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राय और ब्लॉग्स / प्रभात खबर

जन्मशती पर नमन उन्हें है

नरेंद्र मोदी के बारे में एक अपुष्ट कहानी प्रचलित है कि प्रधानमंत्री पद हेतु स्वयं को तैयार करते वक्त उनके सामने अनुकरण के लिए दो नेताओं के उदाहरण थे. एक तो अपनी ही पार्टी के अटलजी थे, जबकि दूसरी उनकी विपक्षी पार्टी की इंदिराजी. मोदीजी ने बेहिचक इंदिराजी का चुनाव किया, क्योंकि वे उनकी ही तरह निर्णायक, एकाधिकारवादी, दृढ़, निश्चय

22 Nov 2017 12:58 pm
जस्टिस भंडारी की जीत के मायने

नीदरलैंड के हेग में अवस्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आइसीजे) में भारत के जस्टिस दलवीर भंडारी को बतौर जज चुना गया है. जस्टिस भंडारी दूसरी बार आइसीजे के जज बने हैं. यह भारत के लिए बड़ी जीत तो है ही, साथ ही पूरे विकासशील देशों की भी जीत है.

22 Nov 2017 12:56 pm
विराट कोहली ने नीरस मैच को बना दिया रोचक

श्रीलंका के साथ काेलकाता में खेला गया पहला टेस्ट भले ही भारत जीत नहीं सका, लेकिन मैच में अंतिम क्षण तक राेमांच बना रहा. लगा था कि मैच का नीरस अंत हाेगा, लेकिन काेहली ने मैच काे राेमांचक बना दिया. पांचवें दिन दाेनाें टीमाें के लिए दरवाजे खुले हुए थे.

21 Nov 2017 12:41 pm
उत्पीड़न के खिलाफ आवाज

आकार पटेल कार्यकारी निदेशक, एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पांच अक्तूबर को न्यूयॉर्क टाइम्स में हॉलीवुड फिल्म निर्माता हार्वे विंसटेन द्वारा किये गये यौन उत्पीड़न के बारे में खबर छपी थी. इस समाचार पत्र ने उन अभिनेत्रियों का हवाला दिया था, जिन्होंने फिल्म उद्योग के सबसे ज्यादा शक्तिशाली लोगों में से एक और 'द किंग स्पीच' जैसी ऑस

21 Nov 2017 12:34 pm
राहुल की चुनौतियां और मौके

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कांग्रेस बनना अब लगभग तय है. काफी अरसे से राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान संभालने की बात पार्टी कार्यकर्ता और नेता करते आ रहे थे, जिस पर अब विराम सा लग गया है.

21 Nov 2017 12:33 pm
आस्था के केंद्रों पर वाजिब चिंता

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) इन दिनों चर्चा में है. लेकिन दिल्ली में प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार के संदर्भ में उसकी चर्चा ज्यादा हो रही है. लोगों का ध्यान वैष्णो देवी को लेकर उसके फैसले की ओर कम गया है. हाल में एनजीटी ने वैष्णो देवी मंदिर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार तय कर दी है. एनजीटी ने यह फैसला किसी भी अप्

20 Nov 2017 12:58 pm
बड़ा कवि और बड़ा मनुष्य

बड़ा मनुष्य ही बड़ा कवि भी हो सकता है- जैसे निराला, मुक्तिबोध और कुंवर नारायण. अन्य कई नाम हैं (हो सकते हैं), पर सच है कि कुंवर नारायण (19 सितंबर, 1927- 15 नवंबर, 2017) के निधन के पश्चात फिलहाल हिंदी में ऐसा और कवि दिखायी नहीं देता, जो एक साथ बड़ा कवि और बड़ा मनुष्य भी हो.

