राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
बाबूलाल नागा मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं,बल्कि भारतीय समाज की सामूहिक चेतना,कृषि संस्कृति और सामाजिक समता का प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य के उत्तरा
महामारी के बाद की दुनिया केवल स्वास्थ्य के स्तर पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सोच और व्यवहार में भी एक बड़े संक्रमण से गुज़री है। वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं की
नज़रें तो आसमान पर रखते हो, ये क्या, एक ठोकर से डरते हो। जीने का हुनर ही है अस्ल तालीम, मरने से पहले ही क्यों मरते हो। हम समंदर पीने का हुनर रखते हैं,
स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष लेख *उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो – स्वामी विवेकानंद* स्वामी विवेकानंद के विचार जीवन में सफलता
(स्वामी विवेकानन्द जयंती-12 जनवरी 2026 : राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष काव्य-रचना) कलकत्ताकीधरतीसेउठा, नरेन्द्रएकज्वालाबनकरजगा। तर्ककीआँखोंमेंप्रश्नलिए
12जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती -बाबूलाल नागा भारत जैसे युवा देश के लिए12जनवरी केवल एक तिथि नहीं है। यह वह दिन है जब देश अपने सबसे प्रेरक विचारक,महान स
वैश्विक चुनौतियों, भू-राजनीतिक तनावों, युद्धों, महामारी के पश्चात् बनी अस्थिरताओं, ऊर्जा संकट, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और महँगाई के दबावों के बीच
विश्व हिंदी दिवस- 10 जनवरी 2026 हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाने वाला विश्व हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक या प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हिंदी भाषा
स्वामी जी ने कहा कि जीवन में हमारे चारो ओर घटने वाली छोटी या बड़ी, सकारात्मक या नकारात्मक सभी घटनायें हमें अपनी असीम शक्ति को प्रकट करने का अवसर प्रदा
-बाबूलाल नागा भारत में पानी को जीवन कहा जाता है,लेकिन हकीकत यह है कि आजादी के78साल बाद भी यह जीवन हर नागरिक के लिए सुरक्षित नहीं हो पाया है। भारत में
एक समय था जब दुनिया के बड़े हिस्से में बेटी का जन्म बोझ समझा जाता था। गर्भ में ही उसके जीवन का अंत कर दिया जाता, या जन्म के बाद भेदभाव, उपेक्षा और वंचन
-बाबूलाल नागा हाल में उत्तर प्रदेश के अमरोहा में11वीं की एक छात्रा की कथित तौर पर लगातारजंकफूड खाने से मौत हो गई।अहाना नाम की छात्रा के पेट में इन्फेक
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वा
(कल्याण सिंह जी की 94वीं जन्म-जयंती 05जनवरी2026पर विशेष आलेख) भारतीयराजनीतिकेयुगपुरुष,श्रेष्ठराजनीतिज्ञ,कोमल हृदयसंवेदनशीलमनुष्य,वज्रबाहुराष्ट्र प्रहर
स्वच्छता रैंकिंग में लगातार टॉप पर आने वाले इंदौर में दूषित पेयजल की वजह से हुई मौतें कथनी और करनी की असमानता की पौल खोलती भयावह लापरवाही का नतीजा हैं
पौष बड़ा महोत्सव पौष माह (सर्दी के मौसम) में राजस्थान की एक अनोखी परंपरा है, जिसका महत्व धार्मिक, ज्योतिषीय और स्वास्थ्य से जुड़ा है; यह भगवान को मूंग
ऑनलाइन बाज़ार और त्वरित सेवाओं के इस दौर में गिग-वर्कर्स शहरी जीवन-व्यवस्था की वह अदृश्य रीढ़ बन चुके हैं, जिनके बिना ‘दस मिनट में डिलीवरी’ और ‘एक क्लिक
-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंत
नया साल है- न कोई अंत, बल्कि एक नया आरंभ है। बीते कल की परछाइयों से सीख की मशाल जलाकर, आज हम खड़े हैं उस मोड़ पर जहाँ भविष्य हमारी प्रतीक्षा कर रहा है।
देश के सबसे चर्चित और संवेदनशील आपराधिक मामलों में शामिल उन्नाव रेप केस एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली हाईकोर्
नया साल 2026 अनेक आशाओं, अपेक्षाओं, उम्मीदों और संकल्पों के साथ हमारे सामने है। वर्ष 2025 जहाँ वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर इम्तिहान, अस्थिरता और इंतज़
नव वर्ष में अपने जीवन को सुखी खुशहाल स्वस्थ आनन्द दायक मनाने के लिये निम्न उपायों को अपनाए | खुशी आदमी के भीतर ही होती है तथा रिलेक्स मन ही प्रगति और
वैश्विक परिवार दिवस- 1 जनवरी, 2026 वैश्विक परिवार दिवस, शान्ति और साझेदारी का एक दिन, संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिवर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। यह
भाग-दौड़, प्रतिस्पर्धा और आकांक्षाओं से भरे आधुनिक जीवन में परिवार के लिए समय निकालना आज केवल एक भावनात्मक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक अस्तित्व का प्र
-निरंजन परिहार अरावली बचाओ अभियान की जीत हुई। सरकार की सलाह पर पहले सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की100मीटर तक ऊंचाई की पहाड़ियों को अरावली पर्वत श्रृंखला क
