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राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा

स्वामी विवेकानन्द के अनमोल बोल वचन

आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता ही बंधन की त्रिमूर्तियां हैं | जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं। खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा … Continue reading →

5 Jan 2018 11:29 pm
तीन तलाक और उसके परिणाम

हमें तो ऐसा लगता है की तीन तलाक़ के मुद्दे पर बीजेपी फंस गई है ? एक ओर तो बीजेपी मुसल्मानो को गरियाती रहती है बीफ़ बैन आड़ में खाना और व्यापार दोनों को ही क्षतविक्षत करके केवल मुस्लिम बहनो … Continue reading →

4 Jan 2018 9:51 pm
मशहूर शायर अनवर जलालपुरी के निधन से गमगीन हुआ माहौल

ख्वाहिश मुझे जीने की ज़ियादा भी नहीं है वैसे अभी मरने का इरादा भी नहीं है हर चेहरा किसी नक्श के मानिन्द उभर जाए ये दिल का वरक़ इतना तो सादा भी नहीं है वह शख़्स मेरा साथ न दे … Continue reading →

2 Jan 2018 11:56 pm
रजनीकांत राजनीति की एक नई सुबह

नयावर्ष प्रारंभ होते ही सुपर स्टार रजनीकांत ने सबको चैका दिया। उनकी राजनीति में आने की घोषणा ने जहां राजनीति के क्षेत्र में एक नयी सुबह का अहसास कराया वहीं राजनीति को एक नये दौर में ले जाने की संभावनाओं … Continue reading →

2 Jan 2018 11:07 pm
चॉद पर षोक

सौभाग्य की बात है कि बड़े भैया चॉद पर गए हैं परन्तु बेहद दुरूख की बात है कि बड़े काकाजी 100वर्ष पूर्ण करे बिना ही 99 वर्ष 11महिने में ही गुजर गए हैं । बड़े भैया से इंटरनेट पर या … Continue reading →

31 Dec 2017 10:19 pm
एक पिता की अभिलाषा

बेटा मैं चाहता हूँ कि तू न मेरे जैसा न माँ जैसा न दादा दादी जैसा या किसी और जैसा बने, मैं चाहता हूँ कि तू “तूझ जैसा बने” तेरा स्वभाव ऐसा हो कि तू सब के दिल में रहे, … Continue reading →

31 Dec 2017 9:43 pm
सम्पत्ति का खुलासा नहीं करने वाली नौकरशाही पर योगी सख्त

-संजय सक्सेना, लखनऊ- नेताओं के बाद अगर किसी का भ्रष्टाचार सबसे अधिक जनता की नजरों में खटकता है तो निसंदेह उसमें ब्यूरोक्रेट्स का नाम सबसे ऊपर आता है। नेता तो फिर भी आते-जाते रहते हैं, भ्रष्ट नेताओं को सत्ता से … Continue reading →

29 Dec 2017 9:38 pm
बहुजन आर्थिक आज़ादी का महोत्सव : भीम बिजनेस एक्सपो !

जयपुर में 23 से 25 दिसम्बर 2017 के तीन दिनों तक आयोजित हुए भीम बिजनेस एक्सपो ने बहुजन समाज के लोगों में आर्थिक स्वावलंबन तथा व्यावसायिक चेतना की एक नई उमंग पैदा कर दी है , अन्य व्यापार मेलों से … Continue reading →

27 Dec 2017 9:51 pm
ट्रेन का जिन्दगी रुपी “ सफर ”

ट्रेंन की जनरल बोगी में अगर आपने सफ़र किया हो तो वास्तव में आज आप इस लेख का मर्म महसूस कर पायेंगे| जीवन के सफ़र और ट्रेन की जनरल बोगी के सफ़र में कितनी समान्ताए है | ट्रेन के सफ़र … Continue reading →

25 Dec 2017 9:21 am
अभिनेता “विनोद मौर्या” की अनकही बातें

फ़िल्म ‘ग़ज़ब क प्यार’ के लीड ऐक्टर विनोद मौर्या आजमगढ़ के ठेकमा बाजार के इरनी गांव के रहने वाले है। अच्छी बात-व्यवहार की वजह से इनके गांव के लोग इन्हे बहुत मान -सम्मान देते हैं। ये पढ़ाई पूरी करने के … Continue reading →

