ओटीटी पर मनोरंजन का महाकुंभ: कड़ाके की ठंड में घर बैठे उठाएं इन ब्लॉकबस्टर फिल्मों और सीरीज का लुत्फ
जनवरी के इस वीकेंड ओटीटी पर रिलीज हुईं 'तेरे इश्क में', 'मस्ती 4' और 'स्पेस जेन: चंद्रयान' जैसी बड़ी फिल्में और सीरीज। नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और प्राइम वीडियो पर मनोरंजन के इस महाकुंभ का आनंद उठाएं। घर बैठे कड़ाके की ठंड में इन रोमांचक कहानियों और स्टार-स्टडेड रिलीज के साथ अपना वीकेंड बनाएं खास।
युजवेंद्र चहल और आरजे महविश के बीच बढ़ी दूरियां! इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो करने के बाद चहल की रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया बवाल। क्या है इस 'Cryptic Message' के पीछे की सच्चाई और क्यों हो रही है दोनों सितारों के रिश्तों पर चर्चा? खेल और मनोरंजन जगत की इस बड़ी खबर का पूरा विश्लेषण।
क्या पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करेगा? पीसीबी अध्यक्ष अब प्रधानमंत्री के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। विक्रांत गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, भारत-पाक क्रिकेट विवाद के बीच पाकिस्तान सरकार टूर्नामेंट में भागीदारी पर बड़ा निर्णय ले सकती है। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और आईसीसी पर पड़ने वाले इसके प्रभाव के बारे में।
दावोस में विश्व आर्थिक मंच 2026 के दौरान महाराष्ट्र ने ₹30 लाख करोड़ के ऐतिहासिक निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हुए इन समझौतों से राज्य में 40 लाख नौकरियां पैदा होंगी। टाटा ग्रुप और वैश्विक कंपनियों के साथ हुए इन MoUs से AI और डेटा सेंटर क्षेत्र में क्रांति आने की उम्मीद है।
देशव्यापी मौसम अपडेट: उत्तर में बर्फबारी और ठंड की वापसी, दक्षिण में बारिश का तांडव और गिरता AQI
भारत मौसम अपडेट 25 जनवरी 2026: उत्तर भारत में भारी बर्फबारी और दिल्ली-NCR में गलन वाली ठंड की वापसी। तमिलनाडु के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जबकि कोलकाता और मुजफ्फरपुर में AQI स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुँचा। जानिए आपके शहर के तापमान और प्रदूषण का हाल।
मिनेयापोलिस में सनसनीखेज वारदात: आईसीई (ICE) छापे के दौरान संघीय एजेंटों की गोलीबारी में नर्स की मौत
मिनेयापोलिस में ICE की छापेमारी के दौरान संघीय एजेंटों की गोलीबारी में एक नर्स की मौत ने पूरे अमेरिका को स्तब्ध कर दिया है। आव्रजन विभाग की इस विवादास्पद कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा और पीड़ित के लिए न्याय की मांग को लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तृत रिपोर्ट। क्या यह बल प्रयोग अनिवार्य था या एक बड़ी लापरवाही?
