मध्यप्रदेश के मंदसौर में नकली घी बनाने वाले अहमदाबाद के दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब डेढ़ सौ लीटर नकली घी बनाने वाली सामग्री जब्त की गई है। दोनों करीब तीन महीने से यहां रह रहे थे। वह नकली घी बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में 200 रुपए किलो में बेचते थे। सिटी कोतवाली और नई आबादी थाना पुलिस ने फ़ूड सेफ्टी और रेवेन्यू टीम को इसकी जानकारी लगी। टीम ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात संयुक्त रूप से सीतामऊ फाटक क्षेत्र में किराए के घर के भीतर संचालित नकली घी बनाने की फैक्ट्री पर कार्रवाई की। आरोपी डालडा/सोयाबीन तेल में केमिकल और आर्टिफिशियल देसी फ्रेगरेंस मिलाकर उसे पकाकर नकली घी तैयार कर रहे थे, जिससे लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाईपुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सीतामऊ फाटक क्षेत्र में किराए के मकान में नकली घी बनाने का अवैध कारोबार चल रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम शिवलाल शाक्य, सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर, सिटी कोतवाली टीआई पुष्पेंद्र सिंह राठौर और नई आबादी टीआई कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में राजस्व, फूड सेफ्टी और पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। मौके से भारी मात्रा में नकली घी और सामग्री जब्तदबिश के दौरान पुलिस ने मौके से लगभग डेढ़ सौ लीटर नकली घी बरामद किया। इसके साथ ही नकली घी बनाने में उपयोग की जा रही सामग्री, सोयाबीन तेल, बर्तन और एक केमिकल भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग देसी घी जैसी खुशबू पैदा करने के लिए किया जा रहा था। जब पुलिस मौके पर पहुंची, उस समय भी आरोपी नकली घी तैयार कर रहे थे। अहमदाबाद के रहने वाले दो सगे भाई गिरफ्तारपुलिस ने मौके से गोपाल और संजय पिता अशोक बागरी, निवासी अहमदाबाद (गुजरात) को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं और पिछले दो से तीन महीने से सीतामऊ फाटक क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर इस नकली घी फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। ग्रामीण इलाकों में बेचते थे ₹200 किलो नकली घीप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नकली घी बेचते थे। वे लगभग 200 रुपए प्रति किलो की दर से घी बेचकर लोगों को धोखा दे रहे थे और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक केमिकल युक्त घी की सप्लाई कर रहे थे। एसडीएम शिवलाल शाक्य ने बताया कि, “सूचना मिलने पर फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में नकली घी पाया गया है। करीब डेढ़ सौ लीटर नकली घी बरामद किया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।” सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी, जिसके बाद रेवेन्यू, फूड सेफ्टी और दो थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। “आरोपी सोयाबीन तेल को गर्म कर उसमें केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस मिलाकर नकली घी तैयार कर रहे थे। भारी मात्रा में घी बरामद हुआ है। फूड सेफ्टी टीम द्वारा सैंपलिंग की जा रही है और दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फूड सेफ्टी विभाग की जांच जारीपुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल प्रकरण दर्ज कर लिया गया है, फूड सेफ्टी टीम द्वारा जब्त किए गए घी के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ में सड़क हादसे में युवक की मौत:तेज रफ्तार कार ने बाइक में मारी थी जोरदार टक्कर
आजमगढ़ जिले के बूढ़नपुर क्षेत्र के मेहदवारा मोड़ के पास देर रात तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की आवाज सुनकर आस पास के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। इस हादसे में बाइक सवार युवक संदीप प्रजापति 30 पुत्र राम और प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल संदीप प्रजापति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक दो भाइयों में सबसे बड़ा था। इसके साथ ही मृतक के दो बच्चे थे। मामले की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे में बाइक भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला था युवक आजमगढ़ में सड़क हादसे का शिकार हुआ युवक संदीप प्रजापति कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भटौली गांव का रहने वाला था। वहीं इस बारे में पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत मिलने पर प्राथमिक की दर्ज कर मामले की छानबीन की जाएगी। हालांकि घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस आस पास के सीसीटीवी फुटेज तलाश रही है जिससे घटना के आरोपी के बारे में पता चल सके।
आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के मुसाफिरगंज में आगजनी की घटना ने किराना की दुकान में लाखों का सामान जलाकर खाक हो गया। यह घटना देर रात्रि को उस समय हुई जब दुकानदार दुकान बंद करके घर पहुंचा था। इसी बीच आस पास के लोगों ने दुकान में आग लगे होने की सूचना दी। सूचना पाने के बाद मौके पर पहुंचे दुकान मालिक शिवपूजन यादव ने मामले की सूचना फायर ब्रिगेड की दी। जब तक आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया तब तक दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर राख हो गया। शॉर्ट सर्किट से हुई घटनावही इस बारे में दुकानदार शिवपूजन यादव का कहना है की दुकान में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हैजिसके कारण यह घटना घटी है। शनिवार को दोपहर जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में भी दुकान में आग लगने का मामला सामने आया था। जहां पर बर्तन के गोदाम में आग लगी थी और वहां भी लाखों का सामान जलकर राख हो गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से आई। यही कारण है कि आग बुझाने में देरी हुई।
गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में 27 जनवरी से चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विश्व विख्यात कथावाचक राजन जी महाराज ने इस दिन धनुष भंग और सीता-राम विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए रोज़ की तरह करीब 40 से 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे।कथा का शुभारंभ राजन जी महाराज ने आरती और भजनों के साथ किया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भारी भीड़ को देखते हुए पंडाल को और बड़ा किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था हो सके। पहले देखिए 2 तस्वीरें कथा के दौरान राजन जी महाराज ने कहा कि जीवन में जितनी आवश्यकता धन और साधनों की होती है, उतनी ही जरूरत परमार्थ की भी होती है। परमार्थ मिलना जीवन का बड़ा सौभाग्य है। धनुष भंग प्रसंग का जीवंत वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे ऋषि विश्वामित्र भगवान राम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला पहुंचे। कई बड़े-बड़े राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं पाए, लेकिन गुरु की आज्ञा पाकर भगवान राम ने उसे सहजता से उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। इस घटना से राजा जनक सहित पूरे जनकपुर में आनंद और उल्लास छा गया। राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान राम ने धनुष को केवल तोड़ा नहीं, बल्कि उसका “भंजन” किया, ताकि अहंकार दोबारा खड़ा न हो सके। उन्होंने बताया कि धनुष भंग अहंकार के अंत और भक्ति व विनम्रता की जीत का प्रतीक है। इससे यह संदेश मिलता है कि ईश्वर की कृपा पाने के लिए बल नहीं, बल्कि शुद्ध हृदय की जरूरत होती है।कथा में लक्ष्मण और परशुराम संवाद का भी सुंदर वर्णन किया गया। राजन जी ने बताया कि इस प्रसंग में भगवान राम का धैर्य, ब्राह्मण के प्रति सम्मान, तर्क और वीरता का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।सीता-राम विवाह प्रसंग सुनाते हुए राजन जी महाराज ने कहा कि इस दिव्य विवाह को देखने के लिए देवता भी वेश बदलकर जनकपुर पहुंचे थे। सुंदर भजनों के साथ विवाह का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और स्वयं को विवाह का साक्षी मानने लगे। जनक और सुनयना द्वारा कन्यादान, पाणिग्रहण और फेरों का वर्णन सुनकर पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। कथा व्यास ने कहा कि चारों भाइयों को अपनी दुल्हनों के साथ मंडप में बैठे देखना देवताओं के लिए भी दुर्लभ दृश्य है। यह कथा मर्यादा, प्रेम और धर्म के आदर्श को पूरी दुनिया के सामने रखती है।कार्यक्रम का संचालन बृजेश राम त्रिपाठी ने किया। कथा में कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक, विधायक महेंद्र पाल सिंह, पूर्व डीआईजी गोरखपुर आनंद कुलकर्णी, भाजपा नेता रमेश मिश्रा, उद्योगपति जगदीश आनंद, शिवजी सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला के संयोजन में आयोजित इस कथा में आयोजक डॉ. कुमुद त्रिपाठी, अशोक शुक्ला, भोलेन्द्र नारायण दूबे और आयोजन समिति के अनेक सदस्य मौजूद रहे। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सीता-राम विवाह के दिव्य प्रसंग और भजनों का आनंद लिया।
गुजरात के बोटाद जिले के राणपुर के पास स्थित किनारा चौकड़ी पर शनिवार रात में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक और इको कार की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वाले मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि इको कार के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद कुछ शव सड़क पर पड़े मिले, जबकि कई लोग कार के भीतर बुरी तरह फंसे रहे। मौके पर घायल एक बच्चा तड़पता हुआ दिखाई दिया। हादसे के बाद की तस्वीरें गुजरात मजदूरी करने जा रहा था परिवारप्राप्त जानकारी के अनुसार, इको कार (MP 09 DK 4398) में सवार यात्री मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले की नलखेड़ा तहसील स्थित पनाला गांव के निवासी थे। सभी लोग गुजरात के राणपुर क्षेत्र के कुंडली गांव में कृषि मजदूरी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान धंधुका की ओर जाने वाले हाईवे पर करीब दो किलोमीटर आगे ट्रक (GJ 03 BV 6005) से उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई। लोगों ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े। पाइप और अन्य साधनों की सहायता से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। पालीयाद, राणपुर और नागनरे से एंबुलेंस बुलाकर घायलों को बोटाद अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य किया और यातायात सुचारु कराया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामला दर्ज कर लिया है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
एकेडमी ऑफ इंदौर मैराथनर्स (AIM) द्वारा सेंट्रल इंडिया की सबसे बड़ी 'यूनियन बैंक ऑफ इंडिया इंदौर मैराथन' 1 फरवरी की सुबह होगी। इस मैराथन में 20 हजार से ज्यादा धावक दौड़ेंगे। इसमें इंदौर सहित देशभर के शहरों से एंट्रीज आई हैं। चार कैटेगरी (21 किमी, 10 किमी, 5 और 3 किमी) में 'दिल से दौड़ें, दिल के लिए' थीम पर होने वाली इस दौड़ का रूट इस तरह प्लान है कि न रनर को और न ही जनता को कोई परेशानी हो। मैराथन के लिए सुबह 5 से लेकर 9 बजे तक कुछ रास्ते बंद रखे जाएंगे। एक दौड़ नेहरू स्टेडियम से, एक राजबाड़ा और एक यशवंत क्लब से शुरू होगी। सभी का समापन नेहरू स्टेडियम पर होगा। एकेडमी ऑफ इंदौर मैराथनर्स के अध्यक्ष नितिन अग्रवाल और सचिव सुमित रावत ने प्रतिभागियों और दर्शकों को जगह-जगह चिअरअप करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि मुंबई मैराथन और अन्य बड़ी मैराथन में पूरे रूट पर कुछ न कुछ एक्टिविटीज होती है। कई मैराथन में दर्शक रनर्स को नाम लेकर पुकारते हैं और मजेदार स्लोगन लिखी तख्तियां दिखाते हैं। इससे थकान कम महसूस होती है। दुनिया की कई बड़ी मैराथन में भी रेस से पहले मोटिवेशनल स्पीच, लाइव बैंड और कॉमेडी एक्ट से रनर्स का उत्साह बढ़ाते हैं। कार्निवाल का रूप 12वीं एडिशन में लगभग 250 दिव्यांग ट्राय साइकिल से भाग लेंगे। लगभग 200 दृष्टिहीन बच्चे, कैंसर से ठीक हुए कई लोग भी इसमें भाग लेंगे। 5 किमी के इवेंट को एक कार्निवल का रूप देने का प्रयास किया गया है। सुबह 5 से 9 ये रास्ते रहेंगे बंद शिवाजी भवन, गीता भवन, पलासिया, गिटार चौराहा, हुकुमचंद घंटाघर, रीगल सर्कल, राजबाडा, एलआईजी, पाटनीपुरा, तीन पुलिया, एबी रोड पर एक लेन बंद रहेगा। वैकल्पिक मार्ग पूर्वी क्षेत्र के रहवासी एयरपोर्ट जाने के लिए रिंग रोड से एमआर-10, विजयनगर होते हुए जा सकते हैं। जिन्हें रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड जाना है वे जीपीओ, छावनी होते हुए जा सकते हैं। आयोजकों ने राहगीरों से अनुरोध किया है कि कुछ समय की असुविधा है, लेकिन इसका आनंद लें। यहां रहेगी पाकिंग 10 व 21 किमी के लिए भाजपा कार्यालय के पास, जिमखाना मैदान के पास, ट्रैफिक गार्डन के पास, चिड़ियाघर के पास, मेडिकल होस्टल के पास, पीसी सेठी अस्पताल के पास। 5 किमी वालों के लिए सुभाष चौक, रिवर साइड रोड, वीर सावरकर मार्केट, संजय सेतु पार्किंग एरिया। हॉफ मैराथन सुबह 5.30 बजे होगी शुरू दूरी और रिपोर्टिंग टाइम
सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर, प्रमोशन, इंक्रीमेंट और अन्य सेवा संबंधी मामलों को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अहम नसीहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामलों में कर्मचारियों को बार-बार अदालत का दरवाजा खटखटाने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। सरकार को चाहिए कि विभागीय स्तर पर ही विवाद सुलझाने की प्रभावी और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करें। हाई कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभागों में इन-हाउस डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन सिस्टम लागू किया जाए, ताकि सेवा संबंधी विवाद कोर्ट तक पहुंचने से पहले ही सुलझ सकें। आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजते हुए कोर्ट ने इस पर गंभीरता से अमल सुनिश्चित करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी है कि याचिकाकर्ता 30 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करें, जबकि सरकार को उस पर 45 दिन के भीतर निर्णय लेना होगा। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट में फिलहाल कर्मचारियों से जुड़े 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। यह टिप्पणी जस्टिस विनय सराफ ने मंडला जिले के फॉरेस्ट गार्ड्स की वरिष्ठता और आर्थिक लाभ से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान की। छह लाख कर्मचारियों को मिल सकता है सीधा लाभ प्रदेश में लगभग- यदि कोर्ट के सुझावों पर अमल होता है, तो करीब 6 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल सकता है। इससे न केवल अदालतों में लंबित मामलों की संख्या घटेगी, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई भी तेज़ होगी। साथ ही सरकार और कर्मचारियों दोनों का समय और खर्च बचेगा। छोटे मामलों की भी भरमार जस्टिस सराफ ने आदेश में कहा कि इन दिनों कोर्ट में सर्विस मैटर्स की बाढ़ आ गई है। छोटे-छोटे विवाद भी अदालत तक पहुंच रहे हैं। यदि विभागों में हर स्तर पर नामित अधिकारी हों और आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीशों की सेवाएं ली जाएं, तो निर्णय अधिक निष्पक्ष, प्रभावी और समयबद्ध हो सकते हैं। कोर्ट का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा और विवादों का समाधान सरल तरीके से संभव हो सकेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 जनप्रतिनिधियो के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन सहित अन्य छोटे अपराध के 28 केस वापस लेने की राज्य सरकार को अनुमति दे दी है।और शेष गंभीर अपराध के मामलो की अर्जी को सुनवाई के लिए 26 फरवरी की तिथि नियत की है ।राज्य सरकार ने कुल 72 अर्जियां दाखिल की है, जिनमें जनप्रतिनिधियों के आपराधिक केस वापस लेने की हाईकोर्ट से अनुमति मांगी गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को लोक अभियोजक के मार्फत इन 28 मामलो में संबंधित अदालतों में केस वापसी अर्जी देने तथा कोर्ट द्वारा उन्हें गुण-दोष के आधार पर तय करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एस डी सिंह तथा न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने एम पी ,एम एल ए केस वापसी मामले में स्वत: कायम आपराधिक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। एम पी ,एम एल ए के खिलाफ आपराधिक केस सरकार द्वारा वापस लेने के मामले को लेकर अश्वनी कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा था कि केस वापसी की अनुमति हाईकोर्ट से ली जाय।बिना हाईकोर्ट की अनुमति लिए ट्रायल कोर्ट में केस वापसी की कोई अर्जी दाखिल नहीं की जायेगी।जिसपर सरकार की तरफ से अर्जियां दाखिल की गई थी। धारा 321मे राज्य सरकार को आपराधिक केस वापस लेने का अधिकार दिया गया है। सरकार अभियोजन के लिए साक्ष्य का अभाव व न्याय हित में केस वापसी की अर्जी देती है। हाईकोर्ट ने विस्तृत आदेश में गाइडलाइन देते हुए कहा पहले लोक अभियोजक अर्जी तैयार करें और सरकार को अनुमति के लिए भेजे। सरकार की लिखित अनुमति मिलने के बाद अर्जी ट्रायल कोर्ट में दाखिल की जाय। इसके बाद ट्रायल कोर्ट शिकायतकर्ता, पीड़ित,व गवाहों की आपत्ति लेकर विचार करे।और संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार कर सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को भेजे। इसके बाद राज्य सरकार हाईकोर्ट में केस वापस लेने की अनुमति अर्जी दाखिल करें।यदि हाईकोर्ट अनुमति देती है तो ट्रायल कोर्ट में हर केस में अलग अलग अर्जी दाखिल हो जिसपर अदालत विवेकानुसार मेरिट पर फैसला ले। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कोरोना मामले में केस वापस लेने की सरकार नीति तैयार करेगी। हाईकोर्ट ने केस वापसी की गाइडलाइन जारी करते हुए छोटे अपराध की वापसी की 28अर्जियो को प्रक्रिया में छूट देते हुए स्वीकार कर लिया है। किंतु गंभीर अपराध के मामले में दाखिल अर्जियों पर अनुमति पर विचार करेगी।
गीडा क्षेत्र में जल रहा कूड़ा किसका?:धुएं से लोग परेशान; नगर निगम ने नकारा
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) के सेक्टर 11 में दो दिनों से कूड़ा जलने से आसपास के लोग परेशान हैं। धुंआ उठने से दुर्गंध तो आ ही रही है, लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है। आसपास के लोगों में चर्चा है कि यह कूड़ा नगर निगम की गाड़ियों द्वारा गिराया जाता है। जबकि नगर निगम इस बात से इनकार कर चुका है। नगर निगम ने इसे अपना कूड़ा नहीं माना है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर वहां गिराया गई कई टन कूड़ा किस विभाग का है। इस कूड़े के चलते कालेसर, माही, झुंगिया एवं नवनिर्मित गीडा सेक्टर 11 सहित अन्य गांवों के लोग काफी परेशान हैं। पिछले कुछ दिनों से वहां कूड़ा गिराया जा रहा था। इधर उसमें आग लगा दी गई है। उससे विषैला धुंआ निकल रहा है, जिससे काफी दुर्गंध भी उठ रही है। इसकी शिकायत सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर की गई है। जिसके जवाब में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस मामले में कार्रवाई करने को कहा है। इस समस्या से पीड़ित लोगों ने कूड़े के ढेर के पास पहुंचकर विरोध भी जताया था। उन्होंने वहां कूड़ा गिराने पर रोक लगाने की मांग की। जानिए क्या कहते हैं लोगस्थानीय निवासी छोटे चौधरी, शिवचरन पाल, अनिल पाल, राधेश्याम, ओम प्रकाश पाल और रघुपति चौधरी ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में कूड़ा लाकर महीनों से गिराया जा रहा है। कूड़ा अधिक मात्रा में जमा हो जाने के बाद उसमें आग लगा दी जाती है, जिससे कई दिनों तक जहरीला और दुर्गंध युक्त धुआं निकलता रहता है। तेज हवा चलने पर यह धुआं दूर-दराज के गांवों तक फैल जाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। पहले भरा रहता था पानीग्रामीणों ने बताया कि पहले इस स्थान पर पानी भरा रहता था, जहां पशुपालक अपने जानवरों को पानी पिलाया करते थे। वहीं, गीडा द्वारा निर्मित सड़कों पर सुबह-शाम लोग टहलने आते थे, लेकिन कूड़े की डंपिंग शुरू होने के बाद से लोग वहां जाना बंद कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम को चेतावनी दी कि यदि तत्काल कूड़ा गिराना बंद नहीं किया गया, तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। नगर निगम ने झाड़ा पल्लानगर निगम ने इस कूड़े से पल्ला झाड़ लिया है। निगम का कहना है कि यह कूड़ा स्थानीय ग्रामीण स्तर का लगता है। इससे नगर निगम का कोई संबंध नहीं है। फिलहाल अब इस बात की संभावना बढ़ गई है कि वहां के लोग उन गाड़ियों को पकड़ेंगे, जिनसे कूड़ा गिराया जा रहा है।