20 Nov 2017 12:56 pm
स्वदेशी अवलेह की संतान हलवा

जिस हलवा को हम खास अपना सगा समझते हैं, वह कोई 15-16 सौ साल पहले अरबों के साथ संभवतः पहले-पहल मालाबार तट पर पहुंचा था. शक्कर की चाशनी में किसी अनाज, फल या सब्जी के विलय से ही हलवा तैयार होता है. कुछ विद्वानों ने सुझाया है कि हलवे का मूल वही हल है, जिसे गणित में सवाल हल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जिस प्रश्न का उत्तर मिल जाने पर सवाल

19 Nov 2017 6:31 pm
युवाओं को मौका दें राजनीतिक दल

ऑस्ट्रिया के नये चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज सिर्फ 31 साल के हैं. न्यूजीलैंड की नयी प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न की उम्र सिर्फ 37 साल है और वह दुनिया की सबसे युवा महिला नेत्री हैं. टोनी ब्लेयर और डेविड कैमरन दोनों 43 की गरिमामय उम्र में प्रधानमंत्री बने. एमैनुअल मैक्रों 39 की उम्र में फ्रांस के राष्ट्रपति हैं. दुनिया में किसी राजनीत

17 Nov 2017 1:39 pm
मुश्किल में स्कूली बचपन!

हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) में सितंबर के शुरू में हुए एक बच्चे के कत्ल के मामले में सीबीआइ के नये खुलासे के बाद मामला और ज्यादा उलझ गया लगता है. अब तक तो हम समझ रहे थे कि ड्राइवर कातिल है, लेकिन अब सीबीआइ यह बता रही है कि हरियाणा पुलिस की जांच गलत थी और कातिल उसी स्कूल का ग्यारहवीं का छात्र ही है. समझ में नहीं आ रहा किसकी बात क

17 Nov 2017 1:38 pm
सीडी युद्ध का शिकार कौन?

भारत की चुनावी राजनीति की पतन गाथा को आगे बढ़ाने के वास्ते एक और सेक्स-सीडी एवं चार वीडियो-क्लिप जारी कर दिये गये हैं. इस बार गुजरात के पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के तेज-तर्रार नेता हार्दिक पटेल को लपेटने की कोशिश हुई है, जो आसन्न गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रबल विरोधी और कांग्रेस-समर्थक के रूप में सामने आये हैं.

16 Nov 2017 12:32 pm
भारत की सशक्त विदेश नीति

भारतीय विदेश नीति पिछले कई दशक से ‘लुक वेस्ट पॉलिसी’ में सफलता के लिए हर संभव तरीके से प्रयासरत थी. कारण था, पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों की अस्थिरता. लेकिन, पश्चिम की तरफ रास्ते न खुलने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के समय ‘लुक इस्ट पॉलिसी’ का आगाज हुआ, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्ट इस्ट पॉलिसी’ म

16 Nov 2017 12:30 pm
उम्मीद भरे भविष्य का सफर

एक पूर्ण राज्य के रूप में झारखंड के सृजन की एक और वर्षगांठ आ पहुंची. आगामी वर्षों में भी इसकी वर्षगांठें आती ही रहेंगी और उनमें से प्रत्येक पर हम भी इसी तरह इस राज्य की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थितियों की परीक्षा करते रहेंगे. निस्संदेह, झारखंड से संबद्ध मुद्दों की जटिलताएं किसी को भी असहजता की स्थिति में डालनेवाली हैं.

15 Nov 2017 12:56 pm
स्थापना दिवस के उत्सव का अर्थ

झारखंड राज्य अपनी स्थापना की सत्रहवीं वर्षगांठ मना रहा है. चारों तरफ उत्सव का माहौल है. तोरण-द्वार, पट्टिकाएं एवं समाचार पत्र, विज्ञापनों के द्वारा झारखंड के विकास की कहानी सुना रही हैं. ऐसा लगता है मानो इन सत्रह सालों में हमने वह सब पा लिया है, जिसकी कल्पना के साथ एक अलग राज्य का निर्माण किया गया था. इसमें शक नहीं की पिछले सत्र

15 Nov 2017 12:54 pm
बिरसा जयंती : बिरसा मुंडा को राष्ट्रीय मान्यता मिलने में हुआ विलंब

बिरसा मुंडा (जिन्हें धरती आबा या भगवान बिरसा मुंडा कहा जाता है) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम अाैर उसके बाद भी आदिवासी नेताआें में सबसे बड़ा नाम. 20 साल की उम्र में ही अंग्रेजाें, उनके दलालाें, शाेषकाें, जमींदाराें के खिलाफ उलगुलान कर दिया था.

