अरावली को लेकर Ashok Gehlot का फिर से बड़ा बयान, कहा- राज्य सरकार को पर्यावरण के हित और आमजन…
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से अरावली को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने आज सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की भजनलाल सरकार से पर्यावरण के हित और आमजन की भावना को समझते हुए अरावली का संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने आज इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है। सुप्रीम कोर्ट की उच्चस्तरीय समिति 11 से 13 अक्टूबर को डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर का दौरा करेगी और 12 अक्टूबर को बांसवाड़ा के टीएडी सभागार में सार्वजनिक परामर्श होगा। नागरिक, पंचायत प्रतिनिधि, किसान और पर्यावरण प्रेमी वहां अपनी बात जरूर रखें कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि पिछली बार समिति के दौरे में आमजन और पर्यावरण प्रेमियों की बात नहीं सुने जाने की शिकायतें उठी थीं। आशा है इस बार उनकी चिंताएं सुनी जाएंगी। मेरी अपील है कि नागरिक, पंचायत प्रतिनिधि, किसान और पर्यावरण प्रेमी वहां अपनी बात जरूर रखें। 100 मीटर की परिभाषा को स्थानीय जनता पहले ही खारिज कर चुकी है तीन बार राजस्थान के सीएम रह चुके अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि 100 मीटर की परिभाषा को स्थानीय जनता पहले ही खारिज कर चुकी है, जिससे राजस्थान की ज्यादातर पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो जातीं। उसी विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगाई। राज्य सरकार को पर्यावरण के हित और आमजन की भावना को समझते हुए अरावली का संरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए। अशोक गहलोत इससे पहले भी अरावली को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे चुके हैं। PC:hindi.oneindia अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
सोनीपत में पूर्व DGP लायक राम डबास (IPS) के साथ हुए फ्रॉड के केस में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की नीयत को बिना किसी संदेह के साबित करने में पूरी तरह से विफल रहा है। सात साल बाद ये फैसला तब आया है, जबकि लायक राम डबास व उनकी पत्नी गीता डबास दोनों की मौत हो चुकी है। IPS अधिकारी की गवाही भी इस केस में नहीं हो सकी थी। केस में पानीपत के नगला बाग निवासी सुल्तान सिंह और दिल्ली के बवाना निवासी नारायण सिंह को आरोपी बनाया गया था। खास बात ये रही कि मामले के रिकॉर्ड में तथाकथित धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं मिला। जाने क्या था पूरा मामला… सोनीपत सेक्टर-19 निवासी शिकायतकर्ता हरियाणा के पूर्व DGP (Retd. IPS) लायक राम डाबास ने 16 अक्टूबर 2018 को गन्नौर थाना में दर्ज कराई FIR में बताया कि उसने और उनकी पत्नी गीता डाबास ने 14 सितंबर 2018 को रजिस्टर्ड सेल डीड (नंबर 2190) के जरिए गांव बड़ी (तहसील गन्नौर) में जमीन खरीदी थी। अक्टूबर 2018 में उन्हें पता चला कि दिल्ली हाईकोर्ट में उक्त संपत्ति को लेकर केस लंबित था और हाईकोर्ट ने 02 फरवरी.2018 को जमीन के हस्तांतरण पर रोक लगा रखी थी। आरोप लगाया कि विक्रेताओं (सुल्तान सिंह, नारायण सिंह व अन्य) ने केस और स्टे ऑर्डर की बात जानबूझकर छिपाई और धोखाधड़ी से जमीन बेच दी। पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद चालान पेश किया था। पुलिस ने पेश किए 13 गवाह गन्नौर के न्यायिक मजिस्ट्रेट सागर शर्मा की कोर्ट में चल रहे केस में मुकदमे की सुनवाई के दौरान सहायक सरकारी वकील ने कुल 13 गवाह पेश किए और तर्क दिया कि आरोपियों ने स्टे ऑर्डर छिपाकर धोखाधड़ी की है। दूसरी तरफ आरोपी सुल्तान सिंह और नारायण सिंह के वकीलों ने दलील दी कि उनको झूठा फंसाया गया है। केस की सुनवाई के दौरान रजिस्ट्री क्लर्क और हलका पटवारी दोनों ने क्रॉस-एग्जामिनेशन में स्वीकार किया कि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड या सेल डीड पर कोर्ट का कोई स्टे/रोक दर्ज नहीं थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट सागर शर्मा ने 21 पन्नों के फैसले में आरोपियों को 'संदेह का लाभ' (Benefit of Doubt) देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कई अहम बातें… धोखाधड़ी की नीयत : कोर्ट ने कहा कि धारा 420 IPC के तहत अपराध साबित करने के लिए सौदे की शुरुआत से ही धोखाधड़ी की नीयत साबित होना जरूरी है। इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि आरोपियों ने कोई झूठा आश्वासन दिया था। शिकायतकर्ता की गवाही नहीं हुई : शिकायतकर्ता लायक राम डाबास का निधन (जुलाई 2022) हो जाने के कारण उनकी मुख्य गवाही कोर्ट में नहीं हो सकी। केवल एफआईआर या शिकायत के आधार पर बिना प्रत्यक्ष साक्ष्य के आपराधिक नीयत नहीं मानी जा सकती। राजस्व रिकॉर्ड : जिस सेल डीड के तहत आरोपियों को जमीन मिली थी, उसे कोर्ट के फैसले (दिनांक 29.11.2017) से बहाल किया गया था और पटवारी रिकॉर्ड में नामांतरण दर्ज था। साजिश का सबूत नहीं: दोनों आरोपियों के बीच धोखाधड़ी की साजिश रचने का कोई स्वतंत्र सबूत सामने नहीं आया। कोर्ट इन सभी तथ्यों का संज्ञान लेते हुए सुल्तान सिंह और नारायण सिंह को आरोपों से बरी कर दिया।
नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के भाटखेड़ी बुजुर्ग गांव में 11 साल के धर्मपाल की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार शाम परिजन उसे मनासा के एक निजी क्लीनिक ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर सुनील पाटीदार ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। सुनील पाटीदार बनी गांव में CHO के पद पर तैनात था। जिला अस्पताल में दिया परिजनों ने धरना घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत क्लीनिक सील कर आरोपी सुनील पाटीदार को हिरासत में लिया। बच्चे की मौत से गुस्साए परिजन न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए। प्रशासन की समझाइश और रेडक्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद मिलने के बाद शुक्रवार को 24 घंटे चला धरना खत्म हो गया। आरोपी सुनील पाटीदार पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। आरोपी को हिरासत में लिया तहसीलदार मृगेंद्र सिंह का कहना है कि डॉक्टर को हिरासत में लेकर मनासा थाने में रखा गया है। परिजनों की मांग पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई जारी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी नियम अनुसार सख्त विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। धरने की अन्य तस्वीरें…
अलवर जिले की 768 उचित मूल्य दुकानों पर 9 अक्टूबर तक राशन वितरण शुरू नहीं हो पाया है। ट्रांसपोर्ट एजेंटों की भाड़ा दर बढ़ाने की मांग के चलते यह प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे 13 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। मामला फिलहाल जयपुर मुख्यालय में विचाराधीन है। 3 प्रमुख बातें: ट्रांसपोर्ट एजेंटों ने परिवहन लागत बढ़ने के कारण दरें बढ़ाने की मांग रखी है। रसद विभाग 15 अक्टूबर तक वितरण शुरू कराने के प्रयास में जुटा है। यदि देरी बढ़ी तो अक्टूबर का राशन नवंबर में दो महीने के साथ बांटना पड़ सकता है। जिला रसद अधिकारी महेश शर्मा ने बताया कि मुख्यालय से लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रयास है कि 15 अक्टूबर या माह के अंत तक उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध करा दिया जाए। जिला रसद विभाग के अधिकारी महेश शर्मा ने बताया कि जयपुर मुख्यालय से लगातार समन्वय किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि 15 अक्टूबर तक राशन वितरण शुरू कर दिया जाए। यदि इसके बाद भी देरी होती है तो अक्टूबर के अंत तक वितरण कराने का प्रयास किया जाएगा।
गोड्डा नगर पुलिस ने ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें ब्लॉक फील्ड स्थित हनुमान मंदिर के पास से पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से कुल 50.5 ग्राम ब्राउन शुगर, 58,250 रुपये नकद, दो वाहन, छह मोबाइल फोन और एक इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल मशीन बरामद की है। एंटी नारकोटिक्स टीम ने विभिन्न जगहों पर छापेमारी की थी यह कार्रवाई गोड्डा एसपी मुकेश कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। एसडीपीओ आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स टीम ने विभिन्न जगहों पर छापेमारी की थी। गिरफ्तार आरोपियों में अमित कुमार उर्फ अमित रेक्स, अभिषेक कुमार उर्फ सोमदेव, छोटू कुमार उर्फ सरफराज, रघु कुमार उर्फ राहुल और पंकज कुमार यादव शामिल हैं। अमित रेक्स के पास से 26.7 ग्राम ब्राउन शुगर और 44,350 रुपये नकद मिले। अभिषेक के पास से 10 ग्राम ब्राउन शुगर और 13,900 रुपये नकद बरामद हुए। सभी आरोपियों पर मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अमित रेक्स के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक प्रोफेसर के किडनैप का मामला सामने आया था। जिसमें एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद मामले का पूरा खुलासा हो गया उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने घटना से 3 दिन पहल अपहरण की योजना बनाई थी। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम जकेला का रहने वाला प्रोफेसर कपूरचंद गुप्ता 47 साल सोमवार की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच गांव के डीपापारा व शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान महसूस होने पर वे सड़क किनारे स्थित डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें घेर लिया और पकड़कर डबरी की ओर ले गए। उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और पेट, गर्दन पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर ले जाकर मारपीट की और मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM UPI एप के पासवर्ड हासिल कर लिए। इसके बाद एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने प्रोफेसर के खाते का ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने तक रकम निकालने की कोशिश की। इस दौरान पीड़ित को धमकाकर उसके घर फोन भी करवाया गया, ताकि परिजनों को किसी अनहोनी का संदेह न हो। पुलिस को दी गई मामले की सूचना रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने पीड़ित की आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी और उसे थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी में एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। इधर, पीड़ित के परिजनों को फोन पर बातचीत के दौरान संदेह हुआ तो उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों व ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस दौरान मामले की सूचना पुलिस को दी गई। संदेही सुनील सारथी को पहले पकड़ा ऐसे में पुलिस टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पीड़ित को वहां मुक्त कराकर थाने लाया गया। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध कर उनकी पतासाजी शुरू की। पुलिस ने तत्काल अलग-अलग टीमों के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की। मामले में संदेही सुनील सारथी 32 साल निवासी छातामुड़ा को मुखबिर की सूचना पर सारंगढ़ क्षेत्र से पकड़ा। आरोपियों को अलग अलग स्थान से गिरफ्तार किया इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो जानकारी हुआ कि अपहरण की योजना बनाने में सुनील सारथी, राजेंद्र कुमार 35 साल निवासी जकेला, नरेन्द्र महंत 34 साल निवासी जकेला व दिनेश सारथी 34 साल निवासी औरदा शामिल हैं। ऐसे में पुलिस ने उनकी भी तलाश शुरू की और तीनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। 3 दिन पहले लुट की योजना बनाई थी इसके बाद सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू की गई जहां उन्हें बताया कि घटना से करीब तीन दिन पहले राजेंद्र कुमार महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे, जहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई। इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम तीनों आरोपी दिनेश सारथी के भाई की काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से ग्राम जकेला स्थित राइस मिल के पास पहुंचे। वहां उन्होंने प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता को सड़क किनारे अकेले बैठकर मोबाइल देखते हुए पाया। चाकू की नोक पर डराया धमकाया आरोपियों ने अपनी योजना के अनुसार अलग-अलग रास्तों से प्रोफेसर के पास पहुंचकर उन्हें घेर लिया और धक्का देकर गिराने के बाद पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू की नोक पर डराया-धमकाया व जान से मारने की धमकी देकर उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI एप की जानकारी हासिल कर ली। सुनसान मकान में बंधक बना कर रखा वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले गए, जहां कुछ देर रुकने के बाद उसे ग्राम पंडरीपानी, थाना भूपदेवपुर क्षेत्र में एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा। यहां भी आरोपी पीड़ित के मोबाइल से QR कोड के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर रकम अपने परिचित महिला के खाते में ट्रांसफर कराते रहे। परिजनों के पहुंचने पर भाग निकले आरोपियों ने पीड़ित को लगातार धमकाकर परिजनों से सामान्य बातचीत भी कराई, ताकि किसी को अपहरण की जानकारी न हो सके। हालांकि, बातचीत के दौरान परिजनों को संदेह हो गया और वे लोकेशन तलाश करते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों व ग्रामीणों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए थे। बाइक, मोबाइल और चाकू बरामद मामले मे पुलिस ने आरोपियों से कुल 99 हजार 100 नकद बरामद किया है। इसके अलावा आरोपी राजेंद्र महंत से एक मोबाइल फोन, नरेंद्र महंत से दो मोबाइल फोन, दिनेश सारथी से एक चाकू और उसकी निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई है। जब्त सामग्री को प्रकरण में साक्ष्य के रूप में लिया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रहे आरोपी सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि शेष तीन आरोपियों राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत, दिनेश सारथी व नरेंद्र महंत को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं पुलिस द्वारा आरोपियों की भूमिका, डिजिटल लेन-देन और जब्त सामग्री के संबंध में आगे की विवेचना की जा रही है। अपराधियों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि अपहरण, लूट जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर काफी प्रयास से चार आरोपियों की गिरफ्तारी की है। अपराध कर कानून से बच निकलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की विवेचना पुलिस कर रही है।
छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अभियान शुरू हुआ है। 9वीं से 12वीं के छात्रों को स्कूलों में लगे विशेष शिविरों में मतदाता सूची से जोड़ा जाएगा।
सोयाबीन के दाम में एक ही दिन में 400 से 500 रुपए तक का अंतर आने की शिकायत लेकर शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और सोयाबीन की नीलामी का जायजा लिया। इसके बाद मंडी सचिव से मुलाकात कर भाव में अंतर की समस्या पर उचित कार्रवाई करने और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने की मांग की। किसानों ने बताई भाव में अंतर की समस्या उत्तमपाल सिंह पुरनी ने कहा कि किसान कई महीनों की मेहनत और खर्च के बाद फसल तैयार करता है। बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी समेत कई तरह के खर्च होते हैं। ऐसे में उपज बेचते समय किसान को उम्मीद रहती है कि उसे उसकी लागत और मेहनत के अनुरूप भाव मिलेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और दूसरी परिस्थितियों के कारण भाव में 100 से 200 रुपए तक का अंतर समझ में आता है, लेकिन एक ही दिन में 400 से 500 रुपए का अंतर चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, मंडी में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। नीलामी स्थल पर पहुंचकर मंडी सचिव से की चर्चा किसानों की शिकायत के बाद उत्तमपाल सिंह नीलामी स्थल पर पहुंचे और सोयाबीन की नीलामी की प्रक्रिया देखी। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की। इसके बाद मंडी सचिव से मुलाकात कर भाव में अंतर का मुद्दा उठाया। उन्होंने मंडी प्रबंधन से किसानों के हित में मामले का निराकरण करने की मांग की। कहा कि भाव में अंतर को लेकर किसानों के बीच असमंजस और असंतोष की स्थिति नहीं बननी चाहिए। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी उत्तमपाल सिंह ने कहा कि यदि किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया गया और उनके साथ अन्याय हुआ तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर बड़ा जन आंदोलन करेगी। उन्होंने प्रशासन और मंडी प्रबंधन से सोयाबीन के भाव में आ रहे अंतर की जांच कर किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इस दौरान किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ से दिल्ली के बीच चलने वाल नमो भारत में दिल्ली में सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रहेंगे। वहीं, पलवल-मथुरा जंक्शन सेक्शन में यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के चलते 10 अक्टूबर को ट्रेन संख्या 18478 परिवर्तित मार्ग से चलेगी। रेलवे और नमो भारत की ओर से यात्रियों को यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है। 25 घंटे बंद रहेंगे नमो भारत के दो स्टेशन दिल्ली के सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन 25 घंटे तक बंद रहेंगे। इस दौरान इन दोनों स्टेशनों पर यात्रियों को ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं होगी। हालांकि, आनंद विहार (दिल्ली) से मोदीपुरम (उत्तर प्रदेश) के बीच नमो भारत ट्रेनें निर्धारित समय के अनुसार चलती रहेंगी। मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को स्टेशन बंद रहने की अवधि को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी। मेरठ से आगरा जाने वाली ट्रेन का बदलेगा रूट रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 18478 जो 10 अक्टूबर को रवाना होगी, पलवल-मथुरा जंक्शन सेक्शन में यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के कारण परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। मथुरा और भूतेश्वर स्टेशन के बीच कार्य के चलते ट्रेन मेरठ सिटी और आगरा कैंट जंक्शन के बीच बदले हुए मार्ग से चलेगी। इससे इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निर्धारित मार्ग में बदलाव का ध्यान रखना होगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के रूट और परिचालन संबंधी जानकारी की पुष्टि कर लें। दोनों बदलावों के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए संबंधित विभागों ने खेद जताया है।
सिंगरौली जिले के बैढ़न विकासखंड शिक्षा अधिकारी फूलचंद पटेल को निःशुल्क साइकिल वितरण योजना में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। बैढ़न ब्लॉक में बांटी गई लगभग 22,000 साइकिलों के वितरण के बाद सप्लायर एजेंसी को रसीद जारी न करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल से 7 अक्टूबर 2026 को निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी किया गया। शासन ने इसे सरकारी कार्य में उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना है। जून और जुलाई महीने के दौरान अलग-अलग तारीख में यह साइकिलें बांटी गई थीं। इसके बाद 8 जून 2026 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जब साइकिल वितरण की समीक्षा की गई, तब इस लापरवाही पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। दबाव बनाने और गुणवत्ता से समझौते की भी शिकायतें जिला परियोजना समन्वयक आरएल शुक्ला ने बताया कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ सप्लायर पर अनुचित दबाव बनाने और साइकिलों की गुणवत्ता से समझौता करने जैसी कई गंभीर शिकायतें भी सामने आई थीं। मामले की जांच और समीक्षा के बाद लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के निर्देश पर फूलचंद पटेल को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बैढ़न तय किया गया है।