जबलपुर में चल रहे अवैध देह व्यापार को लेकर जबलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक विदेशी महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक अन्य महिला को भी पकड़ा है जो अपने पति के इशारे पर दूसरे देश से महिलाओं को लाकर यहां रहने वाले अमीर लोगों के सामने परोसा करती थी। पुलिस ने मौके से उजबेकिस्तान महिला के साथ एक अन्य महिला को पकड़ा है, हालांकि इसका मास्टरमाइंड और गिरोह का सरगना मौके से जरूर फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि माढ़ोताल थाना के ग्रीन सिटी में बीते कई दिनों से देह व्यापार का खेल चल रहा था, जहां पर कि ना सिर्फ भारत, बल्कि विदेश से भी लड़कियां आया करता थी। सीएसपी को मिली सूचनासीएसपी आशीष जैन को एक मुखबिर ने बताया कि ग्रीन सिटी स्थित एक घर पर जहां कि कुछ लोगों ने किराए पर लिया है, वहां पर कुछ अनैतिक गतिविधियों के साथ ऐसे लोग भी आते हैं,जिनकी हरकत अपतिजनक है। हर बार यहां आने वाले लोग किसी महिला या फिर लड़की को लेकर आते हैं। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी आशीष जैन और महिला थाना पुलिस की टीम ने मौके पर दाबिश देकर एक विदेशी महिला जो कि उजबेकिस्तान की रहने वाली है, उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसे दिल्ली के रास्ते प्लेन तो कभी ट्रेन से जबलपुर लाया गया था। महिला ने बताया कि वह 2011 में उसका विवाह हुआ था। पति की मौत के बाद वह इस गौरखधंधे में उतर आई। महिला का कहना है कि 2023 में पति की मौत के बाद वह मुबंई आ गई, यहां पर उसने दूसरी शादी की। इसी दौरान दिल्ली निवासी प्रिया कौर से सोशल मीडिया के मध्याम से उसकी दोस्ती हुई। महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले शिव चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा चौधरी से उसकी दोस्ती हुई,इसके बाद ट्रेन से उसे शुक्रवार को जबलपुर बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान महिला ने बताजा कि उजबेकिस्तान से मुबंई आने के बाद जब शिव चौधरी से दोस्ती हुई तो उसने देह व्यापार में कमाई के लिए अच्छी खासी रकम दिलाने का आश्वासन दिया और जबलपुर बुला लिया। पुलिस ने विदेशी महिला के साथ सुषमा चौधरी नाम की महिला को भी हिरासत में लिया है, हालांकि महिला का पति शिव चौधरी जिसने की ग्रीन सिटी में 15 दिन पहले ही किराए से मकान लिया था। वह फरार हो गया है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि मुख्य आरोपी शिव चौधरी मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है। आरोपी की पत्नी हनुमानताल निवासी है, जो कि पति के कहने पर ग्रीन सिटी में किराए का मकान लेकर रह रही थी। पूछताछ के दौरान पता चला कि विदेशी महिला एक दिन पहले ही जबलपुर आई थी। शहर के कई हिस्सों में है ठिकानापुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि शिव चौधरी आदतन अपराधी है, जो कि शहर के कई ठिकानों में किराए के मकान लेकर देह व्यापार का काम किया करता था। पुलिस को शक ना हो इसके लिए आरोपी पत्नी और बच्चों को भी रखा करता था। जानकारी के मुताबिक जबलपुर शहर के अलावा जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसने देह व्यापार का अड्डा खोल रखा है। फिलहाल आरोपी शिव चौधरी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। 5 से 10 हजार रुपए में आती थीसीएसपी ने बताया कि भारत के छोटे शहरों में छिपकर देह व्यापार चल रहा है, जहां पर कि अच्छी-खासी रकम मिलती है। प्रिया कौर जो कि दिल्ली निवासी है, उसके संपर्क में आने के बाद यह महिला दिल्ली से होते हुए जबलपुर पुहंची , जहां उसे एक दिन के लिए 2 से 5 हजार रुपए देने का वादा किया था।सीएसपी आशीष जैन का कहना है कि अभी तक उजबेकिस्तान से आई एक महिला को हिरासत में लिया गया है, जबकि करीब 10 लड़कियां जो कि जबलपुर शहर लाई गई है, वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिनकी तलाश जारी है। लगातार कार्रवाई जारी है। स्पा सेंटर का लाईसेंस नगर निगम की ओर से जारी किया जाता है, अब यह भी देखा जा रहा है कि नगर निगम की टीम किस आधार पर स्पा सेंटर को लाईसेंस दे रही है।
ग्वालियर में एक कारोबारी से ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म GOLD/DGMCOINFX.COM के माध्यम से ट्रेडिंग में निवेश कराकर 1.41 करोड़ रुपए की ठगी की है। कारोबारी गत्ता फैक्ट्री का संचालक है। कुछ समय पहले फेसबुक पर उसकी एक महिला से दोस्ती हुई थी, जिसने उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद एक वेबसाइट के माध्यम से कुछ लोगों ने कारोबारी से संपर्क किया। निवेश कराने के बाद शुरुआत में उसे उसके अकाउंट में कुछ मुनाफा दिखाया जाता रहा। लेकिन जब कारोबारी ने राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स चार्जेज के नाम पर और पैसों की मांग की। जब कारोबारी ने यह रकम जमा नहीं की, तो न तो उसकी मूल राशि वापस की गई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। करीब पांच महीने तक ठग कारोबारी को अपने जाल में फंसाए रहे। मामले में पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। शहर के गोला का मंदिर स्थित मुरार इन्क्लेव निवासी 75 साल के दुर्गा प्रसाद पुत्र जयनारायण नागर कारोबारी हैं। उनकी ग्वालियर में गत्ता फैक्ट्री है। 2025 में उनकी फेसबुक पर एक महिला से दोस्ती हुई। दोस्ती के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी। महिला ने बताया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग करती है और उससे उसे मोटा मुनाफा होता है। उसकी बातों में आकर वह भी ट्रेडिंग के लिए तैयार हो गए। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को कारोबारी को Support@DGMCOINS.VIP नामक ई-मेल के जरिए संपर्क किया गया। संपर्क करने के बाद उनको रुपए इन्वेस्ट करने के लिए मोटा मुनाफा का लालच दिया गया। बताया गया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म GOLD/DGMCOINFX.COM पर जितना ज्यादा पैसा इन्वेस्ट किया जाएगा, फायदा उतना तगड़ा मिलेगा। उनकी सपोर्ट टीम द्वारा कारोबारी से बार-बार संपर्क किया गया। साथ ही विभिन्न मदों में इन्वेस्टमेंट के लिए कहा गया। चार बैंक खातों से ट्रांसफर किए 1.41 करोड़ रुपए करोबारी ने ठगों के झांसे में आकर शहर के प्रमुख बैंकों में स्थित अपने करंट खातों से रुपये ट्रांसफर किए। उसने एक्सिस बैंक सिटी सेंटर शाखा, आईसीआईसीआई बैंक सिटी सेंटर शाखा, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सिटी सेंटर शाखा और एचडीएफसी बैंक सिटी सेंटर शाखा से, ठगों के बताए अनुसार कुल 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपए निवेश किए। जब दुर्गाशंकर ने अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने ‘कैपिटल गेन टैक्स’ और अन्य चार्जेज के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। पांच माह तक फंसाए रखा इस प्लेटफॉर्म पर उन्होंने 28 जून से ट्रेडिंग शुरू की, जो 19 नवंबर तक जारी रही। शुरुआत में उन्हें मुनाफा मिला, जिसके बाद वे लगातार पैसे लगाते रहे और दिखाया गया मुनाफा बढ़ता गया। इस दौरान ठग गिरोह लगातार उनसे संपर्क करता रहा और उन्हें मुनाफे की जानकारी देता रहा। रुपए वापस नहीं मिले, बल्कि फंसाते चले गएकरीब डेढ़ करोड़ रुपए गंवाने के बाद भी उनके पैसे नहीं निकले और ठग गिरोह उनसे और रुपयों की मांग करते रहे, जिससे उन्हें शंका हुई और उन्होंने ठगों से बातचीत करने का प्रयास किया तो ठगों ने उनसे बातचीत बंद कर दी। जिसके बाद वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसएसपी से शिकायत की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने मामले की जांच व कार्रवाई के लिए साइबर सेल को निर्देशित किया। जिसकी जांच के बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया है। पूरी बातचीत वेबसाइट के जरिए की गई इससे पहले ठग गिरोह फंसाने के लिए लोगों को टेलीग्राम एप, फेसबुक और वाटसएप के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम देते थे, लेकिन इस बार ठगों ने फेसबुक, टेलीग्राम और वाटसएप पर बात न करते हुए वेबसाइट पर बातचीत की। बातचीत का तरीका ऐसा लगा कि कारेाबारी भी उनके जाल में फंस गए। तकनीकी आधार पर छानबीन की जा रही साइबर सेल पुलिस का कहना है कि मामले की शिकायत मिली है। जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। अब तकनीकी आधार पर छानबीन की जा रही है कि रुपए कहां-कहां और कैसे ट्रांसफर किए गए हैं।
घर पर लोहे की रॉड काटते समय ग्राइंडर मशीन से गर्दन कटने के गंभीर हादसे में घायल 38 वर्षीय सोहन को एमवाय अस्पताल (एमवायएच) के डॉक्टरों ने नई जिंदगी दी। जटिल सर्जरी और 14 दिन के इलाज के बाद सोहन पूरी तरह स्वस्थ होकर शुक्रवार को परिजन के साथ घर रवाना हो गया। यह हादसा इसी महीने 17 जनवरी को हुआ था। गोकुल नगर निवासी सोहन पिता पन्नालाल घर पर ग्राइंडर से लोहे की रॉड काट रहा था, तभी मशीन फिसल गई और उसकी गर्दन आधी कट गई। हादसे में उसकी श्वास नली और आहार नली दोनों क्षतिग्रस्त हो गई थीं। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं के तहत सर्जरी विभाग के डॉ. सुदर्शन ओड़िया के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन किया। टीम ने सफलतापूर्वक श्वास नली और आहार नली को दोबारा जोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मरीज को बेहद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। सांस लेने में अत्यधिक परेशानी के चलते कुछ समय के लिए श्वसन के लिए अलग रास्ता बनाया गया और उसे आईसीयू में भर्ती कर पांच दिन तक गहन चिकित्सा दी गई। इस दौरान मरीज को पांच यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। स्थिति में सुधार के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया गया और मुंह से आहार देना शुरू किया गया। इलाज के 10वें दिन श्वास नली निकाल दी गई, जिसके बाद उसकी आवाज पहले की तरह आने लगी। डॉक्टरों की सतत निगरानी और इलाज के बाद सोहन पूरी तरह स्वस्थ हो गया। 31 जनवरी को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर सुरक्षित घर भेज दिया गया। कैसे बची मरीज की जान, ऐसे जानिए
अब तक किसानों के खेतों में लाल टमाटर ही आम तौर पर देखने को मिलते थे, लेकिन मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में खेती की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। यहां के प्रगतिशील किसान ने टमाटर की खेती में ऐसा प्रयोग किया है, जिसने किसानों से लेकर कृषि विशेषज्ञों तक का ध्यान खींच लिया है। बैतूल के किसान अनिल वर्मा ने अमेरिका की खास किस्म का काला टमाटर उगाकर यह साबित कर दिया कि अगर सही जानकारी और तकनीक हो, तो खेती में नए प्रयोग किसानों की आय बढ़ाने का जरिया बन सकते हैं। काला टमाटर रंग में गहरा बैंगनी या लगभग काला दिखाई देता है। यह न सिर्फ देखने में अलग है, बल्कि पोषण और औषधीय गुणों के कारण इसे ‘सुपरफूड’ की श्रेणी में रखा जा रहा है। बदलते मौसम, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितता के बीच यह खेती किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभर रही है। बाजार में इसकी कीमत लाल टमाटर से कई गुना ज्यादा है, जो 1000 रुपए किलो तक हो सकती है। पारंपरिक खेती से हटकर अपनाया नया रास्ता अनिल वर्मा एमएससी (बॉटनी) हैं। उन्होंने जड़ी-बूटियों पर लंबे समय तक रिसर्च की है और मैपकास्ट के प्रोजेक्ट पर भी काम किया है। खेती के साथ-साथ वे मछली बीज की हैचरी का संचालन भी करते हैं और सब्जी उत्पादन में सक्रिय हैं। अनिल वर्मा बताते हैं कि वे पिछले कई वर्षों से पारंपरिक खेती कर रहे हैं। लाल टमाटर, सब्जियां और अन्य फसलें उनकी आजीविका का मुख्य साधन रही हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में खेती की लागत तेजी से बढ़ी है। खाद, बीज, कीटनाशक, मजदूरी और सिंचाई हर चीज महंगी होती जा रही है, जबकि बाजार में दाम कई बार लागत से भी कम मिलते हैं। अनिल वर्मा का कहना है कि आज के समय में अगर किसान सिर्फ परंपरागत फसलों पर निर्भर रहेगा, तो मुनाफा कमाना मुश्किल है। इसलिए जरूरी है कि हम नई वैरायटी और हाई-वैल्यू फसलों की ओर जाएं। इसी सोच के साथ उन्होंने काले टमाटर की खेती का फैसला लिया। बहरीन के रिसर्च पेपर में काले टमाटर के बारे में जाना अनिल वर्मा एमएससी बॉटनी हैं और लंबे समय से रिसर्च से जुड़े रहे हैं। उन्होंने करीब 10 साल तक आदिवासी क्षेत्रों में उपयोग होने वाली जड़ी-बूटियों पर शोध किया है। इसी दौरान उनकी नजर काले टमाटर पर पड़ी। उन्होंने बताया कि करीब 2015 के आसपास इस किस्म का इन्वेंशन हुआ था। अनिल का कहना है कि बहरीन के एक रिसर्च पेपर में काले टमाटर के बारे में पढ़ा था। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सामान्य टमाटर से कहीं ज्यादा होते हैं। अनिल वर्मा बताते हैं कि रिसर्च में यह भी सामने आया कि काला टमाटर वैस्कुलर डिजीज, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह फर्टिलिटी बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है। छोटे स्तर पर शुरुआत, बड़े विस्तार की तैयारी काले टमाटर की खेती अनिल वर्मा ने फिलहाल प्रयोग के तौर पर छोटे स्तर पर शुरू की है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ ही कतारों में इसकी फसल लगाई गई है, ताकि मिट्टी, मौसम और उत्पादन क्षमता को समझा जा सके। नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। कुछ पौधों पर 350 से 400 ग्राम तक वजन वाले टमाटर लगे हैं, जो सामान्य लाल टमाटर की तुलना में काफी बड़े हैं। किसान का कहना है कि अगर सब कुछ इसी तरह रहा, तो अगले सीजन में वे काले टमाटर की खेती को दो एकड़ तक बढ़ाएंगे। ऐसे होती है काले टमाटर की खेती काले टमाटर की खेती तकनीकी रूप से सामान्य टमाटर जैसी ही होती है, लेकिन कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है। अनिल वर्मा बताते हैं कि उन्होंने काले टमाटर की दो किस्में लगाई हैं, एक चेरी टाइप और दूसरी बड़े आकार वाली। चेरी टाइप काले टमाटर छोटे होते हैं और सलाद व गार्निश में ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। बड़े आकार वाले टमाटर का रंग गहरा काला-बैंगनी होता है, जिसे किसान ‘मड़ी रंग’ भी कहते हैं। इन पौधों को पर्याप्त धूप और सही तापमान की जरूरत होती है। अगर रोशनी कम मिले, तो टमाटर का रंग पूरी तरह काला नहीं बन पाता। इसके अलावा जल निकासी वाली मिट्टी और संतुलित पोषण जरूरी है। पोषण के मामले में खास है काला टमाटर विशेषज्ञों के अनुसार, काले टमाटर में विटामिन ए और विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा इसमें एंथोसायनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो इसे गहरा रंग देता है। एंथोसायनिन वही तत्व है जो ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और जामुन जैसे फलों में पाया जाता है। यह शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसी वजह से काले टमाटर को हेल्थ-कॉन्शस लोगों के बीच तेजी से पसंद किया जा रहा है। बाजार में एक हजार रुपए किलो तक दाम अनिल वर्मा का कहना है कि काले टमाटर की कीमत सामान्य लाल टमाटर से कई गुना ज्यादा मिल सकती है। जहां लाल टमाटर कई बार 10–20 रुपए किलो बिकता है, वहीं काले टमाटर महानगरों में 1000 रुपए किलो तक बिक सकते हैं। हालांकि, स्थानीय मंडियों में इसकी बिक्री फिलहाल आसान नहीं है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में लोग इसके बारे में ज्यादा जानते नहीं हैं। इसलिए अनिल वर्मा की योजना है कि फसल को भोपाल, इंदौर, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भेजा जाए, जहां ऑर्गेनिक और हेल्दी फूड की मांग ज्यादा है। तीन हजार रुपए में मिले 60-70 बीज काले टमाटर की खेती में सबसे बड़ी चुनौती बीज को लेकर है। अनिल वर्मा ने बताया कि फिलहाल इसके बीज भारत में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बीज विदेश से मंगवाए हैं। 100 मिलीग्राम बीज के लिए मुझे करीब 3 हजार रुपए खर्च करने पड़े, जिसमें 60–70 बीज मिले। हालांकि बीज महंगे हैं, लेकिन अगर फसल सफल रहती है, तो लागत निकलने के साथ अच्छा मुनाफा भी संभव है। किसानों के लिए क्या है सीख कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और बाजार के दौर में काले टमाटर जैसी हाई-वैल्यू फसलें किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती हैं। कम क्षेत्र में ज्यादा आमदनी देने वाली ऐसी फसलें भविष्य में खेती की दिशा बदल सकती हैं। काले टमाटर का यह प्रयोग बताता है कि अगर किसान रिसर्च, तकनीक और बाजार को समझकर खेती करें, तो जोखिम के बीच भी अवसर तलाशे जा सकते हैं। बैतूल के खेतों में उगा यह काला टमाटर आने वाले समय में खेती-किसानी की नई पहचान बन सकता है।
मैनपुरी में अंडे के ठेले पर पैसे मांगने को लेकर हुई मारपीट का एक मामला सामने आया है। दबंगों ने एक युवक और उसके भाई को लाठी-डंडों, घूंसे-लात और फावड़े से बेरहमी से पीटा। यह घटना सड़क के बीचों-बीच हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित अभिषेक कुमार पुत्र मदनलाल, निवासी नगला अनी, थाना कोतवाली, मैनपुरी ने बताया कि वह प्रतिदिन की तरह शाम को सड़क किनारे अंडे का ठेला लगाता है। बीती रात करीब 8 बजे उसका भाई अर्जुन भी ठेले पर मौजूद था। इसी दौरान सुमित (पुत्र धर्मेंद्र यादव) और धर्मेंद्र (पुत्र कुंवर सिंह यादव), निवासी नगला भंत, थाना कोतवाली, मैनपुरी, उनके ठेले पर आए और अंडे खाए। अंडे खाने के बाद जब अभिषेक ने उनसे पैसे मांगे, तो उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया और विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि दोनों ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में आरोपी वहां पहुंच गए। आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही सभी आरोपियों ने अभिषेक और उसके भाई अर्जुन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने लात-घूंसे, लाठी-डंडों और फावड़े से उन पर हमला कर दिया। दबंगों ने दोनों भाइयों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। इस मारपीट में दोनों भाइयों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के दौरान सड़क पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन दबंगों के डर से कोई भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं कर सका। पीड़ित ने थाना कोतवाली में सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजधानी लखनऊ की कलामंडलम प्रेक्षा गृह में 19वें शार्ङ्गदेव महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ और महागामी गुरुकुल कला एवं शोध संस्थान, छत्रपति संभाजी नगर के सहयोग आयोजित किया। तीन दिवसीय इस महोत्सव का दूसरा दिन शास्त्रीय संगीत और नृत्य की गहन परंपराओं को समर्पित रहा। यह आयोजन पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज की स्मृति में स्थापित चेयर के अंतर्गत किया गया। महोत्सव के प्रथम सत्र 'शार्ङ्गदेव प्रसंग' का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह, पूर्व कुलपति प्रो. पूर्णिमा पाण्डेय, बिरजू महाराज कथक संस्थान की अध्यक्ष कुमकुम धर, महागामी संस्थान की निदेशक पार्वती दत्ता और उस्ताद वासिफुद्दीन डागर सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। इस सत्र में शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपराओं पर केंद्रित सप्रयोग व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। कथक की ध्रुपदांगी परंपरा के बारे में बताया उस्ताद वासिफुद्दीन डागर और पार्वती दत्ता ने कथक की ध्रुपदांगी परंपरा पर विस्तार से बताया । वहीं, पद्मश्री दर्शना झावेरी ने मणिपुरी नृत्य परंपरा और संगीत रत्नाकर से जुड़ी अवधारणाओं पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। कलाकारों ने लखनऊ के नृत्य गुरुओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए विषयों को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया। द्वितीय सत्र में विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों ने संगीत और नृत्य के शास्त्रीय, तकनीकी एवं सौंदर्यात्मक पक्षों पर आधारित शोध पत्र प्रस्तुत किए। विशेषज्ञ के रूप में वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं डॉ. चेतना ज्योतिषी व्योहार ने शोध प्रस्तुतियों पर विचारोत्तेजक चर्चा कर अकादमिक वातावरण को समृद्ध किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंज सभागार तृतीय सत्र 'शार्ङ्गदेव समारोह' के अंतर्गत कला मंडपम सभागार में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं। पार्वती दत्ता एवं समूह की ध्रुपदांगी कथक प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही, विभागाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेयी का भरतनाट्यम तथा डॉ. रूचि खरे और छात्रा वल्लरी नारायण पाठक की कथक एकल प्रस्तुतियाँ सराहनीय रहीं। कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और समाज को भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध विरासत से जोड़ते हैं। त्रिदिवसीय महोत्सव का समापन 1 फरवरी को 'शार्ङ्गदेव स्पंदन' कार्यशाला के साथ होगा।
