मेरठ पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र सरकार मेरठ से ऋषिकेश तक रैपिड ट्रेन कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जल्द ही परियोजना पर काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सड़क और रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो गई है। शनिवार शाम लालकुर्ती स्थित एसजीएम गार्डन में छत्रपति शिवाजी महाराज के 353वें राज्याभिषेक वर्ष पर आयोजित हिंदू साम्राज्य दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले दिल्ली से मेरठ आने में कई घंटे लगते थे, जबकि अब यह दूरी लगभग एक घंटे में पूरी हो रही है। उन्होंने दिल्ली-मेरठ रैपिड और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को इसका प्रमुख उदाहरण बताया। मेरठ से ऋषिकेश तक बढ़ेगी रैपिड कनेक्टिविटी अजय टम्टा ने कहा कि अब सरकार मेरठ से ऋषिकेश तक रैपिड ट्रेन चलाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तेजी से हुआ विकास केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है। चारधाम यात्रा मार्गों में सुधार, आदि कैलाश तक सड़क संपर्क और आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश अब प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो चुका है। राम मंदिर दान मामले में दोषियों पर होगी कार्रवाई अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में अजय टम्टा ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी भी मामले में पीछे हटने वाली नहीं है। दिल्ली-देहरादून यात्रा के मिले नए विकल्प उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली से देहरादून जाने के लिए मेरठ होकर गुजरना पड़ता था, लेकिन अब एक्सप्रेसवे और नए मार्ग बनने से शामली के रास्ते भी सीधे देहरादून पहुंचा जा सकता है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार का उद्देश्य सभी राज्यों को बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ना है और इसी विकास के आधार पर वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनेगी।
प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का जन्मदिन शनिवार को बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र में सेवा, समर्पण और जनकल्याण के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक, सामाजिक और सेवा कार्यों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। पूरे दिन विभिन्न स्थानों पर सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष सोनी तिवारी, हनुमानगंज मंडल अध्यक्ष विश्वजीत तिवारी, छाता मंडल अध्यक्ष दीनबंधु मौर्य तथा दुबहड़ मंडल अध्यक्ष रिंकू दुबे के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में सामूहिक रूप से यह पाठ संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और बजरंगबली की आराधना कर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। मंदिरों में भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण भी किया गया। इसी क्रम में, परिवहन मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में निधरिया निराश्रित केंद्र में रह रहीं महिलाओं एवं युवतियों को वस्त्र, मिष्ठान एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग की सेवा ही किसी भी जनप्रतिनिधि के जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त, जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल में भी कार्यकर्ताओं ने भर्ती 300 से अधिक मरीजों के बीच फल, मिष्ठान एवं अन्य उपयोगी सामग्री का वितरण किया। धर्मेंद्र सिंह ने मरीजों और उनके परिजनों का कुशलक्षेम जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और प्रदेश की प्रगति की कामना की। सभी ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के जनसेवा के कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल राजनीतिक जीवन की मंगलकामना की। इस कार्यक्रम में केके सिंह, रवि सिंह, बंटू सिंह, कुलवंत सिंह, संजय सोनी आदि उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति 2025 के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में 5 नक्सल पीड़ितों और 2 आत्मसमर्पित नक्सलियों समेत कुल 7 लोगों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एक पीड़ित परिवार को जीवन-यापन के लिए 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई है। यह निर्णय 24 जून को कलेक्टर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय नक्सल पीड़ित एवं आत्मसमर्पित नक्सलवादी पुनर्वास समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने की। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय. पी. सिंह, जिला वनमंडलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक आयुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समिति ने सभी प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए यह फैसला लिया, जिसका उद्देश्य प्रभावितों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता लाना है। बैठक के दौरान, जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला 31 मार्च को पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त हो चुका है। प्रशासन और जिला पुलिस के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का माहौल मजबूत हो रहा है। कलेक्टर ने नक्सल पीड़ितों से किया संवाद कलेक्टर ने नक्सल पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद किया और उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पीड़ितों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की राह अपनाने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। पुलिस की अपील- अवैध वसूली की तुरंत दें सूचना जिला पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को नक्सली या किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा बताकर डराता है या अवैध वसूली करता है, तो इसकी तुरंत जानकारी पुलिस को दें। पुलिस ने कहा है कि ऐसी सूचना नजदीकी थाने, जिला पुलिस कार्यालय या कंट्रोल रूम में फोन करके दी जा सकती है। पुलिस ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
यमुना नदी में बुजुर्ग के कूदने की आशंका:जुहीखा पुल पर मिली बाइक, कपड़े और डायरी भी बरामद
जालौन के रामपुरा क्षेत्र में स्थित जुहीखा पुल पर शनिवार शाम एक बुजुर्ग की बाइक, कपड़े और डायरी लावारिस हालत में मिली। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए बुजुर्ग के यमुना नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू करते हुए नदी में तलाश अभियान प्रारंभ किया। राजू पुत्र बाबूराम (65), निवासी ग्राम खोजापुर, थाना कुठौंद, अपनी बाइक संख्या UP92 J 6494 से घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनकी बाइक, कपड़े और एक डायरी जुहीखा पुल पर संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े मिले। राहगीरों और ग्रामीणों ने लावारिस सामान देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह और थानाध्यक्ष रामपुरा शिव प्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके से मिले दस्तावेजों और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने बुजुर्ग की पहचान की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह औरैया मंडी से जुड़े एक व्यापारी हैं। पुलिस ने तत्काल परिजनों को घटनाक्रम से अवगत कराया। यमुना नदी में बुजुर्ग की संभावित तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। समाचार लिखे जाने तक बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल सका था। रामपुरा थाना प्रभारी शिव प्रकाश ने बताया कि कुठौंद थाने में बुजुर्ग के भाई द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने पुष्टि की कि बुजुर्ग कल शाम से लापता हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
मथुरा के थाना सदर क्षेत्र में यमुना नदी से लापता हुए 35 वर्षीय युवक का शव शनिवार सुबह बरामद कर लिया गया। युवक की पहचान गोविंद नगर थाना क्षेत्र की महाविद्या कॉलोनी निवासी मनीष के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद परिवार और मोहल्ले में शोक का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मनीष शुक्रवार दोपहर घर से निकला था। यमुना पुल के पास उसकी गतिविधियां संदिग्ध दिखाई देने पर स्थानीय नाविकों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया था और समझाकर घर भेज दिया था। हालांकि कुछ समय बाद वह फिर उसी क्षेत्र में पहुंच गया, जिसके बाद वह लापता हो गया। एनडीआरएफ और गोताखोरों ने चलाया अभियान घटना की सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान शुरू किया। करीब 21 घंटे की खोजबीन के बाद शनिवार सुबह लगभग 11 बजे नाविकों ने उसका शव बरामद कर लिया। परिजनों ने बताई मानसिक परेशानी थाना प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि परिजनों के मुताबिक मनीष पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। परिवार का कहना है कि वह विवाह को लेकर तनाव में रहता था और इसी वजह से अक्सर चिंतित रहता था। पोस्टमाॅर्टम नहीं कराया गया शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई की। परिजनों ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में जरूरी कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
पुरी की तर्ज पर संगम नगरी प्रयागराज में इस वर्ष 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा महोत्सव समिति (बड़ा रथ), प्रयागराज चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में इस ऐतिहासिक रथयात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। रथयात्रा के संयोजक अभिषेक मित्तल ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह 11 बजे हिवेट रोड स्थित श्री शिव-दुर्गा-हनुमान मंदिर (केला भवन के निकट) से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा प्रारंभ होगी। यह शोभायात्रा हिवेट रोड, जानसेनगंज, लोकनाथ, राम भवन होते हुए गुंडिचा मंदिर, छोटा चौराहा, मुट्ठीगंज पहुंचकर संपन्न होगी। इस रथयात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, राष्ट्र भावना को सुदृढ़ करना तथा समाज सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देना है। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा तीन भव्य रथों पर विराजमान रहेंगे। श्रद्धालुओं के लिए 1.75 लाख से अधिक रत्नों से सुसज्जित जड़ाऊ मुकुट और विशेष आभूषण मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इन आभूषणों का निर्माण ओडिशा, प्रयागराज और राजस्थान के कुशल कारीगरों ने किया है। रथयात्रा में आकर्षक झांकियां, झंडा और बैनर वाहन, बैंड-बाजे, ढोल-ताशे, हाथी, तोपों की सलामी तथा विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी। समिति के अनुसार, शाम 7 बजकर 7 मिनट पर मुख्य रथ के समीप होने वाला दिव्य ज्योति दर्शन इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत 29 जून को स्नान पूर्णिमा और भगवान के गजानंद वेश श्रृंगार के साथ होगी। इसके बाद 15 जुलाई को उद्घोष बाइक रैली निकाली जाएगी। वहीं, 19 जुलाई को छप्पन भोग महाप्रसाद का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समिति के महामंत्री मोहित कुमार जायसवाल और रथयात्रा संयोजक अभिषेक मित्तल ने सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों से इस भव्य धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाने तथा भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
अगर आप रविवार को कानपुर मेट्रो से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। 28 जून 2026 (रविवार) को कानपुर मेट्रो की सेवाएं पूरे दिन बंद रहेंगी। वजह है कॉरिडोर-1 (IIT से नौबस्ता) के नए तैयार हिस्से पर होने वाली फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग। मेट्रो प्रशासन पूरे कॉरिडोर की तकनीकी जांच एक साथ करेगा, ताकि नए सेक्शन पर यात्री सेवाएं शुरू होने से पहले सभी सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु मिलें। IIT से नौबस्ता तक पूरे कॉरिडोर की होगी फाइनल तकनीकी जांच कानपुर मेट्रो का कॉरिडोर-1 पहले IIT से मोतीझील और आगे कानपुर सेंट्रल तक संचालित हो रहा था। अब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक का नया सेक्शन भी तैयार है। रविवार को होने वाली फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग के दौरान पूरे कॉरिडोर को एकीकृत रूप से परखा जाएगा। इसमें सिग्नलिंग, ट्रैक, बिजली आपूर्ति और अन्य तकनीकी प्रणालियों की संयुक्त जांच होगी, ताकि भविष्य में संचालन के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा न आए। सिर्फ एक दिन रहेगा संचालन बंद मेट्रो प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ब्लॉक केवल रविवार, 28 जून के लिए रहेगा। टेस्टिंग पूरी होने के बाद सोमवार, 29 जून से मेट्रो सेवाएं पहले की तरह नियमित समय पर शुरू हो जाएंगी। यात्री सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सामान्य रूप से मेट्रो सेवा का लाभ उठा सकेंगे। यात्रियों को पहले से करनी होगी वैकल्पिक व्यवस्था रविवार को मेट्रो बंद रहने से शहर के हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, कार्यालय या अन्य स्थानों पर जाने वाले लोगों को ऑटो, ई-रिक्शा, बस या निजी वाहन का विकल्प पहले से तय करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय में दिक्कत न हो। नए सेक्शन पर जल्द शुरू होंगी यात्री सेवाएं मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यह फाइनल टेस्टिंग नए कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता सेक्शन पर यात्री सेवाएं शुरू करने की दिशा में अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है। टेस्ट सफल रहने के बाद नए हिस्से को आम यात्रियों के लिए खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
रामपुर में शनिवार को जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से जिला कारागार का मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा, बैरकों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और प्रवेश-निकास व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा प्रबंधों की बारीकी से जांच की ताकि जेल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। अधिकारियों ने बैरकों में बंद कैदियों से उनकी समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। संयुक्त निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने कारागार अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों को शासन की मंशा के अनुरूप सभी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, परिसर में साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कारागार प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को लगातार सक्रिय रखने और जेल मैनुअल के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ बंदियों के अधिकारों और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए, जिससे कारागार की व्यवस्थाएं सुचारु और पारदर्शी बनी रहें।
उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के मढ़ियामऊ गांव में शनिवार दोपहर एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक शराब का आदी था, जिसके कारण घर में अक्सर विवाद होता था। मढ़ियामऊ गांव निवासी सचिन उर्फ चौड़ा (28), पुत्र आशा दीन ने शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अपने घर के कमरे में छत की कुंडी से बिजली के केबल का फंदा बनाकर अपनी जान दे दी। परिजनों ने जब युवक का शव फंदे से लटका देखा, तो घर में हड़कंप मच गया। मृतक सचिन की शादी दो साल पहले हुई थी, लेकिन कुछ कारणों से उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। वह अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि सचिन शराब का आदी था और घरवाले उसे मना करते थे, जिसके चलते वह झगड़ा करता था। आज दोपहर उसने फंदा लगा लिया।
मेरठ के विकास भवन सभागार में शनिवार शाम जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। लोहिया नगर स्थित कैंची क्लस्टर में पुलिस चौकी स्थापित करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। जिलाधिकारी ने मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से चिन्हित भूमि पर स्थानीय सहयोग से चौकी निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग, एमडीए और औद्योगिक संगठनों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। मेवला फ्लाईओवर के बाद अब फेंसिंग वॉल की मरम्मत होगी बैठक में मेवला फ्लाईओवर की सड़क मरम्मत का मुद्दा भी उठा। नगर निगम के सहायक अभियंता ने बताया कि सड़क मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। इस दौरान इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के प्रतिनिधियों ने अमर उजाला से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक बने नाले की फेंसिंग वॉल की मरम्मत की मांग रखी। नगर निगम ने इस कार्य को भी जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। मुख्य नाले के निर्माण को जल्द शुरू करने के निर्देश स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मोहकमपुर फेज-1 के मुख्य नाले के निर्माण की समीक्षा करते हुए नगर निगम के मुख्य अभियंता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर से डीएन पॉलिटेक्निक कॉलेज तक नाले के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वित्तीय निविदाएं भी खोल दी गई हैं। स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। एयरपोर्ट रोड पर जल्द बिछेंगी इंटरलॉकिंग टाइल्स दिल्ली रोड से शताब्दी नगर होते हुए एयरपोर्ट तक जाने वाली डिवाइडर रोड के किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का मुद्दा भी बैठक में उठा। संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि टाइल्स साइट पर पहुंच चुकी हैं और जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश देते हुए इस बिंदु को एजेंडे से हटाने को कहा। उद्योगपतियों ने रखीं समस्याएं, अधिकारियों ने दिया भरोसा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मेरठ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, यूपीसीडा, लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। औद्योगिक संगठनों की ओर से मिडफो के अध्यक्ष गिरीश कुमार और रविंद्र एलन, आईआईए के सचिव गौरव जैन, फरमानुद्दीन (कैंची क्लस्टर) सहित कई उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लंबित मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
डिजिटल और ऑनलाइन पढ़ाई के मामले में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने पूरे प्रदेश में अपना परचम लहराया है। यूनिवर्सिटी को डिजिटल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए इस साल भी 'स्वयम्-एनपीटीईएल एप्रिसिएशन अवॉर्ड' से नवाजा गया है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश के सभी राज्य (सरकारी) विश्वविद्यालयों में सीएसजेएमयू का प्रदर्शन सबसे ऊपर रहा। उत्तर प्रदेश से इस लिस्ट में अवध यूनिवर्सिटी और गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने भी नए संस्थानों के रूप में अपनी जगह बनाई है। आईआईटी कानपुर में मिला सम्मान, नोडल अफसर ने लिया पुरस्कार यह प्रतिष्ठित सम्मान शनिवार की शाम 6 बजे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सीएसजेएमयू की तरफ से स्वयम्-एनपीटीईएल की नोडल अधिकारी और एसपीओसी डॉ. अंशु सिंह ने यह पुरस्कार लिया। यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन पढ़ाई के इस सरकारी प्लेटफॉर्म पर अपनी भागीदारी लगातार मजबूत की है, जिसका नतीजा है कि इसे दोबारा यह सम्मान मिला है। हजारों छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन, यूनिक लर्नर्स की संख्या भी बढ़ी यूनिवर्सिटी के छात्रों में ऑनलाइन कोर्स को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 के सत्र में कैंपस और इससे जुड़े कॉलेजों के 9400 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि जुलाई 2025 के सत्र में 6971 छात्रों ने इन कोर्स में हिस्सा लिया। वहीं, जनवरी 2026 के सत्र में भी छात्रों ने 1064 अलग-अलग कोर्स चुने, जिसमें 5406 यूनिक लर्नर्स (अकेले छात्रों) के जरिए कुल 7622 कोर्स एनरोलमेंट दर्ज किए गए। कमाल की उपलब्धि 4 छात्रों को मिली एनपीटीईएल इंटर्नशिप, 2 का आईआईटी में चयन इस साल यूनिवर्सिटी के लिए एक और बड़ी खुशखबरी रही। एनपीटीईएल की योजनाओं के तहत सीएसजेएमयू के चार छात्रों को प्रतिष्ठित इंटर्नशिप मिली है। इनमें से दो छात्रों का चयन तो सीधे देश के सबसे टॉप आईआईटी संस्थानों में 'एनपीटीईएल समर इंटर्नशिप' के लिए हुआ है। इसमें से एक छात्र स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज का है और दूसरा छात्र एमसीए डिपार्टमेंट का है। यह कामयाबी दिखाती है कि कानपुर यूनिवर्सिटी के छात्र नेशनल लेवल पर अपनी पहचान बना रहे हैं। घर बैठे मिल रही देश के बड़े दिग्गजों से सीखने की सुविधायूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बड़ी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने शिक्षकों, छात्रों, समन्वयकों और संबद्ध कॉलेजों की पूरी टीम की मेहनत को दिया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को घर बैठे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों के बड़े प्रोफेसरों और विशेषज्ञों से ऑनलाइन पढ़ने का मौका मिल रहा है। डॉ. अंशु सिंह ने कहा कि यह सम्मान हमारी डिजिटल शिक्षा की कोशिशों को और मजबूत करता है। आने वाले समय में यूनिवर्सिटी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों और छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई की मुख्यधारा से जोड़ना है।
8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 26 से 28 मई तक बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में मेरठ के पैरा एथलीटों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण और 5 रजत पदक शामिल हैं। इन पदक विजेताओं को शनिवार में जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पैरा खेल संघ मेरठ के अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता ने सभी विजेताओं को खेल उपकरण वितरित किए। सम्मान समारोह का आयोजन भी अश्वनी गुप्ता द्वारा ही किया गया था। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में अनुभव चौधरी (T35) ने 100 मीटर और 200 मीटर में, आयुष वर्मा (F53) ने शॉटपुट में, रितिका (T64) ने 100 मीटर में और फातिमा खातून (F56) ने डिस्कस थ्रो में जीत हासिल की। रजत पदक विजेताओं में प्रियांश (F57) ने डिस्कस थ्रो में, दीपिका रानी (F33) ने शॉटपुट और जेवलिन थ्रो में, रिया सिंह (F46) ने शॉटपुट में और रितिका (T44) ने लॉन्ग जंप में पदक जीते।
