बाइक सवार ने खड़े युवक को मारी टक्कर:200मीटर तक रगड़ते हुए गई बाइक, फलासिया थाना क्षेत्र का मामला
उदयपुर में फलासिया थाना क्षेत्र के कोल्यारी बाईपास पर शराब की दुकान के बाहर खड़े युवक को एक तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक करीब 200 फीट दूर तक रगड़ते हुए गई। हादसे में मगवास निवासी केशुलाल वडेरा गंभीर घायल हो गया। वहीं, उसकी बहन प्रियंका को भी मामूली चोटें आई है। हादसा देर शाम करीब 6:30 बजे हुआ। इस दौरान घटनास्थल पर ही खड़े भारतसिंह ने अपनी कार से घायलों को कोल्यारी सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। हैरानी वाली बात ये थी कि हॉस्पिटल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। इससे नाराज हुए ग्रामीणों ने जब झाड़ोल बीसीएमओ को फोन किया। तब स्टाफ हॉस्पिटल पहुंचा और घायल का प्राथमिक उपचार कर उदयपुर रेफर किया गया। ग्रामीणों ने बताया गया कि कोल्यारी पीएचसी पर चार बजे बाद स्टाफ नदारद रहता है और अक्सर ताला लगा रहता है। इमरजेंसी की स्थिति में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। वहीं पिछले एक साल से भवन जर्जर होने के कारण रात को हॉस्पिटल बंद ही रहता है। कई बार इसकी शिकायतें हो चुकी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर शुभम बुटालिया आए दिन छुट्टी पर रहते है। जिस वजह से चिकित्सा व्यवस्था बिगड़ रही है।
लखनऊ के माडर्न स्कूल में वाद-विवाद प्रतियोगिता:अभिव्यक्ति की आजादी विषय पर छात्रों ने रखे विचार
लखनऊ के माडर्न स्कूल में शुक्रवार को 'अभिव्यक्ति की आजादी' विषय पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व, उसकी सीमाओं और समाज पर इसके प्रभाव पर तार्किक ढंग से बात रखी। प्रतियोगिता में सेवानिवृत्त डीएफओ गोपाल ओझा और केडी सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों के तर्क, भाषा शैली और प्रस्तुति के आधार पर परिणाम घोषित किए। इस प्रतियोगिता में तुलसीदास हाउस ने पहला स्थान प्राप्त किया। छात्रों ने बोलने की क्षमता के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की स्कूल परिसर में आयोजित इस साहित्यिक कार्यक्रम में ज्ञान और रचनात्मकता का माहौल था। छात्रों ने अपनी बोलने की क्षमता के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की । इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका सरोज राय ने अपनी सहयोगी शिक्षिकाओं के साथ मिलकर किया। विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा गया प्रतियोगिता के बाद, स्कूल में आयोजित सीनियर क्लास के लिटरेचर कार्निवाल में भी विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा गया। अतिथियों और शिक्षकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल जूनियर शाखा में शुक्रवार को मातृ दिवस उत्साह और भावनाओं के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगी सजावट और मां के प्रति प्रेम से सराबोर नजर आया। इस मौके पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की भावनात्मक प्रस्तुतियों से हुई। छात्र-छात्राओं ने मां के महत्व पर आधारित गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों का उत्साह देखने लायक था। उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं मातृ दिवस को खास बनाने के लिए विद्यालय में कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने अपनी माताओं के लिए सुंदर और आकर्षक शुभकामना कार्ड तैयार किए। रंगों और कलात्मक सजावट से बने इन कार्डों में बच्चों की मासूम भावनाएं साफ झलक रही थीं। कार्यक्रम की सबसे खास गतिविधि ‘जार एक्टिविटी’ रही। इसमें बच्चों ने जार को रंग-बिरंगे सजावटी सामान से सजाया और उसमें अपनी मां के लिए प्यार भरे संदेश डाले। किसी ने मां को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया तो किसी ने उन्हें अपनी प्रेरणा कहा। इस गतिविधि ने बच्चों को अपनी भावनाएं रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर दिया। मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च विद्यालय की प्रधानाचार्या वरिंदर कौर ने कहा कि मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है। ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। इस दौरान विद्यालय का माहौल स्नेह, उल्लास और भावनाओं से भरा रहा। मातृ दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया।
उदयपुर शहर में शनिवार के दिन शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं होगी। उदयपुर शहर के सरकारी एमबी अस्पताल में 11 मई से इवनिंग ओपीडी शुरू की जा रही है। जलदाय विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण जलदाय विभाग के नगर उपखंड सप्तम में शनिवार को प्रताप नगर टंकी से होने वाली सप्लाई एक दिन आगे बढ़ाई गई है। अभियंता किरण ने बताया कि इससे शहर के बेडवास, एनबी नगर, जज कॉलोनी, एफ ब्लॉक, इ क्लास आदि क्षेत्रों में शनिवार को होने वाली सप्लाई अब रविवार को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 में आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। खंडपीठ ने फिलहाल नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गई है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने विवेक यादव सहित अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर विशेष अपील पर यह आदेश पारित किया। अपीलकर्ताओं ने एकल पीठ के 1 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें याचिकाकर्ताओं को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक मिश्रा ने न्यायालय को बताया कि सभी अपीलकर्ता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थी हैं। उनका दावा है कि प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें सामान्य वर्ग से मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कम से कम 25 अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त हुए थे। इसके भी उन्हें प्रारंभिक परीक्षा में सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने न्यायालय को सूचित किया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत अधिकांश चयनित अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
राजसमंद में देवगढ़ थाना पुलिस ने 26 साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 02 अभियान के तहत की गई। पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव व पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार- 3 जून 2000 को कामलीघाट चौराहे से पुलिस को सूचना मिली थी कि ढाण की बावड़ी स्थित एनएच-08 पुलिया के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में दो आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में आरोपी मेहरूदीन(55) पुत्र पीरूखां निवासी कानियाखेड़ा, भीम की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। आरोपी घटना के बाद गांव छोड़कर दुबई चला गया था और करीब 15 साल तक वहीं रहा। वर्ष 2016 में भारत लौटने के बाद वह पाली, फालना, सिरोही, गुजरात और मध्यप्रदेश में किराये के मकानों में रहकर ट्रक चलाने का काम करता रहा। देवगढ़ पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और लगातार निगरानी के जरिए आरोपी के परिवार के ब्यावर में शिफ्ट होने की जानकारी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने ब्यावर पहुंचकर आरोपी को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया।
रायपुर के महोबा बाजार इलाके में स्थित सीपीएस स्कूल परिसर की दीवाल गिरने से तीन मासूम घायल हो गए। घायल मासूमों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में एक नाबालिग का पैर टूटा है और दो को चोट आई है। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ घायल बच्चों के पिता ने कार्रवाई की मांग की है। हादसे में घायल हुए बच्चों का नाम हिमांशी मेहर, नंदनी साहू और रोशनी मेहर बताया जा रहा है। जिस स्कूल की दीवार से हादसा हुआ स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल का संचालन राकेश चतुर्वेदी द्वारा किया जाता है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला महोबा बाजार इलाके में सीपीएस स्कूल है। स्कूल प्रबंधन शुक्रवार की शाम को गार्डन में मिट्टी लेबल जेसीबी मशीन से करवा रहा था। शाम पांच बजे जेसीबी की टक्कर से स्कूल परिसर की दीवाल गिर गई। दीवाल गिरने के कारण वहां खेल रही हिमांशी मेहर, नंदनी साहू और रोशनी मेहर उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद बच्चों का उपचार जारी है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की अनदेखी परिजनों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। जिस जगह तोड़फोड़ की जा रही थी, वहां बच्चों की आवाजाही बनी हुई थी। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से तुरंत पुलिस को सूचना भी नहीं दी गई। घायल बच्चियों को आनन-फानन में इलाज के लिए उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया। बच्चियों के पिता ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही की वजह से बच्चों की जान खतरे में पड़ी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब पढ़े बच्ची के पिता ने क्या कहा हादसे में घायल हुए हिमांशी मेहर और रोशनी मेहर के पिता ने संजीव कुमार ने बताया, कि दीवाल गिरने से मेरी दो बेटियों सहित तीन बच्चे घायल है। मैं मुंगेली का रहने वाला हूं। ठेकेदार दयाराम साहू के साथ राजमिस्त्री का काम करता हूं। मेरे बच्चों को चोट आई है, लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई चाहता हूं।
कानपुर के फीलखाना थानाक्षेत्र के सवई सिंह के हाते में होजरी दुकानदार का मर्डर कर दिया गया। इलाकाई लोगों ने दुकानदार को खून से लथपथ पड़ा देख पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इलाकाई लोगों के मुताबिक दुकानदार को आखिरी बार शिवाले में एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे के साथ देखा गया था। शिवाला निवासी बालकृष्ण चौरसिया के 35 वर्षीय बेटे विजय चौरसिया की शिवाला में ही होजरी की दुकान है। पिता बालकृष्ण ने बताया कि रोजाना की तरह शुक्रवार को विशाल दुकान पर पहुंचा था, शाम करीब 7 बजे विशाल फीलखाना थानाक्षेत्र स्थित सवई सिंह का हाते में लहुलूहान हालत में एक गली में पड़ा मिला। इलाकाई लोगों की सूचना पर फीलखाना और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विशाल के सिर से खून बह रहा था। हाते के लोगों ने बताया कि आखिरी बार वह शिवाला स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे के साथ घर के पास देखा गया था। घटना की जानकारी परिजनों में कोहराम मच गया, पिता बालकृष्ण चौरसिया ने रेस्टोरेंट संचालक के बेटे पर हत्या का आरोप लगाया। मामले की जांच में पुलिस जुटी है।
अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर 8 मई 2026 को कैसरबाग स्थित स्टार पैलेस बैंक्वेट में स्वर्गीय मालती देवी सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृत्व, नारी सम्मान और संघर्षशील महिलाओं के योगदान को केंद्र में रखकर कविताएं, शायरी और सम्मान समारोह आयोजित हुए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जूही सिंह रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में फखरुल हसन चांद, दीपक रंजन, मीनाक्षी अग्रवाल और सरोज यादव मौजूद रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजवादी नेता रविदास मेहरोत्रा ने किया, जबकि आयोजन एवं संचालन सुमैया राना द्वारा किया गया। मां, ममता और संघर्ष को मिलेगी शायरी की आवाज कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित कवि और शायर अपनी रचनाओं के माध्यम से मां, ममता, महिलाओं के संघर्ष और सम्मान को स्वर देंगे। मंच पर प्रस्तुति देने वाले प्रमुख कवि एवं शायरों में बिलाल सहारनपुरी, रुख़सार बलरामपुरी, प्रतिभा यादव, अरमान रजा बलरामपुरी, इकबाल यूसुफ, तस्लीम सरवर और फराह नाज शामिल हैं। संघर्षशील महिलाओं को मिलेगा ‘मालती देवी सम्मान’ इस अवसर पर समाज की प्रेरणादायी और संघर्षशील महिलाओं को “मालती देवी सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं में कुलसुम तलहा, साहिबा सिद्दीकी, शांति देवी, सबा, रेशमा और सीता कुमारी प्रमुख रूप से शामिल हैं।आयोजन समिति ने साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन सर्विस रूल्स-2024 बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इससे संबंधित सभी अभिलेख पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कार्मिक विभाग के विशेष सचिव या उनसे वरिष्ठ अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने दिवाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान चिकित्सा स्वास्थ्य एवं सेवा विभाग में तैनात संयुक्त निदेशक सुनील कुमार वर्मा न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि वर्ष 2019 में पारित आदेश के अनुपालन में 10 मई 2020 को निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर नई नियमावली तैयार की गई। हालांकि, न्यायालय में उपस्थित अधिकारी नियमावली के गठन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे सके। वहीं, सरकारी पक्ष यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि नियम बनाते समय किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर कार्मिक विभाग का विशेष सचिव स्तर का अधिकारी सभी संबंधित रिकॉर्ड के साथ अदालत में मौजूद रहे।
छतरपुर जिले के हरपालपुर के चर्चित दहेज मौत मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया। पत्नी की मौत के करीब एक साल चार महीने बाद आए फैसले में कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी पर लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। मामला हरपालपुर थाना क्षेत्र का है। 7 दिसंबर 2024 को जयदेवी अनुरागी पत्नी सोनू अनुरागी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। पति पर दर्ज हुआ था मामला शिकायत के आधार पर हरपालपुर थाना पुलिस ने पति सोनू अनुरागी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद अपराध क्रमांक 0235/2024 के तहत मामला न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश कर आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और प्रस्तुत साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट बोली- ठोस साक्ष्य नहीं मिले मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र देशवाल की अदालत में हुई। अदालत ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ आरोप ठोस रूप से सिद्ध नहीं हो सके। इसके बाद अदालत ने आरोपी सोनू अनुरागी को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शेर सिंह तोमर ने पैरवी की। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में दिनभर मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज बन्नालाल जाट के निर्देशन में शनिवार को जिलेभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर 8 बेंचों का गठन किया गया है। लोक अदालत को लेकर जिला मुख्यालय पर 3 और तालुका मुख्यालयों पर 5 बेंचेज का गठन किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अहसान अहमद ने बताया कि जिला मुख्यालय पर जिला जज बन्नालाल जाट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया टावरी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद की अध्यक्षता में बेंचेज बनाई है। इसी प्रकार आहोर में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर चैहान, भीनमाल में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रामदेव सांदु, एसीजेएम महेंद्र कुमार टांक की अध्यक्षता में बैंचेज बनाई है। सांचौर में एसीजेएम भीमसिंह मीणा की अध्यक्षता में और रानीवाडा में जेएम सांचौर हिम्मतराज की अध्यक्षता में बेंचेज बनाई गई है। इसी प्रकार जालोर उपखंड अधिकारी मनोज, आहोर में तहसीलदार भाद्राजून चंदन पंवार, भीनमाल उपखंड अधिकारी मोहित कसानिया, सांचोर में उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार और रानीवाड़ा में उपखंड अधिकारी सुनिल कुमार को राजस्व मामलों की बेंच में सदस्य बनाया गया है। 11 हजार 65 प्रकरण चिन्हितराष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिले भर में 30 अप्रैल तक कुल 11 हजार 65 प्रकरण चिन्हित किए गए है। न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 3182 और प्री लिटिगेशन के 7 हजार 883 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं।
चंडीगढ़ के मलोया पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर और कांस्टेबल प्रवीण को शुक्रवार देर शाम सीनियर अधिकारियों ने लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि दोनों के खिलाफ कार्रवाई किस वजह से की गई, इसका आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच और वेरिफिकेशन के बाद यह कार्रवाई की गई। बलदेव कुमार को मलोया थाना प्रभारी का चार्ज वहीं इंस्पेक्टर बलदेव कुमार को मलोया थाना प्रभारी का चार्ज सौंप दिया गया है। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही इंस्पेक्टर बलदेव कुमार की तैनाती ऑपरेशन सेल में की गई थी। चंडीगढ़ पुलिस के DGP डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने हाल ही में सख्त निर्देश जारी किए थे कि यदि किसी थाना क्षेत्र में नशा तस्करी होती है, पुलिस की मिलीभगत सामने आती है या कोई पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार इसी मुद्दे को लेकर गुलाब चंद कटारिया भी कई बार कह चुके हैं कि संबंधित थाना प्रभारी अपने इलाके की कानून व्यवस्था और अपराध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होगा। अब मलोया थाना में हुई कार्रवाई को उसी सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।
गोंडा में मनकापुर-अयोध्या रेलवे ट्रैक पर गुरुवार रात करीब 9.10 बजे डिप्रेशन से परेशान होकर युवक ने सुसाइड किया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्मार्टम के लिए भेजा था। शुक्रवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक की पहचान पंचम निवासी कनकपुर गांव नवाबगंज थाना क्षेत्र के रूप में हुई थी। कनकपुर गांव के प्रधान विपिन सिंह ने बताया- मृतक पंचम अविवाहित था। उसके माता-पिता और दो बड़े भाइयों का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपने बाकी दो भाइयों से अलग रहता था। दो महीने पहले एक दुर्घटना में पंचम का पैर टूट गया था, जिसके इलाज के लिए गांव वालों ने चंदा इकट्ठा किया था। पंचम इन दिनों डिप्रेशन में रहता था, इस वजह से उसने यह कदम उठाया था। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन के पायलट ने स्टेशन पर सूचना दी थी कि रात 9:10 बजे एक युवक रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे लेट गया, जिससे उसकी कटकर मौत हो गई। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… युवक ने वंदे भारत ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 9.10 बजे एक युवक ने वंदे भारत ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। पढ़िए पूरी खबर...
