हाथ में त्रिशूल, 6 पैक्स एब्स, कौन है रणबीर कपूर का बॉडी डबल?
फिल्म के सीन में प्रभु राम और परशुराम दोनों को साथ दिखाया गया है. अब सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है कि रणबीर एक ही समय में दो रोल-रोल में नजर आए. बता दें कि जब ऐसे हालातों में मेकर्स बॉडी डबल की मदद लेते हैं.
बॉलीवुड की डिंपल गर्ल आलिया भट्ट ने अपने पति और सुपरस्टार रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण पार्ट 1' देखने के बाद इसकी जमकर तारीफ की है। न सिर्फ आलिया ने फिल्म का शानदार रिव्यू किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्होंने इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा दिया है। फिल्म के सेट से सामने आईं इन तस्वीरों में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में नजर आ रहे हैं, और उनके साथ उनकी नन्हीं बिटिया राहा कपूर भी दिखाई दे रही हैं। यह फिल्म 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। आलिया भट्ट ने 'रामायण' के सेट से राहा की तस्वीरें शेयर कीं इसे भी पढ़ें: Ramayana के सेट से सामने आईं रणबीर कपूर और बेटी राहा की अनदेखी तस्वीरें, आलिया भट्ट ने की शेयर आलिया ने दो तस्वीरें शेयर कीं। पहली तस्वीर में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में नजर आ रहे हैं, जब वे वनवास पर गए थे। फिल्म के सेट पर उनके साथ उनकी बेटी राहा भी मौजूद थीं। पहली तस्वीर में नन्ही राहा के गाल पर प्यार से किस किया गया है। दूसरी तस्वीर में वह अपने पिता के काफी करीब खड़ी हैं। तस्वीरें शेयर करते हुए आलिया ने लिखा, आपने इस फिल्म में अपना सब कुछ झोंक दिया, और फिर भी आपकी बेटी के लिए आपके पास बहुत सारा प्यार बचा रहा। मुझे आप पर बहुत गर्व है, रणबीर! और उन सभी लोगों पर भी गर्व है जिन्होंने इस शानदार सिनेमाई अनुभव में अपना दिल और जान लगा दी। कुछ कहानियां हम सबसे बड़ी होती हैं, और 'रामायण' उन्हीं में से एक है। 'रामायण' का रिव्यू और मूवी रेटिंग इसे भी पढ़ें: Ramayana रिलीज: Ranbir Kapoor और Yash के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा इंडिया टीवी ने 'रामायण' को 5 में से 4 स्टार दिए हैं। हमारे रिव्यू का एक हिस्सा इस प्रकार है: 'रामायण' की सबसे बड़ी खूबी इसका तकनीकी स्तर है। प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी, विजुअल इफेक्ट्स और बैकग्राउंड स्कोर मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाते हैं जो दर्शकों को किसी दूसरे युग में ले जाती है। अयोध्या की भव्यता, मिथिला की सुंदरता, लंका के महल, जंगल और युद्ध के दृश्य फिल्म के विजुअल कैनवस को और समृद्ध बनाते हैं। हर जगह की अपनी एक अलग पहचान है। लंका सोने, शक्ति और धन का प्रतीक है, जबकि अयोध्या अनुशासन, संस्कृति और शांति को दर्शाती है। इसमें आगे कहा गया, DNEG के विज़ुअल इफेक्ट्स इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक हैं। भव्य सेट, दिव्य अस्त्र-शस्त्र, युद्ध के दृश्य और पौराणिक नज़ारे बड़े पर्दे पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं। रावण से जुड़े दृश्य, खासकर रावण और जटायु के बीच का टकराव, अपने बेहतरीन तकनीकी काम की वजह से खास तौर पर उभर कर आते हैं। कुछ जगहों पर CGI थोड़ा बनावटी लग सकता है, लेकिन फिल्म के लिए तैयार की गई दुनिया का पैमाना इन कमियों की काफी हद तक भरपाई कर देता है। इसे भी पढ़ें: Ramayana Part 1 X Review | 'रामायण पार्ट 1' पर सोशल मीडिया पर आया दर्शकों का सैलाब! रणबीर, यश और साई पल्लवी की महाकाव्य फिल्म को लेकर क्या बोले लोग? 'रामायण' में भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर, सीता के रूप में साई पल्लवी और रावण के किरदार में यश नज़र आएंगे। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Alia Bhatt (@aliaabhatt)
मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने गुरुवार रात मुंबई में अपनी सालाना दिवाली पार्टी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शिरकत की। पार्टी में ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन की रोमांटिक केमिस्ट्री ने सभी का ध्यान खींचा। वहीं, मलाइका अरोड़ा अपने कथित बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन हर्ष मेहता के साथ नजर आईं। इस जश्न में नीता अंबानी, करीना कपूर खान, सैफ अली खान, अक्षय कुमार, कृति सेनन, दिशा पाटनी और करण जौहर जैसी हस्तियां भी शामिल हुईं। इस पार्टी में माधुरी दीक्षित अपने परिवार के साथ शामिल हुईं। इस दौरान उनके बेटे पहली बार अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी की तस्वीरें देखें- रूमर्ड बॉयफ्रेंड संग पहुंचीं मलाइका, एक्स-पार्टनर अर्जुन भी रहे मौजूद पार्टी में अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा अपने रूमर्ड बॉयफ्रेंड व बिजनेसमैन हर्ष मेहता के साथ पहुंचीं। मलाइका ने पिंक और व्हाइट कॉम्बिनेशन वाला शिमरी लहंगा पहना था, जिसे उन्होंने डायमंड नेकलेस के साथ स्टाइल किया था। वहीं, हर्ष भारतीय परिधान में नजर आए और दोनों एक साथ पार्टी में पहुंचे व बाहर निकले। दिलचस्प बात यह रही कि इसी दिवाली पार्टी में मलाइका के पूर्व पार्टनर और अभिनेता अर्जुन कपूर भी मौजूद थे। हाथों में हाथ डाले नजर आए ऐश्वर्या और अभिषेक इवेंट में ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन ने एक साथ एंट्री ली। ऐश्वर्या रेड कलर के ट्रिडीशनल लुक में नजर आईं, जबकि अभिषेक ब्लैक आउटफिट में दिखे। दोनों ने पैपराजी के सामने हाथों में हाथ थामकर पोज दिए। तस्वीरों के लिए पोज देते समय दोनों एक-दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराते और ब्लश करते दिखाई दिए। गोल्डन साड़ी में करीना, सैफ संग दिए पोज अभिनेत्री करीना कपूर खान अपने पति सैफ अली खान और बहन करिश्मा कपूर के साथ मनीष मल्होत्रा के घर पहुंचीं। करीना ने गोल्डन सीक्वेंस साड़ी के साथ मैचिंग बैकलेस ब्लाउज पहना था, जिसने उनकी फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' के 'पू' किरदार की याद दिला दी। स्मोकी आई मेकअप के साथ उन्होंने अपना लुक पूरा किया।
बॉलीवुड के गलियारों में जब भी किसी हाई-प्रोफाइल पार्टी की बात होती है, तो मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा का नाम सबसे ऊपर आता है। इस बार भी मनीष मल्होत्रा द्वारा आयोजित सितारों से सजी दिवाली पार्टी ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। इस पार्टी में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार शामिल हुए, लेकिन जिस एक जोड़े ने महफिल की सारी लाइमलाइट चुरा ली, वे थे- अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन। इस स्टार-स्टडेड इवेंट में इस पावर कपल ने एक साथ एंट्री ली और उनके बीच का प्यार और बॉन्डिंग देख फैंस एक बार फिर से उनके दीवाने हो गए हैं। दिवाली पार्टी में ऐश्वर्या और अभिषेक ने पेश की 'कपल गोल्स' की मिसाल इस मौके के लिए अभिषेक बच्चन ने काले रंग का कुर्ता सेट चुना। वहीं, ऐश्वर्या राय बच्चन सुनहरे काम वाली गहरे लाल रंग की साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने अपने बालों को वेवी (हल्के घुंघराले) स्टाइल में रखा और अपने सिग्नेचर रेड लिप्स के साथ विंग्ड आईलाइनर लगाया। हमेशा की तरह, पूर्व मिस वर्ल्ड ने अपना लुक काफी सिंपल और मिनिमल रखा। दोनों एक-दूसरे के काफी करीब खड़े थे और उनके बीच का प्यार साफ झलक रहा था। सबसे प्यारी तस्वीरें वे थीं, जिनमें पैपराज़ी के लिए पोज़ देते समय अभिषेक अपनी पत्नी से नज़रें ही नहीं हटा पा रहे थे। कुछ अन्य तस्वीरों में, ऐश्वर्या प्यार से अभिषेक की ओर देखती हैं और फिर अपना सिर उनके सीने पर टिका देती हैं। पोज़ देते समय अभिषेक ने उनका हाथ थाम रखा था, जिसमें उनकी उंगलियां आपस में उलझी हुई थीं। यह पल अभिषेक और ऐश्वर्या के फैंस के लिए काफी खास है, क्योंकि हाल के वर्षों में वे बहुत कम ही एक साथ पब्लिक इवेंट्स में नज़र आए हैं। पार्टी में उनकी बेटी आराध्या उनके साथ नहीं दिखीं। वैसे, आराध्या अक्सर ऐश्वर्या के साथ पब्लिक इवेंट्स और अन्य मौकों पर नज़र आती हैं। अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की लव स्टोरी अभिषेक (50) और ऐश्वर्या (53) एक-दूसरे को तब से जानते हैं, जब उन्होंने साथ काम करना शुरू किया था। 1999 में 'ढाई अक्षर प्रेम के' के फोटोशूट के दौरान वे पहली बार पेशेवर तौर पर मिले थे। बाद में, उन्होंने 'कुछ ना कहो' फिल्म में भी साथ काम किया। 'उमराव जान' और 'धूम 2' जैसी फिल्मों में काम करने के दौरान उनकी दोस्ती धीरे-धीरे एक रिश्ते में बदल गई। अभिषेक ने पहले भी बताया है कि 'उमराव जान' की शूटिंग के दौरान उनके बीच का रिश्ता काफी गंभीर हो गया था। यह कपल 2007 में मणिरत्नम की फिल्म 'गुरु' में भी एक साथ नज़र आया था। इसी फिल्म के प्रमोशन के लिए न्यूयॉर्क गए हुए अभिषेक ने एक होटल की बालकनी पर ऐश्वर्या को प्रपोज़ किया था। उन्होंने 20 अप्रैल, 2007 को मुंबई में एक निजी समारोह में शादी की। इस जोड़े के यहाँ 16 नवंबर, 2011 को उनकी बेटी, आराध्या बच्चन का जन्म हुआ। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
‘राइज एंड फॉल 2’ का विनर, गौतम गुलाटी और शहजाद पूनावाला में से किसने उठाई ट्रॉफी?
Rise And Fall 2 Winner: ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ का फिनाले एपिसोड अभी ओटीटी पर आने वाला है। हालांकि, विनर का नाम पहले ही लीक हो गया है।
19 साल छोटे BF संग मलाइका, Ex अर्जुन से सामना, हुईं अनकंफर्टेबल!
मलाइका और हर्ष इवेंट में साथ आए थे. लेकिन पैप्स के सामने पोज देने की जब बारी आई, तो हर्ष दूर जाकर खड़े हो गए.
फिल्म 'रामायण' को लेकर फैंस ही नहीं स्टार्स भी अपने एक्सपीरियंस शेयर कर रहे हैं। ऐसे में अनुपम खेर ने एक बार फिर से 'रामायण' को लेकर अपना रिव्यू दिया है।
Ramayana Box Office Collection LIVE: रामायण का आज बॉक्स ऑफिस पर दूसरा दिन, सामने आ गए शुरुआती आंकड़े
Ramayana Box Office Collection LIVE: ‘रामायण’ ने दूसरे दिन भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की है। इस लाइव ब्लॉग में आपको ‘रामायण’ डे2 का हर घंटे का आंकड़े पढ़ने मिलेगा।
घुंघराले बाल-डैशिंग लुक, हीरो से कम नहीं अक्षय-माधुरी के बेटे
गुरुवार को मनीष मल्होत्रा ने मुंबई में अपने घर पर दिवाली पार्टी रखी. मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी कई बड़े बॉलीवुड सितारों से सजी दिखी.
रामायण ने ओपनिंग डे पर कमाए ₹65 करोड़:2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग; प्रभास की आदिपुरुष से पीछे रही
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण' ने पहले दिन 64.85 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, यह 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी ओपनिंग बन गई है। फिल्म ने सभी भाषाओं को मिलाकर ₹77.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन हासिल किया है। हालांकि यह फिल्म प्रभास की आदिपुरुष से पीछे रह गई। आदिपुरुष ने पहले दिन ₹86.75 करोड़ रुपए कमाए थे। हिंदी बेल्ट में सबसे ज्यादा कमाई, 25,200 शो में हुई स्क्रीन फिल्म 'रामायण' को देशभर में 25,200 शो में रिलीज किया गया था, जिसमें से सबसे बड़ा योगदान हिंदी भाषा का रहा। हिंदी वर्जन ने 20,678 शो के जरिए 47.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके अलावा कन्नड़ भाषा में फिल्म ने 7.25 करोड़ रुपए, तेलुगु में 6 करोड़ रुपए, तमिल में 2.60 करोड़ रुपए और मलयालम वर्जन में 1.50 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज की। ओवरसीज मार्केट से 20 से 40 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 100 करोड़ रुपए के पार पहुंच जाएगा। ‘पठान’-'एनिमल' का रिकॉर्ड तोड़ा, 'आदिपुरुष' से रही पीछे ओपनिंग डे के आंकड़ों के मामले में 'रामायण' ने शाहरुख खान की 'पठान' और रणबीर कपूर की अपनी पिछली फिल्म 'एनिमल' के पहले दिन के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, यह साल 2026 की सबसे बड़ी ओपनर 'धुरंधर: द रिवेंज' (₹102.55 करोड़ नेट) से पीछे रही। इसके अलावा साल 2023 में रिलीज हुई प्रभास स्टारर 'आदिपुरुष' का ऑल-लैंग्वेज ओपनिंग डे रिकॉर्ड (₹86.75 करोड़) भी इस फिल्म से आगे बना हुआ है। त्योहार पर कामकाज और महंगे टिकट बने वजह ट्रेड एक्सपर्ट्स और दर्शकों के अनुसार, गुरुवार को रिलीज होने और दिवाली से पहले ट्रैवल व तैयारियों के चलते कई परिवार पहले दिन सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सके। इसके अलावा प्रीमियम टिकटों की ऊंची कीमतें, ऑन-ग्राउंड प्रमोशन की कमी और अतीत में 'आदिपुरुष' से मिली निराशा के चलते कुछ दर्शक शुरुआत में सतर्क नजर आए। इन तमाम वजहों का असर फिल्म के पहले दिन के संभावित कलेक्शन पर देखा गया। वीएफएक्स और रणबीर-यश की एक्टिंग की तारीफ ओपनिंग डे के बाद दर्शकों और समीक्षकों की ओर से फिल्म को अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिली हैं। दर्शकों ने फिल्म में इस्तेमाल किए गए विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की सराहना की है। इसके अलावा भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर और रावण के किरदार में साउथ स्टार यश के अभिनय को काफी पसंद किया जा रहा है। 4,000 करोड़ के बजट में बनी है फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'रामायण' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा और महंगा प्रोजेक्ट है। फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसमें इसके दोनों भाग शामिल हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में, रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में और केजीएफ फेम यश रावण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। पूरी खबर पढ़ें
रामायणम् पार्ट 1 का घरेलू बॉक्स ऑफिस के बाद पहले दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन का आकंड़ा भी सामने आ चुका है। विदेशों में रणबीर कपूर की फिल्म पहले दिन जय-जयकार करवाने में सफल रही।
बॉलीवुड की फिल्मों में दीवाली को शानदार तरीके से मनाया गया। एक तरफ जहां मां अपने बेटे को त्यौहार पर घर लौटता देख आंसू नहीं रोक पाई, तो वहीं दूसरी तरफ गोलमाल जैसी फिल्मों में दीवाली पर ऐसे पटाखें फूटे जिसे देख लोगों की हंसी नहीं रुकी।
'रामायण' बॉलीवुड की 2026 की बिगेस्ट ओपनर फिल्म बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं इंडियन सिनेमा की पहली 'रामायण' कौन सी थी और इसमें किस कलाकार ने राम और किसने रावण का किरदार निभाया था।
'TV की मंथरा', सगी बहन बनी सौतन, 3 दिन तक सड़ती रही लाश
नितेश तिवारी की रामायण फिल्म रिलीज के बाद मंथरा के किरदार पर चर्चा तेज हो गई है. मंथरा की भूमिका निभाने वाली ललिता पवार ने 9 साल की उम्र से अभिनय शुरू किया और 700 से अधिक फिल्मों में काम किया. उनका जीवन संघर्षों से भरा था, जिसमें परिवारिक विश्वासघात और अकेलापन शामिल था.
