राय और ब्लॉग्स / देशबन्धु
अगर आपको या आपके घर के बुजुर्ग को धुंधला दिखाई देने लगा है या बार-बार चश्मे का नंबर बदलना पड़ रहा है तो इसे कभी भी नजरअंदाज न करें
'बहुत बात होती है कि आजादी के पैंसठ साल बाद भी यह नहीं हो सका या वह नहीं हो सका।
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच केन्द्रीय निर्वाचन आयोग एक बार फिर गलत कारणों से सुर्खियों में आया है। बुधवार को चुनाव आयोग की सोशल मी
सिर्फ प्रवासी बन जाने से वहां रहना, खाना, पहनना, ओढ़ना से लेकर पढ़ाई तक का काम कितना मुश्किल हो गया है इसकी कल्पना मुश्किल है।
टाइटैनिक फिल्म का एक अद्भुत दृश्य है, जब जहाज टुकड़े-टुकड़े होकर डूबता है, अमीरों में आपाधापी मची रहती है कि बचाने वाली नावों पर वे किसी भी तरह सवार हो
भारत के संदर्भ में अभी कई चुनौतियां विद्यमान हैं, जिनमें न्यायिक प्रक्रियाओं में औपचारिक ढांचे का अभाव, अत्यधिक निर्भरता का जोखिम और ए.आई.के प्रशिक्षण
7 और 8 अप्रैल की आधी रात को जब भारत के लोग सो रहे थे, उस समय वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की एक बड़ी करवट ली जा चुकी थी
आज के समय में हर कोई निरोगी काया चाहता है, लेकिन सवाल है कि कैसे निरोगी काया को पाया जा सकता है
2026 में भारत का मॉनसून सामान्य से करीब 6% कम बारिश के साथ कमजोर रहने की संभावना है। स्काईमेट के अनुसार, जून से सितंबर तक कुल बारिश 94% LPA रहेगी। मध्
सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण आहार माना जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, अगर नाश्ते में प्रोटीन शामिल किया जाए तो सेहत और ऊर्जा दोनों को बड़ा फायद
भारतीय रसोई में कई ऐसी सब्जियां हैं, जिन्हें हम अक्सर साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लौकी ऐसी ही एक सब्जी है
इस प्रदेश में अनेक जनजातियां निवास करती हैं, सबकी अपनी-अपनी विशेषताएं हैं, भाषा, भूषा, धार्मिक विश्वास, सामाजिक परंपराएं, हरेक दूसरे से बिल्कुल अलग।
श्रृंखला - छात्रों के लिए साइकिल और छात्रवृत्ति, शिक्षा जारी रखने के लिए छात्राओं के लिए नकद हस्तांतरण और स्वास्थ्य बीमा- ने सुनिश्चित किया है कि बनर्
धार्मिक अथवा जातीय समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण देने या नारे लगाने का भी आचार संहिता निषेध करती है। इसके बावजूद भाजपा की ओर से धर्म के नाम पर
गुरुवार 9 अप्रैल को राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और उससे पहले मंगलवार को असम पुलिस दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर गिरफ्तारी
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह कई इलाकों में बारिश देखने को मिली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 7 और 8 अप्रैल के बारिश का यलो अलर्ट जारी किया
आज की दुनिया की यह भयावह सच्चाई है कि पूंजीवाद और साम्राज्यवाद नया बाना धारण करके जगह-जगह अपनी घुसपैठ कर चुके हैं।
— पी. श्रीकुमारन जहां एलडीएफ का घोषणापत्र अपने वादों को पूरा करने पर ज़ोर देता है, वहीं यूडीएफ का प्रयास वोट हासिल करने की एक छिपी हुई कोशिश लगती है। द
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
हम नहीं जानते कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस विचार से कितना सहमत हैं। क्योंकि वे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजा
देशभर में कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां भगवान श्री कृष्ण अलग-अलग अवतारों में भक्तों के कष्टों को हरते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि केरल की धरती पर ऐसा
आज के समय में कई घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करना होता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने के साथ-साथ अकड़ने भी लगती है
सनातन धर्म में ‘ओम’ का बेहद महत्व है। किसी भी मंत्र का जाप हो या ध्यान लगाना, इसका उच्चारण सिर्फ आध्यात्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए
