रायसेन जिले में यातायात पुलिस ने यात्री बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर 21 से 27 मई तक चले इस अभियान में जिले में पंजीकृत और यहां से गुजरने वाली करीब 150 बसों की जांच की गई। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली 116 बसों पर चालानी कार्रवाई की गई है। फायर सेफ्टी और ओवरलोडिंग में सबसे ज्यादा चालान अभियान में सर्वाधिक 43 चालान बसों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और फर्स्ट एड बॉक्स न होने पर बनाए गए। वहीं, क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने (ओवरलोडिंग) के मामले में 37 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा एक बस बिना वैध बीमा के मिली, जबकि अन्य वाहनों पर यातायात की विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना लगाया गया। दस्तावेजों के साथ नशे और रफ्तार की भी हुई जांच यातायात प्रभारी लता मालवीय ने बताया कि चेकिंग के दौरान बसों की आरसी, परमिट, फिटनेस और बीमा दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, बैज और निर्धारित सीट क्षमता को भी चेक किया गया। पुलिस ने तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने और रात में रिफ्लेक्टर व लाइट व्यवस्था की जांच करते हुए बस संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने की सख्त हिदायत दी है।
डीग एसपी शरण गोपीनाथ कांबले ने मंगलवार शाम डीग शहर कोतवाली का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एसपी ने विभिन्न शाखाओं और व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। इसदौरान एसपी ने कंप्यूटर रूम, स्टाफ रूम, रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था, थाना परिसर की साफ-सफाई और अभिलेखों के रखरखाव सहित अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने थाना संचालन और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। लापरवाही नहीं बरतने पर जोरएसपी शरण गोपीनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाने में आने वाले फरियादियों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने आमजन को न्याय दिलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आमजन में विश्वास कायम करना और अपराधियों में भय पैदा करना है। इसी मूल भावना के साथ पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। एसपी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया। एसपी ने पुलिस अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने, लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।इस निरीक्षण के दौरान एडीशनल एसपी अखिलेश शर्मा, सीओ सीताराम बैरवा और शहर कोतवाली थाना अधिकारी रामनरेश मीणा सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहे।
साइबर कॉल सेंटर पर छापा, 5 महिलाओं समते 9 अरेस्ट:4 पुरुष आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया
जयपुर में ई-मित्र रिटेलर आईडी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित कॉल सेंटर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। सीएसटी, रामनगरिया थाना और साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जगतपुरा स्थित एबीएस प्लाजा में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को बाल सम्प्रेषण गृह भेजा गया है। मामले में आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 4 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि 5 महिला आरोपियों को जेल (ज्यूडिशियल कस्टडी) भेजा गया है। पुलिस ने मौके से 8 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप चार्जर और अपराध में उपयोग लिया वाहन जब्त किया है। इस संबंध में थाना रामनगरिया में आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कॉलेज-कॉचिंग में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को इस वारदात में नौकरी के नाम पर इस धंधे में फंसाया जा रहा था। वहीं इस मामले में आरोपी इन बच्चों को आंकड़ा उपलब्ध करवा रहा था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने सरकारी तंत्र में सेंध लगाकर इनको डेटा उपलब्ध करवाया था। साइबर ठगी की पुलिस को मिली थी जानकारी स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि गिरोह लोगों को ई-मित्र रिटेलर आईडी उपलब्ध कराने का झांसा देकर ऑनलाइन पेमेंट करवाता था। पेमेंट लेने के बाद न तो कोई वैध सेवा दी जाती थी और न ही असली आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। लैपटॉप में मिली डेटा शीट, QR कोड से लेते थे भुगतान छापेमारी के दौरान पुलिस ने 8 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, चार्जर और एक वाहन जब्त किया। लैपटॉप में हजारों लोगों का डेटा, मोबाइल नंबरों की सूची और कॉलिंग रिकॉर्ड मिले हैं, जिनके आधार पर लोगों को कॉल कर ठगी की जा रही थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह कॉलेज और कोचिंग में पढ़ने वाले युवाओं को नौकरी और अच्छी कमाई का लालच देकर इस अवैध कारोबार में शामिल करता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों को लोगों का डेटा किसी सरकारी या संस्थागत स्रोत से अवैध रूप से उपलब्ध कराया गया था, जिसकी भी जांच की जा रही है। गिरोह कथित वेबसाइट, साझा ईमेल आईडी, अलग-अलग मोबाइल नंबर और WhatsApp पर बनाए गए पेमेंट ग्रुप्स के जरिए काम करता था। ठगी की रकम QR Code और UPI के माध्यम से वसूली जाती थी। वेतन और कमीशन पर काम करते थे कर्मचारी पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर का मुख्य संचालक कार्यालय, लैपटॉप, मोबाइल, सिम, पोर्टल, डेटा और भुगतान व्यवस्था उपलब्ध करवाता था। कार्यालय गिरफ्तार आरोपियों में से एक के नाम पर किराये पर लिया गया था। वहां काम करने वाले युवक-युवतियों को वेतन और कमीशन के आधार पर लगाया गया था। पुलिस के अनुसार मुख्य संचालक मौके से फरार मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग ट्रेल, डिजिटल फुटप्रिंट और सहयोगियों की मदद से तलाश जारी है। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार पुरुष आरोपियों में अजय सिंह (22) निवासी टोंक, इन्द्रजीत सिंह (23) टोंक, शुभम योगी (23) दौसा और दिलखुश उर्फ सागर गुर्जर (26) निवासी टोंक शामिल हैं। वहीं महिला आरोपियों में सोनिया द्विवेदी (22) निवासी सांगानेर, नेहा सिंह (32) निवासी उत्तर प्रदेश, कंचन महावर (22) निवासी करौली, रीतू सिंह (और शालू रावत को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने पुरुष आरोपियों को भेजा पुलिस रिमांड पर गिरफ्तार पुरुष आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-14 जयपुर महानगर-द्वितीय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि डिजिटल साक्ष्य, बैंक खातों, QR Code, सिम कार्ड, ईमेल लिंक और फरार मुख्य संचालक के नेटवर्क की जांच के लिए रिमांड आवश्यक है। अदालत ने चारों पुरुष आरोपियों को 29 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। महिला आरोपियों को पहले सुरक्षा और संवैधानिक प्रावधानों के तहत अपराजिता महिला सुरक्षा केंद्र भेजा गया, बाद में विधिसम्मत पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध अजय सिंह ने कहा कि ई-मित्र कियोस्क रिटेलर आईडी के लिए आवेदन और भुगतान केवल DoIT के अधिकृत पोर्टल, SSO ID प्रक्रिया या अधिकृत LSP के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। वहीं डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और नागरिकों के डेटा के संभावित दुरुपयोग को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस की आमजन से अपील जयपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ई-मित्र, CSC, फ्रेंचाइजी, सरकारी सेवाओं या ऑनलाइन लाइसेंस के नाम पर आने वाली कॉल, लिंक, WhatsApp मैसेज और निजी खातों में भुगतान करने से पहले आधिकारिक सत्यापन अवश्य करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
महू से इंदौर जा रही डेमू ट्रेन के इंजन से बुधवार सुबह अचानक धुआं निकलने लगा। हरनिया खेड़ी स्टेशन पर हुई इस घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्री घबराकर नीचे उतर गए। यात्री रितेश तोमर ने बताया कि ट्रेन सुबह करीब 8:55 बजे महू स्टेशन से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। लगभग 9 बजे जब ट्रेन हरनिया खेड़ी स्टेशन पहुंची, तभी इंजन से धुआं उठना शुरू हो गया। धुआं बढ़ता देख यात्रियों में दहशत फैल गई और वे ट्रेन से बाहर निकलकर प्लेटफॉर्म पर आ गए। घटना के बाद ट्रेन कुछ देर तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और इंजन की जांच शुरू की। इस तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन करीब 20 मिनट तक प्रभावित रही। खबर लिखे जाने तक ट्रेन हरनिया खेड़ी स्टेशन पर ही खड़ी थी और रेलवे कर्मचारी खराबी को दूर करने में जुटे हुए थे।
धौलपुर के मरेना क्षेत्र में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा और वाहन रैली का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।शोभायात्रा का शुभारंभ इंद्रावली मोड़ से हुआ। मुख्य अतिथि पागल बाबा ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा से किया स्वागतसमिति अध्यक्ष रिंकू उपाध्याय ने बताया कि शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, डोला और वाहन रैली मुख्य आकर्षण रहे। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और धर्मप्रेमी शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया।यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मरेना, पहाड़ी मछरिया चौराहा, मछरिया और सिहोली में लोगों ने श्रद्धापूर्वक यात्रा का अभिनंदन किया। भगवान परशुराम मंदिर पर हुआ समापनशोभायात्रा का समापन हनुमानपुरा स्थित भगवान परशुराम मंदिर पर हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की। यात्रा के दौरान मरेना कस्बे में कुछ समय के लिए यातायात जाम भी हुआ, लेकिन लोगों में भारी उत्साह और उमंग देखने को मिली। श्रद्धालुओं में नजर आया उत्साहइस अवसर पर नीरजा शर्मा, प्रिंस हुंडावाल, अनुराग मुदगल, अनुपम तिवारी, महेश बोहरे और पवन चंसोरिया सहित कई लोग मौजूद रहे। समिति की ओर से सभी अतिथियों का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया तथा भगवान परशुराम की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन मुकेश हनुमान और हरिओम शर्मा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष रिंकू उपाध्याय, कोषाध्यक्ष रामू मुदगल, उपाध्यक्ष अमित लहचोरिया, हरेश शर्मा, मंत्री राजू पहलवान, अनिकेत, कृष्णकांत शुक्ला, अमन दीक्षित, धीरा, मोहित, रोहित, सचिन शर्मा, जीतेन्द्र, ओमकांत और अभिषेक सहित समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में डॉ. विष्णु शर्मा, रामवीर शर्मा, सरपंच रमाकांत दीक्षित, सरपंच विष्णु, बंटी सरपंच, राहुल शर्मा, शिवा तिवारी, विरोधा खुड़िला, रमाशंकर, शिवजी और सोनू फरासपुरा सहित हजारों की संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे।
पीथमपुर औद्योगिक अनुभाग पुलिस आगामी ईद त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह अलर्ट हो गई है। इसी क्रम में, एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर और नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर के मार्गदर्शन में सागौर और दिग्ठान के संवेदनशील इलाकों में मंगलवार शाम फ्लैग मार्च निकाला गया। बीती शाम को निकाले गए इस फ्लैग मार्च में सागौर थाना और दिग्ठान चौकी का भारी पुलिस बल शामिल था। पुलिस का यह काफिला दोनों क्षेत्रों के मुख्य मार्गों, संवेदनशील चौराहों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों से गुजरा। अधिकारियों ने पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। शहर में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च फ्लैग मार्च के उद्देश्य के बारे में एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर ने बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य आगामी ईद पर्व के दौरान क्षेत्र में शांति, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मार्च के माध्यम से असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है। त्योहार की खुशियों में खलल डालने या माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील एडिशनल एसपी बेलापुरकर ने यह भी बताया कि मार्च का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य आम जनता, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य है कि सभी नागरिक बिना किसी डर के हर्षोल्लास के साथ ईद का त्योहार मना सकें। मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही, क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या चौकी को सूचित कर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।
जयपुर डिस्कॉम ने मिशन लाइफ पर संगोष्ठी की:नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत पर चर्चा
झालावाड़ में जयपुर डिस्कॉम ने खंडिया पावर हाउस स्थित मीटिंग हॉल में मंगलवार देर शाम एक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी मिशन लाइफ के तहत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना एवं संवर्धन विषय पर केंद्रित थी। इसमें 62 कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। संगोष्ठी में बताया गया कि 'मिशन लाइफ' भारत के नेतृत्व में शुरू किया गया एक वैश्विक जन-आंदोलन है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल के तहत, दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने और बिजली व पानी की बचत जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।इस अवसर पर निगम झालावाड़ के एसई बी सहाय, पंकज सक्सेना, अजय सोनी, विमलेश मिश्रा और मनोज शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।
टीकमगढ़ जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत शिवपुरी में ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। मंगलवार रात ग्रामीणों ने सड़क पर बर्तन रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के कारण नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। वर्तमान में शिव धाम कुंडेश्वर से एक दिन के अंतराल पर पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह भी पर्याप्त नहीं है। शिव धाम कुंडेश्वर निवासी सोनू रजक, लक्ष्मी प्रसाद, मनोहर, चंदन और प्रियंका ने बताया कि वार्ड 9 में जल संकट सबसे अधिक है। उन्हें पानी के इंतजार में पूरा दिन बिताना पड़ता है। नल केवल 5 से 10 मिनट के लिए आते हैं, वह भी एक दिन छोड़कर। चार नए बोर खनन के लिए पीएचई को प्रस्ताव भेजा ग्राम पंचायत शिवपुरी के प्रतिनिधि दिनेश खटीक ने बताया कि पानी उपलब्ध कराने वाले पुराने बोर सूख गए हैं। चोपरा कुआं से अभी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वह भी सूखने की कगार पर है। पंचायत ने पीएचई विभाग को चार नए बोर खनन के लिए प्रस्ताव भेजा है, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में जल संकट और गहराएगा, जिससे लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी पानी नहीं मिल पाएगा। मंगलवार रात ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और उन्होंने व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है।
जीजा ने साले पर चाकू से किया हमला:बीच-बचाव करने आया साढू भी घायल, पारिवारिक विवाद में अटैक
डूंगरपुर जिले के कुंआ थाना क्षेत्र के धनगांव गांव में पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपने साले और साढू पर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में साला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बीच-बचाव करने आए साढू को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, लिखतिया गांव निवासी अल्पेश डेंडोर अपनी बहन कोकिला को उसके ससुराल धनगांव लेने गया था। अल्पेश के साथ उसका दूसरा जीजा शांतिलाल भी मौजूद था। जब दोनों कोकिला को अपने साथ घर ले जाने लगे, तो कोकिला का पति दिनेश पारगी आवेश में आ गया। ताबड़तोड़ वार कर किया गंभीर घायलपारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी दिनेश ने अचानक पीछे से अपने साले अल्पेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चाकू के वार लगने से अल्पेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। साले को बचाने के लिए जब दिनेश का साढू शांतिलाल आगे आया, तो आरोपी दिनेश ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे शांतिलाल भी घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और तुरंत 108 एम्बुलेंस को बुलाया।एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को कुंआ अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अल्पेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चंदौली में मंगलवार की रात में तेज रफ्तार पिकअप ने आगे चल रही बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। टक्कर से ट्रॉली उछलकर पलट गई और उसमें सवार दो मजदूरों की दबकर मौत हो गई। जबकि बाइक सवार महिला और उसकी चार वर्षीय बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शव को ग्रामीणों की मदद से ट्रॉली के नीचे से बाहर निकलवाया। फिर कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। जबकि घायलों का सीएचसी पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। देखें हादसे की तस्वीरें… पानी पीने के लिए रुके थे बाइक सवार यह हादसा नौगढ़–मधुपुर मार्ग पर करीब 9.30 बजे का है। रॉबर्ट्सगंज के लोहरा गांव निवासी विजय अपनी पत्नी ममता (25) और चार वर्षीय बेटी मिठ्ठी के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान जरलहवा बस्ती के पास उन्होंने बाइक खड़ी कर पानी लेने के लिए पास की गुमटी पर रुकने का प्रयास किया। ट्रॉली में खपरैल लादकर जा रहे थे मजदूर इसी बीच तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी खड़ी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर आगे जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा भिड़ी। ट्रॉली में नौगढ़ थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी नग्गू राम (60) और रामलखन (60) सवार थे, जो ट्रॉली के नीचे दब गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घायल बाइक सवार जिला अस्पताल रेफर हादसे में बाइक के पास खड़ी ममता और उनकी बेटी मिठ्ठी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को मधुपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बता दें कि ट्रैक्टर-ट्रॉली झपरी बस्ती से खपरैल लादकर डुमरिया गांव जा रही थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नौगढ़ थानाध्यक्ष प्रमोद यादव ने बताया कि फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
बदायूं में मंगलवार रात नशे में धुत कार सवार युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। पहले उन्होंने एक कार मैकेनिक से मारपीट की, फिर वहां से भागते समय कई लोगों को टक्कर मार दी। यह घटना सिविल लाइंस क्षेत्र में हुई। गुस्साए लोगों ने कार का पीछा कर गांधी ग्राउंड के पास उसे घेर लिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कंपनी बाग इलाके में मैकेनिक से विवाद और मारपीट के बाद दिल्ली नंबर की तेज रफ्तार कार वहां से भागी थी। इसी दौरान जवाहरपुरी कॉलोनी निवासी सुंदरम उर्फ लालू अपने बच्चों के साथ स्कूटी से जा रहे थे। कार ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे सुंदरम घायल हो गए, जबकि बच्चे बाल-बाल बच गए। इसके बाद वाटर वर्क्स के पास रेहान नामक युवक को भी कार ने टक्कर मार दी। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें.. पीछा करने पर फिर लोगों को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब स्थानीय लोग कार का पीछा करने लगे तो चालक वाहन लेकर पंडित जी पेट्रोल पंप के पास पहुंचा। वहां उसने अचानक कार पीछे की ओर मोड़ दी और दो-तीन अन्य लोगों को भी टक्कर मार दी। हालांकि, इन लोगों को मामूली चोटें आईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीड़ ने कार में की तोड़फोड़ गांधी ग्राउंड के पास लोगों ने कार को घेर लिया। इसी बीच कार में सवार तीन-चार युवक वाहन लॉक कर मौके से फरार हो गए। गुस्साई भीड़ ने कार में जमकर तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर सिविल लाइंस और सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार सवार युवक शराब के नशे में थे। पुलिस अब वाहन के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही
आधे शहर में आज नहीं आएगा पानी:28 और 29 मई का सप्लाई शेड्यूल भी बदलेगा, इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली
जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों में रखरखाव और सफाई का काम किया जाएगा। इसके चलते, शहर के फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पाने वाले सभी इलाकों में आजको पानी की सप्लाई बंद रहेगी। इसलिए, जोधपुर में कायलाना, चोपसनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पाने वाले सभी इलाकों में आज होने वाली पानी की सप्लाई कल दी जाएगी। वहीं, 28 मई को होने वाली सप्लाई 29 मई को दी जाएगी। इन इलाकों में पानी सप्लाई के शेड्यूल में बदलाव जलदाय विभाग जोधपुर सिटी सर्कल के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया- झालामण्ड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े इलाकों में आज 10 बजे तक होने वाली पानी की सप्लाई सामान्य रूप से जारी रहेगी। इन इलाकों में सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, और पाल बाइपास व शिल्पग्राम के आसपास के इलाके शामिल हैं। हालांकि, इन इलाकों में 28 मई को होने वाली पानी की सप्लाई 29 मई को होगी, और 29 मई को होने वाली सप्लाई 30 मई को की जाएगी। सुबह 7 से 11 बजे तक इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली 11KV न्यू भगत की कोठी, अरोडा स्वीट होम, रामभरोसे स्वीट होम के पीछे गली नंबर 1,2,3,4 घांची कॉलोनी, मूलजी की चक्की के आस-पास का क्षेत्र भगत की कोठी
गंगा दशहरा पर विंध्याचल घाट पर महाआरती:डीएम-सिटी मजिस्ट्रेट ने आरती उतारी, भक्ति गीतों से गूंजा तट
मिर्जापुर के विंध्याचल धाम स्थित पक्का घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर भव्य महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देर शाम से शुरू हुए इन आयोजनों ने गंगा तट को पूरी रात भक्तिमय बनाए रखा। दीपों की रोशनी और भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह और अगस्त्य द्विवेदी ने मां गंगा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर महाआरती की। पूजन और आरती का आयोजन पं. रामानंद के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा संपन्न हुआ। इस दौरान गंगा की पवित्रता, निर्मलता और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया। गंगा दशहरा पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पक्का घाट पहुंचे। उन्होंने मां गंगा का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और गंगा को स्वच्छ तथा अविरल बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान 'हर-हर गंगे' और 'जय मां गंगे' के जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा। जागरण में रातभर होते रहे भजन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरण ने श्रद्धालुओं को देर रात तक आकर्षित किया। कलाकारों ने भक्ति गीतों, भजनों और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। बुधवार की भोर तक चले इस कार्यक्रम में रवि शंकर शास्त्री, जय चौरसिया, मनीष शर्मा, पं. नीरज मिश्रा, पंकज, रत्नेश, सृष्टि और राजा तिवारी जैसे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। प्रशासन ने घाट पर सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। गंगा दशहरा पर विंध्याचल धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रदर्शन किया।
हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुद (वार्ड नंबर 24) में एक ही परिवार के तीन लोगों की सेफ्टी टैंक में दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में चमेली देवी, उनका बेटा रवि साव और चाचा मदन साव शामिल हैं, जबकि आनंद साव गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, सेफ्टी टैंक में अवैध रूप से महुआ शराब बनाई और रखी जाती थी। जिसके कारण टैंक के अंदर जहरीली गैस बन गई थी। घटना के वक्त चमेली देवी टैंक से महुआ शराब निकालने के लिए नीचे उतरीं, लेकिन अंदर पहुंचते ही जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखें… एक-एक कर उतरे और मरते गए लोग जब काफी देर तक चमेली देवी बाहर नहीं निकलीं, तो परिजन चिंतित हो उठे। मां को बचाने के लिए सबसे पहले उनका बेटा रवि साव टैंक में उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर गिर पड़ा। इसके बाद चाचा मदन साव ने हिम्मत जुटाकर दोनों को बचाने की कोशिश की। वे भी उसी जहरीली गैस के शिकार हो गए। टैंक के भीतर मौजूद गैस इतनी खतरनाक थी कि तीनों में से कोई भी बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान घर के अन्य सदस्य बेसहारा होकर यह मंजर देखते रह गए। बचाने की कोशिश में घायल हुआ पिता अपनी पत्नी, बेटे और भाई को तड़पता देख आनंद साव ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी गैस से प्रभावित होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में अवैध महुआ शराब निर्माण को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दिलीप साहू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
गोंडा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पूरे ललक स्थित सिद्धपीठ श्री बालाजी मंदिर में देर रात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया था। इस अवसर पर भजन कार्यक्रम, विशाल भंडारा और 26वां सवामणी हवन पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने हनुमान जी और बालाजी की आकर्षक झांकियों के माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सवामणी हवन कार्यक्रम में गोंडा ही नहीं, बल्कि देवी पाटन मंडल के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए है। स्थापना दिवस का यह कार्यक्रम सुबह 4 बजे तक चला। अत्यधिक भीड़ के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन में कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे ललक स्थित इस बालाजी मंदिर में शनिवार और मंगलवार को विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्त बजरंगबली और बालाजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान लोग बालाजी महाराज के दर्शन करके परिक्रमा करते हुए भी मंदिर का नजर आए हैं महिलाएं पुरुष और छोटे-छोटे बच्चे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। वही देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि बालाजी स्थापना दिवस के भजन और भंडारे के कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सकुशल संपन्न हो गए। उन्होंने पुष्टि की कि भीड़ अधिक होने के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष ज्येष्ठ माह में आयोजित किया जाता है। कुछ और तस्वीरें देखिए
रेलवे प्रशासन ने मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट साप्ताहिक विशेष ट्रेन को अब नियमित एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। पूर्व में 09075/09076 नंबर से चलने वाली यह ट्रेन अब 21907/21908 नंबर से नियमित सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। नई व्यवस्था के तहत, 21907 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस 27 मई 2026 से प्रत्येक बुधवार को मुंबई सेंट्रल से रवाना होगी। वहीं, 21908 काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस 28 मई 2026 से प्रत्येक गुरुवार को काठगोदाम से चलेगी। बदायूं स्टेशन पर भी ठहराव यह ट्रेन मुंबई, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। बदायूं स्टेशन पर भी इसका ठहराव होगा, जिससे जिले के यात्रियों को मुंबई और उत्तराखंड के बीच सीधी रेल सेवा का लाभ मिलेगा। मुंबई से आने वाली ट्रेन दूसरे दिन सुबह 8:55 बजे बदायूं पहुंचेगी, जबकि काठगोदाम से वापसी में यह ट्रेन रात 9:22 बजे बदायूं स्टेशन पर रुकेगी। यात्रियों की बढ़ती संख्या और बेहतर कनेक्टिविटी पर नजर रेलवे के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए जाएंगे। इनमें दो जीएसएलआरडी, चार सामान्य द्वितीय श्रेणी, सात शयनयान, चार वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और एक वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी कोच शामिल होंगे। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता को देखते हुए इस विशेष ट्रेन को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
फर्रुखाबाद में SC/ST एक्ट में तीन दोषी करार:सभी को चार-साल की सजा, किशोरी का पीछा कर की थी मारपीट
फर्रुखाबाद में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने छेड़छाड़ और एससी/एसटी एक्ट मामले में तीन दोषियों को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 16-16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला वर्ष 2017 का है। घटना कोतवाली कायमगंज के एक गांव की है। 5 अप्रैल 2017 को गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी साइकिल से समोसे लेने गई थी। गांव के फैसल ने उसकी साइकिल का पीछा किया और उसे छुपा दिया। जब किशोरी ने विरोध किया, तो फैसल ने अपने साथी माजिद उर्फ सामिर और लला उर्फ लंगड़ा उर्फ अब्दुल रहमान को बुला लिया। तीनों आरोपी किशोरी को एक बाग की ओर खींच ले गए और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगे। किशोरी के शोर मचाने पर एक व्यक्ति को आता देख आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाह पेश किए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करते हुए तीनों आरोपियों को 23 मई को दोषी ठहराया था।
जालोर में डिस्कॉम कार्यालय से चोरी:दीवार कूदकर घुसे बदमाश, ट्रांसफार्मरों से तांबा निकालकर फरार
जालोर जिले के सायला क्षेत्र के जीवाणा कस्बे में डिस्कॉम के सहायक अभियंता कार्यालय में सोमवार देर रात चोर ट्रांसफार्मरों को तोड़कर उनमें से तांबा निकालकर फरार हो गए। यह पिछले 3 दिनों में दूसरी ऐसी घटना है, जिससे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पहले 24 मई की रात सायला स्थित डिस्कॉम के गोदाम से भी ट्रांसफार्मर और कॉपर चोरी की घटना सामने आई थी। लगातार हो रही वारदातों से विभागीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और क्षेत्र में दहशत का माहौल है। CCTV में कैद हुए 7 चोर, दीवार फांदकर घुसे थे परिसर में जीवाणा स्थित कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि 7 चोर रात के अंधेरे में परिसर की दीवार फांदकर अंदर घुसे और सीधे ट्रांसफार्मर स्टोर को निशाना बनाया। चोरों ने भारी ट्रांसफार्मरों से तांबा निकालने की वारदात को अंजाम दिया। ट्रांसफार्मर तोड़कर निकाला तांबा, मौके पर ही किया नुकसान डिस्कॉम के सहायक अभियंता हरिशंकर प्रसाद ने बताया कि चोरों ने 3 फेज फ्यूज ट्रांसफार्मर और 2 सिंगल फेज फ्यूज ट्रांसफार्मर को कटर और अन्य औजारों की मदद से मौके पर ही तोड़ दिया। इसके बाद ट्रांसफार्मरों के अंदर से तांबा निकालकर फरार हो गए। पुलिस जांच में जुटी, पेशेवर गैंग पर शक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें 7 बदमाश स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी संगठित गैंग का काम है जो केवल ट्रांसफार्मरों से कॉपर चोरी करती है। पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर नाकाबंदी शुरू कर दी है और मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।
सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र में शारदा नदी में एक किशोरी के लापता होने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। घटना सेतुही गांव के मजरा परेवा की है, जहां तरबूज लेने गई 15 वर्षीय किशोरी के नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना के 30 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किशोरी का कोई सुराग नहीं लग सका है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वही गोताखोर नदी में किशोरी की तलाश कर रहे है। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के लखपड़ा गांव निवासी जगदीश की पुत्री कोमल सोमवार को शारदा नदी किनारे तरबूज लेने गई थी। बताया जा रहा है कि नदी पार करते समय उसका पैर फिसल गया या फिर वह पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा सकी, जिसके चलते वह तेज बहाव में गहरे पानी में समा गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और किशोरी की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से खोजबीन शुरू कराई गई। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से समय रहते प्रभावी रेस्क्यू अभियान नहीं चलाया गया, जिसके कारण किशोरी का अब तक पता नहीं चल पाया है। घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले में तंबौर थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार राय ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम नदी में किशोरी की तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही किशोरी को ढूंढ निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
जौनपुर में कपड़े की थोक दुकान में आग:25 लाख का सामान जला, शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका
जौनपुर के कोतवाली क्षेत्र स्थित मानिक चौक पर एक कपड़े की थोक दुकान में आग लग गई। इस घटना में लगभग 25 लाख रुपये का तैयार माल जलकर नष्ट हो गया। यह दुकान राजेंद्र प्रसाद के बेटे अरविंद कुमार की है। अरविंद कुमार मूल रूप से दूधुरा गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि आग लगने के समय दुकान में कुल 25 लाख रुपये का माल मौजूद था। दुकान के शटर से धुआं निकलता देख आसपास के व्यापारियों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझने तक दुकान में रखे कपड़े, बिल, नकदी और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। एफएसओ (फायर सर्विस ऑफिसर) नागेंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी। दुकान मालिक अरविंद कुमार ने बताया कि शादी-विवाह के सीजन के कारण दुकान पूरी तरह भरी हुई थी, जिससे नुकसान काफी बढ़ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का मुआयना किया और दुकान मालिक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
संभल में ज्येष्ठ मास के नौतपा की शुरुआत के तीन दिन बाद भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 109 रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही लू के कारण दोपहर में करीब चार घंटे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार सुबह 8 बजे तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खासकर सुबह के समय बिजली बाधित होने से घरेलू और व्यावसायिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें… बारिश के बाद बढ़ी उमस सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि में करीब 15 मिनट हुई बारिश भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। बारिश के बाद उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी का सामना करना पड़ा। तापमान के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि मई में यह 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद बाजारों में छा रहा सन्नाटा गर्मी से बचने के लिए लोग छातों और सूती कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। महिलाएं चेहरे और त्वचा को धूप से बचाने के लिए सूती स्कार्फ का इस्तेमाल कर रही हैं। स्थानीय दुकानदार संजीव कुमार ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार गर्मी अधिक पड़ रही है। दोपहर 12 बजे के बाद बाजारों में सन्नाटा छा जाता है और लोग सुबह या शाम को ही खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। वहीं, स्थानीय निवासी अमित कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोग जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने को मजबूर हैं। लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए? बाहर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखिए...
इटावा में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है, वहीं जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त, डायरिया और गर्मी से बीमार होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल में सचल जल सेवा, ओआरएस घोल वितरण, एयर कंडीशन कोल्ड रूम और विशेष बेड की व्यवस्था की गई है, जबकि लोगों को लगातार गर्मी से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। भीषण गर्मी से बढ़ी मरीजों की संख्या इटावा में लगातार चल रही हीट वेव से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। दूसरी तरफ जिला अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में उल्टी, दस्त, डायरिया और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस समय करीब 15 से 20 प्रतिशत मरीज गर्मी से जुड़ी बीमारियों के कारण इलाज कराने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में शुरू हुई विशेष व्यवस्थाएं गर्मी से राहत देने के लिए जिला अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल परिसर में सचल जल सेवा शुरू की गई है ताकि मरीजों और तीमारदारों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही ओआरएस घोल सेवा भी शुरू की गई है और आने-जाने वाले लोगों को ओआरएस पिलाया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए एयर कंडीशन कोल्ड रूम बनाए गए हैं, जहां भर्ती मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार अस्पताल की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है ताकि हीट वेव के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हापुड़ के कपूरपुर थाना क्षेत्र के सिरोधन गांव में बुधवार सुबह मां की डांट से आहत होकर एक 18 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद परिजनों में मातम छा गया है। जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान फाहद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर उसकी मां ने उसे डांटा था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना मिलने पर कपूरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी रघुराज सिंह ने बताया कि- मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतक फाहद मूल रूप से हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मोडी गांव का निवासी था, जो अपने परिवार के साथ सिरोधन गांव में रह रहा था।
बुलंदशहर के पूर्व बाहुबली विधायक और सपा नेता श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की तस्वीरे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सोशल मीडिया पर यह रक्षा मंत्री से मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए गुड्डू पंडित ने इसे सौहार्दपूर्ण मुलाकात का नाम दिया है। श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित की गिनती पश्चिमी यूपी के बाहुबली नेताओं में होती है। कभी अमरमणि त्रिपाठी के खास रहे गुड्डू पंडित ने 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर लड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया को उन्ही के गढ़ में मात दी थी। इसके बाद बीडीसी अपहरण कांड में मायावती ने वर्ष 2011 में उन्हें अपने ही दिल्ली आवास से गिरफ्तार करा दिया था। 2012 विधानसभा चुनाव में वह सपा के सिंबल पर डिबाई विधानसभा से लड़े और लगातार दूसरी बार कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह को हराया। इसके बाद 2016 में उन्होंने सपा से विधायक रहते हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद सपा ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 2019 का लोकसभा चुनाव उन्होंने फतेहपुर सीकरी से बसपा की टिकट पर लड़ा, लेकिन वह हार गए। इसके बाद वह 2022 में फिर से सपा में आ गए। अब राजनाथ सिंह से उनकी मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि वह कोई नया कदम उठा सकते हैं। कल्याण सिंह की नाराजगी पड़ी भारी 2016 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के बाद माना जा रहा था कि वह 2017 का चुनाव भाजपा से लड़ेंगे। वह खुलकर भाजपा के बैनर तले आयोजित कार्यक्रमों में भी दिखने लगे थे। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की नाराजगी उन्हें भारी पड़ी। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिल सका, जिसके बाद वह 2017 का चुनाव सदर विधानसभा सीट से रालोद के टिकट पर लड़े और बुरी तरह हार गए।
इंदौर के सराफा बाजार में 22 मई की रात एक छात्र के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना में जिले के बाहर पदस्थ एक एएसआई के बेटे को गंभीर चोट आई है। छात्र की आंख के ऊपर की हड्डी फ्रैक्चर होने के बाद उसका निजी अस्पताल में उपचार कराया गया, जबकि बाद में परिजन उसे दाहोद के अस्पताल ले गए। मामले में परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला सराफा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक रेनेस कॉलेज का छात्र ध्रुव सिंह पुत्र अशोक सिंह अपने दोस्तों के साथ 22 मई की रात सराफा बाजार घूमने आया था। इसी दौरान वहां मौजूद रोहन पुत्र सिकंदर गुर्जर से उसका धक्का लगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इस बात पर रोहन और उसके दो साथियों ने ध्रुव के साथ जमकर मारपीट कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया विवाद के बाद दोनों पक्ष सराफा थाने पहुंचे थे। यहां पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया और रोहन समेत उसके साथियों को छोड़ दिया। हालांकि बाद में ध्रुव की तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में आंख के ऊपर की हड्डी फ्रैक्चर होना सामने आया। इसके बाद परिजन उसे आगे के उपचार के लिए दाहोद ले गए। ध्रुव के परिजनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया घटना के बाद ध्रुव के परिजनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि गंभीर चोट आने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि ध्रुव के पिता अशोक सिंह का परिवार इंदौर पुलिस लाइन में रहता है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लिया है।
भिवानी में मृत मिला युवक:पार्क के कोने पर पड़ा था शव, नाक से निकला खून, नहीं हुई पहचान
भिवानी के बंसीलाल पार्क के कोने पर एक युवक का शव मिला है। इसका पता लगते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस के अनुसार मृतक के नाक से खून भी निकला हुआ है। हालांकि पुलिस द्वारा मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और जांच की जा रही है। भिवानी के सिटी थाना प्रभारी जरनैल सिंह ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि बंसीलाल पार्क के कोने पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चेक किया। पुलिस की प्राथमिक जांच में पाया कि कोई बाहर का व्यक्ति लग रहा है। जिसकी उम्र करीब 35-40 साल लग रही है। जो मृत अवस्था में मिला है। इसकी पहचान नहीं हो पाई है। पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक दृष्टि से मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। नाक से खून निकला हुआ है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए सीन ऑफ क्राइम टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। वैज्ञानिक तरीके से छानबीन करके कार्रवाई करेंगे। वहीं मृतक की पहचान के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। वहीं पुलिस टीम द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है।
गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित बाबा गयादीन गैस एजेंसी पर एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। जफरापुर गांव निवासी चंदन दुबे ने आरोप लगाया है कि गैस सिलेंडर लेने के दौरान एजेंसी कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। चंदन दुबे के अनुसार, वह 26 मई की शाम करीब 4 बजे बैजलपुर स्थित गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंचे थे। उन्होंने दो गैस की किताबें दीं, जिस पर एजेंसी मैनेजर आशीष पांडे नाराज हो गए। पीड़ित का आरोप है कि मैनेजर ने दोनों किताबें उनके मुंह पर मार दीं। जब उन्होंने एक किताब वापस कर दूसरी पर गैस देने की बात कही, तो कहासुनी शुरू हो गई। वीडियो में दिखी लाठी-डंडों से मारपीट चंदन दुबे का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आशीष पांडे और उनके तीन साथियों ने लाठी-डंडों और हाथों से उनकी पिटाई कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गाली-गलौज के बाद थप्पड़ों और लाठी-डंडों से मारपीट होती दिखाई दे रही है। SHO बोले- गैस लेने को लेकर विवाद हुआ नवाबगंज पुलिस ने वायरल वीडियो और पीड़ित की तहरीर का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने बताया कि गैस लेने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मारपीट की घटना सामने आई। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाने के सामने पूर्व डिप्टी सीएम टीएम सिंहदेव ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज भी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। मंगलवार को प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए। कांग्रेस ने जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट की FIR वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। कांग्रेस में चल रही आपसी बयानबाजी के बीच टीएस सिंहदेव, भूपेश बघेल और दीपक बैज एक साथ एक मंच पर नजर आए। आंदोलन स्थल से नगर पंचायत शिवनंदनपुर की चुनावी आमसभा तक तीनों नेता एकजुट दिखाई दिए। आमसभा में शामिल होने के लिए तीनों नेता एक ही गाड़ी में सवार नजर आए। टीएस सिंहदेव ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में दर्ज FIR को कानूनन गलत बताया। उन्होंने प्रशासन को शाम 6 बजे तक निर्णय लेने की मोहलत दी थी और चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं होने पर वे आमरण अनशन शुरू करेंगे। कांग्रेस की आमसभा से लौटने के बाद टीएस सिंहदेव ने विश्रामपुर थाने के सामने अनशन शुरू कर दिया। रात में आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे रहे। इनमें से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। भूपेश बोले- पुलिस अधिकारियों का नाम याद रखेंगे शिवनंदनपुर नगर पंचायत की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठे हैं, जबकि दीपक बैज भूख हड़ताल कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के कांग्रेसजन चूड़ी पहनकर नहीं बैठे हैं। उन्होंने कहा कि थानेदार का नाम हमेशा याद रखा जाएगा। सरकार आती-जाती रहती है। किसी दिन हमारी भी सरकार आएगी। एसपी और आईजी भी समझ लें। जब मामला आपकी जानकारी में आ गया है तो सुधार कर लीजिए, नहीं तो इसे याद रखा जाएगा। प्रदर्शन के बाद दूसरे पक्ष के खिलाफ FIR कांग्रेस ने आंदोलन के दौरान प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी थीं। इनमें से एक मांग नरेंद्र जैन के आवेदन पर दूसरे पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की थी। विश्रामपुर पुलिस ने मंगलवार देर शाम नरेंद्र जैन के आवेदन पर दूसरे पक्ष के खिलाफ धारा 296 और 351 (3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की राह में उनकी पहली मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि न्याय और संघर्ष की इस लड़ाई में वे आगे भी लगातार बढ़ते रहेंगे। दीपक बैज बोले- सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं चलेगा आंदोलन स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार सत्ता के अहंकार में डूबी हुई है। कल हम सत्ता में थे, आज वे सत्ता में हैं। इस अहंकारी सरकार को जनता के बल पर उखाड़ फेंकेंगे। मंगलवार को पूरे दिन चले प्रदर्शन के बाद भी रात में विश्रामपुर थाने के सामने धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ बनी रही। देर रात तक बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारस नाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए। रातभर अनशन स्थल पर जमे रहे नेता और कार्यकर्ता रात में अनशन स्थल पर एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जानिए पूरा मामला कांग्रेस पार्टी के मुताबिक शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के मेन रोड स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मित्तल पांडेय ने चुनाव में जीत-हार को लेकर नरेंद्र जैन को उकसाया और उनके साथ बदसलूकी की। कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने पर मित्तल पांडेय ने सत्ता का हवाला देते हुए नरेंद्र जैन को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने देर रात विश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई। पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र जैन ने गाली-गलौज करते हुए मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी। हालांकि, पुलिस अब तक कथित कटार बरामद नहीं कर सकी है।
राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) ने बुधवार (27 मई) सुबह आसाराम की सजा पर फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न के केस में उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। जस्टिस अरूण मोंगा व जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। केस में सह आरोपी शिल्पी व शरतचंद को बरी किया गया है। खंडपीठ ने 20 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। आसाराम फिलहाल अंतरिम जमानत पर है, लेकिन उसे अब सरेंडर करना होगा। अदालत में क्या हुईं दलीलें बचाव बनाम अभियोजन हाईकोर्ट में 16 फरवरी से 20 अप्रैल 2026 तक चली डे-टू-डे सुनवाई में दोनों पक्षों ने मजबूती से अपने तर्क रखे बचाव पक्ष का तर्क: आसाराम के वकीलों ने इसे मनगढ़ंत मामला बताते हुए कहा कि पीड़िता के माता-पिता के बयानों में भारी विरोधाभास है। घटना की रात आसाराम और पीड़िता के बीच कोई कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला। बचाव पक्ष ने 'समानता के सिद्धांत' का हवाला देते हुए कहा कि जब इसी साक्ष्य के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने सह-आरोपी शरद और प्रकाश को बरी कर दिया, तो आसाराम को दोषी कैसे ठहराया जा सकता है। अभियोजन पक्ष का तर्क: पीड़िता के अधिवक्ता पी.सी. सोलंकी और सरकारी वकीलों ने दलील दी कि पॉक्सो मामलों में पीड़िता का एकल बयान ही सजा के लिए पर्याप्त साक्ष्य होता है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्थापित किया है। अभियोजन ने कहा कि गवाहों की सिलसिलेवार हत्याएं और हमले इस बात का खुला प्रमाण हैं कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की साजिश रची, जो उसके अपराध को साबित करता है। ये खबर भी पढ़िए… आसाराम की 7 जुलाई तक बढ़ी अंतरिम जमानत:मेडिकल आधार पर बढ़ाई अवधि; हाईकोर्ट ने सजा स्थगन मामले पर 20 अप्रैल से फैसला रखा रिजर्व राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को फिर राहत दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेडिकल ग्राउंड पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि को 7 जुलाई तक बढ़ा दिया है। (पढ़िए पूरी खबर)
बीकानेर शहर में नहरबंदी खत्म हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन कई इलाकों में अब भी पीने के पानी का संकट बना हुआ है। खासकर सर्वोदय बस्ती क्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले डेढ़ महीने से इलाके में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है और बार-बार शिकायत के बावजूद जलदाय विभाग समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा। इसी को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सुभाष स्वामी के नेतृत्व में सोमवार देर रात बड़ी संख्या में लोग नयाशहर टंकी पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि टंकी में पानी ही नहीं था, जिसके बाद लोग न्यू मास्टर पंप हाउस, ऊन मंडी के सामने पहुंच गए और वहां धरना दिया। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने रात में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया, लेकिन आरोप है कि सप्लाई केवल कुछ मिनट के लिए शुरू हुई और फिर बंद कर दी गई। इसके विरोध में बुधवार सुबह पांच बजे से फिर क्षेत्रवासी नयाशहर टंकी पर जुट गए और वहीं पड़ाव डाल दिया। घर-घर सर्वे किया क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सुभाष स्वामी ने कहा कि जलदाय विभाग की दो इंजीनियरों की टीम के साथ क्षेत्र में घर-घर सर्वे कराया गया, लेकिन अधिकांश घरों में पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि सर्दियों में भी क्षेत्र के लोगों को मोटर चलाकर पानी लेना पड़ता है और गर्मियों में हालात और बिगड़ गए हैं। जब तक पानी नहीं, तब तक टंकी पर रहेंगे उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। ये पड़ाव है और जलापूर्ति सामान्य होने पर ही वापस जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने नाश्ता और भोजन भी टंकी परिसर में ही करने का निर्णय लिया है। धरने में परसराम उपाध्याय, देवराज सुथार, बाबूलाल सोनी, करणीदान सोनी, शांतिलाल, मांगीलाल, झवर सुथार, भंवर सुथार, रामकिशन सोनी, ओमप्रकाश सुथार, जयराम सुथार, जयकिशन सुथार, भेरूसिंह, राम तिवारी, सरवन सुथार, सुरेश जांगिड़, विजय कुमार सोनी, रितेश स्वामी, विष्णु पारीक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बांसवाड़ा जिले की सल्लोपाट थाना पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हुई 1.42 लाख रुपए की लूट के मामले का खुलासा करते हुए चौंकाने वाला सच सामने लाया है। जांच में पता चला कि यह कोई असली लूट नहीं थी, बल्कि खुद शिकायतकर्ता फाइनेंसकर्मी ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर कंपनी के पैसे हड़पने के लिए पूरी झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तलवार दिखाकर 1.42 लाख लूट का दर्ज कराया था फर्जी मामला 5 मई 2026 को स्वतंत्र फाइनेंस कंपनी (सज्जनगढ़ शाखा) के कर्मचारी अंजेश डामोर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 3 मई की दोपहर वह घोड़िया डालर के पास नाले के नजदीक जा रहा था, तभी पल्सर बाइक पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया और तलवार दिखाकर धमकाते हुए 1,42,656 रुपए नकद और दो मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। इस शिकायत के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की थी। जांच में खुला सच, पुलिस को मिली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के जरिए जांच शुरू की तो शिकायतकर्ता अंजेश डामोर की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद पुलिस ने उसकी दिनचर्या और संपर्कों पर निगरानी बढ़ा दी। मनोवैज्ञानिक पूछताछ में टूटी साजिश, तीनों ने कबूला जुर्म संदेह पुख्ता होने पर पुलिस ने अंजेश डामोर के साथ उसके दो दोस्तों मनीष पारगी और निर्मल पारगी को हिरासत में लिया। कड़ी और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के दौरान तीनों ने स्वीकार किया कि कंपनी के कलेक्शन के पैसे हड़पने के लिए उन्होंने खुद ही लूट की झूठी कहानी रची थी। तीनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही आगे की जांच पुलिस ने मामले में फाइनेंसकर्मी अंजेश डामोर समेत मनीष पारगी और निर्मल उर्फ बल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
गिरिडीह जिले के पचंबा थाना पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बोडो इलाके में छापेमारी कर बंधक बनाई गईं दो नाबालिग जुड़वां बहनों को सकुशल मुक्त करा लिया। इस नेटवर्क का संचालन करने वाली मुख्य महिला मास्टरमाइंड को पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला शातिर तरीके से ग्रामीण इलाकों की गरीब लड़कियों को शहर में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाती थी। इसके बाद उन्हें ठिकानों पर बंधक बनाकर जबरन इस घिनौने दलदल में धकेल दिया जाता था। पुलिस को इस काले धंधे की भनक तब लगी जब पीड़ितों ने फोन कर मदद मांगी। काम के बहाने बुलाकर बनाया बंधक मुक्त कराई गईं जुड़वां बहनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 15 दिनों से बोडो इलाके के एक कमरे में कैद रखा गया था। उन्हें काम दिलाने के बहाने गिरिडीह लाया गया था, लेकिन यहां आते ही उनसे जबरन अश्लील काम कराया जाने लगा। जब भी वे इसका विरोध करतीं, आरोपी महिला उनके साथ गाली-गलौज करती थी। उन्हें घर नहीं लौटने देती थी। मंगलवार को जब दोनों बहनों ने घर जाने की जिद की, तो आरोपी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लड़कियों ने साहस जुटाकर पुलिस को फोन किया। उन्होंने बताया कि उनके अलावा कई अन्य लड़कियों को भी नौकरी का लालच देकर यहां लाया जाता था। धंधा चलाने वाली महिला गई जेल पीड़ितों की सूचना पर पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोडो में छापा मारा। पुलिस के आने की भनक मिलते ही आरोपी महिला भाग निकली, जिसे बाद में पुलिस ने सिरसिया से दबोच लिया। जांच में खुलासा हुआ कि महिला शातिर ढंग से एकांत इलाकों में किराए का कमरा लेकर यह धंधा चलाती थी। शक होने पर ठिकाना बदल लेती थी। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। मामले की गहन जांच जारी है। गिरोह में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 58 लाख रुपए के घोटाले को लेकर जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण नहीं कराने पर एनएचएम की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणव नागवंशी ने जबलपुर सीएमएचओ समेत चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों को 15 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर खर्च की गई राशि संबंधित अधिकारियों से वसूल की जाएगी। फिर भी 22 दिन बाद अफसरों ने जबाव नहीं दिया है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025-26 में जबलपुर जिले की 58 संजीवनी क्लीनिकों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड यानी एनक्यूएएस के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रति संस्था एक लाख रुपए के हिसाब से 58 लाख रुपए आवंटित किए गए थे। इनमें से 56.98 लाख रुपए खर्च भी कर दिए गए, लेकिन राज्य स्तर पर हुई समीक्षा में सामने आया कि जिले की एक भी शहरी स्वास्थ्य संस्था का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण नहीं कराया गया। इतना ही नहीं संस्थाओं को मानकों के अनुरूप तैयार भी नहीं किया गया। एनएचएम ने इसे अधिकारियों की गंभीर लापरवाही माना है। जारी नोटिस में सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी, सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग और जिला लेखा प्रबंधक रेखा साहू से जवाब मांगा गया है। बताया जा रहा है कि नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी संबंधित अधिकारी जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं, जिसके बाद अब रिकवरी और एफआईआर की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पुराने कार्यों को दिखाकर खर्च कर दी राशि मामले में सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव पर आरोप है कि एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की गई। संस्थाओं में केवल रंगरोगन और पुराने कार्यों को दोबारा दिखाकर सरकारी राशि खर्च दर्शाई गई। राज्य स्तर से पहुंची जांच टीम ने इस कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। चहेते वेंडरों को फायदा पहुंचाया नियमों के मुताबिक 58 लाख रुपए के कार्य के लिए खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी थी, लेकिन आरोप है कि जिला लेखा प्रबंधक रेखा साहू और एपीएम संदीप नामदेव ने नियमों को दरकिनार करते हुए स्थानीय स्तर पर सामग्री क्रय दिखाकर चहेते वेंडरों को फायदा पहुंचाया। प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला दबा रहा। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि रेखा साहू की 'ऊंची सेटिंग' के कारण कई अधिकारियों के तबादले हो गए, लेकिन इन पर आज तक कोई आंच नहीं आई थी। भोपाल से 4 मई को ही नोटिस जारी हो चुका था, लेकिन स्थानीय स्तर पर बड़े नेताओं और रसूखदारों के दबाव में मामले को दबाए रखा गया। मैं तो एक महीने पहले ही सीएमएचओ बना हूं वर्तमान सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने खुद को इस मामले से अलग बताते हुए कहा कि उन्हें एक माह पहले ही सीएमएचओ बनाया गया है। उस समय सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा और डीपीएम आदित्य सिंह थे। उनका कहना है कि पुराने मामलों में हुए भुगतान और निर्णयों के लिए वर्तमान अधिकारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
आगरा में भीषण गर्मी का असर अब ईद उल अजहा की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है। गर्मी और धूप को देखते हुए शहर की कई प्रमुख मस्जिदों में नमाज के समय तय किए गए हैं, जबकि शाही जामा मस्जिद में नमाज का समय बदल दिया गया है। पहले यहां नमाज सुबह 8 बजे प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे सुबह 7:15 बजे अदा किया जाएगा। शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद ने बताया कि तेज गर्मी के चलते मस्जिद परिसर में शामियाने और अन्य व्यवस्थाएं करने में दिक्कत आ रही थी। इसी वजह से नमाज का समय बदला गया है। नमाजियों को राहत देने के लिए मस्जिद में कूलर, पंखे और अन्य वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि नमाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं शाही ईदगाह में ईद उल अजहा की नमाज सुबह 6:45 बजे अदा की जाएगी। इंतजामिया कमेटी के अनुसार शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों में नमाज अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही होगी। शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाज का समय मस्जिद सुल्तान परवेज, कश्मीरी बाजार — सुबह 6:45 बजे ईदगाह नगला मेवाती — सुबह 7:00 बजे शाही जामा मस्जिद — सुबह 7:15 बजे बड़ी मस्जिद, शहीद नगर — सुबह 7:15 बजे मस्जिद कटरा नील — सुबह 7:30 बजे नूरी मस्जिद, आगरा कैंट — सुबह 7:30 बजे शाही मस्जिद कलां, साबुन कटरा — सुबह 7:40 बजे मस्जिद मोतमिद खां, माल का बाजार — सुबह 7:45 बजे अकबरी मस्जिद, किनारी बाजार — सुबह 7:45 बजे मस्जिद घटिया मामू भांजा — सुबह 8:15 बजे शाही मस्जिद, लोहा मंडी — सुबह 8:30 बजे ताजमहल परिसर स्थित मस्जिद, ताजगंज — सुबह 8:30 बजे मस्जिद जाल, फुलट्टी बाजार — सुबह 8:45 बजे नूरी मस्जिद, नूरी दरवाजा — सुबह 10:00 बजे मस्जिद दरगाह सैयदना सरकार — सुबह 10:00 बजे ऊंची मस्जिद, छिली ईट रोड — सुबह 10:00 बजे
शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम दो सर्राफा व्यापारियों के गुटों के बीच जमकर विवाद हो गया। मेन बाजार स्थित एक सर्राफा दुकान पर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी भी हुई। हमले में एक पक्ष के चार लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सर्राफा व्यापारी सुभाष वर्मा की दुकान पर उनके बेटे विपिन वर्मा और पवन वर्मा बैठे थे। इसी दौरान उनका बाजार के ही दूसरे सर्राफा व्यापारी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग कथित तौर पर लाठी-डंडों के साथ दुकान में घुस गए और हमला कर दिया। वीडियो में युवक ने लहराया असलहा घटना के दौरान जमकर हंगामा हुआ और ईंट-पत्थर भी चले। देर रात इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक व्यक्ति हाथ में असलाह लहराता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि असलाह लाइसेंसी था या अवैध। घायलों को मेडिकल के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा। कटरा थाना प्रभारी ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट हुई है, जिसमें चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देर रात तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में तहरीर नहीं दी गई थी।
दौसा-बांदीकुई नगर विकास न्यास की पहली आवासीय योजना की लॉटरी प्रक्रिया से पहले कलेक्टर डॉ. सौम्या झा विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुउद्देशीय आवासीय योजना का दौरा कर भावी विकास योजनाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सुविधाएं निर्माण की जानकारी लीकलेक्टर ने निर्माणाधीन सड़कों एवं ब्लॉक कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आवासीय योजना में आधारभूत संरचनाओं के विकास को लेकर अधिकारियों से डिटेल से चर्चा की। उन्होंने प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था तथा जल निकासी से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप गति प्रदान करते हुए तय समय सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को शीघ्र बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। नई योजनाओं के देखी भूमिइसके बाद कलेक्टर ने नगरीय विकास की दीर्घकालीन योजना को ध्यान में रखते हुए खुरी खुर्द एक्सप्रेस-वे कट के आसपास तथा सैंथल क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने संभावित विकास क्षेत्रों एवं उपयुक्त भूमि का अवलोकन कर अधिकारियों से भविष्य की योजनाओं एवं संभावनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर यूआईटी सचिव मूलचंद लूनिया, अधिशासी अभियंता नरेश शेखर, जेईएन राजेंद्र मीणा एवं सैंथल तहसीलदार चंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अयोध्या से 12 घटे के अंदर दो सीएनजी वाहन आग का गोला बन गए। इन घटनाओं में सवार यात्री बाल-बाल बच गए हैं और कोई जनहानि नहीं हो सकी है।आज सुबह अयोध्या धाम के लता चौक पास नयाधाट क्षेत्र में बड़ा हादसा होते होते बचा। सीएनजी ऑटो रिक्शा में लगी आग धू धू करके जल गया। रिक्शा पर पांच यात्री सवार थे। इनमें ,कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ। गाड़ी से कूद कर यात्रीयो ने किसी तरह जान बचाई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी में लता मंगेशकर चौक पर जल रही सीएनजी ऑटो रिक्शा पर लगी आग को बुझाया। आटो रिक्शा जलकर पूर्णरूप से स्वाहा हो गया है। लता मंगेशकर चौक पर ऑटो रिक्शा में आग लगने के बाद मचा हड़कंप,पुलिस मौके पर मौजूद है। आग पर नियंत्रण कर लिया गया है। अयोध्या कोतवाली के नयाघाट चौकी क्षेत्र के लता मंगेशकर चौक का मामला है। अयोध्या कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियत्रण कर लिया गया है।सभी यात्री सुरक्षित हैं।उनको दूसरे वाहने से भेज दिया गया है। दूसरा हादसा बीती रात अयोध्या जिले के रुदौली कोतवाली क्षेत्र में हुआ है। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार आग का गोला बन गई। बाल-बाल सभी यात्री बच गए।मंगलवार शाम अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार में रुदौली कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत NH-27 स्थित रौजागांव ओवरब्रिज पर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार धू-धू कर जलने लगी। हालांकि कार में सवार सभी लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि कार में चालक सहित चार लोग सवार थे। प्राथमिक जानकारी के अनुसार वाहन सीएनजी कार बताई जा रही है। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा तथा राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।घटनास्थल पर किसान नेता दिनेश दुबे भी पहुंचे और आग बुझाने में सहयोग किया।
अमरोहा में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। नमाज के दौरान ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। जिले को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चार सुपरजोन, 12 जोन और 71 सेक्टर में विभाजित किया गया है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि प्रत्येक सुपरजोन की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारी (सीओ) को दी गई है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और लगातार निगरानी रखी जाएगी। शहर में निकाला गया फ्लैग मार्च बकरीद को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भारी पुलिस बल के साथ नगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। फ्लैग मार्च टी.पी. नगर से शुरू होकर मोहल्ला बटवाल, कौट चौराहा, मुख्य बाजार और कोतवाली नगर होते हुए बड़ा बाजार स्थित जे.एस. हिन्दू कॉलेज तक निकाला गया। ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से ड्रोन कैमरों के जरिए भी लगातार निगरानी की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से भाईचारा बनाए रखते हुए पर्व को शांतिपूर्वक मनाने की अपील की।
गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीखावा के समीप मंगलवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दो बाइकों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा मोड़ के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार के कारण दोनों बाइक सवार अपना संतुलन खो बैठे और सीधी भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में दोनों बाइकों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, घायलों को पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने बिना देर किए घायलों को सड़क से उठाया और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी निजी नर्सिंग होम पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के जीतपुर निवासी आबिद और परवेज की स्थिति गंभीर पाई। दोनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं तीसरे घायल युवक की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने शुरू की जांच प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक अपाची बाइक पर सवार दो युवक जमुआ से अपने घर जीतपुर लौट रहे थे, जबकि दूसरी बाइक जमुआ की ओर जा रही थी। रानीखावा के पास मोड़ पर दोनों वाहन तेज गति में थे, जिससे यह हादसा हो गया। सूचना मिलने पर पचम्बा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को जब्त कर थाने भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के बरौठा गांव में छेड़छाड़ का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि दबंगों ने खटीक समाज के एक परिवार पर लाठी-डंडों और ईंटों से हमला कर दिया। इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार के सदस्य देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी भतीजी के साथ मारपीट की थी। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपी पक्ष एकजुट होकर उनके घर पहुंच गया और हमला कर दिया। देवेंद्र के मुताबिक, हमलावरों ने पूरे परिवार को निशाना बनाया। हमले में उनका हाथ टूट गया, सिर फट गया और शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। ‘राजू जन सेवा केंद्र’ संचालक पर गंभीर आरोप पीड़ित परिवार ने बरौठा निवासी ‘राजू जन सेवा केंद्र’ चलाने वाले व्यक्ति पर हमला करने का आरोप लगाया है। देवेंद्र का कहना है कि आरोपी ने उनकी भतीजी के सिर पर डंडा मारा, जिससे वह दहशत में है। घायल लड़की का मेडिकल कराया जा रहा है। वहीं देवेंद्र के भाई धीरज के सीने में ईंट लगने से वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। महिलाओं और बच्चों से भी मारपीट परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों तक को नहीं छोड़ा और उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक घायल महिला रोते हुए ‘राजू’ नाम के व्यक्ति पर डंडे से हमला करने का आरोप लगाती दिखाई दे रही है।
धार जिले के सरदारपुर-भेसोला स्टेट हाईवे-35 पर लाबरिया से राजोद तक पिछले एक महीने से सड़क किनारे (साइड शोल्डर) की मनमानी खुदाई जारी है। जल निगम और निजी नेटवर्क कंपनियां जेसीबी मशीनों से गहरे गड्ढे कर रही हैं, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एमपीआरडीसी (MPRDC) और टोल कंपनी की अनदेखी के चलते यह काम बिना किसी निगरानी के किया जा रहा है। खुदाई से निकली मिट्टी और मुरम लंबे समय तक सड़क किनारे ही पड़ी रहती है, जिससे हाईवे पर फिसलन बढ़ गई है। इसके चलते दोपहिया वाहन चालक लगातार हादसों का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं। निर्माण एजेंसियों ने किसी भी जगह संकेतक या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं, जिससे रात के समय यह स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है। खुलेआम टूट रहे कटिंग और सुरक्षा के नियमनियमों के अनुसार सड़क या शोल्डर की खुदाई के लिए संबंधित विभाग की पूर्व अनुमति और डामर की मशीन से कटिंग अनिवार्य है, ताकि सड़क की मजबूती प्रभावित न हो। हाईवे पर इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई स्थानों पर बिना बैरिकेडिंग किए गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है। बड़े हादसे की आशंका, विभाग ने साधी चुप्पीग्रामीणों ने चिंता जताई है कि इस मार्ग से रोज स्कूल वाहन, बसें और भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में बिखरी मुरम और खुले गड्ढे कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। मामले में लापरवाही को लेकर जब एमपीआरडीसी विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में 17 दिनों के भीतर 3 हाथी शावकों की मौत होने से वन विभाग सकते में आ गया है। शावकों की सुरक्षा को लेकर विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए चिन्हित स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। वहीं थर्मल ड्रोन की मदद से मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही ऐसे संवेदनशील जलाशयों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल में वर्तमान में कुल 135 हाथी मौजूद हैं। इनमें 45 नर, 70 मादा और 20 शावक शामिल हैं। सबसे अधिक हाथियों का दल छाल रेंज के एडू परिसर में विचरण कर रहा है। यहां 62 हाथियों का समूह मौजूद है, जिसमें 9 शावक शामिल हैं। डैम और तालाब में मिले थे शावकों के शव वन विभाग के अनुसार हाल के दिनों में अलग-अलग घटनाओं में तीन हाथी शावकों के शव डैम और तालाबों में मिले थे। इन घटनाओं के बाद विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में 8 अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 3 थर्मल ड्रोन की मदद से सुबह और रात के समय हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश वन विभाग का कहना है कि ट्रैप कैमरे लगाने का उद्देश्य सिर्फ निगरानी करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी है कि आखिर शावकों के शव लगातार पानी में क्यों मिल रहे हैं और उनकी मौत किन कारणों से हो रही है। कई स्थलों का किया जा रहा चिन्हांकन वन विभाग की ओर से हाथियों के नियमित विचरण वाले क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से ऐसे जलाशयों की पहचान की जा रही है, जहां छोटे हाथी शावकों के फंसने या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। आवश्यकता के अनुसार ऐसे स्थलों पर सुरक्षित ढलान, पहुंच मार्ग और अन्य सुरक्षा उपाय विकसित किए जाएंगे, ताकि हाथियों का दल जल स्रोतों के आसपास सुरक्षित रह सके। ट्रैकर दल हाथियों के पीछे-पीछे कर रहा निगरानी बताया जा रहा है कि पूरे वन मंडल में करीब 140 ट्रैकर तैनात हैं, जो सभी रेंज के अलग-अलग बीट क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर और रोस्टर के अनुसार उनकी ड्यूटी लगाई जाती है। हालांकि जिन क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी है, वहां ट्रैकर नियमित रूप से हाथियों के दल के पीछे-पीछे चलकर निगरानी कर रहे हैं। ट्रैकर ग्रामीणों को सतर्क करने के साथ-साथ अधिकारियों को भी लगातार जानकारी दे रहे हैं। इसके अलावा प्रभावित गांवों में मुनादी कर लोगों को सावधान रहने की अपील की जा रही है। विशेष रणनीति पर किया जा रहा काम धरमजयगढ़ वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आमामुड़ा तालाब में हाथी शावक की मौत की घटना बेहद दुखद है। शावक की मौत के वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वनमंडलाधिकारी ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन और थर्मल ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है, ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि की समय पर जानकारी मिल सके और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि हाथी मित्र दल, ट्रैकर और वन अमले की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग में जुटी हुई हैं।
सतना जिले में भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। नौतपा के दूसरे दिन अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण लू के खतरे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज ने क्लीनिकल पढ़ाई की व्यवस्था 15 जून तक कॉलेज कैंपस में ही कर दी है। यह निर्णय मंगलवार को ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान दो छात्रों के बेहोश होने के बाद लिया गया। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग भी लू से बचाव के लिए लगातार एडवाइजरी जारी कर रहा है। हीट वेव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और सुबह 9 बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा छाने लगता है। जिले में तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की आशंका जताई है। अधिकतम के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी का स्तर भी लगातार घट रहा है। मंगलवार को सुबह हवा में नमी 39 प्रतिशत और शाम को 12 प्रतिशत दर्ज की गई। भीषण गर्मी के कारण आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षियों और मवेशियों का भी हाल बेहाल है।
सतना में दिसंबर 2025 में 5 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में मंगलवार को चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा गठित ज्वाइंट टास्क टीम की जांच में सामने आया कि 147 संदिग्ध डोनर्स में से 15 ने रक्तदान करने से ही साफ इनकार कर दिया है। इसके अलावा 41 डोनर्स के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं, जिससे जांच प्रक्रिया उलझ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को खून देने वाले कुल 196 रक्तदाताओं की सूची तैयार की थी। इनमें से 49 डोनर्स को ट्रैक कर उनकी जांच पहले ही की जा चुकी है। शेष 147 डोनर्स की तलाश के दौरान टीम ने 34 लोगों को खोजकर उनका ब्लड टेस्ट किया, जिनकी एचआईवी रिपोर्ट निगेटिव आई है। 15 लोगों के स्पष्ट इनकार और 41 के फोन स्विच ऑफ होने के कारण अब ये 56 डोनर्स टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। डोनर्स ने दर्ज कराए थे करीबियों के नंबर वॉलेंटरी ब्लड डोनेशन मप्र राज्य एड्स नियंत्रण समिति की सहायक संचालक मोनल सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। फोन पर 15 लोगों के इनकार के बाद टीम आशंका जता रही है कि डोनर्स ने ब्लड बैंक के रजिस्टर में अपने बजाय रिश्तेदारों या करीबियों के नंबर दर्ज करा दिए होंगे। मोनल सिंह ने संपर्क में आए डोनर्स की सूची लेकर ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की है। 27 मई को कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपेंगी सहायक संचालक सहायक संचालक मोनल सिंह 27 मई को सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मुलाकात कर जांच की अद्यतन स्थिति साझा करेंगी। तय रणनीति के तहत जो डोनर्स अब तक आईसीटीसी (ICTC) सेंटर नहीं पहुंचे हैं, प्रशासन उनकी काउंसलिंग कर उन्हें ब्लड टेस्ट कराने के लिए तैयार करेगा। स्वास्थ्य आयुक्त ने बनाई है ज्वाइंट टास्क टीम इस गंभीर मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस ने एक विशेष ज्वाइंट टास्क टीम गठित की है। सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को इस टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। सदस्यों में आईसीटीसी नोडल ऑफिसर डॉ. पूजा गुप्ता, ब्लड ट्रांसफ्यूजन अधिकारी डॉ. अंकिता पाण्डेय, मोनल सिंह और औषधि निरीक्षक प्रियंका चौबे शामिल हैं। मंगलवार के निरीक्षण में सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
लखनऊ के निगोहां क्षेत्र से आवारा कुत्ते के साथ हुई क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गांव के एक युवक ने न सिर्फ कुत्ते को बेरहमी से पीटकर मार डाला, बल्कि उसकी जान लेने के बाद उसकी चाकू से उसकी खाल भी उधेड़ी। इसका एक वीडियो सामने आया है। निगोहां थाने में ग्रामीणों युवक के खिलाफ तहरीर दी है। जानकारी के अनुसार, निगोहां गांव निवासी बल्लू पुत्र गौरीशंकर पर आरोप है कि उसने मंगलवार सुबह एक आवारा कुत्ते को पकड़कर पटक-पटक कर मारा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसके बाद युवक ने चाकू से कुत्ते का गला काट दिया। घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों ने सख्त कार्रवाई की मांग की शिकायत देने वालों में विकास, विवेक कुमार, सनी कश्यप, उमेश, रोहित कश्यप और राम किशन समेत कई ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने आरोपी पर पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे निगोहां थाना प्रभारी अनुज तिवारी ने बताया कि तहरीर मिली है। वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धूलकोट हत्या मामले में आरोपी को आजीवन कारावास:सत्र न्यायालय ने 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
बुरहानपुर के धूलकोट में जून 2025 में हुई हत्या के एक मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 जून 2025 को हुई थी। ग्राम धूलकोट निवासी वीरेंद्र (31) ने अक्षय सोनी के घर के सामने सार्वजनिक स्थान पर रंजीत सोनी को गालियां दीं और फिर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में रंजीत को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद थाना निंबोला में मामला दर्ज किया गया था। धूलकोट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कमल मोरे और थाना टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। गवाहों के बयान, तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर 24 सितंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया गया। लोक अभियोजक दीपक उमाले ने शासन की ओर से पैरवी की। न्यायालय ने पुलिस की विवेचना को सही मानते हुए आरोपी वीरेंद्र को दोषी ठहराया। आरोपी वर्तमान में जेल में है।
सीधी जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार की देर रात सोन नदी के भेलकी घाट पर घेराबंदी कर चार ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभयारण्य के अंतर्गत आता है, जहां लंबे समय से चोरी-छिपे अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। संजय टाइगर रिजर्व परिक्षेत्र सहायक सिहावल संजीव कुमार सोनकर के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने मौके से अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे चार ट्रैक्टर मय ट्रॉली को पकड़ा। इसके बाद सभी जब्त वाहनों को सुरक्षार्थ जमोड़ी पुलिस थाना में खड़ा कराया गया। शिकायत के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 39D एवं 51 तथा भारतीय वन अधिनियम की धारा 2, 41 एवं 52 के तहत वन अपराध पंजीबद्ध किया है। अधिकारियों ने बताया कि सोन घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध उत्खनन से प्राकृतिक पर्यावरण और वन्यजीवों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा था, जिसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अवैध उत्खनन पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी इस पूरी कार्रवाई में वनरक्षक रमेश कुमार सोनकर, सुरेश चंद्र तिवारी, सर्वेश कुमार मिश्रा, शेर बहादुर पटेल एवं सुरक्षा श्रमिक जगदीश सोनकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, जब्त वाहनों को सुरक्षित थाना जमोड़ी तक पहुंचाने में परिक्षेत्र सहायक कठौतहा कमलापति त्रिपाठी, वनरक्षक संजय कुमार सिंह, वेद शुक्ला, विनीत शर्मा, सुरक्षा श्रमिक विनय सिंह, दीपेंद्र सिंह, देवराज सिंह तथा जमोड़ी पुलिस ने अहम सहयोग किया। वनरक्षक संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि ये ट्रैक्टर कई दिनों से रात के अंधेरे में चोरी-छिपे रेत का उत्खनन और परिवहन कर रहे थे। लगातार निगरानी और सूचना तंत्र सक्रिय करने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर सभी वाहनों को पकड़ने में सफलता हासिल की। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मथुरा में मंगलवार रात करीब 9 बजे तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। मथुरा-भरतपुर मार्ग पर थाना हाईवे क्षेत्र के गांव तारसी के पास एक विशाल पेड़ चलती कार पर गिर पड़ा। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में एक परिवार सवार था, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चे शामिल थे। परिवार राजस्थान के बालाजी धाम से दर्शन कर वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर जा रहा था। तेज आंधी में अचानक सड़क पर गिरा पेड़प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज आंधी के चलते पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया और उसकी चपेट में कार आ गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। महिला समेत तीन लोग घायलसूचना मिलते ही हाईवे थाना प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में एक महिला समेत तीन लोग घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।गनीमत रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। बाइक सवार भी आया चपेट मेंइसी दौरान एक बाइक सवार भी पेड़ की चपेट में आ गया। उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि वह सुरक्षित बच निकला। कार चालक रविंद्र कुमार, निवासी उरई जनपद जालौन, ने बताया कि वे परिवार के साथ बालाजी दर्शन कर वृंदावन जा रहे थे, तभी अचानक पेड़ कार पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से लगा लंबा जामहादसे के बाद मथुरा-भरतपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने जेसीबी और स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ हटवाया, जिसके बाद यातायात दोबारा सुचारु कराया गया।
रायबरेली के ऊंचाहार में बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। लगभग 10 दिन पहले आए चक्रवाती तूफान ने इलाके में भारी तबाही मचाई थी, जिससे बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके परिणामस्वरूप नरवा सहित आसपास के कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। लगातार बिजली आपूर्ति ठप रहने से परेशान ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सैकड़ों ग्रामीण ऊंचाहार विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने बिजली बहाल करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शन के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ऊंचाहार चौराहे पर पहुंचकर लखनऊ-प्रयागराज हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात काफी देर तक बाधित रहा। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और जल्द बिजली बहाली की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही ऊंचाहार पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। हालांकि, ग्रामीण अभी भी ऊंचाहार विद्युत उपकेंद्र पर डटे हुए हैं और बिजली आपूर्ति बहाल होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना बेहद मुश्किल हो गया है। पानी की समस्या, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। विद्युत विभाग का कहना है कि बिजली बहाली का कार्य जारी है।
मेरठ में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के कारण सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। दोपहर के समय हालात ऐसे हो रहे हैं कि जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के बाद मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई है, लेकिन तब तक गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिनभर लोगों को उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ा। खासकर दोपहर के समय लू के थपेड़ों ने हालात और मुश्किल बना दिए। वहीं आज का अधिकतम तापमन 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है जो कल से अधिक रहेगा। गर्मी का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है और लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरा ढंककर निकल रहे हैं। वहीं, सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ, शिकंजी, गन्ने का रस और नारियल पानी की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। अस्पतालों और क्लीनिकों में भी गर्मी से संबंधित समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पड़ने के कारण तापमान में तेजी आती है। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है और तापमान में और बढ़ोतरी संभव है। इसके चलते दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। हालांकि, 48 से 72 घंटे बाद हवाओं की दिशा में बदलाव और हल्के बादल बनने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से सतर्क रहने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की गई है।
गाजीपुर में कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी शुभम सिंह को मंगलवार को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश एवं अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। सरकारी अधिवक्ता रत्नाकर दुबे ने बताया कि शुभम सिंह ने करीब दो सप्ताह पहले अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जेल भेजे जाने के बाद आरोपी की ओर से जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसी मामले में जौनपुर निवासी आरोपी अंकित श्रीवास्तव, जो फिलहाल वाराणसी जेल में बंद है, उसे वारंट बी के जरिए गाजीपुर लाया गया है। कोतवाली पुलिस ने अंकित श्रीवास्तव को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में अर्जी दाखिल की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख तय की है।यदि कोर्ट रिमांड अर्जी मंजूर करती है, तो कोतवाली पुलिस अंकित श्रीवास्तव से कोडीन कफ सिरप तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध इस्तेमाल नशे के रूप में किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। यही वजह है कि ऐसे मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने में लगी है।
कासगंज के सोरों कोतवाली क्षेत्र के फरीदनगर गांव में एक 26 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। सूचना मिलने पर सोरों थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। मृतक युवक की पहचान फरीदनगर निवासी लोकेश पुत्र वीरेंद्र के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लोकेश ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपने घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए कासगंज के मामो जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर-सीकर नेशनल हाईवे (NH-52) पर आगे चल रहे ट्रक में टेम्पो क्रूजर ने पीछे से जोरदार टक्कर मारी। इस हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 6 गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक से टकराने के बाद क्रूजर गाड़ी सड़क किनारे बने होटल-रेस्टोरेंट में घुस गई। टक्कर इतनी तेज थी कि क्रूजर के परखच्चे उड़ गए। होटल के बाहर खड़ी एक और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। दुर्घटना बुधवार सुबह करीब 7 बजे चौमूं (जयपुर) के वीर हनुमान मार्ग पुलिया के पास हुई। तीनों शवों को चौमूं के सरकारी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। मृतकों में 2 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल है। हादसे के बाद की PHOTOS… दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को हाईवे से हटवाया हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला। सभी घायलों को नजदीक के हॉस्पिटल में भिजवाया गया है। कुछ की हालत गंभीर है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को हाईवे से हटवाकर ट्रैफिक सुचारु करवा दिया है। ट्रक के अचानक कट लगाने से हुआ हादसा ट्रक और टेम्पो क्रूजर गाड़ी जयपुर से सीकर की ओर जा रहे थे। अचानक ट्रक लेफ्ट साइड में जाने के लिए मुड़ा। इसी दौरान पीछे से आ रही टेम्पो क्रूजर, ट्रक में घुस गई। महाराष्ट्र की है क्रूजर गाड़ी चौमूं थाना प्रभारी हरबेन्द्र सिंह ने बताया कि टेम्पो क्रूजर गाड़ी महाराष्ट्र नंबर की है। मृतकों की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। मृतकों के पास एक आईडी मिली है, वह महाराष्ट्र की है। ----- यह खबर भी पढ़िए… कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को उड़ाया, उछलकर 20 फीट दूर गिरे, दोनों की हालत गंभीर जयपुर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी। दोनों उछलकर करीब 20 फीट दूर गिरे। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर...
