प्रादेशिक परिवहन व सड़क सुरक्षा विभाग को कम्प्यूटर सिस्टम से वादी का वाहन ब्लॉक मुक्त करने का आदेश
खरीदी के 11 साल बाद बकाया टैक्स राशि वसूलने का नोटिस मिलने पर मालिक ने ली कोर्ट की शरण अजमेर। सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अजमेर जिला बबीता वर्मा ने ग्यारह साल पहले खरीदी कार का बकाया कर (टैक्स) वसूलने के नोटिस पर कार मालिक ममता जोशी का वाद आंशिक रूप से स्वीकार किया और […] The post प्रादेशिक परिवहन व सड़क सुरक्षा विभाग को कम्प्यूटर सिस्टम से वादी का वाहन ब्लॉक मुक्त करने का आदेश appeared first on Sabguru News .
First Tuesday Remedies for Zodiac: ज्येष्ठ मास हिन्दू पंचांग का महत्वपूर्ण मास है और इस मास का पहला मंगलवार, जिसे 'बड़ा मंगल' कहा जाता है, विशेष रूप से हनुमान जी की आराधना और विशेष उपायों के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन किए गए पूजन और उपाय भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। हनुमान जी की कृपा से इस दिन किए गए उपाय और पूजा से संपत्ति, स्वास्थ्य, करियर और मानसिक शांति में वृद्धि होती है। यही कारण है कि ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल सभी राशियों के लिए विशेष महत्व रखता है। ALSO READ: Bada Mangal 2026: क्यों लिया था बजरंगबली ने वृद्ध वानर का रूप? पढ़ें रोंगटे खड़े करने वाली 3 पौराणिक कथाएं यहां जानें राशिनुसार पूजन और उपाय • मेष: हनुमान जी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं। - 'ॐ अं अंगारकाय नमः' का जाप करें। • वृषभ: चमेली के तेल का दीपक जलाएं और सिंदूर चढ़ाएं। • सुंदरकांड का पाठ करें। • मिथुन: प्रभु को तुलसी दल (पत्ते) अर्पित करें। - 'ॐ नमो भगवते आंजनेयाय' का जाप करें। • कर्क: बजरंग बाण का पाठ करें और चोला चढ़ाएं। • सफेद मिठाई का भोग लगाएं। • सिंह: हनुमान जी को लाल फूल और गुड़ का भोग लगाएं। • आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। • कन्या: मूंग की दाल के बड़े या लड्डू चढ़ाएं। • रामायण के किष्किंधा कांड का पाठ करें। • तुला: श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। • शहद का भोग लगाना शुभ होगा। • वृश्चिक: सिंदूर का लेप लगाएं और बूंदी का प्रसाद बांटें। - 'ॐ हं हनुमते नमः' का जाप करें। • धनु: हनुमान जी को पीले वस्त्र या पीले फूल अर्पित करें। • हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। • मकर: सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काली उड़द चढ़ाएं। • शनि दोष निवारण हेतु प्रार्थना करें। • कुंभ: हनुमान जी को मीठा पान (बीड़ा) अर्पित करें। • संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें। • मीन: बूंदी के लड्डू चढ़ाएं और गरीबों में फल बांटें। - 'ॐ श्री हनुमते नमः' का जाप करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Budhwa Mangal 2026: 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग! आज पहला 'बुढ़वा मंगल': भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
Dignity, Denied: the State, and the Measure of a Civilization
A republic reveals itself not in its speeches but in its queues. There, in the fluorescent half-light of a bank branch or a government office, the distance between promise and practice is measured in forms, signatures, and the long patience of those who cannot afford to lose a day’s wage. India’s rise is narrated in […]
Vastu tips: क्या आपका बिजनेस स्टक महसूस कर रहा है? तो अपनाएं ये 10 टिप्स और देखें मुनाफे का जादू
Business ideas 2026: आज के समय में व्यापार और व्यवसाय केवल मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट रणनीति, सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा से भी चलता है। हर व्यवसायी का लक्ष्य होता है- मुनाफा बढ़ाना, ग्राहक संतुष्टि और ऑफिस का वातावरण सुधारना। चाहे वो घर से बिजनेस कर रहा हो, या शॉप से...ऐसे में वास्तु और डिज़ाइन का महत्व बढ़ जाता है। वास्तु शास्त्र केवल पुराने नियम नहीं बल्कि आधुनिक ऑफिस और व्यवसाय के लिए सकारात्मक ऊर्जा और वित्तीय सफलता लाने का विज्ञान है। ALSO READ: Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली सही तरीके से ऑफिस की व्यवस्था, डिज़ाइन, और डिजिटल मार्केटिंग की रणनीति आपके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। यहां बिजनेस में मुनाफा और सफलता पाने के लिए 10 अचूक वास्तु उपाय दिए गए हैं: 1. ऑफिस में बैठने की दिशा बिजनेस के मालिक या बॉस को हमेशा ऑफिस के दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में बैठना चाहिए। बैठते समय आपका चेहरा उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा की ओर होना चाहिए। यह स्थिति नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ाती है। 2. मुख्य द्वार को रखें बाधा मुक्त व्यापारिक संस्थान का मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और सजा हुआ होना चाहिए। द्वार के सामने कोई खंभा, पेड़ या गड्ढा नहीं होना चाहिए, वास्तु के अनुसार इसे द्वार वेध माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा और ग्राहकों को आने से रोकता है। 3. भारी फर्नीचर की सही जगह ऑफिस या दुकान में भारी अलमारियां, शोकेस या भारी स्टॉक हमेशा दक्षिण (South) या पश्चिम (West) दीवारों के साथ रखना चाहिए। उत्तर और पूर्व दिशा को जितना हो सके खाली और हल्का रखें। 4. पानी की सही दिशा ऑफिस में पीने का पानी या छोटा वाटर फाउंटेन उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में रखें। बहता हुआ पानी धन के प्रवाह (Cash Flow) को सुचारू बनाए रखता है। 5. कैश काउंटर का वास्तु दुकान या ऑफिस का कैश बॉक्स/ तिजोरी इस तरह रखें कि वह उत्तर दिशा की ओर खुले। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है। ध्यान रहे कि कैश बॉक्स कभी खाली न रहे। 6. रोशनी का महत्व ऑफिस के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। प्राकृतिक रोशनी सबसे अच्छी है, लेकिन अगर खिड़की नहीं है, तो वहां चमकदार लाइट्स लगाएं। अंधेरा कोना बिजनेस में सुस्ती और मंदी लाता है। ALSO READ: Vastu Tips for Home: कैसे पता करें कि घर में वास्तु दोष है? जानें 13 काम की बातें 7. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जगह कंप्यूटर, सर्वर, प्रिंटर या बिजली के मेन बोर्ड को हमेशा दक्षिण-पूर्व (South-East) यानी आग्नेय कोण में रखें। यह अग्नि की दिशा है, जो मशीनों को खराब होने से बचाती है और कार्यक्षमता बढ़ाती है। 8. ईशान कोण में मंदिर ऑफिस में छोटा सा मंदिर या इष्ट देव की तस्वीर हमेशा उत्तर-पूर्व (North-East) कोने में लगाएं। यहां रोजाना सुबह दीया या अगरबत्ती जलाने से व्यापार में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं। 9. स्वागत कक्ष (Reception) ऑफिस में रिसेप्शन हमेशा उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। रिसेप्शनिस्ट का चेहरा उत्तर या पूर्व की ओर हो, ताकि आने वाले ग्राहकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। 10. रंगों का चयन बिजनेस में तरक्की के लिए ऑफिस की दीवारों पर क्रीम, सफेद, हल्का नीला या हरा रंग करवाएं। लाल या गहरे काले रंगों से बचें, क्योंकि ये आक्रामकता और तनाव पैदा कर सकते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vastu tips: किराए के घर में रह रहे हैं? तो जान लें ये 8 वास्तु टिप्स, जो बदल देंगे आपकी किस्मत
प्लेऑफ की उम्मीद में भिड़ेंगे चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स
CSKvsDC दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मंगलवार को होने वाले लीग मुकाबले में दोनों टीमें प्लेऑफ में बनाये रखने की चुनौती का सामना करेंगी। दोनों टीमें के तालिका में समान अंक है। यह एक ऐसा अहम मोड़ लगता है जो यह तय कर सकता है कि प्लेऑफ की दौड़ में कौन बना रहेगा और कौन दबाव के चलते पैदा हुई अफ़रा-तफ़री में फंसता चला जाएगा।दोनों टीमों ने अपने नौ मैचों में से चार जीते हैं, दोनों के आठ-आठ अंक हैं, और दोनों जानती हैं कि गलती की गुंजाइश तेजी से कम होती जा रही है। फिर भी, यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने जो रास्ते अपनाए हैं, वे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। दिल्ली कैपिटल्स की बात करे तो वह एक ऐसी टीम रही है जिसमें सब कुछ या तो बहुत अच्छा होता है या बहुत बुरा। जब वे लक्ष्य का पीछा करते हैं, तो वे निडर दिखते हैं, और कभी-कभी तो उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगता है। लेकिन जब वे पहले बल्लेबाज़ी करते हैं, तो उनका यह सीज़न अक्सर अस्थिरता का शिकार हो जाता है, जिसकी झलक उनके नेगेटिव नेट रन रेट में स्पष्ट दिखती है। केएल राहुल उनके बल्लेबाजी क्रम में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। उन्होंने शांत और मजबूत अंदाज में टीम की ज़िम्मेदारी संभाली है। लक्ष्य का पीछा करते समय मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की उनकी काबिलियत इस सीजन में दिल्ली के बेहतरीन प्रदर्शनों की मुख्य वजह रही है, और एक बार फिर, टीम की ज्यादातर उम्मीदें उन्हीं के कंधों पर टिकी हैं। उनके आस-पास, दिल्ली की बल्लेबाजी ने शानदार झलकियां दिखाई हैं। पथुम निसांका की हालिया फिफ्टी ने शीर्ष क्रम में लय ला दी है, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाए हैं। लेकिन चिंता वही बनी हुई है: क्या वे पूरे 20 ओवरों में एक मुकम्मल प्रदर्शन दे पाएंगे। उनकी गेंदबाजी आखिरी ओवरों में संघर्ष करती दिखी है, अक्सर तब रन लुटा देती है जब नियंत्रण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स एक अलग पहचान के साथ मैदान में उतर रही है। उनका यह सीजन विस्फोटक खेल के बजाय एक मजबूत ढांचे पर आधारित रहा है। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने लगातार असरदार पारियां खेलकर अपनी लय वापस पा ली है, जबकि संजू सैमसन चुपचाप उनके सबसे भरोसेमंद स्कोरर बन गए हैं। सीएसके की ताकत उनके बीच के ओवरों में है, जहां वे लगातार पारी को संभालते हैं और एक मजबूत फिनिश के लिए मंच तैयार करते हैं। उनके लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी लक्ष्य का पीछा करना बना हुआ है। जब लक्ष्य 180 के पार चला जाता है, तो इतिहास चेन्नई के पक्ष में नहीं रहा है, और यह मनोवैज्ञानिक बाधा अभी भी उन पर हावी है। भले ही वे अच्छी शुरुआत करें, लेकिन मैच खत्म करने का दबाव अक्सर उन्हें फिर से अनिश्चितता की ओर धकेल देता है।दोनों टीमों के बीच के पिछले मुकाबले (हेड-टू-हेड) इस मैच को और भी दिलचस्प बनाते हैं। सीएसके ने सीज़न की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स को हराया था, लेकिन अब वह नतीजा काफी पुराना लगता है; अब दोनों टीमें काफी बदल चुकी हैं और उनकी नई कमजोरियां सामने आई हैं। पिच की बात की जाये तो अरुण जेटली स्टेडियम की पिच पर एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। छोटी बाउंड्री, सपाट पिच और ओस की संभावना का मतलब है कि बल्लेबाज मैच के ज़्यादातर हिस्से पर हावी रहेंगे। यहाँ 200 के आस-पास का स्कोर अब कोई अपवाद नहीं रहा; बल्कि अब यह एक आम उम्मीद बन गई है। इससे टॉस बहुत अहम हो जाता है, क्योंकि अक्सर लक्ष्य का पीछा करना ही पसंदीदा विकल्प साबित होता है। कई मायनों में, इस मैच का नतीजा दबाव में किए गए प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। दिल्ली की टीम मोमेंटम और निडर होकर लक्ष्य का पीछा करने पर निर्भर रहती है, जबकि सीएके एक मजबूत ढांचे और बड़ा स्कोर बनाने पर भरोसा करती है। एक टीम उथल-पुथल में बेहतर करती है, तो दूसरी टीम कंट्रोल में। जैसे-जैसे प्लेऑफ की दौड़ तेज़ होती जा रही है, यह मैच अब केवल फॉर्म या रणनीति के बारे में नहीं रह गया है। यह इस बारे में है कि कौन सी टीम तब भी अपना संयम बनाए रख पाती है, जब बाकी सभी चीज़ें बराबरी पर हों। एक मजबूत फिनिश, एक पारी का ढह जाना, या फिर आखिरी ओवरों में एक भी ओवर का खेल—सिर्फ़ इस मैच का ही नहीं, बल्कि दोनों टीमों के पूरे सीजन की दिशा तय कर सकता है। टीम इस प्रकार हैं: दिल्ली कैपिटल्स: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिज़वी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल, आशुतोष शर्मा, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विपराज निगम, मिचेल स्टार्क, डेविड मिलर, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, साहिल पारख, पृथ्वी साव, काइल जैमीसन, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, अजय जादव मंडल, करुण नायर, टी नटराजन। चेन्नई सुपर किंग्स: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, एमएस धोनी, उर्विल पटेल, संजू सैमसन, शिवम दुबे, रामकृष्ण घोष, आयुष म्हात्रे, श्रेयस गोपाल, जेमी ओवरटन, अंशुल कंबोज, गुरजापनीत सिंह, मुकेश चौधरी, नूर अहमद, अकील होसेन, प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, सरफराज खान, मैट हेनरी, राहुल चाहर, जैकरी फॉल्क्स, स्पेंसर जॉनसन, कार्तिक शर्मा, अमन खान।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Rashifal 05 May 2026 | करियर: कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है। लव: पार्टनर के साथ किसी पुराने मुद्दे पर सुलह हो सकती है। धन: ऑनलाइन निवेश में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत हो सकती है। उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल के दिनों में करें ये 10 विशेष कार्य, मिलेगा रामदूत हनुमान जी का आशीर्वाद 2. वृषभ (Taurus) करियर: बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। लव: प्रेम संबंधों में नयापन आएगा। धन: संपत्ति से जुड़े पुराने मामले हल होंगे। स्वास्थ्य: आज खान-पान संतुलित रखें। उपाय: शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनें या दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में आपके सुझावों की सराहना होगी। लव: दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: रुका हुआ पैसा मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: बचत की योजना पर काम करना फायदेमंद रहेगा। स्वास्थ्य: ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए आज समय अनुकूल है। लव: जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है। धन: निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरीपेशा को कड़ी मेहनत का परिणाम मिलेगा। लव: प्रेमी के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। धन: लॉटरी या जोखिम भरे निवेश से बचें। स्वास्थ्य: कंधे या गर्दन में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: गाय को ताजी हरी घास खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: नौकरीपेशा लोगों का ट्रांसफर हो सकता है। लव: पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धन: सुख-साधनों पर खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य: शुगर के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। उपाय: किसी मंदिर में इत्र या सुगंधित वस्तु भेंट करें। ALSO READ: शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर: 5 राशियों पर मंडरा रहा खतरा, बचने के लिए करें ये 3 उपाय 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज मार्केटिंग से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सतर्क रहें। उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत लोगों को पदोन्नति के योग हैं। लव: रिश्तों में नयापन लाने के लिए पार्टनर को गिफ्ट दें। धन: भूमि या वाहन खरीदने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द की समस्या बढ़ सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नई नौकरी में संयम बनाए रखें। लव: जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। धन: अनावश्यक खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण थकान रहेगी। उपाय: शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: आईटी में कार्यरत लोगों को विदेश से लाभ संभव है। लव: किसी तीसरे व्यक्ति की वजह से रिश्तों में तनाव आ सकता है। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य: पैरों में सूजन या कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: जरूरतमंदों को कंबल या काले तिल दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की चर्चा होगी। लव: प्रेमी के साथ सुखद समय बीतेगा। धन: सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा। स्वास्थ्य: गले या फेफड़ों से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: आज पीली वस्तुओं का दान करें। ALSO READ: 2026 में 2 ज्येष्ठ मास का दुर्लभ योग: राशि अनुसार करें ये अचूक उपाय, मिलेगा बड़ा लाभ
थलापति विजय। द्रविण राजनीति का नया सितारा। बचपन में एक्टर बने। जवानी में सुपरस्टार और पिछले दो साल में ही एक पूरी पार्टी खड़ी कर दी। विजय ने राज्य के नास्तिक मुख्यमंत्री स्टालिन की 50 साल पुरानी पार्टी DMK बनाम AIADMK की सियासत को किनारे लगा दिया। उनका तमिलनाडु का पहला ईसाई मुख्यमंत्री बनना तकरीबन तय है। कैसे एक फिल्मी हीरो राजनीति का असल हीरो बन बैठा, जानिए पूरी कहानी... ****** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल
तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK 107 सीटों पर आगे चल रही है। सिर्फ दो साल पहले बनी पार्टी बहुमत यानी 118 सीटों से सिर्फ 11 कदम पीछे रह गई। वहीं BJP के समर्थन वाला AIADMK गठबंधन 53 सीट और DMK गठबंधन 74 सीटों पर है। 1967 से अब तक तमिलनाडु में 6 बार DMK और 8 बार AIADMK की सरकार रही है। अब पहली बार किसी तीसरी पार्टी की सरकार बन सकती है। हालांकि इसके लिए TVK को 118 सीटों का आंकड़ा जुटाना होगा… इसके लिए 3 सिनैरियो बन सकते हैं… 1. TVK को AIADMK का साथ मिल जाए ऐसा होने की संभावना कितनी? 2. TVK को DMK की सहयोगी कांग्रेस और बाकी दलों का साथ मिल जाए ऐसा होने की संभावना कितनी? एक रेयरेस्ट सिनैरियो ये भी है कि TVK को DMK का समर्थन मिल जाए.. अगर DMK समर्थन दे दे, तो आंकड़ा कुछ इस तरह होगा…107 + 60 = 167 यानी बहुमत से 49 सीटें ज्यादा। इससे TVK और DMK की गठबंधन वाली सरकार बन जाएगी। हालांकि दोनों का साथ आना बेहद मुश्किल और अव्यावहारिक है। TVK, DMK के शासन का विरोध करके ही सबसे ज्यादा सीटें लाई है। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने तमिलनाडु सीएम MK स्टालिन को घेरा। स्टालिन के बेटे उदयनिधि और विजय पॉलिटिकल राइवल माने जाते हैं। अगर TVK बहुमत न साबित कर पाई, तो चौथा सिनैरियो भी हो सकता है… AIADMK और DMK मिल जाएं तो, आंकड़ा 127 सीटों का हो जाएगा। इससे पहली बार तमिलनाडु में दो विरोधी पार्टियों की गठबंधन सरकार बन सकती है। ऐसा कर पाना वैचारिक और राजनीतिक तौर पर लगभग असंभव होता है। हालांकि इससे पहले 2 बार ऐसा हो चुका है… 2018 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2019 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ---- ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 58% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 121 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एक्टर विजय थलपति तमिलनाडु के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। सिर्फ दो साल पुरानी उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्त्री कझगम’ यानी TVK अपने पहले ही चुनाव में बहुमत के करीब पहुंच गई। राज्य की दोनों पुरानी पार्टियां DMK और AIADMK कहीं पीछे छूट गईं। दक्षिण भारत में लोग सुपरस्टार्स को सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि अपना लीडर, गार्जियन और कई बार भगवान तक मानने लगते हैं। दो फिल्मी सितारे MGR और जयललिता सीएम बन चुके हैं और अब विजय भी वही करिश्मा करने जा रहे हैं। एक्टर्स के पीछे इस तरह की दीवानगी को 'कल्ट स्टेटस' नाम दिया जाता है। इसके पीछे 6 बड़े फैक्टर्स हैं… साउथ के लोगों की एक्टर्स के लिए इस दीवानगी के पीछे 4 मनोवैज्ञानिक वजहें भी हैं... 1. लोगों का एक्टर्स से एकतरफा पैरासोशल रिश्ता 2. आर्केटाइप रोल से जनता के 'मसीहा, भगवान' बनते हैं एक्टर्स 3. कम/अधूरी जानकारी से आइकॉन बन जाते हैं एक्टर्स ---- ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 58% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 121 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
