सतना में भीषण गर्मी से लोगों को आखिरकार राहत मिली है। जिले में सक्रिय हुई प्री-मानसून गतिविधियों के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 7.5 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।मौसम में आए इस बदलाव के चलते अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 7.5 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री नीचे 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही रही, साथ ही ठंडी हवाएं चलीं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे गर्मी का असर काफी कम रहा और दोपहर के समय भी सड़कों व बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक चहल-पहल देखी गई। गुरुवार सुबह से भी आसमान में बादल छाए हुए हैं और जिले में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पिछले सप्ताह जहां पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था और लू के थपेड़ों ने जनजीवन प्रभावित कर दिया था, वहीं अब मौसम सुहाना होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। इसी के चलते बादल, तेज हवाएं और हल्की वर्षा का दौर बना हुआ है, जिससे तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल, प्री-मानसून की सक्रियता ने लू के तेवरों पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
गोंडा जिले के कटरा बाजार थाना क्षेत्र के पीपल चौराहा पर देर रात आइसक्रीम खाने को लेकर दो गुटों के मारपीट हो गई। बताया जा रहा है कि मोहम्मद अयान और उसके दोस्त आइसक्रीम खा रहे थे, तभी पास खड़े सिपाही लाल नामक व्यक्ति ने आइसक्रीम की गुणवत्ता पर टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज कर दी। इस बात का मोहम्मद अयान और उसके दोस्तों ने विरोध किया तो सिपाही लाल ने मोहम्मद अयान के चेहरे पर मुक्का मार दिया। घटना से आक्रोशित होकर मोहम्मद अयान ने अपने परिजनों को मौके पर बुला लिया। परिजनों के पहुंचते ही दोनों पक्षों में फिर से विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान सिपाही लाल को बचाने आए राजू नामक युवक के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मारपीट बढ़ते देख सिपाही लाल मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर कटरा बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। घायल राजू का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस के अनुसार राजू की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग गाली-गलौज और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। कटरा बाजार थाने के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक मनोज पाठक ने बताया कि आइसक्रीम को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों में मारपीट हुई है और मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
लखनऊ के विकासनगर इलाके में एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी के सुपरवाइजर ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी। घटना के समय वह शराब के नशे में थे। परिजन उन्हें गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना विकासनगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-सी, सबोली की है। मृतक की पहचान संदीप सिंह (52) पुत्र जीत बहादुर सिंह के रूप में हुई है। वह निजी सुरक्षा संस्था श्री राम सिक्योरिटी एजेंसी में सुपरवाइजर थे। परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। मृतक के भाई प्रदीप सिंह के मुताबिक बुधवार रात करीब 10 बजे संदीप सिंह ने घर के कमरे में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना रात 12:22 बजे डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे में लाइसेंसी रिवॉल्वर और खून के निशान मिले। साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। पुलिस कर रही हर पहलू की जांच पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने जैसलमेर के शहरी क्षेत्र गफूर भट्टा में एक मसाला और आटा फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) किशनाराम कड़वासरा ने बताया कि पैकिंग किए जा रहे मसालों में मिलावट के संदेह पर कार्रवाई की गई। टीम ने मौके से लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और आटा के 4 सैंपल लिए। इसके बाद फैक्ट्री में बचा हुआ 941 किलो मसाला जब्त कर लिया गया। व्यापारी को सुधार का नोटिस देकर सभी सैंपल जांच के लिए जोधपुर लैब भेजे गए हैं। लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगे एक्शन लिया जाएगा। 4 अलग-अलग सैंपल जांच के लिए भेजे शहर के गफूर भट्टा स्थित फैक्ट्री में कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्ट्री में बन रहे मसालों की बारीकी से जांच की। मौके पर साफ-सफाई की भारी कमी पाई गई और मसालों की क्वालिटी भी ठीक नहीं लग रही थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां से लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और आटे के कुल 4 अलग-अलग नमूने (सैंपल) लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री में जिस तरह से मसाले पैक किए जा रहे थे, उन्हें देखकर मिलावट का पूरा अंदेशा था। इसी शक के आधार पर सैंपल लेने के बाद वहां रखे बाकी के सारे स्टॉक को सीज कर दिया गया। जब्त किए गए मसालों में मिर्च, हल्दी और धनिया पाउडर शामिल है, जिसका कुल वजन 941 किलोग्राम पाया गया है। इस पूरे सामान को अब बाजार में बेचने पर रोक लगा दी गई है। सुधार का दिया नोटिस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने फैक्ट्री के मालिक और वहां काम करने वाले व्यापारियों को सख्त हिदायत दी है। विभाग की तरफ से उन्हें एक 'इम्प्रूवमेंट नोटिस' यानी सुधार का नोटिस जारी किया गया है। इसके तहत कारोबारी को आदेश दिए गए हैं कि वह अपनी फैक्ट्री में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, भविष्य में केवल शुद्ध और अच्छी क्वालिटी की चीजें ही बनाएं और बेचें। अगर दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई, तो लाइसेंस रद्द करने जैसी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जोधपुर लैब से आएगी रिपोर्ट फूड सेफ्टी ऑफिसर किशनाराम कड़वासरा ने बताया- कानून के नियमों के तहत जो 4 सैंपल लिए गए हैं, उन्हें जांच के लिए जोधपुर की सरकारी प्रयोगशाला (लैब) में भेज दिया गया है। लैब से जांच की रिपोर्ट आने में कुछ समय लगेगा। जैसे ही रिपोर्ट प्राप्त होगी, अगर उसमें मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अन्य मिलावटखोरों और मिलावटी सामान बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि जनता की सेहत से खिलवाड़ न हो।
उदयपुर में बीती रात को शहर में एक लेपर्ड कार की टककर से घायल हो गया और इस बीच उसे वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया तो पूरी तरह से बेहाश नहीं हुआ और नजकीक पहुंची टीम के एक सदस्य पर हमला कर दिया। इससे उसके चोटे आई। शहर के सुखेर पुलिस थाना क्षेत्र के चित्रकूट नगर में बुधवार रात कार की टक्कर से लेपर्ड घायल होने के बाद करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे रात 1:30 बजे ट्रंकुलाइज कर सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया। बेहोश होने से पहले लेपर्ड ने रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सिंह देवड़ा पर हमला कर दिया, जिससे उनके दोनों हाथों और चेहरे पर लेपर्ड के हमले की चोटे आई। क्षेत्रवासियों के अनुसार भैरवगढ़ मार्ग पर रात करीब 9 बजे एक कार की टक्कर से लेपर्ड के मुंह पर गंभीर चोट लगी थी। चोट के कारण उसके मुंह से खून बह रहा था और वह कुछ देर तक सड़क पर ही शांत पड़ा रहा। सूचना मिलने पर सुखेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी अवगत कराया गया। पुलिस और वन कर्मियों के पहुंचने से पहले लेपर्ड घिसटते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में जाकर छिप गया। अंबेरी वन क्षेत्र के फॉरेस्टर पंकज खटीक ने लेपर्ड की लोकेशन ट्रेस कर रेस्क्यू टीम को बुलाया। टीम ने झाड़ियों में सर्च शुरू किया तो टॉर्च की रोशनी पड़ते ही लेपर्ड गुर्राता-दहाड़ता दूसरी दिशा में भागा। टीम ने दूसरी ओर से भी घेराबंदी कर दी। रात करीब 12:45 बजे शूटर अजीतसिंह राणावत ने ट्रेंक्यूलाइजिंग गन से शॉट दागा। निशाना सटीक लगा और दवा का असर शुरू हो गया। करीब 20 मिनट बाद टीम ने उसके बेहोश होने के अनुमान में पास पहुंचने की कोशिश की, लेकिन वह नीम बेहोशी में था। इस बीच लेपर्ड ने अचानक हमला कर रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सिंह देवड़ा को घायल कर दिया। करीब आधे घंटे बाद लेपर्ड निढाल हो गया। फिर टीम ने जाल डालकर पकड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब लेपर्ड ने जितेंद्र पर हमला किया तब जितेंद्र ने भी अपनी जान बचाने के लिए लेपर्ड को पकड़ लिया इस बीच दूसरे वनकर्मी भी दौड़े। घटना स्थल पर जमा हुए लोग और पास ही रहने वाले एसीबी के एडिशनल एसपी अनंत कुमार भी वहीं थे। वनकर्मी के साथ अनंत कुमार और अन्य लोग भी उस समय दौड़कर जितेंद्र के पास गए। अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर बांधकर वाहन में शिफ्ट किया। फिर उसे सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया। आसपास पहाड़ी इलाका हैचित्रकूट नगर के आसपास का पहाड़ी इलाका है। यहां खेलगांव के पीछे पहाड़ियां है और इस क्षेत्र में लेपर्ड की आवाजाही पूर्व में सामने आई थी। वैसे पिछले पांच सालों से यूडीए विकसित इस इलाके में कई घर बने हुए है। यहां पर आवासीय इलाकों के साथ ही 60, 80 और 100 फीट रोड पर कई स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और संस्थाओं और समाजों के भवन भी संचालित है। चित्रकूट नगर के इसी इलाके में सरकारी आवास भी है। जो घटना हुई थी वह खेलगांव होकर सुखेर की तरफ जाने वाली रोड पर हुई थी। वीडियो : ताराचंद गवारिया, उदयपुर
वाराणसी की दाल मंडी और मेरठ के सेंट्रल मार्केट की तरह बरेली में भी आज बुलडोजर गरजेगा। नगर निगम ने करीब 350 ऐसे अतिक्रमण चिह्नित किए हैं जिन पर आज बुलडोजर चलेगा। बरेली के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटा चौराहे और कुदेशिया फाटक तक बुलडोजर चलेगा। ऐसे में पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहेगा। सीएम ग्रिड योजना के तहत होगा रोड चौड़ीकरण का कामबरेली में इन दिनों सीएम ग्रिड योजना के तहत रोड चौड़ीकरण का काम हो रहा है। काम कछुआ चाल से चल रहा है जिस वजह से जगह-जगह धूल उड़ रही है और कई जगह रास्ता खुदा पड़ा हुआ है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शासन की ओर से इस मामले में अधिकारियों को फटकार लगाई गई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद अब नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने काम में तेजी लाने के लिए आज पूरी तरह से अतिक्रमण को साफ करने के निर्देश दिए हैं। पहले भी चल चुका है बुलडोजरऐसा नहीं है कि सीएम ग्रिड योजना के तहत रोड चौड़ा होने के लिए इस इलाके में पहली बार बुलडोजर चल रहा हो, बल्कि पहले भी कई बार बुलडोजर चल चुका है लेकिन भारी विरोध के चलते हर बार नगर निगम का पीला पंजा रुक जाता है। करीब 6 महीने से यहां पर यही स्थिति बनी हुई है, जिससे आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। कॉमर्शियल इलाका है कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटे और कुदेशिया फाटक तकदरअसल जिस जगह बुलडोजर चलना है वो कॉमर्शियल इलाका है। वहां पर फर्नीचर, कपड़े, रेडीमेड गारमेंट्स, बिल्डिंग मैटेरियल, कई बड़े मैरिज हॉल, बैंकेट हॉल, मंदिर, मस्जिद, मजार, केडीएम इंटर कॉलेज, गुलाब राय इंटर कॉलेज, नंदी हाइट्स और पेट्रोल पंप जैसे निर्माण हैं जिन पर बुलडोजर चलना है। ऐसे में हंगामे के आसार हैं। छावनी में तब्दील रहेगा पूरा इलाकाबुलडोजर एक्शन के दौरान किसी तरह का बवाल न हो, ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ-साथ नगर निगम के प्रवर्तन दल की टीम मौजूद रहेगी। एक साथ करीब 1 दर्जन बुलडोजर चलेंगे। इस दौरान पूरे कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटे वाले रास्ते को बंद कर दिया जाएगा। दिसंबर 2025 में पहली बार दिए गए थे नोटिस, 15 दिन में खुद से अतिक्रमण हटाने के दिए गए थे निर्देशनगर निगम की ओर से दिसंबर में पहली बार करीब 350 से अधिक लोगों को नोटिस दिए गए थे। सभी को 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। अगर तय समय में खुद से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता, तो फिर नगर निगम उसका खर्चा भी बिल्डिंग के स्वामी से वसूलेगा। उसके बाद से कई बार नोटिस दिए गए। हालांकि, बहुत सारे लोगों ने खुद से ही अपना निर्माण तोड़ भी लिया है। क्यों चुना गुरुवार का दिनदरअसल नगर निगम ने गुरुवार का दिन इसलिए चुना है, क्योंकि गुरुवार को बरेली में मार्केट बंद रहता है। लोगों की आवाजाही बहुत कम होती है, जिस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना काम करना पड़ेगा। यही वजह है कि आज का दिन नगर निगम ने बुलडोजर चलाने के लिए चुना है।
कन्नौज में गोविष्टी यात्रा लेकर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को चौराहे पर रात बितानी पड़ी। जिस स्कूल में उनके रात्रि विश्राम का कार्यक्रम था, उसमें प्रशासन ने उन्हें ठहराने से मना कर दिया। आरोप है कि स्कूल मालिक को धमकाकर स्कूल में ठहराने से मना कर दिया गया। जिसके बाद शंकराचार्य ने अपने अनुयायियों के साथ पाल चौराहे पर ही स्वागत में लगे टेंट में रात बिताई। उन्होंने कहा कि हमें जगह-जगह परेशान किया जा रहा है। लेकिन हम अपनी यात्रा पूरी करेंगे। 150 विधानसभाओं में हम होकर आ चुके हैं। गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए निकले हैं। रात्रि विश्राम के दौरान उनके टेंट के बाहर पुलिस फोर्स रात भर तैनात रहा। सुबह 8 बजे शंकराचार्य छिबरामऊ के लिए रवाना हो गए। मौके की तस्वीरें देखिए वह बुधवार शाम 7 बजे कन्नौज पहुंचे थे। यहां अनुयायियों को सम्बोधित करते समय उन्हें सूचना मिली कि छिबरामऊ में जहां उन्हें रुकना था, अचानक से वहां के आयोजक ने प्रशासन के दबाव में कार्यक्रम स्थगित कर दिया। ऐसे में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पाल चौराहे पर ही एक साइड में खुली जगह पर डेरा जमा लिया और रात वहीं काटने का निर्णय लिया। हालांकि डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने उनके कार्यक्रम में किसी तरह का कोई दबाव न होने की बात कही है। उन्होंने कहाकि शंकराचार्य को न रोका गया है और न ही कोई रोकेगा। शंकराचार्य की अगवानी में जुटे रहे सपाई और कांग्रेसी- शहर के पाल चौराहे पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के पहुंचने पर सपा और कांग्रेस नेताओं ने उनकी अगवानी की। स्वागत कर उन्हें रोड किनारे लगे टेंट में ले गए। जहां उन्होंने 45 मिनट का समय बिताया। उसके बाद यात्रा छिबरामऊ की ओर रवाना होनी थी, लेकिन तभी शंकराचार्य को सूचना मिली कि छिबरामऊ में उन्हें जहां रुकना था, वहां के आयोजक को प्रशासन से कार्यवाही की धमकी मिली है, जिस कारण से उन्होंने शंकराचार्य के रुकने की व्यवस्था को स्थगित कर दिया। ऐसे में उन्होंने रात के यात्रा को आगे बढाने की बजाय, शहर के पाल चौराहे पर ही रोकने का फैसला किया और सड़क किनारे पड़ी खाली जगह पर तख्त के ऊपर बैठ गए। उनकी सुरक्षा में पुलिस फोर्स भी पाल चौराहे पर रात भर डटा रहा। न बिजली, न पंखापाल चौराहे पर रात के वक्त शंकराचार्य ने अचानक से रुकने का फैसला किया। ऐसे में वहां न बिजली की व्यवस्था थी और न ही पंखों की। ऐसे में भीषण गर्मी से उन्हें बचाने के लिए उनके सेवादार काफी देर तक हाथ वाले पंखों से उन पर हवा करते रहे। मच्छरों से भी उन लोगों को जूझना पड़ा। यहां स्ट्रीट लाइट की रोशनी में ही सभी ने रात बिताई। आयोजक बोले, तकनीकि समस्या के कारण टाला कार्यक्रम- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को छिबरामऊ स्थित एक स्कूल में रात को रुकना था, लेकिन अचानक से प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद छिबरामऊ में उन्हें रोकने का कार्यक्रम टाल दिया गया। इस मामले को लेकर स्कूल संचालक का कहना है कि शंकराचार्य के आने से कुछ पहले ही प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। कुछ तकनीकि समस्या होने पर कार्यक्रम को निरस्त करना पड़ा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा गुरुवार सुबह 8 बजे कन्नौज के पाल चौराहे से छिबरामऊ के लिए रवाना हुई। उन्होंने बुधवार रात पाल चौराहे पर ही बिताई थी। शंकराचार्य बुधवार शाम 7 बजे कन्नौज पहुंचे थे। यहां अनुयायियों को संबोधित करते समय उन्हें जानकारी मिली कि छिबरामऊ में उनके रुकने का कार्यक्रम अचानक स्थगित कर दिया गया है। आयोजकों ने इसके पीछे प्रशासन के दबाव का हवाला दिया था। कार्यक्रम रद्द होने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पाल चौराहे पर ही एक खुली जगह पर डेरा डाल लिया। उन्होंने वहीं रात बिताने का निर्णय लिया। इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने किसी भी तरह के प्रशासनिक दबाव से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य को न तो रोका गया है और न ही कोई रोकेगा।
ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास गुरुवार सुबह एसटीएफ आरक्षक अंकित तोमर (36 वर्ष) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। तोमर के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। वह वर्दी में था और वर्तमान में डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ था। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। दो दिन से बंद था फोन, भांजे ने बस स्टैंड पर छोड़ा था मूल रूप से मुरैना जिले के अम्बाह-पोरसा के रहने वाले अंकित तोमर वर्तमान में ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में रह रहे थे। परिजनों के मुताबिक दो दिन पहले अंकित को किसी विभागीय डाक (सरकारी दस्तावेज) को देने के लिए अपने गृहग्राम पोरसा जाना था। अंकित के भांजे अवध सिंह ने उन्हें पोरसा जाने वाली बस में बैठाने के लिए बस स्टैंड पर छोड़ा था, लेकिन बस में बैठने के बाद से ही अंकित का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था और वे अपने गांव भी नहीं पहुंचे। चिंतित परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। पैर का टखना टूटा, मौके पर मिला काफी खून गुरुवार सुबह राहगीरों ने नवीन लोहा मंडी के पास सुनसान जगह पर वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी का शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सीएसपी और थाना प्रभारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात को नियंत्रण में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी मौके पर बुला लिया गया है। क्या कहता है क्राइम सीन शुरुआती जांच में आरक्षक के शरीर पर घसीटे जाने और गंभीर चोट के निशान मिले हैं। मृतक अंकित तोमर के बाएं (लेफ्ट) पैर का टखना बुरी तरह टूटा हुआ था और घटनास्थल पर पैर से भारी मात्रा में ब्लीडिंग (खून का रिसाव) होना पाया गया है। शव की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि या तो उनके साथ कोई हिंसक वारदात हुई है या फिर किसी अज्ञात भारी वाहन ने उन्हें बेरहमी से रौदा है। 2018 में मिली थी अनुकंपा नियुक्ति पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार अंकित के पिता रामलखन सिंह तोमर भी पुलिस विभाग में थे। वर्ष 2016 में पिता रामलखन तोमर की असामयिक मृत्यु हो गई थी। पिता के निधन के बाद अंकित तोमर को साल 2018 में मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वे पिछले 8 साल से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस का कहना गंभीर चोट के कारण अत्यधिक खून बहना मौत का तात्कालिक कारण लग रहा है। फॉरेंसिक (FSL) की टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम (PM) के लिए भेज दिया गया है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट और आरक्षक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने के बाद ही साफ होगा कि यह सोची-समझी हत्या है या कोई सड़क हादसा। पुलिस की टीमें हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही हैं।
कानपुर में 45 साल से समाज की सेवा करने वाले धनीराम पैंथर, जिन्होंने इंसानियत की एक ऐसी पहल की शुरुआत की, जिसमें लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करना शुरू किया। जिनका कोई वारिस नहीं होता था, उनका उनके धर्म के आधार पर क्रियाकर्म कर संस्कार किया। साल 2005 से इसकी शुरुआत की। अब तक 16500 से अधिक लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। धनीराम ने नई पहल शुरू की है, जिसमें मरणोपरांत देहदान के लिए मुहिम शुरू की। सबसे पहले अपना और पत्नी के शरीर का देहदान कर दिया। एक साल में 50 से ज्यादा ऐसे लोगों को अपने साथ जोड़ लिया, जिन्होंने मरणोपरांत देहदान कर दिया है। दैनिक भास्कर ने धनीराम पैंथर के इस पूरे सफर के शुरू होने की वजह और कहानी जानने की कोशिश की। पढ़िए रिपोर्ट में… पढ़िए लावारिस शव के अंतिम संस्कार से देहदान तक सफर करने वाले समाजसेवी धनीराम ने जो कहा-साल 1996 में समाज सेवा के लिए समाज कल्याण सेवा समिति संस्था शुरू की। साल 2000 के आसपास देखा कि जो शव लावारिस होते थे, उन्हें पोस्टमार्टम हाउस से रिक्शे पर एक साथ कई लादकर गंगा में फेंककर प्रवाहित करने का काम किया जाता था। यह देखकर लगा कि क्या इस तरह से इंसानियत के हिसाब से सही है। 2005 से की शुरूआतस्वयं ही संस्था के माध्यम से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना शुरू किया। साल 2005 में संस्था का रजिस्ट्रेशन कराया। 15 मार्च 2009 से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार विधि-विधान से कराना शुरू कराया। इसके लिए 10 लोगों की टीम बनाई, क्योंकि उन्नाव, कानपुर नगर और कानपुर देहात में भी अंतिम संस्कार कराना शुरू किया। फिर शहर के लोगों से मदद की अपील भी की। आज संस्था में करीब 10 हजार से ज्यादा सदस्य अलग-अलग तरह से समाज में सेवा देने का काम कर रहे हैं। मदद में केवल कफन का कपड़ा, बांस और लकड़ी लेते हैं मदद के तौर पर लोगों से कफन का कपड़ा, लकड़ी और बांस ही लिया जाने लगा। शहर के कई बड़े लोग इसमें मदद करने लगे। लेकिन जब इस कार्य को शुरू किया तो कुछ लोगों ने मजाक भी उड़ाया, यहां तक कि पागल तक कहा, लेकिन मैं पीछे नहीं हटा। कम समय में समाज से अलग-अलग धर्म के लोग भी जुड़ने लगे। शवों को कंधा देने के लिए लोग आने लगे। अब तक हजारों लावारिश शवों का किया अंतिम संस्कार करीब 17 साल में 16500 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। इससे पहले से काम किया जा रहा था, उसकी गिनती नहीं है। संस्था ने अब ऐसे लोगों के शवों का अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है, जो मजबूर हैं, उनके पास कुछ नहीं है। ऐसी स्थिति में जानकारी मिलने पर उनका भी उनके धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कराने का काम किया जाता है। 10 लोगों की टीम प्रतिदिन काम करती है पैंथर ने बताया कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए 10 लोगों की टीम बनाई है, इसमें मैं भी मौजूद रहता हूं। इसके लिए चार शव वाहन हैं, जो शहर के लोगों के द्वारा दिए गए हैं। इनसे शवों को घाट पर ले जाने का काम किया जाता है। इनसे भैरव घाट, भगवतदास घाट और अछूतानंद कब्रिस्तान के साथ ही ईसाइयों को चुन्नीगंज कब्रिस्तान में शवों का अंतिम संस्कार कराया जाता है। कोरोना काल में 2950 शवों का किया अंतिम संस्कार उन्होंने कहा कि कोरोना काल के समय संस्था ने शवों का अंतिम संस्कार कराया, तो वह सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। जब लोग अपनों का अंतिम संस्कार करने में डर रहे थे, शवों को छोड़कर भाग रहे थे। लेकिन उस समय साल 2021 में संस्था ने 50 लोगों की टीम लगाई थी। उस कोरोना काल में 2950 शवों का अंतिम संस्कार कराया था। सबसे ज्यादा एक दिन में 109 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना काल में कराया गया था। कोरोना के दो ऐसे मामले जिन्होंने हिलाकर रख दिया कोरोना के समय ऐसे हालात हुए कि एक परिवार ने बेटी को घर से निकाल दिया, तो उस समय उसकी शादी कराई गई। आज वह परिवार सुखी जीवन बिता रहा है। कुछ दुखद मामले भी कोरोना में सामने आए, जिन्हें पूरी जिंदगी नहीं भुलाया जा सकता। एक गुप्ता परिवार का इकलौता बेटा कोरोना में जिंदगी की जंग हार गया। परिवार में केवल बुजुर्ग मां और बाप थे। जानकारी मिली तो पहुंचकर विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया गया। समाज में देंहदान के लिए मुहिम की शुरूआत की, पति- पत्नी ने एक साथ दान किया साल 2025 से देहदान की मुहिम शुरू की। सबसे पहले धनीराम पैंथर ने मरणोपरांत देहदान किया। पत्नी मनीषा ने भी देहदान कर दिया। इस मुहिम पर उनका कहना है कि एक दिन सोचा कि जब सब समाज के लिए करना है, तो यह जो शरीर है किसी दिन मृत्यु के बाद या मिट्टी में मिलना है या फिर आग में जल जाना है। इससे अच्छा है कि मरने के बाद शरीर किसी को जीवन देने के काम आ जाए। इसलिए शरीर का मरणोपरांत देहदान कर दिया। एक साल में 50 से ज्यादा लोग संस्था से जुड़कर मरणोपरांत देहदान के लिए जुड़ गए हैं। 7 जून को कानपुर मेडिकल कॉलेज में इसके लिए एक शपथ-पत्र देकर इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इस मुहिम को निरंतर चलाया जाएगा, ताकि किसी को जीवन देने के लिए मरणोपरांत देहदान किया जा सके। अब जानिए धनीराम पैंथर कौन हैंधनीराम बौद्ध, जिनका समाज सेवा करते हुए नाम धनीराम पैंथर हो गया। साल 1965 में इनका कानपुर के मकराबर्टगंज के हाता नंबर 37 में जन्म हुआ। पिता कपड़ा मिल में कर्मचारी थे। धनीराम महज 18 साल की उम्र में ही आंदोलन करते हुए पहली बार जेल जाना पड़ा। धनीराम ने कहा कि बाबा साहब की जयंती पर छुट्टी को लेकर आंदोलन में शामिल हुआ था, जिसके बाद जेल भरो आंदोलन में 14 दिन जेल काटी थी। उन्होंने बताया कि उस समय वह डीएवी इंटर कॉलेज में 10वीं के छात्र थे। धनीराम आंदोलनों को करते हुए 17 बार जेल जा चुके हैं। साल 2016 में उन्होंने मनीषा से शादी की। अब उनकी एक बेटी एंजल 6 साल और बेटा यथार्थ 8 साल का है। अब पढ़िए धनीराम की पत्नी मनीषा ने जो कहाधनीराम की पत्नी ने कहा कि मैंने अपनी खुशी से मरणोपरांत देहदान का फैसला किया है। जब मैंने देखा कि समाज के लिए मेरे पति दिन को दिन और रात को रात नहीं समझते हैं, तो उनके विचारों को देखकर मैंने भी उनके साथ देहदान का फैसला किया।यह तो सौभाग्य की बात है कि मृत्यु के बाद भी किसी के काम आएं। लेकिन जिस तरह से यह समाज के लिए काम करते हैं, तो मुझे भी इनके साथ आदत सी पड़ गई है। अब तो लगता है कि अगर किसी दिन एक भी मदद नहीं कर सके तो लगता है जैसे कुछ किया ही नहीं।
मुज़फ़्फ़रनगर में गौकशी के मामलों में लंबे समय से सक्रिय बताए जा रहे एक शातिर आरोपी को रतनपुरी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गैंदा उर्फ रहीस पिछले करीब 24 वर्षों से गौवध अधिनियम समेत विभिन्न मामलों में नामजद रहा है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। घटना बुधवार देर रात उस समय हुई जब रतनपुरी थाना पुलिस नंगला रियावली से पिठलोखर मार्ग पर चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कुछ दूरी पर बाइक कीचड़ में फंसकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक खुद को घिरता देख आरोपी बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागा और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले आरोपी को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान आरोपी गैंदा उर्फ रहीस घायल हो गया और पुलिस ने उसे मौके से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गैंदा उर्फ रहीस पुत्र जला उर्फ अब्दुल रहीम निवासी नंगला रियावाली, थाना रतनपुरी के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गैंदा उर्फ रहीस के खिलाफ वर्ष 2002 से लेकर 2026 तक गौवध अधिनियम, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ बुढ़ाना, रतनपुरी, मंसूरपुर और महिला थाना समेत विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस उसे क्षेत्र का शातिर गौकश मान रही है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस उसके अन्य आपराधिक नेटवर्क और साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। CO बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि आरोपी के विस्तृत आपराधिक इतिहास की भी जांच कराई जा रही है।
