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राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा

शार्ट फ़िल्म स्क्रीम ने ‘आई सी एफ एफ’ 2019 में तीसरा स्थान हासिल किया

हमारे जीवन में बाल दुर्व्यवहार के अस्तित्व और इसके आसपास रहने के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देशक सिद्धार्थ सेल्वराई एक लघु फिल्म लेकर आए हैं, जिसका ’स्क्रीम’ है। लघु फिल्म शार्ट स्क्रीम ’भारत में चल रहे बाल शोषण को रेखांकित करने वाली कठोर वास्तविकता को चित्रित करती है। इससे पहले, लियोन-स्क्रिप्ट ... Read more

19 Sep 2019 10:14 pm
अभी फीका नहीं पड़ा है योगी का करिश्मा

-संजय सक्सेना, लखनऊ- बात चाहंे ढाई साल की हो या फिर पांच साल की। इतना तय है कि 2017 का विधान सभा चुनाव बीजेपी ने मोदी के चेहरे पर लड़ा था और 2022 का चुनाव भी बीजेपी मोदी को ही आगे करके लड़ेगी। बीजेपी ने 2017 का चुनाव योगी को चेहरा बनाकर नहीं लड़ा था, ... Read more

19 Sep 2019 10:13 pm
विश्वास है तो रिश्ता है और रिश्ता है तो विश्वास है

हर व्यक्ति के लिए उसके रिश्ते सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं और इन्हीं रिश्तों की खातिर हर शख्स इतनी दौड़-भाग करता है ताकि वो इतना काबिल हो सके कि अपने इन अनमोल रिश्तों की सारी जरूरतें पूरी कर सके, इन्हें सारे आराम मुहैया करा सके। लेकिन कई बार अपने करियर में हम इतने मशगूल हो ... Read more

19 Sep 2019 10:13 pm
दिन में तारे दिखला देंगे

खूब बिछाओ काँटे चाहे , हमें रौंदना आता है । दलदल कितना भी फैलाओ, पैर जमाना आता है । शक्ति के हम महापुंज है , अंगारों से खेले ना । दिन में तारे दिखला देंगे , हमें युध्द में ठेले ना । सागर पर पत्थर रख-रखकर , हमने मार्ग बनाया है । एक अँगुली पर ... Read more

18 Sep 2019 10:12 pm
पोषण युक्त आहार

जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि आजकल खाने पीने में पौष्टिकता का अभाव है ! और आजकल की देखादेखी फ़ास्ट फ़ूड से होने वाली सम्भावित बीमारियों को ध्यान में रखते हुवे ये अहसास हो रहा था कि क्या पोषित खाने के अभाव में हमारी युवा पीढ़ी यु ही अपने शरीर का सत्यानाश करती रहेगी ... Read more

18 Sep 2019 10:12 pm
स्वच्छता के प्रति शपथ

नमस्कार, अगर स्वच्छता के प्रति आप यह शपथ लेकर इस पर अमल करते है, तो मैं समझता हूँ, आप हमारे गांव, कस्बा, शहर, प्रान्त और भारत देश के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे और दूसरे लोगों के सामने अच्छे नागरिक होने का उदाहरण पेश करेंगे। ” मैं स्वच्छता के प्रतिबद्ध रहूंगा और इसके लिए ... Read more

18 Sep 2019 10:12 pm
हर कलाम हिन्द का

शत्रु की मज़ाल क्या , जो हमें पछाड़ेगा । हर कोई कलाम बन , जब यहाँ दहाड़ेगा । पाक हो या चीन हो , क्या हमें डराएंगे ? जब सभी कलाम बन, सामने जो आएंगे । देशभक्ति देखकर , शत्रु कँपकँपाएगा । हर कलाम हिन्द का , शीश जब कटाएगा । आस्था है हिन्द में ... Read more

17 Sep 2019 10:18 pm
*भाषा*

भाषा : हरीश करमचंदानी की कविता / प्रस्तुति – मोहन थानवी उसने कहा एक देश एक भाषा बिल्कुल,देश एक ही है,एक ही रहेगा यह तथ्य तो सभी जानते हैं और मानते भी हैं पर सिर्फ एक भाषा क्योंकर और क्यूँ??? मेरी माँ क्या करेगी जिनको आती है सिर्फ सिंधी जिसमें वे गाती है शाह साहब ... Read more