15 Nov 2017 12:32 pm
बदल सकती है झारखंड की तस्वीर

झारखंड ने अपनी स्थापना के 17 वर्ष पूरे कर लिये हैं. 15 नवंबर, 2000 को झारखंड राज्य ने अपने सफर की शुरुआत की थी. इस सफर का आकलन करें, तो हम पायेंगे कि आज झारखंड को जहां होना चाहिए था, आज वह वहां नहीं है. 17 साल में विकास की जो रफ्तार होनी चाहिए थी, वैसी नहीं रही है. राजनीतिक अस्थिरता इसकी एक बड़ी वजह रही. लेकिन, स्थापना दिवस के अवसर पर हम पुरान

15 Nov 2017 12:27 pm
जाम से मुक्ति चाहिए,ताे थाेड़ा कष्ट सहना हाेगा

पूरा शहर, पूरी राजधानी (रांची) तबाह है. जाम से. रांची के बाहर की बात करें ताे जमशेदपुर, धनबाद में हालात (जाम के मामले में) बेहतर नहीं हैं. छाेटे-छाेटे शहराें में भी अब यह परेशानी दिखने लगी है. समय रहते नहीं सुधरे, तैयारी नहीं की, सड़कें चाैड़ी नहीं हुई, ताे उन छाेटे शहराें के भी हालात रांची जैसे हाेंगे. झारखंड बनने के बाद तेजी से रांच

14 Nov 2017 1:33 pm
पैराडाइज पेपर्स के लोग

पैराडाइज पेपर्स के खुलासे में बड़े पैमाने पर भारतीय उद्योगपतियों, राजनेताओं और अभिनेताओं के नाम ‘कर चोरी’ के मामले में उजागर हुए हैं. इसमें 180 देशों के राजनेताओं, उनके संबंधियों, उद्योगपतियों और सेलेब्रेटीज के नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपने देश की सरकारों से अपनी आय और उसका देय कर छुपाया है.

14 Nov 2017 5:38 am
अप्रतिम थी नेहरू की दूरदर्शिता

हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचारों की प्रासंगिकता भारतीय लोकतंत्र में आज भी है और कल भी रहेगी है. हां, आज ज्यादा है, क्योंकि देश में जिस तरह की धार्मिक उन्माद वाली परिस्थितियां बनी हुई हैं, असहिष्णुता बढ़ी है, उसके ऐतबार से नेहरू की प्रासंगिकता कुछ बढ़ जाती है. नेहरू जैसे राष्ट्र-निर्माता की जयंती

14 Nov 2017 5:37 am
युवा मन को समझने की चुनौती

पिछले दिनों सीबीआइ ने हरियाणा के गुरुग्राम में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की हत्या के आरोप में स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र की गिरफ्तारी कर पूरे देश को चौंका दिया. कुछ दिनों पहले दूसरी कक्षा के छात्र की स्कूल में हुई हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था.

13 Nov 2017 11:53 am
हवाई बातों से परे जाने का समय

दिल्ली में अपनी पीठ थपथपाने का मौसम है. नोटबंदी पर, विदेशी मुद्रा भंडार की बढ़त पर, बैंकिंग व्यवस्था पर, आतंकवाद निरोध पर, किसानी कर्जामाफी पर. देश के कई राज्यों में दुर्भिक्ष, बेरोजगारी और राजधानी में विषैली गैसों से दमघोंट बने वातावरण के बावजूद.

