मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का किया उद्घाटन
राजस्थान के पत्थर उद्योग को वैश्विक स्तर पर सिरमौर बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को सम्मानित किया और निवेश अनुकूल नीतियों पर चर्चा की।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने आगरा में अंतरराष्ट्रीय पुस्तकालय सम्मेलन का शुभारंभ किया
राजस्थान के राज्यपाल ने 'केंद्रीय हिंदी संस्थान ज्ञानकोश' का ऑनलाइन उद्घाटन किया और सभ्यता के विकास में पुस्तकों तथा डिजिटल लाइब्रेरी की महत्ता पर जोर दिया।
राजस्थान सौर ऊर्जा का केंद्र: 10,726 मेगावाट के सोलर पार्क स्वीकृत
मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य है और 1.31 लाख घरों में सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम लग चुके हैं।
ईएमआरएस के विस्तार से जनजातीय छात्रों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने सदन में बताया कि देशभर में 723 ईएमआरएस स्वीकृत हुए हैं और राजस्थान के सभी 31 विद्यालय वर्तमान में सुचारू रूप से कार्यशील हैं।
ब्यावर में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 2026 परीक्षा सामग्री पहुंची
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा आयोजित 2026 की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र कड़ी सुरक्षा के बीच ब्यावर पहुंचे और सिटी थाने में सुरक्षित रखवाए गए।
22 साल बाद प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास हुआ। 4 फरवरी को बजट सत्र के 7वें दिन विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पीएम मोदी नहीं पहुंचे। आज स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए कल उनकी स्पीच टालनी पड़ी। आखिर लोकसभा में ऐसा क्या हुआ कि स्पीकर ने पीएम को भाषण न देने की सलाह दी और उन्हें क्या होने की आशंका थी; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: लोकसभा में क्या हुआ और स्पीकर ने क्या कहा? जवाब: 4 फरवरी को पीएम मोदी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। हंगामा बढ़ने के बाद सदन की कार्यवाही प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही स्थगित कर दी गई। आज 5 फरवरी को कार्रवाई फिर शुरू हुई। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने एक दिन पहले सदन स्थगित करने और पीएम का भाषण टालने का कारण बताया। उन्होंने कहा, ‘जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे।’ बिरला ने आगे कहा, ‘अगर ये घटना हो जाती, तो लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती। इसे टालने के लिए मैंने पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया। पीएम ने मेरे सुझाव को माना।’ बिरला ने महिला सांसदों का पीएम की कुर्सी तक जाना मर्यादा के खिलाफ बताया। उन्होंने विपक्षी सांसदों से कहा, ‘आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंचीं, उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था।’ सवाल-2: विपक्ष ने ऐसा क्या किया कि स्पीकर ने पीएम को भाषण न देने की सलाह दी? जवाब: स्पीकर ओम बिरला ने 4 फरवरी को लोकसभा में हुई घटना का जिक्र करते हुए पीएम को भाषण न देने की सलाह दी। सवाल-3: स्पीकर बिरला को संसद में क्या होने की आशंका थी? जवाब: स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसद में कुछ अप्रत्याशित हो सकता था, जिससे लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती। स्पीकर बिरला के मुताबिक, 4 फरवरी को विपक्ष के कई संसदों ने उनके चैंबर का भी घेराव किया था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि संसद में दो तरह की ‘अप्रत्याशित घटना’ हो सकती थी- राजनीतिक विवाद या सुरक्षा पर खतरा। सदन में इससे पहले हुई अप्रत्याशित घटनाओं से समझते हैं कि लोकसभा में राजनीतिक या सुरक्षा की नजर से क्या अप्रत्याशित हो सकता था… सदन में हुई अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाएं 1988: तमिलनाडु विधानसभा में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा 1989: जे. जयललिता की साड़ी खींची 1997: उत्तर प्रदेश में विधायकों ने कुर्सियां और माइक फेंके 2014: कांग्रेस सांसद ने चलाया मिर्ची स्प्रे 2016: विधायक ने मंत्री पर जूता फेंका सदन की सिक्योरिटी अप्रत्याशित घटनाएं 1994: विजिटर गैलरी से एक आदमी कूद गया 2001: संसद भवन पर आतंकी हमला 2002: ओडिशा विधानसभा में बजरंग दल, विहिप का हंगामा 2023: संसद में घुसे 2 युवक, पीले धुएं वाले कैनिस्टर छोड़े सवाल-4: अगर हंगामा बढ़ता या कुछ अप्रत्याशित होता, तो फिर क्या होता? जवाब: संसद में अगर कोई अप्रत्याशित घटना या बहुत ज्यादा हंगामा होता है, तो सिक्योरिटी प्रोसिजर और प्रोटोकॉल तुरंत एक्टिव हो जाता है… 1. सदन की कार्यवाही रोकना 2. सांसदों और मंत्रियों की सुरक्षा 3. सुरक्षा चूक पर लॉकडाउन 4. कानूनी सख्त कार्रवाई -----------
Sagar News सागर में पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण: अपर सचिव ने राजघाट की लाइफ लाइन का जायजा लिया
अपर सचिव संजय दुबे ने सागर की राजघाट पेयजल परियोजना का निरीक्षण कर पानी की गुणवत्ता एवं SCADA सिस्टम की जांच की। जानें क्या हैं नागरिकों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के निर्देश।
Mumbai की खूबसूरती पर छाया प्रदुषण का साया ; सांसों पर संकट और विजिबिलिटी में भारी गिरावट
Mumbai में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुँचा! 5 फरवरी 2026 को शहर का AQI 295 दर्ज किया गया, जिससे विजिबिलिटी कम होकर 3 किमी रह गई। बीएमसी ने निर्माण धूल और धीमी हवा को जिम्मेदार बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को कम करने की सलाह दी है। पूरी रिपोर्ट और स्वास्थ्य सुरक्षा टिप्स यहाँ पढ़ें।
हल्दीघाटी रणभूमि का विकास: उच्च न्यायालय के निर्देश पर कलेक्टर ने किया निरीक्षण
जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने रक्ततलाई और हल्दीघाटी दर्रे का भ्रमण कर रक्त ताल के जीर्णोद्धार और अनुपयोगी भवनों को हटाने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
आमेट रेन बसेरा में व्यवस्थाएं संतोषजनक, विधिक सेवा समिति ने किया निरीक्षण
तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष विजय टांक के नेतृत्व में सफाई, भोजन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।
मैत्री वीरा केंद्र आमेट द्वारा गर्भवती महिलाओं को 50 बेबी किट वितरित
महावीर इंटरनेशनल मैत्री वीरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशुओं के लिए सहायता सामग्री प्रदान की।
ब्यावर: रामावास में हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट, किसान की मौत पर प्रदर्शन
रायपुर के रामावास में निजी कंपनी द्वारा फसल नष्ट करने से आहत किसान ने की आत्महत्या, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन।
ब्यावर: पीपलिया कलां में SMC-SDMC सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
पी.ई.ई.ओ. परिक्षेत्र के विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रबंधन समिति सदस्यों को दिया गया विस्तृत मार्गदर्शन।
करौली: स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा शुरू, सीएमएचओ ने जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी
चिकित्सा विभाग द्वारा 30 जनवरी से 13 फरवरी तक संचालित अभियान के तहत वाहन द्वारा कुष्ठ रोग की भ्रांतियों को दूर करने हेतु दृश्य-श्रव्य संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
ऑपरेशन शिकंजा: हिण्डौन सिटी में 10 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर राजबहादुर गिरफ्तार
भरतपुर रेंज आईजी और करौली एसपी के निर्देशन में नईमंडी पुलिस ने 2 साल से फरार एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को अग्रसेन कॉलेज के पास से पकड़ा।
'लोग गरीबी का दिखावा करते हैं...' निर्मला सीतारमण ने नहीं दिया ऐसा कोई बयान
बूम ने पाया कि मीडिया आउटलेट मॉलिटिक्स के लोगो वाला यह ग्राफिक पूरी तरह से फर्जी है. मॉलिटिक्स के एडिटर ने भी वायरल दावे का खंडन किया है.
नवनिर्मित कक्षा कक्षों का उद्घाटन: जिला कलेक्टर ने भामाशाहों को सराहा
राजकीय विद्यालय सारोला कलाँ में भामाशाह परिवार द्वारा निर्मित दो कक्षा कक्षों का उद्घाटन कर जिला कलेक्टर ने शैक्षणिक ढांचे और सामाजिक सरोकार पर जोर दिया।
सवाई माधोपुर: जिला अस्पताल और मंडी रोड़ पर हरे पेड़ों की कटाई शुरू
जिला अस्पताल परिसर और मंडी रोड़ पर सड़क निर्माण व छंटाई के नाम पर दर्जनों छायादार पेड़ों को काटा गया, पर्यावरण प्रेमियों ने जताई नाराजगी।
Parliament Budget Session : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कल हुए हंगामे को 'काला धब्बा' बताते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को खतरा था और विपक्षी सांसद उनकी कुर्सी तक पहुंच गए थे, जिसके कारण पीएम को सदन में न आने की सलाह दी गई। बजट सत्र के दौरान पीएम मोदी के भाषण टलने और सुरक्षा चूक के दावों की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
बालाजी क्रिकेट क्लब प्रतियोगिता: बालाजी क्लब ने फाइनल जीतकर खिताब जीता
लाखेरी में आयोजित प्रतियोगिता के रोमांचक फाइनल में बालाजी क्लब विजयी रहा, जहां मुख्य अतिथियों ने विजेता टीम को सम्मानित कर प्रोत्साहन राशि भेंट की।
करौली: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण आयोजित
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नवपदस्थापित एएनएम को मानसिक रोगों की पहचान, उपचार और टेलीमानस हेल्पलाइन के प्रति जागरूक किया गया।
सलूम्बर: राजकीय विद्यालय देवलिया को 100 लोहे के टेबल स्टूल भेंट किए
रविंद्र हैरिस प्राइवेट लिमिटेड उदयपुर ने लसाडिया के देवलिया स्कूल में फर्नीचर भेंट किया, शारीरिक शिक्षकों के प्रयासों से छात्रों को मिली सुविधा।
मध्य प्रदेश 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते ला रहा है, जिससे प्रोजेक्ट चीता को मजबूती मिलेगी। जानें कैसे यह कदम भारत में चीता पुनर्वास और वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में नया अध्याय लिखेगा।
पूंछरी क्षेत्र के विकास हेतु ₹67 करोड़ की कार्ययोजना को मिली मंजूरी
धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कार्यों की समीक्षा की, आगामी पखवाड़े तक कार्य पूर्ण करने और कृष्ण गमन पथ कॉरिडोर सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए।
बिहार के गया जिले के पहरपुर स्टेशन पर एक खौफनाक रेल हादसा हुआ। पटरियों पर अवैध रूप से उतारी गई लकड़ियों से टकराकर एक्सप्रेस ट्रेन ने एक भारी लट्ठा महिला यात्री पर उछाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। रेलवे की लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पूरी रिपोर्ट और वायरल वीडियो का सच यहाँ पढ़ें।
