आलीराजपुर जिले के सोरवा क्षेत्र के जंगलों में बड़े पैमाने पर चल रहे एक संगठित अवैध रेत खनन के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। मुखबिर की सूचना पर प्रशासनिक टीम ने अचानक छापा मारकर मौके से एक करोड़ रुपए के पोकलैंड, जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर जब्त किए हैं। रेत माफिया ने करीब 10 एकड़ जमीन पर फैले एक खेत को ही अवैध रूप से रेत बनाने की फैक्ट्री में तब्दील कर दिया था। मिट्टी को पानी में धोकर तैयार की जा रही थी रेत जांच के दौरान पता चला है कि स्थानीय जमीन मालिक पिछले कई महीनों से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। इस सुनियोजित खेल में पहले बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जाती थी, फिर उसे पानी से भरे गड्ढों में डाला जाता था। इसके बाद जेसीबी की मदद से मिट्टी को धोकर रेत तैयार होती थी, जिसे ट्रैक्टरों के जरिए बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। एसडीएम और खनिज अधिकारी की मौजूदगी में छापा इस बड़ी कार्रवाई के दौरान एसडीएम निधि मिश्रा, खनिज अधिकारी तपिश पांडे, तहसीलदार और सोरवा थाना प्रभारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों की टीम ने पूरे 10 एकड़ क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया और अवैध काम में लगी सभी गाड़ियों और मशीनों को सील कर दिया। बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच में जुटा प्रशासन जंगल के बीच इतने बड़े स्तर पर महीनों से चल रही इस अवैध फैक्ट्री ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि यह अवैध खनन कब से चालू था और इस खेल के पीछे कौन-कौन से रसूखदार लोग या बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जब्त मशीनों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सीकर के खाटूश्यामजी में 26 मई को युवक करण कुमावत पर हुए हमले के मामले में आज पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज शाम को धरने पर बैठे लोगों ने मशाल जुलूस निकाला। जो कलेक्ट्रेट के बाहर धरना स्थल से रवाना होकर कल्याण सर्किल,तापड़िया बगीची होते हुए वापस धरना स्थल पहुंचा। मशाल जुलूस के दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस में शामिल शिवभगवान ने बताया कि 26 मई को युवक करण कुमावत पर जालनेवा हमला हुआ था। इस घटना के बाद हमने एसपी को ज्ञापन दिया और 1 जून को खाटूश्यामजी में 3 घंटे तक सांकेतिक भी दिया। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने के चलते 5 दिन पहले सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना शुरू किया। लेकिन पुलिस अभी तक मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आज हमारे प्रतिनिधि मंडल के द्वारा प्रदेश के गृहमंत्री जवाहर सिंह से भी मुलाकात की गई। तब उन्होंने भी आश्वासन दिया कि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारकर लिया जाएगा। जब भी मामले को लेकर सीकर एसपी प्रवीण नायक से बात करते हैं तो वह एक ही जवाब देते हैं कि चार टीम लगी हुई है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन कई आरोपी अभी फरार हैं। ऐसे में अब हमें पुलिस पर भरोसा रहा ही नहीं है। जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक धरना जारी रहेगा। आरोपी को सपोर्ट करने वाले को पकड़ा हालांकि आज सीकर की खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने युवक करण कुमावत से मारपीट के मामले में फरार चल रहे आरोपी राकेश जांगिड़ को सपोर्ट करने वाले आरोपी सुभाष बिदावत को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद आरोपी सुभाष घटना के मुख्य आरोपी राकेश जांगिड़ को अपनी बाइक से गोविंदगढ़ तक छोड़कर आया और अपने मोबाइल से उसकी परिचित लोगों से बात करवाई। इसके अलावा अपने फोन पे पर पैसे मंगवा कर राकेश को दिए। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में भी बताया।
मिर्जापुर में 16 जून से बंद होंगे पांच पान्टून पुल:लोक निर्माण विभाग ने जारी की सूचना
मिर्जापुर। गंगा नदी पर बने पांच पान्टून पुलों का संचालन 15 जून तक ही किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) मिर्जापुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है। विभाग की व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मानसून और नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए 15 जून के बाद इन पुलों को हटा दिया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 16 जून से जनपद के सभी पांच पान्टून पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद हो जाएगा। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि गंगा नदी पर बने इन पान्टून पुलों से हजारों लोग आवागमन करते हैं। हालांकि, बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें हटाना आवश्यक होता है। जिन पान्टून पुलों का संचालन 16 जून से बंद किया जाएगा, उनमें मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पान्टून पुल, गौरा परमानपुर एवं सेमराधनाथ धाम के बीच गंगा नदी पर बना पान्टून पुल, चील्ह-गोपीगंज मार्ग से हरसिंहपुर घाट होते हुए मां विंध्यवासिनी धाम को जोड़ने वाला पान्टून सेतु, कम्पनी घाट से कोल्हुआ के बीच गंगा नदी पर बना पान्टून पुल और मिर्जापुर-भटौली-जमुनहिया-नेवढ़िया घाट मार्ग पर स्थित नेवढ़िया घाट पान्टून सेतु शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने आम जनता से अपील की है कि 16 जून के बाद इन पुलों का उपयोग न करें और आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। विभाग द्वारा निर्धारित तिथि के बाद पान्टून पुलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से छानबे और मझवां विधानसभा क्षेत्रों के उन ग्रामीणों को प्रभावित करेगी, जो रोजमर्रा के आवागमन के लिए इन अस्थायी पुलों का उपयोग करते हैं। विभाग ने नागरिकों से इस कार्य में सहयोग की अपेक्षा की है।
बाराबंकी के विकासखंड सिरौलीगौसपुर की ग्राम पंचायत महमूदाबाद में शुक्रवार को ग्राम रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कंपोजिट विद्यालय महमूदाबाद के सामने आयोजित चौपाल में राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने छोटे बच्चों को अन्नप्राशन कराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ चौपाल के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ वितरित किया गया। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत चयनित किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को उनके नए पक्के मकानों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी गईं। लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों को वितरित किए गए धान के बीज आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को उन्नत प्रजाति के धान के बीज भी वितरित किए गए। मंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि संबंधी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। विभागीय स्टॉल पर दी गई योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। योजनाओं से सीधे जोड़ने का प्रयास ग्राम रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना, उनकी समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को लाभकारी बताया।
उन्नाव में कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में डायल 112 पुलिस ने गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाकर मदद की। यह घटना शुक्रवार रात उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के नरी के पास शेखपुरा नदी के आगे अंश धर्म कांटे के निकट हुई। जानकारी के अनुसार, गदन खेड़ा बाईपास निवासी शिवम पाल (पुत्र हरि प्रसाद) अपने पिता को खाना देने के लिए बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर उनकी तेज रफ्तार बुलेट बाइक अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे एक कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार शिवम पाल सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, एंबुलेंस को सूचना देने के बावजूद वह करीब 40 मिनट तक मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे घायल युवक सड़क पर पड़ा रहा। घायल युवक की गंभीर हालत और एंबुलेंस की देरी को देखते हुए, डायल 112 के पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। इस त्वरित कार्रवाई से शिवम को समय पर उपचार मिल सका। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल शिवम पाल का उपचार शुरू किया। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई है। स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस के इस मानवीय और त्वरित कदम की सराहना की है, जिससे घायल युवक को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल पाई। पुलिस अधिकारियों ने भी अपने कर्मियों को आपात स्थितियों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
ललितपुर जिले में शुक्रवार शाम मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी और हवा के साथ लगभग 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। इस दौरान ग्राम गौना में एक बड़ा आम का पेड़ गिरने से सात वर्षीय किशोर घायल हो गया, जबकि एक गाय पेड़ के नीचे दब गई। यह घटना शाम करीब पांच बजे की है। ग्राम गौना निवासी सागर (7) पुत्र दशरथ अपने घर के बाहर लगे आम के पेड़ के नीचे गिरे आम बीन रहा था। तभी तेज आंधी के कारण विशालकाय पेड़ उस पर गिर गया। सागर की कमर में गंभीर चोट आई है। पास खड़ी एक गाय भी पेड़ के नीचे दब गई। ग्रामीणों ने तत्काल घायल सागर को पेड़ के नीचे से निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) बिरधा भेजा। वहां से उसे ललितपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने पेड़ की डालियां काटकर दबी हुई गाय को भी बाहर निकाला। तेज बारिश के कारण ललितपुर शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों पर मिट्टी फैलने से दलदल जैसी स्थिति बन गई। जखौरा, पाली, बिरधा, महरौनी, मड़ावरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश का असर देखा गया। आंधी और बारिश के चलते जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
बांदा में आरा मशीन से घायल मजदूर की जान बची:रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 4 घंटे चली जटिल सर्जरी
बांदा में एक भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर की जान रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने बचा ली है। चार घंटे तक चली एक जटिल सर्जरी के बाद मजदूर की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में मजदूर के सीने की तीन पसलियां, खाने की थैली (पेट का हिस्सा), तिल्ली और बड़ी आंत सहित कई आंतरिक अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जानकारी के अनुसार, बबेरू तहसील के ग्राम भदेहदू निवासी 49 वर्षीय कल्लू प्रजापति 2 जून को अपने गांव में एक पेड़ काट रहे थे। इसी दौरान पेड़ की एक भारी डाल उनके ऊपर गिर गई, जिससे वह हाथ से चलने वाली आरा मशीन सहित नीचे गिर पड़े। गिरने के दौरान आरा मशीन की चपेट में आने से उनके सीने और पेट के कई हिस्से गंभीर रूप से कट गए। परिजन और ग्रामीण कल्लू प्रजापति को तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बांदा लेकर पहुंचे। यहां सर्जरी विभाग के डॉ. आर.सी. अरुण और उनकी टीम ने लगभग चार घंटे तक लगातार ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई। ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, मरीज सामान्य रूप से भोजन, जूस और पानी भी ले रहा है। डॉ. आर.सी. अरुण ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से सर्जरी कर रहे हैं, लेकिन यह उनके करियर की सबसे जटिल सर्जरी में से एक थी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इसी प्रकार का ऑपरेशन किसी बड़े महानगर के निजी अस्पताल में कराया जाता तो लाखों रुपये खर्च हो सकते थे, जबकि मेडिकल कॉलेज में यह उपचार सरकारी शुल्क पर उपलब्ध कराया गया। इस चार घंटे लंबी सर्जरी में डॉ. आर.सी. अरुण के साथ डॉ. तन्मय अग्रवाल (एसआर), डॉ. यशराज छिल्लर (जेआर), डॉ. पुष्पम, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. पंकज, डॉ. विनीत और डॉ. अजीत सहित पैरामेडिकल एवं ओटी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बैतूल स्थित भैंसदेही तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रंभा अंतर्गत रिंग ढाना में शुक्रवार शाम भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 25 मकानों वाले इस ढाने में 8 मकान जलकर खाक हो गए हैं। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे लगभग 15 मकानों तक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, आग शाम करीब 8:15 बजे लगी। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। घटना के समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को विकराल रूप लेने में मदद की। कई घरों में रखा अनाज और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन संसाधनों के अभाव में आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर नगर परिषद भैंसदेही से फायर ब्रिगेड रवाना की गई। हालांकि, रिंग ढाना घटनास्थल से लगभग 35 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण रात 9 बजे तक दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका था। इस दौरान आग लगातार फैलती रही। राजस्व अमला मौके पर पहुंचाएसडीएम अजीत मरावी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर 8 मकानों के जलने की सूचना मिली है। राजस्व विभाग का अमला, तहसीलदार और अन्य अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन स्पष्ट हो पाएगा। गौरतलब है कि करीब एक पखवाड़े पहले भैंसदेही क्षेत्र के बर्रा ढाना में भी ऐसी ही भीषण आग लगी थी, जिसमें पूरा मोहल्ला जलकर खाक हो गया था। उस घटना से प्रभावित परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं कि क्षेत्र में आग की यह दूसरी बड़ी घटना सामने आई है।
रामपुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुकदमों में शुक्रवार को सुनवाई टल गई। इनमें एक मामला गवाह को धमकाने से संबंधित है, जबकि दूसरा नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी से जुड़ा है। दोनों मामलों में अब अगली सुनवाई अलग-अलग तारीखों पर होगी। गवाह को धमकाने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में होनी थी, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ सकी। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है। यह मुकदमा शहर के मोहल्ला बेरियान निवासी नन्हे ने 17 अगस्त 2022 को दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डूंगरपुर प्रकरण में आजम खां के खिलाफ गवाही देने के कारण कुछ लोगों ने उनके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आजम खां सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी प्रकरण में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम पर सोमवार को आरोप तय होने थे। हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को होगी। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में नगर पालिका की चोरी हुई सफाई मशीन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर से बरामद की गई थी। आरोप है कि मशीन को काटकर उसके टुकड़े गड्ढे में दबा दिए गए थे। विवेचना के उपरांत इस मामले में भी आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है, और यह मुकदमा एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में विचाराधीन है।
लखनऊ जनेश्वर मिश्र पार्क में भीषड़ गर्मी में खिल रहे हैं गुलाब। जून का महीना और तापमान 40 डिग्री के पार। इसके बाद भी गुलाब के फूल खिलखिला रहे हैं। जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित रोज गार्डेन में ये खूबसूरत नजारा देखें को मिल रहा है । 12 जून को राष्ट्रीय लाल गुलाब दिवस के रूप में मनाया जा जाता है। इस अवसर पर रोज गार्डेन में जुटे पर्यावरण प्रेमियों ने एलडीए के हॉर्टीकल्चर वर्क की जमकर तारीफ किया। लखनऊ विकास प्राधिकरण रोज गार्डेन में ‘द रेड रिवाइवल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें युवाओं, रचनाकारों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई। इस दौरान लोगों ने गुलाब की विभिन्न प्रजातियों की खूबसूरती को कैमरे में कैद किया। इस चिल्लाती हुई गर्मी में लोगों ने गुलाब के साथ वक्त गुजर कर सुकून की सांस लिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित यह रोज गार्डन देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन है। यहां 15 एकड़ क्षेत्रफल में गुलाब की 2200 से अधिक प्रजातियां और 10 हजार से अधिक पौधे रोपित किये गये हैं। विशेष बात यह है कि वैज्ञानिक सिंचाई और उद्यान प्रबंधन तकनीक की सहायता से भीषण गर्मी के मौसम में भी गुलाब की सुंदरता और गुणवत्ता को बनाए रखा गया है। कार्यक्रम में एलडीए के उद्यान अधिकारी शशि कुमार भारती ने लोगों को पौधरोपण व सिंचाई की आधुनिक तकनीकी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य है रोज गार्डेन का संरक्षण। साथ ही विभाग की ओर से पर्यावरण को बचाने की महिम भी चलाई जा रही है।
कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के कमासिन चौराहे पर शुक्रवार रात एक महिला ने चाट विक्रेता को चाकू मार दिया। महिला ने फुल्की खाने के बाद पैसे मांगने पर इस घटना को अंजाम दिया। हमले में चाट विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल विक्रेता को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वहीं, आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कमासिन निवासी 20 वर्षीय अनिल प्रतिदिन कमासिन चौराहे पर चाट का ठेला लगाता है। शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे एक महिला कुछ बच्चों और पुरुषों के साथ अनिल के ठेले पर पहुंची और फुल्की खाई। फुल्की खाने के बाद जब अनिल ने महिला से पैसे मांगे, तो महिला ने अपने झोले से चाकू निकालकर अनिल के पेट में वार कर दिया। इस हमले से अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अनिल को एम्बुलेंस से सिराथू सीएचसी अस्पताल भिजवाया। भीड़ ने आरोपी महिला और उसके साथ मौजूद लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला नशे की हालत में पाई गई। उसकी पहचान जालौन जिले की निवासी संगीता पत्नी अर्जुन के रूप में हुई है। पुलिस संगीता और उसके साथियों को थाने ले जाकर आगे की पूछताछ कर रही है। शाम के समय हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जिले के लालपुर गांव में जमीन के सीमाज्ञान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मौके पर पैमाइश करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम और पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामा इस कदर बढ़ा कि विरोध प्रदर्शन कर रही एक महिला मौके पर ही बेहोश हो गई। वहीं, पुलिस और विरोधी पक्ष के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो भी सामने आया है। बढ़ते तनाव और कम पुलिस बल को देखते हुए राजस्व टीम को बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे थे तहसीलदार जानकारी के अनुसार, लालपुर गांव में एक जमीन की सीमा तय करने के लिए तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीम के साथ पुलिस का जाब्ता भी तैनात था। लेकिन जैसे ही टीम ने जमीन नापने की प्रक्रिया शुरू की, दूसरे पक्ष के लोग वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने कार्रवाई का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। बहसबाजी के बीच महिला हुई बेहोश, टला बड़ा हादसा कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों में जमकर तीखी बहस हुई। इसी गहमा-गहमी और हंगामे के बीच विरोध जता रही एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला के बेहोश होते ही वहां हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगा है। वीडियो पुलिस बहस करते नजर आ रहे है। पुलिस महिला बेहोश हुई महिला को हॉस्पिटल ले जाने बात कह रही लेकिन लोग पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विरोधी पक्ष और पुलिसकर्मियों के बीच हुई आमने-सामने की बहस का किसी ने वीडियो बना लिया। जिसमें दोनों पक्षों के बीच हो रही तीखी नोकझोंक को साफ देखा जा सकता है। क्यों अधूरी छोड़नी पड़ी कार्रवाई मौके पर मौजूद तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि विरोध कर रहे लोगों की संख्या काफी अधिक थी और उस तुलना में पुलिस जाब्ता सीमित था। माहौल को बिगड़ता देख और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सीमाज्ञान की प्रक्रिया को बीच में ही स्थगित करने का फैसला लिया गया, जिसके बाद पूरी टीम बैरंग वापस लौट आई। क्या है जमीन का असली विवाद तहसीलदार महेंद्र मूंड के मुताबिक, यह विवाद दो भाइयों की पैतृक जमीन से जुड़ा है। दोनों भाइयों के बीच वर्षों पहले ही आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा और खाता विभाजन हो चुका था। इसके बाद एक भाई ने अपने हिस्से की जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी थी। बाद में उस जमीन को कुछ और खरीदारों ने खरीद लिया। अब वर्तमान खरीदार ने अपनी जमीन की सही सीमा तय करवाने (सीमाज्ञान) के लिए प्रशासन के पास आवेदन किया था। इसी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने जब टीम पहुंची, तो दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए हंगामा कर दिया।