23 Dec 2017 9:39 pm
देश मे ये क्या हो गया

राजनीति बदचलनी का बिस्तर हो गई, नेता तमाम बुराइयों के दलाल हो गए, मीडिया सत्ता का गुलाम हो गया, उद्योगपति लुटेरे हो गए, अफसर मौकापरस्त हो गए, पुलिस अपराधियों की हितैषी हो गई, डाक्टर मरीज़ों के शिकारी हो गए, इंजीनियर … Continue reading →

22 Dec 2017 10:20 pm
सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ

“चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँ गिदरां नुं मैं शेर बनावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ” सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह द्वारा 17 वीं शताब्दी में कहे गए ये शब्द आज भी सुनने या … Continue reading →

21 Dec 2017 11:51 pm
जीवन से खिलवाड़ करती मिलावट की त्रासदी

मिलावट करने वालों को न तो कानून का भय है और न आम आदमी की जान की परवाह है। दुखद एवं विडम्बनापूर्ण तो ये स्थितियां हंै जिनमें खाद्य वस्तुओं में मिलावट धडल्ले से हो रही है और सरकारी एजेन्सियां इसके … Continue reading →

21 Dec 2017 10:48 pm
देवी नागरानी की अंग्रेजी रचना का रजनी मोरवाल द्वारा हिंदी अनवुाद

मूल इंग्लिश: देवी नागरानी The music of my heart Listen to my Heart Beat I am the singing melody of my Land That gently tunes in rhythm Wrapping me in her essence. My thoughts dance in tune With the melody … Continue reading →

19 Dec 2017 12:13 pm
कलेक्टरेट में एडीशनल चूहा

….परन्तु वह तो मेरे से जूनीयर है. उसके यहां मेरे चेम्बर से एक चूहा ज्यादा कैसे ? कलक्टर साहब को रह रहकर यही बात कचोट रही थी. वह अपने कक्ष में बैठे बैठे सोच में डूबे हुए थे कि कही … Continue reading →

18 Dec 2017 11:10 pm
“न दे उसका भी भला”

बचपन में 50 वर्ष पूर्व मेरे पैतृक ग्राम कालमुखी (जिला-खंडवा) में सायंकाल में एक भिखारी दर्द भरी आवाज में भीख माँग रहा था। दे दे अलाह के नाम पर दे दे। माँ ने कहा- बेटा एक रोटी पर सुखी सब्जी … Continue reading →

17 Dec 2017 11:46 pm
जातिगत राजनीति

“राजनीति से बड़ा कोई धर्म नहीं और धर्म से बड़ी कोई राजनीति नहीं ” राम मनोहोर लोहिया जी का कथन आज भी भारतीय राजनीत में सटीक बैठता है | भारतीय समाज तो धर्म से आगर बढ़कर भी कई जातियों में … Continue reading →

17 Dec 2017 11:30 pm
बड़े – बड़ों की शादी और बीमारी …!!

पता नहीं तब अपोलो या एम्स जैसे अस्पताल थे या नहीं, लेकिन बचपन में अखबारों में किसी किसी चर्चित हस्ती खास कर राजनेता के इलाज के लिए विदेश जाने की खबर पढ़ कर मैं आश्चर्यचकित रह जाता था। अखबारों में … Continue reading →

16 Dec 2017 8:08 pm
नौ माह बाद भी सत्ता परिर्वतन की छाप नहीं

योगी राजः सत्ता नई, मिजाज वही – संजय सक्सेना, लखनऊ – उत्तर प्रदेश की सियासत क्या एक बार फिर करवट ले रही है। जो भाजपा अपनी प्रतिद्वंदी सपा-बसपा को खत्म मान कर चल रही थीं,वह ही सपा-बसपा योगी सरकार की … Continue reading →

12 Dec 2017 11:58 pm
स्वप्न मेरे उसके काजल में रहते हैं

स्वप्न मेरे उसके काजल में रहते हैं, बच्चे ज्यों माँ के आँचल रहते हैं . बूढ़े पीपल ने बतलाया उसके सब, नाती-पोते तो जंगल में रहते हैं. सह सकते जो धूप ,अनिश्चय ,प्यास,चुबन, वो अपने दम पर मरुथल में रहते … Continue reading →

