राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
जरूरी न था रोटी लाना। जो हाथ यूं कटवा आया।। एक दिन अगर मैं नहीं खाता, मुझको राम रखता भाया।। देख दशा भील बालक की, राणा का हृदय भर आया। मैं केसे ऋण मुक्
पिछले एक दशक में जिस सोशल मीडिया को आधुनिकता की उपलब्धि, अभिव्यक्ति की आजादी और वैश्विक संपर्क का सबसे बड़ा माध्यम माना गया था, उसी सोशल मीडिया ने अब अ
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात पर उठती चिंताएँ कोई नई बात नहीं हैं, पाक में हिन्दू-सिख अल्पसंख्यकों पर किस कदर अत्याचार हो रहे हैं और यह समस्या द
भारतीय समाज विविधताओं से भरा हुआ है, लेकिन इस विविधता के बीच कुछ समुदाय ऐसे भी हैं जिन्हें लंबे समय से उपेक्षा, भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार का सामना कर
यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त विश्व धरोहर घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक चेतना का ऐसा महत्त्वपूर्ण क्षण है, जो न केवल भारतीयों को गौरवान्वित क

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