गेटाफे ने जॉर्जियाई सेंट्रल डिफेंडर साबा साजोनोव को साइन किया
मैड्रिड, 4 अगस्त (आईएएनएस)। गेटाफे ने जॉर्जिया के इंटरनेशनल सेंटर-बैक साबा साजोनोव 2026-27 सीजन के लिए साइन किया है। मंगलवार को क्लब ने इसकी पुष्टि की। 24 वर्षीय खिलाड़ी फ्री ट्रांसफर पर आए हैं। साजोनोव ने जून 2027 तक के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया है, जिसमें एक और साल बढ़ाने का विकल्प भी है।
जहीर खान बने लंका प्रीमियर लीग में जाफना किंग्स के को-ऑनर, फ्रेंचाइजी का नाम भी बदला
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान लंका प्रीमियर लीग (LPL) की क्रिकेट टीम जाफना किंग्स के सह-मालिक बन गए हैं। जहीर Anchor Sports में हिस्सेदार हैं और उसने इस टीम को खरीद लिया है। इस नए बदलाव के बाद अब जाफना किंग्स टीम का नाम भी बदल गया है।
वर्ल्ड टेनिस अंडर-14 जूनियर टीम फाइनल्स में सृष्टि का संघर्ष बेकार, भारत को मिली हार
बेंगलुरु, 4 अगस्त (आईएएनएस)। वर्ल्ड टेनिस अंडर-14 जूनियर टीम फाइनल में कर्नाटक की सृष्टि किरण ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार दूसरा सिंगल्स मैच जीता, लेकिन भारत को चेकिया के प्रोस्टेजॉव में ग्रुप 4 राउंड रॉबिन स्टेज में इटली के खिलाफ 1-2 से करीबी हार का सामना करना पड़ा।
सीडब्ल्यूजी 2026: मुक्केबाजी दल से मिले किरेन रिजिजू, मेडल जीतने पर बधाई दी
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाजों से मुलाकात की। इस दौरान किरेन रिजिजू ने खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन और भारत का मान बढ़ाने के लिए बधाई दी, जिनका समर्पण, अनुशासन और लड़ने का जज्बा देश भर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करता है।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका! साई सुदर्शन की चोट पर आया बड़ा अपडेट
साई सुदर्शन भारतीय टीम के साथ श्रीलंका रवान नहीं हुए हैं। वे बेंगलुरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चोट से उबर रहे हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया 4 अगस्त को कोलंबो पहुंची।
पीटर गुलाची बने विल्लारियल की नई दीवार, स्पेनिश क्लब से जुड़े
मैड्रिड, 4 अगस्त (आईएएनएस)। विल्लारियल सीएफ ने आरबी लीपजिग से हंगरी के अनुभवी गोलकीपर पीटर गुलाक्सी को साइन किया है, जो स्पेनिश क्लब के समर ट्रांसफर विंडो में पहले नए खिलाड़ी हैं। 36 वर्षीय खिलाड़ी ने दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया है। खबरों के अनुसार, विल्लारियल ने उनके ट्रांसफर के लिए लीपजिग को करीब 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया है।
DPL 2026 में बारिश से प्रभावित 15 ओवर के मैच में आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने नई दिल्ली टाइगर्स को रोमांचक सुपर ओवर में हराया। हिम्मत सिंह ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए मात्र 25 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें पांच छक्के और चार चौके शामिल थे।
गोल्फ: 'विमेंस ओपन' में कट से चूकीं दीक्षा डागर, मगर रैंकिंग में दबदबा कायम
लंदन, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एआईजी विमेंस ओपन में कट से चूकने के बावजूद, दीक्षा डागर ने लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) की टॉप खिलाड़ियों में अपनी जगह बरकरार रखी है, जो 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' स्टैंडिंग में भारतीय चुनौती का नेतृत्व कर रही हैं।
PCB क्या छिपा रहा है? सूचना आयोग के आदेश के बाद कोर्ट मेें मामला
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पाकिस्तान सूचना आयोग (PIC) के उस आदेश को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें 2023-26 के बजट, खिलाड़ियों और कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट, सैलरी, T20 वर्ल्ड कप खर्च और अन्य वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया था. PCB का कहना है कि इससे उसके व्यावसायिक हित, गोपनीय समझौते और तीसरे पक्ष की निजता प्रभावित होगी.
Taipei Open में Tanvi Sharma ने रचा इतिहास, PV Sindhu ने सराहा- 'यह तो बस एक शानदार शुरुआत है'
भारत की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तान्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने खुलकर तारीफ की है। सिंधु ने कहा कि तान्वी में एक महान खिलाड़ी बनने के सभी गुण मौजूद हैं और यह जीत उनके लंबे और सफल करियर की केवल शुरुआत है। बता दें कि 17 वर्षीय तान्वी शर्मा ने ताइपे ओपन के फाइनल में वियतनाम की अनुभवी खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह को सीधे खेलों में हराकर अपना पहला विश्व बैडमिंटन महासंघ विश्व टूर सुपर 300 खिताब जीता। तान्वी ने पूरे मुकाबले में शानदार रणनीति और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 36 मिनट में 21-16 और 21-16 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस जीत के साथ तान्वी शर्मा ताइपे ओपन का खिताब जीतने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। यह उपलब्धि महिला, पुरुष और अन्य सभी वर्गों को मिलाकर भी एक नया रिकॉर्ड मानी जा रही है। इतनी कम उम्र में इस स्तर का खिताब जीतना भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गौरतलब है कि पीवी सिंधु ने सामाजिक माध्यम पर तान्वी की जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि उन्हें तान्वी पर बेहद गर्व है और वह लंबे समय से कहती आ रही हैं कि तान्वी में एक बेहद खास खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। सिंधु के अनुसार, तान्वी के पास शानदार प्रतिभा, बेहतरीन शॉट लगाने की क्षमता और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का सामना करने का साहस पहले से मौजूद था। सिंधु ने आगे कहा कि तान्वी को केवल थोड़ा और अनुभव और निरंतरता की जरूरत थी, जो अब उनके खेल में साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने युवा खिलाड़ी को सलाह दी कि वह लगातार मेहनत करती रहें, खुद पर भरोसा बनाए रखें और नई उपलब्धियां हासिल करने की भूख कभी कम न होने दें। भारतीय बैडमिंटन पिछले कुछ वर्षों में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी जैसे खिलाड़ियों ने भारत को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। अब तान्वी शर्मा जैसी नई प्रतिभाओं के उभरने से भविष्य को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तान्वी शर्मा की यह जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय बैडमिंटन की मजबूत युवा प्रणाली का भी प्रमाण है। यदि वह इसी तरह निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती रहीं, तो आने वाले वर्षों में विश्व स्तर पर भारत के लिए कई बड़े खिताब जीत सकती हैं। पीवी सिंधु का समर्थन और विश्वास भी तान्वी के आत्मविश्वास को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा हैं।
नई दिल्ली। ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीते सिल्वर मेडल को एक खास उपलब्धि बताया है। नीरज ने कहा कि यह मेडल उनके लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने पिछले 10 महीनों में कई चोटों और मुश्किल रिकवरी प्रक्रिया का सामना किया है। नीरज ने जैवलिन थ्रो इवेंट में 85.83 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर जीता था, जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यह भारत के लिए पोडियम पर यादगार 1-2 फिनिश रही। नीरज ने इस पोस्ट के जरिए अपनी बात कही… नीरज ने लिखा कि कुछ थ्रो दूर तक जाते हैं, लेकिन कुछ पल पूरी यात्रा का भार लिए होते हैं। यह मेडल दूरी से कहीं ज्यादा मायने रखता है। पिछले 10 महीने मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहे। मैंने कई चोटों से उबरने, शरीर को फिर से तैयार करने और अपनी लय वापस पाने के लिए संघर्ष किया। नीरज ने आगे कहा कि जब मैं सिर्फ प्रतिस्पर्धा करना चाहता था, तब मुझे धैर्य रखना सीखना पड़ा। मैं हर दिन ट्रेनिंग कर रहा था, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि क्या मैं इस साल किसी सीजन में हिस्सा ले पाऊंगा। फिजियो, कोच और परिवार का जताया आभार नीरज ने अपनी वापसी का श्रेय अपने फिजियो, कोच, परिवार और समर्थकों को दिया है। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर वापस आकर प्रतिस्पर्धा करना अच्छा लग रहा है। यह सब मेरे अकेले के दम पर संभव नहीं था। मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने अपने फिजियो ईशान का जिक्र करते हुए कहा कि वे रिकवरी के हर कदम पर मेरे साथ रहे। कोच जय, जो मेरे साथ तब से हैं जब मैंने पहली बार जैवलिन उठाया था और मेरा परिवार, जो हर परिस्थिति में मेरे साथ मजबूती से खड़ा रहा। नीरज ने कहा कि वे अब सीजन में आगे बढ़ने पर ध्यान दे रहे हैं। लॉसेन डायमंड लीग में लेंगे हिस्सा आयोजकों ने सोमवार को पुष्टि की कि नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को लॉसेन डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। 'एथलेटिसिमा' के नाम से मशहूर इस इवेंट में नीरज चौथी बार भाग लेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीतने के बाद, नीरज अब अपनी टॉप फॉर्म में वापसी करने की कोशिश करेंगे। पढ़ें पूरी खबर
राष्ट्रमंडल खेल 2026 खत्म होने के बाद पाकिस्तान का खेल प्रशासन एक बार फिर विवादों में घिर गया है। खबर है कि पाकिस्तान के मुक्केबाज कुदरतुल्लाह ग्लासगो में टीम होटल से कथित रूप से लापता हो गए हैं। इस घटना ने पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ और पाकिस्तान ओलंपिक संघ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ियों के गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, कुदरतुल्लाह अपने मुकाबले पूरे करने के बाद टीम होटल से लापता हो गए। पाकिस्तान ओलंपिक संघ से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, इस मामले ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है क्योंकि खिलाड़ी का पासपोर्ट टीम प्रबंधक के पास बताया जा रहा था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि कड़े यात्रा नियमों के बावजूद वह टीम से अलग कैसे हो गए। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के किसी मुक्केबाज के लापता होने की खबर सामने आई हो। वर्ष 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भी पाकिस्तान के मुक्केबाज सुलेमान बलोच और नज़ीरुल्लाह खान कथित रूप से टीम से अलग हो गए थे। उस समय भी बताया गया था कि उनके पासपोर्ट टीम प्रबंधन के पास ही थे। इसके बाद वर्ष 2024 में इटली के बुस्टो अर्सिजियो में आयोजित विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर के दौरान भी एक विवाद सामने आया था। उस प्रतियोगिता में एशियाई स्वर्ण पदक विजेता जोहैब रशीद पर अपने साथी खिलाड़ी की विदेशी मुद्रा और कीमती सामान चोरी करने के बाद लापता होने का आरोप लगा था। इन घटनाओं ने पाकिस्तान के खेल प्रबंधन की व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े किए हैं। गौरतलब है कि इस बार का विवाद पाकिस्तान की महिला मुक्केबाज फातिमा ज़हरा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर भी भारी पड़ गया है। फातिमा ज़हरा ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली पाकिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। मुक्केबाजी के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। फातिमा ज़हरा का सफर कनाडा की मेरी-बाथूल अल-अहमदियाह के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के साथ समाप्त हुआ था। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए उन्हें समापन समारोह में पाकिस्तान का ध्वजवाहक भी चुना गया। हालांकि कुदरतुल्लाह के लापता होने की खबर के कारण उनकी ऐतिहासिक सफलता अपेक्षित चर्चा नहीं बटोर सकी। पाकिस्तान इस राष्ट्रमंडल खेल में केवल एक कांस्य पदक ही जीत सका, जो हाल के वर्षों में उसका सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। अब कुदरतुल्लाह के मामले की जांच जारी है और पाकिस्तान ओलंपिक संघ तथा पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ पर यह स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है कि कड़े यात्रा प्रबंधों के बावजूद एक और खिलाड़ी टीम से अलग कैसे हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर खिलाड़ियों की सुरक्षा, प्रबंधन और जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
WTC की राह आसान नहीं! टीम इंडिया को मिला बड़ा अलर्ट
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया को WTC फाइनल की रेस पर बड़ा अलर्ट दिया है. जानिए क्यों यह सीरीज भारत के लिए 'करो या मरो' जैसी मानी जा रही है.
बाबर आजम फिर रहे अनलकी, दूसरे टेस्ट में शतक के करीब आकर हुए रन आउट
पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम के पास वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शतक लगाने का मौका था। वह 88 के स्कोर पर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रनआउट हो गए।
अंशु मलिक: जींद की धाकड़ शेरनी, जिन्हें विरासत में मिली 'पहलवानी'
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की फ्रीस्टाइल रेसलर अंशु मलिक ने विश्व पटल पर देश का नाम रोशन किया है। हरियाणा के एक कुश्ती परिवार से आने वालीं अंशु, साल 2021 में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वालीं अंशु दो बार ओलंपिक में भी अपनी छाप छोड़ चुकी हैं।
टीम इंडिया पहुंची श्रीलंका, ये खिलाड़ी रह गया पीछे, जानें वजह
Sai Sudharsan Injury Update: साई सुदर्शन श्रीलंका दौरे पर टीम के साथ रवाना नहीं हो सके हैं. पैर के अंगूठे की चोट से उबर रहे सुदर्शन फिलहाल BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं और मेडिकल क्लियरेंस का इंतजार है. फिट नहीं होने पर पहले टेस्ट में उनकी जगह देवदत्त पडिक्कल को मौका मिल सकता है.
