प्रयागराज में एफआईआर दर्ज न होने पर नीट की तैयारी करने वाली जिस छात्रा ने कैंट थाने में हंगाम किया, उसका प्रेमी सौरभ यादव मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस को पूछताछ में उसने युवती से संबंध होने की बात कबूली। हालांकि यह भी कहा कि उसके घरवाले रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। कैंट पुलिस ने उसे महोबा में दबिश देकर पकड़ा। बता दें कि वह मूल रूप से महोबा का रहने वाला है और राजापुर में रहता था। उसने कुछ दिनों तक यहां रहकर तैयारी भी की। बाद में वह प्राइवेट जॉब करने लगा। पूछताछ में पुलिस को यह भी बताया कि उसका छोटा भाई युवती के साथ पढ़ता था। इसी दौरान उसकी जान पहचान हुई और फिर दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आ गए। कैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया हे। नीट की तैयारी कर रही है छात्राकोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 24 साल की छात्रा नीट की तैयारी कर रही है। उसका आरोप है कि राजापुर के रहने वाले युवक ने शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया और बाद में मुकर गया। इसकी शिकायत वह कैंट थाने लेकर गई तो उसे राजापुर चौकी भेज दिया गया। वहां दो दिन तक टालमटोल करने के बाद फिर थाने जाने को कहा गया। सोमवार को वह थाने पहुंची तो उसे धूप में बैठा दिया गया। तीन घंटे तक वह इंस्पेक्टर का इंतजार करती रही। पूछने पर पुलिसवाले कहते रहे कि इंस्पेक्टर खाना खा रहे हैं। छात्रा बोली- इंस्पेक्टर सुनने के बजाय डांटने लगे छात्रा ने बताया- इंस्पेक्टर तीन घंटे बाद थाने से बाहर निकले तो रुककर उसकी बात तक नहीं सुनी। उल्टा उसे ही डांटने लगे। उससे आवारा बोलते हुए कहा कि अकेली चली आती हो। इसके बाद वह थाने में ही वीडियो बनाने लगी। इंस्पेक्टर ने वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों से मोबाइल छीनने को कहा। छात्रा ने अपने इंस्टाग्राम आईडी से वीडियो को पोस्ट किया है। इसमें कैंट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरनाथ राय और छात्रा के बीच नोकझोंक होते दिखाई दी। वह कहती रही कि कार्रवाई नहीं करोगे तो वीडियो बनाऊंगी ही। इसे पुलिस कमिश्नर को भी दिखाऊंगी। इसके जवाब में इंस्पेक्टर भी यह कहते दिखाई दिए कि वीडियो बनाओगी तो मैं डर जाऊंगा क्या? थाने में करीब आधे घंटे तक हंगामा होने के बाद आखिरकार पुलिस ने FIR दर्ज कर ली थी।
डीजीसी दिलीप अवस्थी को तत्काल प्रभाव से हटाने के बाद डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ओमकार नाथ वर्मा को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। जिलाधिकारी ने जिला जज को भेजे पत्र में कहा है कि न्याय विभाग के विशेष सचिव के पत्र के संदर्भ में बीते शनिवार को जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी को कार्यमुक्त किया जा चुका है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के पद पर किसी अन्य की नियुक्ति किए जाने तक तत्काल आवश्यकता को पूरा किए जाने के लिए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ओमकार नाथ वर्मा को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाता है। वह 14 दिन तक अपने काम के साथ जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी का कार्य भी देखेंगे। इसके लिए अलग से कोई वेतन भत्ता देय नहीं होगा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फैसला सुनाया है, कि कंपनी वादी का खराब एयर कंडीशनर (एसी) बदलकर दे या उसकी कीमत 35.500 रुपये वापस करे। वाद दाखिल करने की तिथि से भुगतान की तारीख तक 8 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। गारंटी अवधि में एसी की मरम्मत न करने पर 30 हजार रुपए हर्जाना भी देना होगा। 16 अगस्त 2018 को वाद दाखिल किया था इंपीरियल हाइट्स कल्याणपुर निवासी स्मृति सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में डाइकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली, सर्विस सेंटर शिव इंटरप्राइजेज शारदा नगर, डाइकिन सर्विस सेंटर, एजी मार्केटिंग के खिलाफ 16 अगस्त 2018 को वाद दाखिल किया था। कहा था कि उन्होंने 11 अप्रैल 2017 को 35,500 रुपए देकर स्पिलिट एसी लिया था। कुछ माह बाद ही एसी खराब हो गया, एसी की वारंटी 12 माह थी। चार अप्रैल 2018 को टोल फ्री पर शिकायत की। एक सप्ताह बाद एसी का इनर व आउटर यूनिट रिमोट समेत अधिकृत सेंटर के कर्मचारी ले गए थे। कंपनी की ओर से नहीं मिल रहा था सही जवाब सर्विस सेंटर शिव इंटरप्राइजेज और टोल फ्री नंबर पर कई बार पूछा गया कि एसी में क्या कमी है, कब ठीक होकर मिलेगा, लेकिन कुछ नहीं बताया गया। कंपनी की तरफ से पक्ष रखा गया कि विद्युत वोल्टेज की सही आपूर्ति न होने, अनाधिकृत मैकेनिक से गलत तरीके से एसी इंस्टाल करने के कारण एसी में समस्या आई। वाद निरस्त किए जाने योग्य है। आयोग अध्यक्ष विनोद कुमार, सदस्य नीलम यादव और वन्दना सिंह ने गारंटी अवधि में एसी की मरम्मत न करने को सेवा में कमी मानते हुए फैसला सुनाया। कहा कि कंपनी खराब एसी की जगह दूसरा दे या उसकी कीमत लौटाए।
गोरखपुर में रास्ते के विवाद में एक बेटे ने अपने पिता पर कुदाल से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पूरी वारदात मौके पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। दरअसल, पीड़ित पिता बेटों के लिए रास्ता छोड़कर बाउंड्री बनवा रहे थे, तभी बड़ा बेटा कर्मा एक फीट और जमीन छोड़ने की मांग करने लगा। जिससे दोनों में बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर उसने पिता को लहूलुहान कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी कर्मा और उसके भाई भानू को हिरासत में लेकर शांतिभंग की कार्रवाई की है। मामला शाहपुर थाने के मोहनापुर चौहान टोला का है। जानिए पूरा मामला…जानकारी के मुताबिक, शाहपुर क्षेत्र के जंगल हकीम नंबर-2 स्थित मोहनापुर चौहान टोला के रहने वाले राजकुमार चौहान मजदूरी करते हैं। उनके पांच बेटे हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है। राजकुमार ने बताया कि तीनों बेटे चार फीट चौड़ी गैलरी छोड़कर अपने-अपने कमरे बनाकर रहते हैं, जबकि दो बेटों के हिस्से में लगभग 300 वर्ग फीट जमीन आगे की ओर है। इसी जमीन से तीनों भाइयों का परिवार आवागमन करता है। 3 फीट रास्ता छोड़कर बाउंड्री बनवा रहे थेसोमवार को राजकुमार तीन फीट रास्ता छोड़कर बाउंड्री बनवा रहे थे। आरोप है कि शाम करीब चार बजे उनका बड़ा बेटा कर्मा घर पहुंचा और पिता से एक फीट अधिक रास्ता छोड़ने की मांग करने लगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ा काफी देर तक कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कर्मा ने पास में रखें कुदाल उठाकर अपने पिता पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। जिसके बाद मौके से अफरा- तफरी मच गई। आसपास खड़े लोगों ने बीच- बचाव कर उनकी जान बचाई। CCTV में कैद हुई वारदात यह पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई। गांव वालों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद कर्मा और उसके भाई भानू को हिरासत में ले लिया। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी भाइयों के खिलाफ मंगलवार को शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।
ग्वालियर शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नदीपार टाल इलाके में मंगलवार रात एक हादसा हो गया। यहां रहने वाला एक 43 वर्षीय युवक अपने ही कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग जिंदा जल गया। घटना के समय युवक कमरे में अकेला था और भारी नशे में था। हालांकि, स्थानीय लोगों में कमरे के भीतर रखा छोटा एलपीजी (LPG) सिलेंडर फटने की चर्चा थी, जिसे थाटीपुर थाना पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का अनुमान है कि नशे की हालत में बीड़ी या सिगरेट सुलगाते समय यह हादसा हुआ है। नशा ज्यादा होने के कारण वह बच नहीं सका है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। महीने भर पहले ही हुई थी पत्नी की मैत, डिप्रेशन में पी रहा था शराब थाटीपुर थाना पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, नदीपार टाल निवासी 43 वर्षीय विजय शाक्य पुत्र रामचरण शाक्य मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता था। विजय अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों ने बताया कि लगभग एक महीने पहले ही विजय की पत्नी का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। पत्नी की मौत के बाद से ही विजय गहरे सदमे और अवसाद में चल रहा था। गम को भुलाने के लिए उसने शराब का सहारा ले लिया था। मंगलवार सुबह से ही वह अपने घर के एक कमरे में कुंडी लगाकर लगातार शराब पी रहा था। रात 11 बजे अचानक कमरे से उठीं आग की लपटें मंगलवार रात करीब 11:00 बजे अचानक विजय के कमरे की खिड़की और दरवाजे से आग की भीषण लपटें और धुआं उठते देख परिवार के अन्य सदस्यों में हड़कंप मच गया। भाई और अन्य परिजनों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर विजय को बाहर निकालने और आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक उसे काबू में किया जाता, विजय बुरी तरह शत-प्रतिशत झुलस चुका था और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस को आशंका-'बीडी-सिगरेट' से लगी आग हादसे के बाद इलाके में यह अफवाह तेजी से फैल गई कि विजय के कमरे में खाना बनाने वाला 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर रखा था, जो अचानक फट गया और जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। इस अफवाह पर विराम लगाते हुए थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि मौके का मुआयना करने पर कोई सिलेंडर फटा हुआ नहीं मिला है। आसपास के लोगों को किस चीज के ब्लास्ट की आवाज आई, यह अभी जांच का विषय है। थाना प्रभारी के मुताबिक, चूंकि मृतक अत्यधिक नशे में था, इसलिए पूरी आशंका है कि रात में बीड़ी या सिगरेट जलाते समय उसके कपड़ों या बिस्तर ने आग पकड़ ली। भारी नशे के कारण विजय खुद को संभाल नहीं सका और कमरे से बाहर भागने या शोर मचाने में असमर्थ रहा, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एम्स भोपाल के शोधकर्ताओं ने आंख और मस्तिष्क के बीच गहरे संबंधों पर महत्वपूर्ण अध्ययन करते हुए नई दिशा दिखाई है। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका CNS Neurological Disorders – Drug Targets में प्रकाशित इस शोध में सामने आया है कि आंखों की रेटिना मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत दे सकती है।अध्ययन के अनुसार रेटिना, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का ही विस्तार है, मस्तिष्क में होने वाले रोगजनक परिवर्तनों को समझने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि कई बार न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने से पहले ही रेटिना में बदलाव नजर आने लगते हैं। तीन बड़ी बीमारियों में समान तंत्र शोध में उम्र से संबंधित मैकुलर डिजनरेशन (AMD), अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियों में समान न्यूरोइम्यून तंत्र पाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आंख और मस्तिष्क के रोग आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रोटीन और सूजन का साझा प्रभाव शोधकर्ताओं ने पाया कि अल्जाइमर से जुड़ा एमिलॉयड-बीटा प्रोटीन, आंखों में बनने वाले ड्रूसेन का भी हिस्सा है। इसके अलावा दीर्घकालिक सूजन, माइक्रोग्लिया और म्यूलर ग्लिया की असामान्य सक्रियता तथा रक्त-मस्तिष्क और रक्त-रेटिनल अवरोधों की क्षति जैसे कारक भी समान रूप से मौजूद हैं। समय से पहले पहचान की बढ़ी संभावना विशेषज्ञों का मानना है कि रेटिना में इन परिवर्तनों की पहचान कर भविष्य में अल्जाइमर जैसी बीमारियों का जोखिम कई वर्ष पहले ही पता लगाया जा सकता है। इससे समय रहते इलाज शुरू करने का रास्ता आसान होगा। इलाज के नए रास्ते खुलने के संकेत शोध में यह भी संकेत मिला है कि वर्तमान में AMD के इलाज में इस्तेमाल हो रही पूरक-विरोधी, अपोप्टोटिक-विरोधी और VEGF-विरोधी रणनीतियां भविष्य में न्यूरोप्रोटेक्टिव उपचार विकसित करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
आगरा में देर रात बिजलीघर मार्केट स्थित दुकान में भीषण आग लग गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड मौके पर पहुंच गई। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि आग मार्केट बंद होने के बाद लगी, नहीं तो मामला गंभीर हो सकता था। आसपास की 4 दुकानें आग की चपेट में आ गईं। इनमें धुआं भर गया। दुकानों में लगी आग की 3 तस्वीरें… मंगलवार रात लगभग 11 बजे बिजलीघर स्थित शिवाजी मार्केट के सामने बनी दुकानों में आग लग गई। शुरुआत रेडीमेट गारमेंट की दुकान से हुई। बताया जा रहा है कि मार्केट बंद होने के बाद व्यापारी दुकानों को बंद करके अपने-अपने घरों को जा चुके थे। तभी रात लगभाग 11 बजे रेडीमेट गारमेंट की दुकान से आग की लपटें दिखाई दीं। देखते ही देखते ही आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास की मिठाई तथा कपड़े की अन्य दुकानों में धुआं भर गया। वे आग की चपेट में आने से बच गईं। दुकानों से धुआं उठते देख आसपास के लोग दहशत में आ गए। आनन-फानन में फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी गई।जिसके बाद फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। फायर कर्मचारियों ने जाते ही मोर्चा संभाल लिया। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस बीच रेडीमेट गारमेंट की दुकान जलकर खाक गई। अन्य दुकानों में भी काफी नुकसान हुआ है। आगजनी की घटना की सूचना पर क्षेत्र की बिजली काट दी गई। फायर बिग्रेड कर्मचारियों को टार्च की रोशनी में आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सात साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर रणजीत दायमा उर्फ रणजीत बंजारा को केरल से गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ ने कार्रवाई को ‘ऑपरेशन यमलकमली’ नाम दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने राजस्थान से केरल तक करीब 2500 किलोमीटर लंबा अभियान चलाया। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया- हाल ही ऑपरेशन मदाविकाढ़त के तहत मध्य प्रदेश से गिरफ्तार तस्कर रमेश बंजारा से पूछताछ में रणजीत दायमा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि दोनों आपस में समधी हैं। करीब आठ वर्षों से डोडा-चूरा तस्करी के नेटवर्क में साझेदार के रूप में काम कर रहे थे। जांच के अनुसार- रमेश बंजारा तस्करी की डील तय करता था, जबकि रणजीत माल की व्यवस्था और सुरक्षित सप्लाई का काम संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कमीशन मिलता था। बड़े सौदों में उसकी कमाई लाखों रुपए तक पहुंच जाती थी। केरल में बदल ली थी पहचान एएनटीएफ के अनुसार- रणजीत दायमा पिछले सात वर्षों से केरल के शोरानूर क्षेत्र में रह रहा था। वह भले ही पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं पर उसकी अच्छी पकड़ थी। स्थानीय लोगों के बीच वह पूरी तरह मलयाली बनकर रह रहा था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रही। आरोपी ने केरल के वडकनचेरी क्षेत्र में कंबल बेचने का व्यवसाय शुरू कर रखा था। वह मोटरसाइकिल पर कंबल लादकर आसपास के इलाकों में बिक्री करता था और समय-समय पर राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को संचालित कर वापस लौट जाता था। राजस्थानी कारीगर बनकर पहुंची टीम रमेश बंजारा से मिले सुराग के बाद एएनटीएफ की टीम केरल पहुंची और कई दिनों तक स्थानीय स्तर पर रेकी की। टीम के सदस्य राजस्थानी कारीगर बनकर इलाके में घूमते रहे ताकि आरोपी को किसी प्रकार का शक न हो। जांच के दौरान पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की एक बस्ती में कंबल बेचने गया हुआ है। इसके बाद टीम तत्काल वहां पहुंची और ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों ने कंबल खरीदने का नाटक करते हुए बड़ी डील का झांसा दिया और उसे अपने कथित सेठ से मिलने के लिए वाहन तक बुला लिया। जैसे ही रणजीत वाहन के पास पहुंचा, टीम ने अपनी पहचान बताकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कई राज्यों में फैला था नेटवर्क प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं, इसकी जानकारी उसे स्वयं भी नहीं है। गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम आरोपी को केरल से राजस्थान लेकर आई। सात वर्षों से फरार चल रहे इस इनामी तस्कर की गिरफ्तारी को एएनटीएफ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जमवारामगढ़ में युवती का शव कुएं में मिला:7–8 दिन पुराना होने की आशंका, 16 जून से थी घर से लापता
जमवारामगढ़ क्षेत्र में मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब एक 20 वर्षीय युवती का सड़ा-गला शव कुएं में मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद टीम ने शव को कुएं से बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस के अनुसार शव की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर उसके करीब 7 से 8 दिन पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि युवती का शव उसके घर से महज करीब 200 मीटर दूर स्थित एक कुएं में मिला, जबकि परिजन और पुलिस पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर शव मिला, वहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद इतने दिनों तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी। थानाधिकारी भगवान सहाय मीणा ने बताया कि युवती 16 जून को घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने 18 जून को जमवारामगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर खोजबीन और पूछताछ कर रही थी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। युवती की मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में मंगलवार को गायत्री जयंती पर्व मनाया गया। इस अवसर पर अलीगंज के एनीमेशन सेंटर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गई। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक काशी प्रसाद ने बताया कि गायत्री जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सेवा, सद्भाव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक साधना और यज्ञ से समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और मानवता की भावना का विस्तार होता है। पांच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों का आयोजन काशी प्रसाद ने आगे जानकारी दी कि गायत्री जयंती के मुख्य आयोजन 24 जून को प्रातः 7 बजे से शक्तिपीठ के गर्भगृह में शुरू होंगे। इन आयोजनों में श्रद्धालु दर्शन-प्रणाम के साथ पाँच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और गायत्री परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर युगऋषि के विचार-यज्ञ में सहभागी बनें। काशी प्रसाद के अनुसार, सामूहिक उपासना, प्रार्थना और संस्कारों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।
राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी परिसर स्थित संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में ग्रीष्मकालीन नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया । इस दौरान शैलेश श्रीवास्तव के निर्देशन में ऐतिहासिक नाटक ‘बूंद पानी की’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि संगीत, नाटक और अन्य कलाओं से जुड़े बच्चों का मानसिक विकास बेहतर होता है और उनमें मानवीय संवेदनाएं मजबूत होती हैं। उन्होंने युवाओं के कला से दूर होने पर समाज में बढ़ती विकृतियों पर चिंता व्यक्त की। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के योगदान पर आधारित था यह नाटक वीरांगना ऊदा देवी पासी के साहस और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर आधारित था। नाटक ने समाज में छुआछूत, भेदभाव और समान अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रभावी ढंग से उठाया। 'चूड़ी नहीं, तलवार उठाओ' जैसे संवादों और गीतों पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों से गूंज उठा। कलाकारों ने शानदार अभिनय किया नाटक में वैभवी शुक्ला ने ऊदा देवी की भूमिका में दमदार अभिनय किया। रुचिता जायसवाल, प्रियंका चतुर्वेदी, अस्मिता चतुर्वेदी, विवेक शुक्ला और डॉ. प्रमोद अग्निहोत्री सहित सभी कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना बटोरी। प्रकाश, ध्वनि, संगीत, नृत्य निर्देशन और वेशभूषा ने नाटक को और अधिक जीवंत बनाया।
लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के तहत ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के एलिवेटेड हिस्से के निर्माण के लिए 384 करोड़ रुपए का ठेका जारी कर दिया है। यह जिम्मेदारी रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को सौंपी गई है। जीएसटी सहित परियोजना की लागत करीब 453 करोड़ रुपए होगी। कंपनी ठाकुरगंज से वसंतकुंज के बीच करीब 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण करेगी। इसके साथ ही पांच नए एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन भी बनाए जाएंगे। परियोजना को कार्य शुरू होने की तिथि से 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ये 5 नए स्टेशन बनेंगे परियोजना के तहत मुख्य लाइन को डिपो से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन भवन, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, अग्निशमन प्रणाली, विद्युत एवं यांत्रिक कार्य समेत अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शहर के पश्चिमी हिस्से को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने और ट्रैफिक जाम में राहत मिलने की उम्मीद है। कुल 12 स्टेशन होंगे लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें 5 एलिवेटेड और 7 भूमिगत स्टेशन शामिल होंगे। वसंतकुंज मेट्रो डिपो के निर्माण का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि भूमिगत सेक्शन के निर्माण के लिए भी जल्द टेंडर जारी होने की संभावना है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यह टेंडर फेज-1बी परियोजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यूपीएमआरसी परियोजना को तय समय सीमा में और विश्वस्तरीय गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. हरिओम की चर्चित कहानी 'भूसा' का मंचन:लखनऊ में अंधविश्वास और विज्ञान के संघर्ष को दर्शाया गया
लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में डॉ. हरिओम लिखित चर्चित कहानी 'भूसा' का प्रभावशाली मंचन किया गया। रंगयात्रा, लखनऊ द्वारा प्रस्तुत इस नाटक का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग के सहयोग से किया गया । यह नाटक ग्रामीण समाज में गहरे पैठ चुके अंधविश्वास और आधुनिक विज्ञान के बीच के संघर्ष को व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत करता है। कहानी एक युवा डॉक्टर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शहर से पढ़ाई पूरी कर अपने गांव लौटता है। उसका लक्ष्य लोगों का इलाज करने के साथ-साथ उन्हें जागरूक करना भी है। अंधविश्वास से लोगों को जागरूक किया गया डॉक्टर इलाज के अतिरिक्त भूसा बेचने का कार्य भी करता है। वहीं, गांव का प्रधान, जो एक ओझा भी है, अपनी झाड़-फूंक और अंधविश्वास के बल पर ग्रामीणों पर अपना प्रभाव बनाए रखता है। कहानी में तब मोड़ आता है जब गांव की एक गाय बीमार होकर मर जाती है। प्रधान अपने टोने-टोटकों से गाय को बचाने में विफल रहता है, लेकिन वह ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाता है कि गांव पर दैवी संकट आया है और डॉक्टर के घर रखा भूसा विषैला हो गया है। ग्रामीण बिना किसी तर्क के उसकी बात मान लेते हैं और डॉक्टर को दोषी ठहराने लगते हैं। अंततः चुनाव में तर्क और विज्ञान की हार होती है इसी दौरान प्रधान पद के चुनाव होते हैं। शुरुआत में ग्रामीण डॉक्टर को प्रधान बनाना चाहते हैं, लेकिन अंधविश्वास और अफवाहों के कारण पूरा माहौल बदल जाता है। अंततः चुनाव में तर्क और विज्ञान की हार होती है, जबकि अंधविश्वास विजयी होता है।यह नाटक समाज को संदेश देता है कि जागरूकता के अभाव में अंधविश्वास आज भी सच्चाई पर हावी हो सकता है। इन कलाकारों ने शानदार अभिनय किया नाटक में कोमल प्रजापति, योगेंद्र पाल, अभय सिंह रावत, गुरुदत्त पांडेय, मुकुल कुमार, अनिल कुमार, अज़हर जमाल, अभिषेक कुमार, राजनंदनी वर्मा, कंचन शर्मा, लावण्या बाजपेयी, लता बाजपेयी, अंशिका सक्सेना और सुरुचि सक्सेना ने प्रभावशाली अभिनय किया, जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की।
राजधानी लखनऊ के काकोरी स्थित भगवान पार्श्वनाथ धाम में 24 से 29 जून तक चलने वाले भगवान आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का मंगलवार को शुभारंभ हो गया। आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। बैंड-बाजे, मंगलाचार और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने आचार्य का स्वागत किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रवचन सभा में आचार्य विशुद्ध सागर ने आध्यात्मिक जीवन और सामाजिक मूल्यों पर प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राग को समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन उसकी दिशा बदली जा सकती है। आचार्य ने बताया कि पूजा मनुष्य के जीवन को सकारात्मक बनाती है और उसे विकारों से दूर रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कमल का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कमल पानी में रहकर भी उससे अछूता रहता है, वैसे ही मनुष्य को भी संसार में रहते हुए बुराइयों से दूर रहना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और जिम्मेदारी के साथ बोलने की अपील विश्व शांति पर बोलते हुए आचार्य ने कहा कि यदि नेता अपनी वाणी पर संयम रखें तो युद्ध जैसी परिस्थितियां पैदा ही न हों। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और जिम्मेदारी के साथ बोलने की अपील की। आचार्य ने अलीगंज में हाल में हुई अग्निकांड की घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने संकेत दिया कि उनका आगामी चातुर्मास बाराबंकी में होगा, जिसकी औपचारिक घोषणा 28 जून को की जाएगी। काकोरी जैन मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी समिति के वरिष्ठ सदस्य विशाल जैन ने बताया कि लखनऊ के इतिहास में पहली बार करीब 50 पिच्छिधारी मुनिराज और आर्यिका माताओं का एक साथ सान्निध्य मिलेगा। मुख्य संयोजक बृजेश जैन 'बंटी' के अनुसार, महोत्सव के दौरान विश्व शांति महायज्ञ, महामस्तकाभिषेक और कई धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। 24 जून को सुबह 7 बजे काकोरी जैन मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मेरठ के बागपत अड्डा तिराहे पर टैक्सी में बैठने को लेकर हुए विवाद में दलित दंपति से मारपीट कर दी गई। इसकी सूचना पाकर भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। आरोप मुस्लिम समुदाय के युवकों पर लगे हैं, जिनमें टैक्सी संचालक भी शामिल है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में कार्यवाही का आश्वासन देकर बामुश्किल भाजपा कार्यकर्ताओं को शांत कराया जा सका। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गोरीपुरा निवासी प्रभात पेशे से हलवाई हैं। वह हैदराबाद में काम करते हैं। मंगलवार शाम वह अपनी पत्नी के साथ बागपत अड्डा पहुंचे और एक टैक्सी में बैठ गए। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से हैदराबाद की फ्लाईट पकड़नी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनका टैक्सी चालक से विवाद हो गया। टैक्सी चालक का नाम आमिर बताया जा रहा है, जिसने अपने साथी बुला लिये और प्रभात व उसकी पत्नी से हाथापाई कर दी। टैक्सी में बैठने को लेकर हुआ विवादप्रभात की मानें तो उसके साथ पत्नी भी थी। उन्हें यहां से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचना था, जहां से उन्हें हैदराबाद रवाना होना था। वह दोनों आमिर की टैक्सी में बैठ गए। आरोप है कि आमिर ने पहले दोनों को अगली सीट पर बैठा लिया। इसके बाद अचानक उन्हें पीछे बैठाया और आगे पहले दो मुस्लिम महिलाओं व फिर दो युवकों को बैठा लिए। बार बार उतारने का प्रभात ने विरोध किया तो मारपीट कर दी गई। 10-12 हमलावरों ने की मारपीट प्रभात का आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद आमिर ने उसे दिल्ली ले जाने से मना कर दिया। उसने जब एक घंटा खराब करने का हवाला दिया तो आमिर और आग बबूला हो गया और उसने अपने दोस्तों को बुलाकर मारपीट कर दी। इस दौरान प्रभात की पत्नी मदद की गुहार लगाती रही लेकिन भीड़ तमाशबीन बनी रही। भाजपा पार्षद मौके पर पहुंचे दलित युवक से मारपीट की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इनमें पार्षद अरुण मचल के अलावा पार्षद राजीव गुप्ता काले भी मौजूद रहे। उन्होंने नारेबाजी शुरु की। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और जाम जैसे हालात बन गए। सूचना मिलते ही एसओ ब्रह्मपुरी राजेश काम्बोज मौके पर पहुंचे और बात की। अवैध टैक्सी पर कार्रवाई की मांग काफी देर तक हंगामा होता रहा। भाजपाई आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले हटने को तैयार ही नहीं थे। इसी दौरान उन्होंने बागपत अड्डा तिराहे पर खड़ी होने वाली अवैध टैक्सियों का विरोध कर दिया। पार्षद राजीव गुप्ता काले ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर यहां कोई मुस्लिम अपनी गाड़ी खड़ी करे तो उसका पुरजोर विरोध करो। कार्रवाई के आश्वासन पर माने पार्षद अरुण मचल ने कहा कि प्रभात को हैदराबाद जाना था। आमिर ने उसके साथ तो मारपीट की ही, पत्नी को भी नहीं बख्शा। 25 हजार रुपये का टिकट प्रभात ने खरीदा था। सबकुछ बताने के बाद भी एक घंटे तक परेशान किया और फिर ले जाने से मना कर दिया। इसी का प्रभात ने विरोध किया था। पुलिस ने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद भाजपाई लौट गए।
लखनऊ में बेटे ने मां पर कुल्हाड़ी से किया हमला:चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार किए, पुलिस ने हिरासत में लिया
लखनऊ बीबीडी थानाक्षेत्र स्थित अनौरा खुर्द में मंगलवार तड़के अहमदाबाद से घर लौटे बेटे ने मामूली विवाद होने के बाद अपनी मां पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर आरोपी बेटे को हिरासत में लिया है। तड़के घर पहुंचा था बेटा मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के बरोली निवासी उषा देवी अयोध्या रोड के अनौरा खुर्द में किराए के मकान में रहती हैं। उनका बेटा संदीप गोंड अहमदाबाद में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे वह घर पहुंचा। इसी दौरान मां-बेटे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। गुस्से में कुल्हाड़ी से किया हमला विवाद बढ़ने पर संदीप ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठाई और मां के चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हमले में उषा देवी गंभीर रूप से घायल होकर फर्श पर गिर पड़ीं और दर्द से चीखने लगीं। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी शिव बालक शाह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य लोगों की मदद से लहूलुहान हालत में पड़ी उषा देवी को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद आरोपी संदीप मौके से फरार हो गया। हत्या के प्रयास का केस, आरोपी जेल भेजा गया शिव बालक शाह की तहरीर पर बीबीडी थाने में संदीप गोंड के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बीबीडी थाना प्रभारी राम सिंह ने बताया कि फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की जांच की जा रही है।
सोनभद्र के ओबरा सेक्टर तीन स्थित रेणुका छठ घाट पर सोमवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। ओबरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण रेणुका घाट घूमने आए 11 लोग नदी की बीच धारा में एक टापू पर फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से लगभग दो घंटे बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से रिश्तेदारी में आए कुछ लोग बच्चों के साथ सोमवार शाम रेणुका छठ घाट पर घूमने गए थे। उस समय नदी में पानी का स्तर कम था, जिससे वे तस्वीरें लेने और सेल्फी खींचने के लिए नदी के बीच बने एक टापू पर चले गए। शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच ओबरा डैम से अचानक पानी छोड़ दिया गया। पानी छोड़े जाने के कुछ ही मिनटों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और टापू चारों ओर से पानी से घिर गया। किनारे पर मौजूद लोगों ने बढ़ते पानी को देखकर टापू पर फंसे लोगों को बाहर आने के लिए आवाज लगाई, लेकिन तब तक बहाव काफी तेज हो चुका था। कुछ लोग समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 11 लोग बीच धारा में ही फंस गए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे। घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय ने तत्काल डैम प्रबंधन से संपर्क किया और पानी छोड़े जाने पर रोक लगवाई। हालांकि, नदी का बहाव तेज होने के कारण फंसे हुए लोगों को कुछ समय तक टापू पर ही इंतजार करना पड़ा। मौके पर पीआरवी-112, थाना पुलिस और क्राइम इंस्पेक्टर भी पहुंच गए। जलस्तर थोड़ा कम होने पर नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया,स्थानीय युवकों और पुलिस टीम ने संयुक्त प्रयास से सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी लोगों के सुरक्षित निकलने के बाद प्रशासन और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है घाट पर चेतावनी बोर्ड न लगने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम न होने के कारण लोग कम पानी देखकर नदी में उतर जाते हैं।और अचानक पानी छोड़े जाने पर जलस्तर बढ़ जाता है घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।
सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर अग्निशमन विभाग की टीम ने आज जनपद के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण फायर सुरक्षा मानकों की जांच के लिए किया गया। निरीक्षण के दौरान रॉबर्ट्सगंज स्थित युवा डिजिटल लाइब्रेरी और शिफ्ट कंप्यूटर क्लासेस, ओबरा में पूनम तनेजा मेमोरियल क्लासेस, स्काई कोचिंग सेंटर और भाभा कोचिंग सेंटर का जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त, दुद्धी में द विजडम लाइब्रेरी, जया डिजिटल लाइब्रेरी और सक्सेस लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने संस्थान संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसमें अग्निशमन यंत्रों को क्रियाशील रखने, आपातकालीन निकास मार्गों को सुरक्षित और अवरोधमुक्त बनाए रखने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने को कहा गया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरियां शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुरूप ही संचालित हों, ताकि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अग्निशमन विभाग ने बताया कि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के सभी कीटनाशक विक्रेताओं, थोक एवं फुटकर व्यापारियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म संचालकों और किसानों को कीटनाशी अधिनियम, का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस के कीटनाशकों का भंडारण, विक्रय, वितरण या ऑनलाइन व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी ने बताया कि कीटनाशकों के विक्रय और भंडारण के लिए सक्षम प्राधिकारी से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं को केवल अनुमोदित एवं पंजीकृत कीटनाशकों का ही विक्रय करना होगा। उन्हें प्रत्येक बिक्री पर बिल या कैश मेमो जारी करने के साथ-साथ अभिलेखों और स्टॉक रजिस्टर का अद्यतन रखरखाव सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन माध्यमों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए कीटनाशकों की बिक्री से पहले संबंधित विक्रेता के वैध लाइसेंस का सत्यापन आवश्यक है। जनपद में समय-समय पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों के दौरान बिना लाइसेंस कीटनाशकों का भंडारण, विक्रय या ऑनलाइन व्यापार पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कीटनाशक खरीदें और खरीद के समय बिल अवश्य प्राप्त करें।
मिर्जापुर के जिला महिला चिकित्सालय में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आनंद कुमार ने की। इस अवसर पर अस्पताल में जन्मी 20 नवजात बच्चियों के नाम पर केक काटा गया। उनके अभिभावकों को उपहार स्वरूप बेबी किट प्रदान की गईं। साथ ही, प्रसूताओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और नवजात बच्चियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिलाने के लिए चिन्हित किया गया। मुख्य अतिथि आनंद कुमार ने नवजात बच्चियों के अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की शक्ति हैं। उन्होंने बच्चियों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। कुमार ने यह भी कहा कि जिन परिवारों में बेटियां जन्म लेती हैं, वे सौभाग्यशाली होते हैं, क्योंकि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और देश के विकास में योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम के दौरान एक अभिभावक ने बच्चियों के विवाह संबंधी योजनाओं के बारे में प्रश्न पूछा। इस पर आनंद कुमार ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर इतना सक्षम बनाया जाना चाहिए कि उन्हें भविष्य में किसी सहायता की आवश्यकता न पड़े। महिला कल्याण विभाग की डॉ. मंजू यादव ने महिला एवं बालिका कल्याण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने नवजात शिशुओं के पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया। डॉ. जागृति ने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारियां प्रदान कीं। महिला कल्याण विभाग की दिव्या जायसवाल, शालिनी देवी और नगीना सिंह ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित स्टिकर, पंपलेट और बुकलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया। नवजात बच्चियों के नाम पर चिकित्सालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस कार्यक्रम में एचओडी डॉ. वंदना मौर्य, मुख्य नर्स मनीषा, रेखा मौर्य, स्टाफ नर्सों सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और आमजन उपस्थित रहे।
मिर्जापुर में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म:पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर भेजा जेल
मिर्जापुर देहात कोतवाली पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। 24 मई 2026 को एक युवती ने थाना कोतवाली देहात में तहरीर दी थी। युवती ने आरोप लगाया था कि एक युवक ने उससे शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली देहात में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात के निर्देशन में उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव और उनकी टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर सोमवार को आरोपी दिलीप पुत्र संतोष गौतम, निवासी भुजवा की चौकी, थाना कोतवाली देहात को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकासखंड के बैकेट, मुसही (चुर्क रोड) में मंगलवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 60 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें 58 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़े शामिल थे, जिनका विवाह उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। यह आयोजन सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। समारोह में सांसद छोटेलाल खरवार, विधायक भूपेश चौबे, ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत और नगर पंचायत अध्यक्ष रूबी प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों में रॉबर्ट्सगंज विकासखंड से 32, चतरा से 13, नगवां से 5, रॉबर्ट्सगंज नगर पालिका परिषद से 8 और चुर्क नगर पंचायत से 2 जोड़े शामिल थे। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में समाज कल्याण विभाग, विकास विभाग और पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें से 64 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, 21 हजार रुपये मूल्य की गृहस्थी और उपहार सामग्री प्रदान की जाती है। शेष राशि विवाह के आयोजन और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविंद्र वीर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्तर और जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत 24 जून को दुद्धी और 29 जून को शाहगंज में भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देखें कार्यक्रम की फोटो…
श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में 7 मुहर्रम की शाम इंसानियत और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। शिया समुदाय के बच्चों ने कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में 'सबील' लगाकर राहगीरों और अकीदतमंदों को ठंडा पानी, शरबत और तबर्रुक वितरित किया। बच्चों द्वारा बड़े आदर और सम्मान के साथ की गई यह सेवा सभी के दिलों को छू गई। मुहर्रम में सबील लगाने की परंपरा कर्बला की उस घटना की याद दिलाती है, जब इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों के लिए यज़ीदी फौज ने फरात नदी का पानी बंद कर दिया था। प्यास की उसी तीव्रता और कर्बला के शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हर साल मुहर्रम के दिनों में सबील लगाई जाती है, ताकि हक, इंसानियत और सेवा का संदेश आम लोगों तक पहुंचे। नासिरगंज में बच्चों द्वारा लगाई गई इस सबील पर बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग रुके और पानी व शरबत ग्रहण किया। बच्चों ने पूरी विनम्रता और शालीनता के साथ हर आने-जाने वाले की सेवा की। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों द्वारा कर्बला के संदेश को समाज तक पहुंचाना मानवता और भाईचारे का बेहतरीन उदाहरण है। इस सबील के माध्यम से कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और लोगों को आपसी सौहार्द, सेवा भाव तथा इंसानियत का संदेश दिया गया। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ, जिसने मुहर्रम की आध्यात्मिक भावना को और भी गहरा कर दिया।
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों सहायक अध्यापकों के लिए प्रवक्ता पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पदोन्नति संबंधी व्यावहारिक बाधाओं को दूर कर दिया है। अब 09 सितंबर 2025 से पहले नियुक्त सहायक अध्यापक बिना किसी असमंजस के प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के पात्र होंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस संबंध में शासन ने 18 जून 2026 को एक शासनादेश जारी किया है। दरअसल, माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रस्ताव पर शासन ने 09 सितंबर 2025 को शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अर्हताओं को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकों के अनुरूप करने का निर्णय लिया था। इस नए बदलाव के लागू होने के बाद उन शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई थीं, जिनकी नियुक्ति उस तिथि से पहले तत्कालीन प्रचलित नियमों के आधार पर हुई थी। शिक्षक लंबे समय से इस असमंजस में थे कि क्या वे नई अर्हताओं के दायरे में आएंगे या नहीं। शासन ने इस समस्या का संज्ञान लिया और अब यह स्पष्ट कर दिया है कि जिन सहायक अध्यापकों की नियुक्ति 09 सितंबर 2025 से पहले हुई है, वे पूर्व में प्रचलित व्यवस्था के तहत ही पदोन्नति पाने के लिए पूरी तरह अर्ह (Eligible) माने जाएंगे। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो गया है, जो पात्रता संबंधी नियमों के कारण पदोन्नति की प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका जता रहे थे। परिषद ने इस आशय की सूचना सभी संबंधित अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को भेज दी है, ताकि पदोन्नति की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
