02 March Birthday: आपको 2 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
02 March Janmdin: आज का दिन आपके लिए खास है, और हम आपके व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में कुछ खास बातें लेकर आए हैं। जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 2 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी। ALSO READ: Holi Numerology Horoscope: अपने मूलांक के अनुसार जानें किन रंगों से खेलें होली, (पढ़ें साप्ताहिक अंक राशिफल 2 से 8 मार्च 2026) आपका जन्मदिन: 2 मार्च दिनांक 2 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। मूलांक 2 के स्वामी चंद्रमा हैं, जो मन के कारक हैं। यही कारण है कि आप स्वभाव से अत्यधिक भावुक, कल्पनाशील और संवेदनशील होते हैं। दूसरों के दुख से प्रभावित होना आपकी सबसे बड़ी कमजोरी है, लेकिन यही आपकी सबसे बड़ी ताकत भी है। आप में करुणा और दया कूट-कूट कर भरी होती है। आप मानसिक रूप से मजबूत होते हुए भी, शारीरिक रूप से थोड़े कमजोर हो सकते हैं, इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है। चंद्रमा के प्रभाव से, आपका स्वभाव भी उसकी कलाओं की तरह बदलता रहता है- कभी शांत, तो कभी थोड़ा बेचैन। लेकिन आप में अहंकार बिल्कुल भी नहीं होता, और यही आपकी सबसे प्यारी विशेषता है। यदि आप जल्दबाजी छोड़कर धैर्य से काम लें, तो जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक: 2, 11, 20, 29 शुभ अंक: 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92 शुभ वर्ष: 2027, 2029, 2036 ईष्टदेव: भगवान शिव, बटुक भैरव, चंद्रदेव शुभ रंग: सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल आज का दिन आपके लिए समझदारी और सावधानी से चलने का है। किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले अनुभवी लोगों से सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। करियर और व्यवसाय: व्यापार-व्यवसाय में स्थिति सामान्य रहेगी। कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहें। छोटी-मोटी परेशानियाँ हो सकती हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें। पारिवारिक जीवन: परिवार में कोई भी विवाद हो, तो उसे आपसी समझ से सुलझाएं। किसी बाहरी व्यक्ति को दखल देने का मौका न दें। ध्यान देने योग्य: कागज़ात से जुड़े मामलों में ख़ास सावधानी बरतें। बिना पढ़े किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें। लेखन और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों को भी सतर्क रहना होगा। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff): भगवान शिव के कट्टर हिंदू भक्त। जयंत तालुकदार (Jayanta Talukdar): असम के भारतीय तीरंदाज खिलाड़ी। अजमल अमीर (Ajmal Ameer): एक भारतीय अभिनेता, मलयालम, तमिल और तेलुगु भाषा की फिल्मों में कार्यरत। बसंत सिंह खालसा (Basant Singh Khalsa): लोकसभा सांसद, राजनीतिज्ञ। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 मार्च 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो! Today Shubh Muhurat 02 March 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 02 मार्च, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त। ALSO READ: Holi Numerology Horoscope: अपने मूलांक के अनुसार जानें किन रंगों से खेलें होली, (पढ़ें साप्ताहिक अंक राशिफल 2 से 8 मार्च 2026) आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है। आज का पंचांग: 2 मार्च 2026, सोमवार का शुभ मुहूर्त और राहुकाल हिंदू पंचांग के अनुसार, सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। पंचांग विवरण दिनांक: 2 मार्च 2026 वार: सोमवार विक्रम संवत: 2082 (नल) शक संवत: 1947 माह: फाल्गुन (शुक्ल पक्ष) तिथि: चतुर्दशी पूर्णिमा (रात 08:20 तक, उसके बाद चैत्र कृष्ण प्रतिपदा) विशेष: आज होलाष्टक का अंतिम चरण है। कल फाल्गुन पूर्णिमा और होलिका दहन का उत्सव मनाया जाएगा। नक्षत्र और योग (Nakshatra & Yoga) नक्षत्र: अश्लेषा (शाम 07:35 तक, उसके बाद मघा) योग: शोभन (रात 11:40 तक, उसके बाद अतिगण्ड) करण: विष्टि/भद्रा (सुबह 07:45 तक), फिर बव आज का शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings) अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:56 तक (दैनिक कार्यों के लिए उत्तम) अमृत काल: शाम 05:50 से 07:35 तक ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:07 से 05:57 तक विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 से 03:21 तक अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings) राहुकाल: सुबह 08:15 से 09:40 तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं) यमगण्ड: सुबह 11:05 से 12:30 तक गुलिक काल: दोपहर 01:55 से 03:20 तक भद्रा: सुबह 06:47 से 07:45 तक। ALSO READ: Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ
पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के कारण टीमों की हवाई यात्रा पर हुआ ऐसा असर
आईसीसी ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में “बदलते हालात” पर नजर रख रहा है और 2026 टी20 वर्ल्ड कप में “ट्रैवल, लॉजिस्टिक्स और सभी स्टेकहोल्डर्स की भलाई को सुरक्षित रखने के लिए बड़े इमरजेंसी प्लान एक्टिवेट किए हैं।” शनिवार सुबह, अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर मिसाइल हमले किए, जिससे पश्चिम एशिया के कई देशों के ऊपर एयरस्पेस बंद हो गया, जिससे इस इलाके और इंटरनेशनल लेवल पर हवाई यात्रा में रुकावट आई, और कई एयरलाइनों को अपनी उड़ानें कैंसिल करनी पड़ीं या रूट बदलने पड़े। आईसीसी ने एक बयान में कहा, “हालांकि पश्चिम एशिया में संकट का टूर्नामेंट के आयोजन पर कोई सीधा असर नहीं है, लेकिन आईसीसी यह मानता है कि बड़ी संख्या में लोग – जिनमें खिलाड़ी, टीम मैनेजमेंट, मैच अधिकारी, ब्रॉडकास्ट टीम और इवेंट स्टाफ शामिल हैं – इवेंट में अपने कमिटमेंट पूरे करने के बाद अपने होम कंट्री में आगे की यात्रा के लिए गल्फ हब एयरपोर्ट, खासकर दुबई पर निर्भर हैं, जो मुख्य ट्रांजिट पॉइंट हैं।” “आईसीसी ट्रैवल और लॉजिस्टिक्स टीम यूरोपियन, साउथ एशियन और साउथ-ईस्ट एशियन हब के ज़रिए कनेक्शन सहित दूसरे रूटिंग ऑप्शन की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित करने के लिए बड़े इंटरनेशनल कैरियर के साथ एक्टिव रूप से काम कर रही है। आईसीसी सिक्योरिटी कंसल्टेंट संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और स्थिति के विकसित होने पर रियल-टाइम सलाह देंगे। एक डेडिकेटेड आईसीसी ट्रैवल सपोर्ट डेस्क भी एक्टिवेट कर दिया गया है।” 2026 टी20 वर्ल्ड कप अपने आखिरी स्टेज में है, रविवार को आखिरी सुपर आठ मैच होंगे, उसके बाद 4 और 5 मार्च को सेमीफाइनल और 8 मार्च को फाइनल होगा।
कुवैत में भीषण युद्ध के बीच फंसे बिहार के रोहित कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युद्ध रुकवाने की भावुक अपील की है। दिलवा धक-धक करत है के संदेश के साथ वायरल हुए इस वीडियो ने खाड़ी देशों में फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें कैसे मौत के साये में बैठा एक भारतीय मजदूर अब पीएम मोदी से शांति और जीवन की भीख मांग रहा है।
काशी विश्वनाथ के कपाट सूतक काल में रहेंगे बंद, श्रद्धालु नहीं आएं इस दौरान पूजा के लिए
Shri Kashi Vishwanath Temple : आगामी मंगलवार यानी 3 मार्च 2026 को ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण का विशेष खगोलीय योग बन रहा है। धर्मशास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण में सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, जिसके दौरान मंदिरों में नियमित पूजन-अर्चन की व्यवस्था प्रभावित रहती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट भी ग्रहण अवधि में कुछ समय के लिए बंद रखे जाएंगे। मंदिर प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 3 मार्च को काशी में चंद्रोदय सायं 5:59 बजे होगा तथा ग्रहण मोक्ष सायं 6:47 बजे निर्धारित है। परंपरानुसार मंदिर का कपाट ग्रहण प्रारंभ होने से लगभग डेढ़ घंटे पूर्व बंद किया जाता है। इस क्रम में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार अपराह्न 4:30 बजे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस अवधि में मंदिर परिसर में सामान्य दर्शन और पूजन की गतिविधियां स्थगित रहेंगी। ALSO READ: काशी में होली की अनोखी शुरुआत: मसान होली सहित जानिए 5 चौंकाने वाली परंपराएं ग्रहण मोक्ष के उपरांत शास्त्रोक्त विधि से उग्रह (मोक्ष) पूजन संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद मंदिर परिसर का शुद्धिकरण तथा आवश्यक धार्मिक विधि-विधान पूरे किए जाएंगे। समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण होने के पश्चात सायं 7:15 बजे के बाद मंदिर के कपाट पुनः श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। ALSO READ: योगी सरकार के प्रयास से सनातन का लौटा वैभव, युवाओं में बढ़ा काशी, मथुरा और अयोध्या का क्रेज मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे 3 मार्च को दर्शन की योजना बनाते समय इन समय-सारिणियों का विशेष ध्यान रखें। ग्रहण काल को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। अतः अनेक भक्त इस समय जप, तप और ध्यान में संलग्न रहते हैं। परंपरा और आस्था के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि ग्रहण उपरांत श्रद्धालु सुव्यवस्थित ढंग से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें। Edited By : Chetan Gour
युद्ध के बीच UAE में फंसीं एक्ट्रेस ईशा गुप्ता, मिसाइल हमलों के बीच शेयर किया डरावना अनुभव
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने इन हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग दी है। यूएई में कई जगह ईरान द्वारा लगातार मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग के बीच कई सेलेब्स और आम नागरिक फंस गए हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता भी यूएई में फंसी हुई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सुरक्षा और वहां के डरावने हालातों पर चिंता व्यक्त की है। एक्ट्रेस ने इंस्टा स्टोरी पर पोस्ट शेयर कर अपने बारे में जानकारी दी है। अबू धाबी में मौजूद ईशा गुप्ता ने लिखा, जो लोग भी मेरा हालचाल पूछ रहे हैं, उन्हें जवाब न दे पाने के लिए माफी चाहती हूं। हम ठीक हैं और सुरक्षित हैं! समय बहुत डरावना और कठिन है। भगवान हमारी रक्षा के लिए वहां मौजूद हैं। ईशा ने आगे यूएई के रक्षा मंत्रालय पर भरोसा जताते हुए कहा, हमें विश्वास है कि @modgovae सुरक्षा और इंटरसेप्शन (मिसाइलों को रोकने) के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा है। फंसे हुए सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रही हूं। उम्मीद है कि जल्द घर लौटूंगी। ALSO READ: परिवार संग दुबई में फंसा यह साउथ स्टार, वीडियो शेयर कर दिखाया आसमान में मिसाइलों का तांडव केवल ईशा गुप्ता ही नहीं, बल्कि भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु और अभिनेत्री सोनल चौहान भी इस संकट के बीच दुबई में फंसी हुई हैं। सोनल चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय को टैग करते हुए मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उड़ानें रद्द होने के कारण उनके पास भारत लौटने का कोई रास्ता नहीं बचा है। बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त हमला किया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई मारे गए हैं। इसके जवाब में ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4' शुरू किया और इजरायल सहित खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। सुरक्षा कारणों से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) और अल मकतूम एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। यूएई के आसमान में ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सायरन और धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है।
दुबई एयरपोर्ट के पास अटकी PV सिंधू , कोच बाल बाल बचे (Video)
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू शनिवार को प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के लिए जाते समय दुबई हवाईअड्डे पर फंस गईं क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण उड़ान संचालन निलंबित कर दिया गया।यह टूर्नामेंट अगले मंगलवार से शुरू होना है। सिंधू ने इंस्टाग्राम पर एक भीड़भाड़ वाले हवाईअड्डे का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘‘सभी उड़ानें अगली सूचना तक निलंबित। ’’ #Watch | Double Olympic medallist PV Sindhu shares ordeal of being stranded in Dubai after flights were suspended due to Iran strikes #Iran #Israel pic.twitter.com/4acZjId8Mi — NDTV (@ndtv) March 1, 2026 शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया।इन सैन्य हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया जिससे कई उड़ानें प्रभावित हुईं जिनमें एमिरेट्स और एयर इंडिया शामिल हैं। दुबई हवाईअड्डे ने भी मिसाइल हमलों के बाद हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अनिश्चितकाल के लिए सभी परिचालन निलंबित कर दिए हैं। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा उस समय बाल-बाल बच गए जब ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जाते हुए दुबई हवाई अड्डे पर उनके करीब धमाका हुआ। भारत के अधिकतर खिलाड़ी पहले ही बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी, पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन, युवा आयुष शेट्टी, गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की महिला युगल जोड़ी बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। मालविका बंसोड़ भी पहुंच गई हैं लेकिन उन्नति हुड्डा अब भी भारत में हैं क्योंकि नयी दिल्ली से बर्मिंघम के लिए उनकी सीधी उड़ान आखिरी समय में रद्द हो गई थी। उन्नति ने कहा, ‘‘मुझे आज करीब 11 बजे यात्रा करनी थी लेकिन सुबह-सुबह पता चला कि उड़ान रद्द हो गई है। अन्य उड़ानों में सीटें खाली नहीं हैं। मैं बीएआई के संपर्क में हूं और वे बीडब्ल्यूएफ से बात कर रहे हैं कि शायद मेरे मैच देर से कराए जाएं।’’ भारत के पूर्व कोच विमल कुमार को भी शनिवार को निकलना था लेकिन बेंगलुरु में विमान में सवार होने से कुछ देर पहले उन्हें उड़ान के रद्द होने के बारे में पता चला।
ईरान-इजरायल संघर्ष: तेल अवीव पर हमले के दावे से पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो का हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई संबंध नहीं है. यह वीडियो अक्टूबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है.
