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राय और ब्लॉग्स / लेजेंड न्यूज़

चीन को क्‍यों खटकते हैं भारत के भूटान से रिश्‍ते ?

पिछले दो महीने से भूटान में डोकलाम सीमा पर भारत और चीन के बीच तनातनी जारी है. दोनों देशों की

17 Aug 2017 2:01 pm
बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने अपने पहले दो स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ही मनाए थे

बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने अपने पहले दो स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ही मनाए थे, लेकिन जिन्ना की मौत

15 Aug 2017 2:14 pm
शायद योगी भी अब समझ गए कि सरकारें लाचार क्यों दिखने लगती हैं ?

मुख्यमंत्री बनने से पहले इंसेफ़ेलाइटिस की जंग के अग्रणी योद्धा रहे योगी आदित्यनाथ तब लगातार कहते थे, “पिछले चौदह सालों

14 Aug 2017 3:39 pm
देशभक्ति और कृष्णभक्ति के पर्व हैं स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी

71वें स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष आलेख इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दोनों

13 Aug 2017 9:06 pm
सावधान! कन्‍हैया निशाने पर हैं…

जन्‍माष्‍टमी को दो दिन बचे हैं और मथुरा के मंदिरों-घाटों-आश्रमों-गेस्‍ट हाउसों में भारी भीड़ है। इस भीड़ में अधिकांशत: पूर्वी

13 Aug 2017 3:35 pm
जाते-जाते अंसारी साहब…शहर के कुछ बुत ख़फ़ा हैं इसलिये, चाहते हैं हम उन्हें सज़दा करें

बुद्धिमत्‍ता जब अपने ही व्‍यूह में फंस जाए और पाखंड से ओवरलैप कर दी जाए तो वही स्‍थिति हो जाती

11 Aug 2017 3:38 pm
पाकिस्‍तान के लिए ”बाबा-ए-क़ौम” और हिंदुस्‍तान के लिए ”हिकारत”

मोहम्मद अली जिन्ना को पाकिस्तान में क़ायदे-आज़म कहते हैं. आम पाकिस्तानी उन्हें बाबा-ए-क़ौम कहकर बड़े सम्मान से याद करता है

10 Aug 2017 11:46 am
क्‍या उत्तर कोरियाई मिसाइलों की जद में है अमरीका ?

इसे जानना अंसभव है कि उत्तर कोरिया के पास वास्तविक परमाणु क्षमता कितनी है. उत्तर कोरिया दावा करता है कि

9 Aug 2017 3:39 pm
चोटी कटवा: खौफ़ की मौत तो जाहिल मरा करते हैं

सबसे पहले एक शेर- बड़े खौफ़ में रहते हैं वो, जो ज़हीन होते हैं मगर खौफ़ की मौत तो जाहिल

5 Aug 2017 3:16 pm
कश्‍मीर के अंदर भी है एक अलग कश्‍मीर

कश्मीर के अनंतनाग में एक गांव है छत्तीसिंहपुरा. सेब के बागीचों के बीच बसे इस ख़ूबसूरत गांव से होकर एक

4 Aug 2017 12:13 pm
स्वराज तो मिल गया लेकिन सुराज का आज भी देश को इंतजार है- डॉ. नीलम महेंद्र

अगस्‍त का महीना ही वो महीना है जिसमें हमें एक लम्बे संघर्ष के बाद स्वराज तो मिल गया लेकिन सुराज

1 Aug 2017 4:12 pm
सरहदें अच्छी भी होती हैं और खराब भी

सरहदें अच्छी भी होती हैं और ख़राब भी. अच्छी इसलिए की सरहदें किसी मुल्क को उसके वजूद का एहसास दिलाती हैं.

1 Aug 2017 3:12 pm
जरनल परवेज़ मुशर्रफ़ का सोशल मीडिया पर पैगाम और अदालत से दरख़्वास्त

जरनल परवेज़ मुशर्रफ़ तो आपको याद होंगे ही. अरे कैसे भूल सकते हैं उन्हें, वही करगिल वाले, वही जिन्होंने नवाज़

31 Jul 2017 2:44 pm
महिलाओं के उस “पहले दिन” की FOP Leave पर हायतौबा क्‍यों

डिजिटल प्रगति अब हमारे समय का सच है इसलिए अब इसके बिना सामाजिक या आर्थिक प्रगति के बारे में सोचा

20 Jul 2017 3:49 pm
धर्म की दीमकें

इस विषय पर मैं पहले भी काफी लिखती रही हूं और आज फिर लिख रही हूं क्‍योंकि यह विषय  मुझे

13 Jul 2017 2:55 pm
इमरजेंसी पर आज बस इतने ही हैं शब्‍द

इमरजेंसी पर आज बस इतना ही कह सकती हूं  कि…इतिहास की एक घटना जिसने भारतवर्ष की  राजनैतिक दिशा-दशा, आरोह-अवरोह, घटना-परिघटना,  विचारधाराओं का विचलन और समन्‍वय के साथ-साथ  हमारी पीढ़ियों को लोकतंत्र की उपयोगिता व संघर्ष को  बखूबी परिभाषित कर दिया….उसे शब्‍दों में समेटा नहीं  जा सकता। इमरजेंसी के दौरान राजनेताओं और उनके समर्