10 Dec 2017 8:44 pm
गाली प्रतियोगिता की झलक

श्री मणिशंकर अय्यर द्वाराकिये गए नवीनतम उवाच के संदर्भ में व्यंग्य आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि सदा की भांति इस बार भी अखिल भारत गाली प्रतियोगिता का आयोजन, देष के राजनीतिक अखाडें में होनेवाला हैं. इसमें हिन्दुस्तान के दोनों … Continue reading →

8 Dec 2017 10:26 pm
पेट दर्द और खिचडी

(फिल्मों की बायोपिक और गानों की रिमिक्स के बीच इस पुरानी कहानी का नया रूप प्रस्तुत है) एक आदमी था. उसके पेट में दर्द होगया. वह दूर गांव हकीमजी के पास गया. उन्होंने उसे दवा देते हुए कहा कि घर … Continue reading →

8 Dec 2017 12:00 am
ताँगा

“घोड़ा था घमंडी पहुँचा सब्जी मंडी सब्जी मंडी बरफ पड़ी तो घोड़े को लग गई ठंडी “तब्बक- तब्बक” “तब्बक -तब्बक” ‘बचपन की स्वर्णिम स्मृतियों से’ खंडवा में आज से 25 साल पहले रिक्शों से ज्यादा ताँगे होते थे उन तांँगों … Continue reading →

6 Dec 2017 10:16 pm
लघुकथा ‘गन्जा’ मेरी नज़र में का देवी नागरानी द्वारा सिंधी में अनुवाद

गन्जा – (लघु कथा) -अनुराग शर्मा वह छठी कक्षा से मेरे साथ पढ़ता था। हमेशा प्रथम आता था। फिर भी सारा कॉलेज उसे सनकी मानता था। एक प्रोफैसर ने एक बार उसे रजिस्टर्ड पागल भी कहा था। कभी बिना मूंछों … Continue reading →

5 Dec 2017 9:21 pm
पारिवारिक अदालत

विधवा माँ को रखने वाले एक बेटे बहू पर माँ की सेवा में कमी का आरोप लगा । आरोप लगाने वाले दो थे । वो बेटे और बहू ,जिन्होंने कभी माँ को नही रखा। जज वो दामाद व वकील वो … Continue reading →

5 Dec 2017 8:52 pm
किस पार्टी में वंशवाद नहीं है ? किस देश में वंशवाद नहीं है ?

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का पार्टी का अध्यक्ष निर्विरोध चुना जाना तय है। क्योंकि नामांकन के लिए अब तक कोई आवेदन दाखिल नहीं हुआ है। गौरतलब है कि वे अपनी मां सोनिया गांधी के उत्तराधिकारी होंगे जो इस पद पर … Continue reading →

5 Dec 2017 8:42 pm
यूपी निकाय चुनावों का सन्देश

उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की ही तरह ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे विकास की जीत कहा है तो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ … Continue reading →

2 Dec 2017 11:41 pm
प्रजातन्त्र पिघल रहा है

मेरा प्रजातन्त्र क्यो पिघल रहा है । सिँहासन इसे क्यो निगल रहा है । फिर से शकुनि ले दुर्योधन को । चौसर के लिए क्यों मचल रहा है । कानून कयामत के काल चक्र में । क्यों आये धर्म धर्म … Continue reading →

30 Nov 2017 7:34 pm
पब्लिक अॉन डय़ूटी … !!

बैंक में एक कुर्सी के सामने लंबी कतार लगी है। हालांकि बाबू अपनी सीट पर नहीं है। हर कोई घबराया नजर आ रहा है। हर हाथ में तरह – तरह के कागजों का पुलिंदा है। किसी को दफ्तर जाने की … Continue reading →

30 Nov 2017 7:18 pm
हमने इतिहास को बनते हुए देखा है !

हमने भी इतिहास को बनते देखा है ! 30 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने नई दिल्ली से दूर ओडिशा की एक चुनावी सभा में कहा की “मेरे शरीर के खून का एक एक कतरा भी देश … Continue reading →