मेरठ में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में चल रहे आंदोलन के 16वें दिन यानी शनिवार में अनशन पर बैठे दस्तावेज लेखक संजय गुप्ता की तबीयत बिगड़ गई। आंदोलन में प्रदेशभर के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प वेंडर शामिल हैं, जो सरकार से वार्ता और अपनी मांगों पर निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह आंदोलन पिछले 16 दिनों से जारी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। आंदोलनकारियों का कहना है कि ई-रजिस्ट्री से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन 6 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वेस्ट यूपी के अन्य जिलों के दस्तावेज लेखकों ने दिया समर्थन इसी कड़ी में, मेरठ में दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। इसमें मेरठ, मवाना सहित कई जिलों से आए दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी वक्ताओं ने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था पर अपने विचार रखे और इसका विरोध करते हुए इसे आम जनता, अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और सरकार के हितों के खिलाफ बताया। आंदोलनकारियों ने आशंका जताई कि सरकार द्वारा जिस तरह से ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की जा रही है, उससे भविष्य में बड़े स्तर पर विवाद और धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने पुराने ई-स्टांप घोटालों का उदाहरण दिया, जिसमें करोड़ों रुपये के फर्जी स्टांप चले थे और आम जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। निजीकरण से हो सकता है बड़ा नुकसान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैनामे की प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन और निजी हाथों में चली गई, तो संपत्ति संबंधी विवादों में भारी वृद्धि हो सकती है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और विरोध जारी रखने का समर्थन कर रहे हैं। दस्तावेज लेखकों का लगातार प्रदर्शन जारी है। अभी तक उन्हें समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल के साथ राष्ट्रीय लोकदल से सांसद डॉ राजकुमार सांगवान ने भी समर्थन दिया है। इसके अलावा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी ने भी दस्तावेज लेखकों का समर्थन किया। विपक्ष का कहना है कि दस्तावेज लेखकों की अनदेखी सरकार को आगामी चुनाव में नुकसान पहुंचाएगी।
कोरबा में मोबाइल शॉप पर चोरी, वारदात सीसीटीवी में कैद:छज्जा तोड़कर घुसे चोर, पुलिस जांच में जुटी
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरपाली स्थित सिद्धि मोबाइल शॉप में बीती रात चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने दुकान का छज्जा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वे रिपेयरिंग के लिए रखे मोबाइल फोन और एक नया मोबाइल लेकर फरार हो गए। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। उरगा थाना पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। दुकान संचालक ने बताया कि सिद्धि मोबाइल शॉप बरपाली में लंबे समय से संचालित है। शुक्रवार रात को वे दुकान बंद कर ताला लगाकर घर चले गए थे। शनिवार सुबह जब वे दुकान पहुंचे और ताला खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ। दुकान का छज्जा टूटा हुआ था और काउंटर व दराज का सामान बिखरा पड़ा था। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात संचालक ने तुरंत दुकान का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधकर रात में दुकान के छज्जे को तोड़कर अंदर घुसता दिखाई दे रहा है। अंदर घुसने के बाद उसने पहले काउंटर की दराज खंगाली। दराज में नगदी रकम न मिलने पर उसने रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल फोन और डिस्प्ले पर रखा एक नया मोबाइल उठाया। इसके बाद वह उसी टूटे हुए छज्जे के रास्ते से फरार हो गया। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई। पुलिस ने मौके से जुटाए सबूत चोरी की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया। फुटेज में चोर की हुलिया और हरकतें साफ नजर आ रही हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी स्थानीय है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दुकान संचालक की शिकायत पर अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उरगा थाना क्षेत्र के भैसमा में एक स्वीट्स की दुकान पर भी चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस घटना की पूरी करतूत भी सीसीटीवी में कैद हुई थी।
लखनऊ में महिला से चेन लूटने वाला गिरफ्तार:बच्चों के साथ टहलने निकली थी, साथी की तलाश जारी
लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने मानसरोवर चौराहे के पास महिला से चेन लूटने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक बरामद हुई है। पुलिस उसके फरार साथी की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, इंदिरानगर निवासी मीनाक्षी श्रीवास्तव ने 20 जून को गाजीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि बच्चों के साथ टहलने निकली थी दो बाइक सवार बदमाश उनके गले से चेन झपटकर फरार हो गए थे। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शुक्रवार को गाजीपुर पुलिस टीम पॉलीटेक्निक चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चेन स्नैचिंग की घटना में शामिल एक युवक वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक के साथ फैजाबाद रोड स्थित पिंक बूथ के पास खड़ा है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जैदपुर बाराबंकी निवासी रोहन खान (23) पुत्र सलीम खान जो मौजूदा समय में राजीव गांधी नगर, कैंट में रहता है। उसकी तलाशी में पीली धातु की एक चेन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी महेन्द्र कुमार के साथ 19 जून की शाम करीब सात बजे मानसरोवर चौराहे के पास दो बच्चों के साथ टहल रही महिला के गले से चेन लूटी थी। वारदात के समय महेन्द्र बाइक पर पीछे बैठा था। दोनों चेन बेचने की फिराक में थे, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसलिए चेन उसके पास ही रखी थी। फरार आरोपी महेन्द्र कुमार की तलाश की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
आगरा में शनिवार शाम करीब 4 बजे चार्जिंग पर लगी ई-स्कूटी की बैटरी फट गई। धमाके के बाद आग लग गई। पास में खड़े दो गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। धमाके और आग की लपटों से अपार्टमेंट में अफरा-तफरी मच गई आग की लपटों बढ़ने पर ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर लोग अपने घर में फंस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मामला सिकंदरा थाना क्षेत्र के गणपति गैलेक्सी अपार्टमेंट का है। पार्किंग में चार्जिंग पर लगी थी स्कूटी जानकारी के अनुसार, अपार्टमेंट की पार्किंग में पहली मंजिल पर रहने वाले गुरविंदर की ई-स्कूटी चार्जिंग पर लगी थी। इसी दौरान उसकी बैटरी में तेज धमाका हुआ और स्कूटी में आग लग गई। देखते ही देखते आग पास में खड़े दो अन्य वाहनों तक फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी लपटें ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले प्रवीन पांडे के फ्लैट तक पहुंच गईं। उस समय फ्लैट में उनकी पत्नी और बेटा मौजूद थे, जो कुछ देर के लिए अंदर ही फंस गए। अपार्टमेंट के दूसरे लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद सूचना पर फायर बिग्रेड भी पहुंच गई। करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया गया। लोगों ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर फंसे लोग मदद के लिए चीखते रहे। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। मगर, लपटें तेज होने के कारण वो अंदर नही जा पाए।
मेयर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में शनिवार को स्मार्ट सिटी सभागार में नगर निगम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों, कर संबंधी आपत्तियों, अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था, नाला सफाई तथा सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। महापौर ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्कूलों की एआरवी एक सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश बैठक में स्कूलों के एनुअल रेंटल वैल्यू (एआरवी) एवं जलकल कर से संबंधित लंबित आपत्तियों की समीक्षा की गई। महापौर सुषमा खर्कवाल ने इन मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए नगर आयुक्त गौरव कुमार के माध्यम से सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों की सभी लंबित आपत्तियों का निस्तारण कर एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं कि उनके जोन में कोई भी आपत्ति लंबित नहीं है। सीएम ग्रिड परियोजना की सड़कों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा नगर आयुक्त ने शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीएम ग्रिड परियोजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। उन्होंने समस्त जोनल अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने, जुर्माना लगाने तथा शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा गया कि वे स्वयं क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करें और जहां भी गंदगी फैलाने वाले लोग मिलें, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। नाला सफाई का प्रमाण पत्र दें अभियंता बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए नाला सफाई कार्यों की भी समीक्षा की गई। महापौर ने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नाला सफाई कार्य पूर्ण होने के उपरांत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। इसके अलावा उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में प्राथमिकता तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि पहले उन क्षेत्रों में सड़कें बनाई जाएं जहां पहले से आबादी और मकान मौजूद हैं। खाली प्लॉट वाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण बाद में किया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के भी निर्देश दिए। बरसात से पहले नाला सफाई और सिल्ट उठान हर हाल में बैठक को संबोधित करते हुए सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर एवं सुगम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात शुरू होने से पहले सभी बड़े एवं छोटे नालों की सफाई तथा उनसे निकली सिल्ट का शत-प्रतिशत उठान हर हाल में पूरा कराया जाए, ताकि शहर में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। महापौर ने कहा कि अतिक्रमण, गंदगी और अधूरे विकास कार्यों के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी जोनल अधिकारी नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करें, सीएम ग्रिड परियोजना के अंतर्गत विकसित सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखें तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और पहले उन क्षेत्रों में सड़कें बनाई जाएं जहां पहले से आबादी निवास कर रही है, ताकि अधिकाधिक नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ मिल सके।
हरदोई में मानक-विहीन लाइब्रेरी सीज:सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर मॉल-जिम को चेतावनी, प्रशासन सख्त
दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुए हादसों के बाद हरदोई प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त हो गया है। शनिवार शाम हरदोई में सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने शहर के मॉल, जिम, अस्पतालों और लाइब्रेरियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक मानक-विहीन लाइब्रेरी को सील कर दिया गया, जबकि मॉल और जिम संचालकों को चेतावनी दी गई। निरीक्षण करीब 5:45 से शुरू हुआ। जो करीब 7:15 तक चलता रहा। निरीक्षण अभियान के तहत लखनऊ रोड स्थित 'बुक हेवन लाइब्रेरी' में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं। आवासीय भवन में संचालित इस लाइब्रेरी में न तो उचित वेंटिलेशन था और न ही कोई आपातकालीन निकास। टीम के पहुंचने पर संचालक मुख्य द्वार पर ताला लगाकर मौके से गायब हो गया। अग्निशमन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल लाइब्रेरी को सील करने का आदेश दिया। टीम ने 'वैल्यू एंड वैरायटी मॉल' का भी निरीक्षण किया, जहां आपातकालीन निकास (एग्जिट डोर) ताले से बंद मिला। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संचालक को फटकार लगाई और तुरंत ताला खुलवाया। इसके अतिरिक्त, बेसमेंट में चल रहे पावर फ्लेक्स यूनिसेक्स जिम और राजधानी प्राइवेट अस्पताल के बेसमेंट में संचालित ब्लड बैंक में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया। अस्पताल के मामले में सीएमओ को जांच के निर्देश दिए गए हैं, जबकि जिम संचालक को जल्द मानक पूरे करने की चेतावनी दी गई है, ऐसा न करने पर सीज करने की कार्रवाई होगी। इस औचक छापेमारी के डर से शहर के कई अन्य कंप्यूटर इंस्टीट्यूट और लाइब्रेरियों के संचालक अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर भाग खड़े हुए। अभियान में सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान और मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह, अग्निशमन अधिकारी शिवराम सिंह यादव भी मौजूद रहे। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। देखें कार्रवाई की फोटो…
बिलासपुर में अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में देरी पर नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मंगला स्थित 10 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का काम जुलाई तक पूरा करने की चेतावनी दी है। कमिश्नर ने ठेका कंपनी श्रद्धा कंस्ट्रक्शन को एक महीने के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। ऐसा न होने पर कंपनी पर 10 प्रतिशत पेनाल्टी लगाने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है। ठेकेदार पर पहले ही 67 लाख का जुर्माना निगम प्रशासन ने बताया कि ठेकेदार को यह कार्य 2025 तक पूरा करना था। कार्य में देरी के कारण कंपनी पर पहले ही 67 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। इसमें 10 एमएलडी एसटीपी में देरी पर 41 लाख रुपए (3% पेनाल्टी) और 6 एमएलडी क्षमता के दूसरे एसटीपी के निर्माण में देरी पर 26 लाख रुपए शामिल हैं। निगम कमिश्नर एवं स्मार्ट सिटी के एमडी प्रकाश कुमार सर्वे ने हाल ही में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विभिन्न निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंगला में नाले के गंदे पानी को अरपा नदी में जाने से रोकने के लिए बन रहे 10 एमएलडी एसटीपी का भी जायजा लिया। एसटीपी काम में देरी पर कमिश्नर ने जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान काम की धीमी गति पर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मेसर्स श्रद्धा कंस्ट्रक्शन को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जिसमें समय पर काम पूरा न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मंगला में स्मार्ट सिटी द्वारा कुल दो एसटीपी (10 एमएलडी और 6 एमएलडी) स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 6 एमएलडी का काम लगभग पूरा हो चुका है। कोनी कन्वेंशन सेंटर और पार्किंग प्रोजेक्ट का निरीक्षण स्मार्ट सिटी के एमडी ने कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि ऑडिटोरियम में कुर्सियां लगाने और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग जैसे कुछ काम अभी बाकी हैं। उन्होंने ठेकेदार को ये सभी काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुराने बस स्टैंड में बन रही ऑटोमेटेड शटल टाइप मल्टीलेवल पार्किंग का भी निरीक्षण किया गया और उसे तय समय में पूरा करने को कहा गया। उन्होंने मंगला और कोनी में बन रही सड़कों का भी जायजा लिया और निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
फर्रुखाबाद में शनिवार की शाम को एक मालगाड़ी फतेहगढ़ से फर्रुखाबाद की तरफ जा रही थी। बताया गया की दोनों स्टेशन के बीच में एक गोवंश मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इससे गोवंश मालगाड़ी में फंस गया उसे निकालने के लिए मालगाड़ी आगे और पीछे होती रही बताया गया करीब 45 मिनट बाद में निकल सका इसके बाद मालगाड़ी रवाना हुई। मिशन कंपाउंड रेलवे ट्रैक पर शनिवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने से एक गोवंश की मौत हो गई। इस घटना के कारण लगभग 45 मिनट तक रेल यातायात बाधित रहा। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोवंश का शव इंजन के नीचे बुरी तरह फंस गया। चालक ने शव को निकालने के लिए ट्रेन को कई बार आगे-पीछे किया, लेकिन वह बाहर नहीं निकल सका। काफी मशक्कत के बाद शव को दो हिस्सों में बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। शाम लगभग 5 बजे इंजन के नीचे से शव हटाए जाने के बाद मालगाड़ी फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुई और यातायात सामान्य हो सका।
रीवा के टीआरएस कॉलेज में परीक्षा के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। दोनों आरोपी मुन्ना भाई एमबीबीएस की तर्ज पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। कॉलेज प्रबंधन ने दोनों को पकड़कर सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया। शनिवार शाम दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा परीक्षाओं का आयोजन कराया जा रहा है। भोज मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र टीआरएस कॉलेज को बनाया गया है। यहां प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रही थी। स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं के दौरान वीक्षकों द्वारा नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान एमसीए परीक्षा में एक परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र पर संदेह हुआ। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सज्जन सिंह की जगह पुष्पराज सिंह चौहान निवासी कमर्जी, सीधी परीक्षा दे रहा था। आरोपी अपने चचेरे भाई की जगह परीक्षा में शामिल हुआ था। एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने गहन जांच शुरू की। इस दौरान बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में भी एक और फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया। यहां सुखेंद्र पटेल निवासी हनुमना अपने जीजा रंजीत पटेल की जगह परीक्षा दे रहा था। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान सुखेंद्र पटेल निवासी हनुमना और पुष्पराज सिंह चौहान निवासी कमर्जी, सीधी के रूप में हुई है। कॉलेज प्रबंधन ने दोनों को सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया। महाविद्यालय प्राचार्य ने बताया कि मामले में जांच के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। शनिवार शाम दोनों आरोपियों के खिलाफ 420 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं जिन मूल परीक्षार्थियों की जगह दोनों आरोपी परीक्षा देने पहुंचे थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर शनिवार रात करीब आठ बजे दो बाइकों की आपस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में विदिशा निवासी एक युवक-युवती सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस को देख रोकी थी बाइक, पीछे से मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, विदिशा के कुरवाई निवासी आसिफ अपने एक साथी युवक और युवती के साथ बाइक पर सवार होकर नोहटा की तरफ जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और घायल युवक के मुताबिक, अभाना के पास सामने से एक यात्री बस को आता देख उन्होंने अपनी बाइक सड़क किनारे रोक ली थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे अभाना निवासी मोनू जैन और पब्बी रजक की तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर उनकी रुकी हुई बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों पर सवार पांचों लोग सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। हादसे में आई गंभीर चोटें, घायल युवती ने किया विवाद इस दुर्घटना में विदिशा निवासी आसिफ के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं, वहीं दूसरी बाइक पर सवार मोनू जैन का पैर टूट गया है। हादसे के बाद दमोह-जबलपुर हाईवे पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस बीच, घायल युवती ने वहां मौजूद स्थानीय लोगों को अपनी पहचान बताने से साफ इनकार कर दिया और उनसे बहस व विवाद करने लगी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर शुरू की जांच हंगामे और हादसे की सूचना मिलते ही नोहटा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और सभी पांचों घायलों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। नोहटा पुलिस ने घायलों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दुर्घटना का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
भिवानी जिले के गांव पहाड़ी स्थित पहाड़ी माता मंदिर प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी आशीष को शनिवार को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया। मामले के जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार ने कोर्ट से आरोपी का पुलिस रिमांड मांगा, जिस पर उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। जांच अधिकारी एएसआई देवेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के आधार पर आरोपी को तोशाम, हिसार सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाकर निशानदेही कराई जाएगी। इसका उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना और आवश्यक साक्ष्य जुटाना है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही : एएसआई उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस इस मामले की हर पहलू से निष्पक्ष एवं गहन जांच कर रही है। रिमांड अवधि के दौरान प्राप्त होने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य मामले की तह तक पहुंचकर सभी पहलुओं का खुलासा करना है। लोहारू पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है। जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली से रायपुर जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट शनिवार शाम को लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी में लैंड कराई गई। रायपुर में खराब मौसम के कारण विमान को लखनऊ डायवर्ट किया गया था। इस उड़ान (6ई 6312) में 289 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार शाम अचानक मौसम बिगड़ गया। इसके चलते रायपुर स्थित एयरपोर्ट के ऊपर फ्लाइट ने कई चक्कर लगाए लेकिन लैंडिंग नहीं हो सकी। वहां से उसे लखनऊ लौटकर आना पड़ा। दिल्ली से शाम 4:15 बजे रायपुर पहुंचने वाली यह उड़ान अपने गंतव्य पर नहीं उतर सकी। लखनऊ में विमान के अंदर ही बैठे रहे यात्री फ्लाइट शाम 5:57 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरी। डायवर्जन के बाद सभी यात्री और क्रू मेंबर काफी देर तक विमान के अंदर ही बैठे रहे। बाद में, रायपुर का मौसम सामान्य होने पर विमान को शाम 6:45 बजे लखनऊ से रायपुर के लिए रवाना किया गया।
बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर हुए चावल घोटाले को लेकर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने शनिवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) पर सवाल उठाए और सीबीआई (CBI) जांच की मांग की। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन मुख्य आरोपी मिल मालिक गंभीर संचेती और उनका बेटा सौरभ संचेती अब भी फरार हैं। घोटाले में बीजेपी नेताओं और मिल मालिकों की मिलीभगत का आरोप कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया कि जिले में एथेनॉल प्लांट के नाम पर सोची-समझी रणनीति के तहत चावल घोटाला किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इस खेल में बीजेपी नेताओं और राइस मिल मालिकों की मिलीभगत है। मुंजारे ने कहा कि पुलिस केवल गाड़ी चालकों को पकड़कर खानापूर्ति कर रही है, जबकि मुख्य आरोपियों और मिल मालिकों पर कोई हाथ नहीं डाल रहा है। 100 ट्रक चावल गायब होने का दावा पूर्व सांसद ने इसे 'सबसे बड़ा घोटाला' बताते हुए कहा कि लगभग 100 ट्रक चावल का गबन किया गया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सुस्त बताया और डर जताया कि इस जांच को दबाया जा सकता है। मुंजारे का कहना है कि जब पुलिस के पास जब्त किए गए ट्रकों के नंबर हैं, तो वह आसानी से असली मालिकों का पता लगा सकती है, लेकिन ऐसा किया नहीं जा रहा है। हाईकोर्ट की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग उन्होंने एसआईटी की जांच पर भरोसा न जताते हुए कहा कि इससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। मुंजारे ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि राशन के चावल को एथेनॉल प्लांट को देने की सरकारी नीति सिर्फ बड़े व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जो सीधे तौर पर गरीबों के अनाज पर 'डाका' डालने जैसा है।
श्रीगंगानगर में होटल में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप करने के मामले में अब तक पुलिस 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, इस मामले में होटल भी सीज किया जा चुका है और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी डिटेन करने में पुलिस लगी हुई है। जांच अधिकारी डीएसपी कैलाशदान देथा की टीम ने शुक्रवार को दो और युवकों को पकड़ लिया। इनमें एक युवक हनुमानगढ़ का रहने वाला है, जबकि दूसरा श्रीगंगानगर का निवासी है। दोनों आरोपियों का शनिवार सुबह मेडिकल करवाया गया। शाम को इन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसपी हरी शंकर ने बताया- होटल के मालिक और दो मैनेजर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। इनकी रिमांड अवधि रविवार को समाप्त हो रही है, जिसके बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस को इन आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की गिरफ्तारियां हो रही हैं। इस रैकेट में बच्ची को बेचने वाले रिक्शा चालक सहित अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में तेजी से छापेमारी कर रही है। नाबालिग लड़की की सुरक्षा और उसके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मामले की जांच गहनता से जारी है।
उदयपुर के बोहरवाड़ी इलाके में शनिवार को एक घर में गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। गनीमत रही कि नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम ने सही समय पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जलती हुई टंकी के पास रखे तीन अन्य भरे हुए सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला। अगर थोड़ी सी भी देर होती, तो चारों सिलेंडर एक साथ फट सकते थे और पूरे इलाके में भारी तबाही मच जाती। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम को दोपहर में सूचना मिली थी। बोहरवाड़ी के डीआर जाकिर हुसैन मार्ग पर रहने वाले सरफराज हुसैन के मकान में गैस टंकी ने आग पकड़ ली है। आग तेजी से फैल रही थी और घर में मौजूद लोग घबराकर बाहर आ गए थे। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। दमकल वाहन के ड्राइवर कैलाश राम, फायर कर्मी मोहम्मद मुआज़ और राकेश कुमावत ने बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचकर काम शुरू किया। जब टीम घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। जिस सिलेंडर में आग लगी थी, ठीक उसी के पास गैस से भरे तीन और सिलेंडर रखे हुए थे। आग की लपटें उन तक पहुंचने ही वाली थीं। फायर कर्मियों ने खतरे को भांपते हुए सबसे पहले उन तीनों सिलेंडरों को खींचकर घर से बाहर निकाला। इसके बाद पूरी सूझबूझ से जलती हुई गैस टंकी की आग पर काबू पाया। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अगर टीम जरा भी देरी करती, तो सिलेंडरों में जोरदार ब्लास्ट हो जाता। संकरी गली होने के कारण आसपास के कई मकान इसकी चपेट में आ जाते और बड़ा नुकसान हो सकता था। नगर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने फायर टीम के इस साहसिक काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी और उनकी टीम की मुस्तैदी की वजह से शहर में एक बहुत बड़ा हादसा होने से रुक गया। कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि वे गैस सिलेंडर जैसी ज्वलनशील चीजों को हमेशा सुरक्षित जगह पर रखें।
झांसी मेडिकल कॉलेज के सामने किराए के कमरे में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन समेत कई उपकरण सीज कर दिए। टीम को देखते ही मौके पर मौजूद दो लोग मशीन चालू छोड़कर फरार हो गए। अब इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि यहां जन्म से पहले भ्रूण के लिंग की अवैध जांच का खेल चल रहा हो सकता है। पहले 2 तस्वीर देखिए… जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने करगुवांजी मंदिर के पास स्थित एक मकान में छापेमारी की। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि यहां बिना किसी वैध अनुमति के पोर्टेबल मशीन के जरिए अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं।सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिशिर पुरी की मंजूरी के बाद जब टीम ने कमरे में प्रवेश किया तो वहां पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली। कमरे में मौजूद दो लोग अधिकारियों को देखते ही मौके से भाग निकले। जिनके भागने की पूरी घटना कैमरे में कैद कर ली गई। मशीन, मोबाइल और डीवीआर सीज छापेमारी के दौरान टीम ने एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, दो मोबाइल फोन, एक कैमरे का डीवीआर, दो मोबाइल चार्जर और एक एडाप्टर बरामद कर सीज कर दिया। बरामद सामान को नगर मजिस्ट्रेट और सीएमओ की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया है। भ्रूण लिंग जांच के एंगल पर भी जांच स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर किराए के एक कमरे में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन क्यों संचालित की जा रही थी। चूंकि बिना अनुमति के अल्ट्रासाउंड संचालन पूरी तरह अवैध है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यहां जन्म से पहले भ्रूण के लिंग की जांच का अवैध खेल भी चल रहा हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। किराए के कमरे में चल रहा था पूरा नेटवर्क प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मकान मकान नम्बर 122, पावागिरी शिक्षण संस्थान, करगुवांजी मंदिर के पास स्थित भवन में यह मशीन रखी गई थी। भवन के मालिक बड़ा बाजार निवासी सौरभ कुमार जैन हैं। मकान मालिक के अनुसार संबंधित कमरा प्रिंकित नामक व्यक्ति को किराये पर दिया गया था।सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने किराये के कमरे में अवैध अल्ट्रासाउंड का यह नेटवर्क कब से संचालित हो रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर में शातिर चोर गिरफ्तार:सूने मकानों और वाहन चोरी करते थे आरोपी, 8 वारदातों का खुलासा
राजधानी में आवासीय कॉलोनियों के सूने मकानों और दोपहिया वाहनों को निशाना बनाने वाले गिरोह के दो फरार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने चोरी और नकबजनी के कुल आठ मामलों का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई दो एक्टिवा सहित करीब 4.50 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है। आरोपियों का नाम आशुतोष सिंह उर्फ सूरज (22) और साहिल सोनकर (20) बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और डीडी नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आशुतोष सिंह उर्फ सूरज (22) और साहिल सोनकर (20) को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहे थे। इससे पहले इसी गिरोह के सदस्य सिद्धार्थ सिंह उर्फ सिद्धू को गिरफ्तार कर करीब चार लाख रुपये का माल बरामद किया जा चुका है। चोरी की बाइक से करते थे रेकी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गिरोह बनाकर चोरी की दोपहिया वाहनों से शहर की कॉलोनियों में घूमते थे और सूने मकानों की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह ने डीडी नगर थाना क्षेत्र में पांच सूने मकानों में नकबजनी और तीन दोपहिया वाहनों की चोरी की थी। इनमें दो वाहन डीडी नगर और एक वाहन राखी थाना क्षेत्र से चोरी किया गया था। संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चोरी, नकबजनी और वाहन चोरी के मामलों के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी है। तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों से अब तक कुल 8.50 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया जा चुका है। इसमें सोने-चांदी के जेवरात, चोरी की तीन दोपहिया वाहन, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य सामान शामिल हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एक एलपीजी गैस टैंकर टोल प्लाजा की दीवार से टकरा गया, जिससे भीषण आग लग गई। इस हादसे में टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे और टोल कर्मचारी आलोक सिंह की मौत हो गई है। शनिवार को टोल मैनेजर की तहरीर पर टैंकर के वाहन नंबर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब 6:40 बजे हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टैंकर में तुरंत आग लग गई। हादसे में टोल प्लाजा के कुल सात कर्मचारी झुलस गए थे। इनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। दुर्घटना में टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40), पुत्र आत्मा शरण दुबे, निवासी मिर्जापुर देहात, की टैंकर के भीतर जलकर मौत हो गई थी। उनके केवल अवशेष ही मिले थे। वहीं, शुक्रवार-शनिवार की देर रात प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान टोल कर्मचारी आलोक सिंह ने भी दम तोड़ दिया। फिलहाल, चार अन्य घायल टोल कर्मचारी हीरामणि सिंह, कृष्णापाल मौर्या, अतुल कुमार मिश्रा और एक सड़क उपयोगकर्ता अनिल कुमार का प्रयागराज के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। सर्वर सिस्टम जलकर राख हो गया इस पूरे मामले में शनिवार दोपहर को कोखराज टोल प्लाजा के मैनेजर अनूप पांडेय, निवासी कटेहटी, सांगीपुर, प्रतापगढ़, की तहरीर पर एलपीजी गैस टैंकर के वाहन नंबर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दुर्घटना के कारण टोल प्लाजा का पूरा सर्वर सिस्टम जलकर राख हो गया है। इसके चलते बीते 24 घंटे से अधिक समय से टोल से गुजरने वाले सभी वाहन बिना शुल्क चुकाए आ-जा रहे हैं। टोल प्लाजा के मैनेजर अनूप कुमार पांडे के अनुसार, सर्वर सिस्टम ठप होने के कारण उन्हें प्रतिदिन 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी का आईटी विभाग जैसे ही सर्वर और पूरा सिस्टम ठीक कर देगा, टोल वसूली की व्यवस्था फिर से पूरी तरह चालू हो जाएगी।
नर्मदापुरम में 3 घंटे बिजली कटौती:सुबह 8 से 11 बजे तक चलेगा मेंटनेंस कार्य, कई इलाके प्रभावित
नर्मदापुरम में रविवार को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक तीन घंटे के लिए बिजली बंद रहेगी। यह कटौती 33/11 केवी फेफरताल बिजलीघर पर मेंटेनेंस के काम की वजह से की जाएगी। बिजली कंपनी के मुताबिक, इस काम के चलते विक्रम नगर, सरस्वती नगर, कंचन नगर, हर्षित नगर, प्रताप नगर, फौजदार कॉलोनी, ग्राम रसूलिया, बंगाली कॉलोनी, संजय नगर, महिमा नगर, आदमगढ़ रोड और भोपाल तिराहा समेत आसपास के इलाकों में बिजली नहीं रहेगी। इन कॉलोनियों में भी रहेगा असर इसके अलावा हनुमान नगर, न्यू हनुमान नगर, राघव नगर, अभिषेक नगर, राधे हाईट्स, राम नगर, चंदन नगर, गोपालकुंज, गौतम नगर, आदिशक्ति नगर, आयुष्मान नगर, शिवाजी नगर और एमपीईबी कॉलोनी से जुड़े इलाकों की भी बिजली सप्लाई बंद रहेगी। तीन घंटे नहीं आएगी लाइट साथ ही साई हेवन सिटी, साई ग्रीन सिटी, हिल व्यू होम्स, मारुति नगर, डबल फाटक, सियाराम नगर, रेवा सिटी, ग्लोबल पार्क, ग्लोबल लेक, विनायक रेजीडेंसी, पिक एवेन्यू फेज-1 व 2, फेफरताल, रेलवे चौपाटी, हिमालय सिटी, अग्रवाल एक्जोटिका, फॉर्च्यून सिटी, ग्रीन वर्ल्ड, रेवा सिटी-2 और आरती बालाजी होम्स समेत कई कॉलोनियों में भी तीन घंटे तक बिजली नहीं मिलेगी। कंपनी ने की जरूरी काम निपटाने की अपील बिजली कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे इस समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें। मेंटेनेंस का काम समय पर पूरा होने के बाद बिजली चालू कर दी जाएगी। अगर कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो बिजली बंद रहने का समय बदला भी जा सकता है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर स्थित शासकीय स्नातक महाविद्यालय में शनिवार को आयोजित भोज मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान परिक्षार्थी के पास मोबाइल मिला। इसका वीडियो सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। वायरल वीडियो में कुछ परीक्षार्थी मोबाइल सामने रखकर परीक्षा देते नजर आए। आरोप है कि मोबाइल के जरिए नकल की कोशिश की जा रही थी। ॉ हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि परीक्षा में किसी प्रकार की नकल नहीं हुई। शनिवार को महाविद्यालय में भोज मुक्त विश्वविद्यालय के तहत बीए प्रथम वर्ष के इतिहास, समाजशास्त्र तथा बीएससी प्रथम वर्ष के केमिस्ट्री विषय की परीक्षाएं आयोजित की गईं। इसी दौरान परीक्षा कक्ष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक परीक्षार्थी के पास मोबाइल दिखाई दिया। वीडियो के सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। मामला सामने आने के बाद परीक्षा ड्यूटी में तैनात भोज प्रभारी ने परीक्षा कक्ष में जांच की। जांच के दौरान एक छात्रा के पास मोबाइल मिला, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। इसके बाद अन्य परीक्षार्थियों को भी भविष्य में मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में नहीं लाने की सख्त हिदायत दी गई। घटना ने परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की जांच, मोबाइल और बैग बाहर जमा कराने की व्यवस्था होने के बावजूद मोबाइल परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंच गया, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। एनएसयूआई ने निष्पक्ष जांच की मांग कीइधर, एनएसयूआई के ब्लॉक अध्यक्ष रोहित सिंह राठौर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि परीक्षा की पारदर्शिता से समझौता हुआ है तो यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर संगठन आंदोलन करेगा। भोज परीक्षा प्रभारी ने बताया कि प्रवेश द्वार पर सभी परीक्षार्थियों की जांच की जा रही थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में नकल होने और मोबाइल के जरिए नकल कराने के आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि एक छात्रा के पास मोबाइल मिला था, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। उनके अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से हुई।
मंदसौर जिले के अफजलपुर क्षेत्र में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। इस घटना में उसके दो साथी मामूली रूप से घायल हो गए। तीनों युवक सुवासरा क्षेत्र के ग्राम बर्डिया के निवासी थे और पल्सर बाइक से अंबाजी धाम निपानिया दर्शन के लिए जा रहे थे। मृतक की पहचान लक्ष्मण सिंह पुत्र नेपाल सिंह (24 वर्ष) निवासी ग्राम बर्डिया, तहसील सुवासरा के रूप में हुई है। हादसे में घायल हुए उसके साथी नरेंद्र पुत्र शंभूलाल सेन (23 वर्ष) और अमर सिंह पुत्र गुमान सिंह (17 वर्ष) को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों युवक शनिवार को पल्सर बाइक से अंबाजी धाम दर्शन के लिए निकले थे। अफजलपुर के समीप तेज बारिश शुरू होने पर वे बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से लक्ष्मण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उसके दोनों साथी इस दौरान बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल 108 एम्बुलेंस को बुलाया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से युवकों को धुधड़का अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने लक्ष्मण सिंह को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अफजलपुर थाना प्रभारी हरीश मालवीय ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया युवक की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सागर में प्री-मानसून की एक्टिविटी के बीच शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से मजदूर की मौत हो गई। घटना के समय मृतक खेत में उड़द की बुआई करा रहा था। अचानक बारिश हुई तो पानी से बचने पेड़ की नीचे खड़ा हो गया। तभी आकाशीय बिजली गिरी और मजदूर चपेट में आ गया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया है। जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम चिखली जमुनिया में मदन यादव के खेत में शनिवार को उड़द की बुआई का काम चल रहा था। बुआई का काम मजदूर बब्लू उर्फ गंगाराम आदिवासी उम्र 35 साल करा रहा था। शाम को अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए गंगाराम छेवला के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। किसान मदन भी कुछ दूरी पर दूसरे पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरी। जिसकी चपेट में गंगाराम आदिवासी आ गया। घटना में गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मजदूर को देवरी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चेकअप के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा बनाया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है। मृतक गंगाराम की दो बेटियां और एक बेटा है।
लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान को और धार देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने जा रहा है। इसके तहत आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी। इन अभियंताओं को आवश्यकता के अनुसार एलडीए के सातों प्रवर्तन जोनों में तैनात किया जाएगा, ताकि अवैध निर्माणों की निगरानी और कार्रवाई की रफ्तार बढ़ाई जा सके। शनिवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर भर्ती का प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजधानी का लगातार विस्तार हो रहा है और नई कॉलोनियों व निर्माण गतिविधियों में तेजी आई है। ऐसे में प्रभावी निगरानी के लिए तकनीकी स्टाफ की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया है। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि भर्ती से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर प्रस्ताव स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। उनका कहना है कि अतिरिक्त जूनियर इंजीनियरों की तैनाती से अवैध निर्माणों को शुरुआती स्तर पर ही चिन्हित कर रोका जा सकेगा। निरीक्षण और कार्रवाई होगी तेज एलडीए के मुताबिक नए जूनियर इंजीनियरों की तैनाती के बाद सातों प्रवर्तन जोनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। नियमित निरीक्षण, शिकायतों का त्वरित निस्तारण, अवैध निर्माणों की पहचान और सीलिंग व ध्वस्तीकरण जैसी प्रवर्तन कार्रवाइयों को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकेगा। इससे शहर में अवैध निर्माण पर नियंत्रण की कवायद को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के विकास में किसी भी विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी नहीं होगी। हर क्षेत्र को उसकी जरूरत के अनुसार विकास कार्यों में उचित स्थान मिलेगा और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को योजनाओं में शामिल किया जाएगा। शनिवार देर शाम नोएडा में लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मेरठ मंडल के सांसदों, विधायकों और अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि मेरठ मंडल में अब तक 6568.36 करोड़ रुपए की लागत वाली 1284 विकास परियोजनाएं चिन्हित की जा चुकी हैं। विधानसभा क्षेत्रों के प्रस्तावों को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई कार्ययोजना में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए, जहां अब तक इस प्रकार के विकास कार्य नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से मिले प्रस्तावों को योजना में उचित स्थान दिया जाए, ताकि विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं को पहले मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन उनके कुछ कार्य अधूरे हैं, उन्हें भी कार्ययोजना में शामिल कर जल्द पूरा कराया जाए। धार्मिक स्थलों के लिए भी तय किए मानक बैठक में धार्मिक एवं धर्मार्थ कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रस्ताव उन्हीं स्थानों के लिए तैयार किए जाएं, जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो और निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाएं स्थानीय जरूरतों और जनसुविधा को ध्यान में रखकर बनाई जाएं, ताकि उनका अधिकतम लाभ लोगों को मिल सके। गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देकर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। बैठक में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', के.पी. मलिक, नरेंद्र कुमार कश्यप, सोमेंद्र तोमर, बृजेश सिंह और दिनेश खटीक सहित मेरठ मंडल के सांसद एवं विधायक मौजूद रहे। इसके अलावा मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम समेत शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
