राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
(विश्वक्षयरोगदिवस, 24मार्चपरविशेषआलेख) हरसाल,हम24मार्चकोविश्वक्षयरोगदिवसमनातेहैं।यहकार्यक्रम24मार्च1882कीतारीखकोयादकरनेकादिनहैजबजर्मनफिजिशियनडॉ.रॉबर्ट
तेज होती हथियारों की होड़ और अस्थिर होती विश्व व्यवस्था आज मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनकर खड़ी है। दुनिया एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई
यमुना नदी यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है और गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। भारतवर्ष की सर्वाधिक पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना को गंगा के साथ
आज का युग विज्ञान, तकनीक और भौतिक प्रगति का युग माना जाता है, लेकिन इसी के साथ यह युग तनाव, असंतोष, हिंसा, युद्ध और मानसिक अशांति का भी युग बन गया है।
विश्व गौरैया दिवस, 20 मार्च 2026 पर विशेषः एक समय था जब सुबह की शुरुआत घर-आंगन में चहकती गौरैया की मधुर ध्वनि से होती थी। यह नन्हीं चिड़िया केवल एक पक्
मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य क्या है-धन, वैभव, पद या प्रतिष्ठा। इन सबके पार जाकर यदि कोई तत्व जीवन को वास्तविक अर्थ देता है तो वह है खुशी। यही कारण है कि
अक्सर कहा जाता है कि जल ही जीवन है। किंतु यदि यही जल दूषित हो जाए तो क्या उसे जीवन का आधार कहा जा सकता है? सच तो यह है कि दूषित जल जीवन को बचाने के बज
//फिल्म ‘सीता और गीता’ के लिए डायरेक्टर की पहली पसंद हेमा मालिनी नहीं थी…// सन् 1972 की फिल्म ‘सीता और गीता’ में हेमा मालिनी ने डबल रोल वाली भूमिका नि
नव और रात्र शब्दों से मिलकर बना है नवरात्रि । नव का अर्थ है नौ है वहीं रात्र शब्द में पुनः दो शब्द शामिल हैं “रा” का अर्थ है रात और “त्रि” का अर्थ है
15मार्च का दिन भारतीय समाज के लिए हमेशा विशेष रहेगा क्योंकि इसी दिन एक ऐसे व्यक्तित्व का जन्म हुआ जिसने देश की सामाजिक और राजनीतिक समझ को गहराई से झकझ
डिजिटल युग में मानव जीवन की गति और स्वरूप तेजी से बदल रहा है। संचार, शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक संबंधों का बड़ा हिस्सा अब आभासी माध्यमों के सहारे संचाल
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर ह
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में मह
समय केवल घड़ी की सुइयों का अनुशासन नहीं है; वह ब्रह्मांडीय गति का जीवंत प्रतिबिंब है। मनुष्य ने जब से आकाश की ओर देखा है, तभी से उसने सूर्य की यात्रा,
हमविश्वमेंलगातारकईवर्षोंसेअंतरराष्ट्रीयमहिलादिवसमनातेआरहेहैं,महिलाओंकेसम्मानकेलिएघोषितइसदिनकाउद्देश्यसिर्फमहिलाओंकेप्रतिश्रद्धाऔरसम्मानबतानाहै।इसलिएइस
होली भारतवर्ष का एक अत्यंत प्राचीन,सांस्कृतिक और लोकआस्था से जुड़ा हुआ पर्व है,जिसे पूरे देश में अत्यधिक धूमधाम,उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों प
बाबूलाल नागा फाल्गुन का महीना आते ही हवा में एक अलग-सी उमंग घुलने लगती है। खेतों में पकती फसल,गांवों की चौपालों पर गूंजते फाग और शहरों की गलियों में स
फाल्गुन की उजली पूर्णिमा,जब नभ में मुस्काती है, होलिका की पावन ज्वाला बुराई को जलाती है। सत्य की राह दिखाकर हमको,नव विश्वास जगाती है, अंधियारे मन के क
होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति है। यह वह पर्व है जो मनुष्य को उसके भीतर झाँकने का अवसर देता है और याद दिलाता
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और प
प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल कुलगुरु महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय,अजमेर भारत के वैचारिक इतिहास में यदि कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जिनकी दृष्टि केवल रा
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद राष्ट्र नायक समृति दिवस में शामिल करे मौलाना अब्दुल कलामआज़ा महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शिक्षाविद, पत्रकार और हिंदू-मुस्लि
19 फरवरी भारत के इतिहास का वह गौरवपूर्ण दिवस है, जब हम छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाते हैं। यह केवल एक जन्मतिथि का स्मरण नहीं, बल्कि भारतीय अस्मि
मनोकामनाएं सारी पूर्ण करती यह माता हिंगलाज, हज़ारों साल पुराना मंदिर जो गेहलपुर में है आज। शांति एवं सुकून मिलता जहां ऐसा पवित्र ये स्थान, प्राचीन कथा
बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर इतिहास के मोड़ पर खड़ी है। लगभग दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद यदि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) स्पष्ट बहुमत के
15 फरवरी 2026 को जब समूचा भारत महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएगा, तब यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं होगा, बल्कि आत्मजागरण का विराट अवसर होगा। महाशिवर
निर्विवाद रूप में वैलेंटाइन डे प्यार, स्नेह , प्रेम, आपसी समझ और रोमांस का वैश्विक उत्सव है, जो रोमांटिक साथियों के बीच ही नहीं किन्तु सभी लोगों का पर
डिजिटल युग में सूचना की गति जितनी तीव्र हुई है, उतनी ही तेजी से भ्रम, छल और दुष्प्रचार की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपफेक तकनीक ने
चौथा स्तंभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लायक भी नहीं !!? – मोहन थानवी राजस्थान में निकट भविष्य में कोई चुनाव नहीं होने का खमियाजा राजस्थान के पत्रकार, युव
डिजिटल युग ने भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवाओं ने लेन-देन को सरल,
आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती एक महान विचारक, समाज सुधारक थे। उनका जन्म गुजरात के टंकारा में ओडीच य परिवार के अंदर 12 फरवरी 1824 को हुआ
महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर विशेष भारतीय शिक्षा परंपरा केवल सूचना प्राप्ति का माध्यम नहीं अपितु मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वित विका
गड्ढों में गिरी व्यवस्था में समाप्त होता जीवन आज के भारत की एक ऐसी विडंबना बन चुका है, जिसे देखकर मन भीतर तक सिहर उठता है। नोएडा में कार सवार युवा इंज
ऑनलाइन गेमिंग की लत एवं आभासी दुनिया कितनी भयावह एवं घातक हो सकती है, इसकी एक ही दिन में दो अलग-अलग जगह घटी घटनाओं ने न केवल झकझोरा है, बल्कि यह हमारे
–बाबूलाल नागा समय के साथ समाज बदला है और उसके साथ बदल गया है हमारे आपसी संवाद का तरीका भी। एक दौर था जब शादी-ब्याह,गृह प्रवेश या किसी अन्य पारिवारिक क
क्या यही हमारे राजस्थान का कानून है कि अगर कोई धार्मिक रैली, राजनीतिक रैली या अन्य किसी रैली में दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट गाड़ी चलाएं तो उसका पु
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नवीन केंद्रीय बजट को यदि समग्र दृष्टि से देखा जाए तो यह केवल एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज नहीं, ब
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के पटल पर प्रस्तुत किया जाने वाला बजट केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि वह देश की आ
–बाबूलाल नागा गुरु रविदास जयंती हिंदू चंद्र पंचांग के माघ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। यह आमतौर पर हर साल जनवरी या फरवरी में पड़ती है।2026मे
मैं आपको एक बात बताने जा रहा हूं आप यह करो पक्का आपका मान और सम्मान दोनों बढ़ेगा। आप किसी के घर जाएं और वो केवल आपको पानी ही पूछता हो तो उसका इतना सा
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चो
शहीद दिवस (Martyrs Day) आईये जानिये कि हमारे देश के अंदर 30 जनवरी के अतिरिक्त किन किन दिन शहीद दिवस को मनाया जाता है | आपको यह जान कर के आश्चर्य होगा
यह खबर केवल एक व्यक्ति के निधन की नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक पूरे युग के अचानक थम जाने की सूचना है। 28 जनवरी 2026 की सुबह जब बारामती म
भारत की समकालीन इतिहास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल घटनाओं का वृत्तांत नहीं लिखते, बल्कि समय की चेतना में घुल-मिलकर स्वयं इतिहास का
भक्ति काल मे स्वामी रामानंदाचार्य वैष्णव भक्ति धारा के महान संत थे। संत कबीर, संत पीपा, संत धन्ना और संत रविदास उनके शिष्य थे। संत रविदास तो संत कबीर
भाईचारे के पौधे दिल में उगाएंगे तब ही यह देश खुशहाल होंगे, जब हिन्दू, मुसलमान एक होंगे तब ही यह देश खुशहाल होंगे। गिले-शिकवे सभी भुलाकर एक दूसरे से गल
जब किसी देश की पहचान उसके शासकों से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के अधिकारों, कर्तव्यों और संविधान से होने लगे, तब वह देश गणतांत्रिक देश की श्रेणी में आ
-बाबूलाल नागा भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं,बल्कि एक जीवंत दर्शन है,जो देश की आत्मा,उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। सं

30 C 