कौन था खामेनेई जिसकी मौत से और भी महा-विनाशकारी बना ईरान? क्या शुरू हो चुका है तीसरा विश्व युद्ध?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद मिडल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका-इजरायल कार्रवाई, ईरान के पलटवार और खाड़ी देशों में हमलों ने विश्व युद्ध जैसी आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
'लुका छुपी' के 7 साल पूरे: कैसे कार्तिक आर्यन बने आम भारतीय युवाओं की आवाज?
अपने अब तक के करियर में कार्तिक आर्यन ने अक्सर यह दिखाया है कि वह हर किरदार को उसकी जरूरत के हिसाब से निभाते हैं, न कि किसी एक तय दायरे में बंधकर एक ही छवि को दोहराते हैं। फिर चाहे उनके किरदार में हास्य हो, भावुकता हो या संयम हो, हर बार कहानी के भाव को वे न सिर्फ ईमानदारी से पकड़ते हैं, बल्कि उसे निभाते भी हैं। हालांकि 'लुका छुपी' इसका साफ़ उदाहरण है, जहां उन्होंने चुने हुए किरदार के साथ पूरा न्याय किया। 'लुका छुपी' में कार्तिक आर्यन एक ऐसे छोटे शहर के युवक के रूप में नज़र आए, जो आधुनिक रिश्तों की सोच और पारिवारिक उम्मीदों के बीच फंसा हुआ नई पीढ़ी का युवा है। जिस तरह उन्होंने अपने किरदार से समाज के डर, लोगों की बातें और अपने फैसलों को लेकर झिझक को अपनी भावनाओं के साथ दिखाया, वे काफी अच्छी लगी। ये भावनाएं इतनी सच्ची थी कि युवा दर्शक उनसे इस कदर जुड़ गए कि उन्हें कार्तिक के रूप में अपनी कहानी नज़र आने लगी। खासकर मेट्रो शहरों से बाहर रहनेवाले युवा। इस फिल्म ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में कार्तिक के युवा दर्शक वर्ग को और मज़बूत किया और कार्तिक के बिना ज़रूरत से ज़्यादा ड्रामा किए, उनका सधा हुआ और नेचुरल अभिनय लोगों को सीधे जोड़ गया। उनकी यही सादगी, उनकी सबसे बड़ी ताक़त बनकर उभरी। मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्माण दिनेश विजान और निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया था। कृति सैनन और पंकज त्रिपाठी के साथ एक ख़ास अंदाज़ में नज़र आए कार्तिक आर्यन ने बतौर कलाकार इसी फिल्म से अपने ऑन-स्क्रीन पहचान की एक नींव डाली थी, जो सहज था, भरोसेमंद था और अपने युवा दर्शकों की आवाज़ था। यही वजह है कि 7 साल बाद भी फिल्म 'लुका छुपी' कार्तिक आर्यन के युवा दर्शकों के लिए बेहद ख़ास है, क्योंकि ये उन्हें याद दिलाती है किइसमें कार्तिक आर्यन परदे पर किसी फ़िल्मी हीरो की तरह नहीं, बल्कि आम भारतीय युवा पीढ़ी की सच्ची आवाज़ बनकर सामने आए थे।
1 मार्च 2026 को नागपुर के धमनगांव स्थित बारूद फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 15 मजदूरों की मौत और 18 गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पैकेजिंग के दौरान चिंगारी से चेन रिएक्शन की आशंका जताई गई है। सरकार ने मुआवजे और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं
अलीगढ़ में टुटा खटारा स्कूल बस का फ्लोर, पहियों तले कुचली गई 8 साल की अनन्या...
अलीगढ़ में 28 फरवरी 2026 को माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की बस का फर्श टूटने से UKG छात्रा अनन्या की चलती बस से गिरकर मौत हो गई। बस के पास फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और बीमा नहीं होने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद जनाक्रोश भड़का और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
दुबई एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी, अचानक हुआ धमाके का आवाज... और बाल-बाल बचीं वहां मौजूद पीवी सिंधु!
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विस्फोट जैसी आवाजों से अफरा-तफरी मच गई। भारतीय बैडमिंटन स्टार पी. वी. सिंधु ट्रांजिट के दौरान वहीं फंस गईं और सोशल मीडिया पर भयावह अनुभव साझा किया। जानिए पूरी घटना, सुरक्षा हालात और आधिकारिक अपडेट।
आबूरोड में बढती डाॅग बाईट्स, प्रशासक और ईओ की न्यायिक अवमानना!
सबगुरु न्यूज-आबूरोड। आबूरोड में डाॅग बाईट्स के केस बढ रहे हैं। ऐसा कांग्रेस के नेताओं के द्वारा प्रशासन को दिए गए ज्ञापन के समाचारों से प्रतीत हो रहा है। लेकिन, आबूरोड में प्रशासक और अधिशासी अधिकारी के द्वारा इस ओर बरती जा रही लापरवाही सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के उन आदेशों की अवमानना की […] The post आबूरोड में बढती डाॅग बाईट्स, प्रशासक और ईओ की न्यायिक अवमानना! appeared first on Sabguru News .
Washington Crossed the Threshold, Not Iran
War rarely erupts from pure inevitability. It emerges from choices — and in deeply asymmetric conflicts, the choices of the stronger party weigh most heavily. The joint U.S.-Israeli strikes that began on February 28, 2026, have propelled the long-simmering confrontation with Iran into open, overt warfare. Missiles have crossed borders in both directions. Tehran’s supreme […]
टेंट कॉफ़ी हाउस और इंदर कुमार गुजराल : मैंने तीन सदियाँ देखी हैं (30) पार्ट-1
इंदर कुमार गुजराल बहुत ही तहज़ीबयाफ्ता इंसान थे. शुरू शुरू में वह मुझे राजनीतिक कम, संस्कृतिकर्मी अधिक लगे. उनकी सभी प्रमुख भाषाओं की साहित्यिक विधाओं के प्रति न केवल जानकारी थी बल्कि उनका गहन अध्ययन भी था. चाहे अंग्रेजी हो, हिंदी, उर्दू या पंजाबी. वह इन भाषाओं से जुड़े साहित्यकारों को जानते, पहचानते और पढ़ते […]
Generation Z Is Not Distracted — It’s Adapting
In Jaipur, a history teacher recently asked her students to generate essays on the causes of war using an artificial intelligence chatbot. Then she told them to dismantle what the machine had produced — to mark factual errors, identify missing perspectives and challenge its confident tone. The room grew louder, not quieter. Students cross-checked sources. […]
मोदीजी की उपलब्धियां –श्रीकांत आप्टे
बारह साल हो गए मोदीजी को प्रधानमंत्री बन कर। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरूजी की बराबरी तो कर ही ली। विरोधियों की तो आदत ही है मोदीजी की हर उपलब्धि को नकारना,उसका उपहास करना। ऐसे नामाकूल हैं विरोधी कि मोदीजी की कोई उपलब्धि उनको दिखती ही नहीं। फिटेमुंहों को उनमें बस खोट […]
जनता की आंखो में धूल झोंकने का गोरखधंधा आबूरोड बजरी लूट
सबगुरु न्यूज-आबरोड। बिना लीज दिए आबूरोड में बजरी के नाम पर लीज वसूली करने के मामले का खुलासा राजनीतिक मंच से हुआ तो ये आशंका जताई जाने लगी थी कि इसमें राजनीतिक सपरस्ती जरूर होगी। और चकल्लस में जो सामने आया वो वाकई चैंकाने वाला था। ये बजरी राजनीतिक पार्टियों का जनता की आंखो में […] The post जनता की आंखो में धूल झोंकने का गोरखधंधा आबूरोड बजरी लूट appeared first on Sabguru News .
मिसाइल हमलों के बीच दुबई में फंसी एक्ट्रेस सोनल चौहान, PM मोदी से मांगी मदद
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट ने अब आम नागरिकों के साथ-साथ बॉलीवुड और खेल जगत के सितारों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के मिसाइल हमलों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान ने भी कई खाड़ी देशों पर मिसाइलों से हमला कर दिया है। दुबई सहित कई खाड़ी देशों में विमान सेवाएं ठप हो गई हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान के दुबई में फंसे होने की खबर सामने आई है। सोनल चौहान ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी आपबीती साझा की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी से गुहार लगाई है। Hon’ble PM @narendramodi ji, I am currently stranded in Dubai due to the ongoing crisis, with flights cancelled and no clear way to return to India. I respectfully seek the Government’s guidance for a safe journey home Grateful for any support extended @MEAIndia @IndiainDubai — SONAL CHAUHAN (@sonalchauhan7) February 28, 2026 सोनल चौहान ने लिखा, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मैं मौजूदा संकट के बीच दुबई में फंसी हुई हूं। सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और भारत लौटने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिख रहा है। मैं सुरक्षित घर वापसी के लिए सरकार से मार्गदर्शन और सहायता का अनुरोध करती हूं। सोनल ने विदेश मंत्रालय और दुबई में भारतीय दूतावास से भी संपर्क साधा है। बताया जा रहा है कि वह एक प्रोफेशनल शूट के सिलसिले में दुबई गई थीं। सिर्फ सोनल ही नहीं, भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हुई हैं। सिंधु ऑल इंग्लैंड ओपन टूर्नामेंट के लिए बर्मिंघम जा रही थीं और दुबई उनका ट्रांजिट स्टॉप था। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल पर मिसाइल हमले के मलबे से आंशिक क्षति की खबरें हैं, जिसके कारण परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 'पाम जुमेराह' और 'बुर्ज अल अरब' के पास भी धमाकों और धुएं के गुबार देखे गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा तंत्र ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से एयरस्पेस को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखा गया है।
क्या आप जानते हैं 1 मार्च 2026 से आपकी जेब और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े नियम बदल गए हैं? LPG, UPI, रेलवे बुकिंग और बैंक मिनिमम बैलेंस नियमों में हुए बड़े बदलावों की पूरी जानकारी यहाँ सरल शब्दों में पढ़ें।
तेहरान से श्रीनगर तक उबाल: खामेनेई की मौत के बाद सड़कों पर उतरे लोग, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ विरोध
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर के श्रीनगर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जानिए पूरी घटना और महबूबा मुफ्ती की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत, 40 दिन के शोक का ऐलान
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में निधन हो गया है। ईरान ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है। जानिए क्या हैं पूरी घटना के तथ्य और क्षेत्रीय स्थिति पर इसके प्रभाव।
दक्षिण भारत के मौसम का हाल: कहीं गर्मी तो कहीं हल्की बौछारें, जानें आज कैसा रहेगा दक्षिण का मिजाज?
1 मार्च 2026 को दक्षिण भारत, विशेषकर केरल के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। जानें आज का अधिकतम तापमान और मौसम विभाग का पूरा पूर्वानुमान।
1 मार्च 2026 को उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। जानें आज का अधिकतम और न्यूनतम तापमान और मौसम विभाग की चेतावनी।
दिल्ली का मौसम: मार्च की पहली सुबह में खिली धूप, क्या आज दिल्ली में बढ़ेगा पारा?
