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राय और ब्लॉग्स / पूर्वांचल मीडिया

नोटबंदी से विकास दर के साथ रोजगार में गिरावट

डॉ. हनुमंत यादव वस्तु एवं सेवाकर 15 साल के अभ्यास के बाद संसद एवं अधिकांश विधानसभाओं की स्वीकृति के बाद 1 जुलाई से लागू किया जा सका| पहली बात तो 500 रुपए एवं 1000 रुपए की नोटबंदी कोई आर्थिक सुधार नहीं है इसे अनावश्यक आर्थिक सुधार बताकर उपलब्धि में शामिल किया जा रहा है| रिजर्व ...

25 Jul 2017 5:22 pm
तारीफ कीजिए यहां तक पहुंचने के लिए

अनुज कुमार सिन्हा भारत की बेटियों से अंतिम क्षणों में कुछ चूक हुई और वह वर्ल्ड कप जीतते-जीतते रह गयी| इतिहास रचते-रचते रह गयी|  सिर्फ नौ रन से सपना टूट गया| पर यह वक्त गम मनाने का नहीं है| तारीफ कीजिए भारत की इन बेटियों का, जिसने दुनिया के कई देशों को हराते हुए फाइनल ...

25 Jul 2017 5:01 pm
संघीय लोकतंत्र को खतरा विकास के नये उपाय

महेश राठी भारत के एक संघीय गणराज्य के रूप में उदय के साथ और संविधान सम्मत राज्य की स्थापना के साथ ही संघ के विचारकों ने ना केवल देश के संघीय ढांचे का विरोध किया बल्कि भारतीय संविधान को भी भानुमति का पिटारा और अभारतीय कहा| यही कारण है कि आज देश की सत्ता पर ...

25 Jul 2017 4:55 pm
बशीर हाट हिंसा के पीछे

राम पुनियानी इस हिंसा से किसे फायदा होता है? भारत में सांप्रदायिक हिंसा का अध्ययन करने वाले विद्वानों जैसे पॉल ब्रास का कहना है कि भारत में एक संस्थागत दंगा तंत्र है| येल विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह सामने आया है कि सांप्रदायिक हिंसा से अंततरू भाजपा को फायदा होता है| जो ...

25 Jul 2017 4:54 pm
कांग्रेस की मुश्किल

शंकर सिंह वाघेला की राह अब कांग्रेस से अलग हो गई है| निश्चित रूप से यह गुजरात में कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा झटका है| शुक्रवार को खुद वाघेला ने पार्टी से निकाले जाने की सूचना दी जबकि पार्टी का कहना है कि उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई| तो क्या निष्कासन ...

22 Jul 2017 5:43 pm
खतरनाक होती पत्रकारिता

चिन्मय मिश्र पत्रकारों की लड़ाई लडने कोई अन्य आएगा यह सोच ही बेमानी है| अपनी लड़ाई की शुरुआत तो स्वयं ही करनी होती है, बाकी तो साथ आते हैं| वैसे विचारणीय तथ्य यह भी है कि हम पत्रकार किसके संघर्ष के साथी बनते हैं? तो हम कैसे उम्मीद करें कि व्यापक समाज हमारे साथ या ...

22 Jul 2017 5:42 pm
स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्गति-1

ललित सुरजन मैं आज के समय में ऐसी घनघोर आदर्शवादी स्थिति की वकालत नहीं करना चाहता| लेकिन सरकार ध्यान दे तो एक अवधारणा को अवश्य अंजाम दिया जा सकता है| इसके लिए शायद कलाम साहब की पुरा योजना को थोड़ा संशोधित करना पड़ेगा| छत्तीसगढ़ में लगभग हर विकासखंड को तहसील का दर्जा मिल गया है| ...

20 Jul 2017 11:36 pm
डॉ. अमर्त्य सेन डाक्यूमेंट्री और सेंसर बोर्ड

एल.एस. हरदेनिया डॉ. सेन के शब्दों पर प्रतिबंध लगाने का अर्थ सम्पूर्ण देश की अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध लगाने के समान है| डॉ. सेन को अपनी बात कहने से इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि वे दक्षिणपंथी विचारधारा के घोर विरोधी हैं और समय-समय पर इस तरह की प्रवृत्तियों के विरूद्ध आवाज उठाते रहे ...

