानी एक विकेट लेने में पहले से ज्यादा रन खर्च हुए। इकोनॉमी रेट भी IPL इतिहास में सबसे महंगा रहा। 2025 की तुलना में इकोनॉमी 9.50 से बढ़कर 9.76 हो गई।
फीफा विश्व कप: नेमार का ब्राजील के लिए पहला मैच खेलना संदिग्ध, वार्म-अप मैचों से हुए बाहर
फीफा विश्व कप 2026 में करिश्मा करने की तैयारी कर रही ब्राजील की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार फॉरवर्ड नेमार का विश्व कप के पहले मैच में खेलना संदिग्ध है। नेमार वार्म-अप मैचों से भी बाहर हो गए हैं।
डी गुकेश : 7 साल की उम्र में चली शतरंज की पहली बाजी, सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बनकर रचा इतिहास
डोम्माराजू गुकेश शतरंज की दुनिया में तेजी से उभरता हुआ एक चैंपियन खिलाड़ी। गुकेश ने महज 7 साल की उम्र में शतरंज की अपनी पहली चाल चली थी। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में विश्व चैंपियन कहलाने का तमगा हासिल किया। 5 फुट और 7 इंच के गुकेश अपनी चालों से विपक्षी खिलाड़ी को भी अपना मुरीद बना लेते हैं।
क्रिकेट ब्रॉडकास्टर जियो हॉटस्टार ने दावा किया है कि दुनिया की किसी लीग में IPL जितनी इतनी भाषाएं नहीं हैं। दैनिक भास्कर मुंबई स्थित जियो-हॉटस्टार ऑफिस पहुंचा। यहां हेड कंटेंट सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व अंपायर अनिल चौधरी, पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर सरनदीप सिंह से बातचीत हुई। सिद्धार्थ ने बताया कि IPL अब 12 भाषाओं में देखा जा रहा है और भोजपुरी-हरियाणवी जैसी फीड्स तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौजूदा दौर का सबसे बेहतरीन टी-20 बैटर बताया। दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाब आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा गढ़ है, जहां से लगातार बड़े खिलाड़ी निकल रहे हैं। नीचे सवाल-जवाब में पूरा इंटरव्यू पढ़ें… सवाल: IPL में 12 भाषाओं में कमेंट्री शुरू करने का आइडिया कैसे आया? सिद्धार्थ ने बताया कि लंबे समय तक भारत में क्रिकेट सिर्फ अंग्रेजी में दिखाया जाता था। 2013 में स्टार स्पोर्ट्स के पास बड़े क्रिकेट राइट्स आने के बाद हिंदी फीड की शुरुआत हुई।उन्होंने कहा- मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में क्रिकेट देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस करें। 2017 में तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फीड शुरू की गईं। इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी समेत कई नई भाषाएं जोड़ी गईं और अब IPL 12 भाषाओं में उपलब्ध है। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री की शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? सिद्धार्थ के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती सही कमेंटेटर ढूंढना थी। उन्होंने कहा कि हर भाषा में पूर्व क्रिकेटर उपलब्ध नहीं होते, इसलिए ऐसे लोगों को तलाशा गया जो क्रिकेट समझते हों और साथ ही अच्छे स्टोरीटेलर भी हों। उन्होंने बताया कि भोजपुरी कमेंट्री के लिए कई ऑडिशन लिए गए। 10-12 लोगों का पूल तैयार किया गया, फिर वर्कशॉप और ट्रेनिंग के बाद कुछ आवाजों को चुना गया। कमेंटेटर्स को यह भी सिखाया गया कि रोहित शर्मा की बैटिंग या विराट कोहली के कवर ड्राइव को किस अंदाज में पेश करना है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग मॉड्यूल और फ्रेमवर्क बनाए गए। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री इतनी वायरल क्यों हुई? सिद्धार्थ ने कहा कि भोजपुरी कमेंट्री की ताकत उसका देसी अंदाज और कहानी सुनाने की कला है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी फीड में तकनीकी विश्लेषण से ज्यादा मनोरंजन, लोकल बोली, मुहावरे और भावनात्मक जुड़ाव पर फोकस किया गया। उनके मुताबिक, भोजपुरी कमेंटेटर क्रिकेट को ऐसे पेश करते हैं कि जो दर्शक खेल की बारीकियां नहीं भी समझते, वे भी उससे जुड़ जाते हैं। यही वजह है कि भोजपुरी कमेंट्री ने अपनी अलग पहचान बना ली। सवाल: IPL कमेंट्री में पूर्व खिलाड़ियों को इतनी अहमियत क्यों दी जाती है? सिद्धार्थ ने कहा कि कोशिश रहती है कि ऐसे लोगों को कमेंट्री में लाया जाए जो IPL इकोसिस्टम का हिस्सा रहे हों। सवाल: भारतीय ब्रॉडकास्ट की तुलना विदेशी लीग्स से कैसे होती है? सिद्धार्थ ने दावा किया कि IPL ब्रॉडकास्ट दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स से आगे है। उन्होंने कहा कि कवरेज की चौड़ाई, भाषाओं की संख्या और दर्शकों तक पहुंच के मामले में IPL का मॉडल अनोखा है। सवाल: पंजाबी कमेंट्री का फ्लेवर बाकी भाषाओं से अलग कैसे है? पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाबी भाषा खुद में बहुत भावनात्मक और मजेदार है। उन्होंने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी कमेंट्री में शब्द सीमित और औपचारिक होते हैं, जबकि पंजाबी में खुलकर बात होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाबी में ऐसे लोकल शब्द और जुमले इस्तेमाल होते हैं जो गांवों और कस्बों की भाषा से आते हैं। सवाल: पंजाबी कमेंट्री में सबसे यादगार IPL पल कौन सा रहा? सरनदीप ने पंजाब किंग्स के बड़े रन चेज और आक्रामक खेल को सबसे यादगार बताया। उन्होंने कोलकाता में 262 रन चेज करने और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन का जिक्र किया। सवाल: पंजाब से इतने क्रिकेटर क्यों निकलते हैं? सरनदीप ने कहा कि पंजाब में खेलों की संस्कृति बहुत पुरानी है। उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, कपिल देव, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट वहां की संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अलग-अलग इलाकों- मालवा, दोआबा और माझा की अपनी अलग बोली और फ्लेवर है, जो खिलाड़ियों और कमेंट्री दोनों में दिखाई देता है। सवाल: आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस कितनी जरूरी हो गई है? IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले अनिल चौधरी ने कहा कि आज के क्रिकेट में फिटनेस सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी या अंपायर फिट नहीं है तो वह खेल की स्पीड के साथ तालमेल नहीं बैठा सकता। सवाल: अभी के समय का बेस्ट टी-20 बैटर कौन है? अनिल ने बताया कि अभी जितने यंगस्टर्स वो शानदार खेल दिखा रहे हैं। आयुष म्हात्रे, यश राज पुंजा, देवदत्त पडीक्कल सभी बेहतरीन फॉर्म में रहे, लेकिन उनका पसंदीदा प्लेयर वैभव सूर्यवंशी है। वैभव की हिटिंग एबिलिटी को अनिल ने शानदार बताया।
सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में जगह बना ली है। 39 वर्षीय जोकोविच ने फ्रांस के वैलेंटाइन रोयर को चार सेट में हराया। वहीं महिला वर्ग में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रायबकिना को बड़ा उलटफेर झेलना पड़ा। जोकोविच ने 74वीं रैंक वाले वैलेंटाइन रोयर को 6-3, 6-2, 6-7 (7), 6-3 से हराया। करीब 3 घंटे 44 मिनट तक चले मुकाबले में रोयर ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। तीसरे सेट के टाईब्रेकर में बैकहैंड चूकने के कारण जोकोविच मैच जल्दी खत्म नहीं कर सके। पेरिस में लगातार चौथे दिन तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। गर्मी के कारण जोकोविच चेंजओवर के दौरान गर्दन और सिर पर आइस पैक लगाते नजर आए। मैच के बाद उन्होंने कहा कि यह बेहद मुश्किल परिस्थितियों में खेला गया मुकाबला था और अनुभव ने उनकी काफी मदद की। तीसरे सेट के टाईब्रेकर में चूके, वायलिन सेलिब्रेशन किया जीत के बाद जोकोविच ने अपना मशहूर ‘वायलिन सेलिब्रेशन’ किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उम्मीद है टूर्नामेंट के बाकी हिस्से में उनका सामना किसी और फ्रांसीसी खिलाड़ी से नहीं होगा। इस जीत के साथ जोकोविच ने रोलां गैरो