1 मार्च 2026 को दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? आज दिन भर आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। जानिए आज का अधिकतम तापमान 30C और न्यूनतम तापमान 16C के पूर्वानुमान के साथ मौसम का पूरा हाल।
दिल्ली में BJP सरकार का एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी ने कैंपेन शुरू किया है। इसका नारा है- एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल। एक मार्च को जंतर-मंतर पर पार्टी BJP के खिलाफ रैली करने वाली थी। इससे दो दिन पहले 27 फरवरी को AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को शराब घोटाले से डिस्चार्ज यानी आरोप तय होने से पहले आरोपमुक्त कर दिया गया। कोर्ट के फैसले के बाद जंतर-मंतर पर होने वाली रैली शक्ति प्रदर्शन की तरह हो गई है। पहले ये सिर्फ दिल्ली तक सीमित थी, अब इसमें देशभर से नेता आ रहे हैं। शराब घोटाले के आरोप की वजह से अरविंद केजरीवाल की ईमानदार वाली छवि पर गहरा दाग लगा और पार्टी विधानसभा चुनाव हार गई थी। ऐसे में तीन सवाल हैं- 1. कोर्ट के फैसले से क्या केजरीवाल की वापसी हो पाएगी?2. दिल्ली में हार के बाद सभी सीनियर लीडर पंजाब शिफ्ट हो गए थे, क्या वे दिल्ली लौटेंगे?3. पंजाब के अलावा दिल्ली और गुजरात में पार्टी का आगे का प्लान क्या होगा? पार्टी नेताओं का कहना है कि अब अरविंद केजरीवाल नेशनल पॉलिटिक्स में अपनी मौजूदगी बढ़ाएंगे। अगले साल पंजाब के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में गुजरात में पार्टी के 5 और गोवा में 2 विधायक चुने गए थे। एक साल से चुनाव की तैयारी करा रहे केजरीवालआम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज कोर्ट के फैसले को अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर मुहर बताते हैं। भविष्य की योजनाओं के बारे में वे कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल की छवि को बड़ा बूस्ट मिला है। पार्टी को एक नई जिंदगी मिली है। 1 मार्च को हम बड़ी रैली कर रहे हैं। गुजरात, गोवा, पंजाब और दिल्ली से हमारे नेता आ रहे हैं। इस रैली में अरविंद जी पार्टी को नई दिशा देंगे।’ आने वाले विधानसभा चुनावों पर सौरभ कहते हैं कि पिछले एक साल से अरविंद केजरीवाल बहुत माइक्रो लेवल पर गुजरात, गोवा और पंजाब में चुनाव की तैयारियां करा रहे थे।’ दिल्ली में चुनावी हार और पार्टी की इमेज बिगड़ने पर सौरभ कहते हैं, ‘अरविंद केजरीवाल ने पूरी जिंदगी सिर्फ ईमानदारी कमाई है। इसलिए BJP ने इसी पर चोट की। झूठे केस और इमेज खराब करने की कोशिश के बावजूद हमारा सिर्फ 10% वोट ही खिसका। ये फैसला आने से पहले ही लोगों को एहसास हो गया था कि गड़बड़ हो गई है। एक साल से रेखा गुप्ता की सरकार सिर्फ झूठ बोल रही है। लोगों को शर्मिंदगी हो रही है।’ पंजाब, गुजरात और गोवा पर फोकस, संजय सिंह यूपी संभालेंगेलिकर पॉलिसी केस में नाम आने के बाद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। हालांकि, उन्हें मुख्यमंत्री रहते ही 177 दिन जेल में रहना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शर्त रखी थी कि केजरीवाल CM ऑफिस नहीं जाएंगे और न ही किसी फाइल पर साइन करेंगे। यानी मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनके पास पावर नहीं थी। केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी मुख्यमंत्री बनी थीं। तब दिल्ली विधानसभा का सिर्फ 5 महीने का कार्यकाल बचा था। चुनाव में आम आदमी पार्टी बुरी तरह हार गई। 70 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी सिर्फ 22 सीटें जीत पाई। वोट शेयर भी 10% घटकर 43% रह गया। पार्टी को हरियाणा में उम्मीद थी। उसने 88 सीटों पर कैंडिडेट उतारे, लेकिन सभी हार गए। कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ साल से BJP शराब घोटाला-शराब घोटाला कर रही थी। हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी। कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए। बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा कहते हैं, ‘पार्टी इस मुद्दे को देशभर में लेकर जाएगी। हमारे कार्यकर्ता, अलग-अलग राज्यों के नेता लोगों को बताएंगे कि किस तरह प्रधानमंत्री देश की जनतांत्रिक इकाई को खत्म कर रहे हैं।’ आगे की योजनाओं पर वे कहते हैं, ‘दिल्ली के लोग केजरीवाल को मिस कर रहे हैं। कोर्ट के फैसले ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा दिया है। लोगों के बीच फैलाया गया भ्रम खत्म हो गया है। पार्टी के टॉप लीडर आने वाले दिनों में आगे की योजनाओं पर मीटिंग करेंगे। पंजाब, गुजरात और गोवा पर हम ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी संजय सिंह के नेतृत्व में तैयारी चल रही है।’ अरविंद केजरीवाल की रिहाई से BJP को फायदासीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी कहती हैं, ‘अब अरविंद केजरीवाल की छवि पर पॉजिटिव असर होगा। उन्हें लोगों की सहानुभूति मिलेगी। केजरीवाल की छवि ही उनकी राजनीतिक पूंजी थी। AAP के बारे में कहा जाता था कि वह दूसरी पार्टियों से अलग है।’ ‘देश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को जेल जाना पड़ा था। इससे पार्टी की इमेज और कैडर को धक्का लगा था। चुनाव के बाद या उससे पहले भी केजरीवाल पूरी तरह चुप थे। करप्शन के आरोप ने उनकी इमेज पर असर डाला था, अब फिर से उनकी इमेज बहाल होगी।’ नीरजा मानती हैं कि इस फैसले से चुनावों पर भी फर्क पड़ेगा। वे कहती हैं, ‘पंजाब, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी का उभार होगा। गुजरात में अगर पार्टी मजबूत होती है, तो कांग्रेस को नुकसान होगा। इससे आखिरकार BJP को फायदा होगा।’ नीरजा आगे कहती हैं, ‘हो सकता है कि केजरीवाल पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी के लिए प्रचार करने जाएं। उनके संबंध अच्छे हैं। केजरीवाल INDIA ब्लॉक में लौटेंगे या नहीं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। आने वाले समय में अगर कांग्रेस के बिना रीजनल पार्टियां कोई फ्रंट बनाती हैं, तो केजरीवाल की उसमें मजबूत जगह हो सकती है।’ आम आदमी पार्टी को लंबे वक्त से कवर कर रहे जर्नलिस्ट शरद शर्मा कहते हैं कि पार्टी के इतिहास में लिकर पॉलिसी केस सबसे बड़ा कलंक था। इस फैसले से पार्टी का मनोबल जरूर बढ़ेगा। हालांकि, ऐसा नहीं है कि सिर्फ इसी एक वजह से पंजाब या दूसरी जगहों पर पार्टी के लिए सब सही हो जाएगा। ‘पंजाब में आम आदमी पार्टी गवर्नेंस किस तरह दे रही है, ये देखना जरूरी है। गुजरात और गोवा में भी पार्टी ताकत लगा रही है, लेकिन ग्राउंड पर जब तक आप उसे नहीं उतारते, तब तक सब सिर्फ मीडिया की चर्चा बनकर रह जाता है। दिल्ली में भले चर्चा ज्यादा हो, लेकिन अभी यहां चुनाव नहीं हैं।’ शरद कहते हैं कि इस केस का दिल्ली चुनाव में असर तो पड़ा था, लेकिन उसके साथ दूसरे कई मुद्दे भी थे। पंजाब अलग तरह का राज्य है। अगर अरविंद केजरीवाल इस केस में दोषी साबित हो जाते तो पंजाब के लोग ये नहीं कहते कि AAP को वोट नहीं देंगे। वहां अभी AAP की सरकार है। बेशक वहां भी पार्टी का मनोबल बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ आपको गवर्नेंस भी देनी पड़ेगी। ‘कोई भी पार्टी 4 साल सरकार में रहती है तो उपलब्धियों के साथ समस्याएं भी रहती हैं। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की समस्या है। पार्टी ने कहा था कि ड्रग्स की समस्या खत्म कर देगी, लेकिन ये अब भी है। आखिरी साल में पार्टी क्या करेगी, इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा।’ मुश्किल अब भी बाकीED हाईकोर्ट में सबूत दे, तो बदल सकता है फैसलाशराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को डिस्चार्ज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को इस केस में शामिल करने के लिए जांच एजेंसी के पास कोई सबूत नहीं हैं। हालांकि इसी केस के आधार पर ED ने केजरीवाल और सिसोदिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील आशीष पांडे कहते हैं कि इस केस में कोर्ट ने साफ कहा कि चार्जशीट में केस को ट्रायल पर भेजने लायक सबूत नहीं हैं। ED दो तरीकों से केस दर्ज करती है, एक खुद से और दूसरा पहले से चल रहे मामले में। शराब घोटाले वाला मामला दूसरा वाला ही है।’ क्या ये केस पलट सकता है? आशीष जवाब देते हैं, ‘डिस्चार्ज होने पर केस की फिर से जांच हो सकती है। फिर से पूरी प्रक्रिया दोहराई जा सकती है। अगर भविष्य में एजेंसी कोई सबूत पेश करती है और चार्जशीट दाखिल करती है, तो केस दोबारा चल सकता है। 90% से ज्यादा केस में सेशंस कोर्ट जांच एजेंसियों की चार्जशीट मंजूर कर लेता है। फिर ट्रायल के बाद फैसला होता है।’ ‘इस केस में ऐसा नहीं हुआ है। कानून कहता है कि अगर डिस्चार्ज का ऑर्डर होता है, तो स्टे नहीं लगाया जाना चाहिए, जब तक कि कुछ अपवाद ना हो। कोई व्यक्ति ट्रायल के बाद बरी होता है, तो उस केस का फिर से ट्रायल नहीं हो सकता। डिस्चार्ज किए जाने के बाद जांच एजेंसी के पास ये ताकत है कि वह फिर मामले की जांच करे, फिर से गिरफ्तारी करे, सबूत जुटाए और चार्जशीट फाइल करे।’
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क्या शांति और सुरक्षा विकास का आधार हैं? जानिए भारत की मोदी सरकार के दौर में सुरक्षा और ईरान के उच्च मानव विकास सूचकांक (HDI) के बीच छिड़ी बहस का एक तटस्थ विश्लेषण।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार इजरायल और ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित निकासी की योजना बना रही है। जानिए इवैक्यूएशन प्लान, दूतावास की गाइडलाइन्स और इस संकटपूर्ण समय में भारतीयों को क्या करना चाहिए।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने चाबहार पोर्ट, रक्षा आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर क्या कहा? पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
क्या दुनिया की तेल आपूर्ति पर लगा है 'ब्रेक'? होर्मुज जलडमरूमध्य और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी के बाद वैश्विक बाजारों में हड़कंप है। जानिए होर्मुज जलडमरूमध्य का क्या महत्व है, यह क्यों महत्वपूर्ण है और मौजूदा तनाव का दुनिया पर क्या असर पड़ सकता है।