उत्तर भारत में हाड़ कपाने वाली ठंड और कोहरे का सितम, दक्षिण में साफ आसमान: देश भर के AQI पर एक नजर
उत्तर भारत में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच दक्षिण भारत में साफ आसमान और सुनहरी धूप का आनंद। दिल्ली के गिरते तापमान से लेकर देश के प्रमुख शहरों के खतरनाक AQI स्तर तक, पढ़ें भारत के मौसम और वायु गुणवत्ता पर यह विस्तृत रिपोर्ट।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने रविवार को तमिलनाडु के चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम और तंजावुर सहित 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण राज्य में बेमौसम बरसात का दौर जारी है। जानिए किन इलाकों में अलर्ट है और क्या है मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनी।
मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। 30 साल की लड़की और 92 किलोग्राम वजन। लोग खूब मजाक उड़ाते थे। किसी को पलटकर जवाब देने की सोचती, तो क्या देती। कुछ नहीं… सिर झुकाए आगे बढ़ जाती थी। लेकिन जो लोग इन नामों से बुलाते थे, वही अब पूछते हैं- आभा, तुमने अपना वजन कैसे कम किया? जरूर कोई जड़ी-बूटी खाई होगी। नहीं तो, 92 किलो से सीधे 65 किलो वजन? यह तो सिर्फ फिल्मों में हो सकता है, असल जिंदगी में नहीं। हो ही नहीं सकता। लेकिन जब उन्हें इसके बारे में बताती हूं, तो वे खीझते हुए कहते हैं- झूठ बोल रही हो। मैं मुस्कुरा देती हूं। खैर… मेरी पुरानी और अब नई जिंदगी कहां से शुरू होती है, सब बताती हूं। 2007 की बात है। मेरी उम्र उस वक्त 15 साल थी। एकदम दुबली-पतली लड़की। करीब 35 किलोग्राम वजन था। पापा सरकारी टीचर थे। मैं उनके ज्यादा करीब थी और छोटा भाई मम्मी के करीब ज्यादा था। 2007 में फरवरी का महीना, तारीख 2। पापा मुझे हर रोज कंप्यूटर क्लास छोड़ने के लिए जाते थे। उस दिन भी वे मुझे छोड़ने गए। छोड़कर, किसी काम से शहर के बाहर चले गए। शाम 5 बजे उनके आने का वक्त था, लेकिन वे उस दिन आए नहीं। मैं गुस्से में थी। खुद ही कोचिंग से घर चली आई। मन ही मन सोच रही थी- पापा को आज आने दो, फिर उनसे जी-भरकर लड़ूंगी। घड़ी में पौने 6 बजे ही थे कि एक लड़का भागता हुआ मेरे घर आया, बोला- तुम्हारे पापा का एक्सीडेंट हो गया है। सुनते ही मैं जमीन पर गिर गई। मैं, मम्मी और भाई… सभी भागते हुए हॉस्पिटल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर पापा को CPR दे रहे थे। उनका एक पैर टूटा हुआ था। मुंह से खून निकल रहा था। अचानक पापा के हाथ-पांव जम गए। डॉक्टर उठकर खड़े हुए और पूछा- आपके पापा थे…? डॉक्टर ने डेड घोषित कर दिया। मैं खूब रोई। मां दीवार में सिर मारकर रोने लगीं। वहीं पर चूड़ी तोड़ने लगी। सभी के लिए फरवरी का महीना वसंत लेकर आता था, लेकिन मेरे लिए सिर्फ पापा के जाने का गम लेकर आया। आज भी जब फरवरी का महीना आता है, तो मैं 2 तारीख को पूरे दिन के लिए घर में खुद को बंद कर लेती हूं। खूब रोती हूं। ऐसा लगता है, सब कुछ कल की ही बात है। कोई मुझे उस हॉस्पिटल में ले जाए, तो मैं आज भी पूरी बात ऐसे बता सकती हूं, जैसे ये सब कल ही हुआ हो। एक-एक चीज… पापा के कफन पर रखे एक-एक फूल से लेकर शर्ट पर लगे खून के धब्बे तक याद हैं। मेरी चलती तो, उनके अस्थि से भरा कलश गंगा में प्रवाहित नहीं करती। उसे अपने घर की अलमारी में