बुरहानपुर शहर की लोहार मंडी में बिजली कंपनी के कर्मचारियों को लूम के मीटर का कनेक्शन जोड़ने के दौरान रहवासियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक बुजुर्ग ने खुद पर पेट्रोल डालने की धमकी दी, जबकि एक युवक थ्री फेस लाइन पकड़ने की बात कहता रहा। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की मौजूदगी में हुआ। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, लालबाग जोन से जुड़ा लूम कनेक्शन शनवारा स्थित जोन से जोड़ने के लिए कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने आपसी विवाद के चलते विरोध दर्ज कराया। कुछ रहवासियों का कहना था कि लूम से उनके परिवारों को दिक्कत होती है, हालांकि क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी लूम संचालित हैं। विरोध के बीच, एक बुजुर्ग ने हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर खुद पर छिड़कने की धमकी दी। वहीं, एक युवक बिजली लाइन के पास जाकर खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने की बात कहता रहा। मौके पर मौजूद लोग उसे नीचे उतारने के लिए चिल्लाते रहे। बिजली कंपनी के डीई सुनील मावस्कर ने बताया कि कर्मचारी लूम के मीटर कनेक्शन जोड़ने गए थे। यह आपसी शिकायत का मामला है, जिसमें कुछ लोग मीटर लगाने से मना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को सीएसपी ने दोनों पक्षों को चर्चा के लिए बुलाया है।
फिरोजाबाद में साले की गोली मारकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। खैरगढ़ थाना क्षेत्र के नगला जयकिशन गांव में वर्ष 2021 में हुए पुष्पेंद्र हत्याकांड में दोषी पाए गए जीजा धरवेन्द्र और उसके मामा पंचम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। हत्या में शामिल धरवेन्द्र के भाई दौलतराम को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा मिली है। यह घटना 17 मई 2021 की रात की है, जब पुष्पेंद्र अपनी बहन के घर आया हुआ था। रात में वह अपने बहनोई धरवेन्द्र के घर एक कमरे में सो रहा था। इसी दौरान पारिवारिक विवाद और बहन से अवैध संबंधों के शक के चलते जीजा धरवेन्द्र ने अपने मामा पंचम सिंह और भाई दौलतराम के साथ मिलकर पुष्पेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद मामले को अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई वारदात दिखाने का प्रयास किया गया। मृतक के पिता की तहरीर पर खैरगढ़ थाने में मुकदमा संख्या 52/2021, धारा 302 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री सौरभ दीक्षित के निर्देश पर एसओजी और सर्विलांस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 32 दिनों के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। लगातार प्रभावी पैरवी और पुलिस मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप, माननीय न्यायालय (विशेष पॉक्सो कोर्ट) ने इस मामले में हाल ही में यह फैसला सुनाया है। इस मामले में सजा दिलाने में थाना प्रभारी खैरगढ़, विवेचक, अभियोजक अवधेश शर्मा, पुलिस मॉनिटरिंग सेल और पैरोकार हेड कांस्टेबल योगेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग पर जिगना थाना क्षेत्र में एक ट्रक और मोटरसाइकिल की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना राजमन बघौरा गांव के सामने हुई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान प्रयागराज जनपद के मेजा थाना क्षेत्र के शाहपुर कवरिया निवासी चंद्रेश कुमार (22) पुत्र अवध नारायण और कोराव थाना क्षेत्र के पवारी गांव निवासी संतोष कुमार (23) पुत्र मंगला प्रसाद के रूप में हुई है। दोनों आपस में ममेरे-फुफेरे भाई थे। जानकारी के अनुसार, चंद्रेश और संतोष जिगना थाना क्षेत्र में अपनी रिश्तेदारी में आए थे। शाम करीब छह बजे वे एक बाइक पर सवार होकर अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। राजमन बघौरा गांव के सामने मांडा रोड की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि दोनों युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। जिगना इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि बाइक सवार दोनों युवकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मिर्जापुर शहर भेज दिया गया है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गोरखपुर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) के नव निर्मित भवन का उद्घाटन विधायक प्रदीप शुक्ला ने किया। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार चौधरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली के अधीक्षक डॉ. सतीश सिंह, डीपीएम पंकज आनंद, मातृ स्वास्थ्य से सूर्य प्रकाश मौर्य, भाजपा पदाधिकारी, चिकित्सा कर्मी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। सम्यक कलेक्टिव गुड फाउंडेशन के सहयोग से गर्भग्रीवा और बच्चों की आंखों की जांच हेतु आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गईं। यह सुविधा आकांक्षी नगर योजना के अंतर्गत है, जिसका उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है। नारी आरोग्यम और सुनेत्रम कार्यक्रम के माध्यम से लक्ष्यित जांच गर्भग्रीवा कैंसर की शुरुआती पहचान हेतु नारी आरोग्यम कार्यक्रम और बच्चों में नेत्र संबंधी समस्याओं की जांच हेतु सुनेत्रम कार्यक्रम लागू किया गया है। इन सुविधाओं से कैंसर और नेत्र रोग संबंधी मामलों में समय रहते निदान संभव होगा। BPHU ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ के तहत विकसित किया जा रहा है। मिशन का लक्ष्य ग्रामीण व ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाना, संक्रामक रोगों की पहचान और प्रबंधन में दक्षता बढ़ाना और जांच सेवाओं की उपलब्धता में सुधार करना है। BPHU को संक्रामक रोगों की पहचान, निगरानी और स्वास्थ्य संबंधी डेटा प्रबंधन के लिए केंद्रीकृत इकाई के रूप में संचालित किया जाएगा। इकाई IHIP पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम रोग निगरानी और रिपोर्टिंग करने में सक्षम होगी, जिससे स्वास्थ्य प्रतिक्रिया तेज होगी। ब्लॉक लैब में एचआईवी, टीबी, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षण की पहुंच बढ़ेगी और मरीजों को उच्च स्तरीय जांच के लिए शहर पर निर्भरता कम होगी। BPHU ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और समन्वय को मजबूत करेगी। इससे विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बीच तालमेल सुधरेगा और संसाधनों का उपयोग व्यवस्थित रूप से हो सकेगा।
जौनपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद प्रिया सरोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 19 जनवरी को केराकत विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का है, जहाँ प्रिया सरोज मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थीं। वीडियो में एक समर्थक मंच पर उनके पास आकर बैठता हुआ दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि समर्थक ने पहले सांसद के पैर छुए और फिर उनके कान में कुछ कहा। सांसद ने उसे दूर बैठने के लिए कहा, लेकिन समर्थक अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पीछे बैठे एक अन्य व्यक्ति ने भी उसे उठने का इशारा किया। इस घटनाक्रम को किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस संबंध में सांसद प्रिया सरोज ने बताया कि वह व्यक्ति पार्टी का कार्यकर्ता था और उनसे कुछ कह रहा था। उन्होंने असहज महसूस करने की बात से इनकार किया है। प्रिया सरोज देश की सबसे युवा महिला सांसदों में से एक हैं। उन्होंने 25 वर्ष की आयु में मछलीशहर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया है। वह एक राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं; उनके पिता तूफानी सरोज तीन बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में विधायक हैं। प्रिया सरोज का जन्म वाराणसी में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। राजनीति में आने से पहले, प्रिया सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर कार्यरत थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उन्हें उनके पिता के स्थान पर एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा था। हाल ही में प्रिया सरोज ने क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ सगाई की है। इस सगाई समारोह में अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पहली बार सभी जिलों में मंडल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्त की है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने AICC महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की मंजूरी के बाद यह लिस्ट जारी की है। पार्टी ने कुल 1,370 मंडल अध्यक्षों को जिलेवार नियुक्त किया है। पार्टी का कहना है कि इससे जिला स्तर पर संगठन मजबूत होगा। इस कदम से कांग्रेस ने भाजपा की तरह मंडल स्तर पर अपने ढांचे को भी मज़बूत कर लिया है। पार्टी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने बताया कि पार्टी ने मंडल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की सूची जारी की है। प्रत्येक मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को अपने जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि आने वाले चुनावों में कांग्रेस संगठन और अधिक मजबूत और सक्रिय भूमिका निभा सके। कुल मंडल अध्यक्षों की संख्या: 1,370- दुर्ग शहर-10- राजनांदगांव-10- बालोद-41- बलौदाबाजार-56- कवर्धा-27- खैरागढ़-28- कोरबा शहर-12- कोरिया-18- महासमुंद-45- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-26- मोहला-मानपुर-16- मुंगेली-34- नारायणपुर-15- रायगढ़ शहर-11- रायगढ़ ग्रामीण-39- रायपुर शहर-42- रायपुर ग्रामीण-45- राजनांदगांव ग्रामीण-37- सक्ती-37- सारंगढ़-बिलाईगढ़-42- सुकमा-17- सुरजपुर-72- सरगुजा-59- बस्तर ग्रामीण-50- बेमेतरा-47- भिलाई-27- बीजापुर-25- बिलासपुर-13- बिलासपुर ग्रामीण-55- दंतेवाड़ा-28- धमतरी-47- दुर्ग ग्रामीण-37- गरियाबंद-44- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-25- जगदलपुर-18- जांजगीर-चांपा-51- जशपुर-78- कांकेर-41- कोंडागांव-45
संभल में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में बुधवार सुबह हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान फायरिंग और पथराव की घटना हुई, जिसमें कुल नौ लोग घायल हो गए। घायलों में से चार लोगों को छर्रे लगे हैं। पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों को नामजद करते हुए 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। यह पूरी घटना संभल जनपद की चंदौसी तहसील के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मुमरेजपुर की है। गांव के ही रामवीर और सुरवीन (आशीष) के बीच चार बीघा खेत की भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे गांव में अचानक फायरिंग की आवाज से अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। इच्छाराम और कल्याण सिंह पक्ष का कहना है कि उनकी चार बीघा जमीन आबादी के बीच है, जिस पर गांव का ही रामवीर कब्जा करना चाहता है। उनका आरोप है कि रामवीर ने अपनी जमीन तरुण शंखधार को बेच दी है। इच्छाराम के पुत्र भूरे और कल्याण सिंह के पुत्र राहुल ने बताया कि उनके चार बीघा खेत में गेहूं की फसल खड़ी थी, जिसे ट्रैक्टर चलाकर जोतना शुरू कर दिया गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे उनके पक्ष के कई लोगों को चोटें आईं। वहीं, रामवीर सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि मंगलवार सुबह जब वह जा रहे थे, तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और लाठी-डंडों से पीटा गया। रामवीर पुत्र बाबू सिंह की शिकायत पर ओमकार, इच्छाराम पुत्र सेवाराम, कल्याण, नंन्हे पुत्र मोहन, गोपाल, भूरा पुत्र इच्छाराम, राहुल, अजय पुत्र कल्याण, गीता पत्नी कल्याण, गोविंद पुत्र ओमकार, सुनीता पत्नी इच्छाराम, हप्पू और गिरन्दी पुत्र खेमकरण पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर, इच्छाराम पक्ष की ओर से रामवीर, नेकपाल, गनेशी, कुंवरपाल, प्रताप, धर्मपाल, किशनवीर और अनिल के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी लोकेंद्र त्यागी ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची थी, उसके बाद मेरे द्वारा गांव में जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। दोनों पक्षों के कुल नौ लोग घायल हुए हैं जिनका सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है, फिलहाल अभी दोनों पक्षों के कुल 18 लोगों के विरुद्ध नामजद और 10 से 15 अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गोरखपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन केंद्र और राज्य सरकारों के साथ कॉरपोरेट कंपनियों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभा रही है। समिति के अनुसार दिल्ली में हो रहा इस एसोसिएशन का वार्षिक महाधिवेशन ऊर्जा मंत्रियों की बैठक से पहले निजीकरण निर्णय के लिए लॉबिइंग का मंच बना हुआ है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) ने सभी राज्य सरकारों से 22–23 जनवरी को ऊर्जा मंत्रियों की होने वाली बैठक में विद्युत (संशोधन) बिल और बिजली निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ सख़्त और समन्वित रुख अपनाने की अपील की है। फेडरेशन का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन ऊर्जा क्षेत्र के सार्वजनिक ढांचे और उपभोक्ता हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। बैठक का एजेंडा और समयरेखा स्पष्ट 22–23 जनवरी को होने वाली राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर करेंगे, जिसमें इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल और डिस्कॉम निजीकरण प्रमुख विषय होंगे। फेडरेशन ने कहा कि इस बैठक में राज्यों की एकजुटता ऊर्जा क्षेत्र की संरचना और संघीय अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण होगी। फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भेजे पत्र में कहा कि प्रस्तावित बिल राज्यों के वितरण निगमों (DISCOMs) की वित्तीय सेहत, संघीय ढांचे, उपभोक्ता सुरक्षा और सार्वजनिक बिजली तंत्र के लिए गंभीर खतरा है। पत्र की प्रति सभी ऊर्जा मंत्रियों को भी भेजी गई है। वित्तीय संरचना पर प्रभाव का आकलन फेडरेशन का तर्क है कि बिल निजी कंपनियों को बिना निवेश सार्वजनिक धन से बने नेटवर्क का उपयोग करने की अनुमति देता है और इन्हें केवल लाभदायक औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं का चयन करने की छूट मिल जाएगी। इससे राज्य वितरण कंपनियां घाटे वाले ग्रामीण तथा घरेलू उपभोक्ताओं का बोझ उठाने को बाध्य होंगी, जिससे वित्तीय संकट गहरा सकता है। फेडरेशन ने कहा कि अनिवार्य ओपन एक्सेस, सार्वभौमिक आपूर्ति दायित्व समाप्त करने और क्रॉस-सब्सिडी खत्म करने जैसे प्रावधानों के चलते किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों पर 30–50% तक बिजली दर वृद्धि का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे प्रावधान ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। संघीय ढांचे और ग्रिड स्थिरता पर सवालफेडरेशन ने सट्टा आधारित बिजली बाजार, समानांतर इलेक्ट्रिक लाइन अथॉरिटी तथा केंद्रीकृत नीति निकाय की अवधारणाओं को बिजली ग्रिड की स्थिरता, राज्य अधिकारों और संघीय संरचना के लिए चुनौतीपूर्ण बताया है। फेडरेशन का कहना है कि इससे राज्यों की नीति निर्माण और नियमन क्षमता कमजोर हो सकती है। फेडरेशन ने कहा कि बिजली वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित बदलाव ‘बैकडोर प्राइवेटाइजेशन’ का तरीका है, जिसमें सार्वजनिक धन से खड़ी की गई संपत्तियां निजी कंपनियों को सौंप दी जाएंगी, परंतु निवेश, रखरखाव और सार्वभौमिक सेवा की जिम्मेदारी राज्यों पर ही रहेगी। इससे बिजली महंगी होने और कृषि व छोटे उद्योगों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित होने की आशंका जताई गई। राज्यों से सख़्त विरोध की मांगपत्र में राज्यों से प्रस्तावित बिल, डिस्कॉम निजीकरण और साझा नेटवर्क अवधारणा को खारिज करने तथा बिजली जैसे समवर्ती सूची विषय पर अपने अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की गई है। फेडरेशन ने कहा कि बिजली सार्वजनिक सेवा है और इसे सस्ता व सुलभ रखना सरकारों की जिम्मेदारी है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, गोरखपुर के संयोजक इं. पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि बिजली निजीकरण कृषि, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालेगा, इसलिए राज्यों को आगामी बैठक में स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाना चाहिए।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने विदेशी पर्यटकों को ले जा रही महाराजा एक्सप्रेस के आगे रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट ब्लॉक और लोहे की एंगल रखे जाने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एंगल से सोमवार की रात गाड़ी संख्या 00240 महाराजा एक्सप्रेस टकराई थी। आरोपियों को रेलवे की लोहे की एंगल, पंड्रोल क्लिप और लाइनर चोरी कर ऑटो में ले जाते हुए पकड़ा गया। आरपीएफ के सीनियर डीएससी ओंकार सिंह ने बताया- 19 जनवरी, सोमवार को शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में महाराजा एक्सप्रेस के आगे रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट ब्लॉक और लोहे की एंगल से टकराने की घटना हुई थी। इस मामले में सिविल पुलिस थाना शिवदासपुरा में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें रेलवे अधिनियम की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। घटना को रेलवे परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना गया है। ऑटो में रखा था चोरी का सामानओंकार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के दौरान आरपीएफ पोस्ट दुर्गापुरा की टीम ने मुखबिरों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान 21 जनवरी, बुधवार को घटनास्थल के पास एक ऑटो (RJ PG 2694) को रोका गया। ऑटो में 8 लोहे की एंगल, 15 पंड्रोल क्लिप और 13 लाइनर मिले, जो रेलवे की चोरी की संपत्ति थी। मौके पर चार लोगों को पकड़ा गया। ट्रेन की रोशनी दिखने पर ट्रैक पर छोड़ भागे थे एंगलगिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित मिश्रा (27), लालचंद पंचारिया (24), आकाश हरिजन (29) और सुगन सिंह मीणा (38) के रूप में हुई है। सुगन सिंह मीणा ऑटो चालक है। पूछताछ में ललित मिश्रा और लालचंद पंचारिया ने स्वीकार किया कि 19 जनवरी की रात करीब 10 बजे के बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे थे। दोनों ने रेल लाइन के पास लगी एंगल को कंक्रीट सहित उखाड़ा और रेलवे ट्रैक पर तोड़कर रखा। ट्रेन की रोशनी दिखने पर वे चार एंगल वहीं छोड़कर मौके से भाग गए थे। यही एंगल महाराजा एक्सप्रेस से टकराई थीं। चारों आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धाराओं में कार्रवाई सीनियर डीएससी ओंकार सिंह ने बताया- आरोपियों ने चोरी की वारदात करना कबूल कर लिया है। इसके बाद सिविल पुलिस थाना शिवदासपुरा में दर्ज मामले का भी खुलासा हो गया है और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना संबंधित थाने को भेज दी गई है। चारों आरोपियों के खिलाफ आरपीएफ पोस्ट दुर्गापुरा पर प्रकरण संख्या 3/26 दर्ज कर रेलवे एक्ट और आरपी (यूपी) एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। सिविल पुलिस के मामले में भी आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ओंकार सिंह ने बताया- रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ और रेल संपत्ति की चोरी सीधे यात्रियों की जान से जुड़ा मामला है। इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी। लग्जरी ट्रेन में 21 विदेशी पर्यटक थे मौजूदबता दें कि यह ट्रेन दिल्ली से आगरा होते हुए सवाई माधोपुर से जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन आ रही थी। 23 कोच वाली इस लग्जरी ट्रेन में 21 विदेशी पर्यटक समेत कई ट्रेन कर्मचारी मौजूद थे। यह ट्रेन जयपुर से दिल्ली तीन दिन की ट्रिप पर सवाई माधोपुर से शाम 6 बजे रवाना होकर दुर्गापुरा आ रही थी। इस दौरान लगभग रात 11 बजे इस ट्रेन को रोकना पड़ा। ट्रैक पर ट्रेन 35 मिनट तक रुकी रही। ---------- महाराजा एक्सप्रेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए...जयपुर-विदेशी पर्यटकों से भरी ट्रेन लोहे के टुकड़ों से टकराई:महाराजा एक्सप्रेस को बेपटरी करने की कोशिश, लग्जरी ट्रेन ट्रिप कर लौटी थी जयपुर में विदेशी पर्यटकों से भरी महाराजा एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश नाकाम हो गई। अज्ञात लोगों ने रेलवे ट्रैक पर लोहे की एंगल रख दिए थे। लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ में आयोजित उत्तरायणी कौथिग 2026 के आठवें दिन पर्वतीय संस्कृति, लोकसंगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोकगायक चंद्रप्रकाश ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगायक चंद्रप्रकाश ने मंच संभालते ही अपने सुरों से दर्शकों को बांध लिया। उन्होंने 'मैं जांछू कमला काली गंगा पारा…', 'सोला सोल्यानी त्यार गाला जंजीरा…', 'तिलगा तेरी लंबी लटी…' और 'कां हराई आज म्यार पहाड़ रीत-रिवाज' जैसे लोकप्रिय लोकगीत प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक देर तक झूमते रहे। चंद्रप्रकाश की आवाज कभी घाटियों में गूंजती थी पर्वतीय महापरिषद के महासचिव महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि चंद्रप्रकाश की आवाज कभी उत्तराखण्ड की सुदूर घाटियों में गूंजती थी। कौथिग के आयोजकों ने उन्हें खोजकर लखनऊ के मंच तक पहुंचाया, जहां से उन्हें पूरे उत्तराखण्ड में पहचान मिली। पिछले 13 वर्षों से वे लगातार कौथिग मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में क्षेत्रीय शाखाओं की नृत्य प्रस्तुतियां और झोड़ा प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झोड़ा प्रतियोगिता में पंतनगर से सुधा चंदोला, इंदिरा नगर से दीपा पाण्डेय और सोनू जोशी की टीमों ने दमदार प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों ने तालिया से सराहा इसके साथ ही, छपेली प्रतियोगिता 'झूमिगो सीजन-4' में गोमती नगर, तेलीबाग, महिला प्रकोष्ठ गोमती नगर और माही वेलफेयर सोसाइटी की टीमों ने हिस्सा लिया। 'पहाड़ की आवाज' के दूसरे राउंड के लिए बबली भंडारी, विनीता तिवारी, बलवंत वाणगी, दिव्यांशु जोशी और हेमा पंचवाल का चयन किया गया।हल्द्वानी से आए म्यूजिकल ग्रुप ने ढोलक, तबला, बांसुरी, कीबोर्ड और ऑक्टोपैड के माध्यम से मंच को संगीतमय बनाए रखा। लोकगाथा पर आधारित नृत्य-नाटिका 'माधो सिंह' की प्रस्तुति भी दर्शकों द्वारा सराही गई।
