श्रीगंगानगर में केमिस्ट को घर से किडनैप कर मारपीट और मर्डर करने के मामले में पत्नी सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। महिला केमिस्ट के साथ लिव इन में रहती थी और मर्डर करने की मास्टरमाइंड थी। महिला का केमिस्ट के साथ विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने केमिस्ट के मर्डर की प्लांनिग रची और अपने बेटों व जंवाई से उसका मर्डर करवाकर शव को इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया। मृतक केमिस्ट कपिल जिंदल (36) का शव घटना के तीन दिन बाद 26 मई को शाम 5 मसीतांवाली हेड से बरामद हुआ था। मृतक के दोनों हाथ पैर रस्सी से बंधे हुए थे। एसपी हरीशंकर ने जानकारी देते हुए बताया- मृतक के मामा विनय कुमार गर्ग निवासी इंदिरा कॉलोनी पदमपुर (श्रीगंगानगर) ने जवाहर नगर थाने में किडनैप-मारपीट का मामला दर्ज कराया था। साथ ही मृतक की पत्नी पर भी बदमाशों के साथ शामिल होने का शक जताया। मृतक केमिस्ट कपिल जिंदल मूल रूप से श्रीगंगानगर के गांव 52 आरबी का रहने वाला था, जो भारद्वाज कॉलोनी पीरखाना रोड पर शिव मंदिर के पीछे किराए के मकान में रहता था। शहर के एसएसबी रोड पर उसकी मेडिकल शॉप है। घर से जबरन उठा ले गए रिपोर्ट में विनय कुमार ने बताया था कि 23 मई की रात सूचना मिली कि करीब 2 बजे पांच लड़के कार लेकर कपिल के रूम पर पहुंचे। वहां कपिल और उसकी पत्नी सुखविंद्र कौर दोनों थे। कार सवार बदमाशों ने घर में घुसकर कपिल के साथ मारपीट की और किडनैप करके ले गए। हम कपिल के रूम पर पहुंचे तो मकान में खून के धब्बे मिले। घर में सुखविंद्र कौर भी नहीं थी। कुछ देर बाद सुखविंद्र घर लौटी और कहा कि किडनैपर्स मुझे भी ले गए थे, लेकिन मुझे रास्ते में छोड़कर चले गए और कपिल को साथ ले गए। केमिस्ट की पत्नी पर साजिश का शक थाने में दर्ज रिपोर्ट में परिजनों ने कपिल की पत्नी सुखविंद्र कौर आरोपियों के साथ मिलीभगत का शक जताया है। जिसके बाद जवाहरनगर थाना पुलिस ने अपहरण, मारपीट और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर लिया। घटना में महिला की भूमिका संदिग्ध होने पर पुलिस ने महिला को शक के दायरे में रखकर जांच शुरु की। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कपिल जिंदल, आरोपी महिला के साथ 2 महीने से लाइव इन में रह रहा था। दोनों किराए के मकान में रहते थे। कुछ दिन पहले दोनों में आपसी विवाद हो गया। इसके बाद सुखविंद्र कौर ने कपिल के मर्डर की प्लानिंग रची। बाद में अपने दो बेटों, दोस्तों व जंवाई के साथ मिलकर पहले उसे किडनैप करवाया और बाद में मारपीट कर मर्डर कर दिया गया। इसके बाद शव को इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया गया। पकड़े गए आरोपी सिकंदर सिंह (32), सतपाल सिंह (38), गुरप्रीत सिंह (31), बॉबी नागरा (31) श्रीमुक्तसर साहिब (पंजाब) के रहने वाले हैं। गुरदर्शन सिंह (29) हनुमानगढ़ का रहने वाला है। पत्नी सुखविंद्र कौर (40) निवासी एसएसबी रोड शिव मंदिर के पीछे श्रीगंगानगर को गिरफ्तार किया गया है। जवाहरनगर थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- सुखविंद्र कौर के पति की कुछ समय पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह कपिल जिंदल के साथ लिव इन में रहती थी। कुछ दिन पहले दोनों में आपसी विवाद हुआ, इसके बाद कपिल का मर्डर करवा दिया गया। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पहले से शादीशुदा थी महिला, 4 साल से लिव-इन में थी कपिल जिंदल, सुखजीत कौर के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। सुखजीत कौर शादीशुदा थी। वह पति से अलग कपिल के साथ रहती थी। एक साल के दौरान उसके पति का निधन हो गया। अब दोनों ने आर्य समाज में शादी कर ली थी। कपिल जिंदल एसएसबी रोड पर किराए की दुकान में मेडिकल स्टोर चलाता था। पास ही शंकर कॉलोनी में किराए के मकान में सुखजीत कौर के साथ रहता था। कपिल परिवार में सबसे बड़ा था। परिवार के साथ काफी समय से विचार नहीं मिलते थे। कपिल का छोटा भाई कनाडा में रहता है। बहन की रायसिंहनगर में शादी हुई है। पिता तेजपाल जिंदल उम्रदराज हो गए हैं। पहले पदमपुर में मेडिकल स्टोर था। 5 लोग किडनैप करते CCTV में दिखे जवाहरनगर थाना प्रभारी एसएचओ देवेंद्र राठौड़ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में डीएल नंबर वाली कार में पांच लोगों द्वारा किडनैप करते देखा गया। जिसके बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है
बदायूं में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों के विरोध में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बुधवार को सहसवान से सपा विधायक बृजेश यादव ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने इस मामले में साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, बदायूं समेत कई जिलों में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों को देखकर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और उन्हें फाड़ दिया था। इसी मुद्दे पर विधायक बृजेश यादव ने बदायूं के एसएसपी अंकित शर्मा से मुलाकात की। विधायक ने एसएसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा ये पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पूरे मामले पर विधायक बृजेश यादव ने बताया कि उन्होंने एसएसपी को तहरीर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ही पता होगा कि ये पोस्टर किन लोगों ने लगाए हैं। विधायक के अनुसार, एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बृजेश यादव ने पोस्टर लगाने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि वे उनके सामने भी एक पोस्टर लगाकर दिखाएं।
नगर निगम प्रयागराज में अतिक्रमण विभाग से जुड़े एक प्रकरण में चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां राजस्व निरीक्षक ने बिना रिकॉर्ड देखे ही कॉलोनी के रास्ते की दीवार तोड़वा दी। शिकायत पर जांच हुई और अफसरों ने पाया कि बिना अभिलेखों के समुचित परीक्षण और पूरी जानकारी हासिल किए संबंधित स्थल पर कार्रवाई की गई, जो कि त्रुटिपूर्ण पाई गई। बड़ी बात यह है विभागीय स्तर पर मामले को चेतावनी देकर समाप्त कर दिया गया। उधर कॉलोनी के लोगों ने इस मामले में विस्तृत जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर अफसरों को पत्र भेजा है। अवधपुरी कॉलोनी से जुड़ा मामलामामला कर्नलगंज की अवधपुरी कॉलोनी से संबंधित है, जहां कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कुलभूषण ओझा ने 9 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम की ओर से दीवार तोड़कर रास्ता खुलवाया गया, जबकि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय और नगर आयुक्त के पूर्व आदेशों के विपरीत थी। पहले जारी हुआ था कारण बताओ नोटिसशिकायत के बाद अतिक्रमण विभाग में तैनात राजस्व निरीक्षक चन्द्रशेखर आजाद को 11 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे पूछा गया था कि आखिर किस आधार पर संबंधित स्थल पर कार्रवाई की गई। जवाब में अधिकारियों की मौजूदगी का दिया हवालाअपने लिखित स्पष्टीकरण में राजस्व निरीक्षक ने कहा कि 29 जनवरी 2026 को क्षेत्रीय अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की मौजूदगी में अभिलेखों की जांच के बाद गेट खुलवाया गया था। लेकिन अपर नगर आयुक्त ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना। आदेश में कहा गया कि नगर आयुक्त द्वारा 10 नवंबर 2023 को पारित आदेश के अनुसार यह मामला स्थानीय निवासियों के आपसी विवाद से जुड़ा था और स्थल पर सड़क या गली पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं पाया गया था। इसी आधार पर पूर्व में प्रकरण का निस्तारण भी किया जा चुका था। चेतावनी में यह कहा गयाजांच में यह माना गया कि संबंधित अधिकारी ने पुराने अभिलेखों और आदेशों का समुचित परीक्षण किए बिना मौके पर कार्रवाई की। आदेश में स्पष्ट कहा गया कि भविष्य में बिना रिकॉर्ड और पूरी जानकारी देखे इस प्रकार की कार्रवाई दोबारा न की जाए, अन्यथा कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी देकर समाप्त किया गया मामलाअपर नगर आयुक्त की ओर से जारी अंतिम आदेश में राजस्व निरीक्षक को चेतावनी देते हुए पहले जारी कारण बताओ नोटिस को निक्षेपित यानी समाप्त कर दिया गया। आदेश पर अपर नगर आयुक्त अरविन्द कुमार राय के हस्ताक्षर हैं। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्तिउधर सोसायटी अध्यक्ष का कहना है कि इस मामले में नियमविरुद्ध तरीके से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करते हुए दीवार तोड़ी गई। जांच में यह स्पष्ट होने के बाद भी ठोस कार्रवाई की बजाय आरोपी राजस्व निरीक्षक को महज चेतावनी देकर छोड़ा जाना सरासर खानापूर्ति है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम समेत अन्य उच्चाधिकारियों के साथ ही शासन को भी शिकायती पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
भिंड जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अधीक्षक भिंड, सूरज कुमार वर्मा ने 21 फरार और शातिर आरोपियों पर कुल 79 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग करने या उनकी सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को घोषित राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। यदि कोई व्यक्ति इन आरोपियों को पकड़वाने, गिरफ्तारी करवाने अथवा गिरफ्तारी के दौरान विधिसम्मत सहयोग प्रदान करता है, तो उसे आरोपी के नाम के सामने घोषित पुरस्कार राशि दी जाएगी। पुरस्कार वितरण के संबंध में पुलिस अधीक्षक का निर्णय अंतिम और मान्य होगा। एसपी सूरज कुमार वर्मा ने जिन आरोपियों पर तीन-तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, उनमें अभिषेक बाथम पुत्र गुड्डू उर्फ कमल बाथम, अज्जू उर्फ अजय पुत्र गुड्डू उर्फ कमल बाथम, अशोक पुत्र नारायण बाथम, सूरज पुत्र हेतराम बाथम, शिवम पुत्र अशोक शर्मा, विजय बाथम पुत्र नीलू बाथम, बल्लू बाथम पुत्र मुन्नालाल बाथम, गोलू यादव पुत्र भूरा यादव निवासी गोहद क्षेत्र, हनुमंत शर्मा निवासी कचनाव खुर्द थाना गोरमी, अभिषेक उर्फ बिट्टू पुत्र गिरजाशंकर दुबे निवासी बरहद थाना मेहगांव, शैलेन्द्र सिंह पुत्र बीरेन्द्र सिंह निवासी बगियापुरा कोषड थाना सुरपुरा, पुष्पा देवी पत्नी वीरेन्द्र सिंह तथा रूबी भदौरिया पत्नी दीपेन्द्र सिंह भदौरिया शामिल हैं। वहीं, पांच-पांच हजार रुपये के इनाम वाले आरोपियों में अनिल तोमर पुत्र महेश उर्फ पप्पू तोमर निवासी छीमका गोहद चौराहा, सोनू सिकरवार पुत्र धर्मसिंह सिकरवार निवासी छीमका, राजू भदौरिया पुत्र गोवर्धन सिंह भदौरिया निवासी स्टेशन रोड गोहद चौराहा, रिमसा पत्नी आरिफ खान निवासी डिराउटी जिला जालौन, उत्तर प्रदेश, शिवम जाटव, जबर सिंह जाटव, श्रीकृष्ण जाटव तथा अतुल जाटव निवासी भगत सिंह की गढ़िया, उमरी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आरोपी की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
सरगुजा में किरायेदार युवक ने स्वयं को अविवाहित बताकर मकान मालकिन को शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण किया और स्वयं को सरकारी सेवा से सस्पेंड होना बताकर उसके एटीएम से दो लाख रुपये निकाल लिए। जब पीड़िता को युवक के शादी शुदा एवं एक बच्चे का पिता होने की जानकारी मिली तो उसने थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आठ माह बाद फरार आरोपी को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सितंबर 2025 में थाना गांधीनगर में पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी अजय कुमार कंवर निवासी बम्हनीडीह, जांजगीर-चांपा उसके घर में मकान किराये पर लिया था। उसने स्वयं को अविवाहित बताया और पीड़िता को शादी का झांसा देकर नवंबर 2024 से सितंबर 2025 तक दैहिक शोषण किया। दो लाख रुपये निकाले, शादी से किया इनकार आरोपी ने पीड़िता को बताया कि वह सरकारी सेवा में है और फिलहाल सस्पेंड है। उसने पीड़िता के एटीएम से दो लाख रुपये भी निकाल लिये। पीड़िता के गर्भवती होने पर युवक ने शादी से इंकार कर दिया। बाद में पीड़िता को जानकारी मिली कि अजय कुमार कंवर पहले से शादीशुदा है एवं उसका एक बच्चा भी है तो उसने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। झारखंड से आठ माह बाद पकड़ाया आरोपी मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी की खोजबीन शुरू की, लेकिन वह फरार हो गया। साइबर सेल की मदद से आरोपी अजय कुमार कंवर के रांची (झारखण्ड) में होने की जानकारी मिली। थाना गांधीनगर पुलिस टीम रांची पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपी ने घटना कारित करना स्वीकार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
देवरिया आ रहे युवक की ट्रेन में तबीयत बिगड़ी:गुजरात के वापी से लौट रहा था, फिरोजाबाद अस्पताल में मौत
फिरोजाबाद में गुजरात के वापी से देवरिया लौट रहे एक युवक की ट्रेन में अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में शोक छा गया। देवरिया जनपद के बैंकुठपुर अंतर्गत कुशमौनी निवासी 27 वर्षीय हिमांशु कुशवाह अपनी मां ऊषा देवी और बहन त्रिशा के साथ ट्रेन संख्या 19037 से गुजरात के वापी से देवरिया जा रहे थे। रात साढ़े 8 बजे आगरा के कुबेरपुर रेलवे स्टेशन पार करते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। युवक की बिगड़ती हालत देखकर परिजनों ने ट्रेन में मौजूद टीटीई स्टाफ को सूचना दी। टीटीई ने तत्काल मामले की जानकारी टूंडला कंट्रोल को दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के उपनिरीक्षक अनेक सिंह मौके पर पहुंचे। बीमार युवक को एंबुलेंस की मदद से टूंडला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों ने हिमांशु की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फिरोजाबाद के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। फिरोजाबाद अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के चचेरे भाई अरविंद कुशवाह ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हिमांशु के पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से हिमांशु ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और गुजरात में सब्जी बेचने का काम करता था। वह अपनी मां और बहन के पालन-पोषण का एकमात्र सहारा था। जीआरपी थाना प्रभारी मोनू आर्य ने बताया कि युवक की मृत्यु का सही कारण अभी पता नहीं चल सका है।
कोटा शहर के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम मयंक मीणा मर्डर मामले में एक सीसीटीवी सामने आया। 25 मई की दोपहर से लापता हुए बालक का शव अगले दिन रेलवे वर्कशॉप के सामने जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला। रेलवे कॉलोनी थाना अधिकारी रामस्वरूप मीणा ने बताया कि 25 मई की दोपहर बाद मयंक मीणा अपने घर से बाहर निकला था लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने रेलवे कॉलोनी थाने में देर रात गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने इलाके में सर्च अभियान शुरू किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिसमें मयंक एक अन्य किशोर के साथ जंगल की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने देर रात रेलवे वर्कशॉप के सामने जंगल में तलाश की तो वहां मयंक का शव बेहद खराब हालत में मिला। शव का सिर धड़ से अलग था और दोनों करीब 50 फीट की दूरी पर पड़े मिले। मौके पर एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया। पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में भिजवाया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। थाना अधिकारी ने बताया कि शव की हालत इतनी खराब थी कि परिजनों ने कपड़ों और जूतों के आधार पर पहचान की। सिर और धड़ अलग-अलग मिलने के कारण डीएनए जांच के लिए बालक के माता-पिता के सैंपल भी लिए गए हैं, ताकि पुष्टि की जा सके कि दोनों हिस्से उसी बालक के हैं। पुलिस के अनुसार जंगल में आवारा कुत्तों ने शव को बुरी तरह नोच रखा था वही कमर से पेंट भी खुली हुई थी। मयंक के पिता ने बताया कि उनका बेटा दोपहर करीब 2 बजे से घर से लापता था। परिवार ने पूरे इलाके में तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन रात को सूचना मिली कि जंगल में एक शव पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी में नजर आने वाला किशोर मोहल्ले में किराए से रहता है। उनका कहना है कि उन्हें दोनों बच्चों की दोस्ती के बारे में जानकारी नहीं थी और किसी प्रकार की पुरानी रंजिश भी सामने नहीं आई है। मृतक के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और मूल रूप से करौली जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले 10 वर्षों से कोटा में नौकरी कर रहे हैं और सोगरिया इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों और सीसीटीवी में दिखाई दिए किशोर की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को 'ग्रीन सिंहस्थ' थीम पर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत पूरे सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। संभागायुक्त आशीष सिंह ने सभी विभागों को सात दिन के भीतर पौधारोपण का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल के तहत शहर की नई सड़कों, पंचक्रोशी मार्ग, शिप्रा घाट और मेला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। बुधवार दोपहर सिंहस्थ मेला कार्यालय में हुई बैठक में इन योजनाओं पर चर्चा की गई। संभागायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि सिंहस्थ से जुड़े हर विकास कार्य के साथ पौधारोपण को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। उनका उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में पूरा क्षेत्र एक ग्रीन कॉरिडोर के रूप में दिखाई दे। 64 मार्ग पर विशेष रूप से 274 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क के दोनों किनारों और डिवाइडर पर फूलदार पौधे लगाए जाएंगे। इनमें अमलतास, गुलमोहर, नील मोहर और पलाश जैसे प्रजातियों का चयन किया जा रहा है। प्रशासन ऐसे पौधों को प्राथमिकता दे रहा है जो कम समय में बड़े होकर सिंहस्थ तक आकर्षक दिखें और गर्मियों में भी रंगीन बने रहें। वन विभाग ने पंचक्रोशी मार्ग पर तीन चरणों में पौधारोपण की योजना प्रस्तुत की है। इस बारिश के मौसम में लगभग 15 हजार बड़े पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड भी लगाए जाएंगे। उद्यानिकी विभाग को शिप्रा नदी के किनारे निजी जमीनों पर किसानों को फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन विभाग शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में बन रहे नए घाटों के किनारों पर भी हरियाली विकसित करेगा। घाटों से लगभग डेढ़ मीटर की दूरी पर पौधारोपण किया जाएगा।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। विकास भवन सभागार में हुई इस बैठक में कई विभागों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति, जिला समाज कल्याण, जिला पंचायत राज, जिला बेसिक शिक्षा, जिला कार्यक्रम विभाग और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारियों द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर 'नेगेटिव निस्तारण आख्या' अपलोड किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन अधिकारियों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। नलकूप विभाग की स्थिति सबसे खराब पाई गई। विभाग द्वारा कई 'नेगेटिव निस्तारण आख्या' अपलोड किए जाने पर जिलाधिकारी ने नलकूप अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिया गया और न ही निस्तारण से संबंधित फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड किए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य रूप से संपर्क करें, उनका फीडबैक लें और निस्तारण के प्रमाण के तौर पर फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि दो दिन बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विभाग द्वारा फिर से 'नेगेटिव आख्या' अपलोड की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए मामला शासन स्तर पर भेजा जाएगा। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर धरना स्थल पर हमला:10 लोगों पर मारपीट का आरोप, FIR दर्ज करने की मांग
शिवपुरी जिले के पिछोर नगर में कांग्रेस के सांकेतिक धरना प्रदर्शन के दौरान बुधवार शाम मारपीट की घटना सामने आई। नगर परिषद कार्यालय के पास चल रहे धरने में कुछ मोटरसाइकिल सवार युवकों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना के बाद घायल कार्यकर्ताओं को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने पिछोर थाने पहुंचकर नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की। यह घटना ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा नगर की विभिन्न समस्याओं और अव्यवस्थाओं को लेकर 25 मई से किए जा रहे पांच दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के तीसरे दिन हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बुधवार शाम करीब 4 बजे 10 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कुछ लोग धरना स्थल पर पहुंचे और वहां बैठे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस हमले में अतुल पाराशर, राजवीरसिंह परमार, अनिल गुप्ता, रामस्वरूप कुशवाह और चंद्रशेखर गौतम को चोटें आई हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पिछोर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग करते हुए काफी देर तक थाने में डटे रहे। पुलिस को दिए गए आवेदन में कांग्रेस नेताओं ने मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, दीपक यादव, मंगल यादव, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित अन्य लोगों पर अंधाधुंध मारपीट करने का आरोप लगाया है। पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस को 10 लोगों के नाम दिए गए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना स्थल पर जिनकी मौजूदगी की पुष्टि होगी, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंबेडकरनगर में ईद-उल-जुहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में बुधवार शाम को पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्राची सिंह ने जिलाधिकारी (डीएम) ईशा प्रिया के साथ फ्लैग मार्च किया। यह फ्लैग मार्च फव्वारा तिराहा से शुरू होकर कस्बा शहजादपुर होते हुए मालीपुर रोड तक निकाला गया। इस दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। एसपी प्राची सिंह ने संवेदनशील क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और हर संवेदनशील स्थान पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। एसपी प्राची सिंह ने आमजन से अपील की कि ईद-उल-जुहा आपसी भाईचारे और सौहार्द का पर्व है, इसे सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और भ्रामक पोस्ट या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रहें। फ्लैग मार्च के दौरान स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस और प्रशासन जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