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसी क्रम में रामनगर क्षेत्राधिकार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया गया। पुलिस टीम ने कस्बे के प्रमुख मार्गों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों का भ्रमण किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से त्योहार को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। मार्च के दौरान पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बकरीद के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वहीं स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भी पुलिस प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए त्योहार के दौरान पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
हरदोई के संडीला कस्बे में छात्रा से छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक परिवार पर हमला किया गया। आरोप है कि दबंग युवकों ने घर के बाहर उत्पात मचाया और बांके से हमला कर पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को घायल कर दिया। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर हमलावरों से बांका छीन लिया। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, दूसरे मोहल्ले के तौफीक, फैसल, आसिफ, आमिर, आदिल और सलीम सहित 10 से 15 युवक अक्सर मोहल्ले में घूमते थे और लड़कियों पर फब्तियां कसते थे। परिवार का आरोप है कि उनकी 13 वर्षीय बेटी, जो कक्षा नौ की छात्रा है, स्कूल आते-जाते समय आरोपी उसका पीछा करते थे। युवक कई बाइकों पर घर के बाहर बैठकर सिगरेट पीते और अश्लील हरकतें करते थे। लगभग पंद्रह दिन पहले मोहल्ले वालों ने विरोध कर उन्हें भगा दिया था, जिसके बाद से आरोपी परिवार से रंजिश मान रहे थे और लगातार धमकियां दे रहे थे। मंगलवार रात, छात्रा का 18 वर्षीय भाई परचून की दुकान से सामान लेकर घर लौट रहा था। उसने घर के बाहर मौजूद इन युवकों का विरोध किया। आरोप है कि इसी बात पर दबंग भड़क गए और युवक पर बांके से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर बचाने पहुंचे पिता और एक पड़ोसी युवक भी इस हमले में घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि पिता का प्राथमिक उपचार किया गया। मोहल्ले वालों ने हमलावरों से बांका छीनकर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने हथियार कब्जे में लेकर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
सिरसा MLA गोकुल सेतिया को अज्ञात नंबर से गाली-गलौज एवं धमकी देने मामले में हरियाणा DGP अजय सिंघल का विधायकों की सिक्योरिटी पर दिया गया बयान विवादों में आ गया है। इस पर विधायक गोकुल सेतिया ने रात्रि को लाइव आकर प्रतिक्रिया दी और वीडियो जारी किया। वीडियो में कहा, ये हरियाणा के लोगों के प्रति पुलिस की सीरियसनस नहीं है और पुलिस ही एंगल को घूमा रही है। वहीं, हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला एवं हिसार सीआईए इंचार्ज पवन कुमार विवाद में दुष्यंत द्वारा फोन नंबर ब्लॉक करने वाले आरोप पर भी DGP अजय सिंघल ने बयान दिया है, कहा, ये किस्सा पुराना हो गया। इस पर अभी जजपा सिरसा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हरियाणा डीजीपी बोले, मैं बोल सकता हूं, पर वो वर्टिकल बन जाएगा। ठीक नहीं होगा। इसकी जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट में सबमिट है। उसमें जो करेक्शन देंगे, उसका जवाब देंगे। फोन नंबर ब्लॉक करने के सवाल पर डीजीपी ने कहा, जब मेरा ही अगर फोन नहीं उठा रहे तो इसमें क्या गलत था। मैंने उनको बता दिया था। नंबर ब्लॉक पर डीजीपी मुस्कराते हुए बोले, ये हमारा आपस का था और बातचीत हो गई थी। जानिए विधायक सेतिया ने वीडिया में क्या कहा डीजीपी की स्टेटमेंट से बिलकुल संतुष्ट नहीं : सेतिया विधायक गोकुल सेतिया मंगलवार रात्रि को लाइव आकर कहा, मैं हरियाणा डीजीपी की प्रेस कांफ्रेंस देख रहा था। सिक्योरिटी को लेकर मीडिया ने सवाल किया, उस पर डीजीपी साहब ने जो स्टेटमेंट दी। मैं उससे बिलकुल संतुष्ट नहीं हूं। डीजीपी साहब ने कहा, जिसने मुझे कॉल कर गाली-गलौज की, वो पुराना जानकार है। बिलकुल गाली-गलौज हुई। आधी रात को 2 बजे किसी का कॉल आए और इस तरह की लैंग्वेज का इम्तेमाल करे तो संभाविक है, उसे इसी हिसाब से व्यक्ति जवाब देगा। मैंने भी दिया। मैंने भी नहीं कहा कि ये टेरिस्ट कॉल थी विधायक सेतिया बोले, मुझे पहले पता भी नहीं था कि वह कॉलर आखिर बोल कौन रहा है। दो-तीन कॉल आई। तीसरी कॉल आई तो मैंने वो आखिर रिकॉर्ड किया कि वो इंसान है कौन। सर बात ये हैं कि आपने कहा, कि ये कोई टेरिस्ट कॉल नहीं थी। ये तो मैंने भी नहीं कहा कि ये टेरिस्ट कॉल थी। बेशक ये किसी टेरिस्ट या गैंगस्टर की कॉल नहीं थी। यहीं बात मैंने कही, आपने कहा, ये मलौट का साथी था। ये कॉलर सिरसा का साथी था। सर, अगर आज इसको गैंगस्टर का एंगल दे दे कि मैं बात को उधर ले जाने की कह रहा हूं। मैं तो लेके ही नहीं गया। हम इसका एंगल क्यों बदले। जनप्रतिनिधि के साथ ऐसी अभद्रता, पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया : सेतिया विधायक सेतिया बोले, अगर आज डेढ़ लाख लोगों के प्रतिनिधि को इस प्रकार से उसके साथ अभद्र भाषा में बात करता है तो उस पर पुलिस का क्या स्टैंड हैं। हम ये जानना चाहते हैं। एक एमएलए के साथ इस तरह अभद्रता होगी तो आम आदमी को कोई भी कॉल करके कुछ भी कहेगा। क्या ये सीरियसनस हमारे पुलिस की है। हमारे लोगों के प्रति। चलो वो साथी हमारा पुराना था। कोई विवाद नहीं था। हम तो एक ही शहर के हैं और कल को ये चीजें हल भी हो सकती है। लेकिन पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया कि कितने लाइटली आज पुलिस ले रही है। क्या इस प्रकार हरियाणा के लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। दुष्यंत ने लगाए थे फोन नंबर ब्लॉक करने के आरोप पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाए थे कि जब इस बारे में हरियाणा डीजीपी को कॉल की तो मेरा नंबर ब्लॉक कर दिया है। दुष्यंत ने मीडिया के सामने फोन मिलाकर दिखाया था। इस पर उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। ये था पूरा विवाद, हिसार यूनिवर्सिटी में 15 अप्रैल को हुआ था विवाद विवाद 15 अप्रैल को GJU में हुए प्रदर्शन से शुरू हुआ। कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर दिग्विजय चौटाला की अध्यक्षता में जजपा ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान तोड़फोड़ के आरोप में दिग्विजय चौटाला समेत 8 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें से 6 नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि, उन्हें अगले दिन जमानत मिल गई। जजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला गिरफ्तारी देने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका सीआईए इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया। दुष्यंत ने आरोप लगाया कि पवन कुमार ने उनका काफिला रोककर धमकाया, जबकि पवन कुमार का कहना था कि दुष्यंत के काफिले में चल रही एस्कॉर्ट गाड़ी का ड्राइवर लापरवाही से वाहन चला रहा था, इसलिए उसे रोककर समझाया गया।
अंबेडकरनगर जिले में आयुष्मान योजना के तहत अब तक लगभग 67 प्रतिशत लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने शेष सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना के लाभ से वंचित न रहे। केंद्र सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का उद्देश्य गरीब और कमजोर परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिसमें 5 लाख रुपये तक का इलाज शामिल है। अंबेडकर नगर जिले में कुल 2,80,143 परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्षित परिवारों में से 2,46,769 परिवारों में कम से कम एक गोल्डन कार्ड बन चुका है। कुल 13,73,723 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष अब तक 9,16,539 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। यह कुल लक्ष्य का 66.79 प्रतिशत है। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि सभी शेष लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गोल्डन कार्ड बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। जिन ग्राम पंचायतों में सीएचओ उपलब्ध नहीं हैं, वहां पंचायत सहायकों द्वारा गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ जिले के हर कोने तक पहुंचे और सभी पात्र व्यक्ति गंभीर बीमारियों की स्थिति में मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकें।
हाथरस में बाइक से गिरकर महिला की मौत:एक अन्य सड़क हादसे में मैक्स पिकअप गाड़ी का चालक गंभीर घायल
हाथरस में आज सुबह एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला अपने बेटे के साथ बाइक पर सवार थी, जब नीलगाय के अचानक सामने आने से बाइक असंतुलित हो गई। मृतक की पहचान आगरा के रामबाग निवासी 58 वर्षीय रोशनी देवी पत्नी शिवचरण लाल के रूप में हुई है। वह अपने बेटे शैलेंद्र के साथ अलीगढ़ से आगरा की ओर जा रही थीं। यह हादसा आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर चंदपा कोतवाली क्षेत्र में नगला भुस के पास हुआ। गंभीर रूप से घायल रोशनी देवी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के सदस्य बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए। मैक्स पिकअप गाड़ी ट्रैक्टर से टकराई... इसी बीच, आज सुबह अलीगढ़ रोड पर रुहेरी के पास एक और सड़क हादसा हुआ। मथुरा के जैत थाना क्षेत्र के गांव राल निवासी 40 वर्षीय प्रेमपाल अपनी मैक्स पिकअप चला रहा था। झपकी आने के कारण उसकी गाड़ी आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। इस दुर्घटना में प्रेमपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया और उनके परिवार को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
बकरीद को लेकर मऊ में प्रशासन अलर्ट:डीएम-एसपी ने मुहम्मदाबाद में किया पैदल गश्त, दिए दिशा-निर्देश
मऊ में आगामी बकरीद त्यौहार के मद्देनजर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन अलर्ट है। मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में पैदल गश्त किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद, प्रभारी निरीक्षक मुहम्मदाबाद और भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने रोडवेज से रामघाट बंधा तक पैदल गश्त कर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। 3 तस्वीरें देखिए… गश्त के दौरान अधिकारियों ने आमजन से संवाद स्थापित किया। उन्होंने लोगों से बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। साथ ही, संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। प्रशासन की ओर से लोगों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में कश्मीरी बकरा, जिसे दो साल से यहां पाला गया, इस बकरीद पर उसकी कुर्बानी होगी। खास बात ये कि बकरा चिकन बिरयानी खाता है। यानी कि ऐसा बकरा जो खुद मुर्गा खाता है। आमतौर पर बकरे नॉनवेज नहीं खाते हैं, लेकिन कश्मीरी बकरे चिकन बिरयानी मिनटों में चट कर जाते हैं। खाने में कोल्ड्रिंक, बादाम और काजू के अलावा रोजाना नहाने के लिए शैम्पू, कंडिशनर और सीरम की जरूरत इन्हें पड़ती है। बकरीद पर कुर्बानी के लिए दो साल से इन कश्मीरी बकरों को पालने वाले से दैनिक भास्कर ने बातचीत की, इनकी खासियत और इनको कश्मीर से यहां लाकर पालने की वजह जानी, पढ़िए इस रिपोर्ट में… अरहम आलम ने बताया कि बकरीद ऐसा त्यौहार है जो कुर्बानी के लिए जाना जाता है। मैं वीडियो में कश्मीरी बकरे देखता रहता था, साल 2024 में कश्मीर से दो बकरे मंगाए। इनका नाम तुरगुत और बंमशी रखा, इनकी देख-रेख और खिलाई और रहन-सहन इनके हिसाब से शुरू की। कुर्बानी का मतलब ही है कि अपनी कोई प्यारी चीज कुर्बान की जाती है। जिसका हम ख्याल रखते हों, जिसे खिलाते हों, पालते हों, उसी चीज की कुर्बानी होती है जो आपके दिल के अजीज हो, जिससे हम मोहब्बत करते हों। इस साल बकरीद पर इनकी कुर्बानी हो जाएगी। एयर कंडीशन में रहते हैं बकरे रईस आलम ने बताया कि जब दोनों को कश्मीर से मंगा कर पालने के लिए लाया गया, तो सबसे बड़ा मामला था इन्हें कैसे कानपुर के मौसम के हिसाब से रखा जाए। इनके लिए अलग कमरा बनवाया गया। इसके साथ ही इनको गर्मियों में घर के एयर कंडिशनर में रखा गया। रोजाना शैंपू और सीरम लगाकर नहलाया जाता है उन्होंने बताया कि कश्मीर से जब मंगाया था तो बहुत छोटे थे, इनको समझिए बच्चे की तरह पालना पड़ा। इनको रोजाना नहलाया जाता है, क्योंकि इनके बाल इतने लंबे होते हैं, जो इनकी खूबसूरती है। इसके लिए शैम्पू, कंडिशनर और सीरम लगाया जाता है। कश्मीरी मौसम के हिसाब से इन्हें रखने के लिए भी इंतजाम किया गया। गर्मियों में तो इन्हें एयर कंडीशनर में ही रखना पड़ता है। मुर्गा खाता है बकरा, चिकन बिरयानी सबसे ज्याद पसंद इनकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये तुरगुत और बंमशी ऐसे बकरे हैं जो खुद मुर्गा खाते हैं। यानी इन्हें सबसे ज्यादा चिकन बिरयानी पसंद है, इनको रोजाना चिकन खाना होता है। इसके साथ ही इन्हें काजू और बादाम भी खिलाया जाता है। कोल्ड्रिंक इन्हें बेहद पसंद है। बाकी बकरों को जो दिया जाता है, जैसे भूसी और पत्ते भी दिए जाते हैं। इनका डाइट प्लान भी तैयार किया जाता है। इन्हें रोजाना कम से कम 250 ग्राम चिकन या चिकन बिरयानी खाना होता है।
वाराणसी जिला मुख्यालय पर 25 मई को महोबा में हुए दुष्कर्म के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम और सीएम की तस्वीरें जलाकर विरोध किया था। इस प्रकरण में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कोषाध्यक्ष सुयश कुमार अग्रवाल ने कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इस प्रकरण में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शरू कर दी है। असंवैधानिक श्रेणी में आता है कृत्य सुयश अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया - 25 मई को कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक पद पर आसीन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें जलाई जो की असंवैधानिक कृत्य की श्रेणी में आता है। देश के संवैधानिक पद पर आसीन दोनों ही नेताओं की तस्वीरें जलाई गयी और नारेबाजी की गयी। जो किस कहीं से भी सही नहीं है। ऐसे में कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा कृत्य न करने पाए। पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी कैंट इंस्पेक्टर राज किशोर पांडेय ने बताया - सुयश अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो साक्ष्य के आधार पर अन्य साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विरोध में फूंका था तस्वीर, एडीएम को सौंपा था ज्ञापन भारतीय जनता पार्टी द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंके जाने के विरोध में 25 मई को जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी द्वारा ने जिला मुख्यालय पर जोरदार जवाबी प्रदर्शन किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के छायाचित्रों का दहन करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कहा था भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला दहन किया गया। जिसका जवाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसी स्थान पर लोकतांत्रिक तरीके से दिया है। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रताड़ना या दमन से डरने वाली नहीं है और भाजपा की नफरत की राजनीति का जवाब जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष करके दिया जाएगा।
अमेठी में विधायक महाराजी प्रजापति के आवास पर बीती रात जमकर हंगामा हुआ। सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी को लेकर दर्जनों लोगों ने विधायक के घर पहुंचकर गाली-गलौज की, उनके भतीजे और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। आरोपियों ने विधायक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। यह घटना पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति की पत्नी और अमेठी विधायक महाराजी प्रजापति के आवास पर हुई। रात करीब 8:30 बजे दो स्कॉर्पियो और कई मोटरसाइकिलों से दर्जनों लोग विधायक के घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया। जब मौके पर मौजूद विधायक के भतीजे और अन्य कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद वे विधायक और उनके परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही विधायक के बेटे अनुराग प्रजापति बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी तुरंत सक्रिय हो गई। अनुराग प्रजापति की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया, जिसमें परिवार को जानमाल का खतरा बताया गया है। सीओ मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि विवाद की शुरुआत शेर बहादुर यादव द्वारा विधायक को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से हुई थी। इसके जवाब में विधायक समर्थक धीरज पाल ने भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी की, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। शेर बहादुर यादव, जयसिंह प्रताप यादव,बलराम यादव समेत कई आरोपी बनाए गए है।इसमे कई सपा के नेता और कार्यकर्ता है। पुलिस ने रातभर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और कई लोगों को हिरासत में लिया है। सीओ ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।
यूपी के हमीरपुर में खड़े डंपर को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्करर मार दी। इसके बाद दोनों डंपरों में भीषण आग लग गई। पीछे से टकराने वाले डंपर का पेट्रोल टैंक ब्लास्ट हो गया। जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। केबिन का गेट लॉक होने के कारण डंपर का हेल्पर अंदर ही जिंदा जल गया। जबकि चालक कांच तोड़कर बाहर कूद गया। हादसे में डंपर का चालक भी बुरी तरह झुलस गया है। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, एक डंपर का पिछला जिला पूरा जल चुका था, जबकि दूसरा डंपर पूरा जलकर राख हो चुका था। घटना जिला मुख्यालय से 52 किलोमीटर दूर जलालपुर रोड पर बिंवार थाने से 3 किलोमीटर दूर वन विभाग की नर्सरी के पास की है। भयावह हादसे की तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला पढ़िए… जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 2:30 बजे जलालपुर थाना क्षेत्र के भेड़ी गांव से मोरम लादकर दो डंपर गुजर रहे थे। इसी दौरान एक डंपर खराब होकर सड़क किनारे खड़ा हो गया। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार दूसरे डंपर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में अचानक आग लग गई। पीछे से टकराने वाला डंपर कुछ ही देर में आग का गोला बन गया। हादसे के दौरान वाहन में मौजूद सहचालक (हेल्पर) बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जल गया। घटना में डंपर चालक नईम पुत्र नदीम निवासी जहांगीराबाद, घाटमपुर कानपुर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले सीएचसी छानी भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शव की नहीं हो सकी पहचान पुलिस के मुताबिक, हादसे में मृत सहचालक का शव बुरी तरह जल गया है, जिससे अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस शव को वाहन से बाहर निकालकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई कर रही है। 4 घंटे बाद पाया जा सका आग पर काबू घटना की सूचना पर एक दमकल गाड़ी भी मौके पर पहुंची। बिंवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अग्निशमन विभाग ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया। आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने में 4 घंटे लग गए। सुबह आग पर पूरी तरह काबू पाकर दोनों डंपरों को रोड किनारे कराकर यातायात सामान्य कराया गया। सीओ राजकुमार पांडेय ने बताया– जलालपुर रोड पर वन विभाग की नर्सरी के पास दो डंपरों की टक्कर हुई है। जिसमें एक डंपर के हेल्पर की जिंदा जलकर मौत हो गई है। चालक गंभीर रूप से झुलसा है। आग पर काबू पाकर दोनों डंपरों को कब्जे में ले लिया गया है। मृतक की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… जिप लाइन झूले से 45 फीट नीचे गिरा बच्चा, मौत:आगरा में सेफ्टी बेल्ट का हुक टूटा; पिता बोले- घुमाने लाया था, लाश कैसे ले जाऊं आगरा में चूड़ी कारोबारी के 16 साल के बेटे की जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई। वह मां-बाप और भाई के सामने ही 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा। लड़का जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया। रेलिंग से टकराता हुआ नीचे गिरा। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