मैनपुरी में पुराने पैतृक मकान को गिराते समय मिट्टी में दबा एक घड़ा मिलने से हड़कंप मच गया। दावा है कि घड़े में सोने और चांदी के पुराने सिक्के रखे हुए थे। घड़ा मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ सिक्के बटोरने के लिए टूट पड़ी। घटना का वीडियो सामने आया है। मामला करहल थाना क्षेत्र के ग्राम नगला काकन का है। गांव निवासी राहुल सिंह भदौरिया ने बताया कि उनके परिवार का यह पैतृक मकान काफी पुराना और जर्जर हो चुका था, जिसे सोमवार दोपहर गिरवाया जा रहा था। मकान पर परिवार के अन्य सदस्यों रवि राज सिंह भदौरिया और हृदयराज सिंह भदौरिया का भी अधिकार है। मामला करहल थाना क्षेत्र का है। देखिए 3 तस्वीरें… राहुल के अनुसार, मकान के पिछले हिस्से में उनकी दादी शकुंतला देवी रहती थीं, जिनका कुछ समय पहले निधन हो गया था। परिवार को पहले से यह जानकारी थी कि दादी ने कुछ कीमती सामान घर में कहीं छिपाकर रखा था, लेकिन उसके स्थान की जानकारी किसी को नहीं थी। सोमवार को जब जेसीबी की मदद से मकान का पिछला हिस्सा गिराया जा रहा था, तभी मिट्टी में दबा लाल कपड़े से ढका एक घड़ा दिखाई दिया। घड़ा निकलते ही वहां मौजूद लोगों की भीड़ उसकी ओर दौड़ पड़ी। इसी दौरान घड़ा टूट गया और उसके भीतर रखे सोने-चांदी जैसे दिखाई देने वाले पुराने सिक्के जमीन पर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिक्के देखते ही बच्चे, महिलाएं और पुरुष उन्हें बटोरने में जुट गए। मकान मालिक और परिवार के लोगों ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। जो जिसके हाथ लगा, वह लेकर मौके से निकल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है। हालांकि, बरामद सिक्कों की वास्तविक संख्या, उनकी कीमत और उनकी प्रामाणिकता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी मामले में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन महिला से साइबर बदमाशों ने एक करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए। बदमाशों ने 69 वर्षीय मीनाक्षी नाखरे को टेलीकॉम डिपार्टमेंट, दिल्ली का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अफसर बनकर फोन किया। उन्होंने मीनाक्षी से कहा- आपके नाम से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मनी लॉन्ड्रिंग और गैरकानूनी काम हो रहे हैं। इससे 6.80 करोड़ रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया है। दो घंटे में आपको दिल्ली आना होगा नहीं तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिर केस से बचाने के नाम पर 33 दिन में 4 राज्यों के 10 से ज्यादा शहरों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर करवा ली। ट्रांजेक्शन फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए कराया गया। महिला की शिकायत पर मंगलवार को पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग की बात कही मीनाक्षी पति रमेश नाखरे ग्वालियर के सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा में रहती हैं। क्राइम ब्रांच में की गई शिकायत में मीनाक्षी ने बताया कि 10 मई 2026 को उनके पास नए नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम डिपार्टमेंट का अधिकारी अशोक गुप्ता बताया। उसने कहा- आपके नाम से एक और बैंक खाता चल रहा है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग और गैरकानूनी काम हो रहे हैं। मीनाक्षी ने कहा कि यह मोबाइल नंबर मेरा नहीं है। इस पर अशोक बोला- ऐसा है तो आपको कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन दो घंटे में आपको दिल्ली आना होगा नहीं तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मीनाक्षी ने खुद को बार-बार निर्दोष बताया तो अशोक दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी से उनकी बात कराने को तैयार हो गया। 6.80 करोड़ रुपए का अवैध लेनदेन बताया अशोक ने मीनाक्षी के 35 वर्षीय बेटे अनुभव नाखरे के नंबर पर वीडियो कॉल किया। इसके बैकग्राउंड में दिल्ली पुलिस का लोगो और सरकारी दफ्तर जैसी सेटिंग थी। सामने दिल्ली पुलिस की यूनिफॉर्म पहने बैठे शख्स ने खुद को आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया। सुनील ने कहा कि ICICI बैंक का मैनेजर संदीप कुमार गिरफ्तार हुआ है। उसके पास से मीनाक्षी के नाम की फर्जी पासबुक मिली है। इस खाते से 6.80 करोड़ रुपए का अवैध लेनदेन हुआ है। इसके ऐवज में मीनाक्षी को 68 लाख रुपए कमीशन मिला है। मीनाक्षी ने कहा कि वे किसी संदीप कुमार को नहीं जानती हैं और न ही उन्होंने कोई बैंक खाता बेचा है। प्रायोरिटी इन्वेस्टिगेशन के नाम पर जालसाजी इस पर ठगों ने कहा कि यदि वे जेल नहीं जाना चाहतीं तो उन्हें कोर्ट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार प्रायोरिटी इन्वेस्टिगेशन का हिस्सा बनना होगा। ये कहकर आरोपियों ने वीडियो कॉल बंद कर दिया। इसके बाद मीनाक्षी को वॉइस कॉल पर कनेक्ट किया। दूसरी तरफ से किसी ने सीबीआई अधिकारी बनकर बात की। उसने कहा- आपके सारे फंड को इलेक्ट्रॉनिक कोड से जांचना होगा, इसलिए जांच पूरी होने तक आपको अपना सारा पैसा हमारे बताए गए सुरक्षित खातों में ट्रांसफर करना होगा। जांच के बाद यह पैसा वापस आपके अकाउंट में आ जाएगा। एनओसी का झांसा देकर हुए गायब पैसे ट्रांसफर होने के बाद 11 जून 2026 को ठगों ने मीनाक्षी से कहा- आपके सारे ट्रांजेक्शन क्लियर हो गए हैं। आपकी क्लीन चिट वाली एनओसी 18 जून तक पोस्ट के माध्यम से आपके ग्वालियर वाले घर पहुंच जाएगी। 16 जून की रात साढ़े नौ बजे के बाद से ठगों के सभी फोन नंबर बंद हो गए। जब तय तारीख तक कोई एनओसी नहीं आई, तो मीनाक्षी को शक हुआ। उन्होंने नई दिल्ली जाकर बाराखंभा पुलिस स्टेशन में संपर्क किया, तब जाकर पता चला कि वे फ्रॉड का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद मीनाक्षी ने ग्वालियर आकर थाने में शिकायत दर्ज कराई। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- साइबर सेल ने तत्काल प्रभाव से उन सभी बैंक खातों को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें पैसे भेजे गए थे। साइबर एक्सपर्ट की टीमें जांच में जुटी हैं। 4 एफडी तोड़कर ट्रांसफर किए रुपए मीनाक्षी नाखरे का बेटा अनुभव कुछ समय पहले तक प्राइवेट नौकरी करता था। करीब 15 हजार रुपए वेतन मिलता था। फिलहाल, मां की पेंशन पर गुजारा कर रहा है। मीनाक्षी ने ठगों को देने के लिए पैसे का इंतजाम 4 एफडी तोड़कर किया था। ये एफडी पुश्तैनी जमीन बेचकर मिली रकम से कराई थीं। ये खबर भी पढ़ें… साइबर ठगी के पैसे का सोने में इन्वेस्टमेंट जल्दी अमीर बनने की चाहत में नर्मदापुरम के तीन युवकों ने नए तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दिया। तीनों युवक दिल्ली के बड़े साइबर ठगों के इशारे पर उज्जैन आए। फर्जी आधार कार्ड और फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर करीब चार लाख रुपए का सोना खरीदा। पेमेंट साइबर ठगी के पैसों से क्यूआर कोड के जरिए किया गया। पढे़ं पूरी खबर…
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में मंगलवार को हाथठेले का किराया मांगने पर एक फल विक्रेता ने ठेला मालिक की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह वारदात बस स्टैंड के पास रात करीब 9 बजे हुई, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। इस घटना से गुस्साए लोगों और घरवालों ने दमोह-जबलपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। मृतक की पहचान वार्ड 5 के रहने वाले 25 वर्षीय अतुल अहिरवार (पुत्र वीरनलाल अहिरवार) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, तेंदूखेड़ा में हर मंगलवार को साप्ताहिक हाट बाजार लगता है, जिसमें दमोह, जबलपुर और आसपास के इलाकों से कई व्यापारी फल बेचने आते हैं। अतुल ने मंगलवार को बाजार के लिए अपना हाथठेला बाहर से आए एक फल विक्रेता को किराए पर दिया था। रात करीब 9 बजे जब अतुल अपने ठेले का किराया लेने पहुंचा, तो आरोपी दुकानदार ने ₹50 फेंककर दिए। अतुल ने इस बात पर आपत्ति जताई और पैसे हाथ में देने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। सीने में सीधे दिल पर मारा चाकू विवाद इतना बढ़ गया कि फल विक्रेता ने फल काटने वाले तेज धारदार चाकू से अतुल के सीने पर बाईं तरफ सीधा वार कर दिया। चाकू सीधे दिल में जा लगा, जिससे अतुल वहीं लहूलुहान होकर बेहोश गिर पड़ा। आस-पास के लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक अतुल की महज दो महीने पहले ही शादी हुई थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुस्से में लोगों ने पलटे ठेले, हाईवे पर लगाया लंबा जाम हत्या की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और समाज के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने बस स्टैंड के सामने दमोह-जबलपुर हाईवे पर जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भीड़ का गुस्सा बाहर से आए अन्य फल विक्रेताओं पर भी फूटा; लोगों ने उनके फल सड़क पर फेंक दिए और हाथठेलों को पलट दिया। चक्का जाम होने के कारण हाईवे के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस, कई संदेही हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया कि गुस्साए लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। चूंकि हमलावर दमोह के रहने वाले बताए जा रहे हैं और हफ्ते में सिर्फ एक ही दिन दुकान लगाने आते थे, इसलिए स्थानीय लोग उन्हें नाम से नहीं जानते। पुलिस ने हाट बाजार के कई अन्य फल विक्रेताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा और बुधवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
गाजियाबाद में ट्रैफिक पुलिस की पूरी फौज है। यहां एसपी रैंक के एक डीसीपी, एडिशनल रैंक पर एक आफिसर, 3 सीओ और 12 ट्रैफिक इंस्पेक्टर हैं। आए दिन शहर में दोपहर से लेकर शाम तक भीषण जाम लगता है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति कविनगर और राजनगर एक्सटेंशन की है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल डीसीपी वरुण कुमार सिंह रात में 10 बजे ही शहर में ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी चैक करने निकलते हैं, जबकि इस समय तो ट्रैफिक वैसे ही रहता नहीं है। गाजियाबाद में सुबह 7 बजे से लेक रात 10 बजे तक शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। रात में वाहनों की नो एंट्री भी 10 बजे खत्म हो जाती है। जहां रात के 10 बजे से लेकर अगली सुबह 7 बजे तक भारी वाहनों के आवागमन की छूट है। ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी 2 शिफ्ट में रहती है। पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से लेकर रात 10 बजे तक। गाजियाबाद के अलावा प्रदेश के अन्य महानगरों में भी ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रात 10 बजे तक ही रहती है। 2 तस्वीरें देखिए… साहब रात में निकल रहे ! वरुण कुमार सिंह 2012 बैच के पीपीएस अधिकारी हैं। वह इसी साल मार्च माह में अलीगढ़ में तैनात रहते हुए सीओ से प्रमोशन पाकर एडिशनल एसपी बने, 19 अप्रैल 2026 को उनकी तैनाती गाजियाबाद में हुई। जहां पुलिस कमिश्नर ने उन्हें ट्रैफिक में एडिशनल डीसीपी के पद पर जिम्मेदारी दी। वैसे ट्रैफिक में इनके ऊपर डीसपी त्रिगुण बिसेन और एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैयर भी तैनात हैं। लेकिन पुलिस विभाग में एडिशनल डीसीपी का रात में 10 बजे ही शहर में निकल रहे हैं, जबकि इस समय न तो शहर में ट्रैफिक रहता न ही जाम लगता। मंगलवार रात भी ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को तलब कर ड्यूटी चैक की गईं। ट्रैफिक पुलिस को यातायात व्यवसथा सुचारु रूप से चलाने के भी आवाश्यक दिशा निर्देश दिए। 2 दिन पहले नीट परीक्षा में दिन भर जाम रहा 21 जून को रविवार को NEET परीक्षा ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। रविवार का दिन होने के बाद भी ट्रैफिक व्यवसथा परीक्षा से 2 घंटे पहले ही बेपटरी हो गई। शहर में यह हाल था की चारों तरफ जाम लग गया। सिपाही और दरोगों के भरोसे ही शहर को छोड़ दिया। परीक्षा दिलाने पहुंचे अभिभावकों का कहना है कि गाजियाबाद में 10 किमी की दूरी पार करने पर 90 मिनट लग गए। गाजियाबाद में बस अड्डे से लेकर सिहानीगेट थाना और जीडीए ऑफिस वाले फ्लाईओवर पर भीषण जाम लग गया। जहां 3 किमी तक वाहनों के पहिए थमे रहे।
जयपुर में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा- मुझे युवा जनसंघ के राजस्थान अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था। इसके माध्यम से मैंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को निकटता से समझा। उन्होंने कहा- डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए सर्वस्व समर्पित कर दिया। जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष प्रावधानों का विरोध करते हुए उन्होंने एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष किया तथा इसी उद्देश्य को लेकर जनआंदोलन का नेतृत्व किया। भाजपा जयपुर शहर की ओर से भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महावीर पब्लिक स्कूल जयपुर में भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। घनश्याम तिवाड़ी ने कहा- कश्मीर की धरती पर हुआ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान भारत की एकता और अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान था। उन्होंने कहा- जिस कश्मीर के लिए डॉ. मुखर्जी ने संघर्ष किया, वह भारत का अभिन्न अंग था, है और सदैव रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संसद द्वारा अनुच्छेद 370 एवं 35ए को समाप्त किया जाना डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक निर्णय है तथा आज देश उनके सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अमित गोयल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी भारत को एक सूत्र में पिरोने के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक परंपराओं एवं राष्ट्रीय पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1951 में मंत्री पद से त्यागपत्र देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। गोयल ने कहा कि राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे देश सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 की समाप्ति डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है। मीडिया सह प्रभारी नयन माघाणी अग्रवाल ने बताया- कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, चंद्र मोहन बटवारा, जयपुर प्रभारी प्रभुलाल सैनी, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी, जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, रेखा राठौड़, राजेश तांबी आदि मौजूद थे।
बेटों ने पिता और सौतेली मां पर किया जानलेवा हमला:संपत्ति विवाद में पिता को गोली लगी, चाकू से किए वार
पीलीभीत में संपत्ति विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कोतवाली क्षेत्र के बिलगवां गांव में बेटों ने अपने पिता और सौतेली मां पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पिता को गोली लग गई, जबकि सौतेली मां चाकू के वार से गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने एक आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिलगवां गांव निवासी दयाशंकर की पहली पत्नी मीना देवी का दो वर्ष पूर्व निधन हो गया था। पहली पत्नी से उनके तीन बेटे अभिषेक (22), संजू (19) और अरुण बाबू (16) हैं। पत्नी की मृत्यु के बाद दयाशंकर ने ललिता देवी से दूसरी शादी कर ली थी, जिसका उनके बेटे विरोध करते थे। बताया जा रहा है कि दयाशंकर ने हाल ही में अपनी कुछ जमीन बेचकर रुद्रपुर में एक मकान खरीदा था और उसे अपनी दूसरी पत्नी ललिता देवी के नाम कर दिया था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। तमंचे से फायरिंग, पेट में गोली लगी आरोप है कि सोमवार रात बड़ा बेटा अभिषेक, छोटा बेटा अरुण बाबू और उनका एक साथी दयाशंकर के घर पहुंचे। उन्होंने दयाशंकर और ललिता देवी पर चाकू से हमला कर दिया। दयाशंकर का आरोप है कि इस दौरान तमंचे से फायरिंग भी की गई, जिसमें उन्हें पेट के दाहिने हिस्से में गोली लगी, जो आर-पार हो गई। पति को बचाने के लिए बीच में आईं ललिता देवी पर भी आरोपियों ने चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के दौरान ललिता की बेटी गुनगुन के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़े बेटे अभिषेक को हिरासत में ले लिया। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि मामला पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले में मंगलवार शाम को गोटेगांव तहसील के खैरी गांव में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से जमा करके रखी गई लगभग 7000 घनमीटर रेत जब्त की गई। खनिज विभाग ने इसकी जानकारी मंगलवार रात 10 बजे दी। जानकारी के अनुसार, इस जब्त रेत की सरकारी कीमत करीब 9 लाख रुपए है, जबकि बाजार और ठेका दरों के मुताबिक इसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए आंकी जा रही है। टीम ने ग्राम सांकल में भी कार्रवाई की। वहां अवैध रूप से रेत ले जाते हुए एक बिना नंबर का ट्रैक्टर पकड़ा गया। टीम ने इस वाहन को तुरंत जब्त कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ठेमी थाने की कस्टडी में खड़ा करवा दिया है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में अवैध खनन, रेत के भंडारण और परिवहन के खिलाफ यह मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। नियमों को ताक पर रखकर काम करने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में शरबत पीने से 4 मजदूर बेहोश:ठेकेदार पर जहर देने का आरोप, मेडिकल कॉलेज रेफर
पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र में खेत में काम कर रहे चार मजदूर शरबत पीने के बाद बेहोश हो गए। परिजनों ने ठेकेदार पर शरबत में जहरीला पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया है। सभी मजदूरों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) में भर्ती कराया गया है। यह घटना ग्राम कटैया में हुई, जहां सबलपुर रम्पुरा फकीरे के दिनेश सिंह, दीपक सिंह, हर प्रसाद लाल और राम पाल सिंह लवप्रीत सिंह के खेत में गुड़ाई का काम कर रहे थे। पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम कटैईया निवासी ठेकेदार लवप्रीत सिंह ने उन्हें शरबत दिया। आरोप है कि शरबत पीने के लगभग 15 मिनट बाद ही चारों मजदूरों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे खेत में ही अचेत होकर गिर पड़े। बेहोश होने से पहले एक मजदूर ने अपने परिजनों को मोबाइल पर सूचना दी। परिजन तुरंत खेत पर पहुंचे और सभी को पूरनपुर सीएचसी ले गए। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिजनों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीलीभीत पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से स्थानीय थाना प्रभारी को तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
प्रयागराज के फाफामऊ में एक दिन पहले लहूलुहान हाल में 17 साल की लड़की के लहुलुहान मिलने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पता चला है कि वह खुद ही अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ गई थी। इसी दौरान वह जख्मी हुई। पुलिस के सामने यह खुलासा खुद लड़की के ब्वॉयफ्रेंड के उस दोस्त ने किया है, जो थोड़ी देर पहले तक दोनों के साथ था। फिलहाल पुलिस लड़की के ब्वॉयफ्रेंड को ही मुख्य संदिग्ध मानकर उसकी तलाश में जुटी है। दोस्त पहले से जानता था लड़की को पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ब्वॉयफ्रेंड के दोस्त ने बताया, मेरा दोस्त लड़की को पहले से जानता था। सोमवार शाम उसने मुझे कार लेकर बुलाया। पांच बजे के करीब मैं कार लेकर पहुंचा तो उसने कहा कि उसे अपनी गर्लफ्रेंड से मिलना है। इसके बाद वह उसके साथ कार से ही बेला कछार के पास पहुंचा। वहां लड़की अपनी बुआ के साथ आई थी। दोस्त ने लड़की से कुछ बात की और फिर उसे और उसकी बुआ को गाड़ी में बैठा लिया। कुछ दूर जाने के बाद उसकी बुआ कार से उतर गई। इसके बाद दोस्त ने बेला कछार की ओर चलने को कहा। कुछ दूर पर जाने के बाद उसे गाड़ी से उतरने को बोला और कहा कि मैं थोड़ी देर में आता हूं। इसके बाद वह लड़की यानी अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर चला गया। बताया, गोली लग गई है कुछ देर बाद उसने मुझे फोन किया और बताया कि लड़की को गोली लग गई है। इसके बाद वह लड़की को लेकर फाफामऊ में एक निजी अस्पताल पहुंचा और उसे भर्ती कराया। साथ ही उसके परिवारवालों को भी बुलाया। पुलिस के मुताबिक, लड़की के ब्वॉयफ्रेंड के दोस्त से हुई अब तक की पूछताछ में साफ है कि लड़की खुद अपनी मर्जी से कार में गई। वह लड़के को पहले से जानती थी और उसके घायल होने के दौरान मौके पर सिर्फ वही दो लोग मौजूद थे। पुलिस को अस्पताल से मिली थी सूचनाबता दें कि सोमवार शाम 7 बजे के करीब फाफामऊ के विनीता हॉस्पिटल से पुलिस को सूचना मिली कि एक लड़की जख्मी हाल में लाई गई है। घरवालों को उसने बताया है कि वह शौच के लिए गई थी। तभी तीन लड़कों ने उसे गोली मार दी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भेजा गया। एसआरएन में डॉक्टरों ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और एक्स-रे किया। अस्पताल में हुई जांच के दौरान यह सामने आया कि उसे गोली नहीं लगी है। डॉक्टरों ने उसकी जांघ में चोट के निशान पाए। यह भी बताया कि प्रथमदृष्टया किसी धारदार हथियार से चोट पहुंचाए जाने की बात प्रतीत हो रही है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया। बोली थी, तीन अज्ञात लड़कों ने किया हमलालड़की ने पुलिस को बताया था कि वह शाम को शौच के लिए गई थी। इसी दौरान दो-तीन युवकों ने उस पर हमला कर दिया। उसने बताया कि वह हमलावरों को नहीं पहचानती और पहले कभी उन्हें नहीं देखा था। मां की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा किशोरी की मां की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाला तो मालूम हुआ कि लड़की कुछ देर पहले एक कार में दो युवकों के साथ थी। इसी से उसके ब्वॉयफ्रेंड के दोस्त का सुराग मिला और फिर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो सारी कहानी सामने आई।