सुबह के करीब 6 बजे होंगे। नीलगिरि की पहाड़ियों पर हल्की धुंध थी। मैं खेत से लौटा ही था- हाथों में अभी खेत की मिट्टी लगी थी- कि मंदिर की घंटी की आवाज आई। कोई परिवार इंतजार कर रहा था। परिवार बोला, ‘रवि अन्ना, जरा पूजा कर दीजिए… बेटे का इंटरव्यू है आज’। मैंने तुरंत स्नान किया। धोती संभाली, मंदिर के भीतर गया। वार्सिती अम्मन, मीनाक्षी अम्मन और मधुरई वीरन के सामने दीया जलाया। मंत्र मुझे नहीं आते- यह बात गांव का हर आदमी जानता है। फिर जैसा कि हमेशा करता हूं, दीया घुमाया, धूप जलाई, आंखें बंद कीं। धीरे से कहा, ‘अम्मा, इनका भला करना।’ कुछ दिन बाद वही परिवार मिठाई लेकर आया। बोला- ‘अन्ना, नौकरी लग गई।’ मैं 50 साल का दलित पुजारी रवि हूं। तमिलनाडु के पहाड़ी जिले नीलगिरि की ककंजी कॉलोनी का रहने वाला। हमारे गांव में करीब 200 परिवार हैं। यहीं पैदा हुआ, यहीं पला-बढ़ा। पिता भी यहीं रहे, दादा भी, और उनके भी पिता। कह सकते हैं कि हमारी कई पीढ़ियां इसी मिट्टी में मिली हुई हैं। सच कहूं तो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन अपने ही गांव के मंदिर में पुजारी बनूंगा। न मैं कभी स्कूल गया, न संस्कृत पढ़ी, न कोई मंत्र आता है। पूजा-पाठ की तो हमारे घर में दूर-दूर तक कोई रवायत नहीं थी। लेकिन जब भी किसी मंदिर के सामने से गुजरता, मन में छोटी-सी इच्छा जरूर पलती थी- काश, कभी मैं भी भगवान के सामने खड़ा होकर किसी के लिए आशीर्वाद मांगता। बस इतनी-सी इच्छा। कोई बड़ा सपना नहीं, कोई महत्वाकांक्षा नहीं। सिर्फ मन की एक साध थी। फिर समय बदला। सरकार ने मंदिरों में दलित पुजारियों की नियुक्ति का नियम लागू किया। जिस दिन यह खबर आई, हमारे गांव में कई दिनों तक बैठकें चलीं। चर्चा हुई, मतभेद हुए। कुछ लोग मेरे पुजारी बनने के खिलाफ थे, लेकिन अंत में एकमत हुए और मेरा नाम तय किया। लोगों का कहना था - ‘रवि जो मांगता है, भगवान सुन लेते हैं।' वह सीधा आदमी है। सबका हाल-चाल पूछता है। किसी के दुख-सुख में पीछे नहीं हटता। गांव के मंदिर के लिए सबसे सही आदमी है। मैंने साफ कहा था- ‘मुझे मंत्र नहीं आते।’ गांव वालों ने जवाब दिया- ‘हमें मंत्र नहीं, मन चाहिए।’ बस, उसी दिन से मैं इस मंदिर का पुजारी बन गया। सरकार मुझे इसके लिए 20 हजार रुपए महीने की तनख्वाह देती है। इस मंदिर में तीन देवी-देवता विराजते हैं- वार्सिती अम्मन, मीनाक्षी अम्मन और मधुरई वीरन। मेरी पूजा करने की विधि बहुत सीधी-सादी है। मैं धूप जलाता हूं, दीया-बाती करता हूं। फिर भगवान के सामने खड़ा होकर धीरे-धीरे दीया घुमाता हूं। आंखें बंद करता हूं और मन ही मन कहता हूं- ‘इनका भला करना।’ बस इतना ही। एक बार गांव का एक परिवार मेरे पास आया। सालों से उनके घर बच्चा नहीं हो रहा था। चेहरे पर चिंता साफ थी। उन्होंने कहा, ‘रवि अन्ना, हमारे लिए प्रार्थना कर दो।’ मैंने हमेशा की तरह दीया जलाया, धूप दिखाई, और भगवान से कहा- ‘अम्मा, इनके घर भी किलकारी गूंजे।’ कुछ महीनों बाद वही परिवार खुशखबरी लेकर आया। उनके घर बच्चा हुआ था। वे मिठाई लेकर आए, मेरे पैरों को छूने लगे। मैं थोड़ा संकोच में पड़ गया। मैंने कहा- ‘यह सब भगवान की कृपा है।’ अब आप ही बताइए, इसमें मंत्रों का क्या काम था? सच कहूं तो जब भी मैं किसी के लिए पूजा करता हूं, पूरे मन से करता हूं। मुझे लगता है भगवान मन की भाषा समझते हैं। मैं इतना ही जानता हूं कि मैं जो भी कहता हूं, सच्चे दिल से। शायद उसी सच्चाई की आवाज ऊपर तक पहुंचती होगी। इस मंदिर में हम पूरे महीने में सिर्फ एक दिन सामूहिक पूजा करते हैं। पोंगल, दीवाली, पूर्णमा, तमिल नया साल सब यहीं मनाते हैं। मंदिर में तीन बार सालाना त्यौहार होता है। उस दिन अन्नदान किया जाता है। सालाना त्यौहार पर गांव के जो लोग बाहर रहते हैं, देश-विदेश कहीं भी। उन्हें गांव आना होता है। सालाना हर परिवार से दो से तीन हजार रुपए लिए जाते हैं। इसके अलावा काफी लोग इस मंदिर में खास तरह की पूजा भी करवाते हैं। इन मौको पर गांव के लोगों के सगे-संबंधी और उनके दोस्त भी आ सकते हैं। दरअसल, इस तरह सरकार द्वारा चलाए जा रहे मंदिरों में कोई भी जा सकता है। हालांकि, दलितों के अलावा यहां दूसरे जाति, समुदाय के लोग नहीं आते। इसके अलावा गांवों में कुछ प्राइवेट मंदिर भी हैं, जहां लोग जाते हैं। पहले इन मंदिरों की पूरी व्यवस्था ब्राह्मणों के हाथ में थी। हम जैसे लोगों के लिए मंदिर के भीतर की जगह कुछ अलग-सी लगती थी, लेकिन वहां तक पहुंचने का हमें अधिकार नहीं था। यही परंपरा चली आ रही थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। राज्य में मेरी तरह दलित पुजारियों की नियुक्तियां हुई हैं। लेकिन यह बदलाव सभी को रास नहीं आया। ऊंची जाति के लोगों को आज भी अच्छा नहीं लगता कि कोई दलित पूजा कराए। उन्होंने मंदिर आना बंद कर दिया और अपना अलग मंदिर बनवा लिया। अब तमिलनाडु में जगह-जगह लोगों के अपने मंदिर दिखाई देते हैं। लेकिन, मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। वे अपने तरीके से पूजा करते हैं, हम अपने। हां, एक बात साफ हो गई है। अब हमें कोई किसी भी मंदिर में जाने या पूजा-पाठ करने से नहीं रोक सकता। यह फर्क मैं अपनी आंखों से देख रहा हूं। कुछ बड़े मंदिर जहां ब्राह्मणों के साथ दलित पुजारी बनाए गए हैं, वहां उनके साथ अब भी भेदभाव किया जाता है। उन्हें बड़े विधि-विधान नहीं करने दिए जाते। मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। कहा जाता है कि उनमें पूरी योग्यता नहीं है। उन्हें मंत्र ठीक से नहीं आते। अपने मेंदिर मैं ही अकेला हूं, तो मुझे यह सब नहीं झेलना पड़ता। पिछड़े समाज के लोग पहले भी हमारे साथ थे, अब तो हमारी और इज्जत करने लगे हैं। मेरी प्रार्थना से उनका काम हो जाए, तो वे हमें पैसे, कपड़े और मिठाइयां देकर जाते हैं। लेकिन ब्राह्मण और ऊंची जाति के लोग अब भी हमसे दूरी बनाकर रखते हैं। दरअसल, तमिलनाडु के बड़े मंदिरों में आज भी पुजारी ब्राह्मण ही हैं। जब कभी मैं उन मंदिरों में जाता हूं- भीड़ के बीच खड़े होकर, सिर झुकाकर दर्शन करता हूं- तो साफ दिखता है कि वहां की पूरी व्यवस्था अब भी उन्हीं के हाथों में है। गर्भगृह के भीतर कौन जाएगा, पूजा कौन कराएगा, सब वही तय करते हैं। लेकिन वहां दलितों के पुजारी बनने की बात… अभी दूर की चीज है। फिर भी कहूं तो, जितना हुआ है, वह भी कम नहीं है। पहले जहां मंदिरों प्रवेश तक करने नहीं दिया जाता था, आज छोटे मंदिरों में ही सही हम पूजा करा रहे हैं। सरकार ने कम-से-कम शुरुआत तो की है। मंदिरों में पूरी बराबरी भले ही नहीं मिली है, लेकिन बहुत हद तक न्याय हुआ है। बाकी जो रह गया है, शायद वह आने वाले समय हो जाएगा। यहां सरकारी नीति की बात करूं तो कागज पर तो साफ लिखा है- किसी भी जाति का व्यक्ति पुजारी बन सकता है। नियम के हिसाब से हमारी नियुक्ति बड़े मंदिरों में भी होनी चाहिए। लेकिन अगर अचानक बड़े मंदिरों में हमारी नियुक्ति कर दी जाए, तो शायद राज्य में हंगामा खड़ा हो जाएगा। विरोध-प्रदर्शन हो सकते हैं। सुनते हैं कि ब्राह्मण, सरकार की इस व्यवस्था के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी जा चुके हैं। हालांकि, मुझे इस बारे में ज्यादा नहीं मालूम। सुप्रीम कोर्ट में मामला होने की वजह से राज्य में अभी बहुत सारे पद खाली हैं। बहुत सारे मंदिरों में दलितों की नियुक्ति होना बाकी है। लेकिन सोचता हूं- चलो, शुरुआत तो हुई। सच बताऊं, जब अपने ही गांव के मंदिर में दीया जलाता हूं, तो मन गदगद हो जाता है। लगता है जो कभी असंभव था, वह आज सामने हो रहा है। और फिर मन में एक उम्मीद भी पलती है- शायद आने वाले सालों में तस्वीर और बदलेगी। हमारी अगली पीढ़ी बिना किसी डर या विरोध के बड़े मंदिरों में पूजा कराएगी। हालांकि, अभी सरकार ने एक और अच्छा काम कर दिया है। कोई भी किसी भी जाति का हो, अगर वह पुजारी बनना चाहता है तो वह बाकायदा 3 साल की पढ़ाई करके बन सकता है। मैं जानता हूं कि तमिलनाडु के सिवा बाकी राज्यों में ऐसा नहीं है। वहां कोई दलित पुजारी नहीं है। बल्कि वहां तो दलितों के मंदिर जाने पर भी पाबंदी है। इसलिए कहूंगा कि तमिलनाडु इस मामले में एक मॉडल है। तमिलनाडु के मॉडल को फॉलो किया जाए तो वहां के समाज में भी काफी अच्छा हो सकता है। लोग खुश रहेंगे। (दलित पुजारी रवि ने अपने जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) ------------------------------------------------ 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधी:सिर कुर्सी में बांधकर उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा- 12 साल बाद जीता 18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
अमेरिका और इजराइल के निशाने पर अब ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं, बल्कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी ईरान में तख्तापलट चाहते हैं। इसी के चलते शनिवार को ईरान पर हुए हमले के बाद खामेनेई को तेहरान से निकालकर किसी सुरक्षित जगह ले जाया गया। रिपोर्ट्स हैं कि ट्रम्प के सामने खामेनेई और उनके उत्तराधिकारियों को मारने का प्लान पेश किया गया है, जिस पर फैसला लेना बाकी है। नेतन्याहू भी मानते हैं कि खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में स्थिरता आ जाएगी। आखिर क्या है अयातुल्ला अली खामेनेई की कहानी, कैसे बने ईरान के सुप्रीम लीडर और अमेरिका-इजराइल उनके पीछे क्यों पड़े; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… ईरान में मॉडलिंग के दौर में पैदा हुए, 11 साल की उम्र में ‘मौलवी’ बने 19 अप्रैल 1939। ईरान का सबसे बड़ा धार्मिक शहर मशहद। एक मौलवी सैयद जावेद खामेनेई के घर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई का जन्म हुआ। वे 8 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। 4 साल की उम्र में खामेनेई को मकतब भेजा गया, जहां उन्होंने कुरान, अरबी और इस्लामी तालीम हासिल की। आयतुल्लाह अली खामेनेई अपनी किताब 'सेल नम्बर 14: द ऑटोबायोग्राफी ऑफ अयातुल्लाह खामेनेई' में लिखते हैं, '1950 के दशक में मेरा दाखिला मशहद के एक नए इस्लामी स्कूल में हुआ। मुझे क्लास में सबसे आगे की सीट पर बैठाया जाता था। मैं मैथ्स और इंग्लिश में अच्छा था और ब्लैकबोर्ड पर लिखे हर सवाल का जवाब सुलझा देता था। एक बार स्कूल में प्रोग्राम हुआ, जिसमें मैंने कुरान की आयतें पढ़कर सुनाईं। मेरी जमकर तारीफ हुई और फिर मैंने अपने पिता की तरह मौलवी बनने की राह चुनी।' इसके बाद वो ईरान के कोम शहर में गए, जहां उन्होंने अयातुल्लाह रूहोल्लाह खोमैनी से तालीम ली और 11 साल की कम उम्र में ही मौलवी बन गए। खामेनेई उस दौर के ईरान में बड़े हो रहे थे जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी का शासन था। शाह पंथनिरपेक्ष और पश्चिमी विचारों को बढ़ावा देने वाले राजा माने जाते थे। उस दौर के ईरान में मॉडलिंग, फिल्में, नाइट क्लब पार्टीज और वेस्टर्न कपड़े पहने का चलन था। खामेनेई बचपन में मौलवियों की पोशाक पहनकर अपने हमउम्र बच्चों के साथ सड़कों पर खेलते, तो लोग उनका मजाक उड़ाया करते थे। मोहर्रम में फिल्म दिखाने के विरोध से शुरू की राजनीति, खोमैनी के फॉलोअर बने 'सेल नम्बर 14' में खामेनेई लिखते हैं, '1950 के दशक में ईरान में पश्चिमी कल्चर अपने चरम पर था। उन दिनों मॉर्डनाइजेशन की हवा चल रही थी। हालांकि, मुहर्रम के महीने में और खासतौर से पहले 10 दिनों के लिए सभी सिनेमाघरों और फिल्मों पर रोक लगा दी जाती थी। लेकिन 1955 में सब बदल गया। शहर के गवर्नर ने मुहर्रम के 1 से 12 दिनों के बंद पर पाबंदी हटाने का आदेश जारी किया। इस फैसले का हम लोगों ने विरोध किया। यही फैसला हमारे अंदर चिंगारी बनकर भड़का।' खामेनेई ने किताब में आगे लिखा, ‘मैं, मेरे दोस्त और कुछ लोग इकट्ठा हुए और एक लेटर तैयार किया, जिसमें इस्लामिक गुरुओं से अच्छाई के रास्ते पर चलने और बुराई से बचने का आदेश लिखवाया। हमारे प्रिंटिग मशीन नहीं थी, इसलिए हमने हाथ से लिखकर कई सारी कॉपियां बनाईं। हर एक कॉपी 4 पेज की थी और इसे नकल करने में 2 घंटे लगते थे। यह मेरा राजनीति में पहला कदम था।’ 