आगामी त्योहारों को मद्देनजर रखते हुए मन्दसौर पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मंगलवार देर शाम एसपी विनोद कुमार मीना की अगुवाई में जिले और शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों में भय का माहौल पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास कायम करना रहा। बोतलगंज से हुई फ्लैग मार्च की शुरुआत फ्लैग मार्च की शुरुआत मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे बोतलगंज क्षेत्र से हुई, जहां स्वयं एसपी विनोद कुमार मीना भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। इस दौरान जिले के चार थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। मार्च में एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल, एसडीओपी कीर्ति बघेल, सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर, सिटी कोतवाली टीआई पुष्पेंद्र सिंह राठौर, वायडी नगर थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय, नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर सहित अन्य अधिकारी एवं जवान शामिल रहे। बोतलगंज क्षेत्र में फ्लैग मार्च के दौरान एसडीएम स्वाति तिवारी भी मौजूद रहीं। मुल्तानपुरा में पुलिस की विशेष निगरानी बोतलगंज के बाद पुलिस बल मुल्तानपुरा पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में पुलिस जवानों ने मुख्य चौराहों, गलियों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च किया। इस दौरान एसपी ने स्वयं संदिग्ध लोगों से पूछताछ की तथा कई लोगों की तलाशी भी ली। देखें तस्वीरें पुलिस ने क्षेत्रवासियों से शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। बता दें कि मुल्तानपुरा क्षेत्र पूर्व में गौकशी और गौ तस्करी जैसी गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। आगामी बकरा ईद पर्व को देखते हुए पुलिस द्वारा यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो। शहर के प्रमुख मार्गों और गलियों में रहा पुलिस मूवमेंट मुल्तानपुरा के बाद पुलिस अधिकारियों और जवानों का काफिला शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा। प्रतापगढ़ पुलिया से शुरू हुआ फ्लैग मार्च मंडी गेट, सदर बाजार रोड, शुक्ला चौक, जीवागंज होते हुए मदारपुरा पहुंचा। यहां पुलिस ने गलियों में पैदल भ्रमण कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और उनकी तलाशी ली। इसके बाद पुलिस टीम खिलचीपुरा क्षेत्र पहुंची, जहां फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। रात करीब 10:30 बजे फ्लैग मार्च का समापन हुआ। जानकारी के अनुसार बुधवार को भी शहर के उन क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा जहां अभी पुलिस मूवमेंट नहीं हो पाया है। पुलिस प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। देखें तस्वीरें अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास पैदा करना उद्देश्य - एसपी एसपी विनोद कुमार मीना ने दैनिक भास्कर को बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए मंदसौर शहर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधी एवं असामाजिक तत्वों में भय का माहौल बनाना तथा आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण तैयार करना है। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस के पास संदिग्ध एवं गुंडा तत्वों की सूची रहती है, जिनकी विशेष जांच की जाती है। इसके अलावा मौके पर मिलने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाती है। कई ऐसे वाहन भी जांच के दौरान मिले जो मॉडिफाइड थे, जिन पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है। देखें तस्वीरें
“मेरे ऊपर तेजाब फेंका गया, पत्थर मारे गए, रेप की धमकियां दी गईं और फिर एक रात सब कुछ छोड़कर भागना पड़ा, ताकि हम जिंदा बच सकें…।” ये शब्द हैं रंजीता प्रमाणिक के, जिनकी जिंदगी कभी कोलकाता की भीड़-भाड़ वाली गलियों में सामान्य ढंग से गुजरती थी। आज वही रंजीता एक व्हीलचेयर तक सीमित हैं। कभी भाजपा महिला मोर्चा की सक्रिय कार्यकर्ता रहीं रंजीता इन दिनों अपने परिवार के साथ भोपाल के एक छोटे से किराए के कमरे में रह रही हैं। उनका कहना है कि परिवार को अगस्त 2021 में जान बचाने के लिए रातो-रात कोलकाता छोड़ना पड़ा था। बंगाल में इस साल 9 मई को भाजपा की सरकार बन गई है, लेकिन रंजीता और उनका परिवार अब भी कोलकाता लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। क्या है रंजीता की पूरी कहानी, क्यों कोलकाता नहीं लौटना चाहतीं और अब भाजपा से क्या उम्मीदें हैं? पढ़िए रिपोर्ट… कई पीढ़ियों से कोलकाता में रह रहा था परिवार रंजीता बताती हैं कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से कोलकाता में रह रहा था। धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल वाले बंगाली ब्राह्मण परिवार की जिंदगी सामान्य थी। वर्ष 2015-16 के आसपास मैं भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी, जबकि भाई रंजन हिंदूवादी संगठनों के साथ सक्रिय होने लगे। छेड़खानी, घर पर पत्थर फेंकने की घटनाएं शुरू हो गईं परिवार का कहना है कि शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल की राजनीति गर्माने लगी, वैसे-वैसे उनके लिए हालात बदलते गए। रंजीता बताती हैं कि महिला मोर्चा से सक्रिय रूप से जुड़ने के बाद उन्हें रास्ते में रोकना, गंदे कमेंट करना, छेड़खानी और घर पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाएं शुरू हो गईं। 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान और तनाव बढ़ गया परिवार ने पहले इन घटनाओं को नजरअंदाज किया, लेकिन 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान माहौल और तनावपूर्ण हो गया। रंजीता के मुताबिक, उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। परिवार का दावा है कि चुनाव के बाद हालात और ज्यादा हिंसक हो गए। चेहरा बच गया, लेकिन शरीर जल गया रंजीता ने बताया कि एकादशी के दिन मैं गो-माता को खाना खिलाने बाहर गई थी। उसी दौरान मुझ पर हमला हुआ। वे कहती हैं- मैं नीचे झुक गई, इसलिए चेहरा बच गया, लेकिन तेजाब नीचे गिर गया। पूरा शरीर जल गया।’ इस हमले के बाद उनके शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हो गया। धीरे-धीरे तेजाब का असर बढ़ता गया। शरीर सिकुड़ने लगा। हड्डियां टेढ़ी हो गईं। चलना-फिरना मुश्किल हो गया। रंजीता बताती हैं- मैं चल नहीं पाती थी। पूरा शरीर सूख गया था। शरीर मुड़ गया था।’ कोर्ट पहुंचे तो आरोपियों ने रेप की धमकी दी परिवार का दावा है कि मामला कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां भी उन्हें दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। रंजीता कहती हैं- हमला करने वाले बोले- केस वापस लो, नहीं तो तुम्हारी मां का रेप कर देंगे। पूरे परिवार को जिंदा जला देंगे। डर और असुरक्षा के कारण परिवार ने आखिरकार मामला वापस ले लिया। इसके बाद धमकियों का सिलसिला और तेज हो गया। रंजीता के पिता रबिन प्रमाणिक कोलकाता के बड़ा बाजार इलाके में काम करते थे। वे बताते हैं कि चुनाव के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया था। दुकान में आकर लाइट तोड़ दी। धमकी दी कि यहां नहीं रह सकते। रबिन कहते हैं कि उनका परिवार पीढ़ियों से कोलकाता में रह रहा था। वहां घर था। काम था और सम्मानजनक जिंदगी थी, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें सबकुछ छोड़ना पड़ा। दादा-परदादा का घर था। सब छोड़कर रातो-रात भागना पड़ा। इलाज के लिए शहर-शहर भटकता रहा परिवार कोलकाता छोड़ने के बाद परिवार सबसे पहले जयपुर पहुंचा। वहां सवाई मान सिंह अस्पताल में रंजीता का इलाज शुरू हुआ। रंजीता ने बताया कि पैर टेढ़े हो गए थे। डॉक्टरों ने रॉड डालकर सीधा किया। इलाज लंबा चला। धीरे-धीरे परिवार की जमा पूंजी खत्म होने लगी। घर का सामान, बचत और कमाई सब इलाज में खर्च हो गया। पैसा खत्म हो गया। फिर सोचा कि काशी चलेंगे। वहीं बाकी जिंदगी बिताएंगे। इसके बाद परिवार वाराणसी पहुंचा। वहां रामकृष्ण मिशन और कई आयुर्वेदिक संस्थानों में इलाज कराया। कुछ समय वृंदावन में भी गुजारा। जहां गए, लोगों ने कुछ मदद की। किसी ने खाना दिया। किसी ने दवा। वे कहती हैं कि कई संतों और धार्मिक संस्थाओं ने भी कठिन समय में उनका साथ दिया। भोपाल में राहत और सहारा मिला कई शहरों में भटकने के बाद परिवार भोपाल पहुंचा। यहां उनकी मुलाकात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों से हुई। रंजीता कहती हैं- यहां लोगों ने बहुत मदद की। आधार कार्ड बना, वोटर कार्ड बना, राशन मिला। वे कमरे में रखा गैस सिलेंडर दिखाते हुए कहती हैं- ये भी मदद से मिला है। आज परिवार भोपाल के एक छोटे से किराए के कमरे में रह रहा है। हर महीने किराया और बिजली मिलाकर पांच से छह हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई बार दवाओं का इंतजाम करना भी मुश्किल हो जाता है। रबिन प्रमाणिक कहते हैं कि हम कोलकाता में भिखारी नहीं थे। हमारा घर था। काम था। आज बेटी की दवा के लिए हाथ फैलाना पड़ता है। यह कहते हुए उनकी आंखें भर आती हैं। भाई हिंदूवादी संगठन से जुड़ा तो उसे भी पीटा रंजीता के भाई रंजन प्रमाणिक भोपाल में एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं। वे भी हिंदूवादी संगठनों से जुड़े रहे हैं। रंजन का आरोप है कि कोविड काल के दौरान उन्हें भी निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि उन्हें खंभे से बांधकर पीटा गया। संगठन छोड़ने की धमकी दी गई। परिवार का कहना है कि राजनीतिक विचारधारा के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और अंत में अपना शहर छोड़ना पड़ा। अब बंगाल लौटने से लगता है डर भोपाल में धीरे-धीरे परिवार ने नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश की है, लेकिन पुराने जख्म अब भी ताजा हैं। रंजीता की मां बताती हैं कि उनकी बेटी आज भी रात में डरकर उठ जाती है। कई बार पुरानी बातें याद कर रोने लगती है। रंजीता कहती हैं- अब वहां जाने से डर लगता है। ऐसा लगता है मार देंगे। परिवार अब पश्चिम बंगाल लौटना नहीं चाहता। भाजपा की सरकार बनने के बाद भी उनमें वापस लौटने की हिम्मत नहीं है।
कोटपूतली मे गर्मी से फसलें झुलसी:ज्वार और सब्जी उत्पादक किसान परेशान, बार-बार करनी पड़ रही सिंचाई
कोटपूतली और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी और लू से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पशु-पक्षी भी गर्मी से जूझ रहे हैं। घरों में लगे पंखे और कूलर भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। क्षेत्र के गांवों में ज्वार और सब्जी उत्पादक किसानों की फसलें चिलचिलाती गर्मी की चपेट में आकर झुलसने लगी हैं। इससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। दिन की तपिश इतनी अधिक है कि लोग अपने घरों से निकलने के लिए छाता, सिर पर कपड़ा और पानी की बोतल साथ लेकर निकल रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें वाहनों के अभाव में सुनसान नजर आती हैं। ढाणी मान्यवाली गांव के सब्जी उत्पादक किसान गिरधारी और रामनिवास ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में ककड़ी की फसल बो रखी है। भीषण गर्मी और लू के कारण ककड़ी की बेलें झुलस गई हैं, और उन पर लगी ककड़ियां समय से पहले पककर खराब हो रही हैं। उनमें पीलापन आ गया है। इस गर्मी से उनकी फसल को भारी नुकसान हो रहा है। गर्मी के साथ-साथ बिजली की कमी के चलते अनेक गांवों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। नहरों और जोहड़ों में पानी न होने के कारण लोग ट्यूबवेल पर जाकर नहा रहे हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व,(एसटीआर) के चूरना रेंज की मल्लूपूरा बीट इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक साथ 3 से 4 टाइगर दिख रहे हैं। तीन दिन पहले जंगल सफारी करने गए पर्यटकों को बाघिन को अपने शावकों के साथ घास के मैदान में आराम फरमाते दिखी। हरी घास पर तीन शावकों के साथ बाघिन को देख पर्यटक रोमांचित हो उठे। पर्यटकों ने अपने कैमरे में इस रोमांचक नजारे को कैद किया। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि बाघिन आराम फरमा रही। कुछ कदम दूरी पर अपने तीन शावक भी है। जिसमें दो शावक शिकार किए जानवर को खा रहे। फिर कुछ देर बाद तीनों शावक भी बाघिन के साथ गर्मी से बचने हरी घास पर आराम फरमाने लगे। एसटीआर सूत्रों के मुताबिक बाघिन झल्लाई बाघिन है। जिसके तीन शावक है। जो मल्लूपूरा बीट में ही अक्सर विचरण करती है। इसी बीट में एक ओर बाघिन जिसे स्थानीय फॉरेस्ट कर्मी सुपल्लई बाघिन बोलते है। वो इसी क्षेत्र में विचरण करती है। जंगल सफारी करने आ रहे पर्यटकों को बाघिन शावकों के साथ दिख रही है।मल्लूपुरा बीट में बाघों की चहलकदमी बढ़ गई है। जिस वजह पर्यटक भी जंगल सफारी करने पहुंच रहे।
लखनऊ में वकीलों की हड़ताल खत्म:चैंबर-पार्किंग के आश्वासन के बाद 8 जून तक कार्य बहिष्कार वापस लिया
लखनऊ में अधिवक्ताओं की चल रही हड़ताल खत्म हो गई है। सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन की संयुक्त आम सभा में यह फैसला लिया गया। प्रमुख सचिव (विधि एवं न्याय) की ओर से चैंबर, पार्किंग और न्याय कक्षों के निर्माण के आश्वासन के बाद 8 जून 2026 तक कार्य बहिष्कार वापस लेने का निर्णय लिया गया है। 26 मई को हुई संयुक्त आम सभा में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित के नेतृत्व में बैठक हुई। इसमें लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। सरकार के आश्वासन के बाद नरम पड़ा रुख बताया गया कि 25 मई को रजिस्ट्रार जनरल की ओर से प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय को भेजे गए पत्र में अधिवक्ताओं के लिए बैठने की व्यवस्था, चैंबर और पार्किंग जल्द बनाने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही हाईकोर्ट में लंबित मामले में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए आम सभा ने सामूहिक अवकाश (हड़ताल) को 8 जून 2026 तक स्थगित करने का फैसला लिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर 72 घंटे के नोटिस पर फिर आम सभा बुलाई जाएगी। लाठीचार्ज मामले में कानूनी लड़ाई जारी 17 मई को हुए लाठीचार्ज के मामले को लेकर बार एसोसिएशन ने सख्त रुख बरकरार रखा है। घायल अधिवक्ताओं की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश शर्मा और ज्योतिरेश पांडेय को नामित किया गया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर नगर निगम द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद यह विवाद शुरू हुआ था, जिसके विरोध में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू किया था। ………………………………… संबंधित खबर पढ़िए कार्रवाई के बाद वकील खुद खाली कर रहे चैंबर:लखनऊ हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने 90 चैंबर तोड़े थे लखनऊ कचेहरी के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों को तोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कई वकील संगठन अब एक हो गए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर
आज (बुधवार) नौतपा का तीसरा दिन है। आसमान से आग बरस रही है। पारा 50 डिग्री तक का अहसास करा रहा है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के इस आखिरी जिले की कुछ तस्वीरें दिल को झकझोर कर रख देती हैं। तपती सड़कों से लेकर ईंट भट्ठों तक, हर शख्स दो वक्त की रोटी जुटाने की जद्दोजहद में जुटा है। इनकी हथेलियां झुलस रही हैं, छाले पड़ रहे हैं। लकड़ी के चप्पल पहनकर भरी दोपहरी दो वक्त की रोटी के इंतजाम में खुद को तपा रहे हैं। पढ़िए नौतपा की ये रिपोर्ट… मजदूर की आंखों में बेबसी श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर स्थित एक ईंट भट्ठे के सीन को देखकर हर किसी के पैर ठिठक जाएंगे। भास्कर टीम भरे दोपहर में इस भट्ठे पर पहुंची। भट्ठे के मुहाने पर खड़े 42 वर्षीय मजदूर छोटेलाल के पैरों में रबर या प्लास्टिक के जूते नहीं, बल्कि लकड़ी के मोटे गुटके पर कपड़े की कतरनों से बंधी 'लकड़ी की चप्पल' थी। जब हमने पूछा कि इस भीषण गर्मी में यह क्यों? तो छोटेलाल की आंखों में बेबसी तैर गई। उन्होंने कहा- साहब! भट्ठे के अंदर का तापमान 50 डिग्री से ऊपर चला जाता है। रबर की चप्पल पहनकर पैर रखेंगे तो वो वहीं पिघल कर खाल से चिपक जाएगी। इसलिए लकड़ी की ये चप्पलें खुद बनाई हैं। नीचे भट्ठी सुलगती है, ऊपर से आसमान आग बरसा रहा छोटेलाल कहते हैं- ऊपर से आसमान से आग बरसती है, नीचे भट्ठी सुलगती है। बीच में हम भुनते रहते हैं। पर काम नहीं करेंगे तो घर कैसे चलेगा? बच्चों को दो वक्त की रोटी कहां से देंगे? परेशानी बहुत है, पर गरीब को भला गर्मी देखने का हक कहां है। ईंटें उठाते हुए हाथ जल जाते हैं, पर नसीब को नहीं कोस सकते थोड़ी ही दूरी पर कच्ची ईंटों को सांचे में ढालकर सुखाने के लिए रख रहे लल्लन सिंह पसीने से तर-बतर दिखे। माथे से टपकता पसीना सूख नहीं रहा था। लल्लन कहते हैं- 46 डिग्री तापमान में जब हम पकी हुई ईंटों को छूते हैं, तो हाथ जल जाते हैं। छाले पड़ जाते हैं। लेकिन ये मीठी मिट्टी की ईंटें पूरे राजस्थान में जाती हैं। इन्हें बनाने में हमारा खून-पसीना भी शामिल है। घर चलाने के लिए तपना ही पड़ेगा। नहर की ठंडी लहरें ही अब एकमात्र सहारा एक तरफ जहां दोपहर में 12 बजते ही श्रीगंगानगर की सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है, धान मंडियां सूनी हो जाती हैं, दूसरी तरफ गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर के किनारे एक अलग ही जिंदगी नजर आती है। लंच टाइम में वेयर हाउस (गोदाम) के कुछ मजदूर और पास की बस्तियों के बच्चे 'तीन पुलिया ए-माइनर' नहर में छपाक से कूदते नजर आए। वेयर हाउस में कट्टे ढोने वाले एक मजदूर ने कहा- साहब, हमारे नसीब में वाटर पार्क और स्विमिंग पूल तो हैं नहीं। ये नहर ही हमारा स्विमिंग पूल है। दोपहर को जब बदन झुलसने लगता है, तो आधे घंटे के लिए इस पानी में बैठ जाते हैं। बस यही थोड़ी राहत है, शाम को फिर मजदूरी पर लौटना है। 5 घंटे कर्फ्यू जैसे हालात श्रीगंगानगर शहर में 11 बजे तक लोगों की आवाजाही जारी रहती है। इसके बाद दोपहर में सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात हो जाते हैं। शाम 5 बजे के बाद ही लोग घरों से बाहर निकलते हैं।अधिक गर्मी के कारण श्रीगंगानगर धान मंडी में दोपहर 12 बजे के बाद मजदूर काम करना बंद कर देते हैं। शाम को 4 के बाद काम शुरू होता है। राहत बांटने की कोशिश इस बेहिसाब तपन के बीच श्रीगंगानगर में इंसानियत भी जिंदा है। --------- ये खबरें भी पढ़िए… 1. सोने जैसा चमकने वाला किला भी तपा, दीवार छूना मुश्किल:जैसलमेर में टूरिस्ट पैकेज के रेट गिरे, महीनेभर खराब न होने वाली मिठाई का प्रोडक्शन आधा आज नौतपा का दूसरा दिन है और जैसलमेर की गर्मी अपने चरम पर है। यहां के वर्ल्ड फेमस सोनार किले (सोने जैसा चमकने वाला) की दीवारें तपने लगी हैं। पूरी खबर पढ़िए… 2. राजस्थान के सबसे गर्म शहर से रिपोर्ट:लोग घरों में कैद, सड़कों पर सन्नाटा पसरा; 48.3 डिग्री तक पहुंच चुका तापमान बाड़मेर, राजस्थान के सबसे गर्म शहरों में से एक…बाड़मेर इस महीने लगातार 3 दिन देश के सबसे गर्म शहरों में से एक था। 12 मई को तो तापमान 48.3 डिग्री पहुंच गया था। पूरी खबर पढ़िए…