गौर सिटी के यूएस सिनेमा में 'रामायण' के शो के दौरान धुआं, दर्शकों को बाहर निकाला
प्रोजेक्टर से धुआं निकलने के बाद गौर सिटी के यूएस सिनेमा में फिल्म 'रामायण' का शो रोकना पड़ा. घटना के दौरान तीन ऑडिटोरियम में स्क्रीनिंग बंद रही. दर्शकों को टिकट के पैसे वापस कर दिए गए.
लाल साड़ी में ऐश्वर्या, अभिषेक के सीने पर रखा सिर, लूटी महफिल
लंबे समय बाद ऐसा हुआ जब ऐश्वर्या और अभिषेक को इस तरह रोमांटिक अंदाज में देखा गया है. फैन्स दोनों को साथ देखकर खुश हैं.
दीवाली के फेस्टिव सीजन में पहनावा किस तरह का होना चाहिए, इस पर बॉलीवुड कलाकारआदिनाथ कोठारे और अंश दुग्गल ने अपनी राय रखी है।
Bigg Boss 20: लव गिल और स्काउट के बीच हुआ बवाल, कहा- 'मैं आपके हिसाब से नहीं चलूंगी...'
ऐसे में शो पर अगर किसी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, तो वो है स्काउट ओपी और लव गिल। इन दोनों के रिश्ते को लेकर कई सवाल सामने उठे। लेकिन अब इसके रिश्ते में भी दरार आती नजर आ रही है।
राम-हनुमान की मुलाकात, लंका दहन और रावण से युद्ध जैसे प्रसंग दूसरे भाग के आकर्षण होंगे। नमित ने VFX को लेकर कहा है कि DNEG इस फिल्म में ऐसा काम कर रही है, जैसा उसने पहले कभी नहीं किया।फिल्म का दूसरा पार्ट देखने के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
विराट कोहली के जन्मदिन पर, स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर विमल कुमार ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो शेयर किया। वायरल वीडियो में विराट न्यूजीलैंड में प्रैक्टिस सेशन के बाद मैदान से बाहर आते दिख रहे हैं।
बॉलीवुड फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को निधन हो गया। वे इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट संजय सिंह की किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' पर आधारित महत्वाकांक्षी वेब सीरीज बनाने की तैयारी कर रहे थे। इस प्रोजेक्ट से वे ओटीटी पर डेब्यू करने वाले थे। सीरीज में अक्षय खन्ना, अनिल कपूर, नसीरुद्दीन शाह, दिया मिर्जा, रोनित रॉय और महेश मांजरेकर जैसे कलाकारों के नाम तय किए गए थे। हालांकि, प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कई मुश्किलें आ रही थीं। संजय सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में संजय गुप्ता के साथ पहली मुलाकात, ड्रीम प्रोजेक्ट की तैयारी, फिल्म इंडस्ट्री और ओटीटी पर दबाव और अधूरी रह गई योजनाओं के बारे में बताया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश... सवाल: संजय गुप्ता से आपकी पहली मुलाकात कैसे हुई? 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' पर वेब सीरीज बनाने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' यानी सीआईयू किताब मैंने लिखी थी। किताब काफी लोकप्रिय हुई थी और इसे साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था। हम भी सोच रहे थे कि इस पर ओटीटी सीरीज बननी चाहिए। इसी बीच संजय गुप्ता की नजर किताब पर पड़ गई। वे एक दिन अपने बेटे के साथ साउथ मुंबई के मशहूर बुक स्टोर 'किताबखाना' गए थे। वहां उन्होंने किताब देखी, कुछ पन्ने पढ़े और खरीद ली। घर जाकर पूरी किताब पढ़ी। अगली सुबह उन्होंने अपनी टीम से दोनों लेखकों को ढूंढकर संपर्क करने के लिए कहा। उनकी टीम में पीआर का काम देखने वाले अमित अंशु ने हमसे संपर्क किया। हम उनसे मिलने पहुंचे और महज 24 घंटे के भीतर संजय गुप्ता ने पूरी डील फाइनल कर दी। किताब की कहानी उन्हें बहुत पसंद आई थी। इसमें देश के सबसे अमीर उद्योगपति के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी मिलती है। बाद में उस गाड़ी से जुड़े इकलौते शख्स की हत्या हो जाती है। जांच में पता चलता है कि इस मामले के पीछे पुलिस के ही कुछ लोग शामिल थे। संजय गुप्ता ऐसी ही कहानी की तलाश में थे। सवाल: संजय गुप्ता के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: संजय गुप्ता को अंडरवर्ल्ड और अपराध की दुनिया की बहुत गहरी जानकारी थी। वे मुंबई ही नहीं, दुनिया भर में हुए अपराधों और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी किताबें पढ़ते थे। क्राइम की इतनी जानकारी रखने वाले फिल्ममेकर बहुत कम मिलेंगे। हम पत्रकारों को अक्सर लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग किसी विषय को सतही तौर पर समझते हैं, लेकिन संजय गुप्ता के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं था। उनसे बातचीत में मुझे भी काफी कुछ सीखने को मिला। वे छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते थे। पहली मुलाकात में उन्होंने मेरी किताब में ओल्ड मोंक के बारे में लिखा एक पैराग्राफ पढ़ा था। मैं अपनी हर किताब में ओल्ड मोंक के लिए एक पैराग्राफ जरूर लिखता हूं। उन्होंने पहले से ओल्ड मोंक मंगाकर रखी थी। मीटिंग खत्म होने पर बताया कि आपकी किताब में पढ़ा था कि आप इसके बारे में लिखते हैं, इसलिए मंगाकर रखी है। इससे उनकी बारीकियों पर ध्यान देने की आदत का पता चलता है। सवाल: इस वेब सीरीज के लिए संजय गुप्ता की क्या योजना थी? इसकी स्टारकास्ट भी काफी बड़ी थी। जवाब: संजय गुप्ता ओटीटी पर अपना डेब्यू बड़े स्तर पर करना चाहते थे। उन्होंने किताब के आधार पर एक पिच डेक तैयार किया था, जिसमें सीरीज के एपिसोड और कलाकारों की जानकारी थी। इसे देखकर मैं और मेरे सह-लेखक राकेश द्विवेदी हैरान रह गए। सीरीज में मुख्य किरदार अक्षय खन्ना निभाने वाले थे। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर की भूमिका नसीरुद्दीन शाह और पुलिस कमिश्नर महावीर का किरदार अनिल कपूर निभाने वाले थे। दिया मिर्जा, रोनित रॉय, महेश मांजरेकर और अतुल कुलकर्णी भी इसका हिस्सा बनने वाले थे। संजय गुप्ता चाहते थे कि भारतीय ओटीटी दर्शकों ने इतनी बड़ी स्टारकास्ट पहले किसी सीरीज में न देखी हो। उनका कहना था कि हर एपिसोड को एक फिल्म की तरह शूट किया जाएगा। उन्होंने शुरुआती दो एपिसोड की स्क्रिप्ट भी लिख ली थी और मुझे ईमेल की थी। वे इसे जल्दबाजी में नहीं बनाना चाहते थे। उनका कहना था कि यह उनकी जिंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट होगा, जिसे पूरा समय लेकर बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा। सवाल: क्या यह सीरीज 'स्कैंडल' नाम की किसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने वाली थी? जवाब: हां, संजय गुप्ता की योजना 'स्कैंडल' नाम से एक फ्रेंचाइजी शुरू करने की थी। इसके तहत अलग-अलग घटनाओं और सच्ची कहानियों पर आधारित सीजन बनाए जाने थे। पहले सीजन के लिए उन्होंने हमारी किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' चुनी थी। ओटीटी प्लेटफॉर्म अक्सर पूछते हैं कि पहला सीजन सफल होने पर अगला सीजन किस कहानी पर बनेगा। इसी सिलसिले में संजय गुप्ता हमसे सीआईयू का दूसरा पार्ट लिखने के लिए कहते थे। सवाल: सीआईयू के दूसरे सीजन के लिए वे किस घटना पर काम करना चाहते थे? जवाब: वे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस पर दूसरा सीजन बनाना चाहते थे। उस समय आर्यन खान की गिरफ्तारी और उससे जुड़ी घटनाएं काफी चर्चा में थीं। संजय गुप्ता का मानना था कि इस मामले में कई दिलचस्प पहलू हैं। वे चाहते थे कि हम सीआईयू पार्ट-2 लिखें और पहले इसके राइट्स उन्हें दे दें, किताब बाद में लिखें। हमने उस किताब पर लिखना शुरू तक नहीं किया था, इसलिए यह बात हैरान करने वाली थी। वे कहते थे कि इस मामले पर शाहरुख खान से भी बात करेंगे और अपनी पूरी स्क्रीनप्ले उनके साथ साझा करेंगे, ताकि कहानी के दोनों पक्ष सही तरीके से सामने आ सकें। सवाल: क्या संजय गुप्ता ने आपकी दूसरी किताबों के भी राइट्स लिए थे? जवाब: हां, उन्होंने हमारी एक और किताब 'रंगा-बिल्ला' के राइट्स भी लिए थे। यह किताब हाल ही में हार्पर कॉलिंस से 'रंगा-बिल्ला: नेशन एम्बुश' नाम से प्रकाशित हुई है। इसे लिखने में मेरे सह-लेखक राजीव संथानम की अहम भूमिका रही है। वे वरिष्ठ पत्रकार हैं और 1978 में रंगा-बिल्ला की घटना के समय रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्होंने 1974 में अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान का इंटरव्यू भी किया था। रंगा-बिल्ला मामले में उनकी रिपोर्टिंग बेहद अहम थी। उन्होंने रंगा-बिल्ला की तस्वीर खोजकर प्रकाशित की थी, जिससे उनकी पहचान सामने आई और उन्हें पकड़ने में मदद मिली। संजय गुप्ता का मानना था कि लोगों को रंगा-बिल्ला की घटना तो पता है, लेकिन उसके पीछे की पूरी कहानी और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से उसके संबंधों के बारे में बहुत कम जानकारी है। सवाल: क्या आपकी किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी गाड़ी मिलने की घटना से प्रेरित थी? जवाब: कोई पत्रकार और लेखक अपने आसपास हो रही घटनाओं से खुद को अलग नहीं रख सकता। हम पत्रकारिता करते हैं, इसलिए वास्तविक घटनाओं से ही हमारी कहानियों को प्रेरणा मिलती है। हालांकि, किताब में हमने स्पष्ट डिस्क्लेमर दिया था कि इसके किरदार वास्तविक लोगों पर आधारित नहीं हैं। हमने एक बुकमार्क भी रखा था, जिसमें किरदारों और वास्तविक पुलिस अधिकारियों के बीच अंतर बताया गया था। किताब का पुलिस कमिश्नर महावीर तोमर परमबीर सिंह नहीं हैं। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दिलीप वर्मा प्रदीप शर्मा नहीं हैं। नित्या शेट्टी दया नायक नहीं हैं और यतीन साठे सचिन वाजे नहीं हैं। कहानी को वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा जरूर मिली थी, लेकिन किरदार काल्पनिक थे। सवाल: 30 अक्टूबर को जब आपको संजय गुप्ता के निधन की खबर मिली तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: सबसे पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। हमारे एक मित्र फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े हैं। उनकी कंपनी का नाम भी ओल्ड मोंक है। उन्होंने सबसे पहले मुझे मैसेज करके यह खबर दी। मैंने उनसे कहा कि एक बार पुष्टि कर लेते हैं। इसके बाद मैंने अपने सह-लेखक राकेश द्विवेदी को फोन किया। उन्होंने भी अलग-अलग जगहों से जानकारी जुटाई। जब खबर की पुष्टि हुई तो बहुत दुख हुआ। यह उनके जाने की उम्र नहीं थी। उनसे बातचीत होती रहती थी और उनकी सेहत को लेकर ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ था कि वे इतनी जल्दी चले जाएंगे। उनके साथ बिताया गया समय हमेशा याद रहेगा। सवाल: क्या इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए संजय गुप्ता को किसी तरह का दबाव महसूस होता था? जवाब: हां, उन्होंने एक से ज्यादा बार इस बारे में बात की थी। हम पत्रकार किताब लिखते हैं तो थोड़े अधीर रहते हैं। उनसे मिलकर पूछते थे कि प्रोजेक्ट कितना आगे बढ़ा, कब शुरू होगा और कब रिलीज होगा। इस पर वे कहते थे कि तुम फिल्म इंडस्ट्री के डायनामिक्स को नहीं समझते। इस प्रोजेक्ट पर बहुत दबाव है। एक बार उन्होंने कहा था कि देश का सबसे अमीर आदमी, ताकतवर पुलिस अधिकारी और प्रभावशाली राजनेता, सभी किसी न किसी तरह इस कहानी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दबाव सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म और कलाकारों पर भी है। सवाल: क्या आपको लगता है कि इस दबाव का उनकी सेहत पर भी असर पड़ा होगा? जवाब: किसी व्यक्ति की सेहत पर दबाव का कितना असर पड़ा, इसे मेडिकल तौर पर समझना अलग बात है। लेकिन मानसिक स्तर पर इसका असर जरूर पड़ता है। सोचिए, कोई फिल्ममेकर अपनी जिंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बना रहा हो। उसने बड़ी स्टारकास्ट की योजना बनाई हो और काफी मेहनत की हो, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट आगे न बढ़ पा रहा हो। ऐसी स्थिति में निराशा, गुस्सा और हताशा होना स्वाभाविक है। संजय गुप्ता के साथ भी ऐसा था। वे अपने मन की बात खुलकर कहते थे। उनसे मिलने पर थोड़ी देर बाद ही इन मुद्दों पर बात करने लगते थे। सवाल: क्या उन्होंने बताया था कि वे इस सीरीज को किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना चाहते थे? जवाब: उन्होंने खास तौर पर दो प्लेटफॉर्म का जिक्र किया था- सोनी लिव और नेटफ्लिक्स। हालांकि, वे दूसरे प्लेटफॉर्म से भी बातचीत कर रहे थे। वे बड़े बजट की सीरीज बनाना चाहते थे। छोटे बजट में कामचलाऊ तरीके से कोई प्रोजेक्ट नहीं बनाना चाहते थे। उनके एक्शन सीक्वेंस भी बड़े स्तर के होते थे। ओटीटी प्लेटफॉर्म को बजट और दूसरे पहलुओं पर विचार करना पड़ता है, इसलिए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में समय लग रहा था। सवाल: क्या इस तरह के संवेदनशील विषयों पर ओटीटी प्लेटफॉर्म भी दबाव महसूस करते हैं? जवाब: बिल्कुल। आपको याद होगा कि 'तांडव' वेब सीरीज को लेकर काफी विवाद हुआ था। उसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म राजनीतिक विषयों पर आधारित कंटेंट को लेकर सतर्क हो गए थे। जब किसी एक सीरीज को लेकर विवाद होता है तो दूसरे प्लेटफॉर्म भी सतर्क हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं उनके साथ भी ऐसा न हो जाए। इस तरह के विषयों पर फिल्म बनाने में कई चुनौतियां होती हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म, कलाकार, फिल्म इंडस्ट्री और फिल्ममेकर, सभी पर अलग-अलग तरह का दबाव आता है। संजय गुप्ता जानते थे कि यह विषय संवेदनशील है, इसके बावजूद वे इस पर काम करना चाहते थे। इसके लिए हिम्मत चाहिए। सवाल: संजय गुप्ता के निधन के बाद क्या इस प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर उनकी टीम या परिवार से कोई बातचीत हुई है? जवाब: नहीं, अभी इस बारे में बात करना ठीक नहीं होगा। यह घटना हाल ही में हुई है। किसी परिवार में इस तरह का नुकसान होता है तो उस समय फिल्म, ओटीटी और वेब सीरीज जैसी चीजें मायने नहीं रखतीं। थोड़ा वक्त बीतने के बाद ही इस बारे में सोचा जा सकता है कि आगे क्या करना है। फिलहाल परिवार के दुख को समझना और उनका सम्मान करना ज्यादा जरूरी है। सवाल: संजय गुप्ता की कौन-सी बात आपको सबसे ज्यादा याद रहेगी? जवाब: संजय गुप्ता अपने आप में क्राइम की एक इनसाइक्लोपीडिया थे। उनके पास अपराध और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी इतनी कहानियां और जानकारियां थीं कि आप उनके साथ बैठकर घंटों बातें कर सकते थे। एक बार मैंने उनसे नारकोटिक्स पर बात की थी। उन्हें अलग-अलग ड्रग्स और उनके प्रभावों के बारे में भी गहरी जानकारी थी। वे अपने आप में कहानियों और जानकारियों का खजाना थे। