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Yes Milord: दिल्ली में 75 लाख नाम कटने का खतरा! SIR पर अब 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में क्या होने वाला है?

चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर सवालों की कड़ी बढ़ती जा रही है। अब इस प्रक्रिया के खिलाफ एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो गई है। जिस तरह दिल्ली में एसआईआर के तहत 47 लाख नाम हटाए गए और 33 लाख लोगों को नोटिस दिया गया। उसे लेकर विवाद छिड़ गया है। चुनाव आयोग सवालों से घिर गया। कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका पर सुनवाई की मंजूरी दे दी है। तो क्या फिर सवालों से घिरा चुनाव आयोग? वोटर लिस्ट का इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग कटघरे में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट में उसकी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नई याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता अंजलि भारद्वाज और अमृता जहरी ने चुनाव आयोग पर नियमों का पालन ना करने के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि 33 लाख लोगों को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस जारी किए जाने पर याचिकाकर्ता का दावा है कि यह नाम वेबसाइट पर नहीं दिखाए गए और उन्हें नोटिस की वजह भी नहीं बताई गई। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सामने याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में मतदाता सूची से करीब 47 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा 33 लाख लोगों को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग ने उन लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं जिन्हें नोटिस भेजे गए हैं। साथ ही यह भी साफ नहीं किया गया कि किन आधारों पर उनके नामों पर सवाल उठाए गए। आयोग ने यह भी नहीं बताया कि किन मतदाताओं के रिकॉर्ड में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी यानी तार्किक विसंगतियां पाई गई और किन लोगों को अनमैप्ड की श्रेणी में रखा गया है। दरअसल दिल्ली में चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के बाद 31 अगस्त को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया जिसमें पिछली बार के 1 करोड़ 45 लाख लोगों की सूची से करीब 47 लाख नाम काट दिए गए और अब लगभग 33 लाख लोगों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी और अनमैप्ड के आधार पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। याचिका के मुताबिक, दिल्ली की 31 अगस्त की ड्राफ्ट सूची में 97,53,577 वोटर शामिल हैं। वहीं 47,56,722 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। 13,79,785 वोटर्स को 'नो मैपिंग' और 19,33,134 को 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसीज' के आधार पर नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है। इसे भी पढ़ें: Haridwar Suicide Case: निठारी कांड के मुख्य आरोपी Surendra Koli ने क्यों बदली Identity? जांच में जुटी Police बेघर, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स के लिए 23-24 सितंबर को स्पेशल कैंप एसआईआर के दौरान बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। दिल्ली के 13 जिलों में ये कैंप 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक डीयूएसआईबी के नाइट शेल्टर और दूसरे चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे। कैंप में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों को पहचान, पते और जरूरी डॉक्यूमेंट देने में कई बार परेशानी होती है। कुन्ने बोले- मैं जिंदा हूं, SIR ने बताया 'मृत' स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में एक और जीवित शख्स का नाम डेथ लिस्ट में डालने का मामला सामने आया है। लाल गुम्बद के रहने वाले कुन्ने लाल (60) ने विडियो जारी कर कहा है कि वो जीवित है। वह 50 साल से इसी इलाके में रह रहे हैं और पिछले चुनावों में वोट देते रहे हैं। कुन्ने लाल की नातिन अनीता ने बताया कि दादाजी ठीक हैं। परिवार में पिता-माता, भाई और उनकी पत्नी और बाकी सभी के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में हैं, सिर्फ दादा का नाम नहीं है। दो दिन पहले एनजीओ में काम करने वाली एक महिला ने परिवार को बताया कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। अनीता के मुताबिक, जब एन्युमरेशन फॉर्म भरे जा रहे थे, तब कुन्ने लाल गांव में थे। परिवार ने इसकी जानकारी दी थी। अधिकारी ने कहा था कि उनका फॉर्म बाद में भरवा लिया जाएगा लेकिन कोई फॉर्म भरवाने नहीं आया। अब पता चला कि उनका नाम डेथ लिस्ट में डाल दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Two Language Policy | तमिलनाडु में 'भाषा युद्ध' पार्ट-2! सुप्रीम कोर्ट की नसीहत के बाद भी दो-भाषा नीति पर अड़ी विजय सरकार, DMK-TVK आए साथ 16 दिन में मिले सिर्फ 68 हज़ार दावे दिल्ली में SIR के तहत क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए करीब 47.5 लाख वोटर्स की तुलना में नाम जुड़वाने के लिए आने वाले आवेदनों की रफ्तार अभी भी धीमी है। 31 अगस्त से 16 सितंबर तक 16 दिनों में कुल 68.043 लोगों ने फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। क्लेम और ऑब्जेक्शन दर्ज कराने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के 17 सितंबर के आआंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त तक 2,12,400 फॉर्म-6 प्राप्त हो चुके थे। इसके बाद 16 दिनो में 68,043 नए आवेदन आए है।

प्रभासाक्षी 19 Sep 2026 1:43 pm

Haridwar Suicide Case: निठारी कांड के मुख्य आरोपी Surendra Koli ने क्यों बदली Identity? जांच में जुटी Police