शाहजहांपुर के कलान क्षेत्र के पटना देवकली गांव में एक 18 वर्षीय युवक ने ऑनलाइन जहर मंगवाया और खाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार शाम जहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और बदायूं में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान राजपाल के बड़े बेटे योगेश के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, योगेश मंगलवार शाम गांव में एक दावत में पूड़ी बेलने गया था। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे बदायूं के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। इलाज के दौरान योगेश ने दम तोड़ दिया। बदायूं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार दोपहर शव गांव पहुंचा, जहां योगेश की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजन किसी विवाद या घरेलू कलह से इनकार कर रहे हैं, जिससे आत्महत्या का कारण रहस्य बना हुआ है। योगेश अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। इस घटना के बाद बुधवार को परिजनों ने ऑनलाइन डिलीवरी मैन को पकड़ लिया। आक्रोशित परिजनों ने कथित तौर पर उसे पीटा और बाराकलां पुलिस को सौंप दिया। परिजनों का आरोप है कि योगेश ने ऑनलाइन जहर मंगवाया था। थाना प्रभारी शिवदीन वर्मा ने बताया कि परिजन ऑनलाइन जहर मंगवाने की बात कह रहे हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई सटीक जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कूलिंग सेंटर में लगी आग:फिरोजाबाद ओवरब्रिज के नीचे हड़कंप, लोगों ने खुद बुझाई लपटें
फिरोजाबाद के टूंडला नगर में सुभाष चौराहा स्थित ओवरब्रिज के नीचे बने कूलिंग सेंटर में बुधवार देर शाम आग लगने से हड़कंप मच गया। भीषण गर्मी से राहत देने के लिए बनाए गए इस अस्थायी रैन बसेरा में रखा एक बड़ा कूलर धू-धू कर जल उठा। आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। नगर पालिका प्रशासन द्वारा संचालित यह रैन बसेरा गर्मी से बचाव के लिए अस्थायी कूलिंग सेंटर के रूप में उपयोग किया जा रहा था। बताया गया है कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अचानक कूलर से धुआं उठना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ देर के लिए वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने बाल्टियों व अन्य बर्तनों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर काबू पाया जा सका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। गनीमत रही कि घटना के समय रैन बसेरा में अधिक लोग मौजूद नहीं थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग के कारण वहां रखा कुछ सामान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह और ईओ आशुतोष त्रिपाठी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस घटना के बाद लोगों ने रैन बसेरा और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए बिजली उपकरणों की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बालोतरा से पचपदरा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के निर्माण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर यह स्वीकृति दी गई है। करीब 11 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के सर्वे कार्य के लिए 33 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। रेलवे विभाग अब इस परियोजना की तकनीकी और वित्तीय संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करेगा। पचपदरा रिफाइनरी तक रेल पहुंच होगी आसान नई रेल लाइन बनने के बाद पचपदरा क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे पचपदरा रिफाइनरी तक रेल मार्ग से पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के इलाकों को रेलवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा। इस रेल परियोजना के जरिए क्षेत्र का संपर्क जोधपुर, अहमदाबाद, दिल्ली और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों से भी मजबूत होने की संभावना है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी गति मिलेगी। व्यापार, रोजगार और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा रेल लाइन निर्माण को स्थानीय विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। नई रेल सुविधा शुरू होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय उद्योगों और कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, जिससे लागत कम हो सकती है। इसके अलावा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासतौर पर रिफाइनरी और उससे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलने से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। FLS के बाद बनेगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना ग्राम छिदगांवमेल के पास टिमरनी-छिदगांव रोड पर बड़ी नहर के नजदीक हुई। मृतक की पहचान ग्राम बिच्छापुर निवासी रामकिशन पिता राधा किशन केवट के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रामकिशन अपने एक रिश्तेदार को वेयरहाउस पर छोड़कर वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकिशन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही टिमरनी पुलिस मौके पर पहुंची। टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गौड़ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए टिमरनी भिजवाया जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
गाजियाबाद में ईद उल अजहा के मद्देनजर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में त्योहार के दौरान शहर में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य रूप से साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, रोशनी और सड़कों की मरम्मत जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के समय नगर निगम की जिम्मेदारी बढ़ जाती है, इसलिए सभी कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ काम करें। उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों में सफाई व्यवस्था को मजबूत रखने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर निगम की टीमों ने केला भट्टा, डासना गेट, नंदग्राम, पसौंडा, अर्थला और अन्य क्षेत्रों में एक विशेष सफाई अभियान चलाया। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास सफाई कराने के साथ-साथ पानी का छिड़काव भी किया गया। कई स्थानों पर सड़कों की खराब स्थिति की शिकायतें मिलने के बाद निर्माण विभाग की टीमों ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है, ताकि नमाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो। इसके अतिरिक्त, अवशेष उठाने वाली गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था करने और त्योहार के दौरान सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए गए। नगर आयुक्त ने सभी विभागों से आपसी तालमेल के साथ काम करने और हर क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया। इस बैठक में नगर निगम के सभी जोनल प्रभारी, अपर नगर आयुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईद के दौरान शहर में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हरदोई में समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव रामज्ञान गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार गया है। सपा नेता पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का आरोप है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। रामज्ञान गुप्ता हरदोई शहर के बिलग्राम चुंगी के पास शिवनाथ पुरी के निवासी हैं। वह समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव हैं। पिछली बार सपा के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें 21,538 वोट मिले थे। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। यह रिपोर्ट हरदोई शहर के धर्मशाला रोड स्थित बहरा सौदागर निवासी प्रियम मिश्रा ने 26 मई को दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया है कि रामज्ञान गुप्ता सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन टिप्पणियों से शहर का माहौल खराब हो रहा था और सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा था। प्रियम मिश्रा ने सपा नेता पर कार्रवाई की मांग की थी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि आरोपी रामज्ञान गुप्ता के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ जानकारी और अफवाह फैलाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार को आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा, यदि रामज्ञान गुप्ता ने ऐसी टिप्पणी की है, तो उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को उन पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी, खासकर जब 26 मई को अराजक तत्वों द्वारा शहर में लगाए गए पोस्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हरियाणा कौशल एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने राज्य की सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर दिया है। इच्छुक आवेदक 2 जून से 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन admissions.itiharyana.gov.in पोर्टल पर किया जा सकता है। उम्मीदवारों के पास अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। पंजीकरण करते समय अपने स्वयं के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का उपयोग करें ताकि बाद में दाखिले के समय किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नलवा के प्रधानाचार्य सुनील सचदेवा ने बताया कि दाखिले से संबंधित सभी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन में सहायता के लिए राज्य की सभी आईटीआई में हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। आवेदक अपने सभी दस्तावेजों के साथ किसी भी आईटीआई में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आईटीआई में एडमिशन फॉर्म भरने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, आवेदक अपने स्तर पर या किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आवेदन फॉर्म में अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारियां भरते समय कोई त्रुटि न हो। संस्थान में विभिन्न व्यवसाय जैसे इलेक्ट्रिशियन, फिटर, फिटर ड्यूल, एमएएम, डीएमसी, डीएमएम, टीपीइएस, मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक, टर्नर, वेल्डर, वेल्डर ड्यूल, प्लंबर, वुडवर्क टेक्निशियन, आईडीडी, कॉस्मेटोलॉजी, कोपा और कोपा ड्यूल चलाए जा रहे हैं। संस्थान में कुल 540 सीटों के लिए दाखिला किया जाएगा। किसी भी व्यवसाय में दाखिला लेने वाली छात्राओं को एकमुश्त 2500 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। साथ ही, छात्र और छात्राओं को मुफ्त बस पास की सुविधा भी उपलब्ध है। हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों और सभी वर्ग की छात्राओं को 1000 रुपये की निशुल्क टूल किट भी दी जाती है। विदेश जाने वालों का बनेगा नि:शुल्क पासपोर्ट आठवीं के बाद आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों को हिंदी और इंग्लिश का पेपर देने के बाद भिवानी बोर्ड द्वारा 10वीं का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। दसवीं के बाद आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों को किसी एक विषय का पेपर (हिंदी या इंग्लिश ) देने के बाद भिवानी बोर्ड द्वारा 12वीं का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। जो छात्र आगे पढ़ाई को जारी रखना चाहते हैं वह सीधा ग्रेजुएशन में दाखिला ले सकते हैं और पॉलिटेक्निक में सेकेंड ईयर में दाखिला ले सकते हैं। अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बनने के इच्छुक आईटीआई पास उम्मीदवारों को 40 मार्क्स अतिरिक्त लाभ दिया जाता है। पासपोर्ट बनाने के लिए 1500 रुपए की एकमुस्त राशि भी दी जाएगी ।आईटीआई पास करने वाले छात्र स्वयं का रोजगार कर सकते हैं। उद्धमी योजना के तहत उन्हें बैंक द्वारा लोन की सुविधा भी प्रदान की जाती है। विदेश जाने के इच्छुक छात्रों को नि:शुल्क पासपोर्ट बनवाने की सुविधा प्रदान की गई है।
देवास में बकरी ईद पर्व से पहले बुधवार देर शाम पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों तक पहुंचा। इस दौरान पुलिस बल ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसमें रात के समय लगातार पेट्रोलिंग और पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न स्थानों पर चेकप्वाइंट बनाए जाएंगे और पुलिस टीमें तैनात रहेंगी। इसका उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (MLSU) के फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी द्वारा उन्हें सेवा से हटाने (रिमूवल) के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने बुधवार को इस मामले में यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि बिना नियमित जांच के की गई सेवामुक्ति प्रथम दृष्टया मनमानी प्रतीत होती है। प्रो. ढाका ने आज खुद पैरवी की। बता दें, करीब पांच महीने पहले यूनिवर्सिटी ने 23 दिसंबर 2025 को प्रो. ढाका की सेवाएं समाप्त कर दी थी। वैध OBC प्रमाण नहीं होने के चलते हटाया गया थाप्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका की नियुक्ति साल 2012 में ओबीसी (OBC) कैटेगरी के तहत एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हुई थी। साल 2015 में उन्हें करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन भी मिला। विवाद तब शुरू हुआ जब 2022 में राज्यपाल (कुलाधिपति) ने 2010 की भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ढाका की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन हुआ। उनके पास वैध ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं था। इसी रिपोर्ट के आधार पर यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और उन्हें नौकरी से हटाने का फैसला लिया। 23 दिसंबर 2025 को यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने उन्हें पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए। प्रो.ढाका ने खुद की पैरवीप्रोफेसर ढाका ने खुद कोर्ट में पैरवी करते हुए दलील दी कि वे एक स्थायी कर्मचारी हैं। यूनिवर्सिटी के नियमों (Statute 73) के अनुसार, किसी भी नियमित कर्मचारी को हटाने से पहले एक औपचारिक अनुशासनात्मक जांच करना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं की गई।
कोंडागांव जिले के फरसगांव नगर पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए ओपन जिम अब बदहाली का शिकार हो गए हैं। लोगों को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित ये जिम देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होते जा रहे हैं। कई उपकरण टूट चुके हैं, उन पर जंग लग गई है और जिम परिसर झाड़ियों व गंदगी से भर गए हैं। नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 05, 06 और 07 में स्थापित ओपन जिम की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। खासकर वार्ड क्रमांक 07 के जिम परिसर में कचरे का ढेर, उगी झाड़ियां और क्षतिग्रस्त मशीनें साफ तौर पर लंबे समय से लापरवाही की तस्वीर पेश कर रही हैं। जिस जगह सुबह-शाम लोगों की आवाजाही और व्यायाम होना चाहिए था, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। धीरे-धीरे मशीनें खराब होने लगीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में कुछ दिनों तक युवाओं और बच्चों ने जिम का उपयोग किया, लेकिन धीरे-धीरे मशीनें खराब होने लगीं। समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से लोग वहां जाना बंद कर दिए। कई मशीनों के पाइप और बोल्ट टूट चुके हैं, जिससे हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। चुनावी वादों पर उठे सवाल वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन अब जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी इस सुविधा की अनदेखी कर रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सरकारी संपत्ति की ऐसी दुर्दशा के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जिम परिसरों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, खराब मशीनों की मरम्मत हो और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो नगर पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। सीएमओ बोले- सफाई के निर्देश दिए गए इस मामले में नगर पंचायत सीएमओ मयंक बसन्तवानी ने कहा कि ओपन जिम उनकी पदस्थापना से पहले लगाए गए थे। जिम परिसरों में गंदगी और झाड़ियों की जानकारी मिलने के बाद स्वच्छता टीम को तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिनों के भीतर साफ-सफाई का काम पूरा करा लिया जाएगा। साथ ही खराब और अनुपयोगी उपकरणों को भी व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि बच्चे और युवा दोबारा इनका उपयोग कर सकें।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के मंत्री लखन पटेल ने कहा है कि स्वावलंबी गौशाला नीति 2025 में परियोजनाओं के लिए कम से कम पांच हजार गौवंश को पालना पड़ेगा। इसमें से 30 प्रतिशत यानी 1500 गौवंश दुधारू नस्ल के होने चाहिए। हर 5000 गौवंश के लिए अधिकतम 125 एकड़ शासकीय भूमि उपयोग के अधिकार के आधार पर दी जाएगी। अतिरिक्त 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जाएगी। इसके साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 5 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जा सकेगी। उधर निराश्रित गौवंशों के लिए शासन की नीति अनुसार हर दिन हर गौवंश के लिए अनुदान राशि 40 रुपये दी जा रही है। राज्यमंत्री पटेल ने बुधवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत गौसंवर्धन बोर्ड के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वावलंबी गौशाला नीति 2025 गोकुल धाम स्थापना नीति अंतर्गत जारी निविदा में प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में 13 जिले रायसेन, दमोह, जबलपुर, सागर, अशोकनगर, खरगोन, रीवा, बैतूल, पन्ना, भिंड, राजगढ़, भोपाल और मंडला में प्राप्त भूमि के संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि टेंडर के आधार पर 14 स्थलों के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें निवेशकों की संख्या 16 और कुल भूमि 3,457 एकड़ व गौवंश की क्षमता 1,30,000 है। योजना का यह है मुख्य उद्देश्य पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वावलंबी गौशाला (गोकुल धाम) की स्थापना की नीति 2025 का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में वृहद स्वावलंबी गौशालाओं का मॉडल तैयार करना, निराश्रित गौवंश का उपयुक्त व्यवस्थापन करना हैं जहां उन्हे संतुलित आहार, व्यवस्थित आवास एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही बजट पर न्यूनतम भार पर अधिकाधिक निराश्रित गौवंश का उपयुक्त व्यवस्थापन करना, बड़ी गौशालाओं की परियोजनाओं के माध्यम से पड़त भूमि का विकास तथा निजी भागीदारी के माध्यम से गौ-उत्पादों के निर्माण एवं विपणन की श्रृंखला तैयार करना है। इसके अलावा वैकल्पिक ऊर्जा निर्मित करने की नवीन तकनीकों के लिए निजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण भी तैयार करना है। दूध उत्पादन व प्रोसेसिंग उद्योग को दिया जाएगा बढ़ावा राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि निराश्रित गौवंश के प्रबंधन, उपयोगिता वृद्धि एवं बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इकाइयों के लिये स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की जाएगी। निजी निवेश व भागीदारी के माध्यम से गोपालन, दुग्ध प्रसंस्करण, जैविक खाद, पंचगव्य, बायो-सीएनजी, औषधि व पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्नत नस्लें (गिर, साहीवाल, थारपारकर) + कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्सड सॉर्टड सीमेन से उच्च दुग्ध उत्पादन, गौ उत्पादों का निर्माण और विपणन की श्रृंखला तैयार की जाएगी। 30 प्रतिशत उच्च उत्पादक नस्ल की गायें, दुग्ध उत्पादन व प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर व कृषि अवशेष से NPK युक्त जैविक खाद, मिट्टी की उर्वरता व उत्पादन में वृद्धि होगी। बायोगैस-CNG व सोलर ऊर्जा संयंत्र; नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन। प्रकृति के नज़दीक रमणीक स्थानों पर स्थित गौशालाएं; प्रदर्शन, प्रबंधन व प्रोसेसिंग से पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
सीकर में लाठी-सरियों से हमला, VIDEO रास्ते के विवाद में 2 पक्षों में मारपीट, सदर थाने में क्रॉस मुकदमे दर्ज सीकर जिले के सदर थाना इलाके के मंडावरा की तन में स्थित कुल्हरियों की ढाणी में रास्ते के विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। लाठी, डंडे और धारदार हथियारों से लैस एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर हमला किया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष के मदनलाल को सीकर के SK अस्पताल में फर्स्ट ऐड के बाद जयपुर के एसएमएस SMS अस्पताल रेफर करदोया गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने सदर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस मुकदमे दर्ज करवाए हैं। मारपीट का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसमें पार्वती देवी के पक्ष के मुकेश प्रियंका समेत अन्य लोग मदनलाल व जगदीश के परिवार पर हमला करते नजर आ रहे हैं। दोनों मुकदमों की जांच ASI नरेश कुमार को दी गई है। 52 वर्षीय मदनलाल कुल्हरी पुत्र स्वर्गीय भानाराम ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि गत 25 मई की रात करीब 10 बजे पूरा परिवार गाड़ी से घर लौट रहा था। तभी रास्ते में भतीजे मुकेश कुमार, भाभी पार्वती देवी और मुकेश की पत्नी प्रियंका ने गाड़ी रुकवा ली और उस रास्ते से गुजरने को लेकर झगड़ा करने लगे। विवाद बढ़ता देख बड़ा भाई जगदीश दूसरे रास्ते से मदनलाल के घर आ गया। इसी बीच मुकेश, प्रियंका, पार्वती, झाबर और कुलदीप गाली-गलौज करते हुए मदनलाल के घर में घुस गए। मदनलाल का भतीजा महेंद्र और उसकी पत्नी विमला भी घर के अंदर थे। इसी दौरान पूर्व नियोजित साजिश के तहत पीछे के रास्ते से राजकुमार, चंद्रप्रकाश उर्फ सीपी और एक अज्ञात शख्स हाथों में मोटे लट्ठ लेकर आए और पोर्च में महेंद्र के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। बीच-बचाव करने आई मदनलाल की पत्नी भगवती देवी और महेंद्र की पत्नी विमला को भी बेरहमी से पीटा गया। मदनलाल का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी पत्नी को जबरन घसीटा, कपड़े फाड़ दिए और गले से 2 तोले की सोने की चेन तोड़कर ले गए। मदनलाल ने रिपोर्ट दी है कि आरोपी प्रहलाद सिंह ने क्षेत्र में एक भूमाफिया गिरोह बना रखा है, जिसके पास '8151' सीरीज की गाड़ियां हैं। प्रहलाद सिंह अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी में मेधाराम मास्टर के घर से लट्ठ और धारदार हथियार लेकर आया था। मदनलाल का आरोप है कि आरोपी उनका मकान हड़पना चाहते हैं और सालभर से धमकियां दे रहे थे। मदनलाल ने बताया कि आरोपियों ने उसे जबरदस्ती किडनैप किया और घर के बाहर अंधेरे में ले जाकर जमीन पर पटक दिया। वहां पहले से मौजूद सुरेंद्र, प्रकाश और अन्य 5-6 लोगों ने धारदार हथियारों से मुझ पर जानलेवा हमला किया। आरोपी उसे मरा हुआ समझकर रास्ते पर अवैध गेट का ताला लगाकर भाग गए। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दूसरे रास्ते से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मदनलाल की पत्नी भगवती अभी भी सीकर के अस्पताल में भर्ती है। मदनलाल की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से 57 वर्षीय पार्वती देवी ने भी सदर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। पार्वती देवी ने मदनलाल के पक्ष पर मारपीट और अभद्रता के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्वती देवी ने अपनी शिकायत में कहा कि 25 मई की रात 10 बजे देवर जगदीश रास्ते की बात को लेकर अचानक गाली-गलौज करने लगा। जब पार्वती ने विरोध किया, तो जगदीश ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, उनकी ओढ़नी खींचकर अलग कर दी और घुटने व हाथ पर तेज लात-घूंसे मारे। शोर सुनकर जब पार्वती का छोटा बेटा मुकेश और बहू प्रियंका उन्हें बचाने आए, तो जगदीश ने अपनी वैगनआर (WagonR) गाड़ी से मुकेश को कुचलने का प्रयास किया। पार्वती देवी का आरोप है कि कुछ देर बाद उनका देवर जगदीश पीछा करते हुए गाली देता हुआ आया। वहां पहले से मौजूद मदनलाल और उनका बड़ा बेटा महेंद्र भी उनके घर के अंदर जबरन घुस आए। आरोपियों ने पार्वती देवी को घर के अंदर से घसीटते हुए बाहर निकाला और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। पार्वती देवी ने रिपोर्ट दी है कि मारपीट करते हुए मदनलाल और जगदीश ने धमकी दी कि कोर्ट में जितने भी जमीन-जायदाद के केस चल रहे हैं, वे सब वापस ले लो, नहीं तो जान से मार देंगे। पार्वती देवी की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
