भास्कर अपडेट्स:अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग में 3.1 तीव्रता का भूकंप
अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिला में सोमवार रात 12.58 बजे 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन में 10 किलोमीटर नीचे था। भूकंप से किसी तरह से जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। आज की अन्य बड़ी खबरें…
मथुरा के नौहझील स्थित प्राथमिक विद्यालय के निलंबित किए गए प्रधान अध्यापक को बहाली पत्र दे दिया गया। मथुरा BSA ऑफिस पर बहाली पत्र मिलते ही शिक्षक संघ में खुशी छा गई। शिक्षक संघ ने निष्पक्ष जांच करने और प्रधान अध्यापक को सवेतन बहाली पत्र देने पर उनका आभार जताया। प्रधान अध्यापक पर भाजपा नेता ने स्कूल में नमाज पढ़ाने और राष्ट्रगान न करने के आरोप लगाए थे। BSA ने दिया बहाली पत्र सोमवार को मथुरा की बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने नौहझील प्राथमिक विद्यालय के निलंबित किए गए प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद को बहाली पत्र दे दिया। बहाली पत्र मिलते ही प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद के चेहरे पर खुशी छा गई। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी का आभार जताया। उनके साथ मौजूद शिक्षकों ने BSA को गुलदस्ता देते हुए निष्पक्ष जांच करने के लिए धन्यवाद दिया। प्रधान अध्यापक ने BSA को दिया धन्यवाद बेसिक शिक्षा अधिकारी के ऑफिस पर बहाली पत्र मिलने के बाद प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद खुश नजर आए। प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद ने बताया उनके ऊपर जो आरोप लगाए थे वह निराधार निकले। उन्होंने कहा कि जिस तरह के गंभीर आरोप लगाए गए थे उनको देखने के बाद अगर BSA की जगह में होता तो वही करता जो BSA ने किया। जान मोहम्मद ने कहा कि वह उस व्यक्ति को जानते भी नहीं है जिन्होंने शिकायत की थी। आरोप गंभीर थे इसलिए की थी कार्यवाही प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद को बहाली पत्र देने के बाद BSA रतन कीर्ति ने बताया कि आरोप गंभीर थे इसलिए निलंबित किया था। लेकिन दो सदस्यीय जांच टीम ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया,लोगों ने प्रधान अध्यापक के पक्ष में सबूत दिए,शपथ पत्र दिए। जिसके बाद उनको उसी स्कूल में बहाल कर दिया जहां वह तैनात थे। यह था मामला नौहझील प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद पर बाजना कस्बे के भाजपा के मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने 30 जनवरी को बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाए थे कि वह स्कूल में बच्चों को नमाज पढ़ाते हैं,राष्ट्रगान नहीं करते। इनकी मौजूदगी में दूर दूर से मुस्लिम तब्लीगी आते हैं। भाजपा नेता की शिकायत पर BSA रतन कीर्ति ने 31 जनवरी को जान मोहम्मद को निलबित कर दिया था। प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद के निलंबन के बाद स्कूल के बच्चे,शिक्षक और ग्रामीण उनके पक्ष में आ गए और आरोपों को बेबुनियाद,निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया था।
अजमेर का 3 साल पुराना केस। 23 नवंबर 2022 को बुधवार का दिन था। सुबह के 11 बजे रहे थे। शहर के क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र के द्वारका नगर गली नंबर-4 स्थित एक घर से अचानक महिला के चिल्लाने की आवाज आनी शुरू हो गई। महिला गिड़गिड़ा रही थी- माफ कर दो। अब ऐसा नहीं करूंगी। फिर आवाज आनी बंद हो गई। कुछ समय बाद एक व्यक्ति घर से सफेद कट्टा (बोरी) लेकर बाहर निकला। युवक ने कट्टे को तिरपाल से लपेटकर रखा था। स्कूटी पर रखते वक्त कट्टे का मुंह खुल गया। कट्टे से बाल और महिला का मुंह दिखने लगा। युवक ने हड़बड़ाहट में कट्टे का मुंह बंद किया, लेकिन तब तक वहां मौजूद पड़ोसी महिला और अन्य लोगों ने देख लिया था। युवक ने कट्टे को स्कूटी पर रखा और चला गया। लोगों ने क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। तत्कालीन सीओ छवि शर्मा और थाना प्रभारी अरविंद चारण टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां लोगों से पूछताछ की। लाश देखने के बाद से आसपास के लोग घबराए हुए थे। तभी लोगों ने घर की तरफ इशारा करते हुए बताया कि एक व्यक्ति निकला था। उसके पास एक कट्टा था। कट्टे को वह स्कूटी पर रखकर अपने साथ ले गया। कट्टे में उन्होंने एक लाश देखी थी। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने घर का ताला तोड़कर खोला तो खून के निशान मिले। तुरंत मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। कुछ घंटे बाद वही युवक अपने घर की तरफ आया। पुलिस व लोगों की आवाजाही को देखकर तुरंत वहां से निकल गया। इधर, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी चेक करना शुरू किया। फुटेज में युवक स्कूटी पर कट्टा ले जाते हुए दिखाई दिया। एक दूसरे फुटेज में वह वापस आता दिखा। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी चेक करते हुए युवक का पीछा किया। कुछ घंटे बाद युवक को बस स्टैंड के पीछे डीआरएम ऑफिस के सामने सुनसान जगह से पकड़ लिया गया। इससे पहले वह एसपी ऑफिस में भी घूमता देखा गया था। पुलिस युवक को पकड़ कर थाने लाई। सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी के घर को तुरंत सील किया। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घर के अंदर से सबूत जुटाए। यहां टीम को दो चाकू बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिए। मौके पर एफएसएल टीम से निरीक्षण करवा कर फोटोग्राफी करवाई गई। खून के सैंपल लिए गए। कल राजस्थान क्राइम फाइल्स, पार्ट -2 में पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब…
झांसी में ट्रेन वेंडर जगभान कुशवाहा हत्याकांड का 9 दिन बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। जिस युवक पर पुलिस को शक है, वह भी पुलिस को लगातार चकमा दे रहा है। गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस 9 दिन बाद भी कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई और खुद ही उलझ गई है। इस वजह से पुलिस धीरे-धीरे इस हत्याकांड के खुलासे से दूर होती जा रही है। इस हत्याकांड को पुलिस शुरूआत से ही हल्के अंदाज में ले रही थी। एक फरवरी की सुबह रेलवे स्टेशन से पुलिया नंबर 9 जाने वाले मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास झाड़ियों से जगभान का खून से सना शव बरामद हुआ था। पुलिस इसे हत्या नहीं मान रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को गोली मारकर हत्या की बात माननी पड़ी। पुलिस को जिस युवक पर शक है, वह सुराग लगने से पहले ही चकमा देकर भाग निकला। पुलस ने मध्य प्रदेश से लेकर ललितपुर तक तलाशा, मगर वो हाथ नहीं आया। वहीं, पुलिस हत्या की वजह भी मालूम नहीं कर सकी। लहरगिर्द में लोकेशन मिली थी सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल सीडीआर से भी पुलिस को बहुत अधिक मदद नहीं मिली। पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी कि हत्या से चंद घंटे पहले आखिर जगभान किसके साथ और क्यूं लहर गिर्द गया था। किस वजह से उसने अपने घर से दूरी बना ली थी। घर की जगह उसने दूसरा ठिकाना कहां बना लिया था, इस सब सवालों के भी जवाब पुलिस अब तक नहीं तलाश सकी। 9 दिन से भटकने की वजह से पुलिस पस्त पड़ती जा रही है। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि जांच चल रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा। चेन्नई जाने के लिए घर से निकाला था जगभान कुशवाहा (44) पुत्र सरमन ललितपुर के तालबेहट थाना क्षेत्र के तेरई फाटक का रहने वाला था। वह 16 साल से ट्रेन में वेंडर का काम कर रहे थे। वह चेन्नई में रहते थे। कंपनी ने पुलिस वेरिफिकेशन मांगा था। इसलिए वह 28 जनवरी को अपने घर तेरई फाटक आए थे। यहां पुलिस वेरिफिकेशन कराया। 31 जनवरी की रात को उनको झांसी से चेन्नई की ट्रेन पकड़नी थी। इसलिए शाम 4 बजे बेटे राज ने जगभान को बस में बैठाया था। झांसी पहुंचने पर वे अपने चाचा भग्गे के घर पुलिया नंबर 9 मोहल्ले में चले गए। रात को बताया कि चचेरे भाई हेमंत ने स्टेशन छोड़ दिया है। गोली मारकर झाड़ियां में फेंका 31 जनवरी की रात को जगभान की कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को पुलिया नंबर 9 से स्टेशन जाने वाले रास्ते पर हनुमान मंदिर के पास झाड़ियों में फेंका गया। 1 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजे लोगों ने लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी। जांच में जगभान की लाश के पास रोटी, पूड़ी, सब्जी और आधा पाउच शराब मिला। जबकि जेब से आधार कार्ड मिला। पुलिस ने तालबेहट पुलिस को आधार कार्ड भेजा। वहां से पुलिस ने तेरई फाटक प्रधान हीरालाल कुशवाहा को जानकारी दी। परिजनों ने झांसी आकर शव की पहचान की थी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। 3 महीने बाद घर आया था जगभान को लगभग 30 हजार रुपए सैलेरी मिलती थी। वे हर महीने खाते में पैसे भेज देते थे। इससे घर का खर्च और बच्चों की फीस जमा हो जाती थी। 3 महीने बाद पति दो दिन के लिए घर पर आए थे। अब पता नहीं उनको किसने मार डाला। गांव में जगभान की पत्नी किरन अपने दो बेटे राज (17) और अवियांश (6) और बेटी शिवानी (14) के साथ रहती थी। सास प्रेमबाई भी उनके साथ रहती हैं। छोटा भाई अशोक का परिवार थोड़ी दूर दूसरे मकान में रहता है।
बजट सत्र का मंगलवार को 10वां दिन है। 1 फरवरी को 2026 का बजट पेश किया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी, लेकिन लोकसभा में नेता विपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उठाए मुद्दों पर सदन लगातार स्थगित किया जा रहा है। सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चली। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा। राहुल गांधी ने कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए , स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। इधर, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्षी दल प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो संविधान के अनुच्छेद 94-सी के तहत यह प्रस्ताव लाया जा सकता है। अब तक 103 सांसद इस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। रिजिजू बोले- विपक्ष के पास संख्या बल कम, स्पीकर को नहीं हटा सकते स्पीकर को हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव पर केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- विपक्ष सिर्फ प्रस्ताव ला सकता है, लेकिन उनके पास संख्या बल नहीं है, इसलिए वे स्पीकर को हटा नहीं सकते। विपक्ष ने स्पीकर की टेबल पर चढ़कर प्रदर्शन करने की कोशिश की। स्पीकर के कमरे में घुसकर संसद की गरिमा का उल्लंघन किया। सरकार चाहती तो स्पीकर से सख्त कार्रवाई की मांग कर सकती थी, लेकिन 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का फैसला स्पीकर ने लिया। सरकार उससे संतुष्ट है। 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: लोकसभा हंगामे के कारण पूरे दिन स्थगित, केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे संसद में शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा- उन्हें कल सबने बालक कहा। आज PM की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना बताया गया। अगर राहुल भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं तो जिंदगी में कामयाब हो जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
बुक पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी तक पब्लिश नहीं हुई है। पब्लिशिंग के सभी राइट्स हमारे पास हैं। कंपनी ने कहा- अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है। हमारी तरफ से किताब का कोई भी हिस्सा कहीं भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। कंपनी की सफाई इसलिए आई क्योंकि बुक की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है। दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2 फरवरी को लोकसभा में भारत-चीन विवाद के मुद्दे पर किताब के अंश का हवाला दिया था, लेकिन बुक पब्लिश न होने के कारण स्पीकर ने उन्हें बोलने नहीं दिया था। तब से किताब चर्चा में है। बुक की टाइपसेट पीडीएफ कॉपी वायरल दिल्ली पुलिस ने कहा कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि किताब की एक टाइपसेट पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई गई थी। कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किताब का कवर भी बिक्री के रूप में दिखाया गया, जबकि पब्लिशर्स के लिए कोई आधिकारिक परमिशन अभी तक जारी नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच स्पेशल सेल कर रही है। यह पता लगाने में जुटी है कि पब्लिशिंग की परमिशन नहीं मिलने पर भी किताब की पांडुलिपि कहां से और कैसे बाहर आई।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी के मामले में 33 लोगों की मौत के बाद अब मरीजों के एडमिट होने का सिलसिला लगभग थम गया है। अब सिर्फ एक 57 वर्षीय महिला ही एडमिट है। वह गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि महिला इसी बीमारी के कारण HDU (High Dependency Unit) में एडमिट है। दरअसल दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। इस पर पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद उन्हें 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रैफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से उनका इलाज चल रहा है। इस बीच हालत गंभीर होने पर 20 दिन से ज्यादा समय तक वह आईसीयू, वेंटिलेटर पर भी एडमिट रहीं। परिजन के मुताबिक, अभी उन्हें ठीक होने में समय लगेगा। क्या होती जीबीएस बीमारी? जीबीएस एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इसका एक कारण गंदे पानी में पनपने वाला कैम्पीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया भी है। बीमारी के तहत हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन होता है। यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का इंफेक्शन) देखने में आता है। इसमें मरीज को ठीक होने में समय लगता है। इसमें 70% मरीज स्वस्थ हो पाते हैं। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। मरीज सांस तक नहीं ले पाता है और वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। जांच के लिए आयोग गठित मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट आदेशानुसार, पेयजल प्रदूषण और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न जनस्वास्थ्य प्रभाव और अन्य क्षेत्रों पर पड़े प्रभावों की जांच के लिए सुशील कुमार गुप्ता (पूर्व जस्टिस, मप्र हाईकोर्ट) की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया गया है। आयोग द्वारा पेयजल प्रदूषण के कारणों, संबंधित प्रशासनिक लापरवाही, दोषी व्यक्तियों की जिम्मेदारी और उनके विरुद्ध संभावित कार्रवाई, जनहानि, चिकित्सकीय प्रभाव और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक उपायों की विस्तृत जांच की जाएगी। इस संबंध में आयोग द्वारा सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इसमें भागीरथपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों के प्रभावित नागरिकों, उनके परिजनों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अस्पतालों, सामाजिक संगठनों, ठेकेदारों, शासकीय अधिकारियों अथवा किसी भी ऐसे व्यक्ति से अपील की गई है, जिसके पास इस प्रकरण से संबंधित जानकारी, दस्तावेज या साक्ष्य उपलब्ध हों। साक्ष्यों के रूप में ये दस्तावेज, विजुअल्स करें पेश आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकने वाले साक्ष्यों में पेयजल प्रदूषण से संबंधित शिकायतें या आवेदन, चिकित्सकीय अभिलेख, अस्पताल में भर्ती पर्चियां, डिस्चार्ज समरी, मृत्यु प्रमाण पत्र, जल पाइपलाइन में रिसाव या सीवरेज मिश्रण से संबंधित फोटो/वीडियो, जल आपूर्ति से जुड़े टेंडर दस्तावेज, काम आदेश, निरीक्षण रिपोर्ट या जांच के लिए प्रासंगिक कोई अन्य अभिलेख शामिल हैं। समस्त संबंधित व्यक्ति अपने लिखित अभ्यावेदन और साक्ष्य व्यक्तिगत रूप से आयोग कार्यालय स्कीम 140, आरसीएम-10, प्रथम मंजिल, आनंद वन, स्कीम नंबर 140, इंदौर में 28 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
इंदौर में अप्रैल से शुरू होगी डिजिटल जनगणना:अब ऐप से खुद भी भर सकेंगे जानकारी; जानिए पूरा शेड्यूल
लंबे इंतजार के बाद अब देश की नई जनगणना का बिगुल बज गया है। इंदौर जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक के साथ ही इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार की जनगणना पहले के मुकाबले काफी अलग और हाईटेक होने वाली है। अक्सर जनगणना के समय कर्मचारियों के घर आने पर जानकारी देने में समय लगता है, लेकिन इस बार सरकार आपको स्व-गणना की सुविधा दे रही है। यानी आप ऐप के जरिए खुद अपनी और अपने मकान की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। एक जनगणना कर्मचारी को 175 मकानों की जिम्मेदारी जनगणना 2026 में हर कर्मचारी को 150 से 175 मकानों का सर्वे करना होगा। उन्हें डिजिटल फॉर्मेट में डेटा भरना होगा। इस बार डिजिटली जनगणना होने के चलते पहले से कम समय में पूरी होगी। तैयार रिपोर्ट राज्य स्तर पर कम्पाइल होकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस बार क्या बदलेगा पूरी तरह डिजिटल: अब कागज-पेन के बजाय कर्मचारी मोबाइल ऐप/टैबलेट लेकर आपके घर आएंगे। मास्टर ट्रेनर्स: इंदौर में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की जा रही है। डेटा: डिजिटल एंट्री होने से डेटा प्रोसेसिंग में समय कम लगेगा और परिणाम जल्दी आएंगे। कलेक्टर के निर्देश: लापरवाही की गुंजाइश नहीं बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना का काम निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा हो। डेटा की क्वालिटी और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाए। कर्मचारियों के प्रशिक्षण में कोई कमी न रहे। डिजिटल जनगणना के लिए इन दस्तावेजों और जानकारियों की जरूरत पड़ेगी 1. परिवार के मुखिया का आधार कार्ड : डिजिटल पहचान के लिए परिवार के मुखिया का आधार नंबर अनिवार्य हो सकता है। इसी के जरिए पोर्टल पर लॉगिन या वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होगी। 2. मकान संबंधी जानकारी : पहले चरण (मई 2026) में मकानों की गिनती होनी है, इसलिए आपके पास ये जानकारी तैयार होनी चाहिए। मकान नंबर: नगर निगम या पंचायत द्वारा आवंटित नंबर। मकान का प्रकार: पक्का, कच्चा या खपरैल। बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की सुविधा, बिजली कनेक्शन और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन (LPG/बिजली आदि)। 3. परिवार के सदस्यों का विवरण दूसरे चरण (फरवरी 2027) के लिए आपको प्रत्येक सदस्य की ये जानकारियां पोर्टल पर भरनी होंगी पूरा नाम और जन्म तिथि: (दस्तावेजों के अनुसार)। वैवाहिक स्थिति: (शादीशुदा, अविवाहित, विधुर/विधवा आदि)। शिक्षा: परिवार का हर सदस्य कितना पढ़ा-लिखा है। व्यवसाय: सदस्य क्या काम करते हैं (सरकारी, प्राइवेट, खुद का बिजनेस या छात्र)। धर्म और मातृभाषा: जनगणना के फॉर्म में यह अनिवार्य कॉलम होते हैं। 4. मोबाइल नंबर चूंकि प्रक्रिया डिजिटल है, इसलिए आपके पास एक सक्रिय मोबाइल नंबर होना चाहिए, जिस पर OTP आ सके। इसी मोबाइल नंबर के जरिए आपका डेटा सुरक्षित होगा। डिजिटल जनगणना के फायदे: गोपनीयता: आपकी जानकारी सीधे सरकारी सर्वर पर सुरक्षित होगी। समय की बचत: कर्मचारी के घर आने पर आपको लंबी पूछताछ से नहीं गुजरना पड़ेगा; बस अपना Reference Number दिखाना होगा। सटीकता: खुद जानकारी भरने से स्पेलिंग या डेटा की गलतियां होने की गुंजाइश कम रहेगी।
भोपाल में 11वीं की छात्रा से रेप, लव जिहाद और ब्लैकमेलिंग सहित अश्लील वीडियो वायरल करने के सहआरोपी माज खान से पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। सोमवार रात उसकी निशानदेही पर तीन कारें- मारूति सियाज, स्विफ्ट और होंडा सिटी जब्त कर ली गईं। इन सभी कारों में अलग-अलग जगहों पर माज के साथी ओसाफ अली खान ने छात्रा के साथ रेप किया था। थार की तलाश में कोहेफिजा थाने की एक टीम रवाना हुई है। इसे जल्द जब्त करने का दावा किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि माज अपने मोबाइल को लेकर लगातार गुमराह कर रहा है। उसका कहना है कि वह ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत के लिए अजमेर गया था। वहां जैसे ही लव जिहाद केस में अपना नाम आने की जानकारी मिली, उसने मोबाइल फोन तोड़कर जंगल में फेंक दिया। हालांकि, पूछताछ में उसने छात्रा की वीडियो अन्य दो दोस्तों के साथ शेयर करने की बात मानी है। पुलिस अब उन्हें भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब करेगी। आरोपियों ने अन्य छात्राओं को तो निशाना नहीं बनाया, इसकी तहकीकात की जाएगी। बता दें कि रविवार को कोहेफिजा थाना पुलिस ने माज को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उसे 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है। भोपाल के खानूगांव में कार के अंदर छात्रा से किया था रेपदरअसल, 2 जनवरी को कोहेफिजा पुलिस ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। पीड़िता ने खानूगांव इलाके में कार में रेप करने, धर्म बदलने का दबाव बनाने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इस मामले में 3 जनवरी को ओसाफ अली खान (19) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 8 फरवरी को दूसरे आरोपी माज खान की गिरफ्तारी की गई। वारदात में इस्तेमाल काले कांच की थार, माज की ही थी। पूरा घटनाक्रम उसकी जानकारी में था। माज का बड़ा भाई एमडी तस्करी केस में जमानत पर हैमाज का बड़ा भाई मोनिस मादक पदार्थों की तस्करी मामले में जमानत पर है। मोनिस का एमडी तस्करी, लव जिहाद और जमीनें कब्जा करने वाले यासीन मछली गैंग से रिश्ता भी सामने आ चुका है। वहीं, माज खुद को एक प्रतिष्ठित जिम का संचालक बताता है। पुलिस उसके फोन की सीडीआर डिटेल खंगाल रही है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट का भी परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस बोली- थार के बारे में जानकारी नहीं दे रहा माजकोहेफिजा थाने के प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने कहा- माज खान लगातार गुमराह कर रहा है। उसने बताया कि मोबाइल को तोड़कर अजमेर में फेंका है। थार के संबंध में भी जानकारी नहीं दे रहा है। दो अन्य संदेहियों के नाम उसने बताए हैं। हम उनसे पूछताछ की तैयारी कर रहे हैं। माज को थाने की खबरें देता था हेड कॉन्स्टेबल ज्ञानेंद्रकोहेफिजा पुलिस की जांच में यह भी साफ हो गया है कि हेड कॉन्स्टेबल ज्ञानेंद्र द्विवेदी माज को थाने की गोपनीय सूचना लीक करता था। यही कारण है कि माज पुलिस दबिश से पहले ही भाग निकलता था। पुलिस को ज्ञानेंद्र के माज के साथ 7 फरवरी को वीआईपी रोड स्थित बड़े होटल में लंच करने के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। ज्ञानेंद्र ने माज को भरोसा दिलाया था कि थाना पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग नहीं करेगी। ज्ञानेंद्र के संदिग्ध आचरण के चलते टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला ने 7 फरवरी को उसके खिलाफ प्रतिवेदन डीसीपी जोन-3 अभिनव चौकसे को सौंपा था, जिस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है। रेप के बाद शादी का झांसा देकर चुप करायारेप और लव जिहाद का आरोपी ओसाफ 12वीं क्लास का छात्र है। उसके पिता डॉक्टर जबकि मां सरकारी स्कूल में टीचर हैं। पुलिस के अनुसार, ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीड़िता से हुई। पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीड़िता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। वीडियो दिखाकर एक लाख रुपए की डिमांड कीओसाफ ने पीड़िता को पता चले बिना रेप के दौरान उसका वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 1 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए। नंबर ब्लॉक करने पर दोस्तों को दिखाया वीडियो40 हजार रुपए लेने के बाद भी ओसाफ की ब्लैकमेलिंग जारी रही। वह बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता रहा। तंग आकर छात्रा ने उसे सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक कर दिया, तो ओसाफ ने अलग-अलग फोन नंबरों से कॉल कर परेशान किया। जब छात्रा नहीं मानी, तो ओसाफ ने निजी वीडियो छात्रा के दोस्तों को दिखा दिया। इसके बाद छात्रा ने अपने मौसेरे भाई और हिंदू संगठन के लोगों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। धर्म परिवर्तन का दबाव डाला, जबरन दुआएं पढ़वाईंपीड़िता ने पुलिस को बताया था कि ओसाफ उस पर धर्म बदलने का दबाव डालता था। उससे कई बार जबरन धार्मिक दुआएं भी पढ़वाई गईं। पुलिस ने ओसाफ अली खान का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… उज्जैन में ग्रूमिंग गैंग पैटर्न से लव जिहाद उज्जैन में चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र से लापता 15 वर्षीय लड़की को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर इंदौर के आजाद नगर इलाके से बरामद कर लिया है। लड़की एक नाबालिग लड़के के साथ मिली। वह बुर्का पहने हुए थी। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने रेप की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
उत्तर प्रदेश में मौसम ने धीरे-धीरे करवट लेना शुरू कर दिया है। पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने और उनकी रफ्तार थमने से प्रदेश के दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। धूप में अब साफ तौर पर गर्माहट महसूस होने लगी है। मौसम विभाग ने 12 शहरों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। सोमवार की सुबह प्रदेश के तराई क्षेत्रों में, विशेषकर उत्तराखंड और नेपाल से सटे जिलों में कहीं मध्यम तो कहीं घना कोहरा देखने को मिला। हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कोहरे का असर कम होता गया। 2 तस्वीरें देखिए- सोमवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान के लिहाज से कानपुर और वाराणसी में सबसे गर्म रात रही, जहां तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में यह बढ़ोतरी लोगों को सर्दी से राहत जरूर दे रही है, लेकिन दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास बढ़ा है। कोई सक्रिय मौसम का अलर्ट नहीं मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में कोई भी सक्रिय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है। इसी वजह से अगले दो-तीन दिनों में तापमान में क्रमशः वृद्धि देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक पूरे प्रदेश में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना जताई है। इन 12 जिलों में हल्के कोहरे का अलर्टमौसम विभाग ने फिलहाल हल्के कोहरे को लेकर जिन 12 जिलों को अलर्ट पर रखा है, वे हैं— गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, संतकबीरनगर और बस्ती। तीन दिन मौसम कैसा रहेगा, जानिए सरसों, आलू, मटर की फसलों को नुकसान का खतराकड़ाके की ठंड के बीच ओले और बरसात का असर रबी की फसलों पर दिखाई दे रहा है। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अच्छा है। सरसों, आलू, मटर की फसलों पर बीमारियों का खतरा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कीट और रोग का प्रकोप होने पर तुरंत इलाज करें। दवा का छिड़काव तभी करें, जब मौसम साफ हो। फरवरी के अंत तक ठंड का असर खत्म होगाफरवरी महीने में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरीबीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। ------------------------------
मथुरा में तलाक लेने कोर्ट पहुंची पत्नी को उसके पति ने पत्थर से मारा। पहले दोनों के बीच विवाद हुआ। उसके बाद पति ने उसे धक्कर देकर गिरा दिया। वह जिस पत्थर पर बैठी थी, उसी को उठाकर उस पर वार कर दिया। पत्नी ने शोर मचाया तो आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया। इस हमले में महिला घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह पत्नी से बात करना चाह रहा था लेकिन, उसने मना कर दिया। वह वकील के बस्ते से उठकर निकली तो पीछे-पीछे आया और पीछे से आकर उसका हाथ पकड़ कर खींच लिया। गिरा दिया और मारने पीटने लगा वारदात के बाद पति मौके से भाग गया। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें केशव बोले- सपा गुंडों का साथ छोड़ दे तो पार्टी स्वाहा हो जाएगी; PDA मतलब परिवार डेवलपमेंट एजेंसी लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2047 तक यूपी में सपा के आने की कोई संभावना नहीं। देश में 2047 तक कांग्रेस के भी आने की संभावना नहीं है। 2047 तक यूपी को और देश को विकसित बनाना, सपा और कांग्रेस के बूते और विजन की बात है ही नहीं। ये सोच ही नहीं सकते। बस PDA की बात करते हैं। बहुत सारे लोग PDA का फॉर्मूला बताते रहते हैं। इनका PDA परिवार डेवलपमेंट एजेंसी है। गुंडों का साथ छोड़ दें तो समाजवादी पार्टी आज ही स्वाहा हो जाएगी, समाप्त हो जाएगी। …पूरी खबर पढ़िए प्रयागराज में बारातियों की कार नहर में गिरी, 10 लोग डूबे; 2 के शव मिले प्रयागराज में बारातियों से भरी दो कारें नहर में गिर गईं। इसमें 10 लोग सवार थे। कारों को गिरता देख पीछ से आ रहे अन्य बाराती बचाने को दौड़े, लेकिन गहरी नहर देखकर रुक गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रातभर करीब 8 घंटे तक रेस्क्यू चलाया। 8 लोगों को बचा लिया गया। जबकि 2 लोगों के शव सोमवार सुबह नहर से बरामद किए। मरने वालों की पहचान बांदा के प्रदीप कुशवाहा उर्फ पिंटू (30) और बलिया के अनीश सिंह (20) के रूप में हुई। घटना रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे की कोरावं थाना क्षेत्र के बेलन मुख्य नहर की है। यहां पढ़ें पूरी खबर
पंचायतीराज मंत्रालय:ग्राम पंचायतों में फाइलों की ट्रैकिंग और सत्यापन में होगा एआई का इस्तेमाल
पंचायतीराज मंत्रालय ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आधुनिक तकनीक एआई के इस्तेमाल का विकल्प उपलब्ध करवा रहा है। पंचायतीराज मंत्रालय की एआई आधारित सभा सार पहल के अंतर्गत पंचायतों में आने वाले समय में फाइलों की ट्रैकिंग भी एआई से संभव हो सकेगी। इस पहल के पहले चरण में बैठकों का रिकॉर्ड संधारण करना शुरू किया है। अगले चरण में ग्रामीण विकास का डाटा विश्लेषण और विभागों की तर्ज पर पंचायत की फाइलों को भी ट्रैक किया जा सकेगा। ग्राम पंचायत के कर्मचारी और अधिकारी इन फाइलों का ऑनलाइन ही सत्यापन कर सकेंगे। प्रदेश में अब तक एआई से ढाई हजार से ज्यादा पंचायतों ने इस तकनीक का इस्तेमाल किया है। प्रदेश की कुल 11180 पंचायतों (नवगठित को छोड़कर) में से अब तक 2683 पंचायतों ने इस एआई तकनीक का उपयोग करना शुरू कर दिया है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा बांसवाड़ा जिले में 417 पंचायतों में से 269 पंचायतों ने तकनीक का लाभ उठाया है। इसके बाद बीकानेर में 364 में से 258 पंचायतों ने एआई का उपयोग किया है। तीसरे नंबर पर झालावाड़ जिला है। यहां की 254 पंचायतों में से 231 में इस तकनीक को जोड़ा है। इसी तरह हनुमानगढ़ की 268 ग्राम पंचायतों में से 213 और राजसमंद की 213 में से 200 पंचायतों ने इस नवाचार को लागू किया है। झुंझुनूं की 333 में से 154, अलवर की 552 में से 182, भरतपुर की 401 में से 152 और जैसलमेर की 206 में से 118 पंचायतों में एआई आधारित काम शुरू हो चुका है। बाड़मेर की 686 पंचायतों में से 116, चित्तौड़गढ़ की 298 में से 105, करौली की 240 में से 98, डूंगरपुर की 353 में से 97 और नागौर की 496 में से 84 पंचायतों ने इस तकनीक को अपनाया है। धौलपुर की 188 में से 71, जोधपुर की 620 में से 67, अजमेर की 322 में से 66 और गंगानगर की 345 में से 66 पंचायतों ने भी आधुनिक तकनीक से मदद लेना शुरू किया है। प्रतापगढ़ की 233 पंचायतों में से 52, भीलवाड़ा की 396 में से 48, बूंदी की 182 में से 45, दौसा की 279 में से 43, चूरू की 304 में से 40, सवाई माधोपुर की 224 में से 36, जयपुर की 579 में से 36, पाली की 338 में से 34, सिरोही की 171 में से 33, सीकर की 371 में से 30 और उदयपुर की 650 में से मात्र 16 पंचायतें ही एआई का इस्तेमाल कर पाई हैं। सबसे कम तकनीक उपयोग वाले जिलों में टोंक की 232 में से 11, जालोर की 305 में से 7 और कोटा की 155 में से मात्र 6 पंचायतें शामिल हैं। राजसमंद की 93.8 % पंचायतों में एआई का उपयोग एआई के इस्तेमाल में राजसमंद जिला प्रदेश में तकनीकी नवाचार के लिहाज से अव्वल रहा है। जहां की 93.8% पंचायतें एआई का उपयोग कर रही हैं। इसके बाद झालावाड़ की 90.9% पंचायतों ने इसे अपनाया है। अन्य जिलों में हनुमानगढ़ 79.4%, बीकानेर 70.8% और बांसवाड़ा 64.5% शामिल है। जबकि उदयपुर की मात्र 2.4% पंचायतें ही इसका फायदा ले रही है। इसी तरह जालोर 2.2%, कोटा 3.8%, टोंक 4.7% और राजधानी जयपुर में मात्र 6.2% पंचायतों ने ही एआई का इस्तेमाल किया है।
शहर का मौसम हर रोज नई करवट ले रहा है। बीते दिनों से रात का पारा लगातार बढ़ रहा और 10 डिग्री के पार बना हुआ था। लेकिन देर रात रात का पारा अचानक 3.8 डिग्री गिरा, जिससे लोगों को रात में ठंडक का एहसास हुआ। देर रात गाड़ियों में ओस की बूंदें जमी नजर आई। अचानक पारा लुढ़कने से लोगों की कंपकपी छूट गई। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 0.9 डिग्री कम है। सुबह के समय मौसम तो साफ रहा लेकिन सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी। दिन में धूप से बढ़ा तापमान जहां एक ओर रात में ठंड बढ़ी। वहीं, सुबह आठ बजे से ही सड़कों पर धूप छा गई। दिन बढ़ते बढ़ते धूप के तेवर के साथ तापमान भी बढ़ता गया। धूप ने आमजन को ठंड से राहत देने के साथ साथ हल्की गर्मी का एहसास कराया। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि फरवरी महीने में सबसे ज्यादा है। देर शाम होते ही एक बार फिर सर्द हवाओं ने ठंडक को बढ़ा दिया। धूप निकलेगी, बादल भी छाएंगें मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले 24 घंटों में हवाओं की गति बढ़ेगी। सुबह व शाम की सर्दी बनी रहेगी। दोपहर के समय तेज धूप निकलेगी। धूप दिन के तापमान को बढ़ाने के साथ साथ गर्मी का एहसास कराएगी। मौसम की बात करें तो दिन गर्म रहेंगे, लेकिन सुबह व रात सर्द रहेंगी। नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छा सकते हैं। लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। आने वाले सात दिनों तक इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। तापमान औसत के आसपास बने रहेंगे। बीते दिनों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) दिनांक - न्यूनतम - अधिकतम 01 फरवरी 8.8 22.6 02 फरवरी 10.8 25.9 03 फरवरी 12.8 19.0 04 फरवरी 10.7 21.3 05 फरवरी 9.9 22.3 06 फरवरी 11.0 23.3 07 फरवरी 12.0 24.8 आठ फरवरी 12.4 25.8 नौ फरवरी 8.6 26.0 (सोर्स - सीएसए मौसम विभाग) मौसम पूर्वानुमान दिनांक - न्यूनतम - अधिकतम 10 फरवरी 12.0 26.0 11 फरवरी 13.0 26.0 12 फरवरी 12.0 26.0 13 फरवरी 12.0 25.0 14 फरवरी 12.0 25.0 15 फरवरी 13.0 26.0 (सोर्स - आईएमडी) फरवरी महीने में बीते 15 सालों का तापमान साल - न्यूनतम - अधिकतम 2011 11.3 25.1 2012 9.2 24.4 2013 10.4 23.2 2014 7.9 22.1 2015 12.6 26.1 2016 12.1 26.5 2017 10.5 25.8 2018 10.9 26.4 2019 11 23.4 2020 10.5 23.8 2021 10.9 27.3 2022 9.7 24.7 2023 11.3 28.2 2024 10.4 24.5 2025 11.4 27.6 (सोर्स - सीएसए मौसम विभाग)