17 Sep 2019 10:18 pm
स्वास्थ्य क्रांति : हमे एक क्रांति की जरूरत क्यों है ?

मैंने लोगों से अक्सर ये सुना है कि आजकल जो हैल्थ संबंधित प्रोडक्ट मार्केट में उपलब्ध है क्या वो उपयोग बाद छोड़ने से वापस मोटापा लौट कर आता है ? ये सवाल मुझे बार बार इसी असमंज्य में डाल रहा था कि फल,सब्जी इत्यादि में बढ़ता कैमिकल क्या हमारे भोजन का संतुलित भोजन है ? ... Read more

17 Sep 2019 10:18 pm
किसी को विश्वास नही है किसी पर

हास्य व्यंग्य कुछ लोग देश में अविश्वास का वातावरण बनाने में लगे हुए है. मसलन बैंकवालों को ही लें. लोगों ने उन पर भरपूर विश्वास करके अपनी गाढी कमाई का पैसा उनके पास जमा किया हुआ है ताकि आडे वक्त पर काम आएं. जनता तो इन पर इतना भरोसा करती है और इन बैंक वालों ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
यूपी: कांग्रेस को मिले युवा नेतृत्व तो बने बात

-संजय सक्सेना, लखनऊ- उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के हौसलों को उड़ान नहीं मिल पा रही है। प्रियंका वाड्रा गांधी की तमाम कोशिशों के बाद भी कांग्रेसी लगातार मिलती हार से उबर नहीं पा रहे हैं। कांग्रेस के छोटे-बड़े नेताओं ने मायूसी की चादर ओड़ रखी है तो कार्यकर्ताओं ने भी हवा का रूख भांप कर ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है ‘स्पाइसी फूड’

आज कल चटपटा व मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा रहा है। इस तरह के महंगे खाद्य पदार्थों का उपयोग करने वाले ऐसा करना फैशन और अपना स्टेटस सिम्बल मानते हैं। आधुनिक यानि माडर्न लाइफ स्टाइल वाले लोग इसके साइड इफेक्ट को नजरन्दाज करते हुए जायकेदार मसाला व रसायनों से भरपूर, तीखे खाद्य पदार्थों ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
मन्त्रपुष्पांजली का असली अर्थ जानेंगे तो चकित रह जाएंगे

आपने देखा होगा आरती करने के बाद एक मन्त्रपुष्पांजली गायी जाती है। संस्कृत में होने के कारण अधिकांश लोग उसका अर्थ समझ नहीं पाते और मन्त्रपुष्पांजली को भी धार्मिक मंत्रपठन मान बैठते है। मन्त्रपुष्पांजली का असली अर्थ जानेंगे तो चकित रह जाएंगे। यह मंत्रपुष्पांजली एक राष्ट्रगीत है, विश्वप्रार्थना है। उसमें राष्ट्रीय एकात्

16 Sep 2019 10:50 pm
इस पर चिंतन और शोध करें

कितना अच्छा हो हम अपना अधिकांश समय कक्षा- कक्ष में बिताएं मासूम बच्चों से दिनभर बतियाएं उन्हें पढ़ना- लिखना सिखाएं । एक पिता बड़ा विश्वास करके सौंपता है हमें अपनी संतान को और कहता है इसे ज्ञान दो । हमें सौंपकर वह निश्चिंत हो जाता है भविष्य के सपनों में खो जाता है । एक ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
‘जय श्रीराम’ को ‘जेएसआर’ बनाने वाली मानसिकता

-संजय सक्सेना, लखनऊ- हिन्दुस्तान में ऐसे लोगों की लम्बी-चौड़ी फौज है जिनका समाज और देशहित से कोई लेना-देना नहीं है।इसमें कुछ कद्दावर नेताओं,टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्यों से लेकर कथित बुद्धिजीवियों का एक वर्ग भी शामिल है जो हर समय, हर मसले पर मौके-बेमौके अपनी राजनीति चमकाने के लिए निकल पड़ता है। चाहें कश्मीर से धारा ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
‘PUBG’की लत से ग्रस्त युवा बन रहे हैं अपराधी

इस समय स्मार्ट फोन पर खेला जाने वाला पबजी नामक खेल आपराधिक घटनाओं को जन्म देने लगा है। पबजी खेलने वाले लगभग हर उम्र के लोग इसमें इतने तल्लीन रहते हैं कि उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं रहता। यदि किसी ने मना किया तो ये मार, झगड़ा यहाँ तक हत्या तक कर सकते हैं। ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
बंजर भू में ढूंढ़ रहे हैं

बंजर भू में ढूंढ़ रहे हैं , रात- दिवस जो मोती । कैसे उनको समझाएँ हम , खो दोगे तुम ज्योति । मोती को पाने के ख़ातिर , सागर तट पर जाएं । सही दिशा में अपने श्रम को, मिलकर आज लगाएं । माना अरे,असंभव कुछ भी , नहीं जगत में होता । पर सच्चाई ... Read more