संभालकर रखती। आखिर उसी में तो उनके शरीर के आखिरी अंश बचे थे। मेरे 6 फीट के पापा एक कलश में सिमटे हुए थे! जब मैंने घर वालों से कहा, तो वे चीखते हुए बोले- ये कैसे हो सकता है? भला किसी आदमी का अस्थि कलश घर में रखा जाता है। इसे गंगा में प्रवाहित करना होता है। खैर, मजबूरी में वह अस्थि कलश गंगा में प्रवाहित करना पड़ा, लेकिन मैंने पापा का सफारी सूट आज भी संभालकर रखा हुआ है। उसे ही वे आखिरी बार पहन कर मुझे कोचिंग क्लास छोड़ने गए थे। उसमें आज भी खून के धब्बे लगे हुए हैं। हर साल 2 फरवरी को उसे निकालकर निहारती हूं। पापा के गुजरने के बाद किराएदारों ने मेरे घर पर कब्जा कर लिया। किराया देना बंद कर दिया। मांगने पर कहने लगे- न पैसे देंगे और न घर खाली करेंगे। ज्यादा बोलोगी, तो भाई पर पॉक्सो एक्ट लगवाकर रेप का मुकदमा करवा देंगे। फिर रहना जेल में सड़ते हुए। डर के मारे हमने कुछ साल बाद उस घर को चौथाई कीमत में बेच दिया। वहीं गांव की जमीन पर मेरे चाचा ने कब्जा कर लिया। उस वक्त मैं 12वीं में पढ़ती थी। ऐसा लगा- अब तो सब खत्म हो गया। सोचती- जब पापा ही नहीं रहे, तो फिर जीने का क्या फायदा। खुद को एक कमरे में बंद कर लेती। गहरे डिप्रेशन में जाने लगी। मां ने खुद को समझा लिया कि अगर वह घर को नहीं संभालेगी, तो उनके दोनों बच्चे बर्बाद हो जाएंगे। इकलौता भाई है। उसने खुद को संभाल लिया, क्योंकि उसे ही अब सब कुछ संभालना था। मैं चाहकर भी खुद को नहीं समझा पाई। हर वक्त बस एक ही ख्याल आने लगा- आत्महत्या कर लूं, तो पापा के पास चली जाऊंगी। अब इस धरती पर, इस घर में जीने का क्या ही मतलब है, जहां मुझे दुलार करने वाला ही न बचा हो। वहां किसलिए जिऊं।ऐसा नहीं है कि मेरी मां, भाई मुझसे प्यार नहीं करते थे, लेकिन पापा की कमी सही नहीं जा रही थी। इतना तनाव में थी कि डॉक्टर को दिखाना पड़ा। डिप्रेशन की दवाएं चलने लगीं। 24 घंटे में 16 घंटे सोने लगी थी। सोकर उठती तब भी नींद आती। ऐसे करीब 3-4 साल गुजरे। डिप्रेशन की दवाओं से ज्यादा नींद आने के कारण मेरा वजन बढ़ने लगा। चेक कराया तो पता चला 42 किलोग्राम हो गया है, फिर एक महीने बाद चेक कराया तो 60 किलोग्राम हो गया…। मैं सोचती थी, आगे चलकर वजन कम हो जाएगा, लेकिन यह बढ़कर 80 किलो के ऊपर पहुंच गया। उस समय लगने लगा कि अब बहुत मोटी हो गई हूं। मार्केट में मेरी पसंद के कपड़े नहीं मिलते थे। जींस की साइज अब 44 नंबर हो गई। 4XL साइज की कुर्ती ही हो पाती। कई बार मार्केट में कपड़ा खरीदने जाती, तो दुकानदार कहता- दीदी, अपनी साइज देखी हो। मेरे पास आपकी साइज के कपड़े नहीं हैं। जो इन्हीं में से पसंद कर लो। रिश्तेदार, आस-पड़ोस के लोग कहने लगे- अरे इसका वजन तो भैंस के बराबर हो गया। 45 साल की आंटी हो गई। तब तक मेरा वजन 92 किलोग्राम हो चुका था। इसी बीच, रिश्तेदार मेरे रिश्ते की बात करने लगे। कहने लगे- जितना वजन है, उतना दहेज देना पड़ेगा, तब शायद कोई लड़का शादी कर ले। ये तो चलती-फिरती बुलडोजर हो गई है। लोगों ने कहना शुरू किया। अरे! इसके पेट तो देखो। 