Commonwealth Games ग्लास्गो में मुक्केबाजों और पैरा एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
ग्लास्गो, एक अगस्त मुक्केबाजों ने रिकॉर्डतोड़ सात स्वर्ण पदक जीते जबकि जूडो और ट्रैक और पैरा फील्ड खिलाड़ियों ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करके राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार का दिन भारत के लिये यादगार बना दिया।खेल के दसवें दिन भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य समेत 39 पदक लेकर तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया। आस्ट्रेलिया के 61 स्वर्ण पदक हैं जबकि इंग्लैंड दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर है। मुक्केबाजों ने किया रिंग में कमाल :मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीता।इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण समेत सात पदक जीते थे। जूडो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन :जूडो खिलाड़ी उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा से कम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का इस स्पर्धा में ऐतिहासिक अभियान जारी रखा। यह जूडो में भारत का रिकॉर्ड चौथा पदक है।उन्नति ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए अपने पैर से दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोएस्टर स्काई का संतुलन बिगाड़ा और फिर उन्हें पीठ के बल पटककर इप्पोन हासिल कर मुकाबला महज एक मिनट सात सेकेंड में खत्म कर कांस्य पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे बड़ा स्कोर होता है और इसके साथ ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है।भारत के इस ऐतिहासिक अभियान की अगुआई हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) ने की। दोनों अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो प्रतियोगिता में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने।यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के रिकॉर्ड पदक अभियान में अपना योगदान दिया।भारत के पास रविवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन इस रिकॉर्ड पदक संख्या में और इजाफा करने का मौका होगा। ईशरूप नारंग (महिला 78 किग्रा), अवतार सिंह (पुरुष 100 किग्रा) और यश घंघास (पुरुष 100 किग्रा से अधिक) अभी भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं। पैरा एथलीटों का यादगार प्रदर्शन , गुलवीर ने भी बनाया रिकॉर्डभारतीय पैरा गोला फेंक एथलीट सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीता जबकि त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ऐतिहासिक कांस्य जीता।पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया।भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया।वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है।गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया और एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले वह भारत के पहले खिलाड़ी बन गए।मौजूदा एशियाई चैम्पियन गुलवीर ने 28 जुलाई को 10000 मीटर में रजत पदक जीता था।वह 13 मिनट 24 . 95 सेकंड का समय निकालकर 5000 मीटर में तीसरे स्थान पर रहे।पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे।महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं।वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
Commonwealth Games में नरेंदर को रजत, भारत ने जीते रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदक
ग्लास्गो, एक अगस्त नरेंदर ने पुरूषों की 90 प्लस किलो स्पर्धा में रजत पदक जीता और भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में शनिवार को अपने अभियान का समापन रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदकों के साथ किया। नरेंदर को पुरूषों के 90 प्लस किलो में इंग्लैंड के डामार थॉमस ने 5 . 0 से हराया। भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण और तीन रजत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। राष्ट्रमंडल खेलों में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की। सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का छठा स्वर्ण पदक रहा। सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की। हालांकि ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में आस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4 . 1 से मिली हार से रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इससे पहले भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी , अरूंधति चौधरी और प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5 . 0 से हराया। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया। महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया। बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
गुलवीर सिंह ने CWG में लगाया ‘ऐतिहासिक डबल’ का तड़का, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय
गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया और एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले वह भारत के पहले खिलाड़ी बन गए।
Commonwealth Games में भारतीय मुक्केबाजों का कमाल, जीते रिकॉर्ड स्वर्ण पदक
(अपराजिता उपाध्याय) ग्लास्गो, एक अगस्त भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए पांच स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने खिताब अपने नाम किये जिसके दम पर भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में शनिवार को अपने अभियान का समापन अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ किया। मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीता। इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण समेत सात पदक जीते थे। ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों के बीच एसएसी एरेना में भारतीय मुक्केबाजों को घर जैसा समर्थन मिला। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की। सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का छठा स्वर्ण पदक रहा। सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की। हालांकि ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में आस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4 . 1 से मिली हार से रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5 . 0 से हराया। नरेंदर को पुरूषों के 90 प्लस किलो में इंग्लैंड के डामार थॉमस ने 5 . 0 से हराया। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया। महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया। बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
CWG 2026: मुक्केबाजों ने की 'गोल्ड' की बरसात, एक दिन में जीते 16 मेडल; भारत ने टॉप-4 में बनाई जगह
कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन भारत ने 8 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 बॉन्ज समेत कुल 16 मेडल जीते। इसी के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 39 हो गई है। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल टैली में चौथे पायदान पर पहुंच गया है।
गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने जूडो में कनाडा की खिलाड़ी को मात दी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अस्मिता डे ने कहा- पापा साइकिल मैकेनिक थे, उसी से घर चलता था। मैंने जीवन में पापा को बहुत संघर्ष करते देखा है। एक समय सप्लीमेंट के लिए पैसे नहीं होते थे। पापा ने दूसरों से उधार पैसे मांगकर मुझे आगे बढ़ाया। अब आगे मुझे मम्मी के लिए यूपी में घर बनाना है। पापा तो नहीं रहे, लेकिन ये उन्हीं का सपना है, जिसे मैं पूरा करूंगी। अभी हम किराए पर रहते हैं। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: क्या आपने सोचा था कि गोल्ड मिलेगा?जवाब: जब मैं कॉमनवेल्थ के लिए रवाना हुई। तब मैंने सोचा था कि हां बिल्कुल गोल्ड जीतूंगी। मैंने सोचा था कि गोल्ड लेकर ही जाना है। अगर नहीं सोचती, तो मुझे गोल्ड नहीं मिलता। गाजियाबाद में मेरी 28 जुलाई, 2023 को कॉन्स्टेबल के पद पर जॉइनिंग हुई थी। पुलिस लाइन में पोस्टिंग मिली। नेशनल में गोल्ड जीतने के बाद आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया। 23 मार्च, 2026 को दरोगा बनी। सवाल: गोल्ड मेडल जीतने का श्रेय किसे देना चाहती हैं?जवाब: गोल्ड मेडल का श्रेय मैं अपने मम्मी-पापा और सीनियर को देना चाहती हूं। यूपी पुलिस ने मेरी बहुत हेल्प की है। अगर सीएम योगी मुझे नौकरी नहीं देते, तो मेरे लिए यह आसान नहीं था। सीएम का बहुत-बहुत धन्यवाद। यूपी में मुझे जॉब मिली और फिर प्रमोशन दिया गया। सोचा नहीं था कि इतना जल्दी प्रमोशन मिलेगा। सोचा था कि गोल्ड जीतेंगे, तब जाकर प्रमोशन मिलेगा। तब ही डीएसपी या तहसीलदार वगैरह बनेंगे। अब भगवान जो भी दे देंगे, वही मुझे मंजूर है। सवाल: जीवन में कौन-सा दौर सबसे संघर्ष वाला रहा?जवाब: अक्टूबर- 2023 में जब मेरे घुटने में चोट लगी, उसके 2 महीने बाद पापा की मौत हो गई। पापा और मम्मी ने मुझे बहुत आगे बढ़ाया। पापा हमेशा सपोर्ट करते थे। मैं कई बार हार जाती थी। उसके बाद भी वह सपोर्ट करते थे कि हार गई तो कोई बात नहीं, जीत भी होगी। हारने पर भी पापा ने कभी निराश नहीं होने दिया, उनका सपोर्ट ही मुझे यहां तक लाया। मम्मी-पापा ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। मम्मी को स्पोर्ट्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अभी परिवार में मम्मी, मैं, एक भाई और बड़ी बहन हैं। बहन की शादी हो चुकी है। सवाल: बचपन में किस तरह से तैयारियां कीं, शुरुआत कैसे हुई?जवाब: जब मैं छोटी थी, तब हम त्रिपुरा में अपने गांव में रहते थे। मेरे पापा ही मुझे स्कूल छोड़ने जाते थे। मैं बचपन में दौड़ की तैयारी करती थी। जिला स्तर पर भी बहुत मेडल लाए। उसके बाद पापा भी हौसला बढ़ाते गए कि और मेहनत करो, आगे बढ़ो। लेकिन, बाद में मैंने जूडो चुना। मैंने स्टेट में जीत हासिल की तो परिवार में खुशी आई। सवाल: वेट कंट्रोल के लिए क्या भूखे रहना पड़ा?जवाब: मुझे बहुत भूखा रहना पड़ा। मीठा भी छोड़ना पड़ा। जब दिल्ली में थी, तब कोच ने कहा कि अब गोल्ड आने के बाद ही मीठा खाना। महज 2 चम्मच चावल खाने पड़ते थे। गेम्स के 10 दिन पहले खाना छोड़ना पड़ा। पानी भी बहुत कम पीना पड़ता था। वेट कंट्रोल करने के लिए बहुत कुछ छोड़ना पड़ा। वर्कआउट अधिक करना पड़ा। क्योंकि रैंडम वेट-इन (वजन जांच) में तय वजन 50 किलो से कम होना चाहिए। मेरा वजन 50 किला 300 ग्राम था। काफी वर्कआउट के बाद वजन कम किया। सवाल: स्पोर्ट्स के लिए संघर्ष कैसा रहा?जवाब: दिसंबर- 2025 में ब्रेन स्ट्रोक से पापा का निधन हो गया। कभी सोचा नहीं था, पापा की ऐसे डेथ हो जाएगी। पिता के जाने के बाद मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। लेकिन, 2 महीने बाद एशियन गेम्स के ट्रायल्स हुए, जिसमें मैं नेशनल स्तर पर पहले स्थान पर रही। अस्मिता को काशी की मिठाई बहुत पसंद है अस्मिता डे का बनारस से भी लगाव है। खाली समय में वह बनारस में अपने दोस्त और जूडो खिलाड़ी विजय यादव के साथ सिगरा स्टेडियम में अभ्यास करती हैं। विजय चोलापुर के सुलेमापुर गांव के रहने वाले हैं। इस समय लखनऊ में बीकेडी तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। विजय ने बताया- अस्मिता 15 दिन बाद बनारस आएंगी। अस्मिता को बनारस की मिठाई बहुत पसंद है। वह यहां जब आती हैं, तो मिठाई रोज खाती हैं। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी की महिला दरोगा कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतकर रो पड़ीं, कहा-जहां से आती हूं, वहां इतना बड़ा सपना देखना आसान नहीं गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे ने शुक्रवार को कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने जूडो में कनाडा की खिलाड़ी को मात दी। गोल्ड जीतने के बाद वह भावुक हो गईं। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। पढ़ें पूरी खबर…
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी आज रात 1:30 बजे से शुरु होगी। इसमें सिंगर शंकर महादेवन परफॉर्म करेंगे। इसी दौरान 2030 गेम्स के मेजबान भारत को बैटन (मशाल) पास किया जाएगा। गेम्स में पहली बार सभी 74 देशों को बैटन दिया जाएगा। इससे पहले सिर्फ मेजबान देश को बैटन पास किया जाता था। स्टोरी में गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी के बारे में… सेरेमनी की थीम है ‘कनेक्शन’ सेरेमनी ग्लासगो की ‘ओवो हाइड्रो एरिना’ में शुरु होगी। शो का मेन थीम है कनेक्शन। यानी 74 कॉमनवेल्थ देशों को जोड़ना और एथलीट्स को, ग्लासगो के लोगों को थैंक्यू कहना। स्कॉटलैंड की रॉक बैंड ‘सिम्पल माइंड्स’, लोकल आर्टिस्ट कैमी बर्न्स, बेम्ज और सैंडी थोम स्कॉटलैंड को ट्रिब्यूट देंगे। फोक-इलेक्ट्रॉनिक बैंड ‘एलिफेंट सेसंस’ परफॉर्म करेगें। पहली बार सभी 74 देश को बैटन मिलेगा किंग्स बैटन रिले पहली बार 1958 कार्डिफ गेम्स में शुरू हुई थी। बैटन करीब 470 मिलीमीटर लंबा और हर साइड 70 मिलीमीटर चौड़ा होता है। इसमें किंग चार्ल्स III का मैसेज रखा जाता है। ग्लासगो में पहली बार सभी 74 देश और क्षेत्र को अपना अलग कस्टमाइज्ड बैटन मिलेगा। इसे सभी देश अपनी संस्कृति के हिसाब से डिजाइन कर सकते हैं। गुजरात को ट्रिब्यूट देंगे कलाकार भारत के लिए 20 मिनट का स्पेशल ‘हैंडओवर सेगमेंट’ होगा। इसमें शंकर महादेवन अपने बेटे सिद्धार्थ और शिवम महादेवन के साथ परफॉर्म करेंगे। उनके साथ गुजराती सिंगर भूमि त्रिवेदी और फॉर्मर मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर भी नजर आएंगी। परफॉर्मेंस में खासतौर पर गुजरात को ट्रिब्यूट दिया जाएगा, जहां 2030 गेम्स खेले जाने हैं। 2030 में गेम्स के 100 साल पूरे होंगे 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरा करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। 2010 का गेम्स भारत के दिल्ली में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार गेम्स की मेजबानी की है। कनाडा और स्कॉटलैंड में 4 बार टूर्नामेंट खेला गया। इंडिया 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स होस्ट कर चुका इंडिया इससे पहले भी कई बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट होस्ट कर चुका है। 1951 और 1982 में एशियन गेम्स दिल्ली में खेला गया था। 2003 में एफ्रो-एशियन गेम्स हैदराबाद में हुआ। फिर 2010 में दिल्ली में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। मेजबानी में भारत ने 101 मेडल जीते थे 2010 एडिशन में भारत ने 101 मेडल जीते थे। इनमें 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 26 ब्रॉन्ज शामिल थे। यह अब तक भारत का बेस्ट परफॉर्मेंस है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत जूडो तथा ट्रैक साइक्लिंग में अपनी चुनौती पेश करेगा। ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग में रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम और लिशा दास सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे। जूडो में ईशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास मुकाबले खेलेंगे। भारत अब तक 00 गोल्ड,00 सिल्वर और 00 ब्रॉन्ज सहित 00 मेडल जीत चुका है और मेडल टैली में चौथे स्थान पर हैं। प्वाइंट्स रेस में भी भारतीय दावेदारी दिन की शुरुआत ट्रैक साइक्लिंग की पुरुष 40 किमी प्वाइंट्स रेस से होगी। दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पहले राउंड में उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर दोनों खिलाड़ी रात 9:09 बजे होने वाले फाइनल में हिस्सा लेंगे। जूडो में तीन भारतीयों की चुनौती महिला 78 किग्रा वर्ग में ईशरूप नारंग का मुकाबला स्कॉटलैंड की निकोल वुड से होगा। वहीं पुरुष 100 किग्रा वर्ग में अवतार सिंह साइप्रस के एरिस्टोस माइकल से भिड़ेंगे। पुरुष +100 किग्रा वर्ग में यश घंघास अपना अभियान शुरू करेंगे। यदि भारतीय खिलाड़ी शुरुआती मुकाबले जीतते हैं तो वे क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। जूडो के सेमीफाइनल मुकाबले शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। रोनाल्डो सिंह से मेडल की उम्मीद ट्रैक साइक्लिंग में भारत के स्टार साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुष 1000 मीटर टाइम ट्रायल फाइनल में उतरेंगे। यह सीधा मेडल इवेंट होगा। लिशा दास भी मेडल रेस में पैरा साइक्लिंग में लिशा दास महिला C4-C5 1000 मीटर टाइम ट्रायल फाइनल में हिस्सा लेंगी। यह भी सीधा मेडल इवेंट है।
ग्लासगो में भारत का ऐतिहासिक दिन: गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, सोमन राणा ने जीता स्वर्ण; कौन-कौन बना पदक विजेता?
लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने शनिवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) पुरुषों की 5,000 मीटर दौड़ के फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया
सीडब्ल्यूजी 2026: अंकुश ने जीता गोल्ड, नरेंद्र को सिल्वर, बॉक्सिंग में भारत का दिखा दमखम
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार रात बॉक्सिंग के अंतिम दो मुकाबलों में भारत ने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किया। अंकुश पंघाल (पुरुष 80 किग्रा वर्ग) ने 'गोल्डन पंच' लगाया, जबकि नरेंद्र (पुरुष 90+ किग्रा) को सिल्वर के साथ संतोष करना पड़ा।
Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए ऐतिहासिक दिन, बॉक्सिंग रिंग में इंडियन बॉक्सर्स का दिखा कमाल
सचिन सिवाच बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बने। इसके बाद अंकुश पांघल ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
सीडब्ल्यूजी 2026: सचिन सिवाच ने पुरुषों की 60 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड जीता
ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने शनिवार को फाइनल में नामीबिया के ट्राईअगेन मोर्नी न्डेवेलो को 3-2 के करीबी स्प्लिट डिसीजन से हराकर पुरुषों की 60 किग्रा बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीता।
Commonwealth Games 2022: ग्लास्गो में जैसमीन और प्रीति समेत चार मुक्केबाजों ने जीते स्वर्ण
ग्लास्गो, एक अगस्त भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया। महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया। बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
अरुंधति का गोल्डन पंच : कॉमनवेल्थ में चमकी भारत की बेटी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर अरुंधति चौधरी (महिला 70 किलोग्राम वर्ग) ने गोल्ड और लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किलोग्राम वर्ग) ने सिल्वर मेडल अपने नाम कि
इन शानदार सफलताओं के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में भारत की कुल पदकों की संख्या 35 (11 गोल्ड, 16 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज) हो गई है और भारतीय टीम तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है।
CWG 2026: Arundhati ने Gold जीता, Lovlina को Silver से करना पड़ा संतोष
अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के सर्वसम्मत फ़ैसले से हराकर महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। अरुंधति ने पूरे मुक़ाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी और संयमित व आक्रामक बॉक्सिंग करते हुए तीनों राउंड जीते। चार जजों ने उन्हें 30-27 और पांचवें जज ने 29-28 अंक दिए, जिससे उनका दबदबा साफ़ दिखा और भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग का एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की लवलीना बोरगोहेन की कोशिश निराशाजनक रूप से खत्म हुई। महिलाओं के 75kg फ़ाइनल में भारतीय स्टार को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 4-1 के 'स्प्लिट-डिसीजन' में हार का सामना करना पड़ा। पहला राउंड हारने के बाद, लवलीना ने वापसी की और दूसरे राउंड के बाद मुकाबला बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक राउंड में वह अपनी लय में नहीं दिखीं। पांच में से चार जजों ने ग्रीनट्री के पक्ष में फ़ैसला सुनाया, जिससे ओलंपिक मेडलिस्ट को चौंकाने वाली हार मिली और उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। इससे पहले प्रिया ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह को 4-1 के स्प्लिट फ़ैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। पहले राउंड में पिछड़ने के बाद, भारतीय बॉक्सर ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड में बढ़त बनाई और फिर फ़ाइनल राउंड में भी संयम के साथ खेलते हुए कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की और भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और गोल्ड मेडल जीता। साक्षी चौधरी के बाद, उनकी कज़िन प्रिया घांघस भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल लेकर आईं। इस खेल में अब भारत के नाम चार गोल्ड मेडल हो गए हैं।
सीडब्ल्यूजी 2026: अरुंधति चौधरी का 'गोल्डन पंच', लवलीना के नाम सिल्वर
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर अरुंधति चौधरी (महिला 70 किलोग्राम वर्ग) ने गोल्ड और लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किलोग्राम वर्ग) ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 11 तक पहुंच गई है। कुल 35 मेडल के साथ भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
बॉक्सिंग में भारत का दबदबा, अरुंधति चौधरी ने जीता गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए अरुंधति चौधरी ने देश को एक और मेडल दिलाने में कामयाबी हासिल की है. अरुंधति चौधरी ने फाइनल में अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देने का काम किया है.