मेरठ में शुक्रवार को जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित केसरगंज चौकी के सामने बनी अवैध दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। जिला पंचायत की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाकर अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया गया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानों का संचालन किया जा रहा था। जिला पंचायत की ओर से कब्जाधारकों को दो बार नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की।ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभाले रखी ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल जिला पंचायत और प्रशासन की इस कार्रवाई को भूमाफिया और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। लोगों ने किया विरोध जहां कब्जा हटाने की कार्रवाई की वहां दुकान चलाने वाले फिरोज राणा ने बताया कि पंचायत द्वारा ही यहां दुकानें दी गई थी, जिसमें मेरा नाम आया। मैंने दुकान का शुल्क और एक साल का एडवांस किराया भी जमा है। अधिकारियों द्वारा मुझे नोटिस दिया गया जिसके बाद मैंने कोर्ट से इस मामले पर स्टे लिया। इसके बाद भी जिला पंचायत ने यहां कार्रवाई कर दी। इस ध्वस्तीकरण की हमे पहले से कोई जानकारी नहीं थी। वहीं जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने बताया कि दुकान किराए पर दी गई थी लेकिन फिरोज के द्वारा बिना मानचित्र के वहां अवैध निर्माण कराया गया। इसके संबंध में उनको दो बार नोटिस भी दिया गया था जिसकेबाद आज यह कार्रवाई की गई।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद सहित दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा में कुल 24 चोरियां करने वाले शातिर चोर को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी के कब्जे से 163 ग्राम सोना, ढ़ाई किलो चांदी के आभूषण, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन सहित कुल 32 लाख 38 हजार 900 रुपए का सामान बरामद किया गया है। चोर बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी उन मकानों की रेकी करता था, जहां मकान बन रहा होता था और बिल्डिंग मटीरियल बाहर पड़ी रहती थी। और वहां केवल बच्चे या बुजुर्ग मौजूद हों। इसके बाद वह खुद को बिल्डिंग मटीरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था। पहले देखिए 3 तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला दरअसल, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बगारपाली निवासी ओमप्रकाश ठाकुर ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह उनके घर से करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए थे। वाहन चेकिंग में शातिर चोर पकड़ाया घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान वाहन चेकिंग के समय पुलिस को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचराम उर्फ पंचु निषाद (38 वर्ष) निवासी ग्राम चंदली, थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वह बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले मकानों की रेकी करता था और फिर मौका पाकर घरों से कीमती जेवरात चुरा लेता था। निर्माण सामग्री का झांसा देकर गहनों पर करता था हाथ साफ पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी उन घरों को निशाना बनाता था, जहां मकान निर्माण कार्य चल रहा होता था और बाहर ईंट, गिट्टी या दूसरी निर्माण सामग्री पड़ी रहती थी। वह खासतौर पर ऐसे घर चुनता था, जहां केवल बच्चे या बुजुर्ग मौजूद हों। आरोपी खुद को बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था। 24 चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक महासमुंद जिले और अन्य जिलों में कुल 24 चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। उसने दुर्ग जिले के उतई, रंनचिरई, जामगांव, धमतरी के भखारा, अंड़ा, मगरलोड़ और जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़, बिर्रा थाना क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। चोरी के बाद वह जेवरात को विभिन्न ज्वैलर्स दुकानों में बेच देता था। पुलिस ने पिथौरा के जीएस ज्वैलर्स और भंवरपुर के कैलाश ज्वैलर्स से चोरी के गहने जब्त किए हैं। सरायपाली के तमन्ना ज्वैलर्स और संतोष ज्वैलर्स से आभूषणों की रिकवरी अभी बाकी है। इलाज के बहाने पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी दुर्ग और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में चोरी के मामले दर्ज हैं। आरोपी को आदतन अपराधी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वह पहले न्यायिक रिमांड के दौरान इलाज के बहाने पुलिस की हिरासत से फरार भी हो चुका है। पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे तथा विभिन्न ज्वैलर्स दुकानों से चोरी का सामान जब्त किया है। बरामद सामग्री में शामिल हैं—विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण - 63.30 ग्रामकीमत - 25 लाख 52 हजार 200 रुपएचांदी के आभूषण - 2 किलो 585.94 ग्रामकीमत - 6 लाख 41 हजार 700 रुपएमोटरसाइकिलकीमत - 30 हजार रुपएमोबाइल फोनकीमत - 5 हजार रुपएकुल बरामद संपत्ति32 लाख 38 हजार 900 रुपए ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में पुलिस का कहना है कि चोरी के जेवर खरीदने वाले कुछ ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले में आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फरीदाबाद के डबुआ स्थित एयरफोर्स स्टेशन में सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने बाहरी दीवार फांदकर परिसर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट निवासी इरफान अली के रूप में हुई है। घटना 3 मई की बताई जा रही है। एयरफोर्स स्टेशन के सुरक्षा अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर रविंदर छापारिया की शिकायत पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों को किया सूचित सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 10-10 रुपए के दो सिक्के और तंबाकू की पुड़िया बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को डबुआ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रारंभिक शिकायत में कुछ तकनीकी विसंगतियां होने के कारण पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद 4 मई को संशोधित शिकायत दी गई। ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट में केस दर्ज डबुआ थाना इंचार्ज संग्राम दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत इसरी बाजार में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पर अफरातफरी मचा दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर चल रही एक कार को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित होकर विरोध करने लगे।ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लियाइसी दौरान ट्रक चालक वाहन लेकर भागने लगा। भागने के क्रम में ट्रक ने सड़क किनारे खड़े और गुजर रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। पहले देखिए घटना से संबंधित चार तस्वीरें ट्रक की टक्कर से दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इधर, घटना की सूचना मिलते ही डुमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। आरोपी ट्रक ड्राइवर गिरफ्तारमामले को लेकर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार ने बताया कि ट्रक ने पहले एक कार को टक्कर मारी थी। इसके बाद लोगों के विरोध और हंगामे के बीच चालक वाहन लेकर भागने लगा, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है तथा ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।इधर, घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव डुमरी पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान डीसी ने घायलों और उनके परिजनों को हर संभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
कानपुर के जरीब चौकी ओवरब्रिज परियोजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि बिना स्थानीय लोगों से बातचीत और सहमति बनाए परियोजना को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे “जबरदस्ती श्रेय लेने की राजनीति” बताया। पवन गुप्ता ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण की जद में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें एक ऐसा प्राचीन मंदिर भी शामिल है, जहां वर्ष 1934 में महात्मा गांधी आए थे और जनसभा की थी। मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि मंदिर को तोड़ने से पहले उसे उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि परियोजना के कारण करीब 250 दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। ऐसे में प्रशासन को व्यापारियों के पुनर्वास और उनके हितों का ध्यान रखना चाहिए। पार्टी ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ आम लोगों की भावनाओं और आजीविका की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता , पूर्व अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री, प्रतिभा अटल पाल, शंकर दत्त मिश्रा, इकबाल अहमद, सुरेश बक्शी, पदम मोहन मिश्रा, राकेश साहू, अजय श्रीवास्तव शीलू, विवेक पाल, विनोद अवस्थी, अमित अग्निहोत्री और हाशिम मदारी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने हरदोई के सीएचसी संडीला के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अधीक्षक पर अनाधिकृत निजी अस्पतालों पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है। डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और कछौना क्षेत्र में करीब 12 निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, डॉ. मनोज सिंह लेवल-1 के चिकित्सा अधिकारी हैं, जिनका ग्रेड पे 5400 है। वह बहेंदर और अहिरोरी में चिकित्सा अधीक्षक रह चुके हैं और वर्तमान में 30 नवंबर 2024 से सीएचसी संडीला के चिकित्सा अधीक्षक पद पर तैनात हैं। उनके पास पीसीपीएनडीटी और एफआरयू का अतिरिक्त कार्यभार भी है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने में उन्होंने लापरवाही बरती। डॉ. मनोज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. मनोज सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी भवनाथ पांडेय से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि जिले में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (लेवल-3, ग्रेड पे 7600) उपलब्ध होने के बावजूद लेवल-1 अधिकारी को चिकित्सा अधीक्षक का कार्यभार क्यों सौंपा गया। चार सदस्यीय जांच समिति गठित निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. अरविंद सचान को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि डॉ. हेमंत राजपूत, डॉ. अखिलेश बाजपेई और डॉ. मनोज सिंह को सदस्य बनाया गया है। उपमुख्यमंत्री के आदेश के बाद डॉ. अरविंद सचान और टीम ने कछौना क्षेत्र में अभियान चलाया। जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर करीब एक दर्जन निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया। अस्पताल संचालकों को तीन दिन के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सीएचसी कछौना भेजा गया है।
धोखाधड़ी कर जेवरात-नकदी हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार:मथुरा में 4.26 लाख रुपए नकद और आभूषण बरामद
मथुरा की थाना कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और धमकाकर लोगों से नकदी व आभूषण हड़पने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 4 लाख 26 हजार रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार दोपहर थाना कोतवाली क्षेत्र के नए बस स्टैंड के सामने से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान कोमल शर्मा पुत्र बहोरन शर्मा के रूप में हुई है, जो नगला भैसारा, थाना राया, जनपद मथुरा का निवासी है। आरोपी पर लोगों को झांसे में लेकर और धमकाकर उनसे नकदी व कीमती सामान हड़पने का आरोप है। आरोपी के पास से बरामद आभूषणों में तीन हार, एक हसली, दो चूड़ी, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी झालर, दो जोड़ी ईयर रिंग्स, एक जोड़ी टॉप्स और सात अंगूठियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आभूषण सोने के हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के कब्जे से 4 लाख 26 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी की शिकायतें मिली थीं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धाराओं को बढ़ाया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन लोगों को ठगा है और क्या इस गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं। थाना कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बरेली सिटी रेलवे स्टेशन के पास श्मशान भूमि वाले फाटक पर अंडरपास (LHS) बनाने का काम शुरू हो रहा है। इस वजह से 9 मई से 17 मई के बीच कई ट्रेनें बरेली सिटी स्टेशन तक नहीं आएंगी और न ही वहां से चलेंगी। अगर आप इन तारीखों में सफर करने वाले हैं, तो ट्रेनों के बदले हुए स्टेशन जरूर देख लें: कासगंज से आने वाली पैसेंजर ट्रेन (55329) 12 से 16 मई तक सिर्फ बरेली जंक्शन तक ही आएगी। वहीं पीलीभीत, टनकपुर और काशीपुर से आने वाली ट्रेनें 9 से 15 मई के बीच इज्जतनगर स्टेशन पर ही रुक जाएंगी। ये ट्रेनें इज्जतनगर से बरेली सिटी के बीच नहीं चलेंगी। इसके अलावा टनकपुर मेला स्पेशल भी 11, 14 और 16 मई को इज्जतनगर तक ही आएगी। ये ट्रेनें बरेली सिटी के बजाय दूसरे स्टेशनों से चलेंगी बरेली सिटी से कासगंज जाने वाली ट्रेन (55328) 13 से 17 मई तक बरेली सिटी के बजाय बरेली जंक्शन से रवाना होगी। इसी तरह लालकुआं, पीलीभीत और रामनगर जाने वाली गाड़ियां 9 से 16 मई के बीच बरेली सिटी नहीं आएंगी, बल्कि आपको ये ट्रेनें इज्जतनगर स्टेशन से पकड़नी होंगी। टनकपुर मेला स्पेशल भी 12, 15 और 17 मई को इज्जतनगर स्टेशन से ही चलेगी। यात्रियों के लिए जरूरी बात रेलवे का कहना है कि बरेली सिटी यार्ड में काम चलने की वजह से ये बदलाव किए गए हैं। ऐसे में जो यात्री बरेली सिटी से ट्रेन पकड़ते थे या वहां उतरते थे, उन्हें अब अपनी ट्रेन के हिसाब से इज्जतनगर या बरेली जंक्शन स्टेशन का इस्तेमाल करना होगा। असुविधा से बचने के लिए समय और स्टेशन का ध्यान रखकर ही घर से निकलें।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की सजा:28 हजार जुर्माना लगा, साल 2024 की है घटना
जौनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो उमेश कुमार की अदालत ने सिकरारा थाना क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व नौ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 28,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के कथानक के अनुसार, सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि 25 मार्च 2024 को शाम 6:30 बजे उसकी नौ वर्षीय पुत्री दुकान पर फ्रूटी खरीदने गई थी। तभी गांव का रहने वाला युवक उसका मुंह बंद कर उसे पास के एक विद्यालय में उठा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय और कमलेश राय द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने आरोपी युवक को दोषी पाया और उसे उपरोक्त दंड सुनाया।
समालखा में महिला के गले से तोड़ी सोने की चेन:भापरा से दूध ला रही थी, स्विफ्ट कार में स्नैचर फरार
पानीपत जिले के समालखा की संगम कॉलोनी में भापरा गांव से दूध लेकर लौट रही एक महिला के गले से सोने की चेन झपट ली गई। यह घटना शाम करीब 6:07 बजे कॉलोनी गेट के पास हुई। बदमाश सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। पीड़ित महिला पूजा ने बताया कि वह अपनी बहन मंजू और एक पड़ोसन के साथ रोजाना की तरह शाम 5:25 बजे भापरा गांव दूध लेने गई थी। वहां से करीब 6 बजे लौटते समय कॉलोनी गेट से कुछ ही दूरी पर उनके पीछे एक युवक पैदल चल रहा था। उसने अचानक पूजा के गले से लगभग 14 ग्राम की सोने की चेन छीन ली। महिला के चिल्लाने पर लोग दौड़े पूजा के चिल्लाने पर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन युवक पहले से खड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर भाग गया। कार की नंबर प्लेट पर टेप चिपका हुआ था। पूजा की बहन मंजू ने भी लगभग 20 ग्राम की चेन पहनी हुई थी, लेकिन चोर ने केवल पूजा को निशाना बनाया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और लोग इकट्ठा हो गए। 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस थाना प्रभारी दीपक कुमार, चौकी इंचार्ज वीरेंद्र, सीआईए वन और एएनसी टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया, पूछताछ की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर संभव कोण से जांच कर रही है। उन्होंने जल्द ही चोर को पकड़ने का आश्वासन दिया।
लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय और हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से कीबोर्ड वितरण एवं डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि कुलपति प्रो. संजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय लगातार दिव्यांगजन हितैषी और तकनीकी रूप से समावेशी वातावरण विकसित करने पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ना है, ताकि वे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। शैक्षणिक ऐप्स के इस्तेमाल की जानकारी शामिल इस दौरान विद्यार्थियों को कीबोर्ड वितरित किए गए। आगामी चरण में उन्हें विशेष डिजिटल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में कंप्यूटर संचालन, टाइपिंग, इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन कक्षाओं में सहभागिता और मोबाइल आधारित शैक्षणिक ऐप्स के इस्तेमाल की जानकारी शामिल होगी। प्रशिक्षण में स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर और ऐप्स जैसे एनवीडीए (NVDA), टॉकबैक (TalkBack) और जॉव्स (JAWS) के संचालन पर विशेष जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि इन तकनीकों की मदद से दृष्टिबाधित विद्यार्थी अपनी अध्ययन सामग्री स्वयं तैयार कर सकते हैं और ऑनलाइन संसाधनों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं। डिजिटल संसाधनों से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता कुलसचिव रोहित सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगी। एमओयू समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि उचित प्रशिक्षण और संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में धीरज, आकाश, रिजवान सहित कई विद्यार्थी उपस्थित रहे।
ग्वालियर शहर के गोशपुरा नंबर-1 में पार्किंग विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। यहां रहने वाले वृजेन्द्र सिंह तोमर और उनके परिवार पर पड़ोस में रहने वाले पप्पू सिंह तोमर और उसके परिजनों ने हमला कर दिया। विवाद की वजह दरवाजे के सामने गाड़ी खड़ी करना और मकान निर्माण में बाधा डालना बताई जा रही है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। फरियादी ने ग्वालियर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस वीडियो की जांच कर रही है। वहीं, पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। दरवाजे पर कार खड़ी करने को लेकर विवाद पीड़ित वृजेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि विवाद काफी समय से चल रहा है। उनके अनुसार, पप्पू तोमर अपनी क्रेटा कार उनके दरवाजे के सामने खड़ी कर देता है, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। इस समय उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा है और दरवाजे के बाहर ईंट, पत्थर व रेत रखी थी। इसी बात को लेकर पड़ोसी ने नगर निगम में शिकायत कर दी। वृजेन्द्र का आरोप है कि 8 मई की शाम पप्पू के भाई वीरेन्द्र ने उन्हें बातचीत के बहाने बुलाया और सीसीटीवी कैमरे की नजर से दूर ले जाने की कोशिश की। जब उन्होंने बाहर ही बात करने की बात कही, तभी पप्पू और उसके भतीजे सनी व मनु वहां पहुंच गए। आरोप है कि तीनों ने उनके साथ लात-घूसों से मारपीट की, जिससे उनके पैर के अंगूठे का नाखून निकल गया और वे घायल हो गए। पत्नी और बच्चों से भी मारपीट वृजेन्द्र के अनुसार, शोर सुनकर उनकी पत्नी, बेटा और बेटी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस दौरान गालियां देते हुए धमकी दी गई कि गाड़ी वहीं खड़ी होगी और जो करना हो कर लें। घर के बाहर दी धमकी पीड़ित का आरोप है कि घटना के कुछ देर बाद पप्पू के भतीजे ने 6-7 युवकों को उनके घर भेजा। इन लोगों ने घर के गेट पर लातें मारीं और बाहर निकलने की धमकी दी। इसके बाद से परिवार दहशत में है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल वृजेन्द्र सिंह का कहना है कि उन्होंने 29 अप्रैल 2026 को भी आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए। अब परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा और न्याय की मांग की है। पीड़ित बोला- जान का खतरा पीड़ित वृजेन्द्र ने कहा, “हमें घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है। पहले कैमरे से बचाकर मारपीट की गई और अब घर पर लोग भेजकर धमकाया जा रहा है। पूरा परिवार दहशत में है।” उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।