7 महीने की प्रेग्नेंट लग रही है। सीना कितना बड़ा हो गया है। चेहरा भैंस जैसा लग रहा। जांघ और हाथ में कोई फर्क ही नहीं बचा है। वजन बढ़ने की वजह से मैंने शादी-ब्याह में जाना बंद कर दिया। मार्केट में मेरे साइज के कपड़े ही नहीं मिलते थे। कहीं आती-जाती तो लोग मुझे ही घूरते। मुझे याद है- मेरे मामा की बेटी की शादी थी। बचपन से ख्वाहिश थी कि बहन की शादी में सजूंगी, संवरूंगी। उसके लिए जब पार्लर गई, तो ब्यूटीशियन ने मेरे लिए बड़ा-सा ब्लाउज तैयार किया। पुराना-सा एक लंहगा दिया। बोली- तुम्हारे साइज का लहंगा तो है नहीं। उस दिन वही पहनकर बहन की शादी में गई। बाकियों के कपड़े देखकर उस दिन मुझे बहुत शर्म आई। एक कमरे में जाकर रोने लगी। जयमाल के समय बहन ने मुझे जबर्दस्ती बुलाया। उसके बाद से कभी किसी की शादी में नहीं गई। पहले तो मैं डिप्रेशन की दवा ले रही थी। अब, जब वजन बढ़कर 92 किलोग्राम हो गया, तो एक-एक करके चार-पांच डॉक्टर को दिखाया। कोलेस्ट्रॉल, ब्लड-प्रेशर, शुगर सब बढ़ने लगा था। थोड़ी देर चलती, तो हांफने लगती थी। ऐसा लगता, जैसे हार्ट-अटैक आ जाएगा। ब्लड की जांच हुई, तो पता चला कि किडनी में इन्फेक्शन है। डॉक्टरों ने कहा ऐसा ही रहा, तो किडनी फेल हो जाएगी। 2023 की बात है। यकीन हो चुका था कि अब जिंदगी बस कुछ महीनों की है। मैं मम्मी से कहने भी लगी कि मेरे गुजरने के बाद हमेशा भाई के साथ रहना। मम्मी, पापा की जगह सरकारी टीचर हो गई थीं। इसी बीच कानपुर के एक डॉक्टर से मिली। वह मेरी हालत देखते ही बोले- सबसे पहले इसके डिप्रेशन की दवा बंद करो। इसे कोई बीमारी नहीं है। उन्होंने मेरी सारी दवाएं बंद करा दीं। उस वक्त तक मैं हर दिन डिप्रेशन के 10 से ज्यादा टैबलेट खा रही थी। दवा छोड़ी तो पहले 15 दिन तक नींद ही नहीं आई। शरीर को डिप्रेशन और नींद की दवा खाने की आदत हो चुकी थी। सोचिए 13 साल से मैं लगातार डिप्रेशन की दवा खा रही थी। दवा छूटी तो डॉक्टर ने पहले एक महीने में कम-से-कम दो किलोग्राम वजन कम करने की सलाह दी। मैंने सुबह-शाम एक्सरसाइज करना शुरू किया। 16 घंटे की फास्टिंग करने लगी। 10 बजे के बाद सिर्फ एक-दो रोटी, दाल और सब्जी खाती। दोपहर में थोड़ा-सा भूना हुआ काला चना और शाम को फिर से दो रोटी, दाल और सब्जी। रात में भी रोज 6 से 7 किलोमीटर पैदल चलती थी। शुरू में वजन कम करने का इतना जुनून सवार हुआ कि ज्यादा चलने लगी। रास्ते में हाफंते हुए कई बार लगा कि गिर पड़ूंगी। ज्यादा वजन होने से मेरे फेफड़े में भी इन्फेक्शन हो चुका था। इतनी ज्यादा एक्सरसाइज कर रही थी कि घर पर जब मां की नींद खुलती, तो उन्हें मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती नजर आती थी। रात के डेढ़ बजे, दो बजे भी मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती थी। महीने के आखिर में जब मशीन पर अपना वजन चेक किया, तो 6 किलोग्राम घट चुका था। मैं हैरान थी कि यह कैसे हुआ। यकीन नहीं हो रहा था। डॉक्टर के पास गई। उन्होंने एक मशीन पर मेरा वजन चेक किया। तब मुझे लगा कि मशीन खराब होगी। फिर दूसरी मशीन पर चेक किया, तब कन्फर्म हो गया कि मेरा वजन कम हुआ है। इस तरह अब तो वजन घटाने का जुनून सवार हो गया था। अगले महीने फिर चेक कराया। 4 किलोग्राम और कम हो चुका था। तीसरे महीने में 8 किलोग्राम, फिर चौथे महीने में 2 किलोग्राम। 