रोहतक के गांव काहनी साढ़े 12 में एक युवक ने मनरेगा में हुए भ्रष्टाचार को लेकर जब आवाज उठाई तो उसे धमकी मिल रही है। युवक ने गांव के सरपंच प्रतिनिधि पर आरोप लगाया है, जिसकी एक फोन रिकार्डिंग भी सामने आई है। युवक ने मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि ने मामले में फोन पर बात करने वालों के खिलाफ केस भी दर्ज करवा रखा है। गांव काहनी साढ़े 12 निवासी अनिरुद्ध उर्फ योगी ने बताया कि 2023 में मनरेगा के तहत गांव की फिरनी व शमशान घाट के मनरेगा के तहत होने वाले कामों में 209287 रुपए के घोटाले का आरोप लगाकर लोकपाल को शिकायत दे रखी थी। लोकपाल ने मामले में सरपंच को दोषी करार दे दिया था, लेकिन बाद में मामले में एसडीएम ने सरपंच को क्लीन चिट दे दी। एसपी को शिकायत देकर मांगी सुरक्षा अनिरुद्ध ने आरोप लगाया कि एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें सरपंच प्रतिनिधि गांव के कुछ लोगों को भड़का रहा है। जान से मारने की बात कही है। इस मामले में एसपी को शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की। साथ ही सरपंच व सरपंच प्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट में घोटाले को लेकर लगाई याचिका अनिरुद्ध ने बताया कि मनरेगा के तहत हुए घोटाले में सरपंच व सरपंच प्रतिनिधि के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, जिसका नोटिस भी उन्हें भेजा गया है। हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होनी है। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मनरेगा के तहत काम हुए और उसका पैसा कर्मचारियों के खाते में गयागांव काहनी साढ़े 12 के सरपंच प्रतिनिधि दलबीर फौगाट ने बताया कि मनरेगा के तहत काम करवाया गया, जिसका पैसा कर्मचारियों के खाते में गया है। अनिरुद्ध की तरफ से जो घोटाले के आरोप लगाए गए है, उसमें मनरेगा लोकपाल के पास जांच का अधिकार ही नहीं है। उसकी जांच बीडीपीओ, डीडीपीओ, एसडीएम कर चुके है और अपनी रिपोर्ट में आरोपों को खारिज कर चुके है। 19 सितंबर को मिली जान से मारने की धमकी सरपंच प्रतिनिधि दलबीर फौगाट ने बताया कि 19 सितंबर को गांव के ही दो युवकों ने फोन पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जो ऑडियो वायरल हो रही है, उसमें दोनों युवक उसे धमकी दे रहे है। आरोपी रविपाल व राहुल उर्फ मटरा की कल ही जमानत हुई है। 25 सितंबर की पंचायत में नहीं आया अनिरुद्ध दलबीर फौगाट ने बताया कि 25 सितंबर को गांव में पंचायत हुई, जिसमें अनिरुद्ध व एडवोकेट अशोक को बुलाया गया। लेकिन दोनों में से कोई नहीं आया। एडवोकेट के परिवार के सदस्य उनके साथ है। पंचायत में अनिरुद्ध व वकील के परिवार से गांव में कोई बात नहीं करेगा, यह निर्णय लिया। साथ ही मामले में 26 सितंबर को सीएम के पास भी एक दरखास्त लगाई है। लोकपाल व अनिरुद्ध के खिलाफ किया मानहानि का केस सरपंच प्रतिनिधि दलबीर फौगाट ने बताया कि जो ऑडियो वायरल हो रही है, उसमें आरोपी उसे धमकी दे रहे है। अनिरुद्ध भी उनके खिलाफ भ्रम फैला रहा है। मनरेगा लोकपाल ने भी गलत रिपोर्ट बनाई है। ऐसे में अनिरुद्ध व लोकपाल के खिलाफ मानहानि का केस किया है।
रामपुर में महिला से मारपीट और गाली-गलौज के मामले में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक, मारपीट का वीडियो सामने आया था। जांच में घटना 7 अक्टूबर की बताई गई। मामला गंज थाना क्षेत्र का है। कचहरी पहुंची महिला से मारपीट का आरोप पुलिस के अनुसार, महिला 7 अक्टूबर को अपनी नियत तारीख पर रामपुर कचहरी आई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसके पति, नंदोई और अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। घटना का वीडियो सामने आया। इसमें कुछ लोग महिला के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आसपास मौजूद कुछ लोगों के घटना देखते रहने और कुछ के वीडियो बनाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर पुलिस ने अलग से कोई जानकारी नहीं दी हैसीओ सिटी ने बताया महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर किया गया। शाहनवाज और अयान को गिरफ्तार किया है। दोनों खटकान मोहल्ले के निवासी हैं।
सवाई माधोपुर के सूरवाल बांध के डूब क्षेत्र में खेतों में पानी भरने और रबी की बुवाई प्रभावित होने की आशंका के चलते किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि बांध में 11 फीट की निर्धारित सीमा के बजाय 16 फीट तक पानी रोका जा रहा है। उन्होंने 20 अक्टूबर 2026 से पहले नहर खोलने, प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर मुआवजा देने और जलभराव की सीमा तय रखने की मांग की। किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि 20 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 16 फीट तक पानी भरने से खेत प्रभावित होने का आरोप ग्रामीणों के अनुसार, सूरवाल बांध का पूर्व निर्धारित जलभराव स्तर 11 फीट है, जबकि वर्तमान में 16 फीट तक पानी भरने की व्यवस्था से आसपास के खेत प्रभावित हो रहे हैं। कई जगह जलभराव के कारण कृषि कार्य करना मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि समय पर नहर नहीं खुलने से खेतों में पानी भरा रहता है। इससे रबी की फसल की बुवाई में देरी होने की आशंका है और उनकी आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। ज्ञापन में आटूण खुर्द, आटूण कलां, रामड़ी, घुड़ासी, मधुरापुर, गोटड़ा, खिदरपुर और अडूण्डी सहित आसपास के गांवों के किसानों की समस्याओं का उल्लेख किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की। ज्ञापन में रखीं पांच प्रमुख मांगें किसानों ने सूरवाल बांध में जलभराव की सीमा पूर्व निर्धारित 11 फीट रखने और इससे अधिक पानी रोके जाने की स्थिति की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा जलभराव से प्रभावित कृषि भूमि का सर्वे करवाकर नियमानुसार राहत और मुआवजा दिलाने की मांग भी की। ग्रामीणों ने 20 अक्टूबर 2026 से पहले नहर खोलने और किसानों की जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग रखी। साथ ही बांध और नहर के जलस्तर व संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया। मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान होने से कृषि भूमि को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है और किसान रबी की फसल की बुवाई समय पर कर सकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे उग्र आंदोलन करेंगे।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव में दबंगों पर महिला के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगा है। घटना 8 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। पीड़िता जानकी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के मुताबिक, घटना के बाद उसके पति मनोज कुमार ने डायल 112 पर सूचना दी थी। आरोप है कि जाते समय हमलावरों ने शिकायत करने पर दोबारा नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। घर में घुसकर वाहनों को किया क्षतिग्रस्त फत्तेपुर निवासी जानकी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 8 अक्टूबर की रात वह घर के अंदर खाना खा रही थी। इसी दौरान कई लोग चार-पांच मोटरसाइकिलों से पहुंचे और घर में घुसकर सामान में तोड़फोड़ की। आरोप है कि घर में खड़ी बोलेरो और अन्य मोटरसाइकिलों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़िता के पति मनोज कुमार ने घटना की सूचना डायल 112 पर दी। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले आरोपी वहां से भाग गए। दुकान का ताला तोड़ने की कोशिश का भी आरोप जानकी ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे भी आरोपियों ने उसकी दुकान का ताला तोड़ने का प्रयास किया था। इस मामले में घाटमपुर कोतवाली में शिकायत की गई थी, लेकिन पीड़िता का कहना है कि उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद महिला ने 9 अक्टूबर को दोबारा प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इंस्पेक्टर बोले- मुकदमा दर्ज, जांच जारी घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी करने की बात कही।
अशोकनगर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में गुरुवार को हुए प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को भाजपा युवा मोर्चा ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान अधिकारी से अभद्रता की गई और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल हुआ। 15-20 समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचने का आरोपज्ञापन के मुताबिक, 8 अक्टूबर को अभिषेक परमार अपने 15-20 समर्थकों के साथ डीपीसी कार्यालय पहुंचे थे। भाजयुमो का आरोप है कि वहां नारेबाजी के दौरान शासकीय कार्य कर रहे अधिकारी से अभद्रता की गई। संगठन ने दावा किया कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो की जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांगभाजयुमो ने ज्ञापन में वीडियो की सत्यता की जांच कराने, शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने कहा कि जनप्रतिनिधि के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी से क्षेत्र के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। एक दिन पहले युवा कांग्रेस ने किया था घेरावदरअसल, एक दिन पहले युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने कार्यकर्ताओं के साथ शिक्षा विभाग के कार्यालय का घेराव किया था। इस दौरान अधिकारियों के साथ नोकझोंक हुई थी। इसी घटना को लेकर अब भाजयुमो ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
बारां में आस्था राजीविका सर्वांगीण विकास सहकारी समिति बामला और सूरज सीएलएफ बारां में कथित भ्रष्टाचार और मनमानी को लेकर ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इकलेरा निवासी पार्वती मेरोठा और बैंगना निवासी सुनीता मीणा समेत कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि दोनों सीएलएफ की मैनेजर और कर्मचारी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। वे महिलाओं और कैडरों को मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं। विरोध करने पर धमकाने का भी आरोपज्ञापन में बताया गया कि आस्था सीएलएफ बामला के खाते से पैसे निकालकर घूमने और निजी खर्चों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ग्राम संगठन इकलेरा में चेक काटने के लिए महिलाओं से 500-500 रुपए लिए गए। विरोध करने पर चेक नहीं काटने और धमकाने का भी आरोप है। महिलाओं का कहना है कि मैनेजर की मनमानी के कारण लखपति सीआरपी और लोकेश कैडर को इस्तीफा देना पड़ा। पीड़ित महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी।
झालावाड़ के पीजी कॉलेज में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) की ओर से क्लस्टर कैंप आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को मतदान के महत्व, मतदाता सूची में पंजीकरण और निर्वाचन से जुड़े मोबाइल ऐप की जानकारी दी गई। कैंप में 8 विद्यार्थियों का ऑनलाइन और 3 का ऑफलाइन पंजीकरण किया गया। वहीं, 20 विद्यार्थियों के मोबाइल में ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाकर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया समझाई गई। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का आह्वान कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर रामकल्याण मीणा ने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और मतदाता सूची में अपना नाम पंजीकृत करवाने की अपील की। वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. गजेन्द्र कुमार मालवीया, प्रो. विजय प्रताप सिंह, प्रो. अलका बागला और प्रो. मुनेश लाल मीना ने भी विद्यार्थियों को मतदान का महत्व समझाया। ईसीआई नेट ऐप से कर सकेंगे पंजीकरण ईएलसी प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश बैरवा ने बताया कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके विद्यार्थी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। कैंप में विद्यार्थियों को सी-विजिल, वोटर हेल्पलाइन और सक्षम ऐप के उपयोग की जानकारी भी दी गई। कॉलेज स्टाफ रहा मौजूद कैंप में सहायक आचार्य अखलेश कुमार मीना, भंवरलाल मीना, कान्हाराम और डॉ. राजकुमार गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
संभल के चंदौसी में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में अखिल भारतीय उद्योग युवा व्यापार मंडल ने पैदल मार्च निकाला। व्यापारियों ने चुनाव आयोग के समर्थन में नारेबाजी की और ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई। दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक कैथल गेट से मुख्य बाजार तक मार्च निकाला गया। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन में सामाजिक एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने मार्च में हिस्सा लिया। हाथों में समर्थन की तख्तियां लेकर शामिल लोगों ने एकजुटता दिखाई। मार्च में अंकित जैन, देवेंद्र, मोनू, रतन, अभिनव शर्मा, प्रभात, कृष्णा, डॉ. अनुज, मोरमुकुट वार्ष्णेय, अमन कोरी, राजू चड्ढा, नीरज कश्यप, डेविड कश्यप, तुषार वार्ष्णेय, शोभित, धवन, अंकित वार्ष्णेय, शुभम अग्रवाल और विवेक चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। SIR अभियान को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां निराधार: अनुज वार्ष्णेय नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से अपने हितों के लिए भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि SIR अभियान को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां निराधार हैं। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चुनाव संपन्न कराए हैं। लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने के किसी भी प्रयास को जागरूक समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग राजकुमार ठाकरे ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक दायित्वों में ज्ञानेश कुमार के योगदान को देखते हुए उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। चुनाव आयोग के समर्थन में खड़े होने का दावा अंकुर अग्रवाल और सुधीर मलोहत्रा ने कहा कि देश में दशकों से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराए जाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थों के चलते चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के समर्थन में लोग एकजुट हैं।
नवरात्र में बावे वाली माता जाने वालों के लिए खबर, 11-19 अक्टूबर तक बदलेगा रूट; जानें पार्किंग नियम
नवरात्र महोत्सव के दौरान जम्मू में बाहु फोर्ट स्थित काली माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11 से 19 अक्टूबर तक यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
सिरोही में रोहिड़ा थाना इलाके में एक खेत में गांजे की अवैध खेती पकड़ी गई है। साथ ही अन्य खेत से विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। यहां से गांजे के 530 हरे पौधे बरामद किए गए। इस दौरान 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। एसपी अजय सिंह राठौड़ के अनुसार मिली सूचना के आधार पर पुलिस को एक खेत में मक्का और अरंडी की खेती के बीच गांजे के पौधे मिले। इन पौधों का कुल वजन 31 किलो 190 ग्राम था। पुलिस ने मौके से खेत मालिक को गिरफ्तार कर अवैध मादक पदार्थ तस्करी का मामला दर्ज किया है। इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस को अरोड़ा थाना क्षेत्र के बिजली फली तकिया स्थित खेत से 9 मीटर कोडेक वायर, 85 डेटोनेटर और 77 एक्सप्लोसिव ट्यूब भी मिले। पुलिस ने इन्हें जब्त कर विस्फोटक अधिनियम के तहत अर्जुन राम पुत्र भगाराम गमेती भील को भी गिरफ्तार किया।पुलिस दोनों ही मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व नेता राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने 2024 में जीत हासिल की और 2027 में सबसे बड़ी जीत दर्ज करेगा।अखिलेश यादव ने भाजपा पर गैरकानूनी काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर में पानी भरा है और नाव चलानी पड़ रही है, जैसे उसे स्पेन बना दिया गया हो। FIR दर्ज करने की भी आलोचना की उन्होंने अयोध्या में मंदिर चोरी पर कहा कि पुजारी चोरी नहीं कर सकता। अखिलेश ने भाजपा के गौमूत्र खरीदने के वादे पर भी सवाल उठाए, कहा कि बलिया से एक लीटर भी नहीं खरीदा गया। उन्होंने एक नौजवान पर वीडियो दिखाने के लिए FIR दर्ज करने की भी आलोचना की।
सिवनी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बंजारी घाट में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में घायल महिला की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित कंटेनर ने आगे चल रही अर्टिगा कार को जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार फोरलेन किनारे गड्ढे में जा गिरी। मृतक बिहार निवासी 55 वर्षीय गीता तिवारी हैं। कार में सवार परिवार के 7 अन्य सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बिहार के सासाराम जिले का तिवारी परिवार कार से जबलपुर की ओर जा रहा था, तभी बंजारी घाट पर यह दुर्घटना घटी। हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गया। मासूम बच्चों समेत 7 लोग घायल हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और डायल-112 व एंबुलेंस की मदद से घायलों को छपारा अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में घायल निक्की तिवारी (27), सूर्यांश तिवारी (3), आर्यन तिवारी (5), सुनील तिवारी (45), वर्षा तिवारी (30), इंद्रजीत तिवारी (35) और सत्यम तिवारी (5) का इलाज जारी है। 5 साल के बालक सत्यम के सिर पर गंभीर चोट आई है। कोतवाली चौकी प्रभारी विनेश बघेल के अनुसार मृतका का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार कंटेनर चालक व वाहन की तलाश की जा रही है।
मेरठ में 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विपक्ष के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। दिल्ली की ओर जाने वाले संभावित प्रदर्शनकारियों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सिवाया और काशी टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था में रिजर्व पुलिस बल (आरआरएफ) को भी लगाया गया है। पुलिस दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों पर नजर रख रही है। संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेने के साथ चालकों से पूछताछ भी की जा रही है। प्रदर्शन से पहले विपक्ष के कुछ नेताओं को नजरबंद किए जाने की सूचना भी सामने आई है, हालांकि इस संबंध में स्थानीय स्तर पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। सिवाया और काशी टोल पर वाहनों की जांच प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को रोककर जांच की जा रही है। पुलिस वाहन सवारों से उनकी मंजिल और यात्रा के उद्देश्य के बारे में जानकारी ले रही है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात पुलिस प्रशासन ने संभावित अव्यवस्था से निपटने के लिए प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। विपक्षी नेताओं को नजरबंद करने की सूचना प्रदर्शन से पहले विपक्ष के कई नेताओं को नजरबंद किए जाने की सूचना है। बताया जा रहा है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इसकी विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वाहन चालकों से सहयोग की अपील पुलिस की सतर्कता का उद्देश्य दिल्ली जाने वाले मार्गों पर निगरानी रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले रास्तों की स्थिति की जानकारी लें और जांच के दौरान पुलिस का सहयोग करें।
ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित श्री सांई मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में गुरुवार रात बाथरूम करने की बात पर विवाद हो गया। आरोप है कि चार लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट का कांच तोड़ दिया और संचालक व कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की। करीब 30 मिनट तक चले हंगामे की घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। अस्पताल संचालक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। टॉयलेट करने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद पंचशील नगर मेला ग्राउंड स्थित श्री सांई मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. हिरदेश जयंत (जाटव) ने गोला का मंदिर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच वे अपने साथी विनोद शर्मा के साथ अस्पताल में मौजूद थे। इसी दौरान अस्पताल में भर्ती एक मरीज का अटेंडर पास में रहने वाले दीपक किरार के मकान के पास बाथरूम करने चला गया। इस बात से नाराज होकर दीपक किरार, बंटी किरार, कालू किरार और अन्नू किरार अस्पताल के बाहर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को गालियां देना शुरू कर दिया। मुख्य गेट का कांच तोड़ा, अंदर घुसकर की मारपीट अस्पताल संचालक और कर्मचारियों ने विरोध किया तो आरोपी कथित तौर पर उग्र हो गए। उन्होंने मुख्य गेट का कांच तोड़ दिया और जबरन अस्पताल के अंदर घुस आए। डॉ. हिरदेश जयंत ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके साथ जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट की। बीच-बचाव करने आए कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में चार कर्मचारी घायल घटना में अस्पताल के चार कर्मचारी घायल हुए हैं। इनमें सुनील कुशवाह के सिर के पिछले हिस्से में अंदरूनी चोट आई है। विवेक अहिरवार की बाईं कलाई और पीठ पर चोट लगी है। अभिषेक चौरसिया के बाएं कान के पीछे सिर में चोट आई, जबकि करण वाल्मीकि की कमर के दाहिने हिस्से में अंदरूनी चोट लगी है। चश्मदीदों ने कराया बीच-बचाव, पुलिस जांच में जुटी घटना के दौरान मौजूद ललित मोहन शुक्ला, सागर राजावत और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद अस्पताल संचालक ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश गोला का मंदिर थाना पुलिस के अनुसार, अस्पताल में मारपीट की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। घटना के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
कुशीनगर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 8 साल पुराने नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया। अदालत ने 63 साल के आरोपी सिकंदर अली को दोषी मानते हुए 5 साल की साधारण कैद और 60,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि पीड़िता के पुनर्वास के लिए दी जाएगी। मामले में पैरवी के लिए नियुक्त सरकारी वकील सुनील मिश्रा, संजय तिवारी और आशीष धर दूबे ने बताया कि यह मामला हनुमानगंज थाना क्षेत्र का है। 13 अक्टूबर 2016 की रात करीब 2 बजे पीड़िता अपने छोटे भाई के साथ घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता गोरखपुर अस्पताल गए हुए थे। पड़ोस में रहने वाला आरोपी सिकंदर अली चुपचाप घर में घुस आया और छात्रा से छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास किया था। दोषसिद्ध व्यक्ति को देवरिया जेल भेज दिया पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी धमकी देकर भाग गया। हनुमानगंज थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) आनंद प्रकाश की अदालत ने प्रस्तुत 09 गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आज फैसला सुनाया और उसके बाद सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाया । आदेश के बाद दोषसिद्ध व्यक्ति को देवरिया जेल भेज दिया गया है।
मुजफ्फरनगर के नए SSP सूरज राय ने शुक्रवार शाम करीब 4 बजे मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिले में कानून का राज स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है। अपराधियों पर सख्ती होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेंगे SSP ने कहा कि मुजफ्फरनगर कई मायनों में संवेदनशील जिला है। पुलिस को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों और मीडिया के साथ समन्वय रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की हर चुनौती का सामना किया जाएगा और शासन की प्राथमिकताओं के अनुसार कार्रवाई होगी। पुलिस पर गोली चलाने वालों के खिलाफ सख्ती सूरज राय ने पुलिस पर गोली चलाने वाले बदमाशों को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो बदमाश पुलिस पर गोली चलाएगा, उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। तथ्यों के साथ खबरें प्रकाशित करने की अपील मीडिया की भूमिका पर SSP ने कहा कि कलम में बड़ी ताकत होती है। इसका इस्तेमाल पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए किया जाए तो पुलिस स्वागत करेगी। उन्होंने खबरों को सनसनीखेज बनाने के लिए तथ्यों से खिलवाड़ न करने की अपील की। कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में मीडिया का सहयोग जरूरी है, लेकिन खबरों की तथ्यात्मकता से समझौता नहीं होना चाहिए। 4800 पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने पर जोर SSP ने बताया कि जिले में करीब 4,800 पुलिसकर्मी तैनात हैं। उनका मनोबल बढ़ाने और सुविधाओं में सुधार के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों को पुलिसकर्मियों के व्यवहार से परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसी पुलिसकर्मी की अनुशासनहीनता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इंजीनियरिंग के बाद 2018 में बने IPS मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले सूरज राय ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वर्ष 2018 में IPS सेवा ज्वाइन की। वह मेरठ में ASP, सहारनपुर में SP ग्रामीण और आगरा में DCP नगर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्हें बागपत का SP बनाया गया था। शासन ने संजय कुमार वर्मा का तबादला कर सूरज राय को मुजफ्फरनगर का SSP नियुक्त किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान SP सिटी अमृत जैन, SP देहात अक्षय संजय महाडिक और CO सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी अधिकारियों के लिए 30 इलेक्ट्रिक कारें देने का फैसला किया है, जिससे ईंधन पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।
हापुड़ में अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर:34 हजार वर्ग मीटर भूमि पर 3 जगह कार्रवाई, कई लोगों पर एक्शन
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) ने पिलखुवा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। शुक्रवार की शाम करीब 4 बजे प्राधिकरण ने ग्राम खेड़ा और डूहरी में बिना मंजूरी बनाई जा रही 3 स्थानों पर प्लाटिंग को तोड़ा। HPDA टीम पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही। HPDA उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पहली कार्रवाई ग्राम खेड़ा में सुखसागर उत्सव वाटिका के पास हुई। यहां इस्लाम, उस्मान, मूलचंद, मदन और विकास चौधरी करीब 19 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर रहे थे। इसी जगह राजेंद्र अग्रवाल, अमरीश त्यागी और चांद से संबंधित करीब पांच हजार वर्ग मीटर जमीन पर भी प्लाटिंग तोड़ी गई। इसके बाद टीम ने ग्राम डूहरी में स्टेलर वाटिका कॉलोनी के पास दिनेश यादव और राजीव की करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन पर बनी अवैध प्लाटिंग पर भी एक्शन लिया। कुल 34 हजार वर्ग मीटर जमीन पर हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बुलडोजर चलाया गया। उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि निर्माण या प्लाटिंग से पहले नियमानुसार नक्शा पास कराएं। बिना मंजूरी काम करने पर कार्रवाई होगी और नुकसान के लिए व्यक्ति खुद जिम्मेदार होगा।
अम्बेडकरनगर में अक्टूबर महीने के राशन वितरण की तारीख तय कर दी गई है। जिले की उचित दर की दुकानों पर 10 से 25 अक्टूबर तक पात्र राशन कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया जाएगा। वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-वेइंग लिंक्ड ई-पॉस मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि में वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अंत्योदय कार्ड पर 35 किलो अनाज जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि खाद्यान्न वितरण के तहत अंत्योदय राशन कार्डधारकों को प्रति कार्ड कुल 35 किलो अनाज दिया जाएगा। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल शामिल है। वहीं, पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो खाद्यान्न मिलेगा। इसमें दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिया जाएगा। दोनों श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई राशन वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षणीय अधिकारियों, नोडल अधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सभी उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक भी क्षेत्र में भ्रमण कर वितरण की स्थिति का जायजा लेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाना और वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पात्र कार्डधारकों से अपील की है कि वे 10 से 25 अक्टूबर के बीच अपनी संबंधित उचित दर की दुकान पर पहुंचकर निःशुल्क राशन प्राप्त कर लें। योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कानपुर में मालगाड़ी से तेल चोरी:सचेंडी में वैगन से केन में तेल भरते दिखे युवक, घटना की पुष्टि नहीं
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में भौंती खेड़ा के पास खड़ी मालगाड़ी से तेल निकालने का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में कुछ युवक वैगन से तेल निकालकर प्लास्टिक की केन में भरते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वीडियो कब बनाया गया और इसमें दिख रहे युवक कौन हैं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फुटेज में युवक मालगाड़ी के पास तेल निकालते दिखाई दे रहे हैं। प्रथम दृष्टया मामला तेल चोरी का लग रहा है, लेकिन घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। कुछ दिन पुराना बताया जा रहा वीडियो वायरल वीडियो में रेलवे ट्रैक पर एक मालगाड़ी खड़ी दिखाई दे रही है। इसी दौरान कुछ युवक वैगन के पास पहुंचते हैं और उससे तेल निकालकर प्लास्टिक की केन में भरते नजर आते हैं। वीडियो दूर से बनाया गया है, इसलिए युवकों के चेहरे स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो कुछ दिन पुराना है। हालांकि, इसकी रिकॉर्डिंग की तारीख और घटना के समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान भी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, भौंती खेड़ा के आसपास रेलवे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ियों से तेल चोरी की घटनाएं पहले भी होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन घटनाओं और वायरल वीडियो के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
हनुमानगढ़ में पंचायत चुनाव-2026 की तैयारियों के तहत शुक्रवार को जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में हुए प्रशिक्षण में नामांकन पत्र प्राप्त करने, उनकी जांच करने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 19 अक्टूबर को चुनाव की लोक सूचना जारी होगी, जिसके बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन पत्रों की जांच और नियमों की जानकारी मास्टर ट्रेनर महेंद्रपाल सिंह ने नामांकन पत्रों की जांच, एक से अधिक नामांकन पत्र जमा करने के नियम और प्रतिभूति राशि की वापसी की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने शपथ-पत्र भरने तथा नामांकन पत्र में प्रविष्टियां अधूरी होने पर मेमो जारी करने से संबंधित प्रावधानों की जानकारी भी दी। उम्मीदवारों के लिए अलग परफॉर्मा और नो ड्यूज जरूरी एसडीएम संगरिया जय कौशिक ने प्रशिक्षण में बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अलग परफॉर्मा तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने अनापत्ति प्रमाण-पत्र (नो ड्यूज) सहित नामांकन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी। साथ ही नामांकन पत्रों की जांच के लिए तैनात कर्मचारियों और हेल्प डेस्क कार्मिकों को उनके कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। चेकलिस्ट से व्यवस्थित होगी नामांकन प्रक्रिया नामांकन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रियाओं की जांच को व्यवस्थित बनाने के लिए जिला स्तर पर हेल्प डेस्क कार्मिकों की सुविधा हेतु चेकलिस्ट तैयार की गई है। इससे नामांकन पत्रों की जांच के दौरान जरूरी दस्तावेजों और औपचारिकताओं का सत्यापन करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन शाखा के बलवीर सिंह, पवन वर्मा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
शिक्षक पात्रता परीक्षा का विरोध कर रहे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात के बाद अपना आंदोलन 20 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। मोर्चा का कहना है कि शिक्षकों की तीनों मांग पर अमल का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस मामले में राज्य सरकार बात करेगी। शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में लगी क्यूरेटिव याचिका में राज्य सरकार भी शिक्षकों के पक्ष में अपना मत रखेगी। इसलिए आंदोलन स्थगित किया गया है। राजधानी के नीलम पार्क में 27 सितंबर से शुरू किए गए आंदोलन को स्थगित किए जाने की जानकारी देते हुए अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी जगदीश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की तीनों ही मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसलिए आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने पर भी सहमति दी है। यह आंदोलन 20 दिसम्बर तक के लिए स्थगित हुआ है और मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 दिसंबर से पुनः आंदोलन शुरू किया जाएगा। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के धरना आंदोलन खत्म करने को लेकर मुख्यमंत्री यादव के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री का संदेश लेकर आए प्रतिनिधि रमेश चंद्र शर्मा के आश्वासन तथा अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक एवं उज्जैन संभाग से आए पदाधिकारियों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। यह साफ किया गया है कि धरना समाप्त नहीं किया है, बल्कि स्थगित किया गया है। मोर्चा ने अपनी तीन सूत्रीय प्रमुख मांगों के अतिरिक्त शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना तत्काल लागू करने तथा सेवाकाल में शिक्षक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 30 मार्च 2021 से प्रभावी परिवार पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने की मांग भी शासन के समक्ष रखी है। इन मांगों पर भी सहमति बनने की बात सामने आई है। ई-अटेंडेंस व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों को लेकर भी सुधार किए जाने की बात कही गई। मोर्चा ने उम्मीद जताई कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। धरने के 13वें दिन मोर्चा के प्रमुख पदाधिकारियों एवं शिक्षक नेताओं जगदीश यादव, परमानंद डेहरिया, राकेश पटेल, डीके सिंगौर, उपेन्द्र कौशल, दिनेश शुक्ला, सुषमा खेमसरा, गिरीश द्विवेदी सहित अन्य वक्ताओं ने शिक्षकों को संबोधित किया।
बेटी को स्कूल छोड़कर लौटती महिला की चेन लूटी:सतना में बाइक से आए थे बदमाश; धमकाकर पर्स भी छीना
सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अपाची बाइक सवार तीन बदमाशों ने महिला को उसकी 5 साल की बेटी के साथ अनहोनी करने की धमकी देकर पर्स लूट लिया। महिला बेटी को सीक्रेट हार्ट स्कूल छोड़कर घर लौट रही थी। क्रिस्टकुला स्कूल रोड पर बदमाशों ने उसे रोककर धमकाया, जिसके बाद डरकर महिला ने पर्स दे दिया। उसमें करीब 7 ग्राम की सोने की चेन और 1 हजार रुपए नकद थे। बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दीपीड़ित महिला कविता सिंह के मुताबिक, बदमाशों ने उन्हें बेटी के साथ अनहोनी की धमकी दी। इससे घबराकर उन्होंने बिना विरोध किए पर्स बदमाशों को सौंप दिया। वारदात के बाद तीनों आरोपी अपाची बाइक से मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखे सीसीटीवी फुटेजघटना की सूचना मिलते ही सीएसपी मनीष त्रिपाठी और सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिला से वारदात की जानकारी ली और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
देवरिया में शुक्रवार को दिन में दो बजे तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वह शहर के नगर पालिका रोड ,सुभाष चौक, डीएम आवास, सिविल लाइन रोड, शिव मंदिर तिराहा होते हुए 2:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा और अपर जिलाधिकारी अखिलेश यादव के काम करने के तरीके का विरोध किया। अधिवक्ताओं ने अदालतों में फाइलों को निपटाने में देरी और पेशकारों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने की मांग की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि कलेक्ट्रेट की अदालतों में सुनवाई पूरी होने के बाद भी कई महीनों तक आदेश नहीं दिए जा रहे हैं। इससे मुवक्किलों को परेशानी हो रही है और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। शिकायतों की जांच कराने की मांग प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पेशकारों के काम करने के तरीके से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। उन्होंने रिश्वत लेने की शिकायतों की जांच कराने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। अधिवक्ताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों को जल्द निपटाने पर ध्यान देने को कहा, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
मैनपुरी में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से युवक( 32) की मौत हो गई। घटना के समय युवक घर में अकेला था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से तमंचा, खोखा और कारतूस बरामद कर जांच शुरू कर दी है। घटना बेवर थाना क्षेत्र के उत्तरी काजी टोला मोहल्ले में शुक्रवार दोपहर की है। अचानक आई गोली चलने की आवाज मृतक की पहचान मोहम्मद आजम उर्फ शहंशाह (32) पुत्र अफजाल अली के रूप में हुई है। आजम गुरुवार को ही जयपुर से अपने घर बेवर लौटा था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक उसके कमरे से गोली चलने की तेज आवाज आई। आसपास के लोग तुरंत भागकर कमरे में पहुंचे तो आजम फर्श पर खून से लथपथ पड़ा मिला। घटना के वक्त घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। आजम की मां माहजमा अपनी भांजी का हालचाल लेने गुरसहायगंज गई हुई थीं, जबकि उसके पिता और भाई जयपुर में थे। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम आनन-फानन में स्थानीय लोग आजम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल मैनपुरी और फिर वहां से सैफई पीजीआई रेफर कर दिया। हालांकि, सैफई पहुंचने से पहले ही रास्ते में आजम ने दम तोड़ दिया। कमरे से तमंचा, 4 कारतूस और मोबाइल जब्त घटना की जानकारी मिलते ही बेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, जहां से एक अवैध तमंचा, नाल में फंसा हुआ एक खोखा, चार जिंदा कारतूस और आजम का मोबाइल फोन बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है और उन्होंने अनहोनी की आशंका जताई है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि यह हादसा है, आत्महत्या या फिर हत्या।
गोंडा के मनकापुर तहसील क्षेत्र में बभनान-मसकनवां मार्ग के किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए शुक्रवार शाम 4 बजे से अभियान शुरू किया गया। एनएच अयोध्या की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से कार्रवाई की। अमवा से खालेगांव तक सड़क किनारे बनी दुकानों, अस्थायी निर्माण और कुछ मकानों के हिस्सों को तोड़कर हटाया गया। कार्रवाई से बचने के लिए कई लोग खुद ही अपने निर्माण हटाने में जुट गए। सड़क के दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए एनएच अयोध्या की ओर से कई दिनों से नोटिस दिए जा रहे थे। लाउडस्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट कराकर भी लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर शुक्रवार से बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। बभनी खास से परसा तिवारी बाजार तक पहुंचा अभियान बभनान के पास बभनी खास में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, जबकि फूलपुर में अतिक्रमण पूरी तरह साफ कर दिया गया। अभियान परसा तिवारी बाजार तक पहुंच गया है। यहां व्यापारियों ने खुद ही दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया और सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने लगे। हाईवे के किलोमीटर 18 से 38 तक हटेगा अतिक्रमण तहसीलदार मनकापुर सुभद्रा प्रसाद ने बताया कि नेशनल हाईवे-727जी के किलोमीटर 18 से 38 तक सड़क के दोनों तरफ अवैध अतिक्रमण किया गया है। इसे हटाने की कार्रवाई एनएच अयोध्या की ओर से शुरू की गई है। जो लोग खुद अतिक्रमण हटा रहे हैं, वहां बुलडोजर नहीं चलाया जा रहा है। कई दिनों तक जारी रहेगा अभियान तहसीलदार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को कई बार नोटिस दिए गए थे। अब सड़क के दोनों तरफ से अतिक्रमण हटने तक अभियान जारी रहेगा। यह कार्रवाई कई दिनों तक चल सकती है। अभियान के दौरान तहसीलदार मनकापुर सुभद्रा प्रसाद, एई जयप्रकाश मिश्र, जेई मनोज कुमार, छपिया थाना प्रभारी उमेश कुमार और खोड़ारे थाना प्रभारी ज्ञान सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। तस्वीरें देखिए
