मुरादाबाद में सागर सिक्योरिटी कंपनी की मालकिन रमा भारद्वाज ने शहर के एक चर्चित कोचिंग सेंटर संचालक पर धोखाधड़ी कर अपने 35 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मंडलायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस बाबत लिखित शिकायत दी है। SSP सतपाल अंतिल ने पुलिस को मामले की जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता का आरोप है कि कोचिंग संचालक 2018 से उनकी कंपनी से सिक्योरिटी सेवाएं ले रहा है। इसमें सिक्योरिटी गार्ड्स और बाउंसर भी शामिल हैं। पीड़िता का कहना है कि शुरू से ही कोचिंग संचालक पूरा पेमेंट करने के बजाए टुकड़ों में पेमेंट करता रहा है। हर महीने पेमेंट का एक बड़ा हिस्सा रोक लेता है। हर बार अगले महीने पूरा पेमेंट कर देने का यकीन दिलाता है। लेकिन ऐसा करते करते ही पूरे 8 साल बीत चुके हैं। सागर सिक्योरिटी में अकाउंट्स हेड का काम संभालने वाली रमा भारद्वाज की बेटी सूर्या भारद्वाज ने कहा कि पिछले सप्ताह वे अपनी मां को लेकर पेमेंट की मांग करने के लिए कोचिंग संचालक के पास उसके इंस्टीट्यूट गई थीं। जहां उसने बड़े बड़े अफसरों को न्यायिक अधिकारियों से अपने नजदीकी रिश्तों की धौंस देते हुए पेमेंट देने से साफ मना कर दिया। धमकी दी कि पेमेंट को लेकर अब अगर कोई भी तकादा किया या फिर कहीं शिकायत की तो जान से मरवा दूंगा। रमा भारद्वाज ने SSP को दी शिकायत में कहा है कि, कोचिंग संचालक जानबूझकर उनका पेमेंट नहीं कर रहा है। इससे तंग आकर जब उन्होंने उसके संस्थान से अपनी सिक्योरिटी, बाउंसा और हाउस कीपिंग स्टाफ को हटा लेने की चेतावनी दी तो कोचिंग संचालक ने अपने रसूख का इस्तेमाल करके झूठे मुकदमों में फंसवा देने की धमकी दी। रमा भारद्वाज ने कहा कि अपने स्टाफ और स्टूडेंट्स के साथ भी इस कोचिंग संचालक का यही रवैय्या है। उन्होंने कहा कि जो भी इसकी बदतमीजी की शिकायत करता है उसे अपने रसूख के दम पर पुलिस से प्रताड़ित कराता है।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के धरना-प्रदर्शन को लेकर मुस्लिम युवाओं को सतर्क किया है। मौलाना रिजवी ने देश भर के, और विशेष रूप से दिल्ली के मुस्लिम नौजवानों से इस प्रदर्शन से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। विवाद और जिम्मेदारी का अंदेशा मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने आशंका जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में अक्सर परिस्थितियां अनियंत्रित हो जाती हैं। उन्होंने डर जताया कि यदि इस प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना, बवाल या विवाद खड़ा होता है, तो उसका सारा दोष और जिम्मेदारी सीधे तौर पर मुस्लिम नौजवानों के सिर मढ़ दी जाएगी। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि वे ऐसी किसी भी परिस्थिति का हिस्सा न बनें जिससे उनके भविष्य पर आंच आए। कमजोर हिस्से पर गिरती है गाज अपने बयान को गहराई देते हुए मौलाना ने एक फारसी दर्शन (फलसफे) का जिक्र किया, जिसके अनुसार मुसीबत हमेशा कमजोर हिस्से पर ही आकर गिरती है। उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय एक कमजोर अल्पसंख्यक के रूप में है। ऐसी स्थिति में यदि कोई बड़ा विवाद या हंगामा होता है, तो आशंका यही है कि मुस्लिम युवाओं को ही बली का बकरा बना दिया जाएगा, जो कि उनके और उनके परिवारों के हित में नहीं होगा। संवेदनशील इलाकों से न गुजरने की सलाह मुस्लिम जमात के अध्यक्ष ने न केवल प्रदर्शन में शामिल होने से मना किया है, बल्कि युवाओं को व्यवहारिक सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह कार्यक्रम चल रहा हो, तो मुस्लिम युवक उस पूरे क्षेत्र या उसके आस-पास के इलाकों से गुजरने से भी बचें। किसी भी संभावित टकराव या गलतफहमी से बचने के लिए उस दौरान वहां से पूरी तरह दूर रहना ही समझदारी होगी। पिछले आंदोलनों के अनुभवों का हवाला मौलाना रिजवी ने अतीत में हुए विभिन्न बड़े आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पिछले वर्षों में देश के भीतर कई प्रदर्शनों के परिणाम देखे हैं। चाहे वह एनआरसी का विरोध हो, वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन हो या फिर किसानों का लंबा चला आंदोलन हो। उन्होंने सवाल उठाया कि इन सभी बड़े आंदोलनों का आखिरकार क्या हश्र हुआ, यह पूरे देश के सामने है और किसी से छुपा नहीं है। युवाओं के हित में शांति का रास्ता अपने लंबे अनुभवों को साझा करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अतीत के इन तमाम अनुभवों की बुनियाद पर ही वह यह बात कह रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम नौजवानों के बेहतर भविष्य और उनके हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह अपील की है कि वे खुद को किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन और उग्र एजीटेशन से दूर रखें और शांतिपूर्ण तरीके से अपने जीवन व करियर पर ध्यान दें।
दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के मोहरा गांव में शुक्रवार दोपहर दवाई मिले चने खाने से दो मासूम बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दोनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, मोहरा गांव निवासी बलराम सिंह लोधी के 3 वर्षीय पुत्र वेदांत और वकील सिंह लोधी की 18 माह की बेटी नमामि घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने धूप में सूखने के लिए रखे चने खा लिए। चनों में कीड़ों से बचाव के लिए दवा मिलाई गई थी। चने खाने के बाद शुरू हुई परेशानी परिजनों के अनुसार, चने खाने के कुछ समय बाद ही दोनों बच्चों को उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने लगी। बच्चों की हालत बिगड़ते देख परिवार के लोग उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन गोविंद सिंह लोधी ने बताया कि चनों को दवा मिलाकर घर के बाहर सुखाया जा रहा था। बच्चे खेलते-खेलते वहां पहुंच गए और उन्होंने चने खा लिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पीआईसीयू वार्ड में चल रहा इलाज जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को भर्ती कर उपचार शुरू किया। बच्चों को पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड में रखा गया है, जहां उनकी निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों को उल्टी की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया कि उन्होंने दवाई मिले चने खा लिए थे। फिलहाल दोनों बच्चों की हालत स्थिर है और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और कृषि उपयोग की दवाओं को सुरक्षित रखने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीज या अनाज में मिलाई जाने वाली दवाओं को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
सीएम निर्देश के बाद नोएडा में सिटी बस संचालन को लेकर तैयारी तेज हो गई है। 10 जून तक 35 बस नोएडा के सेक्टर-90 बस डिपो आ जाएंगी। यहां अस्थाई तौर पर 5 चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सेक्टर-90 डिपो से पुरानी सिटी बसों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। क्रेन की मदद से पुरानी बसों को हटाया जा रहा है। यहीं पर नई बसों को खड़ा किया जाएगा। स्थाई तौर पर यहां 35 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। जिसमें 15 आम पब्लिक के लिए होंगे। इन सभी चार्जिंग स्टेशन से एक बार में दो बस या वाहन चार्ज हो सकते है। इसके अलावा शहर में अलग-अलग क्लस्टर में 45 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इन सभी स्टेशन पर दो वाहन एक साथ चार्ज किए जा सकेंगे। सभी स्थानों पर स्टेशन पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे। जिसमें प्राधिकरण को पैसा खर्च नहीं करना होगा। कंपनी ही चार्जिंग स्टेशन लगाएगी और संचालन भी करेगी। 10 जून को आएंगी 35 बसनोएडा में सिटी बस संचालन के लिए 10 डबल डेकर बस अभी है। ये बस नोएडा एक्सप्रेस वे पर ग्रेटरनोएडा तक जाएंगी। 12 मीटर की 35 बस 10 जून तक नोएडा के सेक्टर-90 डिपो आ जाएंगी। ये बस अलग-अलग रुअ पर चलेंगी। इसके बाद और 35 बस नोएडा आएंगी। 15 जून तक बसों का संचालन किया जाना है। 100 बसों की वीजीएफ बांटा गया 100 सिटी बसों का संचालन किया जाना है। पहले ये योजना सिर्फ नोएडा के लिए थी। लेकिन अब इसका विस्तार कर दिया गया है। 50 बस नोएडा, 25 बस ग्रेटर नोएडा और 25 बस यमुना विकास क्षेत्र में चलेंगी। इसकी तरह तीनों प्राधिकरण भी इसका वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) भी 50:25:25 के रेशियो में देंगी। बसों के लिए सेक्टर-90 और बॉटेनिकल गार्डन में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। 15-15 मिनट के अंतराल पर मिलेंगी बसयहां बस चलने से करीब 2 लाख लोगों को फायदा होगा। 15-15 मिनट के अंतराल पर बस मिलेंगी। कुल 100 बस चलेंगी 5 स्टैंड बाइ पर रहेंगी। इसमें 10 डबल डेकर बस होंगी। ये डबल डेकर बस बोटैनिकल गार्डन से परी चौक तक चलेंगी। 12 मीटर की करीब 100 बस पहले फेज में चलेंगी। इनका संचालन यूपी रोडवेज करेगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आलीराजपुर जिले में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे जिले में 1000 से अधिक पौधे लगाए गए। इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम नगरीय निकाय क्षेत्र के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और लोगों ने पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया। अभियान के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों ने आम, अमरूद और नीम जैसे छायादार और फलदार पौधे लगाए। कलेक्टर नीतू माथुर ने पर्यावरण को बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सबको सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि सिर्फ पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें जिंदा रखने और उनकी सही देखभाल करने की जिम्मेदारी भी हम सबको उठानी चाहिए। जिले के अलग-अलग स्थानों पर भी हुए कार्यक्रम जिले के सभी विकासखंडों और जनपदों में भी इसी तरह के पौधारोपण कार्यक्रम रखे गए। जिला पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के तहत मालवई के सेवा भारती बालिका छात्रावास परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम हुआ, जहां ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने पौधे रोपे। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को जिला अस्पताल के बाहर बने सहयोग गार्डन में पर्यावरण सहयोग संस्था के सदस्यों ने मिलकर श्रमदान किया। उन्होंने 'ग्रीन सिटी क्लीन सिटी' के लक्ष्य के साथ शहर को हरा-भरा बनाने और साफ-सफाई का संदेश दिया। ग्राम हवेलीखेड़ा की बंजर जमीन पर नीम, मोहगनी और दूसरी प्रजातियों के लगभग 25 पौधे लगाए गए। इस कार्यक्रम में समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधान, पटेल और स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। जागरूकता सत्र में इन जरूरी मुद्दों पर हुई चर्चा इस खास मौके पर लोगों को जागरूक करने के लिए एक सत्र भी रखा गया। इसमें सूखा और गीला कचरा अलग करने, पानी बचाने, बदलते मौसम (जलवायु परिवर्तन) के बुरे असर और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने जैसे जरूरी विषयों पर बात की गई। वहाँ मौजूद ग्रामीणों को पर्यावरण के अनुकूल जीवन जीने और प्राकृतिक चीजों को संभालकर रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस मुख्य कार्यक्रम में विधायक सेना पटेल, जिलाध्यक्ष मकू परवाल, कलेक्टर नीतू माथुर, जिला पंचायत सीईओ संघमित्रा गौतम, एडीएम सोहन कनास, अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा और डिप्टी कलेक्टर तपीस पांडे उपस्थित रहे। इनके साथ ही नगर पालिका परिषद के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
आलीराजपुर में एक मुस्लिम दोस्त ने अपने हिंदू मित्र का पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। राजस्थान के अजमेर निवासी अशोक सिंह सोलंकी की मालवई गांव में एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और मौके पर उनका कोई नजदीकी रिश्तेदार मौजूद नहीं था। सुल्तान गनी ने निभाई 30 साल पुरानी दोस्ती अशोक सिंह की मौत के बाद उनके 30 साल पुराने मित्र सुल्तान गनी ने अपनी दोस्ती का फर्ज निभाने का फैसला किया। उन्होंने अपने दिवंगत मित्र को सम्मानजनक विदाई देने के लिए समाजसेवी दीपक दीक्षित और राकेश चौहान से संपर्क किया। इन दोनों ने आगे बढ़कर सामाजिक सहयोग दिया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कराई। पंचेश्वर मुक्ति धाम में दी अंतिम विदाई पुलिस की मौजूदगी में शव के पोस्टमार्टम के बाद, पंचेश्वर मुक्ति धाम में अशोक सिंह सोलंकी का हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान सुल्तान गनी, दीपक दीक्षित और राकेश चौहान के साथ मेघा कंपनी के कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे।
कैथल जिले के राजौंद क्षेत्र के गांव किठाना में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में '100 दिन टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत लगभग 100 व्यक्तियों के एक्स-रे किए गए। शिविर में लोगों को टीबी बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि दो हफ्ते से अधिक समय तक बुखार या खांसी होने पर बलगम की जांच करवानी चाहिए। यह टीबी की पहचान के लिए एक आवश्यक परीक्षण है। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो इसका इलाज सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध है। टीबी मरीजों को खाते में मिलेंगे एक हजार इसके अतिरिक्त, टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में प्रति माह एक हजार रुपए सीधे उनके खाते में दिए जाते हैं, ताकि वे अपने खान-पान का ध्यान रख सकें। शिविर में अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच भी की गईं और इलाज के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। मौके पर दवाइयां भी वितरित की गईं। समय रहते बुखार की करवाए जांच जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाते हुए लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें सलाह दी गई कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, इसलिए सबसे पहले रक्त की जांच करवानी चाहिए, ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके। लड़कियों के महत्व पर डाला प्रकाश हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लड़कियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं और वे परिवार तथा समाज के विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लोगों को गर्भ में लिंग जांच न करवाने के लिए भी जागरूक किया गया, क्योंकि यह एक सामाजिक और कानूनी अपराध है। इस स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग से रेडियोलॉजी ऑफिसर विकास, हेल्थ वर्कर जयभगवान, सुमित्रा देवी, आशा सुधा, रजनी, मुकेश, सुनीता, सविता, रीना, कुसुम सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज अटल आवासीय विद्यालय, गुरमुरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं, शिक्षण प्रणाली और मूलभूत सुविधाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परिसर की साफ-सफाई, विद्यार्थियों के लिए संचालित शिक्षण व्यवस्था और भोजनालय का देखा । उन्होंने प्रधानाचार्य को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वयं विद्यार्थियों के साथ भोजन ग्रहण कर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया। भोजन संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने विद्यालय प्रशासन की सराहना की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छात्रावास का भी निरीक्षण किया और वहां की साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। निरीक्षण के उपरांत, उन्होंने अपर श्रम आयुक्त पिपरी को निर्देश दिए कि जनपद में उन स्थलों को चिन्हित किया जाए जहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। इन स्थानों पर श्रमिकों के लिए विश्राम, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बेमेतरा जिले में छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने दाढ़ी नगर पंचायत के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) रमेश कुमार ध्रुव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन द्वारा जारी आदेश में सरकारी आवास और कार्यालय में शराब की बोतलें मिलने, निर्माण कार्यों में अनियमितता तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। विभागीय निरीक्षण के दौरान रमेश कुमार ध्रुव के सरकारी आवास में बड़ी संख्या में शराब की बोतलें बरामद की गईं। वहीं नगर पंचायत कार्यालय के उनके कक्ष में भी शराब की बोतलें रखी होने की पुष्टि हुई है। विभाग ने तत्त्काल किया निलंबित इसके अलावा सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े कोर कटिंग के करीब 30 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और कदाचार मानते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई जांच कुछ दिन पहले दाढ़ी नगर पंचायत कार्यालय में शराब की बोतलें रखे होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आया और नगरीय प्रशासन विभाग ने इसकी जांच शुरू कराई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद शासन ने सख्त कदम उठाते हुए रमेश कुमार ध्रुव को निलंबित कर दिया। बैठकों से रहते थे गायब आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद रमेश कुमार ध्रुव समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित रहे। शासन ने इसे सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना है। दुर्ग किया गया मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान रमेश कुमार ध्रुव का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। विभागीय जांच भी शुरू नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आरोप पत्र तैयार कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शासन की इस कार्रवाई को नगरीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मिर्जापुर में हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार:पैसों के लेन-देन में चाकू से किया था हमला
मिर्जापुर में हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर पैसों के लेन-देन को लेकर एक व्यक्ति को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 अप्रैल 2026 को हुई थी। नेवढ़िया घाट निवासी सुंदरा देवी ने कोतवाली देहात थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नामजद आरोपी ने उनके पति उपेंद्र नाथ उर्फ जोखू को रुपये के लेन-देन के विवाद में अपने घर बुलाया था। वहां गाली-गलौज के बाद आरोपी ने जान से मारने की नीयत से सब्जी काटने वाले चाकू से उपेंद्र नाथ के पेट पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस तभी से आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में, शुक्रवार को उपनिरीक्षक तेरसू सिंह यादव और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। उन्होंने डिंगुरपट्टी नेवढ़िया घाट तिराहे के पास से आरोपी दशरथ नंदन उर्फ मट्टर पुत्र सदानंद राम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नेवढ़िया घाट, थाना कोतवाली देहात का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाली संगठन ने जिले के तीन प्रतिष्ठित समाजसेवियों को सम्मानित किया। पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय इस संगठन में 256 हरियाली दूत शामिल हैं। संगठन ने सम्मानित व्यक्तियों को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र और औषधीय गुणों से युक्त एलोवेरा का पौधा भेंट किया। कार्यक्रम संयोजक और हरियाली पुरुष विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि समाज और पर्यावरण के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत यह आयोजन किया गया। वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार आनंद अमित और वरिष्ठ समाजसेवी आनंद केशरी को उनके कार्यस्थल एवं आवास पर पहुंचकर सम्मानित किया गया। विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सम्मानित सभी व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों का सम्मान करना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है, लेकिन हरियाली संगठन उनके प्रति सम्मान व्यक्त कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। श्रीवास्तव ने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी का विषय है। इसके लिए संगठन पूरे वर्ष पौधारोपण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित करता है। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सम्मानित व्यक्तियों के योगदान की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार, पूजा भारती, संजय कुमार, विजय बहादुर और गौरव कुमार सहित अन्य लोगों ने सम्मानित जनों को बधाई देते हुए उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संदेश भी दिया गया। हरियाली संगठन के सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