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अंडरवर्ल्ड और एक्शन को इतनी गहराई से समझने वाले लोग बहुत कम हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकार बार-बार उनके साथ काम करना चाहते थे। वे लोगों से आसानी से घुल-मिल जाते थे। उनसे मिलकर कभी ऐसा नहीं लगा कि हम किसी फिल्मी दुनिया के बड़े आदमी से बात कर रहे हैं। वे सामान्य तरीके से बातचीत करते थे। सवाल: आपने संजय गुप्ता, संजय दत्त और महेश मांजरेकर से जुड़ा एक पुराना ऑडियो टेप भी सामने लाया था। इस बारे में कुछ बताइए। जवाब: यह करीब 2003-04 की बात है। उस समय संजय दत्त, महेश मांजरेकर, संजय गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति के बीच फोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो टेप काफी चर्चा में आया था। उस समय मैं एनडीटीवी में काम करता था। मैंने ही उस ऑडियो टेप को खोजकर सबसे पहले टीवी पर दिखाया था। करीब 20 साल बाद, जब मैं 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' के सिलसिले में संजय गुप्ता से पहली बार मिला, तो मैंने उन्हें खुद बता दिया कि वह ऑडियो टेप मैंने ही सामने लाया था। मुझे लगा था कि शायद उन्हें यह बात बुरी लगेगी। लेकिन संजय गुप्ता ने इसे सामान्य तरीके से लिया। उन्होंने कहा कि उस बातचीत में उनकी कोई खास भूमिका नहीं थी। वहां उन्हें जबरदस्ती फोन पकड़ा दिया गया था और वे सिर्फ हां-हूं करके बातचीत खत्म कर रहे थे। इतना पुराना मामला जानने के बावजूद उन्होंने मेरे साथ अपने रिश्ते पर उसका असर नहीं पड़ने दिया। यह बात मुझे हमेशा याद रहेगी। सवाल: संजय दत्त से भी आपकी मुलाकात हुई थी? जवाब: हां, लेकिन वह मुलाकात संजय गुप्ता के किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में नहीं थी। मैं क्राइम रिपोर्टर रहा हूं। 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद संजय दत्त आर्थर रोड जेल में थे। उस दौरान कोर्ट की कार्यवाही कवर करने के लिए हमें वहां जाना पड़ता था। संजय दत्त भी उस मामले में आरोपी थे, इसलिए उनकी पेशी और कोर्ट से जुड़ी गतिविधियों के दौरान कई बार मुलाकात हुई थी। सवाल: संजय गुप्ता से आपकी आखिरी बातचीत कब हुई थी? जवाब: उनसे मेरी आखिरी बातचीत कुछ महीने पहले हुई थी। उस समय 'राख' नाम की एक वेब सीरीज आई थी, जो अंडरवर्ल्ड से जुड़ी कहानी पर आधारित थी। चूंकि संजय गुप्ता के पास हमारी किताब के राइट्स पहले से थे, इसलिए इस बात पर चर्चा हुई कि आगे क्या किया जाए। उनका मानना था कि 'राख' में दिखाई गई कई बातें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थीं। वे इस मामले की वास्तविकता को अच्छी तरह जानते थे और हमारी किताब की कहानी पर पूरा भरोसा था। वे चाहते थे कि रंगा-बिल्ला की घटना के पीछे की पूरी कहानी लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मुझसे कहा था कि किताब प्रकाशित होने पर उन्हें एक कॉपी जरूर देना। अब किताब प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन संजय गुप्ता हमारे बीच नहीं हैं। यह बात हमेशा खलेगी। सवाल: 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' को लेकर आखिरी बार उनसे कब और क्या बातचीत हुई थी? जवाब: इस प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत होती रही थी, लेकिन दबाव की वजह से उन्हें इसे आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। वे इसे बनाने के लिए बहुत उत्साहित थे और काफी मेहनत कर रहे थे। वे बेहद जुनूनी फिल्ममेकर थे। उन्हें कहानी पर पूरा भरोसा था, लेकिन कई बाहरी परिस्थितियां शायद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने नहीं दे रही थीं। यह अफसोस की बात है कि जिस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने इतनी बड़ी योजना बनाई थी, उसे पूरा होते हुए हम नहीं देख पाए।
कभी उनके गाने चार्टबस्टर होते थे, तो कभी उनकी आवाज का मजाक उड़ता था। किसी ने उन्हें नाक से गाने वाला सिंगर कहा, तो किसी ने एक्टिंग पर सवाल उठाए। फिल्मों में असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिमेश रेशमिया ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने की जिद नहीं छोड़ी। सलमान खान की फिल्मों से संगीतकार के तौर पर शुरुआत करने वाले हिमेश ने 'तेरे नाम', 'आशिक बनाया आपने' और 'झलक दिखला जा' जैसे गानों से देशभर में धूम मचाई। इसके बाद वह सिंगर बने, स्टेज शोज में लोकप्रिय हुए और फिल्मों में हीरो भी बने। इस दौरान सलमान खान से अनबन की खबरें आईं, लेकिन बाद में रिश्ते सुधरे और दोनों ने फिर साथ काम किया। आलोचनाओं और उतार-चढ़ाव के बीच उनका संगीत का सफर जारी है। आज की सक्सेस स्टोरी में हिमेश रेशमिया के करियर के कुछ खास पड़ावों और उपलब्धियों पर एक नजर.. 16 साल की उम्र में काम शुरू किया हिमेश रेशमिया रातोंरात स्टार नहीं बने। उनका जन्म 23 जुलाई 1973 को मुंबई में हुआ। उनके पिता विपिन रेशमिया भी संगीतकार थे। घर में संगीत का माहौल था, लेकिन हिमेश ने कम उम्र से ही काम शुरू कर दिया था। रेडिफ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि 16 साल की उम्र में अपना पहला टेलीविजन सीरियल प्रोड्यूस किया था। उनका लक्ष्य शुरू से संगीतकार बनना था। टेलीविजन के लिए काम करते हुए उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं। सीरियल 'अंदाज' के टाइटल ट्रैक से संगीतकार के तौर पर पहचान बनानी शुरू की। बॉलीवुड में जगह बनाना आसान नहीं था। उस दौर में अनु मलिक, जतिन-ललित और शंकर-एहसान-लॉय जैसे संगीतकारों का दबदबा था। हिमेश छोटे प्रोजेक्ट्स करते रहे और बड़े मौके का इंतजार करते रहे। सलमान खान की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री, 'तेरे नाम' ने दिलाई पहचान हिमेश के करियर में सलमान खान की अहम भूमिका रही। 1998 में फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' से उन्हें बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर बड़ा मौका मिला। इसके बाद उन्होंने 'बंधन', 'हैलो ब्रदर' और 'दुल्हन हम ले जाएंगे' जैसी फिल्मों में काम किया। असली पहचान 2003 में आई सलमान खान की फिल्म 'तेरे नाम' से मिली। फिल्म के गाने युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए। खासकर 'क्यों किसी को', 'तुमसे मिलना' और 'लगन लगी' ने उन्हें इंडस्ट्री के चर्चित संगीतकारों में शामिल कर दिया। इसके बाद उन्होंने 'हमराज', 'ऐतराज', 'मैंने प्यार क्यों किया', 'दिल मांगे मोर', 'आशिक बनाया आपने' और 'शादी से पहले' में संगीत दिया। रेडिफ को 2006 में दिए इंटरव्यू में हिमेश ने बताया था कि छह महीने में उनके 27 गाने चार्टबस्टर हुए थे। वहीं, 2009 के इंटरव्यू में उनके लगातार 36 हिट गानों का जिक्र किया गया था। इससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा मिलता है। संगीतकार ने खुद गायक बनने का फैसला किया संगीतकार के तौर पर सफलता के बाद हिमेश ने अपनी धुनों को आवाज देने का फैसला किया। 2005 में फिल्म 'आशिक बनाया आपने' के टाइटल ट्रैक से गायक के तौर पर पहचान बनाई। रिलीज होते ही यह गाना युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गया। इमरान हाशमी और तनुश्री दत्ता पर फिल्माए गए इस गाने ने हिमेश को लोकप्रिय सिंगर बना दिया। इसके बाद 'झलक दिखला जा', 'आशिकी में तेरी', 'तेरा सुरूर', 'जरा झूम झूम', 'शकलाका बूम बूम', 'हुक्का बार', 'तंदूरी नाइट्स' और 'नाम है तेरा' जैसे गानों से उनकी लोकप्रियता और बढ़ी। एक इंटरव्यू में हिमेश ने कहा था कि वह खुद को सबसे पहले संगीतकार मानते हैं। उनके मुताबिक, जब वह अपनी बनाई छह धुनों में से एक गाना खुद गाते हैं, तो इसमें परेशानी की क्या बात है? 'नाक से गाता है' कहकर उड़ाया मजाक, आरडी बर्मन से तुलना भी पड़ी भारी सिंगर बनने के बाद हिमेश को लोकप्रियता के साथ आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। उनकी आवाज पर सबसे ज्यादा टिप्पणियां हुईं। आलोचक कहते थे कि वह नाक से गाते हैं। सोशल मीडिया के दौर से पहले ही उनकी आवाज का खूब मजाक उड़ाया जाता था। 2020 में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में हिमेश ने स्वीकार किया था कि शुरुआती दौर में इस आलोचना से उन्हें गुस्सा आता था। उन्होंने बताया कि 2006 में उन्हें नाक से गाने वाला कहा गया, तब वह काफी प्रभावित हुए थे। उस समय उनके लगभग हर गाने को सफलता मिल रही थी, फिर भी उनकी आवाज पर सवाल उठाए जा रहे थे। आवाज का बचाव करते हुए उन्होंने दिग्गज संगीतकार और गायक आरडी बर्मन का उदाहरण दिया था। इस पर गायिका आशा भोसले ने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। बाद में हिमेश ने गलती स्वीकार कर माफी भी मांगी। आलोचनाओं का असर उनके गानों की लोकप्रियता पर नहीं पड़ा। 'आशिक बनाया आपने' के लिए उन्हें 2006 में फिल्मफेयर का बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला। वह संगीतकार रहते हुए यह पुरस्कार जीतने वाले पहले व्यक्ति बने थे। सलमान से दोस्ती, फिर नागपुर कॉन्सर्ट में अनबन: हिमेश को मिलीं ज्यादा तालियां तो आहत हुआ सलमान का ईगो हिमेश की सफलता में सलमान खान का अहम योगदान रहा। सलमान ने शुरुआती दौर में हिमेश को मौके दिए और अपनी फिल्मों में संगीत तैयार करने का अवसर दिया। एक वक्त ऐसा भी आया, जब दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। इसकी वजह नागपुर का एक कॉन्सर्ट बताया जाता है। 2009 में मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में सलमान और हिमेश दोनों ने परफॉर्म किया था। दर्शकों ने सलमान के मुकाबले हिमेश का ज्यादा उत्साह से स्वागत किया। उनके लिए ज्यादा तालियां बजीं और दर्शक अधिक उत्साहित नजर आए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस घटना से सलमान का ईगो आहत हुआ। इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं और बातचीत बंद हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान कई मौकों पर हिमेश की नाक से गाने वाली आवाज का मजाक उड़ाते थे। जुलाई 2007 में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में हिमेश ने नागपुर कॉन्सर्ट को लेकर दोनों के बीच मतभेद की बात स्वीकार की थी। उन्होंने विवाद की असली वजह विस्तार से नहीं बताई। यह भी कहा था कि मामला सुलझ चुका है और दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हैं। 'आशिक बनाया आपने' के बाद हिमेश सिंगर के तौर पर भी स्टार बन चुके थे। वह फिल्मों में अभिनेता के रूप में नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान सलमान और हिमेश के रिश्तों को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रहीं। 2007 में रेडिफ को दिए इंटरव्यू में सलमान ने हिमेश से नाराजगी की खबरों को खारिज किया था। वहीं, करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में हिमेश ने सलमान को अपना मेंटर बताया था और उनके प्रति सम्मान और प्यार जाहिर किया था। 2009 में 'दस का दम' के सेट पर गले मिले दोनों दोनों के रिश्तों में सुधार की खबर सितंबर 2009 में आई। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान और हिमेश की मुलाकात आरके स्टूडियो में 'दस का दम' के सेट पर हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और पुराने दोस्तों की तरह मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुलाकात से दोनों के बीच की दूरियां खत्म होती नजर आईं। 'बॉडीगार्ड' से फिर साथ आए सलमान और हिमेश इसके बाद दोनों ने साथ काम करना शुरू किया। 2011 में रिलीज सलमान खान की फिल्म 'बॉडीगार्ड' का संगीत हिमेश ने तैयार किया। फिल्म का गाना 'तेरी मेरी' खास तौर पर लोकप्रिय हुआ। हिमेश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि सलमान ने धुन बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव भी दिए थे। 2014 में 'किक' और 2015 में 'प्रेम रतन धन पायो' के संगीत से भी हिमेश सलमान के साथ जुड़े। फरवरी 2025 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सलमान के योगदान को याद किया। बताया कि सलमान ने उन्हें करियर का पहला बड़ा मौका दिया था। उनकी वजह से वह टेलीविजन सीरियल प्रोड्यूस करने से आगे बढ़कर बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर पहचान बना सके। स्टेज शोज में दिखा स्टारडम, विदेशों तक पहुंची लोकप्रियता हिमेश की लोकप्रियता फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उनके गाने डांस पार्टियों, क्लबों और लाइव कॉन्सर्ट में खूब बजने लगे। खासकर 'आशिक बनाया आपने' और 'झलक दिखला जा' ने युवाओं के बीच उन्हें खास पहचान दिलाई। 2006 में वह अमेरिका और कनाडा के एक महीने लंबे कॉन्सर्ट टूर पर गए थे। रेडिफ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भारत और खाड़ी देशों के कई शहरों में पहले भी लाइव परफॉर्म कर चुके थे, लेकिन विदेशों में इतने बड़े स्तर पर परफॉर्म करना उनके लिए नई चुनौती थी। हिमेश ने कहा था कि लाइव ऑडियंस के सामने सिर्फ गाना काफी नहीं होता, अच्छा परफॉर्मर बनना भी जरूरी है। इसलिए उन्होंने स्टेज परफॉर्मेंस को गंभीरता से लिया। संगीतकार और सिंगर के बाद हीरो बनने की कोशिश, 2007 में किया डेब्यू संगीत और गायकी में सफलता के बाद हिमेश ने 2007 में एक और जोखिम लिया। उन्होंने फिल्म 'आपका सुरूर: द रियल लव स्टोरी' से अभिनेता के तौर पर शुरुआत की। फिल्म में उन्होंने अपना काल्पनिक रूप पर्दे पर पेश किया। फिल्म का निर्देशन उनके बचपन के दोस्त प्रशांत चड्ढा ने किया था। इसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद हिमेश को लगा कि दर्शक उन्हें अभिनेता के रूप में स्वीकार कर सकते हैं। उनकी अगली फिल्म 'कर्ज्ज्ज' बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। यह ऋषि कपूर की 1980 में आई सुपरहिट फिल्म 'कर्ज' का रीमेक थी। 'रेडियो', 'कजरारे' और 'दमादम' से भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। एक इंटरव्यू में हिमेश ने स्वीकार किया था कि फिल्मों में अभिनय के दौरान वह उतनी मेहनत और समर्पण नहीं दे पाए, जितना संगीत के लिए देते थे। उन्होंने माना कि शुरुआत में एक साथ कई फिल्में कीं और कुछ प्रोजेक्ट्स में पैसे के लिए काम किया। बाद में उन्हें गलती का अहसास हुआ। 'द एक्सपोज' से मिली पहचान, लेकिन एक्टर के तौर पर मजबूत मुकाम नहीं बना पाए अभिनेता के तौर पर हिमेश की चर्चित फिल्मों में 'खिलाड़ी 786', 'द एक्सपोज' और 'तेरा सुरूर' शामिल हैं। 2014 में रिलीज हुई 'द एक्सपोज' में उनके अभिनय की चर्चा हुई और उन्हें पहचान मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। 2012 में आई 'खिलाड़ी 786' में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ काम किया था। हिमेश ने फिल्म में अभिनय के साथ संगीत भी दिया। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन औसत रहा। 'आपका सुरूर' उनके अभिनय करियर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। बॉलीवुड हंगामा के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, यह सेमी-हिट रही। इसके बाद उनकी ज्यादातर सोलो फिल्में सफल नहीं हुईं। 2020 की फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' में वह पहली बार डबल रोल में नजर आए। उन्होंने हार्डी और हैरी, दोनों किरदार निभाए थे। प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा था कि अभिनय में उन्हें ऐसी बड़ी सफलता की तलाश है, जो दर्शकों के बीच उनकी अलग पहचान बना सके। हिमेश का अभिनय करियर संगीत और गायकी जितना सफल नहीं रहा। उन्होंने अभिनय छोड़ने के बजाय खुद को नए अंदाज में पेश करने की कोशिश जारी रखी। संगीत की दुनिया में वापसी, अब बड़े प्रोजेक्ट्स पर दांव एक दौर में हिमेश का ज्यादा ध्यान अभिनय पर चला गया। 