राय और ब्लॉग्स / लाइव हिन्दुस्तान
फाइलों की दुनिया अजीब थी। एक काम के लिए एकाधिक फाइलें थीं। काम भले न संभले, फाइल संभालना वैश्विक मजबूरी थी। दफ्तर-दफ्तर की यही व्यथा थी। स्विट्जरलैंड
अपनी संतान को शिक्षित और स्वावलंबी बनते देखकर हर माता-पिता को गर्व होता है। होना भी चाहिए। चंद संततियों को छोड़ दें, तो बेटे-बेटी भी माता-पिता के त्या
आंकड़ों से साफ जाहिर हो जाता है कि किशोर और नौजवान व्यथित क्यों हैं? हमारेराजनेता सियासी कलह छोड़कर इस मुद्दे पर कुछ गंभीर मंत्रणा क्यों नहीं करते हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ का जो शब्द इस्तेमाल किया, उसने देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। भारत में नक
बीते 15 अगस्त, 2026 को देश की आजादी के जलसे को लाल किले के प्राचीर से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया जुमला उछाला- ‘दिमागी नक्सल’
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तीस्ता नदी का विवाद दशकों पुराना है, लेकिन ढाका का ताजा रुख इसलिए विवादास्पद माना जा रहा है, क्योंकि उसके बयान और कद
मौजूदा राजनीति में, जब विरोधी असल मुद्दों पर जीत नहीं पाते, तो वे एक पुरानी और घिनौनी चाल का सहारा लेते हैं। वे ‘विरोधियों’ की नजदीकी महिलाओं को मोहरे
काबुल पर 15 अगस्त, 2021 काे तालिबान ने कब्जा किया था, यानी अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के पांच वर्ष हो गए, मगर आज भी यह मुल्क एक ऐसी विरोधाभासी स्थि
दिल्ली उच्च न्यायालय में एक वकील ने जब यह तर्क दिया कि ‘लड़की ने जींस और टॉप क्यों पहना था?’ तो न्यायाधीश ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए साफ-साफ कहा क
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् पर छिड़ा विवाद दुखद और गैर-जरूरी है। काश! इस मामले में राजनेताओं में परस्पर सहमति बन जाती, तो अनावश्यक चर्चा को बल नहीं मिलता।
मधुबन बापूधाम योजना में अपनी जमीन, अपना आसमान के तहत बुधवार को हिंदी भवन में ऑनलाइन ई-लॉटरी का आयोजन किया, जिसमें 109 भूखंडों को आवंटित किया गया। इसके
किसी साधक ने सवाल किया है कि क्या वाकई यह जगत स्वप्न से अधिक कुछ नहीं है? स्वप्न जब तक रहे, तब तक उसे सत्य मानने में क्या गलती है? आप पूर्णतया असंभव घ
कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया/ बदरिया घेरि आइल ननदी/ तू त जात हउ अकेली/ कौनो संग न सहेली... जी हां, ऐसे मधुर कजरी गीत सावन के महीने में ही सुनाई पड़ते
अक्षय ऊर्जा दिवस 20 अगस्त को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2004 में इस दिवस को मनाने का शुभारंभ किय
अपनी पत्रकारिता के दौर में मैं राजीव गांधी से अक्सर मिला करता था। इन मुलाकातों के दरम्यान कई बार उन्होंने यह कहा कि तुम पत्रकार हो, मेरी आलोचना भी लिख
शासन-प्रशासन की छोटी-बड़ी कमियों के विरोध में देश भर में विरोध-प्रदर्शनों का माहौल बनना चिंता की बात है। दोराय नहीं कि जंतर मंतर पर हुए आंदोलन से प्रे
हर वर्ष 19 अगस्त को ‘विश्व मानवतावादी दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस केवल उन लोगों के स्मरण का अवसर नहीं है, जिन्होंने युद्ध, हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं और
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से कहा, ‘भारतीय रेल का सौ फीसदी नेटवर्क अब बिजली से चलने लगा है।’ मतलब, भारत
एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खबर आ ही गई। भारतीय जनता पार्टी के नए से पुराने हो चुके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ के खतरे से सावधान किया है। यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण ह
माता-पिता अपने बच्चों की परवरिश में जिंदगी का हर दुख भूल जाते हैं। उनकी आंखों में बस एक सपना होता है कि बच्चे बड़े होकर सफल हों और जीवन की ढलती शाम मे
अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय की सरकार ने तमिलनाडु की सत्ता में 100 दिन पूरे कर लिए। इसमें कोई शक नहीं कि उनके सुपरस्टार होने की वजह से उन्हें अपन
भारतीय एथलीटों ने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में और फिर यूजीन अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करके जता दिया है कि अब हम भी विश्व स्
घर को मनुष्य के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि महिलाओं और बच्चों के लिए यही घर अब भय, अपमान और हिंसा का केंद्र बनने लगा
जिसका डर था, वही खतरा अब सामने आ खड़ा हुआ है। बरसों से काबू में चल रही महंगाई ने धीरे-धीरे ही सही, मगर सिर उठाना शुरू कर दिया है। खुदरा महंगाई जुलाई म
