मिसलेनियस / दैनिक जागरण
इस बार रविवार होने के कारण मां का वाहन हाथी रहेगा। धार्मिक मान्यता में हाथी को स्थायित्व, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस बार का नवरात
5 से 11 अक्टूबर 2026 का सप्ताह पितृपक्ष का अंतिम सप्ताह है, जिसमें कई शुभ योगों के निर्माण से मेष, मिथुन, कन्या, तुला और मकर समेत 6 राशियों को पितरों
हिंदू परंपरा में कौओं को पितरों का दूत माना जाता है। लोग अपने पितरों को याद करते हैं और पितृ पक्ष और दूसरे शुभ मौकों पर कौओं को खाना खिलाते हैं। लेकिन
शनि देव हमेशा हमें हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। अगर शनिवार को आपके साथ बुरा होता रहता है, तो आपको शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
कहते हैं कि बुधवार को कुछ खास शुभ काम करने से आपके घर में बरकत आएगी। अपनी बुद्धि तेज करने, दूसरे रुके हुए काम निपटाने और भगवान गणेश को खुश करने के लिए
मिथिलांचल में बेहद पवित्र और कठिन माना जाने वाला 'हरिवासल व्रत' 12 सालों के लंबे अंतराल के बाद सितंबर 2026 में आ रहा है। मधुबनी के विद्वानों के अनुसार
राधारानी की पालकी शोभायात्रा सुबह नौ बजे मंदिर से निकलेगी। वहीं, इस्कॉन की ओर से महावीर भवन, कंपू में शाम 5:30 बजे राधा रानी महामहोत्सव का आयोजन होगा।
परिवर्तिनी एकादशी भाद्रपद शुक्ल पक्ष में आती है और यह भगवान विष्णु के सोने से जुड़ी है। जानें कि 2026 में यह व्रत कब रखा जाएगा, पूजा का शुभ समय और पार
राधा अष्टमी की तारीख हर साल बदलती है क्योंकि हिंदू त्योहार किसी तय तारीख के बजाय चंद्र कैलेंडर को फॉलो करते हैं।
14 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी से पहले ऑनलाइन गणपति प्रतिमा खरीदने का चलन बढ़ रहा है। जानिए क्या ऑनलाइन मूर्ति मंगाना शास्त्रसम्मत है,

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