राजगढ़ में प्रेमी के साथ पति की हत्या कर उसे जंगल में दफना दिया। इस मामले में खास बात यह रही महिला ने अपने प्रेमी को दतिया जिले से बुलाया और पति को मारने के बाद उसका शव शिवपुरी में गाड़ा। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तलेन थाना क्षेत्र के ग्राम बमोरी निवासी 26 वर्षीय जीवन कुमार पिता जगदीश मजदूरी करता था और पत्नी पायल के साथ खिलचीपुर क्षेत्र में रह रहा था। 8 जनवरी को जीवन कुमार अचानक लापता हो गया। 10 जनवरी को खिलचीपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मोबाइल लोकेशन से दतिया पहुंची पुलिसजांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जीवन की आखिरी लोकेशन दतिया जिले के पनुआ गांव क्षेत्र में पाई। इसके बाद खिलचीपुर थाना पुलिस ने पनुआ गांव पहुंचकर अजय जाटव को हिरासत में लिया। शराब पिलाकर गला घोंटा, शव पत्थरों से ढकापूछताछ में अजय जाटव ने बताया कि 8 जनवरी को छोटू ठाकुर ने योजनाबद्ध तरीके से जीवन को पनुआ गांव बुलाया था। इसके बाद उसे शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तलवेंऊ के पास खाती बाबा मंदिर की पहाड़ी पर ले जाया गया। वहां पहले उसे शराब पिलाई गई, फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शव को एक गड्ढे में डालकर ऊपर से पत्थरों से ढक दिया गया। पत्नी से अवैध संबंध, इसलिए रची हत्या की साजिशमंगलवार को पुलिस ने अजय जाटव को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी छोटू ठाकुर को शिवपुरी जिले के करेरा थाना क्षेत्र के नारही गांव से पकड़ा गया। सख्ती से पूछताछ में छोटू ने कबूल किया कि उसका मृतक की पत्नी पायल के साथ पिछले 7–8 महीनों से प्रेम संबंध था। पति उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। छोटू की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक की पत्नी पायल को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शिवपुरी जिले से शव बरामद कर तलेन थाना क्षेत्र के ग्राम बमोरी लाकर परिजनों को सौंपा। बुधवार को मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोनीपत में नाबालिग स्टूडेंट के साथ रेप के मामले में अदालत ने कड़ा और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज नरेंद्र की कोर्ट ने स्टूडेंट को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने, धमकी देने और रेप करने के आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए लंबी सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। इस फैसले को महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।कोर्ट का बड़ा फैसला, 20 साल की कैदसोनीपत में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज नरेंद्र की कोर्ट ने देवड़ू रोड निवासी आरोपी दक्ष को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कैद और कुल 55 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएं। स्कूल गई स्टूडेंट लापता, दर्ज हुई गुमशुदगीपीड़िता के पिता ने 18 जनवरी, 2024 को सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 17 जनवरी को शहर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने स्कूल और सहेलियों से पूछताछ की, मगर कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की।जहर खाने की धमकी देकर बहकाने का आरोप29 जनवरी, 2024 को पीड़िता के पिता ने पुलिस को बेटी का स्कूल आयु प्रमाण पत्र सौंपा, जिसमें उसकी उम्र साढ़े 15 साल दर्ज थी। उन्होंने दोबारा बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि देवडू रोड निवासी दक्ष ने जहर खाने की धमकी देकर और शादी का झांसा देकर उनकी नाबालिग बेटी को बहकाकर ले गया।किशोरी बरामद, बयान में उजागर हुई सच्चाईमामले में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने 31 जनवरी, 2024 को किशोरी को बरामद कर लिया। इसके बाद 2 फरवरी को स्टूडेंट के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने आरोपी पर धमकी देकर बहकाकर ले जाने और गलत काम करने के गंभीर आरोप लगाए। मसूरी ले जाकर किया रेपपुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया था कि वह स्टूडेंट को उत्तराखंड के मसूरी ले गया था, जहां वे 4-5 दिन रुके। इस दौरान उसने स्टूडेंट के साथ गलत काम किया। बाद में दोनों मुरथल क्षेत्र के एक होटल में 5-6 दिन तक रुके। आरोपी को इसी दौरान पता चला कि स्टूडेंट नाबालिग है, जिसके बाद वह उसे छोड़कर फरार हो गया।21 फरवरी, 2024 को आरोपी दक्ष ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया और मामले से जुड़े साक्ष्य व निशानदेही जुटाकर कोर्ट में पेश किया।कोर्ट ने सुनाया फैसलाअदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 में तीन साल कैद व 2 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 366 में पांच साल कैद व 3 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 9 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।समाज को सख्त संदेशअदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। कानून ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कठोर सजा देकर ही न्याय सुनिश्चित किया
वृंदावन के मां कालरात्रि पीठाधीश्वर और कथावाचक संत अखिलदास महाराज ने मेरठ में चल रहे शंकराचार्य विवाद पर अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने शंकराचार्य को सरकार से बड़ा बताते हुए सत्ताधारी दल से माफी मांगने की मांग की। अखिलदास महाराज रोहटा रोड पर भागवत कथा कर रहे थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया। संत अखिलदास ने प्रयागराज की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जहां गंगा सभी के लिए सुरक्षित मानी जाती है। उन्होंने कहा कि वहां संतों का अपमान हो रहा है, जबकि संत ही गद्दी पर बैठे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस शासन में संतों का अपमान हो, उस राजा पर उंगली उठना स्वाभाविक है और किसी को इतना निरंकुश नहीं होना चाहिए।उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जहां एक महात्मा मर्सिडीज गाड़ियों से यात्रा कर रहे थे, वहीं शंकराचार्य पालकी में जा रहे थे और उनकी पालकी रोकी गई। अखिलदास महाराज ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें फोन किया था, जिसे उन्होंने अपनी कथा का प्रभाव बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं।अखिलदास महाराज ने अखिलेश यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात को समझा। उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री से भी इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। संत ने चेतावनी दी कि जब राजा में अहंकार आ जाता है तो वह किसी की बात नहीं मानता। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान मुख्यमंत्री में ऐसा अहंकार देखा जाता है, तो यह व्यास पीठ उन्हें आदेश दे सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भले ही उत्तर प्रदेश के हों, लेकिन उनकी पीठ के मंत्री कोई और हैं। अखिलदास महाराज ने संतत्व की गरिमा को नष्ट न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कलयुग का इतना प्रभाव नहीं होना चाहिए कि लोगों का भाव ही मिटने लगे। उन्होंने वीआईपी संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि जब तक यह खत्म नहीं होगी, तब तक न तीर्थों में ठीक से रहा जा सकेगा और न ही मंदिरों में ठीक से जाया जा सकेगा।
CSJMU के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी:एडु-वर्सिटी ने 8 लाख सालाना पैकेज पर 20 छात्रों का चयन
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के छात्रों के लिए खुशखबरी है। प्रतिष्ठित कंपनी एडु-वर्सिटी ने विश्वविद्यालय के B.Com, BBA, MBA, BCA और MCA के कुल 20 छात्रों को 8 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर चयनित किया है। इस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल द्वारा किया गया। इस प्रक्रिया में प्री-प्लेसमेंट, टॉक ग्रुप डिस्कशन और फाइनल इंटरव्यू शामिल थे। कुल 110 छात्रों ने इसमें भाग लिया, जिसमें से 20 छात्रों का चयन हुआ। विश्वविद्यालय नेतृत्व की भूमिका इस सफलता को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया गया है। उनके प्रयासों से छात्रों को उच्च पैकेज वाली कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। कार्यक्रम के दौरान ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल के निदेशक डॉ. प्रवीण भाई पटेल, सह-निदेशक डॉ. विशाल अवस्थी, डॉ. प्रशांत त्रिवेदी और श्री संजय सिंह ने छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री सौरभ गुप्ता और सुश्री शुभ्रा श्रीवास्तव ने किया।
अयोध्या में दबंगों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार के भतीजे और इलेक्ट्रॉनिक दुकान के संचालक गोलू मौर्य पर गंभीर आरोप लगे हैं। कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस गंभीर मामले में पीड़ित का मेडिकल कराने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।इस मामले में गोलू मौर्य और मोनू गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक की दुकान पर काम करने वाले गणेश यादव को 19 तारीख को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने युवक को नंगा कर उसका वीडियो भी बनाया।पीटने के दौरान शरीर पर ठंडा पानी डालकर भी यातना दी गई। पीड़ित युवक घटना के बाद इतना डरा हुआ था कि उसने किसी को कुछ नहीं बताया। बाद में जब उसके भाई और पीड़ित भाई संजय यादव ने उससे पूछताछ की, तब पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली अयोध्या में तहरीर दी गई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में आरोपी के रूप में गोलू मौर्य और वीडियो बनाने वाले मोनू गुप्ता का नाम सामने आया है पत्रकार के भाई के साथ हुई इस बर्बरता को लेकर परिजनों भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने घटना की घोर निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि दबंग किस तरह खुलेआम एक युवक को बंधक बनाकर पीटते हैं, उसे अपमानित करते हैं और वीडियो बनाकर दहशत फैलाते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी सख्ती से कार्रवाई करती है।
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। वाराणसी के लंका थाने की पुलिस ने दर्ज मुकदमे में बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें एक और नोटिस जारी किया है। यह नोटिस विवेचक की ओर से उनके आवास पर तामील कराया गया है, जिसमें सात दिनों के भीतर बयान दर्ज कराने को कहा गया है। लंका थाने से तीसरा नोटिस तामील वाराणसी के लंका थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने नेहा सिंह राठौर को तीसरा नोटिस सर्व किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सात दिनों के अंदर वह अपना बयान दर्ज कराएं। पुलिस की ओर से यह कार्रवाई उस वक्त की गई है, जब इससे पहले नेहा सिंह राठौर लखनऊ में बयान दर्ज करा चुकी हैं। लखनऊ में पहले दर्ज हो चुका है बयान नेहा सिंह राठौर ने 20 जनवरी को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में अपना बयान दर्ज कराया था। यह बयान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद दर्ज हुआ था, जिसमें 8 जनवरी को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए बयान दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इससे पहले 3 जनवरी की रात नेहा सिंह राठौर हजरतगंज कोतवाली पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए बयान नहीं लिया था कि रात के समय महिला का बयान दर्ज नहीं किया जा सकता। वकीलों से सलाह के बाद बयान देने की बात लंका थाने से नोटिस मिलने के बाद नेहा सिंह राठौर ने कहा है कि उन्हें पुलिस का नोटिस प्राप्त हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने वकीलों से विधिक सलाह लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगी और बयान दर्ज कराएंगी। फिर तलब की गईं नेहा सिंह राठौर हजरतगंज कोतवाली में बयान दर्ज होने के बाद अब वारणसी के लंका थाने की ओर से तीसरा नोटिस भेजे जाने के बाद नेहा सिंह राठौर को एक बार फिर पुलिस ने तलब किया है। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है और आने वाले दिनों में नेहा सिंह राठौर के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
अनूपपुर जिला यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बुधवार को एक खास अभियान चलाया। पुलिस ने रात के अंधेरे में सड़क किनारे के पेड़ों और खंभों को वाहन चालकों के लिए दृश्यमान बनाने के लिए उन पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाए हैं। तीन प्रमुख मार्गों—अनूपपुर-शहडोल, अमरकंटक तिराहा-राजेंद्रग्राम और जैतहरी-वेंकटनगर पर हजारों की संख्या में ये रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं। ये टेप रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही जुगनू की तरह चमकते हैं, जिससे चालकों को दूर से ही सड़क की सीमा और मोड़ का अंदाजा मिल जाता है। चिंताजनक रहे हैं दुर्घटना के आंकड़े जिले में सड़क हादसों के पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम क्यों जरूरी हैं: वर्ष 2024: सड़क हादसों में 174 लोगों की मौत हुई और 335 लोग प्रभावित हुए। वर्ष 2025: मौतों का आंकड़ा घटकर 155 पर आया, लेकिन कुल प्रभावितों की संख्या बढ़कर 348 हो गई। किन इलाकों को किया गया कवर? यातायात विभाग ने इन प्रमुख क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर लगाए हैं, सोन नदी पुल से संधा तिराहा तक। अंडरब्रिज तिराहा से परसवार रोड तक। साईं मंदिर से जैतहरी नो एंट्री पॉइंट तक। बाहरी यात्रियों और भारी वाहनों को मिलेगी मदद यह पहल विशेष रूप से उन भारी वाहनों और बाहरी चालकों के लिए मददगार साबित होगी जो रात के समय इन रास्तों से अनजान होते हैं। सड़क किनारे के पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य ढांचों पर रिफ्लेक्टर होने से मोड़ पर वाहन के सड़क से उतरने या टकराने का खतरा काफी कम हो जाएगा। पुलिस का यह प्रयास जिले को दुर्घटना-मुक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
राजगढ़ में युवक के साथ की गई बर्बरता का वीडियो सामने आते ही कोतवाली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें से छह आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के दौरान थाने से कोर्ट तक पैदल ले जाते देख लोगों में जुलूस निकाले जाने की चर्चा फैल गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीओपी अरविंद सिंह राठौर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आरोपियों को जुलूस के रूप में नहीं ले जाया गया। कोतवाली थाने का वाहन खराब होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आरोपियों को पैदल कोर्ट तक ले जाया गया और नियमानुसार पेश किया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गोवर्धन, मोरसिंह, मांगीलाल, पवन, बालू और भारत हैं, जो सभी ग्राम दिलावरा के निवासी हैं। युवक से मारपीट और उसके साथ की गई बर्बरता का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान की और गिरफ्तारी की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति के खिलाफ सख्त संदेश है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
श्रीश्याम मंदिर में भजन संध्या का आयोजन:कोलकाता के संजय मित्तल सहित गायकों ने दी प्रस्तुति
बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्रीश्याम मंदिर में बुधवार शाम 'शुकर सावरे भजन संध्या' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री श्याम बाबा के दरबार को कोलकाता से मंगाए गए रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से सजाया गया था। मंदिर परिसर में फूलों की सजावट, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और शंख-घंटियों की ध्वनि ने भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रूपेश अग्रवाल और शिवम अग्रवाल ने पूजन-अर्चना के साथ किया। इसके बाद भजन संध्या आरंभ हुई। भजन गायिका अनुष्का मिश्रा ने 'श्याम हारे के सहारे' और 'तेरे बिन किसे पुकारें' जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। पवन मिश्र और कृष्ण शर्मा ने भी 'भूला नहीं हूं बाबा तेरी कृपा' तथा 'जिसकी नैया श्याम भरोसे'जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। श्रद्धालु तालियां बजाते हुए, भाजनों का आनंद लिया भजन संध्या की मुख्य प्रस्तुति कोलकाता के सुप्रसिद्ध भजन गायक संजय मित्तल ने दी। उन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में तू खाटू बुलाता रहे और मैं आता रहूं, दिल चोरी साडा हो गया खाटू के मंदिर में, प्यारा सा मुखड़ा घुंघराले केश और खाटू वाले का यह दरबार है मांग लो जिसको जो दरकार है जैसे लोकप्रिय भजन गाए। इन भजनों पर श्रद्धालु तालियां बजाते और जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन रहे। ये लोग शामिल हुए कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर श्याम नाम के जयघोष से गूंजता रहा। भजन संध्या का समापन आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री श्याम परिवार के कार्यवाहक अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, महामंत्री रूपेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल और अनुराग साहू सहित बड़ी संख्या में श्याम भक्त उपस्थित थे।
बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में कोटेदार अरविंद वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि एक नशे में धुत दूध ट्रक चालक ने सड़क किनारे खड़े कोटेदार को कुचल दिया। सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बिकौली निवासी ट्रक चालक अमन वर्मा पुत्र दिलीप वर्मा नशे की हालत में दूध का ट्रक लेकर गांव आया था। नशे की वजह से उसने पहले गांव के ही पवन कुमार उर्फ आदित्य गौतम और अखिलेश वर्मा को टक्कर मारने से बचाया। इसके बाद, गांव के पास दुर्गा प्रतिमा स्थल के निकट ट्रक एक जामुन के पेड़ से टकरा गया। चालक ट्रक वहीं छोड़कर अपने घर चला गया। टक्कर से बाल-बाल बचे पवन और अखिलेश जब अमन वर्मा को उलाहना देने पहुंचे, तो अमन वर्मा ट्रक लेकर वापस जाने लगा। इसी दौरान, गांव के कोटेदार अरविंद वर्मा पुत्र विश्वनाथ वर्मा सड़क किनारे खड़े होकर चेतराम से बातचीत कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार ट्रक ने अरविंद वर्मा को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। चेतराम इस हादसे में सुरक्षित बच गए। दुर्घटना के बाद आरोपी ट्रक चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे से गांव में गम का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ग्राम निबौरा से सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां यादव बाहुल्य गांव में ग्रामीणों ने मिलकर अपने गांव की एकमात्र मुस्लिम बेटी, नजमा खान का निकाह पूरे उत्साह और रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया। नजमा के पिता गुड्डू खान मजदूरी के लिए अक्सर बाहर रहते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। गांव में यह एकमात्र मुस्लिम परिवार है, लेकिन वर्षों से यहां के लोग बिना किसी भेदभाव के आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। जब नजमा की शादी तेजगढ़ के शाहिद खान से तय हुई, तो ग्रामीणों ने तय किया कि वे मिलकर इस बेटी को विदा करेंगे। यादव परिवार के घर से हुई शादी की रस्में शादी की सभी तैयारियां ग्रामीण रामराज यादव के घर से की गईं। बुधवार को जब तेजगढ़ से बारात निबौरा पहुंची, तो सरपंच प्रतिनिधि राजेश यादव, मधु यादव और अन्य ग्रामीणों ने बारातियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरी शादी के दौरान गांव के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। भाईचारे का मजबूत संदेश विदाई के समय रामराज यादव और अन्य ग्रामीणों ने नजमा को अपनी ही बेटी की तरह विदा किया। इस मौके पर मौजूद तेजगढ़ के पूर्व सरपंच फरमान खान ने कहा कि निबौरा के ग्रामीणों ने इंसानियत की जो मिसाल पेश की है, वह समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। सरपंच प्रतिनिधि राजेश यादव ने भी कहा कि प्रेम और सद्भाव ही असली धर्म है। यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोगों ने साबित कर दिया कि रिश्तों की डोर धर्म की दीवारों से कहीं ज्यादा मजबूत होती है।
कुंती ने मांगा विपत्ति का वरदान:कथावाचक देवेश अवस्थी ने श्रीमद्भागवत कथा में बताया भक्ति का महत्व
लखनऊ के हाता रामदास, सदर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को भक्तिमय रहा। कथावाचक देवेश अवस्थी ने कुंती स्तुति का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति वह है, जिसमें मनुष्य विपत्ति के समय भी भगवान को न भूले, बल्कि उसी क्षण ईश्वर का सबसे अधिक स्मरण करे। महाराज ने श्रोताओं को कुंती द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से सुख नहीं, बल्कि विपत्ति का वरदान मांगने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुख के क्षणों में ही मनुष्य का मन पूरी तरह भगवान में लीन रहता है, जबकि सुख में अहंकार और मोह के कारण इंसान ईश्वर को भूल जाता है। कुंती का यह भाव हमें सिखाता है कि जीवन की कठिनाइयां हमें ईश्वर के और करीब लाती हैं। श्रीमद्भागवत कथा जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ देवेश अवस्थी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ है। यदि इसके उपदेशों को जीवन में उतारा जाए, तो व्यक्ति का जीवन धर्म, प्रेम और करुणा से भर जाता है। उन्होंने शुकदेव जी के आगमन का प्रसंग सुनाते हुए वैराग्य और भक्ति के बिना मोक्ष की असंभवता पर भी प्रकाश डाला। श्रद्धालुओं का स्वागत किया कथा के संयोजक राजेंद्र कुमार पांडे 'गुरु जी' ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और आयोजन की जानकारी दी। मुख्य यजमान ब्रह्म प्रकाश एवं पुष्पा अग्रवाल ने बताया कि यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 26 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित की जाएगी। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भक्ति रस में सराबोर हुए।