एक दिन उसने धमकी दी, मैं तुम्हें ब्लॉक कर दूंगा। मैंने कहा, कर दो ब्लॉक, उससे क्या हो जाएगा? तुम हो कौन? अपने को क्या समझते हो? क्या तुम खुदा हो? बात
वह एक ऐसा मध्यवर्गीय अमेरिकी परिवार था, जिसमें बच्चे बड़े शरारती थे। बच्चों को न पिता टोकते थे और न मां डांटती थीं। उसी परिवार में एक बच्ची थी, जिसके
हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा- यह कोई नारा नहीं है, हालांकि इसे उपदेश देने या नारे के रूप में ही ज्यादा इस्तेमाल किया गया, जबकि यह तो विशुद्ध जीवन-दर्शन है।
हम अगले दशक में बुढ़ाने लगेंगे। क्या हम उस चुनौती के लिए तैयार हैं? इस मुद्दे पर अभी से सोचना होगा। क्यों न इस विचार यात्रा का आरंभ आज से ही किया जाए?ह
आज भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि ऐसे राष्ट्र का निर्माण भी होता है, जहां प्रत्
जब मैं तिरंगे का मतलब खास कुछ नहीं समझता था, तब भी मुझे खुले आसमान में लहराता, हवा के साथ बल खाता तिरंगा बहुत आकर्षित करता था। सुंदर तो यह मुझे आज भी
बीसवीं सदी ने अपनी शुरुआत बारूद और बेड़ियों से की थी। उपनिवेशवाद अपने चरम पर था, दुनिया के तीन-चौथाई मनुष्य किसी दूसरे देश की ‘संपत्ति’ थे और फिर दो म
अगस्त 15...स्वतंत्रता दिवस...तिरंगा...लाल किले के प्राचीर पर उसका फहराया जाना... साल 1960 या 1961... मैं पंद्रह-सोलह साल का हूं। मां से अनुमति लेकर वि
भारत की स्वतंत्रता आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा है। जब भारत की स्वतंत्रता की बात होती है, तब अनायास एक ब्रिटिश प्रधानमंत्री की नकारात्मक टिप्पणी की या
देश में परीक्षा-प्रणाली में सुधार की मांग व्यापक छात्र आंदोलन के बाद तेज हुई है। छात्र पेपर लीक से कहीं अधिक नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित थे
सभ्यता को सबसे गहरा घाव किसी युद्ध, महामारी या आर्थिक संकट ने नहीं, उस चमकती स्क्रीन ने दिया है, जिसे हमने सुविधा समझकर जीवन का केंद्र बना लिया। इतिहा
मुंबई में एक व्यक्ति ने आतंक-निरोधी एजेंसी का कथित अधिकारी बनकर एक रिटायर डॉक्टर को फोन किया और आतंकियों को धन देने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘डिजिटल अ
भारतीय आकाश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा का सपना साकार होने की ओर बढ़ चला है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विश्वास जताया है कि भा
आज से ठीक 84 साल पहले 9 अगस्त, 1942 को देश की सड़कों पर ऐसा जनसैलाब उमड़ आया था, जिसकी स्मृतियां आज भी भारतीयों को प्रेरित करती हैं। 9 अगस्त को ही ‘भा
अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ की ओर खिसकते हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती यही है। हमें अपनी प्रतिभाओं के संरक्षण और संवर्द्धन पर ईमानदारी से काम करना हो
संयुक्त राष्ट्र की सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट- 2026 के अनुसार, दुनिया भर में सार्वजनिक अधिकारियों से संपर्क करने वाले लगभग 17 प्रतिशत लोगों ने बताया कि
तीन महीने से भी कम समय में, अभिजीत दीपके की इंस्टाग्राम पर बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने वह कर दिखाया, जो कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां मोदी सरका
भारत के हालिया इतिहास पर नजर डालें, तो पता चलता है कि कुछ आंदोलन सफल राजनीतिक पार्टियों में तब्दील हो गए, मगर कुछ सफल तो हुए, पर राजनीतिक दल नहीं बन प
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ज्यादा समय लिए बगैर आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। सीबीआई ने साफ कर दिया कि यह लीक अचान
एक विकसित राष्ट्र का निर्माण सिर्फ तकनीक से निर्धारित नहीं होता, बल्कि अपनी स्थायी खूबियों को प्रगति के वाहक के रूप में बदल सकने की उसकी क्षमता से भी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का बुधवार का संबोधन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान होने के साथ-साथ अपने समर्थकों के मन को टटोलने का एक गंभीर प
आखिरकार बॉम्बे उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने पूर्व मीडिया हस्ती तरुण तेजपाल को यौन दुराचरण मामले में दस साल कठोर कारावास की सजा सुना दी है। आरोपी पक्ष
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर एनडीएमसी पालिका मैटरनिटी हॉस्पिटल ने गर्भवती एवं नवप्रसूता माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस
हिमालयी क्षेत्र में बसे नगर कभी अपनी स्वच्छ जलधाराओं, प्राकृतिक ढाल व जल निकासी व्यवस्था के कारण जाने जाते थे। आज स्थिति इसके उलट दिखाई देती है। उत्तर

29 C 