Mansukh Mandaviya ने राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं को किया सम्मानित
(तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, चार अगस्त खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को मुक्केबाजी, जूडो और पैरा एथलेटिक्स में राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और कहा कि इस प्रतियोगिता में पोडियम तक पहुंचना सिर्फ सरकारी नौकरी पाने का जरिया नहीं होना चाहिए। पदक विजेताओं को स्वर्ण के लिए 30 लाख रुपये, रजत के लिए 20 लाख रुपये और कांस्य के लिए 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिए गए। खेल मंत्रालय के एक बयान में मांडविया के हवाले से कहा गया, ‘‘आइए, सिर्फ सरकारी नौकरी पाने के मकसद से राष्ट्रमंडल खेलों का पदक नहीं जीते। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने सक्रिय करियर से संन्यास के बाद खेल अकादमियां संचालित कीजिए।’’उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों जैसी बहु खेल प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलने के पिछले उदाहरणों का जिक्र किया। चैंपियनों को बधाई देते हुए मांडविया ने उनसे आग्रह किया कि वे खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन और प्रेरित करके अपने प्रतिस्पर्धी करियर के बाद भी भारतीय खेलों में अपना योगदान दें। सम्मान समारोह में भारतीय मुक्केबाजी दल के सदस्य भी शामिल हुए जिसने 10 पदक (सात स्वर्ण और तीन रजत) के शानदार प्रदर्शन के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। तीन रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी जादुमणि सिंह (55 किग्रा), ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90 किग्रा से अधिक) रहे। मांडविया ने जूडो दल को भी सम्मानित किया जिसने चार पदक (दो ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सहित) जीतकर इन खेलों में भारत का अब तक का सबसे अच्छा अभियान पूरा किया। ग्लास्गो में भारत ने जूडो की 12 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया और दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत। भारत ने बर्मिंघम में हुए 2022 खेलों में तीन पदक जीते थे जिनमें कोई स्वर्ण पदक नहीं था। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में भारत के लिए पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते। जापान में सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए मांडविया ने खिलाड़ियों से कहा कि वे राष्ट्रमंडल खेलों में बनी अपनी लय को बरकरार रखें। खेल मंत्री ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि आप सभी इस बढ़े हुए हौसले का इस्तेमाल 2026 के एशियाई खेलों में और स्वर्ण पदक जीतने के लिए करें। जिन लोगों ने रजत और कांस्य पदक जीते हैं, उन्हें स्वर्ण के लिए कोशिश करनी चाहिए और जिन्होंने स्वर्ण जीता है, उन्हें अपने बेहतरीन प्रदर्शन का स्तर बनाए रखना चाहिए।’’उन्होंने खिलाड़ियों से यह भी कहा कि वे अपने कोच के योगदान को कभी नहीं भूलें। मांडविया ने कहा, ‘‘आप में से किसी को भी अपने कोच के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। गुरु का मार्गदर्शन जीवन में आपको बहुत आगे ले जाता है।
आशीष सूद ने अनाहत सिंह और स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन से की मुलाकात
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को भारत की दो प्रतिष्ठित खिलाड़ियों- विश्व जूनियर गर्ल्स स्क्वैश चैंपियन अनाहत सिंह तथा राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन से भेंट कर उनके साथ विस्तृत चर्चा की।
एफएफई विवाद पर यूईएफए सख्त, फीफा को भेजा 'प्रिजर्वेशन नोटिस'
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। यूईएफए ने फीफा को एक कानूनी 'प्रिजर्वेशन नोटिस' (दस्तावेज सुरक्षित रखने का नोटिस) भेजा है। यह कदम फीफा की गवर्निंग बॉडी के फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (एफएफई) प्रस्ताव को रद्द करने के बाद उठाया गया है। यूईएफए ने इस मामले में फीफा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का विकल्प अभी भी खुला रखा है।
Commonwealth Games जूडो स्वर्ण पदक विजेता Asmita Dey ने साझा किए अपने अनुभव
(तस्वीरों के साथ)... सुमन रे ...नयी दिल्ली, चार अगस्त राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका अस्मिता डे ने कहा कि उन्हें शुरू से पूरा भरोसा था कि वह देश के लिए इतिहास रचेंगी और यही अटूट आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। अस्मिता ने मंगलवार को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के आवास पर आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं के सम्मान समारोह के दौरान ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ग्लास्गो रवाना होने से पहले मेरे मन में सिर्फ एक ही लक्ष्य था कि मुझे स्वर्ण पदक जीतना है। मैं खुद से लगातार कहती रही कि मैं स्वर्ण पदक के साथ भारत लौटूंगी।’’अपने सफल अभियान पर अस्मिता ने कहा कि फाइनल मुकाबले में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि स्वर्ण पदक हाथ से निकल सकता है, लेकिन कोच यशपाल सोलंकी के उत्साहवर्धन ने उनका आत्मविश्वास लौटाया। उन्होंने कहा, ‘‘फाइनल में मेरा मुकाबला कनाडा की खिलाड़ी से था। वह रैंकिंग में मुझ से थोड़ी नीचे है इसलिए मुकाबला बेहद कड़ा था। जब उसने मेरे खिलाफ अंक हासिल किया तो कुछ क्षण के लिए लगा कि शायद मैं हार जाऊंगी।’’अस्मिता ने बताया, ‘‘ मेरे कोच यशपाल सोलंकी लगातार कहते रहे कि यह स्वर्ण पदक हमारा है और मुझे हर हाल में जीतना है। उनके शब्दों से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। मैंने अधिक आक्रामक खेल दिखाया, स्कोर बराबर किया और मुकाबला ‘गोल्डन स्कोर’ तक पहुंच गया। वहां मैंने पहला अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।’’अपनी सफलता के सबसे बड़े कारण पर अस्मिता ने कहा कि जूडो जैसे तकनीकी खेल में शारीरिक क्षमता से अधिक मानसिक मजबूती निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी खिलाड़ी लगभग एक जैसी ट्रेनिंग करते हैं। मेरे भार वर्ग में भारत की कई खिलाड़ी समान स्तर का अभ्यास करती हैं। असली अंतर मानसिकता का होता है। प्रतियोगिता के दबाव को कौन बेहतर ढंग से संभालता है, किसमें अधिक आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा होता है, यही सफलता तय करता है। शारीरिक रूप से दूसरे खिलाड़ी भी मेरे जितने मजबूत हो सकते हैं, लेकिन अंततः मजबूत मानसिकता ही जीत दिलाती है।
JFC का ISL से हटना रणनीतिक फैसला, टाटा स्टील के उपाध्यक्ष का बयान
... अभिषेक होरे ...नयी दिल्ली, चार अगस्त टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट सेवा) डीबी सुंदर रमन ने मंगलवार को कहा कि जमशेदपुर एफसी (जेएफसी) का आगामी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) सत्र से हटने का फैसला काफी समय से चल रही रणनीतिक योजना का हिस्सा था और इसका आईएसएल के व्यावसायिक भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता से कोई संबंध नहीं है। जेएफसी का यह फैसला अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट (एमआरए) खत्म होने के बाद आईएसएल के भविष्य को लेकर उठे सवालों के कुछ महीनों बाद सामने आया। इसके साथ ही क्लब की शीर्ष स्तर की फुटबॉल में नौ साल की यात्रा का भी अंत हो गया। सुंदर रमन ने हालांकि इसे रणनीतिक फैसला करार दिया। उन्होंने ‘पीटीआई’ को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘मौजूदा फैसला पिछले एक साल में हुए बदलावों से जुड़ा नहीं है। हमारा निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र है। यह एक आंतरिक रणनीतिक फैसला था।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर पुराना लंबी अवधि का समझौता जारी भी रहता, तब भी हमारा निर्णय यही होता। हमने महसूस किया कि हमें अपनी सबसे बड़ी ताकत यानी जमीनी स्तर पर फुटबॉल विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’सुंदर रमन ने बताया कि टाटा स्टील ने पिछले साल से ही अपनी फुटबॉल रणनीति की समीक्षा शुरू कर दी थी। इसके बाद कंपनी ने अपनी पुरानी भूमिका में लौटने का निर्णय लिया, जिसमें युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें निखारना प्रमुख है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने महसूस किया कि हमें अपनी विरासत यानी जमीनी स्तर पर फुटबॉल विकास की ओर लौटना चाहिए। हमारा फुटबॉल पारिस्थितिक तंत्र 1987 से मौजूद है, जबकि आईएसएल को अभी करीब एक दशक ही हुआ है।’’उनके अनुसार, ‘‘हमें उसी क्षेत्र में काम करना चाहिए जहां हमारी असली ताकत है। इसमें समुदाय से जुड़ना, युवा प्रतिभाओं को तैयार करना और उन्हें उच्च स्तर पर खेलने के लिए सक्षम बनाना।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम फुटबॉल से पीछे नहीं हट रहे हैं। हम उस क्षेत्र में वापस जा रहे हैं जहां टाटा स्टील ने दशकों से भारतीय फुटबॉल में सबसे बड़ा योगदान दिया है।’’उन्होंने कहा कि फुटबॉल टाटा स्टील के व्यापक खेल कार्यक्रम का केवल एक हिस्सा है। कंपनी हॉकी, तीरंदाजी, क्लाइंबिंग, तैराकी और एथलेटिक्स सहित 19 खेलों को समर्थन देती है और कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर चुकी है। सुंदर रमन ने कहा कि टाटा स्टील भारतीय फुटबॉल को जमीनी स्तर के कार्यक्रमों और टाटा फुटबॉल अकादमी (टीएफए) के माध्यम से समर्थन देना जारी रखेगी। वर्ष 1987 में शुरू हुई टीएफए ने कई भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार किया है, जिनमें रेनेडी सिंह, कार्लटन चैपमैन, दीपक मंडल, गौरामांगी सिंह और सैयद रहीम नबी जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2017-18 में शुरू किए गए जमीनी स्तर के फुटबॉल कार्यक्रम के तहत अब तक करीब 6,700 बच्चों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसे और अधिक मजबूती दी जाएगी। टीएफए की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “1987 में हमने टाटा फुटबॉल अकादमी शुरू की थी। तब से करीब 275 कैडेट को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 150 से अधिक खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 26 खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं।”उन्होंने कहा, ‘‘टाटा स्टील के लिए खेल जीवनशैली का हिस्सा है। हम विभिन्न खेलों को बढ़ावा देते रहेंगे। हमारी प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम है।
आयरिश गेंदबाज के पास इतिहास रचने का मौका, बन सकते हैं सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
आयरलैंड की टीम अफगानिस्तान के खिलाफ 5 अगस्त से पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी। इस सीरीज में आयरलैंड के जॉर्ज डॉकरेल के पास इतिहास रचने का मौका होगा।
IPL 2027 में पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर की होगी एंट्री?
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के लिए आईपीएल में खेलने का रास्ता साफ हो गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई टीम ऑक्शन में उन पर दांव लगाती है? या फिर मोहम्मद आमिर का आईपीएल खेलने का सपना बस एक सपना बनकर ही रह जाएगा.