1960 के दशक में खामेनेई पर ईरान के धर्मगुरु रुहोल्ला खोमैनी का गहरा असर हुआ। खोमैनी ईरान के शासक की नीतियों और 1963 में 'व्हाइट रिवोल्यूशन' के खिलाफ खड़े हो गए थे, जिसके तहत ईरान को पश्चिमी देशों की तरह डेवलप करना था। खोमैनी को लगता था कि यह इस्लाम और ईरानी संस्कृति के खिलाफ है। इस्लाम और राजनीति को अलग नहीं किया जा सकता और देश में विलायत-ए-फकीह यानी इस्लामी धर्मगुरुओं का शासन लाने की बात कही। खामेनेई इससे बहुत प्रभावित हुए। 1962-63 में खोमैनी ने शाह के खिलाफ खुलकर विरोध शुरू कर दिया। खामेनेई ने खोमैनी की बात को मशहद समेत कई शहरों में फैलाने में मदद की। 1963 में खामेनेई ने मशहद की एक मस्जिद में कहा, 'शाह का शासन इस्लाम और लोगों के खिलाफ है। हमें अपने धर्म और देश की हिफाजत करनी होगी।' खामेनेई को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इससे वे युवाओं और शाह के खिलाफ आंदोलनों में मशहूर हो गए। 1970 का दशक आते-आते खामेनेई राजनीति में माहिर हो गए। उनके गुरु खोमैनी को देश से निकाल दिया गया, तो खामेनेई ही उनके भाषण लोगों तक फैलाते रहे। खामेनेई ने एक सभा में खोमैनी का सीक्रेट टेप चलाया, जिसमें खोमैनी ने कहा, ‘शाह का शासन एक गैर-इस्लामी तानाशाही है और इसे उखाड़ फेंकना हर मुसलमान का फर्ज है।’ 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति आई और शाह की सरकार गिर गई। इस्लामी सत्ता आई, तो खामेनेई सरकार में शामिल हो गए फरवरी 1979... ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद खोमैनी पेरिस से वापस ईरान आए। नई सरकार बनाई और अपने करीबी लोगों को बड़े पदों पर नियुक्त किया। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद यानी रिवोल्यूशनरी काउंसिल में शामिल कर लिया। यह परिषद नई सरकार का आधार थी और प्रशासन को बेहतर करने का काम करती थी। उस समय सांसद और बाद में ईरान के राष्ट्रपति बने हसन रूहानी ने संसद में खामेनेई को उप रक्षामंत्री बनाने का प्रस्ताव देते हुए कहा था, 'हमें ऐसे इंसान की जरूरत है जो इस्लामी क्रांति के लिए आगे बढ़ता रहे और सैन्य मामलों में खोमैनी के नजरिए को बुलंद करे। सैयद अली खामेनेई इस जिम्मेदारी के लिए सबसे बेहतर हैं।' खामेनेई को उप रक्षामंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC का गठन करने में बड़ी भूमिका निभाई। IRGC आगे चलकर ईरान की सबसे ताकतवर फौज बनी। IRGC को बनाने का मकसद ऐसी सेना खड़ी करना था जो देश के लिए धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर लड़ सके। जो इस्लामिक राष्ट्र ईरान को न सिर्फ बाहरी खतरों, बल्कि देश के अंदर के मामलों को भी सुलझा सके। टेप रिकॉर्डर से खामेनेई की हत्या को कोशिश, दायां हाथ और कान गंवाया 1980 का दशक। ईरान और इराक के बीच जंग छिड़ी हुई थी। तेहरान की जुमा की नमाज के इमाम अयातुल्ला अली खामेनेई जंग के अग्रिम मोर्चे का मुआयना कर लौटे थे। शनिवार, 27 जून 1981 को खामेनेई अपने तय कार्यक्रम के तहत तेहरान की अबुजार मस्जिद गए। इसके बाद वे लोगों के सवालों के जवाब देने लगे। उनके सामने रखी टेबल पर कागजों का पुलिंदा जमा था, जिन पर सवाल लिखे हुए थे। इस बीच एक शख्स ने टेबल पर एक टेप रिकॉर्डर रख दिया। खामेनेई ने जवाब देना शुरू किया। एक मिनट के भीतर ही टेप रिकॉर्डर से सीटी की आवाज आने लगी और तेज ब्लास्ट हुआ। खामेनेई लहूलुहान हो गए। टेप रिकॉर्डर के अंदर लिखा था- 'इस्लामिक रिपब्लिक को फोरकान समूह का एक उपहार।' फोरकान समूह एक ईरानी उग्रवादी विपक्षी संगठन था, जो शिया इस्लामवादी विचारधारा को मानता था। इस समूह को सद्दाम हुसैन का समर्थन मिला हुआ था। सद्दाम ईरान में खोमैनी की सत्ता पलटना चाहता था और IRGC के मुखिया खामेनेई बीच में थे। खामेनेई की दाईं बांह, वोकल कॉर्ड्स और फेफड़े को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इलाज के लिए उन्हें दक्षिणी तेहरान के बहारलू हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। कई महीनों बाद वे ठीक हुए, लेकिन दाएं हाथ में हमेशा के लिए लकवा मार गया और एक कान से सुनाई देना बंद हो गया। इस हमले को लेकर एक बार खामेनेई ने कहा था, ‘अगर मेरा दिमाग और जीभ काम करे तो मुझे हाथ की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरे लिए मेरा दिमाग और जीभ काफी है।’ बम धमाके में राष्ट्रपति राजाई की मौत हुई, खामेनेई तीसरे राष्ट्रपति बने 30 अगस्त 1981, दोपहर का समय। तेहरान में प्रधानमंत्री कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक बैठक चल रही थी। इसमें राष्ट्रपति मोहम्मद अली राजाई और प्रधानमंत्री मोहम्मद जवाद बहरोन भी शामिल थे। तभी MEK का सीक्रेट एजेंट मसूद कश्मीरी कमरे में दाखिल हुआ। khamenei.ir के मुताबिक, कश्मीरी ने कमरे में एक ब्रीफकेस रख दिया, जिसमें बम छिपा हुआ था। कुछ ही देर बाद कमरे में धमाका हुआ और वहां मौजूद सभी लोग मारे गए। राजाई और बहोरन की फौरन मौत हो गई, जिसके बाद सरकार में मुश्किलें बढ़ गईं। एरवंड अब्राहमियन की किताब 'खामेनेईनिज्म: एसे ऑन द इस्लामिक रिपब्लिक' के मुताबिक, देशभर में नए राष्ट्रपति की मांग जोर पकड़ने लगी। खामेनेई इस समय तक IRP के बड़े नेताओं में शामिल हो गए थे। इस वजह से खोमैनी और IRP के नेताओं ने नए राष्ट्रपति के लिए खामेनेई का नाम आगे किया। अकबर हाशमी राफसंजानी ने खामेनेई का नाम बढ़ाते हुए कहा, ‘सैयद अली खामेनेई ने क्रांति के लिए अपनी जान जोखिम में डाली है। वे खोमैनी के भरोसेमंद आदमी हैं और इस मुश्किल वक्त में देश की कमान संभाल सकते हैं।’ इस पर खोमैनी ने कहा, ‘हमें ऐसे नेताओं की जरूरत है जो इस्लामिक रिपब्लिक ईरान की हिफाजत करें। खामेनेई ने बार-बार यह साबित किया है।’ 2 अक्टूबर 1981 को देशभर में राष्ट्रपति के चुनाव हुए और 13 अक्टूबर को नतीजा आया। खामेनेई 95% वोटों से राष्ट्रपति पद का चुनाव जीते और ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने। शपथ लेते हुए खामेनेई ने कहा, ‘मैं इस्लामी क्रांति की हिफाजत और जनता की सेवा के लिए अपनी जान भी दे दूंगा।’ खामेनेई को ‘रहबर’ बनाने के लिए बदला संविधान 1985 में रहबर अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी ने हुसैन अली मोंतजरी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। लेकिन किसी बात से नाराज होकर फैसला वापस ले लिया। इसी बीच 3 जून 1989 को खोमैनी का निधन हो गया। अगली सुबह 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' की मीटिंग शुरू हुई। तिजोरी में रखा सीलबंद वसीयतनामा लाया गया। राष्ट्रपति खामेनेई ने करीब 2 घंटे में 35 पन्नों की वसीयत पढ़ी। इसके बाद अगले रहबर को लेकर चर्चा शुरू हुई। प्रस्ताव रखा गया कि 'शूरे-ए-रहबरी' यानी एक नेतृत्व परिषद बनाए या 'रहबरी-ए-फरदी' यानी एक व्यक्ति को पूरी कमान सौंपी जाए। नेतृत्व परिषद के लिए तीन ग्रुप बने, जिनमें से 2 के अध्यक्ष खामेनेई और एक के अध्यक्ष रफसंजानी थे। वोटिंग हुई तो 45 वोट 'एक व्यक्ति' पक्ष में और 23 खिलाफ आए। जब तय हो गया कि एक व्यक्ति को ही ईरान की कमान सौंपनी चाहिए तो ग्रैंड अयातुल्ला मोहम्मद-रजा गोलपायगानी और अली खामेनेई ने नॉमिनेशन किया। वोटिंग में खामेनेई को 60 वोट मिले, जबकि गोलपायगानी को महज 14 वोट मिले। यानी खामेनेई अगले रहबर चुन लिए गए। रहबर बनने के लिए जरूरी था कि व्यक्ति मरजा या अयातुल्ला हो। इस मियाद को खत्म करने के लिए ईरानी संविधान में संशोधन किया गया। 6 अगस्त 1989 को फिर से असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की मीटिंग हुई और खामेनेई को 64 में से 60 वोट मिले। खामेनेई के पक्ष में वोट देने वाले इमामी काशानी ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘खामेनेई को चुनने के अलावा हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं था। खामेनेई खुद सुप्रीम लीडर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन रफसंजानी और मैं ये जानते थे कि हमें जल्द ही फैसला करना होगा, क्योंकि सद्दाम हुसैन की सेना ईरान के बॉर्डर पर थी।’ अमेरिकी थिंक टैंक 'कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस' के सीनियर फेलो करीम सादजादपुर के मुताबिक, इतिहास की इस दुर्घटना ने एक कमजोर राष्ट्रपति को शुरुआत में कमजोर सुप्रीम लीडर से सदी के पांच सबसे शक्तिशाली ईरानियों में से एक बना दिया। फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस के एसोसिएट प्रोफेसर एरिक लोब के मुताबिक, '1989 में ईरानी संविधान में संशोधन किया गया ताकि खामेनेई जैसे निचली श्रेणी के मौलवी को यह पद मिल सके। खोमैनी का उत्तराधिकारी बनने के बाद खामेनेई को रातों-रात एक महान अयातुल्ला बना दिया गया। खामेनेई भले ही लंबे समय से वफादार और सत्ता के अंदरूनी व्यक्ति थे, लेकिन उनमें खोमैनी जैसा करिश्मा और धार्मिक ताकत नहीं थी।’ देश में विरोधियों को कुचलने से लेकर पत्रकारों को प्रताड़ित करने, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और महिलाओं की आजादी को खत्म करने की वजह से खामेनेई पर अकसर सवाल उठते हैं। खामेनेई की जान के पीछे क्यों पड़े हैं इजराइल-अमेरिका? पिछले साल जून में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया। तब हल्ला हुआ कि ईरान में सत्ता परिवर्तन होना चाहिए। फिर 2025 के आखिर में ईरान में आंदोलन हुए, जिनमें भी खामेनेई को हटाने की मांग हुई। अमेरिका-इजराइल ने इसे सपोर्ट किया, लेकिन ईरानी सत्ता ने आंदोलन को कुचल दिया। अब फिर से ईरान पर हमले हुए हैं। ट्रम्प और नेतन्याहू ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कही है। दोनों नेताओं ने कहा है कि अब ईरानी लोगों को आगे आकर अपने देश और भाग्य की बागडोर संभालनी चाहिए। दोनों नेताओं के टारगेट पर खामेनेई हैं। दरअसल, ईरान के हर जरूरी मुद्दे या विदेश नीतियों पर आखिरी फैसला सुप्रीम लीडर यानी खामेनेई ही लेते हैं। इजराइल का मानना है कि न्यूक्लियर प्रोग्राम और IRGC के खात्मे के लिए खामेनेई की हत्या जरूरी है। इसके साथ वहां सत्ता परिवर्तन भी होगा। जून 2025 में ट्रम्प ने भी धमकी देते हुए कहा था कि खामेनेई एक आसान निशाना है। हम उसे मारने वाले नहीं हैं, कम से कम अभी तो नहीं। रिपोर्ट्स हैं कि खामेनेई के बाद सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ईरान की सत्ता संभाल सकते हैं। खामेनेई ने हाल ही में लारीजानी की शक्तियां बढ़ाईं, ताकि वे जंग जैसे हालातों में ईरान स्थिति में वे सरकार चला सकें। हालांकि खामेनेई के निधन के बाद नए रहबर का चुनाव इतना आसान नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि ईरान में सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक लीडरशिप के बीच पावर टसल हो सकता है। वहीं तख्तापलट हुआ तो इस्लामिक क्रांति के बाद देश छोड़कर भागे ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी अपने पिता की गद्दी पर दावा कर सकते हैं। वे अभी अमेरिका में हैं। ट्रम्प के चुनाव जीतने के बाद रजा पहलवी ने कहा था कि ईरान में लोकतांत्रिक सत्ता वापस आनी चाहिए, जो पश्चिमी देशों के साथ समृद्ध होगा, इजराइल के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते रखेगा और अपने पड़ोसियों से दोस्ती करेगा। दरअसल, इजराइल और ईरान की रंजिश की कई बड़ी वजहें हैं… अमेरिकी थिंकटैंक मिडिल-ईस्ट इंस्टीट्यूट में ईरान प्रोग्राम के डायरेक्टर एलेक्स वतांका का कहना है, 'खामेनेई जितने जिद्दी हैं, उतने ही सतर्क भी हैं। यही वजह है कि वह इतने लंबे समय से सत्ता के केंद्र में बने हुए हैं।' ----------- ईरान से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जब ईरान ने 53 अमेरिकियों को बंधक बनाया: छुड़ाने गए 8 कमांडोज की लाश लौटी, 444 दिनों तक अमेरिका कैसे गिड़गिड़ाता रहा 46 साल पहले 4 नवंबर 1979 को ईरान के अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ। भीड़ ने दूतावास पर कब्जा कर लिया और अमेरिकी अधिकारियों और लोगों को बंधक बना लिया। यहीं से शुरू हुई इतिहास की सबसे बड़ी 'होस्टेज क्राइसिस'। पूरी खबर पढ़िए…
इजराइल के तेल अवीव में रहने वाले ईटान टाइगर एक्टिविस्ट हैं। 28 फरवरी की सुबह उनकी नींद सायरन की तेज आवाज के साथ खुली। वे उठे और सेफ हाउस की तरफ भागे। सेफ हाउस में पहुंचकर मोबाइल चेक किया। पता चला कि इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है। ईटान समझ गए कि ये सायरन ईरान के जवाबी हमले से बचने के लिए है। इजराइल की तरह ही ईरान में भी जंग का डर है। कुम शहर में रहने वाले मोहम्मद हुसैन बताते हैं कि देश की इंटेलिजेंस एजेंसी ने कहा है जंग लंबी चलने वाली है। इसके लिए तैयार रहना है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं। लोगों से कहा गया है कि आर्मी पर भरोसा रखें। हमला करने वालों को जवाब दिया जाएगा। 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान के 10 शहरों पर एयरस्ट्राइक की है। जवाब में ईरान ने करीब 400 मिसाइलें दागीं। उसने इजराइल के अलावा कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और UAE में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। दैनिक भास्कर ने दोनों देशों के लोगों से बात कर वहां के हालात जाने। जगह: तेल अवीव, इजराइलइजराइल पर ईरानी हमले के बाद तेल अवीव में लोग बंकरों में रह रहे हैं। ईटान टाइगर बताते हैं कि होम कमांड से हमें कुछ-कुछ देर में अलर्ट मिल रहे हैं। हालांकि, यहां हालात ठीक हैं। अब तक मिसाइल गिरने या नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। ईटान आगे कहते हैं, ‘अमेरिका और इजराइल मिलकर सबसे बड़े दुश्मन ईरान को खत्म करने के लिए लड़ रहे हैं। ईरान सिर्फ इजराइल के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरनाक है। उसकी बैलेस्टिक मिसाइल 4 हजार किमी तक जा सकती हैं। अब ईरान यूरोपीय देशों तक हमला कर सकते हैं। अक्टूबर 2023 के बाद से हम लगातार जंग के साए में जी रहे हैं। हमास के बाद हिजबुल्ला से लड़ाई लड़ी है।’ ईटान हमले की तारीख चुनने के पीछे की वजह बताते हैं। कहते हैं कि यहूदी बहुत पुराना धर्म है। हमारी परंपराएं भी पुरानी हैं। हमारे यहां दो दिन बाद पूरिम फेस्टिवल मनाया जाने वाला है। ये खुशी का त्योहार है, जो बाइबिल की एस्तेर की कहानी पर आधारित है। इसके मुताबिक, फारस (ईरान) में यहूदियों को खत्म करने की साजिश रची गई थी। रानी एस्तेर और उनके चाचा मोर्दकै की वजह से यह साजिश नाकाम हो गई और यहूदी समुदाय बच गया। इसी खुशी में पूरिम फेस्टिवल मनाया जाता है। इजराइल में रह रहे भारतीय बोले- हमें भी जंग की आदत हो गईविकास यादव उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं। तेल अवीव के पास लोद सिटी में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। इजराइल में रहते हुए करीब 2 साल हो गए। 28 फरवरी की सुबह विकास की नींद अलार्म से नहीं बल्कि सायरन से खुली। पूरे तेल अवीव में अलर्ट अलार्म बज रहे थे। इमरजेंसी अलार्म बजते ही लोगों को बमों से बचाने वाले सेफ हाउस में जाना होता है। इजराइल के वक्त के मुताबिक, सुबह करीब 8.30 बजे इजराइल ने ईरान पर हमला किया। इसके साथ ही तेल अवीव में अलार्म बजने लगे। अलार्म सुनते ही विकास ने सेफ हाउस की तरफ दौड़ लगा दी। अलार्म बजने और सेफ हाउस तक पहुंचने के लिए कुछ मिनट का ही वक्त होता है। इतने वक्त में ही सेफ हाउस में जाना होता है। विकास कहते हैं कि सुबह से शाम तक कई बार यही ड्रिल करनी पड़ी। पूरा दिन सेफ हाउस में पहुंचने और लौटने में बीत गया।’ ‘ईरान का पिछला हमला ज्यादा खतरनाक था’इजराइल में करीब 30 हजार भारतीय कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। गाजा पर हमले के बाद से फिलिस्तीन के मजदूरों का इजराइल में आना बंद हो गया। इस वजह से इजराइल ने बड़े पैमाने पर भारतीयों को काम देना शुरू किया। विकास कहते हैं कि मेरे इजराइल आने के बाद ईरान के साथ संघर्ष हुआ था। तब ज्यादा बड़ा हमला हुआ था। एक दिन में 300 मिसाइल तक आती थीं। इस बार ईरान का अटैक उतना मजबूत नहीं लग रहा है। इस बार ईरान का टारगेट सिर्फ इजराइल नहीं है, बल्कि कई सारे ठिकाने है। ये भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है। इजराइल का आयरन डोम इतना मजबूत है कि मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर देता है। हम लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। इजराइल में रहने का अनुभव साझा करते हुए विकास कहते हैं कि इजराइली लोग दिमागी तौर पर बहुत मजबूत होते हैं। ये ऐसे हालात में रहने के आदी हो गए हैं। उन्हें जंग की स्थिति में खुद को बचाने की आदत हो चुकी है। इजराइल में रहने वाले भारतीय अभी सुरक्षित हैं। हम यहां ठीक हैं, अभी सरकार से वापस बुलाने की मांग नहीं करना चाहते। विकास आगे कहते हैं, ‘मैंने गाजा में हमास से, लेबनान में हिजबुल्ला से, यमन में हूती से और ईरान से जंग देख ली है। इजराइल में रहते हुए मैं इन सबका आदी हो गया हूं। आगे क्या होगा, मुझे भी नहीं पता, लेकिन यही कह सकता हूं कि अभी तो डर नहीं लग रहा है।’ जगह: कुम, ईरानमोहम्मद हुसैन सूरतवाला ईरान की अल मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वे बताते हैं, ‘भारत और ईरान के ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं। बड़ी तादाद में भारतीय ईरान जाते हैं। भारतीय स्टूडेंट मेडिकल, इस्लामिक स्टडीज के लिए पढ़ाई करने और बाद में नौकरी करने के लिए जाते हैं। ईरान के तेहरान, कुम, इस्फेहान और अराक जैसे शहरों में हिंदुस्तानी स्टूडेंट्स की अच्छी-खासी तादाद है। ईरान और भारत के बीच ट्रेड की वजह से लोगों का आना-जाना होता है।’ ‘जून में इजराइल के साथ जंग हुई थी। तब भी भारतीयों के इलाकों में हमले या नुकसान की खबर नहीं आई थी। इस बार भी किसी भी भारतीय के हताहत होने की खबर नहीं है।’ मोहम्मद हुसैन बताते हैं, ‘हमें पता चला है कि इस रीजन में आने वाले अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ये हमला चौंकाने वाला नहीं है, बल्कि अब ये युद्ध की तरह होगा। हमला करने वाले सभी सहयोगियों को भी सबक सिखाने के लिए ईरान तैयार है। इसीलिए कतर, कुवैत, सऊदी अरब, यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। इससे ईरान का नुकसान होगा, इसमें भी कोई दो राय नहीं है।’ ईरान में फंसे स्टूडेंट बोले- हमें बचा लो ईरान यूनिट स्टूडेंट्स एसोसिएशन के कोऑर्डिनेटर फैजान अहमद बताते हैं कि तेहरान और ईरान के दूसरे हिस्सों में हालात खराब हो गए हैं। ईरान में ज्यादातर भारतीय स्टूडेंट MBBS की पढ़ाई करते हैं। हमारे पास उनके पेरेंट्स के फोन आ रहे हैं। वे घबराए हुए हैं। भारत सरकार ने 23 फरवरी को एडवाइजरी जारी कर ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को देश लौटने की सलाह दी थी। स्टूडेंट्स के लिए यह आसान नहीं था। 5 मार्च को दो बड़े एग्जाम ओलंपियाड और प्री-इंटर्नशिप टेस्ट होने हैं। ये दोनों एग्जाम हेल्थ और एजुकेशन मिनिस्ट्री करवाती हैं। एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लेटर लिखकर संबंधित अधिकारियों से बात करने और छात्रों के लिए कोई समाधान निकालने की अपील की थी। मौजूदा हालात को देखते हुए एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लेटर लिखा है। उसमें गुजारिश की है कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाए और हालात बिगड़ते हैं तो उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। ईरान का मिसाइल प्रोग्राम रोकने के लिए हमलाईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। उसका कहना है कि यह उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइट पर हमला किया, तब मिसाइलों ने ही हमें बचाया था। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या रीजनल ग्रुप पर नहीं। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइलों को तबाह करने और उसके मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने की कोशिश कर रही है। 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया गया। इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया है कि उसने अपने इतिहास का सबसे बड़ा एयर ऑपरेशन चलाया। करीब 200 लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन विमानों ने एक साथ करीब 500 ठिकानों पर हमला किया।जवाब में ईरान ने भी 9 देशों में अमेरिका के ठिकानों पर हमला किया। ………………………ये खबर भी पढ़ें ईरान पर हमले में 85 स्कूली छात्राओं की मौत, रक्षामंत्री के मारे जाने की खबर ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में पहले दिन 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इजराइली हमले मे ईरानी रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर...
