राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
दीपावली केवल अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व नहीं है, यह मनुष्य के भीतर सोई हुई चेतना को जगाने, जीवन की दिशाहीनता को दिशा देने और सभ्यता के वर्तमान प
तुम मिले तो मौसमों को, एक नया एहसास मिला, जैसे ख़ामोशी को अपनी, धड़कनों का साज़ मिला। तुम मेरे हो, इतना कह दो, और मुझे कुछ चाहिए नहीं, तुम जहाँ हो, मै
अंतर्राष्ट्रीय तनाव जागरूकता दिवस (4 नवंबर 2026) पर विशेषः जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि मनुष्य ने संसार को सुविधाओं से भर दिया, लेकिन स्वयं के भी
दीपावली के पावन पर्व सौभाग्य धन,सम्पन्नता,सुख खुशी की कामना रखने वाले सभी व्यक्ति माता लक्ष्मी जी पूजा अर्चना और आराधना श्रद्धा के साथ करते हैं | साधा
तेरी हँसी में सुबह मिले, तेरी नज़र में शाम करूँ, तू जो मिले तो ज़िंदगी को, हर पल तेरे नाम करूँ। आ जा ज़रा, मेरे करीब आ, कुछ अनकही सी बात करूँ, तू मेरी
वफादारी और बहादुरी की अमिट मिसाल पश्चिम बंगाल की सबसे पुरानी और गौरवशाली बटालियनों में से एक ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (ई.एफ.आर.) की पहचान देश के प्रति
दुनिया आज एक ऐसे विरोधाभास के दौर से गुजर रही है, जहां एक ओर विकास, समृद्धि और आधुनिकता के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबी, भ
करीब 15-20 वर्षों पहले कन्या दान का भारतीय संस्कृति में बड़ा धार्मिक महत्व था । *कन्यादान के बिना व्यक्ति के जीवन की सार्थकता नहीं मानी जाती थी।* हर म
राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष: 31 अक्टूबर 2026 पर विशेषः किसी राष्ट्र का निर्माण केवल स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने से नहीं होता, बल्कि स्वतंत्रता को एकता, अ
याद रखूँगा मैं ये कृपा तेरी, ओ देव मेरे सिर पे सजाया तूने हाथ मेरे, ओ नाथ मेरे मैं मन को समझा लूँगा, मैं मन को समझा लूँगा प्रभु चरणों में ही रखना… जिह
इसलिए 72 घंटे की सप्लाई का ट्रायल चल रहा है स्मार्ट सिटी अजमेर में इन दोनों शहर वासियों को पानी सप्लाई के जिस दौर से गुजरना पड़ रहा है वह भविष्य की तै
*बर्बाद हो रहे परिवार* *परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को आरक्षण का ग़लत इस्तेमाल बन रहा भारतीय परिवार संस्कृति का दुश्मन* *हीरालाल नाहर पत्रकार* परित
किसी राष्ट्र की प्रगति केवल ऊँची इमारतों, चमचमाती सड़कों और बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद के आँकड़ों से नहीं आंकी जाती, बल्कि इस बात से तय होती है कि उसकी उद्यम
भारत की संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। यहाँ कहा गया है-‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव।’ जिस देश में माता-पिता के चरणों में स्वर्ग देखने की
श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने केंद्र सरकार से की पुनर्विचार की माँग 28 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार द्वारा पशुओं पर वैज्ञानिक प्रयोगों से जुड़े नियमों में बद
सीनियर्स सिटीजन्स ( वरिष्ठ नागरिक ) के लिए मेरी कविता ” बोनस लाइफ “ बुढ़ापा उम्र की वो अंतिम पड़ाव है जहां हर इंसान पहुंच नही सकते है, ईश्वर उन्हीं पर
अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस (25 अक्टूबर) पर विशेष कला एवं कलाकार मानव सभ्यता की आत्मा है। यह वह अनंत भाषा है, जिसके माध्यम से मनुष्य अपने अंतरतम की संव
India is a sacred land of festivals and celebrations. Every festival, celebrated here, introduces us to our rich culture, spiritual traditions, and va
सर्दियों ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है कि देश के अनेक शहरों की हवा में प्रदूषण का जहर घुलने लगा है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रो
कोलकाता में दुर्गापूजा के दौरान चोरबागान के सार्वजनिक पूजा पंडाल में हुई भगदड़ और उसमें 19 लोगों की मौत तथा 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर ने पूर
रावण समस्त वेदों एवं वेदान्त का ज्ञाता और अत्याधिक बलशाली सम्राट सोने की लंका का स्वामी था | रावण क्रोधी और अहंकारी शासक होते हुए भी महान महान शिव भक्
किसी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक मूल्यांकन केवल उसकी आर्थिक विकास दर, विशाल औद्योगिक परियोजनाओं, आधुनिक तकनीक, विदेशी निवेश और ऊंची प्रति व्यक्ति आय
दशहरा विशेषः 20 अक्टूबर 2026 भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने जीवन के उत्सवों को केवल आनंद और उल्लास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें
– निरंजन परिहार भारतीय राजनीति में लोकप्रियता का भी अपना अलग मायाजाल है। कोई बहुत कुछ होने के बाद भी लोकप्रिय बने रहने की उलझन में हैं, तो कोई कुछ न ह
विश्व छात्र दिवस- 15 अक्टूबर, 2026 किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी संसदों में पारित कानूनों से कम और उसके शिक्षण संस्थानों में गढ़े जा रहे विद्यार्थियों के