करीब 47 साल पुराना जर्जर हो चुका बांडी नदी का पूल का निर्माण कार्य अब जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसको लेकर वित्तीय स्वीकृत्ति मिल गई है। बता दे कि साल 2014 में इस पूल को जर्जर घोषित किया गया था। इस पूल की जगह अब 40 करोड़ रुपए से नया हाई लेवल पुल बनेगा। खास बात यह कि इसके निर्माण की घोषणा पहले कांग्रेस सरकार और बाद में भाजपा सरकार भी कर चुकी थी, लेकिन प्रशासनिक और वित्तीय कारणों से काम शुरू नहीं हो पाया। अब वित्तीय स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। इस बजट में फिर से घोषणा की गई थी। शहर के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मौजूदा पुलिया 47 साल पुरा है जो वर्तमान में जर्जर हो रखा है। बारिश के दिनों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है। नया पुल कवाड़ सर्किल से शुरू होकर केसर होटल क्षेत्र के आगे उतरेगा। इसमें 236 मीटर लंबा मुख्य पुल और 470 मीटर लंबा अप्रोच मार्ग बनाया जाएगा। 1978 से अब तक का सफरपाली शहर को नए बस स्टैंड और सुमेरपुर रोड से जोड़ने वाला बांडी नदी का पुल वर्ष 1978 में बना था। वर्ष 2014 में इसे जर्जर घोषित किया गया. 2016 में इसकी निर्धारित मियाद पूरी हो गई और 2023 में पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में इसे कभी भी ढहने योग्य बताया। वर्ष 2023-24 के बजट में 35 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन तीन बार टेंडर निरस्त होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। कभी उच्च दरें, कभी आचार संहिता और कभी वित्तीय समीक्षा के कारण प्रक्रिया अटकती रही. अब 40 करोड़ रुपए की नई स्वीकृति के बाद उम्मीद जगी है कि बरसात में डूबने और हादसों की आशंका से जुड़े इस पुल की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। 2014 में हुआ था जर्जर घोषित मौजूदा पुलिया को जर्जर और जोखिमपूर्ण माना। मरम्मत की, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला।2023 में पहली बड़ी घोषणा कांग्रेस सरकार ने 35 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी। नया पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। तीन बार टेंडर, हर बार निरस्त हुए। पहली बार दरें अधिक आने पर टेंडर रद्द करने पड़े। दूसरी बार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता आ गई। तीसरी बार वित्त विभाग के आदेशों के कारण प्रक्रिया रुकी। 2026 में फिर बजट में घोषणा हुई। भाजपा सरकार ने 40 करोड़ से दोबारा घोषणा की। स्वीकृति के अभाव में लागत दो साल में 5 करोड़ रुपए बढ़ गई। अब वित्तीय स्वीकृति जारी हुई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। दो से तीन महीने में निविदा प्रक्रिया पूरी होने की संभावना। फिर निर्माण कार्य शुरू होगा। साल 2023 में काम शुरू हो जाता तो 35 करोड़ में बन जाता बांडी नदी पूल।
पीलीभीत के बिलसंडा कस्बे में हुए चर्चित पप्पू गुप्ता हत्याकांड मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में बिलसंडा थाना अध्यक्ष (एसओ) सिद्धांत शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुकीर्ति माधव ने कानून व्यवस्था और कर्तव्य पालन में ढिलाई को देखते हुए यह कदम उठाया है। उनकी जगह उप निरीक्षक जगदीप मलिक को बिलसंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। घटना 28 मई को बिलसंडा कस्बे में दिनदहाड़े हुई थी। पुलिस जांच के अनुसार, स्थानीय व्यापारी पंकज का अपने ससुराल पक्ष से पुराना विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते ससुराल पक्ष की शह पर आठ बदमाश पंकज को धमकाने और सबक सिखाने के इरादे से उसकी दुकान पर पहुंचे थे। थाने से करीब एक किलोमीटर दूरी पर पंकज और बदमाशों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान पंकज के पड़ोसी व्यापारी पप्पू गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। व्यापारियों में आक्रोश, पुलिस की कार्रवाई तेज थाने के पास हुई इस हत्या से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया और अब तक मुख्य साजिशकर्ताओं सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पहले भी हुई थी कार्रवाई एसपी सुकीर्ति माधव ने घटना के बाद लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की थी। पहले एक दरोगा अनिल कुमार और दो कांस्टेबलों को निलंबित किया गया था। अब थाना अध्यक्ष सिद्धांत शर्मा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
हिसार जिले के आदमपुर क्षेत्र के गांव चूली खुर्द निवासी भतीजे ने दोस्तों के साथ मिलकर फतेहाबाद में आ रहे चाचा पर जानलेवा हमला कर दिया। इससे चाचा को गंभीर चोटें आई है। घायल अवस्था में चाचा को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल करवाया गया। घायल चाचा फतेहाबाद के भट्टू कस्बे में स्टेशनरी की दुकान चलाता है। पुलिस ने घायल दुकानदार कर्ण सिंह बैनीवाल की शिकायत पर उसके भतीजे देवेंद्र और उसके एक साथी कुलदीप पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है। पुलिस को दी शिकायत में आदमपुर क्षेत्र के गांव चूली खुर्द निवासी कर्ण सिंह (60) ने बताया कि वह भट्टू मंडी में स्टेशनरी की दुकान करता है। 30 मई की सुबह वह रोजाना की तरह अपनी बाइक पर सवार होकर गांव से भट्टू मंडी जा रहा था। जब वह गांव सुलीखेड़ा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तो पीछे से सफेद रंग की ब्रेजा कार में आए लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया। हाथ-पैरों पर किए कई वार कर्ण सिंह के अनुसार, कार में चार युवक सवार थे। इनमें उसका भतीजा देवेंद्र उर्फ डीके तथा कुलदीप उर्फ घोलू व उनके साथी शामिल थे। आरोप है कि देवेंद्र के हाथ में लोहे की रॉड और कुलदीप के हाथ में डंडा था। दोनों ने बाइक रुकवा कर उस पर हमला कर दिया। देवेंद्र ने उसके दोनों पैरों पर लोहे की रॉड से वार किए, जबकि कुलदीप ने हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें मारीं। शोर मचाने पर भागे आरोपी घायल कर्ण सिंह ने बताया कि चोटों के कारण वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद उसने जोर-जोर से शोर मचाया तो इसी दौरान राहगीरों और पीछे आ रहे उसके बेटे अजय को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जाते-जाते आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद उसके बेटे अजय ने एंबुलेंस की मदद से उसे भट्टू कलां सीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है। 22 हजार रुपए और अंगूठी गिरने का भी दावा घायल का कहना है कि मारपीट के दौरान उसके हाथ में पहनी सोने की अंगूठी और जेब में रखे 22 हजार रुपए गिर गए। उसने बताया कि उसका भतीजा अपनी जमीन बेच चुका है। अब उसकी जमीन में दखलअंदाजी करता है। पहले भी उसके घर में तोड़फोड़ कर चुका है। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उस पर हमला किया।
रायबरेली के राही ब्लॉक परिसर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा चार दिवसीय विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र सरकार के नौ वर्षों और राज्य सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना है। प्रदर्शनी का शुभारंभ मंगलवार को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग उनका लाभ उठा सकें। आंकड़ों के जरिए विकास की झलक प्रदर्शनी में प्रदेश की प्रगति को विभिन्न आंकड़ों और प्रदर्शित सामग्री के माध्यम से दर्शाया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में जहां केवल दो एक्सप्रेसवे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर नौ संचालित और 13 निर्माणाधीन हो गई है। इसी तरह पहले चार एयरपोर्ट्स थे, जबकि अब 17 संचालित और सात निर्माणाधीन एयरपोर्ट्स हो चुके हैं। जनप्रतिनिधियों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन प्रदर्शनी के दूसरे दिन बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी ने कार्यकर्ताओं के साथ मेले का भ्रमण किया। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मीडिया से बातचीत में भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य जनता को सरकार की योजनाओं और उनके लाभ की जानकारी देना है। सुरक्षा व्यवस्था और जनसहभागिता पर जोर प्रदर्शनी में विभिन्न योजनाओं की जानकारी पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से प्रस्तुत की जा रही है। आगंतुकों के लिए सूचना विभाग द्वारा साहित्य भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे योजनाओं को समझकर उनका लाभ ले सकें। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।
वाराणसी की महान विभूतियों के सम्मान के लिए नगर निगम ने 30 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। जिससे काशी के भारत रत्न, पद्मश्री, पद्म भूषन और पद्म विभूषण प्राप्त विशिष्ट लोगों के घरों और आस-पास के एरिया और घर तक जाने वाले मार्ग का सुंदरीकरण कराया जाना है। इसी क्रम में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के हड़हा सराय स्थित मकान संख्या सीके 46/62 के सुंदरीकरण और घर में म्यूजियम बनाने का कार्य जल्द ही शुरू होगा। इस म्यूजियम में क्या होगा खास और कैसे होगा बिस्मिल्लाह खां की घर तक जाने वाली गली का विकास? इस संबंध में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दैनिक भास्कर को जानकारी दी, पढ़िए रिपोर्ट… उस्ताद के कमरे की देखिये तस्वीरें, जिसे नगर निगम बनाएगा संग्रहालय.. 30 करोड़ के फंड से काशी के सम्मान का होगा सम्मान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - यह काशी का सौभाग्य है कि काशी में भारत रत्न, कई पद्मश्री, कई पद्म भूषण और पद्म विभूषण हुए हैं और हैं। नगर निगम ने एक योजना बनाई है कि ये महान लोग जहां से पढ़े हैं। जहां रहते हैं और जहां उन्होंने अपना आजीवन व्यतीत किया है। उस पूरे रिया को हम डेवलेप करेंगे। इसमें सड़क, फुटपाथ, लाइट और फसाड (घर का मुख्य हिस्सा) हेम बेहतर करेंगे और उसे सुन्दर बनाएंगे। इसके लिए हमने 30 करोड़ के फंड की व्यवस्था की है। इससे उनके घर जाने वाली गलियों को रेनोवेट किया जाएगा और घर को संग्राहल का रूप दिया जाएगा। भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां के घर का डीपीआर तैयार नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जानकारी देते हुए बताया - भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के बेनिया के हड़हासराय स्थित मकान को नगर निगम सुंदरीकरण कराने जा रहा है। इसके लिए डीपीआर शासन को भेंजने के बाद टेंडर की प्रक्रिया समाप्त कर ली गई है। जल्द ही हम यहां कार्य शुरू करने वाले हैं। इसमें उनके मकान के मुख्य भवन का सुंदरीकरण और गलियों का सुंदरीकरण कर चौड़ीकरण मुख्य है। कमरा बनेगा संग्रहालय नगर आयुक्त ने बताया - भारत रत्न का जो कमरा उनके मकान के सबसे अंतिम तल पर मौजूद है। उसे हम म्यूजियम का रूप देने जा रहे हैं। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस म्यूजियम में उस्ताद से जुडी हर चीज को संजोया जाएगा। जिसमें उस्ताद की टोपी, छाता, लालटेन, शहनाई, हाथ का पंखा, बक्सा, चप्पल, कलम सभी अन्य चीजें भी शामिल रहेंगी। जिसे वहां संजोकर रखा जाएगा। एरिया होगा डेवलेप नगर आयुक्त ने बताया - उनके घर तक जाने वाले रस्ते को डेवलेप किया जाएगा और जगह-जगह उस्ताद के द्वारा जो देश के लिए कंट्रीब्यूट किया और उनका जो जीवन था। उसके म्यूरल बनाए जाएंगे। और उससे उस एरिया को सजाया जाएगा। वहां लाइट, सड़क, फुटपाथ की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जो मुख्य भवन है उसका भी रेनोवेशन होगा ताकि कोई आये तो उसे बिस्मिल्लाह खां की शहनाई की आवाज सुनने को मिले जिससे वो काशी को समझ सके। अब जानिए कौन थे उस्ताद बिस्मिल्लाह खां जो थे गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल… बिहार के डुमराव में जन्मे भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की उम्र जब 6 साल ही थी तब वह शहनाई की शिक्षा के लिए वाराणसी अपने मामा अली बख्श के पास आ गए थे। उनके उस्ताद मामा काशी विश्वनाथ मंदिर में शहनाई बजाते थे। यही से उन्होंने शहनाई को अपना पहला प्यार बनाया। वह रोजाना छह घंटे तक शहनाई का रियाज करते थे। उन्होंने 1937 में पहली बार ऑल इंडिया म्यूजिक कॉन्फ्रेंस में शहनाई बजाई। यहां से शुरू हुआ सिलसिला आगे भी जारी रहा और उन्होंने दुनियाभर में शहनाई की ऐसी तान छेड़ी कि सुनने वाले मुग्ध हो गए। इसके बाद देश आजाद हुआ तो शहनाई के इस जादूगर को लाल किले बुलाया गया। 15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश शासन से 200 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली थी। उन्होंने लाल किले पर शहनाई बजाकर भारत की आजादी को और भी यादगार बना दिया। 1947 में भारत की स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से उस्ताद ने शहनाई की तान छेड़ी। तो यह एहसास हुआ की इन स्वरलहरियों की तरह आजादी भी अब भारत में घुल सी गयी है। बिस्मिल्लाह खान ने गंगा-जमुनी तहजीब को भी बढ़ावा दिया। बिस्मिल्लाह खां काशी के प्रसिद्ध बालाजी घाट पर घंटों रियाज करते थे। उन्होंने यूएसए, कनाडा, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ईरान, इराक, वेस्ट अफ्रीका जैसे देशों में शहनाई बजाई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनको अमेरिका में बसने का भी ऑफर दिया गया था। लेकिन वह भारत को नहीं छोड़ सकते थे। यहां तक कि बनारस छोड़ने के ख्याल से ही वह व्यथित हो जाते थे। बिस्मिल्लाह खान ने इस प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया था कि, ‘अमेरिका में आप मेरी गंगा कहां से लाओगे?’ 21 अगस्त 2006 को लंबी बिमारी के बाद उनका देहावसान हो गया। वाराणसी की दरगाह फातमान में उन्हें सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्दे ख़ाक किया गया था। उनका शव दिन भर बेनीयाबाग मैदान में दर्शन के लिए रखा गया। उसके बाद सेना के जवान तिरंगे में लिपटे शव को लेकर अपनी ट्रक से दरगाह फातमान के लिए रवाना हुए। पूरे रास्ते महिलाओं बच्चों ने घरों की छतों से पुष्प वर्षा की और 20 मिनट का रास्ता 2 घंटे में तय हुआ।
जयपुर में धार्मिक आयोजनों में चोरी और लूटपाट करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गोविंद देवजी मंदिर परिसर में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा के दौरान पुलिस ने पंजाब और हरियाणा से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक फरार हो गया। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए भागते समय कई वाहनों को टक्कर भी मारी, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। ये गैंग धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को निशाना बनाती है। माणकचौक थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि बुधवार से शुरू हुई कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान नॉर्थ जिला डीएसटी की नजर कुछ महिलाओं पर पड़ी, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। टीम ने जब उन्हें रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया तो वे वहां से निकल गईं। संदेह होने पर पुलिस ने उनका पीछा शुरू किया। कई वाहनों को टक्कर मारी कुछ ही देर बाद आरोपी दो अलग-अलग कारों में सवार होकर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने बाइक से उनका पीछा किया, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में आरोपियों ने रास्ते में कई वाहनों को टक्कर मार दी। इसके बावजूद पुलिस ने घेराबंदी कर एक कार चालक सहित चार महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। दूसरी कार का चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। धार्मिक आयोजन में वारदात गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किरणदीप कौर, रणवीर कौर, परमजीत कौर, गुलजिन्दर सिंह तथा बबली के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग धार्मिक आयोजनों, मेलों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सक्रिय होकर वारदातों को अंजाम देती रही है। फरार आरोपियों की तलाश पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार किरणदीप कौर के खिलाफ पांच, रणवीर कौर के खिलाफ छह तथा परमजीत कौर के खिलाफ सात आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं बबली और गुलजिन्दर सिंह के खिलाफ भी एक-एक मामला दर्ज बताया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ गैंग के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
टीकमगढ़ में विश्व योग दिवस की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयुष विभाग की ओर से उपवन पार्क में प्रतिदिन योग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। गुरुवार सुबह भी कई लोगों ने शिविर में पहुंचकर योग किया। जिला आयुष विभाग के प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि जिला आयुष अधिकारी विनोद कुमार की उपस्थिति में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार घर घर योग हर व्यक्ति निरोग अभियान चलाया जा रहा है। जिले के सभी 17 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी 21 जून को होने वाले योग दिवस से पूर्व जनसामान्य को योग अभ्यास के लिए जागरूक किया जा रहा है। इन शिविरों से लोगों को लाभ मिल रहा है। गुलशन कुमार निरंकारी (78), जिन्हें पहले उठने-बैठने में कठिनाई होती थी, अब योग के नियमित अभ्यास से स्वस्थ होकर खड़े होकर योग कर पा रहे हैं। उन्होंने सभी को प्रतिदिन योग करने की सलाह दी। शिविरों में आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों की ओर से असाध्य रोगों से निदान और स्वस्थ दिनचर्या के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. बंशी लाल अहिरवार और डॉ. सत्येंद्र गुप्ता, और होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र जैन लोगों को इस संबंध में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। योग प्रशिक्षक मनोज कुमार खरे की ओर से योग अभ्यास कराया जाता है। इन योग शिविरों में जिला आयुष अधिकारी डॉ. विनोद कुमार, डॉ. बंशी लाल अहिरवार, डॉ. सीता साहू, डॉ. राजेश सूत्रकार, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. शिखा खरे, प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, शासकीय होम्योपैथी औषधालय लार बुजुर्ग प्रभारी डॉ. आर. डी. अहिरवार और पैरामेडिकल स्टाफ सहित कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहते हैं। प्रतिदिन लगभग 35 से 45 लोग इन योग शिविरों का लाभ उठा रहे हैं।
भदोही में नवागत जिला आबकारी अधिकारी मुकेश शर्मा ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह शाहजहांपुर से स्थानांतरित होकर भदोही पहुंचे हैं। इससे पहले भदोही में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत अरुण कुमार शुक्ला का तबादला सीतापुर जनपद में कर दिया गया है। कार्यभार संभालने के बाद मुकेश शर्मा ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली और जनपद की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। राजस्व वृद्धि और पारदर्शिता पर जोर नवागत जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए विभागीय व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उनकी प्राथमिकताओं में आबकारी राजस्व में वृद्धि, अवैध शराब के निर्माण व बिक्री पर प्रभावी रोक और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे और प्रवर्तन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही लाइसेंसधारकों को निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जाएंगे। अवैध कारोबार पर लगातार अभियान के निर्देश मुकेश शर्मा ने कहा कि पुलिस विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। कर्मचारियों से ईमानदारी के साथ काम करने की अपील उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण किया जाएगा तथा किसी भी अनियमितता या भ्रष्टाचार पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने नवागत अधिकारी का स्वागत किया और उन्हें जनपद की आबकारी व्यवस्था से संबंधित जानकारी दी। वहीं पूर्व जिला आबकारी अधिकारी अरुण कुमार शुक्ला के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। अधिकारियों का मानना है कि मुकेश शर्मा के कार्यभार संभालने से विभाग में नई ऊर्जा आएगी और आबकारी व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होगी।
भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में दुर्ग पुलिस ने बुधवार को नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस ने देवार पारा बस्ती में सघन चेकिंग और तलाशी अभियान चलाकर भारी मात्रा में गांजा, शराब और धारदार हथियार बरामद किए। कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर छिपाकर रखे गए सामान को जब्त किया गया। दरअसल, पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि देवार पारा बस्ती में अवैध रूप से गांजा बेचने का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इसके बाद करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम गठित कर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 10 से 12 किलोग्राम गांजा बरामद किया। साथ ही गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया तैयार करने में इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक रैपर के कई पैकेट भी जब्त किए गए। इसके अलावा पुलिस ने 18 पौआ देसी सोले मसाला और 44 पौआ गोल्डन गोवा शराब सहित कुल 62 पौआ अवैध शराब भी बरामद की। अभियान के दौरान कुछ धारदार हथियार भी जब्त किए गए हैं। पहले देखिए ये तस्वीरें- टॉयलेट और मकान की छतों पर रखे थे गांजा अभियान के दौरान पुलिस ने बस्ती के घरों, आसपास के खाली स्थानों और अन्य संदिग्ध जगहों की गहन तलाशी ली। जांच में पता चला कि कुछ लोग मादक पदार्थ और अन्य अवैध सामान को कबाड़ के बोरों, पुराने, खंडहरनुमा भवनों, मकानों की छतों और टॉयलेट जैसी जगहों पर छिपाकर रखते हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग समूह बनाकर पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो तलवार समेत अन्य धारदार हथियार भी बरामद किए। वहीं बस्ती में खड़ी बिना नंबर की कुछ संदिग्ध दोपहिया वाहनों को जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इन वाहनों के मालिकों और उनके उपयोग के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर अभियान के दौरान पुलिस ने उन स्थानों पर भी कार्रवाई की, जहां नशे के कारोबार की गतिविधियां संचालित होने की सूचना थी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। पुलिस का कहना है कि बरामद गांजा और शराब किसने लाकर छिपाई थी और इसका उपयोग और बिक्री कौन कर रहा था, इसकी जांच की जा रही है। गांजा बरामदगी के मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
मिर्जापुर के धुंधी कटरा बाजार में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। आग ने कपड़ा और जूते की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग कपड़े की एक दुकान के पिछले हिस्से से शुरू हुई। देखते ही देखते इसने आसपास की चार दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें इमरान जूता हाउस, अम्ब्रालय रेडिमेड वस्त्रालय, पप्पू गिरीश सोनी चश्मा सेंटर और गणेश सांतुवाला के कपड़े की दुकान शामिल हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मी आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। बाजार में घना धुआं फैलने के कारण आसपास के लोगों और दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। देखें, 3 तस्वीरें… स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद है और भीड़ को नियंत्रित करने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर रही है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग दुकान के पिछले हिस्से से शुरू हुई थी। आग से हुए नुकसान का आकलन अभी नहीं किया जा सका है। दमकल विभाग की टीम आग को पूरी तरह बुझाने और इसे अन्य दुकानों तक फैलने से रोकने के प्रयासों में जुटी है। समाचार लिखे जाने तक आग बुझाने का कार्य जारी था।
लापता महिला का शव खेत की कब्र से मिला:खोदकर निकाला गया बाहर, धमतरी में बेटे ने की मां की पहचान
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक लापता महिला का शव खेत में बनी कब्र से बरामद किया गया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस, एसडीएम और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। कब्र की खुदाई के बाद शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान बिंदा बाई के रूप में हुई। यह घटना धमतरी जिले के बोरई थाना क्षेत्र के आमानारा गांव की है। खेत में एक ताजी कब्र देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 30 मई से लापता थी महिला मृतका की पहचान बिंदा बाई के रूप में हुई है, जो 30 मई से लापता बताई जा रही थी। आमानारा गांव के कोटवार ने खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में बनी इस कब्र की जानकारी पुलिस को दी थी। बोरई थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और कब्र की खुदाई करवाई। बेटे ने की मां की पहचान, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया खुदाई के दौरान कब्र में एक महिला का शव मिला। मृतका के बेटे ने शव की पहचान अपनी मां बिंदा बाई के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम नगरी की उपस्थिति में शव को कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि महिला की मौत कैसे हुई और उसे खेत में किसने दफनाया। यह हत्या का मामला है या किसी अन्य कारण से शव को छिपाने का प्रयास किया गया, पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरपुर गांव में जमीन के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बुधवार देर रात हुई हिंसक झड़प में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, राजकुमार यादव देर रात विधायक के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद थे। झुमरीतिलैया से लौटने के दौरान उन्हें गांव में विवाद की सूचना मिली। जानकारी मिलने के बाद राजकुमार यादव तुरंत अपने गांव चितरपुर पहुंचे। वहां पहले से गोतिया परिवार के लोगों के साथ विवाद चल रहा था। जैसे ही वह घर के पास पहुंचे बहस हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान आरोपियों ने राजकुमार यादव पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना से पहले विधायक ने भी पुलिस को फोन कर स्थिति की जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पिता, मां और बेटी पर भी हमला, इलाजरत इस घटना में मृतक की बेटी सोनिका कुमारी, मां सुधा देवी और पिता दशरथ यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तीनों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। सोनिका कुमारी के अनुसार, जब वे घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचीं तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी विवाद के दौरान मृतक की मां को जमीन में आधा गाड़ने की कोशिश की गई थी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया था। विधायक ने पुलिस पर उठाए सवाल घटना की जानकारी मिलते ही विधायक डॉ. नीरा यादव देर रात सदर अस्पताल पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक का कहना है कि यदि पहले मिली शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लोगों ने किया सड़क जाम इधर इस मामले से आक्रोशित विधायक के समर्थकों ने मृतक राजकुमार यादव के शव के साथ कोडरमा थाना के सामने रांची-पटना मुख्य मार्ग को किया जाम। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान को अविलंब निलंबित किया जाए। इसके साथ ही दोषियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए।