सैफ चैंपियनशिप 2026: पाकिस्तान और मालदीव के साथ 'ग्रुप-बी' में डिफेंडिंग चैंपियन भारत
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। सैफ चैंपियनशिप 2026 में मौजूदा चैंपियन भारत को 'ग्रुप-बी' में पाकिस्तान और मालदीव के साथ रखा गया है। इस क्षेत्रीय टूर्नामेंट के 15वें संस्करण के लिए ड्रॉ शनिवार को थिम्पू, भूटान में निकाला गया।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स के सौवें संस्करण की मेजबानी करने की अहमदाबाद की तैयारी रविवार को आधिकारिक रूप से शुरू होगी। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा। इसके लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मौजूद हैं।
प्रिया ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह को 4-1 के स्प्लिट फ़ैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। पहले राउंड में पिछड़ने के बाद, भारतीय बॉक्सर ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड में बढ़त बनाई और फिर फ़ाइनल राउंड में भी संयम के साथ खेलते हुए कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की और भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और गोल्ड मेडल जीता। साक्षी चौधरी के बाद, उनकी कज़िन प्रिया घांघस भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल लेकर आईं। इस खेल में अब भारत के नाम चार गोल्ड मेडल हो गए हैं। यह मुकाबला आसान नहीं था और आखिर में फैसला 'स्प्लिट डिसीजन' से हुआ। तीसरे राउंड में प्रिया ने आक्रामक शुरुआत की; दोनों ही खिलाड़ी एक-दूसरे पर मुक्के बरसा रही थीं क्योंकि उन्हें पता था कि यही राउंड निर्णायक है। पहला राउंड हारने के बाद प्रिया ने ज़्यादा सोच-समझकर खेलना शुरू किया और तीसरे राउंड में यह साफ़ तौर पर दिखाई दिया। उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काइ नोएस्टर को इप्पोन से हराकर ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 63 किलो जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार और साक्षी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की।
सीडब्ल्यूजी 2026: प्रिया और प्रीति ने भी लगाए 'गोल्डन पंच', बॉक्सिंग में भारत का चौथा स्वर्ण
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारत के लिए बॉक्सिंग में 'स्वर्णिम दिन' रहा है। रात साढ़े 9 बजे तक भारत ने इस खेल में 4 गोल्ड मेडल हासिल कर लिए हैं। प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया के बाद साक्षी यादव और प्रिया घणघस ने भी अपनी-अपनी फाइनल बाउट जीतकर गोल्ड हासिल कर लिए हैं।
कोयंबटूर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। शनिवार को कोयंबटूर के कोयंबटूर हॉकी ग्राउंड में 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 के पांचवें दिन उत्तराखंड और चंडीगढ़ ने डिवीजन 'बी' में जीत हासिल की, जबकि उत्तर प्रदेश हॉकी, हॉकी पंजाब और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने डिवीजन 'ए' मुकाबलों में जीत हासिल की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दीपा करमाकर ने जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे की तारीफ की
अगरतला, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ओलंपियन दीपा करमाकर ने ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार को जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे को बधाई दी है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में अबतक 33 मेडल, बॉक्सिंग में साक्षी और प्रिया का 'गोल्डन पंच'
साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है. इससे पहले आज ही के दिन दो और महिला बॉक्सरों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाने का काम किया है.
ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को आज के दिन का पांचवां और बॉक्सिंग का दिन का चौथा गोल्ड मेडल मिला है। साक्षी के बाद अब प्रिया ने भी भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है। प्रीति, जैस्मिन ने दोपहर में ही सोने का पदक अपने नाम किया कर लिया था। पैरा एथलैटिक्स में सोमन ने स्वर्ण पदक जीता।
भूटान की राजधानी थिम्पू में सैफ (SAFF) चैंपियनशिप 2026 का ड्रा निकाला गया। मौजूदा और 9 बार की चैंपियन भारतीय टीम को ग्रुप-बी में पाकिस्तान और मालदीव के साथ रखा गया है। वहीं, मेजबान बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान ग्रुप-ए में हैं।
मैंने बहुत मेहनत की और उस मेहनत का फल मिला है: जैस्मीन लेम्बोरिया
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जैस्मीन लेम्बोरिया ने शनिवार को नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खिताबी जीत के बाद जैस्मिन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत की थी, जिसका फल मिला है।
जदुमणि के परिणाम से परिवार निराश, एशियन गेम्स में लगाई स्वर्ण की उम्मीद
इम्फाल, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय मुक्केबाज मंदेंगबाम जदुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किग्रा में रजत पदक जीता। जदुमणि का कहना है कि वे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतेंगे।
Glasgow से CWG 2030 की मेजबानी का बिगुल बजेगा, अहमदाबाद को मिलेगा औपचारिक न्योता!
अहमदाबाद में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होंगे, क्योंकि यह खेल आयोजन अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में पहली बार आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स, 2030 में अहमदाबाद में इनके आयोजन के साथ ही 100 साल पूरे कर लेंगे। गुजरात CMO की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुजरात सरकार और अहमदाबाद शहर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेज़बानी के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Duleep Trophy के लिए Rajat Patidar को मिली कमान, Rinku Singh बने Central Zone के उपकप्तान गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हो रहे हैं। समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ, अहमदाबाद का 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेज़बान शहर के तौर पर आधिकारिक रूप से स्वागत किया जाएगा। इस समारोह के तहत, रविवार को ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन समारोह के दौरान 'होस्ट बैटन' और कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा औपचारिक रूप से अहमदाबाद को सौंपा जाएगा। यह प्रतीकात्मक हस्तांतरण 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेज़बान के तौर पर अहमदाबाद की यात्रा की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स का खास प्रतीक 'किंग्स बैटन रिले' एक पुरानी परंपरा है, जो एकता का जश्न मनाती है और कॉमनवेल्थ देशों के अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी रिश्ते को मज़बूत करती है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, किंग्स बैटन रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों का दौरा करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर देश और इलाके को अपनी खुद की बैटन मिलेगी, जिसे वे अपनी अनोखी संस्कृति, विरासत और क्रिएटिविटी के हिसाब से कस्टमाइज़ और सजा सकेंगे। हर बैटन में महामहिम किंग चार्ल्स तृतीय के संदेश का एक हिस्सा होता है, जो रिले में पहला संदेश रखते हैं। इसके बाद बैटन को ऐसे प्रेरणादायक लोग ले जाते हैं जिनका योगदान समाज पर सकारात्मक असर डाल रहा है। किंग्स बैटन रिले की शुरुआत सबसे पहले कार्डिफ़ में 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई थी। बैटन की ऊंचाई लगभग 470 mm है और इसकी हर साइड की चौड़ाई लगभग 70 mm है। ग्लासगो क्लोजिंग सेरेमनी में हैंडओवर का हिस्सा तीन एक्ट में पेश किया जाएगा। ओपनिंग एक्ट 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह को समर्पित होगा। For more Sports News in Hindi Today please click here.
चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन (UTCA) की पुरुष टीम के हेड कोच राजीव नय्यर के साथ मोहाली के सेक्टर 97 के पास मारपीट हुई है।उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की। 58 साल के कोच ने अपनी शिकायत में बताया कि शुक्रवार शाम को पांच अज्ञात लोगों ने उनकी कार रुकवाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावर एक सफेद रंग की एसयूवी में सवार थे, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। फिलहाल, नय्यर अक्टूबर में शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी सीजन के लिए चंडीगढ़ यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की टीम को तैयार कर रहे हैं। मैच से लौटते समय हुआ हमला नय्यर की शिकायत के अनुसार वे लॉन्चिंग पैड एकेडमी में अपनी टीम के लिए एक क्रिकेट मैच आयोजित करने गए थे। शाम करीब 5 बजे जब मैच खत्म हुआ और वह अपनी कार से वापस जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट की। नय्यर ने इस हमले को बिना किसी उकसावे के की गई कार्रवाई बताया है। उन्होंने किसी पर भी शक जाहिर नहीं किया है और न ही हमलावरों की पहचान की है। पुलिस ने गाड़ी का पता लगाया सोहाना पुलिस स्टेशन में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा करने (रायटिंग) का मामला दर्ज किया गया है। एसएचओ सिमरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी का पता लगा लिया है और मामले की जांच जारी है। पहले भी विवादों में रहे हैं कोच राजीव नय्यर पर पिछले साल नवंबर में मध्य प्रदेश के कोच संदीप अरोड़ा पर थप्पड़ मारने और अपमानित करने का आरोप लगाया था।नय्यर अपनी टीम को लेकर बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट के दौरान इंदौर दौरे पर गए थे। उस शिकायत के बाद नय्यर को छुट्टी पर भेज दिया गया था और उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
सेंट्रल जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले सीजन टीम को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार को एक बार फिर कप्तानी सौंपी गई है। टीम में भारतीय खिलाड़ी रिंकू सिंह, हर्ष दुबे और यश ठाकुर भी शामिल हैं। रिंकू को उपकप्तान बनाया गया है। डिफेंडिंग चैंपियन होने के कारण सेंट्रल जोन को पहले राउंड में बाय मिला है। टीम 30 अगस्त से शुरू होने वाले सेमीफाइनल में सीधे उतरेगी, जहां उसका सामना ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। टूर्नामेंट 23 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू होगा, जबकि फाइनल 6 सितंबर से खेला जाएगा। श्रीलंका टेस्ट टीम में शामिल सारांश जैन को भी जगह मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को भी टीम में शामिल किया गया है। उन्हें हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है। उनके साथ हर्ष दुबे और उत्तर प्रदेश के लेग स्पिनर जीशान अंसारी भी टीम में हैं। जीशान ने हाल ही में भारत-ए के श्रीलंका दौरे पर पांच साल बाद रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी की थी। अमन को रणजी में शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला विदर्भ के ओपनर अमन मोखाडे को बेहतरीन 2025-26 रणजी सीजन का पुरस्कार मिला है। उन्होंने 11 पारियों में 760 रन 76 की औसत से बनाए थे और इसी प्रदर्शन के दम पर भारत-ए टीम में भी जगह बनाई थी। छत्तीसगढ़ के ओपनर आयुष पांडे को भी टीम में शामिल किया गया है, जिन्होंने श्रीलंका दौरे पर भारत-ए के लिए डेब्यू किया था। सेंट्रल जोन की बैटिंग मजबूत मध्यक्रम में रजत पाटीदार के साथ विदर्भ के यश राठौड़ अहम भूमिका निभाएंगे। तेज गेंदबाजी विभाग में यश ठाकुर के अलावा नचिकेत भूटे और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान शामिल हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी आर्यन जुयाल संभाल सकते हैं, जबकि कुणाल सिंह राठौड़ बैकअप विकेटकीपर होंगे। सेंट्रल जोन की टीम रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सारांश जैन, अमन मोखाडे, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अर्शद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भूटे। ----------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर…
दलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन के स्क्वॉड का हुआ ऐलान, रिंकू सिंह को मिली उपकप्तानी
सेंट्रल जोन ने दलीप ट्रॉफी के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है। डिफेंडिंग चैंपियन टीम ने एक बार फिर रजत पाटीदार पर भरोसा जताया है और उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है।
सीडब्ल्यूजी: 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के साथ 'पैरा स्पोर्ट्स' में भारत का शानदार अभियान समाप्त
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के साथ भारत का 'पैरा इवेंट्स' में अभियान समाप्त हुआ, जिसमें देश ने कुल 7 मेडल जीते। इनमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने पर प्रीति और जैस्मीन को दी बधाई
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय दल ने ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारत की महिला मुक्केबाजों प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन दोनों महिला मुक्केबाजों को बधाई दी है।
CWG में भारत का सुपर शनिवार! 3 घंटे में जीते सात मेडल
आज यानी शनिवार को बॉक्सिंग में भारतीय बॉक्सरों का दबदबा देखने को मिला. महज 15 मिनट के अंदर दो भारतीय महिला बॉक्सर ने बैक टू बैक गोल्ड जीतकर भारत को मेडल टैली में ऊपर लाने का काम किया.
गोल्फ: रॉकेट क्लासिक में शुरुआती ट्रिपल बोगी के बाद भाटिया कट से बाहर
डेट्रॉइट, 1 अगस्त (आईएएनएस)। पीजीए टूर पर रॉकेट क्लासिक में दूसरे राउंड की शुरुआत में ट्रिपल बोगी लगने से अक्षय भाटिया को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसके साथ वह कट से बाहर हो गए। भाटिया ने पहले राउंड में 68 का स्कोर किया था, लेकिन दूसरे राउंड में 1-ओवर 71 का स्कोर किया। 36 होल्स के बाद उनका स्कोर 1-अंडर रहा, जो कट लाइन (दो राउंड के लिए 3-अंडर) से कम था।
भारतीय पैरा गोला फेंक एथलीट सोमन राणा ने शनिवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता जबकि त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।इस तरह भारत के लिए एथलेटिक्स में शनिवार का दिन शानदार रहा। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही शुभम जुयाल ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ 13.28 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दिन की शुरुआत पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में चित्रावेल के शानदार प्रदर्शन से हुई। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक जीता और ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया। वहीं सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की कूद से कांस्य पदक हासिल किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका पहला बड़ा पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। प्रियंका गोस्वामी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय 45 मिनट 53.93 सेकेंड दर्ज किया लेकिन वह चौथें स्थान पर रहीं। वहीं इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं दूसरी भारतीय खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
पिता करते थे मजबूरी अब बेटे प्रवीण चित्रवेल ने जीता रजत, सेल्वा प्रभु थिरुमारन को मिला कांस्य पदक
भारत के त्रिकूद खिलाड़ियों प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने शनिवार को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
सोमन ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, जुयाल को मिला सिल्वर
पुरुषों के F57 शॉट पुट इवेंट में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडलों पर कब्जा कर लिया है. पूर्व सैनिक सोमन राणा ने अपने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल हासिल करने में सफल रहे.
भारतीय पैरा एथलीट सोमन राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष शॉट पुट F57 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। बॉक्सिंग में जादूमणि सिंह को भी रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारत की नजरें 10 बॉक्सिंग गोल्ड पर, वीडियो में जाने लवलीना बोरगोहेन भी लगाएंगी दांव
नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार के दिन की शुरुआत भारत के लिए बेहतरीन रही है। भारतीय एथलीटों ने देश की झोली में स्वर्ण और रजत पदक डाले हैं। प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने मुक्केबाजी में स्वर्ण जीता है, तो जदुमणि सिंह ने मुक्केबाजी में रजत पदक जीता है। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एथलीटों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने शॉट पुट के पदक विजेताओं को भी बधाई दी है।
वैभव की उपकप्तानी पर जाफर ने उठाए सवाल, बताया कौन था सही दावेदार
दिलीप ट्रॉफी 2026-27 में वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने पर वसीम जाफर ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 'बेबी बॉस' का रेड-बॉल रिकॉर्ड अभी प्रभावशाली नहीं है और अभिमन्यु ईश्वरन बेहतर विकल्प थे.