रिकॉर्ड छठवां विश्वकप जीतने पर भारत की नजर, गेंदबाजी करनी होगी बेहतर
INDvsENG भारत कल इंग्लैंड के खिलाफ बुलवायो में रिकॉर्ड छठवीं बार अंडर 19 विश्वकप खेलने और फाइनल जीतने उतरेगा। साल 2020 से भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाता आ रहा है। अंतिम बार भारत ने साल 2022 में इंग्लैंड को हराकर ही इस खिताब को पाया था। इस बार भी भारत अविजित होकर फाइनल की दौड़ दौड़ने आया है। लेकिन तस्वीर वैसी नहीं है जैसी दिख रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच को छोड़ दिया जाए तो वह बल्लेबाजी या गेंदबाजी किसी एक विभाग में फंसा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ टीम की बल्लेबाजी फंसी और उस स्कोर तक नहीं पहुंच पाई जहां पहुंचना चाहिए था। गेंदबाजों ने इस मैच को भारत की झोली में डाला वह भी खराब शुरुआत के बाद। वहीं अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत के गेंदबाजों की जमकर पिटाई हुई। 310 के स्कोर का मजाक भारतीय बल्लेबाजी ने बना दिया। वहीं इंग्लैंड की बात करें तो वह इस मुकाबले को जीतने के दावेदार नहीं है। लेकिन जैसे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया उन्हें हल्के में लेने की भूल करना भारी हो सकता है। रियू अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और अहमद की गेंद टर्न ले रही है। थॉमसन भी तेज गेंदबाजी के अगुवा है।
अहमदाबाद के सानंद इलाके में फार्महाउस पर अवैध शराब-हुक्का पार्टी पर पुलिस छापा, 81 लोग हिरासत में, ₹3 करोड़ की संपत्ति जब्त।
बयाना के नरेश शर्मा पुलिस सब इंस्पेक्टर से सर्किल इंस्पेक्टर पद पर हुए प्रोन्नत
कोटा में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर नरेश शर्मा को सीआई बनाया गया, गोवर्धन परिक्रमा के दौरान मिली खुशखबरी के बाद परिजनों ने किया भव्य स्वागत।
भरतपुर: गांव सिनपिनी के मुख्य रास्ते की खराब हालत से ग्रामीण परेशान
सिनपिनी गांव में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों और आम लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
डीग: ग्राम पंचायत खेड़ाब्रह्मांड में कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूछरी लोटा में चौपाल और नुक्कड़ सभा के जरिए मनरेगा योजनाओं के संरक्षण पर चर्चा की गई।
संजय मिश्रा और नीना गुप्ता ने की 'वध 2' को बड़े पर्दे पर देखने की अपील, एडवांस बुकिंग हुई शुरू
2026 की सबसे मोस्ट-अवेटेड थ्रिलर मिस्ट्री फिल्मों में शामिल 'वध 2' एक बार फिर संजय मिश्रा और नीना गुप्ता जैसे अनुभवी और सम्मानित कलाकारों को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है। रिलीज डेट करीब आते ही दोनों कलाकारों ने दर्शकों से अपील की है कि वे वध 2 को सिनेमाघरों में जरूर देखें। 6 फरवरी, 2026 को रिलीज़ होने वाली इस फिल्म की एडवांस बुकिंग अब शुरू हो चुकी है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही यह फिल्म दर्शकों को लगातार इंट्रीग कर रही है और लोग इसकी रिलीज़ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जसपाल सिंह संधू द्वारा लिखी और निर्देशित, और लव रंजन व अंकुर गर्ग की लव फिल्म्स के बैनर तले बनी यह स्पिरिचुअल सीक्वल 2026 की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली और मोस्ट-अवेटेड रिलीज़ में शामिल हो चुकी है। A post shared by Sanjay Mishra (@imsanjaimishra) 2025 में 56वें IFFI में हुई इसकी गाला प्रीमियर के बाद फिल्म को लेकर उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया, जहां इसे जोरदार तालियां मिलीं और एक बार फिर संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की भारतीय सिनेमा के सच्चे दिग्गजों के रूप में पहचान पुख्ता हो गई। लव फिल्म्स की प्रस्तुति वध 2 को जसपाल सिंह संधू ने लिखा और निर्देशित किया है, जबकि इसे लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 6 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।
भावरी क्लस्टर ग्रामीण उत्थान शिविर में अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराजगी
सरूपगंज के राजकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में समय पर अधिकारी नहीं पहुंचने से ग्रामीण और जनप्रतिनिधि बिना काम कराए निराश होकर लौटे।
प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में कांग्रेस जिलाध्यक्षों ने वरिष्ठ नेताओं से की मुलाकात
बारां व झालावाड़ के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों ने जयपुर में अशोक गहलोत और डोटासरा के साथ पंचायती राज चुनाव की रणनीति साझा की।
यूजीसी कानून के विरोध में बारां में बैठक, 8 फरवरी को निकलेगी महारैली
बारां की खंडेलवाल धर्मशाला में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून को समाज विरोधी बताते हुए आंदोलन और दुपहिया वाहन रैली का निर्णय लिया।
मंगल 2027 तक नरेंद्र मोदी को देगा मजबूती, इसके बाद इस नेता का होगा उदय
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में मंगल ग्रह वर्ष 2027 तक मजबूत स्थिति में बना रहेगा, जिससे उन्हें नेतृत्व, निर्णय क्षमता और राजनीतिक मजबूती मिलती रहेगी। इस अवधि में उनके लिए बड़े फैसले लेना और सत्ता पर पकड़ बनाए रखना आसान रहेगा। हालांकि इसके बाद ग्रहों की चाल में बदलाव के साथ एक नए नेता के सितारे बुलंदी पर पहुंचने का संकेत मिलता है। यह परिवर्तन भारतीय राजनीति में नए समीकरण और नई दिशा का संकेत दे सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी और मंगल: 1. जन्म कुंडली में मंगल: पीएम मोदी की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न की है और उनकी राशि भी वृश्चिक है। वृश्चिक लग्न कुंडली के लग्न में मंगल और चंद्र बैठे हैं। मंगल और चंद्र की युति को महालक्ष्मी योग कहते हैं। इसी के साथ ही लग्नेश मंगल केंद्र में स्वराशिस्थ होकर 'रूचक' नामक पंच महापुरुष राजयोग बना है। मंगल छठे एवं प्रथम भाव का स्वामी होकर लग्न में स्थित हैं, इसलिए मोदी के शत्रु मोदी से कभी जीत नहीं पाएं। जिन लोगों ने भी उनसे सीधा सीधा पंगा लिया उनका भविष्य खतरे में आ गया है। मोदी जी के कुंडली में शत्रुहंता योग है। उनके शत्रुहंता योग से 2 तरह के लोग ही बच सकते हैं- 1. पहला वह जिसकी कुंडली में भी शत्रुहंता योग हो, राहु की पोजिशन स्ट्रांग हो या जिसका मंगल स्ट्रांग हो और 2. दूसरा वह व्यक्ति बच सकता है जिसमें कोई आध्यात्मिक बल हो या जो किसी अध्यात्मिक शक्ति से जुड़ा हो। 2. मंगल की महादशा: वर्तमान में पीएम मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है जो 29 नवम्बर 2021 से प्रारंभ होकर 29 नवम्बर 2028 तक रहेगी। गुरु की अंतर्दशा होने से दुनिया के सभी नेता मोदी को अपना नेता मानेंगे और दशम भाव में शुक्र के होने से चुनौतियां तो बहुत मिलेंगी परंतु गुरु के कारण उन सबसे पार पा लेंगे। 07/12/027 के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति में बदलाव होना प्रारंभ होगा और इसके बाद 2028 तक उनका पद पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा। इस बीच देश के पटल पर एक नए नेता के उदय होने की संभावना प्रबल है। 3. लाल किताब: लाल किताब ज्योतिष के अनुसार, 17 सितंबर 2020 से 17 सितंबर 2026 तक शनि की महादशा चल रही है, जिसके अंतर्गत शनि की ही अंतर्दशा है। इसके बाद 17 सितंबर 2032 तक राहु की दशा शुरू होगी। इस दशा का संकेत है कि वर्ष 2027 तक प्रधानमंत्री मोदी की शक्ति और भारत का सम्मान पूरी दुनिया में और भी अधिक बढ़ेगा। इसका अर्थ है कि उन्हें 2027 तक कोई पद से नहीं हटा सकता है। सीएम योगी आदित्यनाथ और मंगल: 1. जन्म कुंडली में मंगल: यदि हम मोदी की कुंडली और गोचर से कंपेयर करें तो सभी नेताओं में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की कुंडली में भी शत्रुहंता योग होने के साथ ही मंगल की पोजिशन स्ट्रांग है। योगीजी की सिंह लग्न की कुंडली में पंचम में गुरु और कर्म भाव में शनि, सूर्य और बुध की युति है। छठे में राहु और 12वें में केतु विराजमान है। इसी के साथ लाभ भाव में मंगल और शुक्र की युति है और सप्तम भाव में चंद्रमा है। हालांकि उनकी राशि कुंभ है और लग्न में सिंह राशि है। उन पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है। कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती 24 जनवरी 2020 से शुरू हुई है और 3 जून 2027 को समाप्त होगी। 2. शुक्र की महादशा में होगा सत्ता परिवर्तन: योगी आदित्यनाथ की कुंडली में शुक्र की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है। इसके अंतर्गत राहु की प्रत्यांतर दशा चल रही है। इसी क्रम में फिर गुरु, शनि, बुध और केतु की प्रत्यांतर दशा चलेगी। इसके बाद वर्ष 2027 में शुक्र में सूर्य की अंतर्दशा चलेगी। सूर्य की अंतर्दशा जब चलेगी तब उनका सितारा बुलंदी पर होगा। शनि शुक्र की दशान्तर्दशा सितंबर 2026 से नवंबर 2029 की अवधि में योगी आदित्यनाथ के केंद्र में जाने के प्रबल ग्रह योग हैं। कहा जा रहा है कि जब शुक्र में मंगल की दशा प्रारंभ होगी तब योगी आदित्यनाथ का सितारा आसमान में चमकता हुआ नजर आएगा। 3.लाल किताब: योगी आदित्यनाथ राहु की महादशा में मुख्यमंत्री बने, इसके बाद केतु की दशा प्रारंभ हुई और अब वर्तमान में गुरु की महादशा चल रही है। यह दशा वर्ष 2022 से प्रारंभ होकर 2028 को समाप्त होगी। बृहस्पति के बाद 5 जून 2028 से सूर्य की महादशा प्रारंभ होगी। सूर्य इनके कर्म भाव में विराजमान है। यह दशा वर्ष 2030 तक चलेगी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ को केंद्र में मजबूत नेता बनने से कोई नहीं रोक सकता। अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। Edited by: Anirudh Joshi
राजस्थान: शादी के तीन महीने बाद पत्नी ने ही रची पति की मौत की पटकथा, जानें किसने दिया अंजलि का साथ
राजस्थान के श्रीगंगानगर में शादी के तीन महीने बाद युवक की हत्या, पत्नी और उसके प्रेमी पर साजिशन हत्या का आरोप, पुलिस ने किया खुलासा।
मनरेगा योजना बचाने के लिए बारां में कांग्रेस पार्टी का धरना प्रदर्शन
बारां जिला कलेक्टर कार्यालय पर पूर्व मंत्रियों और विधायकों के नेतृत्व में नरेगा योजना के संरक्षण हेतु विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
झालावाड़: पुलिस कस्टडी में अनिल की मौत, प्रमोद शर्मा ने एसपी को ठहराया जिम्मेदार
युगान्तर संस्थान के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने प्रेस वार्ता कर झालावाड़ पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए और एसपी सहित अन्य कर्मियों को हटाने की मांग की।
Vvan के BTS फोटो में सिद्धार्थ मल्होत्रा–तमन्ना भाटिया की जबरदस्त केमिस्ट्री ने जीता दिल