13 Nov 2017 11:52 am
शेल कंपनी कथा दूसरी कड़ी : काले धन के खिलाफ जंग राजधर्म है

राजनीति विचारधारा या भावना से चलती है और अर्थनीति शुद्ध स्वार्थ की नीितयों से. पिछले 60-70 वर्षों में एक तरफ राजनीति में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग की बात भारत में बार-बार हुई, तो दूसरी तरफ भ्रष्ट ताकतों ने आर्थिक नियमों, कंपनी कानूनों को ऐसा बनाया कि भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार मजबूत होती गयीं. शेल कंपनियां ऐसे ही कंपनी क

11 Nov 2017 5:25 am
क्रांति के विचार में जरूरी क्रांति

कोई भी व्यक्ति बगैर झूठा बने एक श्रद्धांजलि का लेखन कैसे कर सकता है? बीते सात नवंबर को रूसी क्रांति की शताब्दी मनाते हुए इस प्रश्न ने मुझे परेशान-सा कर दिया. कठिनाई यह नहीं है कि इस क्रांति का पुत्र यानी सोवियत संघ 70 वर्षों का होकर मृत हो गया. कोई भी अमर नहीं होता. समस्या यह भी नहीं कि समाजवादी प्रयोग अंततः विफल रहा. सफलता से सभी च

10 Nov 2017 11:26 am
अक्षरधाम ही है भारत धाम

दिल्ली में जब अक्षरधाम का उद्घाटन हुआ था, तब पांचजन्य में संपादकीय छपा था- भारतीय सभ्यता का उषाकाल. जो दिल्ली आक्रमणकारियों ने अठारह बार ध्वस्त की, मंदिर बनने नहीं दिये, सबसे बड़े आस्था केंद्र बर्बर हमलावरों की छाया में मस्जिदों व चर्चों के रूप में बने, वहां पहला बड़ा मंदिर गांधीजी के आग्रह पर सेठ बलदेव दास बिरला व उनके पुत्र

10 Nov 2017 11:25 am
मेडिकल इमरजेंसी के कारण

देश की राजधानी दिल्ली और साथ ही कुछ अन्य क्षेत्रों में इस वक्त जो भयानक स्मॉग चारों तरफ फैला हुआ है, वह अचानक कहीं से आ नहीं गया है, बल्कि धूएं और धूल के प्रदूषण से पैदा हुआ यह स्मॉग वातावरण में ठहर जाने से अचानक दिखायी देने लगा है, जो सांस लेने में अब परेशानियां पैदा करने लगा है. स्मॉग में स्मोक और फॉग दोनों हैं- स्मॉक यानी धुएं म

9 Nov 2017 10:21 am
यथार्थ का सामना करें

कहावत है कि कोई गिलास आधा भरा है या आधा खाली, यह आपके नजरिये पर निर्भर है. पर ऐसा लगता है कि आज की चीखती सियासी बहसों ने इसका इस तरह सरलीकरण कर दिया है कि अब उस गिलास को या तो पूरा ही भरा होना है या पूरा खाली. यह सरलता एक विद्रूपता लाती है, जो या तो जोरदार आलोचना की शक्ल लेती है या अनुपयुक्त उल्लास की. इस टिप्पणी का संदर्भ उस हालिया घ

9 Nov 2017 10:18 am
मूल लक्ष्यों में असफल नोटबंदी

विमुद्रीकरण की घोषणा के ठीक एक साल बाद, यह पूरी तरह स्पष्ट है कि यह कदम विशुद्ध रूप से एक राजनीतिक हथकंडा था. जिसका मकसद प्रधानमंत्री को काला धन से लड़नेवाले एक ऐसे जेहादी अवतार के तौर पर पेश करना था, जो भ्रष्ट अमीरों की जान के पीछे पड़ा है. 8 नवंबर, 2016 को स्पष्ट उनके अपने शब्दों में- ‘इसलिए, भ्रष्टाचार, काला धन, नकली नोटों और आतंकवाद