फरीदाबाद में पर्वतीय पुलिस चौकी क्षेत्र की पर्वतीय कॉलोनी स्थित गंगा एन्क्लेव पार्ट-2 में शनिवार शाम एक हादसा हो गया। बिल्डिंग मटेरियल के एक प्लॉट की दीवार गिरने से एक बारह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक महिला और चार बच्ची घायल हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। घटना में एक बच्ची की मौत की सूचना है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। बिल्डिंग मटेरियल प्लॉट में चल रहा था काम स्थानीय निवासी ओम दत्त शर्मा ने बताया कि हादसा शाम करीब 5:45 बजे हुआ। उनके अनुसार रोहतास नाम के व्यक्ति के बिल्डिंग मटेरियल प्लॉट में जेसीबी की मदद से बालू को एक तरफ किया जा रहा था। इसी दौरान बालू का भारी दबाव प्लॉट की दीवार पर पड़ गया। दबाव इतना अधिक था कि करीब 15 फुट लंबी दीवार अचानक गली की ओर गिर गई। दीवार के साथ बड़ी मात्रा में बालू भी बाहर आ गया, जिससे गली से गुजर रही एक महिला और चार बच्चियां उसके नीचे दब गईं। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने बिना किसी देरी के अपने स्तर पर मलबा हटाना शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। देखें फोटो… चार बच्चियां दीवार के मलबे में दबी बताया जा रहा है कि 12 साल की बच्ची दिव्या की मौत हो गई। वहीं अंशिका तिवारी (12 वर्ष), शीतल, खुशी और सृष्टि घायल हो गईं। खुशी के पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है, जबकि अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। महिला को भी गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने इस पूरे हादसे के लिए बिल्डिंग मटेरियल प्लॉट के मालिक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि प्लॉट की दीवार कच्ची और कमजोर थी। कई बार आसपास रहने वाले लोगों ने प्लॉट मालिक को चेतावनी दी थी कि दीवार कभी भी गिर सकती है, लेकिन उसने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों का आरोप है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए बिना जेसीबी से काम कराया जा रहा था, जिससे यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि हादसे के समय बच्चे गली में खेल नहीं रहे थे, बल्कि महिला के साथ कहीं जा रहे थे। तभी अचानक दीवार और बालू उनके ऊपर आ गिरा। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पर्वतीय पुलिस चौकी और मुजेसर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गली में गिरे मलबे और बालू को हटवाया। इसके बाद पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि दीवार गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक बच्ची की मौत की हुई है, जबकि अन्य घायल हैं और उनका उपचार जारी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में यदि किसी भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर में भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष अनीता जोशी ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एसडीओ और जेई पर बिजली कनेक्शन के नाम पर 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने, दुर्व्यवहार करने और कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा हुआ। पीड़िता अनीता जोशी के अनुसार, बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर एसडीओ दीपक पटेल और जेई विनय गुप्ता ने उनसे 25 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो दोनों अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। दूसरे कनेक्शन की मांग की भाजपा नेत्री ने इस घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक (एसपी) से करते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कलेक्ट्रेट परिसर में वह भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि 35 वर्षों से पार्टी की सेवा करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने नगर विधायक रत्नाकर मिश्र पर भी उनकी शिकायत न सुनने और दुत्कारने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत में अनीता जोशी ने कहा कि यदि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो पार्टी में काम करना व्यर्थ है। इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ दीपक पटेल ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि अनीता जोशी के नाम से पहले से एक बिजली कनेक्शन चल रहा है। उसी परिसर में उनके पौत्र के नाम से दूसरे कनेक्शन की मांग की गई है। एसडीओ के अनुसार, पहले कनेक्शन पर 1.63 लाख रुपये का बकाया है, जिसके कारण दूसरा कनेक्शन देना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी बात पर महिला नाराज होकर थाने में भी पत्र दे चुकी हैं।
पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे)के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने शनिवार को कोटा में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने दरा रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण के दौरान हुए हादसे को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दरा में कुछ त्रुटियां रही है,ड्रॉइंग को सही तरीके से फॉलो नहीं किया गया। जीएम ने कहा कि कार्य करने के दौरान जो भी घटना होती है। उनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। दरा में कुछ त्रुटियां रही है। ड्रॉइंग को सही तरीके से फॉलो नहीं किया गया। क्योंकि वहां की लाइन (लेंड )दिखने में बहुत स्ट्रॉन्ग पैकिंग के साथ जुड़ी दिख रही थी। उस दौरान गर्मी बहुत ज्यादा थी। गर्मी की वजह से उसका मॉइश्चर चला गया होगा।जिस वजह से हादसा हुआ। आगे लोगों को बताया किसी भी तरीके का रिस्क मत लो। जो लाइन दिखने में अच्छी लग रही है। इतनी गर्मी में बाद में उसका बिहेवियर चेंज हो सकता है। उस हादसे से सब लोगों ने सबक लिया है। आगे रिपीट ना हो उसके लिए हमने एक सर्कुलर जारी किया है।क्योंकि इस हादसे में सबसे ज्यादा लॉस हमें हुआ है। हमारे दो इंजीनियर की मौत हुई। उन्होंने कहा कि फिलहाल मौके पर काम चल रहा है। हादसे के बाद काम की रफ्तार धीमे व बहुत सेफ तरीके से एक-एक दिन का प्लान बनाकर कर रहे हैं। 15 अगस्त तक उस काम को पूरा कर लेंगे। बता दें 28 मई को कोटा में नेशनल हाईवे-52 पर दरा घाटी के पास रात करीब 8 बजे रेलवे अंडर ब्रिज पर बॉक्स फिशिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह सोलंकी और पंकज कुमार झा अचानक मिट्टी ढहने से उसके नीचे दब गए थे। प्रशासन और राहत टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। कोटा रेलवे स्टेशन एवं न्यू कोटा स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया इससे पहले पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा रेलवे स्टेशन एवं न्यू कोटा स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप का भी दौरा किया। उन्होंने व्हील एवं सीटीआरबी शॉप, बोगी शॉप तथा बॉक्स शॉप की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर रखरखाव एवं उत्पादन संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। महाप्रबंधक ने कोटा स्थित सिग्नल एवं दूरसंचार जीएसयू यूनिट में स्थापित उन्नत कवच फैट रूम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कवच प्रणाली की विश्वसनीयता एवं परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए किए गए तकनीकी नवाचारों की सराहना की। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़े- डेडलाइन पूरी करने की जल्दबाजी में गई इंजीनियरों की जान:बिना सुरक्षा उपकरण गड्ढे में उतरे,एक की मौके पर मौत; दूसरे का सिर फटा नौकरी लगने के 3 महीने बाद रेलवे इंजीनियर की मौत:परिवार का इकलौता बेटा था; अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढहने से 2 की मौत हुई थी रेलवे अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढही,2 इंजीनियर की मौत:जेसीबी से मिट्टी हटाकर 15 मिनट में दोनों को निकाला, एक अधिकारी ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम
जिला बिलासपुर के तहत आते घुमारवीं थाना पुलिस ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए चोरी के एक बड़े मामले का महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने बस अड्डा क्षेत्र से चोरी हुए करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। इस अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो पड़ोसी राज्य हरियाणा के रहने वाले हैं। पकड़े गए चारों आरोपियों की पहचान हरियाणा के शातिर अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीड़ित परिवार के चोरी हुए सभी आभूषण सुरक्षित बरामद कर लिए हैं। आभूषणों की बाजार में कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। बस अड्डे पर नजर चूकते ही बैग से उड़ाए थे गहने पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घुमारवीं बस अड्डा क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह अपनी पत्नी के साथ यात्रा पर था। इसी दौरान शातिर चोरों ने मौका पाकर उसके बैग को खंगाला और उसमें रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर घुमारवीं पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। तकनीकी और मानवीय इनपुट से दबोचे गए आरोपी मामले की संवेदनशीलता और भारी रकम की चोरी को देखते हुए पुलिस ने बस अड्डे और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय खुफिया तंत्र (मानवीय सूचना) के सटीक तालमेल के चलते पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर ली और घेराबंदी करके चारों को दबोच लिया। हरियाणा के सोनीपत और जींद के रहने वाले हैं आरोपी अजीत (पुत्र सूरज भान) — निवासी आर्य नगर, गोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा। विनय कुमार (पुत्र सुरेन्द्र कुमार) — निवासी अशरफगढ़, जिला जींद, हरियाणा। राकेश कुमार (पुत्र राजा सिंह) — निवासी गोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा। सूरजभान (पुत्र बारू राम) — निवासी गोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा। आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है पुलिस घुमारवीं पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने हिमाचल प्रदेश के अन्य किन-किन इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। इसके साथ ही हरियाणा पुलिस से संपर्क साधकर इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास (Criminal Record) की भी पड़ताल की जा रही है।
वाराणसी जिला कोर्ट से डिप्टी सीएम से संबंध होने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपए हड़पने के मामले में आरोपित प्रॉपर्टी डीलरों को बड़ी राहत मिल गई। अपर जिला जज (षष्ठम) आलोक कुमार की अदालत ने आरोपियों की जमानत पर सुनवाई की। शेरूका, चंदौली निवासी प्रॉपर्टी डीलर मृत्युंजय सिंह व धरमपुर, बड़ागांव निवासी शिवकुमार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोपाल कृष्ण व विकास सिंह ने पक्ष रखा। अभियोजन ने कोर्ट को बताई पूरी कहानी अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी चन्द्रशेखर राजभर ने बड़ागांव थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि 5 मार्च 2023 को बाबतपुर में उनकी मुलाकात मृत्युंजय सिंह और शिवकुमार भारद्वाज से हुई थी। दोनों ने खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए कहा कि वे जेबीएस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड और शक्ति कैपिटल नामक कंपनियों का संचालन करते हैं, जिनका कार्यालय गोमतीनगर, लखनऊ में है। डिप्टी सीएम का करीबी बताकर निवेश का झांसा आरोप है कि दोनों ने खुद को डिप्टी सीएम का करीबी बताते हुए वादी को भरोसा दिलाया कि निवेश करने पर बाबतपुर में जमीन दिलाई जाएगी और अच्छा मुनाफा भी मिलेगा। उनके झांसे में आकर वादी ने 15 अप्रैल 2023 से 31 अगस्त 2023 के बीच शक्ति कैपिटल के खाते में चेक के माध्यम से कुल 7 लाख रुपए जमा किए। साथ ही अपने कुछ रिश्तेदारों की रकम भी कंपनी में निवेश कराई। वादी के अनुसार, रकम लेने के बाद न तो जमीन दी गई और न ही पैसा लौटाया गया। पूछताछ करने पर आरोपियों ने कहा कि जमीन देने में समय लगेगा, तब तक मूलधन पर 10 प्रतिशत और लाभ के रूप में 5 प्रतिशत राशि चेक से दी जाएगी। शुरुआती दो-तीन महीने तक कुछ भुगतान किया गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया और लगातार टालमटोल की जाती रही। पैसा मांगने पर दी धमकी वादी ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो आरोप है कि मृत्युंजय सिंह और शिवकुमार भारद्वाज ने साफ कह दिया कि अब एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। साथ ही गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी भी दी। कई लोगों से इसी तरह ठगी का आरोप अभियोजन के अनुसार, बाद में वादी को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी खुद को डिप्टी सीएम का करीबी बताकर अलग-अलग कंपनियों के नाम से लोगों को जमीन दिलाने का झांसा देते हैं। आरोप है कि वे वर्षों से विभिन्न शहरों में इसी तरीके से लोगों से धनराशि लेकर धोखाधड़ी करते आ रहे हैं। अभियोजन का कहना है कि दोनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत और आपराधिक षड्यंत्र के तहत वादी को झूठे आश्वासन देकर 7 लाख रुपए हड़प लिए। शिकायत के आधार पर बड़ागांव थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
फलोदी में 28 जून को पल्स पोलियो अभियान:1.53 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक, 33 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए
फलोदी जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून से शुरू होगा। इस दौरान नवजात से लेकर 5 साल तक के एक लाख 53 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 870 बूथों पर पिलाई जाएगी दवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया-अभियान के पहले दिन जिले भर में कुल 870 बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद अगले दिनों में छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर खुराक दी जाएगी। 33 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी (आरसीएचओ) डॉ. हजारीमल सोनी के अनुसार, अभियान के लिए 2500 प्रशिक्षित वैक्सीनेटर और 3 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। वैक्सीन की सुरक्षा और वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में 33 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लाएं और पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाएं। जिला स्तरीय अधिकारी अभियान की नियमित निगरानी करेंगे, और गठित टीमें घर-घर जाकर वंचित बच्चों को दवा पिलाएंगी।
8 साल पुराने चर्चित ऑनर किलिंग केस में इंदौर विशेष एससी/एसटी कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट सभी आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए कठोर दंड से दंडित किया। विशेष न्यायाधीश और अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्र ने आरोपी अरुण भालसे, शिवराम भालसे, राहुल पंवार, सोनू दांगे, राजेश मोये और विशाल खेडेकर को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और धारा 307 के तहत 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। बहन की लव मैरिज से नाराज था भाई प्रभारी उप संचालक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि भावना नगर निवासी रिंकी भालसे ने 2018 में तेजकरण भालसे से प्रेम विवाह किया था। इसी बात को लेकर रिंकी के परिजन नाराज थे। 26 जुलाई 2018 को आरोपियों ने तेजकरण को घर के नीचे बुलाया और बहन को भगाकर शादी करने की बात को लेकर विवाद किया। इसके बाद आरोपियों ने तेजकरण और उसके मित्र मोनू पर चाकुओं और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल तेजकरण को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया था। फिर भी साबित हुआ अपराध मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मृतक की पत्नी रिंकी भालसे और घायल गवाह मोनूराव कोर्ट में अपने पूर्व बयानों से मुकर गए और अभियोजन का समर्थन नहीं किया। यहां तक कि घायल मोनू ने आरोपियों की पहचान करने से भी इनकार कर दिया। इसके बावजूद आरती भदौरिया (ADPO) ने अन्य प्रत्यक्षदर्शी गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। कोर्ट ने अन्य चश्मदीद गवाहों की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए अभियोजन के तर्कों को स्वीकार किया और सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। हत्या के साथ हत्या के प्रयास में भी सजा कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने न केवल तेजकरण की हत्या की, बल्कि मोनू की भी हत्या करने का प्रयास किया था। इसी आधार पर आरोपियों को हत्या के साथ-साथ हत्या के प्रयास के अपराध में भी दोष सिद्ध हुआ।
एजुकेशन और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' के तहत शनिवार को कांग्रेस की ओर से पाली के बाड़सा रिसोर्ट में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कांग्रेस के कार्यक्रम में कोटा में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आयोजित 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम का बड़ी एलईडी स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों एवं राहुल गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने युवाओं और स्टूडेंट्स से जुड़ने का किया आह्वानजिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपालसिंह निम्बाड़ा ने छात्रों और युवाओं से अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि 'छात्रों की गूंज' केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई है। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। स्टूडेंट्स ने बताई अपनी समस्याएंकार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। कॉलेज छात्रा कुसुम ने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली के कारण स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अच्छे पेपर होने के बावजूद उन्हें बैक मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कॉलेजों में फीस और अन्य भुगतान के नाम पर कई बार डिग्रियां भी रोक दी जाती हैं। वहीं प्रथम वर्ष की छात्रा हिमांशी शर्मा ने बताया कि अच्छी तैयारी के बावजूद उन्हें दो विषयों में शून्य अंक देकर बैक लगा दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्या कई अन्य स्टूडेंट्स के साथ भी हुई है और परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। कार्यक्रम में छात्र रूद्रास और खुशवीर ने भी शिक्षा और परीक्षा से जुड़ी अपनी समस्याएं साझा कीं। इनकी रही मौजूदगीइस दौरान मेहबूब टी, मंगलाराम चौधरी बाड़सा, जोगाराम सोलंकी, आनंद सोलंकी, यशपालसिंह शिवतलाव, गुलाबसिंह गिरवर, सीताराम टांक, गोबिंद बंजारा, राकेश मेवाड़ा, महेश जोशी, भेरूसिंह सोनाणा, महावीर कटारिया, ताराचन्द चन्दनानी, विकास राठौड़, गोरधन प्रजापत, दिनेश दवे, मोहनसिंह गुडलाई, वागाराम विश्नोई, पूनमचंद विश्नोई, चन्द्रपाल सिंह पुनायता, मगराज सोनी, फारुख रंगीला, साबिर अशरफी, मांगीलाल सोलंकी, संजय परमार, असगर कुरेशी, धनराज लौहार, विक्रम राठौड़, मांगीलाल सोलंकी सहित कई कांग्रेस जन मौजूद रहे।
शहर के एक कपड़ा व्यापारी की हार्ट अटैक के इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने निजी हॉस्पिटल में हंगामा किया। मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला इतना बढ़ गया कि हॉस्पिटल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत चली। आखिरकार आपसी सहमति से 10 लाख रुपए के मुआवजे पर समझौता हो गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। सीने में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे थे व्यापारी चंदनपुरा निवासी राजेश(55) पुत्र भंवरलाल सुराणा को शुक्रवार रात करीब आठ बजे अचानक सीने और कंधे में तेज दर्द हुआ। परिवार के लोगों के अनुसार उनका हाथ भी ठीक से नहीं उठ रहा था। पत्नी रेणु सुराणा ने इसकी जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी। शनिवार सुबह उन्हें सांवरिया पारस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां डॉक्टर अनुराग जैन ने ईसीजी, इको और ब्लड जांच करवाई। जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि होने के बाद एंजियोग्राफी की गई। डॉक्टर ने बताया कि हार्ट की मुख्य नस पूरी तरह ब्लॉक है और तुरंत एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट डालना जरूरी है। परिजनों का आरोप, ऑपरेशन के लिए बनाया दबाव मृतक के रिश्तेदार संजय जैन ने आरोप लगाया कि एंजियोग्राफी के बाद डॉक्टर ने उन्हें सिर्फ 10 मिनट का समय दिया और कहा कि तुरंत फैसला लेना होगा। उन्होंने बताया कि परिवार के बाकी सदस्य रास्ते में थे और वे उनके आने का इंतजार करना चाहते थे, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि इतना समय नहीं है। इसके बाद परिवार की सहमति से ऑपरेशन कराया गया। संजय जैन का आरोप है कि स्टेंट डालने के बाद डॉक्टर ने खुद बताया कि पास की एक नस डैमेज हो गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से ज्यादा ब्लीडिंग हुई और यही मौत का सबसे बड़ा कारण बना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर का पहले भी ऐसा रिकॉर्ड रहा है और प्रशासन से डॉक्टर की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। पत्नी बोलीं- चेकअप के लिए आए थे, कुछ ही देर में ऑपरेशन करना पड़ा मृतक की पत्नी रेणु सुराणा ने बताया कि उनके पति सामान्य जांच कराने हॉस्पिटल आए थे। डॉक्टर ने पहले ईसीजी, फिर ब्लड टेस्ट और इको करवाया। इसके बाद कहा कि हार्ट में गंभीर समस्या दिखाई दे रही है और तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परिवार के लोग भीलवाड़ा और दूसरे शहरों से आ रहे थे, इसलिए कुछ समय मांगा गया, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि इंतजार नहीं किया जा सकता। ऑपरेशन के बाद राजेश को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। डॉक्टर उन्हें वापस ऑपरेशन थिएटर ले गए। इसके बाद परिवार को सिर्फ इतना बताया गया कि ब्लड प्रेशर नहीं मिल रहा है और हालत गंभीर है। कुछ समय बाद उनकी मौत की सूचना दे दी गई। बेटी ने कहा- पहले कहा सब ठीक है, फिर अचानक हालत बिगड़ गई मृतक की बेटी अदिति ने बताया कि ऑपरेशन के बाद परिवार को लगा कि अब पिता की हालत ठीक है, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें फिर से ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। परिवार को अंदर नहीं जाने दिया गया और सिर्फ इतना बताया गया कि कुछ दिक्कत आ गई है। बाद में डॉक्टर ने पहले 50 प्रतिशत और कुछ मिनट बाद सिर्फ 5 प्रतिशत बचने की संभावना बताई। परिवार का कहना है कि पूरी स्थिति को लेकर उन्हें सही तरीके से जानकारी नहीं दी गई, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई। डॉक्टर बोले- इलाज पूरी प्रक्रिया के अनुसार किया गया डॉक्टर अनुराग जैन ने परिजनों के सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने बताया कि राजेश सुराणा हार्ट अटैक की स्थिति में हॉस्पिटल पहुंचे थे। सभी जरूरी जांच के बाद परिजनों को पूरी जानकारी दी गई और उनकी सहमति से एंजियोग्राफी की गई। जांच में मुख्य नस पूरी तरह बंद मिली, जिसके बाद एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट डाला गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत सामान्य थी और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर परिजनों से भी मिलवाया गया। करीब एक घंटे बाद मरीज को फिर से सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी हुई। ईसीजी में दोबारा हार्ट अटैक के संकेत मिले। इसके बाद दोबारा जांच के लिए ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही मरीज का हार्ट अचानक कोलैप्स हो गया। डॉक्टर ने कहा कि पूरी कोशिश के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि ऑपरेशन के दौरान कोई नस कट गई थी। हंगामे के बाद पुलिस पहुंची, 10 लाख के मुआवजे पर सुलझा मामला व्यापारी की मौत के बाद हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग पहुंच गए। डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। स्थिति बिगड़ने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की और मामला शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच 10 लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनी। समझौते के बाद परिजन शांत हुए और हंगामा खत्म हो गया।