संभल की कल्कि नगरी में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन ठाकुरजी का विवाह उत्सव मनाया गया। बुधवार को कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मौहल्ला ठेर स्थित श्री गोपाल धर्मशाला में कथा व्यास आचार्य आनंद दास महाराज ने कंस मर्दन लीला, उद्धव गोपी संवाद, रुक्मणी मंगल की कथा और महारास का वर्णन किया। वृंदावन धाम से पधारे आचार्य आनंद दास महाराज ने महारास का सुंदर प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि इस दौरान चंद्रमा छह माह के लिए रुक गया था। कथा में नारद मुनि के श्याम सुंदर के पास क्रोध में आने और उनके अवतार के उद्देश्य पर प्रश्न करने का भी वर्णन किया गया। नारद ने कहा कि कृष्ण का अवतार गोपियों, ग्वालों, गइयों और ब्रज वासियों को सुख देने के लिए हुआ था। कथा के छठे दिन विजयकांत तिवारी एवं सुषमा तिवारी यजमान रहे। इस अवसर पर पंडाल को दुल्हन की तरह सजाया गया था। भक्तगण बराती बनकर पहुंचे और भगवान कृष्ण के भजनों पर झूमते दिखे। मनोज गुप्ता ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का यह छठा दिन था, जो ठाकुरजी के विवाह उत्सव को समर्पित था। उन्होंने कहा कि पूरा वातावरण कृष्णमय और राधामय हो गया था। इस दौरान डॉ. मूलचंद्र दालभ, अजय गुप्ता, शुभम गुप्ता, मयंक गुप्ता, पंकज अग्रवाल, अजय रस्तोगी, उत्सव गुप्ता, चंदन मिश्रा, समीर गुप्ता, रामकिशन ठकराल, शरद चंद्र भारद्वाज, पंडित अवनीश शास्त्री, प्रदीप गुप्ता, मनीष गुप्ता, मुदिता गुप्ता, ज्योति कौशिक, प्रमिला गुप्ता, योगिता गुप्ता, अनुराधा गुप्ता, मीनल गुप्ता, मीनू रस्तोगी, रजनीकांता चौहान सहित कई भक्तगण उपस्थित रहे।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा- हर साल गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति बनती है, लेकिन पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने समय रहते पर्याप्त तैयारियां नहीं कीं। जल जीवन मिशन के कार्य पहले ही पूरे हो जाने चाहिए थे, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान को अरबों रुपये उपलब्ध करवाए थे, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण योजनाएँ प्रभावित हुईं। मंत्री मदन दिलावर ने कहा- पूर्व सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का माहौल था और इसी वजह से प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज पेयजल संकट बना हुआ है। हालांकि वर्तमान सरकार तेजी से व्यवस्थाओं को सुधारने में लगी हुई है और जल्द ही लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जोधपुर में मंत्री मदन दिलावर बुधवार को दौरे पर रहे। इस दौरान कई कार्यक्रमों में भाग लिया। सर्किट हाउस में जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं। निकाय चुनाव में सभी पहलुओं को देखकर लेंगे निर्णय निकाय चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि कोर्ट की ओर से समय-समय पर निर्देश दिए जा रहे हैं और सरकार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि जो भी संवैधानिक और कानूनी रूप से संभव होगा, सरकार उसी के अनुरूप कार्य करेगी। थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले पॉलिसी के बाद होंगे शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर मदन दिलावर ने कहा कि सरकार पहले ही हजारों शिक्षकों, व्याख्याताओं और प्राचार्यों के तबादले कर चुकी है। उन्होंने बताया कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों का जिला कैडर होने के कारण तबादलों में तकनीकी और वरिष्ठता संबंधी समस्याएँ आती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी पर विचार कर रही है। कई शिक्षक डेपुटेशन की मांग इसलिए करते हैं ताकि उनकी वरिष्ठता प्रभावित न हो। सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू की जाएगी, जिसके बाद नियमों के तहत तबादले किए जाएंगे। नेट के मामले में दोषियों को नहीं बख्शेंगे नीट मामले पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा- जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कई आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। गिरते भूजल स्तर को रोकना बड़ी चुनौती मदन दिलावर ने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। वर्तमान समय में गिरते हुए भूजल स्तर को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है और इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और पौधारोपण ही भविष्य में जल संकट से बचने का सबसे बड़ा समाधान है। यदि वर्षा के पानी को संरक्षित कर धरती में रिचार्ज किया जाए तो भूजल स्तर बढ़ेगा, जमीन में नमी बनी रहेगी और वनस्पतियों के साथ जीव-जंतुओं का जीवन भी सुरक्षित रहेगा। इससे हैंडपंप, ट्यूबवेल और नलों में पानी की उपलब्धता आसान होगी तथा किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। मंत्री ने चारागाह के विकास और अधिक से अधिक पौधारोपण पर भी जोर देते हुए कहा कि पेड़ वर्षा को आकर्षित करने, तापमान कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आमजन से जल बचाने, वर्षा जल संरक्षण अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की खबरों के बीच एयरपोर्ट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (APHO) की टीम द्वारा स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी यात्री में बुखार, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा एयरपोर्ट प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। वहीं बड़ागांव स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद ने बताया कि फिलहाल इबोला वायरस को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन एपीएचओ टीम लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग का कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वर्ण (सोना) न खरीदने की अपील के बाद, देशभर के सर्राफा कारोबारियों पर रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। भारत में लगभग साढ़े तीन करोड़ छोटे-बड़े सर्राफा व्यापारी हैं, जिनकी आजीविका पर इस निर्णय का सीधा असर पड़ा है। व्यवसाय में पहले से चल रही मंदी और अब सरकारी अपील के बाद कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अभिलाष वर्मा ने बताया- छोटी दुकानों पर अस्तित्व का खतराइंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिलाष वर्मा ने कहा कि यह कॉन्क्लेव अपने आप को कॉरपोरेट जगत के सामने खड़ा रखने की बड़ी चुनौती है। धीरे-धीरे छोटे सर्राफों की रिटेलिंग कमजोर हो रही है, क्योंकि ग्राहक अब रिलायंस और कल्याण जैसे बड़े शोरूमों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थितियां नहीं बदलीं, तो आने वाले समय में छोटी दुकानें बंद हो जाएंगी और सर्राफा व्यवसाय चंद हाथों में सिमटकर रह जाएगा। असित रस्तोगी ने गिनाईं परेशानियां- बिल से लेकर इनकम टैक्स तकअखिल भारतीय बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के बरेली महानगर महामंत्री असित रस्तोगी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के आह्वान का समर्थन करते हैं, लेकिन इस बीच व्यापारी भाईयों के सामने कई परेशानियां भी हैं। उन्होंने बताया कि जब सेल नहीं होगी, तो बिल नहीं बनेंगे और बिलिंग कम होने से जीएसटी व इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा, बैंकिंग सिस्टम भी टर्नओवर बढ़ाने का दबाव बना रहा है, जिससे 90 प्रतिशत व्यापारियों की लिमिट या ओडी (OD) पर खतरा है। पवन वर्मा ने साफ किया- समस्याओं के हल के लिए मंथनइंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के पवन वर्मा ने जानकारी दी कि 'इब्ज़ा कॉन्क्लेव' के नाम से यह एक दिवसीय कार्यशाला 28 मई को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक होटल रामादा, बरेली में आयोजित की जा रही है। इसमें देशभर से बुलियन एवं ज्वेलर्स व्यापारी जुड़ेंगे। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य इन सभी समस्याओं को एक मंच पर रखकर संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखना है, ताकि स्वर्णकारों के सामने मौजूद इस संकट के समाधान का कोई रास्ता निकाला जा सके।इन व्यापारियों के अलावा, इस आयोजन में कई अन्य पदाधिकारी जैसे कृष्ण गोपाल रस्तोगी, दया शंकर वर्मा, सौरभ अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, मनोज कुमार रस्तोगी आदि भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
महिला-बच्ची की मौत, तीन घायल:मैनपुरी में टायर फटने से कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतरी
मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में एक महिला और एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। यह हादसा कार का टायर फटने से हुआ, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 बजे एलाऊ थाना क्षेत्र के पास यह घटना हुई। मैनपुरी से कुसमरा की ओर जा रही एक कार का अचानक टायर फट गया। कार में लगभग पांच लोग सवार थे, जो किसी काम से कुसमरा जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रमा देवी और 8 वर्षीय प्रियांशी की मौत हो गई। पुष्पा देवी, यशोदा और रीता देवी का इलाज अभी जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
खरगोन में गुरुवार को बकरी ईद त्यौहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्थानीय ईदगाह में विशेष नमाज अदा की जाएगी। पुलिस ने शहर सहित जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। कलेक्टर भव्या मित्तल और एसपी रवींद्र वर्मा के निर्देश पर एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल, एसडीओपी रोहित लखारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने पुलिस बल के साथ संवेदनशील इलाकों का पैदल भ्रमण किया। इस फ्लैग मार्च में कोतवाली थाना और पुलिस लाइन के बल के साथ वज्र वाहन और घोड़ा पुलिस भी शामिल थी। एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि हर थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च के साथ एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया और होटल, लॉज तथा ढाबों की भी जांच की। विशेष रूप से पुलिस सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही है। शांति समिति की बैठक में लोगों को सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गुरुवार सुबह 7:30 बजे बड़ी ईदगाह और छोटी ईदगाह में विशेष नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद 8 बजे तालाब चौक स्थित मस्जिद और 8:30 बजे दारुल उलूम में भी विशेष नमाज होगी। ईदगाह क्षेत्र और मुस्लिम बस्तियों में साफ-सफाई और पानी की उचित व्यवस्था की गई है।
बकरीद से पहले गाजियाबाद पुलिस अलर्ट:वेव सिटी में फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
गाजियाबाद में बकरीद त्योहार से पहले पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में बुधवार को एसीपी प्रियाश्री पाल ने वेव सिटी क्षेत्र में पुलिस बल के साथ लगभग 5 किलोमीटर का फ्लैग मार्च किया। यह फ्लैग मार्च डासना क्षेत्र के कई इलाकों से होकर गुजरा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना और त्योहार के दौरान शांति व सौहार्द बनाए रखना है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस टीम ने बाजारों, मुख्य सड़कों और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि बकरीद को देखते हुए जिले में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे ताकि कोई अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है। किसी भी भ्रामक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य गाजियाबाद में त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है।
NEET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में बुधवार को एनएसयूआई (NSUI) की जालोर जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुष्मिता गर्ग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर रोष जताया और मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने कहा कि देश और राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक से मेहनती और ईमानदार युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब गया है। सालों तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का अब परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है। इन घटनाओं के कारण योग्य युवाओं को भारी मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और बेरोजगारी झेलनी पड़ रही है, जो पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दोषियों पर कार्रवाई की मांगप्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देते हुए फिर से निष्पक्ष परीक्षा का अवसर देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार परीक्षाएं स्थगित करना बंद हो, जिससे छात्र डिप्रेशन का शिकार न हों। इनकी रही मौजूदगीइस प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जयपाल सिंह, अंबाराम मीणा, गणेश गुर्जर, पीरूसिंह सुराणा, शैलेश कुमार, गुलाब कनिया, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, रोशन गुर्जर, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सुरेन्द्र यादव, पहलाद कुमार, देसराज गुर्जर, अयूब खान, मनीष, इमरान खान, विक्रम गोयल, फोजू मेघवाल, आकाश मेघवाल, धनवंत राणा, सदाम खान, भरत कुमार, हिमांशु और उत्तम कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
बलिया में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने गुरुवार शाम शहर में संयुक्त फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने फ्लैग मार्च के दौरान प्रमुख बाजारों, संवेदनशील इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यह फ्लैग मार्च विशुनपुर चौराहा से शुरू होकर रेलवे स्टेशन, मालगोदाम रोड होते हुए बालेश्वर मंदिर तक गया। बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद इस दौरान आमजन से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की गई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने जानकारी दी कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला के घर हुई चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में महिला के किरायेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई नगदी और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि वंशीवट मोहल्ला निवासी 70 वर्षीय गिरजाबाई साहू ने खनियाधाना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 25 मई को मंदिर दर्शन के लिए जाने के बाद दोपहर में लौटने पर उन्हें अपने घर के पीछे का गेट और बक्से का ताला टूटा मिला। बक्से से करीब 1.70 लाख रुपये नगद और सोने-चांदी के जेवर गायब थे। गिरजाबाई को अपने किरायेदार नीरज जाटव पर संदेह था, जो घटना के बाद से लापता था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी केदार सिंह यादव के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। आरोपी नीरज जाटव को सीतापाठा मंदिर के पास सिनावल रोड स्थित गौशाला के पीछे से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से कुल 2.70 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी नीरज जाटव खरगवाह, थाना पिछोर का निवासी है और उस पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई खनियाधाना पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक की गई।
उदयपुर के फतहनगर क्षेत्र में बीती रात सादी वर्दी में चोर पकड़ने गए पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों ने चोर समझ कर हमला कर दिया। चे चिल्लाते रहे कि चोरों को पकड़ने के लिए सादी वर्दी में आए है और वे पुलिसकर्मी है। इस बीच फतहनगर पुलिस ने इस मामले में राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज किया है। फतहनगर पुलिस थाने के तीन कांस्टेबल मंगलवार की रात सूचना मिलने पर सादी वर्दी व प्राइवेट गाड़ी में निकटवर्ती ग्राम वासनीखुर्द चोरों को पकड़ने के लिए गए थे। उनके मन में था कि पुलिस की गाड़ी देखकर चोर भाग जाएंगे इसलिए वे तीनों सादी वर्दी में गए थे। इस बीच गांव में चोरी की घटना को लेकर लोग भी अलर्ट थे और निजी गाड़ी देखकर उनको लोग चोर है तो उनमें से कुछ लोगो ने सादी वर्दीधारी कांस्टेबलों पर हमला कर दिया। हमले में एक कास्टेबल रणजीत के सिर में चोट आई। पुलिस ने गांव के चार लोगो के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने व मारपीट करने का मामला दर्ज किया। फतहनगर थानाधिकारी चंद्रशेखर खिलानिया ने बताया कि रात को मावली के मीणा पाड़ा में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी करके भागने की जानकारी मिली थी जिस पर चोर मावली से ही सटी फतहनगर की सीमा में कोई वारदात नही कर दे इस प्रयास में फतहनगर थाने में तीन कास्टेबल सोनू, हरिओम व रणजीत चोरों को पकडने के लिए सादी वर्दी में निजी गाड़ी से क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। थानाधिकारी ने बताया कि इस दौरान वे वासनीखुर्द पहुंचे जंहा तीनों को देखकर गाव वाले इकट्ठा हो गये। पुलिस कर्मियों ने बताया था कि वे चोर नही पुलिस है परन्तु गांव के कुछ शरारती तत्वों ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि गाव के चुन्नीलाल, रमेश, खेमराज व शांतिलाल के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने व मारपीट करने का प्रकरण दर्ज किया है। इनपुट : दीपक अग्रवाल, फतहनगर
डबवाली पुलिस ने गांव मौजगढ़ में नशा मुक्ति पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसपी जसलीन कौर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर धकेलता है। एसपी ने युवाओं को नशे से बचाने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। एसपी ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि डबवाली पुलिस नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी ने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी या अवैध बिक्री से संबंधित जानकारी मानस पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1933, पुलिस मोबाइल नंबर 9138999748 या नजदीकी थाना-चौकी में दें। उन्होंने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया। नि:शुल्क दवाईयों का वितरण कार्यक्रम के दौरान नशा पीड़ितों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और ग्रामीणों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई। नागरिक अस्पताल डबवाली के चिकित्सकों ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उपचार और परामर्श सेवाओं के प्रति भी जागरूक किया। इस अवसर पर डीएसपी मुख्यालय योगेश कटारिया, थाना सदर प्रभारी शैलेंद्र कुमार, नशा मुक्ति टीम प्रभारी सुग्रीव सिंह, स्वैट टीम प्रभारी मदनलाल और गांव मौजगढ़ के सरपंच प्रिंस बिश्नोई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। ग्रामीणों ने पुलिस के नशा विरोधी अभियान की सराहना की और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सरपंच ने किया खुलासा गांव मौजगढ़ में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम के दौरान गांव के सरपंच प्रिंस बिश्नोई ने चौंकाने वाला खुलासा किया। सरपंच ने पुलिस और प्रशासन के सामने स्वीकार किया कि गांव में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि गांव के करीब 30 युवा इंजेक्शन के जरिए नशा कर रहे हैं, जबकि लगभग 450 युवा मेडिकल नशे की चपेट में हैं। सरपंच के इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और ग्रामीण भी गंभीर नजर आए। ग्रामीणों ने दिया पुलिस को सहयोग का भरोसा सबसे अहम बात यह रही कि पंचायत ने पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के समक्ष साफ कहा कि गांव का कोई भी व्यक्ति नशा तस्करों की पहचान सार्वजनिक रूप से नहीं करेगा। इससे गांव में फैले डर और नशा तस्करों के प्रभाव की स्थिति भी सामने आई। हालांकि पंचायत और ग्रामीणों ने नशा मुक्त अभियान में पुलिस का सहयोग करने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम में डबवाली पुलिस ने लोगों से गोपनीय तरीके से सूचना देने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी।
महराजगंज जिला अस्पताल में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में बरती गई लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इन मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक है। डॉ. सिंह ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तेज धूप और गर्म हवाओं से बचना अत्यंत आवश्यक है। उनकी सलाह है कि पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें। इसके अतिरिक्त, डॉ. सिंह ने बासी भोजन और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करने की भी सलाह दी। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर उपचार और उचित सतर्कता बरतने से गर्मी जनित बीमारियों से बचाव संभव है। जिला अस्पताल प्रशासन ने भी आम जनता से अपील की है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी परेशानी होने पर वे तत्काल अस्पताल पहुंचें और चिकित्सकीय परामर्श लें।
मिलते-जुलते नाम की फर्जी फर्म बनाई:1.55 करोड़ की हेराफेरी की, भोपाल EOW ने 7 आरोपियों पर दर्ज की FIR
भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजधानी स्थित शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय में मेस भुगतान के नाम पर फर्जीवाड़े के खिलाफ खुलासा किया। 1 करोड़ 55 लाख 49 हजार 498 रुपए की धोखाधड़ी के मामले में 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में फर्जीवाड़े के कथित मास्टरमाइंड गौरव शर्मा, फर्जी फर्म संचालक हर्ष सरजानी, कर्मचारी कुलदीप शुक्ला, विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य विजय सिंह महोदिया, संतोष सिंह सिसोदिया, वीरेन्द्र दुबे तथा तत्कालीन लेखापाल लीना विश्वकर्मा को आरोपी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के चार श्रमोदय विद्यालयों- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में मेस संचालन के लिए टेंडर जारी किए गए थे। भोपाल और इंदौर के विद्यालयों का ठेका “कलका फूड मैनेजमेंट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी को मिला था। कंपनी विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराती थी और भुगतान उसके बैंक ऑफ बड़ौदा, गोवा स्थित खाते में किया जाता था। EOW जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में कंपनी में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत गौरव शर्मा ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़े की साजिश रची। उसने असली कंपनी के नाम से “प्राइवेट लिमिटेड” शब्द हटाकर “कलका फूड मैनेजमेंट सर्विसेस” नाम से फर्जी फर्म तैयार कराई। यह फर्म उसके परिचित हर्ष सरजानी के नाम पर बनाई गई और उसका खाता एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, इंदौर में खुलवाया गया। फर्जी हेटरहेड तैयार किया जांच में यह भी सामने आया कि 27 जून 2024 को गौरव शर्मा ने फर्जी लेटरहेड तैयार कर कर्मचारी कुलदीप शुक्ला के माध्यम से स्कूल की अकाउंटेंट लीना विश्वकर्मा को बैंक खाता बदलने संबंधी पत्र सौंपा। इसमें भविष्य के सभी भुगतान नए खाते में करने की जानकारी दी गई। EOW के अनुसार लेखापाल लीना विश्वकर्मा ने बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लिए बैंक खाता बदल दिया। भुगतान स्वीकृति की नोटशीट में असली कंपनी “कलका फूड मैनेजमेंट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड” का नाम लिखा जाता था, लेकिन चेक जारी करते समय “प्राइवेट लिमिटेड” शब्द हटाकर राशि फर्जी फर्म के खाते में ट्रांसफर की जाती रही। जांच में विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य विजय सिंह महोदिया, संतोष सिंह सिसोदिया और वीरेन्द्र दुबे की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर फर्जी चेकों पर हस्ताक्षर किए और करोड़ों रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर होने दिए। EOW जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि बैंक खाता परिवर्तन का आधिकारिक पत्र जून 2024 में दिया गया था, जबकि फर्जी खाते में पहला भुगतान अक्टूबर 2023 में ही कर दिया गया था। फरवरी 2025 में हुआ था मामले का खुलासा EOW ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 61(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रायपुर कमिश्नरेट के सभी 21 थानों के मालखानों को एडवांस और डिजिटल बनाया जा रहा है। शुरुआत सिटी कोतवाली थाने से हुई है। जब्त किए गए हर सामान पर यूनिक बारकोड लगाया जा रहा। बारकोड स्कैन करते ही यह तुरंत पता चल सकेगा कि संबंधित सामान किस केस से जुड़ा है, उसे कब जब्त किया गया और मालखाने में वह किस स्थान पर रखा गया है। चेन ऑफ कस्टडी मजबूत होगी। खास बात ये है कि ये पूरा सिस्टम जिस सॉफ्टवेयर पर रन होगा उसे छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी रॉबिन्सन गुड़िया ने डेवलेप किया है। रॉबिन्सन अभी नारायणपुर एसपी हैं। भास्कर ने सिटी कोतवाली के मालखाने में पहुंचकर इस सॉफटवेयर के वर्किंग पैटर्न, फायदे और महत्व को समझा। पढ़िए ये रिपोर्ट… पहले देखिए ये तस्वीरें- सबसे पहले मालखानों की अहमियत समझिए मालखाना किसी भी आपराधिक मामले में सबूतों की सुरक्षा और विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा होता है। अपराध से जुड़े जब्त सामान, हथियार, नकदी, ड्रग्स, दस्तावेज सबकुछ यहां सुरक्षित रखे जाते हैं। इन्हीं जब्त माल को बाद में कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जाता है। यानी यहां रखे हर सामान से केस का सीधा कनेक्शन होता है। इनमें छेड़छाड़ यानी केस सीधा प्रभावित। लेकिन दिक्कत यह है कि भारत के थानों में जगह की कमी है। मालखानों में इतने सबूत या माल जमा हो गए हैं कि इन्हें संभालना मुश्किल है। ये बात मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर ने भी अपनी रिपोर्ट में मानी है। और मालखाने में रखा कोई भी जब्त सामान तब तक डिस्पोज, नष्ट, नीलाम या वापस नहीं किया जा सकता, जब तक उससे जुड़े केस में कानूनी प्रक्रिया पूरी न हो जाए या अदालत से अनुमति न मिल जाए। बार कोड से काम हो जाएगा आसान इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे रायपुर के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस अमित तुकारात काम्बले ने बताया कि मालखाने में रखी केस प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट के लिए ई-मालखाना सिस्टम काफी मददगार साबित होगा। पहले किसी केस से जुड़े सामान को कोर्ट में पेश करने के लिए उसे ढूंढने में काफी समय लगता था, लेकिन अब डिजिटल सिस्टम की मदद से संबंधित प्रॉपर्टी को तुरंत ट्रेस कर सही तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा। फिलहाल, एक थाने में इसकी शुरुआत की गई है और आगे इसे आगे रायपुर के कमिश्नरेट के सभी 21 थानों में भी लागू करने की तैयारी चल रही है। ‘चेन ऑफ कस्टडी’ का पूरा रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित ई-मालखाना सिस्टम में हर जब्त सामान का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इसी पूरे प्रोसेस को ही चेन ऑफ कस्टडी कहा जाता है, जो किसी भी केस में सबूत की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर जब्त सामान को मिलेगा यूनिक बारकोड सेंट्रल जोन के एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि ई-मालखाना सिस्टम में हर जब्त सामान को अलग यूनिक नंबर और बारकोड दिया गया है। बारकोड स्कैन करते ही यह जानकारी तुरंत सामने आ जाती है। जैसे सामान किस अपराध से जुड़ा है, कब जब्त किया गया, वर्तमान में कहां रखा गया है, उसकी कानूनी स्थिति क्या है। तीन जगहों पर टैग किए जा रहे बारकोड भास्कर की टीम ने देखा कि बारकोड तीन अलग-अलग जगहों पर लगाए जा रहे हैं। पहला जब्त माल पर, जब्ती पत्रक और मालखाना रजिस्टर में। मकसद यह है कि जब्त सामान से जुड़ी हर जानकारी आपस में डिजिटल तरीके से लिंक रहे और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रम की स्थिति न बने। 1. जब्त माल पर बारकोड यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। बारकोड सीधे उस सामान पर लगाया जाएगा जो पुलिस ने जब्त किया है। इसका फायदा ये है कि सामान की तुरंत पहचान हो जाएगी। स्कैन करते ही केस नंबर, जब्ती तारीख और वर्तमान लोकेशन दिख जाएगी। एक जैसे सामान में भ्रम नहीं होगा। कोर्ट में पेश करने या वापस करने में आसानी होगी। उदाहरण के तौर पर अगर 20 मोबाइल जब्त हुए हैं, तो हर मोबाइल का अलग बारकोड होगा। 2. जब्ती पत्रक पर बारकोड जब्ती पत्रक वह कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें लिखा रहता है कि कौन सा सामान कब और कहां से जब्त किया गया। इसमें बारकोड लगाने का फायदा ये है कि दस्तावेज और असली सामान आपस में लिंक हो जाएंगे। स्कैन करते ही संबंधित जब्त माल की जानकारी खुल जाएगी। कोर्ट या जांच के दौरान रिकॉर्ड मिलान तेजी से होगा। फर्जी बदलाव या रिकॉर्ड गड़बड़ी की संभावना घटेगी। यानी अगर अधिकारी जब्ती पत्रक स्कैन करे, तो उसे सीधे उसी सामान का डिजिटल रिकॉर्ड मिल जाएगा। 3. मालखाना रजिस्टर में बारकोड मालखाना रजिस्टर वह रिकॉर्ड होता है, जिसमें जमा और निकासी की एंट्री होती है। इसमें बारकोड लगाने का फायदा रजिस्टर और डिजिटल सिस्टम का सिंक्रोनाइजेशन रहेगा। कौन सा सामान कब जमा हुआ और कब निकला, यह तुरंत ट्रैक होगा ऑडिट और निरीक्षण आसान होगा ‘चेन ऑफ कस्टडी’ मजबूत होगी। यानी रजिस्टर स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि संबंधित सामान अभी मालखाने में है, कोर्ट गया है या जांच एजेंसी के पास है। सबूत खोजने में मुश्किल हुई तो डेवलेप किया सॉफ्टवेयर इस सॉफ्टवेयर को डेवलेप करने वाले IPS अधिकारी रॉबिन्सन गुड़िया ने भास्कर को बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कुछ वक्त के लिए लखनपुर थाने का प्रभारी बनाया गया था। इसी दौरान कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर एक चाकू प्रेजेंट करना था। लेकिन मालखाने की हालत इतनी बिगड़ी हुई थी कि चाकू खोजने में बहुत वक्त लग गया। इसके बाद ही उन्हें ये सॉफ्टवेयर बनाने का ख्याल आया। साल 2021 में उन्होंने सॉफ्टवेयर पर काम शुरू किया। एक महीने में बीटा वर्जन तैयार कर लिया। दरअसल, रॉबिन्सन IIT कानपुर से बीटेक हैं। ऐसे में उन्हें सॉफ्टवेयर डेवलेप करने में बहुत कठिनाई नहीं हुए। वो इस सॉफ्टवेयर में लगातार अपडेट भी कर रहे हैं। नारायणपुर बनेगा राज्य का पहला डिजिटल मालखाना जिला रॉबिन्सन ने बताया कि अभी अलग-अलग थानों में मालखानों की व्यवस्था अलग तरीके से संचालित होती है, लेकिन अब लक्ष्य नारायणपुर जिले के सभी थानों में एकसमान डिजिटल सिस्टम लागू करना है। नारायणपुर ऐसा पहला जिला बनेगा, जहां सभी थानों में बारकोड आधारित मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम काम करेगा। हर राज्य की पुलिस को मुफ्त दे रहे सॉफ्टवेयर रॉबिन्सन यह सॉफ्टवेयर फिलहाल पुलिस विभाग को पूरी तरह मुफ्त दे रहे हैं। उनका यह सॉफ्टवेयर छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार और पंजाब पुलिस के कुछ थानों में उपयोग हो रहा है। 21 थानों के कर्मचारियों के हर महीने 200 घंटे बचेंगे सिटी कोतवाली थाना के प्राभारी सतीश सिंह कहते हैं कि वो बेहद खुश है कि शुरूआत उनके थाने से हुई। पूरा सॉफ्टवेयर उन्होंने खुद परखा है। इससे बहुत समय बचेगा। उन्होंने बताया केस की संख्या के हिसाब से एविडेंस खोजने की जरूरत पड़ती है। किसी महीने में ये संख्या होती है तो किसी महीने में ज्यादा। लेकिन हर महीने में औसतन 10 बार तो ऐसा होता ही है उन्हें जब्त सामान खोजने की जरूरत पड़ ही जाती है। एक बार खोजने जुटे तो घंटे भर का वक्त जाता ही है। SHO सतीश सिंह के बताए आंकड़ों पर ही बात करें तो एक थाने में महीनेभर में औसतन 10 बार केस प्रॉपर्टी या एविडेंस को कोर्ट के आदेश पर मालखाने से निकालना या वापस जमा करना पड़ता है। मैनुअल सिस्टम में हर बार रिकॉर्ड ढूंढने, रजिस्टर मिलाने और सामान खोजने में औसतन 1 घंटा लग जाता है। बारकोड आधारित डिजिटल सिस्टम में यही काम करीब 5 मिनट में हो रहा है। यानी एक बार में 55 मिनट बच रहे हैं। इस तरह से देखा जाए तो रायपुर कमिश्नरेट के एक 1 थाने का हर महीने 9 घंटे ज्यादा वक्त इसी में निकल रहा। और महीने भर में यही समय 200 घंटे के आसपास जा रहा है। ये समय सीधे-सीधे बचेगा। …………………. इनोवेशन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायपुर के टेक एक्सपर्ट ने बनाया छत्तीसगढ़ का पहला AI-प्लेटफॉर्म: 8k रेजोल्यूशन की इमेज तैयार कर रहा, ChatGPT-जैमिनी से बेहतर होने का दावा छत्तीसगढ़ के टेक एक्सपर्ट गौरव तिवारी ने “जेमिनाई GT” नाम का एक AI (Artificial Intelligence) प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा किया है। उनका कहना है कि यह प्लेटफॉर्म कई मामलों में ओपन AI के चैट GPT और गूगल के जेमिनाई जैसे बड़े AI टूल्स से बेहतर काम करेगा।
रोहतक और झज्जर के स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक घर से भ्रूण लिंग जांच गिरोह को काबू किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपियों ने अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अन्य सामान जब्त करते हुए पुलिस को सौंप दिया। यूपी पुलिस ने गिरोह के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्वास्थ्य विभाग में नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि झज्जर का एक दलाल रविंद्र गर्भवती महिलाओं को ले जाकर यूपी में फर्जी डॉक्टर देवेंद्र से अल्ट्रासाउंड करवाता था। स्वास्थ्य विभाग को इसके बारे में सूचना मिली तो आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए रणजीत, दीपक शर्मा, जोगेंद्र और झज्जर के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप व विनोद की टीम बनाई गई। डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि दलाल रविंद्र के पास सक डिकॉय को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भेजा गया। आरोपी रविंद्र ने भ्रूण लिंग जांच के लिए अल्ट्रासाउंड करवाने के 35 हजार रुपए की मांग की। सौदा तय होने के बाद आरोपी रविंद्र ने डिकॉय को बहालगढ़ सोनीपत बुलाया, जहां तक डिकॉय को आरोपी विपिन लेकर गया। KMP से होते हुए यूपी पहुंचा आरोपी डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि सोनीपत के बहालगढ़ से आरोपी रविंद्र डिकॉय का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए KMP के रास्ते गजरौला किंग ढाबा नजदीक खुगोली उत्तर प्रदेश पहुंचा और आरोपी डॉ. देवेंद्र से बात की। इसके बाद एक लड़का बाइक लेकर आया और वहां से एक गांव में घर के अंदर लेकर गया, जहां अल्ट्रासाउंड करना था। छापेमारी करते हुए 3 आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करने की तैयारी करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी करते हुए घर से 3 लोगों को काबू किया। साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन और डिकॉय से लिए गए 35 हजार रुपए भी बरामद किए। मौके पर अमरोहा पुलिस भी पहुंची, जिसने तीनों आरोपियों को काबू कर लिया।
उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन का 100वां शताब्दी महोत्सव बुधवार को लखनऊ के चारबाग स्थित रवीन्द्रालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी, पदाधिकारी और पेंशनर्स शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कर्मचारियों की भूमिका को प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ बताया और संगठन की 100 वर्ष की यात्रा को गौरवपूर्ण करार दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी संगठनों ने हमेशा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। कर्मचारी हितों के लिए योजनाओं पर विस्तृत चर्चा समारोह को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लाम्बा और राष्ट्रीय महासचिव एस कुमार ने भी संबोधित किया। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संगठन के निरंतर संघर्ष पर जोर दिया। मंच से संगठन की उपलब्धियों, कर्मचारी हितों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड से भी प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। उत्तराखंड से विक्रम सिंह रावत, आनंद सिंह पुजारी, शिव सिंह राणा और हरेंद्र कोहली विशेष रूप से उपस्थित थे। ये मौजूद रहे कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल, अशोक कुमार सिंह, पद्मनाभ द्विवेदी, जेपी पाण्डेय, हेमंत कुमार गुर्जर, गोपाल प्रसाद और सुरेन्द्र लाल श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस पूरे आयोजन के दौरान शताब्दी वर्ष को लेकर कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखा गया।
कांकेर पुलिस ने जिलेभर में गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये कीमत के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई साइबर सेल कांकेर और जिले के विभिन्न थाना स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मोबाइलों की तलाश के लिए तकनीकी अनुसंधान और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद ली गई। 218 मोबाइल बरामद किए गए पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक प्राप्त गुम मोबाइल शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की गई। इस दौरान पहले 116 मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से लौटाए जा चुके थे। वहीं बुधवार को 102 अतिरिक्त मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। इस तरह कुल 218 मोबाइल बरामद किए गए हैं। CEIR पोर्टल से ट्रैक हुए मोबाइल पुलिस ने बताया कि CEIR एक नागरिक पोर्टल है, जिसके जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को सभी टेलीकॉम नेटवर्क में ब्लॉक किया जा सकता है। इससे मोबाइल का दुरुपयोग रुक जाता है। यदि कोई व्यक्ति ब्लॉक किए गए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो उसकी जानकारी ट्रैक की जा सकती है। मोबाइल बरामद होने के बाद उसे अनब्लॉक कर वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को आमजन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी जांच कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
राजस्थान क्रिकेट संघ के द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय सीनियर कॉल्विन शील्ड प्रतियोगिता में बुधवार को खेले गए मुकाबलों में रोमांच, बड़े स्कोर के साथ ही खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल। तीसरे दिन उदयपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, करौली, सिरोही, जालोर, नागौर, बीकानेर, झुंझुनूं, झालावाड़, अलवर, कोटा और सवाई माधोपुर की टीमों ने जीत दर्ज की। वहीं जयपुर और सीकर के बीच मुकाबला टाई रहा। दिनभर बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला। महिपाल लोमरोर, मनेंद्र सिंह, रोहन राजभर, अंशुल गढ़वाल, देवेंद्र शर्मा, जतिन चौधरी, शोएब खान, भारत प्रजापत, युवराज सिंह खींची, अजय कुमार बेनीवाल, परवेज, दिव्य प्रताप सिंह, राम मोहन, अजय गिगना, जुबैद खान और ऋत्विक सिंह ने शानदार शतक जमाए। वहीं धर्मवीर सैनी, मयंक सारस्वत और आदित्य सैनी शतक से चूक गए। जयपुर और सीकर के बीच मुकाबला रहा रोमांचक जयपुर और सीकर के बीच मुकाबला सबसे रोमांचक रहा। जयपुर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 354 रन बनाए। रोहन राजभर ने 146 और मनेंद्र सिंह ने 101 रन की शानदार पारी खेली। जवाब में सीकर ने भी 9 विकेट पर 354 रन बनाकर मैच टाई करा लिया। सीकर की ओर से अंशुल गढ़वाल ने 146 रन बनाए, जबकि धर्मवीर सैनी 99 रन बनाकर शतक से एक रन दूर रह गए। अलवर ने बाड़मेर को 53 रन से हराया। सचिन यादव के 139 रन की बदौलत अलवर ने 330 रन बनाए। जवाब में बाड़मेर की टीम 277 रन ही बना सकी। राहुल चौधरी और गिरधारी राम ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। करौली ने डूंगरपुर को हराया करौली ने डूंगरपुर को 8 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डूंगरपुर की टीम 172 रन पर सिमट गई। करौली के जय गोयल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। जवाब में राजकुमार सैनी की नाबाद 76 रन की पारी की मदद से करौली ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। सवाई माधोपुर ने जैसलमेर को 86 रन से शिकस्त दी। शोएब खान ने 133 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। वहीं गेंदबाजी में मंजीत ने 4 विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। सिरोही ने प्रतापगढ़ को 134 रन से हराया। मयंक सारस्वत 99 रन बनाकर शतक से चूक गए। गेंदबाजी में प्रणव शर्मा ने 4 विकेट झटके और प्रतापगढ़ की टीम को 131 रन पर समेट दिया। उदयपुर ने पाली को हराया उदयपुर ने पाली को एकतरफा मुकाबले में 9 विकेट से हराया। हर्षित दक ने 4 विकेट लेकर पाली को 127 रन पर रोक दिया। इसके बाद करण सिंह और यश सांखला की पारियों की मदद से उदयपुर ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। चित्तौड़गढ़ ने चूरू को 8 विकेट से हराया। श्रेष्ठ बृजेश पंत ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। इसके बाद हर्षवर्धन और रमन की पारियों से टीम ने जीत दर्ज की। दौसा ने बारां को 18 रन से हराया। बारां की ओर से जतिन चौधरी ने 102 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम लक्ष्य से पीछे रह गई। दौसा के दिव्यांशु शर्मा ने 4 विकेट लेकर मैच पलट दिया। भीलवाड़ा ने हनुमानगढ़ को 103 रन से हराया। जयवर्धन सिंह और कपिल चौधरी की पारियों के बाद गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। हनुमानगढ़ की ओर से आदित्य सैनी 93 रन बनाकर शतक से चूक गए। कोटा और बांसवाड़ा के बीच हाई स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिला। बांसवाड़ा ने 309 रन बनाए, लेकिन कोटा ने दिव्य प्रताप सिंह के शानदार 133 रन की बदौलत 5 विकेट से मैच जीत लिया। अमन प्रजापति ने गेंदबाजी में 5 विकेट झटके। नागौर ने श्रीगंगानगर को 5 विकेट से हराया। महिपाल लोमरोर ने 103 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई। झालावाड़ ने अजमेर को 98 रन से हराया। राम मोहन ने 141 रन की शानदार पारी खेली, जबकि गेंदबाजों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। बीकानेर ने भरतपुर को 122 रन से हराया। बीकानेर की ओर से अजय गिगना ने 110 और जुबैद ने 119 रन बनाए। जवाब में भरतपुर के ऋत्विक सिंह ने 100 रन की पारी खेली, लेकिन टीम हार गई। झुंझुनूं ने जोधपुर को 7 विकेट से हराया। जोधपुर की ओर से युवराज सिंह खींची ने 122 रन बनाए, लेकिन झुंझुनूं के अजय कुमार बेनीवाल और परवेज की शतकीय पारियों के आगे टीम टिक नहीं सकी। जालोर ने बूंदी को 2 विकेट से हराया। बूंदी के देवेंद्र शर्मा ने 114 रन बनाए, लेकिन जालोर के भारत प्रजापत ने नाबाद 118 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को रोमांचक जीत दिला दी।
फिरोजाबाद में बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार शाम पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। एडीजी एसके भगत, डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसएसपी आदित्य लांगहे के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने शहर में मार्च किया। यह फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे तथा सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। एडीजी एसके भगत ने अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई लापरवाही न हो। एसएसपी आदित्य लांगहे ने बताया कि जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फ्लैग मार्च में पुलिस बल के जवानों के साथ पीएसी और अन्य सुरक्षा इकाइयों के कर्मी भी शामिल थे। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ दिखी।