CWG में ऐतिहासिक प्रदर्शन: Union Minister Mandaviya ने Indian Boxers का किया सम्मान
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को उन भारतीय मुक्केबाजों का सम्मान किया जिन्होंने हाल ही में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए इतिहास रचा। मंडाविया ने नई दिल्ली में अपने घर पर मुक्केबाजों से मुलाकात की और स्कॉटलैंड के इस शहर में हुए चार साल में एक बार होने वाले इस इवेंट में 10 मेडल जीतने के लिए उन्हें बधाई दी। खेल मंत्री ने ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन करने वाले मुक्केबाजों को चेक दिए। मंडाविया ने सभी सात गोल्ड मेडल जीतने वालों को 30-30 लाख रुपये का चेक दिया, जबकि गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले तीन खिलाड़ियों को 20-20 लाख रुपये का चेक दिया। इसे भी पढ़ें: Haryana को मेडल, Gujarat को गेम्स! Deependra Hooda ने Commonwealth Games 2030 की मेजबानी पर उठाए सवाल मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और अब 57kg कैटेगरी में कॉमनवेल्थ गेम्स की विजेता जैस्मिन लंबोरिया ने खेल मंत्री से मिलकर खुशी जताई। उन्होंने यह भी बताया कि मंडाविया ने उनसे कहा कि वह मुक्केबाजों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का इंतज़ाम करेंगे। लंबोरिया ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि यह बहुत अच्छा लग रहा है। हम आज सुबह करीब 2 या 3 बजे भारत पहुंचे। हमारे खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने हमें यहां बुलाया और बहुत सम्मान दिया। उन्होंने आगे कहा कि यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि हमारे देश के खेल मंत्री हमें इतना सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें कभी किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ी, तो वे पक्का करेंगे कि उसका इंतज़ाम हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से हमारी मुलाक़ात के लिए कोई तारीख़ तय करेंगे। इस बीच, 60 किग्रा इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली प्रिया घांघस ने मंडाविया के साथ अपनी मुलाकात के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि मंत्री ने बॉक्सर्स से आने वाले एशियन गेम्स के बारे में भी बातचीत की। घांघस ने कहा, बहुत अच्छा लगा कि मंत्री जी हमें सपोर्ट करने और हमारा हौसला बढ़ाने के लिए यहां आए। उन्होंने हमसे आने वाले एशियन गेम्स के बारे में भी बात की... घर पर जश्न का माहौल है। इसे भी पढ़ें: Jasprit Bumrah की चोट पर BCCI Selection Committee नाराज, COE के फिटनेस मैनेजमेंट पर उठे गंभीर सवाल वहीं, घांघस ने अपना ध्यान एशियन गेम्स पर लगा दिया है, जो 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची नागोया में होने वाले हैं। मंगलवार तड़के भारत पहुंचने पर उन्होंने अपने अगले लक्ष्य के बारे में बात की। IGI एयरपोर्ट पहुंचने के कुछ ही देर बाद घांघस ने कहा कि इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान सुनना एक ऐसा एहसास है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। लेकिन अब मेरा ध्यान एशियन गेम्स पर है, जहां मैं एक और गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं। भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लासगो गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 मेडल जीते, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक संस्करण में जीते गए अब तक के सबसे ज़्यादा मेडल हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
जो रूट के टेस्ट कप्तान बनने पर बेन स्टोक्स ने जताई चिंता, हैरी ब्रूक को भी लेकर कह दी बड़ी बात
बेन स्टोक्स ने हैरी ब्रूक को टेस्ट कप्तान बनाने का समर्थन किया था। ब्रूक को यह जिम्मेदारी नहीं मिली। जो रूट को फिर से इंग्लैंड का टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया है।
दिग्वेश राठी ने ले लिया बदला, नीतीश राणा को सिखाया सबक
DPL 2026 में दिग्वेश राठी ने नितीश राणा को LBW आउट कर पिछले सीजन की चर्चित राइवलरी का जवाब दिया है. इस बार राठी ने बिना आक्रामक जश्न के अपनी गेंदबाजी से फैन्स का दिल जीत लिया.
कॉमनवेल्थ गेम्स के विजेताओं ने देश के लिए पदक जीतते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक जीतने वाले एथलीटों और पैरा-एथलीटों से मुलाकात की। खेल मंत्री ने पदक जीतने वाले एथलीटों को सम्मानित किया।
2 बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु को महिला सिंगल्स में 9वीं वरीयता दी गई है। वहीं, स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को 5वीं वरीयता मिली है। सोमवार को वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों की वरीयता सूची जारी कर दी गई है। यह चैंपियनशिप नई दिल्ली में 17 से 23 अगस्त तक होने वाली है। चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों का क्वालिफिकेशन 28 अप्रैल 2026 की वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर हुआ था, जबकि वरीयता 28 जुलाई 2026 की रैंकिंग के अनुसार तय की गई है। सिंधु ने पिछले महीने जापान ओपन जीता था। जबकि सात्विक और चिराग 2022 एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। लक्ष्य को 14वीं, तनीषा को 15वीं वरीयता भारत के पास चैंपियनशिप की सभी पांच श्रेणियों में दो-दो प्रविष्टियां हैं। इनमें से चार श्रेणियों में कम से कम एक भारतीय खिलाड़ी या जोड़ी को वरीयता मिली है। सिंधु और सात्विक-चिराग के अलावा, पूर्व वर्ल्ड चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन को पुरुष सिंगल्स में 14वीं वरीयता दी गई है। मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी को 15वीं वरीयता मिली है। टॉप सीड खिलाड़ियों की स्थिति पुरुष सिंगल्स में चीन के वर्ल्ड चैंपियन शी यूकी और महिला सिंगल्स में दक्षिण कोरिया की स्टार एन से यंग टॉप सीड हैं। महिला सिंगल्स में जापान की वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को दूसरी वरीयता मिली है, जबकि चीन की वांग झी यी और चेन यूफेई क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। पुरुष डबल्स में दक्षिण कोरिया के किम वोन हो और सियो सेउंग जे टॉप पर हैं। महिला डबल्स में चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग को पहली वरीयता मिली है। मिक्स्ड डबल्स में चीन के ही फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग टॉप सीड हैं। 2 दिन बाद ड्रॉ जारी होगा चैंपियनशिप के लिए ड्रॉ बुधवार को दिल्ली में निकाला जाएगा। यदि ड्रॉ से पहले कोई वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अपना नाम वापस लेता है, तो अंतिम वरीयता सूची में बदलाव हो सकता है। यह टूर्नामेंट इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। ---------------------------------------------------
ऑस्ट्रेलिया में बजेगा IPL का बिगुल? मिल गया बड़ा संकेत
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट का रिश्ता पहले से और भी मजबूत होने जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया की सबसे पॉपुलर टी20 लीग बिग बैश लीग का पहला मुकाबला भारत में खेला जाएगा. वहीं भविष्य में आईपीएल के मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में होने की संभावनाएं भी हैं.
पाकिस्तानी मुक्केबाज कुदरातुल्लाह राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से पासपोर्ट छोड़कर भागा
पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है जब मुक्केबाज कुदरातुल्लाह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से चंपत हो गया ।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले उन भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया जिन्होंने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल जीतने वालों को 20 लाख रुपए, जबकि ब्रॉन्ज जीतने वालों को 10 लाख रुपए का चेक सौंपा गया।
शुभमन गिल की कप्तानी में श्रीलंका पहुंची टीम इंडिया, 7 अगस्त से शुरू होगा इम्तिहान
दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है। टीम की कमान शुभमन गिल के हाथ में है। पहला मैच 15 अगस्त से होगा, लेकिन 7 अगस्त से प्रैक्टिस मैच खेला जाएगा।
'लोग दर्द में हैं', बॉक्सर लवलीना का छलका दर्द, VIDEO
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपना मेडल असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया है. उन्होंने कहा कि अपने लोगों को मुश्किल में देखना बेहद दर्दनाक है और वह जल्द असम जाकर प्रभावित लोगों से मिलेंगी. उनके इस फैसले की पूरे राज्य में जमकर सराहना हो रही है.
श्रीलंका दौरे के लिए रवाना हुई भारतीय टीम, एक खिलाड़ी को क्यों नहीं मिली टीम में जगह ? BCCI ने बताई वजह
Irfan Pathan ने Aaqib Nabi की गेंदबाजी और उनकी स्विंग क्षमता पर दी बड़ी प्रतिक्रिया
... कुशान सरकार ...नयी दिल्ली, चार अगस्त भारत के पूर्व हरफनमौला इरफान पठान का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने जा रहे जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी की सबसे बड़ी ताकत तेज रफ्तार नहीं, बल्कि शीर्ष बल्लेबाजों को रक्षात्मक बल्लेबाजी के दौरान गलती करने पर मजबूर करने की क्षमता है। अनुभवी जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के कारण नबी को श्रीलंका में 15 अगस्त से शुरू होने वाले दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। पठान ने 2018 में श्रीनगर में हुए ट्रायल के दौरान पहली बार नबी की प्रतिभा पहचानी थी। उन्होंने बाद में जम्मू-कश्मीर के युवा क्रिकेटरों को मार्गदर्शन भी दिया। उनका मानना है कि नबी की स्वाभाविक गेंदबाजी शैली, कलाई की स्थिति और गेंद को मूव कराने की क्षमता उन्हें बिना तेज रफ्तार के भी प्रभावी बनाती है। पठान ने ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा, ‘‘गेंद को स्विंग कराने के लिए आदर्श रफ्तार लगभग 135 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। अगर आप गेंद को देर से स्विंग करा सकते हैं तो आप सफल हो सकते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘उसकी लय और गेंदबाजी एक्शन को देखते हुए मेरा मानना है कि वह नियमित रूप से 133-135 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हासिल कर सकता है।’’पठान के अनुसार तेज गति गेंदबाजी का केवल एक हिस्सा है। असली क्षमता यह है कि गेंदबाज किस तरह विश्वस्तरीय बल्लेबाजों को रक्षात्मक शॉट खेलने के लिए मजबूर करता है और फिर उन्हें आउट करने का रास्ता निकालता है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या गेंदबाज में यह क्षमता है कि वह शीर्ष स्तर के बल्लेबाजों को डिफेंस करते हुए भी आउट कर सके? यही वह खूबी है जिसकी तलाश होती है।’’पठान ने इस साल रणजी ट्रॉफी फाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि नबी ने कर्नाटक के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर ऐतिहासिक खिताब जीता। उन्होंने कहा, ‘‘रणजी ट्रॉफी फाइनल में हमने देखा कि उसने अनुभवी लोकेश राहुल को परेशान किया। भले ही उसे विकेट नहीं मिला, लेकिन उसने बल्लेबाज को सामान्य तरीके से रक्षात्मक बल्लेबाजी करने पर मजबूर किया और फिर आउट किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स से PAK बॉक्सर गायब, होटल में छोड़ा पासपोर्ट
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स खत्म होने के बाद पाकिस्तानी किशोर बॉक्सर कुदरतुल्लाह टीम होटल से इस तरह गायब हुआ कि उसका पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास रहा, सामान कमरे में पड़ा मिला और तय उड़ान से करीब छह घंटे पहले उसके लापता होने की पुष्टि हुई.
ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स खत्म होने के बाद पाकिस्तान के बॉक्सर कुदरतुल्लाह टीम होटल से गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन (PBF) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। पाकिस्तान ओलिंपिक एसोसिएशन (POA) के करीबी एक भरोसेमंद सूत्र ने मंगलवार को बताया कि कुदरतुल्लाह अपने वेट कैटेगरी में मुकाबला खेलने के बाद होटल से गायब हुए। हैरानी की बात यह है कि बॉक्सर का पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास था, फिर भी वह वहां से निकलने में कामयाब रहा। ग्लासगो से कैसे लापता हुआ पाकिस्तानी बॉक्सर पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं पाकिस्तान के खिलाड़ियों के विदेश में गायब होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी लगभग हर बड़े इंटरनेशनल इवेंट के दौरान पाकिस्तानी बॉक्सर्स के विदेश में गायब होने की खबरें सामने आती रही हैं। साल 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी दो पाकिस्तानी बॉक्सर सुलेमान बलोच और नजीरउल्लाह खान बर्मिंघम में गायब हो गए थे। उस समय भी उनके पासपोर्ट कथित तौर पर टीम के मुखिया के पास ही थे। इटली में भी सामने आया था मामला साल 2024 में इटली के बुस्टो अर्सिजियो शहर में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर के दौरान भी ऐसा ही एक मामला हुआ था। तब एशियाई गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर जोहैब रशीद अपने रूममेट की विदेशी मुद्रा और कीमती सामान लेकर फरार हो गया था। ग्लासगो से पाकिस्तान का 36 सदस्यीय दल स्वदेश लौट आया है। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान को केवल एक ब्रॉन्ज मेडल मिला, जिसे महिला बॉक्सर फातिमा जेहरा ने जीता।
टीम इंडिया के दो कोचों की विदाई, गंभीर के साथ सफर खत्म
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के विदा हो रहे असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी दिलीप को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया है. रयान अब केकेआर के हेड ऑफ स्ट्रेटजी बन गए हैं.
तमिलनाडु प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत आज से, जानें कब और कहां देख पाएंगे LIVE मुकाबला
तमिलनाडु प्रीमियर लीग के 10वें सीजन की शुरुआत 4 अगस्त से होने वाली है। इस सीजन के पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन IDream तिरुपुर तमिलन्स का मुकाबला डिंडीगुल ड्रैगन्स से होगा।
'रहाणे को कभी उनका हक नहीं मिला', छलका गावस्कर का दर्द
अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर के दौरान भारत के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं. बल्लेबाजी के अलावा बतौर टेस्ट कप्तान भी भारत के लिए उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है.
कॉमनवेल्थ के बाद नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को मैदान में वापसी करेंगे
नई दिल्ली, ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन में रजत पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा जल्द ही एक बार फिर एक्शन में दिखाई देंगे। नीरज 21 अगस्त को लॉजेन डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे।
कोलकाता, 4 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट से उस रिपोर्ट को जमा करने के लिए और समय मांगा, जो पिछले साल दिसंबर में कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी की यात्रा के दौरान हुई कथित अव्यवस्था और हंगामे से जुड़ी है।
विदेशी कोच आए, गए... अब यह शख्स बदल पाएगा PAK की बल्लेबाजी?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर माइक स्मिथ को दो साल के लिए राष्ट्रीय टीम का नया बल्लेबाजी कोच बनाया है. इंग्लैंड दौरे से पहले टीम से जुड़ने वाले स्मिथ के सामने पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाजी सुधारने के साथ-साथ विदेशी कोचों के असफल रहने के सिलसिले को तोड़ने की भी बड़ी चुनौती होगी.