ईरान का 'इमरजेंसी अलर्ट': तेहरान और प्रमुख शहरों को खाली करने का आदेश; महायुद्ध की आहट
ईरान ने इजरायल-अमेरिका के हमलों के बीच तेहरान खाली करने का फरमान जारी किया है। स्कूल-कॉलेज बंद और कार्यालयों में 50% उपस्थिति। पढ़ें युद्ध की ताजा स्थिति।
ईरान में मौत का साया: मिसाइलों के बीच फंसे भारतीय छात्र, बंकरों से मांगी वतन वापसी की मदत
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच फंसे सैकड़ों भारतीय छात्रों ने पीएम मोदी से एयरलिफ्ट की गुहार लगाई है। हमलों और बदहाली के बीच दूतावास की मदद जारी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
अकेलेपन के खिलाफ फुटबॉल की जंग; क्लबों ने तन्हा लोगों को 'स्वयंसेवक' बनाने का किया बड़ा फैसला
फ़्लैंडर्स के क्लबों ने Voetbal Vlaanderen संग अकेलेपन के खिलाफ अभियान शुरू किया। 100+ क्लब तन्हा लोगों को स्वयंसेवा से नया सामाजिक मंच दे रहे हैं।
सिडनी स्वेनी का 'मैजिक': लीगा पुर्तगाल के मैदान पर फुटबॉल स्किल्स से उड़ाए सबके होश
सिडनी स्वेनी ने लिस्बन में लीगा पुर्तगाल मैच में फुटबॉल स्किल से सबको चौंकाया। स्पोर्टिंग की जीत के बाद ड्रिबलिंग कर ब्रूनो अंदाज में जश्न मनाया।
लंका से 5 रनों से जीतकर भी पाक टी-20 विश्वकप से बाहर, न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में
PAKvsSL कप्तान दासुन शनाका (नाबाद 76) की शानदार पारी श्रीलंका को पांच रन की करीबी हार से नहीं बचा सकी लेकिन पाकिस्तान को शनिवार को यहां टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया जिससे न्यूजीलैंड ग्रुप दो से शीर्ष पर काबिज इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया। श्रीलंका को लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में 24 रन चाहिए थे। श्रीलंकाई कप्तान शनाका ने शाहीन शाह अफरीदी (48 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर लगातार तीन छक्के और एक चौका मारे जिससे आखिरी गेंद पर छह रन की जरूरत थी। लेकिन शनाका ने आखिरी गेंद को यह सोचकर छोड़ दिया कि इसे वाइड कहा जाएगा जिसे मैदानी अंपायर ने वाइड करार नहीं दिया। शनाका ने 31 गेंद की नाबाद पारी में आठ छक्के और दो चौके लगाए लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। उनके अलावा पवन रत्नायके ने 58 रन की अर्धशतकीय पारी खेलीं। इससे श्रीलंका ने पाकिस्तान के आठ विकेट पर 212 रन के स्कोर के जवाब में सात विकेट पर 206 रन बनाए। पाकिस्तान को अंतिम चार में जगह बनाने के लिए न्यूजीलैंड (1.390) को नेट रन रेट से पीछे छोड़ने के लिए श्रीलंका को 147 रन के अंदर समेटना था। सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान (100) और फखर जमां (84 रन) के बीच टी20 विश्व कप इतिहास में किसी भी विकेट के लिए 176 रन की रिकॉर्ड साझेदारी से पाकिस्तान ने आठ विकेट पर 212 रन का विशाल स्कोर बनाया। 16वें ओवर में पाकिस्तान ने बिना विकेट गंवाए 176 रन बना लिए थे लेकिन टीम ने आखिरी चार ओवर में 36 रन पर आठ विकेट गंवा दिए। A memorable finish in Kandy sees Pakistan edge Sri Lanka to close their #T20WorldCup campaign Watch the highlights in Urdu Urdu commentary is available on our #T20WorldCup broadcasters in Pakistan and on https://t.co/CPDKNxpgZ3 for the first time pic.twitter.com/Umdc9OFQG4 — ICC (@ICC) February 28, 2026 पाकिस्तान अगले दौर में पहुंचने के लिए श्रीलंका को कम से कम 64 रन या उससे ज्यादा रन से जीत दर्ज करनी थी ताकि वह न्यूजीलैंड से बेहतर रहे। लेकिन अबरार अहमद के चार ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट के शानदार स्पैल के अलावा कोई अन्य गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। इंग्लैंड सुपर आठ के अपने तीनों मैच जीतकर ग्रुप दो में शीर्ष पर रहा जबकि न्यूजीलैंड ने दूसरी टीम के तौर पर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हालांकि यह पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज फरहान के लिए निराशाजनक समापन रहा जिन्होंने टी20 विश्व कप के एक चरण में सबसे ज्यादा रन (319) बनाने का भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने सात मैच में 76.60 के औसत और 160.25 के स्ट्राइक रेट से कुल 383 रन बनाए जिसमें दो शतक और इतने ही अर्धशतक शामिल रहे। श्रीलंका ने सपाट पिच पर धीमी शुरुआत की। नसीम शाह ने सलामी बल्लेबाज पाथुम निसांका (03) को आउट किया जबकि शीर्ष क्रम के बाकी दो खिलाड़ी कामिल मिशारा (26) और चरित असालंका (25) अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। अबरार ने अपनी सटीक गेंदबाजी से सभी को चौंका दिया। उन्होंने मिशारा, असालंका और कामिंडु मेंडिस (03) तीनों श्रीलंकाई बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ तीन बार स्टंप पर गेंद मारी। इससे पहले पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बनाने के लिए आक्रामक बल्लेबाजी की लेकिन श्रीलंका के मैदान पर खराब प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वी टीम को फायदा पहुंचाने में योगदान दिया। जमां 16वें ओवर में आउट हुए, उन्होंने दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 42 गेंद की पारी खेली जिसमें नौ चौके और चार छक्के जड़े थे। जब वह 15 रन पर थे तो दासुन शनाका की गेंद पर महीश तीक्षणा के हाथों से निकलकर एक चौका लग गया। जब वह 46 रन पर थे तब श्रीलंकाई विकेटकीपर ने कैच लेने की जोरदार अपील की लेकिन टीम ने डीआरएस नहीं लिया। फरहान (60 गेंद में नौ चौके, पांच छक्के) ने धमाकेदार बल्लेबाजी की पहल की जिससे पाकिस्तान ने पांचवें ओवर के अंदर 50 रन का आंकड़ा पार किया। इससे उन्हें हर ओवर में कम से कम 10 रन बनाने की लय मिली जिसे उन्होंने अच्छी तरह बनाए रखा। दाएं हाथ के बल्लेबाज फरहान ने टी20 विश्व कप के एक चरण में सबसे ज्यादा रन (319) बनाने का भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा और टूर्नामेंट में अपना दूसरा शतक भी लगाया। उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण का पूरा फायदा उठाया जो दबाव में अपनी लाइन एवं लेंथ से चूकते दिखे। श्रीलंका के गेंदबाजों के पास फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज के खिलाफ कोई रणनीति नहीं दिख रही थी। फरहान का भाग्य ने भी साथ दिया। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर लांग ऑफ पर दुनिथ वेलालगे पर बाउंड्री के पास तेजी से दौड़े, लेकिन कैच छूट गया और पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज को पहला जीवनदान मिल गया। लेकिन गेंद को वापस अंदर फेंकने के बजाय वेलालगे ने अपनी ऊंगली को देखना शुरू कर दिया और एक-दो पल बाद ही उन्हें अहसास हुआ कि गेंद अब भी खेल में है। फिर 16वें ओवर की पहली गेंद पर जनिथ लियानागे ने कैच लेते समय बाउंड्री रस्सी पर पैर रखा और फरहान एक बार फिर बच गए।हालांकि इसके बाद विकेटों की झड़ी लग गई जिसमें फरहान का विकेट भी शामिल था। फरहान अपना शतक पूरा करने के तुरंत बाद आउट हो गए।
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव-मध्य पूर्व में बिगड़े हालात और सोशल मीडिया पर छिड़ी भविष्यवाणी की बहस
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया सैन्य हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद दुनिया भर में चिंता का माहौल है। जानिए जमीन पर क्या स्थिति है और सोशल मीडिया पर चल रही भविष्यवाणियों के पीछे की सच्चाई क्या है।
लॉर्ड्स टेस्ट 2026: क्या मंधाना का बल्ला और रेणुका की स्विंग ढाएगी लॉर्ड्स में कहर?
जुलाई 2026 में लॉर्ड्स पर पहली बार भारत-इंग्लैंड महिला टेस्ट होगा। 50 साल पूरे होने पर 4 दिवसीय मुकाबला, टी20 विश्व कप के बाद ऐतिहासिक टक्कर।
28 फरवरी 2026 को ईरान द्वारा यूएई पर किए गए मिसाइल हमलों से दुबई और अबू धाबी दहल उठे। सुरक्षा कारणों से बुर्ज खलीफा को खाली कराया गया और दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गई हैं। इस भीषण संघर्ष में जान-माल का नुकसान हुआ है, जिसने मध्य पूर्व में महायुद्ध की स्थिति पैदा कर दी है। पढ़ें इस हमले और उसके प्रभाव की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
प्रतिष्ठा की जंग: क्या तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया का 'विजयरथ' रोक पाएंगी Harmanpreet?
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत की आखिरी जंग। 2 हार के बाद हरमनप्रीत की टीम क्लीन स्वीप रोकने और कमजोरियां सुधारने उतरेगी।
इजराइली हमलों से दहला ईरान, सर्वोच्च नेता खामेनेई के कार्यालय को बनाया निशाना
तेहरान। इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई बड़े शहरों में हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामनेई के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इन हमलों की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि इजराइल ने अपने खिलाफ खतरों […] The post इजराइली हमलों से दहला ईरान, सर्वोच्च नेता खामेनेई के कार्यालय को बनाया निशाना appeared first on Sabguru News .
धूलिवंदन और होली का शास्त्रीय महत्त्व
होली केवल रंगों और उत्साह का पर्व नहीं, बल्कि गहन आध्यात्मिक और शास्त्रीय आधार वाला उत्सव है। होलिका दहन के समय अग्निदेवता का तत्त्व वहाँ सक्रिय रहता है और यह तत्त्व दूसरे दिन भी कार्यरत रहता है। इसी दिव्य तत्त्व का लाभ प्राप्त करने तथा अग्निदेवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा […] The post धूलिवंदन और होली का शास्त्रीय महत्त्व appeared first on Sabguru News .
आगरा में टोल कर्मी से मारपीट में विधायक बाबूलाल चौधरी के पुत्र के खिलाफ मुकदमा
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में टोल कर्मी से मारपीट के मामले में भारतीय जनता पार्टी विधायक बाबूलाल चौधरी के पुत्र सुरेंद्र चौधरी के खिलाफ थाना अछनेरा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि रायभा टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारी राजवीर सिंह ने 27 फरवरी की देर रात सुरेंद्र चौधरी के […] The post आगरा में टोल कर्मी से मारपीट में विधायक बाबूलाल चौधरी के पुत्र के खिलाफ मुकदमा appeared first on Sabguru News .
ICC का बड़ा ऐलान; Sobhana Mostary ने जीता 'ICC प्लेयर ऑफ द मंथ' का खिताब
बांग्लादेश की सोभना मोस्तारी ने जनवरी 2026 का ICC महिला प्लेयर ऑफ द मंथ जीता। टी20 क्वालीफायर में 229 रन बनाकर टीम को विश्व कप में पहुंचाया।
मनियां स्टेशन के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने से यातायात प्रभावित
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर एवं मनियां स्टेशन के बीच शनिवार को एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने से डाऊन लाइन पर रेल यातायात प्रभावित हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार डाउन लाइन पर चलने वाली मालवाहक ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया है जबकि यात्री गाड़ियों के लिए दोनों ओर से संचालन पूरी तरह […] The post मनियां स्टेशन के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने से यातायात प्रभावित appeared first on Sabguru News .
चूरू में 5 तस्कर गिरफ्तार, पांच किलो 800 ग्राम गांजा बरामद
चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एंटी नारकोटिक्स टॉक्स फोर्स (एएनटीएफ) के सहयोग से शनिवार को एक बोलेरो और कार में जा रहे पांच तस्करों को गिरफ्तार करके उनसे पांच किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस अधीक्षक जय यादव ने बताया कि एक विशेष अभियान के तहत बीकानेर […] The post चूरू में 5 तस्कर गिरफ्तार, पांच किलो 800 ग्राम गांजा बरामद appeared first on Sabguru News .