सोनभद्र में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू:जिले में 1.61 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य
सोनभद्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हरित आवरण बढ़ाने की पहल के तहत 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का वृहद स्तर पर पौधरोपण के साथ शुभारंभ हुआ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस महाअभियान के अंतर्गत विकास खंड घोरावल के तिलौली कला में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त, सदर विधायक भूपेश चौबे, ब्लॉक प्रमुखों, अन्य जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आमजन ने भी जिले के विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कर इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया। उन्होंने जिलेवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बता दे कि इस पौधरोपण महाअभियान के तहत जिले में कुल 1,61,69,686 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 1,02,18,000 पौधे वन विभाग द्वारा लगाए जाएंगे, जबकि शेष 59,51,686 पौधे 22 अन्य विभागों द्वारा रोपित किए जाएंगे। इस महाअभियान के अंतर्गत सड़कों को छायादार बनाने के लिए भी उनके दोनों किनारों पर अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
अशोक सिंघल शोध संस्थान एवं गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को अयोध्या कारसेवकों के सम्मान एवं अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अयोध्या आंदोलन एवं राम मंदिर निर्माण से जुड़े कारसेवकों के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह में समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अयोध्या आंदोलन भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रभावना से जुड़ा एक ऐतिहासिक अध्याय रहा है। इस आंदोलन में शामिल कारसेवकों ने अपने समर्पण, त्याग और संघर्ष के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया। उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। कारसेवकों को शॉल भेंट कर किया सम्मानित समारोह में हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्रीनिवास गोयल सहित अनेक कार सेवकों को स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद श्रीनिवास गोयल ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उन सभी कारसेवकों का सम्मान है जिन्होंने राष्ट्रहित, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने देश को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का कार्य किया और समाज में राष्ट्रभक्ति तथा सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाया। ऐसे आयोजनों से युवाओं को इतिहास और अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। कारसेवकों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की समारोह में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने कारसेवकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी सम्मानित कारसेवकों के अभिनंदन तथा राष्ट्र एवं समाज की उन्नति की कामना के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कार सेवकों के संघर्ष और योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
डीग जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत पहाड़ी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और एक विधि से संघर्षरत बालक को भी डिटेन किया है। यह कार्रवाई एसपी शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देशन में हुई। पुलिस ने इन आरोपियों को खण्डेवला रोड से गांव बुरानी जाने वाले बांध की पाल पर साइबर ठगी करते हुए पकड़ा। उनके कब्जे से 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मोबाइल फोनों का उपयोग कर करीब 4 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई थी। पुलिस के मुताबिक ये ठग लोगों को ऑनलाइन हथियार, ई-सिगरेट, बच्चों की छोटी कार और खिलौनों की होम डिलीवरी का झांसा देकर ठगी करते थे। वे पुराने नोट और सिक्के ऊंचे दामों पर खरीदने, पेन-पेंसिल पैकिंग की नौकरी दिलाने का लालच भी देते थे। इसके अतिरिक्त आरोपी सेक्सटॉर्शन के नाम पर भी लोगों को अपने जाल में फंसाकर साइबर अपराध करते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल (20) पुत्र शरीफ निवासी सोमका, अनीश (33) पुत्र ईदरीश निवासी मोठूका, साबिर (19) पुत्र ईशाक निवासी मल्हाका, साहिल (22) पुत्र फकरू निवासी खण्डेवला, आदिल (19) पुत्र जुनैद निवासी खण्डेवला, अरबाज (19) पुत्र मुस्ताक निवासी आरदूका और मुबारिक (25) पुत्र समशेर निवासी घाटमीका के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी डीग जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। पुलिस इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
शाहजहांपुर में सौतेले पिता द्वारा हत्या की गई चार साल की बच्ची के अवशेष शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर महानपुर गांव में खुदाई कर शव के कुछ हिस्से, कच्छा और बनियान बरामद किए। फॉरेंसिक टीम ने अवशेषों को जांच के लिए पॉलिथीन में भरकर सुरक्षित किया है। यह घटना 4 मई को हुई थी, जब सौतेले पिता अखिलेश ने अपनी चार साल की बेटी प्रिया की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद वह अपनी पत्नी दिव्यांशी को लेकर इधर-उधर घूमता रहा और उसे किसी से बात नहीं करने दी। 27 मई को दिव्यांशी ने किसी तरह अपने पति के मोबाइल से अपने पिता रामस्वरूप को इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद थाना आरसी मिशन पुलिस ने आरोपी अखिलेश को गिरफ्तार किया। दिव्यांशी, जो तिलहर थाना क्षेत्र के गोबरसंडा की निवासी है, ने तीन साल पहले अपने पहले पति को छोड़कर महानपुर निवासी अखिलेश से मंदिर में विवाह किया था। वह अपनी चार साल की बेटी के साथ अखिलेश के साथ रहने लगी थी। अखिलेश बाद में पत्नी को लेकर अंबाला गया और फिर शाहजहांपुर के ताहरवगंज में एक किराए के मकान में रहने लगा था। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी की निशानदेही पर महानपुर गांव में तीन जेसीबी मशीनों की मदद से खुदाई कराई, जिसके बाद बच्ची के अवशेष बरामद हुए। इससे पहले गुरुवार को भी खुदाई की गई थी, लेकिन तब शव नहीं मिला था। हालांकि, उस समय बच्ची की फ्रॉक मिली थी, जिसकी पहचान उसकी मां ने की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति अखिलेश, उसके ससुर (अखिलेश के पिता) सहित कुल नौ ससुरालजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीतापुर में शुक्रवार को वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। सामाजिक वानिकी वन प्रभाग एवं जिला गंगा समिति के संयुक्त तत्वावधान में सैन्य भूमि नेपालापुर के निकट आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में यूपी सरकार के कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’, जिलाधिकारी राजागणपति आर,एमएलसी पवन सिंह चौहान तथा भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण कर लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान किया। कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि जनपद में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लगाए गए पौधों के बढ़ते स्वरूप को देखकर वृक्षारोपण अभियान की सफलता का एहसास होता है। उन्होंने बच्चों की भागीदारी को भी सराहनीय बताया। जिलाधिकारी राजागणपति आर. ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार “एक पेड़ मां के नाम” थीम के तहत पूरे जिले में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ पौधों की देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आम, आंवला, बहेड़ा और कनकचंपा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा हरिशंकरी परंपरा के तहत पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी, समृद्धि फाउंडेशन की अपर्णा मिश्रा, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने वर्षाकाल में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित कर प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देने की अपील की।
सोनभद्र में बेलन नदी में नहाते समय मगरमच्छ के हमले में 12 साल के बच्चे की मौत हो गई। हमले के बाद मगरमच्छ बालक को पानी के अंदर खीच ले गया था। दरअसल, बालक अपने घर से 300 मीटर की दूरी पर बह रही बेलन नदीं में दोस्त के साथ नहाने गया था। उसी दौरान मगरमच्छ ने हमला किया। हमले के बाद दोस्त चिल्लाते हुए नदी से बाहर निकाल आया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर पहुंच गए। ग्रामीणों ने लाठी, डंडे और बांस लेकर नदी में उतरकर तलाश शुरू की, जिसके बाद मगरमच्छ वहां से भाग गया। ग्रामीणों को बच्चे का शव नदी के बीच में मिट्टी में गड़ा हुआ मिला। शव पर कहीं खरोच के निशान नहीं थे। लेकिन अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना से पूरे गांव में मगरमच्छ को लेकर दहशत फैल गईं। वहीं मृतक बच्चे के परिवार में चीख-पुकार मची है। यह घटना घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवां गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे हुई। जानिए पूरी घटना… दीवां गांव में बेचन (45) अपने एक बेटे आदर्श (12) व दो बेटियों के साथ रहते है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। आदर्श बेचन का इकलौता बेटा था। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे घर से 300 मीटर की दूरी पर बह रही बेलन नदीं में आदर्श गांव के अपने दोस्त साजन (13) पुत्र संजय के साथ नहाने गया था। नहाने के दौरान ही नदी में मौजूद मगरमच्छ ने आदर्श पर हमला कर दिया। हमले में मगरमच्छ आदर्श को पानी में खींचने लगा। तभी उसके साथ नहाने वाला दोस्त नदी से चिल्लाते हुए बाहर निकला। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। ग्रामीणों ने लाठी, डंडे और बांस लेकर नदी में उतरकर तलाश शुरू की, जिसके बाद मगरमच्छ वहां से भाग गया। नदी के बीच मिट्टी में गड़ा मिला शव काफी देर तलाश करने के बाद ग्रामीणों को बच्चे का शव नदी के बीच में मिट्टी में गड़ा हुआ मिला। आदर्श को लेकर परिजन व ग्रामीण तुरंत घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आदर्श अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत से पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। सीएचसी में बेटे के शव से मां लिपटकर चीख-चीखकर रोने लगीं। वहीं पिता का बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय पुलिस बल के साथ और वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव मृतक आदर्श के पिता बेचन कोल ने बताया कि मेरा लड़का अपने साथी के साथ बेलन नदी में नहाने गया था। आदर्श का साथी गांव में रोते हुए नदीं से बाहर आकर सूचना दिया कि नदी में नहाते समय आदर्श को मगरमच्छ खींच ले गया। सूचना मिलते ही हम लोगों ने नदीं में तलाश करके आदर्श को बाहर निकालें। चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय ने बताया कि आवश्यक कार्रवाई के बाद मृतक के शव को शाम करीब 4:30 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस भेज दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। उन्होंने आशंका जताई है कि किशोर की मौत नदी में डूबने से हुई है।
दिल्ली के एक होटल में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश फायर सर्विस मुख्यालय अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को हरदोई में सुरक्षा व्यवस्थाएं पुख्ता करने के लिए एक बड़ा संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) महेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिले के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों में अचानक छापेमारी की गई। अभियान के दौरान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्वयं सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का निरीक्षण किया। जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम अधूरे पाए गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग ऐसे होटलों और रेस्टोरेंटों को नोटिस जारी करेगा, ताकि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक अग्निशमन व्यवस्थाएं स्थापित कर सकें। चेकिंग के साथ-साथ, फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टाफ को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों को सही तरीके से संचालित करने, अन्य सुरक्षा उपकरणों का त्वरित उपयोग करने और आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा खाली रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह ने बताया, इस चेकिंग अभियान के दौरान जहां भी कमियां मिली हैं, उन सभी होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को उन्हें तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रतिष्ठानों में लगे अग्निशमन यंत्रों की गहनता से जांच की गई है। सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ अग्निशमन अधिकारी शिवराम सिंह यादव और फायर सर्विस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से नियम विरुद्ध चल रहे होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनहानि को रोकने के लिए यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, हरियाणा प्रभारी और हाल ही में राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामित डॉ. सतीश पुनिया शुक्रवार को नागौर दौरे पर रहे। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने एनसीसी कक्ष, ओपन जिम और टेनिस कोर्ट का लोकार्पण भी किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा पर हुए हमले के प्रयास, पंचायती राज चुनाव और राजनीतिक मर्यादा से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत डॉ. सतीश पुनिया ने नागौर के एनसीसी ग्राउंड में पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नवनिर्मित एनसीसी कक्ष, ओपन जिम और टेनिस कोर्ट का भी लोकार्पण किया। विधायक रेवंतराम डांगा मामले पर कही यह बात नावां के गोविंदी में खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा पर हुए हमले के प्रयास को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. पुनिया ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की सच्चाई सामने आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी घटनाओं के पीछे व्यक्तिगत या तत्कालीन कारण भी हो सकते हैं। हालांकि जब जनप्रतिनिधियों और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं तो चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी तरह सक्षम है। पंचायती राज की बुनियाद नागौर से पड़ी पंचायती राज व्यवस्था पर बात करते हुए डॉ. पुनिया ने कहा कि जिस तरह भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, उसी तरह पंचायती राज की बुनियाद नागौर से पड़ी है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय राजस्थान और नागौर ने देश को पंचायती राज का रास्ता दिखाया था। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि नागौर में ऐसे प्रयास किए जाएं, जिससे लोग पंचायती राज के इतिहास को जान सकें और उससे जुड़ सकें। चुनाव एक साथ कराने की मंशा पंचायती राज चुनावों में देरी के सवाल पर डॉ. पुनिया ने कहा कि पिछली सरकार के समय चुनाव अलग-अलग चरणों में हुए थे और परिसीमन को लेकर भी कई सवाल उठे थे। सरकार बदलने के बाद नई पंचायतों के पुनर्गठन में समय लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन चुनाव व्यवस्थित तरीके से होने चाहिए। सरकार चाहती है कि चुनाव एक साथ कराए जाएं ताकि किसी भी जनप्रतिनिधि के कार्यकाल को लेकर असमान स्थिति पैदा न हो। इस संबंध में चुनाव आयोग सरकार की तैयारियों और अनुशंसा के आधार पर निर्णय लेगा। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक जीवन के आचरण पर डॉ. पुनिया ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों और विचारधाराओं का होना स्वाभाविक है। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। राजस्थान की परंपरा रही है कि विभिन्न दलों के नेता जनहित के मुद्दों पर साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अंततः सभी जनप्रतिनिधि जनता और समाज के प्रति जवाबदेह होते हैं।
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का जिला स्तरीय समापन:प्रभारी मंत्री चौधरी हुए शामिल 'जल गौरव सम्मान' दिए
कोटपूतली में राज्य सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय समापन समारोह शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री, राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग तथा जिला प्रभारी मंत्री विजय सिंह चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अभियान के तहत जिले में हुए जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। पौधारोपण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी प्रभारी मंत्री विजय सिंह चौधरी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ती जल चुनौतियों के मद्देनजर वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने आमजन से जल बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। अभियान में उल्लेखनीय योगदान के लिए 17 विभागों, संस्थाओं, कार्मिकों और सहभागियों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रभारी मंत्री, जिला प्रशासन और उपस्थित अधिकारियों ने वृक्षारोपण किया। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बता दें कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारंभ 25 मई 2026 को ग्राम सांगटेड़ा स्थित पीला जोहड़ पर हुआ था। इसका उद्घाटन जिला प्रभारी मंत्री विजय सिंह चौधरी, जिला प्रभारी सचिव वी. सरवण कुमार और जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने किया था। ये रहे मौजूद समारोह में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जगदीश प्रसाद बैरवा, उपखंड अधिकारी योगेश देवल, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, एक्सईएन वाटरशेड हरिमोहन बैरवा, क्षेत्रीय अधिकारी पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड राजकुमार सेहरा सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने जनगणना के पहले चरण में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आंकड़े अलग से दर्ज न करने और डिजिटल डेटा संग्रह प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। मोर्चा ने आज 31 राज्यों के 625 जिलों में ज्ञापन प्रेषित किए। मोर्चा के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया का प्रथम चरण, जिसमें 'हाउस लिस्टिंग' की जा रही है, शुरू हो चुका है। इसमें पारिवारिक जानकारी में श्रेणी के संदर्भ में केवल तीन विकल्प दिए गए हैं: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य। ओबीसी के लिए कोई अलग विकल्प नहीं दिया गया है। मोर्चा का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि 2027 की राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की जाति गणना नहीं की जा रही है, जिसे वे ओबीसी के साथ 'धोखा' मानते हैं। उनकी मांग है कि ओबीसी के आंकड़े अलग से सूचीबद्ध करने के लिए एक विकल्प जोड़ा जाए। मोर्चा ने जनगणना के लिए तैयार किए गए 'HLO' नामक डिजिटल ऐप पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस ऐप के माध्यम से एकत्र की गई जानकारी का कोई भौतिक रिकॉर्ड नहीं होगा और न ही यह जानकारी मांगने पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, रिकॉर्ड की गई जानकारी गलत होने पर किसी को कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। मोर्चा का मानना है कि पूरी तरह से डिजिटल होने के कारण, इसके आंकड़ों की विश्वसनीयता पर संदेह हो सकता है। इसलिए, उन्होंने जनगणना के आंकड़ों के भौतिक सत्यापन के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन के तीसरे चरण के तहत 22 जून को राष्ट्रव्यापी रैली-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