राजनांदगांव पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। चिचोला पुलिस ने बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर महाराष्ट्र के दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 23.270 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत 10.10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी केसरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में चिचोला पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई 26 जून को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चिचोला बस स्टैंड के पास दो व्यक्ति बैग में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी चौकी प्रभारी निरीक्षक योगेश पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद समीर (28) निवासी फिरदौस कॉलोनी, अकोला (महाराष्ट्र) तथा आयाज खान (39) निवासी नया वैधपुरा, मुजफ्फरनगर, अकोला (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। बैग से मिले 20 पैकेट गांजा पुलिस ने दोनों आरोपियों के बैग की तलाशी ली तो टेप से पैक किए गए 20 पैकेट गांजा बरामद हुए। तौल करने पर गांजे का कुल वजन 23.270 किलोग्राम निकला। गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23.270 किलो गांजा, 300 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को एक मंच पर लाने के लिए शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्टार्टअप संस्थापक, उद्योगपति, शिक्षाविद, आईटी विशेषज्ञ, डिजिटल क्रिएटर्स और युवा उद्यमियों ने भाग लिया।समारोह में तकनीक, शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार और डिजिटल क्रिएशन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली 20 से अधिक प्रतिभाओं और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल राजस्थान बनाने का संकल्प लेते हुए प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। आईटी विस्तार से बदलेगा प्रदेश का भविष्यकार्यक्रम का शुभारंभ सांसद मंजू शर्मा और वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम संयोजक पंकज गुप्ता ने कहा कि तकनीक आधारित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है। सह-संयोजक मानव जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से राजस्थान में आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य उज्ज्वल है। पैनल चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सुरक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार, स्टार्टअप फंडिंग, ऑटोमेशन और टियर-2 शहरों में उद्यमिता की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी दक्षता आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप के समन्वय पर जोरकार्यक्रम में डॉ. ऋतु बनावत, ऋषि बंसल, सुरेश सैनी, सुभाष गोयल, अरुण अग्रवाल, जगदीश सोमानी, परेश गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, इंजी. अनुराग अग्रवाल (अरुण आर्या), भवानी सिंह राजावत, शिल्पी आर. पुरोहित, मनीष मित्तल, डॉ. मनोज गुप्ता (प्रो प्रेसिडेंट), डॉ. श्रद्धा आर्या, सोनिया माहेश्वरी, उमाशंकर अरोड़ा, मनीष गुप्ता, गौरव खेतरपाल और सेलिब्रिटी एंकर अंकित खंडेलवाल मौजूद रहे। वहीं आर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), पूर्णिमा यूनिवर्सिटी, वेबक्यूब सहित कई तकनीकी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों ने भागीदारी की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बेहतर समन्वय से राजस्थान तकनीकी नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
प्रयागराज जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग की जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, वहां जल्द काम पूरा किया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बैठक में अनुपस्थित रहने पर करछना और कोरांव के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। हाईटेंशन लाइन और बिजली कनेक्शन जल्द पूरे करने के निर्देश बैठक में बताया गया कि भुगतान होने के बावजूद 26 विद्यालयों से हाईटेंशन लाइन अब तक नहीं हटाई गई है। इस पर डीएम ने चेतावनी दी कि किसी हादसे की स्थिति में संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वहीं, 218 स्कूलों में धनराशि जमा होने के बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं हुए हैं। डीएम ने इसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। स्कूल चलो अभियान पर रहेगा विशेष फोकस जिलाधिकारी ने 1 से 15 जुलाई तक चलने वाले 'स्कूल चलो अभियान' में सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि कक्षा 5 और 8 पास करने वाले सभी बच्चों का क्रमशः कक्षा 6 और 9 में प्रवेश कराया जाए। नामांकन की पूरी जानकारी पोर्टल और ऐप पर समय से अपडेट करने के भी निर्देश दिए गए। स्कूलों की सुविधाएं और पढ़ाई होगी बेहतर डीएम ने स्कूलों में फर्नीचर, दिव्यांग शौचालय, बाउंड्रीवॉल, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं तय मानकों के अनुसार उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय और अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन देने और 'निपुण प्लस ऐप' पर नियमित फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का माध्यम होना चाहिए।
गंगरेल बांध के पास नहर में गिरी नीलगाय,VIDEO:100 मीटर तैरने के बाद खुद बाहर निकली, वन विभाग अलर्ट पर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के पास मंगलवार को एक नीलगाय नहर में गिर गई। करीब एक घंटे तक संघर्ष करने के बाद नीलगाय खुद ही नहर से बाहर निकलने में सफल रही। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, धमतरी वन परिक्षेत्र के गंगरेल बांध से लगे पावर हाउस के पास हरियाली की तलाश में विचरण कर रही नीलगाय अचानक नहर में गिर गई। नहर में गिरने के बाद वह करीब 100 मीटर तक तैरती रही और पुल पार करने के बाद किसी तरह बाहर निकलने में सफल हो गई। लोगों की लगी भीड़, मोबाइल में कैद हुआ वीडियो नीलगाय को नहर में संघर्ष करते देख आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और नीलगाय पर लगातार नजर बनाए रखी, ताकि उसके साथ कोई अप्रिय घटना न हो। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद नीलगाय सुरक्षित बाहर निकलकर जंगल की ओर चली गई। पहले भी हो चुकी है नीलगाय की मौत गंगरेल बांध क्षेत्र में इससे पहले भी एक नीलगाय की पानी में गिरने से मौत हो चुकी है। उस समय वन विभाग की टीम ने नाव की मदद से उसके शव को बाहर निकाला था। ऐसी घटनाओं को देखते हुए वन विभाग लगातार लोगों को शाम के समय जंगल और बांध क्षेत्र के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और सतर्क रहने की सलाह देता रहा है। डीएफओ बोले- हरियाली की तलाश में बांध तक पहुंचते हैं वन्यजीव डीएफओ कृष्ण जाधव ने बताया कि धमतरी से लगे केरेगांव रेंज में बड़ी संख्या में नीलगाय पाई जाती हैं। गंगरेल बांध इसी क्षेत्र से सटा होने के कारण नीलगाय अक्सर हरियाली और पानी की तलाश में बांध के आसपास पहुंच जाती हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रहा है और लोगों को भी वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। गंगरेल क्षेत्र में अक्सर दिखते हैं वन्यजीव गंगरेल बांध का इलाका वन्यजीवों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। यहां नीलगाय के अलावा तेंदुआ, हिरण, हाथी और अन्य वन्य प्राणी भी समय-समय पर दिखाई देते हैं। स्थानीय लोग कई बार इन वन्यजीवों की तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर चुके हैं।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पढ़ रहे लाखों छात्रों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक वीडियो संदेश जारी कर दिल्ली के सभी कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने के लिए एक महीने का कड़ा समय दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि दिल्ली में चल रहे कोचिंग सेंटरों की संख्या चाहे 900 हो या 1000, सरकार को इस नंबर से मतलब नहीं है, बल्कि सबसे ज्यादा सरोकार बच्चों की जान और उनकी सुरक्षा से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कोचिंग संस्थानों के पास फ़ायर ऑडिट नहीं है, आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं हैं या जिनकी बिल्डिंग में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, उन्हें नियमों का पालन न करने की स्थिति में तुरंत सील कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट की सिफारिश पर लाया जाएगा सख्त कानून मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली हाईकोर्ट की समिति की सिफारिशों के आधार पर कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून लाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरी मुहिम में विद्यार्थियों से भी सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा है कि यदि उन्हें लगता है कि उनका कोचिंग संस्थान किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं है, तो वे इसकी सूचना संदेश, ईमेल या फोन कॉल के माध्यम से सीधे सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों से मिली जानकारी पर प्रशासन द्वारा सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा ताकि दिल्ली में पढ़ रहे लाखों बच्चों की जिंदगियों को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
प्रतापगढ़ में एक 15 वर्षीय किशोरी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को परिवाद देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। किशोरी ने अपने पिता और एक अन्य व्यक्ति पर उसकी इच्छा के विरुद्ध दूसरी जगह रिश्ता तय करने का दबाव बनाने तथा विरोध करने पर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। किशोरी ने अपने परिवाद में बताया- 17 जनवरी 2026 को समाज की परंपरा के अनुसार उसकी सगाई हुई थी। उसका आरोप है कि सगाई के बाद में उसके पिता ने कथित रूप से सगाई वाले पक्ष से अधिक धन की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर सगाई तोड़ दी गई और उसके बाद दूसरी जगह रिश्ता कराने की तैयारी शुरू कर दी गई, जिसका उसने विरोध किया। मारपीट का आरोप, घर छोड़कर पहुंची सुरक्षा मांगने किशोरी का आरोप है कि विरोध करने पर उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई। उसने बताया कि करीब छह दिन पहले वह घर छोड़कर अपने पूर्व सगाई वाले युवक के पास पहुंची। इसके बाद दोनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए परिवाद सौंपा। अपनी पसंद से शादी करने की जताई इच्छा परिवाद में किशोरी ने कहा है कि वह अभी नाबालिग है और बालिग होने के बाद अपनी पूर्व सगाई वाले युवक से ही विवाह करना चाहती है। उसने आशंका जताई कि उसके पिता और अन्य लोग उसकी तलाश कर रहे हैं तथा उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसलिए उसने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस बारे में सुहागपुरा थाना अधिकारी मनीष कुमार वैष्णव ने बताया- अभी तक उनके पास इस संबंध में कोई परिवाद प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे ही परिवाद मिलेगा, उसकी जांच कर नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा जिले के ग्राम कदनई में शराब पीने के बाद पति-पत्नी में विवाद हो गया। विवाद के बाद पत्नी ने पति की डंडे से बेदम पिटाई कर दी और पत्थर से भी हमला कर दिया। ग्रामीण सुबह गंभीर रूप से घर के आंगन में पड़ा मिला। उसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला बतौली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम कदनई के दूरस्थ क्षेत्र लोटाभवना निवासी नेतराम मझवार (51 वर्ष) शनिवार सुबह अपने घर के आंगन में गंभीर अवस्था में पड़ा मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली पहुंचाया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। उसके पीठ और चेहरे व सिर में चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। विवाद के बाद पत्नी ने पीटा, हो गई मौत प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि नेतराम मझवार और उसकी पत्नी के बीच बीती रात शराब पीने के बाद विवाद हो गया था। विवाद के बाद नेताराम की उसकी पत्नी ने डंडे से बेदम पिटाई कर दी और पत्थर से भी हमला किया। नेतराम मारपीट में घायल हो गया और घर के आंगन में ही सो गया। गंभीर चोट की वजह से उसकी मौत हो गई। बतौली थाने के जांच अधिकारी राजेश खलखो ने बताया कि मामले में पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के बर्रा में बेटी से छेड़खानी करने पर एक पिता ने शोहदे के अधिवक्ता पिता के सरेआम तमंचा अड़ा दिया। पूरी घटना एक सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई। युवती के पिता ने तमंचा लगाकर कहा–अगली बार इसकी खोपड़ी में छेद कर दूंगा। इसके बाद युवक ने अपनी पत्नी को तमंचा थमाते हुए कहा– अब कुछ करें तो मार देना। सीसीटीवी वायरल होने के बाद पुलिस ने बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज की है। अधिवक्ता पुत्र काफी दिनों से कर रहा था अश्लील इशारे बर्रा थानाक्षेत्र निवासी युवक ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उनके घर के सामने रहने वाले अधिवक्ता सुशील कटियार का नाबालिग बेटा आए दिन बेटी के साथ अश्लील इशारे करता है, जिसका उनके पास वीडियो भी है। बेटी ने तंग आकर परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों के विरोध करने पर आरोपी पक्ष झगड़ने को आमादा हो गए, जिस पर इलाकाई लोगों ने समझा बुझाकर शांत कराया। सभ्रांत लोगों के साथ दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल ही रही थी, तभी युवती के आक्रोशित पिता घर से तमंचा लेकर आए और सरेआम अधिवक्ता के सिर पर सटाकर बोले– आप सभी लोगों की बात मान ली, लेकिन अगली बार कुछ हुआ तो इसकी खोपड़ी में गोली मार दूंगा। आप सब सामाजिक लोगों की वजह से छोड़ दिया, लेकिन अगली बार छोड़ूंगा नहीं। 21 जून को पंचायत के दौरान गुस्साए पिता ने लगाया तमंचा इसके बाद युवती के पिता ने तमंचा पत्नी को थमाया और बोला कि अगली बार मार देना, वरना मैं आया तो मैं मार दूंगा… इसका भेजा निकाल दूंगा। पूरी घटना सुशील कटियार के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वहीं दूसरी तरफ से सुशील कटियार ने बताया कि 21 जून को वह घर पर कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाला युवक हाथ में तमंचा लेकर उनके घर पर आ धमका और उन्हें व उनके नाबालिग बेटे को जान से मारने का प्रयास किया। लोगों के बीच-बचाव पर धमकी देकर चला गया। बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवती के पिता की तलाश की जा रही है, जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
अशोकनगर जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के पुरा गांव में चार साल पुराने जमीनी विवाद ने शनिवार दोपहर एक युवक की जान ले ली। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। यह विवाद पुरा गांव के खेतों में फूलसिंह गुर्जर और श्यामसुंदर गुर्जर नाम के दो भाइयों के मकानों और खेतों तक पहुंचने के रास्ते को लेकर था। इन दोनों भाइयों के खेतों तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं था, और वे हमेशा पड़ोसी के खेत से आने-जाने को लेकर विवादों में रहते थे। कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया थापिछले चार वर्षों में इस विवाद को लेकर कई बार एफआईआर दर्ज की गईं और मामला राजस्व विभाग तक भी पहुंचा। दोनों पक्षों ने कलेक्टर के समक्ष जनसुनवाई में भी अपनी बात रखी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया था। शनिवार दोपहर को फूलसिंह और श्यामसुंदर अपने अन्य परिजनों के साथ विवादित रास्ते पर मुरम डाल रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष से बृजेश गुर्जर मौके पर पहुंच गया, जिससे उनके बीच विवाद शुरू हो गया। शुरुआती विवाद में बृजेश को गंभीर चोटें आईं। बृजेश के परिजनों को घटना की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठियां चलीं और पत्थरों से हमला किया गया। इस खूनी संघर्ष में बृजेश गुर्जर की मौत हो गई। बृजेश के पक्ष से वकील, रामचरण, इमरत सिंह, भोलाराम, वीरन और परमाल सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं, दूसरे पक्ष से फूलसिंह, श्यामसुंदर, शैतान सिंह, रामकृष्ण, राजकुमार और जितेंद्र गुर्जर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गयासूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त बल बुलाया गया। सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक बृजेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मुंगावली भेजा गया है। पुलिस दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कर जांच कर रही है। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सहित कुल 3 वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ी। इस घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग अस्पताल में एकत्रित हो गए। जहां पुलिस ने फिर भीड़ को मौके से हटाया। एसडीओपी पहुंची, एफआईआर कर रही पुलिसक्षेत्र में गुर्जर बाहुल्य करीब एक दर्जन गांव हैं। घटना की संवेदनषीलता देखते हुए एसडीओपी सनम बी खान बहादुरपुर थाने पहुंच गई थीं। जिन्होंने थाना प्रभारी नीलम सिंह यादव से घटनाक्रम एवं कार्रवाई की जानकारी लेकर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा को अवगत कराया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा एक पक्ष की ओर से प्रकरण दर्ज कर लिया गया था, जबकि दूसरी पक्ष की ओर से प्रकरण दर्ज किया जा रहा था।
प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय जनजातीय उत्सव शनिवार को शुरू हुआ। मध्य प्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी भी इस आयोजन में सह-आयोजक है। उद्घाटन अवसर पर प्रस्तुत नृत्य-नाट्य 'शिप्रा' ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और नदी संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, प्रयागराज के रजिस्ट्रार वरुण पांडे, एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।लगभग एक घंटे दस मिनट तक चली इस प्रस्तुति का निर्देशन संगीता शर्मा ने किया। आठ खंडों में विभाजित इस नृत्य-नाट्य में उज्जयिनी की जीवनदायिनी शिप्रा नदी की पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। भारतीय समकालीन नृत्य, लोकनृत्य, संगीत, अभिनय और आकर्षक मंच सज्जा के माध्यम से शिप्रा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन, आस्था, करुणा और लोकमंगल की शाश्वत धारा के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में दर्शाया गया कि शिप्रा नदी सतयुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग से लेकर वर्तमान समय तक भारतीय सभ्यता, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की साक्षी रही है। कलाकारों के जीवंत अभिनय और भावपूर्ण नृत्य ने शिप्रा की सांस्कृतिक महत्ता को प्रभावी ढंग से उभारा। नाटक के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन की आधारशिला हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। नाटक की रचना योगेश त्रिपाठी ने की, जबकि संगीत संयोजन कुलदीप सारवा एवं दुर्ग ने किया। प्रियंका शर्मा, श्रेयसी चौधरी, मेघना रायकवार, ट्विंकल, संजन श्याम, सेजल राजपूत, एंजेल जैन, भूमि साहू, आनंद मिश्रा और रचना मिश्रा सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना बटोरी। कार्यक्रम के अंत में निदेशक सुदेश शर्मा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और नाट्य निर्देशिका संगीता शर्मा को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन आकाश अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर केंद्र के अधिकारी, कर्मचारी तथा जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
आजमगढ़ मंडलायुक्त विवेक और पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में शनिवार को मंडलीय कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में तीनों जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, गलत सूचनाएं प्रसारित करने तथा निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया। मंडलायुक्त ने आजमगढ़, मऊ और बलिया के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में आईटी एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लंबित विवेचनाएं जल्द निपटाने के निर्देश मंडलायुक्त ने पुलिस विभाग से संबंधित लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। कोचिंग और अस्पतालों की होगी जांच हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों और अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए मंडलायुक्त ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अभियान चलाकर कोचिंग सेंटर और अस्पतालों के पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए। बिना परमिट नहीं चलेंगे वाहन बैठक में अवैध परिवहन संचालन का मुद्दा भी उठा। मंडलायुक्त ने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडल में बिना परमिट कोई भी वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रवर्तन कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। 919 स्कूली बसों की फिटनेस कराने का निर्देश मंडलायुक्त ने बताया कि आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों में 919 स्कूली बसों की फिटनेस अभी लंबित है। उन्होंने संबंधित स्कूल प्रबंधन और परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि सभी बसों की फिटनेस जांच जल्द कराई जाए। ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध गतिविधियों पर रखें नजर मंडलायुक्त ने अधिकारियों को मंडल में संचालित अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए और आवश्यक होने पर गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, अपर आयुक्त प्रमोद कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बस्ती में हिन्दू साम्राज्य दिवस मनाया गया:शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलने का आह्वान
बस्ती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बस्ती नगर ने शुक्रवार शाम हिन्दू साम्राज्य दिवस उत्सव मनाया। यह कार्यक्रम बभनगांवा मोहल्ला स्थित केशव भवन में आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुभाष ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष, संगठन क्षमता, राष्ट्रभक्ति और सुशासन के आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिवाजी महाराज का जीवन साहस, सेवा, समरसता और राष्ट्र समर्पण का अनुपम उदाहरण है। सुभाष ने कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को संगठित और सशक्त बनाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में समरसता, सेवा भावना और राष्ट्रीय चेतना मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर कार्य करने की बात कही। कार्यक्रम में संघ की प्रार्थना और वैचारिक उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित लोगों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर ऋषि, सर्वेंदु, नीरज, प्रखर, मुन्ना, राम और धर्मराज सहित संघ के कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज की उन्नति के संकल्प के साथ हुआ।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) की 'सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स' पहल के तहत शनिवार को भोपाल मेट्रो का सफर ज्ञान और प्रेरणा से भर गया। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से एम्स मेट्रो स्टेशन के बीच चलित मेट्रो में आयोजित 'क्लैट ऑन व्हील्स' कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सीखने का एक नया और अनूठा मंच प्रदान किया। कार्यक्रम के लिए मेट्रो के दो कोच करीब दो घंटे के लिए आरक्षित किए गए थे। इनमें लगभग 100 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा के दौरान सामान्य ज्ञान पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सिर्फ प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के करियर, व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण और भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन भी दिया। संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने खुलकर अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। चलती मेट्रो में आयोजित इस कार्यक्रम ने पारंपरिक कक्षा से अलग सीखने का अनुभव दिया। सफर के साथ-साथ ज्ञानवर्धक गतिविधियों, संवाद और प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों के लिए इस यात्रा को यादगार बना दिया।
महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरा खनन परियोजना ने अहम पड़ाव पार कर लिया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल ने नई दिल्ली में आयोजित बैठक में परियोजना के अगले चरण के तहत बड़े व्यास (लार्ज डायमीटर) की ड्रिलिंग शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इसे क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। ड्रिलिंग के जरिए मौजूद हीरा भंडार का सटीक मूल्यांकन बड़े व्यास की ड्रिलिंग के जरिए किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में एनसीएल के निदेशक अमिताभ मुखर्जी और आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, सीएमडीसी के प्रबंध संचालक रजत बंसल, उपेंद्र कुमार, विनय कुमार मौजूद रहे। पहले ही मिल चुके हैं प्राकृतिक हीरे एनसीएल, भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51%) और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 %) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित थी, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि होने के बाद अब बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। पांच प्राकृतिक हीरे मिलने के बाद परियोजना मंजूर परियोजना के शुरुआती चरण में स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई थी। इसके बाद करीब 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जिसमें कुल 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हुई। देश की महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं में शामिल विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों में भी प्रारंभिक चरण में इसी तरह की सफलताओं के बाद बड़े व्यावसायिक भंडार विकसित हुए थे। इसी कारण बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को देश की महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है। लौह अयस्क परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में राज्य की प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं, बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। निदेशक मंडल ने सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और संतुलित औद्योगिक विकास राज्य और देश की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि बलौदा-बेलमुंडी हीरा परियोजना भविष्य में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।
सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) ने आदेश जारी कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरांग द्विवेदी को प्राधिकरण से संबंधित सभी नए वादों और याचिकाओं की नोटिस प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अब तक मुकदमों की नोटिस प्राप्त कर रहे अन्य अधिवक्ता आगे से नए मामलों की नोटिस स्वीकार नहीं करेंगे। इस संबंध में विशेष कार्याधिकारी एवं प्रभारी लीगल सेल की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि गौरांग द्विवेदी को प्राधिकरण का अधिवक्ता एवं रिटेनर नियुक्त किया गया है। इसलिए प्राधिकरण के खिलाफ दाखिल होने वाले सभी नए वादों और याचिकाओं की नोटिस वही प्राप्त करेंगे। साथ ही, प्राधिकरण ने अपने पैनल अधिवक्ताओं को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि वे पहले से आवंटित मामलों की पैरवी पूर्ववत करते रहेंगे। हालांकि, भविष्य में दाखिल होने वाले नए मुकदमों की नोटिस केवल अधिवक्ता गौरांग द्विवेदी ही प्राप्त करेंगे।
हिसार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की शनिवार को आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने 15 वर्षों से लंबित गंगवा स्थित दि हिसार स्कॉलर सहकारी गृह निर्माण सोसाइटी के कथित भ्रष्टाचार मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सहायक रजिस्ट्रार (एआर) और डिप्टी रजिस्ट्रार (डीआर) को 10 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी छिपाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण समिति की बैठक में कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इनमें से 10 शिकायतों का मौके पर समाधान कर दिया गया, जबकि पांच मामलों को विस्तृत जांच के लिए लंबित रखा गया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कष्ट निवारण समिति की बैठकों को हल्के में न लें और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। स्कॉलर सोसाइटी मामले में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्लॉट और शेयर ट्रांसफर के नाम पर बिना रसीद 20 से 50 हजार रुपए तक अवैध वसूली की गई। वर्ष 2018 से 2022 के ऑडिट में करीब 49 लाख रुपए के गबन, रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं करने, ऑडिट फीस जमा न कराने तथा वर्ष 2004 में फर्जी प्रस्ताव के आधार पर प्लॉट रद्द कर अन्य लोगों को बेचने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। मंत्री ने सोसाइटी की स्थापना से अब तक सदस्यता, प्लॉट आवंटन और हस्तांतरण की पूरी जांच कराने के निर्देश दिए। जलघरों में लगे फिल्टरों की रिपोर्ट भी मांगी गांव मोहब्बतपुर के वाटर वर्क्स में वर्षों से फिल्टर बंद होने और बिना फिल्टर पानी की आपूर्ति की शिकायत पर मंत्री ने जिले के सभी जलघरों में लगे फिल्टरों की स्थिति की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने तथा खराब फिल्टर तत्काल चालू कराने के आदेश दिए। बैठक में मिलगेट निवासी रेखा की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने संबंधी शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि मामला मुख्यालय स्तर पर लंबित है और जल्द समाधान होगा। ग्लोबल स्पेस निवासी अविनाश भाटिया की प्लॉट रजिस्ट्री संबंधी शिकायत पर मंत्री ने संबंधित बिल्डर कंपनी के संचालकों को उपायुक्त के समक्ष तलब करने तथा तय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
छतरपुर जिले के ईशानगर क्षेत्र में पांच बेटियों के बाद जन्मे एक नवजात शिशु की सात दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर पर इलाज में लापरवाही बरतने और एम्बुलेंस के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया है। ग्राम गोर, पंचायत बिहटा निवासी परिवार में एक सप्ताह पहले बेटे के जन्म से खुशियों का माहौल था। नवजात और उसकी मां का डीजे-बैंड बाजे के साथ घर में स्वागत किया गया था। शनिवार सुबह बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर ले जाया गया। शिशु के पिता कल्याण सिंह ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर अनुपस्थित थे। काफी देर बाद स्टाफ पहुंचा और प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप- एम्बुलेंस के लिए 600 रुपए मांगेकल्याण सिंह के अनुसार, रेफर करने के बाद एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के लिए उनसे 600 रुपए मांगे गए। पैसे न होने के कारण वे नवजात को बाइक से जिला अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान भी बीएमओ और अन्य जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल में मौजूद नहीं थे। सूचना मिलने पर ईशानगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांगपरिजनों ने कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई और अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर के बीएमओ डॉ. गिरीश साहू ने बताया कि नवजात में खून की कमी थी और वह गंभीर रूप से पीला पड़ चुका था। उन्होंने कहा कि बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया था। डॉ. साहू ने यह भी कहा कि मामले की जांच के बाद ही अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
मेरठ में नौकरी लगवाने के नाम पर युवकों से धोखाधड़ी:बैंक अकाउंट खुलवाकर ठगे रुपए, किया फर्जीवाड़ा
मेरठ में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं के साथ फ्रॉड किया गया। उनके बैंकों में खाते खुलवाए गए इतना ही नहीं उनसे पैसे भी लिए गए। इसके बाद न उन्हें नौकरी मिली न ही कमीशन के तौर पर दिया गया पैसा वापस आया। बल्कि उनके पास धोखाधड़ी का नोटिस पहुंच गया। जिसमें फ्रॉड की बात सामने आई। परेशान बेरोजगारों की तरफ से शनिवार को उनके परिजनों ने पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। मयंक वर्मा, राघव गौड़, अक्षत शर्मा और कार्तिक देव नामक चारों युवा इस फ्रॉड का शिकार हुए हैं। जिनसे नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ठगे गए। न ही इनकी सरकारी नौकरी लगी न ही इनका पैसा वापस मिला है। नौकरी लगवाने के नाम पर खुलवाए बैंक खाते युवाओं के परिवारों ने साइबर थाने में अपनी शिकायत दी है। जिसमें बताया कि चारों बेरोजगार युवा नौकरी की तलाश में हैं। कुछ दिन पहले इनकी मुलाकात शाहरुख पुत्र नौशाद खान जो भोला रोड मेरठ का रहने वाला है उससे हुई थी। शाहरुख ने सबसे नौकरी दिलवाने की पक्की बात कही। कहा कि सरकारी नौकरी मैं लगवा दूंगा बस पैसे लगेंगे। शाहरुख ने खुद को सेवायोजन कार्यालय में कंसलटेंसी ऑपरेटर बताया था। कहा कि नौकरी लगने से पहले जो नौकरी का पहले महीने का वेतन होगा वो मुझे देना होगा। लड़कों को शाहरुख की बातों पर भरोसा नहीं हुआ और पैसे देने से इंकार कर दिया। खातों में कराया गया अवैध ट्रांजेक्शन तब शाहरुख ने कहा कि अभी पैसे मत दो लेकिन बैंक में खाता खुलवा लो, जब पैसा आए तब दे देना। इस बात पर दोनों पक्ष राजी हो गए। लड़कों ने बैंकों में अपने खाते खुलवाए। खातों की पासबुक, एटीएम, खाते नंबर सारी चीजें शाहरुख को दे दी। लेकिन आज तक लड़कों की कहीं नौकरी नहीं लगी। न उन्हें कहीं से नौकरी का कॉल आया। बल्कि एक लड़के पास पुलिस से नोटिस आया कि तुम्हारे बैंक अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन चल रहे हैं। इसका जबाव दो। पुलिस के नोटिस के बाद सभी युवकों ने अपने बैंक खाते चैक किए तो लगभग सभी के खातों में कुछ रकम पड़ी थी। उन्हें बैंक स्टेटमेंट देखने पर पता चला कि उनके खातों में पिछले समय में पैसों का काफी आदान-प्रदान किया गया है। जबकि उन्होंने अपने खातों का कोई इस्तेमाल खुद नहीं किया। इसमें से एक भी ट्रंाजेक्शन की जानकारी उन्हें नहीं हैं। इसके बाद युवकों ने ये बात घर में बताई। इसकी शिकायत साइबर सेल में की है। पुलिस फिलहाल शाहरुख की तलाश कर इस पूरे गिरोह की तलाश कर रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ पुलिस ने नकली मंगलसूत्र को असली सोना बताकर ज्वेलरी कारोबारी से 40 हजार रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की पूरी रकम 40 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार जब्त कर ली है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना 26 जून की है। पामगढ़ निवासी हिमांशु सोनी, जो नगर पंचायत पामगढ़ में 'केसर लाल एंड संस' नाम से ज्वेलरी दुकान संचालित करते हैं, ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। नकली बिल दिखाकर जीता भरोसा शिकायत के मुताबिक, शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच सफेद रंग की बलेनो कार से आए दो व्यक्तियों ने 50 हजार रुपये की जरूरत बताकर एक सोने का मंगलसूत्र गिरवी रखने की बात कही। आरोपियों ने मंगलसूत्र का एक कथित बिल भी दिखाया, जिससे दुकानदार को उस पर भरोसा हो गया। हिमांशु सोनी ने मंगलसूत्र को असली सोना समझकर आरोपियों को 40 हजार रुपये दे दिए। जांच में निकला बेनटेक्स का मंगलसूत्र आरोपियों के जाने के बाद जब मंगलसूत्र की जांच की गई, तो पता चला कि वह सोने का नहीं बल्कि बेनटेक्स का था। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने तत्काल पामगढ़ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की मदद से बलौदा बाजार से गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की मदद से आरोपियों का सुराग मिला, जिसके बाद पुलिस ने बलौदा बाजार में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन सोनी (22), निवासी वार्ड क्रमांक-9, बलौदा बाजार तथा अमित सोनी (42), निवासी वैष्णव कॉलोनी, बलौदा बाजार के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। नकदी और कार जब्त, भेजे गए जेल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की 40 हजार रुपये नकद राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार (CG-04 QY-6279) जब्त कर ली है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बीकानेर के कोटगेट थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकबजनी के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर करीब 17 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के चोरी के जेवरात बरामद किए हैं। कार्रवाई थाना स्तर पर गठित विशेष टीम ने की। कोटगेट थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि भगवानपुरा बस्ती, गली नंबर-6 स्थित एक मकान में हुई नकबजनी के मामले में दर्ज प्रकरण दर्ज हुआ था। जांच के दौरान तकनीकी सहायता और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध सावन उर्फ लालू उर्फ लालिया पुत्र रामस्वरूप वाल्मीकि (23) निवासी सांजू, थाना डेगाना, जिला नागौर (हाल निवासी बांदरा बास, कोटगेट, बीकानेर) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने उक्त मकान में चोरी की वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर प्रकरण में चोरी हुए करीब 17 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी शातिर नकबजन है तथा उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में चोरी और नकबजनी के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी से थाना पुलिस की ओर से विस्तृत पूछताछ और अनुसंधान जारी है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है। टीम को मिली सफलता थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कार्रवाई में उनके नेतृत्व में गठित टीम के सदस्य सहायक उप निरीक्षक प्रवीण, हेड कांस्टेबल सुभाष, कांस्टेबल संजय सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से कांस्टेबल संजय की सूचना एवं कार्रवाई में अहम भूमिका रही।
वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नियमावली-2026 को मंजूरी देने के साथ ही नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण का निर्णय लिया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर निगम अधिनियम की धारा 91(1) के तहत उपसभापति नरसिंह दास ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नियमावली-2026 का प्रस्ताव रखा। कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। बैठक के दौरान वरिष्ठ पार्षद हनुमान प्रसाद ने धारा 91(2) के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। इस पर निर्णय लिया गया कि शहर के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों को जन्म और मृत्यु की सूचना आठ घंटे के भीतर उपलब्ध करानी होगी, ताकि प्रमाणपत्र समय पर जारी किए जा सकें। चार घंटे में होगी शिकायतों का निस्तारण कार्यकारिणी ने सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, सिल्ट सफाई समेत अन्य बुनियादी समस्याओं का अधिकतम चार घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। इसके लिए शिकायत दर्ज कराने का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया जाएगा। जन्म-मृत्यु नियमावली को मिली मंजूरी नरसिंह बाबा के प्रस्ताव के बाद जन्म मृत्यु नियमावली जारी की गई। इसके बाद प्रमाण पात्र मिलने की देरी का मामला उठा तो कार्यकारिणी ने सभी अस्पतालों को 8 घंटे में सूचना देने का निर्देश दिया। इसके तहत निजी अस्पतालों को आनलाइन पोर्टल के माध्यम से माता-पिता का नाम, फोटो, आधार कार्ड की फोटो कापी, बच्चे की फोटो सहित कुछ अन्य जानकारी निगम को मुहैया करानी होगी। कार्यकारिणी ने यह व्यवस्था त्वंरित जन्म -मृत्यु प्रमाणत्र जारी करने के लिए लागू किया है, ताकि आमजनमानस को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए जोनल या मुख्यालय का चक्कर न काटना पड़े। हालांकि शहर के करीब 150 से अधिक अस्पतालों को सीधे अपने स्तर से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा पहलें से ही है। चार घंटे के अंदर होगा समस्या का समाधान कार्यकारिणी की बैठक में शहरवासियों की बुनियादी समस्याओं के समाधान का मामला उठाया गया। ऐसे में अब इन समस्याओं का समाधान अब शिकायत दर्ज होने के महज 4 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है. तो वाराणसी पूरे उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला नगर निगम बन जाएगा। जो मात्र चार घंटे के भीतर जनशिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को तत्काल पूरे शहर में लागू करने के बजाय पहले प्रयोग (पायलट प्रोजेक्ट) के तौर पर शुरू किए जाने का निर्देश दिया गया है। गंगा से सटे 25 वार्ड होंगे चिह्नित 4 घंटे में समस्या के निस्तारण के लिए सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के क्रम में गंगा घाट से सटे हुए राजघाट से लेकर अस्सी घाट तक के कुल 25 वार्डों को चिह्नित किया जाएगा। नागरिकों की सहूलियत के लिए जल्द ही एक विशेष फोन नंबर (हेल्पलाइन) जारी करने जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए सात जुलाई की समय सीमा तय की गई है। यानी आगामी सात जुलाई से इन 25 वार्डों के निवासी इस त्वरित सेवा का लाभ उठा सकेंगे। बैठक में महापौर ने स्पष्ट किया कि इन चिन्हित वार्डों में इस व्यवस्था की सफलता और इसके अनुभवों को देखने के बाद, इसे चरणबद्ध तरीके से नगर निगम के अन्य सभी वार्डों में भी लागू कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के जरिए शिकायतों के निस्तारण की इस चार घंटे की अवधि को और भी धीरे-धीरे कम किया जाएगा, ताकि जनता को त्वरित राहत मिल सके। शहर में शिवपुर सहित तीन स्थानों पर विकसित होंगे फल मंडी कार्यकारिणी की बैठक में पार्षद प्रवीण राय ने भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की खाली पड़ी जमीन पर प्रस्तावित पार्क एवं फल मंडी के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगामी दिसंबर माह तक हर हाल में पूरा कराने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने शिवपुर में प्रस्तावित फल मंडी का कार्य भी अगले चार महीने के भीतर पूर्ण कराने का प्रस्ताव पटल पर रखा। इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि शिवपुर में फल मंडी विकसित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया गया है और इसे समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। 6 महीने में आनलाइन होगा पीला कार्ड, घर बैठे आनलाइन की सुविधा बैठक कार्यकारिणी सदस्य अशोक मौर्या ने संपत्तियों के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जनहित का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि दाखिल-खारिज की धारा 213 के तहत नोटिस जारी होने के उपरांत निगम के सभी जोनों पर जनता को 'पीला कार्ड की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाए। ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और कोई परेशानी न हो। पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को भरोसा दिलाया कि सभी जोनों से 'पीला कार्ड' सुगमता से जारी कराने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि निगम अब 'पीला कार्ड' की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है, ताकि कोई भी भवन स्वामी घर बैठे ही इसे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से डाउनलोड कर सके। कार्यकाल पूरा होने पर छह कार्यकारिणी सदस्यों को दी विदाई बैठक के अंत में नगर निगम कार्यकारिणी के 6 सदस्यों का दो वर्ष का निर्धारित कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने पर उन्हें सदन द्वारा औपचारिक और भावभीनी विदाई दी गई। महापौर, नगर आयुक्त और अन्य पार्षदों ने उनके द्वारा पिछले दो वर्षों में नगर के विकास और जनहित में दिए गए बहुमूल्य योगदान की भूरि-भूरि सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिन सदस्यों को विदाई दी गई, उसमें उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, राजेश यादव 'चल्लू', प्रमोद राय, सुशील कुमार गुप्ता और हनुमान प्रसाद शामिल हैं।
सीतापुर के लहरपुर कोतवाली इलाके में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय किशोर का शव शनिवार शाम करीब 7 बजे पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने शव को भदफर चौकी के पास लखीमपुर-बहरेाइच हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम कर दी। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया, पुलिस द्वारा मुकदमा लिखकर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। लहरपुर कोतवाली क्षेत्र की भदफर चौकी अंतर्गत ग्राम रमवापुर निवासी सूरज (17) पुत्र संजय शुक्रवार देर शाम मोहर्रम का ताजिया देखकर पैदल घर लौट रहा था। इसी दौरान रमवापुर मोड़ के निकट तेज रफ्तार बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नकहा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने ट्रॉमा सेंटर ओयल रेफर कर दिया। हालांकि ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही सूरज ने दम तोड़ दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और दोषी बाइक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग की। जाम के चलते लखीमपुर-बहरेाइच मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी देर तक परिजनों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को सड़क किनारे कराकर यातायात बहाल कराया, लेकिन देर शाम तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे और कार्रवाई के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
डग् स्कूली बसों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान:परिवहन विभाग 1 जुलाई से बसों की होगी फिटनेस की जांच