‘ये चुनाव विजय Vs स्टालिन की लड़ाई है।’ 23 फरवरी, 2026 को थलापति विजय ने पहली बार ये बात कही। तमिलनाडु के वेल्लोर में उनकी रैली थी। इतने लोग आए कि नेशनल हाईवे-48 थम गया। ट्रैफिक इतना कि 4 घंटे तक गाड़ियां हिल नहीं पाईं। यही दीवानगी वोट में बदली और विजय की सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम तमिलनाडु की सत्ता के करीब पहुंच गई। पॉलिटिक्स में विजय की बिल्कुल फिल्मी एंट्री। तमिलनाडु में 1967 से सत्ता सिर्फ DMK और AIADMK के पास रही। विजय ने इस दीवार को गिरा दिया। लोगों को एक विकल्प की तलाश में थी। सुपरस्टार रजनीकांत पार्टी बनाकर पीछे हट गए, कमल हासन बेअसर रहे, लेकिन विजय ने उस खाली जगह को भर दिया। 4 मई की रात 10 बजे तक TVK 107, DMK 60 और AIADMK 47 सीटें या तो जीत चुके हैं या बढ़त बनाए हुए थे। बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। TVK को सरकार बनाने के लिए 11 सीटों की जरूरत है। अब सरकार बनने के दो सिनेरियो हैं… 1. AIADMK BJP से अलग होकर कुछ मंत्री पदों के बदले सरकार में शामिल हो सकती है। 2. कांग्रेस और PMK या कांग्रेस, कम्युनिस्ट और VCK सरकार को समर्थन दे सकते हैं। विजय को इतनी बड़ी जीत की 5 वजहें 1. विजय का स्टारडम, विजय ही पार्टी, विजय ही मुद्दा 28 साल के भास्कर चेन्नई में रहते हैं। DMK और स्टालिन के समर्थक थे। सरकार का काम भी पसंद करते थे। 23 अप्रैल को वोटिंग वाले दिन थलापति विजय की पार्टी TVK को वोट दे दिया। बोले कि माहौल बदल गया है। अब विजय ही इकलौते विकल्प हैं। वही तमिलनाडु में बदलाव ला सकते हैं। ये सिर्फ भास्कर की कहानी नहीं है। सेंट्रल और नॉर्थ तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में चुनाव से 2 दिन पहले वोटर का मूड बदल गया। चुनाव की कवरेज करते हुए हम थलापति विजय की लहर महसूस कर पा रहे थे। हमने विजय की कई रैलियां और रोड शो भी कवर किए। चेन्नई के टीनगर की रैली में विजय के लिए लोगों में दीवानगी देखी। विजय को देखते ही एक शख्स पहले जोर से चिल्लाया, फिर रोने लगा। विजय की एक झलक के लिए उसने 6 घंटे धूप में खड़े होकर इंतजार किया था। विजय का रोड शो शाम को 4 बजे था, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से जुटने लगी। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई। हजारों लोग तेज धूप में बैरिकेड के पीछे खड़े रहे। मकसद सिर्फ एक, विजय की एक झलक मिल जाए। बस से 300 किमी सफर करके आया एक लड़का, बेटे को लेकर आई मां, 61 साल की बुजुर्ग महिला सभी को सिर्फ एक बार विजय को देखना था। इन लोगों को नहीं पता था कि विजय सरकार में आकर क्या करेंगे, उनके मेनिफेस्टो में क्या वादे हैं, वे स्टालिन सरकार से क्या अलग करेंगे। फिर भी वे विजय को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते थे। विजय की ये जीत उनके स्टारडम की ही जीत है। विचारधारा, पार्टी, चुनावी गुणा-गणित, लोकलुभावन वादे सब पीछे रह गए। विजय का थलापति कल्ट फिगर इन सब को पछाड़कर आगे निकल गया। पूरे तमिलनाडु में लोग विजय के अलावा न उनकी पार्टी के नेताओं को जानते हैं और न ही दूसरे नेताओं की पार्टी में कोई अहमियत है। विजय की पार्टी से चुनाव लड़े ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी या पूर्व नेता हैं। 2. MGR के रास्ते चले, पॉलिटिक्स के लिए फिल्में छोड़ी MGR के नाम से मशहूर एमजी रामचंद्रन भारत के पहले फिल्म स्टार थे, जो मुख्यमंत्री बने। 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के CM रहे। उन्होंने ही AIADMK बनाई थी। विजय तमिल फिल्मों में मौजूदा दौर के सबसे बड़े स्टार हैं। करियर के पीक पर रहते हुए राजनीति में एंट्री की। उनसे पहले सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन राजनीति में तब आए थे, जब उनकी फिल्में चलना बंद हो गई थीं। 2024 में आई GOAT फिल्म में विजय डबल रोल में थे। इसने बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और उनकी पॉलिटिकल एंट्री से पहले माहौल बना दिया। 2023 में आई लियो ने दुनियाभर में 600 करोड़ रुपए कमाए। 2023 में ही आई फिल्म वारिसु ने विजय को तमिलनाडु का बेटा और अन्ना यानी बड़ा भाई वाली इमेज दी। फिल्में सुपरहिट हो रही थीं, लेकिन अचानक विजय ने पॉलिटिक्स में एंट्री का ऐलान कर दिया। इसके बाद जन नायगम उनकी आखिरी फिल्म होती, लेकिन ये विवादों की वजह से रिलीज ही नहीं हो पाई। 3. फैन क्लब पॉलिटिक्स, लाखों फैन की कार्यकर्ता बन गए थलापति विजय ने भले दो साल पहले पार्टी बनाई हो, लेकिन वे अपने फैन क्लब के जरिए 20 साल से सोशल वर्क कर रहे थे। तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में संगठन बनाना और फिर उनके जरिए सोशल वर्क करना। विजय 20 साल पहले से 2026 की तैयारी कर रहे थे। तमिलनाडु में फैन क्लब कल्चर बहुत बड़ा है। हर सुपरस्टार के इलाकों, शहरों के नाम से फैन क्लब होते हैं। ये क्लब पसंदीदा स्टार के नाम पर सोशल वर्क करते हैं, लेकिन इसके पीछे खुद स्टार ही होता है। विजय के तमिलनाडु में सैकड़ों फैन क्लब हैं। यही फैन क्लब पार्टी स्ट्रक्चर में बदल गए। फैन क्लब का ढांचा काफी हद तक किसी पॉलिटिकल पार्टी की तरह होता है। स्टेट लेवल पर लीडरशिप होती है। इसके बाद इलाकों के हिसाब से कोऑर्डिनेटर्स काम करते हैं। सबसे नीचे एरिया और बूथ वॉलंटियर्स होते हैं। विजय राजनीति में नहीं आए थे, तब तक ये फैन क्लब ब्लड डोनेशन कैंप, मेडिकल कैंप लगाने जैसे काम करते रहे। गरीबों को खाना-कपड़े देकर मदद करते रहे। सरकारी दफ्तरों, अस्पताल, पुलिस, कोर्ट के मामलों में मदद करते रहे। इससे लोगों का विजय पर भरोसा बढ़ता गया। TVK के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड बताते हैं, 'विजय ने पार्टी नहीं बनाई थी, तब से विजय का फैन क्लब थलापति विजय मक्कल इयक्कम नाम से चलता था। बाद में इसी को पार्टी में बदल दिया गया। 2021 में फैन क्लब से जुड़े 130 लोगों ने लोकल बॉडी चुनाव लड़ा था। इनमें से 115 जीत गए। विजय ने पार्टी लॉन्च करने के पहले ही जमीन का अंदाजा लगा लिया था। कहने को वे 2024 में राजनीति में आए, लेकिन ये उनके फैन क्लब की मेहनत का नतीजा है।’ चुनाव के करीब 2-3 साल पहले से विजय मौजूदा मुख्यमंत्री स्टालिन के खिलाफ प्रचार कर रहे थे। हालांकि BJP और AIADMK के लिए उनका रवैया थोड़ा नरम दिखा। हमने फेलिक्स से पूछा कि विजय BJP को लेकर नरम रवैया क्यों रखते हैं? फेलिक्स जवाब देते हैं, ‘हम भ्रष्टाचार के खिलाफ है। DMK सही मायने में सेक्युलर पार्टी भी नहीं है। हम BJP की भी आलोचना करते हैं। विजय ने साफ किया है BJP वैचारिक रूप से हमारी विरोधी है।’ 4. क्रिश्चियन-मुस्लिम वोट DMK से विजय की तरफ शिफ्ट विजय ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो TVK के मंच से पहली बार कहा- मेरा नाम है जोसेफ विजय। उन्होंने साफ कर दिया कि वे क्रिश्चियन है। तमिलनाडु में मुस्लिम और क्रिश्चियन मिलाकर करीब 12% वोटर हैं। अब तक ये वोट बैंक DMK का था। विजय की एंट्री ने क्रिश्चियन वोट तो काटे ही, मुस्लिमों के भी बड़े तबके को अपने पाले में किया। मुस्लिम और क्रिश्चियन वोट ज्यादातर शहरी इलाकों में हैं। यहीं TVK मजबूत बनकर उभरी है। सीनियर जर्नलिस्ट आर. रंगराज कहते हैं- विजय ने DMK के 13 से 14% और AIADMK के करीब 10% वोट काटकर अपना वोट बैंक बड़ा बना लिया। फर्स्ट टाइम वोटर्स भी विजय की तरफ चले गए। TVK ने 30-33% का बड़ा वोट बैंक अपने पाले में किया है। 5. युवाओं और महिलाओं का एकतरफा समर्थन युवाओं और महिलाओं में विजय के लिए अलग ही दीवानगी है। एक पूरी पीढ़ी उनकी फिल्में देखकर बड़ी हुई है। यही पीढ़ी फर्स्ट और सेकेंड टाइम वोटर है, जिन्होंने विजय को वोट दिया है। युवा और महिला आबादी करीब 2 करोड़ हैं। तमिलनाडु के करीब 20-25% वोटों पर विजय का सीधा असर है। विजय अपनी रैलियों और सभाओं में कास्ट पॉलिटिक्स करते नहीं दिखे। उनका फोकस महिला और युवा वोटबैंक पर रहा। उनकी पार्टी युवाओं और महिलाओं से सीधे जुड़ी। पहली बार वोट देने वाले 18-25 साल के युवाओं के लिए विजय स्टाइल आइकन के साथ-साथ उम्मीद भी थे। नीट का विरोध और शराब के खिलाफ सख्त रुख युवाओं-महिलाओं को विजय के करीब लाया। अल्पसंख्यक, यानी मुस्लिम-क्रिश्चियन और युवा-महिला वोट मिला लें, तो करीब 25% वोट विजय के पक्ष में एकतरफा एकजुट हुआ। बचे वोट DMK और AIADMK में बंट गए। यही विजय की जीत की सबसे बड़ी वजह है। …………………………..चुनाव नतीजों पर ये खबर भी पढ़ें बंगाल में पहली बार BJP सरकार, 206 सीटें जीतीं, TMC को 81 सीटें बंगाल की 293 सीटों के नतीजे आ गए। BJP राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। उसे 206 सीटें मिलीं। ममता की पार्टी TMC सिर्फ 81 पर सिमट गई। 2021 विधानसभा चुनाव की तुलना में TMC को 134 सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस के खाते में 2 सीट आईं, वहीं दो सीटें हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने जीतीं। दो अन्य के खाते में आईं। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया। पढ़ें पूरी खबर
दो छोटी कहानी… पहली- जब एक ही धोती बदलकर आईं सास और बहू, दूसरी धोती थी ही नहीं साल 2021 का बंगाल चुनाव… ‘मैं मालदा के एक गांव में मिले परिवार को नहीं भूला हूं। परिवार के दो बेटों की हत्या कर दी गई थी। कमाने वाला कोई नहीं था। घर पहुंचा तो सिर्फ सास और बहू मिलीं। पहले सास मिलने आईं। तन पर सिर्फ एक धोती थी। फिर वो अंदर गईं, तो बहू मिलने आई। उन्होंने भी वही धोती पहन रखी थी।’ ’पूछने पर पता चला कि घर में सिर्फ दो धोतियां थीं। एक फटी थी, इसलिए दोनों बारी-बारी एक ही धोती पहनकर मिलने आईं। मकान गिरने की हालत में था। उस वक्त मेरे पास जितने पैसे थे, उन्हें देकर लौट आया। मैंने ये बात गृह मंत्री अमित शाह को बताई। तब उन्होंने ऐसे जरूरतमंद कार्यकर्ताओं की लिस्ट बनाकर खर्च के मुताबिक, उन्हें मदद पहुंचाने को कहा।’ ’इन परिवारों के लिए 8 से 10 हजार रु. महीने के तय किए गए और ये मदद अब तक जारी है। बंगाल में चुनाव के बाद नंदीग्राम, संदेशखाली, कूचबिहार, हावड़ा, हुगली और 24 परगना समेत कई जगहों पर रेप, हत्या और आगजनी की घटनाएं हुईं। आरोप TMC के गुंडों पर लगे। ये कार्यकर्ता और उनके परिवार उसी हिंसा के शिकार थे।’ दूसरी- जब BJP के जिला अध्यक्ष ने चार दिन मोबाइल बंद कर रखा था साल 2026 का बंगाल चुनाव… ‘आसनसोल में अमित शाह की एक चुनावी रैली का जिम्मा संभाल रहा था। यहां चार दिन से BJP जिला अध्यक्ष ने फोन बंद कर रखा था। सीधे रैली के दिन ऑन किया। रैली के बाद मैंने अमित शाह से इसकी शिकायत की। उन्होंने सारी बात सुनी और कहा कि ऐसे लोगों के नाम नोट कर लो, बाद में बात करेंगे।’ ‘अभी शिकायत नहीं, एक्शन का वक्त है। जो है, जितना है, उतने में लगे रहो। अबकी चूकना नहीं, जीतना है। चुनाव के वक्त किसने क्या नहीं किया, उस पर नहीं, किसने क्या किया और क्या करना है, उस पर फोकस करते हैं।’ ये दोनों किस्से यूपी BJP के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने सुनाए। ये बंगाल में पार्टी की मौजूदा जीत के चुनावी किरदार की कहानी है। इस जीत की कहानी के कई किरदार हैं। शुरुआत अमित शाह और उनका दायां हाथ रहे सुनील बंसल से। साथ ही तीसरे अहम किरदार शिवप्रकाश सिंह से, जो BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं। पहला किरदार- अमित शाह2021 की हार की वजहों के निकाला जीत का रास्ता 2 मई 2021 को बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। दो दिन बाद रिव्यू हुआ। अमित शाह ने सुनील बंसल और शिवप्रकाश को जुलाई के पहले हफ्ते तक डिटेल रिव्यू रिपोर्ट बनाने को कहा। इस रिपोर्ट में हार के जिम्मेदार तीन बातें साफ हुईं। 1. चुनाव के बाद लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में TMC की हिंसा का डर था। 2. ममता के घुसपैठियों ने कई सीटों पर BJP की रणनीति की जानकारी TMC को दी। 3. बंगाल में BJP के कैडर की बूथ लेवल तक पहुंच मजबूत करने की जरूरत है। दूसरा किरदार- सुनील बंसल2023 से ग्राउंड वर्क, 2025 में प्लान तैयार बंगाल में 2023 में पंचायत चुनाव थे। शाह ने फरवरी और अप्रैल में यहां 4-5 दौरे किए और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। फिर सुनील बंसल को पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए बंगाल भेजा। उन्हें 2026 के विधानसभा चुनाव तक वहीं डेरा डालने का आदेश मिला। मकसद पहले पंचायत चुनाव, फिर लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव साधना था। BJP के वरिष्ठ कार्यकर्ता कहते हैं, ‘इन 3 सालों में सुनील बंसल और अमित शाह के बीच सैकड़ों बैठकें हुईं। जनवरी 2025 से लेकर वोटिंग के पहले तक इन बैठकों का दौर बढ़ गया था। सुनील जी हर हफ्ते दिल्ली का चक्कर लगाते और बंगाल के हर छोटे-बड़े घटनाक्रम की जानकारी अमित शाह को देते थे। सुनील जी ने अपने भरोसेमंद लोगों की टीम बनाई, जिसमें राजस्थान के 15-18 सीनियर कार्यकर्ता और नेता चुने गए। शाह-बंसल के करीबी को ममता के गढ़ की कमान राजस्थान में 7 बार के विधायक और नेता प्रतिपक्ष रहे राजेंद्र राठौड़, शाह और बंसल के करीबी हैं। उन्हें भवानीपुर सीट की कमान सौंपी गई। राजेंद्र ने बताया, 'मैं चुनाव से 2-3 महीने पहले ही भवानीपुर आ गया था। मेरी टीम उसके पहले से यहां काम कर रही थी। डर के माहौल, गंदी नालियां और कचरे के ढेर को हमने मुद्दा बनाया। हमने कहा कि क्या ममता बनर्जी के इलाके के लोग गंदी नालियों और कचरे के ढेर के बीच रहने के हकदार हैं।' 'ये गुजरातियों और मारवाड़ियों का इलाका है। पिछले चुनाव में जिन पर BJP को वोट डालने का शक था, नतीजे आने के बाद उनके घर की पाइपलाइन कटवा दी गई थी। उनके घरों के सामने कचरा फेंकवा दिया गया था। काउंसलर्स ने इनसे माफीनामा लिखवाया था। इस बार हमने ये डर खत्म किया।' 'हमने लोगों की सुरक्षा में कार्यकर्ताओं के साथ सेंट्रल फोर्स की मदद ली। ये भी यकीन दिलाया कि चुनाव बाद भी कम से कम 60 दिन तक फोर्स आपकी सुरक्षा में तैनात रहेगी। यहां लोगों के लिए 8 वार्ड में 8 अलग-अलग प्रवासी अध्यक्ष नियुक्त किए गए, जो सभी राजस्थान से थे।' ममता के घुसपैठियों पर नकेल कसी…BJP का माइक्रोमैनेजटमेंट, प्रवासी प्रभारियों की पैरलल टीम बनाई बंगाल में BJP ने हर जिला प्रभारी के ऊपर एक प्रवासी प्रभारी बनाया। पार्टी का चेहरा स्थानीय प्रभारी होता, लेकिन निर्देश बाहरी प्रभारी का चलता ताकि BJP कार्यकर्ता बनकर शामिल हुए ममता के जासूस रणनीति लीक न कर दें। बंगाल की जादवपुर सीट पर प्रवासी प्रभारी अशोक सैनी राजस्थान के अलवर जिले के संगठन प्रभारी हैं। वो चुनाव के 3 महीने पहले से बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने जिले से लेकर बूथ तक के प्रबंधन के बारे में बारीकी से बताया। वे कहते हैं, जादवपुर लोकसभा सीट के प्रभारी दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद थे। ओहदे के लिहाज से देखें तो सुनील बंसल, भूपेंद्र यादव, आशीष सूद और फिर मैं इस सीट का प्रभारी हूं। मेरे बाद 10 प्रवासी वार्ड प्रभारी भी हैं। हर वार्ड में पार्टी दफ्तर खोला, 1000 से ज्यादा बैठकें कीं - अशोक सैनी ने बताया, जादवपुर में 352 बूथ हैं। हर बूथ में हमने 3-4 मीटिंग कीं। कुल मिलाकर 3 महीनों में अपने जिले में हमने 1000 से ज्यादा बैठकें कीं। 4 से 5 बूथ मिलाकर एक शक्तिकेंद्र बनाया, जहां बैठकें हुईं। - जिले में 10 वार्ड थे और सभी में पार्टी दफ्तर खोला। वार्ड चुनाव में पार्टी कैंडिडेट बुरी तरह हारे, लेकिन हमने उन्हें अपना साथी बनाया और उनमें दोबारा जोश भरा। - सुनील जी और भूपेंद्र जी ने एक दिन भी गैप किए बगैर हमसे बात की और रोज की रिपोर्ट ली। - यहां भी TMC के गुंडे एक्टिव हुए और मारपीट की। हमने 3 महीनों में करीब 5-6 शिकायतें लिखित में दीं। - हमारी विधानसभा सीट में करीब 15 मंदिर कमेटियां और 12-14 क्लब हैं। पिछले तीन महीनों में मंदिर कमेटियों और क्लबों में रोज संपर्क किया। डर का माहौल खत्म किया…TMC के गुंडों और पुलिस को चेतावनी प्लानिंग का हिस्सा BJP के सीनियर लीडर ने बताया, 'अमित शाह की टीम ने बंगाल में ममता दीदी के खौफ से लेकर BJP के भरोसे तक के सफर के लिए नारे गढ़ने का काम किया। कई स्लोगन बनाए और कई सीन क्रिएट किए गए। जैसे- - 11 अप्रैल 2026: अमित शाह ने बांकुड़ा की एक रैली में TMC के गुंडों को चेतावनी देते हुए कहा- 'चुनाव के दिन TMC के गुंडे घर से बाहर न निकलें।' - 5 अप्रैल 2026: पूर्व वर्धमान जिले के जमालपुर में अमित शाह की जनसभा में पुलिस भीड़ की तरफ जैसे बढ़ी, तभी शाह ने भाषण रोका और कहा- 'ओ बंगाल पुलिस, जरा वापस जाओ।' वे आगे कहते हैं, ‘ये चेतावनी स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि प्लानिंग का हिस्सा थी। ममता के गुंडे यानी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि पुलिस का खौफ पूरे बंगाल में था। पुलिस को कैसे सरेआम चेतावनी दी जाए। कैसे जनता के बीच ममता के ऊपर शाह की दबंग छवि गढ़ी जाए, ये सब प्लानिंग का हिस्सा थी।‘ तीसरा किरदार- शिवप्रकाश सिंहसंघ के ग्राउंड वर्क का लेखा जोखा रखा, BJP से तालमेल बैठाया BJP में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश सिंह बंगाल की कोर टीम के अहम किरदार थे। उनका काम RSS कार्यकर्ताओं और BJP के बीच तालमेल बैठाना था। 2021 के विधानसभा चुनाव से एक साल पहले उन्होंने बंगाल को अपना ठिकाना बनाया। वे अब तक वहीं डटे हैं। उन्होंने ये काम किए… - राइट विंग को एक्टिव किया: VHP, RSS, बजरंग दल और हिंदूवादी दूसरे संगठनों की सक्रिय रखा। - धार्मिक संगठनों से बातचीत: जैसे नादिया में इस्कॉन का प्रभाव है, तो उनके साथ कई कार्यक्रम किए। इसी तरह हर क्षेत्र में प्रमुख मठों और मंदिरों के लोगों से संपर्क कर कार्यक्रम किए और वहां आने-जाने वालों से संपर्क बढ़ाया। - व्यापारी वर्ग से बातचीत: कमीशनखोरी से परेशान व्यापारी वर्ग के साथ गुपचुप मीटिंग की। ये वर्ग ममता दीदी के साथ दिखा, लेकिन इनका मन चुनाव करीब आते-आते बदलता गया। - संघ ने 2 लाख से ज्यादा बैठकें कीं: RSS और उसके आनुषांगिक संगठनों ने हर वर्ग के साथ पिछले 3 साल में 2 लाख छोटी-बड़ी बैठकें कीं। चौथा किरदार: अमित मालवीय 3000 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का नेटवर्क बनाया BJP आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूबबर) का एक नेटवर्क बनाया। पूरे राज्य में छोटे-बढ़े मिलाकर 3000 से ज्यादा इंफ्लुएंसर हायर किए गए। क्राइटेरिया ये रखा गया कि इंफ्लुएंसर के पास कम से कम 5 हजार फॉलोअर्स हों। इन्हें स्टोरी और महीने के हिसाब से पैसा दिया गया। इंफ्लुएंसर्स की टीम पिछले 4 महीने से राज्य के 4 और 5 स्टार्स होटलों में रहकर काम कर रही है। पांचवा किरदार: भूपेंद्र यादवमंडल से बूथ तक के लिए लोगों की नियुक्तियां मंडल स्तर पर 4-5 महीने पहले 20 से 30 हजार रु. सैलरी पर लोगों की नियुक्ति की गई। इन्होंने बूथ स्तर पर अपनी टीमें बनाई और इन लोगों को हर महीने 500 से 2000 रु. दिए गए। इसके अलावा खाना-पीना और पेट्रोल दिया गया। ममता को हराने वाले सुवेंदु आज्ञापालक की भूमिका में.. ममता के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले और बंगाल में BJP के सबसे बड़े नेता सुवेंदु अधिकारी रणनीतिकार नहीं, बल्कि आज्ञापालक की भूमिका में रहे। उनके स्थानीय कनेक्शन और नेटवर्क का इस्तेमाल BJP ने रणनीति को अंजाम देने में किया। ……………..ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 62% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 129 बढ़ गईं। ममता अपना गढ़ भी नहीं बचा पाईं। जिन 119 सीटों पर टीएमसी पिछले 15 साल से लगातार काबिज थी, उनमें से 74 सीटें यानी करीब 62% सीटें बीजेपी छीन ली हैं। ये सब कैसे हुआ, पढ़िए पूरी खबर…
बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। और तमिलनाडु में विजय ने साबित किया कि स्टारडम अगर सही रणनीति से मिले, तो वो असली राजनीतिक ताकत बन जाता है। हर राज्य का अपना फॉर्मूला था। हर जीत के पीछे एक अलग कहानी। इलेक्शन एक्सप्लेनर में जानिए वो 5 फैक्टर, जो इन नतीजों की असली वजह बने… बंगाल में बीजेपी ने माछ-भात और मां काली के दम पर साधे हिंदू वोटर असम में मुस्लिम वोट बंटे, तो कामयाब हुई बीजेपी केरलम में UDF ने एकजुट किए मुस्लिम-ईसाई वोटर बंगाल में बीजेपी के पक्ष में रहा SIR असम में परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं बंगाल में ममता की 15 साल की एंटी-इनकमबेंसी असम में हिमंता की बेतहाशा पॉपुलैरिटी सुपरस्टार से नेता बने विजय ने बदली तमिल राजनीति केरलम में विजयन विवादों में घिरे, 10 साल की एंटी-इनकमबेंसी बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को ₹3000 देने का वादा किया तमिलनाडु में विजय ने साधे महिला और युवा वोटर जहां टीएमसी ने 3 चुनाव जीते, वैसी 74 सीटें बीजेपी ने जीतीं तमिलनाडु में DMK के गढ़ में विजय ने वोट झटके ----------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मोदी सरकार देशभर की महिलाओं को दे सकती है सीधा कैश, गंगोत्री से गंगासागर तक बीजेपी; चुनावी नतीजों से क्या क्या बदलेगा हिंदुत्व की राजनीति का बड़ा प्रतीक है गंगा। बंगाल में प्रचंड जीत के बाद अब गंगोत्री से गंगासागर तक, गंगा किनारे के चारों बड़े राज्यों में बीजेपी की सरकार होगी। अपवाद सिर्फ 45 किमी का वो इलाका है, जहां गंगा झारखंड में बहती है। अब देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार और 17 में बीजेपी के मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले 2018 में 21 राज्यों में एनडीए की सरकार थी। अब बीजेपी ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। राज्य के चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। इस प्रचंड जीत के साथ ही बंगाल की सत्ता पर तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत […] The post पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी में भाजपा की जीत पर झालमुड़ी का स्वाद चख मनाया जश्न
जयपुर। पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी में भारतीय जनता पार्टी एवं उसके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ऐतिहासिक जीत पर सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और संगठन के पदाधिकारियों ने झालमुड़ी का स्वाद चखकर जश्न मनाया। इस ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री निवास पर यह जश्न मनाया गया। इस अवसर पर […] The post पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी में भाजपा की जीत पर झालमुड़ी का स्वाद चख मनाया जश्न appeared first on Sabguru News .