गुरुग्राम के पॉश इलाके सेक्टर-40 से 15 दिन पहले रेस्क्यू करवाई गई 24 साल की युवती ने झारखंड जाकर अपने गृह जिले में एफआईआर दर्ज करवाई है। उसने एक दंपत्ति पर पांच साल तक बंधक बनाकर रखने और घर का कार्य करवाने की सैलरी नहीं देने का आरोप लगाया है। उसे अपने परिवार से संपर्क करने की भी इजाजत नहीं दी गई थी। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और एक एनजीओ ने हस्तक्षेप कर युवती को रेस्क्यू करवाया था। इस बारे में गुरुग्राम पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं करवाया गया था। हालांकि रेस्क्यू के दौरान सेक्टर-40 थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही थी। 5 साल पहले साहेबगंज से हुई थी किडनैप पीड़ित युवती मूल रूप से झारखंड के साहेबगंज जिले की रहने वाली है। करीब पांच साल पहले 19 साल की उम्र में कुछ अज्ञात तस्करों ने उसे उसके गृहनगर से किडनैप कर लिया था। इसके बाद उसे दिल्ली-एनसीआर के प्लेसमेंट रैकेट के हाथों बेच दिया गया। 5 साल से गुरुग्राम थी, बाहर निकलने की पाबंदी पिछले करीब पांच साल से उसे गुरुग्राम के सेक्टर-40 स्थित कोठी में घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस दौरान कोठी मालिक ने उसे बंधक जैसी स्थिति में रखा। उसे घर से बाहर निकलने की पाबंदी थी। भाई को चुपके से किया फोन कोठी मालिकों की सख्त निगरानी के बावजूद, पीड़ित युवती ने किसी तरह एक दिन एक मोबाइल का इंतजाम किया और चुपके से झारखंड में रह रहे अपने भाई से संपर्क साधा। उसने रोते हुए अपने भाई को अपनी आपबीती सुनाई और गुरुग्राम की उस कोठी का पता नोट कराया जहां उसे कैद करके रखा गया था। बहन की आपबीती सुनकर भाई के होश उड़ गए। उसने बिना वक्त गंवाए दिल्ली का रुख किया और चाणक्यपुरी स्थित 'झारखंड भवन' पहुंचकर वहां के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपकर अपनी बहन को बचाने की गुहार लगाई। मानवाधिकार आयोग के दखल के बाद हुआ रेस्क्यू मामले की गंभीरता और किडनैप का मामला होने के कारण, झारखंड भवन के अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को दी। मानवाधिकार आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत गुरुग्राम पुलिस और स्थानीय प्रशासन को युवती को रेस्क्यू करने के कड़े निर्देश जारी किए। आयोग के दबाव के बाद हरकत में आई गुरुग्राम पुलिस की एक विशेष टीम ने सेक्टर-40 की कोठी पर छापेमारी की। पुलिस ने युवती को कोठी के चंगुल से छुड़ाया और उसे सुरक्षित स्थान पर भेजा। परिजनों को सौंपी गई युवती पुलिस ने पीड़ित युवती की मेडिकल जांच कराने और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके परिजनों को सौंप दिया है। पांच साल बाद अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिवार की आंखें नम हो गईं।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक बार फिर जुलाई 2020 के सियासी संकट को लेकर बीजेपी और विरोधियों पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा- सरकार गिराने के लिए हर विधायक को 35 करोड़ के सौदे राजस्थान सहित हुए थे। एडवांस्ड दे दिए लोगों को। 10 करोड़ एडवांस दे दिए थे वापस नहीं लिए। क्या बात कर रहे हो उसे देश में क्या हो रहा है कोई बोल नहीं रहा है। गहलोत जयपुर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने कहा- बीजेपी सरकार हॉर्स ट्रेडिंग से सरकारें गिरवाती है। हमें गर्व है कि हमने राजस्थान को बचा लिया था। राजस्थान बच गया। बीजेपी,अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान ने कोई कमी नहीं रखी थी। उस वक्त हमारे विधायकों की मीटिंग ही उनके घर पर होती थी। हमारे विधायक धर्मेंद्र प्रधान के घर मीटिंग करने मानेसर से जाते थे। अमित शाह वहां आते थे। इतना बड़ा इन्होंने षड्यंत्र किया था। हमने इनको एक्सपोज कर दिया। बीजेपी को लगा उनके विधायक नहीं टूट जाएं गहलोत ने कहा- इन्होंने दो हवाई जहाज विधायकों को लेने के लिए भेजे थे, जिनमें से एक हवाई जहाज खाली गया था। तब इनको समझ में आ गया था कि भाजपा के ही विधायक टूट रहे हैं, कहीं उल्टा नहीं हो जाए, तब डर के मारे ये वापस हो गए। जो बंगाल में तमाशा हो रहा है हम तो उसको उसी से जोड़कर देख रहे हैं। डर और भय का माहौल है, बंगाल में भी हॉर्स ट्रेडिंग हो रही होगी। नेता दूसरों की लाइनें काटकर खुद की बड़ी कर रहे गहलोत ने कहा- राजनीति में आगे बढ़ने के लिए खुद की लाइन बड़ी करनी पड़ती है। दुर्भाग्य से राजनीति में क्या हो गया कि एक दूसरे की लाइन को काटो और अपनी लाइन बड़ी बताओ का चलन हो गया, बाद वह सब फेल हो जाता है। आगे वही बढ़ेगा जो लाइन को बड़ी करने का प्रयास करेगा। नेताओं को चाहिए कि अपने लाइन बड़ी करें। आप दिन रात एक करें, गांव में जाएं, गरीबों के बीच में जाएं, गरीब बस्तियों में जाएं, शेड्यूल कास्ट की बस्तियों में जाएं । कांग्रेस की परंपरा थी वह सब खत्म हो गई है। हमें तो जिंदगी में सब कुछ मिल गया गहलोत ने कहा- हमें तो जिंदगी में सब कुछ मिल गया। हम संतुष्ट हैं, खूब काम किए। हमें खूब चांस मिले। गांधी परिवार का मेरे पर पूरा विश्वास रहा। हमें तो सब कुछ मिल गया। हम यह उम्मीद करते हैं कि आने वाली पीढ़ी देश की मजबूती में अपने आप को समर्पित कर सके। मुख्यमंत्री हमारी शुभकामनाएं और शिकायतें दोनों ही लें गहलोत ने कहा- सरकार चला कौन रहा है, यह पता ही नहीं लग पा रहा है। सरकार उनकी पार्टी चला रही है, सीएम को गाइड कौन कर रहा है। मुख्यमंत्री लकी हैं कि पहली बार विधायक बनकर सीएम बन गए। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं,मुख्यमंत्री शुभकामनाएं तो स्वीकार करते हैं,शिकायत करता हूं तो आलोचना करते हैं। दोनों साथ-साथ करो। हमारी शुभकामनाएं और सुझाव भी लो और साथ में अगर कोई गलत बात कहें तो उसकी आलोचना भी करो, उसे ऐतराज नहीं लेकिन यहां तो एक तरफा मामला चल रहा है ।
मुज़फ़्फ़रनगर के पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी नवनीत कड़ियान को राष्ट्रीय स्तर की पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने उन्हें बुके और ट्रैकसूट भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए बधाई दी। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि नवनीत कड़ियान की सफलता न केवल जनपद बल्कि पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जोर दिया कि दिव्यांग खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नई मिसाल कायम कर रहे हैं। प्रशासन ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी ने नवनीत को भविष्य में होने वाली राष्ट्रीय एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा आवश्यक खेल उपकरण दिलाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को संसाधनों की कमी के कारण रुकना नहीं चाहिए और प्रशासन खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। इस अवसर पर प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने नवनीत की उपलब्धि को जिले के खेल इतिहास के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि उनकी सफलता से अन्य खिलाड़ी भी प्रेरित होंगे। खेल विभाग के अधिकारियों एवं खेल परिवार के सदस्यों ने नवनीत को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने की कामना की।
महोबा के चरखारी में एक परिवार ने 11 दिन के भीतर तीन सदस्यों को खो दिया। पत्नी और मासूम बेटे की मौत के सदमे से पति ने भी उसी कब्रिस्तान में दम तोड़ दिया, जहाँ उन्हें दफनाया गया था। इस घटना से परिवार के तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। यह दुखद घटना महोबा जनपद के चरखारी कस्बे की है। मूल रूप से मध्य प्रदेश के हरपालपुर के रहने वाले 40 वर्षीय सुब्हान अहमद अपनी ससुराल चरखारी में रह रहे थे। बीती 25 मई को उनके 4 साल के बेटे हसनैन की हीट वेव के कारण मौत हो गई थी। बेटे की मौत की खबर सुनते ही हसनैन की माँ रजिया खातून का भी निधन हो गया। दोनों को एक साथ दफनाया गया था। पत्नी और सबसे छोटे बेटे की अचानक मौत से सुब्हान अहमद गहरे सदमे में थे। वे इस दुख को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। शुक्रवार सुबह तड़के करीब 4 बजे, सुब्हान अपनी पत्नी और बच्चे की कब्र पर पहुँच गए। जब दो घंटे तक वे वापस नहीं लौटे, तो परिजन उन्हें ढूंढते हुए कब्रिस्तान पहुँचे। वहाँ सुब्हान अचेत अवस्था में पड़े मिले। उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर था और दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजनों ने तुरंत सुब्हान को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, सुब्हान के पैर पर एक निशान मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कब्र पर लेटे हुए उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया होगा। हालांकि, डॉक्टरों और परिजनों का यह भी मानना है कि पत्नी और बेटे की मौत के गहरे सदमे के कारण भी उनकी जान जा सकती है। असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी। लेकिन इस दर्दनाक घटना ने सुब्हान के पीछे छूटे तीन बच्चों 17 साल के सैफ, 14 साल की रोशनी और 11 साल की आलिया के सिर से माँ-बाप का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। 11 दिनों के भीतर एक ही घर में तीन मौतों से पूरा इलाका सदमे में है, और अब इन बेसहारा अनाथ बच्चों के भरण-पोषण के लिए हर कोई सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है।
झालावाड़ के मंडावर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ग्राम बांसघट्टी निवासी प्रदीप गुर्जर की ट्रैक्टर से हकाई (खेती कार्य) के दौरान मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। ट्रैक्टर रोककर किया जानलेवा हमला पुलिस के अनुसार एक जून को प्रदीप गुर्जर अपने नाना श्रीराम गुर्जर के खेत में ट्रैक्टर से हकाई का कार्य कर रहा था। इसी दौरान बलराम पुत्र मोहनलाल गुर्जर निवासी कुआं भाव, नरेश, बंटी, रामराज सहित अन्य आरोपी पाइप, सरिया, लाठी और कुल्हाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने ट्रैक्टर रोककर प्रदीप पर जानलेवा हमला कर दिया। बचाव में उठाए हाथ, फिर भी नहीं रुके हमलावर घायल प्रदीप ने इलाज के दौरान दिए पर्चा बयान में बताया कि आरोपियों ने उसके सिर पर वार किया। बचाव के लिए हाथ ऊपर करने पर उसके दोनों हाथ टूट गए। इसके बाद आरोपियों ने लगातार मारपीट की, जिससे उसके दोनों पैर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रदीप के शोर मचाने पर उसके पिता प्रहलाद गुर्जर और नाना श्रीराम मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उसे छुड़ाया। झालावाड़ से कोटा रेफर, अगले दिन हुई मौत परिजन घायल प्रदीप को उपचार के लिए झालावाड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कोटा रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान दो जून को उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़कर जांच शुरू की। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडावर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान सामने आया कि नरेश गुर्जर ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर प्रदीप पर हमला किया था। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नरेश कुमार गुर्जर और रमेशचंद उर्फ बंटी गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सिवनी जिले के छपारा थाना क्षेत्र के भीमगढ़ गांव में शुक्रवार दोपहर सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वैनगंगा नदी पर बने नए पुल से गुजर रहे युवक को गेहूं से लदे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान भीमगढ़ निवासी शेख सादिक, पिता राहत, के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह दोपहर के समय पुल से पैदल गुजर रहे थे। इसी दौरान छपारा की ओर जा रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर काफी तेज थी, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर छपारा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की। ट्रक जब्त, चालक की तलाश जारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक गेहूं से भरा हुआ था और छपारा की ओर जा रहा था। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मामले की जांच शुरू छपारा थाना पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया है। फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार:रायबरेली पुलिस ने एसपी के निर्देश पर की कार्रवाई
रायबरेली में डलमऊ पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, थाना डलमऊ में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी को एक अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक रायबरेली, श्री रवि कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत, डलमऊ पुलिस टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई की। मुखबिर की सटीक सूचना पर कटघर, गंगा एक्सप्रेस वे ओवर ब्रिज के पास से आरोपी कुन्नु (पुत्र रामकिशोर, निवासी ग्राम खरगपुर कुर्मीयाना, थाना डलमऊ) को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रंजीत यादव, आरक्षी हिमांशु यादव और आरक्षी भानू प्रताप शामिल रहे।
बस्ती में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'एक पेड़ माँ के नाम' वृक्षारोपण महाभियान का शुभारंभ किया गया। इसी दिन उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री और बस्ती के नवनियुक्त जिला प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही का प्रथम आगमन हुआ, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने पांडेय बाजार स्थित बूथ संख्या-182 पर पौधरोपण किया। वहीं, जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा ने कप्तानगंज विधानसभा के तिलकपुर बूथ संख्या-307 पर पौधा लगाया। दोनों नेताओं ने लोगों से अपनी माता के नाम पर एक पौधा लगाने की अपील की और प्रकृति संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही के तिलकपुर मंदिर पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ और मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में गगनभेदी नारे लगाए गए। इसके बाद प्रभारी मंत्री का काफिला गोटवा स्थित बंजरिया फार्म पहुंचा, जहाँ उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। तत्पश्चात, एक सांगठनिक बैठक आयोजित की गई। इसमें उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। मंत्री शाही ने केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा संगठन को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ग्राम विकास प्रभाग द्वारा शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में पर्यावरण संरक्षण विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, वन विकास निगम के प्रबंध संचालक प्रेम कुमार (आईएफएस) तथा ब्रह्माकुमारी संस्थान की वरिष्ठ बहनों ने भाग लिया। चर्चा का विषय था प्रकृति से प्रेरित, जलवायु और हमारे भविष्य के लिए।कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रकृति के साथ जुड़कर ही सुरक्षित और बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के लिए जरूरी संसाधन निःशुल्क देती है, लेकिन हम अक्सर उसका महत्व नहीं समझते। उन्होंने प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है और इसमें हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। ग्लोबल वार्मिंग रोकने जंगल बचाना जरूरी : प्रेम कुमारवन विकास निगम के प्रबंध संचालक प्रेम कुमार ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग लगातार बढ़ रही है और धरती का तापमान नियंत्रित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि जंगलों की सुरक्षा और अधिक से अधिक पौधारोपण ही इसका प्रभावी समाधान है। साथ ही नदियों को प्रदूषण से बचाने और जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और प्रदूषण से प्रकृति का दम घुट रहा है। प्लास्टिक का उपयोग छोड़ने का लें संकल्प : सविता दीदीकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि मानव और प्रकृति का गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि केवल वायु प्रदूषण ही नहीं, बल्कि मानसिक प्रदूषण को भी दूर करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
झज्जर में इंस्टाग्राम के जरिए निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर महिला से 29 हजार रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के कोटपुतली निवासी अजय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार महिला को इंस्टाग्राम पर एक नोटिफिकेशन मिला, जिसके बाद उसे व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। वहां उसे पैसे बढ़ाने का लालच दिया गया। आरोपियों के कहने पर महिला ने अलग-अलग खातों में कुल 29,891 रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दी। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देश पर मामले की जांच करते हुए मुख्य सिपाही विनोद कुमार की टीम ने कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों और ठगी की रकम के संबंध में जांच कर रही है।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में श्रावस्ती जनपद में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अभियान 5 से 21 जून 2026 तक चलेगा। अभियान के पहले दिन उत्तर प्रदेश के कारागार विभाग के मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान एक दिवसीय अपने प्रथम दौरे पर श्रावस्ती पहुंचे। निरीक्षण भवन भिनगा पहुंचने पर प्रभारी मंत्री का स्वागत जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पाण्डेय, साकेत मिश्र, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, डॉ. मिश्रीलाल वर्मा, अन्नपूर्णा गर्ग और राहुल भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने गार्ड की सलामी भी ली। इसके बाद भिनगा के ग्राम हरिहरपुर स्थित रानी तालाब के पास विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान के तहत तालाब सफाई कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर पौधरोपण किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में श्रावस्ती में विश्व पर्यावरण दिवस पर बड़े पैमाने पर श्रमदान और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि जिले को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान जारी है। भगवान गौतम बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ भविष्य का संकल्प भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जिला प्रशासन के साथ मिलकर जनपद के विकास और स्वच्छता के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।
दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रेवाड़ी प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला उपायुक्त (डीसी) ने बिना फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के चल रहे होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर और अस्पतालों को सील करने के सख्त आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के बाद संबंधित संचालकों में हड़कंप मच गया है। डीसी ने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों सहित पूरे शहर में विशेष सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। NOC की जांच करने में जुटी टीम जानकारी के अनुसार रेवाड़ी शहर में कई होटल, कोचिंग सेंटर और अस्पताल ऐसे हैं। जिनके पास फायर सेफ्टी का NOC नहीं है। प्रशासन इन सभी स्थानों की जांच कर रहा है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। शहर में सैकड़ों की संख्या में बेसमेंट में कैफे और जिम भी चलाए जा रहे हैं, जिनसे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा है। कोचिंग सेंटर में पहले लग चुकी आग उल्लेखनीय है कि ब्रास मार्केट स्थित एक कोचिंग सेंटर में पहले भी आग लग चुकी है। जिसके बावजूद सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया था। डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को बिना किसी पक्षपात के पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण पूरा करने और जो भी संस्थान फायर सेफ्टी मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तुरंत सील करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की आमजन से अपील दिल्ली में हुई अग्निकांड की घटना के बाद जिले में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी आग में 21 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें गुरुग्राम के एक ही परिवार के आठ से अधिक सदस्य भी शामिल थे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे स्थानों पर जाने से बचें जहां फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम न हो।
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान से राज्यसभा चुनाव के लिए डॉ. सतीश पूनिया को उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के बाद शुक्रवार दोपहर तारानगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी मनाई। तहसील कार्यालय के सामने मिठाई वितरण और आतिशबाजी का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर पार्टी के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने इसे राजस्थान और भाजपा संगठन के लिए गौरव का विषय बताया और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सतीश पूनिया लंबे समय से संगठन और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। पदाधिकारियों ने बताया कि डॉ. पूनिया संसद में राजस्थान की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस अवसर पर भाजपा नेता महावीर पूनिया, विशाल शर्मा, अनूप खंडेलवाल और सुरेश मित्तल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भी भाग लिया।