कानपुर के राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। NICU को सील कर दिया गया। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर सीएमओ ने की। CMO ने बताया कि अस्पताल में बगैर अनुमति के NICU चल रहा था। एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले। सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया है। अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है। दरअसल, रविवार को NICU के वॉर्मर मशीन में आग लग गई। इससे उसमें भर्ती एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई। उसका पूरा शरीर जलकर काला हो गया। उसकी चमड़ी उधड़ गईं। चेहरा, छाती, पेट, जांघ बुरी तरह झुलस गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ की थी। अस्पताल में क्या-क्या खामियां थीं? किसकी लापरवही से बच्ची की जान गई? अधिकारियों को जांच रिपोर्ट में क्या मिला, परिवार का क्या हाल है, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… क्या है पूरा मामला अंदर उठी चिंगारियों ने मेरे बच्चे को जला दिया बाकरगंज निवासी अरुण निषाद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी बिट्टू है। अरुण निषाद ने बताया- रविवार सुबह पत्नी को लेबर पेन हुआ। उन्हें राजा हॉस्पिटल लेकर आए। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। दोपहर करीब 4 बजे ऑपरेशन के बाद बिट्टू ने बेटी को जन्म दिया। बिट्टू की ये पहली संतान थी। डॉक्टरों ने पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बेटी को हॉस्पिटल के NICU में भर्ती करा दिया। देर शाम NICU के वॉर्मर मशीन यानी जिस पर बच्ची लेटी थी, उसमें आग लग गई। घटना के समय हम वहां मौजूद थे। हमने ही अस्पताल के लोगों को बताया था कि अंदर चिंगारियां उठ रही हैं। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी अंदर पहुंचे। मैंने पूछा मेरी बेटी कैसी है? कर्मचारियों ने कहा बेटी ठीक है। एक घंटे के बाद जब मैंने कहा मुझे देखना है तो उसके बाद में उन्होंने ने बताया बच्ची झुलस गई है। जिसके बाद मैंने विरोध किया फिर उन्होंने जले हुए बच्चे को मेरी गोद में दे दिया। चेहरा देखने की जगह मिली जली हुई लाश अरुण ने बताया कि परिवार में बच्चे के लिए हमने कई जगह मन्नत मांगी थी। क्योंकि इससे पहले एक बच्चा खराब हो गया था। उसके बाद हमारे परिवार और हम लोग जिस मंदिर जाते तो वहां भगवान से मन्नत मांगते थे। अब भगवान ने एक संतान दी लेकिन इन अस्पताल वालों ने उसका चेहरा तक नहीं देखने दिया। मेरी बच्ची जिंदा जल गई। अब मेरी अधिकारियों से मांग है, ऐसे अस्पतालों को बंद करके इन लोगों को जेल भेजना चाहिए। मासूम की बुआ ने दर्ज कराई FIR मासूम बच्ची की बुआ रीतू ने राजा नर्सिंग होम के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने BNS 106(1) (लापरवाही से मौत) की धारा में FIR दर्ज की है। बुआ ने पुलिस को दिये हुए शिकायती पत्र में बताया हम लोग शनिवार को दोपहर 2 बजे के लगभग अपनी भाभी को लेकर राजा नर्सिंग होम में गए थे। वहां हमारी भाभी के लड़की ने जन्म लिया था। उसके बाद वहां बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है। अब पढ़िए जांच टीम को अस्पताल में क्या कमियां मिलीं अस्पताल में लगे फायर सिलेंडर मिले एक्सपायर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर CMO डॉ. हरिदत्त नेमी ने अस्पताल की जांच कराई। जब टीम अस्पताल पहुंची तो यहां पर एक चिकित्सक डॉ. तपो ज्योति आचार्य, दो स्टाफ नर्स प्रदीप गोस्वामी और तनू गौतम तथा एक वार्ड ब्वॉय अजय मिले। पता चला कि अस्पताल पंजीकृत था। मगर NICU की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद भी अस्पताल में एनआईसीयू चल रहा था। जांच में एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले। सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया। सीएमओ ने अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। साथ ही बिठूर थाने में राजा नर्सिंग होम के चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मासूम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया, वो पढ़िए- स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जिस समय NICU में आग लगी थी, उस वक्त मासूम बच्ची सो रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सांस नली में कार्बन के कण पाए गए हैं। पहले मासूम की धुएं से दम घुटी उसके बाद उसका शरीर 90 प्रतिशत तक जल गया। इसके बाद परिवार को मासूम का जला हुआ शव सौंपा गया। पोस्टमार्टम हाउस पर मासूम बच्ची के फूफा और चाचा उसके शव को लेकर वापस बिठूर गए। देर शाम उस मासूम का अंतिम संस्कार हुआ। NICU नर्सिंग होम के मानक क्या हैं, वो पढ़िए- राजा नर्सिंग होम विवेक नाम के युवक के नाम से रजिस्टर्ड था। इस नर्सिंग होम में मेडिसन, सर्जरी और गायनी का इलाज किया सकता था। लेकिन यहां पर NICU अवैध रूप से चलता हुआ पाया गया। NICU के मानकों की बात करें तो वार्ड में एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स हमेशा मौजूद रहना चाहिए। जो मरीजों का ख्याल रख सके और समय पर उनका हेल्थ चेकप करके मेडिकल हिस्ट्री तैयार करने का काम होता है। नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के समय बायो वेस्टेज, अग्निशमन यंत्रों के साथ पूरा प्लांट बनाने का मानक है। साथ ही पॉल्यूसन के लिए पूरा प्लांट बनाना होता है। रजिस्ट्रेशन के समय जिन डॉक्टर और स्टाफ नर्स के सर्टिफिकेट लगते है, वही डॉक्टर्स और स्टाफ नर्स मौजूद रहने चाहिए।
यमुनानगर के जगाधरी में शिवरात्रि के निमंत्रण कार्ड बांटकर लौट रहे एसडी पब्लिक स्कूल के लेक्चरर के बुजुर्ग पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक तीन बच्चों के पिता थे, जिन्हें साईं धर्मकांटा के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान घनश्याम सहाय(71) निवासी मोहन लाल गली, जगाधरी के रूप में हुई है। लेक्चरर बेटे की शिकायत पर जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवरात्रि के निमंत्रण कार्ड बांटकर लौट रहे थे शिकायतकर्ता हरिओम शर्मा निवासी वार्ड नंबर 9, मोहन लाल गली, जगाधरी ने पुलिस को बताया कि वह एसडी पब्लिक स्कूल जगाधरी में लेक्चरर के पद पर कार्यरत है और उनके परिवार में कुल तीन भाई-बहन हैं, जिनमें दो बहनें—अदिति शर्मा और गौरी शर्मा—और तीसरे स्वयं वह हैं, तथा तीनों ही विवाहित हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता घनश्याम सहाय(71) सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे गौरी मंदिर जगाधरी गए थे, जहां से वे शिवरात्रि के निमंत्रण कार्ड शहर के गणमान्य लोगों को देने के लिए पैदल गुलाबनगर की ओर से विलासपुर रोड होते हुए रक्षक विहार की तरफ लौट रहे थे। राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया इसी दौरान साईं धर्मकांटा के पास सड़क पार करते समय किसी अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने उन्हें सिविल अस्पताल जगाधरी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एमएलजीएच यमुनानगर रेफर किया गया। सूचना मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे और उन्हें पहले गाबा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को दोबारा सिविल अस्पताल जगाधरी लाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पिता की मृत्यु अज्ञात वाहन चालक की लापरवाही से लगी चोटों के कारण हुई है। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज सूचना मिलते ही शाम को जगाधरी सिटी थाना पुलिस सिविल अस्पताल पहुंची, जहां पर मृतक के बेटे के बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अज्ञात वाहन और चालक की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सके।
मुंबई की प्रिया ने ढेर सारी रील बनाई है, जिससे पता चलता है कि वह अपने बेटे को बहुत प्यार करती थी। जब बेटे का हक मांगा तो इस बात से उसका बॉयफ्रेंड विजय नाराज हो गया, क्योंकि वह प्रिया से जन्मे बेटे का बाप नहीं बनना चाहता था। जबकि प्रिया अपने बेटे को हक दिलाना चाहती थी। विजय के साथ लिव इन में रहने के दौरान ही उसने बेटे रुद्र को जन्म दिया था, इसके बाद जब बेटे को पिता का नाम दिलाना चाहा, तो बॉयफ्रेंड ने उसकी 29 जनवरी को गोरखपुर लाकर हत्या कर दी, इसके बाद कपड़े निकालकर न्यूड बॉडी फेंक दी थी। इस हत्याकांड में जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को प्रिया का 13 साल का बेटा रुद्र शहर पहुंच गया है। वह शनिवार को मुंबई से हत्यारोपी विजय के बड़े भाई संजय साहनी के साथ ट्रेन से गोरखपुर आया। यहां आकर संजय ने पुलिस से संपर्क किया। जिसके बाद डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में अर्जी देकर हत्यारोपी विजय और रुद्र के डीएनए सैंपल की जांच कराने की अनुमति मांगी है। जिस पर कोर्ट से आदेश मिलने के बाद अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कोर्ट की अनुमति के बाद विजय और रुद्र दोनों के सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई जाएगी। इस जांच से कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है, जो पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में मददगार साबित हो सकते हैं। वहीं, इस संबंध में हत्यारोपी विजय साहनी की मां कपूरी देवी ने रुद्र को अपनाने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि जिसे वह जानती तक नहीं हैं, उसे अपने घर में पनाह नहीं दे सकतीं। उनका कहना है कि इस पूरे मामले ने परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया है और वे किसी भी तरह के विवाद से खुद को दूर रखना चाहती हैं। सौतेली बहनों ने आने से किया इन्कार पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रिया के बेटे 13 वर्षीय रुद्र के साथ उसकी सौतेली बहनें किरन जायसवाल और आयुषी शेट्टी भी शहर आने वाली थी, लेकिन उन्होंने आने से इन्कार कर दिया। ऐसे में पुलिस ने रुद्र की जिम्मेदारी जांच तक विजय के बड़े भाई संजय को सौंपी है। संजय कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद रुद्र को पुलिस के सामने पेश करेगा। हत्या करके अयोध्या गया विजय, वहां बाल मुंडवाए गोरखपुर के पीपीगंज में 29 जनवरी की रात मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की बॉयफ्रेंड विजय साहनी ने पत्नी संध्या के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह पत्नी के साथ रात में ही अयोध्या पहुंचा। अयोध्या में सुबह-सुबह उसने बाल मुंडवाये। नहाने के बाद उसने कपड़े बदले। पत्नी संध्या ने भी अपने कपड़े चेंज किए। फिर पूजा-पाठ करके दोनों गोरखपुर के पीपीगंज अपनी ससुराल आ गए। सोमवार को विजय साहनी, उसकी पत्नी संध्या और संध्या के पिता को पुलिस ने यहीं से अरेस्ट कर लिया। हत्या से पहले विजय, उसकी पत्नी और गर्लफ्रेंड प्रिया शेट्टी तीनों 24 घंटे तक गोरखपुर रेलवे स्टेशन के एक कमरे में रुके थे। यहीं से पीपीगंज ले जाकर उसकी हत्या की। हत्या के बाद 10 मिनट तक प्रिया के चेहरे को ईंट से कूचता रहा, ताकि उसकी पहचान न हो पाए। रात करीब 11:35 बजे पुल के नीचे प्रिया की लाश ठिकाने लगाई। 12 बजे विजय और उसकी पत्नी संध्या स्कूटी से वहां से निकल गए। 20 मिनट बाद घटना स्थल पर विजय फिर आया। इस बार वह काफी डरा हुआ था। उसे डर था कि कहीं प्रिया जिंदा तो नहीं है। देर रात करीब 12:20 बजे वह घटना स्थल पर जाकर प्रिया की बॉडी को चेक किया कि कहीं उसकी सांसे तो नहीं चल रही हैं। जब पूरी तरह तसल्ली हो गई, तब फिर वहां से पत्नी को लेकर निकला। इसके बाद वह अयोध्या निकल गया। प्रिया की बहन अस्थियां लेकर मुंबई गईं मुंबई की रहने वाली मृतका की सौतेली बहन किरन जायसवाल करीब 30 घंटे गोरखपुर में रहकर बहन की अस्थियां और आंखों में आंसू लेकर मुंबई लौट गईं। इस दौरान वह भय और आशंका के साए में रहीं। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी में रखा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद किरन इतनी सहमी हुईं थीं कि वह गोरखपुर आने को भी तैयार नहीं थीं। परिजनों और पुलिस के समझाने पर वह यहां पहुंचीं। दाह संस्कार की प्रक्रिया मंगलवार रात पूरी होने के बाद पीपीगंज पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर कस्बे के एक होटल में गईं, जहां उन्हें सुरक्षा घेरे में ठहराया गया। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए किरन ने बाहरी लोगों से दूरी बनाए रखी और किसी को भी फोटो खींचने की अनुमति नहीं दी। गोरखपुर आने पर किरन जायसवाल से पुलिस ने तहरीर ली और उसे मुकदमे में वादी बनाया गया। पीपीगंज थाने में दी गई तहरीर में किरन ने साफ तौर पर लिखा है कि प्रिया को विजय कुमार साहनी अपने साथ गोरखपुर लेकर आया था और उन्हें पूरी आशंका है कि हत्या उसी ने की है। हालांकि तहरीर में विजय की पत्नी संध्या और उसके ससुर का नाम शामिल नहीं किया है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद का कहना है कि विवेचना केवल तहरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रिया और विजय के अहम दस्तावेज पुलिस को सौंपे किरन ने पुलिस को प्रिया और विजय के संबंधों से जुड़े कई अहम दस्तावेज और फोटोग्राफ भी सौंपे हैं। विवेचक ने इन सभी दस्तावेजों को जांच रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हत्या से जुड़े हर पहलू की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। साथ ही, मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की अपील भी की गई है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।किरन के अनुसार, मुंबई में प्रिया अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ विजय कुमार साहनी के पास ही रहती थी। किरन ने स्पष्ट किया कि प्रिया किसी तरह छिपकर या धोखे से नहीं आई थी, बल्कि विजय के भरोसे पर यहां पहुंची थी। यही भरोसा उसकी मौत का कारण बन गया। पुलिस इस बयान को बेहद अहम मान रही है। इस संबंध में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि किरन की मानसिक स्थिति बेहद कमजोर थी, इसलिए उससे सीमित पूछताछ ही की गई। बयान दर्ज करने के बाद बुधवार शाम उन्हें इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से मुंबई रवाना कर दिया गया। गोरखपुर में उन्हें सिक्योरिटी में रखा गया। फिलहाल पुलिस हत्या से संबंधित सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है। साथ ही कानून के सलाहकारों से भी राय ली जा रही है, ताकि विवेचना मजबूत हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। वीडियो कॉल से बेटे ने किया मां का अंतिम दर्शन पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को राजघाट में महाराष्ट्र से आई बहन ने दाह संस्कार किया। इससे पहले वीडियो कॉल करके बेटे रूद्र को उसकी मां प्रिया का अंतिम दर्शन कराया। प्रिया अपने इकलौते बेटे से बहुत प्यार करती थी। हमेशा सोशल मीडिया पर उसके साथ रील शेयर करती थी। प्रिया बेटे से बोलकर आई थी कि उसके पापा को लाने जा गोरखपुर जा रही है। यहां पर 29 जनवरी को उसके बॉयफ्रेंड विजय ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसकी जान ले ली। इसके बाद बॉडी न्यूड कर फेंक दी थी। 03 फरवरी को मुंबई से प्रिया की बहन किरन शेट्टी गोरखपुर आई थी। पुलिस ने किरन को ले जाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में प्रिया की लाश की पहचान कराई। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम की कराई गई वीडियोग्राफी पोस्टमार्टम के बाद प्रिया की लाश एंबुलेंस से राजघाट ले जाई गई। वहां पर पुलिस की मौजूदगी में किरन ने अपनी बहन प्रिया का दाह संस्कार किया। प्रिया का इकलौता बेटा 13 साल का रूद्र मुंबई में है। वीडियो कॉल पर मां को सफेद कपड़ों में लिपटा देखकर रूद्र रोने लगा। रूद्र ने बोला कि मेरी मां मेरे पापा को लेने गोरखपुर गई थी। पापा ने मां काे मार दिया। पापा गंदे हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यह दृश्य देखकर पुलिस व अन्य लोगों की आंखे भी नम हो गईं। किरन ने बताया कि प्रिया हमेशा अपने बेटे रूद्र की ही चिंता करती रहती थी। वह कहती थी कि बेटा बड़ा हो रहा है, उससे उसके पापा के बारे में पूछा जाता है। इस बार विजय से बात करके अपने बेटे को उसका हक दिलाकर रहूंगी। वह तो विजय के साथ हर हाल में रहना चाहती थी। लेकिन उसने केवल उनके शरीर से प्यार किया। मन भर गया तो दूरी बनाने लगा। चेहरा क्षत-विक्षत होने के कारण रूद्र को केवल कफन में लिपटी मां दिखाई दी। यह दृश्य वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और किरन के लिए अत्यंत मार्मिक था। रोते हुए रूद्र को समझाते हुए किरन ने कहा कि मैं हूं ना। पीपीगंज थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विधि विधान के अनुसार अंतिम संस्कार पूरी किया और हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि प्रिया की हत्या गला दबाकर की गई थी। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार चेहरे और सिर की हड्डियां भी क्षतिग्रस्त मिलीं। हत्यारोपियों ने नशे की हालत में प्रिया की हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को क्षतिग्रस्त कर दिया। अब विस्तार से जानें पूरा मामला… मुंबई की प्रिया शेट्टी की गोरखपुर में हत्या की गई। उसकी जिंदगी में आया पहला प्यार ही मौत का कारण बना। मुंबई में जिस विजय के साथ वो लिव-इन में रही। वही विजय बेटे का बाप बनने के सिर्फ 1 साल बाद ही प्रिया से दूर हो गया। दोनों के बीच नाराजगी कुछ ऐसी हुई कि 9 साल तक दोनों ने एक-दूसरे की जिंदगी में झांका तक नहीं। इस बीच विजय की संध्या से शादी हुई और वो 2 बेटियों का पिता बना। 2022 में वो अपनी पत्नी और बेटियों को लेकर मुंबई शिफ्ट हो गया। दोनों बेटियों का नाम कॉन्वेंट स्कूल में लिखवाया। यहीं से उसकी जिंदगी में यूटर्न आया। इंस्टाग्राम पर 1 बार फिर उसकी मुलाकात अपने पहले प्यार प्रिया से हुई। दोनों मिलने लगे, साथ रहने भी लगे। अब प्रिया विजय पर 2 तरह के दबाव बनाने लगी। पहला- बेटे को बाप का नाम दो। दूसरा- बेटे का अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन कराओ। विजय को दुनिया के सामने 2 शादियां दिखाना गंवारा नहीं था। इसलिए वो प्रिया को 1680 Km दूर गोरखपुर लाया और बेरहमी से उसे मार डाला। इस बनती-बिगड़ती लव स्टोरी में न तो प्रिया के बेटे को हक मिल सका, न ही विजय ही पत्नी संध्या के साथ जिंदगी जी सकेगा। हत्या के वक्त उससे हुई कुछ गलतियों ने उसे कानून के फंदे में फंसा दिया। विजय, पत्नी संध्या और उसके ससुर को पुलिस ने जेल भेजा है। पढ़िए प्यार और मर्डर की कहानी… इंश्योरेंस ऑफिस में प्यार, फिर 1 साल का लिव-इन गोरखपुर के सहजनवां इलाके के माडर गांव का रहने वाला विजय कुमार साहनी पढ़ने में शुरू से ही तेज था। वह लंबे समय से मुंबई के चारकोप, कांदिवली में रह रहा था। वहीं से उसने पढ़ाई भी पूरी की थी। विजय ने हाईस्कूल और कॉमर्स से ग्रेजुएशन मुंबई में अपने बड़े भाई के पास रहकर किया। साल- 2012 में उसे HDFC लाइफ इंश्योरेंस में एजेंट की नौकरी मिल गई। वहां वेकेंसी ओपन हुई, तो प्रिया शेट्टी भी पहुंची। तब विजय साहनी से उसकी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों का अच्छा परिचय हो गया। एक महीने में ही दोनों बेहद नजदीक आ गए। विजय भी प्रिया की खूबसुरती का कायल हो चुका था। इसलिए उसने किराए का घर लिया। इसमें वह लिव-इन में प्रिया के साथ रहने लगा। एक साल तक दोनों खुशी-खुशी साथ रहे। इसी बीच प्रिया प्रेग्नेंट हो गई। तब विजय ने एक मंदिर में जाकर प्रिया से शादी कर ली। प्रिया विजय के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरने लगी थी। साल 2013 में प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। इस दौरान विजय भी साथ था। लेकिन, इसी बीच विजय के स्वभाव में बदलाव आने लगा था। उसका मन अब प्रिया से भर गया था। किसी भी तरह उससे दूरी बनाना चाहता था। दोनों के बीच छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे। एक दिन विजय घर छोड़कर चला गया। उसने कहीं और किराए पर घर ले लिया। परिचितों की सलाह देने पर उसने हमेशा के लिए प्रिया से पीछा छुड़ाने के लिए तलाक का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट से एक नोटिस प्रिया के पते पर भी गया। लेकिन, इससे पहले प्रिया उस किराए के घर से कहीं और जा चुकी थी। इसलिए तलाक की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। विजय के गोरखपुर लौटने और दूसरी शादी की कहानी 2 साल बाद विजय ने घर आकर संध्या से दूसरी शादी कीसाल- 2013 के बाद विजय का प्रिया से संपर्क नहीं हुआ। अब उसे लग रहा था कि वह हमेशा के लिए उसकी जिंदगी से जा चुकी है। वह 2014 में अपने गांव आया। यहां पर घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। 2015 में पीपीगंज की संध्या से उसकी शादी हुई। दोनों खुशी-खुशी साथ रहने लगे। विजय और संध्या की 2 बेटियां हुईं। इस दौरान विजय की नौकरी मुंबई में ही चल रही थी। इश्योरेंस सेक्टर में उसने अच्छी तरक्की की। धीरे-धीरे वह 1.5 लाख महीने की सैलरी तक पहुंच गया। 2019 में विजय गांव आया और यहीं से इश्योरेंस का काम करने लगा। 2022 में उसने तय किया कि संध्या और दोनों बेटियों के साथ दोबारा मुंबई जाएगा और वहीं रहेगा। फिर दोबारा मुंबई चला गया। यहां उसने दोनों बेटियों का एडमिशन कॉन्वेंट स्कूल में कराया। एक अच्छी कॉलोनी में घर किराए पर लिया। इस तरह से हैप्पी मैरिज लाइफ जीने लगा। पुराना प्यार प्रिया की लाइफ में वापसी, विजय पर बना दबाव बेटे के लिए विजय ने पैसा देना शुरू किया, फिर साथ रहने लगेऑफिस में एक दिन काम करते हुए विजय को इंस्टाग्राम पर प्रिया की एक रील नजर आई। उसने मैसेज करके प्रिया से हाल-चाल पूछा। यहीं से दोनों की दोबारा बातचीत शुरू हो गई। विजय को पता चला कि उसका बेटा 9 साल का हो चुका है। ये भी पता चला कि प्रिया की माली हालत ठीक नहीं। वह घर चलाने के लिए लोगों के घरों में खाना बनाती है। तब विजय ने अपने बेटे के लिए प्रिया को पैसा देना शुरू किया। प्रिया शराब बहुत पीती थी। इसलिए जल्द ही वह विजय को अपने घर भी बुलाने लगी। विजय और प्रिया दोनों घर में ही शराब पीते और साथ रहने लगे। ये सब धीरे-धीरे संध्या को पता चलने लगा, क्योंकि कई-कई दिन विजय घर लौटकर नहीं आता था। संध्या को विजय के मोबाइल से प्रिया के बारे में पता चला। विजय भी अब संध्या को धोखा नहीं देना चाहता था। इसलिए उसने दोनों महिलाओं की मुलाकात भी कराई। लेकिन, इससे हालात और बिगड़ गए। बच्चों के भविष्य से शुरू हुआ आखिरी टकरावपुलिस के मुताबिक, संध्या के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे थे, जबकि प्रिया का बेटा सरकारी स्कूल में था। बच्चों के हक और भविष्य को लेकर झगड़ा बढ़ गया। साल- 2025 में संध्या ने यह बात अपने पिता रामबिलास को बताई। इसके बाद सबने कहा कि ठीक है, तुम लोग वहां अकेले हो। एक काम करो, प्रिया को गोरखपुर लेकर आओ। यहीं पर परिवार बैठकर फैसला कर लेगा कि आगे करना क्या है? गोरखपुर बुलाकर रची गई हत्या की साजिशवारदात से 4 दिन पहले 26 जनवरी को तीनों ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। पहला दिन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिताया। अगले दिन बुढ़िया माई स्थान और गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए। फिर विजय ने संध्या और प्रिया के साथ होटल के कमरे में शराब पी। विजय 8 बोतल शराब लाया था। इसके बाद ऑटो से पीपीगंज सभी पहुंचे, यहां संध्या की ससुराल है। यहां ऑटो चालक से विवाद हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑटो को वहीं छोड़ दिया। संध्या ने अपने घर कॉल की, तो उसके पिता की स्कूटी परिवार का एक सदस्य उन लोगों को दे गया। स्टेशन रोड के CCTV में तीनों इसी स्कूटी पर जाते दिखे थे। रात करीब 10 बजे तीनों स्कूटी से सहजनवां की ओर निकले। रास्ते में नशे की हालत में प्रिया हंगामा करने लगी। इसी दौरान विजय और संध्या ने उसे घर न ले जाकर हत्या की योजना बना ली। सुनसान स्थान पर नशे में बेसुध प्रिया की गर्दन दबाकर हत्या कर दी। लेकिन, दोनों को डर था कि वो पकड़े जाएंगे। इसलिए विजय ने प्रिया के शरीर से वो सारी चीजें हटा दीं, जिससे उसकी पहचान हो सकती थी। यही वजह है, पुलिस को प्रिया की बॉडी न्यूड मिली थी। उसके चेहरे पर ईंट से 8 से 10 बार प्रहार किया, जिससे चेहरा बिगड़ जाए। इसके बाद विजय पत्नी के साथ ससुराल आ गया। दूसरे दिन सुबह उठकर विजय ने अपने चेहरे की दाढ़ी और सिर के बाल हटवा दिए। जिससे अगर CCTV में कहीं उसका चेहरा दिखे भी, तो पहचाना न जाए। अब अरेस्टिंग की कहानी ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को दिया पहला क्लूSP नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया- 30 जनवरी को पीपीगंज के बरघट्टा पुल के नीचे एक महिला की न्यूड लाश मिली थी। इसके बाद CCTV और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस की एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई। इसी बीच घटना वाली रात CCTV में एक स्कूटी पर 3 लोग जाते दिखे। संदिग्ध मानकर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई। पहला क्लू एक ऑटो वाले से मिला। जिसने मरने वाले साथ एक पुरुष और महिला को देखा था। यही क्लू धीरे-धीरे हमें विजय और संध्या तक लेकर गया। आखिरकार उन्होंने अरेस्टिंग के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें जेल भेजा गया है। ------------------------ मुंबई की प्रिया का गोरखपुर में दाह संस्कार:VIDEO कॉल पर मां का अंतिम दर्शन कर बेटा बोला- पापा को लेने गई थीं मम्मी गोरखपुर के पीपीगंज में 29 जनवरी की रात मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की बॉयफ्रेंड विजय साहनी ने पत्नी संध्या के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इसके बाद बाद बॉडी न्यूड कर चेहरा ईंट से कूच दिया था। सीसीटीवी कैमरे से पहचान कर सोमवार को हत्या के आरोपी पति-पत्नी और ससुर अरेस्ट कर लिए गए। पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेजवा दिया गया। पढ़ें पूरी खबर….
नारनौल शहर की इंद्रा कॉलोनी धोबी जोहड़ निवासी एक मां व पिता ने बेटी की शादी से पूर्व उसको घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला। इससे उन्होंने समाज को ‘बेटा–बेटी एक समान’ का संदेश दिया। आसपास के लोग इसकी सराहना कर रहे हैं। इंद्रा कॉलोनी के फूल सिंह की बेटी गीता की शादी आज 10 फरवरी को निर्धारित है। शादी से पूर्व लड़कों के लिए निकाले जाने वाले बनवारे की तरह गीता को घोड़ी पर बैठाकर उसका धूमधाम से परिजनों ने बनवारा निकाला। राजस्थान से आएगी बारात वर पक्ष राजस्थान के शाहपुरा से बारात लेकर आएगा। दूल्हे का नाम नरेंद्र है, जो बीए तक शिक्षित है। वहीं दुल्हन गीता भी बीए तक पढ़ी हुई है। गीता के पिता फूलसिंह पेशे से हलवाई का काम करते हैं और उनके परिवार में कुल पांच सदस्य हैं। परिवार ने बेटी की शादी को भी बेटे के समान ही सम्मान और खुशी के साथ मनाने का निर्णय लिया। माता ने दिया बनवारा विवाह से पूर्व गीता की माता ने परंपरागत तरीके से बनवारा निकालकर समाज को नई सोच का परिचय दिया। बनवारे से पहले सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और परिजनों ने भाग लिया। इसके बाद गीता को घोड़ी पर बैठाकर डीजे के साथ शहर की गलियों में बनवारा निकाला गया। डीजे की धुनों पर महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने जमकर नृत्य किया और खुशियां साझा कीं। प्रमुख गलियों से निकला बनवारा शहर की प्रमुख गलियों से होकर निकाला गया, जहां लोगों ने पुष्पवर्षा कर परिवार का स्वागत किया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से बेटियों के प्रति सोच में बदलाव आता है और समाज में समानता का संदेश मजबूत होता है। लोगों ने दी बधाई परिवारजनों ने बताया कि उनका उद्देश्य यही है कि बेटियों को भी वही सम्मान और अधिकार मिलें, जो बेटों को मिलते हैं। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने गीता के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की और परिवार को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई दी।
नमस्कार, कानपुर में कल (सोमवार) की बड़ी खबरें… लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। कमिश्नर ने कहा- जांच में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा का नाम सामने आया है। वहीं महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में सोमवार को एक बार फिर बवाल हो गया। करीब 300 छात्र कॉलेज गेट पर हंगामा किया। दबौली वेस्ट वार्ड-72 में क्षेत्रीय समस्याओं के विरोध में सैकड़ों महिलाएं ढोलक और मंजीरा लेकर सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने महापौर, विधायक और क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ अनोखा और जोरदार प्रदर्शन किया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1: लेम्बोर्गिनी से 6 को उड़ाया, कारोबारी के बेटे पर FIR:लापरवाही पर थाना प्रभारी लाइन हाजिर; कमिश्नर बोले- जांच के बाद नाम सामने आया कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। दरअसल, पुलिस ने रविवार रात कार के नंबर के आधार पर अज्ञात ड्राइवर पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा, तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को आगे आना पड़ा। कमिश्नर ने कहा- जांच में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम का नाम सामने आया है। शिवम मिश्रा का नाम FIR में जोड़ा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर 2: कानपुर में NICU में बच्ची की जिंदा जलकर मौत:राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त, डॉक्टरों पर केस; वॉर्मर मशीन में आग लगी थी कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के NICU के वॉर्मर मशीन में रविवार शाम आग लग गई। इससे उसमें भर्ती एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई। उसका पूरा शरीर जलकर काला हो गया। उसकी चमड़ी उधड़ गईं। चेहरा, छाती, पेट, जांघ बुरी तरह झुलस गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ की। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने जांच की। पता चला कि अस्पताल में बगैर अनुमति के NICU चल रहा था। CMO ने अस्पताल का पंजीकरण रद्द कर दिया। साथ ही अस्पताल के डॉक्टरों पर नवजात की तहरीर पर केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर 3: कानपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों का हंगामा:बोले- दोस्तों पर झूठा मुकदमा हुआ, 5 दिन पहले टीचर ने दौड़ाकर पीटा था महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में सोमवार को एक बार फिर बवाल हो गया। छात्र नेताओं पर मुकदमा दर्ज होने और मांगों पर कोई कार्रवाई न होने से नाराज करीब 300 छात्र कॉलेज गेट पर हंगामा पर उतरे। हालात को देखते हुए कई थानों की पुलिस, PAC, एसीपी कल्याणपुर और एडीसीपी वेस्ट मौके पर पहुंचे। आज सोमवार को 6 दिन में ये तीसरी बार हंगामा हुआ। छात्रों ने कहा- हमारे दोस्तों को पिटाई के झूठे मुकदमे में टीचर ने फंसाया है। पढ़ें पूरी खबर 4: महापौर होश में आओ... प्रदर्शन में नारे लगे:कानपुर में गंदगी, सीवर ओवरफ्लो और जर्जर सड़क से परेशान लोग; ढोल-मंजीरे बजाया कानपुर में बदहाल सफाई व्यवस्था, सीवर भराव और जर्जर सड़कों को लेकर लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। दबौली वेस्ट वार्ड-72 में क्षेत्रीय समस्याओं के विरोध में सैकड़ों महिलाएं ढोलक और मंजीरा लेकर सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने महापौर, विधायक और क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ अनोखा और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं हाथों में स्लोगन लिखी लाल तख्तियां लिए नजर आईं। पढ़ें पूरी खबर 5: कानपुर में काशी महाकाल एक्सप्रेस पर पथराव, VIDEO:AC कोच के कांच टूटे, भीमसेन स्टेशन के पास घटना; आरोपियों की तलाश कानपुर में रविवार रात काशी महाकाल एक्सप्रेस पर पथराव हुआ। भीमसेन रेलवे स्टेशन के पास अज्ञात लोगों ने ट्रेन के फर्स्ट AC कोच पर पत्थर फेंके, जिससे खिड़की का कांच टूट गया। घटना के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई और टूटे कांच का वीडियो जारी किया। गाड़ी संख्या 20415 काशी महाकाल एक्सप्रेस वाराणसी से इंदौर जा रही थी। गोविंदपुरी स्टेशन से रवाना होने के बाद करीब रात 9 बजे भीमसेन के पास यह घटना हुई। सूचना पर कोच अटेंडेंट ने कांच हटवाया। पढ़ें पूरी खबर 6: महिला बैंककर्मी बोली- ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी:कानपुर में कस्टमर को मारने के लिए लैपटॉप उठाया, गालियां दीं; देखें VIDEO कानपुर में HDFC बैंक में तैनात महिला कर्मचारी आस्था सिंह ने ग्राहकों के साथ अभद्रता की। बैंक परिसर में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा कि महिला कर्मचारी एक ग्राहक को खुलेआम गालियां दे रही है। कहती है- ठाकुर हूं मैं...ऐसी की तैसी कर दूंगी। गुस्से में लैपटॉप उठाकर ग्राहक को मारने का प्रयास किया। वीडियो पनकी सेक्टर-2 स्थित HDFC बैंक शाखा का है। वीडियो में दिखने वाली बैंक महिला कर्मी का नाम आस्था सिंह बताया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर 7: मां ने डांटा तो बेटे ने फंदा लगाकर सुसाइड किया:शादी से शराब पीकर आया था घर, सुबह भाई जगाने गया तब जानकारी हुई कानपुर के बर्रा वर्ल्ड बैंक कॉलोनी में मां की डांट से नाराज होकर 25 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक ने रविवार रात दुपट्टे के सहारे पंखे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सोमवार सुबह परिजनों को घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बर्रा वर्ल्ड बैंक कॉलोनी निवासी विजय नारायण के बड़े बेटे आशीष शुक्ला (25) ने यह कदम उठाया। आशीष के छोटे भाई वेद शुक्ला ने बताया कि रविवार रात करीब 10:30 बजे आशीष एक शादी से घर लौटा था और नशे में था। पढ़ें पूरी खबर 8: चाय-नाश्ता नहीं दिया तो पत्नी को मार डाला:कानपुर में पति ने सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार किए, पुलिस ने अरेस्ट किया कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के कर्रही गांव में सोमवार को सुबह 60 वर्षीय महिला लालती राजपूत की हत्या उनके पति ने कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि लालती राजपूत की हत्या उनके पति साहब राजपूत ने की है। आरोपी ने किसी ठोस वस्तु और ईंट से सिर पर वार कर वारदात को अंजाम दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर 9: स्कूल के गेट में आग लगाई, फिर सामान ले गए:2 सिलेंडर, चीनी-नमकीन चोरी, प्रधानाचार्य की शिकायत पर घाटमपुर पुलिस पहुंची घाटमपुर के पतारा कस्बे में स्थित कन्या जूनियर स्कूल में रविवार देर रात चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने स्कूल का गेट नहीं खोल पाने पर उसे आग लगाकर जला दिया और हजारों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। सुबह प्रधानाचार्य के स्कूल पहुंचने पर घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। स्कूल की प्रधानाचार्य वंदना ने पतारा चौकी में दी गई तहरीर में बताया कि चोरों ने प्रधानाचार्य कक्ष का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इसके बाद चोरों ने कमरे के गेट को आग के हवाले कर दिया। पढ़ें पूरी खबर 10: कानपुर में बुजुर्ग की ईंट से सिर कूच कर हत्या:चारपाई पर मिली डेडबॉडी, सफाई का काम करते थे कानपुर के बजरिया थाना क्षेत्र में क्रिया कर्म करने वाले स्थान 58 वर्षीय एक बुजुर्ग का शव पड़ा हुआ मिला है, घटना की जानकारी होने पर बजरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। कैलाश राजपूत रामबाग स्थित क्रिया कर्म करने वाले स्थान पर रहते थे। यहीं पर वो साफ सफाई का काम करते थे। आज जहां उनका शव ईंट से कूचा हुआ चारपाई पर पड़ा हुआ मिला है। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने क्राइम स्पॉट को सीज कर दिया। मौके पर डॉग स्क्वायड से जांच करवाते हुए, मौके अपर मिली ईट एवं अन्य संदिग्ध चीजों को फोरेंसिक जांच करने के लिए भेजा गया है। पढ़ें पूरी खबर