'Vvan' अपनी अनाउंसमेंट के बाद से ही लगातार चर्चा में बना हुआ है। दर्शक बेसब्री से इससे जुड़ी और डिटेल्स का इंतजार कर रहे थे, और हाल ही में रिलीज़ हुआ इसका इंट्रिगिंग टीजर इसके मिस्टिकल वर्ल्ड की झलक दिखाता है, जो एक रिच कल्चरल बैकग्राउंड से जुड़ी अनोखी लोककथा को दिखाता है। इस बढ़ते एक्साइटमेंट के बीच सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की पहली बार ऑन-स्क्रीन जोड़ी वाली नई तस्वीर सामने आई है, जो उनकी फ्रेश केमिस्ट्री का इशारा देती है, जिसकी फैंस को शायद जरूरत थी लेकिन उन्हें इसका अंदाजा नहीं था। Vvan के सेट से सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की एक झलक सामने आई है। उनकी यह बिल्कुल नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी बेहद प्यारी लग रही है और इसमें गर्मजोशी और चार्म साफ झलकता है। पहली बार साथ नजर आ रहे इस जोड़ी से यूथफुल और एनर्जेटिक वाइब्स मिलती हैं, जो देखते ही दिल जीत लेती हैं। इस झलक ने फिल्म को लेकर बज़ को और भी बढ़ा दिया है। इस फ्रेश जोड़ी ने पहले ही फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है, जो लंबे समय से इन दोनों सितारों को एक साथ स्क्रीन शेयर करते देखने का इंतजार कर रहे थे। इस BTS मोमेंट में उनकी क्रैकलिंग केमिस्ट्री ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और अब फिल्म को लेकर उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। फिल्म के स्केल और इंट्रीग को और बढ़ाते हुए Vvan कंटेंट वर्ल्ड के दो बड़े पावरहाउस एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स और अरुणाभ कुमार की TVF के बीच एक अहम कोलैबोरेशन है। यह TVF की फीचर फिल्मों में पहली एंट्री भी है। फोक थ्रिलर जॉनर में बनी Vvan एक रेयर और दिलचस्प पेशकश के तौर पर उभर रही है, जो अपने अनोखे वर्ल्ड को लेकर दर्शकों की जिज्ञासा को और बढ़ा रही है। बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का एक डिविजन है, TVF के साथ मिलकर, 11.11 प्रोडक्शन के बैनर तले VVAN – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट पेश कर रहा है। Vvan एक बिग-स्क्रीन फोक थ्रिलर है, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म को अरुणाभ कुमार ने लिखा है और इसका निर्देशन दीपक मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने किया है, वहीं डीओपी और विज़ुअल डायरेक्टर की जिम्मेदारी मनु आनंद ने संभाली है। इसे शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
कोटा: विराट हिंदू सम्मेलन में नारी शक्ति शौर्य और मलखंब प्रदर्शन होगा
आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर कोटा में कलश यात्रा, नाट्य मंचन और इस्कॉन के मायापुरवासी दास प्रभु के आशीर्वचन के साथ भव्य आयोजन की तैयारी।
कितने बजे निकलेगा चांद? बिना चांद को अर्घ्य दिए अधूरा है व्रत, जानें अपने शहर में मूनराइज टाइमिंग।
कितने बजे निकलेगा चांद?, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय समय, 5 फरवरी 2026 संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि, दिल्ली में आज चांद निकलने का समय, मुंबई में संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय का समय 2026, संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण कैसे करें, भगवान गणेश की पूजा और चंद्र अर्घ्य विधि, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व, आज का चंद्रोदय समय लखनऊ और जयपुर, Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2026 moonrise time, Moonrise time in Delhi for Sankashti Chaturthi, How to break Sankashti Chaturthi fast correctly, Significance of Dwijapriya Sankashti Chaturthi in Hindi, Sankashti Chaturthi moon rise time in Mumbai and Pune, Ganesha Sankashti Chaturthi 2026 rituals and timing,
दिल्ली के मेहरौली में महिलाओं से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 26 वर्षीय व्यवसायी पर नशे में धुत युवकों ने जानलेवा हमला किया, चारों आरोपी गिरफ्तार।
Flipkart Valentine's Day Sale 2026 : 7 से 14 फरवरी तक चलने वाली इस सेल में iPhone 16, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स पर मिलेगी 80% तक की छूट। PNB और HSBC कार्ड पर इंस्टेंट डिस्काउंट और 10 मिनट में गिफ्ट डिलीवरी की सुविधा। इस वैलेंटाइन वीक की सबसे बड़ी सेल और ऑफर्स की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
मुम्बई की डाॅ. प्रेरणा और डाॅ. ऐश्वर्या ने कोटा में पूर्ण की मेडिकल रेटिना फैलोशिप
सुवि नेत्र चिकित्सालय में मुम्बई की महिला चिकित्सकों ने डाॅ. निपुण बागरेचा के मार्गदर्शन में रेटिना एवं लेसिक लेज़र की आधुनिकतम पद्धतियां सीखीं।
10-10 हजार रुपये के 'वोटर घूस' कांड ने मचाया तहलका ; Prashant Kishor की सुप्रीम कोर्ट को गुहार
Prashant Kishor की जन सुराज पार्टी ने बिहार चुनाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में आरोप है कि आचार संहिता के दौरान 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 35 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये बांटे गए। क्या दोबारा होंगे बिहार विधानसभा चुनाव? अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस बड़ी याचिका और कोर्ट की आगामी सुनवाई पर विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मिर्जापुर में जिम के जरिए युवतियों को फंसाने और कथित जबरन धर्मांतरण के मामले में मौलाना की गिरफ्तारी, कई आरोपी जेल में, जांच जारी।
मीरा रोड: शादी के दो दिन बाद दुल्हन 4.65 लाख के गहने लेकर फरार
शांति नगर में मैट्रिमोनियल एजेंट के जरिए हुई शादी के बाद युवती नकदी और कीमती सामान लेकर गायब, पुलिस ने तीन के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी।
Modi-Trump ट्रेड डील पर कांग्रेस का AI तंज; व्यंग्य वीडियो से सियासी बहस तेज
कांग्रेस ने मोदी–ट्रंप प्रस्तावित ट्रेड डील पर एक AI-जनित व्यंग्य वीडियो साझा किया है, जिसमें टैरिफ, अमेरिकी खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर तंज कसा गया है। वीडियो को डीपफेक बताया गया, जिस पर सियासी बहस तेज हो गई है और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल उठे हैं।
गुवाहाटी के पंजाबारी में छापेमारी के दौरान 13 वर्षीय बच्ची को बेड के स्टोरेज बॉक्स से बचाया गया। बाल श्रम और उत्पीड़न के मामले में केस दर्ज।
Friday OTT Release में 6 फरवरी को ‘द राजा साब’, ‘किस किसको प्यार करू 2’, ‘सल्वाडोर’, ‘जैज सिटी’ समेत कई नई फिल्में और वेब सीरीज़ स्ट्रीम होंगी। कॉमेडी, हॉरर, थ्रिलर और डॉक्यूमेंट्री से भरी यह वीकेंड वॉचलिस्ट OTT दर्शकों के लिए परफेक्ट है।
Yashoda Jayanti 20026: कब है यशोदा जयंती 6 या 7 फरवरी, जानें सही डेट, मुहूर्त, पूजा विधि और कथा
Yashoda Jayanti 2026 date: यशोदा जयंती भगवान श्री कृष्ण की मैया यशोदा के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। हर साल यह तिथि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को आती है। इस दिन श्रद्धालु मां यशोदा और बाल गोपाल की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और कथा का श्रवण करते हैं। माना जाता है कि यशोदा जयंती का व्रत करने से संतान सुख, पारिवारिक प्रेम, सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह पर्व खास तौर पर मातृत्व, निस्वार्थ प्रेम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। ALSO READ: सूर्य का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों की किस्मत चमकेगी यशोदा जयंती 2026: सही डेट कैलेंडर के मतांतर के अनुसार पूजन के शुभ मुहूर्त यशोदा जयंती पूजा विधि यशोदा जयंती की कथा साल 2026 में तिथि के समय को लेकर थोड़ा भ्रम हो सकता है, लेकिन उदय तिथि और गणना के अनुसार सही जानकारी नीचे दी गई है: यशोदा जयंती 2026: सही डेट साल 2026 में यशोदा जयंती 7 फरवरी (शनिवार) को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार 6 फरवरी को पंचमी तिथि है और फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 7 फरवरी को पड़ रही है। इस बार षष्ठी तिथि 7 फरवरी को 01:18 ए एम यानी रात से शुरू होगी, अत: हिंदू धर्म में त्योहार 'उदय तिथि' यानी सूर्य उदय के समय जो तिथि हो उसके अनुसार ही मनाया जाता है। इसलिए 7 फरवरी ही पूजन के लिए श्रेष्ठ दिन है। यशोदा जयंती शनिवार, 7 फरवरी 2026 के शुभ मुहूर्त षष्ठी तिथि प्रारंभ- 07 फरवरी, 2026 को 01:18 ए एम बजे षष्ठी तिथि समाप्त- 08 फरवरी, 2026 को 02:54 ए एम बजे यशोदा जयंती पूजा विधि इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। स्थापना: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता यशोदा और बाल गोपाल (कृष्ण जी) की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। श्रृंगार: माता यशोदा को लाल चुनरी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। बाल गोपाल को माखन-मिश्री का भोग लगाएं। दीप-धूप: घी का दीपक जलाएं और विधिवत आरती करें। मंत्र जाप: 'देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:' मंत्र का जाप तथा 'गोपाल सहस्त्रनाम' करना फलदायी माना जाता है। ALSO READ: शुक्रवार के खास 5 उपाय, धन संबंधी परेशानी करेंगे दूर यशोदा जयंती की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, माता यशोदा ने पूर्व जन्म में भगवान विष्णु की घोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने वरदान मांगने को कहा। यशोदा जी ने इच्छा जताई कि वे भगवान को अपने पुत्र के रूप में पाकर उन्हें वात्सल्य प्रेम देना चाहती हैं। अगले जन्म में जब भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार लिया, तब देवकी की संतान होने के बावजूद, योगमाया के प्रभाव से वे गोकुल में यशोदा माता के पास पहुंचे। एक बार यशोदा जी को बाल कृष्ण के मुंह में संपूर्ण ब्रह्मांड दिखाई दिया, जिसके कारण उनका भक्ति-भाव और गहरा हुआ। इस प्रकार माता यशोदा को साक्षात ईश्वर का पालन-पोषण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसीलिए इस दिन को मातृ-प्रेम के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: शनि और मंगल की युति से इस तारीख से बढ़ेगी दुनिया में टेंशन, इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क
डीडीए और एनबीसीसी ने भारत वंदना पार्क विकास हेतु समझौते का विस्तार किया
डीडीए और एनबीसीसी के बीच पूरक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत एनबीसीसी द्वारका सेक्टर-20 में पार्क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा।
भरतपुर: फर्जी एसओजी अधिकारी बनकर मारपीट और 25 हजार की वसूली
नगला तेहरिया में बोलेरो सवार बदमाशों ने गजेन्द्र सिंह को पीटा, सट्टा कारोबार दोबारा शुरू करने का दबाव बनाकर वसूले पैसे।
कानोड के पीएम श्री चतुर विद्यालय में मेवाड़ विश्वविद्यालय द्वारा गुरु वंदन कार्यक्रम आयोजित
तुलसी अमृत संस्थान के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के शिक्षकों का सम्मान किया गया और छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