अखिल भारतीय समाचार-पत्र एसोसिएशन उत्तर प्रदेश राज्य की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में संपन्न हुई। राजधानी के हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट में आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव ने किया। इस दौरान संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी चुनौतियों और आगामी कार्ययोजनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। एजेंडे के सभी बिंदुओं पर क्रमबद्ध रूप से सार्थक चर्चा की गई। संगठन की असली ताकत उसकी सक्रिय कार्यकारिणी प्रदेश महासचिव कमल श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की असली ताकत उसकी सक्रिय कार्यकारिणी और जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकार होते हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में निष्ठा और सक्रियता से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि पत्रकारों के हितों की रक्षा हो सके और निष्पक्ष पत्रकारिता को नई दिशा मिले। प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार चतुर्वेदी ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक जिला इकाई का तेजी से विस्तार करना समय की मांग है। चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता और संगठन की एकता ही एसोसिएशन की सबसे बड़ी पूंजी है। पत्रकारों के लिए एक सशक्त और विश्वसनीय मंच बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश चन्द्र शुक्ला भी उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और संगठन विस्तार के लिए भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। शुक्ला ने कहा कि संगठित और समर्पित प्रयासों से ही पत्रकारों के लिए एक सशक्त और विश्वसनीय मंच तैयार किया जा सकता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष शर्मा, देवेन्द्र त्रिपाठी, कुश द्विवेदी, जयसिंह अग्रहरी, अमन मिश्रा, राकेश शुक्ला, संजय सोनकर, डॉ. संतोष कुमार, रामबाबू, ओबी सिंह, सुमित चौरसिया, सतीश कुमार पांडे, ध्रुव नारायण पांडे, पंकज रस्तोगी, कुलदीप दीक्षित, अशोक श्रीवास्तव, दीपक अवस्थी, सुरेंद्र पांडे सहित कई अन्य संपादक और प्रमुख समाचार पत्रों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रदेश में टाइगर, हाथी और तेंदुए समेत अन्य वन्य जीवों की बढ़ती मौतों ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है और अब इसके चलते विशेष पुलिस महानिदेशक की क्राइम समीक्षा में वन अपराधों को भी शामिल करने का फैसला किया गया है। वन विभाग द्वारा इसके लिए सभी संबंधित विभागों को वन अपराध एवं अपराधियों का डेटा साझा किए जाएंगे। इसके साथ ही टाइगर सेल में अब राजस्व विभाग को भी शामिल किया जाएगा। विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर सेल की 8वीं बैठक बुधवार को वन भवन भोपाल में हुई। बैठक में बाघ, तेंदुआ, हाथी और अन्य वन्य-जीवों के उत्पन्न संकट पर चर्चा की गई। प्रदेश में पिछले सालों में बाघ और तेंदुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी एवं विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं में शिकार, सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवं बिजली करंट से मृत्यु की जानकारी दी गई। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के लिये सभी ने सहमति दी। बैठक में कहा गया कि वन अपराधों की बढ़ती संख्या एवं अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों के आंकड़े, जो चिंता का विषय हैं, इस पर भी सभी विभागों द्वारा आपसी सहयोग कर प्रभावी रोकथाम पर सहमति बनी। एक साल में 55 टाइगर की एमपी में मौत वन अपराध कम करने सख्त कार्रवाई करेंगेबुधवार को हुई बैठक में सभी विभागों ने प्रदेश स्तर पर समन्वय के साथ जिला स्तर पर भी आपसी सहयोग से वन्य-जीव संरक्षण व वन्य अपराध को कम करने और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने पर सहमति बनी।मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर सेल के अध्यक्ष व विशेष पुलिस महानिदेशक पुलिस की क्राइम समीक्षा बैठक में वन अपराध प्रकरणों को शामिल करने पर भी सहमति बनी। खुफिया तंत्र सुदृढ़ीकरण एवं वाइल्ड लाइफ क्राइम हॉर्ट-स्पॉट की जानकारी वन विभाग से पुलिस को प्रदाय करने के लिये सुझाव दिये गये। वन अपराध रोकने और कार्रवाई पर फोकसबैठक में वन अपराध में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध आवश्यकता होने पर आर्म्स एक्ट व आईटी एक्ट, बीएएनएस के अंतर्गत कार्यवाही एवं वन विभाग के फरार वारंटी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई में सहयोग करने की सहमति बनी।वन्य-जीव से जुड़े मामलों पर डिजिटल निगरानी, कार्रवाई एवं टाइगर रिजर्व में पर्यटन के लिये ऑनलाइन बुकिंग संबंधी फ्रॉड की रोकथाम की कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। बैठक में रेलवे सुरक्षा बल व जीआरपी के साथ वन विभाग के स्वान दस्ता की संयुक्त गश्ती पर सहमति बनी। इसके अलावा न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा एवं त्वरित निराकरण के लिये संचालक अभियोजन संचालनालय द्वारा सुझाव दिए गए। टाइगर सेल को बनाएंगे प्रभावीवन अमले की क्षमता उन्नयन के लिए अन्य विभागों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण के लिए सहमति बनी। राज्य, संभागीय एवं जिला स्तरीय स्टेट टाइगर सेल को प्रभावी बनाने एवं पुनर्गठन के लिए राजस्व विभाग को भी शामिल किए जाने पर चर्चा की गई और हर वर्ष स्टेट टाइगर सेल की बैठक आयोजित किए जाने पर भी सहमति बनी।बैठक में विभिन्न कानून प्रवर्तन संस्थाओं जैसे वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, संचालनालय लोक अभियोजन, रेलवे सुरक्षा बल, शासकीय रेल पुलिस, सायबर पुलिस, डीआरआई, सीबीआई, कस्टम, इंटेलिजेंस ब्यूरो, वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एवं हेल्थ, एनएफएसयू, एनटीसीए, स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भोपाल एवं सागर, परिवर्तन निदेशालय मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी, समस्त टाइगर रिजर्व और मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए।
चित्रकूट में विजिलेंस टीम ने चकबंदी विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। चकबंदी अधिकारी (सीओ) धीरेंद्र शुक्ला को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते समय पकड़ा। झांसी विजिलेंस इकाई ने सदर तहसील में तैनात चकबंदी अधिकारी धीरेंद्र शुक्ला को उनके आवास से डेढ़ लाख रुपए की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, सिद्धपुर गांव निवासी अखंड प्रताप सिंह ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि उनके चकबंदी मुकदमे में पक्ष में फैसला देने के बदले चकबंदी अधिकारी द्वारा 5 लाख रुपए की मांग की जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि रुपए न देने की स्थिति में अधिकारी विपक्ष के पक्ष में फैसला देने की धमकी भी दे रहा था। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस झांसी इकाई ने जाल बिछाया। पूर्व नियोजित योजना के तहत जैसे ही आरोपी अधिकारी ने पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपए लिए, विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई टीम प्रभारी पीयूष पांडे के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद चकबंदी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। चित्रकूट में चकबंदी अधिकारी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार मुकदमा पक्ष में निपटाने के नाम पर मांगे थे 5 लाख, डेढ़ लाख लेते ही विजिलेंस ने दबोचा
रायपुर में शहरी विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने मंगलवार को कलेक्टर सभाकक्ष में निगम अधिकारियों, जोन आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 और 2.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मिशन अमृत 2.0 और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) रूल 2023 के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आवास योजना के काम तुरंत शुरू करने के निर्देश निगम आयुक्त विश्वदीप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को तत्काल शुरू किया जाए, ताकि हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए कचरा संग्रह बढ़ाने पर जोर स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी निर्देश दिए गए। आयुक्त ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 को ध्यान में रखते हुए जिले के नगरीय निकायों को संग्रहित ठोस अपशिष्ट के प्रतिशत में 10 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य पूरा करने को कहा। स्वनिधि योजना में ऋण वितरण तेज करने के निर्देश प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पहले चरण का ऋण समय पर वितरित करने पर जोर दिया गया। साथ ही स्वीकृत लक्ष्यों में से 40 प्रतिशत कार्य निर्धारित तिथि तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। जल और सीवेज योजनाओं पर फोकस मिशन अमृत 2.0 के तहत शेष नल कनेक्शनों के लक्ष्य को जल्द पूरा करने और स्वीकृत सीवेज परियोजनाओं में भौतिक प्रगति समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया। आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए निर्देश एबीसी रूल 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। निगम आयुक्त ने आवारा कुत्तों के स्टेरलाइजेशन, वैक्सीनेशन, डीवार्मिंग और वैज्ञानिक प्रबंधन को तेज करने, चिन्हांकित आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण रखने और सभी निगम, जोन कार्यालयों व नगर पालिकाओं में डॉग फीडिंग जोन स्थापित करने के निर्देश दिए। ये रहे मौजूद बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, बिरगांव निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा सहित रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त, जोन आयुक्त और सभी सीएमओ मौजूद रहे।
जनपद अयोध्या में पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। इस प्रशासनिक कार्रवाई के तहत चार निरीक्षक एवं तीन उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। जारी आदेश के अनुसार अपराध शाखा में तैनात जिले के निरीक्षक देवेंद्र पांडे को प्रभारी निरीक्षक थाना तारुन नियुक्त किया गया है। वहीं पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक संतोष कुमार को प्रभारी निरीक्षक थाना कुमारगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा निरीक्षक सुमित कुमार श्रीवास्तव को पुलिस लाइन से प्रभारी मीडिया मॉनिटरिंग सेल/सोशल मीडिया सेल बनाया गया है, जबकि अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक परशुराम ओझा को प्रभारी न्यायालय सुरक्षा नियुक्त किया गया है। उपनिरीक्षकों की बात करें तो कोतवाली नगर में तैनात उपनिरीक्षक विजय प्रताप तिवारी को वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोतवाली बीकापुर बनाया गया है। वहीं थाना तारुन के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक संदीप कुमार त्रिपाठी को पुलिस लाइन (स्थानांतरणाधीन) किया गया है। इसके साथ ही थाना कुमारगंज के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक ओम प्रकाश को भी पुलिस लाइन भेजा गया है एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर द्वारा किए गए इस फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
शहर के न्यू गेट स्थित रामनिवास बाग इलाके में बुधवार शाम फुटपाथ पर नवजात शिशु का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शाम करीब साढ़े चार बजे राहगीरों ने फुटपाथ पर पड़े नवजात को देखकर लालकोठी थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कस्टडी में लेकर जांच शुरू की। लालकोठी थाना प्रभारी प्रकाश राम ने बताया कि नवजात के शरीर पर लगे टैग के आधार पर सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय से जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आया कि अलवर निवासी अनिता ने दोपहर करीब डेढ़ बजे अस्पताल में मृत नवजात को जन्म दिया था। अस्पताल से मृत नवजात को लेकर उसके पति उदयसिंह और एक अन्य व्यक्ति अंतिम संस्कार के लिए आदर्श नगर श्मशान घाट जाने के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में दोनों रामनिवास बाग क्षेत्र पहुंचे, जहां नवजात के शव को फुटपाथ पर छोड़कर बगीचे में चले गए और शराब पीकर सो गए। कुछ समय बाद राहगीरों ने फुटपाथ पर पड़े नवजात को देखा और पुलिस को सूचना दी। होश में आने पर दोनों व्यक्ति अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
बैतूल। शहर के गंज थाना क्षेत्र में क्रिकेट खेलने के विवाद में हुई युवक मोहित गोहे की हत्या के मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने दबोच लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना 19 जनवरी की शाम गंज थाना क्षेत्र के कत्लढाना इलाके में हुई थी। क्रिकेट खेलने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ, जिसमें बीच-बचाव करने गए 27 वर्षीय मोहित गोहे पर बैट और डंडों से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल मोहित को पहले बैतूल और फिर भोपाल रेफर किया गया था। सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। थाना गंज प्रभारी शैफ़ा हाशमी ने बताया कि मृतक की पत्नी प्रीति तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी तनिष्क उर्फ पुनित कहार और दीपक धुर्वे, दोनों निवासी खंजनपुर, ने क्रिकेट खेलने की बात पर मोहित गोहे के साथ गाली-गलौच करते हुए बैट से हमला किया था। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 14/26 धारा 103(1), 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी शैफा हाशमी को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिर की मदद से आरोपियों का पता लगाया। सोमवार को तनिष्क उर्फ पुनित कहार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। बुधवार को दीपक धुर्वे को भी पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल पर आरोपियों को ले जाकर नक्शा तैयार किया और वह बैट भी जब्त किया, जिसे पिटाई के बाद झाड़ियों में फेंक दिया गया था। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी शैफा हाशमी, उप निरीक्षक पवन कुमरे, इरफान कुरैशी, रघु काकोडे, सहायक उपनिरीक्षक किशोरीलाल, प्रधान आरक्षक मयूर, आशीष, चंद्रकिशोर, निलेश तथा आरक्षक गजानंद और चंद्रश की अहम भूमिका रही।
झज्जर के चर्चित पंकज एनकाउंटर मामले में अब सच्चाई सामने लाने की कवायद तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने झज्जर पहुंचकर औपचारिक जांच शुरू कर दी है। एसआईटी की अगुवाई सोनीपत की पुलिस कमिश्नर ममता सिंह कर रही हैं। जांच टीम में झज्जर के डीसीपी लोगेश कुमार और एसीपी क्राइम प्रदीप नैन भी शामिल हैं। टीम ने सबसे पहले झज्जर स्थित गैलेक्सी होटल पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले और मामले से जुड़े तथ्यों की छानबीन शुरू की। टीम ने मीडिया से बनाई दूरी सूचना मिलने पर झज्जर की पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री भी मौके पर पहुंचीं, हालांकि वे कुछ ही पल रुकने के बाद मीडिया से बातचीत किए बिना होटल से वापस लौट गईं। फिलहाल एसआईटी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है और जांच को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सभी स्थानों पर की जा रही जांच जांच टीम उन सभी स्थानों का भी निरीक्षण करेगी, जहां पुलिस द्वारा मुठभेड़ होने का दावा किया गया था। एसआईटी अधिकारियों ने गैलेक्सी होटल में करीब आधा घंटा जांच की, इसके बाद कुछ समय के लिए सुर्खपुर जाने वाले बाइपास का भी मुआयना किया। पुलिस की ओर से दो अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ होने की बात कही गई थी, ऐसे में एसआईटी द्वारा पहाड़ीपुर क्षेत्र में भी मौके पर जाकर जांच की गई। गांव की पंचायत के बाद जांच तेज गौरतलब है कि पंकज एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए डीघल गांव की पंचायत दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री से मिली थी। पंचायत की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्वयं तथ्यों की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। यदि जांच सही ढंग से हुई तो पंकज एनकाउंटर से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। पीड़ित परिवार पहले ही पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा चुका है। वहीं, डीघल गांव में हुई 27 गांवों की महापंचायत ने शासन और प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम भी दे रखा है।
ग्वालियर में छह दिन पहले हुई स्पेयर पार्ट्स व्यवसायी से कैश, मोबाइल लूट का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से गैंग को ट्रैस कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनसे व्यवसायी के अलावा आईजी ऑफिस में पदस्थ सिपाही सहित कुल तीन लूट का खुलासा हुआ है। लूट का मास्टर माइंड एक पंचर दुकान चलाने वाला निकला है। जिसका घटना से पांच दिन पहले व्यापारी से झगड़ा हुआ था।व्यवसायी से लूटे गए 32 हजार रुपए में से 12 हजार रुपए बरामद हो गए हैं। वारदात में उपयोग किया गया कट्टा भी जब्त हो गया है। व्यापारी का लूटा गया मोबाइल बदमाशों ने नाले में फेंकना कुबूल किया है। पुलिस लूटे गए मोबाइल को बरामद करने प्रयास कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गैंग से अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है। एएसपी क्राइम सुमन गुर्जर ने बताया कि ग्वालियर निवासी प्रदीप शर्मा व्यापारी हैं। उनका भिंड के मालनपुर में स्पेयर पार्ट्स की शॉप है। 14 जनवरी की रात वह मालनपुर से दुकान बंद करने के बाद अपनी स्कूटी से ग्वालियर आ रहे थे। अभी वह एयरपोर्ट रोड अमेटी यूनिवर्सिटी के पास पहुंचे थे कि तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने टेकनपुर का पता पूछा। व्यापारी ने अपनी स्कूटी की गति कम की तो बाइक सवारों ने ओवरटेक कर रोक लिया।एक बदमाश बाइक पर बैठा रहा था, जबकि दूसरा आया और कट्टा अड़ाकर टिफिन में छुपाकर रखे 32 हजार रुपए, मोबाइल व स्कूटी की चाबी छीन ले गए थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया था और बदमाशों की तलाश शुरू की। व्यापारी से लूटा गया मोबाइल मोबाइल की लोकेशन 48 घंटे तक एक ही स्पॉट पर आ रही थी, उसके बाद मोबाइल बंद हो गया था।मोबाइल से लोकेशन फिर मिले थे फुटेजइस सनसनीखेज लूट को चुनौती के रूप में लेते हुए क्राइम ब्रांच व महाराजपुरा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। घटना स्थल पर घना अंधेरा था और कोई CCTV कैमरा नहीं था, जिस कारण कोई फुटेज नहीं मिला था। जब साइबर टीम ने लूटे गए मोबाइल की लोकेशन तलाश की तो पता लगा कि मोबाइल रामा जी का पुरा के आसपास मिली। पुलिस को यकीन था कि यहां तब बदमाश आए हैं।इसके बाद पुलिस ने वहां लगे CCTV कैमरे खंगाले तो दो संदेही के फुटेज मिले। जिनकी जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह संदेही मालनपुर के दो अन्य युवकों के लगातार संपर्क में थे। जिस दिन घटना घटी थी उस दिन यह चारों मोबाइल घटना स्थल पर थे। इसका पता चलते ही पुलिस ने इनकी तलाश की और लक्ष्मणगढ़ पुल के पास से चारों को पकड़ लिया है। यह बदमाश लगे पुलिस के हाथपुलिस के हाथ लगे बदमाशों की पहचान हो गई है। पुलिस ने खुलासा किया है कि व्यापारी से लूट का मास्टर माइंड पंचर की दुकान चलाने वाला राजा बेग निवासी सिहोनिया मुरैना हाल मालनपुर भिंड है। इसका व्यापारी प्रदीप शर्मा से घटना के पांच दिन पहले ही झगड़ा हुआ था। जिसके बाद इसने अपने साथियों के साथ लूट की योजना बनाई थी।इसके अन्य साथी सोनू उर्फ इब्राहिम शाह निवासी सुभाष नगर इमामबाड़े के पास राम जी की पुलिया, रिजवान शाह निवासी सरकारी मल्टी ब्लॉक जी-4 महलगांव और सलमान शाह निवासी काली माता मंदिर के ऊपर रामा जी का पुरा के रूप में हुई है। वहीं पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने इनसे एक 315 बोर का कट्टा, एक जिंदा राउंड, एक होंडा साइन बाइक, लंच बॉक्स, दुकान की चाबी और 12 हजार रूपए बरामद किए है।आईजी ऑफिस में पदस्थ सिपाही से भी की थी लूटपुलिस पूछताछ में पता चला है कि पकड़े गए बदमाशों ने 16 जनवरी को बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सेवन हिल्स रिसोर्ट के पास आईजी ऑफिस में पदस्थ जवान धर्मेन्द्र सिंह परमार से कट्टा अड़ाकर पर्स लूटा था। जिसमें 750 रुपए, दो एटीएम कार्ड व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। वहीं इन्हीं बदमाशों ने पुरानी छावनी इलाके में एक चोरी व लूट की वारदात को अंजाम दिया था।एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह का कहना है- पकड़े गए बदमाश काफी शातिर है और पूछताछ के बाद इनसे अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है। फिलहाल तीन वारदात का खुलासा हुआ है। पूछताछ की जा रही है।
3 बच्चों की मां प्रेमी के साथ रहने पर अड़ी:जालौन में कोतवाली में किया हंगामा, बच्ची हुई बेहोश
जालौन के कोंच कोतवाली में बुधवार को तीन बच्चों की मां एक महिला अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ गई। शादी के करीब 20 साल बाद महिला के इस फैसले से परिजन स्तब्ध रह गए। जिसके बाद कोतवाली परिसर में घंटों तक गहमागहमी बनी रही। जानकारी के अनुसार, महिला अपने प्रेमी के साथ रहने की बात पर अडिग रही। परिजन उसे समझाने के लिए कोतवाली पहुंचे। लेकिन महिला किसी भी कीमत पर अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं हुई। इस दौरान महिला के बच्चे कोतवाली परिसर में रोते-बिलखते रहे। लेकिन मां के फैसले में कोई बदलाव नहीं आया। घटना के दौरान माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब महिला की एक नाबालिग बच्ची अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को संभाला और पानी पिलाकर उसे होश में लाने का प्रयास किया। बच्ची की हालत देख परिसर में मौजूद लोगों में चिंता का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से महिला के प्रेमी को हिरासत में लेकर हवालात भेज दिया। इसके बावजूद महिला अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर कायम रही। महिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपने निर्णय को लेकर पूरी तरह दृढ़ है और किसी के दबाव में नहीं आएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान कोतवाली परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही और हर कोई इस अप्रत्याशित घटनाक्रम को लेकर चर्चा करता नजर आया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया जिले में 102 एंबुलेंस सेवा ने एक बार फिर जीवन रक्षक की भूमिका निभाई। गौरी बाजार थाना क्षेत्र में एक गर्भवती महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी और चालक की सूझबूझ से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार, गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव निवासी 28 वर्षीय पूनम देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 102 एंबुलेंस सेवा को सूचित किया। सूचना मिलते ही एंबुलेंस संख्या UP32 FG 1527 मौके पर पहुंची और पूनम देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरी बाजार ले जाया जाने लगा। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में पूनम देवी की प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई, जिससे अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया। इस आपात स्थिति में एंबुलेंस में तैनात ईएमटी मुन्ना और पायलट संजीत यादव ने सूझबूझ दिखाते हुए एंबुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका और वहीं प्रसव कराने का निर्णय लिया। सभी आवश्यक चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एंबुलेंस में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में नवजात की किलकारी गूंज उठी। प्रसव के बाद मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरी बाजार पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया। फिलहाल, जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। महिला के पति राजीव ने एंबुलेंस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस न पहुंचती और ईएमटी की तत्परता न होती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। परिवार में नवजात के आगमन से खुशी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी ईएमटी मुन्ना और पायलट संजीत यादव की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी तत्परता और जिम्मेदारी ने यह साबित कर दिया कि 102 एंबुलेंस सेवा आपात परिस्थितियों में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उत्तराखंड महासभा ने लखनऊ में नई कमेटी बनाई:संगठनात्मक विस्तार के लिए जिला इकाई का गठन
अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा ने राजधानी लखनऊ में अपने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महासभा के कार्यालय, विशाल खंड डिगडिगा में आयोजित लखनऊ मंडल स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से जिला इकाई की नई कमेटी का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवान सिंह रावत ने की। इस मौके पर भवान सिंह रावत ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगठन विगत 18 वर्षों से देश के विभिन्न प्रदेशों में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना तथा प्रवासी उत्तराखंडी समाज को एकजुट करना था। नारायण जोशी को अध्यक्ष बनाया गया नवगठित जिला इकाई में युवराज सिंह परिहार को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। नारायण जोशी को अध्यक्ष बनाया गया, जबकि महेंद्र सिंह रावत, जगदीश बुटोला, महेंद्र सिंह राणा और बृजमोहन नेगी उपाध्यक्ष पद पर चयनित हुए। जयबीर सिंह बिष्ट को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। कोषाध्यक्ष पद पर राजेंद्र सिंह बिष्ट, सह-कोषाध्यक्ष के रूप में केशव बिटालू तथा संगठन सचिव नारायण रावत को नियुक्त किया गया। मीडिया प्रभारी गोपाल सिंह बम, प्रचार सचिव पंकज राणा, कार्यालय सचिव महावीर खांतवाल और कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र मेहता बनाए गए। राज्य इकाई का औपचारिक गठन किया जाएगा नवनियुक्त पदाधिकारियों का राष्ट्रीय अध्यक्ष भवान सिंह रावत, प्रदेश संयोजक बच्ची सिंह डोलिया एवं प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह बिष्ट द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने घोषणा की कि फरवरी माह में लखनऊ राज्य इकाई का औपचारिक गठन किया जाएगा, जिससे संगठन की गतिविधियों को और गति मिलेगी।बैठक में सुरेंद्र सिंह बिष्ट, हरपाल सिंह गड़िया, मोहन सिंह बिष्ट, गिरीश जोशी, गोकुल उप्रेती, सुरेंद्र सिंह बोरा, प्रदीप सिंह बिष्ट सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर तहरी भोज का भी आयोजन किया गया।
सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में बुजुर्ग महिला के मर्डर मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बुजुर्ग महिला का नग्न अवस्था में शव ड्रेन किनारे फेंकने के के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। 4 दिन तक इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना रहा, वहीं परिजनों ने मामले में रेप की आशंका जताई थी। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में हत्या की बात कबूल की है। आरोपी काे वीरवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा और मामले में पुलिस जांच कर रही है। लकडियां उठाने पर किया मर्डर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक महिला की हत्या मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान हर्षित के रूप में हुई है। एसीपी खरखौदा राजदीप मोर के अनुसार प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि खेतों में रखी लकडियां बुजुर्ग महिला द्वारा उठा ले जाने की बात को लेकर वह गुस्से में आ गया था। इसी गुस्से में उसने बुजुर्ग का गला दबाकर हत्या कर दी। चार दिन पहले लापता हुई थी बुजुर्ग महिला करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला 4 दिन पहले पशुओं के लिए चारा लेने घर से निकली थी। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। महिला के लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल बन गया था। ड्रेन नंबर 8 के किनारे मिला शव अगले दिन सोमवार सुबह ग्रामीणों ने ड्रेन नंबर 8 के किनारे एक महिला का शव पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की। शव पर चोट के निशान थे और कपड़े अस्त-व्यस्त हालत में थे, जिससे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया। रेप की आशंका जताई, हत्या का मामला दर्ज मृतका के बेटे ने पुलिस को दी शिकायत में रेप की आशंका जताई थी। मौके पर परिजनों ने बताया था कि महिला नग्न अवस्था में फटे कपड़ों में मिली थी। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार किया था। एसीपी के नेतृत्व में गिरफ्तारी घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी खरखौदा राजदीप मोर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज की। तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय जानकारी और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस बृहस्पतिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की मांग करेगी। रिमांड के दौरान घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात के समय और कोई अपराध तो नहीं हुआ और कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल तो नहीं था। इलाके में राहत, लेकिन सवाल बरकरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बुजुर्ग महिला की हत्या ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। हालांकि अभी तक यह क्लियर नहीं हुआ है कि महिला के साथ रेप हुआ था या नहीं। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद ही यह क्लियर होगा। वहीं दूसरी तरफ से पुलिस भी आरोपी से पूछताछ करेगी की हत्या वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’ चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बैंच बिहार समेत विभिन्न राज्यों में SIR की प्रक्रिया के विरोध में लगाई गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने दलीलें रखीं। जस्टिस बागची ने दस्तावेजों की सूची का जिक्र करते हुए कहा कि जहां फॉर्म-6 में 7 दस्तावेज तय हैं, वहीं SIR प्रक्रिया में 11 दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या आयोग मनमाने ढंग से दस्तावेज जोड़-घटा सकता है। मामले की आगे की सुनवाई गुरुवार को होगी। कोर्टरूम लाइव SIR पर पिछली मुख्य 5 सुनवाई 20 जनवरीः चुनाव आयोग बोला- सभी राज्यों की SIR प्रोसेस अलग चुनाव आयोग ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) प्रक्रिया में जिनके नाम कटे हैं, अभी तक किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे किसी एक मामले के तथ्यों को उठाकर उन्हें किसी दूसरे राज्य की SIR प्रक्रिया पर लागू करना गलत होगा, क्योंकि हर जगह प्रक्रिया अलग रही है। पूरी खबर पढ़ें… 19 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के वोटर्स को नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 1.25 करोड़ वोटर्स को अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए एक और मौका दिया। कहा कि वे 10 दिन में अपने डॉक्यूमेंट्स चुनाव आयोग को पेश करें। कोर्ट ने कहा चुनाव आयोग गड़बड़ी वाली वोटर लिस्ट ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालय में सार्वजनिक तौर पर लगाए, ताकि लोगों को पता चल सके। पूरी खबर पढ़ें… 15 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा था- हम देश निकाला नहीं दे रहे चुनाव आयोग ने SC में कहा था- SIR के तहत आयोग सिर्फ यह तय करता है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में रहने के योग्य है या नहीं। इससे सिर्फ नागरिकता वेरिफाई की जाती है। SIR से किसी का डिपोर्टेशन (देश से बाहर निकालना) नहीं होता, क्योंकि देश से बाहर निकालने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। 6 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा- लिस्ट को सही रखना हमारा काम चुनाव आयोग (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसे वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) कराने का पूरा अधिकार है। आयोग ने यह भी बताया कि उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि कोई भी विदेशी नागरिक वोटर लिस्ट में शामिल न हो। आयोग की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और जज जैसे सभी प्रमुख पदों पर नियुक्ति के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। पूरी खबर पढ़ें… 26 नवंबर: चुनाव आयोग बोला- राजनीतिक पार्टियां डर का माहौल बना रहीं सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर को SIR के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------------- ये खबर भी पढ़ें… चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा, SC का केंद्र को नोटिस:कहा- छूट संविधान की भावना के खिलाफ हो सकती है, न्यायिक जांच की जरूरत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (EC) को उनके आधिकारिक कामों के लिए आजीवन कानूनी इम्युनिटी (सुरक्षा) देने वाला प्रावधान संविधान की भावना के खिलाफ हो सकता है। लॉ ट्रेंड के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (EC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…
तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत:फर्रुखाबाद के महमदपुर गढ़िया मोड़ पर हुआ हादसा
फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र में महमदपुर गढ़िया मोड़ पर एक वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इस हादसे में उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान अमृतपुर थाना क्षेत्र के गूजरपुर पमारान निवासी 60 वर्षीय सोरन सिंह पुत्र रामलाल के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने सोरन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल छोटे चौहान पुत्र जगदीश सिंह का इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, मृतक सोरन सिंह अपनी ससुराल जा रहे थे। उनके परिवार में पत्नी मीना देवी और दो पुत्र सत्येंद्र व कौशलेंद्र हैं। राजेपुर थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिल गई है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में रहने वाले हितग्राही बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। नगर निगम रायपुर जोन-09 अंतर्गत पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड के सत्यम नगर, कचना क्षेत्र में रहने वाले 40 से 50 रहवासी मंगलवार को रायपुर नगर निगम मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सदन पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। रहवासियों ने बताया कि ब्लॉक 19 से 30 तक के करीब 870 परिवारों को पिछले कई महीनों से पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में न तो नियमित रूप से कचरा उठ रहा है और न ही पर्याप्त पानी की सप्लाई हो पा रही है। लोगों का कहना है कि इलाके में सिर्फ दो बोर हैं, जो जरूरत के हिसाब से नाकाफी हैं। उन्होंने एक नया बोर करवाने की मांग की है। रहवासियों ने बताया कि गर्मी अभी शुरू भी नहीं हुई है और पानी की किल्लत ने हालात खराब कर दिए हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कुछ लोग मकान छोड़कर जाने को मजबूर हो रहे हैं। पानी को लेकर विवाद और झगड़े तक की नौबत आ रही है। रहवासियों ने कहा कि समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और समझ नहीं आ रहा कि समाधान कैसे होगा। जोन कमिश्नर को दिए तत्काल निर्देश मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने जोन-09 के कमिश्नर अंशुल शर्मा से फोन पर बात की और कॉलोनी में पानी, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में रहवासियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। आकाश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में रहने वाले लोग अगर पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भटक रहे हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या के समाधान के लिए लगातार निगम प्रशासन से संपर्क में रहेंगे। ये रहे मौजूद रहवासियों के साथ श्रीनिवास राव, दुर्गा वर्मा, अमन साहू, सोनू साहू, रेवती साहू, कुंती, मीनाक्षी, उत्तरा, सुनीता, हिलायमती, डिगेश्वरी सहित अन्य लोग मौजूद थे। इस दौरान स्थानीय पार्षद शेख मुशीर भी उपस्थित रहे।
मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में मृतक सोनू कश्यप के परिजनों ने बुधवार को सीएम मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। यूपी सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री नरेंद्र कश्यप के साथ पीड़ित सीएम से मिलने पहुंचे।सीएम ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार से मृतक सोनू कश्यप की बहन आरती, दीपांशी, इंद्रपाल कश्यप, नरेश और रामकुमार कश्यप सहित अन्य परिजन पहुंचे। पीड़ित परिवार ने कहा कि सोनू कश्यप के हत्यारों को कठोरतम सजा दी जाए। सीएम ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है। सीएम योगी ने कहा कि इस जघन्य अपराध में कोई भी दोषी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। पीड़ित परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने अपने निजी स्तर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जिससे परिवार को तत्काल राहत मिल सके। ये थी पूरी घटना5 जनवरी 2026 को मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप को मेरठ के ज्वालागढ़ में हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में थाना सरधना में एफआईआर संख्या 0009/2026, धारा 103(1) एवं 238 भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) 2023 के अंतर्गत पंजीकृत की गई थी। प्रारंभ में विवेचना थाना सरधना के माध्यम से की जा रही थी, किंतु पीड़ित परिवार द्वारा विवेचक पर अविश्वास व्यक्त किए जाने के उपरांत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ द्वारा विवेचना अधिकारी को बदलते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।
खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता शुभारंभ समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी कड़ी में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार रात करीब 9 बजे टीटी नगर स्टेडियम पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। देर रात हुए इस निरीक्षण में उन्होंने आयोजन स्थल की हर व्यवस्था को बारीकी से परखा और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम न होकर प्रदेश की खेल संस्कृति और युवाओं की ऊर्जा का प्रतीक होना चाहिए। आयोजन गरिमामय, सुव्यवस्थित और भव्य हो, ताकि प्रदेशभर से आने वाले खिलाड़ी और दर्शक सकारात्मक संदेश लेकर लौटें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों की टीमें समारोह में सहभागिता करें और खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों व अतिथियों के लिए जरूरी सुविधाएं समय रहते पूरी कर ली जाएँ। मंत्री ने प्रवेश व्यवस्था, मंच सज्जा, ध्वनि व प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, यातायात प्रबंधन और दर्शक सुविधाओं की विशेष समीक्षा की। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही, कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस आयोजन से जुड़ सकें। खिलाड़ियों की आवागमन, ठहराव, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे, ताकि खिलाड़ी पूरी तरह निश्चिंत होकर प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान करने की पहल है।
रायपुर में 16वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन 28, 29 और 30 जनवरी को किया जाएगा। प्रतियोगिता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, जोरा परिसर में होगी। इसका आयोजन पैरा एथलेटिक्स एसोसिएशन और रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें राज्य व देश स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि भविष्य में छत्तीसगढ़ के पैरा एथलीट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। हर वर्ग की प्रतिभा को आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य: आकाश तिवारी पत्रकार वार्ता में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगिता का मकसद हर वर्ग की प्रतिभा को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों में अपार क्षमता होती है, जरूरत सिर्फ मंच और अवसर देने की है। इन खेलों में होंगे मुकाबले प्रतियोगिता में ट्रैक और फील्ड दोनों तरह के इवेंट आयोजित किए जाएंगे।ट्रैक इवेंट्स में 100, 200, 400, 800 और 1500 मीटर दौड़ शामिल है।वहीं फील्ड इवेंट्स में लॉन्ग जंप, ऊंची कूद, तवा फेंक, गोला फेंक और भाला फेंक जैसे खेल होंगे। टी कैटेगरी में होंगे मुकाबले प्रतियोगिता में T-11, T-12, T-13, T-40, T-41, T-42, T-44, T-45, T-46, T-47 और T-54 कैटेगरी के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये कैटेगरी दृष्टिबाधित और अस्थिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित हैं। तीन आयु वर्गों में भागीदारी प्रतियोगिता में के दिव्यांग खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। 300 से ज्यादा खिलाड़ी, पूरी व्यवस्था आयोजकों की आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में 300 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनके साथ 50 अटेंडर, टीम मैनेजर, 50 से अधिक ऑफिशियल, कोच, वालंटियर और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे। सभी प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था आयोजन समिति की ओर से की गई है। खिलाड़ियों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए रंगारंग खेल आयोजन के साथ सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जो नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी की ओर से उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। ये रहे मौजूद पत्रकार वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के साथ प्रतियोगिता के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, डिकेंस टंडन, सचिव किशनलाल, विभीषण निषाद, हारून बेग सहित अन्य पदाधिकारी और आयोजक मौजूद रहे।
बीजेपी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता और टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता ने कहा कि टोंक के लिए सचिन पायलट पैराशूट नेता है। वे जिस क्षेत्र से जनप्रतिनिधि है, उन्हें ये ही पता नहीं है वहां की जनता का दुख दर्द क्या है, उन्हें जनता की तकलीफ का ही पता नहीं है, वे पैराशूट, सेलिब्रेटी की तरह आते है और घूमकर चले जाते है। यह बात पूर्व टोंक विधायक मेहता ने बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पद भार ग्रहण करने की खुशी में घंटाघर पर आतिशबाजी करते समय बुधवार को मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की कथनी और करनी में फर्क है। जनता के किए कुछ नहीं किया है, हमेशा देश विरोधी बाते करते है। मेहता ने कहा कि नितिन को बीजेपी का मुखिया बनाकर युवाओं पर भरोसा जताया है। दुनिया के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी की कार्यकर्ताओं को पार्टी के कथन को साकार करते हुए कहा कि अब मेरे लीडर नितिन नवीन होंगे। मैं उनके अधीन कार्यकर्ता की तरह काम करूंगा। प्रधानमंत्री का ये शब्द ये दर्शाते है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। इससे पहले मेहता के नेतृत्व में बीजेपी शहर मंडल टोंक के तत्वाधान में घंटाघर चौराहा पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण करने पर भाजपाइयों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष, भाजपा प्रत्याशी अजीत मेहता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी की रीति-नीति एवं परंपराओं के अनुरूप आतिशबाजी कर एवं लड्डू खिलाकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। कार्यक्रम में पार्टी के अनेक वरिष्ठ एवं सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उनमें प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामलाल जैन, गणेश माहुर, भाजपा पूर्व जिला मंत्री शैलेंद्र जैन, पूर्व प्रधान खेमराज मीणा, पूर्व सफाई आयोग सदस्य दीपक संगत, मंडल अध्यक्ष विष्णु चांवला, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष गौरव चारण, पुष्पेंद्र जैन, चेतन जैन, अनिल शर्मा, नरेंद्र अजमेरा, प्रियवीर सिंह राठौड़, सीताराम, जय नारायण वर्मा, गुड्डू चांवला, शिवराज चांवला, अमजद, पार्षद मुकेश यादव, रामजस चौधरी आदि मौजूद थे
छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग और सरगुजा जिला प्रशासन मिलकर 22 जनवरी को अंबिकापुर के कलाकेन्द्र मैदान में “युवा उड़ान 2026” कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसमें सुपर 30 संस्थापक आनंद कुमार युवाओं को संबोधित करेंगे। आनंद कुमार बुधवार शाम को अंबिकापुर पहुंच गए हैं। “युवा उड़ान 2026” में हजारों छात्र और युवा हिस्सा लेंगे। सुपर 30 के आनंद कुमार और लेखक नीलोत्पल मृणाल युवाओं को संबोधित करेंगे। आयोजन की तैयारी बड़े स्तर पर की गई है। आनंद कुमार बुधवार शाम अंबिकापुर पहुंचे और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष व अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बच्चों से बात करेंगे, अच्छी पहल सरगुजा पहुंचे आनंद कुमार ने कहा कि यहां के युवाओं में उत्साह है। यहां आकर अच्छा लगा। आयोजन में बच्चों से बात होगी। उनकी समस्याओं पर बात करेंगे और शंका समाधान करेंगे। ये होंगे शामिल कार्यक्रम में आनंद कुमार और सुप्रसिद्ध लेखक के साथ कवि नीलोत्पल मृणाल मुख्य मार्गदर्शक के रूप में युवाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा यूथ आइकॉन कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं को कैरियर, शिक्षा और जीवन कौशल के बारे में सलाह देंगे। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, गृह निर्माण मण्डल अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष होंगे।
फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। 18 जनवरी की शाम विनय नगर में करीब 50 से 100 युवक हथियारों के साथ गलियों में घूमते हुए लोगों में डर और दहशत फैलाते नजर आए, लेकिन पुलिस ने कोई तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया। शाम करीब 3 बजकर 50 मिनट पर करीब 50 से 100 युवक अपने चेहरे ढककर हाथों में लाठी-डंडे, तलवार, हॉकी, चाकू और कट्टा लेकर गलियों में खुलेआम घूमते रहे। इन बदमाशों का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि ये युवक किसी को मारने की नीयत से गलियों में दौड़ते हुए दहशत फैला रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बदमाश एक-दो नहीं बल्कि कई गलियों में घूमते रहे। उन्होंने गलियों में चिल्लाते हुए हथियार लहराए और पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया। कुछ बदमाश बाइक पर सवार होकर आए थे। बाइक और कार में की तोड़फोड़ उन्होंने एक बाइक को तोड़ दिया और गली में खड़ी एक कार का शीशा भी तोड़ दिया। करीब तीन गलियों में इन युवकों का आतंक रहा। डर का माहौल इतना हो गए कि आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए और कई लोग डर के मारे घरों में घुस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस दिन हालात इतने डरावना था कि करीब दो घंटे तक कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकला। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी डरे हुए थे। लोगों को डर था कि कहीं बदमाश किसी पर हमला न कर दें। पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय निवासी सुरेंद्र, मोहन, सुनील और ललिता रेखा सहित अन्य लोगों ने बताया कि यह सभी युवक इसी विनय नगर इलाके के रहने वाले हैं। ये लोग नशेड़ी और गंजेड़ी हैं, जो आए दिन गलियों में नशा करते हैं और लड़ाई-झगड़ा व मारपीट करते रहते हैं। अगर कोई इन्हें समझाने या रोकने की कोशिश करता है तो उसके साथ मारपीट की जाती है। लोगों का कहना है कि इस तरह की गुंडागर्दी यहां कोई नई बात नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। क्षेत्र के लोग बोले- हमला करने के इरादे से आए थे स्थानीय लोगों के अनुसार 18 जनवरी को यह सभी बदमाश किसी दूसरे मोहल्ले के लोगों पर हमला करने के इरादे से आए थे। जब दूसरी तरफ के लोगों ने इन्हें हथियारों के साथ आते देखा तो वे अपनी बाइकों को छोड़कर भाग निकले। इसके बाद बदमाशों ने उनकी बाइकों को तोड़ दिया और उन्हें मारने के लिए काफी दूर तक पीछा किया। गलियों में दौड़ते हुए इन बदमाशों का पीछा करते हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है।लोगों का आरोप है कि पुलिस पूरे मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों को डर रहता है कि अगर वे खुलकर शिकायत करेंगे तो बदमाश रंजिश रखेंगे और उनके घर में घुसकर मारपीट कर सकते हैं। यही कारण है कि अधिकतर लोग चुप रहने को मजबूर हैं। माहौल ऐसे हैं कि शाम 8 बजे के बाद महिलाएं और बच्चे अकेले बाहर निकलने से डरते हैं। क्या कहती है पुलिस वहीं जब इस पूरे मामले में पल्ला थाना प्रभारी सत्य प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने इस घटना को हल्का बताते हुए कहा कि कुछ लोगों के बीच आपसी झगड़ा हुआ था और इसके बाद सभी लोग चले गए। थाना प्रभारी का कहना है कि इस मामले में किसी ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी, इसलिए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां देखें फोटो....