उदयपुर शहर के अंदर और गांवों में आज ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन ग्रामीण क्षेत्र में शहर के पास चीरवा में ग्रामीणों ने शिविर का बहिष्कार कर दिया लेकिन बड़गांव एसडीएम ने गांव वालों की कुछ समस्याओं को उनकी सुनवाई में ही समाधान किया तो उसके बाद शिविर चला। इधर, नगर निगम में कमिश्नर ने शिविर में लापरवाही बरतने वाले दो कार्मिकों को सस्पेंड कर दिया तो यूडीए में पहले दिन 57 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बड़गांव क्षेत्र के चीरवा में ग्रामीण सेवा शिविर का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शिविर की सूचना समय पर नहीं दी गई और शिविर को तैयारी के साथ आयोजित किया जाए न कि औपचारिकताएं की जाए। विरोध की स्थिति के बीच एसडीएम मनसुख डामोर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सुना। डामोर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिविर में उनकी समस्याओं का हाथों हाथ निस्तारण किया जाएगा। इस बीच उन्होंने सफाई का विषय था हाथों हाथ डिस्पोजल करा दिया। ग्रामीणों ने बाहर हाइवे पर एक्सीडेंटल जोन को लेकर समस्याएं बताई तो एसडीएम ने नेशनल हाइवे की टीम बुलाई। टीम ने ग्रामीणों की बात सुनी और वे जो चाह रहे थे उसके अनुसार काम भी शुरू कर दिया। अन्य समस्याओं को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया। इसके बाद शिविर में कई राजस्व के काम निपटाए गए। एक खातेदार का नक्शा शुद्धिकरण का कार्य हाथों हाथ होने से चीरवा निवासी राजेश मेनारिया को राहत मिली। यूडीए पहुंचे प्रभारी मंत्रीउदयपुर जिले के प्रभारी मंत्री हेमंत मीणा ने शुक्रवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) परिसर में संचालित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा शिविर में पहुंचे लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। निरीक्षण के दौरान सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर, भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, निवर्तमान उपमहापौर पारस सिंघवी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव नागर ने शिविर को लेकर मंत्री को पूरी जानकारी दी। नगर निगम में पहले दिन सैकड़ो प्रकरण आएनगर निगम उदयपुर द्वारा शुक्रवार से शहरी सेवा शिविर का आगाज किया गया जिसमें पहले ही दिन सैकड़ो की संख्या में शहर वासी पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लिया।नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि शहरी सेवा शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को शहर में 156 स्थान पर कई समय से रोशनी नहीं होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी, शिकायत मिलने की तुरंत पश्चात ही विद्युत शाखा द्वारा 149 स्थान पर रोशनी उपलब्ध करवाई है। शिविर में नामांतरण के 10 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसी के साथ शिविर में 153 जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 129 आवेदन में दस्तावेज पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र जारी किए गए। शहर में स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था से संबंधित कुल 64 शिकायत दर्ज की गई जिसमें से 60 शिकायत का तुरंत निस्तारण करवाया गया। आयुक्त के अनुसार यह सभी कार्य त्वरित गति से किए गए हैं।15 जुलाई तक अनवरत आयोजित होगा शिविरनिगम आयुक्त खन्ना के अनुसार नगर निगम दीनदयाल उपाध्याय सभागार में राजकीय अवकाश को छोड़कर अन्य दिनों में 15 जुलाई तक प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक अनवरत शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शहरवासी अपने वंचित कार्य हेतु सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ शिविर में उपस्थित होवे जिससे उनके वंचित कार्य बिना किसी समस्या के संपन्न किए जा सके। लापरवाही पर 2 कार्मिकों को लिया निलम्बितआयुक्त अभिषेक खन्ना के निरीक्षण के दौरान पूछताछ केंद्र पर नियुक्त किए गए दो कार्मिक नदारद मिले जिस पर निगम आयुक्त खन्ना ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर दोनों कार्मिक यूडीसी पूजा माथुर और एलडीसी मोहम्मद जक्की को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
प्रदेश की राजधानी भोपाल से मंदसौर तक बनने वाले नए 4-लेन एक्सप्रेस-वे से नीमच जिले को बाहर कर दिया गया है। इस बात का खुलासा होते ही जिले की सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी कागज दिखाते हुए बीजेपी के सांसद और विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाहेती ने इसे नीमच के साथ एक 'ऐतिहासिक धोखा' करार दिया है। पहले बॉर्डर तक बनना था रोड, अब मंदसौर में ही थमा दिया तरुण बाहेती ने बताया कि यह नया फोरलेन रोड पहले भोपाल से शुरू होकर नीमच के नयागांव बॉर्डर तक जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे केवल मंदसौर तक ही सीमित कर दिया गया है। उन्होंने सीधे तौर पर क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता पर 'मंदसौर प्रेम' दिखाने और नीमच की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जिले के तीनों बीजेपी विधायकों दिलीप सिंह परिहार (नीमच), माधव मारू (मनासा) और ओमप्रकाश सकलेचा (जावद) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन नेताओं की चुप्पी और नाकामी की वजह से ही नीमच के हाथ से इतनी बड़ी विकास योजना निकल गई। 6 करोड़ का ठेका भी हो गया, सोते रहे नेता कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के 26 मई 2026 के एक ऑफिशियल लेटर (अनुबंध संख्या 1100/2026) का हवाला देते हुए बताया कि इस 258 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने के लिए भोपाल की एक कंपनी को ठेका भी दे दिया गया है। सरकार इस काम पर करीब 6 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बाहेती ने तंज कसा कि जब ये पूरी कागजी कार्रवाई चल रही थी, तब क्षेत्र के बीजेपी नेता गहरी नींद में सोए हुए थे। अब आर-पार की लड़ाई, नेताओं के घरों का होगा घेराव बाहेती ने नीमच के व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से अपील की है कि वे इस फैसले के खिलाफ एकजुट हों और 'मेडिकल कॉलेज जैसी आर-पार की लड़ाई' के लिए तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने रूट में बदलाव कर इस एक्सप्रेस-वे को नीमच सीमा से नहीं जोड़ा, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। इसके साथ ही सांसद और तीनों विधायकों का सामूहिक बहिष्कार कर उनके घरों का घेराव किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित एक भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस विकास प्रदर्शनी में कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, पर्यटन, पंचायती राज, मत्स्य, खादी व ग्रामोद्योग समेत शासन के तमाम प्रमुख विभागों ने अपनी लोक-कल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं के स्टॉल लगाए। मुख्यमंत्री ने यहाँ आयोजित जनकल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को खुद अपने हाथों से चेक, चाबियां और स्वीकृति पत्र सौंपे। फूड कार्ट लॉन्च, बनारसी व्यंजनों की लगी प्रदर्शनी इस विशेष आयोजन में सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत वाराणसी के प्रसिद्ध पारंपरिक स्वादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बनारसी लस्सी, ऐतिहासिक तिरंगा बर्फी, बनारसी लौंगलता और बनारसी पान के स्टॉल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'एक जनपद-एक व्यंजन' के अंतर्गत आधुनिक फूड कार्ट का फीता काटकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट और आम जनता को मिठाइयां भी बांटीं। स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे सीएम, लाभार्थियों को दिए 5 लाख तक के चेक सांस्कृतिक संकुल परिसर में आम जनता के लिए एक विशेष चिकित्सा शिविर भी लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे स्थानीय लोगों के पास जाकर उनसे बातचीत की और उनके इलाज व सुविधाओं का हालचाल जाना। इसके बाद आयोजित मुख्य मंच कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों कई लाभार्थियों के चेहरों पर मुस्कान आई, जिन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत सीधे आर्थिक मदद और प्रमाण पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिले चेक, कार्ड और सिलाई मशीनें योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित लाभार्थियों को मंच से सम्मानित किया: प्रमिला देवी, राजू और दीपक बरनवाल (स्ट्रीट वेंडर): इन तीनों पथ विक्रेताओं को मुख्यमंत्री ने आधिकारिक 'पथ विक्रय प्रमाण पत्र' सौंपा, जिससे वे सम्मान के साथ अपना रोजगार चला सकें। बेबी मौर्या (पीएम स्वनिधि योजना): व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने इन्हें 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। कन्हैया (पीएम स्वनिधि योजना): इन्हें डिजिटल लेनदेन और वित्तीय मजबूती के लिए क्रेडिट कार्ड सौंपा गया। रोशनी कुमारी (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान): नए स्टार्टअप और उद्योग के लिए इन्हें 5 लाख रुपये का बड़ा चेक दिया गया। याशिका सिंह (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान): युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्हें 2.50 लाख रुपये का चेक मिला। ललिता और खुशबू जायसवाल (विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना): इन दोनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सिलाई मशीन और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र सौंपे।
कटनी जिले के हीरापुर कौड़िया मार्ग पर चाकू की नोंक पर हुई लूट का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू बरामद कर लिया गया है। कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वेयरहाउस मोड़ के पास रास्ता रोककर की थी लूट एनकेजे थाना प्रभारी रूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार शाम को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम हीरापुर कौड़िया निवासी अभिषेक रजक ने 11 जून की रात थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभिषेक अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी नर्मदा वेयरहाउस मोड़ के पास मुंह पर सफेद गमछा बांधे तीन अज्ञात बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने अभिषेक को चाकू दिखाकर डराया-धमकाया, उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल और बाइक छीनकर फरार हो गए थे। साइबर सेल की मदद से पकड़ाया मुख्य आरोपी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मुखबिरों को सक्रिय किया और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही गुलशन चौधरी (निवासी गाताखेड़ा) को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर गुलशन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अपने दो अन्य साथियों करन रैकवार और दीपांशु सेन के नाम बताए, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। 1.12 लाख का मशरूका और हथियार जब्त पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में गया सारा सामान बरामद कर लिया है। गुलशन चौधरी: इसके कब्जे से फरियादी से लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।दीपांशु सेन: इसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई उसकी खुद की बाइक और फरियादी से लूटा गया वीवो कंपनी का मोबाइल मिला।करन रैकवार: इसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू जब्त किया गया। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपए है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कटनी क में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है।
बिजनौर में शुक्रवार दोपहर गंगा में नहाते समय एक युवा लैब टेक्नीशियन की डूबने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ रावली क्षेत्र के पास गंगा स्नान के लिए गया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान मंडावर थाना क्षेत्र के मोहड़िया गांव निवासी 23 वर्षीय आशुतोष के रूप में हुई है। वह जिला अस्पताल बिजनौर में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, आशुतोष अपने पांच दोस्तों के साथ गंगा में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह सबसे आगे निकल गया और अचानक गहरे पानी में चला गया। तैरना नहीं आता था बताया गया है कि आशुतोष को तैरना नहीं आता था। गहरे पानी में जाने के बाद वह डूबने लगा और मदद के लिए आवाज लगाने लगा। उसके साथ मौजूद दोस्तों को भी तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे उसे बचाने के लिए नदी में नहीं उतर सके। दोस्तों के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे मजदूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद आशुतोष को बाहर निकाला। हालांकि, जब तक उसे नदी से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही मंडावर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंडावर थाना प्रभारी संजय तोमर ने घटना की पुष्टि की है। आशुतोष की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता राजपाल और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आशुतोष मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के विजय दिवस के अवसर पर गुरुवार को आगरा किले स्थित जहांगीर महल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और सुशासन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर पर्यटन विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा सूरजमल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, महाराजा सूरजमल के वंशज नेम सिंह फौजदार, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि महाराजा सूरजमल का जीवन साहस, सुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है तथा उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने कहा कि महाराजा सूरजमल का अद्वितीय शौर्य और राष्ट्रभक्ति भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और वीर परंपराओं से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए महाराजा सूरजमल के जीवन और संघर्षों को भी दर्शाया गया। इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, चौधरी उदयभान सिंह, हेमेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, रोहित कत्याल, पुरुषोत्तम फौजदार, विवेक धर्मेश, शिविर जैन, राजेंद्र सिंह चाहर, मोहन सिंह सोलंकी, सत्यपाल अत्री, दलवीर सिंह रावत, राजवीर भगोर, यादराम वर्मा, हरिओम चौधरी, विकास भारद्वाज, बजरंगी चौधरी, नंदी महाजन, कुंवर शैलराज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
संभल के दो चचेरे भाइयों की गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों मलिहाबाद से दशहरी आम लेकर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में दो अन्य युवक घायल भी हुए हैं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव घर पहुंच गए हैं। मृतक युवक संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला बरेली सराय के बंटी (28) पुत्र हरिशंकर और मुरादाबाद के पकवाड़ा थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर के राहुल (22) पुत्र मुरारी थे। बंटी अपने चचेरे भाई राहुल, पिकअप चालक अमर सिंह पुत्र हरिशंकर, अजय पुत्र विजय और एक अन्य युवक के साथ दो दिन पहले लखनऊ के मलिहाबाद दशहरी आम खरीदने गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे घर लौटते समय जनपद बदायूं के थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव बजमैरी में गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी पिकअप गाड़ी आगे चल रहे एक वाहन से टकरा गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बंटी और राहुल को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार शाम 6:30 बजे दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद संभल कोतवाली क्षेत्र के बरेली सराय स्थित उनके घर पहुंचे। मृतक बंटी के भाई नीरज ने बताया कि दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 11 बजे संभल के श्मशान घाट पर एक साथ किया जाएगा। बंटी परिवार में सबसे बड़ा था। उसकी पत्नी अमरवती और तीन वर्षीय बेटी माहिर व एक वर्षीय बेटे विनायक की परवरिश का जिम्मा अब परिवार पर आ गया है।
गाजीपुर में चर्चित विनीत राय हत्याकांड के आरोपी शंकर पांडेय को अवैध निर्माण मामले में एसडीएम कोर्ट से 15 जून तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने विनीत राय हत्याकांड के नामजद आरोपी शंकर पांडेय और मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद के भाई संजय बिंद के खिलाफ अवैध निर्माण के मामले में कार्रवाई शुरू की थी। जांच में सामने आया कि दोनों के मकान बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए हैं। 12 जून तक मांगा गया था जवाब मामले में एसडीएम सदर की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 12 जून तक आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। शुक्रवार को निर्धारित तिथि पर संजय बिंद की ओर से उनके अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में उपस्थित होकर आपत्ति दाखिल कर दी। शंकर पांडेय की ओर से नहीं पहुंचा कोई वहीं, फरार चल रहे आरोपी शंकर पांडेय की ओर से न तो कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया। इसे देखते हुए कोर्ट ने उन्हें अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 15 जून तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत दी है। जवाब नहीं मिला तो होगी अगली कार्रवाई एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 जून तक शंकर पांडेय की ओर से नोटिस का कोई जवाब या आपत्ति प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बढ़ा प्रशासनिक दबाव प्रशासन की इस कार्रवाई को विनीत राय हत्याकांड के आरोपियों पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें 15 जून पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि आरोपी की ओर से कोई जवाब दाखिल किया जाता है या फिर प्रशासन अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कार्रवाई करता है।
सलूम्बर के लसाड़िया ग्राम पंचायत बेडावल में 4 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और विधानसभा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। DMFT फंड से होंगे 1.5 करोड़ के काम इन विकास कार्यों में लगभग 2.50 करोड़ रुपए की लागत से जनजातीय आश्रम छात्रावास भवन का निर्माण प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से लगभग 1.50 करोड़ रुपए के अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे। कुल 4 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इन कार्यों से क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे जनजातीय अंचल के विकास को गति मिलेगी। मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जनजातीय आश्रम छात्रावास के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास सांसद मन्नालाल रावत ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। भाजपा नेता और धरियावद विधानसभा के विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा ने बताया कि बेडावल सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता बताया। मीणा ने जोर दिया कि जनजातीय आश्रम छात्रावास का निर्माण क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा और इन कार्यों से क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, उपप्रधान धनराज पटेल, मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह झाला, एसटी मोर्चा अध्यक्ष पूंजीलाल मीणा, लालूराम मीणा, उदयलाल मीणा, सोहन मीणा, नाथूलाल मीणा (कालिभित), विरम मीणा, नाथूलाल मीणा (देवलिया), लिम्बाराम मीणा, पंचायत समिति सदस्य धनराज मीणा और शंकर मीणा (शोभजी गुड़ा) सहित अन्य कार्यकर्ता और ग्रामीणजन मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अभियंताओं के साथ वाराणसी मंडल के विकास कार्यों की एक हाईप्रोफाइल समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सभी चालू परियोजनाओं को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए। बरसात से पहले प्रोजेक्ट्स पूरे करने का अल्टीमेटम मुख्यमंत्री ने मानसून के आगमन को देखते हुए अधिकारियों को विशेष हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं बरसात शुरू होने से पहले पूरी की जा सकती हैं, उन पर पूरा फोकस किया जाए ताकि बारिश के मौसम में आम जनता को जलभराव या टूटी सड़कों के कारण परेशानी न उठानी पड़े। बैठक में कमिश्नर और जिलाधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें कर निर्माण कार्यों की प्रगति की कड़ा मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। वाराणसी परिक्षेत्र में 7,175 करोड़ के काम; देखिए प्रगति रिपोर्ट समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा मुख्यमंत्री के सामने रखा। इस पूरे क्षेत्र में कुल 7,175 करोड़ रुपये लागत की 2,630 परियोजनाएं वर्तमान में संचालित हैं। इनमें से 687 कार्य शत-प्रतिशत पूरे हो चुके हैं, जबकि 542 परियोजनाओं का 90 फीसदी से ज्यादा काम मुकम्मल हो चुका है। सिर्फ वाराणसी जिले की बात करें तो यहां 3,223 करोड़ रुपये के 421 विकास कार्य गतिमान हैं। इनमें से 85 काम पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं और 158 प्रोजेक्ट्स का 90 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया गया है। बिना वेटिंग के लागू होगी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही टेंडर की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू हो जानी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की फाइल वेटिंग नहीं होनी चाहिए। सड़कों की मरम्मत से पहले उनका अनिवार्य रूप से प्री-सर्वे कराया जाए और नगरीय क्षेत्र की सड़कों को सुधारने का जिम्मा नगर निगम मुस्तैदी से संभाले। सीएम ने यह भी साफ किया कि इन योजनाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। यूनिटी मॉल और चंदौली कोर्ट कॉम्प्लेक्स के काम में तेजी लाने के निर्देश बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दो बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की जमीनी हकीकत भी जानी। अभियंताओं ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि चंदौली में बनने वाले इस भव्य कॉम्प्लेक्स का अब तक 18 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सीएम ने इसकी गुणवत्ता बनाए रखते हुए काम की गति बढ़ाने को कहा। वाराणसी में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे इस मॉल के निर्माण कार्य की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए गए ताकि इसे जल्द ही जनता को समर्पित किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत वाराणसी मंडल के कई विधायक और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी अब देश के सबसे बड़े वैज्ञानिक विमर्श की गवाह बनने जा रही है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में 13 और 14 जून को विज्ञान भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय इस महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र में 13 जून की सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह सत्र देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और राष्ट्रीय विकास से जुड़े भावी विमर्श की दिशा तय करेगा। देश-विदेश से जुटेंगे 1200 से अधिक दिग्गज इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में भारत सहित दुनिया के कोने-कोने से लगभग 1200 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस महाकुंभ में विज्ञान भारती के सदस्य, जाने-माने वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विभिन्न तकनीकी विषयों के विशेषज्ञ एक मंच पर नजर आएंगे। उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा विशिष्ट अतिथि और इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी मौजूद रहेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नैतिकता पर मंथन करेंगे पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा अधिवेशन के दूसरे दिन सबसे महत्वपूर्ण और समसामयिक विषय 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं नैतिकता' पर विशेष सत्र आयोजित होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव और पद्मश्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा इस सत्र का नेतृत्व करेंगे। इसमें तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता इस बात पर गहराई से विचार-विमर्श करेंगे कि समाज के हित में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उत्तरदायी और नैतिक उपयोग किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए। 