लखनऊ में क्रीड़ा भारती लखनऊ महानगर की ओर से अटल लखनऊ खेल महोत्सव – सीजन 3 का शनिवार को शुभारंभ हो गया। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण 'अटल रन फॉर राम' रहा, जिसमें हजारों युवाओं, खिलाड़ियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 'रन फॉर राम' का शुभारंभ सुबह 1090 चौराहे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल ने भगवा झंडी दिखाकर किया। पूरे मार्ग में 'जय श्रीराम' के उद्घोष और देशभक्ति के नारे लगाए गए। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित किया गया । स्वास्थ्य और चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम मुख्य कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, महापौर सुषमा खर्कवाल और एमएलसी डॉ. महेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया। अतिथियों ने हनुमान जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलन कर महोत्सव की शुरुआत की। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि खेल शारीरिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, स्वास्थ्य और चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने खेलों से सशक्त युवा और सशक्त भारत के निर्माण पर जोर दिया। पाठक ने मैदान में पहुंचकर खो-खो प्रतियोगिता का टॉस भी किया। कबड्डी में कड़े मुकाबले देखने को मिला महोत्सव के दौरान कबड्डी और खो-खो के मुकाबले आयोजित किए गए। खिलाड़ियों ने फुर्ती, रणनीति और टीम भावना का प्रदर्शन किया। कबड्डी मुकाबले देखने को मिला। 'रन फॉर राम' प्रतियोगिता के बालक वर्ग में सक्षम कनौजिया ने प्रथम, राहुल राजभर ने द्वितीय और अविनाश सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में रूबी प्रथम, मोहिनी यादव द्वितीय और मोहिनी तृतीय स्थान पर रहीं।क्रीड़ा भारती लखनऊ महानगर के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि विजेता प्रतिभागियों को रविवार शाम 4 बजे नगद पुरस्कार, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लखनऊ में PHDCCI ने IBC पर राष्ट्रीय सम्मेलन किया:NPA रिकवरी और NCLT सुधारों पर चर्चा
PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने शनिवार को लखनऊ के होटल हयात रीजेंसी में 'IBC पल्स' विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इस एक दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 के तहत उभरते रुझानों, चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श करना था। विशेष रूप से, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के ढांचे को मजबूत कर त्वरित और प्रभावी इनसॉल्वेंसी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे।उन्होंने अपने संबोधन में लोन डिफॉल्ट के प्रमुख कारणों के बारे में बताया। पाठक ने कहा कि टिकाऊ औद्योगिक विकास के लिए भारत की क्रेडिट संस्कृति और बैंकिंग सुधारों को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) की रिकवरी में IBC की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और बताया कि उत्तर प्रदेश में तीव्र विकास के साथ क्रेडिट संस्कृति में भी लगातार सुधार हो रहा है। कॉरपोरेट इकोसिस्टम के मजबूत स्तंभ बन गए DRAT इलाहाबाद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजेश दयाल खरे ने कहा कि IBC ने संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान और वित्तीय प्रणाली में अवरुद्ध पूंजी को पुनः प्रवाहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। PHDCCI की NCLT और IBC समिति के अध्यक्ष जी.पी मदान ने बताया कि IBC और इनसॉल्वेंसी समाधान अब भारत के कॉरपोरेट इकोसिस्टम के मजबूत स्तंभ बन गए हैं।उन्होंने जानकारी दी कि सकल NPA घटकर लगभग 2.2 प्रतिशत और शुद्ध NPA 0.5 प्रतिशत रह गया है।मदान ने यह भी कहा कि IBC का सबसे अच्छा उपयोग उसका उपयोग न करना है और भविष्य में भी इस विषय पर जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की। लिक्विडेशन विषय पर चर्चा हुईं चर्चा सत्रों के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता और NCLT बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. यू.के चौधरी ने लंबित मामलों को कम करने के लिए NCLT बेंचों और सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के उन्नयन की आवश्यकता पर बल दिया।तकनीकी सत्रों में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में बदलाव,पर्सनल गारंटर की दिवालियापन प्रक्रिया और IBC के तहत लिक्विडेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर बरेली के रामगंगा चौबारी घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए बरेली ट्रैफिक पुलिस ने शहर में यातायात जाम से बचने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। प्रशासन ने रविवार सुबह 4 बजे से दोपहर 1 बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली और रामपुर की ओर से बरेली आने वाले भारी वाहन झुमका तिराहे से शहर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। इन वाहनों को बड़े बाईपास से होते हुए विलवा, विलयधाम और इन्वर्टिस तिराहा के रास्ते ट्रांसपोर्ट नगर भेजा जाएगा। इसी प्रकार, लखनऊ जाने वाले वाहन भी बड़े बाईपास का उपयोग करेंगे, जबकि बदायूं जाने वाले वाहन फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी होकर आगे बढ़ेंगे। बदायूं, नैनीताल और पीलीभीत रूटों पर भी यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। बदायूं से आने वाले भारी वाहन देवचरा-दातागंज-फतेहगंज पूर्वी होते हुए बड़े बाईपास से शहर में प्रवेश करेंगे। नैनीताल और पीलीभीत की ओर से आने वाले वाहन भी सीधे बड़े बाईपास के जरिए ट्रांसपोर्ट नगर तक पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रामगंगा क्षेत्र की ओर जाने वाले भारी वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सुबह 4 बजे से दोपहर 1 बजे तक देवचरा, रम्पुरा, अखा मोड़, चौपला चौराहा पुल और बुखारा मोड़ जैसे मार्गों से कोई भी भारी वाहन नहीं गुजर सकेगा। इन सभी प्रतिबंधित इलाकों में बैरिकेडिंग की जाएगी और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। एसपी ट्रैफिक मो. अकमल खान ने बताया, माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। डायवर्जन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों से अनुरोध है कि वे अनावश्यक रूप से रामगंगा की ओर न जाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं से यह भी अपील की है कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। रामगंगा पुल, मुख्य सड़कों और घाटों के आसपास वाहन खड़ा करने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के सचेंडी में दबंगों ने खनन की गाड़ियों क़ो रोककर उनको आगे बढ़ने से रोक दिया। गाड़ी के ड्राइवर ने इसकी सूचना गाड़ी मालिकों क़ो दी। सूचना पर गाड़ी मालिक मौके पर पहुँचे और सूचना 112 नंबर डायल कर पुलिस क़ो दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ज़ब खनन की परमिशन होने की बात कही तो आरोपी पुलिस से भिड़ गए थे। जिसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की मगर कार्रवाई ना होने पर शनिवार क़ो पुलिस आयुक्त से मिले और न्याय की गुहार लगाई। पहले भी गाड़ी निकलने क़ो लेकर हुआ था विवाद सचेंडी थाना क्षेत्र के ग्राम बिनौर निवासी ज्ञानवेन्द्र सिंह, विनय सिंह और राहुल सिंह ने गांव के कुछ लोगों पर मिट्टी खनन कार्य में पांच लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल से मिलकर घटना की शिकायत की है। पीड़ितों के ने बताया कि रायपुर कठार की करीब पांच बीघा जमीन से मिट्टी खनन की अनुमति जिलाधिकारी से मिली है ,जो 12 दिसंबर 2025 से 11 मार्च 2026 तक वैध है। आरोप है कि कुछ लोगों ने सार्वजनिक रास्ता खुदवाकर गाड़ियां रोक दीं और पांच लाख रुपये की मांग की। कुछ दिन पहले ईश्वरीगंज में आरोपियों का पुलिस से झड़प करते एक वीडियो भी प्रचलित हुआ था। पीड़ितों ने बताया कि आरोपित पहले भी रंगदारी वसूल चुके है।जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से भी की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।फिलहाल पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से कार्रवाई की मांग की है। सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों में मिट्टी खनन क़ो लेकर विवाद है पूर्व में भी मिट्टी खनन क़ो लेकर विवाद हो चुका है। शनिवार क़ो एक पक्ष पुलिस आयुक्त से मिला है। पुलिस आयुक्त महोदय के आदेश के बाद कार्रवाई कि जायेगी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में मीडिया की गलत रिपोर्ट पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस पर गाइडलाइन की तैयारी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद को लेकर दाखिल सिविल वालों की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायपीठ ने कहा है कि कोर्ट की कार्यवाही और इस मामले में दिए गए आदेश की पवित्रता का पालन करने और उसे बनाए रखने के लिए कुछ सख्त गाइडलाइंस जारी की जा सकती हैं। सभी संबंधित लोगों से कहा है कि आदेश और केस की कार्यवाही की कोई भी गैर-जिम्मेदाराना या गलत रिपोर्टिंग पहली नज़र में कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी। और कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि मीडिया के लोग इस मामले की कार्यवाही की रिपोर्टिंग करते समय उचित संयम बरतेंगे और इस संबंध में कोर्ट के आदेशों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट व अन्य द्वारा दाखिल सिविल वाद की सुनवाई करते हुए दिया है।वादी अधिवक्ता ने कोर्ट कार्यवाही का मीडिया में गलत रिपोर्टिंग और उसपर पूर्व में पारित कोर्ट आदेश की तरफ ध्यान आकृष्ट किया।जिसपर कोर्ट ने निबंधक अनुपालन को पिछले आदेश को फिर से मीडिया में अनुपालनार्थ सर्कुलेट करने का निर्देश दिया है।
लखनऊ में LDA ने अनंत नगर आवासीय योजना के 636 भूखण्डों का लॉटरी से आवंटन किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 2 दिन तक चली लॉटरी की प्रक्रिया में 7334 आवेदकों के बीच लकी ड्रा की पर्चियां निकाली गईं। लॉटरी में अपने नाम की पर्ची निकलने पर आवेदकों के चेहरे खिल उठे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया- मोहान रोड स्थित अनंत नगर योजना का विकास 785 एकड़ क्षेत्रफल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ बिजली सप्लाई के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों और ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा बनाएगा। अनंत नगर योजना में पहले 2 चरणों में 666 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 22 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। तीसरे चरण में आकाश खण्ड और आदर्श खण्ड के 636 भूखण्डों के लिए 20 दिसम्बर, 2025 से 16 जनवरी, 2026 के बीच ऑनलाइन पंजीकरण खोला गया था,7334 लोगों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कराया था। यू-ट्यूब चौनल पर लाइव प्रसारण अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया- 30 और 31 जनवरी लॉटरी ड्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान आवेदकों के हाथों से ही ड्रा की पर्चियां निकलवाई गईं। साथ ही पूरी प्रक्रिया का यू-ट्यूब चौनल पर लाइव प्रसारण किया गया। उन्होंने बताया कि 450 वर्गमीटर के 41, 288 वर्गमीटर के 224, 200 वर्गमीटर के 75, 162 वर्गमीटर के 240 और 112.5 वर्गमीटर क्षेत्रफल के 56 भूखण्ड लॉटरी से आवंटित किये गये।
गोरखपुर में रविवार को 5 घंटे बिजली कटौती:सड़क चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के कारण आपूर्ति बाधित रहेगी
गोरखपुर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते रविवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार यह कटौती सुबह 11.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक रहेगी। कई उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में असरराप्तीनगर विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत 11 KV राम जानकी नगर, नकहा और फेस फोर फीडर की आपूर्ति बंद रहेगी। वहीं विकास नगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 11 KV विकास नगर, विस्तार नगर, बरगदवा और मानीराम फीडर क्षेत्रों में भी बिजली नहीं मिलेगी। इसके अलावा खोराबार विद्युत उपकेंद्र के 11 KV सिंहड़िया फीडर, जुड़ियांन विद्युत उपकेंद्र, हरपुर अनंतपुर, घघसरा और गंगटही विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में भी निर्धारित समय के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। समय पर कार्य पूरा करने का दावाविद्युत विभाग का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग का कार्य तय समय में पूरा कर लिया जाएगा, ताकि शाम के बाद आपूर्ति बहाल की जा सके। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि कार्य के दौरान सहयोग बनाए रखें और असुविधा के लिए क्षमा करें।
मथुरा में बृज धाम दर्शन के लिए मुंबई से आए श्रद्धालुओं के एक जत्थे में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब कोसी कलां रेलवे स्टेशन पर एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक मुंबई से आए लगभग 40 श्रद्धालुओं के उस समूह का हिस्सा था, जो ट्रेन से धार्मिक यात्रा पर मथुरा पहुंचा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई से करीब 40 श्रद्धालुओं का एक दल मथुरा दर्शन के लिए रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान जैसे ही ट्रेन कोसी कलां रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, दल के एक सदस्य को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। कुछ ही पलों में उनकी हालत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की सूचना तुरंत रेलवे स्टाफ को दी गई। सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर के साथ जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए बीमार श्रद्धालु को ट्रेन से नीचे उतारा। रेलवे प्रशासन की ओर से तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई गई और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोसी कलां ले जाया गया। सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यंत तीव्र हृदयाघात के कारण उनकी मृत्यु हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि हृदय गति अचानक रुक जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद मुंबई से आए श्रद्धालुओं के पूरे दल में गहरा शोक व्याप्त है। रेलवे प्रशासन और पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
विधान परिषद सदस्य श्री चंद ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यूजीसी में मौजूद कुछ खामियों के कारण ही अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा था और कुछ फैसलों पर रोक लगाई गई थी। श्री चंद ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यूजीसी की कमियों के चलते न्यायालय को आदेशों पर रोक लगानी पड़ी, ताकि व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि अब शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को धन्यवाद पत्र भी प्राप्त हुए हैं। ये पत्र वित्तीयविहीन विद्यालय प्रबंधक महासभा, एंटी-करप्शन विरोग, उमेश भारत, प्राथमिक वित्तीयविहीन शिक्षक महासभा, भाजपा, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ और राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश की ओर से भेजे गए हैं। शिक्षकों को सरकार का अभिन्न अंग बताते हुए श्री चंद ने कहा कि सरकार अपने तंत्र के माध्यम से ही कार्यों को संपादित कराती है और शिक्षक उसी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि निष्पक्ष भाव से कार्य करने में शिक्षकों से बेहतर कोई वर्ग नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास शिक्षकों के अलावा और कौन सा ऐसा वर्ग है, जिससे कार्य नहीं लिया जा रहा। प्रेस वार्ता के दौरान वित्तीयविहीन शिक्षकों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर श्री चंद ने अपना समर्थन जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान कार्ड के लिए एक निश्चित मानक और दायरा तय है। इसके तहत वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को ही यह सुविधा मिलती थी। उन्होंने बताया कि वित्तीयविहीन शिक्षक इस दायरे में नहीं आ रहे थे, इसी कारण उन्हें पहले यह लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया 6 फरवरी तक की है, आगे की स्थिति पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
बागपत विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लेकर अपनी विभिन्न समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। किसानों ने सभी समस्याओं के समाधान की मांग की। इस पर बागपत की जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और समाधान का आश्वासन दिया। किसान दिवस के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने पूर्वी यमुना नहर की सफाई के मामले में प्रशासन से गंभीर सवाल किए। प्रदीप धामा ने आरोप लगाया कि पूर्वी यमुना नहर की सफाई का कार्य 48 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है, लेकिन इसमें लगातार लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। धामा के अनुसार, कई स्थानों पर नहर की पटरी टूटने से किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है, जबकि इस कार्य के लिए इतना बड़ा बजट पहली बार पास हुआ है। धामा ने जिलाधिकारी से मौके का निरीक्षण करने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि नहर की सफाई मानकों के अनुरूप नहीं हुई, तो किसानों को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, प्रदीप धामा ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों के लिए आने वाली योजनाएं अधिकारियों द्वारा अपने पसंदीदा किसानों और कुछ राजनीतिक समर्थकों को दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक हकदार किसानों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
सहारनपुर दीवानी कचहरी परिसर में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद के चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। दूसरे दिन शनिवार को कुल 1164 मत डाले गए। दो दिनों के मतदान को मिलाकर, कुल 2988 पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 2348 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान दूसरे दिन सुबह 10 बजे शुरू हुआ। कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परिसर में प्रत्याशियों के बैनर और समर्थकों की उपस्थिति देखी गई। सुबह ठंड के कारण मतदान की गति धीमी रही, लेकिन धूप निकलने के बाद मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई। अधिवक्ता प्रत्याशियों के वरीयता क्रम पर चर्चा करते दिखे। पूर्व विधायक और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष शाहनवाज राना के समर्थन में अधिवक्ताओं का जमावड़ा उनके बस्ते पर देखा गया। यहां चुनावी रणनीति और समर्थन पर बातचीत हुई। क्रमांक 266 को लेकर भी दूसरे दिन अधिवक्ताओं के बीच चर्चा रही। मतदान शाम 5 बजे तक जारी रहा। दूसरे दिन बूथ संख्या एक पर 382, बूथ संख्या दो पर 415 और बूथ संख्या तीन पर 367 वोट दर्ज किए गए। शुक्रवार को बूथ एक पर 429, बूथ दो पर 399 और बूथ तीन पर 356 मत पड़े थे। दोनों दिनों के कुल मतदान के अनुसार, बूथ एक पर 811, बूथ दो पर 814 और बूथ तीन पर 723 मत पड़े। इस दौरान शाहनवाज राना के समर्थन में मुनव्वर अली खान, जमाल साबरी, मोहम्मद अली, राव इकबाल, इकबाल अहमद, रणधीर सिंह, संगीता और पारुल सहित कई अधिवक्ता और समर्थक उपस्थित रहे। चुनाव परिणाम की घोषणा का इंतजार है।
सड़क पर बस खड़ी कर सो गया ड्राइवर, VIDEO:देवरिया में जाम लगने पर पुलिस ने जगाकर हटवाई बस, चालान किया
देवरिया के गौरी बाजार उपनगर में देर शाम गोरखपुर से आ रही एक बस का चालक बीच सड़क पर बस खड़ी कर सो गया। इस घटना के कारण व्यस्त मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही गौरी बाजार क्षेत्र में पहुंची, चालक ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उसे सड़क के बीचोंबीच रोक दिया। शुरुआत में लोगों को लगा कि बस में कोई तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन काफी देर तक बस आगे नहीं बढ़ी। पीछे खड़े वाहन चालकों ने कई बार हॉर्न बजाया, लेकिन चालक पर कोई असर नहीं हुआ। जब स्थिति ज्यादा बिगड़ने लगी और जाम बढ़ता गया, तब स्थानीय लोगों ने बस के पास जाकर देखा। उन्हें चालक सीट पर ही सोता हुआ मिला। लोगों ने उसे जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। इसके बाद मामले की सूचना गौरी बाजार पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को झकझोर कर जगाया। पुलिस के अनुसार, चालक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था, जिसके कारण वह गहरी नींद में था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत चालक को सीट से हटाया। बस में मौजूद दूसरे चालक को बुलाकर बस को सड़क किनारे लगवाया गया। बस हटते ही धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने लापरवाही और यातायात बाधित करने के आरोप में बस का चालान किया। साथ ही, बस संचालक को चालक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। पुलिस ने वाहन चालकों से जिम्मेदारी के साथ ड्राइविंग करने की अपील की है।