भवानीपुर सीट पर 15,105 वोटों से हार गईं ममता बनर्जी
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गयी हैं। उन्हें उनके निकटतम विरोधी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 मतों से पराजित किया। इस सीट पर बीस चक्र तक मतों की गणना हुई। जब गणना शुरूआती दौर में थी तो अधिकारी ने बढ़त बना […] The post भवानीपुर सीट पर 15,105 वोटों से हार गईं ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .
जालौन के कालपी में भीषण सड़क हादसा, 6 की मौत, 4 गंभीर घायल
जालौन। उत्तर प्रदेश में जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को तेज रफ्तार एसयूवी के अज्ञात वाहन से टकराने से उसमें सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रुप से घायल हो गए। सभी हताहत अयोध्या में खंडित मूर्ति विसर्जित कर अपने घर लौट रहे थे कि उनकी कार […] The post जालौन के कालपी में भीषण सड़क हादसा, 6 की मौत, 4 गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में सड़क दुर्घटना में कांस्टेबल और उसकी पुत्री की मौत, दो अन्य घायल
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र में सूरतगढ़ रोड स्थित जिला अस्पताल पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल संदीपकुमार (30) और उसकी पुत्री राधा (पांच) की जोधपुर जिले के फलोदी क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी पूनम (29) सहित दो अन्य लोग घायल हो गए। प्राप्त […] The post श्रीगंगानगर में सड़क दुर्घटना में कांस्टेबल और उसकी पुत्री की मौत, दो अन्य घायल appeared first on Sabguru News .
अजमेर भाजपा ने आतिशबाजी कर मनाया जश्न, मिठाई बांटी
अजमेर। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत पर अजमेर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गांधी भवन चौराहे पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया। आमजन को मिठाई बांटी और झालमुडी खिलाई। भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी ने बताया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने भ्रष्टाचार हिंसा और तुष्टीकरण की राजनीति को […] The post अजमेर भाजपा ने आतिशबाजी कर मनाया जश्न, मिठाई बांटी appeared first on Sabguru News .
पाली : नाडोल में हजरत अशरफ अली बाबा (दादापीर साहब)का 50वां सालाना उर्स 9 मई को
पाली। नाडोल कस्बे के पाली उदयपुर हाईवे देसूरी रोड स्थित हिन्दु-मुस्लिम कौमी एकता के प्रतीक हजरत अशरफ अली बाबा (दादापीर साहब) का 50वां सालाना उर्स 9 मई को आयोजित होगा। इन्तजामिया उर्स कमेटी के सदर अयाज भाई ने बताया कि 8 मई की रात नमाजे इशा के बाद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम होगा। उर्स के दिन […] The post पाली : नाडोल में हजरत अशरफ अली बाबा (दादापीर साहब)का 50वां सालाना उर्स 9 मई को appeared first on Sabguru News .
केरल विधानसभा चुनावों में यूडीएफ 103 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर
तिरुवनंतपुरम। केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 140-सदस्यीय विधानसभा में 103 सीटों के साथ बढ़त हासिल करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 35 और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सिर्फ दो सीटों तक सिमटकर रह गए हैं। यूडीएफ के भीतर कांग्रेस (आईएनसी) 64 सीटों के साथ सबसे बड़े […] The post केरल विधानसभा चुनावों में यूडीएफ 103 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर appeared first on Sabguru News .
तीन तीन बजट, कई वादे… फिर भी शून्य, संविदाकर्मी शिक्षक नियमितीकरण से वंचित
नियम-20 की छूट कागजों में सीमित बाघसूरी/नसीराबाद/अजमेर। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग में कार्यरत में संविदाकर्मियों, विशेषकर पंचायत शिक्षक और विद्यालय सहायकों के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर अधर में लटक गया है। राज्य सरकार के लगातार करीब तीन-तीन बजट (2024, 2025 और 2026) में किए गए वादों के बावजूद अब तक एक भी […] The post तीन तीन बजट, कई वादे… फिर भी शून्य, संविदाकर्मी शिक्षक नियमितीकरण से वंचित appeared first on Sabguru News .
असम विधानसभा चुनाव परिणाम : भाजपा अकेले दम पर बहुमत की ओर अग्रसर
गुवाहाटी। असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले असम संयुक्त मोर्चा (एएसएम) को बुरी तरह पछाड़ दिया है। इसके साथ ही, सोमवार को असम विधानसभा चुनावों की मतगणना में राजग लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस पूर्वोत्तर राज्य […] The post असम विधानसभा चुनाव परिणाम : भाजपा अकेले दम पर बहुमत की ओर अग्रसर appeared first on Sabguru News .
अभिनेता से राजनेता बने, अब मुख्यमंत्री बनने की राह पर सी जोसेफ विजय
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के बीच अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं। उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) विधानसभा चुनाव परिणामों में बढ़त बनाए हुए है, जिससे दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के समीकरण बदलते नजर आ […] The post अभिनेता से राजनेता बने, अब मुख्यमंत्री बनने की राह पर सी जोसेफ विजय appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय, 34 सीटें जीतीं , तृणमूल 15 सीटें जीतने में कामयाब
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में घोषित परिणामों और रूझानों से इस बात का संकेत मिल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के रास्ते पर है। अब तक घोषित 57 परिणामों में भाजपा ने 34 सीटें हासिल कर ली हैं और तृणमूल कांग्रेस केवल 14 सीटें ही जीत सकी […] The post पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय, 34 सीटें जीतीं , तृणमूल 15 सीटें जीतने में कामयाब appeared first on Sabguru News .
पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले राजग को स्पष्ट बहुमत
पुडुचेरी। पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले राजग (राजग) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। एग्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगण (अन्नाद्रमुक) के समर्थन वाले इस गठबंधन ने केंद्र शासित प्रदेश में अपनी सत्ता बरकरार रखी है। वहीं […] The post पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले राजग को स्पष्ट बहुमत appeared first on Sabguru News .
नोएडा में मकान की छत से कूदे युवक-युवती, युवक की मौत
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के अंतर्गत चौड़ा गांव में सोमवार को एक मकान की छत से युवक और युवती के कूदने की घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रुप से घायल हो गई। पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि […] The post नोएडा में मकान की छत से कूदे युवक-युवती, युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
बारामतीकरों, आपका विश्वास, प्रेम और समर्थन मेरे लिए अमूल्य है : सुनेत्रा पवार
मुंबई। महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने सोमवार को कहा कि बारामती की जनता का दिखाया गया विश्वास, प्रेम और समर्थन उनके लिए अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, बारामती के लोगों को उनके जबरदस्त समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। विधानसभा उपचुनाव में भारी बहुमत से निर्वाचित […] The post बारामतीकरों, आपका विश्वास, प्रेम और समर्थन मेरे लिए अमूल्य है : सुनेत्रा पवार appeared first on Sabguru News .
बंगाल में बीजेपी की जीत के अलावा इस समय लोगों के मन में तीन बड़े सवाल हैं। असम में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनती क्यों दिख रही है, तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय ने पहले ही चुनाव में इतना बड़ा करिश्मा कैसे कर दिखाया और चारों राज्यों में हार रही कांग्रेस केरलम में कैसे जीती? इन तीनों सवालों के जवाब और नतीजों का असर; जानेंगे इलेक्शन एक्सप्लेनर में… असम में बीजेपी 95 सीटों पर जीतती दिख रही है। लेटेस्ट टैली ये रही- असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं 2. कांग्रेस और AIUDF के मुस्लिम वोट बंटे, बीजेपी को फायदा 3. हिमंता बिस्व सरमा की पॉपुलैरिटी और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण 4. कांग्रेस के सीनियर नेता बीजेपी में आए असम नतीजों का क्या असर होगा? पूरे नॉर्थ-ईस्ट में बीजेपी की पकड़ मजबूत होगी: हिमंता पहले ही अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय में BJP के विस्तार का काम कर चुके हैं। मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में बीजेपी सहयोगी पार्टी है, जबकि मिजोरम में अभी एक छोटी पार्टी है। तीसरी बार असम जीतने का मतलब होगा कि नॉर्थ ईस्ट में उनका 'हिंदुत्व मॉडल' स्थापित हो रहा है। हिमंता की राष्ट्रीय छवि चमकेगी: हिमंता बिस्वा सरमा का कद बढ़ेगा। अभी तक उन्हें नॉर्थ-ईस्ट की ही जिम्मेदारियां और अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार का काम दिया गया है। इस जीत के बाद केंद्र में भी उनकी भूमिका बढ़ सकती है। नॉर्थ ईस्ट में कांग्रेस के अस्तित्व पर संकट: कांग्रेस के सीनियर नेता लगातार बीजेपी में जा रहे हैं। इससे ग्राउंड कैडर और कार्यकर्ताओं में मोटिवेशन कम हो रहा है। ऐसे में नॉर्थ-ईस्ट में फिर से पार्टी को रिवाइव करना मुश्किल होगा। तमिलनाडु में TVK 105 सीटों पर जीतती दिख रही है। मौजूदा टैली ये रही- तमिलनाडु में TVK की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. फिल्म करियर के पीक पर रहते हुए राजनीति में एंट्री 2. युवा और महिला वोटरों को साधने में सफल हुए विजय 3. DMK के गढ़ में सेंधमारी की, वोट काटे 4. पारंपरिक पार्टियों से ऊबे वोटर्स के लिए तीसरा विकल्प बनकर उभरे तमिलनाडु नतीजों का क्या असर होगा? केरलम में कांग्रेस की अगुआई वाली UDF 60 सीटों पर जीतती दिख रही है। मौजूदा टैली ये रही- केरलम में UDF की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. LDF की 10 साल की एंटी-इनकम्बेंसी 2. मुस्लिम और ईसाई वोटों का एकजुट होना 3. LDF विवादों में घिरी 4. BJP ने हिंदू और ईसाई वोट काटे केरलम नतीजों का क्या असर होगा? देश में एक भी लेफ्ट नेतृत्व की सरकार नहीं रहेगी: पूरे देश में केरलम इकलौता राज्य है जहां लेफ्ट सत्ता में है। LDF की हार से देश में वामपंथ के अस्तित्व पर खतरा होगा। बीजेपी के लिए स्कोप बनेगा: इस चुनाव में बीजेपी बड़ा नंबर नहीं ला पाई, लेकिन उसने वोट काटने का काम किया है। बीजेपी ने हिंदुओं और ईसाइयों को साधकर लेफ्ट और UDF दोनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। लेफ्ट के कमजोर होने से बीजेपी को यहां पैर जमाने का मौका मिलेगा। दक्षिण में कांग्रेस मजबूत होगी: दक्षिण भारत में अभी कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है। अब केरलम में भी जीत के साथ दक्षिण में कांग्रेस और मजबूत होगी।------------------- ग्राउंट इनपुट्स ------------------ ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 55% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 117 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। दोपहर 1 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 184 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 91 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 117 बढ़ती दिख रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा : नगर निकाय चुनाव 10 मई को, पहचान पत्र को लेकर आयोग के निर्देश जारी
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार प्रदेश में 10 मई को तीन नगर निगम, एक नगरपालिका और तीन नगर परिषदों के लिए आम चुनाव कराए जाएंगे। मतदान सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि […] The post हरियाणा : नगर निकाय चुनाव 10 मई को, पहचान पत्र को लेकर आयोग के निर्देश जारी appeared first on Sabguru News .
मुंबई ने टॉस जीतकर लखनऊ के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
MIvsLSG मुंबई इंडियन्स ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया है। मुंबई की कप्तानी आज सूर्यकुमार यादव कर रहे हैं। Toss Update @mipaltan won the toss and elected to field against @LucknowIPL . Surya Kumar Yadav is captaining #MI as Hardik Panyda is unwell. Updates https://t.co/elXSOvaeig #TATAIPL | #KhelBindaas | #MIvLSG pic.twitter.com/eQjzr2GXrm — IndianPremierLeague (@IPL) May 4, 2026 मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, शेरफेन रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराी, दीपक चाहर, एएम गजनफर, कृष भगत, केशव महाराज, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), अब्दुल समद, अक्षत रघुवंशी, आयुष बडोनी, मुकुल चौधरी, हिम्मत सिंह, जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), एडेन मार्क्रम, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), अर्शिन कुलकर्णी, जॉर्ज लिंडे, मिचेल मार्श, शाहबाज अहमद, आकाश सिंह, अवेश खान, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, एनरिक नोर्किया, प्रिंस यादव, दिग्वेश राठी, मणिमारन सिद्धार्थ, अर्जुन तेंदुलकर, नमन तिवारी, मयंक यादव।
4 मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति को चौंका दिया। 2011 से लगातार सत्ता में रही Mamata Banerjee की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पहली बार इतनी कमजोर दिखाई दी कि उसका “अभेद्य किला” ढह गया। यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है; यह उस राजनीतिक मॉडल की परीक्षा है जिसने “मां, माटी, मानुष” के नारे पर तीन चुनाव जीते थे। पिछले कुछ वर्षों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जिस तरह अभिषेक बनर्जी को 'भविष्य का चेहरा' बनाया गया, उसी ने इस चुनाव को उनके लिए एक लिटमस टेस्ट भी बना दिया। सत्ता का शिखर और गिरावट : इतिहास की पुनरावृत्ति? 1977 से 2011 तक वाम मोर्चा का 34 साल लंबा शासन 2011 में ममता बनर्जी का उदय और वाम का पतन 2026 में वही चक्र फिर घूमता हुआ दिखाई दिया बंगाल का राजनीतिक इतिहास बताता है कि यहां लंबे शासन के बाद बदलाव लगभग अपरिहार्य हो जाता है। “अभिषेक बनर्जी फैक्टर” : पार्टी के ‘नंबर 2’ से ‘पावर सेंटर’ तक 2019 के बाद से अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी के संगठन और रणनीति में तेजी से हस्तक्षेप बढ़ाया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संगठनात्मक फेरबदल बूथ-लेवल मैनेजमेंट में नए चेहरों को मौका “डायमंड हार्बर मॉडल” के जरिए विकास और प्रशासन की नई छवि उनकी शैली पारंपरिक बंगाली राजनीति से अलग थी— अधिक कॉर्पोरेट-स्टाइल मैनेजमेंट, डेटा-ड्रिवन कैंपेन और आक्रामक मैसेजिंग। यही बदलाव शुरुआत में टीएमसी के लिए ऊर्जा का स्रोत बना। वेलफेयर + मैनेजमेंट का मिश्रण अभिषेक बनर्जी ने चुनावी रणनीति में तीन बड़े स्तंभ बनाए: 1. “टार्गेटेड वेलफेयर पॉलिटिक्स” लक्षित लाभार्थियों तक योजनाओं का सीधा संदेश लोकल स्तर पर “डायरेक्ट कनेक्ट” लेकिन जमीनी स्तर पर आरोप लगे कि लाभ वितरण में पक्षपात और स्थानीय नेटवर्क का दखल बढ़ा 2. “डेटा और डिजिटल कैंपेन” सोशल मीडिया, माइक्रो-टार्गेटिंग, वॉर-रूम मॉडल मीम, वीडियो और युवा-केंद्रित कंटेंट इससे शहरी और युवा वर्ग में पकड़ मजबूत हुई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह सीमित असर छोड़ पाया। 3. युवा नेतृत्व का प्रमोशन पुराने नेताओं को किनारे कर नए चेहरों को आगे लाना, इससे पार्टी में ऊर्जा तो आई, लेकिन आंतरिक असंतोष भी बढ़ा। विवाद : क्या इमेज मैनेजमेंट फेल हुआ? अभिषेक बनर्जी की राजनीति जितनी तेज़ी से उभरी, उतनी ही तेजी से विवाद भी जुड़े: भ्रष्टाचार और फंडिंग से जुड़े आरोप एजेंसियों की जांच और राजनीतिक टकराव विपक्ष का लगातार “परिवारवाद” पर हमला इन विवादों ने एक नैरेटिव बनाया: “नई राजनीति” बनाम “पुराना सत्ता ढांचा” और यही नैरेटिव चुनाव में उनके खिलाफ भी गया। कैंपेन स्टाइल : आक्रामकता बनाम भावनात्मक जुड़ाव अभिषेक बनर्जी का कैंपेन स्टाइल स्पष्ट रूप से अलग था: हाई-एनर्जी रैलियां सोशल मीडिया पर लगातार मौजूदगी विपक्ष पर सीधा और तीखा हमला लेकिन यहां एक अहम अंतर सामने आया: जहां Mamata Banerjee की राजनीति भावनात्मक जुड़ाव और सादगी पर आधारित थी, वहीं अभिषेक की राजनीति रणनीतिक और आक्रामक दिखी। नतीजा: मतदाताओं के एक वर्ग को यह “प्रभावशाली” लगा, तो दूसरे को यह “दूर और मैनेज्ड” महसूस हुआ। क्या “अभिषेक फैक्टर” बैकफायर हुआ? इस चुनाव के बाद यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। जहां यह गेमचेंजर रहा: युवा वोटर तक पहुंच डिजिटल नैरेटिव सेट करना संगठन को आधुनिक बनाना जहां यह बैकफायर हुआ: वंशवाद का आरोप मजबूत हुआ पुराने कैडर का असंतोष जमीनी बनाम डिजिटल गैप यानी, रणनीति मजबूत थी, लेकिन सामाजिक-राजनीतिक संतुलन बिगड़ गया। लेकिन चुनावी नतीजों ने एक कठिन सवाल खड़ा किया: क्या यही फैक्टर अंततः बैकफायर कर गया? आलोचकों का तर्क है कि: नेतृत्व का फोकस “दीदी” से हटकर “परिवार” पर केंद्रित हो गया वंशवाद के आरोप मजबूत हुए जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा यानी, जो चेहरा “नया भविष्य” माना जा रहा था, वही कुछ हद तक विश्वसनीयता का संकट भी बन गया। एंटी-इंकम्बेंसी: 15 साल का बोझ तीन कार्यकालों के बाद टीएमसी सरकार को स्पष्ट एंटी-इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ा। “कट मनी” और भ्रष्टाचार के आरोप पंचायत और स्थानीय निकायों में शिकायतें बेरोजगारी और शहरी अव्यवस्था इन मुद्दों ने धीरे-धीरे एक “साइलेंट नाराजगी” को जन्म दिया, जो चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दी। बीजेपी का उभार: बाहरी से स्थानीय तक Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में लंबी रणनीति अपनाई। 2021 की हार के बाद भी पार्टी ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत किया स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाया केंद्र की योजनाओं को राजनीतिक नैरेटिव से जोड़ा इसका नतीजा यह हुआ कि बीजेपी अब 'बाहरी पार्टी' की छवि से निकलकर एक वास्तविक विकल्प बन गई। पहचान की राजनीति: बंगाली अस्मिता बनाम धार्मिक ध्रुवीकरण पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय से सांस्कृतिक पहचान पर आधारित रही है। टीएमसी ने “बंगाली अस्मिता” को केंद्र में रखा, जबकि बीजेपी ने धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए समर्थन जुटाने की कोशिश की। 2026 में पहली बार यह देखा गया कि धार्मिक पहचान का नैरेटिव क्षेत्रीय अस्मिता को कड़ी चुनौती देने में सफल रहा। क्या ममता का करिश्मा कम हुआ? ममता बनर्जी का व्यक्तिगत करिश्मा अभी भी एक बड़ी ताकत है। लेकिन इस चुनाव में: संगठनात्मक कमजोरी युवा वोटर से दूरी शहरी वर्ग की नाराजगी इन सबने मिलकर उनके प्रभाव को सीमित कर दिया। यह हार व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक मॉडल की चुनौती के रूप में देखी जा रही है। बंगाल किस दिशा में? 2026 का जनादेश कई स्तरों पर संदेश देता है: “बंगाल की राजनीति अब स्थिर नहीं, बल्कि लगातार बदलती हुई प्रक्रिया है।” एक मजबूत क्षेत्रीय दल का कमजोर होना राष्ट्रीय दल का उभार युवा और शहरी वोट का निर्णायक प्रभाव सबसे बड़ा सवाल अब यह है: क्या यह बदलाव स्थायी होगा, या पश्चिम बंगाल एक और राजनीतिक चक्र की ओर बढ़ रहा है? यह चुनाव सिर्फ एक परिणाम नहीं, बल्कि एक संकेत है कि बंगाल में अब भावनाओं, पहचान और शासन—तीनों का नया संतुलन बन रहा है। पश्चिम बंगाल 2026 का चुनाव TMC के लिए हार या जीत से ज्यादा एक सीख है। “सिर्फ आधुनिक रणनीति और डिजिटल ताकत पर्याप्त नहीं, राजनीति में भावनात्मक जुड़ाव और जमीनी भरोसा उतना ही जरूरी है।” यह स्पष्ट है कि बंगाल की राजनीति अब एक नए मोड़ पर है— जहां नेतृत्व, नैरेटिव और नेटवर्क—तीनों की परीक्षा साथ-साथ हो रही है।
Cannes 2026 में एक बार फिर चमकेंगी जैकलीन फर्नांडिस, इंटरनेशनल मंच पर बिखेरेंगी जलवा
बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिससे उनकी ग्लोबल पहचान और मजबूत हो रही है। पिछले कुछ सालों से वो इस बड़े इंटरनेशनल फेस्टिवल का जाना-माना चेहरा बनी हुई हैं और एक बार फिर वो सिनेमा और फैशन की दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक पर इंडिया को रिप्रेजेंट करेंगी। 79वां एनुअल कान फिल्म फेस्टिवल फ्रांस में 12 से 23 मई 2026 तक होने वाला है और जैकलीन की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। फैशन फिटिंग्स से लेकर कपड़े फाइनल करने तक, जैकलीन अभी रेड कार्पेट के लिए अपने लुक्स तैयार करने में लगी हुई हैं। जैकलीन के काम से जुड़े एक करीबी सूत्र का कहना है, कान में जैकलीन का आना हमेशा उनकी ग्लोबल पर्सनालिटी को दिखाता है। हर साल, वो ये पक्का करती हैं कि उनकी मौजूदगी सिर्फ फैशन और ग्लैमर तक ही सीमित न रहे, बल्कि वो पूरी ग्रेस और कॉन्फिडेंस के साथ इंटरनेशनल स्टेज पर इंडिया को रिप्रेजेंट करें। इस साल भी, वो अपने ग्लोबल इमेज के हिसाब से अलग-अलग लुक्स फाइनल कर रही हैं और अपनी जड़ों को भी सेलिब्रेट कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में जैकलीन का कान फिल्म फेस्टिवल के साथ एक मजबूत नाता बन गया है और उन्होंने कई बार वहां आकर इंटरनेशनल लेवल पर खूब चर्चा बटोरी है। 2025 में उन्हें 'रेड सी फिल्म फाउंडेशन' की 'वीमेन इन सिनेमा' पहल से सम्मानित किया गया था, जहाँ उन्हें सिनेमा में उनके योगदान के लिए छह ग्लोबल महिलाओं में गिना गया था। इस सम्मान ने यह दिखाया कि उनका असर सिर्फ मेनस्ट्रीम एंटरटेनमेंट से कहीं आगे बढ़ रहा है और ग्लोबल कल्चरल चर्चाओं में उनकी अहमियत बढ़ रही है। इससे पहले, जैकलीन ने 2024 में कान अटेंड किया था, जहां उन्होंने इंडिया को रिप्रेजेंट किया और 'द सब्सटेंस' के प्रीमियर में शामिल हुईं। अपने रेड कार्पेट अपीयरेंस और ग्लोबल फैशन चॉइसेस के लिए उन्होंने खूब चर्चा बटोरी। अब एक और बार कान जाने की तैयारी के साथ, सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि इस साल जैकलीन उस शानदार रेड कार्पेट पर क्या नया लेकर आती हैं।