रामपुर के थाना सैफनी क्षेत्र में नाबालिग दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की चर्चा हो रही है, क्योंकि मुकदमा दर्ज होने के महज एक दिन के भीतर आरोपी को पकड़ा गया। इसे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग दिव्यांग किशोरी के पिता की तहरीर पर थाना सैफनी में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी साबिर की तलाश शुरू कर दी थी। इसी दौरान पुलिस को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली। जब पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने रुकने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। मुठभेड़ स्थल से एक 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। थाना प्रभारी अजय मिश्रा ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने पुष्टि की कि गिरफ्तार किया गया आरोपी वही व्यक्ति है जिसके खिलाफ नाबालिग दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। गंभीर आरोप के मामले में त्वरित कार्रवाई से आरोपी को कानून के दायरे में लाया गया है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी:देवरिया में विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला जज का बयान
देवरिया में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिला जज धैनेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पर्यावरण की गंभीर स्थिति को देखते हुए जीवनशैली में बदलाव लाना आवश्यक है। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। जिला जज धैनेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में पर्यावरण की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने जोर दिया कि यदि हम अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, तो पर्यावरण को बचाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी देवरिया मधुसूदन हुल्गी ने पर्यावरण संरक्षण को जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने पर बल दिया। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने कहा कि पेड़ लगाकर और उनकी उचित देखभाल करके ही हम पर्यावरण को संतुलित रख सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से इस दिशा में अपना योगदान देने का आह्वान किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पाण्डेय ने छोटे प्रयासों के बड़े परिणामों पर प्रकाश डाला। वहीं, रजिस्ट्रार न्यायिक उच्च न्यायालय इलाहाबाद ज्ञान प्रकाश तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण को एक सामूहिक जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम में अपर जिला जज हरीराम, विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना, जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रीतम मिश्र, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष श्रीराम तिवारी, सिंहासन गिरि, विद्यासागर मिश्र, अशोक दीक्षित, अरविंद पांडेय, वैभव कांत मिश्र, मनोज मिश्र, प्रेम नारायण मणि, अजय उपाध्याय, राणा प्रताप सिंह सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ के सचिव अर्जुन यादव ने किया, जबकि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा पौध वितरण और पौधरोपण भी किया गया।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार को वन परिक्षेत्र बकस्वाहा अंतर्गत अमोदा बैरियर परिसर में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) नरेश सिंह यादव ने पौधारोपण कर जिले में इस वर्ष के वृहद पौधारोपण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। यह अभियान जन-जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। अमोदा बैरियर परिसर में पौधारोपण के दौरान सीसीएफ नरेश सिंह यादव ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पौधारोपण को केवल औपचारिकता न मानते हुए पौधों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाने का आह्वान किया। सीसीएफ ने वन अमले की बैठक भी लीकार्यक्रम के दौरान सीसीएफ ने वन अमले की बैठक भी ली। इसमें उन्होंने वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जंगलों की सुरक्षा, अवैध कटाई की रोकथाम तथा वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सतत निगरानी और प्रभावी कार्रवाई को आवश्यक बताया। वन कर्मियों को क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने तथा वन अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अनुविभागीय वन अधिकारी (एसडीओ) राजकुमार और वन परिक्षेत्र अधिकारी बकस्वाहा लव प्रताप सिंह सहित वन विभाग का अमला उपस्थित रहा। अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में पूरे वन परिक्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत हजारों पौधे रोपे जाएंगे और उनके संरक्षण की विशेष व्यवस्था की जाएगी। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ एक पेड़ मां के नाम अभियान को भी नई ऊर्जा प्रदान की। वन विभाग ने आमजन से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने की अपील की।
भारत के खिलाफ आतंक फैलाने के आरोप में चार दिन पूर्व यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए मोहम्मद शेख को लेकर एटीएस टीम आजमगढ़ उसके घर पहुंची है। आरोपी के घर के साथ ही आरोपी के पिता मोहम्मद रेहान की रेहान बिल्डिंग मटेरियल की दुकान पर भी पहुंच कर पूछताछ की। इसके साथ ही आरोपी के घर से लगभग 4 किलोमीटर दूर शांति इंटर कॉलेज ईश्वरपुर भी एटीएस की टीम जाकर वहां भी पूछताछ की। चार गाड़ियों से ब्लैक कैट कमांडो के साथ आई टीम ने इस छापेमारी के दौरान आसपास किसी को भी फटकने नहीं दिया गया। आरोपी अब्दुल शेख 2024 में भी फर्जी एक्सचेंज चलाने के आरोप में हिरासत में लिया जा चुका है। 11 भाई बहनों में मोहम्मद शेख दूसरे नंबर पर है। 2023 में हाई स्कूल परीक्षा पास होने के बाद से ही आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। पाकिस्तानी गैंगस्टर और आतंकी संगठनों के सहयोग का आरोपयूपी एटीएस ने आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के संजरपुर के रहने वाले जिस मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकवादी संगठनों से मिलकर शहजाद भट्टी नाम के पाकिस्तानी गैंगेस्टर के आतंकी नेटवर्क का सहयोग लेकर भारत के युवकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जोड़कर उनको पैसे का लालच देकर व उनके धार्मिक भावनाओं को भड़काकर स्लीपर सेल के रूप में आतंकी गतिविधियाँ करवाने के लिए उनका ब्रेन वास किया जा रहा था। जो भारत में कभी भी कोई गम्भीर आतंकवादी घटना घटित कर सकते हैं। जिससे देश की एकता अखण्डता और संप्रभुता को खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस आतंकी गैंग द्वारा कुछ व्यक्तियों एवं संस्थानो की रेकी करने, उनकी हत्या करने व राजनैतिक पार्टी के कार्यालय को बम से उडाने, सुरक्षा एजेंसियों के व्यक्तियों की हत्या करने तथा उनके कार्यालय/मुख्यालय पर हमला करने जैसे विधि विरुद्ध क्रिया कलाप के लिए उकसाया जा रहा है। इसी क्रम में मो. शेख पुत्र रेहान अहमद निवासी खुदादादपुर पोस्ट संजरपुर थाना निजामाबाद जनपद आजमगढ़ प्रकाश में आया जो शहजाद भट्टी के आतंकी गैंग से उनके पाकिस्तानी, दुबई के मोबाईल नंबरों से व्हाट्सप के माध्यम से व उनके सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़कर व उनके विचारधारा से पूर्णतया प्रभावित होकर जेहाद की बातें कर रहा था तथा अपने साथियों और अन्य लोगों को भी इस आतंकी गैंग में सम्मिलित कर विधि विरुद्ध कार्य करने के लिए प्रेरित कर रहा था। आरोपी के पिता मोहम्मद रेहान रेहान बिल्डिंग मटेरियल के नाम से दुकान चलाते हैं। राजनीतिक पार्टी की नेत्री की हत्या का मिला था टारगेटशहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क द्वारा मोहम्मद शेख को दी गयी जिम्मेदारी शहजाद भट्टी गैंग के हैंडलरों द्वारा मोहम्मद शेख को ट्रायल के तौर पर एक अन्य राज्य की एक राजनीतिक पार्टी की नेत्री को धमकाने और उनकी हत्या करने और उसके बाद किसी बड़े मिशन में शामिल किए जाने हेतु प्रेरित किया गया था। मोहम्मद शेख शहजाद भट्टी गैंग द्वारा दी गयी जिम्मेदारी को पुरा करने के लिए खुद को तैयार करते हुए एक अदद पिस्टल 9 MM और 4 कारतुस की व्यवस्था कर चुका था और उसका जल्द ही उपरोक्त नेत्री की हत्या किए जाने का प्लान था। मो. शेख अपने आस पास के युवकों को भी शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ने को प्रेरित किया जा रहा था। पंजाब ब्लास्ट के बाद रडार पर आए आरोपी पंजाब के जालंधर और अमृतसर में पांच और 6 मई की रात में हुए एलईडी ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रैक करना शुरू किया तो इस पूरे मामले में पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया। इसके बाद भारत में शहजाद भट्टी के कनेक्शन की जांच शुरू की गई तो यह बात सामने आई की शहजाद भट्टी के नेटवर्क से यूपी के 14 लोग जुड़े हुए हैं। जिसमें मोहम्मद शेख भी शामिल था। आतंकी संगठनों के जो निर्देश थे। उसके अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे डिवाइस का प्रयोग करना था। इस बात के निर्देश आतंकी संगठनों के आकाओं ने दिए थे। इसके साथी सारे डॉक्यूमेंट और डिटेल डिलीट करने का भी निर्देश दिया गया था। यही कारण है की सुरक्षा एजेंसियों को इस गैंग में शामिल 13 अन्य आरोपियों को ट्रैक करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर धौलपुर में विभिन्न संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जीव दया और मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पौधारोपण किया और पक्षियों के लिए परिंडे बांधे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम' अभियान के तहत एक छायादार पौधा लगाया। उन्होंने बताया कि यह पौधा 'लोकतंत्र का पेड़ : 2026' के रूप में चिन्हित किया गया है। सांगवान ने पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन को आज की प्रमुख आवश्यकता बताया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा निष्पक्ष एवं शत-प्रतिशत मतदान के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिस प्रकार एक पौधा समाज को छाया, स्वच्छ वायु और जीवन प्रदान करता है, उसी प्रकार जागरूक मतदाता लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। वहीं, एडीआर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव रेखा यादव की अध्यक्षता में जागृति समिति के सहयोग से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए विभिन्न छायादार स्थानों पर पानी के परिंडे भी बांधे गए। रेखा यादव ने कहा कि वृक्ष जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों की छत, आंगन या बालकनी में कम से कम एक परिंदा लगाने और उसमें नियमित रूप से पानी भरने की अपील की। कार्यक्रम में जागृति समिति के सदस्यों और समाजसेवियों ने भी पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने जल संरक्षण, प्लास्टिक उपयोग में कमी और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। इन आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा कम करने को लेकर नाराज कार्यकर्ताओं ने जिले में शुक्रवार को बड़ी संख्या में जिला कलेक्टर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।15 सूत्री मांगों का ज्ञापन राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा। इस दौरान मुखर्जी पार्क से जिला कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली गई। 15 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन दिया युवा मोर्चा जिला,अध्यक्ष, राजेंद्र जाट ने बताया- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम 15 सूत्री ज्ञापन दिया है। जिस प्रकार से भैरवनाथ धाम आंदोलन हुआ उसके बाद से राज्य सरकार हनुमान बेनीवाल की जमीन संघर्ष से डरी हुई है। बेनीवाल हमेशा अपराधियों के खिलाफ आवाज मुखर करते हैं। सरकार ने बेनीवाल की सुरक्षा को कम करने का कार्य गलत किया है। हनुमान सेना सड़कों पर उतरेगी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने 15 सूत्री ज्ञापन जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम सौंपा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमने हमारी ताकत दिखाने का काम किया है। तख्तियां लहराते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं बोले- हम डरने वाले नहीं है। हनुमानजी को डराने का काम करोंगे, दबाने काम करोंगे तो राजस्थान की हनुमान सेना सड़कों पर दिखेगी।
रायपुरिया में कचरे का ढेर बना मयूर पार्क:युवाओं के प्रयास से बदली जगह की पहचान
झाबुआ जिले के रायपुरिया गांव में कभी कचरे का ढेर रहा एक स्थान अब मयूर पार्क में बदल गया है. यह जगह, जो पहले गंदगी से भरी रहती थी, अब हरियाली और शांति का प्रतीक बन गई है। इस बदलाव के पीछे गांव के 10 से 12 युवाओं की कड़ी मेहनत है। उन्होंने साल 2019 में इस काम की शुरुआत की थी। इलाके की खराब हालत को देखते हुए इन युवाओं ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और सबसे पहले ऊबड़-खाबड़ जमीन को एक जैसा (समतल) कराया। पर्यावरण को बचाने के लिए इन युवाओं ने यहाँ अलग-अलग तरह के पौधे लगाए। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई। वे हर दिन यहाँ पहुँचकर न केवल इन पौधों को पानी देते हैं, बल्कि मोरों के लिए दाना-पानी का इंतजाम भी पक्का करते हैं। 50 से अधिक पौधे अब बन चुके हैं पेड़ साल 2019 से शुरू हुआ यह सिलसिला आज तक लगातार जारी है। इन युवाओं की देखरेख की वजह से आज 50 से ज्यादा पौधे बड़े होकर पेड़ बन चुके हैं, जो अब आने-जाने वाले राहगीरों और ग्रामीणों को ठंडी छाया देते हैं। पार्क को सुरक्षित रखने के लिए युवाओं ने इसके चारों तरफ कटीले तारों की फेंसिंग (घेराबंदी) कराई है, ताकि राष्ट्रीय पक्षी मोर यहाँ बिना किसी डर के घूम सकें। मोरों के दाना-पानी का खास इंतजाम युवाओं ने मोरों के लिए एक चबूतरा बनाया है, जहाँ गांव के लोग नियमित रूप से अनाज डालते हैं। मोरों की प्यास बुझाने के लिए पार्क में पानी के दो होद (कुंड) रखे गए हैं, जिनकी रोज सफाई की जाती है। इस अच्छे काम में ग्राम पंचायत ने भी मदद की है। पंचायत ने पार्क में नल का कनेक्शन लगवा दिया है, जिससे मोरों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके। युवाओं के इस प्रयास से न केवल एक बंजर पड़ी जमीन हरी-भरी हुई है, बल्कि पूरे गांव में पर्यावरण को बचाने और जीवों के प्रति दया रखने की भावना भी बढ़ी है।
राजगढ़ में बढ़ती जनसंख्या को पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के लिए खतरा बताते हुए सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट वकील मनीष विजयवर्गीय के नेतृत्व में नागरिकों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि देश में लगातार बढ़ रही आबादी के कारण विकास योजनाओं का प्रभाव कम हो रहा है। सरकारें सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी सुविधाओं पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के कारण ये व्यवस्थाएं जल्द ही अपर्याप्त साबित हो रही हैं। नागरिकों ने बताया कि मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी का सीधा असर पर्यावरण संतुलन पर पड़ रहा है। प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से दोहन हो रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसका सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन पर भी पड़ रहा है। दो से अधिक संतान पर कानून बनाने की मांगज्ञापन में उल्लेख किया गया कि आज आम नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं, शुद्ध पेयजल और साफ हवा जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है। वर्तमान में सरकारों द्वारा चलाई जा रही जनसंख्या नियंत्रण योजनाएं इस समस्या से निपटने में पर्याप्त साबित नहीं हो रही हैं। प्रबुद्ध नागरिकों ने केंद्र सरकार से मांग की कि दो से अधिक संतान होने पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाया जाए। यह कानून देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होना चाहिए और इसमें धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। इस ज्ञापन की प्रतियां प्रधानमंत्री और संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को भी भेजी गई हैं।
मेडिकल कॉलेज में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण:प्लास्टिक बहिष्कार और जल संरक्षण का दिया संदेश
शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज मेरठ के मेडिसिन विभाग में विश्व पर्यावरण दिवस पूरे उत्साह और संकल्प के साथ मनाया गया। इस दौरान वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वैश्विक कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1973 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन व प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह थीम हमें याद दिलाती है कि स्वस्थ पर्यावरण के बिना मानव अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती। आधुनिक युग में औद्योगिकीकरण और वनों की कटाई के कारण पर्यावरण को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई के लिए सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पेड़ों की कटाई रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देना, प्लास्टिक का बहिष्कार करना, अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना और ऊर्जा की बचत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था का दायित्व नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी के साथ उपयोग करेंगे। इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान, मुख्य अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. विजय जायसवाल, डॉ. शकुन सिंह, डॉ. अनुपम वर्मा, डॉ. अनामिका शर्मा, डॉ. अनुज त्यागी, डॉ. लोकेश कुमार सिंह, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. स्नेहलता वर्मा, डॉ. अमरजीत सिंह, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में एक युवक ने शराब दुकान के पीछे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। घटना से पहले वह पत्नी को मनाने ससुराल गया था, जहां उसकी कहासुनी हो गई थी। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान अमीर (36) पुत्र तेजराम पाल निवासी आठ मील के रूप में हुई है। अमीर कथास्थलों पर अंगूठी और माला बेचने का काम करता था। उसका परिवार मूल रूप से भोपाल का रहने वाला है। ससुराल में काका सुसर से हुई थी बहस परिजनों ने बताया कि अमीर की पत्नी अपने तीन बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। गुरुवार को अमीर उसे लेने ससुराल पहुंचा था। इसी दौरान पत्नी को साथ ले जाने की बात पर उसकी काका ससुर से बहस हो गई। विवाद के बाद अमीर वहां से निकल गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह एक शराब दुकान पहुंचा, जहां उसने शराब पी। बाद में दुकान के पीछे खड़े डंपर से फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार के मुताबिक आत्महत्या से पहले अमीर ने अपनी पत्नी को फोन भी किया था। जब परिजन मौके पर पहुंचे और उसे फंदे से उतारा गया, तब मोबाइल चालू हालत में था। पुलिस ने मामला जांच में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया, जहां शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया।
भिंड शहर की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले भदावर किला के मुख्य द्वार के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को श्रीराम सेना ने नगर पालिका परिषद के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने किला गेट निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए जल्द काम शुरू कराने की मांग उठाई। नगर पालिका सीएमओ के नाम सौंपा ज्ञापनश्रीराम सेना के पदाधिकारी दोपहर में नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि भदावर किला केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि भिंड जिले की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है। संगठन ने बताया कि किले के मुख्य द्वार की जर्जर स्थिति लंबे समय से लोगों की चिंता का कारण बनी हुई है। टेंडर के बाद भी शुरू नहीं हुआ कामज्ञापन में कहा गया कि किला गेट के जीर्णोद्धार के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। इससे शहरवासियों में निराशा और असंतोष की स्थिति है। पदाधिकारियों ने मांग की कि किला गेट के पुनर्निर्माण का कार्य तत्काल शुरू कराया जाए और परियोजना की समय-सीमा भी सार्वजनिक की जाए। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण की मांगप्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है। समय रहते किला गेट का संरक्षण नहीं किया गया तो इसकी ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंच सकता है। श्रीराम सेना ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