नववर्ष केवल कैलेंडर की तारीख बदलने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन, आत्मसमीक्षा और नए संकल्पों का अवसर होता है। हर नया साल हमें यह सोचने का मौका देत
वरिष्ठ समाजसेवी हरिराम कोडवानी ने बताया अव्यावहारिक, साठ वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्याशियों को छूट का सुझाव अजमेर। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्ष
नया साल एक नया सवेरा, बीते कल से सीख का घेरा। अनुभवों की गठरी संग लिए, आगे बढ़ने का देता फेरा। जो बीत गया, वह शिक्षक है, जो आने वाला, अवसर है। हर क्षण
थोड़ा बाहर निकल थोड़ा बाहर निकल थोड़ा पैदल भी चल थोड़ी करवट बदल ये समय लौटकर फिर नहीं आएगा। थोड़ा हिम्मत से चल थोड़ा चेहरा बदल थोड़ा बन जा सरल ये जनम फिर दुब
महान क्रान्तिकारी मे लिया जाता है आपका ये नाम, अदम्य-साहस के परिचायक देशहित मे दिया जान। पिता का नाम तेहाल सिंह, नरेन कौर माता का नाम, जिनकी वीरता के
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साल2022में महिला क्रिकेटर्स की सैलेरी पुरुष क्रिकेटर्स के समान करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था। वहीं
अटल बिहारी वाजपेयी की101वींजन्म-जयंती-25दिसम्बर 2025 भारत के आधुनिक इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल सत्ता या पद से नहीं, बल्कि अपने वि
श्रीमती संतोष शर्मा स्वतंत्र पत्रकार, साकेत नगर भारतीय संस्कृति के अनेक रूप है। जिनमें धार्मिक आस्था का रंग भी एक है। कोई भी धर्म, सम्प्रदाय हो उनके त
(युगपुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती 25 दिसम्बर 2025 पर विशेष आलेख) भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्रपुरुष, राष्ट्रमार्गदर्शक और निष्ठावान दे
(युगपुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती 25 दिसम्बर 2025 पर विशेष कविता) भारत माँ का सपूत अटल, हिमालय-सा ऊँचा भाल, जनता के मन का प्रधानमंत्री,
वाक्य चातुर्य के धनी राष्ट्र भक्त मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की संकल्प शक्ति, योगीराज भगवान श्रीकृष्ण की राजनीतिक कुशलता चातुर्य एवं कूटनीति और आचार्य
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइ
अरावली पर्वत शृंखला की नई परिभाषा को लेकर उठा विवाद अब जन-आन्दोलन का रूप ले रहा है। इसी के अन्तर्गत अरावली बचाओ की चिन्ता-यह केवल भावनात्मक आह्वान नही
आज की दुनिया गहन और बहुआयामी स्वास्थ्य संकटों से गुजर रही है। एक ओर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ, मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और असंतुलन तेजी से बढ़ रहे है
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस – 24 दिसम्बर, 2025 राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस केवल एक उपभोक्ताओ से जुड़ी तिथि मात्र नहीं है, बल्कि यह उस मौलिक सत्य की स्मृति है क
त्योहार हमारे सामाजिक जीवन को प्रतिबिंबित करते हैं। वे विभिन्न वर्ग और मतावलंबियों में आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूती भी देते हैं। क्रिसमस या बड़ा द
एक ही स्थान पर मिल जाती रोगी को सब सुविधाएं, दिन-रात सेवाएं देकर जहां चिकित्सक ले रहें दुआएं। अनुभवी डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की है यहां पर टीम, कई रोगो
*अरावली पर्वतमाला में खनन का असर तो नहीं?* ब्यावर जिले के खरवा क्षेत्र में करीब दो दशकों से अरावली पर्वतमाला में में बेरोकटोक खनन कार्य जारी है। इस क्
बचपन से एक कहानी हम सब पढ़ते सुनते आए हैं।- देवता ने अभावों से जूझते किसी व्यक्ति को एक विशेष मुर्गी दी की जो प्रतिदिन सोने का अंडा देती थी। व्यक्ति क
बांग्लादेश में बीते कुछ समय से जो घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, वे किसी एक देश की आंतरिक समस्या भर नहीं रह गए हैं, बल्कि दक्षिण एशिया की समूची भू-राजनीतिक
दिल्ली की हवा अब केवल प्रदूषित नहीं है,वह हमारे समय की सबसे बड़ी चुपचाप फैलती हुई आपदा बन चुकी है। यह संकट अचानक नहीं आया,बल्कि वर्षों की लापरवाही,गलत
राम वी. सुतार का शतायु जीवन केवल वर्षों की गणना नहीं था, वह भारतीय मूर्ति-कला की सदियों लंबी साधना का सजीव विस्तार था। सौ वर्ष की उम्र में उनका जाना ऐ
अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस -20 दिसंबर, 2025 अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हर साल 20 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आज जिस घातक पर्यावरण संकट से गुजर रही है, वह केवल एक शहर की समस्या नहीं, बल्कि पूरे देश के लिये चेतावनी है। विडंबना यह
इच्छा मृत्यु यानी व्यक्ति की अपनी इच्छा के अनुसार जीवन का अंत, भारत में लंबे समय से सामाजिक, नैतिक और कानूनी विमर्श का विषय रही है। यह प्रश्न केवल मृत

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