आध्यात्मिक / दैनिक जागरण
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक
माना जाता है कि देवी लक्ष्मी और भगवान शुक्र को समर्पित शुक्रवार के आसान उपाय, अगर श्रद्धा से किए जाएं तो प्यार, खूबसूरती, खुशहाली और इमोशनल तालमेल लात
दशहरे पर असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव मनाया जाता है। रामायण कथा के अनुसार, लंकापति रावण महाज्ञानी और नीतिशास्त्र का प्रकांड विद्वान था, इसलिए उसके व
रावण को जलाने के बाद, बहुत से लोग उसकी लकड़ी और राख को अपने घर ले आते हैं। आखिर इस परंपरा के पीछे क्या कारण हैं? तो चलिए इस सवाल का जवाब ढूंढते हैं और
शारदीय नवरात्र 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की नौवीं माला देवी सिद्धिदात्री को समर्पित है; जानें आज का शुभ रंग, प्रसाद, पूजा का महत्व औ
मां दुर्गा का तीसरा रूप चंद्रघंटा का है। चंद्रघंटा अर्थात् जिनके मस्तक पर चंद्र के आकार का तिलक है। दस हाथों के साथ मां अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र हैं। इनक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। इसलिए, कई भक्त आज सफेद क
इस बार रविवार होने के कारण मां का वाहन हाथी रहेगा। धार्मिक मान्यता में हाथी को स्थायित्व, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस बार का नवरात
5 से 11 अक्टूबर 2026 का सप्ताह पितृपक्ष का अंतिम सप्ताह है, जिसमें कई शुभ योगों के निर्माण से मेष, मिथुन, कन्या, तुला और मकर समेत 6 राशियों को पितरों
हिंदू परंपरा में कौओं को पितरों का दूत माना जाता है। लोग अपने पितरों को याद करते हैं और पितृ पक्ष और दूसरे शुभ मौकों पर कौओं को खाना खिलाते हैं। लेकिन
शनि देव हमेशा हमें हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। अगर शनिवार को आपके साथ बुरा होता रहता है, तो आपको शनि देव की पूजा करनी चाहिए।

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