100 दिन के भीतर 20 किलो वजन कम हो गया। जब वजन कम होने की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, तब मेरे आस-पड़ोस के लोग और सोशल मीडिया पर जो लोग न जाने मुझे क्या-क्या कहते थे, वे मुझसे वजन कम करने की टिप्स मांगने लगे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि मैं वही मोटी वाली आभा शुक्ला हूं। दर्जनों लोग मेरे घर आए। कहने लगे कि आपको देखना था कि आप वाकई पतली हो गई हैं या कहीं AI से तो एडिट करके फोटो पोस्ट नहीं कर दी है? अब तक मैं हजार से ज्यादा लोगों को वजन कम करने की सलाह दे चुकी हूं। 2018-19 के बाद से मैंने कानपुर में सामाजिक कार्य शुरू कर दिए थे। सोच रही थी कि अब जिंदगी जब कुछ महीनों-साल की ही बची है, तो कुछ करके मरा जाए। उसी के बाद ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट बनी थी। (आभा शुक्ला ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) ------------------------------------------ 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
2014 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट बने। उसी साल भारत-जापान ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया। 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि बने। अमेरिका ने भारत को 'मेजर डिफेंस पार्टनर' घोषित किया। 2016 में फ्रेंच राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद चीफ गेस्ट बने। उनके दौरे में ही भारत-फ्रांस ने 36 राफेल फाइटर जेट्स का एग्रीमेंट साइन किया। रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। आखिर भारत ने यूरोपीय यूनियन के लीडर्स को न्योता क्यों दिया, कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट और इससे भारत क्या हासिल करता है, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: यूरोपीय यूनियन के नेताओं को भारत ने रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट क्यों बनाया? जवाब: यूरोपीय यूनियन किसी एक देश की तरह नहीं, बल्कि 27 देशों के ब्लॉक की तरह काम करता है। भारत ने इसके टॉप-2 लीडर्स को बुलाकर पूरे यूरोप को एक साथ साधने की कोशिश की है। दरअसल, उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष है। यह EU की एग्जिक्यूटिव विंग है, जो ट्रेड डील और रूल्स को लागू करती है। वहीं एंतोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष हैं। यह सभी 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का रिप्रेजेंटेशन करते हैं और स्ट्रैटजिक डायरेक्शन तय करते हैं। यूरोपियन यूनियन के नेताओं को चीफ गेस्ट बनाने के पीछे भारत के 3 मकसद हो सकते हैं… 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से बनेगा 200 करोड़ ग्राहकों का मार्केट 2. अमेरिका-चीन की खींचतान में 'बफर स्ट्रैटजी' 3. IMEC के लिए EU का साथ जरूरी सवाल-2: गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? जवाब: पहले गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को ही मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा शुरू हुई। उस दिन की परेड दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम) में हुई थी। तब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो चीफ गेस्ट थे। इंडोनेशिया को पहले चीफ गेस्ट के तौर पर चुनना भी एक सिंबोलिज्म था। क्योंकि दोनों देश हाल ही में आजाद हुए थे और औपनिवेशिक शासन के लिए खिलाफ लड़े थे। दरअसल, 17 अगस्त 1945 को इंडोनेशिया ने आजादी का ऐलान किया था, जिसे 1949 में मान्यता मिली थी। चीफ गेस्ट बुलाने की परंपरा