2009 में रेडिफ को दिए इंटरव्यू के मुताबिक, वह तब तक करीब 100 फिल्मों में संगीत दे चुके थे और उनके 500 गाने रिकॉर्ड हो चुके थे। उनके प्रशंसक चाहते थे कि वह दोबारा संगीतकार के तौर पर सक्रिय हों। बाद के वर्षों में उन्होंने संगीत को प्राथमिकता दी। 'प्रेम रतन धन पायो' के संगीत से अपनी धुनों की ताकत दिखाई। फिल्म के गाने 'प्रेम रतन धन पायो', 'जलते दिए' और 'आज उनसे मिलना है' पसंद किए गए। 2025 में रिलीज हुई 'बैडएस रविकुमार' में उन्होंने अभिनय, संगीत और गायकी की जिम्मेदारी संभाली। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इसके गानों और हिमेश के पुराने अंदाज की चर्चा हुई। 2026 में हिमेश रेशमिया के पास कई बड़े संगीत प्रोजेक्ट हैं। इनमें तीन फिल्में चर्चा में हैं, जिनसे फिल्मी संगीत में उनकी वापसी के संकेत मिल रहे हैं। सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में हैं। हिमेश ने इसका संगीत तैयार किया है। फिल्म 27 नवंबर 2026 को रिलीज होगी। इमरान हाशमी, जेनेलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना अभिनीत ‘गनमास्टर जी9’ का संगीत भी हिमेश ने दिया है। यह फिल्म भी 27 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘1920: कोल्ड विंटर’ के लिए भी हिमेश संगीत तैयार कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से वह करीब 13 साल बाद विक्रम भट्ट के साथ काम करेंगे। अनिल शर्मा की फिल्म ‘अर्जुन नागा’ का भी संगीत हिमेश दे रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स से साफ है कि हिमेश रेशमिया फिल्मी संगीत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में हैं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. यामी गौतम एक्टिंग छोड़कर खेती करने वाली थीं:‘उरी’ नहीं चलती तो हिमाचल लौट जातीं; ‘आर्टिकल 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला टीवी से करियर शुरू करने वाली यामी गौतम ने 2012 में ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। पहली फिल्म हिट रही, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा। ‘टोटल सियापा’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘सनम रे’, ‘जुनूनियत’, ‘सरकार 3’ और ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बीच उन्होंने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश में खेती करने का मन बना लिया था।पूरी खबर पढ़ें..
Jailer 2 Box Office Day 22: रामायण की सुनामी में भी नहीं डूबी जेलर 2, 22वें दिन भी कमाए करोड़ों!
अब 'जेलर 2' के सामने रणबीर कपूर की 'रामायण' मुसबीत बनकर खड़ी है। जी हां, आज यानी गुरुवार को 'रामायण' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ऐसे में अब दोनों फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर तगड़ा मुकाबला होगा।
रणबीर कपूर की फिल्म रामायण रिलीज हो गई है। फिल्म काफी ग्रैंड तरीके से बनाई गई है। अब हम आपको बताते हैं फिल्म में सबसे महंगी चीज क्या थी।
सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर ने हाल ही में अपने बर्थडे सेलिब्रेशन का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनके साथ पूरा तेंदुलकर परिवार साथ नजर आ रहा है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सुनील ग्रोवर ने की अटल बिहारी वाजपेयी की मिमिक्री, हैरान फैंस
सुनील ग्रोवर 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो 5' में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाकर दर्शकों को चौंकाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वहीं, आने वाले एपिसोड में जाकिर खान, पंकज त्रिपाठी और विकास दिव्यकीर्ति नजर आएंगे.
शाहरुख खान ने फिल्म 'जवान' के कैप्टन एटली से कहा, 'चलिए कुछ और जादू करते हैं'
मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेता शाहरुख खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म 'जवान' के निर्देशक एटली के लिए एक मजेदार पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट के बाद फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ गई है कि क्या एक बार फिर एटली और किंग खान साथ आएंगे।
Ramayana Box Office Collection Day 1: रणबीर कपूर की रामायणम् ने पहले दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कितना कारोबार किया है? जानिए यहां...
बॉलीवुड से बच्चों को दूर रखना चाहते हैं करण जौहर, बोले- उनकी रक्षा नहीं कर पाऊंगा क्योंकि...
करण जौहर जिन्होंने खुद कई स्टार किड्स को लॉन्च किया है, उनका कहना है कि वह नहीं चाहते कि उनके बच्चे इंडस्ट्री में आएं।
राजपाल यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, चेक बाउंस मामले में पेश नहीं हुए, मजिस्ट्रेट ने दिया आदेश
महू न्यायालय के मजिस्ट्रेट ने चेक बाउंस मामले में पेश न होने पर एक्टर राजपाल यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। प्रकाश जाजू ने 25 लाख रुपए उधार दिए थे। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को अगली पेशी पर पेश करने के निर्देश दिए हैं।
प्रेग्नेंट पत्नी धनाश्री को युजवेंद्र चहल ने किया था चीट? RJ महवश इस एक बयान से मचा बवाल
RJ Mahvash's Viral Podcast Clip: RJ
'आपको मिस कर रहा हूं पापा', धर्मेंद्र के फार्महाउस पर पहुंचे सनी देओल
एक्टर सनी देओल अपने बेटे, एक्टर राजवीर देओल के साथ धर्मेंद्र के फार्महाउस गए और एक वीडियो शेयर किया. उन्होंने अपने पिता के चहेते फार्महाउस के जीवन की झलक दिखाते हुए एक भावुक श्रद्धांजलि दी.
‘महाकाली’ के निर्माताओं आरकेडी स्टूडियोज़ ने फिल्म का पहला गाना ‘ऐगिरी नंदिनी’ रिलीज कर दिया है। यह मां काली को समर्पित सबसे प्रतिष्ठित और श्रद्धा से परिपूर्ण भक्तिमय रचनाओं...
Ramayana की रिलीज के बाद Sunny Deol अपने पिता धर्मेंद्र के फार्महाउस गए। उन्होंने अपने बेटे के साथ एक वीडियो शेयर किया है।
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण पार्ट-1 ' गुरुवार को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की ग्रैंड रिलीज के मौके पर अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर सेट की कुछ अनदेखी झलकियां शेयर की हैं। इन तस्वीरों और में फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान अपनी बेटी राहा के साथ समय बिताते और पिता की जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं। ‘तुमने अपना सब कुछ इस फिल्म को दिया’ आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए अपने पति रणबीर कपूर और फिल्म की पूरी टीम की सराहना की। आलिया ने लिखा कि रणबीर ने इस प्रोजेक्ट में अपना सब कुछ लगा दिया, फिर भी राहा के लिए उनके पास उतना ही प्यार बचा रहा। उन्होंने रणबीर और इस सिनेमाई अनुभव को साकार करने वाले हर व्यक्ति पर गर्व जताया। आलिया ने आगे लिखा कि कुछ कहानियां हम सबसे बड़ी होती हैं और 'रामायण' उन्हीं में से एक है। फिल्म की स्क्रीनिंग में भी पति को सपोर्ट करने पहुंची थीं आलिया फिल्म 'रामायण' का मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। थिएटर्स में फिल्म की रिलीज से पहले आयोजित इस इवेंट में बॉलीवुड के कई सेलेब्स शामिल हुए। इस दौरान आलिया भट्ट अपने पति रणबीर की फिल्म को सपोर्ट करने पहुंचीं थीं। 4,000 करोड़ के बजट में बनी है फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'रामायण' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा और महंगा प्रोजेक्ट है। फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसमें इसके दोनों भाग शामिल हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में, रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में और केजीएफ फेम यश रावण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। पूरी खबर पढ़ें
पाकिस्तानी शो की कई क्लिप्स सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसमें अबू बाकर का किरदार देखने के बाद लोगों ने उसकी तुलना अजय देवगन से की।
दिलजीत से लेकर कैलाश खेर तक, 5 दिग्गजों की आवाज में आई Ramayana की Shree Hanuman Chalisa
फिल्म 'रामायण' की रिलीज के बीच निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने दर्शकों को एक बड़ा सरप्राइज दिया है। मेकर्स ने फिल्म से जुड़ा 'हनुमान चालीसा' का एक बिल्कुल नया और भव्य वर्जन रिलीज कर दिया है। भक्ति भाव से भरे इस ट्रैक को किसी एक कलाकार ने नहीं, बल्कि देश के 5 दिग्गज गायकों ने मिलकर अपनी आवाज दी है। दिलजीत दोसांझ, सुखविंदर सिंह, मोहित चौहान, शंकर महादेवन और कैलाश खेर की जुगलबंदी ने इस गाने को बेहद खास बना दिया है। संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान ने इसका संगीत तैयार किया है, जबकि इसके बोल जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने लिखे हैं। पांच बड़े गायकों की मधुर और शक्तिशाली आवाज में सजी यह हनुमान चालीसा रिलीज होते ही इंटरनेट पर छा गई है और लोग पूरी तरह भक्ति रस में डूब गए हैं। इस भक्ति गीत के बीच में भगवान हनुमान का किरदार निभा रहे सनी देओल की भारी और दमदार आवाज ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सनी के डायलॉग और उनकी मौजूदगी ने गाने के प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया है, जिसकी तारीफ सोशल मीडिया पर हर कोई कर रहा है।
स्काउट के कान में यंग ने बताया अपना काला सच! कहा- गलफ्रेंड को पता नहीं है कि मैंने 10-12 बार उसे...
शो पर कंटेस्टेंट्स अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी कई राज खोलते नजर आ रहे हैं। इसी बीच अब यंग डीएसए ने खुद को लेकर जो खुलासा किया उसे सुनकर फैंस के भी होश उड़ गए हैं।
लता मंगेशकर का 54 साल पुराना गाना, फिल्म बनने में लगे 14 साल; आज भी बरकरार है वही जादू
स्वर कोकिला लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी का फिल्म पाकीजा का गाना 54 साल बाद भी लोकप्रिय है। इस गाने में रफी साहब ने एक ही लाइन बार-बार गाई थी।
धनुष और ममूटी की ओम: चैप्टर 1 ने आईएमडीबी की सूची में हासिल किया नंबर 1 स्थान!
भारतीय सिनेमा के दो शानदार कलाकारों का यह अनोखा संगम अब साल के सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित सिनेमाई अनुभवों में शामिल हो चुका है। धनुष और ममूटी के प्रशंसक हों या अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के सिनेप्रेमी, हर तरफ फिल्म को लेकर उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ‘ओम’ की रिलीज़ का इंतज़ार किसी बड़े सिनेमाई जश्न से कम नहीं लग रहा है।
55 की उम्र में टूटी 24 साल पुरानी शादी, बिखर गए थे आशीष विद्यार्थी
55 साल की उम्र में 24 साल पुरानी शादी टूटने से आशीष विद्यार्थी बुरी तरह टूट गए थे. दूसरी शादी पर लोगों के ताने भी झेले. अब एक्टर ने अपने दर्द और जिंदगी में दोबारा खुश रहने के अधिकार पर खुलकर बात की है.
लता मंगेशकर ने अलग-अलग भाषाओं में गाने गाए। 70 साल पहले दीवाली के खास मौके पर उन्होंने एक ऐसा शानदार गीत गाया था, जो आज भी फेस्टिवल के मौके पर हर साल सुबह-सुबह बजता है।
बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ दिवंगत पिता धर्मेंद्र के महाराष्ट्र स्थित 100 एकड़ के फार्महाउस पहुंचे। मुंबई की भागदौड़ से दूर लोनावला की पहाड़ियों में स्थित इस फार्महाउस में पहुंचकर सनी देओल अपने पिता को याद कर भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस दौरे का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे खेतों के बीच खड़े होकर धान की कटाई और सफाई का काम देख रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में सनी ने 'मिसिंग यू पापा' लिखा। बैकग्राउंड में लगाया 'अपने' गाना सनी देओल की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वे अपने बेटे करण देओल के साथ फार्महाउस के खेतों में खड़े नजर आ रहे हैं। वहां स्थानीय मजदूर धान की सफाई के काम में जुटे हुए हैं। वीडियो के दौरान सनी अपने बेटे से कहते हैं- ये मेरे पापा का खेत है, तुम्हारे लिए वे बड़े पापा थे, जिस पर करण हां में सिर हिलाते हैं। सनी ने इस वीडियो के बैकग्राउंड में अपनी मशहूर फिल्म 'अपने' का टाइटल ट्रैक लगाया है और रेड हार्ट इमोजी के साथ अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। 1985 में खरीदा था फार्महाउस, खेती का था शौक यह फार्महाउस महाराष्ट्र के लोनावला और खंडाला की पहाड़ियों के बीच करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे धर्मेंद्र ने साल 1985 में खरीदा था। धर्मेंद्र इस संपत्ति को अपना सबसे सुकून भरा ठिकाना मानते थे। लकड़ी और पत्थरों से बने इस फार्महाउस में वे अपने हाथों से फल और सब्जियां उगाया करते थे। धर्मेंद्र अक्सर सोशल मीडिया पर यहां ट्रैक्टर चलाते या खेती करते हुए अपने वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा करते रहते थे। जुहू का घर छोड़कर फार्महाउस में ही रहने लगे थे धर्मेंद्र करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद धर्मेंद्र को मुंबई की चकाचौंध से ज्यादा इस फार्महाउस की सादगी पसंद थी। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में वे मुंबई के जुहू स्थित घर को छोड़कर इसी फार्महाउस पर स्थायी रूप से रहने लगे थे। वे वहां प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय लोगों के साथ समय बिताते थे। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था। ये खबर भी पढ़ें ऑटो रोकने के लिए सड़क पर चिल्लाई थीं करीना:सैफ को खून से लथपथ देखकर दौड़ी; तैमूर ने पूछा था- क्या अब्बा मरने वाले हैं करीना कपूर ने बताया कि जनवरी 2025 में जब सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था, तब वह उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में सड़क पर दौड़ी थीं।
राम के लुक में बेटी को चूमते दिखे रणबीर कपूर, आलिया ने शेयर की 'रामायण' के सेट से खास तस्वीरें
'रामायण' को लेकर लगातार स्टार्स के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। ऐसे में अब जिनका रिएक्शन सामने आ है उनका नाम सुनकर आप भी खुश हो जाएंगे। 'रामायण' को लेकर आलिया भट्ट ने अपना रिएक्शन दिया है।
करिश्मा कपूर को देख पुरानी यादों में खो गए हिमेश रेशमिया, 'परदेसी-परदेसी' गाकर बांधा समा
मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। संगीतकार और गायक हिमेश रेशमिया ने सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल लेजेंड्स रिटर्न' में अपने संगीत सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि करिश्मा कपूर की फिल्म 'दुल्हन हम ले जाएंगे' में उन्होंने अपना पहला सोलो गाना संगीतबद्ध किया था।
रामायणम् पार्ट 1 पर समीक्षको के फैसले के बाद अब दर्शकों को रणबीर कपूर और यश की माइथोलॉजिकल फिल्म पसंद आई या नहीं, इस पर उन्होंने अपना आखिरी निर्णय सुना दिया है।
Ramayana देखने के बाद हैरान हुए ये बॉलीवुड सितारे, करण जौहर ने कहा- किसी चमत्कार से कम नहीं...