Commonwealth Games 2026 में भारतीय सेना के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
नयीदिल्ली, चार अगस्त भारतीय सेना ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपने खिलाड़ियों के ‘शानदार प्रदर्शन’ की मंगलवार को तारीफ की और कहा कि यह अलग-अलग खेलों में उनके जोश और लगन का सबूत है। सेना ने बताया कि उसके खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में 16 पदक जीते और इस बात पर जोर दिया कि ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने और देश की खेल से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती हैं। सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि हाल ही में खत्म हुए खेलों में सेना के 20 खिलाड़ियों के दल ने 16 पदक जीतने जिसमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। सेना ने कहा, ‘‘हर काम, देश के नाम, जनरल धीरज सेठ, सीओएएस और भारतीय सेना में सभी पद के लोग राष्ट्रमंडल खेले ग्लास्गो 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय सेना के खिलाड़ियों को दिल से बधाई देते हैं।’’सेना ने बताया कि उसके खिलाड़ियों ने जूडो, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने जीत के पलों की झलक दिखाने वाली एक वीडियो क्लिप भी साझा की। सेना ने कहा, ‘‘भारतीय सेना के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन उनके जोश और लगन का सबूत है। ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने और मिशन ओलंपिक 2036 के जरिए देश की खेल से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती हैं।’’तीन अगस्त को संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीते जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं। भारत चौथे स्थान पर रहा। गुजरात का अहमदाबाद 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा जिससे दो दशक बाद इस प्रतियोगिता की भारत में वापसी होगी। भारत ने पिछली बार 2010 में नयी दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी।
DLTA ने Anil Khanna पर लगाए धोखाधड़ी के आरोप, 39 करोड़ रुपये की मांग की
... अमनप्रीत सिंह ...नयी दिल्ली, चार अगस्त दिल्ली लॉन टेनिस संघ (डीएलटीए) ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष अनिल खन्ना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने कथित अवैध समझौतों के जरिए एआईटीए ट्रस्ट को डीएलटीए स्टेडियम के किराये से करोड़ों रुपये प्राप्त करवाए। इसके साथ ही खन्ना से जुड़ी कंपनियों और एआईटीए ट्रस्ट के बीच हुए भूमि सौदे भी जांच के घेरे में आ गए हैं। भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण खन्ना द्वारा ट्रस्ट को 1.60 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में जमा कराए जाने से विवाद और गहरा गया है। खन्ना ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने ट्रस्ट को 1.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन यह किसी वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता की स्वीकारोक्ति नहीं थी। खन्ना ने बताया कि गुरुग्राम स्थित उस भूमि के संबंध में यह राशि चुकाई गई, जहां कभी राष्ट्रीय टेनिस अकादमी (एनटीए) संचालित होती थी। यह भूमि उनकी कंपनियों आरएलएफ लिमिटेड और यूएलआईएल लिमिटेड ने ट्रस्ट को बेच दी थी, लेकिन स्वामित्व हस्तांतरण में देरी होने के कारण ट्रस्ट ने ब्याज की मांग की थी। रोहित राजपाल के नेतृत्व वाली डीएलटीए ने वर्ष 2006 से 2023 के बीच एआईटीए ट्रस्ट को दिए गए लगभग 39 करोड़ रुपये, उस पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस दिलाने की मांग की है। इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद एआईटीए ट्रस्ट के संचालन, वित्तीय निर्णयों और हितों के टकराव को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं। डीएलटीए ने 14 जुलाई को भेजे नेटिस में आरोप लगाया कि एआईटीए ट्रस्ट आर.के. खन्ना टेनिस स्टेडियम (अब डीएलटीए स्टेडियम) के विभिन्न हिस्सों से होने वाली किराया आय का ‘ धोखाधड़ी कर ’ लाभ उठा रहा था, जबकि यह आय वास्तव में डीएलटीए की थी। डीएलटीए का आरोप है कि अनिल खन्ना ने एक ही समय में एआईटीए ट्रस्ट के अध्यक्ष, डीएलटीए के अध्यक्ष और एआईटीए के अध्यक्ष जैसे तीन महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया। उनके अनुसार दो अप्रैल 2014 और एक जून 2017 को किए गए समझौतों के माध्यम से ट्रस्ट को स्टेडियम की किराया आय में हिस्सेदारी दिलाई गई जो संस्था के हितों के खिलाफ थे। डीएलटीए के मुताबिक जनवरी 2023 में इन समझौतों को समाप्त कर दिया गया, जिसके बाद ट्रस्ट को सभी भुगतान रोक दिए गए। एआईटीए ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने डीएलटीए के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, ‘‘ यह डीएलटीए का पक्ष है। संबंधित समझौतों के तहत ट्रस्ट का दावा पूरी तरह वैध है। अब इस विवाद का निपटारा मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) के जरिए होगा। वास्तव में हमारा मानना है कि ट्रस्ट पर डीएलटीए का नहीं, बल्कि डीएलटीए पर ट्रस्ट का बकाया है।’’सूत्रों के अनुसार, डीएलटीए को सरकारी स्वीकृत किराया समझौतों से हर महीने लगभग आठ करोड़ रुपये की आय होती है। संस्था में करीब 140 कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है। एक वित्तीय विशेषज्ञ ने दावा किया कि डीएलटीए से एआईटीए ट्रस्ट को धन हस्तांतरित करने की व्यवस्था इसलिए बनाई गई क्योंकि डीएलटीए करदाता संस्था है, जबकि आयकर कानून के एक प्रावधान के तहत ट्रस्ट को कर छूट प्राप्त है। उनके अनुसार, ‘‘इससे ट्रस्ट की आय करमुक्त हो जाती थी और इसे ‘कर बचाव’ के रूप में भी देखा जा सकता है।’’दूसरी ओर पीटीआई को मिले दस्तावेजों के अनुसार एआईटीए ट्रस्ट के अध्यक्ष रहते हुए अनिल खन्ना ने गुरुग्राम में अपनी ही कंपनियों आरएलएफ लिमिटेड और यूएलआईएल लिमिटेड से भूमि खरीद की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाई। ये कंपनियां पहले उनके नियंत्रण में थीं और अब उनके परिवार से जुड़ी मानी जाती हैं। जैन से खन्ना से मिली ब्याज के रकम के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ ट्रस्ट ने काफी भूमि के लिए काफी पहले ही भुगतान कर दिया था लेकिन इसके हस्तांतरण पर काफी विलंब हुआ। ऐसे में ट्रस्ट ने बयाज के तौर पर खन्ना से 1.60 करोड़ रूपये की वसूली की। यह राशि किसी वित्तीय अनियमितता के दंड के रूप में नहीं, बल्कि भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण वसूले गए ब्याज के रूप में ली गई।’’खन्ना ने स्वीकार किया कि उनके कार्यकाल में ‘कुछ गलतियां’ हुई होंगी, लेकिन उन्होंने कभी ट्रस्ट के धन का दुरुपयोग नहीं किया। उनका कहना था कि लगभग 15 वर्षों तक ट्रस्ट ने उनकी भूमि पर बिना किसी किराये के राष्ट्रीय टेनिस अकादमी संचालित की। बाद में ट्रस्ट ने प्रस्ताव पारित कर बाजार मूल्य से कम दर पर भूमि खरीदने का निर्णय लिया। जब यह पूछा गया कि एआईटीए ट्रस्ट ने अपनी भूमि पर टेनिस कोर्ट विकसित करने के बजाय टेनिस गतिविधियों के लिए आरएलएफ की जमीन का उपयोग क्यों किया, तो खन्ना ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, ‘इस पर मैं क्या कहूं।’सूत्रों के अनुसार वर्ष 2018 में राष्ट्रीय टेनिस अकादमी (एनटीए) के संचालन को लेकर एआईटीए ट्रस्ट और आरएलएफ लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। कोविड-19 महामारी के बाद राष्ट्रीय टेनिस अकादमी का संचालन बंद हो गया। इसके बावजूद वर्ष 2021 में एआईटीए ट्रस्ट ने खन्ना की एक अन्य कंपनी यूएलआईएल लिमिटेड से लगभग तीन करोड़ रुपये में अतिरिक्त भूमि खरीदी।
आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में कहां है भारत और श्रीलंका, 15 अगस्त से होगा सीरीज का आगाज
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज शुरू हो रही है। इससे पहले जान लीजिए कि दोनों टीमें आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में इस वक्त कहां पर हैं।
प्रीति जिंटा संग ब्रेट ली का था अफेयर? क्रिकेटर ने तोड़ी चुप्पी
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने पहली बार प्रीति जिंटा के साथ अपने अफेयर की चर्चाओं पर खुलकर बात की है. उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया. ली ने प्रीति को भारत की अपनी सबसे करीबी दोस्तों में से एक बताया. वहीं प्रीति भी पहले इन अफवाहों को बेबुनियाद बता चुकी हैं.
पुजारा : जडेजा ने समझी अपनी ताकत, सोच में आया बदलाव
नई दिल्ली, भारत और श्रीलंका के बीच दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में रवींद्र जडेजा की सफलता के पीछे एक बड़ा कारण उनका आक्रामक सोच वाला गेंदबाज बनना है। पुजारा मानते हैं कि यह ऑलराउंडर अब सिर्फ रन रोकने के बजाय विकेट लेने के इरादे से हर गेंद फेंकता है।
अजाक्स को मिला अनुभवी गोलकीपर, टेर स्टेगन ने लोन पर थामा क्लब का दामन
एम्स्टर्डम, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एएफसी अजाक्स ने अनुभवी गोलकीपर मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन को साइन करने के लिए एफसी बार्सिलोना के साथ आधिकारिक समझौता कर लिया है। 34 वर्षीय खिलाड़ी एक सीजन के लिए लोन डील पर एम्स्टर्डम स्थित क्लब से जुड़ेंगे। इससे पहले, वह जनवरी में अस्थायी रूप से ला लीगा चैंपियन बार्सिलोना को छोड़कर लोन पर गिरोना गए थे।
Ravindra Jadeja की गेंदबाजी पर Cheteshwar Pujara का बयान, आक्रामक सोच पर कही बड़ी बात
नयी दिल्ली, चार अगस्त भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि रक्षात्मक गेंदबाज से हमेशा विकेट की तलाश करने वाले आक्रामक गेंदबाज बनने से रविंद्र जडेजा टेस्ट क्रिकेट में और परिपक्व गेंदबाज बने हैं। पुजारा ने श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही टेस्ट श्रृंखला से पहले कहा ,‘‘ इससे पहले जब रविंद्र जडेजा गेंदबाजी करते थे तो मकसद रन बचाना होता था, खासकर टेस्ट क्रिकेट में। अगर पिच से मदद मिल रही है तो वह विकेट लेने की कोशिश करते थे। लेकिन अगर विकेट मददगार नहीं है तो उनका फोकस रन रोकना होता था।’’जडेजा ने 89 टेस्ट में 25 . 12 की औसत से 348 विकेट लिये हैं। पुजारा ने कहा ,‘‘ उसे अपनी ताकत पता है और उसी के अनुरूप गेंदबाजी करता है। हर मैच में वह स्टम्प पर गेंद डालकर विकेट लेने की कोशिश करता है।’’उन्होंने कहा कि इस बदलाव से वह गेंदबाज के तौर पर अधिक आक्रामक हुआ है और विविधता का प्रभावी रूप से प्रयोग कर रहा है।
Olympics 2028: अखिल कुमार ने महिला मुक्केबाजों को दी प्राथमिकता देने की सलाह