संभल जिलाधिकारी न्यायालय में जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। यह मामला तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा इमाम आफताब हुसैन वारसी एवं उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर मस्जिद, दरगाह और मकान बनाने के आरोप से संबंधित है। तहसीलदार कोर्ट ने इस मामले में बेदखली के आदेश दिए थे, जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह विवाद संभल जनपद के पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव की गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, यह भूमि चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी और 1972 में इसे ग्राम समाज की संपत्ति घोषित किया गया। यह भूमि कभी भी किसी व्यक्तिगत स्वामित्व में नहीं रही। गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई उन्होंने बताया कि आफताब और महताब नाम के व्यक्तियों ने इस भूमि पर कब्जा करके आवास, मस्जिद और दरगाह जैसी संरचनाएं बना रखी हैं। करीब छह महीने पहले लेखपाल ने इसके विरुद्ध धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी, जिस पर लगभग छह महीने सुनवाई चली। इस सरकारी भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपये बताया जा रहा है। वहीं, अधिवक्ता माधव मिश्रा ने तहसीलदार की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने जांच ठीक से नहीं की और गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई। मिश्रा ने साक्ष्य प्रस्तुत कर यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि मस्जिद 20 साल पहले नहीं, बल्कि ब्रिटिश काल से, सन् 1947 से पहले की बनी हुई है। माधव मिश्रा ने यह भी बताया कि आज न्यायालय में काम नहीं हो सका क्योंकि जिलाधिकारी नए आए हैं और आज उनका पहला कार्य दिवस था। वे अन्य कार्यों में व्यस्त रहे, जिसके बाद चैंबर में वकीलों के साथ एक औपचारिक वार्ता हुई और डीएम ने आज के मुकदमों में नई तारीखें दीं।
बाबूपुरवा में पत्नी के साथ रहने से इंकार करने पर पति ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रुप से झुलसी महिला को पड़ोसियों ने पुलिस की मदद से हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। बाबूपुरवा थाना प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पति के घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है, अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। बेटे को साथ लेकर चला गया था बाबूपुरवा की गुलफशां का निकाह पांच साल पहले बेगमपुरवा के हसीनों की गली में रहने वाले शीबू से हुआ था। दोनों का एक पांच वर्षीय बेटा अशान भी है। गुलफशां की विधवा बहन सलमा ने बताया कि शीबू अक्सर उनकी बहन के साथ मारपीट करता था। करीब पांच महीने पहले वह गुलफशां को छोड़कर चला गया था और बेटे को भी अपने साथ ले गया था, तभी से गुलफशां मायके में रह रही थी। दो दिन पहले शीबू लौटा और गुलफशां को अपने साथ ले जाने की बात कही। उसने अपनी गलती मानते हुए साथ में ठीक से रहने का भरोसा भी दिया, लेकिन इसके बावजूद गुलफशां ने साथ रहने से इंकार कर दिया था। इसी बात से नाराज शीबू शुक्रवार दोपहर जुम्मे की नमाज के दौरान घर पहुंचा। आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा गुलफशां अकेली थी, तभी शीबू उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी गुलफशां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से उसे हैलट अस्पताल पहुंचाया।
मथुरा में ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत मथुरा जंक्शन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। उन्हें ट्रेनों पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाओं के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। जीआरपी प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरपीएफ और जीआरपी की टीम लगातार ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चला रही है, जहां से ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी क्रम में टीम बाद गांव पहुंची और ग्रामीणों, युवाओं तथा बच्चों से संवाद किया। उन्हें समझाया गया कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि इससे यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि अक्सर ट्रेन में सफर कर रहे यात्री पत्थर लगने से घायल हो जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे होने की आशंका बनी रहती है। कई बार छोटे बच्चे या शरारती तत्व अनजाने में ऐसी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं, लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। इसलिए समाज के सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने में सहयोग करें। अभियान के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि कोई व्यक्ति रेलवे ट्रैक के आसपास संदिग्ध गतिविधि करता दिखाई दे या पत्थरबाजी की कोशिश करे तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को दें। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे, ताकि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
मुरादाबाद में हत्या के प्रयास के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मझोला थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के कारण यह फैसला संभव हो सका। पुलिस के अनुसार, यह घटना 2 जनवरी 2024 को हुई थी। पंचमुखी मंदिर रोड, मानपुर नारायणपुर निवासी शिवओम सिंह ने मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी शिवकुमार ने कन्हैया को जान से मारने की नीयत से लोहे की रॉड से उसके सिर पर हमला कर दिया था। इस हमले में कन्हैया गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना वादी के घर पर हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कमल किशोर ने की, जबकि अदालत में हैडकांस्टेबल अमरपाल ने लगातार पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रदीप कुमार सिंह ने न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद, एडीजे-09 श्री अरुण कुमार की अदालत ने आरोपी शिवकुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 326 (खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया। अदालत ने उसे 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को जनपद में चलाए जा रहे कन्विक्शन (दोषसिद्ध) अभियान की एक बड़ी सफलता बताया है।
सहारनपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी कलीम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कलीम पुत्र फुरकान उर्फ काला निवासी इस्लाम नगर, थाना रामपुर मनिहारान को शुक्रवार को कल्सिया रोड स्थित कब्रिस्तान के पास से पकड़ा गया। वह डेढ़ महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने 16 मार्च 2026 को थाना सदर बाजार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को आरोपी कलीम और उसके परिवार के सदस्यों ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपी पहले भी कई बार लड़की को अपने कब्जे में ले चुका था और शादी का झांसा देकर उसे घर से दूर रखता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सदर बाजार में पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी के निर्देश पर एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने 18 मार्च को नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, मुख्य आरोपी कलीम तब से फरार चल रहा था। लगभग डेढ़ महीने की तलाश के बाद, शुक्रवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई बताई। पुलिस अब इस मामले में आरोपी के अन्य साथियों और परिवार के सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी कलीम का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2022 में थाना नकुड़ में चोरी और चोरी का माल रखने का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें वह पहले भी जेल जा चुका है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कपिल देव, उपनिरीक्षक विपिन कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, हेड कांस्टेबल विजय सिंह और सचिन कुमार शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अबूझमाड़ में आईटीबीपी के जवानों का एक वाहन पलट गया, जिसमें 5 से 6 जवान घायल हो गए हैं। इनमें से 2 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा अबूझमाड़ के कुतुल-कोडनार मार्ग पर हुआ। पहले देखिए तस्वीरें जानकारी के अनुसार, अबूझमाड़ का यह इलाका कुछ समय पहले तक नक्सल प्रभावित माना जाता था और संवेदनशील क्षेत्र रहा है। इसी वजह से यहां सर्चिंग अभियान और विकास कार्यों में सुरक्षा देने के लिए आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए थे। शुक्रवार को डीमाइनिंग के लिए आईटीबीपी के जवान गश्त पर निकले थे। उनका वाहन अचानक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में करीब 5 से 6 जवान घायल हो गए हैं, जिनमें 2 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बाकी जवानों को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन, फैजाबाद शाखा ने 1974 की रेलवे हड़ताल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता एम एन मिश्र ने की। संचालन हीरालाल ने किया। सभी कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखा। 1974 की हड़ताल 8 घंटे काम, बोनस और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुई थी। सभी कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखा। 1974 की हड़ताल 8 घंटे काम, बोनस और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुई थी। हीरालाल ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों की एकता का प्रतीक है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट रहने की अपील की। रेलवे कर्मचारियों ने 8 घंटे कार्य दिवस, बोनस, वेतन वृद्धि और अन्य श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन किया था। ‘संघर्ष और एकता की मिसाल थी 1974 की हड़ताल’ सभा को संबोधित करते हुए शाखा मंत्री हीरालाल ने कहा कि 1974 की रेलवे हड़ताल कर्मचारियों के संघर्ष, त्याग और एकता की मिसाल थी। उस आंदोलन ने देशभर के रेल कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने की ताकत दी। उन्होंने कहा कि आज भी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाता रहा है और भविष्य में भी संगठन के नेतृत्व के आह्वान पर रेल कर्मचारी हर संघर्ष के लिए तैयार रहेंगे। सभा में कर्मचारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
मथुरा में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। समिति के सभापति अशोक अग्रवाल की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न विकास कार्यों और लंबित याचिकाओं की समीक्षा की गई। बैठक में समिति के सदस्यों के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, नाली, पुलिया, पंचायत घर और पानी निकासी सहित अन्य विकास कार्यों पर चर्चा हुई। नंदगांव, नौहझील, मॉट, छाता और राया जैसे विभिन्न क्षेत्रों की लंबित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त, यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और कचरा निस्तारण के मुद्दे पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। सभापति अशोक अग्रवाल ने अधिकारियों से सभी कार्यों के टेंडर, वर्क ऑर्डर, लागत, निर्माण की स्थिति, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि सहित स्थलीय निरीक्षण की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को पूर्ण दिखाया गया है, उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। इसके लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को शामिल करते हुए एक तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। यह समिति एक सप्ताह के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि जिन विकास कार्यों को अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है, उन्हें जिला पंचायत और लोक निर्माण विभाग के प्रस्तावों में शामिल कर प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष गोल्डी शर्मा के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। गोल्डी शर्मा ने इस संबंध में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) फिरोजपुर झिरका को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बैंक मैनेजर और अकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में गोल्डी शर्मा ने बताया कि वह अपने स्वयं सहायता समूह का संयुक्त खाता खुलवाने के लिए पिछले लगभग छह महीनों से बैंक के चक्कर लगा रही हैं। उनका आरोप है कि हर बार बैंक प्रबंधन द्वारा अलग-अलग बहाने बनाकर टाला जा रहा था। आरोप है कि शुक्रवार को भी वह अपनी समूह की अन्य महिलाओं के साथ बैंक पहुंची। उन्हें सुबह से शाम तक इंतजार कराया गया। अधिकारियों ने नहीं खोला खाता महिलाओं का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी बैंक अधिकारियों ने न तो खाता खोला और न ही दस्तावेजों की जांच की। जब उन्होंने इस लापरवाही पर सवाल उठाते हुए शिकायत करने की बात कही, तो बैंक मैनेजर और अकाउंटेंट कथित तौर पर भड़क गए। आरोप है कि दोनों ने महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें बैंक से बाहर जाने को कहा। बैंक कर्मियों के व्यवहार के जांच की मांग घटना के बाद महिलाओं में रोष देखा गया। गोली शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक कर्मचारियों के व्यवहार की निष्पक्ष जांच की जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका उद्देश्य है कि भविष्य में किसी महिला या आम नागरिक के साथ ऐसा व्यवहार न हो। जनता को समय पर मिलनी चाहिए सुविधाएं यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी बैंकों में आम जनता को सम्मानजनक व्यवहार और समय पर सुविधाएं मिलनी चाहिए। यदि महिलाओं के साथ इस तरह का रवैया अपनाया जाता है, तो यह चिंताजनक है।
मध्य प्रदेश के रीवा में जनवरी 2026 के अतीक अहमद शेख हत्याकांड के 3 मुख्य आरोपियों को सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्यप्रदेश पुलिस से बचने के लिए सूरत भाग गए थे। वहां मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। सूरत पुलिस को सूचना मिली थी कि रीवा के पनवार थाने में दर्ज दंगा और हत्या के आरोपी अडाजण इलाके में छिपे हैं। पुलिस ने निगरानी कर आकाश सिंह उर्फ सौरभ सिंह राजपूत, सत्यम सिंह राजपूत और अजीत सिंह राजपूत को पकड़ लिया। तीनों आरोपी ओलपाड के मासमा गांव में रह रहे थे। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… मेले में चंदन लगाने को लेकर हुआ था विवाद पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 1 जनवरी 2026 को रीवा जिले के शिवपुर इलाके में धार्मिक मेले का आयोजन हुआ था। यहां लोगों के माथे पर स्वागत के तौर पर चंदन लगाया जा रहा था। अतीक अहमद शेख अपने दोस्तों के साथ मेले में पहुंचा था। इस दौरान अतीक ने माथे पर चंदन लगाने का विरोध किया। इससे मेले में विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। मेले में हुए विवाद की रंजिश में आरोपियों ने अतीक को सबक सिखाने की योजना बनाई। आरोपियों ने अतीक को मरते दम तक पीटा 27 जनवरी 2026 को अतीक टेंपो से जा रहा था, तभी आरोपियों ने रास्ते में उसे रोक लिया। तीनों आरोपियों और उनके साथियों ने अतीक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वायरल VIDEO में दिखी बेरहमी वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर लगातार डंडों से पीट रहे हैं। हमले में घायल को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई। हमलावर घायल को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। वीडियो से आरोपियों की पहचान हई। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। चंपागढ़ के 5 युवकों पर था आरोप पीड़ित पक्ष ने ग्राम चंपागढ़ (थाना पनवार) निवासी 5 लोगों पर नामजद आरोप लगाए थे। इनमें शिवम सिंह ठाकुर, अजीत सिंह ठाकुर, सौरभ सिंह ठाकुर, सत्यम सिंह ठाकुर और शक्ति सिंह ठाकुर शामिल हैं। 100 पुलिसकर्मियों की SIT कर रही थी तलाश मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने SIT गठित की थी। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश में जुटे थे। लगातार छापेमारी के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे थे, लेकिन आखिरकार सूरत SOG ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के बाद मध्यप्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया गया है। करीब चार महीने तक आरोपी सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर काम करते रहे और पुलिस को चकमा देते रहे। …………………………………….. यह खबर भी पढ़ें रीवा में 3 मिनट में 40 लाठियां मारी रीवा जिले के पनवार थाना अंतर्गत शिवपुर क्षेत्र में कबाड़ व्यापारी और उनके भाई पर हुए जानलेवा हमले का वीडियो रविवार को सामने आया है। वीडियो में 5 हमलावर एक व्यक्ति को जमीन पर लिटाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। बदमाशों ने 3 मिनट में युवक को 100 लाठियां मारी। पढ़ें पूरी खबर…
सहारनपुर में अवैध पशु कटान का आरोपी गिरफ्तार:50 किलो मीट, स्कूटी और अवैध छुरा बरामद
सहारनपुर में अवैध पशु कटान के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली मंडी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से पशु कटान कर मीट सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लगभग 50 किलोग्राम भैंस के कटड़े का मीट, मृत पशु के अवशेष, एक स्कूटी और एक अवैध छुरा बरामद किया गया है। एसएसपी के निर्देश पर जनपद में अपराधों की रोकथाम और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को थाना कोतवाली मंडी पुलिस चौकी निर्यात क्षेत्र में गश्त और सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति अवैध पशु कटान कर मीट को कट्टे में भरकर सप्लाई के लिए ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सतपाल सिंह भाटी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने कमेला रोड स्थित पशु पैठ से आगे खाली पड़े कमरों के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सलमान पुत्र इकबाल निवासी झूले वाली गली, अख्तर मस्जिद के पास, एकता कॉलोनी, थाना कुतुबशेर के रूप में बताई। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग 50 किलो भैंस के कटड़े का मीट, एक मृत कटड़े के अवशेष, लाल रंग की एक्टिवा डिलक्स स्कूटी और एक अवैध छुरा बरामद किया। पुलिस ने मौके पर ही सभी बरामद सामान को कब्जे में ले लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी सलमान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बरामद स्कूटी को भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शहरोज आलम खान, हेड कांस्टेबल विकल सोम, अरुण तोर और कांस्टेबल मनोज आर्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायपुर में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ खमतराई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी एक्टिवा में बियर की बोतलें भरकर सप्लाई करने निकले थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 36 बोतल बियर और एक एक्टिवा वाहन जब्त किया है। जब्त शराब की कुल मात्रा 23.400 बल्क लीटर बताई गई है। आरोपियों का नाम ओम प्रकाश मानिकपुरी और मनोज कुमार तिवारी बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला खमतराई पुलिस के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार की दोपहर को मुखबिर से सूचना मिली थी, कि दो आरोपी शराब की बिक्री करने के लिए निकले है। मुखबिर की सूचना पर पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की और खमतराई ओवरब्रिज के नीचे दो युवक एक्टिवा क्रमांक CG 04 MD 8353 में अवैध रूप से रखी बियर के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम ओम प्रकाश मानिकपुरी और मनोज कुमार तिवारी बताया। पुलिस ने एक्टिवा में रखे दो बैगों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक बैग से 20 बोतल बियर और दूसरे बैग से 16 बोतल बडवाइजर मैग्नम बियर बरामद हुई है। आरोपियों से जब्त सामान की कुल कीमत पुलिस द्वारा 58,640 रुपए बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
लखीमपुर के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित लखनऊ जोन की अंतर्जनपदीय कबड्डी क्लस्टर प्रतियोगिता 2026 शुक्रवार को संपन्न हो गई। इस प्रतियोगिता में खीरी जनपद की टीमों का शानदार प्रदर्शन रहा, जिन्होंने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में खिताब जीते। समापन अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया। यह प्रतियोगिता 06 मई को शुरू हुई थी, जिसमें महिला और पुरुष वर्ग की कबड्डी, खो-खो, जिम्नास्टिक और फेसिंग स्पर्धाएं शामिल थीं। पुरुष कबड्डी के फाइनल मुकाबले में खीरी टीम ने रायबरेली को 52-18 के बड़े अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसी तरह, महिला वर्ग में भी खीरी ने रायबरेली को 19-12 से मात देकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रतियोगिता में खीरी जनपद का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा। खीरी की टीमों ने खो-खो महिला वर्ग, कबड्डी महिला वर्ग, खो-खो पुरुष वर्ग और कबड्डी पुरुष वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए चल वैजयन्ती प्राप्त की। अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार राय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन समारोह में प्रतिसार निरीक्षक पवन कुमार भाटी, उपनिरीक्षक चंद्रभूषण साहनी, विभिन्न जनपदों के टीम मैनेजर, खिलाड़ी, बेसिक शिक्षा विभाग और स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्णायक मंडल के सदस्य सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार के गृह विभाग (ग्रुप-1) ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में 16 पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर और पदस्थापन आदेश जारी किए। यह आदेश राजस्थान सिविल सेवा नियम-2011 के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। विभाग के शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार- कई नवनियुक्त उप पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को एक इकाई से दूसरी इकाई में ट्रांसफर किया गया है। झाबरमल को एसीबी टोंक से ट्रांसफर कर एसीबी एसआईडब्ल्यू जयपुर में लगाया गया है। वहीं ज्ञान सिंह चौधरी को एसीबी मुख्यालय जयपुर से दौसा भेजा गया है। ऋषिकेश मीणा को बांसवाड़ा से टोंक में पदस्थापित किया गया है। इसके अलावा गोपाल स्वरूप मेवाड़ा को चित्तौड़गढ़, रामेश्वर परिहार को सवाई माधोपुर, राजवीर सिंह चंपावत को ब्यावर, भूपेंद्र सिंह को फलोदी और सतपाल सिंह को डीडवाना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी के रूप में लगाया गया है। नवनियुक्त अधिकारियों में प्रशांत कौशिक को जयपुर एसयू प्रथम लगाया नवनियुक्त अधिकारियों में प्रशांत कौशिक को जयपुर एसयू प्रथम, महावीर सिंह को खैरथल-तिजारा, राजेंद्र सिंह जैन को डूंगरपुर और सुनील झाझड़िया कुमार को विभागीय जांच शाखा जयपुर में नियुक्ति दी गई है। इसी तरह मनोज कुमार गुप्ता को जयपुर शहर चतुर्थ, महेंद्र कुमार गुप्ता को जयपुर शहर द्वितीय, सुरेश शर्मा को श्रीगंगानगर तथा देरावर सिंह को अजमेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी पद पर लगाया गया है। गृह विभाग की ओर से संयुक्त शासन सचिव (पुलिस) मुनीष सौवल ने आदेश जारी किए हैं।