रामायणम् (Ramayana) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म देखने के बाद बॉलीवुड सितारों ने क्या कहा है? जानिए इस बारे में...
Ramayana ने कमाई से 'धुरंधर' को चटाई धूल, रणवीर पर भारी पड़ गए रणबीर; चंद घंटों में कमा डाले करोड़ों
Ramayana vs Dhurandhar: रिलीज के चंद घंटों में ही रणबीर कपूर की फिल्म रामायणम् ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई कर ली है।
अभिनेत्री मीता वशिष्ठ ने फिल्म 'दिल से' की शूटिंग के दौरान शाह रुख खान के साथ अपने अनुभव शेयर किए।
सिंगल टेक में ही Salman Khan ने गा दिया ये गाना, इंटरनेट पर 'मातृभूमि' के गीत ने मचाई हलचल
सलमान खान ने अपनी फिल्म 'मातृभूमि' के गाने 'तेरी सेक्सी ब्यूटी' को सिंगल टेक में रिकॉर्ड किया है।
Ramayana Box Office: पहले ही दिन ही 'रामायण' ने हिला दिया बॉक्स ऑफिस, रफ्तार देखकर सबके उड़े होश!
रिलीज से पहले ही इसका इतना बज बन गया था कि इसकी धुआंधार एडवांस बुकिंग हुई। इसी के साथ फिल्म से ओपनिंग डे पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने की उम्मीद है।
कंटेस्टेंट, होस्ट और अब गैंग लीडर... दो दशक में ऐसा रहा बानी जे का 'रोडीज' सफर
अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी बानी जे ने करीब दो दशक बाद रियलिटी शो 'रोडीज' में वापसी की है।
रिलीज के पहले दिन 'जटायु' की दर्शकों से अपील: जानिए अनुपम खेर ने फिल्म 'रामायणम्' को लेकर क्या कहा!
रिलीज के पहले दिन 'जटायु' की दर्शकों से अपील: जानिए अनुपम खेर ने फिल्म 'रामायणम्' को लेकर क्या कहा!
दिलजीत दोसांझ ने रामायण के लिए गाई हनुमान चालीसा, रिलीज हुआ फिल्म का एंड क्रेडिट सीन
Ramayana x Diljit Dosanjh: ‘रामायण’ का एंड क्रेडिट सीन यूट्यूब पर रिलीज हो गया है, लेकिन एक ट्विस्ट के साथ। इस सीन में सुनाई देने वाली हनुमान चालीसा
करण जौहर ने करिश्मा कपूर को रोका कहा- 'आगे कुछ मत कहना'
मुंबई, करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में एक ऐसा मजेदार पल देखने को मिला, जब करीना कपूर ने अपनी बहन करिश्मा कपूर को फोन लगाया। करिश्मा ने फोन तो उठा लिया लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनकी बातचीत शो के सेट पर स्पीकर फोन के जरिए सब लोग सुन रहे हैं।
सुनील लहरी ने नई ‘रामायण’ में रवि दुबे के लक्ष्मण किरदार की तारीफ की है। हालांकि, उन्होंने फिल्म के संगीत में अयोध्या और मिथिला की सांस्कृतिक झलक की कमी बताकर निराशा भी जताई।
'रामायण' रिव्यू: फिल्म देखकर दर्शक, बोले-रणबीर ने राम के किरदार को शिद्दत से निभाया
निर्देशक नितेश तिवारी की 'रामायण' गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद फिल्म लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही थीं लेकिन सिनेमाघरों से बाहर निकले दर्शक इससे काफी संतुष्ट नजर आए।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म रामायणम् से सनी देओल की पहली झलक शेयर करने के बाद अब मेकर्स ने 5 सिंगर्स द्वारा नए अंदाज में गाई हनुमान चालीसा रिलीज की है, जो रोंगटे खड़े कर देगी।
निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित दो-भागों वाली फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। देश भर के सिनेमाघरों में पहले दिन और शुरुआती हफ़्ते के लगभग सभी शो 'हाउसफुल' दर्ज किए गए हैं। दशकों पुरानी और जन-मन में रची-बसी इस पौराणिक गाथा को बड़े पर्दे पर एक नए भव्य रूप में देखकर दर्शक बेहद उत्साहित हैं और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर दर्शकों की मिली-जुली और उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूज़र्स की ओर से 'रामायण: पार्ट 1' को लेकर व्यापक रूप से सकारात्मक और शानदार समीक्षाएँ देखने को मिल रही हैं: बेहतरीन विजुअल्स और वीएफएक्स की तारीफ: एक यूज़र ने लिखा, बेहतरीन सिनेमा! एक-एक पैसा वसूल है। दोस्तों, ज़रूर देखें! आप कुछ ऐसा देखने वाले हैं जो शानदार से कम नहीं है। इंद्र बनाम रावण का दृश्य एकदम कमाल का था! नितेश सर, आपने तो कमाल कर दिया! रावण के रूप में यश का दबदबा: स्क्रीन पर यश के प्रभाव की सराहना करते हुए एक अन्य प्रशंसक ने साझा किया, ये 3D विज़ुअल्स हैं, इसलिए मोबाइल से रिकॉर्ड करने पर ये थोड़े धुंधले दिखेंगे। यकीन मानिए, रावण के किरदार में यश का काम होश उड़ा देने वाला है! पूरी फिल्म में उनका जलवा छाया रहा। कथा और तकनीक का जुड़ाव: एक अन्य समीक्षा में कहा गया, #रामायणमूवी - बहुत ही सुंदर विज़ुअल्स। सभी कलाकारों का काम शानदार रहा। भले ही यह कहानी सबको पता है, लेकिन स्क्रीन पर दिखाए गए विज़ुअल्स ने मुझे शुरू से अंत तक बांधे रखा। भावनात्मक पहलू पर राय: हालांकि, कुछ दर्शकों ने मध्यम रुख अपनाते हुए लिखा, काफी ड्रामा और भावनाओं की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा लगा कि भावनात्मक जुड़ाव पूरी तरह से नहीं बन पाया, हालांकि कुछ हिस्सों में यह काफी असरदार है। बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड की उम्मीद: एक और उत्साहित दर्शक ने कमेंट किया, अभी फिल्म देखी... शानदार, दिमाग हिला देने वाली, भव्य और महाकाव्य जैसी फिल्म... यह फिल्म सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाली है... मुझे फिल्म का हर हिस्सा बहुत पसंद आया... अगले भाग का बेसब्री से इंतजार है। रामायण: कलाकार और रिलीज की तारीख नितेश तिवारी 'रामायण' का निर्देशन कर रहे हैं, और नमित मल्होत्रा इस महत्वाकांक्षी दो-भाग वाली परियोजना को प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में, यश रावण के रूप में, सनी देओल हनुमान के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में नजर आएंगे। निर्माताओं ने इसे दो भागों में सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बनाई है। पहला भाग 5 नवंबर 2026 को रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में आने की उम्मीद है। हालांकि, इसमें देरी हो सकती है और यह दिवाली 2028 तक जा सकता है। निर्माताओं की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस फिल्म को प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश के 'मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स' के सहयोग से बनाया जा रहा है। यह फिल्म पांच भाषाओं - हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। इसे IMAX फॉर्मेट में भी दिखाया जाएगा। भारत को छोड़कर, फिल्म के अंतरराष्ट्रीय वितरण का काम सोनी पिक्चर्स संभाल रही है। हिंदी भाषी क्षेत्रों में इसके वितरण की जिम्मेदारी धर्मा प्रोडक्शंस के पास होगी। #RamayanaMovie one word: Adbhuta, Adbhuta,Adbhuta “Na Bhūto Na Bhaviṣyati” (न भूतो न भविष्यति) https://t.co/IAZv8iMK6e — Krishna p s (@sonavalekrishna) November 5, 2026 #RamayanaMovie Beautiful visuals. Wonderful Performances throughout. Even it's a well known story - on screen visuals hooked me throughout. Expected a lot of drama and emotions but felt that emotional connect is not totally established well, though it works in parts. — Ratnakar Rocky (@rockyravada) November 5, 2026 Aa Interval mundhu Exile scene Man Ranbir & sai pallavi Sorry for doubting you i will watch it second time for that scene particularly Arun govil as dasarath & his death was emotional Kudos to nitesh tiwari RK my Man You are the best ❤️ #RamayanaMovie https://t.co/PPy3VlfLuN — SAI VARMA (@SD__Tweetz0) November 5, 2026 In Surat, most shows of today's Ramayana movie still have many empty seats. Looks like people have no excitement at all to watch the Ramayana movie. https://t.co/72Wup5FtPi — Nalini Unagar (@NalinisKitchen) November 5, 2026
बचपन के मुकाबले आज की दुनिया ज्यादा असुरक्षित हो गई है, सैफ अली ने खुद पर हुए हमले को किया याद
मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेता सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर पर हुए चाकू से हमले के परिवार पर पड़े असर को लेकर एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस घटना के बाद उनके छोटे बेटे जेह ने उन्हें अपनी प्लास्टिक की तलवार दे दी थी और कहा था कि अगर अगली बार चोर आए तो वह उससे मुकाबला करें। उस वक्त जेह काफी छोटा था। सैफ ने यह बात करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' में बातचीत के दौरान बताई।
'रामायण' : सुपरस्टार यश रावण के रूप में छाए
फिल्म 'रामायण' को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म में रावण जैसे कई परतों वाले किरदार को पर्दे पर उतारते हुए अभिनेता यश ने गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने अपने अभिनय में ताकत, गहराई और गंभीरता का शानदार मेल दिखाया है। उनका यह अंदाज साबित करता है कि वह हर फिल्म के साथ खुद को एक अभिनेता के रूप में बेहतर बनाने की कोशिश कर रहते हैं।
बॉलीवुड से साउथ तक हिल गया पूरा सिनेमा, रामायण देख इमोशनल हुए बादशाह, अल्लू अर्जुन ने की ये अपील
नितेश तिवारी की 'रामायण: पार्ट 1' आज यानी 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों के शानदार रिव्यू मिल रहे हैं।
शंकर महादेवन से मिले डब्बू मलिक, पुरानी यादें हुईं ताजा
मुंबई, म्यूजिक कंपोजर और सिंगर डब्बू मलिक ने हाल ही में दिग्गज गायक शंकर महादेवन के साथ मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कभी शंकर महादेवन ने उनके पहले टीवी शो में गाया था और आज वक्त ऐसा आया है कि उनका बेटा अरमान मलिक उन्हीं के साथ एक ही मंच पर परफॉर्म कर रहा है।
‘रामायण’ के सात दृश्य दर्शकों को भावनाओं से भर देते हैं। जटायू और दशरथ की मृत्यु आंखें नम करती है, जबकि रावण के दस सिर, राम-परशुराम मिलन और खर-दूषण युद्ध रोमांच पैदा करते हैं।
'चंदू चैंपियन' जैसी प्रेरणादायक और सफल फिल्म देने के बाद बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता कार्तिक आर्यन और दिग्गज फिल्म निर्माता कबीर खान की हिट जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों अपनी अगली महत्वाकांक्षी फिल्म 'लड़ाकू' के लिए हाथ मिला रहे हैं। बुधवार को बिड़ला स्टूडियोज ने फिल्म के आधिकारिक शीर्षक (Title) के साथ-साथ इसकी दुनियाभर में रिलीज की तारीख का भी भव्य ऐलान कर दिया है। फिल्म के निर्माताओं, बिड़ला स्टूडियोज ने बुधवार को फिल्म के नाम और दुनिया भर में इसकी रिलीज की तारीख - 4 नवंबर, 2026 - की घोषणा की। बता दें कि कार्तिक आर्यन और कबीर खान ने इससे पहले 2024 की फिल्म 'चंदू चैंपियन' में साथ काम किया था। यह फिल्म भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर की वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित थी। इस फिल्म में अपने शानदार अभिनय के लिए कार्तिक आर्यन को 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' (लीडिंग रोल) का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। कार्तिक आर्यन की 'लड़ाकू' कब रिलीज होगी? कार्तिक आर्यन की आने वाली ड्रामा फिल्म 'लड़ाकू' 18 जून, 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ध्यान दें कि फिल्म की कहानी, किरदारों और बाकी कलाकारों के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। 'लड़ाकू': यह किस बारे में है? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 'लड़ाकू' महत्वाकांक्षा, दृढ़ संकल्प और उम्मीद से भरी एक असाधारण वास्तविक कहानी पर आधारित है। इस फिल्म के जरिए कार्तिक आर्यन अपने बैनर 'डोपामाइन स्टूडियोज' के तहत एक निर्माता के रूप में भी अपनी शुरुआत कर रहे हैं। इसे बिड़ला स्टूडियोज, कबीर खान एंटरटेनमेंट और डोपामाइन स्टूडियोज मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद कार्तिक आर्यन का पोस्ट 18 जुलाई को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा के तुरंत बाद, कार्तिक आर्यन ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखकर अपना आभार व्यक्त किया। अभिनेता अपने परिवार के साथ लैपटॉप पर इन पुरस्कारों की घोषणा देख रहे थे। उन्होंने लिखा, अभी भी इस एहसास को पूरी तरह महसूस कर रहा हूँ। कुछ पल ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, और यह भी उन्हीं में से एक है। एक ऐसा सपना जिसे मैंने सालों तक संजोया था, आखिरकार सच हो गया है। हमेशा विनम्र और आभारी रहूँगा। 'चंदू चैंपियन' के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड। कार्तिक अपने नेशनल अवार्ड के साथ मुंबई के मशहूर 'लालबागचा राजा' मंदिर भी गए और इस सम्मान को बप्पा के चरणों में अर्पित किया। इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, मेरे सुख-कर्ता, दुख-हर्ता... मैं इतना धन्य हूँ कि शब्दों में बयां नहीं कर सकता। धन्यवाद बप्पा!! कार्तिक आर्यन के आने वाले प्रोजेक्ट्स काम की बात करें तो, कार्तिक आर्यन को आखिरी बार अनन्या पांडे के साथ 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' में देखा गया था। उनके पास कई प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जिनमें करण जौहर द्वारा समर्थित फिल्म 'नागज़िला', शिमित अमीन की वॉर-एक्शन ड्रामा 'कैप्टन इंडिया', और अनुराग बसु की एक बिना नाम वाली फिल्म शामिल है, जिसमें उनके साथ श्रीलीला नज़र आएंगी।
सलमान खान की अपकमिंग वॉर ड्रामा फिल्म मातृभूमि (पूर्व में 'बैटल ऑफ गलवान') का ट्रेलर 6 नवंबर यानी कल मुंबई में लॉन्च होगा। ट्रेलर रणबीर कपूर की फिल्म रामायण पार्ट 1 के साथ अटैच भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि मातृभूमि की घोषणा जुलाई 2025 में बैटल ऑफ गलवान नाम से की गई थी। बताया गया था कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन 2024 में शुरू हो गया था। मार्च 2026 में मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलकर मातृभूमि कर दिया। फिल्म की कहानी 15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई सैन्य झड़प से प्रेरित है। सलमान खान फिल्म में भारतीय सेना के एक अधिकारी का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है। इसमें सलमान खान और चित्रांगदा सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं। दिवंगत एक्टर प्रशांत तमांग भी फिल्म की कास्ट का हिस्सा हैं। सलमान ने गाने 'तेरी सेक्सी ब्यूटी' को आवाज दी फिल्म के गाने तेरी सेक्सी ब्यूटी को सलमान ने अपनी आवाज दी है। यह गाना 4 नवंबर को रिलीज हुआ। इसमें सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी नजर आ रही हैं। गाने में चित्रांगदा लाल साड़ी पहनकर गिटार बजाती दिखती हैं। इसे साजिद खान ने लिखा और कंपोज किया है। वहीं, मुस्कान ने फीमेल वोकल्स दिए हैं। सलमान खान ने करीब 11 साल बाद प्लेबैक सिंगिंग में वापसी की है। इससे पहले सलमान ने 2014 में फिल्म 'किक' के गाने 'हैंगओवर' और 2015 में 'हीरो' के गाने 'मैं हूं हीरो तेरा' में अपनी आवाज दी थी। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। 'मातृभूमि' की रिलीज डेट अभी तय नहीं 'मातृभूमि' की रिलीज डेट को लेकर मेकर्स ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, फिल्म को नवंबर या दिसंबर 2026 में रिलीज किया जा सकता है। इसके लिए 13 नवंबर, 20 नवंबर और 11 दिसंबर जैसी तारीखों के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं, सलमान की एक और फिल्म वामशी पैडिपल्ली के साथ आने वाली है। इस फिल्म का नाम कथित तौर पर 'मॉन्स्टर' बताया जा रहा है। इसमें नयनतारा भी नजर आएंगी। यह फिल्म अगले साल ईद के मौके पर रिलीज होने वाली है। …………….. यह खबर भी पढ़ें... रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में पहुंचे सलमान: पैपराजी के नाम पुकारने पर दिखाया थम्ब्स अप फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने मंगलवार को मुंबई में दिवाली पार्टी होस्ट की थी। इसमें सलमान खान, बॉबी देओल, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलिब्रिटीज शामिल हुए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
लारा दत्ता ने 'रामायण' में कैकेयी का किरदार निभाने पर एक भावुक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने इस भूमिका को इतिहास की सबसे गलत समझी जाने वाली महिला का किरदार बताया।
'रामायणम्' को लेकर आया 'जटायु' का संदेश, रिलीज के पहले दिन जनता से की खास अपील
फिल्म रामायणम् जटायु की आवाज बनने वाले अभिनेता अनुपम खेर ने फिल्म की रिलीज के मौके पर खास अपील की है।
Who is Nazriya Nazim:
हाथ में तलवार, साड़ी में योद्धा सीता, इस सीन ने क्यों चौंकाया?