'वन हेल्थ' और 'नेट जीरो' पर देश के शीर्ष थिंक टैंक बनाएंगे रणनीति विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा के मुताबिक, इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक और सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक चर्चा करके वैज्ञानिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना है। इसके लिए दो बड़े सत्र आयोजित होंगे: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर के नेतृत्व में चिकित्सा, स्वास्थ्य और अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञ इस विषय पर मंथन करेंगे। मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में सतत विकास और ऊर्जा संक्रमण (एनर्जी ट्रांजिशन) से जुड़े आयामों पर चर्चा होगी। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी होंगे शामिल अधिवेशन के दौरान प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल का विशेष उद्बोधन और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया है। संचालक समिति के सदस्य प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि इस मंच पर भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की मौजूदगी में होगा समापन इस दो दिवसीय आयोजन का समापन 14 जून को होगा। समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर और प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। विज्ञान भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री अंकित राय ने बताया कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने और 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
हिसार जिले के उकलाना में बालक नहर, राणा नहर और पाबड़ा नहर के अंतिम छोर (टेल) तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचाने की मांग को लेकर अग्रोहा क्षेत्र में किसानों द्वारा 8 जून से चलाया जा रहा धरना फिलहाल 21 जून तक स्थगित कर दिया गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने यह निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार किसान पिछले कई दिनों से तीनों नहरों के टेल क्षेत्रों में पर्याप्त पानी न पहुंचने से परेशान थे। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना दिया जा रहा था। 11 जून को अधीक्षण अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के साथ किसानों की विस्तृत वार्ता हुई। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि आगामी नहरबंदी के दौरान नहरों की समुचित सफाई करवाई जाएगी तथा इसके बाद बालक, राणा और पाबड़ा नहरों में अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। कार्रवाई नहीं होने पर फिर होगा आंदोलन अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने आपसी सहमति से धरना 21 जून तक स्थगित करने का निर्णय लिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को फिर से शुरू करने पर विचार किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित किसान मजदूर संघर्ष समिति की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति के सदस्य अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के भिवानी में प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान किसानों की ओर से तीनों नहरों में लगातार दो सप्ताह तक पानी छोड़े जाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। बैठक में ये किसान रहे शामिल बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि नहरी पानी की कमी के कारण क्षेत्र के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में टेल क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में राजेंद्र मिल, कामरेड सुरेश कुमार, जगदीश सहारन, समुद्र नंबरदार, सुरेंद्र मलिक, धूप सिंह मलिक, राजकुमार प्रचार, सुधीर मदेरणा, रमेश मंजू, ब्रह्म प्रकाश मलिक, राम प्रताप सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसान नेताओं ने उम्मीद जताई कि सिंचाई विभाग अपने आश्वासन पर अमल करते हुए जल्द नहरों की सफाई करवाएगा और टेल क्षेत्रों तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
टीकमगढ़ के प्रसिद्ध धजरई त्रिदेव हनुमान मंदिर में चल रहे साकेत महोत्सव का शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। इस दौरान निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष और धीर समीर वृंदावन के महंत मदनमोहन दास महाराज ने व्यास पीठ से संतों की महिमा का सुंदर बखान किया। संतों का उत्सव मनाने वालों को मिलता है श्रीकृष्ण का सानिध्य महंत मदनमोहन दास महाराज ने पूज्य त्यागी जी महाराज का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि भगवान इस धरती पर महान संतों को भेजकर अनंत जीवों का कल्याण करते हैं और सनातन धर्म की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने भक्तों से कहा कि जो श्रद्धालु संतों के उत्सव में शामिल होते हैं, उन्हें निश्चित रूप से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा और सानिध्य प्राप्त होता है। मूसलाधार बारिश भी नहीं रोक पाई भक्तों के कदम कथा के दौरान जब महंत जी ने श्री सुदामा जी का पावन और भावुक कर देने वाला चरित्र सुनाया, तो पंडाल में मौजूद हर आंख नम हो गई। इसके बाद जब उन्होंने मीठो मीठो यमुना जी को पानी लागे भजन गाना शुरू किया, तो पंडाल में उपस्थित जनसैलाब भाव-विभोर हो उठा। बाहर मूसलाधार बारिश होती रही, लेकिन भक्त पूरी तन्मयता से पंडाल के अंदर झूमते और नाचते रहे। 13 जून को भंडारा होगा बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने बताया कि कथा के औपचारिक विश्राम के बाद, अब 13 जून को गो लोकवासी हरिदास त्यागी जी महाराज की मुख्य पुण्यतिथि के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस भंडारे की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं- यह भंडारा सुबह 7 बजे से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक लगातार चलेगा। भंडारे की मुख्य विशेषता यह रहेगी कि मंदिर के सामने वाले मुख्य मार्ग (हाईवे) से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को रोककर, राहगीरों को पूरे आदर-सम्मान के साथ बैठाकर भोजन प्रसादी ग्रहण कराई जाएगी।
फेसबुक पर फर्जी सरकारी विज्ञापन दिखाकर जोधपुर के एक युवक से 28 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगी की शुरुआत 23 फरवरी से हुई थी। मामला साइबर थाना पुलिस का है। मामले में साइबर पुलिस ने बैंक कर्मचारी जयवीर और निखिल को को गिरफ्तार किया है। दोनों को दिल्ली से हिरासत में लिया था। ये लोग ग्रुप बनाकर प्रॉफिट का झांसा देते और ठगी करते थे। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार किया और शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। डेढ़ महीने में 28 लाख रुपए इन्वेस्टमेंट किएसाइबर थाना पुलिस के थानाधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि जोधपुर के अतुल भूतड़ा ने 5 अप्रैल को रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया कि उसने फेसबुक पर फाइनेंस मिनिस्ट का एक विज्ञापन देखा था, जो दिखने में असली लग रहा था। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक किया तो 23 फरवरी को फिरोज खान नाम के व्यक्ति ने टेलीग्राम से मुझे कॉन्टैक्ट किया और खुद को मिरर एक्स कंपनी का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद इन्वेस्टमेंट के नाम अच्छा रिटर्न देने की बात कही। करीब डेढ़ महीने तक अतुल ने 28 लाख रुपए इन्वेस्टमेंट किए। जब रुपए लेने की बात आई तो अलग-अलग कारण बताने लगे। दिल्ली से दोनों को किया गिरफ्तार थानाधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि मामला सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के निर्देश पर टीम बनाई गई। टीम में शामिल थानाधिकारी सुरेश सारण, एएसआई राजेश कुमार और हेड कॉन्स्टेबल रामदलया दिल्ली पहुंची। इसके बाद निखिल शर्मा और उज्जीवन फाइनेंस बैंक के सेविंग अकाउंट मैनेजर जयवीर को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी ने बताया कि जब निखिल शर्मा से पूछताछ की तो उसलने बताया कि उसका सेविंग अकाउंट जयवीर ने खुलवाया था। इसके बाद ये लोग ठगी के रुपए इन अकाउंट में डलवाते। बैंक में काम करने की वजह से बड़ी राशि आसानी से निकल जाती थी। इसके बदले जयवीर को कमीशन भी मिलता था। उन्होंने बताया कि इस गिरोह में एक बदमाश और शामिल है, जिसकी तलाश की जा रही है।
बांधवगढ़ में बाघ का हमला, महिला की मौत:पनपथा कोर परिक्षेत्र में हुई घटना, झलवार गांव निवासी थीं
उमरिया। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर परिक्षेत्र में बाघ के हमले से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब महिला जंगल में महुआ की गोही बीनने गई थी। झाड़ियों से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। मृतका की पहचान झलवार गांव निवासी फूल बाई (52) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। शव को अमरपुर अस्पताल भिजवाया गया, जहां शनिवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। महिला के परिवार के पति और दो बेटे एक बेटी है। एक बेटी एक बेटा की शादी हो गई है। पनपथा कोर परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पाटले ने प्रारंभिक जांच में बाघ के हमले से महिला की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और मामले की जांच जारी है। यह जून महीने में बाघ के हमले से मौत की पहली घटना बताई जा रही है।
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में वाहन खड़ा करने को लेकर हुए विवाद ने एक ट्रक ड्राइवर की जान ले ली। मामूली कहासुनी के बाद हुई मारपीट में घायल ट्रक ड्राइवर की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी हाईवा ड्राइवर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार घटना 10 जून 2026 की है। दुर्ग-रायपुर मार्ग स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा के पास ट्रक क्रमांक HR 38 Z 3022 का चालक यूटर्न लेकर सड़क किनारे वाहन खड़ा कर रहा था। इसी दौरान हाईवा क्रमांक CG 04 LB 9345 वहां पहुंचा। टोल प्लाजा के पास हुआ विवाद वाहन खड़ा करने को लेकर दोनों ड्राइवरों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। आरोप है कि हाईवा ड्राइवर ने ट्रक चालक के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट के बाद बिगड़ी तबीयत, रास्ते में मौत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मारपीट के बाद ट्रक ड्राइवर की तबीयत अचानक खराब हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान हाईवा ड्राइवर ने ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट की थी। तकनीकी और मौखिक सबूतों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। हत्या नहीं, आपराधिक मानव वध का मामला पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मामला हत्या की श्रेणी में नहीं आता। इसके आधार पर थाना कुम्हारी में अपराध क्रमांक 170/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत आपराधिक मानव वध का मामला कायम किया गया है। बालोद निवासी है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान देव कुमार साहू (37) निवासी ग्राम भूसरेंगा, पोस्ट बेलौदी, थाना रनचिरई, जिला बालोद के रूप में हुई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हाईवा और फुटेज जब्त पुलिस ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों के रूप में सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है। वहीं घटना में प्रयुक्त हाईवा वाहन क्रमांक CG 04 LB 9345 को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
सलूम्बर में सड़क हादसों की रोकथाम और वाहन चालकों की दृष्टि क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा संबंधित समिति और जिला परिवहन कार्यालय सलूम्बर के संयुक्त तत्वावधान में परिवहन कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला। इसमें बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। 165 वाहन चालकों की हुई जांच शिविर में उदयपुर के तारा नेत्र संस्थान के प्रशिक्षित ऑप्टोमिट्रिस्ट हितेश टांक और नर्सिंग स्टाफ ने 165 वाहन चालकों की विस्तृत नेत्र जांच की। जांच के दौरान 4 चालक मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए। इसके अतिरिक्त, 90 वाहन चालकों को मौके पर ही नि:शुल्क चश्मे वितरित किए गए, जबकि 110 चालकों को आंखों की सुरक्षा और उपचार के लिए आई ड्रॉप्स दी गईं। सुड़क सुरक्षा का उद्देश्य जिला परिवहन अधिकारी विपिन माहेश्वरी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों की दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने जोर दिया कि खराब दृष्टि भी सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण हो सकती है, इसलिए ऐसे स्वास्थ्य शिविर चालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। शिविर में इनका रहा सहयोग इस शिविर के सफल आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र परमार और डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र लोहार का विशेष सहयोग रहा। जिला परिवहन कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित कर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
गाजियाबाद के भोजपुर में आज शुक्रवार को 3 साल की बच्ची के फूल तोड़ने पर बवाल हो गया। घटना अमीरपुर नगोला गांव की है, जहां बच्ची के फूल तोड़ने को नाराज पड़ोसियों ने घर में घुसकर मारपीट कर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान पथराव भी किया गया। मारपीट में महिलाओं समेत 8 लोग घायल हुए हैं, एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी पक्ष के 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है। 3 साल की बच्ची ने तोड़ लिया फूल नंगौला अमीरपुर निवासी आसिफ की 3 साल की बेटी अनाया घर के बाहर खेल रही थी। बच्ची ने फुरकान के घर के बाहर लगे पेड़ से फूल तोड़ लिया। इस बात से नाराज होकर आरोपी फुरकान पक्ष के लोगों ने पहले बच्ची को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दबंग आसिफ के घर में घुस गए और जमकर मारपीट व तोड़फोड़ की। जहां महिलाओं ने छत से पथराव कर दिया, चीख पुकार सुन आसपास के लोगों को आता देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जिसमें पीड़ित परिवार ने बताया कि महिलाओं को पीटा गया और उनके कपड़े तक फाड़े गए। आरोपियों पर तमंचे और लाठी डंडे थे। एक पक्ष से 8 लोग घायल हुए इस मारपीट में आसिफ पक्ष से समरीन, आरिफ, अय्याज, सायदा, फिजा,अनाया व सलमान घायल हो गए। अय्याज की हालत गंभीर बनी हुई,जिसे गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने भोजपुर थाने में तहरीर दी है। आसिफ के भाई नसीर की पत्नी सायदा ने थाने में तहरीर दी है। जिसमें पीड़ित पक्ष ने कहा कि घर में घुसकर चाकू, छुरे और तमंचे लेकर हमला किया गया है। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा का कहना है कि तहरीर आई है। दरघायलों का मेडिकल परीक्षण करा दिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिए एक बयान के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ 'कंटेंट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971' की धारा 15 (1)(b) के तहत आपराधिक अवमानना का केस चलाने की मांग की है। महापौर ने साक्ष्य के रूप में न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए उस वीडियो इंटरव्यू की पेन ड्राइव भी सौंपी है। इसमें दिग्विजय सिंह ने शीर्ष अदालत को कथित तौर पर चोर कहा था। महापौर ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने इंटरव्यू में कहा था.. मालूम था कि जो चोरी हुई है तो चोरी में सभी शामिल हैं, न केवल राज्य लेकिन केंद्र भी। चुनाव आयोग भी और माननीय मुझे कहना पड़ रहा है... 'सुप्रीम कोर्ट' भी। जब सुप्रीम कोर्ट को मालूम था कि हमारी जो पिटीशन है जो 4 बजे बाद इन्फक्चुअस (निष्प्रभावी) हो जाएगी तो सुना क्यों नहीं आज। कल की डेट क्यों लगाई है, ये सब मिली-जुली चोरी है। जल्दबाजी में दिया बयान नहीं, सोची-समझी साजिश पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल से इस मामले को बेहद गंभीरता से लेने और धारा 15 (1)(b) के तहत अवमानना की प्रक्रिया बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने अपने पत्र में तीन बेहद महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु सामने रखे हैं। अगर इसे नहीं रोका तो हमले और बढ़ेंगे पुष्यमित्र भार्गव ने अपने पत्र में लिखा- यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से ऊपर का है। यह देश की सबसे बड़ी अदालत की स्वतंत्रता और सम्मान को बचाने की लड़ाई है। अगर ऐसे बयानों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया, तो इससे अन्य लोगों के हौसले भी बुलंद होंगे और वे संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के हमले शुरू कर देंगे। इसलिए इस मामले में त्वरित और सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। आगे क्या होगा… कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971 की धारा 15 (1)(b) के नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की याचिका दायर करने से पहले भारत के सॉलिसिटर जनरल या अटॉर्नी जनरल की लिखित सहमति अनिवार्य होती है। अब यदि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इंदौर महापौर के इस पत्र पर अपनी सहमति दे देते हैं, तो दिग्विजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी हो सकता है।
बिजनौर की गैंगस्टर एक्ट कोर्ट संख्या 6 ने धामपुर निवासी जयनेंद्र कुमार उर्फ शालू को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश अलका चौधरी ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी अंतिम कुमार को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। एडीजीसी सलीम अख्तर ने बताया कि यह मामला 10 मई 2012 का है। तब धामपुर थाने के तत्कालीन एसएचओ सूर्यनाथ सिंह ने जयनेंद्र कुमार उर्फ शालू समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इन आरोपियों पर 2-3 मई 2012 की रात बसेड़ा कुंवर गांव में मास्टर दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी मिथलेश की हत्या कर घर से संपत्ति लूटने का आरोप था। पुलिस के अनुसार, जयनेंद्र कुमार उर्फ शालू ने एक गिरोह बनाया था और वह उसका सरगना था। इस गिरोह में पुनीत, सचिन, विनय, तुषार उर्फ काकू और अंतिम कुमार शामिल थे। ये आरोपी लूट, चोरी और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देकर अवैध धन कमाते थे। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सामान भी बरामद हुआ था। डीएम बिजनौर के अनुमोदन पर इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान पुनीत, सचिन, विनय और तुषार उर्फ काकू की फाइल जयनेंद्र कुमार से अलग कर दी गई थी। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जयनेंद्र कुमार उर्फ शालू को दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कठोर सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं, आरोपी अंतिम कुमार के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया। अन्य आरोपियों के मामलों की सुनवाई अलग फाइल में अभी भी चल रही है।
झाबुआ जिले के बामनिया स्थित चौकीदार फलिया में शुक्रवार शाम एक तीन मंजिला मकान की छत से 30 वर्षीय युवक अचानक निचे गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हाे गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। मां के साथ किराए के मकान में रहता था जानकारी के अनुसार, कुलदीपसिंह बारिया (30) पेशे से मजदूर था और अपनी मां के साथ इसी तीन मंजिला मकान में किराए से रहता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मकान के मालिक खुद यहां नहीं रहते हैं और उन्होंने मकान के ज्यादातर कमरों को किराए पर दे रखा है। शाम 5 बजे हुआ हादसा, सहम गए लोग यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुलदीपसिंह के छत से नीचे गिरते ही भारी आवाज हुई, जिसे सुनकर कुछ लोग मौके पर जमा हुए। हालांकि, घबराहट के कारण लोग तुरंत अपने-अपने घरों की तरफ लौट गए। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार के अन्य सदस्य भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। टीआई पुलिस बल के साथ पहुंचे, जांच जारी हादसे की जानकारी मिलते ही पेटलावद टीआई निर्भयसिंह भूरिया अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया ने बताया- पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि युवक छत से कैसे और किन परिस्थितियों में गिरा, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
