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राय और ब्लॉग्स / दैनिक ट्रिब्युन ऑनलाइन

28 May 2017 11:00 pm
28 May 2017 10:23 pm
आत्‍मविश्‍वास से सामर्थ्य की पहचान

सामान्‍य जीवनयापन करते हुए व्‍यक्ति स्‍वयं से अधिक विचार-विमर्श नहीं करता। उसका वैचारिक मंथन केवल दैनिक आवश्‍यकताओं की वस्‍तुओं तथा उनके उपभोग की व्‍यवस्‍था करने तक सीमित रहता है। जहां जीवन में कठिनाई आई नहीं कि भविष्‍य की चिंता में सोच-सोचकर मनुष्‍य तन-मन से कमजोर होता जाता है।

28 May 2017 10:16 pm
नयी राह नजर नहीं आई मध्य-पूर्व में

बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पहली विदेश यात्रा में सबसे पहले मध्य-पूर्व एशिया गए। यहां उनका दौरा किसी तीखी नोक-झोंक के बिना सही-सलामत हो जाने पर खुद अमेरिका और शेष दुनिया ने भी चैन की सांस ली है। ट्रंप के संवाद का विषय अधिकतर इस्राइल-फिलीस्तीन समस्या का हल निकालने के इरादे के इर्द-गिर्द रहा, लेकिन अपने इस दौरे से ट्रंप

28 May 2017 10:13 pm
संवाद-विकास का सेतु

राजग सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम-अरुणाचल की जनता को देश के सबसे लंबे पुल की सौगात दी है जो किसी हद तक समावेशी विकास यानी सबका साथ-सबका विकास के लक्ष्य को भी पूरा करता है।

28 May 2017 10:03 pm
28 May 2017 10:03 pm
नारी अंतर्मन की व्यथा

हिंदी साहित्य की विविध विधाओं में विपुल साहित्य के रचयिता मधुकांत की ‘नारायणी’ सद्य: प्रकाशित नौवीं कथा-कृति है जिसमें विविध विषयक 16 कहानियां संगृहीत हैं। ये सभी कहानियां संवेदना के ताने-बाने से बुनी नारी के अंतर्मन की व्यथा कथाएं हैं।

27 May 2017 8:44 pm
साख के सहारे दिलों में दखल

प्राचीन काल में व्यापारी अपने उत्पाद पर मार्का लगाने के लिए ‘दाग प्रक्रिया’ अपनाते थे। यही बर्न बाद में ‘ब्रांड’ बन गया। ब्रांड किसी उत्पाद विशेष का नाम नहीं होता। यह उत्पाद का ट्रेड मार्क भी नहीं है।

27 May 2017 8:43 pm
शब्दों में ढले भीड़ के स्वर

दोहा, ग़ज़ल और कविता कहने वाले पंजाब के हिंदी रचनाकारों में शशिकांत उप्पल का अपना एक स्तर और अलग स्वर भी है। ‘आम आदमी की कविता’ और ‘शब्द सफर में है’ काव्य संग्रह एवं ग़ज़ल गुलजार ग़ज़ल संग्रहों के साथ हिंदी, पंजाबी व उर्दू के संकलनों में भी शशिकांत की रचनाएं शामिल होकर पाठकों तक गई हैं।

27 May 2017 8:41 pm
मनोभावों को स्पर्श करती कहानियां

ʻस्याही में सुर्खाब के पंखʼ अल्पना मिश्र की सात कहानियों का संकलन है। लेखिका ने सामाजिक मनोविज्ञान को अपने अनुभव के पैमाने पर माप-तराश कर पाठकों के सामने प्रस्तुत किया है। दुनियावी सम्बंधों के उतार-चढ़ाव की ये कहानियां मानव मन की कमियों-खूबियों, पात्रों के त्याग-संघर्ष, राजनैतिक भ्रष्टाचार के चित्र पेश करती चली हैं।