Sankashti Chaturthi Story: महाभारत- महज एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला का सबसे बड़ा भंडार है। 1 लाख से अधिक श्लोक और धर्म-कर्म का गहरा ज्ञान समेटे इस महाकाव्य को लिखने की प्रेरणा ब्रह्मा जी ने महर्षि वेदव्यास को दी थी। लेकिन चुनौती यह थी कि इसे लिखेगा कौन? महर्षि व्यास को एक ऐसे लेखक की तलाश थी जिसकी बुद्धि की गति उनकी सोच के बराबर हो। अंततः, बुद्धि के देवता श्री गणेश ने यह जिम्मेदारी उठाई, पर एक ऐसी शर्त के साथ जिसने इस लेखन को और भी रोमांचक बना दिया। ALSO READ: Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, और महत्व गणेश जी की शर्त और महर्षि का 'मास्टरस्ट्रोक' भगवान श्रीगणेश ने व्यास जी के सामने शर्त रखी: 'मैं लिखना शुरू करूंगा, लेकिन मेरी कलम एक पल के लिए भी रुकनी नहीं चाहिए। यदि आप रुके, तो मैं लिखना छोड़ दूंगा।' महर्षि व्यास बड़े ज्ञानी थे, उन्होंने पलटकर अपनी शर्त रख दी: 'हे देव, आप जो भी लिखेंगे, उसे पहले पूरी तरह समझेंगे, उसके बाद ही लिपिबद्ध करेंगे।' यही वह पल था जिसने महर्षि को सोचने का समय दिया। जब भी व्यास जी को विश्राम चाहिए होता, वे एक बहुत ही कठिन श्लोक बोल देते। गणेश जी उसे समझने में थोड़ा समय लेते और उतनी देर में व्यास जी अगले कई श्लोकों की रचना कर लेते। कैसे टूटने से बना इतिहास: 'गजमुख' से 'एकदंत' का सफर लेखन कार्य इतनी तीव्रता से चल रहा था कि कलम और गति का तालमेल बिठाना कठिन हो गया। इसी जल्दबाजी के बीच अचानक गणेश जी की लेखनी (कलम) टूट गई। समय की कमी थी और शर्त के मुताबिक रुकना वर्जित था। बिना एक पल की देरी किए, गणेश जी ने अपना एक दांत तोड़ दिया और उसे ही स्याही में डुबोकर कलम की तरह इस्तेमाल करने लगे। अपनी शर्त को पूरा करने और ज्ञान को सुरक्षित रखने के लिए किया गया यह त्याग ही उन्हें 'एकदंत' के रूप में अमर कर गया। उन्होंने साबित किया कि ज्ञान का संरक्षण किसी भी शारीरिक क्षति से कहीं ज्यादा कीमती है। आधुनिक युग के लिए 'गणेश मैनेजमेंट' के 5 सबक आज के कॉर्पोरेट जगत और छात्रों के लिए भगवान गणेश का यह लेखन कार्य किसी मैनेजमेंट क्लास से कम नहीं है: समझ (Deep Understanding): बिना समझे किया गया काम कभी प्रभावी नहीं होता। गणेश जी ने शर्त के बावजूद हर शब्द को समझकर लिखा। डेडलाइन का सम्मान: शर्त के अनुसार काम को समय पर पूरा करना (Continuous Flow) उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संसाधनों का सही इस्तेमाल (Innovation): जब कलम टूटी, तो उन्होंने रोने या रुकने के बजाय अपने ही दांत का उपयोग किया। यह 'आउट ऑफ द बॉक्स थिंकिंग' का बेहतरीन उदाहरण है। धैर्यवान श्रोता (Active Listening): एक अच्छा लीडर वही है जो पहले विषय को गंभीरता से सुने और आत्मसात करे। त्याग की भावना: बड़े लक्ष्य (महाभारत जैसा ग्रंथ) की प्राप्ति के लिए छोटे व्यक्तिगत नुकसान (दांत टूटना) को हंसते-हंसते स्वीकार करना चाहिए। निष्कर्ष: 'एकदंत' स्वरूप हमें सिखाता है कि पूर्णता केवल शारीरिक सुंदरता में नहीं, बल्कि आपकी बुद्धि, एकाग्रता और कार्य के प्रति आपके अटूट समर्पण में छिपी है। एकदंत दयावंत की जय! अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: 2026 में 2 ज्येष्ठ मास का दुर्लभ योग: राशि अनुसार करें ये अचूक उपाय, मिलेगा बड़ा लाभ
रॉयल चैलेंजर्स बैंगूलूरू का सलामी बल्लेबाज चोटिल होकर गया इंग्लैंड
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट पिछले महीने उंगली में लगी चोट का स्कैन कराने के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं।इस चोट के कारण साल्ट आरसीबी के पिछले तीन मैचों में नहीं खेल पाए थे। उनकी जगह उनके हमवतन जैकब बेथेल ने विराट कोहली के साथ पारी का आगाज किया। यह 29 वर्षीय खिलाड़ी 18 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच के दौरान डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर बाउंड्री बचाने के लिए डाइव लगाते समय चोटिल हो गया था। उनकी बाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई थी। सूत्रों के अनुसार, ‘‘ईसीबी (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड) से अनुबंधित साल्ट इंग्लैंड के टीम प्रबंधन के अनुरोध पर स्वदेश लौट गए हैं और उनकी उंगली का स्कैन किया गया है।’’ रिपोर्ट के अनुसार आरसीबी और साल्ट दोनों को उम्मीद है कि वह जल्द फिट हो जाएंगे और वह इस महीने बाद में भारत लौट सकते हैं।साल्ट ने मौजूदा आईपीएल में छह पारियों में 168.33 के स्ट्राइक रेट से 202 रन बनाए थे।आरसीबी फिलहाल पंजाब किंग्स के बाद अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। उसका अगला मुकाबला गुरुवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से होगा।
राम चरण स्टारर पेड्डी में स्पेशल सॉन्ग के लिए शामिल हुईं श्रुति हासन
'पेड्डी', जिसमें ग्लोबल स्टार राम चरण लीड रोल में हैं, 2026 की सबसे ज्यादा इंतजार की जा रही फिल्मों में शामिल है और दुनियाभर में इसे लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। फिल्म में जाह्नवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म का म्यूजिक पहले ही माहौल बना चुका है, चार्टबस्टर हिट्स दे चुका है और एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है। अब इस फिल्म को लेकर और बड़ा अपडेट सामने आया है। पैन-इंडिया सिनेमा की बज़ गर्ल श्रुति हासन फिल्म में एक हाई-एनर्जी स्पेशल डांस नंबर में नजर आने वाली हैं, जिसकी शूटिंग इस वक्त चल रही है। इससे पहले श्रुति को एक और बड़े प्रोजेक्ट वाराणसी के लिए भी अप्रोच किया गया था। इससे साफ है कि भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी आने वाली फिल्मों में उनकी डिमांड और मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। पेड्डी का म्यूजिक एल्बम तेजी से बड़ा चर्चा का विषय बनता जा रहा है, जहां हर नया गाना फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता में और इजाफा कर रहा है। पहला सिंगल चिकिरी चिकिरी अपनी कैची एनर्जी और ए. आर. रहमान के शानदार म्यूजिक के चलते अलग नजर आया और जल्दी ही फैंस का फेवरेट बन गया। यह गाना सभी प्लेटफॉर्म्स पर 200 मिलियन से ज्यादा व्यूज पार कर चुका है, जो इसके लिए ब्लॉकबस्टर शुरुआत मानी जा रही है। इस सफलता के बाद दूसरा गाना राई राई रा रा रिलीज हुआ, जिसने बिल्कुल अलग अंदाज पेश किया। इसके इलेक्ट्रिफाइंग बीट्स और शानदार कोरियोग्राफी को लोगों ने खूब पसंद किया। यह गाना सोशल मीडिया पर जमकर शेयर और सेलिब्रेट किया गया, साथ ही यूट्यूब पर 65 मिलियन से ज्यादा व्यूज पार कर चुका है, जिससे पेड्डी को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। पेड्डी को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ शिवा राजकुमार, जाह्नवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म को वेंकट सतीश किलारू ने अपने बैनर वृद्धि सिनेमाज के तहत और बड़े प्रोडक्शन हाउस मैत्री मूवी मेकर्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 4 जून 2026 को रिलीज होने वाली है।
‘ये चुनाव विजय Vs स्टालिन की लड़ाई है।’ 23 फरवरी, 2026 को थलापति विजय ने पहली बार ये बात कही। तमिलनाडु के वेल्लोर में उनकी रैली थी। इतने लोग आए कि नेशनल हाईवे-48 थम गया। ट्रैफिक इतना कि 4 घंटे तक गाड़ियां हिल नहीं पाईं। यही दीवानगी वोट में बदली और विजय की सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम तमिलनाडु की सत्ता के करीब पहुंच गई। पॉलिटिक्स में विजय की बिल्कुल फिल्मी एंट्री। 4 मई की शाम 6 बजे तक TVK 105, DMK 59 और AIADMK 48 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। यही रिजल्ट रहा, तो TVK को सरकार बनाने के लिए सिर्फ 10 सीटों की जरूरत है। सिनेमा के पर्दे पर 'मास्टर' बनकर सिस्टम सुधारने वाले, 'मर्सल' बनकर करप्शन से लड़ने वाले और 'लिओ' बनकर दुश्मनों को खत्म करने वाले विजय अब तमिलनाडु की सरकार चलाएंगे। विजय को इतनी बड़ी जीत की 5 वजहें 1. विजय का स्टारडम, विजय ही पार्टी, विजय ही मुद्दा 28 साल के भास्कर चेन्नई में रहते हैं। DMK और स्टालिन के समर्थक थे। सरकार का काम भी पसंद करते थे। 23 अप्रैल को वोटिंग वाले दिन थलापति विजय की पार्टी TVK को वोट दे दिया। बोले कि माहौल बदल गया है। अब विजय ही इकलौते विकल्प हैं। वही तमिलनाडु में बदलाव ला सकते हैं। ये सिर्फ भास्कर की कहानी नहीं है। सेंट्रल और नॉर्थ तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में चुनाव से 2 दिन पहले वोटर का मूड बदल गया। चुनाव की कवरेज करते हुए हम थलापति विजय की लहर महसूस कर पा रहे थे। हमने विजय की कई रैलियां और रोड शो भी कवर किए। चेन्नई के टीनगर की रैली में विजय के लिए लोगों में दीवानगी देखी। विजय को देखते ही एक शख्स पहले जोर से चिल्लाया, फिर रोने लगा। विजय की एक झलक के लिए उसने 6 घंटे धूप में खड़े होकर इंतजार किया था। विजय का रोड शो शाम को 4 बजे था, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से जुटने लगी। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई। हजारों लोग तेज धूप में बैरिकेड के पीछे खड़े रहे। मकसद सिर्फ एक, विजय की एक झलक मिल जाए। बस से 300 किमी सफर करके आया एक लड़का, बेटे को लेकर आई मां, 61 साल की बुजुर्ग महिला सभी को सिर्फ एक बार विजय को देखना था। इन लोगों को नहीं पता था कि विजय सरकार में आकर क्या करेंगे, उनके मेनिफेस्टो में क्या वादे हैं, वे स्टालिन सरकार से क्या अलग करेंगे। फिर भी वे विजय को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते थे। विजय की ये जीत उनके स्टारडम की ही जीत है। विचारधारा, पार्टी, चुनावी गुणा-गणित, लोकलुभावन वादे सब पीछे रह गए। विजय का थलापति कल्ट फिगर इन सब को पछाड़कर आगे निकल गया। पूरे तमिलनाडु में लोग विजय के अलावा न उनकी पार्टी के नेताओं को जानते हैं और न ही दूसरे नेताओं की पार्टी में कोई अहमियत है। विजय की पार्टी से चुनाव लड़े ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी या पूर्व नेता हैं। 2. MGR के रास्ते चले, पॉलिटिक्स के लिए फिल्में छोड़ी MGR के नाम से मशहूर एमजी रामचंद्रन भारत के पहले फिल्म स्टार थे, जो मुख्यमंत्री बने। 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के CM रहे। उन्होंने ही AIADMK बनाई थी। विजय तमिल फिल्मों में मौजूदा दौर के सबसे बड़े स्टार हैं। करियर के पीक पर रहते हुए राजनीति में एंट्री की। उनसे पहले सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन राजनीति में तब आए थे, जब उनकी फिल्में चलना बंद हो गई थीं। 2024 में आई GOAT फिल्म में विजय डबल रोल में थे। इसने बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और उनकी पॉलिटिकल एंट्री से पहले माहौल बना दिया। 2023 में आई लियो ने दुनियाभर में 600 करोड़ रुपए कमाए। 2023 में ही आई फिल्म वारिसु ने विजय को तमिलनाडु का बेटा और अन्ना यानी बड़ा भाई वाली इमेज दी। फिल्में सुपरहिट हो रही थीं, लेकिन अचानक विजय ने पॉलिटिक्स में एंट्री का ऐलान कर दिया। इसके बाद जन नायगम उनकी आखिरी फिल्म होती, लेकिन ये विवादों की वजह से रिलीज ही नहीं हो पाई। 3. फैन क्लब पॉलिटिक्स, लाखों फैन की कार्यकर्ता बन गए थलापति विजय ने भले दो साल पहले पार्टी बनाई हो, लेकिन वे अपने फैन क्लब के जरिए 20 साल से सोशल वर्क कर रहे थे। तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में संगठन बनाना और फिर उनके जरिए सोशल वर्क करना। विजय 20 साल पहले से 2026 की तैयारी कर रहे थे। तमिलनाडु में फैन क्लब कल्चर बहुत बड़ा है। हर सुपरस्टार के इलाकों, शहरों के नाम से फैन क्लब होते हैं। ये क्लब पसंदीदा स्टार के नाम पर सोशल वर्क करते हैं, लेकिन इसके पीछे खुद स्टार ही होता है। विजय के तमिलनाडु में सैकड़ों फैन क्लब हैं। यही फैन क्लब पार्टी स्ट्रक्चर में बदल गए। फैन क्लब का ढांचा काफी हद तक किसी पॉलिटिकल पार्टी की तरह होता है। स्टेट लेवल पर लीडरशिप होती है। इसके बाद इलाकों के हिसाब से कोऑर्डिनेटर्स काम करते हैं। सबसे नीचे एरिया और बूथ वॉलंटियर्स होते हैं। विजय राजनीति में नहीं आए थे, तब तक ये फैन क्लब ब्लड डोनेशन कैंप, मेडिकल कैंप लगाने जैसे काम करते रहे। गरीबों को खाना-कपड़े देकर मदद करते रहे। सरकारी दफ्तरों, अस्पताल, पुलिस, कोर्ट के मामलों में मदद करते रहे। इससे लोगों का विजय पर भरोसा बढ़ता गया। TVK के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड बताते हैं, 'विजय ने पार्टी नहीं बनाई थी, तब से विजय का फैन क्लब थलापति विजय मक्कल इयक्कम नाम से चलता था। बाद में इसी को पार्टी में बदल दिया गया। 2021 में फैन क्लब से जुड़े 130 लोगों ने लोकल बॉडी चुनाव लड़ा था। इनमें से 115 जीत गए। विजय ने पार्टी लॉन्च करने के पहले ही जमीन का अंदाजा लगा लिया था। कहने को वे 2024 में राजनीति में आए, लेकिन ये उनके फैन क्लब की मेहनत का नतीजा है।’ चुनाव के करीब 2-3 साल पहले से विजय मौजूदा मुख्यमंत्री स्टालिन के खिलाफ प्रचार कर रहे थे। हालांकि BJP और AIADMK के लिए उनका रवैया थोड़ा नरम दिखा। हमने फेलिक्स से पूछा कि विजय BJP को लेकर नरम रवैया क्यों रखते हैं? फेलिक्स जवाब देते हैं, ‘हम भ्रष्टाचार के खिलाफ है। DMK सही मायने में सेक्युलर पार्टी भी नहीं है। हम BJP की भी आलोचना करते हैं। विजय ने साफ किया है BJP वैचारिक रूप से हमारी विरोधी है।’ 4. क्रिश्चियन-मुस्लिम वोट DMK से विजय की तरफ शिफ्ट विजय ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो TVK के मंच से पहली बार कहा- मेरा नाम है जोसेफ विजय। उन्होंने साफ कर दिया कि वे क्रिश्चियन है। तमिलनाडु में मुस्लिम और क्रिश्चियन मिलाकर करीब 12% वोटर हैं। अब तक ये वोट बैंक DMK का था। विजय की एंट्री ने क्रिश्चियन वोट तो काटे ही, मुस्लिमों के भी बड़े तबके को अपने पाले में किया। मुस्लिम और क्रिश्चियन वोट ज्यादातर शहरी इलाकों में हैं। यहीं TVK मजबूत बनकर उभरी है। तमिलनाडु में 1967 से सत्ता सिर्फ DMK और AIADMK के पास रही। विजय ने इस दीवार को गिरा दिया। लोगों को एक विकल्प की तलाश में थी। सुपरस्टार रजनीकांत पार्टी बनाकर पीछे हट गए, कमल हासन बेअसर रहे, लेकिन विजय ने उस खाली जगह को भर दिया। सीनियर जर्नलिस्ट आर. रंगराज कहते हैं- विजय ने DMK के 13 से 14% और AIADMK के करीब 10% वोट काटकर अपना वोट बैंक बड़ा बना लिया। फर्स्ट टाइम वोटर्स भी विजय की तरफ चले गए। TVK ने 30-33% का बड़ा वोट बैंक अपने पाले में किया है। 5. युवाओं और महिलाओं का एकतरफा समर्थन युवाओं और महिलाओं में विजय के लिए अलग ही दीवानगी है। एक पूरी पीढ़ी उनकी फिल्में देखकर बड़ी हुई है। यही पीढ़ी फर्स्ट और सेकेंड टाइम वोटर है, जिन्होंने विजय को वोट दिया है। युवा और महिला आबादी करीब 2 करोड़ हैं। तमिलनाडु के करीब 20-25% वोटों पर विजय का सीधा असर है। विजय अपनी रैलियों और सभाओं में कास्ट पॉलिटिक्स करते नहीं दिखे। उनका फोकस महिला और युवा वोटबैंक पर रहा। उनकी पार्टी युवाओं और महिलाओं से सीधे जुड़ी। पहली बार वोट देने वाले 18-25 साल के युवाओं के लिए विजय स्टाइल आइकन के साथ-साथ उम्मीद भी थे। नीट का विरोध और शराब के खिलाफ सख्त रुख युवाओं-महिलाओं को विजय के करीब लाया। अल्पसंख्यक, यानी मुस्लिम-क्रिश्चियन और युवा-महिला वोट मिला लें, तो करीब 25% वोट विजय के पक्ष में एकतरफा एकजुट हुआ। बचे वोट DMK और AIADMK में बंट गए। यही विजय की जीत की सबसे बड़ी वजह है। …………………………..चुनाव नतीजों पर ये खबर भी पढ़ें बंगाल के रुझानों में BJP को बहुमत, भवानीपुर में ममता आगे बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। एक सीट फालता पर 21 मई को फिर वोटिंग होगी। शुरुआती रुझान में BJP को बहुमत मिला है। BJP 191 और TMC 96 सीटों पर आगे चल रही है। BJP को 45%, TMC को 42% वोट मिलते दिख रहे हैं। काउंटिंग के दौरान राज्य में चार जगह हिंसा-झड़प हुई। आसनसोल में TMC ऑफिस कैंप में तोड़फोड़, तो जमुरिया में आगजनी की गई। भवानीपुर से ममता बनर्जी आगे हैं। सुवेंदु अधिकारी पीछे चल रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
थलपति विजय के विधानसभा चुनाव में हार की उड़ी अफवाह, साउथ स्टार के फैन ने उठा लिया खौफनाक कदम
तमिलनाडु समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जा रहे हैं। तमिलनाडु राज्य में इस बार का विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है। अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय की नवगठित पार्टी 'तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने शानदार शुरुआत की है। टीवीके के शुरुआती रुझानों में आगे रहने के बावजूद, कृष्णगिरि जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने चुनावी माहौल में समर्थकों के भावनात्मक जुड़ाव और अफवाहों के खतरे पर एक नई बहस छेड़ दी है। टीवीके 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह पिछले 49 वर्षों में किसी भी नए राजनीतिक दल और फिल्मी हस्ती द्वारा की गई सबसे बड़ी चुनावी शुरुआत मानी जा रही है। जहां एक ओर टीवीके की इस सफलता से पार्टी समर्थकों में जश्न का माहौल है, इसी बीच कृष्णगिरि टाउन से एक ऐसी खबर आई, जिसने सभी को चौंका दिया। वोटों की गिनती शुरू होने से ठीक पहले, टीवीके प्रमुख थलपति विजय की कथित चुनावी हार की अफवाह सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल गई। इस अफवाह से बेहद आहत और मानसिक रूप से परेशान होकर विजय के 28 वर्षीय फैन के. महेंद्रन ने अपने घर के पास ही अपना गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की। महेंद्रन को अभिनेता विजय का एक कट्टर समर्थक बताया जा रहा है। घटना के समय मौजूद आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाई और महेंद्रन को गंभीर हालत में बचा लिया। घायल को तुरंत कृष्णगिरि सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका सघन इलाज चल रहा है। कृष्णगिरि टाउन पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, महेंद्रन की हालत गंभीर है, लेकिन वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल कर रही है। यह घटना राजनीति और मनोरंजन के जुड़ाव को तो दर्शाती ही है, साथ ही यह भी उजागर करती है कि चुनावी मौसम में अफवाहें कितनी घातक साबित हो सकती हैं। आज के डिजिटल युग में, जब तक कि चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आते, सोशल मीडिया पर चलने वाली अनवेरिफाइड और भ्रामक खबरें समर्थकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर सकती हैं। टीवीके के इस चुनाव में आगे रहने से तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 1977 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) के बाद पहली बार कोई बड़ा अभिनेता मुख्यमंत्री पद की रेस में इतना आगे दिखाई दे रहा है। देखना यह होगा कि अंतिम परिणाम क्या TVK को पूर्ण बहुमत की ओर ले जाते हैं या फिर एक त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है।
दिलचस्प हुई औरेंज और पर्पल कैप की दौड़, अभिषेक पहुंचे शीर्ष पर
अभिषेक शर्मा कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मात्र 15 रन बनाकर एक बार फिर से ऑरेंज कैप तालिका में शीर्ष पर पहुंच गये है। वहीं कगिसो रबाडा 16 विकेटों के साथ पर्पल कैप की दौड़ में शामिल हो गये है।ऑरेज कैप तालिका में कम अंतर पर कब्जा देखने को मिल रहा हैं। जैसे कोलकाता नाईट राइडर्स के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने केवल 15 रन बनाए, केएल राहुल (दिल्ली कैपिटल्स) से सात रन आगे निकलने और शीर्ष स्थान वापस हासिल करने के लिए काफ़ी था। हाइनरिक क्लासन अवसर का फायदा नहीं उठा सके, इसलिए राहुल (433 रन) का दूसरा स्थान सुरक्षित है। क्लासन ने केकेआर के खिलाफ 11 रन बनाए और अब उनके 425 रन हैं। उनके बाद राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के वैभव सूर्यवंशी (404 रन) हैं और फिर शीर्ष पांच में नया नाम जुड़ा है। गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज़ बी साई सुदर्शन ने हालिया शानदार फ़ॉर्म जारी रखते हुए 41 गेंदों में 57 रन बनाए और 385 रन तक पहुंच गए हैं। शुभमन गिल, प्रभसिमरन सिंह, जॉस बटलर और श्रेयस अय्यर रविवार को अधिक रन नहीं बना सके, लेकिन इशान किशन ने 42 रन बनाकर कुल 354 रनों के साथ नौवें स्थान पर जगह बनाई, जबकि ट्रैविस हेड ने भी अपनी हालिया फ़ॉर्म जारी रखते हुए 28 गेंदों में 61 रन बनाए और 12वें स्थान तक पहुंच गए। वहीं पर्पल कैप तालिका की बात की जाये तो कगिसो रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट ले लिए हैं और तेज़ी से ऊपर चढ़ते हुए 16 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जो कि रॉयल चैजेंजर्स बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार और चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कम्बोज से केवल एक विकेट पीछे हैं। प्रसिद्ध कृष्णा को फिर बाहर बैठना पड़ा, इशान मलिंगा को कोई विकेट नहीं मिला, राशिद खान को केवल एक विकेट मिला, लेकिन मोहम्मद सिराज और कार्तिक त्यागी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो विकेट लिए। इससे उनके सीजन के विकेट 11 तक पहुंच गए, जिससे वे शीर्ष 10 में बने हुए हैं।
अपरा एकादशी 2026: कब है तिथि और क्या है इसका धार्मिक महत्व? जानिए सब कुछ