राज्य शासन ने अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को हटा दिया है। उनके विरुद्ध बीजेपी संगठन तक पहुंची शिकायत के बाद कलेक्टर के पद से हटाने की कार्यवाही की गई है। साकेत मालवीय को अशोकनगर का नया कलेक्टर बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार रात जारी आदेश में अशोकनगर के कलेक्टर और 2014 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य सिंह को हटाकर उन्हें संचालक गैस राहत और त्रासदी के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं 2014 बैच के ही आईएएस अधिकारी तथा कर्मचारी चयन मंडल के संचालक साकेत मालवीय को अशोकनगर का नया कलेक्टर पदस्थ किया गया है। मालवीय को चुनाव आयोग से परमिशन के बाद अशोकनगर का कलेक्टर बनाया गया है। राज्य सरकार ने दो दिन पहले अशोकनगर कलेक्टर की नई पदस्थापना को लेकर चुनाव आयोग को तीन अधिकारियों के नामों का पैनल भेजा था जिस पर आयोग की परमिशन के बाद साकेत मालवीय को अशोकनगर का नया कलेक्टर बनाया गया है। 25 नवंबर को होना है सम्मान, रिश्वत के आरोप में हटाएअशोकनगर के कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाने की कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह जिले के आनंदपुर ट्रस्ट के नामांतरण के मामले में रिश्वत मांगने का आरोप है जिसकी शिकायत बीजेपी के केंद्रीय संगठन तक पहुंची थी और इसके बाद बीजेपी संगठन की नाराजगी के बाद सिंह को हटाने का फैसला किया गया और उनके स्थान पर तीन नामों के पैनल चुनाव आयोग को भेजे गए हैं। दूसरी ओर ऐसा भी हुआ है कि चुनाव आयोग के एसआईआर के काम में अशोकनगर का काम सबसे उत्कृष्ट रहा है। ऐसे में मतदाता सूची के काम में सबसे अच्छा परफार्म करने के चलते अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के हाथों 25 जनवरी को सम्मानित भी किया जाएगा। सिंह को इसके लिए मुख्यालय से बाहर जाने की परमिशन देने के आदेश चुनाव आयोग ने दिए थे। अजय कटेसरिया को संचालक कर्मचारी चयन मंडल का प्रभार सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय में अपर सचिव सामान्य प्रशासन के पद पर पदस्थ आईएएस अधिकारी अजय कटेसरिया को कर्मचारी चयन मंडल के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार रात आदेश जारी कर अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह का तबादला कर दिया है। उनकी जगह साकेत मालवीय को अशोकनगर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, निवर्तमान कलेक्टर आदित्य सिंह को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट ने लगाए थे 3 करोड़ मांगने के आरोप यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब दो दिन पहले ही आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह के खिलाफ दिल्ली पीएमओ में शिकायत करने की बात सामने आई थी। उन पर ट्रस्ट से तीन करोड़ रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था। इन आरोपों के बाद से ही कलेक्टर के तबादले की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, इस शिकायत का कोई आधिकारिक पत्र अभी तक सामने नहीं आया है। दिन में सम्मान का ऐलान, रात में ट्रांसफर दिलचस्प बात यह है कि बुधवार दिन में ही कलेक्टर आदित्य सिंह को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए 25 जनवरी को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। उनके तबादले की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने उनका समर्थन भी किया था। बुधवार को उनके समर्थन में एक आमसभा आयोजित करने की भी तैयारी चल रही थी, लेकिन रात होते-होते उनके तबादले का आदेश आ गया। साइकिल से गांव-गांव की यात्रा कीकलेक्टर आदित्य सिंह अपनी कार्यप्रणाली को लेकर काफी सख्त रहे हैं। वे गांव-गांव जाकर सप्ताह के दो या तीन दिन दौरा करते थे। लोगों के बीच जाकर समस्याएं सुनते थे। कई बार साइकिल से भी ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करते थे। लोगों के घर जाकर समस्या सुनते थे। साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों का लगातार निरीक्षण करते रहे हैं। बारिश के दौरान आधी रात को बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू करवाने के लिए खुद मौके पर पहुंचे थे। इस तरह की कार्य प्रणाली के चलते वे काफी लोक प्रिय रहे हैं। उनके कार्यकाल में जनसुनवाई में आवेदकों की संख्या बढ़कर 1200 तक हो गई थी। कलेक्टर के बेहतर कार्यों के चलते केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी खुले मंच से कई बार तारीफ कर चुके हैं।
देवास में गुप्त नवरात्रि के अवसर पर मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिरों की दान पेटियां खोली गईं। बुधवार को हुई गणना में कुल 14 लाख 79 हजार 232 रुपए की नकद राशि प्राप्त हुई है। इसके अलावा दान में सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी निकली है। यह राशि वर्ष 2026 की गुप्त नवरात्रि के दौरान पहली बार खोली गई पेटियों से मिली है। गणना का कार्य राजस्व अधिकारियों की निगरानी में देर शाम तक चलता रहा। 12 दान पेटियां खोलीं, तहसीलदार की निगरानी में हुई गिनती तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि कुल 12 दान पेटियां खोली गई हैं। इनमें मां तुलजा भवानी मंदिर की 5 और मां चामुंडा माता मंदिर की 7 पेटियां शामिल थीं। नोटों और सिक्कों की गिनती राजस्व अधिकारियों, कोटवारों, मंदिर कर्मचारियों और समिति सदस्यों की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ की गई। सोने की अंगूठी और ऑस्ट्रेलिया-दुबई के सिक्के मिले मां चामुंडा शासकीय देवस्थान प्रबंध समिति के अनुसार, नकद राशि के अलावा दान में सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। इनमें एक सोने जैसी अंगूठी, चांदी जैसी दो जोड़ी छोटी पायल, एक छोटा स्वस्तिक, दो छोटी चांदी की अंगूठियां, एक चांदी का माताजी का ठप्पा और एक चांदी का आधा हाथ बना छोटा आभूषण शामिल है। इसके अतिरिक्त, नेपाल के नोटों के साथ यूएई (UAE), ऑस्ट्रेलिया और ओमान के सिक्के भी दान पेटी से निकले हैं। पेटियों में श्रद्धालुओं की मन्नतों की चिट्ठियां भी मिली हैं।
चिरमिरी में यातायात सुरक्षा माह के तहत एमसीबी जिला पुलिस और रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में चिरमिरी जिला अस्पताल में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। शिविर में सुबह से ही लोगों में भारी उत्साह देखा गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ ने भी अपनी ड्यूटी के साथ रक्तदान कर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। ब्लड डोनर को बांटे गए हेलमेट और पुरस्कार रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चिरमिरी थाना प्रभारी विजय सिंह ने रक्तदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को हेलमेट प्रदान किया। जिनके पास पहले से हेलमेट उपलब्ध था, उन्हें पुरस्कार वितरित किए गए। इस पहल के माध्यम से रक्तदान के साथ-साथ यातायात नियमों के पालन का संदेश भी आमजन तक पहुंचाया गया। चिरमिरी रक्तदान शिविर में 51 यूनिट लक्ष्य पूरा थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा भी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। शिविर के माध्यम से कुल 51 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। थाना प्रभारी ने कहा कि लोगों में यातायात जागरूकता बढ़ाने के लिए क्षेत्र में लगातार विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं, ताकि वे सुरक्षित यात्रा कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे।
बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र के लोधा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में सातवीं कक्षा की एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में दवाई देने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बुधवार शाम परिजन शव लेकर एमजी अस्पताल पहुंचे और मॉर्च्युरी में रखवाया। परिजन बोले- दवा लेते ही शुरू हुआ पेट दर्दमृतका शिवानी पुत्री दिलीप यादव(13), निवासी दानपुर के परिजनों ने बताया कि सोमवार को उसे बुखार था। तब स्कूल की एक शिक्षिका ने उसे दवाई दी। वह सातवीं कक्षा की छात्रा थी। आरोप है कि दवा लेने के कुछ ही देर बाद शिवानी के पेट में असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे अहमदाबाद रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर हिम्मतनगर (गुजरात) के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस बोली- 19 को तबीयत खराब हुई, परिजन घर ले गए थेसदर थाना सीआई रूपसिंह ने बताया कि छात्रा की तबीयत 19 जनवरी को स्कूल में खराब हुई थी। सूचना पर परिजन उसे स्कूल से अपने घर ले गए थे। एक दिन घर पर रखने के बाद जब तबीयत और ज्यादा बिगड़ी, तो परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर आए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गुजरात के हिम्मतनगर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छतरपुर जिले के नौगांव स्थित बुंदेलखंड की सबसे बड़ी गौशाला में पिछले एक सप्ताह में करीब तीन दर्जन गायों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम के निर्देश पर बुधवार को जांच टीम मौके पर पहुंची। टीम को मौके पर 4 गायों के शव मिले, जिनका पोस्टमार्टम कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन पर कब्जे और चारे की कमी से गायें मर रही हैं, जबकि प्रबंधन कुत्तों के हमले और फंड की कमी को कारण बता रहा है। गौशाला प्रबंधन ने टीम को बताया कि चारे और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण प्रतिदिन 2 से 3 गायों की मौत हो रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुछ गायों की मौत कुत्तों और सियारों के हमले के कारण भी हुई है। किसानों ने लगा रखी है बाड़, चरने को जगह नहीं स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 200 बीघा में फैली इस गौशाला की 90 प्रतिशत जमीन आसपास के किसानों को बटिया (लीज) पर दे दी गई है। किसानों ने अपनी-अपनी जमीन पर बाड़ लगा रखी है, जिससे गौशाला की गायों को घूमने और चरने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। इसी कारण गायें कमजोर होकर दम तोड़ रही हैं। पेट से निकली पॉलीथिन, शव दफनाने के निर्देश एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने बताया कि जांच के दौरान 4 गायों की मौत की पुष्टि हुई है। सभी का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सक द्वारा कराया गया। जांच में कुछ गायें अत्यधिक कमजोर पाई गईं, जबकि एक गाय के पेट से पॉलीथिन मिली है। मृत गायों को नियमानुसार दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टर बोले- पोषक आहार दें मौके पर मौजूद पशु चिकित्सक दीपेश कुमार सोनी ने स्वीकार किया कि गौशाला में कई गायें कमजोर स्थिति में हैं। उन्होंने गौशाला अध्यक्ष को गायों के लिए तुरंत पोषक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। देखिए और भी तस्वीरें...
जयपुर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले के संभावित शहर में शामिल किया है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी दीनदयाल कुमावत ने यह दावा किया। दीनदयाल कुमावत ने कहा- सरकार के सहयोग से हम हर संभव प्रयास करेंगे। जयपुर में इस बार फिर से इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले का आयोजन हो। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हम सवाई मानसिंह स्टेडियम में एक और क्रिकेट ग्राउंड को विकसित करेंगे। जहां नेशनल लेवल के मुकाबले का आयोजन किया जा सके। दरअसल, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष और खेल विभाग के शासन सचिव नीरज के. पवन ने आरसीए एकेडमी मैदान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आरसीए एडहॉक कमेटी संयोजक डी.डी. कुमावत भी मौजूद रहे। दोनों ने फैसला किया कि सवाई मानसिंह स्टेडियम परिसर स्थित आरसीए एकेडमी मैदान का विस्तार बीसीसीआई के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किया जाएगा। इसी सप्ताह से निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। राजस्थान रॉयल्स की टीम स्टेडियम का निरीक्षण करेगी आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने जयपुर को आईपीएल 2026 का वेन्यू घोषित किए जाने पर खुशी जताई है। कुमावत ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के सहयोग से सवाई मानसिंह स्टेडियम में आईपीएल 2026 का सफल आयोजन किया जाएगा। बीसीसीआई द्वारा तय सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करने के लिए आरसीए एडहॉक कमेटी जल्द ही राज्य सरकार से औपचारिक अनुरोध करेगी, ताकि जयपुर में आईपीएल का भव्य और सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके। इसके लिए जल्द राजस्थान रॉयल्स की टीम स्टेडियम का निरीक्षण करेगी। जिला क्रिकेट संघों के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठनइसके साथ ही RCA एडहॉक कमेटी द्वारा जिला क्रिकेट संघों को मिलने वाले वार्षिक अनुदान, सुविधाओं के विस्तार और जिला स्तर पर खेल गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आरसीए एडहॉक कमेटी ने 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में सुभाष जोशी को चेयरमैन जबकि विमल शर्मा और सुमेन्द्र तिवारी को सदस्य बनाए गया है। जिला संघों की मांगों पर सहमतिकमेटी चेयरमेन सुभाष जोशी ने बताया कि आरसीए कार्यालय और आरसीए एकेडमी में आयोजित बैठक में आरसीए एडहॉक कमेटी संयोजक डी.डी. कुमावत सहित 5 जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश के 20 से अधिक जिला क्रिकेट संघों से मौखिक और टेलिफोनिक रूप से सहमति प्राप्त की गई। बैठक में जिला संघों की विभिन्न मांगों और आरसीए एडहॉक कमेटी के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। कमेटी का उद्देश्य प्रदेशभर में क्रिकेट के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर
उज्जैन रेंज के एडीजीपी उमेश जोगा बुधवार शाम रतलाम पहुंचे। उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और स्पष्ट किया कि ड्रग माफियाओं के खात्मे के लिए अब राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजीपी ने चिकलाना में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले की समीक्षा की और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सूचना संकलन मजबूत करने के निर्देश दिए। एडीजीपी जोगा ने डीआईजी निमिष अग्रवाल और एसपी अमित कुमार से चिकलाना में पकड़ी गई सिंथेटिक ड्रग्स (MD) फैक्ट्री मामले की अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और लगातार नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच के दौरान और भी नाम सामने आने पर आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। मौके से मिली पुलिस वर्दी और आई-कार्ड की भी गहन जांच की जा रही है। आरोपी के नेताओं और पुलिसवालों से थे संपर्क, सब पर होगी कार्रवाई एडीजीपी ने जांच में सामने आए तथ्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी दिलावर खान कुछ राजनीतिक लोगों और बार-बार पुलिस व अन्य अधिकारियों के संपर्क में रहता था। उन्होंने कहा, हमारी जांच चल रही है। जो भी लोग हैं, उन सभी की संलिप्तता पाई जाती है तो उन पर भी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नेटवर्क में जो भी शामिल मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रतापगढ़ तक जुड़े हैं तार, राजस्थान पुलिस से साधा संपर्क एडीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान रतलाम, मंदसौर और नीमच से जुड़े तस्करी नेटवर्क के तार राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के कुछ गांवों तक जुड़े पाए गए हैं। इस संबंध में राजस्थान पुलिस से संपर्क किया जा रहा है और आगामी दिनों में दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर संयुक्त कार्रवाई करेगी।
सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र के कुंदा भैरवपुर चंदीपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगली सूअरों से फसलों को बचाने के लिए किसानों द्वारा लगाए गए जाल में एक जंगली जानवर फंस गया। ग्रामीण ने जानवर को तेंदुआ बताया है। सुल्तानपुर वन विभाग की टीम रेस्क्यू में फेल हो गई। इसके बाद गोरखपुर से टीम बुलाई गई है। रात 2:30 बजे तक टीम के पहुंचने की संभावना है। गांव के किसान जंगली सूअरों से अपनी फसलों को लेकर परेशान थे। सूअर आए दिन खेतों में घुसकर फसलें खराब कर रहे थे। इसी समस्या से निजात पाने के लिए किसानों ने सूअरों को पकड़ने के लिए जाल बिछा रखे थे। आज सुबह जब ग्रामीणों ने जाल में एक बड़े जानवर को फंसा देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। जानवर के जाल में फंसे होने की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में लोग उसे देखने के लिए मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर राहुल नगर पुलिस चौकी प्रभारी कन्हैया कुमार पाण्डेय और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। स्थानीय विधायक राजेश गौतम भी घटनास्थल पर पहुंचे। अंधेरा होने के कारण फंसे हुए जानवर की सही पहचान नहीं हो पा रही है, लेकिन ग्रामीणों में इसे तेंदुआ होने की आशंका है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने जानवर को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। गोरखपुर से भी टीम बुलाई गई है।
कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत सोनाबाल स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खुटपारा में गणतंत्र दिवस 2026 समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सघन तैयारी की जा रही है, जिसमें राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन मुख्य आकर्षण होगा। कक्षा चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली यह देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुति गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण होगी। विद्यालय में इस सप्ताह 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन का पूर्वाभ्यास पूरे उत्साह के साथ कराया जा रहा है। प्रधान अध्यापक हितेंद्र कुमार श्रीवास स्वयं विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। वे यूट्यूब और इंटरनेट संसाधनों का उपयोग करते हुए, साथ ही व्यक्तिगत रूप से गीत गाकर बच्चों को सही उच्चारण, लय और भाव के साथ अभ्यास करवा रहे हैं। इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना को बल मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न राष्ट्रीय आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें 'स्मरणोत्सव' और संसद में 'वंदे मातरम्' पर लगभग 10 घंटे का विशेष चर्चा सत्र भी शामिल था। इन्हीं राष्ट्रीय आयोजनों की भावना के अनुरूप, शासकीय प्राथमिक शाला खुटपारा ने गणतंत्र दिवस 2026 के लिए यह सांस्कृतिक गतिविधि प्रस्तावित की है। विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है। वर्तमान में पूरे विद्यालय परिसर में देशप्रेम का माहौल बना हुआ है। 26 जनवरी को 'वंदे मातरम्' की गूंज से समारोह को यादगार बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
खरगोन के सामेडा में एक युवक पर चाकू से हमला किया गया। अभद्रता रोकने पर हुए इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सीने में खून का थक्का जम गया। उसे बुधवार रात खरगोन जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया है। यह घटना कसरावद तहसील के एक ढाबे पर हुई। जानकारी के अनुसार, मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया। घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय राजू पिता अंतर के रूप में हुई है। राजू के परिजनों ने बताया कि वह अपने साथी मोहन पिता रामलाल के साथ बाइक सुधरवाने कसरावद गया था। लौटते समय सामेडा फाटे पर एक ढाबे पर उन्होंने पानी पीया। वहां दो युवक ढाबा कर्मचारी के साथ गालीगलौज कर रहे थे। राजू ने उन्हें अभद्रता करने से रोका और पूछा कि क्या वे अपने घर के बच्चों से भी ऐसी बातें करते हैं। इस पर दोनों युवक आक्रोशित हो गए और उन्होंने राजू के सीने में चाकू घोंप दिया। घटना की सूचना मिलने पर 112 को बुलाया गया और घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर विजय पाटीदार ने बताया कि मरीज के सीने में खून का थक्का जमने के कारण उसे इंदौर ले जाने की सलाह दी गई है। मामले में कसरावद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
झुंझुनूं भाजपा में एक कार्यकर्ता ने संगठन की आधिकारिक घोषणा से पहले ही खुद को 'मंडल अध्यक्ष' घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, बाकायदा समर्थकों के बीच अपना जोरदार स्वागत भी करवा लिया। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर नितिन नबीन को निर्विरोध 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष ल चुने जाने की खुशी मनाई जा रही थी। इसी दौरान झुंझुनूं शहर में सीए लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में जश्न का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान जारी प्रेस नोट और सोशल मीडिया संदेशों में लोकेश अग्रवाल को 'निर्वाचित भाजपा झुंझुनूं शहर मंडल अध्यक्ष' बताया गया। बिना किसी आधिकारिक सूची या जिला संगठन के पत्र के खुद को अध्यक्ष घोषित कर स्वागत करवाने का मामला सामने आने के बाद पार्टी में चर्चा शुरू हो गई। जिलाध्यक्ष ने झाड़ा पल्ला, कार्यकर्ताओं में असमंजसमामले में भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरि का कहना है कि फिलहाल किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। संगठन की ओर से अब तक झुंझुनूं शहर मंडल अध्यक्ष के नाम की कोई पुष्टि नहीं की गई है। प्रेस नोट में किया 'अध्यक्ष' होने का दावालोकेश अग्रवाल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नितिन नबीन का निर्विरोध निर्वाचन भाजपा की लोकतांत्रिक परंपरा की विजय है। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और पटाखे फोड़े। इस दौरान वहां मौजूद समर्थकों ने लोकेश अग्रवाल का माला पहनाकर 'नवनियुक्त अध्यक्ष' के रूप में अभिनंदन किया।