Nana Patekar:नाना पाटेकर का निधन सिने प्रेमियों के लिए गहरा आघात है। नदियों के संरक्षण के क्षेत्र में काम करमेरठ निवासी रमन त्यागी पिछले चार साल से नाना पाटेकर से जुड़े थे।
उन्नाव में औरास थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर तीन बजे बिजली लाइन चालू करते समय करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत हो गई। मृतक की पहचान ऋषि सिंह (35) के रूप में हुई है। आरोप है कि जेई के फोन पर लाइन चालू करते समय वह करंट की चपेट में आ गए। हादसे के बाद परिवार में मातम है। जेई के फोन के बाद लाइन चालू करने का आरोप ऋषि सिंह पुत्र मुनेश सिंह औरास क्षेत्र के पावर हाउस में तैनात थे। वह करीब सात साल से बिजली विभाग में संविदा पर काम कर रहे थे। शुक्रवार को वह पावर हाउस में मौजूद थे। इसी दौरान लाइन चालू करने के लिए जेई का फोन आने की बात सामने आई है। आरोप है कि फोन पर निर्देश मिलने के बाद ऋषि ने जैसे ही बिजली लाइन चालू की, वह करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह तारों से चिपक गए और बुरी तरह झुलस गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। सुरक्षा इंतजामों की जानकारी नहीं हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और लाइन चालू करने से पहले सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। दो साल पहले हुई थी शादी, 9 माह की बेटी ऋषि सिंह की शादी 2 मार्च 2024 को मलिहाबाद क्षेत्र के भतोइया गांव में हुई थी। उनकी पत्नी जूही सिंह और नौ माह की बेटी अनन्या सिंह है। पिता की मौत के बाद मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया। ऋषि की मां कांति देवी और पत्नी जूही सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी बहन रचना सिंह की शादी करीब 10 साल पहले हो चुकी है। परिवार के सामने आर्थिक संकट संविदा कर्मचारी की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने हादसे की जांच कर सुरक्षा मानकों के पालन और विभागीय जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
पदोन्नति से 25 दिन पहले कॉर्डियेक अरेस्ट से सेना के जवान जितेंद्र सिंह चौहान (41) का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। शुक्रवार की सुबह जवान की पार्थिव देह पैतृक गांव गंगरार क्षेत्र का सूरत सिंह जी का खेड़ा लाई गईं, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई ललित सिंह और जवान की 13 वर्षीय बड़ी बेटी कीर्तिराज ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले अंतिम दर्शन के दौरान पत्नी श्याम कंवर पति के पार्थिव शरीर पर माला चढ़ाते समय भावुक हो गई और फूट-फूटकर रो पड़ीं। जब सेना के अधिकारियों ने उन्हें शहीद पति की वर्दी सौंपी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पिता रघुवीर सिंह एक साल की मासूम पोती सौम्या को गोद में लिए बिलख पड़े। दरअसल, सेना के अनुसार, असम में तैनात हवलदार जितेंद्र सिंह का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। 1 नवंबर को उन्हें हवलदार से 'नायब सूबेदार' के पद पर पदोन्नति मिलने वाली थी। असम से जयपुर होते हुए लाया गया पार्थिव शरीरअसम में सैन्य व मेडिकल प्रक्रियाओं को बाद पार्थिव शरीर को एयर एंबुलेंस से गुरुवार रात जयपुर लाया गया, जहां से सड़क मार्ग द्वारा शुक्रवार सुबह 4 बजे चित्तौड़गढ़ जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया गया। सुबह करीब 7:45 बजे मॉर्च्युरी से शव रवाना होकर गंगरार पेट्रोल पंप पहुंचा। गंगरार पेट्रोल पंप से फूलों से सजी सैन्य गाड़ी में शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। देशभक्ति के तरानों और 'भारत माता की जय' और 'जितेंद्र सिंह अमर रहें' के नारों के बीच युवाओं की बाइक रैली आगे-आगे चल रही थी। यात्रा कोट पुलिया, शारणेश्वर महादेव मंदिर, पुराना बस स्टैंड, परशुराम सर्किल और अंबेडकर सर्किल से होते हुए नेशनल हाईवे के रास्ते उनके गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने फूल बरसाकर जवान को अंतिम विदाई दी। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलिअंतिम संस्कार से पूर्व एसडीएम नेहा मिश्रा, विधायक सुरेश धाकड़, पूर्व जिला महामंत्री देवी सिंह राणावत, पूर्व जिला प्रमुख भेरू सिंह चौहान सहित सेना और प्रशासन के अफसरों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। परिवार में 2 बेटियां और बुजुर्ग माता-पिताजितेंद्र सिंह चौहान ने जून 2004 में भारतीय सेना जॉइन की थी। करीब 22 साल 4 महीने तक उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वह भारतीय सेना की 629 साटा बैटरी (असम) में आरटी हवलदार के पद पर तैनात थे। ग्रामीणों के अनुसार, वे जब भी छुट्टियों में घर आते थे, तो गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने और मातृभूमि की सेवा करने के लिए प्रेरित करते थे। उनके परिवार में पत्नी श्याम कंवर, दो बेटियां कीर्तिराज (13) व सौम्या (1) के अलावा बुजुर्ग माता-पिता और राजस्थान पुलिस में कार्यरत छोटे भाई ललित सिंह हैं। देखिए- तस्वीरें ये खबर भी पढ़िए… चितौड़गढ़ के जवान का असम में हार्टअटैक से निधन:25 दिन बाद होने वाला था प्रमोशन; आज पैतृक गांव लाया जाएगा पार्थिव शरीर चित्तौड़गढ़ के रहने वाले सेना के जवान जितेन्द्र सिंह चौहान (41) का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। जितेन्द्र सिंह 629 साटा बैटरी यूनिट में आरटी हवलदार के पद पर तैनात थे। 25 दिन बाद उनका प्रमोशन होने वाला था। पूरी खबर पढ़िए
इटावा जंक्शन से गुजर रही हटिया-आनंद विहार सुपरफास्ट झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में शुक्रवार सुबह ब्रेक बाइंडिंग की समस्या सामने आने से रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के एक कोच से हल्का धुआं उठता दिखाई दिया और ब्रेक से जलने जैसी गंध आने लगी। सतर्कता दिखाते हुए डिप्टी स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने तत्काल ओएचई कटवा दी। इसके बाद ट्रेन रामनगर क्रॉसिंग के स्टार्टर सिग्नल और मैनपुरी क्रॉसिंग के बीच रोक दी गई। बी-1 कोच की ट्रॉली गर्म मिली सूचना मिलने पर स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना और एसएसई सीएंडडब्ल्यू विपिन कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान ट्रेन के बी-1 कोच की ट्रॉली गर्म होने की जानकारी सामने आई। टीएक्सआर टीम ने कोच की बारीकी से जांच की। ट्रेन को फिट घोषित किए जाने के बाद आगे रवाना करने की अनुमति दी गई। सुबह 9:41 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई ट्रेन झारखंड स्वर्ण जयंती सुपरफास्ट एक्सप्रेस सुबह करीब 9:30 बजे रोकी गई थी। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन सुबह 9:41 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गई। तकनीकी समस्या के चलते ट्रेन करीब 30 मिनट तक खड़ी रही। वंदे भारत समेत तीन ट्रेनें प्रभावित झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के रुकने से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। इस दौरान गाड़ी संख्या 22426 वंदे भारत एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 1557 अमृत भारत एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 12419 गोमती एक्सप्रेस इटावा और इकदिल के बीच खड़ी रहीं। एक ट्रेन में आई तकनीकी समस्या का असर दूसरी ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। सुरक्षा के लिए टीम दिल्ली तक साथ गई उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि ब्रेक बाइंडिंग की समस्या के कारण झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस को रोका गया था। टीएक्सआर टीम ने जांच के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया। सुरक्षा के मद्देनजर टीएक्सआर विभाग की एक टीम को ट्रेन के साथ दिल्ली तक भेजा गया, ताकि रास्ते में कोच की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
प्रतापगढ़ के मीराभवन में समाजवादी पार्टी कार्यालय बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि सादगी और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार आज भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। इस श्रद्धांजलि सभा में पूर्व विधायक मुन्ना यादव, अब्दुल कादिर जिलानी, मनीष पाल, वकार अहमद, निसार अहमद, कमलेश विश्वकर्मा और अनिल गौतम सहित बड़ी संख्या में अन्य सपा नेता एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
कैथल में न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करके लाखों रुपए ऐंठने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने साइबर ठगों को सिम कार्ड उपलब्ध करवाई थी जिसका प्रयोग करके फैक फेसबुक आईडी बनाई गई थी। उसके बाद व्यक्ति को कॉल करके और रिकॉर्डिंग करके ब्लैकमेल किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव सियू जिला भरतपुर राजस्थान निवासी साहिल के रूप में हुई है। लड़की के नाम से फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी सेक्टर-18 निवासी एक व्यक्ति कि शिकायत अनुसार 6 जुलाई की रात उनके फेसबुक पर ‘पिंकी शर्मा’ नाम की लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उन्हें लगा कि कोई जानकार है, इसलिए उन्होंने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। थोड़ी देर बाद वही लड़की मैसेंजर पर चैट करने लगी और उससे उनका व्हाट्सऐप नंबर मांग लिया। जैसे ही नंबर भेजने के कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर अचानक एक वीडियो कॉल आई। कॉल उठाने पर स्क्रीन पर एक न्यूड लड़की दिखाई दी, जो उसको भी कपड़े उतारने का दबाव बनाने लगी। उसने कॉल तुरंत काट दी और डर के कारण चैट व नंबर डिलीट कर दिया। अलग-अलग नंबरों से भेजे धमकी भरे मैसेज अगले दिन उनके फोन पर अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे संदेश आने लगे कि उनकी अश्लील वीडियो वायरल होने वाली है। सबसे पहले खुद को यूट्यूब अधिकारी संजय सिंह बताने वाले व्यक्ति ने मैसेज भेजकर कहा कि आपकी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड हो चुकी है, उसे रोकने के लिए पैसे देने होंगे। कुछ ही समय बाद एक और कॉल आई इस बार कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर बोला कि उसने वीडियो वायरल रोकने के लिए फाइल संभाल ली है, लेकिन इसे क्लियर करने के लिए 51 हजार रुपए जमा करवाने होंगे। दोनों तथाकथित अधिकारी उसको लगातार दबाव में लेते रहे और उसने भय के माहौल में कई बार में 1.26 लाख रुपए उनके बताए स्कैनर पर भेज दिए। जब रकम की मांग लगातार बढ़ने लगी और ठगों ने 1 लाख रुपए और मांगे, तब उसको एहसास हुआ कि उनके साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस बारे में थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया। मामले में आरोपी गांव सियू जिला भरतपुर राजस्थान निवासी साहिल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी साहिल ने साइबर ठगों को सिम कार्ड उपलब्ध करवाई थी जिसका प्रयोग करके फैक फेसबुक आईडी बनाई गई थी। आरोपी से व्यापक पूछताछ के लिए न्यायालय से 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
बालाघाट के बिरसा क्षेत्र में चार महीने में 45 आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही की मांग करते हुए एक याचिका लगाई गई थी। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने केंद्र-राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में ऐसी स्थिति याचिकाकर्ता के वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि ऐसी स्थिति सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्यों में भी है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की गई। इस मामले में 1 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ग्राम जगला आए। उन्होंने कहा, आदिवासियों की स्थिति देखकर लगता है कि यहां कोई सरकार नहीं है। जगला के पांच बच्चों की मौत प्रशासनिक आंकड़ों में दर्ज नहीं है। इससे पहले, मलेरिया, खसरा और कुपोषण से बच्चों की मौत पर हाईकोर्ट में भी याचिका लगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा। मौतों के दावे अलग-अलग सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों को भी ऐसे ही नोटिस जारी किए हैं। बैहर-बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौत के आंकड़ों में अंतर है। कांग्रेस 45 मौतों का दावा कर रही है, जबकि प्रशासन ने अब तक 32 मौतें ही मानी हैं। हालांकि 32 परिवारों को प्रशासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। वहीं बच्चों की मौतों के बाद क्षेत्र में प्रशासन, व्यवस्थाओं के सुधार में लगा है, लेकिन अब भी, अस्पताल पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशासनिक आंकड़े प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बीमारी के बाद चिन्हित किए गए 57 गांवों में 49,553 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान सर्दी-खांसी एवं बुखार के 6,320, मलेरिया के 1,101, दाने के साथ बुखार के 539 तथा चर्मरोग के 255 मरीज चिन्हित किए गए। 40,835 बच्चों का टीकाकरण किया गया है। राहुल गांधी की सभा की अन्य तस्वीरें…
संभल में तेज तूफान के साथ हुई घंटे भर की बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया है। 4 डिग्री सेल्सियस तापमान की गिरावट के साथ बादल छाए हुए हैं, बीच-बीच में हल्की धूप निकल रही है। नाले-नालियां भरने के बाद आधे घंटे की बारिश ने नगर निकायों ने जलनिकासी को लेकर किए गए दावों की पोल खोल दी। शुक्रवार की दोपहर 01:05 बजे से 02:30 बजे जनपद संभल में गंगा किनारे की तहसील गुन्नौर इलाके में ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश से मौसम बदला है। पूरे जनपद संभल में 4 डिग्री सेल्सियस तापमान की गिरावट आई है वहीं तहसील गुन्नौर इलाके में 6 डिग्री सेल्सियस तापमान की गिरावट है और ठंडी हवाओं के चलने से ठंडक बढ़ गई है। बारिश होने से पहले अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था और उसके बाद 26 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा है। AQI 74 पहुंचा है 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है। मौसम विभाग ने रात तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को जनपद में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। संभल शहर में 01:50 बजे अचानक हल्की बारिश शुरू हुई और उसके 20 मिनट बाद आधे घंटे हुई बारिश से नगर पालिका परिषद संभल द्वारा जलनिकासी को लेकर किए गए दावों की पोल खुल गई। शहर में मूसलाधार बारिश होने से सड़कों पर जल भराव हुआ और लोगों को उसी गंदे पानी के बचों का गुजरना पड़ा है। यशोदा चौराहे पर नाला भरने के बाद टी स्टॉल से लेकर खाने के होटल के बाहर तक पानी भर गया। ऐसा ही नजर शंकर इंटर कॉलेज के निकट से लेकर सूर्यकुंड मंदिर तीर्थ तक देखने को मिला है। बेमौसम हुई बारिश से खेतों में बची फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के लोगों को आज भी बारिश से दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। स्थानीय निवासी शोभित कुमार ने बताया कि घंटेभर की बारिश से मौसम बदला है।
राजस्थान में 322 पूर्व सरपंच, उपसरपंच, पंच और प्रधान इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसमें अलवर जिले के भी 13 पूर्व सरपंच व 3 पंच का नाम शामिल है। पंचायतीराज विभाग ने एक लिस्ट तैयार करके राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी थी। दरअसल, विभाग ने आयोग से जनप्रतिनिधियों को 5 साल के लिए चुनाव लड़ने से बैन करने सिफारिश की थी। इसके बाद आयोग ने बैन लगा दिया। इन्हें बैन किया गया
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भारतीय जनता पार्टी को देश, संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए उसे ‘निगेटिव’ पार्टी करार दिया है। शुक्रवार को प्रयागराज में पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे सपा प्रदेश अध्यक्ष ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में वह सभी 11 सीटें जीत रहे हैं। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटें हासिल कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे। पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को तन-मन-धन से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए श्यामलाल पाल ने एनडीए और पीडीए के सियासी ताने-बाने को नए सिरे से परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मतलब पॉज़िटिव यानी सकारात्मक सोच है, जो संविधान और लोकतंत्र को बचाने का काम करता है। वहीं दूसरी ओर, एनडीए का 'एन' निगेटिव सोच को दर्शाता है और भाजपा की सामंतवादी सोच का आजादी से लेकर आज तक देश के विकास में कोई योगदान नहीं रहा है। सत्तारूढ़ दल के पाप का घड़ा भर गयासपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व संपर्क में है और समय आने पर सीट बंटवारे का पारदर्शी फैसला कर लिया जाएगा। 2027 का चुनाव महज सत्ता की लड़ाई न होकर सामाजिक न्याय और संविधान को बचाने का निर्णायक संघर्ष होगा। प्रदेश की जनता भाजपा के भ्रमजाल से अब बाहर आ चुकी है और सत्तारूढ़ दल के पाप का घड़ा पूरी तरह भर गया है, जिसकी स्थिति मौजूदा एमएलसी चुनाव के नतीजों से ही पूरी तरह साफ हो जाएगी। रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरारोजगार और युवाओं के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने उप मुख्यमंत्री के बयानों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के स्थान पर डिप्टी सीएम उन्हें ई-रिक्शा चलाने की नसीहत दे रहे हैं, लेकिन जिस दिन वह खुद यह काम शुरू कर देंगे, उस दिन प्रदेश की जनता भी उनसे नौकरियां मांगना छोड़ देगी।
बहराइच के मटेरा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला कर युवक की हत्या करने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया है। चतुर्थ अपर जिला जज कविता निगम की अदालत ने इब्राहिम उर्फ गुल्ले को आजीवन साधारण कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में मॉनिटरिंग सेल और मटेरा पुलिस की पैरवी के आधार पर फैसला सुनाया गया। मामला 7 जून 2024 का है। वादिनी रेशमा बेगम के अनुसार, उनके पति वसीम खां सुबह करीब 4:50 बजे मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही इब्राहिम उर्फ गुल्ले ने पुरानी रंजिश के चलते धारदार चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। 9 जुलाई को दाखिल किया गया आरोप पत्र घटना के संबंध में मटेरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 137/2024 दर्ज किया गया था। तत्कालीन विवेचक निरीक्षक परमानंद तिवारी ने साक्ष्य जुटाने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद 9 जुलाई 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद 29 नवंबर 2024 को अदालत ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप तय किए। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने की पैरवी मुकदमे की सुनवाई के दौरान एडीजीसी सुनील कुमार जायसवाल, थाना मटेरा के प्रभारी, पुलिस कार्यालय की मॉनिटरिंग सेल, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी सूरज कुमार गौड़, महिला आरक्षी पूनम और थाना पैरोकार आरक्षी दिपेश जायसवाल ने पैरवी की। धारा 302 में दोषी, एक लाख रुपये जुर्माना अदालत ने ग्राम सोनरई, डाकघर अमवा मौलवी, थाना मटेरा निवासी इब्राहिम उर्फ गुल्ले को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने उसे आजीवन साधारण कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