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा: फिल फोडेन
नई दिल्ली, इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पैरा एथलेटिक्स में दोहरी सफलता मिली है। भारत के सोमन राणा ने स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, वीडियो में जाने एक दिन में 6 मेडल जीते, नीरज चोपड़ा का सिल्वर; जूडो में रचा इतिहास
सीडब्ल्यूजी 2026: गोल्ड चूके बॉक्सर जादुमणी सिंह, मेंस 55 किग्रा वर्ग में भारत के नाम सिल्वर
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बॉक्सर जादुमणी सिंह को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा है, उन्हें शनिवार को एसईसी हॉल-5 में खेले गए मेंस 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
जादूमणि सिंह ने Commonwealth Games में जीता Silver Medal, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार
22 साल के जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम ने शनिवार (1 अगस्त) को अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। मणिपुर के इरोइसेम्बा के रहने वाले इस बॉक्सर ने चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। पुरुषों के 55kg कैटेगरी के फ़ाइनल में उनका मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ, लेकिन उन्हें दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Games 2026: India का Sports में जलवा! Boxing में 2 Gold, Triple Jump में 2 Medals भारत के नाम मणिपुर में जन्मे जादुमणि 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय बॉक्सर हैं। उनसे पहले, प्रीति पवार ने महिलाओं के 54kg कैटेगरी में गोल्ड जीता, जबकि जैस्मिन लैंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराकर महिलाओं के 57kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। शनिवार शाम को चल रहे गेम्स में सात और भारतीय बॉक्सर्स के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लांबोरिया और प्रीति पवार ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के क्रमश: 57 किग्रा और 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसे भी पढ़ें: Taipei Open: तन्वी शर्मा का आक्रामक खेल, मात्र 33 मिनट में दर्ज की जीत, अब Thuy Linh Nguyen से होगी खिताबी भिड़ंत इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद रोमांचक और कड़ा रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले के आधार पर अपने नाम किया। उन्होंने हालांकि दूसरे राउंड में कई प्रभावशाली पंच लगाते हुए शानदार वापसी कर सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की। इससे पहले प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में दमदार शुरुआत की और पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता। पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का फैसला दिया। बैंटमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। For more Sports News in Hindi Today please click here.
नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान में हिमस्खलन यानी एवलांच की चपेट में आने के बाद मौत हो गई। उनके निधन की पुष्टि उनकी ही पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेडिशन ने की है। निर्मल पुर्जा 30 जुलाई को काराकोरम इलाके में 8,051 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक की चोटी पर चढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा समेत 10 पर्वतारोही लापता हो गए थे। इनमें छह नेपाली पर्वतारोही भी शामिल थे। मैप से समझिए हादसे की लोकेशन… 6 महीने में 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कीं तीसरी बार ब्रॉड पीक की चढ़ाई में जान गई निर्मल पुर्जा ने पहली बार ब्रॉड पीक को 2019 में प्रोजेक्ट पॉसिबल के दौरान फतह किया था। दूसरी बार इस चोटी को उन्होंने जुलाई 2022 में फतह किया। तब उन्होंने बिना सप्लीमेंट ऑक्सीजन के चढ़ाई की थी। ब्रिटिश स्पेशल फोर्स जॉइन करने वाले पहले नेपाली निर्मल पुर्जा का जन्म 25 जुलाई 1983 को नेपाल के म्याग्दी जिले के दाना गांव में हुआ था। उनके परिवार का सेना से गहरा नाता रहा है। कई पीढ़ियों से परिवार के लोग गोरखा रेजिमेंट में सेवा करते रहे। उनके पिता और तीन बड़े भाई भी गोरखा सैनिक थे। ऐसे माहौल में पले-बढ़े निर्मल ने भी बचपन से ही सैनिक बनने का सपना देखा। बाद में उन्होंने इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और ब्रिटिश सेना की गोरखा रेजिमेंट में भर्ती हो गए। करीब छह साल तक गोरखा सैनिक के रूप में सेवा देने के बाद उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह ब्रिटिश रॉयल नेवी की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में शामिल होने वाले पहले नेपाली बने। SBS ब्रिटेन की नौसेना की सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित स्पेशल फोर्स है। इसके सैनिक समुद्र, पहाड़, जंगल और दुश्मन के इलाके में सीक्रेट ऑपरेशन चलाने के लिए ट्रेंड होते हैं। इसमें चयन इतना मुश्किल है कि बहुत कम सैनिक इसे पूरा कर पाते हैं। सपने को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ दी सेना में रहते हुए निर्मल पुर्जा ने अत्यधिक ठंडे और मुश्किल इलाकों में कई स्पेशल ऑपरेशन में हिस्सा लिया। इसी दौरान उनके मन में दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने का ख्याल आया साल 2012 में निर्मल पुर्जा पहली बार एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पर गए थे। उस समय वह सेना में थे तभी उनके मन में एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने का ख्याल आया। इसके लिए उन्होंने ट्रेनिंग शुरू की। करीब दो साल की मेहनत के बाद 2014 में उन्होंने पहली बार माउंट एवरेस्ट फतह किया। इसके बाद उन्होंने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी चोटियों पर चढ़ने का लक्ष्य बना लिया। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 2018 में अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह पर्वतारोहण पर फोकस किया। इसमें सबसे बड़ी चुनौती पैसों की थी। खर्च जुटाने के लिए उन्होंने अपना घर तक बेच दिया, ताकि दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने का सपना पूरा कर सकें। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री से दुनिया भर में मिली पहचान 2019 में छह महीने और छह दिन में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह करने के बाद निर्मल पुर्जा की कहानी पूरी दुनिया तक पहुंची। उनके इस रिकॉर्ड अभियान पर नेटफ्लिक्स ने '14 पीक्स: नथिंग इज इम्पॉसिबल' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई। इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि कैसे निर्मल पुर्जा और उनकी नेपाली टीम ने बेहद कम समय में दुनिया की सबसे कठिन चोटियों को फतह किया। इसमें उनके सामने आई खराब मौसम की चुनौतियां, मौत का खतरा, ऑक्सीजन की कमी और कई जानलेवा हालात भी दिखाए गए हैं। डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने के बाद इसे 191 देशों में देखा गया। इसके जरिए नेपाली पर्वतारोहियों के योगदान पर पूरी दुनिया का ध्यान गया। इससे पहले पर्वतारोहण की बड़ी उपलब्धियों में अक्सर विदेशी पर्वतारोहियों की चर्चा होती थी, जबकि नेपाली शेरपाओं और पर्वतारोहियों की भूमिका उतनी सामने नहीं आ पाती थी। इसके बाद 2020 में निर्मल पुर्जा ने 'बियॉन्ड पॉसिबल' नाम से अपनी आत्मकथा भी प्रकाशित की। इस किताब में उन्होंने अपने बचपन, सैन्य जीवन, पर्वतारोहण की शुरुआत, 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' और विश्व रिकॉर्ड बनाने तक के पूरे सफर को विस्तार से बताया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 'मेंस जैवलिन थ्रो' के बाद 'मेंस ट्रिपल जंप' में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
टीम इंडिया को श्रीलंका दौरे से पहले झटका या राहत?
श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम के प्रैक्टिस मैच की अवधि 4 से घटाकर 3 दिन कर दी गई है. वहीं चोट से उबर रहे साई सुदर्शन ने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है, जिससे पहले टेस्ट से पहले उनकी वापसी की उम्मीद बढ़ गई है. ये सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप WTC 2025-27 का हिस्सा है, इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला अहम रहेगा.