कोटा के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के क्वालिटी कंट्रोल विंग में 15 लाख के गबन मामले में जयपुर से आई कमेटी ने दूसरे दिन भी जांच की। टीम ने बुधवार को दिनभर ACE कार्यालय में रिकॉर्ड और दस्तावेज खंगाले। जांच के दौरान 59 फर्जी चालानों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। बुधवार को दोबारा दोनो लैब अटेंडेंट (कन्हैया व राहुल) को बुलाकर पूछताछ की। PWD सूत्रों ने बताया- जांच अधिकारी ने कन्हैयालाल से पूछा सही-सही बताओ चालान किसने बनाए। इस पर कन्हैया ने खुद के द्वारा चालान बनाने की बात कही और कहा अभी चालान बनाकर देता हूं। उसने तुरंत चालान बनाकर बता दिया। जांच अधिकारियों ने उसके पूर्व और वर्तमान बयानों में अंतर को लेकर सवाल उठाए। और कहा मंगलवार को चालान बना नही पाया। आज (बुधवार को ) तुरन्त बना दिया। एक रात में किस शातिर गुरु ने तुझे ट्रेंड किया। PWD सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने ATO विनय सक्सेना से 59 फर्जी चालानो के ठेकेदारों व फर्म के नाम की सूची मांगी। ATO ने कुलदीप द्वारा काटे गए चालानों की सूची तुरन्त दे दी। खुद ATO द्वारा कन्हैया की आईडी से काटे गए फर्जी चालानों की सूची शाम तक भी Xen (Q/C) /जांच दल को नही दी। वो दिन भर टालता रहा। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम 59 चालान वाली फर्मो मेंसे जिन ठेकेदारों की सूची मिली है। उन ठेकेदारों को पूछताछ के लिए बुलाया। बुधवार को 5-7 ठेकेदार ऑफिस पहुंचे। टीम ने उनसे पूछा आपने किसके कहने से, किसको पैसे देकर, किससे चालान बनवाया। कुछ ठेकेदारों ने लिखकर दिया है कि उन्होंने किसको चालान के पैसे, पे फ़ोन/नकद, किसके कहने से दिए। कुछ ठेकेदारों ATO विनय सक्सेना के कहने से कंप्यूटर ऑपरेटर कुलदीप के खाते में पैसा डालने की बात कही। विभाग के सूत्रों से यह भी पता चला है कि ATO विनय सक्सेना द्वारा फेल सेम्पल को पास दिखाकर फर्जी हस्ताक्षर कर जांच रिपोर्ट बनाई गई थी। जिसकी फोटो कॉपी कंप्यूटर ऑपरेटर कुलदीप ने अपने पास रख रखी थी। जिसको जांच अधिकारियों के सामने पेश किया है। मामले को लेकर भास्कर ने एडिशनल चीफ इंजीनियर कोटा संभाग निशु गुप्ता से बात की। उन्होंने कैमरे पर बोलने से इनकार कर दिया, और कहा कि मै कैमरे पर बाइट देने के लिए ऑथराइज्ड नहीं हूं। इसके लिए आप चीफ इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल कपिल वर्मा से बात कर बाइट लें। निशु गुप्ता ने कहा कि आपको जो भी पूछना है वो मौखिक पूछिए। उन्होंने कहा टीम, मुख्यालय ने गठित की थी। जांच के बाद टीम मुख्यालय को ही रिपोर्ट सबमिट करेगी। वो जांच रिपोर्ट मुझे सबमिट नहीं करेगी। जांच टीम स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही है। लैब में पत्रावली व डॉक्यूमेंट को चेक किया है। टीम गई या नहीं गई। इसका मुझे आईडिया नहीं है। टीम ना मुझसे पूछ करआई, ना मुझसे पूछ कर जाएगी। विनय सक्सेना के खिलाफ पूर्व की शिकायतों की जांच पर उन्होंने कहा वो मामला अलग है। ATO विनय सक्सेना के खिलाफ मुख्यालय शिकायत पहुंची थी। मुख्यालय ने जांच के लिए कमेटी बनाने को कहा था। हमने स्थानीय स्तर पर कमेटी बना दी है। कमेटी ने जांच शुरू की या नहीं। इस बारे में पता करके बता दूंगा। --------------------------------------------------- 15 लाख के गबन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़े PWD में 15 लाख गबन मामला,ATO पर लगे गंभीर आरोप:शिकायतों में फर्जी चालान और ठेकेदारों को धमकाने के आरोप; जांच भी कटघरे में PWD में 15 लाख गबन,जयपुर से आई जांच टीम:लैब सहायक रोने लगे, बोले- ATO सर के कहने पर लिए पैसे अधिकारियों के पास नहीं 15 लाख के गबन का जवाब:भास्कर का सवाल-चालान किसने वेरिफाई किए, SE कुर्सी से उठकर भागने लगे कोटा में PWD में 15 लाख के फर्जी चालान काटे:मटेरियल टेस्टिंग का पैसा लिया, खाते में जमा नहीं करवाया; भास्कर के हाथ लगे 59 फर्जी रसीद नंबर सरकारी अकाउंट से 15 लाख रुपए गायब:कोटा में PWD के क्वालिटी कंट्रोल के 59 चालान फर्जी; अफसर बोले- तकनीकी खामी हो सकती है
बीकानेर में भीषण गर्मी से जूझ रहे बीकानेर में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब 11 बजे शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान शुरू हो गया। करीब आधे घंटे तक बारिश और तेज हवाओं का दौर चलता रहा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन कई जगह नुकसान की भी खबरें सामने आई हैं। देर रात बदला मौसम का मिजाज दिनभर गर्मी झेलने के बाद देर रात अचानक आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में तेज तूफान भी चला, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। प्रदेश में सबसे गर्म रहा बीकानेर बारिश से पहले बुधवार को बीकानेर प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री सेल्सियस अधिक था। ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की सूचना तेज तूफान के कारण ग्रामीण इलाकों से पेड़ गिरने और बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं मिल रही हैं। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। हालांकि बिजली विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे बाद अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। गर्मी से मिली राहत पिछले कई दिनों से लगातार पड़ रही गर्मी और उमस के बीच देर रात हुई बारिश ने लोगों को राहत पहुंचाई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना भी है।
धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम गुमानपुरा स्थित पीएम श्री विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। जनजातीय कार्य विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में बीआरसी (खंड स्रोत समन्वयक) पद से हटाए गए बुटसिंह भंवर को इस अहम विद्यालय का प्रभार सौंप दिया है। इस फैसले के खिलाफ जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की गई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बुटसिंह भंवर पूर्व में सरदारपुर विकासखंड में बीआरसी के पद पर कार्यरत थे। उन पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद विभाग ने उन्हें पद से हटा दिया था। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इन सबके बावजूद उन्हें अब गुमानपुरा के पीएम श्री विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाकर कार्यभार सौंप दिया गया है। कलेक्टर से शिकायत, CM हेल्पलाइन पर भी मामले लंबितजनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता मुन्नालाल मारू ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना को एक आवेदन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि बुटसिंह भंवर के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े कई मामले विचाराधीन हैं। इसके साथ ही उनके विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायतें लंबित हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बीआरसी रहते हुए उन पर स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में भी भारी अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे। 8 जनवरी को DPC ने की थी कार्रवाई की सिफारिशजानकारी के मुताबिक, 8 जनवरी 2024 को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) ने सहायक आयुक्त को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में बुटसिंह भंवर के खिलाफ कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई के बजाय उन्हें पीएम श्री विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान का प्रभार दे दिया गया। शिकायतकर्ता का तर्क है कि जिस अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही हो, उसे इतनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना अनुचित है। सहायक आयुक्त बोले- भोपाल से लौटकर मामले को देखूंगाइस पूरे विवाद पर सहायक आयुक्त नरोत्तम का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया, मैं वर्तमान में भोपाल में एक बैठक में शामिल होने आया हूं। वापस आकर इस पूरे मामले की जानकारी लूंगा। इधर, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बाद अब इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
जबलपुर के शहपुरा-भिटौनी ऑयल प्लांट से निकलने वाले पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकरों से चोरी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच और भेड़ाघाट थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से चोरी किया गया पेट्रोल-डीजल और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार शहपुरा स्थित ऑयल प्लांट से रोजाना सैकड़ों टैंकर विभिन्न पेट्रोल पंपों के लिए रवाना होते हैं। शिकायत मिल रही थी कि कुछ चालक सुनसान जगहों पर टैंकर खड़े कर उनमें से पेट्रोल-डीजल निकालकर अवैध रूप से बेच रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। पेट्रोलिंग के दौरान मिली सूचना भेड़ाघाट थाना प्रभारी कमलेश चौरिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम पडुआ में मुन्ना पटेल के घर के पीछे रास्ते में इंडियन ऑयल कंपनी का टैंकर क्रमांक एमपी 13 जेड जे 0908 खड़ा है और उसमें से पेट्रोल-डीजल निकाला जा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में टैंकर के ऊपर चढ़कर तेल निकाल रहे व्यक्ति ने अपना नाम राजेश यादव (35) निवासी सिरमौर जिला रीवा बताया, जबकि नीचे गैलनों में तेल भर रहे व्यक्ति ने अपना नाम मुकेश सेन (34) निवासी सुहागी अधारताल बताया। टैंकर चालक चोरी करना स्वीकार किया आरोपी राजेश यादव ने पुलिस को बताया कि वह टैंकर चालक है। वह भिटौनी शहपुरा से 10 हजार लीटर पेट्रोल और 4 हजार लीटर डीजल भरकर रानीताल चौक स्थित आईयूसी पेट्रोल पंप के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में उसने अपने साथी मुकेश सेन के साथ मिलकर ग्राम पडुआ में टैंकर खड़ा किया और टैंकर का ढक्कन खोलकर पेट्रोल-डीजल चोरी करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने रिपिट खोलने की मशीन, हथौड़ी, पेचकस और प्लास्टिक की सटक की मदद से टैंकर का ढक्कन खोला और तेल निकाला। इसके बाद कुप्पी चुंगी की सहायता से 5 गैलनों में तेल भरा गया, जिसमें 2 गैलनों में करीब 50 लीटर पेट्रोल और 3 गैलनों में लगभग 85 लीटर डीजल पाया गया। आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज पुलिस ने इंडियन ऑयल कंपनी का टैंकर, पेट्रोल-डीजल से भरे 5 गैलन, 2 चुंगी, 4 रिपिट, रिपिट खोलने की मशीन, सटक, हथौड़ी, पेचकस, बाल्टियां, 2 मोबाइल फोन और टैंकर की चाबियां जब्त कर ली हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 287, 303(2) बीएनएस और 3(7) ईसी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गाजियाबाद में सूर्या चौहान की हत्या के 7 दिन बाद अभी भी तनावपूर्ण स्थिति है। हालांकि अब 10 से 15 प्रतिशत दुकानें खुलने लगीं हैं। लेकिन हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता लगातार सूर्या के घर सात्वना देने पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यहां पुलिस फोर्स तैनात है। मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में मारा जा चुका है, जबकि असद के पिता समेत 4 आरोपी पुलिस ने जेल भेज दिए बकरीद पर हुई थी सूर्या की हत्या बकरीद के दिन बुलाकर सूर्या के पेट में चाकू घोपा था बकरीद के दिन (28 मई) 17 साल के सूर्या की हत्या हुई थी। नाबालिग दोस्त के मुताबिक, असद ने फोन करके सूर्या को बुलाया। साथियों के साथ उसे घेर लिया और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। मारने से पहले उसने सूर्या से पूछा था- क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं। इसका CCTV भी सामने आया था। वहीं, खोड़ा पुलिस ने दोपहर में 4 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें असद के पिता नवाब (45), फरहान (19) और आतिफ (19) और सारिक शामिल हैं। फरहान ने पुलिस को बताया, नवाब ने असद को सूर्या की हत्या के लिए उकसाया था। कहा था- बकरीद पर सूर्या की कहानी खत्म कर दो। अभी भी तनाव की स्थिति सूर्या की मौत के बाद खोड़ा में 29 मई से बाजार बंद हैं। लेकिन यहां लगातार तनाव की स्थिति है। मुस्लिम व्यापारियों की दुकानों पर भी ताले लटके हैं। सूर्या की मां को डीएम गाजियाबाद रविंद्र कुमार मांदड़ ने नगर पालिका खोड़ा में संविदा पर नौकरी दी है। सरकार की तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। बुधवार को गाजियाबाद पुलिस प्रशासन ने डासना में 18 बीघा जमीन पर बने मरदसे पर बुलडोजर चलाया। आज पुलिस प्रशासन खोड़ा में अवैध अतिक्रमण हटा सकता है।
मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा और सदस्य सोनम निनामा ने बुधवार रात मंदसौर के सर्किट हाउस में अहम समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम और महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान आयोग ने जिले में संचालित मदरसों का सख्ती से सत्यापन करने और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. निवेदिता शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिले में चल रहे सभी मदरसों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो मदरसे तय सरकारी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संचालन बंद कराया जाए। बता दें कि वर्तमान में मंदसौर जिले में कुल 13 मदरसे संचालित किए जा रहे हैं। पॉक्सो मामलों में बरतें संवेदनशीलता, 24 घंटे में हो रिपोर्टिंगबैठक के दौरान लाड़ली लक्ष्मी योजना के सक्रिय हितग्राहियों की जानकारी ली गई और पॉक्सो एक्ट के मामलों की विस्तृत समीक्षा हुई। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष आने वाले सभी प्रकरणों की 24 घंटे के अंदर शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पॉक्सो से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। 'अपना घर' संस्था की समीक्षा, जिले में खुलेगा शिशु गृहआयोग ने 'अपना घर' संस्था से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत ही मुक्त कराया जाए और सभी सरकारी प्रक्रियाओं का अनिवार्य रूप से पालन हो। इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास विभाग को जिले में नया 'शिशु गृह' शुरू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। मानसून से पहले सुधारें जर्जर स्कूल भवनआगामी बारिश के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने कहा है कि मानसून आने से पहले जिले के सभी जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही, स्कूलों में शौचालयों की उचित व्यवस्था करने और उनके नियमित रखरखाव को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गुरुग्राम में पांच दिन पहले दौलताबाद में हुई आशीष की हत्या का खुलासा हो गया है। राजेंद्रा नगर थाना पुलिस ने मृतक के सगे भाई अमन को हत्या के आरोप में अरेस्ट किया है। वारदात वाले दिन आशीष और उसका दोस्त घर पर शराब पी रहे थे, जिन्हें अमन ने रोक दिया और घर से चले जाने को कहा। इसी बात को लेकर उनमें झगड़ा हो गया और अमन ने ईंट व कस्सी से सिर पर वार करके उसकी हत्या कर दी। 31 मई को राजेंद्र पार्क थाना पुलिस को गांव दौलताबाद में एक युवक मृत अवस्था में पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्हें आशीष खून से लथपथ मृत हालत में मिला था। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए क्राइम सीन टीम व फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। पुलिस टीमों द्वारा शव व घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया तथा घटनास्थल से विभिन्न साक्ष्य कब्जा पुलिस में लिए गए। उस समय मृतक के परिजनों ने लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि आशिष अपने पुराने मकान में गया था, जहां वह गंभीर चोटों सहित मृत अवस्था में मिला। इस शिकायत एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक उसका सगा भाई था तथा शराब पीने का आदी था। घटना के दिन मृतक के पास एक अन्य व्यक्ति शराब पीने के लिए आया हुआ था। आरोपी द्वारा उस व्यक्ति को घर से जाने के लिए कहने पर मृतक और आरोपी के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी के दौरान दोनों के बीच मारपीट हुई, जिसमें आरोपी ने ईंट व कस्सी से सिर पर वार किए, जिससे मृतक को गंभीर चोटें लगीं और उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
लुधियाना के ऐतिहासिक और जीवनदायिनी माने जाने वाले बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब पूरी तरह से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने बुड्ढा दरिया के किनारे अवैध रूप से कचरा और दूषित पानी बहाने के आरोप में दो बड़े डेयरी संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।यह सख्त कार्रवाई लुधियाना अर्बन वाटर एंड वेस्टवाटर मैनेजमेंट लिमिटेड (LUWWM) के उच्च अधिकारियों की लिखित शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जानकारी के अनुसार बीते 2 जून को लुधियाना अर्बन वाटर एंड वेस्टवाटर मैनेजमेंट लिमिटेड (जोन-बी) के सहायक कॉरपोरेशन इंजीनियर ने पुलिस प्रशासन को एक आधिकारिक शिकायत सौंपी थी। इस शिकायत में बताया गया था कि बुड्ढा दरिया के किनारे स्थित कुछ डेयरियों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ये डेयरी संचालक अपने यहां से निकलने वाला अत्यधिक दूषित पानी और गोबर (डेयरी वेस्ट) सीधे ईटीपी (Effluent Treatment Plant) ड्रेन में बहा रहे हैं। जांच में रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी LUWWM के अधिकारियों द्वारा की गई औचक चेकिंग और जमीनी जांच के दौरान दो प्रमुख डेयरियों की बड़ी लापरवाही सामने आई जिसमे पहला आरोपी मनु मल्होत्रा (डेयरी संचालक)दूसरा आरोपी मनी कतियाल (डेयरी संचालक) जांच टीम ने पाया कि इन दोनों आरोपियों की डेयरियों से निकलने वाला हानिकारक वेस्ट मटेरियल सीधे ड्रेन में डाला जा रहा था। इस जहरीले कचरे के कारण न सिर्फ पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि क्षेत्र के जल स्रोत भी तेजी से दूषित हो रहे हैं। पर्यावरण और जल निकासी कानूनों के तहत केस दर्ज LUWWM की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत प्राथमिक जांच शुरू की। आरोपों की पुष्टि होने के बाद दोनों डेयरी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में पर्यावरण संरक्षण संबंधी कड़े नियमों और जल निकासी (Drainage) कानूनों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। बुड्ढा दरिया को बचाने के लिए प्रशासन सख्त स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुड्ढा दरिया को साफ करने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही के कारण ये प्रयास विफल हो जाते हैं। प्रशासन के इस कड़े रुख से अब अन्य अवैध रूप से कचरा डंप करने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
शहडोल में अवैध रेत परिवहन पर हाइवा जब्त:खनिज विभाग ने प्रकरण दर्ज किया; वाहन मालिक पर होगी कार्रवाई
शहडोल जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यौहारी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए एक हाइवा वाहन जब्त किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देश पर की गई। जानकारी के अनुसार, खनिज निरीक्षक ने बुधवार रात करीब 2 बजे आनंद फ्यूलिंग पेट्रोल पंप के पास हाइवा क्रमांक MP18H5833 की जांच की। वाहन चालक रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में अवैध रूप से रेत का परिवहन किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद वाहन को जब्त कर ब्यौहारी थाने की सुरक्षित अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। वाहन मालिक पर प्रकरण दर्ज पूछताछ के दौरान चालक ने वाहन मालिक का नाम शिवम सिंह निवासी ब्यौहारी बताया। खनिज विभाग ने वाहन मालिक के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अम्बेडकरनगर में भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिलते ही संगठन के भीतर एक नई राजनीतिक तस्वीर भी उभरती दिखाई दे रही है। जिलाध्यक्ष पद पर दिलीप देव पटेल की ताजपोशी के दौरान जिस चेहरे की सबसे अधिक चर्चा रही, वह भाजपा नेता विवेक मौर्य हैं। लखनऊ में पार्टी मुख्यालय से लेकर अम्बेडकरनगर तक दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीति में कई बार तस्वीरें और घटनाएं शब्दों से ज्यादा संदेश देती हैं। दिलीप देव पटेल के जिलाध्यक्ष बनने के बाद उनका स्वागत करने वालों की कमी नहीं थी, लेकिन लखनऊ से उन्हें अपनी गाड़ी से लेकर जिले तक पहुंचाने वाले विवेक मौर्य ने खुद को चर्चा के केंद्र में ला दिया। पार्टी सूत्रों की मानें तो जिलाध्यक्ष चयन के दौरान भी विवेक मौर्य लगातार सक्रिय रहे और लखनऊ में उनकी मौजूदगी रही। भाजपा संगठन में लंबे समय बाद ऐसा अवसर आया है जब जिले में दो युवा चेहरे एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं। एक के हाथ में संगठन की कमान है तो दूसरा विधानसभा राजनीति में अपनी सक्रिय दावेदारी को लेकर जाना जाता है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में संगठन और चुनावी राजनीति की नई धुरी इन्हीं दोनों नेताओं के इर्द-गिर्द घूमेगी। जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। फिलहाल यह सिर्फ तस्वीरों और घटनाओं की राजनीति है, लेकिन अम्बेडकरनगर भाजपा में इस नई। केमिस्ट्री ने कई पुराने समीकरणों की चर्चा जरूर तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 4 जून को बिलासपुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बंधवापारा तालाब परिसर स्थित ईशिका पार्क में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री अलग-अलग योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरित करेंगे और आम लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इसके अलावा वे शहर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे और कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी विभाग के अफसरों को अलर्ट किया है। खासकर राजस्व विभाग के अफसरों को सभी जानकारी और लंबित कार्यों के निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि सुशासन तिहार के दौरान सीएम साय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। सरकारी योजनाओं में लापरवाही और काम में कोताही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई भी की जा रही है। बंधवापारा के शिविर में होंगे शामिल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शाम 4 बजे हेलिकॉप्टर से एसईसीएल हेलिपेड पहुंचेंगे। इसके बाद वे सीधे ईशिका पार्क में आयोजित सुशासन तिहार में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ वितरित करेंगे और जनसंवाद भी करेंगे। शहर के साथ जिले में बिजली विभाग की मनमानी सीएम साय के दौरे को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी बिजली विभाग के अफसरों को हो सकती है, क्योंकि गांव से लेकर शहर तक सबसे ज्यादा परेशानी बिजली विभाग से है। हर साल मेंटेनेंस के बाद भी बिजली विभाग की समस्या जस की तस बनी हुई है। इस बार भीषण गर्मी में बिजली ने लोगों को ज्यादा ही परेशान कर दिया है। गांव ही नहीं शहर में बिजली बंद होने का कोई टाइम नहीं है। ऐसे में सीएम साय के सामने बिजली की समस्या को लेकर शिकायतें मिल सकती है। विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे सीएम साय इस दौरान सीएम साय निर्माणाधीन एजुकेशन हब और नालंदा परिसर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री शहर में निर्माणाधीन एजुकेशन हब का भी जायजा लेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित किया जा रहा है। बता दें कि मधुबन क्षेत्र में 13 एकड़ भूमि पर लगभग 120 करोड़ रुपए की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जहां एकेडमिक ब्लॉक सहित अलग-अलग शैक्षणिक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। 500 सीटों वाली नालंदा लाइब्रेरी बन रही बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जीएम (टेक्निकल) एसपी साहू के अनुसार प्रथम चरण में 11.42 करोड़ रुपए की लागत से 500 सीटों वाली नालंदा परिसर लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इस आधुनिक लाइब्रेरी में पब्लिक लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग जोन, विशाल रीडिंग हॉल, किड्स रीडिंग एरिया, कैफेटेरिया और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। तीन एकेडमिक ब्लॉक में बनेंगे 48 हाल एजुकेशन सिटी परियोजना के तहत तीन एकेडमिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। इनमें से दो ब्लॉकों का निर्माण लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से जारी है, जबकि तीसरा ब्लॉक स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित है। प्रत्येक एकेडमिक ब्लॉक में 16-16 हाल बनाए जाएंगे। इस प्रकार कुल 48 हालों में कोचिंग सेंटर, स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग प्रोग्राम, सेमिनार और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। कलेक्ट्रेट में लेंगे समीक्षा बैठक सुशासन तिहार कार्यक्रम और परियोजनाओं के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में अलग-अलग विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और जिले में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
अमेठी जिला अस्पताल में मरीजों को जल्द ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सीएसआर फंड से अस्पताल में दो अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। इनमें फेको मशीन और हार्मोनल एनालाइजर शामिल हैं, जिनसे आंखों और विभिन्न हार्मोन्स की सटीक जांच संभव हो सकेगी। फेको मशीन मोतियाबिंद सहित आंखों की अत्याधुनिक जांच और ऑपरेशन को आसान व सुरक्षित बनाएगी। यह मशीन आंखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र चिकित्सा मिल सकेगी। दूसरी मशीन हार्मोनल एनालाइजर है, जो एक मेडिकल डायग्नोस्टिक उपकरण है। यह मानव शरीर में विभिन्न हार्मोन्स के स्तर को मापता है। यह मशीन इम्युनोएसे तकनीक का उपयोग करती है और रक्त, प्लाज्मा या सीरम के नमूनों से जांच करती है। इस एनालाइजर से थायरॉयड, प्रजनन से जुड़े एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और तनाव जैसे हार्मोन्स की सटीक जांच हो सकेगी। अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था। इन मशीनों से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि इन मशीनों के जिला अस्पताल में लगने से लोगों का बेहतर इलाज हो सकेगा। उन्होंने जानकारी दी कि मशीनों को स्थापित करने के लिए एचएएल से पत्राचार किया जा चुका है और जल्द ही ये अस्पताल पहुंच जाएंगी। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदलने लगा है और मौसम विभाग के अनुसार आज (4 जून) से पूरे प्रदेश में गरज-चमक, तेज हवा (50-60 किमी) और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं और पिछले 24 घंटों में भी तापमान में विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया, जहां राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में 3 महिलाओं की मौत हुई और दंतेवाड़ा में 12 ग्रामीण इसकी चपेट में आए, बीजापुर और मनेंद्रगढ़ में भी महिलाएं काम के दौरान बिजली गिरने की चपेट में आईं। उत्तर छत्तीसगढ़ के हिस्सों में बारिश उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं। वहीं प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई। इन जिलों में हुई बारिश पिछले 24 घंटों में दंतेवाड़ा के कुआकोंडा में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। कोरबा और पेंड्रा रोड में 20-20 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मुंगेली के पथरिया, सरगुजा के मैनपाट, जशपुर के कांसाबेल, कोरबा के कटघोरा और भैसमा, पेंड्रा और सूरजपुर में 10-10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दो तरह के मौसमी सिस्टम एक्टिव फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर तमिलनाडु तक एक लंबी ट्रफ लाइन बनी हुई है। यह मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना और रायलसीमा से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के कारण बंगाल की खाड़ी और दक्षिण दिशा से नमी लगातार मध्य भारत की ओर पहुंच रही है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो रही है और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। छत्तीसगढ़ में आंधी तूफान और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी इन दोनों मौसमी सिस्टम से आज पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी संभव हैं। दिन के तापमान में बड़ी गिरावट नहीं होगी, लेकिन बादलों और बारिश से लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है। रायपुर का मौसम रायपुर में आज बादल छाए रह सकते हैं। शहर में गरज-चमक, धूलभरी आंधी, बारिश की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न रहने की सलाह दी है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