रणबीर कपूर और साई पल्लवी की फिल्म रामायण बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है. फिल्म को फैन्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है. फिल्म के एक सीन में माता सीता बनीं साई पल्लवी को युद्ध करते दिखाया गया है. जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.
Ramayana: सिनेमाघरों में रिलीज हुई सबसे महंगी फिल्म 'रामायण' दर्शकों को आई पसंद, रणवीर और यश छाएं
इंटरनेट डेस्क। भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्म रामायण दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज के बैनर तले बनी इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े सितारों के साथ अंतरराष्ट्रीय तकनीशियनों ने भी काम किया है। रामायणश् 5 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज हुई, जबकि अमेरिका और कनाडा में 4 नवंबर को पेड प्रीव्यू शो आयोजित किए गए। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। यह दो भागों में बनने वाली फिल्म सीरीज का पहला हिस्सा है। इनके अलावा रवि दुबे, रकुल प्रीत सिंह, अरुण गोविल, लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर, आदिनाथ कोठारे, काजल अग्रवाल और अनुपम खेर भी अहम भूमिकाओं में हैं। सनी देओल दोनों फिल्मों में भगवान हनुमान का किरदार निभाएंगे, हालांकि उनका किरदार दूसरे भाग में दिखाई देने की जानकारी है। करीब 1600 करोड़ रुपये के कथित बजट में बनी रामायण को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म बताया जा रहा है। इसकी एक और खासियत एआर रहमान और हॉलीवुड के मशहूर संगीतकार हैंस जिमर का पहली बार साथ आना है। pc- india tv hindi
Sapna Choudhary Jail and Court Harassment:
दूरदर्शन के रामायण के लक्ष्मण यानी अभिनेता सुनील लहरी ने 4000 करोड़ की रामायणम् का रिव्यू किया है।
pc: navrashtra ‘कॉफी विद करण 9’ के नए एपिसोड में बॉलीवुड के पॉपुलर कपल करीना कपूर खान और सैफ अली खान एक बार फिर साथ दिखे। 16 साल बाद यह कपल करण जौहर के शो में आया। इस बार दोनों ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कई बातों पर खुलकर बात की। उन्होंने पिछले साल सैफ अली खान के घर पर हुए चाकू से हमले की घटना पर भी कमेंट किया। उन्होंने अपना एक्सपीरियंस शेयर किया कि उस रात असल में क्या हुआ था, करीना कितनी डरी हुई थीं और बच्चों ने इस घटना पर कैसा रिस्पॉन्स दिया। ‘मैं सड़क पर चिल्ला रही थी’; करीना ने उस रात का अपना एक्सपीरियंस शेयर किया सैफ पर हुए हमले की रात को याद करते हुए करीना इमोशनल हो गईं। उन्होंने कहा, “मैं सड़क पर एक ऑटो-रिक्शा रोक रही थी। मैं सड़क पर चिल्ला रही थी। मैं पागलों की तरह भाग रही थी और सैफ खून से लथपथ थे।” करीना ने कहा कि घटना के बाद करीब छह महीने तक उन्हें ठीक से नींद नहीं आई। उन्होंने उस मुश्किल समय में सैफ को हॉस्पिटल ले जाने के लिए परिवार की कोशिशों के बारे में भी बताया। करीना ने कहा कि सैफ उस समय चल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टरों को उनकी रीढ़ की हड्डी के पास फंसे चाकू को निकालने के लिए सर्जरी करनी पड़ी। वह इस सब से पूरी तरह थक चुकी थीं, लेकिन सैफ ने खुद को शांत रखने की कोशिश की। हमलावर घर में घुसा और चाकू घोंप दिया 16 जनवरी, 2025 को सैफ और करीना के घर में एक घुसपैठिया घुस आया। उसने हाउस हेल्प को बंधक बना लिया था। जब सैफ ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके बीच लड़ाई हो गई। इसी दौरान हमलावर ने सैफ को चाकू मार दिया। घायल सैफ को तुरंत रिक्शे से हॉस्पिटल ले जाया गया। उनकी छह घंटे तक सर्जरी चली। इस घटना के बाद, मुंबई पुलिस ने तीन दिन बाद आरोपी मोहम्मद शरीफुल को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट द्वारा आरोपी के जुर्म कबूल करने की दूसरी कोशिश को खारिज करने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई पिछले महीने शुरू हुई थी। नेपोटिज्म पर करण जौहर के साथ मजेदार चर्चा इस एपिसोड में सैफ, करीना और करण जौहर के बीच नेपोटिज्म के मुद्दे पर मजेदार बातचीत भी हुई। एक सेगमेंट जीतने के बाद सैफ ने मजाक में कहा कि इससे साबित होता है कि करण के शो में कोई नेपोटिज्म या भाई-भतीजावाद नहीं है। इस पर करण ने करीना की तरफ इशारा करते हुए उनका उदाहरण दिया। यह सुनकर करीना ने भी मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने कहा, मैं नेपोटिज़्म की सबसे प्योर पोस्टर गर्ल हूँ। मैं नेपोटिज़्म का सबसे नैचुरल टैलेंट हूँ। मैंने कभी अपने माता-पिता का ज़िक्र नहीं किया। उनका जवाब सुनकर करण और सैफ भी हंसने लगे।
करीना कपूर ने बताया कि जनवरी 2025 में जब सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था, तब वह उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में सड़क पर दौड़ी थीं। करीना ने कहा कि वह नाइट टी-शर्ट में ऑटो रोकने के लिए चिल्ला रही थीं। उस समय सैफ खून से लथपथ खड़े थे। सैफ और करीना ने ‘कॉफी विद करण’ के नए एपिसोड में हमले, बच्चों की प्रतिक्रिया और परिवार पर पड़े असर के बारे में बताया। सैफ ने कहा कि उन्होंने छोटे बेटे जेह को बचाने के लिए हमलावर का सामना किया। करीना ने बताया कि वह करीब छह महीने तक ठीक से सो नहीं पाईं। करीना ने बताया, “मैं अपनी नाइट टी-शर्ट में थी। अच्छा हुआ कि किसी ने इसका वीडियो नहीं बनाया, करण। मैं सड़क पर चिल्ला रही थी- रुको, रुको।” करीना ने कहा, “यह किसी फिल्म के सीन जैसा था। मेरे पास पायजामा पहनने का समय नहीं था। मैं सड़क पर दौड़ गई। यह बात किसी को पता नहीं है। मैं पहली बार बता रही हूं।” उन्होंने बताया कि ऑटो रोकने की कोशिश के दौरान उनकी टी-शर्ट बहुत छोटी थी। वह सैफ के खून बहने के बीच पागलों की तरह रिक्शा तलाश रही थीं। सैफ ने मजाक में कहा कि करीना की टी-शर्ट बेहद छोटी थी। उन्होंने कहा कि उस सीन का वीडियो बनता तो काफी अलग होता। हालांकि, परिवार के लिए वह रात बेहद डरावनी थी। जेह को बचाने के लिए हमलावर से भिड़े सैफ सैफ ने बताया कि वह जेह को बचाने के लिए हमलावर से भिड़े थे। उन्होंने कहा, “जब मैं इस व्यक्ति से लड़ रहा था, तब उसने मुझे करीब 10 बार चाकू मारा।” सैफ ने कहा कि हिंदी फिल्मों में एक्शन सीन देखने और करने के अनुभव से उन्हें तुरंत पलटकर लड़ने का ख्याल आया। उन्होंने कहा कि सब कुछ बहुत तेजी से हुआ और सोचने का समय नहीं मिला। सैफ ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने परिवार को बचाने के लिए कोई हथियार उठाने के बारे में नहीं सोचा। डाइनिंग टेबल के ऊपर एक सजावटी तलवार लटकी थी, लेकिन संघर्ष के दौरान उनका ध्यान उस पर नहीं गया। सैफ ने जेह की प्रतिक्रिया भी बताई। उन्होंने कहा, “उसने मुझे अपनी प्लास्टिक की तलवार दी और कहा- अगली बार वह चोर आए, तो इसका इस्तेमाल करना।” सैफ ने कहा, “जेह ने पूरी घटना देखी थी। इसलिए उसे लगता है कि मैं बहुत अच्छा रक्षक हूं।” सैफ के गले और पीठ पर गंभीर चोटें आई थीं करीना ने बताया कि उन्होंने लिफ्ट में सैफ को बुरी तरह घायल देखा था। उनके बेटे तैमूर भी उस समय वहां थे और उन्होंने पूछा था कि क्या उनके पिता की मौत हो जाएगी। करीना ने कहा, “जब मैंने लिफ्ट में सैफ को देखा, तो कहा- सैफ, ऐसा मत करो। तभी टिम ने उन्हें देखकर पूछा- अब्बा, क्या आप मरने वाले हैं?” उन्होंने बताया कि सैफ ने उन्हें अस्पताल ले जाने का इशारा किया था। सैफ ने कहा कि चोटें गंभीर होने के बावजूद उन्हें भरोसा था कि वह ठीक हो जाएंगे। सैफ के गले पर गहरे और टेढ़े कट लगे थे। टूटे हुए चाकू का एक हिस्सा उनकी पीठ में फंस गया था। सैफ ने कहा, “ये कट काफी गहरे और लंबे थे। यहां चारों ओर टेढ़े कट लगे थे।” चाकू टूटने के बारे में उन्होंने कहा, “यह चाकू की दुनिया का सबसे खराब चाकू था। अगर यह थोड़ा भी अच्छा होता, तो मैं मर चुका होता। वह इतना खराब था कि टूट गया।” करीना ने कहा कि चाकू एक मिलीमीटर भी ज्यादा अंदर चला जाता, तो चोट जानलेवा हो सकती थी। सैफ ने बताया कि चोट का असर रीढ़ पर पड़ा और उनके पैर में कुछ संवेदना कम हो गई। इब्राहिम सर्जरी के बाद रो रहे थे करण जौहर ने बताया कि वह हमले के बाद परिवार से संपर्क करने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। उन्होंने सैफ के बच्चों इब्राहिम अली खान और सारा अली खान से बात की थी। सैफ ने बताया कि ऑपरेशन के बाद जब उन्हें होश आया, तब परिवार उनके पास मौजूद था। सैफ ने कहा, “इब्राहिम बहुत परेशान था। मैंने उसे आमतौर पर इस तरह भावनाएं जाहिर करते नहीं देखा। उसकी आंखों में आंसू थे और वह गुस्से में था।” घर पर उस रात ड्राइवर क्यों नहीं था सैफ और करीना ने यह भी बताया कि हमले वाली रात घर पर ड्राइवर क्यों नहीं था। सैफ ने कहा, “क्योंकि वह शाम को अपने परिवार के पास घर चला जाता है। इसलिए कोई ड्राइवर नहीं था।” करीना ने साफ किया कि सैफ के बेटे ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। करण ने कहा, “आपका नौ साल का बेटा, खून से लथपथ पिता को लेकर गया। मुझे नहीं पता कैसे।” इसके बाद सैफ को ऑटोरिक्शा से लीलावती अस्पताल ले जाया गया। शो के दौरान एक मजेदार पल भी देखने को मिला। गेम राउंड के दौरान करीना ने अपनी बहन करिश्मा कपूर को फोन किया। उन्होंने करिश्मा से पूछा कि क्या हो रहा है। फोन उठाते ही करिश्मा ने कहा, मैं बस तुम्हें और मीरा को देख रही हूं। हर जगह हर कोई यही कह रहा है कि ये क्या चल रहा है? इस पर करीना ने बताया कि मीरा उनके टॉक शो 'व्हाट विमेन वांट' में आई थीं। करिश्मा ने इस पर कहा, प्यारा, बहुत बढ़िया। तभी करण जौहर ने उन्हें याद दिलाया कि वह 'कॉफी विद करण' पर हैं और अब कुछ न बोलें। यह सुनकर करिश्मा ने कहा, “तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकतीं!”
दीवाली से पहले टल गया Maathrubhumi की रिलीज का संकट, सेंसर बोर्ड ने दी हरी झंडी; इस दिन आएगा ट्रेलर?
सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म मातृभूमि के ट्रेलर रिलीज को लेकर अहम जानकारी सामने आ रही है।
Bigg Boss 20 में मचा बवाल, बर्तन धोने को लेकर स्काउट और काजी के बीच हाथापाई तक पहुंची बात
'बिग बॉस 20' कंटेस्टेंट काजी तौकीर और स्काउट ओपी के बीच जमकर झगड़ा हुआ। दरअसल, दोनों के बीच बर्तन धोने को लेकर बहस शुरू हुई जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई।
Review: रणबीर की 'रामायण' ने जीता सेलेब्स का दिल, हुए भावुक
रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है. करण जौहर, सुनील लहरी, आशीष चंचलानी, बादशाह, अजिंक्य देव और अल्लू अर्जुन जैसे सेलेब्स ने फिल्म को लेकर अपना रिएक्शन दिया है.