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में स्कूली बसों का विशेष जांच अभियान चलाएगा। इस अभियान का उद्देश्य स्कूल परिवहन को अधिक सुरक्षित, जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है। अभियान के दौरान बसों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस प्रमाण-पत्र, सुरक्षा मानकों का सख्ती से परीक्षण किया जाएगा। साथ ही चालकों का भौतिक सत्यापन भी होगा। विभाग विशेष रूप से बस बॉडी की संरचना, छत की मजबूती (निर्धारित भार मानक के अनुसार), सीटों एवं उनके एंकरेज, बॉडी-चेसिस माउंटिंग, आपातकालीन गेट और फायर एक्सटिंग्विशर की जांच पर फोकस करेगा। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्कूली बसें गोल्डन येलो रंग में रंगी होनी चाहिए और उन पर स्पष्ट रूप से स्कूल बस लिखा होना चाहिए। आपातकालीन निकास, स्टॉप सिग्नल आर्म, हैजर्ड वार्निंग सिस्टम तथा बच्चों की आयु के अनुसार डिजाइन अनिवार्य है। इसके अलावा स्पीड गवर्नर (इलेक्ट्रॉनिक) लगा होना चाहिए, जिससे बस 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति न कर सके। ब्रेक प्रणाली, टायर, सस्पेंशन, लाइटिंग और संकेतक व्यवस्था भी जांचे जाएंगे। इस दौरान दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी जिसमें आरसी, परमिट, बीमा, पीयूसी और फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। अभियान के तहत प्रवर्तन दल सड़कों पर तथा बस डिपो में निरीक्षण करेंगे। यदि कोई बस मानकों पर खरी नहीं उतरती है तो चालान, वाहन जब्ती, फिटनेस सस्पेंड करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधनों और बस ऑपरेटरों से अपील की है कि वे 1 जुलाई से पहले अपनी बसों को पूर्ण रूप से मानकों के अनुरूप तैयार कर लें, ताकि अभियान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फतेहाबाद जिले में टोहाना क्षेत्र के गांव ठरवी निवासी 32 वर्षीय बलजीत सिंह की खेत में दवा स्प्रे करते समय तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। परिजनों ने उसे तुरंत टोहाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बलजीत एक जमींदार के यहां काम करता था। खेत में दवा छिड़कते समय अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि दवा के प्रभाव के कारण उसकी हालत बिगड़ी थी। परिजनों के बयान पर होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल टोहाना की मोर्चरी में रखवाया। सदर थाना प्रभारी बीर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, बलजीत अविवाहित था और गांव चंदड़ कला में राजेश बिश्नोई के खेत में मजदूरी करता था। उसके परिवार में दो भाई हैं जो मजदूरी करते हैं, और तीन बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि खेत में दवा छिड़कते समय दवा चढ़ने के कारण ही बलजीत की मौत हुई है।
सोनभद्र में शनिवार शाम सड़क हादसे में 25वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठा उसका रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक के मुताबिक, दोनों ने रास्ते में शराब पी थी। इसके बाद महिला की जिद पर उसने बाइक चलाने के लिए दे दी। कुछ दूर आगे एक चार पहिया वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। सूचना मिलने पर घोरावल पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। देखिए 3 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला घोरावल कोतवाली क्षेत्र के बहुअरा गांव निवासी 22 वर्षीय नीलम की शादी करीब पांच वर्ष पहले अशोक से हुई थी। परिवार आदिवासी कोल समुदाय से है। अशोक गांव में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दंपती के तीन बेटे हैं, जिनकी उम्र करीब चार वर्ष, ढाई वर्ष और डेढ़ वर्ष है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा है। पिछले करीब एक महीने से नीलम अपने दो बेटों के साथ मायके पेढ़ गांव में रह रही थी। इसी दौरान मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के खुटारी गांव निवासी रिश्तेदार आशीष कुमार से उसकी बातचीत हुई। आशीष उसे वापस ले जाने के लिए शनिवार को घोरावल आया था। दोनों किसी काम से घोरावल बाजार गए थे। लौटते समय पेढ़ गांव के हवली के पास रुककर दोनों ने देशी शराब पी। इसकी पुष्टि घायल आशीष कुमार ने पुलिस और पूछताछ के दौरान की है। ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा आशीष ने बताया कि शुरुआत में वह बाइक चला रहा था, लेकिन रास्ते में नीलम ने बाइक चलाने की जिद की। पहले उसने मना किया, लेकिन बाद में बाइक नीलम को सौंप दी और खुद पीछे बैठ गया। दोनों ने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। शाम करीब साढ़े पांच बजे हड़हिया पहाड़ी के पास एक चार पहिया वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। बाइक की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। हादसे में नीलम के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि आशीष भी घायल हो गया। घटना के बाद परिजन दोनों को निजी वाहन से शाम करीब छह बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. देवेश पांडेय ने नीलम को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हुई। वहीं घायल आशीष कुमार का उपचार जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया नीलम की शादी कम उम्र में ही अशोक से हो गई थी। परिवार आदिवासी कोल समुदाय से है। नीलम की मौत के बाद उसके तीनों छोटे बेटे अब मां के स्नेह से वंचित हो गए हैं। पति अशोक मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और अब बच्चों की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर आ गई है। पति अशोक ने बताया कि नीलम घर की पूरी जिम्मेदारी संभालती थीं। उनकी मौत के बाद हमारे तीन छोटे बच्चे बेसहारा हो गए हैं। अब उनकी परवरिश की चिंता सबसे बड़ी है। चार पहिया वाहन की पहचान नहीं, मुकदमा भी दर्ज नहीं पुलिस के अनुसार घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है। जिस चार पहिया वाहन को ओवरटेक करने के दौरान हादसा हुआ, उसकी पहचान भी अब तक नहीं हो सकी है। घोरावल प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया… प्रथम दृष्टया इसे इत्तफाकिया (आकस्मिक) सड़क दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया है। अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना के धरम सागर तालाब के कीचड़ और दलदल में फंसे एक 68 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें रेस्क्यू कर इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटरा मोहल्ला के रहने वाले इमाम खान (68 वर्ष) पिछले दो दिनों से अचानक लापता हो गए थे। शनिवार, 27 जून की शाम को उन्हें धरम सागर तालाब के किनारे दलदल और गहरे कीचड़ में बेसुध हालत में फंसे हुए देखा गया। वह दो दिनों से भूखे-प्यासे उसी दलदल में तड़प रहे थे। रिश्तेदारों और एम्बुलेंस की मदद से पहुंचे अस्पताल इमाम खान को कीचड़ में फंसा देख वहां से गुजर रहे लोगों ने तुरंत उनके रिश्तेदारों को इसकी खबर दी। सूचना मिलते ही उनके रिश्ते के बहनोई मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद 108 एम्बुलेंस को बुलाकर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। मां की हत्या में काट चुके हैं 14 साल की सजा मिली जानकारी के मुताबिक, इमाम खान साल 2013 से मानसिक रूप से बीमार (विक्षिप्त) हैं। करीब 14 साल पहले उनका अपनी मां से किसी बात पर विवाद हुआ था। इस दौरान हुई मारपीट में उनकी मां को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने इमाम खान को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कोर्ट से सजा मिलने पर उन्होंने जेल में करीब 14 साल गुजारे। न घर बचा, न कोई दस्तावेज इमाम खान अपनी सजा पूरी करने के बाद महज एक महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आए थे। लेकिन जेल से बाहर आते ही उनके सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी मां का साया पहले ही उठ चुका था, और जिस झोपड़ी में वह रहते थे, वह भी देखरेख न होने के कारण ढह चुकी थी। इतना ही नहीं, उनके पास खुद की पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड या राशन कार्ड जैसा कोई भी सरकारी दस्तावेज नहीं बचा है। मदद और आसरे की दरकार जेल से छूटने के बाद बेघर और बेसहारा हुए इमाम खान दाने-दाने को मोहताज हो गए और इसी कशमकश में तालाब के दलदल में जा फंसे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ यह बुजुर्ग बिना किसी पहचान पत्र, घर और खाने के ठिकाने के अपनी आगे की जिंदगी कैसे काटेगा? उसे सरकारी संरक्षण या वृद्धाश्रम जैसे सुरक्षित आसरे की सख्त जरूरत है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में तलाक के बाद पूर्व पत्नी को एयर गन दिखाकर धमकाने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हंड्रेड बेड कॉलोनी में आरोपी पति ने महिला के घर पहुंचकर पहले विवाद किया, फिर उसे थप्पड़ मारा और एयर गन को असली पिस्टल बताकर डराने की कोशिश की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और उसके मामा को गिरफ्तार कर लिया। लव मैरिज के बाद हुआ था तलाक नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, बिलासपुर निवासी सतीश कश्यप और पीड़िता ने एक वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और अदालत से उनका कानूनी तलाक हो गया। पुलिस के मुताबिक, तलाक के बाद भी सतीश लगातार अपनी पूर्व पत्नी से मिलने और विवाद करने उसके घर पहुंचता था। घर पहुंचकर किया हंगामा पीड़िता चिकित्सा विभाग में कार्यरत है और सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित हंड्रेड बेड कॉलोनी में अपने पिता के साथ रहती है। महिला के पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले सतीश अपनी मां और मामा के साथ घर आया था। वकील के पास जरूरी लिखापढ़ी पूरी होने के बाद सभी चले गए थे। इसके बावजूद सतीश दोबारा घर पहुंच गया। उस समय महिला खुद को कमरे में बंद कर बैठी थी, लेकिन आरोपी उससे मिलने की जिद करने लगा। जब महिला बाहर आई तो आरोपी ने उसे थप्पड़ मार दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। एयर गन को पिस्टल बताकर दी धमकी विवाद के दौरान आरोपी ने अपने पास रखी एयर गन निकालकर उसे असली पिस्टल बताया और महिला को डराने-धमकाने लगा। महिला ने तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर एयर गन को असली हथियार की तरह दिखाकर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया था। पति और मामा दोनों गिरफ्तार पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद मामा पर भी सहयोग और उकसाने का आरोप पाया गया, जिसके बाद उसे भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और भय उत्पन्न करने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कौशांबी के चायल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय के आवास पर शनिवार शाम एक संगठनात्मक बैठक हुई। यह बैठक 19 जुलाई को प्रयागराज में प्रस्तावित कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मंत्री, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रयाग जोन प्रभारी राजेश तिवारी ने की। बैठक में मुख्य रूप से राहुल गांधी के 'छात्र संवाद' कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी दी गई और वर्तमान राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा हुई। उपस्थित पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय ने कहा कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों की समस्याओं को सुनेंगे और उनकी पीड़ा समझेंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया, विशेषकर पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे छात्र हताश होकर गलत कदम उठाने को मजबूर होते हैं। पांडेय ने जोर दिया कि राहुल गांधी देश के युवाओं का दर्द समझते हैं और हर पीड़ित के साथ खड़े हैं। बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम को बनाए जाने पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने कहा कि गौतम की नियुक्ति से पार्टी को मजबूती मिलेगी। जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पार्टी को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव एवं राहुल गांधी के कार्यक्रम के प्रभारी अनिल यादव, पूर्व विधायक चायल विजय प्रकाश, जिला संयोजक मनीष मिश्रा, वरिष्ठ नेता सुधाकर तिवारी, रामकिशुन पटेल, पूर्व प्रदेश सचिव रामबहादुर त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष दीपक पाण्डेय, उदय यादव, जिला महासचिव सुरेन्द्र शुक्ला, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष सचिन पाण्डेय, ब्लॉक अध्यक्ष नेवादा रावेंद्र यादव, ब्लॉक अध्यक्ष मंझनपुर प्रदीप सिंह पटेल, हेमन्त रावत, जयप्रकाश जायसवाल, नगर अध्यक्ष चरवा निक्की पाण्डेय, सिराथू ब्लॉक अध्यक्ष प्रियांशू त्रिपाठी, आयुष यादव और रोहित सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उदयपुर में दैनिक भास्कर के प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 में मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में वही लोग आगे बढ़ते हैं, जो सीखना कभी नहीं छोड़ते। उन्होंने निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताया। शनिवार को समारोह में उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जहां उनकी मेहनत को पहचान और सपनों को नई उड़ान मिली। समारोह में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के सम्मान के साथ अशोका ग्रीन का सभागार तालियों की गूंज से भर उठा, जबकि अभिभावकों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। समारोह में उदयपुर के जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, प्रशिक्षु आईएएस मणिमाला ने छात्र-छात्राओं को संबोधित कर मोटिवेट किया और उनको अपने जीवन के संस्मरण भी सुनाए और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समारोह में पेसिफिक यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी, बडाला क्लासेस के निदेशक राहुल बडाला, टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट के निदेशक आर.एस. व्यास, समाजसेवी भीम सिंह चुंडावत और डी.एल. पाटीदार सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इससे पहले दैनिक भास्कर यूनिट हेड प्रशांत कुकरेती ने सभी का स्वागत किया। अग्रवाल-सकारात्मक सोच रखते हुए रुचि के अनुरूप आगे बढ़े जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभा ईश्वर की देन हो सकती है, लेकिन उसे सफलता में बदलने के लिए अनुशासन, निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, सकारात्मक सोच रखने और अपनी रुचि के अनुरूप करियर चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में वही युवा आगे बढ़ेंगे जो सीखना कभी नहीं छोड़ेंगे। मणिमाला-स्टूडेंट बड़े सपने देखे.. प्रशिक्षु आईएएस मणिमाला ने कहा कि वे एक सामान्य परिवार से हैं और अपने परिवार की पहली आईएएस अधिकारी बनी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के विश्वास और मार्गदर्शन को देते हुए विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, छोटे लक्ष्य तय कर लगातार आगे बढ़ने और हर चुनौती का मुस्कुराकर सामना करने की सीख दी। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े पेसिफिक यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अपार संभावनाएं होती है। सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और सही निर्णय लेने की क्षमता ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान देने का आग्रह किया। बडाला क्लासेस के निदेशक राहुल बडाला ने विद्यार्थियों से हर छोटी उपलब्धि का जश्न मनाने, माता-पिता का सम्मान करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया। टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट के निदेशक आर.एस. व्यास ने कहा कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ और तकनीकी कौशल सफलता की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक को सीखने का माध्यम बनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहने की सलाह दी। निःशुल्क करियर काउंसलिंग सत्र भी समारोह में विद्यार्थियों को केवल सम्मानित ही नहीं किया गया, बल्कि उन्हें भविष्य की दिशा भी दिखाई गई। आयोजित निःशुल्क करियर काउंसलिंग सत्र में विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, नई शिक्षा नीति, कौशल आधारित करियर, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और देश-विदेश में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। आयोजन का संचालन माय एफएम के आरजे काव्य ने किया। कार्यक्रम में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल एवं पेसिफिक यूनिवर्सिटी प्रायोजक रहे, जबकि बडाला क्लासेस, टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट, वीसीडी कॉलेज ऑफ डिजाइनिंग, ए टू जेड यूनिफॉर्म, वत्स एकेडमी और अन्य सहयोगी संस्थानों ने सहभागिता निभाई। समारोह से जुड़ी तस्वीरें देखे….
कानपुर के पनकी पुलिस ने चार महीने से फरार चल रहे लूट के आरोपी को अवैध तमंचे और दो जिंदा कारतूस के साथ शनिवार दोपहर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपी ने फरवरी माह में भौती बाईपास के पास हुई लूट की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पनकी थाना प्रभारी दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि लूट के मामले में वांछित आरोपी एलएमएल चौराहे के पास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रिंस गुप्ता उर्फ बनिया उर्फ कृष्णा गुप्ता के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 13 फरवरी 2026 को उसने अपने साथी बाबी वर्मा और प्रभात के साथ मिलकर भौती बाईपास के पास एक व्यक्ति को सवारी बनाकर ऑटो में बैठाया था। रास्ते में तीनों ने पीड़ित से करीब 15 हजार रुपये नकद और एक बैग लूट लिया तथा उसे भौती बाईपास के पास उतारकर फरार हो गए। आरोपी ने पुलिस को बताया कि लूट की रकम तीनों ने आपस में बराबर बांट ली थी और उसके हिस्से में पांच हजार रुपये आए थे। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था, जिसकी पुलिस को तलाश थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। डीसीपी वेस्ट एस एम क़ासिम आबिदी ने बताया की चार माह पूर्व हुई लूट मे आरोपी वांछित था। शनिवार दोपहर को उसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया गया। उसे जेल भेजा जा रहा है
खनिज विभाग ने 96 ट्रॉली अवैध रेत पकड़ी:सरकारी जमीन पर जमा कर रखी थी, रेत की कीमत करीब 3 लाख
बालाघाट जिले के मंगोली खुर्द में खनिज विभाग ने 96 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की है। कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर स्थित खनिज विभाग की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया और जब्त की गई रेत को सुरक्षा के लिहाज से ग्राम कोटवार के हवाले कर दिया है। जानकारी के मुताबित, 97 ट्राली रेत की सरकारी कीमत करीब 36 हजार 375 रूपए है। वहीं बाजार में 3 हजार रूपए प्रति ट्राली के हिसाब से इसका दाम तकरीबन 2 लाख 91 हजार रुपए करीब होता है। खनिज अधिकारी फरहत जहां ने बताया कि विभाग को किरनापुर तहसील के ग्राम मंगोली खुर्द में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रेत जमा कर रखने की खबर मिली थी। सूचना मिलते ही राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। लावारिस मिली 96 ट्रॉली रेत, कोई कागज नहीं मिला जांच के दौरान टीम को ग्राम मंगोली खुर्द के खसरा नंबर 113/1/1 की सरकारी भूमि पर रेत का एक बड़ा ढेर (डंप) मिला। मौके पर करीब 96 ट्रॉली रेत लावारिस हालत में पड़ी थी। वहां मौजूद कोई भी शख्स इस रेत के वैध होने से जुड़ा कोई दस्तावेज या परमिशन लेटर पेश नहीं कर सका। कोटवार की कस्टडी में सौंपी रेत, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई अवैध रूप से रेत जमा करने की पुष्टि होते ही प्रशासन ने फौरन उसे जब्त कर लिया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रेत को ग्राम कोटवार की कस्टडी में सौंप दिया गया है। खनिज अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में जब्त की गई रेत के निपटारे की कार्रवाई 'म.प्र. खनिज नियम 2022' के नियमों के तहत की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि जिले में अवैध खनन और इसके परिवहन (सप्लाई) के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गुरुग्राम जिले में नगर निगम मानेसर ने अवैध निर्माणों और बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को नौरंगपुर रोड स्थित एक अवैध रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह प्लांट करीब चार एकड़ भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रहा था। नगर निगम के डीटीपी राजेंद्र शर्मा ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र में 30 से अधिक अवैध आरएमसी प्लांट चिन्हित किए गए हैं, जिनके खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। शर्मा ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों और बिना अनुमति संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। यहां देखें फोटो… व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले अनुमति लेना जरूरी : डीटीपी डीटीपी राजेंद्र शर्मा ने आमजन से अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी भी कार्रवाई से बचा जा सके। यह कार्रवाई डीटीपी राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीओ शशिकांत, जेई देवेंद्र कुमार, दिपेश और मनदीप सहित नगर निगम की टीम मौजूद थी। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में अवैध प्लांट को शांतिपूर्ण ढंग से ध्वस्त किया गया।