जयपुर के सोडाला इलाके में बेखौफ बदमाश ने दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया। मंदिर से दर्शन कर लौट रही महिला को बदमाश ने पीछे से आकर जोरदार धक्का दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गईं। इसके बाद बदमाश ने उनके साथ मारपीट की और कानों के टॉप्स व गले की सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। लूटे गए गहनों की कीमत करीब 4.23 लाख रुपए बताई जा रही है। यह पूरी वारदात पास ही लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।घटना मंगलवार दोपहर करीब 12:40 बजे जमुना नगर (सोडाला) में हुई। PHOTOS में देखिए लूट की घटना… अपार्टमेंट के बाहर पहुंचते ही किया हमला डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया- जमुना नगर की रहने वाली संतोष अग्रवाल (74) मंगलवार दोपहर को पास ही के मंदिर में दर्शन करने गईं थीं। दोपहर करीब 12:40 बजे जब वह वापस लौटकर अपने अपार्टमेंट के ठीक बाहर पहुंचीं, तभी पीछे से आ रहे एक युवक ने उन पर हमला बोल दिया। चीखती रही बुजुर्ग महिला, तमाशबीन बने लोग सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बदमाश ने बुजुर्ग महिला को बेरहमी से सड़क पर पटक दिया। महिला खुद को बचाने और मदद के लिए लगातार चिल्लाती रही, लेकिन दोपहर का वक्त होने के कारण सड़क सूनी थी। बदमाश ने बड़ी बेरहमी से महिला के कानों में पहने सोने के टॉप्स और गले की सोने की चेन लूट ली।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पैदल ही सुशीलपुरा की ओर भाग निकला। जब तक चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर आए, आरोपी आंखों से ओझल हो चुका था। पुलिस खंगाल रही फुटेज, घायल महिला का हुआ मेडिकल सोडाला थाना पुलिस ने बुजुर्ग महिला का मेडिकल करवाया है। डीसीपी साउथ के मुताबिक, पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो सुशीलपुरा और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। बदमाश के भागने के रूट को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने दावा किया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुलंदशहर के दानपुर ब्लॉक स्थित जिरौली विद्युत उपकेंद्र में करीब आठ फिट के नाग-नागिन के प्रवेश से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। यह घटना बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुई, जब दोनों सांप उपकेंद्र परिसर में देखे गए। डेढ़ घंटे तक परिसर में रहे मौजूद जानकारी के अनुसार नाग और नागिन डेढ़ घंटे तक बिजली घर परिसर में ही मौजूद रहे। इस दौरान कर्मचारियों में भय का माहौल बना रहा। हालांकि, कर्मचारियों ने सावधानी बरतते हुए सुरक्षित दूरी बनाए रखी और अपने दैनिक कार्यों का संचालन जारी रखा। कार्यालय में दहशत का माहौल विद्युत अभियंता संजीव कुमार, टीजी-2 आर.के. चौहान, तथा लाइनमैन भविंदर सिंह और राजू ने बताया कि सांपों की लंबे समय तक मौजूदगी के कारण पूरे कार्यालय में दहशत का माहौल था। उन्होंने पुष्टि की कि इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। आवश्यक कदम उठाने की मांग कर्मचारियों ने इस घटना को बिजली घर जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय बताया। उन्होंने संबंधित विभागों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और दिनभर लोगों के बीच कौतूहल का केंद्र रही।
इंदौर के तेजाजी नगर इलाके में बुधवार रात एक तेज रफ्तार मिक्सर मशीन ने बाइक सवार दो दोस्तों को टककर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा गंभीर घायल हो गया। दोनों रात में घर लौट रहे थे। तभी हादसे का शिकार हो गए। पुलिस ने मिक्सर मशीन डंपर जब्त किया है। तेजाजी नगर पुलिस के मुताबिक घटना नायता मुंडला की है। बुधवार देर रात एक मिक्सर मशीन ने बाइक पर जा रहे आकिब पुत्र अयूब खान निवासी कटकटपुरा और उसके साथी समीर पुत्र मुर्तजा खान को टक्कर मार दी। इस हादसे में समीर बाइक से दूर जा गिरा। वहीं आकिब डंपर की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रात में सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आकिब के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं समीर का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। बताया जाता है कि आकिब रात में अपने दोस्त समीर को छोड़ने नायता मुंडला इलाके में ही उसके घर जा रहा था। पुलिस ने रात में डंपर जब्त किया है।
दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने जिले के पांच थानों में प्रभारियों की नियुक्ति की है। जारी आदेश के अनुसार पुलिस लाइन से महवा थाने में सीआई महेंद्र यादव, श्रीकिशन मीणा को झांपदा थाना, नरेश शर्मा को बसवा थाना इंचार्ज लगाया गया। वहीं एसपी कार्यालय में अपराध सहायक राजेश शर्मा को महिला थाना इंचार्ज तथा महवा से सचिन शर्मा को मेहंदीपुर बालाजी थाना इंचार्ज के पद पर लगाया गया है। आदेश जारी होने के बाद महवा और बालाजी थाना इंचार्ज ने कार्यभार संभाला लिया। एसपी ने दिए निर्देश इससे पहले क्राइम मीटिंग में एसपी पीयूष दीक्षित ने साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं डिजिटल सुरक्षा से जुड़े मामलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए ताकि ठगी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। एसपी ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए महिला सुरक्षा योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ महिला संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
लखनऊ में विवाहिता ने लगाई फांसी:जोमैटो डिलीवरी बॉय पति रात में घर लौटा तो पंखे से लटका मिला शव
लखनऊ के चिनहट के कंचनपुर मटियारी में 23 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय उसका पति काम पर गया हुआ था। रात करीब एक बजे घर लौटने पर उसने पत्नी को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान मोनिका मिश्रा (23) के रूप में हुई है। उसके पति आशुतोष तिवारी (24) जोमैटो में डिलीवरी बॉय हैं। आशुतोष ने पुलिस को बताया कि बुधवार देर रात करीब एक बजे वह घर पहुंचे तो पत्नी कमरे में फंदे से लटकी मिली। उन्होंने तुरंत उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मोनिका की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। दंपती की आठ माह की एक बेटी है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य जुटाए। मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लोहिया अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
दुर्ग में फार्म हाउस में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने वहां काम करने वाले दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ था, लेकिन पत्नी का पक्ष लेते हुए बाकी कर्मचारियों ने पति की इतनी पिटाई कर दी कि उसकी मौत हो गई। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र ग्राम मोहंदी स्थित खाननाडी के फार्म हाउस का है। यहां सावित्री साहू पिछले करीब सात सालों से काम कर रही थी और वहीं रहती थी। कुछ समय पहले पति नीलकंठ साहू भी उसके साथ रहने लगा था। आसपास के लोगों के अनुसार दंपती के बीच अक्सर विवाद होता था। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से था विवाद बताया जा रहा है कि नीलकंठ अपनी पत्नी पर शक करता था, जिसके चलते दोनों के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। 1 जून की रात करीब 9 बजे नीलकंठ साहू और उसकी पत्नी सावित्री के बीच फिर विवाद हो गया। विवाद के दौरान नीलकंठ ने पत्नी के साथ मारपीट की। पत्नी को बचाने पहुंचे कर्मचारियों ने की पिटाई मारपीट में पत्नी के सिर में चोट लग गई। पत्नी के साथ हो रही मारपीट देखकर वहां मौजूद फार्म हाउस के कर्मचारी राजेश वर्मा (50) और अमर सिंह (45) आक्रोशित हो गए। आरोप है कि दोनों ने नीलकंठ की पिटाई शुरू कर दी। राजेश वर्मा ने डंडे से हमला किया। पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला जबकि अमर सिंह ने हाथ-मुक्कों से लगातार मारपीट की। गंभीर चोटें लगने के कारण नीलकंठ की तबीयत बिगड़ गई और अगले दिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पत्नी सावित्री ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गिरफ्तारी के बाद भेजे गए जेल जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रह सकते हैं। हालांकि राष्ट्रपति का दौरा अभी प्रस्तावित माना जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राष्ट्रपति के संभावित आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है। प्रशासन कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित रूप से आयोजित करने की तैयारी में जुटा हुआ है। स्कूली बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल होंगे इधर शिक्षा विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। योग दिवस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की अधिक से अधिक भागीदारी के लिए स्कूलों के शिक्षकों और क्लास टीचर्स के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुपों में विशेष संदेश भेजे जा रहे हैं। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने स्कूलों के छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित करें और जानकारी तत्काल फॉरवर्ड करें। शिक्षा विभाग की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि 21 जून को राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति का जबलपुर आगमन प्रस्तावित है, इसलिए सभी स्कूलों के बच्चों की कार्यक्रम में भागीदारी अनिवार्य की गई है। इसके तहत स्कूलों में विशेष योग अभ्यास सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। छात्रों को सुबह 6:30 बजे से 8 बजे तक विद्यालय में उपस्थित होकर योगाभ्यास करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुख्य आयोजन के दौरान अनुशासन और प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जा सके। गैरीसन-आयुर्वेदिक कॉलेज में हो सकता है कार्यक्रम कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर भी मंथन जारी है। राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए शहर के गैरीसन ग्राउंड और ग्वारीघाट स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज मैदान को संभावित स्थल माना जा रहा है। वहीं मानसून की संभावना को देखते हुए वाटरप्रूफ डोम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस भव्य आयोजन में हजारों स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक सामूहिक योग करते नजर आएंगे। कार्यक्रम का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल जल्द जारी होने की संभावना है।
फिरोजाबाद। उत्तर मध्य रेलवे के संकेत एवं दूरसंचार विभाग ने भारतीय रेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश में पहली बार चिपियाना बुजुर्ग-टूंडला खंड पर 160 किमी/घंटे की परिचालन गति के लिए अत्याधुनिक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' वर्ज़न 4.0 को सफलतापूर्वक शुरू किया गया है। यह सफलता उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेशपाल सिंह के नेतृत्व और प्रधान मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर सतेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में मिली है। इसके साथ ही उत्तर मध्य रेलवे में कवच वर्ज़न 4.0 का नेटवर्क बढ़कर कुल 445 रूट किलोमीटर हो गया है। महाप्रबंधक ने इसे 'मिशन रफ़्तार' की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। इस ऐतिहासिक परीक्षण के लिए केर्नेक्स मेक के कवच सिस्टम से सुसज्जित कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12033 अप / 12034 डाउन) का उपयोग किया गया। इस तकनीक के तहत, कवच को पहली बार प्रोटोकॉल कन्वर्टर्स के माध्यम से हिताची इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। 160 किमी/घंटे की गति के लिए वर्ज़न 4.0 हेतु केर्नेक्स कंपनी ने इसी खंड के लिए अपना आधिकारिक 'जेनेरिक एप्रूवल' भी प्राप्त किया है। इस अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली को लागू करने के लिए 175 रूट किलोमीटर के दायरे में व्यापक कार्य किया गया। इसमें 22 एस टीसीएएस और 09 एलसी टीसीएएस इकाइयां स्थापित की गईं। साथ ही, 10 डब्ल्यूएपी-7 रेल इंजनों को इस प्रणाली से लैस किया गया। ट्रैक पर 4500 से अधिक RFID टैग्स लगाए गए, संचार के लिए 40 मीटर ऊंचे 09 नए टावर खड़े किए गए और 48-कोर फ़ाइबर ऑप्टिक केबल बिछाई गई। प्रणाली को अंतिम रूप देने से पहले स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ता इटालसर्टिफ़ायर और आरडीएसओ द्वारा गहन जांच की गई। इस दौरान 10,000 किलोमीटर से अधिक की नो-बीआईयू टेस्ट रनिंग पूरी की गई। सिग्नलों की अनदेखी रोकने के लिए 180 से अधिक स्पैड प्रिवेंशन और लूप-लाइन स्पीड कंट्रोल टेस्ट किए गए। आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्करों को रोकने के परीक्षण शत-प्रतिशत सफल रहे। वंदे भारत, शताब्दी और श्रमशक्ति एक्सप्रेस जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों के इंजनों (डब्लूएपी-7, डब्ल्यूएपी-5) और एलएचबी डिब्बों के साथ भी व्यापक जांच की गई।
भाभी पर गड़ासे से हमला करने वाला देवर गिरफ्तार:सिलाई मशीन की खटपट से हुए विवाद के बाद किया था प्रहार
फर्रुखाबाद जनपद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में सिलाई मशीन की आवाज को लेकर हुए विवाद में बीते दिनों देवर ने अपनी भाभी पर गड़ासे से हमला कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी देवर को गड़ासे सहित गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सोमवार को दोपहर करीब 3:30 बजे कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव प्रेम नगर में हुई। आरोपी चरन सिंह ने अपने ही घर में रहने वाली भाभी कल्पना, जो गेंदालाल की पत्नी हैं, पर गड़ासे से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। कल्पना का इलाज कानपुर के एक नर्सिंग होम में चल रहा है। घटना के समय उनके पति गेंदालाल दिल्ली में मजदूरी करने गए थे। कल्पना के पिता, कमालगंज निवासी दिवारी लाल ने चरन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विरोध कुमार शुक्ला और विवेचक उप निरीक्षक अरविंद कुमार ने आरोपी चरन सिंह को करौंदा के बाग से गड़ासे सहित गिरफ्तार किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी भाभी पायदान वाली सिलाई मशीन चलाती थीं, जिसकी खटपट से उसे परेशानी होती थी। कई बार समझाने के बाद भी जब वह नहीं मानीं, तो उसने गुस्से में आकर उन पर गड़ासे से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया था।
गोंडा जिले के 9 परीक्षा केंद्रों पर आज उत्तर प्रदेश शिक्षक सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा का दूसरा दिन चल रहा है। प्रथम पाली की परीक्षा के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में परीक्षार्थी केंद्रों के बाहर पहुंच गए, जहां लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की त्रिस्तरीय सघन चेकिंग की जा रही है। केवल प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र, पारदर्शी पानी की बोतल और निर्धारित सामग्री के साथ ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूरी तरह रोक है। प्रशासन की सख्ती, सीसीटीवी से निगरानी जिला प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। परीक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 500 से अधिक कक्ष निरीक्षक भी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद किसी भी केंद्र पर परीक्षार्थियों से धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा या मंगलसूत्र को हटवाने की स्थिति नहीं बनी, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिली है। चार दिवसीय परीक्षा का आज समापन जानकारी के अनुसार, चार दिवसीय यह परीक्षा आज देर शाम समाप्त हो जाएगी। इस परीक्षा में 10,000 से अधिक परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। पहले दिन पांच परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा संपन्न हुई थी, जबकि आज नौ केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षार्थी लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती सहित विभिन्न जिलों से गोंडा पहुंचे हैं। वहीं, जिले के दिव्यांग परीक्षार्थियों की परीक्षा भी गोंडा में ही आयोजित की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि प्रशासन की निगरानी में परीक्षा शांतिपूर्ण और नकलविहीन तरीके से कराई जा रही है। चार दिवसीय टीजीटी परीक्षा का आज सफल समापन किया जाएगा।
उपखंड क्षेत्र के जोगावा गांव में मुख्य सड़क पर सिथत उप स्वास्थ्य केन्द्र के सामने बुधवार शाम को युवक के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अखाराम मेघवाल (40) के रूप में हुई है। हत्या का आरोप मृतक के भतीजे वीजाराम पर है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच करीब चार साल पुराना विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि बबूल का पेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद समय के साथ गहरी रंजिश में बदल गया था। घटना आहोर-शंखवाली मार्ग पर उप स्वास्थ्य केन्द्र के सामने हुई, जहां 40 साल के अखाराम मेघवाल का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को आहोर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। परिजनों की रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण बुधवार रात पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, जो अब गुरुवार को किया जाएगा। यह घटना जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र से करीब 10 किलोमीटर दूरी की है। उप स्वास्थ्य केन्द्र के सामने मिला शव जालोर डीएसपी छतरसिंह के अनुसार जोगावा गांव निवासी अखाराम (40) पुत्र दलाराम मेघवाल बुधवार दोपहर आहोर-शंखवाली मार्ग पर स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र के सामने सड़क किनारे मृत अवस्था में मिले। उनके सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही आहोर थानाधिकारी करणसिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाद में शव को आहोर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस की एमओबी टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, ताकि मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा सकें। बबूल का पेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद आहोर थाने के एएसआई रामेश्वरलाल ने बताया कि मृतक अखाराम और आरोपी वीजाराम आपस में काका-भतीजा हैं। दोनों के घर पास-पास बने हुए हैं। करीब 4 साल पहले घर के आगे खड़े एक बबूल के पेड़ को काटने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। एएसआई के अनुसार उस झगड़े में अखाराम ने कूट से वार कर वीजाराम के पैर में चोट पहुंचाई थी। इसी विवाद के दौरान वीजाराम के पिता मोपाराम की मौत हो गई थी। इसके बाद से वीजाराम अपने काका अखाराम से रंजिश रखता था। पुलिस के अनुसार वीजाराम अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहता था। इसी रंजिश के चलते उसने वह कई बार अखाराम को जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। और बुधवार को अपने काका अखाराम पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। एएसआई रामेश्वरलाल ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे अखाराम जोगावा बस स्टैंड पर बनी पानी की टंकी के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान वीजाराम पुत्र मोपाराम (24) वहां पहुंचा और कुल्हाड़ी से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से अखाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। मजदूरी करता था मृतक, ट्रैक्टर ड्राइवर है आरोपी ग्रामीणों के अनुसार मृतक अखाराम मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वहीं आरोपी वीजाराम ट्रैक्टर ड्राइवर का काम करता है। रिपोर्ट नहीं मिलने से टला पोस्टमॉर्टम पुलिस ने परिजनों से घटना की रिपोर्ट देने के लिए कहा था, लेकिन देर रात तक थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई। इसी कारण बुधवार को पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। पुलिस के अनुसार शव का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर के खाजूवाला निवासी 17 वर्षीय नरेश सोनी के आईजीएनपी नहर में गिरने की आशंका के बाद चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। रविवार दोपहर से लापता युवक का 96 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस, एसडीआरएफ और विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम लगातार युवक की तलाश में जुटी हुई है। कपड़े और बैग मिलने के बाद शुरू हुई तलाश पूगल थाना क्षेत्र में आईजीएनपी नहर की आरडी 685 के पास नरेश सोनी के कपड़े और बैग मिलने के बाद उसके नहर में गिरने की आशंका गहरा गई थी। इसके बाद से पूगल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार नहर के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। हरियाणा से पहुंचे विशेषज्ञ गोताखोर तलाश अभियान को गति देने के लिए हरियाणा से प्रसिद्ध गोताखोर प्रगट सिंह और उनकी टीम को बुलाया गया है। शुक्रवार को टीम ने नहर में उतरकर विशेष सर्च अभियान शुरू किया। गोताखोर नहर के गहरे हिस्सों और संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं। कई रेस्क्यू ऑपरेशन का है अनुभव प्रगट सिंह और उनकी टीम हरियाणा व पंजाब में नहरों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में रेस्क्यू अभियानों के लिए जानी जाती है। टीम अब तक कई लोगों की जान बचा चुकी है तथा अनेक मामलों में नहरों और जलाशयों से शव भी बाहर निकाल चुकी है। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें खाजूवाला बुलाया गया है। पुलिस हर पहलू से कर रही जांच हालांकि नहर किनारे मिले सामान के आधार पर डूबने की आशंका सबसे मजबूत मानी जा रही है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। परिजनों की बढ़ी चिंता पांच दिन बीत जाने के बाद भी नरेश का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार के सदस्य मौके पर मौजूद हैं और सर्च ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम को उम्मीद है कि जल्द ही युवक के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। कंटेंट : इस्माइल खान, खाजूवाला
संभल में नौतपा का असर इस बार कम रहा। पिछले चार दिनों की आंधी-बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। आज भी पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है, साथ ही हल्की बारिश भी हो सकती है। सुबह न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 181 रहा। धूप निकलने के साथ ही 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं भी चल रही हैं। गुरुवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जो बुधवार के मुकाबले दो डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे पहले सोमवार को 35 डिग्री, मंगलवार को 37 डिग्री और बुधवार को 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। जून की शुरुआत बारिश से सुहावनी हुई थी, लेकिन अब लगातार बढ़ते तापमान के कारण उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज बादल छाए रहने के साथ धूप भी निकलेगी और शाम तक हल्की बारिश हो सकती है। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री और मई में 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जिसकी तुलना में आज का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस कम है। 15 जून से मानसून की दस्तक के साथ मौसम में फिर बदलाव आने की उम्मीद है। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश से कुल 20 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस बारिश से मक्का और गन्ने सहित किसानों की अन्य फसलों को लाभ पहुंचा है। बिजली की ट्रिपिंग के कारण सिंचाई में आ रही समस्याओं से किसान परेशान थे, ऐसे में यह बारिश उनके लिए राहत लेकर आई है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में ओपीडी में मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है, जिनमें सबसे अधिक मरीज पेट दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में भी यही स्थिति है। स्थानीय निवासी दानिश हुसैन ने बताया कि चार-पांच दिन हुई बारिश से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से गर्मी बढ़ गई है। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई देती है।
लखीमपुर खीरी के पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का 10 दिवसीय सीनियर डिवीजन संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। यह शिविर 3 जून से 12 जून तक चलेगा, जिसमें 13 शिक्षण संस्थानों के कुल 572 कैडेट भाग ले रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेटों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों को हथियार संचालन, हथियार ड्रिल, लाइव फायरिंग, मैप रीडिंग और आधुनिक तकनीक के तहत ड्रोन संचालन का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। कर्नल अंकित प्रकाश ने बताया कि शिविर में बेस्ट कैडेट प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कैडेटों की नेतृत्व क्षमता, सामान्य ज्ञान और व्यवहारिक दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रतिभागी अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। खेलकूद गतिविधियों के तहत वॉलीबॉल, खो-खो, रुमाल झपट्टा, पिट्ठू और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों का उद्देश्य कैडेटों में टीम भावना, शारीरिक क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक सोच को बढ़ावा देना है। कर्नल अंकित प्रकाश ने यह भी बताया कि सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व कौशल से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि कैडेट भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकें।