27 May 2017 8:39 pm
दर्द ने मुझे बेचैन बनाया

रामधारी सिंह दिनकर, हरिवंश राय बच्चन के दौर से कविता कर रहे प्रेम के उद्दात मूल्यों के कवि कुंअर बेचैन के मन में टीस है कि आज कविता के पहले जैसे रसिक नहीं रहे। श्रोता कविता में भी मनोरंजन की तलाश में रहते हैं।

27 May 2017 8:35 pm
बेबाकी और फकीरी के कवि नागार्जुन

हिन्दी में ‘नागार्जुन’ और मातृभाषा मैथिली में ‘यात्री’ नाम से शिखर की प्रसिद्धि पाने वाले पं. वैद्यनाथ मिश्र साहित्य जगत के एकमात्र हस्ताक्षर हैं। जिनका न केवल संस्कृत बल्कि बंगला में भी हिन्दी के समान अधिकार था।

27 May 2017 8:31 pm
26 May 2017 8:46 pm
अनुभव संग गांव-देहात की बात

हम कई बार बुजुर्गों से बात करने से कतराते हैं। लेकिन कभी-कभी उनके अनुभवों में खुद को डुबाते हैं तो नजारा अलग ही होता है। आज बात करते हैं रघुनाथ पांडे की। नब्बे से ऊपर के हैं। सभी इंद्रियां, सभी फैकल्टीज चाक चौबन्द। थोड़ा ऊंचा सुनते हैं पर फिर भी उनसे सम्प्रेषण में तकलीफ़ नहीं होती।

26 May 2017 8:44 pm
समाज की सोच बदलने की लड़ाई

हरियाणा के एक गांव संजखास के संजय कुमार को इतना पीटा गया कि वह अस्पताल में इलाज करा रहा है। उसका अपराध यह था कि अपनी शादी की बारात में वह घोड़ी पर बैठा था। गांव की परंपरा के अनुसार दलितों को घोड़ी पर बैठकर बारात ले जाना अपराध है। राजस्थान के गुंडूसर गांव (जि. चुरु) का विजय कुमार लाउडस्पीकर लगाकर संगीत बजाते हुए बारात ले जा रहा थ

26 May 2017 8:43 pm
तीन साल बाद क्रांति की भ्रांति

कहते हैं 26 मई, 2014 को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में एक क्रांति का पदार्पण हुआ था। तीन साल बाद यह साफ जाहिर है कि उस आडम्बर को अभी फीका नहीं पड़ने दिया गया है। और तो और ‘‘क्रांतिकारियों’’ ने भी अपना जज्बा नहीं गंवाया है। क्रांति और उसके पुरोधा न तो थके हैं और न ही उनके कदम रुके हैं।

26 May 2017 8:42 pm
ट्वीट का खेल

कभी अनाम ट्रॉलरों की पसंदीदा पनाहगाह बना ट्विटर अब एक नए राष्ट्रीय हंटिंग ग्राउंड के रूप में सामने आया है जहां नाम और चेहरे खुलकर रोशनी में आते हैं, खासकर बड़ी-बड़ी हस्तियां भी इस खेल में पीछे नहीं। सोशल मीडिया पर इन ट्रॉलरों के शातिर बयान लंबे समय तक गर्मागर्म बहस का भी कारण बने रहे।

26 May 2017 8:40 pm
असुरक्षित हाई‍वे

विकास के प्रतीक बताये जा रहे यमुना एक्सप्रेस वे के निकट सरेआम कार रोककर हत्या व सामूहिक दुष्कर्म हो जाये और घंटों पुलिस न पहुंचे तो कानून व्यवस्था की धज्जियां ही उड़ती हैं। अपराधियों को उत्तर प्रदेश छोड़ने की मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद अपराधी जिस तरह बेधड़क होकर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं, उससे लोगों का कानून व्यवस्था