फलोदी विधायक के निजी सचिव की नकली बीज रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेताओं ने आज जिला कांग्रेस कमेटी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कृषि मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई। सत्ता के संरक्षण में कमीनशनखोरी कांड बताया कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह केवल विभागीय भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रहा एक संगठित कमीशनखोरी कांड है। जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच करवाने तथा कृषि मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश छंगाणी ने नकली एवं महंगे बीजों से प्रभावित किसानों की विशेष गिरदावरी कराकर उन्हें बीज लागत का दस गुना मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने राजस्थान राज्य बीज निगम को भंग कर सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की। कांग्रेस नेता कुंभ सिंह पातावत ने घोटाले में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, दलालों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की मांग की। ग्रामीणों की जनसमस्याओं के बारे में भी बताया कांग्रेस नेताओं ने फलोदी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य जनसमस्याओं को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और सीवरेज का गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। नेताओं ने कहा कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। इस अवसर पर जिला प्रवक्ता सतीश बिश्नोई, प्रधान उमरदीन सिंधी, शीशपाल बिश्नोई, अरुण व्यास, भैराराम मकवाना सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विदिशा जिले के लटेरी क्षेत्र में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। प्रभाकर कॉलोनी में हुई इस घटना में तीन मजदूर मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह हादसा नन्नूलाल कुशवाहा के मकान में निर्माण कार्य के दौरान हुआ। दीवार गिरने से कल्लू, कमलेश और हल्के राम नामक मजदूर उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में तीनों जिला अस्पताल रेफरतीनों घायलों को तत्काल लटेरी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। आशंका है कि बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, जिससे वह ढह गई। प्रशासन द्वारा इस मामले की विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
बरेली रेंज में पिछले आठ महीनों में पुलिस और बदमाशों के बीच 98 मुठभेड़ें हुईं। इनमें 175 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 129 बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हुए। दो कुख्यात अपराधी मुठभेड़ में मारे गए। कार्रवाई के दौरान 39 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। 1 अक्टूबर 2025 से 31 मई 2026 तक बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में चले अभियान के आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार दबाव बनाया गया। रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी खुद अभियान की निगरानी कर रहे हैं। आंकड़ों में समझिए पुलिस का एक्शन… 44 मुठभेड़ों में 76 बदमाश पकड़े चार जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई बरेली में हुई। यहां 44 मुठभेड़ों में 76 बदमाश पकड़े गए और 57 को गोली लगी। बदायूं में 27 मुठभेड़ों में 53 अपराधी गिरफ्तार हुए। पीलीभीत में 14 मुठभेड़ों में 22 अपराधी दबोचे गए और सभी गोली लगने से घायल हुए। शाहजहांपुर में 13 मुठभेड़ों के दौरान 24 बदमाश पकड़े गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का असर अपराधियों के नेटवर्क पर साफ दिखाई दे रहा है। कई शातिर अपराधियों ने जिले छोड़ दिए, जबकि कई ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। गैंगस्टरों की आर्थिक ताकत पर भी वार रेंज पुलिस ने सिर्फ गिरफ्तारी तक खुद को सीमित नहीं रखा। संगठित अपराध करने वाले गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 23 मुकदमे दर्ज कर 83 अपराधियों को जेल भेजा गया। अपराध से अर्जित करीब 5 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त की गई। बदायूं में एक अपराधी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई, जो पूरे अभियान की सबसे कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जिन एनकाउंटरों की सबसे ज्यादा चर्चा रही डीआईजी बोले- अपराधियों के लिए अब सिर्फ दो रास्ते डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है। अपराधियों के लिए अब सिर्फ दो रास्ते हैं। कानून का पालन करें या फिर कानून की सख्त कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
विदिशा पुलिस विभाग में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) को शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने आरोपी ASI को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है। यह मामला विदिशा के सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI जयप्रकाश रसीले के खिलाफ दर्ज किया गया है। लटेरी की एक महिला ने उन पर शादी का वादा कर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए आरोपी उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी वर्ष 2016 बैच का कर्मचारी है और वर्तमान में सिविल लाइन थाने में पदस्थ था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत और जांच के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
बागपत को मिलीं 4 नई दो-पहिया पीआरवी:आपातकालीन सेवाएं होंगी और तेज
बागपत जनपद में आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। यूपी-112 मुख्यालय, लखनऊ ने जनपद को द्वितीय चरण में चार नए दो-पहिया पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) वाहन आवंटित किए हैं। इन वाहनों का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाना है। इसी कड़ी में, बागपत के अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चारों दो-पहिया पीआरवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर आपातकालीन सेवाओं के लिए रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों के संचालन से उन क्षेत्रों में तेजी से पहुंचना संभव होगा जहां बड़े वाहनों को पहुंचने में समय लगता है या यातायात की समस्या रहती है। यूपी-112 सेवा पूरे प्रदेश में नागरिकों को तत्काल पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए कार्यरत है। ये नए दो-पहिया पीआरवी वाहन संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कम समय में पहुंचकर लोगों को राहत पहुंचाएंगे। इससे अपराध नियंत्रण, दुर्घटना की सूचना, झगड़े या अन्य आपातकालीन घटनाओं पर पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज़ होगी। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस का लक्ष्य जनता को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है, जिसके लिए संसाधनों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि वे पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं और प्रत्येक कॉल पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इन चार नए दो-पहिया पीआरवी वाहनों के शामिल होने से यूपी-112 की सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी, जिससे आमजन को सुरक्षा और सहायता का बेहतर अनुभव मिलेगा। इस पहल को जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रतापगढ़ के धरियावद में वन विभाग की टीम ने खेर की लकड़ी से भरी एक पिकअप जब्त की है। लकड़ी तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे। विभाग ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धरियावद के क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल भील ने बताया- जिले में उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल के निर्देश पर वन संपदा के अवैध परिवहन और खनन को रोकने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वन विभाग की टीमें लगातार गश्त और नाकाबंदी कर रही हैं। खुंता वन नाका पर की नाकाबंदीउन्होंने बताया कि खुंता वन नाका पर नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान एक पिकअप आती हुई दिखाई दी। नाकाबंदी देखकर चालक ने वाहन को कच्चे रास्ते की ओर मोड़ दिया और भागने का प्रयास किया। पिकअप रुकवाते ही ड्राइवर फरारवन विभाग की टीम ने रास्ते में वन समिति के सदस्यों को इसकी सूचना दी। सदस्यों ने पिकअप को रुकवाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर वाहन को सड़क से नीचे उतारकर फरार हो गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देखा कि पिकअप में खेर की लकड़ी भरी हुई थी। विभाग ने पिकअप और लकड़ी को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच में जुट गया है।
देवास में प्रतिष्ठित कॉलोनाइजर प्रेम कुमार अग्रवाल की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट वायरल हुआ, जिससे नया मोड़ आ गया। कॉलोनाइजर के बेटे विनायक अग्रवाल ने मीडिया के सामने आकर गंभीर आरोप लगाए और पिता के लिए न्याय की मांग की। पुलिस वायरल हो रहे कथित सुसाइड नोट की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित सुसाइड नोट में प्रेम कुमार अग्रवाल ने कुछ व्यक्तियों का उल्लेख किया है। इसमें मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक लेनदेन और धोखाधड़ी सहित कई मुद्दों का जिक्र है। नोट में विशेष रूप से लगभग 100 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का उल्लेख किया गया है, जिसे उन्होंने अपनी परेशानी का मुख्य कारण बताया है। बेटा बोला- आरोपियों को कड़ी सजा दी जाएप्रेम कुमार अग्रवाल के बेटे विनायक अग्रवाल ने शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर सुसाइड नोट का जिक्र किया और गंभीर आरोप लगाए। विनायक के अनुसार, उनके पिता लंबे समय से परेशान थे और जिन लोगों के नाम उन्होंने सुसाइड नोट में लिखे हैं, वे उनसे सबसे अधिक परेशान रहते थे। विनायक ने कहा, मेरी विनती है कि मुझे और मेरे परिवार को न्याय मिले और सुसाइड नोट में नामित लोगों को कड़ी सजा दी जाए। बेटे ने बताया कि उनके पिता परिवार के सामने अपनी परेशानियां ज्यादा साझा नहीं करते थे, लेकिन अंदर ही अंदर काफी तनाव में रहते थे। उन्होंने पैसों के तनाव के साथ-साथ अन्य कई परेशानियों का भी जिक्र किया। विनायक अग्रवाल ने यह भी बताया कि अंतिम समय में उनके पिता ने उन्हें सुसाइड नोट देते हुए कहा था, इनमें नाम लिखे हैं। जहर खाने से हुई थी प्रेम कुमार की मौतगौरतलब है कि गुरुवार को प्रेम कुमार अग्रवाल ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उन्हें उपचार के लिए इंदौर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को देवास में उनका अंतिम संस्कार किया गया। जांच हो रही है, कार्रवाई करेंगेसुसाइड नोट के वायरल होने के बाद प्रेम कुमार अग्रवाल के बेटे ने पिता के लिए न्याय की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता एक सुसाइड नोट छोड़कर गए हैं, जिसमें कुछ लोगों के नाम लिखे हैं। मामले में औद्योगिक थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि गुरुवार देर रात सूचना प्राप्त हुई थी। मर्ग औद्योगिक थाने में दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भदोही में जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने आरोप लगाया है कि 14 जून को प्रस्तावित लखनऊ घेराव कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने का निंदनीय प्रयास बताया। अंसारी ने बताया कि उन्हें स्वयं एक दिन पहले रात करीब 12 बजे बिना किसी स्पष्ट कारण या विधिक आधार के उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात करार दिया। इसी कड़ी में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष शक्ति मिश्रा को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा, नगर अध्यक्ष भदोही सरफराज अहमद, नगर उपाध्यक्ष अनीश शेख, मंडल अध्यक्ष विशाल गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष सुरियावां सुरेश चौहान, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष राकेश पाल और जिला महासचिव जजलाल राय सहित कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्षों से प्रेरणा लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता अन्याय, दमन और तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। अंसारी ने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक दबाव, हाउस अरेस्ट और भय का माहौल बनाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं तोड़े जा सकते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और उसे दबाने का हर प्रयास अंततः विफल होगा।
हरदोई में पुराना लेंटर ढहा, 5 मजदूर गंभीर घायल:हरदोई में मकान की छत तोड़ते समय हुआ हादसा
हरदोई जनपद के पिहानी कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक पुराने मकान का लेंटर ढहने से पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह घटना पिहानी कोतवाली क्षेत्र में एक पुराने मकान को गिराने और उसकी छत का लेंटर तोड़ने के दौरान हुई। मजदूर जैसे ही स्लैब तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे आ गिरी, जिससे पांचों मजदूर मलबे में दब गए। हादसे की जोरदार आवाज और चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल हरदोई रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस हादसे में घायल हुए सभी मजदूर मवैया गांव के निवासी हैं। उनकी पहचान वीरेश, बलराम और रमाकांत (तीनों राजेंद्र के पुत्र), पंकज (दाताराम के पुत्र) और दयाराम (रामस्वरूप के पुत्र) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पिहानी कोतवाली पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। कोतवाल छोटेलाल के अनुसार, पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है। परिजनों या पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बहुचर्चित PACL चिटफंड घोटाले से जुड़े मामले में पुलिस ने दो और डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पुलिस का कहना है कि निवेशकों के साथ हुई करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के सभी पहलुओं की जांच जारी है। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर जिले में लंबित चिटफंड मामलों के निराकरण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई इसी अभियान के तहत थाना सूरजपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 182/2016 में कार्रवाई करते हुए PACL कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरजंट सिंह गिल उर्फ गुरजन सिंह (82), निवासी मोहाली (पंजाब) और गुरूनाम सिंह (77), निवासी रूपनगर (रोपड़), पंजाब के रूप में हुई है। दोगुना पैसा देने का लालच देकर की ठगी पुलिस जांच में सामने आया है कि PACL कंपनी के डायरेक्टरों ने निवेशकों को उनकी जमा राशि दोगुनी करने का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेश कराया था। लेकिन मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई। इससे हजारों निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कवर्धा जेल से लाए गए आरोपी विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी पहले से ही कवर्धा जिला जेल में बंद हैं। इसके बाद सूरजपुर पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर दोनों को सूरजपुर लाया और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अन्य डायरेक्टरों के साथ मिलकर निवेशकों से धन संग्रह करने और कंपनी के माध्यम से निवेश योजनाएं संचालित करने की बात स्वीकार की। पहले 6 डायरेक्टर भी हो चुके हैं गिरफ्तार पुलिस इससे पहले PACL कंपनी के 6 अन्य डायरेक्टरों निर्मल सिंह भंगू, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, जोगेन्दर टाइगर, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर चुकी है। दो और गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। निवेशकों को न्याय दिलाने पर फोकस सूरजपुर पुलिस का कहना है कि चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगे गए निवेशकों को न्याय दिलाने और फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अन्य संबंधित मामलों की भी जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को एटा के सिविल लाइंस स्थित यादव नगर में दिवंगत शासकीय अधिवक्ता ओमकार सिंह यादव के आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। परिवार को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश की सत्ता पर बैठे दो प्रमुख नेताओं का खुद का परिवार नहीं है, इसलिए वे परिवारों के दुख-दर्द को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि परिवार वाला व्यक्ति ही परिवार की समस्याओं और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकता है। PDA सरकार बनाने की दोहराई बात सपा प्रमुख ने सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर PDA की सरकार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में PDA वर्ग की आबादी सबसे अधिक है और यदि यह वर्ग एकजुट हो जाए तो सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को हराया था और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भारी मतों से हराने का काम करेगी। महंगाई, खाद और बिजली संकट पर सरकार को घेरा अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। डीजल और पेट्रोल महंगे हो रहे हैं, किसानों को खाद नहीं मिल रही और बिजली संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता महंगाई और भ्रष्टाचार से परेशान है, जबकि सरकार समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार में व्यस्त है। स्मार्ट सिटी नहीं, स्मार्ट मीटर की चर्चा उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को विकास के नाम पर स्मार्ट मीटर दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर लोगों ने स्मार्ट मीटर तक उखाड़ फेंके हैं। सपा प्रमुख ने रुपये की गिरती कीमत और रोजमर्रा की वस्तुओं के बढ़ते दामों को भी सरकार की विफलता बताया। 'डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया' अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार के कारण डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। साथ ही पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी सवाल उठाते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। एटा के थर्मल पावर प्लांट का किया जिक्र सपा प्रमुख ने कहा कि एटा में थर्मल पावर प्लांट उनकी सरकार की देन है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आज तक उस परियोजना का नाम तक नहीं बता पाए हैं। उन्होंने भाजपा से अपने बड़े विकास कार्य गिनाने की चुनौती भी दी। एंबुलेंस और पुलिस सेवाओं को लेकर लगाए आरोप अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता की सुविधा के लिए एंबुलेंस सेवा और 100 नंबर पुलिस सेवा शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इन व्यवस्थाओं को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को राहत देने वाली योजनाओं की अनदेखी की जा रही है। विदेश नीति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर की टिप्पणी प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा देश को विश्वगुरु बनाने की बात करती है, लेकिन आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और इथेनॉल मिश्रण की नीति का भी उल्लेख किया। भाजपा पर उत्पीड़न और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आम जनता के साथ-साथ सपा नेताओं का भी उत्पीड़न किया है। उन्होंने फर्जी एनकाउंटर कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के हर काम पर जनता की नजर है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो गलतियां की हैं, उनका जवाब जनता चुनाव में देगी। PDA का मतलब प्रेम, दया और अपनापन अखिलेश यादव ने कहा कि PDA केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि प्रेम, दया और अपनापन का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि समाज के सभी पीड़ित और उपेक्षित वर्ग PDA के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा महिलाओं के आरक्षण की पक्षधर है तो उसे 2027 के चुनाव से पहले इसे लागू करना चाहिए। गौवंश की स्थिति पर भी जताई चिंता गौवंश के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर घूमते और दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे सांडों की स्थिति देखकर दुख होता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से गौसेवा की पक्षधर रही है और भाजपा को इस मुद्दे पर अपनी वास्तविक स्थिति बतानी चाहिए।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नाम से व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। जालसाज ने एलडीए वीसी की फोटो लगाकर उनके नाम से अधिकारियों को मैसेज भेजे। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव सीपी त्रिपाठी और जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी को संदेश भेजकर पैसों की मांग की। मामले की जानकारी होते ही एलडीए प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिस नंबर से व्हाट्सएप अकाउंट संचालित किया जा रहा है, वह वियतनाम का है। आशंका है कि साइबर अपराधियों ने वीसी की पहचान का दुरुपयोग कर अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाने की साजिश रची है। साइबर सेल ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही एलडीए उपाध्यक्ष की ओर से साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। साइबर विशेषज्ञों ने फर्जी नंबर और अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अकाउंट किसने बनाया और इसके पीछे किसी संगठित साइबर गिरोह का हाथ तो नहीं है। एलडीए अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों और आम लोगों से अपील की है कि उपाध्यक्ष या किसी अन्य अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की धनराशि भेजने या संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले संबंधित अधिकारी से सीधे संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें। साइबर सेल का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल की है। मिशन शक्ति-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जनपद के सभी थानों पर नियुक्त मिशन शक्ति प्रभारियों और उनकी टीमों को सरकारी मोबाइल फोन वितरित किए। यह वितरण शुक्रवार शाम 7 बजे किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को पुलिस सहायता सेवाओं से सीधे जोड़ना है। इसके माध्यम से उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अब किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या अन्य समस्या की स्थिति में महिलाएं सीधे अपने क्षेत्र की मिशन शक्ति टीम से संपर्क कर सकेंगी। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान मुजफ्फरनगर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि सरकारी मोबाइल फोन मिलने से मिशन शक्ति टीमों की पहुंच और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी। एसएसपी वर्मा ने आगे कहा कि इससे महिलाओं और पुलिस के बीच संवाद मजबूत होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक महिला स्वयं को सुरक्षित और आत्मविश्वासी महसूस कर सके। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा, क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राय, क्षेत्राधिकारी जानसठ ऋषिका सिंह सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
