राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
स्वतंत्रता दिवस के बारे में क्या मैं बताऊं कैसे कह दूं कि, आजाद भारत में मैं रहता हूं, स्वतंत्रता दिवस को, किस खुशी में मैं मनाऊं देखकर देश की हालत, च
विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त 2026) पर विशेषः विश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन है जिसने मानव स
राजस्थान में अशोक गहलोत के विश्वस्त डांगी, संसद में सोनिया, राहुल और खड़गे के भी नजदीक -विशेष संवाददाता नई दिल्ली। कांग्रेस ने अपनी संसदीय रणनीति को म
भारत आज विकसित राष्ट्र बनने, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ का स्वप्न साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है
मनोहर चावला बच्चों को सम्मान देकर सरकार छोटी नहीं हुई और छात्रों ने भी कोई तीर नहीं मारा । क्योंकि नीट परीक्षा सरकार दुबारा करवा चुकी थी और परिणाम भी
*स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत* की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारत सरकार ने देश को *स्वच्छ भारत* का नारा दिया था तथा नीचे के स्तर से नहीं ,बल्कि सरकार में उच्च
विकसित भारत का स्वप्न केवल आधुनिक इमारतों, तेज अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचनाओं से पूरा नहीं होगा। किसी
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक चुनावी प्रक्रिया की कहानी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, मानवाध
देहरादून बनेगा संवाद, समरसता और विश्व बंधुत्व का केंद्र देहरादून 1 अगस्त, 2026 समाज में बढ़ती वैचारिक चुनौतियों, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता तथा
रामायणकालकाइतिहासकेवलअयोध्याऔरलंकाकेबीचकानहींथा,बल्किउसमेंकईअन्यसंस्कृतियाँऔरवंशभीशामिलथे।लंकापतिरावणजहाँअपनीशक्तिसेपूरेआर्यावर्तपरप्रभावजमारहाथा,वहीं
अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस, 30 जुलाई 2026 पर विशेषः आज का विश्व अभूतपूर्व वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उत्कर्ष का स
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन महर्षि वेद व्यास के जन्म और गुरु के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए समर्पित है। अंधकार से प
क्या ऐसी कार्रवाई हर दोषी पर होगी, चाहे वह गरीब हो या अमीर? अजमेर में गैंगरेप एवं मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों से जुड़े आरोपियों के विरुद्ध प्रशासन द
गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 पर विशेषः भारतीय संस्कृति का प्राण यदि किसी एक तत्व में समाहित है, तो वह है-गुरु। गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं,
थायरॉयड नोड्यूल बनाम गर्दन की गांठ: कब हो जाना चाहिए सतर्क? गर्दन में कोई छोटी-सी गांठ या हल्की सूजन दिखाई देने पर अधिकांश लोग इसे गंभीरता से नहीं लेत
दिल्ली में जंतर-मंतर पर काकरोच पार्टी का धरना प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने समझदारी भरा फैसला लिया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र
निसंदेह कारगिल संघर्ष दुनियांभर के पहाड़ी इलाकों में अत्याधिक ऊंचाई पर लड़ी गई लड़ाईयों में से एक लड़ाई है। कारगिल संघर्ष परमाणु बम शक्ति सम्प्पन भारत प
मैं जब सर्विस में था तब की बात है। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी। कांग्रेस का शासन था और भैरों सिंह शेखावत विपक्ष के नेता थे। भैरों सिंह जी ने
भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि धर्म की आत्मा को पुनः प्रतिष्ठित किया। वे परम्परा
सैनिक कवि – गणपत लाल उदय सेवारत – केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (भारत सरकार) अजमेर, राजस्थान भारतीय समाज में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही होते हैं, जो एक साथ रा
कुछ व्यक्तित्व समय के साथ समाप्त नहीं होते, वे समय का ही हिस्सा बन जाते हैं। उनका जीवन एक तिथि में सिमट सकता है, पर उनकी उपस्थिति नहीं। वे अपनी रचनाओं
सुनो साधो! मैंने कहा— “कहो कबीर!” कबीर बोले— “जल्दी कहो। मुझे अपनी सुनाने जंतर-मंतर जाना है।” मैं चौंका— “अपनी सुनाने? तुम तो लोगों की सुनते थे।” कबीर
जल केवल प्रकृति का उपहार नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व का आधार है। पृथ्वी पर जीवन की कल्पना जल के बिना असंभव है, फिर भी विडंबना यह है कि जिस जल
अंतर्राष्ट्रीय स्व-देखभाल दिवस (24 जुलाई) पर विशेष मानव सभ्यता के विकास के इस दौर में जितनी तीव्र गति से विज्ञान, तकनीक और भौतिक संसाधनों का विस्तार ह