साल 2026 में अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, बुधवार को रखा जाएगा। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इस एकादशी को 'अचला एकादशी' के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ इस एकादशी की तिथि, मुहूर्त और महत्व की पूरी जानकारी दी गई है। अपरा एकादशी 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां: एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 मई 2026 को दोपहर 02:52 बजे से। एकादशी तिथि समाप्त: 13 मई 2026 को दोपहर 01:29 बजे तक। व्रत (उदयातिथि): 13 मई 2026 (बुधवार)। पारण का समय (व्रत खोलने का समय): 14 मई 2026 को सुबह 05:31 बजे से 08:14 बजे के बीच। शुभ मुहूर्त: सुबह 05:32 से 08:55 तक और 10:36 से 12:14 तक। शाम को 05:22 से 07:04 तक। अपरा एकादशी का महत्व: अपरा का अर्थ: 'अपरा' शब्द का अर्थ होता है- अपार या असीमित। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, इस एकादशी का व्रत करने वाले को अपार पुण्य और सुखों की प्राप्ति होती है। पापों से मुक्ति: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से अनजाने में किए गए गंभीर पापों (जैसे ब्रह्महत्या, परनिंदा या झूठ बोलना) के दोष से मुक्ति मिलती है। अक्षय पुण्य की प्राप्ति: भगवान विष्णु की भक्ति के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। कहा जाता है कि इस व्रत का फल कार्तिक स्नान या गंगा तट पर किए गए पिंडदान के समान फलदायी होता है। धन और समृद्धि: यह व्रत व्यक्ति को आर्थिक संकटों से उबारने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है। नकारात्मकता का नाश: यह एकादशी भूत-प्रेत बाधा या मानसिक तनाव जैसी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर मन को शांति प्रदान करती है। क्या करें इस दिन? इस दिन भगवान त्रिविक्रम (विष्णु जी) की पूजा की जाती है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। जरूरतमंदों को जल, फल या अनाज का दान करना विशेष फलदायी होता है। एकादशी के दिन चावल और तामसिक भोजन का त्याग करना चाहिए। चूँकि आज 4 मई है, आपके पास इस महत्वपूर्ण व्रत की तैयारी के लिए अभी लगभग 9 दिन का समय है। अपरा एकादशी पूजा विधि: 1. प्रातःकाल: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. संकल्प: भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। 3. पूजा स्थल की तैयारी: पूजा स्थल को साफ करें और एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। 4. अभिषेक: भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक करें। 5. श्रृंगार: भगवान को पीले फूल, फल, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें। 6. नैवेद्य: भगवान विष्णु को तुलसी दल सहित सात्विक भोजन का भोग लगाएं। 7. मंत्र जाप: भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें, जैसे 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। 8. कथा श्रवण: अपरा एकादशी की व्रत कथा सुनें या पढ़ें। 9. आरती: भगवान विष्णु की आरती करें। 10. दान: अपनी क्षमतानुसार गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। 11. रात्रि जागरण: यदि संभव हो तो रात्रि में भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करें। 12. पारण: अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें। पारण के समय तुलसी दल ग्रहण करें। इस विधि से अपरा एकादशी का व्रत और पूजन करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत से प्राप्त होते हैं ये 8 लाभ... 1. धन और समृद्धि: इस व्रत को करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। 2. पापों से मुक्ति: धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से पूर्व जन्मों और इस जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं। विशेष रूप से ब्रह्म हत्या, चोरी, झूठ, छल आदि पापों का क्षय होता है। 3. यश और प्रसिद्धि: मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान और यश प्राप्त होता है। 4. शारीरिक और मानसिक शांति: व्रत रखने से शरीर और मन शुद्ध होता है, जिससे शांति और सकारात्मकता का अनुभव होता है। 5. कर्ज और बाधाओं से मुक्ति: अचला एकादशी व्रत करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे ऋण/कर्ज, आर्थिक संकट और जीवन की रुकावटों से मुक्त होता है। यह व्रत कुंडली के नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव को भी कम करता है। अत: हर व्यक्ति इस दिन व्रत रखकर इसका पुण्यफल प्राप्त करना चाहिये। 6. कष्टों से मुक्ति: जीवन में आने वाली विभिन्न प्रकार की बाधाओं और कष्टों से मुक्ति मिलती है। 7. पितरों को शांति: इस व्रत के प्रभाव से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। 8. मोक्ष प्राप्ति: जो व्यक्ति श्रद्धा से एकादशी व्रत करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और वह जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो सकता है। भगवान विष्णु इस दिन अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं।
WFI ने की विनेश फोगाट की मांग खारिज, नहीं बदला जाएगा नेशनल टूर्नामेंट का वेन्यू
गोंडा में होने वाले नेशनल कुश्ती टूर्नामेंट को लेकर विवाद बढ़ गया है। विनेश फोगाट ने सुरक्षा और पक्षपात की आशंका में स्थल बदलने की मांग की, जिसे WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने ठुकराते हुए खुद सुरक्षा की गारंटी ली है। वहीं, विनेश ने चेतावनी दी है कि किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। 10-12 मई तक होने वाले इस टूर्नामेंट में विनेश 57 किलो वर्ग में हिस्सा लेंगी। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने साफ कहा कि गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का स्थान नहीं बदला जाएगा और उन्होंने विनेश फोगाट की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ली है। ये भरोसा तब दिया गया जब विनेश ने सुरक्षा और पक्षपात को लेकर चिंता जताई थी। विनेश ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर गोंडा में होने वाले टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के साथ कुछ गलत होता है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी। साथ ही उन्होंने मुकाबलों में पक्षपात की भी आशंका जताई। विनेश ने करीब 18 महीने बाद वापसी से पहले एक वीडियो में कहा कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थान पर होने वाली प्रतियोगिता के नतीजों पर डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष के करीबी लोग असर डाल सकते हैं। संजय सिंह ने एक बयान में कहा, ‘अगर विनेश को अपनी सुरक्षा की चिंता है तो मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि मैं खुद इसकी गारंटी लेता हूं। हमारे पास यूडब्ल्यूडब्ल्यू से मान्यता प्राप्त रेफरी हैं और सभी मुकाबलों की रिकॉर्डिंग होती है, इसलिए पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है। ‘’ उन्होंने कहा, ‘ये ओपन टूर्नामेंट है, इसमें भाग लेना या न लेना विनेश फोगाट का फैसला है। हम आयोजन स्थल नहीं बदलेंगे।’’ टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक चलेगा। पहले दिन पुरुषों के फ्रीस्टाइल ट्रायल होंगे, फिर ग्रीको-रोमन (11 मई) और महिलाओं की स्पर्धा (12 मई) होगी। विनेश 57 किलो वर्ग में उतरेंगी। उन्होंने दिन में अपनी चिंता जाहिर की थी।
पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। दोपहर 1 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 184 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 91 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 117 बढ़ती दिख रही हैं। ममता अपना गढ़ भी नहीं बचा पाईं। जिन 119 सीटों पर टीएमसी पिछले 15 साल से लगातार काबिज थी, उनमें से 65 सीटें यानी करीब 55% सीटें बीजेपी छीनती दिख रही है। लेकिन ये सब कैसे हुआ, जानेंगे इलेक्शन एक्सप्लेनर में… सबसे पहले वो आंकड़ा, जो बीजेपी की जीत की गहराई को बताता है… अब जानिए बीजेपी की जीत के 5 बड़े फैक्टर… 2011 में खाता न खोल पाने वाली बीजेपी ने 2021 में 77 सीटें जीतीं और अब बंगाल में सरकार बनाने वाली है। पिछली दो बार आंकड़े साफ बताते हैं कि बीजेपी को 50% से ज्यादा हिंदुओं का वोट मिला। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है- हिंदू वोटर्स का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण। हिंदुओं को लामबंद करने के लिए इस चुनाव में बीजेपी ने कई दांव चले… हिंदू ध्रुवीकरण के आड़े आ रहे ‘माछ-भात’ को हथियार बनाया ‘काबा बनाम मां काली’ का नैरेटिव बनाया ममता ने बतौर नेता और सीएम अपना महिला वोट बैंक तैयार किया। टीएमसी में 9 महिला सांसद और 39 महिला विधायक भी हैं। बीजेपी ने ममता के इसी कोर वोटबैंक को साधा… महिलाओं को ₹3000 देने का वादा, सरकारी नौकरी में 33% आरक्षण महिला आरक्षण बिल के नाम पर टीएमसी को महिला-विरोधी बताया पीड़ित महिलाओं के परिजनों को टिकट दिए पीएम, 12 सीएम, 15 केंद्रीय मंत्रियों ने मांगे वोट 15 दिन तक बंगाल में रहे शाह 4 केंद्रीय + 4 बंगाली नेताओं का कोर ग्रुप बनाया बूथ से जिले तक का माइक्रो-मैनेजमेंट बीजेपी के बंगाल जीतने से नेशनल पॉलिटिक्स पर क्या असर पड़ेगा? ***** ग्राफिक्स- दृगचंद्र भुर्जी------------------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… दीदी बोली थीं- तृणमूल रही तो फिर मिलेंगे:मोदी ने कहा- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं, राहुल का तीर मिस; चुनाव के वायरल मोमेंट्स ‘रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे, तृणमूल रहा तो फिर मिलेंगे।’ बंगाल नतीजो में टीएमसी हारती दिखी, तो ममता बनर्जी का ये डॉयलाग फिर वायरल हो गया। 5 राज्यों के चुनाव के दौरान ऐसे कई मोमेंट्स आए, जिन्हें हमने 3 मिनट के वीडियो में बुना है। क्लिक करके देखिए
2026 में 2 ज्येष्ठ मास का दुर्लभ योग: राशि अनुसार करें ये अचूक उपाय, मिलेगा बड़ा लाभ
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह इस बार 60 दिनों यानी 2 माह का रहेगा। ज्येष्ठ माह 1 मई से 29 जून 2026 तक रहेगा। इस बीच 17 मई से अधिकमास प्रारंभ होगा जो 15 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण कई प्रमुख व्रत और त्योहार की तिथियां सामान्य समय से लगभग 15 से 20 दिन आगे खिसक जाएंगी। ALSO READ: ज्येष्ठ माह 60 दिनों का: इस दौरान 5 राशियों की किस्मत के तारे रहेंगे बुलंदी पर ज्येष्ठ मास का महत्व: ज्येष्ठ माह को पुण्यदायी माह माना जाता है। यह महीना तप, दान और धार्मिक साधना के लिए विशेष फलदायी है। ज्येष्ठ के इस विशेष संयोग और अधिक मास की अवधि में भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) की उपासना अत्यंत फलदायी रहती है। इस दौरान पड़ने वाले व्रत और त्योहार न केवल धार्मिक आस्था से जुड़े होते हैं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी लेकर आते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ मास में यदि व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करता है, तो उसके जीवन की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं और भाग्य का साथ मिलने लगता है। इन राशियों को होगा लाभ: इस माह में मेष, वृषभ, सिंह, तुला और धनु राशियों को लाभ होगा। ALSO READ: कब से प्रारंभ होगा ज्येष्ठ अधिकमास, इस माह में क्या करें और क्या नहीं? ज्येष्ठ माह 2026 के लिए आपकी राशि के अनुसार संक्षिप्त उपाय- मेष: प्रतिदिन सूर्य को जल दें (आत्मविश्वास हेतु)। वृषभ: लक्ष्मी पूजा करें और शुक्रवार को सफेद मिठाई दान करें (आर्थिक लाभ)। मिथुन: गणेश पूजा और ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें (बाधा निवारण)। कर्क: शिव को जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय जपें (मानसिक शांति)। सिंह: सूर्य को जल दें (सम्मान और करियर प्रगति)। कन्या: विष्णु पूजा और पीली वस्तुओं का दान करें (सुख-समृद्धि)। तुला: लक्ष्मी पूजा करें और शुक्रवार को सुहागिनों को श्रृंगार सामग्री दें। वृश्चिक: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और शिव मंत्र का जाप करें (बाधा मुक्ति)। धनु: विष्णु पूजा करें और गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें (भाग्य वृद्धि)। मकर: शनि देव की पूजा करें और शनिवार को सरसों तेल का दीपक जलाएं। कुंभ: सोमवार को शिवलिंग पर जल व बेलपत्र अर्पित करें (सकारात्मकता)। मीन: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप और अन्न दान करें (शांति व समृद्धि)।
39 साल की उम्र में दुल्हन बनेंगी हुमा कुरैशी, बॉयफ्रेंड रचित सिंह संग जल्द लेंगी रचाएंगी शादी!
बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं। हुमा काफी समय से रचित सिंह को डेट कर रही हैं। वहीं अब खबर आ रही हैं कि वह जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। इससे पहले दोनों के गुपचुप सगाई करने की खबरें आई थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार हुमा कुरैशी अपने बॉयफ्रेंड और एक्टिंग कोच रचित सिंह के साथ शादी करने की तैयारी कर रही हैं। हुमा कुरैशी और रचित सिंह ने हमेशा अपने रिश्ते को मीडिया और चकाचौंध से दूर रखा है। हालांकि, उन्हें अक्सर कुछ खास मौकों पर एक साथ देखा गया है, जिससे उनके रिश्ते की पुष्टि होती है। पिछले साल यानी सितंबर 2025 में, ऐसी खबरें सामने आई थीं कि हुमा और रचित ने अमेरिका में एक बेहद निजी और सादे समारोह में सगाई कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रचित सिंह ने हुमा को एक इंटीमेट प्रपोजल दिया था, जिसे अभिनेत्री ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार हुमा और रचित इस साल के अंत तक अपने रिश्ते को अगले स्तर पर ले जाने का मन बना चुके हैं। शादी की तारीखों की बात करें, तो अक्टूबर के अंत या नवंबर 2026 में शादी की योजना बनाई जा रही है। आयोजन को लेकर सूत्र बताते हैं कि हुमा हमेशा से एक साधारण समारोह चाहती हैं। हुमा और रचित की शादी में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। इसके बाद, हुमा और रचित फिल्म इंडस्ट्री के अपने दोस्तों, निर्देशकों और सहयोगियों के लिए एक भव्य रिसेप्शन पार्टी का आयोजन करेंगे। समारोह के लिए मुंबई को सबसे संभावित स्थान के रूप में चुना जा रहा है और इसकी तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। कौन हैं रचित सिंह? रचित सिंह मनोरंजन उद्योग से जुड़े हुए हैं और एक जाने-माने अभिनेता व एक्टिंग ट्रेनर हैं। वे कई एक्टिंग वर्कशॉप्स और प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, वे सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते पर खुलकर बात करने से बचते हैं, लेकिन हुमा के साथ उनका रिश्ता पिछले कुछ सालों से काफी मजबूत माना जा रहा है। हुमा और रचित की केमिस्ट्री को फैंस बहुत पसंद करते हैं और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें भी अक्सर वायरल होती रहती हैं। हुमा कुरैशी के वर्क फ्रंट की बात करें, तो उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'जॉली एलएलबी 3' और वेब सीरीज 'महारानी' जैसी फिल्मों और सीरीज में अपनी बेहतरीन एक्टिंग का लोहा मनवाया है। दर्शकों ने उनकी अदाकारी को काफी सराहा है। वह जल्द ही 'टॉक्सिक' और 'गुलाबी' जैसी फिल्मों में नजर आने वाली हैं।
‘रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे, तृणमूल रहा तो फिर मिलेंगे।’ बंगाल नतीजो में टीएमसी हारती दिखी, तो ममता बनर्जी का ये डॉयलाग फिर वायरल हो गया। 5 राज्यों के चुनाव के दौरान ऐसे कई मोमेंट्स आए, जिन्हें हमने 3 मिनट के वीडियो में बुना है। ऊपर तस्वीर पर क्लिक करके आप भी देखिए-
रवि किशन ने अक्षरा सिंह को कहा था 'आलू का बोरा', बॉडी शेमिंग पर फूट गया था एक्ट्रेस का गुस्सा
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस और सिंगर अक्षरा सिंह अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनके बारे में क्या सोचता है। हाल ही में अक्षरा सिंह ने एक पॉडकास्ट में अपने करियर के शुरुआती दौर का एक ऐसा किस्सा साझा किया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। अक्षरा सिंह ने बताया है कि कैसे एक समय पर सुपरस्टार रवि किशन ने उनकी बॉडी शेमिंग की थी। एक्ट्रेस ने बताया कि जब उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था, तब उनका इरादा इस फील्ड में आने का बिल्कुल नहीं था। उन्हें भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज स्टार रवि किशन ने ही पहली फिल्म दिलाई थी। लेकिन इसी पहली फिल्म के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने अक्षरा की जिंदगी की दिशा बदल दी। पॉडकास्ट में पुरानी यादों को ताजा करते हुए अक्षरा सिंह ने बताया कि जब उन्हें पहली बार फिल्म का ऑफर मिला, तब वह महज नौवीं कक्षा की छात्रा थीं। फिल्म मिलने की खुशी के साथ-साथ उनके मन में हैरानी भी थी क्योंकि एक्टिंग कभी उनका सपना नहीं थी। अक्षरा ने बताया कि जब रवि किशन ने उन्हें पहली बार स्क्रीन पर देखा, तो उन्होंने उनके डांस और स्माइल की बहुत तारीफ की, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने एक ऐसी टिप्पणी की जो अक्षरा को अंदर तक चुभ गई। रवि किशन ने उनके वजन पर कमेंट करते हुए कहा था, ये तो आलू का बोरा है, इतनी मोटी है, क्या दिन भर खाती रहती है? किसी भी नई और युवा एक्ट्रेस के लिए एक बड़े स्टार के मुंह से ऐसे शब्द सुनना बहुत आहत करने वाला था। रवि किशन की इस टिप्पणी पर अक्षरा सिंह ने बिल्कुल भी चुप्पी नहीं साधी। उन्होंने मौके पर ही इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। एक्ट्रेस ने उस पल को याद करते हुए कहा, मैंने उनसे कहा, कास्ट तो आपने ही किया है, फिर आप मुझे ऐसा क्यों कह रहे हैं? आप होंगे अपने घर के स्टार, पर मुझे आलू का बोरा मत कहिए। अक्षरा की इस बेबाकी से यह साफ हो गया कि वह किसी भी परिस्थिति में अपने सम्मान के साथ समझौता नहीं करेंगी। लेकिन, रवि किशन की इन बातों ने उनके दिल पर गहरा असर किया। सेट पर मौजूद सभी लोगों के सामने हुए इस अपमान के बाद उन्होंने खुद को साबित करने की ठान ली। रवि किशन के इस कमेंट को अक्षरा सिंह ने एक चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने इसे अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट बनाया। एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने दृढ़ संकल्प किया और 9 दिन के नवरात्रि व्रत के दौरान सिर्फ फल खाकर अपना वजन घटाया। उन्होंने कड़ा संघर्ष करते हुए खुद को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर लिया। आज अक्षरा सिंह भोजपुरी सिनेमा की लीडिंग एक्ट्रेसेस में से एक हैं। पिछले 15 वर्षों के लंबे सफर में उन्होंने अपनी गायिकी और शानदार अभिनय के दम पर एक अलग मुकाम हासिल किया है।
42 साल पुराने दोस्त को खोकर टूटे सलमान खान, बोले– मेरा भाई मुस्कुराते हुए चला गया
बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान अक्सर अपनी फिल्मों के अलावा अपनी निजी जिंदगी और दोस्तों के लिए भी चर्चा में रहते हैं। वहीं सलमान इस समय दर्द में हैं। उन्होंने अपने एक बेहद करीबी दोस्त सुशील कुमार को खो दिया है। इसकी जानकारी सलमान ने एक पोस्ट शेयर करके दी है। सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने दोस्त सुशील संग तस्वीरें शेयर करके उन्हें याद किया और अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने अपने दोस्त के जीवन के संघर्ष और उनकी जिंदादिली को याद करते हुए उन्हें एक अनूठी विदाई दी है। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) सलमान खान ने लिखा, यह व्यक्ति 42 साल से मेरा भाई रहा है। वह सबसे अच्छा, दयालु और मददगार इंसान था, चाहे वह आर्थिक, भावनात्मक या शारीरिक रूप से किसी भी कठिन परिस्थिति में क्यों न हो, वह हमेशा मुस्कुराता और नाचता रहता था। वह हमेशा कहता था कि 'क्या फर्क पड़ता है, सब ठीक हो जाएगा'। सुशील कुमार उनका नाम था। उन्होंने लिखा, भाई, आपके लिए आंखों में आंसू नहीं, बल्कि सिर्फ यादें और हंसी है। मेरा भाई अपने चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से चला गया। कोई पहले जाएगा तो कोई बाद में, जाना सबको है। पता नहीं कौन कब और कैसे जाएगा इसलिए कुछ ऐसा कर के जाओ कि नाम रह जाए। मुझे लगता है कि मुझे आपकी कमी थोड़ी खलेगी। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) इसके अलावा सलमान ने अपनी एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें उनके चेहरे पर दर्द और मायूसी साफ दिखाई दे रही है। तस्वीर में वह बेहद परेशान नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, जिसको जाना है उसे कभी मत रोको। जिसको उसने बुलाना था, वो तो जाएगा ही। बुलाने के चार करण हैं। सलमान ने लिखा, पहला यह कि सबको एक न एक दिन जाना ही है। दूसरा अच्छे इंसान को जल्दी बुला लिया जाता है। तीसरा यह कि आपने अगर 'मदर अर्थ' का किराया, ईएमआई और जीएसटी नहीं भरा है तो उसे भरने का यह एक मौका है। आखिरी ये कि आखिर में जाते हैं, वो गंदे, भ्रष्ट और बेइमान लोग होते हैं। वो अंत में जाते हैं।
Vote counting is underway in West Bengal, Tamil Nadu, Assam, Kerala, and Puducherry. These states witnessed intense and high-voltage contests,
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (04 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope: करियर: नौकरीपेशा लोगों को नई प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: प्रेमी या पार्टनर के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: कारोबारी किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लें। स्वास्थ्य: अपना स्क्रीन टाइम कम करें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें। ALSO READ: Jyeshtha Month 2026: ज्येष्ठ माह में क्या करें और क्या नहीं? 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। लव: जीवनसाथी के साथ छोटी बात पर बहस हो सकती है। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने की पूर्ण संभावना है। स्वास्थ्य: पेट से संबंधित विकार हो सकते हैं। उपाय: लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: पार्टनर के साथ पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। धन: शेयर मार्केट में निवेश से लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा। उपाय: पक्षियों को हरा मूंग खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: करियर में बदलाव के लिए समय अच्छा है। लव: प्रेमी के साथ लंबी यात्रा पर जाने का योग है। धन: घर की सजावट पर आज धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: कोई शारीरिक समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को पदोन्नति के संकेत हैं। लव: परिवार में किसी मांगलिक कार्य की चर्चा होगी। धन: कारोबार से आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: बिजनेस में नए क्लाइंट्स से लाभ होगा। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे से सावधान रहें। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य: योग को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें। ALSO READ: Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल (4-10 मई 2026), जानें क्या कहता है आपका मूलांक? 7. तुला (Libra) करियर: कारोबार या नौकरीपेशा को कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है। लव: पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: जमीन या प्रॉपर्टी में निवेश करना फायदेमंद साबित होगा। स्वास्थ्य: पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: किसी गरीब को सफेद मिठाई का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज मीडिया क्षेत्र के लोगों के लिए दिन शानदार है। लव: आप लव पार्टनर के प्रति भावुक महसूस करेंगे। धन: अचानक खर्च आने से आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी एलर्जी हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर: विदेश जाने के योग बन रहे हैं। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: रुका हुआ धन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य: आज आलस्य का अनुभव होगा। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में विवाह की चर्चा हो सकती है। धन: बचत करने की आदत डालें। स्वास्थ्य: दांतों या मसूड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्वयं की टेक्निकल स्किल्स को अपडेट करने का समय है। लव: पार्टनर के साथ शॉपिंग या मनोरंजन पर समय बिताएंगे। धन: नए व्यापारिक समझौतों से भविष्य में लाभ होगा। स्वास्थ्य: नींद की कमी से स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है। उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी या समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: कारोबारी आय भी अच्छी बनी रहेगी। स्वास्थ्य: गले में खराश या जुकाम की संभावना है। उपाय: आज चने की दाल और केसर का दान करें। ALSO READ: खप्पर योग 2026: 4 राशियों पर मंडरा रहा बड़ा संकट, क्या आपकी राशि भी शामिल?