ईद-उल-जुहा के मौके पर गुरुवार को जयपुर शहर में बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मस्जिद, जामा मस्जिद जौहरी बाजार सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे। मुख्य नमाज सुबह 8 बजे ईदगाह पर होगी। त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और आमजन को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग प्रतिबंध लागू किए हैं। ईदगाह और पुरानी शहर सीमा में रहेगा ट्रैफिक प्रतिबंध ट्रैफिक पुलिस के अनुसार ईदगाह पर नमाज के दौरान टीपी नगर से धोबीघाट चौराहे तक सामान्य यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। धोबीघाट की तरफ जाने वाले वाहनों को रामगढ़ मोड़ की तरफ डायवर्ट किया जाएगा, जबकि टीपी नगर से यातायात को गुरुद्वारा मोड़ और रोटरी सर्किल की ओर भेजा जाएगा। रामगढ़ मोड़ से धोबीघाट की तरफ जाने वाले वाहनों को सुभाष चौक, माउंट रोड और जलमहल की तरफ मोड़ा जाएगा। दिल्ली रोड और आगरा रोड पर भी रहेगा डायवर्जन दिल्ली से जयपुर आने वाले भारी वाहनों और बसों को चंदवाजी से एक्सप्रेस हाईवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। रोडवेज बसें एक्सप्रेस हाईवे, वीकेआई रोड नंबर-14, सीकर रोड, चोमू तिराहा और पानीपेच तिराहा होकर सिंधी कैंप पहुंचेंगी। आगरा रोड से आने वाले भारी वाहनों को रिंग रोड पर डायवर्ट किया जाएगा, जबकि सामान्य यातायात को रोटरी सर्किल, जवाहर नगर बाईपास और गुरुद्वारा मोड़ की तरफ मोड़ा जाएगा। जौहरी बाजार और एमडी रोड पर पार्किंग रहेगी बंद जौहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद के सामने नमाज के दौरान किसी भी प्रकार के वाहनों की पार्किंग नहीं होगी। बड़ी चौपड़ से सांगानेरी गेट तक सामान्य यातायात बंद रहेगा। बड़ी चौपड़ से यातायात को त्रिपोलिया बाजार की तरफ तथा सांगानेरी गेट से मिनर्वा चौराहा और रामनिवास बाग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। एमडी रोड पर मिनर्वा चौराहा से म्यूजियम रोड तक नमाज के दौरान सामान्य यातायात और पार्किंग दोनों प्रतिबंधित रहेंगी। म्यूजियम रोड से वाहनों को रामनिवास बाग के अंदर की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। आमजन से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ईद-उल-जुहा के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक एवं समानांतर मार्गों का उपयोग करें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
गाजियाबाद के दबंग टीचर के परिवार ने बिजनेसमैन की पत्नी और बेटी पर हमला बोल दिया। जमीन पर गिराकर पीटा गया। इस दौरान पीड़ित घर में जान बचाने के लिए भागे जो वहां भी हमला बोला। मारपीट करने वाला आरोपी शिक्षक हैं, जिनका पुरानी रंजिश चल रही है। सरेआम सड़क पर मारपीट की सीसीटीवी भी सामने आई है। पीड़ित बिजनेसमैन की पत्नी ने मुरादनगर थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित डागर विहार कॉलोनी फेस 1 की है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामलागाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित डागर विहार कॉलोनी फेस 1 निवासी आदेश शर्मा का बिजनेस है। वह गाजियाबाद और दूसरे शहरों में इलेक्ट्रिक सामान सप्लाई कराते हैं। आदेश शर्मा की पत्नी रजना शर्मा ने बताया- 25 मई दोपहर करीब 2:30 बजे मैं अपने परिवार के साथ घर में थी। जहां पड़ोस में रहने वाले मुकेश शर्मा ने अपनी पत्नी अर्चना शर्मा, बेटे निशि शर्मा घर के बाहर आए और मेरी बेटी तान्या शर्मा के साथ अपशब्द कहे। बेटी ने विरोध किया तो आरोपी गालियां देकर मारपीट करने लगे। सड़क पर गिराकर बरसाए लाठी डंडेदेखते ही देखते मामला हिंसक झगड़े में बदल गया। लाठी-डंडों से हमला कर मेरे और मेरे परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई। आरोपी पक्ष के लोग सड़क पर एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में महिलाएं भी हाथापाई और मारपीट करती नजर आ रही हैं। आरोपियों ने बिजनेसमैन की पत्नी रचना शर्मा और बेटी तान्या पर आरोपियों ने 40 डंडे बरसाए। जहां मुकेश शर्मा के परिवार के सभी लोगों पर लाठी डंडे दिख रहे हैं। जिसके बाद वह धमकी देते हुए फरार हो गए। मैं बता नहीं सकती कि कितने डंडे मारेपीड़ित रजना शर्मा ने बताया- ये लोग पहले भी धमकी दे चुके हैं। मेरी बेटी और मुझे इतना मारा कि मैं बता नहीं सकती। पड़ोस के किसी ने भी जान नहीं बचाई। हम थाने गए और पूरी घटना बताई। जिसके बाद पुलिस ने तहरीर पर धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शिक्षक मुकेश शर्मा, उनकी पत्नी अर्चना शर्मा और निशि के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुकेश शर्मा और उनकी पत्नी बेसिक शिक्षा में टीचर हैं। वीडियो की जांच की जा रहीएसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया- सीसीटीवी के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच में आया कि दोनों परिवार पूर्व से रंजिश रखते हैं। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें AC में हंता जैसे वायरस से रातभर खांस रहे लोग, उल्टी-लूज मोशन आ रहा, लंग्स पर अटैक; इन जगहों पर रहने से बचें लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच लगातार खांसी और जुकाम के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। 28 वर्षीय निखिल भी कई दिनों से लगातार खांसी से परेशान हैं। हालत यह है कि रातभर खांसने की वजह से उन्हें नींद तक नहीं आ रही थी। परेशान होकर वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गर्मी, धूल, प्रदूषण और संक्रमण को इसकी बड़ी वजह बताया। पूरी खबर पढ़ें
सिरसा नगर परिषद के चेयरमैन वीर शांति स्वरूप आज बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले। इस दौरान सीएम नायब सैनी को शहर में सड़कों एवं गलियों की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। चेयरमैन वीर शांति ने शहर में सड़कों व गलियों की समस्या का ठीकरा ठेकेदारों एवं पब्लिक हेल्थ पर फोड़ दिया है। इसे लेकर चेयरमैन वीर शांति ने मुख्यमंत्री सैनी को शहर की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि शहर में सीवरेज एवं पेयजल पाइप लाइन के कार्य में पब्लिक हेल्थ का सहयोग नहीं मिल रहा है, जिस कारण संबंधित ठेकेदार भी अपना काम जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं। सभी कार्य अस्त-पस्त है। नगर परिषद में रिक्त पदों की समस्या से भी अवगत कराया। इस पर उन्होंने सीएम से कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सिरसा दौरा है। वे इस बार ग्रीवांस मीटिंग में आने वाले हैं। शहर की समस्याओं को लेकर आमजन में काफी रोष है, क्योंकि सड़कों व गलियों की बदहाली है और सीवरेज व पेयजल की भारी समस्या है। इससे पहले वे सीएम से मिलने चंडीगढ़ पहुंच गए, ताकि इन कार्यों पर अमल किया जा सके। सीएम से कहा, कई कार्यों की स्वीकृति मिली, पर काम धीमा चल रहा जैसा कि चेयरमैन की ओर से सीएम को पत्र सौंपा गया है, उसमें लिखा है कि शहर में अनेक गलियां एवं सड़कों की स्वीकृति मिलने के बावजूद वहां सीवर लाइन व पेयजल पाइपलाइन नहीं डाली गई है। कई क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई है। यदि पेयजल व सीवर लाइन नहीं डाली गई तो नई सड़कें दोबारा उखाड़नी पड़ेगी, जिससे डबल धन का खर्च होगा। अमृत योजना के तहत शीघ्र पेयजल व सीवर लाइन का कार्य करवाया जाए। सीएम को सौंपे पत्र में इन समस्याओं का जिक्र नगर परिषद में पिछले काफी समय से कई पद रिक्त पड़े, जिस कारण आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे। वार्डों में टेंडर समय पर जारी नहीं हो रहे। मकानों के नक्शे समय पर पास नहीं हो रहे। शहर में पेयजल की भारी समस्या है। नगर परिषद की नई बिल्डिंग को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। संबंधित ठेकेदार ये कहकर जिम्मेदार टाल देते हैं कि पब्लिक हेल्थ सहयोग नहीं कर रहा।
छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) का तीसरा सीजन 3 जून से शुरू होने जा रहा है। इस बार मैच देखने आने वाले दर्शकों को बाइक से लेकर हजारों रुपए तक के कैश प्राइज जीतने का मौका मिलेगा। उद्घाटन और फाइनल मैच में खास लकी ड्रॉ रखा जाएगा, जबकि लीग मैचों में भी 10 दर्शकों को 10-10 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की ओर से टूर्नामेंट का आयोजन 3 जून से 14 जून 2026 तक नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। पहला मुकाबला 3 जून की रात 9 बजे रायपुर राइनोज और राजनांदगांव पैंथर्स के बीच खेला जाएगा। मैच शुरू होने से पहले शाम 7:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। टिकट फ्री, लेकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी आयोजकों के मुताबिक दर्शकों के लिए सभी टिकट मुफ्त रहेंगे। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के जरिए की जाएगी। मैच वाले दिन ऑनलाइन टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाकर स्टेडियम से फिजिकल टिकट लिया जा सकेगा। टिकट के पीछे दिए गए लकी ड्रॉ कूपन से दर्शकों को कई इनाम जीतने का मौका मिलेगा। टिकट के काउंटर पार्ट को संभालकर रखना होगा। हर दिन मैच के इनिंग ब्रेक में कूपन निकाले जाएंगे और विजेताओं के नाम बड़ी स्क्रीन पर दिखाए जाएंगे। ओपनिंग और फाइनल मैच में मिलेंगे बड़े इनाम 3 जून के उद्घाटन मैच और 14 जून के फाइनल मुकाबले में पहला इनाम टू-व्हीलर वाहन होगा। इसके अलावा 40 हजार रुपए, 30 हजार रुपए, 25 हजार रुपए, 22,500 रुपए, 20 हजार रुपए, 18 हजार रुपए, 16,500 रुपए और 14-14 हजार रुपए तक के कैश प्राइज भी दिए जाएंगे। लीग मैचों में 10 दर्शकों को मिलेगा 10-10 हजार रुपए 4 जून से 12 जून तक होने वाले लीग मैचों में 10 दर्शकों को 10-10 हजार रुपए का इनाम मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि इस बार टूर्नामेंट में क्रिकेट के साथ एंटरटेनमेंट और दर्शकों के लिए कई एक्टिविटी भी रखी गई हैं।
इटावा में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। बुधवार देर शाम डीएम, एसएसपी समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शहर में फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फ्लैग मार्च के दौरान डॉग स्क्वायड और ड्रोन कैमरों की मदद से शहर के प्रमुख इलाकों पर निगरानी रखी गई। शहर के प्रमुख मार्गों पर निकाला गया फ्लैग मार्च फ्लैग मार्च शास्त्री चौराहा से शुरू होकर पचराहा तक निकाला गया। इस दौरान पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों, बाजारों और मुख्य चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे रूट की निगरानी की गई। कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद फ्लैग मार्च में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एडीएम विपिन कुमार, एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम विक्रम सिंह राघव, ईओ संतोष मिश्रा और तहसीलदार राजकुमार, सीओ रामगोपाल शर्मा, समेत कई थानों का पुलिस फोर्स मौजूद रहा। त्योहार को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क अधिकारियों ने बताया कि बकरीद के त्योहार को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। ईदगाहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना है।
हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नीति निवास में बुधवार शाम लगभग 6.30 बजे नाली निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय के पास बन रही नाली के दौरान अचानक स्कूल की पुरानी दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक राजमिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। प्राथमिक विद्यालय के पास चल रहा था नाली निर्माण गांव नीति निवास में ग्राम पंचायत निधि से गंदे पानी की निकासी के लिए प्राथमिक विद्यालय के पास नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा था। निर्माण स्थल पर करीब 15 राजमिस्त्री और मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान विद्यालय की पुरानी दीवार अचानक गिर गई। दीवार के मलबे में राजमिस्त्री डालचंद (45), सोनपाल (55) और मजदूर मोहित (25) दब गए। तीनों गांव नीति निवास के निवासी बताए गए हैं। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने रास्ते में तोड़ा दम हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबा हटाया और तीनों को बाहर निकाला। तब तक राजमिस्त्री डालचंद की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल मोहित को उपचार के लिए आगरा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं घायल सोनपाल का उपचार चल रहा है और चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम मनीष चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक एएन अस्थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। तहसीलदार हेमंत चौधरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विदिशा में आगामी बकरीद और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए बुधवार को पुलिस ने जिलेभर में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला। जिला मुख्यालय सहित कई थाना क्षेत्रों में भारी पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर हुआ फ्लैग मार्च यह फ्लैग मार्च पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में निकाला गया। इसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश देना था। जिला मुख्यालय में फ्लैग मार्च कोतवाली और सिविल लाइन क्षेत्र से शुरू होकर तिलक चौक, बड़ा बाजार, रामलीला चौराहा, बस स्टैंड, सब्जी मंडी, नीमताल तिराहा, अहमदपुर तिराहा और खरी फटक ओवरब्रिज जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरा। शांति और भाईचारे की अपील इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। साथ ही किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न देने की सलाह दी गई। जिला मुख्यालय के अलावा गुलाबगंज, ग्यारसपुर, उनारसीकला, त्योंदा और मुगलसराय थाना क्षेत्रों में भी फ्लैग मार्च निकाला गया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रमुख बाजारों और चौराहों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस कंट्रोल रूम से 24 घंटे स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अफवाहें फैलाने पर होगी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। शांति भंग करने, अफवाह फैलाने या असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएग
सहारनपुर में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) और भीषण गर्मी के मद्देनजर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। बुधवार शाम सर्किट हाउस में डीएम अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के अधिकारियों ने जिले की बिजली समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्याप्त बिजली समस्याओं, जैसे लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग, जर्जर बिजली लाइनें, ओवरलोडिंग और खराब ट्रांसफार्मरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सांसद और विधायकों के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती गर्मी के साथ बिजली संकट गहरा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कई क्षेत्रों में घंटों बिजली कटौती और लो वोल्टेज की लगातार मिल रही शिकायतों का उल्लेख किया। इस पर डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों और गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होनी चाहिए। डीएम ने सभी विद्युत उपकेंद्रों पर सतर्कता बढ़ाने और फॉल्ट होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर बदला जाए और बिजली लाइनों के अनुरक्षण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया गया। बैठक में उपस्थित मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करें और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित सर्वोपरि है और बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
फ़रीदाबाद के गौछी गांव में खुलेआम कबाड़ जलाकर वायु प्रदूषण फैलाने का मामला सामने आया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शिकायत पर थाना मुजेसर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बल्लभगढ़ रीजन कार्यालय को गौछी गांव में अवैध रूप से कबाड़ जलाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव में खुले में वेस्ट स्क्रैप और कबाड़ को आग लगाई जा रही है, जिससे आसपास के इलाके में भारी धुआं फैल रहा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुले स्थान पर जताया जा रहा था कबाड़ शिकायत मिलने के बाद बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता पुनीत पाठक ने 21 मई को सुबह करीब 10:19 बजे अपनी टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि गौछी गांव स्थित एक स्थान पर खुलेआम कबाड़ जलाया जा रहा था। जलते हुए स्क्रैप से निकलने वाले धुएं के कारण आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा था। जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने भरतलाल, चरण सिंह और जीत राम निवासी गौछी गांव को कथित रूप से कबाड़ जलाते हुए पाया। टीम ने मौके की तस्वीरें भी लीं और पूरे मामले की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि संबंधित लोग अवैध रूप से वेस्ट स्क्रैप को आग लगाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे थे, जो पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है। थाना मुजेसर पुलिस ने दर्ज किया केस इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से थाना मुजेसर पुलिस को शिकायत भेजकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया। मामले की जांच के लिए संजय कॉलोनी पुलिस चौकी में तैनात एएसआई बेदराम मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस द्वारा शिकायत और निरीक्षण रिपोर्ट की जांच करने के बाद प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया। इसके बाद थाना मुजेसर में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
अलवर में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच खूनी झगड़ा हो गया। राजगढ़ थाना क्षेत्र के ईशवाना गांव में बुधवार दोपहर खेत की डोल टूटने को लेकर यह विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इसमें एक पक्ष के चार लोग घायल हो गए। घायलों को राजगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से दो लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। झगड़े का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते और शोर मचाते दिखाई दे रहे हैं। गांव के लोग बीच-बचाव करते नजर आए। देखें झगड़े से जुड़ी PHOTOS खेत जाते समय थप्पड़ मारा, फिर लाठी-डंडों से हमला घायल हेमा मीणा ने बताया कि वह खेत से तूड़ा लेने गई थी। पहले अपनी बेटी को भेजा था, लेकिन आरोपियों ने उसे थप्पड़ मारकर भगा दिया। जब मैं खुद चारा लेने पहुंची तो आरोपियों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में कई लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए और हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि विवाद चाचा-ताऊ के परिवारों के बीच खेत की डोल को लेकर हुआ। इससे पहले ट्रेक्टर से खेत की डोल टूट गई थी, जिसके बाद ये हमला किया गया। लाठी-डंडों से हमले का आरोप घायल पक्ष में हेमा मीणा, लाली मीणा, प्रेम सहित अन्य लोग घायल हुए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के हरबल, भोलाराम, बादल, संजू, आसु, सचिन, विमला सहित अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। बताया जा रहा है कि घायल पक्ष ने खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर बुलाया था। इसी दौरान ट्रैक्टर से दूसरे पक्ष के खेत की डोल टूट गई, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया। सूचना पर राजगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत करवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
एटा में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बुधवार देर शाम जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह पैदल गश्त थाना कोतवाली क्षेत्र के पटियाली गेट चौकी, रेवाड़ी मोहल्ला और किदवई नगर सहित विभिन्न संवेदनशील इलाकों में की गई। इस दौरान अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, संभ्रांत व्यक्तियों और गणमान्य लोगों से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आमजन से आपसी भाईचारे तथा सौहार्द के साथ बकरीद पर्व मनाने की अपील की। जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने या माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को देने का आग्रह किया। अधिकारियों ने नमाज स्थलों और उनके आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को पर्व के दौरान बेहतर साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो। पैदल गश्त के दौरान स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल, अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर कृतिका सिंह और क्षेत्राधिकारी यातायात संजय सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नगर निगम कमिश्नर ने विकास कार्यों का निरीक्षण किया:समय पर काम न होने पर भुगतान रोकने की चेतावनी
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बुधवार को नगर निगम और स्मार्ट सिटी की विभिन्न विकास परियोजनाओं का दिनभर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों में हो रही देरी पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। आयुक्त ने गोले का मंदिर स्थित कन्वेंशन सेंटर, सचिन तेंदुलकर मार्ग, सिरोल की प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर निगम संग्रहालय का जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर से हुई। आयुक्त ने काम की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों, कंसलटेंट तथा ठेकेदार को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 जून तक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण पूरा करने के लिए प्रत्येक मंजिल के हिसाब से कार्ययोजना बनाने को कहा। आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ, तो भुगतान रोक दिया जाएगा और संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा। बारिश से पहले डामर की सड़क बिछाने के निर्देश इसके बाद आयुक्त ने सचिन तेंदुलकर मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले सड़क के एक हिस्से पर डामर की परत बिछाई जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवागमन बाधित न हो और नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सड़क निर्माण में गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सिरोल स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना का जायजा लेते हुए आयुक्त ने तीन दिन के भीतर निर्मित दुकानों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एमआईजी श्रेणी के लाभार्थियों को 1 जून तक रजिस्ट्री संबंधी पत्र जारी करने और एलआईजी श्रेणी के लाभार्थियों को 15 जून तक सूचना पत्र भेजने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, योजना क्षेत्र में विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण कार्य 20 जून तक पूरा करने को कहा गया। निगमायुक्त ने नगर निगम संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने सिटी प्लानर महेंद्र अग्रवाल को निर्देश दिए कि उपलब्ध बजट में शेष कार्यों की संभावनाओं का आकलन करें और अतिरिक्त धनराशि के लिए प्रस्ताव तैयार करें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) के एग्जाम के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का ठेका दिया है, उसके पहले नाम ग्लोबारिना था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। वहीं, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। CBSE आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE बोला- चयन प्रक्रिया के बाद COEMPT को ठेका दिया CBSE का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर COEMPT कंपनी को यह ठेका दिया गया। हर चौथे छात्र ने स्कैन कॉपी मांगी, किसी भी बोर्ड में ऐसा पहली बार सीबीएसई 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों की असाधारण प्रतिक्रिया सामनेे आई है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हर चौथे छात्र ने इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा में बैठे 17,68,962 छात्रों में से 4,04,319 यानी 22.85% ने उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी है। इन छात्रों ने कुल 11,31,961 आंसरशीट मांगी हैं। इनमें से 8,98,214 आंसरशीट मंगलवार शाम तक छात्रों को भेजी जा चुकी थीं। पिछले साल के मुकाबले ये 4 गुना ज्यादा हैं। देश के किसी भी बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। बोर्ड की वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अब भी कुछ आवेदन अटके हुए हैं। इनके उचित पेमेंट सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड ने बताया कि स्कैन आंसर शीट से जुड़े पेंडिंग आवेदन 27 मई तक पूर कर लिए जाएंगे। 29 मई से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। अधिकारी ने कहा कि जिस समय अंतिम आंसरशीट जारी होगी, उसके दो दिन बाद तक पुनर्मूल्यांकन के आवेदन का विंडो खुला रहेगा। बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों को अपनी आंसरशीट को लेकर शिकायत है, वे अंकों के सत्यापन या प्रति सवाल पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2025 में 2 लाख 82 हजार आंसरशीट मांगी 2025 में 1,31,000 छात्रों ने अपनी 2,82,000आंसरशीट मांगी थी। इनमें से 50 हजार छात्रों ने मिले अंक से असंतुष्ट होने पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इनमें से 31 हजार छात्रों के अंक बढ़ गए और करीब एक से डेढ़ हजार छात्रों के अंक कम हो गए। 18 हजार छात्रों के अंकों में कोई फेरबदल नहीं हुआ। हालांकि, नंबर कम होने पर घटाए नहीं जाते, बल्कि यथावत रहते हैं। इस बार 12वीं परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन किया गया, इसके लिए सभी आंशरशीट स्कैन की गई थी। ……………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्योरिटी नहीं 19 साल के एक स्टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें…
