राय और ब्लॉग्स / देशबन्धु
स्वरांगी साने किताब - गीत फ़िल्मी है लेकिन... लेखक - डॉ. सुनील देवधर मूल्य - 450 रुपए प्रथम संस्करण - सन् 2025 प्रकाशक - भावना प्रकाशन, दिल्ली। पृष्ठ
सैयद मोहम्मद बशीर जो बाद में बशीर बद्र के नाम से मशहूर हुए तो कह उठे कि
सैनिक स्कूल गोलपारा, असम ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कोच/क्लब शिक्षक के विभिन्न 13 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके योग्य और इच
भारतीय एयरफोर्स के ऑफिसर और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला अक्सर अपनी स्पेस यात्रा से जुड़ी रोचक और मजेदार पोस्ट कर जानकारी देते रहते हैं
विश्व योग दिवस (21 जून) में अब एक महीने से भी कम समय रह गया है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लगातार योग के महत्व को बढ़ावा देते हुए आम लोगों को
भारत को अनुसंधान और नवाचार में निवेश, श्रम उत्पादकता में सुधार, व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत और क्षेत्रीय व्यापार एकीकरण को सुदृढ़ करना चाहिए।
अभी हाल में मोदी विदेश दौरे से लौटे हैं: कायदे से तो प्रेस का काम था कि वह पांचों देशों की यात्रा के कारणों और परिणामों का विश्लेषण करती।
गांव में स्थित स्वयंसेवी संस्था के कार्यकर्ता साइकिल से चलते थे। संस्था की ओर से सचल पुस्तकालय (मोबाइल लाइब्रेरी) संचालित किया जाता था।
91 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र ने उर्दू ग़ज़ल को आम लोगों की ज़ुबान बनाया। मेरठ दंगों, विस्थापन, मोहब्बत और इंसान
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, ल
गर्मियों में बाहर तेज धूप से परेशान लोग जैसे ही घर पहुंचते हैं, सबसे पहले एयर कंडीशनर चालू करते हैं
'हमारे समाज में न जाने क्यों लड़कियों को शुरु से ही बोझ मान लिया जाता है।
भारत अपनी कूटनीति में पूर्णत: किसी एक धु्रव के साथ नहीं, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता के साथ आगे बढ़ रहा है।
देश के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस आंदोलन के पीछे एक और गहरी राजनीतिक साजिश या प्रोपेगैंडा होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू से परेशान दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गुरुवार की शाम को राहत मिली। राजधानी दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में तेज आंधी, गरज
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी नींद लेना बहुत बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, काम का दबाव, तनाव और चिंता जैसी
पीरियड्स या मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, लेकिन कई बार उन्हें इस दौरान सामाजिक भेदभाव और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
भारत में इन दिनों सोशल मीडिया पर चल रहा 'कॉकरोच जनता पार्टी' अभियान केवल एक इंटरनेट ट्रेंड या मीम संस्कृति का हिस्सा नहीं है।
पाठक जानते हैं कि सीबीएसई बारहवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे इस बार सात सालों में सबसे खराब रहे, केवल 85.20 प्रतिशत बच्चे ही उत्तीर्ण हो पाए।
'देश की जनता को अपने अफसरों से यह सवाल करना चाहिए कि आप तो लोक सेवक हैं; जो भी सरकारी संस्थाएं हैं वे ठीक से काम करें यह देखना आपकी अपनी जिम्मेदारी है
नेहरू और पटेल एक दूसरे के पूरक थे। नेहरू का वैचारिक आधार फेबियन समाजवाद की विचारधारा थी जिसके अनुसार संसदीय लोकतंत्र मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति का सब
वैसे तो भारतीय जनता पार्टी के तमाम बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री अक्सर यह कहते पाए जाते हैं कि वे राहुल गांधी को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लेते