26 May 2017 8:39 pm
समय बांचने की सिद्धि

प्रत्येक नेता में समय को बांचने की अद‍्भुत क्षमता पाई जाती है। इसका उपयोग करके वह बतलाता रहता है कि किस कार्य के करने का सही समय क्या है। वह कुछ विशेष गणनाएं करके बतलाता है कि कौन-सा समय किस गतिविधि के लिए एकदम उपयुक्त है।

25 May 2017 9:49 pm
अपनों की दरिंदगी से लाचार कानून

उसकी उम्र छह साल थी। पिता से अलग होने के बाद मां ने दूसरी शादी की थी। सौतेले पिता ने इस नन्ही बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। वह प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी। वहां एक टीचर ने उसे अलग से पढ़ाने का बहाना बनाकर स्कूल की छुट्टी के बाद दुष्कर्म किया। वह अपने माता-पिता के साथ एक शादी में आई थी।

25 May 2017 9:48 pm
एसवाईएल पर हो व्यावहारिक पहल

पिछले दिनों पंजाब और हरियाणा ने अपने बीच लंबे समय से चल रहे सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद को सुलझाने का ऐतिहासिक मौका हाथ से गंवा दिया। दिन था 12 मई का जब उत्तर-क्षेत्र मुख्यमंत्री सम्मेलन में पंजाब के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपनी ओर से इस विवाद को सुलझाने की खातिर समझौते की पेशकश की थी।

25 May 2017 9:47 pm
विकास की कूटनीति

विकास के रास्ते चीनी साम्राज्यवाद से भारत ही नहीं, दुनिया के तमाम बड़े देश चिंतित हैं। महत्वाकांक्षी ‘वन रोड, वन बेल्ट’ के बहाने जिस तरह चीन सामरिक घेराबंदी कर रहा है, उसके निहितार्थ पूरी दुनिया समझ रही है। लिहाजा उसी की तर्ज पर कई मोर्चों पर जवाब देने की कवायद जारी है।

25 May 2017 9:46 pm
सीमा पर ‘वीडियो युद्ध’

मंगलवार को भारतीय सेना ने नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों को ध्वस्त करने का वीडियो दिखाया तो बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने भी अगले दिन ठीक उसी तर्ज पर भारतीय चौकियों को भारी गोलाबारी से उड़ा देने का वीडियो जारी कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक्स पर भारत-पाक के दावों और टीवी चैनलों पर दोनों तरफ से जवाबी हमलों के साथ अब ‘

25 May 2017 9:44 pm
ईरान पर ट्रंप के निशाने के निहितार्थ

ईरानियों को लगता है कि सऊदी अरब से लेकर इस्राइल की यात्रा के दौरान ट्रंप के दिमाग़ में कोई खुराफात चल रही थी, जिसके ख़तरनाक नतीज़े आने वाले दिनों में शायद मध्य-पूर्व के देशों को देखने को मिलें।

24 May 2017 8:33 pm
भावनात्मक रूप से जुड़ेंगे लोग

खानपान की शहरी आदतों पर हमारी नजर तभी जाती है जब उससे जुड़ा कोई सर्वेक्षण-अध्ययन हमारे सामने आता है और यह बताता है कि ज्यादातर शहरियों को बीमार बनाने के पीछे उनका आरामतलब लाइफस्टाइल और जंक फूड से भरपूर भोजन है।

24 May 2017 8:32 pm
कश्मीर की कसौटी

कश्मीर में पत्थरबाज़ों से निपटने के लिए एक युवक को जीप से बांधकर मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करने वाले मेजर गोगोई को सेना प्रमुख का प्रशंसा-पत्र, उनका संवाददाता सम्मेलन और अनुमानत: पाकिस्तानी सेना की अग्रिम चौकियों पर धावा बोलना, कश्मीर में अशांति से निपटने के मोदी सरकार के दृष्टिकोण की पूर्ति नहीं करते।