बरेली के आंवला थाना क्षेत्र स्थित विश्व विख्यात मनौना धाम में 24 मई को हुई डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर दिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दोनों अपहर्ताओं के पैर में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक सिपाही भी घायल हुआ है। अपहृत बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया था मासूमघटना का विवरण देते हुए रमन पुत्र रविन्द्र, निवासी ड्ढरिया असगुणा (थाना उसैत, बदांयू) ने बताया कि वह मनौना धाम में सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्त है। 24 मई की सुबह करीब 10:30 बजे उसके तीन बच्चे मंदिर परिसर के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते तीनों बच्चे सड़क की ओर चले गए। कुछ देर बाद दो बच्चे तो वापस लौट आए, लेकिन डेढ़ वर्षीय छोटा बच्चा गायब था। मासूम के गायब होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर थाना आंवला में धारा 137(2) BNS के तहत एफआईआर दर्ज की गई। एसएसपी की पांच टीमों ने बिछाया जालबच्चे की बरामदगी को लेकर एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। एसपी साउथ अंशिका वर्मा के नेतृत्व में सर्विलांस सेल, एसओजी (SOG) और आंवला पुलिस की पांच संयुक्त टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से विश्लेषण किया। साथ ही, डंप डाटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला गया। गहन तकनीकी जांच के बाद दो अज्ञात आरोपियों की संलिप्तता प्रकाश में आई, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिशें शुरू की। फुलासी तिराहे पर हुई मुठभेड़26-27 मई की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अपहरणकर्ता बच्चे को बाइक से दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में हैं। वे फुलासी होते हुए गुजरने वाले थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने ग्राम फुलासी तिराहे के पास सघन चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान संदिग्ध बाइक पर दो व्यक्ति एक बच्चे के साथ आते दिखे। पुलिस ने टार्च की रोशनी से रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया। हड़बड़ी में बाइक फिसल गई और बच्चा पास की झाड़ियों में गिर गया। इस दौरान सब इंस्पेक्टर सोमपाल ने साहस का परिचय देते हुए झाड़ियों से बच्चे को अपनी सुरक्षित गिरफ्त में ले लिया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया। इस मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल कौमिश कुमार को गोली लगी और वे घायल हो गए। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही ढेर हो गए। पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक चिट्ठा खंगाला जा रहापुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम योगेश कन्नौजिया 28 वर्ष, निवासी धौवेला, थाना गड़िया रंगीन, शाहजहांपुर और पवन चंदेल 25 वर्ष, निवासी कस्बा व थाना जलालाबाद, शाहजहांपुर बताए हैं। उनके पास से दो अवैध तमंचे, दो खोखा और दो जिंदा कारतूस, तथा अपहरण में प्रयुक्त बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है। फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य संकलित किए हैं। घायल बदमाशों और सिपाही को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक इतिहास का पता लगा रही है। एसपी साउथ का बयानएसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि मनौना धाम से बच्चे के अपहरण की घटना हमारे लिए बड़ी चुनौती थी। एसएसपी के निर्देशानुसार गठित पांचों टीमों ने 48 घंटे के भीतर अथक प्रयास कर मासूम को सकुशल बरामद किया है। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर हमला किया, जिसमें हमारा एक जवान भी घायल हुआ है। हमने दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बदमाशों का पुराना रिकॉर्ड भी चेक किया जा रहा है ताकि उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नरसिंहपुर जिले में 108 एंबुलेंस सेवा में अनियमितताओं के चलते जिला प्रबंधक विजय रघुवंशी को पद से हटा दिया गया है। सेवा संचालक कंपनी ने मंगलवार देर शाम यह कार्रवाई की। मरीजों को लंबे समय से इन गड़बड़ियों के कारण परेशानी हो रही थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने एंबुलेंस सेवाओं से संबंधित मामलों को लेकर कंपनी को पत्र भेजा था। सूत्रों के अनुसार, कंपनी उन कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई कर सकती है, जिनकी लापरवाही के कारण एक बेटे को अपनी मां को पीठ पर लादकर अस्पताल के मुख्य गेट तक ले जाना पड़ा था। 3 घंटे देरी से पहुंचा था एंबुलेंस जिले में एंबुलेंस सेवाओं की मनमानी के कई मामले सामने आए हैं। इनमें 13 मई को सीएम के मुंगवानी आगमन के दौरान भी एक घटना हुई थी, जब सीएमएचओ के निर्देशों के बावजूद एंबुलेंस तय समय से तीन घंटे देरी से पहुंची। एक अन्य गंभीर घटना 16 मई को सामने आई। सूरवारी निवासी वृद्धा छम्मोबी को अस्पताल के आईसीयू वार्ड से जबलपुर रेफर किया गया था। उन्हें ले जाने के लिए आई एंबुलेंस वार्ड से काफी दूर खड़ी थी। सिविल ड्रेस में मौजूद कर्मचारियों ने पहले मरीज को स्ट्रेचर पर लेटने और मास्क लगाने को कहा, लेकिन बाद में ऑक्सीजन कम होने का बहाना बनाने लगे। बुजुर्ग को पीठ पर लादकर अस्पताल तक पहुंचे परिजन कर्मचारियों के इस रवैये से नाराज होकर परिजनों ने बुजुर्ग को पीठ पर लादकर अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचाया। बाद में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में वृद्धा के पुत्र हसन खान ने कलेक्टर को शिकायत दी है। मामले के तूल पकड़ने पर एंबुलेंस कर्मियों और प्रबंधन ने अपनी खामियां छिपाने का प्रयास किया। उन्होंने यह कहानी गढ़नी शुरू कर दी कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन थी, लेकिन परिजन ही मरीज को पीठ पर लादकर ले गए थे। शिकायतों के बाद भी संचालक ने की अनसुनी बताया जाता है कि सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा की ओर से सेवा संचालक कंपनी जेएईएस प्रोजेक्ट्स (आई) प्राइवेट लिमिटेड को सेवाओं में मनमानी को विस्तार से पत्र में बताया था। जिसमें एंबुलेंस के समय पर उपलब्ध नहीं होने, विलंब से पहुंचने, आवश्यक दवाइयों एवं ऑक्सीजन की कमी, मरीजों को निजी अस्पतालों में छोड़ने की शिकायत मिली थी। इसके बाद कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार, वाहनों के नियमित ऑडिट नहीं होने, सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों की बढ़ती संख्या और निर्धारित स्थानों से संचालन नहीं होने जैसे कई मामलों को उजागर किया था। सीएमएचओ ने जिला प्रबंधक को पद से हटाया जिसके बाद कंपनी ने मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र भेजते हुए जिला प्रबंधक को नोटिस देकर सेवाओं से हटाए जाने की जानकारी दी है। साथ ही बताया है कि जिला प्रबंधक के रूप में शुभम लिल्हारे को जिले में सेवाओं के सुचारु एवं प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि जिले में 108 सेवा का संचालन करने वाली कंपनी ने जिला प्रबंधक विजय रघुवंशी को हटा दिया है। वृद्धा को पीठ पर लादकर ले जाने वाले घटनाक्रम में उस दौरान जो कर्मी सिविल ड्रेस में थे और प्रोटॉकोल की अनदेखी कर वार्ड से दूर एंबुलेंस खड़ी की गई उसमें भी दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने कंपनी को लिख रहे हैं।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अपने शिकार को बचाने के लिए शावक अपनी मां बाघिन रिद्धि से भिड़ गया। जोन-4 में मलिक तालाब के किनारे शावक पहले से मिले शिकार पर कब्जा जमाए बैठा था, लेकिन बाघिन रिद्धि के पहुंचते ही दोनों के बीच खींचतान शुरू हो गई। कुछ देर विरोध और जिद के बाद जैसे ही मां आक्रामक हुई तो शावक पीछे हट गया और बाघिन शिकार लेकर आगे बढ़ गई। पहले देखिए, फाइट की ये तस्वीरें … शावक ने किया शिकार को बचाने का प्रयास जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम की सफारी के दौरान पर्यटक जोन नंबर-4 में मलिक तालाब के किनारे बाघिन रिद्धि अपने शावक के साथ दिखाई दी। इस दौरान शावक पहले से ही एक शिकार पर कब्जा जमाए हुए था और उसे खा रहा था। तभी बाघिन रिद्धि वहां पहुंची और शिकार को अपने साथ ले जाने लगी। इस पर शावक ने शिकार को बचाने का प्रयास किया। कुछ देर तक चली नोकझोंक, फिर भारी पड़ी मां कुछ समय तक दोनों के बीच हल्की नोकझोंक और खींचतान चली। हालांकि जैसे ही बाघिन रिद्धि आक्रामक हुई, शावक पीछे हट गया और अंततः मां शिकार लेकर वहां से चली गई। यह पूरा सीन सफारी पर आए पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद किया और रोमांच से भर गए। शावकों को शिकार सिखाने की प्राकृतिक प्रक्रिया वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह व्यवहार पूरी तरह प्राकृतिक है, जिसमें बाघिन अपने शावकों को शिकार और जंगल में जीवित रहने की ट्रेनिंग देती है। बाघिन रिद्धि अपने शावकों को शिकार पर नजर रखना, हमला करना और अपने भोजन की रक्षा करना जैसे जरूरी कौशल सिखा रही है, ताकि वे भविष्य में स्वतंत्र रूप से जंगल में जीवित रह सकें। पेड़ पर चढ़ा गया था टाइगर रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 13 जनवरी की शाम बाघिन रिद्धि का शावक पेड़ पर चढ़ा था। पेड़ की शाखाओं पर मस्ती करता दिखाई दिया था। इसके बाद वह छलांग लगाकर नीचे उतरता है। इस दौरान उसकी मां बाघिन रिद्धि पेड़ के नीचे बैठी थी। मलिक तालाब के पास इस नजारे को वहां मौजूद पर्यटकों ने मोबाइल और कैमरों में कैद कर लिया। तीन साल के हैं रिद्धि के शावक रणथंभौर नेशनल पार्क की बाघिन रिद्धि को वन विभाग ने T-124 नंबर दिया है। रिद्धि की उम्र करीब 7 साल है। उसका जन्म अक्टूबर-नवंबर 2018 में हुआ था। रिद्धि, बाघिन ऐरोहेड (T-84) की बेटी है। वह मुख्य रूप से रणथंभौर के जोन-3 और जोन-4 में विचरण करती है। बाघिन रिद्धि अब तक दो बार मां बन चुकी है। फिलहाल वह अपने दोनों शावकों को वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग दे रही है। दोनों शावकों की उम्र करीब तीन साल बताई जा रही है। --- टाइगर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … रणथंभौर में पेड़ पर चढ़ा टाइगर, VIDEO:10 मिनट तक मस्ती करने के बाद लगाई छलांग, नीचे बैठे थी मां रिद्धि सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मंगलवार शाम रोमांचित करने वाला नजारा दिखा। यहां बाघिन रिद्धि का शावक पेड़ पर चढ़ता है और फिर पेड़ की शाखाओं पर चहलकदमी करने लगता है। पूरी खबर पढ़िए
हरियाणा के करनाल में मंगलवार रात एक सब्जी विक्रेता की हत्या कर दी गई। विवाद सब्जी के 10 रुपए मांगने को लेकर हुआ। आरोप है कि दोनों युवकों ने व्यक्ति के सिर में डंडे और ईंट से वार किए। जब सब्जी विक्रेता की बेटी बचाने आईं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। परिवार के लोग व्यक्ति को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सेक्टर 32-33 थाना पुलिस ने बेटी की शिकायत पर दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… 210 रुपए की सब्जी-फल खरीदे बूढ़ाखेड़ा गांव निवासी शिवानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता संजय सैनी (44) मुख्य सड़क पर नाले के पास सब्जी और फल की दुकान चलाते थे। 26 मई की रात करीब 9:30 बजे वह अपनी तीन बहनों और मां के साथ दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान दो युवक दुकान पर आए और करीब 210 रुपए के फल-सब्जी खरीदने के बाद 200 रुपए देकर जाने लगे। 10 रुपए मांगने पर गालियां दीं शिवानी ने कहा कि जब उसने बाकी 10 रुपए मांगे तो दोनों युवक गाली-गलौज करने लगे। शोर सुनकर उसके पिता संजय सैनी वहां पहुंचे और युवकों से बहस न करने को कहा। इसी बात पर दोनों युवकों ने पिता संजय को धक्का दे दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी हाथापाई में बदल गई। पिता के सिर में डंडा और ईंट मारी शिवानी ने आगे बताया कि उसकी छोटी बहन सलौनी पिता को बचाने के लिए डंडा लेकर आगे आई। आरोपियों ने उससे डंडा छीन लिया और उसकी बाजू पर हमला कर दिया। जब उनकी मां अनु बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसी दौरान दोनों युवकों ने पिता के सिर पर डंडे और ईंट से कई वार किए। बेटी बोली- आरोपियों को पहचान सकती हूं मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन घायल संजय को तुरंत करनाल के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। देर रात पुलिस की टीमें अस्पताल पहुंच गई। शिवानी ने पुलिस को बताया कि वह दोनों आरोपियों को पहचान सकती है। SHO बोले- गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित सेक्टर 32-33 थाने के SHO सतीश कुमार ने बताया कि 2 अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई हैं। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
हरियाणा के सरकारी कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में किताबों की खरीद में हुई बड़ी गड़बड़ी पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग (DGHE) के महानिदेशक एस. नारायणन (IFS) ने आदेश जारी कर देश के 8 बड़े बुक पब्लिशर्स को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब सूबे का कोई भी सरकारी कॉलेज इन पब्लिशर्स से किसी भी तरह की किताब नहीं खरीद सकेगा। दरअसल, प्रदेश के 149 सरकारी कॉलेजों की लाइब्रेरी के लिए की गई किताबों की खरीद में कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपए के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का मामला निकला था। जांच में सामने आया कि विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर बिना कॉलेजों में किताबें पहुंचे ही पब्लिशर्स को एडवांस में करोड़ों का भुगतान कर दिया था। कई कॉलेजों में किताबें आज तक पहुंची ही नहीं। इस पूरी खरीद प्रक्रिया में पब्लिशर्स और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई। ये रही ब्लैकलिस्ट के पीछे वजह
सतना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को फलों को कृत्रिम रसायनों से पकाने के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। कलेक्टर के निर्देश पर विभाग की टीम ने शहर के कई प्रमुख फल प्रतिष्ठानों और गोदामों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिबंधित राइपनिंग एजेंट और सिंथेटिक रंगों के उपयोग की आशंका पर संदिग्ध केमिकल पाउच और फलों के नमूने जब्त किए गए। डिप्टी कलेक्टर संदीप परस्ते के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों शीतल सिंह और अशोक कुर्मी की टीम ने कई प्रतिष्ठानों की जांच की। मैसर्स हरीश फ्रूट से एथिलीन राइपनर पाउच बरामद किए गए और आम के दो नमूने लिए गए। मैसर्स अशोक कुमार पुष्पेन्द्र कुमार प्रतिष्ठान से दो तरबूज के नमूने संग्रहित किए गए। इसके अतिरिक्त, मैसर्स संतोष कुमार एंड कंपनी से पपीते के दो नमूने जांच के लिए जब्त किए गए। फूड सेफ्टी ऑफिसर सीमा पटेल ने सिविल लाइन चौक स्थित फलों की दुकानों में भी जांच की और विभिन्न किस्म के फलों के नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए सभी फलों के नमूनों और संदिग्ध केमिकल पाउच/एथिलीन राइपनर को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट में प्रतिबंधित रसायनों या हानिकारक पदार्थों के उपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग प्रतिबंधित केमिकल और कृत्रिम रसायनों के उपयोग पर सख्त निगरानी रख रहा है।
मसनगांव रेलवे फाटक आज बंद रहेगा:सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा मरम्मत कार्य
हरदा जिले में भिरंगी-पलासनेर सेक्शन का फाटक नंबर 201 आज (27 मई) मरम्मत कार्य के कारण बंद रहेगा। हरदा-सिराली मार्ग पर स्थित यह फाटक सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह फाटक हरदा से सिराली जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसके बंद होने से यात्रियों और वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अन्य रास्तों का प्रयोग करें और अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें। रेलवे विभाग ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को पत्र लिखकर मरम्मत कार्य के दौरान फाटक पर यातायात नियंत्रण के लिए स्टाफ तैनात करने का अनुरोध किया है।
सराय छोला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150 ट्रॉली (300 घन मीटर) चंबल रेत को नष्ट कर दिया है। यह रेत बाबा देवपुरी पुराने मंदिर के पास बीहड़ में अवैध रूप से डंप कर रखी गई थी, जिसे टीम ने जेसीबी की मदद से पूरी तरह जमींदोज कर दिया। नष्ट की गई इस रेत की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 33 हजार रुपये बताई गई है। रेत नष्ट करने के साथ ही संयुक्त टीम ने माफियाओं के उस रास्ते को भी बंद कर दिया है, जिसका इस्तेमाल गुपचुप तस्करी के लिए किया जाता था। सराय छोला थाना प्रभारी एसआई के.के. सिंह ने बताया कि तस्करों द्वारा चंबल नदी से बीहड़ होते हुए हाईवे तक पहुंचने के लिए बनाए गए कच्चे रास्ते पर जेसीबी से गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं। इस कार्रवाई से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे भविष्य में यहां से ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहनों के जरिए होने वाले अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
पाली में ट्रेलर से टकराई ट्रैवल्स बस:40 यात्री सवार थे, कंडेक्टर घायल; ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा
पाली जिले के जाडन के पास फोरलेन पर मंगलवार रात करीब 9 बजे सड़क हादसा हो गया। अहमदाबाद से पिलानी जा रही एक ट्रैवल्स बस ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि बस में सवार सभी करीब 40 यात्री सुरक्षित रहे। बस का गेट क्षतिग्रस्त, खलासी घायल हादसे में बस के गेट के पास खड़ा कंडेक्टर नागेश गंभीर रूप से घायल हो गया, हालांकि उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। टक्कर के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री चोटिल भी हो गए, जबकि कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं। इमरजेंसी गेट से निकाले गए यात्री, ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हादसे के बाद यात्रियों को बस के इमरजेंसी गेट से एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, टक्कर के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस ड्राइवर तेज रफ्तार में चला रहा था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फोरलेन पर लगा जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था जाडन गांव के बीच हुए इस हादसे के चलते फोरलेन पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क किनारे हटवाया और यातायात को सुचारू किया। बाद में यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
शाजापुर में मंगलवार रात नेशनल हाईवे-52 पर दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए, जिनमें कुल छह लोग घायल हो गए। पहले हादसे में एक कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरे हादसे में दो ट्रकों की भिड़ंत हो गई, जिसमें पांच लोग जख्मी हुए। पहला हादसा रात करीब 9 बजे मझनिया जोड़ के पास हुआ। यहां रॉन्ग साइड से आ रही एक कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक रोहित चंद्रवंशी गंभीर रूप से घायल हो गए। कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार रोहित चंद्रवंशी सुनेरा गांव से आगर जिले के अमलहता गांव में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 के पायलट और आरक्षक बृजमोहन यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल को तत्काल इलाज के लिए शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद कार चालक अपना वाहन कुछ दूरी पर छोड़कर मौके से फरार हो गया। सुनेरा पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया दूसरा हादसा रात करीब 10 बजे कनसिया नाके के आगे होटल रतनलोक के पास हुआ। इस घटना में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिससे भूसे से भरा एक ट्रक पलट गया। हादसे में ट्रक चालक सुनील, क्लीनर अर्जुन, दूसरे ट्रक चालक फरहान और हेल्पर अरशान और फुरकान घायल हो गए। सूचना मिलने पर मक्सी थाने की डायल-112 के पायलट अनिल परमार और आरक्षक राहुल मालवीय मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बताया गया है कि सभी घायलों को हल्की चोटें आई हैं।
मंगलवार को बालोतरा शहर के छत्रियों का मोर्चा स्थित श्री वीर मोर्चा बालाजी मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। 'एक शाम वीर मोर्चा बालाजी के नाम' से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले इस आयोजन में भक्तिमय माहौल बना रहा। भजन गायकों ने दी प्रस्तुतियां भजन संध्या में राजस्थान के प्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत भजन गायक अशोक प्रजापत ने गणपति वंदना और गुरु वंदना के साथ की। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायक प्रकाश माली ने बालाजी महाराज के भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महावीर सांखला और मधुबाला रावण ने देवी-देवताओं के भजन प्रस्तुत किए। भजन गायिका अनिता जांगिड़ ने भी अपने मधुर भजनों से दर्शकों का मन मोहा। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. प्रवीण वैष्णव और राजू माली ने किया। नृत्य कलाकारों ने धार्मिक नृत्यों की प्रस्तुति दी भजन संध्या में नृत्य कलाकारों ने धार्मिक नृत्यों की प्रस्तुति दी। भगवान गणपति और बालाजी महाराज सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। इस भव्य आयोजन के लिए श्री वीर मोर्चा बालाजी मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। गर्मी को ध्यान में रखते हुए, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में विशेष फव्वारों की व्यवस्था की गई थी, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
हरियाणा सरकार ने दो दिन में दूसरी बार राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने मंगलवार देर रात को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 18 और हरियाणा नागरिक सेवा (HCS) के 3 अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले और नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। इस फेरबदल में जींद और चरखी दादरी के जिला उपायुक्त (DC) भी बदल दिए गए हैं, जबकि कई सीनियर अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को भी सरकार ने 6 आईएएस और 18 एचसीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए थे। नए आदेशों के तहत, नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे आईएएस पंकज यादव को सहयोग विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग का प्रधान सचिव तथा हरियाणा भवन नई दिल्ली में प्रिंसिपल रेजीडेंट कमिश्नर नियुक्त किया गया है। फरीदाबाद मंडल आयुक्त को अतिरिक्त जिम्मेदारी वहीं फरीदाबाद के मंडलायुक्त संजय जून को मेवात विकास एजेंसी के चेयरमैन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। कैथल की उपायुक्त अपराजिता अब अपने वर्तमान पद के साथ-साथ मत्स्य विभाग की अतिरिक्त सचिव का काम भी संभालेंगी। इसके अलावा, मनदीप कौर को चरखी दादरी की नई जिला उपायुक्त और डॉ. वैशाली शर्मा को जींद का नया उपायुक्त (DC) बनाया गया है। जींद के वर्तमान उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा को अब निदेशक व विशेष सचिव (मानव संसाधन विभाग) की जिम्मेदारी दी गई है। ऑर्डर की COPY...