नरेन्द्र मोदी के हिंदू-मुस्लिम एजेंडे को धर्म की रक्षा मानना और हिंदू जाग गया है जैसे बेतुके दावों पर यकीन करके इस देश ने किस तरह अपना भविष्य बर्बाद क
आजकल बहुत से लोग बालों के झड़ने, रूखेपन, डैंड्रफ, खुजली और ऑयली स्कैल्प जैसी समस्याओं से परेशान हैं
अगर अटल बिहारी वाजपेयी की बात सुनी गई होती तो 2002 में ही नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री के पद से हट जाना चाहिए था।
'कॉकरोच जनता पार्टी' की लोकप्रियता यह भी दिखाती है कि राजनीतिक सोच बदल रही है।
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
भारत की सनातन परम्परा में, किसी भी आँगन में जब कोई मांगलिक बयार बहती है, तो वह किसी न किसी सुर, ताल और गीत का आँचल पकड़कर ही आती है।
अरेबियन नाइट्स याने सहस्र रजनीचरित अथवा कथा सरित्सागर की तर्ज पर हर दिन एक नया किस्सा सुनाया जा रहा है ।
भारत का रुपया सिर्फ़ कमजोर ही नहीं हो रहा है बल्कि यह एक ऐसी अर्थव्यवस्था की ढांचागत कमज़ोरियों के बारे में एक चेतावनी का संकेत दे रहा है,
जब बीजेपी विपक्ष में थी तब भी अखबारों में उसे ही प्राथमिकता दी जाती थी। इसके लिए नई-नई अवधारणाएं लाई जाती थीं।
सिंडिकेट बैंक की बेगमपेट शाखा में उस सोमवार को सुबह से ही भीड़ थी। मार्च का आखिरी पड़ाव और हर कोई किसी जरूरी काम के बोझ तले दबा हुआ था
२३ मई छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना के लिए केवल एक जन्मतिथि नहीं बल्कि लोकसंवेदना, सामाजिक सरोकार और जनपक्षधर काव्यधारा के स्मरण का दिन है
आजकल लोग चमकदार और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सिर्फ बाहरी चमक ही अच्छी स्किन की निशानी नहीं होती
मासिक धर्म महिलाओं की सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत शर्मा द्वारा भरी अदालत में कुछ समूहों को 'परजीवी' और 'तिलचट्टे' के रूप में वर्गीकृत करना दुर्भाग्यपूर्ण, चि
यह अपील सतही तौर पर 'आर्थिक राष्ट्रवाद' लगती है, पर संदर्भ में यह वैश्विक अस्थिरता और घरेलू दबावों की आपात प्रतिक्रिया प्रतीत होती है।
छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। धान ही यहां की प्रमुख फसल है, जो बारिश की फसल है।
भारत ने शुक्रवार को अपनी सामरिक क्षमता को और मजबूत करते हुए शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-1’ का सफल परीक्षण किया
Monsoon 2026, IMD Rain Alert: उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोग मॉनसून का बेसब्री से इंतजार
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
'बिलासपुर यात्रा में मैंने एक तरफ तो यह देखा कि रास्ते के तमाम वृक्ष काटे जा चुके हैं और दूसरी ओर बिलासपुर शहर का तापमान रायपुर से अधिक रहने लगा है।
मोदी राज के अधिकांश हिस्से में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम, यूपीए के दस वर्ष के दौरान रहे औसत दाम से आधे या उससे थोड़े ही ज्यादा रहे थे।
इस महंगाई की सबसे पहली मार पोषण पर ही पड़ती है, खासकर महिलाओं और बच्चों के कुपोषित होने की आशंका सबसे अधिक रहती है।
'नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राजनीति में कोई दुश्मन नहीं होता। केवल प्रतिस्पर्धा होती है।
दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा तेल की खपत के तरीके पर रोक लगाने में भारत की लगातार हिचकिचाहट, अगर मंज़ूर नहीं है, तो समझ से बा
'भारत में ऐसा सोचने वालों की कमी नहीं है कि यह देश जनतंत्र के उपयुक्त नहीं है। उनके बीच एक छोटा वर्ग यह मानकर भी चलता है कि भारत को स्वतंत्र ही नहीं ह
वेणुगोपाल को राहुल गांधी का समर्थन मिलने में एक पेंच यह था कि विधायक बनने के लिए वेणुगोपाल को अपने सांसद पद से इस्तीफ़ा देना पड़ता।
पैसा हमारा आपका और निवेश का फैसला इन कंपनियों के हाथ में जाने से कुछ कंपनियों की आश्चर्यजनक तेज वृद्धि का रहस्य समझा जा सकता है।

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