राघव जुयाल रामायणम् पार्ट 1 में सरप्राइज पैकेज बनकर सामने आए, जहां चंद सेकंड के रोल से ही उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया।
निर्माता नमित मल्होत्रा की फिल्म रामायणम् (Ramayana) की रिलीज के पहले दिन फिल्म से सनी देओल (Sunny Deol) का हनुमान लुक सामने आ गया है।
'रामायण' में राघव जुयाल बने मेघनाद, 5 सेकंड के रोल में छाए
फिल्म रामायण के कलाकारों की तारीफ हो रही है. इसमें सबसे बड़ा सरप्राइज राघव जुयाल ने दिया है. उनके काम की लोगों ने तारीफ की है. सेकंड पार्ट में राघव का काम देखने को मिलेगा.
लता मंगेशकर का 53 साल पुराना गाना, अमिताभ-जया ने कर दिया इमोशनल; बंगाली गीत से प्रेरित था संगीत
लता मंगेशकर और किशोर कुमार द्वारा गाया गया फिल्म 'अभिमान' का ये गाना आज भी दर्शकों के दिलों में बसा है।
एक्ट्रेसप्रीति झंगियानी ने हाल ही में ये खुलासा किया है कि उनको शाह रुख खान की एक ब्लॉकबस्टर फिल्म कैसी मिली थी।
फिल्म: 'रामायण पार्ट 1' रेटिंग:3.5 / 5 ड्यूरेशन: 3 घंटे 15 मिनट एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। इन दोनों के आमने-सामने आने से पहले की कहानी को करीब 4000 करोड़ रुपए के विशाल सिनेमाई कैनवास पर उतारना आसान काम नहीं है। खासकर तब, जब कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था से भी जुड़ी हो। नितेश तिवारी की 'रामायण पार्ट वन' इसी जिम्मेदारी के साथ पर्दे पर आती है। रणबीर कपूर राम के रूप में गंभीर और गरिमामय नजर आते हैं, तो यश का रावण अवतार अपने रौब से अलग पहचान बनाता है। फिल्म में अयोध्या की भव्यता है, लंका का वैभव है और एक ऐसे युद्ध की तैयारी है, जिसका इंतजार हर दर्शक को है। लेकिन इस महागाथा का पहला अध्याय आखिर कितना असर छोड़ता है? इसकी कहानी में आगे बढ़ते हैं। कहानी: रावण के दस सिरों से शुरू होती है सत्ता और अहंकार की दास्तान दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की शुरुआत राम से नहीं, बल्कि रावण से होती है। कहानी पहले लंका के उस राजा की दुनिया में ले जाती है, जिसके पास अपार शक्ति है, ज्ञान है और अपनी तपस्या से हासिल किए गए वरदानों का घमंड भी। रावण (यश) कठोर तपस्या करके भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करता है और वरदान हासिल करता है। इसके बाद उसकी महत्वाकांक्षा बढ़ती जाती है। वह इंद्र को पराजित करता है और अपने सौतेले भाई कुबेर से लंका का अधिकार हासिल कर लेता है। फिल्म रावण के उदय के साथ उसके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती है। रावण को दशानन क्यों कहा जाता है और उसके दस सिरों की पौराणिक पहचान क्या है, इस पहलू को भी कहानी में जगह मिलती है। यहां रावण सिर्फ एक शक्तिशाली राजा नहीं, बल्कि ज्ञान, तपस्या और अहंकार का ऐसा संगम है, जिसकी महत्वाकांक्षा की कोई सीमा नहीं। इसके बाद कहानी अयोध्या की ओर मुड़ती है। भगवान विष्णु के अवतार राम (रणबीर कपूर) का जन्म राजा दशरथ के घर होता है। उनका बचपन, ऋषि विश्वामित्र के साथ यात्रा, मिथिला में सीता (साई पल्लवी) के स्वयंवर में शिव धनुष तोड़ना और विवाह जैसे प्रसंग दिखाए जाते हैं। सब कुछ ठीक चल रहा होता है, लेकिन राजमहल की राजनीति कहानी की दिशा बदल देती है। कैकेयी (लारा दत्ता) अपने दो वरदान मांगती हैं और राम को चौदह वर्षों का वनवास मिलता है। राम के साथ सीता और लक्ष्मण (रवि दुबे) भी वन की ओर निकल पड़ते हैं। वनवास के दौरान शूर्पणखा (रकुल प्रीत सिंह) का प्रसंग आता है। इसके बाद मारीच का स्वर्ण मृग वाला मायाजाल कहानी को उस मोड़ पर ले जाता है, जहां राम और लक्ष्मण आश्रम से दूर चले जाते हैं। साधु के वेश में पहुंचा रावण सीता का हरण कर लेता है। सीता को बचाने के लिए जटायु रावण से युद्ध करता है। घायल जटायु राम को सीता के अपहरण की जानकारी देता है और अंतिम सांस लेता है। यहीं फिल्म का पहला भाग एक बड़े भावनात्मक मोड़ पर पहुंचता है। फिल्म का पोस्ट क्रेडिट सीन भी खास है। इसमें हनुमान जी (सनी देओल) की झलक दिखाई जाती है। उन्हें पीछे और साइड से उड़ते हुए दिखाया गया है। इस दौरान 'जय श्री राम' का उद्घोष सुनाई देता है, लेकिन उनका चेहरा नहीं दिखाया जाता। यह छोटा सा सीन आगे आने वाली कहानी की एक झलक देता है। पहले भाग में रावण का उदय, राम का वनवास और सीता हरण तक की कहानी दिखाई गई है। अब हनुमान जी की लंका यात्रा, अशोक वाटिका, रामसेतु और लंका युद्ध जैसे बड़े प्रसंगों के लिए दूसरे भाग का इंतजार करना होगा। एक्टिंग: रणबीर की गंभीरता और यश का रौद्र अवतार भगवान राम का किरदार निभाना किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। रणबीर कपूर इस भूमिका में संयम और गंभीरता लेकर आते हैं। उनके चेहरे पर शालीनता और व्यवहार में मर्यादा दिखाई देती है। वह राम को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने के बजाय सहज और गरिमामय रखने की कोशिश करते हैं। साई पल्लवी (सीता) अपनी स्वाभाविक अदाकारी और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से किरदार में सहजता लाती हैं। रवि दुबे (लक्ष्मण) के अभिनय में भाई के प्रति समर्पण और रक्षक का भाव दिखाई देता है। यश (रावण) की बात करें तो उनका अंदाज अलग ही है। रौबदार व्यक्तित्व, दमदार आवाज, आंखों में अहंकार और पर्दे पर उनकी मौजूदगी रावण के किरदार को प्रभावशाली बनाती है। उनकी एंट्री और बड़े दृश्यों में उनका अंदाज खास ध्यान खींचता है। वह रावण के राजसी ठाठ, शक्ति और क्रोध को अपने अभिनय से सामने लाते हैं। अरुण गोविल (दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी), शिबा चड्ढा (मंथरा) और रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आते हैं। वहीं सनी देओल की हनुमान के रूप में झलक अगले भाग को लेकर उत्सुकता बढ़ाती है। डायरेक्शन: नितेश तिवारी का सबसे बड़ा सिनेमाई इम्तिहान 'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले नितेश तिवारी के लिए 'रामायण' बिल्कुल अलग तरह की चुनौती है। यहां कहानी के साथ करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और दर्शकों की अपेक्षाएं भी बेहद बड़ी हैं। फिल्म को रावण के उदय से शुरू करना निर्देशक का दिलचस्प फैसला है। इससे राम और रावण के संसार को अलग-अलग स्थापित करने का मौका मिलता है। अयोध्या से लेकर लंका तक का विस्तार और पौराणिक संसार को पर्दे पर रचने की कोशिश उनके बड़े विजन को दिखाती है। हालांकि, कुछ जगहों पर कहानी की भावनाओं को और ठहराव दिया जा सकता था। कई संवाद ऐसे हैं, जहां किरदारों की विशालता के हिसाब से शब्दों में वैसा वजन महसूस नहीं होता। रामायण के किरदारों से निकलने वाले संवाद सिर्फ जानकारी नहीं देते, बल्कि याद भी रह जाते हैं। इस मामले में फिल्म कुछ और दमदार हो सकती थी। स्क्रीनप्ले: पहला अध्याय, बड़ी कहानी की भूमिका रामायण की घटनाएं दर्शकों को पहले से मालूम हैं, लेकिन उन्हें किस क्रम में और किस अंदाज में पेश किया जाता है, यही स्क्रीनप्ले की असली चुनौती है। फिल्म रावण की पृष्ठभूमि से शुरुआत करके राम के जन्म, विवाह, वनवास और सीता हरण तक पहुंचती है। इस दौरान दोनों संसारों को जोड़ने की कोशिश की गई है। कहानी का दायरा पहले भाग में सीमित रखा गया है, ताकि आगे होने वाले संघर्ष के लिए जमीन तैयार हो सके। 3 घंटे 15 मिनट की लंबाई के बावजूद कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार धीमी पड़ती है। कुछ घटनाओं को और कसावट के साथ पेश किया जा सकता था। फिल्म का अंत भी किसी पारंपरिक विजयी क्लाइमैक्स की तरह नहीं, बल्कि आगे की बड़ी लड़ाई की शुरुआत के संकेत के साथ होता है। VFX और टेक्निकल पहलू: लंका की भव्यता से लेकर युद्ध के संसार तक यहां फिल्म अपने सबसे मजबूत पक्ष पर नजर आती है। अयोध्या का राजसी वैभव, लंका का विशाल साम्राज्य, महल, प्राकृतिक दृश्य और पौराणिक संसार को जिस पैमाने पर तैयार किया गया है, वह प्रभावित करता है। VFX का इस्तेमाल कई दृश्यों में शानदार है। फिल्म का विजुअल स्केल भारतीय सिनेमा की तकनीकी महत्वाकांक्षा को दिखाता है। प्रोडक्शन डिजाइन, कॉस्ट्यूम, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी भी इस विशाल संसार को विश्वसनीय बनाने में योगदान देते हैं। हालांकि, कुछ राक्षसों और मायावी प्राणियों को दिखाने वाले दृश्यों में VFX थोड़ा कमजोर पड़ता है। उनके लुक और मूवमेंट में कहीं-कहीं कृत्रिमता महसूस होती है। लेकिन यह कुछ हिस्सों तक सीमित है। ओवरऑल फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट शानदार है और बड़े पर्दे पर इसका अनुभव खास बनता है। म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर: रहमान और जिमर से कुछ ऐसी धुन की उम्मीद थी जो याद रह जाए ए.आर. रहमान और हंस जिमर जैसे दिग्गज संगीतकारों का एक साथ आना अपने आप में बड़ी खबर थी। ऐसे में उम्मीद थी कि रामायण को ऐसा संगीत मिलेगा, जो सिर्फ दृश्यों का साथ नहीं देगा, बल्कि खुद कहानी का हिस्सा बन जाएगा। राम की एंट्री पर कोई ऐसी धुन सुनाई दे, जो उनके किरदार की गरिमा और दिव्यता का एहसास कराए। रावण के आते ही बैकग्राउंड में ऐसा संगीत बजे, जो उसके रौद्र व्यक्तित्व को और विशाल बना दे, लेकिन फिल्म में कोई ऐसा यादगार थीम म्यूजिक सुनाई नहीं देता, जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी जेहन में बना रहे। कुछ दृश्यों में बैकग्राउंड स्कोर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है, लेकिन कुल मिलाकर संगीत वह जादू नहीं पैदा कर पाता जिसकी इस महागाथा से उम्मीद थी। इतने बड़े नामों के साथ यह उम्मीद करना गलत भी नहीं था कि फिल्म का संगीत भी इसके VFX जितना ही भव्य और यादगार होगा। इस मोर्चे पर थोड़ी निराशा हाथ लगती है। फाइनल वर्डिक्ट: भव्यता का नया पैमाना, लेकिन हर जगह नहीं जगा पाई जादू 'रामायण पार्ट वन' भारतीय सिनेमा की एक बड़ी महत्वाकांक्षी कोशिश है। रणबीर कपूर राम के रूप में गंभीरता और मर्यादा लेकर आते हैं, जबकि यश अपने रावण अवतार से खास छाप छोड़ते हैं। शानदार VFX, विशाल प्रोडक्शन डिजाइन और पौराणिक संसार की भव्यता फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। कुछ हिस्सों में कहानी की धीमी रफ्तार, संवादों का अपेक्षित प्रभाव न छोड़ पाना और यादगार थीम म्यूजिक की कमी इसके अनुभव को थोड़ा कम जरूर करते हैं। राक्षसों के VFX में भी कुछ जगह सुधार की गुंजाइश है। फिर भी फिल्म में बड़े पर्दे पर देखने लायक बहुत कुछ है। खासकर यश का रावण और फिल्म का विशाल विजुअल संसार। पहला अध्याय खत्म होते-होते दर्शकों के सामने सबसे बड़ा सवाल छोड़ जाता है कि अब राम और रावण के बीच होने वाला महायुद्ध पर्दे पर कितना विराट होगा।
Ramayana Review: रणबीर का तेज, यश का प्रचंड रौद्र रूप; तकनीक और आस्था का भव्य महाकाव्य है 'रामायणम्'
फिल्म 'रामायणम्' (Ramayana) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी और रवि दुबे की फिल्म क्या वाकई देखने लायक है? 4000 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म कैसी है, जानने के लिए पढ़िए पूरा रिव्यू
Ramayana Review: रणबीर कपूर या यश, कौन चमका और कौन पड़ा फीका?