बॉलीवुड संगीतकार-सिंगर पलाश मुच्छल बीते काफी समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। पलाश की शादी बीते साल 23 नवंबर को भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना से होने वाली थीं। दोनों की शादी के फंक्शन भी धूमधाम से चल रहे थे। लेकिन फिर स्मृति ने पलाश संग अपनी शादी कैंसिल करने का ऐलान कर दिया था। बीते दिनों स्मृति मंधाना ने पुराने दोस्त विद्यान माने ने पलाश मुच्छल पर 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इसके बाद पलाश पर स्मृति को धोखा देना का भी आरोप लगा। स्मृति के दोस्त ने दावा किया था कि पलाश को एक दूसरी महिला संग बिस्तर पर रंगे हाथों पकड़ा गया था। इतना ही नहीं स्मृति की दोस्तों ने उनकी पिटाई भी की थी। हालांकि स्मृति मंधाना ने कभी पलाश पर ऐसे कोई आरोप नहीं लगाए हैं। वहीं अब इस पूरे मामले पर पलाश के करीबी दोस्त एक्टर नंदीश संधू ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। नंदीश भी इस शादी में शामिल होने के लिए गए थे। लेकिन अचानक शादी टूटने की खबर ने उन्हें दुख पहुंचाया था। मिस मालिनी को संग बातचीत में नंदीश संधू ने पलाश पर लगे चिटिंग के आरोपों के बारे में बात करने से मना कर दिया। उन्होंने नपे-तुले अंदाज में कहा, वह किसी भी तरह की अटकलों को बढ़ावा नहीं देना चाहते। अभी इस बारे में कुछ ना कहना ही बेहतर है। बेहतर होगा कि पलाश खुद अपनी तरफ से इस पर सफाई दें। नंदीश ने कहा, मैं शादी में गया था, लेकिन वो नहीं हुई। फिर मुझे पता चला है कि ये अब नहीं हो रही। शुरुआत में जो खबर उन्हें और बाकी सभी को मिली थी, वह स्मृति मंधाना के परिवार में एक मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ी थी। बताया गया था कि स्मृति के पिता की तबीयत बिगड़ गई है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा, बाद में मुझे न्यूज और मीडिया से पता चला कि ऐसा छपा है और ऐसा हो रहा है और मुझे इसका बुरा लगा। जिस तरह से यह पूरी स्थिति पब्लिक में आई, वह देखकर बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। एक दोस्त होने के नाते यह देखना काफी पीड़ादायक था। पलाश और स्मृति के रिश्ते को लेकर नंदीश ने कहा, दोनों पिछले 5-6 साल से एक दूसरे के साथ थे और उनके बीच बहुत गहरा प्यार था। वे बहुत ही प्यारे और अच्छे कपल थे। वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन शादी नहीं हुई।
ठाणे में 18 मंजिला इमारत में लगी आग, 70 लोगों का रेस्क्यू
ठाणे के शास्त्री नगर स्थित मिलान हिल की बिल्डिंग में बिजली की पाइप से लगी आग के बाद दमकल विभाग ने 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, दो लोग घायल।
सीतामढ़ी में खराब चिकन मीट की शिकायत पर 60 वर्षीय महिला की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या। तीन आरोपी गिरफ्तार, इलाके में तनाव।
प्रपोज करने पर 'ना' बोली टीचर... तो आशिक स्टुडेंट ने कांटे शिक्षिका के होंठ
मैनपुरी में एकतरफा प्यार में पागल युवक अखंड प्रताप ने हैवानियत की हदें पार करते हुए स्कूल शिक्षिका के होंठ काटकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। सीसीटीवी में कैद हुई इस खौफनाक वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश को दहला दिया है। पढ़ें, कैसे एक सनकी आशिक ने प्रपोजल रिजेक्ट होने पर बीच सड़क पर इस खौफनाक हमले को अंजाम दिया और अब पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है।
मावली में प्रमुख मार्गों पर लगेंगे मिनी हाई मास्क लाइट और सीसीटीवी कैमरे
व्यापार मंडल ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा और सुविधा हेतु 8 चिन्हित स्थानों पर लाइट व कैमरे लगाने की मांग की।
अमर शहीद रमेश स्वामी का 79वां बलिदान दिवस भुसावर में मनाया गया
बेगार प्रथा के विरुद्ध प्राण न्योछावर करने वाले रमेश स्वामी की याद में प्रभात फेरी, हवन यज्ञ और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
बयाना: राजकीय विद्यालय की एसपीसी छात्राओं ने कोर्ट और थाने का भ्रमण किया
स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत छात्राओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और न्यायिक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा और प्रशासनिक जानकारी प्राप्त की।
जंग के साए में डिप्लोमेसी; Oman में आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान
Middle East में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु मुद्दे पर अहम बातचीत करेंगे। ईरान ने मिसाइल और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा से इनकार किया है, जबकि अमेरिका ने कड़े रुख के संकेत दिए हैं। दुनिया की नजर इस निर्णायक बैठक पर टिकी है।
आर सी एफ कपूरथला के जीएम पी के मिश्रा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की भेंट
रेल डिब्बा कारखाना के महाप्रबंधक ने लखनऊ में राज्यपाल को अपनी पुस्तक 'रेल्स थ्रू राज' भेंट की और रेलवे उत्पादन इकाइयों पर चर्चा की।
केंद्रीय बजट 2026-27: मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास और निवेश का ऐतिहासिक अवसर
बजट 2026-27 में एमएसएमई, सेमीकंडक्टर मिशन और शहरी विकास के लिए सिटी ईकॉनामिक रीजन जैसी नीतियों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्रांति और रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।
JP Nadda ने आखिर क्यों कहा Rahul Gandhi को 'अबोध बालक' ? ऐसा क्या हुआ संसद में ? जाने विस्तार से
राज्यसभा में JP Nadda औरMallikarjun Kharge के बीच तीखी बहस! नड्डा ने राहुल गांधी को 'अबोध बालक' और 'अहंकार' का मिश्रण बताया, तो खरगे ने पलटवार करते हुए भाजपा को 'पीएम मोदी का बंधक' करार दिया। बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते इस राजनीतिक तनाव और संसदीय मर्यादाओं पर छिड़ी जंग की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुंबई: 20 साल की दिव्यांग से की दरिंदगी, 5 महीने बाद बेनकाब हुआ असली गुनहगार का चेहरा
साउथ मुंबई के कफ परेड में 20 वर्षीय दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का खुलासा, DNA रिपोर्ट में भ्रूण का डीएनए पिता से मेल खाने के बाद गिरफ्तारी।
एचपीसीएल को मिला एफआईपीआई ऑयल मार्केटिंग कंपनी ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2025
भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एचपीसीएल को उत्कृष्ट परिचालन और नवाचार के लिए प्रतिष्ठित एफआईपीआई पुरस्कार से सम्मानित किया।
भारतीय रेलवे में 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा अपडेट
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में 1.43 लाख रिक्तियों, सीबीटी परीक्षाओं और 31,000 उम्मीदवारों के पैनल चयन पर विस्तृत विवरण साझा किया।
भुसावर में लाल-हरी मिर्ची का अचार तैयार, उत्पादन में 50% कमी की आशंका
भरतपुर के भुसावर में मिर्ची का अचार बनाने का काम शुरू, मांग में कमी के चलते उत्पादन घटने का अनुमान और महिलाओं को मिल रहा रोजगार।
Parliament Session 2026 के सातवें दिन J.P. Nadda ने कांग्रेस को 'अबोध बालक' करार देते हुए तीखा हमला बोला। विपक्ष द्वारा सांसदों के निलंबन पर हंगामे के बीच आज शाम 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। दिल्ली में बच्चों की गुमशुदगी और सत्ता-विपक्ष के टकराव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
35वीं राष्ट्रीय सब-जूनियर खो-खो: राजस्थान बालिका टीम बनी उपविजेता
कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल में राजस्थान को महाराष्ट्र से हार का सामना करना पड़ा, गुंजन को सर्वश्रेष्ठ अटैकर का पुरस्कार मिला।
ऑनलाइन गेमिंग या मानसिक दबाव ? 'Korean Love Game' सुसाइड केस में नया एंगल आया सामने; जाने विस्तार से
गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों ने नवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में K-Pop, कोरियन एक्टर्स से लगाव, पारिवारिक दबाव और मारपीट का जिक्र सामने आया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
बॉलीवुड की नई सेंसेशन तृप्ति डिमरी अपनी खूबसूरती और एक्टिंग से हर तरफ छाई हुई हैं। तृप्ति हाल ही में नेटफ्लिक्स के साल 2026 के स्लेट लॉन्च इवेंट में शामिल हुईं। इस इवेंट में तृप्ति ने अपने ट्रेडिशनल अवतार से सभी का दिल जीत लिया। तृप्ति डिमरी ने अपनी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की है। इन तस्वीरों में वह ऑरेंज कलर का स्लीवलेस अनारकली सूट पहने नजर आ रही हैं। इस डीपनेक सूट में तृप्ति डिमरी का अंदाज देखने लायक है। सूट के साथ एक्ट्रेस ने ऑर्गेंजा का दुपट्टा कैरी किया है। अनारकली सूट में तृप्ति का यह बोल्ड लुक फैंस को पसंद आ रहा है। तृप्ति के इंटेंस लुक और कातिलाना मुस्कान ने फैंस के दिलों की धड़कनें तेज कर दी हैं। वहीं उनके हेयर स्टाइल की बात करें तो उन्होंने 'वेवी और ओपन हेयर' लुक रखा है। तृप्ति का हर पोज एक कहानी बयां कर रहा है। कैमरे के सामने उनकी सहजता ही उनका सबसे बड़ा 'वॉव फैक्टर' है। उन्होंने सिटिंग और स्टैंडिंग दोनों ही पोज में अपनी ग्रेस को बरकरार रखा है। तृप्ति डिमरी जल्द ही शाहिद कपूर के साथ 'ओ रोमियो', नेटफ्लिक्स की फिल्म 'मां बहन' और प्रभास के साथ 'स्प्रिट' में नजर आने वाली हैं।
जेएनयू के विद्यार्थियों ने राजस्थान विधानसभा में संवैधानिक सुधारों पर आधारित पुस्तक भेंट की
स्कूल ऑफ मीडिया स्टडीज द्वारा प्रकाशित पुस्तक कंटोर्स ऑफ चेंज उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और अन्य कैबिनेट मंत्रियों को सौंपी गई।
थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी राजस्थान प्रवास पर, जयपुर-जोधपुर का करेंगी भ्रमण
मुख्य सचिव ने थाई एम्बेसी के साथ सुरक्षा और प्रोटोकॉल की समीक्षा की, 6 से 10 फरवरी तक ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन करेंगी राजकुमारी।
मुख्य सचिव ने की जयपुर पिंक सिटी के यूनेस्को संरक्षण कार्यों की समीक्षा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को वॉल्ड सिटी में स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने और विशेष क्षेत्र विरासत योजना को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते से राजस्थान में खुलेंगे असीमित अवसर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में 18% कटौती से प्रदेश के वस्त्र, हस्तशिल्प और रत्न-आभूषण उद्योगों को वैश्विक बाजार में बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
विधायक लादूलाल पितलिया बोले- सहाड़ा में विकास के लिए जो मांगा वो सब मिला
विधायक लादूलाल पितलिया ने 44.5 करोड़ के जिला अस्पताल, सड़कों और पुलिया निर्माण सहित क्षेत्र में हुए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी साझा की।
शुक्रवार के खास 5 उपाय, धन संबंधी परेशानी करेंगे दूर