लखीमपुर खीरी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले पंचायतों में हुए भारी भुगतानों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने मई माह में हुए खर्च और विकास कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी कड़ी में, ब्लॉक लखीमपुर की ग्राम पंचायत मनिकापुर में औचक निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सीडीओ ने निरीक्षण के दौरान गांव में साफ-सफाई, जल निकासी और पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कई स्थानों पर गंदगी पाई गई और नालियों की स्थिति भी असंतोषजनक मिली। जलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन लंबे समय से निष्क्रिय मिलने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई गई। लगभग पांच लाख रुपये की लागत से निर्मित एक चबूतरे की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर भी सवाल उठे। सीडीओ ने कार्य की वास्तविकता पर संदेह व्यक्त करते हुए तकनीकी टीम को दोबारा माप और जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने दो दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इस मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी हिमांशु वाजपेई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, जांच पूरी होने तक उनका वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि पंचायतों में विकास कार्यों और उनके भुगतानों की गहन समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन के दुरुपयोग, मानकों की अनदेखी और गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जनहित से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, और यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्यकाल समाप्ति से ठीक पहले हुए इन बड़े भुगतानों की जांच शुरू होने के बाद, जिले की कई अन्य ग्राम पंचायतें भी प्रशासन की रडार पर आ गई हैं।
हांसी के गांव चैनत में भाखड़ा पाइपलाइन से पानी का कनेक्शन देने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन को तेज करते हुए ग्रामीणों ने धरना स्थल से खरकड़ी मोड़ तक सरकार की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। इस दौरान मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक के पोस्टर लगे पुतले का दहन भी किया गया। धरना कमेटी की बैठक के बाद ग्रामीणों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 9 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। कमेटी के अनुसार, कई ग्रामीणों ने आमरण अनशन पर बैठने के लिए अपने नाम दिए हैं, जिसमें महिलाओं के भी शामिल होने की संभावना है। अनशनकारी केवल पानी के सहारे रहेंगे। महिलाएं कर चुकीं भूख हड़ताल इससे पहले, आंदोलन के तहत बुधवार को 51 महिलाओं ने सांकेतिक भूख हड़ताल की थी, जबकि गुरुवार को 101 पुरुषों ने इसमें भाग लिया था। अब ग्रामीणों ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया है। धरना कमेटी के सदस्य और पूर्व सरपंच सत्यवान, अनूप और विशाखा चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों की केवल एक ही मांग है। वे हांसी के लिए बिछाई जा रही भाखड़ा पाइपलाइन से गांव चैनत को 6 इंच का पानी कनेक्शन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खरकड़ी मोड़ पर टी-पॉइंट लगाकर गांव को आसानी से पानी उपलब्ध कराया जा सकता है, लेकिन सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांग को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। पुलिस की ओर से मिल रहे नोटिस : विशाखा आंदोलनकारी विशाखा चौधरी ने बताया कि धरना देने वाले ग्रामीणों को अब पुलिस की ओर से नोटिस भी मिलने शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि सदर थाना हांसी के माध्यम से मिले नोटिस में कहा गया है कि धरना जिस स्थान पर लगाया गया है, वह नेशनल हाईवे-148 बी के दायरे में आता है। वहां धरने के कारण भारी वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि धरने के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी आंदोलनकारियों की होगी। पाइपलाइन को उखाड़ने का काम शुरू इधर, आंदोलन के बीच एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। जिस पाइपलाइन को लेकर ग्रामीण लगातार आरोप लगा रहे थे कि उसे किसानों की निजी कृषि भूमि से होकर बिछाया गया है, उस पाइपलाइन को विभाग द्वारा दोबारा उखाड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और ग्रामीण इसे अपनी मांगों के समर्थन में उठाया गया कदम मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव को भाखड़ा पाइपलाइन से पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा।
पानीपत जिले के समालखा में सीआईए थ्री पुलिस ने उग्राखेड़ी रोड पर डॉक्टर से लूट के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वीरवार शाम राजाखेड़ी रोड पर एक ग्राउंड से पकड़े आरोपियों की पहचान बलजीत नगर निवासी हिमांशु उर्फ बनिया और दीपांशु उर्फ लक्की के रूप में हुई है, ये दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि वीरवार देर शाम गश्त के दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने राजाखेड़ी रोड पर एक खाली जगह से दोनों संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। गहन पूछताछ में आरोपियों ने 2 जून की रात उग्राखेड़ी रोड पर पैदल जा रहे डॉक्टर कर्मबीर से लूटपाट की वारदात को अंजाम देना कबूल किया। थाना चांदनी बाग में डॉक्टर कर्मबीर की शिकायत पर मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया मोबाइल फोन, 5 हजार रुपए नकद और कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे दोनों किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में वीरवार रात को राजाखेड़ी रोड पर ग्राउंड में बैठे थे। दोनों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दोनों भाई नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर उन्होंने इस लूट को अंजाम दिया था। दोनों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी हिमांशु के खिलाफ चोरी और स्नेचिंग के 9 मामले दर्ज हैं, जबकि दीपांशु पर स्नेचिंग का एक मामला दर्ज है। हिमांशु 9 मई को ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। कोर्ट में पेश कर दोनों को भेजा जेल प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, 5 हजार रूपए, 3 एटीएम कार्ड व आधार कार्ड और वारदात में प्रयुक्त बाइक व लोहे का कड़ा बरामद कर शुक्रवार को पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया। यहां जानिए क्या है पूरा मामला थाना चांदनी बाग में उग्राखेड़ी निवासी डॉक्टर कर्मबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 2 जून को नीजी काम से दिल्ली गया हुआ था। वह रात को दिल्ली से वापस अपने गांव आ रहा था। देर रात करीब 11:30 बजे उग्राखेड़ी रोड पर बीरभान हलवाई की दुकान के पास पहुंचा, तो बाइक सवार दो युवक आए और उससे मोबाइल फोन व पर्स छीनकर ले गए। पर्स में 5 हजार रूपए, आधार कार्ड, पेन कार्ड, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस था। थाना चांदनी बाग में डॉक्टर कर्मबीर की शिकायत पर अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच व आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।
हनुमानगढ़ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को स्वास्थ्य भवन परिसर में एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते हरित क्षेत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। डॉ. शर्मा ने जोर दिया कि एक पौधा न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की नींव भी तैयार करता है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर इसे जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल सुनिश्चित करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इस पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रिंसिपल डॉ. रेवंत, वाइस प्रिंसिपल नवकिरणदीप और असिस्टेंट प्रोफेसर रतन यादव सहित कॉलेज के 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने पौधारोपण के लिए गड्ढे तैयार करने से लेकर पौधे लगाने तक की जिम्मेदारी संभाली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
महाकुंभ से चर्चा में आईं मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ साध्वी हर्षानंद गिरि शुक्रवार से 11 दिवसीय एकांत साधना में चली गई हैं। जबलपुर के मां नर्मदा तट स्थित गौरीघाट पर पूजा-अर्चना के साथ उन्होंने मौन व्रत और एकांतवास की शुरुआत की। एकांत साधना पर जाने से पहले साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि वर्तमान समय युद्ध और अशांति का दौर है। देश की जनता को महंगाई से राहत मिले और भारत हिंदू राष्ट्र बने, इसी कामना के साथ वह यह विशेष साधना कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अब वह 11 दिनों तक मौन व्रत में रहेंगी और 15 जून को गौरीघाट पर ही साधना पूर्ण होने के बाद लोगों से संवाद करेंगी। जल्द करेंगी नर्मदा परिक्रमा 15 तारीख को 11 दिन पूर्ण होने पर शाम को साध्वी हर्षानंद गौरीघाट पहुंचेगी, और आरती के पश्चात प्रसाद वितरण के साथ ही साधना को विराम दिया जाएगा। उनका कहना है कि अगर 2 उद्देश्य भी पूर्ण हो जाते हैं तो जल्दी ही वो नर्मदा जी की पैदल परिक्रमा पर निकल जायेंगी। साध्वी हर्षानंद गिरि ने आगे कहा कि मनुष्य अगर धार्मिक मार्ग में चलता है, तो उसे कभी-कभी एकांतवास में भी रहना चाहिए। उस समय ना मीडिया, ना सोशल मीडिया और ना समाज, कुछ की आवश्यकता नहीं होती है। यह सब करने से मन पवित्र होता है। उनका कहना है कि अभी जिन देशों में युद्ध चल रहा है, उसका असर हमारे भारत में भी पड़ रहा है,सबसे ज्यादा मध्यमवर्गीय परिवार इस युद्ध का शिकार हो रहे है। साध्वी हर्षानंद ने कहा कि वह चाहती है कि युद्ध रूक जाए और चारों तरफ शांति ही शांति रहे। हमारा देश वापस सामान्य परिस्थिति में आ जाए। जिससे कि मंहगाई कम हो और देश की जनता खुशहाल हो। अन्य त्याग और जूते चप्पल भी नहीं पहनेंगी साध्वी हर्षानंद गिरि 11 दिवसीय मौनव्रत के साथ ही 11 दिवसीय अन्न त्याग, 11 दिवसीय जूते चप्पल का त्याग और 11 दिवसीय एकांत एवं मौन ध्यान साधना मां नर्मदा के तट पर करने का संकल्प लिया है। 11 दिवसीय मौनव्रत का ये है उद्देश्य 1. अध्यात्म के मार्ग पर और आगे बढ़ना।2. दूसरे देशों में हो रहे युद्ध को रोकने और भारत में आ रहे आर्थिक संकट को दूर करने के लिए।3. भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए।4. गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलवाने के लिए।5. लव जिहाद से बेटियों को बचाने के लिए ये साधना रहेगी।
फतेहपुर जिले में आम आदमी पार्टी (आप) ने अघोषित विद्युत कटौती, स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली दरों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा। यह ज्ञापन आप के जिलाध्यक्ष राम किशन विश्वकर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा गया। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने और भीषण गर्मी के दौरान सभी जिलों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पार्टी ने प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कार्य योजना लागू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही, स्मार्ट मीटर और फर्जी बिल से संबंधित सभी शिकायतों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई। ज्ञापन में बिजली दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने और बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की बात कही गई। बाराबंकी की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग भी शामिल थी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों पर रोक लगाकर जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में राकेश यादव, राजकरण सिंह, माया गौतम, संजय कुमार, शत्रुघन सिंह, प्रशांत पटेल, बाबूराम, मोहम्मद शाहजहां, श्री राम पटेल और बाबूराम पटेल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चूरू में पड़ रही भीषण गर्मी और तेज लू के प्रकोप को देखते हुए नगर परिषद ने आमजन को राहत देने के लिए शुक्रवार को मुख्य सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव कराया। दोपहर 2:30 बजे अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस था। नगर परिषद के कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों और व्यस्त क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया। इसका उद्देश्य सड़क की सतह का तापमान कम करना था। इस पहल से राहगीरों, वाहन ड्राइवरों और बाजार क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान भीषण गर्मी के दौरान आमजन को राहत देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार आगामी दिनों में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी का छिड़काव जारी रहेगा। शहरवासियों ने नगर परिषद की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी और लू के बीच सड़कों पर पानी का छिड़काव लोगों को राहत प्रदान करने में सहायक साबित हो रहा है। नगर परिषद ने नागरिकों से भीषण गर्मी के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील भी की है।
एसबीआई बैंक में 50 हजार रुपए की चोरी:सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध महिलाएं दिखीं, जांच जारी
धौलपुर शहर के संतर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शाखा में दिनदहाड़े 50 हजार रुपए की चोरी का मामला सामने आया है। पचगांव निवासी 60 वर्षीय निरंजन लाल के कैरीबैग से यह राशि चुराई गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। निरंजन लाल 1 जून को अपने खाते में 1.50 लाख रुपए जमा कराने बैंक पहुंचे थे। जमा काउंटर पर पैन कार्ड मांगे जाने पर उन्होंने रुपए निकाले। इस दौरान उन्होंने 50 हजार रुपए की एक गड्डी काउंटर पर रखी, जबकि दो अन्य गड्डियां वापस अपने प्लास्टिक के कैरीबैग में रख ली थीं। पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके कैरीबैग को ब्लेड या किसी धारदार वस्तु से काट दिया और उसमें रखी 50 हजार रुपए की एक गड्डी निकाल ली। बैंक से बाहर निकलते समय जब बैग में रखी दूसरी गड्डी उनके पैरों के पास गिरी, तब उन्हें बैग कटने और चोरी होने का पता चला। घटना की सूचना मिलने पर बैंक परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में कुछ महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दी हैं। पुलिस अब इन महिलाओं की पहचान करने और चोरी में उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है। निरंजन लाल ने पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान से मुलाकात कर मामले में एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एक वृक्ष मां के नाम अभियान के तमहित पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दीक्षांत लॉन के समक्ष आम, जामुन, मोरसरी एवं नीम सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी को उन्होंने प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि “एक वृक्ष मां के नाम” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृत्व, प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सांस्कृतिक संकल्प है। जिस प्रकार मां अपने स्नेह, त्याग और संरक्षण से जीवन को पोषित करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी नि:स्वार्थ भाव से प्राण वायु, छाया, फल और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान कर समस्त सृष्टि का पालन करते हैं। मां और वृक्ष, दोनों ही जीवन के आधार हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। अपनी मां के नाम पर जरूर लगाएं पौधा कुलपति ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान बन गया है। पर्यावरण संरक्षण हमारी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक कर्तव्य का अभिन्न अंग है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक पौधा केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, हरित वातावरण और सुरक्षित भविष्य का बीजारोपण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां की स्मृति, सम्मान अथवा आशीर्वाद के रूप में एक वृक्ष लगाए और उसका संरक्षण करे, तो यह अभियान जनांदोलन का स्वरूप ग्रहण कर सकता है। इस मौके पर पौधरोपण करते समय चीफ वैज्ञानिक एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. जितेन्द्र कुमार, छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल, PRO शशीन्द्र मिश्र, सुनील चौधरी, प्रभुनाथ यादव, मनीष कुमार चौबे आदि रहे।
श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक जनपद में उर्वरक की कालाबाजारी रोकने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इसमें जिला कृषि अधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता तथा जिला प्रबंधक पीसीएफ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की सभी साधन सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों पर केवल फार्मर रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना फार्मर रजिस्ट्री के उर्वरक बेचने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी), एटीएम, बीटीएम और सहायक विकास अधिकारी (कृषि) अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरक दुकानों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने वितरण रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनवाने और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के लिए भी कहा। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। शासन के निर्देशानुसार, अब फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक वितरित किया जाएगा। निर्धारित मानक के अनुसार, एक हेक्टेयर भूमि पर 07 बोरी यूरिया और 05 बोरी डीएपी ही देय होगी। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों से फार्मर रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद ही उर्वरक बेचें। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी फार्मर आईडी शीघ्र बनवा लें, ताकि उन्हें समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 15614 मीट्रिक टन यूरिया, 3648 मीट्रिक टन डीएपी, 3120 मीट्रिक टन एनपीके और 7447 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही उर्वरक खरीदें।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने ओबीसी आधारित जनगणना की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। इसके पहले चरण में आज शुक्रवार मोर्चा ने बालाघाट के आंबेडकर चौक पर धरना दिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी राहुल नायक को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया गया। मोर्चा की मुख्य मांग है कि जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल किया जाए। प्रतिनिधियों का आरोप है कि आजादी के बाद से देश में ओबीसी की जातिगत जनगणना नहीं कराई गई है। वर्तमान में चल रही जनगणना में केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और सामान्य वर्ग के कॉलम हैं, जबकि ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में गिना जा रहा है। इसे ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय बताया जा रहा है। 80 साल से नहीं हुई ओबीसी आधारित जनगणना प्रतिनिधियों ने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में वर्ष 1931 में हुई जनगणना में ओबीसी की आबादी 52 प्रतिशत थी, जो अब 60 प्रतिशत से अधिक होने का अनुमान है। जातिगत जनगणना न होने के कारण ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में उनके हक और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। मोर्चा का तर्क है कि जब पशु-पक्षियों की जनगणना हो सकती है, तो ओबीसी की क्यों नहीं? राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष सदाशिव हरिनखेड़े ने जानकारी दी कि आजादी के बाद से लगभग 80 वर्षों से ओबीसी की जाति आधारित जनगणना नहीं हुई है। संगठन जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम लागू करने की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि यदि सरकार इस मांग पर ध्यान नहीं देती है, तो आगामी 22 जून को राष्ट्रव्यापी रैली और प्रदर्शन किया जाएगा।
एनसीसी कैडेट्स ने किया पौधारोपण:विश्व पर्यावरण दिवस पर सिरोही में पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिरोही के राजकीय काॅलेज परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 4 राज बटालियन एनसीसी, सिरोही के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नरपत सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स ने पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कर्नल नरपत सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से पौधारोपण और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कर्नल सिंह ने जोर दिया कि वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करते हैं। कार्यक्रम में सीटीओ डॉ. खेमराज चौधरी, प्रोफेसर गायत्री प्रसाद और पर्यावरण प्रेमी व्याख्याता देवी लाल सहित 4 राज बटालियन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था।
कन्नौज में लोडर ने ऑटो को टक्कर मारी:महिला समेत दो की मौत, ड्राइवर फरार