(पूनम मेहरा)नयी दिल्ली, चार अगस्त मुक्केबाज से पुलिस अधिकारी बने अखिल कुमार ने राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन के लिए मुक्केबाजों की सराहना करते हुए कहा कि भारत की महिला मुक्केबाज पुरुषों की तुलना में ओलंपिक पदक की बेहतर दावेदार हैं और 2028 लॉस एंजिलिस खेलों की समग्र योजना में उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राष्ट्रमंडल खेल 2006 में स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज अखिल ने पीटीआई को टेलीफोन पर दिए साक्षात्कर में कहा कि वह ग्लास्गो में देश के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हैं जहां भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हुए सात स्वर्ण पदक जीते जिसमें से छह महिला मुक्केबाजों के नाम रहे। महिला मुक्केबाजी को राष्ट्रमंडल खेलों में 2014 में शामिल किया गया और शुरुआत में इसमें सिर्फ तीन वर्ग थे- 51 किग्रा, 60 किग्रा और 75 किग्रा। यह उन्हीं तीन वर्ग में ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल होने के दो साल बाद हुआ था। एमसी मैरीकॉम (2012 लंदन) और लवलीना बोरगोहेन (2021 तोक्यो) ने महिला मुक्केबाजी में भारत के लिए ओलंपिक पदक जीते हैं। हरियाणा पुलिस के एसीपी अखिल ने कहा, ‘‘वे (महिला मुक्केबाज) साफ तौर पर बेहतर नतीजे दे रही हैं। वजन वर्ग भी बढ़ रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मौजूदा पुरुष मुक्केबाजों में मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा है जो इस चरण पर ओलंपिक पदक विजेता बन सकता है। अगर आगे चलकर बहुत अधिक सुधार होता है जिसकी मुझे उम्मीद है तो मैं अपनी राय बदल लूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस समय महिला मुक्केबाजों को बढ़त हासिल है। हमने इस खेल के विस्तार को काफी अच्छे से अपनाया है और जिस तरह से इसका विकास हुआ है मुझे लगता है कि भारत 2028 में महिला मुक्केबाजी में एक से अधिक ओलंपिक पदक जीतने के लिए बेहतर स्थिति में है।’’ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में महिलाओं के लिए सात वजन वर्ग शामिल थे जो पिछली बार की तुलना में एक अधिक था। पुरुषों की स्पर्धा में भी सात वर्ग थीजिससे पहली बार लैंगिक समानता हासिल हुई। ये वजन वर्ग वे थे जो 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी होंगे। भारतीय महिलाओं ने सभी सात वजन में पदक जीते जिसमें छह स्वर्ण और एक रजत शामिल रहा। भारतीय पुरुषों ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। इस बार महिलाओं के वर्ग में 43 देशों की 70 मुक्केबाजों जबकि पुरुषों के वर्ग में 43 देशों के 131 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जब उनसे उन मुक्केबाजों के बारे में पूछा गया जिन्होंने प्रतियोगिता के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया तो पूर्व एशियाई चैंपियन ने कहा कि स्वर्ण पदक जीतने वाली जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा) और साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ने बेहतरीन और हिम्मत वाला खेल दिखाया। पुरुषों में उन्हें जादुमणि सिंह (55 किग्रा) में काबिलियत दिखी जिन्होंने रजत पदक जीता था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लंबे समय से कहता आ रहा हूं कि जैस्मिन कितनी अच्छी मुक्केबाज हैं इसलिए उनके स्वर्ण पदक जीतने पर मुझे हैरानी नहीं है। साक्षी का प्रदर्शन भी चौंकाने वाला और शानदार रहा। जादुमणि में जबरदस्त रफ्तार और सही ताकत है और उन्हें पता है कि दूरी कैसे बनाए रखनी है। वह बहुत आत्मविश्वास से भरे बाएं हाथ के मुक्केबाज हैं और उनमें आगे बढ़ने की काबिलियत है।’’अखिल ने कहा, ‘‘लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि एशियाई खेलों में जापान और कोरिया के साथ-साथ ये सभी स्तान देश (खासकर उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान) भी मुकाबले में होंगे। देखते हैं कि हम उस चुनौती का सामना कैसे करते हैं।
Commonwealth Games पदक विजेताओं का दिल्ली हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत
... हिमांक नेगी और संस्कृति गाबा ...नयी दिल्ली, चार अगस्त राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन कर स्वदेश लौटे भारतीय खिलाड़ियों का मंगलवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी में भव्य स्वागत किया गया लेकिन खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि जश्न मनाने के लिए उनके पास ज्यादा समय नहीं है, क्योंकि अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेल अब उनका अगला बड़ा लक्ष्य हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों, देशभक्ति गीतों और फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। परिजन और समर्थक खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आए। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज प्रिया घंघास ने कहा, ‘‘इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान सुनना जीवनभर याद रहने वाला पल है, लेकिन अब मेरा पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर है, जहां मैं एक और स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं।’’भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 10 पदक जीतकर यादगार अभियान पूरा किया। महिला मुक्केबाजों ने छह और पुरुष खिलाड़ियों ने चार पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत का परिचय दिया। भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल ने भी इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड सात पदक अपने नाम किए, जिसके दम पर भारत समग्र पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा। खिलाड़ी मंगलवार तड़के करीब चार बजे जैसे ही हवाई अड्डे के टर्मिनल से बाहर निकले, ढोल-नगाड़ों की गूंज और देशभक्ति गीतों से पूरा माहौल उत्साह से भर उठा। परिजनों ने पदक विजेता खिलाड़ियों का फूल-मालाएं पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए मौजूद थे। इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हराने वाली पहली मुक्केबाज बनीं साक्षी चौधरी ने कहा, ‘‘मैं हर रात स्वर्ण जीतने, राष्ट्रगान सुनने और इसी तरह स्वागत मिलने का सपना देखती थी। अब वह सपना सच हो गया है। अगला लक्ष्य एशियाई खेल हैं और वहां भी इसी प्रदर्शन को दोहराना चाहती हूं।’’स्वर्ण पदक विजेता जैसमीन लंबोरिया ने बताया कि बीमारी के कारण उनकी तैयारियां प्रभावित हुई थीं और वह खेलों से पहले केवल तीन सप्ताह ही अभ्यास कर सकी थीं। उन्होंने कहा, ‘‘रिंग में उतरते ही मैंने बाकी सब कुछ भुला दिया और सिर्फ भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान केंद्रित किया।’’ उन्होंने कहा कि आगामी एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदक जीतना उनका मुख्य लक्ष्य है। मुक्केबाज सचिन सिवाच ने भारतीय टीम की सफलता का श्रेय लंबे समय तक की गई मेहनत और तकनीकी कमियों को दूर करने को दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ लगातार जीत खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाती है और अब पूरी टीम की निगाहें एशियाई खेलों पर है।’’नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि यह सफलता व्यक्तिगत प्रदर्शन नहीं बल्कि सुनियोजित रणनीति और टीमवर्क का परिणाम है जबकि रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह को फाइनल में मिली हार का मलाल है। उन्होंने कहा, ‘‘ यह निराशा मुझे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।’’महिला 70 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने कहा कि गत चैंपियन को हराने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस जीत से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। यह भार वर्ग एशियाई खेलों में शामिल नहीं है, इसलिए अब मेरा पूरा ध्यान विश्व कप पर रहेगा।’’यह जश्न भारत के पैरा खिलाड़ियों के लिए भी खास था क्योंकि उन्होंने भी राष्ट्रमंडल खेलों में सात पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण और खेलों का नया रिकॉर्ड बनाने वाले दिलीप महादू गावित ने कहा , ‘‘ग्लास्गो की ठंड और नई स्पर्धा दोनों बड़ी चुनौतियां थीं।अब मेरा लक्ष्य पैरालंपिक स्वर्ण जीतकर सबसे बड़े मंच पर तिरंगा फहराना है।’’महिलाओं की गोला फेंक एफ57 स्पर्धा की स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ ने कहा, ‘‘ राष्ट्रमंडल खेलों का पदक जीतने से आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।’’पुरुषों की एफ57 गोलाफेंक स्पर्धा के स्वर्ण पदक विजेता सोमन राणा ने कहा कि इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जो पर्दे के पीछे लगातार मेहनत करते रहते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह और अस्मिता डे मंगलवार तड़के हवाई अड्डे से बाहर निकलने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनका भी यहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हर्ष ने कहा, ‘‘ मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का स्वागत मिलेगा। सभी से मिलकर बेहद अच्छा लग रहा है।’’उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक अस्मिता डे ने कहा, ‘‘मुझे जीवन में पहली बार ऐसा स्वागत मिल रहा है और मेरे लिए यह अनुभव बेहद खास है।
Neeraj Chopra लॉज़ेन Diamond League में देंगे दिग्गजों को चुनौती, जीत पर होंगी निगाहें!
आयोजकों ने सोमवार को पुष्टि की कि ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को लॉज़ेन डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। 'एथलेटिसिमा' के नाम से जानी जाने वाली इस प्रतियोगिता में भारतीय जैवलिन स्टार चौथी बार लॉज़ेन में हिस्सा लेंगे। Olympics.com के अनुसार, नीरज कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीतकर इस इवेंट में उतरेंगे और अपनी टॉप फॉर्म में वापसी करने की कोशिश करेंगे। इसे भी पढ़ें: Jasprit Bumrah की चोट पर BCCI Selection Committee नाराज, COE के फिटनेस मैनेजमेंट पर उठे गंभीर सवाल 28 साल के इस भारतीय एथलीट ने 2022 में 89.08 मीटर के ज़बरदस्त थ्रो के साथ यह इवेंट जीता था और अगले एडिशन में 87.66 मीटर के थ्रो के साथ अपने टाइटल का सफलतापूर्वक बचाव किया था। लॉज़ेन डायमंड लीग के 2024 एडिशन में, 89.49 मीटर का शानदार थ्रो करने के बावजूद वे दूसरे स्थान पर रहे। आने वाले सालों में इस प्रतियोगिता का 2026 का एडिशन सबसे मज़बूत मुक़ाबलों में से एक हो सकता है, जिसमें हाल ही में CWG चैंपियन बने (89.75 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ) और मौजूदा सीज़न के वर्ल्ड लीडर श्रीलंका के रुमेश पथिराज मुख्य दावेदार होंगे। अन्य स्टार्स में पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम शामिल होंगे, जो इस इवेंट में 'भारत बनाम पाकिस्तान' का रोमांच लाएंगे, जबकि दो बार के वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के थॉमस रोहलर और त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोरन वालकॉट भी ट्रैक पर अपना जलवा बिखेरते नज़र आएंगे। लॉज़ेन डायमंड लीग इस कैलेंडर ईयर में नीरज की तीसरी प्रतियोगिता होगी; इससे पहले वह जून में दोहा डायमंड लीग में चौथे स्थान पर रहे थे और CWG में सिल्वर मेडल जीता था। इसे भी पढ़ें: Little Dreamers ने लॉन्च की Sport बुक्स, बच्चों के लिए लाई पहली श्रृंखला यह सीज़न चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद नीरज की वापसी का प्रतीक है; उन्होंने टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप (जिसमें वह आठवें स्थान पर रहे थे) के बाद कुछ समय का ब्रेक लिया था। उनका इस सीज़न का बेस्ट थ्रो ग्लासगो में हुए CWG के दौरान आया था। लॉज़ेन नीरज के लिए हमेशा से अच्छा रहा है और यहाँ उन्हें अपना सूखा हुआ खिताब जीतने का मौका मिल सकता है, क्योंकि जुलाई 2025 में घर पर हुए 'नीरज चोपड़ा क्लासिक' के बाद से वे किसी भी प्रतियोगिता में टॉप पर नहीं रहे हैं। तब से, उनके सबसे अच्छे नतीजे डायमंड लीग सीज़न फ़ाइनल 2025 में दूसरा स्थान और CWG 2026 में सिल्वर मेडल जीतना रहा है। For more Sports News in Hindi Today please click here.
महिला एशिया कप में आएगा मंधाना-शेफाली का तूफान!
भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार है. इस बार टी20 फॉर्मेट में यह टूर्नामेंट खेला जाना है. लिहाजा मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिल सकती है.
संन्यास के बाद नया मिशन, कोचिंग रोल में उतरेंगे स्टोक्स
इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलासा किया है कि वह भविष्य में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के हेड कोच बनना चाहते हैं. इसके लिए वह अभी से लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरा कर रहे हैं. स्टोक्स ने पॉडकास्ट में अपने दिल से जुड़ी बातें शेयर कीं.
श्रेयस अय्यर अगली सीरीज से पहले मैदान पर लौटे
भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने आगामी सीरीज से पहले ट्रेनिंग शुरू कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया, जिसमें वह फिटनेस और रनिंग ड्रिल्स करते नजर आए। अय्यर अपनी स्पीड, स्टैमिना और मैच फिटनेस पर खास ध्यान दे रहे हैं।
क्या सच में प्रीति जिंटा को डेट कर रहे हैं ब्रेट ली? पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने पहली बार किया बड़ा खुलासा
धोनी ने सुपरबाइक से रेसिंग ट्रैक पर मचाया धमाल
आईपीएल के बाद एमएस धोनी एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार बल्ले से नहीं, बल्कि सुपरबाइक से. उन्होंने चेन्नई के पास मद्रास इंटरनेशनल सर्किट पर हाई-स्पीड राइड की. धोनी की ये राइड फैन्स को बेहद पसंद आ रही है.
