कुंडली / प्रभासाक्षी
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संब
ग्रहों के राजकुमार बुध जल्द ही वक्री होने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में बुध की राशि परिवर्तन करने के साथ ही उनका मार्गी और वक्री होना भी काफी महत्वप
पितृ पक्ष के दौरान पितरों के नाम से तर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों के नाम से तर्पण करने से पितरों की शांति प्राप्त होती है। इस
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और चिंता लगभग हर व्यक्ति के जीवन में शामिल हो गया है। पारिवारिक जिम्मेदारियां, भविष्य की चिंता, काम का दबाव
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संब
हिंदू धर्म में जितिया या जीवित्पुत्रिका का विशेष महत्व माना जाता है। इस खास दिन पर माताएं अपने बच्चों की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य व भविष्य की का
परलोक विज्ञान से जुड़े दो अहम तथ्यों पर विचार किया जा सकता है। पहला यह कि मरणासन्न अवस्था में या मृत्यु के बाद आत्मा अपने निकट के लोगों से संपर्क स्था
पितृ पक्ष चल रहा है और यह समय पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए काफी शुभ मानी जाती है। पितृ पक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है।
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संब
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संब
घर में गलत दिशा में कमरे, सामान, फर्नीचर आदि वास्तु दोष की वजह बनते हैं। ऐसे में गृह क्लेश, मानसिक अशांति, फिजूलखर्ची और कार्यों में बाधाएं आने लगती ह
सनातन धर्म में पितृ पक्ष का बेहद महत्वपूर्ण और अत्यंत पवित्र माना जाता है। आज यानी 26 सितंबर 2026 से भाद्रपद पूर्णिमा से पितृपक्ष की शुरुआत हो गई है औ
आज यानी 26 सितंबर 2026 भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष का आरंभ हो चुका है और यह आश्विन कृष्ण अमावस्या तिथि पर इसका समापन होगा। धार्मिक ग्रंथों में

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