19 Jul 2017 1:35 am
डिजिटल इंडियाः एक नजर

रीतिका खेड़ा (आइआइटी, दिल्ली) जब सरकारी स्कूलों में, सरकार की ओर से इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवायी जायेगी, तो इसे किस उपयोग में लाया जायेगा? सरकारी स्कूलों में इंटरनेट आने से आप और हम शायद यह जवाब देंगे कि इंटरनेट सुविधा बच्चों की पढ़ाई में इस्तेमाल होगी| आजकल के संपन्न शहरी परिवारों के बच्चे, घर पर ...

19 Jul 2017 1:34 am
शह का हासिल

राजस्थान में कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह के मारे जाने के बाद पैदा हुए हालात यह बताने के लिए काफी हैं कि अपराधियों को राजनीतिक शह देने या तात्कालिक फायदे के लिए उनका इस्तेमाल करने का हासिल क्या हो सकता है| इसके अलावा, जब अपराध की दुनिया में वर्चस्व कायम करने वाले किसी चेहरे में ही ...

17 Jul 2017 5:19 am
ये वक्त की आवाज है मिलकर चलो

अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद अब कश्मीर में दोषियों को पकड़ने के लिए तेजी से अभियान चलाया जा रहा है| आतंकी संगठन लश्करे तैयबा के इस्माइल को इस हमले का मास्टरमांइड माना जा रहा है| सूत्रों के मुताबिक इस्माइल के साथ तीन और लोगों ने मिलकर बस पर आतंकी हमला किया| आतंकवाद ...

17 Jul 2017 5:19 am
बस देश को बना दिया सेल्फीस्तान’

पुष्परंजन सेल्फी से मौत के मामले में भारत पूरी दुनियां में टॉप पर है| पाकिस्तान दूसरे, और अमेरिका तीसरे नंबर पर है| सेल्फी के लिए, सरकार को कुछ नहीं करना पड़ा, बस मोदी जी को सेल्फीयाते’ देखा, और पूरा देश नकल के इस महा मैराथन में शामिल हो गया| 3 अक्टूबर 2014 से प्रधानमंत्री मोदी ...

15 Jul 2017 3:44 pm
कोविन्द, दलित राजनीति और हिन्दू राष्ट्रवाद

राम पुनियानी देश में ऐसे कई दलित नेता हैं जो हिन्दू राष्ट्रवादी राजनीति के पिछलग्गू हैं और दलितों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं| दूसरी ओर, ऐसे गैर-दलित नेता भी हैं जो अंबेडकर के आदर्शों में सच्चे मन से विश्वास रखते हैं और दलितों के कल्याण के लिए काम करते हैं| कोविन्द ने निश्चित ...

15 Jul 2017 3:44 pm
भ्रष्टाचार किसी भी नेता का अधिकार नहीं है

शेष नारायण सिंह इस बात में कोई शक नहीं है कि किसी भी पूंजीवादी अर्थव्यवस्था पर आधारित लोकतांत्रिक देश में अगर भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से नकेल न लगाई जाये तो देश तबाह हो जाते हैं| पूंजीवादी व्यवस्था में आर्थिक खुशहाली की पहली शर्त है कि देश में भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से नियंत्रण हो| ...

15 Jul 2017 3:19 pm
कैसे संभव हो निष्कलुष समाज की व्यवस्था

शीतला सिंह जब तक अनुचित लाभ कमाने की प्रवृत्ति के चलते हो रहे अपराधों के कारण नहीं खोजे जाते, उनका निदान या उपचार संभव नहीं है| इस अपराधों में आतंकवाद को भी जोड़ दिया जाये, तो वह दुनिया भर में बढ़ा है और निर्दोषों की जानें लेने का सबसे क्रूर माध्यम बन गया है| उससे ...

15 Jul 2017 3:18 pm
बिहार की राजनीति पर अनिश्चय का साया

उपेन्द्र प्रसाद अभी से नीतीश कुमार पर दबाव पड़ने लगा है कि वे लालू के दोनों बेटों को मंत्री पद से हटा दें| लेकिन यदि वे ऐसा करते हैं, तो लालू द्वारा समर्थन वापस लिए जाने पर उनकी सरकार या तो गिर जाएगी या उन्हें भाजपा के समर्थन के सहारे अपनी सरकार चलाना पड़ेगा| वे ...

13 Jul 2017 12:58 am
विरोधी हितों का जमावड़ा जी-20

पुष्परंजन अजीब सा दृश्य था| हैम्बर्ग के एल्फिलहारमोनी कंसर्ट हाॅल में 20 देशों के शासन प्रमुख, जर्मन सिम्फनी बीथहोवेन का ‘आॅड टू ज्वाॅय’ का आनंद ले रहे थे, और बाहर मारकाट मची थी| ऐसा मंजर, जी-20 के किसी शिखर सम्मेलन में न तो देखा गया था, न सुना गया| जी-20 सम्मेलन के समापन वाले दिन ...