24 May 2017 8:26 pm
मैनचेस्टर का सबक

आतंकवाद के सबसे बर्बर चेहरे आईएसआईएस द्वारा मैनचेस्टर ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेने तथा सोशल मीडिया पर उसके समर्थकों की प्रतिक्रियाओं से इस कायराना करतूत के पीछे की हिंसक नफरत वाली मानसिकता साफ-साफ उजागर हो जाती है।

24 May 2017 8:26 pm
संस्कृति के सहारे राजनय की राह

दुनिया भर के मनुष्य मन की शांति की तलाश में हैं। सांप्रदायिक उन्माद की हिंसा-प्रतिहिंसा में झुलसते देशों को दरकिनार कर दें और आतंकवाद जनित रक्तपात को भी अनदेखा कर दें, तब भी हत्याओं, आत्महत्याओं और अपराधों ने हताशा का जो परिवेश बना दिया है, मानव उससे मुक्ति का मार्ग खोज रहा है।

23 May 2017 8:25 pm
वाटर फुटप्रिंट से आंकिए पानी की खपत

दो आंकड़े हैं। एक 1951 का और दूसरा 2001 का। भारत में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता जहां 1951 में 14180 लीटर थी, वो अब 5120 लीटर हो गई है। साल 2025 तक यह उपलब्धता घट कर करीब 3 हजार लीटर रह जाएगी।

23 May 2017 8:22 pm
दलितों का आक्रोश

रविवार को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी के झंडे तले एक ऐसे गैर सियासी दलित संगठन का उदय होते देखा, जिसका मायावती तथा उनकी दलित हितैषी पार्टी बसपा से कोई नाता नहीं। 30 वर्षीय वकील चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली इस भीम आर्मी के सात राज्यों में 40,000 के करीब कट्टर सदस्य हैं, जिनमें से अधिकांश पश्चिम उत्तर प्रदेश में सक्

23 May 2017 8:19 pm
अक्षम्य लापरवाही

छात्र-छात्राओं की किस्मत संवारने का जिम्मा संभालने वाला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ही यदि उनके भविष्य से खिलवाड़ करने लगे तो इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। काहिली और लापरवाही का आलम देखिये कि दसवीं के टॉपर छात्र को फिस्सडी घोषित कर दिया गया। लापरहवाही की हद देखिये कि बोर्ड के इतने बड़े अमले की इस चूक पर नजर नहीं गई कि हजारो

23 May 2017 8:18 pm
सड़क दुर्घटनाएं रोकने को कारगर पहल

भारत में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनायें होती हैं, जिनमें कम से कम डेढ़ लाख व्यक्ति अपनी जान गंवा देते हैं। इन दुर्घटनाओं में शराब के नशे में तेज रफ्तार वाहन चलाने की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। शायद इसीलिये पिछले साल दिसंबर में उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों से शराब की दुकानों को हटाने और उन्हें कम से कम पां

22 May 2017 8:52 pm
रणनीतिक विनिवेश बेहतर विकल्प

एनडीए सरकार ने केन्द्रीय सार्वजनिक इकाइयों के विनिवेश में तेजी हासिल की है। बीते तीन वर्षों में सरकार ने 29,000 करोड़ प्रति वर्ष की रकम इन इकाइयों के शेयरों की बिक्री करके हासिल की है। यूपीए सरकार ने इसके पूर्व के तीन वर्षों में केवल 19,000 करोड़ प्रति वर्ष की रकम हासिल की थी। इस बिक्री में समानता यह थी कि इकाइयों पर नियंत्रण सरकार का

22 May 2017 8:48 pm
रूहानी की नयी कहानी

लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीतकर ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने दुनिया के साथ बातचीत और विकास का रास्ता चुना है। कट्टरपंथी प्रतिद्वंद्वी इब्राहिम रईसी को भारी मतों से परास्त कर ईरान के जनमानस ने भी दुनिया को बताया है कि देश तरक्की की राह पर जाना चाहता है। सही मायनो में पश्चिमी देशों के साथ हुए ऐतिहासिक समझौते और तर