16 Sep 2019 10:50 pm
स्वामी विवेकानन्द के अनमोल बोल वचन

आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता ही बंधन की त्रिमूर्तियां हैं | जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं। खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा … Continue reading →

5 Jan 2018 11:29 pm
तीन तलाक और उसके परिणाम

हमें तो ऐसा लगता है की तीन तलाक़ के मुद्दे पर बीजेपी फंस गई है ? एक ओर तो बीजेपी मुसल्मानो को गरियाती रहती है बीफ़ बैन आड़ में खाना और व्यापार दोनों को ही क्षतविक्षत करके केवल मुस्लिम बहनो … Continue reading →

4 Jan 2018 9:51 pm
मशहूर शायर अनवर जलालपुरी के निधन से गमगीन हुआ माहौल

ख्वाहिश मुझे जीने की ज़ियादा भी नहीं है वैसे अभी मरने का इरादा भी नहीं है हर चेहरा किसी नक्श के मानिन्द उभर जाए ये दिल का वरक़ इतना तो सादा भी नहीं है वह शख़्स मेरा साथ न दे … Continue reading →

2 Jan 2018 11:56 pm
रजनीकांत राजनीति की एक नई सुबह

नयावर्ष प्रारंभ होते ही सुपर स्टार रजनीकांत ने सबको चैका दिया। उनकी राजनीति में आने की घोषणा ने जहां राजनीति के क्षेत्र में एक नयी सुबह का अहसास कराया वहीं राजनीति को एक नये दौर में ले जाने की संभावनाओं … Continue reading →

2 Jan 2018 11:07 pm
चॉद पर षोक

सौभाग्य की बात है कि बड़े भैया चॉद पर गए हैं परन्तु बेहद दुरूख की बात है कि बड़े काकाजी 100वर्ष पूर्ण करे बिना ही 99 वर्ष 11महिने में ही गुजर गए हैं । बड़े भैया से इंटरनेट पर या … Continue reading →

31 Dec 2017 10:19 pm
एक पिता की अभिलाषा

बेटा मैं चाहता हूँ कि तू न मेरे जैसा न माँ जैसा न दादा दादी जैसा या किसी और जैसा बने, मैं चाहता हूँ कि तू “तूझ जैसा बने” तेरा स्वभाव ऐसा हो कि तू सब के दिल में रहे, … Continue reading →

31 Dec 2017 9:43 pm
सम्पत्ति का खुलासा नहीं करने वाली नौकरशाही पर योगी सख्त

-संजय सक्सेना, लखनऊ- नेताओं के बाद अगर किसी का भ्रष्टाचार सबसे अधिक जनता की नजरों में खटकता है तो निसंदेह उसमें ब्यूरोक्रेट्स का नाम सबसे ऊपर आता है। नेता तो फिर भी आते-जाते रहते हैं, भ्रष्ट नेताओं को सत्ता से … Continue reading →

29 Dec 2017 9:38 pm
बहुजन आर्थिक आज़ादी का महोत्सव : भीम बिजनेस एक्सपो !

जयपुर में 23 से 25 दिसम्बर 2017 के तीन दिनों तक आयोजित हुए भीम बिजनेस एक्सपो ने बहुजन समाज के लोगों में आर्थिक स्वावलंबन तथा व्यावसायिक चेतना की एक नई उमंग पैदा कर दी है , अन्य व्यापार मेलों से … Continue reading →

27 Dec 2017 9:51 pm
ट्रेन का जिन्दगी रुपी “ सफर ”

ट्रेंन की जनरल बोगी में अगर आपने सफ़र किया हो तो वास्तव में आज आप इस लेख का मर्म महसूस कर पायेंगे| जीवन के सफ़र और ट्रेन की जनरल बोगी के सफ़र में कितनी समान्ताए है | ट्रेन के सफ़र … Continue reading →

25 Dec 2017 9:21 am
अभिनेता “विनोद मौर्या” की अनकही बातें

फ़िल्म ‘ग़ज़ब क प्यार’ के लीड ऐक्टर विनोद मौर्या आजमगढ़ के ठेकमा बाजार के इरनी गांव के रहने वाले है। अच्छी बात-व्यवहार की वजह से इनके गांव के लोग इन्हे बहुत मान -सम्मान देते हैं। ये पढ़ाई पूरी करने के … Continue reading →

23 Dec 2017 9:39 pm
देश मे ये क्या हो गया

राजनीति बदचलनी का बिस्तर हो गई, नेता तमाम बुराइयों के दलाल हो गए, मीडिया सत्ता का गुलाम हो गया, उद्योगपति लुटेरे हो गए, अफसर मौकापरस्त हो गए, पुलिस अपराधियों की हितैषी हो गई, डाक्टर मरीज़ों के शिकारी हो गए, इंजीनियर … Continue reading →