मेरठ के सरधना क्षेत्र में दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। घटना के बाद पुलिस ने पारस और रूबी को बरामद कर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने रूबी के बयान के आधार पर उसे परिजनों के साथ भेज दिया, जबकि पारस सोम को जेल भेज दिया गया। इसके बाद पारस के परिवार ने उसे नाबालिग बताते हुए याचिका दायर की। मामला पहले कोर्ट और फिर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड) पहुंचा। कुछ दिन पहले जेजे बोर्ड ने ओसिफिकेशन टेस्ट के आधार पर पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया। अब आरोपी पारस सोम की उम्र से जुड़े जेजे बोर्ड के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई है। प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी आरोपी की उम्र तय करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका मैट्रिकुलेशन प्रमाणपत्र होता है, जो पारस के पास उपलब्ध है। उनका आरोप है कि ओसिफिकेशन टेस्ट की प्रक्रिया में त्रुटियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेजे बोर्ड के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी जाएगी। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझिए… बोर्ड के निर्णय को चुनौती, अपील दायर जेजे बोर्ड का निर्णय आने के बाद प्रतिवादी पक्ष में खलबली मच गई। उन्होंने जेजे बोर्ड के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के विरूद्ध बताया। अधिवक्ता बलराम सोम ने जेजे बोर्ड के आदेश को चुनौती देते हुए जिला जल के यहां क्रिमिनल अपील दायर की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। जेजे बोर्ड का निर्णय आने के बाद मामला जिला जज की कोर्ट में पहुंचा। जिला जज ने केस को स्पेशल पोक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। अब प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम की तरफ से क्रिमिनल अपील दायर की गई है, जिसकी 29 जून को स्पेशल पोक्सो कोर्ट सुनवाई करेगी। अब जानिए क्या है क्रिमिनल अपील अगर किसी निचली अदालत ने आपराधिक मामले में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया अथवा बरी किया है तो क्रिमिनल अपील के जरिए उस निर्णय को चुनौती दी जाती है। उस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में अपील की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि निचली अदालत के फैसले में कोई कानूनी या तथ्यात्मक गलती तो नहीं रही। प्रतिवादी बोले- सुप्रीम कोर्ट तक देंगे चुनौती प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम का कहना है कि जेजे बोर्ड ने ओसिफिकेशन टेस्ट के आधार पर पारस सोम को बालिग करार दिया है। इसके खिलाफ याचिका दायर हो चुकी है और उसे स्वीकार करते हुए 29 जून की तारीख सुनवाई के लिए नीयत की गई है। सेक्शन 94 में साफ तौर पर बताया गया है कि अगर आरोपी का मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट मौजूद है तो उसके मेडिकल टेस्ट की कोई आवश्यकता नहीं है। फिर भी यह टेस्ट कराया गया। सेशन में सुनवाई है। जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट तक भी इस निर्णय को चुनौती दी जाएगी।
रांची-JSCA स्टेडियम में भगदड़, कई घायल:गेट पर तोड़फोड़, जेपीएल T-20 फाइनल के दौरान जुटी थी भारी भीड़
रांची के JSCA अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार की शाम भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि JPL T20 फाइनल मैच के दौरान भारी भीड़ जुट गई थी। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंच गए, इससे पश्चिमी गेट पर भीड़ अधिक होने से अफरा-तफरी मच गई। इस कारण धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। वहीं, कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मैच शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में दर्शक एक साथ स्टेडियम में एंट्री करने का प्रयास करने लगे थे। इसी दौरान पश्चिमी गेट पर धक्का-मुक्की होने लगी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को इलाज के लिए नजदीक के होस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पहले देखिए घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें लोगों के गेट के बाहर की तोड़फोड़ घटना के बाद क्रिकेट प्रेमी नाराज हो गए। आक्रोशित लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़कर पश्चिमी गेट पर तोड़फोड़ की। हालांकि, घटना की सूचना मिलने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची। इसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया। घटना के बाद स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आयोजन समिति के सदस्य ने कहा- स्थिति नियंत्रण में है आयोजन समिति के सदस्य कमल ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण कर लिया गया है। सभी दर्शकों को स्टेडियम के अंदर प्रवेश दे दिया गया है। दर्शकों की संख्या अचानक बढ़ने की वजह से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी। इस दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है।
मऊगंज में सातवीं मोहर्रम पर निकाले गए निशान जुलूस:अकीदतमंद कर्बला शरीफ पहुंचे, अमन-चैन की दुआ मांगी
मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में मंगलवार रात को सातवीं मोहर्रम के मौके पर अकीदतमंदों ने पारंपरिक 'निशान जुलूस' निकाला। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाए जा रहे इस 10 दिनों के मोहर्रम पर्व के दौरान अलग-अलग मोहल्लों से ये जुलूस निकले और इमामबाड़ा पहुंचे। यहां सभी ने मिलकर देश में सुख-शांति, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 8:30 बजे से लोग अपने घरों से निशान (धार्मिक झंडे) लेकर जुलूस की शक्ल में जुटना शुरू हुए। मजहबी नारों के साथ यह जुलूस नईगढ़ी के विभिन्न रास्तों से होता हुआ कर्बला शरीफ पहुंचा, जहां सबने मिलकर फातिहा पढ़ी। इसके बाद जुलूस कस्बा के मुख्य मार्गों से गुजरता हुआ किला परिसर के पास 'बड़ी चौक' पहुंचा, जहां दोबारा सामूहिक फातिहा का आयोजन किया गया। रात करीब 10 बजे कार्यक्रम पूरा होने के बाद सभी लोग अपने घरों को लौटे। घरों में कुरानखानी और लंगर, सातवीं मोहर्रम का रहा विशेष महत्व मोहर्रम का चांद नजर आने के बाद से ही पूरे इलाके में इबादत और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए थे। मुस्लिम समुदाय के लोग अपने घरों में कुरानखानी करा रहे हैं और लंगर-फातिहा का दौर चल रहा है। मोहर्रम की सातवीं तारीख का खास महत्व होने के कारण इस दिन निशान चढ़ाने के लिए कर्बला शरीफ में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दसवीं मोहर्रम को जुटेगी भीड़, आसपास के गांवों से आएंगे ताजिए नईगढ़ी में मोहर्रम की दसवीं तारीख को मुख्य और आयोजन किया जाएगा। इस दिन भलुहा, बर्रोहा, लालगंज और चकरहन टोला जैसे आसपास के इलाकों से ताजियों के जुलूस नईगढ़ी पहुंचेंगे। इस दौरान हजारों की तादाद में लोग ताजियों के दर्शन (जियारत) के लिए जुटेंगे और कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि देंगे।
लखनऊ अग्निकांड: प्रयागराज की कोचिंगों में लगा ताला:अब संस्थानों की सुरक्षा पर बढ़ा दबाव
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के शैक्षणिक केंद्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसका सीधा असर प्रयागराज के प्रमुख कोचिंग हब कटरा, अल्लापुर, सलोरी, गोविन्दपुर और यूनिवर्सिटी रोड पर पड़ा है। इन क्षेत्रों की अधिकांश कोचिंग संस्थानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कई संस्थानों पर ताले लटके हैं, जबकि कुछ के कार्यालय खुले हैं लेकिन कक्षाएं बंद हैं। कटरा स्थित अड्डा 247 और आजाद आईएएस (Azad IAS) जैसे बड़े कोचिंग संस्थानों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी साफ दिख रही है। इन संस्थानों में अग्निशमन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का अभाव है। आग जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पाइप या पानी की कोई ठोस व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। अधिकांश संस्थानों के भीतर अग्निशमन उपकरणों की भारी कमी पाई गई है। इस संवेदनशील मुद्दे पर कई संस्थान प्रबंधन के लोगों ने मीडिया के सामने प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। इन कोचिंग संस्थानों में एसएससी (SSC), बैंक, यूपीएसआई (UPSI), यूपीपी (UPP), रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हजारों छात्र आते हैं। अब इन छात्रों की सुरक्षा एक बड़ा प्रश्न बनकर उभरी है। लखनऊ की घटना ने अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन के सामने एक गंभीर चेतावनी खड़ी कर दी है। सामान्यतः शाम के समय इन कोचिंग संस्थानों के बाहर छात्रों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में ये स्थान पूरी तरह सुनसान नजर आ रहे हैं।
रांची के धुर्वा स्थित JSCA स्टेडियम में मंगलवार शाम जेपीएल टी-20 (झारखंड प्रीमियर लीग) फाइनल मुकाबले के दौरान भगदड़ मच गई। इस घटना में कई दर्शक घायल हो गए। स्टेडियम में भारी अव्यवस्था के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। मैच देखने के लिए उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंच गए थे। वेस्ट गेट पर अत्यधिक भीड़ जमा होने से अफरातफरी मच गई। प्रवेश के दौरान धक्का-मुक्की बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दोपहर से ही दर्शकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी भगदड़ में कई दर्शक घायल हुए हैं। कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को गंभीर चोटें लगीं। जानकारी के अनुसार, फाइनल मुकाबले के लिए मंगलवार दोपहर से ही दर्शकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मैच शुरू होने से पहले ही वेस्ट गेट पर हजारों लोग पहुंच चुके थे। बताया गया कि सुरक्षा जांच की धीमी प्रक्रिया के कारण क्रिकेट प्रेमियों की लंबी कतारें लग गईं। पीछे से लगातार बढ़ते भीड़ के दबाव के कारण धक्का-मुक्की शुरू हुई और हालात बेकाबू हो गए। वेस्ट गेट के एक हिस्से में भी तोड़फोड़ घटना के बाद अव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दर्शकों में भारी गुस्सा देखा गया। आक्रोशित भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और वेस्ट गेट के एक हिस्से में भी तोड़फोड़ की। बिगड़ते हालात की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। इसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। इस घटना ने स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता के साथ तैयार: स्वास्थ्य मंत्री इधर, इस मामले को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि JSCA स्टेडियम में झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) के फाइनल टी-20 मैच के दौरान कुछ लोगों के घायल होने की सूचना मिलते ही मैंने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सक्रिय कर दिया है। सिविल सर्जन एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। एंबुलेंस मौके पर पहुंच चुकी है और सभी घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। घायलों के बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता के साथ राहत एवं उपचार कार्य में जुटा हुआ है। उन्होंने लोगों से ना घबराने की अपील की है। साथ ही उन्होंने आश्वश्त किया है कि सभी घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
कानपुर देहात के अवैध खनन, बिना वैध प्रपत्र उपखनिज के परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच वाहनों का चालान किया। कार्रवाई के दौरान तीन लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूलकर राजकोष में जमा कराया गया। निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर 22 जून की रात कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का संचालन निदेशालय लखनऊ की टीम और जिला खान अधिकारी सुभाष सिंह के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। चेकिंग के दौरान कुल 60 वाहनों की जांच की गई। जांच में चार वाहन बिना वैध परिवहन प्रपत्र के मौरम का परिवहन करते पाए गए, जबकि एक वाहन गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहा था। नियमों के उल्लंघन पर सभी पांच वाहनों के खिलाफ तत्काल ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की गई। इन वाहनों पर कुल 3 लाख 10 हजार 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे मौके पर ही राजकोष में जमा करा दिया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी व्यक्ति या वाहन संचालक को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वाहन स्वामियों और परिवहनकर्ताओं से अपील की है कि उपखनिज के परिवहन के दौरान सभी वैध दस्तावेज साथ रखें तथा ओवरलोडिंग से बचें, ताकि सुरक्षित और वैधानिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
लुधियाना के डैहलों इलाके के टीबा गांव में जमीन के पुराने विवाद को सुलझाने गए एक पूर्व सरपंच के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 70 वर्षीय शिवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। कैसे और क्यों हुई वारदात मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शाम के करीब 5:30 बजे की है। गांव में दो भाइयो में जीवन सिंह और मेग सिंह के बीच काफी समय से प्रॉपर्टी (जमीन) को लेकर विवाद चल रहा था। शाम को जब इस विवाद ने तूल पकड़ा, तो पड़ोसी मेग सिंह ने मामले को शांत कराने और बीच-बचाव करने के लिए अपने पड़ोसी पूर्व सरपंच के भाई शिवेंद्र सिंह को मौके पर बुलाया। वे दोनों पक्षों को समझाने के इरादे से वहां पहुंचे। युवक ने किया फायर जब शिवेंद्र सिंह दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां मौजूद गोपी नाम के एक लड़के ने अचानक बंदूक निकाल ली और सीधे शिवेंद्र सिंह पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि आरोपी गोपी दूसरे पक्ष का दोस्त था और विवाद में दखल देने से गुस्से में था। गोली लगते ही शिवेंद्र सिंह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई और जांच घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और उच्च अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ टीबा गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।
मालवीय चौक पर विभिन्न ब्राह्मण संगठनों के कार्यकर्ताओं और भरत तिवारी के एनकाउंटर से आक्रोशित लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। इस दौरान मालवीय चौक 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने सरकार को उसके वादे याद दिलाने का साहस किया था। उनका कहना था कि समाज को नई दिशा दिखाने और वंचितों की आवाज बनने का प्रयास ही उनकी मौत का कारण बना। ब्राह्मण संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सच बोलने वालों की आवाज को दबाने का अमानवीय और निंदनीय कृत्य बताया। 26 वर्षीय भरत भूषण तिवारी बिहार के भोजपुर जिले के निवासी थे। वे एक एक्टिविस्ट थे और फेसबुक लाइव के माध्यम से बाढ़, कटाव तथा स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाते थे। 17 जून 2026 को भोजपुर के शाहपुर इलाके में पुलिस और एसटीएफ टीम के साथ हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, भरत के पास अवैध हथियार था और पकड़ने की कोशिश करने पर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। हालांकि, परिवार का आरोप है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था। परिजनों के मुताबिक, भरत ने सोशल मीडिया और फेसबुक लाइव पर बंदूक फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था और वे निहत्थे थे। इस घटना के बाद उपजे राजनीतिक और सामाजिक विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज से न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला अब कोर्ट भी पहुंच चुका है।
विक्की फाइटर की हत्या के आरोपी कोर्ट में पेश:5 दिन के पुलिस रिमांड पर, पुलिस कर रही पूछताछ
जोधपुर में विक्की फाइटर और सनी हंस पर जानलेवा हमला मामले में शामिल 8 आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। देवनगर थाना पुलिस ने मंगलवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी और इस हमले के पीछे की मुख्य साजिश को खंगालने में जुट गई है। गौरतलब है कि शहर के व्यस्तम 12वीं रोड चौराहे और बॉम्बे मोटर के बीच 19 जून की रात को फायरिंग और जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में विक्की फाइटर और सनी हंस घायल हो गए थे। इनमें से मथुरादास माथुर अस्पताल में इलाज के दौरान विक्की फाइटर की मौत हो गई थी, जबकि सनी हंस का इलाज चल रहा है। पुलिस ने इन्हें किया था गिरफ्तार घटना के बाद से आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस के अलग-अलग टीमें गठित की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय घारू, विशाल पंडित, विश्वास उर्फ चीकू और हर्षित तंवर को गिरफ्तार किया था। वहीं वारदात के मददगार मोहित चांवरिया, मनीष बोयत, साहिल राठी और प्रिंस घारू को रातानाड़ा इलाके से डिटेन किया था। अब रिमांड पर लेकर आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के बरकुंडा गांव में बकरी बेचने के पैसों के बंटवारे को लेकर हुए आपसी झगड़े में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक हीरालाल मेहतर पर उसके ही सगे और चचेरे भाइयों ने लाठियों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बरकुंडा गांव के रहने वाले हीरालाल मेहतर (35 वर्ष) का अपने सगे भाई विनोद मेहतर और चचेरे भाई कमलेश और संतोष मेहतर के साथ बकरी बेचने से आए पैसों के बंटवारे को लेकर मनमुटाव चल रहा था। सोमवार देर रात जब चारों बैठकर पैसों का हिसाब-किताब कर रहे थे, तभी उनके बीच बहस शुरू हो गई। सिर पर डंडे से किया हमला, बीच-बचाव करने आई मां-पत्नी को भी पीटा बात इतनी बढ़ गई कि तीनों आरोपियों ने मिलकर हीरालाल की पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने लकड़ी के भारी डंडे से हीरालाल के सिर पर दे मारा, जिससे गहरी चोट लगने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब हीरालाल की मां और पत्नी उसे बचाने के लिए बीच में आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें हल्की चोटें आई हैं। आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश पर भेजे गए जेल घटना की खबर मिलते ही तेंदूखेड़ा पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और तीनों आरोपियों- विनोद, कमलेश और संतोष मेहतर को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मंगलवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है।
प्रदेश में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करा पाने में नाकाम राज्य सरकार अब युवाओं को पाक कला का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके साथ ही धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की स्थिति को देखते हुए युवाओं को रोजगार देने के लिए गाइड बनाने की भी तैयारी है। साथ ही युवाओं को उद्यानिकी विभाग के सहयोग से शहतूत उत्पादन जैसे कार्यों से जोड़ा जाएगा। यह फैसला मंगलवार को कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में नवाचारों की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक पर्यटकों को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए गाइड की व्यवस्था को सशक्त बनाने और विभिन्न व्यंजनों का आनंद दिलवाने के लिए कार्य की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं को बड़ी संख्या में इन कार्यों से रोजगार मिलेगा। कौशल विकास और रोजगार विभाग का पर्यटन विभाग से तालमेल स्थापित कर यह कार्य संभव किया जा सकता है। कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कौशल विकास और रोजगार विभाग की गतिविधियों की बैठक में समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फैक्ट्री परिसर में भी प्रशिक्षण संस्था संचालित की जा सकती है। उद्योगों की जरूरत को देखते हुए आवश्यक ट्रेड में प्रशिक्षण के प्रबंध किए जाएं। कौशल विकास और रोजगार दिलवाने के विभिन्न विभागों के कार्यों का समग्र प्रतिवेदन भी तैयार किया जाए। कौशल विकास क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां बैठक में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा गया कि वर्ष 2025 में आई टी आई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई। वर्ष 2026 में 2356 सीटों की वृद्धि हुई। इस तरह दो वर्ष में 5840 सीट्स बढ़ी हैं। आईटीआई के विभिन्न ट्रेड में इस वर्ष 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए।