धार की ऐतिहासिक भोजशाला बुधवार को एक बार फिर चर्चा में रही। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री अपने इंदौर-धार प्रवास के दौरान भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले श्री धारेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद भोजशाला पहुंचकर माँ सरस्वती के दर्शन किए। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश अध्यक्ष आशीष जनक, इंदौर हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनय जोशी, आशीष गोयल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा देशभर में 200 से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। इनमें कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, मां श्रृंगार गौरी मंदिर और भोजशाला जैसे कई प्रमुख मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रकरणों में धर्म और संस्कृति संरक्षण की भावना प्रमुख रही है। 'अगले 6 महीने में विजय मंदिर मामले की याचिका लगाएंगे'धार प्रवास के दौरान उन्होंने जिले के एक और चर्चित धार्मिक स्थल विजय मंदिर-लाट मस्जिद मामले को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आगामी छह महीने के भीतर इस मामले को लेकर भी याचिका दायर की जाएगी। यह स्थल भी विवादों में रहा है, जहां हिंदू समाज इसे विजय मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समाज इसे लाट मस्जिद कहता है। मुस्लिम समाज साल में दो बार ईद और बकरा ईद पर यहां नमाज अदा करता है, वहीं हिंदू समाज विजयदशमी पर पूजा-अर्चना करता है। भोजशाला आंदोलन और न्यायालय के निर्णय को लेकर रंजना अग्निहोत्री ने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक निर्णय का श्रेय केवल एक व्यक्ति या संगठन को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि भोजशाला की ऐतिहासिक विजय सामूहिक प्रयास, समाज के सहयोग और लंबी कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है। उनकी भोजशाला में मौजूदगी और विजय मंदिर-लाट मस्जिद को लेकर दिए गए संकेतों के बाद जिले में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र मंडीदीप इन दिनों गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। यहां की वायु गुणवत्ता (AQI) लगातार 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुस्ती के कारण स्थानीय निवासियों और श्रमिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। दिल्ली से भी बदतर हालात, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता मंडीदीप में प्रदूषण की स्थिति कितनी भयावह है, इसका अंदाजा पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 25 मई को AQI 152 और 26 मई को 196 दर्ज किया गया, जबकि आज यह 155 पर रहा। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में यहां का सूचकांक 393 तक पहुंच गया था, जो उस समय दिल्ली के प्रदूषण स्तर से भी अधिक था। नियमों के मुताबिक, चिमनियों की ऊंचाई बढ़ाने और उन पर कंपनी का नाम लिखने का निर्णय लिया गया था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है। कैंसर और फेफड़ों की बीमारियाें का खतरा सिविल अस्पताल के डॉ. विवेक नागर ने चेतावनी दी है कि यह जहरीला धुआं जानलेवा साबित हो रहा है। चिमनियों के आसपास काम करने वाले मजदूरों में नोजल कैविटी (नाक और दिमाग का कैंसर) होने की आशंका रहती है। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र के पास रहने वाले नागरिकों में फेफड़ों और आंतों के कैंसर सहित सांस संबंधी गंभीर बीमारियां तेजी से पनप रही हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लापरवाह कारखाना संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न किए जाने से लोगों में आक्रोश है। वहीं चिकित्सा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि औद्योगिक क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोग मास्क का उपयोग करें और सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत जांच कराएं। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी बृजेश शर्मा ने बताया- अब एनजीटी के आदेशानुसार चिमनियों में 'कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग सिस्टम' लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे निकलने वाले धुएं की चौबीसों घंटे निगरानी और रिकॉर्डिंग हो सकेगी।
बलौदा बाजार पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना सुहेला थाना पुलिस ने एक तस्कर का करीब 15 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस को ‘समाधान सेल’ के जरिए सूचना मिली थी कि ग्राम साराडीह में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर तेज रफ्तार में भागा तस्कर पुलिस के अनुसार, पीछा किए जाने का आभास होते ही आरोपी ने अपनी मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार (CG04 DX 2444) तेज रफ्तार से भगानी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने हाईवे और संकरी सड़कों पर लगभग 15 किलोमीटर तक उसका पीछा किया। बचने की कोशिश में आरोपी अपने गांव की एक बंद गली में घुस गया, जहां पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन रोक लिया और मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 50 पाव देशी मसाला शराब जब्त तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 50 पाव देशी मसाला शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 हजार रुपये बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल मिरी (26) और कुशल ध्रुव (23) के रूप में हुई है। दोनों ग्राम साराडीह के निवासी हैं। समाधान सेल की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस ने बताया कि जिले में आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए ‘समाधान सेल’ शुरू किया गया है। हेल्पलाइन नंबर 94792 20392 पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से शराब, सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना दी जा सकती है। इसी सेल से मिली सूचना के आधार पर सुहेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
भिलाई में साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के साथ हुई ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के 6 आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ठगों ने व्यापारी के एकाउंटेंड से अपने खाते में 20 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके अगले दिन दोबारा 48 लाख रुपए की डिमांड की थी। जिसके बाद व्यापारी ने सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ठगों ने पहले कंपनी के एकाउंटेंट को APK फाइल भेजी। एकाउंटेंट ने गलती से वह फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद एकाउंटेंट के मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। आरोपी कई दिनों तक मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखते रहे और कंपनी के लेनदेन की पूरी जानकारी जुटा ली। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने कंपनी से 20 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। कई दिनों से जुटा रहे थे जानकारीपुलिस जांच में पता चला कि ठगों ने सबसे पहले एकाउंटेंट के मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल करवाई थी। यह फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का कंट्रोल आरोपियों के पास पहुंच गया। वे मोबाइल के मैसेज, कॉल, फोटो और व्हाट्सएप गतिविधियां लगातार देखते रहे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कंपनी के डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा आस्ट्रेलिया जा रहे हैं मालिक के बाहर जाते ही आरोपियों ने एकाउंटेंट के मोबाइल से उनकी फोटो निकाली और उसी फोटो को डीपी में लगाकर उन्होंने कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा। चूंकि कंपनी में डायरेक्टरों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पेमेंट की प्रक्रिया चलती थी, इसलिए एकाउंटेंट को शुरुआत में शक नहीं हुआ। म्यूल खातों का किया इस्तेमाल, रायपुर में रह रहे थेपुलिस ने राजस्थान के रहने वाले इन सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायपुर में रह रहे थे। सभी बेरोजगार हैं। मोबाइल का एक्सेस लेने के बाद ठगों ने यह भी पता लगाया कि कंपनी किसे नियमित पेमेंट करती है और किन खातों में पैसा भेजा जाता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने 20 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन जब आरोपियों ने 48 लाख रुपए और भेजने का मैसेज किया, तब एकाउंटेंट को मामला संदिग्ध लगा। पैसे का ट्रांसफर म्यूल खातों में किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.20 लाख रुपए नकद, 6 मोबाइल, 10 डेबिट कार्ड, कई बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किया गिरफ्तारशिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और रायपुर में लगातार होटल बदलकर रह रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी तनिष्क होटल और आसपास के इलाकों में ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अलग-अलग शहरों में किराए के मकान और होटल में रहकर साइबर ठगी करते थे। आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कर कमीशन बांटते थे। 3 बीकानेर और 3 आरोपी जोधपुर के रहने वाले हैं- मुरली जनागल पिता आशुराम जी जनागल उम्र 19 वर्ष निवासी अमरपुरा थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- गोपाल सोनी पिता मदनमोहन सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी चीपड़ाबाड़ी थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- मोती सिंह पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी सोइरा शेरगढ़ थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान- मोतीलाल शर्मा पिता गोपीकिशन शर्मा उम्र 18 वर्ष निवासी बापीनी थाना पतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान- बनवारी शर्मा पिता रामेश्वरलाल शर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी गंगाशहर बाफना स्कूल के सामने जिला बीकानेर राजस्थान- पंकज शर्मा पिता अण्डभद्रा राव उम्र 24 वर्ष निवासी थाना लोहावट जिला जोधपुर राजस्थान
बुरहानपुर में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने मंगलवार शाम शहर में फ्लैग मार्च निकाला। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देशन में एएसपी अंतर सिंह कनेश और सीएसपी गौरव पाटिल के नेतृत्व में यह मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च कोतवाली थाने से शुरू होकर फूल चौक, गांधी चौक, कमल चौक, शिवकुमार प्रतिमा, जयस्तंभ, मंडी चौक होते हुए कंट्रोल रूम पर समाप्त हुआ। भड़काऊ पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी पुलिस ने बताया कि पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में फिक्स पिकेट लगाए गए हैं। इसके साथ ही मोबाइल और बाइक पार्टियां लगातार गश्त कर रही हैं। टेक्निकल टीम सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करने, उसे फॉरवर्ड करने या लाइक करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई थानों का पुलिस बल रहा शामिल फ्लैग मार्च में आरआई सुनील दीक्षित, कोतवाली, शिकारपुरा, गणपति नाका, लालबाग और यातायात थानों के प्रभारी सहित सभी थानों का बल शामिल रहा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी साझा न करें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
गुरु तेग बहादुर स्कूल क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए वार्म अप मुकाबले में गुरु तेग बहादुर क्रिकेट हॉस्टल अकादमी ने ऋषभ क्रिकेट अकादमी को 7 रन से हराकर जीत दर्ज की। टॉस जीतकर ऋषभ क्रिकेट अकादमी ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुरु तेग बहादुर क्रिकेट हॉस्टल अकादमी ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 217 रन बनाए। टीम की ओर से दीपांशु ने 65 रन की शानदार पारी खेली, जबकि अक्ष ने 43, कबीर ने 41 और सागर ने 30 रन बनाए। गेंदबाजी में ऋषभ क्रिकेट अकादमी की ओर से अर्णव ने 3 विकेट लिए।कार्तिक और सागर को 2-2 सफलता मिली। 218 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऋषभ क्रिकेट अकादमी की टीम 19.3 ओवर में 210 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से धैर्य ने 75 रन बनाए, जबकि अक्षय ने 42, देवांश ने 35 और विराट ने 32 रन का योगदान दिया। गुरु तेग बहादुर क्रिकेट हॉस्टल अकादमी की ओर से प्रत्यक्ष ने 3 विकेट झटके। युग और आदित्य ने 2-2 विकेट लिए, जबकि मन्नू और देवांश को 1-1 सफलता मिली। क्रिकेट कोच अतहर अली ने बताया कि ईद के चलते गुरुवार को कोई मुकाबला नहीं खेला जाएगा। शुक्रवार को दूसरा वार्म अप मैच खेला जाएगा।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने एसीएस होम और डीजीपी को नोटिस जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस बीएस संधू की खंडपीठ ने नोटिस जारी करके पूछा-पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रावधानों का पालन हुआ था या नहीं? बेंच ने यह नोटिस महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए। याचिका में कहा गया था कि एसीबी ने 7 मई को उनके पिता को गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान एसीबी के अधिकारियों ने परिजनों को गिरफ्तारी के कारणों की लिखित जानकारी नहीं दी। अब 10 जून को मामले की अगली सुनवाई होगी। गिरफ्तारी, रिमांड सहित पूरी कार्रवाई अवैध याचिकाकर्ता के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के समय उसके कारणों की लिखित जानकारी आरोपी उसके परिजनों को दी जाएगी। यहां इस कानूनी प्रावधान का पालन नहीं किया गया। ऐसे में पूर्व मंत्री की यह गिरफ्तारी पूरी तरह से गैर-कानूनी और अवैध हो गई है। साथ ही गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिया गया पुलिस रिमांड और आगे की तमाम कानूनी कार्रवाई भी प्रक्रियात्मक खामियों के चलते अवैध हो गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि नियमों की अनदेखी को देखते हुए उनके पिता को तुरंत रिहा किया जाए। सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर बहस पूरी जेजेएम घोटाले में पहले से गिरफ्तार पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर एसीबी कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। एसीबी कोर्ट शुक्रवार को इस पर फैसला सुना सकता है। साथ ही मामले के अन्य आरोपी शुभांशु दीक्षित, निरील कुमार, सुशील कुमार, दिनेश गोयल व अरुण श्रीवास्तव की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में भी बहस पूरी हो गई। हाईकोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया, और जल्द ही इस पर फैसला सुनाएगा। --- महेश जोशी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. शादी की सालगिरह पर महेश जोशी गिरफ्तार:सुबह 4:30 बजे ACB पूर्व मंत्री के घर पहुंची; बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया है। जल जीवन मिशन (JJM) में हुए करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले में एसीबी की SIT ने यह कार्रवाई की है। आज ही जोशी की शादी की सालगिरह भी है। पढ़ें पूरी खबर
ऑनलाइन टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच देकर एक महिला से लाखों रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में करनाल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए महिला को झांसे में लेकर अलग-अलग खातों में करीब 11 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को राजस्थान से काबू किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण कुमार, अनवर लाल उर्फ अनिल कुमार निवासी गांव बीजराड़ जिला बाड़मेर और विकास निवासी संत रविदास नगर थाना बदवारिया जिला जोधपुर के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने इन्हें बाड़मेर क्षेत्र से पकड़ा। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ जाल मामले की जांच कर रहे एएसआई रामफूल ने बताया कि महिला ने शिकायत में बताया था कि उसने इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। उस पर क्लिक करने के बाद उसे व्हाट्सएप पर मैसेज मिला और बाद में उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया गया। शुरुआत में दिए पैसे, फिर कराया बड़ा निवेश ग्रुप में आरोपियों ने टास्क पूरा करने पर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शुरुआत में छोटे टास्क पूरे करने पर कुछ रुपए दिए गए, जिससे महिला को भरोसा हो गया। इसके बाद पेड टास्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाने शुरू कर दिए गए। परिवार के खातों से भी कराए ट्रांसफर महिला के अनुसार, उसने अपने खाते के साथ-साथ परिवार के बैंक खातों से भी अलग-अलग तारीखों में करीब 11 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए। कुछ समय बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया, तब जाकर ठगी का पता चला। तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम करनाल में 30 दिसंबर 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।
टेंट के सामान में आग से लाखों का नुकसान:संचालक बोले- समय पर बुझाई वरना होटल में होता नुकसान
शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में बुधवार शाम स्टेशन रोड स्थित एसआर होटल के पीछे रखे टेंट और सजावट के सामान में आग लग गई। आग लगते ही फाइबर बोर्ड और स्टेज सजावट सामग्री से काले धुएं के गुबार उठने लगे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। यह आग एसआर होटल के पीछे रखे श्रीराम टेंट हाउस के टेंट, फाइबर बोर्ड और स्टेज डेकोरेशन के सामान में लगी थी। होटल संचालक राजेश भार्गव ने बताया कि समय रहते आग बुझा दी गई, जिससे आग होटल के भीतर तक नहीं पहुंच सकी और एक बड़ा हादसा टल गया। फायर ब्रिगेड कर्मचारी प्रमोद शर्मा ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य शुरू किया और कुछ ही मिनटों में आग को नियंत्रित कर लिया। टेंट संचालक राजू नामदेव के अनुसार, इस आगजनी की घटना में उन्हें लगभग तीन से चार लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
शिवपुरी में बुधवार शाम आम आदमी पार्टी ने विभिन्न जनसमस्याओं और मुद्दों को लेकर एक विशाल रैली निकाली। इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी, जिला पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर शहर में प्रदर्शन किया। भ्रष्टाचार से लेकर महंगाई तक मुद्दे उठाए रैली के दौरान आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, टूटी सड़कें, बढ़ती महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की परेशानी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पानी-बिजली जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दे रही है। पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई रैली यह रैली पुराने प्राइवेट बस स्टैंड से शुरू हुई। इसके बाद माधव चौक, कोर्ट रोड, अस्पताल चौराहा, अग्रसेन चौराहा, राजेश्वरी रोड और गुरुद्वारा चौराहा होते हुए पुनः माधव चौक पहुंची। रैली का समापन पुराने प्राइवेट बस स्टैंड पर ही किया गया। जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि आम आदमी पार्टी ईमानदार और पारदर्शी राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता की आवाज उठाना और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं महिलाओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है। भविष्य को लेकर बड़ा दावा गुप्ता ने दावा किया कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
बकरा ईद: महू में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च:शहर में गूंजे सायरन, शांति से त्योहार मनाने की अपील
आगामी बकरा ईद त्योहार के मद्देनजर महू शहर में बुधवार शाम पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस वाहनों के सायरनों से पूरा शहर गूंज उठा। पुलिस बल ने मुख्य मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की। मार्च में ग्रामीण एसपी राजेंद्र वर्मा, एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी, एसडीएम राकेश परमार, डीएसपी उमाकांत चौधरी और एसडीओपी ललित सिकरवार सहित शहर के तीनों थानों के थाना प्रभारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। ग्रामीण एसपी राजेंद्र वर्मा ने जानकारी दी कि त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में रामचंद्रपुर विकासखंड के धौली लिबरा गांव में कन्हर नदी किनारे संचालित रेत खदान के औचक निरीक्षण के दौरान एक पोकलेन मशीन जब्त की गई है। खनिज अधिकारी राहुल गुलाटी ने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि रामचंद्रपुर विकासखंड के पचावल स्थित पांगन नदी में स्वीकृत तीन रेत खदानों के बावजूद नियमों के विपरीत मशीनों से उत्खनन किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान नदी किनारे पोकलेन मशीन संचालित मिली, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई खनिज विभाग ने इससे पहले पचावल क्षेत्र में अवैध रेत खनन कर रैंप और रास्ता बनाने के मामले में एक जेसीबी वाहन जब्त किया था। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पक्ष से 1 लाख रुपये की पैनल्टी अमाउंट वसूली गई थी। इसके अलावा अवैध रेत भंडारण के मामले में एक जेसीबी और एक हाइवा वाहन जब्त कर 42 हजार 850 रुपये की वसूली भी की गई थी। मई में 19 वाहन जब्त विभाग द्वारा राजपुर, बरियों और शंकरगढ़ क्षेत्र की महान और गलफूला नदी में भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। मई 2026 के दौरान अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 19 वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना और चौकी की रिमांड में रखा गया है। 152 प्रकरण दर्ज, 35 लाख से ज्यादा की वसूली खनिज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 152 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 142 मामलों का निराकरण कर 35 लाख 2 हजार 524 रुपये की वसूली की गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 12 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें से 6 मामलों का निराकरण करते हुए 1 लाख 78 हजार 880 रुपये की वसूली की जा चुकी है।