22 May 2017 8:45 pm
ईवीएम की चुनौती

देर से ही सही, अंतत: चुनाव आयोग इस बात पर सहमत हुआ है कि सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल आयोग के मुख्यालय आकर यह साबित करें कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ हो सकती है। कुछ राजनीतिक दलों ने आशंका जताई थी कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। आयोग ने ऐसी शंकाओं के निवारण के लिए 3 जून से ईवीएम ‘हैकथान’ शुरू करने का निर्णय लि

22 May 2017 8:44 pm
दरकना आधार का

आधार को तो हमेशा मजबूत ही होना चाहिए जी। पर यह जो हमारा आधार है, जो हमारी पहचान है, वह इतना वीक है कि लीक हो जाता है। बात सिर्फ धोनी की नहीं है। उनके आधार का ब्योरा लीक हुआ और उनकी पत्नी ने शिकायत की तो हल्ला मच गया। पर इधर सुना है लाखों आधार के ब्योरे लीक हो गए। अभी तक पानी के पाइप लीक होने की बात ही सुनते थे।

21 May 2017 8:26 pm
शारीरिक भाषा से जीत की लय

हर व्यक्ति की खाने और पहनने के संदर्भ में पसंद अलग-अलग होती है। किसी को करेले की सब्जी बहुत अच्छी लगती है तो किसी को उसे देखते ही घृणा होने लगती है। कुछ लोगों का मूंगफली और चने खाते ही पेट दर्द होने लगता है तो वहीं कुछ लोगों को चने और मूंगफली खाकर अपने अंदर असीम ऊर्जा की अनुभूति होती है।

21 May 2017 8:25 pm
कसौटी पर तीन साल का गुणगान

भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के आम चुनाव को देखते हुए दो साल पहले ही अपना प्रचार शुरू कर दिया है। तीन साल पुरानी नरेंद्र मोदी सरकार को ऐतिहासिक उपलब्धियों वाली बताया जा रहा है और भक्तगण उन्हें देवता-तुल्य बताते नहीं अघाते। हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार द्वारा आयोजित वार्ता में पूर्व संपादक और वर्तमान में विदेश राज्यमंत्री एम.जे.

21 May 2017 8:24 pm
खट्टर से खुश शाह

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन से इनकार के बाद संभव है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विरुद्ध असंतुष्ट गतिविधियां मंद पड़ जायें, लेकिन किसी भी सरकार के कामकाज की अंतिम जज जनता होती है। इसलिए खट्टर को चाहिए कि आलाकमान की इस क्लीन चिट से आत्ममुग्ध होने के बजाय दिनोंदिन बिगड़ती कानून व्यवस्था

21 May 2017 8:22 pm
नये विमर्शों की तलाश

इन दिनों साहित्य के दायरे का विस्तार हुआ और कई अन्य तरह का लेखन भी साहित्य के केंद्र में आया। सिनेमा, खेल आदि पर लेखन शुरू हुआ। परंतु अब भी कई क्षेत्र हैं, जिन पर लिखा जाना शेष है। हिंदी में साइंस फिक्शन की तरफ अभी भी लेखकों की ज्यादा रुचि दिखाई नहीं देती। साहित्य को लेकर हिंदी में लंबे समय से कोई विमर्श भी नहीं हुआ।

20 May 2017 8:45 pm
अस्वस्थ समाज की नब्ज पर हाथ

व्यंग्य साहित्य की स्वतंत्र विधा बन जाने के बावजूद भी साहित्य में अकसर यह विचार-विमर्श बराबर होता रहा है कि जब साहित्य की हर विधा में किसी न किसी रूप में व्यंग्य के तत्व विद्यमान रहते हैं तो व्यंग्य विधा के रूप में अलग से क्यों? जबकि दूसरी ओर व्यंग्य एक स्वतंत्र साहित्यिक विधा के रूप में स्थापित हो चुका है, क्योंकि परिस्थिति