अटल पथ पर कार से खतरनाक स्टंट:युवक पर बड़ी कार्रवाई, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुलासा
राजधानी में देर रात सड़कों पर खतरनाक स्टंट कर सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक एक युवक को भारी पड़ गया। थाना टीटी नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी कार जब्त कर ली है। यह कार्रवाई सार्वजनिक सड़कों पर आम लोगों की जान जोखिम में डालने के मामले में की गई है।पुलिस के अनुसार 15 जून 2026 से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में अटल पथ रोड पर रात करीब 1 बजे एक कार चालक तेज रफ्तार में खतरनाक स्टंट करता दिखाई दे रहा था। कार क्रमांक MP04CC1271 के चालक की लापरवाही भरी ड्राइविंग से सड़क पर चल रहे लोगों की जान को खतरा उत्पन्न हो रहा था। सीसीटीवी और वाहन नंबर से आरोपी तक पहुंची पुलिस थाना टीटी नगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वाहन पंजीयन नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की। जांच के दौरान कार मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम कॉलोनी में खड़ी मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अमित चंदेल (24) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने स्टंट करने की बात स्वीकार कर ली। कार जब्त, आगे की वैधानिक कार्रवाई जारीपुलिस ने आरोपी की कार को विधिवत जब्त कर लिया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट कर वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। पुलिस टीम की रही अहम भूमिकाइस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह दोहर सहित उनकी टीम के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से आरोपी को जल्द पकड़ लिया गया।
बालोद जिले में संचालित स्कूल और कॉलेज बसों की सुरक्षा जांच के दौरान 21 वाहनों में कई कमियां पाए जाने पर 15 हजार 500 रुपए का ई-चालान किया गया। वहीं, फिटनेस अवधि समाप्त होने पर तीन बसों को जब्त भी किया गया। इस दौरान 43 चालक-परिचालकों के नेत्र और स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए। जिला परिवहन कार्यालय, यातायात पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 21 जून को स्कूल एवं कॉलेज बसों की विशेष जांच की। शिविर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों द्वारा 48 बसों को जांच के लिए प्रस्तुत किया गया। इन चीजों का किया गया परीक्षण जांच के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, टैक्स भुगतान, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशामक यंत्र सहित अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। जिला परिवहन अधिकारी योगेश कुमार भंडारी ने बताया कि जांच में 21 बसों में खामियां मिलने पर नियमानुसार 15,500 रुपए का ई-चालान किया गया। वहीं तीन बसों की फिटनेस वैधता समाप्त पाए जाने पर उन्हें जब्त कर लिया गया। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी जिन स्कूल और कॉलेज प्रबंधन ने अपनी बसों को जांच शिविर में प्रस्तुत नहीं किया, उन्हें नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर वाहनों को जांच के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में बसें प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 43 चालक-परिचालकों की आंखों और स्वास्थ्य की जांच की गई। इनमें आठ चालकों में सामान्य नेत्र संबंधी समस्या पाई गई, जिन्हें चश्मा लगाने की सलाह दी गई। जांच अभियान के दौरान परिवहन, स्वास्थ्य और यातायात विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मंदसौर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में युवक कांग्रेस और एनएसयूआई 25 जून से 9 अगस्त तक जिले में 'छात्रों की गूंज' अभियान चलाएगी। यह अभियान नीट पेपर लीक प्रकरण और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर होगा। इस दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पेपर लीक माफिया से संबंधों की निष्पक्ष जांच और परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग उठाई जाएगी। यह जानकारी मंगलवार देर शाम जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्रसिंह गुर्जर ने दी। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर देशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कोटा में छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना था। जिलाध्यक्ष बोले- छात्रों पर मानसिक बोझ डालाजिला अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव छात्रों पर मानसिक और आर्थिक बोझ डाल रहा है। कई विद्यार्थी परीक्षा में असफलता के भय और तनाव के कारण मानसिक परेशानियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों का भारी आर्थिक खर्च हो रहा है। कोचिंग, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री पर होने वाला व्यय आम परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। महेंद्र गुर्जर ने कहा कि नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर होने वाला निजी खर्च लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपए है, जबकि केंद्र सरकार का शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपए है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे 'वसूली तंत्र' का रूप लेती जा रही है। आत्महत्या, रोजगार संकट जैसे मुद्दों को भी उठायाकांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक, पुनर्मूल्यांकन संबंधी समस्याएं, बढ़ती छात्र आत्महत्याएं और रोजगार संकट जैसे मुद्दों को भी उठाया। अभियान के दौरान छात्र संवाद, जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया गतिविधियां, सार्वजनिक प्रस्तुतियां और प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में संगठन महासचिव अजय लोढ़ा ने कहा कि अभियान के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई जाएगी जो युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर प्रदान करे तथा कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए। शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इष्टा भाचावत ने भी शिक्षा पर बढ़ते निजी खर्च का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई। इस दौरान जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश पटेल, कांग्रेस नेता प्रवीण मांगरिया, शहर ब्लॉक युवक कांग्रेस अध्यक्ष सम्यक जैन सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बलौदाबाजार सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के निर्देशों के तहत बलौदाबाजार जिला जेल का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक ऐसा बंदी मिला, जिसने अपनी उम्र 18 वर्ष से कम बताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ समिति ने उसकी जन्मतिथि के सत्यापन और प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है। यह निरीक्षण वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही के अंतर्गत कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के नेतृत्व में सोमवार को किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी नाबालिग को वयस्क बंदियों के साथ जेल में निरुद्ध न रखा जाए। 430 बंदियों से की गई बातचीत निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने जिला जेल में निरुद्ध कुल 430 बंदियों से संवाद किया। इस दौरान उन बंदियों की विशेष रूप से पहचान की गई, जो प्रथम दृष्टया 18 वर्ष से कम आयु के प्रतीत हो रहे थे। समिति ने बैरकों में जाकर बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा की। इसी दौरान एक बंदी ने अपनी जन्मतिथि 09 अक्टूबर 2008 बताई और जानकारी दी कि वह पिछले दो माह से जेल में निरुद्ध है। जन्मतिथि सत्यापन के निर्देश समिति ने संबंधित बंदी की आयु संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराने और यदि वह नाबालिग पाया जाता है, तो उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड (जेेजेबी) को हस्तांतरित करने के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही। समिति के सदस्यों ने कहा कि बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जेल में नवाचारों की दी जानकारी निरीक्षण के दौरान जिला जेल अधीक्षक अभिषेक मिश्रा ने जेल में बंदियों के पुनर्वास, सुधार और सुविधाओं के लिए शुरू किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी भी निरीक्षण दल को दी। निरीक्षण दल में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य प्रवीण अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास महंत तथा विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी मेघा शर्मा शामिल रहे। बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जेलों में निरुद्ध व्यक्तियों की आयु का समय-समय पर परीक्षण और सत्यापन किया जाता है, ताकि किसी भी नाबालिग को वयस्क बंदियों के साथ रखने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। निरीक्षण का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
जयपुर के इंदिरा बाजार में एक व्यापारी के साथ मारपीट के बाद व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई। एक दुकान के बाहर खड़ी स्कूटी हटाने की बात को लेकर दुकानदार और एक युवक के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- मौके पर मौजूद अन्य व्यापारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। आरोप है कि कुछ देर बाद युवक दोबारा अपने 15 से 20 साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और व्यापारी के साथ मारपीट कर दी। बताया जा रहा है कि संतोष स्टोर के बाहर बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गया। बाद में व्यापारियों ने बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों के आक्रोश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग मारपीट के बाद पीड़ित व्यापारी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में बदलाव करने की बात कही। इससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई। इसके विरोध में इंदिरा बाजार के व्यापारियों ने अध्यक्ष कमल आसवानी और महामंत्री मनीष गुलाटी के नेतृत्व में बाजार बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा व्यापारियों से बातचीत की। अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि मारपीट की घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है। वहीं व्यापारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रोहतक के गांव करौंथा की रहने वाली कयाकिंग की नेशनल खिलाड़ी माया धनखड़ की अभ्यास के दौरान तालाब में मौत हो गई। सूचना पाकर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। माया धनखड़ कयाकिंग (वाटर स्पोर्ट्स) की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थी। हाल ही में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई नेशनल कयाकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर लौटी थी। माया धनखड़ गांव के ही तालाब में तैराकी का अभ्यास करती थी। 22 जून को तैराकी का अभ्यास करने के दौरान माया को हार्ट अटैक आया और वह गहरे पानी में चली गई। माया धनखड़ को डूबता देख उसे बचाने के लिए वहां मौजूद लोग पानी में उतरे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। लोगों ने उसे पानी से बाहर निकालकर जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस व ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस ने जांच शुरू की। प्रतियोगिताओं की तैयारी में लगी थी माया माया धनखड़ कयाकिंग की नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेकर लौटी थी और 4 दिन बाद ही दूनिया को अलविदा कह दिया। मेडल की इच्छा रखने वाली माया आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही थी। परिवार और कोच को माया धनखड़ से भविष्य में कई बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद थी। वहीं, माया धनखड़ भी लगातार मेहनत कर रही थी। खिलाड़ी के परिवार को ग्रामीणों ने दी सांत्वना माया धनखड़ की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण लगातार माया धनखड़ के परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे है। जबकि खेल प्रेमियों में भी माया की मौत से गहरा धक्का लगा है। वहीं, पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
बरगी बांध क्रूज हादसे की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के समक्ष मंगलवार को पर्यटन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। हादसे में 13 लोगों की मौत के मामले में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) दिलीप कुमार यादव कलेक्ट्रेट स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और आयोग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने दोनों अधिकारियों से गहन पूछताछ की। बयान दर्ज करने में करीब साढ़े चार घंटे का समय लगा। आयोग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने बताया कि हादसे की जांच निष्पक्षता से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में गठित एक अन्य जांच कमेटी ने भी कुछ लोगों के बयान लिए थे, इसलिए जरूरत पड़ने पर आयोग उन व्यक्तियों को दोबारा तलब कर सकता है। इसके अतिरिक्त, हादसे से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों और गवाहों को भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आयोग प्रदेश के 15 अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज का भी भौतिक निरीक्षण करेगा। इसके साथ ही, प्रदेश के 5 प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर संचालित क्रूज एक्टिविटीज का भी जायजा लिया जाएगा। आगामी मॉनसून को देखते हुए आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बारिश में बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने से दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के मलबे के बहने या साक्ष्य नष्ट होने का खतरा था। इसे ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पर्यटन विभाग को घटना स्थल से क्रूज के मलबे और उसके मुख्य इंजन को निकालकर किसी सुरक्षित स्थान पर संरक्षित करने की अनुमति दे दी है।
लखीमपुर खीरी में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने लखनऊ अग्निकांड में मृत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। परिषद के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एक शोक संवेदना रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम मंगलवार शाम करीब छह बजे शुरू हुआ। परिषद के सदस्य स्थानीय सुभाष पार्क में एकत्र हुए और वहां से महाराजा अग्रसेन चौराहे तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृत छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर सुशील कुमार गुप्ता, आनंदराम रस्तोगी, अजय गुप्ता ‘लकी’, प्रशांत जायसवाल, पंकज गुप्ता, कीर्ति गुप्ता, चंदन शाह, रमेश गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, देवेंद्र रस्तोगी, सुमित जायसवाल मोदी, शैलेंद्र रस्तोगी, विपिन रस्तोगी, विक्रम गुप्ता, प्रथम रस्तोगी, अजय जायसवाल, अजीत गुप्ता, डॉ. अश्विनी गुप्ता, संकटा गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित महामाया होटल में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात चोरी की वारदात सामने आई है। नकाबपोश बदमाशों ने होटल का ताला तोड़कर नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, यह वारदात रात करीब 3:50 बजे हुई। मंगलवार (22 जून) सुबह जब होटल संचालक दुकान खोलने पहुंचे तो होटल के भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। सामान बिखरा पड़ा था और काउंटर व अलमारी के ताले टूटे हुए थे। कैश काउंटर से नकदी लेकर फरार जांच करने पर पता चला कि चोर कैश काउंटर से लगभग 5 हजार रुपये नकद और कुछ अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए हैं। घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय लोगों और उरगा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नवीन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने फिंगरप्रिंट सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठी किए हैं। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए चोर पुलिस ने होटल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में फुटेज में कुछ संदिग्ध दिखाई दिए हैं, जिनके चेहरे कपड़े से ढके हुए हैं। इसी वजह से उनकी पहचान करने में कठिनाई हो रही है। पुलिस आसपास की दुकानों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज उरगा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 और 331 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है। बढ़ती चोरी की घटनाओं से व्यापारी चिंतित क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से भैसमा बाजार और आसपास के गांवों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई दुकानों को चोर निशाना बना चुके हैं, जिससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और बाजार क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग करने की मांग की है। उनका कहना है कि सख्त निगरानी और गश्त से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। पुलिस ने बढ़ाई निगरानी उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर लगातार नजर रख रही है तथा चोरी की इस घटना का जल्द खुलासा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
कुरुक्षेत्र के पिहोवा के गांव रामगढ़ रोड में ट्यूबवेल कनेक्शन को लेकर चल रहे विवाद से परेशान होकर एक किसान ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। गंभीर हालत में उसे सरस्वती मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने समय रहते उपचार कर उसकी जान बचा ली। फिलहाल किसान आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पीड़ित किसान की पहचान गांव रामगढ़ रोड निवासी 42 वर्षीय जितेंद्र के रूप में हुई है। उसके भाई नरेंद्र ने आरोप लगाया कि गांव में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद के कारण उन्हें नया ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन नहीं लेने दिया जा रहा है। 30 हजार रूपए सिक्योरिटी भी जमा करा चुके कनेक्शन न होने पर उनकी खेती प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले ही विभाग में 30 हजार रुपए सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कनेक्शन जारी नहीं किया गया। नरेंद्र के अनुसार गांव में गुटबाजी के चलते उनके खिलाफ लगातार शिकायतें की जाती हैं, जिससे विभागीय स्तर पर भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। बार-बार विभाग के चक्कर लगाने और समस्या का समाधान न होने से उनका भाई मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसी तनाव के चलते सोमवार को उसने बिजली विभाग के कार्यालय के सामने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत सरस्वती मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित अरोड़ा ने बताया कि मरीज द्वारा हरबीसाइड (खरपतवार नाशक) पीने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बच गई। बिजली अधिकारियों ने खारिज किए आरोप उधर, बिजली विभाग के एसडीओ प्रिंस बूरा ने किसान परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने कभी भी किसान को नया कनेक्शन देने से इनकार नहीं किया। एसडीओ के अनुसार नए कनेक्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत एस्टीमेट राशि जमा करवानी होती है। फरवरी 2026 में संबंधित किसान को राशि जमा करवाने के लिए नोटिस भी भेजा गया था। उन्होंने बताया कि राशि जमा करवाने की बजाय किसान ने विभाग को एक शपथ पत्र दिया था, जिसमें कहा गया था कि उनके खेत के पास लगा 100 केवीए ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। इसलिए पहले वहां नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए और उसके बाद उसी ट्रांसफार्मर से उन्हें कनेक्शन दिया जाए। आपसी गुटबाजी और विवाद से जुड़ा है मामला एसडीओ के मुताबिक विभाग ने नया ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और ठेकेदार कंपनी ने मौके पर पोल भी खड़े कर दिए थे। लेकिन जब कंपनी के कर्मचारी ट्रांसफार्मर लगाने पहुंचे तो जिस खेत में पोल लगाए गए थे, उसके मालिक ने आपत्ति जताते हुए कार्य रुकवा दिया। इसके बाद विभाग ने बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सदर थाना पुलिस को शिकायत भी दी। प्रिंस बूरा ने कहा कि यह मामला विभाग से ज्यादा गांव की आपसी गुटबाजी और विवाद से जुड़ा हुआ है। विभाग की ओर से कनेक्शन जारी करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी हैं। घटना के बाद पुलिस भी जांच के लिए विभाग पहुंची थी और विभाग की ओर से सभी तथ्य पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहरभर में विशेष जांच अभियान शुरू करने का फैसला किया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार देर शाम जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच के निर्देश दिए। एलडीए की टीम बुधवार से सभी जोनों में एक साथ अभियान चलाएगी। खासतौर पर आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की मॉनिटरिंग की जाएगी। जांच के दौरान यदि भवन स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बना मिला या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो उसे तत्काल सील करने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, ऐसे संस्थानों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए। कोचिंग संस्थानों में भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास द्वार और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप संचालन की विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी। एलडीए यह भी जांच करेगा कि भवनों में फायर विभाग के निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, अग्निशमन उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं तथा आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकास की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने चेतावनी दी कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संचालकों के साथ होगी बैठक एलडीए कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम और होटल संचालकों के साथ बैठक भी करेगा। इसमें उन्हें स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा, पार्किंग प्रबंधन और अन्य सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही नियमों के पालन को लेकर जागरूक किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हांसी के चैनत गांव में पानी की मांग कर रहे ग्रामीणों पर आधी रात को किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह पानी जैसी बुनियादी जरूरत तक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। जब जनता अपने हक का पानी मांग रही है तो सरकार समस्या का समाधान करने की बजाय डंडे बरसा रही है। अनुराग ढांडा ने कहा कि यह समझ से परे है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह से इतना छोटा सा मामला भी नहीं संभल रहे। ग्रामीण 38 दिनों से पानी मांग रहे है, कोई गैरकानूनी मांग नहीं कर रही। पूरे प्रदेश में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, कई इलाकों में 10-15 दिनों से नल सूखे पड़े हैं, किसान सिंचाई के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार समाधान ढूंढने की बजाय जनता को डराने और दबाने में लगी हुई है। 