West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम : पार्टीवार दलीय स्थिति
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 कुल सीटें : 294 बहुमत : 148 पार्टी सीट/बढ़त टीएमसी 00 भाजपा 00 अन्य 00
Tamil Nadu Election Results 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 से जुड़ी पल-पल की जानकारी
Assam Election Results 2026 : असम विधानसभा चुनाव परिणाम 2026
असम विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 से जुड़ी पल-पल की जानकारी
बंगाल परिणाम 2026 लाइव: :कौन जीतेगा बंगाल फाइनल | एनडीए | ममता | मोदी |#dblive
Bengal Results 2026 Live: Who Will Win the Bengal Final? | NDA | Mamata | Modi | #dblive
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026 | BJP बनाम TMC | CM ममता | हिंदी समाचार | आज तक LIVE
Assembly Elections 2026 LIVE Updates ( West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam, Puducherry ) विधानसभा चुनाव 2026 LIVE अपडेट्स ( पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, पुडुचेरी )
30 अप्रैल 2026। रात करीब 8 बजे। कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर भारी बारिश हो रही थी। तभी एक गाड़ी आकर रुकी। सफेद साड़ी, पैरों में रबड़ की चप्पल। अपने सिग्नेचर स्टाइल में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उतरीं, और सीधे स्ट्रॉन्ग रूम की तरफ बढ़ चलीं। केंद्रीय बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। ममता ने चुनाव नियमों का हवाला दिया और अंदर चली गईं। करीब चार घंटे तक वहीं डटी रहीं। रात 12 बजे बाहर निकलीं और कहा- अगर EVM चुराने या काउंटिंग में धांधली हुई, तो हम जान की बाजी लगाकर लड़ेंगे। जवाब में BJP ने कहा– ये हार का डर है। लेकिन जो लोग ममता बनर्जी को जानते हैं, उनके लिए यह कोई नई बात नहीं थी। यह वही ममता हैं, जो 1975 में जेपी की कार के बोनट पर चढ़ गई थीं। जिन्हें 1993 में राइटर्स बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बालों से पकड़कर घसीटा गया, तो 18 साल बाद बदला लिया। और जो 2021 में प्लास्टर चढ़े पैर के साथ व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव जीती थीं। मंडे मेगा स्टोरी में उन्हीं ‘स्ट्रीट फाइटर दीदी’ यानी ममता बनर्जी की रोचक कहानी… ****अब 2026 का चुनाव सिर्फ वोट की लड़ाई नहीं है। ममता ने इस बार ‘बंगाली अस्मिता’ को अपनी सबसे बड़ी ढाल बनाया। केंद्र सरकार को रैलियों में ‘दिल्ली के जमींदार’ कहा। खुद को ‘बंगाल की उस क्रांतिकारी मिट्टी की बेटी’ बताया जो अपने लोगों की गरिमा के लिए आखिरी सांस तक लड़ने को तैयार है। यह कहानी 30-B हरीश चटर्जी स्ट्रीट के उस दो कमरे के मकान से शुरू हुई थी। उस मोनाबाबा से, जिसने 15 साल की उम्र में अपना बचपन गंवाया और एक जिद ठान ली कि लड़ती रहूंगी। कार के बोनट से लेकर व्हीलचेयर तक, रॉइटर्स बिल्डिंग की सीढ़ियों से लेकर भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम तक- वह जिद आज भी जिंदा है। लेकिन ममता अर्श पर रहेंगी या फर्श पर, ये आज विधानसभा चुनाव के नतीजों से तय होगा।****** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल और महेंद्र वर्मा --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में BJP की सरकार बनती क्यों दिख रही:मछली का भोज, शाह की नई स्ट्रैटजी और SIR; BJP के 5 बड़े दांव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 7 में से 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। पढ़ें पूरी खबर…
भिवाड़ी में पेपर कंपनी में भीषण आग, लाखों का नुकसान संभव
अलवर। राजस्थान में औद्योगिक शहर भिवाड़ी के अजंता चौक पर स्थित मनु पेपर कोट कंपनी में रविवार को आग लगने से भारी नुकसान की आशंका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्याह्न करीब 12 बजे कम्पनी में अचानक आग लग गई। आग ने थोड़ी ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और कंपनी की दूसरी […] The post भिवाड़ी में पेपर कंपनी में भीषण आग, लाखों का नुकसान संभव appeared first on Sabguru News .
39वें प्रतिभावान सम्मान समारोह में 10वीं के 150 विद्यार्थी सम्मानित
अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही विद्यार्थी करे अपने सपने पूरे : संत हनुमानराम अजमेर। स्वामी हिरदाराम जी के प्रेरणा से सांई बाबा मन्दिर ट्रस्ट, शान्तात्मा व्यास एवं मेघीतुलसी किशनानी स्मृति संस्थान अजमेर व स्वामी समूह के संयुक्त तत्वावधान 21 वर्षों से आयोजित 39वां प्रतिभावान सम्मान समारोह में राजस्थान बोर्ड और सीबीएसई परीक्षा 10वीं में […] The post 39वें प्रतिभावान सम्मान समारोह में 10वीं के 150 विद्यार्थी सम्मानित appeared first on Sabguru News .
अजमेर के कांग्रेसजनों ने किया सचिन पायलट का भव्य स्वागत
अजमेर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राजनीति में भाषा के गिरते स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सैद्धांतिक एवं वैचारिक मतभेद हो सकते हैं परंतु भाषा में अनुशासन संयम एवं संस्कार नहीं भूलना चाहिए। कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव पायलट जयपुर से आसींद जाते समय […] The post अजमेर के कांग्रेसजनों ने किया सचिन पायलट का भव्य स्वागत appeared first on Sabguru News .
सनराइजर्स हैदराबाद को 7 विकेट से हराकर कोलकाता नाइट राइडर्स ने प्ले ऑफ की उम्मीद को जिंदा रखा
हैदराबाद। अंगकृष रघुवंशी (59) और कप्तान अजिंक्या रहाणे (43) की शानदार पारियों की बदौलत कोलकाता नाइट राइडर्स ने रविवार को आईपीएल 2026 के 45वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को 10 गेंदें शेष रहते सात विकेट हरा कर टूर्नामेंट में तीसरी जीत दर्ज करते हुए अपनी प्ले ऑफ की उम्मीद को जिंदा रखा। यह सनराइजर्स हैदराबाद […] The post सनराइजर्स हैदराबाद को 7 विकेट से हराकर कोलकाता नाइट राइडर्स ने प्ले ऑफ की उम्मीद को जिंदा रखा appeared first on Sabguru News .
उभरते भारत की सटीक तस्वीर दिखाना भी पत्रकारिता धर्म : हर्षवर्धन त्रिपाठी
विश्व संवाद केंद्र चित्तौड़ प्रांत की ओर से प्रांत स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह संपन्न उदयपुर। विश्व संवाद केंद्र समिति उदयपुर, चित्तौड़ प्रांत द्वारा रविवार ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को देवर्षि नारद जयंती व पत्रकार सम्मान समारोह का अयोजन सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में हुआ। समारोह में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी, मुख्य अतिथि […] The post उभरते भारत की सटीक तस्वीर दिखाना भी पत्रकारिता धर्म : हर्षवर्धन त्रिपाठी appeared first on Sabguru News .
नागपुर : हिंदू राष्ट्र वाली टिप्पणी को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ शिकायत दर्ज
नागपुर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बताए जाने वाले बयान को लेकर नागपुर के यशोधरा नगर पुलिस स्टेशन में सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन मून ने शिकायत दर्ज कराई है। मून ने इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए इसे असंवैधानिक और भारतीय संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विपरीत बताया है। इस […] The post नागपुर : हिंदू राष्ट्र वाली टिप्पणी को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ शिकायत दर्ज appeared first on Sabguru News .
भारत के लिए लगभग 47000 टन एलपीजी लेकर आ रहे गैस टैंकर ने होर्मुज पार किया
नई दिल्ली। सरकार ने बताया है कि भारत के लिए 46 हजार 313 टन एलपीजी लेकर आ रहे मार्शल आईलैंड के एक गैस टैंकर सर्व शक्ति ने शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर लिया और इसके 13 मई को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया […] The post भारत के लिए लगभग 47000 टन एलपीजी लेकर आ रहे गैस टैंकर ने होर्मुज पार किया appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक : दोबारा मतगणना के बाद भाजपा ने शृंगेरी की सीट जीत ली
बेंगलूरु। कर्नाटक कांग्रेस को शनिवार को डबल नुकसान हुआ है। एक तरफ जहां शृंगेरी में दोबारा मतगणना के बाद उसके मौजूदा विधायक को अपनी सीट गंवानी पड़ी, वहीं दूसरी ओर धारवाड़ के विधायक विनय कुलकर्णी को हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया है। शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र […] The post कर्नाटक : दोबारा मतगणना के बाद भाजपा ने शृंगेरी की सीट जीत ली appeared first on Sabguru News .
लक्ष्मी मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी को 15,660 करोड़ रुपए में खरीदा
नई दिल्ली। यूके में रहने वाले भारतीय मूल के स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के अधिग्रहण की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि जयपुर फ्रेंचाइजी-जो इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआती आठ टीमों में से एक है, को खरीदने के लिए एक पक्का समझौता हो गया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) […] The post लक्ष्मी मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी को 15,660 करोड़ रुपए में खरीदा appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में वाल्मीकि समाज के युवक की हत्या के बाद तनाव व्याप्त
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के पंचवटी क्षेत्र में शनिवार रात वाल्मीकि समाज के युवक की हत्या के बाद तनाव व्याप्त है। इस घटना के विरोध में आज वाल्मीकि समाज के लोगों ने जिला अस्पताल के शवगृह पर जमकर प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। वाल्मीकि महापंचायत (संपूर्ण भारत) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश चंद […] The post भीलवाड़ा में वाल्मीकि समाज के युवक की हत्या के बाद तनाव व्याप्त appeared first on Sabguru News .
जयपुर। संत रविदास ने भक्ति के साथ कर्म को प्रधानता दी। उन्होंने समाज के लिए जन जागृति का कार्य किया उन्होंने तात्कालिक चुनौतियों का सामना कर समाज में सभी विचारों को एकीकृत किया जिसमें सगुण भी है और निर्गुण भी। संत रविदास जी ने कहा कि व्यक्ति पद या जन्म से महान नहीं होता कर्म […] The post संत शिरोमणि रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के उपलक्ष्य में एकात्म भारत और संत शिरोमणि रविदास व्याख्यान appeared first on Sabguru News .
दिल्ली के विवेक विहार में 4 मंजिला इमारत में लगी आग, 9 लोगों की मौत
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में शाहदरा के विवेक विहार क्षेत्र में चार मंजिला इमारत में रविवार तड़के लगी भीषण आग में 9 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य झुलस गए। पुलिस सूत्रों ने इस घटना में पुष्टि करते हुए कहा कि विवेक विहार पुलिस स्टेशन में रविवार सुबह लगभग 3:48 बजे एक पीसीआर […] The post दिल्ली के विवेक विहार में 4 मंजिला इमारत में लगी आग, 9 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
पिता के अपमान को सहन नहीं कर पाए न्यायिक अधिकारी अमन शर्मा
अलवर। दिल्ली की पॉश कॉलोनी में आत्महत्या करने वाले अलवर निवासी जज अमन शर्मा का रविवार सुबह आठ बजे तीजकी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अमन शर्मा के पिता एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने मुखाग्नि दी। अमन शर्मा के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी […] The post पिता के अपमान को सहन नहीं कर पाए न्यायिक अधिकारी अमन शर्मा appeared first on Sabguru News .
हैदराबाद ने कोलकाता के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी (Video)
SRHvsKKR सनराईजर्स हैदराबाद ने उप्पल में कोलकाता नाईट राइडर्स के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। Toss update from Hyderabad @SunRisers won the toss and elected to bat first against @kkriders Updates https://t.co/muersQO7at #TATAIPL | #KhelBindaas | #SRHvKKR pic.twitter.com/I5Wcb6L1xd — IndianPremierLeague (@IPL) May 3, 2026 सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रैविस हेड, रविचंद्रन अश्विन, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंडु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवम मावी, शिवांग कुमार, अमित कुमार, गेराल्ड कोएत्जी, प्रफुल्ल हिंगे, साकिब हुसैन, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, ओंकार तरनाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी। कोलकाता नाइट राइडर्स : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, कैमरन ग्रीन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, फिन एलन, दक्ष कामरा, कार्तिक त्यागी। सार्थक रंजन, सौरभ दुबे।
पवन सिंह के बाद अक्षरा सिंह की लाइफ में हुई नए प्यार की एंट्री, बोलीं- बिना प्यार के अधूरी है जिंदगी
भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी निजी जिंदगी, अपने पुराने संबंधों और करियर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एक समय था जब भोजपुरी इंडस्ट्री में 'पावर स्टार' पवन सिंह और अक्षरा सिंह के बीच के प्यार के चर्चे हर जुबान पर हुआ करते थे। अक्षरा और पवन सिंह ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था। लेकिन अचानक पवन सिंह की शादी ज्योति सिंह से होने के बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई थी और यह समय अक्षरा सिंह के लिए बेहद दर्दनाक था। A post shared by ज़िंगाबाद (@zingabad) अक्षरा ने हाल ही में यूट्यूब चैनल 'जिंदाबाद' को दिए इंटरव्यू में पवन सिंह से जुड़े सवालों पर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या आज भी पवन सिंह और उनके नाम को जोड़ा जाता है तो उन्हें दुख होता है? इस पर अभिनेत्री ने बेबाकी से जवाब दिया कि उनके पास इन विवादों पर ध्यान देने का समय नहीं है। वह अपने काम पर पूरा फोकस रखती हैं और अपने मन को किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से दूर रखती हैं। इंटरव्यू के दौरान अक्षरा सिंह से पवन सिंह की अच्छाइयों के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि जितना अच्छा उन्होंने किया, शायद उससे ज्यादा उन्होंने कुछ और ही किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे उस बुरे दौर और नेगेटिविटी को पूरी तरह से पीछे छोड़ चुकी हैं। अक्षरा ने कहा कि वे अब अपने अतीत को याद नहीं रखना चाहतीं। अक्षरा सिंह से जब पवन सिंह के अभिनय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे बतौर सिंगर बहुत अच्छे हैं, लेकिन एक एक्टर के रूप में वह दिनेश लाल यादव यानी 'निरहुआ' को इंडस्ट्री का सबसे बेहतरीन एक्टर मानती हैं। उनका मानना है कि निरहुआ हर किरदार में पूरी तरह फिट बैठते हैं और उनका अभिनय सबसे दमदार है। अक्षरा सिंह ने अपने जीवन में आए बदलावों के बारे में बात करते हुए कहा कि जब उनका दिल टूटा, तो उसके बाद उनके व्यक्तित्व में एक बड़ा बदलाव आया। पहले वह बहुत शांत रहा करती थीं और उन्हें इस बात की बहुत चिंता सताती थी कि लोग क्या कहेंगे। लेकिन अब वह किसी भी बात से नहीं डरतीं। उन्होंने अपने डर पर काबू पा लिया है और अब वह अपनी जिंदगी को पूरी तरह से खुलकर जीती हैं। उनका मानना है कि जीवन में आगे बढ़ना ही सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अक्षरा सिंह ने किया नए रिश्ते का खुलासा इंटरव्यू में अक्षरा सिंह ने एक बड़ी खुशखबरी भी दी और यह कंफर्म किया कि वे फिर से रिलेशनशिप में हैं। उन्होंने बताया कि वह एक शख्स को डेट कर रही हैं, हालांकि उन्होंने उस व्यक्ति की पहचान का खुलासा करने से साफ इनकार कर दिया। इसके पीछे का कारण बताते हुए अक्षरा ने कहा कि वह अपने रिश्ते को किसी की नजर नहीं लगने देना चाहतीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह प्यार में हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, हां, मैं प्यार में हूं। लेकिन अभी कुछ समय दीजिए। पुराना जो हो गया वह अतीत है, और अब मैं वर्तमान में जी रही हूं। अक्षरा ने यह भी कहा कि बिना प्यार के कोई भी इंसान जीवित नहीं रह सकता। शादी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन वे अपने वर्तमान रिश्ते को वक्त देना चाहती हैं। अक्षरा का यह नया रूप उनके फैंस को काफी पसंद आ रहा है।
डॉक्टर बनने का सपना छोड़ बनीं बॉलीवुड की 'मदर इंडिया', नरगिस की अनसुनी कहानी
कलकत्ता शहर में एक जून 1929 को जन्मी कनीज फातिमा राशिद उर्फ नरगिस के घर में मां जद्दन बाई के अभिनेत्री और फिल्म निर्माता होने के कारण फिल्मी माहौल था। इसके बावजूद बचपन में नरगिस की अभिनय में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उनकी तमन्ना डॉक्टर बनने की थी जबकि उनकी मां चाहती थी कि वह अभिनेत्री बनें। एक दिन नरगिस की मां ने उनसे स्क्रीन टेस्ट के लिए फिल्म निर्माता एवं निर्देशक महबूब खान के पास जाने को कहा। चूंकि नरगिस अभिनय क्षेत्र में जाने की इच्छुक नहीं थीं इसलिए उन्होंने सोचा कि यदि वह स्क्रीन टेस्ट में फेल हो जाती हैं तो उन्हें अभिनेत्री नहीं बनना पड़ेगा। स्क्रीन टेस्ट के दौरान नरगिस ने अनमने ढंग से संवाद बोले और सोचा कि महबूब खान उन्हें स्क्रीन टेस्ट में फेल कर देंगे लेकिन उनका यह विचार गलत निकला। महबूब खान ने अपनी फिल्म 'तकदीर' के लिए उन्हें बतौर नायिका चुन लिया। हालांकि नरगिस को सिनेमा का हिस्सा बनने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। नरगिस एक डॉक्टर बनना चाहती थीं, क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि सिनेमा को प्रोफेशन के तौर पर काफी नीचा समझा जाता था। नरगिस ने 1960 के दशक की शुरुआत में एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान बताया था, मैं एक डॉक्टर बनना चाहती थी, क्योंकि उन दिनों लोग फिल्मों के बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचते थे। यह सोचा जाता था कि अच्छे परिवारों की लड़कियों को फिल्मों में शामिल नहीं होना चाहिए। फिल्मों में काम करने वाली महिलाओं का समाज में कोई स्थान नहीं था। उन्होंने कहा था, मैं इस बात को लेकर तब तक रोई जब तक मैं और नहीं रो सकी, लेकिन जब आंसू छलक पड़े तो मैं और सोचने लगी। मैंने सोचा, मेरी मां फिल्मों में काम करती हैं, लेकिन वह बुरी नहीं है। वह दुनिया की सबसे शानदार महिला हैं। वर्ष 1945 में नरगिस को महबूब खान द्वारा ही निर्मित फिल्म 'हुमाँयूं' में काम करने का मौका मिला। वर्ष 1949 नरगिस के सिने करियर में अहम पड़ाव साबित हुआ। इस वर्ष उनकी बरसात और अंदाज जैसी सफल फिल्में रिलीज हुई। प्रेम त्रिकोण पर बनी फिल्म अंदाज में उनके साथ दिलीप कुमार और राजकपूर जैसे नामी अभिनेता थे इसके बावजूद भी नरगिस दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहीं। वर्ष 1950 से 1954 तक का वक्त नरगिस के सिने करियर के लिए बुरा साबित हुआ। इस दौरान उनकी शीशा, बेवफा, आशियाना, अंबर, अनहोनी, शिकस्त, पापी, धुन, अंगारे जैसी कई फिल्में बॉक्स आफिस पर असफल हो गई। लेकिन वर्ष 1955 मे उनकी राज कपूर के साथ श्री 420 फिल्म रिलीज हुई जिसकी कामयाबी के बाद वह एक बार फिर से शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचीं। नरगिस के सिने करियर मे उनकी जोड़ी राज कपूर के साथ काफी पसंद की गई। राज कपूर और नरगिस ने सबसे पहले वर्ष 1948 मे प्रदर्शित फिल्म आग मे एक साथ अभिनय किया था। इसके बाद दोनों ने बरसात, अंदाज, जान-पहचान, प्यार, आवारा, अनहोनी, आशियाना, आह, धुन, पापी, श्री 420, जागते रहो, चोरी चोरी जैसी कई फिल्मों में भी काम किया। वर्ष 1956 में प्रदर्शित फिल्म चोरी चोरी नरगिस और राजकपूर की जोड़ी वाली अंतिम फिल्म थी। हालांकि राजकपूर की फिल्म 'जागते रहो' में भी नरगिस ने अतिथि कलाकार की भूमिका निभायी, इस फिल्म के अंत मे लता मंगेश्कर की आवाज में नरगिस पर 'जागो मोहन प्यारे' गाना फिल्माया गया था। वर्ष 1957 में महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया नरगिस के सिने करियर के साथ ही व्यक्तिगत जीवन मे भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस फिल्म में नरगिस ने सुनील दत्त की मां का किरदार निभाया था। मदर इंडिया की शूटिंग के दौरान नरगिस को आग से सुनील दत्त ने बचाया था। इस घटना के बाद नरगिस ने कहा था कि पुरानी नरगिस की मौत हो गई है और नई नरगिस का जन्म हुआ है। नरगिस ने अपनी उम्र और हैसियत की परवाह किए बिना सुनील दत्त को अपना जीवन साथी चुन लिया। शादी के बाद नरगिस ने फिल्मों में काम करना कुछ कम कर दिया। करीब 10 वर्ष के बाद अपने भाई अनवर हुसैन और अख्तर हुसैन के कहने पर नरगिस ने 1967 में फिल्म 'रात और दिन' में काम किया। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पहला मौका था जब किसी अभिनेत्री को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। नरगिस ने अपने सिने करियर में लगभग 55 फिल्मों में का किया। नरगिस को अपने सिने करियर में मान-सम्मान बहुत मिला। उन्हें राज्यसभा सदस्य भी बनाया गया। अपने संजीदा अभिनय से सिनेमाप्रेमियों को भावविभोर करने वाली नरगिस 3 मई 1981 को सदा के लिए इस दुनिया से रुखसत हो गईं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (03 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today 03 May horoscope in Hindi 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में आपके साहस की प्रशंसा होगी। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। धन: बाहरी व्यापार से आकस्मिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सिरदर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। ALSO READ: Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल (4-10 मई 2026), जानें क्या कहता है आपका मूलांक? 2. वृषभ (Taurus) करियर: आज लॉटरी जैसी सफलता मिल सकती है। लव: अविवाहितों के लिए नवीन प्रस्ताव आ सकते हैं। धन: निवेश के लिए दिन उत्तम है। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: लक्ष्मी जी को सफेद मिठाई चढ़ाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: परिवार या करियर के संबंध में विदेश यात्रा हो सकती है। लव: लव पार्टनर से कोई कीमती उपहार मिल सकता है। धन: आज आय के नए स्रोत भी खुलेंगे। स्वास्थ्य: अच्छी सेहत हेतु योग का सहारा लें। उपाय: मूंग की दाल का दान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: नौकरीपेशा को नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। लव: पुरानी दोस्ती प्रेम संबंधों में बदल सकती है। धन: पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा होगा। स्वास्थ्य: अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपाय: गुड़-गेहूं का दान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों को सफलता मिलेगी। लव: जीवनसाथी का सहयोग से अच्छा समय बिताएंगे। धन: आज पैतृक धन मिल सकता है। स्वास्थ्य: हृदय रोगी अपना ध्यान रखें। उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास की पौराणिक कथा 6. कन्या (Virgo) करियर: कलीग्स का सहयोग करियर में मदद करेगा। लव: पार्टनर के साथ किसी गलतफहमी का अंत होगा। धन: शेयर मार्केट में निवेश और धनलाभ होगा। स्वास्थ्य: आज बाहर के खाने से बचें। उपाय: किसी मंदिर में फलों का दान करें। 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लव: प्रेमियों के बीच विवाद की स्थिति बन सकती है। धन: अचानक बाहरी बढ़ते खर्चे तनाव दे सकते हैं। स्वास्थ्य: पाचन तंत्र का ख्याल रखें। उपाय: लक्ष्मी माता को कमल पुष्प अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। लव: दांपत्य जीवन में रोमांस बना रहेगा। धन: आज धन धार्मिक कार्यों पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: अनिद्रा की समस्या हो सकती है। उपाय: श्री सूक्त का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर में कानून से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। लव: लव पार्टनर के प्रति विश्वास बढ़ेगा। धन: कारोबार में भाग्य का पूरा साथ मिलने से व्यापार चमकेगा। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आप कार्यस्थल पर कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में तालमेल बढ़िया रहेगा। धन: धन के मामले में दिन सामान्य है। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। उपाय: शनि मंदिर में छाया दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई नौकरी के योग हैं। सहयोगियों का साथ मिलेगा। लव: संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। धन: कारोबार से आय के साधन बढ़ेंगे। स्वास्थ्य: सीने में दर्द हो तो सावधानी बरतने की सलाह है। उपाय: किसी मंदिर में तिल के तेल का दीप जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: कायस्थल पर नई टीम के साथ काम शुरू करेंगे। लव: प्रेम रिश्तों में मजबूती आएगी। धन: मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रह सकती है। स्वास्थ्य: फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। उपाय: मिट्टी के घड़े में जल भरकर दान करें। ALSO READ: खप्पर योग 2026: 4 राशियों पर मंडरा रहा बड़ा संकट, क्या आपकी राशि भी शामिल?