मलेशिया में भारतीय गोल्फरों का जलवा, सीरत-गुंतास ने दिलाया तीसरा स्थान
भारतीय महिला गोल्फरों ने मलेशियन लेडीज एमेच्योर ओपन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया. सीरत कंग और गुंतास कौर संधू ने संयुक्त रूप से छठा स्थान हासिल किया. इन दोनों की बदौलत भारत ने टीम स्पर्धा में तीसरा स्थान अपने नाम किया.
श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम का शेड्यूल बदला, अब 3 दिन का होगा वॉर्म-अप मुकाबला
भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही श्रीलंका दौरे पर जाने वाली है, जहां वह 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज से पहले एक वॉर्म-अप मैच भी खेला जाएगा। अब उस वॉर्म अप मैच के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया गया है।
ग्लासगो, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 'मेंस जैवलिन थ्रो' के बाद 'मेंस ट्रिपल जंप' में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
CWG 2026: बॉक्सिंग रिंग में भारत का जलवा जैस्मीन और प्रीति ने जीते गोल्ड, जाने अपब कितनी हुई स्वर्ण पदकों की संख्या
बॉक्सिंग के बाद ट्रिपल जंप में भी चमके भारतीय खिलाड़ी
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को बड़ी सफलता मिली है. पुरुषों की ट्रिपल जंप में भारत ने दो और मेडल जीत लिए हैं. प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु ने कमाल का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींच लिया.
CWG 2026: भारत की बेटियों का बॉक्सिंग में कमाल, प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने जीता गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारतीय मुक्केबाजी के लिए बेहद खास रहा, जहां प्रीति पवार और जैस्मिन लैंबोरिया ने गोल्ड मेडल पर निशाना साधा।
प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को शानदार तरीके से हराकर महिलाओं की 54 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। पूरे मुकाबले के दौरान शांत, संयमित और हावी रहने वाली प्रीति ने चैंपियनशिप जिताने वाला प्रदर्शन करते हुए CWG 2026 में भारत को एक और शानदार गोल्ड मेडल दिलाया। वहीं, जैस्मिन ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Taipei Open: तन्वी शर्मा का आक्रामक खेल, मात्र 33 मिनट में दर्ज की जीत, अब Thuy Linh Nguyen से होगी खिताबी भिड़ंत दिन में पहले प्रीति पवार की जीत के बाद, जैस्मिन ने शानदार और संयमित प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया और इस तरह भारत ने महिला बॉक्सिंग में 'गोल्डन डबल' पूरा किया। भारत ने पुरुषों की ट्रिपल जंप में यादगार डबल पोडियम फ़िनिश हासिल की; प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की बेहतरीन छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 16.52 मीटर के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। चित्रवेल ने 16.05 मीटर से लगातार सुधार करते हुए चौथे राउंड में मेडल दिलाने वाली छलांग लगाई और कुछ समय के लिए प्रतियोगिता में बढ़त भी बनाई। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Games: भारत के 10 बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगे, इतिहास रचने को तैयार! वहीं, थिरुमारन ने 15.87 मीटर से 16.17 मीटर और फिर 16.43 मीटर तक का सफ़र तय किया और पांचवें राउंड में 16.52 मीटर की शानदार कोशिश के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया। हालांकि, महिलाओं की 10,000 मीटर रेस में भारत मेडल जीतने से चूक गया, क्योंकि प्रियंका 45:53.93 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा; जेमिमा मोंटाग ने 42:13.40 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि एलिज़ाबेथ मैकमिलन (42:39.87) और रेबेका हेंडरसन (43:27.46) उनके बाद रहीं। रेस के दौरान कई बार चेतावनी मिलने के बाद भारत की रवीना को डिसक्वालिफ़ाई कर दिया गया। For more Sports News in Hindi Today please click here
CWG 2026: सिर्फ 30 मिनट में 2 गोल्ड, रिंग में प्रीति के बाद जैस्मिन ने दिखाया दमखम
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय महिला मुक्केबाजों ने महज 30 मिनट में 2 गोल्ड जीते। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने गोल्डन पंच लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।
ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आज 10वें दिन भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिए। पहले प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर महिला 54 किग्रा वर्ग का खिताब अपने नाम किया उसके बाद जैस्मिन ने कमाल किया।
सीडब्ल्यूजी 2026: सिर्फ 30 मिनट में 2 गोल्ड, रिंग में प्रीति के बाद जैस्मिन ने दिखाया दमखम
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय महिला मुक्केबाजों ने महज 30 मिनट में 2 गोल्ड जीते। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने 'गोल्डन पंच' लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।
भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार ने 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो के खिलाफ शानदार जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह इस कॉमनवेल्थ में भारत का छठा गोल्ड मेडल जीता था।
प्रीति के बाद जैस्मिन लेंबोरिया ने गोल्ड पर जमाया कब्जा
जैस्मिन ने एक बार फिर अपना जलवा बिखेरते हुए देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की है. ग्लासगो शहर में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैस्मिन लंबोरिया ने देश को मेडल दिलाने का काम किया है.
लद्दाख में खेल नीति 2026 पेश, खिलाड़ियों के लिए 1 करोड़ रुपये के इंसेंटिव की घोषणा
लेह, 1 अगस्त (आईएएनएस)। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. के. सक्सेना ने शनिवार को लद्दाख खले नीति 2026 को मंजूरी दी। खेल नीति के तहत एथलीटों को मासिक स्कॉलरशिप, एक बार के नकद पुरस्कार और लगातार वित्तीय मदद देने का वादा किया गया है। खेल नीति 2026 की घोषणा को इस केंद्र शासित प्रदेश को एक खेल ताकत के रूप में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन! प्रीति पवार ने फाइनल जीतकर दिलाया छठा गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन! प्रीति पवार ने फाइनल जीतकर दिलाया छठा गोल्ड मेडल
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की प्रीति पवार ने महिला 54 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। जूडो और एथलेटिक्स में भी भारत को कई पदकों की उम्मीद।
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा, मैं अब उनके लिए योगदान देना चाहता हूं: फिल फोडेन
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड के इस मिडफील्डर के लिए नए मैनेजर एन्जो मारेस्का का आना बहुत अच्छा मौका है। पिछले दो सीजन उनके लिए मुश्किल रहे थे, लेकिन अब वह फिर से शुरुआत करना चाहेंगे।
Commonwealth Games 2026 में 10वें दिन प्रीती पवार ने जीता गोल्ड, कनाडा के बॉक्सर को दी मात
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक 23 मेडल जीत चुका है। 1 अगस्त के मैच शेड्यूल को देखें तो आज बॉक्सिंग में भारतीय बॉक्सर्स को कई गोल्ड मेडल मिलने की उम्मीद है।
भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का मानना है कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 में जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीतने के बाद भी वह अभी अपने सबसे अच्छे फॉर्म में लौटने से कुछ दूर हैं। उन्होंने यह बयान रजत पदक जीतने के बाद दिया है। पूरा पढ़िए क्या कहा है।
CWG का भावुक पल! ब्रॉन्ज जीतते ही 100 साल के दादा के गले लगी ये एथलीट
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्कॉटलैंड की मेगन कीथ ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतने के बाद अपने 100 वर्षीय दादा को गले लगाकर भावुक कर दिया. यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया के शेड्यूल में बदलाव, सुदर्शन पर भी अपडेट
शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम 4 अगस्त को कोलंबो के लिए रवाना होगी. तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच के बाद भारतीय टीम गॉल जाएगी, जहां टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा. दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाना है.