Friday Lakshmi Puja : शुक्रवार का दिन भारतीय संस्कृति में अत्यधिक महत्व रखता है, खासकर जब बात धन, समृद्धि और लक्ष्मी पूजा की हो। यह दिन देवी लक्ष्मी की पूजा और आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। शुक्रवार के दिन किए गए कुछ खास उपायों से धन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। अगर आप भी अपने आर्थिक जीवन में बदलाव लाना चाहते हैं, तो इन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना लाभकारी हो सकता है। ALSO READ: शुक्र का कुंभ में महा गोचर: 6 फरवरी से बदल जाएगी इन 4 राशियों की दुनिया, बरसेगी सुख-संपदा मां लक्ष्मी को कमल का फूल और खीर का भोग श्री सूक्त का पाठ मुख्य द्वार पर दीपक और रंगोली सफेद वस्तुओं का दान कनकधारा स्तोत्र और कौड़ियों का उपाय शुक्रवार के उपाय FAQs यहां हम आपको कुछ खास और प्रभावी शुक्रवार के उपाय बताएंगे जो आपके धन और संपत्ति से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं। 1. मां लक्ष्मी को कमल का फूल और खीर का भोग शुक्रवार की सुबह स्नान के बाद सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करें। मां लक्ष्मी के मंदिर जाकर या घर के मंदिर में उन्हें कमल का फूल या गुलाब अर्पित करें। विशेष उपाय : मां लक्ष्मी को साबूदाने की खीर या मखाने की खीर का भोग लगाएं और उसमें थोड़ी मिश्री जरूर डालें। लाभ: इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन का ठहराव शुरू होता है। 2. श्री सूक्त का पाठ धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए शुक्रवार के दिन 'श्री सूक्त' (Shree Suktam) का पाठ करना सबसे उत्तम माना गया है। अचूक उपाय: शाम के समय घी का दीपक जलाकर एकाग्र मन से श्री सूक्त का पाठ करें। यदि आप पाठ नहीं कर सकते, तो इसे शुद्ध उच्चारण में सुनें। लाभ: यह ऋण (कर्ज) मुक्ति और दरिद्रता दूर करने का सबसे शक्तिशाली तरीका है। 3. मुख्य द्वार पर दीपक और रंगोली मान्यता है कि मां लक्ष्मी उसी घर में प्रवेश करती हैं जहां साफ-सफाई और उजाला होता है। उपाय: शुक्रवार की शाम सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दोमुखी दीपक जलाएं। द्वार पर गुलाल या फूलों से छोटी सी रंगोली बनाएं। लाभ: इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और सौभाग्य का प्रवेश होता है। 4. 'सफेद' वस्तुओं का दान शुक्र ग्रह का रंग सफेद है। शुक्रवार के दिन सफेद चीजों का दान करने से कुंडली में शुक्र मजबूत होता है, जिससे भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि होती है। क्या दान करें: चावल, दूध, दही, चीनी, सफेद कपड़े या मिश्री किसी कन्या या जरूरतमंद महिला को दान करें। लाभ: रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं। 5. कनकधारा स्तोत्र और कौड़ियों का उपाय कौड़ियां: 5 पीली कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श कराएं और फिर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। स्तोत्र: शुक्रवार को 'कनकधारा स्तोत्र' का पाठ करें। आदि शंकराचार्य द्वारा रचित यह स्तोत्र सोने की वर्षा करने वाला माना गया है। इन शुक्रवार के उपायों को अपनाने से न केवल आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है, बल्कि आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन भी हो सकता है। इन उपायों को नियमित रूप से करने से आप अपने धन और संपत्ति से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकते हैं और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। शुक्रवार के उपाय FAQs 1. क्या शुक्रवार के दिन लक्ष्मी पूजा करना अनिवार्य है? उत्तर: शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ होता है। हालांकि, लक्ष्मी पूजा अनिवार्य नहीं है, आप अन्य उपायों जैसे वस्त्र दान, तुलसी पूजन आदि भी कर सकते हैं। फिर भी लक्ष्मी पूजा से विशेष लाभ मिल सकता है। 2. क्या शुक्रवार के उपायों का असर तुरंत होता है? उत्तर: हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए कुछ उपायों का असर तुरंत दिख सकता है, जबकि कुछ में समय लगता है। इन उपायों को नियमित रूप से करने से निश्चित रूप से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। 3. क्या शुक्रवार के उपाय सिर्फ धन के लिए किए जा सकते हैं? उत्तर: नहीं, शुक्रवार के उपाय सिर्फ धन के लिए नहीं होते। ये उपाय समग्र सुख, समृद्धि, शांति और मानसिक शांति के लिए किए जा सकते हैं। लक्ष्मी पूजा, पीले कपड़े दान, और श्री सूक्त का पाठ आपके जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: सूर्य का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों की किस्मत चमकेगी
'शतक' को मिला अजय देवगन का समर्थन, बोले- आरएसएस के सौ साल पूरे होने पर बधाइयां...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'शतक: संघ के 100 वर्ष' का टीजर हाल ही में जारी किया गया है। संघ के शताब्दी वर्ष के साथ प्रस्तुत यह फिल्म उसके वैचारिक सफर, सामाजिक योगदान और राष्ट्र जीवन में भूमिका को रेखांकित करती है। टीजर के सामने आते ही देशभर में इस पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। योग गुरु बाबा रामदेव के समर्थन के बाद अब अभिनेता अजय देवगन ने भी फिल्म को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है, जिससे इसे लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। अतीत में कई बार संघ को पर्दे पर दिखाने के प्रयास हुए हैं, लेकिन ‘शतक’ पहली ऐसी सिनेमाई प्रस्तुति मानी जा रही है, जिसे संगठन के परिवेश से खुला समर्थन प्राप्त हो रहा है। RSS ko sau saal poore hone par dher saari badhaaiyan! Inn sau saalon mein rashtra nirmaan mein sangh ka bada yogdaan raha hai. Iss kaam par aur roshni daalne aa rahi hai film #Shatak Yeh rahi uski pehli jhalak https://t.co/yxZnzNUBAb Shatak ke sampurn team ko meri ore se… — Ajay Devgn (@ajaydevgn) February 3, 2026 आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर अभिनेता अजय देवगन ने एक्स पर पोस्ट किया, आरएसएस के सौ साल पूरे होने पर ढेर सारी बधाइयां। इन सौ वर्षों में राष्ट्र निर्माण में संघ का बड़ा योगदान रहा है। इस यात्रा पर और रोशनी डालने आ रही है फिल्म शतक। यह रही उसकी पहली झलक। शतक की पूरी टीम को मेरी ओर से शुभकामनाएं। टीजर की शुरुआत पंक्ति 'यह एक ऐसे विचार की कहानी है, जिसे वर्षों से बार-बार मिटाने की कोशिश की गई' से होती है। इससे यह साफ होता है कि फिल्म का उद्देश्य संघ से जुड़ी पुरानी गलतफहमियों, आलोचनाओं और भ्रमों को ऐतिहासिक और तथ्यात्मक संदर्भ में स्पष्ट करना है। टीज़र में उन संस्थापक और मार्गदर्शक व्यक्तित्वों को सामने लाया गया है, जिनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा, जिनके योगदान को पर्याप्त पहचान नहीं मिली। इनमें डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गुरुजी माधव सदाशिवराव गोलवलकर शामिल हैं। इसके साथ ही लोकमान्य तिलक और महात्मा गांधी जैसे प्रमुख नेताओं का भी चित्रण किया गया है। टीज़र में भारतीय इतिहास के निर्णायक दौर स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल तक में संघ की भूमिका की भी झलक दिखाई गई है। फिल्म के निर्देशक आशीष मॉल और निर्माता वीर कपूर हैं। निर्माताओं का कहना है कि 1875 से 1950 के बीच अस्तित्व में आए आंदोलनों में संघ एकमात्र ऐसा संगठन है, जिसने बिना किसी व्यवधान के अपनी यात्रा जारी रखी। फिल्म की टैगलाइन ‘न रुके, न थके, न झुके’ इसी निरंतरता और संकल्प का प्रतीक है। ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ को निस्वार्थ स्वयंसेवकों की पीढ़ियों को समर्पित एक श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र निर्माण और सामूहिक सेवा की भावना को पुनः जागृत करने का प्रयास करती है। यह फिल्म 19 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
विधायक ललित मीणा बोले- राजस्थान में धरातल पर उतर रहीं विकास योजनाएं
विधायक ललित मीणा ने विधानसभा में बजट उम्मीदों, राम जल सेतु परियोजना और केंद्र सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों पर मीडिया से चर्चा की।
विधायक राधेश्याम बैरवा ने गिनाई भजनलाल सरकार की विकास उपलब्धियां
अटरू विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान परवन सिंचाई परियोजना और हनुमतीया पुलिया निर्माण सहित राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यों पर मीडिया से चर्चा की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में महिला सुरक्षा मजबूत
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने विधानसभा में आंकड़े पेश कर बताया कि वर्ष 2023 की तुलना में 2024 और 2025 में महिला अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव : मल्लिकार्जुन खड़गे का तीखा हमला | Rajya Sabha
Mallikarjun Kharge’s strong reply in Rajya Sabha on the Motion of Thanks to the President’s Address, raising issues of Constitution, caste census and inequality
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिना भेदभाव सभी 200 सीटों को दी सौगातें: रानीपुरिया
विधायक गोविंद रानीपुरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दो वर्षों में कांग्रेस के पांच साल से अधिक विकास कार्य हुए और स्वास्थ्य-शिक्षा क्षेत्र में सुधार हुआ।
हड्डियों की कमजोरी का इलाज अब शरीर के प्रोटीन से? भारतीय वैज्ञानिकों की नई खोज
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे ही शरीर में कई बीमारियां घर करना शुरू कर देती हैं। महिलाओं के लिए ये मसला थोड़ा और पेचीदा हो जाता है क्योंकि उन्हें मेनोपॉज, हड्डियों की कमजोरी और कई अन्य परेशानियों से लगातार जूझना पड़ता है। इन्हीं परेशानियों में ...