'नाकामी उजागर होने से डर रही सरकार' उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आधी रात को डेढ़ बजे पुलिस, प्रशासन, जेसीबी और भारी फोर्स लेकर चैनत गांव में जाने की जरूरत क्यों पड़ी? अगर सरकार के पास कोई समाधान था तो दिन में बातचीत क्यों नहीं की गई? रात के अंधेरे में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर कार्रवाई करवाना साबित करता है कि सरकार को अपनी जनता से नहीं, बल्कि अपनी नाकामी उजागर होने से डर लग रहा है। अनुराग ढांडा ने कहा कि बीजेपी सरकार की पुरानी आदत है कि जब भी जनता अपने अधिकारों की बात करती है तो उसके जवाब में पुलिस भेज दी जाती है। किसानों के साथ भी यही हुआ, कर्मचारियों के साथ भी यही हुआ और अब पानी मांग रहे ग्रामीणों के साथ भी यही किया जा रहा है। जनता को सुविधाएं देने में सरकार फेल है लेकिन लाठीचार्ज करवाने में सबसे आगे है। 'अपने खर्चे पर पानी मंगवाने को मजबूर हैं पंचायतें' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह लगातार दावा करते हैं कि हरियाणा विकास कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। गांवों में टैंकरों के भरोसे गुजारा हो रहा है। कई पंचायतें अपने खर्चे पर पानी मंगवाने को मजबूर हैं। यह बीजेपी सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलताओं में से एक है। अनुराग ढांडा ने कहा कि चैनत गांव में हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नायब सरकार जनता की समस्याएं सुनना नहीं चाहती। जो सरकार पानी नहीं दे सकती और सवाल पूछने पर लाठियां चलाती है, उसे जनता की सरकार कहने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री नायब सिंह तुरंत चैनत गांव के लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों से माफी मांगें, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करें और भाखड़ा के पानी के मुद्दे का स्थायी समाधान निकालें। आम आदमी पार्टी किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ी तो इस जनविरोधी और तानाशाही रवैये के खिलाफ पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं की जवाबदेही तय कर दी है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने तत्कालीन विहित प्राधिकारी, पांच जोनल अधिकारियों समेत कुल 18 अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी है। प्रकरण की जांच के दौरान उपाध्यक्ष ने भवन से जुड़ी सभी फाइलों का बारीकी से परीक्षण किया। जांच में यह देखा गया कि भूखंड का आवंटन कब हुआ, मानचित्र कब स्वीकृत किया गया और समय के साथ हुए अवैध निर्माण को रोकने के लिए अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस भवन का मानचित्र केवल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, वहां बाद में बहुमंजिला व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने लगीं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो प्रभावी निगरानी की और न ही मानचित्र उल्लंघन को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। नतीजतन वर्षों तक अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन जारी रहा। जांच में तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने वर्ष 2016 में भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया था, लेकिन बाद में निर्माणकर्ता के आवेदन पर आदेश वापस ले लिया गया। रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आदेश निरस्त होने के बाद भवन की वास्तविक स्थिति और उसके उपयोग की दोबारा जांच क्यों नहीं कराई गई। एलडीए की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवर्तन जोन-4 में तैनात रहे पांच जोनल अधिकारियों, छह सहायक अभियंताओं और सात अवर अभियंताओं की भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। इन्हीं के आधार पर शासन से विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इनके खिलाफ भेजी गई रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति में तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव के अलावा पूर्व जोनल अधिकारी अवनीन्द्र सिंह, बी.पी. मौर्य, पी.सी. पांडेय और आनंद मिश्रा के नाम शामिल हैं। वहीं सहायक अभियंता सुनील कुमार, गिरीश चंद्र शर्मा, अमर कुमार मिश्रा, आर.एस. सिंह, अनिल कुमार और संजय शुक्ला के खिलाफ भी रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा अवर अभियंता जय प्रकाश नारायण, रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद पांडेय, अंबरीश कुमार शर्मा, शिवानंद शुक्ला और निलंबित अवर अभियंता हेमंत कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
श्रीगंगानगर जिले में मंगलवार को दूसरे दिन भी हाई वोल्टेज करंट लगने से हादसा हुआ। मंगलवार शाम को 132 केवी वोल्ट की लाइन की चपेट में 22 साल का युवक आ गया। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन जान बच गई है। घटना जवाहरनगर थाना क्षेत्र के गांव 20 जीजी की है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे गुरप्रीत सिंह (22) अपने दोस्त योगेश के साथ पड़ोस में जगदीश शर्मा के खाली मकान को किराए पर लेने के लिए देखने गया था। युवक को रहने के लिए मकान की तलाश थी। जैसे ही गुरप्रीत सीढ़ियों से छत पर पहुंचा, ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन ने उसे करीब 10 फीट दूर से अपनी ओर खींच लिया। करंट का झटका लगते ही युवक नीचे गिर पड़ा। दोस्त योगेश और अन्य लोगों ने तुरंत उसे संभाला और जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार युवक के शरीर का करीब 45 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। फिलहाल युवक हालत स्थिर बताई जा रही है। हेड कांस्टेबल हरीमोहन मीणा ने बताया- युवक लोढ़र चलाने का काम करता है और खुद के लिए मकान ढूंढ रहा था। गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि हादसे में किसी की लापरवाही या दोष नहीं है। इसलिए इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फिलहाल हॉस्पिटल में युवक का इलाज जारी है।
मुरादाबाद शहर में मंगलवार को डीएम-एसएसपी द्वारा गठित टीमों ने कुल 8 कोचिंग सेंटरों को चेक किया। इस दौरान एक कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया। जबकि कुछ सेंटरों को सील करने की फायर डिपार्टमेंट की स्पष्ट सिफारिश के बाद भी अधिकारी इन पर कार्रवाई करने में झिझक रहे हैं। कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की चेकिंग का यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहेगा। मुरादाबाद के फायर सेफ्टी ऑफिसर ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को शहरी क्षेत्र में कुल 8 कोचिंग सेंटरों को चेक किया गया है। इनमें कांठ रोड पर स्थित आकाश कोचिंग सेंटर, प्रकाश नगर चौराहे पर प्रयास कोचिंग सेंटर,रामलीला ग्राउंड के पास माईल स्टोन कोचिंग सेंटर, जाट कालोनी में स्टडी प्वाइंट क्लासेस, रामलीला मैदान के पास रामानुज कोचिंग सेंटर, कांठ रोड पर जेनेसिस कोचिंग सेंटर, मोशन कोचिंग सेंटर और इनफिनिटी कोचिंग सेंटर शामिल हैं। ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि फायर एनओसी नहीं होने पर चाणक्य एकेडमी कोचिंग को सील कर दिया गया है। फायर सेफ्टी ऑफिसर ने बताया कि जिन 8 कोचिंग सेंटरों को चेक किया गया है उनमें से तीन-चार में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है जो जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। डीएम के निर्देश पर ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी। ज्ञान प्रकाश शर्मा का कहना है कि बीते दिन शहरी क्षेत्र में कुल 25 कोचिंग सेंटर चेक किए गए थे। इनमें से 2 को सील करने की सिफारिश जिला प्रशासन को भेजी गई थी। जिसमें स्कॉलर्स डेन और चाणक्य एकेडमी शामिल हैं। फायर ऑफिसर का कहना है कि उनका डिपार्टमेंट सीधे सीलिंग की कार्रवाई नहीं कर सकता, इसके लिए डीएम आदेश की जरूरत होती है। प्रशासन को ऐसे कोचिंगों की रिपोर्ट दे दी गई है जिनके पास फायर की एनओसी नहीं है और जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, आगे की कार्रवाई प्रशासन को करनी है।
देवरिया में मंगलवार शाम लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान अग्निकांड के मृत छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। युवाओं ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारों के लिए प्रार्थना की। कैंडल मार्च का नेतृत्व ओम तिवारी ने किया। हाथों में मोमबत्तियां लिए युवा सुभाष चौक से सिविल लाइन रोड और कचहरी चौराहा होते हुए वापस सुभाष चौक पहुंचे। पूरे मार्ग में युवाओं ने मौन रहकर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुभाष चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को नमन किया गया। वक्ताओं ने लखनऊ की घटना को दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी कोचिंग संस्थानों, विद्यालयों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने प्रशासन से जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों की नियमित जांच कराने की मांग की। उन्होंने अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया। इस कैंडल मार्च में शिवम राय, सूरज गौंड, अभिषेक सिंह, शुभम यादव, अनुराग, अविनाश, अजय, सुमित, अमर, निखिल मिश्रा, दीपक, नितेश मिश्र और बलबीर सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। मार्च के समापन पर युवाओं ने मृत छात्रों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृति में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में मंगलवार रात 8 बजे तेज रफ्तार बस ने एक मासूम बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जयसवाल ढाबा के सामने हुई। हादसे से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने रीवा-सिंगरौली नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि बस की रफ्तार बहुत तेज थी, जिसकी चपेट में आने से बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही गांव के लोग और बच्चे के घरवाले भारी संख्या में वहां जमा हो गए। लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और उसके शीशे फोड़ दिए। हंगामा बढ़ने के कारण हाईवे पर चक्का जाम हो गया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही बरगवां थाना पुलिस और जिले के बड़े अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और स्थिति को काबू में लिया। काफी देर तक चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद पुलिस टीम यातायात व्यवस्था को दोबारा चालू कराने के प्रयास में जुटी रही। बस जब्त, फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस बरगवां थाना प्रभारी मोहम्मद समीर ने बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही फौरन मौके पर पहुंच गई थी। मृत बच्चे के शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि हादसे के बाद बस का ड्राइवर मौके से भाग निकला, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने बस में तोड़फोड़ की है, उनकी पहचान की जा रही है और मामले की पूरी जांच जारी है। पुलिस ने इलाके के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हरदोई जनपद के पिहानी कोतवाली अंतर्गत उस्मानपुर गांव में मंगलवार की सुबह नन्हे की दो महीने की नवजात बच्ची अनाया की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर बच्ची के परिजनों ने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। मंगलवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। अनाया की मां रेहाना का आरोप है कि सोमवार शाम को सरकारी स्कूल में एएनएम और आशा बहू द्वारा बच्ची को पोलियो की एफआईपीवी वैक्सीन लगाने में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण नवजात की मौत हुई। बच्ची के ताऊ यूसुफ ने बताया कि टीका लगने के बाद बच्ची कुछ देर रोई और रात के समय वह सो गई। सुबह तक जब वह नहीं जागी, तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इसी लापरवाही को मौत की वजह बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिर पुलिस को सूचना दीं गई। परिजनों के आरोप के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार दोपहर बाद नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया। स्वास्थ्य कर्मियों पर लगे आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने 'पिनस्पॉट' (टीका लगाने के स्थान) का सैंपल 9 वॉयल में लिया है और विसरा भी सुरक्षित रखा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों के आरोपों की पूरी सच्चाई और मौत का असली कारण फोरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम को सिंग्रामपुर-भजिया रास्ते पर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत जबेरा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से दो लोगों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों बाइक सवार अलग-अलग दिशाओं से आ रहे थे। रास्ते में एक तीसरे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में दोनों बाइकों की रफ्तार अनियंत्रित हो गई और वे सीधे आपस में टकरा गईं। यह एक्सीडेंट भजिया गांव के पास हुआ। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे लोग घायलों में सागर जिले के बलेया गांव के रहने वाले लक्ष्मण धनगर और उनके एक साथी शामिल हैं। ये दोनों भजिया गांव में किसी पारिवारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर सवार युवक अपनी दादी को सगोड़ी गांव छोड़कर वापस अपने गांव देवतरा लौट रहा था, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस, डॉक्टर ने किया प्राथमिक उपचार हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस को फोन किया। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस चालक दौलत रैकवार और ईएमटी सुनील रैकवार फौरन मौके पर पहुंचे और घायलों को जबेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सौरभ यादव ने घायलों का शुरुआती इलाज किया और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया। एक अन्य घायल का इलाज जबेरा के अस्पताल में ही किया जा रहा है।
फलोदी साइबर थाने को मिले पहले डीएसपी:भवानी सिंह ने संभाला पदभारा, साइबर अपराधों पर लगेगी रोक
भवानी सिंह ने फलोदी साइबर पुलिस थाने में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) का पदभार ग्रहण कर लिया है। फलोदी के जिला बनने के बाद यह साइबर थाने में डिप्टी स्तर के पहले अधिकारी हैं। पोकरण से हुआ ट्रांसफर राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) अधिकारियों की तबादला सूची में भवानी सिंह को फलोदी साइबर पुलिस थाने में डीएसपी पद पर नियुक्त किया गया था। वह पोकरण से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं। डीएसपी स्तर के अधिकारी की तैनाती से जिले में साइबर अपराधों की जांच, निगरानी और त्वरित कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है। डीएसपी ने बताईं प्राथमिकता पदभार ग्रहण करने के बाद डीएसपी भवानी सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि साइबर पुलिस की पहली प्राथमिकता साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की राशि को समय रहते होल्ड करवाकर वापस दिलाना होगी। भवानी सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में किराए के बैंक खातों का उपयोग कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे संगठित साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिले में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।
मुंगेली जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डुमरहा खार में 11 बकरियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत बकरियों में पांच गर्भवती थीं, जबकि दो अन्य बकरियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना से पशुपालक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, चिल्फी निवासी बिसाहू राम यादव, सुरेंद्र यादव और बाबूलाल यादव 23 जून को अपनी लगभग 70 बकरियों के झुंड को चराने के लिए ग्राम चिल्फी से डुमरहा खार ले गए थे। चराई के दौरान सुबह बकरियों ने पानी पिया, जिसके कुछ समय बाद अचानक एक-एक कर बकरियां गिरने लगीं। खेत में अलग-अलग जगह मिले शव प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत में पांच से दस फीट की दूरी पर 11 बकरियों के शव पड़े मिले। अचानक हुई इस घटना से पशुपालकों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। मृत बकरियों में पांच गर्भवती होने से नुकसान और अधिक बढ़ गया है। किसानों को हुआ भारी नुकसान पीड़ित किसानों ने बताया कि बकरी पालन ही उनकी आय का प्रमुख साधन है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बकरियों की मौत से उन्हें गहरा आर्थिक झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को सूचित किया तथा मामले की शिकायत चिल्फी थाने में दर्ज कराई। पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज सूचना मिलने पर चिल्फी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृत बकरियों का पंचनामा तैयार कर पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बकरियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच जारी चिल्फी थाना प्रभारी रघुवीर प्रसाद चंद्रा ने बताया कि बकरियों की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सीतापुर में आगामी त्योहारों मोहर्रम के मद्देनजर जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से डीएम राजा गणपति आर और एसपी अंकुर अग्रवाल ने मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे खैराबाद कस्बे में संयुक्त रूप से रूट मार्च किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रूट मार्च के दौरान डीएम और एसपी ने खैराबाद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों, चौराहों तथा संवेदनशील स्थलों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और गणमान्य लोगों से संवाद स्थापित कर आगामी त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। साथ ही लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया। डीएम राजा गणपति आर ने कहा कि त्योहार सामाजिक समरसता, प्रेम और भाईचारे के प्रतीक हैं। जनपद में प्रत्येक पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। एसपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस बल पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही नागरिकों से सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना को साझा न करने की अपील की। इस रूट मार्च के दौरान अधिकारियों ने बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, उप जिलाधिकारी जनार्दन कुमार, क्षेत्राधिकारी, खैराबाद थाना प्रभारी समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में विप्लव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अरविंद के नेतृत्व में लखनऊ अग्निकांड के 15 मृतक छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च शहर के मन्नीगंज तिराहा से लाल गेट फब्बारे तक निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में कैंडल और बैनर लेकर मार्च किया। फब्बारे पर पहुंचकर उन्होंने अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया और प्रार्थना की। डॉ. अरविंद ने बताया कि लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मृत्यु हुई है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि यह मार्च उन तक अपनी भावनाएं पहुंचाने का एक छोटा सा प्रयास है। एक सवाल के जवाब में डॉ. अरविंद ने कहा कि अचानक व्यवस्थाओं में परिवर्तन संभव नहीं है। उन्होंने भीषण गर्मी के कारण इलेक्ट्रिकल उपकरणों में खराबी और एसी फटने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक अत्यधिक गर्मी है, तब तक एक हफ्ते या 10 दिन के लिए पूर्ण शटडाउन कर देना चाहिए, ताकि बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