गोरखपुर में मोहर्रम की दसवीं तारीख (यौमे आशूरा) पर शहर में निकले 70 से अधिक हुसैनी जुलूसों के शांतिपूर्ण आयोजन के बाद धर्मशाला बाजार स्थित चेतना तिराहे पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मोहर्रमुल हराम इंतजामिया कमेटी और नव व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश की ओर से किया गया। इस दौरान बेहतरीन जुलूस निकालने वाली कमेटियों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी सम्मानित किया गया। समारोह में अहमदनगर चक्सा हुसैन के शम्स परवेज और बिछिया रेलवे कॉलोनी के मोहम्मद आसिफ को प्रथम पुरस्कार दिया गया। वहीं अहमदनगर चक्सा हुसैन की हुसैनी नौजवान एकता कमेटी के जिगर खान को द्वितीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 20 साल से हो रहा है सम्मान समारोह नव व्यापार मंडल के अध्यक्ष शमशाद खान ‘भोला’ ने कहा कि गोरखपुर में इस बार 70 से ज्यादा मोहर्रम के जुलूस शांतिपूर्वक निकले। उन्होंने बताया कि उनकी टीम पिछले 20 साल से भी ज्यादा समय से हर साल जुलूसों का सम्मान करती आ रही है। इसका मकसद लोगों को अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित करना और भाईचारा बनाए रखना है। गाइडलाइन का पालन करने की सराहना कार्यक्रम का संचालन कर रहे हिंदू-मुस्लिम एकता कमेटी के अध्यक्ष शाकिर अली सलमानी ने कहा कि सभी जुलूसों ने प्रशासन की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया। उन्होंने कहा कि मोहर्रम के दौरान लोगों ने अनुशासन बनाए रखा और यह संदेश दिया कि हजरत इमाम हुसैन का पैगाम इंसानियत, अमन और भाईचारे का है। हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना कार्यक्रम भाजपा पार्षद छट्टीलाल गुप्ता और समाजसेवी बबलू भाई ने कहा कि यह मंच हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में मोहर्रम के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकले। इसके लिए पुलिस प्रशासन और सभी आयोजक बधाई के पात्र हैं। नव व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सत्यम सिंह बघेल ने कहा कि कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोग एक साथ बैठे। इससे यह संदेश गया कि गोरखपुर से मोहब्बत, भाईचारे और एकता की मिसाल पूरे देश तक पहुंचनी चाहिए। सभी का किया धन्यवादमंच संयोजक सोनू खान टीपू बाबा और लेखक वाजिद अली ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में विजय कुमार श्रीवास्तव, सुधीर कुमार झा, रजी अहमद, मोनू खान, प्रकाश सिंह, विनय सिंह, राकेश पांडे, शमशुल खान, फरमान खान, हनीफ, आदित्य मिश्रा, पुष्कर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शहर के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार एलएलआर (हैलट) हॉस्पिटल में आज आग जैसे हादसों से निपटने के लिए एक खास तैयारी देखने को मिली। शनिवार की दोपहर 3 बजे अस्पताल के मैटरनिटी विंग के पास कर्नलगंज फायर स्टेशन के अधिकारियों की टीम पहुँची। यहाँ उन्होंने अस्पताल के स्टाफ कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ को आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने और बचाव कार्य करने का लाइव प्रशिक्षण दिया। अस्पतालों में अक्सर शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पूरी ट्रेनिंग आयोजित की गई। मॉक ड्रिल से समझाया आग लगने पर घबराएं नहीं, ऐसे करें काबू कर्नलगंज फायर स्टेशन के अधिकारियों ने अस्पताल स्टाफ को समझाया कि आग लगने पर सबसे पहले घबराहट पर काबू पाना जरूरी है। ट्रेनिंग के दौरान बकायदा मॉक ड्रिल की गई, जिसमें बताया गया कि अस्पताल के वार्डों या मैटरनिटी विंग जैसी संवेदनशील जगहों पर अगर आग लग जाए, तो सबसे पहले क्या कदम उठाने चाहिए। स्टाफ को फायर एक्सटिंग्विशर को चलाने का तरीका और उसके अलग-अलग प्रकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मरीजों को सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती फायर ब्रिगेड के अफसरों ने सुरक्षागार्डों और नर्सिंग स्टाफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया कि वे कैसे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बिना किसी अफरा-तफरी के सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर सकते हैं। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना है और धुएं से भरे कमरे में किस तरह सांस लेते हुए लोगों को रेस्क्यू करना है, इन सभी व्यावहारिक बातों का डेमो करके दिखाया गया। स्टाफ ने खुद चलाए फायर सिलेंडर, सीखीं बारीकियां इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि सिर्फ थ्योरी नहीं समझाई गई, बल्कि नर्सिंग स्टाफ और गार्ड्स से खुद फायर फाइटिंग उपकरणों का इस्तेमाल कराया गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने खुद आगे आकर आग बुझाने के सिलेंडर का पिन निकालना और उसे सही दिशा में इस्तेमाल करना सीखा। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
सीतापुर में महमूदाबाद नगर की चीनी मिल कॉलोनी में शनिवार शाम करीब 6:30 बजे बिजली के करंट की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान 35 वर्षीय दीपाली कश्यप, पत्नी रवीश कश्यप, निवासी चीनी मिल कॉलोनी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दीपाली अपने घर के एक कमरे में थीं, तभी वह खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गईं। परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महमूदाबाद ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका की एक छोटी बच्ची भी है। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही कस्बा इंचार्ज दीपक राठौड़ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 के बचे हुए हिस्से (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) पर मेट्रो दौड़ाने की तैयारी आखिरी दौर में पहुंच गई है। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता की अगुवाई में दिल्ली से आई पांच सदस्यीय टीम ने शनिवार से तीन दिनों का बड़ा निरीक्षण शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे कानपुर पहुंचते ही टीम ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार और अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इसके तुरंत बाद अधिकारी ग्राउंड पर उतरे और बारीकी से जांच शुरू की। नवीन मार्केट से सेंट्रल तक मेट्रो का सफर, फिर ट्रॉली से ट्रैक की जांच बैठक खत्म होने के बाद सीएमआरएस और मेट्रो अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले नवीन मार्केट से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन से सफर किया। इसके बाद असली जांच शुरू हुई। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचने के बाद अधिकारी मोटर ट्रॉली पर सवार हुए और कानपुर सेंट्रल से झकरकटी के बीच बनी डाउनलाइन टनल (सुरंग) और ट्रैक का चप्पा-चप्पा परखा। इस दौरान ट्रैक की मजबूती और टनल की सुरक्षा को लेकर कई तकनीकी पहलुओं को देखा गया। झकरकटी स्टेशन पर फायर अलार्म और एस्केलेटर का हुआ टेस्ट सुरंग और ट्रैक की जांच करते हुए टीम झकरकटी स्टेशन पहुंची। यहां यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े इंतजामों को कड़े मानकों पर परखा गया। टीम ने स्टेशन पर लगे एस्केलेटर को चलाकर देखा और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लगाए गए फायर अलार्म सिस्टम का लाइव टेस्ट किया। स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जो भी इंतजाम किए गए हैं, उनकी गहन पड़ताल की गई ताकि कमर्शियल रन (यात्रियों के लिए शुरुआत) के समय कोई चूक न हो। अगले दो दिन और चलेगी जांच, सिग्नल और बिजली व्यवस्था पर रहेगी नजर यह बड़ी निरीक्षण प्रक्रिया अगले दो दिनों तक यानी 28 और 29 जून को भी जारी रहेगी। आने वाले दो दिनों में कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के पूरे रूट पर सिग्नलिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक और सिविल कंस्ट्रक्शन से जुड़े तकनीकी मानकों को गहराई से जांचा जाएगा। इस तीन दिवसीय निरीक्षण के बाद सीएमआरएस की टीम अपनी हरी झंडी देगी, जिसके बाद इस रूट पर आम जनता के लिए मेट्रो सेवा शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
आगर मालवा जिले में शनिवार को यौम-ए-आशूरा के अवसर पर दस दिवसीय मुहर्रम पर्व का विधिवत समापन हो गया। इस मौके पर शहर के विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक ताजिए जुलूस के रूप में निकाले गए। बड़ी संख्या में जुटे अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' की सदाओं के बीच मातम कर कर्बला के शहीदों की शहादत को याद किया और उन्हें खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश की। कर्बला मैदान में हुआ ताजियों का विसर्जन शहर के तय रास्तों से होता हुआ मुहर्रम का मुख्य जुलूस कर्बला मैदान पहुंचा, जहां पूरी अकीदत और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ ताजियों को विसर्जित किया गया। जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों के जांबाज कलाकारों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं के हैरतअंगेज करतब दिखाए। इन करतबों को देखने के लिए शहर के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस मुहर्रम पर्व को पूरी शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। शहर के सभी प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने खुद फील्ड में रहकर पूरे आयोजन की लगातार मॉनिटरिंग की। प्रशासन की मुस्तैदी और नागरिकों के सहयोग के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिससे जिले में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
भरतपुर के हलैना थाना इलाके को मोलोनी गांव में जमीन विवाद में दो पक्ष भिड़ गए। मारपीट में 6 लोग घायल हो गए। 3 गंभीर घायलों को रेफर किया गया है। हलैना थाना पुलिस ने वारदात के बाद 8 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि किसी भी पक्ष की ओर से अभी शिकायत नहीं दी गई है। अतर सिंह निवासी मोलोनी ने बताया कि बबलू निवासी मोलोनी दाताराम निवासी गोविंदपुरा सहित कई लोग गांव में खेत जोत रहे थे। तब अतर सिंह अपने परिवार के साथ खेत पर पहुंचा। अतर सिंह ने खेत जोतने से मना किया तो, बबलू पक्ष ने और अतर सिंह पक्ष में कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ी तो दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। इस दौरान दाताराम का पैर ट्रैक्टर के नीचे आने से वह घायल हो गया। मारपीट में अतर सिंह, उसके बेटे रंजीत, पुष्पेंद्र, बिट्टू, पत्नी इंद्रा भी झगड़े में घायल हो गए। अतर सिंह, और इंद्रा को रेफर किया गया है। उनका इलाज आरबीएम अस्पताल में जारी है। अतर सिंह का आरोप है कि बबलू मास्टर और दाताराम ने बाहर से गुंडे बुलाकर हमले की पहले ही योजना बना रखी थी। इसलिए उन्होंने मेरे पूरे परिवार को बुरी तरह पीटा है। जिस खेत को बबलू और दाताराम पक्ष जोत रहा था। उस जमीन में कुछ हिस्सा अतर सिंह पक्ष का था। इसलिए अतर सिंह ने विरोध किया।
सिंगरौली जिले के मोरवा इलाके में शनिवार शाम को एक सड़क हादसे में राधा-कृष्ण मंदिर दर्शन करने जा रहे एक छात्र और छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। बिरकुनिया के पास उनकी बाइक अचानक बेकाबू होकर फिसल गई। प्राथमिक इलाज के बाद युवक की हालत गंभीर देखते हुए उसे नेहरू शताब्दी अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा शाम करीब 5 बजे हुआ। मोरवा के साईंनगर का रहने वाला आशीष साकेत और मोरवा की रहने वाली प्रज्ञा तिवारी बाइक से दुधमनिया स्थित राधा-कृष्ण मंदिर जा रहे थे। जैसे ही वे बिरकुनिया के पास पहुंचे, तभी अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर जोर से फिसल गई। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत डायल-112 और घायलों के घरवालों को खबर दी। छात्रा के घरवाले फौरन मौके पर पहुंचे और उसे अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए। वहीं, डायल-112 की टीम ने घायल छात्र आशीष साकेत को एनसीएल (NCL) अस्पताल पहुंचाया। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह एनसीएल अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर्स ने आशीष की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए नेहरू शताब्दी अस्पताल भेज दिया। वहीं, छात्रा प्रज्ञा तिवारी का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, यह हादसा बाइक की तेज रफ्तार और कंट्रोल खोने की वजह से हुआ है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
बाड़मेर में तीन दिवसीय पल्स पोलिया अभियान की शुरूआत रविवार को होगी। पहले दिन जिले के 191 बूथों पर पोलिया की दवा पिलाई जाएगी। इसमें 0 से 5 साल के 2.43 लाख बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाने का टारगेट है।। शनिवार को सीएमएचओ ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिले भर में कल बूथों पर पल्स पोलिया की खुराक पिलाई जाएगी। आगामी दो दिन तक टीमें घर-घर जाकर खुराक पिलाई जाएगी। दरअसल, भारत पल्स पोलिया मुक्त हो चुका है, लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पोलिया मुक्त नहीं होने के कारण एतिहायत के तौर पर उससे सटे जिलों में आज भी पल्स पोलिया अभियान चलाया जा रहा है। इस कड़ी में शनिवार को पल्स पोलिया अभियान जागरूकता के लिए जिला मुख्यालय पर रैली निकाली गई। इस रैली को सीएमएचओ विष्णुराम विश्नोई ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान नर्सिंग स्टूडेंट्स ने विभिन्न जागरूकता संदेशों और नारों के जरिए लोगों को अभियान के महत्व की जानकारी दी। CMHO ने कहा- पोलियो उन्मूलन के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को अभियान के दौरान पूर्ण जिम्मेदारी एवं सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। आरसीएचओ डॉ. बाकाराम ने बताया कि राष्ट्रीय प्लस पोलियो अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता के लिए जिलेभर में बूथों की स्थापना की गई है और घर-घर जाकर भी बच्चों को चिन्हित कर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 3048 टीमें घर-घर जाकर पिलाएगी दवा तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन 191 बूथों पर दवा पिलाई जाएगी। फिर दो दिन तक घर-घर जाकर 3048 टीमें बच्चों को दवा पिलाएगी। हेल्थ विभाग ने मोबाइल टीम और सुपरवाइजर भी लगाए गए है।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों में व्याप्त रोष को एक मंच देने के लिए जिला कांग्रेस देहात की ओर से भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन चौराहा पर विशेष कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' आयोजित किया गया। स्टूडेंट्स और नेताओं ने छात्रों की गूंज वाले पोस्टर लगे बैलून उड़ाकार स्टूडेंट्स की आवाज को मंच दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोटा यात्रा की स्लाइड्स दिखाई गई, जिसमें स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्याओं जैसे गंभीर विषयों और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को बताया गया। इस दौरान छात्रों ने मंच से सवाल-जवाब किया और डिबेट के माध्यम से अपनी बात रखी । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, उनके पेरेंट्स और युवा शामिल हुए, उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौके पर छात्रों के लिए बारकोड की व्यवस्था भी की गई, जिसके माध्यम से स्टूडेंट्स ने अपने सुझाव डिजिटल रूप में भेजें। इन सुझावों को कांग्रेस अपने आगामी घोषणापत्र में शामिल करेगी। मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय मिले, जिससे सुसाइड करने जैसे कदम नहीं उठाने पड़े। इनकी रही मौजूदगीकार्यक्रम में देहात जिला अध्यक्ष रामलाल जाट, पूर्व मंत्री और जिला प्रभारी नसीम अख्तर इंसाफ, पूर्व विधायक हगामी लाल मेवाड़ा, पूर्व सभापति ओम नरानीवाल, हैप्पी बन्ना,महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशीला सालवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या युवा शामिल रहे। अब देखिए- कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें
बालाघाट जिले में सारस पक्षियों की संख्या पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गोंदिया और भंडारा जिलों से ज्यादा हो गई है। हाल ही में हुई गिनती के मुताबिक, बालाघाट में 50 सारस पक्षी मिले हैं, जबकि गोंदिया और भंडारा में इनकी कुल संख्या 32 ही दर्ज की गई है। पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने के लिए काम करने वाली संस्था 'सेवा' (सस्टेनिंग एनवायरनमेंट एंड वाइल्डलाइफ असेंबलेज) हर साल सारस पक्षियों की गिनती करती है। इस साल जिले में 6 दिनों तक 55 जगहों पर 25 टीमों ने यह गिनती की। पिछले साल बालाघाट में 48 सारस पक्षी मिले थे, जिनकी संख्या इस साल बढ़कर 50 हो गई है। सारस पक्षी को किसानों का सच्चा दोस्त माना जाता है, क्योंकि यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों को खाकर खेती में मदद करता है। वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीके से हुई खोजबीन 'सेवा' संस्था के प्रमुख सावन बहेकार ने बताया कि इस सारस गणना में दक्षिण और उत्तर वनमंडल, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद के साथ-साथ स्थानीय किसानों और सारस मित्रों की मदद ली गई। इस 6 दिनों के अभियान में जिले की 66 जगहों पर वैज्ञानिक और पारंपरिक, दोनों तरीकों से सारस पक्षियों को गिना गया। सुबह तड़के शुरू होती थी निगरानी गिनती के दौरान हर दिन सुबह पौने पांच बजे से 9 बजे तक सारसों के रुकने के ठिकानों और उनके प्राकृतिक घरों का सीधे जाकर मुआयना किया गया। बहेकार ने बताया कि संस्था सालभर सारसों के रहने, अंडे देने की जगहों और उनके आने-जाने के रास्तों की स्टडी करती है। इसके साथ ही गांवों के लोगों और स्कूली बच्चों को सारस बचाने के लिए जागरूक भी किया जाता है। दोनों राज्यों के बीच बिना रोक-टोक घूमते हैं सारस बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के बीच बहने वाली वैनगंगा और बाघ नदी की वजह से दोनों इलाकों का माहौल एक जैसा है। यही वजह है कि सारस के कई जोड़े दोनों राज्यों की सीमाओं के पार बिना रोक-टोक के घूमते हैं। आंकड़ों को देखें तो साल 2025 में बालाघाट में 48 सारस थे, जो इस साल बढ़कर 50 हो गए हैं। सारस को बचाने की कोशिशों के लिहाज से इसे एक अच्छी कामयाबी माना जा रहा है, हालांकि पिछले चार सालों में सारस के घोंसलों की संख्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और वह एक जैसी ही बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को देश के बड़े टेक्सटाइल और गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर यहां 81 एकड़ में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है। इसका मकसद प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और नए उद्योगों को बढ़ावा देना है। टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट निर्माण यूनिट लगाने का काम शुरू हो गया है। इस यूनिट में करीब 235 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। इससे 4600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। 25 जून को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने इस यूनिट का भूमिपूजन किया। यह यूनिट तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड लगा रही है। कंपनी यहां बच्चों के कपड़े (किड्सवियर), निट गारमेंट्स और अन्य वस्त्र तैयार करेगी। इन उत्पादों का निर्यात यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में किया जाएगा। तीन कंपनियों को मिली जमीन टेक्सटाइल पार्क में सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि तीन कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इनमें स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी भी शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों के जरिए करीब 445 करोड़ रुपए का निवेश होने और 11 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित होने की संभावना है। उद्योगों के लिए तैयार हो रही सभी सुविधाएं सरकार टेक्सटाइल पार्क में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से सभी जरूरी सुविधाएं तैयार कर रही है। यहां पक्की सड़कें, बिजली, पानी, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी सड़क और लॉजिस्टिक सुविधा मिलने से निवेशकों की रुचि भी लगातार बढ़ रही है। नई औद्योगिक नीति से मिलेगा फायदा राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी है। इस नीति के तहत उद्योगों को रोजगार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक की रोजगार सहायता पांच साल तक देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 1.6 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने क्या कहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए तेजी से काम कर रही है। उद्योगों के विस्तार से रोजगार बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।
सिंगरौली जिले में शनिवार को नो-एंट्री के नियम तोड़ने वाले एक ट्रक ड्राइवर पर कोर्ट ने 31 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। ड्राइवर ने जयंत नो-एंट्री इलाके में ट्रैफिक पुलिस के रोकने के इशारे को अनदेखा कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने गाड़ी को राजीव चौक पर रोककर जब्त किया और मामला कोर्ट में पेश किया। यह घटना 26 जून की है। जयंत नो-एंट्री इलाके में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने ट्रक ड्राइवर को रुकने का इशारा किया था, लेकिन ड्राइवर गाड़ी न रोकते हुए आगे बढ़ गया। इसके बाद पुलिस टीम ने राजीव चौक पर घेराबंदी कर गाड़ी को रोका और जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला कोर्ट भेजा। कोर्ट ने लगाया जुर्माना ट्रैफिक थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित ट्रक ड्राइवर पाबंदी वाले इलाके में घुस गया था और कर्मचारियों के रोकने पर भी उसने गाड़ी नहीं रोकी। कानूनी कार्रवाई के बाद कोर्ट ने यह जुर्माना लगाया है। ट्रैफिक पुलिस ने सभी गाड़ी चालकों से नो-एंट्री के नियमों और पुलिस के इशारों का पालन करने की बात कही है।
सिरसा जिले में तालाबों और जोहड़ों की पंचायत भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार के निर्देशों के बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला उपायुक्त (डीसी) ने सभी तहसीलदारों और उप-तहसीलदारों के माध्यम से जिले की ग्राम पंचायतों से तालाब और जोहड़ों का पूरा राजस्व रिकॉर्ड, खसरा नंबर, रकबा और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तलब की है। पंचायतों को 30 जून 2026 तक यह जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद रिकॉर्ड का मिलान कर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। जोहड़ों की जमीन से हटाए जाएंगे कब्जे प्रशासन के अनुसार, जिले के कई गांवों में तालाब और जोहड़ों की भूमि पर लोगों ने पशु बांधने, गोबर और कचरा डालने या अन्य निजी उपयोग के नाम पर कब्जा कर रखा है। कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी निर्माण भी कर दिए गए हैं। प्रशासन पहले इन जमीनों का चिन्हीकरण करेगा, जिसके बाद कब्जा हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे। यदि किसी स्थान पर पक्का निर्माण पाया गया तो उसे जेसीबी की मदद से हटाया जाएगा, जबकि अस्थायी अतिक्रमण भी तत्काल हटाया जाएगा। यह अभियान जून के अंत से जुलाई तक चलाए जाने की तैयारी है। सरपंचों को भी दी गई जिम्मेदारी सूत्रों के अनुसार, सभी ग्राम पंचायतों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेज दिए गए हैं और सरपंचों ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरपंच ने गलत जानकारी दी या किसी कब्जाधारी के साथ मिलीभगत कर वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। कुछ गांवों में जोहड़ों की जगह बने मकान जिले के कुछ गांवों में तालाब और जोहड़ों की जमीन पर मकान भी बने हुए हैं। इनमें कई मकान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बताए जा रहे हैं। ऐसे में यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है तो इन परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो सकता है। वहीं कई जगहों पर वर्षों से गोबर और कचरा डालकर तालाबों को पाट दिया गया, जिससे उनका अस्तित्व लगभग खत्म हो गया है और अब वहां यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि कभी वहां जोहड़ हुआ करता था। ग्रामीण बोले- पशुओं के लिए तालाब जरूरी ग्रामीणों का कहना है कि जोहड़ों पर कब्जे होने के कारण अधिकांश तालाब सूख चुके हैं। गर्मी के मौसम में बेसहारा और ग्रामीणों के पशुओं को पानी पीने और बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। उनका मानना है कि जोहड़ों को अतिक्रमण मुक्त कराना पर्यावरण संरक्षण और पशुधन दोनों के लिए जरूरी है। 30 जून तक मांगी गई पूरी रिपोर्ट डीसी की ओर से जारी आदेश में सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक तालाब और जोहड़ का खसरा नंबर, कुल रकबा, राजस्व रिकॉर्ड तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी 30 जून तक भेजी जाए। इसके बाद सरकार और प्रशासन रिकॉर्ड का सत्यापन कर कार्रवाई शुरू करेंगे। मौजूखेड़ा गांव के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन का पत्र प्राप्त हो चुका है। उनके गांव में जोहड़ की जमीन पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं है, फिर भी निर्धारित समय के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी जाएगी।