Pakistan की स्थिति West Indies के खिलाफ टेस्ट में मजबूत
पोर्ट आफ स्पेन, चार अगस्त (एपी) अब्दुल्ला शफीक और बाबर आजम के बीच तीसरे विकेट की 168 रन की अटूट साझेदारी के दम पर पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन अपनी स्थिति मजबूत कर ली। वेस्टइंडीज ने पांच विकेट पर 239 रन से आगे खेलते हुए पहली पारी में 344 रन बनाये। अजान अवैस (55) ने पाकिस्तान को अच्छी शुरूआत दी जिसके बाद शफीक और बाबर की साझेदारी के दम पर पाकिस्तान ने दो विकेट पर 266 रन बना लिये। शफीक 107 रन बनाकर और कप्तान बाबर 86 रन बनाकर खेल रहे हैं। वेस्टइंडीज ने पहला टेस्ट 90 रन से जीता था। अवैस ने इमामुल हक (14) के साथ पहले विकेट के लिये 34 रन जोड़े थे। इसके बाद शफीक के साथ दूसरे विकेट के लिये 64 रन की साझेदारी की। वह जोमेल वारिकन की गेंद पर स्वीप शॉट खेलने के प्रयास में पगबाधा आउट हुए। इसके बाद बाबर ने शफीक के साथ 139 गेंद में 100 रन की साझेदारी की। शफीक ने दो साल में पहला शतक 173 गेंद में लगाया। पिछला शतक उन्होंने अक्टूबर 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ लगाया था।
Pullela Gopichand का दावा, बैडमिंटन के नए स्कोरिंग सिस्टम से कुछ खिलाड़ियों को होगा फायदा
नयी दिल्ली, चार अगस्त पुलेला गोपीचंद को आज भी याद है कि जब उनके खेलने के दिनों में बैडमिंटन की स्कोरिंग प्रणाली में बदलाव हुआ था तो कितनी उथल-पुथल मची थी और अब जबकि यह खेल एक और रणनीतिक बदलाव के लिए तैयार हो रहा है तो भारतीय कोच का मानना है कि कुछ खिलाड़ी बाहर हो जायेंगे। अभी 21 अंकों के तीन गेम के प्रारूप में बैडमिंटन खेला जाता है लेकिन अगले साल इसे बदलकर 15 अंकों के तीन गेम का प्रारूप कर दिया जायेगा। बीडब्ल्यूएफ ने कहा कि छोटे प्रारूप से व्यस्त कैलेंडर में खिलाड़ियों के कार्यभार के प्रबंधन में मदद मिलेगी। गोपीचंद ने याद किया कि कैसे उन्होंने बैडमिंटन में कुछ समय के लिए सात अंक के पांच गेम की स्कोरिंग लागू होने से पहले पारंपरिक 15 अंक के प्रारूप के तहत 2001 में ऑल इंग्लैंड का खिताब जीता था। एक साल बाद यह प्रयोग रद्द कर दिया गया और पारंपरिक 15 अंक (पुरूष) और 11 अंक (महिला) के प्रारूप की वापसी हुई। गोपीचंद ने विश्व चैम्पियनशिप से पहले यहां बातचीत में कहा ,‘‘ जब मैने आल इंग्लैंड जीता था, तब कुछ महीने बाद वे 15 से सात अंक के प्रारूप पर चले गए थे। मुझे उस समय दिक्कत हुई क्योंकि मैं स्ट्रोक खिलाड़ी था। मुझे सामंजस्य बिठाने में समय लगता था। मुझे वापसी में एक साल लगा।’’उन्होंने कहा ,‘‘ जब तक मैने तालमेल बिठाया, वे फिर पारंपरिक प्रारूप में चले गए और मुझे फिर झटका लगा। फिर मेरे लिये वापसी करना बहुत मुश्किल हो गया। इससे फर्क पड़ता है। इससे कुछ खिलाड़ियों को फायदा होगा और कुछ बाहर हो जायेंगे।’’गोपीचंद ने कहा कि युगल खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फर्क पड़ेगा क्योंकि छोटे प्रारूप में प्रतिस्पर्धा का हर चरण अहम हो जायेगा। एक अन्य सवाल पर गोपीचंद ने स्वीकार किया कि सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बाद भारत के पास विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा ,‘‘ यह काफी जायज सवाल है। सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को साथ खेलना चाहिये, ऐसी कोई व्यवस्था होनी चाहिये। पांच साल पहले हमारे पास पांच अकादमी थी लेकिन आज 500 हैं। 500 व्यक्तिगत खिलाड़ी और अलग अलग दिमाग। युगल में समस्या बढ जाती है।
बिग बैश लीग में टूट सकता है सबसे बड़ा रिकॉर्ड! बेन स्टोक्स बन सकते हैं BBL के सबसे महंगे खिलाड़ी, करोड़ों की डील तय
BBL में बड़ा धमाका...10 साल बाद वापसी को तैयार स्टोक्स?
टी20 टूर्नामेंट में ऑलराउंडरों की मांग हमेशा से ही रही है. छोटे फॉर्मेट में हर टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो गेंद और बल्ले दोनों से ही मैच विनिंग परफॉर्मेंस करने की काबिलियत रखते हों. लंबे समय बाद बेन स्टोक्स एक बार फिर टी20 फॉर्मेट में दमखम दिखाते नजर आएंगे.
ICC ने ताजा रैंकिंग जारी कर दी है। ICC की ताजा T20I बल्लेबाजी रैंकिंग में श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने बड़ा कमाल कर दिया है। वहीं, ODI रैंकिंग में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक स्थान की छलांग लगाई है।
इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने भविष्य में टीम का हेड कोच बनने की इच्छा जताई है। जून 2026 में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले 35 साल के स्टोक्स ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहना चाहते हैं। इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्टोक्स बिग बैश लीग (BBL) के इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी भी बन सकते हैं। कोचिंग की तैयारी में जुटे स्टोक्स 'लव ऑफ क्रिकेट' पॉडकास्ट में स्टोक्स ने बताया कि वह अभी लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि जब खेलना छोड़ूं तो कोचिंग की सारी तैयारियां पूरी हों। मैं क्रिकेट से जुड़ा रहना चाहता हूं। स्टोक्स ने 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 मैचों में इंग्लैंड को रिप्रेजेंट किया। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने अटैकिंग बैजबॉल क्रिकेट खेली। जो रूट की कप्तानी को लेकर चिंता स्टोक्स ने नए टेस्ट कप्तान जो रूट को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रूट हमेशा टीम को खुद से पहले रखते हैं और यही बात उन्हें परेशान करती है। स्टोक्स ने कहा, मैंने जो से कहा कि मेरी एकमात्र चिंता आप हैं। पिछली बार कप्तान रहते हुए मैंने देखा था कि वह खुद पर कितना दबाव लेते थे। मैं नहीं चाहता कि वह दोबारा उसी दौर से गुजरें। हैरी ब्रूक को मौका नहीं मिलने पर हैरान पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके बाद हैरी ब्रूक को टेस्ट टीम की कमान मिलेगी। ब्रूक टीम के उप-कप्तान थे, इसलिए चयनकर्ताओं के फैसले ने उन्हें चौंकाया। उन्होंने कहा, अगर आपको लगता है कि कोई खिलाड़ी अच्छा कप्तान बन सकता है तो उसे मौका देना चाहिए। मुझे समझ नहीं आया कि ब्रूक को कप्तान न बनाकर क्या संदेश दिया गया। 2027 एशेज को देखते हुए लिया संन्यास स्टोक्स ने बताया कि संन्यास का फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया था। वह यह आकलन कर रहे थे कि क्या 2027 की एशेज सीरीज तक बेस्ट परफॉर्मेंस दे पाना संभव होगा। आखिरकार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया और कहा कि वह इस निर्णय को बदलने वाले नहीं हैं। BBL के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन सकते हैं संन्यास के बाद भी स्टोक्स क्रिकेट से दूर नहीं होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बिग बैश फ्रेंचाइजी उन्हें अपनी टीम में शामिल करना चाहती हैं। सिडनी सिक्सर्स इस दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार स्टोक्स को लगभग 6 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 3.4 करोड़ रुपए) का कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है। ऐसा हुआ तो वह BBL इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन जाएंगे। मैथ्यू मॉट से फिर हो सकती है जोड़ी सिडनी सिक्सर्स के पास इंग्लैंड के पूर्व व्हाइट-बॉल कोच मैथ्यू मॉट हैं। मॉट और स्टोक्स की जोड़ी ने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को चैंपियन बनाया था। स्टोक्स ने 122 टेस्ट, 114 वनडे मैच खेले डरहम के लिए खेलने वाले स्टोक्स का वनडे डेब्यू 2011 में हुआ था। वहीं टेस्ट डेब्यू 2013-14 की एशेज सीरीज में हुआ। वे अप्रैल 2022 से इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान रहे हैं। स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए कुल 122 टेस्ट खेले। इनमें 44 मैचों में उन्होंने कप्तानी की। उन्होंने टेस्ट करियार में 14 शतक और 37 अर्धशतकों की मदद से 7 हजार से अधिक रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 252 विकेट भी लिए। उन्होंने 114 वनडे इंटरनेशनल 5 शतक और 24 अर्धशतकों की मदद से 3463 रन बनाए। उन्होंने 74 विकेट भी झटके। वहीं स्टोक्स 43 टी-20 इंटरनेशनल मैच का हिस्सा रहे। उन्होंने 585 रन बनाए और 26 विकेट झटके। बेन स्टोक्स की यादगार पारियां 1. 2019 वर्ल्ड कप फाइनल, स्टोक्स की 84 रन की पारी 14 जुलाई 2019, लॉर्ड्स का मैदान। वनडे वर्ल्ड के फाइनल में न्यूजीलैंड ने 242 रन का टारगेट दिया। जवाब में इंग्लैंड ने 49 ओवर में 227 रन पर 8 विकेट गंवा दिए थे। आखिरी ओवर में 15 रन की दरकार थी। तब स्टोक्स 70 रन बनाकर खेल रहे थे। उन्होंने ट्रेंट बोल्ट की तीसरी और चौथी गेंद पर छक्का जड़ दिया। आखिरी दो गेंद पर रनआउट से मैच सुपर ओवर में गया। सुपर ओवर भी टाई हो गया। आखिरकार बाउंड्री काउंट के नियम पर इंग्लैंड चैंपियन बना। 2. हेडिंग्ले 2019, अकेले दम पर एशेज मैच जीताया वर्ल्ड कप जीत के 6 हफ्ते बाद हेडिंग्ले में एशेज का तीसरा टेस्ट हुआ। इंग्लैंड को चौथी पारी में 359 रन का टारगेट मिला। टीम ने 286 रन पर 9 विकेट गंवा दिए। यहां से बेन स्टोक्स ने 10वें विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। कमाल की बात है कि इस साझेदारी में बेन स्टोक्स ने अकेले 74 रन बनाए। उन्होंने 135 रन की पारी खेली। स्टोक्स से जुड़े दो बड़े विवाद 1. 2017, ब्रिस्टल नाइटक्लब में मारपीट का आरोप लगा स्टोक्स सितंबर 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच के बाद ब्रिस्टल के एक नाइटक्लब में गए। वे नाइट क्लब के बाहर देर रात एक स्ट्रीट फाइट में उलझ गए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और उन पर मारपीट का आरोप लगा। इसके बाद इंग्लैंड टीम से उनकी वाइस-कैप्टेंसी छिन ली गई और 2017-18 की एशेज सीरीज से बाहर कर दिया गया। 2018 में कोर्ट ट्रायल में स्टोक्स बरी हो गए। हालांकि लेकिन ECB ने उन्हें खेल को बदनाम करने का दोषी पाते हुए जुर्माना और सस्पेंशन दिया। 2. 2026, चेल्सी नाइटक्लब विवाद, दूसरे टेस्ट से बाहर हुए स्टोक्स न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में स्टोक्स का नाम एक और नाइटक्लब विवाद से जुड़ा। लॉर्ड्स में पहला टेस्ट जीतने के बाद स्टोक्स और गस एटकिंसन चेल्सी के एक नाइटक्लब गए। दोनों ने टीम का मिडनाइट कर्फ्यू तोड़ा। वहां एक खिलाड़ी से जुड़ा विवाद हुआ, जिसमें सिक्योरिटी स्टाफ को चोट लगी। ECB ने जांच के बाद स्टोक्स और एटकिंसन को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया। जांच में स्टोक्स को क्लीन चिट मिली, लेकिन कर्फ्यू तोड़ने पर लिखित चेतावनी दी गई। इसके बाद इस मैच में स्टोक्स ने वापसी की थी।
नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद 21 अगस्त को फिर से एक्शन में दिखेंगे
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन में रजत पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा जल्द ही एक बार फिर एक्शन में दिखाई देंगे। नीरज 21 अगस्त को लॉजेन डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे।
42 वर्षीय अल्ट्रा-रनर सोफी वुड्स ने खेल जगत में एक नया मुकाम हासिल किया है। न्यूजीलैंड की सोफी ने दुनिया की सबसे कठिन एंड्यूरेंस चुनौतियों में से एक ‘वाया एल्पिना’ को महज 29 दिनों में पूरा कर नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।दो हजार किलोमीटर की दौड़ में सोफी ने आठ देशों की सीमाओं को पार किया। इस पूरी दौड़ के दौरान उन्होंने जितनी ऊंचाई की चढ़ाई की, वह माउंट एवरेस्ट पर 12 बार चढ़ने के बराबर है। सोफी ने इस मैराथन की शुरुआत 4 जुलाई को इटली से की थी। इसके बाद उनका यह सफर स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, लिकटेंस्टीन, स्विट्जरलैंड और फ्रांस के रास्तों से होते हुए शनिवार रात को मोनाको के भूमध्यसागरीय तट पर जाकर खत्म हुआ। उन्होंने ब्रिटिश रनर जेक कैटरल का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 2024 में इसी रूट को 35 दिनों में पूरा किया था। अपनी इस कामयाबी पर सोफी ने कहा कि वे बेहद खुश हैं, लेकिन बुरी तरह थक चुकी हैं। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने आखिरी के कुछ दिनों में केवल डेढ़ से ढाई घंटे की ही नींद ली। सोफी और उनकी टीम को रास्ते में दो खतरनाक हीटवेव, भयंकर तूफानों और खतरनाक कीड़ों (हॉर्सफ्लाइज) के हमलों का सामना करना पड़ा। यूरोप के कई देश इस समय भयानक हीटवेव और जंगलों की आग से जूझ रहे हैं। इस आग के कारण सोफी को भी अपना तय रास्ता बदलना पड़ा। इस भटकाव के कारण उनकी दौड़ में 5 किलोमीटर की दूरी और 200 मीटर की खतरनाक चढ़ाई और जुड़ गई। सोफी ने बताया कि कई बार उन्हें लगता था कि वे इस चुनौती को कैसे पूरा कर पाएंगी, लेकिन रुकने का ख्याल उनके मन में कभी नहीं आया। हर दिन 15 से 18 घंटे लगातार दौड़ने के लिए भारी ऊर्जा की जरूरत होती है। सोफी ने इसके लिए मैक्डॉनल्ड्स, पास्ता और एनर्जी जेल्स का सहारा लिया। पूरे सफर में पति जॉर्ज, दोस्त जोई और पालतू कुत्ते नीला ने उनका साथ दिया। सोफी कहती हैं, ‘पहला हफ्ता बहुत भयानक था, शरीर में सूजन थी और हर जगह दर्द था। मुझे लगा जैसे मेरी लाखों मांसपेशियां खिंच गई हैं। दूसरा हफ्ता भी कुछ खास नहीं रहा, लेकिन तीसरे हफ्ते तक मुझे लगा कि मेरी फिटनेस वापस आ रही है।’ सोफी की यह सफलता महिलाओं की अल्ट्रा-रनिंग के लिए एक शानदार साल का हिस्सा है। इससे पहले मई में रेचेल एंट्रेकिन ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। आईवीएफ जैसी कठिन मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के बाद सोफी अपनी जिंदगी को एक नया रूप देना चाहती थीं। उन्होंने साबित कर दिया कि अल्ट्रा-रनिंग का असली मतलब सही तैयारी, मानसिक मजबूती और मुश्किल हालातों में डटे रहना है। उनका मानना है कि महिलाएं किसी भी स्थिति के अनुकूल खुद को ढालने और आगे बढ़ने में माहिर होती हैं। अब 29 दिनों तक रोज 18-18 घंटे दौड़ने के बाद सोफी का क्या प्लान है? इस पर वे कहती हैं, ‘अब मैं ज्यादातर समय सोफे पर लेटकर नेटफ्लिक्स देखने और कुछ हरी सब्जियां खाने में बिताऊंगी।’
MPL 2026 में कई गेंदबाज चमके, फिर भी मध्य प्रदेश टीम के लिए छत्तीसगढ़ से गेंदबाज बुलाया
MP Cricket Team: मध्य प्रदेश में आवेश खान, कुलदीप सेन, अरशद खान और आर्यन पांडे जैसे तेज गेंदबाज होने के बावजूद एमपी टीम ने घरेलू सत्र के लिए छत्तीसगढ़ के गेंदबाज रवि किरण को अपने साथ जोड़ा है।
अर्शदीप सिंह ने रविचंद्रन अश्विन से क्यों मांगी माफी?