में फ्रांसीसी खिलाड़ियों के खिलाफ 14-0 का रिकॉर्ड बना लिया। वह लगातार 21वें साल फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में पहुंचे हैं। रायबकिना को यूक्रेन की खिलाड़ी ने हराया विमेंस सिंगल्स में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रायबकिना को यूक्रेन की यूलिया स्टारोडुब्तसेवा ने 3-6, 6-1, 7-6 (4) से हराकर बाहर कर दिया। चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। रोलां गैरो में यह उनकी 42वीं जीत रही। अब तीसरे दौर में उनका मुकाबला पोलैंड की मागडा लिनेट से होगा। यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना और मार्टा कोस्त्युक भी अगले दौर में पहुंच गईं। स्वितोलिना ने कैटलिन क्वेवेदो को हराया, जबकि कोस्त्युक ने केटी वोलेट्स को मात दी। --------------------------------- वैभव बोले- गेल का रिकॉर्ड पता नहीं था:बस टीम के लिए खेलना था; गेल ने 30 बॉल में 100 बनाए थे, सूर्यवंशी 3 रन चूके राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को IPL के एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन बनाए। वे IPL इतिहास का सबसे तेज शतक बनाने के क्रिस गेल (30 गेंद) के रिकॉर्ड से चूक गए। पूरी खबर
6 फीट 5 इंच लंबा शरीर, एनएफएल के बड़े-बड़े स्टेडियमों का अनुभव और करोड़ों दर्शकों के सामने खेलने का आत्मविश्वास। लेकिन जब अमेरिकी फुटबॉलर जैक क्रॉफर्ड पहली बार न्यूयॉर्क के एक छोटे से कॉमेडी क्लब में ओपन माइक करने पहुंचे, तो उनके हाथ कांप रहे थे। कमरे में मुश्किल से 12 लोग थे। पांच मिनट की परफॉर्मेंस में उनके जोक्स पर कोई नहीं हंसा। इसी असफलता ने उन्हें जिंदगी का सबसे बड़ा सबक सिखाया कि डर से भागने के बजाय उसका सामना करो। 1. डर का सामना करने से बढ़ता है आत्मविश्वास 37 वर्षीय जैक क्रॉफर्ड कई सालों से स्टैंडअप कॉमेडी करना चाहते थे, लेकिन लोगों के जज करने का डर उन्हें रोकता रहा। फिर एक दिन उनका दोस्त उन्हें अचानक ओपन माइक में ले गया। पहली परफॉर्मेंस बुरी रही, लेकिन उसी दिन उन्होंने महसूस किया कि सबसे बड़ा डर असलियत में उतना बड़ा नहीं होता। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। उन्होंने कहा, ‘जब आप सबसे डरावनी चीज कर लेते हैं, तो बाकी चीजें छोटी लगने लगती हैं। ’2. गलतियां करना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के करियर में भी क्रॉफर्ड का सबसे बड़ा दुश्मन डर ही था। अभ्यास में वे शानदार खेलते थे, लेकिन मैच में गलती का डर उन्हें रोक देता था। डलास काउबॉयज के कोच रॉड मारिनेली ने उनसे कहा, ‘खूब गलती करो, लेकिन मैच में पूरी ताकत से खेलो।’ इसी सोच से उनकी जिंदगी बदल गई। क्रॉफर्ड ने समझा कि हर गलती शर्मिंदगी नहीं होती, बल्कि सीखने का मौका होती है। यही सोच उन्हें स्टैंडअप कॉमेडी में भी काम आई। 3. असहजता कमजोरी नहीं, बल्कि ग्रोथ का संकेत शिकागो यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में पाया गया कि जो लोग असहज और शर्मिंदगी वाले हालात को सीखने का हिस्सा मानते हैं, वे तेजी से आगे बढ़ते हैं। क्रॉफर्ड के मुताबिक, स्टैंडअप कॉमेडी ‘एक्सपोजर थेरेपी’ की तरह है। जब इंसान बार-बार शर्मिंदगी झेलता है, तो डर खत्म होने लगता है। उन्होंने महसूस किया कि लोग उतना ध्यान नहीं देते जितना हम सोचते हैं। यही सोच मानसिक मजबूती देती है। 4. कभी भी शर्मिंदगी से भागना नहीं चाहिए हाल ही में क्रॉफर्ड ने फिर खराब परफॉर्म किया। दर्शक उनके मजाक से जुड़ नहीं पाए। उन्हें बुरा लगा, लेकिन फर्क यह था कि अब वे उस डर से टूटते नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘अब शर्मिंदगी चुभती जरूर है, लेकिन पहले जितनी नहीं। सबसे जरूरी बात यह है कि अब मैं उससे डरता नहीं हूं।’ क्रॉफर्ड की कहानी यही बताती है कि आत्मविश्वास का मतलब डर खत्म होना नहीं, बल्कि डर के बावजूद आगे बढ़ते रहना है।