जैन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा त्याग, तपस्या, संयम, आत्मजागरण और वैराग्य की ऐसी गौरवशाली परंपरा है, जिसमें जीवन की सार्थकता केवल जीने में नहीं, बल्कि ज
(10th October 1933 – 18th December 2011) *स्वर्गीय श्री मिर्चूमल सोनी* का जन्म 10th October 1933 को मांझन्द, जिला दादू, सिंध प्रांत (ब्रिटिश भारत) में
निर्विवाद रूप से किसी भी राष्ट्र या समाज एवं परिवार को उन्नत विकसित और कल्याणकारी बनाने के लिये उसके आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्तम्भों
जयप्रकाश नारायण जन्म जयन्ती-11 अक्टूबर, 2026 भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने समय की सीमाओं को लांघकर आने वाली पीढ़ियों के लिए व
समाज की संस्कृति का परिचायक नवरात्रा पर विशेष – हमारे देश में अनेक धर्म एवं सम्प्रदाय के लोग रहते है। जो समय समय पर अपनी संस्कृति के अनुसार धर्मो को म
राजनीति हमेशा से केवल सत्ता प्राप्त करने की कला नहीं रही; वह समाज से संवाद करने की कला भी रही है। सत्ता के गलियारों से लेकर जनसभाओं तक, नेताओं की भाषा
मनोहर चावला आज चारों तरफ़ आरक्षण ख़त्म करने के लिए सामान्य वर्ग सड़को पर है देश में जगह जगह आरक्षण ख़त्म करने के लिए जुलूस, हड़ताले और अनशन हो रहे है
मानव सभ्यता की यात्रा अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की यात्रा है। कभी मनुष्य ने प्रकृति के रहस्यों को समझने के लिए आकाश की ओर देखा, कभी धरती की गहराइयों
तीन दशक की प्रतीक्षा के बाद पानी की दस्तक, अब बदलेगी खेत, गांव, अर्थव्यवस्था और जीवन की तस्वीर शेखावाटी के लिए यमुना जल का आगमन केवल एक जल परियोजना मा
एशियाई खेलों में भारत का चौथे स्थान पर रहना निश्चित रूप से उपलब्धि है, लेकिन विश्वगुरु बनने की आकांक्षा रखने वाले भारत के लिए यह उपलब्धि आत्मसंतोष का
लोकतंत्र के प्रहरी “चुनाव आयोग” के सिद्ध अपराध की सजा, लोकतंत्र को देशद्रोही बताकर दी जा रही है। वैसे भी अस्सी साल में देश का गला, लोकतंत्र के गीत गात
विश्व शिक्षक दिवस- 5 अक्टूबर 2026 शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, वह मनुष्य के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानकर उन्हें आकार देने वाला शिल्
भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसका मतदाता है और मतदाता की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पहचान उसका मताधिकार है। इसलिए मतदाता सूची केवल नामों का प्रशासनिक द
हिंदी फिल्म जगत के ‘कांछा भाई’ और नेपाली संगीत जगत के लीविंग लेजेंड नेपाली संगीतकार रंजीत गजमेर जी के 86वें जन्मदिन के अवसर पर समस्त गोरखा- नेपाली समु
गांधी जयंती – 2 अक्टूबर, 2026 पर विशेष महात्मा गांधी को याद करना केवल अतीत के एक महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि अपने वर्तमान की दि
अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (2 अक्टूबर 2026) पर विशेषः -स्वामी देवेंद्र ब्रह्मचारी- आज दुनिया विज्ञान, तकनीक और आर्थिक प्रगति के जिस दौर में पहुंची है,
नाटे कद और हमेशा मुस्कराता हुवा चेहरा रखने वाले शास्त्री जी जवाहर लाल के उतराधिकारी बन कर देश के दुसरे प्रधानमंत्री बने | वास्तव में शास्त्री जी जहाँ
विश्व शाकाहार दिवस (1 अक्टूबर 2026) पर विशेषः बढ़ती बीमारियों, तनावपूर्ण जीवन और पर्यावरणीय संकटों के बीच मनुष्य को अपने खानपान पर नए सिरे से विचार करन
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज मानव सभ्यता की सबसे प्रभावशाली तकनीकी उपलब्धियों में शामिल है। चिकित्सा, शिक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, कृषि, उद्योग और प्
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें अधिवेशन में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर वही पुराने सवाल सामने आए, जिनका समाधान दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरत
परिवार का इस दुनिया मे कोई भी सानी नही है। मगर रिश्ता यहाँ का कोई भी हो बेमानी नही है। कुछ लोग कहते है कि सभी साथ छोड़ जाते है। जीवनभर साथ देती किसी की
Will Rahul Gandhi be able to change the System by becoming Icon Of Youth, Women and depressed people? Whether Rahul Gandhi will be able to change the
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (अंत्योदय दिवस), 25 सितंबर 2026 पर विशेषः भारत की विकास यात्रा आज ऐसे दौर में है, जब आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता, डिजि
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कहती है कि लोकतंत्र की मौत अचानक नहीं हुई , उसे धीरे-धीरे मारा गया , पहले उसके वोट खरीदे गए, फिर उसके प्रतिनिधि, पहले उसके सवाल
आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर 2026 को हुई मृत्यु ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली, विद्यार्थिय

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