अर्शदीप सिंह हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर वनडे और टी20 सीरीज का हिस्सा थे. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें आराम दिया गया था. श्रालंका दौरे पर टेस्ट सीरीज में वह टीम का हिस्सा नहीं होंगे.
बेन स्टोक्स का बड़ा खुलासा, भविष्य में बनना चाहते हैं इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कोच
बेन स्टोक्स इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी बना चुके हैं। हाल ही में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। स्टोक्स अब कोचिंग में हाथ आजमाना चाहते हैं।
जसप्रीत बुमराह हुए बाहर, अब एक और खिलाड़ी के खेलने पर भी सस्पेंस
जसप्रीत बुमराह भारत बनाम श्रीलंका सीरीज से बाहर हो चुके हैं, इस बीच साई सुदर्शन का खेलना भी पक्का नहीं है। वे भी फिट नहीं है और उनको लेकर आखिरी अपडेट आना अभी बाकी है।
Lausanne में आग उगलेंगे भाले! नीरज के सामने दिग्गजों की पूरी फौज
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को स्विट्जरलैंड के लुसाने में होने वाली डायमंड लीग में दुनिया के सबसे मजबूत भाला फेंक खिलाड़ियों के खिलाफ उतरेंगे. कमर की चोट से वापसी के बाद यह उनका तीसरा टूर्नामेंट होगा.
गुरु मंत्र लेने धोनी के घर पहुंचे पंत, अब चलेगा बल्ला?
कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर बेस्ट परफॉर्मेंस देना चाहेगी. इस दौरे पर सभी की नजरें ऋषभ पंत पर टिकी होगी. पंत के पास खुद को साबित करने का यह बेहतरीन मौका है.
श्रीलंका में कब खेलेगी टीम इंडिया प्रैक्टिस मैच, कितने बजे शुरू होगा मुकाबला
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। इससे पहले टीम इंडिया एक प्रैक्टिस मैच खेलेगी, जो श्रीलंका इलेवन से होगा। इसमें अब काफी कम वक्त बचा है।
Glasgow CWG 2026 में Silver जीतकर इतिहास रचने वाली Gyaneshwari Yadav को मिला DSP पद और 30 Lakh Prize
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 53 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा की रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा डीएसपी पद पर आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देने की घोषणा की। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव का आज मुख्यमंत्री निवास में स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा डीएसपी पद पर आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देने की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि ज्ञानेश्वरी वर्तमान में राजनांदगांव जिले में पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक पद पर पदस्थ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प का सम्मान है। साय ने कहा, ‘‘ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, कठोर परिश्रम और अनुशासन के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की 53 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किग्रा वजन उठाकर ज्ञानेश्वरी ने ना केवल देश के लिए पदक जीता, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी।’’ साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। साय ने मुख्यमंत्री निवास में ज्ञानेश्वरी का स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और उत्सव का क्षण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग, आवश्यक संसाधन और हरसंभव प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तिरंगा लहराएं तथा देश और प्रदेश का नाम विश्व भर में रोशन करें। पीटीआई वीडियो से बात करते हुए ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा,‘‘एक खिलाड़ी के पीछे बहुत लोगों का हाथ होता है। मेरे पापा साइकिल से मुझे जब जिम लेकर जाते थे तो वह मेहनत मुझे याद आती है। बॉडी बिल्डिंग करने वाले पापा ने कहा था कि मैं तो कभी अपने आप को अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर नहीं देख पाया हूं पर तू वह चीज जरूर करना और देश का नाम रोशन करना।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में चुनौती यह थी कि वह मेरा पीरियड्स का पहला दिन था। मैंने पहले दिन ट्रेनिंग तो की लेकिन प्रतिस्पर्धा नहीं की थी। यह उम्मीद थी कि सब अच्छा होगा। परिवार के लोग भी कह रहे थे कि सब अच्छा होगा। जब एक लिफ्ट सही हुई तब लगा कि मैं कर सकती हूं, यह दर्द कुछ नहीं है। बाद में मैंने सभी लिफ्ट सही की।’’ डीएसपी पद पर पदोन्नति को लेकर ज्ञानेश्वरी ने कहा, ‘‘अब बड़े मंच पर जाकर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर पाऊंगी। अगला लक्ष्य एशियाई खेल हैं और उसकी तैयारी के लिए मेरे पास एक महीना शेष है।
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए नॉर्थ ज़ोन टीम की घोषणा कर दी गई है। सिलेक्शन कमिटी ने 15 सदस्यों वाली टीम चुनी है। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह को भी नॉर्थ ज़ोन टीम में शामिल किया गया है। कन्हैया वधावन को इस सीज़न में कप्तानी दी गई है। दिल्ली के यश धुल को उप-कप्तान बनाया गया है। ऑलराउंडर आयुष बडोनी को भी नॉर्थ ज़ोन टीम में शामिल किया गया है। नॉर्थ ज़ोन अपने टूर्नामेंट की शुरुआत ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली वेस्ट ज़ोन के ख़िलाफ़ करेगा। दलीप ट्रॉफी 2026 23 अगस्त से शुरू होगी। अर्शदीप और अंशुल कंबोज भी टीम में शामिल भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज को भी नॉर्थ ज़ोन टीम में शामिल किया गया है। अर्शदीप 2025 के इंग्लैंड दौरे पर भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें अभी तक टेस्ट में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है। नेशनल टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद अंशुल कंबोज भी इस टूर्नामेंट के ज़रिए वापसी करना चाहेंगे। दिल्ली के युवा बैट्समैन आयुष बदोनी को टीम का वाइस-कैप्टन बनाया गया है। इसलिए यह टीम मज़बूत दिख रही है। टीम में जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ी पिछले सीज़न में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली जम्मू-कश्मीर टीम नॉर्थ ज़ोन टीम पर हावी दिख रही है। रणजी जीतने वाली टीम के छह खिलाड़ियों को दलीप ट्रॉफी टीम में शामिल किया गया है। कप्तान वधावन के अलावा ओपनर कामरान इकबाल, मिडिल ऑर्डर बैट्समैन अब्दुल समद, लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर आबिद मुश्ताक और तेज़ गेंदबाज़ सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह भी टीम में शामिल हैं। पारस डोगरा बाहर अनुभवी बैट्समैन पारस डोगरा को इस बार टीम में जगह नहीं दी गई है। सिलेक्शन कमिटी ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह पेसर आकिब नबी को श्रीलंका दौरे के लिए भारत की टीम में शामिल किया गया है। इंडिया 'A' के रेगुलर खिलाड़ी निशांत सिंधु, अर्जुन शर्मा और आबिद मुश्ताक के होने से स्पिन और ऑलराउंडर डिपार्टमेंट को फायदा होगा। नॉर्थ ज़ोन टीम कन्हैया वधावन (कप्तान), आयुष बदोनी (उप-कप्तान), सनत सांगवान, कामरान इकबाल, यश धुल, आयुष दोसेजा, अब्दुल समद, निशांत सिंधु, अर्जुन शर्मा, आबिद मुश्ताक, अर्शदीप सिंह, सुनील कुमार, अंशुल कंबोज, युद्धवीर सिंह और निखिल कश्यप।
खेलों की दुनिया में भारत वैश्विक स्तर पर लगातार अपना दबदबा बना रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स में हमने भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन देखा ही है।
जसप्रीत बुमराह ने कितनी सीरीज़ मिस की हैं? भारत की सबसे बड़े बॉलिंग कंसर्न पर डालें एक नजर
pc: dnaindia टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह अपने वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से एक और सीरीज़ मिस करने वाले हैं। उन्हें शुरू में टीम में शामिल किया गया था, लेकिन टीम में उनका शामिल होना फिटनेस पर निर्भर था। लेटेस्ट डेवलपमेंट में, बुमराह की जगह औकिब नबी को लिया गया है, जिन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में जम्मू और कश्मीर टीम के लिए अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने 60 विकेट लिए थे। खास बात यह है कि यह पहली सीरीज़ नहीं है जब बुमराह कोई सीरीज़ मिस करने वाले हैं, क्योंकि भारत के स्टार बॉलर ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ ODI के बाद से बॉलिंग नहीं की है, जहाँ फील्डिंग करते समय उनके बाएं घुटने में चोट लग गई थी। उन्हें 2025 से कई सीरीज़ में शामिल नहीं किया गया है और अलग-अलग फॉर्मेट में आराम दिया गया है। क्योंकि बुमराह की फिटनेस भारत के लिए एक बड़ी चिंता है, इसलिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल के सालों में अपने सबसे ज़रूरी रिसोर्स को बहुत सावधानी से संभाला है। इस मैनेजमेंट के हिस्से के तौर पर, बुमराह पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग फॉर्मेट की कई सीरीज़ से बाहर रहे हैं, क्योंकि BCCI बुमराह को किसी भी बड़ी चोट के डर से बचाना चाहता है ताकि 2027 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उनकी कीमती सर्विस ली जा सके, जो साउथ अफ्रीका, नामीबिया और ज़िम्बाब्वे में खेला जाना है। 2025 से बुमराह ने जो सीरीज़ नहीं खेलीं, उनकी लिस्ट इंग्लैंड T20I सीरीज़ - 2025 इंग्लैंड ODI सीरीज़ - 2025 चैंपियंस ट्रॉफी - 2025 न्यूज़ीलैंड ODI सीरीज़ - 2026 अफ़गानिस्तान वन-ऑफ़ टेस्ट - 2026 अफ़गानिस्तान ODI सीरीज़ - 2026 आयरलैंड T20I सीरीज़ - 2026 ज़िम्बाब्वे T20I सीरीज़ - 2026 श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ - 2026 (आने वाली) इस बीच, जम्मू और कश्मीर के पेसर औकिब नबी को श्रीलंका के खिलाफ़ आने वाली 2-मैच की टेस्ट सीरीज़ के लिए बुमराह की जगह टीम में पहली बार शामिल किया गया है। 27 साल के इस पेसर का घरेलू सीज़न शानदार रहा है, उन्होंने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीज़न में 104 विकेट लिए हैं। श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया की टीम शुभमन गिल, केएल राहुल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी
दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को स्विट्जरलैंड में होने वाली लुसाने डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। कमर की चोट से वापसी कर रहे नीरज के लिए यह सीजन का तीसरा इवेंट होगा। नीरज के सामने इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट रुमेश पथिराजे, पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम होंगे। ग्लासगो में नीरज ने 85.83 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो फेंककर सिल्वर मेडल जीता था। चोट के बाद लौट रहे नीरज नीरज पिछले साल सितंबर के बाद पहली बार जून में दोहा डायमंड लीग में उतरे थे। वहां उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो कर चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर का थ्रो फेंककर सिल्वर जीता। मेडल जीतने के बाद नीरज ने कहा था कि उनकी वापसी सही दिशा में जा रही है और आने वाली प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन और बेहतर करने की कोशिश रहेगी। लुसाने में नीरज का बेस्ट थ्रो लुसाने नीरज के पसंदीदा मैदानों में से एक रहा है। उन्होंने 2022 में यहां 89.08 मीटर के थ्रो के साथ डायमंड लीग का खिताब जीता था। वहीं 2024 में 89.49 मीटर का थ्रो फेंककर दूसरे स्थान पर रहे थे। ऐसे में भारतीय स्टार एक बार फिर इसी ट्रैक पर पदक की उम्मीद लेकर उतरेंगे। पथिराजे सबसे बड़े दावेदार श्रीलंका के रुमेश पथिराजे फॉर्म में चल रहे जेवलिन थ्रोअर हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 89.75 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड जीता था। उनका व्यक्तिगत बेस्ट प्रदर्शन 92.62 मीटर है, जो उन्होंने इसी साल रोम के गोल्डन गाला में बनाया था। इस सीजन में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले वह इकलौते खिलाड़ी हैं। अरशद और रोहलर भी उतरेंगे लुसाने डायमंड लीग में नीरज और पथिराजे के अलावा पाकिस्तान के अरशद नदीम, त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशव वालकॉट, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और जर्मनी के थॉमस रोहलर भी उतरेंगे। इनके अलावा चेक रिपब्लिक के जैकब वाडलेच, जर्मनी के जूलियन वेबर, स्विट्जरलैंड के साइमन वीलैंड और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन भी फील्ड में होंगे। --------------------------जेवलिन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… अरशद नदीम के कोच बोले- पर्याप्त तैयारी नहीं हुईपाकिस्तानी स्पोर्ट्स फेडरेशन ने दूरी बना ली थी; कॉमनवेल्थ के जेवलिन में नौवें स्थान पर रहे पाकिस्तानी जेवलिन थ्रोअर अरशद नदीम के कोच ने कहा है कि हमारी तैयारी पर्याप्त नहीं थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गेम्स से पहले पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन (PAAF) ने उनकी तैयारी से दूरी बना ली थी। इसके चलते नदीम को अधिकांश तैयारी अपने स्तर पर करनी पड़ी। पढ़ें पूरी खबर..