8 Nov 2017 9:09 am
नोटबंदी से लांग टर्म फायदा

पूरे एक साल बाद भी विमुद्रीकरण (सामान्यतया िजसे नोटबंदी कहा जाता है) का फायदा अभी भले न दिख रहा हो, लेकिन आगे चलकर इसका फायदा दिखना अभी बाकी है. क्योंकि, शुरू से ही इसके लांग टर्म में फायदा होने की बात शामिल रही है. विशेषज्ञों ने ऐसा माना है. यह बेहद स्वाभाविक है कि किसी भी बड़े और राजनीतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक विभिन्नताओं

8 Nov 2017 9:08 am
भाजपा की विचारधारा के मायने

क्या प्रधानमंत्री की कोई विचारधारा है? यह पूछना अचरज भरा है, क्योंकि उनकी पार्टी की वेबसाइट पर उसकी विचारधारा विज्ञापित है और उसे हिंदुत्व नाम दिया गया है.

7 Nov 2017 6:29 am
पैराडाइज खुलासे की जांच हो

पनामा पेपर्स के बाद अब पैराडाइज पेपर्स ने खुलासा किया है कि टैक्स चोरी करके विदेशों में कालाधन छुपाये गये हैं. इस खुलासे में भी भारत के नेताओं, उद्यमियों और सिनेमा स्टारों आदि बड़े लोगों के नाम शामिल हैं. पनामा पेपर्स की तरह ही पैराडाइज पेपर्स में भी ढेर सारी फर्जी कंपनियों और फर्मों के बारे में खुलासा हुआ है, जो बड़े-बड़े लोग

7 Nov 2017 6:28 am
महिलाओं को सशक्त करने की जरूरत

भारतीय महिलाएं जिंदगी के सभी क्षेत्रों में सक्रिय हैं. चाहे वह राजनीति का क्षेत्र हो या फिर शिक्षा,कला-संस्कृति अथवा आइटी या फिर मीडिया का क्षेत्र, सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने सफलता के झंडे गाड़े हैं.

6 Nov 2017 11:27 am
आज जो सुनना जरूरी है

आज का भारतीय मध्यवर्ग आत्मलीन, जनविमुख, संकीर्ण हृदय, अमेरिकोन्मुख, अर्थलोभी, अनुदार, सीमित-संकुचित, लगभग समाज निरपेक्ष होकर अपनी ऐतिहासिक भूमिका भूलता जा रहा है. आर्थिक उदारीकरण से लाभान्वित यह वर्ग देश और समाज से कटता जा रहा है. इस वर्ग की पहचान आजादी के तुरंत बाद जिन कुछ हिंदी कवियों-लेखकों ने सही ढंग से की, उनमें मुक्तिबोध

6 Nov 2017 11:26 am
लो फिर से आया चुनावी मौसम

फिर आ गया चुनाव का मौसम. लो फिर आ गयी सर्वे की बहार. लो फिर आ गये कयास लगानेवाले, काला जादू दिखानेवाले. फिर शुरू हो गयी चाय, छांछ, कॉफी, पेग पर चुनावी चर्चा.

3 Nov 2017 12:23 pm
क्या सोचने पर पहरा है?

मनुष्य के जातीय गुणों पर चिंतन करनेवाले विद्वानों का मानना है कि सोचने की क्षमता मनुष्य को अन्य जीवों से अलग करता है. सोचने की क्षमता के कारण मनुष्य ज्ञान-विज्ञान का विकास कर पाता है. जब हम कहते हैं कि स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध आधिकार है, तो इसका मतलब होता है कि सोचने की स्वतंत्रता हमारा मानवाधिकार है. ऐसे में यदि कोई सरकार य

3 Nov 2017 12:21 pm
आतंकवाद पर वैश्विक पहल जरूरी

अमेरिका के न्यूयार्क में हुए ताजा आतंकी हमले ने राष्ट्रपति ट्रंप के बड़बोले गुब्बारे की हवा एक झटके में निकाल दी है. यह घड़ी इस बदमिजाज नेता की लापरवाही अौर मंदमतिजनित अज्ञान के कारण बढ़े इस तरह के खून-खराबे जोखिम का ठीकरा उनके सर फोड़ने की नहीं, शोक संताप की है.