निठारी हत्याकांड के आखिरी बचे मामले में बरी हुए सुरेंद्र कुमार कोली ने अपने आखिरी कुछ हफ़्ते हरिद्वार में सदा राम नाम से बिताए। शुक्रवार को भूपतवाला में चाय की एक छोटी सी दुकान के अंदर वह फंदे से लटके हुए पाए गए। पुलिस ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार था। हालांकि, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। अपनी मौत से करीब 25 दिन पहले, 28 साल के जय कश्यप एक दोस्त के घर पर कोली से मिले थे, क्योंकि उनसे कोली के रहने की जगह ढूंढने में मदद करने के लिए कहा गया था। कोली ने अपना परिचय सदा राम के तौर पर दिया और कश्यप को बताया कि वह अल्मोड़ा से हैं और रहने के लिए कमरा और काम ढूंढ रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nithari Case: Surinder Koli की मौत पर पीड़िता के पिता का दावा, आत्महत्या नहीं हत्या हुई कश्यप ने उसे रोशनबाद में रहने की जगह ढूंढने में मदद की। कोली कुछ दिन वहाँ रहा, लेकिन मकान मालिक के पहचान के दस्तावेज़ मांगने पर वहाँ से चला गया। कश्यप ने बताया कि कोली अपना आधार कार्ड जमा नहीं करना चाहता था। बाद में कश्यप को पता चला कि कोली हरिद्वार जा रहा था। उसने कहा कि उसने मुझे बताया कि वह चाय की दुकान शुरू करने जा रहा था क्योंकि धर्मेंद्र भाई (धर्मेंद्र कौशिक, एक और परिचित) ने वहाँ अपने नाम पर एक दुकान किराए पर ली थी और उसे चलाने के लिए कोली को दे दी थी। उसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। कश्यप ने बताया कि मैंने एक इंसान के तौर पर उसकी मदद की थी। उन्होंने कहा कि वह अक्सर अपने इलाके में लोगों को खाली कमरे या नौकरी ढूंढने में मदद करते हैं। कोली ने कभी उन्हें नहीं बताया कि वह किसी मुसीबत में है। कश्यप ने कहा कि लेकिन मैं देख सकता था कि वह किसी बात से परेशान था। मुझे पता नहीं था कि क्यों। उसकी मौत के बाद ही कश्यप को पता चला कि सदा राम असल में सुरेंद्र कुमार कोली था, जो 2006 के निठारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में बरी कर दिया था। इसे भी पढ़ें: बहुचर्चित निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने की खुदकुशी, चाय की दुकान के अंदर रस्सी से लटका मिला शव इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कश्यप ने कहा, मुझे आज ही उसका नाम पता चला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोली अपनी मौत से करीब डेढ़ महीने पहले हरिद्वार आया था। उसी दौरान उसे एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिल गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह नौकरी छोड़ने के बाद कौशिक ने एक फर्म के ज़रिए उसे एक अपार्टमेंट में गार्ड की नौकरी दिलाने में मदद की। कोली ने वह नौकरी भी छोड़ दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपनी मौत से लगभग तीन दिन पहले कोली ने कौशिक के नाम पर भूपतवाला में लाल माता मंदिर के सामने चाय का एक छोटा सा स्टॉल किराए पर लिया था।

प्रभासाक्षी 19 Sep 2026 12:17 pm

Haridwar News: दुकान में घुसकर बाइक मैकेनिक की गोलियां मारकर हत्या

बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव शांतरशाह में सोमवार देर शाम को बाइक मैकेनिक हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

अमर उजाला 15 Sep 2026 1:52 am

Haridwar News: रावली महदूद में सड़क पर मिला नवजात, चाइल्ड लाइन को सौंपा

सिडकुल थाना क्षेत्र में तड़के एक नवजात शिशु सड़क पर पड़ा मिला। एक महिला ने कपड़े से साफ कर उसे अपने पास रखा।

अमर उजाला 14 Sep 2026 1:43 am

Haridwar News: दो बैंक खातों से 1.98 लाख रुपये निकाले, प्राथमिकी दर्ज

सिडकुल थाना क्षेत्र में रहने वाले 63 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक और उनकी पत्नी के बैंक खातों से 99-99 हजार रुपये की अनाधिकृत निकासी का मामला सामने आया है।

अमर उजाला 14 Sep 2026 1:43 am

Uttarakhand Haridwar Kanwariya Police Constable के पीछे भागा, कावड़ खंडित का आरोप लगाकर काटा बवाल

ताजा तस्वीरें उत्तराखंड के हरिद्वार की है… एक कांवड़िया पुलिस वाले पर आगबूबला हौ गया… पुलिस वाला आगे-आगे भागे औख कांवड़िया पीछे-पीछे… पुलिसवाले पर कांवड़ खंडित करने का आरोप है…

लाइव हिन्दुस्तान 6 Aug 2026 9:07 pm

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ियों ने Haridwar में तोड़ दिया कार, ड्राइवर को दौड़ा कर पिता | Sawan

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ियों ने Haridwar में तोड़ दिया कार, ड्राइवर को दौड़ा कर पिता | Sawan

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:32 pm