विकास परियोजनाओं में किसानों, भूमिस्वामियों को मिलने वाले भू अर्जन मुआवजे के विरोध को देखते हुए राज्य सरकार अब इस राशि में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। इसको लेकर गणना फैक्टर निर्धारण समिति का गठन किया गया है। जिसमें मंत्री राकेश सिंह, तुलसी सिलावट और चैतन्य काश्यप शामिल हैं। समिति द्वारा किसानों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, जन-प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री सहित विभिन्न संगठनों एवं जन-मानस के सुझावों को सुना जाएगा। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा मिले लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि विकास के साथ उन किसानों एवं आम नागरिकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाना है, जिनकी भूमि विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाई जा रही है। इसके लिए भूमि अर्जन की प्रक्रिया ऐसी हो कि प्रभावित परिवारों को उचित, न्यायसंगत और बेहतर मुआवजा प्राप्त हो सके। मंत्री सिंह ने मंत्रालय में भू-अर्जन मुआवजा गणना फैक्टर निर्धारण समिति की बैठक में यह बात कही। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप उपस्थित रहे। मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, अधोसंरचना निर्माण और अन्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। यह भूमि शासकीय भी हो सकती है और निजी भी, जिसमें किसान एवं सामान्य नागरिक शामिल होते हैं। भूमि अर्जन के दौरान अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में मुआवजा राशि की गणना में किसी भी प्रकार की विसंगति न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भू-अर्जन मुआवजा गणना फैक्टर निर्धारण के लिये मंत्री समिति का गठन किया गया है। जन-मानस के सुझावों को सुना जाएगा मंत्री सिंह ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में मुआवजा गणना का फैक्टर-1 निर्धारित है। इस फैक्टर को बढ़ाने की संभावना पर विचार करने और सभी पक्षों की राय प्राप्त करने के उद्देश्य से समिति गठित की गई है। मंत्री सिंह ने कहा कि समिति द्वारा किसानों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, जन-प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री सहित विभिन्न संगठनों एवं जन-मानस के सुझावों को सुना जाएगा। बुधवार को मंत्रालय में समिति की बैठक में सभी हितधारकों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सुझाव प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए psrevenue@mp.gov.in ई-मेल आईडी भी जारी की गई है, जिस पर कोई भी नागरिक अपने सुझाव भेज सकता है। सुझावों का व्यवहारिक एवं तथ्यात्मक अध्ययन किया जाएगा, जिसके पश्चात समिति आगे की आवश्यक कार्यवाही करेगी।
बीकानेर में बुधवार को 18 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं, इसके साथ ही एक फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उधर, कोलायत के विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने अपने क्षेत्र में सड़कों के लिए पांच करोड़ रुपए स्वीकृत करा लिए हैं। पढिए़ आज दिनभर में बीकानेर में क्या खास रहा। 18 घरेलू गैस सिलेंडर, 2 इलेक्ट्रॉनिक कांटे व 3 रिफिलिंग मशीन जब्त संभागीय आयुक्त ने की कामकाज की समीक्षा कोलायत में सड़कों के लिए माइनिंग कोटे से रुपए स्वीकृत बीकानेर के कैरिज वैगन कारखाना को अवार्ड बीकानेर का टॉप टेन अपराधी गिरफ्तार नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर देशनोक में मिठाईयां बांटी
उदयपुर की बावलवाड़ा थाना पुलिस ने युवक की हत्या के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी गणपत सिंह ने बताया कि सभी आरोपी गुजरात भागने की फिराक में थे। मामले में आरोपी निकुंज उर्फ निकुल पिता बंशीलाल, लोकेश पिता लक्ष्मण, प्रकाश पिता लक्ष्मण और महेश पिता लक्ष्मण लाल को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी भीलवाड़ा, बावलवाड़ा के रहने वाले हैं। घटना को लेकर पूछताछ करते हुए आगे जांच जारी है। रास्ते में रोका और चाकू मारकर कर दी थी हत्याथानाधिकारी ने बताया कि प्रार्थी लक्ष्मणलाल पिता जीवाजी ने 15 जनवरी को थाने में रिपोर्ट दी थी कि मेरा 23 वर्षीय बेटा बंसतीलाल 14 जनवरी को किसी काम से रेहटा गांव गया था। वहां से शाम करीब 5 बजे पैदल अपने घर भीलवाड़ा आ रहा था। तभी कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते बेटे को रास्ते रोक लिया। फिर धारदार चाकू से हमला कर दिया। जिससे बेटा बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद उसे खेरवाड़ा हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत बताते हुए डूंगरपुर रेफर कर दिया था। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
आबादी के पास गन्ने के खेत में दिखा बाघ, VIDEO:पीलीभीत में ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग की टीम अलर्ट
पीलीभीत में जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में बाघों का दिखना जारी है। ताजा घटना थाना गजरौला क्षेत्र के गजरौला कलां मुस्तकिल गांव की है, जहाँ आबादी के बिल्कुल नजदीक एक गन्ने के खेत में बाघ देखा गया। बाघ की चहलकदमी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। जानकारी के अनुसार, वीडियो लगभग एक दिन पुराना बताया जा रहा है। गांव के पास स्थित एक गन्ने के खेत में बाघ को आराम से घूमते हुए देखा गया। किसी ग्रामीण ने दूर से ही अपने मोबाइल में बाघ की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में बाघ गन्ने की ओट में छिपता और फिर खुले में टहलता साफ नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को बाघ दिखने की आधिकारिक सूचना नहीं दी। बताया जा रहा है कि विभाग को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही इस हलचल का पता चला। सूचना के अभाव में शुरुआती घंटों में वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुँच सकी, जिससे ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर काफी चिंता देखी जा रही है। किसान अब अपने खेतों में अकेले जाने से कतरा रहे हैं, खासकर गन्ने की कटाई के इस मौसम में यह खतरा और भी बढ़ गया है। मामला चर्चा में आने के बाद वन विभाग ने संज्ञान लिया है। सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि गजरौला कलां मुस्तकिल में बाघ देखे जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता और बाघ की वर्तमान लोकेशन का पता लगाने के लिए एक टीम को निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में जांच जारी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
निवाड़ी में अमर सिंह पाल हत्याकांड के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस केस में मुख्य आरोपी प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी के विरोध में आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) ने निवाड़ी के अंबेडकर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया को ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रमोद अहिरवार को किसी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है, इसलिए इस पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। निजी अंगों पर चोट से हुई थी मौत पुलिस के मुताबिक, 18 जनवरी को अमर सिंह पाल के साथ मारपीट की गई थी। एसपी डॉ. नरवरिया ने बताया कि प्रमोद अहिरवार, अनिल अहिरवार और उनके पांच साथियों ने मिलकर अमरपाल को पीटा था। इस हमले में अमरपाल के निजी अंगों पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी जान चली गई। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर प्रमोद और अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दबाव में काम नहीं करेगी पुलिस प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया ने साफ लहजे में कहा कि पुलिस किसी भी प्रकार के दबाव में काम नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिनके परिवार के सदस्य की जान गई है, उन्हें इंसाफ मिलना जरूरी है। आप अपना पक्ष रखें, हम उसकी जांच कराएंगे। एसपी ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी प्रमोद अहिरवार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। फिलहाल, जहां एक ओर संगठन प्रमोद को निर्दोष बताते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बता रहा है, वहीं पुलिस सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर सख्त कार्रवाई की बात कह रही है।
बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री कल यानी 22 जनवरी को कोटा आएंगे। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री रामगंजमंडी में कलश यात्रा में शामिल होंगे। शाम 6 बजे खैराबाद मेला ग्राउंड में आयोजित अयोध्या जन्मभूमि पर रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की वर्षगांठ के अवसर पर विशाल दीपोत्सव में शामिल होंगे। फिर 23 से 25 जनवरी तक श्री रामकथा करेंगे। मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि श्री राम कथा गौ माता महोत्सव के धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत आज 21 जनवरी से ही हो गई। बागेश्वर धाम के बालाजी को ढोल बाजे के साथ लाया गया। मोड़क में आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के आवास स्थल चार धाम में लाकर विराजित किया गया। बागेश्वर धाम के बालाजी की भक्तों ने अगवानी की। मंत्री मदन दिलावर ने बताया- 22 जनवरी को दोपहर 1 बजे कलश यात्रा कृषि उपज मंडी समिति रामगंजमंडी से शुरू होंगी। कलश यात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी पहनकर सिर पर कलश धारण कर चलेंगी । कलश यात्रा में 21000 से अधिक महिलाओं के शामिल होने की सम्भावना है। कलश बागेश्वर धाम की तरफ से सभी महिलाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। कलश यात्रा को लेकर पूरा रामगंजमंडी में सजावट की गई है। यात्रा मार्ग पर केसरिया पताकाएं और झंडे लगाए गए हैं। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। यात्रा में 6 से अधिक डीजे चलेंगे। बता दें श्रीफल भेंट कर स्वीकृति मिलने के बाद आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बागेश्वर धाम के बालाजी महाराज का विग्रह मंत्री मदन दिलावर को भेंट कर उन्हें निकटवर्ती हनुमान मंदिर में स्थापित करने के निर्देश दिए थे। जिनकी स्थापना मंत्री मदन दिलावर ने रामगंज मंडी के पंचमुखी बालाजी मंदिर में की थी। नियमानुसार धार्मिक प्रक्रिया के तहत आज पंचमुखी हनुमान मंदिर से बालाजी महाराज को आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के लिए बनाए गए आवास चार धाम में लाकर विराजित किया गया। कथा की पूर्ण आहुति तक बालाजी महाराज यही चार धाम मोडक में विराजित रहेंगे। ये खबर भी पढ़े- NH 52 पर 4 दिन हैवी ट्रैफिक बंद रहेगा:22 से 25 जनवरी तक के लिए ट्रैफिक एडवाईजरी जारी, बारां, बपावर, खानपुर के रास्ते आ जा सकेंगे कोटा के रामगंजमंडी इलाके के मोड़क थाना क्षेत्र के गुंदी गांव में बागेश्वर धाम आचार्य पं धीरेंद्र शास्त्री रामकथा करेंगे। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि 22 से 25 जनवरी तक कोटा- झालावाड़ NH 52 पर हैवी ट्रैफिक बंद रहेगा। केवल यात्री बसें व कार जीप आज जा सकेंगे। भारी वाहन (ट्रक ट्रेलर ) डायवर्ट रूट बारां, बपावर, खानपुर के रास्ते आ जा सकेंगे। खबर पढ़े
गौरेला से 2 नाबालिग बहनें लापता:साथ में सोई थीं, पुलिस ने अपहरण का संदेह जताते हुए दो FIR दर्ज की
गौरेला क्षेत्र के ग्राम गुम्माटोला से एक ही परिवार की दो नाबालिग बहनें बीती देर रात करीब 1 बजे घर से लापता हो गईं। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने दोनों के अपहरण का संदेह जताते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। पहली एफआईआर 5वीं में पढ़ने वाली छात्रा के लापता होने के संबंध में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि बड़ी बेटी अपनी बड़ी मां की बेटी के साथ सोई थी। मां ने रात में उसके लापता होने की सूचना दी। परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर भगा लिया है। दूसरी एफआईआर 13 साल की बच्ची के लापता होने को लेकर दर्ज हुई है। वह बड़ी बहन के साथ सोई थी। उसके मौसिया भाई ने बताया कि पड़ोसियों से पूछने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। इस मामले में भी अपहरण का संदेह जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस दोनों मामलों की गहनता से जांच कर रही है और लापता नाबालिगों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया है।
भोपाल सांसद आलोक शर्मा की मीटिंग के बाद बुधवार को अतिक्रमण पर एक्शन हुआ। नगर निगम की टीमें 6 घंटे तक पुराने शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करती रही। इस दौरान 9 ट्रक सामान जब्त किया गया। वहीं, अमले की व्यापारियों से नोंकझोंक भी हुई। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार, एसीपी से लेकर निगम के अफसर भी मौजूद रहे। बुधवार सुबह से ही टीमें सोमवारा, भवानी चौक, लखेरापुरा, मन्नूलाल धर्मशाला, लखेरापुरा चूड़ी मार्केट, लालसिंह पार्क चौराहा, नदीम रोड, नालंदा होटल रोड, जमील होटल रोड, इब्राहिमपुरा, जामा मस्जिद, पीपल चौक, सराफा चौक, सुभाष चौक, मालीपुरा आदि इलाकों में कार्रवाई करने पहुंची। शाम तक यह कार्रवाई जारी रही। इस दौरान अमले ने बड़ी संख्या में दुकानों के बाहर अतिक्रमण कर रखा सामान, अतिक्रमण कर लगाई गई दुकानें, शेड, पटले, रास्तों पर रखी गई डमी, टंगन, प्लास्टिक, पन्नी व अन्य प्रकार के अतिक्रमण को हटाया। वहीं, ठेले, गुमठी, पान पार्लर, काउंटर, बोर्ड, बेंच, कुर्सी, स्टूल, टेबिल आदि सहित 9 ट्रक सामान जब्त किया। कार्रवाई की देखिए 3 तस्वीरें… ये अफसर रहे मौजूदकार्रवाई के दौरान निगम के अपर आयुक्त वरुण अवस्थी, एसडीएम दीपक पांडे, निगम उपायुक्त हिरेंद्र सिंह कुशवाहा, तहसीलदार करूणा दंडोतिया, एसीपी कोतवाली चंद्रशेखर पांडे, एसीपी ट्रैफिक जोन-3 विजय कुमार दुबे, कोतवाली थाना प्रभारी काशीराम कुशवाह, अतिक्रमण निरोधक दस्ते के प्रभारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया, सृष्टि भदौरिया सहित नगर निगम, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। सांसद ने पांच दिन पहले ली थी बैठकसांसद शर्मा ने 5 दिन पहले 16 जनवरी को पुराने चौक बाजार से अतिक्रमण हटाने को लेकर कलेक्टोरेट में नगर निगम कमिश्नर, एडीएम, एसडीएम और संबंधित अधिकारियों की बैठक ली थी। इस दौरान व्यापारियों ने ज्ञापन भी सौंपा था। इसमें कहा गया था कि पुराने शहर के बाजारों में अतिक्रमण की वजह से बार-बार जाम लगता है। जनता चौक बाजार, सराफा बाजार में आने से कतराती है। व्यापारियों ने दुकानों के सामने शटर और नाली की जगह भी किराए पर दे दी है, जिससे रोड पर चलने की जगह ही नहीं बचती। इसी क्षेत्र में मस्जिद के सामने वाली सड़क पर अवैध वसूली की शिकायत भी सामने आई। जिसकी क्षेत्र के दोनों पार्षदों ने इसकी पुष्टि की। इन समस्याओं के चलते इन बाजारों के व्यापार-व्यवसाय भी कम हो गया। बैठक में सांसद शर्मा ने अधिकारियों से कहा था कि सोमवार से दो-तीन दिन तक लगातार अनाउंसमेंट कराकर चौक बाजार, सराफा बाजार, लखेरापुरा, इब्राहिमपुरा, आजाद मार्केट, लोहा बाजार, हनुमानगंज सहित पूरे क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। जिससे पुराने भोपाल शहर की इस ज्वलंत समस्या का स्थायी समाधान हो सके। इसके बाद बुधवार से पुराने शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
एमपी ट्रांसको ने स्वदेशी जोहो प्लेटफॉर्म अपनाया:ईमेल और मीटिंग अब गूगलमीट की जगह जोहो से होंगी
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एमपी ट्रांसको) ने अपनी आधिकारिक ईमेल को जोहो में बदल लिया है। इसका उद्देश्य डेटा सुरक्षा को मजबूत करना, संचार प्रणाली को अधिक भरोसेमंद बनाना और विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भरता को कम करना है। एमपी ट्रांसको के आईटी हेड डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार भी स्वदेशी ईमेल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दे रही हैं। जोहो प्लेटफॉर्म से कंपनी के लगभग 1100 अधिकारी एवं कर्मचारी लाभान्वित होंगे। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, अब तक सूचना के प्रचार-प्रसार और संवाद के लिए अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना पड़ता था। जोहो एक मल्टी-लेवल प्लेटफॉर्म है, जिसमें ईमेल के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (गूगल मीट जैसे विकल्प) भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे कार्यप्रणाली अधिक सरल और प्रभावी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्लेटफॉर्म पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसमें डेटा लीक की आशंका नहीं है। जोहो जैसे एडवांस फीचर्स वाले प्लेटफॉर्म पर ईमेल सिस्टम शिफ्ट होने से सुरक्षित डेटा होस्टिंग, बेहतर एक्सेस कंट्रोल, उन्नत स्पैम नियंत्रण और मजबूत साइबर सुरक्षा के साथ निर्बाध संचार सुनिश्चित होगा। यह पहल भारत सरकार की डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत योजनाओं के अनुरूप मानी जा रही है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि एमपी ट्रांसको पहले से ही स्वदेशी तकनीकों को प्राथमिकता देता आ रहा है। कंपनी ने हाल ही में वॉट्सऐप की जगह स्वदेशी अरट्टे प्लेटफॉर्म का उपयोग शुरू किया है।
मेरठ शुभम सैनी के घर शोक जताने पहुंचे पूर्व मंत्री:देहरादून के चकराता में खाई में कार गिरने से मौत
मेरठ के घसौली गांव निवासी शहीद मेजर शुभम सैनी के घर बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान व पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा दुख जताने पहुंचे। शहीद की शहादत पर दुख जताते हुए शोक व्यक्त किया। बता दें कि इसी शनिवार को मेजर शुभम सैनी देहरादून के चकराता में सड़क दुघर्टना का शिकार हो गए थे। मेजर शुभम की कार चकराता में गहरी खाई में जा गिरी थी। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। रविवार को उनका अंतिम संस्कार मेरठ में पैतृक गांव घसौली में किया गया था। चकराता के छावनी क्षेत्र में बंगला नंबर 10 के पास हुए हादसे के बाद सैन्यकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और घायल मेजर को खाई से निकाला। सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें तुरंत सैनिक अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र स्थित उनके गांव घसौली निवासी परिजनों का कहना है कि शुभम सैनी किसी कार्य से चकराता से देहरादून जा रहे थे। रास्ते में किसी वाहन को बचाने के प्रयास में उन्होंने अपनी कार से नियंत्रण खो दिया। इससे उनकी कार खाई में जा गिरी। 2-2 बटालियन के चकराता स्थित मुख्यालय में तैनात मेजर सैनी वर्ष 2019 में लेफ्टिनेंट के पद पर सेना में शामिल हुए थे। बाद में उन्हें मेजर पद पर पदोन्नति मिली थी। हादसे की खबर मिलते ही उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनका विवाह नहीं हुआ था। उनके बड़े भाई तुषार व बहन निधि भी अविवाहित हैं। परिवार के सदस्य सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद मेजर का पार्थिव शरीर रविवार सुबह गांव लाया गया। श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।
जिले के ढोढर क्षेत्र में बुधवार को एक युवती के गायब होने की खबर ने करीब चार घंटे तक पुलिस और ग्रामीणों को परेशानी में डाले रखा। बलावनी गांव की 20 वर्षीय पिस्ता बंजारा के अचानक लापता होने की सूचना सुबह 8 बजे पुलिस को मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया। तलाश के दौरान जब चंबल नहर के पास युवती की चप्पलें मिलीं, तो पुलिस और परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। ऐसा लगा कि युवती या तो नहर में गिर गई है या उसने छलांग लगा दी है। इस अंदेशा के चलते तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और गोताखोरों को नहर में उतारा गया। पानी का बहाव रोकने के लिए नहर का गेट भी बंद करा दिया गया। तीन घंटे तक चला रेस्क्यू, फिर बदली तलाश की दिशा नहर के किनारे ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा थी और करीब तीन घंटे तक गोताखोरों ने पानी में खाक छानी। जब दोपहर 12 बजे तक नहर में कुछ सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने अपनी रणनीति बदली। टीआई राकेश शर्मा के निर्देश पर पुलिस की एक टीम ने आसपास के बस स्टैंड और रास्तों पर खोजबीन शुरू की। बस में सुरक्षित मिली युवती दोपहर करीब 1 बजे पुलिस को सटीक जानकारी मिली कि मुरैना जिले के टैंटरा के पास एक यात्री बस में लापता युवती सवार है। पुलिस ने तुरंत बस रुकवाकर जांच की तो वह युवती पिस्ता बंजारा ही निकली। उसे सुरक्षित पाकर पुलिस और घर वालों ने राहत की सांस ली। मामले की जांच जारी युवती को बरामद करने के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने अचानक घर क्यों छोड़ा और गुमराह करने के लिए अपनी चप्पलें नहर किनारे क्यों छोड़ दी थीं।
