सनातन धर्म की सर्वप्रमुख और पवित्र नगरी हरिद्वार (Haridwar) से एक ऐसा शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। मां गंगा के सबसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों में से एक, वीआईपी घाट (VIP Ghat) इन दिनों एक बेहद फूहड़ विवाद की वजह से देश भर में चर्चा का विषय बन गया है।जहां देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु मोक्ष, आत्मिक शांति और आस्था की डुबकी लगाने आते हैं, वहां तेज आवाज में बज रहे अश्लील गानों पर बार बालाओं के डांस का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद तीर्थनगरी के साधु-संतों, पुरोहितों और विभिन्न धार्मिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।किसानों के महाकुंभ में मर्यादा तार-तार: क्या है पूरा मामला?यह पूरा बखेड़ा ‘किसानों का महाकुंभ’ नाम के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान खड़ा हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य: इस मंच को किसानों की गंभीर समस्याओं, उनकी फसलों के उचित दाम और उनके अधिकारों पर चर्चा करने के लिए सजाया गया था।मनोरंजन का फूहड़ तड़का: स्थानीय लोगों और इनपुट्स के अनुसार, कार्यक्रम में भीड़ जुटाने या मनोरंजन के नाम पर आयोजकों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। गंभीर और वैचारिक मुद्दों पर बात होने के बजाय अचानक मंच पर डांसरों के अश्लील ठुमके लगने लगे।बना विवाद का कारण: जिस पावन गंगा तट पर सुबह-शाम मंत्रोच्चार, शंखनाद और पावन गंगा आरती की गूंज होनी चाहिए, वहां लाउडस्पीकर पर फूहड़ बॉलीवुड गाने बज रहे थे। किसी जागरूक नागरिक ने इस पूरे कृत्य का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह विवाद पूरे देश में फैल गया।संतों का भारी आक्रोश: हरिद्वार कोई पिकनिक स्पॉट नहीं हैवीडियो के वायरल होते ही हरिद्वार की सर्वोच्च संस्था गंगा सभा के पदाधिकारियों और स्थानीय अखाड़ों के साधु-संतों में भारी उबाल देखने को मिल रहा है। संतों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे सनातन धर्म और हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार बताया है।संतों का कड़ा संदेश: वीआईपी घाट जैसे अति-संवेदनशील और पूजनीय स्थान पर इस तरह की फूहड़ता फैलाना अक्षम्य अपराध है। हरिद्वार एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र है, कोई पिकनिक स्पॉट नहीं। घाटों पर इस तरह की अश्लीलता फैलाकर धर्मनगरी की वैश्विक छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश की जा रही है, जिसे हिंदू समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।पुलिस और जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई की तैयारीसाधु-संतों और धार्मिक संगठनों के बढ़ते दबाव और आक्रोश के बीच उत्तराखंड का जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है।1.लिखित शिकायत और मांग:कदम 1.धार्मिक संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।2.अनुमति की जांच:कदम 2.प्रशासन इस बात की गंभीरता से जांच कर रहा है कि आखिर इतने संवेदनशील और पवित्र घाट पर इस प्रकार के फूहड़ सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति किस विभाग या अधिकारी ने और किन शर्तों पर दी थी।3.वायरल वीडियो से पहचान:कदम 3.हरिद्वार पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आयोजकों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ ऐसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सके, जिससे भविष्य में कोई भी दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके।इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सख्त निर्देशों के तहत तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा घाटों पर गश्त और सख्त गाइडलाइंस लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
न्यूज़ इंडिया लाइव
10 Jul 2026 8:47 am