मेरठ पुलिस ने ईदगाह दिल्ली रोड पर होने वाली ईद की नमाज को लेकर फूलप्रूफ सुरक्षा प्लान तैयार किया है। कुल 112 ड्यूटी पॉइंट तैयार किए गए हैं जहां भारी पुलिस फोर्स लगाया गया है। 500 पुलिसकर्मियों के अलावा RAF को भी ईदगाह पर तैनात किया गया है। सड़क पर नमाज ना पढ़ी जाए इसको लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। जनपद मेरठ में गुरुवार को ईद की नमाज पढ़ी जाएगी। शहर की बात की जाए तो यहां 347 मस्जिदे और 29 ईदगाह है जहां नमाज पढ़ी जानी है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ईद की नमाज को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की विपरीत स्थिति को संभाला जा सके। पहली बार फ्लाइंग स्क्वायड किया तैयारईद की नमाज को लेकर कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। हर स्थिति को ध्यान में रखकर व्यवस्था तैयार की गई है। यह पहला मौका है, जब फ्लाइंग स्क्वायड भी तैयार किया जा रहा है। यह फ्लाइंग स्क्वायड सूचना मिलते ही एक्टिव हो जाएगा। यह फ्लाइंग स्क्वाड पुलिस जीप के अलावा बैको पर भी दिखाई देगा। इसे मुख्य तौर पर स्टंटबाजों से निपटने के लिए बनाया गया है। कंट्रोल रूम से दिए जाएंगे नमाजियों को निर्देशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुड़ गया है कि किसी भी दिशा में सड़क पर नमाज ना पढ़ी जाए। इसके लिए ईदगाह के भीतर कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। इस कंट्रोल रूम से न केवल कैमरे बल्कि अनाउंसमेंट सिस्टम भी अटैच रहेगा। मैदान भरने से पहले ही दी जाएगी सूचनाअमूमन ईदगाह का मैदान भरने के बाद नमाजी सड़क पर बैठने का प्रयास करते हैं। पुलिस को इसे रोकना होगा। इसके लिए अनाउंसमेंट चलता रहेगा। कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ईदगाह के अंदर के सीटिंग अरेंजमेंट पर नजर रखेंगे। जैसे ही मैदान भरने वाला होगा, वह अनाउंसमेंट करेंगे। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अफसर नमाजियों को दूसरी मस्जिदों के लिए डायवर्ट कर देंगे। रस्से के साथ तैनात रहेगी रैपिड एक्शन फोर्सईदगाह वाली रोड पर फोकस है। यहां लगभग तीन सौ कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के अलावा RAF भी तैनात रहेगी। ईदगाह के आसपास जितने भी रास्ते हैं, सभी पर भारी पुलिस बल तैनात होगा। रेलवे रोड चौराहे की जिम्मेदारी रैपिड एक्शन फोर्स के हाथों में रहेगी। रैपिड एक्शन फोर्स ही मोटे रस्से की मदद से भीड़ को ईदगाह की तरफ जाने से रोकेगी। इस तरह तैयार हुई ईदगाह की व्यवस्था - ईदगाह को चार सेक्टर में बांटा गया है। - 11 सब सेक्टर तैयार किए गए हैं। - कुल 112 ड्यूटी स्थान बनाए गए हैं। - 60 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। - ईदगाह कमेटी के वालंटियर भी लगाए गए हैं। - छतों से भी पुलिस निगरानी करेगी। ईदगाह पर यह फोर्स रहेगा तैनात पुलिस क्षेत्राधिकार : 04 थाना प्रभारी निरीक्षक : 04 इंस्पेक्टर/ एसएसआई : 25सब इंस्पेक्टर : 80लेडी सब इंस्पेक्टर : 15कांस्टेबल/हेड कांस्टेबल : 250लेडी कांस्टेबल/ हेड कांस्टेबल : 80रैपिड एक्शन फोर्स : 2 कंपनी शहर की ईदगाह/मस्जिदों में नमाज का समय- अख्तर मस्जिद - 5:50 बजे - खैर नगर पत्थर वाली मस्जिद - 6:00 बजे - हुमायूं नगर मदरसे वाली मस्जिद - 6:15 बजे - बनियापाड़ा फ़तेह मस्जिद - 6:30 बजे - शाही ईदगाह दिल्ली रोड - 7:00 बजे - हौज वाली मस्जिद खैर नगर - 7:15 बजे - शाहनत्थन मस्जिद - 7:15 बजे - लालकुर्ती भय्या जी वाली मस्जिद - 7:15 बजे - नूर मस्जिद गोला कुंआ - 7:15 बजे - मोबीन मस्जिद विकासपुरी - 7:15 बजे - छप्पर वाली मस्जिद ऊंचा सिद्दीक नगर - 7:15 बजे
स्वच्छ शहर जोड़ी पहल के अंतर्गत इंदौर नगर निगम के मार्गदर्शन में नगर परिषद देपालपुर द्वारा स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे काम अब अन्य राज्यों के नगरीय निकायों के लिए भी अध्ययन का विषय बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के माध्यम से राजस्थान सरकार की विभिन्न नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी, आयुक्त, JEN, XEN, CSI, SI एवं राजस्व अधिकारियों के दल ने इंदौर में आयोजित तीन दिवसीय अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट के अंतर्गत बुधवार को नगर परिषद देपालपुर का दौरा किया। पहली बार अन्य राज्यों के नगरीय निकायों के अधिकारी देपालपुर के उभरते हुए वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल, स्वच्छता सुधार और स्वच्छ शहर जोड़ी के अंतर्गत किए गए परिवर्तन को देखने पहुंचे। इसके पहले इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने अधिकारियों को स्वच्छ शहर जोड़ी पहल, इंदौर मॉडल तथा देपालपुर में किए जा रहे सुधारात्मक कामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने देखी व्यवस्थाएं अधिकारियों ने देपालपुर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, कम्पोस्ट प्लांट, ट्रीटमेंट प्लांट, RRR सेंटर, जल स्रोत सूरजकुंड, कम्युनिटी टॉयलेट, पब्लिक टॉयलेट, यूरिनल तथा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी नई कार्यप्रणालियों को देखा। अधिकारियों को बताया गया कि स्वच्छ शहर जोड़ी के अंतर्गत इंदौर नगर निगम ने देपालपुर को तकनीकी मार्गदर्शन, फील्ड हैंडहोल्डिंग, IEC रणनीति, मॉनिटरिंग, प्रशिक्षण और स्वच्छ सर्वेक्षण प्रोटोकॉल के अनुरूप तैयारी में निरंतर सहयोग दिया जा रहा है। संयुक्त भागीदारी से स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहे नगर परिषद देपालपुर ने शहर में नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, 4-श्रेणी स्रोत पृथक्करण, स्वच्छता संवाद, RRR गतिविधियां, सफाई व्यवस्था, नाली सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, जल सोतों की सुरक्षा और लोगों की सहभागिता को व्यवहार परिवर्तन से जोड़ने पर विशेष काम किया गया है। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि देपालपुर में लोगों, जनप्रतिनिधियों, सफाईमित्रों, IEC टीम और नगर परिषद कर्मचारियों की संयुक्त भागीदारी से स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।राजस्थान से आए अधिकारियों ने कहा देपालपुर में इंदौर मॉडल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाया गया है, जो अन्य नगरपालिकाओं के लिए भी उपयोगी सीख साबित हो सकता है।
गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की एक संयुक्त टीम ने ओल्ड दिल्ली रोड स्थित शिव आश्रम परिसर में एक अवैध बोरवेल के खिलाफ कार्रवाई की है। भूजल के अवैध दोहन की पुष्टि होने के बाद बोरवेल को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। इस संयुक्त निरीक्षण का नेतृत्व नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने किया। उनके साथ कार्यकारी अभियंता प्रवीण राघव और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ/एईई विशाल शौकीन सहित दोनों विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने पाया कि भूजल निकासी के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति कराया बोरवेल जांच के दौरान यह सामने आया कि शिव आश्रम, ओल्ड दिल्ली रोड निवासी राजीव यादव उर्फ सोनू यादव इस बोरवेल का संचालन कर रहे थे। संयुक्त टीम ने मौके पर ही अवैध बोरवेल को बंद कराया और संबंधित व्यक्ति को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति भूजल का दोहन करना पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है और इससे भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए और एक विस्तृत रिपोर्ट भी बनाई गई। अनधिकृत भूजल दोहन के विरुद्ध जारी रहेगा अभियान इस मामले की सूचना हरियाणा जल संसाधन विभाग को भी भेजी गई है ताकि वे अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर सकें। अधिकारियों ने बताया कि अवैध बोरवेलों और अनधिकृत भूजल दोहन के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नागरिकों से अपील की है कि भूजल दोहन से संबंधित कोई भी गतिविधि शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति अवश्य लें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के सतत उपयोग में सहयोग करने का आग्रह किया।
नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में रिश्वत मांगने के आरोपों में घिरे राजस्व आरआई गुलाबचंद उईके को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोहागपुर एसडीएम प्रियंका भल्लावी के प्रतिवेदन के आधार पर बुधवार को की गई। एसडीएम भल्लावी के प्रतिवेदन के अनुसार तहसील सोहागपुर में पदस्थ राजस्व आरआई गुलाबचंद उईके पर सीमांकन और अन्य शासकीय कार्यों में लोगों से लगातार रिश्वत मांगने तथा किसानों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप लगे थे। शिकायत पत्रों की जांच के बाद हुआ खुलासाशिकायत पत्रों और शपथ पत्रों की जांच के बाद यह पाया गया कि संबंधित शासकीय कर्मचारी का व्यवहार सही नहीं है और उनके कार्यों से प्रशासन की छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि उनके खिलाफ अन्य गंभीर शिकायतें भी हैं, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1), 3(2) और 3(3) के खिलाफ पाई गईं। इसे दंडनीय माना गया है। कलेक्टर ने तत्काल निलंबन के आदेश दिए कलेक्टर ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए आरआई उईके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भू-संसाधन प्रबंधन शाखा, नर्मदापुरम निर्धारित किया गया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस भी कार्य से प्रशासन की छवि खराब होती है, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कॉल्विन शील्ड टूर्नामेंट में दौसा टीम ने अपने पहले मुकाबले में बारां को 18 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। जिला क्रिकेट संघ दौसा के सचिव बृज किशोर उपाध्याय ने बताया कि मुकाबले में बारां ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दौसा की टीम ने 49.3 ओवर में 242 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बारां की टीम 224 रन पर सिमट गई और दौसा ने मैच 18 रन से अपने नाम कर लिया। दौसा की ओर से कप्तान सचिन शर्मा ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 19 गेंदों में 57 रन बनाए और गेंदबाजी में भी दो विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। वहीं प्रोफेशनल खिलाड़ी दिव्यांश शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में सिर्फ 25 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और बल्लेबाजी में 16 रन का योगदान भी दिया। इसके अलावा दिव्यांशु घोषिंगा ने 40 रन, देवकृत शर्मा ने 34 रन तथा लीलाधर मीणा ने 33 रन बनाए। गेंदबाजी में करण मीणा ने 2 विकेट और अनुज मीणा ने 1 विकेट लिया। मैच के दौरान जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृज किशोर उपाध्याय ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। दौसा टीम का अगला मुकाबला 28 मई को सवाई माधोपुर के खिलाफ खेला जाएगा। जल संरक्षण-संवर्धन एवं पौधारोपण कार्य देखे दौसा में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत बुधवार को फील्ड विजिट आयोजित की गई। जिले में जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं पौधारोपण के उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी ली। महेश्वरा खुर्द में तालाब खुदाई, घाट निर्माण व पौधारोपण, महाराजपुरा उर्फ रामपुरा में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, तथा बसवा के फूलेला गांव में किसानों के खेतों पर बने फार्म पॉन्ड का निरीक्षण किया। किसान ओमप्रकाश सैनी ने फार्म पॉन्ड से कृषि व जल संरक्षण में हो रहे लाभ बताए। इसके अलावा गुल्लाना गांव में वाटरशेड परियोजना के तहत निर्मित तलाईयों तथा केसरीसिंहपुरा ग्राम पंचायत में पौधारोपण कार्यों का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने जल संरक्षण के नवाचारों और भूजल स्तर में सुधार की जानकारी साझा की। पानी बचाने की दिलाई शपथ ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के अंतर्गत जलदाय विभाग के वृत्त कार्यालय में बुधवार को जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसई रमेशचंद मीणा ने विभागीय कार्मिकों को जल संरक्षण एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में परिवार, समाज और कार्यस्थल पर जल बचाने के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया गया। इस दौरान अधिशासी अभियंता बनवारीलाल मीणा, सहायक अभियंता जगराम मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सिवनी जिले की लखनादौन पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से गांजा और तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार जब्त की है। पकड़े गए माल की कुल अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 51.30 लाख रुपए है। बम्होडी ब्रिज पर घेराबंदी कर पकड़ा एसपी कृष्ण लालचंदानी ने बुधवार शाम मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 27 मई को सूचना मिली थी कि नागपुर की ओर से एक कार (MP49C3251) गांजे की बड़ी खेप लेकर भोपाल जा रही है। इसके बाद एसडीओपी लखनादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बम्होडी ब्रिज के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध कार को दबोच लिया। कार की सीट के नीचे मिला 15 पैकेट गांजा तलाशी के दौरान कार की सीट के नीचे एक विशेष रूप से निर्मित गुप्त चैम्बर मिला। इस चैम्बर को खोलने पर उसमें से 15 पैकेट निकले, जिनमें कुल 86.600 किलोग्राम अवैध गांजा भरा हुआ था। जब्त गांजे की कीमत 43.30 लाख और कार की कीमत 8 लाख रुपए है। भोपाल के रहने वाले हैं दोनों तस्कर पुलिस ने मौके से जाकिर मिया (58) और कमल जाटव (41), दोनों निवासी भोपाल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नागपुर से खेप लेकर भोपाल की ओर जा रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। रिमांड पर खुल सकते हैं कई बड़े राज लखनादौन पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह माल नागपुर में किसने सप्लाई किया था और भोपाल में इसे किसे डिलीवर किया जाना था। इस सफल कार्रवाई में लखनादौन और छपारा थाना प्रभारी सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।
मैहर जिले में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने बुधवार शाम फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च शाम करीब 7 बजे कोतवाली थाना परिसर से शुरू हुआ। पुलिस का यह वाहन फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। इसमें घंटाघर, स्टेशन रोड, पुरानी बस्ती, कटनी रोड और ईदगाह क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण चौराहे शामिल थे। फ्लैग मार्च का समापन कोतवाली थाने में हुआ। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का संदेश दिया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से बकरीद का त्योहार आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, शांति भंग करने या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। फ्लैग मार्च में मैहर सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान, कोतवाली थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी सहित जिले के कई थानों के थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने बताया कि बकरीद पर्व को देखते हुए शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार पेट्रोलिंग शामिल है।
हरियाणा के विभिन्न कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया जारी है। उच्चतर शिक्षा विभाग के एडमिशन पोर्टल पर विद्यार्थी 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस वर्ष भी सभी दाखिले नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत होंगे। पुरानी शिक्षा नीति के अंतिम बैच के पास आउट होने के बाद अब सभी कक्षाओं की पढ़ाई नई नीति के अनुसार होगी। राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2024 से हरियाणा के सभी कॉलेजों में नई शिक्षा नीति पूरी तरह लागू हो गई है। इसके कारण उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। पहले स्नातक प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों को चार विषय पढ़ने होते थे, जबकि नई व्यवस्था के तहत अब आठ विषय पढ़ने होंगे। तालमेल बैठाने में आ रही दिक्कत एक ओर जहां कॉलेजों में नई शिक्षा नीति लागू हो रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालयों के सामने परीक्षा संचालन और परिणाम घोषित करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नई और पुरानी दोनों शिक्षा नीतियों के तहत अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण विश्वविद्यालयों को तालमेल बैठाने में कठिनाई आ रही है। उदाहरण के तौर पर, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक में पहले अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक परीक्षाएं शुरू हो जाती थीं। लेकिन इस बार पुरानी और नई दोनों स्कीमों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण परीक्षाएं 18 मई से शुरू हो सकीं। दिसंबर में हुई परीक्षाओं के परिणाम भी मई तक जारी होते रहे। वर्तमान में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि पिछले सत्र की परीक्षाएं अभी भी चल रही हैं। पिछले सत्र के दौरान खाली सीटों को भरने के लिए 27 अक्टूबर तक दाखिले किए गए थे और इसके एक महीने बाद ही दिसंबर में परीक्षाएं शुरू हो गई थीं। दाखिलों की दौड़ और परीक्षाओं के इस 'चक्रव्यूह' के बीच नई और पुरानी व्यवस्थाओं के बीच तालमेल बिठाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बदल गई है परिभाषा अब डिग्री को प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है और सब्जेक्ट अब कोर्स के नाम से पुकारा जाता है। अब बीए (पास कोर्स) को बीए (मल्टी डिसिप्लिनरी), बीएससी (मेडिकल) को बीएससी (लाइफ साइंस) और बीएससी (नॉन मेडिकल) को बीएससी (फिजिकल साइंस ) के नाम से जाना जाता है। चार साल में मिलेगी डिग्री पुराने 03 वर्षीय यूजी प्रोग्राम को अब 04 वर्ष का कर दिया गया है। पुराना तीन वर्षीय ऑनर्स प्रोग्राम भी 04 साल के सिंगल मेजर प्रोग्राम में बदल गया है। हालांकि विद्यार्थी विभिन्न चरण पूरा करने के बाद पढ़ाई बीच में छोड़ सकते हैं और संबंधित विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सभी शर्तों को पूरा करने के बाद योग्यता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। एक साल के बाद यूजी सर्टिफिकेट, दो साल के बाद यूजी डिप्लोमा, तीन साल के बाद प्रमुख विषय में यूजी डिग्री, चार साल के बाद प्रमुख विषय में यूजी ऑनर्स या ऑनर्स के साथ रिसर्च डिग्री देने का प्रावधान किया गया है। पढ़ने होंगे कई विषय हर चार साल के मल्टी डिसिप्लिनरी यूजी प्रोग्राम में मेजर कोर्स (डीएससी), माइनर कोर्स (एमआईसी), मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी), एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (एईसी), स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी), वैल्यू एडेड कोर्स (वीएसी) तथा इंटर्नशिप और शोध का प्रावधान है। स्नातक कक्षाओं के पहले सेमेस्टर में विद्यार्थियों को तीन मेजर कोर्स, एक माइनर कोर्स, एक स्किल एनहांसमेट कोर्स, एक मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स, एक एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स और एक वैल्यू एडेड कोर्स यानि कुल आठ पेपर पढ़ने पड़ते हैं। लचीली है नई शिक्षा नीति नई शिक्षा नीति बहुत लचीली है। अब कला, विज्ञान और वाणिज्य की पारम्परिक सीमायें टूट रही हैं। आर्ट्स का विद्यार्थी कॉमर्स का विषय पढ़ सकता है और विज्ञान का विद्यार्थी संगीत का ज्ञान प्राप्त कर सकता है। हर विद्यार्थी को अपनी एबीसी आईडी बनवानी पड़ती है, जिसे एकेडेमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट कहा जाता है, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित हो जाता है।
ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) को लेकर शहर में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास अतिरिक्त सफाई कर्मियों को तैनात किया जा रहा है, ताकि त्योहार के दौरान स्वच्छता बनी रहे। मस्जिद प्रबंधनों ने भी नमाज के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मोती मस्जिद में 8 बजे अदा होगी नमाज मोती मस्जिद के इमाम मुफ़्ती नफीस मरकज़ी ने बताया कि फूल बाग स्थित शाही मोती मस्जिद में ईद की नमाज सुबह 8:00 बजे अदा की जाएगी। ईद के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। गर्मी को ध्यान में रखते हुए मस्जिद के अंदर नमाजियों के लिए कूलर और एसी की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मस्जिद के बाहरी क्षेत्र में नमाजियों के लिए टेंट और बिछावन की व्यवस्था की जा रही है। गर्मी के मद्देनजर साफ-सफाई और ठंडे पानी का भी इंतजाम किया गया है, ताकि किसी को असुविधा न हो। त्याग, भाईचारा का त्योहार ईद-उल-अज़हा, जिसे बकरीद भी कहते हैं, कुर्बानी का त्योहार है। मुसलमान इसे हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की अल्लाह के हुक्म पर दिखाई गई बेमिसाल कुर्बानी की याद में मनाते हैं। मान्यता है कि जब अल्लाह ने इब्राहीम अलैहिस्सलाम की परीक्षा ली, तो वे अपने बेटे इस्माईल को कुर्बान करने के लिए तैयार हो गए। अल्लाह को उनकी यह नीयत इतनी पसंद आई कि उन्होंने बेटे की जगह जन्नत से एक दुम्बा भेज दिया। इसी जज्बे को जीवित रखने के लिए मुसलमान बकरीद पर कुर्बानी करते हैं। इसका उद्देश्य केवल जानवर की कुर्बानी देना नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराई, लालच और घमंड को अल्लाह की राह में कुर्बान करना है। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, एक हिस्सा गरीबों के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा अपने परिवार के लिए। यह त्योहार त्याग, भाईचारा और गरीबों का ख्याल रखने का संदेश देता है।