लुधियाना के फोकल प्वाइंट इलाके में शुक्रवार देर शाम सड़क हादसा हो गया। ढंडारी पुल के नजदीक एक लोडिड ट्राले ने एक्टिवा सवार दो लोगों को कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि ट्राले के पिछले टायर दोनों युवकों के सिर के ऊपर से गुजर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने ट्राले के ड्राइवर को मौके पर ही पकड़ लिया और उसे जीवन नगर पुलिस चौकी के हवाले कर दिया। खून से लथपथ सड़क पर पड़े मिले दोनों व्यक्तियों के शवमृतकों के शव सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। मृतकों में से एक की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है। आनंद एक्टिवा चला रहा था, जबकि उसके पीछे बैठा दूसरा व्यक्ति अभी तक अज्ञात है। दोनों मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ढंडारी यार्ड में करता था मृतक कामजानकारी के अनुसार आनंद कुमार सूरज साइकिल इंडस्ट्री फोकल पुवाइंट फेस-5 में काम करता था। बताया जा रहा है कि उसकी दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी से उसके 2 बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी से भी 2 बच्चे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने हादसे में क्षतिग्रस्त एक्टिवा को भी कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच कर रहे ASI रणजीत सिंह ने बताया कि दोनों युवक एक्टिवा पर सवार थे और ट्राले की चपेट में आने से उनके चेहरे बुरी तरह कुचल गए। एक्टिवा के नंबर के आधार पर पुलिस ने आनंद कुमार की पहचान की है। उन्होंने कहा कि आनंद के साथ बैठे दूसरे व्यक्ति की पहचान की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर आरोपी ट्राला चालक के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
हरियाणा के फरीदाबाद शहर की डबुआ कॉलोनी में शुक्रवार देर शाम किराए पर रहने वाले एक 40 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। व्यक्ति का शव घर के अंदर जमीन पर पड़ा मिला। पड़ोसियों ने जब उसे घर के अंदर जमीन पर गिरा हुआ देखा और आवाज देने के बावजूद वह नहीं उठा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया। सभी सदस्य काम पर गए हुए थे जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान पुष्पेंद्र (40) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का रहने वाला था और फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी के ए-ब्लॉक में किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि पुष्पेंद्र दिहाड़ी मजदूरी करता था और तीन भाइयों में से बीच का भाई था। वह शादीशुदा था और उसकी पत्नी भी एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। परिजनों के अनुसार, घटना के समय घर के सभी सदस्य अपने-अपने काम पर गए हुए थे। पड़ोसियों ने परिजनों को दी सूचना पुष्पेंद्र भी सुबह एक हलवाई के साथ काम पर गया था, लेकिन दोपहर करीब दो बजे वह वापस घर लौट आया था। इसके बाद वह घर के अंदर ही था। शाम के समय जब परिवार के लोग अपने काम से वापस लौट रहे थे, तभी पड़ोसियों का फोन आया कि पुष्पेंद्र घर के अंदर जमीन पर गिरा पड़ा है और उठ नहीं रहा है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग तुरंत घर पहुंचे। जब उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा, तो पुष्पेंद्र जमीन पर पड़ा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। शराब पीने का आदी था परिजनों का कहना है कि पुष्पेंद्र शराब पीने का आदी था। उन्हें आशंका है कि संभवतः उसने ज्यादा शराब पी ली होगी, जिसके कारण उसकी मौत हो सकती है। हालांकि अभी तक मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है और यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। फॉरेंसिंक टीम ने जुटाए साक्ष्य थाना प्रभारी संग्राम दहिया ने बताया कि डबुआ कॉलोनी के ए-ब्लॉक में किराए पर रहने वाले पुष्पेंद्र नामक व्यक्ति का शव घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम से जांच करवाई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही व्यक्ति की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
सलूम्बर में जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की स्वीकृति के बाद जिला अध्यक्ष परमानंद मेहता ने अपनी नई टीम का ऐलान किया। पदभार संभालने के करीब छह महीने बाद जारी की गई इस सूची को संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने सार्वजनिक किया। गणेश मेहता को संगठन महासचिव की जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी में गणेश मेहता को संगठन महासचिव बनाया गया है, जबकि प्रद्युम्न कोड़िया को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा गजानंद मेहता को जिला प्रवक्ता और खुज़ेमा भबराना को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है। नई टीम में युवाओं और अनुभवी नेताओं को जगह कांग्रेस संगठन ने नई कार्यकारिणी में अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं को भी मौका दिया है। संगठन विस्तार को ध्यान में रखते हुए 5 उपाध्यक्ष, 7 महासचिव और 15 सचिव नियुक्त किए गए हैं। उपाध्यक्ष पद पर जगदीश भंडारी, रूपलाल सालवी और अनार सिंह चौहान को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं महासचिव पद पर चेतना मीणा, अब्दुल रऊफ, मोहनलाल औदिच्य और गीता डांगी सहित अन्य नेताओं को शामिल किया गया है। आगामी चुनावों को लेकर संगठन सक्रिय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। नई कार्यकारिणी में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। सूची जारी होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और संगठन स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 मई को कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों को खुले जंगल की सैर पर भेजेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री 10 मई की शाम को ही कूनो पहुंच जाएंगे और रात वहीं रुकने के बाद अगले दिन सुबह 8 बजे कूनो नदी के पास स्थित साइट से इन चीतों को आजाद करेंगे। बताया जा रहा है कि बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों ने अपनी क्वारंटीन की अवधि पूरी कर ली है, जिसके बाद उन्हें छोटे बाड़े में रखा गया था। अब इनमें से दो चीतों को पूरी तरह खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी है। इस खास मौके के लिए कलेक्टर शीला दाहिमा और एसपी सुधीर अग्रवाल ने शुक्रवार को कूनो पहुंचकर हेलीपैड और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। राजस्थान से वापस लाया गया चीता 'KAP12' कूनो से जुड़ी एक और खबर यह है कि राजस्थान के सवाई माधोपुर पहुंच गए नर चीते 'KAP12' का सफल रेस्क्यू कर लिया गया है। कूनो प्रबंधन ने बताया कि 8 मई को इसे सुरक्षित वापस लाया गया। दरअसल, यह चीता भटकते हुए आबादी वाले इलाके के करीब पहुंच गया था, जिससे इंसानों और चीते दोनों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। KAP12 को पिछले साल फरवरी में कूनो के जंगल में छोड़ा गया था। इसके फिर से आबादी की ओर जाने पर वन विभाग ने सतर्कता दिखाई और इसे वापस कूनो के सुरक्षित इलाके में छोड़ दिया है। अफसरों ने परखीं तैयारियां मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए कूनो में प्रशासनिक हलचल तेज है। निरीक्षण के दौरान डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ और एसडीएम समेत तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि चीतों को जंगल में छोड़ने के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी भी तरह की कमी न रहे।
गुजैनी में पिकअप सीज होने से परेशान चल रहे ड्राइवर ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसका शव मकान की पहली मंजिल में पंखे से अंगौछे से सहारे लटका मिला। पत्नी खाने के लिए बुलाने पहुंची तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच-पड़ताल का शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बर्रा-आठ निवासी 40 वर्षीय कृष्णकांत शुक्ला खुद की पिकअप चलाता था। परिवार में पिता महेश चंद्र, पत्नी प्रतिभा व दो बच्चे हैं। पिता ने बताया कि तीन साल पहले सड़क हादसे में कृष्णकांत को गंभीर चोट आई थी, जिसमें उसका एक हाथ कुछ टेढ़ा हो गया था। स्वस्थ होने के बाद वह फिर से पिकअप चलाने लगा था। करीब दो महीने पहले आरटीओ ने चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर हाथ टेढ़ा देखकर उसे ड्राइविंग के लिए अनफिट पाया, इस पर उसका पिकअप सीज कर दिया था। तब से वह घर पर ही था। आर्थिक तंगी के कारण वह उन पर नया पिकअप दिलाने दबाव बना रहा था। उनके मना करने पर ही था। इसी तनाव में वह उसने यह कदम उठा लिया। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि पिता के नया पिकअप दिलाने से इंकार पर करने पर युवक ने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवी लाल की प्रतिमा पर कीचड़ फेंके जाने से पिपली स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही जननायक जनता पार्टी (JJP) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा पर फेंका गया कीचड़ साफ किया और घटना पर कड़ा विरोध जताया। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे JJP के नेताओं को घटना की सूचना मिली। पार्टी के नेताओं का कहना है कि शरारती तत्वों ने देवी लाल पार्क में लगी चौधरी देवीलाल की प्रतिमा पर कीचड़ और गारे के लोथड़े फेंक दिए। हालांकि, उन्होंने कीचड़ को प्रतिमा से साफ कर दिया, लेकिन घटना को लेकर कल शनिवार को मीटिंग बुलाई गई है। हरकत बहुत ही निंदनीय- योगेश शर्मा सूचना पाकर थानेसर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके योगेश शर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया। साथ ही कहा कि यह सिर्फ एक प्रतिमा का अपमान नहीं, बल्कि हरियाणा की उस सोच और विरासत का अपमान है, जिसे लोग जननायक के नाम से जानते हैं। चौधरी देवीलाल को जनता ने सम्मान दिया। इस तरह की हरकत बेहद निंदनीय है। शाम करीब 7 बजे मिली सूचना योगेश शर्मा ने कहा कि शाम करीब 7 बजे उन्हें किसी बुजुर्ग व्यक्ति का फोन आया था, जिसने पार्क में प्रतिमा पर कीचड़ फेंके जाने की जानकारी दी। इसके बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। वहां जाकर देखा तो प्रतिमा पर गारे एवं कीचड़ के लोथड़े पड़े हुए थे। सबसे पहले उन्होंने प्रतिमा की सफाई की। चेहरे और पगड़ी तक फेंका शरारती तत्वों ने प्रतिमा के चेहरे को पगड़ी तक को निशाना बनाया। बताते चलें कि करीब ढाई दशक पहले पिपली में ताऊ देवी लाल पार्क का निर्माण किया गया था। उस समय पार्क में पूर्व उप-प्रधानमंत्री की प्रतिमा लगाई गइ थी। आरोपी पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है, यह जांच का विषय है, लेकिन जिसने भी यह हरकत की है उसकी मानसिकता बेहद घटिया है। प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग रखी। ताऊ देवी लाल जीटी रोड पर स्थित है। दिन दिहाड़े इस तरह की हरकत से प्रशासन की नीयत पर सवाल उठता है। सुबह करेंगे मीटिंग योगेश शर्मा ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई इस तरह समाज में माहौल खराब करने की कोशिश न करे। कल शनिवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। उस मीटिंग के बाद कोई सख्त फैसला लिया जाएगा। प्रतिमा स्थल पर दोबारा सफाई अभियान चलाया जाएगा।
राजस्थान में सूरज की तपिश और बढ़ते पारे ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। इस भीषण गर्मी के बीच आमजन को सबसे ज्यादा उम्मीद बिजली विभाग से होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोधपुर डिस्कॉम ने जैसलमेर जिले के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। शुक्रवार को जोधपुर डिस्कॉम (बाड़मेर जोन) के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) एन के जोशी ने जैसलमेर क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े बिजली अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिले के किसी भी कोने में बिजली की सप्लाई न रुके और लोगों को गर्मी में परेशान न होना पड़े। इंजीनियरों को सख्त आदेश: फोन बंद किया तो खैर नहीं बैठक में मुख्य अभियंता ने कड़े शब्दों में कहा कि जैसलमेर खंड के सभी अधिशाषी अभियंता (XEN), सहायक अभियंता (AEN) और कनिष्ठ अभियंता (JEN) अब अलर्ट मोड पर रहेंगे। इन सभी अधिकारियों को अपना मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर कोई उपभोक्ता अपनी समस्या लेकर फोन करता है, तो उसे संतोषजनक जवाब देना होगा। फोन बंद मिलने या शिकायत पर ध्यान न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए तकनीकी रास्तों का इस्तेमाल अधीक्षण अभियंता (SE) इंजि. भैराराम चौधरी ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग ने कई ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम खोल दिए हैं। अब बिजली कटने या वोल्टेज की समस्या होने पर उपभोक्ता केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं हैं। वे टोल फ्री नंबर 1800-180-6045 और 1912 पर कॉल करने के अलावा व्हाट्सएप नंबर 9413359064 पर भी अपनी बात लिख कर भेज सकते हैं। इसके साथ ही 'विद्युत साथी ऐप' और विभाग के फेसबुक पेज 'Jodhpur Discom' के जरिए भी शिकायतें ली जा रही हैं। ईमेल के लिए cccjdvvnl@gmail.com की सुविधा भी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। जोखिम में जान डालकर काम करते हैं कर्मचारी अधिकारियों ने कहा है कि जब भी कहीं कोई बड़ा फॉल्ट आता है, तो बिजली कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर तपती धूप में खंभों और लाइनों पर काम करते हैं। ऐसे में आमजन से निवेदन है कि वे धैर्य रखें। अक्सर देखा गया है कि एक ही घर से अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए एक ही शिकायत के लिए बार-बार कॉल किए जाते हैं। इससे फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों का ध्यान भटकता है और काम में देरी होती है। विभाग ने अपील की है कि सिस्टम को सहयोग दें ताकि खराबी जल्दी ठीक हो सके। क्षेत्रवार संपर्क नंबर (सुबह 9:30 से शाम 6:00 तक): जैसलमेर शहर: 9257031345 जैसलमेर ग्रामीण: 0267031346 पोकरण: 9267031350 फतेहगढ़: 9267031347 भणियाणा: 9257031351
अनुसूचित जाति कल्याण एवं जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान शुक्रवार को आगर-मालवा दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जल जीवन मिशन और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। पाइपलाइन के बाद खुदी सड़कों की होगी मरम्मत मंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने एलएनटी कंपनी द्वारा सड़क सुधार कार्य में देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बारिश से पहले अनिवार्य रूप से मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। किसानों की तुलाई और भुगतान प्राथमिकता गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों की उपज की समय पर तुलाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में पेयजल, विद्युत योजनाओं और हैंडपंप सुधार कार्यों की भी प्रगति जांची गई। संगठन की मजबूती और बूथ सक्रियता पर चर्चा प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में भाजपा कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और आगामी प्रशिक्षण वर्ग के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने दी विकास कार्यों की जानकारी समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर प्रीति यादव ने जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक मधु गेहलोत और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
भिवानी जिले के लोहारू में ग्रामीण बैंक के पास स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान से शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े लाखों रुपए के आभूषण चोरी हो गए। दो अज्ञात युवक करीब 50 ग्राम सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपए बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:20 बजे दो युवक ग्राहक बनकर लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सिर पर टोपी पहन रखी थी। दोनों ने दुकान में रखे विभिन्न प्रकार के आभूषण काफी देर तक देखे और पसंद करने का नाटक करते रहे। इसी दौरान मौका पाकर वे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषणों में एक सोने की चेन, एक जोड़ी गोल बाला, दो जोड़ी टोप्स, दो महिलाओं की अंगूठियां, एक पुरुष की अंगूठी और एक पतड़ी शामिल हैं। कुल मिलाकर, लगभग 50 ग्राम सोने के आभूषण चोरी हुए हैं। बहन संग आकर करेंगे बाकी भुगतान दुकान मालिक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों युवकों ने एक चांदी की चेन, एक बाली और एक नोजपिन पसंद की थी, जिनकी कीमत करीब 7 हजार रुपए थी। आरोपियों ने एक हजार रुपए एडवांस भी दिए और कहा कि वे शाम करीब पांच बजे अपनी बहन के साथ आकर बाकी भुगतान कर सामान ले जाएंगे। जांच में आभूषण मिले कम सुरेश कुमार सोनी के अनुसार, बातचीत के बाद वह किसी काम से घर चले गए और पीछे दुकान पर उनका बेटा दीपक सोनी बैठा हुआ था। कुछ देर बाद जब सामान की जांच की, तो दुकान से कई कीमती आभूषण गायब मिले। इसके बाद तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई। पुलिस ने दुकान का किया निरीक्षण सूचना मिलते ही लोहारू डीएसपी संजीव, थाना प्रभारी मुरारी लाल और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया और दुकान मालिक से घटना की पूरी जानकारी ली। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। सीसीटीवी खंगालने में जुटी टीम- डीएसपी लोहारू डीएसपी संजीव ने बताया कि ज्वेलरी शॉप से आभूषण चोरी होने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है तथा आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित कर दी गई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। ग्राहक बनकर आए थे आरोपी- प्रभारी थाना प्रभारी मुरारी लाल ने बताया कि दुकान मालिक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ग्राहक बनकर दुकान में आए थे। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है तथा जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
उदयपुर में पत्नी ने अपने पति पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला किया। पति को मरा समझकर फिर खुद ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले पति के बड़े भाई (जेठ) को ऑडियो भेजा। ऑडियो में महिला ने कहा- मैं मरूंगी और मारूंगी, दादा अलविदा। मेरी मौत के बाद किसी को परेशान मत करना। पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना गोगुंदा थाना क्षेत्र के मजावड़ी गांव में गुरुवार रात की है। भजन संध्या से लौटने के बाद हुआ विवाद गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया- उमेश गमेती (24) और उसकी पत्नी दुर्गा गमेती (21) गुरुवार रात एक भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दुर्गा ने कुल्हाड़ी उठाकर पति उमेश पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में उमेश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके कपड़े खून से लथपथ हो गए। पति को मृत समझकर पत्नी ने लगाया फंदा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमले के बाद दुर्गा ने उमेश को मृत समझ लिया और आवेश में आकर कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार दोपहर तक घर से किसी के बाहर नहीं निकलने पर जब पड़ोसियों ने अंदर देखा, तो महिला फंदे पर लटकी मिली और उमेश लहूलुहान हालत में पड़ा था। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से गंभीर घायल उमेश गमेती को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पुलिस ने महिला के शव को फंदे से नीचे उतरवाकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। शनिवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। जेठ को भेजा ऑडियो, कहा-मैं मरूंगी और मारूंगीगोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने कहा- दुर्गा गमेती ने अपने पति के बड़े भाई (जेठ) को एक ऑडियो भेजा था। इसमें दुर्गा गमेती ने कहा- मैं मरूंगी और मारूंगी, दादा अलविदा। मेरी मौत के बाद किसी को परेशान मत करना। पुलिस ने इस ऑडियो को कब्जे में ले लिया है। अब इस सुसाइड मैसेज के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। इनपुट- गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।