दो बाइक में टक्कर, युवक की मौत:पिकअप ने मारी बाइक को टक्कर, तीन घायल
पाली में दो अलग-अलग हादसों में एक युवक की मौत हो गई तो वही तीन जने घायल हो गए। मृतक की बॉडी का पुलिस ने पाली के बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा। वही दूसरे हादसे में पिकअप की टक्कर से घायल हुए तीन जनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया है। पहला हादसा गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र के शेखों की ढाणी और पिंक सिटी के बीच हुआ। यहां दो बाइकों में टक्कर हो गई। हादसे में पाली जिले के शिवपुरा थाना क्षेत्र के हापत गांव निवासी 29 साल का नरेन्द्रसिंह पुत्र मदनसिंह की मौत हो गई। शुक्रवार को सदर थाने के एएसआई खेतसिंह ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवा शव परिजनों को सौंपा। मृतक शादीशुदा था और उसके दो बच्चे है। युवक पेट्रोल पम्प पर काम करता था। जवान बेटे की अकाल मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, तीन घायलदूसरा हादसा शुक्रवार को पाली के 72 फीट बालाजी मंदिर के निकट हाईवे पर हुआ। बाइक को पिकअप ड्राइवर ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 35 साल का जितेंद्र सांखला, 16 साल की जिज्ञासा और 17 साल की एकता घायल हो गई। तीनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। तीनों पाली से मामावास गांव जा रहे थे। इस दौरान यह हादसा हो गया।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से पाकिस्तान के गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मुद्दे पर आज शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) हरियाणा के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम DC को ज्ञापन सौंपा। SAD ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। हालांकि इससे पहले हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बीते दिन कमेटी बनाने की बात कही थी। साथ ही कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद आगे कोई एक्शन लेने का आश्वासन संगत को दिया था। 94 सिख श्रद्धालुओं का जत्था हुआ था रवाना SAD के प्रदेश अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने कहा कि पाकिस्तान में श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर गुरुधामों के दर्शन के लिए हरियाणा से 94 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ था। सभी श्रद्धालुओं को 10 जून को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करना था, लेकिन सीमा पर ही उन्हें रोक दिया गया। श्रद्धालुओं की यात्रा रह गई अधूरी आरोप लगाया कि अगर संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियों को जरूरी जानकारी और वेरिफाइड लिस्ट मुहैया करवा दी होती, तो श्रद्धालुओं को इन हालात का सामना नहीं करना पड़ता। प्रशासनिक लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा अधूरी रह गई, जिससे सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। 19 जून को लौटना था जत्था हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं का जत्था 10 जून को पाकिस्तान रवाना हुआ था। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार श्रद्धालुओं को 19 जून को वापस लौटना था। हालांकि सीमा पर रोक दिए जाने के बाद सभी श्रद्धालुओं को उसी दिन देर रात अपने-अपने जिलों में वापस लौटना पड़ा। कई जिलों में शुरू हुआ ज्ञापन अभियान हरिकेश मोहड़ी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर हरियाणा के विभिन्न जिलों में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर में DC के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। कल शनिवार को करनाल, पानीपत समेत अन्य जिलों में भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अकाल तख्त नहीं ले जाएंगे मामले हरिकेश मोहड़ी से मामले को श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मुख उठाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि इससे सिख समाज में नाराजगी है। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाजिक के स्तर पर इस मुद्दे को और मजबूती से उठाने की चेतावनी दी। SAD ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें - पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। - लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - प्रभावित श्रद्धालुओं से हरियाणा सरकार सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करे। - भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जवाबदेह व्यवस्था बनाई जाए। - सिख समाज के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी भावनाओं और सुझावों को महत्व दिया जाए।
शामली में समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक ने शुक्रवार को क्षेत्र की शुगर मिल का दौरा किया। उन्होंने मिल में कार्यरत मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। विधायक पंकज मलिक ने बताया कि शुगर मिल के मजदूर लंबे समय से वेतन, सुविधाओं और अन्य श्रमिक हितों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की, ताकि मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मजदूरों ने विधायक को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए समय पर वेतन भुगतान, कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की। इस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए और आश्वासन दिया। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो वह इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान सपा विधायक पंकज मलिक के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि और सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे। विधायक के दौरे और अधिकारियों से वार्ता के बाद मजदूरों ने अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष, प्रवक्ता एवं लखनऊ मंडल प्रभारी मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को संबोधित अपने इस्तीफे में पार्टी के भीतर पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा को इसकी प्रमुख वजह बताया है। 43 वर्षों तक कांग्रेस में की सक्रिय राजनीति मो. यूनुस सिद्दीकी ने अपने पत्र में कहा है कि वह पिछले 43 वर्षों से कांग्रेस पार्टी की निस्वार्थ भाव से सेवा करते रहे हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से पार्टी के भीतर वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। संगठन और टिकट बंटवारे को लेकर जताई नाराजगी इस्तीफे में उन्होंने कहा कि चाहे संगठनात्मक जिम्मेदारियों का मामला हो या टिकट वितरण का, हर बार पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। इससे पार्टी से जुड़े अनेक कार्यकर्ता हताश और निराश महसूस कर रहे हैं। प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा इन परिस्थितियों को देखते हुए मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि पार्टी में लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद जिस प्रकार पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई, उससे आहत होकर उन्होंने यह निर्णय लिया है। अगले राजनीतिक कदम पर नजर मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी के इस्तीफे के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में किसी अन्य दल में शामिल होने का जिक्र नहीं किया है। राजनीतिक हलकों में उनके समाजवादी पार्टी समेत अन्य दलों के संपर्क में होने की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र की चार धाम पुलिस चौकी प्रभारी पर अपराधियों के साथ मिलकर वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगा है। इस मामले में शिकायत मिलने पर एसएसपी ने जांच कराई। जिसमें दरोगा के दोषी मिलने पर गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही इस रैकेट में शामिल दो अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित कर दिया है। छठीकरा के रहने वाले मनोज गौतम ने शिकायत की कि चार धाम पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा शंशाक कौशिक अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी रोहताश और छोटू सोलंकी के साथ मिलकर पटरी पर दुकान लगाने वालों से अवैध वसूली करते हैं। इसके साथ ही अवैध रूप से पार्किंग का संचालन भी कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर एसएसपी ने दरोगा की गोपनीय जांच कराई। जिसमें आरोप सही पाए गए। मुकद्दमा दर्ज कर किया गिरफ्तार इस मामले में थाना जैंत पर मनोज गौतम की शिकायत पर धारा 308(2),351(3) व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में मुकद्दमा पंजीकृत कर लिया। इसके बाद जैंत पुलिस ने आरोपी दरोगा शशांक कौशिक को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि इस मामले में दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी। सहयोगियों पर किया इनाम घोषित दरोगा को गिरफ्तार करने के बाद एसएसपी ने वसूली का रैकेट चला रहे सहयोगियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। उन्होंने कहा स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
मऊ जिले में चार दिन पहले दो नाबालिग सगी बहनों से दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रानीपुर थाना पुलिस, स्वॉट, एसओजी और सर्विलांस टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जमुई अंडरपास के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दुष्कर्म और साजिश में शामिल एक बाल अपचारी भी शामिल है। मुख्य आरोपी को पुलिस एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। यह घटना रानीपुर थाना क्षेत्र के करजौली जंगल में हुई थी। दुष्कर्म के बाद 16 वर्षीय बड़ी बहन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी प्रिंस उर्फ शिवम, जो मृतक बड़ी बहन का प्रेमी था और कमालपुर बभनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना का निवासी है, उसे गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि छोटी बहन से दुष्कर्म का आरोपी राकेश, जो कमालपुर बभनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना का निवासी है, फरार चल रहा था। जांच में इस पूरी घटना की साजिश में दो अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रानीपुर थाना, स्वॉट, एसओजी और सर्विलांस टीम लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जमुई अंडरपास के पास घेराबंदी कर राकेश (25) और एक 15 वर्षीय बाल अपचारी को दबोच लिया। राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना शीतला प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि नाबालिग दोनों सगी बहनों से रेप के मामले में मुख्य दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जबकि पुलिस की जांच में घटना की साजिश रचने में शामिल दो और आरोपियों का नाम प्रकाश में आया था। इसमें एक 15 वर्षीय बालअपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। जबकि अभी साजिश रचने में शामिल एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुभासपा ने रामनगर से संजय तिवारी को प्रत्याशी बनाया:भाजपा गठबंधन से सीट पर चुनाव लड़ने का दावा
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर शुक्रवार को बाराबंकी पहुंचे। उन्होंने रामनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान अरविंद राजभर ने रामनगर विधानसभा क्षेत्र से संजय तिवारी को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया। उन्होंने दावा किया कि सुभासपा भाजपा गठबंधन के तहत इसी सीट पर चुनाव लड़ेगी। मीडिया से बात करते हुए अरविंद राजभर ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सुभासपा उत्तर प्रदेश में केवल उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां उसका जनाधार मजबूत है। राजभर के अनुसार, बाराबंकी जिले की रामनगर सीट पर पार्टी का जनाधार सबसे मजबूत है, इसलिए वे यहीं से चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे गठबंधन (भाजपा) से यह एक सीट मांग रहे हैं और इसके बदले में अन्य 10 सीटें छोड़ने को भी तैयार हैं। जब उनसे भाजपा के पूर्व विधायक की दावेदारी के बारे में पूछा गया, जो रामनगर से कम वोटों के अंतर से हारे थे, तो राजभर ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि सुभासपा ने भी 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 10 सीटों पर केवल 500 से 1000 वोटों के अंतर से हार का सामना किया था। राजभर ने कहा कि ऐसी स्थितियों पर शीर्ष नेतृत्व मिलकर अंतिम फैसला करेगा। अरविंद राजभर ने आगे जानकारी दी कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश की लगभग 56 विधानसभा सीटों पर अपने कोऑर्डिनेटर और सब-कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। इन सीटों पर संगठन और जातिगत आंकड़ों के आधार पर लगातार समीक्षाएं की जा रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, गांवों में चौपालों के माध्यम से पार्टी की नीतियों का प्रचार करने और मतदाताओं को जोड़ने के निर्देश दिए।
हरदा में कल चार घंटे बिजली कटौती:सात से अधिक इलाकों में सप्लाई प्रभावित होगी
हरदा शहर के बड़े हिस्से में कल (शनिवार) चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी। विद्युत वितरण कंपनी 11 केवी गुप्तेश्वर मंदिर फीडर पर प्री-मानसून रखरखाव और आवश्यक मेंटेनेंस कार्य करेगी, जिससे सात से अधिक प्रमुख इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्य सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा। इस दौरान बिजली के तारों की छंटाई, पेड़ों की कटाई और अन्य तकनीकी रखरखाव संबंधी कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से इस अवधि में बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस बिजली कटौती से सिविल लाइन, गौर कॉलोनी, मानपुरा, खेड़ीपुरा, कहारवाड़ी और मांग मोहल्ला सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रभावित कॉलोनियों के निवासियों से अपील की कि वे असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रखरखाव कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत की गई। फरवरी 2025 में हुई थी लूट की वारदातजानकारी के अनुसार, कुढ़नी कस्बा स्थित शुक्ला ज्वैलर्स के संचालक के साथ फरवरी 2025 में लूट की घटना हुई थी। व्यापारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी जंगली बाबा मंदिर के पास बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेलघटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारीपुलिस आयुक्त के निर्देशन में चल रहे संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान साढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी कुढ़नी मंदिर के पास मौजूद है। सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहचान और आपराधिक इतिहासगिरफ्तार आरोपी की पहचान गोलू उर्फ प्रशांत सिंह पुत्र कुलदीप कुमार, निवासी गढ़ी, थाना औंग, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ साढ़, चकेरी और मलवा थाना क्षेत्रों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने भेजा जेलथाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
रीवा में 5 जून को हुई चेन स्नेचिंग की वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश साकेत और बृजेश साकेत के रूप में हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। वहीं लूटी गई सोने की चेन खरीदने वाला आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार 5 जून की शाम करीब 4 बजे रतहरा निवासी आदर्श मिश्रा अपनी बाइक से समान ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। संदेह के आधार पर आकाश साकेत और बृजेश साकेत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। चेन खरीदने वाला फिलहाल फरारसीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि चेन स्नेचिंग की घटना के बाद विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आकाश साकेत और बृजेश साकेत को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया है। आरोपियों ने लूटी गई सोने की चेन बाल न्यायालय के पास रहने वाले जितेंद्र सोनी उर्फ गुड्डू को बेच दी थी। चेन खरीदने वाला आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग बालिकाओं को बरामद किया है। इन बालिकाओं को गाजियाबाद के दादरी रेलवे स्टेशन से सकुशल खोजा गया और बाद में उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह मामला 11 जून 2026 को रात करीब 8 बजे सामने आया। शिकायतकर्ता कादर खान ने सोरों थाने में मौखिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले योगमार्ग, कस्बा सोरों, जिला कासगंज से चार नाबालिग बालिकाएं गुम हो गई हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। पुलिस ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कासगंज ओ.पी. सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से बात की। उन्होंने बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज सुशील कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और सर्विलांस की एक टीम का गठन किया। गठित टीम ने सीसीटीवी कैमरा फुटेज, मोबाइल नंबरों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और लोकेशन के आधार पर गहन जांच की। इसी जांच के परिणामस्वरूप चारों नाबालिग बालिकाओं को गाजियाबाद के दादरी रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद करने में सफलता मिली। बरामदगी के बाद, बालिकाओं को माननीय न्यायालय बाल कल्याण समिति, जनपद कासगंज के माध्यम से उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
रामपुर में हल्की बारिश के बाद शहर की सड़कें और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल, कचहरी, मुख्य मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पानी भर गया है। जिला अस्पताल परिसर में स्थिति विशेष रूप से खराब है, जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जलभराव बना हुआ है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. सी. सक्सेना ने बताया कि अस्पताल परिसर की खराब सड़कों और जलभराव की समस्या के संबंध में नगर पालिका और संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखे गए हैं। हालांकि, अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। शहर के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में शाहबाद गेट, बिलासपुर गेट, पहाड़ी गेट, शिवपुरम और बिलासपुर शाहबाद गेट शामिल हैं। माल गोदाम तिराहा स्थित दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-24, जिला कचहरी के गेट नंबर दो और पुलिस कंट्रोल रूम के निकट भी जलभराव देखा गया। इससे कचहरी आने वाले अधिवक्ताओं और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि शहर में खराब सड़कों और जलभराव की समस्या वाले स्थानों पर जल्द ही मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण वीर ने भी कहा कि विभाग के संज्ञान में जो सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। हल्की बारिश में ही शहर की सड़कों और जल निकासी व्यवस्था की बदहाली ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
व्हाइटस्वान आर्ट फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. अंजलि निगम द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य कला, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से विश्व शांति, सामाजिक संवेदनशीलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर कला प्रदर्शनी, संवाद सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। इस दौरान कला एवं संस्कृति की सामाजिक भूमिका, पर्यावरणीय चुनौतियों और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। आयोजकों के अनुसार महोत्सव के दूसरे और तीसरे दिन यानी 13 एवं 14 जून को हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कला प्रदर्शनी, संगीत , सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पैनल चर्चा और सस्टेनेबल क्लोदिंग शोकेस प्रमुख आकर्षण होंगे। साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प प्रदर्शनों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और विकास के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय संगीत , नृत्य रहा ,जिसे दर्शकों द्वारा सराहा जा रहा है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यूपी मेट्रो केवल सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सेवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य कर रहा है ।