सहारनपुर के नकुड़ क्षेत्र के चर्चित पूनम मित्तल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना नकुड़ पुलिस ने बुधवार देर रात हुई मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस फिलहाल मामले में अधिकृत जानकारी देने से बच रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार 4 जून की दोपहर बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जा सकता है। हत्यारा पड़ोसी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस पिछले तीन दिनों से सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान संदिग्धों की लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया जबकि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक जून को दिनदहाड़े हुई थी हत्या एक जून को अंबेहटा कस्बे के मोहल्ला झावरी निवासी कारोबारी संजय मित्तल की पत्नी 60 वर्षीय पूनम मित्तल की उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। जानकारी के अनुसार, संजय मित्तल मुख्य बाजार में जनरल स्टोर संचालित करते हैं। घटना वाले दिन शाम करीब 4:08 बजे उनके मोबाइल पर पत्नी पूनम मित्तल के फोन से कॉल आई थी। उन्होंने कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर वह एक स्थानीय चिकित्सक को साथ लेकर घर पहुंचे। करीब 4:10 बजे घर पहुंचने पर मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर कमरे में पूनम मित्तल खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ी थीं। उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। चिकित्सक ने मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। अलमारी खुली मिली, कुंडल गायब थे घटनास्थल पर कमरे में रखी अलमारी खुली मिली थी। मृतका के कानों से कुंडल भी गायब बताए गए थे, जिसके बाद लूटपाट के दौरान हत्या किए जाने की आशंका जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई थी। बाद में थाना नकुड़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। व्यापारियों ने किया था बाजार बंद घटना के विरोध में अंबेहटा के व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया था और पुलिस को जल्द खुलासे की चेतावनी दी थी। शाम को एफएसएल और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली थी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के परिवार, परिचितों और क्षेत्र के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि पुलिस दोपहर बाद प्रेस वार्ता कर हत्याकांड के पीछे की वजह, आरोपियों की पहचान और वारदात के पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकती है।
खंडवा में अवैध खनन मामले से जुड़े एक प्रकरण में हाईवे ठेकेदार ने कलेक्टर को चैलेंज कर दिया हैं। 63 लाख रूपए की बकाया पेनल्टी के मामले में ठेकेदार मुकर गया हैं। उसने अब कलेक्टर के आदेश को चुनौती दे दी हैं। कुल 73 लाख रूपए के जुर्माना प्रकरण में वह पहले 10 लाख रूपए जमा कर खनन मशीनें छुड़वा चुका है। उस समय बकाया पेनल्टी के लिए एक महीने की मोहलत मांगी थी। अब 5 महीने बीतने के बाद भी ठेकेदार ने पेनल्टी भरने की सुध नहीं ली। मामला निर्माणाधीन ओंकारेश्वर-मोरटक्का फोरलेन हाईवे का है। निर्माण कंपनी के द्वारा मुरूम के अवैध खनन की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की थी। 12 दिसंबर 2025 को हाईवे ठेकेदार की एक पोकलेन मशीन और दो डंपरों को जब्ती में लिया गया था। इन मशीनों के जरिए मोरटक्का के पास बिना अनुमति के अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। खनिज इंस्पेक्टर कंचन दांडेकर ने वाहनों को मांधाता थाने पर खड़ा कराकर प्रकरण बनाया और कलेक्टर के समक्ष पेश कर दिया। कलेक्टर कोर्ट ने इस केस में जुर्माना तय कर दिया। 73 लाख का जुर्माना, तत्काल छुड़वा ली मशीनें मामले में खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता की कोर्ट ने दिसंबर 2025 में आदेश जारी कर अवैध खनन में शामिल पोकलेन और डंपर वाहनों के मालिकों पर जुर्माना अधिरोपित किया। रॉयल्टी और पर्यावरण क्षति का हर्जाना मिलाकर कुल 73 लाख रूपए वसूलने के आदेश दिए। इसके बाद वाहन मालिकों के मार्फत ठेकेदार ने 10 फीसदी हिस्से के रूप में 10 लाख रूपए जमा कराएं और वाहन छुड़वा लिए। वाहनों की सुपुर्दगी देने के मामले में कलेक्टर ने स्पष्ट लिखा था कि तय समय में बकाया राशि जमा करा दें, अन्यथा वाहन जब्त किए जाएंगे। कलेक्टर बोले- ठेकेदार को नोटिस जारी कराएंगे कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कहना है कि, इस प्रकरण में जुर्माना तय किए हुए 5 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका हैं। आरोपी पक्ष ने जुर्माना राशि जमा कराने के लिए कुछ समय लिया था। हालांकि, नियमानुसार पेनल्टी जमा कराकर वाहन छोड़े गए थे। बकाया राशि वसूलने के लिए संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस जारी कराएंगे। ठेकेदार ने आदेश को कमिश्नर कोर्ट में चुनौती दी हैं इधर, ओंकारेश्वर फोरलेन का निर्माण कर रही केदारेश्वर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रूद्रा हजांगे का कहना है कि, अवैध खनन मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई थी। हमने कलेक्टर के आदेश को कमिश्नर कोर्ट में चुनौती दी है। अपील के संबंध में कलेक्टर और उनके बाबूओं को जानकारी नहीं हैं, तो हम क्या कर सकते हैं।
सोनभद्र जिले में आकाशीय विद्युत और डूबने की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को राहत सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से आपदाओं से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि आकाशीय विद्युत की चपेट में आने से मृत अंशिका (पुत्री रमाशंकर, निवासी नौगवांनंदलाल, घोरावल) और आंचल (पुत्री विनोद, निवासी बसदेवा, रॉबर्ट्सगंज) के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि उनके खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। यह प्रक्रिया पोस्टमार्टम के बाद पूरी की गई। इसी तरह, डूबने की घटनाओं में मृत पीयूष (पुत्र मिथलेश, निवासी कोटा, दुद्धी) और पवन कुमार (पुत्र मुखलाल, निवासी नैकहा, ओबरा) के परिजनों को भी 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। इसके अतिरिक्त, कृष्ण निषाद (पुत्र अरविन्द निषाद, निवासी रोगही, कोन) और अंकित कुमार (पुत्र उदय, निवासी कोटा, दुद्धी) के मामलों में पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इन मामलों में भी जल्द ही सहायता राशि प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी गौड़ ने जनपदवासियों से अपील की कि आंधी-तूफान, तेज बारिश और आकाशीय विद्युत के दौरान घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही, नदी, तालाब, पोखरों और जलाशयों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देकर सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी गई है। जिलाधिकारी ने जनसहभागिता और सतर्कता से ही जनहानि को रोकने पर जोर दिया।
पीलीभीत के बिलसंडा कस्बे में बुधवार देर रात छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में दर्ज एक बड़े चोरी के मामले की जांच के सिलसिले में की गई। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से सर्राफा व्यापारियों में हड़कंप मच गया और देर रात तक थाने में पूछताछ का दौर चलता रहा। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के सीएसईबी थाना क्षेत्र निवासी जयश्री पुत्र राजेंद्र राजपूत ने रायपुर कमिश्नरेट में भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस ने कुछ दिन पहले दिल्ली और हरियाणा से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरातों का संबंध उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बिलसंडा स्थित कुछ सर्राफा कारोबारियों से होने की जानकारी दी। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस आरोपियों को साथ लेकर बिलसंडा पहुंची। देर रात पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से बिलसंडा थाने में आमद दर्ज कराई और कई सर्राफा व्यापारियों को पूछताछ के लिए बुलाया। आधी रात को हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही कस्बे में चर्चा का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में व्यापारी तथा स्थानीय लोग थाने के बाहर एकत्र हो गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस ने गोपनीयता बनाए रखी और मीडिया के सामने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। वहीं, बिलसंडा थाना प्रभारी सिद्धांत शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में दर्ज चोरी के एक मामले की जांच के सिलसिले में वहां की पुलिस टीम बिलसंडा आई थी। स्थानीय पुलिस द्वारा नियमानुसार सहयोग प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी गए जेवरातों की बरामदगी और मामले में संभावित रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पाली की नीलंजना ने जकार्ता में गोल्ड मेडल:इंटरनेशनल रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में लिया हिस्सा
इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित इंटरनेशनल रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप 2026 में राजस्थान की नीलंजना चौधरी ने 'इंटरनेशनल रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप 2026' में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर देश और का नाम रोशन किया है। यह टूर्नामेंट 29 मई से 31 मई 2026 तक इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में किया गया था।नीलंजना के पिता मनीष चौधरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर नीलंजना ने सिंगापुर, मलेशिया, म्यांमार, और मेजबान देश इंडोनेशिया सहित कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के शीर्ष वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतिस्पर्धी 'स्टैंडर्ड स्केटिंग कैटेगरी बी' के तहत 2 लैप स्पीड रेस में पहला स्थान हासिल कर पोडियम पर शीर्ष स्थान स्वर्ण पदक प्राप्त किया। नीलांजना ने तीन दिवसीय चैंपियनशिप के दौरान कई व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। नीलंजना ने 1800 मीटर इंटरनेशनल टीम रिले स्पर्धा में टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए रेस को सफलतापूर्वक पूरा किया और कांस्य पदक जीता। उसकी इस उपलब्धि पर दादा भंवर चौधरी, नारायण लाल, गोविंद बी चौधरी सहित पूरे परिवार ने खुशी जताई।
लखीमपुर खीरी के बहुचर्चित खीरी हिंसा कांड में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र समेत 13 आरोपियों के खिलाफ चल रहे हत्या के मुकदमे में बुधवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में अभियोजन पक्ष के 50वें गवाह तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार के बयान दर्ज किए गए। इससे पहले, अभियोजन पक्ष के 49वें गवाह तत्कालीन सीओ निघासन संजय नाथ तिवारी से बचाव पक्ष की शेष जिरह पूरी की गई। इसके बाद 50वें गवाह अरुण कुमार से बचाव पक्ष ने जिरह शुरू की। लेकिन अदालत का समय समाप्त होने के कारण यह पूरी नहीं हो सकी। न्यायालय ने शेष जिरह के लिए अगली तिथि निर्धारित करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। अब अगली सुनवाई में 50वें गवाह की जिरह पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि यह मामला 3 अक्टूबर 2021 को तिकुनिया क्षेत्र में हुई हिंसा से संबंधित है। इस घटना में चार किसानों, एक पत्रकार और भाजपा कार्यकर्ताओं समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। किसानों और पत्रकार की हत्या के मामले में आशीष मिश्र समेत 13 आरोपी नामजद हैं, जिनके खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी है। यह मामला जिले के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक है।
जयपुर में ओटीएस चौराहे पर तत्कालीन गहलोत सरकार की घोषणा के तहत झूलते पुल, आईलैंड, अंडरग्राउंड आर्ट गैलरी ही बनेंगे। राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर बेंच) ने इस मामले में भजनलाल सरकार का आदेश रद्द कर दिया है। साथ ही नए सिरे से डीपाआर बनाने के आदेशों को भी कैंसिल किया गया है। कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकारण (JDA) से कहा कि वे पुराने कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएं। इसे समय पर पूरा करें। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने यह आदेश जेसीएल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर दिया। सबसे पहले पढ़िए- हाईकोर्ट की टिप्पणी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में 23 अप्रैल 2026 को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार (3 जून) को सुनाए फैसले में कोर्ट ने कहा- राज्य को निष्पक्ष और तर्कसंगत तरीके से काम करना होगा। राजनीतिक कारणों से सरकार अपने संविदात्मक दायित्वों से बच नहीं सकती हैं। जजमेंट में मुख्य सचिव को मामले की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने दो महीने में जेडीए के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी सीएस से कहा है। ये था गहलोत सरकार का प्लान भाजपा सरकार ने साल 2024 में दिए थे आदेश कंपनी के एडवोकेट एसएस होरा और आदेश अरोड़ा ने कोर्ट को बताया- सरकार बदलने के बाद जेडीए ने अनुबंध की शर्तों का हवाला देते हुए 24 अप्रेल 2024 को कॉन्ट्रैक्ट वापस लेने का आदेश जारी कर दिया। वहीं 16 दिसंबर 2024 को कंपनी की बैंक गारंटी भी वापस कर दी। इसके बाद 3 अप्रैल 2025 को चौराहे पर फ्लाईओवर के लिए डीपीआर बनाने के लिए नया टेंडर जारी कर दिया। इसे कंपनी ने चुनौती देते हुए कहा- हमें दिया गया कॉन्ट्रैक्ट लीगल था, जिसे बिना किसी कारण के वापस ले लिया गया। जबकि कंपनी ने ड्रॉइंग्स और डिजाइन तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत कर दिए थे। कंपनी का आरोप- जेडीए जिम्मेदार कंपनी की ओर से बताया गया कि- उन्होंने स्टील की खरीद कर ली थी। प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त संसाधन जुटा लिए थे। इसके अलावा काम के लिए आवश्यक अनुमतियां और साइट पर जमीन उपलब्ध नहीं करवाए जाने से काम आगे नहीं बढ़ सका। इसके लिए जेडीए जिम्मेदार हैं। वहीं, नई डीपीआर के लिए टेंडर निकालना पहले से तैयार डीपीआर और चल रहे प्रोजेक्ट को निरस्त करने जैसा है। हाईकोर्ट ने लगाई फटकार हाईकोर्ट ने कहा- जेडीए देरी के लिए संबंधित कंपनी को जिम्मेदार बता रहा था। जबकि पूरी परियोजना एमएनआईटी-ओटीएस की आपत्तियों, साइट संबंधी बाधाओं और प्रशासनिक कारणों से अटकी हुई थी। कोर्ट ने जेडीए अधिकारियों के रूख को मनगढ़ंत कहानी और गलत बयानबाजी बताया। वहीं, कहा कि मौजूदा अनुबंध को अचानक वापस लेना और नई डीपीआर के लिए टेंडर जारी करना न केवल मनमाना है, बल्कि कानून की नजर में दुर्भावनापूर्ण भी है। …. राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़िए ये खबर भी पढ़िए… कानून के बाद राज्य पशु की संख्या आधी रह गई:हाईकोर्ट ने कहा-सरकार का इस पर ध्यान नहीं है, 4 साल से कोई जवाब नहीं प्रदेश में लगातार घट रही राज्य पशु ऊंट की संख्या को लेकर जयपुर हाईकोर्ट ने सरकार पर मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून बनने के बाद राज्य पशु की संख्या आधी रह गई हैं। पूरी खबर पढ़िए…
श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के बड़रहवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के एक हफ्ते के भीतर पुलिस ने मृतका के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर दहेज के लिए विवाहिता की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप है। यह मामला 26 मई का है, जब विवाहिता का शव उसके ससुराल में मिला था। मृतका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे, जिससे मामला शुरू से ही संदिग्ध लग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई और फिर उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। घटना से संबंधित एक कथित वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही थी, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी थी। मृतका की पहचान 24 वर्षीय रुबिया बेगम के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रुबिया की शादी करीब चार साल पहले हुई थी और उसकी कोई संतान नहीं थी। उसका पति फरमान मुंबई में मजदूरी करता है, लेकिन घटना के समय वह घर पर ही मौजूद था और कथित वायरल वीडियो में भी पति दिखाई दे रहा था। क्षेत्राधिकारी भिनगा भरत पासवान ने बताया कि सिरसिया थाने को बड़रहवा गांव में विवाहिता के साथ मारपीट कर फांसी पर लटकाने की सूचना मिली थी। मृतका के पिता मोहर्रम अली, निवासी लालपुर महरी, थाना कोतवाली भिनगा ने 26 मई को दहेज के लिए प्रताड़ित कर हत्या किए जाने की लिखित तहरीर दी थी। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने फरमान (पति), मासूम अली (ससुर) और फातिमा (सास) के विरुद्ध दहेज प्रतिषेध अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना पर तीनों वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
लखनऊ में भाजपा के नए और भव्य प्रदेश मुख्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जियामऊ स्थित 5500 वर्गमीटर भूमि एलडीए की ई-नीलामी में 45 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर खरीद ली। इस सौदे से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को करीब 16 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। नीलामी में भाजपा के अलावा कई बड़े बिल्डर समूह भी शामिल थे, लेकिन सबसे अधिक बोली लगाकर भाजपा ने भूखंड अपने नाम करा लिया। अब पार्टी यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस छह मंजिला प्रदेश मुख्यालय बनाने की तैयारी में जुट गई है। छह मंजिला भवन में होंगी आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित मुख्यालय में प्रशासनिक कार्यालय, बड़े बैठक कक्ष, सम्मेलन हॉल और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर हेलीपैड बनाने की भी योजना है, जिससे राष्ट्रीय नेताओं की आवाजाही आसान हो सके। जमीन वापसी के बाद बदली योजना यह भूखंड पहले नगर निगम ने वर्ष 2020 में दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास को 90 वर्ष की लीज पर आवंटित किया था। बाद में इसे फ्रीहोल्ड कर भाजपा का प्रदेश मुख्यालय बनाने की तैयारी की गई थी। हालांकि, बजट की कमी का हवाला देते हुए न्यास ने अप्रैल 2026 में भूमि वापस करने का निर्णय लिया, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया। एलडीए ने खरीदी और फिर नीलाम की जमीन एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की पहल पर नगर निगम ने भूखंड एलडीए को हस्तांतरित किया। प्राधिकरण ने इसे करीब 29 करोड़ रुपये में अपने अधिकार में लिया और बाद में खुली ई-नीलामी कराई। नीलामी में 45 करोड़ रुपये की बोली मिलने से एलडीए को बड़ा आर्थिक लाभ हुआ। नीलामी से बढ़ा प्राधिकरण का राजस्व अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्ष आवंटन की बजाय खुली नीलामी की प्रक्रिया अपनाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भविष्य में किसी प्रकार के कानूनी विवाद की आशंका भी कम हुई है। साथ ही प्राधिकरण को 16 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। जुलाई में हो सकता है शिलान्यास भाजपा सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेश मुख्यालय के शिलान्यास को लेकर पार्टी नेतृत्व गंभीर है। चर्चा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुलाई में प्रस्तावित भवन का शिलान्यास कर सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा जियामऊ जियामऊ स्थित खसरा संख्या-196 का यह भूखंड आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति का अहम केंद्र बन सकता है। नए मुख्यालय के निर्माण के बाद भाजपा की संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों का संचालन यहीं से होगा, जिससे यह परिसर राजधानी के प्रमुख राजनीतिक केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के आरोपी कमलेश चौधरी बिंद को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसके सीने में दो गोलियां लगीं। स्वाट टीम प्रभारी रोहित मिश्रा को भी गोली लगी। उनकी हालत गंभीर है। मुठभेड़ बुधवार देर शाम शहर मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर कुर्था में हुई। वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्ण ने मंगलवार को चारों नामजद आरोपियों पर इनाम घोषित किया था। मुख्य आरोपी शंकर पांडे और कमलेश चौधरी बिंद पर 1 लाख रुपए, जबकि अन्य दो आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम है। 29 मई की रात कमलेश बिंद ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमला उस वक्त हुआ था, जब विनीत होटल से घर के लिए निकल रहे थे। वारदात के बाद होटल कारोबारी ने कहा था- एक करोड़ टैक्स देता हूं, फिर भी परिवार सुरक्षित नहीं है। इस हत्या की प्लानिंग वॉट्सएप ग्रुप ‘कटरा गैंग’ पर हुई थी। एक करोड़ की रंगदारी न देने पर विनीत की हत्या की गई थी। हत्या में शामिल शंकर पांडेय, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी फरार हैं। शंकर पांडेय मुख्य आरोपी है। वह कटरा गैंग चलाता है। एनकाउंटर से जुड़ी हुई 3 तस्वीरें देखिए- मुठभेड़ कैसे और कहां हुई, जानिए… एसपी डॉ. ईरज राजा ने कहा- होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या के मामले में हमारी टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। बुधवार रात 9 बजे हत्या के आरोपियों में से एक कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद को लेकर एक इनपुट मिला। कमलेश कुर्था में पवहारी बाबा आश्रम के पास छिपा हुआ था। पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके को घेरा। तभी एक संदिग्ध बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से आता दिखा। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की। लेकिन बाइक सवार करीब 800 दूर से ही फायरिंग करने लगा। पुलिस ने भी जवाब दिया। इसी दौरान बाइक सवार गोली लगने से घायल हो गया। पास जाकर पुलिस ने देखा तो वह कमलेश बिंद था। उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में स्वाट टीम इंचार्ज और सब इंस्पेक्टर रोहित मिश्रा को कंधे पर गोली लगी है। कमलेश के पास से एक अवैध .32 बोर पिस्टल, एक कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, कमलेश के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट, धमकी और शस्त्र अधिनियम समेत कुल सात मुकदमे दर्ज थे। उस पर पहली बार 2017 से केस दर्ज हुआ था। एक साल पहले हुई थी शादी, भाभी ग्राम प्रधानकमलेश बिंद की शादी एक साल पहले 27 अप्रैल 2025 को बिहार के मोहनिया में हुई थी। हत्या की घटना के बाद पुलिस ने उसकी पत्नी मनीषा को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। मनीषा जीएनएम नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। कमलेश की भाभी गोंडा गांव की ग्राम प्रधान है। उसका बड़ा भाई संजय चौधरी है। अब 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला… 1- नकाबपोश बदमाशों ने पहले बियर मांगी, फिर फायरिंग कीगाजीपुर में सदर कोतवाली क्षेत्र में 'बिंदु होटल' नाम से आलोक राय का लग्जरी होटल है। कारोबार में आलोक के भाई अरविंद राय भी पार्टनर हैं। होटल की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए होगी। 2012 में दोनों भाइयों ने मिलकर एक बीघे जमीन में होटल बनवाया था। इसमें 50 कमरे हैं। आलोक राय के दो बेटे विनीत और आदेश (27) थे। एमएससी और डी.फार्मा करने के बाद विनीत ही होटल का मैनेजमेंट संभालता था। वह होटल का रेनोवेशन करवा रहा था। उसकी शादी पिछले साल 18 मई को हुई थी। 29 मई, शुक्रवार को विनीत होटल में ही था। रात 11 बजे वह होटल में डिनर कर घर के लिए निकला, लेकिन गेट पर ही उसे कुछ काम याद आ गया। वह फिर होटल के अंदर चला गया। इसी बीच, दो बाइक पर सवार चारों बदमाश पहुंचे। उन्होंने गेट पर खड़े गार्ड शंभू से पूछा- बियर मिलेगी? जवाब में शंभू ने कहा-हां, मिलेगी। इसके बाद बदमाशों ने कहा- 16 बियर चाहिए। इस पर शंभू ने कहा- पहले पैसे दीजिए। बदमाशों ने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट करेंगे। इसके बाद शंभू होटल मैनेजर का फोन लेकर आया, क्यूआर कोड दिखाया और पेमेंट करने को कहा। इस पर बदमाश बोले कि 16 नहीं, सिर्फ 8 बियर चाहिए। गार्ड ने बताया कि अब एक्स्ट्रा पैसे लगेंगे। इसी दौरान विनीत होटल से बाहर निकले और अपनी कार की तरफ बढ़े। तभी बदमाशों ने कमर से पिस्टल निकाली और विनीत को घेर लिया। 2- जान बचाकर भागे तो सीने में मारीं दो गोलियांदो बदमाशों ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली विनीत के दाएं हाथ में लगी। विनीत जान बचाकर भागे तो बदमाशों ने कमर में गोली मार दी। जैसे ही वह लड़खड़ाए, सीने में दो गोलियां मार दीं। इसके बाद विनीत वहीं गिर पड़े। 3- प्रत्यक्षदर्शी गार्ड को भी मारने के लिए दौड़ायाइसके बाद बदमाशों ने गार्ड को भी मारने के लिए दौड़ाया। वह भागकर होटल के अंदर चला गया और होटल का चैनल बंद कर लिया। गार्ड शंभू ने अंदर जाकर विनीत के पिता आलोक राय को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही आलोक राय अपने भाई अरविंद और परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि गेट पर ही उनका बेटा विनीत लहूलुहान हालत में पड़ा था। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता बोले- कुख्यात अपराधी शंकर ने बेटे की हत्या कीहोटल कारोबारी आलोक राय ने बताया, “कुख्यात अपराधी शंकर पांडे ने अपने चार-पांच साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या की। 2024 में इस गैंग ने मुझसे पैसे मांगे थे। जब मैंने नहीं दिए तो होटल पर हमला किया गया। आरोपियों ने होटल के शीशे और अन्य सामान तोड़ दिए थे। मैंने डीजीपी, मुख्यमंत्री, एडीजी और एसपी समेत कई अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी, लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मैं सीएम योगी से मांग करता हूं कि इस गिरोह का सफाया किया जाए।” पत्नी ने हाथ जोड़कर कहा था- आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिएविनीत की हत्या से पूरा परिवार टूट चुका है। विनीत का शव पोस्टमॉर्टम के बाद जब घर पहुंचा था तो शव देखकर पत्नी और मां बेहोश हो गई थीं। पिता भी शव से लिपटकर रोए। किसी तरह घरवालों ने उन्हें संभाला। विनीत की दो महीने की बेटी भी पिता के शव के पास मौजूद थी। वहीं घर से जब विनीत की अर्थी उठी तो पिता आलोक राय फफक पड़े। विनीत की पत्नी अदिति राय ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि उनके पति को 6 गोलियां मारी गईं, जिनमें चार गोलियां लगीं और उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला। 2 फोटो देखिए… कौन है शंकर पांडेय, जिस पर हत्या का आरोपपुलिस के मुताबिक, शंकर पांडेय क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है। वह ‘कटरा गैंग’ नाम से गिरोह चलाता है। इस गैंग में कई युवक शामिल हैं, जो लूटपाट, दबंगई और अवैध वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। गैंग एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए संचालित होता है। जब किसी वारदात को अंजाम देना होता है, तो ग्रुप में मैसेज आता है। इसके बाद बदमाश घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। विनीत के पिता आलोक के मुताबिक, आरोपी पिछले 2 सालों से धमकी दे रहा था। गुंडा टैक्स मांगता था। कहता था- 20 करोड़ का होटल है, 1 करोड़ रुपए दो। होटल में कई बार तोड़फोड़ भी की थी। ये लोग सोशल मीडिया पर अपनी पहचान ‘किंग ऑफ गाजीपुर’ के रूप में रखते थे। शंकर खुद को ‘बाहुबली’ कहता था। आलोक राय का आरोप है कि कटरा गैंग ने पिछले दो साल में कई घटनाओं को अंजाम दिया है। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 लोगों की हत्या:पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची, गत्ते पर लिखा था- बंटी, बबली और बहू ने मारा प्रयागराज में करोड़पति परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें पति-पत्नी और उनके बेटा-बेटी शामिल हैं। घर बाहर से बंद था और ताला लगा हुआ था। मंगलवार दोपहर घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई। लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। तब पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस गेट तोड़कर अंदर पहुंची। पढ़ें पूरी खबर…
चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र स्थित कबरापुरवा गांव में बुधवार सुबह निर्मला देवी(20) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर मिलने से हड़कंप मच गया। पति ने घटना को आत्महत्या बताया है, जबकि मायके पक्ष ने पति और उसकी भाभी पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, निर्मला देवी का शव उनके कमरे में मिला। पति विनय यादव का दावा है कि निर्मला ने अज्ञात कारणों से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के भाई राजकरन ने पति के दावे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो शव जमीन पर पड़ा था और वहां कोई फंदा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि निर्मला के गले और शरीर पर डंडे से मारपीट के निशान दिखाई दे रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि पति विनय यादव और उसकी भाभी के बीच अवैध संबंध थे। इसी वजह से दोनों ने मिलकर निर्मला की हत्या कर दी और मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। परिजनों के अनुसार, निर्मला का विवाह 6 मार्च 2025 को हुआ था। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। करीब 15 दिन पहले भी मामला सरैंया चौकी पहुंचा था, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पति विनय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। चौकी प्रभारी वंशनारायण ने बताया कि मायके पक्ष की ओर से पति और उसकी भाभी के खिलाफ तहरीर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-730 पर शोहरतगढ़ से उसका बाजार तक सड़क चौड़ीकरण और बाईपास निर्माण परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय मार्ग खंड के अनुसार, परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष निर्माण कार्य अगले छह माह में पूर्ण होने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का निर्माण कार्य मेरठ की मेसर्स कान्ती प्रसाद मित्तल द्वारा ईपीसी ठेकेदार के रूप में कराया जा रहा है। इस परियोजना के तहत करीब 23 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। साथ ही चिल्हिया और उसका बाजार क्षेत्र में लगभग 9 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास भी बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के प्रारंभिक चरण में रेलवे, सिंचाई और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने में देरी हुई थी। वैधानिक प्रक्रियाओं में अधिक समय लगने के कारण निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ सका था। हालांकि, अब अधिकांश प्रशासनिक और तकनीकी बाधाएं दूर हो चुकी हैं, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है। विभाग के अनुसार, 23 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य डीबीएम (डेंस बिटुमिनस मैकाडम) स्तर तक पूरा किया जा चुका है। वहीं ग्रीनफील्ड बाईपास क्षेत्र में मिट्टी भराई और जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्धारित समय सीमा में परियोजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार ने तीन अतिरिक्त उपठेकेदारों की भी नियुक्ति की है। वर्तमान में निर्माण स्थल पर दिन और रात दोनों पालियों में कार्य कराया जा रहा है, जिससे काम की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम और अन्य परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अगले छह महीनों के भीतर यह महत्वपूर्ण परियोजना पूरी हो जाएगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी और चिल्हिया तथा उसका बाजार कस्बों में लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
पीलीभीत-मैगलगंज हाईवे पर गुरुवार सुबह एक निजी बस और ई-रिक्शा की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे में दो बच्चों सहित चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना घुंघचाई थाना क्षेत्र में सुबह लगभग पाँच बजे हुई। एक तेज रफ्तार निजी बस ने पूरनपुर से सवारियां लेकर जा रहे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। स्थानीय निवासियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पूरनपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने कढ़ेया कनपारा निवासी 40 वर्षीय सूरजपाल को मृत घोषित कर दिया। हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। इनमें बलरामपुर निवासी 55 वर्षीय बाबूराम, ई-रिक्शा चालक 60 वर्षीय महबूब, बाबूराम के पोते 13 वर्षीय विवेक और पोती 9 वर्षीय मीनाक्षी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल बाबूराम और चालक महबूब को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों बच्चों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। थाना अध्यक्ष घुंघचाई, राजीव कुमार ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अन्य घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
मुरैना जिला मुख्यालय पर पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। एक युवती ने माहौर के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और कार-फ्लैट में बलात्कार का आरोप लगाया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने युवती की शिकायत पर डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ बीएनएस की धारा 69, 351(1), 351(3) और 225 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। फेसबुक पर दोस्ती, शादी का प्रस्ताव दिया सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने बुधवार (3 जून) रात थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर से उसकी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हो गई। माहौर ने उसे शादी का प्रस्ताव दिया, जिस पर वह राजी हो गई। 30 मार्च 2025 से 3 जून 2026 तक शोषण पीड़िता का आरोप है कि 30 मार्च 2025 को माहौर उसे घर के पास से कार में बैठाकर मुरैना के रेस्ट हाउस ले गए। वहां कार में उसकी मर्जी के खिलाफ संबंध बनाए। इसके बाद वे उसे तत्कालीन एसडीएम के रूप में सबलगढ़ स्थित सरकारी आवास और फिर ग्वालियर स्थित फ्लैट पर ले गए। यहां भी शारिरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि यह सिलसिला 30 मार्च 2025 से 3 जून 2026 तक चलता रहा। अब माहौर शादी से मुकर रहे हैं और शिकायत करने पर परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहे हैं। महिलाओं से गलत सलूक पर सस्पेंड हो चुके अरविंद माहौर का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक छात्रा से रात में फोन पर बात करने का दबाव बनाने का आरोप लगा था। तब पीड़िता का परिवार जनसुनवाई में कलेक्टर के पास ग्वालियर से मुरैना पहुंचा था। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं से गलत आचरण और बदसलूकी को लेकर चंबल कमिश्नर को माहौर को सस्पेंड करने के निर्देश दिए थे। थप्पड़ कांड में भी रहे हैं विवादित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर होगी गिरफ्तारी- टीआई सिविल लाइन थाना प्रभारी (टीआई) उदयभान यादव ने बताया कि पीड़ित युवती की शिकायत पर डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ शादी का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और शोषण का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संभल में 1978 में हुए दंगे के बाद पलायन कर गए परिवारों को फिर से संभल में बसाने की शुरुआत हो गई है। अवैध कब्जा कर बनाए गए कब्रिस्तान को हटाकर खाली कराई गई करीब तीन बीघा सरकारी जमीन पर दंगा पीड़ित परिवारों को जमीन का पट्टा देकर फिर से बसाया जाएगा। आज (4 जून) को दंगा पीड़ित रामशरण रस्तोगी के परिवार को संभल कोतवाली क्षेत्र के आलम सराय देहात गांव में टीले वाली मस्जिद के पास होगा 100 गज जमीन का पट्टा दिया जाएगा। मुरादाबाद कमिश्नर आनजनेय कुमार सिंह, डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू जमीन का विधि-विधान से पूजन करेंगे। उसके बाद परिवार को प्रमाण-पत्र देंगे। कार्यक्रम में सीएम योगी भी वर्चुअल रूप से जुड़ सकते हैं। बता दें कि सीएम योगी अपने भाषणों में संभल में हुए 1978 के दंगों का जिक्र कर चुके हैं। उन्होंने बीती 7 अप्रैल को मथुरा में अपने भाषण में कहा था कि संभल में 1978 में हुए दंगों में सैकड़ों हिंदुओं को मारा गया। बाद में डर के मारे लोग दिल्ली समेत अन्य शहरों में पलायन कर गए। पीड़ित परिवार अपनी जमीन के कागज लेकर आएं तो उन्हें उनकी जमीन वापस दिलाई जाएगी। उनको उनकी जमीन पर कब्जा दिलवाऊंगा। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए अब एक नजर में 1978 में दंगे को जानिए तारीख 29 मार्च 1978। संभल में सांप्रदायिक दंगा भड़का था। इस दंगे में करीब 150 लोग मारे गए थे। इनमें रामशरण रस्तोगी की भी जान गई थी। रामशरण रस्तोगी के पोते कपिल रस्तोगी बताते हैं कि एकता पुलिस चौकी के मोहल्ला महमूद खां सराय के मुख्य बाजार में मेरे बाबा रामशरण की किराने की दुकान थी। दंगाइयों की भीड़ ने बाबा की हत्या कर दी थी। लूटपाट कर दुकान में आग लगा दी थी। बाबा की लाश को दुकान के सामने कुएं में तराजू और बांट बांधकर फेंक दिया था। तीन दिन बाद उनका शव बरामद हुआ था। शरीर पर चाकू से गोदने के निशान थे। पैरों पर कुल्हाड़ी के गहरे घाव थे। दंगे के बाद संभल आई थीं इंदिरा गांधी कपिल ने बताया- उस समय रामनरेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और केंद्र में मोरारजी देसाई की सरकार थी। इंदिरा गांधी नेता विपक्ष थीं। इंदिरा गांधी ने उस समय उनके घर आकर आर्थिक सहयोग और दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन परिवार को न तो कोई आर्थिक सहायता मिली और न ही कोई कार्रवाई हुई। इसके बाद फिर से दंगा भड़कने के डर से हम लोग अपना घर छोड़कर 1979 में दिल्ली में जाकर रहने लगे। कपिल रस्तोगी ने करीब 6 महीने पहले संभल पहुंचकर बाबा रामशरण की याद में उनकी प्रतिमा बनाने की मांग सरकार से की थी। तत्कालीन डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण बिश्नोई से चौराहे का नाम स्व. रामशरण दास रस्तोगी करने इच्छा जताई थी। कहा था कि जहां मेरे बाबा की लाश मिली। उस कुएं पर स्मारक बनना चाहिए और हमें संभल में बसाना चाहिए। अनिल रस्तोगी बोले- दंगाइयों ने मेरी दुकान फूंक दी दंगा पीड़ित अनिल कुमार रस्तोगी अपनी जली हुई दुकान की फोटो दिखाकर कहते हैं- मेरी दलहन की दुकान थी। दंगा भड़कने के बाद मैं जान बचाने के लिए दुकान छोड़कर घर भाग गया था। जब लौटा तो देखा कि दंगाइयों ने मेरी दुकान में आग लगा दी। सारा सामान जल गया। उस समय करीब 1 लाख माल जलकर राख हो गया था। दंगे के कुछ दिन बाद पीएसी का पहरा रहा। लेकिन हम लोग डर के मारे पलायन कर दिल्ली चले गए थे। अब फिर से संभल में वापस आना चाहते हैं। पढ़िए, सीएम ने मथुरा में संभल दंगे को लेकर क्या कहा 7 अप्रैल 2026 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए संभल में दंगों और कब्जाए गए हिंदू तीर्थस्थलों का जिक्र किया था। कहा था कि दंगाइयों से संपत्ति वापस ली जाएगी। समाजवादी पार्टी (सपा) की पिछली सरकार पर दंगाइयों के मुकदमे वापस लिए थे। 1526 में बाबर के शासनकाल के दौरान संभल में श्रीहरिहर मंदिर को नष्ट कर दिया गया। 67 तीर्थ और 19 कूपों पर कब्जा कर लिया गया था। हम दंगा पीड़ित परिवारों को उनकी जमीन वापस दिलाएंगे। दंगा पीड़ित बनवारी लाला का लिया था नाम मुख्यमंत्री ने बनवारी लाल गोयल के परिवार का उदाहरण दिया था। उनकी 'मुरारी लाल एंड संस' नाम से दुकान थी। दंगे के दौरान दंगाइयों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से दुकान का गेट तोड़ दिया। दंगाइयों ने पहली मंजिल पर मौजूद लोगों को नीचे उतारा और दुकान पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे बनवारी लाल समेत कई लोग जिंदा जल गए। 9 महीने पहले खाली कराई थी जमीन सरकार के आदेश के बाद प्रशासनिक अफसरों ने दंगा पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू की। 12 अगस्त 2025 को बुलडोजर एक्शन से टीले वाली मस्जिद के नाम से अवैध कब्जा कर बनाए गए कब्रिस्तान को खाली कराया गया। तहसीलदार कोर्ट ने 9 जुलाई 2025 को जमीन को सरकारी घोषित कर खाली कराने का आदेश दिया। एक महीने बाद अफसरों ने बुलडोजर से करीब 3 बीघा सरकारी जमीन खाली कराई थी। इसी जमीन पर दंगा पीड़ित परिवारों को बसाया जाएगा। ------------ ये खबर भी पढ़ें प्रयागराज में मां-बाप, बहन की हत्या बेटे ने की थी:करोड़ों के गहने लूटे, फिर बेटे का मर्डर उसके दोस्त ने किया प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। मां-बाप और बहन की हत्या बेटे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद दोनों ने घर से डेढ़ करोड़ रुपए के गहने लूटे। फिर गहनों के बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में झगड़ा हो गया। इसके बाद दोस्त ने बेटे की हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने दुकान में बाहर से ताला लगाया और गहने लेकर भाग गया। पूरी खबर पढ़ें
जोधपुर शहर में टैक्स भरने के बावजूद आमजन सुविधाओं के लिए तरस रहा है। भास्कर समाधान में लोग विभिन्न् वार्ड से हमें अपनी पोस्ट से शिकायतें और सरकारी महकमे की लापरवाही की रियल टाइम फोटो शेयर कर रहे हैं। कहीं सीवर चैम्बर के फैरो कवर टूटे हुए हैं, कहीं सड़कों पर जलभराव से चलना मुश्किल है। नई पाइप डालने के लिए पूरी सड़क ही खराब कर दी। लोगों का कहना है कि ये समस्याएं बहुत छोटी हैं और अगर समय रहते इन पर ध्यान दिया जाए तो इन्हें समस्या बनने से पहले ही हल किया जा सकता है, लेकिन कर्मचारी और विभाग शिकायतों पर ध्यान ही नहीं देते। हालांकि, भास्कर ‘समाधान’ के तहत जब इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, तब कई मामलों में विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत भी दी है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए.. घर के बाहर पड़े मलबे की समस्या जोधपुर के हाउसिंग बोर्ड रोड, सेक्टर 3, कुड़ी भगतासनी के रहने वाले महेन्द्र सिंह राव ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ में अपनी समस्स्या पोस्ट की। उन्होंने बताया कि कुड़ी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 3 के उनके घर 3 बी 28 के सामने मलबा पड़ा हुआ है। उनकी समस्या ये है कि मकान के सामने से गुजर रहे रोड किनारे जो कचरा–मलबा है उसे शिकायत करने के बावजूद अब तक हटाया नहीं गया है। समाधान के लिए उन्होंने संबंधित विभाग से अपील की है। सेक्टर 3 में सीवर चैम्बर का ढक्कन टूटा हाउसिंग बोर्ड रोड, सेक्टर 3, कुड़ी भगतासनी के महेन्द्र सिंह ने ‘भास्कर समाधान’ में पोस्ट कर अपनी समस्या बताई। उन्होंने बताया कि कुड़ी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 3 में सीवर चैम्बर का ढक्कन टूटा हुआ है। ढक्कन का फ्रेम टूटकर लटक रहा है और इससे हमेशा चोट लगने का डर बना रहता हे। यह चैम्बर सड़क से ऊंचा भी है। घर के पास नाली का पानी जमा बनार रोड के शांति नगर से प्रेमा राम ने पोस्ट किया है कि उनके घर के बाहर इंटरलॉकिंग सड़क बनी हुई है। कुछ दिनों पहले यहां मिट्टी डाल दी गई। जिससे अब यहां आसपास की नालियों और बरसात का पानी इकट्ठा हो रहा है। कीचड़ की वजह से आने जाने वाले दोपहियसा वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पेयजल लाइन डालने के बाद कीचड़ की स्थिति बनार रोड के तिरुपति नगर से सुनील ने पोस्ट की है कि उनके एरिया में 6 इंच की पेयजल लाइन डालने के लिए सड़क की खुदाई की लेकिन उसे ठीक नहीं किया। सुनील ने बताया कि राम राम सा ट्रेडर वाली गली में सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। मिट्टी डालने से पूरे रास्ते में दलदल जैसी कीचड़ हो गई है। सड़क किनारे से हट गए भारी वाहन जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी रोड से यश शर्मा ने पोस्ट की थी। पोस्ट में उन्होंने बताया था कि इस रोड पर रात के समय भारी वाहनों जैसे ट्रोले और ट्रकों के खड़े होने से वाहन चालकों के एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता था। इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है लेकिन इससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। ‘भास्कर समाधान’ में पोस्ट के बाद इस समस्या का समाधान हो गयाद। शिकायतकर्ता यश शर्मा ने खुद समाधान की जानकारी दी है। पोस्ट करते ही खुले तारों और गंदगी से मिली राहत सिविल एयरपोर्ट रोड, शारदा पार्क एएफ कॉलोनी निवासी जसपाल सिंह ने भास्कर समाधान पर पोस्ट किया था कि उनकी कॉलोनी में न तो नियमित रूप से कचरा उठता है न ही बिजली के खुले में पड़े तारों का ही कोई स्थायी समाधान निकल सका है। खतरों के बीच लोग बदबू और गंदगी से परेशान हो रहे हैं। जसपाल का कहना था कि उनके एरिया में कचरा संग्रहण का पुख्ता मैनेजमेंट नहीं है। इसमें सुधार की जरूरत है। जोधपुर निगम आयुक्त बने ‘पब्लिक के स्टार’मंडोर रोड इनकम टैक्स कॉलोनी के पीछे, पावटा में एक खाली प्लाट को कचरा डिपो बना देने की परेशानी स्थानीय शिकायतकर्ता हेमंत ने पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि सेकंड पोलो और निगम वाले खुद यहां शहर का कचरा डंप कर रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही जोधपुर नगर निगम कमिशनर राहुल जैन ने सख्एत क्शन लेते हुए खाली प्लाट के मालिक को नोटिस दिया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में कार्रवाई करें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च:डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन 2. भास्कर 'समाधान' असर, समस्याओं का होने लगा समाधान:जोधपुर में टूटी सड़क, कचरा और स्ट्रीट लाइट की समस्या ज्यादा
बस्ती में नग्न अवस्था में मिला युवक का शव:बस्ती में सिर पर चोट के निशान मिले, हत्या की आशंका
बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र में एक युवक का नग्न शव मिला है। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना गुरुवार सुबह बानपुर मार्ग स्थित कटया पंडित गांव के पास सामने आई। सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने बंधे के नीचे एक युवक का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई। युवक के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था और उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने तत्काल हत्या की आशंका जताई और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही लालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि युवक की हत्या कहीं और करके शव को यहां लाकर फेंका गया हो सकता है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ विनय पाठक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान और घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी हुई है।
मिर्जापुर में तेलंगाना की एक महिला अपने पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कई महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। महिला ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की है। उनके पति की मृत्यु विंध्याचल में एक सड़क दुर्घटना में हुई थी। तेलंगाना के संगारेडी निवासी अवशाली अंजनेल्यू 14 फरवरी 2026 को अपने परिवार के साथ मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मिर्जापुर आए थे। अष्टभुजा देवी के दर्शन के बाद, जब वे कार से वाराणसी लौट रहे थे, विंध्याचल क्षेत्र में सड़क पर अचानक बंदरों के आने से वाहन अनियंत्रित होकर 30 से 40 फीट गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना की सूचना पर विंध्याचल पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल चालक अवशाली अंजनेल्यू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, 15 फरवरी की रात करीब 2:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बाद में उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में किया गया। इस घटना के संबंध में, मृतक के रिश्तेदार जनार्दन चारी ने 17 फरवरी 2026 को विंध्याचल थाने में प्रार्थना पत्र देकर दुर्घटना की सूचना दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को रोजनामचे में अंकित कर जांच शुरू की थी। अब मृतक की पत्नी अवशाली राधिका का कहना है कि पति की मृत्यु के कई माह बीत जाने के बावजूद उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। प्रमाण पत्र के अभाव में उन्हें सरकारी और कानूनी प्रक्रियाओं में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पति का मृत्यु प्रमाण पत्र शीघ्र जारी कराने की मांग की है। राधिका ने बताया कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
कोटा में कचरे से अटी पड़ी नालियां, बरसात से पहले नालों की सफाई न होने से लोगों में नाराजगी है। भास्कर सामधान पर बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों के बारे में लोग खुलकर पोस्ट कर रहे हैं। कई इलाकों में सीवर लाइन चोक हें तो कहीं कचरे के कारण लोगों का बदबू से बुरा हाल है। अपनी समस्या पोस्ट करने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि कई समस्याएं लंबे समय से कायम हैं। हालांकि, भास्कर ‘समाधान’ के तहत जब इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, तब कई मामलों में विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत भी दी है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... कचरे से भरी नाली, सफाई नहीं होती झालावाड़ रोड, शिव चौक, छावनी के रहने वाले विमल कुमार ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में अपने मोहल्ले की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके घर के बाहर बनी नालियों की साफ– सफाई नहीं होती है। सफाई कर्मचारी को इस बारे में कई बार कह दिया लेकिन वो भी सुनवाई नहीं करता है। विमल का कहना है कि आस–पास की नालियां साफ होती हें लेकिन उनकी गली की ही अनदेखी हो रही है। सीवर लाइन चोक, कवर भी टूटे शहर के तलवंडी इलाके की वीआईपी कॉलोनी के रहने वाले दिनेश चतुर्वेदी ने ‘भास्कर समाधान’ पर अपने मोहल्ले की समस्या पोस्ट की है। दिनेश का कहना है कि उनकी कॉलोनी में मकान नंबर 234–A, 235-A और 236-A के सामने ड्रेनेज लाइन और सीवर पाइप लाइन टूटी हुई है। इन्हें कवर करने वाले फैरो कवर भी अूटकर नालियों में ही गिरे हुए हैं। नालियां और पाइपलाइन चोक होने से पानी रुका हुआ है। इनका समाधान नहीं हो रहा। 33 केवी लाइन घरों के ऊपर से गुजर रही कोटा के प्रेम नगर के रहने वाले सोनू मीना ने एक गंभीर समस्या के बारे में पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले में कई घरों के ऊपर से लटकता हुआ 33 केवी की हाइटेशन लाइन गुजर रही है। सोनू का कहना है कि हर समय इससे हमें डर लगा रहता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। उन्होंने विभाग से अपील की है कि इन तारों को रिहायशी इलाकों से दूर शिफ्ट किया जाए। मानसून सिर पर, नाले की सफाई नहीं शहर के बारां रोड, मोहम्मदी कॉलोनी, लाडपुरा के रहने वाले सूरज ने नालों से जुड़ी समस्या पोस्ट के जरिये उठाई है। उन्होंने कहा कि उनके गांव नया नोहरा गांव में नाले की सफाई नहीं हुई है। मानसून आने को है लेकिन अब तक विभाग ने इसकी सफाई नहीं करवाई है। इससे बारिश के दिनों में हमारे पूरे मोहल्ले को परेशानी उठानी पड़ सकती है। इस समस्या का समाधान जल्द करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिकायत कई बार कर चुके लेकिन समाधान नहीं हुआ है। समस्या पोस्ट होते ही साफ हुई नाली शास्त्रीनगर बोरखेड़ा थाने के सामने नालियों की सफाई न होने पर अतर सिंह ने पोस्ट की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि हमारे इलाके में मुख्य सड़क के साथ बनी नालियों की सफाई नहीं हुई है। मानसून आने को है, ऐसे में कचरे से अटी नालियो में मच्छर पनपेंगे। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित जोन के अधिकारी ने साफ–सफाई करवा दी है। समाधान हो जाने की जानकारी खुद शिकायतकर्ता ने पोस्ट पर कमेंट कर दी। आंधी में पेड़ टूटकर गिरा, पोस्ट होते ही हटाया कोटा के इंद्र विहार इलाके के मंथन शर्मा ने पोस्ट कर बताया था कि इलाके में पंजाबी मेस के बाहर आंधी में एक पेड़ टूटकर गिर गया था। घर और दूकानों के ऊपर पड़े इस पेड़ से हादसे की आशंका बनी हुई थी। उन्होंने इसे संबंधित विभाग से हटवाने की अपील की थी। सफाईकर्मी नेमीचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’ इंद्र विहार इलाके में पंजाबी मेस के बाहर आंधी में एक पेड़ टूटकर गिर गया था। घर और दूकानों के ऊपर अधरझूल में पड़े इस पेड़ से हादसे की आशंका बनी हुई थी। भास्कर ‘समाधान’ पर शिकायत मिलने के बाद स्थानीय वार्ड के सफाई कर्मचारी नेमीचंद ने मौके पर जाकर पेड़ को हटाया। टूटे पेड़ की डालियों को काटकर साफ–सफाई कर समस्या का समाधान कर दिया। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबर भी पढ़े….. भास्कर 'समाधान' का असर, समस्याएं हो रही हल:कोटा में उधड़ी सड़क, कचरे की समस्या, कॉलोनी में 15 साल से स्ट्रीट लाइट नहीं, यूजर खुलकर बता रहे समस्याकोचिंग हब कोटा में लोग भास्कर ‘समाधान’ में खुलकर अपने एरिया की लंबित समस्याओं के बारे में बता रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इन समस्याओं के बारे में लोगों का कहना है कि लगातार शिकायत करने के बावजूद कई समस्याएं तो सालों और महीनों से जस की तस बनी हुई हैं। कहीं कचरा समय पर नहीं उठ रहा तो किसी कॉलोनी में 15 साल से स्ट्रीट लाइट ही नही लग सकी है। कहीं लोग उधड़ी सड़कों से परेशान हैं तो कहीं अवैध रूप से मलबा डालकर सड़क का लेवल बिगड़ने से हादसे का खतरा बना हुआ है। (पूरी खबर पढ़े)…
अजमेर के पुष्कर घाटी में गिरा बजरी से भरा डंपर अवैध बजरी का परिवहन कर रहा था। इसका खुलासा माइनिंग डिपार्टमेंट की जांच में हुआ है। आरोपी चालक पर माइनिंग विभाग ने एक लाख 9 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना राशि देने से इनकार करने पर माइनिंग इंस्पेक्टर ने हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में शिकायत दी। थाना प्रभारी महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि पुलिस ने वाहन व बजरी जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। माइनिंग विभाग ने दर्ज कराई FIR माइनिग इंस्पेक्टर रितू नाथ पत्नी शिवोन ब्रिटो ने हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि डम्पर को चेक किया तो खनिज बजरी वजन लगभग 15 टन मौके पर बिखरी हुई पड़ी मिली। वाहन चालक से खनिज का ई. रवन्ना/ई.टीपी / रॉयल्टी रसीद मांगने पर वाहन चालक रियाबड़ी नागौर निवासी पदमसिंह ने नहीं दिया। मौके पर कोई दस्तावेज नहीं मिला। ऐसे में खनिज का परिवहन बिना वैध ई. रवन्ना/ई.टीपी / रायल्टी रसीद से किया जाना पाए जाने के कारण वाहन चालक को राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत्त नियमवाली 2017 के नियम 54 (3) के अनुसार कार्रवाई की गई। खनिज की दस गुणा रॉयल्टी राशि 9000 एवं कम्पाउण्ड फीस 1 लाख रुपए तथा NGT कम्पाउण्ड फीस नियमानुसार कुल राशि 1 लाख 9 हजार जमा कराने को कहा गया तो उसने इन्कार किया। इसलिए वाहन को अवैध बजरी के साथ मौके पर ही जब्त कर पुलिस को सौंप दिया। एम. एम. डी. आर एक्ट 1957 की धारा 4 व 21 व राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली 2017 के नियम 54 व 60 का उल्लंघन किया और ऐसे में खनिज चोरी व रॉयल्टी चोरी के आरोप में शिकायत दी। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। यह था मामला पुष्कर घाटी में मंगलवार देर रात हादसा हुआ। बजरी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार तोड़कर घाटी में जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह घटना नौसर गांव और नोसर माता मंदिर के बीच हुई। सूचना के बाद हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और माइनिंग विभाग को मौके पर बुला लिया। ………… पढ़िए ये खबरें भी… पुष्कर घाटी में फिर हादसा, सुरक्षा दीवार तोड़कर गिरा डंपर:बड़ा हादसा टला; लोगों ने भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की पुष्कर घाटी में एक बार मंगलवार देर रात हादसा हुआ है। बजरी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार तोड़कर घाटी में जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पूरी खबर पढें विधानसभा-अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी नहीं हटे अवैध होर्डिंग्स:पुष्कर घाटी में हर मोड़ पर प्रचार की भरमार, कलेक्टर ने कहा-कार्रवाई करेंगे अजमेर की पुष्कर घाटी में अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। जिम्मेदार सरकारी महकमों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही कारण है कि दिनों दिन इन होर्डिंग की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों हुए हादसों के बाद भी प्रशासन ने सुरक्षा उपाय करने में रूचि नहीं दिखाई। यहां हर मोड व सड़क किनारे प्रचार-प्रसार के लिए नियम विरूद्ध लगाए होर्डिग्स से हादसों की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढें हाल ही में हुए पुष्कर घाटी हादसों की ये खबरें भी पढे़ं….