झालावाड़ जिले में पंचायती राज चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद सदस्य और पहले चरण के पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है। नामांकन के दूसरे दिन शुक्रवार को जिला परिषद सदस्य पद के लिए जिले में एक भी फॉर्म दाखिल नहीं हुआ। वहीं, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए अकलेरा में 1 और डग में 5 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र भरे। इस तरह दूसरे दिन पंचायत समिति सदस्य पद के लिए कुल 6 नामांकन मिले। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि जिला परिषद सदस्य पदों के लिए शुक्रवार को किसी भी उम्मीदवार ने फॉर्म नहीं भरा। हालांकि, आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की रणनीति के बाद नामांकन बढ़ने की उम्मीद है। डग में सबसे ज्यादा पांच नामांकनपंचायत समिति सदस्य पद के लिए डग में 5 नामांकन दाखिल होना दिन की प्रमुख गतिविधि रही। वहीं अकलेरा में 1 अभ्यर्थी ने नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। दोनों पंचायत समितियों में प्राप्त नामांकन के साथ प्रथम चरण के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। आने वाले दिनों में नामांकन दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के आसारपंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों पर चुनाव को लेकर गांवों में भी चर्चाएं शुरू हो रही हैं। प्रत्याशियों के चयन, स्थानीय समीकरणों और चुनावी तैयारियों के बीच अब सभी की नजरें आगामी दिनों में होने वाले नामांकन पर टिकी हैं।
प्रयागराज में आगामी त्योहारों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली-हावड़ा के बीच आरक्षित फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन के अतिरिक्त फेरे चलाने का निर्णय लिया है। ट्रेन नंबर 04052/04051 के कुल 8 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। इससे दिल्ली, प्रयागराज और हावड़ा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। ट्रेन नई दिल्ली से 12, 15, 17 और 21 अक्टूबर को चलेगी, जबकि हावड़ा से 14, 17, 19 और 23 अक्टूबर को रवाना होगी। इस ट्रेन का ठहराव प्रयागराज के सूबेदारगंज स्टेशन पर भी दिया गया है। सूबेदारगंज में सुबह और शाम होगा ठहराव रेलवे की ओर से जारी समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन नंबर 04052 नई दिल्ली से शाम 6:15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे सूबेदारगंज पहुंचेगी और 6:15 बजे रवाना होगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04051 हावड़ा से चलकर सूबेदारगंज स्टेशन पर शाम 6:40 बजे पहुंचेगी और 6:45 बजे रवाना होगी। ट्रेन गाजियाबाद, अलीगढ़, टूंडला, गोविंदपुरी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, पटना, किऊल, झाझा, जसीडीह, आसनसोल और बर्धमान सहित प्रमुख स्टेशनों पर भी रुकेगी। 16 कोच की होगी आरक्षित स्पेशल ट्रेन इस त्योहार विशेष ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए जाएंगे। इनमें एसी तृतीय श्रेणी के 2, स्लीपर के 8, सामान्य श्रेणी के 4 और एसएलआर के 2 कोच शामिल होंगे। त्योहारों के दौरान घर जाने और वापस लौटने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यह व्यवस्था की है। इससे दिल्ली, प्रयागराज और पश्चिम बंगाल के बीच सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।
महेंद्रगढ़ में शुक्रवार को आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की ओर से आशा वर्कर्स की विभिन्न मांगों और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम विधायक कंवर सिंह यादव की अनुपस्थिति में उनके पुत्र राहुल को ज्ञापन सौंपा। यूनियन की पदाधिकारी सुनीता, राजबाला, कांता ने बताया कि आशा वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से विरोध प्रदर्शन करते हुए आईटीआई रोड, विश्वकर्मा चौक, डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक, ऑटो मार्केट, ब्रह्मचारी रोड होते हुए विधायक के आवास पर पहुंचीं। जहां पर विधायक की अनुपस्थिति में उनके पुत्र राहुल को ज्ञापन सौंपा गया। आशा वर्करों की प्रमुख मांगें उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 में घोषित 1500 रुपए की बढ़ोतरी को तुरंत लागू किया जाए। आशा वर्कर्स को नियमित कर्मचारी का दर्जा मिलने तक 30 हजार रुपए न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं। वर्ष 2023 में सात अगस्त से 19 अक्तूबर तक चली हड़ताल के दौरान काटे गए फिक्स मानदेय और इंसेंटिव की राशि भी बहाल करने की मांग की गई। यूनियन ने आशा वर्कर्स को मानदेय सहित मातृत्व अवकाश और मेडिकल लीव देने, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने तथा स्वेच्छा से सेवानिवृत्त होने वाली आशाओं को दो लाख रुपए का सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग उठाई। आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड की समस्या दूर करने की मांग इसके साथ ही आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड से जुड़ी समस्याओं को दूर कर आशा वर्कर्स और उनके परिवारों के लिए पैनल अस्पतालों में इलाज की गारंटी देने की मांग की। उन्होंने ऑनलाइन कार्य के दबाव, मानदेय कटौती और कथित प्रताड़ना पर रोक लगाने तथा भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी बनाकर सभी वर्कर्स को भुगतान की स्लिप उपलब्ध करवाने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन की ओर से पंचकूला में राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद दिसंबर माह में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर जिलेभर की आशा वर्कर्स मौजूद रही।
आग से बचाव और आपातकालीन स्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले के अग्निशमन कर्मियों ने 'लैडर ड्रिल' (सीढ़ी) का सघन अभ्यास किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश और मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में यह अभ्यास बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर और चांदपुर अग्निशमन केंद्रों पर आयोजित किया गया। अभ्यास के दौरान दमकल कर्मियों को सीढ़ी पर तेजी से चढ़ने-उतरने की ट्रेनिंग दी गई और सुरक्षा के लिहाज से सीढ़ी में लगे रस्सों की बारीकी से जांच की गई। कर्मचारियों को लैडर के प्रमुख हिस्सों की तकनीकी जानकारी भी दी गई, ताकि आग बुझाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के दौरान उपकरणों का एकदम सही इस्तेमाल किया जा सके। इस नियमित अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति के लिए अग्निशमन वाहनों और उपकरणों को हमेशा क्रियाशील बनाए रखना तथा कर्मचारियों की शारीरिक दक्षता व कार्यकुशलता को मजबूत करना है।
अंबेडकरनगर में मान्यवर कांशीराम के 20वें महापरिनिर्वाण दिवस पर समाजवादी पार्टी ने बहुजन समाज के मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश की। आलापुर विधानसभा क्षेत्र के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर की नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके जरिए पीडीए वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। सपा विधायक त्रिभुवन दत्त की ओर से आयोजित कार्यक्रम में धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके विचारों को आगे बढ़ाना आज भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज के पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को उनके अधिकार दिलाने के लिए सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखनी होगी। 2024 में पीडीए की एकजुटता से भाजपा को झटका धर्मेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए की एकजुटता से भाजपा को बड़ा झटका लगा था। उन्होंने दावा किया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करेगी और उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग सपा सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है। धर्मेंद्र यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें हर हाल में जाना होगा। ओपी राजभर के बयान पर दिया जवाब कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अखिलेश यादव किसी के रिमोट कंट्रोल से नहीं चलते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने एजेंडे और जनहित के मुद्दों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पार्टी के नेतृत्व और राजनीतिक स्वतंत्रता को लेकर उन्होंने भरोसा जताया। भाजपा सरकार की नीतियों पर साधा निशाना धर्मेंद्र यादव ने बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर को लेकर भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्रवाइयों के जरिए पीडीए वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर सपा की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में सपा के कई नेता रहे मौजूद कार्यक्रम में विधायक राममूर्ति वर्मा, विधायक त्रिभुवन दत्त, ब्लॉक प्रमुख विकास यादव, जिलाध्यक्ष जंगबहादुर यादव, विशाल वर्मा और विश्वनाथ यादव समेत सपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के जरिए पार्टी नेताओं ने कांशीराम के विचारों को याद करते हुए सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी का संदेश दिया।
रायसेन जिले में शुक्रवार से पटवारियों ने कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। पटवारी तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह समेत जिले के अन्य पटवारी भी आंदोलन में शामिल हुए हैं। इससे राजस्व से जुड़े काम प्रभावित होने की संभावना है। स्वामित्व योजना में भूमिका खत्म करने की मांग पटवारियों की मुख्य मांग स्वामित्व योजना में उनकी भूमिका खत्म करने और प्रदेश में 102 पटवारियों पर की गई कार्रवाई को वापस लेने की है। पटवारियों का कहना है कि इसी कार्रवाई के विरोध में रायसेन के पटवारी पहले भी प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं। 27 बर्खास्त, 75 पटवारियों के निलंबन का दावा पटवारी संघ के मुताबिक, प्रदेश में 27 पटवारियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है, जबकि 75 को निलंबित किया गया है। संघ इन सभी पर की गई कार्रवाई को रद्द करने की मांग कर रहा है। ये राजस्व काम हो सकते हैं प्रभावित हड़ताल के कारण जमीन के रिकॉर्ड अपडेट करने, खसरा-खतौनी, नामांतरण, फसलों की गिरदावरी और जमीनों के सीमांकन जैसे काम प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा भूमि विवादों की जांच और अन्य राजस्व संबंधी कामों में भी देरी की संभावना है।
गुना जिला न्यायालय में पदस्थ शिवपुरी निवासी बाबू मनीष बाथम की मौत के मामले में उनकी पत्नी विनीता बाथम ने न्यायालय के एक अधिकारी और प्यून पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। विनीता के मुताबिक, पति को एक फाइल को लेकर दबाव में रखा जा रहा था और नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने पति के सुसाइड नोट का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। मनीष का शव बुधवार सुबह विदिशा जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में भगवन्तपुर के पास एक खेत में फंदे पर लटका मिला था। फाइल को लेकर दबाव और नौकरी से हटाने की धमकी का आरोपविनीता बाथम का आरोप है कि उनके पति को एक फाइल के मामले में लगातार परेशान किया जा रहा था। उन्हें कथित तौर पर नौकरी से हटाने की धमकी दी गई और नोटिस देकर दबाव बनाया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक, इस वजह से मनीष मानसिक रूप से परेशान थे। सुसाइड नोट में नाम और प्रताड़ना का जिक्र होने का दावाविनीता ने सुसाइड नोट का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें नौकरी छीनने की धमकी, आत्महत्या के लिए उकसाने और फाइल छिपाने जैसी बातों का उल्लेख है। उनके मुताबिक, नोट में कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के नाम भी लिखे गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में सुसाइड नोट और उसमें किए गए कथित उल्लेखों की भूमिका स्पष्ट होगी। नोट के आखिर में पत्नी के लिए लिखा संदेशविनीता के अनुसार, सुसाइड नोट के अंत में मनीष ने उन्हें संबोधित करते हुए लिखा था- ‘विनीता, मुझे माफ कर देना।’ पति की मौत के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। मंगलवार को लापता हुए, बुधवार सुबह मिला शवजानकारी के अनुसार, मनीष मंगलवार दोपहर गुना से लापता हो गए थे। इसके बाद गुना पुलिस थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बुधवार सुबह करीब 8 बजे विदिशा जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में भगवन्तपुर के पास एक खेत में उनका शव मिला। घटनास्थल के पास उनकी बाइक भी मिली, जिसके मास्क पर ‘जिला न्यायालय’ लिखा था। बाइक का नंबर MP33 MM 4510 बताया गया है। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट मिलने की जानकारी भी सामने आई थी। फिलहाल, मौत के मामले की जांच जारी है।
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में 'वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे' से पहले मेंटल हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक, मोनो एक्ट, पोस्टर कलरिंग, कविता और स्लोगन लेखनी, इसके बाद मेंटल हेल्थ पर एक्स्पर्ट्स ने छात्र-छात्रों से बातचीत की। जिससे विद्यार्थियों को मानसिक तनाव पहचानने, भावनाओं को समझने और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक मदद लेने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में दैनिक भास्कर को मीडिया पार्टनर के रूप में बनाया गया था। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘लिव्ड एक्सपीरियंसेज हर्ड: रियल वॉइसेज, रियल चेंज’ यानी वास्तविक अनुभवों को सुनना, वास्तविक आवाजों से सकारात्मक बदलाव लाना रही। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लोगों के अनुभवों, भावनाओं और समस्याओं को समझना तथा समाज में इस विषय पर खुलकर संवाद करने का माहौल तैयार करना था। कार्यक्रम का आयोजन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग और भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग की ओर से किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा कार्यक्रम की मुख्य संरक्षक रहीं। अकादमिक सत्र में मनोविज्ञान, हृदय रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग और त्वचा एवं दंत स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। गुब्बारे छोड़कर शुरुआत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया जागरूकता का संदेश कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे कार्यवाहक कुलपति प्रो. वीके गिरि के आगमन के साथ हुई। इसके बाद गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। मालवीय शिक्षा निकेतन के सामने आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, मोनो एक्ट और गायन के जरिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उनके बारे में बात करना जरूरी है। तनाव, भावनात्मक उलझन और व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने तथा जरूरत के समय उनका साथ देने का संदेश भी दिया गया। इसके बाद मालवीय शिक्षा निकेतन में चित्रकला, कविता लेखन और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, आत्म-अभिव्यक्ति और सामाजिक सहयोग जैसे विषयों को उकेरा। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। इसके बाद विजेताओं की घोषणा कर उन्हें पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। बीएचयू के विशेषज्ञ बोले- मदद मांगना कमजोरी नहीं मुख्य अकादमिक कार्यक्रम अटल भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ सत्र की शुरुआत हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति हुई। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया और कार्यक्रम के उद्देश्यों तथा विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अकादमिक सत्र के पहले विशेषज्ञ वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. अखिलेंद्र प्रताप सिंह रहे। उन्होंने 'इट्स ओके टू आस्क फॉर हेल्प : ब्रेकिंग द स्टिग्मा अराउंड मेंटल हेल्थ एंड बिल्डिंग अ पॉजिटिव माइंडसेट' विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्म-जागरूकता और मानसिक सशक्तीकरण का संकेत है। समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बनी झिझक, गलत धारणाओं और सामाजिक कलंक को दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि मानसिक परेशानी होने पर उसे अनदेखा न करें। परिवार, दोस्तों और विशेषज्ञों से अपनी समस्या साझा करें। सकारात्मक सोच, आत्म-स्वीकृति और भावनाओं के प्रति जागरूकता मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संबोधन के बाद उन्हें स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। तनाव को पहचानना और समय पर उसका प्रबंधन जरूरी इसके बाद डॉ. समंत सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में तनाव का प्रभाव बढ़ सकता है, इसलिए समय रहते इसके संकेतों को पहचानना और उनका प्रभावी प्रबंधन करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को अपनी भावनाओं को समझने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से मदद लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और मजबूत सामाजिक संबंधों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में उन्हें भी स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। घबराहट में तेज धड़कन को नजरअंदाज न करें कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पीसी शाही ने 'हार्ट अंडर स्ट्रेस : अंडरस्टैंडिंग पैल्पिटेशंस, पैनिक एंड व्हेन योर हार्ट नीड्स अटेंशन' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने तनाव, चिंता और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को समझाया। उन्होंने बताया कि तनाव या घबराहट के दौरान दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी और सीने में घबराहट महसूस होना हमेशा हृदय रोग का संकेत नहीं होता। हालांकि, ऐसे लक्षणों को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। उन्होंने तनाव के कारण होने वाले लक्षणों और हृदय संबंधी चेतावनी संकेतों के बीच अंतर समझने तथा जरूरत पड़ने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। उन्होंने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया। व्याख्यान के बाद उन्हें स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। हार्मोनल बदलावों के प्रति जागरूक रहें महिलाएं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा कुमारी ने 'हार्मोन्स, हेल्थ एंड हैप्पीनेस : अंडरस्टैंडिंग पीसीओएम, हार्मोनल इंबैलेंस एंड व्हेन टू सीक हेल्प' विषय पर जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य और उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को समझाया। उन्होंने बताया कि मासिक धर्म में अनियमितता, वजन में बदलाव और त्वचा या बालों से जुड़ी समस्याएं हार्मोनल असंतुलन के संकेत हो सकती हैं। ऐसे बदलावों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले बदलावों के प्रति जागरूक रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य तथा आत्मविश्वास का भी ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। संबोधन के बाद उन्हें स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कॉलेज लाइफ में त्वचा और दांतों की देखभाल भी जरूरी डेंटो-एस्थेटिक सर्जन डॉ. अभिलाषा ने 'लुक गुड, फील गुड, स्टे हेल्दी : स्किन एंड डेंटल केयर फॉर कॉलेज लाइफ' विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज जीवन में अनियमित दिनचर्या, जंक फूड, अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन और व्यक्तिगत स्वच्छता की अनदेखी त्वचा तथा दांतों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने नियमित ब्रशिंग, उचित मौखिक स्वच्छता, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और व्यक्तिगत देखभाल को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खुद की देखभाल स्वस्थ जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। स्वस्थ त्वचा और दांत न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायक होते हैं। उन्हें भी स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता पर दिया जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शंतनु प्रकाश अग्रवाल ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और संवाद को जरूरी बताया। इसके बाद कुलपति प्रो. वीके गिरि ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य को केवल व्यक्तिगत समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस विषय पर खुलकर चर्चा करना, दूसरों की बात ध्यान से सुनना और जरूरतमंद व्यक्ति को सहयोग देना भी जरूरी है। एनएसएस और आयोजन समिति की रही महत्वपूर्ण भूमिका कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक डॉ. मिलिंद राज आनंद, आयोजन सचिव गरिमा यादव, समन्वयक आकृति पांडेय और अध्यक्ष डॉ. सुधीर नारायण सिंह सहित आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सदस्यों, विभागीय शिक्षकों, शोधार्थियों और अन्य विभागों के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम को एसपी ब्रेन सेंटर एंड हॉस्पिटल ने मुख्य प्रायोजक के रूप में सहयोग दिया। अन्य संस्थाओं ने सह-प्रायोजक और सहयोगी प्रायोजक के रूप में भागीदारी की। दैनिक भास्कर डिजिटल पार्टनर और 92.7 बिग एफएम रेडियो पार्टनर के रूप में जुड़े रहे। अंत में संयोजक डॉ. मिलिंद राज आनंद ने अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति, प्रायोजकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस-2026 से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में अकादमिक चर्चा के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को जोड़कर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम की थीम ने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक बदलाव के लिए लोगों के अनुभवों को सुनना, उनकी भावनाओं को समझना और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना जरूरी है।