हापुड़ में दहेज उत्पीड़न से परेशान एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति और उसके मामा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामपुर जट्ट निवासी मुनेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन सारिका उर्फ सोनू की शादी 1 फरवरी 2020 को सुमित उर्फ जॉनी निवासी गांव लुखराड़ा से हुई थी। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार करीब 25 लाख रुपए और एक अल्टो कार दी थी। मुनेंद्र सिंह के अनुसार शादी के बाद से ही सारिका के पति सुमित उर्फ जॉनी और उसके मामा संजीव हसनपुर काकर, थाना हाफिजपुर निवासी दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वे सारिका से लगातार 10 लाख रुपए और एक ब्रेजा कार की अतिरिक्त मांग कर रहे थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर आरोपी सारिका के साथ मारपीट और उत्पीड़न करते थे। सारिका फोन पर अपने परिजनों को इस बारे में बताती रहती थी। परिजनों ने कई बार सुमित व संजीव को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। मुनेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को आरोपियों द्वारा अधिक परेशान किए जाने पर उनकी बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्हें बहन की मृत्यु की सूचना नहीं दी गई। अन्य लोगों से जानकारी मिलने पर वे हापुड़ के एक अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें अपनी बहन का शव मिला। कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्यवाही की जा रही है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पिपराघाट से शहीद पथ के बीच ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तीसरे चरण का काम शुरू कर दिया है। लगभग 5 किलोमीटर लंबे इस स्ट्रेच में कॉरिडोर बनने से कैंट से अयोध्या रोड और कानपुर रोड की ओर जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। यह सफर चंद मिनटों में ही तय हो जाएगा। पिपराघाट से जी-20 रोड तक बनेगा 4-लेन पुल एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस पूरे रूट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पिपराघाट के पास रेलवे क्रासिंग पर वीआईपी स्पर बनाने और दिलकुशा रोड का चौड़ीकरण कराने के निर्देश दिये। साथ ही छावनी बोर्ड से एनओसी लेकर रेलवे क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराए जाने की बात कही। आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) लगभग 240 मीटर लंबा व 12 मीटर चौड़ा होगा। इसके अलावा दिलकुशा से ग्रीन कॉरिडोर को कनेक्ट करने वाली सड़क वर्तमान में 9 मीटर चौड़ी है। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि भविष्य में ग्रीन कॉरिडोर शुरू होने पर सड़क पर भी ट्रैफिक का काफी लोड आएगा। इसे ध्यान में रखते हुए इस सड़क के चौड़ीकरण का कार्य भी साथ ही साथ करा लिया जाए। इसके बाद उन्होंने पिपराघाट से जी-20 रोड तक बनने वाले 4-लेन पुल की साइट का निरीक्षण किया। बारिश से पहले लैंड फिलिंग का काम होगा पूरा पिपराघाट से आर्मी लैंड के नाले तक 2.8 किलोमीटर लंबा 4-लेन बंधा बनाया जाना है। वहीं, आर्मी लैंड नाले से शहीद पथ के मध्य 2.5 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच मेें बंधे का निर्माण होना है। उपाध्यक्ष ने इस पूरे रूट का निरीक्षण किया, जहां मौके पर अर्थ फिलिंग (मिट्टी की भराई) का काम होते पाया गया। उन्होंने निर्देश दिये कि बरसात से पहले लैंड फिलिंग का का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। मुख्य अभियंता ने अवगत कराया कि बंधे के किनारे सुरक्षा एवं मजबूती के दृष्टिगत स्टोन पिचिंग का कार्य कराया जाएगा। काश्तकारों को वेलनेस सिटी में दी जाएगी जमीन इकाना क्रिकेट स्टेडियम से किसान पथ के बीच प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर के एलाइनमेंट का भी निरीक्षण किया गया। प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिये कि बंधे और ब्रिज के निर्माण के लिए जिन काश्तकारों की जमीन जाएगी, उन्हें लैंड पूलिंग नीति के तहत वेलनेस सिटी में निःशुल्क भूमि दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि मौके पर साइट ऑफिस बनाया जाए, जहां अर्जन अनुभाग के अधिकारी बैठकर काश्तकारों से वार्ता करके अर्जन सम्बंधी प्रकरणों का निस्तारण कराएं।
अयोध्या में सड़क सुरक्षा माह के समापन पर आरटी ओ प्रशासन ऋतु सिंह सड़क पर उतरी। बिना हेलमेट वाहन चला रहे लोगों को सड़क सुरक्षा को लेकर नियमों का पाठ पढ़ाया। बिना हेलमेट जरूरत मंद वाहन चालकों को हेलमेट बांटे और नियमो के पालन का संकल्प दिलाया। आरटीओ प्रशासन ऋतु सिंह अयोध्या के राम पथ पर सड़कों पर सड़क सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों को जागरूक करती नजर आई। इसको देख वहां से गुजर रही कुछ महिलाओं और लड़कियों ने सड़क सुरक्षा के नियमों को लेकर ऋतु सिंह से सवाल भी किया। ऋतु सिंह ने सड़कों पर वाहन चला रहे वाहन चालकों के जीवन कितना कीमती है, हेलमेट लगा कर वाहन चलाना कितना सुरक्षित है को लेकर लोगों को जागरूक किया। आर टी ओ प्रशासन ऋतु ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार सड़क सुरक्षा माह को लेकर आज समापन तो जरूर कर रहें है, लेकिन इसको मिशन बना कर पूरे वर्ष चलाने जा रहे है। इस बार ग्राम प्रधानों को भी सड़क सुरक्षा की ट्रेनिंग दी है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग जागरूक हो सके। वी आई एस मार्क वाले हेलमेट को ही लोग प्रयोग करें जिससे दुर्घटना होने पर हेड इंजरी का जोखिम कम हो सके।
अलीगढ़ में दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार शाम दिल्ली से सियालदाह जा रही राजधानी एक्सप्रेस के सामने नीलगायों का झुंड आ गया। मडराक और दाऊद खां रेलवे स्टेशन के बीच तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से दो नीलगाय मर गईं। टक्कर के बाद उनका मलबा इंजन में फंस गया, जिससे राजधानी एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही और इस रूट का रेल यातायात प्रभावित हो गया। लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक राजधानी एक्सप्रेस शनिवार शाम जैसे ही 6:38 बजे दाऊद खां और मडराक रेलवे स्टेशन के मध्य पहुंची, तभी रेलवे ट्रैक पर नीलगायों का झुंड अचानक सामने आ गया। स्थिति को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत हॉर्न बजाया और इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण दो नीलगाय उससे टकरा गईं। अन्य ट्रेनों को भी रोका गया टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों नीलगायों का मलबा इंजन में फंस गया और ट्रेन को आगे बढ़ाना संभव नहीं रहा। सुरक्षा के लिहाज से रेलवे प्रशासन ने इसी ट्रैक पर आ रही अन्य ट्रेनों को भी रास्ते में रोक दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद साफ किया इंजन तकनीकी टीम ने इंजन में फंसे मलबे को हटाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद इंजन को पूरी तरह साफ किया गया। इसके बाद शाम 7:38 बजे राजधानी एक्सप्रेस को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को ट्रेन में ही इंतजार करना पड़ा। इमरजेंसी ब्रेक से टला हादसा आरपीएफ पोस्ट कमांडर डीपी सिंह ने बताया कि नीलगायों के अचानक ट्रैक पर आ जाने से यह हादसा हुआ। समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बड़ा हादसा टल गया, हालांकि दो नीलगाय मर गईं। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रैक का निरीक्षण कर यातायात को सामान्य कराया।
हम दोनों साथ पढ़ते थे, तभी एक दूसरे से मोहब्बत हो गई। हमने साथ जीने मरने की कसम खाई। इसके बाद परिवार वालों की सहमति से 9 साल तक चले अफेयर के बाद शादी कर ली। जितेन्द्र ने मेरे अकाउंट से 20 हजार रुपए निकाल लिए और जुए में हार गया। हमने जब रुपए मांगे तो पति ने लड़ाई शुरू कर दी। जिस पर मैने अपने मां-बाप और भाई को बुलाया। मैने गला दबाया जबकि मां-बाप और भाई हाथ पैर पकड़े। ये कबूलनामा है जिंदगी भर साथ निभाने का वादा करने वाली कातिल पत्नी का.... ये सनसनीखेज वारदात है यूपी के बरेली की। मोहब्बत का खौफनाक अंतयूपी के बरेली से हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने ही सुहाग की बेरहमी से बलि चढ़ा दी। जिस रिश्ते को सात जन्मों का बंधन माना जाता है, वह महज दो महीने में खून से सन गया। बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली ज्योति ने अपने माता-पिता और भाई के साथ मिलकर पति जितेन्द्र कुमार यादव की गला दबाकर हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह शादी 9 साल लंबे प्रेम प्रसंग के बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई थी, लेकिन रुपयों के विवाद ने प्यार को नफरत में बदल दिया। 20 हजार रुपये और ऑनलाइन जुए की सनकघटना की जड़ में 20 हजार रुपये का विवाद था। मृतक जितेन्द्र IVRI में संविदा पर कार्यरत था, जबकि आरोपी पत्नी ज्योति रोडवेज में संविदा कर्मचारी है। ज्योति का आरोप है कि जितेन्द्र ने उसके बैंक खाते से चुपचाप 20 हजार रुपये निकालकर ऑनलाइन जुए में गंवा दिए थे। जब 26 जनवरी को ज्योति ने पैसों के बारे में पूछताछ की, तो दोनों के बीच तीखी बहस और हाथापाई शुरू हो गई। गुस्से में पागल ज्योति ने तुरंत अपने मायके वालों को फोन कर बुला लिया। मर्डर को सुसाइड बनाने की नाकाम साजिशज्योति के बुलावे पर उसके पिता कालीचरन, मां चमेली और भाई दीपक वहां पहुंच गए। जब जितेन्द्र और ज्योति के बीच झगड़ा बढ़ गया, तो मायके वालों ने मिलकर जितेन्द्र के हाथ-पैर पकड़ लिए और ज्योति ने उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने खौफनाक साजिश रची। उन्होंने जितेन्द्र के ही मफलर से उसे वेंटिलेटर की ग्रिल से लटका दिया ताकि यह आत्महत्या लगे। इसके बाद मां-बाप ने नीचे जाकर शोर मचाया कि दामाद ने फांसी लगा ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोलपुलिस ने शुरुआत में आत्महत्या की सूचना पर मामला दर्ज किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी। रिपोर्ट में मौत का कारण 'एंटीमॉर्टम स्ट्रैंगुलेशन' यानी गला दबाकर हत्या पाया गया। इसके बाद पुलिस ने धारा 103(1) (हत्या) के तहत केस दर्ज कर जांच तेज कर दी। इज्जतनगर पुलिस ने सटीक मुखबिरी के आधार पर शनिवार को आरोपी पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को डेलापीर कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार कर लिया। इन पुलिसकर्मियों ने किया खुलासाइस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करने में इज्जतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद अली, उपनिरीक्षक मुकेश चौहान, महिला उपनिरीक्षक पायल, महिला हेड कांस्टेबल रेखा, और हेड कांस्टेबल धनीश, विशाल व रूपेन्द्र शामिल रहे। पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया। वारदात का पूरा घटनाक्रम (Time-Line):25 नवंबर 2025: ज्योति और जितेन्द्र ने 9 साल लंबे अफेयर के बाद परिवार की मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। 26 जनवरी 2026: ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने पर पति-पत्नी में विवाद हुआ। ज्योति ने मायके वालों के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को फंदे से लटका दिया। 27 जनवरी 2026: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई है। पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में तब्दील किया। 31 जनवरी 2026: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी ज्योति, ससुर कालीचरन और सास चमेली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीओ बोले- पीएम रिपोर्ट से हुआ खुलासापोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू की थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।- पंकज श्रीवास्तव, सीओ सिटी थर्ड, बरेली
कांकेर में सड़क हादसे में पिता-बेटे की मौत:बस और बाइक की टक्कर, दो बेटियां गंभीर रूप से घायल
कांकेर में शनिवार देर शाम यात्री बस और बाइक की टक्कर में पिता-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के पंडरीपानी इलाके में हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब दुधावा की ओर से आ रही बस और सामने से आ रही बाइक आपस में टकरा गईं। बाइक पर पिता, पुत्र और उनकी दो छोटी बेटियां सवार थीं। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता और पुत्र ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल, घायल बेटियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिल्म अभिनेता और शिवसेना नेता गोविंदा ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान गोविंदा ने मुख्यमंत्री को श्रीकृष्ण की मूर्ति भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई। श्रीकृष्ण की मूर्ति भेंट कर जताया सम्मानमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अभिनेता गोविंदा ने उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस भेंट के लिए गोविंदा का आभार जताया और उनसे आत्मीय बातचीत की। फिल्म जगत से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चामुलाकात के दौरान अभिनेता गोविंदा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच फिल्म जगत से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सिनेमा की सामाजिक भूमिका, संस्कृति और मूल्यों को लेकर दोनों ने अपने विचार साझा किए। अन्य समसामयिक विषयों पर भी हुआ संवादफिल्मों के अलावा इस बैठक में समाज, संस्कृति और अन्य समसामयिक विषयों पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यों की जानकारी दी, वहीं गोविंदा ने अपने अनुभव साझा किए। शिष्टाचार भेंट रही सौहार्दपूर्णकरीब कुछ समय तक चली यह मुलाकात पूरी तरह शिष्टाचार और सौहार्दपूर्ण रही। मुलाकात के बाद गोविंदा ने मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को सकारात्मक बताया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को संभल के थाना नखासा क्षेत्र के कुरकावली गांव में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था और सैकड़ों की संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। विभाग कार्यवाह छत्रपाल भी इस अवसर पर मौजूद रहे। आरएसएस के विभाग कार्यवाह छत्रपाल ने विराट हिंदू सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हर विपरीत परिस्थिति में देश की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष पर हिंदू समाज को एकजुट कर रहा है और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। हापुड़ के गुरुकुल कूठ से आए अखिलेशानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल हिंदू सम्मेलन आयोजित नहीं कर रहा, बल्कि यहां आए हिंदू परिवारों को एक साथ लाने का काम कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि हम सभी को हिंदू संस्कृति से जोड़ा जा रहा है, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित हो सके और हमारी आने वाली पीढ़ियां हिंदू संस्कृति को आगे बढ़ा सकें। विभाग धर्म जागरण प्रमुख राजाराम ने लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल के संघर्ष और उसकी यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संदीप गिल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त भजनों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरिंदर सिंह रिंकू, पश्चिमी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, सुधीर त्यागी, पंकज शर्मा, सोनू चाहल, पुष्पेंद्र त्यागी, भूकेंद्र शर्मा, सौरभ त्यागी, राजवीर सिंह, प्रिंस धारीवाल, आनंद सिंह, धीरज सिंह, कपिल चौधरी, योगेंद्र शर्मा, नंदकिशोर शर्मा, राजेंद्र प्रजापति, प्रशांत चाहल, सुभाष वाल्मीकि, संजीत सिंह, राजीव गिल, ब्लॉक प्रमुख पति कुलदीप चाहल, शालिनी सिंह, गीता जाटव, देवनम चौधरी, रजनी, सीमा और गायत्री सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में वापसी हुई है। हितानंद अब आरएसएस में मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक प्रमुख बनाए गए हैं। अब जबलपुर उनका केन्द्र यानी मुख्यालय होगा, जहां से वे एमपी और छत्तीसगढ़ में संघ की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। साइलेंट स्ट्रैटेजिस्ट माने जाते हैं हितानंद पर्दे के पीछे रहकर संगठन को साधने वाले हितानंद शर्मा को पार्टी के साइलेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में जाना जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तहसील स्तर के प्रचारक से लेकर भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री तक का उनका सफर, समर्पण, अनुशासन और परिणाम देने वाली कार्यशैली वाला रहा है। संघ की शाखा से शुरुआत वर्ष 1976 में मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के नईसराय में जन्मे हितानंद शर्मा को राष्ट्रप्रेम के संस्कार परिवार से मिले। पिताजी शासकीय सेवा में रहे, इसलिए शिक्षा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई। किशोरावस्था में ही उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुआ। विद्यालयीन-महाविद्यालयीन शाखाओं (सायं भाग), प्रभात शाखा और स्थानीय दायित्वों के माध्यम से उन्होंने संघ कार्य को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया। तहसील-नगर से जिला और विभाग प्रचारक तक वर्ष 1995 में जीवन की दूसरी पारी शुरू हुई, जब वे संघ के विस्तारक बने और पूर्ण रूप से संगठन को समर्पित हो गए। इसके बाद अशोकनगर, चंदेरी, चांचौड़ा, कुंभराज में नगर प्रचारक रहे। जहां रहे, वहां संघ के कार्यालय बनवाए 2002 में श्योपुर के जिला प्रचारक बने। 2007 में शिवपुरी विभाग प्रचारक बनाए गए। 2011 में विदिशा विभाग प्रचारक बने। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ विचारधारा का विस्तार किया, बल्कि संगठन में एक “इंजीनियर” के रूप में पहचान बनाई। जहां-जहां वे रहे, वहां संघ कार्यालयों का निर्माण हुआ। विदिशा का भव्य ‘मधुकर भवन’ उनके संगठन कौशल की स्थायी पहचान बन गया। विद्या भारती में संकट से विजय तक लगभग 20 वर्षों तक संघ में निरंतर कार्य के बाद, 2015 में उन्हें विद्या भारती-मध्यभारत प्रांत का प्रांत संगठन मंत्री बनाया गया। यहां पूर्व छात्रों को जोड़ने के नए प्रयोग किए। सांगठनिक ढांचे का विस्तार किया। शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा दी। सत्ता परिवर्तन के बाद जब विद्या भारती को लेकर प्रतिकूल परिस्थितियां बनीं, तब उनके संयम, धैर्य और दूरदर्शी निर्णयों के चलते संस्था हर षड्यंत्र से विजयी होकर निकली। भाजपा में एंट्री और कठिन परीक्षा संघ ने उन्हें भाजपा का प्रदेश सह संगठन महामंत्री बनाया। जिस वक्त ये घोषणा हुए, उस वक्त वे कोरोना संक्रमित थे, लेकिन स्वस्थ होते ही सबसे पहले काम में जुट गए। उनके नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोना काल में पीड़ितों के लिए व्यापक सेवा अभियान चलाया। इसी अवधि में 28-30 विधानसभा उपचुनाव हुए। सीमित समय और संसाधनों में उपचुनावों में जीत दर्ज की। बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक सटीक समन्वय ने उन्हें संगठन के भरोसेमंद रणनीतिकार के रूप में स्थापित कर दिया। सतत प्रवास, सीधा संवाद हितानंद शर्मा की पहचान, उनके लगातार दौरों और कार्यकर्ता-केंद्रित शैली से है। मात्र एक साल में उन्होंने प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत मंडलों का दौरा कर जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया।
बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर गांजा बेचते हुए पकड़ा गया। यह कार्रवाई दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई है और सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सिविल लाइन और सिरगिट्टी थाना पुलिस ने गांजा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इनकी हुई गिरफ्तारी सिविल लाइन थाना क्षेत्र की मिनी बस्ती से केजा बाई (55) के पास से 200 ग्राम गांजा और जाहिरन बी (58) के पास से 220 ग्राम गांजा जब्त किया गया। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में राजू दास मानिकपुरी (55) से 570 ग्राम गांजा और यादव नगर, तिफरा निवासी मन्नू यादव (26 ) के पास से 593 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि नशे के कारोबार से जुड़े मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने और उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर-छपरा और गोरखपुर-वाराणसी रेलखंड पर ट्रैक निर्माण और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के कारण रेलवे ने तीन जोड़ी ट्रेनों को 16 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया है। इससे देवरिया समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे विभाग इन रेलखंडों पर ट्रैक सुधार, सिग्नल अपग्रेडेशन और संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इन कार्यों के दौरान परिचालन संबंधी कठिनाइयों और बार-बार ट्रैफिक ब्लॉक लेने की आवश्यकता के कारण ट्रेनों का संचालन बाधित हो रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार, 15129 गोरखपुर कैंट-वाराणसी सिटी सवारी गाड़ी 2 से 16 फरवरी 2026 तक निरस्त रहेगी। इसी तरह, 15130 वाराणसी सिटी-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी 1 से 15 फरवरी 2026 तक नहीं चलेगी। इसके अतिरिक्त, 55041 सीवान-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी 2 से 16 फरवरी 2026 तक और 55042 गोरखपुर कैंट-सीवान सवारी गाड़ी 1 से 15 फरवरी 2026 तक रद्द रहेगी। ये सभी ट्रेनें देवरिया जिले के गौरी बाजार, बैतालपुर, देवरिया सदर, नूनखार, भटनी जंक्शन, भाटपार रानी, बनकटा, सलेमपुर जंक्शन और लार रोड जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। इन स्टेशनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी यात्रा करते हैं। ट्रेनों के निरस्त होने से उन्हें वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और धन दोनों अधिक खर्च हो रहा है। स्थानीय यात्रियों ने बताया कि पूर्व सूचना के बावजूद उन्हें काफी असुविधा हो रही है, क्योंकि बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में भीड़ बढ़ गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ट्रेनों या परिवहन साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