कन्नौज में जीटी रोड पर एक तेज रफ्तार लोडर ने सामने से आ रहे ऑटो में टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो में सवार एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई। ऑटो में सवार अन्य यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यह घटना मकरंदनगर तिराहे से आगे रोमा स्मारक के सामने हुई। गुरसहायगंज से सवारियां लेकर कन्नौज आ रहा ऑटो जैसे ही इस स्थान पर पहुंचा, एक लोडर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सवार रंगियनपुरवा निवासी फूलश्री (55) पत्नी अहिबरन और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में महिला के शव की शिनाख्त फूलश्री के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक (पुरुष) की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद लोडर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। मृतका फूलश्री सदर कोतवाली क्षेत्र के रंगियनपुरवा गांव की निवासी थीं। वह छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के सिंकन्दरपुर स्थित अपनी बेटी अनीता की ससुराल से वापस लौट रही थीं, तभी मकरंद नगर के पास जीटी रोड पर यह दुर्घटना हुई। दुर्घटना के कारण जीटी रोड पर कुछ समय के लिए जाम लग गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त ऑटो को सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था को सामान्य किया।
दुर्ग जिले की जेके लक्ष्मी सीमेंट माइंस में काम के दौरान एक श्रमिक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सेमरिया गिरहोला गांव निवासी 56 वर्षीय छन्नू लाल देवांगन के रूप में हुई है। वह पिछले 15 वर्षों से कंपनी में ठेकेदार के अधीन कार्यरत थे। घटना के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। परिजनों के मुताबिक छन्नू लाल देवांगन 4 जून की सुबह करीब 8:30 बजे रोजाना की तरह ड्यूटी पर गए थे। दोपहर लगभग 12 बजे माइंस क्षेत्र में काम करते समय उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। काम के दौरान अचानक हुए बेहोश मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर होती गई। कंपनी प्रबंधन ने घटना की जानकारी दोपहर करीब 2 बजे परिजनों को दी। प्राइमरी ट्रीटमेंट व्यवस्था पर उठे सवाल मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि माइंस परिसर में प्राइमरी ट्रीटमेंट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उनका कहना है कि समय पर इलाज और जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो शायद छन्नू लाल की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद उन्हें करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित जेके लक्ष्मी सीमेंट अस्पताल ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर भिलाई के पल्स हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 50 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन मृतक के पुत्र जितेंद्र देवांगन ने कंपनी प्रबंधन से 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पिता पिछले डेढ़ दशक से कंपनी में कार्यरत थे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी कंपनी प्रबंधन का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि मर्चुरी नहीं पहुंचा, जिससे परिवार में नाराजगी और बढ़ गई है। पोस्टमार्टम पर बनी असहमति मुआवजे की मांग पूरी नहीं होने तक परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके चलते मामले को लेकर प्रशासन और परिजनों के बीच चर्चा जारी है। जांच में जुटा प्रशासन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि नंदिनी क्षेत्र स्थित माइंस में एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई है। मामले में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच मुआवजे को लेकर बातचीत जारी है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
शाजापुर में आबकारी विभाग ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे मौके पर निरीक्षण किया। मोहन बड़ोदिया बस स्टैंड परिसर में संचालित शराब दुकान और उससे जुड़े आहाते को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। आबकारी उपनिरीक्षक मीनाक्षी बोरदिया ने राजस्व, पुलिस और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्थल का निरीक्षण कराया। इस दौरान पटवारी की ओर से पंचनामा तैयार किया गया। पंचनामे के अनुसार, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणजन की मौजूदगी में बस स्टैंड परिसर स्थित दुकान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि परिसर में शराब दुकान के साथ एक नॉनवेज ढाबा भी संचालित हो रहा है। पास ही स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के प्रवेश द्वार से दुकान की दूरी लगभग 24 मीटर और विद्यालय के प्रवेश द्वार से दूरी लगभग 80 मीटर दर्ज की गई। टीन शेड के नीचे शराब पिलाने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीन शेड के नीचे शराब पिलाई जा रही है। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि ने शिकायत करते हुए कहा कि मोहन बड़ोदिया में केवल दो लाइसेंसी शराब दुकानों की अनुमति है, जबकि पांच स्थानों पर शराब बेची जा रही है। मामले पर आबकारी जिला अधिकारी विनय रंगशाही ने बताया कि प्रथम दृष्टया संबंधित शराब दुकान विद्यालय से निर्धारित दूरी के दायरे में आती प्रतीत हो रही है। ऐसे में संबंधित दुकान संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर दुकान हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अतिरिक्त दुकानों के संचालन संबंधी शिकायत की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा कल्यानपुर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर अपमानजनक ढंग से फेंके जाने का आरोप लगा है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजमंगल यादव ने उपजिलाधिकारी घोसी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कल्यानपुर में स्थापित इंदिरा गांधी की प्रतिमा को निर्माण कार्य के दौरान संबंधित ठेकेदार ने बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया, उसे तोड़ दिया और एक गंदे स्थान पर फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रतिमा को सम्मानजनक स्थान पर रखने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस घटना से पार्टी कार्यकर्ताओं सहित क्षेत्र के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिमाओं का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में लापरवाही या मनमानी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
रेवाड़ी जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुक्रवार से जिले में शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। रेवाड़ी के डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में SIR प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) की टीमें तीन बार हर घर पहुंचकर पुनरीक्षण का कार्य करेगी। परिवार के सदस्य का नाम दर्ज होना अनिवार्य डीसी ने स्पष्ट किया कि 2002 की मतदाता सूची में परिवार के किसी एक सदस्य का नाम दर्ज होना अनिवार्य है। साथ ही, सभी मतदाताओं को फॉर्म पर अपनी वर्तमान की नई फोटो सत्यापित करनी होगी। बूथ लेवल BLO 15 जून से 14 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमेरेशन फॉर्म देकर भरवाएंगे। जिन नामों का सत्यापन सही पाया जाएगा, उन्हें ड्राफ्ट सूची में शामिल किया जाएगा। SIR कार्य अगस्त माह तक होगा संपन्न डीसी ने बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची में है और वह इन्यूमेरेशन फॉर्म नहीं भरता है, तो उसे नोटिस दिया जाएगा। पूरा SIR कार्य अगस्त माह तक संपन्न कर लिया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने के लिए दावे और आपत्तियां 21 जुलाई से 20 अगस्त तक स्वीकार की जाएगी। सभी दावे-आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर तक किया जाएगा। वहीं अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर को जारी कर दी जाएगी। गलत सूचना न फैलाने की अपील डीसी अभिषेक मीणा ने मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से SIR प्रक्रिया को लेकर भ्रामक या गलत खबरें न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं फॉर्म जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से BLO टीम के आने पर सहयोग करने और अपनी जानकारी सही-सही उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। डीसी ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की अपील की। इन्यूमेरेशन फॉर्म ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को रायसेन जिले के सुरई वनक्षेत्र में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान करीब 90 एकड़ अतिक्रमण मुक्त वन भूमि पर 35 हजार से अधिक पौधे रोपे गए। अभियान का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी और डीएफओ प्रतिभा शुक्ला ने पौधरोपण कर किया। वन विभाग द्वारा 35 हेक्टेयर क्षेत्र में 35 हजार पौधे लगाए गए, जिनमें 17,500 सागौन और 17,500 मिश्रित प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार रायसेन जिले में पूरे माह के दौरान तीन लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस पर जिलेभर में व्यापक पौधरोपण कार्यक्रमों के साथ की गई है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे जीवन का आधार हैं और बढ़ते प्रदूषण तथा ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण आवश्यक है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपने परिजनों की स्मृति और विशेष अवसरों पर पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधरोपण कर अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और वनकर्मियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मुजफ्फरनगर के खालापार क्षेत्र में गुरुवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व सभासद शाहिद राजा पर कुछ युवकों ने कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में शाहिद राजा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि शाहिद राजा किसी काम से क्षेत्र में निकले हुए थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर लाठी-डंडों एवं धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शाह आलम भी शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे जिला अस्पताल पहुंचे और शाहिद राजा का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि संगठन अपने पदाधिकारी पर हुए हमले को गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता है। उधर सूचना पर पहुंची खालापार पुलिस ने रात के वक्त ही घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या के प्रयास समेत दो संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल शाहिद राजा का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है, उनके सिर में गंभीर चोट लगना बताया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली दंगे के मुख्य आरोपी और इत्तेहाद-ए-मिलत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके कारण अब उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा। मौलाना तौकीर रजा पिछले साल 26 सितंबर से ही जेल में बंद हैं और कानूनी मोर्चे पर उन्हें लगातार झटके लग रहे हैं। आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद और प्रोटेस्ट की अपील इस पूरे विवाद की शुरुआत बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर हुई थी। 26 सितंबर 2025 को आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद के बाद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की थी कि जुमे की नमाज के बाद भारी संख्या में लोग इस्लामिया ग्राउंड में इकट्ठा हों। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भी दी थी कि यदि पुलिस या अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। जुमे की नमाज के बाद अचानक बिगड़ा शहर का माहौल मौलाना तौकीर रजा की इस भड़काऊ अपील का असर यह हुआ कि जुमे की नमाज खत्म होते ही बरेली के अलग-अलग इलाकों से हजारों की संख्या में लोग इस्लामिया ग्राउंड की तरफ बढ़ने लगे। देखते ही देखते पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाजार आनन-फानन में बंद हो गए और सड़कों पर दहशत का माहौल बन गया। शहर के हर कोने में भारी भीड़ जमा होने लगी थी, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दंगाइयों का पुलिस पर हमला, फायरिंग और लूटपाट तैयारी के साथ आए उपद्रवियों ने नमाज के ठीक बाद पुलिस बल को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पहले से तय रणनीति के तहत दंगाइयों ने पुलिस पर पथराव किया, हवाई फायरिंग की और आस-पास के इलाकों में तोड़फोड़ व लूटपाट मचाई। अचानक हुए इस हमले से चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। शहर के कई हिस्सों से मारपीट और हिंसा की खबरें आने लगीं। स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस प्रशासन ने दंगाइयों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर स्थिति पर बमुश्किल काबू पाया। महीनों पहले रची गई थी बरेली को जलाने की साजिश पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बरेली को दहलाने की यह साजिश कोई अचानक उपजी घटना नहीं थी, बल्कि इसकी प्लानिंग कई महीने पहले से की जा रही थी। जांच में सामने आया कि मौलाना तौकीर रजा वर्ष 2010 में हुए बरेली दंगे की तरह ही एक बार फिर शहर को सांप्रदायिक आग में झोंकना चाहते थे। उनका मकसद हिंदू-मुस्लिम दंगा भड़काना था, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के कारण उपद्रवी अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सके। गिरफ्तारी के बाद बरेली से फतेहगढ़ जेल किए गए शिफ्ट दंगे में मुख्य भूमिका पाए जाने के बाद पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को ही इस पूरे बवाल का मुख्य सूत्रधार माना। उनके खिलाफ बरेली के अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं में 10 मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद 26 सितंबर को ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा कारणों और शहर के हालातों को देखते हुए उन्हें पहले बरेली की सेंट्रल जेल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें गोपनीय तरीके से फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां वे तब से बंद हैं। स्थानीय अदालत से झटका लगने के बाद पहुंचे हाईकोर्ट जेल जाने के बाद तौकीर रजा के कानूनी सलाहकारों ने सबसे पहले बरेली की स्थानीय अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय कोर्ट ने उनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने राहत की उम्मीद में इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट में भी मामले की संवेदनशीलता और पुलिस के तर्कों के आगे उनकी एक न चली और वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वकीलों की दलीलें और सरकारी पक्ष के सबूत सुनवाई के दौरान तौकीर रजा के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि उनका इस दंगे से कोई सीधा सरोकार नहीं था और बवाल के वक्त वे घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे। इसके विपरीत, सरकारी वकील और बरेली पुलिस प्रशासन ने कोर्ट के समक्ष बेहद पुख्ता और सबूत पेश किए। पुलिस ने कोर्ट के सामने वह वीडियो फुटेज रखी जिसमें तौकीर रजा खुलेआम मंच से लोगों को भड़काते और प्रशासन को चुनौती देते नजर आ रहे थे। इसके अलावा पुलिस सभी मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। इन सबूतों के सामने आते ही बचाव पक्ष की दलीलें कमजोर पड़ गईं और अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
बदायूं में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा:8 जून से 15 केंद्रों पर होगी, 33,984 अभ्यर्थी होंगे शामिल
बदायूं में 8, 9 और 10 जून को होने वाली आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा-2025 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अवनीश राय ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में व्यवस्थाओं की समीक्षा की। DM ने केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम यह परीक्षा जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर दो-दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें कुल 33,984 अभ्यर्थी शामिल होंगे। डीएम ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की सघन जांच और समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में SSP अंकिता शर्मा समेत परीक्षा से संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ सभी केंद्र व्यवस्थापक भी मौजूद रहे।
जींद जिले के उचाना में बारिश के मौसम से पहले अनाज मंडियों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मेनहॉलों की सफाई का काम शुरू हो गया है। यह कार्रवाई पुरानी मंडी, कपास मंडी और फायर ब्रिगेड के पास स्थित अतिरिक्त मंडी में की जा रही है। विधायक देवेंद्र अत्री ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बारिश से पहले पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि मंडी में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने बताया कि विधायक देवेंद्र अत्री के पदभार संभालने से पहले हल्की बारिश में भी मंडी में जलभराव हो जाता था। इस 30 साल पुरानी समस्या के समाधान के लिए विधायक के निर्देश पर 50 हार्सपॉवर की मोटर लगाई गई, जिससे पानी की निकासी तुरंत संभव हो पाई। अब बारिश के मौसम से पहले मंडी के सभी मेनहॉलों की सफाई की जा रही है, ताकि इस बार जलभराव की समस्या न हो। विधायक अत्री छोटे से लेकर बड़े सभी कार्यों पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखते हैं, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के 54वें जन्मदिन पर बलिया के हलवाई भूलन गुप्ता (46) ने 54 किलो का लड्डू बनाया। उसपर लिखा- हैप्पी बर्थडे योगीजी। वहीं, बांसडीह के रहने वाले रेत कलाकार रूपेश सिंह (40) ने रेत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आकर्षक तस्वीर उकेरी। सीएम को देशभर से शुभकामनाएं मिली रही हैं। सीएम के जन्मदिन पर की गई इस अनूठी प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। 54 किलो का एक लड्डू बनाने में लगे 14 घंटे बलिया के स्थानीय मिठाई व्यवसायी भूलन गुप्ता (46) ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार 54 किलो एक लड्डू बनाया है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री के 54वें जन्मदिन पर यह लड्डू तैयार करने का मौका मिला। भूलन गुप्ता ने बताया कि लड्डू तैयार करने में करीब 10 किलो बेसन, 25 किलो चीनी और 10 से 12 किलो तेल का उपयोग किया गया। इसे बनाने में पूरे 14 घंटे लग गए। इस लड्डू को बनाने का ऑर्डर रूपेश सिंह ने ही भूलन गुप्ता को दिया था। भूलन पिछले 28 वर्षों से मिठाई बनाने का कार्य कर रहे हैं। भूलन ने बताया कि रेत कलाकार रूपेश सिंह के ऑर्डर पर उन्होंने पहली बार 54 किलो का लड्डू बनाया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भी यही कार्य करते थे। हम पांच भाई हैं, जिनमें से दो भाई अपनी-अपनी दुकानों पर मिठाई बनाने का काम करते हैं। रेत कला से बनाई अलग पहचान रेत कलाकार रूपेश सिंह ने सीएम को एक अलग अंदाज में बर्थडे विश किया। उन्होंने सीएम की तस्वीर रेत पर उकेरी। इससे पहले भी वह अपनी रेत कलाकृतियों के माध्यम से विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों को प्रदर्शित कर चुके हैं। रूपेश कला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सराहना मिल चुकी है। रूपेश ने बताया कि उन्होंने काशी विद्यापीठ से फाइन आर्ट्स की शिक्षा प्राप्त की है। उनका सपना अपनी रेत कला के माध्यम से देश का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराना है। लक्ष्य पूरा होने तक नहीं कटवाएंगे दाढ़ी-मूंछ रूपेश सिंह ने बताया कि उन्होंने एक संकल्प लिया है कि जब तक अपनी कला के माध्यम से देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान नहीं दिला देते, तब तक दाढ़ी और मूंछ नहीं कटवाएंगे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें अपनी कला को प्रदर्शित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं के कार्यों और अवसरों से प्रेरणा मिलती है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- 'हमने नल लगवाए, कोई टोटी चोरी कर रहा है':ये कहकर मुस्कुराने लगे योगी, जन्मदिन पर समर्थकों ने खून से बधाई संदेश लिखा लखनऊ में सीएम योगी ने कहा कि हमें पानी बचाने के लिए काम करना होगा। इसलिए हमने हर घर नल की योजना को बढ़ाया। पता चला कि कोई टोटी चोरी कर रहा है। कोई अन्य तरह से उसका नुकसान कर रहा है। खुला है तो खुला हुआ है। यह कहते हुए सीएम मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