140 करोड़ की आबादी वाले हिंदुस्तान में सोशल मैसेजिंग एप ‘व्हाट्सएप’ के 85 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। अब इसी व्हाट्सएप को सुप्रीम कोर्ट ने भारत छोड़ने की चेतावनी दे दी है। वजह है- एड, यूजर डेटा और प्राइवेसी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुप्रीम कोर्ट इतना गुस्सा है, व्हाट्सएप पर यूजर्स का डेटा बेच रहा और वो भारत छोड़ देगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: व्हाट्सएप से जुड़ा ये मामला शुरू कहां से हुआ? जवाब: ये मामला व्हाट्सएप की जनवरी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी के अपडेट से शुरु हुआ। इस प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक… इस प्राइवेसी पॉलिसी का नोटिफिकेशन जब यूजर्स को भेजा गया, तो उन्हें 2 ऑप्शन दिए गए। या तो वे इसे एक्सेप्ट करें और व्हाट्सएप का यूज करते रहें या फिर अपना अकाउंट डिलीट कर दें। यानी व्हाट्सएप का यूजर बने रहते हुए डेटा शेयरिंग से बचने का कोई ऑप्शन नहीं था। बाद में व्हाट्सएप कहता रहा कि दोस्तों या परिवार से की जाने वाली प्राइवेट चैट पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड है। उन्हें न तो व्हाट्सएप पढ़ सकता है और न ही कोई और। हालांकि अगर यूजर व्हाट्सएप पर किसी बिजनेस या कंपनी से बात करता है, तो वह डेटा विज्ञापन दिखाने के लिए यूज किया जा सकता है। मार्च 2021 में कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया यानी CCI ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी की जांच शुरू की। फिर नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। इसके खिलाफ मेटा-व्हाट्सएप ने दिसंबर 2024 में नेशनल कंपनी लॉ एप्पेलेट ट्रिब्यूनल यानी NCLAT में अपील की। नवंबर 2025 में NCLAT ने मेटा को कुछ राहत दी, लेकिन जुर्माना बरकरार रखा। फिर जनवरी 2026 में मेटा-व्हाट्सएप ने NCLAT के जुर्माने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी मामले में 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सवाल-2: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा और व्हाट्सएप ने क्या दलीलें दीं? जवाब: 3 फरवरी को CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मेटा-व्हाट्सएप को फटकार लगाते हुए कहा, ‘हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे।’ वहीं मेटा की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि व्हाट्सएप की सर्विस मुफ्त है और यूजर्स से कोई फी नहीं ली जाती। प्राइवेसी से जुड़ा एक मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने लंबित है। रोहतगी ने आगे कहा कि हम कोर्ट में एक पेज का एफिडेविट देकर यह बता सकते हैं कि हम क्या कर रहे हैं? व्हाट्सएप की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अरुण ने कहा कि सभी यूजर्स का डेटा शेयर नहीं किया जाता है और शेयरिंग का दायरा सीमित है। व्हाट्सएप का कहना है कि हमारी पहुंच यूजर्स के पर्सनल मैसेज तक नहीं रहती। इससे पहले व्हाट्सएप ने कहा था कि अगर डेटा शेयरिंग पर सख्त रोक लगी, तो उसे भारत में कुछ फीचर्स को वापस लेना या रोकना पड़ सकता है। इससे व्हाट्सएप के कारोबार को नुकसान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में IT मिनिस्ट्री को भी एक पक्ष बनाने को कहा है। साथ ही व्हाट्सएप और मेटा को हलफनामा देने को कहा है, जिसमें यह आश्वासन दिया जाए कि वे यूजर्स डेटा शेयर नहीं करेंगे। 9 फरवरी को कोर्ट अंतरिम आदेश देगा। सवाल-3: क्या यूजर्स को वॉट्सएप पर एड भी आ रहे हैं? जवाब: कम्युनिटी प्लेटफॉर्म LocalCircles ने व्हाट्सएप को लेकर हाल ही में सर्वे किया था। इसके मुताबिक, सवाल-4: डिजिटल डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी को लेकर कानून क्या है? जवाब: भारत में 2023 का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट यानी DPDP एक्ट, आम लोगों के डिजिटल डेटा और प्राइवेसी को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। इसके मुताबिक… डेटा प्रिंसिपल यानी वे यूजर, जिनका डेटा लिया जा रहा है, वह अपने डेटा के मालिक हैं। वहीं डेटा फिडुशियरी यानी व्हाट्सएप और गूगल जैसी कंपनियां, जो डेटा इकट्ठा करती हैं, उनकी जिम्मेदारी यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने की है। कोई भी कंपनी बिना परमिशन के यूजर का डेटा नहीं ले सकती। कंपनी को साफ-साफ बताना होगा कि वह कौन सा डेटा ले रही है और क्यों। अगर यूजर ने किसी ऐप को अपनी 'लोकेशन' सिर्फ डिलीवरी के लिए दी है, तो कंपनी उसे किसी से शेयर नहीं कर सकती। काम पूरा होने के बाद, कंपनी को ये डेटा अपने सर्वर से हटाना होगा। अगर कोई कंपनी डेटा सिक्योरिटी में लापरवाही करती है या डेटा लीक होता है, तो उस पर 250 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। सवाल-5: इस मामले में आगे क्या हो सकता है? जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने मेटा-वाॉट्सएप से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। हलफनामा देने पर कोर्ट उनकी दलीलों पर विचार कर सकता है और उसे प्राइवेसी पॉलिसी सुधारने का आदेश दे सकता है। इसके अलावा कोर्ट व्हाट्सएप की याचिका खारिज करके CCI को जांच करने को भी कह सकता है। या फिर सरकार को नए नियम बनाने को कह सकता है, जिससे व्हाट्सएप बिजनेस और विज्ञापन पर सख्त निगरानी रखी जा सके। हालांकि केंद्र सरकार तमाम एप्स और OTT प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते फ्रॉड को लेकर नया कानून बनाने की तैयारी में है। सवाल-6: तो क्या वाकई में व्हाट्सएप भारत छोड़ सकता है? जवाब: भले ही कोर्ट में व्हाट्सएप को देश छोड़ने की चेतावनी दी गई है, लेकिन भारत से व्हाट्सएप का एक झटके में बाहर हो जाना मुश्किल है। भारत के 97% इंटरनेट यूजर व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। पूरे देश में व्हाट्सएप के ऐसे यूजर करीब 85 करोड़ हैं। भारत के 1.5 करोड़ से ज्यादा छोटे-बड़े बिजनेस भी कस्टमर से कम्युनिकेट करने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। एप्स के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट ’Priori Data’ के मुताबिक, 2026 में सिर्फ भारत से व्हाट्सएप 27 हजार करोड़ रुपए की कमाई कर सकता है। 2025 में ये रकम लगभग 23 हजार करोड़ रुपए थी। कुल मिलाकर भारत व्हाट्सएप का सबसे बड़ा मार्केट है और यहां से जाना उसे काफी नुकसान दे सकता है। ऐसे में व्हाट्सएप के पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने का ही ऑप्शन है। सुप्रीम कोर्ट चेतावनी देकर व्हाट्सएप से भारत के नियम-कानून मानने के लिए दबाव बना रहा है। कोर्ट का कहना है कि भारत में बिजनेस करने के साथ आने वाली जिम्मेदारियों से समझौता नहीं किया जा सकता। अगर व्हाट्सएप को अपना काम जारी रखना है, तो उसे भारतीय संवैधानिक मूल्यों, खासकर आम लोगों के निजता के अधिकार का सम्मान करना होगा। अगर भारत से व्हाट्सएप चला जाता है, तो पहले से मौजूद मैसेजिंग एप जैसे- टेलीग्राम, सिग्नल, एट्टराई वगैरह अल्टरनेटिव बन सकते हैं। लेकिन इनका यूजर बेस बहुत कम है और लोग भी अचानक व्हाट्सएप से इन पर शिफ्ट होने में असहज होंगे। ***** व्हाट्सएप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सरकार ने वॉट्सएप चैट से कैसे पकड़े 250 करोड़, क्या आपके मैसेज पढ़ रही सरकार; नए कानून का क्या होगा असर वॉट्सएप चैट और इंस्टाग्राम अकाउंट्स डिकोड करके 250 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति पकड़ी गई। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 25 मार्च 2025 को संसद में ये बात कही। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी लेनदेन के सबूत मिलने के बावजूद इसकी जांच के लिए कोई कानून नहीं है। इसलिए हमने सोचा कि इनकम टैक्स कानून में डिजिटल शब्द जोड़ना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली से आए मीडिया के लोग दिनभर अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करने के लिए उनके घर के बाहर बैठे रहे, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए थे। तब तक नहीं लौटे, जब तक मीडिया के लोग वापस नहीं चले गए। अगले दिन मैं बिना बताए उनके घर पहुंची। वह हड़बड़ा गईं, लेकिन बात करने से पहले एक शर्त रख दी- ‘मनीषा जी, आप पत्रकार बनकर नहीं, मेरी बेटी बनकर सुनेंगी, तभी बात करूंगी,’ मैंने हामी भर दी। इसके बाद वह मेरे सामने जार-जार रोने लगीं। रोते-रोते उन्हें हिचकिया आने लगीं। मेरी ओर देखकर बोलीं- ‘मनीषा जी, क्या हम मर जाएं? सुबह से कुछ खाया तक नहीं है। कल दुखी होकर हम पति-पत्नी घर पर ताला लगाकर चले गए थे। मीडिया को मेरे बयान से मतलब है, मेरी जान से नहीं। देर रात हम जब लौटे तो पड़ोसियों ने रास्ते की लाइटें बंद कर दी थीं। मेरे पति बीमार हैं। अगर इन्हें कुछ हो गया तो मैं अकेली औरत क्या करूंगी? हम पर दया कीजिए,’ यह कहते हुए वह शॉल से मुंह ढककर फिर सिसकने लगती हैं। यह वही अंकिता भंडारी की मां हैं, जो उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई। सबूत मिटाने के लिए उसका कमरा तक ढहा दिया गया। यह मामला सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन में बदल गया। 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हाल ही में एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद मामला फिर उबाल पर है। लोग सड़कों पर नारे लगा रहे हैं, लेकिन इन नारों से दूर अंकिता के माता-पिता इंसाफ की लड़ाई में टूट चुके हैं। घर में कैद हो चुके हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में अंकिता भंडरी की हत्या के बाद इंसाफ की लड़ाई में उलझे उनके मां-बाप की कहानी। आस पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों ने उनसे दूरी बना ली है। उन्होंने खुद को अपने घर में कैद कर लिया है। गढ़वाल जिले का छोटा सा कस्बा है श्रीनगर। यहीं से मैं करीब 45 किलोमीटर दूर बरसूड़ी गांव पहुंची। श्रीनगर समेत उत्तराखंड बंद है। दुकानें, होटल, गुमटियां- सबके दरवाजे बंद। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। वजह साफ है- अंकिता भंडारी केस एक बार फिर चर्चा में है। यह अब सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं रहा, बल्कि पूरे उत्तराखंड का सवाल बन चुका है। हर दिन सड़कों पर जुलूस निकल रहे हैं, न्याय की मांग गूंज रही है। बरसूड़ी पहुंचकर दूर नीचे दोभश्रीकोट गांव दिखाई देता है। वहीं है अंकिता का घर। रास्ता बेहद संकरा है- कहीं पगडंडी, तो कहीं रास्ता ही नहीं है। करीब सात किलोमीटर पैदल नीचे उतरकर हम दोभश्रीकोट गांव पहुंचे। गांव में सिर्फ दो-तीन परिवार रहते हैं। अंकिता के माता-पिता अपने घर पर नहीं थे। वे इतने टूट चुके हैं कि देशभर का मीडिया उनके दरवाजे पर बैठा रहा, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए। उनका घर उत्तराखंड के पुराने तरीके- पत्थरों से बना है। इसमें तीन कमरे हैं, और हर कमरे तक पहुंचने के लिए अलग सीढ़ियां। तीनों कमरों पर बाहर से ताले लटके हैं। बीच में एक खुला आंगन है, जहां चूल्हे पर काला पड़ चुका एल्युमिनियम का पतीला रखा है। सामने एक बछिया बंधी है। घर के ठीक सामने घना जंगल है। बताया गया कि रात में भालू और बाघ यहां तक आ जाते हैं। मैं वहां करीब 3 घंटे तक इंतजार करती रही, उम्मीद थी कि शायद वे लौट आएंगे। आखिर में एक लड़की आई। उसने बताया कि अंकिता की मां ने संदेश भेजा है- वे आज घर नहीं आएंगी। तब तक शाम के 4 बज चुके थे। लगा, अब इंतजार का कोई मतलब नहीं। उस लड़की ने चेताया- ‘अभी उजाला है, आप ऊपर सड़क तक निकल जाइए। अंधेरा होते ही रास्ते में बाघ जैसे जानवर मिल सकते हैं।’ मैंने पहाड़ की चढ़ाई शुरू की। करीब 7 किलोमीटर की तीखी चढ़ाई पार कर बरसूड़ी गांव की सड़क तक पहुंचना था। मौसम बिगड़ रहा था, रास्ता सुनसान था और रोशनी सिर्फ तारों की थी। लगभग 6 बज रहे थे। आखिरकार मैं वहां पहुंची, जहां मेरी कार खड़ी थी। सोचती रही- अंकिता के माता-पिता यह चढ़ाई रोज कैसे करते होंगे। यहां जंगल से लकड़ी और घास भी लानी पड़ती है। आसपास न तो अस्पताल है, न दवा की कोई दुकान- चारों तरफ बस जंगल। खैर, अगले दिन मिलने की उम्मीद में मैं रातभर श्रीनगर रुकी। सुबह फिर दोभश्रीकोट जाने का मन बनाया। फोन करती रही, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले थे। इसके बाद से उनके घर न लौटने ने शक और गहरा कर दिया। अब तक सोच-विचार करते-करते दोपहर हो चुकी थी। मैंने अंकिता के घर जाने के लिए फिर एक टैक्सी बुक की। बरसूड़ी गांव पहुंची। दोभश्रीकोट की ओर नीचे देखा, तो समझ आ गया कि एक बार फिर लंबा रास्ता तय कर नीचे जाना है। 7 किलोमीटर की तीखी ढलान उतरने के बाद मैं दोबारा अंकिता के घर पहुंच गई। इस बार एक कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर झांककर देखा तो लाल और नीले रंग की रजाइयों में दो लोग बेसुध पड़े थे। मैंने महिला को हाथ हिलाकर जगाया। वह हड़बड़ा कर उठीं। बगल बेड पर लेटे एक शख्स भी जग गए। दोनों अंकिता के माता-पिता थे- सोनी देवी और वीरेंद्र सिंह भंडारी। मैंने परिचय दिया- मैं पत्रकार मनीषा हूं, जिसे आपने कल बुलाया था। कल आपके घर पर ताला लगा था। अंकिता की मां कुछ नहीं बोलीं। कुछ देर हम सभी चुप बैठे रहे। फिर उन्होंने कहा- ‘आप कुछ भी रिकॉर्ड नहीं करेंगी, न ही मेरा इंटरव्यू लेंगी,’ मैंने सहमति जताई। थोड़ी देर बाद उन्होंने दोबारा कहा- 'हमें कोई इंटरव्यू नहीं देना है। माफ कर दो।’ फिर उन्होंने सामने रखी टेबल की ओर इशारा किया- ‘वहां देखिए, हम पति-पत्नी की दवाएं रखी हैं।’ टेबल पर आंखों, पेट दर्द, बीपी और नींद की दवाएं बिखरी पड़ी थीं। उन्होंने बताया- कल हम अस्पताल गए थे। अंकिता के लिए रो-रोकर मेरे पति की आंखें खराब हो गई हैं। डॉक्टर ने कहा है कि ज्यादा रोएंगे तो रोशनी जा सकती है। उन्होंने कहा- हमें दवाएं खानी हैं, लेकिन कल से हमने खाना नहीं खाया है। कोई पड़ोसी इतना भी नहीं सोचता कि खिचड़ी ही बनाकर भिजवा दें। मीडिया के लोग बयान के लिए आते हैं, लेकिन इस हालत में हम दवा तक नहीं खा पा रहे। कल एक मीडियाकर्मी बयान के लिए दबाव बना रहे थे, जबकि मेरे पेट में तेज दर्द था। यह कहते-कहते वह फूट-फूटकर रोने लगती हैं। बोलीं- सालों से मीडिया को एक ही बात बता-बताकर थक गई हूं। मुझे पित्त की पथरी है। हम दोनों को नींद नहीं आती, खाना मिलना मुश्किल है। हम दिनभर न्याय के लिए भटकते हैं और रात को घर आकर बिस्तर पर पड़ जाते हैं। गांव, पड़ोस और रिश्तेदार- सब धीरे-धीरे हमसे कट गए हैं। बिना काम किए दवा और खाने की जरूरत कैसे पूरी करें, समझ नहीं आता। अब हमसे और नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा- रात में गांव तक बाघ और भालू आ जाते हैं। लोगों ने रास्ते की लाइट काट दी हैं, क्योंकि हम देर रात पुलिस और नेताओं से मिलकर घर लौटते थे, जिससे लोगों को दिक्कत थी। उनकी आवाज भर्रा गई। बोलीं- इस तरह लोगों ने हमें हर तरफ से अकेला कर दिया है। यह कहते हुए वह फिर रोने लगती हैं। बगल में रखी अंकिता की तस्वीर पर हाथ फेरते हुए बोलती हैं- अब यही मेरी देवी है। यही मेरा मंदिर। रोज तस्वीर पर ताजे गेंदे के फूल चढ़ाती हूं, तिल के लड्डू और सेब रखती हूं। दिन-रात बस उसी को याद करती हूं। उसकी बातें मेरे कानों में गूंजती रहती हैं। घर के हर कोने में उसकी यादें बसी हैं। इतना कहकर वह फिर शॉल से मुंह ढंक लेती हैं और सिसकने लगती हैं। आंसू पोंछते हुए कहती हैं- अब मैं मीडिया के लोगों से बात नहीं करना चाहती। तुम मेरी बेटी जैसी हो। मेरी बात पत्रकार नहीं, बेटी बनकर सुनो। फिर धीमी आवाज में जोड़ती हैं- अब मैं भगवान को नहीं मानती, अब सिर्फ अंकिता की पूजा करती हूं। मैं उनसे पूछती हूं- अंकिता की कौन-सी बातें सबसे ज्यादा याद आती हैं? वह बताती हैं- जब मैं घर में जानवरों का गोबर उठाती थी तो वह कहती थी- मां, दस्ताने पहन लिया करो। तुम्हारे गंदे हाथ-पैर अच्छे नहीं लगते। वह मेरे गंदे कपड़े देखती तो डांटती थी। वह चाहती थी कि उसके मां-बाप सुंदर दिखें। वह सामने टेबल की ओर इशारा करती हैं। यह कवर उसी ने क्रोशे से बनाया था। उसे गुड़िया-गुड़ियों का बहुत शौक था। यह बेड उसी के सामान से भरा है। उसकी गुड़ियां, उसके कपड़े से। वह पापा को भी सुंदर देखना चाहती थी। उनके चेहरे की मालिश करती थी। उनकी दाढ़ी बनाती थी। वह बताती हैं कि अंकिता को पढ़ाई का बहुत शौक था। उसने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। पता नहीं कितनी मुश्किलों से हमने उसे पढ़ाया। पढ़ाई पूरी होने के बाद अंकिता के एक दोस्त ने उसे वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी के बारे में बताया। वह नौकरी करने की जिद करने लगी। कहती थी- काम करूंगी तो पापा का हाथ बंटा पाऊंगी। उसे फिक्र रहती थी कि पापा अकेले घर चलाते हैं। यह कहते-कहते उनकी आवाज टूट जाती है- ‘काश, उस दिन मैं उसे जाने न देती। काश, मैंने उसे पढ़ाया ही न होता।’ वह बताती हैं कि अंकिता बहुत अच्छा खाना बनाती थी। मैं कहीं से भी लौटती, तो वह मेरे जूते साफ करती थी। हाथ-पैर धोने के लिए गरम पानी देती थी। हमारे गाल सहला देती थी। अब, जब बाहर से घर लौटती हैं, तो हर बार निराशा हाथ लगती है। शायद सभी बेटियां ऐसी ही होती होंगी। वह मेरे गाल छूकर कहती थी- तू मेरी मम्मा है, मेरी। मैं बस उसे देखती रह जाती थी। वह बहुत सुंदर थी। कहती थी, मां मैं किसकी तरह हूं, इतनी सुंदर? वह जोड़ती हैं- जैसे बेटी को मां की जरूरत होती है, वैसे ही मां को बेटी की भी। मेरी बेटी अब वापस नहीं आ सकती। न्याय के लिए हमने आधी रात में भी कोटद्वार और नैनीताल के चक्कर लगाए। कई बसें बदले। कई बार जंगल के रास्तों से रात-रात भर पैदल चले। ‘2022 में उसकी हत्या हो गई। इतने साल बीत गए, अब हमसे यह लड़ाई नहीं लड़ी जा रही,’ वह थकी आवाज में कहती हैं। पहाड़ों की चढ़ाई में मुझे चक्कर आ जाते हैं। कई बार उल्टी हो जाती है, फिर भी मीलों का सफर तय करती हूं- सिर्फ बेटी के लिए। अब वह साफ कहती हैं- अगर आप चाहते हैं कि हम जिंदा रहें, तो बस हमसे बात मत कीजिए। मुझमें अब मीडिया से बात करने की ताकत नहीं बची, यह बात करते-करते वह सिर पकड़ लेती हैं। फिर धीमे से जोड़ती हैं- मुझे पता है यह लंबी लड़ाई है। इस मामले में बड़े-बड़े नेता शामिल हैं। अगर ऐसा न होता, तो यह मामला कब का दब गया होता। लेकिन ऊपर से देख रही अंकिता शायद नहीं चाहती कि उसकी फाइल बंद हो। वह बताती हैं- मैं एक स्कूल शिक्षिका थी। लेकिन क्या वैसी लगती हूं? हम गरीब थे, लेकिन ईमानदार और स्वाभिमानी। एक कमरे में गुजारा किया- जहां न बाथरूम था, न रसोई। दिन-रात काम करते थे, कई बार खाना तक नहीं मिलता था। गोबर जलाकर बासी रोटियां सेंककर खाई हैं हमने। जब अंकिता की नौकरी लगी, तो वह बताती थी- मम्मी, यहां स्टाफ में मैं सबसे छोटी हूं। मैं उसे समझाती थी- ढंग से रहना, किसी के मुंह मत लगना। लेकिन वह कहती थी- ‘यहां सब अच्छे लोग हैं।’ वह रुककर कहती हैं- सब खत्म हो गया। अंकिता की दादी उसे याद करते-करते मर गईं। बेटी की मौत के बाद उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था। अब हम भी डिप्रेशन में हैं और बीमारी से जूझ रहे हैं। कोई मदद नहीं कर रहा। वह कहती हैं- लेकिन हम इस लड़ाई को जिंदा रखना चाहते हैं। इलाके की सीनियर पत्रकार गंगा बताती हैं कि उर्मिला सनावर नाम की महिला का एक ऑडियो वायरल होने के बाद सरकार पर दबाव तेज हो गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठ रही है। उनके मुताबिक, मामला दोबारा उभरने के बाद अंकिता के माता-पिता सामाजिक रूप से और अलग-थलग पड़ गए हैं। गंगा का कहना है कि कुछ नेता उनके रिश्तेदारों को प्रभावित करने में जुटे हैं। उन्हें अंकिता के माता-पिता से दूर किया जा रहा है। उन पर नजर रखी जा रही है- कौन उनके घर जा रहा है और कौन आ रहा है। इस बीच लोग मांग कर रहे हैं कि मामले में शामिल वीवीआईपी शख्स पर कानूनी शिकंजा कसा जाए। दूसरी ओर, अंकिता के माता-पिता मानसिक रूप से टूट चुके हैं। उनका स्वास्थ्य एक बड़ा मुद्दा बन गया है। लंबा आंदोलन लड़ने के बाद वे अब थक चुके हैं। इसको लेकर जब मैंने उर्मिला सनावर से बात की, तो उन्होंने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि मामला बेहद नाज़ुक है और सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर लिया है, ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। अंकिता को न्याय दिलाने के आंदोलन से जुड़ी सरस्वती कहती हैं कि कागजो में जिस वीवीआईपी का जिक्र था, अब उसका नाम सबके सामने आ चुका है। आंदोलन से जुड़े लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। राज्य सरकार को भी कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए कि आखिर उसकी नाक के नीचे अंकिता से ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ की मांग कैसे की गई। सरस्वती का कहना है कि हम लोग सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हत्याकांड की जांच चाहते हैं। अंकिता के माता-पिता को गुमराह किया जा रहा है और पहले भी उन्हें डराया व प्रताड़ित किया गया। इसी आंदोलन से जुड़े मुकेश सेमवाल कहते हैं कि अंकिता हत्याकांड का मुद्दा अब जनआंदोलन बन चुका है, जिसने उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को झकझोर दिया है। 2022 में घटना के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। दरअसल अंकिता पर वीवीआईपी को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव था, जिसके लिए उसने मना कर दिया था। हाल ही में उर्मिला सनावर नाम की एक महिला का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला फिर से गरमा गया है। यह महिला भाजपा के एक पूर्व विधायक की दूसरी पत्नी होने का दावा कर रही हैं। ऑडियो में उस विधायक ने वीवीआईपी का नाम लिया है। अब जबकि वीवीआईपी का नाम सामने आ चुका है तो सरकार कानून शिकंजा कसे। ------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-किडनैप कर 10 दिन तक मेरा रेप किया:होश आया तो हाथ-पैर बंधे थे, चादर खून से सनी थी, रिश्तेदार ने एक लाख में बेचा था ‘2021 की बात है। दोपहर के 2 बज रहे थे। मैं अपनी सहेली के घर कुछ काम से जा रही थी। अचानक दो लड़के दौड़ते हुए मेरी तरफ आए। उन्होंने मुझे जबरदस्ती एक बोलेरो गाड़ी में बैठा लिया। मैं चीख-चीखकर पूछ रही थी- मुझे कहां ले जा रहे हो। तभी एक लड़के ने थप्पड़ मारा और रूमाल से मेरा मुंह दबाते हुए बोला- चुपचाप बैठी रहो। सागर जिले में सब तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पापा को फांसी दिलाकर आत्महत्या कर लूंगी:कहते थे ब्राह्मण होकर नीच से शादी कैसे की, गोली मारकर बोले- अब मैं बहुत खुश हूं हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