आगरा में गुरुवार सुबह से तेज धूप निकल रही है। मगर, दोपहर बाद मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 6 जून तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है। तापमान में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी हुई है। दिन का पारा 2.7C बढ़ गया है। वहीं, रात के तापमान में 4.7C की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मंगलवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार को तेज धूप निकली थी। इसके चलते तापमान बढ़ गया। अधिकतम तापमान 38.3C और न्यूनतम तापमान 26.1C रहा। जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 35.6C और न्यूनतम तापमान 21.4C था। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति मंगलवार की बारिश ने मचाई तबाही मंगलवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से आगरा शहर पूरी तरह प्रभावित हुआ था। करीब 55 जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजलीघर स्थित शिवाजी मार्केट में व्यापारियों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। वहीं राजामंडी बाजार में भी पानी भर गया, जिससे व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ। आवास विकास सेक्टर-4 में फुटपाथ धंसने से एक ट्रॉली उसमें समा गई। इंदिरा नगर में जगह-जगह सड़क धंसने से कई वाहन फंस गए। छिपीटोला क्षेत्र में चार मकान ढह गए, हालांकि गनीमत रही कि उस समय कोई भी अंदर मौजूद नहीं था। आंधी-बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 4 जून को दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। 4 से 6 जून के तक एक बार फिर से आंधी और बारिश की संभावना है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। 7 जून से अधिकतम तापमान 40C से पार सकता है। इसके साथ ही लोगों को एक बार फिर से गर्मी झेलने के लिए तैयार रहना होगा। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
पुल पर खड़े कंटेनर से टकराया ट्रक, ड्राइवर फंसा:क्रेन की मदद से निकाला बाहर, घायल चित्तौड़गढ़ रेफर
चित्तौड़गढ़ जिले में भादसोड़ा के पास प्राकट्य स्थल श्री सांवलियाजी मंदिर के सामने स्थित पुल पर बुधवार देर रात एक सड़क हादसा हो गया। निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट से सीमेंट भरकर उदयपुर की ओर जा रहा एक ट्रक पुल पर चढ़ रहा था। इसी दौरान सामने सड़क पर एक कंटेनर खड़ा था। ट्रक ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिला और ट्रक सीधे कंटेनर के पीछे जा भिड़ा। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का अगला हिस्सा कंटेनर में घुस गया और दोनों गाड़ियां आपस में बुरी तरह फंस गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। ट्रक में फंस गया चालक, लोगों ने शुरू किए बचाव के प्रयास हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर केबिन के अंदर ही फंस गया। बताया गया कि ड्राइवर का ऊपरी हिस्सा सुरक्षित था, लेकिन उसके पैर ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। ड्राइवर दर्द से कराह रहा था और बाहर नहीं निकल पा रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने सबसे पहले दोनों गाड़ियों को अलग करने की कोशिश की। कंटेनर को स्टार्ट कर आगे खींचा गया, जिससे दोनों गाड़ी अलग तो हो गए, लेकिन ट्रक की मुड़ी हुई लोहे की चादरें ड्राइवर के पैरों में फंसी रहीं। इसके बाद ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से को खींचने की कोशिश की, ताकि ड्राइवर को बाहर निकाला जा सके। काफी देर तक कोशिशें चलती रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। क्रेन बुलाकर निकाला गया बाहर जब ग्रामीणों के प्रयास कामयाब नहीं हुए तो मौके पर क्रेन बुलाई गई। क्रेन की सहायता से ट्रक के आगे के हिस्से और मुड़ी हुई लोहे की चादरों को सावधानी से खींचा गया। काफी मशक्कत के बाद चालक के पैरों को फंसे हुए हिस्से से बाहर निकाला जा सका। ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकालते ही लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद उसे तुरंत एम्बुलेंस की मदद से भादसोड़ा हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए चित्तौड़गढ़ रेफर कर दिया गया। कुछ समय तक रुका यातायात, बाद में स्थिति सामान्य हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दुर्घटना के कारण पुल पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति हो गई। पुलिस ने मौके की स्थिति संभाली और बचाव काम पूरा होने तक ट्रैफिक को नियंत्रित रखा। बाद में दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क किनारे हटवाया गया, जिसके बाद ट्रैफिक दोबारा शुरू कराया गया। हाइवे होने के कारण इस रास्ते पर दिनभर गाड़ियों की आवाजाही रहती है, ऐसे में समय रहते बचाव काम पूरा होने से बड़ा जाम लगने की स्थिति टल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए नहीं पहुंचते तो ड्राइवर को बाहर निकालने में और ज्यादा समय लग सकता था। हादसे में चालक घायल हुआ है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
लुधियाना में रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित एक शराब ठेके पर फर्जी ऑनलाइन पेमेंट दिखाकर शराब लेने और बाद में कर्मचारियों से मारपीट करने का मामला सामने आया है। ठेके के कर्मचारियों ने जब इनका विरोध किय तो आरोपियों ने मारपीट की। थाना डिवीजन नंबर-1 की पुलिस ने बुधवार को एक नामजद और 6-7 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता बलदेव सिंह निवासी जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), जो वर्तमान में रेलवे स्टेशन के पास स्थित हरीश वाइन ठेके पर सेल्समैन के तौर पर कार्यरत है ने पुलिस को बताया कि 1 जून 2026 को वह ठेके पर मौजूद था। इसी दौरान तीन अज्ञात युवक वहां आए और बकार्डी कंपनी की शराब की एक बोतल मांगी। फर्जी पेमेंट का मैसेज दिखाया बलदेव सिंह के मुताबिक उसने युवकों को शराब की बोतल और गिलास दे दिए। जब उनसे पैसे मांगे गए तो उन्होंने मोबाइल पर फर्जी पेमेंट का मैसेज दिखा दिया। शक होने पर जब दोबारा भुगतान की बात कही गई तो युवक शराब की बोतल लेकर मौके से भागने लगा। ठेके के कर्मचारियों ने उसे वहीं पकड़ लिया। ठेके के कर्मचारियों पर हमला आरोप है कि पकड़े जाने के बाद युवक फिर से फर्जी स्कैनर और पेमेंट दिखाने लगा। इसी बीच उसने अपने 4-5 अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते सभी आरोपियों ने मिलकर ठेके के कर्मचारियों पर हमला कर दिया और उनसे मारपीट की। जान से मारने की धमकियां दीं पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने जान से मारने की धमकियां भी दीं और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। बाद में की गई पड़ताल में एक आरोपी की पहचान गौरव निवासी गली नंबर-2, मोहल्ला फतेहगढ़, लुधियाना के रूप में हुई। थाना डिवीजन नंबर-1 की पुलिस ने गौरव सहित 6-7 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 305 और 190 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
जयपुर। राजधानी के लगभग सभी क्षेत्रों से हर दिन कई तरह की प्रशासनिक समस्याएं दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर सामने आ रहीं है। जिसमें रोड लाइट, सीवर, टूटी सड़क और पानी की समस्या मुख्य है। इन समस्याओं के जरिए देखा जा सकता है कि लोग शहर के इतने पॉश और मेन इलाके में रहने के बाद भी पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। कई इलाकों से लोगों का ये भी कहना है कि बार-बार प्रशासन को मामले के बारे में शिकायतें देने पर भी कोई समाधान नहीं किया जाता है और बिना समाधान ही शिकायत को बंद कर दिया जाता है। ऐसे ही मुरलीपुरा इलाके से आशुतोष रावत ने सड़क पर सीवर चैंबर खुला हुआ होने की समस्या पोस्ट करते हुए बताया कि कई शिकायतों पर भी इसका समाधान नहीं हुआ है तो वहीं, मानसरोवर से भी इसी तरह की सड़क पर गंदगी की समस्या सामने आई है। हालांकि, राहत की बात है कि चित्रकूट और जगतपुरा इलाकों में दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट की पहल से कार्रवाई की गई है। जिससे लोगों को काफी राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) टूटा सीवर चैंबर दे रहा हादसों को न्योताजयपुर शहर के मुरलीपुरा इलाके के कल्याण नगर से आशुतोष रावत ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर सड़क पर सीवर चैंबर खुला हुआ होने की समस्या पोस्ट की है। जिसमें आशुतोष ने बताया है कि बीच सड़क पर सीवर का गड्ढा बन गया है। जिसके ऊपर लोगों ने पत्थर रखकर ठीक करने की कोशिश भी की है, लेकिन ये गड्ढा हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसमें गिरकर लोग हादसे का शिकार हो सकते है। उन्होंने मांग की है कि इसे जल्द ठीक कर बंद करवाया जाए, ताकि लोगों को भी आने-जाने में खतरा न हो। क्षेत्र में खराब रोड पर जलभराव की समस्याआगरा रोड के सुमेल क्षेत्र के अगवाली विहार से अरविंद ने भी अपनी समस्या समाधान सेगमेंट पर लिखी है। जिसमें उन्होंने बताया कि इस इलाके में पिछले साल से सड़के टूटी हुईं है। हर समय रोड पर गंदा पानी भरा रहता है। बारिश के समय में तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 2 सालों से प्रशासन की अनदेखी का मामलाबजाज नगर के टोंक फाटक फ्लाईओवर इलाके से कृष्ण कुमावत ने नाली के फेरोकवर की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। कृष्ण ने बताया कि भगत पान भंडार के पीछे गली में पिछले 2 सालों से फेरोकवर टूटे हुए है। जिसके कारण रोड पर गंदगी और बदबू हो रही है। वरुण पथ के सेक्टर 4 की रोड पर बह रहा गंदा पानीमानसरोवर सेक्टर 4 के वरुण पथ से दिनेश अग्रवाल ने लिखा कि के.एल स्टेडियम के टॉयलेट से गंदगी बाहर रोड पर बह रही है। जिसके कारण वहां टहलने आने वाले लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर गड्ढे की समस्या हुई ठीकचित्रकूट क्षेत्र के महंत स्वामी मार्ग से सूरज वर्मा ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर सड़क पर गड्ढे की समस्या के बारे में पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि अक्षरधाम मंदिर के पास रोड पर गड्ढा हो गया है। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को राहत मिली है। स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधानजगतपुरा के मनोहरपुरा के पार्थ प्राइम से राज कुमार सक्सैना ने बिजली के पोल पर लाइट न होने की समस्या सेगमेंट पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि सर्विस रोड पर कई दिनों से 4 लाइटें बंद है। मामले में नगर निगम को अवगत करवाया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद समस्या पोस्ट करते ही विभाग की XEN ने समाधान करवा दिया है। XEN निधि जैन बनीं आज 'पब्लिक की स्टार'जयपुर शहर के एक बड़े इलाके (जगतपुरा) से राज कुमार सक्सैना ने स्ट्रीट लाइट की समस्या के बारे में दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर पोस्ट किया था। जिसके बाद XEN निधि जैन से सभी रोड लाइटों को सही करवा दिया है। जिससे क्षेत्र में फिर से रौनक हो गई है और लोगों की समस्या का तुरंत समाधान हुआ है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान असर, एक पोस्ट से मिल रहा हल:सड़क और रोड लाइट की समस्याओं का हुआ समाधान; XEN प्रदीप शर्मा बने आज ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान से सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं शिकायतें:खबर पोस्ट होते ही ले रहे एक्शन, ओम थानवी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.भास्कर समाधान का असर: ओवरफ्लो सीवर लाइन से मिली राहत:कचरा नहीं उठने और पानी भरने से लोग परेशान; भास्कर की पोस्ट से हुआ समस्याओं का समाधान 4.जयपुर में सेवा सदन मार्ग से नहीं उठ रहा कचरा:रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में सीवर ओवरफ्लो से बढ़ी परेशानी;रविन्द्र सिंह बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 5.भास्कर समाधान पर उठ रही आवाज:सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं जयपुर की समस्याएं, गंदे पानी की निकासी हुई; ओम थानवी बने पब्लिक के स्टार 6.जयपुर के हालातों में नहीं हो रहा सुधार:भास्कर समाधान पर आ रही शिकायतें; कहीं सीवर का सैलाब, कहीं सड़क पर खतरा, बदहाल तस्वीर आई सामने 7.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:जगदंबा नगर में हटा मलबा, चमकीं स्ट्रीट लाइटें; थानवी लोगों की समस्या दूर कर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.भास्कर ‘समाधान’ असर, कई समस्याओं का हुआ समाधान:एक पोस्ट में भरा दो साल पुराना गड्ढा, मलबा हटा तो रास्ता हुआ सुगम 9.भास्कर समाधान का असर, सीवर-कचरे की समस्या हुई दूर:बंद पड़ी रोड लाइट, कहीं सीवर बना मुसीबत; ओम थानवी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.भास्कर 'समाधान' असर: 48 घंटे में ठीक हुई सीवर समस्या:साफ पानी मिलने लगा, ओम थानवी बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’
उदयपुर शहर के विभिन्न इलाकों से दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर लगातार नागरिक समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं आठ महीनों से टूटी सड़क लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है, तो कहीं रिहायशी क्षेत्र में खुला नाला हादसों को न्योता दे रहा है। वहीं, सरकारी नलों से गंदा पानी आने और नालियों के अभाव में खाली प्लॉटों में गंदा पानी जमा होने जैसी समस्याओं से भी स्थानीय लोग जूझ रहे हैं। इन शिकायतों से साफ है कि शहर के कई क्षेत्रों में अभी भी मूलभूत सुविधाओं को लेकर नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में हिरन मगरी सेक्टर-9 से सड़क की खराब स्थिति, चित्रकूट नगर से खुले नाले और सेक्टर-14 से गंदे पानी की शिकायत सामने आई है। वहीं, सज्जन नगर क्षेत्र में नाली निर्माण नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सोभागपुरा में कचरे और सावीना खेड़ा में रोड लाइट की समस्या का समाधान संबंधित विभागों द्वारा कर दिया गया है। साथ ही, त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान कराने वाले नगर निगम के जेईएन राजकुमार मावलिया को आज का 'पब्लिक के स्टार' चुना गया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) हिरन मगरी क्षेत्र में सड़क की समस्याउदयपुर शहर के हिरन मगरी क्षेत्र के सेक्टर 9 से संगीत भावसर ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर सड़क की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। जिसमें संगीत ने लिखा कि सेक्टर 9 की मुख्य सड़क, सिटी बस यार्ड के बाहर और सामने की रोड पूरी तरह से टूटी हुई है। यह स्थिति पिछले 8 महीनों से बनी हई है। जिसके कारण आवागमन काफी प्रभावित होता है। चित्रकूट नगर में हादसों को न्योता दे रहा खुला नालाशहर के चित्रकूट नगर ब्लॉक ए, 100 फीट रोड से चक्रवर्ती सिंह राठौड़ ने रिहायशी इलाके में नाले का कुछ भाग खुला हुआ होने की समस्या पोस्ट की है। चक्रवर्ती ने बताया कि हर दिन कोई वाहन और कभी जानवर इसमें गिर कर हादसे का शिकार हो रहे है। जिसके कारण हमेशा डर का माहौल बना रहता है। सेक्टर 14 में गंदे पानी से बीमारियों का डरहिरन मगरी क्षेत्र के सेक्टर 14 से राजेंद्र सिंह शेखावत ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर पानी की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि सरकारी नल से काले रंग का गंदा पानी आता है। उनका कहना है कि नल चलाते ही 5-7 मिनट तक गंदा काला पानी निकलता है, जिसके कारण लोगों को बीमारियों का डर बना रहता है। सज्जन नगर के खाली प्लॉट में भर रहा गंदा पानी सज्जन नगर के गोवर्धन विलाज से दिनेश कुमार लोथ ने नाली का निर्माण न होने की समस्या बताई है। दिनेश का कहना है कि सागर विहार कॉलोनी, जीवन तारा रोड पर कई मकान बन चुके है और ऐसी भरी आबादी वाले क्षेत्र में अभी तक नाली की निर्माण नहीं हुआ है। साथ ही बताया कि एक खाली प्लॉट में नाली बनाई गई, जिसमें गंदा पानी जमा हो गया है। 2 दिनों में हुआ कचरे की समस्या का समाधानउदयपुर शहर के सोभागपुरा इलाके से विष्णु ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें बताया गया था कि न्यू केशव नगर में सड़क के किनारे कचरा जमा हो गया है, जिससे बदबू आ रही है। समस्या पोस्ट होने के 2 दिनों में ही संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करावा दिया है। रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधानशहर के सावीना खेड़ा क्षेत्र के 80 फीट मेन रोड से जितेंद्र ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें बताया था कि पिछले 1 महीने से स्ट्रीट लाइट बंद है, लोगों को अंधेरे से गुजरकर आना-जाना पड़ता है। समस्या सेगमेंट पर पोस्ट होने के बाद नगर निगम जेईएन ने एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है। राजकुमार मावलिया बने आज के 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर शहर के सावीना खेड़ा क्षेत्र के 80 फीट मेन रोड से 1 महीने से स्ट्रीट लाइट बंद होने की समस्या सामने आ रही थी। जिसपर नगर निगम के जेईएन राजकुमार मावलिया ने तुरंत एक्शन लेते हुए उसे ठीक करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1. भास्कर समाधान असर, एक पोस्ट से घर बैठे समाधान:कहीं नदी में मिल रहा गंदे नाले का पानी, कहीं टूटी सड़कें बनी मुसीबत, जेईएन शिवानी बनीं 'पब्लिक की स्टार' 2. राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च:डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन
अजमेर शहर के विभिन्न इलाकों से भास्कर समाधान पर लगातार ऐसी जनसमस्याएं सामने आ रही हैं, जो लंबे समय से आमजन की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं विकास कार्यों की धीमी रफ्तार के चलते लोग वर्षों से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं, तो कहीं बदहाल सड़कें और जलभराव की स्थिति ने रोजमर्रा की आवाजाही को मुश्किल बना दिया है। कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है, जहां खंभों पर लटके और उलझे हुए तार किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही जलापूर्ति और पाइपलाइन लीकेज की समस्याएं भी लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। कहीं पानी की बर्बादी हो रही है तो कहीं अनियमित आपूर्ति के कारण स्थानीय निवासियों को दैनिक जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नालियों की सफाई और सीवरेज व्यवस्था की खामियां भी कई इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा कर रही हैं, जिससे बदबू, गंदगी और जलभराव जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन मुद्दों को कई बार संबंधित विभागों तक पहुंचाया गया, लेकिन लंबे समय तक समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है। हालांकि भास्कर समाधान पर शिकायतें सामने आने के बाद कुछ मामलों में विभागों ने त्वरित कार्रवाई कर राहत भी प्रदान की है, जिससे लोगों को उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... 15 साल से पक्की सड़क का इंतजार, बारिश में बढ़ती परेशानी खादीम मोहल्ला, अजमेर से राहुल गुर्जर ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में 15 साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना और वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। बिजली खंभे पर लटके तारों का गुच्छा बना खतरा अली रोड, मिरसाली कॉलोनी से मोहन लाल ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में बिजली के खंभों पर कई तारों का गुच्छा बुरी तरह से लटका हुआ है। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, जिससे कभी भी करंट फैलने या बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने मामले पर कार्रवाई जारी होने की बात कही है। 20 साल से सड़क की समस्या जस की तस, लोगों में नाराजगी भगचंद सोनी नगर से राजेश वर्मा ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से सड़क निर्माण की समस्या बनी हुई है। सड़क की हालत बेहद खराब होने के कारण लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। पानी की पाइपलाइन लीकेज से हजारों लीटर पानी की बर्बादी आरपीएससी कार्यालय के पास, जयपुर रोड से ब्रिजपाल सिंह राठौड़ ने पोस्ट किया कि क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन में लगातार लीकेज की समस्या बनी हुई है। इसके कारण रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है, जिससे जल संकट की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द मरम्मत कार्य कर पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। नर्सिंग कर्मियों की वेतन समस्या का हुआ समाधान जिला जेएलएन अस्पताल, अजमेर से विशाल पराशर ने पोस्ट किया था कि अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से परेशानी हो रही थी। इस मुद्दे को सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई की और कर्मचारियों की वेतन समस्या का समाधान कर दिया गया, जिससे सभी को राहत मिली है। पानी आपूर्ति समय तय होने से लोगों को राहत गड्डी मालियान क्षेत्र से राजरानी गहलोत ने पोस्ट किया था कि उनके इलाके में पानी आपूर्ति का कोई निर्धारित समय नहीं था, जिससे लोगों को रोजाना असुविधा होती थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए पानी आपूर्ति का समय तय कर दिया है, जिससे अब लोगों को नियमित रूप से जानकारी मिल रही है कि पानी कब उपलब्ध होगा और उनकी दिनचर्या बेहतर हुई है। आज की ‘पब्लिक की स्टार’ बनी निशा मीना गड्डी मालियान क्षेत्र में पानी आपूर्ति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान में अधिशासी अभियंता, निशा मीना ने अहम भूमिका निभाई। शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर व्यवस्था में सुधार करवाया और पानी आपूर्ति का समय निर्धारित करवाया। उनके प्रयासों से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है और लोगों ने संतोष जताया है। लोगों को समाधान का इंतजार अजमेर के विभिन्न इलाकों से सामने आई इन शिकायतों से साफ है कि सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर नागरिकों में असंतोष है। लोगों का कहना है कि वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए ताकि उन्हें रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके। भास्कर समाधान के माध्यम से नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि जिम्मेदार विभाग इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देकर जल्द कार्रवाई करेंगे। शहरवासियों ने ‘भास्कर समाधान’ पहल को सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यह मंच उनकी आवाज को सीधे जिम्मेदार विभागों तक पहुंचाने का काम कर रहा है। नागरिकों का मानना है कि यदि जनहित से जुड़े मुद्दों को इसी तरह लगातार उठाया जाता रहा और उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हुई, तो शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार के साथ आमजन को भी बड़ी राहत मिलेगी। न्यू सेगमेंट की पांच खास बातें….अधिकारी कॉल कर सकेंगे 1.इस सेगमेंट के जरिए अजमेर के लोग कभी भी कहीं से भी जन समस्याओं से जुड़ी पोस्ट शेयर कर सकते हैं। 2.अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी सभी समस्याएं एक साथ देख सकेंगे। एप के जरिए ये बता सकेंगे कि उन्होंने क्या एक्शन लिया है। यदि काम जारी है तो इसके बारे में भी बता सकेंगे। 3.एप में लोकेशन देखने और कॉलिंग का भी फीचर है, जरूरत पड़ने पर अधिकारी यूजर को सीधे कॉल कर सकेंगे। 4.समाधान होने पर यूजर बता सकेंगे कि उनकी समस्या का समाधान हो चुका है। 5.यूजर अपने एरिया की समस्याओं से जुड़ी सभी पोस्ट फिल्टर कर एक साथ देख सकते हैं। स्टार ऑफिसर बनने का मौका इस सेगमेंट के तहत जन समस्याओं का जिम्मेदारी के साथ समाधान करवाने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। जनता से जुड़ने वाले अधिकारियों की न्यूज स्टार ऑफिसर के रूप में दैनिक भास्कर एप और अखबार में पब्लिश की जाएगी। इसका मकसद यही है कि ज्यादा से ज्यादा अधिकारी शहरवासियों से जुड़ सकें। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर समाधान का असर, एक पोस्ट से मिल रहा हल:नागरिकों ने उठाई आवाज, कई साल पुरानी समस्याओं के समाधान की मांग जनसमस्याओं को सिर्फ उठाने नहीं, बल्कि उनके समाधान तक पहुंचाने की दिशा में दैनिक भास्कर का विशेष अभियान ‘भास्कर समाधान’ लगातार विस्तार कर रहा है। इस पहल के जरिए अजमेर के लोग अपने क्षेत्र की सड़क, सीवर, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और अन्य सिविक समस्याओं को ‘भास्कर समाधान’ के जरिये सीधे प्रशासन तक पहुंचा पा रहे हैं। ( पूरी खबर पढ़े )….
काॅन्स्टेबल ने छोटे भाई पर चाकू से किया हमला:पारिवारिक विवाद के चलते हुई थी कहासुनी, आरोपी गिरफ्तार
प्रतापगढ़ जिले में बुधवार रात काॅन्स्टेबल ने अपने छोटे भाई पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों भाइयों में झगड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपी काॅन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना अरनोद थाना क्षेत्र के नागदेड़ा गांव की है। अरनोद थाना अधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया - नागदेड़ा निवासी मुकेश मीणा अपने दोस्त मनीष मीणा के साथ गांव के बाहर एक पुलिया पर बैठा था। इसी दौरान उसका बड़ा भाई कैलाश मीणा, जो हथुनिया थाने में काॅन्स्टेबल है, हाथ में चाकू लेकर वहां पहुंचा और मुकेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इस दौरान उसने चाकू से मुकेश पर हमला कर दिया। हमले में मुकेश की गर्दन और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी कैलाश मौके से फरार हो गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना पर अरनोद थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और घायल मुकेश मीणा को तुरंत प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने काॅन्स्टेबल को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से चल रहा था विवाद जानकारी के अनुसार कैलाश और मुकेश अलग-अलग रहते हैं। दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और अक्सर गाली-गलौज और कहासुनी होती रहती थी। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में पहले भी अरनोद थाने में शिकायतें दर्ज करवाई जा चुकी थीं।
जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड को आज नया पार्षद मिल जाएगा। 1542 मतदाताओं में से 1229 लोगों ने अपना मत दिया है। सुबह 9 बजे से जगदलपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में मतों की गिनती शुरू होगी। कांग्रेस और भाजपा के अलावा आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में भाग्य आजमाने उतरी थी। हालांकि, कांग्रेस और BJP के नेताओं के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। वहीं इस उपचुनाव में नेताओं की साख की भी लड़ाई है। 1 जून की सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक वार्ड के 2 पोलिंग बूथ में मतदान हुआ था। इस वार्ड में करीब 30 सालों तक कांग्रेस का कब्जा रहा। कांग्रेस पार्षद की मौत के बाद अब इस उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी को जिताने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। तीनों दलों के प्रत्याशी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से समर्थन मांगे थे। तीन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला आज इंदिरा वार्ड के इस उपचुनाव में भाजपा ने मनोहर दत्त तिवारी को मैदान में उतारा है। मनोहर दत्त तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का करीबी माना जाता है। वहीं कांग्रेस ने रामकृष्ण तिवारी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से रुबीना कुरैशी चुनाव लड़ी हैं। हालांकि, आज जीत का ताज किसके सिर सजेगा वो दोपहर तक क्लियर हो जाएगा। इंदिरा वार्ड उपचुनाव इंदिरा वार्ड, नगर निगम जगदलपुरचुनाव का प्रकार- पार्षद उपचुनावमतदान तिथि- 1 जून 2026मतगणना एवं परिणाम- 4 जून 2026कुल मतदाता - 1 हजार 542महिला मतदाता : 811 पुरुष मतदाता : 731कुल वोट पड़े - 1229कांग्रेस का गढ़ बचाने और भाजपा की सेंध लगाने की चुनौती इंदिरा वार्ड का यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद रहे अब्दुल रशीद के निधन के बाद खाली हुई है। अब्दुल रशीद लगातार चार बार पार्षद चुने गए थे। इससे पहले उनकी मां भी दो बार इस वार्ड का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं। ऐसे में पिछले करीब 30 सालों से यह वार्ड कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। कांग्रेस जहां इस परंपरागत सीट को बचाने की कोशिश में जुटी हुई है, वहीं भाजपा इस बार कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। आम आदमी पार्टी भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। यही वजह है कि उपचुनाव को लेकर वार्ड में राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। क्या है दांव पर?