भैंसदेही के खेड़ी क्षेत्र से फिरौती के लिए अपहृत किए गए 19 वर्षीय प्रदीप सिरसाम को कोतवाली पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता प्रहलाद अमरघड़े ने बताया कि अपहृत युवक को अज्ञात व्यक्तियों ने कार में बैठाकर ले जाकर पिता से 40,000 रुपए की फिरौती मांगी थी। जानकारी के अनुसार, प्रदीप जो खुद मजदूरी करता है, कल रात अपने ठेकेदार को छोड़कर खेड़ी–सांवली लौट रहा था। इसी दौरान आरोपी उसे रास्ते में मिले और पकड़ लिया। उसके मोबाइल को छीनकर उसके पिता का नंबर मांगा गया। आरोपियों ने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि यदि बेटे की जानकारी चाहिए तो 40,000 रुपए दिए जाएं। पिता ने डर के कारण फोन पर 5,300 रुपए पहले ही भेज दिए, जबकि आरोपियों ने बेटे को कार में बैठाकर हाथ बांधकर कई जगह घुमाया और लगातार मारपीट की। इसके बाद वे पिता को गाली-गलौज कर और पैसे भेजने के लिए दबाव बना रहे थे। पुलिस ने कैसे की बरामदगीसूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने अपहरण व फिरौती के आरोप में FIR दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच में मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपितों का पता लगाया गया। खेडी सावलीगढ़ चौकी और झल्लार थाना की टीमों ने ठेमगांव, भैंसदेही के पास छापेमारी कर अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद किया और चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है: पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने स्वीकार किया कि वसूली की राशि में से कुछ पेट्रोल और अन्य खर्चों पर खर्च कर दी और शेष राशि आपस में बांट ली। आरोपितों के पास से 2,300 रुपये नकद, रस्सी और घटना में प्रयुक्त बलेनो कार जब्त की गई है। पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजनाटीआई ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और वे हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं। पुलिस पुराने अपराधों की सूची तैयार कर रही है और जिन मामलों में आरोपी जमानत पर हैं, उन मामलों में कोर्ट से जमानत निरस्त कराने का निवेदन करेगी। पुलिस ने अपहरण और फिरौती के मामले में FIR दर्ज कर जांच जारी रखी है।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी को भाजपा जॉइन करने से ठीक पहले धमकी मिली। यह धमकी खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा की ओर से दी गई है। दीप्ति के मुताबिक उनके पति को थ्रेट कॉल्स आईं। इसके साथ इंटेलिजेंस की तरफ से भी इनपुट मिला कि बीजेपी जॉइन करने को लेकर उनकी जान को खतरा है। इसके बाद उनकी जॉइनिंग टाल दी गई। धमकी के बाद उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। दरअसल, पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पंचकमल में बुधवार को दीप्ति त्रिपाठी के पार्टी जॉइन करने को लेकर कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल और कालका से विधायक शक्ति रानी को भी पहुंचना था। दीप्ति बोलीं- पति को आतंकी रिंदा ने धमकी दीदीप्ति ने बताया कि मैं BJP जॉइन करने के लिए पार्टी ऑफिस जा रही थी। मुझे दो कारणों के चलते कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। एक तो ये कि आम आदमी पार्टी वालों ने मेरे पति के ऑफिस का घेराव कर लिया था और दूसरा मेरे पति को आतंकी हरविंदर रिंदा और बब्बर खालसा ग्रुप की ओर से थ्रेट कॉल आई थीं।। इस कारण मुझे अपनी जॉइनिंग स्थगित करनी पड़ी। दीप्ति बोलीं- जल्द ही बीजेपी जॉइन करूंगीदीप्ति त्रिपाठी के मुताबिक वह लंबे समय से समाज कल्याण के लिए काम कर रही हैं। वह पॉलिटिकल पार्टी जॉइन करके लोगों की सेवा करने के लिए अपना दायरा बढ़ाना चाहती हैं, ताकि वह और बड़े स्तर पर लोगों की मदद कर सकें। दीप्ति के मुताबिक वह जल्द ही बीजेपी जॉइन करेंगी और वह दुखी हैं कि उनकी जॉइनिंग को पॉलिटिकल मुद्दा बनाया जा रहा है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा- जो लोग हिंदू धर्म के संरक्षक हैं, वहीं लोग धर्मात्माओं, साधु संतों को जलील करते हैं। उनको रोने को मजबूर करते हैं। क्योंकि वो उनकी राजनीतिक सोच से सहमत नहीं हैं। इसलिए उनको मजा चखाने में वो लग जाते हैं। शंकराचार्य जी के साथ भी बड़ा आपत्तिजनक हुआ है और वह इसलिए किया गया कि वे उनकी (बीजेपी सरकार की) रणनीति से सहमत नहीं हैं। सचिन पायलट टोंक में एक दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा- शंकराचार्य धार्मिक गुरु हैं उन्हें लोग सम्मान से देखते हैं। लेकिन वे उनकी (बीजेपी) की पार्टी लाइन फॉलो नहीं करते, इसलिए उनके साथ ऐसा बर्ताव किया। बीजेपी सरकार का यह रवैया लोगों को साफ साफ नजर आ रहा है। यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। देश की संपत्तियों को चंद लोगों को देना चाहती है। पायलट बोले सबसे बड़ा राम भक्त तो मैं हूं पायलट ने जीरामजी को लेकर कहा- खुद उनसे (बीजेपी) बड़ा राम भक्त हूं, जो हर जगह राम राम सा बोलता रहता हूं। मैं तो हर आदमी से राम राम सा बोलता हूं, बीजेपी वाले कांग्रेसियों को राम विरोधी बताकर गलत राजनीति करते हैं। सरकार ने महात्मा गांधी का अपमान किया है। सरकार नरेगा को बंद करना चाहती है। बोले- वाजिब मतदाताओं के नाम काटे जा रहे पायलट ने कहा कि एसआईआर में गड़बड़ियों को लेकर कहा- वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन से पहले बहुत सारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कांग्रेस पार्टी के तमाम नेताओं ने कहा है कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी बनती है कि निष्पक्षता से इस कार्य को अंजाम दे। जिलों से फॉर्म नंबर 7 जमा कराकर जो वाजिब मतदाता है, उनके नाम काटे जा रहे हैं। हम नहीं चाहते किसी भारत के नागरिक का मत देने का अधिकार से वंचित किया जाए। कांग्रेस ने इस संबंध में आपत्तियां दर्ज कराई है। वोट चोरी की संभावनाएं की जा रही है, जिसका कांग्रेस कड़ा विरोध करेगी। मुकदमे दर्ज कराएंगे। गलत नाम काटने वालों को जेल जाना पड़ेगा। चुनाव में नकद चढ़ावा चढ़ा रहे उन्होंने कहा चुनाव आयोग निष्पक्ष कार्य नहीं कर रहा है। चुनाव के दौरान किसी धार्मिक स्थान पर भी नकद चढ़ावा नहीं चढ़ाता था, लेकिन बिहार चुनाव में दिन पहले महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए डाले गए। यह और कहा गया कि चुनाव जीत जाएंगे तो 10-10 हजार और डालेंगे। उन्होंने कहा यह सरकार चुनाव तो करवाना नहीं चाहती है अफसरों के सहारे राज करना चाहती है। सरकार सिर्फ मुद्दे भुना रही सचिन पायलट ने कांग्रेस सरकार में हुई तीन अलग-अलग पदों की भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट घोटाला उजागर होने पर कहा- यह अच्छी बात है कि भ्रष्टाचारी पकड़े जा रहे हैं। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला व्यक्ति भले ही कितना ही बड़ा हो उसके ;खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। पायलट ने कहा- एसओजी को यह भी अपनी पूरी जांच सही साक्ष्यों के साथ सबके सामने रखनी चाहिए। क्या इस जांच प्रक्रिया में दो साल का समय लगाया जाना चाहिए था? पायलट ने कहा सरकार सिर्फ टाइम पास कर इस मुद्दे को भुनाना चाह रही है। लोग तो इस भाजपा सरकार के समय में हुई चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं ऐसे में सरकार को इन सबका जवाब भी देना चाहिए।
मुंगेली में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की 'मशाल गौरव रथ यात्रा' का भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ की मेजबानी में 14 फरवरी से इन खेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य युवाओं और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रोत्साहित करना है। यह यात्रा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दाउपारा पहुंची। जहां 'मशाल गौरव रथ यात्रा' और शुभंकर 'मोर वीर' का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आई.पी. यादव, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। वरिष्ठ खेल अधिकारी संजय पॉल ने बताया कि खेल और युवा कल्याण विभाग की ओर से यह मशाल गौरव रथ यात्रा पूरे राज्य में निकाली जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य जनमानस को खेलों के प्रति जागरूक करना है।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की योगिता मंडावी को जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 21 जनवरी को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार देश के प्रतिभाशाली बच्चों को खेल, नवाचार, कला-संस्कृति और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। योगिता ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह सम्मान हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। योगिता मंडावी की कहानी संघर्ष और संकल्प की एक प्रेरक मिसाल है। बचपन से ही माता-पिता के साये से वंचित योगिता छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोंडागांव में पली-बढ़ी हैं। आज वह पूरे गांव की लाडली बेटी बन चुकी है। गांव लौटने पर योगिता का हुआ स्वागत पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गांव लौटने पर योगिता का ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान एक भावुक क्षण भी आया जब उनके चाचा-चाची ने न केवल योगिता का सम्मान किया, बल्कि उनके दिवंगत माता-पिता की तस्वीर पर भी फूलमालाएं चढ़ाकर उन्हें नमन किया। मात्र 13 वर्ष की आयु में योगिता ने जूडो में राज्य की श्रेष्ठ खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है और योगिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि संसाधनों की कमी कभी भी सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती।
पन्ना के संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन स्थित जिला आबकारी कार्यालय में बुधवार को जब्त किए गए वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई। ये वे वाहन थे जिन्हें शराब की तस्करी और अवैध परिवहन करते हुए आबकारी और पुलिस विभाग ने पकड़ा था। नीलामी के दौरान खरीदारों के बीच काफी होड़ देखने को मिली। जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने जानकारी दी कि आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत कुल 18 वाहनों को नीलामी के लिए रखा गया था। इनमें 6 कारें (चार पहिया) और 12 मोटरसाइकिलें (दो पहिया) शामिल थीं। इन सभी वाहनों की शुरुआती सरकारी कीमत (ऑफसेट मूल्य) 1,57,000 रुपए तय की गई थी। बोली लगने के बाद 10 वाहनों से विभाग को कुल 1,87,000 रुपए की कमाई हुई। कमेटी की निगरानी में हुई पारदर्शी प्रक्रिया नीलामी को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ी टीम तैनात की गई थी। इसमें जिला आबकारी अधिकारी के साथ-साथ एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) और लोक निर्माण विभाग के अफसर शामिल रहे। आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। बचे हुए 8 वाहनों के लिए फिर होगी नीलामी इस बार की प्रक्रिया में कुल 18 में से केवल 10 वाहन ही नीलाम हो पाए। बाकी बचे 8 वाहनों के लिए कोई खरीदार सामने नहीं आया। विभाग ने बताया है कि जो गाड़ियां इस बार नहीं बिक सकी हैं, उनके लिए नीलामी की अगली तारीख जल्द ही तय कर दी जाएगी।
पालनहार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सख्त हुए ADM:बोले- 28 जनवरी तक कार्य पूरा करें
खैरथल-तिजारा अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने पालनहार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने बच्चों के सत्यापन और नवीनीकरण कार्यों को समयबद्ध पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि पालनहार योजना से संबंधित 2651 बच्चों के अध्ययन प्रमाण पत्र संबंधित विद्यालयों से जारी करवाकर सामाजिक सुरक्षा अधिकारी के कार्यालयों को भेजे जाएं। इससे बच्चों का सत्यापन कार्य सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को अध्ययन प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करवाने के लिए प्रेरित करें। यह संपूर्ण कार्य 28 जनवरी 2026 तक पूरा किया जाना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों को 28 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत बच्चों का नवीनीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए समस्त उपखंड अधिकारियों (SDM) को अपने कार्यालयों में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी की बैठकें आयोजित कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करवाने के लिए कहा गया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए योजना का लाभ पात्र बच्चों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
सीहोर भोपाल रोड पर ग्राम पचामा के पास स्थित सत्य साई यूनिवर्सिटी पर बुधवार शाम राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने छापा मारा। इस कार्रवाई में वर्ष 2020 की पीटीआई भर्ती में इस्तेमाल की गईं 67 फर्जी डिग्रियां सामने आईं। राजस्थान SOG की टीम ने यूनिवर्सिटी के दफ्तर में सीधे दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि राजस्थान में 2020 की पीटीआई (शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक) भर्ती में शामिल 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। बैक डेट में तैयार की थीं डिग्रियांकेस की जांच कर रहे राजस्थान SOG के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम ने बताया कि सत्य साईं यूनिवर्सिटी द्वारा ये डिग्रियां बैक डेट में तैयार की गई थीं, जिनका उपयोग पीटीआई भर्ती में किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड और दस्तावेज आपस में मेल नहीं खा रहे थे। प्रबंधन ने सामान्य जांच बतायायूनिवर्सिटी प्रबंधन ने शुरुआत में इस जांच को सामान्य बताया था। यूनिवर्सिटी के मुकेश तिवारी और अंकित जोशी ने कहा था कि राजस्थान से कुछ विद्यार्थियों के दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए टीम आई है। उन्होंने इसे शिक्षा विभाग की टीम बताया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कर सके कि मध्य प्रदेश स्थित यूनिवर्सिटी में राजस्थान की टीम किस उद्देश्य से जांच कर रही है। बाद में विश्वसनीय सूत्रों ने पुष्टि की कि यह राजस्थान SOG की टीम थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम ने यह भी बताया कि राजस्थान सरकार ने कई बार यूनिवर्सिटी से इन डिग्रियों से संबंधित रिकॉर्ड मांगे थे, लेकिन यूनिवर्सिटी ने उन्हें उपलब्ध नहीं कराया था।
कोरबा में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सांसद ने हाथी प्रभावित इलाकों में आमजनों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक स्थानों पर सोलर हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए। सांसद ज्योत्सना महंत ने मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दूरस्थ क्षेत्रों में पोस्टमॉर्टम केंद्र, मॉर्च्युरी और एम्बुलेंस सुविधा बढ़ाने पर भी बल दिया गया। पूर्व निर्देशों के पालन की समीक्षा पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। सांसद ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बेहतर सड़कों के निर्माण पर ध्यान देने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। विकास कार्यों में समन्वय पर जोर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्य करने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता बताई। जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के नए निर्माण कुणाल दुदावत ने बताया कि जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों के लिए नए निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी। स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और पेयजल के लिए पानी टंकी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों के लिए पोषण और निशुल्क कोचिंग उन्होंने जानकारी दी कि शैक्षणिक संस्थानों में सुबह पौष्टिक नाश्ता दिया जा रहा है। साथ ही 200 मेधावी छात्रों के लिए रायपुर में नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। कोरबा में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। सांसद महंत ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आमजनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक स्थानों पर सोलर हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। सांसद ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ इलाकों में पोस्टमार्टम केंद्र, मर्च्युरी और एंबुलेंस की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सांसद महंत ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की। उन्होंने जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर सड़कों के निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने विकास कार्यों में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आपसी समन्वय से कार्य करने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कुणाल दुदावत ने जानकारी दी कि जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के लिए नए निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी। स्कूलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और पेयजल आपूर्ति के लिए पानी टंकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थाओं में सुबह पौष्टिक नाश्ता प्रदान किया जा रहा है और 200 मेधावी छात्रों के लिए रायपुर में नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय शंकरपुर में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब एक शिक्षक पर युवक को बंधक बनाने और उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगा। आरोप है कि प्रभारी शिक्षक शिव प्रसाद साकेत ने स्कूल की अव्यवस्थाओं पर और लेट आने के सवाल पूछे जाने पर यह कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक, तेज बहादुर सिंह नाम के युवक को शिकायत मिली थी कि स्कूल में शिक्षक समय पर नहीं आते और बच्चे बाहर घूमते रहते हैं। जब वह इसकी जांच करने स्कूल पहुंचा और शिक्षक से सवाल किया, तो प्रभारी शिक्षक भड़क गए। आरोप है कि शिक्षक ने उन्हें ऑफिस के अंदर बुलाकर दरवाजा बंद कर लिया और हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी दी। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खुला दरवाजा खुद को कमरे में बंद पाकर युवक ने अंदर से ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और संकुल प्राचार्य को फोन कर पूरी बात बताई। उच्चाधिकारियों को सूचना मिलने के बाद ही कमरे का दरवाजा खोला गया। इस दौरान शिक्षक का व्यवहार काफी आक्रामक रहा और उन्होंने यहां तक कह दिया कि मेरे स्कूल में कोई नहीं आ सकता। लापरवाही और अनुपस्थिति के पुराने आरोप ग्रामीणों का कहना है कि प्रभारी शिक्षक अक्सर स्कूल से गायब रहते हैं और सिर्फ ऑनलाइन हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। हाल ही में 17 जनवरी को भी जब शिक्षा विभाग की टीम जांच के लिए आई थी, तब भी शिक्षक अनुपस्थित थे। इससे पहले भी वे मीडियाकर्मियों से बदतमीजी के मामले में नोटिस पा चुके हैं। मामले की जांच के निर्देश घटनाक्रम पर जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की मौखिक जानकारी मिली है। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के मेरठ सर्किट हाउस पहुंचने से पहले ही बुधवार शाम बखेड़ा हो गया। यहां हॉल में बैठे पार्टी पदाधिकारी को पुलिस ने बाहर निकाल दिया। इसकी सूचना मिलते ही भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी दनदनाते हुए सर्किट हाउस पहुंचे। महानगर अध्यक्ष SHO से बोले- दिमाग ठीक कर दूंगाय़। तुम्हें बता रहा हूं बिल्कुल ठीक हो जाओ। कार्यकर्ताओं की बेइज्जती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। शोर सुनकर CO सिविल लाइन अभिषेक तिवारी वहां पहुंचे और स्थिति को संभाला। अब पढ़िए पूरा मामलाडिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बुधवार शाम मेरठ सर्किट हाउस पहुंचना था। इसलिए काफी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए सर्किट हाउस पहुंच गई। कुछ पदाधिकारी अंदर हाल में जाकर बैठ गए। इंस्पेक्टर सिविल लाइन सौरभ शुक्ला ने कुछ पुलिस कर्मियों को अंदर भेज कर इन सभी पदाधिकारी को बाहर निकाल दिया। इसके बाद पदाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी को फोन कर दिया। आते ही SHO पर भड़के विवेक रस्तोगी शिकायत मिलते ही महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी सर्किट हाउस पहुंच गए। वह सीधे उस दरवाजे पर पहुंच गए, जहां कार्यकर्ताओं को रोका गया था। पार्टी पदाधिकारियों ने जब उनसे शिकायत की तो वह भड़क गए। SHO सिविल लाइन सौरभ शुक्ला वहां पहुंचे तो वह उन पर भी भड़क गए। महानगर अध्यक्ष SHO से बोले- दिमाग ठीक कर दूंगा...। किसने सूची मांगी, तुम्हारे स्टाफ ने कैसे मांगी सूची। तुम्हें बता रहा हूं बिल्कुल ठीक हो जाओ। कार्यकर्ताओं की बेइज्जती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। चलो भई चलो, बाहर बैठेंगे यहां मैदान में। CO सिविल लाइन ने स्थिति को संभालाइसके बाद महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी कार्यकर्ताओं के साथ हाल से बाहर निकल आए। सर्किट हाउस के मुख्य हाल के बाहर यह नोकझोंक हो रही थी। शोर सुनकर CO सिविल लाइन अभिषेक तिवारी वहां आ गए। उनके सामने भी महानगर अध्यक्ष SHO सिविल लाइन को लेकर नाराजगी जताते दिखे। वह कार्यकर्ताओं को लेकर हाल के बाहर निकल आए। CO ने फिर उनसे बात की और डैमेज कंट्रोल का प्रयास शुरू कर दिया। CO सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत यह किया गया था। महानगर अध्यक्ष ने इंस्पेक्टर पर जानबूझकर कार्यकर्ताओं को बेइज्जत करने का आरोप लगाया। किरकिरी के बाद दूर जाकर खड़ी हुई पुलिसमहानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी के व्यवहार से खलबली मच गई। कार्यकर्ताओं ने एक के बाद एक कई आरोप पुलिस पर लगाने शुरू कर दिए। जैसे तैसे स्थिति को संभाल गया। मामला पुलिस अफसरों तक भी पहुंचा, लेकिन किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी। नतीजा यह है हुआ की किरकिरी होने के बाद पुलिस उस जगह से काफी दूर जाकर खड़ी हो गई। महानगर अध्यक्ष बोले- अपमान बर्दाश्त नहींभाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने बताया- सर्किट हाउस के मुख्य हॉल में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बैठे हुए थे। पुलिसकर्मियों ने जाते ही उनसे लिस्ट मांगी और अभद्रता करते हुए उन्हें बाहर निकाल दिया। इनमें कई महिला कार्यकर्ता भी थी। मुझे जब इसकी जानकारी लगी तो मैं मौके पर पहुंचा और नाराजगी व्यक्त की। मैंने स्पष्ट कर दिया कार्यकर्ताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। ------------------- ये खबर भी पढ़ें... तलाक विवाद के बाद अपर्णा मीटिंग में नहीं पहुंचीं:महिला आयोग की अध्यक्ष बोलीं- मदद मांगेंगी, तो बात करेंगे अपर्णा और प्रतीक यादव के तलाक का मामला उनका निजी है। अपर्णा पढ़ी-लिखी और समझदार महिला हैं। वह अपने निजी मामले को संभाल लेंगी। अगर राज्य महिला आयोग से शिकायत या मदद मांगी जाएगी तो बात की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने पर सूरजपुर कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की अध्यक्ष शशि सिंह ने इस घटना को भाजपा सरकार का हिंदू विरोधी चरित्र बताया। शशि सिंह ने कहा कि शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है और उन्हें पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार हिंदू संतों का अपमान कर रही है। कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सरकार की ओर से अब तक शंकराचार्य से बातचीत का कोई प्रयास नहीं किया गया है। शंकराचार्य को स्नान से रोकना सनातन परंपरा का अपमान उन्होंने कहा, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं। यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है। उन्होंने मौनी अमावस्या के शाही स्नान को एक अखंड परंपरा बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य को स्नान से रोककर सनातन परंपरा का अपमान किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 12 साल से केंद्र में है और हिंदुओं के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन अब वही सरकार शंकराचार्य और उनके समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी परंपरा को रोकने की हिम्मत किसी सरकार को कैसे हुई, जबकि न मुगलों और न ही अंग्रेजों ने कभी इस परंपरा को रोका था। शंकराचार्य की सुरक्षा पर उठाए सवाल कांग्रेस ने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य के समर्थकों के साथ मारपीट होती है और शंकराचार्य को उनकी पालकी तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने सवाल किया कि क्या मोहन भागवत शंकराचार्य से बड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का कसूर सिर्फ इतना है कि वे सरकार की कमियों पर सवाल उठाते हैं, उसकी आलोचना करते हैं, अयोध्या में अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताते हैं और महाकुंभ की अव्यवस्थाओं व कोविड काल में गंगा में तैरती लाशों जैसे मुद्दे उठाते हैं। इसी वजह से भाजपा सरकार उनका अपमान कर रही है।