ढाका की मशहूर ‘शहीद मीनार’ के पास आइसक्रीम बेचने वाले अहीदुज्जमान जिस जगह ठेला लगाते हैं, वह बांग्लादेश की पहचान है। 1952 में इसी जगह ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भाषायी आंदोलन शुरू किया था। बांग्लादेश फिर बदलाव के दौर में है। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहली बार 12 फरवरी को चुनाव होने हैं। हालांकि, चुनाव का जिक्र होते ही अहीदुज्जमान बहुत उत्साह में नहीं दिखते। अहीदुज्जमान कहते हैं, ‘मुझे चुनाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। अवामी लीग ने देश को आजादी दिलवाई, उसी को चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। दूसरी तरफ जो 1971 के मुक्ति संग्राम के खिलाफ थे, जिन्होंने बांग्लादेश बनने का विरोध किया, वे चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। अब बताइए इलेक्शन में हम किसे और क्यों वोट करेंगे।’ अहीदुज्जमान का इशारा जमात-ए-इस्लामी की ओर था। उनके जैसी ही उलझन हर आम बांग्लादेशी के सामने है। चुनाव में सिर्फ दो विकल्प हैं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन। चुनाव की कवरेज के लिए दैनिक भास्कर ढाका पहुंचा है। आम लोगों और एक्सपर्ट्स से बात करके समझ आया कि भारत सबसे बड़ा मुद्दा है। वोटर दो हिस्सों में बंटे हैं, एक भारत समर्थक है और दूसरा भारत विरोधी। लोगों को डर है कि चुनाव के दौरान हिंसा हो सकती है। इसमें अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान लूटे गए हथियारों को इस्तेमाल होने का खतरा है। तख्तापलट की बुरी यादों से निकला बांग्लादेश, अब सड़कों पर चुनावी नारेअगस्त, 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद दैनिक भास्कर बांग्लादेश पहुंचा था। तब राजधानी ढाका के अलावा कई शहर हिंसा और आगजनी से दहले हुए थे। जगह-जगह तबाही की निशानियां थीं। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा था और सुरक्षाबल भाग चुके थे। अब ढाका में चहल-पहल है। चुनावी रैलियां हो रही हैं, पोस्टर लगे हैं। बांग्लादेश में फिलहाल डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार है। इसमें छात्र आंदोलन से निकले नेता भी एडवाइजर के तौर पर शामिल हैं। इस बार चुनाव में सिर्फ दो धड़े हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, जिसके नेता खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान हैं। दूसरा जमात-ए-इस्लामी, जिसने 11 पार्टियों का गठबंधन बनाया है। जमात के नेता शफीकुर रहमान हैं। पूर्व PM शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों की पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी ने भी जमात के साथ हाथ मिला लिया है। मुस्लिम बोले- भारत से दोस्ती जरूरी, जमात पाकिस्तान के एजेंडे परशहीद मीनार के पास मिले अहीदुज्जमान चुनाव के बारे में कहते हैं, ‘देश में चुनाव के लिए जैसा माहौल होना चाहिए, वैसा है नहीं। ये चुनाव मजाक की तरह हो रहा है। स्टूडेंट्स ने आंदोलन करके शेख हसीना को हटा दिया। अब उनकी पार्टी NCP ने जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन कर लिया। वे अपनी पार्टी के अंदर ही महिलाओं से भेदभाव करते हैं।’ NCP ने 5 अगस्त को जो वादा किया था, उस पर कुछ नहीं कर पाए। जमात-ए-इस्लामी ने पहले छात्रों के आंदोलन का इस्तेमाल किया, अब उनकी पार्टी का कर रही है। जमात ही NCP को चला रही है। वह अपनी हुकूमत कायम करके पाकिस्तानी एजेंडे को लागू करना चाहती है। ‘पाकिस्तान ने हम पर जुल्म किया, सताया और कभी हमें बराबर का नहीं समझा। भारत ने हमें जुल्म और गुलामी से आजादी दिलाई। आज भारत बड़ी ताकत बन चुका है।’ ढाका में रिक्शा चलाने मोहम्मद नजरूल इस्लाम कहते हैं, ‘चुनाव में हर कोई अपनी फिक्र में लगा हुआ है। यहां पार्टियां लोगों के लिए राजनीति नहीं करतीं। पिछले दिनों इतने लोगों की मौत हो गई, उसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा। महंगाई पर कोई बात नहीं कर रहा। पार्टियां अपने फायदे के लिए सब करने में लगी हैं।’ ‘मुझे नहीं पता कि मैं जमात को वोट करूं या BNP को। कोई मेरे बारे में तो बात ही नहीं कर रहा। मुझे लगता है कि भारत जैसे पड़ोसी से अच्छे रिश्ते रखने चाहिए। अभी रिश्ते अच्छे नहीं हैं।’ हिंदू वोटर्स की राय- पहले ज्यादा सेफ थे, समझ नहीं आ रहा किसे वोट देंढाका की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली सुष्मिता मोंडल म्यूजिक डिपार्टमेंट में सेकेंड ईयर की स्टूडेंट हैं। वे अपने दोस्तों के साथ शहीद मीनार आई थीं। चुनाव और अल्पसंख्यकों के हालात पर सुष्मिता कहती हैं, ‘बीच-बीच में दिक्कतें आती रहती हैं। सड़क पर लोग गलत इशारे करते हैं। टोकने पर बदतमीजी करने लगते हैं।’ ‘ऐसा हमेशा से नहीं होता था। पहले हालात बेहतर थे। हम ज्यादा सुरक्षित महसूस करते थे। अब लगता है कि हमारे साथ कुछ हो भी जाए, तो कोई साथ नहीं देगा। ये डर हमारे दिल में घर कर गया है।’ बांग्लादेशियों के पास दो विकल्पबांग्लादेश के अलग-अलग तबकों के लोगों से बात करने पर समझ आया कि चुनाव को लेकर उनमें बहुत उत्साह नहीं है। आंदोलन चलाकर शेख हसीना की सरकार गिराने वाले छात्रों की पार्टी से भी बांग्लादेशियों का मोहभंग हो गया है। अब उनके पास दो ही विकल्प हैं- 1. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टीBNP के नेता वोट मांगते वक्त अपना पुराना शासन याद दिला रहे हैं। तारिक रहमान इस पार्टी के सबसे बड़े चेहरे हैं। वे देश को फिर से पटरी पर लाने का वादा कर रहे हैं। लोगों के बीच जाकर भविष्य की नीतियों का खाका पेश कर रहे हैं। 2. जमात-ए-इस्लामीजमात भविष्य के सपने बेच रही है। इस्लामिक पॉलिटिक्स को केंद्र में रखकर पार्टी खुलकर धर्म के आधार पर वोट मांग रही है। धर्म की राह पर चलकर करप्शन कम करने की बात कर रही है। जमात ने चुनाव की तैयारियां बहुत बारीकी से की हैं और सबसे बड़ा गठबंधन बनाने में कामयाब रही है। एक्सपर्ट बोले- लोगों को सुरक्षा से मतलब, सरकार से नहींढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सैफुल आलम चौधरी कहते हैं, ‘जिन हालात में बांग्लादेश में चुनाव हो रहे हैं, उसमें सबसे बड़ा सवाल है कि चुनाव होंगे या नहीं। अगर आप लोगों से बात करेंगे तो ज्यादातर कहेंगे कि चुनाव तो होगा, लेकिन नतीजे आएंगे या नहीं, इस पर शक है। अभी बांग्लादेश का अजीब माहौल है। अवामी लीग पर बैन लगा है। वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है। सरकार चुनाव की बजाय रेफरेंडम पर जोर दे रही है।’ चौधरी आगे कहते हैं, ‘चुनाव शांति से और निष्पक्ष होंगे, इसे लेकर शंका है। अगस्त, 2024 में हुई हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर सिक्योरिटी फोर्स के हथियार लूटे गए थे। इनमें से सिर्फ 30% रिकवर हो पाए हैं। 70% हथियार अब भी लोगों के पास है। इसलिए लग रहा है कि चुनाव में हिंसा हो सकती है। चुनी हुई सरकार लोगों के लिए जवाबदेह होती है, अभी अंतरिम सरकार के साथ ऐसा नहीं है।’ चौधरी कहते हैं, ‘1971 के बाद से बांग्लादेश में दो तरह का वोट बैंक रहा है। एक भारत का समर्थक है, दूसरा विरोधी। कोई भी सिर्फ प्रो-इंडिया वोट बैंक से नहीं जीत सकता, इसलिए हर नेता और पार्टी खुद को भारत का विरोधी दिखाते हैं। मौजूदा सरकार भी अंदरूनी तौर पर भारत से पहले की तरह संबंध रखे हुए है। क्रिकेट जैसे मामलों पर ऐसा दिखाने की कोशिश हो रही है कि रिश्ते खराब हो रहे हैं।’ ‘सरकार के साथ मिलकर चुनाव में धांधली कर सकती है जमात’बांग्लादेश के सीनियर जर्नलिस्ट मंजरुल आलम पन्ना कहते हैं, ‘लोग दुविधा में हैं कि चुनाव होंगे या नहीं। डॉ. यूनुस की अंतरिम सरकार के काम में भेदभाव दिखता है। बांग्लादेश में कई सुपरपावर जैसे अमेरिका, चीन और तुर्किए का बड़ा दखल है। लोगों को लगता है कि डॉ. यूनुस पश्चिमी देशों का एजेंडा पूरा कर रहे हैं। कानून व्यवस्था बहुत खराब है। ऐसे में चुनाव कैसे होंगे, ये कहना मुश्किल है।’ मंजरुल आलम कहते हैं कि अवामी पार्टी की एक्टिविटी पर बैन है। ऐसे में BNP और जमात के बीच सीधी लड़ाई है। जमात के मुकाबले BNP ज्यादा पसंद की जाने वाली पार्टी है। उसके पास 35% रिजर्व वोट हैं। जमात के पास सिर्फ 5-7% वोट है।' 'जमात और अंतरिम सरकार मिलकर बारीकी से चुनाव की प्लानिंग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे और ये मिलकर धांधली करेंगे। अगस्त, 2024 में लोग इंडिया से नाराज थे। अब लोगों को समझ आ रहा है। भारत का विरोध करने वाले फिर से समर्थन में आ गए हैं। हिंदू अल्पसंख्यक किसे वोट करेंगेबांग्लादेश में करीब 8% हिंदू आबादी है। चुनाव में 60 से 70 सीटों पर इनका असर है। तख्तापलट से पहले तक हिंदू समुदाय अवामी लीग के वोटर माने जाते थे। अब उनके सामने सवाल है कि वे किसे वोट करें। मंजरुल आलम कहते हैं, ‘सबसे बड़ा सवाल है कि अवामी लीग के वोटर और अल्पसंख्यक किसे वोट देंगे। BNP अवामी लीग के वोटर्स को अपने पाले में ला सकती है। ऐसा होता है तो BNP को जीतने से कोई नहीं रोक सकता। अंतरिम सरकार ने अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद जिस तरह का बर्ताव किया है, उससे साफ है कि हिंदू समुदाय स्टूडेंट्स की पार्टी NCP और जमात को वोट नहीं देगा। ऐसे BNP ही बड़ा विकल्प बचता है।’ चुनाव में धांधली हुई, तो सेना के लिए मौकाबांग्लादेश में चुनाव वाले दिन हिंसा और धांधली होती है, तो नतीजों में देरी होगी। अगर पूरे नतीजे नहीं आ पाए, दोबारा चुनाव कराया जाएगा। हालात हाथ से बिल्कुल बाहर हो गए, तो बांग्लादेश की आर्मी एक्टिव हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि ऐसी स्थिति में नतीजे आने तक आर्मी कुछ वक्त के लिए सरकार भी बना सकती है। प्रोफेसर चौधरी कहते हैं, ‘बांग्लादेश में आर्मी का रुख प्रोफेशनल रहा है, लेकिन हाल में कई मौकों पर आर्मी का रवैया भेदभाव वाला दिखा है। 5 अगस्त के बाद उसने कई बार सरकार के निर्देशों का पालन किया, लेकिन बीच-बीच में सरकार को चेतावनी देती भी दिखी है। आर्मी की ही जिम्मेदारी है कि चुनाव शांति से हों।’ ……………………….बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़ें BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, शेख हसीना को पनाह देने से रिश्ते कैसे सुधरेंगे शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे कहते हैं कि हम भारत से अच्छी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत में कुछ स्पेशल नहीं है। समझ नहीं आता उसने शेख हसीना को पनाह क्यों दी है। इससे रिश्ते अच्छे नहीं हो पाएंगे। पढ़ें पूरा इंटरव्यू...
अभ्यास मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 30 रनों से हराया
नवीं मुम्बई। इशान किशन (54), तिलक वर्मा (45), कप्तान सूर्यकुमार यादव (30) अक्षर पटेल (नाबाद 35) की तूफानी पारियों के बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत पर भारत ने टी-20 विश्वकप से पहले बुधवार को खेले गए अभ्यास मैच में दक्षिण अफ्रीका को 30 रनों से शिकस्त दी। 241 रनों के लक्ष्य का पीछा […] The post अभ्यास मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 30 रनों से हराया appeared first on Sabguru News .

21 C