पाकिस्तानी जेवलिन थ्रोअर अरशद नदीम के कोच ने कहा है कि हमारी तैयारी पर्याप्त नहीं थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गेम्स से पहले पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन (PAAF) ने उनकी तैयारी से दूरी बना ली थी। इसके चलते नदीम को अधिकांश तैयारी अपने स्तर पर करनी पड़ी। ओलिंपिक चैंपियन नदीम ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने करियर के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक से गुजरे। वह 80 मीटर का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके और नौवें स्थान पर रहे। श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने गोल्ड जीता। भारत के नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। कोचिंग विवाद के बाद कम हुआ समर्थन PTI के मुताबिक पिछले साल नदीम के कोचिंग सेटअप को लेकर मतभेद सामने आने के बाद फेडरेशन ने उनके कार्यक्रम को पूरा समर्थन नहीं दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि नदीम की ट्रेनिंग से जुड़े कई अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने विदेशी कोच और ट्रेनर उपलब्ध कराने के लिए भी फंड जारी नहीं किया। नदीम ने ओलिंपिक गोल्ड से पहले साउथ अफ्रीकी कोच टेर्सियस लीबेनबर्ग के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग की थी, लेकिन इस बार वह विदेश में तैयारी करने के बजाय लाहौर में अपने पुराने कोच सलमान बट और स्थानीय ट्रेनर्स के साथ अभ्यास करते रहे। भारत की तैयारी से हुई तुलना रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान की तैयारियों की तुलना भी की गई है। नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के बिएल में अपना अंतिम ट्रेनिंग ब्लॉक पूरा किया, जबकि यशवीर सिंह और रोहित यादव ने पोलैंड में विदेशी कोचों के साथ तैयारी की। इसका असर नतीजों में भी दिखा, जहां भारत ने दो पदक जीते, जबकि नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके। कोच ने माना- पूरी तरह तैयार नहीं थे अरशद नदीम के लंबे समय से कोच रहे सलमान बट ने भी माना कि ओलिंपिक चैंपियन अपने बेस्ट स्तर पर नहीं थे और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाए थे। पूर्व पाकिस्तान एथलेटिक्स फेडरेशन अध्यक्ष अकरम साही ने भी खराब तैयारी और लापरवाही को प्रदर्शन में गिरावट की वजह बताया। साही ने कहा, ओलिंपिक गोल्ड के बाद कुछ लोगों ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया और मुझसे दूर कर दिया। पिछले कई महीनों से तैयारी और ट्रेनिंग में कमी साफ दिखाई दे रही थी। पाकिस्तान के स्पोर्ट्स स्ट्रक्चर पर उठे सवाल नदीम के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के खेल ढांचे पर भी सवाल उठने लगे हैं। ओलिंपिक बॉक्सिंग ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हुसैन शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की खेल व्यवस्था की कमजोरियों को दिखाता है। उनका कहना है कि देश को ओलिंपिक गोल्ड दिलाने वाले खिलाड़ी को भी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए उचित तैयारी और संसाधन नहीं मिल सके। नदीम की विफलता के बाद पाकिस्तान में अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराने में खेल संस्थाएं नाकाम रही हैं।
इंटरनेट डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए अब समय पहले जैसा नहीं रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के भीतर गंभीर का वह वर्चस्व और अटूट समर्थन अब कम होने लगा है जो उन्हें एक साल पहले हासिल था। बोर्ड के कुछ अधिकारियों के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम के माहौल में भी गंभीर के प्रति नाराजगी के संकेत मिले हैं जिससे उनके कार्यकाल पर दबाव साफ नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई के कुछ आला अधिकारियों का मानना है कि टीम को मिली हार के बाद मुख्य कोच अक्सर खिलाड़ियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस या सपोर्ट स्टाफ पर ठीकरा फोड़ देते हैं जबकि मैनेजमेंट के फैसलों की जिम्मेदारी खुद लेने से बचते नजर आए हैं। कोच के इस रवैये को लेकर ड्रेसिंग रूम के भीतर भी मतभेद की खबरें सामने आई हैं। दावा किया गया है कि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों ने अनौपचारिक रूप से पूर्व दिग्गजों और बोर्ड सदस्यों के सामने गंभीर की कोचिंग शैली को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। बीसीसीआई ने शुरुआत में गंभीर को अपनी पसंद का सपोर्ट स्टाफ चुनने और फैसले लेने की पूरी छूट दी थी लेकिन बोर्ड के कई सदस्यों का मानना है कि वह इस अधिकार का सही इस्तेमाल नहीं कर पाए। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद भी गंभीर आलोचनाओं से बच गए थे लेकिन बदलाव के दौर को लेकर दिए बयान से उनकी काफी किरकिरी हुई। कार्यकाल की शुरुआत में बदलाव की बात को खारिज करने वाले गंभीर अब हार की वजह ट्रांजिशन को बता रहे हैं जिससे बोर्ड का उन पर से भरोसा डिगा है। ब्रिटेन के निराशाजनक दौरे और टेस्ट फॉर्मेट में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद अब आगामी श्रीलंका दौरा गौतम गंभीर के भविष्य का फैसला कर सकता है। pc- cricinfo.com
श्रीलंका सीरीज के लिए टीम इंडिया में इन 4 गेंदबाजों की एंट्री
श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ चार युवा स्पिनर नेट बॉलर के रूप में जुड़े हैं. इनमें विपराज निगम, शिवांग कुमार, हर्ष दुबे और तनुष कोटियन शामिल हैं. टीम प्रबंधन श्रीलंकाई स्पिन परिस्थितियों को देखते हुए बल्लेबाजों को बेहतर तैयारी कराना चाहता है. भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी.
अल्जीरिया ने कोच पेटकोविच से नाता तोड़ा, 29 महीनों तक संभाली टीम की जिम्मेदारी
अल्जीरियाई फुटबॉल फेडरेशन (एफएएफ) ने आपसी सहमति से नेशनल टीम के कोच व्लादिमीर पेटकोविक और उनके टेक्निकल स्टाफ से कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर लिया है।
धौलपुर की बेटी वान्या बोहरा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में चयनित
धौलपुर की प्रतिभाशाली खिलाड़ी वान्या बोहरा, श्री शैलेन्द्र सिंह बोहरा की पौत्री तथा नीरजा मोदी स्कूल, जयपुर की छात्रा, ने आइस स्केटिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। यह उपलब्धि न केवल धौलपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है।
वर्ल्ड कप खत्म होते ही बवाल, FIFA प्रमुख से ट्रंप नाराज़, ये है वजह
FIFA अध्यक्ष Gianni Infantino को बड़ा झटका तब लगा जब World Cup और दूसरे बड़े टूर्नामेंट के कमर्शियल राइट्स वाली नई इकाई में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की उनकी योजना भारी विरोध के बाद वापस रख दी गई, और इसके बाद Donald Trump से संपर्क की कोशिशों के बावजूद उन्हें खुला समर्थन नहीं मिला.
मेडल के बाद नया मिशन, 40 लड़कियों को तैयार कर रहीं मीराबाई चानू
ग्लासगो में गोल्ड जीतने के बाद मीराबाई चानू की आंखों से खुशी के आंसू निकले, क्योंकि पेरिस 2024 की निराशा, चोट के बाद वापसी, अलग वेट कैटेगरी में शरीर को फिर से ढालने की मेहनत और 2014 वाले शहर में लौटकर मिला यह पल एक साथ जुड़ गया.
बुमराह पहले फिट... फिर OUT! आखिर चंद दिनों में क्या बदल गया?
जसप्रीत बुमराह के श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं. चयनकर्ताओं को पहले मिले फिटनेस अपडेट और बाद में बदली तस्वीर ने चोट प्रबंधन और मेडिकल समन्वय को बहस के केंद्र में ला दिया है.
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में बने रहने के लिए इस सीरीज में जीत दर्ज करना बहुत ही अहम है। जिसके कारण ही बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट इस सीरीज की तैयारी में कोई कमी नहीं कर रही है। टीम इंडिया से जुड़े ये 2 स्टार खिलाड़ी! क्रिकबज की नई रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई और भारतीय टीम मैनेजमेंट ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली सीरीज की तैयारी के लिए बड़ा कदम उठाया है। मैनेजमेंट ने स्टार स्पिनर हर्ष दुबे और तनुष कोटियन को बतौर नेट बॉलर टीम के साथ जोड़ा है। ये दोनों श्रीलंका भी टीम इंडिया के लिए साथ जाने वाले हैं,जिससे श्रीलंका में भी टीम बहुत अच्छी तैयारी कर सके। श्रीलंका की पिचों में स्पिनरों को बहुत ही मदद मिलती है, जिसके कारण ही टीम मैनेजमेंट अपने सभी स्टार बल्लेबाजों को स्पिनरों के खिलाफ पूरी तरह से तैयार करना चाहती है। हाल के समय में स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन बहुत ही शर्मनाक रहा है। ऐसे में बीसीसीआई नहीं चाहती है कि भारतीय बल्लेबाज अपनी गलती दोबारा दोहराए। pc- cricinfo.com
SL vs IND: श्रीलंका दौरे पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल के नाम दर्ज हो सकती हैं ये बड़ी उपलब्धि
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है। ये सीरीज श्रीलंका में खेली जाएगी और यह आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। सीरीज के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल के पास एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवाने का मौका होगा। उनके पास वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में तीन हजार रन का आंकड़ा छूने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने का मौका है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-10 बल्लेबाजों में एक भी भारतीय शामिल नहीं हैं। गिल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं। वह इसके 40 टेस्ट मैचों की 73 पारियों में 2843 रन बना चुके हैं। ऐसे में गिल अगर श्रीलंका दौरे पर 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में 157 रन बनाने में सफल हो जाते हैं तो वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में 3000 रनों का आंकड़ा छूने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। इसके साथ ही गिल डब्ल्यूटीसी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-10 बल्लेबाजों के क्लब में भी शुमार हो जाएंगे। वह अभी इस लिस्ट में 13वे पायदान पर हैं। PC- JAGRAN
पाकिस्तानी खिलाड़ी ने ठोकी सेंचुरी, बाबर आजम भी कप्तान बनकर फॉर्म में आए
पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले के दूसरे दिन पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक ने जहां शतक लगा दिया है, वहीं कप्तान बाबर आजम भी अर्धशतक पूरा करने के बाद बल्लेबाजी कर रहे हैं।
बारामूला से टीम इंडिया... एक फैसले ने बदल दी आकिब की जिंदगी
भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाकर इतिहास रचने वाले आकिब नबी की सफलता के पीछे एक ऐसा फैसला था, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी. 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान उनके पिता उन्हें बीसीसीआई के तेज गेंदबाजी शिविर में भेजने के खिलाफ थे, लेकिन आखिरकार मान गए.