दतिया शहर में रिकवरी एजेंट के अपहरण, मारपीट और धमकी मामले में पुलिस ने फरार आरोपी जीतेंद्र कोरी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि वारदात में शामिल शिवपुरी जिले के दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी अब भी फरार है। कोतवाली पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। शुक्रवार शाम पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया था। घटना के समय आरोपी आरक्षक राजपाल मांझी दिनारा थाने में पदस्थ था। मामले के बाद तत्कालीन एसपी अमन सिंह राठौर ने उसे निलंबित कर दिया था। बाइक जब्ती को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार दतिया निवासी विजय रावत (21) एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट है। उसे 6 अप्रैल को एक बाइक जब्त करने का टास्क मिला था। बाइक बद्री बाथम के नाम फाइनेंस थी, लेकिन किस्तें जमा नहीं होने पर विजय ने सेंवढ़ा चुंगी क्षेत्र से बाइक जब्त कर जिला अस्पताल के सामने स्थित कार्यालय में जमा करा दी थी। इसी बात को लेकर आरोपियों और विजय के बीच विवाद शुरू हुआ। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विजय रावत राधेश्याम एमपी ऑनलाइन सेंटर पर बैठा था। तभी सफेद बोलेरो में सवार छह लोग वहां पहुंचे। इनमें भाजपा नेता छोटू रायकवार उर्फ छोटू मांझी, उसका भाई और दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी, बंटी मुसलमान समेत अन्य आरोपी शामिल थे। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए विजय के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए एमपी ऑनलाइन संचालक हिमांशु यादव को भी पीटा गया। इसके बाद दुकान में तोड़फोड़ कर कंप्यूटर, सीपीयू और लैपटॉप क्षतिग्रस्त कर दिए गए। कट्टा अड़ाकर बाइक वापस मांगते रहे आरोपियों ने विजय को जबरन बोलेरो में बैठाकर अगवा कर लिया। रास्ते में उसकी कनपटी पर कट्टा अड़ाकर जब्त बाइक वापस मंगाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी विजय को करीब 7 किलोमीटर दूर उनाव रोड स्थित हमीरपुर तिराहे पर ले गए। इसी दौरान विजय का दोस्त आशु यादव वहां पहुंचा और उसे छुड़ाने की कोशिश की। आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की और कट्टा तानकर धमकाया। आशु यादव ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी बोलेरो लेकर भाग निकले। पीछा करते हुए पुलिस भेड़पुरा होते हुए भांडेरी फाटक स्थित पंडा की नरिया तक पहुंची, जहां बोलेरो फंस गई। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। मौके का फायदा उठाकर विजय पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने मौके से छोटू और उसके साथी बंटी को पकड़ लिया था, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए थे। अपहरण से पहले महिला पर फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया है कि अपहरण की घटना से करीब दो घंटे पहले छोटू मांझी, बंटी मुसलमान और जीतेंद्र कोरी ने मोहल्ले की एक महिला गिरजा देवी पर फायरिंग भी की थी। बताया जा रहा है कि पुलिस उस मामले में सक्रिय होती, उससे पहले आरोपियों ने रिकवरी एजेंट के अपहरण की दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। दिनारा थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि आरक्षक राजपाल मांझी गुरुवार सुबह ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुआ था। उसका व्यवहार पहले से संदिग्ध बताया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आबंटित केते एक्सटेंशन माइंस की स्वीकृति के लिए पूर्व केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वन सलाहकार समिति की बैठक में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि नई खदान की स्वीकृति से 7 लाख पेड़ कटेंगे। समृद्ध और जैव विविधता वाले हसदेव जंगल के कटने से हसदेव नदी और बांगो जलाशय का विनाश होगा। इससे छत्तीसगढ़ रेगिस्तान में तब्दील होगा। फारेस्ट एडवायजरी कमेटी (FAC) की शुक्रवार को नई दिल्ली में बैठक के पहले पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कमेटी से जुड़े सदस्यों से फोन कॉल पर बात की तथा ईमेल व वाट्सएप से कई दस्तावेज भेज कर ऐतिहासिक स्थल रामगढ़ के संरक्षण एवं संवर्धन पर खतरे को लेकर भी ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने केते एक्सटेंशन कोल माइंस के लिए क्लीयरेंस नहीं देने की मांग रखी। 7 लाख पेड़ कटेंगे, रामगढ़ का विनाश तय सिंहदेव ने कहा कि केते एक्सटेंशन माइंस में 1,742 हेक्टेयर जंगल की जमीन ली जानी है, जिसमें 7 लाख पेड़ कटेंगे। खदान सीमा से ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ की दूरी 8 किलोमीटर है, जिसे गलत तरीके से 10 किलोमीटर से ज्यादा दूर बताया गया है। रामगढ़ की प्राचीन पहाड़ी, गुफाएँ और मंदिर भी नए खदान से नष्ट हो जाएँगे। नो-गो एरिया घोषित करने की मांग टीएस सिंहदेव ने डब्लूआईआई देहरादून की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे नो गो एरिया में शामिल करने की मांग की है। 26 जुलाई, 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा के हसदेव अरंड कोयला क्षेत्र में कोयला खनन के खिलाफ और नई कोयला खदानों को रद् करने के खिलाफ एकमत से प्रस्ताव पारित किया गया। वर्तमान में चल रहे खदानों में अगले 20 सालांे का कोयला शेष होना रिपोर्ट में बताया गया है, इसलिए नए माइंस की जरूरत नहीं है। हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने भी दर्ज कराई आपत्ति केते एक्सटेंशन खदान को लेकर हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने भी फारेस्ट एडवाजरी कमेटी के समझ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। राज्य अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि नई खदान का 99 प्रतिशत एरिया डेंस फारेस्ट है। इसमें 7 लाख पेड़ काटे जाएंगे। इससे भारत का फेफड़ा कहे जाने वाले इलाके के जंगल का विनाश तय है। हसदेव बचाओ समिति ने केते एक्सटेंशन को स्वीकृति न देने की मांग करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। हसदेव बचाओ समिति ने कहा कि इस खदान को स्वीकृति मिली तो छत्तीसगढ़ रेगिस्तान बन जाएगा। बड़े इलाके में पेड़ों की कटाई के कारण पर्यावरण का विनाश तय है। यह सिर्फ प्रभावितों की लड़ाई नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यावारण को बचाने की लड़ाई है।
जनसुनवाई समाधान प्रणाली (IGRS) की अप्रैल-2026 रैंकिंग में बरेली परिक्षेत्र ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। शिकायतों के समय पर और बेहतर निस्तारण के कारण यह उपलब्धि मिली है। डीआईजी अजय कुमार साहनी के निर्देशन में बरेली परिक्षेत्र ने यह सफलता प्राप्त की। परिक्षेत्र के चारों जिले- बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत को संयुक्त रूप से प्रदेश में प्रथम रैंकिंग मिली है। इसके साथ ही क्षेत्र के सभी 89 थानों ने भी प्रदेश स्तर पर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। जनपदों और थानों का शानदार प्रदर्शन, बरेली के 28 तो पीलीभीत के सभी थानों ने मारी बाजी इस रैंकिंग में परिक्षेत्र के थानों ने शत-प्रतिशत प्रदर्शन किया है। जनपद बरेली के 28 थानों, जिनमें प्रमुख रूप से बारादरी, इज्जतनगर, कोतवाली और प्रेमनगर शामिल हैं, ने टॉप किया है। वहीं बदायूं के 21 थानों और शाहजहांपुर के 23 थानों ने अपनी बेहतर कार्यप्रणाली से शीर्ष स्थान सुरक्षित किया। पीलीभीत जिले के लिए यह गौरव की बात रही कि वहां के सभी 17 थानों ने मिलकर इस सूची में पहला स्थान प्राप्त किया है। शिकायतों के निस्तारण में दिखाई गई इस तत्परता ने परिक्षेत्र को प्रदेश का सबसे बेहतर परफॉर्मिंग जोन बना दिया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले आईजीआरएस कर्मियों को मिलेगा सम्मान इस बड़ी उपलब्धि के पीछे दिन-रात मेहनत करने वाली आईजीआरएस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। परिक्षेत्र कार्यालय में तैनात उपनिरीक्षक शालू, कंप्यूटर ऑपरेटर अमरेंद्र कुमार और आरक्षी सलिल सक्सेना को उनकी मेहनत के लिए नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। हालांकि, जहां एक तरफ उत्सव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती के संकेत भी दिए गए हैं। जिन जनपदों या थानों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है, उनके कार्यों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में सुधार सुनिश्चित हो सके।
एक वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने आरोपी पिता अब्बास अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अब्बास अली मूल रूप से नीमच (मध्यप्रदेश) का निवासी है और घटना के समय खानपुर में रह रहा था। लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यह मामला 28 अगस्त 2023 का है। पीड़ित अली हुसैन पुत्र शोयब हुसैन बोहरा निवासी खानपुर ने पुलिस थाना खानपुर में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी चाची की बेटी यास्मीन और उसका पति अब्बास अली मस्जिद में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। यास्मीन अपने बड़े बेटे के साथ मस्जिद में भोजन करने चली गई, जबकि अब्बास अली और उसका एक वर्षीय छोटा बेटा मोहम्मद घर पर ही थे। कुछ समय बाद जब यास्मीन घर लौटी तो मकान पर ताला लगा मिला और अब्बास वहां मौजूद नहीं था। फोन करने पर भी उसने कॉल रिसीव नहीं किया। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। संदेह होने पर घर का ताला तोड़ा गया, जहां अंदर एक वर्षीय मोहम्मद मृत अवस्था में मिला। परिजन बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे और मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान आरोपी अब्बास अली के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कोर्ट में चालान पेश किया गया। प्रकरण में लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए 12 गवाहों एवं 26 दस्तावेजों को अदालत में प्रस्तुत किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी अब्बास अली बोहरा को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
करनाल जिला एडीआर सेंटर में आयोजित प्री लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। कुल 322 मामलों को बेंच के समक्ष रखा गया, जिनमें से 225 मामलों का समाधान करीब 50 लाख रुपए की राशि पर किया गया। इस दौरान अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने के लिए प्रेरित किया गया। प्री लिटिगेशन स्टेज के 322 मामलों पर सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा की अध्यक्षता में और स्थाई लोक अदालत करनाल के अध्यक्ष जसबीर सिंह सिधू के सौजन्य से प्री लोक अदालत का आयोजन हुआ। बेंच में अध्यक्ष जसबीर सिंह सिधू, सदस्य मीनाक्षी और चेतना शामिल रहीं। प्री लिटिगेशन स्टेज के 322 मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 225 का निपटारा आपसी सहमति से हुआ। अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मामलों का समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि 9 मई को जिला न्यायालय की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें लंबित मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने विवाद समाप्त करें। कानूनी सहायता केंद्र का किया निरीक्षण इसके अलावा मीनाक्षी यादव ने जिला सैनिक बोर्ड में स्थापित कानूनी सहायता केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों से बातचीत कर उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी। साथ ही पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर को जनसेवा के लिए प्रेरित किया।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर क्षेत्र के ढाणी गैसकान गांव में फूड प्वाइजनिंग से 107 लोग बीमार हो गए। जिसमें 48 स्कूली बच्चे शामिल हैं। विराटनगर एसडीएम कपिल उपाध्याय ने बताया-गांव में गुरुवार रात एक शादी समारोह था। शादी समारोह में बची रसमलाई को शुक्रवार की सुबह गांव के स्कूल और ग्रामीणों में बांटा गया। मिठाई खाने के कुछ समय बाद ही बच्चों और अन्य लोगों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी। कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। आतेला CHC प्रभारी डॉ संतोष स्वामी ने बताया- शाम 6 तक 34 स्कूली बच्चे और 43 ग्रामीण समेत 77 मरीज को फूड प्वाइजनिंग के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया। जिन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं शाहपुरा उप जिला अस्पताल में 14 स्कूली बच्चे और 16 ग्रामीणों का इलाज चल रहा है। शाहपुरा और आंतेला अस्पताल में कराया भर्ती बीमार बच्चों और अन्य लोगों को उपचार के लिए शाहपुरा और आंतेला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका इलाज किया गया। इस दौरान आंतेला में भर्ती सभी मरीजों की तबीयत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई। कई मरीजों को अस्पताल से मिली छुट्टी विराटनगर बीसीएमएचओ सुनील मीणा ने बताया- डॉक्टरों की टीम ने गांव वालों का समय पर इलाज किया है। जिससे कई की हालत में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग, कोटपूतली द्वारा सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजा गया है। … यह खबर भी पढ़ें फूड पॉइजनिंग से करीब 100 लोगों की तबीयत बिगड़ी:शादी समारोह में एक दिन पहले खाया था खाना, सभी को डायरिया की शिकायत जैसलमेर में फूड पॉइजनिंग से 200 लोगों की हालत बिगड़ी:व्रत वाला पैकेट बंद खाना खाया था; FDA ने कई जिलों में छापेमारी शुरू की
भोपाल के करीब 25 इलाकों में शनिवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें होशंगाबाद रोड, सुरेंद्र लैंडमार्क, सागर प्रीमियम टॉवर, पटेल नगर, आनंद नगर, चूना भट्टी, चाणक्यपुरी, न्यू कबाड़खाना समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
मैहर जिले के अमरपाटन में शुक्रवार शाम को सतना रोड पर गढ़ौली के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में ताला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा अमरपाटन विधायक के निवास 'शांतिनिकेतन' के ठीक सामने हुआ। जानकारी के मुताबिक, 52 वर्षीय सुरेश विश्वकर्मा अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह से मुलाकात करने उनके घर गए थे। जैसे ही वे विधायक से मिलकर अपनी बाइक से वापस लौटने के लिए निकले, तभी सतना की ओर से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए। फोटोग्राफर का कीमती कैमरा भी क्षतिग्रस्त हादसे में दूसरी बाइक पर सवार 19 वर्षीय अमित पटेल भी घायल हुआ है, जो रीवा का रहने वाला है। अमित ने बताया कि वह शादियों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का काम करता है और सतना में काम निपटाकर वापस रीवा लौट रहा था। इस एक्सीडेंट में उसका करीब डेढ़ लाख रुपए की कीमत का कैमरा भी टूट गया है। अस्पताल पहुंचे विधायक दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और दोनों घायलों को इलाज के लिए अमरपाटन सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की खबर मिलते ही विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह खुद अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टर को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में कोई कमी न छोड़ी जाए। मौके पर जुटी समर्थकों की भीड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के घायल होने की खबर फैलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। फिलहाल सुरेश विश्वकर्मा की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह हादसा किस लापरवाही की वजह से हुआ।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राज्य सरकार की सिफारिश के बाद उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द कर दिया है। अब यह परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी। इस संबंध में आयोग की वेबसाइट पर जानकारी जारी कर दी गई है। हालांकि इस बीच सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 में मेहनत से चयनित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस मांग को लेकर चयनित एसआई और उनके परिजनों ने शुक्रवार को जयपुर में शहीद स्मारक पर सत्याग्रह किया। इस दौरान धरियावद से भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद डामोर धरनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान एक चयनित महिला अभ्यर्थी एसआई संतोष कुमारी खराड़ी ने उन्हें अपनी वर्दी सौंपी और न्याय दिलाने की गुहार की। धरने में बैठे लोग ट्रेनी SI स्वर्गीय राजेंद्र सैनी (30) की तस्वीर लिए भी नजर आए। मंच से सैनी के परिवार ने भी उनकी वर्दी विधायक को सौंपी। भरतपुर के रहने वाले राजेंद्र के परिवार ने कहा- परीक्षा कैंसिल होने के बाद से वे डिप्रेशन में थे। इसके चलते उन्होंने मालगाड़ी से कटकर जान दे दी और सरकार अब अन्य लोगों के सामने भी ये ही स्थिति पैदा कर रही है। वहीं इस बीच राजस्थान लोकसेवा आयोग ने पुरानी भर्ती को रद्द कर यह परीक्षा दोबारा करवाने का फैसला लिया है। हालांकि इसे लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी दिखी। उनका कहना है कि दोबारा परीक्षा करवाकर क्या सरकार उनके खराब हुए पांच साल लौटा सकती है। क्या हम तीन महीने में तैयारी कर सकते हैं, ये सरकार से सवाल किया। सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करें सरकार प्रतापगढ़ धरियावद निवासी चयनित महिला एसआई संतोष कुमारी खराड़ी (32) ने सरकार से मांग की है कि सरकार जल्द सुप्रीम कोर्ट में जाए और चयनित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाए। सरकार दूध का दूध और पानी का पानी कर सकती है। वे बोली- उन्हें पूरी उम्मीद है कि सरकार दोषियों के साथ उन्हें सजा नहीं देगी। जो लोग निर्दोष हैं, सरकार हमें न्याय देगी। उन्होंने कहा- सरकार ने दोबारा परीक्षा करवाने का फैसला लिया है, इस पर क्या कहा जाए। पहले दो बार दे चुके, अब फिर परीक्षा क्यों संतोष कुमारी खराड़ी ने कहा- मैंने अपनी वर्दी विधायक को सौंपी है। उन्होंने विधायक से मांग की है कि इस वर्दी की लाज रखी जाए। परीक्षा पास करने के बाद सरकार ने उन्हें जो वर्दी उन्हें पहनाई है, उसे वे आगे भी पहने ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। दोबारा परीक्षा करवाने के फैसले पर उन्होंने कहा- हम दोबारा परीक्षा क्यों दें। इस भर्ती के अभ्यर्थी पहले ही दो बार परीक्षा दे चुके हैं। एक परीक्षा पास कर वे एसआई बने। फिर दूसरी बार एसओजी ने उनकी परीक्षा ली। अब क्या खुद को सच्चा साबित करने के लिए बार-बार परीक्षा देते रहें। मैं पहले भी ग्राम सेवक रही। मैं क्या बार-बार परीक्षा देती रहूं। मेरे दो बच्चे हैं। 6 साल का बेटा और 15 साल की बेटी हो गई। मुझे बच्चों को भी पढ़ाई करवानी है। मैं खुद ही परीक्षा देती रहूंगी क्या? सरकार ने बिल्कुल भी हमारे बारे में नहीं सोचा सुमन सैनी ने कहा- हमें सरकार से उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने दोबारा परीक्षा करवाने का फैसला किया है। हमें लगता था- सरकार हमारे लिए एसएलपी दायर करेगी, सुप्रीम कोर्ट जाएगी, लेकिन सरकार ने बिल्कुल भी हमारे बारे में नहीं सोचा। सरकार वापस उन लोगों का एग्जाम करवाना चाहती है, जो परीक्षा पास कर चुके हैं। उन्होंने कहा- सरकार को यह सोचना चाहिए था कि जो 40% मार्क्स का मीनिमम क्राइटेरिया होता है। वो कम से कम कितने लोगों के आए थे। करीब 4 लाख लोगों ने ये परीक्षा दी थी। उसमें से करीब 60 हजार लोग थे, जिनके 40% मिनिमम मार्क्स आए थे। मान लिजिए पेपर लीक भी हुआ है। जो लोग उस समय भी 40% नहीं लाए पाए, अब सरकार हमें उन लोगों के साथ खड़ा कर रही है। सरकार हमारे वो 5 साल बर्बाद कर रही है। हमारी नौकरी छिनी दोबारा परीक्षा करवाने के सवाल पर उन्होंने कहा- दूसरा मौका देकर सरकार हमारे ऊपर एहसान नहीं कर रही। वो तो हमारा हक है। हम 2021 में चयनित थे, सरकारी नौकरी में थे। हमारी नौकरी छिनी है, हमारे ऊपर कोई अहसान नहीं किया। चयनित एसआई महिला ने कहा- एसआई भर्ती परीक्षा दोबारा कराने का फैसला गलत है। क्या हम अब वापस तैयारी करें। सरकार जो समय दे रही है, परीक्षा के लिए वो क्या तैयारी करने के लिए हमारे लिए पर्याप्त है। हमारे साथ सरकार पहले से ही गलत करती आ रही है। सरकार का फैसला गलत है। हमारी सरकार से मांग है कि हमारी नियुक्ति को यथावत रखा जाए। निर्दोष की बलि देना चाहती है सरकार चयनित एसआई कमलेश जोधड़ ने कहा- सरकार को न्याय करना चाहिए था। अभी भी सरकार हमारे साथ न्याय कर सकती है। सरकार की ऐसी क्या समस्या है कि मामले में नारकोटिक्स टेस्ट नहीं लेना चाहती। क्या भारत में नारकोटिक्स टेस्ट प्रतिबंधित है। सरकार की क्या मजबूरी है, जो वह नहीं कर रही। क्या सरकार पेपर माफिया को बचाना चाहती है। क्या सरकार पेपर माफियाओं के साथ खड़ी है और निर्दोषों की बलि देना चाहती है। दोबारा परीक्षा करवाने पर बोले कि क्या सरकार दोबारा पेपर करवाने पर लीक होने से रोक सकती है। साल 1998 से पेपर लीक का सिलसिला चल रहा है। अब तक जितने पेपर लीक हुए, उनमें क्या फांसी की सजा दी गई। पेपर लीक करने वाले सब जमानत पर बाहर है। सरकार निर्दोष लोगों को बेरोजगार करने का काम कर रही है। पटवारी की नौकरी छोड़ एसआई में आए इस भर्ती में चयनित हुए भगीरथ सिंह ने कहा- वे पहले सेना में रहे। इसके बाद उनका पटवारी और वीडीओ में चयन हुआ। उन्होंने करीब डेढ़ साल तक पटवारी के रूप में सेवा भी दी। इसके बाद SI के पद पर ज्वाइन किया। उनका कहना है कि वे एनएसजी में थे। मुंबई में आतंकी हमले के समय एनएसजी ने एक-एक बंधक को सुरक्षित निकाला और आतंकियों को मार गिराया। एसआई भर्ती में दोषियों की सजा निर्दोषों को देना गलत है। जांच एजेंसियों को छंटनी करनी चाहिए। भले ही इसके लिए कितने भी प्रयास करने पड़े। 368 लोगों ने प्रोबेशन पीरियड में छोड़ी पहली नौकरी चयनित हुए अभ्यर्थियों ने कहा- उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर निर्दोषों को बचाना चाहिए, लेकिन अगर कोई गलत है तो सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 368 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने प्रोबेशन पीरियड में कोई दूसरी नौकरी छोड़कर SI के पद पर ज्वाइन किया है। इनके किए सरकार को सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। यह है पूरा मामला साल 2021 में हुई एसआई भर्ती में पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास करने के मामलों का एसओजी ने खुलासा किया। इसके बाद कई चयनित SI के साथ ही पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में आरोपियों को एसओजी ने गिरफ्तार किया। हाईकोर्ट ने इस भर्ती को निरस्त कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भी यह फैसला बरकरार रखा। अभ्यर्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। हालांकि, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले को यथावत रखा है।
जयपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमांडर्स सम्मेलन के आखिरी दिन भविष्य के युद्ध और उसके बदलते स्वरूप को लेकर तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में कम समय में, अंदर तक घुसकर मारा है। आतंकी ठिकानों पर तेजी और बड़े असर वाले हमलों से दुनिया के सामने एक नई सैन्य विचारधारा पेश की। रक्षा मंत्री ने कमांडर्स को तेजी से बदल रहे जियो पॉलिटिकल माहौल और अनिश्चिताओं के बीच भविष्य के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा है। भविष्य के युद्ध और उसके बदलते स्वरूप में भारत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। रक्षा मंत्री ने एआई का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ ही डेटा एनालिसिस और सुरक्षित संचार नेटवर्क को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा- भविष्य के युद्ध इनोवेटिव सोच और बेहतर तालमेल से ही जीते जा सकेंगे। दुश्मन को अचंभे में डालने वाले फैक्टर ही अप्रत्याशित बने रहने और रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कुंजी हैं। एयर मार्शल के फेक वीडियो में दावा- इंटरनेशनल प्रेशर में ऑपरेशन सिंदूर रोका सोशल मीडिया पर शेयर एक वीडियो में एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती के हवाले से कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने फाइटर जेट खोए। वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव की वजह से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर करना पड़ा। पीआईबी फैक्ट चैक के मुताबिक- यह वीडियो पूरी तरह से फेक है। एयर मार्शल ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया। एयर मार्शल ने कहा था- आतंकियों और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिशन पूरा किया ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में 7 मई को तीनों सेनाओं की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा था- यह सवाल फिर उठा है कि हम इसे रोकने को क्यों तैयार हुए? पाकिस्तान के साथ हमारा जो अनुभव है, मुझे यहां स्पष्ट करने दीजिए। हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहयोगी इंफ्रास्ट्रक्चर से थी। हमने उन आतंकी ठिकानों, आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। हमने हमारे उद्देश्य को पूरा कर लिया। हमारा मिशन पूरा हो गया। यह खबर भी पढ़ें... सेना बोली- ऑपरेशन सिंदूर में 100+ पाकिस्तानी जवान मारे गए:ऑपरेशन अभी भी जारी, पहलगाम जैसा हमला दोबारा नहीं होने देंगे ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। यह अभियान अंत नहीं, बल्कि शुरुआत थी। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। जयपुर में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने बताया- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवॉर्ड स्टॉफ एम्पलाईज यूनियन के बैनर तले 25 और 26 मई को एसबीआई बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा। यूनियन भोपाल सर्कल के महासचिव प्रवीण मेघानी के नेतृत्व में भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेंगे। यह हड़ताल राष्ट्रीय स्तर पर ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने घोषित की है। मेघानी ने बताया कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित और वैध मांगों को लेकर बैंक प्रबंधन को कई बार मौखिक एवं लिखित प्रतिवेदन दिए गए। बावजूद प्रबंधन ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। यूनियन का कहना है कि लंबे समय तक संवाद और शांतिपूर्ण प्रयासों के बाद भी जब समाधान नहीं निकला, तब कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। कर्मचारियों की यह मांगेंफेडरेशन ने बैंक प्रबंधन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। जिनमें संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की तत्काल भर्ती, वर्ष 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंटर सर्किल ट्रांसफर (ICT) सुविधा, स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग पर रोक, कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करना और पर्याप्त संख्या में नई भर्ती शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प देने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। महासचिव मेघानी ने भोपाल सर्कल के सभी कर्मचारियों से हड़ताल में पूर्ण भागीदारी करने की बात कही है। SBI कर्मचारियों की 16 प्रमुख मांगें: लगातार 5 दिन बंद SBI में काम काज ठप रह सकता हैजानकारी के अनुसार, इस दो दिन की हड़ताल की हड़ताल के कारण SBI लगातार 5 दिन बंद रह सकता है। 23 मई को चौथा शनिवार और 24 मई को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। 25 और 26 मई को दो दिन की हड़ताल रहेगी। वहीं 27 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) / ईद-उज-जुहा के चलते बैंक बंद रह सकते हैं।
मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नए अध्यक्ष ओम जैन ने अपना पदभार संभाल लिया है। इसके बाद जैन ने बोर्ड मुख्यालय पर्यावास भवन में मंडल के कार्यों की समीक्षा की। बोर्ड कमिश्नर गौतम सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अध्यक्ष ओम जैन को बोर्ड के समस्त कार्यों और प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। बैठक में चेयरमैन जैन ने कहा कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए ज्यादा से ज्यादा घर बनाने पर जोर दिया जाए। साथ ही बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी एफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट को बढ़ाया जाए। साइड विजिट करने पहुंचेबैठक के बाद अध्यक्ष जैन ने हाउसिंग बोर्ड के निर्माणाधीन तुलसी ग्रीन्स प्रोजेक्ट की साइट विजिट की। प्रोजेक्ट की इंजीनियरिंग और क्वालिटी को लेकर उन्होंने बोर्ड के इंजीनियरों की तारीफ की। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट में क्वालिटी और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
रोहतक में उत्तराखंड की गढ़वाल सभा की तरफ से एकता कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर में मूर्ति स्थापना का आयोजन किया गया। हनुमान की पंचमुखी मूर्ति स्थापना से पहले शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गढ़वाल सभा के सदस्यों ने भाग लेकर श्रद्धा व भक्ति का परिचय दिया। एकता कॉलोनी गढ़वाल सभा के प्रधान मनोज शर्मा ने बताया कि मंदिर में हनुमान की पंचमुखी मूर्ति को स्थापित किया गया है। हनुमान की मूर्ति को स्थापित करने से पहले शहर में शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें गढ़वाल सभा की महिलाओं ने कलश धारण किए। इसके बाद शहर में भ्रमण करते हुए मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया गया। उत्तरखंड से मंगवाए ढोल व वाद्ययंत्र बद्री केदार रामलीला समिति के प्रधान प्रेम सिंह सजवान ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिली। उत्तराखंड से ढोल व वाद्य यंत्रों को मंगवाया गया, जिनकी धुन पर श्रद्धालु झूमते हुए नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया। भजन मंडली ने भजनों के माध्यम से किया प्रभु का गुणगान बद्री केदार रामलीला समिति के प्रधान प्रेम सिंह सजवान ने बताया कि मूर्ति स्थापना के दौरान गढ़वाल महिला कीर्तन मंडली की महिला सदस्यों ने भजनों के माध्यम से प्रभु का गुणगान किया। उत्तराखंड की लोकल भाषा में श्रद्धालुओं ने नाचते व झूमते हुए मंदिर में मूर्ति को स्थापित किया।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के पुरासनी गांव में 40 वर्षीय व्यक्ति ने अज्ञात कारणों के चलते सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। घर में अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां आईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सल्फास खाने की घटना गुरुवार शाम की है, जबकि युवक ने शुक्रवार को उपचार के दौरान दम तोड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। घर में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत पुलिस के अनुसार, पुरासनी गांव निवासी लक्ष्मण सिंह (40) ने गुरुवार शाम अपने घर पर जहरीला पदार्थ सल्फास खा लिया था। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सल्फास सेवन की पुष्टि की। गंभीर हालत को देखते हुए लक्ष्मण सिंह को आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन शरीर में जहर फैल जाने के कारण शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। आत्महत्या के कारणों की जांच जारी लक्ष्मण सिंह ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका पता अभी नहीं चल सका है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। झांसी रोड थाना पुलिस का कहना है कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मर्ग कायम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
गर्मी के मोसम में पानी की समस्या से निजात पाने के लिए लोग नलकूप खनन (बोरिंग) का कार्य करवा रहे हैं। शुक्रवार से इस पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने गर्मी में भू जल स्तर में गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए पूरे जिले में अशासकीय एवं निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है। आदेशानुसार जिले की सीमा में नलकूप / बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं करेंगी और बिना अनुमति के कोई नया नलकूप खनन नहीं करेगी। बिना अनुमति अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधात्मक स्थान पर प्रवेश करने पर मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। निजी नलकूप एवं अन्य निजी जलस्रोतों का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिग्रहण किया जा सकेगा।उक्त आदेश के उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध के लिए पांच हजार रुपए का जुर्माना और बाद में प्रत्येक अपराध के लिए दस हजार रुपए से या कारावास से दंडनीय होगा। उक्त आदेश शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा।
प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा शनिवार-रविवार को होगी। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से हो रही परीक्षा के लिए जिले में कुल 47 हजार 457 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। शुक्रवार को जिला प्रशासन ने ड्यूटी कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर सेंटर एलॉट किए। परीक्षा के लिए अभ्यर्थी रोडवेज बसों में फ्री यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए एडमिट कार्ड दिखाना होगा। 9 मई, शनिवार की परीक्षा परीक्षा समन्वयक एवं एडीएम रामरतन सौकरिया ने बताया- जिला मुख्यालय पर 9 मई शनिवार को प्रयोगशाला सहायक भूगोल सीधी भर्ती परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक एक पारी में होगी। परीक्षा सेंटर पर एंट्री सुबह 10 बजे बंद हो जाएगी। इसमें 15 हजार 57 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा के लिए 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 29 केंद्र निजी स्कूल-कॉलेजों में और 9 केंद्र सरकारी स्कूलों में बनाए हैं। पहले दिन के लिए 19 पेपर कॉर्डिनेटर और 67 आब्जर्वर लगाए हैं। 10 मई, रविवार की परीक्षा रामरतन सौकरिया ने बताया- 10 मई को प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक विज्ञान संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 होगी। परीक्षा का आयोजन दो पारियों में होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होगा। परीक्षा सेंटर पर एंट्री सुबह 9 बजे बंद हो जाएगी। दूसरा पेपर दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगा। इसके लिए दोपहर 2 बजे सेंटर पर एंट्री बंद हो जाएगी। दोनों पारियों में 16200-16200 अभ्यर्थी शामिल होंगे। दोनों पारियों में 42-42 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसी प्रकार प्रत्येक पारी के लिए 21 पेपर कॉर्डिनेटर व 74 आब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा को लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। केंद्रों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए 7 सतर्कता दलों का गठन किया गया है। क्या ले जाना है, क्या ध्यान रखना है प्रवेश पत्र के साथ एक मूल फोटो युक्त पहचान पत्र साथ ले जाएं। नीले रंग की स्याही वाला पारदर्शी बाल पेन साथ लाएं। ड्रेस कोड में आएं। किसी भी प्रकार की ज्वेलरी, धागा या पिन, चेन या कोई भी डिजिटल उपकरण अपने साथ न रखें। परीक्षा शुरू होने के तय समय से ठीक एक घंटा पहले परीक्षा सेंटर में अभ्यर्थियों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इसलिए समय से पहले पहुंचकर एंट्री लें। बायोमैट्रिक जांच और फेस स्कैन किया जाएगा।
गुरुग्राम जिला ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन ड्राइवरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। इसी कड़ी में गुरुवार को एक पिकअप वाहन को जब्त किया गया, जिस पर लंबे समय से भारी संख्या में चालान लंबित थे और जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया गया था। ट्रैफिक पुलिस गुरुग्राम द्वारा शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उन वाहनों की विशेष रूप से जांच की जा रही है। जिन पर 90 दिनों से ज्यादा समय से चालान बकाया हैं। ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न धाराओं के तहत 14 चालान लंबित 8 मई को ट्रैफिक अधिकारी कृष्ण अपनी टीम के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक पिकअप वाहन को रोककर उसके दस्तावेजों और ऑनलाइन चालानों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि वाहन पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 14 चालान लंबित हैं। इन चालानों की कुल बकाया जुर्माना राशि लगभग 2 लाख 50 हजार रुपए थी। पुलिस ने कार्रवाई कर वाहन किया जब्त पुलिस के अनुसार, वाहन ड्राइवर द्वारा बार-बार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की गई थी। लंबित चालानों में बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना और नो एंट्री में वाहन ले जाना जैसे गंभीर उल्लंघन शामिल थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया और उसे निर्धारित राजीव चौक पार्किंग में खड़ा कराया गया। साथ ही ड्राइवर के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की गई। पुलिस की वाहन ड्राइवरों से अपील गुरुग्राम पुलिस ने सभी वाहन ड्राइवरों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर अपने चालान का भुगतान करें। पुलिस का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पंजाब सरकार ने फर्जी बिलिंग और जीएसटी चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लुधियाना की एक फर्म के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। विभाग के अधिकारी मामले की जांच में जुटे है। डायरेक्टर के खातों को भी खंगाला जाता रहा है। जानकारी देते हुए वित्त,आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (SIPU) ने 15.56 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान परमजीत सिंह के रूप में हुई है, जो एपीआई प्लास्टिक रीसायकलर्स प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है। गलत तरीके से ITC का लिया लाभजांच में सामने आया कि फर्म ने 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन दिखाकर गलत तरीके से ITC का लाभ लिया। वित्त मंत्री ने बताया कि आरोपी फर्म कई राज्यों में मौजूद फर्जी और गैर-कार्यशील कंपनियों से नकली बिल हासिल कर टैक्स चोरी कर रही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई सप्लायर फर्मों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन पहले ही रद्द या सस्पेंड किया जा चुका था। फास्टैग और ई-वे बिल डेटा से खुलासासरकार की जांच टीमों ने ई-वे बिल और फास्टैग टोल डेटा का विश्लेषण किया। इसमें पता चला कि जिन वाहनों के जरिए माल की सप्लाई दिखाई गई थी, वे वास्तविक तौर पर उन स्थानों पर पहुंचे ही नहीं। जांच में 407 संदिग्ध वाहन मूवमेंट सामने आए, जिनमें 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ITC शामिल है। डेबिट नोट से भी फर्जीवाड़ाजांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया कि फर्जी डेबिट नोटों के जरिए करीब 5.79 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फर्जी ITC तैयार किया गया। इन दस्तावेजों में टैक्स योग्य मूल्य और टैक्स राशि को बराबर दिखाया गया था, जो जीएसटी कानून के तहत संभव नहीं है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों की खाली गुड्स रिसीट बुक भी बरामद कीं। अधिकारियों के मुताबिक इनका इस्तेमाल फर्जी ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड तैयार करने के लिए किया जा रहा था। गैर-जमानती अपराध, 5 साल तक की सजामंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आरोपी को पंजाब जीएसटी एक्ट 2017 की धारा 69 और 132(1)(c) के तहत गिरफ्तार किया गया है। चूंकि टैक्स चोरी की रकम 5 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए यह अपराध गैर-जमानती श्रेणी में आता है और इसमें 5 साल तक की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार फर्जी बिलिंग रैकेट और जीएसटी धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय और पंचायतों के आम और उप चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। दोनों चुनाव एक ही चरण में होंगे। वोटिंग 1 जून 2026 को होगी और नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया 11 मई से शुरू होगी। उम्मीदवार 11 मई से 18 मई तक नामांकन भर सकेंगे। 19 मई को नामांकन की जांच होगी और 21 मई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। कहां-कहां होंगे चुनाव? 10 लाख से ज्यादा वोटर डालेंगे वोटराज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि चुनाव में 10 लाख से ज्यादा मतदाता हिस्सा लेंगे। मतदान के लिए सैकड़ों मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिन इलाकों में चुनाव होना है, वहां अभी से आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली है।
उदयपुर में शुक्रवार को गर्मी ने फिर तेवर दिखाए। दिनभर तेज धूप के साथ गर्म हवा का असर बना रहा। शहर में दोपहर बाद गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को परेशान किया। शहर में सड़कों पर दिनभर लोगों की आवाजाही कम दिखी। वहीं टूरिस्ट पॉइंट पर भी सन्नाटा रहा। शाम को झील किनारे वाली जगह आबाद हुई और लोगों ने वहां समय बिताया। मौसम विभाग के अनुसार- 8 मई को शहर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 7 मई के मुकाबले 2.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 23.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। 7 मई को अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.0 दर्ज हुआ था। वहीं मौसम विभाग के अनुसार- अगले सप्ताह तापमान बढ़ेगा। वहीं इस दौरान उमसभरी गर्मी रहेगी। सुबह 11 बजे से ही गर्मी तपने लगी शहर में सुबह 11 बजे से ही गर्मी लगने लगी। तपन इस कदर थी कि घर के बाहर निकलना भारी था। दोपहर बाद गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को रोक लिया। सड़क पर जो लोग थे, वे गर्मी से बचने के जतन के साथ निकले। दिन में झुलसाने वाली गर्मी थी। घरों में एसी और कूलर दिनभर चलते रहे। इस हवा का असर देर शाम तक दिखा। वहीं शाम को धीमे-धीमे राहत मिली। इसके बाद लोगों ने घरों से निकल कर बाहर सुकून लिया।
खंडवा में शुक्रवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी पहली बार दौरे पर पहुंचे। उन्होंने दादाजी दरबार में दर्शन करने के बाद गांधी भवन में दिनभर विभिन्न बैठकों में हिस्सा लिया। इस दौरान संगठन सृजन, कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए हरीश चौधरी ने कहा कि अब खंडवा में कांग्रेस प्रत्याशी का फैसला दिल्ली या भोपाल से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की राय और संगठनात्मक सक्रियता के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता पार्टी के लिए मेहनत करेगा और संगठन को मजबूत करेगा, उसी को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यकर्ताओं का डेटा दर्ज किया जा रहाचौधरी ने कहा कि पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं का डेटा कनेक्ट सेंटर में दर्ज किया जा रहा है। भविष्य में जिम्मेदारियां भी उन्हीं कार्यकर्ताओं को दी जाएंगी, जो सक्रिय रूप से संगठन के लिए काम करेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस में अब ‘मैं’ की राजनीति नहीं चलेगी, बल्कि ‘हम’ की राजनीति को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को समन्वय के साथ काम करना होगा। एक हफ्ते में बनेगी अनुशासन समितिहरीश चौधरी ने बताया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर अनुशासन समिति का गठन किया जाएगा। पार्टी में अनुशासनहीनता करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के स्पष्ट निर्देश हैं। इधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने हरीश चौधरी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से जिले में संगठन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सह प्रभारी उषा नायडू, विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने, विधायक सचिन यादव, पूर्व महापौर विभा पटेल, पूर्व विधायक राजनारायणसिंह पुरनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तापमान 11 दिन बाद फिर 42 डिग्री के पार:उज्जैन में दिन भर भीषण गर्मी से परेशान होते रहे लोग
उज्जैन में गर्मी एक बार फिर अपने तेवर दिखाने लगी है। शुक्रवार को पारा एक फिर 42 डिग्री पार कर गया। जिसके चलते दिन भर भीषण गर्मी के कारण लोग परेशान होते रहे। तीन दिन से पारा 40 डिग्री से भी कम था दो दिन में पारा एकाएक तीन डिग्री बढ़ गया। करीब 11 दिन बाद एक फिर पारा 42.4 दर्ज किया गया , इससे पहले 26 अप्रैल को 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। जिसके चलते दिन भर भीषण गर्मी रही, दोपहर में सड़कें सूनी दिखाईं दी, जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले थे, उन्होंने गर्मी से बचाव कर सड़कों पर दिखाई दिए। मौसम विभाग की मानें तो अगले हफ्ते गर्मी इसी तरह लोगों को परेशान करेगी और पारा 40 से 43 डिग्री के बीच रहने की संभावना बनी रहेगी।