देश में आंदोलन है। आंदोलन में छात्र हैं। छात्र एग्जाम देते हैं। एग्जाम में पेपर लीक हो जाते हैं। सो, गुस्सा वाजिब है। सवाल नीट का एग्जाम देने वाले 22
देकर अपनी जवानी के बहुमूल्य वो सारे पल खरीदीं है हमने थोड़ी सी सरकार की पेंशन, वृद्ध अवस्था में अपने चाहे साथ दे या ना दे हमें भूखें रखते नहीं कभी, हम
भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं ने मानव जीवन को केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं माना, बल्कि उसे आत्मबोध, चरित्र-निर्माण और चेतना के उत्कर्ष की यात्रा
जंतर मंतर पर युवाओं का अहिंसक आक्रोश, आदेशों की अनुपालना में लाठियों का प्रहार, सत्ता का ढहता मद, प्रधान चेहरों की सघन सलवटें, संसद का शोर और सड़क का
शहर में आई बिना उपयोगी सीमेंट कंक्रीट व लोहे से हुए निर्माण की बाढ़,सुविधाओं के नाम पर पहले के मुकाबले दुगनी हुई असुविधा मुझे याद है जब अमेरिका के राष
भारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार का संगम हो तो आकाश भी सीमा नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रारंभ बन जाता है।
*निजी रूप से मेरा सोनम वांगचुंग, किसान आंदोलन या अन्य किसी आंदोलन/राजनीति से सीधा वास्ता नहीं है, सिवाय इसके कि मैं एक भारतीय नागरिक हूँ और नागरिक हित
चार माह तक एक ही स्थान पर रहकर जनजागरण करेंगे जैन साधु-साध्वी 20 जुलाई 2026 / जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई से
कु. सरोजिनी श्रेष्ठ ने सलुवा को गौरवान्वित किया मैंने अभी कुछ दिन पहले ही सलुवा से संबंधित एक लेख में लिखा था कि मुझे अथवा हमें सलुवा पर गर्व है कहना
हाल ही में अमेरिका की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी “फोर्ड” नेAIको अपनाकर अपने कुछ कर्मचारियों को हटा दिया था। लेकिन शीघ्र ही उसेAIकी सीमाओं के चलते होने
भारत की पहचान केवल उसकी प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक दर्शन से नहीं है, बल्कि उन मंदिरों से भी है जो करोड़ों लोगों की आस्था, विश्वास
जगन्नाथ महायात्रा- 16 जुलाई, 2026 आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से प्रारम्भ होकर दस दिनों तक चलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं
राजस्थानी संस्कृति के अमर साधक के. सी. मालू कुछ व्यक्तित्व केवल अपने जीवनकाल तक सीमित नहीं रहते, वे अपने समय की सांस्कृतिक चेतना बन जाते हैं। उनके जान
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्
तुम्हारी खाली थाली में किसी का चुनावी वादा पलता है, तुम्हारी टूटी छत के नीचे किसी का भाषण सजता है। हर बरस नए सपनों का मौसम आता है, नारे बदल जाते हैं,
दिल से तुम्हारी याद, निकलती नहीं कभी खुशबू तुम्हारे प्यार की, घटती नहीं कभी आकर तेरी गली से, तो बरसों गुजर गए यादों की छाँव, पलकों से, ढलती नहीं कभी ख
विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई 2026) पर विशेषः प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम है- ‘‘युवाओं की उम्मीदों और आक
भारत आज केवल विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति ही नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री
भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन चुका है। आधुन
ड्रग्स सेवकों ध्यान देना इन बातों पर यह ड्रग्स असल में होता क्या है, यह ड्रग्स चन्द समय की खुशियां स्वर्ग जैसी आनन्द की अनुभूतियां होती है। यह लुभाकर
समाज की सबसे बड़ी शक्ति यदि कोई है, तो वह उसकी आस्था है। धन, सत्ता, ज्ञान और संसाधन समय के साथ बदल सकते हैं, परंतुजिस समाज की आस्था जीवित रहती है, वह
डिजिटल क्रांति ने भारत को अभूतपूर्व गति, सुविधा और पारदर्शिता प्रदान की है। आज मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाए
जिस दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को आधुनिक भारत के तेज, सुरक्षित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया, उसकी सड़क उद
125वीं जयंती (6 जुलाई 2026) पर विशेषः भारत का इतिहास केवल उन व्यक्तियों को याद नहीं रखता जिन्होंने सत्ता संभाली, बल्कि उन महापुरुषों को भी स्मरण करता
सभ्यताएँ केवल अपने आविष्कारों से महान नहीं बनतीं,अपितु वे अपनी प्राथमिकताओं से इतिहास में याद रखी जाती हैं। हमारी सभ्यता ने अंतरिक्ष तक पहुँचने की क्ष
अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस (3 जुलाई 2026) पर विशेषः पृथ्वी आज जिस सबसे बड़े पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, उसमें जलवायु परिवर्तन, जैव-विवि

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