बलरामपुर जिले के सेंदुर नदी में रेत के नीचे दबा मिला एक शव रायगढ़ निवासी विश्वनाथ केरकेट्टा का निकला है। पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह शव बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सतिसेमर स्थित सेंदुर नदी किनारे 29 जनवरी 2026 को मिला था। गुरुवार शाम ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। शव को रेत में दबाकर छिपाया गया प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शव को रेत में दबाकर छिपाया गया था, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। 31 जनवरी 2026 को शव की पहचान विश्वनाथ केरकेट्टा (51) निवासी ग्राम सलिया पारा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ के रूप में हुई। इस मामले में बलरामपुर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 21/2026, धारा 103(1) एवं 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पीएम रिपोर्ट में होगा खुलासा इस मामले में थाना प्रभारी भापेंद्र साहू ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। पुलिस फिलहाल संदिग्धों की तलाश में जुटी है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण खुलासे की उम्मीद है।
एसडीएम से बहस के बाद नकल नवीस बेहोश:अस्पताल में भर्ती, कंप्यूटर सिस्टम खराब होने की शिकायत की थी
महाराजगंज में एसडीएम से फोन पर बहस के बाद नकल नवीस ममता मिश्रा बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सदर तहसील में कंप्यूटर सिस्टम खराब होने के कारण सरकारी कामकाज ठप हो गया है। इसी मुद्दे पर एसडीएम से ममता मिश्रा ने शिकायत की। सिस्टम ठीक कराने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस बातचीत के दौरान एसडीएम ने कथित तौर पर उनसे कहा- काम करना है तो करो, नहीं तो नौकरी छोड़ दो। डीएम को भी दे चुकी हैं लिखित शिकायत घटना से तहसील कर्मचारियों और आम जनता में नाराजगी है। ममता मिश्रा के कार्यालय में लंबे समय से कंप्यूटर सिस्टम खराब पड़ा है। इसके चलते वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, शादी अनुदान और नल कनेक्शन जैसी कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इन कार्यों के लंबित होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर नकल नवीस ममता मिश्रा ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को लिखित शिकायत दी थी। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पत्र को एसडीएम सदर को कार्रवाई के लिए भेजा था। हालांकि, आरोप है कि इसके बावजूद कंप्यूटर सिस्टम ठीक नहीं किया गया और कार्यालय का कामकाज लगातार बाधित रहा। एसडीएम ने कहा- नौकरी छोड़ दोसोमवार को ममता मिश्रा ने फोन पर एसडीएम सदर को कार्यालय की स्थिति से अवगत कराया और सिस्टम ठीक कराने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस बातचीत के दौरान एसडीएम ने कथित तौर पर उनसे कहा- काम करना है तो करो, नहीं तो नौकरी छोड़ दो। इस बात से आहत होकर ममता मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह तहसील परिसर में ही बेहोश हो गईं। आनन-फानन में साथी कर्मचारियों ने उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद तहसील कर्मचारियों और आम लोगों में गहरा रोष देखा जा रहा है। एसडीएम बोले- उन्हें काम करने के लिए कहा गयाइस बीच, ममता मिश्रा और एसडीएम के बीच हुई बातचीत की एक कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में सदर एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनका कोई हैरेसमेंट नहीं किया गया है। काम के लिए कहा गया था कि काम समय से पूरा करिए। इस महीने के अंत तक काम पूरा हो जाना चाहिए।
धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार को 5 वर्षीय एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव निवासी 22 वर्षीय शिवम परमार पिता जीवन परमार ने बच्ची को चॉकलेट देने का लालच देकर अपने घर बुलाया और उसके साथ जबरन गलत काम किया। रोते हुए घर लौटी बच्चीकुछ देर बाद बच्ची रोती हुई घर लौटी और अपनी मां को पूरी घटना बताई। बच्ची की हालत देखकर परिजन सन्न रह गए। परिजनों ने तत्काल राजोद थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। राजोद थाना प्रभारी रामसिंह राठौर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की विवेचना जारी है।
मिर्जापुर में धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्रवार धान खरीद की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सख्त निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसी भी ग्राम से 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित क्रय केंद्र पर ही संबंधित किसान द्वारा धान का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित दूरी और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। अब केवल वास्तविक किसानों से ही धान की खरीद की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी केंद्र पर बिचौलियों अथवा राइस मिल के माध्यम से धान की खरीद पाई गई, तो संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अन्य जनपदों से धान की खरीद पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी, भले ही संबंधित जनपद की सीमा 10 किलोमीटर के भीतर ही क्यों न आती हो। शासन के निर्देशों के विपरीत किसी भी प्रकार की खरीद को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। जिलाधिकारी ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर गठित कंट्रोल रूम में नामित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों के फोन कॉल अनिवार्य रूप से उठाएं। धान खरीद से संबंधित शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण कराया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बटलर झील का निरीक्षण किया। बटलर झील में खुलने वाले ‘आईलैंड कैफे' का जायजा लिया। एलडीए ने बताया कि लोग पेडेस्ट्रियन ब्रिज के रास्ते इस कैफे में जाकर प्राकृतिक सुदंरता के बीच लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। प्राकृतिक सुंदरता के बीच कैफे एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने बटलर झील का सौंदर्यीकरण का कार्य कराया है। झील के बीचों-बीच आईलैंड विकसित किया गया है, जिसमें 1 कैफेटेरिया बनाया गया है। 15 दिन के अंदर आईलैंड कैफे शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। यहां लोग प्राकृतिक सुंदरता के बीच अपने परिवार के साथ बेहतर समय बिता सकेंगे। इसके अलावा बटलर पैलेस में कराये जा रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का निरीक्षण किया गया। यहां अप्रैल, 2026 तक कैफेटेरिया बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं, प्रथम तल पर कराये जा रहे जीर्णोद्धार एवं फसाड अपलिफ्टमेंट के कार्य जुलाई माह तक पूरे कराने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा पैलेस के पिछले हिस्से में स्थित लॉन में लैंडस्केपिंग व हॉर्टीकल्चर का काम होगा। पार्कों में इस्तेमाल होगी पुरानी रेलिंग व पोल एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने हजरतगंज में फसाड कंट्रोल गाइडलाइन के अंतर्गत कराये जा रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिये कि हजरतगंज में बदली जा रही पुरानी रेलिंग व बिजली के खम्भों को प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं में विकसित किये जा रहे पार्कों व ग्रीन बेल्ट में इस्तेमाल किया जाए। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ व्यापारियों ने दुकानों के पुराने साइनेज बोर्ड नहीं हटाए हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि व्यापारियों से वार्ता करके पुराने बोर्ड हटाकर निर्धारित कलर कोड व साइज के नये साइनेज बोर्ड लगवाये जाएं।
डीएम ने प्रधान को हटाया, दो अधिकारी निलंबित:गोतस्करी मामले में कार्रवाई, तीन को भेजा जा चुका है जेल
मिर्जापुर में गौ-तस्करी मामले में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बड़ी कार्रवाई की है। लालगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत धोबहा देवघटा सोनवर्षा के ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पटेल को पद से हटा दिया गया है। मामले में प्रधान श्याम बहादुर को शुक्रवार को जेल भेजा जा चुका है। वह विधायक पल्लवी पटेल की पार्टी अपना दल (कमेरावादी) का जिलाध्यक्ष भी है। लापरवाही और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता पाए जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण लाल और राजकीय पशु सेवा केंद्र, लहगंपुर के पशुधन प्रसार अधिकारी जगदम्बा प्रसाद सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच में इन्हें दोषी पाया गया था। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर असर न पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी लालगंज महेंद्र सिंह को निर्देश दिए हैं। उन्हें ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर निर्वाचित सदस्यों में से किसी एक को अस्थायी ग्राम प्रधान का प्रभार शीघ्र सौंपने को कहा गया है, ताकि पंचायत के कार्य सुचारू रूप से जारी रह सकें। प्रशासनिक जांच में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल उरूवा सोनवर्षा, लालगंज में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान अभिलेखों में दर्ज गोवंशों की संख्या और आश्रय स्थल पर मौजूद गोवंशों की संख्या में स्पष्ट अंतर पाया गया। इसके अतिरिक्त, आश्रय स्थल पर रखे गए सभी गोवंशों की टैगिंग भी नहीं की गई थी। शासकीय कार्यों में अरुचि और दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही भी प्रमाणित हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश संरक्षण जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन में चेकिंग को देख अचानक लगाए ब्रेक, वैन पलटी:एक घायल, पुलिस ने लोगों की मदद से वाहन सीधा किया
रायसेन के सांची रोड पर शुक्रवार शाम यातायात पुलिस की चेकिंग से बचने की कोशिश में एक मारुति वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वैन में सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य को हल्की चोटें आईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना ग्राम कोड़ी के पास हुई, जहां पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। सांची की ओर से आ रही एक मारुति वैन को पुलिस ने रोकने का इशारा किया। वैन चालक घबरा गया और चेकिंग से बचने के लिए उसने अचानक एक्सीलेटर दबा दिया। तेज रफ्तार में वैन अनियंत्रित हो गई। ड्राइवर ने जब ब्रेक लगाए, तो गाड़ी सड़क पर घूमते हुए पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पलटी हुई वैन को सीधा भी किया।
सालमगढ़ पुलिस ने 8 पेटी अवैध शराब जब्त की:एक आरोपी गिरफ्तार, आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर सालमगढ़ थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक चंद्रशेखर के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में 8 पेटी अवैध शराब और 18 केन बीयर जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार से 4 पेटी अवैध शराब मिली, जबकि घर से 4 पेटी और 18 केन बीयर बरामद हुई। कुल मिलाकर, पुलिस ने 8 पेटी अवैध शराब और 18 केन बीयर जब्त की। आरोपी सुभाष पुत्र सोहनलाल धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ सालमगढ़ थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 16/54 और 54 (क) के तहत प्रकरण संख्या 21/2026 दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुरहना में शनिवार शाम एक युवक ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। युवक अखिलेश (18) पारिवारिक कारणों से मानसिक तनाव में था। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने अखिलेश को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। फिलहाल, युवक का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भदोही जनपद में एक मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और एक उपनिरीक्षक अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए हैं। पुलिस लाइन ज्ञानपुर में उनके सम्मान में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहां उन्हें सम्मानित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल ने सेवानिवृत्त हुए पुलिसकर्मियों को अंगवस्त्र, उपहार और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके सुखमय एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने उनकी सेवाओं की सराहना भी की। सेवानिवृत्त होने वालों में सीएफओ श्री विश्वरूप बनर्जी और उपनिरीक्षक श्री महेंद्र सिंह शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों ने अपने संपूर्ण सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ कार्य किया। विदाई कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन सहित अन्य कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। सभी ने सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मिर्जापुर में गौवंश संरक्षण के लिए स्थापित गौशालाओं की आड़ में तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। संतनगर पुलिस ने अपना दल कमेरावादी के जिलाध्यक्ष और सोनबरसा गांव के ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पटेल समेत तीन लोगों को गौवंश तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। घटना के खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और गौशालाओं में गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। इस गौवंश तस्करी मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने ग्राम प्रधान की संपत्ति की जांच और उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने का साहस न कर सके। विश्व हिंदू परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश के सत्संग प्रमुख दिवाकर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें गौ संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। ऐसे में गौ रक्षा की आड़ में तस्करी करने वाले ग्राम प्रधान का पकड़ा जाना गंभीर मामला है। उन्होंने इस मामले में शामिल सभी लोगों और संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पूर्व जिला मंत्री मनोज दमकल ने आरोप लगाया कि जिले से बड़े पैमाने पर गौवंशों की तस्करी की जा रही है। उन्हें जंगल के रास्ते बिहार और पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संरक्षण देकर इस तस्करी में हिस्सा बांट रहे हैं, जिनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। समाजसेवी जलज नेत ने ग्राम प्रधान के गौवंश तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में शास्त्री नगर एरिया में करीब दो दर्जन घरों में पिछले पांच दिनों से पानी नहीं आ रहा। ऐसे में आज स्थानीय लोगों ने रात को सड़क पर धरना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब तक समाधान नहीं होता है तब तक वह धरना लगातार जारी रखेंगे। धरने पर बैठे यशस्वी सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले लंबे समय से दो दर्जन से ज्यादा घरों में पेयजल की समस्या है। 5 दिन से तो पानी बिल्कुल भी नहीं आ रहा। इस बारे में कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया लेकिन वह कोई भी सुनवाई नहीं करते केवल आश्वासन देते हैं। ऐसे में आज परेशान होकर स्थानीय लोगों ने धरना शुरू कर दिया है। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक कि पेयजल की समस्या का समाधान नहीं होता है। यशस्वी ने बताया कि पहले जो पाइप लाइन डाली गई थी वह पूरी खराब हो चुकी है। इसके अलावा इलाके में जो ट्यूबवेल है उसका पानी भी दूसरी जगह सप्लाई होता है। ऐसे में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कहा गया था कि उस ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई चालू कर दो या फिर नई पाइपलाइन डाल दो। लेकिन उन्होंने कोई भी समाधान नहीं किया। इसके चलते आज अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है।
चित्रकूट के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अविवाहित किशोरी ने अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची के जन्म के बाद उसके परिजन नवजात को पालने से इनकार कर रहे हैं। सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार जून 2025 में किशोरी के साथ उसके ही परिवार के एक सदस्य ने दुष्कर्म किया था। सामाजिक बदनामी के डर से परिजनों ने उस समय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और मामले को घर पर ही दबा दिया गया था। कई महीने बाद किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। परिजनों ने पहले गर्भपात का प्रयास भी किया, लेकिन पुत्री और कुछ अन्य परिजनों की सहमति से गर्भपात न कराकर बच्ची को पालने का निर्णय लिया गया। शनिवार को तेज पेट दर्द होने पर किशोरी को अस्पताल लाया गया। शुरुआत में डॉक्टरों को गुमराह कर केवल पेट दर्द बताया गया, लेकिन गर्भवती होने का पता चलने पर उसे प्रसव कक्ष भेजा गया। किशोरी ने वहां एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात लगभग आठ माह से अधिक समय की है और फिलहाल स्वस्थ है। प्रसव के बाद प्रसूता और उसके परिजन बच्ची को अस्पताल में छोड़कर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान बाल कल्याण समिति की टीम को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे। समिति के प्रभारी राकेश माथुर और राजेश दुबे ने किशोरी और उसके परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने बताया कि वे नवजात को पालने के लिए तैयार नहीं हैं। समिति ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी है। बहिलपुरवा के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभाकर उपाध्याय ने बताया कि उनके थाने में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों द्वारा कार्रवाई के लिए पत्र दिया जाता है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देवगढ़ थाना क्षेत्र से 1 क्विंटल 27 किलो 600 ग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। डोडाचूरा के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उपाधीक्षक नानालाल सालवी के मार्गदर्शन में की गई। देवगढ़ थानाधिकारी नगजीराम उपनिरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भंवरलाल पिता बाबूलाल विश्नोई (30), फरसाराम पिता घेवरराम विश्नोई (21) दोनों निवासी कागनाडा, पुलिस थाना लूणी, जिला जोधपुर ग्रामीण; जसवंत सिंह पिता रूवस्पसिंह राजपुरोहित (26) निवासी लूणासर, पुलिस थाना झवर, जिला जोधपुर ग्रामीण; और महेंद्र पिता किशनाराम विश्नोई (23) निवासी डोलीकला, पुलिस थाना कल्याणपुर, जिला जोधपुर ग्रामीण के रूप में हुई है। जब्त की गई स्विफ्ट कार (रजिस्ट्रेशन नंबर आरजे 19 सीसी-6659) की तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक के 7 काले कट्टे मिले, जिनमें कुल 1 क्विंटल 27 किलो 600 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा भरा हुआ था। पुलिस ने अवैध डोडाचूरा और उसके परिवहन में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया है। चारों आरोपियों को बिना अनुज्ञापत्र के अवैध डोडाचूरा रखने और परिवहन करने के आरोप में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण दर्ज कर आगे की अनुसंधान जारी है।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल रैम्प के बीच अंडरग्राउंड ‘अप-लाइन टनल’ में ट्रैक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही अब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक ‘अप-लाइन’ का ट्रैक पूरी तरह तैयार हो गया है और शीघ्र ही इस पर मेट्रो ट्रेनों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यूपीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक लगभग 8 किमी लंबे शेष सेक्शन में कुल 7 स्टेशन शामिल हैं। इसमें लगभग 3 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड और 5.30 किमी हिस्सा एलिवेटेड है। बारादेवी से नौबस्ता तक एलिवेटेड सेक्शन में दोनों लाइनों पर ट्रैक निर्माण, थर्ड रेल और सिग्नलिंग उपकरणों की स्थापना पहले ही पूरी की जा चुकी है। अंडरग्राउंड सेक्शन में स्वदेशी कॉटन मिल रैम्प के माध्यम से रेल पटरियों को टनल में उतारकर वेल्डिंग और ट्रैक स्लैब निर्माण कार्य किया गया। साथ ही थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य भी अंतिम चरण में है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इसे परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि शेष सिस्टम इंस्टॉलेशन पूरा होते ही कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो सेवाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जाएगा।