Commonwealth Games 2026 Live: भारत के मेडल इवेंट हुए शुरू, एथलीट लगाएंगे पदकों की झड़ी
Commonwealth Games 2026 Live: भारतीय एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन आज पदकों की झड़ी लगा सकते हैं। शनिवार को भारतीय बॉक्सर 10 गोल्ड मेडल के लिए रिंग में होंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यामिनी से लेकर अस्मिता, इन भारतीय प्लेयर्स ने जीते हैं अब तक मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय प्लेयर्स से जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी, उसमें वह काफी खरा उतरे हैं, जिसमें अधिकतर इवेंट में मेडल जीतने में कामयाबी मिली है। वहीं जूडो में भी पहली बार भारत मेडल जीतने में सफल रहा।
विंडीज के लिए खेलता हूं, सैमी के लिए नहीं... इस गेंदबाज ने कोच को घेरा
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने पाकिस्तान टेस्ट सीरीज से बाहर रहने को लेकर कोच डैरेन सैमी के बयान पर तीखा पलटवार किया है. जोसेफ ने कहा कि उनका फैसला फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट से जुड़ा था, लेकिन इसे गलत तरीके से पेश किया गया है.
वर्ल्ड कप से पहले इस क्रिकेटर का बड़़ा फैसला, टीम की कप्तानी छोड़ी
वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश जैसी टीमों को हराकर सुर्खियां बटोरने वाले डच कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कप्तानी छोड़ दी है. करीब तीन साल तक टीम का नेतृत्व करने वाले स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा कि अब वह बिना दबाव के बतौर प्लेयर टीम के लिए ज्यादा योगदान देना चाहते हैं.
ताइपे ओपन: तन्वी शर्मा ने कटाया फाइनल का टिकट, सेमीफाइनल में हुआंग यू-हसुन को हराया
तन्वी शर्मा ने ताइपे बैडमिंटन ओपन 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने एकतरफा गेम में जीत हासिल की और बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 टूर्नामेंट में भारत के खिताब जीतने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।
छह मेडल एक दिन में जीतकर भी पीछे रहा भारत
नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए।
इंग्लैंड के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने के काफी करीब पहुंच गए हैं, जिसमें वह वेस्टइंडीज के कायरन पोलार्ड को पीछे छोड़ेंगे।
Commonwealth Games: भारत के 10 बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगे, इतिहास रचने को तैयार!
शनिवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के शेड्यूल में बॉक्सिंग का दबदबा रहेगा, जिसमें टोक्यो ओलंपियन लवलीना बोरगोहेन समेत रिकॉर्ड 10 एथलीट अपने-अपने फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। सभी 10 मुक्केबाजों ने अपने सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले जीतकर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है और अब वे गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान रहा है। इसे भी पढ़ें: Neeraj Chopra ने Commonwealth Games भालाफेंक में रजत पदक जीता, यशवीर को कांस्य Olympics.com के अनुसार, लवलीना बोरगोहेन (महिला 75kg), साक्षी चौधरी (महिला 51kg), प्रीति पवार (महिला 54kg), जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57kg), प्रिया घांघस (महिला 60kg), अरुंधति चौधरी (महिला 70kg), जादुमनी सिंह मंडेन्गबाम (पुरुष 55kg), सचिन सिवाच (पुरुष 60kg), अंकुश पांघल (पुरुष 80kg) और नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90kg) SEC सेंटर में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला करेंगे। एथलेटिक्स में, गुलवीर सिंह पुरुषों की 5000 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। वे ग्लासगो 2026 में 10,000 मीटर इवेंट में जीते गए सिल्वर मेडल के बाद एक और मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ट्रिपल जंपर प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन भी मुकाबले में उतरेंगे। उन्हें उम्मीद है कि वे 2022 बर्मिंघम गेम्स में एल्डहॉस पॉल और अब्दुल्ला अबूबकर की तरह भारत के लिए 1-2 फ़िनिश (पहला और दूसरा स्थान हासिल करने) का यादगार कारनामा दोहरा पाएंगे। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा और कुलदीप कुमार पुरुषों के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि भारत की मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम भी पोडियम पर जगह बनाने के लिए मुकाबला करेगी। ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी रेस वॉक इवेंट में हिस्सा लेंगी और बर्मिंघम 2022 में जीते अपने सिल्वर मेडल से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। इसे भी पढ़ें: Commonwealth Boxing: जादूमणि, अरुंधति और जैस्मीन समेत 6 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे जूडो में, भारत ऐतिहासिक शुरुआती दिन के बाद अपनी शानदार शुरुआत को जारी रखने की कोशिश करेगा। शनिवार को उन्नति शर्मा (महिलाओं का 63 किग्रा), करनजीत सिंह मान (पुरुषों का 90 किग्रा), हर्ष टोकस (पुरुषों का 81 किग्रा) और इनुंगनबी तखेलंबम (महिलाओं का 70 किग्रा) मुकाबला करेंगे। यह सब शुक्रवार को अस्मिता डे और हर्ष सिंह द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जूडो में पहला गोल्ड मेडल जीतने के बाद हो रहा है। बोल्स में, नवनीत सिंह और दिनेश कुमार पुरुषों के पेयर्स मैच में इंग्लैंड का सामना करेंगे, जिसमें जीतने वाली टीम सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी। दिन के इवेंट्स के दौरान पैरा एथलेटिक्स और ट्रैक साइक्लिंग में भी भारत के पास मेडल जीतने के मौके होंगे। For more Sports News in Hindi Today please click here.
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन ऐतिहासिक रहा। जूडो और डेकाथलॉन के खेल में भारत ने पहली बार मेडल जीता। वहीं, जैवलिन थ्रो में देश को दोहरी खुशी मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह ने मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
Asmita ने पिता का सपना किया पूरा, CWG में लहराया तिरंगा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अस्मिता डे ने भारत के लिए जूडो का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. सात महीने पहले पिता को खोने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थीं, लेकिन हार नहीं मानी. कठिन परिस्थितियों से उबरकर उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और यह ऐतिहासिक जीत अपने दिवंगत पिता, कोच और परिवार को समर्पित कर दी.
हरियाणा के मुक्केबाजों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई
नई दिल्ली, कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन जारी है।
भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी: सीडब्ल्यूजी 2026
ग्लासगो, ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन के साथ-साथ साक्षी और प्रिया ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और सिल्वर मेडल पक्के हो गए।
मेडल जीतने की बहुत खुशी: यशवीर सिंह
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया।
CWG 2026: एक दिन में छह मेडल जीतकर भी 10वें स्थान पर भारत, ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत बरकरार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 9वां दिन यादगार रहा। जूडो में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार दो गोल्ड समेत तीन मेडल अपने नाम किए। वहीं, जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। वहीं, डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता।
पाकिस्तानी कप्तान से गले मिली टीम इंडिया की स्टार, हैंडशेक भी किया
खेले गए द हंड्रेड विमेंस टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने मैच खत्म होने के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर खेल भावना की खूबसूरत मिसाल पेश की. दोनों खिलाड़ियों का यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