रायपुर में हत्या और हत्या की कोशिश के 3 अलग-अलग मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दो मामलों में आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी गई है, जबकि जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। पहला मामला खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम केशला का है। यहां 44 वर्षीय याज्ञवल्क देवांगन ने अपनी पत्नी तीजन बाई की कैंची मारकर हत्या कर दी थी। घटना 6 मार्च 2024 की है। बताया गया कि पत्नी ने खाना बनाने और कपड़े धोने से मना किया था, जिससे नाराज होकर आरोपी ने मार डाला। कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 540 रुपए के लिए पोते ने दादी की कर दी हत्या दूसरा मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है। गोपाल नगर निवासी 21 वर्षीय दिनेश साहू उर्फ दीनू ने अपनी बुजुर्ग दादी की टंगिया (कुल्हाड़ी) से हमला कर हत्या कर दी थी। यह घटना 19-20 अप्रैल 2024 की रात की है। आरोपी ने झोपड़ी में सो रही दादी की गर्दन पर हमला किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से दादी की थैली से लूटे गए 540 रुपए भी बरामद किए थे। कोर्ट में आरोपी इस रकम को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। कोर्ट ने आरोपी दिनेश साहू को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। युवक पर लोहे के पट्टे से हमला, तीन को 7 साल की सजा तीसरा मामला जानलेवा हमले का है। 24 दिसंबर 2023 को तेली तालाब के पास जितेंद्र पटेल नाम के युवक पर लोहे के पट्टे, डंडे और मुक्कों से हमला किया गया था। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने अभनपुर क्षेत्र के राजेश मारकंडे, तुलाराम उर्फ विक्की मारकंडे और सुनील मारकंडे को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने माना कि हमला जान लेने की नीयत से किया गया था। तीनों आरोपियों को 7-7 साल के सश्रम कारावास और 2-2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
रामापुर में ट्रक की टक्कर से मां-बेटे की मौत:लखीमपुर में सड़क हादसा, पति और दूसरा बेटा बाल-बाल बचे
लखीमपुर खीरी के रामापुर कस्बे में मंगलवार को एक सड़क हादसे में एक महिला और उसके एक वर्षीय पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में महिला का पति और पांच वर्षीय पुत्र सुरक्षित बच गए। पुलिस के अनुसार, खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम सकेथू निवासी राकेश कुमार अपनी पत्नी सुनीता, पांच वर्षीय पुत्र शिवम और एक वर्षीय बच्चे के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। वे एक रिश्तेदारी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर वापस आ रहे थे। रामापुर कस्बे में लखीमपुर से नकहा की ओर जा रहे एक ट्रक ने उनकी बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर पीछे बैठी सुनीता और उनकी गोद में मौजूद एक वर्षीय पुत्र सड़क पर गिर गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रामापुर चौकी प्रभारी सिद्धांत पवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया। मामले की जांच जारी है। हादसे की खबर से मृतका के परिवार और गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गोंडा में श्रावस्ती से समाजवादी पार्टी के सांसद राम शिरोमणि वर्मा मंगलवार शाम गोंडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में लखनऊ कोचिंग अग्निकांड, श्रीराम मंदिर दानपात्र घपला और केंद्रीय राज्य मंत्री के इस्तीफे जैसे मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर सपा सांसद ने सरकार को घेरते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में भारतीय जनता पार्टी सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई कोचिंग संस्थान बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही थी, उसे वर्ष 2016 में ही गिराने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद वहां तीन मंजिला संस्थान चल रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। सांसद ने इस घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण नहीं है या निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो उन्हें मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने घटना में 15 छात्रों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। संसद में यह मुद्दा उठाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसे मुद्दों को लगातार उठाता रहा है, लेकिन 'डबल इंजन' सरकार होने के कारण जवाबदेही भी अधिक बनती है। श्रीराम मंदिर दानपात्र घपले के संबंध में सांसद वर्मा ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में वही लोग शामिल हैं, जो सरकार और मंदिर प्रशासन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जांच निष्पक्ष और कठोर तरीके से होगी। उन्होंने कहा कि यह देश जानना चाहता है कि भगवान राम के दरबार में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन की कथित चोरी कैसे हुई। यदि भगवान के मंदिर में ही चोरी हो रही है और उसकी जांच में इतना समय लग रहा है, तो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा सांसद ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर भी बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किससे इस्तीफा लिया जाएगा या नहीं, यह पूरी तरह सरकार का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में कोई भी मंत्री पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है। सरकार जिस मंत्री से चाहे इस्तीफा ले सकती है और जिससे नहीं चाहे, उसका इस्तीफा नहीं लिया जाता।
रायसेन शहर के गोपालपुर बायपास तिराहे पर मंगलवार रात 8 बजे एक सड़क हादसा हुआ। बिजली के पोल लेकर जा रहे एक ट्रैक्टर से पीछे चल रही कार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोल कार के अगले हिस्से को चीरते हुए पीछे तक निकल गए, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार भोपाल निवासी मित्रा शुक्ला, उनके पति और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद मित्रा शुक्ला को भोपाल रेफर कर दिया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है। ट्रैक्टर नया, पंजीयन नंबर तक नहींप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर नया था और उस पर कोई पंजीयन नंबर नहीं था। हादसे के बाद ट्रैक्टर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। टक्कर के बाद बिजली के पोल कार में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय निवासी मनीष मालवीय, सतीश मालवीय और नीरज लोधी की मदद से ट्रैक्टर को आगे बढ़ाकर बाहर निकाला गया। ट्रैक्टर ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिसघटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हादसे के कारण कुछ देर तक भोपाल-विदिशा-रायसेन मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस दुर्घटना के कारणों और फरार ट्रैक्टर ड्राइवर की तलाश कर रही है। देखिए मौके की तस्वीरें…
देवरिया में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम सात बजे सुभाष चौक पर दिवंगत शिवानंद चौरसिया को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने शिवानंद चौरसिया के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि सरकार को शिवानंद चौरसिया के परिवार के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान करना चाहिए। उन्होंने परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की मांग की। सपा नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी शिवानंद चौरसिया के परिजनों को न्याय दिलाने और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने सरकार से परिवार के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सपा नेता विजय रावत, अवनीश यादव, मनोज यादव, सयूस के जिला अध्यक्ष रणवीर यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
लखनऊ में हुए हादसे में 15 बच्चों की मौत के बाद देशभर में नाराजगी है। इसी कड़ी में जबलपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं साथियों ने सरकार व प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सपा कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने हवा में साबुन के गुब्बारे उड़ाकर विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के महासचिव आशीष मिश्रा ने इस तरीके के पीछे का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस तरह साबुन के गुब्बारे मामूली ठेस लगने पर फूट जाते हैं, उसी तरह कागजों पर बनी सुरक्षा व्यवस्था भी आपदा आने पर विफल हो जाती है। मिश्रा ने प्रशासन के दावों को खोखला बताया और कहा कि जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटनाओं के बाद जांचें केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं। सपा कार्यकर्ताओं ने शहर की व्यावसायिक इमारतों, मॉल और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुमंजिला इमारतों और कोचिंग सेंटरों में फायर एग्जिट, अग्निशामक यंत्रों और अन्य सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। संगठन ने पहले भी अधिकारियों को 'आई ड्रॉप' भेंट किए थे, ताकि वे सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वास्तविकता देख सकें। कार्यकर्ताओं ने याद दिलाया कि कुछ समय पहले जबलपुर के एक अस्पताल में भी आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश मरीज थे। लखनऊ की घटना के बाद, उन्होंने शहर में चल रहे ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की गहन जांच की मांग की। प्रदर्शन के समापन पर, कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे तुरंत शासन स्तर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को इंदौर दौरे के दौरान राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले में कई तथ्य सामने आ रहे हैं और यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। राम मंदिर में भ्रष्टाचार की बात निंदनीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोप बेहद गंभीर और निंदनीय हैं। उन्होंने कहा यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे वह किसी बड़े पद पर हो, किसी प्रभावशाली व्यक्ति का करीबी हो या किसी जिम्मेदार पद से जुड़ा हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है। कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि विपक्ष अपना काम कर रहा है, लेकिन सरकार तथ्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई करेगी। महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा दावा महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर अठावले ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद और विधायक एनडीए में शामिल होने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के दरवाजे उनके लिए खुले हैं और यदि वे गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। अठावले ने यहां तक कहा कि भविष्य में स्वयं उद्धव ठाकरे भी एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। उद्धव गुट कमजोर हो रहा, नेता शिंदे पर जता रहे भरोसा अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एनडीए में आने का रास्ता खुला है लेकिन यहां से बाहर जाने का रास्ता नहीं है। संजय राउत पर भी साधा निशाना शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत पर हमला बोलते हुए अठावले ने कहा कि उन्हें केवल बयानबाजी के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता विकास और स्थिरता चाहती है और एनडीए सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। अठावले ने इस दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और अपनी पार्टी की आगामी रणनीतियों की भी जानकारी साझा की।
जबलपुर के सदर क्षेत्र से शिया समुदाय का मातमी जुलूस निकाला गया। दोपहर दो बजे सदर आला डॉक्टर बटालिया के सामने स्थित मरहूम बाबा जाफरी साहब के इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस की शुरुआत 'मर्सिया' से हुई, जिसके बाद नाईब रिज़वी ने बारगाहे हुसैनी में 'सलाम' पढ़ा। मुरादाबाद से आए शिया आलिम-ए-दीन मौलाना जाफर रजा ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोहर्रम पर निकाले जाने वाले मातमी जुलूस का मकसद सिर्फ शोक मनाना नहीं, बल्कि कर्बला के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। मौलाना जाफर रजा ने बताया कि यह जुलूस याद दिलाता है कि अन्याय, अत्याचार और झूठ के सामने कभी सिर नहीं झुकाना चाहिए। इमाम हुसैन ने किसी सत्ता या सांसारिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उस दौर के 'सुपर पावर' यज़ीद के आतंक से मानवता, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए अपने पूरे परिवार और साथियों का बलिदान दिया था। मजलिस के बाद दोपहर तीन बजे बाबा जाफरी के इमामबाड़े से मातमी जुलूस रवाना हुआ। यह जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों घंटाघर और बड़ी ओमती से होता हुआ गलगला स्थित शिया इमामबाड़ा पहुंचा। जुलूस के दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा।
मानेसर नगर निगम (MCM) के सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीन यादव ने सफाई कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि उनकी वेतन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान कर दिया गया है। सोमवार को अपनी जायज मांगों को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान उन्होंने घोषणा की कि अगले महीने से सभी सफाई कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों को नगर निगम व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए शहर को स्वच्छ बनाए रखने में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के लिए कई सुविधाओं की घोषणा की। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी ही स्वच्छ भारत मिशन के असली सिपाही हैं। बैंक खातों में आएगा न्यूनतम वेतन, PF और ESI सुविधाएं भी मिलेंगी प्रवीन यादव ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा का भरोसा देते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेज) के अनुसार ही भुगतान किया जाएगा। वेतन की यह राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में ट्रांसफर (जमा) की जाएगी। कर्मचारियों को ईएसआई (ESI) और भविष्य निधि (PF) जैसी सभी वैधानिक और जरूरी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। वेतन में देरी पर अब नहीं होगी कोई परेशानी सीनियर डिप्टी मेयर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम केवल शहर की सफाई व्यवस्था को ही नंबर वन बनाने के लिए नहीं, बल्कि दिन-रात काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी वचनबद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में बजट या प्रशासनिक कारणों से वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी। यूनियन ने जताया संतोष, मंगलवार से काम पर लौटे कर्मचारी इस सकारात्मक बैठक के बाद सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी गौरव टांक ने सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा दिए गए लिखित व मौखिक आश्वासन पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस सहयोगात्मक रुख से कर्मचारियों में उम्मीद जगी है। इस सफल वार्ता के बाद यूनियन ने अपनी नाराजगी दूर करते हुए मंगलवार से नियमित रूप से काम पर लौटने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।
धमतरी जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 भारी वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद महानदी से लगातार रेत चोरी की शिकायतों के बाद माइनिंग विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने यह कार्रवाई की। जिला खनिज अधिकारी हेमंत चेरपा ने बताया कि अवैध खनन की सूचना मिलने पर विभागीय टीम ने भरारी और दोनर क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान भरारी रेत खदान से दो चैन माउंटेन मशीन और चार हाइवा वाहन जब्त किए गए। वहीं, दोनर खदान से दो जेसीबी मशीनें पकड़ी गईं। महानदी से हो रहा था अवैध उत्खनन खनिज विभाग के अनुसार, एनजीटी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ लोग महानदी से अवैध रूप से रेत निकालने में लगे हुए थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनों और वाहनों को जब्त किया तथा संबंधित संचालकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। 181 मामलों में 49 लाख का जुर्माना विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 15 जून तक अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 181 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में अब तक करीब 49 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। खनिज विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और छापेमार कार्रवाई के चलते अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। 10 जून से 15 अक्टूबर तक रहता है प्रतिबंध उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। इस अवधि में केवल पूर्व स्वीकृत भंडारण स्थलों से ही रेत परिवहन की अनुमति होती है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से रेत निकालने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के डीह ब्लॉक की बरुआ ग्राम पंचायत में राशन कोटे की खुली बैठक के बाद बवाल हो गया। राशन कार्ड से नाम कटने से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अजय कुमार को करीब दो घंटे तक कमरे में बंद कर बंधक बनाए रखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। राशन कार्ड से नाम कटने के मुद्दे पर नाराज ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अजय कुमार को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। बताया गया कि बैठक शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राशन कार्ड से नाम हटाए जाने को लेकर VDO से बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अधिकारी को कमरे में बंद कर दिया। राशन कोटे और विकास कार्यों की समीक्षा ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि वह बरुआ ग्राम पंचायत में राशन कोटे और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए गए थे। बैठक खत्म होने के करीब आधे घंटे बाद 15-20 लोग एक साथ पहुंचे और उन पर राशन कार्ड काटने का आरोप लगाने लगे। उन्होंने समझाया कि नाम हटाने की सूची ऊपर से आती है, लेकिन लोग नहीं माने और उन्हें बंधक बना लिया। अजय कुमार के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि जब तक उच्चाधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान ने बीच-बचाव किया, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ने से बच गई। इसी दौरान साथ मौजूद एक कर्मचारी ने डायल 112 पर सूचना दी। पहले पीआरवी टीम पहुंची, लेकिन मामला गंभीर होने पर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ग्राम विकास अधिकारी को मुक्त कराया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाकर उनकी लिखित तहरीर ली गई। थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, बंधक बनाने और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा टिंकू (नंटू), अमित यादव, संजय यादव, अनूप साहू, वीरेंद्र यादव, पवन, हरिओम और देवेंद्र (बब्लू) समेत अन्य आरोपियों तथा 20 अज्ञात लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद उदयपुर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 655 व्यावसायिक एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का सर्वे किया जा चुका है, जिनमें से 337 में फायर सेफ्टी संबंधी कमियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें पिछले दिनों की सर्वे भी शामिल है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर गठित सात विशेष टीमें मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में टीमों ने शहर कोट अंदर, बलीचा, प्रतापनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। टीमों ने होटल, अस्पताल, कोचिंग संस्थान, मॉल, बहुमंजिला भवनों और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की है। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जा रही है। अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीप सिंह बग्गा सहित विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी अभियान में जुटे हुए हैं। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद भी निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सीज किया जा सकता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि उदयपुर पर्यटन नगरी होने के कारण यहां बड़ी संख्या में होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। कई होटल शहर की संकरी गलियों में स्थित हैं, इसलिए वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर की सभी व्यावसायिक इमारतों का चरणबद्ध तरीके से सर्वे किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना को रोका जा सके। 30 दिन में देना होगा जवाब नगर निगम द्वारा नोटिस प्राप्त संस्थानों को 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा और बताई गई कमियों को दूर करना होगा। तय समयावधि में सुधार नहीं होने पर निगम प्रशासन सीज की कार्रवाई शुरू करेगा। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मेरठ में पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई:ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधानों ने रखे सुझाव, आपत्तियां दर्ज