बुलंदशहर के गुलावठी में शनिवार रात करीब नौ बजे नगर पालिका के पास एक 65 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो हो जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। गुलावठी पुलिस की पीआरवी को जानकारी मिली थी कि नगर पालिका गेट के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अचेत व्यक्ति को ई-रिक्शा से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पहचान गुलावठी के आदर्शनगर निवासी हेमू भारद्वाज (65) के रूप में की। कस्बा इंचार्ज संजेश कुमार ने बताया कि मिली जानकारी के अनुसार, मृतक ने शराब पी रखी थी। मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि व्यक्ति की मौत ठंड लगने से हुई है।
सीहोर में डायल 112 की टीम ने एक 13 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बालक को उसके परिजनों से मिलाया है। बालक गुलरपुरा गांव में अकेला घूमता हुआ मिला था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित उसके पिता को सौंपा। यह घटना तब सामने आई जब डायल 112 लाडकुई को ग्राम गुलरपुरा से एक कॉल प्राप्त हुआ। कॉलर ने बताया कि गांव में एक अबोध बालक मानसिक रूप से विकलांग अवस्था में घूम रहा है और वह अपने बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है। सूचना मिलते ही डायल 112 वाहन और स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने बालक को अपनी सुरक्षा में लिया और उसे लाडकुई चौकी ले आई। चौकी में बालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया गया। प्रयासों के बाद, 13 वर्षीय विशेष आवश्यकता वाले इस बालक के पिता सुखराम बनवारी, उम्र 40 साल, निवासी लाडकुई का पता चला। पुलिस ने बालक को सकुशल उसके पिता को सुपुर्द कर दिया। बालक के परिजनों, ग्रामवासियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डायल 112 सेवा की सराहना की और पुलिस स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सफल कार्यवाही में आरक्षक राजाबाबू और चालक धर्मेंद्र की भूमिका सराहनीय रही।
एनएएस इंटर कॉलेज में विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता:पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा मॉडल बने आकर्षण का केंद्र
मेरठ के एनएएस इंटर कॉलेज परिसर में 31 जनवरी को जिला विज्ञान क्लब की ओर से विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ सुबह किया गया। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक से जुड़े आकर्षक व ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना रहा। छात्रों ने अपने मॉडलों के माध्यम से रचनात्मकता और तकनीकी समझ का शानदार प्रदर्शन किया। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मॉडल प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण रहे। वहीं ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित मॉडलों को निर्णायकों और दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा। विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग को दर्शाने वाले मॉडल लोगों को प्रभावित करते नजर आए। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली का आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतीकरण किया। प्रतियोगिता में छात्राओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। निर्णायक मंडल ने सभी मॉडलों का गहन मूल्यांकन किया और नवाचार, उपयोगिता व प्रस्तुति के आधार पर अंक प्रदान किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शीघ्र ही पुरस्कृत किया जाएगा। जिला विज्ञान क्लब के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में अभिभावकों की उपस्थिति भी रही। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रतियोगिता का समापन उत्साह और सकारात्मक संदेश के साथ किया गया।
मंदबुद्धि नाबालिग से दुष्कर्म:मैहर में शौच के लिए निकली किशोरी को 24 घंटे बंधक बनाया
मैहर जिले में एक मंदबुद्धि नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने शौच के लिए घर से निकली किशोरी को 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना रामनगर थाना क्षेत्र की है। शिकायत के अनुसार, 15 साल 9 महीने की पीड़िता मंदबुद्धि है और ठीक से बोल नहीं पाती। बीते 28 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे वह शौच के लिए रामसागर खेत की तरफ गई थी। जब वह कुछ देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। लगभग 24 घंटे बाद, पीड़िता पड़ोस में रहने वाले दीपू कोल के साथ घर लौटती दिखी। जैसे ही दीपू कोल की नजर पीड़िता की मां पर पड़ी, वह उसे छोड़कर भाग गया। पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि जब वह घर लौट रही थी, तभी दीपू कोल पीछे से आया और उसका मुंह दबाकर अपने चाचा सौखीलाल कोल के घर ले गया। चाचा सौखीलाल कोल उस घर में नहीं रहते थे। दीपू ने किशोरी को वहीं बंधक बनाकर रखा और रात में दो बार उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी दीपू कोल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की तलाश में छापेमारी कर उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के कसीदासपुर टिकरी मजरे भादर गांव में शनिवार शाम करीब 5 बजे एक युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर घोष पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी। मृतका की पहचान धनराज मौर्य की लगभग 19 वर्षीय पुत्री कनकलता उर्फ नन्ही देवी मौर्या के रूप में हुई है। उसने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या की। ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के पिता धनराज मौर्य हृदय रोग के मरीज हैं और उनकी बाईपास सर्जरी हो चुकी है। घटना के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। मृतका की बहन की भी हालत खराब हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता और बहन की बिगड़ती हालत देखकर मृतका का बड़ा भाई भी बेहोश हो गया, और उसकी भी तबीयत खराब होने की जानकारी मिली है। इस मामले में थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मां दंतेश्वरी शक्कर कारखाना, करकाभाट में गन्ना आपूर्ति बढ़ाने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से छत्तीसगढ़ की पहली गन्ना कटाई हार्वेस्टर मशीन खरीदी गई है। जिसे जल्द ही किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। कारखाना के महाप्रबंधक लिलेश्वर देवांगन ने बताया कि, करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से खरीदी गई यह मशीन गन्ना कटाई में आने वाली अधिक मजदूरी लागत और कुशल श्रमिकों की कमी की समस्या को कम करेगी। आवेदन के आधार पर यह मशीन किसानों के खेतों तक पहुंचकर गन्ने की कटाई करेगी और सीधे ट्रॉली में भरकर कारखाने तक भेजेगी। 1200 हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन आवश्यक मां दंतेश्वरी शक्कर कारखाने के संचालन के लिए कम से कम 1200 हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन आवश्यक है, जबकि वर्तमान में जिले में केवल करीब 700 हेक्टेयर में ही गन्ने की खेती हो रही है। इसके चलते कारखाने को अन्य जिलों से गन्ना मंगाना पड़ता है। प्रशासन का कहना है कि मशीन किसानों को मजदूरी लागत से कम दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे गन्ने की खेती को प्रोत्साहन मिले और कारखाने में नियमित गन्ना आवक बनी रहे। मशीन के शेष पुर्जे एक-दो दिन में पहुंचने के बाद दर तय कर सेवा शुरू की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस तरह की गन्ना कटाई मशीनें पहले से उपयोग में हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में यह पहली बार खरीदी गई है।
सीतामऊ स्थित नटनागर शोध संस्थान में 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का शुक्रवार को सफल, गरिमामय और भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन में देशभर से आए साहित्यकारों, विचारकों, इतिहासकारों, कलाकारों और पर्यावरणविदों ने व्याख्यान, संवाद और प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं को वैचारिक रूप से समृद्ध किया। महोत्सव में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, साहित्यप्रेमी और आम नागरिक शामिल हुए। ऐसा रहा तीन दिन का आयोजनमहोत्सव को एक “नॉलेज कुंभ” के रूप में देखा गया, जहां साहित्य, इतिहास, पर्यावरण, सिनेमा और संस्कृति जैसे विषयों पर संवाद हुआ। पद्मश्री साहित्यकार ज्ञान चतुर्वेदी ने कहा कि कविता और रचना वही सार्थक होती है, जिसमें लेखक की अनुभूति और संवेदना शामिल हो। उन्होंने सरल और बोलचाल की भाषा को लेखन की आत्मा बताया। पर्यावरणविद रज़ा काज़मी ने पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए इतिहास के उदाहरण दिए और बच्चों से प्रकृति के करीब रहने का आह्वान किया। साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता जेरी पिंटो ने कहा कि अंग्रेज़ी के साथ हिंदी पढ़ना भी जरूरी है, ताकि सांस्कृतिक जड़ें मजबूत रहें। विचार, अनुभव और प्रेरणामुजतबा खान ने “दादी-नानी के किस्से” के माध्यम से समाज में भाषा, तहज़ीब और संस्कारों की भूमिका बताई। फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता प्रशांत पांडे ने “सुवासरा से फिल्मफेयर तक” विषय पर अपने संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा की। कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले स्कूली विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। समापन पर वक्ताओं के विचारसुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग ने कहा कि नटनागर शोध संस्थान एशिया की दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी है और यह आयोजन ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने इसे सीतामऊ को नई पहचान देने वाला आयोजन बताया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने कहा कि महोत्सव की जड़ें अब मजबूत हो चुकी हैं और यह भविष्य में एक वृहद वृक्ष का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि इस मंच से स्थानीय संस्कृति और राष्ट्रीय स्तर के विचारों का सुंदर समन्वय हुआ। ये रहे उपस्थितसमापन अवसर पर कलेक्टर अदिति गर्ग, सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, नगर परिषद अध्यक्ष मनोज शुक्ला, जिला योजना समिति सदस्य अनिल पांडे सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यप्रेमी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
कोटा शहर के उद्योग नगर थाने में तैनात एक कांस्टेबल ने अपने 6 साथियों के साथ मिलकर लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। इनके साथ कांस्टेबल का साला विष्णु भी इस गैंग में शामिल था। मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, आगे जांच के लिए पीसी रिमांड लिया गया है। कोटा सिटी एडिशनल एसपी दिलीप सैनी ने बताया- गिरफ्तार आरोपियों में उद्योग नगर थाने में तैनात कांस्टेबल मनीष यादव और उसका साला विष्णु, देवेंद्र, प्रियांशु भट्ट और विजय उर्फ कृष्णकांत शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराध चाहे किसी भी स्तर का हो और उसमें पुलिसकर्मी ही क्यों न शामिल हो, जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित राजेश सेन ने कांस्टेबल मनीष यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। एफआईआर के अनुसार 20 जनवरी को राजेश अपने मित्र के साथ कोटा आए थे, जहां रंगबाड़ी इलाके में उनकी मुलाकात पुराने परिचित राजेंद्र पारेता से हुई। राजेंद्र ने राजेश को एक बैग सौंपते हुए उसे कोटा यूनिवर्सिटी के पास देने को कहा। कुछ देर बाद मौके पर वर्दी में मौजूद व्यक्ति और उसके साथी पहुंचे, जिन्होंने बैग चेक करने के बहाने धमकाया और मुकदमा दर्ज न करने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि राजेश को जबरदस्ती कार में बैठाकर अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया, मारपीट की गई और बैग व नकदी छीन ली गई। बाद में सुनसान जगह पर छोड़कर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और फरार चल रहे एक की तलाश जारी है।
छत्तीसगढ़ के दो जिलों में जमीन की गाइडलाइन दरों के पुनरावलोकन के बाद राज्य सरकार ने नई संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है। इस फैसले का छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ने स्वागत करते हुए प्रदेश के मंत्री ओ.पी. चौधरी का सम्मान किया। एसोसिएशन ने इसे आम नागरिकों और रियल एस्टेट क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि, 30 जनवरी 2026 से नई गाइडलाइन दरें लागू हो गई हैं। लंबे समय से गाइडलाइन दरों को लेकर व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही थीं। जिसे ध्यान में रखते हुए शासन ने दरों में रियायत दी है। संगठन का कहना है कि इससे प्रदेश में संपत्ति की खरीद–बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा। सम्मान समारोह में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री अमित साहू विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल, सचिव दीपक रंजन, कोषाध्यक्ष विजय पींजानी सहित राजीव अग्रवाल, हेमंत सोलवानी, गुरुप्रकाश छाबड़ा, योगेश गुप्ता, विनोद खेतानी, मनीष मोटवानी, संजय निहलानी समेत बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि सरकार के इस निर्णय से रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे न केवल निवेश और कारोबार में तेजी आएगी, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और समग्र विकास को भी मजबूती मिलेगी।
उन्नाव में बाइक-साइकिल भिड़ंत में एक की मौत:गंभीर घायल दूसरा जिला अस्पताल रेफर, पुलिस जांच जारी
पुरवा में शनिवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक और साइकिल की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के गांव हिम्मतखेड़ा निवासी 30 वर्षीय पवन पुत्र बसंत शनिवार रात करीब सात बजे बाइक से लंगरपुर गांव से काम निपटाकर घर लौट रहा था। लंगरपुर चौराहा के पास सामने से आ रही एक साइकिल से उसकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पवन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। साइकिल सवार लंगरपुर निवासी महेश भी इस हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हो गया। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को पुरवा सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, महेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप ने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था, एनकाउंटर और बुलडोजर नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हरदोई स्थित सपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान ये आरोप लगाए। कश्यप ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणियों के बाद सरकार की 'एनकाउंटर पॉलिसी' खुद ही सवालों के घेरे में आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार फर्जी एनकाउंटर कर वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है। सपा नेता ने दावा किया कि राज्य में हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने मेरठ में कश्यप समाज के युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या भाजपा शासन में हिंदू सुरक्षित हैं। उन्होंने मैनपुरी और हरदोई की घटनाओं का भी हवाला दिया। बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राजपाल कश्यप ने कहा कि सरकार का बुलडोजर जाति और धर्म देखकर चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्यायपालिका की आड़ में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर रही है। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर कश्यप ने स्पष्ट किया कि सपा दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ रही है। उन्होंने भाजपा के भीतर जारी अंतर्कलह पर तंज कसते हुए कहा कि अब केवल 'डबल इंजन' ही नहीं, बल्कि सरकार के 'डिब्बे' (मंत्री और विधायक) भी आपस में भिड़ रहे हैं। कश्यप ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता घुटन महसूस कर रहे हैं और यदि अखिलेश यादव दरवाजा खोल दें, तो दिल्ली तक की सरकार गिर जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परिसर से लगातार डोपिंग और नशीले इंजेक्शनों की वीडियो वायरल हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस और कठोर कदम नहीं उठाया गया है। नशामुक्त परिसर और बेहतर साफ-सफाई को लेकर किए जा रहे प्रशासनिक दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह खोखले नजर आ रहे हैं। विश्वविद्यालय का सबसे अहम स्थान माने जाने वाले केंद्रीय पुस्तकालय के परिसर में बने टॉयलेट में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की सिरिंजें खुलेआम पड़ी मिली हैं। यही नहीं, तपोवन क्षेत्र के आसपास भी बड़ी संख्या में लावारिस सिरिंजें देखी गई हैं। ये घटनाएं प्रशासनिक दफ्तरों के बेहद पास सामने आई हैं। एक ओर प्रशासन स्वच्छ और नशामुक्त परिसर का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। छात्र नेताओं में आक्रोश इस गंभीर मामले को लेकर छात्र नेताओं में भारी नाराज़गी है। छात्र नेता विनीत चपराना ने इसे विश्वविद्यालय की गरिमा पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी लगभग शून्य है। यह स्थिति छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। विनीत चपराना ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि परिसर के भीतर नशे जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों को बेनकाब किया जाना चाहिए। पूर्व छात्र संघ महामंत्री अंकित अधाना ने भी कहा कि नशामुक्ति के नाम पर किए जा रहे सभी दावे केवल फोटो और प्रचार तक सीमित रह गए हैं। प्रशासनिक दफ्तरों के पास नशीली सिरिंजों का मिलना यह साफ दर्शाता है कि परिसर में असामाजिक तत्व बेखौफ घूम रहे हैं और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। निगरानी टीम की बड़ी नाकामी प्रशासनिक दफ्तरों की नाक के नीचे प्रतिबंधित इंजेक्शनों का मिलना निगरानी टीम की घोर विफलता को उजागर करता है। छात्रों का कहना है कि केवल औपचारिक निरीक्षण और दिखावटी अभियानों से नशाखोरी पर लगाम नहीं लगाई जा सकती। राज्यपाल भी जता चुकी हैं चिंता पहले भी दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी विश्वविद्यालय में ड्रग्स सेवन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि उनके संज्ञान में आया है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं। खासतौर पर उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कोई छात्रा इस तरह की गतिविधियों में शामिल होती है तो इसका असर केवल उस पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। छात्रों की प्रमुख मांगें छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि - पूरे परिसर में मजबूत और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए साथ ही नशाखोरी के खिलाफ जगह-जगह चेतावनी वाले पोस्टर लगाए जाएं और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गश्त बढ़ाई जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शाजापुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार दोपहर एक युवक को इंजेक्शन चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने युवक को दवाइयां उठाते देख लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना दोपहर करीब 1:30 बजे की है। लालपुरा निवासी दीपक यादव अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा। वहां उसकी नजर खुले में रखे फेनिरामाइन (Pheniramine) इंजेक्शनों पर पड़ी। युवक ने जैसे ही इंजेक्शनों को उठाकर अपने पास रखने की कोशिश की, वहां तैनात वार्ड बॉय और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। कर्मचारियों ने दबोचा, पुलिस को सौंपा चोरी की कोशिश देख अस्पताल के कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दीपक को मौके पर ही धर दबोचा। उसे तुरंत अस्पताल स्थित पुलिस चौकी ले जाया गया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो वह इंजेक्शन उठाने का कोई ठोस कारण नहीं बता सका। कोतवाली पुलिस कर रही जांच अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। साथ ही वार्ड में इस तरह खुले में रखी दवाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सीकर के दादिया थाना इलाके में गश्त कर रही पुलिस की गाड़ी को देखकर एक बदमाश ने गाड़ी दौड़ाई। ऐसे में पुलिस ने गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। रास्ते में बदमाश के 2 साथी चलती गाड़ी से कूद गए। इसके बाद सीकर शहर में जब बदमाश को रास्ता नहीं मिला तो वह गाड़ी को छोड़कर पैदल ही भागने लगा। पीछा कर रही पुलिस ने उसे दबोच लिया। बदमाश पर पूर्व में पांच मुकदमे है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को देखकर गाड़ी को दौड़ाने लगा बदमाश दादिया SHO बुद्धिप्रसाद ने बताया- शनिवार रात को पुलिस की टीम जेरठी में गश्त कर रहीं थी। इसी दौरान एक स्विफ्ट गाड़ी का ड्राइवर पुलिस को देखकर गाड़ी को दौड़ाने लगा। ऐसे में संदेह हुआ कि आरोपी के पास कोई हथियार या तस्करी का सामान हो सकता है। ऐसे में पुलिस टीम आरोपी के पीछे लग गई। इसी दौरान रास्ते में स्विफ्ट गाड़ी में सवार दो लड़के चलती गाड़ी से कूद गए। पुलिस टीम लगातार बदमाश के पीछे लगी रहीपुलिस ने स्विफ्ट गाड़ी का लगातार पीछा किया। इसी दौरान जैसे ही पुलिस टीम सीकर के खटीकान प्याऊ पर पहुंची। तो यहां पर बदमाश आनंद नगर इलाके की तरफ चला गया। पुलिस की गाड़ी वहां एक बाइक से टकरा गई। जिस पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरु कर दिया। ऐसे में समझाइश करके उन्हें शांत करवाया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार बदमाश के पीछे लगी रही। आरोपी को सीकर के आनंद नगर में रास्ता नहीं मिला तो वह अपनी गाड़ी को छोड़कर पैदल ही भागने लगा। ऐसे में करीब 100 मीटर दूर पर पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी का नाम जगदेव सिंह राजपूत पुत्र छत्रसिंह निवासी जेरठी है। जिस पर पूर्व में मारपीट जैसी धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वर्तमान में वह किसी मामले में वांछित था या नहीं। पुलिस को देखकर उसने गाड़ी क्यों दौड़ाई।