झांसी में 5 साल पहले 14 साल की किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी रक्खू नाई उर्फ राकेश (38) को कोर्ट ने 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 6 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया। नहीं देने पर दो माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने सुनाया है। पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 7 सितंबर 2020 को एक व्यक्ति ने गरौठा थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 3 सितंबर को उसकी 14 साल की बेटी खेत पर गई थी। वहां गरौठा के निपान गांव निवासी रक्खू नाई पुत्र चिरंजी आया और बेटी का हाथ पकड़कर अश्लील हरकत करने लगा। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया बेटी ने अपने घरवालों को जानकारी दी। तब पिता उलाहना देने गया। इससे बौखलाकर आरोपी गाली गलौच कर बेटी को उठाकर ले जाने की धमकी देने लगा। धमकी दी कि यदि कानूनी कार्रवाई की तो जान से मार देगा। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया था। 6 हजार का जुर्माना लगाया बाद में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने रक्खू नाई को दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
नर्मदापुरम नगरपालिका के अतिक्रमण दल के पूर्व प्रभारी (दैनिक वेतन भोगी) सुनील राजपूत को आखिरकार पुलिस ने शुक्रवार दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। सुनील राजपूत को आईटी एक्ट के लगातार दूसरी बार किए अपराध के चलते पुलिस ने उसे अरेस्ट किया। शाम 4.35 बजे कोतवाली थाने से पुलिसकर्मियों ने आरोपी सुनील राजपूत को हाथ पकड़कर सरकारी वाहन में बैठाया। फिर उसे कोर्ट ले जाया गया। आईटी एक्ट के दर्ज दो अपराध को देखते हुए कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दिए। शाम 7 बजे पुलिस कर्मी हड़कड़ी बांधकर आरोपी को जेल ले गए। कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया आईटी एक्ट और छेड़छाड़ अपराध में आरोपी सुनील राजपूत अरेस्ट किया है। जेल भेजने के आदेश हुए हैं। महिला के नाम से आईडी से मैसेज-फोटो भेजेइटारसी निवासी एक युवती को आरोपी सुनील राजपूत ने तीन माह पहले फेसबुक पर फर्जी आईडी से अश्लील मैसेज और फोटो भेजे थे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण 5 फरवरी को पीड़िता नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। वह करीब 11 दिन अस्पताल में रही और इसी दौरान 14 फरवरी की सुबह 'सौरभ साहू' नाम की फेसबुक आईडी से उसके मैसेंजर पर आपत्तिजनक मैसेज आए। उसी रात एक महिला के नाम की आईडी से भी अश्लील फोटो भी भेजी गई। पीड़िता ने डिस्चार्ज होने से पहले ही 16 फरवरी को अस्पताल से सीधे साइबर सेल पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अप्रैल महीने में भी उसे दो अलग-अलग नंबरों से अश्लील कॉल आए। आईपी एड्रेस से पकड़ा गयाशिकायत के तीन महीने बाद साइबर सेल की आईपी एड्रेस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को नामजद किया है। एफआईआर में नाम जुड़ने पीड़िता की शिकायत के तीन महीने बाद साइबर सेल की आईपी एड्रेस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट और छेड़छाड़ का शून्य (Zero) पर केस दर्ज किया, जिसमें आरोपी अज्ञात लिखा। घटनास्थल कोतवाली क्षेत्र का होने से देहात थाने से डायरी कोतवाली थाने को भेजी गई। साइबर सेल ने संबंधित फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर खंगाला, तो वह शास्त्री वार्ड निवासी सुनील राजपूत के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में अज्ञात शब्द हटाकर उसका नाम शामिल किया। नगरपालिका कार्यालय में देखा जा रहा था आरोपीअपराध दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी कुछ दो तीन दिन तक छिपकर रहा। एफआईआर के बाद आरोपी सुनील राजपूत को नगर पालिका सीएमओ ने अतिक्रमण दल से हटा दिया था। दो दिन से वो नगर पालिका कार्यालय में घूमते दिख रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने उसे अरेस्ट कर थाने ले आई। आईटी एक्ट और पीएम आवास घोटाले में आ चुका नामआरोपी सुनील के खिलाफ इससे पहले 2023 में देहात थाने में भी आईटी एक्ट का केस दर्ज हो चुका है। इसके अलावा नगर पालिका में 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले में भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सुनील राजपूत के खिलाफ केस दर्ज हुआ। बावजूद उसे नगर पालिका के अधिकारी द्वारा अतिक्रमण दल का प्रभारी बनाया गया। अतिक्रमण दल प्रभारी रहने के दौरान भी सुनील काफी विवादों में रहा। समय समय उसके खिलाफ आरोप भी लगे।
इंदौर लोकायुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर एक शिकायत लोकायुक्त डीजी तक पहुंची है। आमतौर पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें लोकायुक्त संगठन में की जाती हैं, लेकिन यह ऐसा मामला है, जिसमें एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोकायुक्त भोपाल, उप-लोकायुक्त और डीजी लोकायुक्त को शिकायत भेजी है। एक व्यापारी शेखर का आरोप है कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ इंदौर के जोन-1 के एक थाने में झूठी FIR दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान उनके नाबालिग बेटे का नाम भी प्रकरण में जोड़ दिया था। 16 अप्रैल 2026 को उन्हें थाने बुलाया गया तो मौजूद दो मीडियाकर्मियों में से एक ने अपना नाम कमलेश बताया। उसने नाबालिग बेटे का नाम मामले से हटाने के एवज में पहले एक लाख रुपए और बाद में 70 हजार रुपए की मांग की। यह राशि थाने की पुलिस के नाम पर मांगी जा रही थी। मीडियाकर्मी से बातचीत की रिकॉर्डिंग व्यापारी का कहना है कि मैंने एक मीडियाकर्मी से हुई बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग की, जिसमें 70 हजार रुपए की मांग और पुलिस की ओर से मदद कराने का जिक्र है। इसके बाद मैंने 17 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्डिंग सहित शिकायत दर्ज कराई। रिकॉर्डिंग की पेन ड्राइव भी सौंपी गई। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लोकायुक्त कार्यालय ने ट्रैप कार्रवाई करने के बजाय केवल उनके बयान दर्ज किए और रिकॉर्डिंग जब्त कर ली। बाद में भी संबंधित लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ समय बाद उसी मीडियाकर्मी ने मुझसे मुलाकात कर कहा कि शिकायत की जानकारी पहले ही उसे मिल गई थी, जिससे वे सतर्क हो गए। इस आधार पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों से घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भी अनुरोध किया है कि यदि शिकायत की गोपनीय जानकारी लीक हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। लोकायुक्त के वकील आशीष खरे ने बताया- लोकायुक्त निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है। यदि किसी लोक सेवक की रिकॉर्डिंग होती या पीड़ित की सीधे किसी लोक सेवक से बातचीत कराई जाती, तो मामला बन सकता था। इस प्रकार के मामलों में लोकायुक्त सामान्यतः संज्ञान नहीं लेता है। पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए शिकायत लोकायुक्त के रिटायर्ड डीएसपी बीएस परिहार ने बताया कि ऐसे मामलों में लोकायुक्त केवल अवैध संपत्ति या किसी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने संबंधी मामलों में कार्रवाई कर सकता है। उनके अनुसार, यह मामला फ्रॉड या चीटिंग की श्रेणी का प्रतीत होता है, जिसकी शिकायत संबंधित पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए थी।
उज्जैन के मक्सी रोड स्थित सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक (डिप्टी जीएम) दीपक कुमार के साथ 1 करोड़ 77 लाख की बड़ी डिजिटल ठगी का मामला सामने आया है। जीएम को 'S108 Kotak Wealth Insights' नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर मार्केट से भारी मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट देखकर दीपक कुमार झांसे में आ गए और उन्होंने करोड़ों रुपए की राशि आरोपियों के खाते में डाल दी। राज्य साइबर सेल ने भोपाल के भानु चौरसिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगों के साथ मिलकर जीएम दीपक कुमार कई गुना प्रॉफिट दिलाने का झांसा देकर 'Neo Kot Pro' नामक एक फर्जी ट्रेडिंग एप इंस्टॉल करवाया। आधार और पैन कार्ड लेकर अकाउंट खोलने के बाद शुरुआत में 50000 जमा करवाए गए। इस पर झूठा प्रॉफिट दिखाकर जालसाजों ने 3 महीने के भीतर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,77,26,000 ट्रांसफर करवा लिए। जब फरियादी ने अपनी रकम निकालनी चाही, तो ठगों ने 1.70 करोड़ का फर्जी IPO अलॉट होने का बहाना बनाकर और पैसों की डिमांड की। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। कर्ज चुकाने के लिए 26 हजार में बेचा था करंट अकाउंटसाइबर सेल की जोन प्रभारी डीएसपी लीना मारोठ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर भोपाल की शिवनगर कॉलोनी से 25 वर्षीय आरोपी भानु चौरसिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में भानु ने कुबूल किया कि उस पर भारी कर्ज था। कर्ज उतारने के लिए उसने अपने दोस्त सारांश जैन को यस बैंक का करंट अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बदले उसे 26,000 नकद और 10,000 महीना देने का वादा किया गया था। इस ठगी के 2.50 लाख सीधे भानु के इसी खाते में आए थे। साइबर सेल ने मामले में आरोपी भानु चौरसिया को अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत केस दर्ज गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मुख्य आरोपी सारांश जैन और इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
रिहाई के स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद एक व्यक्ति को 53 दिन तक हिरासत में रखने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को रिहाई का वैध आदेश जारी होने के बाद हिरासत में बनाए रखना संविधान के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट ने नागौर जिले के एक मामले में अवैध हिरासत को लेकर राज्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा आजादी छीनना प्रशासनिक गलती नहीं, संवैधानिक उल्लंघन है। सिविल कारावास की दी गई थी सजा जस्टिस फरजंद अली व जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ में नागौर जिले के एक व्यक्ति की ओर से वकील मोतीसिंह राजपुरोहित ने याचिका पेश की थी। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोप में कार्रवाई करते हुए सिविल कारावास की सजा दी गई थी। इसके खिलाफ अपील पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, अजमेर ने 15 अप्रैल 2026 को सजा के संचालन को स्थगित कर दिया था और रिहाई का रास्ता साफ किया था। याचिका के अनुसार, आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने उन्हें रिहा नहीं किया और वे करीब 53 दिन तक हिरासत में रहे। आखिर पत्नी ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसके बाद 8 जून को अदालत के निर्देश पर रिहाई संभव हो सकी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसी उच्च प्राधिकारी के आदेश का पालन करना प्रशासनिक विवेक नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व है। अदालत ने यह भी माना कि हिरासत शुरू में वैध हो सकती थी, लेकिन सजा स्थगित होने के बाद उसका जारी रहना पूरी तरह अवैध था। कोर्ट ने इस तथ्य को भी गंभीर माना कि संबंधित व्यक्ति एचआईवी से पीड़ित है और उसकी पत्नी कैंसर रोगी है। कोर्ट ने कहा- ऐसे हालात में अवैध हिरासत ने परिवार को अतिरिक्त पीड़ा पहुंचाई। इसी आधार पर कोर्ट ने मुआवजा देकर जवाबदेही तय करने की जरूरत बताई।
शाजापुर ट्रैफिक पुलिस ने नशे में वाहन चलाने वाले ड्राइवरों पर कार्रवाई की। शुक्रवार को विशेष चेकिंग अभियान में 5 चालकों को शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। इन सभी चालकों पर कोर्ट ने कुल 50 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। ब्रेथ एनालाइजर मशीन से हुई चेकिंग यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग पॉइंट लगाए गए थे। इस दौरान पुलिस टीम ने 'ब्रेथ एनालाइजर मशीन' के जरिए वाहन चालकों की जांच की, जिसमें 5 चालक अत्यधिक नशे की हालत में मिले। पुलिस ने तत्काल वाहनों को जब्त कर चालकों के खिलाफ वैधानिक केस दर्ज किया और उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना यातायात पुलिस ने पुख्ता साक्ष्यों के साथ मामले को कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी पांचों आरोपी चालकों पर कुल 50 हजार रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य नशेड़ी वाहन चालकों में कानून का डर पैदा करना है। थाना प्रभारी बोले- दूसरों की जान जोखिम में डालना बर्दाश्त नहीं थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाना न सिर्फ खुद की बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों की जान को भी सीधे तौर पर जोखिम में डालना है। यह एक गंभीर श्रेणी का अपराध है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई में यह रहे शामिल इस कार्रवाई में सूबेदार सीमा मौर्य, एएसआई श्यामलाल चौधरी, एएसआई जगदीश चंद्र चौहान सहित यातायात थाने के पूरे स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी कोटा ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी,जिला झालावाड़ के खिलाफ कोटा कोर्ट चार्जशीट पेश की है। आरोपी रजनी मीणा ग्राम पंचायत मऊबोरदा, पंचायत समिति खानपुर में पोस्टेड थी। रजनी ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में 26 जोड़ों का मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले प्रति सर्टिफिकेट 500 की डिमांड की थी। एसीबी ने 10,400 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। 26 जोड़ों के मांगे थे 13 हजार रुपए एसीबी कोटा के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया -10 अप्रैल 2026 को परिवादिया ने शिकायत दी थी, जिसमें बताया गया था कि 16 फरवरी 2026 को ग्राम धानोदा खुर्द में सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में 26 जोड़ों की शादी हुई थी। जब इन जोड़ों के मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा से संपर्क किया गया, तो रजनी ने प्रति जोड़ा 500 रुपए के हिसाब से कुल 13 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। बाद में प्रति जोड़ा 400 रुपए लेने पर सहमति बनी और कुल 10,400 रुपए रिश्वत देना तय हुआ। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी रजनी मीणा को 10,400 रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच एसीबी कोटा के डीएसपी अनीस अहमद ने की। जांच में आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया। इसके बाद एसीबी ने कोर्ट में चालान पेश किया। आरोपी रजनी मीणा 15 अप्रैल से ही न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में है।
हिसार जिला पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना उकलाना पुलिस ने गांव प्रभुवाला स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में हुई चोरी की वारदात का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। थाना उकलाना प्रभारी पीएसआई कुलदीप ने बताया कि पीएफसी फुटबॉल ट्रस्ट, प्रभुवाला के प्रतिनिधि करमबीर ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि गांव प्रभुवाला स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम से दो एल्यूमीनियम एवं लोहे के मुख्य गेट तथा जिम में लगा खेल उपकरण और अन्य सामान अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिया गया है। शिकायत के आधार पर थाना उकलाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 एवं 331(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण किया मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण किया। जांच में जुटे मुख्य सिपाही सुभाष चंद्र ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त मंदीप पुत्र सत्यवान तथा राजीव पुत्र सुनील कुमार निवासी न्यू शिव मंदिर प्रभुवाला को गिरफ्तार कर लिया। एक दिन का पुलिस रिमांड पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ के लिए उन्हें कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान चोरी किए गए सामान की बरामदगी, वारदात में प्रयुक्त साधनों तथा अन्य संभावित घटनाओं में उनकी संलिप्तता के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस की आमजन से अपील पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति और खेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हिसार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
उदयपुर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में मरीज को ब्लड दिलाने का झांसा देकर अवैध रूप से पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित से रकम लेने के बाद भी उसे गुमराह किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सोनी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेता ने ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे ऐंठने वाले एक व्यक्ति को हॉस्पिटल परिसर में पकड़ लिया। फिर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। पीड़ित से वसूले गए 6500 रुपए वापस दिलवाए इसकी शिकायत आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राहुल जैन और हाथीपोल थाना पुलिस को दी गई। साथ ही आरोपी रौनक साहू निवासी आरके पुरम सवीना को पुलिस के हवाले कर दिया। उसके परिजनों को सूचना दी गई। जिसके बाद पीड़ित से वसूले गए 6500 रुपए उसे वापस दिलवाए गए। आरोपी को पैसे के लालच में हॉस्पिटल बुलवाया और धुनाई कर दी पीड़ित पंकज अहारी निवासी डूंगरपुर ने बताया कि उसकी पत्नी को हार्ट संबंधी बीमारी है। पत्नी 4 दिन से एमबी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों ने उसे बताया कि पत्नी को ब्लड की जरूरत है। तभी ब्लड बैंक के आसपास घूम रहे रौनक साहू ने आगे से पंकज अहारी से संपर्क किया और ब्लड उपलब्ध कराने का झांसा दिया। रौनक ने 6500 रुपए में ब्लड उपलब्ध कराने का वादा किया। फिर दूसरे दिन 3 हजार रुपए और मांगे। तब तक इसका पता कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सोनी को लगा। कांग्रेस नेता सोनी ने रौनक को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। पीड़ित पंकज ने रौनक को फोन कर हॉस्पिटल बुलाया और पैसे के बदले ब्लड उपलब्ध कराने की बात कही। रौनक जैसे ही हॉस्पिटल परिसर पहुंचा और पीड़ित पंकज से पैसे ले लिए। तभी सिद्धार्थ और उनके कार्यकर्ताओं ने उसे दबोच लिया और बुरी तरह मारपीट कर दी।
उदयपुर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती की तैयारियां तेज हो गई हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस उपलक्ष्य में कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में, बुधवार को जिला आदिवासी समाज सुधार सेवा संस्थान उदयपुर और मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संयुक्त तत्वावधान में रेती स्टैंड स्थित राणा पूंजा सर्कल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने महाराणा प्रताप के परम सहयोगी वीर योद्धा राणा पूंजा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के संघर्ष, त्याग और स्वाभिमान की गौरवशाली गाथा का स्मरण करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। आयोजकों ने बताया कि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती 17 जून को पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस उपलक्ष्य में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जयंती समारोह का उद्देश्य नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों, राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान की प्रेरणा से जोड़ना है। इन कार्यक्रमों में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रहेगी। पुष्पांजलि कार्यक्रम में आदिवासी समाज की ओर से सोमेश्वर मीणा, डॉ. देवीलाल दाना, राजकुमार खराड़ी, भेरूलाल मीणा, भूरीलाल पारगी सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की ओर से कमलेंद्र सिंह पवार, पृथ्वी सिंह चौहान, दलपत सिंह चौहान, भागवत सिंह देवड़ा, रामलाल बरोलिया, अजय सिंह, कुंदन सिंह भाटी, राजेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह एवं विनोद कुमार राठौर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों के प्रचार-प्रसार और समाज में एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