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। क्या दिग्विजय ने मोदी को जवाब दिया ‘दिग्विजय सिंह जिंदाबाद’.. सिवनी में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सामने जैसे ही ये नारा लगा, उन्होंने तुरंत कार्यकर्ताओं को चुप करा दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा- दिग्विजय सिंह क्या है, कुछ भी नहीं। इसी दौरान किसी ने उन्हें राजा साहब कह दिया। इस पर उन्होंने कहा- राजा-वाजा मत कहा करो, 1947 के बाद राजा-महाराजा खत्म हो गए। उन्होंने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह यहां एक कार्यकर्ता के रूप में आया है। मैंने कभी खुद को कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ऊपर नहीं माना। दिग्विजय सिंह ने यह बात ऐसे समय कही है, जब हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें राजा साहब कहकर उनके भाषण पर तंज कसा था। पीएम मोदी ने कहा था कि दिग्विजय सिंह खुद को राजा कहलाने में गर्व महसूस करते हैं और जो खुद को राजा माने, वह आर्थिक असमानता की बात करे, क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे। अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिग्विजय सिंह का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के तंज का जवाब माना जा रहा है। हालांकि इससे पहले भी वे कई बार कार्यकर्ताओं और समर्थकों को खुद को राजा साहब कहने से रोकते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें संसद में सीधे निशाने पर लिया था। विधायक ने टोका, तो सब रह गए हैरानशहडोल जिले के जैतपुर से भाजपा विधायक जयसिंह मरावी ने मंच पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टोक दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- इधर भी थोड़ा मेरा ध्यान रख लीजिए, मुख्यमंत्री जी। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया। हालांकि, तुरंत ही हंसते हुए विधायक ने बात को हल्का करने की कोशिश भी की। दरअसल, मुख्यमंत्री शहडोल जिले के धनपुरी पहुंचे थे। मंच पर वे मंत्री दिलीप जायसवाल से बात कर रहे थे, तभी विधायक जयसिंह मरावी अपना संबोधन दे रहे थे। वे सीएम के सामने अपने क्षेत्र से जुड़ी मांगें रखना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने देखा कि सीएम मंत्री से बात में मशगूल हैं, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में उन्हें टोक दिया। जयसिंह मरावी भाजपा के वरिष्ठ विधायकों में गिने जाते हैं। वे 5 बार के विधायक हैं। बाद में जब मुख्यमंत्री बोलने आए, तो उन्होंने जयसिंह मरावी की तारीफ करते हुए उन्हें धुआंधार विधायक बताया। सीएम ने कहा- ये हमारे शुभंकर विधायक हैं, जहां से भी चुनाव लड़ते हैं, जनता इनके गले में विजय का हार डाल देती है। सिंधिया का मोटिवेशनल स्पीकर रूपकेंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे एक मोटिवेशनल स्पीकर के अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने मोबाइल फोन को डिब्बा और खुद को डिब्बा मंत्री बताया। यह वीडियो खुद सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है। वीडियो में वे कहते हैं- आज मैं देखता हूं, मंच पर भी, मंच के नीचे भी, गाड़ी में भी, प्लेन में भी… कहीं भी पांच लोग बैठे होंगे, लेकिन कोई किसी से बात नहीं करता। सब अपने-अपने डिब्बे में कैद हैं, अपने डिब्बे में मस्त हैं। उन्होंने आगे कहा- पति-पत्नी भी आपस में बात नहीं करते। पति अपने डिब्बे में, पत्नी अपने डिब्बे में… ऐसे में रिश्ते कैसे बनेंगे? इसी दौरान उन्होंने मजाकिया लहजे में खुद को डिब्बा मंत्री बताते हुए कहा- डिब्बे का जितना इस्तेमाल होगा, मेरे लिए उतना ही अच्छा है। उन्होंने अपील की है कि कम से कम भोजन के समय या दिन में एक घंटा जब परिवार और दोस्तों के साथ हों, तो मोबाइल बंद रखकर आपसी संवाद करें। सिंधिया ने कहा कि यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी रिश्ते होते हैं। अब लोग कह रहे हैं कि सिंधिया ने बात तो बिल्कुल खरी कही है। वैसे महाराज भी अपना डिब्बा जेब में रखकर लोगों से रिश्ते मजबूत करने में जुटे रहते हैं, जो उनकी राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माना जाता है। जब मिठाई वाले बन गए धीरेंद्र शास्त्रीपंडित धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर अलग ही अंदाज में नजर आए। छतरपुर में वे आधी रात को अचानक एक मिठाई की दुकान पर जा पहुंचे। वहां वे सीधे काउंटर पर बैठ गए और मिठाइयों का स्वाद लेने लगे। पहले उन्होंने रसगुल्ला खाया, फिर रसमलाई का स्वाद चखा। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों की तरह आवाज भी लगाई - मिठाई ले लो, बर्फी ले लो, लड्डू ले लो… दुकानदार ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ आए लोगों को मिठाई देने की कोशिश की, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- रहने दो, चार पैसे बच जाएंगे, ये तो सब खा जाएंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस बात पर वहां मौजूद लोगों के बीच जमकर ठहाके गूंज उठे। इनपुट सहयोग - विनोद सोनी (सिवनी), सौरभ पांडे (शहडोल), राजेश चौरसिया (छतरपुर) ये भी पढ़ें - महिला की बात पर भाजपा विधायक ने पकड़ लिया माथा: जिस बयान पर देश गुस्सा, मंत्री ने उसे बताया छोटी सी भूल शिवपुरी के पीछोर क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान अजीब वाकया सामने आया। यहां एक महिला हितग्राही ने शासन की योजना का लाभ तो लिया, लेकिन उसका श्रेय कांग्रेस को दे दिया। यह सुनकर मंच पर मौजूद भाजपा विधायक प्रीतम लोधी भी हैरान रह गए। उन्होंने अपना माथा पकड़ लिया। पूरी खबर पढ़ें
झांसी स्थित वैगन कारखाना में सोमवार को भारतीय रेल में वैगन परिचालन और संरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर देशभर के रेलवे अधिकारियों ने मंथन किया। आरडीएसओ लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित नॉलेज शेयरिंग वर्कशॉप में उत्तर मध्य रेलवे, नॉर्दर्न रेलवे, सेंट्रल रेलवे, साउथ सेंट्रल रेलवे समेत कई जोनों के करीब 120 अधिकारी और पर्यवेक्षक शामिल हुए। कार्यशाला में वैगन वर्कशॉप झांसी द्वारा विकसित उस इनोवेशन पर विशेष चर्चा हुई, जिससे मालगाड़ियों में होने वाली ट्रेन पार्टिंग की समस्या को रोकने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक के लागू होने से मालगाड़ियों की संरक्षा और संचालन क्षमता दोनों में सुधार आएगा।आरडीएसओ लखनऊ के वैगन निदेशक संजय ने ब्रेक सिस्टम से जुड़ी जटिलताओं और उनके व्यावहारिक समाधान पर प्रस्तुति दी। वहीं गुंटापल्ली वैगन वर्कशॉप विजयवाड़ा की टीम ने बोगी में आने वाले क्रैक की पहचान और मरम्मत की आधुनिक प्रक्रिया को पीपीटी के माध्यम से समझाया। वैगन वर्कशॉप झांसी के डिप्टी सीएमई अमित तिवारी ने कारखाना की उत्पादन प्रक्रिया और संरक्षा मानकों की जानकारी साझा की।कार्यशाला में शामिल अधिकारियों ने वैगन वर्कशॉप झांसी के एयर ब्रेक लैब, व्हील शॉप, सीटीआरबी शॉप और ट्रॉली शॉप का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने यहां मौजूद आधुनिक मशीनरी और कार्यप्रणाली की सराहना की। झांसी वैगन कारखाना में आयोजित नॉलेज शेयरिंग वर्कशॉप के दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे झांसी रेल मंडल के प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रेल या वर्कशॉप को चलाने का असली काम डीआरएम या मुख्य कारखाना प्रबंधक नहीं, बल्कि यहां कार्यरत ग्रेड-1 टेक्नीशियन करते हैं।डीआरएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि तकनीकी स्टाफ ही रेलवे की रीढ़ है, जिनके मेहनत और कौशल के दम पर उत्पादन और रखरखाव की पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से चलती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे तकनीशियनों को बेहतर माहौल दें और उन्हें उत्कृष्ट कार्य करने के लिए लगातार प्रेरित करें।उन्होंने यह भी कहा कि जब जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मान और सहयोग मिलता है, तभी गुणवत्ता, संरक्षा और उत्पादन में वास्तविक सुधार संभव हो पाता है।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से जुड़े पूंछरी का लौठा क्षेत्र के 4 हेक्टेयर में राधावन वाटिका बनाने का कार्य पिछले 2 महीने से चल रहा है, जिसकी दीवार निर्माण करने के नाम पर 21 व 22 जनवरी 2026 को पीलू के पेड़ों की कटाई कर दी, जिस मामले में आरक्षित वन भूमि पर कथित निर्माण गतिविधियों व पेड़ों की कटाई की शिकायत राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में करने पर प्रशासन हरकत में आ गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में लंबित वाद O.A. 24/2016 व टीटीजेड-2016 प्रावधानों के संदर्भ में वन विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, वहीं एनजीटी ने जिला कलेक्टर डीग से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने जन्मदिवस पर 15 दिसंबर 2024 को डीग में पूंछरी का लौठा व गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना का शिलान्यास किया था। उसकी के तहत सीएम ने गिरिराजजी की परिक्रमा में 1.2 किमी का राजस्थान में पड़ने वाला हिस्सा परिक्रमा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। गिरिराज जी परिक्रमा पथ के विकास को 4 जोन में बांट विकसित करने की योजना बनाई थी, जिसके तहत ही राधा वाटिका बनाने की घोषणा की गई थी। उसकी के तहत 95 लाख की लागत से राधावन वाटिका को विकसित किया जा रहा था। वाटिका में पाथवे, गजीबो हट व बाउंड्री वॉल बननी थी, जिसके तहत दीवार 260 मीटर दीवार बननी थी, लेकिन वन विभाग के कर्मिकों के मौके पर होने के बावजूद ठेकेदार ने दीवार सीधी बनाने के चक्कर में पीलू के पेड़ काट दिए। मोती कुंड के पीलू पेड़: ब्रज की धरोहर और कृष्ण-राधा प्रेम कथा का प्रतीक ब्रज की कला और संस्कृति के जानकार ज्योतिषाचार्य रामभरोसी भारद्वाज ने बताया कि पीलू ब्रज की प्राचीन वनस्पतियों में से है और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है। गर्ग संहिता में भी इसका उल्लेख है। मान्यता है कि इंद्र के प्रकोप से बचाने के बाद कृष्ण और राधा की सगाई हुई। राधा के पिता वृषभानु ने नंद बाबा को कीमती मोती दिए, जिसे कृष्ण ने मोती कुंड के पास मिट्टी में बो दिया। बाद में वहीं पेड़ उगे और उन पर मोती जैसे फल/पीलू लगने लगे। किवदंती है कि राधाजी इन पीलू के पेड़ों की छाया में ही कृष्ण से मिलने आती थीं। इसलिए ब्रज 84 कोस सहित प्राचीन नगरों में पीलू के पेड़ बहुतायत में पाए जाते थे। आज भी इन पेड़ों को ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है और श्रद्धालु इन्हें कृष्ण-राधा की प्रेम कथा से जुड़ा प्रतीक मानकर सम्मान देते हैं। एसीएफ सुरेश को बनाया जांच अधिकारी तीन दिन में रिकॉर्ड पेश करने के आदेश जिला कलक्टर के आदेश पर डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने परिक्रमा मार्ग के राजस्थान हिस्से के करीब 1.2 किमी क्षेत्र में जेसीबी से निर्माण कार्य और बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की जा रही है। इन आरोपों की जांच के लिए सहायक वन संरक्षक को प्रारंभिक जांच अधिकारी नियुक्त कर तीन दिन में रिकॉर्ड सहित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, रेंजर रामकरण मीणा ने वनपाल/ वनरक्षक द्वारा पूरे मामले में जानकारी न देने पर दोनों से ही स्पष्टीकरण मांगा था। “पूंछरी के लौठा में पेड़ काटने के मामले में एनजीटी में शिकायत हुई है,लेकिन एनजीटी से कोई नोटिस हमको नहीं मिला है। हम मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ कह सकते हैं।” -प्रमोद धाकड़, डीएफओ ( वन विभाग)
आज (10 फरवरी) से हरियाणा में 4,227 पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। यह भर्ती कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) फेज-II ग्रुप-सी के तहत की जाएगी। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) के द्वारा इसी साल निकाले गए विज्ञापन संख्या 04/2026 के अंतर्गत विभिन्न पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसएससी चेयरमैन हिम्मत सिंह ने खुद इसकी जानकारी साझा की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे अपना आवेदन पत्र अंतिम तिथि 23 फरवरी 2026 रात 11.59 बजे से पहले यथाशीघ्र भरें। अंतिम तिथि के पश्चात किसी भी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। आवेदन पत्र स्वयं भरें। फॉर्म भरते समय सभी विवरण ध्यानपूर्वक और सही-सही भरें एवं फाइनल सबमिट करने से पूर्व अच्छी तरह से जांच अवश्य करें, क्योंकि आवेदन के बाद कोई करेक्शन पोर्टल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। आवेदन लिंक: https://adv042026.hryssc.com/ यहां देखिए HSSC चेयरमैन की सोशल मीडिया पोस्ट… यहां देखिए पोस्ट वाइज वैकेंसी डिटेल्स... इस भर्ती में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (MPHW), महिला ESI हेल्थ केयर 20, MPHW (महिला) स्वास्थ्य विभाग 595, MPHW (पुरुष) स्वास्थ्य विभाग 700, स्टाफ नर्स ESI हेल्थ केयर 20, नर्स स्वास्थ्य विभाग 296, नर्स DMER 1475, सिस्टर ट्यूटर स्वास्थ्य विभाग 12, रेडियोग्राफर स्वास्थ्य विभाग 99, रेडियोग्राफर DMER 32, डिस्पेंसर (आयुर्वेदिक) ESI हेल्थ केयर 3, डाइटीशियन स्वास्थ्य विभाग 22, फॉरेस्ट गार्ड वन विभाग 779, जूनियर इंजीनियर (सिविल) HAFED 5, जूनियर इंजीनियर (सिविल) हरियाणा पावर जेन. कॉर्प. 23, असिस्टेंट मैनेजर (IA) HSIIDC 8, जूनियर इंजीनियर (सिविल), पुलिस हाउसिंग कॉर्प. 15 पदों की भर्ती निकाली गई है। वहीं जूनियर इंजीनियर (सिविल) टाउन एंड कंट्री प्लानिंग 6, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) HSVP 16, जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट वेयरहाउसिंग कॉर्प. 73, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) कुरुक्षेत्र देव. बोर्ड 1, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) पुलिस हाउसिंग कॉर्प. 1, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) DMER 3, टेक्नीशियन (IC) हरियाणा पावर जेन. कॉर्प. 7, प्लांट अटेंडेंट (IC) हरियाणा पावर जेन. कॉर्प. 10, लीगल असिस्टेंट श्रम विभाग 2, लीगल असिस्टेंट HSIIDC 2, लीगल असिस्टेंट खान और भूविज्ञान 2 पद शामिल हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशनइन पदों के लिए आवेदन करने के लिए 10वीं पास के साथ ITI से लेकर बीएससी, एमएससी की डिग्री होनी अनिवार्य है। इसके अलावा 10वीं या 12वीं में हिंदी या संस्कृत विषय पढ़ा होना चाहिए। एज लिमिट, न्यूनतम 18 साल और अधिकतम 42 साल रखी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को हरियाणा सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। 34,800 रुपए तक होगी सैलरी इन पदों पर होने वाली भर्ती के लिए सैलरी 9,300 - 34,800 रुपए प्रतिमाह निर्धारित की गई है।इसके अलावा अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। क्वालिफाइंग मार्क्स सामान्य वर्ग के लिए 50% मार्क्स, आरक्षित वर्ग : 40% मार्क्स लाने जरूरी हैं। एग्जाम पैटर्न के तहत 1 घंटा 45 मिनट मिलेंगे। कुल प्रश्न 100 होंगे। प्रश्नों का प्रकार एमसीक्यू होगा। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। ऐसे करें आवेदन :हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की वेबसाइट hpsc.gov.in पर जाएं।अगर अप्लाई करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर क्रिएट नहीं किया है, तो पहले New Registration के लिंक पर क्लिक करें।क्रिएट किए हुए रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉग इन करें।योग्यता संबंधित सभी जानकारियों की डिटेल्स अपने सर्टिफिकेट्स के मुताबिक भरें।सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फीस जमा करें।फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें।
भरतपुर की आयुर्वेद रसायनशाला में अब 190 प्रकार की दवाओं का निर्माण होगा। अभी तक 11 प्रकार की दवाओं का निर्माण होता था। निर्माण की जिम्मेदारी ग्वालियर की एक निजी फार्मेसी को सौंपी गई है, जिसे रसायनशाला हैंडओवर की जाएगी। इसलिए नवंबर माह से दवाओं का उत्पादन बंद है। हैंडओवर करने की तैयारी प्रारंभ हो गई है। पुरानी मशीनों को दूसरी रसायनशालाओं में भेजा जाएगा। इसके अलावा संजीवनी, शंखनाभि, फिटकरी, सुहागा, गोदंती आदि की 29 हजार किलो सामग्री को भी मुख्यालय के निर्देश पर दूसरी रसायनशालाओं में भेजा जाएगा। आयुर्वेद विभाग ने ग्वालियर की दीनदयाल फार्मेसी से एमओयू किया है, जो भरतपुर के अलावा अजमेर में भी दवाओं का निर्माण करेगी। यहां निर्माण कार्य ऑटोमेटिक मशीनों से होगा। दवाइयों का उत्पादन और पैकिंग पूरी तरह नई तकनीक से होगा। करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से लगाई जा रही मशीनें जुलाई तक काम करना शुरू करेंगी। विभाग का मानना है कि दवाइयां ज्यादा तेजी से बनाई जाएंगी। ज्ञात रहे कि अभी तक रसायनशाला में दवाइयां व पैकिंग मैनुअली होती रही है। भरतपुर की रसायनशाला में अभी गोदंती भस्म, बाल सुधा भस्म, शंख भस्म, कपर्द भस्म, शुभ्रा भस्म, शुक्ति भस्म, संजीवनी बटी, घृताशय पिष्टी, जात्यादि तैल, मुस्तकादि क्वाथ, मधुकादि हिम का निर्माण होता था, जिसकी सप्लाई भरतपुर संभाग सहित 10 जिलों में थी। अब एजेंसी यहां अत्याधुनिक तकनीक की नई मशीनें लगाने जा रही है। पूरे प्रदेश में होगी आपूर्ति, स्टाफ बढ़ेगा, पुरानी मशीनें जोधपुर जाएंगी भरतपुर की रसायनशाला में भस्म, पिष्टी, मंडूर, छार, परपटी, तेल, पंचकर्म उत्पाद, पेस्ट बनाए जाएंगे। जिन्हें पूरे प्रदेश में सप्लाई किया जाएगा। इसलिए यहां स्टाफ बढ़ेगा और ट्रांसपोर्टेशन का भी काम बढ़ जाएगा। यहां लगी पुरानी मशीनों को जोधपुर, उदयपुर व केलवाड़ा की रसायनशालाओं में भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पांच रसायनशालाएं भरतपुर, उदयपुर, अजमेर, जोधपुर व केलवाड़ा में हैं। भरतपुर की रसायनशाला से दस जिलों—भरतपुर सहित धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, दौसा, अलवर—में करीब एक हजार सेंटरों पर दवाइयों की सप्लाई होती है। “भरतपुर व अजमेर पीपीपी मोड पर रसायनशाला का संचालन होगा। ग्वालियर की दीनदयाल फार्मेसी करीब 190 प्रकार की दवाओं का उत्पादन एवं पैकिंग करेगी। हैंडओवर करने की कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। स्थानीय स्तर पर होने वाला उत्पादन नवंबर से बंद है।-वैद्य उमेश गोहदन, प्रभारी रसायनशाला
स्टेशन पर फोन चोरी कर की जा रही साइबर ठगी; 2025 में 60 में से 47 ऐसे ही केस
भास्कर न्यूज |लुधियाना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। ट्रेन में चढ़ते समय भीड़ का फायदा उठाकर शातिर चोर यात्रियों के मोबाइल फोन चोरी कर रहे हैं। इसके बाद मोबाइल का लॉक तुड़वाकर बैंक खातों से रुपये निकाल लिए जा रहे हैं। बिना प्लेटफॉर्म टिकट लिए लोग घंटों स्टेशन परिसर में घूमते रहते हैं। प्लेटफॉर्म टिकट की न तो नियमित जांच हो रही है और न ही सख्ती बरती जा रही है। इसी लापरवाही के कारण स्टेशन अपराधियों के लिए आसान निशाना बनता जा रहा है। रेलवे प्रशासन और जीआरपी पुलिस की लापरवाही का खामियाजा सीधे यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। चोरी के साथ-साथ साइबर ठगी से उन्हें दोहरा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं इस मामले में थाना जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, साल 2025 में लूट-चोरी के 60 के करीब मामले सामने आए हैं। इनमें से 47 मामले इसी तरह की ठगी के हैं, वहीं एसएचओ जतिंदर सिंह का कहना है कि जब यात्रियों के आने-जाने का समय होता है, उस समय पुलिस कर्मी चेकिंग करते रहते हैं। पुलिस ने ऐसे कई मामलों को सुलझाते हुए आरोपियों को पकड़ा भी है। थाना साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार चोरी किए गए फोन का लॉक तोड़ने के लिए चोर मोबाइल दुकानदारों से संपर्क करते हैं। जब दुकानदार फोन का लॉक खोलते हैं, तो हैकर्स उस फोन में मौजूद पर्सनल डेटा जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक आदि को स्कैन कर लेते हैं। इसके बाद वे ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए खाते से पैसे निकाल लेते हैं, क्योंकि बैंक से जुड़ा मोबाइल नंबर भी उनके पास होता है, जिससे ओटीपी मिल जाता है। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति कंपनी से नया सिम कार्ड लेता है, उसके मोबाइल पर बैंक ट्रांजक्शन के मैसेज आने लगते हैं और उसे पता चलता है कि उसके खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। {केस-1 : होजरी व्यापारी से 8.50 लाख की ठगी: जून में दरेसी निवासी एक होजरी कारोबारी अपने परिवार को रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अगले दिन जब कारोबारी ने नया सिम कार्ड लिया, तो उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जांच में सामने आया कि हैकर्स ने उनके बैंक खाते से 8.50 लाख रुपए निकाल लिए। {केस-2 : फैक्टरी कर्मचारी के 13,500 रुपए निकाले: 24 नवंबर को फैक्टरी कर्मचारी आनंद यादव के साथ चोरी और साइबर ठगी हुई। पीड़ित ने बताया कि वह सुबह करीब 5 बजे अपने जीजा को उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेन में चढ़ाने ढंढारी रेलवे स्टेशन गया था। जब वह सामान रखने के लिए बोगी में चढ़ा और नीचे उतरने लगा, तभी भीड़ में किसी ने उसकी जेब से मोबाइल निकाल लिया। थाना जीआरपी में शिकायत देने के बाद अगले दिन उसने नया सिम लिया, तो बैंक से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे। जांच में सामने आया कि हैकर्स ने उसके खाते से 13,500 रुपए निकाल लिए। { केस-3 : पंडित के खाते से 2.50 लाख रुपए उड़ाए: 18 दिसंबर को भामिया कलां निवासी पंडित रविंदर झा के साथ भी यही वारदात हुई। पीड़ित ने बताया कि वह बिहार जाने वाली ट्रेन में चढ़ने के लिए ढंडारी स्टेशन गया था। सुबह के समय ट्रेन में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उसी भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसकी जेब से मोबाइल चोरी कर लिया। उसे फोन चोरी होने का पता तब चला जब ट्रेन चल चुकी थी। बिहार पहुंचकर उसने ऑनलाइन शिकायत दी। जब वापस लुधियाना आकर नई सिम ली, तो उसके मोबाइल पर 5-5 हजार रुपए के कई ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे, जो ऑनलाइन शॉपिंग के बिल थे। बैंक जाकर जांच करवाई तो पता चला कि उसके खाते से 2.50 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं। इसके बाद उसने थाना जीआरपी और थाना साइबर क्राइम में शिकायत दी। {फोन चोरी होते ही उसे लॉक करें और डेटा रिमोटली डिलीट करने की कोशिश करें। {सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक करवाएं। आईएमईआई नंबर के जरिए फोन को ट्रैक करवाएं। {बैंक को तुरंत सूचना दें और खाते को सुरक्षित करवाएं। {सभी जरूरी पासवर्ड बदलें।
पुष्करणा सावे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। यही वजह है कि करीब 15 लाख रुपए से सड़कों का पैचवर्क विशेषतौर पर परकोटे की सड़कों पर हो रहा है। इसमें से कुछ राशि पीडब्ल्यूडी और कुछ नगर निगम वहन कर रहा है। दोनों ही विभाग एआरसी से मंजूर दरों के आधार पर बिना टेंडर के काम करा रहे हैं। दरअसल, शहर में पुष्करणा सावे की धूम मची है। हर गली-मोहल्ले में रौनक है। लोग शादी से जुड़े तमाम कार्यक्रमों की तैयारियों और रस्मों-रिवाजों में व्यस्त हैं। ऐसे में प्रशासन का भी ध्यान उधर ही है। सावे से पहले ही विधायक जेठानंद व्यास ने प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की थी। खबर है कि करीब 10 लाख रुपए से बीकानेर पश्चिम की सड़कों का पैचवर्क नगर निगम कर रहा है। 3.50 लाख रुपए से पीडब्ल्यूडी काम कर रहा है। दोनों ने ही पैचवर्क के लिए कोई टेंडर नहीं किए हैं। एआरसी यानी वार्षिक दर अनुबंध किया गया है, जिसमें एक बार दरें तय होती हैं और उन्हीं दरों से छोटे काम कराए जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि जहां-जहां निगम और पीडब्ल्यूडी पैचवर्क करा रहा है, वे लाइबिलिटी की सड़कें हैं। लाइबिलिटी यानी ठेकेदार की गारंटी पीरियड वाली सड़कें, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही होती है, मगर पुष्करणा सावे को देखते हुए इसे एआरसी से बनाया जा रहा है। लाइबिलिटी पर सफाईलाइबिलिटी पीरियड की सड़कों पर पैचवर्क के सवाल पर पीडब्ल्यूडी के एईएन विक्रम विश्नोई का कहना है कि जरूर कुछ सड़कें लाइबिलिटी की हैं, मगर जिन सड़कों को तोड़ने या किसी कारण से खोदने की अनुमति विभाग ने जारी की है, उसका पैचवर्क ठेकेदार नहीं कराता। वह विभाग को ही करना होता है। लाइबिलिटी का मतलब यह है कि अपने आप सड़क टूटे तो ठेकेदार बनाने के लिए पाबंद होता है। हालांकि निगम आयुक्त मयंक मनीष का कहना है कि मेरी जानकारी में नहीं है कि निगम ने किसी लाइबिलिटी वाली सड़क पर पैचवर्क कराया हो।
अज्ञात वाहन की टक्कर से दो भाइयों की टांग टूटी
लुधियाना| जालंधर बाई पास चुंगी के नजदीक पुल के ऊपर दर्दनाक हादसा हुआ जिसमे ट्रक का टायर बदलते वक्त 2 ट्रक चालकों की अज्ञात वाहन टक्कर मारकर फरार हो गया। घायलों को लोगो की मदद से एम्बुलेंस 108 से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर डॉक्टर ने दोनों की हालत नाजुक देख इलाज के लिए दाखिल कर सूचना पुलिस को दी। घायलों की पहचान ट्रक चालक मेहराज (28) और ट्रक चालक अनेसल इस्लाम (26) निवासी कश्मीर के रूप में हुई। कश्मीर से दिल्ली जा रहा था। डॉक्टर के मुताबिक दोनों घायलों की टांगे फ्रैक्चर होने के कारण इलाज के लिए दाखिल कर सूचना पुलिस को दे दी है।पुलिस मामले की जांच कर रही है।
योग चैंपियनशिप में बीवीएम ऊधम सिंह नगर के स्टूडेंट्स का शानदार प्रदर्शन
लुधियाना| भारतीय विद्या मंदिर ऊधम सिंह नगर के स्टूडेंट्स ने 23 से 27 जनवरी तक पश्चिम बंगाल के दीघा में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्तर की लड़कों की योग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। यह चैंपियनशिप का आयोजन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। इसमें देश भर की 42 टीमों ने भाग लिया। पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए, बीवीएम यूएसएन के दो प्रतिभाशाली छात्रों ने अद्वितीय कौशल और दृढ़ता का प्रदर्शन किया, जिससे पंजाब टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर 14वां स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में छात्र गौरव सिंह रावत ग्यारहवीं नॉन-मेडिकल पारंपरिक और कलात्मक आयोजनों में भाग लिया। कक्षा ग्यारहवीं के किस्मत शर्मा ने भाग लिया। प्रिसिंपल सीमा गुप्ता ने मेधावी स्टूडेंट्स गौरव, किस्मत और उनके मार्गदर्शक संजीव ठाकुर को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्री-नर्सरी से पांचवीं तक छात्रों ने खेल-खेल में शब्दावली सीखी
भास्कर न्यूज | लुधियाना ग्रीन लैंड सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में प्री-नर्सरी से कक्षा पांचवी तक के स्टूडेंट्स के लिए आयु-उपयुक्त, गतिविधि-आधारित अधिगम सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की। प्री-नर्सरी के नन्हे बच्चों के लिए प्रारंभिक लेखन क्षमता को मजबूत करने के लिए जिग-जैग रेखाएं खींचने की एक साक्षरता गतिविधि आयोजित की गई। नर्सरी के स्टूडेंट्स ने अक्षर रंगने का मजा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। एलकेजी के स्टूडेंट्स ने आकर्षक वर्ड स्लाइडर्स गतिविधि के माध्यम से शब्दों को पहचान सीखा। जबकि यूकेजी के विद्यार्थियों ने अभिनव वर्ड ट्रेन गतिविधि का आनंद लिया, जिसने उन्हें खेल-खेल में शब्दावली और वाक्य निर्माण कौशल विकसित करने में मदद की। कक्षा तीसरी से पांचवी तक के विद्यार्थियों ने एक संवादात्मक चित्र कथा गतिविधि में भाग लिया। जहां उन्होंने दृश्यों के माध्यम से कहानियों की व्याख्या करते हुए अपनी कल्पनाशीलता, भाषा कौशल और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। ग्रीन लैंड स्कूलों की श्रृंखलाओं के चेयरमैन डॉ. राजेश रुद्रा ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की नवीन कक्षा गतिविधियां विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देती हैं। प्रिंसिपल बलदीप पंधेर ने कहा कि सीखना तभी प्रभावी होता है, जब बच्चे सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
दिनदहाड़े कार पर हथियारों हमला, 7 माह का बच्चा अगवा
पीड़ित महिला निशा ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी दो साल पहले हुई थी और घरेलू विवाद के चलते उसका ससुराल पक्ष उससे रंजिश रखता था। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले को अंजाम दिया। हमलावर कार को क्षतिग्रस्त करने के बाद फरार हो गए और उसके साथ मौजूद सात महीने के बच्चे को भी जबरन अपने साथ ले गए। मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने बीच-बचाव कर हमलावरों को रोकने की कोशिश की। लेकिन हमलावर कुछ ही देर में फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। थाना टिब्बा प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आ चुका है और पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत भी प्राप्त हुई है। भास्कर न्यूज |लुधियाना थाना टिब्बा क्षेत्र अंतर्गत गोपाल नगर चौक (गोशाला रोड) के पास सोमवार को दिनदहाड़े बाइक सवार युवकों ने एक कार को घेरकर उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। कार में मौजूद महिला, उसकी भतीजी और सात महीने का बच्चा इस हमले से दहशत में आ गए। घटना का वीडियो भी समाने आया है। इसमें देखा गया कि एक बाइक पर सवार दो युवक हाथों में तलवारें लेकर कार पर हमला कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पटियाला निवासी निशा अपनी भतीजी और उसके मासूम बेटे को लेने लुधियाना आई थी, जैसे ही उनकी कार गोपाल नगर चौक के पास पहुंची, पीछे से आए बाइक सवार युवकों ने रास्ता रोक लिया और कार के शीशे व दरवाजों पर लगातार वार शुरू कर दिए।
गोरखपुर में टेड्डी डे को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। हर कोई अपने पार्टनर को यूनिक टेड्डी दकर खुश करना चाहता है। ऐसे में सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग LED लाईट वाले टेड्डी गिफ्ट हैंपर है। यह सर्विस देने वाले अभिषेक मिश्रा ने बताया- इस तरह हैंपर के लिए प्री- बुकिंग शुरू हो गई थी। इसके अलावा ट्रांसपैरेंट टेड्डी हैंपर, बास्केट टेड्डी, कोरियन पेपर टेड्डी बुके भी काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है। ये सब 300 रुपए से शुरू है। पिछले एक हफ्ते के अंदर मैंने लगभग 50 ऑर्डर कम्प्लीट किया है। ऑर्डर मिलना अभी जारी भी है। टेड्डी डे है तो लोगों में काफी ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है। रंग-बिरंगी लाइटें बढ़ाती शोभा अभिषेक मिश्रा ने बताया कि LED टेड्डी हैंपर बॉक्स में पार्टनर की पसंद की चीजों के साथ प्यारा सा टेड्डी होता है, सभी सामानों को खुबसूरती से सजा कर रखा जाता है। इस बॉक्स को खास बनाता है इसमें लगा LED लाइट, जिसकी वजह से बॉक्स खुलते ही रंग बिरंगी रोशनी ध्यान खींचता है। टेड्डी कप का डिमांड भी ज्यादा इसी तरह टेड्डी कप का भी डिमांड ज्यादा देखा जा रहा है। यह बजट फ्रेंडली भी होता है और यूनिक भी। इसके लिए एक कप में चॉकलेट या फ्लॉवर रखकर उसके ऊपर टेड्डी बियर को सजा दिया जाता है। कोरियन पेपर टेड्डी बुके करता अट्रैक्ट अभिषेक ने बताया- आजकल के युवा कोरियन पेपर टेड्डी बुके काफी ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यह सबसे अलग पीस है। इसे लोग अपनी पसंद की कलर के पेपर और टेड्डी के साइज के साथ कस्टमाइज्ड करवाते हैं। इसे कैरी करना भी आसान होता है। ट्रांसपैरेंट बैलून टेड्डी हैंपर का जलवा इसी तरह आजकल ट्रांसपैरेंट बैलून टेड्डी हैंपर भी काफी ज्यादा ट्रेंडिंग है। इसमें ट्रांसपैरेंट बैलून के अंदर टेड्डी लगा होता है। साथ ही इसमें लगी LED लाइट की रोशनी इसकी शोभा बढ़ाते हैं। बास्केट टेड्डी हैंपर है स्पेशल बास्केट टेड्डी हैंपर भी लोगों को काफी ज्यादा अट्रैक्ट कर रहे हैं। इसमें एक स्पेशल बास्केट में टेड्डी के साथ पसंद की चीजें रखवा कर कस्टमाइज्ड करवाते हैं। यह देखने बेहद ही यूनिक होता है। कपल टेड्डी ज्यादा पसंद किया जा रहा अर्चीज गिफ्ट शॉप के ओनर मनीष श्रीवास्तव ने बताया- सबसे ज्यादा लोग रेड कलर की टेड्डी बियर को खरीद कर ले जा रहे हैं। उसमें भी कपल टेड्डी ज्यादा पसंद किया जा रहा है। छोटा- बड़ा हर साइज का टेड्डी पसंद किया जा रहा है। टेड्डी बियर और उनके रेट ट्रांसपैरेंट LED टेड्डी हैंपर- 450-750 रुपए बास्केट टेड्डी हैंपर- 450-1000 रुपए कप विद टेड्डी - 300-700 रुपए LED लाइट टेड्डी हैंपर बॉक्स -1500 रुपए से शुरू कोरियन पेपर टेड्डी बुके- 900 रुपए से शुरू बास्केट टेड्डी हैंपर- 400 रुपए से शुरू सिंगल टेड्डी- 399 रुपए से शुरू कपल टेड्डी- 599 रुपए से शुरू
ओवर स्पीड जिप्सी ने एस-क्रॉस को मारी टक्कर, नशे में धुत मिला चालक
भास्कर न्यूज | लुधियाना जालंधर बाईपास के नजदीक ओवर स्पीड जिप्सी चालक ने पीछे से एस-क्रॉस कार को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एस-क्रॉस कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद राहगीरों ने कार चालक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिप्सी चालक नशे की हालत में था। राहगीरों ने बताया कि हार्डीज वर्ल्ड की ओर से जालंधर बाईपास की तरफ तेज रफ्तार में आ रही जिप्सी चालक कई वाहनों को ओवरटेक करता हुआ आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान आगे चल रही एस-क्रॉस कार को उसने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कार अनियंत्रित होकर जीटी रोड से सर्विस लेन में जा घुसी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद एल्डेको चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने जिप्सी चालक की हालत को देखते हुए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
90 जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया
लुधियाना| महिला शाखा भगवान महावीर सेवा सोसाइटी ने सिविल लाइंस स्थित जैन स्थानक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 90 जरूरतमंद परिवारों को मासिक राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक नवकार महामंत्र के उच्चारण के साथ हुई। यह संस्था का लगातार 119वां राशन वितरण अभियान था। महिला शाखा की महामंत्री ऋचा जैन ने बताया कि आज का यह वितरण समाज के दो प्रतिष्ठित परिवारों के सहयोग से संपन्न हुआ। इसमें स्व. लाला जानकीदास जैन की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र विश्व जैन एवं पुत्रवधू नीलम जैन कंगारू इंडस्ट्रीज लिमिटेड और स्व. विद्यावंती जैन की पुण्य स्मृति में सुरेश-रजनी जैन जैन सतीश होजरी परिवार ने अपना विशेष योगदान दिया। ऋचा जैन ने कहा कि उन परिवारों की मदद करना हमारा परम कर्तव्य है जो आर्थिक रूप से असहाय महसूस कर रहे हैं। इस दौरान महिला शाखा की अध्यक्षा नीलम जैन, मंत्री विनोद देवी सुराणा, सह-कोषाध्यक्ष रमा जैन, श्रद्धा दूगड़ सहित अन्य महिला सदस्य उपस्थित रहीं। साथ ही भगवान महावीर सेवा संस्थान के अध्यक्ष राकेश जैन व उपाध्यक्ष राजेश जैन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कुमाऊं भवन में गूंजे पहाड़ी गीत, नृत्य ने मोहा मन
भास्कर न्यूज | लुधियाना हैबोवाल कलां स्थित कुमाऊं भवन में रविवार को पहाड़ी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। उत्तरांचल कुमाऊं विकास परिषद द्वारा अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित उत्तरैणी कौतिक 2026 में देवभूमि के वो रंग बिखरे कि लुधियाना की औद्योगिक फिजां कुमाऊंनी सुरों से महक उठी। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पं. नंदकिशोर उप्रेती के मंत्रोच्चार और शशि मठपाल व केवल चंद्र भट्ट द्वारा ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ। उत्तराखंड की स्वर कोकिला माया उपाध्याय और गायक राकेश खनवाल ने भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध किया। कुमाऊंनी गीतों की मधुर तान पर हर कोई थिरकने को मजबूर हो गया। महादेव कला मंच के कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने पहाड़ी नृत्य कर उत्तराखंड का दृश्य जीवंत कर दिया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हलका गिल के विधायक जीवन सिंह संगोवाल परिषद के सेवा कार्यों से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने संस्था के विकास हेतु 2 लाख रुपए की ग्रांट देने का बड़ा ऐलान किया। इस अवसर पर विधायक मदनलाल बग्गा, पार्षद पुष्पेंद्र भनोट बिट्टू, भाजपा नेता विक्रम सिंह सिद्धू सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपना संदेश भेजकर रजत जयंती की शुभकामनाएं दीं। सांस्कृतिक छटा के बीच मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को अंबादत्त बिनावाल व हरीश सिंह भंडारी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। परिषद के प्रधान गिरधर सिंह बिष्ट, चेयरमैन कैलाश शर्मा और महासचिव नारायण दत्त उप्रेती ने सभी अतिथियों का आभार जताया। वरिष्ठ सलाहकार शिव दत्त जोशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव का समापन लकी ड्रा के साथ हुआ, जिसके विजेताओं को धर्मानंद भट्ट ने पुरस्कृत किया।
सरकारी नौकरी नहीं... केवाईसी ऑपरेटर के लिए एमएड पास भी आए
लुधियाना| डीसी ऑफिस में स्थित सेवा केंद्र में सोमवार को रोजगार मेला का आयोजन किया गया। इसमें कई उम्मीदवार बीएड, एमएम, टीईटी, सी-टैट पास उम्मीदवार केवाईसी ऑपरेटर पद को लेकर इंटरव्यू देने पहुंचे। उम्मीदवारों का कहना था कि जब सरकारी नौकरी नहीं मिल रही है। तो यहीं नौकरी मिल जाए। हालांकि जब उनको पता चला कि छह महीने तक की कॉन्ट्रेक्ट की नौकरी है। -पढ़ें पेज 6 पर
मोटापा, कम मूवमेंट, गलत पोस्चर और बदलती लाइफस्टाइल बढ़ा रहे दर्द
कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैर तक जाने वाला तेज दर्द यानी साइटिका अब शहर में आम समस्या बन गई है। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों तक ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जो चलने, बैठने व लंबे समय तक खड़े रहने में असहज महसूस कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार बदलती लाइफस्टाइल, गलत पोस्चर, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी इसकी बड़ी वजह बन रही है। उम्रदराजों की समस्या से अब युवा व वर्किंग प्रोफेशनल्स भी चपेट में आ रहे हैं। एक स्पेशलिस्ट के पास ही महीने में 40-50 नए केस सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक साइटिका तब होता है, जब रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में मौजूद साइटिक नर्व पर दबाव पड़ता है। कई मरीज दर्द निवारक दवाओं से राहत पाने की कोशिश करते हैं, जिससे असली समस्या छिपी रह जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर जांच सुविधाओं के कारण अब पहले छिपे रहे साइटिका के मामले भी सामने आ रहे हैं। समय पर फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव से बचाव संभव है। बैठकर काम करने वालों के लिए नियम कमर से पैर तक जाने वाला दर्द गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है, जिसे सायटिका कहा जाता है। यदि कमर दर्द के साथ पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी या चलने में परेशानी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बैठकर काम करने वालों को हर 15 मिनट बाद खड़े होकर बैठना चाहिए और 40 से 45 मिनट में ऑफिस का एक चक्कर लगाना चाहिए। वहीं, लगातार खड़े रहने वालों को पैरों के नीचे करीब 4 इंच का पटड़ा रखकर कभी दायां तो कभी बायां पैर उस पर रखना चाहिए। ऐसी सतह पर बैठने से बचना चाहिए जो नीचे धंसती हो। मोटापे, नियमित स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, सही पोस्चर और समय पर जांच से सायटिका को कंट्रोल में रखा जा सकता है। साइटिका अब युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स में भी बढ़ रहा, एक डॉक्टर के पास ही माह में 50 नए केस डॉ सोम गुप्ता, फिजियोथेरेपिस्ट केस 1 : ऑफिस में लंबे समय तक बैठना बना दर्द की वजह : आईटी कंपनी में कार्यरत 32 साल के प्रोफेशनल को शुरू में हल्का कमर दर्द हुआ। घंटों लैपटॉप पर झुकने की वजह से कुछ महीनों बाद दर्द दाएं पैर तक पहुंच गया। चलने में झनझनाहट और सुन्नपन बढ़ने लगा। जब जांच कराई तो साइटिका की पुष्टि हुई। समय रहते इलाज शुरू होने से उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है। केस 2 : घर के काम में झुकना पड़ा भारी : 45 साल की हाउसवाइफ लंबे समय से कमर दर्द से जूझ रही थीं। रोजाना झाड़ू-पोंछा, कपड़े धोना और झुककर काम करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। धीरे-धीरे दर्द जांघ और पैर तक जाने लगा। कई दिनों तक दर्द सहने के बाद जब चलना और सोना मुश्किल हुआ। जांच में पता चला कि नस पर दबाव बढ़ गया है, जिससे साइटिका की समस्या हो गई। केस 3 : ड्राइविंग जॉब ने बढ़ाई परेशानी : एक निजी कंपनी में ड्राइवर 40 साल के व्यक्ति को लंबे समय तक गाड़ी चलाने के कारण कमर में दर्द रहने लगा। शुरुआत में दर्द हल्का था, लेकिन समय के साथ यह पैर तक फैल गया। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार एक ही पोजिशन में बैठकर ड्राइविंग करने से रीढ़ पर दबाव पड़ता है। केस 4 : युवक का बढ़ता स्क्रीन टाइम सायटिका की वजह बना : शहर के एक कॉलेज स्टूडेंट को ऑनलाइन स्टडी और मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल के कारण कमर दर्द हुआ। घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई करना और एक्सरसाइज न करना उसकी परेशानी का कारण बना। वह पहले से ही मोटापे का शिकार था, जिस वजह से समस्या बढ़ गई। दर्द पैर तक जाने लगा। युवक का बढ़ता स्क्रीन टाइम सायटिका की वजह बना।
फोन में चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखी, तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज
साइबर क्राइम पुलिस ने मोबाइल फोन में चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखने और स्टोर करने के आरोप में दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। दोनों मामलों में तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं। पहले मामले में पुलिस ने पुनीत गोयल निवासी सुंदर नगर, जैपुरा रोड, दोराहा और समशेर सिंह निवासी गांव जैपुरा, दोराहा को नोटिस देकर थाने बुलाया था। पूछताछ के दौरान दोनों के मोबाइल कब्जे में लेकर तकनीकी जांच के लिए भेजे गए। रेंज लेवल साइबर इन्वेस्टिगेशन एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट, लुधियाना की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पुनीत गोयल के मोबाइल फोन में बड़ी संख्या में चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन से जुड़ी वीडियो और तस्वीरें मौजूद थीं। वहीं, समशेर सिंह के मोबाइल फोन से भी ऐसी ही आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। दूसरे मामले में साइबर क्राइम थाना खन्ना पुलिस ने समशेर अहमद निवासी यूनाइटेड एग्रो फूड्स, फोकल प्वाइंट क्षेत्र के मोबाइल फोन की जांच की। तकनीकी रिपोर्ट में उसके फोन से भी चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी वीडियो और तस्वीरें मिलीं। यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से जुड़े तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। साइबर लैब की रिपोर्ट आने के बाद समशेर अहमद के खिलाफ भी आईटी एक्ट की धारा 67-B के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में केस से जुड़े दस्तावेज और विशेष रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष भेजी जा रही हैं। जांच अभी जारी है। डिलीट करके भी नहीं बच सकते “कोई भी आपत्तिजनक वीडियो या फोटो अगर मोबाइल में डाउनलोड, फॉरवर्ड, सेव या स्क्रीनशॉट किया जाता है, तो वह कानूनन अपराध है। कई लोग इसे ‘सिर्फ देखना’ या ‘किसी ने भेज दिया’ मानकर हल्के में लेते हैं, जबकि कानून में ऐसा कोई बचाव नहीं है।” किसी ग्रुप, लिंक या सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसे कंटेंट को खोलना, सेव करना या आगे भेजना अपराध माना जाता है। ऐसे कंटेंट की जानकारी मिलते ही उसे तुरंत डिलीट कर संबंधित प्लेटफॉर्म या साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करना चाहिए। मोबाइल फोन में मौजूद डिलीटेड डेटा भी फॉरेंसिक जांच में रिकवर हो सकता है, इसलिए “डिलीट कर दिया” कहना बचाव नहीं बनता। साइबर एक्सपर्ट ने साफ चेताया कि ऐसे मामलों में सजा और कानूनी कार्रवाई दोनों गंभीर होती हैं, इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्कता बेहद जरूरी है। प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से जुड़े तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। साइबर लैब की रिपोर्ट आने के बाद समशेर अहमद के खिलाफ भी आईटी एक्ट की धारा 67-B के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में केस से जुड़े दस्तावेज और विशेष रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष भेजी जा रही हैं। जांच अभी जारी है। मुकेश चौधरी,साइबर एक्सपर्ट
बादलों ने बदला मौसम, दिन का पारा 0.8 डिग्री गिरा
लुधियाना| पिछले कुछ दिनों से लगातार निकल रही धूप के बाद सोमवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिसका सीधा असर तापमान पर पड़ा। धूप कम निकलने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 0.8 डिग्री गिरकर 22.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.8 डिग्री ज्यादा है। रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान एक डिग्री कम होकर 8.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आए इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी देखने को मिला। सुबह के समय लोग हल्की गर्म कपड़ों में नजर आए, जबकि दोपहर में बादलों की वजह से धूप कमजोर रही। मौसम वैज्ञानिक शिविंदर सिंह ने बताया, 16 फरवरी तक मौसम ड्राई रहेगा।
बाथ कैसल गैंगवार: परिवारों का सीपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
लुधियाना| पक्खोवाल रोड स्थित बाथ केसल में 29 नवंबर की रात को हुई गैंगवार के दौरान जान गंवाने वाले होजरी कारोबारी वासु के परिजनों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। घटना को कई महीने बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर इंसाफ की मांग की। हाथों में अपनों की तस्वीरें थामे परिजन आंसुओं के साथ सवाल पूछते नजर आए। उनका कहना था कि पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में जरूर लिया है, लेकिन गोलियां चलाने वाले और पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड अब भी खुले घूम रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल मृतक वासु के रिश्तेदारों ने कहा कि जिस दिन शादी समारोह में गोली मारकर हत्या हुई, उसी दिन से उनका परिवार टूट गया। “हम किसी खुशी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए हैं। शादी का कार्ड देखते ही रूह कांप जाती है। हमारे बच्चे की शादी खुशी नहीं, मौत में बदल गई,” परिजनों ने भावुक होकर कहा। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच को जानबूझकर लंबा खींच रही है और प्रभावशाली आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी गुपचुप कार्रवाई से मजबूर होकर उन्हें प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा। आरोपियों के विदेश भागने का शक सूत्रों का कहना है आरोपी भारत छोड़ कर विदेश भाग गए हैं, जिनमे मुख्य आरोपी शुभम घटनाक्रम के बाद ही भारत से फरार हो गया था। घटना के बाद पुलिस ने तफ्तीश तेज करने और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने का दावा किया था, लेकिन अब तक पकड़े गए लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि इसी गोपनीयता के चलते उन्हें भरोसा नहीं है कि असली आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे। परिजनों ने सवाल उठाया कि हथियारबंद बदमाश एक भीड़भाड़ वाले मैरिज पैलेस तक कैसे पहुंच गए और पुलिस की खुफिया व्यवस्था उस दिन क्यों नाकाम रही।
अगले 5 साल में देश में 12 करोड़ नए लोग शहरों में शामिल होंगे
16वें वित्त आयोग का नया शहरी रोडमैप मॉडल लागू होने पर अगले 5 साल (2026–31) में देश में 12 करोड़ नए शहरी लोग जुड़ेंगे। यानी शहरों की संख्या और दायरा, दोनों बढ़ेंगे। गांवों के लोग शहरी सीमा में शामिल हो जाएंगे। मतलब, जिन गांव-कस्बों से लोग पलायन कर नजदीकी शहरों में आते थे, अब शहरों की सीमा खुद वहां तक पहुंच जाएगी। शहरीकरण का यह अब तक का सबसे बेहतर मॉडल बताया जा रहा है। इसी मॉडल के तहत आगे शहरों को फंड का बंटवारा किया जाएगा। इस मॉडल के तहत नगरीय निकायों के कमिश्नर या सक्षम अधिकारी और मेयर या समकक्ष चेयरमैन बिना शर्त 52% तक फंड खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा 21% थी। साथ ही निकायों की तीन जवाबदेहियां तय की गई हैं।पहली— प्रोजेक्ट के जोखिम और क्षमता की पहचान।दूसरी— जवाबदेही तय करना।तीसरी— परिणाम दिखाना (माइलस्टोन-लिंक्ड पेमेंट)। मॉडल में फंड का बंटवारा दो तरह से किया गया है।पहला— शहरी निकायों को 45% राशि मिलेगी।दूसरा— मध्यम दर्जे के 22 बड़े शहरों को 56 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। 5 लाख तक की आबादी वाले शहरों के लिए 1.82 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 9 राज्यों की 1692 नगर पालिका और नगर पंचायतों को इसका लाभ मिलेगा। फायदा: रांची को ज्यादा पैसा मिलेगा। 22 मध्यम दर्जे वाले शहर:जयपुर, इंदौर, भोपाल, पटना, वडोदरा, सूरत, लुधियाना, राजकोट, धनबाद, अमृतसर, रांची, जोधपुर, रायपुर, पुणे, नागपुर आदि। यह काम होंगे:ड्रेनेज, वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट और बाढ़ नियंत्रण। अर्बन ट्रांजिशन वाले शहर:इन पर कुल 10 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन हैं। ये अर्बन ट्रांजिशन पॉलिसी वाले शहरों में शामिल हैं। अहमदाबाद पहले से इसमें है। सूरत में काम जारी है। जयपुर को घोषित किया जाना है। पटना प्रस्तावित है, जबकि गुरुग्राम-फरीदाबाद में कार्यात्मक मेट्रो क्षेत्र बनाया जा रहा है। यहां क्या काम होंगे:इन रीजन में ग्रामीण इलाकों को शहरी क्षेत्र में बदला जाएगा। इंदौर-भोपाल में बेहतर ट्रांजिट प्लान मौजूद हैं, इसलिए ये रीजन मदद पाने वाले पहले क्षेत्र हो सकते हैं। नए उपनगर बेहतर सड़क, पेयजल वितरण और सीवरेज सिस्टम के साथ विकसित किए जाएंगे। राज्यवार नगर निकाय (2011 की जनगणना के अनुसार): क्या फायदा होगा:नियोजित शहरी विकास के लिए फंड मिलेगा। छोटे शहरों को व्यवस्थित तरीके से बड़े शहर बनने में मदद मिलेगी। शर्त भी जोड़ी गई:नगरीय निकायों को फंड पाने के लिए समय पर चुनाव कराने होंगे। ऑडिट रिपोर्ट देनी होगी और राज्य स्तरीय लक्ष्य निर्धारित करने होंगे।
राजस्थान का बजट 11 फरवरी को पेश होगा। इस बार बजट में युवाओं, महिलाओं के साथ शहरों और गांवों के लिए नई स्कीम्स और विकास कार्यों की अनेकों घोषणाएं होंगी। बजट में युवाओं के लिए करीब एक लाख नई भर्तियों की घोषणा संभव है। आरएएस और बड़े पदों को छोड़कर ज्यादातर नौकरियों में सिलेक्श्न प्रोसेस से इंटरव्यू खत्म करने की घोषणा होने की संभावना है। बजट में सरकारी विभागों में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का प्रावधान हो सकता है। किसानों के लिए सम्मान निधि का पैसा बढ़ाने की घोषणा संभव है। सामाजिक सुरक्षा योजना की पेंशन में 15 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा और बजट प्रावधान भी हो सकता है। साथ ही इस बार बजट में और क्या-क्या हो सकता है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बच्चों वाले बिल की घोषणा की उम्मीद दो से ज्यादा बच्चों वालों के निकाय, पंचायतीराज चुनाव लड़ने से रोक हटाने के लिए बिल लाने की घोषणा होने के आसार है। बजट के दौरान इसी सत्र में बिल लाने की घोषणा होगी। इसके अलावा बजट में खेजड़ी सहित सभी तरह के पेड़ बचाने के लिए कानून में बदलाव के लिए बिल लाने की घोषणा होगी। सोलर पावर प्लांट्स के लिए नई गाइडलाइन का ऐलान हो सकता है। हजारों नई सहकारी समितियां, जीएसएस बनेंगी बजट में बड़ी तादाद में नई ग्राम सेवा सहकारी समितियां, क्रय विक्रय सहकारी समितियां, लैम्प्स-पैक्स खोले जाने की घोषणा संभव है। जीरामजी स्कीम में अब गांवों में सरकारी दफ्तरों की बिल्डिंग बनाने सहित नए काम शुरू करने की घोषणा हो सकती है। रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल क्षेत्र के विकास के लिए घोषणा बाड़मेर रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल प्रोजेक्ट के आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए बजट में घोषणा होगी। रिफाइनररी प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने को लेकर घोषणा होगी। सैटलाइट टाउन विकसित करने की घोषणा बजट में जयपुर के चारों तरफ सैटेलाइट टाउन विकसित करने के लिए विकास कामों की घोषणाएं होंगी। चाकसू, बस्सी, चौमूं के लिए घोषणाएं होंगी। बजट में नए स्टेट एक्सप्रेस हाईवे बनाने की घोषणा के आसार हैं। नए स्टेट एक्सप्रेसवे बनाने के लिए डीपीआर बनाने की घोषणा होगी। इसके बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा। जिलों में कई सड़कों को अपग्रेड करने की घोषणा होगी। नए ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाने का भी सरकार ऐलान कर सकती है। रोडवेज के लिए नई बसों की खरीद बजट में रोडवेज के लिए करीब 1000 नई बसों की खरीद की घोषणा हो सकती है। रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का भी ऐलान हो सकता है। सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए ई बसें खरीदने की घोषणा होंगी। इसके लिए निकायों को अलग से बजट दिया जाएगा। जयपुर के रिंग रोड फेज-टू पर घोषणा जयपुर रिंग रोड के दूसरे फेज को लेकर घोषणा हो सकती है। आगरा रोड से दिल्ली रोड को जोड़ने के लिए सेकंड रिंग रोड बनाने की घोषणा की संभावना है। यह काम नेशनल हाईवे अथॉरिटी से करवाया जाना है। इसका सर्वे हो चुका है। जयपुर मेट्रो फेज-2 के पहले पैकेज के साथ अगले फेज पर घोषणा जयपुर मेट्रो के दूसरे फेज के पहले पैकेज का काम शुरू करने और इसे पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करने के आसार हैं। फेज-2 के पहले पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक मेट्रो का काम होना है। मेट्रो के अगले फेज और इसके विस्तार को लेकर भी बजट में घोषणाएं हो सकती हैं। किसानों के लिए बड़े ऐलान संभव सहकारी बैंकों के जरिए किसानों को बिना ब्याज फसली कर्ज दिए जाने की योजना का दायरा और बड़ा किया जाएगा। स्कीम में लाखों नए किसानों को जोड़ा जाएगा। बिना ब्याज फसली कर्ज देने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों में इन्हें मेंबर बनाया जाएगा। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के मेंबर बनाने के लिए विशेष अभियान की घोषणा हो सकती है। किसान सम्मान निधि का पैसा बढ़ेगा किसानों को दी जाने वाली सम्मान निधि का पैसा बढ़ेगा। सरकार फेज मैनर में किसान सम्मान निधि को 12000 रुपए तक पहुंचाएगी। इसके अलावा सरकार एमएसपी पर खरीदी जाने वाली गेहूं सहित कुछ फसलों पर बोनस की घोषणाा कर सकती है। बोनस का पैसा भी बढ़ाया जा सकता है। एमएसपी पर बाजरा और ज्वार सहित चुनिंदा फसलों को खरीदने की घोषणा हो सकती है। हाईटेक और मॉर्डन खेती की स्कीम्स का बजट बढ़ेगा हाईटेक और मॉर्डन खेती के लिए चल रही योजनाओं में बजट बढ़ाने की घोषणा की संभावना है। ग्रीन हाउस, शेडनेट, मल्चिंग, लो टनल, फार्म पॉन्ड के लिए बजट बढ़ेगा। नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू होंगी, कमांड एरिया बढ़ाने का प्लान छोटे लेवल पर नई सिंचाई परियोजनाओं की घोषणा होगी। आदिवासी इलाकों के लिए भी छोटी सिंचाई परियोजनाएं शुरू होंगी। माइक्रो इरिगेशन की योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है। दूध खरीद पर बोनस बढ़ने की संभावना दूध उत्पादक किसानों से खरीदे जाने वाले दूध पर बोनस बढ़ाने की घोषणा की संभावना है। पशुधन स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ेगा। पशुधन बीमा का लाभ ज्यादा पशुपालकों को देने के लिए बजट बढ़ाया जाना तय माना जा रहा है। सवाईमाधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट बाड़मेर में अनार कलस्टर, सवाईमाधोपुर में अमरूद कलस्टर्स बनाकर प्रोसेसिंग की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा ऊंट पालकों के लिए अनुदान बढ़ाने की घोषणा संभव है। पशुधन बीमा का दायरा बढ़ेगा। दुधारू और पालतु पशुओं का सस्ता बीमा करवाने की घोषणा हो सकती है। महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की घोषणा होने की संभावना है। इसमें महिलाओं को सब्सिडी से लेकर कर्ज दिलाने तक के प्रावधान होंगे। लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ेगा। मेधावी छात्राओं को हर साल स्कूटी देने की योजना का दायरा बढ़ेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को सहायता का बजट बढ़ेगा। महिला किसानों के लिए खास प्रोत्साहन स्कीम। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगियों को प्रोत्साहन राशि का ऐलान संभव। मेडिकल और पैरामेडिकल संस्थानों में सीटें बढ़ेगी डॉक्टरों, नर्सिंग-पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद भरने की घोषणा संभव। प्रदेश की मेडिकल और पैरामेडिकल संस्थानों में सीटें बढ़ेंगी। नए मेडिकल कॉलेजों का काम पूरा कर हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने पर काम। नए अस्पताल खोलने की घोषणा हो सकती है। नए पीएचसी, सीएचसी, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल बनाने और अस्पतालों को अपग्रेड करने को लेकर भी सरकार आगे बढ़ सकती है। 24 घंटे बिजली देने की कार्ययोजना 24 घंटे बिजली देने की कार्ययोजना का एलान हो सकता है। बिजली छीजत कम करने के लिए स्मार्ट मीटर। नए ग्रिड सब स्टेशन, जीएसएस बनाने की घोषणा। कम क्षमता के जीएसएस को अपग्रेड किया जाएगा। उद्योगों को समय पर और पर्याप्त बिजली देने के लिए प्रावधान। किसानों को नए बिजली कनेक्शन। किसानों की बिजली की दरें नहीं बढ़ाने की घोषणा पानी से जुड़े प्रोजेक्ट में क्या कर सकती है सरकार? प्रदेश के कई शहरों के लिए सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं की घोषणा होगी। अमृत—2 योजना के तहत सीवरेज और पेयजल के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। मझोले और छोटे शहरों पर खास फोकस हो सकता है। इसके अलावा जनजीवन मिशन के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए टाइम लाइन की घोषणा हो सकती है। अगले दो साल में बचे हुए घरों तक पानी पहुंचाने की घोषणा होगी। नए इंडस्ट्रियल एरिया बनेंगे निवेशकों के लिए सिंगल विंडो स्कीम का दायरा बढ़ाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए घोषणाएं। उद्योगों को कस्टमाइज्ड पैकेज देने के नियम और सरल बनाए जाएंगे। राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह और नए निवेश आयोजनों की घोषणा। बजट में डिफेंस इंडस्ट्री, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री लगाने के लिए खास रियायतें देने की घोषणा होगी। नए स्कूल भवन बनाएंगे, जर्जर भवनों की मरम्मत बजट में जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों के नए भवन बनाने के लिए अलग से प्रावधान की संभावना है। सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान की घोषणा होगी। नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। ये घोषणाएं भी हो सकती हैं …. बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान को केंद्र के बजट में क्या मिला?:पिछले साल से 6505 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे, लेकिन राज्य की हिस्सेदारी के प्रतिशत में कटौती केंद्रीय बजट में राजस्थान को केंद्रीय करों (टैक्स) से हिस्सेदारी के तौर पर 90 हजार 445 करोड़ रुपए मिलेंगे। राजस्थान को इस बार केंद्रीय करों से पिछले बजट की तुलना में 6505.40 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे। पूरी खबर पढ़िए…
आईजी गढ़देशी सबसे धनी, 6.39 करोड़ की अचल संपत्ति, अधिकांश आंध्र में
झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों की अचल संपत्ति का विवरण सामने आया है। जनवरी 2026 में सरकार को सौंपे गए वार्षिक विवरण के अनुसार, कैडर के वरिष्ठ अधिकारी क्रांति कुमार गढ़देशी घोषित अचल संपत्ति के मामले में सबसे आगे हैं। उनके नाम कुल 6.39 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति दर्ज है। इनमें से अधिकांश संपत्तियां उनके पैतृक राज्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में स्थित हैं। नियमों के तहत झारखंड कैडर के सभी आईपीएस अधिकारियों को हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति का विवरण सरकार को देना अनिवार्य होता है। वर्तमान में झारखंड कैडर में 139 आईपीएस अधिकारी पदस्थापित हैं। इनके द्वारा सौंपे गए विवरण से पता चलता है कि अचल संपत्तियों का दायरा केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। कई अधिकारियों की संपत्तियां रांची के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों में भी हैं। कहीं फ्लैट और आवासीय मकान हैं, तो कहीं कृषि भूमि, कॉमर्शियल साइट और दुकानें दर्ज की गई हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, यह विवरण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया जाता है। हालांकि, घोषित मूल्य वही हैं, जो अधिकारियों ने स्वयं सरकार को सौंपे हैं। इस सूची में डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं, जिनकी संपत्तियों का मूल्य कुछ लाख से लेकर करोड़ों रुपए तक है। किस आईपीएस के पास कितनी अचल संपत्ति क्रांति कुमार गढ़देशी, आईजी (HR) आंध्र प्रदेश में 1600 वर्ग फीट फ्लैट : 49.75 लाख आंध्र प्रदेश में कॉमर्शियल साइट : 1.95 करोड़ आंध्र प्रदेश में 268 वर्गयार्ड मकान : 50 लाख आंध्र प्रदेश में 5.5 एकड़ कृषि भूमि : 33 लाख आंध्र प्रदेश में 3.71 एकड़ कृषि भूमि : 25.97 लाख आंध्र प्रदेश में 1.76 एकड़ कृषि भूमि : 12.32 लाख आंध्र प्रदेश में 79.44 वर्गयार्ड जमीन : 9.54 लाख आंध्र प्रदेश में 450 वर्गयार्ड मकान : 30 लाख आंध्र प्रदेश में 1458 वर्गयार्ड दुकान : 20 लाख आंध्र प्रदेश में 76.39 वर्गयार्ड कॉमर्शियल प्लॉट : 13.75 लाख तेलंगाना में 455 वर्गयार्ड मकान : 2 करोड़ एम.एस. भाटिया, डीजी होमगार्ड हरमू में दो प्लॉट (एच-118, एच-119) : 9.89 लाख मोहाली में जमीन : 2.10 लाख अनिल पालटा, रेल डीजी रांची के कांके-सांगा में 6000 वर्ग फीट जमीन : 97 हजार हरियाणा में 3035 वर्ग फीट फ्लैट : 2.26 करोड़ पश्चिम बंगाल में 1800 वर्ग फीट फ्लैट : 1.51 करोड़ पश्चिम बंगाल में 307 डिसमिल कृषि भूमि : 48.65 लाख पश्चिम बंगाल में 198 डिसमिल तालाब : 4.50 लाख प्रिया दूबे, एडीजी (एसीबी) साउथ दिल्ली में 1428 वर्ग फीट फ्लैट : 1.2 करोड़ साउथ दिल्ली में कॉमर्शियल स्पेस : 1.5 करोड़ अशोक नगर, रांची में आवासीय मकान : 1.90 करोड़ बिहार में 15 एकड़ कृषि भूमि : 1.5 करोड़ सांगा, रांची में प्लॉट : 1 लाख बरियातू में 2000 वर्ग फीट फ्लैट : 70 लाख प्रशांत सिंह, डीजी वायरलेस यूपी गोमती नगर में 550 वर्ग मीटर जमीन : 4 लाख यूपी गोमती नगर में 3200 वर्ग फीट मकान : 35 लाख यूपी सेक्टर-93ए में 2000 वर्ग फीट फ्लैट : 45 लाख अशोक नगर, रांची में 8400 वर्ग फीट जमीन : 2.25 करोड़ संपत मीणा, जेडी (सीबीआई) कांके-सांगा, रांची में 7820 वर्ग फीट जमीन : 87 हजार खूंटी फुदी में 0.65 एकड़ जमीन : 1.10 लाख ओएना में जमीन : 25 लाख सुमन गुप्ता, एडीजी रेल अशोक नगर में जमीन व मकान : 1 करोड़ हरमू में प्लॉट : 70 लाख टी. कंडास्वामी, एडीजी ऑप्स तमिलनाडु में फ्लैट : 55 लाख (शेष पेज 7 पर) 2025 में 10 अधिकारियों ने खरीदी नई अचल संपत्ति कुल 10 आईपीएस अधिकारियों ने वर्ष 2025 में नई अचल संपत्ति खरीदी है। इनमें 1990 बैच के अनिल पालटा, 1997 बैच के आशीष बत्रा, 2008 बैच के अजय लिंडा, 2010 बैच के अश्विनी कुमार सिन्हा और शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल, 2012 बैच के आनंद प्रकाश तथा 2016 बैच के पूज्य प्रकाश, राजकुमार मेहता, सहदेव साव और सौरभ शामिल हैं। अनिल पालटा ने पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्द्धमान जिले के जमालपुर में 198 डिसमिल जमीन खरीदी। आशीष बत्रा ने पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 504 वर्गयार्ड का आवासीय प्लॉट लिया। अजय लिंडा ने रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र के डोरियाटोली में 32.43 लाख रुपए की लागत से 14.1 डिसमिल जमीन खरीदी। अश्विनी कुमार सिन्हा ने रांची के नगड़ी स्थित सुगदा में 7 लाख रुपए की जमीन ली। शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने कांटाटोली स्थित वासुदेव रेसिडेंसी में फ्लैट खरीदा। बोकारो के डीआईजी आनंद प्रकाश ने रांची के अशोक नगर बुद्ध विहार स्थित तेजस्वी अपार्टमेंट में 55 लाख रुपए की लागत से फ्लैट लिया। सीआईडी के एसपी पूज्य प्रकाश ने रांची के पिठोरिया स्थित सुतियांबे में 7.82 लाख रुपए की लागत से 34 डिसमिल जमीन खरीदी। जामताड़ा के एसपी राजकुमार मेहता ने 2025 में रांची के सुगदा में 3.50 लाख रुपए की लागत से 11.8 डिसमिल जमीन ली। एसीबी के एसपी सहदेव साव ने गिरिडीह के खोरीमहुआ में 3.30 लाख रुपए की लागत से 40 डिसमिल जमीन खरीदी। वहीं, देवघर के एसपी सौरभ ने दादी के नाम पर वैशाली के मनीहारी में 15 लाख रुपए की जमीन खरीदी है।
कैथल में ट्रैफिक पुलिस ने अब नियमों को दरकिनार करने वाले ऑटो व ई रिक्शा चलाने वाले ड्राइवरों पर कड़ा रुख अपनाया है। इन ड्राइवरों के लिए अब वर्दी अनिवार्य की जाएगी। साथ ही अगर कोई नाबालिग ऑटो या ई रिक्शा चलाते हुए दिखाई दिया तो उसका तुरंत चालान किया जाएगा। आज से ही ट्रैफिक पुलिस इस पर कार्रवाई शुरू करेगी। अगर कोई ऑटो ड्राइवर गलत लेन में वाहन को चलाते दिखा तो उसका भी चालान किया जाएगा। अगर दस्तावेज पूरे नहीं मिले तो उसे इंपाउंड भी किया जा सकता है। सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने यह निर्णय लिया है। खरीदते हैं पिता, चलाते हैं बच्चे बता दें कि इस समय जिले में 5500 के करीब ऑटो व ई रिक्शा हैं, जिनमें से 1000 के आसपास बड़े ऑटो हैं व 4500 के करीब ई रिक्शा हैं। इनके ड्राइवर वाहन खरीद के समय रजिस्ट्रेशन तो अपने नाम करवा लेते हैं, लेकिन बाद में इन्हें चलाने के लिए अपने बच्चों को दे देते हैं। ऑटो चलाने वालों में हर तीसरे से चौथा नाबालिग होता है, जो न तो नियमों का पालन करके वाहन चलाता है और दूसरा उनमें तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर का प्रयोग करता है। दुर्घटनाओं की रहती है संभावना सही तरीके से वाहन न चलाने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। इस कारण कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं और लोग घायल होते हैं। वहीं ऑटो व ई-रिक्शा में बीते दिनों में लूटपाट जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसी पर संज्ञान लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो चलाने वालों पर सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। दुर्घटनाओं की पहुंच रही शिकायतें इस संबंध में ट्रैफिक थाना एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस के पास ऑटो व ई रिक्शा ड्राइवरों की काफी शिकायतें पहुंच रही हैं। रोजाना किसी न किसी स्थान पर इनके कारण दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं जिस पर पुलिस ने निर्णय लिया है कि अब इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वर्दी अनिवार्य रहेगी। अगर कोई ऑटो या ई रिक्शा का ड्राइवर बिना वर्दी पाया गया या फिर नाबालिग पाया गया तो उसका तुरंत चालान किया जाएगा। दस्तावेज पूरे नहीं मिले तो उसे इंपाउंड कर दिया जाएगा।
लुधियाना मेयर इंद्रजीत कौर के नगर निगम हाउस चलाने के तरीके से विपक्षी पार्षद खुश नहीं हैं। पार्षदों का आरोप है कि मेयर हाउस की जनरल मीटिंग चलाने के लिए MLA पर डिपेंड रहती हैं। सोमवार को हुई निगम हाउस की बैठक में विपक्षी दलों ने जैसे ही मेयर को घेरना शुरू किया वैसे ही विधायकों ने इशारा किया और मेयर ने एजेंडा के पक्ष में हाथ खड़े करने की कॉल दी। विधायकों व आप पार्षदों ने हाथ खड़े किए। मेयर ने एजेंडा बहुतम के आधार पर पास होने की घोषणा की और मीटिंग खत्म होने की घोषणा कर दी। जब मेयर ने एजेंडे पर वोटिंग करवाई तब विपक्षी पार्षद खड़े होकर कुछ प्रस्तावों पर विरोध जता रहे थे। निगम जनरल हाउस की मीटिंग से पहले मेयर, कमिश्नर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और MLA ने बंद कमरे में बैठक की। बैठक में हाउस की प्रोसिडिंग फिक्स की गई।सूत्रों के अनुसार MLA ने मेयर को साफ कह दिया था कि पहले एजेंडा पढ़वाएं और उसके बाद जैसे ही विपक्ष हल्ला करेगा वैेस ही मीटिंग खत्म करके उठ जाएंगे। 20 मिनट में हाउस की मीटिंग खत्म नगर निगम की मीटिंग 3:43 बजे शुरू हुई। पहले राष्ट्रगान हुआ और उसके बाद दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन हुआ। फिर सेक्रेटरी ने एजेंडा पढ़ने की अनुमति मांगी। 3:50 बजे एजेंडा पढ़ना शुरू किया। बीच में विरोध हुआ। इसी दौरान विधायक मंच पर मीडिया से बात करने लगे। विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी की और 4:03 बजे मीटिंग खत्म हो गई। इस तरह मीटिंग सिर्फ 20 मिनट तक चली। मेयर को डिफेंड करते हैं MLA पार्षद रोहित सिक्का का कहना है कि मेयर इंद्रजीत कौर पहली बार पार्षद बनी और साथ ही मेयर भी बन गई। नगर निगम हाउस की प्रोसिडिंग का उनके पास ज्यादा अनुभव नहीं है। ऐसे में वो विपक्ष के सवालों का सही से जवाब नहीं दे पाती। जहां मेयर फंसती दिखती हैं MLA उनको डिफेंड करने के लिए सामने आ जाते हैं। 7 मेयरों के साथ काम किया, ऐसा हाउस नहीं देखा नगर निगम हाउस में नेता प्रतिपक्ष शाम सुंदर सिंह मल्होत्रा का कहना है कि वो नगर निगम में सात मेयरों के साथ काम कर चुके हैं। कभी सत्ता पक्ष में रहे तो कभी विपक्ष में। लेकिन कभी इस तरह विपक्ष की बातों को इग्नोर नहीं किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा हाउस कभी नहीं देखा। पूर्व में प्रस्ताव कमेटी के पास जाते रहे शाम सुंदर मल्होत्रा का कहना है कि विपक्ष जिस प्रस्ताव पर प्रमुखता से विरोध करता था उसके लिए मेयर पार्षदों की एक कमेटी बनाते थे और प्रस्ताव कमेटी के पास भेजा जाता था। कमेटी प्रस्ताव पर चर्चा करती थी और उसमें जो खामियां होती थी उन्हें दूर करके दोबारा हाउस में पेश किया जाता था। बड़े-बड़े प्रस्ताव बिना चर्चा के पास भाजपा पार्षद दल की नेता पूनम रतड़ा का कहना है कि मेयर ने बड़े-बड़े प्रस्ताव बिना चर्चा के पास करवा दिए। नगर निगम लिमिट में 110 गांवों को जोड़ने के प्रस्ताव का सभी विरोध करते रहे लेकिन मेयर ने वो भी पास करवा दिया। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट वाला प्रस्ताव भी 1200 करोड़ का है। इतने बड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं की और इसे पास कर दिया। विपक्ष का आरोप, चेहतों को देना है ठेका विपक्ष के नेता शाम सुंदर मल्होत्रा, पूनम रतड़ा, रोहित सिक्का व अन्य ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का ठेका आप सरकार अपने चेहतों को देना चाहती है। यह ठेका 1200 करोड़ रुपए में दिया जा रहा है। उनका कहना है कि ठेके को लेकर क्या शर्तें होंगी किस तरह से कंपनी काम करेगी कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। कूड़ा प्रोसेसिंग की लागत में 4 गुणा बढ़ोत्तरी विपक्षी पार्षदों का कहना है कि अभी तक कूड़े की प्रोसेसिंग पर नगर निगम 935 रुपए प्रति टन खर्च करता है जबकि नए प्रस्ताव के हिसाब से निगम कंपनी को 3300 रुपए प्रति टन देने जा रही है। विपक्ष का सवाल है कि आखिर प्रोसेसिंग में इतनी बढ़ोत्तरी क्यों की गई? इससे किसको फायदा पहुंचाया जाएगा? मेयर ने एडिशनल कमिश्नर को जवाब देने को कहा: विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए मेयर ने एडिशनल कमिश्नर को आगे किया। कमिश्नर जब विपक्ष के सवालों पर घिरे तो विधायकों ने उन्हें वापस बुलाया और मेयर को इशारा करके मीटिंग खत्म करवा दी। मेयर बोली, चर्चा के बाद प्रस्ताव बहुमत के आधार पर पास मेयर इंद्रजीत कौर का कहना है कि एजेंडे में कुल 8 प्रस्ताव थे। जिसमें से दो प्रस्ताव एफएंडसीसी व पिछली हाउस की बैठक से संबंधित थे। बाकी छह प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उसके बाद बहुमत के आधार पर एजेंडा पास किया गया।
दुबई में बंधक श्रमिकों के मामले में मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब
दुबई में बंधक झारखंड के प्रवासी श्रमिकों से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने सोमवार को झारखंड के मुख्य सचिव और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के प्रमुख को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामला गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले के 14 प्रवासी श्रमिकों से जुड़ा है, जो दुबई में एक ट्रांसमिशन लाइन निर्माण कंपनी में कार्यरत थे। आयोग को मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने श्रमिकों के पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं, ताकि वे भारत वापस न लौट सकें। लंबे समय से वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। श्रमिकों ने झारखंड सरकार से सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। आयोग को यह भी सूचना मिली है कि श्रमिकों में से एक ने फोन पर बताया कि कंपनी ने उनकी अधिकांश तनख्वाह काट ली है। यह कटौती भारत से दुबई जाने के हवाई टिकट पर हुए शुरुआती खर्च की भरपाई के नाम पर की गई। इसके अलावा कंपनी उनके रहने का खर्च भी वसूल रही है, जिससे श्रमिकों के पास खाने-पीने की जरूरी वस्तुएं खरीदने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
समय न बताने पर हाईकोर्ट खुद तय करेगा डेडलाइन
झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को लोकायुक्त समेत अन्य संवैधानिक रिक्त पदों पर नियुक्ति के मामले की सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वहीं, लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। नियुक्ति के लिए कोर्ट से समय देने का आग्रह किया गया। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति जताई गई। प्रार्थी की ओर से बताया गया कि इन संवैधानिक पदों पर नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार लगातार टाल-मटोल का रवैया अपना रही है। पिछले चार वर्षों से समय-समय पर केवल समय ही मांगा जा रहा है। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह रवैया सही नहीं है। राज्य सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन पद पर नियुक्ति कब तक की जाएगी। यदि सरकार समयसीमा नहीं बताती है, तो अदालत अपने स्तर से नियुक्ति की समय-सीमा तय करेगी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर जेल में अब्दुल रहमान की हत्या से जुड़ी रही। उसने राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रची थी। दूसरी बड़ी खबर पाकिस्तान की तीनों शर्तें खारिज होने की रही। ICC ने फाइनल अल्टीमेटम दिया है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. भारत-पाकिस्तान मैच 15 फरवरी को होगा, श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद मानी शहबाज सरकार टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। पाकिस्तान सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज को श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने फोन करके भारत से मैच खेलने की अपील की थी। इसके साथ ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम ने भी मैच खेलने की सिफारिश की थी। बांग्लादेश को बाहर करने पर बायकॉट किया था: ICC ने सोमवार को पाकिस्तान की तीनों शर्तें खारिज कर दी थीं और उसे फाइनल अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद पाकिस्तान अपने फैसले पर यू-टर्न लेते हुए भारत से फैसला खेलने को राजी हो गया। दरअसल, बांग्लादेश को बाहर किए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने भारत से मैच खेलने से इनकार किया था। साथ ही ICC से मांग की थी कि उसकी कमाई का हिस्सा बढ़ाया जाए। मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए और भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल की जाए। पढ़ें पूरी खबर... 2. फरीदाबाद जेल में अब्दुल रहमान की हत्या, राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी हरियाणा की फरीदाबाद जेल में बंद अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है। उसके ही साथ बंद दूसरे कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने नुकीली चीज से हमला कर मार डाला। दोनों एक ही बैरक में बंद थे। 20 साल के अब्दुल को मार्च 2025 में गुजरात ATS ने पकड़ा था। उस पर अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने का आरोप था। अलकायदा के संपर्क में था: अब्दुल रहमान की अलकायदा के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। उसने अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। अब्दुल की गिरफ्तारी के समय जांच एजेंसियों को उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। पढ़ें पूरी खबर... 3. विधानसभा में सपा विधायकों के हंगामे पर राज्यपाल भड़कीं, बोलीं- आपके समय विकास जीरो था यूपी विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से शुरू हुआ। जैसे ही राज्यपाल ने बोलना शुरू किया, सपा विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। महंगाई, बेरोजगारी, SIR, UGC समेत अन्य मुद्दों पर नारेबाजी करने लगे। राज्यपाल ने हंगामा बढ़ता देख अपना भाषण रोका और सपा विधायकों से कहा- शांत हो जाइए। वरना गला बैठ जाएगा। उन्होंने तीन बार कड़ी चेतावनी भी दी। राज्यपाल ने सरकार की आर्थिक स्थिति और निर्यात का जिक्र करते हुए सपा सदस्यों से कहा- आपकी सरकार में तो विकास जीरो था। इसके बाद भी सपा सदस्य शांत नहीं हुए। राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जैसे-तैसे पूरा किया। इसमें करीब 30 मिनट का समय लगा। इसके बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पहली बार 2025-26 सत्र की उपलब्धियों की रिपोर्ट पढ़ी। पढ़ें पूरी खबर… 4. इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी, चंद्रमा के साउथ पोल पर मॉन्स माउटन पहाड़ पर उतरेगा इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंडिंग साइट फाइनल कर ली है। वैज्ञानिकों ने 'मॉन्स माउटन' क्षेत्र को लैंडिंग के लिए सुरक्षित बताया है। यह चंद्रमा के साउथ पोल पर स्थित करीब 6,000 मीटर ऊंचा एक सपाट पहाड़ है। इस जगह को चुनने की बड़ी वजह यहां सूरज की रोशनी और बर्फ मिलने की संभावना है। हालांकि, लैंडिंग पर अंतिम फैसला लॉन्च के वक्त होगा। चंद्रयान-4 सैंपल लेकर लौटेगा: 2104 करोड़ रुपए के इस मिशन में चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। मिशन में दो अलग-अलग रॉकेट का इस्तेमाल होगा। हैवी-लिफ्टर LVM-3 और इसरो का रिलायबल वर्कहॉर्स PSLV अलग-अलग पेलोड लेकर जाएंगे। चंद्रयान-4 को इसरो का अब तक का सबसे मुश्किल मून मिशन माना जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर... 5. वाराणसी दाल मंडी में व्यापारी ने अपनी दुकान फूंकी, खुद पर भी पेट्रोल छिड़का वाराणसी की दाल मंडी में प्रशासन ने जर्जर 21 मकानों-दुकानों में से 18 को ढहा दिया। बुलडोजर और हथौड़े से मकानों-दुकानों को तोड़ा गया। इससे पहले एक व्यापारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। मकान के पहले फ्लोर पर खड़े होकर सुसाइड करने की चेतावनी देने लगा। यह देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। व्यापारी बोला- प्रशासन बेवकूफ नहीं बना सकता नाराज व्यापारी ने कहा- हमारा मकान जर्जर नहीं है। प्रशासन बेवकूफ नहीं बना सकता। अगर मकान गिराया तो हमें मुआवजा चाहिए। ये लोग जर्जर बताकर मुआवजा देने से बचना चाहते हैं। यह कहते हुए उसने दुकान में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से आग बुझाई। पढ़ें पूरी खबर… 6. एपस्टीन फाइल्स से 10 देशों में 15 इस्तीफे, 80 ताकतवर लोगों की जांच शुरू एपस्टीन फाइल्स में नाम आने की वजह 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। वहीं, 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों की जांच चल रही है। इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रम्प, इलॉन मस्क, बिल गेट्स, बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम हैं। मस्क-जुकरबर्ग की तस्वीर सामने आई एपस्टीन फाइल्स में टेस्ला के मालिक इलॉन मस्क और मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग की तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में सिलिकॉन वैली के बड़े टेक दिग्गज साथ में डिनर करते नजर आ रहे हैं। इसमें पेपाल के को-फाउंडर पीटर थील और MIT मीडिया लैब के पूर्व डायरेक्टर जोई इतो भी दिख रहे हैं। यह फोटो साल 2015 की बताई जा रही है।दरअसल, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए थे। पढ़ें पूरी खबर... 7. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब के सर्कुलेशन पर FIR, राहुल इसकी कॉपी लेकर संसद पहुंचे थे पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब के सर्कुलेशन को लेकर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस को पता चला कि किताब की प्री-प्रिंट PDF कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी, जबकि इसकी पब्लिकेशन को अभी मंजूरी नहीं मिली है। स्पेशल सेल यह जांच कर रही है कि आखिर प्रकाशन की परमिशन के बिना किसाब कैसे लीक हुई। दावा- विदेश में किताब पब्लिश हो चुकी: राहुल गांधी किताब की हार्ड कॉपी लेकर पहुंचे थे। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब विदेश में पब्लिश हो चुकी है, लेकिन मोदी सरकार भारत में इसे पब्लिश नहीं होने दे रही। कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए: राहुल गांधी का कहना है कि नरवणे की किताब में लिखा है कि चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। भारतीय सैनिकों ने एक गोला दागा, लेकिन चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे। ये बात PM मोदी तक पहुंची तो उन्होंने निर्देश दिया कि जो उचित समझो, वो करो। उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था और पूरी जिम्मेदारी सेना पर थी। पढ़ें पूरी खबर.. आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... एक ही गांव में आपस में शादी बैन, लव मैरिज करने वालों का बहिष्कार होगा अमृतसर के धारीवाल में पंचायत ने लव मैरिज पर पाबंदी लगी दी है। प्रेम विवाह करने वालों को गांव से निकाला जाएगा और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार होगा। यह सख्त फैसला गांव में बढ़ते प्रेम विवाह को लेकर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज थुन राशि के लोगों को रुका पैसा मिल सकता है। मकर राशि के लोगों को सरकारी काम में फायदा होने की संभावना है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
बस्ती में तैनात एसएसआई अजय गोंड की मौत का राज गहराता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पूरे चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। नाक और दोनों कानों पर भी चोट के निशान हैं। इसके अलावा पेट में थोड़ा पानी मिला है। लेकिन, मौत का सही कारण सामने नहीं आ पाया है। इसके लिए विसरा जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही, सीने की हड्डी और मस्तिष्क (ब्रेन) का एक हिस्सा भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने दरोगा की सीडीआर निकलवाई है। इसके मुताबिक, उनकी आखिरी बार पत्नी रंजीता और थाने के ही एक पैरोकार नीरज से बात हुई थी। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में दरोगा अजय अकेले ही अयोध्या की तरफ जाते दिखे। लेकिन, उनकी बाइक और लाश मिलने के बीच की करीब 60 किमी दूरी ने गुत्थी को उलझा दिया है। बाइक बस्ती कैसे आई, पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही है। दरअसल, दरोगा अजय गोंड 5 फरवरी से लापता थे। पत्नी और परिवार के लोगों ने इसे प्लांड मर्डर बताया है, लेकिन हत्या का आरोप किसी पर नहीं लगाया है। वहीं, पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप हैं। परिवार का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज कराने के तत्काल बाद पुलिस एक्शन लेती, तो शायद अजय जिंदा होते। दरोगा की मौत मामले में पुलिस की इंवेस्टिगेशन कहां तक पहुंची, परिवार वालों के क्या आरोप हैं…पढ़िए पहले जानिए पूरा मामला बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय कुमार गोंड का शव 8 फरवरी को अयोध्या की सरयू नदी में मिला था। अजय पत्नी और 2 बच्चों के साथ बस्ती में रहते थे। ड्यूटी के दौरान 5 फरवरी की शाम थाने से निकले थे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला। लापता होने के अगले दिन 6 फरवरी को दरोगा की बाइक बस्ती के कुआनो नदी के पास मिली थी। दरोगा अजय आखिरी बार एक सीसीटीवी फुटेज में सफाईकर्मी के साथ बाइक पर जाते हुए दिखे थे। दरोगा की पत्नी रंजीता गोंड ने बताया- अजय 5 फरवरी को सुबह चाय-नाश्ता करके थाने के लिए निकले थे। परशुरामपुर थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के अवकाश पर जाने के बाद पति के पास ही थाने का प्रभार था। उन्होंने दोपहर साढ़े 3 बजे मुझसे बात की थी। थाने के सिपाहियों के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे दरोगा अजय थाने में तैनात सफाईकर्मी के साथ बाइक से कहीं निकले थे। थाने से बाहर जाते हुए उनका एक वीडियो भी सामने आया है। रंजीता ने बताया कि रात 8 से 9 बजे के बीच उन्होंने कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला था। सर्च अभियान बंद होने के करीब 3 घंटे बाद शाम 7 बजे सूचना मिली कि अयोध्या के दर्शननगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत तिघुरा माझा गांव में सरयू नदी में एक शव देखा गया है। ग्रामीणों की सूचना पर अयोध्या पुलिस मौके पर पहुंची। शव की पहचान दरोगा अजय गोंड के रूप में हुई। पढ़िए अब तक की इंवेस्टिगेशन दरोगा जिस रास्ते से गए, उसके सीसीटीवी निकलवाने में जुटी पुलिसपुलिस ने दरोगा अजय की सीडीआर निकलवाई। इससे पुष्टि हुई कि अजय गोंड ने अपनी पत्नी और उसके बाद थाना परशुरामपुर के पैरोकार नीरज से अंतिम बार फोन पर बात की थी। जिस स्थान पर उनका शव मिला, उससे 5 किलोमीटर पहले तक के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं। पुलिस उसके आगे के सभी फुटेज जोड़कर दरोगा के आने-जाने की कड़ी जोड़ रही है। इसके अलावा पोर्स्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिले चोट के निशान से पुलिस अब इसे हत्या के एंगल से भी देख रही है। बेटे ने कहा था- पढ़ाई में मन नहीं लग रहादरोगा के जीजा विजय कुमार ने बताया- कानपुर में पढ़ रहे बड़े बेटे अमित की 90 हजार फीस पत्नी रंजीता के खाते से कटती थी। कुछ दिनों में ये पैसे जमा होने थे। लेकिन, इसी बीच बेटे ने मां से कहा था कि यहां पढ़ाई में मन नहीं लग रहा। फीस न जमा करें। लेकिन, रंजीता पति से एक लाख रुपए ले चुकी थीं। बेटे के कहने पर खाते से पैसे कटने से पहले ही उन्होंने पैसे वापस पति के खाते में भेज दिए थे। सिर्फ 10 हजार रुपए अपने पास रोक लिए थे। बहन की शादी में खर्च को लेकर परिवार में झगड़ा हुआ थाबताया जाता है कि दरोगा की टीचर बहन की शादी भी तय थी। बहन की शादी में पैसा सभी भाई मिलकर लगा रहे थे। लेकिन, दरोगा अजय अपने खर्च को देखते हुए पैसे कम पैसे देने की बात कह रहे थे। इस बात पर भी परिवार में झगड़ा हो रहा था। पत्नी बोलीं- कुआनो नदी किनारे बाइक कैसे आईरंजीता गोंड की पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, 6 फरवरी को जब थाने में फोन किया, तो उनकी बात एक सिपाही से हुई। उसने बताया कि अजय साहब कल शाम से लापता हैं। इसके बाद रंजीता ने यह बात अपने घरवालों को बताई। हर जगह पता किया, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। इसके बाद 6 फरवरी को दरोगा अजय की बाइक थाने से 60 किमी दूर कुआनो नदी के अमहट घाट पर मिली। उनके पर्सनल मोबाइल और सीयूजी नंबर की आखिरी लोकेशन भी यहीं की थी। रंजीता ने यह भी बताया कि अजय को पहले दुबौलिया थाने में तैनाती के दौरान एक नाबालिग बच्चे की मौत के मामले में धमकियां मिली थीं। पत्नी ने इस पहलू से भी मामले की जांच की मांग की है। अब पढ़िए पत्नी रंजीता गोंड ने क्या कहा… मेरे पति एसएसआई अजय कुमार गोंड परशुरामपुर थाने में तैनात थे। 5 फरवरी की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच लापता हो गए। अमहट घाट पर जो उनकी बाइक मिली, वह पुलिस को गुमराह करने के लिए वहां रखी गई। मुझे आशंका है कि मेरे पति को बंधक बनाया गया था। वह थाना क्षेत्र या उसके आसपास ही थे, क्योंकि वह कहीं और नहीं गए थे। इसी इलाके में उनके साथ किसी भरोसेमंद व्यक्ति ने धोखा किया है। सबसे दुखद बात यह है कि उनके लापता होने की जानकारी मुझे थाने की ओर से नहीं दी गई। अगले दिन सुबह 9 से 10 बजे जब मैंने उन्हें रोज की तरह फोन किया, तब मुझे पता चला कि वह तो पिछली शाम से ही गायब हैं। जब मैंने थाने के कर्मचारियों से पूछा कि उनकी लोकेशन या कॉल डिटेल क्यों नहीं निकाली गई, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तीन दिन चला सर्च, कुआनो में नहीं मिला सुराग6 फरवरी को दरोगा अजय की बाइक मिलने के बाद पुलिस को उनके डूबने की आशंका थी। इसको देखते हुए पुलिस ने SDRF गोरखपुर की टीम के साथ कुआनो नदी में लगातार 3 दिन तक सर्च अभियान चलाया। अमहट घाट से भद्रेश्वरनाथ तक करीब 2 किमी क्षेत्र में मोटर बोट से 8 राउंड सर्च किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 8 फरवरी की शाम करीब 4 बजे अभियान रोक दिया गया था। 3 घंटे बाद आई अयोध्या से खबरसर्च अभियान बंद होने के करीब 3 घंटे बाद शाम 7 बजे सूचना मिली कि अयोध्या के दर्शननगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत तिघुरा माझा गांव में सरयू नदी में एक शव देखा गया है। ग्रामीणों की सूचना पर अयोध्या पुलिस मौके पर पहुंची। शव की पहचान दरोगा अजय गोंड के रूप में हुई। अब पढ़िए दरोगा के छोटे भाई ADM अरुण कुमार ने जो बतायामैं एसडीएम रह चुका हूं और वर्तमान में एडीएम हूं। इसके बावजूद मुझे कोई सहयोग नहीं मिला। मेरी मांग है कि पूरे थाने को सस्पेंड किया जाए। 4 लोगों के खिलाफ हत्या (धारा- 302) का मुकदमा दर्ज हो और हर्रैया के सीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीओ ने मुझसे जिस तरह से बात की और मेरे भाई को जिस तरह से फंसाने की कोशिश की, उसे मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। यह आत्महत्या नहीं, प्लांड मर्डर है। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री तक जाऊंगा, यह बात नोट कर लीजिए। मुझे कप्तान से बात नहीं करनी। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। मेरा भाई मरा है, आपका नहीं। मुझे दर्द है, बहुत दर्द है। दरोगा के पिता बोले- किडनैपिंग के बाद हत्या हुईदरोगा अजय गोंड के पिता रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि यह घटना 5 तारीख को शाम 6 बजे हुई थी। हमें इसकी जानकारी बहू रंजीता ने 6 तारीख को सुबह 10 बजे दी। अब तक यह साफ नहीं है कि पुलिस क्या कार्रवाई कर रही? हमे आशंका है कि वह परशुरामपुर थाने से अकेले बाइक पर अपने घर आ रहे थे। इसके कुछ दूर पहले उनकी किडनैपिंग हो गई और फिर हत्या की गई। पुलिस विभाग, सीओ और एसपी सभी इस मामले में लगातार संपर्क में थे। परिवार में छोटे भाई एडीएम, बड़े सुपरवाइजरदेवरिया के मूड़ाडीह गांव के रहने वाले अजय गोंड 2016 बैच के दरोगा थे। उनकी शादी 2006 में रंजीता के साथ हुई थी। उनके 2 बेटे अमित राज और उत्कर्ष राज हैं। बड़ा बेटा कानपुर में पढ़ाई कर रहा, जबकि पत्नी और छोटा बेटा उनके साथ बस्ती के मिश्रौलिया मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। अजय के पिता भी रिटायर्ड दरोगा हैं। अजय 4 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे। बड़े भाई दिलीप कुमार गोंड स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं। छोटे भाई अरुण कुमार गोंड ADM हैं। उनकी बहन शशि प्रभा सरकारी टीचर हैं। शशिप्रभा की शादी फिक्स हो चुकी थी। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में लगे थे। -------------------- ये खबर भी पढ़ें कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट भेजा, जमानत पर सुनवाई से इनकार किया भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़े मामले में जमानत पर सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें
खनन राजस्व बढ़ाने के लिए ओडिशा पैटर्न को अपनाएगी झारखंड सरकार
राज्य सरकार खनन राजस्व की स्थिति सुधारने के लिए ओडिशा पैटर्न अपनाने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। खनन राजस्व वसूली में हो रही अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए सरकार अपने जिम्स पोर्टल (झारखंड इंटीग्रेटेड माइंस एंड मिनरल्स मैनेजमेंट सिस्टम) में बड़ा बदलाव करने जा रही है। दो दिन पहले जिम्स वर्जन-2 लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह पोर्टल ‘ई-गवर्नेंस’ के तहत खनिजों की पारदर्शी निगरानी और राजस्व वृद्धि का प्रमुख औजार माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि अपग्रेड के बाद जिम्स अधिक आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रदर्शन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ काम करेगा। इससे सिस्टम की स्थिरता, स्पीड और स्केलेबिलिटी में सुधार होगा। अपग्रेडेड जिम्स पोर्टल राज्य में खनिज संसाधनों के प्रबंधन, नियमन और अवैध खनन पर रोक के लिए विकसित एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। खनिज उत्पादन से लेकर परिवहन और डिस्पैच तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से जोड़ा जाएगा। राजस्व... खनन रॉयल्टी लक्ष्य 15,500 करोड़, वसूली महज 8200 करोड़ हुई पिछले वर्षों की तुलना में झारखंड में खनन राजस्व बढ़ा है, लेकिन तय लक्ष्य के अनुरूप अभी भी वसूली नहीं हो पा रही है। वित्तीय वर्ष 2001-02 में खनन राजस्व 705 करोड़ था। 2024-25 में बढ़कर 11,900 करोड़ पहुंच गया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनन सेस का लक्ष्य 6,400 करोड़ है, जिसमें दिसंबर तक करीब 4,100 करोड़ की ही प्राप्ति हुई है। खनन रॉयल्टी का लक्ष्य 15,500 करोड़ रखा गया है, जबकि उसी अवधि तक करीब 8,200 करोड़ की वसूली हो सकी है। खनिज प्रधान राज्य होने के बावजूद झारखंड खनिज राजस्व वसूली में निचले पायदान पर है। देश के कुल खनिज का करीब 40 फीसदी झारखंड में है, फिर भी राज्य ओडिशा, छत्तीसगढ़ सहित कई अन्य राज्यों से कम राजस्व जुटा पा रहा है। माना जाता है कि यदि खनन गतिविधियों का सही तरीके से मिलान और निगरानी हो, तो खनन राजस्व कई गुना बढ़ सकता है। बदलाव... खनिज परिवहन के लिए ऑनलाइन परमिट, ई-चालान जारी होंगे ओडिशा में खनिज उत्खनन और ढुलाई की व्यवस्था को ‘फुल प्रूफ’ माना जाता है। वहां जांच से जुड़ा पूरा सिस्टम आपस में लिंक्ड है, जिससे अवैध उत्खनन और तस्करी पर काफी हद तक रोक लगी है। इसी पैटर्न पर अब झारखंड में भी खनिज उत्पादन, स्टॉक और डिस्पैच में पारदर्शिता लाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और रॉयल्टी व अन्य शुल्कों का सही मूल्यांकन और संग्रह सुनिश्चित हो सकेगा। प्रस्तावित बदलावों के तहत खनिजों के परिवहन के लिए ऑनलाइन परमिट और ई-चालान जारी होंगे। खनिज ढोने वाले वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण होगा। जीपीएस के जरिए वाहन ट्रैकिंग और निगरानी की व्यवस्था रहेगी। रॉयल्टी और अन्य सरकारी बकाया का ऑनलाइन भुगतान संभव होगा। ई-चालान सिस्टम से डिफॉल्टर वाहनों को खनिज परिवहन से रोका जा सकेगा। ओडिशा का राजस्व झारखंड से चार गुना बढ़ा... 2004-05 में ओडिशा का खनन राजस्व 671 करोड़ रुपए था, जबकि झारखंड का खनन राजस्व 935 करोड़ पहुंच गया था। उस समय झारखंड, ओडिशा से करीब 28 प्रतिशत आगे था। 2023-24 में ओडिशा का खनन राजस्व झारखंड से चार गुना से भी अधिक हो गया। सरकार का मानना है कि जिम्स वर्जन-2 के लागू होने से झारखंड भी खनन राजस्व के मामले में अन्य खनिज राज्यों के बराबर पहुंच सकता है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। दरअसल, पुलिस ने रविवार रात कार के नंबर के आधार पर अज्ञात ड्राइवर पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा, तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को आगे आना पड़ा। कमिश्नर ने कहा- जांच में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम का नाम सामने आया है। शिवम मिश्रा का नाम FIR में जोड़ा जा रहा है। वहीं, सोमवार शाम करीब साढ़े 5 बजे कमिश्नर ने ग्वालटोली थाना प्रभारी संतोष गौड़ को लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया। 14 करोड़ की लेम्बोर्गिनी कार (DL-11 CF 4018) शिवम मिश्रा के नाम पर ही है। ये लिमिटेड एडिशन मॉडल है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार को शिवम मिश्रा ही कार चला रहा था। रविवार को हादसे के बाद जब कार को ग्वालटोली थाने ले जाया गया, तो वहां पुलिस ने ब्लैक कवर से उसे ढंक दिया था। ग्वालटोली थाना प्रभारी संतोष गौड़ ने हादसे के तुरंत बाद कहा था कि शिवम की तबीयत खराब हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- जो दुर्घटना करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर बोले- शिकायतकर्ता को शिवम का नाम नहीं पता थापुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया- लेम्बोर्गिनी कार एक्सीडेंट में घायल तौफीक की शिकायत पर ग्वालटोली थाने में FIR दर्ज की गई है। तौफीक को आरोपी कार चालक का नाम नहीं पता था। इसलिए अज्ञात में गाड़ी नंबर के आधार पर एक्सीडेंट का मुकदमा लिखा गया था। लेम्बोर्गिनी कार को सीज कर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहा था। अब शिवम का नाम FIR में जोड़ा जाएगा। परिवार के लोगों ने बताया है कि शिवम मिश्रा अस्पताल में है। पुलिस टीम अब कारोबारी के घर जाकर जांच कर रही है। इसमें जो भी सामने आएगा, उसी एंगल पर एक्शन होगा। जांच से ये भी साफ हो जाएगा कि शिवम को कोई मेडिकल इश्यू है या नहीं। कार को आखिर ढंका क्यों गया? इस पर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पढ़िए FIR में क्या लिखा हैचमनगंज घुसियाना में रहने वाले मोहम्मद तौफीक ने FIR में बताया- 8 फरवरी की दोपहर 1:45 बजे मैं झूला पार्क चौराहे के पास अपने दोस्त के साथ सड़क पर खड़ा था। इसी दौरान VIP रोड पर परमट की ओर से आ रही बेकाबू लेम्बोर्गिनी कार ने मेरे बगल में खड़ी बुलेट में तेजी से टक्कर मारते हुए मुझे भी टक्कर मार दी। इससे मेरे बाएं पैर में गंभीर चोट आ गई और बुलेट भी क्षतिग्रस्त हुई है। साथ ही गाड़ी की चपेट में आने से कई अन्य लोग भी घायल हो गए। लेंबोर्गिनी एक्सीडेंट केस में पुलिस की 5 बड़ी लापरवाही पढ़िए- कोर्ट में गाड़ी छोड़ने की याचिका दाखिल कानपुर पुलिस की लापरवाही का फायदा शिवक के वकील मृत्युंजय सिंह ने उठाया। वकील ने सोमवार को ACJM- 7 कोर्ट में गाड़ी रिलीज करने और शिवम की जमानत के लिए याचिका दाखिल की। वकील का कहना है कि गाड़ी शिवम नहीं, उसका ड्राइवर चला रहा था। जबकि, पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में पाया गया कि शिवम ही गाड़ी चला रहा था। इस याचिका पर सोमवार को ही कोर्ट ने ग्वालटोली थाने से रिपोर्ट मांग ली है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि गाड़ी थाने से छूटेगी या नहीं और आरोपी को जमानत मिलेगी या नहीं। अब पूरा मामला विस्तार से… कानपुर में 8 फरवरी को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लेम्बोर्गिनी कार ने 6 से अधिक लोगों को टक्कर मार दी थी। कार ने एक बुलेट सवार को टक्कर मारी, तो वह हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरा। इसके बाद लेम्बोर्गिनी बुलेट के ऊपर ही चढ़ गई थी। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने कार को घेर लिया था। लोगों के मुताबिक, कारोबारी का बेटा कार के अंदर दुबक गया। इसके बाद उसके बाउंसरों ने लोगों के साथ हंगामा किया। धक्का देकर लोगों को भगाने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और कार को थाने ले आई। थाने में भी कारोबारी के बाउंसरों ने पीड़ितों से अभद्रता की। इसके बाद लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया था। कारोबारी के बेटे और अन्य घायलों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार को थाने के भीतर सुरक्षित रखा गयाप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद पुलिस गाड़ी को थाने लेकर पहुंची। भीड़ भी थाने पहुंच गई। रसूखदार और बड़े परिवार का मामला होने के चलते कार को थाने के भीतर सुरक्षित रखा गया। कार को ब्लैक कवर से ढंक दिया गया। ‘हम सड़क किनारे खड़े थे, तभी टक्कर मारी’प्रत्यक्षदर्शी सोनू त्रिपाठी ने बताया- मेरे मामा का बेटा विशाल और मैं बुलेट से आए थे। फिर हम लोग सड़क किनारे एक दुकान पर खड़े हो गए। विशाल बुलेट पर ही बैठा था। हम टी-शर्ट देखने लगे। तभी लेम्बोर्गिनी कार ने पहले ऑटो को टक्कर मारी। इसके बाद हमारी बुलेट को कुचल दिया। टक्कर से विशाल भी दूर जा गिरा। 2 लड़के और थे, उनको भी जोरदार टक्कर मारी। वह सड़क पर 10 फीट उछलकर दूर फुटपाथ पर जा गिरे। दोनों को अस्पताल भेजा गया है। हादसे में एक युवक के चेहरे पर चोट आई है। उनके मुंह से खून निकल रहा था। उसे भी अस्पताल भेजा गया है। हमने थाने में शिकायत दी है। लोग बोले- रसूख के चलते आरोपी को थाने से छोड़ापीड़ितों का आरोप है कि रसूख के चलते पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को थाने से ही छोड़ दिया। हम लोगों से कहा कि शिवम मिश्रा बीमार है। पुलिस मामले में जबरन समझौते का दबाव बना रही है। देर शाम तक पुलिस ने शिकायत के बाद भी केस दर्ज नहीं किया। शिवम मिश्रा लग्जरी कारों का शौकीन है। उसके पास कई कारें हैं। शिवम ने अपने बेटे के बर्थडे सेलिब्रेशन में बॉलीवुड के कई अभिनेताओं को बुलाया था। पार्टी में करोड़ों रुपए खर्च किए थे। इसके बाद ही वह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर आ गया था। कारोबारी की कंपनी पर 2 साल पहले पड़ा था छापातंबाकू कारोबारी केके मिश्रा की बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। यह कंपनी कानपुर की टॉप गुटखा कंपनियों को तंबाकू सप्लाई करती है। करीब 2 साल पहले 28 फरवरी को कंपनी के हेड ऑफिस पर आयकर विभाग का छापा पड़ा था। तब केके मिश्रा की दिल्ली स्थित कोठी से 100 करोड़ से ज्यादा की कारें मिली थीं। इनमें 60 करोड़ से ज्यादा कीमत की लग्जरी कारें शामिल थीं। 16 करोड़ की रोल्स-रॉयस फैंटम कार, लेम्बोर्गिनी, फरारी, मॅकलारेन कारें थीं। तब छापेमारी में 100 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी सामने आई थी। इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट, 3 साल तक की सजा का प्रावधान …………………. ये खबर भी पढ़िए- गाजियाबाद सुसाइड- जब बेटियां कूदीं, पिता तीसरी बीवी संग था, 2 बीवियां दूसरे कमरे में गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत के बाद पुलिस ने पिता चेतन और उनकी 3 बीवियों के बयान दर्ज किए हैं। सामने आया कि जिस वक्त बच्चियों ने सुसाइड किया, चेतन अपनी तीसरी पत्नी टीना (मुस्लिम महिला) के साथ अलग कमरे में था। जबकि सुसाइड के बाद उसने बयान दिया था- मैं सुजाता, हिना, टीना और बच्चों के साथ एक ही कमरे में सो रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
रांची विश्वविद्यालय... अब नीड-बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर करा सकेंगे पीएचडी
पढ़ाई शुरू होने के एक माह के भीतर पहला मिड सेमेस्टर एग्जाम व इसके 15 दिन बाद दूसरी मिड परीक्षा होगी रांची यूनिवर्सिटी में रिसर्च और पीएचडी व्यवस्था को लेकर एक ऐसा फैसला लिया गया, जिससे आने वाले दिनों में विवि की अकादमिक दिशा ही बदल जाएगी। इसके तहत नीड-बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर (अनुबंध शिक्षक) भी पीएचडी रिसर्च कराने का अधिकार दिया जाएगा। सोमवार को मोरहाबादी कैंपस स्थित आईक्यूएसी कांफ्रेंस हॉल वीसी प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में एनईपी और परीक्षा सुधार को लेकर हुई हाई-लेवल बैठक में सहमति बनी है। इसके साथ ही रांची यूनिवर्सिटी झारखंड का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है, जहां नीड-बेस्ड शिक्षकों को औपचारिक रूप से रिसर्च से जोड़ा जा रहा है। यह प्रस्ताव कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह की ओर से रखा गया था, जिसे बैठक में चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई। इस फैसले को लागू करने के लिए विवि द्वारा राजभवन से अनुमति ली जाएगी। तीन घंटे चली यह बैठक एक घंटे टेक्निकल प्रॉब्लम के चलते बाधित रही। वीसी समेत दर्जन भर शिक्षक भी वर्चुअल मोड में शामिल हुए थे। इधर, मीटिंग शुरू होने से लॉ डीन डॉ. पंकज चतुर्वेदी को अन्य डीन की तरह कमेटी में शामिल कर लिया गया, इसके साथ ही उठा विवाद भी समाप्त हो गया। बैठक में डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, साइंस डीन डॉ. वंदना, सोशल साइंस डीन डॉ. परवेज हसन, डॉ. अमर कुमार चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ. जीसी साहू, परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह, डॉ. स्मृति सिंह, डॉ. नीरज, डॉ. राजकुमार समेत अन्य सदस्य थे। अब ऑनलाइन कोर्स भी कर सकेंगे छात्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छात्रों को यूजीसी-रिकॉग्नाइज्ड ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से पढ़ाई करने की अनुमति दी गई। इसके लिए उपयुक्त कोर्स चिह्नित कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि स्टूडेंट्स को कोर्स चयन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। पीएचडी की खाली सीटें होंगी सार्वजनिक पीएचडी एडमिशन को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया। किस विभाग में कितनी पीएचडी सीटें खाली हैं, इसकी पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। बैठक में पीएचडी कोर्स-वर्क के एडमिशन का शेड्यूल भी फाइनल कर दिया गया कि जुलाई में एक सत्र, जबकि दिसंबर माह में दूसरे सत्र का एडमिशन लिया जाएगा। सेमे. परीक्षा होने के 3 दिन बाद ही क्लास बैठक में अकादमिक कैलेंडर को दुरुस्त करने के लिए भी निर्णय लिए गए। सेमेस्टर परीक्षा समाप्त होने के तीन दिन बाद ही अगले सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू करने पर सहमति बनी। वहीं पहली मिड-सेमेस्टर परीक्षा कक्षा शुरू होने के एक महीने के भीतर आयोजित करने पर सहमति बनी। जबकि दूसरी मिड-सेमेस्टर परीक्षा पहले मिड सेमेस्टर के 15 दिन बाद कराने पर सहमति बनी। नियम यह है कि मिड परीक्षा के अंक पोस्ट होने के बाद ही सेमेस्टर एग्जाम का फॉर्म भर सकेंगे। रिसर्च डायरेक्टर की होगी नियुक्ति रांची यूनिवर्सिटी में रिसर्च डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति करने पर भी सहमति बनी। साइंस संकाय से डॉ. लाडली रानी, सोशल साइंस संकाय से डॉ. ज्योति प्रकाश के नाम सामने आए। लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी। इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया है। सभी पड़ोसी राज्यों के विवि में रिसर्च डायरेक्टर का पद है, लेकिन झारखंड के विवि में अभी तक नहीं है। नीड बेस्ड शिक्षकों को इसलिए मिला अधिकार रांची यूनिवर्सिटी से यूजीसी-नेट और जेआरएफ क्वालीफाई करने वाले छात्रों की संख्या अधिक है। वहीं दूसरी ओर, विवि में पिछले सात वर्षों से नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। योग्य अभ्यर्थियों को पीएचडी रिसर्च कराने वाले गाइड नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में नीड-बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर को पीएचडी की अनुमति देना शिक्षक संकट और रिसर्च गैप दोनों से निपटने का रास्ता माना जा रहा है। मूल्यांकन अवधि बढ़ेगी, गुणवत्ता पर जोर, डिप्लोमा-डिग्री का नया ब्लूप्रिंट भी मंजूर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की अवधि बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है। शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। पढ़ाई और मूल्यांकन दोनों की गुणवत्ता बनी रहे। बैठक में नई शिक्षा नीति के अनुसार अंक प्रमाण पत्र, सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री के नए ब्लूप्रिंट को भी मंजूरी दे दी गई।
यूपी विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू हुआ। 11 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। पहला दिन नारेबाजी और हंगामे से भरा रहा। मोर्चा संभाला समाजवादी पार्टी के नेताओं ने। विधानसभा के बाहर ही साइकिल से आए सपा नेताओं ने अलग-अलग बैनर के मुद्दों के साथ सरकार को घेरा। विधानसभा में तो पल्लवी पटेल को भी सपा विधायक ने साथ बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं उठीं। VIDEO में देखिए पहले दिन का हंगामा और कार्रवाई…
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को रांची से ऋषिकेश (लोहरदगा, टोरी, डाल्टनगंज, डेहरी-ऑन-सोन, वाराणसी, अयोध्याधाम, बरेली एवं हरिद्वार होते हुए) नई रेल सेवा प्रारंभ करने के संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। राज्यपाल को इस विषय में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था, जिसका उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे जनहित से जुड़ा आवश्यक विषय बताया।राज्यपाल ने पत्र में कहा है कि रांची से उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरों लखनऊ, अयोध्या, बरेली, ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए सीधी रेल सेवा की अत्यंत आवश्यकता है। अभी यात्रियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इधर, रांची से कोयंबटूर के लिए अमृत भारत ट्रेन चलाने की मांग दक्षिण पूर्व रेलवे के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने धनबाद-कोयंबटूर प्रस्तावित अमृत भारत ट्रेन के रूट में परिवर्तन के लिए माननीय रेल मंत्री से मांग की है। इस संबंध में उन्होंने रेल मंत्री को पत्र लिख कर आग्रह किया कि इस प्रस्तावित ट्रेन को बोकारो स्टील सिटी, मुरी, रांची एवं राउरकेला होते हुए चलाया जाए। इससे बोकारो के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों, रांची के छात्रों तथा इलाज के लिए दक्षिण भारत जाने वाले मरीजों को कोयंबटूर तक यात्रा में बड़ी सुविधा होगी। मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, आज शाम तक पहुंचेगी राजधानी एक्सप्रेस नई दिल्ली से रांची आ रही राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 20840) का मार्ग बदल दिया गया है। तीन घंटे से ये ट्रेन पुरानी दिल्ली स्टेशन पर खड़ी है, क्योंकि साहिबाबाद में मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। रेलवे के सूत्रों ने बताया है कि अब यह ट्रेन मंगलवार शाम को ही रांची पहुंचेगी।
आज बात खरी है का 400वां एपिसोड है। ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें…यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है.…
जीएसटी कटौती का असर 5 माह में ही घटा, तेल, बिस्किट, बेबी फूड समेत कई के बढ़े दाम
केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2025 में आम जनता को महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से रोजमर्रा की जरूरत की सैकड़ों वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की गई थी। खाद्य पदार्थों, साबुन, डिटर्जेंट, बिस्किट और पैक्ड फूड जैसे उत्पादों पर टैक्स घटाए जाने के बाद शुरुआती महीनों में उपभोक्ताओं को इसका लाभ भी मिला। हालांकि, पांच महीने बाद अब कई कंपनियों ने धीरे-धीरे अपने उत्पादों के दाम फिर से बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। जीएसटी कटौती के बाद जिस बिस्किट की कीमत घटा कर 36 रुपए कर दी गई थी, उसकी कीमत अब फिर से बढ़ाकर 40 रुपए कर दी गई है। इसी तरह कुछ डिटर्जेंट पाउडर, बच्चों के पैक्ड फूड, बॉडी लोशन, क्रीम और साबुन के दामों में भी इजाफा किया गया है। चिंताजनक यह है कि कई उत्पादों में न तो जीएसटी कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को मिला और न ही कंपनियों ने पैक का वजन बढ़ाया। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती लागत का हवाला देकर कीमतें बढ़ाना कंपनियों की रणनीति हो सकती है, लेकिन इससे आम आदमी पर महंगाई का दबाव फिर बढ़ेगा। लेबर कॉस्ट बढ़ने व पैकेजिंग महंगे होने से बढ़ रहे भाव: झारखंड कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि कई कंपनियां पुन: उत्पादों के दाम बढ़ाने लगी हैं। यह वृद्धि लेबर कॉस्ट बढ़ने और पैकेजिंग मटेरियल महंगा होने से हुई। ना कीमत घटाई, ना ही वजन बढ़ाया सितंबर में जीएसटी दरें कम किए जाने के बाद कई एफएमसीजी उत्पादों की ना कीमत कम की गई थी और ना ही वजन बढ़ाया गया था। कई छोटे बिस्कुट, मिक्चर, सॉस आदि के दाम आज भी जस के तस हैं। इनमें कई शैंपू, हेयर ऑयल और साबुन भी शामिल हैं। समझिए रिफाइंड तेल का गणित... वस्तुएं 5 माह पहले अब रिफाइंड तेल के पैकेट का वजन घटा ग्राहकों को ठगा, अब बढ़ रही कीमत तीन माह पहले कई रिफाइन तेल कंपनियों ने जीएसटी के आधार पर कीमतें घटाईं, लेकिन साथ में वजन भी कम कर दिया। अब उसी तेल की कीमत फिर से बढ़ने लगी है। तीन महीने पहले जो तेल 150 रुपए में एक लीटर (910 एमएल) आम उपभोक्ताओं को बेचा जा रहा था। अचानक इस तेल का वजन 750 एमएल कर दिया गया और यह 128 रुपए में बिकने लगा। अब इसी 750 एमएल वाले तेल की कीमत पुन: बढ़कर 136 रुपए तक हो गई है। यदि यही तेल एक लीटर (910) के पैक में हो तो गणित के अनुसार इसकी कीमत 165 रुपए हो जाएगी। यानी एक लीटर तेल की कीमत करीब 15 रुपए बढ़ गई है। सिर्फ पांच में माह में यह वृद्धि हुई है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों ने वजन घटाकर ग्राहकों को धोखा दिया है। कीमतें नहीं घटी हैं, बल्कि बढ़ी हैं। खाद्य तेल के प्रमुख कारोबारी अर्जुन जालान ने कहा कि इस समय डॉलर मजबूत होने के कारण बहुतायत में ब्राजील और अर्जेंटीना से आने वाले सोयाबीन तेल की कीमत बढ़ी हुई है। वहीं, मलेशिया से आने वाला पाम ऑयल भी महंगा हो गया है। इसका भी कीमत पर असर पड़ा है।