संभल में सांप के काटने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। यह घटना गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र स्थित साधुमणी आश्रम पर माघ मेले के दौरान हुई। मृतक खुद सांप को एक प्लास्टिक के कट्टे में बांधकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जुनावई पहुंचा था, जहां इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। मृतक की पहचान हाथरस जंक्शन निवासी विजयपाल सिंह पुत्र मुन्ना सिंह के रूप में हुई है। वह शनिवार सुबह करीब 11 बजे साधुमणी आश्रम पर चल रहे माघ मेले में दर्शन और गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। दोपहर लगभग 2 बजे गंगा स्नान के बाद जब वह आश्रम में दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी एक 6 फीट लंबे काले जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने के बावजूद, विजयपाल सिंह ने उसे पकड़ लिया और एक प्लास्टिक के कट्टे में बंद कर लिया। सांप ने उनके हाथ-पैर में काटा था, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बावजूद, वह खुद सांप को लेकर सीएचसी जुनावई पहुंचे और डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाई। अस्पताल में लगभग दो घंटे के इलाज के बाद, शाम करीब 4 बजे विजयपाल सिंह की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक का भांजा राजेश कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह, निवासी रामनगर टप्पा वैश्य, परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंचा। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। जुनावई थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि हाथरस के एक बुजुर्ग की सांप के काटने से मौत हुई है। परिवार के सदस्यों के आने का इंतजार किया जा रहा है और उनकी शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भांजे राजेश कुमार ने बताया कि उनके मामा अविवाहित थे और माघ मेले में शामिल होने आए थे।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ऑर्केस्ट्रा की डांसर्स ने अर्धनग्न होकर अश्लील डांस किया। मंच पर कपड़े उतारकर प्राइवेट पार्ट्स दिखाए। उन पर SDM तुलसी दास मरकाम वीडियो बनाते और पैसे लुटाते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद SDM को निलंबित कर दिया गया। अब हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 10 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की गई है। वहीं, 30 जनवरी को तुलसीदास मरकाम ने मैनपुर अनुविभागीय कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार संभाल लिया है। दरअसल, डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को कमिश्नर महादेव कावरे ने 16 जनवरी को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। उन पर नियम विरुद्ध ओपेरा की अनुमति देने और अश्लील नृत्य का आनंद लेने का आरोप था। मरकाम ने इस आदेश को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को मामले की सुनवाई करते हुए निलंबन आदेश पर अंतरिम राहत दी थी। तुलसीदास मरकाम ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि, कमिश्नर ने उनका पक्ष सुने बिना कार्रवाई की, जबकि वह राज्य सरकार के अधीन हैं। पहले वो तस्वीरें देखिए जिसके चलते बवाल हुआ… अब जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, गरियाबंद के उरमाल में युवा समिति ने 6 दिवसीय ओपेरा (ऑर्केस्ट्रा) का आयोजन कराया था। मनोरंजन का हवाला देकर युवकों की समिति ने 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर SDM तुलसी दास से कार्यक्रम की अनुमति ली थी। कार्यक्रम में ओडिशा के कटक स्थित जय दुर्गा ओपेरा की डांसर्स बुलाई गई थीं। कार्यक्रम में बार डांसर्स कपड़े उतार कर अश्लील डांस करती नजर आईं। डांस कार्यक्रम 8, 9 और 10 जनवरी को निर्धारित था। इसके लिए शहरभर में प्रचार-प्रसार कराया गया था। बार डांसर की फीस 60 हजार, एंट्री टिकट 200-400 इस कार्यक्रम में SDM, कई पुलिसकर्मी और गांववाले अलग-अलग दिन शामिल हुए। आयोजन के वीडियो अब सामने आए हैं। कार्यक्रम में समिति को रोजाना 1.20 लाख देना था। इसके अलावा अश्लील डांस के लिए अतिरिक्त डांसर बुलाए गए थे। बार डांसरों की एक दिन 60 हजार फीस तय थी। 200 से 400 से तक टिकट रखा गया था। वीडियो में SDM खुद वीडियो बनाते नजर आए। दूसरे वीडियो में 2 पुलिसकर्मी लड़कियों से खुलेआम किस करते हुए नजर आए। कार्यक्रम में SDM के लिए सीट आरक्षित थी 8 जनवरी को आयोजन में काफी भीड़ पहुंची थी। 9 जनवरी को SDM तुलसी दास इस आयोजन में शामिल हुए। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित की थी। रात 11 से 3 बजे तक अश्लील डांस होता रहा। स्टेज पर अर्धनग्न अवस्था में डांसर प्रस्तुति देते रहे। पंडाल के अंदर भीड़ बेकाबू थी। अफसर, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि हर वर्ग के लोग पहुंचे थे। इनमें से कई लड़कियों पर पैसे उड़ाते रहे। कई ने लड़कियों को अपने पास बुलाकर अश्लीलता की। आयोजन समिति के 14 सदस्य गिरफ्तार देवेंद्र राजपूत (31), गोविंद देवांगन (21), नरेंद्र साहू (38), हसन खान (53), हरदयाल नागेश (50), मुकेश अग्रवाल (40), लाल कृष्ण कश्यप (27), राजेश कश्यप (36), सचिन कश्यप (24), लीलाधर साहू (50), ललित कौशिक (38), विकास यादव (32), जम्बूधर (40), उमेश यादव (25) अश्लीलता फैलाने के आरोप में पहले एक स्थानीय युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद आयोजनकर्ता देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू, हसन डाडा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ दिया गया था।
लुधियाना के शेरपुर शिव चौक पर शनिवार को एक बस और कार के बीच हुई जोरदार टक्कर ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक निजी बस के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए अचानक कट मारा, जिससे सामने से आ रही कार उससे टकरा गई। कार चालक मेहुल ने बताया कि बस में कंडक्टर भी मौजूद नहीं था और यदि वे समय पर ब्रेक न लगाते तो एक बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे के तुरंत बाद शेरपुर शिव चौक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब आधे घंटे तक यात्री व राहगीर जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखने को मिला क्योंकि घटना के काफी समय बाद तक भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने खुद मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात को सुचारू करवाया। क्षेत्र के निवासियों और राहगीरों ने शिकायत की है कि इस चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था अक्सर चरमराई रहती है, जिससे आए दिन हादसे और जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
भिंड में शनिवार की शाम को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक दस वर्षीय बालिका की मौत हो गई। अकोड़ा गांव से भिंड खरीदारी करने आए परिवार की बाइक को बायपास पर पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में बालिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार अकोड़ा गांव निवासी भगवान सिंह जाटव पुत्र छोटेलाल जाटव शनिवार को अपनी पत्नी सुनीता और भतीजी भाग्या के साथ बाइक से भिंड आए थे। परिवार भिंड में घरेलू खरीदारी के बाद आगे जाने की तैयारी में था। इसी दौरान मेला ग्राउंड के पास बायपास पर पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी 09 एएल 9615 के चालक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में बालिका भाग्या सड़क के बीच गिर पड़ी, जबकि भगवान सिंह और उनकी पत्नी सड़क किनारे जा गिरे। इसी दौरान ट्रक का पहिया बालिका के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं घायल दंपती को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। यह घटना एक बार फिर बायपास पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही को उजागर करती है।
आम बजट 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा व्यापक जनसंवाद एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पार्टी संगठनात्मक स्तर पर सभी जिलों, मंडलों और बूथों पर आम बजट का लाइव प्रसारण कराएगी, ताकि आमजन और कार्यकर्ता सीधे बजट से जुड़ सकें। यह निर्णय राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल द्वारा लिया गया। उन्होंने कहा कि आम बजट देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे जन-जन तक पहुंचाना भाजपा की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी से 10 फरवरी के बीच कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी जिलों में बजट को लेकर संगोष्ठियां, परिचर्चाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बजट की प्रमुख विशेषताओं, जनकल्याणकारी प्रावधानों और विकसित भारत के संकल्प को जनता के समक्ष रखा जाएगा। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी ने बताया कि इस अभियान के संयोजन की जिम्मेदारी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अनीता गुप्ता को सौंपी गई है। उनके साथ क्षेत्रीय मंत्री पवन प्रताप सिंह, संजीव पाठक और चार्टर्ड अकाउंटेंट अवधेश मिश्रा सह-संयोजक के रूप में अभियान का संचालन करेंगे।
उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में शनिवार रात को बांका गांव के पास स्थित पुलिया पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बांका निवासी राकेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राकेश पुलिया के पास खड़ा था, तभी अनियंत्रित गति से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद युवक ट्रॉली के टायर के नीचे आ गया। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक मौके से वाहन लेकर भाग निकला। परिवार का सबसे छोटा बेटा था राकेश हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। बताया गया है कि राकेश अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था, जिसकी अचानक मौत से घर में मातम छा गया है। पुलिस की कार्रवाई और जांच सूचना मिलने पर चंदिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। जांच अधिकारी भगत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जो रविवार को किया जाएगा। पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली के खिलाफ मामला दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र स्थित पिलो सराय गांव में शनिवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार गरिमा सिंह के नेतृत्व में की गई। यह जमीन किसान अतराज सिंह की थी, जिस पर गांव के कुछ लोगों ने 10 साल से अधिक समय से अवैध कब्जा कर रखा था। अतराज सिंह ने अपनी जमीन वापस पाने के लिए एसडीएम कासगंज के न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसका फैसला उनके पक्ष में आया। न्यायालय के आदेश के बाद, नायब तहसीलदार गरिमा सिंह पुलिस और पीएसी की एक कंपनी के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच जमीन को कब्जा मुक्त कराया और मौके पर ही पक्की पैमाइश कर किसान अतराज सिंह को उनकी जमीन का कब्जा सौंपा।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज शुक्रवार को ट्रेन में सफर के दौरान टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक टॉयलेट रूम का गेट लॉक रहा। आखिरकार रेलवे कर्मचारियों ने टॉयलेट रूम का गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। घटना शुक्रवार को हुई, जिसकी आपबीती भारद्वाज ने शनिवार को फेसबुक पर बताई। उन्होंने घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें ट्रेन के टॉयलेट रूम का गेट लॉक दिखाई दे रहा है और खोलने पर भी खुल नहीं रहा है। कोटा से जयपुर लौटते समय हुई घटनाटोंक निवासी भारद्वाज ने बताया कि वे शुक्रवार (30 जनवरी) की शाम कोटा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22981 में कोटा से जयपुर लौट रहे थे। सवाई माधोपुर आने से कुछ किलोमीटर पहले वे ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक वे अंदर बंद रहे और इस दौरान उनका दम घुटने की नौबत आ गई। कुछ देर तक तो कुंडी खोलने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह नहीं खुली तो धीरे-धीरे उन्हें बेचैनी होने लगी। उन्होंने चिल्लाकर दूसरे कर्मचारियों को भी आवाज लगाई, लेकिन कोई मदद को नहीं आया। घबराकर उन्होंने अपने रिश्तेदार हरीश शर्मा और आवां के सरपंच अपने बेटे दिव्यांश भारद्वाज को मोबाइल से फोन किया। रेलवे कर्मचारियों ने गेट तोड़कर बचायाहालांकि दोनों ने रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तुरंत मदद नहीं मिल पाई। भारद्वाज ने बताया कि ट्रेन का टॉयलेट महज दो फीट गुणा दो फीट का था, जिसमें खड़े रहना भी मुश्किल था। परिजनों के लगातार संपर्क करने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गेट को खोलने की कोशिश की। लेकिन गेट लॉक हो चुका था। रेलवे कर्मचारियों ने हथौड़े से दरवाजा अंदर की ओर धकेला, जिससे वह टूटकर भारद्वाज के हाथों पर गिरा। उन्हें हल्की चोटें आईं, लेकिन वे सुरक्षित बाहर निकल गए। पूरी घटना में करीब एक घंटे का समय लग गया। बोले- टॉयलेट रूम जाते समय मोबाइल साथ जरूर रखेंमहेंद्र भारद्वाज का कहना है कि यात्रियों को ट्रेन के बाथरूम में जाते समय मोबाइल अवश्य साथ रखें, जिससे आपात स्थिति में मदद मांगी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे को पुराने डिब्बों की टॉयलेट व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो।
कानपुर पुलिस ने बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए उठा लिया। अधिवक्ता की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के महामंत्री अमित सिंह समेत सैकड़ों अधिवक्ता नवाबगंज थाने में धरने पर बैठ गए । पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल समेत अन्य आलाधिकारी और करीब 10 थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। 2 तस्वीरें देखिए… पूछताछ के लिए पुलिस लेकर गई थी, हंगामा शनिवार शाम करीब 5 बजे नवाबगंज पुलिस पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए थाने लेकर पहुंची थी। जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता थाने पहुंचे और पुलिस पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अधिवक्ता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और पूर्व महामंत्री को न छोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी। 10 थानों का फोर्स और पीएसी बुलाई गई हंगामे की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे और पूर्व महामंत्री से पूछताछ शुरू की। शाम ढलते-ढलते थाने के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ बढ़ती चली गई। जिसके बाद कोहना, कल्याणपुर, रावतपुर, स्वरूप नगर, कर्नलगंज, ग्वालटोली समेत करीब 10 थानों का फोर्स व पीएसी बल की तैनाती कराई गई। करीब 4 घंटे बीतने के बाद भी थाने में अधिवक्ताओं की नारेबाजी जारी है।
उज्जैन के डाबरी पीठा क्षेत्र में शुक्रवार को एक बुजुर्ग का लाखों रुपये का बैग गुम हो गया। बाजार में घूमते समय बुजुर्ग से अनजाने में यह बैग गिर गया, जिसे एक साधु ने उठा लिया। सूचना मिलने पर खाराकुआं थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैग बरामद कर बुजुर्ग को लौटा दिया। बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि बैग में लगभग 200 ग्राम सोने के आभूषण, 45 हजार रुपए नकद और परिवार से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। बैग में रखे सामान की कुल कीमत 25 से 30 लाख रुपए के बीच आंकी गई है। बैग गुम होने का एहसास होते ही बुजुर्ग सीधे खाराकुआं थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। डाबरी पीठा क्षेत्र में एक साधु बाबा बैग उठाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। इसके बाद पुलिस टीम साधु बाबा तक पहुंची और उनसे पूछताछ की। साधु ने पुलिस को बताया कि उन्हें बैग सड़क पर पड़ा मिला था और उन्होंने उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया था। साधु को बैग में रखे कीमती सामान की जानकारी नहीं थी। पुलिस द्वारा जांच करने पर बैग में रखा सारा सामान सही सलामत पाया गया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने बैग बुजुर्ग को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने खाराकुआं थाना पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पूरी टीम को 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
कर्ज में डूबे किसान ने की आत्महत्या:एटा में फांसी लगाकर दी जान, पुलिस जांच में जुटी
एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बिजौरी गांव में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 35 वर्षीय राजेश उर्फ राजू पुत्र रमेश चंद्र का शव खेत में एक पेड़ से लटका मिला। राजेश की पत्नी खेत में पशुओं के लिए चारा काट रही थी, तभी उसने अपने पति का शव बंबे के समीप एक पेड़ से लटका देखा। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल कोतवाली देहात थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पेड़ से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। गांव के ज्ञानदास ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेश पर काफी कर्ज था। उन्होंने पट्टे पर खेती ली थी, जिसमें फसल को नुकसान हुआ था। इसी आर्थिक तंगी और नुकसान के कारण वह परेशान चल रहे थे। कोतवाली देहात थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि युवक आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
यूजीसी कानून के विरोध में भिंड बंद का ऐलान:कल सवर्ण संगठनों ने बाजार बंद में सहयोग की अपील की
यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण संगठनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसी क्रम में कल 1 फरवरी को भिंड शहर में भी बंद रखा जाएगा। इस दौरान शहर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रखने की अपील की गई है। संगठनों के पदाधिकारियों ने आमजन और व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। सवर्ण संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार यूजीसी कानून के विरोध में देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया गया है, जिसका असर भिंड जिले में भी देखने को मिलेगा। बंद के दौरान शहर के बाजार, दुकानें और अन्य व्यापारिक संस्थान बंद रहेंगे। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यह बंद पूरी तरह स्वैच्छिक और शांतिपूर्ण रहेगा। पदाधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि वे सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। साथ ही आम नागरिकों से अनावश्यक आवागमन से बचने का अनुरोध किया गया है। संगठनों का कहना है कि यूजीसी कानून को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष है और इसी के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से बंद का सहारा लिया जा रहा है। बंद को लेकर राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी, परशुराम सेना, श्रीराम सेना, राजपूत करणी सेना सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने समर्थन की घोषणा की है। संगठनों ने सभी कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव से दूर रहने की अपील की है। साथ ही प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा जताई गई है।