इस मुकाबले के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने टी20 क्रिकेट के बेताज बादशाह क्रिस गेल का एक ऐसा रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसे अजेय माना जाता था। वैभव अब आईपीएल के किसी एक सीजन में 60 से अधिक छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश लगातार दूसरे दौर में हार गए। अगले दौर में उनका सामना मैग्नस कार्लसन से होगा। प्रज्ञानानंदा ने क्लासिकल मुकाबले में कार्लसन को हराकर तीन अंक हासिल किए। इस जीत से वे 4.5 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख ने जीत का सिलसिला जारी रखा है। वे नंबर-2 पर हैं। प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को दूसरी बार हराया प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस में क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को दूसरी बार हराया है। उन्होंने 2024 में भी पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को मात दी थी। भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि मैच बेहद करीबी था और टाइम स्क्रैम्बल में नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। सात बार के चैंपियन कार्लसन छह खिलाड़ियों की अंक तालिका में 1.5 अंक के साथ सबसे नीचे हैं। गुकेश का मैच 5 घंटे चला, फिरोजा से हारे दूसरी ओर विश्व चैंपियन डी गुकेश की खराब फॉर्म जारी रही। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने उन्हें आर्मगेडन मुकाबले में हराकर 1.5 अंक हासिल किए। करीब 5 घंटे तक चला क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मगेडन में फिरोजा ने बाजी मार ली। चोटिल होने के बावजूद फिरोजा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मैच के बाद वह व्हीलचेयर और मून बूट में नजर आए। उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर 7.5 अंक के साथ बढ़त मजबूत कर ली। गुकेश 3.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। उन्हें इस साल जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप मुकाबला खेलना है। दिव्या देशमुख ने असाउबायेवा को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने टूर्नामेंट लीडर बिबिसारा असाउबायेवा को आर्मगेडन में हराकर तीसरी टाइब्रेकर जीत दर्ज की। वह 4.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं कोनेरू हम्पी अन्ना मुजिचुक से हारकर दो अंक के साथ आखिरी स्थान पर हैं। चेस में आर्मगेडन एक 'सडन-डेथ' टाई-ब्रेकर गेम होता है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई टूर्नामेंट या मैच ड्रॉ हो जाता है और परिणाम निकालना जरूरी होता है। इसमें ड्रॉ की कोई गुंजाइश नहीं होती। -------------------------------------------------- नॉर्वे चेस टूर्नामेंट की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर
न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 5 विकेट पर 361 रन बनाए। टॉम ब्लंडेल 142 और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट 38 रन पर नाबाद रहे। बेलफास्ट में खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम ने 86 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद रचिन रवींद्र और टॉम ब्लंडेल ने शतकीय पारियां खेलकर टीम को संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 217 रन जोड़े। 