2 Nov 2017 12:04 pm
अरे हुजूर, वाह ताज बोलिए!

अब भी ताजमहल की बात होती है, तो इसे प्यार, इश्क, मोहब्बत, आशिकी से जोड़ दिया जाता है. लोगों के दिल की ख्वाहिश यही होती है कि वे ताजमहल का दीदार कम-से-कम जिंदगी में एक बार तो जरूर करें.

2 Nov 2017 12:03 pm
राजनीति का वर्चुअल संग्राम

सोशल मीडिया अभियानों से उभरी मोदी और शाह की भाजपा अब बहुत चिंतित दिखाई देती है, खासकर गुजरात चुनावों के सिलसिले में, तो सोशल मीडिया ही से. ट्विटर पर राहुल गांधी के फॉलोवरों और रिट्वीट की संख्या तेजी से बढ़ने की जैसी प्रतिक्रिया भाजपा नेताओं में हुई, वह इसी चिंता का द्योतक है.

1 Nov 2017 10:49 am
कैटेलोनिया आजादी का मसला

इस सहस्त्राब्दी के प्रारंभ से अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अध्ययन को ‘विश्व राजनीति के वैश्वीकरण की प्रक्रिया’ के तौर पर देखने की वकालत की जाती है. इसका तात्पर्य यह है कि अब विश्व के किसी भी स्थानीय घटना का एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य है और किसी वैश्विक परिप्रेक्ष्य अथवा परिघटना का एक स्थानीय असर भी महत्वपूर्ण है.

1 Nov 2017 10:47 am
स्पीकर का निष्पक्ष होना जरूरी

साल 1975 की बात है. प्रधानमंत्री ने पांचवीं लोकसभा के स्पीकर डॉ जीएस ढिल्लन को पद छोड़ने को कहा, और उन्हें जहाजरानी मंत्री बना दिया. यह एक नजीर थी, जिसने आनेवाले वक्त में इस पद पर बैठनेवालों को भी मन में ख्वाहिश पालने का हकदार बना दिया.

31 Oct 2017 10:47 am
देश में गैरबराबरी और भूख

कुछ ही दिन पहले झारखंड के सिमडेगा जिले में संतोषी नाम की बच्ची की भूख से हुई मृत्यु कई बड़े-बड़े राजनीतिक दावों को झुठलाती है. हालांकि, मलेरिया और भूख के कारणों के बीच ही पूरा मुद्दा केंद्रित हो गया. लेकिन, यह बदलते समय में बुनियादी जरूरतों की पहुंच व उपलब्धता पर एक बड़ा सवाल है.

31 Oct 2017 10:45 am
आप आंख मूंदे कैसे रह सकते हैं

पिछले दिनों आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से दिल दहलाने वाली खबर आयी. दिनदहाड़े सड़क के फुटपाथ पर चल रही एक महिला के साथ रेप किया गया. इस घटना का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि महिला का सरेआम रेप होता रहा और लोग तमाशबीन बने रहे. मदद के लिए एक भी व्यक्ति सामने नहीं आया.

30 Oct 2017 8:12 am
लोकतंत्र का गड़बड़ लेखा

वर्ष 2015-16 के बारे में एसोसिएशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिफाॅर्म्स (एडीआर) की ताजा रपट बताती है कि हमारे लोकतंत्र का हिसाब गड़बड़ है. आयकर विभाग की सारी चुस्ती राजनीतिक दलों के दरवाजे पर आकर ठिठक जाती है और चुनाव आयोग भी उन अंधेरे हिस्सों में रोशनी डालने की कोशिश नहीं करता, जो पार्टियों के गुप्त तहखाने कहे जा सकते हैं.

30 Oct 2017 8:10 am
एक साथ चुनाव कराने का अर्थ

कुछ साल पहले अमर्त्य सेन ने हमें आर्गुमेंटेटिव इंडियन की उपाधि दी थी. वो हमारी तर्क-वितर्क और दर्शन की परंपरा का सम्मान कर रहे थे. मैं अक्सर सोचता हूँ कि 'आर्गुमेंटेटिव इंडियन' का अनुवाद क्या होगा?