शिवपुरी जिले की पुलिस व्यवस्था में बदलाव करते हुए पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर थाना और चौकी प्रभारियों का तबादला किया है। इस फेरबदल में कई निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक नवीन यादव को पुलिस लाइन से बदरवास थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि निरीक्षक अनिल भारद्वाज को पुलिस लाइन से मायापुर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। उपनिरीक्षक राधेश्याम शिवहरे करैरा से गोपालपुर थाना प्रभारी और योगेंद्र सिंह सेंगर देहात थाना से अमोला थाना प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। धर्मेंद्र सिंह गुर्जर अब सिरसौद थाना प्रभारी इसी क्रम में, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह गुर्जर को हिम्मतपुर से सिरसौद थाना प्रभारी, रामानंद पचौरी को थनरा से हिम्मतपुर चौकी प्रभारी तथा अनुराधा सिंह को पुलिस लाइन से थनरा चौकी प्रभारी के पद पर पदस्थ किया गया है। अन्य तबादलों में, भोलाराम पुरोहित को बम्हारी से सतनवाड़ा थाना प्रभारी और सुनील सिंह राजपूत को सतनवाड़ा से बम्हारी थाना प्रभारी बनाया गया है। अरविंद सिंह चौहान रन्नौद से सुभाषपुरा थाना प्रभारी तथा राजीव दुबे सुभाषपुरा से रन्नौद थाना प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। प्रियंका पाराशर को सुरवाया थाने भेजामहिला थाना में पदस्थ प्रियंका पाराशर को सुरवाया थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सुरवाया में पदस्थ अरविंद छारी को कोतवाली में जेएसआई (जूनियर सब-इंस्पेक्टर) के रूप में पदस्थ किया गया है। छाया राय को पुलिस लाइन से खनियाधाना थाने में जेएसआई के तौर पर तैनात किया गया है। पुलिस विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बांदा में एक पिता ने अपनी 19 साल की बेटी की थाने के अंदर चाकू मारकर हत्या कर दी। वह बेटी के लव मैरिज करने से नाराज था। बेटी ने 18 मई को मोहल्ले के ही रहने वाले एक लड़के के साथ भागकर शादी कर ली थी। पुलिस शुक्रवार को लड़की और उसके प्रेमी को मध्यप्रदेश से बरामद कर थाने लाई थी। मां-बाप को भी थाने बुलाया गया था। इसी दौरान पिता अपनी बेटी को समझा रहा था, जिसके साथ तुमने शादी की है, वह दूसरी बिरादरी का है। समाज में बड़ी बदनामी हो रही है। लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। तभी पिता ने बेटी पर चाकू से हमला कर दिया। यह देख लड़की की मां बेहोश हो गई। चीख सुनकर पुलिसवाले मौके पर पहुंचे और लड़की को अस्पताल गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पिता को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला जिला मुख्यालय से 43 किमी दूर बदौंसा थाने का है। 2 तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… चार साल से अफेयर था, 18 मई को कोर्ट मैरिज की बदौंसा थाना क्षेत्र के इंद्रा कॉलोनी के रहने वाले सत्यकुमार चौहान (55) की दो बेटियां पूनम (24), शिवानी (19) और एक बेटा सत्यवान चौहान (29) है। बड़ी बेटी पूनम की शादी हो चुकी है। वह अपने ससुराल में रहती हैं। बेटा सत्यवान सूरत में एक फैक्ट्री में काम करता है। सत्यकुमार की पत्नी रन्नो देवी (53) गृहिणी हैं। पुलिस के अनुसार, सत्यकुमार की छोटी बेटी शिवानी का गांव के ही एक लड़के ललित वर्मा (20) से चार साल से अफेयर था। 18 मई को शिवानी ने ललित के साथ भागकर पहले मंदिर और फिर रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। शिवानी के भागने के बाद उसकी मां रन्नो देवी ने थाने में ललित के खिलाफ शिकायत दी थी। दोनों 18 मई से ही लापता थे। पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को पुलिस को दोनों के मध्य प्रदेश सतना जिले के बरौंधा घाटी क्षेत्र से होने की सूचना मिली। इसके बाद एमपी पुलिस से संपर्क करके दोनों को बरामद किया गया और उन्हें बदौंसा थाने लाया गया। इसके बाद दोनों के परिवार वालों को इसकी सूचना दी गई। काउंसलर ने अकेले में बात करने के लिए टाइम दिया थाशिवानी और ललित के परिवार वाले थाने पहुंचे। पुलिस ने पहले तो परिवार के साथ मिलकर दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही और विवाह से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को दिखाए। पुलिस शिवानी के मेडिकल और 164 के तहत बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान काउंसलर ने शिवानी, उसके पिता सत्यकुमार और मां रन्नो देवी को अकेले में बात करने के लिए कहा। तीनों एक कमरे में गए और वहां पर सत्यकुमार अपनी बेटी को समझाने लगा कि ललित दूसरे जाति का लड़का है। इसकी वजह से समाज में उसकी बदनामी हो रही है। तुम उसे तलाक दे दो। बेटी अपने पिता से बोली- अब ललित के साथ जीना और मरनातीनों बात कर ही रहे थे कि बेटी ने कहा- मैं ललित को नहीं छोड़ूंगी, मैंने उससे शादी कर ली है। अब वह मेरा पति है, उसी के साथ जीना है और मरना है। काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। बयान भी दर्ज कर लिए गए थे। इसके बाद लड़की को वन स्टॉप सेंटर भेजा जाना था। इस दौरान वहां 15 से 20 लोग मौजूद थे। इनमें लड़की की मां, लड़के का भाई और दोनों पक्षों के अन्य लोग शामिल थे। इसी दौरान लड़की के पिता ने अचानक सबके सामने चाकू निकाल लिया। देखते ही देखते उन्होंने 3 से 4 सेकंड के भीतर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल शिवानी को तत्काल अतर्रा सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बांदा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, अपनी आंखों के सामने ऐसा मंजर देखकर शिवानी की मां बेहोश हो गई। आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में लियाएसपी पलाश बंसल ने बताया कि 18 मई को युवती को भगा ले जाने की सूचना पर बदौसा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि 12 जून को युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया था। नियमानुसार उसके परिजनों को सूचना दी गई। बातचीत और काउंसलिंग के दौरान युवती के पिता ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। लड़की की मां ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उसे हिरासत में ले लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- स्कूल में 10वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या:चंदौली में क्लासमेट चाकू लेकर पहुंचा, सीने पर वार किए, बाकी स्टूडेंट डरकर भागे यूपी के चंदौली में 10वीं के छात्र की शुक्रवार सुबह स्कूल में हत्या कर दी गई। वारदात को क्लासमेट ने अंजाम दिया। आरोपी छात्र कमर में चाकू छिपाकर क्लास पहुंचा। वहां उसने सीने पर चाकू से वार किए। अचानक हुए हमले में लवकुश यादव (17) संभल नहीं पाया। खून से लथपथ होकर वह वहीं गिर गया। पढ़ें पूरी खबर…
सड़क पर फूटा तेज फव्वारा:मेन ट्रंक लाइन फटने से गहरा गड्ढा, सीवर निर्माण कार्य के दौरान हादसा
शहर के चार शहर का नाका चौराहे पर पानी की मुख्य ट्रंक लाइन फट गई। इससे सड़क में गहरा गड्ढा हो गया और हजारों लीटर पानी बह गया। इस घटना से कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को क्षेत्र में सीवर लाइन निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान गड्ढा खोदते समय मोतीझील से आने वाली ताजे पानी की मुख्य ट्रंक लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। दबाव के कारण लाइन फटने से सड़क पर अचानक तेज फव्वारे की तरह पानी बहने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनाई दी और सड़क से पानी की मोटी धार निकलने लगी। पानी का दबाव इतना अधिक था कि सड़क के नीचे भी गहरा गड्ढा हो गया और पानी तेजी से सड़क पर फैलने लगा। यह मुख्य ट्रंक लाइन क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे पानी टंकियों और घरों तक पहुंचाया जाता है। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल पानी की आपूर्ति बंद करवाई। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक किया गया। तब तक हजारों लीटर पानी सड़क पर बह चुका था। इस दौरान क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। सहायक यंत्री पीएचई आरएस शाक्यवार ने बताया, सिविल लाइन का काम चल रहा था, इसी दौरान मुख्य ट्रंक लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसे तुरंत दुरुस्त करवा दिया गया है और अब पानी की आपूर्ति सामान्य रूप से चालू है।
छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) की परीक्षा व्यवस्था में शुक्रवार को गंभीर लापरवाही सामने आई। बीए सेकंड ईयर और बीए एलएलबी की परीक्षा में हिंदी माध्यम के छात्रों को गलती से अंग्रेजी माध्यम का प्रश्नपत्र दे दिया गया, जिसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के बाद उन्हें अंग्रेजी प्रश्नपत्र मिला। शिकायत करने पर मामला कुलगुरु तक पहुंचा और लगभग एक घंटे बाद प्रश्नपत्र का हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराया गया। हालांकि, छात्रों को अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया गया, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन की इस गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगी फीस लेने के बावजूद छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आरोप- प्रदर्शन करने पर पुलिस बुलाईछात्रों ने यह भी बताया कि उन्हें परीक्षा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और इस लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में छात्रों की एटीकेटी आने का खतरा है। छात्रों का कहना था कि जब वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो प्रशासन पुलिस बुलाकर दबाव बनाने का प्रयास करता है। घटना से नाराज विद्यार्थियों और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर परीक्षा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। समाचार लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
नरसिंहपुर पुलिस ने जैन मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 250 वर्ष पुरानी अष्टधातु की 2 कीमती मूर्तियां, 17 चांदी के छत्र और लाखों रुपए के चोरी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। एसपी ने किया खुलासा, टेक्निकल इनपुट से पकड़ाया गिरोह SP डॉ. ऋषिकेश मीना ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले दो-तीन महीनों के भीतर जिले के ग्राम रामनिवारी, करकबेल और तेन्दूखेड़ा के धार्मिक स्थलों में चोरी की लगातार वारदातें सामने आ रही थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने निगरानी बदमाश टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया पर शिकंजा कसा, जिसने पूछताछ में अपने साथियों के साथ मिलकर सिलसिलेवार चोरियां करना स्वीकार किया। चोरी का माल खरीदने वाले सराफा कारोबारी सहित 5 गिरफ्तार मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने इस गिरोह में शामिल ज्ञानी प्रजापति (निवासी झामर), आशीष शर्मा (निवासी गोहचर), नितिन शर्मा (निवासी गोटेगांव) और चोरी की चांदी व मूर्तियां खरीदने वाले सुनार चिन्टू उर्फ मुकेश सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में कबूलीं ये बड़ी वारदातें आरोपियों ने पुलिस रिमांड में शहर और ग्रामीण इलाकों की कई बड़ी चोरियों का खुलासा किया है। 6-7 जून 2026 की रात: करकबेल जैन मंदिर में चोरी। 10 मार्च 2026: रामनिवारी जैन मंदिर में चोरी। 7 अप्रैल 2026: तेन्दूखेड़ा जैन मंदिर में वारदात। 30 मई 2026: बैलहाई स्थित एक चाय-नाश्ते की दुकान में चोरी। 2 अप्रैल 2026: गोटेगांव-सतपुड़ा रोड बायपास के पास एक सूने मकान का ताला तोड़ा। मंदिर समितियों को सौंपी जाएंगी मूर्तियां पुलिस ने आरोपियों के पास से शत-प्रतिशत माल बरामद करने में सफलता हासिल की है। जब्त किए गए सामान में भगवान की 2 प्राचीन अष्टधातु मूर्तियां, 17 चांदी के छत्र, 2 चांदी के आसन, 1 चांदी का मुकुट, 4 बैटरियां, 3 इन्वर्टर, 2 फ्रिज, 4 एलईडी टीवी, 2 डीवीआर, 2 पंखे, वारदात में इस्तेमाल की गई 2 बाइक और 4,000 रुपए नकद शामिल हैं। एसपी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भगवान की प्राचीन मूर्तियों और अन्य पूजन सामग्री को पूरे आदर के साथ संबंधित जैन मंदिर समितियों को सौंप दिया जाएगा।
कलेक्टर अजीत वसंत ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा। जो स्कूल एकल शिक्षकीय हैं, वहां तत्काल अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ किए जाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टरर ने भवनविहीन व विद्युतविहीन स्कूलों की जानकारी ली और ऐसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में न्यूज डेस्क लगाएं और छात्रों को न्यूजपेपर पढ़ने की आदत डलवाएं। परीक्षा परिणामों की ब्लॉकवार समीक्षासमीक्षा के दौरान उन्होंने पूर्व शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणाम की जानकारी ली। कलेक्टर ने बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की सराहना की, वहीं अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम की मॉनिटरिंग प्रत्यक्ष रूप से डीईओ स्तर पर की जाए। स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक पोस्टेड होंगेकलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता हो। जिन विद्यालयों में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती तत्काल करें। प्रायमरी स्कूलों में कम से कम 2 और मिडिल स्कूलों में 3 शिक्षक अनिवार्य रूप से पदस्थ रहें। कलेक्टर ने पीवीटीजी समुदायों के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में एडमिशन दिलाने पर विशेष फोकस रखने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले ऐसे विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षा दे रहे हों। 16 जून से पहले स्कूलों में तैयारी के निर्देश जिले में आगामी 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को देखते हुए कलेक्टर वसंत ने सभी स्कूलों में तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा कक्षाओं की आवश्यक मरम्मत का कार्य समय पर पूर्ण कराएं। अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षाकलेक्टर ने बच्चों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया गया कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन गया है, उनका जल्द आधार कार्ड बनवाएं। उन्होंने विभागों के समन्वय से प्रमाण पत्र निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मध्यप्रदेश में तीसरी संतान के आधार पर एक अफसर की नौकरी चली गई। आईजी पंजीयन अमित तोमर ने गुरुवार को सिंगरौली के सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उस घोषणा के 48 घंटे बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दो से अधिक संतान होने के आधार पर किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। अफसर को बर्खास्त करने का आदेश गुरुवार को जारी किया गया। यह शुक्रवार को सामने आया। नौकरी के दौरान हुआ तीसरी संतान का जन्म दरअसल, अशोक सिंह परिहार के खिलाफ शिकायत की गई थी कि शासकीय सेवा के दौरान उनकी तीसरी संतान का जन्म हुआ है। मामले की जांच के लिए पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और बाद में विभागीय जांच बैठाई गई। जांच अधिकारी के रूप में वरिष्ठ जिला पंजीयक जबलपुर पवन अहिरवार को नियुक्त किया गया था। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरोप सही जांच में सामने आया कि परिहार की तीसरी संतान अभिषेक सिंह का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। कलेक्टर सिंगरौली की संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट, जन्म संबंधी दस्तावेज और अन्य अभिलेखों के आधार पर आरोप सही पाए गए। जांच अधिकारी ने 9 दिसंबर 2025 को सौंपी अपनी रिपोर्ट में भी परिहार को दोषी माना था। अफसर ने कहा था- नियम की जानकारी नहीं जवाब में परिहार ने कहा था कि उन्हें दो से अधिक संतान संबंधी नियम की जानकारी नहीं थी और विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि विभाग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि परिहार वर्ष 1992 से नियमित शासकीय सेवा में थे, इसलिए यह मानना संभव नहीं है कि उन्हें सेवा नियमों की जानकारी नहीं थी। CM ने तीन संतान वाला प्रस्ताव किया था रद्दमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जून को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के उस ड्राफ्ट प्रावधान को निरस्त करने के निर्देश दिए थे, जिसमें दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को सरकारी सेवा के लिए अपात्र घोषित करने का प्रस्ताव था। मुख्यमंत्री ने ड्राफ्ट को पोर्टल से हटाने और संशोधित प्रस्ताव जारी करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद माना जा रहा था कि दो से अधिक संतान से जुड़े मामलों में कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। फिर कार्रवाई क्यों हुई पंजीयन विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब तक कोई संशोधित शासकीय आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में विभाग ने वही नियम लागू माना, जो वर्तमान में प्रभावी हैं। इसी आधार पर सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। क्या कहता है नियम 10 मार्च 2000 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन व्यक्तियों की दो से अधिक जीवित संतान हैं और उनमें से किसी एक संतान का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है, वे शासकीय सेवा के लिए पात्र नहीं माने जाते। परिहार का मामला इसी प्रावधान के दायरे में पाया गया। अब आगे क्या अशोक सिंह परिहार के पास विभागीय अपील का विकल्प मौजूद है। वे बर्खास्तगी आदेश को शासन स्तर पर चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट में भी राहत की मांग की जा सकती है। यदि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सरकार अलग से आदेश जारी करती है, तो इस मामले में नया कानूनी पहलू भी जुड़ सकता है।-------------------- ये खबर भी पढ़ें.. 2 से ज्यादा बच्चे, फिर भी मिलेगी सरकारी नौकरी मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए प्रस्तावित दो बच्चों की अधिकतम सीमा वाला प्रावधान लागू नहीं होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के उस ड्राफ्ट नियम को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को सरकारी सेवा के लिए अपात्र घोषित करने का प्रावधान रखा गया था। पढ़िए पूरी खबर।
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) स्कीम में 2 साल से गांव में रोजगार नहीं मिला। इस तरह के मुद्दे श्रीगंगानगर के ग्राम पंचायत 6 एफए रडेवाला, 9 एफए माझीवाला और फौजूवाला में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में उठे। जिला प्रमुख दुलाराम इंदलिया ने शुक्रवार शिविरों में जनसमस्याएं सुनीं। मजदूरों ने वीबी-जीरामजी स्कीम में रोजगार न मिलने का मुद्दा उठाया तो जिला प्रमुख ने संबंधित अधिकारियों को 6 नंबर फॉर्म भरवाने के सख्त निर्देश दिए, ताकि जल्द से जल्द काम शुरू हो सके। गांव फौजूवाला में जिला प्रमुख ने 2 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किए। तीन लाभार्थियों को मंगला बीमा पॉलिसी सौंपी। इंदलिया ने माझीवाला को छोड़कर अन्य पंचायतों में लाभार्थियों की कम संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी-अधिकारी शिविर में बैठे रहे, लेकिन आमजन की उपस्थिति कम रही। जिला प्रमुख ने कहा- समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं पहुंचनी चाहिएं। इसके लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर और ज्यादा मेहनत करनी होगी। ग्रामीण इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी समस्याएं बताएं।
ग्वालियर में फिल्मी अंदाज में पत्नी के अपहरण का मामला सामने आया है। झांसी रोड थाना क्षेत्र में कोर्ट से लौट रही महिला को उसके पति ने साथियों के साथ मिलकर बीच सड़क से अगवा कर लिया। महिला अपने प्रेमी के साथ घर जा रही थी। तभी पति ने गाड़ी अड़ाकर मारपीट की और जबरन ले गया। पुलिस ने शहर में नाकाबंदी कर आरोपी पति रामू तोमर की तलाश शुरू कर दी है। महिला 6 महीने की गर्भवती बताई जा रही है। दअरसल, घटना शुक्रवार शाम चेतकपुरी चौराहे से नाका चंद्रवदनी चौराहे के बीच की है। भिंड जिले की रहने वाली महिला कोर्ट में सुनवाई के बाद अपने प्रेमी रामेंद्र सिंह भदौरिया के साथ गाड़ी से लौट रही थी। तभी रास्ते में उसके पति रामू तोमर ने भाई सुमित, पिता और बहन के साथ मिलकर गाड़ी रोक ली। आरोप है कि रामू ने पहले प्रेमी रामेंद्र के साथ मारपीट की, फिर महिला को बाल पकड़कर जबरन अपनी गाड़ी में डालकर ले गया। महिला के प्रेमी रामेंद्र ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मारपीट से परेशान होकर प्रेमी के साथ रहने लगी रामेंद्र ने बताया कि वह भिंड के जैसेना का रहने वाला है। करीब एक साल पहले वह महिला के ससुराल कितपुरा में किराए से रहता था। महिला का पति उसके साथ मारपीट करता था। फिर उन दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। तभी दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हुआ और महिला उसके साथ रहने आ गई। महिला के पूर्व पति से दो बच्चे भी हैं। लेकिन अब उसकी प्रेमिका भी गर्भवती है। अपहरण का मामला दर्ज कर सघन चेकिंग जारी CSP हिना खान ने बताया कि महिला हाई कोर्ट में बयान देने आई थी कि वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। लौटते समय उसका अपहरण कर लिया गया। दोनों ही भिंड के रहने वाले हैं। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस शहर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन चेकिंग कर रही है। आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा। पुलिस ने महिला की सुरक्षा को देखते हुए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस का कहना है कि गर्भवती महिला को जल्द बरामद करना पहली प्राथमिकता है। मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी। महिला के प्रेमी रामेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया- वह मेरे साथ हाईकोर्ट आई थीं। मजिस्ट्रेट के सामने उसने बयान दिया कि पति के साथ नहीं रहना चाहती। वो मारता-पीटता है। हम गाड़ी से जा रहे थे, तभी रामू तोमर, उसका भाई, पिता और बहन ने हमें रोक लिया। मारपीट कर उसे ले गए। वह 6 महीने की गर्भवती है। मैं उस बच्चे का पिता हूं। ग्वालियर CSP हिना खान ने बताया- शाम को सूचना मिली थी कि एक महिला को चेतकपुरी से नाका चंद्रवदनी के बीच अगवा किया है। जांच में सामने आया कि महिला का पूर्व पति रामू तोमर उसे ले गया है। महिला वयस्क है और प्रेमी के साथ स्वेच्छा से जा रही थी। पति ने हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई थी। महिला उससे अलग रह रही है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
भरतपुर के अरोड़ा हॉस्पिटल में एक महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने अस्तपाल प्रशासन पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए शव को अस्पताल के बाहर रखकर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मथुरा गेट थाना पुलिस लगातार महिला के परिजनों से समझाइश कर रही है। समय सिंह ने बताया कि आज मेरी सास कमलेश (55) निवासी हिंगौली की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें हार्ट में परेशानी थी, इसलिए आरबीएम अस्पताल में उन्हें भर्ती करवाया था। वहां पर कमलेश के परिजनों को इलाज में संतुष्टि नहीं मिली तो, वह कमलेश को लेकर मानसिंह चौराहे स्थित अरोड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे। दूसरे अस्पताल ले जाते समय हुई मौतकमलेश के परिजनों का कहना है कि जैसे ही वह कमलेश को अस्पताल लेकर गए तो, अस्पताल में नर्सिंग कर्मियों ने कमलेश को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही कमलेश बेहोश हो गई। तभी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा। परिजन कमलेश को लेकर दूसरे अस्पताल जा रहे थे। तभी कमलेश ने अरोड़ा हॉस्पिटल के बाहर दम तोड़ दिया। पुलिस कर रही परिजनों से समझाइशकमलेश की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया और, धरने पर बैठ गए। परिजनों ने कमलेश के शव को अरोड़ा अस्पताल के बाहर रखा और धरना देने लगे। घटना की सूचना पर मथुरा गेट थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस लगातार कमलेश के परिजनों से समझाइश कर रही है।