रणबीर कपूर की रामायण थिएटर में रिलीज हो गई है। अगर आप इस दिवाली ये फिल्म देखने का प्लान कर रहे हैं तो ये रिव्यू पढ़ कर ही घर से निकलिएगा। जानिए कैसी है फिल्म रामायण।
रामानंद सागर की 'रामायण' के लक्ष्मण, सुनील लहरी ने नितेश तिवारी की 'रामायण' के संगीत पर अपनी राय दी है।
फिल्म 'पांच पांडव' की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि इसमें द्रौपदी के किरदार को अपमानजनक तरीके से दिखाने और एक आइटम सॉन्ग को लेकर धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है।
भारतीय संस्कृति और जनमानस में 'रामायण' केवल एक ग्रंथ या कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने के आदर्शों, मर्यादा और शाश्वत मूल्यों का एक ऐसा दस्तावेज है जो पीढ़ियों से हमारा मार्गदर्शन करता रहा है। जब इस प्रकार के महान महाकाव्य को सिनेमा के बड़े पर्दे पर उतारने की बात आती है, तो चुनौतियाँ कई गुना बढ़ जाती हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म 'रामायण भाग 1' इसी चुनौती को स्वीकार करती है। यह फिल्म आधुनिक तकनीक, वीएफएक्स (VFX) के बेजोड़ इस्तेमाल और गहरी मानवीय भावनाओं के साथ इस चिर-परिचित गाथा को एक नए सिनेमाई कलेवर में पेश करती है। रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी यह फिल्म केवल पौराणिक घटनाओं का एक साधारण सिलसिला नहीं है, बल्कि यह सत्ता, महत्वाकांक्षा, प्रेम, कर्तव्य, त्याग और धर्म के बीच के सूक्ष्म संघर्ष को बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शाती है। फिल्म का नाम: रामायण भाग 1 क्रिटिक्स रेटिंग: 4/5 रिलीज़ की तारीख: 5 नवंबर, 2026 निर्देशक: नितेश तिवारी जॉनर: महाकाव्य ड्रामा फिल्म की कहानी: पृष्ठभूमि से लेकर वनवास तक का सफर वाल्मीकि रामायण के मूल सार पर आधारित यह फिल्म देवताओं और असुरों के बीच के प्राचीन संघर्ष से अपनी शुरुआत करती है। असुरों की पराजय और लंका में उनके अस्तित्व की पुनर्स्थापना अंततः रावण के अभ्युदय की पृष्ठभूमि तैयार करती है। यश द्वारा अभिनीत रावण का यह रूप केवल एक पारंपरिक खलनायक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे महत्वाकांक्षी शासक की गाथा है जो अपनी कठोर तपस्या, असीम बुद्धिमत्ता और अपार शक्ति के बल पर तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य स्थापित करना चाहता है। रावण की तपस्या, भगवान ब्रह्मा से प्राप्त वरदान, देवताओं के राजा इंद्र को पराजित करना और कुबेर से लंका छीनना—ये तमाम प्रसंग फिल्म के शुरुआती पन्नों में ही इसके विशाल पौराणिक कैनवास को स्थापित कर देते हैं। इसके बाद कहानी का रुख अयोध्या की ओर होता है, जहाँ भगवान विष्णु राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र राम के रूप में अवतार लेते हैं। फिल्म राम के बाल्यकाल, उनकी शालीनता, शिक्षा, शस्त्र-विद्या और उन संस्कारों को बारीकी से दिखाती है जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा। ऋषि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण की वह ऐतिहासिक यात्रा, ताड़का वध, अहिल्या का उद्धार और अंततः मिथिला में माता सीता के स्वयंवर का प्रसंग कहानी को एक नया मोड़ देता है। राम और सीता का विवाह केवल दो दिलों या दो राजवंशों का मिलन नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय की कठिन परीक्षाओं के लिए उनकी भावनात्मक और आध्यात्मिक एकजुटता की आधारशिला है। कथा का सबसे बड़ा और मर्मस्पर्शी मोड़ तब आता है जब रानी कैकेयी राजा दशरथ को उनके पूर्व में दिए गए वचनों की याद दिलाती हैं। वह अपने पुत्र भरत के लिए सिंहासन और राम के लिए 14 वर्षों के वनवास की मांग करती हैं। बिना किसी द्वेष या विरोध के, एक आदर्श पुत्र और भ्राता के रूप में राम अपने पिता के वचनों की लाज रखने के लिए सहर्ष अयोध्या का त्याग कर देते हैं। माता सीता और लक्ष्मण भी इस कठिन यात्रा में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं। दूसरी ओर, स्वर्ण नगरी लंका में सत्ता के अंतर्विरोध, पारिवारिक साजिशें और शूर्पणखा की महत्वाकांक्षाएं घटनाओं का एक नया जाल बुनती हैं। शूर्पणखा का अपमान और उसके उपजे क्रोध का परिणाम अंततः सीता हरण के रूप में सामने आता है। फिल्म का पहला भाग यहीं पर अपनी पराकाष्ठा पर पहुंचता है। राम और रावण के बीच होने वाले महायुद्ध को अभी पर्दे पर आना बाकी है, लेकिन निर्देशक ने उस निर्णायक युद्ध की हर एक पृष्ठभूमि और मानसिक स्थिति को बेहद ठोस तरीके से तैयार कर लिया है। रामायण भाग 1: निर्देशन नितेश तिवारी के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसी कहानी को पर्दे पर उतारना था, जिसे दर्शक पहले से ही बहुत अच्छी तरह जानते हैं। रामायण के पात्र और घटनाएं भारतीय संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। जानी-पहचानी घटनाओं को बस दोहरा देना काफी नहीं होता; फिल्म को एक नया सिनेमाई अनुभव देने की जरूरत थी। तिवारी ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। 'दंगल' जैसी फिल्म में पारिवारिक भावनाओं और संघर्षों को दिखाने के बाद, अब निर्देशक ने एक विशाल पौराणिक दुनिया की कमान संभाली है। उनके पक्ष में सबसे अच्छी बात यह है कि इतने भव्य पैमाने के बावजूद, उन्होंने मानवीय रिश्तों को कभी ओझल नहीं होने दिया। राम और लक्ष्मण के बीच सहज आत्मीयता, राम और कैकेयी के बीच भावनात्मक संवाद, राम और सीता के रिश्ते की कोमलता, और परशुराम के साथ राम की मुलाकात—ये सब मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि फिल्म केवल घटनाओं का एक संग्रह बनकर न रह जाए। ये पल फिल्म के भावनात्मक मूल को सामने लाते हैं। लेखक श्रीधर राघवन और नितेश तिवारी ने कहानी को काफी गहराई दी है। उनका मकसद सिर्फ राम के जीवन को दिखाना नहीं, बल्कि रावण के व्यक्तित्व और उसके उत्थान के पीछे की परिस्थितियों को भी समझना है। इससे कहानी के दोनों पक्षों को पूरा स्थान मिला है। विस्तृत कहानी कहने के कारण, फिल्म के कुछ हिस्से थोड़े धीमे लग सकते हैं। हालांकि, निर्देशक का धैर्य ही इस कहानी को एक अलग पहचान देता है। दर्शकों के लिए रामायण सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक भावना है। इसलिए, सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस भावना को बहुत संवेदनशीलता के साथ पेश करने की है—एक ऐसी बात जिसकी 'आदिपुरुष' में कमी थी। दर्शक मूल कहानी से गहराई से जुड़े हुए हैं और चाहते हैं कि इसके पात्र, तथ्य और भाषा वैसे ही रहें जैसे वे हमेशा से रहे हैं। छोटे-छोटे बदलाव भी उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। नितेश तिवारी इस बात को लेकर काफी सजग नजर आते हैं। उन्होंने पौराणिक घटनाओं और भावनाओं के मूल स्वरूप को बदले बिना, शानदार सिनेमैटोग्राफी और विजुअल्स के जरिए उन्हें एक नया सिनेमाई रूप दिया है। फिल्म में 'क्रिएटिव फ्रीडम' (रचनात्मक स्वतंत्रता) के नाम पर ऐसी कोई छूट नहीं ली गई है, जिससे दर्शकों की भावनाओं को ठेस पहुंचे। रामायण भाग 1: तकनीकी पक्ष रामायण का सबसे बड़ा आकर्षण इसका तकनीकी पैमाना है। प्रोडक्शन डिज़ाइन, सिनेमैटोग्राफी, विज़ुअल इफेक्ट्स और बैकग्राउंड स्कोर मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाते हैं जो दर्शकों को किसी दूसरे दौर में ले जाती है। अयोध्या की भव्यता, मिथिला की सुंदरता, लंका के महल, जंगल और युद्ध के दृश्य फिल्म के विज़ुअल कैनवस को और समृद्ध बनाते हैं। हर जगह की अपनी एक अलग पहचान है। लंका सोने, शक्ति और धन का प्रतीक है, जबकि अयोध्या अनुशासन, संस्कृति और शांति को दर्शाती है। DNEG के विज़ुअल इफेक्ट्स इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक हैं। भव्य सेट, दिव्य अस्त्र-शस्त्र, युद्ध के दृश्य और पौराणिक नज़ारे बड़े पर्दे पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं। रावण से जुड़े दृश्य, खासकर रावण और जटायु के बीच का टकराव, अपने बेहतरीन तकनीकी काम की वजह से खास तौर पर ध्यान खींचते हैं। कुछ जगहों पर CGI थोड़ा बनावटी लग सकता है। हालाँकि, फिल्म के लिए तैयार की गई दुनिया का पैमाना इतना बड़ा है कि ये कमियां काफी हद तक छिप जाती हैं। पंकज कुमार और महेश लिमये की सिनेमैटोग्राफी ने फिल्म की भव्यता को बहुत खूबसूरती से कैद किया है। अलग-अलग नज़ारों, महलों और प्राकृतिक दृश्यों में रंगों का इस्तेमाल कहानी के मूड के साथ पूरी तरह मेल खाता है। कॉस्ट्यूम और सेट डिज़ाइन इसके पौराणिक माहौल को और भी मज़बूत बनाते हैं। संगीत के लिए ए.आर. रहमान और हंस ज़िमर का एक साथ आना फिल्म का एक और बड़ा आकर्षण है। उनके अलग-अलग संगीत शैलियों ने फिल्म को एक अनोखी पहचान दी है। जहाँ गाने फिल्म के भावनात्मक और आध्यात्मिक पहलुओं को मज़बूत करते हैं, वहीं बैकग्राउंड स्कोर संघर्ष, तनाव और महत्वपूर्ण घटनाओं वाले पलों में जान डाल देता है। कई दृश्यों में, संगीत सिर्फ कहानी के साथ चलने के बजाय सीधे दर्शकों की भावनाओं से जुड़ जाता है। फिल्म की एडिटिंग भी तारीफ के काबिल है। तीन घंटे से ज़्यादा लंबी होने के बावजूद, फिल्म ज़्यादातर समय दर्शकों का ध्यान बांधे रखती है। कुछ हिस्सों को और बेहतर तरीके से काटा जा सकता था, लेकिन फिल्म का भव्य पैमाना और विज़ुअल्स इस अनुभव को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके विज़ुअल्स वाकई बहुत प्रभावशाली हैं और अक्सर आपको स्क्रीन पर मौजूद बारीकियों को ध्यान से देखने पर मजबूर कर देते हैं। हो सकता है कि किसी के मन में यह सवाल हो कि एक ऐसी कहानी में नया क्या दिखाया जा सकता है जिसे पहले भी कई बार पर्दे पर उतारा जा चुका है। लेकिन, जिस तरह से इसे विज़ुअली पेश किया गया है, वह जानी-पहचानी घटनाओं को भी एक नया रूप देता है। इसके विज़ुअल इफेक्ट्स और भव्यता नई पीढ़ी के दर्शकों को भी इस महाकाव्य से जुड़ने में मदद कर सकते हैं। रामायण भाग 1: अभिनय और प्रदर्शन फिल्म की कास्टिंग और कलाकारों का अभिनय इसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर ने अपने अभिनय का एक अलग ही पहलू दिखाया है। उनके किरदार में शांति, धैर्य, करुणा और गरिमा साफ झलकती है। रणबीर ने अपने किरदार को बेवजह नाटकीय बनाने के बजाय, बहुत ही संयमित अभिनय किया है। कैकेयी के साथ उनके भावनात्मक दृश्य और वनवास स्वीकार करने वाला हिस्सा विशेष रूप से प्रभावशाली है। उन्होंने भगवान राम की शालीनता और उनके मानवीय भावनाओं के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया है। रावण के रूप में यश ने बहुत दमदार काम किया है। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी और संवाद बोलने का अंदाज काफी प्रभावशाली है। उन्होंने रावण को सिर्फ एक क्रूर और अहंकारी शासक के रूप में नहीं दिखाया है, बल्कि उसके भीतर की महत्वाकांक्षा, बुद्धिमत्ता और सत्ता पाने की तीव्र इच्छा को भी बखूबी उभारा है। स्क्रीन पर उनके आते ही दृश्य का माहौल बदल जाता है। यह किरदार उनके व्यक्तित्व और अभिनय शैली पर बिल्कुल सटीक बैठता है। सीता के रूप में साई पल्लवी का अभिनय बहुत स्वाभाविक और विश्वसनीय है। उनके काम में गरिमा, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास झलकता है। उन्होंने सीता को केवल एक 'आदर्श पत्नी' के रूप में नहीं, बल्कि अपने विचारों और आंतरिक शक्ति वाली एक स्वतंत्र महिला के रूप में पेश किया है। उनका सहज अभिनय इस किरदार में एक गहरी भावनात्मक गहराई जोड़ता है। लक्ष्मण के रूप में रवि दुबे ने बहुत अच्छा काम किया है। राम के प्रति उनका समर्पण, अपने भाई के साथ स्वाभाविक बातचीत और जरूरत पड़ने पर उनका गुस्सा—इन सबने किरदार में जान डाल दी है। उनके अभिनय में हल्का-फुल्का हास्य भी है, जो गंभीर कहानी के बीच दर्शकों को थोड़ी राहत देता है। शूर्पणखा के रूप में रकुल प्रीत सिंह शालीन और खतरनाक, दोनों रूपों में प्रभावी लगी हैं। स्क्रीन पर कम समय मिलने के बावजूद, उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। लारा दत्ता ने कैकेयी के बदलते भावनात्मक उतार-चढ़ाव को बहुत अच्छे से निभाया है, जबकि राजा दशरथ के रूप में अरुण गोविल ने कहानी को और अधिक गहराई दी है। अनुपम खेर की आवाज ने जटायु के किरदार को एक अलग ही पहचान दी है। जटायु से जुड़ा आखिरी दृश्य विशेष रूप से दिल छू लेने वाला है। भरत के रूप में आदिनाथ कोठारे और विद्युतजिह्वा के रूप में विवेक ओबेरॉय अपने-अपने किरदारों में असरदार रहे हैं, वहीं मारीच के रूप में सौरभ सचदेवा ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। रामायण भाग 1: फिल्म में क्या खास है? 'रामायण' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एक जानी-पहचानी कहानी को भी बेहद दिलचस्प बनाए रखती है। यह फिल्म पूरी तरह से भव्य सेट और विज़ुअल इफेक्ट्स पर निर्भर नहीं है। यह अपने किरदारों के भावनात्मक सफर को भी काफी जगह देती है। राम और लक्ष्मण के बीच की केमिस्ट्री, राम और सीता के रिश्ते की आत्मीयता, कैकेयी के साथ राम की बातचीत और रावण के उत्थान की कहानी- ये सभी पहलू फिल्म की कथा को अलग-अलग स्तरों पर मजबूत बनाते हैं। ए.आर. रहमान और हंस ज़िमर का संगीत, शानदार सिनेमैटोग्राफी और बेहतरीन प्रोडक्शन डिज़ाइन इसे बड़े पर्दे के लिए बनी एक फिल्म बनाते हैं। एक और खास बात यह है कि फिल्म किस तरह अच्छाई और बुराई के बीच के संघर्ष को दिखाती है। यह संघर्ष केवल शारीरिक युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग विचारों, इच्छाओं और विकल्पों के टकराव के रूप में भी सामने आता है। इससे फिल्म में एक ऐसी गहराई आती है जो आम पौराणिक फिल्मों में कम ही देखने को मिलती है। कमियों की बात करें तो, सबसे बड़ी कमी इसकी लंबाई (रनटाइम) है। फिल्म को थोड़ा छोटा किया जा सकता था। कुछ बड़े जीवों और बैकग्राउंड विज़ुअल्स के डिजिटल इफेक्ट्स को और बेहतर बनाया जा सकता था। हालाँकि, ये छोटी-मोटी कमियां हैं और इनसे फिल्म के कुल अनुभव पर कोई खास असर नहीं पड़ता। रामायण भाग 1: अंतिम निष्कर्ष नितेश तिवारी की 'रामायण' सिर्फ एक पौराणिक फिल्म नहीं है। यह एक भारतीय महाकाव्य को वैश्विक स्तर पर पेश करने का एक बड़ा और साहसिक प्रयास है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसने भव्य दृश्यों और भावनाओं के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया है। रणबीर कपूर ने राम के किरदार को बहुत ही संयम और गरिमा के साथ निभाया है। यश ने रावण के रूप में एक दमदार छाप छोड़ी है, जबकि साई पल्लवी ने सीता के किरदार को स्वाभाविक शालीनता और संवेदनशीलता के साथ पेश किया है। फिल्म की कहानी कहीं-कहीं थोड़ी धीमी हो जाती है, और कुछ विज़ुअल इफेक्ट्स को और बेहतर किया जा सकता था। लेकिन फिल्म का विशाल कैनवास, शानदार संगीत, दमदार अभिनय और भावनात्मक दृश्य इन कमियों पर भारी पड़ते हैं। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए भी बहुत कुछ लेकर आती है जो रामायण को जानते हुए बड़े हुए हैं। उन्हें जाने-पहचाने प्रसंगों को एक नए सिनेमाई नज़रिए से फिर से देखने का मौका मिलता है। अगर आपको भारतीय महाकाव्य, बड़े पैमाने पर बनी फिल्में और भावनाओं से भरी कहानियां पसंद हैं, तो 'रामायण' को सिनेमाघर में ज़रूर देखना चाहिए। IMAX और 3D में इसका अनुभव और भी शानदार हो सकता है। एक बात तो साफ है: यह फिल्म अपने बारे में बने भारी उत्साह (hype) पर पूरी तरह खरी उतरती है।