गोरखपुर AIIMS में 7 फरवरी को एक बिजनेसमैन अपने 19 साल के इकलौते बेटे को लेकर पहुंचे। वह पागलों जैसी हरकत कर रहा था। परिवार ने बताया कि वह 4 साल से गेम खेल रहा था। ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग में उसने 60 लाख रुपए गंवा दिए। पिता से बार-बार पैसे मांगे और मना करने पर आत्महत्या की धमकी देने लगा। बाद में उसने रिश्तेदारों से भी पैसे मांगने शुरू कर दिए। उसे गैंबलिंग डिसऑर्डर है। अब उसका इलाज चल रहा। डॉक्टरों के मुताबिक, मोबाइल गेमिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग को अक्सर लोग मनोरंजन या कमाई का आसान जरिया मानते हैं। लेकिन, जब यही आदत कंट्रोल से बाहर हो जाए तो यह एक गंभीर मानसिक बीमारी का रूप ले सकती है। यह मामला सवाल खड़े करता है कि गैंबलिंग डिसऑर्डर क्या होता है? क्या ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग भी इसकी कैटगरी में आती है? यह बीमारी मानसिक रूप से कितनी खतरनाक है? परिवार समय रहते इसे शौक से अलग बीमारी के रूप में कैसे पहचान सकता है? पढ़िए सारे सवालों के जवाब भास्कर एक्सप्लेनर में… लखनऊ का यह केस भी पढ़िए… सितंबर- 2025 में लखनऊ के धनुवासाड़ गांव में ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते 14 साल के यश ने आत्महत्या कर ली थी। सुरेश कुमार यादव का इकलौता बेटा यश अपने पिता के मोबाइल से फ्री-फायर गेम खेलता था। ऑनलाइन गेम में 13 लाख रुपए हार गया था। खाते से पैसे गायब मिलने पर घरवालों ने पूछताछ की, तो यश ने गलती स्वीकार की। फिर उसी दिन उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सवाल: गैंबलिंग डिसऑर्डर क्या और कितना खतरनाक होता है? जवाब: गोरखपुर AIIMS के न्यूरो साइकेट्रिस्ट डॉ. राशिद आलम कहते हैं- गैंबलिंग डिसऑर्डर एक तरह की गंभीर लत है। इसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या माना जाता है। जिस तरह किसी व्यक्ति को नशे की लत लग जाती है। उसी तरह इस बीमारी में व्यक्ति को जुआ या ऑनलाइन गेमिंग खेलने की आदत पड़ जाती है। यह लत इतनी बढ़ जाती है कि नुकसान होने के बाद भी व्यक्ति खुद को रोक नहीं पाता। लगातार जुआ खेलता रहता है। इसका असर सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं रहता। धीरे-धीरे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। रिश्तों में तनाव बढ़ता है और सामाजिक जीवन प्रभावित होता है। कई मामलों में व्यक्ति कर्ज में डूब जाता है। उसकी मानसिक के साथ शारीरिक सेहत भी बिगड़ने लगती है। डॉ. राशिद आलम के अनुसार, ये उतना ही खतरनाक होता है जितना शराब, सिगरेट, गुटखा, और ड्रग्स आदि का नशा। बस इस नशे में शख्स को बेहोशी छाती है, फिर वह धीरे-धीरे बीमार पड़ने लगता है। जैसे नशा करने पर उसकी क्रेविंग होती है, वैसे ही इसमें भी क्रेविंग होती है। बार-बार फोन देखने और गेम खेलने का मन करता है। हर समय उसी चीज के बारे में ख्याल आता है। कहीं भी और मन नहीं लगता। सवाल: कैसे पता चलता है कि कोई गैंबलिंग डिसऑर्डर का शिकार है? जवाब: गोरखपुर AIIMS के न्यूरो-साइकेट्रिस्ट डॉ. राशिद आलम के अनुसार, गैंबलिंग डिसऑर्डर एक तरह का बिहेवियर डिसऑर्डर है। इसे पहचानने के लिए कुछ क्राइटेरिया होते हैं। सवाल: क्या ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग भी इसकी कैटेगरी में आती है? जवाब: मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन गेमिंग या ट्रेडिंग में लगातार ज्यादा समय देने लगे, नुकसान होने के बावजूद खुद को रोक न पाए। पैसे वापस पाने के लिए बार-बार जोखिम उठाता रहे, तो इसे गैंबलिंग डिसऑर्डर माना जाता है। केजीएमयू के कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट डॉ. आदर्श त्रिपाठी के मुताबिक, हर सप्ताह दो-तीन ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जो ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग की लत से जूझ रहे होते हैं। डॉ. बताते हैं कि ऑनलाइन कई ऐसे ऐप मौजूद हैं, जो लोगों को ज्यादा कमाई और जीत का लालच देकर फंसाते हैं। इस डिसऑर्डर में व्यक्ति एक तरह की साइकोलॉजिकल कंडीशन में चला जाता है। जिसमें वह हुए नुकसान को स्वीकार नहीं कर पाता। नुकसान की भरपाई के लिए वह बार-बार और पैसे लगाता जाता है। जिसे लॉस रिकवरी ट्रैप कहा जाता है। इसी चक्कर में वह और ज्यादा फंसता चला जाता है। सवाल: कैसे लोग इसमें फंसते चले जाते हैं? जवाब: डॉ. आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि गैंबलिंग ऐप्स में आमतौर पर कोई भी व्यक्ति लगातार पैसे नहीं जीत सकता। ये ऐप्स लोगों को जीत का लालच दिखाकर हुक करते हैं। फिर धीरे-धीरे उन्हें खेलने की आदत में फंसा लेते हैं। कई गैंबलिंग ऐप्स यूजर के व्यवहार को समझने के लिए साइकोलॉजिकल तरीके अपनाते हैं। ये ऐप्स भांप लेते हैं कि यूजर कब ज्यादा खेलता है? कब हार के बाद दोबारा पैसा लगाने को तैयार होता है? उसी हिसाब से ऑफर और नोटिफिकेशन भेजते हैं। ऐसे कई ऐप्स यूजर की आर्थिक गतिविधियों पर भी नजर रखते हैं। जिससे उन्हें अंदाजा हो जाता है कि व्यक्ति कितनी रकम खर्च कर सकता है? इसी वजह से लोग धीरे-धीरे ज्यादा पैसा लगा बैठते हैं। इस जाल में फंसते चले जाते हैं। सवाल: गैंबलिंग डिसऑर्डर को लेकर क्या कहती है स्टडी? जवाब: मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में करीब 8 करोड़ (80 मिलियन) युवा गैंबलिंग डिसऑर्डर से प्रभावित हैं। इस मानसिक बीमारी के कारण व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है। उसकी मानसिक सेहत खराब होती है। धीरे-धीरे शारीरिक समस्याएं भी सामने आने लगती हैं। स्टडी में बताया गया कि गैंबलिंग डिसऑर्डर सिर्फ पैसों के नुकसान तक सीमित नहीं रहता। इसकी वजह से घर-परिवार में झगड़े बढ़ते हैं। रिश्ते टूटते हैं और कई मामलों में आत्महत्या के विचार भी पैदा होते हैं। कुछ लोगों में घरेलू हिंसा और अपराध की प्रवृत्ति तक देखी गई है। जुए की लत व्यक्ति को गलत और गैरकानूनी रास्तों पर भी ले जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, जुए की लत से पैदा हुआ यह डिसऑर्डर लंबे समय तक असर डाल सकता है। बिना इलाज के इससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। अलग-अलग तरह के जुए का बढ़ता ट्रेंड स्टडी में यह भी सामने आया है कि गैंबलिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे करीब 80 मिलियन लोग किसी न किसी तरह के जुए से जुड़े हैं। इसमें बच्चों और युवाओं के मोबाइल पर खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम्स से लेकर कैसीनो और सट्टे जैसे पारंपरिक जुए तक शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कैसीनो और रियल मनी गेमिंग में सबसे ज्यादा पैसा खर्च होता है, जो कई लोगों को आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोबाइल गेमिंग की लत कितनी खतरनाक, स्क्रीन पर टकटकी-एक्साइटमेंट से हो सकती है मौत लखनऊ में 13 साल के लड़के विवेक कश्यप की मोबाइल फोन चलाते-चलाते मौत हो गई। वह बिस्तर पर बेहोश पड़ा था। बहन कुछ देर में आई, तो उसने बिस्तर पर पड़े फोन को चार्जिंग पर लगा दिया। भाई को चादर ओढ़ाकर चली गई। कुछ देर बाद कामकाज से फुरसत पाकर भाई को खाना खाने के लिए उठाने पहुंची। पढ़िए पूरी खबर…
लुधियाना का सबसे प्रमुख एवं पुरानी मार्केट चौड़ा बाजार को सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) योजना के तहत हाईटेक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गए। पहले फेज में बाजार में हाईटेक CCTV कैमरे व एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। इन दोनों कार्यों को शुरू करने के लिए नगर निगम हाउस ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और अब जल्दी ही प्रक्रिया पूरी करके काम शुरू कर दिया जाएगा। पहले फेज में इस काम पर 5.1 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह राशि भारत सरकार की “स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2025-26” योजना के तहत प्राप्त फंड से खर्च होगी। नगर निगम इस काम को पांच पार्ट में करेगा। चार पार्ट में कैमरे और परिफेरल्स लगाने का काम होगा जबकि एक पार्ट में एलईडी लाइट्स का काम होगा। कैमरे और परिफरल्स पर क्रमशः 98.09 लाख, 97.04 लाख, 95.74 लाख और 95.74 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं 24.69 लाख रुपये की लागत से नई एलईडी लाइटें और पोल लगाए जाएंगे। CCTV कैमरों से हर व्यक्ति पर रहेगी नजर इस योजना के तहत चौड़ा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत हो जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के जरिए बाजार पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी, जिससे चोरी, झपटमारी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बाजार में लगने वाले सीसीटीवी कैमरों को सेफ सिटी व नगर निगम के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। LED लाइट्स से रात को भी जगमगाएगा बाजार चौड़ा बाजार में एलईडी लाइट्स के लिए नए खंभे इंस्टॉल किए जाएंगे। इसके अलावा नई लाइट्स लगाई जाएंगी जिससे चौड़ा बाजार रात को भी जगमगाएगा। इन्हीं खंभों पर सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए जाएंगे। सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट स्कीम के तहत चौड़ा बाजार में क्या-क्या होगा जानिए: स्मार्ट कमर्शियल हब बनेगा: सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) योजना के तहत लुधियाना के चौड़ा बाजार को न केवल आधुनिक बनाया जा रहा है, बल्कि इसे एक स्मार्ट कमर्शियल हब के रूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है। दुकानों के यूनिफॉर्म फेस : बाजार की सभी दुकानों के बाहरी हिस्सों को एक समान रंग-रूप और डिजाइन दिया जाएगा। इससे बाजार में एकरूपता आएगी और यह यूरोप के पुराने बाजारों की तरह सुंदर दिखेगा। विरासत का संरक्षण: ऐतिहासिक इमारतों और दरवाजों (जैसे क्लॉक टॉवर के पास के क्षेत्र) को उनकी मूल वास्तुकला को बरकरार रखते हुए मरम्मत किया जाएगा। अंडरग्राउंड वायरिंग: वर्तमान में बाजार में बिजली की तारों के जो जाल लटके हुए हैं, उन्हें हटाकर तारों को जमीन के नीचे बिछाया जाएगा। इससे आग लगने का खतरा कम होगा। स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम: बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए ड्रेनेज नेटवर्क को पूरी तरह नया बनाया जाएगा। हाई-टेक सीसीटीवी: पूरे बाजार में अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे जो अपराधियों पर नजर रखने के साथ-साथ भीड़ का भी विश्लेषण करेंगे। स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स: सेंसर आधारित एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी जो रात के समय रोशनी की तीव्रता को स्वचालित रूप से कम या ज्यादा करेंगी। पब्लिक एड्रेस सिस्टम: जगह-जगह लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे जिनका उपयोग आपातकालीन घोषणाओं या निर्देशों के लिए किया जाएगा। फुटपाथ और बैठने की जगह: पैदल चलने वालों के लिए इंटरलॉकिंग टाइल वाले चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे और जगह-जगह बेंचें लगाई जाएंगी। वाटर एटीएम और शौचालय: ग्राहकों की सुविधा के लिए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय और पीने के पानी के लिए वाटर एटीएम स्थापित किए जाएंगे। डिजिटल कियोस्क: बाजार में जगह-जगह डिजिटल मैप और सूचना केंद्र होंगे जो ग्राहकों को दुकानों की लोकेशन बताएंगे। नो-व्हीकल जोन: पीक आवर्स के दौरान कुछ हिस्सों को केवल पैदल चलने वालों के लिए घोषित किया जाएगा। स्मार्ट पार्किंग: बाजार के पास मल्टी-लेवल पार्किंग को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा ताकि ग्राहकों को मोबाइल ऐप पर पहले ही पता चल सके कि पार्किंग में जगह है या नहीं।
प्रयागराज तक जाना है ना… कोई दिक्कत नहीं। यहां लेट जाइए, ये हमारी सीट है। दो लोगों के 600 रुपए लगेंगे। टीटी को मैं 300 रुपए दूंगा, टीटी चुप हो जाएगा… कुछ नहीं कहेगा। 300 रुपए उसके हो जाएंगे और 300 रुपए मेरे हो जाएंगे…। यूपी में ट्रेनों के AC कोच में रिश्वत लेकर एंट्री दी जा रही। यह काम अटेंडर्स के जरिए TTE (Travelling Ticket Examiner) करवा रहे, ताकि रिश्वत लेते पकड़े न जाएं। इधर, अटेंडर आउटसोर्स के कर्मचारी होते हैं, इसलिए उन पर रेलवे एक्शन नहीं ले पाता। TTE के इस खेल में यात्रियों की सुरक्षा से बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा। क्योंकि, ये लोग बगैर आईडी देखे किसी को भी AC कोच में सीट दे रहे। इसलिए ट्रेनों में बम की अफवाह, यात्रियों के सामान चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले महीने पटना से नई दिल्ली जा रही ट्रेन तेजस राजधानी एक्सप्रेस (12309) में बम होने की सूचना मिली थी। इसके बाद यूपी के चंदौली में ट्रेन को रोका गया। सभी यात्रियों को बाहर निकालकर सभी कोच की जांच की गई थी। इस घटना के बाद सवाल उठा कि क्या ट्रेनें सुरक्षित नहीं? क्या बगैर टिकट या जनरल टिकट लेकर सफर करने वालों की आईडी चेक की जाती है? इन सवालों के जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने 2 ट्रेनों में सफर किया। सीट की डिमांड की तो बिना आईडी देखे और फाइन की रसीद बनवाए अटेंडर रिश्वत लेकर सीट देने को तैयार हो गया। मतलब साफ था, रुपए देकर कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से एसी कोच में घुस सकता है। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन… सबसे पहले हमने सर्च किया कि अभी किन ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ है? इनमें चंबल-हावड़ा एक्सप्रेस (12178) का नाम सामने आया। क्योंकि, अभी प्रयागराज में माघ मेला अंतिम चरण में है। यह ट्रेन प्रयागराज से होकर जाती है। ट्रेन के एसी कोच में REGRET (सीट नहीं है) की स्थिति दिखाई दी। हमने चित्रकूट से प्रयागराज तक का जनरल टिकट लिया। फिर TTE से सीट के लिए रिक्वेस्ट किया। उन्होंने पहले तो इनकार किया। बाद में बोले- ट्रेन में चढ़ जाइए, देखते हैं। इसके बाद हम AC कोच B2 में चढ़ गए और 3 घंटे सफर किया। अटेंडर मौसम से हमने कहा कि प्रयागराज तक जाना है, सीट चाहिए। उसने बगैर फाइन रसीद कटाए बर्थ देने की बात कही। रिपोर्टर: भाई, TTE से एक बार बात कर लो… अगर सीट मिल जाए…? अटेंडर मौसम: इधर तो मिलेगी नहीं… दो सीट बाहर हैं। ज्यादा दूर के लिए नहीं मिलेंगी। प्रयागराज तक यहां व्यवस्था हो जाएगी। रिपोर्टर: जहां आप हमको सीट दे रहे हैं, वहां लेटना बन जाएगा? चादर देंगे ना आप…? मौसम: हां। रिपोर्टर: मान लो टीटी आया और पूछा तो फिर क्या बताएंगे? फिर फाइन लगेगा? मौसम: कोई पूछेगा ही नहीं… यह सीट हमारी है। रिपोर्टर: जनरल टिकट दिखाया और बताया यह टिकट है हमारे पास? मौसम: जनरल टिकट है ना… कोई दिक्कत नहीं। यहीं बैठ जाइए… कोई दिक्कत नहीं। रिपोर्टर: हमको एक ही सीट मिल जाए तो कोई दिक्कत नहीं। उतने में काम चल जाएगा। नहीं तो आगे वाले डिब्बे में देख लें। मौसम: अंदर खाली हो तब तो मिलेगी। कहीं खाली ही नहीं होगी। मैं तो कहूंगा कि एक आदमी यहां लेट जाओ और एक यहां…। रिपोर्टर: चलो ठीक है, मैं अपने साथी से बात कर लूं। अगर वह भी 300 देने को तैयार हो तो ठीक है…। मौसम: बात कर लो, बाहर ही तो खड़ा है। अटेंडर मौसम से हुई बातचीत से साफ हो गया कि कोच में बर्थ नहीं है। लेकिन वह खुद की सीट बेच रहा। इसके लिए वह 300 रुपए प्रति सवारी ले रहा। अब हमें समझना था कि क्या TTE चेक नहीं करता? इसके जवाब में मौसम ने बताया कि टीटी कुछ नहीं कहेगा। रिपोर्टर: यहां लेट गए और TTE परेशान करने लगा तो…? मौसम: प्रयागराज तक ही जाना है… कोई दिक्कत नहीं है। बैठो… तुमसे-उनसे क्या मतलब? रिपोर्टर: मानिकपुर तक इसी तरह चलें, इसके बाद ट्रेन बदल लेंगे। क्योंकि हमारे पैर डिस्टर्ब है… ऑपरेशन के पैर हैं। मौसम: आराम से यहां लेट जाइए। रिपोर्टर: नहीं यार… बढ़िया सीट चाहिए। हम यह तो नहीं कह रहे कि पैसा नहीं देंगे। जो तुम कह रहे, उसमें हम तैयार हैं। मौसम: चलो देख रहे हैं, शायद कोई पैसेंजर ना आए। चेक तो कर लें। हमारे पास अभी लिस्ट नहीं है। रिपोर्टर: क्या यह लिस्ट टीटी के पास रहती है? मौसम: अभी हमने दो पैसेंजर अपने बाहर किए हैं। TTE ने बताया नहीं है अभी तक। रिपोर्टर: जहां तुम बैठे हो, यहां भी टिकट कटता है? मौसम: नहीं, यह तो हमारा है। यहीं पर हमारा खाना-पीना, रहना होता है। स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद अटेंडर के पास सूची आती है। इससे उन्हें पता चल जाता है कि कौन-सी सीट खाली है? बस, उसी सीट को वे बेच देते हैं। यात्रियों से लिए जाने वाले इन रुपए में टीटी का हिस्सा कितना होता है? यह जानने के लिए जब हमने मौसम से बात की तो उसने पूरा खुलासा किया। रिपोर्टर: पैसा कम नहीं कर रहे हैं? मौसम: पहले से ही अगर तुमको 500 रुपए बताते तो तुम खुद ही कहते कि कम कर दो। इसीलिए मैंने 300 रुपए बताए हैं। रिपोर्टर: 300 रुपए ले रहे हो तो बढ़िया सीट दिला दो। मौसम: जब सीट खाली होगी तभी तो दिलाएंगे। जब वहां पर खाली नहीं है, तब तो कहीं ना कहीं लोगे? रिपोर्टर: अभी डिब्बे में तो बहुत सीट खाली हैं? मौसम: अभी मानिकपुर आएगा, तभी पता चलेगा? रिपोर्टर: यहां तो मुझे ठीक नहीं लग रहा है। यहां पर अगर हम लेट गए और टीटी ने खड़ा कर दिया, तो ठीक नहीं रहेगा। मौसम: मैं यहीं रहूंगा। आप लेट जाओ, मैं बाहर से कुंडी लगा दूंगा। रिपोर्टर: आप लोग स्टाॅफ वाले हैं आगे अगर स्टाॅफ चेंज हो गया तो? मौसम: कोई स्टाॅफ चेंज नहीं होगा हावड़ा तक जाएंगे और हावड़ा से यही गाड़ी लेकर आएंगे… हमारा सफर रेगुलर है… 3 दिन का… वहीं तक जाएंगे… वहां से वापस आ जाएंगे…। रिपोर्टर: आपके साथ क्या कुछ टीटी का भी रहता है? मौसम: टीटी को तो देना पड़ेगा भाई, इसीलिए तो कुछ नहीं कहेगा वो। रिपोर्टर: वही तो…। मौसम: टीटी को मैं 300 रुपए दूंगा, टीटी चुप हो जाएगा, कुछ नहीं कहेगा। 300 रुपए उसके हो जाएंगे और 300 मेरे हो जाएंगे। टीटी तो 500 रुपए ले लेगा, 1000 रुपए ले लेगा। जितना चाहे उतना ले लेता है। अब हमने प्रयागराज डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (14116) ट्रेन पकड़ी। ये प्रयागराज से आ रही थी। हमने ललितपुर तक का जनरल टिकट लिया और B2 कोच में चढ़ गए। इस ट्रेन में हमने 6 घंटे सफर किया। यहां हमारी मुलाकात अटेंडर धर्मेंद्र से हुई। उसने भी 700 रुपए रिश्वत लेकर बर्थ देने की बात कही। रिपोर्टर: टीटी नहीं है क्या? धर्मेंद्र: कहां जाएंगे? रिपोर्टर: मुझे जाना है, ललितपुर…। धर्मेंद्र: ललितपुर? रिपोर्टर: हां, खजुराहो स्टेशन के आगे। धर्मेंद्र: जनरल टिकट है? रिपोर्टर: हां। धर्मेंद्र: 700 रुपए लगेंगे। रिपोर्टर: कितना? धर्मेंद्र: 700 रुपए। धर्मेंद्र से हुई बातचीत से साफ हो गया कि वो 700 रुपए लेगा। रुपए कम नहीं करेगा। रसीद भी नहीं मिलेगी। अब हम जानना चाहते थे कि इसमें टीटी का हिस्सा कितना है? इसके जवाब में धर्मेंद्र ने कहा कि उसे केवल 50 रुपए टीटी से और 50 रुपए यात्री से मिलते हैं। धर्मेंद्र: अगर टीटी बनाएगा, तो इससे ज्यादा बना देगा… बोलो…? रिपोर्टर: 700 रुपए बहुत हैं बाबूजी… यह टिकट है हमारे पास। धर्मेंद्र: टिकट की बात छोड़ो। रिपोर्टर: टिकट जनरल का है। धर्मेंद्र: टीटी फाइन-वाइन सब जोड़ेगा। रिपोर्टर: 700 रुपए लेंगे, तो क्या उसमें रसीद भी देंगे? धर्मेंद्र: टीटी आएगा, तो रसीद कटवा लीजिएगा। रिपोर्टर: अगर कुछ कम हो जाए, तो कर दीजिए… जो जैसा सिस्टम हो? धर्मेंद्र: हमें वह 50 रुपए देगा… साफ बात है। अब 50 रुपए में हम तुमको क्या कम कर दें? सिर्फ खाने का दाम 100-200 रुपए यहां से वहां तक में मिल जाता है। यह आप भी जानते हो। खाना ट्रेन में मनाएंगे तो 300 से कम नहीं मिलेगा। उसमें आप क्या कम करवाएंगे भाई? ललितपुर, खजुराहो के बाद आएगा ना? रिपोर्टर: हां, अगर ललितपुर तक ना हो तो खजुराहो तक ही हो जाए। खजुराहो के बाद एक ही स्टेशन तो बचता है, ललितपुर। धर्मेंद्र: भैया, 1 बचे या 1 किलोमीटर बचे? रिपोर्टर: अगर खजुराहो से बुक हो सीट तो आप हमें खजुराहो तक दे दीजिए। फिर वहां से हम खड़े-खड़े ललितपुर चले जाएंगे। धर्मेंद्र: अरे, हम बैठने की जगह दे देंगे। जब टीटी आएगा, फाइनल कर देगा, तभी तो हम कुछ नहीं कहते। अभी वह आएगा, फाइन-वाइन बनाकर आपको दे देगा तो। पहली चीज तो आप एसी डिब्बे में चढ़े हैं। यहां फाइन ज्यादा बनेगा। हमने जब भी रुपए कम करने की बात की, अटेंडर धर्मेंद्र ने फाइन काटने की धमकी दी। इससे हम समझ गए कि वो 700 रुपए ही लेगा। अब हम जानना चाहते थे कि क्या इसकी रसीद दी जाती है? इसके जवाब में धर्मेंद्र ने बताया कि आधे की रसीद कटेगी। 700 रुपए में एक सीट, क्या पूरी फैमिली लेकर चलोगे? रिपोर्टर: अगर 700 रुपए दे दिए जाएं तो फिर फाइन नहीं कटेगा? धर्मेंद्र: नहीं, कोई फाइन नहीं…। रिपोर्टर: क्या सीट यही वाली मिलेगी या अंदर वाली? धर्मेंद्र: मिल जाएगी… पहले देखेंगे… जहां जगह खाली रहेगी, वहां मिलेगी। अगर यहां जगह नहीं मिलेगी तो आगे बैठा देंगे। और क्या कर सकते हैं? रिपोर्टर: हम 2 लोग हैं? धर्मेंद्र: एक की बात हो रही है। पता चले 700 रुपए में पूरी फैमिली लेकर चलोगे क्या? रिपोर्टर: एक सीट तो दे देंगे आप? धर्मेंद्र: देखिए, मान लीजिए अभी बोर्डिंग नहीं देखा जाएगा, तो जगह कैसे मालूम चलेगी? जगह तो दे देंगे, बोलो फिर… नहीं तो दरवाजा लॉक करें? रिपोर्टर: लॉक करिए, फिर आप हमको सीट बता दीजिए कौन-सी है? धर्मेंद्र: लेटना हो तब बता देना। ये पूरा एसी है, कंबल बिछा देंगे और चादर दे देंगे। आराम से लेटे-लेटे चले जाओ। रिपोर्टर: इस तरह ना दीजिए सीट… बढ़िया प्रॉपर सीट दीजिए। धर्मेंद्र: इसमें बढ़िया लेटे रहेंगे। यह पूरा चैंबर एसी है… बोलिए? रिपोर्टर: अंदर व्यवस्था बनवा दो। धर्मेंद्र: इस सीट में ऊपर बैठ जाओ… इसलिए कि हम उनके खिलाफ न जाएं भाई। साफ बात है, हमको आपसे और उनसे 100 रुपए मिलना है, दोनों से 50-50 रुपए। देखो सामने जो बैठे हैं… ये भी दे दिए हैं। जो मिलना है, वह मिलेगा। बिल्कुल साफ बात है, व्यवस्था हम सब कर देंगे। अटेंडर धर्मेंद्र की बातों से हम समझ गए कि वह रुपए के लालच में अपनी सीट लोगों को दे देता है। लेकिन, एसी कोच में सफर कर रहे लोगों सुरक्षा की उसे बिल्कुल भी चिंता नहीं। इसलिए उसने पहचान आईडी तक नहीं मांगा। क्या ये सब टीटी की मर्जी से होता है? इसके जवाब में धर्मेंद्र ने बताया कि टीटी को सब पता रहता है। धर्मेंद्र: वे लोग जैसे टिकट बनाएं, मान लीजिए 50-50 रुपए मिल गया। यहीं हमारा काम खत्म हो जाता है। दो-चार टिकट का इधर से मिल जाता है, दो-चार टिकट का उधर से मिल जाता है। सुबह के निकले हैं, तीन दिन लग जाते हैंं। रिपोर्टर: अंबेडकर नगर ट्रेन कहां से चलती है? धर्मेंद्र: प्रयागराज से चलती है। वहां (डॉ. अंबेडकर नगर) कल पहुंचेगी, सुबह 10:30 बजे। फिर सुबह 11:30 वहां से चलेगी। रिपोर्टर: बैठ तो जाएं, अगर टीटी साहब आएंगे तो क्या बताएंगे? धर्मेंद्र: कोई कुछ नहीं कहेगा, हम यहां से अगले दरवाजे तक मिल जाएंगे। हमारी इसी कोच में ड्यूटी है। टीटी आएगा, तभी पैसा देना, टेंशन की बात नहीं है। आपको मालूम है, टीटी दूर से नजर रखता है कि डिब्बे में कौन चढ़ रहा है। टीटी को सब पता रहता है, किसके पास टिकट है… किसके पास नहीं। इसी तरह हमारे पास भी रिकॉर्ड रहता है। हम लोगों के पास भी लिस्ट आ जाती है, लेकिन बिना पूछे काम नहीं करते। रिपोर्टर: यह लिस्ट टीटी भेजता होगा? धर्मेंद्र: यह देखो… लिस्ट आ गई है। इसमें तीन लिस्ट हैं। ट्रेन 14116 है ना देखो… लिस्ट आ गई… देखो, यह कितने नंबर सीट है? रिपोर्टर: यह 8 है, नीचे वाली 7 है। धर्मेंद्र: आप बैठिए, आगे-पीछे करना हमारा काम है। आपको एडजस्ट कर देंगे। टीटीई-अटेंडर गड़बड़ी कर रहे, तो कार्रवाई करेंगेहमने ट्रेनों में हो रही गड़बड़ियों की सूचना प्रयागराज रेल मंडल के डीआरएम रजनीश अग्रवाल को दी। मंडल के PRO अमित कुमार सिंह ने बताया- हम तो ये जानते हैं कि किसी भी गाड़ी में आजकल सीट मिल ही नहीं रही। यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा और नियमों का ध्यान रखना चाहिए। वे बगैर टिकट यात्रा न करें। अपनी सीट पर किसी अपरिचित को जगह न दें। यात्री हमें सूचना दें, सख्त कार्रवाई की जाएगी हमने अटेंडर के पैसा लेने की जानकारी झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार को दी। पीआरओ ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PWD में कागजों में कंडम गाड़ियां दौड़ाने वाला JET सस्पेंड, भास्कर इन्वेस्टिगेशन के बाद एक्शन यूपी में PWD की कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को कागजों पर दौड़ाने वाले जिम्मेदार अफसरों पर बड़ा एक्शन हुआ है। दैनिक भास्कर के इन्वेस्टिगेशन के बाद विभाग ने JET अनिल वर्मा को सस्पेंड कर दिया। वहीं ,एक्सईएन रंजीता प्रसाद समे दो अफसरों पर कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। पढ़ें पूरी खबर
सोनीपत जिले में पटवारी-कैंटीन संचालक की रिश्वतखोरी मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जहां सरकारी फाइल पास कराने के बदले मांगी गई रिश्वत को लेने के लिए महिला पटवारी ने सीधे पैसे न लेकर एक कैंटीन संचालक को माध्यम बनाया हुआ था। दोनों में तय हुआ था कि आने वाली हर रिश्वत में से 10 प्रतिशत कमीशन कैंटीन संचालक को मिलेगा। सेंटिग होने के बाद ये पहला ही मामला था। इसी कमीशन के खेल में एंटी करप्शन ब्यूरो ने महिला पटवारी और कैंटीन संचालक दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। यहां जानिए पूरा मामला एसीबी सोनीपत के अनुसार गांव सिसाना के अनिल का 450 गज का पंचायती प्लॉट है, जिस पर उसके परिवार के दादा लाई पिछले करीब 25 वर्षों से कब्जा चला आ रहा है। हरियाणा सरकार की मालिकाना हक योजना के तहत 20 वर्ष या उससे अधिक समय से काबिज व्यक्ति निर्धारित शुल्क जमा कराकर जमीन की रजिस्ट्री करवा सकता है। इसी योजना के तहत अनिल ने सभी दस्तावेज तैयार कराकर फाइल जमा करवाई थी। फाइल पास करने के मांगे ₹25 हजार आरोप है कि खरखौदा ब्लॉक में पिछले तीन साल से तैनात महिला पटवारी सुदेश ने फाइल पास करने के बदले ₹25 हजार की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता द्वारा रकम कम करने की बात कहने पर सौदा ₹20 हजार में तय हुआ। रिश्वत न मिलने के कारण पटवारी ने कई महीनों तक फाइल को जानबूझकर रोके रखा। फाइल निकालने का दिया था भरोसा शिकायतकर्ता के अनुसार पटवारी सुदेश ने साफ कहा था कि जैसे ही रिश्वत की रकम मिल जाएगी, फाइल तुरंत निकाल दी जाएगी और मालिकाना हक से जुड़ी आगे की कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी। कैसे संपर्क में आए पटवारी और चाय वाला…कैंटीन से शुरू हुई डील: डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिस खरखौदा में करीब चार महीने पहले कृष्ण चंद नामक व्यक्ति ने कैंटीन शुरू की थी। वह कार्यालय में आने-जाने वाले कर्मचारियों और आम लोगों को चाय पिलाता था। सरकारी काम से परेशान लोग जब चाय पीने बैठते, तो वह अक्सर कह देता था कि “बिना पैसे के कहीं काम नहीं होता। इसी दौरान सिसाना गांव का किसान अनिल भी कई बार दफ्तर के चक्कर काट चुका था। काम न होने पर जब वह कैंटीन में बैठा, तो कृष्ण चंद ने पटवारी से काम करवाने की बात कही। जिसके चलते सिसाना का अनिल खुद महिला पटवारी से जाकर मिला और इस दौरान ही पटवारी ने पीडित से 25 हजार की डिमांड की थी। 10% कमीशन पर रिश्वत की डील तय जानकारी के मुताबिक कैंटीन संचालक कृष्ण चंद और पटवारी सुदेश के बीच टोटल आने वाले रिश्वत के पैसे में से 10 परसेंट कमीशन देने की सेटलमेंट हुई थी। पटवारी सुदेश ने कहा था कि जो भी पैसा मेरे कहने से आपके पास पहुंचेगा, तो उसका 10% आप रख लेना और बाकी का पैसा मुझे दे देना। इसको लेकर चाय वाले कैंटीन संचालक में सहमति बन गई थी और उसी को लेकर यह पहला रिश्वत का मामला कैंटीन वाले ने डील किया था। महिला पटवारी ने कृष्ण चंद को अपनी रिश्वत का पैसा लेने का माध्यम इसलिए भी चुना था, क्योंकि उम्र दराज होने के चलते कैंटीन संचालक पर कोई शक नहीं करेगा। पहले ही मामले में खुला राज यह पहला ही रिश्वत का मामला था, जिसमें कैंटीन संचालक ने ₹20 हजार की रकम ली। सोमवार को एसीबी सोनीपत और रोहतक की संयुक्त टीम ने शिकायत के आधार पर पहले कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इसके बाद उसने फोन कर पटवारी सुदेश को बताया कि पैसे आ गए हैं। जैसे ही पटवारी मौके पर पहुंची, एसीबी टीम ने उसे भी रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कैंटीन संचालक कृष्ण चंद के बारे में जानिए कृष्ण चंद गांव सिसाना का रहने वाला है और उसने चार महीने पहले ही डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिस खरखौदा में कैंटीन शुरू की थी। सरकारी कार्यालय में काम करवाने के लिए लोग आते, तो लोग बैठकर चाय पीते थे और पूछते थे कि काम कैसे होगा। इस दौरान लोग थक-हारकर बैठकर चाय पीते, तो कृष्ण चंद खुद उन्हें यह कह देता था कि बिना पैसे कहीं भी काम नहीं होता। कौन है गिरफ्तार महिला पटवारी सुदेश गिरफ्तार महिला पटवारी सुदेश झज्जर जिले के सासरौली गांव की रहने वाली है। उसने एमकॉम और बीएड तक पढ़ाई की हुई है। वर्ष 2017 में उसने सरकारी नौकरी जॉइन की थी। उसकी शादी झज्जर के सुरेती गांव में हुई है और वह पिछले तीन साल से खरखौदा ब्लॉक में तैनात थी। दोनों को कोर्ट में करेंगे पेश- विजिलेंस डीएसपी एसीबी डीएसपी विपिन कादियान ने बताया कि गांव सिसाना के अनिल की शिकायत पर कार्रवाई की गई। रेड का नेतृत्व एसीबी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने किया। पहले कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। उसने पटवारी सुदेश को फोन कर बताया कि पैसे मिल गए हैं, जैसे ही पटवारी मौके पर पहुंची, दोनों को एक साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
करनाल में नशा तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। करनाल के मंगल कॉलोनी इलाके में गांजा बेचने के मामले में दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2020 का है, जिसमें पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया था। 19 जनवरी 2020 को मिली थी नशा बेचने की सूचनापुलिस को 19 जनवरी 2020 को सूचना मिली थी कि मंगल कॉलोनी स्थित एक मकान में नशा बेचा जा रहा है और वहां भारी मात्रा में गांजा मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देने की योजना बनाई और तत्काल कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान महिलाएं और युवक बैग के साथ दिखेजब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो मकान के पास दो महिलाएं और एक युवक नीले-काले रंग का भारी बैग पकड़े खड़े दिखाई दिए। पुलिस को देखकर युवक मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों महिलाओं को काबू कर लिया। डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी की महिलाएं काबूपुलिस पूछताछ में महिलाओं ने अपने नाम डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चंद्रमुखी उर्फ चन्द्रो उर्फ सोमा पत्नी जसमेर सिंह और डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चांदनी देवी उर्फ चन्दा पत्नी बिट्टू बताए। फरार हुए युवक की पहचान डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी बिट्टू पुत्र जसमेर सिंह के रूप में हुई। कानूनी प्रक्रिया के तहत करवाई गई तलाशीपुलिस ने नियमानुसार दोनों महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी और उनकी सहमति के बाद वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर बुलाया गया। अधिकारी की मौजूदगी में बैग की तलाशी ली गई, जिसमें गांजा पत्ती बरामद हुई। 24 किलो 200 ग्राम गांजा बरामदबरामद गांजा पत्ती को इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौला गया, जिसका कुल वजन 24 किलो 200 ग्राम पाया गया। आरोपियों से गांजा रखने से संबंधित कोई भी दस्तावेज या अनुमति पेश नहीं की जा सकी। बरामद नशीले पदार्थ को सील कर कब्जे में लिया गया और आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई। तीनों आरोपियों को किया गया था कोर्ट में पेशपुलिस ने मामले में डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चंद्रमुखी उर्फ चन्द्रो उर्फ सोमा, डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चांदनी देवी उर्फ चन्दा और डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी बिट्टू को साक्ष्यों के साथ अदालत में पेश किया था। मामले की सुनवाई के दौरान चंद्रमुखी और बिट्टू की मृत्यु हो गई। चांदनी देवी को सुनाई गई सजामामले की अंतिम सुनवाई एडिशनल सेशन जज रीतू की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चांदनी देवी उर्फ चन्दा को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश में यह भी जोड़ा कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
हरियाणा में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ते तापमान से थोड़ी राहत मिली है। बादलवाई के कारण तापमान सामान्य बना रहा। प्रदेश के कई जिलों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे अधिकतम तापमान में रोजाना की तुलना में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का अधिकतम तापमान 24C के आसपास बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई है। प्रदेश के 15 जिलों में तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद 11 फरवरी से उत्तर पश्चिमी हवाएं चलेंगी। इससे रात के तापमान में गिरावट देखी जाएगी। वहीं 17 फरवरी के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम को बदल सकता है। एचएयू के कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तापमान गेहूं के लिए अनुकूल बना हुआ है। दिन के तापमान में मामलू बढ़ोतरी वहीं दिन के तापमान की बात करें तो हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान में 0.4C की मामूली वृद्धि देखी गई है। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6C अधिक बना हुआ है। राज्य में आज सबसे अधिक तापमान भिवानी (AWS) में 26.3C दर्ज किया गया। अंबाला में तापमान 23.8C, हिसार 24.4C और गुरुग्राम में पारा 24.8C डिग्री दर्ज किया गया है। सबसे कम अधिकतम तापमान यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज पर 20.1C रिकॉर्ड हुआ। पिछले 24 घंटों में रोहतक में तापमान में सबसे अधिक 2.3C की वृद्धि देखी गई। रात के तापमान में 0.4 डिग्री की गिरावटराज्य में न्यूनतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 0.4C की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, विभाग के अनुसार राज्य में रात का तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। पूरे प्रदेश में सबसे कम तापमान सोनीपत के कैनाल रेस्ट हाउस (सारगथल) में 6.4C रिकॉर्ड किया गया। करनाल 6.8C के साथ काफी ठंडा रहा, जबकि हिसार में 8.0C और रोहतक में 9.0C तापमान दर्ज हुआ। नूंह में तापमान सबसे अधिक 10.9C रहा। तापमान में बदलाव की बात करें तो नूंह के मंदकोला क्षेत्र में सबसे अधिक गिरावट -3.0C तक देखी गई, जबकि नारनौल जैसे क्षेत्रों में सामान्य से 2.7C अधिक तापमान दर्ज किया गया। ।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 25 पहुंचे हैं, जहां से सुनिता संतोष चौखंडे पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है?जवाब: हमारे वार्ड में फिलहाल कोई बड़ी परेशानी नहीं है। अधिकतर काम सुचारु रूप से हो रहे हैं। पहले पानी की किल्लत थी, जो अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। पानी की समस्या हल होने से वार्ड के लोग संतुष्ट हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी गंदे पानी की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन उनमें काफी कमी आई है। जहां ब्लॉक लगाने का काम किया जा रहा है, वहां पहले बोरिंग और नल कनेक्शन की जांच करने के बाद ही ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है?जवाब: जनता की ओर से ज्यादातर छोटी-छोटी शिकायतें आती हैं, जिनमें पानी, ड्रेनेज और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। इन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी कर्मचारियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है। शिकायतें उसी ग्रुप में साझा की जाती हैं, जिसके बाद संबंधित कर्मचारी मौके पर जाकर उनका निराकरण करते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि सुबह मिली शिकायत का समाधान शाम तक कर दिया जाए। सवाल: किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ?जवाब: हमने जो व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है, उससे काफी फायदा मिला है। अब वार्ड के लोगों को शिकायत लेकर सीधे हमारे पास आने की जरूरत नहीं पड़ती। वे अपनी समस्या सीधे व्हाट्सऐप ग्रुप पर बता देते हैं और उसका निराकरण भी समय पर हो जाता है। हमारे कर्मचारी मेहनती और जिम्मेदार हैं, इसलिए अधिकांश काम समय पर पूरे हो जाते हैं। हम नियमित रूप से फीडबैक भी लेते हैं कि कितनी शिकायतें मिली हैं और कितनों का समाधान हो चुका है। इसकी पूरी मॉनिटरिंग की जाती है। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या?जवाब: जब भी पानी की शिकायत आती है, तो संबंधित क्षेत्र के नल कनेक्शन की तुरंत जांच कराई जाती है। यह देखा जाता है कि कहीं पाइपलाइन में लीकेज या डेमेज तो नहीं है। जांच के बाद समस्या का तुरंत निराकरण कराया जाता है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है?जवाब: आगे के काम लगातार जारी रहेंगे। हाल ही में हमारे वार्ड में नया संस्कार भवन बनकर तैयार हुआ है। इसके अलावा संजीवनी क्लीनिक भी शुरू हो चुका है, जो सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। आने वाले समय में भी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा। फिलहाल वार्ड में कोई बड़ा काम लंबित नहीं है। प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समाधान, स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था पर रहेगी।