'दरअसल विगत तीन-चार दशकों से जो आरक्षण नीति चली आ रही है, उसमेें समय की वास्तविकताओं के साथ जो संशोधन होने चाहिए थे, उन्हें लागू करने से हमारे सत्ताधी
बृजमोहन अग्रवाल जनजातीय समाज को यह समझाया गया कि नक्सल नेतृत्व में स्थानीय छत्तीसगढ़ी आदिवासियों की भागीदारी शून्य है। जल जंगल जमीन के नारों की आड़ में
कांग्रेस अपने ऐसे विश्वासघातियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेती है। केवल कहती रहती है। इससे इस तरह के लोगों के हौसले बढ़ते रहते हैं।
केंद्र सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया है।
IMD के अनुसार आने वाले दिनों में दो नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होंगे, जिससे दिल्ली, यूपी सहित कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभा
किचन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक कचकच करती दुनिया में 'चुप कबीरा बोल मत' ही शांति का अंतिम हथियार हो सकता है
चेन की आँखें अपने आप खुल गई थीं, मानो उनके अंदर कोई अलार्म बज रहा हो
जब कोई घटना दो अलग-अलग संप्रदाय या जाति के लोगों के बीच होती है। सवाल ये भी है बल्कि असल सवाल यही है कि हम इतने संकीर्ण, असंवेदनशील और आक्रामक क्यों ह
यह विधेयक सकारात्मक कदम है जो किसी भी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं है और केवल गैर-कार्यशील संस्थाओं की परिसंपत्तियों के प्रबंधन पर लागू होगा।
एस रघोत्तम बोइंग के कई व्हिसलब्लोअर्स ने कांग्रेस की गवाही और कोर्ट में दायर दस्तावेजों में बोइंग 787 विमानों में कई मैन्युफैक्चरिंग खामियों का खुलासा
सोशल मीडिया को लेकर कड़े कानूनों के साथ ही जरूरी है कि बच्चों को इसका सुरक्षित इस्तेमाल सिखाया जाए. ऐसा हुआ तो सोशल मीडिया को बैन करने के बजाए, बच्चों
व्हेलों की एक दुर्लभ प्रजाति है, राइसेज व्हेल. इस संरक्षित प्रजाति के दुनिया में 100 जीव भी नहीं हैं. ये सभी अपने इकलौते घर मेक्सिको की खाड़ी में रहते
देर से ही सही लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान इजरायल-अमेरिका युद्ध को लेकर संसद में और बाहर भी जब कभी भी कुछ कहा है तो वे स्थिति को गंभीर ब
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
'सिविल सोसायटी के नाम से एक पांचवां स्तंभ खड़ा हो गया है। इस नए स्तंभ के निर्माण के पीछे दो मुख्य कारण दिखाई देते हैं
क्या पाषाण युग में रहने वाले लोग दूरी तक मार करने वाली मिसाइल, अत्याधुनिक संचार प्रणाली, चिकित्सा विज्ञान में आधुनिक आविष्कार कर सकते हैं या इन सबसे ब
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने फॉरेस्ट्स एंट वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट में वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर (डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के नौ पद
नया वित्तीय वर्ष शुरु होते ही देश में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई है
आज की दुनिया एक अजीब और डरावनी विडंबना से गुजर रही है। एक तरफ हमारे पास कृत्रिम मेधा (एआई) और अंतरिक्ष फतह करने वाली तकनीक है
'भारत की जनतांत्रिक व्यवस्था व चुनाव प्रणाली में जो भी वास्तविक या काल्पनिक विसंगतियां हैं उन पर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
कोशिकाओं के 'ब्लैक बॉक्स' की जानकारी वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च के बाद साझा की है। एक ऐसा डिब्बा जो सेल्स की हर गतिविधि पर पारखी नजर बनाए रखेगा। इसे ग
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
'छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा शुरु हिंसा का तांडव थमने के कोई आसार नजर नहीं आते
अमीर क़ज़लबाश के इस शेर का मतलब भाजपा के लोग ही अब बेहतर समझेंगे और समझाएंगे

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