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में जनसुनवाई आयोजित की। यह जनसुनवाई स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण की वर्तमान स्थिति पर केंद्रित थी। जनसुनवाई में जनपद के ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और आम जनता ने भाग लिया। उन्होंने आयोग के समक्ष अपने सुझाव और राय लिखित एवं मौखिक रूप से प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था की प्रभावशीलता और पंचायत स्तर पर भागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। आयोग ने इस दौरान यह जानकारी भी जुटाई कि पंचायतों में ओबीसी वर्ग का राजनीतिक प्रतिनिधित्व उनकी जनसंख्या के अनुपात में है या नहीं। इसके साथ ही, आयोग ने राजनीतिक भागीदारी पर आर्थिक स्थिति, सामाजिक जागरूकता या अन्य वर्गों के प्रभाव का आकलन किया और पिछड़े वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विचार किया। इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने सुझाव और आपत्तियां आयोग के समक्ष रखने का अनुरोध किया।मवाना के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेश कुमार ने आयोग से जानना चाहा कि यदि पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 70 प्रतिशत से अधिक है, तो क्या उन्हें 27 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मिल सकता है। मेरठ के जिला पंचायत सदस्य दीपक गून ने सुझाव दिया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और गुर्जर जैसी जातियों की आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। उन्होंने पाल, प्रजापति, सैनी, माली, कश्यप, जोगी, नाई, जलाहा सहित लगभग 15-20 ऐसी जातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के प्रयास करने की बात कही, जिनका प्रतिनिधित्व वर्तमान में बहुत कम है। मेरठ के ब्लॉक प्रमुख कपिल मुखिया ने सुझाव दिया कि जिन ग्राम पंचायतों में एक हजार वोटर होते हैं, वहां भी एक प्रधान होता है, और जहां आठ हजार वोटर होते हैं, वहां भी एक ही ग्राम प्रधान बनता है। उन्होंने वोटों की संख्या निर्धारित करने की मांग की, ताकि यह तय हो सके कि एक ग्राम प्रधान कितनी वोटों पर बनेगा और इस प्रकार राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके।
ग्वालियर के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में M.Ed प्रशिक्षण ले रहीं मुरैना जिले की शासकीय शिक्षिका मीनू शर्मा ने महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार शाम वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें महाविद्यालय में प्रवेश मिला था, लेकिन इसी बात को लेकर प्रबंधन उनसे नाराज है। मीनू शर्मा का आरोप है कि प्रभारी प्राचार्य आदर्श पंडित और राकेश शर्मा लगातार उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। शिक्षिका के अनुसार, सोमवार दोपहर विवाद बढ़ने पर प्रभारी प्राचार्य आदर्श पंडित ने उनके साथ मारपीट की और अपमानजनक व्यवहार किया। घटना के बाद उन्होंने खुद को असुरक्षित बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ महिला उत्पीड़न से जुड़े कुछ मामले पहले से लंबित हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी कार्यालय ने शिकायत को जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी को भेज दिया है। एसीसी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेमेतरा जिले के बेरला जनपद के ग्राम पंचायत बहेरघट में अवैध शराब बिक्री और पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समस्याओं के समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि, गांव में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है। इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और युवा वर्ग गलत दिशा में जा रहा है। शराबियों के उत्पात से महिलाओं और परिवारों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित ग्राम पंचायत की उपसरपंच किरण मिश्रा ने बताया कि, अवैध शराब के कारण गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। टंकी बनी, लेकिन गांव तक नहीं पहुंचा पानी गांव में पेयजल संकट भी गंभीर बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार नल-जल योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते लोगों को दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। जनदर्शन और सुशासन तिहार में भी उठाई समस्या ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सुशासन तिहार और जिला स्तरीय जनदर्शन कार्यक्रम में आवेदन देकर अपनी समस्याएं बताई हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। चक्काजाम और आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि अवैध शराब और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं पर प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘बच्चे बर्बाद हो रहे, पानी के लिए भटकना पड़ रहा’ उपसरपंच किरण मिश्रा और ग्रामीणों ने कहा कि अवैध शराब से गांव के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं, महिलाएं परेशान हैं और पानी टंकी बनने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है। कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की तरफ से ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने कहा कि, अवैध शराब बिक्री और जल संकट की शिकायत मिली है। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
उदयपुर में एक खदान में मां और बेटी के संदिग्ध हालत में शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों के शव पानी में तैरते हुए मिले, जिसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को खदान से बाहर निकलवाया। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। घटना कुराबड़ थाना क्षेत्र स्थित रोडगा गांव में शाम करीब 5 बजे की है। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध माना जा रहा है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। कुराबड़ थाना पुलिस ने कुराबड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में दोनों के शव रखवाएं हैं, जिनका परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। मौत के कारणों का नहीं चला पता एएसआई सुखदेव ने बताया कि मृतक की पहचान लोगरी(40) पत्नी भूरा मीणा निवासी जावद मनेला सलूंबर, कंकु(12) पुत्री भूरा मीणा के रूप में हुई है। मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं लग पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उठ रहे सवाल, हर एंगल से जांच कर रही पुलिस इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने तक कुछ नहीं बता रही। पहला सवाल ये है कि मृतक के निवास जावद से घटना स्थल रोडगा गांव की दूरी करीब 4 किलोमीटर है। ऐसे में दोनों मां-बेटी यहां किसलिए और क्यों आईं थी। संभावना ये भी जताई जा रही है कि दोनों नहाने के लिए पहुंची। बेटी को बचाते हुए मां भी डूब गई होगी। वहीं अन्य घटना भी घटित हो सकती है। पुलिस इन सभी एंगलों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
कानपुर मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। बर्रा-7 और विजय नगर मेट्रो स्टेशनों के प्लेटफॉर्म लेवल की ढलाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह पहली बार है जब इस एलिवेटेड सेक्शन में दो स्टेशनों के प्लेटफॉर्म तैयार हुए हैं, जिससे सिविल ढांचा तेजी से आकार ले रहा है। लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन पर अब कॉनकोर्स लेवल के तकनीकी कक्षों का निर्माण भी शुरू हो गया है। इन कक्षों में मेट्रो संचालन के लिए आवश्यक सिग्नलिंग, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। जल्द ही स्टेशनों पर प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (पीईबी) स्ट्रक्चर का निर्माण भी शुरू होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि पाइलिंग कार्य पूर्ण हो चुका है, और पियर कैप, डबल टी-गर्डर तथा यू-गर्डर जैसी प्री-कास्ट संरचनाओं की ढलाई भी पूरी कर ली गई है। सिविल कार्यों के साथ-साथ ट्रैक बिछाने का काम भी तेज गति से जारी है। कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड हिस्से में कुल पांच स्टेशन शामिल हैं, जिनमें कृषि विश्वविद्यालय, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया को जोड़ने वाला लगभग 4.10 किलोमीटर लंबा भूमिगत (अंडरग्राउंड) सेक्शन भी इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में, कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 पर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में यात्री सेवाएं उपलब्ध हैं, और नौबस्ता तक इसके विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कॉरिडोर-2 पर तेजी से हो रहा यह निर्माण कार्य कानपुर के निवासियों के लिए एक बेहतर और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कानपुर के जाजमऊ से रामादेवी फ्लाईओवर पर रैंप निर्माण कार्य के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिस और संबंधित विभाग सतर्क हैं। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार ने रामादेवी रैंप और बीमा चौराहे का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा रामादेवी रैंप पर चल रहे निर्माण कार्य का अवलोकन किया। यह रैंप का काम अगले 10 दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, यातायात डायवर्जन योजनाओं और वाहनों की आवाजाही के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान ड्रोन की मद्द से यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। डीसीपी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात का संचालन सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे। उन्होंने जोर दिया कि आम नागरिकों को किसी भी स्थिति में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निर्माण स्थल पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाने, मजबूत बैरिकेडिंग करने और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम का प्रभावी उपयोग कर राहगीरों व वाहन चालकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यातायात कर्मियों की समुचित तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि व्यस्त समय में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहे। निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा भी हुई। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक जाजमऊ, यातायात निरीक्षक पूर्वी जोन प्रथम, एनएचएआई के अधिकारी, थाना चकेरी और जाजमऊ पुलिस टीम सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। डीसीपी ट्रैफिक ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।
सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी के प्रस्तावित नए बाक्साइट खदानों के प्रस्तावित खदानों के लिए भारी विरोध के बीच जनसुनवाई हुई। जनसुनवाई में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि मैनपाट का सर्वाधिक नुकसान खदानों के कारण हुआ है। मैनपाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के बजाय उसे उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। मेरे कार्यकाल में ये खदानें प्रस्तावित थीं, जिसे मैनें रूकवा दिया था। मैनपाट में सीएमडीसी की चार बाक्साइट खदानें प्रस्तावित हैं। इनमें पथरई, नर्मदापुर-कुनिया, कमलेश्वरपुर और सरभंजा में बाक्साइट खदानें शामिल हैं। इनमें पथरई-लुरेना बाक्साइट खदान की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए मंगलवार से जनसुनवाई एसडीएम सीतापुर की मौजूदगी में शुरू की गई। जनसुनवाई ग्रामीणों की नारेबाजी एवं हंगामें के बीच पूरी हुई। पूर्व मंत्री बोले-बाक्साइट खदानों से सिर्फ विनाश पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि मैनपाट की पहचान पर्यटन के लिए पूरे छत्तीसगढ़ सहित दूसरे राज्यों में है। यहां जब से बाक्साइट का खनन शुरू हुआ है, सिर्फ बर्बादी हुई है। सड़कें खराब हुईं। स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिला। पेड़ काटे गए और पर्यावरण को नुकसान हुआ है। पूर्व मंत्री ने जनसुनवाई में कहा कि मेरे कार्यकाल में इन खदानों की स्वीकृति के लिए जनसुनवाई का नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन मैने इनका विरोध किया और खदानों की प्रक्रिया रोक दी थी। अब खदानें खोलने के लिए फिर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाहरी लोगों का समर्थन, स्थानीय लोगों का विरोध जनसुनवाई में स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए खदानों का विरोध किया और कहा कि वे खदानें खोले जाने के पक्ष में नहीं हैं। जनसुनवाई में सीएमडीसी के ठेकेदारों के द्वारा नर्मदापुर से लोगों को बुलाया गया था, जो खदान के समर्थन में बोलते दिखे। जमकर नारेबाजी एवं हंगामें के बीच खदान के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई पूरी की गई। तीन अन्य खदानों के लिए जनसुनवाई की अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। दलदली और झंडा पार्क के पास भी खदानमैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दलदली और प्रस्तावित झंडा पार्क के पास भी नए खदान प्रस्तावित हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि खदान खुलने से जलस्तर गिरेगा और पर्यावरण को नुकसान होगा। खदानों के कारण मैनपाट के पर्यटन स्थलों को भी नुकसान होगा, इस कारण खदानों का विरोध किया जा रहा है। जन पर्यावरण संरक्षण मंडल संस्था ने भी मैनपाट मंे बाक्साइट खदानों की स्वीकृति का विरोध करते हुए सभी ग्रामसभाओं के प्रस्तावों की जांच कराने की मांग की है, क्योंकि पंचायतों के सरपंचों ने दावा किया है कि उन्होंने खदानों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव नहीं दिया हैं इसके साथ ही फर्जी पट्टों की जांच की भी मांग की है।
लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना के बाद पीलीभीत का अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अनुराग सिंह के निर्देश पर विभागीय टीम ने पीलीभीत शहर और बीसलपुर में विभिन्न कोचिंग संस्थानों व लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलने पर 15 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण अधिकांश कोचिंग संस्थान बंद पाए गए, जबकि बड़ी संख्या में लाइब्रेरी संचालित हो रही थीं। टीम ने करीब 15 स्थानों पर जांच की, जहां अधिकांश संचालक संस्थान का पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। सीएफओ अनुराग सिंह ने बताया कि लगभग सभी लाइब्रेरी और शिक्षण संस्थान बेहद संकरे भवनों में चल रहे हैं, जो सुरक्षा मानकों के विपरीत हैं। कई जगहों पर आपातकालीन निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) और अग्निशमन उपकरणों का अभाव मिला। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी संस्थान में कम से कम चार फीट चौड़ा कॉरिडोर होना अनिवार्य है, ताकि आपात स्थिति में लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें। सीएफओ ने यह भी बताया कि विद्युत वायरिंग की नियमित जांच और ओवरलोडिंग से बचाव बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान टीम ने वहां मौजूद स्टाफ और छात्र-छात्राओं को आग लगने पर बचाव के उपाय सिखाए और फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जांच में मिली गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को रिपोर्ट भेजकर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गंगा दशहरा: हरदोई में भारी वाहनों का डायवर्जन लागू:23 जून रात 9 बजे से 24 जून तक रहेगा प्रभावी
गंगा दशहरा स्नान पर्व के मद्देनजर हरदोई पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जनपद के मल्लावां क्षेत्र के बैरिया घाट तथा बिलग्राम क्षेत्र के राजघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इन घाटों पर भीड़ को देखते हुए 23 जून 2026 की रात 9 बजे से 24 जून 2026 को पर्व समाप्त होने तक भारी मालवाहक वाहनों के लिए डायवर्जन लागू रहेगा। इस अवधि में ट्रक, टैंकर, डीसीएम, डंपर और अन्य बड़े मालवाहक वाहनों का आवागमन निर्धारित मार्गों पर प्रतिबंधित या परिवर्तित किया जाएगा। डायवर्जन व्यवस्था के तहत कन्नौज से हरदोई की ओर आने वाले भारी वाहनों को बिल्हौर होते हुए बांगरमऊ मार्ग से बिलग्राम, मल्लावां होते हुए हरदोई भेजा जाएगा। इसी प्रकार, हरदोई से कन्नौज की ओर जाने वाले मालवाहक वाहनों को मल्लावां से बिलग्राम, बांगरमऊ और बिल्हौर होते हुए कन्नौज की ओर रवाना किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से इन निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील की है। गंगा दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए घाटों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात पुलिस के साथ स्थानीय पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करेंगे। इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और गंगा दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।
धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के मेघा गांव में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक अपनी पत्नी को वापस घर ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा था, लेकिन पत्नी के साथ चलने से इनकार करने के बाद उसने यह कदम उठा लिया। घटना के बाद गांव और ससुराल पक्ष में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान दीपेश कुमार पटेल (35) के रूप में हुई है, जो महासमुंद जिले के मुरकी गांव का निवासी था। पुलिस के अनुसार, दीपेश और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। विवाद के चलते 14 जून को उसकी पत्नी नाराज होकर अपने मायके मेघा गांव आ गई थी। पत्नी को लेने पहुंचा था ससुराल जानकारी के अनुसार, 20 जून को दीपेश अपनी पत्नी को मनाने और वापस घर ले जाने के उद्देश्य से ससुराल पहुंचा था। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच बातचीत हुई, लेकिन पत्नी ने उसके साथ वापस जाने से साफ इनकार कर दिया। पत्नी के मना करने से आहत दीपेश ने ससुराल के पास स्थित एक पान ठेले के बाहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की सूचना पर मगरलोड पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। चरित्र शंका और नशे की लत से बढ़ा विवाद एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि मृतक अपनी पत्नी को वापस ले जाने के लिए ससुराल आया था। पत्नी के साथ नहीं जाने पर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक नशे का आदी था और अपनी पत्नी पर चरित्र शंका करता था। इसी वजह से दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था और पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल सदस्य बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को एटीएस ने सात दिन की रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, बबीता पिछले करीब दो वर्षों से आतंकी संगठन के संपर्क में थी और उसे आत्मघाती हमले के लिए तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर्स उसे ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने इंटरनेट पर आत्मघाती हमलों से जुड़े विषयों की जानकारी खोजी थी। एजेंसियां उसके डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। भारतीय सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने की ट्रेनिंग प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने और उनसे संपर्क स्थापित करने की ट्रेनिंग दी गई थी। बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कई लोगों से संपर्क साधने का प्रयास किया था। युवतियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि बबीता अन्य राज्यों के कई लोगों के संपर्क में थी और कुछ युवतियों को प्रभावित कर उन्हें संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रही थी। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए वह युवतियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही थी। क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना सूत्रों के अनुसार, उसका संपर्क जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कुछ पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से भी था और वह उनसे व्हाट्सएप के जरिए बातचीत करती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना थी। पूछताछ के दौरान धर्म परिवर्तन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एजेंसियों के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद उसने अपना नाम खदीजा रखा था। उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह तीन मोबाइल नंबरों का उपयोग करती थी और व्हाट्सएप चैट, फोटो तथा वीडियो नियमित रूप से डिलीट कर देती थी। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, डिजिटल नेटवर्क, संभावित फंडिंग और कथित आतंकी कनेक्शन की पड़ताल में जुटी हैं। एटीएस का मानना है कि पूछताछ से आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। मामले की जांच अभी जारी है। पूछताछ में सामने आई जानकारियां जांच एजेंसियों के सूत्रों पर आधारित हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