भोपाल रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज हादसे में रेलवे जिस दलील के सहारे जिम्मेदारी से बचना चाहता था, उसे जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सख्ती से खारिज कर दिया है। रेलवे का तर्क था कि ट्रेन से उतरते ही यात्री की यात्रा समाप्त हो जाती है और स्टेशन की सुविधाएं निःशुल्क होती हैं, इसलिए उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि फुटओवर ब्रिज रेल यात्रियों के लिए अनिवार्य सुविधा है और उसका स्लैब गिरना सीधे तौर पर रेलवे की लापरवाही तथा सेवा में कमी का प्रमाण है। आयोग ने माना कि यात्रियों के उपयोग में आने वाले फुटओवर ब्रिज का न तो सही ढंग से निर्माण किया गया था और न ही समय-समय पर उसका रखरखाव किया गया। यही लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बनी। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल परिवादी खालिद बेग की मृत्यु 19 नवंबर 2023 को हो चुकी है। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल ने यह फैसला सुनाया। रेलवे का तर्क: फुटओवर ब्रिज हमारी जिम्मेदारी नहीं रेलवे की ओर से प्रस्तुत लिखित कथन में कहा है कि परिवाद में दर्ज पीएनआर से संबंधित टिकट, एफआईआर और मेडिकल दस्तावेज रिकॉर्ड का हिस्सा हैं, जिन पर पृथक से जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। रेलवे ने भारतीय रेल अधिनियम की धारा 2(14) का हवाला देते हुए कहा कि किराया केवल यात्री को ट्रेन में यात्रा कराने के लिए लिया जाता है। रेलवे के अनुसार, जैसे ही यात्री अपने गंतव्य स्टेशन पर उतरता है, उसकी यात्रा समाप्त हो जाती है। इसके बाद स्टेशन पर उपलब्ध सभी सुविधाएं निःशुल्क होती हैं। इसी आधार पर रेलवे ने परिवाद को प्रचलन योग्य नहीं मानते हुए उसे खारिज करने की मांग की। रेलवे ने अपने पक्ष में पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक आर.के. पाराशर का शपथपत्र भी प्रस्तुत किया। आयोग की टिप्पणी- जिम्मेदारी से नहीं बच सकता रेलवे आयोग ने रेलवे के पूरे तर्क को अस्वीकार कर दिया। आदेश में कहा गया कि परिवादी रेलवे द्वारा संचालित ट्रेन से यात्रा कर रहा था और रेलवे द्वारा निर्मित फुटओवर ब्रिज से स्टेशन के बाहर निकल रहा था, तभी ब्रिज का स्लैब गिर गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि फुटओवर ब्रिज का उपयोग यात्रियों द्वारा एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तथा स्टेशन से बाहर निकलने के लिए अनिवार्य रूप से किया जाता है। ऐसे में इसका सुरक्षित निर्माण और समय-समय पर रखरखाव सुनिश्चित करना रेलवे का दायित्व है। आयोग ने तीखे शब्दों में कहा फुटओवर ब्रिज का स्लैब गिरना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि न तो ब्रिज का निर्माण उचित सामग्री से किया गया और न ही उसका समय-समय पर रखरखाव किया गया। इसलिए रेलवे अपनी उपेक्षा और दायित्व से मुक्त नहीं हो सकता। आयोग ने स्पष्ट रूप से माना कि यह मामला सेवा में कमी का है। यह थी घटना 13 फरवरी 2020 को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन पर बने फुटओवर ब्रिज से यात्रियों के गुजरने के दौरान अचानक लगभग 1010 वर्गफुट का कंक्रीट स्लैब भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में 10 से 15 यात्री मलबे में दब गए। यात्रियों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों में यात्री खालिद बेग भी शामिल थे। वे संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से काचीगुड़ा (हैदराबाद) से भोपाल पहुंचे थे और ट्रेन से उतरने के बाद परिजनों के साथ प्लेटफॉर्म नंबर-2 से बाहर निकल रहे थे। हादसा उस वक्त हुआ जब गुरुवार सुबह करीब 9:03 बजे संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर आकर रुकी थी। यात्री उतर ही रहे थे कि अचानक जोरदार आवाज के साथ फुटओवर ब्रिज का रैंप टूटकर गिर गया। चीख-पुकार मच गई। कई यात्री मलबे में दब गए, कई लहूलुहान हो गए। चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के वक्त भी ब्रिज पर यात्रियों की भीड़ थी। आरपीएफ, जीआरपी और एनडीआरएफ ने तुरंत राहत-बचाव शुरू किया। एक ही परिवार के सात लोग घायलइस ट्रेन से हैदराबाद से एक ही परिवार के 34 लोग शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे में इसी परिवार के 7 लोग घायल हो गए। सभी पुराने शहर के निवासी बताए गए। घायलों में मंगलवारा छावनी निवासी खालिद बेग भी शामिल थे, जिन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी। लंबा इलाज, फिर मौतआयोग ने माना कि रेलवे की उपेक्षा और लापरवाही से हुई दुर्घटना में परिवादी को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं और रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ। वह लंबे समय तक इलाजरत रहा। हादसे से पहले खालिद बेग मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते थे, लेकिन दुर्घटना के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। हाल ही में उनकी मौत हो चुकी है, जिसने इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट, लंबा और महंगा इलाजहादसे में खालिद बेग के पैर और घुटने के साथ रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ। उन्हें भोपाल के चिरायु अस्पताल सहित कई निजी और सरकारी अस्पतालों में लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा। आयोग ने माना कि रीढ़ की हड्डी की चोटें अत्यंत गंभीर थीं और इलाज में कम से कम 5 लाख रुपए का खर्च प्रमाणित है। हादसे से पहले खालिद बेग फर्नीचर का काम कर हर माह 30 से 40 हजार रुपए की आय अर्जित करते थे, लेकिन दुर्घटना के बाद उनकी शारीरिक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो गई। पांच साल तक चली सुनवाईअधिवक्ता अरुण सिंह राणा ने बताया कि उस दिन खालिद संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से यात्रा कर भोपाल स्टेशन पहुंचे यात्रियों पर प्लेटफॉर्म का छज्जा रेलवे की लापरवाही से गिर गया। हादसे में खालिद बेग अपने पांच रिश्तेदारों के साथ गंभीर रूप से घायल हुए। शुरुआत में रेलवे और रेलवे अस्पताल ने इलाज कराया, लेकिन बाद में हाथ खड़े कर दिए। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण ली गई। करीब पांच साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने रेलवे की लापरवाही मानते हुए 6.25 लाख रुपए और ब्याज देने का आदेश दिया। साथ ही ऐसे मामलों में रेलवे की असंवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े किए। रेलवे को मुआवजा देने का आदेशआयोग ने रेलवे को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 6 लाख 35 हजार रुपए मुआवजा और 3 हजार रुपए परिवाद व्यय अदा करने का आदेश दिया है। तय समय में भुगतान नहीं होने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थायी विकलांगता का प्रमाण पत्र न होने के कारण भविष्य की आय-क्षति का अलग से आकलन नहीं किया जा सका। यह हुए थे उस दिन घायलहादसे में यह हुए घायल आरिफ नगर निवासी नाहिदा जहां (40) पत्नी अजहर खान, उनका बेटा अयान (15), अमान (19) जेल रोड निवासी सलीमउर्रहमान (40), खलीलुर्रहमान (38), मंगलबारा छावनी निवासी खालिद बेग (38), विदिशा, अहीर मोहल्ला निवासी मरियम (20) पत्नी एजाज और विदिशा निवासी अनुपम शर्मा (31) शामिल हैं। इनके अलावा एक और व्यक्ति मामूली घायल हुआ था।
बजट सत्र को लेकर पुलिस मुख्यालय अलर्ट, सभी जिलों से मांगी मामलों की अपडेटेड रिपोर्ट
षष्ठम झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सफल संचालन को लेकर पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर के जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, इकाइयों और जिलों के एसपी को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधिकारियों को अपराध और उससे जुड़े आंकड़ों के मामले में पूरी तरह अपडेट रहने को कहा गया है, क्योंकि सत्र के दौरान किसी भी समय किसी भी बिंदु पर तथ्यात्मक जानकारी मांगी जा सकती है। विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक प्रस्तावित है। मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि विधानसभा में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने का समय सीमित होता है, इसलिए त्वरित सूचना संकलन के लिए प्रत्येक कार्यालय में एक विशेष कोषांग का गठन किया जाए। इस कोषांग में दो पदाधिकारियों को प्रभारी बनाया जाए। साथ ही कोषांग के सभी सदस्यों के कार्यालय व आवास के दूरभाष, मोबाइल नंबर, फैक्स और ई-मेल की जानकारी तत्काल पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। डीजीपी ने विशेष रूप से थाना या पुलिस पिकेट स्थापित करने से संबंधित प्रश्नों पर तथ्यपरक और समीक्षा आधारित उत्तर देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित स्थान पर थाना या पिकेट की आवश्यकता है या नहीं, इसका स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया है। विधानसभा से जुड़े लंबित मामलों की अनुपालन रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश भी जारी किया गया है।
ईडी अधिकारियों पर दर्ज हुए मामले की जांच पर रोक जारी
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई अब 17 को होगी झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को ईडी रांची जोनल ऑफिस के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की सीबीआई जांच को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से उक्त याचिका को रोस्टर के अनुसार दूसरी कोर्ट में लगाए जाने की बात कही गई। ईडी की ओर से इसका विरोध किया गया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में ईडी अधिकारियों पर दर्ज की गई प्राथमिकी के मामले में जांच पर लगी रोक जारी रखी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को तय की है। मालूम हो कि पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से उक्त याचिका की वैधता पर सवाल उठाया गया था। कहा गया कि यह याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है, जबकि ईडी की ओर से सरकार के दावे का विरोध किया गया था। डैम बनाने का निर्देश नहीं दे सकते : हाईकोर्ट झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को सुगाबथान डैम के निर्माण की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक आैर जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के बाद इस मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। कहा, डैम के निर्माण में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा आैर न इस मामले में सरकार को कोई निर्देश देगा। क्योंकि, यह सरकार का नीतगत मामला है। इसके बाद प्रार्थी सांसद निशिकांत दुबे ने याचिका वापस ले ली।
पुलिस ने 21 हजार रुपए इनाम की घोषणा कर 7 घंटे में हटाया पोस्ट
डोरंडा थाना क्षेत्र के डिबडीह स्थित घर के बाहर से लापता नेहा टोप्पो (12 वर्ष) को 6 दिनों बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। लापता बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने की वजह से उसके परिजन परेशान हैं। 6 दिनों बाद सोमवार को लापता नेहा टोप्पो का सोशल मीडिया पर रांची पुलिस ने एक पोस्टर जारी किया। जिसमें लापता बच्ची की फोटो लगाकर पूरा हुलिया बताते हुए एड्रेस भी लिखा गया। पोस्टर के माध्यम से यह भी बताया गया है कि इस बच्ची के बारे में डोरंडा पुलिस को अगर कोई व्यक्ति जानकारी देता है तो उसे 21 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। हालांकि दैनिक भास्कर ने जब इस संबंध में पूछा तो हटिया डीएसपी पीके मिश्रा ने कहा कि रांची पुलिस की तरफ से कोई इनाम नहीं दिया जाएगा। रांची पुलिस ने इनाम की घोषणा नहीं की है। इसके बाद सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट को सिटी डीएसपी केवी रमन ने शाम 7.42 बजे हटा लिया। मालूम हो कि 4 फरवरी को स्कूल से वापस लौटने के बाद बगैर कुछ बताए बच्ची घर से निकल गई, जिसके बाद से अबतक वह वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जिसके बाद पीड़ित परिजनों ने डोरंडा थाना पहुंच कर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद से पुलिस लगातार बच्ची की तलाश कर रही है, लेकिन अबतक सुराग नहीं मिला है।
राजस्थान में अब दिन गर्म होने लगे हैं। यहां तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक ऊपर दर्ज हो रहा है। दिन में तेज धूप रहने से लोगों को हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर समेत 8 शहरों में सोमवार को अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, कुछ शहरों में रात में भी सर्दी अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले 3-4 दिनों तक मौसम साफ रहने और तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो उत्तरी जिलों को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली रही। बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ के इलाकों में सुबह से दोपहर तक हल्के बादल छाए रहे, लेकिन शाम होते-होते यहां भी आसमान साफ हो गया। सोमवार को दिन में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया। बाड़मेर के अलावा जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में 30.6-30.6, फलोदी और जवाई (पाली) में 30.2, डूंगरपुर में 30.1, जालौर में 30 और चित्तौड़गढ़ में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन सभी शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री ऊपर रहा। इन शहरों के अलावा भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 29.3, जयपुर में 27, अजमेर में 28.4, पिलानी में 26.9, सीकर में 27.4, उदयपुर में 29.5, कोटा में 27.9, चूरू में 29.8, गंगानगर में 26.3 और नागौर में 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन सभी शहरों में भी अधिकतम तापमान औसत से 2 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। रात में कम होने लगी सर्दीदिन में तापमान चढ़ने के साथ अब रात में भी तापमान बढ़ने लगा है। इस कारण कुछ शहरों में अब लोगों को रात की तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई। डूंगरपुर में न्यूनतम तापमान 14.9, बीकानेर में 15.3, जैसलमेर में 14.6, जयपुर में 13.7, प्रतापगढ़ में 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यहां अन्य दिनों की तुलना में कल कम सर्दी रही। सबसे ठंडा इलाका पाली रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (टीएडी) उदयपुर मुख्यालय के अधीन संचालित छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में भोजन सामग्री खरीदी को लेकर उठे सवाल अब सिर्फ आरोप नहीं रहे। दस्तावेजी सबूतों के साथ यह मामला करीब 40 करोड़ रुपए के संभावित घोटाले में तब्दील हो चुका है। जुलाई-2025 से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और बारां जिलों में सरकारी नियमों को खुली चुनौती देते हुए बड़े पैमाने पर खाद्यान्न सामग्री की खरीद की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खरीद न केवल बिना टेंडर हुई, बल्कि ऐसे छात्रावास अधीक्षकों से करवाई गई जिन्हें कानूनन खरीद का अधिकार ही नहीं है। सरकारी नियमानुसार किसी भी सरकारी खरीद के लिए संबंधित कार्यालय का उपापन संस्था होना और आहरण-वितरण का अधिकार होना अनिवार्य है। टीएडी के जिला अधिकारियों ने इन नियमों को दरकिनार कर छात्रावास अधीक्षकों से सीधे खरीद करवा दी। बांसवाड़ा जिले में तो मामला और भी गंभीर है। यहां टीएडी उपायुक्त अरुणा डिंडोर ने खाद्यान्न सामग्री की राशि सीधे छात्रावास अधीक्षकों को हस्तांतरित कर दी, जबकि टीएडी आयुक्त के आदेशों में स्पष्ट है कि खाद्यान्न सामग्री की उपापन संस्था स्वयं टीएडी उपायुक्त होती है। उपभोक्ता भंडार की आड़ में निजी संस्था से फर्जी सप्लाई प्रतापगढ़ जिले में तो पूरे सिस्टम की पोल खुल गई, जहां अधिकारियों ने सहकारी उपभोक्ता भंडार से मिलते-जुलते नाम वाली निजी संस्था कांठल प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार (प्रतापगढ़) से बिना किसी टेंडर के पूरे जिले में खाद्यान्न आपूर्ति दिखा दी। सवाल जो मांग रहे जवाब... लापरवाही या मिलीभगत? रजिस्ट्रार के पत्र से पकड़ाई धांधलीअब इस मामले में अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां का गत 30 जनवरी का पत्र सामने आया है। इसने पूरे मामले को विस्फोटक बना दिया है। कांठल प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार का कार्यक्षेत्र केवल प्रतापगढ़ के वार्ड 25 से 40 तक सीमित है। यह संस्था केवल अपने पंजीकृत सदस्यों को ही सामग्री दे सकती है। इसे किसी भी सरकारी विभाग, छात्रावास या आवासीय विद्यालय को सप्लाई करने का कोई अधिकार नहीं है। यानी इन सबके बावजूद इसी संस्था के नाम से टीएडी छात्रावासों में लाखों रुपए की खाद्यान्न सप्लाई दर्ज कर दी गई। आरटीटीपी नियमों से बचने का खेल, मंत्री के आदेश भी बेअसर दस्तावेज बताते हैं कि अधीक्षकों से हर माह 80 हजार से लेकर 4-5 लाख रुपए तक की खरीद करवाई गई। कहीं एकमुश्त बड़े बिल बनाए गए तो कहीं 10 हजार से कम के कई छोटे बिल काटकर आरटीटीपी नियमों से बचने की कोशिश की गई। शिकायतों में यह भी गंभीर आरोप है कि बिलों में दर्शाई गई लगभग 50% सामग्री छात्रावासों तक पहुंची ही नहीं, जबकि भुगतान पूरी राशि का किया गया। निर्देशों की पालना नहींबता दें, पहले छात्रावासों में खाद्यान्न आपूर्ति स्वच्छ परियोजना और उपभोक्ता भंडारों के माध्यम से होती थी। आरटीपीपी नियमों की बाध्यता के बाद आपूर्ति रुकी। इसके बाद टीएडी कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने विभाग स्तर पर टेंडर जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए, लेकिन आज तक उन निर्देशों की पालना नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि न टेंडर, न वैकल्पिक व्यवस्था अनधिकृत खरीद और फर्जी सप्लाई का पूरा तंत्र खड़ा हो गया। जवाब से बच रहे जिम्मेदारमामले में जब दैनिक भास्कर ने टीएडी कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी और विभाग के अतिरिक्त आयुक्त-प्रथम कृष्णपाल सिंह चौहान से संपर्क करना चाहा, तो बार-बार कॉल के बावजूद दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया।
प्रदेश में श्रद्धा का तरीका बदल रहा है। मंदिर वही हैं, आस्था भी वही है, लेकिन भक्ति अब डिजिटल हो चुकी है। देवस्थान विभाग मंदिरों में ऑनलाइन दान की सुविधा को लगातार विस्तार दे रहा है। नतीजे भी साफ नजर आने लगे हैं। नकद और दान पेटियों के मुकाबले ऑनलाइन दान न सिर्फ आगे निकल चुका है, बल्कि नया ट्रेंड बनता जा रहा है। विभाग ने साल 2019 में ऑनलाइन दान की शुरुआत उदयपुर जिले के ऋषभदेव (केसरियाजी) और गोगाजी (गोगामेड़ी) मंदिर से की थी। अब इस व्यवस्था को और व्यापक बनाते हुए 24 प्रमुख मंदिर व 18 देवी मंदिरों को भी ऑनलाइन दान प्रणाली से जोड़ा गया है। ये है वजह : पारदर्शिता और तत्काल रसीद, इसलिए बढ़ा भरोसा विभाग के अनुसार 2019 से अब तक 32.50 लाख का दान मिला है। इसमें से 27.48 लाख ऑनलाइन आए हैं। आंकड़ा बता रहा है कि श्रद्धालु अब मोबाइल और यूपीआई के जरिए दान देना ज्यादा आसान मानने लगे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वर्ष अब तक 65 हजार का दान पूरी तरह ऑनलाइन रहा है। ये भेंट सालासर हनुमानजी, खाटूश्यामजी, सांवलियाजी, रामदेवरा, ब्रजनिधि, पद्मनाथ सूर्य, गायत्री मंदिर आदि को मिली है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पारदर्शिता, सुविधा और तत्काल रसीद जैसी वजहों से ऑनलाइन दान पर भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों के अनुसार यह दान राशि किसी ट्रस्ट को न देकर इसका उपयोग सीधे राजकीय स्तर पर मंदिरों और तीर्थ स्थलों की जनसुविधाओं के विकास पर किया जा रहा है। यानी श्रद्धालुओं का दान उनकी सुविधा पर ही खर्च हो रहा है।
बड़गांव के लोगों के लिए सोमवार का दिन उत्सव से कम नहीं रहा। वजह थी हाईकोर्ट के आदेश पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक शर्मा की वापसी। तीन महीने की कानूनी लड़ाई के बाद उनकी बहाली को क्षेत्रवासियों ने सत्य की जीत बताया। जैसे ही डॉ. शर्मा बड़गांव पहुंचे, लोगों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। अपने आराध्य की तस्वीर हाथ में लिए वे जब सड़क पर निकले तो लोग उनके आगे-पीछे नाचते-गाते अस्पताल तक पहुंचे। अस्पताल परिसर में ढोल-नगाड़ों के बीचपूर्व सरपंच जमनालाल शर्मा ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। कार्यभार संभालते ही डॉ. शर्मा ने अस्पताल की बिगड़ी स्थिति पर चिंता जताई। बताया कि ओपीडी में पहले रोज करीब 500 मरीज आ रहे थे। अब घटकर 150 रह गए हैं। आईपीडी यानी भर्ती भी 30-50 के मुकाबले 2-3 रह गई है। तीन महीनों से चार्ज नहीं होने के कारण स्टाफ को वेतन तक नहीं मिल पाया। अब मैंपहले की तरह पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता से सेवा करता रहूंगा।
हरियाणा के प्लाटून कमांडर की बेटी लापता:पति के साथ आई थी वृंदावन घूमने, पिता और पति कर रहे तलाश
हरियाणा के हिसार से पति के साथ वृंदावन दर्शन करने आई विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पत्नी के अचानक गायब होने से पति परेशान हो उठा। उसने इसकी जानकारी अपने ससुर को दी। जिसके बाद वृंदावन पहुंचे विवाहिता के पिता ने अपने दामाद के साथ मिलकर तलाश शुरू कर दी। कई घंटे गुजर जाने पर भी जब विवाहिता का पता नहीं चला तो पुलिस से शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर विवाहिता की तलाश शुरू कर दी। हिसार से वृंदावन आए थे पति पत्नी घूमने हरियाणा के फतेहाबाद के रहने वाले बलवंत विश्नोई की बेटी सपना हिसार निवासी पति संजय के साथ 6 फरवरी को वृंदावन घूमने आई थी। पति पत्नी वृंदावन के विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए। वृंदावन आने के दो दिन बाद सपना संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। सपना के अचानक गायब होने से पति परेशान हो गया और उसने इसकी जानकारी अपने ससुराल में दी। चीरघाट के पास से हुई गायब 8 फरवरी को सपना अपने पति संजय के साथ वृंदावन के चीरघाट इलाके में घूम रहे थे। यमुना में वोटिंग करने के बाद जब पति पत्नी चीरघाट से निकलकर बांके बिहारी मंदिर की तरफ बढ़ने लगे इसी दौरान सपना संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। संजय ने सपना की तलाश की लेकिन वह नहीं मिली। उसका फोन भी स्विच ऑफ हो गया। सपना के न मिलने से परेशान संजय ने इसकी जानकारी ससुर को दी। पर्यटन पुलिस ने नहीं की मदद बेटी सपना के गायब होने की जानकारी मिलते ही पिता बलवंत विश्नोई वृंदावन आ गए। जहां उन्होंने संजय के साथ मिलकर सपना की तलाश की। इसके बाद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। सपना के न मिलने से परेशान बलवंत ने डायल 112 पर सूचना दी। जहां से पर्यटन थाना जाने को कहा। देर रात बलवंत अपने दामाद संजय के साथ पर्यटन थाना पहुंचे तो वहां उनको ताला लगा मिला। जहां से वह सोमवार को वृंदावन थाना पहुंचे। जहां पुलिस से शिकायत की। टालमटोल करने का लगाया आरोप वृंदावन कोतवाली पहुंचे बलवंत ने बताया पुलिस उनकी बेटी के मामले में टालमटोल करती रही। कभी फोटो मांगती,कभी पोस्टर बनवाती। कभी चौकी तो कभी थाना भेजा गया। बेटी के गायब होने के करीब 26 घंटे बाद उनकी गुमशुदगी दर्ज की गई। बलवंत ने बताया कि वह सिविल डिफेंस में होमगार्ड प्लाटून कमांडर हैं हरियाणा में। बलवंत ने बताया उनको नहीं पता उनकी बेटी का अपहरण किया है,वह जिंदा है या नहीं उनको नहीं पता। एक साल पहले हुई थी शादी एक निजी कंपनी में सीए के पद पर काम करने वाली 27 वर्षीय सपना की हिसार के रहने वाले संजय से एक वर्ष पहले शादी हुई थी। संजय एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। दोनों पति पत्नी हंसी खुशी रह रहे थे। सपना के गायब होने से संजय गुमसुम है। पिता बलवंत ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वह उसकी बेटी की तलाश में मदद करें।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजिम कुंभ कल्प मेले का आयोजन हो रहा है। मेले में अव्यवस्थाओं को देख राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए अफसर को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि, सरकार की इमेज की धनिया बो रहे हैं। सरकार की बेइज्जती हो रही है। इस दौरान अफसर अगल-बगल झांकते रहे। दरअसल, यह पूरा मामला राजिम कुंभ में परफॉर्म करने आए कलाकारों के खाने और पीने के पानी की व्यवस्था से जुड़ा था। विधायक ने आयोजन में लापरवाही को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी को सख्त चेतावनी दी। विधायक ने कहा कि, अधिकारी हों या इवेंट कंपनी, सरकार की छवि धूमिल करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पत्रकारों और नागरिकों की शिकायत बनी वजह दरअसल, 7 फरवरी को पत्रकारों और आम नागरिकों ने इवेंट कंपनी पर मनमानी, अनावश्यक रोक-टोक और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए थे। इन शिकायतों को लेकर विधायक रोहित साहू से मुलाकात की गई थी। जिसके बाद उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अगले ही दिन 8 फरवरी को अव्यवस्था का एक और गंभीर मामला सामने आया। मुख्यमंच पर प्रस्तुति देने आए कलाकारों को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक बैठाए रखा गया। उन्हें भोजन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। कलाकारों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार की जानकारी मिलते ही विधायक रोहित साहू तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और इवेंट कंपनी को फटकार विधायक ने मौके पर पहुंचकर जिला प्रशासन के अधिकारियों और इवेंट कंपनी के प्रतिनिधियों से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे नाराज हो गए और सभी को कड़ी फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला आस्था, संस्कृति और प्रदेश की पहचान से जुड़ा आयोजन है। इसकी गरिमा से कोई भी खिलवाड़ नहीं कर सकता। श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कलाकारों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कलाकारों को खुद ले जाकर कराया भोजन इसके बाद विधायक रोहित साहू सभी कलाकारों को अपने साथ एक निजी रेस्टोरेंट ले गए और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कलाकारों का सम्मान सर्वोपरि है। इस तरह की लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… जमीन कारोबारी बोला- दुकानदार पठान है, थूककर बेचता है:राजिम कुंभ में ID मांगी, गाली-गलौज, मारपीट की, कार में भाजपा नेता का नेमप्लेट लगाया था छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजिम कुंभ मेले में रायपुर के जमीन कारोबारी ने दुकानदार से गाली-गलौज कर मारपीट की है। उसे कहा कि, ‘ये पठान है, थूककर बेचते हैं।’ अपना आईडी दिखा। लेकिन दुकानकार नहीं दिखा पाया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजिम पुलिस ने शिकायत पर FIR दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य प्रदेश में अगले 2 दिन तेज ठंड नहीं पड़ेगी। इससे टेम्पेरेचर 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। पहाड़ों से जब साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) गुजर जाएगा और बर्फ पिघलेगी तो प्रदेश में सर्द हवाएं फिर से ठिठुरन बढ़ाएगी। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे की माने तो पूरे फरवरी महीने मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिलेगा। फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में सोमवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी। इसलिए बदलेगा मौसममौसम वैज्ञानिक पांडे ने बताया, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, कटनी का करौंदी सबसे ठंडारविवार-सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा कटनी का करौंदी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, दतिया में 8.1 डिग्री, रीवा में 8.3 डिग्री, राजगढ़ में 8.6 डिग्री, उमरिया में 8.8 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.4 डिग्री, मलाजखंड में 9.5 डिग्री और नौगांव में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे कम 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्मभोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहींफरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंडग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसमजबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौरउज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा मंगलवार से शुरू हो रही है। पहला पेपर 12वीं का होगा। पहली बार सभी परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में मोबाइल जैमर लगाए गए हैं, जिससे परीक्षा केंद्र में न तो मोबाइल पर बातचीत हो सकेगी और न ही इंटरनेट का उपयोग किया जा सकेगा। उज्जैन जिले में कुल 40,234 परीक्षार्थियों की बोर्ड परीक्षा की शुरुआत हो रही है। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए 10 निरीक्षण दल गठित किए गए हैं। जिले के 10 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर पृथक से प्रेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। वहीं, कुल 77 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस विभाग द्वारा पुलिस गार्ड तैनात किए गए हैं। 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का पहला पेपर 17 फरवरी से शुरू होगा। सीसीटीवी से करेंगे मॉनिटरिंग कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रश्नपत्र से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। साथ ही जिले के परीक्षा केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा सतत जांच की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और कलेक्टर प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं। वहीं, पर्यवेक्षण कार्य करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति बीईओ के माध्यम से की गई है।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं को लेकर बोर्ड ने इस बार सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8:45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बोर्ड का कहना है कि समय पर परीक्षा प्रक्रिया शुरू कराने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। 7 परीक्षा केंद्र रहेंगे रिजर्व परीक्षा के पहले दिन मंगलवार को कक्षा 12वीं के अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र सुबह 9 बजे से आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा जिले के 84 परीक्षा केंद्रों पर होगी, जिसमें कुल 26,744 विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से प्रारंभ होंगी। इसके लिए 91 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 22,777 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 7 परीक्षा केंद्र रिजर्व रखे गए हैं। यहां रहेगी विशेष नजर बोर्ड और जिला स्तर पर परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में कुल 73 सामान्य, 12 संवेदनशील और 6 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए एमपी बोर्ड द्वारा 16 उड़नदस्तों का गठन किया गया है। इन दलों में जिला प्रशासन, बोर्ड और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। जिले में 91 केंद्रों पर होगी परीक्षा एमपी बोर्ड की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च 2026 तक चलेंगी। जिले में बनाए गए 91 परीक्षा केंद्रों में भितरवार में 10, डबरा में 14, घाटीगांव में 6, मुरार ग्रामीण में 5 और मुरार शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक 56 केंद्र शामिल हैं। इनमें 41 शासकीय और 50 निजी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित एमपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र की जांच अनिवार्य होगी। बिना प्रवेश पत्र किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नकल पर होगी सख्त कार्रवाई परीक्षाओं को नकलविहीन और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जबकि उड़नदस्ते लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धरना प्रदर्शन:बंद के दौरान रैली निकाली, प्रदर्शन किया, पुलिस ने खदेड़ा, दो घायल, नौ हिरासत में
तीन दिन पहले बरड़िया क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में नाराज गोसेवकों ने सोमवार को बारां बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान गोसेवक और अन्य संगठनों के लोग प्रताप चौक स्थित पुलिस चौकी के सामने धरना दे रहे थे। इस दौरान पुलिस ने धरना दे रहे गोसेवकों को लाठी भांजकर खदेड़ा और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान एक किशोर सहित दो जने घायल हो गए। इधर, पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया है। कलेक्टर व एसपी भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने लाठीचार्ज से इंकार किया है। कलेक्टर ने जिले में धारा 163 लागू कर दी है। कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर का कहना है कि घटना को लेकर 6 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी, जिसकी जांच चल रही है। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर कुछ लोग उत्तेजित हो गए थे, इस पर उन्हें वहां से हटाया गया, लेकिन लाठीचार्ज नहीं किया गया। गोसेवकों व हिंदू संगठनों ने सोमवार को बारां बंद का आह्वान किया था। इसके तहत गोसेवकों समेत अन्य संगठनों के लोग सुबह से ही प्रताप चौक पर एकत्रित होने लगे। वे यहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके चलते अधिकांश दुकानें सुबह से ही बंद थीं। इसी दौरान गोसेवकों और बारां डीएसपी के बीच बहस भी हो गई। गोसेवकों ने शहर के बाजारों से होकर रैली निकाली और दोपहर 12 बजे फिर से प्रताप चौक पहुंचे और यहां पुलिस चौकी के सामने धरने पर बैठ गए। वे ज्ञापन देने के लिए कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। तीन घंटे बाद भी कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान एक 12 वर्षीय बालक समेत दो जने घायल हो गए। पुलिस ने 9 गोसेवकों को हिरासत में लिया है।
हरियाणा के पंचकूला में पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़े मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उन लोगों को जांच में शामिल करेगी, जिन्होंने हांसी के बडाला गांव निवासी नवीन से जमीन खरीदी है। नवीन रिश्ते में HSVP के DRO जोगिंद्र शर्मा का भाई है। पंचकूला एसीबी टीम की जांच में सामने आया है कि हांसी के बडाला गांव निवासी नवीन ने 'शाहपुर गांव में पर्ल ग्रुप से जुड़ी 141 कनाल 08 मरले 07 जमीन 16 अक्टूबर 2025 को प्रलेख संख्या 1109 के माध्यम से अपने नाम करवाई थी। जिसके बाद नवीन ने उक्त जमीन को पंचकूला निवासी विशालजीत, राजन गोयल, संजय कुमार सिंगला व पंजाब के सुनाम निवासी मुनीष कुमार के नाम पर चार बराबर में करवा दिया। एसीबी अब इन चारों लोगों से इस जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर जांच में शामिल करके पूछताछ करेगी। DRO ने लगाई अग्रिम जमानतपंचकूला में पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़े रजिस्ट्री घोटाले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के डीआरओ (DRO) जोगिंद्र शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद अब वे एसीबी (ACB) की रडार पर हैं। जोगिंद्र शर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी है। उनकी याचिका पर 11 फरवरी को एडीजे बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में सुनवाई होगी।छुट्टी पर चल रहा DRO पंचकूला के रायपुररानी तहसील के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद से DRO जोगिंद्र शर्मा छुट्टी पर चल रहे हैं। ACB की जांच में सामने आया है कि जिस नवीन के नाम पर पर्ल ग्रुप से जड़ी रजिस्ट्री हुई है, वो उनका रिश्ते में भाई है। एसीबी के सूत्रों के अनुसार यह मामला बेनामी संपति से जुड़ा भी हो सकता है। हांसी के बडाला गांव निवासी नवीन की गिरफ्तारी के लिए भी ACB प्रयास कर रही है। क्योंकि नवीन ने यह जमीन आगे भी रजिस्ट्री होने के एक माह बाद ही बेच दी थी।