अलवर में धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार पादरी राजकुमार को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने के दौरान पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा की एक हरकत चर्चा का विषय बन गई। आरोप है कि पुलिस अभिरक्षा में मौजूद आरोपी को कोर्ट परिसर में आहुजा ने थप्पड़ जड़ दिया और उसे फटकार लगाते हुए धर्मांतरण को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को तत्काल दूसरी जगह ले जाकर बैठाया और बाद में अदालत में पेश किया। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर अखेपुरा थाना क्षेत्र की तंवर कॉलोनी में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने एक मकान में कथित धर्मांतरण गतिविधि की सूचना पर पहुंचकर पादरी राजकुमार को पकड़ लिया था। इस दौरान मौके पर मौजूद करीब 15 महिला-पुरुष वहां से निकल गए। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने राजकुमार के साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया। शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करने लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोर्ट परिसर में पहले से मौजूद पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा आरोपी के पास पहुंचे और उसके साथ गाली गलौच करते हुए कहा इसको रिमांड पर लेना हैं। इस दौरान पुलिसकर्मी प्रताप सिंह चौधरी ने बीच-बचाव कर आरोपी को वहां से हटाकर दूसरी जगह बैठाया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में थप्पड़ मारने का दृश्य स्पष्ट नहीं दिखता, लेकिन आहुजा आरोपी को गाली-गलौज करते और उसका रिमांड लेने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में आरोपी अपने गाल पर हाथ लगाता हुआ भी दिखाई देता है तथा एक पुलिसकर्मी उसे बचाने का प्रयास करता नजर आता है। मामले में पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं अखेपुरा थाना प्रभारी महेश तिवाड़ी ने कहा कि पूर्व विधायक ने आरोपी को थप्पड़ मारने का प्रयास किया था। घटना को लेकर कोर्ट परिसर में काफी देर तक चर्चा होती रही।
हापुड़ में होटल, रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी अभियान:मानक पूरे न करने वालों को नोटिस की चेतावनी दी गई
हापुड़ में अग्निशमन विभाग ने शुक्रवार को होटल, रेस्टोरेंट, क्लब और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष फायर सेफ्टी अभियान चलाया। यह अभियान महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। जनपद के विभिन्न अग्निशमन केंद्रों की टीमों ने फायर ऑडिट किया, मॉक ड्रिल आयोजित की और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की। अभियान के दौरान हापुड़, पिलखुवा और गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में हापुड़ के प्रकाश रीजेंसी होटल और पैराडाइज होटल, पिलखुवा के होटल ब्लू मून, होटल लाइट एंड नाइट, होटल सनराइज, मोनू वेज ग्रिल, केक बाय सुपर बेकर्स, ए-वन रेस्टोरेंट और येलो बाउल कैफे सहित कई प्रतिष्ठान शामिल रहे। गढ़मुक्तेश्वर में होटल स्काईलार्क और कन्हा श्याम ढाबा बदरखा का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की। साथ ही प्रबंधन और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को मॉक ड्रिल और इवैक्यूएशन ड्रिल के माध्यम से आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रशिक्षण भी दिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि सभी संस्थानों को पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षित निकास मार्ग और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय में सुधार करने को कहा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा संबंधित प्रतिष्ठानों को नजदीकी अग्निशमन केंद्रों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने के लिए जागरूक किया गया।
जिले के ग्राम बैरागढ़ में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे दर्जनों परिवार भीषण गर्मी और अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। अघोषित बिजली कटौती के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने से ग्रामीणों को रातभर मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ रही है। पीने के पानी के लिए महिलाएं हैंडपंप का सहारा ले रही हैं, जबकि मवेशियों को कुएं से पानी खींचकर पिलाना पड़ रहा है। इस स्थिति से घरों में रहने वाली महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। बिजली कटौती का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, वहीं व्यापार और छोटे उद्योगों को भी नुकसान हो रहा है। किसानों को भी विद्युत आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दिनभर की गर्मी के बाद रात में भी बिजली न होने से स्थिति और बिगड़ जाती है। कई इलाकों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए रातभर घरों और छतों पर टहलने को मजबूर हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से जल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारी अरुण कुमार चंदेले ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से चल रही तेज हवाओं के कारण पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर गई थीं, जिससे फाल्ट हो गया। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए डेढ़ घंटे तक बिजली बंद करके पेड़ों की टहनियों को छंटवाया जा रहा है। बिजली वितरण कंपनी द्वारा पिछले कई दिनों से लगातार रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य कराया जा रहा है, इसके बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। हल्की हवा या मामूली बारिश होने पर भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य-रसद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडे के जालौन आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका अनोखे अंदाज में स्वागत किया। कालपी से लेकर उरई तक मंत्री के स्वागत को लेकर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। स्वागत कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा, राजस्थानी ऊंट, बैलगाड़ी, घोड़े वाली बग्घियां और बुलडोजर शामिल किए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस अनोखे स्वागत को पेट्रोल और डीजल की बचत से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक साधनों के उपयोग का संदेश भी दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण तथा ईंधन की बचत को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, उसी संदेश को जनमानस तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभिनव स्वागत किया गया। विकास कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक हुई मंत्री मनोज पांडे के काफिले के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे रास्ते भाजपा समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। ई-रिक्शा और पारंपरिक वाहनों की लंबी कतारें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। सड़क पर चल रहा यह अनोखा स्वागत जुलूस देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। जालौन पहुंचे मंत्री मनोज पांडे ने विकास कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक भी की। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं, राशन वितरण व्यवस्था, सड़क, पेयजल और अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सुल्तानपुर में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न संगठनों द्वारा पौधरोपण, जागरूकता रैलियों और सभाओं का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष एवं गोमती मित्र मंडल समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. कुंवर दिनकर प्रताप सिंह के नेतृत्व में गोमती नदी के तटों और अन्य खाली स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वहीं, गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की पांचों इकाइयों ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किए। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' की प्रेरणा और प्राचार्य प्रो. अंग्रेज सिंह 'राणा' के नेतृत्व में पयागीपुर परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इसके बाद पयागीपुर परिसर से एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो अहिमने, जोगीवीर और झालापुर होते हुए पुनः परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। प्राचार्य प्रो. अंग्रेज सिंह 'राणा' ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वृक्ष मानव जीवन के सबसे बड़े रक्षक हैं। मुख्य परिसर प्रभारी प्रो. मो. शाहिद ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। पर्यावरण संरक्षण संस्था पर्जन्य द्वारा भी विवेक नगर स्थित बीएसए मैदान से पर्यावरण यात्रा निकाली गई। यात्रा विभिन्न मार्गों से होकर वापस मैदान में पहुंची, जहां आयोजित सभा में लोगों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की गई। सभा में बच्चों, महिलाओं और संस्था के सदस्यों ने उपभोग कम करने, पॉलीथीन न जलाने तथा अधिक से अधिक पौधे तैयार कर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। इस बीच निराला नगर के सभासद सुधीर तिवारी ने पौधारोपण अभियानों की निगरानी और पौधों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधे तो लगाए जाते हैं, लेकिन उनके संरक्षण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती, जिससे पौधे जल्द नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने की मांग की।
पन्ना में मोबाइल दुकान से लाखों की चोरी:पेड़ के सहारे घुसा चोर, डेढ़ लाख से अधिक के फोन गायब
अजयगढ़ नगर में एक मोबाइल दुकान से डेढ़ लाख रुपये से अधिक के फोन चोरी हो गए। रेस्ट हाउस के सामने स्थित रवि मोबाइल शॉप में अज्ञात चोर ने रात के समय वारदात को अंजाम दिया। घटना का पता शुक्रवार, 5 जून को दोपहर में दुकान संचालक के दुकान खोलने पर चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दुकान संचालक रवि ने बताया कि जब वे दुकान पहुंचे तो उन्हें कुछ मोबाइल फोन गायब मिले। संदेह होने पर उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें एक व्यक्ति दुकान में घुसकर मोबाइल चोरी करता हुआ दिखाई दिया। फुटेज से पता चला कि चोर दुकान के बगल में लगे पेड़ के सहारे छज्जे तक पहुंचा और फिर लिफ्ट के लिए लगे गाटर की मदद से दुकान के अंदर प्रवेश किया। दुकानदार के अनुसार, चोरी हुए मोबाइलों में वीवो वी-70 (लगभग 55 हजार रुपये), नथिंग 4ए (लगभग 38 हजार रुपये), ओप्पो एफ-31 (लगभग 32 हजार रुपये), वनप्लस सीजी-4 (लगभग 20 हजार रुपये) और वीवो वाई-11 (लगभग 17 हजार रुपये) शामिल हैं। चोरी गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 1,62,000 रुपये बताई गई है। सूचना मिलते ही अजयगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर अज्ञात चोर की तलाश तेज कर दी है। नगर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
फतेहपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री, खाद्य एवं औषधि प्रशासन अजीत सिंह पाल ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के मुंशी प्रेमचंद परिसर में पौधे लगाए। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 5 से 21 जून तक चलने वाले समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा था। पौधरोपण में राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास कृष्णा पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना भी शामिल हुए। देखें, 3 तस्वीरें… मुंशी प्रेमचंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आह्वान पर सभी से 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने वृक्षों को न काटने और प्रतिवर्ष एक पौधा लगाने का आग्रह किया। मंत्री ने पारंपरिक और फलदार पौधों के रोपण पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण आवश्यक है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सके। पाल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर लोग अपने भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने गंगा-यमुना और अन्य नदियों में कूड़ा न प्रवाहित करने और गंदगी न फैलाने की भी अपील की। उन्होंने सभी से 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के संवर्धन हेतु सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी वन एवं वन्यजीव प्रभाग, जिला विकास अधिकारी, डायट प्राचार्या, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और डायट के प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रशासन, न्यायपालिका, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की। जिलेभर में 5 लाख से अधिक पौधे लगाए गए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। जिला न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत न्यायिक अधिकारियों ने पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पर्यावरण संतुलन तथा सतत विकास के महत्व पर भी चर्चा की। कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पौधारोपण की सफलता पौधों के उचित संरक्षण पर निर्भर करती है। शुकतीर्थ क्षेत्र में सामाजिक वानिकी विभाग ने एक विशेष अभियान चलाया। गंगा तट के दोनों किनारों पर 1100 पौधे लगाए गए, जबकि जलालपुर बेहद क्षेत्र में 16 हजार पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान गंगा घाटों पर स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता रैलियां, प्लास्टिक उन्मूलन कार्यक्रम, सोलानी नदी संरक्षण गतिविधियां और वेटलैंड संरक्षण पर जनसंवाद भी आयोजित हुए। गंग नहर कांवड़ मार्ग पर हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने भाग लिया। उन्होंने पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने पोस्टमार्टम हाउस परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं, और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी समाधान है। बुढ़ाना क्षेत्र के चैतन्य पब्लिक स्कूल में वृक्षारोपण के साथ एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित पृथ्वी जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर जागरूकता का संदेश दिया।
सीहोर में भूसे से भरी टापरी जलकर खाक:दमकल पहुंचने तक जलकर खाक हुआ हजारों का भूसा
सीहोर जिले के इछावर थाना क्षेत्र के ग्राम ढाबला राय में शुक्रवार को एक खेत में बनी भूसे की टापरी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में टापरी और उसमें रखा हजारों का भूसा जलकर खाक हो गया। ग्राम ढाबला राय निवासी सीमा बाई ने इछावर थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि यह घटना आज सुबह 8 से 9 बजे के बीच हुई। सीमा बाई के पति भारत सिंह सुबह खेत पर गए थे और लगभग 9 बजे घर लौटे। इसी दौरान खेत के पड़ोसी भरत ने सीमा बाई के बेटे को फोन कर टापरी में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही सीमा बाई, उनके पति और बेटा तत्काल खेत पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि भूसे की टापरी पूरी तरह धू-धू कर जल रही थी। पीड़ित परिवार ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण अभी अज्ञात है। सीमा बाई की शिकायत पर इछावर थाना पुलिस ने आगजनी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
मध्य भारत के बड़े साहित्यिक आयोजनों में शामिल काव्य कुंभ का दूसरा संस्करण आज से शुरू हो रहा है। तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत 5 जून को राजनांदगांव से होगी। पहले दिन प्रसिद्ध इंडी संगीतकार राहगीर अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम शाम 7:30 बजे गौरव पथ स्थित नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। इसके बाद 6 और 7 जून को रायपुर के केपीएस डूंडा, कमल विहार परिसर में देशभर के नामी कवि, शायर, लेखक, कलाकार और संगीतकार जुटेंगे। आयोजकों ने बताया कि काव्य कुंभ स्पर्धा, संगम, संवाद, सफर, संदेश, सुरूर और संगत जैसे सात प्रमुख विषयों पर आधारित रहेगा। कार्यक्रम में उर्दू के प्रसिद्ध शायर वसीम बरेलवी, कवि और लेखक आलोक श्रीवास्तव, अभिनेता पंकज झा, लोक गायक मामे खान, कबीर कैफे, राहगीर, हेली शाह, अमनदीप ख्याल, जुबैर अली ताबिश, मनिका दुबे और छत्तीसगढ़ से पद्मश्री अनुज शर्मा शामिल होंगे। रायपुर में पहले दिन संवाद और संगीत का संगम 6 जून को रायपुर में कार्यक्रम की शुरुआत 'संवाद' सत्र से होगी। इसमें पंचायत वेब सीरीज से चर्चित अभिनेता पंकज झा और पद्मश्री अनुज शर्मा शामिल होंगे। इसके बाद हेली शाह और अमनदीप ख्याल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं शाम को युगम बैंड और लोक गायक मामे खान की संगीतमय प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन मुशायरा और कवि सम्मेलन 7 जून को 'संगम' के तहत मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। इसके बाद आलोक श्रीवास्तव की 'आलोकनामा' प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम का समापन कबीर वाणी और संगीत आधारित प्रस्तुति के साथ किया जाएगा। 87 साल के वसीम बरेलवी सुनाएंगे अनुभव और शायरी उर्दू शायरी की दुनिया के बड़े नाम वसीम बरेलवी काव्य कुंभ का प्रमुख आकर्षण रहेंगे। उनकी गजलें और शेर देश-विदेश के मुशायरों में खूब पसंद किए जाते हैं। हाल ही में उनका चर्चित शेर उसूलों पर जहां आंच आए... फिल्म जवान के गीत में भी इस्तेमाल हुआ था। कार्यक्रम में वे अपनी चुनिंदा गजलें सुनाने के साथ साहित्य और रचनात्मक जीवन के अनुभव भी साझा करेंगे। 'आलोकनामा' में सुनाएंगे संघर्ष की कहानी 7 जून को कवि और लेखक आलोक श्रीवास्तव अपनी विशेष प्रस्तुति ‘आलोकनामा’ लेकर आएंगे। करीब एक घंटे की इस प्रस्तुति में वे अपने जीवन के संघर्ष, साहित्यिक सफर और यादगार अनुभवों को साझा करेंगे। आलोक की रचनाओं को जगजीत सिंह और एआर रहमान जैसे दिग्गज संगीतकार भी अपनी आवाज और संगीत दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर पहुंचेगी 1000 नई कविताएं आयोजकों का कहना है कि ‘काव्य कुंभ’ सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की पहल भी है। इस बार 1000 नई कविताओं को संग्रहित कर सोशल मीडिया रील्स के जरिए युवाओं तक पहुंचाया जाएगा, ताकि सकारात्मक और रचनात्मक कंटेंट को बढ़ावा मिल सके। 8 शहरों से 500 एंट्री, 50 कवियों को मिलेगा मुख्य मंच पर मौका काव्य कुंभ के लिए इस बार प्रदेश के 8 शहरों में ऑडिशन आयोजित किए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक अब तक करीब 500 प्रतिभागियों की एंट्री प्राप्त हुई है। फिलहाल सभी प्रविष्टियों की ऑनलाइन स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के बाद चुने गए 50 कवियों को काव्य कुंभ के मुख्य मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। इनमें से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 2 कवियों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस बार आदिवासी भाषाओं में भी बड़ी संख्या में कविताएं प्राप्त हुई हैं। इन प्रस्तुतियों के लिए कार्यक्रम में विशेष स्लॉट रखा गया है, ताकि क्षेत्रीय और जनजातीय साहित्य को भी मंच मिल सके। कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे स्मृति में दिया जाएगा पुरस्कार आयोजकों ने बताया कि इस काव्य कुंभ के मंच पर छत्तीसगढ़ी कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी अंतिम प्रस्तुति दी थी। इस बार उनके सम्मान में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा जाएगा। साथ ही सर्वश्रेष्ठ युवा कवि को डॉ. सुरेंद्र दुबे स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि काव्य कुंभ के पिछले सीजन को लोगों ने काफी पसंद किया था। कविता और शायरी के इस मंच पर हर उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। पिछले आयोजन में सौरभ द्विवेदी, रज़ा मुराद, राहगीर, अज़हर इक़बाल और कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी थी। 5 जून का राजनांदगांव में कार्यक्रम आयोजकों का कहना है पिछले सीजन के रेस्पोंस को देखते हुए इस बार कार्यक्रम को तीन दिन तक रखा गया है। इसमें 5 जून को एक दिन का कार्यक्रम राजनांदगांव में होगा। यहां 'राहगीर' अपनी विशिष्ट गायन शैली और प्रस्तुति के माध्यम से कविता और शायरी को सोशल मैसेज में पिरोकर दर्शकों के सामने पेश करेंगे। टिकटें ऑनलाइन उपलब्ध काव्य कुंभ में शामिल होने के लिए दर्शक Bookmyshow से टिकट बुक कर सकते हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर साहित्य और संगीत प्रेमियों में काफी उत्साह है। काव्य कुंभ में शामिल होंगे ये कलाकार
अम्बेडकरनगर में विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने वृक्षारोपण महाभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान पौराणिक धार्मिक स्थल श्रवण धाम में एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत शुरू किया गया। इसी अवसर पर केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 05 जून से 21 जून 2026 तक चलने वाले समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान की भी शुरुआत हुई। श्रवण धाम में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने आम जनता से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से कम से कम एक पेड़ मां के नाम रोपित करने और उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की। मंत्री ने जोर दिया कि वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। वृक्षारोपण महाभियान की सभी तैयारियां पूरी श्री राजभर ने समाज से बेटों और बेटियों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने तथा उन्हें समान अवसर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया। वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद प्रभारी मंत्री ने जेल रोड स्थित लोरपुर ताजन पौधशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों और पौधों की उपलब्धता की समीक्षा की। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि जनपद में वृक्षारोपण महाभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त संख्या में पौधे उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चयनित स्थलों पर संबंधित विभागों द्वारा पौधों की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडे, कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, प्रभागीय वनाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी वृक्षारोपण किया।