जोधपुर के लूणी इलाके में पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने रास्ता रोककर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और रास्ता रोक दिया। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर वाहनों का आवागमन शुरू करवाया। दरअसल, लूणी के धुंधाड़ा गांव में पेयजल की समस्या कुछ दिनों से बनी हुई है। इसे परेशान ग्रामीणों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने धुंधाड़ा में रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। स्थानीय लोगों ने बताया- लूणी क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल की किल्लत काफी बढ़ गई है। कई गांवों में नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धुंधाड़ा गांव के लोगों ने इस समस्या पर रोककर नाराजगी जताई। टैंकर की संख्या बढ़ाने की मांग ग्रामीणों ने मांग कि टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही स्थायी जल स्रोतों को मजबूत किया जाए, ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट न रहे। सूचना मिलने पर लूणी एसडीएम हंसमुख कुमार, तहसीलदार इमरान, पटवारी रमेश डूडी और ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र सिंह, जलदाय विभाग के अधिकारी, लूणी पुलिस भी पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश कर आवागमन सुचारू करवाया। गौरतलब है कि जोधपुर में नहरबंदी के कारण जोधपुर शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी करीब एक महीने से पेयजल आपूर्ति बाधित रही। धुंधाड़ा सहित कई गांवों में लुणावास भाखर उच्च जलाशय से पेयजल आपूर्ति होती है। धुंधाड़ा में दो दिन पहले कुछ मोहल्लों में आपूर्ति की गई। इसके बाद आपूर्ति प्रभावित रही। इससे परेशान ग्रामीण आपूर्ति की मांग को लेकर रास्ता रोका। कलेक्ट्रेट पर किया था प्रदर्शन पेयजल समस्या को लेकर लूणी विधानसभा क्षेत्र और आसपास गांवों के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर सोमवार को प्रदर्शन किया था। युवाओं ने समस्या निवारण की मांग को लेकर एडीएम को कलेक्टर के नाम का ज्ञापन सौंपा था। लूणी क्षेत्र के युवाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि 15 दिनों में समाधान नहीं किया गया तो जन आंदोलन किया जाएगा। सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। गौतमसिंह राजपुरोहित बड़ली ने एडीएम जवाहर चौधरी को हालात बताए। पीड़ा बताई कि प्रशासन ने गांवों में टंकी तो बनवा दी लेकिन सप्लाई नहीं हो रही। लूणी के लूणी, दूधिया, भाचरना सहित सैकड़ों गांवों में पेयजल की किल्लत है। ग्रामीणों के साथ वन्यजीव भी बेहाल हैं। एडीएम जवाहर चौधरी ने जलदाय विभाग के एसई को कॉल कर प्रभावित गांवों में पानी सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए थे। कैबिनेट मंत्री बोले- प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित वहीं प्रदर्शन को लेकर स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर महिलाओं को आगे करके ऐसे प्रदर्शन कर रहे हैं। क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पेयजल सप्लाई में लगे टैंकरों की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। ऐसे प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित हैं।
ट्रैक्टर से गिरने से हुई थी युवक की मौत:राजलदेसर थाना क्षेत्र में राजाना जोहड़ के पास मिला था शव
चूरू जिले के राजलदेसर थाना क्षेत्र में राजाना जोहड़ के पास मंगलवार को मिले शव की बुधवार को शिनाख्त हो गई। मृतक की पहचान सीकर के पुरा छोटी धोद निवासी बलवीर सिंह जाट (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे एक सड़क दुर्घटना का मामला बताया है। राजलदेसर थाना के एएसआई संजय कुमार ने बताया कि मृतक के भाई सतवीर सिंह ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के भाई सतवीर सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बलवीर खेती-बाड़ी का काम करता था। 25 मई की रात करीब 9:30 बजे बलवीर और उनके परिवार का दिनेश सीकर से एक ट्रैक्टर बीकानेर के नोरंगदेसर छोड़ने के लिए निकले थे। रात करीब 10 बजे वे सीकर से रवाना हुए। सतवीर सिंह के अनुसार ट्रैक्टर दिनेश कुमार चला रहा था। रात करीब 2 बजे एनएच-11 पर राजाना जोहड़ के पास लापरवाही से ड्राइविंग के कारण बलवीर सिंह ट्रैक्टर से नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। राजलदेसर पुलिस उसे राजकीय अस्पताल रतनगढ़ ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूने मकानों में चोरी करने वाले 2 पकड़े:पहले रात में रेकी करते, खाली घर देख ज्वेलरी-कैश चुरा लेते
चित्तौड़गढ़ शहर में पिछले कई महीनों से रात के समय सूने मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाली गैंग का सदर थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने भीलवाड़ा निवासी 2 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सदर और कोतवाली थाना क्षेत्र में कई चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। SP धर्मेन्द्र सिंह ने बताया- 10 मई को बापू नगर सेंती निवासी प्रदीप जैन ने सदर थाना पहुंचकर रिपोर्ट दी थी कि अज्ञात बदमाश उनके मकान का ताला तोड़कर गहने और नकदी चोरी कर ले गए। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साथ ही पिछले 2-3 महीनों में शहर में लगातार हो रही नकबजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इस मामले में दीपक लौहार पुत्र उदयलाल लौहार (32) निवासी कोटा रोड, न्यू लुक स्कूल के पीछे, मारूति नगर थाना सुभाषनगर भीलवाड़ा और मोहित पहाड़िया पुत्र संजय पहाड़िया 21 निवासी सांगानेरी गेट, पथवारी के पीछे, संजय कॉलोनी थाना सुभाषनगर भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और चोरी के माल की बरामदगी की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने जुटाई जानकारी एएसपी मुकुल शर्मा और डीएसपी बृजेश सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने तकनीकी सबूत जुटाए गए और भीलवाड़ा तथा चित्तौड़गढ़ के संदिग्ध लोगों पर नजर रखी गई। पुलिस टीम ने मुखबिरों से संपर्क कर संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी ली। पुलिस को दो युवकों पर शक हुआ। सूने मकानों में रेकी करते थे पुलिस को सूचना मिली कि भीलवाड़ा निवासी दीपक लौहार और मोहित पहाड़िया इन दिनों रात के समय चोरी और नकबजनी की वारदातों में सक्रिय हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों की निगरानी शुरू की और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। जांच में दोनों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने दोनों को डिटेन कर पूछताछ की तो उन्होंने कई वारदातें करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय सूने मकानों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही ताला तोड़कर अंदर घुस जाते थे। इसके बाद घर में रखे जेवरात और नकदी लेकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने कबूली चोरी की वारदातें
ओरछा में चोरी हुई अर्टिगा कार बरामद:बरूआसागर से मिली, तीन आरोपियों को गिरफ्तार
निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील में बेतवा नदी घाट से चोरी हुई एक अर्टिगा कार को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर बरामद कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से इस चोरी का खुलासा किया। यह घटना 23 मई 2026 की सुबह की है। फरियादी अभिषेक, जो लखनऊ के बादलखेड़ा निवासी अनिल कुमार के पुत्र हैं, अपनी सफेद मारुति सुजुकी अर्टिगा कार (नंबर यूपी 32 आरटी 9983) लेकर ओरछा के बड़े पुल के नीचे बेतवा नदी घाट पर स्नान करने गए थे। उन्होंने अपनी कार नदी किनारे खड़ी की और स्नान करने चले गए। लगभग दो घंटे बाद जब अभिषेक वापस लौटे, तो उनकी कार मौके से गायब थी। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी वाहन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद फरियादी ने ओरछा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की जानकारी मिलते ही निवाड़ी एसडीओपी केके पाण्डेय के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक रामबाबू शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर दो युवक नजर आए। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से दोनों संदिग्धों की लोकेशन और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी बाबू उर्फ शिवम कुशवाहा, निवासी जालौन जिले (उत्तर प्रदेश) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस टीम तत्काल लखनऊ रवाना हुई और आरोपी को वहां से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी बाबू उर्फ शिवम कुशवाहा ने अपने दो अन्य साथियों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने बरूआसागर क्षेत्र से चोरी की अर्टिगा कार और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बाबू उर्फ शिवम कुशवाहा, बालकृष्ण उर्फ रवि कुशवाहा और जीवन आर्या शामिल हैं। ये तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जबलपुर रेल मंडल के नवागत रेल पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेर ने बुधवार को कटनी का दौरा किया। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला कटनी दौरा था। इस दौरान उन्होंने जीआरपी थाने का सघन निरीक्षण किया और पुलिस बल की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। एसपी कनेर ने ट्रेनों और स्टेशन परिसर में बढ़ते अपराधों, विशेषकर मोबाइल चोरी और चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। रेल पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेर ने कटनी को एक महत्वपूर्ण और विशाल रेलवे जंक्शन बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ 13 प्लेटफॉर्म हैं और चौबीसों घंटे ट्रेनों की आवाजाही रहती है। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन के कारण मुसाफिरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसपी कनेर ने जीआरपी स्टाफ को निर्देश दिए कि ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर सक्रिय मोबाइल चोरों, जेबकतरों और चेन स्नेचरों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने अपराधियों पर नजर रखने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय और मजबूत करने पर जोर दिया। थाना परिसर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इसमें एसपी ने कटनी के साथ-साथ सतना, मैहर, रीवा, दमोह, सागर और शहडोल सहित विभिन्न जिलों के रेल थाना प्रभारियों (टीएचआई) के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को बताया कि रेल अपराध किसी एक जिले तक सीमित नहीं होते। उन्होंने सभी थानों के बीच आपसी तालमेल को अनिवार्य बताते हुए अपराधियों के मूवमेंट और तौर-तरीकों की जानकारी तुरंत साझा करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी वारदात पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। एसपी कनेर ने आउटर क्षेत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्सर ट्रेन रुकने या धीमी होने पर अपराधी आउटर पर वारदातों को अंजाम देकर भाग निकलते हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने संवेदनशील पॉइंट पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह से चालू रखने के आदेश दिए।
समालखा में देसी पिस्टल समेत युवक अरेस्ट:यूपी से खरीद कर लाया, सोशल मीडिया हथियार देखकर चढ़ा शौक
पानीपत जिले के समालखा में सीआईए थ्री पुलिस ने एक युवक को देसी पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बापौली माजरा निवासी साहिल के रूप में हुई है। उसे हरिद्वार बाइपास रोड से झांबा बापौली रोड चौक पर पकड़ा गया। सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि मंगलवार देर शाम को पुलिस टीम गश्त पर थी। हरिद्वार बाइपास रोड से झांबा बापौली रोड चौक पर एक संदिग्ध युवक पीठू बैग टांगे खड़ा मिला। पुलिस टीम ने उसे काबू कर पूछताछ की, जिसमें उसने अपनी पहचान साहिल के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके बैग से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई, जो अनलोडेड थी। 3 हजार में बागपत से खरीदी देसी पिस्टल पूछताछ में आरोपी साहिल ने पुलिस को बताया कि उसे सोशल मीडिया पर हथियार देखकर रखने का शौक हो गया था। इस शौक को पूरा करने के लिए उसने करीब डेढ़ साल पहले उत्तर प्रदेश के बागपत में मेरठ रोड पर एक युवक से 3 हजार रुपए में यह देसी पिस्तौल खरीदी थी। पुलिस ने आरोपी साहिल के खिलाफ थाना सनौली में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बुधवार को पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत:शाजापुर में हादसा, तीन महीने पहले हुई थी शादी
शाजापुर जिले के नेशनल हाईवे-52 पर बुधवार शाम 7 बजे एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। यह हादसा जैन पथ होटल के आगे हुआ, जहां एक अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलने पर हाइवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची। युवक को शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। गुरुवार सुबह कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। मृतक की पहचान 24 वर्षीय अभिषेक पिता महेश के रूप में हुई है, जो वार्ड क्रमांक-1, नई आबादी मक्सी का निवासी था। अभिषेक की शादी लगभग तीन महीने पहले ही हुई थी। वह अपनी साली को छावनी छोड़ने गया था और वहां से बाइक से मक्सी लौट रहा था। जैन पथ होटल के पास लौटते समय ही किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
मैहर जिले में सड़क सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बुधवार को सघन बस चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत कुल 134 बसों की जांच की गई, जिनमें से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 90 बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह विशेष अभियान 21 मई से लगातार संचालित किया जा रहा था, जो बुधवार शाम तक जारी रहा। अभियान के दौरान जिलेभर के विभिन्न बस स्टैंडों और प्रमुख मार्गों पर बसों की गहन जांच की गई। रीवा आईजी गौरव राजपूत और मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में ट्रैफिक इंचार्ज विक्रम पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने बसों में सुरक्षा उपकरण, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर सेफ्टी, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कई बसों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी और दस्तावेजों में खामियां पाई गईं। इन उल्लंघनों पर संबंधित बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चालान काटे गए। पुलिस अधिकारियों ने बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। अभियान में एसआई शशिकांत पयासी, नरसिंह ऊरमालिया, प्रधान आरक्षक भारतेंदु सिंह, दान बहादुर सिंह, आरक्षक गौतम सिंह सहित ट्रैफिक पुलिस का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। ट्रैफिक इंचार्ज विक्रम पाठक ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बालाघाट के लांजी विधानसभा क्षेत्र में चौंदाटोला से जूनेवानी तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नौतपा की भीषण गर्मी के बीच अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनपद पंचायत लांजी की ग्राम पंचायत टेमनी के अंतर्गत आने वाली चौंदाटोला से जूनेवानी सड़क की हालत बेहद खराब है। दो साल पहले इसी सड़क से एक गर्भवती महिला को खाट पर ले जाने का मामला सुर्खियों में आया था। तब क्षेत्रीय विधायक ने दौरा कर सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक सड़क नहीं बन पाई है। इसी के विरोध में ग्रामीण चौंदाटोला चौक पर भीषण गर्मी और नौतपा के बीच धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि लंबे समय से जर्जर पड़ी इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में राहत मिल सके। एक ग्रामीण युवक ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान, मरीज और आम नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। विधायक बोले- स्वीकृति मिली धरना प्रदर्शन के बीच क्षेत्रीय विधायक राजकुमार कर्राहे का बयान भी सामने आया है। विधायक ने कहा कि चौंदाटोला-जूनेवानी सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति मुख्यमंत्री विशिष्ट निधि से मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से धैर्य रखने की अपील करते हुए बेहतर सड़क सुविधा का आश्वासन दिया। वहीं, एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों ने आंदोलन की सूचना दी थी। अधिकारियों से चर्चा के बाद पता चला कि सड़क का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा गया है। इस धरना प्रदर्शन में कविता महेश मात्रे, लक्ष्मण कावरे, गेंदलाल पंचाले, भक्तकुमार कावरे, ईश्वर नागफांसे, अमरदास कावरे, अरुण गेडाम, तिजलाल बाहें, श्यामलाल बाहें, मुरारीलाल कुम्भरे, संदीप पंद्रे, मोहन नागफांसे, जितेंद्र कावरे, गजेंद्र खरे, फूलचंद कावरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
इंदौर की स्टेट सायबर पुलिस ने कम ब्याज पर लोन दिलाने के मामले मे कई तरह का प्रलोभन देकर करीब 28 लाख से अधिक की ठगी करने के मामले मे एक महिला को बुधवार को गिरफ्तार किया है। टीआई दिनेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ अनीश कश्यप ने शिकायत मे बताया था कि लोन सारथी नाम से एक कंपनी से रितीका सेठी निवासी दिल्ली ने उन्हे कॉल किया था। उसने कम ब्याज दर पर लोन देने की बात करते हुए लालच दिया। इसके बाद अलग अलग किश्तों मे प्रोसेसिंग फीस, रिंफड ओर वैरीफिकेशन के नाम पर करीब 28 लाख 68 हजार का अमांउट अपने बैक खातों मे ट्रांसफर करा लिया। रितीका सेठी मूल रूप से हरिद्वार की रहने वाली है। उसने वर्तमान मे दिल्ली मे अपना ठिकाना बनाया हुआ था। रितीका ने मुंबई मे भी मारिया नाम की महिला के साथ ठगी की थी। जिसमे इसी तरह से 12 लाख रूपए उसे ठगे थे। मुंबई मे भी उसके खिलाफ एफआईआर हुई थी, लेकिन पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी। वहीं चेन्नई मे भी उसने कुछ दिन पहले इसी तरह से धोखाधडी की थी। हालांकि इस मामले मे अभी एफआईआर नहीं हुई। रुपए के लालच मे की मीटिंग फिक्स रितीका सेठी अलग-अलग नंबरों से अनीश के संपर्क मे थी। अनीश ने उसे कैश पेमेंट का लालच दिया। वहीं आने जाने का खर्च देने की बात की। रितीका यहां प्लेन से आई ओर एक कैफे में मिलने अनीश से पहुंची। इसी दौरान पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उसके इस नेक्सेस मे और भी लोग शामिल है। पुलिस उसकी जानकारी जुटा रही है।
अजमेर के कृष्णगंज थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक की इलाज के दौरान जेएलएन अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने बुधवार को अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने युवक के दो दोस्तों पर मारपीट कर घर के बाहर पटकने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चौरसियावास निवासी शहाबुद्दीन ने बताया- मेरा भतीजा शाहरुख (22) पिता आमीन दरगाह बाजार स्थित एक होटल पर काम करता था। मंगलवार रात करीब 12:30 बजे उसके दोस्त शाहरुख और अल्ताफ उसे होटल से अपने साथ ले गए थे। इसके बाद अलसुबह करीब 4 बजे पड़ोसी ने सूचना दी कि शाहरुख घर के बाहर गंभीर हालत में पड़ा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शाहरुख की मौत हो गई थी। घर के बाहर पटककर फरार हुए आरोप परिजन युवक शाहरुख को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया। शहाबुद्दीन ने बताया कि घटना की शिकायत कृष्णगंज थाने में दी गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना भी किया था। इलाज के दौरान शाहरुख की मौत हो गई। इसके बाद शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। परिजनों का आरोप है कि युवक के दोस्तों ने उसके साथ मारपीट की और गंभीर हालत में घर के बाहर पटककर फरार हो गए, जिससे उसकी मौत हुई। कृष्णगंज थाना के सब-इंस्पेक्टर उगमाराम ने बताया कि युवक की मौत की सूचना मिली है। शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों की ओर से जो भी रिपोर्ट दी जाएगी, उसके आधार पर नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद के एनआईटी पांच नंबर इलाके में बुधवार देर शाम एक रेस्टोरेंट के बाहर पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के बीच एक युवक का मृत अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों ने युवक को जमीन पर पड़े देखा तो पहले उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई हरकत नहीं होने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एनआईटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को एम्बुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। शराब पीने का आदी था युवक स्थानीय निवासी राकेश ने बताया कि मृतक युवक को इलाके में भूरा के नाम से जाना जाता था। उसकी उम्र करीब 28 से 30 साल बताई जा रही है। लोगों के अनुसार, वह शराब पीने का आदी था और अक्सर इलाके में इधर-उधर घूमता रहता था। कभी-कभी वह दिहाड़ी मजदूरी का काम भी कर लेता था और उसी से अपना खर्च चलाता था। राकेश ने बताया कि युवक मूल रूप से पलवल का रहने वाला अपना बताया था। उसकी पत्नी भी पहले उसके साथ रहती थी, लेकिन करीब एक से डेढ़ साल पहले वह उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से युवक अकेला ही रह रहा था और फुटपाथ व आसपास के इलाकों में रात गुजारता था। पुलिस ने मोर्चरी में रखवाया शव मौके पर पहुंचे एनआईटी थाना के एएसआई सतीश कुमार ने बताया कि शाम करीब 6 बजे पुलिस को युवक के शव की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव क्षेत्र में बुधवार शाम 6 बजे दो किशोर तालाब में डूब गए। वे दोस्त की बर्थडे पार्टी मनाने के लिए तालाब किनारे पहुंचे थे। नहाने के दौरान गहरे पानी में पहुंचने से दोनों डूब गए। देर शाम तक दोनों का पता नहीं चल सका, जिसके बाद अंधेरा होने से रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। अब गुरुवार सुबह फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा। पास के गांव से युवक जन्मदिन मनाने आए थेजानकारी के अनुसार घटना डूंगरिया पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम कोठीदेव 11/12 नंबर ओपनकास्ट खदान के पास की है। बताया जा रहा है कि पास के तराक गांव के 7-8 युवक जन्मदिन मनाने के लिए यहां पहुंचे थे। पार्टी के दौरान सभी युवक तालाब में नहाने उतर गए। इसी दौरान दो किशोर गहरे पानी में चले गए और डूब गए। किशोरों को डूबते देख बाकी दोस्तों ने शोर मचाया तो मौके आसपास मौजूद लोग पहुंचे। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही जुन्नारदेव थाना प्रभारी जे. मसराम, उप थाना प्रभारी मुकेश डोंगरे, चौकी प्रभारी अंजना मरावी, आरक्षक संतोष धुर्वे सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने किशोरों की तलाश शुरू कराई। दोनों की उम्र 16 और 17 साल पुलिस के मुताबिक डूबने वाले दोनों किशोरों की उम्र करीब 16 और 17 वर्ष बताई जा रही है। देर शाम तक तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा और गहराई ज्यादा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा नहीं हो सका। फिलहाल पुलिस बल मौके पर तैनात है और गुरुवार सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।