रेवाड़ी में बिजली ठप रहने से अब ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। शुक्रवार को तिहाड़ा में ग्रामीणों ने प्राणपुरा रोड जाम कर अपना विरोध जताया। जाम की सूचना मिलने के बाद बावल के एसडीएम, एसएचओ व बिजली निगम के एसडीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से रोड जाम खोलने को कहा लेकिन ग्रामीणों ने अधिकारियों को खरी-खरी सुना दी। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्त के बाद अधिकारी ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए मना पाए। जानिए क्या बोले ग्रामीण… तिहाड़ा में जाम की सूचना पर एसडीएम संजीव कुमार, एसएचओ फूल कुमार व सएडीओ संजय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के सामने ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण बोले, सुनो जनाब, गाम के सारे रास्ते बंद पड़े हैं। गाम कोई हारी-बीमारी आए जाए तो कैसे लेकर जावांगै। बिजली तो आवैगी, तब आवैगी। कम से कम रास्तां नै तो खोल दों। एसएचओ के कुछ बोलने पर महिलाओं ने चिल्लाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि टिकलां और भगवानपुर में सप्लाई चालू हो चुकी है। लेकिन चार दिन हो गए पानी की एक बूंद भी नहीं आई। पशु भी प्यासे मर रहे हैं। वहीं एक व्यक्ति ने कहा कि अगर कोई बीमार हो तो कैसे लेकर जाएंगे। मंगलवार से सप्लाई ठप्प बता दें कि रेवाड़ी में मंगलवार को बरसात के साथ आंधी तूफान से बिजली के करीब 650 खंभे टूटे थे। 35 बिजली ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए थे। जिससे अकेले बावल क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। कई गांवों में चार दिन बाद शुक्रवार को भी सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को तिहाड़ा के ग्रामीणों ने प्राणपुरा रोड पर जाम लगाकर अपना विरोध किया। वीरवार को बावल में रोड जाम किया था।
नूंह जिला परिषद चेयरमैन जान मोहम्मद ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि बीते 12 साल देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किए जाएंगे। जान मोहम्मद ने जोर दिया कि भारत अब केवल योजनाएं बनाने वाला नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर आम लोगों तक पहुंचाने वाला देश बन चुका है। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की सराहना की। जान मोहम्मद के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को इलाज की चिंता से मुक्त किया है। इसी तरह, उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण महिलाओं को धुएं वाले चूल्हों से मुक्ति दिलाई है। गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया है, जिससे करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है। जान मोहम्मद ने कहा कि मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार और बिचौलिया संस्कृति पर प्रभावी प्रहार किया है। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने का भी उल्लेख किया। विकास निधि सीधे पंचायतों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बात करते हुए, उन्होंने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को बेटियों के लिए नई उड़ान बताया। किसानों को सीधी मिल रही आर्थिक सहायता किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है। युवाओं के लिए, जान मोहम्मद ने कहा कि उन्हें बिना किसी सिफारिश या खर्च के रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। जिससे सरकारी व्यवस्था में उनका विश्वास बढ़ा है। मेवात क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए, जान मोहम्मद ने बताया कि एक्सप्रेसवे, आईटीआई और अन्य आधारभूत परियोजनाओं ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। जान मोहम्मद ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शुक्रवार शाम 5-6 आवारा कुत्तों ने एक महिला पर अटैक कर दिया। खूंखार कुत्तों के झुंड ने महिला को नोच-नोचकर मार डाला। महिला के गले और चेहरे पर चोटें हैं। मृतका की पहचान पाटी नाका टीन शेड निवासी 35 वर्षीय लीला बाई (पति दिलीप बकावले) के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, लीला बाई रोज की तरह शुक्रवार शाम करीब 5 बजे राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के आसपास सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। महिला को जमीन पर गिराकर हाथ, पैर, पेट और गले पर बुरी तरह नोच डाला। ये तस्वीरें देखिए… चश्मदीद ने पत्थर मारकर कुत्तों को भगाया वहीं पास ही ईंट भट्टे पर काम करने वाले गोलू गोले ने बताया कि अचानक कुत्तों के भौंकने और महिला की चीखने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुत्तों का झुंड महिला को नोच रहा था। गोलू ने तुरंत पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से भगाया। इस दौरान कुत्तों के हमले से लीला बाई गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। वह खून से सनी हुई थी, दर्द से जमीन पर तड़प रही थी और बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी। ब्लीडिंग ज्यादा हो जाने की वजह से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच वहीं कुत्तों को भगाने के बाद गोलू गोले ने तत्काल कोतवाली पुलिस और मृतका के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बड़वानी जिला अस्पताल भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शनिवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। नगर पालिका से कई बार शिकायत की गई वहीं कुत्तों के आतंक को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि राजघाट रोड, बस स्टैंड और जिला अस्पताल परिसर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड लगातार घूमते रहते हैं। कई बार नगर पालिका से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर पालिका नहीं कर रही अपना काम विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनडे ने बताया- शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों का जमावड़ा होने से लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो गया है। नगर पालिका नसबंदी और टीकाकरण जैसे बचाव कार्य सुचारू रूप से नहीं कर रही है। CMO बोलीं- अभी ये क्लियर नहीं हुआ कि यह डॉग्स बाइट नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया- ये घटना नगरीय क्षेत्र सीमा के बाहर की है। हमारी टीम नगर में आवारा कुत्तों को लेकर वैक्सिनेशन अभियान चला रही है। हर मोहल्ले में वैक्सिनेशन कराया जा रहा है। अधिकतर डॉग्स को टीका लगाया जा चुका है। अभी ये क्लियर नहीं हुआ कि यह डॉग्स बाइट है।
भीषण गर्मी के बाद सीहोर में चली धूलभरी आंधी:घने बादलों और ठंडी हवा से तापमान गिरा
सीहोर जिले में मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखा गया। दिनभर भीषण गर्मी और तेज धूप के बाद रात में धूलभरी तेज आंधी चली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही जिले में तेज धूप और गर्मी का प्रकोप था। दोपहर तक मुख्य बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि उमस और तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे थे। शाम ढलते ही मौसम ने करवट ली। रात होते-होते आसमान में घने बादल छा गए और सीहोर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज रफ्तार से धूलभरी आंधी शुरू हो गई। अचानक आई इस आंधी के कारण सड़कों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गति धीमी हो गई। धूल का गुबार इतना घना था कि दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। इस आंधी के चलने से पिछले कई दिनों से जारी गर्मी से सीहोर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम में यह अचानक बदलाव स्थानीय स्तर पर अत्यधिक गर्मी और नमी के कारण बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से आया है। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों में आंधी के बाद हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
टीकमगढ़ के बड़ागांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे में दो बाइक सवारों की मौत हो गई। सागर हाईवे रोड पर मोहन ढाबा के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवारों के सिर में गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को बड़ागांव अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दोनों की मौत का कारण सिर में लगी गंभीर चोटें हैं। बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था।मृतक दादे रैकवार और भरोसी रैकवार उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के रहवासी है। यूपी के रहने वाले थे दोनों मृतक थाना प्रभारी जयंत सोनी ने जानकारी दी कि यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे टीकमगढ़-सागर हाईवे पर हुआ। घटना के तीन घंटे बाद मृतकों की शिनाख्ती हुई है। मृतक यूपी के रहने वाले थे। वहीं टक्कर मारने वाले वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद, बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव रखे गए। डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में किया जाएगा, क्योंकि बड़ागांव में इसकी सुविधा नहीं है।
दमोह के इमलाई इलाके में गुरुवार देर रात लोगों ने अवैध रूप से ले जाई जा रही शराब से भरा एक ट्रक पकड़ा। ट्रक में कुल 1200 पेटी शराब लोड थी, जिसका परिवहन परमिट तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी किया जा रहा था। लोगाें ने ट्रक को रोककर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। परमिट की मियाद खत्म होने के डेढ़ घंटे बाद गुजरा ट्रक जानकारी के अनुसार, शराब से भरा ट्रक (MP07HB5439) बटियागढ़ से जबलपुर की ओर जा रहा था। भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों को सूचना मिली थी कि इस गाड़ी का परिवहन परमिट 11 जून की रात 11:50 बजे तक ही वैध था और इसे तय समय पर जबलपुर पहुंच जाना था। इसके बावजूद, रात करीब 1:30 बजे (समय सीमा खत्म होने के करीब डेढ़ घंटे बाद) यह ट्रक दमोह के इमलाई क्षेत्र से गुजर रहा था, जिसे संगठन के सदस्यों ने घेराबंदी कर रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। दोपहर में खाली कराया ट्रक, मिलीं 1200 पेटियां देहात थाने में पदस्थ एएसआई अकरम खान ने बताया कि रात के समय पर्याप्त संसाधन न होने के कारण तत्काल जब्ती की पूरी प्रक्रिया नहीं हो सकी थी। शुक्रवार दोपहर को पुलिस की मौजूदगी में देहात थाने लाकर पूरे ट्रक को खाली कराया गया। ट्रक में लोड सभी शराब पूरी तरह सील बंद थी। परमिट और कागजातों के मिलान के बाद गिनती कराई गई, जिसमें कुल 1200 पेटी शराब पाई गई है। कलेक्टर कोर्ट में पेश होगा मामला, तय होगा जुर्माना संगठन के सदस्यों ने शुरुआत में आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं की और आबकारी विभाग के अधिकारियों का इंतजार करने की बात कही। हालांकि, बाद में पुलिस ने पूरी शराब को जब्त कर थाने में रखवा लिया है और मामले की कानूनी जब्ती तैयार कर ली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रतिवेदन पेश किया जाएगा। वहां से जो भी जुर्माना तय किया जाएगा, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना में ट्रैक्टर पलटा, एक दर्जन ग्रामीण घायल:पथ कार्यक्रम में जा रहे थे, 5 गंभीर जिला अस्पताल रेफर
पन्ना जिले के नादन गांव के पास गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक ट्रैक्टर पलट गया। इस हादसे में पथ (बच्चे के जन्म पर) कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे एक दर्जन ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पांच गंभीर घायलों को जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया है। यह घटना देर रात करीब 1 बजे हुई। सभी ग्रामीण मुटहा गांव से नादन गांव में आयोजित एक पथ कार्यक्रम में जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नादन गांव पहुंचने से कुछ दूरी पहले चालक ने ट्रैक्टर पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे तेज रफ्तार ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई में मामूली रूप से चोटिल हुए लोगों को शुरुआती इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। हालांकि, पांच लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें शुक्रवार (12 जून) को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। ये गंभीर हालत में पहुंचे पन्ना घायल महिला हक्की बाई (30 वर्ष) ने बताया कि वे सभी मुटहा गांव से ट्रैक्टर में सवार होकर नादन गांव जा रहे थे। रात के समय अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। जिला अस्पताल पन्ना रेफर किए गए गंभीर घायलों में उमेश आदिवासी (17 वर्ष), फूला बाई (40 वर्ष), आशा बाई (32 वर्ष), हक्की बाई (30 वर्ष) और पुष्पेंद्र आदिवासी (12 वर्ष) शामिल हैं। फिलहाल, जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम इन पांचों मरीजों की निगरानी कर रही है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। ्र
बांसवाड़ा के पालोदा, घाटोल और आस-पास के दर्जनों गांवों में शनिवार को लोगों को भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RRVPNL) द्वारा ग्रिड सब स्टेशनों पर आवश्यक रख-रखाव (मेंटेनेंस) और 132 केवी बांसवाड़ा लाइन पर आ रहे पेड़ों की छंटाई का काम किया जाएगा। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक इस तकनीकी कार्य के चलते क्षेत्र में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कुल 5 घंटे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी। पावर कट के कारण पालोदा और घाटोल ग्रिड सबस्टेशन से जुड़े सभी मुख्य 33 केवी फीडर प्रभावित होंगे। इनमें मुख्य रूप से पालोदा, गनोड़ा, अरथूना, पिंडावल, घाटोल, सेनावासा, खमेरा और पीपलखूंट सहित इनसे जुड़े ग्रामीण इलाके शामिल हैं। आवश्यक काम निपटा लें विद्युत विभाग के पालोदा क्लस्टर सहायक अभियंता ने बताया कि मानसून से पहले निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह रखरखाव बेहद जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सुबह 7 बजे से पहले ही पानी भरने और घरेलू व व्यावसायिक उपयोग से जुड़े अपने आवश्यक काम निपटा लें, ताकि इस 5 घंटे की कटौती के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कार्य पूरा होते ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में एक कदम बढ़ाते हुए सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने शुक्रवार को सरगुजा संभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://division-surguja.cg.gov.in/ का शुभारंभ किया। यह छत्तीसगढ़ राज्य के किसी संभाग की पहली आधिकारिक संभागीय वेबसाइट है। वेबसाइट नागरिकों, पर्यटकों तथा विभिन्न हितधारकों को एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगी। वेबसाइट का डिजाइन, डेवलपमेंट एवं तकनीकी सहयोग एनआईसी सरगुजा द्वारा प्रदान किया गया है। पोर्टल का निर्माण केंद्र सरकार के सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर किया गया है, जिससे इसकी सुरक्षा, विश्वसनीयता और उपयोगिता बनी रहेगी। अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस वेबसाइट को ऑटोमेटेड पैच, आसान साइबर सुरक्षा, सुरक्षा ऑडिट जैसी सुविधाएं प्राप्त होंगी। वेबसाइट को पूरी तरह रिस्पॉन्सिव बनाया गया है, जिससे यह मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर सहित सभी प्रकार के उपकरणों पर सहजता से संचालित होगी। वर्तमान में यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। नागरिकों और पर्यटकों को मिलेंगे कई लाभइस पोर्टल के माध्यम से सरगुजा संभाग की प्रशासनिक संरचना, इतिहास, प्रोफाइल, अधिकारियों की संपर्क सूची तथा सभी जिलों की महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और क्षेत्रीय महोत्सवों की विस्तृत जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नागरिक अब पोर्टल के माध्यम से सीधे बी1/पी11, नामांतरण, राजस्व न्यायालय आवेदन तथा डायवर्जन जैसी महत्वपूर्ण ऑनलाइन राजस्व सेवाओं तक पहुंच सकेंगे। पोर्टल पर कार्यालय के नोटिस, टेंडर, सूचनाएं, परिपत्र और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं समय-समय पर प्रकाशित की जाएंगी। नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए वेबसाइट में फीडबैक फॉर्म, मीडिया कॉर्नर, फोटो गैलरी और वीडियो गैलरी जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। पोर्टल के शुभारंभ अवसर पर कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने सरगुजा संभाग के सभी जिला कलेक्टरों तथा एनआईसी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी जिलों द्वारा सक्रिय डाटा साझाकरण तथा एनआईसी की टीम की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य का पहला संभागीय पोर्टल साकार हो सका है। कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने कहा कि यह वेबसाइट प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। शुभारंभ अवसर पर उपायुक्त आरके खुंटे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के समस्त जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी जुड़े थे।
बालाघाट-गर्रा मार्ग पर सफर करने वाले राहगीरों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। बालाघाट-कटंगी रेल सेक्शन पर बनकर तैयार हुआ बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) शनिवार से आम जनता के यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। प्रदेश के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह दोपहर 12:30 बजे गर्रा स्थित रेलवे क्रॉसिंग क्रमांक बीके-9 के पास आयोजित मुख्य कार्यक्रम में इस ओवरब्रिज का विधिवत लोकार्पण करेंगे। नगरपालिका ने इस नवनिर्मित ओवरब्रिज का नाम 'राजाभोज ओवरब्रिज' रखा है। स्थायी रूप से बंद हो जाएगा पुराना रेलवे फाटक लोकार्पण से ठीक पहले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (गोंदिया) के अनुभाग अभियंता ने महत्वपूर्ण जानकारी दी कि 13 जून को दोपहर 12 बजे से रेलवे फाटक क्रमांक बीके-9 को सड़क यातायात के लिए हमेशा (स्थायी) रूप से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद बालाघाट से गर्रा, वारासिवनी और कटंगी मार्ग की ओर आने-जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को इसी नए ओवरब्रिज से होकर गुजरना होगा। शुक्रवार को नपा अध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व नपाध्यक्ष भीम फुलसुंघे के साथ ब्रिज का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। फाटक के लंबे जाम और इंतजार से मिलेगी मुक्ति इस रोड ओवरब्रिज के शुरू होने से क्षेत्र के लाखों नागरिकों को बरसों पुरानी समस्या से परमानेंट निजात मिल जाएगी। इससे पहले जब भी इस रूट से कोई ट्रेन गुजरती थी, तो रेलवे फाटक बंद होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती थीं। एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसों और कामकाजी लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था। अब इस ब्रिज के चालू होने से सफर न सिर्फ तेज बल्कि बेहद सुरक्षित और सुगम हो जाएगा। 'डेंजर रोड' के चक्करों से राहत, समय और ईंधन की होगी बचत ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते पिछले लंबे समय से बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के प्रवेश को 'डेंजर रोड' की तरफ डायवर्ट किया गया था। इस डायवर्जन के कारण भारी वाहनों को शहर के भीतर आने और बाहर जाने के लिए कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे शहर की अंदरूनी सड़कों पर दबाव और हादसों का खतरा बना रहता था। अब सीधे ओवरब्रिज चालू होने से भारी वाहनों को बाईपास या डेंजर रोड नहीं जाना पड़ेगा, जिससे वाहन चालकों के समय और डीजल-पेट्रोल दोनों की बड़ी बचत होगी। प्रशासन और रेलवे की वाहन चालकों से अपील स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के वाहन चालकों और आम जनता से अपील की है कि वे शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद पुराने बंद हो चुके रेलवे फाटक वाले रास्ते पर जाने का प्रयास न करें। सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी चालक नवनिर्मित ओवरब्रिज, निर्धारित लेन और वहां लगे साइन बोर्ड का पूरी तरह पालन करें।
सिरसा जिले की उप तहसील गोरीवाला के अंबेडकर चौक पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका का झंडा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंककर अपना रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन में भारत माता की जय और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगभग तीन सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर अमेरिका के एक नागरिक द्वारा भारतीय तिरंगे के अपमान का एक वीडियो सामने आया था। ग्रामीणों ने इस घटना को केवल राष्ट्रीय ध्वज का ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान का अपमान बताया। प्रदर्शनकारी बोले- भारतीय ध्वज का अपमान सहन नहीं प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि उन्होंने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण विरोध स्वरूप अमेरिका का झंडा और पुतला फूंका गया। प्रदर्शनकारी गुरप्रीत ने कहा कि भारत के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारतीय ध्वज का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा। गोरीवाला के अंबेडकर चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया।