86 रन पर 4 विकेट गिर गए थे शुरुआत में मार्क अडेयर ने कीवी टॉप ऑर्डर को झटके दिए। उन्होंने दूसरी ही गेंद पर टॉम लाथम को इनस्विंगर पर बोल्ड किया। इसके बाद डेवोन कॉनवे फ्लिक शॉट खेलते हुए आउट हुए, जहां डेब्यू कर रहे लियाम मैकार्थी ने मिडविकेट पर कैच पकड़ा। अडेयर ने डेरियल मिचेल को भी विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इससे न्यूजीलैंड शुरुआती सत्र में दबाव में आ गई थी। डेब्यू कर रहे मैकार्थी ने पहला टेस्ट विकेट लिया डेब्यू मैच खेल रहे लियाम मैकार्थी ने टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया। इस दौरान केन विलियमसन भी सहज नजर नहीं आए और टाइमिंग के लिए संघर्ष करते दिखे। उन्होंने 70 गेंदों में 36 रन बनाए। विलियमसन कई बार स्लिप में कैच होने से बचे, जब गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गई। हालांकि, उनका संघर्ष ज्यादा देर नहीं चला। लियाम मैकार्थी ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया। चोटों से परेशान आयरलैंड टीम से तीन गेंबाजों ने डेब्यू किया 86 रन पर 4 विकेट लेने के बाद आयरलैंड इस दबाव का फायदा नहीं उठा सका। टीम के गेंदबाजों की अनुभवहीनता साफ नजर आई। खिलाड़ियों की चोटों के कारण आयरलैंड को इस मैच में तीन नए तेज गेंदबाजों को डेब्यू का मौका देना पड़ा। तीनों डेब्यू गेंदबाजों में सिर्फ लियाम मैकार्थी को 1 विकेट मिला। उन्होंने 20 ओवर में 96 रन दिए। थॉमस मेयेस ने 17 ओवर में 96 रन खर्च किए, जबकि रूबेन विल्सन 18 ओवर में विकेट नहीं ले सके। दोनों गेंदबाज लाइन और लेंथ से प्रभावित नहीं कर सके। रवींद्र को मिला जीवनदान, लगाया करियर का 5वां टेस्ट शतक 38वें ओवर में रूबेन विल्सन की गेंद पर दूसरी स्लिप में एंड्रयू बालबिर्नी ने रचिन रवींद्र का आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद रचिन और ब्लंडेल ने दूसरे सेशन में कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों ने तेजी से रन भी बनाए। रचिन ने 70वें ओवर में मैकार्थी की गेंद पर स्विवेल पुल शॉट पर छक्का लगाकर 175 गेंदों में अपना 5वां टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा सबसे धीमा शतक रहा। शतक के बाद वे हैरी टेक्टर की गेंद पर डीप मिडविकेट में कैच आउट हो गए। ब्लंडेल ने दिसंबर 2024 के बाद लगाया टेस्ट शतक दूसरी ओर टॉम ब्लंडेल आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने ऑफ-साइड में कई अच्छे शॉट खेले। एंडी मैकब्राइन की गेंद पर स्वीप शॉट लगाकर ब्लंडेल ने टेस्ट करियर का छठा शतक पूरा किया। यह दिसंबर 2024 के बाद उनका पहला टेस्ट शतक है। शतक पूरा करने के बाद ब्लंडेल ने अगले ओवर में हैरी टेक्टर की गेंदों पर 4, 4, 4 और 6 रन बटोरे। दिन का खेल खत्म होने तक ब्लंडेल और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट क्रीज पर डटे रहे। यह 4 दिवसीय मुकाबला न्यूजीलैंड के जून में होने वाले इंग्लैंड दौरे की तैयारियों के लिहाज से अहम है। ---------------------------------------- वैभव बोले- गेल का रिकॉर्ड पता नहीं था:बस टीम के लिए खेलना था; गेल ने 30 बॉल में 100 बनाए थे, सूर्यवंशी 3 रन चूके राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को IPL के एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन बनाए। वे IPL इतिहास का सबसे तेज शतक बनाने के क्रिस गेल (30 गेंद) के रिकॉर्ड से चूक गए। पूरी खबर
IPL 2026 के बुधवार को खेले गए एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। राजस्थान रॉयल्स ने हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वॉलिफायर-2 में जगह बनाई। इस मैच विनिंग पारी में वैभव ने 12 छक्के लगाए। वे IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने के क्रिस गेल के रिकॉर्ड से 3 रन से चूक गए। क्रिस गेल ने 30 गेंदों में यह कारनामा किया था। मैच के बाद वैभव से पूछा गया कि क्या उन्हें सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड की जानकारी थी। उन्होंने कहा, 'मुझे आउट होने के बाद ही इस रिकॉर्ड के बारे में पता चला। उस समय मेरा पूरा ध्यान सिर्फ टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन जोड़ने पर था। शतक तो आगे भी बनते रहेंगे, लेकिन अभी हमारा पूरा फोकस इस बात पर है कि टीम के लिए ट्रॉफी कैसे जीती जाए।' जीत के बाद जश्न या आगे की सोच पर वैभव ने कहा, ‘जब हम जीतते हैं, तो हम बस उसी पॉजिटिव अप्रोच को आगे ले जाते हैं और अगले मैच पर ध्यान लगाते हैं। हमारी कोशिश अगले मैच को भी इसी तरह जीतकर फाइनल में पहुंचने की है।’ प्रफल्ल हिंगे की गेंद पर हो गए थे आउट वैभव सूर्यवंशी पारी के आठवें ओवर में प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन पर कैच दे बैठे और 3 रन से शतक से चूक गए। अपनी आउट होने पर कहा, ‘मैं शतक के बारे में इस तरह से नहीं सोच रहा था, लेकिन मैंने मैदान पर मौजूद फील्डर को देखने के बाद वह शॉट खेला था और इसी वजह से टाइमिंग गलत हो गई। अगर मैंने गेंद को सीधे यथर्ड मैन की तरफ जाने दिया होता, तो वह आसानी से बाउंड्री पार चली जाती। लेकिन मैंने उसे सीधा मारने की कोशिश की, और इसी वजह से शॉट मिस हो गया।’ कोचों ने कहा था- जो प्रैक्टिस में किया, वही मैदान पर करो ब्रॉडकास्टर ने वैभव से पूछा कि क्या उनके दिमाग में यह बात थी कि यह बड़ा नॉकआउट मुकाबला है। उन्होंने कहा, 'हां, यह बात मेरे दिमाग में कहीं न कहीं जरूर थी। लेकिन मैच से पहले सभी कोचों ने मुझसे सिर्फ यही कहा था कि जो कुछ भी मैंने नेट प्रैक्टिस के दौरान किया है, ठीक वैसा ही मैदान पर भी करना है। उन्होंने मुझसे गेम को एन्जॉय करने और इस मैच में कोई भी एक्स्ट्रा प्रेशर न लेने की सलाह दी थी।' स्कोर 260 पार होना चाहिए था राजस्थान रॉयल्स ने वैभव की पारी के दम पर 8 विकेट पर 243 रन बनाए। हालांकि, वैभव का मानना है कि टीम इससे बड़ा स्कोर बना सकती थी। उन्होंने कहा, ‘नहीं, मेरे आउट होने के बाद भी मुझे ऐसा लग रहा था कि इस पिच पर 260 से ज्यादा का स्कोर बनाना मुमकिन था। लेकिन अब हमारे पास जो भी स्कोर है, हम अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करके इसे डिफेंड (बचाव) करने की कोशिश करेंगे।’ बाउंड्री साइज से लेकर गेंदबाजों की करते हैं स्टडी अपनी बेखौफ बल्लेबाजी की तैयारी पर वैभव ने कहा कि वे मैच से पहले काफी होमवर्क करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं बस यह सोचता हूं कि सामने वाली टीम में कौन से गेंदबाज हैं, इस विकेट पर उनका सामना कैसे करना है और बाउंड्री कितनी बड़ी है। मैं बस क्रीज पर पॉजिटिव रहने की कोशिश करता हूं। जब आप ऐसा करते हैं, तो गेंदबाज खुद दबाव में आ जाते हैं। मैं इसी दबदबे को बनाए रखने की कोशिश करता हूं।' अगले मैच की मानसिकता पर उन्होंने कहा, ‘मैं मैच के बारे में सोचता हूं, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। मैं सिर्फ उस खेल पर ध्यान देता हूं जो मैं खेल रहा हूं और ओवरथिंकिंग से बचता हूं। अगर मुझे लगता है कि किसी चीज पर काम करने की जरूरत है, तो मैं केवल उसी को देखता हूं।’ क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: एक सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के भले ही वैभव सूर्यवंशी शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने IPL इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। इस पारी के दम पर उन्होंने क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव के नाम IPL 2026 में अब 65 छक्के हो गए हैं। यह IPL के किसी एक सीजन में किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। विरोधी टीमों की प्लानिंग पर वैभव ने कहा, विपक्षी टीम क्या प्लान बना रही है, वह उनका काम है। मैं सिर्फ अपने प्लान पर फोकस करता हूं और नॉर्मल क्रिकेट खेलता हूं।' ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हैदराबाद IPL से बाहर, राजस्थान ने 47 रन से हराया:सूर्यवंशी ने 29 बॉल पर 97 रन बनाए; आर्चर को 3 विकेट सनराइजर्स हैदराबाद IPL 2026 से बाहर हो गई है। टीम को एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स ने 47 रन से हरा दिया। क्वालीफायर-2 में 29 मई को राजस्थान का मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटंस से होगा। इस मैच को जीतने वाली टीम 31 मई को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ फाइनल खेलेगी। पूरी खबर