खैरथल में बुधवार देर शाम शहीद हेमू कालाणी के 84वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम किशनगढ़बास रोड स्थित अमर शहीद हेमू कालाणी चौक पर हुआ। इसका आयोजन भारतीय सिंधु सभा, पूज्य सिंधी पंचायत और शहीद हेमू कालाणी चौक व्यापार मंडल के संयुक्त देखरेख में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत खैरथल के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश मंत्री गिरधारीलाल ज्ञानानी, आरएसएस के सह संभाग प्रमुख सुनील गुप्ता, मुखी अशोक महलवानी, मुखी वासदेव दासवानी, पार्षद सुमित रोघा, मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा और प्रदेश मंत्री प्रभारी प्रताप कटहरा ने शहीद के जीवन पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि शहीद हेमू कालाणी का बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। ये लोग रहे मौजूद श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में शहीद हेमू कालाणी चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष पंकज रोघा, विजय बच्चानी, नितिन किशनानी, नत्थूमल रामलानी, पीकू लालवानी, सेवक लालवानी, दिनेश माखीजा, अर्जुनदास असरानी, किशोर पोपटानी, राजा मंगलानी, इंद्र माखीजा, वासदेव चेतवानी, राजकुमार मंगलानी, नामदेव रामानी, चेतन बच्चानी, विजय पमनानी, श्यामलाल मंघनानी, टीकामदास चंदनानी, जेठानंद सेजवानी, बबलू किशनानी, मुरलीधर तीर्थानी, मुखी टीकमदास मुरजानी, तुलसीदास भूरानी, प्रहलाद छंगाणी, दिनेश कौशिक, शिशुपाल रेलवानी, बाबूलाल गोरवानी, नारायण देवानी, अजित मंगलानी, बूलचंद गनवानी, तीर्थदास रोचवानी, पूरण मंगलानी, राजकुमार आसीजा, डॉ. प्रदीप मलिक, भारत गुलयानी, सुरजीत सिंह, नारायण निहलानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मंत्री राजकुमार दादवानी ने किया। इसी अवसर पर झूलेलाल मंदिर परिसर में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश महामंत्री गिरधारीलाल ज्ञानानी ने बताया कि मंदिर में शहीद हेमू कालाणी के जीवन पर एक व्याख्यान हुआ। बच्चों के लिए रंग भरो प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर शहीद के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
जींद पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने NDPS एक्ट 1985 की धारा 68F के तहत करीब 2.39 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है।नरवाना के उप पुलिस अधीक्षक कमलदीप राणा ने इस संबंध में जानकारी दी। कमलदीप राणा ने बताया कि नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए तस्करों द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई संपत्ति को अटैच करने का प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित प्राधिकरण, दिल्ली को भेजा गया था। इसी प्रस्ताव के आधार पर प्राधिकरण ने इन तस्करों की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। कई आरोपियों की संपत्ति अटैच अटैच की गई संपत्तियों में पवन उर्फ समुंदर , दनोदा खुर्द का रहने वाला और अजय गांव खरल जिला जींद की क्रमशः 86,500 रुपए और 76,500 रुपए की संपत्ति शामिल है।इसके अलावा, सतीश कुमार गांव ढाकल और उनकी पत्नी हरप्रीत कौर के नाम की कुल 2 करोड़ 45 हजार 276 रुपए की संपत्ति भी अटैच की गई है। संपत्तियां पंजीकृत वाहन, जमीन और बैंक बैलेंस के रूप में हैं सुनीता पत्नी कुलवंत गांव धमतान साहिब की कुल 9 लाख 18 हजार रुपए और दलेल सिंह गांव कर्मगढ़ की करीब 27 लाख 51 हजार 304 रुपए की संपत्ति भी जब्त की गई है। यह संपत्तियां आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर पंजीकृत वाहन, जमीन और बैंक बैलेंस आदि के रूप में हैं।
कटनी जिले के बिलहरी गांव में एक 26 वर्षीय युवक ने जहर खा लिया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से गांव में शोक का माहौल है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। घर पर खाया जहरीला पदार्थ जानकारी के अनुसार, बिलहरी निवासी भरत बर्मन (26) ने बुधवार शाम अपने घर पर जहरीले पदार्थ खा लिया। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गया। यह देख परिजन घबरा गए और तुरंत उसे जिला अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान तोड़ा दम अस्पताल में डॉक्टरों ने भरत को बचाने की कोशिश की, लेकिन जहर शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों की सूचना पर अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मॉर्चुरी में रखवाया। पत्नी के जाने से था तनाव में मृतक के भाई लखन बर्मन ने बताया कि भरत की पत्नी दो दिन पहले उसे छोड़कर मायके चली गई थी। विवाद का सही कारण सामने नहीं आ पाया है, लेकिन पत्नी के जाने के बाद से भरत काफी परेशान और तनाव में था। पुलिस जांच में जुटी अस्पताल चौकी पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
राजसमंद में लघु उद्योग भारती की महिला इकाई द्वारा आगामी 24 जनवरी से तीन दिवसीय स्वयंसिद्धा मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला शहर के कांकरोली स्थित प्रज्ञा विहार, 50 फीट रोड पर आयोजित होगा। मेले का उद्देश्य महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए प्लेटफार्म प्रदान करना है। 75 से ज्यादा स्टॉल मेले में उदयपुर, ब्यावर, भीलवाड़ा, जयपुर, नाथद्वारा, कोटा सहित राजसमंद जिले की स्थानीय महिलाओं द्वारा 75 से अधिक स्टॉल लगाई जाएंगी। इन सभी स्टॉलों का संचालन महिलाओं द्वारा ही किया जाएगा। मेले में महिलाओं द्वारा तैयार की गई साडियां, सूट, ज्वैलरी, पापड़, हैंड बैग्स, बेडशीट सहित विभिन्न घरेलू एवं हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही उद्देश्य महिला इकाई अध्यक्ष किरण बापना ने बताया कि स्वयंसिद्धा मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर देना है, जिससे उनका उत्साहवर्धन हो सके। मेला प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 8 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।
केरल का छोटा सा गांव कोदिन्ही दुनिया भर में ‘ट्विन टाउन’ के नाम से मशहूर है। वजह है यहां जन्म लेने वाले जुड़वां बच्चों की असामान्य रूप से ज्यादा संख्या। इसी गांव पर एम्स भोपाल और एम्स भुवनेश्वर के विशेषज्ञों ने एक संयुक्त अध्ययन किया है, जिसमें जुड़वां बच्चों को स्तनपान कराने में आने वाली चुनौतियों और उसके समाधान तलाशे गए। समय से पहले होता है जुड़वां बच्चों का जन्मअध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर जुड़वां बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं और उनका वजन कम होता है, ऐसे में पहले छह महीने तक स्तनपान बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन भारी थकान, दूध की कमी का डर और दो बच्चों की संभाल के दबाव के कारण सिर्फ 4% मांएं ही पूरी तरह स्तनपान करा सकीं। ‘ट्विन टाउन’ कोदिन्ही से सामने आया अनोखा डेटाएम्स भोपाल की सहायक प्राध्यापक डॉ. गीता भारद्वाज और एम्स भुवनेश्वर की डॉ. एमवी स्मिथा ने कोदिन्ही गांव में यह अध्ययन किया, जहां लगभग 400 जुड़वां जोड़े रहते हैं। गांव को भारत में सबसे अधिक और दुनिया में दूसरा सबसे अधिक जुड़वां जन्म दर वाला क्षेत्र माना जाता है। यह गांव वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए वर्षों से शोध का विषय रहा है। अध्ययन में पाया गया कि जुड़वां बच्चे अधिकतर समय से पहले जन्म लेते हैं, उनका वजन कम होता है और उनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। 70% माताओं को स्तनपान से होती है भारी थकानअध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि लगभग 70% माताओं ने स्तनपान के दौरान अत्यधिक शारीरिक थकान की शिकायत की। इसके अलावा दूध की कमी का डर और एक साथ दो बच्चों को संभालने की व्यावहारिक कठिनाइयां आम रहीं। अध्ययन में एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया। कई माताओं ने थकान और सीमाओं के बावजूद अपने जुड़वां बच्चों को एक से दो साल तक स्तनपान कराया। एक साथ दूध पिलाना जुड़वां बच्चों के लिए लाभकारी कुछ माताओं ने ‘टैंडम ब्रेस्टफीडिंग’ यानी दोनों बच्चों को एक साथ दूध पिलाने की विधि अपनाई, जिससे बच्चों की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली। शोधकर्ताओं के अनुसार, भले ही विशेष स्तनपान हर मां के लिए संभव न हो, परंतु लंबे समय तक स्तनपान और एक साथ दूध पिलाने की विधि जुड़वां बच्चों के लिए बेहद लाभकारी है। शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को यह संदेश दिया कि वे सिर्फ लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित न रहें, बल्कि माताओं को भावनात्मक सहारा दें, व्यावहारिक स्तनपान की पोजीशन सिखाएं और सकारात्मक प्रोत्साहन देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं। अध्ययन में बताया गया कि जब स्वास्थ्यकर्मी माताओं की मेहनत को स्वीकार करते हैं, तो इससे स्तनपान जारी रखने की संभावना बढ़ती है, क्योंकि माताएं खुद को समर्थ महसूस करती हैं। नीतियों के लिए मिले नए संकेतएम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर ने कहा कि यह अध्ययन जुड़वां बच्चों की माताओं की वास्तविक जिंदगी और उनके समर्पण को सामने लाता है। यह रिसर्च भविष्य में ऐसी नीतियां बनाने में मदद कर सकता है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के अनुकूल हों और स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सहानुभूतिपूर्ण बना सकें।
पूर्व सांसद ब्रजभूषण सिंह दतिया पहुंचे:मां बगुलामुखी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, दरबार हॉल में स्वागत
यूपी के गोंडा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण सिंह बुधवार शाम दतिया पहुंचे। यहां उन्होंने पीतांबरा शक्ति पीठ पर मां बगुलामुखी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और वन खंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। दर्शन के बाद पूर्व सांसद सिंह दतिया किला परिसर पहुंचे। दरबार हॉल में दतिया महाराजा अरुणादित्य जूदेव ने पुष्पहार पहनाकर और साफा भेंटकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सिंह ने दरबार हॉल में प्रदर्शित प्राचीन बहुमूल्य वस्तुओं और वन्य जीवों की ट्रॉफियों का अवलोकन किया। उन्होंने महाराजा अरुणादित्य जूदेव से इनके संबंध में जानकारी ली। सिंह ने अपने साथ आए पहलवानों को विश्व विजेता गामा पहलवान को दतिया राज्य मिलने की बात भी बताई। सिंह ने महाराजा अरुणादित्य जूदेव से क्षत्रिय समाज, प्राचीन इतिहास, परंपराएं, सनातन धर्म एवं संस्कृति जैसे विभिन्न विषयों पर सारगर्भित चर्चा की। उन्होंने महाराजा को अयोध्या, गोंडा और बलरामपुर आने के लिए आमंत्रित भी किया। इससे पहले, पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने भी शक्तिपीठ पीतांबरा मंदिर पहुंचकर मां बगलामुखी के दर्शन किए और प्राचीन वन खंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।
सीकर के एससी-एसटी कोर्ट में पूर्व सरपंच की हत्या मामले में गैंगस्टर लॉरेंस समेत सभी आरोपियों के खिलाफ चल रहे मामले में गुरुवार को फैसला आने की संभावना है। सभी आरोपियों को बुधवार को भी कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। सीकर के जुराठड़ा के पूर्व सरपंच सरदार राव की 23 अगस्त 2017 को हत्या हो गई थी। मामले में लॉरेंस विश्नोई की बुधवार को जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी करवाई गई। वहीं अन्य 8 आरोपियों की पेशी भारी पुलिस की सुरक्षा में करवाई गई। ये आठ आरोपी हरदेवाराम, कुलदीप, मुकेश, नरेंद्र, यतेंद्र, भानु प्रताप, सुनील, ओमप्रकाश को कोर्ट में पेश किया गया। दुकान में हुई थी हत्यामामले के अनुसार 23 अगस्त 2017 को जुराठड़ा के पूर्व सरपंच सरदार राव पलसाना कस्बे में किराना दुकान पर बैठे थे। दोपहर में कार सवार बदमाश आए और रिवॉल्वर से सरदार राव पर फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी थी। मृतक पूर्व सरपंच सरदार राव के पिता ने रानोली पुलिस थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच की थी। जांच में गैंगस्टर लॉरेंस का हाथ होना भी सामने आया था। जेल में कैदी सुभाष बराल ने लॉरेंस की मदद से पूर्व सरपंच की हत्या करवाई थी। पुलिस ने मामले में लॉरेंस विश्नोई समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह खबर भी पढ़ें... पूर्व सरपंच के मर्डर में गैंगस्टर लॉरेंस दोषी करार:आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल ने दी थी सुपारी; दिनदहाड़े गोलियों से भूना था सीकर एससी-एसटी कोर्ट ने पूर्व सरपंच की हत्या के मामले में 9 साल बाद गैंगस्टर लॉरेंस समेत 11 लोगों को दोषी करार दिया है। गैंग के संपत नेहरा और अन्य बदमाशों ने दिनदहाड़े पूर्व सरपंच को गोलियों से भून डाला था। मामले में लॉरेंस विश्नोई, संपत नेहरा, सुभाष बराल समेत 14 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में मंगलवार को 11 को दोषी करार दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
बीकानेर रेंज की पुलिस समीक्षा रिपोर्ट (2025) जारी हो गई है। इसमें सामने आया है कि रेंज में सड़क हादसों में मौत के मामलों में बढ़ोतरी हुई है और 2024 के मुकाबले 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मौतौं का आंकड़ा 10 प्रतिशत बढ़ गया। इन हादसों में 1239 लोगों ने जान गंवा दी। हालांकि राहत की बात यह है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कुल अपराधों में 8.76 प्रतिशत की कमी भी दर्ज की गई है। यानी हत्या, लूट, डकैती, चोरी जैसे गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। रिपोर्ट के अनुसार हत्या के मामलों में 30.60 प्रतिशत, लूट में 47.57 प्रतिशत, चोरी में 43.36 प्रतिशत और डकैती में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वर्ष 2024 में जहां हत्या के 232 मामले थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 161 रह गई। इसी तरह लूट के मामले 103 से घटकर 54 रह गए। महिला अपराध में करीब दस फीसदी बढ़ोतरी महिला अपराधों के कुल मामलों में 9.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि रेप (बालिग) के मामलों में 18.46 प्रतिशत और नाबालिग से रेप में 7.34 प्रतिशत की कमी रही। दहेज मृत्यु और आत्महत्या के दुष्प्रेरण के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई, जबकि छेड़छाड़, अपहरण और घरेलू उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 16.07 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या, अपहरण और रेप जैसे मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। कुल एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण 2024 में 1307 से घटकर 2025 में 1104 रह गए। नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1544 प्रकरण दर्ज कर 2369 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान करीब 20 हजार किलो डोडा पोस्त, 207 किलो अफीम, 390 किलो गांजा और 33 किलो स्मैक/हेरोइन समेत बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए। वर्ष 2026 की शुरुआत में भी लगातार कार्रवाई जारी है। सड़क हादसों में केस कम, लेकिन मौतें बढ़ीं 2025 में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में 3.73 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन मृतकों की संख्या में 10.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे और भारतमाला मार्ग पर होने वाले हादसे इसका मुख्य कारण हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए अलग कार्ययोजना बनाई जा रही है। आईजी पुलिस कार्यालय के अनुसार अवैध मादक पदार्थ, शराब, हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध पर सख्ती आगे भी जारी रहेगी, ताकि बीकानेर रेंज को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
दौसा में एक दुकानदार ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार शाम गांधी तिराहे के पास बैग स्टोर के मालिक ने दुकान की छत के कुंदे में रस्सी का फंदा लगाकर यह कदम उठाया। घटना की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इमरजेंसी यूनिट में जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि गांधी तिराहे के पास बैग स्टोर संचालक कृष्ण कुमार विजय ने दुकान में सुसाइड किया। घटनाक्रम का पता चलते ही मौके पर बडी तादाद में लोगों की भीड़ जुट गई। कृष्ण कुमार दौसा में नई मंडी रोड पर दुर्गा मंदिर के पास रहता था। उसके भाई ने बताया कि कृष्ण कोरोना के बाद से ही डिप्रेशन में चल रहा था। थाना इंचार्ज भगवान सहाय ने बताया- कृष्ण ने अचानक सुसाइड क्यों किया, इसकी जांच कर रहे हैं। पंचनामे के बाद शव परिजन को सुपुर्द किया गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पहुंचे। उन्होंने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, शिक्षा और सड़क विकास से संबंधित अलग-अलग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। तोखन साहू ने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण, संस्थागत प्रसव और बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषण कम करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और पूरक पोषण पर विशेष ध्यान देने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने नल जल योजना की निगरानी बढ़ाने और शिक्षा में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांच कराने पर भी जोर दिया। मनरेगा कार्यों की समय-सीमा और गुणवत्ता पर सख्ती मनरेगा (अब वी.बी.जी रामजी) के तहत सभी स्वीकृत कार्यों और उनके भुगतान को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने कलेक्टर को पीएम-जनमन योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराने और खराब सड़कों को संधारण अवधि में ठीक कराने पर बल दिया। इसके अलावा निर्माण कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण समारोहों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने का आदेश भी दिया गया। मशाल गौरव यात्रा वाहन को किया रवाना अपने प्रवास के दौरान तोखन साहू ने 'खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स' के प्रचार के लिए 'मशाल गौरव यात्रा' वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर शुभंकर 'मोर वीर' का भी स्वागत किया। यह खेल पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे हैं।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच करते हुए महासमुंद जिले से एक और आरोपी विमल कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस मामले में पहले भी दो आरोपी और एक नाबालिग को पकड़ा जा चुका है। पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना शिवरीनारायण में एनडीपीएस एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई। इसी कड़ी में, बानोभाठा, थाना बलौदा, जिला महासमुंद निवासी 23 वर्षीय आरोपी विमल कुमार को उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी ने ओडिशा से मंगवाया था गांजा पूछताछ के दौरान आरोपी विमल कुमार ने बताया कि 4 जनवरी 2026 को उसने परिचितों के जरिए ओडिशा के बलांगीर जिले के कंटामाल (थाना लाइसिंघा) से गांजा मंगवाया था। उसने बताया कि 'सिग्नेचर पान मसाला' लिखे एक थैले में लगभग 15 किलोग्राम गांजा (15 पैकेट) लाया गया था, जिसे आगे सप्लाई करने की योजना थी। इसके बदले में फोन-पे के माध्यम से भुगतान किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद विमल कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 15.700 किलोग्राम गांजा, घटना में प्रयुक्त एक ईको कार, और दो मोबाइल फोन सहित कुल 13 लाख 5 हजार रुपए की सामग्री जब्त की जा चुकी है।