22 Dec 2017 10:20 pm
सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ

“चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँ गिदरां नुं मैं शेर बनावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ” सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह द्वारा 17 वीं शताब्दी में कहे गए ये शब्द आज भी सुनने या … Continue reading →

21 Dec 2017 11:51 pm
जीवन से खिलवाड़ करती मिलावट की त्रासदी

मिलावट करने वालों को न तो कानून का भय है और न आम आदमी की जान की परवाह है। दुखद एवं विडम्बनापूर्ण तो ये स्थितियां हंै जिनमें खाद्य वस्तुओं में मिलावट धडल्ले से हो रही है और सरकारी एजेन्सियां इसके … Continue reading →

21 Dec 2017 10:48 pm
देवी नागरानी की अंग्रेजी रचना का रजनी मोरवाल द्वारा हिंदी अनवुाद

मूल इंग्लिश: देवी नागरानी The music of my heart Listen to my Heart Beat I am the singing melody of my Land That gently tunes in rhythm Wrapping me in her essence. My thoughts dance in tune With the melody … Continue reading →

19 Dec 2017 12:13 pm
कलेक्टरेट में एडीशनल चूहा

….परन्तु वह तो मेरे से जूनीयर है. उसके यहां मेरे चेम्बर से एक चूहा ज्यादा कैसे ? कलक्टर साहब को रह रहकर यही बात कचोट रही थी. वह अपने कक्ष में बैठे बैठे सोच में डूबे हुए थे कि कही … Continue reading →

18 Dec 2017 11:10 pm
“न दे उसका भी भला”

बचपन में 50 वर्ष पूर्व मेरे पैतृक ग्राम कालमुखी (जिला-खंडवा) में सायंकाल में एक भिखारी दर्द भरी आवाज में भीख माँग रहा था। दे दे अलाह के नाम पर दे दे। माँ ने कहा- बेटा एक रोटी पर सुखी सब्जी … Continue reading →

17 Dec 2017 11:46 pm
जातिगत राजनीति

“राजनीति से बड़ा कोई धर्म नहीं और धर्म से बड़ी कोई राजनीति नहीं ” राम मनोहोर लोहिया जी का कथन आज भी भारतीय राजनीत में सटीक बैठता है | भारतीय समाज तो धर्म से आगर बढ़कर भी कई जातियों में … Continue reading →

17 Dec 2017 11:30 pm
बड़े – बड़ों की शादी और बीमारी …!!

पता नहीं तब अपोलो या एम्स जैसे अस्पताल थे या नहीं, लेकिन बचपन में अखबारों में किसी किसी चर्चित हस्ती खास कर राजनेता के इलाज के लिए विदेश जाने की खबर पढ़ कर मैं आश्चर्यचकित रह जाता था। अखबारों में … Continue reading →

16 Dec 2017 8:08 pm
नौ माह बाद भी सत्ता परिर्वतन की छाप नहीं

योगी राजः सत्ता नई, मिजाज वही – संजय सक्सेना, लखनऊ – उत्तर प्रदेश की सियासत क्या एक बार फिर करवट ले रही है। जो भाजपा अपनी प्रतिद्वंदी सपा-बसपा को खत्म मान कर चल रही थीं,वह ही सपा-बसपा योगी सरकार की … Continue reading →

12 Dec 2017 11:58 pm
स्वप्न मेरे उसके काजल में रहते हैं

स्वप्न मेरे उसके काजल में रहते हैं, बच्चे ज्यों माँ के आँचल रहते हैं . बूढ़े पीपल ने बतलाया उसके सब, नाती-पोते तो जंगल में रहते हैं. सह सकते जो धूप ,अनिश्चय ,प्यास,चुबन, वो अपने दम पर मरुथल में रहते … Continue reading →

10 Dec 2017 8:44 pm
गाली प्रतियोगिता की झलक

श्री मणिशंकर अय्यर द्वाराकिये गए नवीनतम उवाच के संदर्भ में व्यंग्य आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि सदा की भांति इस बार भी अखिल भारत गाली प्रतियोगिता का आयोजन, देष के राजनीतिक अखाडें में होनेवाला हैं. इसमें हिन्दुस्तान के दोनों … Continue reading →

8 Dec 2017 10:26 pm
पेट दर्द और खिचडी

(फिल्मों की बायोपिक और गानों की रिमिक्स के बीच इस पुरानी कहानी का नया रूप प्रस्तुत है) एक आदमी था. उसके पेट में दर्द होगया. वह दूर गांव हकीमजी के पास गया. उन्होंने उसे दवा देते हुए कहा कि घर … Continue reading →