रेलवे के पूर्व सीबीएस को CBI कोर्ट ने सुनाई सजा:जाली रसीदों से लगाई 9 लाख की चपत, तीन साल की जेल हुई
जोधपुर की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के तत्कालीन चीफ बुकिंग सुपरवाइजर (सीबीएस) को सरकारी दस्तावेजों में गलत तरीके से बनाने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश (सीबीआई) भूपेन्द्र कुमार सनाढ्य ने उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के तत्कालीन सीबीएस रघुनन्दन व्यास को 3-3 साल के कठोर कारावास और कुल 2 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है। हालांकि, अदालत ने 'मनी ट्रेल' और 'आपराधिक कब्जे' के सीधे प्रमाण न होने के कारण अभियुक्त को अमानत में खयानत (गबन), धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। इंटरनल ऑडिट और रिकॉन्सीलेशन में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा यह मामला वर्ष 2014 का है, जब उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर तैनात चीफ बुकिंग सुपरवाइजर रघुनंदन व्यास द्वारा बैंक में आय जमा कराने की प्रक्रिया में विसंगतियां पाई गई थीं। रेलवे की राजस्व प्रणाली के अनुसार, स्टेशन की प्रतिदिन की आय (बुकिंग, आरक्षण, पार्सल आदि) को 'डेली ट्रेन कैश' (डीटीसी) बुक में दर्ज किया जाता है। ट्रेजरी रेमिटेन्स नोट (TR नोट) के माध्यम से 'रेल शक्ति' खाते में जमा कराया जाता है। सीबीआई जांच और रिकॉर्ड के मिलान में सामने आया कि सितम्बर 2013 से दिसम्बर 2013 के बीच करीब 11.28 लाख रुपये की 'अस्थायी कमी' (शॉर्ट डिपोजिट) रही। इसके बाद जनवरी से अप्रैल 2014 के बीच अभियुक्त ने 25 अलग-अलग अवसरों पर वास्तविक आय से कम राशि बैंक में जमा की, जिससे 9,82,200 रुपए का मिसमैच पाया गया। यह हेराफेरी तब पकड़ी गई जब उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर के यातायात लेखा कार्यालय (TA Office) के डेबिट आंकड़ों का मिलान एसबीआई की जयपुर स्थित फोकल ब्रांच के क्रेडिट आंकड़ों से किया गया। बचाव पक्ष ने बीमारी और अभियोजन ने 28 फर्जी रसीदों का दिया हवाला सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अभियुक्त के प्रति नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने दलील दी कि 68 साल अभियुक्त पिछले 11 सालों से ट्रायल का सामना कर रहा है। उसे जुलाई 2014 में ही बर्खास्त किया जा चुका है, जिससे वह पेंशन आदि लाभों से भी वंचित है। वकील ने कोर्ट को बताया- ट्रायल के दौरान 'बयान मुल्जिम' के प्रक्रम पर अभियुक्त की तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि उसे खून की उल्टियां होने लगीं और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। वहीं, सीबीआई के विशिष्ट लोक अभियोजक भगवानसिंह भंवरिया ने कठोर सजा की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि अभियुक्त ने अपनी हेराफेरी छिपाने के लिए 28 कंप्यूटर जनरेटेड जाली रसीदें तैयार कीं। इन रसीदों को असली बताकर रेलवे रिकॉर्ड में शामिल किया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि पूरी राशि बैंक में जमा हो चुकी है। अभियोजन के अनुसार, लोक सेवक द्वारा किया गया ऐसा गंभीर अपराध समाज में गलत संदेश देता है। मनी ट्रेल के अभाव में गबन से बरी, पर कूटरचना प्रमाणित कोर्ट ने अपने विस्तृत विश्लेषण में स्पष्ट किया कि अभियुक्त रघुनंदन व्यास को गबन (धारा 409), धोखाधड़ी (420) और पीसी एक्ट की धाराओं से क्यों बरी किया जा रहा है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाया कि जो राशि बैंक में कम जमा हुई, वह सीधे तौर पर अभियुक्त ने अपने कब्जे में ली या उसका व्यक्तिगत उपयोग किया। साथ ही, किसी 'विशिष्ट व्यक्ति' के साथ छल का तत्व भी प्रमाणित नहीं हो सका। हालांकि, कोर्ट ने आधिकारिक रिकॉर्ड में जाली प्रविष्टियां करने और फर्जी रसीदें तैयार करने को अत्यंत गंभीर माना। जजमेंट में टिप्पणी की गई कि 'मूल्यवान प्रतिभूति' की कूटरचना सामान्य अपराध नहीं है, जिसके लिए विधायिका ने आजीवन कारावास तक का प्रावधान रखा है। कोर्ट ने माना कि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रेलवे सिस्टम को गुमराह करना सार्वजनिक विश्वास के साथ खिलवाड़ है। आदेश: न्यूनतम सजा का प्रावधान और अर्थदण्ड कोर्ट ने अभियुक्त रघुनंदन व्यास की आयु, लंबी न्यायिक प्रक्रिया और खराब स्वास्थ्य को 'मिटिगेटिंग फैक्टर्स' (राहतकारी कारक) मानते हुए आजीवन कारावास के बजाय न्यूनतम सजा सुनाई। केस में कब क्या हुआ 08.07.2014: परिवादी अनिल कुमार सोनी ने सीबीआई को लिखित शिकायत दी। 10.07.2014: सीबीआई जोधपुर ने एफआईआर दर्ज की। 28.07.2014: रेलवे ने अभियुक्त को चीफ बुकिंग सुपरवाइजर के पद से हटाया। 15.12.2014: सीबीआई ने अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश की। 06.08.2015: अभियुक्त के खिलाफ कोर्ट में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) किए गए। 08.05.2026: करीब 11 वर्ष के ट्रायल के बाद सीबीआई कोर्ट ने सजा सुनाई।
डीग जिले के कामां इलाके में बदमाश और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। हालांकि पुलिस ने मुठभेड़ की घटना से पुष्टि करने से इनकार किया है। घायल आरोपी डालचंद को आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। आरोपी ने 8 अप्रैल को नदबई में अपने भाई के साथ ज्वेलर की दुकान में चोरी की थी। ज्वेलर की दुकान में की थी चोरीआरोपी ने 8 अप्रैल 2026 को नदबई कस्बे के SBI बैंक के सामने महेश चंद नाम के ज्वेलर की दुकान में चोरी की थी। आरोपी डालचंद अपने भाई भगवान सिंह के साथ देर रात दुकान में घुसा। दुकान में करीब 2 घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद दोनों आरोपी दुकान से 4 किलो चांदी चोरी कर ले गए। चोरी की यह सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी। 40 हजार का इनाम किया था घोषितपुलिस ने डालचंद के भाई भगवान सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन, डालचंद फरार चल रहा था। गुरुवार को ही आईजी ने डालचंद पर 40 हजार का इनाम घोषित किया था। आज डीग जिले के कामां इलाके में पुलिस और डालचंद की मुठभेड़ हो गई, जिसमें डालचंद के पैर में चोट आई है। हालांकि मामले में डीग एसपी को फोन कर घटना की जानकारी लेने की कोशिश गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बुरहानपुर में कल (9 मई) मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली लाइन का मेंटेनेंस किया जाएगा। इसके चलते 11 केवी सूर्यम फीडर से जुड़े क्षेत्रों में 3 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि 11 केवी सूर्यम फीडर के आवश्यक रखरखाव के कारण शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे तुलसी सरोवर, अमृत नगर, सूर्यम कॉलोनी, नवकार नगर और अर्वाचीन स्कूल जैसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय कम या ज्यादा किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग को शादी का झांसा देकर युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। नाबालिग को युवक बाइक पर बैठाकर ले गया और 2-3 दिनों तक शारीरिक संबंध बनाए। बाद में नाबालिग वापस अपने घर लौटी और मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामला भूपदेवपुर थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक, 16 साल की नाबालिग के पिता ने 4 मई को थाना भूपदेवपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 अप्रैल की रात उनकी बेटी घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने आसपास गांव और रिश्तेदारों के यहां बेटी की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया और जांच शुरू की। अपराध दर्ज होने के दूसरे ही दिन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गुम नाबालिग खरसिया में देखी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। इसी दौरान बालिका वापस अपने घर पहुंची, जिसे उसके परिजनों द्वारा थाना ले जाया गया। तब महिला पुलिस अधिकारी ने नाबालिग का बयान लिया। उसने बताया कि भूपदेवपुर निवासी त्रिलोचन चौहान (24 साल) उसे शादी का झांसा देकर मोटरसाइकिल से खरसिया ले गया। वहां उसके साथ 2-3 दिनों तक दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेजा पुलिस ने मामले में धारा 64 BNS व 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी। इसके बाद थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग और पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और भूपदेवपुर क्षेत्र से उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में त्रिलोचन ने दुष्कर्म करना स्वीकार किया। जिसे बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा दिया है।
चित्तौड़गढ़ शहर में अप्रैल महीने के दौरान मंदिरों में हुई सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस रात दुर्ग स्थित प्राचीन मल्लीनाथ जैन मंदिर में चोरी हुई, उसी रात पूरे शहर की बिजली गुल थी। 220 केवी जीएसएस में ब्लास्ट होने से अभय कमांड के 251 कैमरे और शहर के 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। रोड लाइट भी बंद थी और पूरा शहर अंधेरे में डूबा हुआ था। ऐसे में पुलिस के पास न कोई फुटेज था और न ही कोई तकनीकी मदद। किले की ऊंचाई के कारण बीटीएस में भी दिक्कत आई और आसपास के हाईवे की रेंज पकड़ने से जांच और उलझ गई। इसके बावजूद पुलिस ने करीब 20 दिन तक लगातार मेहनत कर मामले का खुलासा किया। पुलिस अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और भगवान शांतिनाथ व महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियों सहित तीन आभामंडल बरामद कर लिए गए हैं। चोरी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एक के बाद एक तीन मंदिरों में हुई चोरी एसपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल की देर रात दुर्ग पर कीर्ति स्तंभ के पास स्थित मल्लीनाथ जैन मंदिर में चोरी हुई थी। यहां से भगवान शांतिनाथ और महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियां, 9 चांदी के छत्र, सिंहासन और दानपात्र की नगदी चोरी की गई। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल की मध्यरात्रि शहर के कैलाश नगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में चैनल गेट का ताला तोड़कर 4 चांदी के छत्र और दानपात्र चोरी कर लिया गया। फिर 29 और 30 अप्रैल की रात चामटीखेड़ा स्थित द्वारकाधीश मंदिर का ताला तोड़कर चांदी का छत्र, चांदी की वैकुंठी और चांदी की गाय चोरी कर ली गई। लगातार मंदिरों में हो रही चोरी से शहर में डर और नाराजगी का माहौल बन गया था। टीम का गठन कर जुटाए सबूत मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने घटनास्थलों का मौका निरीक्षण किया। एफएसएल और एमओबी टीमों को मौके पर बुलाकर जरूरी सबूत जुटाए गए। एसपी ने DSP बृजेश सिंह चित्तौड़गढ़ के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई। टीम को लगातार हो रही वारदातों का खुलासा करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। कैमरे बंद थे, इसलिए पुलिस को अपनानी पड़ी पुरानी पुलिसिंग एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिस रात जैन मंदिर में चोरी हुई, उस रात शहर में बड़ा बिजली फॉल्ट हो गया था। इससे अभय कमांड के कैमरे और निजी संस्थानों, दुकानों व घरों में लगे कैमरे भी बंद हो गए थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि पूरी चोरी “ब्लाइंड केस” बन गई थी। किसी तरह का फुटेज नहीं था। ऐसे में पुलिस को आधुनिक तकनीक छोड़कर पुरानी पारंपरिक पुलिसिंग करनी पड़ी। पुलिस टीम ने राजसमंद, भीलवाड़ा, नीमच और चित्तौड़गढ़ जिले के संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई। मुखबिरों को एक्टिव किया गया और चोरी का माल खरीदने वालों तक की जानकारी निकाली गई। संदिग्ध युवक से पूछताछ में गिरोह पकड़ में आया जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि पेमदियां का खेड़ा निवासी मिठुलाल पुत्र गोपीलाल नायक पिछले एक महीने से चित्तौड़गढ़ के दिवाकर नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। उसके यहां देर रात कई युवकों का आना-जाना था। पुलिस ने मिठुलाल और उसके संपर्क में रहने वाले युवकों पर गुप्त निगरानी शुरू की। उनकी गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि यही गिरोह मंदिरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन, उनके गाड़ियों की मूवमेंट और घटनास्थलों के आसपास की गतिविधियों को जोड़ते हुए पूरे मामले का खुलासा किया। इन वारदातों को कबूला आरोपियों ने पूछताछ में आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिले में कई मंदिरों में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार 16 और 17 अप्रैल की रात दुर्ग स्थित मल्लीनाथ जैन मंदिर में हुई चोरी में मिठुलाल नायक, कान्हा उर्फ कन्हैया नायक, प्रकाश खारोल, देवीलाल रावत, राजमल उर्फ राजू कामड़ और किशन लोहार शामिल थे। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल की मध्यरात्रि कैलाश नगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी में मिठुलाल नायक, कान्हा उर्फ कन्हैया नायक, प्रकाश खारोल, हिम्मत सालवी और ईश्वर नायक शामिल रहे। वहीं 29 और 30 अप्रैल की रात चामटीखेड़ा स्थित द्वारकाधीश मंदिर में हुई चोरी में हिम्मत सालवी, घनश्याम नायक और काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका सामने आई है। इसके अलावा करीब एक माह पहले उदयपुर जिले के फतेहनगर स्थित खाटूश्याम मंदिर में हुई चोरी में मिठुलाल नायक, कान्हा उर्फ कन्हैया नायक, घनश्याम सालवी, देवीलाल रावत, राजमल उर्फ राजू कामड़, काजल उर्फ मनीषा गाडरी और नारायण नायक के शामिल होने की बात सामने आई है। इन्हें किया गिरफ्तार पुलिस ने अब तक मिठुलाल पुत्र गोपीलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा हाल मेडीखेड़ा थाना सदर निम्बाहेड़ा, काना उर्फ कन्हैयालाल पुत्र शंभूलाल नायक निवासी पहुना थाना राशमी, राजमल उर्फ राजू कामड़ पुत्र गोपीदास कामड़ निवासी कीर मोहल्ला पहुना थाना राशमी, प्रकाश खारोल पुत्र माधु खारोल निवासी गाडरियावास थाना कपासन और हिम्मत सालवी पुत्र प्रकाशचंद्र सालवी निवासी मरमी थाना राशमी को गिरफ्तार किया है। इनकी तलाश जारी पुलिस ने मामले में देवीलाल पुत्र कालूसिंह रावत निवासी गणेशपुरा पहुना थाना राशमी, किशन पुत्र देवीलाल लोहार निवासी हिंगोरिया थाना कपासन, ईश्वर पुत्र उदयलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा थाना सदर निम्बाहेड़ा, घनश्याम पुत्र उदयलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा थाना सदर निम्बाहेड़ा और काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका भी सामने आने की बात कही है। इनमें काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। अष्टधातु मूर्तियां और आभामंडल हुआ बरामद पुलिस अब तक दुर्ग जैन मंदिर से चोरी हुई भगवान शांतिनाथ और महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियां और तीन आभामंडल बरामद कर चुकी है। बाकी चांदी के छत्र और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। एसपी का कहना है कि चोरी का माल खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मिठुलाल उर्फ मिट्ठू लाल के खिलाफ पहले से एक चोरी और एक आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। प्रकाश खारोल के खिलाफ एक चोरी और एक एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जबकि हिम्मत सालवी के खिलाफ भी एक मामला दर्ज होना सामने आया है। वहीं काना उर्फ कन्हैयालाल और राजमल उर्फ राजू कामड़ के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं मिला। फरार और वांछित आरोपियों में देवीलाल पुत्र कालूसिंह रावत निवासी गणेशपुरा, पहुंना, राशमी के खिलाफ दो चोरी और एक अन्य मामला दर्ज है। किशन पुत्र देवीलाल लोहार निवासी हिंगोरिया, कपासन के खिलाफ चोरी के तीन मामले, एक एक्साइज एक्ट और एक अन्य मामला दर्ज है। घनश्याम पुत्र उदयलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा, निम्बाहेड़ा के खिलाफ दो चोरी के मामले दर्ज हैं। जबकि ईश्वर पुत्र उदयलाल नायक और काजल उर्फ मनीषा धनगर के खिलाफ अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, हालांकि काजल की भूमिका पुलिस ने संदिग्ध बताई है। चौकीदार सोते रहे, मंदिर में हो गई चोरी एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जैन मंदिर में न तो अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे थे और बाहर मौजूद दो चौकीदार भी चोरी के दौरान सो रहे थे। ऐसे में यह मंदिर प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह ब्लाइंड चोरी थी और पुलिस की प्रतिष्ठा भी इस केस से जुड़ी हुई थी। मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील एसपी ने लोगों से मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए और चौकीदारों की व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए। कई मंदिर अनअटेंडेड होने के कारण चोरों के आसान निशाने बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी मामले में आगे भी कार्रवाई कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका पूरे मामले का खुलासा करने में कांस्टेबल प्रहलाद, बलवंत सिंह और सुनील चौधरी की सबसे अहम भूमिका रही। पूरी कार्रवाई कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत के नेतृत्व में की गई।
कोटा पुलिस ने हाईटेक चोरी करने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो बदमाशों को मध्यप्रदेश में दबिश देकर गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों बदमाशों ने एक महिला से पहले पर्स छीना, फिर पर्स में मिली आईडी और चाबी से मकान की रेकी कर घर के बाहर खड़ी कार उड़ा ली। फिलहाल पुलिस आरोपियों पूछताछ में जुट गई है। कोटा शहर पुलिस ने दो अलग-अलग वारदातों महिला से पर्स लूट और क्रेटा कार चोरी का खुलासा किया है। मामले में गिरफ्तार आरोपी आशिफ हुसैन उर्फ आशु और सुनील नागर उर्फ कच्चू पर पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के कई मामले दर्ज है। पुलिस ने 60 लाख रुपए कीमत के 245 मोबाइल भी रिकवर किए हैं। तेजस्विनी गौतम ने सिटी एसपी ऑफिस में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि थाना कुन्हाड़ी क्षेत्र से चोरी हुई क्रेटा कार और गुमानपुरा इलाके में महिला से हुई पर्स लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पहले पर्स लूटा, फिर मकान के बाहर खड़ी कार उड़ाई पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले महिला से पर्स लूट की वारदात की थी। पर्स में मिली आईडी और कार की चाबी के आधार पर उन्होंने मकान की रेकी की और बाद में मौके का फायदा उठाकर घर के बाहर खड़ी क्रेटा कार चोरी कर ली। पुलिस ने बताया कि 1 मई को कुन्हाड़ी निवासी पंकज अग्रवाल ने अपनी सफेद क्रेटा कार चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मध्यप्रदेश के आगर जिले के बड़ौद कस्बे में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर चोरी की बिना नंबर की क्रेटा कार सहित दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने 19 अप्रैल को गुमानपुरा क्षेत्र में महिला से पर्स लूट की वारदात करना भी कबूल किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुबह के समय रेकी कर अकेली महिलाओं को निशाना बनाते थे। 245 महंगे मोबाइल फोन किए रिकवर प्रेस वार्ता में एसपी तेजस्विनी गौतम ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि कोटा शहर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 245 महंगे मोबाइल फोन रिकवर किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपए है। ये मोबाइल कोचिंग छात्रों और आम लोगों से गुम या चोरी हुए थे। पुलिस ने CEIR पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण की मदद से राजस्थान सहित अन्य राज्यों से मोबाइल बरामद किए। अब तक कोटा शहर पुलिस 2032 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस सुपुर्द कर चुकी है।