जौनपुर में माधोपट्टी गांव की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है। गुरुवार शाम परिणाम घोषित होने के बाद गांव में खुशी का माहौल बन गया। परिवार और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। गुरुवार रात मुस्कान जौनपुर अपने गांव पहुंचीं। शुक्रवार दोपहर 3 बजे दैनिक भास्कर ने उनसे बात की। उन्होंने बताया- उनका सपना आईएएस बनना है। प्रशासनिक अधिकारियों के गांव से एक और उपलब्धि माधोपट्टी गांव की पहचान प्रशासनिक सेवाओं में योगदान के लिए रही है। गांव के 53 लोग प्रशासनिक अधिकारी बनकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में चयनित होकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। पंजाब में हुई पढ़ाई, मेहनत से हासिल की सफलता मुस्कान के पिता नवीन सोलंकी पंजाब पुलिस में अधिकारी रहे हैं। मुस्कान की पढ़ाई पंजाब में हुई। उन्होंने लक्ष्य तय करके तैयारी की और मेहनत के दम पर परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि से परिवार में खुशी है। उनकी सफलता प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। अब IAS बनने का है लक्ष्य मुस्कान सोलंकी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया- उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बनना है। वह पीसीएस में चयन को अपनी मंजिल नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का एक पड़ाव मानती हैं। उनकी निगाहें अब आईएएस बनने के सपने को पूरा करने पर हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में मानव रंगोली से भारत का नक्शा बनाया गया। ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम में बच्चों ने मानव रंगोली के जरिए राष्ट्र के प्रति अपने भाव व्यक्त किए। इसके साथ ही अयोध्या के श्रीराम मंदिर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विकसित भारत के संकल्प पर आधारित विशाल रंगोलियां भी बनाई गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में पहुंचकर रंगोलियों का अवलोकन किया और भारत के नक्शे के रूप में बनी मानव रंगोली में शामिल बच्चों के बीच बैठकर उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण भारत नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मध्यप्रदेश भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। बच्चों ने रंगोली के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता और राष्ट्र के प्रति भावनाओं को व्यक्त किया है। मोदी के राजनीतिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर दी बधाई सीएम डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं अपनी ओर से प्रधानमंत्री की दीर्घायु और उनके यशस्वी राजनीतिक जीवन की कामना करते हुए मध्यप्रदेश की ओर से उन्हें बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर अपनी ताकत के साथ खड़ा है। हम सबको मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में जनकल्याणकारी कार्यों को लगातार आगे बढ़ाना है। युवाओं ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में मौजूद युवाओं ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विद्यार्थियों ने ‘वी विल डू इट’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े। इस दौरान विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया। कई विद्यार्थी मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने और उनका अभिवादन करने के लिए आगे आए। एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश को मिले 11 पदक मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान में संपन्न एशियन गेम्स-2026 की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रदेश को कुल 11 पदक मिले हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने सुंदर रंगोलियों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत-सशक्त भारत का संदेश दिया है। प्रतिभाशाली युवा ही भविष्य में देश का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी और रवींद्र यति सहित जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और विद्यार्थी मौजूद रहे। हेमंत खंडेलवाल ने कहा- बच्चों ने बताया विकसित भारत कैसा हो कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहाञ आज इस रंगोली के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना में सभी जनप्रतिनिधि शामिल हुए हैं। विकसित भारत 2047 क्या हो, मोदी जी की परिकल्पना क्या हो, बच्चों ने बहुत ही खूबसूरत रांगोली के माध्यम से संदेश दिया है। मैं सभी युवा वर्ग को उनकी परिकल्पना के लिए और भविष्य में इस देश का वे नेतृत्व करेंगे उसकी शुभकामनाएं देता हूं।
पीलीभीत-बरेली मार्ग पर एक डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। यह घटना जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव गहलुइया के पास हुई। गहलुइया गांव के शिवम कुमार और प्रशांत कुमार शर्मा 8 अक्टूबर को शाही से अपने गांव लौट रहे थे। तभी पीलीभीत की ओर से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक टूट गई और दोनों युवक सड़क पर घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पीलीभीत पहुंचाया। डॉक्टरों ने शिवम की हालत गंभीर देखकर उसे बरेली रेफर किया। परिजन शिवम को बरेली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। घायल प्रशांत कुमार शर्मा का इलाज जारी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयशंकर सिंह ने बताया कि परिवार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डंपर की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एटा में नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत छह मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संगठन के सैकड़ों कर्मचारियों ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शन शुरू किया, जो शाम 5 बजे तक चला। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांगें पूरी करने की अपील की। 18 साल से सेवा दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग संगठन की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 18 साल से अधिक समय से निरंतर सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि नियमितीकरण और समान वेतन की व्यवस्था होने तक अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिले एनएचएम कर्मचारियों ने खुद और अपने आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में काम करने के दौरान उन्हें संक्रमित मरीजों के संपर्क में रहना पड़ता है। ऐसे में उनके और परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा जरूरी है। डीए, ईपीएफ और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता (डीए), प्रभावी ईपीएफ सुविधा, नियोक्ता अंशदान, पद के अनुसार मकान किराया भत्ता (एचआरए) और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले संविदा कर्मचारियों को भी ये सुविधाएं मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने चिकित्सा इकाइयों में उपलब्ध राजकीय आवास का लाभ देने की मांग भी उठाई। दूसरे जिलों में स्थानांतरण नीति बहाल करने की मांग संगठन ने रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण की नीति बहाल करने की मांग की। इसके तहत कर्मचारियों को आपसी सहमति (म्यूचुअल ट्रांसफर) और स्वयं के अनुरोध पर दूसरे जिले में स्थानांतरण की सुविधा देने की मांग की गई। इसके अलावा सेवाकाल के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पात्र परिजन को योग्यता के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए नीति बनाने की मांग की गई। आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन की मांग एनएचएम के तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर सीएचसी में आउटसोर्स के माध्यम से तैनात एमसीटीएस, आईडीएसपी और एचएमआईएस डाटा ऑपरेटरों के साथ कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की गई। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग में होने वाली नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की भी मांग उठाई। सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि संगठन की दो प्रमुख मांगें नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन हैं। इसके अलावा ईपीएफ, ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति समेत अन्य मांगें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संगठन 23 तारीख को ज्ञापन सौंप चुका है और 5, 6 व 7 तारीख को सांकेतिक हड़ताल भी की गई थी। कर्मचारियों का उद्देश्य प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना है। आगे भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान अरविंद सिंह चौहान के मुताबिक, संगठन ने 8, 9 और 10 तारीख को धरना देने तथा 12 तारीख को लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण और अन्य जरूरी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हजारीबाग के केरेडारी में एनटीपीसी के कोयला खनन से आदिम बिरहोर जनजाति के अस्तित्व पर संकट और मौतों के मामले में डीसी हजारीबाग व एनटीपीसी सीएमडी को नोटिस जारी किया है।
दूदू में पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक संभावित प्रत्याशियों के लिए 10 अक्टूबर को कार्यशाला आयोजित की जाएगी। दूदू पंचायत समिति के सभागार में दोपहर 3 बजे शुरू होने वाली इस कार्यशाला में उम्मीदवारों को नामांकन भरने की प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े नियमों की जानकारी दी जाएगी। नामांकन और चुनाव नियमों की मिलेगी जानकारी यह कार्यशाला मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, जयपुर के निर्देशों के तहत आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य संभावित प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रक्रिया और जरूरी दिशा-निर्देशों से अवगत कराना है, ताकि वे नामांकन दाखिल करते समय सभी नियमों का सही तरीके से पालन कर सकें। रिटर्निंग अधिकारी ने की शामिल होने की अपील रिटर्निंग अधिकारी एवं दूदू उपखंड अधिकारी गुलाब सिंह वर्मा ने सभी इच्छुक प्रत्याशियों से कार्यशाला में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल होकर उम्मीदवार नामांकन प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े आवश्यक निर्देशों को समझ सकेंगे।
करौली में मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान 856 मरीजों का इलाज हुआ, 726 की काउंसलिंग हुई। लोगों को मानसिक परेशानी छिपाने के बजाय समय पर इलाज कराने का संदेश दिया गया। जागरूकता बढ़ाने के लिए शुक्रवार को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में कार्यशाला हुई। इसमें समस्याओं की समय पर पहचान, विशेषज्ञ सलाह और सही इलाज पर जोर दिया गया। टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी दी गई। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना जरूरी बताया। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश बंसल ने भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की अपील की।डॉ. प्रेमराज मीना ने ‘राज ममता-मन दर्पण’ कार्यक्रम का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना बताया। इलाज हुए मरीजों में 162 डिप्रेशन, 240 एंजायटी, 138 साइकोसोमैटिक डिसऑर्डर, 85 सिजोफ्रेनिया, 51 बाइपोलर डिसऑर्डर और 77 तंबाकू की लत से प्रभावित थे।
भरतपुर में 15 अक्टूबर से ऐतिहासिक जसवंत प्रदर्शनी की शुरुआत होने जा रही है। यह प्रदर्शनी पशु पालन विभाग की तरफ से आयोजित की जाती है। जिसमें दूर दराज से आये व्यापारी दुकानें लगाते हैं। उन्हीं दुकानों को किराए पर देने के लिए पशुपालन विभाग में नीलामी की प्रक्रिया की जा रही है। कई दुकानें पहले के मुकाबले 10 गुना रेट में दी गई है। वहीं कुछ ब्रोकर भी निकामी प्रक्रिया में एक्टिव हैं। जो दुकानों को सस्ते दामों पर किराए पर लेकर महंगे दामों में बेच रहे हैं। अभी तक 80 दुकानों की नीलामी हो चुकी पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अरविंद सिंह चौधरी ने बताया कि आज करीब 80 दुकानों की नीलामी की गई है। नीलामी में अच्छा रेवेन्यू डिपार्टमेंट को मिला है। अभी तक करीब 80 दुकानों की नीलामी हो चुकी है। कल सर्कस झूला और खजला बाजार की नीलामी होगी। झूला सर्कस लगाने से पहले 2 करोड़ का इंशोरेंस जरूरी सर्कस झूले में एक नया नियम जोड़ा गया है। सर्कस झूला लगाने वाले व्यापारी 2 करोड़ का पब्लिक लायबिलिटी इंशोरेंस होना चाहिए। उसके बिना विभाग झूला लगाने की परमिशन नहीं देगा। अगर कोई बिना इंश्योरेंस सर्कस या झूले का प्लॉट लेता है तो, उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। नीलामी में ब्रोकर एक्टिव दरअसल हर साल नुमाइश मैदान में जसवंत प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। जिसमें दूर के इलाकों से व्यापारी यहां दुकानें लगाने के लिए आते हैं। दुकानें किराए पर लेने के लिए नीलामी प्रक्रिया की जाती है लेकिन, इस बार नीलामी प्रक्रिया में कुछ ब्रोकर एक्टिव हैं। बाहर के व्यापारियों पर बनाया जा रहा दबाव ब्रोकर नीलामी प्रक्रिया में सस्ते दामों में दुकानें खरीद रहे हैं और, उन्हीं दुकानों को बाहर के व्यापारियों को महंगे दामों में बेच रहे हैं या फिर बाहर के व्यापारियों को नीलामी में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं। इसलिए विभाग में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिससे ब्रोकरों पर रोक लगाई जा सके।
हेट स्पीच, मॉब लिंचिंग, जातिगत भेदभाव और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के मुद्दे पर शुक्रवार को शोषित समाज एवं अल्पसंख्यक संयुक्त फोरम (यूनाइटेड फोरम फॉर डिप्राइव्ड एंड माइनॉरिटीज) ने विरोध प्रदर्शन किया। फोरम ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर संविधान में दिए गए मौलिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इसमें अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलित, वंचित, बहुजन और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ भेदभाव, नफरत फैलाने वाले भाषणों और भीड़ की हिंसा पर चिंता जताई गई। फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की पहचान विविधता और विभिन्न धर्मों, जातियों व भाषाओं के लोगों के साथ रहने की परंपरा से रही है। लेकिन, उनके मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में सामाजिक विभाजन और नफरत की घटनाएं बढ़ी हैं। ज्ञापन में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से संविधान के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। हेट स्पीच से मॉब लिंचिंग तक पहुंच रही नफरत एपीसीआर के जिला अध्यक्ष डॉ. फजल रहमान ने कहा कि देश में धर्म और पहचान के आधार पर नफरत फैलाने का माहौल बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, हेट स्पीच का असर मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के रूप में दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2025 के बीच देश में मॉब लिंचिंग की 1734 घटनाएं हुईं, जिनमें मध्यप्रदेश में 172 घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में गाय के नाम पर और धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों को निशाना बनाए जाने के मामले भी शामिल हैं। डॉ. रहमान ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल प्रदर्शन करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के स्तर पर जागरूकता और एकजुटता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग शांति, सामाजिक सौहार्द और विकास चाहते हैं। फोरम का प्रयास ऐसे लोगों को एक मंच पर लाकर नफरत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना है। जनता जागरूक होगी, तभी व्यवस्था में बदलाव आएगा सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी के सवाल पर डॉ. रहमान ने कहा कि जनता की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनता ही अपने प्रतिनिधियों को चुनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव, एसआईआर और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे मुद्दों के जरिए लोगों को उलझाया जा रहा है, जिससे विकास से जुड़े सवाल पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। भीड़ नहीं, संविधान और न्यायपालिका तय करेंगी दोष मिशन व्यवस्था परिवर्तन समता संघ के संस्थापक डॉ. पुष्पेंद्र बहुजन ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को निशाना बनाए जाने तथा जाति और धर्म के आधार पर हिंसा की घटनाओं पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में कानून और न्यायपालिका मौजूद हैं, इसलिए किसी भी व्यक्ति के दोषी होने का फैसला भीड़ नहीं कर सकती। डॉ. बहुजन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कानून अपने हाथ में लेकर ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जिससे नागरिकों का कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो। उन्होंने कहा कि देश का संचालन संविधान और कानून के अनुसार होना चाहिए तथा किसी भी मामले में फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। सरकार की भूमिका पर भी उठाए सवाल डॉ. पुष्पेंद्र बहुजन ने हेट स्पीच, सामाजिक भेदभाव और कमजोर वर्गों के साथ अन्याय के मुद्दों पर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन प्रभावी तरीके से कार्रवाई करे, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध, गरीबी और भुखमरी जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। हालांकि, बातचीत के दौरान इन मुद्दों से जुड़े उनके कुछ आंकड़ों का विस्तृत स्रोत स्पष्ट नहीं हो सका। ज्ञापन में ये प्रमुख मांगें
उज्जैन जिले के महिदपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने उसकी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के परिजन ने 5 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि चितावद निवासी शुभम ने साल 2025 से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के बाद महिदपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए एक टीम बनाई। 9 अक्टूबर 2026 को शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट बनने के बाद महिदपुर उपजेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