13 Jul 2017 12:57 am
अपेक्षित विकास किस दिशा में

प्रश्न है कि आमूलचूल परिवर्तन’ किसके पक्ष में- अभी तक तो यह कार्पोरेट के पक्ष में होता दिखाई दे रहा है| यह सरकार तमाम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को खत्म कर कार्पोरेट को तस्तरी में रखकर विकास का तोहफा देने के प्रयास में है| बढ़ती गैरबराबरी बेचैनी पैदा कर रही है और सरकार की नीतियां ...

11 Jul 2017 1:03 am
बाजारी मिथकों के नए प्रतीक, महानायक

महेश राठी भारतीय राजनीति के पुराने नायक जहां पाठ्य पुस्तकों में सिमट कर रह गए हैं वहीं वर्तमान भारतीय राजनीति ऐसे आदर्श गढ़ने में विफल रही है जो समाज के नए नायक और महानायक बन सकें| भ्रष्टाचार और घोटालों का पर्याय बन चुकी भारतीय राजनीति की यही बड़ी विफलता है| इस राजनीतिक विफलता से पैदा ...

11 Jul 2017 1:02 am
हैम्बर्ग जी-20 सम्मेलन’ से संभवतरू नई व्यवस्था की शुरुआत

जय प्रकाश पाण्डेय भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की यात्रा पूरी कर हैम्बर्ग पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा भी कि हैम्बर्ग जी-20’ सम्मेलन में विश्व भर के नेता पिछले साल हांगझोउ सम्मेलन में लिए गये फैसलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और आतंकवाद, जलवायु, सतत विकास, प्रगति और ...

9 Jul 2017 6:10 am
शिक्षा को शिक्षा ही रहने दो

चिन्मय मिश्र बच्चों के ऊपर इस कदर बोझ डाला जा रहा है कि उनकी रुचि शिक्षा से हटती जा रही है| विनोबाजी ने लिखा भी है, मनुष्य के लिए विद्या और अविद्या दोनों आवश्यक है| दुनिया में हजारों प्रकार के शास्त्र और हजारों प्रकार का ज्ञान है| उन सबकी प्राप्ति में पड़ेंगे तो हमसे कोई ...

9 Jul 2017 6:00 am
अगर गर्मी में पिया ठंडा पानी तो होगा भारी नुकसान…

गर्मियों में ठंडा पानी पीना लगभग सभी को बेहद पसंद होता है| चिलचिलाती धूप में पसीने से भीगे हुए जब आप घर आते हैं तो मन करता है ठंडा ठंडा पानी पीने का| अकसर लोग ऑफिस से थकेहारे जब घर पहुंचते हैं तो तुरंत ठंडा पानी पीने लगते हैं, लेकिन आपको बता दें कि ऐसा ...

7 Jul 2017 11:20 pm
पीएम का बोलना, पीएम की चुप

राजेंद्र शर्मा आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी भीड़ की हिंसा के खिलाफ बोले| यह उपयुक्त ही था कि गांधी के साबरमती आश्रम से उन्होंने कथित गोरक्षकों की हिंसा के खिलाफ दो-टूक संदेश दिया| गोभक्ति के नाम पर लोगों की जान लेना स्वीकार्य नहीं है|’ प्रधानमंत्री ने इसके साथ यह भी जोड़ा कि,  इस चीज को महात्मा गांधी ...

6 Jul 2017 10:00 pm
जीएसटीः संघीय ढाँचे पर प्रहार?

ललित सुरजन यह पहेली आम जनता तो क्या, अच्छे-अच्छे पंडित भी नहीं सुलझा पा रहे हैं कि केन्द्र सरकार ने जीएसटी लागू करने में हठीलेपन और किसी हद तक जल्दबाजी का सहारा क्यों लिया| सर्वविदित है कि जीएसटी की अवधारणा अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में सामने आ चुकी थी| मनमोहन सिंह सरकार में ...

6 Jul 2017 10:00 pm
वीमेन ऑफ द मैच

चैंपियन्स ट्राफी के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों मिली हार से भारतीय क्रिकेट जगत में निराशा का माहौल बन गया था| खिलाड़ी तो खेल भावना से खेलते हैं, इसलिए हार-जीत दोनों समभाव से सहना उन्हें आता है, लेकिन दर्शक अमूमन भावनाओं में बह जाते हैं| भारत की हार किसी से भी होती, तो उन्हें ...

6 Jul 2017 1:17 am