राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर, 2026 शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा-दृष्टि, शिक्षक की भूमिका और भावी पीढ़ी के निर्माण प
दुनिया आज जिस दौर से गुजर रही है, वह आर्थिक और सामरिक दोनों दृष्टियों से असाधारण चुनौतियों का दौर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव, पश्चिम एशिया में तन
हाल ही में अजमेर में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सृजनात्मक प्रतियोगिता के समापन समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बैठने का
कुछ घटनाएं इतिहास में दर्ज होती हैं और कुछ घटनाएं इतिहास की दिशा बदलने की क्षमता रखती हैं। तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान आचार्य श्री महाश्रमणजी द्वारा मु
राष्ट्रीय खेल दिवस-29 अगस्त, 2026 पर राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी की स्मृति को नमन करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की खेल-चेतना को जगाने एव
safety of women as well as care of old parents and depressed People The Festival of Raksha Bandhan can become a powerful day for social reform by pled
राजस्थान कांग्रेस आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसकी सबसे बड़ी चुनौती भाजपा नहीं,बल्कि उसकी अपनी उलझती हुई आंतरिक राजनीति है। अशोक गहलोतऔरसचिन पायलट
भारत आज वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। एक शिक्षक, टूटती दीवारें और घटते सरकारी स्कूल-क्या शिक्षा के बिना 2047 का सपना
भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब केवल सरकारी संस्थानों और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह गई है। यह यात्रा आज नवाचार, उद्यमिता, युवा प्रतिभा, निजी प
रक्षाबंधन का अर्थ है किसी को अपनी रक्षा के लिए बांध लेना। इसीलिए इस पर्व पर राखी बांधते समय बहन कहती है ‘हे भैया! मैं तुम्हारी शरण में हूँ, मेरी सब प्
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास ऐसे वीर-वीरांगनाओं की कहानियों से भरा पड़ा है, जिनके योगदान को वह मान्यता नहीं मिल सकी, जिसके वे वास्तविक रूप से हकद
डिजिटल इंडिया के आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक दूरसंचार क्रांति के जनक एवं पंचायती राज के सशक्तिकरण के प्रणेता तथा युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार द
जयपुर, 18अगस्त2026:मानसून गर्मी से राहत लेकर आता है,लेकिन इसके साथ आने वाली नमी,बारिश और जगह-जगह जमा पानी मौसमी संक्रमणों के लिए अनुकूल परिस्थितियां भ
हमारेभारतदेशमेंएकसमृद्धआध्यात्मिकऔरधार्मिकविरासतकेसाथ,कईधर्मोंकापालनकियाजाताहै।नतीजतनधार्मिकत्योहारोंकीएकबड़ीसंख्याकोमनायाजाताहै।ऐसाहीएकत्योहारआगराकासु
80 वें स्वतन्त्रता दिवस के पावन अवसर पर नहीं चाहिए मुझे सम्मान-पत्र, न ही वीरता का कोई पदक। सरकार मेरे, मेरे माई-बाप, मेरे क्षेत्र के सांसद, विधायक और
– श्रमण डॉ पुष्पेंद्र स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि यह उस संकल्प को याद करने का दिन है, जिसके लिए असंख्य वीरों ने अपना जीवन राष्ट
–बाबूलाल नागा 15अगस्त हमारे लिए केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं,बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है।1947में देश ने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाई थी। आज हम स्वतंत्
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त 2026) पर विशेषः युवा केवल उम्र की एक अवस्था नहीं, बल्कि ऊर्जा, साहस, कल्पना, परिवर्तन और नवसृजन की चेतना का नाम है।
सुप्रसिद्ध कवि, लेखक और पत्रकार स्व. गोपाल सिंह नेपाली का आज जन्म दिन है। आज ११ अगस्त १९११ के दिन बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में उनका जन्म
भारतकीपौराणिकस्मृतिमेंकुछकथाएँऐसीहैं,जोमुख्यआख्यानोंकेपीछेरहजातीहैं।रामायणकानामआतेहीहमारेसामनेराम,सीता,लक्ष्मण,भरत,हनुमानऔररावणकेविराटचरित्रउभरतेहैं।व
स्वतंत्रता दिवस के बारे में क्या मैं बताऊं कैसे कह दूं कि, आजाद भारत में मैं रहता हूं, स्वतंत्रता दिवस को, किस खुशी में मैं मनाऊं देखकर देश की हालत, च
विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त 2026) पर विशेषः विश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन है जिसने मानव स
राजस्थान में अशोक गहलोत के विश्वस्त डांगी, संसद में सोनिया, राहुल और खड़गे के भी नजदीक -विशेष संवाददाता नई दिल्ली। कांग्रेस ने अपनी संसदीय रणनीति को म
भारत आज विकसित राष्ट्र बनने, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ का स्वप्न साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है
मनोहर चावला बच्चों को सम्मान देकर सरकार छोटी नहीं हुई और छात्रों ने भी कोई तीर नहीं मारा । क्योंकि नीट परीक्षा सरकार दुबारा करवा चुकी थी और परिणाम भी