26 Oct 2017 1:07 pm
बनारस घराने की अंतिम प्रतीक

शास्त्रीय संगीत की बड़ी परंपरा में गिरिजा देवी बनारस घराने की अंतिम प्रतीक थीं. एक ऐसी प्रतीक कि उनके जाने के बाद शायद ही कोई उनकी कमी को पूरा कर पाये. उस बड़ी परंपरा में रसूलनबाई, सिद्धेश्वरी देवी, बड़े रामदास, महादेव मिश्र, अप्पा जी जैसे मूर्धन्य गायकों का नाम लिया जाता है, जिसकी गिरिजा जी आखिरी कड़ी थीं. शास्त्रीय गायन में उ

26 Oct 2017 1:04 pm
नागरिक अधिकारों पर कुठाराघात

बीते सोमवार को राजस्थान विधानसभा में राज्य सरकार ने एक बिल पेश किया था, जिसमें प्रावधान था कि नेताओं, लोकसेवकों तथा जजों के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी.

25 Oct 2017 11:31 am
जरूरी है कट्टरता का विरोध

पाकिस्तान के संघीय शरीयत कोर्ट के जज रह चुके एक हनफी मुस्लिम विद्वान ने हाल में एक फतवा जारी किया कि मुस्लिम औरतों को अपने अथवा अपने परिवार की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करनी चाहिए.

25 Oct 2017 11:29 am
यह कैसी देशभक्ति है ?

लगभग 30 वर्ष पहले क्लाइव लॉयड की कप्तानी में वेस्ट इंडीज का पराभव आरंभ हुआ और एलन बॉर्डर के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दबदबा पूरे विश्व पर छा गया. ऑस्ट्रेलिया की टीम में खुद बॉर्डर समेत कई खिलाड़ी बायें हाथ से खेलनेवाले थे और उनके सलामी बल्लेबाज केप्लर वेसेल्स एक दक्षिण अफ्रीकी थे. उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता इसलिए

24 Oct 2017 3:43 pm
एक और गौरी

दो कलमधारी हैं, दोनों के नाम ‘ग’ से शुरू होते थे. ‘ग’ से ही हमारे यहां ‘गणपति’ का नाम भी शुरू होता है. गणपति हमारी परंपरा के प्रथम स्टेनोग्राफर हैं, यानी कलमधारी भगवान! कथा है कि वेद व्यास महाभारत की कथा कहते चले गये अौर गणपति उसे लिपिबद्ध करते गये. तो ये तीनों कलम की परंपरा के लोग थे- गणपति, गौरी अौर गालिजिया!

24 Oct 2017 3:42 pm
इतिहास एक प्याज

इतिहास के नये प्रगतिशील शोधार्थियों ने ठान लिया है कि न्यू इंडिया का इतिहास भी नया होना चाहिए, जहां बुलेट ट्रेन दहलीज पर खड़ी हो, भूखमरी मर चुकी हो, गरीबी देश छोड़ने को आतुर हो, संप्रदायवाद, जातिवाद व आतंकवाद की बोलती बंद हो. बेरोजगारी व भ्रष्टाचार ‘इतिहास’ बन चुके हों, तो लगता है देश में कोई समस्या ही नहीं बची.

24 Oct 2017 3:41 pm
एक अनुचित कानून

यदि आप राजस्थान में हैं और वहां के किसी मौजूदा या सेवानिवृत जज, अधिकारी, निर्वाचित जन-प्रतिनिधि के विरुद्ध मुकदमा दायर करना चाहते हैं, तो राज्य की कोई अदालत आपकी शिकायत को स्वीकार नहीं कर सकती है. इसके लिए पहले आपको सरकार की मंजूरी लेनी होगी. यदि आप अपनी शिकायत की गुहार लेकर मीडिया के पास जाते हैं, तो उसे भी खबर चलाने की इजाजत न

24 Oct 2017 3:41 pm