नूंह जिले में शुक्रवार की दोपहर बाद एक युवक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना नूंह-पलवल रोड स्थित सर्किट हाउस के सामने हुई। सूचना मिलने पर पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। झुलसे युवक को शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस को घटनास्थल पर जांच के दौरान एक प्लास और कुल्हाड़ी मिली। इन उपकरणों के मिलने से आशंका जताई जा रही है कि युवक बिजली के तार काटने या चोरी करने के प्रयास में लाइन की चपेट में आया होगा। एसडीओ बोले- बिजली निगम का कर्मचारी नहीं युवक बिजली विभाग के एसडीओ हरि किशन ने बताया कि झुलसा हुआ व्यक्ति विभाग का कर्मचारी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला बिजली के तारों से छेड़छाड़ या चोरी के प्रयास का प्रतीत हो रहा है। विभाग भी इस मामले की जांच कर रहा है। सदर थाना नूंह प्रभारी प्रवीण ने झुलसे युवक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उसकी पहचान कराने और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस ने मौके से मिले उपकरणों को कब्जे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है। युवक के होश में आने और उसकी पहचान होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस और बिजली विभाग मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
पानीपत की सीआईए थ्री (CIA-3) पुलिस टीम ने उग्राखेड़ी रोड पर एक डॉक्टर से देर रात गनपॉइंट या हथियारों के बल पर लूटपाट करने वाले दो शातिर आरोपियों को राजाखेड़ी रोड स्थित एक मैदान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बलजीत नगर निवासी हिमांशु उर्फ बनिया और दीपांशु उर्फ लक्की के रूप में हुई है, जो आपस में सगे भाई हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों ने नशे की लत को पूरा करने के लिए लूट की इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। जेल से आते ही फिर शुरू की वारदात, पहले से दर्ज हैं कई केस पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों को स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का नशा करने की लत है। इस लत को पूरा करने के लिए जब उनके पास पैसे खत्म हो गए, तो उन्होंने लूटपाट की योजना बनाई। दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। आरोपी हिमांशु उर्फ बनिया के खिलाफ पहले से ही चोरी और झपटमारी (स्नैचिंग) के 9 मामले दर्ज हैं। वह बीती 9 मई को ही जेल से जमानत (बेल) पर बाहर आया था और बाहर आते ही दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। आरोपी दीपांशु उर्फ लक्की पर भी पहले से स्नैचिंग का एक मामला दर्ज है। लोहे का कड़ा दिखाकर डराया; मोबाइल, कैश और बाइक सब बरामद थाना चांदनी बाग में उग्राखेड़ी निवासी डॉक्टर कर्मबीर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। डॉक्टर कर्मबीर ने बताया था कि 2 जून की रात करीब 11:30 बजे जब वह दिल्ली से अपना निजी काम निपटाकर वापस लौट रहे थे, तो उग्राखेड़ी रोड पर बीरभान हलवाई की दुकान के पास बाइक सवार इन दोनों भाइयों ने उनका रास्ता रोका और लोहे का कड़ा व अन्य हथियार दिखाकर उनका मोबाइल और पर्स छीन लिया था। पर्स में ₹5000 कैश, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद थे। सीआईए थ्री प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार को पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल, 5 हजार रुपए कैश, 3 डेबिट कार्ड, आधार कार्ड के साथ-साथ वारदात में प्रयोग की गई बाइक और डराने के लिए इस्तेमाल किया गया लोहे का कड़ा बरामद कर लिया गया है।
मऊ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब मऊ ने पर्यावरण संरक्षण और हरित अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान लगभग 50 फलदार और छायादार पौधे वितरित किए गए। यह कार्यक्रम रोटेरियन एस.पी. दुबे की श्री दुर्गा पौधशाला, बहरीपुर में आयोजित किया गया। पौधे ऐसे जागरूक लोगों को दिए गए जिन्होंने उनकी उचित देखभाल कर उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रोटरी क्लब मऊ के अध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन मनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप देना होगा। क्लब के फाउंडर मेंबर और वरिष्ठ रोटेरियन डॉ. एस.सी. तिवारी ने जोर दिया कि वृक्ष प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं। उन्होंने बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। रोटरी क्लब मऊ के सचिव डॉ. एस. खालिद ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल जागरूकता का अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल को भी उतना ही आवश्यक बताया। कार्यक्रम के संयोजक रोटेरियन एस.पी. दुबे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से ऐसे लोगों को पौधे वितरित किए गए जो उनकी नियमित देखभाल कर सकें। पौध वितरण के बाद साईं हॉस्पिटल परिसर में एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित सदस्यों और गणमान्य व्यक्तियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब मऊ के वरिष्ठ रोटेरियन डॉ. एस.सी. तिवारी, क्लब अध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह, सचिव डॉ. एस. खालिद, कार्यक्रम संयोजक रोटेरियन एस.पी. दुबे, पर्यावरणविद् शैलेन्द्र जी, जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य रोटेरियन सदस्य और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
वाराणसी में कोचिंग से लौटती छात्राओं से सरेराह एक युवक ने अश्लीलता की। स्कूटी सवार युवक ने पहले पीछा किया फिर फब्तियां कसी। एक किशोरी को स्कूटी पर बैठाने का प्रयास किया और गंदी नीयत से पकड़ने की कोशिश की। युवक की अश्लील हरकतें देखकर छात्राएं भागी और मदद के लिए गुहार लगाई। कालोनी में कुछ दूर एक घर का दरवाजा खटखटाया फिर अंदर जाकर खुद को बचाया। हालांकि प्रधानाध्यापक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शिवपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्री राज राजेश्वरी वेद पाठशाला के प्रधानाध्यापक मोहन दुबे की तहरीर पर पुलिस ने छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले एक युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रधानाचार्य ने बताया कि 31 मई 2026 का है, जब दोपहर करीब 1:40 बजे पाठशाला के छात्र-छात्राएं विद्यालय से घर लौट रहे थे। रास्ते में स्कूटी लेकर घात लगाए बैठे युवक यशवन्त राज निवासी सेनपुरा, चेतगंज ने एक छात्रा का पीछा किया, उसे रोका और उसके साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ की। छात्राओं के चिल्लाने पर पास के ही एक स्थानीय नागरिक दीपक मिश्रा ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने घर का दरवाजा खोलकर बच्चों को बचाया और आरोपी को भगाया,शिकायत के मुताबिक, यह पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। घटना के बाद आरोपी युवक दोबारा स्कूल के आसपास संदिग्ध रूप से घूमता देखा गया, जिसके बाद तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। शिवपुर पुलिस आरोपी यशवन्त राज की तलाश कर रही है।
सिरोही जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही पशु-पक्षियों और वन्यजीवों के लिए पानी की समस्या बढ़ गई है। आम जनता अपनी व्यवस्था कर लेती है, लेकिन जीव-जंतुओं और जंगली जानवरों को अक्सर पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। इस चुनौती से निपटने के लिए रेवदर तहसील के नागानी गांव में समाजसेवियों ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। इसके तहत, ग्रामीण प्रतिदिन 10 पानी के टैंकरों से गांव के बाहर स्थित नाणियों और जंगलों में पानी भर रहे हैं। यह अभियान पिछले चार वर्षों से जारी है, जिसका उद्देश्य पशु-पक्षियों और जंगली जानवरों को भीषण गर्मी में आसानी से पानी उपलब्ध कराना है। समाजसेवियों ने जन सहयोग से धनराशि एकत्रित कर टैंकरों की व्यवस्था की है। इस कार्य में रमेश सिंह परमार जोलपुर वालों का भी सहयोग मिल रहा है। इस पहल से वन्यजीवों और पशु-पक्षियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। यह अभियान तब तक जारी रहता है जब तक बारिश नहीं हो जाती और नदी-नाड़ियां प्राकृतिक रूप से पानी से भर नहीं जातीं।
करनाल के चार चमन इलाके में प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल के साथ बैंक ने एक शोरूम पर कब्जा दिलवाने की कार्रवाई की। इस दौरान शोरूम मालिकों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि बिना नोटिस के यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी इसी तरह बिना सूचना के शोरूम का सामान और सोना उठा लिया गया था। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाईशुक्रवार को प्रशासन की टीम चार चमन क्षेत्र में पहुंची, जहां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जानकारी के अनुसार, कैनरा बैंक से एक पार्टी ने लोन लिया हुआ था। लोन की अदायगी पूरी नहीं होने पर बैंक ने शोरूम को खाली करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी। शोरूम के अंदर रखा सामान बाहर निकलवाया गया और कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई। मालिकों ने कहा- बिना नोटिस की गई कार्रवाईशोरूम मालिकों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्ष 2025 में भी बिना किसी अनुमति के शोरूम के ताले तोड़े गए थे। उस मामले को लेकर उन्होंने कोर्ट में केस किया हुआ है, जो अभी करनाल कोर्ट में विचाराधीन है। उनका कहना है कि बार-बार बिना नोटिस कार्रवाई करना गलत है। एलआर कुनाल और हर्ष ने उठाए कई सवालबिल्डिंग के एलआर कुनाल और हर्ष के मुताबिक यह प्रॉपर्टी आशा रानी के नाम पर दर्ज है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त 2025 को यहां कब्जे की कार्रवाई की गई थी और 18 नवंबर 2025 को दिनदहाड़े शोरूम के ताले काटे गए थे। उस दौरान करीब 40 लाख रुपए का सोना भी गायब हो गया था। इस मामले में उन्होंने कोर्ट में केस दायर किया हुआ है, जो अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि अगर उनके पास कोई स्टे ऑर्डर नहीं है, तो बैंक के पास भी ऐसा कोई आदेश नहीं होना चाहिए कि वह सामान खाली करवा सके। वे अपने सभी कागजात दिखा रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही। इनवेंटरी नहीं बनने पर उठे सवालएलआर ने यह भी आरोप लगाया कि शोरूम से निकाले जा रहे सामान की कोई सूची नहीं बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बिल्डिंग के अंदर करीब दो करोड़ रुपए का सामान मौजूद है। अगर कोई सामान चोरी होता है या गायब होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।उन्होंने यह भी कहा कि बैंक की प्रोसीडिंग में 8 एलआर को पार्टी बनाया गया था, लेकिन कार्रवाई के समय केवल तीन लोगों को ही शामिल किया गया। यह भी नियमों के खिलाफ है। लोन की रकम लगभग पूरी चुकाने का दावाएलआर कुनाल और हर्ष के अनुसार, इस प्रॉपर्टी पर 60 लाख रुपए का लोन लिया गया था, जिसमें से 55 लाख रुपए पहले ही चुकाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बकाया राशि देने के लिए भी सभी एलआर तैयार हैं, इसके बावजूद इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। ऑक्शन में खरीदार ने रखा अपना पक्षवहीं, इस प्रॉपर्टी को ऑक्शन में खरीदने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसने करीब 8 महीने पहले कैनरा बैंक से यह प्रॉपर्टी 1 करोड़ 2.5 लाख रुपए में खरीदी थी। फिलहाल प्रॉपर्टी पर बैंक का कब्जा है और बैंक को शोरूम खाली कराकर चाबी उसे सौंपनी है। उसका कहना है कि बैंक ने सभी संबंधित एलआर को पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे और उसी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। विवाद के बीच कार्रवाई जारीमौके पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होती रही, लेकिन प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही। पूरे मामले को लेकर अब कानूनी स्थिति और कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। इस दौरान राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया अपनी पत्नी अनीता कटारिया, बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद रहे। सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया। राज्यपाल ने आंवला का पौधा लगाया, जबकि उनकी पत्नी अनीता कटारिया ने अमलतास का पौधा रोपा। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी गुलमोहर, नीली गुलमोहर, अमरूद और प्राइड ऑफ इंडिया जैसे पौधे लगाए। ये पौधे पर्यावरणीय, औषधीय और सौंदर्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वायु गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ वातावरण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक पेड़ मां के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण और माताओं के प्रति सम्मान की भावना को एक साथ जोड़ता है। इस अभियान ने देशभर में लोगों को प्रकृति से जुड़ने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। चंडीगढ़ की हरियाली को और मजबूत करने पर जोर कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी हरियाली और सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए देशभर में पहचान रखता है। प्रशासन भविष्य में भी पौधारोपण अभियान, जैव विविधता संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से शहर की हरित पहचान को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है, ताकि पौधारोपण के प्रयास लंबे समय तक पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
कटनी में सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों में मजदूरों के शोषण का एक नया मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय के पुलिस लाइन झिंझरी में भवन निर्माण कार्य में लगे करीब 16 मजदूर अपनी मेहनत की कमाई के लिए भटकने को मजबूर हैं। ठेकेदार की ओर से पिछले 15 दिनों की मजदूरी रोके जाने और मांगने पर धमकी देने से परेशान होकर, पीड़ित मजदूरों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। मजदूरों ने एसपी को एक लिखित आवेदन सौंपकर न्याय और बकाया राशि दिलाए जाने की मांग की है। ठेकेदार पर 15 दिनों की मजदूरी न देने का आरोप एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित मजदूरों में जगदीश, रामरतन, दीपक, गजराज और लालजी सहित अन्य साथी शामिल थे। उन्होंने बताया कि उन्हें ठेकेदार विपिन मिश्रा के अधीन पुलिस लाइन झिंझरी में भवन निर्माण कार्य के लिए लगाया गया था। इन मजदूरों ने लगातार डेढ़ महीने तक कड़ी धूप में मेहनत के साथ निर्माण कार्य में अपना योगदान दिया। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार विपिन मिश्रा ने उन्हें केवल एक महीने का भुगतान किया, लेकिन आखिरी के 15 दिनों की मजदूरी रोक ली। जब भी मजदूर अपनी रुकी हुई मजदूरी मांगते हैं, तो ठेकेदार उन्हें पैसे देने के बजाय तरह-तरह की धमकियां दे रहा है। मजदूर बोले-घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा पीड़ित मजदूर लखन लाल ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि गरीब लोग दिन-रात पसीना बहाकर इस उम्मीद में काम करते हैं कि समय पर पैसे मिलेंगे तो घर का चूल्हा जलेगा और बच्चों का पेट भरेगा। उन्होंने ठेकेदार की ओर से उनकी गाढ़ी कमाई को इस तरह दबाए जाने को सरासर अन्याय बताया। मजदूरों ने जानकारी दी कि सभी 16 श्रमिकों को मिलाकर ठेकेदार के पास करीब 80 हजार की कुल मजदूरी बकाया है। एक-एक मजदूर के हिस्से की यह छोटी सी रकम उनके परिवारों के भरण-पोषण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ठेकेदार की बेरुखी और धमकियों से तंग आकर अंततः मजदूरों को अपनी आवाज बुलंद करनी पड़ी और वे सीधे पुलिस के आला अधिकारियों की शरण में पहुंच गए। मजदूरों ने एसपी से लगाई गुहार शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचे सभी मजदूरों ने एक स्वर में मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उनकी रुकी हुई मजदूरी का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाए। पुलिस प्रशासन ने मजदूरों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए उचित जांच और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
खरगोन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। जिले के 980 संविदा कर्मचारियों में से 500 से अधिक ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को खून से पोस्टकार्ड लिखकर भेजे। इन पोस्टकार्ड्स में 'भैया' और 'मामाजी' जैसे संबोधनों के साथ नियमितीकरण की मांग की गई है। कर्मचारियों की इस हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्थिति यह है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. डीएस चौहान को स्वयं सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ममता हिरवे ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन उनकी मजबूरी और पीड़ा का परिणाम है, जिसे उन्होंने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी असुरक्षित भविष्य, कम वेतन, ग्रेड-पे विसंगति और नियमितीकरण जैसी मूलभूत मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि समाधान खोजना है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि उनके समर्पण को समझा जाए, उनके परिवारों की चिंताओं को महसूस किया जाए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कानपुर देहात में वन विभाग से 3 करोड़ 46 लाख पौधों की सूची मांगी है। उन्होंने चारों विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए इन पौधों की वास्तविक स्थिति की जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री राकेश सचान ने कार्यक्रम में मौजूद प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से कहा कि पौधरोपण स्थलों की पूरी सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि स्वयं इन पौधों का निरीक्षण करेंगे ताकि उनकी सुरक्षा और जीवित रहने की स्थिति का पता चल सके। सचान ने जोर देकर कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि लगाए गए पौधे कुछ समय बाद नष्ट हो जाते हैं, तो वृक्षारोपण अभियान का मूल उद्देश्य अधूरा रह जाता है। दरअसल, प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर पौधरोपण के आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन पौधों के जीवित रहने की दर पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। कानपुर देहात में भी पूर्व में वृक्षारोपण से जुड़े मामलों को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं और कुछ मामलों की जांच भी चल रही है। मंत्री के इस बयान को वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से पौधों की निगरानी बेहतर होगी और पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकेगा। अब सभी की निगाहें वन विभाग पर टिकी हैं कि वह कब यह ब्यौरा उपलब्ध कराता है और जमीनी हकीकत क्या सामने आती है।
नाथद्वारा में विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जीव दया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगरपालिका द्वारा गुंजोल स्थित कचरा संग्रहण स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी भगीरथ सिंह ने की। इस दौरान कई जनहितकारी गतिविधियां आयोजित की गईं। नगर पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने बताया- भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए परिंडे और घोंसले लगाए गए। साथ ही परिसर में सघन वृक्षारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी ली। इस दौरान उपखंड अधिकारी ने “एक रोटी गोमाता के नाम” वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन शहरभर से गोमाता के लिए रोटियों का संग्रह करेगा। इसके साथ ही निर्माल्य संग्रहण वाहन भी शुरू किया गया, जो मंदिरों से निकलने वाली पूजा सामग्री और निर्माल्य को व्यवस्थित रूप से संग्रहित करेगा। इस अवसर पर पालिका एईएन संकल्प सिंगल, डॉ. बीएल जाट, डॉ. केएल परमार, समाजसेवी कृष्ण गोपाल गुर्जर, डॉ. तन्मय पालीवाल, कोमल पालीवाल, प्रवीण सनाढ्य, भरत सनाढ्य सहित कई अन्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और नगर पालिका कर्मचारी मौजूद रहे।