शाजापुर में भावांतर योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया में किसानों को परेशानी हो रही है। पंजीयन केंद्रों पर सर्वर डाउन की समस्या के कारण खेत नहीं जुड़ पा रहे हैं। जिले में 3 अक्टूबर से पंजीयन शुरू हुए थे, जिसकी आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है। कई दिन बीत जाने के बाद भी शाजापुर जिले में अब तक सिर्फ 86 किसान ही अपना पंजीयन करा पाए हैं। बार-बार आ रही समस्या पंजीयन पोर्टल पर किसान का ओटीपी दर्ज करने के बाद जब जमीन जोड़ने की बारी आती है, तो एग्रीस्टैक आईडी वाला विकल्प काम नहीं कर रहा है। स्क्रीन पर 'कुछ समय बाद प्रयास करें' का मैसेज आ रहा है। ऑपरेटर भी किसानों से इंतजार करने को कह रहे हैं, लेकिन समस्या बनी हुई है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण हजारों किसान योजना के लाभ से वंचित रहने की आशंका में हैं।
ललितपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी शुक्रवार दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिलाध्यक्ष रोहित शाह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। शाम 5 बजे तक उनका धरना जारी रहा। धरना दे रहे कर्मचारियों ने 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। उनका कहना है कि कोविड-19 महामारी समेत टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन जैसे कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों में NHM कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई है। उनकी मुख्य मांगों में 18 साल से अधिक समय से काम कर रहे सभी NHM संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और मौजूदा वेतन में तुरंत बढ़ोतरी शामिल है। NHM में कार्यरत उन पदों के सृजन की भी मांग की गई, जो अभी स्वीकृत नहीं हैं। छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में 10 साल से अधिक सेवा देने वाले संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
जौनपुर के बदलापुर नगर पंचायत में घर के सामने खड़ी कार को निशाना बनाकर पत्थरबाजी करने का मामला सामने आया है। गुरुवार रात बाइक सवार अज्ञात लोगों ने कार पर पत्थर फेंककर उसका पिछला शीशा तोड़ दिया। घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। शुक्रवार को कार मालिक ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घर के सामने खड़ी थी कार, रात में हुई घटना मामला बदलापुर नगर पंचायत के बरौली वार्ड संख्या-3 का है। कार मालिक मुकेश कुमार शुक्ला के मुताबिक, उन्होंने अपनी कार घर के सामने खड़ी की थी। गुरुवार रात कुछ अज्ञात बाइक सवार वहां पहुंचे और कार पर पत्थर फेंकने लगे। पत्थर लगने से कार का पिछला शीशा टूट गया। घटना के बाद कार मालिक ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है। शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर दी लिखित शिकायत घटना के बाद शुक्रवार दोपहर मुकेश कुमार शुक्ला बदलापुर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। थाना प्रभारी निरीक्षक फूलचंद्र पांडेय ने बताया- कार में तोड़फोड़ के मामले में मिली शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पत्थरबाजी करने वाले अज्ञात बाइक सवारों की पहचान और घटना के कारणों को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
आलीराजपुर के टॉकीज चौराहे पर शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओम राठौड़ की अगुवाई में जुटे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के तहत आलीराजपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ता टॉकीज चौराहे पर इकट्ठा हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' के नारे लगाए और केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी से पुतला निकालकर उसे जलाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी पुतला दहन की कोशिश देखते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पुतले पर पानी डाला और आग को बुझा दिया। जब पुलिस ने पुतले को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच खींचातानी और झूमाझटकी शुरू हो गई। इस दौरान चौराहे पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महेश पटेल और ओम राठौड़ ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विरोध लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराया जा रहा है, लेकिन अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
चित्रकूट में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की ओर से गठित टास्क फोर्स ने शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अभियान चलाया। खान अधिकारी रणवीर सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में 14 वाहनों पर करीब 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, चार क्रेशर इकाइयों पर कुल 84 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। अभियान के दौरान खनिजों के परिवहन में नियमों के उल्लंघन और ओवरलोडिंग के मामलों की जांच की गई। जांच में कार्रवाई के दायरे में आए 14 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। प्रशासन ने एक ट्रक स्वामी और संबंधित क्रेशर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। इस कार्रवाई से खनन और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। इन चार क्रेशर इकाइयों पर लगी पेनल्टी प्रशासन ने जिन चार क्रेशर इकाइयों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की है, उनमें अजय ग्रेनाइट, चित्रकूट मिनरल क्रेशर स्टोन, न्यू जय लक्ष्मी क्रेशर स्टोन मिल और आशीष ग्रेनाइट शामिल हैं। इन सभी इकाइयों पर कुल 84 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। अवैध खनन और परिवहन पर टास्क फोर्स की नजर जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की ओर से गठित टास्क फोर्स जिले में खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग पर निगरानी कर रही है। अभियान के तहत वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। राजस्व का नुकसान रोकने की कोशिश प्रशासन का उद्देश्य खनन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों से होने वाले राजस्व के नुकसान को रोकना है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ट्रक स्वामी और क्रेशर संचालकों पर रिपोर्ट कार्रवाई के दौरान एक ट्रक स्वामी और संबंधित क्रेशर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रशासन की ओर से खनिजों के परिवहन और क्रेशर इकाइयों से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। हालांकि, रिपोर्ट में दर्ज आरोपों और आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान प्रशासन की ओर से अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही गई है। आने वाले दिनों में भी वाहनों और क्रेशर इकाइयों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंबाला के हरियाणा-हिमाचल सीमा के पास गांव उज्जल माजरी में सड़क किनारे करीब 10 फीट 3 इंच लंबा और 23 किलो वजनी मादा अजगर मृत मिला। अजगर के गले में रस्सी बंधी हुई थी और सिर पर भी चोट के निशान बताए जा रहे हैं। ऐसे में उसकी मौत को लेकर संदेह जताया जा रहा है। वहीं सूचना मिलने पर वंदे मातरम दल और वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद अजगर को अंबाला लाया गया, जहां पांच डॉक्टरों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। फिलहाल मौत का सही कारण जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार है। वंदे मातरम दल के सदस्य भरत ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे गांव के एक व्यक्ति ने सड़क किनारे अजगर को मृत अवस्था में देखा था। पास जाकर देखने पर उसके गले में रस्सी बंधी मिली। सूचना मिलने के बाद वंदे मातरम दल अंबाला की टीम, वन्यजीव विभाग के वन रक्षक अक्षय और हिमाचल के डिप्टी रेंजर साबिर खान मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान अजगर मादा पाया गया। उसकी लंबाई अधिक होने के कारण भी मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान इस ओर गया। गले में रस्सी और सिर पर चोट से उठे सवाल भरत के अनुसार, अजगर की हालत संदिग्ध थी। उसके गले में रस्सी बंधी होने के साथ सिर पर भी चोट के निशान थे। हालांकि, इन परिस्थितियों के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट जरूरी है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है और रिपोर्ट आने में करीब दो दिन लग सकते हैं। रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि अजगर की मौत किस वजह से हुई। गांव के लोगों से भी जानकारी जुटा रही टीमें भरत ने बताया कि मौके पर आसपास के लोगों से घटना के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया, लेकिन फिलहाल अजगर की मौत से जुड़ी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। गांव के सरपंच से भी लोगों से जानकारी जुटाने की अपील की गई है। वन्यजीव विभाग और वंदे मातरम दल की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अजगर सड़क किनारे कैसे पहुंचा और उसके गले में रस्सी कैसे बंधी। वन्यजीव को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध भरत ने कहा कि वन्यजीवों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने या उनकी हत्या करने पर कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उसे खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तुरंत वन्यजीव विभाग को दें, ताकि जानवर को सुरक्षित तरीके से बचाया जा सके।
शहरी निकाय चुनाव में ज्यादा पार्षद जीतने के बावजूद बोर्ड नहीं बनाने और क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस में गुटबाजी और विवाद बढ़ गया है। पूर्व विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की अध्यक्षता में कमेटी इस भीतरघात की जांच कर रही है। इसे लेकर आज जयपुर में बैठक हुई, जिसमें कमेटी ने कई शहरी निकायों के नेताओं को सुनवाई के लिए बुला रखा था। पाली से आए बागी गुट के कांग्रेस पार्षदों ने जयपुर में कांग्रेस वॉर रूम में हंगामा कर दिया। सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए डॉ. सीपी जोशी से मिलने की मांग उठाई, लेकिन जोशी ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष से मिलने को कहा। सीपी जोशी से सुनवाई के लिए वक्त मांगा था पाली से आए कांग्रेस नेताओं ने सीपी जोशी से मिलकर निकाय चुनावों में जीतने के बावजूद मेयर नहीं बना पाने के मामले में अपना पक्ष रखा। कांग्रेस नेताओं ने राजबाला हिंगड़ गुट पर क्रॉस वोटिंग और पार्टी को हरवाने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ राजगाला हिंगड़ गुट के बागी पार्षदों ने सीपी जोशी से मिलकर शिकायत सुनने की मांग रखी लेकिन उन्हें वक्त नहीं दिया। सीपी जोशी जब बैठक से बाहर आए तो बागी गुट के पार्षदों ने उन्हें अपना पक्ष रखने की मांग दोहराई। इस पर सीपी जोशी ने पार्षदों को कांग्रेस प्रदेशााध्यक्ष से मिलने की सलाह दी। काफी देर तक पार्षद जिद पर अड़े रहे लेकिन जोशी नहीं माने और रवाना हो गए। जोशी बोले- मेरी कमेटी का काम आपसे मिलने का नहीं, आप प्रदेशाध्यक्ष से मिलिए सीपी जोशी ने पार्षदों से कहा कि मेरी कमेटी का काम आपसे मिलने का नहीं है। आप आए हो अच्छी बात है लेकिन आप मुझसे नहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से मिलिए। उनसे मिलकर अपनी बात रखिए, मेरा काम दूसरा है। सीपी जोशी के समझाने के बावजूद भी पार्षद जिद पर अड़े रहे। सीपी जोशी दो टूक कहकर गाड़ी में बैठकर वॉर रूम से निकल गए। जोशी के जाने के बाद पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। गलत उम्मीदवार को टिकट देने से कांग्रेस हारी बागी पार्षदों ने कहा कि हमारी कोई बात सुनने वाला ही नहीं है। पाली में जीतने के बावजूद हम हार गए, इसके पीछे गलत उम्मीदवार को टिकट देना है। हमारी सुनी ही नहीं गई। हम मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते थे लेकिन यहां किसी को कांग्रेस की चिंता ही नहीं है। पाली में कांग्रेस के 29 पार्षद होने के बावजूद मेयर प्रत्याशी को केवल 3 वोट मिले थे पाली नगर निगम में 65 वार्डों में से कांग्रेस के 29 पार्षद जीते, बीजेपी के 21 और 15 निर्दलीय जीते। कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को मेयर उम्मीदवार बनाया था लेकिन वहां राजबाला हिंगढ़ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। मेयर चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को केवल 3 वोट मिले जबकि बीजेपी का बहुमत नहीं होने के बावजूद उसे 33 वोट मिले। कांग्रेस की बागी राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले थे। कांग्रेस पार्षदों की क्रॉस वोटिंग की वजह से अधिकृत उम्मीदवार को केवल तीन ही वोट मिले थे। क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी सीपी जोशी कमेटी अब क्रॉस वोटिंग और भीतरघात की जांच कर रही है। क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कमेटी की रिपोर्ट के बाद पार्टी एक्शन लेगी। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक पीसीसी वॉर रूम में पार्षदों के हंगामे के पीछे इसीको कारण माना जा रहा है।
पंचायत चुनाव में सरपंच पद के प्रत्याशी अपनी पसंद का चुनाव चिन्ह नहीं चुन सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद अल्फाबेटिकल ऑर्डर यानी वर्णमाला क्रम के आधार पर चुनाव चिन्ह आवंटित होंगे। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए EVM से मतदान होगा, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। अंतिम सूची के बाद आवंटित होंगे चुनाव चिन्ह सरपंच पद के चुनाव में प्रत्याशियों के नाम और उनके चुनाव चिन्ह मतपत्र पर छपे होंगे। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत वर्णमाला क्रम के आधार पर चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। प्रत्याशी अपनी पसंद का चुनाव चिन्ह लेने के लिए विकल्प नहीं दे सकेंगे। मतपत्र पर नाम और चुनाव चिन्ह दोनों होने से मतदाता अपनी पसंद के प्रत्याशी की पहचान कर सकेंगे। जिला परिषद-पंचायत समिति के लिए EVM पंचायत चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए EVM मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाता मशीन का बटन दबाकर वोट देंगे। मतदान पूरा होने के बाद EVM को सील किया जाएगा। सरपंच और वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव EVM के बजाय बैलेट पेपर से होंगे। इसके लिए मतपत्रों का प्रकाशन किया जा रहा है। मतपत्र पर प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिन्ह दर्ज रहेंगे। 29 प्रकोष्ठ गठित, तैयारियां पूरी कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के अनुसार, जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव की व्यवस्थाओं के लिए 29 प्रकोष्ठ गठित किए गए हैं। मतदान दलों की तैनाती निकाय चुनाव की तरह रोटेशन के आधार पर की जाएगी, ताकि कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्थित तरीके से लगाई जा सके। महिला अधिकारियों को फील्ड ड्यूटी से रखा दूर कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि महिला अधिकारियों को फील्ड ड्यूटी में नहीं लगाया गया है। मतदान दलों की तैनाती निर्धारित व्यवस्था के अनुसार रोटेशन के आधार पर की जाएगी।
बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम में भाजपा की रिकॉर्ड जीत, मुस्लिम बहुल रेजीनगर में भी लहराया परचम
भाजपा ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनावों में बड़ी जीत दर्ज की है। नंदीग्राम में हासिरानी रथ और मुस्लिम बहुल रेजीनगर में शाखारभ सरकार विजयी हुए, जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें 2027 की जाति जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि सामाजिक न्याय और ओबीसी समाज की सही भागीदारी तय करने के लिए जाति जनगणना जरूरी है। पार्टी ने 2011 में हुई सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के नतीजे भी सार्वजनिक करने की मांग की। ज्ञापन में प्रश्न क्रमांक-10 में वर्ग और जाति को अलग-अलग दर्ज करने की बात कही गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओबीसी के आरक्षण और अधिकारों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि राहुल गांधी लगातार 'जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' की बात उठा रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर ओबीसी के साथ छलावा करने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक सामाजिक न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी।
गवरी विसर्जन पर निकली ज्वारा शोभायात्रा:सवा महीने तक चले गवरी मंचन और धार्मिक अनुष्ठानों का समापन
राजसमंद में मोही के पास नैनपुरिया गांव में मेवाड़ की प्रसिद्ध लोकनृत्य परंपरा गवरी के समापन पर ज्वारा शोभायात्रा निकाली गई। सवा माह तक चले गवरी मंचन और धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर गांव में उत्सव का माहौल रहा। शोभायात्रा में भील समाज के कलाकारों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और युवक-युवतियां शामिल हुए। सवा माह तक देवी-देवताओं की आराधना गांव के गोपाल कीर के अनुसार, गवरी के दौरान भील समाज के कलाकार सवा माह तक देवी-देवताओं की आराधना, व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं। प्रतिदिन मंदिर में पूजा-आरती के बाद कलाकार आसपास के गांवों में जाकर गवरी का मंचन करते हैं। करीब एक माह तक अलग-अलग गांवों में गवरी मंचन के बाद विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया गया। भक्ति गीत गाते हुए निकले श्रद्धालु विसर्जन के दौरान बैंड-बाजे और डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच ज्वारा शोभायात्रा निकाली गई। महिला-पुरुष और युवक-युवतियां सिर पर ज्वारा धारण कर भजन गाते हुए गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरे। श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। हजारों ग्रामीणों की सहभागिता से पूरा गांव भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा के साथ ही सवा माह तक चले गवरी मंचन और धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत समापन हुआ।