28 Nov 2017 8:19 pm
आदर्श महिला

एक आदर्श महिला थी। वो अपनी सांस की खूब सेवा करती । आने वाले हर मेहमान का खूब आदर करती थी ,पर उसकी अपनी सांस से बिलकुल नहीं पटती थी। बाद मैं पाया कि उसकी अपनी जेठानी से भी नहीं … Continue reading →

27 Nov 2017 9:26 am
निजी अस्पतालों की लूट कब तक?

देश के निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य की दृष्टि से तो हालात बदतर एवं चिन्तनीय है ही, लेकिन ये लूटपाट एवं धन उगाने के ऐसे अड्डे बन गये हैं जो अधिक परेशानी का सबब है। हमारे देश में जगह-जगह छोटे शहरों … Continue reading →

27 Nov 2017 9:19 am
हारून भाई को किसने मारा…

वो फैमिली हेयर ड्रेसर थे, दुबई रिटर्न…जी हां…”दुबई रिटर्न”, ये तमगा 90 के दशक में बड़ी बात हुआ करती थी, वो बताते थे कि वो स्‍वयं तब वहां शेखों के पर्सनल सैलून्‍स में हजामत किया करते थे। खुशदिल, मिलनसार और … Continue reading →

24 Nov 2017 10:48 pm
“अँधेरा घाना है”

गांधी जी का मानना था “लोकतंत्र बहुमत की तानाशाही है ” ये कथन अपने आप में ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत विपक्ष और सशक्त मीडिया की भूमिका को परिलक्षित करता है पर क्या आप किसी विपक्ष से ये उम्मीद कर … Continue reading →

23 Nov 2017 10:36 pm
ढूंढते ही रह जाओगे

लगता है कि ट्रेनों में जहरखुआनी गैंग के कारनामों से समाज में फैली अविश्वास की लहर मौजूदा हालात में शासक वर्ग से प्रेरणा पाकर दिनो दिन बढती ही जारही है. हाल के दिनों में घटित कुछ सच्ची घटनाएं इस बात … Continue reading →

23 Nov 2017 10:13 pm
अमर सिंधु की सिंधी रचना का देवी नागरानी द्वारा हिंदी अनुवाद

मूल सिंधी: अमर सिन्धु مان…!! پنهنجي ديس جي اڪيلائپ کي پنهنجو خواب آڇيان ٿي. پر، گيت جيڪو ڀڳت ڪنور رام جي ڳلي ۾ ڪٺو ويو منهنجي جسم جو عنوان بڻجي نٿو سگهي. هن جي ڇاتي تي سر رکي مون روئڻ … Continue reading →

20 Nov 2017 11:02 pm
भारत एक खोज — “चौकीदार”

हमारे यहाँ सर्राफा बाजार में सुनार अपना सब माल असबाब भारी और बड़ी बड़ी तिजोरियों में बंद करके फिर बहार से भी ताला लगाते है लेकिन उसके बाद भी बाजार में रात में सुरक्षा करने के लिए चौकीदार रखते है … Continue reading →

20 Nov 2017 10:38 pm
अतीत से ज्यादा वर्तमान पर लड़ना हितकर

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर आमजन का आक्रोश दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। गुजरात से गुवाहाटी और कश्मीर से कन्याकुमारी तक फिल्म को लेकर चर्चा का बाजार गरम है। यहां तक की राजपूत जाति समुदाय ने तो … Continue reading →

20 Nov 2017 1:21 pm
मूडीज की मोहर से बदलेगी दिशाएं

नोटबंदी एवं जीएसजी के आर्थिक सुधारों को लागू करने के लिये मोदी सरकार को जिन स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, उन स्थितियों में अर्थव्यवस्था को गति देने के तौर-तरीके खोजे जा रहे हैं, ऐसे समय में मोदी सरकार … Continue reading →

19 Nov 2017 8:50 am
होली और ईद मिलन

पिताजी बेटे से बोले – चंदा व लकड़ी कंडे ( उपले ) मांगने होली वाले आए थे।उन्हे दो चार सो रूपए के साथ ही टूटे हुए मकान की पाँच दस लकड़ियां दे देना। गाय भैंस देखने को नहीं मिलते कंडे … Continue reading →