चंडीगढ़ सेक्टर-49 इलाके में स्नैचिंग और चाकू मारने के मामले में चंडीगढ़ की जिला अदालत ने नाबालिग आरोपी को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने कहा कि केस में पेश किए गए सबूतों से आरोपी की पहचान और उसकी भूमिका साफ तौर पर साबित नहीं हो पाई। इसी वजह से अदालत ने संदेह का फायदा देते हुए नाबालिग आरोपी को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया। समय पूछने के बहाने वारदात मामल 11 मई 2023 से जुड़ा है, जो थाना सेक्टर-49 में भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 397, 34 और 411 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता हंसराज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 10 मई 2023 की शाम हिमाचल प्रदेश के नूरपुर (कांगड़ा) से बस में चंडीगढ़ आया था। रात करीब 1 बजे वह सेक्टर-43 बस स्टैंड पर उतरा और वहां से पैदल अपने घर सेक्टर-46 की ओर जाने लगा। जब वह सेक्टर-50 और सेक्टर-45 की डिवाइडिंग रोड के पास पहुंचा, तभी पीछे से एक युवक उसके पास आया और उससे समय पूछा। शिकायत के मुताबिक जैसे ही उसने जेब से मोबाइल निकाला, युवक ने मोबाइल छीन लिया। उसी दौरान वहां दो अन्य युवक और एक लड़की भी आ गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसे पकड़ लिया और उसकी जेब से करीब 3000 रुपये नकद, आधार कार्ड, अन्य पहचान पत्र और मोबाइल फोन छीन लिया। जब उसने विरोध किया तो एक आरोपी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद वह किसी तरह मदद लेकर GMCH-32 अस्पताल पहुंचा, जहां उसका इलाज कराया गया। इलाज के दौरान दिए गए उसके बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। जानिए पुलिस ने कोर्ट में क्या कहा शिकायत मिलने के बाद थाना सेक्टर-49 पुलिस ने 11 मई 2023 को FIR नंबर 37 दर्ज की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल के मेडिकल रिकॉर्ड को केस में शामिल किया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाने की कोशिश की। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था। पुलिस का कहना था कि पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर कुछ बरामदगी भी हुई है। इसके अलावा चाकू को भी एक सह-आरोपी के बयान के आधार पर बरामद दिखाया गया। पुलिस ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाकर चालान तैयार किया और केस को अदालत में पेश कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए और दावा किया कि आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका साबित होती है। कोर्ट में पुलिस कार्रवाई पर सवाल हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि शिकायतकर्ता ने आरोपियों की पहचान को लेकर स्पष्ट बयान नहीं दिया। इसके अलावा नाबालिग आरोपी से कोई सीधी बरामदगी भी नहीं दिखाई गई। पुलिस द्वारा कराई गई पहचान प्रक्रिया और सबूतों की कड़ी पर भी अदालत ने सवाल उठाए।
हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जेल सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर को लेकर हुए विवाद के चलते बैरक में बंद दूसरे कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने सिर में नुकीला पत्थर मारकर उसकी हत्या की। जिस समय हत्या को अंजाम दिया गया, उस समय अब्दुल रहमान गहरी नींद में था। नुकीला पत्थर लगने वह चिल्लाया तो सिक्योरिटी बैरक में बंद तीसरे कैदी शोएब रियाज की भी आंख खुल गई। तब अरूण, अब्दुल रहमान पर लगातार वार पर वार किए जा रहा था। उसके सिर से खून की धारा फूट रही थी। डर के मारे रियाज ने शोर मचा दिया। इसके बाद बाहर तैनात जेल स्टाफ और फिर अधिकारी मौके पर पहुंचे। बैरक खोलकर घायल रहमान को जेल के अस्पताल में लेकर जाया गया, जहां डाक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल सूत्रों की माने तो 15 दिन पहले ही तीनों कैदियों को एक साथ सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच अपने-अपने धर्म को लेकर कहासुनी हो रही थी। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में अरुण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही अब्दुल रहमान के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि पता लग सके कि कितने वार उस पर किए गए थे। इसके अलावा हत्यारोपी अरुण चौधरी के बारे में भी चौंकाने वाली बात बताई। पता चला चला कि वह जम्मू जिले के सांबा में 2023 में हुई युवक अक्षय शर्मा की सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल था। गैंगवार में हुई इस हत्या में चार आरोपी शामिल थे, जिनमें अरुण चौधरी भी मुख्य आरोपी था। हत्या के बाद ये चारों अक्षय शर्मा का हाथ काटकर ले गए थे। कैसे की गई अब्दुल रहमान की हत्या, कैसे तैयार किया गया मर्डर में प्रयुक्त् हथियार, हत्या के बाद सिक्योरिटी बैरक का क्या है हाल और अब आगे क्या होगी कार्रवाई? ऐसे ही सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले जानिए कौन है अब्दुल रहमान और कैसे पकड़ा गया… यूपी का रहने वाला, रिक्शा चलाता था, महंगे मोबाइल का शौकीनअब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था। अयोध्या-रायबरेली हाईवे से लिंक रोड पर 5Km अंदर चलकर चमनगंज रोड उसका 650 स्क्वायर फीट का घर है। घर के बाहर चिकन शॉप की दुकान है, जिसे पिता अबू बकर चलाते हैं। गरीबी के चलते सरकार की तरफ से उन्हें अंत्योदय कार्ड मिला है। मां आश्मीन और उनकी तीन बेटियां हैं, जो अब्दुल रहमान से छोटी हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि चार साल से अब्दुल कुचेरा बाजार से किन्हूपुर के बीच ई-रिक्शा चलाता था। उसके पास महंगे मोबाइल थे। वह केवल दसवीं तक पढ़ा था। सोशल मीडिया पर राम मंदिर के वीडियो डालने पर नजर में आयासुरक्षा एजेंसी डार्क वेब पर भेजे जाने वाले कंटेंट को मॉनिटर करती है। भारत से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों में छिपे आतंकियों को डार्क वेब के जरिए ही सूचनाएं भेजी जाती हैं, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो। जनवरी, 2024 में अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद से ही राम मंदिर के कई वीडियो एक खास लोकेशन पर शेयर किए गए। जब सुरक्षा एजेंसियों ने भेजने वाले का IP एड्रेस को सर्च किया, तो जिस लोकेशन पर यह कंटेंट भेजा गया था, वह तो पता नहीं चला। मगर भेजने वाले की लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद की मिली। 2 मार्च 2025 को पकड़ा था, दो जिंदा ग्रेनेड, राम मंदिर के वीडियो मिलेफरीदाबाद में लोकेशन मिलने पर हरियाणा एसटीएफ की मदद से गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसी IB यहां पहुंची। पाली गांव में दबिश दी तो 19 साल के अब्दुल रहमान निवासी मिल्कीपुर, यूपी को पकड़ लिया। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिनको बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया। उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। जांच में पता चला था कि करीब डेढ़ साल से अब्दुल रहमान सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था। सबसे पहले अब्दुल ने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया। टिकटॉक पर बैन लगा तो अब्दुल इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गया। आतंकी अबू सूफियान ने ब्रेनवॉश किया, मंदिर पर हमले से पहले पकड़ा जांच एजेंसियों ने जब उससे पूछताछ की तो मालूम किया कि वह लकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। सूफियान ने ही उसका ब्रेनवॉश किया और आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग दिलवाई। सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे। इन्हें ही लेने अब्दुल रहमान फरीदाबाद आया था। यहां से उसे हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर लेकर 4 अप्रैल को अयोध्या जाना और हमले की वारदात को अंजाम देना था। मगर, इससे पहले ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद फरीदाबाद ही रिपोर्ट दर्ज हुई और 10 दिन के रिमांड के बाद उसे नीमका जेल में भेज दिया गया। तब से वह यहीं बंद था। वीडियो क्रांफेसिंग से उसकी पेशी होती थी। अब जानिए कैसे हुई अब्दुल रहमान की हत्या… सिक्योरिटी बैरक में थी तीन कैदी, एक यूपी, दो जम्मू कश्मीर सेतिंगाव ACP अशोक वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सिक्योरिटी बैरक में केवल तीन ही बंदी थे, एक यूपी का अब्दुल रहमान, दो जम्मू कश्मीर के अरूण चौधरी और शोएब रियाज। रूण चौधरी और शोएब रियाज को एक साथ ही जम्मू कश्मीर से सुरक्षा कारणो के चलते नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। पहले तीनों कैदी अलग-अलग बैरक में थे। मगर, 15 दिन पहले ही तीनों को एक साथ इस सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। राम मंदिर बनने से नाराज था, अरूण से होता था झगड़ाजेल सूत्रों के मुताबिक अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट और अब्दुल रहमान के बीच में राम मंदिर को लेकर 10 दिन से विवाद चल रहा था। राम मंदिर बन जाने से वह अक्सर नाराज रहता था। वह अपने धर्म को ही सबसे ऊपर बताता था। दूसरी तरफ अरुण चौधरी को पता चल गया था कि अब्दुल रहमान ने अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में आकर अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता था। सोते समय मुंह दबाया, सिर पर नुकीले पत्थर से कई वार किएजेल सूत्रों के मुताबिक सोमवार की सुबह 2 से 3 के बीच का समय हो रहा था। उस समय अब्दुल रहमान और शोएब रियाज दोनों सो रहे थे, लेकिन अरुण चौधरी जगा हुआ था। उसने चुपके से अब्दुल रहमान का मुंह दबाया और उसरे सिर के पीछे के हिस्से पर नुकीले पत्थर से कई वार किए। इसी दौरान आवाज सुनकर शोएब रियाज जाग गया और उसने शोर मचाकर बैरक के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मीयों को बुला लिया। 10 मिनट बाद ही जेल अधिकारी भी पहुंच गए। घायल अब्दुल रहमान को जेल अस्पताल में लेकर जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। हत्या के बाद शांत बैठा रहा, पहले ही तैयार कर लिया था हथियारजेल सूत्रों की माने तो हत्या के बाद अरुण शांत बैठा रहा, जबकि शोएब रियाज काफी डर गया था। डर के कारण उसने अरुण को रोकने की कोशिश तक नहीं की। सूत्रों की माने तो राम मंदिर को लेकर रोज-रोज हो रहे विवाद से अरुण काफी खफा हो गया था। इसलिए उसने दिन में ही एक पत्थर को नुकीला बनाकर हथियार बना लिया था। यह पत्थर वह जेल परिसर से ही उठाकर लाया था। उसने इसी नुकीले पत्थर से अब्दुल रहमान पर एक के बाद एक कई वार किए। अब्दुल रहमान की हत्या करने वाले अरुण से जुड़ी 3 अहम बातें… सांबा में अक्षय शर्मा हत्याकांड से चर्चा में आयाअरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। उसका नाम जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के गुड़वाल रामगढ़ में 25 दिसंबर को हुई अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था। यह हत्या गैंगवार के चलते अंजाम दी गई थी। इसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें अतुल चौधरी (ट्रिंडियन रामगढ़), अरुण चौधरी उर्फ अबू जट (आरएस पुरा, जम्मू), साहिल शर्मा उर्फ गिल्का (विजयपुर), राजेश कुमार उर्फ छोटू उर्फ माही धिल्लों (विजयपुर) शामिल थे। हाथ काटकर ले गए थे, इंस्टाग्राम पर लाइव किया थापुलिस के मुताबिक, यह हत्या निर्ममता से की गई थी। अक्षय शर्मा की हत्या के बाद आरोपी उसका हाथ काटकर ले गए थे, जो बाद में श्मशान पड़ा मिला था। हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम किया था, जिससे मामला बहुत सुर्खियों में आ गया था। इसके बाद एक माह बाद ही सांबा पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें से दो को पंजाब के दो आरोपियों अतुल और अरुण को अमृतसर के एक होटल से पकड़ा गया था। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें एक कांस्टेबल भी घायल हो गया था। रिश्वत के आरोप लगा तो फरीदाबाद शिफ्ट किया गयागिरफ्तारी के बाद चारों को कठुआ जेल में भेज दिया गया था। साल 2024 में जेल से ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो लाख लेने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उसे अक्टूबर 2024 में कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। यहीं अब उसने राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी। पुलिस रिमांड पर लेकर अरुण से करेगी पूछताछअब्दुल रहमान की हत्या के मामले में तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने बताया कि इस वारदात के बाद अब अरुण चौधरी और शोएब रियाज को अलग-अलग गया है। पुलिस अब्दुल रहमान के पोस्टमार्टम के बाद अरूण चौधरी को वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके बाद मामले की आगे की कार्रवाही की जाएगी। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… फरीदाबाद जेल में अब्दुल रहमान की हत्या:राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी; हमलावर और अब्दुल एक ही बैरक में थे हरियाणा की फरीदाबाद जेल में बंद अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है। रविवार देर रात जेल में मर्डर केस में बंद अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट नाम के कैदी ने उस पर नुकीली चीज से हमला किया। दोनों को हाई सिक्योरिटी वाली बैरक में एक साथ बंद किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा की नायब सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र से आए 100 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च न करने पर 20 अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई 5 फरवरी को चंडीगढ़ में हुई शहरी निकाय विभाग (ULB) की बजट मीटिंग में की गई, जिसका खुलासा अब हुआ। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारियों से नाराज हो गए, जिसके बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने HCS अधिकारी समेत 20 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट करने के आदेश दिए गए। इस मामले में दैनिक भास्कर एप की टीम ने निकाय मंत्री विपुल गोयल से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई। तत्कालीन डायरेक्टर जयदीप कुमार का भी नाम जिन अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश दिए गए हैं, उनमें स्वच्छता मिशन के तत्कालीन स्टेट मिशन डायरेक्टर HCS अफसर जयदीप कुमार का नाम भी शामिल है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, शहरी निकाय विभाग की बजट मीटिंग में विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष बजट खर्च न कर पाने का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। CM के सवाल पर सभी अधिकारी चुप रहे सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जब अधिकारियों से पूछा कि स्वच्छता मिशन के तहत अभी तक करोड़ों रुपए क्यों बचे हुए हैं और इस बजट को खर्च करने के लिए अब तक योजना क्यों नहीं तैयार की गई, तो मीटिंग में स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर और निकाय विभाग के जॉइंट डायरेक्टर कंवर सिंह सहित अन्य अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। अब कार्रवाई के आदेश होते ही योजनाएं बनाने में तेजी आ गई है। 342 करोड़ का बजट मिला था 2025 में हरियाणा राज्य को स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के लिए कुल ₹342 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। यह बजट केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा अप्रूव्ड एनुअल इम्प्लीमेंटेशन प्लांस (AIP) और स्पेसिफिक प्रोजेक्ट्स पर आधारित था। अधिकारी चुप, मंत्री ने जवाब नहीं दिया CM की नाराजगी और मंत्री के एक्शन के बाद से सभी विभाग के सभी अधिकारी चुप हैं। कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इस मामले में मंत्री विपुल गोयल के मोबाइल नंबर 98110***** पर कॉल की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद उन्हें मैसेज छोड़ा गया, लेकिन उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया। अब जानिए क्या है स्वच्छ भारत मिशन…. 2 अक्टूबर 2014 को शुरुआत हुई स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार की एक प्रमुख राष्ट्रीय योजना है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर की थी। इस अभियान का उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना, खुले में शौच की प्रथा को खत्म करना और लोगों में स्वच्छता को लेकर व्यवहार में बदलाव लाना था। हर घर में शौचालय बनाने का लक्ष्य इस मिशन के तहत गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण किया गया और सफाई को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की गई। स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य लक्ष्य हर घर में शौचालय उपलब्ध कराना और उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित करना रहा। इसके अलावा, कचरे को ठीक से संभालने, गीले और सूखे कचरे को अलग करने, और कचरे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
गुरुग्राम में सोहना-तावड़ू रोड पर अरावली की पहाड़ियों में मृत मिले शगुन कुमार की मौत के मामले में परिवार की ओर से एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ समय से शगुन अपनी मां और रिश्तेदारों से कहा करता था, मैं अपनी पसंद की लड़की से लव मैरिज करूंगा। 14 जनवरी को जब वह घर नहीं लौटा तो परिवारवालों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। बार-बार कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर परिवार ने यही सोचा कि वह किसी लड़की के साथ चला गया है। इसी वजह से परिवार ने न तो उसकी तलाश की और न ही पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार यही सोचता रहा कि हो सकता है कि वह शादी के बाद लौट आए। 8 फरवरी को उसका शव बरामद हुआ। हालांकि, परिवार को यह नहीं पता कि शगुन के किस लड़की से प्रेम संबंध थे। जानिए जंगल में किस हालात में मिला कंकाल, पुलिस को क्या लग रहा 24 दिन बाद जंगल से कंकाल मिला शगुन मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के जटीयाणा शाहपुर गांव का रहने वाला था। वह कई साल से सोहना की नहर कॉलोनी में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था। शगुन के चाचा मुकेश ने बताया कि परिवार ने सोचा था कि शगुन अपनी पसंद की लड़की के साथ कहीं चला गया है। परेशानी का कारण नहीं बताया था चाचा ने कहा कि गुन पिछले कुछ समय से परेशान रहता था, लेकिन कारण किसी को नहीं पता। शव कई दिनों तक जंगल में पड़ा रहा, जिसे जंगली जानवरों ने नोच-खा लिया। केवल सिर और हड्डियों का ढांचा बचा मिला। पुलिस ने शव को समेटकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने विसरा और अन्य जरूरी सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए। सुसाइड-मर्डर दोनों एंगल पर जांच जांच अधिकारी सतबीर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सटीक कारण और समय पता चलेगा। पुलिस स्थानीय निवासियों, सहकर्मियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। आत्महत्या और हत्या दोनों की संभावनाओं पर जांच की जा रही है। 3 सवाल…लापता होने से पहले बाइक बेची, पैसा एडवांस क्यों लियामौत से पहले बाइक बेची: शगुन ने अपनी मौत से कई दिन पहले ही अपनी बाइक बेच दी थी। परिवारवालों ने वजह भी पूछी, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं दिया। परिवार को इसका पता था, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे लव अफेयर से जोड़कर चुप्पी साध ली। मालिक से 10 हजार रुपए लिए: शगुन सोहना के एक केले के गोदाम में नौकरी करता था। लापता होने से पहले उसने मालिक से 10 हजार रुपए लिए थे, जबकि उससे पहले बाइक भी बेची थी। उसको रुपयों की जरूरत कहां पड़ी, इसका जवाब परिवार के पास नहीं है। मोबाइल और सुसाइड नोट गीला: पुलिस को उसकी जेब से एक मोबाइल और चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। दोनों ही गीले पाए गए हैं। मोबाइल ऑन नहीं हो रहा है। पुलिस इसे ऑन करवाएगी। मोबाइल और सुसाइड नोट को डीकोड के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। 3 पॉइंट में उलझी शगुन की डेथ मिस्ट्री जानवरों ने नष्ट किए सबूत: पुलिस का अनुमान है कि शव लगभग 24 दिन जंगल में पड़ा रहा। इस दौरान जंगली जानवरों ने उसे घसीटा और मांस खाया। शरीर में हड्डियां दिख रही थीं और मांस के टुकड़े बिखरे हुए थे। इससे फोरेंसिक जांच में हत्या की वजह का पता लगाना मुश्किल हो गया है। यदि हत्या हुई थी, तो संघर्ष के निशान, गला दबाने या मारपीट के सबूत जानवरों ने नष्ट कर दिए होंगे। सुसाइड नोट पर संदेह: लाश के पास से मिला सुसाइड नोट फटा और गीला मिला है। जिसकी स्याही बह गई है। इसे पढ़ना मुश्किल है। फोरेंसिक एक्सपर्ट इसे डीकोड करेंगे। अगर नोट फर्जी या प्लांटेड निकला तो मजबूत एंगल बन सकता है। परिवार और परिस्थितियां संदिग्ध: 24 दिन तक कोई गुमशुदगी रिपोर्ट नहीं करवाई गई। शगुन ने पैसे निकाले, बाइक भी बेची, लेकिन परिवार चुप रहा। इस मामले में अन्य किसी के भी शामिल होने की संभावना है। शव भी संदिग्ध हालत में पड़ा मिला है।
लुधियाना में 9 साल का बच्चा लापता हो गया। परिवार पुलिस के पास मदद मांगने गया तो उन्हें 4 थानों के चक्कर कटवाए गए। फिर धरना दिया तो पुलिस ने कंप्लेंट ली। बच्चे की तलाश हुई तो 3 दिन बाद उसकी गला रेती हुई लाश मिली। इसके बाद भी पुलिस कातिल को ढूंढने में ज्यादा एक्टिव नहीं दिखी तो परिवार ने ही उसे ढूंढ निकाला। परिवार को ये कामयाबी एक CCTV फुटेज से मिली। जिसमें आरोपी का हुलिया देखकर परिजन उसे आसपास के मोहल्लों में ढूंढते रहे। रविवार, 8 फरवरी की रात परिवार ने उसे ढूंढकर पुलिस को बताया। फिर पुलिस ने उसका रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि आरोपी भी नाबालिग है। वह पुलिस की कस्टडी से फरार हो चुका है। हालांकि जब तक पुलिस उसे पकड़ने के लिए रेड करने पहुंची तो वह फरार हो गया। अब पुलिस उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। लुधियाना के ADCP समीर वर्मा का कहना है कि आरोपी की पहचान हो चुकी है। उसे पकड़ने के लिए रेड कर रहे हैं। जल्द अरेस्ट कर लेंगे। हत्यारे तक कैसे पहुंचा परिवार… जानिए कौन है हत्या का आरोपी… अब पढ़िए बच्चे के परिजनों ने क्या कहा… डॉक्टर बोले- सांस की नस कटी तो मौके पर मौत हुईपोस्टमॉर्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड में डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. पवन और डॉ. अभयदीप शामिल थे। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर पर सिर्फ एक गंभीर चोट पाई गई। तेजधार हथियार से गला रेता गया था, जिससे सांस की नस कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। शरीर पर जोर-जबरदस्ती के कोई निशान नहीं मिले हैं। बच्चे के कत्ल को लेकर इन 4 सवालों के जवाब का इंतजार है 1. क्या बच्चा आरोपी को जानता था, वह उसके साथ क्यों गया या फिर आरोपी पतंग या किसी अन्य लालच से उसे अपने साथ ले गया? 2. आरोपी ने बच्चे को ले जाकर 2 दिन कहां रखा। बच्चे की हत्या उसे किडनैप करने के तीसरे दिन की गई थी? 3. आरोपी ने बच्चे की हत्या क्यों की, आखिर उसकी बच्चे या उसके परिवार से कोई रंजिश थी?
मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। इस साल करीब 7 लाख स्टूडेंट्स कक्षा 12वीं के फाइनल एग्जाम देंगे। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की गई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। 12वीं बोर्ड- 10 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से स्कूलों को कहा है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। 8:30 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री इधर, सोमवार शाम तक भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) इनविजिलेटरों की ड्यूटी लगा रहे थे। DEO एनके अहिरवार ने कहा कि परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।परीक्षा की पूरी तैयारी हो गई हैं।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में खरीदारी में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। यह मामला साल 2022 से 2025 के बीच हृदय रोगियों के लिए खरीदे गए पेसमेकर और स्टेंट से जुड़ा है। आरोप है कि इस तीन वर्ष की अवधि में इन जीवनरक्षक उपकरणों की खरीद बिना नियमित निविदा प्रक्रिया अपनाए की गई। इसके लिए 10 करोड़ खर्च किए, जबकि, उपकरणों की कीमत 5 करोड़ ही थी। जानकारी के अनुसार, हॉस्पिटल प्रशासन ने पेसमेकर की खरीद के लिए दो बार औपचारिक रूप से टेंडर प्रक्रिया तो शुरू की, लेकिन हर बार तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए निविदाएं निरस्त कर दी गईं। पहले 28 फरवरी 2024 को टेंडर संख्या-37 जारी किया गया। इसमें पांच फर्मों ने आवेदन किया, पर इसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद 16 नवंबर 2024 को टेंडर संख्या-57 निकाला गया। इसमें चार फर्मों ने भाग लिया। लेकिन, इसे भी तकनीकी कमियों के आधार पर रद्द कर दिया गया। आखिरी में 5 मई 25 को टेंडर संख्या-6 जारी कर बोस्टन साइंटिफिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृत कर दिया। 2022 से दिसंबर 2025 के बीच 3600 स्टेंट बिना टेंडर के खरीदे गए। इन पर 8 करोड़ 50 लाख खर्च हुए। हर स्टेंट की कीमत 23 हजार 625 रुपए रही। यदि इन्हें निविदा से खरीदते तो आधी कीमत यानी साढ़े चार करोड़ में यह खरीद संभव थी। 180 पेसमेकर व 3600 स्टेंट की खरीद में गड़बड़ी इस बीच, 2022 से 2025 तक करीब 180 पेसमेकर बिना टेंडर के खरीदे गए। इनपर 2 करोड़ 17 लाख 80 हजार खर्च किए। प्रति पेसमेकर की कीमत 1 लाख 21 हजार चुकाई गई। यदि समय रहते निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाती तो यही पेसमेकर 1 लाख 6 हजार रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदे जा सकते थे। इससे सरकार को करीब 27 लाख रुपए की बचत हो सकती थी। खरीद के लिए स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस की प्रक्रिया को बनाया आधार: स्टेंट की बिना टेंडर के खरीद के लिए राजस्थान स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी की प्रक्रिया को आधार बनाया गया। ताकि, खरीद की प्रक्रिया पर सवाल न उठे। यह खरीद मैसर्स एसके सोल से की गई। इसके बाद तीन सदस्यीय समिति गठित कर एस इंडिया कार्डियोपैथी और राधे नामक फर्म से भी स्टेंट खरीदे गए। “आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विपिन माथुर का कहना है कि शिकायत के आधार पर डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा चुकी है। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता नहीं पाई गई।”
प्रदेश में पेयजल सप्लाई के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) का काम अब बड़ी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है, ताकि चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता स्तर पर मॉनिटरिंग संभव हो सके। पूरे जिले की जिम्मेदारी एक ही कंपनी को देने से कॉल सेंटर और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था सेंट्रलाइज्ड होगी। अब तक पंप हाउस और टंकियों के अनुसार अलग-अलग ठेकेदारों और कंपनियों को काम दिया जाता था, जिससे एईएन और एक्सईएन स्तर पर निगरानी होती थी। नई व्यवस्था में एक जिले की पूरी पेयजल सप्लाई एक ही कंपनी के जिम्मे होगी। इसके लिए विभाग लगातार बैठकें कर पॉलिसी को अंतिम रूप दे रहा है। नई पॉलिसी में अदाणी वाटर लिमिटेड, एलएंडटी प्रा. लि. और जीवीपीआर जैसी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। विभाग का फोकस गर्मियों में शिकायतों का समय पर समाधान है। हर घर तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी। नए सिस्टम से यह होगा फायदा विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था पेयजल सप्लाई को केवल तकनीकी व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिक सेवा के रूप में मजबूत करेगी। सप्लाई की निरंतरता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता तय होगी। एक ही एजेंसी को पूरी जिम्मेदारी मिलने से जवाबदेही तय होगी और लापरवाही की गुंजाइश कम होगी। पॉलिसी में परफॉर्मेंस आधारित भुगतान और दंड का प्रावधान रहेगा, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर और मानक गुणवत्ता का पानी मिल सकेगा। ओएंडएम पॉलिसी पर जिला स्तर पर मंथनसोमवार को ओएंडएम पॉलिसी को लेकर प्री-टेंडर स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें चीफ इंजीनियर मनीष बेनीवाल, केडी गुप्ता, नीरज माथुर, राज सिंह चौधरी, आरके मीणा, देवराज सोलंकी सहित अन्य इंजीनियर मौजूद रहे। कॉन्फ्रेंस में अदाणी वाटर लि., एलएंडटी प्रा. लि., जीवीपीआर सहित राज्यभर के बड़े और छोटे स्टेकहोल्डर्स, फर्म्स, कंसल्टेंट्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट शामिल हुए। प्रस्तावित ओएंडएम पॉलिसी फ्रेमवर्क पर सुझाव और अनुभव साझा किए गए। छोटे ठेकेदारों का विरोध नई व्यवस्था के प्रस्ताव के साथ ही छोटी स्कीमों का ओएंडएम ठेका संभालने वाले ठेकेदारों का एक गुट विरोध में उतर आया है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था से बड़ी कंपनियों को ही काम मिलेगा, जिससे छोटे ठेकेदार बेरोजगार हो जाएंगे।
लगभग वही सुबह का वक्त, वही जयपुर-अजमेर रोड और वही भांकरोटा इलाका,… मगर भगवान का शुक्र है बच गए। एक साल पहले डीपीएस कट पर एलपीजी टैंकर हादसे ने कई जिंदगियां छीन ली थीं, जबकि सोमवार तड़के नरसिंहपुरा पुलिया पर पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से बड़ा अग्निकांड होने से बच गया। सोमवार सुबह करीब 4:45 बजे नरसिंहपुरा पुलिया पर 30 हजार लीटर मिथाइल अल्कोहल से भरे टैंकर के कंडक्टर साइड के टायरों में घर्षण से आग लग गई। कुछ ही पलों में लपटें उठने लगीं। सूचना मिलते ही भांकरोटा थानाधिकारी श्रीनिवास जांगिड़ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और फायर फाइटर बनकर मोर्चा संभाल लिया। पुलिस ने बिना समय गंवाए हाईवे पर दोनों ओर के वाहनों को काफी दूर ही रोक दिया, जिससे लोग और वाहन खतरे के दायरे में नहीं आए। टैंकर गुजरात के कांडला से 30 हजार लीटर मिथाइल अल्कोहल भरकर भिवाड़ी जा रहा था। अजमेर से जयपुर की ओर आते समय नरसिंहपुरा पुलिया पर चढ़ते समय ये घटन हो गई। अगर आग टैंकर तक पहुंच जाती तो घटनास्थल के चारों तरफ करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में सब कुछ जल सकता था और हाईवे पर चल रहे कई दर्जन वाहन चपेट में आ सकते थे। एक साल पहले डीपीएस कट टैंकर हादसे की याद ताजानरसिंहपुरा पुलिया की इस घटना ने भांकरोटा के डीपीएस कट पर हुए एलपीजी टैंकर हादसे की यादें ताजा कर दीं। तब एलपीजी फैलने से हाईवे के दोनों ओर 300-300 मीटर तक दो दर्जन से ज्यादा वाहन चपेट में आ गए थे और 15 लोगों की मौत हुई थी। सोमवार को भी लगभग उसी समय हाईवे पर दूर से ही आग की लपटें और धुआं दिखाई देने लगा था। डर के कारण कई चालकों ने अपने वाहन खड़े कर दूर चले गए। पुलिस बनी फायर फाइटर; केमिकल टैंकर को फटने से बचाया मिथाइल अल्कोहल: विस्फोटक नहीं, लेकिन आग लगे तो बम से कम नहींमिथाइल अल्कोहल रंगहीन, तेज गंध वाला रसायन है जो बहुत जल्दी आग पकड़ता है। इसका फ्लैश पॉइंट सिर्फ 11 डिग्री सेल्सियस है। हल्की गर्मी या चिंगारी से भी इसमें आग लग सकती है। इसकी भाप हवा से मिलकर विस्फोटक गैस बादल बना सकती है। 30 हजार लीटर सड़क पर फैल जाए तो चलती आग की नदी बन सकती है। टैंकर फटने पर आग का गोला सैकड़ों मीटर तक असर पैदा कर सकता है।
सोना 1000 और चांदी 8000 रुपए महंगी हुई
जयपुर | ग्लोबल मार्केट कीमत में उछाल से सोमवार को जयपुर सर्राफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड और 22 कैरेट जेवराती सोना 1,000 रुपए प्रति दस ग्राम और महंगा हो गया। चांदी में 8,000 रुपए प्रति किलोग्राम तेजी रही। वहीं, अमेरिकी वायदा एक्सचेंज कॉमेक्स में अप्रैल डिलीवरी सोना 72.80 डॉलर बढ़कर 5,052.60 डॉलर तथा मार्च डिलीवरी चांदी 4.210 डॉलर की तेजी से 81.105 डॉलर प्रति आउंस पर ट्रेड कर रही थी। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के भाव : चांदी (999) 271 चांदी रिफाइनरी 270.5 रुपए प्रति ग्राम। सोना स्टैंडर्ड 16,100 रुपए, सोना जेवराती 15,060 तथा वापसी 14,760 रुपए प्रति ग्राम।
कोटा में मिनी प्लग एंड प्ले टेक्सटाइल पार्क की तैयारी, 50 एकड़ जमीन चिन्हित की
जयपुर | कोटा में प्लग एंड प्ले मिनी टेक्सटाइल पार्क के लिए रेज कासर एरिया में 50 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की पहल पर गारमेंट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (गियर) अध्यक्ष रक्षित पोद्दार के नेतृ्त्व में गारमेंट निर्माता आैर निर्यातकों एक दल ने रीको के अधिकारियों के साथ कोटा विजिट किया है। पोद्दार ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से टेक्सटाइल पार्क के लिए हमने सरकार से तुरंत सारी औपचारिकताएं पूरी करने का आग्रह आैर प्लग एंड प्ले क्लस्टर के लिए सरकारी एनओसी और अप्रूवल के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाने और स्किल्ड लेबर तैयार करने का सुझाव दिया है। एईपीसी और गियर की ‘एक्सपोर्टर्स मीट’ हुई गारमेंट एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (एईपीसी) और गारमेंट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने सीतापुरा में ‘एक्सपोर्टर्स मीट’ आयोजित की। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘फाइबर से फैशन’ की थीम पर राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी लॉन्च की है। इसका उद्देश्य 10 हजार करोड़ का नया निवेश और 2 लाख रोजगार देना है। उन्होंने जयपुर में अंतरराष्ट्रीय गारमेंट एक्सपो का सुझाव भी दिया आैर कहा कि ट्रेड डील एक्सपोर्ट के लिए गेम चेंजर होगी। कार्यक्रम में एईपीसी के चेयरमैन डॉ. ए शक्तिवेल, रीको एमडी शिवानी स्वर्णकार, श्रम सचिव पी रमेश, श्रम आयुक्त्त पूजा पार्थ, एईपीसी एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी के चेयरमैन के.एम सुब्रामणियम, एईपीसी सेक्रेटरी जनरल मिथलेश्वर ठाकुर, एडवाइजरी ईपी कमेटी प्रेमल उडानी व गियर वाइस प्रेसिडेंट अरुण गुप्ता मौजूद रहे।
केंद्र की योजना में बैंकों से बीस लाख रु. तक का कोलेटरल फ्री लोन मिलेगा
जयपुर | वाणिज्य मंत्रालय के नेशनल बोर्ड ऑफ ट्रेड की सदस्य डॉ. स्मिता शाह ने अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) के पदाधिकारियों तथा उद्यमियों के साथ बैठक में कारोबारियों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बोर्ड ऑफ ट्रेड के प्लेटफार्म पर हर सोमवार दोपहर तीन बजे से चार बजे के तक ऑनलाइन संवाद होता है। इसमें नौ विभागों के अधिकारी समस्याओं का व्यवहारिक समाधान करते हैं। वहीं केंद्र सरकार की योजना के तहत बैंकों से बीस लाख रुपए तक की उधार कोलेटरल होगी। बैठक में आरतिया के पदाधिकारी कमल कंदोई, आशीष सर्राफ, जसवंत मील, अजय गुप्ता समेत कारोबारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी कंपनियों और ऑनलाइन ट्रेड से खुदरा दुकानदारों के सामने संकट पर चिंता व्यक्त की गई। सरकारी खरीद में चाइनीज माल की आपूर्ति के बारे में बताया और कहा कि सरकारी खरीद में उन्हीं वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित हो, जिनका उत्पादन भारत में हुआ होता है। बिग फोर कंसल्टेंसी कंपनियों को भारत में तकनीकी सलाहकार बनाने का मुद्दा भी उठाया। आरतिया ने सुझाव दिया कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी व्यापारियों को ईमेल से पहुंचानी चाहिए।
इंडिया स्टोन मार्ट में 36 श्रेष्ठ स्टॉल सम्मानित
जयपुर | सीडोस, लघु उद्योग भारती और रीको के हाल ही संपन्न इंडिया स्टोन मार्ट में विभिन्न श्रेणियों में 36 श्रेष्ठ स्टॉल, हस्तशिल्पी और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के.के विश्नोई, एसीएस उद्योग शिखर अग्रवाल, रीको एमडी शिवांगी स्वर्णकार, कार्यक्रम संयोजक नटवर लाल अजमेरा और लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नरेश पारीक मौजूद रहे। सुजुकी इंडिया को ‘श्रेष्ठ ओवर ऑल डिस्प्ले’ के लिए सम्मानित किया गया। विदेशी प्रदर्शकों में रेसा मेडेनसिलिक (तुर्की) एवं मार्ग्राफ एसपीए ( इटली) आैर कलाकारों में नवीन शर्मा, राजेश कुमार शर्मा, गोपाली एवं बनवारी लाल सैनी को पुरस्कार दिया गया।