Rain Prediction In Bihar: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा ने उत्तर बिहार के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें 10 को सारण, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण में गरज-चमक और हल्की तेज हवा के साथ वज्रपात की संभावना है।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में किसानों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान अपनी 23 मांगों को लेकर ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने कवर्धा में आने-जाने वाले चक्काजाम कर प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया है। इसके चलते रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 समेत कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रास्ते बंद होने से यात्री, छात्र-छात्राएं, सरकारी कर्मचारी और आम लोग को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे उन्हें कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। 8 अक्टूबर को जिलेभर से किसान ट्रैक्टर लेकर जिला मुख्यालय कवर्धा पहुंचे थे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शहर के प्रमुख रास्तों पर चक्काजाम कर दिया। आंदोलन के कारण कवर्धा-राजनांदगांव और कवर्धा-बिलासपुर मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पहले देखिए तस्वीरें मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भारतीय किसान संघ ने किसानों की 23 मांगों को लेकर शासन के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं देती है, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन कर दिया जाएगा। इसके लिए किसान पूरी तैयारी के साथ फिर कवर्धा पहुंचेंगे। गन्ने पर 150 रुपए बोनस और धान के दाम बढ़ाने की मांग किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने पर 150 रुपए बोनस देना शामिल है। इसके अलावा गन्ने और सभी बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने की मांग की गई है। किसान चाहते हैं कि इन फसलों के लिए भी हर साल प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाए। किसानों ने धान के समर्थन मूल्य में पिछले तीन साल में हुई बढ़ोतरी को 3100 रुपए में जोड़कर देने और पिछली सरकार के कार्यकाल में लंबित धान की चौथी किस्त की राशि जल्द जारी करने की मांग भी की है। कारखानों की क्षमता बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मांग किसानों ने जिले के दोनों कारखानों की क्षमता बढ़ाने, घूमंतू गौवंश के पुनर्वास और सभी धान खरीदी समितियों में धान का वजन 40.700 किलो रखने की मांग की है। सिंचाई व्यवस्था को लेकर सुतियापाठ जलाशय की नहरों का विस्तार, पिलारी और घोघरा नहर का निर्माण व विस्तार, नेवारी व्यपवर्तन परियोजना को खपरी तक बढ़ाने की मंजूरी और करिया आमा बांध का जल्द निर्माण कराने की मांग उठाई गई है। गन्ना किसानों के भुगतान और फसल बीमा की मांग किसानों ने गन्ने का भुगतान जल्द कराने के लिए मंडी बोर्ड से रिवॉल्विंग फंड देने और गन्ने की फसल के लिए बीमा योजना शुरू करने की मांग भी रखी है। करीब 25 निजी स्कूलों में छुट्टी किसानों के आंदोलन को देखते हुए कवर्धा शहर के आसपास के करीब 25 निजी स्कूलों ने गुरुवार और शुक्रवार को छुट्टी घोषित कर दी थी। चक्काजाम के कारण यात्रियों, मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में छुट्टी, यात्रियों को हुई परेशानी किसानों के आंदोलन को देखते हुए कवर्धा शहर के आसपास के करीब 25 निजी स्कूलों ने गुरुवार और शुक्रवार को छुट्टी घोषित कर दी थी। वहीं, रास्ता बंद होने के कारण दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके चलते यात्रियों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। मधुरा से आ रहे एक यात्री ने कहा कि आंदोलन के नाम पर यात्रियों को रोकना गलत है। चक्काजाम की वजह से उन्हें भी करीब 3 किलोमीटर तक पैदल चलकर जाना पड़ा।
डीडवाना के ग्राम कोलिया स्थित शहीद सुरेश जेवलिया राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में शुक्रवार को मतदान जागरूकता कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम पंचायती राज आम चुनाव-2026 के लिए मतदाताओं को जागरूक करने के स्वीप कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतन कुमार ने विद्यार्थियों और युवाओं को लोकतंत्र में मतदान की अहमियत बताई। उन्होंने निष्पक्ष और बिना डर के मतदान करने के लिए प्रेरित किया। रतन कुमार ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और मजबूत लोकतंत्र बनाने में उनकी भूमिका बहुत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से खुद जागरूक होने और अपने परिवार, रिश्तेदारों व पड़ोसियों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने को कहा। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों को मतदान की शपथ दिलाई। मौजूद लोगों ने बिना डर के और अनिवार्य रूप से मतदान करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रशिक्षु आरएएस निकिता राठौड़, सरोज चोयल और स्कूल स्टाफ भी मौजूद रहे।
जम्मू नगर निगम ने तवी नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए गुज्जर नगर पुल पर 'विसर्जन पात्र' स्थापित किए हैं। इन पात्रों में पूजा सामग्री डालने से नदी में प्लास्टिक कचरा और रासायनिक प्रदूषण रुकेगा, साथ ही धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान होगा।
कोटपूतली में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लाभार्थियों को हटाने और जरूरतमंद परिवारों को जोड़ने के लिए 'गिवअप अभियान' का दूसरा चरण अक्टूबर से शुरू होगा। दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान में घर-घर जाकर लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। पावटा और नारायणपुर से होगी शुरुआत जयपुर के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देश पर डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले शहरी वार्डों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान की शुरुआत पावटा क्षेत्र और नारायणपुर की जोधपुरा ग्राम पंचायत से होगी। अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से नाम हटवाने का मौका सर्वे के दौरान आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी और खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता पूरी नहीं करने वाले लाभार्थियों को चिह्नित किया जाएगा। ऐसे लोगों से स्वेच्छा से योजना से अपना नाम हटवाने के लिए कहा जाएगा। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पात्र परिवारों के ऑनलाइन आवेदन होंगे जिला रसद अधिकारी निकिता राठौड़ ने बताया कि अभियान के माध्यम से योजना के लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। पारदर्शी सर्वे से अपात्र लोगों को हटाने और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ने में मदद मिलेगी। पात्र परिवारों के आवेदन ऑनलाइन करवाए जाएंगे, ताकि उन्हें खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
मेरठ के लिसाड़ी में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की ओर से श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान जयप्रकाश नारायण, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में गांव के बुजुर्गों, युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आयोजक डॉ. आदित्य सिंह ने कहा कि इन महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से गांव के लोगों के साथ विचार-विमर्श के बाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवा पीढ़ी को विचारों से जोड़ने का प्रयास डॉ. आदित्य सिंह ने कहा कि 8 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि मनाई गई थी। वहीं, 10 अक्टूबर को मुलायम सिंह यादव और 12 अक्टूबर को डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें याद किया जाएगा। इन पुण्यतिथियों को देखते हुए गांव के बुजुर्गों और साथियों के साथ चर्चा की गई। इसके बाद लिसाड़ी में श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया का दौर नहीं देखा, लेकिन मान्यवर कांशीराम और मुलायम सिंह यादव के दौर को देखा है। आज के समय में विचारों की कमी महसूस होती है। ऐसे में युवाओं को इन महापुरुषों के विचारों और सिद्धांतों से परिचित कराना जरूरी है। डॉ. आदित्य सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को इन महापुरुषों के विचार पढ़ने चाहिए और उनसे सीख लेकर अपने जीवन में अपनाना चाहिए। इससे बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलेगी। सामाजिक स्तर पर हुआ आयोजन डॉ. आदित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर आयोजित किया गया था। उन्होंने लोगों से समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए सहयोग करने की अपील की।
दुर्गा पूजा के अवसर पर इस बार धनबाद के झारखंड मैदान में आदिवासी शीश महल की थीम पर भव्य पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। सत्यम शिवम दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से करीब 32 लाख रुपए की लागत से पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। आकर्षक सजावट और शानदार लाइटिंग इस पंडाल की खास पहचान होगी। पूजा समिति का दावा है कि इस बार यहां की लाइटिंग चंदननगर की लाइटिंग से भी बेहतर होगी। पंडाल और मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण एक ही कारीगर द्वारा एक ही स्थान पर किया जा रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर शुक्रवार को डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर प्रकाश सोय ने धनबाद थाना प्रभारी और पुलिस टीम के साथ झारखंड मैदान स्थित पूजा पंडाल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन और सुरक्षा इंतजामों की जांच की। डीएसपी ने पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने, अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में संपर्क के लिए संबंधित थाने व अधिकारियों के फोन नंबर प्रमुख स्थानों पर लगाने का निर्देश दिया। साथ ही महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था का भी जायजा लिया।। निरीक्षण के दौरान पार्किंग और रास्ते से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पूजा समिति ने बताया कि रास्ता बंद रहने के कारण पूजा के दौरान भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। समिति ने प्रशासन से संबंधित रास्ते को खुलवाने का आग्रह किया है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कत न हो। पूजा समिति के मीडिया प्रभारी विकास साव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए होटल गोकुल सहित निर्धारित स्थानों पर 24 घंटे शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। समिति का प्रयास है कि पूजा के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत सभी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल पंडाल निर्माण का काम जारी है। समिति के सदस्यों ने भरोसा दिलाया है कि दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी
बुरहानपुर में नवदुर्गा उत्सव से पहले पुलिस अलर्ट:शांति भंग करने वाले 2 आरोपियों पर हुई कार्रवाई
बुरहानपुर में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। जिलेभर में असामाजिक तत्वों और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों से बांड भी भरवाए जा रहे हैं। शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस ने शांति भंग करने की कोशिश के मामले में 2 आरोपियों को पकड़ा और कोर्ट में पेश किया। गणेशोत्सव में विवाद करने वाले 2 आरोपी पकड़े एसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि दुर्गोत्सव के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने या अपराध करने की कोशिश करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को 2 आरोपियों को पकड़ा है। दोनों ने गणेशोत्सव के दौरान विवाद किया था। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया है। आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर भी रहेगी नजर पुलिस के मुताबिक, आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई होगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाएगी और किसी भी तरह का इनपुट मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पलवल में ऑटो में सफर के दौरान फोन चोरी कर यूपीआई के जरिए बैंक अकाउंट से एक लाख रुपए निकालने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार के अनुसार, टीकरी गुर्जर गांव निवासी सुमित निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वह पलवल से गदपुरी जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुए थे। ऑटो में उनके साथ तीन अन्य लोग पीछे बैठे थे। पलवल बस स्टैंड के पास उन्होंने अपने मोबाइल से एक ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश की, जो असफल रहा। इसके बाद गदपुरी पहुंचकर किराया देकर जब वे ऑटो से उतरे और अपना फोन चेक किया, तो मोबाइल गायब मिला। पीड़ित जब तक ऑटो की तलाश में वापस लौटा, तब तक ऑटो ड्राइवर और उसमें सवार अन्य व्यक्ति मौके से जा चुके थे। 9 ट्रांजेक्शन में निकाले एक लाख एक हजार रुपए आरोपियों ने पीड़ित का फोन चुराने के बाद उससे कई यूपीआई लेनदेन किए। पीड़ित के बैंक खाते से कुल एक लाख एक हजार रुपए की अलग-अलग नौ ट्रांजेक्शन की गई। इस राशि में से करीब 60 हजार रुपए पीड़ित की पत्नी प्रियंका के एसबीआई बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए और फिर वहां से आरोपियों ने पैसे अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर काल कर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उनक खातों की जांच की जा रही है, जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए है, ताकि साइबर ठगों को गिरफ्तार किया जा सके।
सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो बोलेरो पिकअप गाड़ियों से 12 भैंसें पकड़ी हैं। भैंसों को सुरक्षित गौशाला भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात सटीक सूचना मिलने पर थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने और पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर गाड़ियों की तलाश शुरू की। रात में सफलता नहीं मिली, लेकिन शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) सुबह दो संदिग्ध पिकअप गाड़ियां पुलिस के हत्थे चढ़ गईं। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गाड़ियों को हरे रंग की प्लास्टिक से ढका हुआ था, ताकि बाहर से देखने पर अंदर मवेशी होने का पता न चले। चार लोग हिरासत में, जांच जारी पुलिस ने पिकअप (MP 66 ZH 8842 और MP 66 ZJ 2304) को जब्त कर लिया है। मामले में चार संदिग्ध लोगों को पकड़े जाने की खबर है, हालांकि पुलिस ने अभी उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मवेशियों को बेहद अमानवीय तरीके से भरकर ले जाया जा रहा था। पुलिस अब पशु क्रूरता अधिनियम के तहत भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन भैंसों को कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था। गाड़ियों और मवेशियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इलाके में लंबे समय से मवेशी तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं।
हरियाणा से दिल्ली यात्रा करने वाले यात्री दो दिनों तक रेल सफर करने से पहले ट्रेनों की स्थिति जान ले। रेलवे ने परिचालन कारणों के चलते 9 से 11 अक्टूबर तक अलग-अलग दिनों में चलने वाली 10 रेलसेवाओं को रद्द कर दिया है। इनमें साबरमती-नई दिल्ली, तिलकब्रिज-सिरसा, रेवाड़ी-मेरठ कैंट, रेवाड़ी-दिल्ली और सातरोड़-दिल्ली रूट की ट्रेनें शामिल हैं। वहीं लोग इसको सीजेपी प्रोटेस्ट से जोड़कर देख रहे हैं। इससे हरियाणा के विभिन्न शहरों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। रेलवे के अनुसार, ट्रेन नंबर 74002 रेवाड़ी-दिल्ली 9 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। यह ट्रेन रेवाड़ी से चलकर खलीलपुर, पटौदी रोड, गढ़ी हरसरू और गुरुग्राम सहित रास्ते के स्टेशनों से होते हुए दिल्ली पहुंचती है। वहीं, ट्रेन नंबर 74001 दिल्ली-रेवाड़ी 9 अक्टूबर को नहीं चलेगी। ये 11 तक रहेंगी रद्द ट्रेन नंबर 54420 रेवाड़ी-दिल्ली भी 9 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। इसके अलावा ट्रेन नंबर 54413 दिल्ली-रेवाड़ी 10 और 11 अक्टूबर को रद्द रहेगी। इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। रेवाड़ी-मेरठ कैंट ट्रेन 2 दिन नहीं चलेगी ट्रेन नंबर 54411 रेवाड़ी-मेरठ कैंट 9 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। यह ट्रेन रेवाड़ी से चलकर गुरुग्राम की ओर जाती है और आगे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से होते हुए मेरठ कैंट पहुंचती है। इस रूट पर नियमित सफर करने वाले यात्रियों को ट्रेन की उपलब्धता जांचकर घर से निकलना चाहिए। सिरसा, हिसार और भिवानी रूट भी प्रभावित ट्रेन नंबर 15307 तिलकब्रिज-सिरसा 10 अक्टूबर को और ट्रेन नंबर 15308 सिरसा-तिलकब्रिज 11 अक्टूबर को रद्द रहेगी। इस रूट पर सिरसा, डिंग, भट्टू, हिसार, सातरोड़, हांसी और भिवानी क्षेत्र के यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित संचालन की जानकारी लेनी चाहिए। इसी तरह ट्रेन नंबर 54086 सातरोड़-दिल्ली 9 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। यह ट्रेन सातरोड़ से चलकर हिसार-भिवानी क्षेत्र और रेवाड़ी की ओर से दिल्ली जाती है। साबरमती-नई दिल्ली ट्रेन भी रद्द ट्रेन नंबर 12957 साबरमती-नई दिल्ली 9 अक्टूबर को साबरमती से रवाना नहीं होगी। इसके जवाब में चलने वाली ट्रेन नंबर 12958 नई दिल्ली-साबरमती 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार, ये सभी ट्रेनें परिचालन कारणों से रद्द की गई हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन पहुंचने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से अपनी ट्रेन के संचालन और ठहराव की जानकारी जरूर जांच लें।
बारां में विप्र फाउंडेशन की प्रदेश, जिला, नगर और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक जानकी फोर्ट में हुई। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर शर्मा के निर्देश पर समाजहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। संगठन विस्तार, शिक्षा, रोजगार, सहायता कोष, छात्रावास और सामाजिक एकजुटता पर बात हुई। प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी ने गांव-वार्ड स्तर पर कार्यकारिणी सक्रिय कर अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया। डेटा बैंक बनाने का सुझावसंगठन महामंत्री हरिसूदन शर्मा ने डेटा बैंक बनाने का सुझाव दिया। राष्ट्रीय सदस्य हरिओम प्रधान ने प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन और रोजगार सहायता की बात कही। प्रभारी श्याम गौतम ने इकाइयों में तालमेल पर जोर दिया।जिला अध्यक्ष कपिल देव शर्मा ने सहायता कोष, स्थायी कार्यालय और छात्रावास की जरूरत बताई। उन्होंने यूजीसी के एक कानून के खिलाफ जिले में आंदोलन की घोषणा की। बैठक ‘संगठन, संस्कार, शिक्षा, सेवा’ संकल्प के साथ संपन्न हुई।
हनुमानगढ़ में मानसून के बाद मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान का तीसरा चरण शुरू किया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मलेरिया, डेंगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। स्वास्थ्यकर्मी घरों में पानी के बर्तनों, गमलों, पुराने टायरों और छतों पर जमा पानी की जांच कर रहे हैं। साथ ही मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए जमा पानी खाली करवाया जा रहा है। जमा पानी हटाने और सफाई रखने की अपील मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान लोगों को घरों और आसपास साफ-सफाई रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य दल सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें दवाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं। डिप्टी सीएमएचओ ने बताए बचाव के उपाय डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे घरों में पानी जमा न होने दें और पानी की टंकियों को ढककर रखें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और आसपास स्वच्छता बनाए रखें, ताकि मच्छरों के पनपने की आशंका को कम किया जा सके। जिला कलक्टर ने जनसहभागिता पर दिया जोर जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने भी आमजन से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई रखने तथा मच्छरों को पनपने से रोकने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों पर सर्दी, जुकाम, बुखार सहित मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए दवाएं उपलब्ध हैं। जिला कलक्टर ने नागरिकों से स्वास्थ्य विभाग की टीमों को घर-घर सर्वे और जांच के दौरान सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सतर्कता से ही मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कोटपूतली की युवा निशानेबाज इनाया यादव ने दिल्ली में आयोजित 011 इंडिया ओपन कंपटीशन 2026 में दो स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 7 अक्टूबर से आयोजित प्रतियोगिता में इनाया ने ट्रैप यूथ महिला और ट्रैप जूनियर महिला स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल हासिल किए। इनाया पूर्व गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव की पोती और त्रिभुवन यादव की बेटी हैं। उन्होंने कड़े मुकाबलों के बीच एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पहले भी जीत चुकी हैं कई पदक इनाया इससे पहले भी निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने पटियाला में आयोजित प्री-नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीते थे। वहीं, जयपुर में हुई 24वीं राजस्थान राज्य ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक हासिल किया था। लगातार प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर इनाया ने अपनी मेहनत और निशानेबाजी के प्रति समर्पण को साबित किया है। उनकी इस उपलब्धि से कोटपूतली क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