मैं ललिता हूं और हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हूं। कभी मेरी पहचान एक फैशन डिजाइनर के तौर पर थी। रसूखदार परिवारों से कपड़ों के ऑर्डर मिलते थे। रंग, कपड़े, डिजाइन और ग्लैमर की दुनिया में मेरी पहचान थी। मेरे पति अपना बिजनेस संभालते थे। जिंदगी आराम से गुजर रही थी और पैसों की भी कोई कमी नहीं थी। मुझे लगता था कि जिंदगी ने मुझे सब कुछ दे दिया है, लेकिन सिर्फ 15 साल की उम्र में मुझे दो बार टीबी हुई। बड़ी मुश्किल से उससे उबरी, लेकिन असली लड़ाई अभी बाकी थी। आगे चलकर कैंसर ने मुझे तीन बार अपनी चपेट में लिया और एक बार मेरे पति को भी। साल 1995। मेरी उम्र थी 19 साल। दिल्ली में पढ़ाई कर रही थी, तभी एक दिन ब्रेस्ट में तेज दर्द उठा। पहले लगा नॉर्मल समस्या होगी, लेकिन दर्द बढ़ता गया। घबराकर मैंने पापा को बताया और उन्होंने तुरंत मुझे रोहतक बुला लिया। जांच में डॉक्टरों ने बताया कि ब्रेस्ट में गांठ है। उस दौर में मैमोग्राफी जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं थीं। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। 19 साल की उम्र में पहली बार ऑपरेशन थिएटर के बाहर खड़ी मैं डर से कांप रही थी, लेकिन सर्जरी सफल रही और गांठ निकाल दी गई। मेरे ऑपरेशन के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि घर पर एक और तूफान आ गया। पिता को लिवर कैंसर होने का पता चला। वह रिटायर्ड अफसर थे, मजबूत इंसान थे, लेकिन कुछ ही महीनों में बीमारी ने उन्हें मुझसे छीन लिया। पिता मेरे लिए पैसा और प्रॉपर्टी छोड़ गए थे, इसलिए भविष्य की चिंता नहीं थी, लेकिन जिस इंसान के भरोसे मैं खड़ी थी, वही चला गया। मां से मुझे कभी वह अपनापन नहीं मिला। बचपन से घर में काम करने वाली अम्मा ने मुझे पाला, जिन्हें मैं आज भी ‘हंसो मां’ कहती हूं। पापा के जाने के बाद खुद को संभालना मेरी जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाइयों में से एक था। 1997 में मैंने सोचा था कि जिंदगी फिर पटरी पर लौट रही है। मैं पढ़ाई के लिए दोबारा दिल्ली आ गई थी, लेकिन तभी नाभी के पास तेज दर्द शुरू हुआ। जांच में पता चला कि मुझे बार्थोलिन ग्लैंड कैंसर है, जो वजाइना के हिस्से में होता है। दूसरी बार ‘कैंसर’ शब्द सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। पापा अब इस दुनिया में नहीं थे और मां ने साफ कह दिया- ‘मैं ऑपरेशन के लिए नहीं आऊंगी।’ यह सुनकर मुझे दुख कम, खालीपन ज्यादा महसूस हुआ। आखिर में मैंने दोस्तों को सब बताया। वही मेरे परिवार की तरह खड़े रहे। उन्होंने अस्पताल के चक्कर लगाए, हिम्मत दी और सर्जरी करवाई। लगा कि लड़ाई खत्म हो गई… लेकिन सिर्फ छह महीने बाद उसी जगह फिर दर्द शुरू हो गया, जहां कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। जैसे ही लगा कि जिंदगी फिर सामान्य हो रही है, डॉक्टरों ने बताया कि बार्थोलिन ग्लैंड में कैंसर दोबारा लौट आया है। मुझे फिर ऑपरेशन थिएटर में जाना पड़ा। सर्जरी हुई। धीरे-धीरे संभल रही थी कि छह महीने के भीतर मेरी तबीयत फिर बिगड़ गई। जांच रिपोर्ट ने एक और झटका दिया- इस बार कैंसर फैलोपियन ट्यूब के हिस्से तक पहुंच चुका था। इलाज लंबा, दर्दनाक और थका देने वाला था, लेकिन डॉक्टर किसी तरह मेरी फैलोपियन ट्यूब बचाने में कामयाब रहे। मैं बार-बार कैंसर को हराने की कोशिश कर रही थी, लेकिन हर अस्पताल के कमरे में मुझे पापा की गैरमौजूदगी सबसे ज्यादा चुभती थी। कैंसर की लंबी लड़ाई लड़कर जब घर लौटी, तो घर में मां रोज शादी के लिए दबाव बनाने लगीं। मैं मानसिक रूप से इतनी थक चुकी थी कि बस उस माहौल से बाहर निकलना चाहती थी। तब मेरी उम्र 28 साल थी। एक जाट लड़के को पसंद करती थी। मैंने उससे शादी करने का फैसला कर लिया। उसे और उसके परिवार को साफ बता दिया था कि मैं कैंसर सर्वाइवर हूं। मुझे लगा था कैंसर सर्वाइवर होना उनके लिए सबसे बड़ा सवाल होगा, लेकिन उन्हें मेरे कैंसर से नहीं, मेरी उम्र से परेशानी थी- मैं उनके बेटे से पांच साल बड़ी थी। आखिरकार शादी हो गई। लेकिन ससुराल पहुंचते ही एक नई लड़ाई शुरू हो गई। मुझसे घूंघट करने को कहा जाता, हर बात पर रोक-टोक होती। हॉस्टल में पली मेरी आजाद जिंदगी अचानक परंपराओं के घेरे में कैद की जाने लगी। घूंघट न करने पर अक्सर झगड़े होते। आखिरकार रोज के तनाव से तंग आकर मैं पति के साथ अलग रहने लगी। किराए के छोटे से घर में नई शुरुआत की और फैशन डिजाइनिंग सीखी। मैंने बीएएमएस की पढ़ाई की थी। इसलिए शौक में आयुर्वेद की प्रैक्टिस करती थी और साथ ही कपड़े डिजाइन कर अच्छी कमाई भी हो रही थी। शादी को छह साल हो चुके थे और हमारा एक साल का बेटा था। जिंदगी आखिरकार सामान्य लगने लगी थी। फिर एक दिन सब बदल गया। मैं रोहतक से बाहर थी, तभी पति का फोन आया- ‘मेरा मुंह खुलना बंद हो गया है, डॉक्टर के पास जा रहा हूं।’ मैं घबरा गई। तुरंत वापस लौटी और उन्हें अस्पताल लेकर गई। जांच में पता चला कि उन्हें गले का कैंसर है। पति एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे। 45 बार कीमोथेरेपी हुई। पैसों की कमी नहीं थी, लेकिन अपनों का साथ नहीं था। मेरी सास अपने बेटे को देखने तक नहीं आईं। उनकी सर्जरी 12 घंटे चली- सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक। बाहर मैं एक साल के बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी और अंदर पति जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे थे। तीन महीने बाद उनकी हालत सुधरने लगी। उन दिनों मैं अपनी आयुर्वेद की पढ़ाई के भरोसे जड़ी-बूटियों का काढ़ा बनाती थी, जिससे उनकी रिकवरी में सहारा मिला। पति के ठीक होने के बाद भी हमारे भीतर का डर खत्म नहीं हुआ। हम दोनों मौत को इतने करीब से देख चुके थे कि पैसा, बिजनेस और भाग-दौड़ अचानक बहुत छोटे लगने लगे। हमने तय किया- अब जिंदगी सिर्फ कमाने के लिए नहीं, सुकून से जीने के लिए होगी। मेरे पति ने अपना एग्रीकल्चर प्रोडक्ट बिजनेस छोड़ दिया। मैं फैशन डिजाइनिंग कर रही थी, लेकिन जिंदगी मुझे एक बिल्कुल नए रास्ते की ओर ले जा रही थी। एक दिन मुझे रेडियो के टॉक शो में बुलाया गया। वहां डायरेक्टर ने एक कपड़ा मेरी तरफ बढ़ाया और पूछा- बताओ, यह किस धागे से बना है? मैं जवाब नहीं दे पाई। उन्होंने कहा- तुम फैशन डिजाइनर हो और इसे नहीं पहचानतीं? यह रेजा कपास है। उनकी बात मेरे दिल पर लग गई। मैंने तुरंत कहा- मुझे 15 दिन दीजिए, मैं इसके बारे में सब जानकर लौटूंगी। मैंने इंटरनेट खंगाला, लोगों से पूछा, रिकॉर्ड ढूंढ़े- लेकिन कुछ नहीं मिला। आखिरकार पुरानी किताबों में इसका जिक्र मिला। कबीरदास और गरीबदास की रचनाओं में रेजा कपास पर बातें मिलीं, जिसे पढ़कर लगा कि मैं किसी भूली हुई विरासत के पीछे चल पड़ी हूं। रेजा सूत की कहानी ने मुझे भीतर तक बेचैन कर दिया। मैंने तय किया कि सिर्फ इसके बारे में पढ़ना नहीं, इसे अपने हाथों से समझना है। हरियाणा में एक पुराने मुस्लिम परिवार का पता चला, जो पीढ़ियों से चरखा चलाना सिखाता था। मैं उनके पास गई, चरखा सीखा और फिर एक चरखा अपने घर लेकर आई। मैंने अपने पति को भी यह सिखाया। हैरानी की बात यह थी कि जिस मन ने सालों तक अस्पताल, कैंसर और मौत का डर झेला था, उसे चरखे की आवाज में शांति मिलने लगी। धीरे-धीरे चरखा हमारे लिए सिर्फ हुनर नहीं, मानसिक इलाज जैसा बन गया। फिर मुझे लगा कि अगर इसने हमें सुकून दिया है, तो शायद उन लोगों को भी दे सकता है, जिनकी जिंदगी दुखों से भरी है। मैं जेलों में गई और कैदियों को चरखा सिखाना शुरू किया। उनके हाथों से निकला सूत कपड़ों में बदलता और उन्हें यह एहसास देता कि वे अब भी किसी काम के हैं। बाद में हमने हैंडलूम की मशीन पर धागों को कातना शुरू किया। अब तक मेरी सोच नहीं बदली थी। मेरा काम भी बदल गया था। मैंने हरियाणा में 1970 में खत्म हो चुकी रेजा कपास की खेती को फिर से जिंदा करने की ठानी। बड़ी मशक्कत से इसके बीज खोज पाई। आज मैं किसानों को रेजा कपास का बीज देती हूं और उनसे इसकी खेती करवाती हूं। उसी कपास से खादी के कपड़े बनाती हूं। उन कपड़ों पर डिजाइन खुद तैयार करती हूं। आज ये कपड़े देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंच रहे हैं। मेरी जानकारी में पूरे भारत में सिर्फ मैं ही रेजा कपास से डिजाइनर कपड़े बना रही हूं। लेकिन मेरी असली कमाई कपड़े नहीं। यह धागा है। जब यह घूमता है, तो मेरे भीतर का शोर धीमा पड़ जाता है। हर धागे के साथ लगता है कि मैं अपने टूटे हिस्सों को फिर से जोड़ रही हूं। हमने जिंदगी बहुत तेज भागकर जी थी- बीमारी, पैसा, बिजनेस, अस्पताल… सब देखा। अब हमने धीरे जीना सीखा है। आज भी मेरे पास घर, पैसा और सुविधाएं हैं, लेकिन सबसे बड़ी दौलत शांति है। पहले मैं सिर्फ कपड़े बुनती थी, अब अपनी जिंदगी को फिर से बुन रही हूं। (ललिता ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------------- 1- संडे जज्बात-हम अधेड़ कुंवारे कौवों जैसे अपशकुन माने जाते हैं:सरकार हमें देती है पेंशन, जाने कितने जानवरों से रेप करते पकड़े गए लोग मुझे मेरे नाम से कम, रं@#% कहकर ज्यादा बुलाते हैं। मुझे शुभ कामों से दूर रखा जाता है। गलती से पहुंच जाऊं तो लोगों का चेहरा उतर जाता है। मैं वीरेंद्र दून। हरियाणा के जिला हांसी के गांव पेटवाड़ का रहने वाला हूं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
बिना वैध लाइसेंस संचालित ऑटो एलपीजी पंप पर प्रशासन ने बिक्री तत्काल रुकवाई
अजमेर। जिला प्रशासन को प्राप्त सूचना के आधार पर गगवाना पुलिया के पास संचालित एक ऑटो एलपीजी पंप पर शनिवार को कार्रवाई करते हुए अविलंब प्रभाव से बिक्री रोकने के निर्देश जारी किए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा जिला रसद विभाग को सूचित किया गया कि उक्त स्थान पर एक ऑटो एलपीजी पंप […] The post बिना वैध लाइसेंस संचालित ऑटो एलपीजी पंप पर प्रशासन ने बिक्री तत्काल रुकवाई appeared first on Sabguru News .
ईडी ने अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा को भेजा समन
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर को अशोक खरात मामले में अगले सप्ताह पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश देते हुए समन जारी किया है। खबरों के अनुसार ईडी की जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी है, जिसमें समता पट्संस्था और स्वघोषित धर्मगुरु अशोक […] The post ईडी ने अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा को भेजा समन appeared first on Sabguru News .
यौन शोषण और धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
नासिक। महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने नासिक टीसीएस में कथित यौन शोषण और धर्म परिवर्तन मामले में मुख्य संदिग्ध निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केजी जोशी ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दी। पिछले सप्ताह हुई सुनवाई के दौरान विशेष लोक […] The post यौन शोषण और धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज appeared first on Sabguru News .
अलवर में ई-रिक्शा पलटने से 12 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शनिवार को कार की चपेट में आने से ई रिक्शा पर सवार एक 12 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालिका छवि गावा अपनी बहन चेष्टा के साथ बाल भारती स्कूल में पढ़ती थी। शनिवार को स्कूल की छुट्टी के बाद […] The post अलवर में ई-रिक्शा पलटने से 12 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत appeared first on Sabguru News .
व्हाट्सएप पर बॉस बनकर लगाई 5.30 करोड़ की चपत, 17 साइबर ठग अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान में पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 17 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम पुलिस मुख्यालय के उपमहानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जयपुर ने इन ठगों को गिरफ्तार किया। सिंह ने बताया कि आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर गैलेक्सी […] The post व्हाट्सएप पर बॉस बनकर लगाई 5.30 करोड़ की चपत, 17 साइबर ठग अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
डीग में प्रेम प्रसंग के चलते लड़के की पिता की हत्या
डीग। राजस्थान में डीग जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते लड़की के परिजनों द्वारा लड़के के पिता की गर्दन काटकर हत्या कर देने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मृतक की पहचान कोटी चढीयार निवासी मोहम्मद अब्दुल्ला के रूप में हुई है जिसका शव […] The post डीग में प्रेम प्रसंग के चलते लड़के की पिता की हत्या appeared first on Sabguru News .
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देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन सत्ता के बल पर नहीं, बल्कि समाज की जागरुकता और एकजुटता से संभव होता है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को शिक्षित, प्रशिक्षित और संगठित करने का […] The post राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को बढ़ावा दे मीडिया : निम्बाराम appeared first on Sabguru News .
Assam Election Results 2026 : असम विधानसभा चुनाव परिणाम : पार्टीवार दलीय स्थिति
असम विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 कुल सीटें : 126 बहुमत : 64 पार्टी सीट/बढ़त एनडीए 00 कांग्रेस+ 00 अन्य 00
कभी स्पा तो कभी थाने से वसूली, सिरोही BJP नेताओं के निशाने पर आई भाजपा सरकार और संगठन
सबुगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही भाजपा और प्रदेश की भजनलाल सरकार तथा उनका प्रशासन विपक्ष से ज्यादा अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ रहा है। पहले तेजराज सोलंकी ने स्पा और शराब वालो द्वारा जिला भाजपा के संचालन का आरोप लगाया था, फिर भाजपा प्रदेश संगठन के विशेष आमंत्रित सदस्य वीरेंद्रसिंह चौहान ने भी इसी मुद्दे […] The post कभी स्पा तो कभी थाने से वसूली, सिरोही BJP नेताओं के निशाने पर आई भाजपा सरकारऔर संगठन appeared first on Sabguru News .