हैदाराबाद(तेलंगाना) से राजस्थान ला रहे एमडी कैमिकल से भरे टैंकर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) टीम ने रामजी की गोल (बालोतरा) में पकड़ लिया। टीम ने टैंकर में छुपाए 6 ड्रमों में 234 किलो कैमिकल को जब्त किया है। इस कैमिकल से करीब 60 किलो एमडी तैयार होती है, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपए है। दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। टैंकर तीन दिन पहले हैदाराबाद से रवाना हुआ था। बालोतरा के गुड़ामालानी इलाके में एमडी फैक्ट्री लगाने की प्लानिंग थी। आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ की टीम ने गुड़ामालानी के पास रामजी की गोल कस्बे से एक टैंकर में छुपाकर लाए रहे 6 ड्रमों में 234 किलो कैमिकल-2 ब्रोमों को जब्त किया गया। यह एमडी बनाने के लिए हैदाराबाद से चोरी छुपे राजस्थान लाया गया था। जब इसकी जानकारी तस्करों को लगी तो उन्होंने इस फैक्ट्री का ठिकाना तक बदल कर 15 किलोमीटर दूर कर दिया। तस्करों ने राजस्थान के प्रवासी लोगों से संपर्क कर हैदराबाद से कच्चे माल को मंगाना शुरू किया। लेकिन पुख्ता नेटवर्क होने के कारण एएनटीएफ को हैदाराबाद से ही इसका इनपुट मिला। 3 दिन पहले मिली थी सूचना एएनटीएफ को तीन दिन पहले सूचना मिली कि बड़ी संख्या में प्रतिबंधित कच्चा माल राजस्थान ले जाने के लिए टैंकर में भरकर लाया जा रहा है। टीम ने 1500 किलोमीटर दूर जुगाड़ कर स्थानीय राजस्थानी ट्रांसपोर्ट एजेंसी से संपर्क किया। उससे ट्रक का नंबर और ड्राइवर के नंबर लिए। उस ट्रक ड्राइवर से संपर्क कर उसकी लोकेशन लेकर उसके पीछे रवाना किया गया। मुखबिर से ट्रक की पहचान कर ली। 1500 किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा कैमिकल से भरा टैंकर हैदराबाद, नांदेड़, जलगांव, धुले, वड़ोदरा, अहमदाबाद, पालनपुरा और सांचौर होते हुए रामजी का गोल तक पीछा किया। एएनटीएफ ने सांचौर से संदिग्ध टैंकर का पीछा किया। रामजी की गोल महादेव होटल के पास टैंकर लगाकर दिया। टैंकर की तलाशी लेने पर 234 किलो कैमिकल मिला एएनटीएफ ने दबिश दी और टैंकर की तलाशी ली। उसमें से 6 ड्रमों में 12 पैकेट्स में रखा कच्चा माल 234 किलो के करीब ब्रोमो कैमिकल जब्त किया। एनसीबी टीम को बुलाकर माल जब्ती की कार्रवाई की गई। वहीं टीम ने दिनेश पुत्र भागीरथ निवासी रोहिल्ला पश्चिम पुलिस थाना सेड़वा, बाड़मेर और कमलेश पुत्र सदाराम निवासी हिरकन का मीठड़ा, खुर्द धोरीमन्ना जिला बाड़मेर को डिटेन कर लिया। हैदाराबाद से एक ही ड्राइवर कच्चा माल लेकर चला था। ड्राइवर को अकेले पकड़े जाने का डर सताने लगा तो मालिक से बात कर जलगांव महाराष्ट्र में अपने दूसरे साथी कमलेश को भी बुला दिया। करोड़ों की तैयार होती है एमडी विकास कुमार ने बताया- जब्त ब्रोमो से करीब 60 किलो एमडी बनाई जा सकती है। बाजार में 1 किलो एमडी की कीमत करीब 30 लाख रुपए से ऊपर है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि करोड़ों की एमडी तैयार होती है। कैमिकल उत्पादकों और बेचने वालों पर लगातार निगरानी आईजी ने बताया- बड़े पैमाने पर एमडी के प्रचलन को देखते हुए टीम कैमिकल्स के उत्पादकों और विक्रेताओं पर सख्त नजर बनाए हुए है। इतने राजस्थान के जोधपुर, जयपुर, उदयपुर और गुजरात और महाराष्ट्र के कई महत्वपूर्ण कैमिकल फैक्ट्रीज एएनटीएफ के रडार पर है। यह होता है ब्रोमो कैमिकल आईजी ने बताया- आम बोलचाल की भाषा में ब्रोमो कहा जाने वाला रसायन वास्तव में 2-ब्रोमो, 4-मेथाप्रोपीफेनॉन होता है। एमडी बनाने के लिए सिंथेटिक ड्रग बनाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण होता है। यह कैमिकल भारत में प्रतिबंधित है।
इंदौर के 100 से अधिक बेड क्षमता वाले अस्पतालों को लेकर मप्र हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में लगी याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री के एडवोकेट अदित रघुवंशी ने कोर्ट को बताया कि शहर के मयूर, इंदौर सिटी, लक्ष्मी मेमोरियल, सेवाकुंज, शुभदीप, आरएन कपूर, प्रमिला, एसएन एस और मेडिस्टा हॉस्पिटल अस्पतालों द्वारा बिना फायर सेफ्टी अनुमति के हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि कुछ दिन पूर्व उड़ीसा के कटक शहर में हॉस्पिटल में आग लगने से 11 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद इंदौर कलेक्टर को जनसुनवाई में इंदौर शहर के हॉस्पिटलों की जांच हेतु आदेश किया गया था , जिस पर कलेक्टर द्वारा जांच सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी को दी गई थी। मामले में सीएमएचओ द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। नगर निगम फेयर सेफ्टी शाखा से सूचना के अधिकार में प्राप्त जानकारी से पता चला कि इंदौर के 9 अ में फायर सेफ्टी की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ये अस्पताल बिना फायर सेफ्टी अनुमति के संचालित किए जा रहे थे। इसके बावजूद सीएमएचओ द्वारा इन अस्पतालों के संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रदान कर दिया गया, यह गंभीर स्वास्थ चूक है। माले में कोर्ट ने शासन और अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मागा है। कोर्ट ने कहा कि यह जनता की जान से जुड़ा विषय है। इसमें शासन तत्काल कार्यवाही करें।
खंडवा में कल 4 घंटे बिजली कटौती:नवकार नगर सहित कई इलाकों में सप्लाई रहेगी बंद
खंडवा शहर संभाग के अंतर्गत 11 के.व्ही. नवकार नगर फीडर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते कल (9 मई) सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली कंपनी के अनुसार मेंटेनेंस कार्य के कारण नवकार नगर फेस-1, नवकार नगर फेस-2, नवकार टाउन, नक्षत्र गार्डन, पोदार स्कूल क्षेत्र, मां ज्वाला देवी मंदिर क्षेत्र, मां संतोषी मंदिर के पीछे स्थित ईंट भट्टा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में विद्युत प्रदाय प्रभावित रहेगा। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (मेंटेनेंस) महेश कुमार सोलंकी ने बताया कि कार्य की स्थिति के अनुसार बिजली बंद रहने का समय घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। नागरिकों से आवश्यक कार्य पहले से निपटाने की अपील की गई।
कोटा में बिजली कंपनी केईडीएल की शिकायतों की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने जनसुनवाई की। टीम ने नयापुरा बिजली विभाग में शुक्रवार को जनसुनवाई की। जनसुनवाई के लिए 4 घंटे का समय रखा गया। इसका समय सुबह 11 से दोपहर 3 बजे था। जनसुनवाई साढ़े 12 बजे शुरू हुई। करीब डेढ़ बजे के आसपास टीम के सदस्य लंच पर चले गए। इधर, ऑफिस के बाहर धूप में खडे़ लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। हालांकि जानकारी के अभाव में कम ही लोग शिकायत लेकर पहुंचे। सुनवाई में ज्यादातर बिल, वीसीआर, कनेक्शन, बिजली कटौती, लाइन शिफ्टिंग की समस्याएं सामने आईं। टीम शनिवार को भी जनसुनवाई करेगी। 4 सदस्यों की टीम ने की जनसुनवाई दरअसल, बिजली कंपनी केईडीएल के खिलाफ मिल रही शिकायतों की जांच के लिए सीएमडी के निर्देश पर डायरेक्टर फाइनेंस ऊर्जा विकास निगम डीके जैन के नेतृत्व में 4 सदस्यों की टीम कोटा पहुंची। जनसुनवाई एक घंटे लेट से साढ़े 12 बजे शुरू हुई। करीब डेढ़ बजे के आसपास टीम के सदस्य लंच पर चले गए। इस दौरान शिकायत लेकर आए लोग ऑफिस के बाहर गर्मी में खडे़ होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। लोग बोले- अफसर एसी में बैठे रहे, जनता गर्मी में परेशान हुई शिकायत लेकर आए स्टेशन निवासी दिनेश ने बताया- अधिकारियों ने आनन फानन में जनसुनावाई रखी। अधिकारी खुद एसी बैठे रहे। जनता गर्मी में बाहर परेशान होती रखी। ऑफिस के बाहर धूप व गर्मी से बचाव के लिए टेंट की व्यवस्था नहीं की गई। डेढ़ बजे के करीब अधिकारी लंच पर चले गए। मैंने तो एक घंटा इंतजार किया। मेरे जैसे कई लोग थे, जो अधिकारियों का इंतजार करते रहे। इस बारे में डायरेक्टर फाइनेंस ऊर्जा विकास निगम डीके जैन से बातचीत की गई। उन्होंने बताया- अभी मीटिंग में व्यस्त हूं। जनसुनवाई में कितने मामले आए। इस बारे में फिगर ध्यान नहीं।
झुंझुनूं में जिला आबकारी विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर अलग-अलग धाराओं में 30 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जबकि अवैध शराब बनाने के लिए तैयार की गई 3700 लीटर लाहण (वाश) को मौके पर ही नष्ट कराया। जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन सिद्दिकी ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत झुंझुनूं जिले के आबकारी थानों और सर्किलों को सक्रिय किया गया है। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। इसी क्रम में जिलेभर में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई। 7 शराब ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्जशराब ठेकेदारों के खिलाफ मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने शराब के ठेकों की सघन जांच शुरू की। इस दौरान अनियमिताएं पाए जाने पर 7 शराब ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने करीब 3700 लीटर वाश को बरामद कर मौके पर ही नष्ट कराया। इसके साथ ही अवैध शराब बनाने के उपकरणों और भट्टियों को भी ध्वस्त किया। रियाजुद्दीन सिद्दिकी ने कहा कि उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के बाद अब कार्रवाई में और तेजी लाई जाएगी। इसके लिए जिले के सभी थानाधिकारियों, सर्किल इंस्पेक्टरों और आबकारी डीएसपी को पाबंद कर दिया गया है। विभाग का लक्ष्य जिले को अवैध शराब मुक्त बनाना और राजस्व के नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है।
धार आईटीआई में इलेक्ट्रिक जीनियस प्रोजेक्ट चैलेंज:उमरबन प्रथम, धामनोद-कुक्षी को दूसरा स्थान मिला
धार के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में शुक्रवार को जिला स्तरीय इलेक्ट्रिकल प्रोजेक्ट प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता 'इलेक्ट्रिक जीनियस प्रोजेक्ट चैलेंज डिस्ट्रिक्ट धार 2026' का आयोजन किया गया। विश्व कौशल प्रतियोगिता की तैयारियों के तहत हुई इस प्रतियोगिता में जिले की 12 शासकीय आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षणार्थियों ने अपने तकनीकी कौशल, नवाचार और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक पर आधारित विभिन्न इलेक्ट्रिकल मॉडल्स और प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। इनमें ऊर्जा संरक्षण, ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम, विद्युत सुरक्षा और स्मार्ट तकनीक से जुड़े कई नवाचार शामिल रहे। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स ने अधिकारियों और उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कड़े मुकाबले के बाद शासकीय आईटीआई उमरबन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शासकीय आईटीआई धामनोद और कुक्षी को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान दिया गया। इसके अलावा, शासकीय आईटीआई धार और तिलगारा को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों के प्रोजेक्ट्स को सराहाकार्यक्रम के दौरान कौशल विकास विभाग इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक सतीश मोरे, उपसंचालक प्रियंका बामने और सहायक संचालक सचिन अग्रवाल ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों के प्रोजेक्ट्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देती हैं। ये उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संस्था के प्राचार्य राहुल मंडलोई के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका संचालन प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी जितेंद्र सिंह बदनोरा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न आईटीआई संस्थाओं के प्रशिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कानपुर में छत गिरी, किसान की दबकर मौत:बरामदे में सोते समय हुआ हादसा, परिवार में मचा कोहराम
कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के काठारा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में जर्जर छत गिरने से 65 वर्षीय किसान की मौत हो गई। हादसे में बरामदे के पास बंधा एक मवेशी भी मलबे में दबकर मर गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव निवासी श्रवण कुमार सिंह चंदेल शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे अपने घर के आगे बने बरामदे में सो रहे थे। बरामदे के पास ही एक मवेशी बंधा हुआ था। बताया गया कि मकान के सामने बने हिस्से की ईंटों की छत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। सुबह अचानक छत भरभराकर नीचे गिर पड़ी। भारी मलबा सीधे श्रवण कुमार और मवेशी पर आ गिरा, जिससे दोनों उसके नीचे दब गए। हादसे के समय परिवार के अन्य सदस्य घर के पीछे बने कमरों में सो रहे थे। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर पत्नी मुन्नी देवी, बेटा नितुल, बहू मधू और दोनों बेटियां घबराकर बाहर की ओर दौड़े। बाहर का दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। श्रवण कुमार मलबे के नीचे दबे पड़े थे। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया। जब तक श्रवण कुमार को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं पास में बंधे मवेशी ने भी दम तोड़ दिया। पति का शव देखते ही पत्नी मुन्नी देवी गश खाकर गिर पड़ीं। घर में कोहराम मच गया और आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि मकान का आगे का हिस्सा करीब 70 साल पुराना था। उस पर ईंटों की छत पड़ी थी, जो काफी समय से कमजोर हो चुकी थी। परिवार इसी वर्ष पुराने हिस्से को गिराकर आरसीसी छत डलवाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि फिलहाल पुलिस को घटना की औपचारिक सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अफीम, डोडा-पोस्त के साथ तस्कर गिरफ्तार:पुलिस ने NDPS में मामला किया दर्ज; पोकरण का रहने वाला है युवक
जैसलमेर जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है। शुक्रवार को सदर थाना पुलिस और DST टीम ने एक तस्कर को अफीम और डोडा-पोस्त के साथ गिरफ्तार किया। नाकाबंदी के दौरान पकड़ा जानकारी के अनुसार- सदर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) को तस्करी का इनपुट मिला था। ऐसे में टीम ने नाकाबंदी की और तालमेल बैठाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी तस्कर सुरेश कुमार (42) पुत्र धनसुख छीपा पोकरण के जाटावास का रहने वाला है। फिलहाल चांधन इलाके में रह रहा था। टीम ने उसकी तलाशी ली तो अफीम का दूध, तैयार अफीम और डोडा-पोस्त बरामद हुआ। अफीम का दूध- 85 ग्राम, तैयार अफीम- 91.3 ग्राम और डोडा पोस्त करीब 1 किलो 800 ग्राम है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है। टीम में ये रहे शामिल इस सफल कार्रवाई में सदर थानाधिकारी विनय जोशी की टीम और भीमराव सिंह (प्रभारी DST) की टीम का मुख्य योगदान रहा। पुलिस अब आरोपी से यह पूछताछ कर रही है कि वह यह माल कहां से लाया था और इसे कहां सप्लाई करने वाला था। पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक शिवहरे के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ जिले में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल अपने बेटे के साथ राजस्थान रॉयल्स के प्रैक्टिस सेशन को देखने पहुंचे। स्टेडियम में शुक्रवार को मित्तल की मौजूदगी ने खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस दौरान राजस्थान रॉयल्स के मौजूदा मालिक मनोज बदाले भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों कुछ देर तक रॉयल बॉक्स में खड़े होकर खिलाड़ियों की प्रैक्टिस देखते रहे। मनोज बदाले ने लक्ष्मी निवास मित्तल को स्टेडियम की व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों, टीम कॉम्बिनेशन और फ्रेंचाइजी की रणनीतियों के बारे में भी विस्तार से बताया। बता दें कि हाल ही लक्ष्मी निवास मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी को करीब 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक की वैल्यूएशन पर खरीदा है। अब जयपुर पहुंचकर टीम की गतिविधियों और खिलाड़ियों को करीब से देखने को फ्रेंचाइजी के भविष्य की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले देखें PHOTOS मित्तल ने खिलाड़ियों की नेट प्रैक्टिश देखी मैदान में प्रैक्टिस सेशन के दौरान राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी नेट्स में जमकर पसीना बहाते नजर आए। इसी बीच लक्ष्मी निवास मित्तल खिलाड़ियों की गतिविधियों को देखते रहे। साथ ही टीम प्रबंधन से चर्चा भी करते दिखाई दिए। सूत्रों के मुताबिक- मित्तल ने स्टेडियम के स्ट्रक्चर, दर्शक सुविधाओं और टीम संचालन से जुड़ी कई जानकारियां भी लीं। मित्तल ने रॉयल बॉक्स से पूरे मैदान और प्रैक्टिस एरिया को नजदीक से देखा। उनकी मौजूदगी को राजस्थान रॉयल्स के लिए बड़े कारोबारी और रणनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। कल होगा राजस्थान रॉयल्स का मैच राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला 9 मई को जयपुर में गुजरात टाइटन्स से है। ऐसे में टीम प्रबंधन पूरी तैयारी में जुटा हुआ है। वहीं स्टेडियम में खिलाड़ी लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। मित्तल की मौजूदगी ने इस प्रैक्टिस सेशन को और भी खास बना दिया। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें... IPL-मैच से पहले नमाज अदा करने मस्जिद पहुंचे राशिद खान:जयपुर में गुजरात टाइटंस के खिलाड़ियों की बस खराब, कैब से पहुंचे होटल IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) मुकाबले के लिए गुजरात टाइटंस की टीम जयपुर पहुंच चुकी है। टीम के स्टार स्पिनर और अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी राशिद खान शुक्रवार को सांगानेर स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे। (पूरी खबर पढ़ें)
सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के कथुरा गांव में जमीन और नाली के मामूली विवाद में दो पक्षों की झड़प में एक महिला का हाथ टूट गया। वहीं एक मासूम बच्ची भी लहूलुहान हो गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को एसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित गुलाब कुशवाहा के मुताबिक, यह पूरा विवाद 4 मई की शाम को शुरू हुआ था। बारिश की वजह से घर के पास वाली नाली में कचरा जमा हो गया था। इसी बात को लेकर उनके चचेरे भाई रामनरेश और राजकुमारी कुशवाहा ने झगड़ा शुरू कर दिया। आरोप है कि बात इतनी बढ़ी कि रामनरेश ने गुलाब का गला दबा दिया और उन पर लोहे के सब्बल से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई महिलाएं और बच्ची भी पिटीं जब घर की महिलाएं और बच्ची बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। गुलाब कुशवाहा की पत्नी, बहू शुभम साकेत और नातिन मीनाक्षी के साथ भी जमकर मारपीट की गई। लाठियों के वार से बहू शुभम साकेत का हाथ टूट गया, वहीं छोटी बच्ची मीनाक्षी के चेहरे पर भी गंभीर चोटें आई हैं। थाने में सुनवाई न होने पर पहुंचे एसपी दफ्तर पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद वे रिपोर्ट दर्ज कराने माड़ा थाने गए थे, लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। हाथ में प्लास्टर बंधवाए पीड़ित महिला शुभम साकेत ने बताया, हमें थाने से भगा दिया गया और अब आरोपी हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसी डर और मजबूरी में पूरा परिवार शुक्रवार को अपनी फरियाद लेकर एसपी दफ्तर पहुंचा। पुलिस का क्या है कहना? मामले के तूल पकड़ने के बाद माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत ले ली गई है और मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वीडियो को सबूत मानकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान शिक्षक संघ 'सियाराम' ने अपनी 71 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन के चतुर्थ चरण में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को जिला प्रारंभिक शिक्षा ऑफिस परिसर में शिक्षकों ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की 'सद्बुद्धि' के लिए यज्ञ किया। साथ ही हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के 1008 पाठ किए। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के आदेशों की भी आहुति भी दी। 7 साल से तबादलों का इंतजारयज्ञ के दौरान शिक्षकों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पिछले 7 साल से ट्रांसफर न होने पर गहरा दुख जताया। जिला मंत्री महिपाल भुता ने आरोप लगाया कि टीएसपी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन काउंसलिंग के समय विभाग मनमर्जी से पदों को प्रदर्शित करता है, जो विधि विरुद्ध है। शिक्षकों ने मांग की कि टीएसपी के सभी रिक्त पदों को काउंसलिंग में शामिल किया जाए। ये रही प्रमुख मांगें यज्ञ में बंदर के आने पर लगाया भोगयज्ञचार्य जिलाध्यक्ष नवीन जोशी के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेश सभाध्यक्ष ललित आर. पाटीदार, अशोक शर्मा और नानूराम डामोर सहित कई दिग्गज शामिल हुए। पाठ के दौरान परिसर में अचानक बंदरों के आने पर शिक्षकों ने इसे शुभ संकेत माना और प्रसन्नता जताते हुए गुड़-चने का भोग लगाया। इस अवसर पर पंकज द्विवेदी, निलेश शाह, नारायण सिंह, भूपेश वर्मा, डायालाल यादव, महिपाल भाटिया, निलेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
नूंह में रेप के दोषी को 20 साल की कैद:35 हजार का जुर्माना; फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला
हरियाणा के नूंह जिले में नाबालिग से रेप और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने दोषी जुनैद को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजण की कोर्ट ने फैसला सुनाया। आरोपी जुनैद पुत्र समीम के खिलाफ महिला थाना में 1 सितंबर 2023 को मामला दर्ज किया गया था। यह मामला नाबालिग से रेप और उसे जान से मारने की धमकी देने से संबंधित था। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजण की कोर्ट में हुई। लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण सबूत पेश किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। भाभी के पास सो रही थी पीड़िता जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन पीड़िता पड़ोस में रह रही अपनी भाभी के पास सो रही थी। रात्रि करीब 11बजे उसकी भाभी घर से बाहर टॉयलेट के लिए गई हुई थी, तभी आरोपी घर में घुस आया ओर रेप करने के बाद फरार हो गया। अगले दिन पीड़िता ने सारी बातें अपनी मां को बताई। सभी सजाएं एक साथ चलेगी कोर्ट द्वारा जारी वारंट ऑफ कन्विक्शन के अनुसार, आरोपी को आईपीसी की धारा 450 के तहत 5 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना जमा न करने पर उसे एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। आईपीसी की धारा 506 के तहत आरोपी को 2 साल की कठोर कैद सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कोर्ट ने जुनैद को 20 साल की कठोर कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेगी। ट्रायल के दौरान हिरासत में रह चुका कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी माना कि आरोपी ट्रायल के दौरान पहले से न्यायिक हिरासत में रह चुका है, इसलिए जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। फैसले के बाद दोषी को जिला जेल नूंह भेज दिया गया है। फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट के इस फैसले को समाज में एक सख्त चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। कोर्ट ने साफ किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कानून में किसी भी तरह की नरमी की कोई जगह नहीं है।