*स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत* की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारत सरकार ने देश को *स्वच्छ भारत* का नारा दिया था तथा नीचे के स्तर से नहीं ,बल्कि सरकार में उच्च
विकसित भारत का स्वप्न केवल आधुनिक इमारतों, तेज अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचनाओं से पूरा नहीं होगा। किसी
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक चुनावी प्रक्रिया की कहानी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, मानवाध
देहरादून बनेगा संवाद, समरसता और विश्व बंधुत्व का केंद्र देहरादून 1 अगस्त, 2026 समाज में बढ़ती वैचारिक चुनौतियों, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता तथा
रामायणकालकाइतिहासकेवलअयोध्याऔरलंकाकेबीचकानहींथा,बल्किउसमेंकईअन्यसंस्कृतियाँऔरवंशभीशामिलथे।लंकापतिरावणजहाँअपनीशक्तिसेपूरेआर्यावर्तपरप्रभावजमारहाथा,वहीं
अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस, 30 जुलाई 2026 पर विशेषः आज का विश्व अभूतपूर्व वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उत्कर्ष का स
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन महर्षि वेद व्यास के जन्म और गुरु के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए समर्पित है। अंधकार से प
क्या ऐसी कार्रवाई हर दोषी पर होगी, चाहे वह गरीब हो या अमीर? अजमेर में गैंगरेप एवं मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों से जुड़े आरोपियों के विरुद्ध प्रशासन द
गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 पर विशेषः भारतीय संस्कृति का प्राण यदि किसी एक तत्व में समाहित है, तो वह है-गुरु। गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं,
थायरॉयड नोड्यूल बनाम गर्दन की गांठ: कब हो जाना चाहिए सतर्क? गर्दन में कोई छोटी-सी गांठ या हल्की सूजन दिखाई देने पर अधिकांश लोग इसे गंभीरता से नहीं लेत
दिल्ली में जंतर-मंतर पर काकरोच पार्टी का धरना प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने समझदारी भरा फैसला लिया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र
निसंदेह कारगिल संघर्ष दुनियांभर के पहाड़ी इलाकों में अत्याधिक ऊंचाई पर लड़ी गई लड़ाईयों में से एक लड़ाई है। कारगिल संघर्ष परमाणु बम शक्ति सम्प्पन भारत प
मैं जब सर्विस में था तब की बात है। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी। कांग्रेस का शासन था और भैरों सिंह शेखावत विपक्ष के नेता थे। भैरों सिंह जी ने
भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि धर्म की आत्मा को पुनः प्रतिष्ठित किया। वे परम्परा
सैनिक कवि – गणपत लाल उदय सेवारत – केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (भारत सरकार) अजमेर, राजस्थान भारतीय समाज में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही होते हैं, जो एक साथ रा
कुछ व्यक्तित्व समय के साथ समाप्त नहीं होते, वे समय का ही हिस्सा बन जाते हैं। उनका जीवन एक तिथि में सिमट सकता है, पर उनकी उपस्थिति नहीं। वे अपनी रचनाओं
सुनो साधो! मैंने कहा— “कहो कबीर!” कबीर बोले— “जल्दी कहो। मुझे अपनी सुनाने जंतर-मंतर जाना है।” मैं चौंका— “अपनी सुनाने? तुम तो लोगों की सुनते थे।” कबीर
जल केवल प्रकृति का उपहार नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व का आधार है। पृथ्वी पर जीवन की कल्पना जल के बिना असंभव है, फिर भी विडंबना यह है कि जिस जल
अंतर्राष्ट्रीय स्व-देखभाल दिवस (24 जुलाई) पर विशेष मानव सभ्यता के विकास के इस दौर में जितनी तीव्र गति से विज्ञान, तकनीक और भौतिक संसाधनों का विस्तार ह
देश में आंदोलन है। आंदोलन में छात्र हैं। छात्र एग्जाम देते हैं। एग्जाम में पेपर लीक हो जाते हैं। सो, गुस्सा वाजिब है। सवाल नीट का एग्जाम देने वाले 22
देकर अपनी जवानी के बहुमूल्य वो सारे पल खरीदीं है हमने थोड़ी सी सरकार की पेंशन, वृद्ध अवस्था में अपने चाहे साथ दे या ना दे हमें भूखें रखते नहीं कभी, हम
भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं ने मानव जीवन को केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं माना, बल्कि उसे आत्मबोध, चरित्र-निर्माण और चेतना के उत्कर्ष की यात्रा
जंतर मंतर पर युवाओं का अहिंसक आक्रोश, आदेशों की अनुपालना में लाठियों का प्रहार, सत्ता का ढहता मद, प्रधान चेहरों की सघन सलवटें, संसद का शोर और सड़क का
शहर में आई बिना उपयोगी सीमेंट कंक्रीट व लोहे से हुए निर्माण की बाढ़,सुविधाओं के नाम पर पहले के मुकाबले दुगनी हुई असुविधा मुझे याद है जब अमेरिका के राष
भारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार का संगम हो तो आकाश भी सीमा नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रारंभ बन जाता है।

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