8 Dec 2017 12:00 am
ताँगा

“घोड़ा था घमंडी पहुँचा सब्जी मंडी सब्जी मंडी बरफ पड़ी तो घोड़े को लग गई ठंडी “तब्बक- तब्बक” “तब्बक -तब्बक” ‘बचपन की स्वर्णिम स्मृतियों से’ खंडवा में आज से 25 साल पहले रिक्शों से ज्यादा ताँगे होते थे उन तांँगों … Continue reading →

6 Dec 2017 10:16 pm
लघुकथा ‘गन्जा’ मेरी नज़र में का देवी नागरानी द्वारा सिंधी में अनुवाद

गन्जा – (लघु कथा) -अनुराग शर्मा वह छठी कक्षा से मेरे साथ पढ़ता था। हमेशा प्रथम आता था। फिर भी सारा कॉलेज उसे सनकी मानता था। एक प्रोफैसर ने एक बार उसे रजिस्टर्ड पागल भी कहा था। कभी बिना मूंछों … Continue reading →

5 Dec 2017 9:21 pm
पारिवारिक अदालत

विधवा माँ को रखने वाले एक बेटे बहू पर माँ की सेवा में कमी का आरोप लगा । आरोप लगाने वाले दो थे । वो बेटे और बहू ,जिन्होंने कभी माँ को नही रखा। जज वो दामाद व वकील वो … Continue reading →

5 Dec 2017 8:52 pm
किस पार्टी में वंशवाद नहीं है ? किस देश में वंशवाद नहीं है ?

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का पार्टी का अध्यक्ष निर्विरोध चुना जाना तय है। क्योंकि नामांकन के लिए अब तक कोई आवेदन दाखिल नहीं हुआ है। गौरतलब है कि वे अपनी मां सोनिया गांधी के उत्तराधिकारी होंगे जो इस पद पर … Continue reading →

5 Dec 2017 8:42 pm
यूपी निकाय चुनावों का सन्देश

उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की ही तरह ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे विकास की जीत कहा है तो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ … Continue reading →

2 Dec 2017 11:41 pm
प्रजातन्त्र पिघल रहा है

मेरा प्रजातन्त्र क्यो पिघल रहा है । सिँहासन इसे क्यो निगल रहा है । फिर से शकुनि ले दुर्योधन को । चौसर के लिए क्यों मचल रहा है । कानून कयामत के काल चक्र में । क्यों आये धर्म धर्म … Continue reading →

30 Nov 2017 7:34 pm
पब्लिक अॉन डय़ूटी … !!

बैंक में एक कुर्सी के सामने लंबी कतार लगी है। हालांकि बाबू अपनी सीट पर नहीं है। हर कोई घबराया नजर आ रहा है। हर हाथ में तरह – तरह के कागजों का पुलिंदा है। किसी को दफ्तर जाने की … Continue reading →

30 Nov 2017 7:18 pm
हमने इतिहास को बनते हुए देखा है !

हमने भी इतिहास को बनते देखा है ! 30 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने नई दिल्ली से दूर ओडिशा की एक चुनावी सभा में कहा की “मेरे शरीर के खून का एक एक कतरा भी देश … Continue reading →

28 Nov 2017 8:19 pm
आदर्श महिला

एक आदर्श महिला थी। वो अपनी सांस की खूब सेवा करती । आने वाले हर मेहमान का खूब आदर करती थी ,पर उसकी अपनी सांस से बिलकुल नहीं पटती थी। बाद मैं पाया कि उसकी अपनी जेठानी से भी नहीं … Continue reading →

27 Nov 2017 9:26 am
निजी अस्पतालों की लूट कब तक?

देश के निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य की दृष्टि से तो हालात बदतर एवं चिन्तनीय है ही, लेकिन ये लूटपाट एवं धन उगाने के ऐसे अड्डे बन गये हैं जो अधिक परेशानी का सबब है। हमारे देश में जगह-जगह छोटे शहरों … Continue reading →

27 Nov 2017 9:19 am
हारून भाई को किसने मारा…

वो फैमिली हेयर ड्रेसर थे, दुबई रिटर्न…जी हां…”दुबई रिटर्न”, ये तमगा 90 के दशक में बड़ी बात हुआ करती थी, वो बताते थे कि वो स्‍वयं तब वहां शेखों के पर्सनल सैलून्‍स में हजामत किया करते थे। खुशदिल, मिलनसार और … Continue reading →

24 Nov 2017 10:48 pm