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पटाखा कारखाने में विस्फोट, 20 की मौत
काकीनाडा। आंध्रप्रदेश के काकीनाडा जिले के सामरलकोटा मंडल के वेटलापालम इलाके में शनिवार को एक पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट में 20 श्रमिकों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि सूर्यश्री पटाखा बनाने वाली यूनिट में जबरदस्त धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 20 लोगों […] The post आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पटाखा कारखाने में विस्फोट, 20 की मौत appeared first on Sabguru News .
मोदी की कांग्रेस पर टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक : अशोक गहलोत
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अजमेर जनसभा में कांग्रेस पर की गई टिप्पणी को उनकी राजनीतिक हताशा का परिचायक करार दिया है। गहलोत ने शनिवार को अपने बयान में मोदी के इस वक्तव्य पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस विचारधारा ने आजादी […] The post मोदी की कांग्रेस पर टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक : अशोक गहलोत appeared first on Sabguru News .
होली पर घर जाने वालों के लिए बड़ी खबर: उत्तर रेलवे ने कसी कमर, महाप्रबंधक खुद उतरे ग्राउंड ज़ीरो पर!
होली के पावन पर्व पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडे ने नई दिल्ली और आनंद विहार स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया। बेहतर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए ताकि हर यात्री की घर वापसी सुगम और सुरक्षित हो सके।
मोदी की दूरदर्शी सोच से भारत बन रहा वैश्विक ताकत : भजनलाल शर्मा
अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच से भारत अब वैश्विक ताकत बनकर उभर रहा है और हाल में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सम्पन्न हुई कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) समिट में पूरे विश्व ने देखा कि भारत भविष्य के लिए तैयार है। शर्मा ने यहां […] The post मोदी की दूरदर्शी सोच से भारत बन रहा वैश्विक ताकत : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर : मोदी
अजमेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भजनलाल सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि संतोष है कि राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर हैं और विकास के जिन वायदों के साथ भारतीय जनता पार्टी सरकार यहां लोगों की सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। मोदी ने शनिवार को […] The post राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर : मोदी appeared first on Sabguru News .
झाड़ोल: बटेश्वर महादेव मोक्षधाम के कायाकल्प को लेकर बैठक, विकास कार्यों पर बनी सहमति
कस्बे के प्रबुद्धजनों ने मोक्षधाम में चारदीवारी, मुख्य द्वार और सीसीटीव सहित आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का निर्णय लिया, 15 मार्च के बाद कार्य शुरू होगा।
कांकरोली द्वारकाधीश मंदिर में राल उत्सव आयोजित, उमड़ा भक्तों का सैलाब
फाल्गुन शुक्ल द्वादशी पर प्रभु द्वारकाधीश को विशेष श्रृंगार धराया गया और युवराज गोस्वामी ने गोवर्धन चौक में राल उड़ाकर होली के आनंद का शुभारंभ किया।
थारपारकर दुग्ध प्रतियोगिता में बलवीर कारेसिया प्रथम, ₹2.51 लाख जीते
जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय के रंगीलो 2026 मेले में ब्यावर के पशुपालक ने हासिल किया प्रथम स्थान, थारपारकर नस्ल की गाय ने दुग्ध उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड।
चित्तौड़गढ़: आरटीई पुनर्भुगतान और विसंगतियों पर निजी स्कूलों का प्रदर्शन
शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन में स्पष्टता के अभाव और बकाया भुगतान न होने पर स्कूल संचालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
चित्तौड़गढ़: धनेतकलां में दम्पति पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार
धनेतकलां गांव में पुरानी रंजिश के चलते बाप-बेटे ने दम्पति पर कुल्हाड़ी और पाइप से हमला किया, घायलों का उदयपुर के अस्पताल में उपचार जारी है।
चित्तौड़गढ़: जिला जाट समाज महिला संगठन ने हर्षोल्लास के साथ मनाया फाग महोत्सव
जाट छात्रावास परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों और फूलों की होली के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें जिलाध्यक्ष सीता जाट उपस्थित रहीं।
चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर प्रदर्शनी आयोजित
स्कूल के कैडेट्स ने चंद्रयान-3 और बायोगैस प्लांट सहित विभिन्न नवाचारपूर्ण मॉडल प्रदर्शित किए, प्राचार्य कर्नल जसरोटिया ने किया उद्घाटन।
चित्तौड़गढ़: मुख्यमंत्री रोजगार महोत्सव में 454 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने नव नियुक्त कार्मिकों को दीप प्रज्वलित कर प्रमाण पत्र सौंपे, प्रदेश भर में कुल 21 हजार 800 नियुक्तियां दी गईं।
जयपुर में दो दिवसीय पर्पल फेयर संपन्न, दिव्यांगजनों ने दिखाई प्रतिभा
सांसद मंजू शर्मा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें 1000 से अधिक दिव्यांगजनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल और उद्यमिता स्टालों के माध्यम से सहभागिता की।
अजमेर: विधायक बालमुकंदाचार्य के नेतृत्व में पीएम मोदी की सभा में पहुंचे कार्यकर्ता
हवामहल विधायक के साथ वार्ड 140 के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की जनसभा में हिस्सा लिया, जहाँ 16 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
जयपुर में जिला स्तरीय रोजगार उत्सव आयोजित, नवनियुक्त युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र
संभाग आयुक्त की उपस्थिति में 400 युवाओं को वेलकम किट दी गई, वहीं प्रधानमंत्री ने अजमेर से 16 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का सौगात दी।
अजमेर: पीएम मोदी ने 17,000 करोड़ की परियोजनाओं और एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ किया
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में महिला स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी अभियान शुरू किया और 21,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपकर बुनियादी ढांचे को गति दी।
वटवा में मेगा कोचिंग टर्मिनल का रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया निरीक्षण
रेल मंत्री ने टर्मिनल की सुविधाओं और अहमदाबाद-वटवा सेक्शन के चौगुनीकरण की समीक्षा की तथा पिटलाइनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर में ‘भारत की विश्व विरासत’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया
राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में राजस्थान के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित किया गया है।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सनातन धर्म को बताया दुनिया का सबसे पुराना धर्म
नोखा के मूलवास-सीलवा में विराट हिंदू सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने प्राचीन शिक्षा पद्धति और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर दिया।
संत गंगाराम साहिब मेला: जयपुर के गीता भवन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
जयपुर के आदर्श नगर में आयोजित दो दिवसीय मेले में सिंधी समाज ने संत की लाठी के दर्शन किए और विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
अध्विक अटल ने रामायण के 50 प्रश्नों के उत्तर देकर बनाया नया रिकॉर्ड
साढ़े तीन वर्षीय अध्विक ने इंडिया और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया, इससे पहले सामान्य ज्ञान में बनाया था कीर्तिमान।
भीलवाड़ा: संजय कॉलोनी माहेश्वरी समाज का होली स्नेह मिलन 4 मार्च को
धुलण्डी पर्व पर आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में समाज जनों के लिए स्नेह भोज और आपसी सौहार्द बढ़ाने हेतु विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं।
भीलवाड़ा: चारभुजा नाथ मंदिर में नणंद भौजाई महिला मंडल ने मनाया फागोत्सव
भीलवाड़ा के पुराने शहर स्थित मंदिर में महिलाओं ने ठाकुरजी के साथ फूलों की होली खेली और भजनों पर नृत्य कर फाल्गुन उत्सव का आनंद लिया।
भीलवाड़ा के काशीपुरी धाम में फाल्गुन उत्सव और भव्य महा आरती संपन्न
काशीपुरी धाम में आयोजित धार्मिक उत्सव में उमड़े श्रद्धालु, गायक मनोज दुबे और पंकज पांचाल की भजन संध्या ने बांधा समां।
श्मशान भूमि अतिक्रमण पर विधायक अशोक कोठारी ने विधानसभा में उठाए सवाल
भीलवाड़ा विधायक ने राजस्व रिकॉर्ड में श्मशान भूमि के आरक्षण, सुगम मार्ग और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सरकार से समयबद्ध कार्ययोजना मांगी है।
भीलवाड़ा: राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के सर्वोदय संकल्प शिविर का हुआ आयोजन
शिविर के प्रथम दिन डॉ. सी.बी. यादव ने स्वराज और विकेंद्रीकरण पर चर्चा की, जबकि कार्यकर्ताओं से जनता के साथ जमीनी स्तर पर जुड़ाव बनाने का आह्वान किया गया।
1 मार्च से देश में लागू होने जा रहे हैं 6 बड़े बदलाव जो आपकी जेब और जीवन पर डालेंगे सीधा असर। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लेकर फास्टैग केवाईसी, सख्त डीपफेक नियम और जीएसटी ई-इनवॉइसिंग के नए प्रावधानों तक, जानें कैसे बदल जाएगा आपकी जिंदगी का गणित। इस विस्तृत रिपोर्ट में पढ़ें हर उस नियम की जानकारी जो कल से आपके लिए अनिवार्य होने जा रही है।
भीलवाड़ा: आरकेआरसी महेश सेवा संस्थान द्वारा 4 मार्च को होली स्नेह मिलन आयोजित
संस्थान अध्यक्ष बबलू लाहौटी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 3 मार्च को ग्रहण के कारण अगले दिन सपरिवार स्नेह भोज और उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया।
भुसावर में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बढ़ा हादसों का खतरा, नियमों की अनदेखी
भुसावर कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में क्षमता से अधिक भूसा भरकर चल रहे वाहन राहगीरों के लिए मुसीबत बने, स्थानीय लोगों ने जताई सुरक्षा पर चिंता।
डीग: पसोपा में नवीन राजकीय महाविद्यालय का उद्घाटन कल, डिप्टी सीएम होंगे शामिल
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा और राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म बृजनगर के पसोपा में नए कॉलेज का लोकार्पण कर क्षेत्र को उच्च शिक्षा की सौगात देंगे।
डीग: आदि बद्री पर्वत की पंचदिवसीय परिक्रमा के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब
श्रद्धालुओं की यात्रा जड़ खोर धाम से शुरू होकर डावक पहुंची, मेवात के गांवों में मुस्लिम समुदाय ने किया भव्य स्वागत और भाईचारे की मिसाल पेश की।
खेरोदा के गांधी चौक में पारंपरिक गैर नृत्य के साथ होली की तैयारियां शुरू
उदयपुर के खेरोदा कस्बे में युवाओं द्वारा ढोल और चंग की थाप पर लयबद्ध गैर नृत्य का आयोजन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ रहे हैं।
सवाई माधोपुर: रक्तदान शिविर में 51 यूनिट रक्त संग्रहित, युवाओं ने दिखाया उत्साह
सवाई माधोपुर के चैंपियन जिम में आयोजित शिविर में थैलेसीमिया पीड़ितों की सहायता हेतु 51 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।
गंगापुर सिटी: यूजीसी रेगुलेशन 2026 के विरोध में सर्वण समाज की महापंचायत आज
यूजीसी कानून के प्रावधानों को अघोषित आपातकाल बताते हुए सर्वण समाज समिति ने पुरानी अनाज मंडी में आंदोलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया और बाजार बंद का आह्वान किया।
गंगापुर सिटी: लायंस क्लब गरिमा ने पूरे किए 15,000 निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन
सीपी हॉस्पिटल में आयोजित 222वें शिविर में 15,000वां निःशुल्क आईओएल लैंस प्रत्यारोपण संपन्न हुआ, लाभार्थी कैलाशनाथ का क्लब ने किया सम्मान।
डॉ. सुमीत गर्ग को ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस से एफआरसीपी की उपाधि
सवाई माधोपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुमीत गर्ग को चिकित्सा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिटेन की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप से सम्मानित किया गया।
टोडाभीम: पूर्व लोकसभा प्रत्याशी लख्खी राम बैरवा पर हमला, जयपुर रैफर
लुहारखेड़ा में रास्ते की पैमाइश के दौरान दबंगों ने लाठी-डंडों से किया हमला, पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया।
लसाडिया में सीआई भरत सिंह ने ली सीएलजी बैठक, शांतिपूर्ण होली की अपील
लसाडिया थाना परिसर में आयोजित बैठक में पुलिस ने शराब पीकर वाहन न चलाने और देवलिया कन्ना माता मेले को सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के निर्देश दिए।
अभिनेत्री रिधिमा तिवारी पहुँचीं उदयपुर, निजी समारोह में लेंगी भाग
टेलीविजन अभिनेत्री रिधिमा तिवारी महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुँचीं, जहाँ वे शहर में आयोजित एक निजी व्यास समारोह और विशेष कार्यक्रम में शिरकत करेंगी।
पुठिया गांव में निर्माण के एक दिन बाद उखड़ी PWD की नई सड़क
केलवा के पड़ासली पंचायत में सड़क निर्माण की खराब गुणवत्ता और डामर उखड़ने से ग्रामीणों में रोष, PWD विभाग और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग।

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