मुंबई ने चेपॉक में टॉस जीतकर चेन्नई के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी (Video)
CSKvsMI मुंबई इंडियन्स ने चेपॉक में टॉस जीतकर चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बल्लेबाजी चुनी। दोनों ही टीम अंतिम 4 आने में संघर्ष कर रही है इस कारण यह मैच काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। TOSS @mipaltan have won the toss and will bat first against @ChennaiIPL Updates https://t.co/VVAjldiiC0 #TATAIPL | #KhelBindaas | #CSKvMI pic.twitter.com/Ad8xV5Adku — IndianPremierLeague (@IPL) May 2, 2026 चेन्नई सुपर किंग्स: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), एमएस धोनी (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), कार्तिक शर्मा (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, सरफराज खान, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), अमन खान, शिवम दुबे, जैक फॉल्क्स, रामकृष्ण घोष, अंशुल कंबोज, जेमी ओवरटन, मैथ्यू शॉर्ट, प्रशांत वीर, राहुल चाहर, श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह, मैट हेनरी, अकील हुसैन, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी, नूर अहमद। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक, मयंक रावत, नमन धीर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, दीपक चाहर, कृष भगत, एएम गजनफर, केशव महाराज, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा।
कियारा आडवाणी-सिद्धार्थ मल्होत्रा का मालदीव वेकेशन, बेटी संग शेयर किए क्यूट पल
बॉलीवुड के लवली कपल कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपने व्यस्त शेड्यूल से थोड़ा समय निकालकर अपनी बेटी सरायाह के साथ मालदीव में एक सुकून भरा वेकेशन मना रहे हैं। कियारा अपने वेकेशन की कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं। हाल ही में कियारा आडवाणी ने अपने 'फोटो डंप' से फैंस का दिल जीत लिया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने 'मॉम एरा' की झलक दिखाई है और अपने जीवन के सबसे खास लोगों यानी सिद्धार्थ और उनकी प्यारी बेटी सरायाह मल्होत्रा के साथ बिताए खुशनुमा पलों को साझा किया है। A post shared by KIARA (@kiaraaliaadvani) कियारा आडवाणी ने मालदीव से जो तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, उनमें उनके परिवार के साथ बिताए गए बेहद खूबसूरत पल दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में एक ओर जहां सरायाह के छोटे-छोटे हाथों की झलक है, तो वहीं दूसरी ओर उनके प्यारे हॉलिडे आउटफिट्स भी नजर आ रहे हैं। इस फोटो डंप में वे वीडियोज भी शामिल हैं, जिनमें कियारा समंदर के साफ पानी में तैरती हुई नजर आ रही हैं और सिद्धार्थ के साथ डांस के कुछ हल्के-फुल्के पल साझा कर रही हैं। अपनी पोस्ट को कैप्शन देते हुए कियारा ने लिखा, सन-किस्ड दिन, नमकीन बाल और मेरे जीवन के प्यार के साथ शांति से भरा दिल। A post shared by Sidharth Malhotra (@sidmalhotra) सिद्धार्थ मल्होत्रा ने भी इस ट्रिप के कुछ अनदेखे पल साझा किए हैं। तस्वीरों में कपल का रोमांटिक अंदाज और मालदीव की खूबसूरत, नीले पानी वाली लोकेशन दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो वे अपने वाटर विला में प्रकृति के बीच क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं। फैंस इस बात से बेहद खुश हैं कि कपल अपनी बेटी के साथ बेहतरीन और यादगार लम्हे बना रहा है। कियारा ने एक ऐसी तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें वे अपनी बेटी को समुद्र के जीवों के बारे में एक किताब पढ़कर सुना रही हैं। यह प्यारा पल फैंस को बहुत पसंद आ रहा है और वे कमेंट्स में इस मां-बेटी के रिश्ते की खूब तारीफ कर रहे हैं। कियारा और सिद्धार्थ की लव स्टोरी साल 2021 की फिल्म 'शेरशाह' के सेट से शुरू हुई थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उनके बीच एक गहरा रिश्ता बन गया। कुछ सालों तक सीक्रेट रूप से डेट करने के बाद, उन्होंने फरवरी 2023 में राजस्थान के जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में एक भव्य और बेहद निजी समारोह में शादी कर ली।
Weekly horoscope May 4-10 2026: इस सप्ताह आपके जीवन में ग्रहों की चाल नई चुनौतियां और अवसर लेकर आ रही है। 4 मई से 10 मई 2026 तक का समय करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और वित्तीय निर्णय के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कुछ राशियों के लिए यह सप्ताह नई परियोजनाओं और लाभ के संकेत देगा, जबकि कुछ राशियों को धैर्य और समझदारी की आवश्यकता होगी। साप्ताहिक राशिफल पढ़कर आप अपने जीवन में संतुलन बनाए रख सकते हैं और अनावश्यक तनाव से बच सकते हैं। ALSO READ: Jyeshtha Month 2026: ज्येष्ठ माह में क्या करें और क्या नहीं? साप्ताहिक राशिफल (4 मई से 10 मई 2026) मेष (21 मार्च – 19 अप्रैल) आप अपने करियर को लेकर थोड़ा रुककर सोच सकते हैं और सही दिशा तय कर सकते हैं। कोई अच्छा बिजनेस डील आपका आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। पढ़ाई में पीछे चल रहे छात्रों को मदद मिल सकती है। परिवार के बड़ों से सलाह लेने से निजी समस्या सुलझ सकती है। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। सेहत को लेकर आप नियमित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित रहेंगे। कुल मिलाकर यह सप्ताह धीरे-धीरे प्रगति देने वाला रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: मैरून वृषभ (20 अप्रैल – 20 मई) काम में आपकी क्रिएटिव सोच आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी और सराहना भी मिलेगी। पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। पढ़ाई कर रहे छात्रों को अच्छे मौके मिल सकते हैं। परिवार के किसी पुराने सदस्य से फिर जुड़ाव हो सकता है। प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी। सेहत के प्रति लापरवाही से बचें। यात्रा या नया घर मिलने की संभावना है। यह सप्ताह खुशी और प्रगति लेकर आएगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: पिंक मिथुन (21 मई – 20 जून) काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप अपनी समझदारी से सब संभाल लेंगे। पुराने प्रयासों से धन लाभ होगा। पढ़ाई में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। परिवार में किसी सदस्य की सफलता से खुशी का माहौल रहेगा। शादीशुदा जीवन सुखद रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में फायदा हो सकता है। यह सप्ताह संतुलन और प्रगति देने वाला रहेगा। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: ऑरेंज कर्क (21 जून – 22 जुलाई) आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और काम में प्रगति दिखेगी। पैसों पर आपका नियंत्रण बढ़ सकता है। पढ़ाई में ओवरकॉन्फिडेंस से बचना जरूरी है। व्यस्तता के बावजूद परिवार के लिए समय निकालना चाहिए। पार्टनर की भावनाओं को समझना जरूरी होगा। नियमित दिनचर्या से सेहत बेहतर होगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामले सुलझ सकते हैं। यात्रा भी सफल रह सकती है। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: पीच सिंह (23 जुलाई – 22 अगस्त) करियर में आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिल सकते हैं। कोई नया आर्थिक समझौता फायदेमंद हो सकता है। पढ़ाई में सुधार होगा। परिवार के साथ समय बिताना जरूरी रहेगा। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचें। संतुलित भोजन से सेहत अच्छी रहेगी। प्रॉपर्टी मिलने की संभावना है। सामाजिक जीवन व्यस्त रहेगा, इसलिए आराम भी जरूरी है। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: गोल्डन कन्या (23 अगस्त – 22 सितंबर) आपकी मेहनत और समझदारी से काम में सफलता मिलेगी। पुराने निवेश से लाभ होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पढ़ाई में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। घर का माहौल शांत और खुशहाल रहेगा। किसी करीबी की मदद करेंगे। मौसम से जुड़ी बीमारियों से बचाव करें। प्रॉपर्टी के कागज ध्यान से जांचें। यह सप्ताह विकास और संतुलन लेकर आएगा। ALSO READ: खप्पर योग से बदलेगी किस्मत: इन 4 राशियों पर बरसेगी सफलता और धन की वर्षा शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: क्रीम तुला (23 सितंबर – 22 अक्टूबर) काम में नियमितता बनाए रखने से सफलता मिलेगी। पैसों से जुड़ा कोई अच्छा मौका मिल सकता है। पढ़ाई में धीरे-धीरे सुधार होगा। परिवार के साथ छोटी यात्रा हो सकती है। कोई दोस्ती प्यार में बदल सकती है। फिटनेस पर ध्यान देने से अच्छे परिणाम मिलेंगे। कुछ फैसले सोच-समझकर लेने होंगे। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: सिल्वर वृश्चिक (23 अक्टूबर – 21 नवंबर) इस सप्ताह आप अपने रुके हुए काम पूरे कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। पढ़ाई में मेहनत जरूरी होगी। परिवार के लोगों की भावनाओं का ध्यान रखें। प्रेम संबंधों में भरोसा और गहराई बढ़ेगी। नई फिटनेस आदतें लाभ देंगी। यात्रा थोड़ी देरी से हो सकती है, लेकिन अच्छी रहेगी। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: डार्क रेड धनु (22 नवंबर – 21 दिसंबर) काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप मेहनत से सब पूरा कर लेंगे। समझदारी से लिए गए फैसले आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएंगे। पढ़ाई का तरीका बदलना फायदेमंद रहेगा। परिवार के किसी सदस्य की समस्या सुलझाने में मदद करेंगे। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। सेहत में भी सुधार दिखेगा। छोटी यात्रा मन को खुश करेगी। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: पर्पल मकर (22 दिसंबर – 19 जनवरी) आपकी मेहनत और लगन से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। सुरक्षित निवेश से आर्थिक लाभ होगा। पढ़ाई में सफलता आत्मविश्वास बढ़ाएगी। परिवार में कोई बड़ा आयोजन हो सकता है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। सेहत अच्छी रहेगी। सामाजिक जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: ब्राउन कुंभ (20 जनवरी – 18 फरवरी) आपकी मेहनत रंग लाएगी और आपको पहचान या आर्थिक लाभ मिल सकता है। पढ़ाई में सफलता से आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम का इजहार करने के लिए अच्छा समय है। सेहत में सुधार होगा। दोस्तों के साथ यात्रा का योग बन सकता है। प्रॉपर्टी विवाद सुलझ सकते हैं। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: बेज मीन (19 फरवरी – 20 मार्च) आपके फैसले और अनुमान सही साबित होंगे, जिससे आपकी पहचान बढ़ेगी। नया बिजनेस लाभ दे सकता है। घर की समस्याएं सुलझेंगी और शांति बनी रहेगी। पढ़ाई में नए अवसर मिल सकते हैं। पार्टनर के मूड को समझना जरूरी होगा। सेहत के प्रति लापरवाही न करें। घर बदलने का योग बन सकता है। अच्छी योजना से काम आसान होगा। ALSO READ: खप्पर योग 2026: 4 राशियों पर मंडरा रहा बड़ा संकट, क्या आपकी राशि भी शामिल? शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: येलो
बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता, टीवी होस्ट और स्टाइल आइकन करण जौहर अपने बेबाक अंदाज और आकर्षक फैशन सेंस के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। अब करण जौहर दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट मेट गाला में डेब्यू करने जा रहे हैं। करण के खास दोस्त फैशन डिजाइनर ने इसे कंफर्म किया है। करण जौहर 4 मई को न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित होने वाले 'मेट गाला' 2026 में अपना आधिकारिक डेब्यू करेंगे। इस खबर ने फैशन और सिनेमा प्रेमियों में उत्साह बढ़ा दिया है। मनीष मल्होत्रा ने लाइव टेलीविजन पर की पुष्टि पिछले कुछ दिनों से करण जौहर के मेट गाला में शामिल होने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब इन सभी अफवाहों पर विराम लग गया है। प्रसिद्ध फैशन डिज़ाइनर और अब फिल्म प्रोड्यूसर बन चुके मनीष मल्होत्रा ने लाइव टेलीविजन पर इस बात की पुष्टि की है। CBS Saturday Morning शो पर बातचीत के दौरान मनीष मल्होत्रा ने कहा, इस बार मैं एक बहुत बड़े निर्देशक के लिए कपड़े डिज़ाइन करने जा रहा हूं, जो अपने फैशन और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं— करण जौहर। मनीष मल्होत्रा ने यह भी इशारा किया कि इस बार का लुक बेहद नाटकीय और यादगार होने वाला है। उन्होंने कहा कि रेड कार्पेट पर अभी और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा, जिसके लिए दर्शकों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए। हर साल की तरह, मेट गाला 2026 का थीम और ड्रेस कोड बेहद अनूठा है। इस साल का थीम 'कॉस्ट्यूम आर्ट' रखा गया है। इवेंट का ड्रेस कोड 'फैशन इज़ आर्ट' है। इसके तहत लगभग 200 परिधानों को 200 कलाकृतियों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। करण जौहर को अक्सर अलग-अलग फैशन शोज और कार्यक्रमों में अतरंगी व बोल्ड कपड़ों में देखा जाता है। वे फैशन के साथ प्रयोग करने से कभी नहीं हिचकिचाते। वह हमेशा से ही मेट गाला जैसे वैश्विक मंचों की तारीफ करते आए हैं और पहले भी शाहरुख खान, दिलजीत दोसांझ और कियारा आडवाणी जैसे भारतीय सितारों की प्रशंसा कर चुके हैं।
आशुतोष गोवारिकर बने 57वें IFFI के फेस्टिवल डायरेक्टर, फिल्ममेकर ने जताई खुशी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्मकार आशुतोष गोवारिकर को 57वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) का फेस्टिवल डायरेक्टर नियुक्त करने की आधिकारिक घोषणा की है। यह नियुक्ति इस साल के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सिनेमाई अपडेट्स में से एक है। आशुतोष गोवारिकर ने इस पद पर जाने-माने फिल्म निर्माता शेखर कपूर का स्थान लिया है, जिन्होंने 55वें और 56वें संस्करणों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था। 57वें IFFI का आयोजन इस साल नवंबर के महीने में गोवा के खूबसूरत और ऐतिहासिक तटों पर किया जाएगा। इस आयोजन में देशभर और दुनिया भर से बड़ी संख्या में सिने प्रेमी, निर्देशक और कलाकारों के शामिल होने की उम्मीद है। A post shared by IFFI (@iffigoa) अपनी इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष गोवारिकर ने गहरा हर्ष और गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए बताया कि उनका इस महोत्सव के साथ जुड़ाव बहुत पुराना है। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए अत्यंत गर्व और खुशी की बात है कि मुझे 57वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, गोवा के फेस्टिवल डायरेक्टर के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। मुझे इस महोत्सव के विकास का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला है। गोवारिकर ने 1984 में पहली बार इस महोत्सव में हिस्सा लिया था और तब से उनका यह जुड़ाव लगातार बना रहा है। हाल ही में, 2024 के संस्करण में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के लिए जूरी प्रेसिडेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने यह भी कहा कि 1952 से चली आ रही इस विरासत को आगे बढ़ाना एक बहुत बड़ा सम्मान और जिम्मेदारी का काम है। वे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गोवा सरकार के साथ मिलकर इस महोत्सव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आशुतोष गोवारिकर को भारतीय सिनेमा में उनके ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों पर आधारित शानदार फिल्मों के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्में न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराही गई हैं और उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
सोमवार को कर लें ये छोटा सा काम, बरसों से बंद किस्मत का ताला भी खुल जाएगा
Somvar ke upay in hindi: सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रमा को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को शांति, समृद्धि और नई शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। यदि आप अपनी सोई हुई किस्मत को जगाना चाहते हैं, तो सोमवार के इन विशेष नियमों का पालन करना आपके लिए चमत्कारिक सिद्ध हो सकता है। आध्यात्मिक और मानसिक ऊर्जा के लिए शिव कृपा: सोमवार को चंद्रमा की शीतलता प्राप्त करने और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इन कार्यों से शुरुआत करें: भस्म का तिलक : सुबह स्नान के बाद माथे पर पवित्र भस्म का तिलक लगाएं। यह न केवल भगवान शिव का आशीर्वाद दिलाता है, बल्कि आपके विचारों को एकाग्र और शांत भी रखता है। साधना की शुरुआत: यदि आप किसी विशेष मंत्र या आध्यात्मिक साधना को शुरू करना चाहते हैं, तो सोमवार का दिन सर्वोत्तम है। यह मानसिक शांति और सिद्धि प्रदान करने वाला होता है। कुलदेवता का स्मरण: यदि आप किसी भी प्रकार के शारीरिक, मानसिक या आर्थिक कष्ट से गुजर रहे हैं, तो सोमवार को अपने कुलदेवता की विधिवत पूजा करें। यह आपके पूर्वजों का आशीर्वाद और सुरक्षा कवच प्रदान करता है। आर्थिक उन्नति और निवेश (Money & Investment) अर्थ: आर्थिक मजबूती के लिए सोमवार को निवेश की दृष्टि से बहुत भाग्यशाली माना गया है: शुभ निवेश: यदि आप सोना, चांदी या शेयर मार्केट में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो सोमवार को चुनना आपके धन की वृद्धि में सहायक होता है। क्रय-विक्रय: डेयरी उत्पादों जैसे दूध और घी के व्यापार या लेन-देन के लिए यह दिन अत्यंत लाभदायक माना गया है। करियर और नई शुरुआत (Career & Growth) पद: नया काम शुरू करने या पदभार ग्रहण करने के लिए सोमवार की ऊर्जा बहुत सकारात्मक होती है: नौकरी और पद: शपथ ग्रहण, राज्याभिषेक या नई नौकरी ज्वाइन करने के लिए यह दिन सफलता की गारंटी देता है। लेखन और कृषि: यदि आप लिखने-पढ़ने के शौकीन हैं या कृषि संबंधी कोई नया प्रयोग शुरू करना चाहते हैं, तो सोमवार को किया गया श्रीगणेश लंबे समय तक लाभ देता है। भवन निर्माण: अपने सपनों का घर बनाने (गृह निर्माण) की शुरुआत के लिए सोमवार का मुहूर्त शुभ फलदायी होता है। यात्रा और दिशा ज्ञान दिशा: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार सोमवार को कुछ दिशाएं आपके लिए फलदायी होती हैं: शुभ दिशा: इस दिन दक्षिण, पश्चिम और वायव्य (North-West) दिशा में यात्रा करना सुखद और उद्देश्यपूर्ण रहता है। सावधान! सोमवार को भूलकर भी न करें ये काम जहाँ कुछ कार्य किस्मत खोलते हैं, वहीं कुछ गलतियां आपके भाग्य को बाधित कर सकती हैं: दिशाशूल का ध्यान: सोमवार के दिन उत्तर, पूर्व और आग्नेय (South-East) दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि जाना अनिवार्य हो, तो दर्पण देखकर निकलें। इन वस्तुओं का दान न करें: चंद्रमा को मजबूत रखने के लिए सोमवार को किसी को भी सफेद वस्त्र या दूध का दान नहीं करना चाहिए, इससे आपकी अपनी सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है। शक्कर का त्याग: इस दिन अपने भोजन में सफेद शक्कर (चीनी) का त्याग करना मानसिक शांति और चंद्र दोष निवारण के लिए उत्तम है। चंद्र दोष निवारण का अचूक उपाय यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कष्ट दे रहा हो या आप बहुत अधिक मानसिक तनाव महसूस करते हैं, तो यह उपाय करें: रात को सोते समय एक बर्तन में दूध या पानी भरकर अपने सिरहाने (Bed के पास) रखें। अगली सुबह बिना किसी से बात किए उस जल या दूध को पीपल के पेड़ की जड़ में अर्पित कर दें। निष्कर्ष: सोमवार का दिन संयम और नियम का है। इन छोटे लेकिन प्रभावी उपायों को अपनी जीवनशैली में शामिल करके आप न केवल शिव कृपा प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन की दिशा भी बदल सकते हैं।
शिमरी साड़ी में निक्की तंबोली ने ढाया कहर, डीपनेक ब्लाउज पहन लगाया बोल्डनेस का तड़का
टीवी और सोशल मीडिया सेंसेशन निक्की तंबोली अपने अपने बोल्ड और दिलकश अंदाज के लिए मशहूर हैं। वह अपनी सिजलिंग अदाओं से इंटरनेट पर तहलका मचाती रहती हैं। इस बार निक्की ने मरून कलर की साड़ी में अपनी कुछ सुपर सिजलिंग तस्वीरें शेयर की है। खूबसूरत शिमरी साड़ी में निक्की की अदाएं देखने लायक है। निक्की ने एक मॉर्डन और स्टाइलिश प्री-ड्रेप्ड शिमरी साड़ी है। इसके साथ उन्होंने मैचिंग स्ट्रैपी और डीप-नेकलाइन वाला ब्लाउज कैरी किया है, जो इस लुक को काफी बोल्ड और आकर्षक बना रहा है। निक्की ने सॉफ्ट ग्लैम मेकअप, न्यूड लिपिस्टिक और स्मोकी आई मेकअप से अपना लुक कम्प्लीट किया है। इसके साथ उन्होंने अपने बालों को खुला रखा है और उन्हें एक सॉफ्ट वेवी लुक दिया है। निक्की ने भारी नेकलेस, मैचिंग इयररिंग्स और ब्रेसलेट के साथ अपनी एक्सेसरीज को बहुत ही सलीके से चुना है। लाल नेल पेंट और हाथों में अंगूठियां उनके पूरे लुक को बैलेंस कर रही हैं। तस्वीरों में निक्की के पोज और फेशियल एक्सप्रेशन देखने लायक हैं। वह कैमरे के सामने बेहद कॉन्फिडेंट होकर अपने कर्व्स और ड्रेस को फ्लॉन्ट करती हुई दिख रही हैं। निक्की तंबोली का यह सुपर सिजलिंग अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है। इन तस्वीरों पर 1 लाख से ज्यादा लाइक्स आ चुके हैं।
'वंडर ऑफ द सीज' पर MMNA सखी रीयूनियन 2026 का भव्य आयोजन
उत्तरी अमेरिका की माहेश्वरी महासभा (MMNA) ने अपनी महिला विंग के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया। '3rd सखी रीयूनियन 2026' के तहत अमेरिका और कनाडा के विभिन्न शहरों से आईं 125 से अधिक माहेश्वरी महिलाओं (सखियों) ने रॉयल कैरेबियन के दुनिया के विशालकाय क्रूज 'वंडर ऑफ द सीज' (Wonder of the Seas) पर तीन दिनों तक अपनी संस्कृति और अटूट दोस्ती का जश्न मनाया। मियामी से बहामास तक के इस समुद्री सफर ने न केवल बहनचारे (Sisterhood) को मजबूत किया, बल्कि सात समंदर पार भारतीय संस्कृति की एक चमकती हुई छाप भी छोड़ी। विविधता में एकता : 25 से 75 वर्ष की सखियां एक साथ इस रीयूनियन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें 25 वर्ष की युवतियों से लेकर 75 वर्ष की वरिष्ठ महिलाओं तक ने शिरकत की। अमेरिका और कनाडा के 9 अलग-अलग चैप्टर्स का प्रतिनिधित्व करते हुए, इन महिलाओं ने उम्र की सीमा को पार कर साथ मिलकर योग, जुम्बा, अंत्याक्षरी और संगीत कार्यक्रमों का आनंद लिया। इनके नेतृत्व में मिली सफलता : इस भव्य आयोजन का सफल नेतृत्व MMNA की नेशनल सखी लीड्स शीतल बलदवा, स्मिता जाजू, मयूरी करवा और नेहा राठी ने किया। कार्यक्रम को ट्रस्टी बोर्ड की सदस्य पूनम भूतड़ा और नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की दीपाली दरगड़ का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सभी चैप्टर्स की सखी लीड्स और अध्यक्षों के सहयोग ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया। मनोरंजन और रोमांच का संगम : कार्यक्रम के दौरान पूरे समय मनोरंजन और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्रूज पर आयोजित गतिविधियों में मुख्य रूप से संगीत और डीजे नाइट का आयोजन किया गया। सुबह के सत्र में योग और जुम्बा आकर्षण का केन्द्र रहे। इसके अलावा कॉकटेल इवनिंग, ग्रुप गेम्स आदि आयोजन भी हुए। एक प्रतिभागी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा- 'देर रात तक चलने वाली बातें और नए चैप्टर्स की सखियों से मिलना—इन तीन दिनों ने ऐसी यादें दी हैं जो जीवन भर साथ रहेंगी।' एक अनूठी मिसाल : यह संभवतः पहला ऐसा मौका है जब किसी भारत-अमेरिकी सामाजिक संगठन की महिला विंग ने इतने बड़े स्तर पर उत्तरी अमेरिका के कोने-कोने से आकर क्रूज पर रीयूनियन की हो। इस रीयूनियन ने न केवल समुदाय के भीतर रिश्तों को मजबूत किया, बल्कि क्रूज पर मौजूद अन्य देशों के यात्रियों को भी भारतीय नारी शक्ति और संस्कृति से रूबरू कराया। MMNA सखी पहल का सफर : साल 2006 में शुरू हुई MMNA सखी पहल आज माहेश्वरी महिलाओं के लिए आत्मविश्वास, नेतृत्व और नेटवर्किंग का एक सशक्त मंच बन चुकी है। 2026 का यह रीयूनियन समुदाय की प्रगति, बेहतरीन नियोजन और आपसी जुड़ाव का जीता-जागता उदाहरण है। आयोजकों की इस बात के लिए सराहना की जा रही है कि उन्होंने माहेश्वरी विरासत को संजोते हुए आधुनिक परिवेश में एक सार्थक और सुव्यवस्थित कार्यक्रम पेश किया।
IPL के बाद सिनेमाघरों में मचेगा धमाल, इस दिन रिलीज हो रही राम चरण की 'पेड्डी'
‘पेड्डी’ साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनकर उभरी है, जिसमें ग्लोबल स्टार राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म में जाह्नवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में हैं। ऐलान के बाद से ही यह प्रोजेक्ट फैंस के साथ-साथ इंडस्ट्री में भी जबरदस्त चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में ‘पेड्डी पहलवान’ रिलीज किया गया, जिसमें राम चरण बिल्कुल अलग अवतार में नजर आए, और इसे पूरे देशभर से जबरदस्त प्यार मिला। अब फिल्म ने आधिकारिक तौर पर अपनी रिलीज डेट 4 जून 2026 तय कर ली है, जो आईपीएल सीजन के तुरंत बाद है। Grit is his story. Determination is his weapon #PEDDI WORLDWIDE RELEASE ON 4th JUNE, 2026 Mega Power Star @AlwaysRamCharan @NimmaShivanna #JanhviKapoor @BuchiBabuSana @arrahman @RathnaveluDop @artkolla @NavinNooli @bomanirani @IamJagguBhai @divyenndu @vriddhicinemas … pic.twitter.com/nhw1GB4fUS — Mythri Movie Makers (@MythriOfficial) May 1, 2026 ‘पेड्डी’ को लेकर उत्साह अपने चरम पर है और फिल्म अब 4 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शुमार यह फिल्म आईपीएल सीजन खत्म होते ही आएगी, जो एक बड़े पर्दे के शानदार तमाशे के लिए बिल्कुल सही समय माना जा रहा है और इससे बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचने की उम्मीद है। ‘पेड्डी’ हर नए कंटेंट के साथ साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल होती जा रही है। फिल्म से जुड़ा हर कंटेंट शानदार तरीके से काम कर रहा है, चाहे टीज़र हो, चिकिरी चिकिरी और राय राय रा रा गाना या पोस्टर्स, हर चीज़ ने ‘पेड्डी’ की दुनिया में एक बेहद अलग अंदाज़ में ले जाकर छोड़ा है। यह पूरी तरह कंटेंट की सफलता है, बिना किसी दिखावे के। बुची बाबू सना द्वारा लिखित और निर्देशित 'पेड्डी' में राम चरण मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही शिवा राजकुमार, जाह्नवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू भी नजर आएंगे। वेंकट सतीश किलारू द्वारा अपने बैनर वृद्धि सिनेमाज और प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस माइश्री मूवी मेकर्स के सहयोग से निर्मित यह फिल्म 4 जून 2026 को रिलीज होगी।

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