खेत में जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार:ताश के पत्ते और 6460 रुपए नकद बरामद; बड़वानी पुलिस ने की कार्रवाई
बड़वानी पुलिस ने जिले में अवैध जुआ-सट्टा गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम तलुन के तड़वी फलिया से जुआ खेल रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से ताश के पत्ते और 6,460 रुपए नकद जब्त किए गए। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ला के निर्देश पर जिलेभर में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और एसडीओपी महेश सुनैया के मार्गदर्शन में थाना बड़वानी पुलिस को बुधवार-गुरुवार की मध्य रात सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, ग्राम तलुन के तड़वी फलिया क्षेत्र में खेत पर कुछ लोग ताश के पत्तों से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे थे। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और पांच जुआरियों को पकड़ लिया। ताश के पत्ते और 6,460 रुपए नकद बरामद पूछताछ में आरोपियों की पहचान संजय पिता मुन्नालाल मानकर (35) निवासी बोरलाय, विनोद पिता सखाराम तंवर (32) निवासी तलुन, सतीष पिता रामेश्वर कुमावत (42) निवासी तलुन, कैलाश पिता रामसिंह बामनिया (28) निवासी तलुन तथा विरेन्द्र पिता उमराव सिंह ठाकुर (57) निवासी चंचल चौराहा, बड़वानी के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जुआ खेलने में उपयोग किए जा रहे ताश के पत्ते और 6,460 रुपए नकद बरामद किए। सभी आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश जुआ अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जुआ और सट्टा के खिलाफ अभियान जारी रहेगा पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बड़वानी एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक बलजीत सिंह बिसेन, प्रधान आरक्षक जगजोध सिंह तथा आरक्षक आत्माराम खोड़े, पुरुषोत्तम मंडलोई, अंतरसिंह रावत, योगेश्वर चौहान, पवन मंडलोई, दीपक वर्मा, यादवेंद्र पंवार और हितेंद्र मंडलोई की भूमिका रही।
ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक संपत्ति विवाद मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि रजिस्टर्ड (पंजीकृत) दस्तावेज को कानूनन सही माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति उसकी वैधता पर सवाल उठाता है, तो उसे ही यह साबित करना होगा कि दस्तावेज गलत या फर्जी है। जस्टिस आशीष श्रोती की एकल पीठ ने भिंड जिले के एक मकान विवाद से जुड़ी बहू गुड्डी उर्फ रामवती की द्वितीय अपील खारिज कर दी। साथ ही निचली अदालतों के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें मकान का मालिकाना हक खरीदार रामविलास देपुरिया के पक्ष में माना गया था। 1990 में हुई थी मकान की रजिस्ट्री मामले के अनुसार, भिंड निवासी बुद्धाराम ने 6 सितंबर 1990 को अपना मकान 40 हजार रुपए में रामविलास देपुरिया को रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए बेच दिया था। रजिस्ट्री के साथ मकान का कब्जा भी खरीदार को सौंप दिया गया था। उसी दिन बुद्धाराम ने अपनी कृषि भूमि की भी रजिस्ट्री रामविलास के नाम की थी। बुद्धाराम का निधन 1 जनवरी 2014 को हो गया। इसके बाद उनकी बहू रामवती कुछ समय के लिए उस मकान में रहने लगी। मकान खाली करने को लेकर शुरू हुआ विवाद रामविलास का कहना था कि बुद्धाराम की मौत के बाद रामवती ने रहने के लिए मकान मांगा था। मानवीय आधार पर उसे रहने की अनुमति दे दी गई। बाद में जब मकान खाली करने को कहा गया तो उसने इनकार कर दिया और मकान पर अपना दावा जताते हुए रजिस्ट्री को चुनौती दे दी। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। बहू ने उठाए थे सवाल सुनवाई के दौरान रामवती की ओर से कहा गया कि 1990 में हुई रजिस्ट्री पर 28 साल तक अमल नहीं किया गया। खरीदार ने अपना नाम दर्ज नहीं कराया और न ही कब्जे के पर्याप्त सबूत पेश किए। साथ ही भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए गए। हाईकोर्ट ने माना रजिस्ट्री वैध हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पाया कि रजिस्टर्ड सेल डीड में 40 हजार रुपए के भुगतान और मकान का कब्जा सौंपने का स्पष्ट उल्लेख है। गवाहों ने भी इन तथ्यों की पुष्टि की। अदालत ने यह भी कहा कि रामवती ने कभी रजिस्ट्री को फर्जी नहीं बताया, बल्कि सिर्फ यह कहा कि उसे इसकी जानकारी नहीं थी। केवल जानकारी नहीं होने के आधार पर किसी वैध रजिस्टर्ड दस्तावेज को गलत नहीं माना जा सकता। खरीदार के पक्ष में फैसला इन्हीं तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने रामवती की अपील खारिज कर दी और रामविलास देपुरिया के मालिकाना हक को सही माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि रजिस्टर्ड दस्तावेज को गलत साबित करने की जिम्मेदारी उसे चुनौती देने वाले व्यक्ति की होती है।
रायपुर के गोबरा नवापारा में आयोजित सुशासन ‘तिहार शिविर’ में शिकायत मिलने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेंजर यहां क्यों नहीं है, शोकॉज नोटिस जारी करो और उसे सस्पेंड करो। मामला कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण में वन विभाग की आपत्ति और रेंजर की गैरमौजूदगी से जुड़ा था। शिविर के दौरान जब यह मामला सामने आया तो सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब शिविर में जनता की समस्याएं सुनने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहना है, जिम्मेदार अधिकारी का अनुपस्थित रहना लापरवाही है। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को संबंधित रेंजर के खिलाफ सस्पेंशन के निर्देश दिए। शिविर में अलग-अलग विभागों से जुड़े आवेदन भी सामने आए। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिविर में मिले आवेदनों का निराकरण 7 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय में काम पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्कूल जमीन के मामले में अधिकारियों को बुलाया शिविर में हरिहर हाई स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण और नवापारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की आरक्षित भूमि से जुड़ा मामला भी उठा। इसके बाद पटवारी, आरआई और तहसीलदार को मंच पर बुलाया गया। अधिकारियों को जमीन संबंधी लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए गए। विकास कार्यों की भी घोषणा कार्यक्रम के दौरान नवापारा नगर पालिका के नए भवन के लिए 2 करोड़ रुपए, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला में एक्स्ट्रा क्लास बनाने के लिए 10 लाख रुपए और महावीर बजरंग अखाड़ा के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की गई। पहले भी सुशासन तिहार में अधिकारियों को लगा चुके हैं फटकार गोबरा नवापारा में रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सुशासन तिहार के दौरान अलग-अलग जगहों पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। अवैध शराब बिक्री पर पुलिस और आबकारी अधिकारियों को लगाई फटकार 18 मई को रायपुर नगर निगम के जोन-5 स्थित अश्विनी नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में अवैध शराब बिक्री का मुद्दा उठा था। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में खुलेआम शराब बिकने की शिकायत की थी। शिकायत सुनने के बाद सांसद मंच से ही पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, कोई बड़े से बड़ा आदमी हो, उसको उठाकर बंद करो। कार्रवाई क्यों नहीं करते? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब आम लोगों को पता है कि शराब कहां बिक रही है, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में सांसद अधिकारियों से जवाब मांगते नजर आए थे। उन्होंने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। समोदा में नायब तहसीलदार को मंच पर बुलाकर लगाई फटकार इसके बाद आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों के लंबे समय से लंबित रहने की शिकायत की थी। कई ग्रामीणों ने काम कराने के बदले पैसे मांगने के आरोप भी लगाए थे। शिकायतें सामने आने के बाद सांसद ने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को मंच पर बुलाया। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें उनके खिलाफ मिली हैं। मंच से ही उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर राजस्व मामलों का निराकरण समय पर क्यों नहीं हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान सांसद और नायब तहसीलदार के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में सांसद कथित रिश्वतखोरी और लंबित मामलों को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दिए थे। वहीं ग्रामीणों ने भी तहसील कार्यालय में कामकाज को लेकर अपनी शिकायतें सार्वजनिक रूप से रखी थीं। इन दोनों घटनाओं के बाद अब गोबरा नवापारा में रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश का मामला सामने आया है। लगातार तीसरी बार सुशासन तिहार के मंच से अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कार्रवाई और फटकार की स्थिति बनी है। …………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… राजस्व मंत्री बोले- 1 घंटे में पटवारी को सस्पेंड करो,VIDEO: किसानों के काम में लापरवाही पर भड़के, बृजमोहन ने भी लगाई थी अफसर को फटकार रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर लगाया गया। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के आदेश दे दिए। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगवाए गए। उसकी जमीन को रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
अजमेर की रीजनल कॉलेज चौपाटी पर हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने बुधवार रात नाकाबंदी की। पुलिस वाहनों की जांच और चालान की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार वहां पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोक लिया, हेडफोन लगाने और गति तेज होने पर पुलिस ने चालान बना दिया। पुलिस कार्रवाई का विरोध इस पर युवक पुलिस पर भड़क गया और सभी दस्तावेज पूरे होने और नियमानुसार चलने का हवाला देकर चालानी कार्रवाई का विरोध किया। युवक ने राइडर ग्रुप के अपने साथियों को बुला लिय। करीब 10 से ज्यादा बाइक सवार वहां पहुंच गए। इसके बाद जमकर बहस हुई।सूचना पर एसएचओ महावीर शर्मा भी मौके पर पहुंचे और युवकों को समझाइश की। नाकाबंदी कर की वाहनों की जांच एसएचओ ने बताया कि चालान बना दिया गया। युवकों को समझा कर भेज दिया गया है। गौरतलब है कि शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की। नियम विरुद्ध चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की।
सतना जिले के मझगवां ब्लॉक स्थित सुरांगी गांव में कुपोषण से एक मासूम बच्ची की मौत के मामले में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर एनएचएम की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी ने डीपीएम और बीएमओ सहित 6 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। इन सभी से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें डीपीएम राकेश कर्ष, मझगवां बीएमओ डॉ. रुपेश सोनी और डीसीएम डॉ. ज्ञानेश मिश्रा शामिल हैं। इसके अलावा बीसीएम देवमुनी पटेल और उपस्वास्थ्य केंद्र अर्जुनपुर में पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) से भी जवाब-तलब किया गया है। यह कार्रवाई भोपाल से आई टीम के निरीक्षण के दौरान अस्पताल और फील्ड स्तर पर मिली गंभीर खामियों को लेकर की गई है। अप्रैल में हुई थी गंभीर कुपोषित बच्ची की मौतयह पूरा मामला बीते अप्रैल माह का है। सुरांगी गांव निवासी विमला प्रजापति के दो बच्चे, सुप्रांशी और नैतिक, गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए थे। दोनों को इलाज के लिए पहले मझगवां और बाद में जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान सुप्रांशी की मौत हो गई थी, जिसके बाद राज्य स्तरीय टीम ने मझगवां पहुंचकर मामले की विस्तृत जांच की थी। जिला अस्पताल के लेबर रूम प्रभारी को भी नोटिसमासूम की मौत के मामले के अलावा अपर मिशन संचालक ने जिला अस्पताल के लेबर रूम की प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर को भी नोटिस थमाया है। उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। दरअसल, राज्य स्तरीय टीम ने 29 और 30 अप्रैल को जिला अस्पताल के लेबर रूम का औचक निरीक्षण किया था, जहां भारी अव्यवस्थाएं उजागर हुई थीं। बंद पड़े थे एसी, रेडियंट वॉर्मर चलाना नहीं जानता था स्टाफनिरीक्षण के दौरान टीम ने पाया था कि लेबर रूम में 13 टेबल के बीच लगे एसी बंद थे और न्यूबॉर्न केयर कॉर्नर भी अक्रियाशील (नॉन-फंक्शनल) था। नवजात शिशुओं के प्रबंधन में भारी लापरवाही मिली थी और नर्सिंग स्टाफ रेडियंट वॉर्मर तक का उपयोग करना नहीं जानता था। उपकरणों और दीवारों पर धूल जमी हुई थी। इसके अलावा एक प्रसूता को प्रसव के बाद 48 घंटे तक बिना वजह लेबर रूम में ही रखे जाने की बात भी सामने आई थी।
गाजियाबाद के सिहानीगेट थाना पुलिस और स्वाट टीम ने चेन लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। देर रात लोहियानगर स्थित हमदर्द ग्राउंड के पास पुलिस ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो दो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे आरोपी को करीब 400 मीटर दूर घेराबंदी कर दबोच लिया गया। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन ने बताया कि घायल आरोपियों की पहचान मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के बौंद्रा गांव निवासी आमिर पुत्र मीना खान और सरधना थाना क्षेत्र के झिटकरी गांव निवासी संजय सैनी उर्फ सिवा के रूप में हुई है। वहीं तीसरा आरोपी मोनू वर्मा पुत्र राकेश वर्मा, निवासी होली चौक, किठौर (मेरठ) को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। लूट का सामान और हथियार बरामदपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, चार कारतूस, लूटी हुई सोने की चेन, मंगलसूत्र, सोने के टुकड़े, 4500 रुपये नकद और एक बाइक बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को निशाना बनाते थे और मेरठ व गाजियाबाद में 30 से अधिक लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। लूटे गए सोने के जेवरात वे मोनू वर्मा को कम कीमत पर बेच देते थे। एक महीने पहले महिला से छीना था मंगलसूत्र आरोपियों ने पुलिस को बताया कि करीब एक माह पहले गोविंदपुरम क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला से मंगलसूत्र लूटा था। बाद में उसे मोनू वर्मा को बेच दिया गया था। एसीपी जियाउद्दीन के अनुसार, गिरफ्तार दोनों लुटेरों के खिलाफ लूट समेत विभिन्न धाराओं में आठ-आठ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा आज, गुरुवार (4 जून) को अपने गृहक्षेत्र और पानीपत ग्रामीण विधानसभा के लोगों की शिकायतों तथा समस्याओं का निवारण करने के लिए एक विशेष जनता दरबार का आयोजन कर रहे हैं। इस जनता दरबार में पानीपत जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे, ताकि जनता की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निपटारा किया जा सके। शिक्षा मंत्री का यह जनसुनवाई कार्यक्रम सेक्टर 13-17 स्थित BJP जिला कार्यालय श्याम कमल में आयोजित किया जा रहा है। गृहक्षेत्र में सीधे संवाद करेंगे मंत्री कैबिनेट मंत्री बनने के बाद महिपाल ढांडा लगातार अपने क्षेत्र की जनता से जुड़े रहने और उनके मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज गुरुवार को आयोजित होने वाला यह जनता दरबार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें पानीपत ग्रामीण और शहरी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोग बिजली, पानी, सड़क, सफाई, परिवार पहचान पत्र (PPP), और शिक्षा से जुड़ी अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचेंगे। शिक्षा मंत्री खुद एक-एक करके लोगों की समस्याएं सुनेंगे। चूंकि शिकायतें सीधे तौर पर प्रशासनिक विभागों से जुड़ी होती हैं, इसलिए सरकार के निर्देशों पर जिले के तमाम विभागों के बड़े अधिकारी (जैसे बिजली निगम, नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि) इस दौरान वहीं मौजूद रहेंगे। मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भाजपा कार्यालय श्याम कमल में सुबह से ही कार्यकर्ताओं और आम जनता के जुटने की उम्मीद है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि जनता दरबार में आने वाली ऐसी शिकायतें जिनका समाधान तुरंत संभव है, उन्हें मौके पर ही निपटाया जाए और जिन समस्याओं में नीतिगत फैसले की जरूरत है, उनकी फाइलें तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाए। जनता दरबार के जरिए आम लोगों को अपनी बात सीधे सरकार और प्रशासन के सामने रखने का एक बड़ा मंच मिलेगा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दावा किया है कि मानसूनी हवाएं आज शाम 7 से 8 बजे के बीच केरलम में एंट्री कर सकती हैं। इसके लिए हालात अनुकूल होते जा रहे हैं। केरलम के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर अगले 7 दिन भारी बारिश हो सकती है। पहले मानसून के 26 मई को केरलम पहुंचने का अनुमान था, लेकिन इस तय तारीख से 9 दिन लेट हो गया है। आमतौर पर 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। इधर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। इन राज्यों के कई जिलों में 50 से 70kmph की रफ्तार से आंधी चल सकती है। हालांकि, देश के कई राज्यों में अभी भी गर्मी कम नहीं हुई है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में तापमान 40C से ऊपर बना हुआ है। 24 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और तेलंगाना समेत 24 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ओडिशा में चार दिन तक गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। वहीं राजस्थान, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश, ओले गिरने और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में भी दो दिन के लिए यलो अलर्ट है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 5 जून: 6 जून: राज्यों से मौसम की खबरें… 1. राजस्थान: 9 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट; डूंगरपुर में ओले गिरे, बीकानेर में सबसे ज्यादा गर्मी नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के बनने से राज्य में बुधवार से फिर आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया। इस सिस्टम के असर से उदयपुर में बरसात हुई। डूंगरपुर में ओले गिरे। हालांकि सबसे ज्यादा गर्मी बीकानेर में रही। यहां तापमान 43 डिग्री के ऊपर रहा। गुरुवार को 9 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पढ़ें पूरी खबर… 2. मध्य प्रदेश: 39 जिलों में प्री-मानसून बारिश; उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में ओले गिर सकते हैं प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री 20 जून के बाद होगी, लेकिन प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। गुरुवार को 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। इनमें से उज्जैन, ग्वालियर, सागर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर में 60kmph की रफ्तार से आंधी चल सकती है। पढ़ें पूरी खबर… 3. उत्तर प्रदेश: 42 जिलों में बारिश का अलर्ट; गर्मी भी बरकरार, 42C के साथ बस्ती सबसे गर्म यूपी में 10 दिनों से आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में बादल छाए हैं। गुरुवार को भी 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 60 से 80kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने की भी आशंका है। अनुमान है कि 18 से 20 जून तक यूपी में मानसून पहुंच जाएगा। पढ़ें पूरी खबर… 4. बिहार: 6 जिलों में हीटवेव का अलर्ट, 8 जून तक कई जिलों में बने रहेंगे लू के हालात प्रदेश के 6 जिलों बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गयाजी, सासाराम में आज हीटवेव का यलो अलर्ट है। इन जिलों में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। बिहार में फिलहाल पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से गर्म हवा चल रही है। इसकी वजह से दिन में तापमान लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 40.6 डिग्री के साथ बक्सर सबसे ज्यादा गर्म रहा। पढ़ें पूरी खबर… 5. झारखंड: 16 जिलों में बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी राज्य में प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और लोकल वेदर सिस्टम के असर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 6. हरियाणा: 10 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी एक्टिव; रोहतक-सिरसा सबसे गर्म प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहेगा। कुछ जिलों में 40 से 50kmph की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि गर्मी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। बीते 24 घंटों में रोहतक सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 42.1C दर्ज किया गया। पढ़ें पूरी खबर… 7. पंजाब-चंडीगढ़: आंधी-बारिश का अलर्ट, हीटवेव से राहत, लेकिन गर्मी बढ़ी मौसम विभाग ने 6 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट ऑरेंज जारी किया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60kmph रह सकती है, जबकि इसके बाद मौसम ड्राई रहेगा। अभी हीटवेव से राहत बनी रहेगी। सभी जिलों में तापमान 35 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर… 8. हिमाचल प्रदेश: तूफान का अलर्ट, तेज हवाएं चलेंगी; ओले गिरने की भी आशंका प्रदेश में अगले छह दिन तक मौसम बदला रहेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश, आंधी, तूफान और ओले गिरने की आशंका है। कई भागों में 50 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है। यहां तेज बारिश के साथ तूफान की आशंका जताई गई है। पढ़ें पूरी खबर…
खरगोन शहर के जैतापुर और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 11 केवी जैतापुर फीडर पर अति आवश्यक सुधार कार्य किया जाना है। इसके चलते सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक 20 से अधिक कॉलोनियों और व्यावसायिक इलाकों में बिजली गुल रहेगी। खरगोन शहर विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि यह रखरखाव कार्य बिजली लाइनों की सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए आवश्यक है। जैतापुर से सनावद रोड प्रेमनगर तक का क्षेत्र काफी बड़ा है। इसलिए सुधार कार्य की व्यापकता को देखते हुए मेंटेनेंस के समय में कमी या बढ़ोतरी भी की जा सकती है। जैतापुर सहित इन प्रमुख कॉलोनियों में रहेगा असरइस कटौती से जैतापुर के अलावा साकेतनगर, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड, रेवा न्यास, बालाजी नगर, नागेश्वर कॉलोनी, कमलानगर, गायत्री नगर और बजरंग नगर मुख्य रूप से प्रभावित होंगे। इसके साथ ही माली मोहल्ला, ब्रज धाम कॉलोनी, गणेश मंदिर, हरि सेठ बाडी कॉलोनी, ऑटोमोबाइल कार शोरूम एरिया और बंगला कॉलोनी में भी लाइट नहीं रहेगी। नवकांत विहार, छत्रपति शिवाजी, प्रभुकृपा, रॉयल टाउनशिप, ब्रजभूमि कॉलोनी, नक्षत्र गार्डन, डीमार्ट एरिया, पुलिस कॉलोनी और द्वारिकाधाम सहित अन्य क्षेत्रों की आपूर्ति भी बाधित रहेगी। रहवासियों से अपील की गई है कि वे समय से पहले अपने जरूरी काम निपटा लें।
बालाघाट नगरपालिका क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। शहर के कई वार्डों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। इसी बीच, बावनथड़ी कॉलोनी के निवासियों को सीएम हेल्पलाइन में पेयजल की शिकायत करना पड़ रहा है। आरोप है कि नगरपालिका का जलप्रदाय विभाग शिकायत वापस लेने तक नल कनेक्शन नहीं देने का दबाव बना रहा है। बावनथड़ी कॉलोनी के निवासी पिछले 15 दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बुधवार देर शाम विधायक अनुभा मुंजारे उनसे मिलने पहुंचीं। रहवासियों ने विधायक को नगरपालिका और जल संसाधन विभाग दोनों की लापरवाही से अवगत कराया। विडंबना यह है कि वैनगंगा नदी के किनारे बसी इस कॉलोनी के लोगों को ही पानी नहीं मिल पा रहा है। निवासियों ने शिकायत की कि उन्हें नगरपालिका के नल और जल संसाधन विभाग के पंप से भी पानी नहीं मिल रहा है। 15 दिन से पानी संकट झेल रहे लोग गौरतलब है कि नगरपालिका में भाजपा को दो वक्त पानी उपलब्ध कराने के वादे पर सत्ता मिली थी। तत्कालीन भाजपा नगरपालिका अध्यक्ष ने नगरवासियों को दो वक्त पेयजल का भरोसा दिलाया था। हालांकि, नदी के पास स्थित बावनथड़ी कॉलोनी हर साल गर्मियों में कई दिनों तक प्यासी रहती है। इसी शिकायत के बाद विधायक अनुभा मुंजारे निवासियों से मिलने पहुंची थीं। बैठक के दौरान, निवासियों ने अपनी पेयजल संबंधी समस्याएं विस्तार से बताईं। शहनाज खान नामक एक महिला निवासी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका कर्मचारी उन्हें सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत वापस लेने के लिए रोजाना परेशान करते हैं, यह कहते हुए कि शिकायत वापस लेने के बाद ही उन्हें नल कनेक्शन मिलेगा। एक अन्य महिला ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वार्ड में पानी की भारी किल्लत है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 24 घंटे के अंदर पानी देने की मांग विधायक अनुभा मुंजारे ने निवासियों की समस्याओं पर नगरपालिका परिषद और जल संसाधन विभाग के एसडीओ से दूरभाष पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड में पानी की समस्या का समाधान 24 घंटे के भीतर किया जाए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चंडीगढ़ में एक बुजुर्ग महिला साइबर ठगों के जाल में फंसकर 49.91 लाख रुपए गंवा बैठी। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पुराने भाषण को एआई तकनीक से बदलकर तैयार किए गए डीपफेक वीडियो के जरिए उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। यूएस-ईरान युद्ध के दौरान निवेश करने पर अधिक रिटर्न मिलने का लालच देकर आरोपियों ने उनसे कुल 49.91 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत मिलने के बाद चंडीगढ़ साइबर सेल ने बुधवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए महिला कैसे हुई ठगी का शिकार:- बढ़ रहे हैं निवेश और डीपफेक ठगी के मामले साइबर सेल के अनुसार, चंडीगढ़ और ट्राइसिटी क्षेत्र में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पहले ठग खुद को सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराते थे, जबकि अब एआई आधारित फर्जी वीडियो और निवेश योजनाओं का सहारा लेकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में सेक्टर-47 के एक बुजुर्ग दंपती से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.25 करोड़ रुपए की ठगी का मामला भी सामने आया था।
सिरसा शहर के ऑटो मार्केट स्थित ब्लू बैरी होटल में देह व्यापार मामले में होटल संचालक प्रिंस की पत्नी के बाद महिला यूटयूबर ने भी अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आज बुधवार को जिला फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई होनी है। सुनवाई के बाद पता चलेगा कि जमानत मिलेगी या नहीं। इससे पहले होटल संचालक प्रिंस की पत्नी नीतू अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इसे लेकर जिला कोर्ट ने उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रिंस होटल का मालिक है और आप उसमें पार्टनर हो। प्रिंस इसमें मेन आरोपी है। पति-पत्नी दोनों पर आरोप है कि देह व्यापार करवा रहे थे। इस खबर के अपडेट किया जाएगा। महिलाओं ने सिरसा में आकर पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाए थे कि वे अनुसूचित जाति है और पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं रही। मामले में पुलिस ने एससी-एसटी की धाराएं भी जोड़ दी है। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दाबिश दी जा रही है और जल्द पकड़ लिया जाएगा। पीड़ित महिला ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से हैं और उसे जातिसूचक गालियां दी गई, वो धाराएं नहीं जोड़ी और 15-20 दिन में पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई है। इसी पर महिलाओं ने महिला आयोग में शिकायत देने व अध्यक्ष से मिलने की बात कही है। इससे मामला और बढ़ सकता है। अब जानिए… पूरा मामला पंजाब के अबोहर निवासी महिला के अनुसार, वह 8 से 9 महीने पहले वह प्रिंस और नीतू अरोड़ा से मिली थी। इनका सिरसा में ब्लू बैरी नाम से होटल है। उन्हें होटल में खाना बनाने और सफाई करने के लिए लड़कियों की जरूरत है। कहा गया कि खाना बनाने वाली लड़की को 15 हजार रुपए प्रतिमाह और सफाई करने वाली लड़की को 12 हजार रुपए प्रतिमाह सैलरी दी जाएगी। होटल मालिक ने संबंध बनाए पीड़ित महिला ने बताया कि वह दिल्ली की रहने वाली दूसरी महिला के साथ मिलकर होटल में काम करने के लिए चली गईं। दो-तीन महीने तक किसी ने उनसे कुछ नहीं कहा। फिर प्रिंस अरोड़ा ने उन दोनों से जबरन शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही प्रिंस पैसे कमाने के लिए दूसरे लोगों को होटल बुलाने लगा और उनसे देह व्यापार करवाने लगा। होटल कर्मी अरुण ने भी शोषण करना शुरू कर दिया। होटल से भागकर पहुंची थी थाने उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह जान बचाकर होटल से भागकर थाने पहुंची और एसपी से भी मिली। गत वीरवार 13 तारीख को पुलिस ने बयान दर्ज कर मेडिकल करवाया और अभी उनको सुरक्षा के लिए भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रिश्वत मांगने के मामले में 2 एसआई सस्पेंड हुए हैं। पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू ने एक महिला को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया। आरोप है कि छोड़ने के लिए बेटी से 50 हजार की डिमांड की थी। घूस मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद SSP ने तुलसीराम साहू और साथ देने वाले खुर्सीपार में पदस्थ देव लाल साहू को निलंबित कर रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया है। बेटी का आरोप है कि साइबर क्राइम वालों ने भी उससे 2 लाख मांगे थे। वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, पुरानी भिलाई थाना में दर्ज केस (क्रमांक 288/2026, एनडीपीएस एक्ट) से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष से कथित रूप से पैसों की मांग किए जाने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शुरुआती जांच में वायरल ऑडियो के आधार पर दोनों अधिकारियों की मिलीभगत पाई गई। SI तुलसीराम साहू ने रिश्वत मांगी और खुर्सीपार में पदस्थ SI देव लाल साहू ने भी साथ दिया। जो कि विभागीय नियमों के विपरीत होने पर SSP विजय अग्रवाल ने निलंबन की कार्रवाई की। सीनियर अधिकारियों तक पैसे पहुंचाने का आरोप जसबीर ने दावा किया है कि, उसने संबंधित बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी है। SI ने बातचीत के दौरान यह भी कहा था कि, कुछ रकम सीनियर अधिकारियों तक पहुंचानी होगी। महिला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित जगहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। महिला ने यह भी दावा किया कि जिस मोबाइल फोन के आधार पर उसे बुलाया गया था, उससे संबंधित कागजात और अन्य जानकारी उसके पास मौजूद है। 3 दिन में मांगी गई रिपोर्ट दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। छावनी नगर पुलिस अधीक्षक को 3 दिन के अंदर शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। ……………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बलरामपुर CMO ने पार्षदों को कहा कुत्ता, ऑडियो वायरल: कहा- मेरा ट्रांसफर कराने की औकात नहीं, अधिकारी बोले- मेरी आवाज नहीं, AI जनरेटेड छत्तीसगढ़ के बलरामपुर नगर पालिका परिषद के CMO प्रणव राय का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है। आरोप है कि उन्होंने पार्षदों को कुत्ता कहा। साथ ही, जनप्रतिनिधियों को खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि मेरा ट्रांसफर कराने की इनकी ‘औकात’ है। पढ़ें पूरी खबर…