सिरसा जिले में रानियां स्थित आईटीआई में छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद एक युवक पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कॉलेज समय के बाद हुई। जानकारी के अनुसार, आईटीआई के क्लासरूम में कुछ छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर कॉलेज की छुट्टी के बाद हमलावरों ने युवक को रास्ते में घेर लिया। युवक ने जान बचाने की कोशिश की और भागकर एक सरसों के खेत में गिर गया।खेत में करीब 14 से 15 युवकों ने तेजधार हथियारों से उस पर हमला कर दिया। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर काफी खून बह गया। घायल युवक की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है। जो रानियां के डुडियावाली गांव का निवासी है। हमलावरों की तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं। पंकज के पिता प्रभु सिंह ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं और पंकज आईटीआई में अपने दो साल के कोर्स के अंतिम वर्ष में था। उन्होंने यह भी बताया कि पंकज का क्लास के ही कुछ युवकों से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायल के पिता बोले- बेटे को खेत के अंदर पीटा युवकों ने पंकज को जातिसूचक गालियां देनी शुरू कर दी और पंकज ने उन्हें बार बार मना किया कि इस तरह से मुझे जातिसूचक गालियां मत दो और उसके बाद उन युवकों ने शाम को कॉलेज समय के बाद पंकज जब अपने घर वापसी के लिए लौट रहा था तो रास्ते में 14-15 युवकों ने घेर लिया और पंकज को काफी समय तक पीटा। पंकज फिर अपनी जान बचाने के लिए काफी समय तक इधर उधर दौड़ा। परंतु वे 14-15 युवक थे और उन्होंने तेजधार हथियार से पंकज पर हमला किया। और उन्होंने मेरे बेटे को किसी खेत के अंदर बहुत बुरी तरह से हथियारों से काटा है और पंकज के पिता ने बताया कि मेरे बेटे के हाथ की दो उंगलियां भी कट चुकी हैं। सिर में चोट शरीर में घाव सिर में भी काफी चोटें लगी हैं और पूरे शरीर पर ही लगभग काफी गहरे घाव हैं और मेरे बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। हमलावर लगभग रानियां और आसपास के गांव के ही रहने वाले हैं। वहीं घायल युवक के पिता का कहना है कि मैंने संबंधित थाने में शिकायत दे दी है और प्रशासन से मांग करता हूं कि ऐसे जो युवक हुड़दंगबाजी मचाते हैं। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं इस मामले में जब थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी बयान लेने के लिए जा रहे हैं और घायल युवक के बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी और हमलावर युवकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
ग्वालियर में दो दिन में दो शादियों में वारदात कर लाखों रुपए का माल समेटने वाली गैंग को पुलिस ने पकड़ लिया है। ग्वालियर की शादियों में वारदात करने वाली गैंग मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सांसी गैंग निकली है। यहां गांव के कुछ बच्चों को शादियों में चोरी करने की ट्रेनिंग देकर गैंग विभिन्न शहरों में जाती हैं। दो से तीन दिन वहां रुककर वारदात को अंजाम देकर फिर ठिकाना बदल लेती हैं। बच्चे सूटबूट में शादियों में मेहमान बनकर दाखिल होते हैं तो किसी को संदेह नहीं होता है। ग्वालियर की पुलिस ने शनिवार को राजगढ़ के सांसी से गैंग को पकड़ लिया है। इनसे 26 जनवरी को सिरोल के मंथन बैंक्विट व 27 जनवरी को बहोड़ापुर के रजवाड़ा पैलेस की चोरी खुल गई हैं। फिलहाल आरोपियों को पकड़कर पुलिस ग्वालियर ला रही है। ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों में शादी समारोह में चोरी की वारदात करने वाली गैंग आखिरकार पुलिस के हाथ लग गई है। ग्वालियर के सिरोल, बहोड़ापुर थाना पुलिस की टीमों ने पिछले तीन दिन से एमपी के राजगढ़ जिले में डेरा जमाया हुआ था। शादियों में चोरी के बाद जो CCTV फुटेज मिले थे उसके आधार पर पुलिस संदेहियों की तलाश में लगी थी। शनिवार को पुलिस टीमों को सफलता मिल गई है। वारदात करने वाली राजगढ़ की सांसी गैंग निकली है। पुलिस ने यहां दबिश देकर दो आरोपियों को पकड़ा है। जिनमें एक नाबालिग है जो शादियों में सूटबूट पहनकर दाखिल होता था, जबकि उसे शादियों में लेकर जाने वाला सांवत सिसौदिया निवासी सांसी राजगढ़ है।यह मूल रूप से राजस्थान के बांरा का रहने वाला है। जब पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने सिरोल व बहोड़ापुर की दो वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस माल बरामद करने में लगी हुई है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में पुलिस ने सांसी राजगढ़ के एक गिरोह को पकड़ा था जिससे शादी समारोह में तीन वारदातों का खुलासा हुआ था।पुलिस को मिली CCTV कैमरों से मददइस मामले में पुलिस को CCTV फुटेज से काफी मदद मिली थी। दोनों ही स्थान पर एक ही बालक वारदात को अंजाम देते नजर आया था। इसके बाद जब पुलिस आगे बढ़ी तो ग्वालियर की वारदात के तार सीधे राजगढ़ जिले से जुड़ गए। पुलिस राजगढ़ पहुंची तो वहां मुखबिर ने संदेहियों की पहचान कर दी, जिसके बाद गैंग को पकड़ लिया गया है। दो दिन में दो वारदातों को दिया था अंजामराजगढ़ की सांसी गैंग ने 26 जनवरी को मंथन बैंक्विट हाल (थाना सिरोल) में आलोक सक्सेना के यहां चल रही शादी का माहौल खराब किया तो 27 जनवरी को बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित रजवाड़ा गार्डन में दिनेश मौर्य के बेटे के रिस्पेशन में हाथ मारा था। दोनों वारदात में स्टेज के पास से फोटो सेशन के समय वारदात को अंजाम दिया गया था।मुंबई से लौटते समय आए थे ग्वालियरजो प्रारंभिक पूछताछ की गई है उससे पता चला है कि दोनों ही आरोपी वारदात के लिए मुंबई गए थे और मुम्बई से ग्वालियर आए थे और ग्वालियर में 26 जनवरी की रात एक शादी में हाथ मारने के बाद भी जब मन नहीं भरा तो 27 जनवरी के बाद दूसरे आयोजन में हाथ मारा और भाग निकले।ये खबर भी पढ़ें…ग्वालियर पुलिस को 9 साल के 'छोटू' की तलाश मध्य प्रदेश के राजगढ़ ब्यावरा का एक गांव 'कड़िया सांसी' यहां छह से सात साल का बच्चा भी चोरी करने में माहिर है। सांसी गैंग देश के बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित कई गांव में चोरी की वारदात कर चुके हैं। सांसी समुदाय के लोग शादियों में चोरी करने में माहिर हैं। यह एकजुट होकर रहते हैं, यही कारण है कि यहां पुलिस को घुसने में भी डर लगता है। इसी गांव का एक 9 साल के बालक 'छोटू' की तलाश पुलिस को है।पूरी खबर पढ़ें
रोहतक के विधायक भारत भूषण बत्रा के बेटे एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने पेरिस में चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सामने अपना संबोधन दिया। पेरिस में आयोजित इंडो-फ्रेंच लीगल एंड बिजनेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सिद्धार्थ बत्रा ने भारतीय और फ्रांसीसी विधि समुदाय को संबोधित किया। यह सम्मेलन पेरिस बार एसोसिएशन और इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की न्यायिक यात्रा और उनके न्याय दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 37 वर्ष की आयु में हरियाणा के महाधिवक्ता के रूप में कार्य किया और बीते 24 वर्षों में एक न्यायाधीश के रूप में कानून, समानता और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन के साथ न्याय प्रदान किया है। सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका को किया रेखांकित एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया कि हर वर्ष लगभग 60 हजार नए मामले सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल होते हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में न्यायपालिका के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। सिद्धार्थ बत्रा ने भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार और कूटनीति के साथ-साथ अब कानूनी सहयोग व संवाद को मजबूत करने का समय आ गया है। वकीलों के रक्षा अधिकार को बताया असंक्रमणीय एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने पेरिस बार एसोसिएशन द्वारा हाल ही में पारित उस प्रस्ताव की सराहना की, जिसमें वकीलों की स्वतंत्रता, पेशेवर गोपनीयता और रक्षा के अधिकार को असंक्रमणीय (non-negotiable) बताया गया है। जब वकीलों पर दबाव पड़ता है, तो वास्तव में कानून के शासन पर खतरा उत्पन्न होता है। पेरिस की दार्शनिक परंपरा का किया उल्लेख एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने पेरिस की ऐतिहासिक और दार्शनिक परंपरा का उल्लेख करते हुए फ्रेंच भाषा में अपना संदेश देते हुए कहा कि कानून समय में स्थिर नहीं होता, वह जीवंत होता है, विकसित होता है और देशों के बीच सेतु बनाता है। एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा का संबोधन भारत और फ्रांस के बीच न्याय, स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों पर आधारित साझा दृष्टिकोण को सशक्त करता है।
शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में शनिवार शाम वाहन जांच के दौरान विवाद के बाद चेकिंग ड्यूटी पर तैनात आरक्षक अवधेश शर्मा पर हमला हो गया। मारपीट में आरक्षक के सिर में चोट आई। घटना के बाद मारपीट में शामिल लोगों के परिजनों ने थाने के बाहर हंगामा और चक्काजाम किया। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम रन्नौद थाना के बाहर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान मनोज जाटव अपनी कार से कुछ महिला-पुरुषों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच कर चालानी कार्रवाई की। चालान काटे जाने पर शुरू हुआ विवादचालान काटे जाने पर मनोज जाटव का साला निलेश जाटव बाइक से मौके पर पहुंचा और कार्रवाई का विरोध करने लगा। विरोध के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। इसी दौरान आरक्षक अवधेश शर्मा के सिर पर वार किए गए। तस्वीरें देखिए परिवार बोला- आरक्षक ने पहले मारपीट कीघटना का करीब 9 सेकंड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें महिला और पुरुष आरक्षक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। जाटव परिवार ने आरोप लगाया कि आरक्षक ने पहले मारपीट की, जिसमें उनकी एक महिला और एक मासूम बच्चा भी घायल हुआ। पुलिस ने कहा- मामले में हो रही जांचपुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
हांसी जिले की नारनौंद बार एसोसिएशन ने एसडीएम पर वकीलों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने, धमकियां देने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन का कहना है कि एसडीएम ने बाहरी तत्वों को बुलाकर यह सब किया। इस घटना के विरोध में सोमवार को नारनौंद, हांसी और हिसार की अदालतों में वर्क सस्पेंड रहेगा। बार एसोसिएशन के अनुसार, जब कार्यकारिणी एसडीएम से बातचीत करने पहुंची, तो समाधान निकालने के बजाय एसडीएम ने बार प्रधान के खिलाफ आरोप लगाते हुए नोटिस जारी कर दिया। वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम ने प्रधान को नोटिस देने के साथ ही सभी वकीलों की सीटों को रात में जेसीबी से तुड़वाने की धमकी भी दी। एसोसिएशन बोली- ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने वकीलों की सीटों को हटाने के लिए नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। साथ ही, नारनौंद नगर पालिका के कर्मचारियों और ट्रैक्टर बुलाकर वकीलों का सामान उठाने के आदेश दिए थे। वकीलों का कहना है कि इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल भी बुलाया गया था। हांसी बार प्रधान पवन रापड़िया ने बताया कि वकील कोर्ट परिसर में अपने प्रधान को कथित तौर पर गैर-कानूनी नोटिस जारी करने के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित हुए थे। इसी दौरान नारनौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वकीलों ने की नोटिस वापस लेने की मांग बार एसोसिएशन की मुख्य मांग है कि एसडीएम अपने द्वारा जारी किए गए इस गैर-जिम्मेदाराना नोटिस को तुरंत वापस लें और बार एसोसिएशन में आकर वकीलों से माफी मांगें। वकीलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सोमवार को नारनौंद, हांसी और हिसार की कोर्टों में वर्क सस्पेंड रहेगा। इसके साथ ही, वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेगा।
बालाघाट विधायक पहुंची शराब दुकान, जताया विरोध:अहाते जैसी व्यवस्था देख टीआई ने दुकानदार को दी चेतावनी
बालाघाट में शनिवार देर शाम विधायक अनुभा मुंजारे महिलाओं के साथ भटेरा शराब दुकान पहुंचीं। उन्होंने दुकान के सामने अहाते जैसी व्यवस्था देखी, जहां लोग बैठकर शराब पी रहे थे। विधायक के पहुंचते ही शराब पी रहे लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान विधायक ने उन्हें नशे के दुष्परिणाम बताते हुए दूर रहने को कहा। विधायक मुंजारे को लंबे समय से वार्ड की शराब दुकान को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मौके पर शराबखोरी देखकर वह नाराज हो गईं। उन्होंने तत्काल आबकारी अधिकारी को फोन कर इंस्पेक्टर को भेजने को कहा। विधायक के पहुंचने की खबर मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी स्वयं शराब दुकान पहुंचे। उन्होंने भी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। थाना प्रभारी ने दुकानदार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गलती करने पर अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। थाना प्रभारी ने आश्वस्त किया कि वे शराब दुकान को हटाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखेंगे। उन्होंने दुकानदार को यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस कभी भी दुकान की जांच करने आ सकती है। सदन में उठाएंगी मुद्दा विधायक अनुभा मुंजारे ने शराब दुकान के सामने अहाते की तरह शराब पिलाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे कानून का मखौल उड़ाया जा रहा है और आसपास के परिवार, खासकर महिलाएं परेशान हैं। उन्होंने दुकान को स्थानांतरित करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि दुकान नहीं हटाई गई तो वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगी।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला ‘सारथी’ परियोजना का शुभारंभ किया गया है। यह परियोजना जयपुर के साथ-साथ मेहंदीपुर बालाजी और समाल रामजस्यान क्षेत्रों में क्रियान्वित की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सार्वजनिक परिवहन और आजीविका से जुड़े क्षेत्रों में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत महिलाओं को ड्राइविंग, वाहन संचालन, सिलाई, सुरक्षा प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को ई-वाहन, 14-सीटर व्हीकल जैसी सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में पहचान और सम्मान मिल सके। परियोजना में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता परियोजना में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सुरक्षित कार्य वातावरण, नीति आधारित संचालन और सामाजिक सहयोग को इस पहल से जोड़ा गया है, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के अपने कार्यस्थल पर काम कर सकें। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाना भी है। पहले चरण में 101 वाहनों के साथ महिलाओं को कार्य से जोड़ा परियोजना को शिल्प सृजन संस्था के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। पहले चरण में 101 वाहनों के साथ महिलाओं को कार्य से जोड़ा गया है। आगामी चरणों में इसे पूरे राजस्थान में विस्तार देने की योजना है, जिसके तहत लगभग 1000 वाहनों को संचालन में लाकर बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। पर्यटन स्थलों और धार्मिक क्षेत्रों में भी इस सेवा को शुरू किया जाएगा, जिससे स्थानीय महिलाओं को स्थायी आय का अवसर मिल सके। राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है पहल संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में इससे हजारों महिलाओं को लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कुसमी पुलिस ने गौ-तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्कॉर्पियो वाहन से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 6 मवेशियों को भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। यह कार्रवाई 30 जनवरी 2026 को कुसमी थाना क्षेत्र में हुई। मुकेश कुमार, निवासी नवाडीहा बकाईन टोली, कुसमी ने 30 जनवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि, 29 जनवरी 2026 को उन्हें सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो वाहन में गाय-बैल को क्रूरतापूर्वक भरकर वध के लिए बूचड़खाना ले जाया जा रहा है। गाड़ी छोड़कर भागे तस्कर सूचना मिलने पर वो अपने सहयोगियों के साथ बकाईन टोली रोड पर छिपकर वाहन का इंतजार कर रहे थे। रात लगभग 1 बजे सिविलदाग की ओर से आ रही स्कॉर्पियो (क्रमांक JH-01-AA-0959) को रोकने का प्रयास किया गया। वाहन कुछ दूरी पर रुक गया और उसमें सवार तीन लोग गाड़ी छोड़कर भागने लगे। अंधेरे में दौड़ते समय एक व्यक्ति गिर गया, जिसे पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम संजीव घासी निवासी खिखिर पारा कुसमी बताया। भागने वालों में से एक की पहचान ताहिर अंसारी निवासी नवडीहा के रूप में हुई, जबकि तीसरा व्यक्ति अज्ञात रहा। स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी लेने पर उसमें छह गाय-बैल पाए गए। इन मवेशियों को क्रूरतापूर्वक उनके मुंह और चारों पैर बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। इन्हें वध के लिए झारखंड स्थित बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। 6 मवेशी और स्कॉर्पियो जब्त कुसमी थाने में अपराध क्रमांक 11/2026 के तहत धारा 4, 6, 10 कृषक पशु परि अधिनियम और 11(घ) पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान 6 मवेशियों और स्कॉर्पियो वाहन (JH-01-AA-0959) को जब्त किया गया। आरोपी संजीव घासी को 30 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेएमएफसी न्यायालय राजपुर में न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया।
रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भाठागांव में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। भाठागांव चौक से रिंग रोड और शीतला चौक-दतरेंगा मोड़ तक नगर निगम के 15वें वित्त आयोग से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को उन्होंने फटकार भी लगाई। इस पूरे मामले पर विधायक सुनील सोनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि, सड़क निर्माण कार्य का वर्क ऑर्डर करीब 10 महीने पहले ही जारी हो चुका था। इसके बावजूद काम अपेक्षित गति से नहीं चल रहा था। उन्होंने कहा कि, जनहित से जुड़े इस काम में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक ने साफ निर्देश दिए कि, निर्माण कार्य दो शिफ्ट में कराया जाए। जिससे तय समय-सीमा के भीतर सड़क का काम पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी तक सड़क के एक तरफ का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए, जबकि 31 मार्च तक पूरे सड़क निर्माण कार्य को अनिवार्य रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त विधायक सुनील सोनी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, सड़क निर्माण आम जनता की सुविधा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में समय-सीमा का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप, जोन क्रमांक-6 के अध्यक्ष बद्रीप्रसाद गुप्ता, पार्षद रवि सोनकर, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, नगर निगम के अधीक्षण अभियंता इमरान खान, जोन आयुक्त हितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सीहोर में 4 राशन दुकानों पर जुर्माना:अनियमितता और ईकेवाईसी न करने पर खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
सीहोर में कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर खाद्य विभाग ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई राशन वितरण में कमी, प्रतीक्षारत परिवारों की ईकेवाईसी न करने और दुकानों को नियमित रूप से न खोलने के कारण की गई। आष्टा एवं बुधनी अनुभाग की कई दुकानों पर यह कार्रवाई हुई। जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार, आष्टा अनुभाग में सिद्दीकगंज, कोटियानाला, सेमलीबारी और कांकरियाखेरी स्थित राशन दुकानों पर प्रकरण दर्ज कर 3000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, कोटियानाला और कन्नोदमिर्जा की राशन दुकान विक्रेताओं को जनवरी में कम वितरण प्रतिशत के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बुधनी अनुभाग में रतनपुर, कुसुमखेड़ा, नानभेंट, जोनतला, बकतरा, कोसमी और रेहटी के राशन दुकान विक्रेताओं के खिलाफ वितरण कार्य में लापरवाही बरतने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
राजधानी रायपुर में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पान मसाला कारोबारी के घर पर छापेमारी कर पुलिस ने लाखों रुपए का हुक्का पॉट, गोगो और प्रतिबंधित तंबाखू सामग्री जब्त किया है। पान मसाला कारोबारी का नाम अशोक मदनी बताया जा रहा है। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। पूरे मामले का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे। मामला खम्हारडीह थाना इलाके का है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला दरअसल, पुलिस को पान मसाला कारोबारी अशोक मदनी के घर में अवैध रूप से हुक्का पॉट, गोगो और तंबाखू सामग्री का भंडारण की शिकायत मिली थी। शनिवार दोपहर को कारोबारी के घर में रेड मारी गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। कारोबारी ने घर को बना रखा था गोदाम खम्हारडीह पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि, कारोबारी ने घर के हर कमरे में प्रतिबंधित सामान को रखा था। घर के अलग-अलग कमरों में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में हुक्का पॉट, फ्लेवरयुक्त तंबाखू, गोगो रखा हुआ था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि, कारोबारी लंबे समय से शहर और आसपास के इलाकों में हुक्का पॉट-गोगो सप्लाई करने का काम कर रहा था। कारोबारी से कौन–कौन प्रतिबंधित सामान खरीदता था, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी पहले भी हुक्का सामग्री के साथ गिरफ्तार हो चुका है। अप्रैल 2025 में पुलिस ने 50 लाख से ज्यादा की सामग्री जब्त की थी। इस कार्रवाई के कुछ दिन बाद कारोबारी फिर से सक्रिय हुआ और प्रतिबंधित हुक्का सामग्री को बेचना शुरू कर दिया।