20 May 2017 8:38 pm
जीवनी के मानकों से इतर कुछ तथ्य

स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को लेकर अनेक उत्कृष्ट पुस्तकें रची गई हैं। उनमें एक अमरेन्द्र नारायण कृत ‘एकल और शक्ति’ भी है, जो अन्य कृतियों से जरा हट के है।

20 May 2017 8:37 pm
रिश्तों की गरिमा का रचनाकर्म

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 4 फरवरी, 1947 को जन्मे सुरेश उनियाल की कहानियों में अनुभव और पर्यवेक्षण की रचनात्मक समृद्धि के साथ मानवीय संबंधों की गरिमा अपनी उपस्थिति दर्ज कराती चलती है।

20 May 2017 8:36 pm
कलम, दवात…कहां अब वह बात

कुछ दिन पहले किसी को फाउंटेन पेन से लिखते देखा। घुमावदार लिखावट, कैलीग्राफी जैसी। मुझे ठीक-ठीक याद नहीं, इससे पहले मैंने ऐसी लिखावट कब देखी। कई पुरानी बातें याद आयीं। ग्यारहवीं कक्षा। केमिस्ट्री के एक प्रोफ़ेसर मोल कॉन्सेप्ट पढ़ाते थे। उनसे जुड़ी दो बातें याद हैं-उनकी बंधी हुई चुटिया और लिखावट।

19 May 2017 8:58 pm
भीतर की बेचैनी से भाषा में हड़बड़ी

सोशल मीडिया ने भाषा को भ्रष्ट किया है। इस भ्रष्ट भाषा के चलते हर भाषा अपनी अस्मिता खोती जा रही है और उसमें लालित्य की बजाय एक तरह की हड़बड़ी आ गई है, जिसमें न तो चिंतन है, न मनन और न ही संस्कार।

19 May 2017 8:57 pm
बुद्धिमान सलाहकार मित्र हो राष्ट्रपति

अगले दो सप्ताह बाद 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए कवायद शुरू हो जाएगी। हालांकि कुछ राजनीतिज्ञों और प्रबंधकों ने प्रणब मुखर्जी का उत्तराधिकारी चुनने के लिए पहले ही दांवपेच लगाना व परिश्रम शुरू कर दिया है। इससे किसी को आश्चर्य नहीं होगा कि राजेंद्र प्रसाद के कार्यकाल से ही अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों की भांति प्रणब मुखर्

19 May 2017 8:56 pm
स्वार्थ का दान

विख्यात संत जुन्नैद अपनी मस्ती में इधर से उधर घूमा करते थे। उनकी ख्याति सुनकर एक बार नगर के एक जाने-माने धनी सेठ भी उनके दर्शनों के लिए आ पहुंचे।

19 May 2017 8:54 pm
आसमान से आग

अंडमान निकोबार में निर्धारित समय से तीन दिन पहले मानसून की फुहार को देश की जनता ने एक उम्मीद के रूप में महसूस किया। आशा जगी की देर-सवेर मानसून आ ही जायेगा। यूं तो केरल में मानसून की दस्तक एक जून तक विधिवत मानी जाती है। कहना जल्दबाजी होगा कि वहां भी वह समय से पहले पहुंचेगा।

19 May 2017 8:53 pm
श्रीनगर से श्रीगणेश

आखिरकार आजादी के बाद देश में आर्थिक सुधारों की सबसे बड़ी पहल की तस्वीर सामने आ गई है। जीएसटी के क्रियान्वयन को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाकर राजग सरकार ने तमाम बाधाओं को पार कर इसे एक जुलाई से लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। यह महत्वाकांक्षी आर्थिक नीति ऐसे समय सिरे चढ़ रही है, जब केंद्र सरकार के तीन वर्ष पूरे हो रहे हैं।

19 May 2017 8:53 pm