17 Nov 2017 10:19 pm
विपक्ष की साझा चुनौती नहीं, बीजेपी की राह आसान

-संजय सक्सेना, लखनऊ- उत्तर प्रदेश में पहली दिसंबर को नगर निकाय चुनाव की काउटिंग के लिये बैलेट मशीन खुलते ही पता चल जायेगा, कि राज्य के सियासी पारे में कोई बदलाव आया है या फिर पिछले दो चुनावों जैसे ही … Continue reading →

16 Nov 2017 9:30 pm
अफ़सोस ज़िन्दगी का,कभी था न है ना होगा

अफ़सोस ज़िन्दगी का,कभी था न है ना होगा, हमें शौक ख़ुदकुशी का,कभी था न है ना होगा . मज़हब कोई बड़ा है,इंसान की हंसी से, ये ख़याल शायरी का,कभी था न है ना होगा. उसको सबक वफ़ा का,सिखला रहे हो … Continue reading →

16 Nov 2017 9:33 am
लोकतंत्र की सुदृढ़ता कैसे संभव हो?

-गणि राजेन्द्र विजय – चुनाव भले ही गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश में हो रहे हों, लेकिन माहौल देशभर में गरमा रहा है। इस वक्त मतदाता मालिक बन जाता है और मालिक याचक। यह हम देख भी रहे हैं और केवल … Continue reading →

13 Nov 2017 9:27 pm
दूध का कर्ज

पति ने चिंतित होकर पत्नी से कहा- बेटा हमेशा तुमसे कहता है -” माँ ? मै तेरे दूध का कर्ज उतार दूंगा ।” तुमने तो उसे साल भर ही दूध पिलाया वो भी बिना शकर का जबकि मैने तो पन्द्रह … Continue reading →

13 Nov 2017 9:08 pm
कतार में जीवन … !!

आज कल मनः स्थिति कुछ ऐसी बन गई है कि यदि किसी को मुंह लटकाए चिंता में डूबा देखता हूं तो लगता है जरूर इसे अपने किसी खाते या दूसरी सुविधाओं को आधार कार्ड से लिंक कराने का फरमान मिला … Continue reading →

13 Nov 2017 9:06 pm
पुलिस की छवि एवं साख का दागी होना!

‘किसी भी कीमत पर’ कानून और व्यवस्था कायम रहे, इसमें भारतीय पुलिस अक्षरशः पालन करती नजर आती है और ज्यादातर मामलों में इसकी कीमत हमें और आपको ही चुकानी होती है। गुरुग्राम के रायन स्कूल के चर्चित प्रद्युम्न मर्डर केस … Continue reading →

13 Nov 2017 12:05 am
भय

भृत्य ने बाबूजी से कहा– बधाई हो । आप हमेश टेबल पर सोते -सोते साहब बनने का ख्वाब देखते थे ना आप अधिकारी बन गए वो भी जिलाधीश महोदय के हस्ताक्षर से” पीठासीन अधिकारी ” । बाबूजी उठकर एक दम … Continue reading →

10 Nov 2017 10:55 pm
यही है मोदी के आर्थिक सुधारों का प्रयोजन

विश्व बैंक ने भारत में विदेशी व्यापार की संभावनाओं को नई ऊर्जा दे दी है। इससे आशा की जाती है कि आने वाले समय में भारत में देसी एवं विदेशी निवेश की बाढ़ आएगी, क्योंकि दूसरे देशों की तुलना में … Continue reading →

7 Nov 2017 10:41 pm
अपने आपको खुश रखने हेतु प्रभाशाली और उपयोगी मन्त्र भाग 3

याद रक्खें कि हर आदमी-औरत एक हुनर लेकर पैदा होते हैं, जरूरत है उस हुनर को दुनिया के सामने लाने की | किसी की उपेक्षा नहीं करें एवं ना ही किसी से कोई अपेक्षा रक्खें |अपने सहकर्मियों को भी आगे … Continue reading →

7 Nov 2017 10:38 pm
कहाँ है विकास ?

वो अबला नारीे , बैठी एक लाश के पास रो रोकर .तेरा सत्या नाश, कमिने, जालिमं , बेदर्द हाकिंमं , मेरी , तेरह साल की बेटी , मांग रही थी भात, मैं दे न सकी उसको एक मुठ्ठी भर भात … Continue reading →

7 Nov 2017 7:39 am