ग्वालियर के बिलौआ क्षेत्र में पर्यावरण और माइनिंग नियमों की धज्जियां उड़ाकर बिना अनुमति 250 फीट गहरा गड्ढा खोदकर अवैध उत्खनन कर करोड़ों रुपए का पत्थर चोरी करने के मामले में कलेक्टर रुचिका चौहान ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। 'दैनिक भास्कर' द्वारा इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किए जाने के बाद कलेक्टोरेट से लेकर खनिज विभाग तक हलचल मच गई है। कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष और पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए तत्काल राजस्व और खनिज विभाग का एक संयुक्त जांच दल गठित कर दिया है। यह टीम अब सीधे ग्राउंड जीरो पर जाकर अवैध उत्खनन की सच्चाई पता करेगी। यह पूरा मामला अवैध उत्खनन और अब 30 गुना पेनल्टी बचाने का प्रतीत हो रहा है। उधर, अपनी पोल खुलते देख खदान कारोबारी दिनभर कार्रवाई से बचने के लिए अफसरों से 'सेटिंग' और जोड़-तोड़ करने में जुटे रहे। टोटल स्टेशन मशीन से नपेगा ‘मौत का कुआं’ कलेक्टर के आदेश पर गठित संयुक्त दल के अधिकारी जल्द ही ग्राम बिलौआ स्थित विवादित सर्वे नंबरों पर पहुंचेंगे। जांच टीम के सामने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु तय किए गए हैं। संयुक्त जांच दल बिलौआ पहुंचकर आधुनिक मशीनों के जरिए मौके पर किए गए गड्ढों की वास्तविक गहराई और चौड़ाई को बाकायदा नापेगी। जिससे खनन किए गए एरिया की सही नापतौल की जा सके। अवैध उत्खनन का आकलन इस नापजोख के आधार पर यह वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि अनुमति मिलने से पहले ही यहाँ से कुल कितने लाख घनमीटर पत्थर अवैध रूप से निकाला जा चुका है। जिससे खदान कारोबारी पर पेनल्टी लगाई जाए। माइनिंग विभाग में दस्तावेजों की जब्ती आनन-फानन में माइनिंग परमिशन के लिए आए आवेदनों और उन पर अब तक आंख मूंदकर साइन करने वाले अधिकारियों की फाइलों को जब्त कर जांचा जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि बिना जांच किए और मौके पर जाए बिना फाइलों को आगे कैसे बढ़ाया गया। जब परमिशन ही नहीं मिली तो गायब कैसे हुआ करोड़ों का पत्थर? पूरा मामला मेसर्स राजेंद्र प्रसाद खंडेलवाल द्वारा ग्राम बिलौआ के सर्वे क्रमांक 3578/2/1, 3575/1/2 और 3570/1 (कुल रकबा 2.315 हेक्टेयर) भूमि पर पत्थर (गिट्टी) खनन की नई अनुमति मांगने से जुड़ा है। इसमें सर्वे क्रमांक 3575/1/2 पूरी तरह निजी और कृषि उपयोग की भूमि है, लेकिन यहां महीनों से खुदाई कर अवैध उत्खनन किया जा रहा था। इस मामले का गंभीर पहलू यह है कि पर्यावरण मंजूरी के लिए बाकायदा लोक सुनवाई कराई गई और विभाग के तकनीकी अधिकारी मौका मुआयना भी कर लौट आए। इसके बावजूद किसी अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह उल्लेख नहीं किया कि जिस 2.315 हेक्टेयर जमीन पर खनन की अनुमति मांगी जा रही है, वहां पहले ही करीब 250 फीट गहरा गड्ढा खोदा जा चुका है। सैटेलाइट इमेज में भी अवैध खनन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 30 गुना पेनल्टी से बचाने की आशंका खनिज नियमों के अनुसार, इस स्तर के अवैध उत्खनन पर रॉयल्टी का 30 गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यह राशि करोड़ों रुपए में हो सकती है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले से जुड़ी सभी फाइलें तलब कर ली हैं, जिससे खनिज विभाग में हलचल है। विभागीय अधिकारी फिलहाल यह तर्क दे रहे हैं कि सटीक सीमांकन नहीं होने के कारण कारोबारी से अनजाने में दूसरी जगह खुदाई हो गई। रिपोर्ट के बाद हो सकती है सख्त कार्रवाई संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट आने के बाद खदान संचालक पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही अवैध उत्खनन को संरक्षण देने और गलत रिपोर्ट तैयार करने वाले तत्कालीन व वर्तमान अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है। माइनिंग अधिकारी बोले- सख्त कार्रवाई होगी माइनिंग अधिकारी घनश्याम यादव ने कहा, “बिलौआ का मामला अभी सामने आया है। सीमांकन कराया जाएगा। इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
छत्तीसगढ़ में इस बार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए वक्फ बोर्ड ने राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की है। निर्देशों के अनुसार खुले स्थानों पर कुर्बानी, डीजे बजाने और धार्मिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि शिफ्ट में नमाज अदा की जाएगी। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने भी स्पष्ट किया कि पिछले साल से ही नमाज शिफ्ट में अदा की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। खुले में कुर्बानी पर पूरी तरह रोक छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके साथ ही नगर निगम की टीमों को सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। DJ और तेज आवाज में धार्मिक कार्यक्रमों पर भी नजर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज के अनुसार त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर भी सख्ती रहेगी। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी। सुबह 6 से 11 बजे तक ही नमाज ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी समय तय किया गया है। राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अदा की जाएगी। प्रशासन के मुताबिक इससे ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में आसानी होगी। अध्यक्ष बोले- निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा कि वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है। छत्तीसगढ़ में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जा रही है। ………… यह खबर भी पढ़िए… बकरीद से पहले गौ-तस्करी रोकने की मांग: GPM में विहिप ने प्रशासन को सौंपा आवेदन, सख्त कार्रवाई की मांग की गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने मुख्यमंत्री के नाम पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने बकरीद से पहले प्रदेश में गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अवैध तस्करी और गौहत्या की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रशासन से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर…
छिंदवाड़ा शहर के गुलाबरा वार्ड में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी मंगलवार रात शॉर्ट सर्किट के कारण एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। आग ने तेजी से फैलते हुए आसपास के बिजली तारों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तार जलकर खाक हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। रेत और चूरी से बुझाने का हुआ प्रयासघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। क्षेत्रीय पार्षद संदीप सिंह चौहान ने भी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग पर रेत और चूरी डालकर उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर बिजली सप्लाई बंद कराई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त, मरम्मत जारी अस्थायी सप्लाई की तैयारी: घटना के बाद एमपीईबी (MPEB) विभाग के कर्मचारी देर रात तक घटनास्थल पर डटे रहे। ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। फिलहाल इलाके में डायरेक्ट लाइन जोड़कर अस्थायी बिजली सप्लाई बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। सप्लाई के प्रमुख तार जल जाने के कारण रिपेयरिंग के काम में अतिरिक्त समय लग रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि गर्मी के कारण लगातार बढ़ रहे लोड से ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जो इस शॉर्ट सर्किट और आग का मुख्य कारण है।
सागर जिले के सांईखेड़ा वेयर हाउस में संचालित गेहूं उपार्जन केंद्र में बड़ी लापरवाही और अनियमितताएं सामने आई हैं। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और खाद्य विभाग के संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर ने बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी संस्था ढाना के समिति प्रबंधक सूर्यकांत दुबे, उपार्जन केंद्र प्रभारी संगीता तिवारी और वेयर हाउस शाखा प्रभारी मुकेश परमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न उन्हें उपार्जन कार्य से हटाकर संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जाए और पुलिस में मामला दर्ज कराया जाए। संयुक्त जांच में सामने आईं ये प्रमुख अनियमितताएं प्रशासन ने अधिकारियों की इस गंभीर लापरवाही को मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और उपार्जन नीति का स्पष्ट उल्लंघन माना है, जिसके तहत उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में सुनवाई आज:मेरठ के सौरभ की हत्या का पत्नी और उसके प्रेमी पर है आरोप
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज 27 मई को फाइनल बहस की दूसरी तारीख लगी है। आज पीड़ित पक्ष यानि सौरभ की तरफ से केस लड़ रह वकील अपनी दलीलें देंगे। इसमें सरकारी वकील डीजीसी केके चौबे पक्ष रखेंगे। सौरभ के माता, पिता ने निजी वकील के रूप में सीनियर एडवोकेट विजय बहादुर सिंह को अपना केस दिया है। देशभर में चर्चित यह नीला ड्रम हत्याकांड एक बड़ा हत्याकांड है। जिसमें पत्नी मुस्कान पर प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मर्चेंट नेवी अफसर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप है। पति, पत्नी के पाक रिश्ते को कलंकित करने वाले इस केस में अदालत बहुत गंभीर है। जिला जज स्वयं इस केस को पूरी बारीकी से देख रहे हैं। इसलिए केस में सरकारी वकील डीजीसी केके चौबे फाइनल बहस कर रहे हैं। जून मिड में आ सकता है फैसलाकेस में फाइनल बहस 21 मई के बाद शुरू हो चुकी है। पहले दिन डीजीसी ने मुकदमे की एफआईआर पढ़ी थी। साथ ही सभी 22 गवाहों के बयानों के बारे में अदालत को बताया था। जिससे यह साबित होता है कि सौरभ की हत्या साहिल, मुस्कान ने ही की थी। इनको सजा दी जाए। लेकिन अभी केस ट्रायल पर चल रहा है। फाइनल बहस शुरू हो चुकी है। फाइनल बहस पूरी होने के बाद इसमें अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल और काठगोदाम के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन को नियमित सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रूप में चलाने का निर्णय लिया है। रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि अब यह ट्रेन अपने नए संशोधित नंबर 21907/21908 के साथ संचालित होगी। इसकी नियमित सेवा मुंबई सेंट्रल से 27 मई और काठगोदाम से 28 मई से शुरू हो रही है। हर बुधवार मुंबई और गुरुवार को काठगोदाम से चलेगीट्रेन संख्या 21907 (मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम) प्रत्येक बुधवार को सुबह 10.55 बजे मुंबई सेंट्रल से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन रात 20.10 बजे रतलाम पहुंचेगी और 10 मिनट के ठहराव के बाद रवाना होकर अगले दिन दोपहर 13.50 बजे काठगोदाम पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 21908 (काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल) प्रत्येक गुरुवार को शाम 17.30 बजे काठगोदाम से रवाना होगी। यह ट्रेन शुक्रवार सुबह 10.30 बजे रतलाम पहुंचेगी और 10.40 बजे आगे के लिए प्रस्थान कर उसी रात 21.00 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा ठहरावयात्रा के दौरान दोनों दिशाओं में यह ट्रेन बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा, रतलाम, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, मथुरा, हाथरस सिटी, कासगंज, बदायूं, बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, बहेड़ी, किच्छा, लालकुआं और हल्द्वानी स्टेशनों पर रुकेगी। सभी श्रेणी के यात्रियों के लिए कोच की सुविधाइस ट्रेन का संचालन पहले 09075/09076 नंबर से किया जा रहा था। अब नियमित होने पर इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, शयनयान (स्लीपर) और द्वितीय श्रेणी के सामान्य डिब्बे लगाए गए हैं, ताकि मुंबई सेंट्रल और काठगोदाम के बीच एक बेहतर और स्थायी रेल संपर्क स्थापित हो सके।
छिंदवाड़ा शहर में आगामी बकरा ईद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए मंगलवार देर शाम कोतवाली थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। सीएसपी अजय राणा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में थाना प्रभारी आशीष कुमार, मुस्लिम समुदाय के सदर, मस्जिदों के पदाधिकारी और समाज के प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हुए। बैठक में पुलिस प्रशासन के प्रमुख निर्देश:पुलिस अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए… तय स्थानों पर ही हो कुर्बानी- बकरा ईद पर कुर्बानी केवल पहले से निर्धारित और परंपरागत स्थानों पर ही की जाए। खुले में न हो आयोजन- खुले स्थानों पर कुर्बानी करने से पूरी तरह बचें और इसके लिए कोई नई जगह न चुनें। अन्य पशुओं की मनाही- पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस दौरान किसी अन्य पशु की कुर्बानी न दी जाए। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर होगी कार्रवाईत्योहार के दौरान सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त हिदायत दी है। अधिकारियों ने कहा कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में समाज के लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र के टिगरिया गांव में 16 मई को मिले एचआईवी पॉजिटिव युवक के शव के मामले में हत्या का खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट के अनुसार, 40 वर्षीय मृतक का कंधा टूटा हुआ था और उसके सिर के पीछे कनपटी पर गंभीर अंदरूनी चोट थी। शव मुंह के बल गिरा हुआ मिला था। वारदात के बाद से पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है, जिससे यह मामला 'ब्लाइंड मर्डर' (अंधेकत्ल) में तब्दील हो गया है। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी के प्रेमी को हिरासत में लेकर करीब 3 दिनों तक सख्ती से पूछताछ की। हालांकि, प्रेमी ने हत्या में किसी भी तरह से शामिल होने से साफ इनकार किया है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की है, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी की हत्या की पुष्टिहत्या का एंगल सामने आने के बाद पुलिस ने पीएम रिपोर्ट को लेकर दो बार विशेषज्ञ डॉक्टरों से चर्चा की। डॉक्टरों ने किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को खारिज करते हुए स्पष्ट तौर पर इसे हत्या ही बताया है। ज्ञात हो कि मृतक के एचआईवी संक्रमित होने के कारण डॉक्टरों ने पूरी सुरक्षा बरतते हुए पीपीई (PPE) किट पहनकर शव का पोस्टमार्टम किया था। 9 महीने पहले एचआईवी पॉजिटिव मिला था युवक मूल रूप से हरदा निवासी मृतक 8-9 महीने पहले एचआईवी जांच में पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद से पत्नी ने उससे दूरी बना ली थी। युवक के संक्रमित पाए जाने के बाद डॉक्टरों ने परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की थी, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। एचआईवी पॉजिटिव होने और पत्नी से संबंध न होने के कारण वह शहर में जगह-जगह भटकता रहता था और शराब का आदी हो गया था। वह महीने में केवल एक बार अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने आता था।
लंबे समय से की जा रही मांग के बाद, रेल मंत्रालय ने बीड़ (खंडवा) से इटारसी जंक्शन के बीच नई पैसेंजर ट्रेन शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और नर्मदापुरम सांसद दर्शन चौधरी को इस संबंध में औपचारिक स्वीकृति पत्र भेज दिया है। रेलवे की ओर से बीड़-इटारसी पैसेंजर ट्रेन (क्रमांक 51689/51690) के संचालन को मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, ट्रेन का विस्तृत टाइम टेबल, स्टॉपेज और संचालन शुरू होने की तिथि अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। रेलवे विभाग वर्तमान में इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर रहा है, जिसके बाद विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा। दैनिक यात्रियों और व्यापारियों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटीइस नई ट्रेन के शुरू होने से खंडवा संसदीय क्षेत्र के बीड़, तलवड़िया और आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इटारसी की ओर सफर करने वाले विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए आवागमन आसान होगा। इटारसी मध्य भारत का प्रमुख जंक्शन है, इसलिए इस ट्रेन से यात्रियों को देश के अन्य बड़े शहरों के लिए लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ने में भी सुविधा होगी। वर्तमान शटल ट्रेन के विस्तार की भी संभावनावर्तमान में खंडवा से बीड़ के सिंगल लाइन ट्रैक पर एक शटल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है, जो दो फेरे लगाती है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, तलवड़िया स्टेशन को हाल ही में जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद इस बात की संभावना जताई जा रही है कि नई ट्रेन चलाने के बजाय मौजूदा शटल ट्रेन को ही बीड़ से इटारसी तक विस्तारित किया जा सकता है। रेलवे द्वारा आधिकारिक शेड्यूल जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