25 Jun 2017 8:16 pm
गंगोत्री के हरे पहरेदारों की पुकार सुनो

एक ओर ‘नमामि गंगे’  के तहत् 30 हजार  हेक्टेयर भूमि पर वनों के रोपण का लक्ष्य है तो दूसरी ओर गंगोत्री से हर्षिल के बीच हजारों हरे देवदार के पेडों की हजामत किए जाने का प्रस्ताव है। यहां जिन देवदार के हरे पेडों को कटान के लिये चिन्हित किया गया हैं, उनकी उम्र न तो […]

10 Jun 2017 8:01 pm
अब किसान जागा है तो पूरा जागे, आखिर कब तक केवल मतदाता बना रहेगा

अब किसान जागा है तो पूरा जागे,वो इस बात समझे कि भले ही अपनी फसल वो एक या दो रुपए में बेचने को विवश है लेकिन इस देश का आम आदमी उसके दाम एक दो रूपए नहीं कहीं ज्यादा चुकाता है तो यह सस्ता अनाज किसकी झोलियाँ भर रहा है? किसान इस बात को समझे […]

9 Jun 2017 3:28 pm
पौधों को वृक्ष बनने के लिए किसी मार्केटिंग की जरूरत नहीं

मुनव्‍वर राणा साहब लिखते हैं कि – सो जाते हैं फुटपाथ पे अखबार बिछाकर, मजदूर कभी नींद की गोली नहीं खाते… ये अशआर पढ़ते हुए हम भूल जाते हैं कि अब हमें उल्‍टे कदमों पर चलना सिखाया जा रहा है  और ये प्रयास पूरी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। जी हां, तनाव का […]

8 Jun 2017 3:23 pm
बीफ पर बात करने से पहले ज़रा ये सच भी जान लीजिए-

पूर्वाग्रह व्‍यक्‍ति के प्रति हों, समाज के प्रति अथवा राजनैतिक पार्टी के प्रति, किसी  भी विषय पर तिल का ताड़ बनाने और उसी आधार पर शंकाओं को वास्तविकता  जैसा दिखाने का माद्दा रखते हैं। रस्‍सी को सांप बनाकर पेश करने की यह ज़िद  किसी के लिए भी अच्‍छी नहीं होती। यही पूर्वाग्रह रीतियों को कुरीतियों […]

3 Jun 2017 5:20 pm
सहारनपुर: हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की

शायर हसनैन आक़िब का एक शेर है – हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की हर इक घोटाले के पीछे वज़ीर रहते हैं। सहारनपुर हिंसा पर जो सवाल उठ रहे  हैं उनके जवाब अभी तो कोई नहीं देगा मगर सवाल तो उठ रहे हैं ना कि  क्‍या हिंसा सिर्फ राजनीति से प्रेरित होती है, […]

25 May 2017 2:18 pm
भ्रष्टाचार की दो दुकान:सूचना का अधिकार और उपभोक्ता संरक्षण

लोकतंत्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता के हित के लिए बने कायदे कानून आम जनता के लिए दूर की कौड़ी होते हैं और भ्रष्टाचार बनाम नई दुकानदारी के साधन होते हैं। इन्हीं आमजनता के हितकारी (जैसा कि कहा जाता है) कायदे कानून नियमों से लबरेज हैं उपभोक्ता संरक्षण और सूचना का […]

24 May 2017 8:07 pm
क़ाजी नजरुल इस्लाम- एक विद्रोही जनकवि जो अपनी उम्र के आखिरी तीन दशक तक खामोश रहा

क़ाजी नजरुल इस्लाम- एक विद्रोही जनकवि जो अपनी उम्र के आखिरी तीन दशक तक खामोश रहा काजी नजरुल इस्लाम नाम

24 May 2017 5:15 pm
95 फीसदी भारतीय इंजीनियर अनफिट

ज्‍यादा पहले की बात नहीं है जब इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट को मेडिकल की ही तरह सफलता का पर्याय माना जाता था। बच्‍चों से यह पूछा जाता था कि वे बड़े होकर डॉक्‍टर बनेंगे या इंजीनियर बनेंगे। आज देश में ढेर सारे इंजीनियर हैं जिनमें से अधिकांश रोजगार योग्‍य नहीं हैं। कुछ वर्षों पहले एक मैककिन्‍से रिपोर्ट […]

23 May 2017 8:01 pm
कल तक जो जज भ्रष्ट और दलित के प्रति पूर्वाग्रही थे, आज वही न्यायमूर्ति कैसे हो गये?

सजा से बचने के लिये मन्दिर ढोकते फिर रहे और सुप्रीम कोर्ट के जिन जजों को भ्रष्टाचार के आरोपी बनाया, उन्हीं जजों से न्याय की गुहार करते फिर रहे कलकत्ता हाई कोर्ट के सजा प्राप्त जस्टिस सीएस कर्णन का हम आम लोगों द्वारा समर्थन करने का निर्णय क्या उचित था? अत: *आज हमें खुद अपनी […]

18 May 2017 6:27 pm
मातृ दिवस पर विशेष : बेसन की सोंधी रोटी… के बाद की यात्रा

मातृ दिवस पर विशेष आज मातृदिवस पर कुछ लिखना था तो सोचा वही क्‍यों ना लिखूं जो कई सालों से

14 May 2017 9:44 am
बेलगाम बरकती

ये कैसा  पागलपन है, ये कैसी बदहवासी है कि भाजपा और संघ में शामिल होने वाले  मुसलमानों के खिलाफ टीपू

10 May 2017 7:59 pm
11 Apr 2017 4:33 pm