भारत की सॉफ्ट और स्ट्रैटजिक डिप्लोमेसी का हिस्सा है… सवाल-3: आखिर कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट, प्रोसेस क्या है? जवाब: गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि को चुनना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें डिप्लोमेसी, ट्रेड, स्ट्रैटजी और मिलिट्री फायदे का बारीकी से एनालिसिस किया जाता है। ये प्रोसेस करीब 6 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है। भले ही 26 जनवरी का कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय की जिम्मे है, लेकिन मुख्य अतिथि चुनने का काम विदेश मंत्रालय करता है। मेहमान के नाम चुनने से लेकर उनके कर्तव्य पथ तक पहुंचने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस… स्टेप-1: विदेश मंत्रालय में शुरुआती चर्चा विदेश मंत्रालय उन देशों की लिस्ट बनाता है, जिनके साथ भारत अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। इसके इन 3 सवालों का जवाब ढूंढा जाता है और उनका एनालिसिस किया जाता है… स्टेप-2: प्रधानमंत्री की मंजूरी विदेश मंत्रालय अपनी सिफारिशों की फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO को भेजता है। पीएम और उनके सलाहकार तय करते हैं कि मौजूदा वैश्विक माहौल में किस नेता को बुलाना सबसे सही रहेगा। स्टेप-3: नेता का शेड्यूल पता करना स्टेप-4: राष्ट्रपति के सिग्नेचर के साथ न्योता भेजना PMO से मंजूरी मिलने और मेहमान का शेड्यूल चेक करने के बाद औपचारिक निमंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिस पर वे सिग्नेचर करती हैं। क्योंकि गणतंत्र दिवस का समारोह भारत के राष्ट्रपति आयोजित करते हैं। इसके बाद न्योता मेहमान देश को भेज दिया जाता है। स्टेप-5: सिक्योरिटी और प्रोटोकॉल व्यवस्था यह पूरी प्रोसेस गोपनीय रहती है, जब तक इसका आधिकारिक ऐलान न हो जाए। इसका मकसद फॉरेन रिलेशंस को मजबूत करना और ग्लोबल लेवल पर भारत की पॉजिशन को उभारना है। पूर्व IFS अधिकारी और 1999 से 2002 तक प्रोटोकॉल चीफ रहे मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट की दौरे में पूरा फोकस होता है कि वे प्रसन्न और संतुष्ट हों। उनकी यात्रा आराम से और बिना किसी दिक्कत के साथ हो। कई मेहमानों और उनके राजदूतों ने भारत के सामारोह और प्रोटोकॉल की जमकर तारीफ कर चुके हैं। सवाल-4: क्या यह सिर्फ सम्मान देने का तरीका है या कोई डिप्लोमैटिक मैसेज? जवाब: गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि न्योता मिलना किसी देश के लिए प्रोटोकॉल के लिहाज से सर्वोच्च सम्मान की बात है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में ऑफिशियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। फिर शाम में भारत के राष्ट्रपति उनके लिए स्वागत समारोह आयोजित करते हैं। मेहमान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी जाते हैं। उनके लिए भारत के प्रधानमंत्री एक लंच भी रखते हैं, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी VIP मौजूद रहते हैं। पूर्व IFS अधिकारी मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट का दौरा सिंबोलिक अहमियत रखता है। उन्हें भारत के गौरव और खुशी का हिस्सा बनाया जाता है। ये दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी की झलक दिखाती है। सम्मान से कहीं ज्यादा ये डिप्लोमैटिक स्ट्रेंथ नुमाइश होती है। चीफ गेस्ट के सिलेक्शन प्रोसेस में भी ये दिखाई देता है। फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट विनय कौरा के का मानना है कि भारत ऐसे सिंबॉलिक काम से अपनी डिप्लोमैटिक और स्ट्रैटजिक पैठ को मजबूत करता है। इसके जरिए भारत दुनियाभर में अपने रणनीतिक इरादे और विदेश नीति को व्यक्त करता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मेहमान-नवाजी के जरिए भारत बताता है कि उसके लिए कौन अहम है? साथ ही अपनी सॉफ्ट पावर और डिफेंस कैपेबिलिटी की ताल ठोकता है। मेहमान देश के साथ डील्स और पार्टनरशिप भी करता है। सवाल-5: क्या पाकिस्तान और चीन को कभी बतौर चीफ गेस्ट इनवाइट किया गया? जवाब: हां। भारत ने पाकिस्तान और चीन को उस दौर में न्योता दिया, जब वह ‘पड़ोसी पहले’ और ‘शांति के साथ रहने’ की नीति पर चल रहा था… रिश्ते सुधारने के लिए पाकिस्तान को 2 बार न्योता 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के दौर में चीन को बुलाया तब के पीएम पं. नेहरू का मानना था कि ऐसे न्योते और सम्मान से पड़ोसियों के साथ तनाव कम किया जा सकता है। साथ ही वे एशियाई एकजुटता का नेतृत्व कर रहे थे। इसमें चीन और पाकिस्तान को साथ रखना बेहद जरूरी था। सवाल-6: किस देश को सबसे ज्यादा बार और सबसे कम बार न्योता दिया गया? जवाब: 2025 तक 47 देशों के 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस के मेहमान के तौर पर शिरकत की है। भारत ने चीफ गेस्ट के लिए हमेशा अपने उन सहयोगियों को तरजीह दी है, जो डिफेंस, एनर्जी और स्ट्रैटजिक तौर से सबसे करीब रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारत ने सबसे ज्यादा 6 बार फ्रांस को न्योता दिया। 1976, 1980, 1998, 2008, 2016 और 2024 के गणतंत्र दिवस में फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया। 5 बार ब्रिटेन, 4-4 बार भूटान, इंडोनेशिया और रूस के नेता चीफ गेस्ट बने। वहीं दुनिया के कई ताकतवर और अहम देश ऐसे हैं, जिन्हें भारत ने सिर्फ एक बार ही न्योता दिया। इसमें चीन (1958), ऑस्ट्रेलिया (1979), ईरान (2003), सऊदी अरब (2006), साउथ कोरिया (2010) और अमेरिका (2015) शामिल हैं। सवाल-7: क्या कभी ऐसा हुआ कि जब कोई मेहमान ही नहीं आए? जवाब: हां। 5 बार ऐसा हुआ है, जब गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर मुख्य अतिथि की कुर्सी खाली रही। इनमें से 3 मौके शुरुआती साल के थे, जबकि दो मौके कोविड के दौरान के थे। शुरुआती 3 साल नहीं बुलाए चीफ गेस्ट कोरोना महामारी में 2 साल कोई मुख्य अतिथि नहीं ****** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... गणतंत्र दिवस की थीम वंदेमातरम्, परेड में निकलेंगी 30 झांकियां: सेना की नई भैरव बटालियन भी शामिल होगी भारत के 77वां गणतंत्र दिवस की परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' थीम पर होंगी। पूरी खबर पढ़िए...
पंजाब में वाघा बॉर्डर से सिर्फ 35 किमी दूर अजनाला नाम का एक छोटा सा शहर है। यहां गुरुद्वारा सिंह सभा के कैंपस में एक कुआं है। इस कुएं को ‘शहीदों का कुआं या ‘कलियांवाला खोह’ के नाम से जाना जाता है। कुएं तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सीढ़ियों से उतरकर नीचे जाने पर कुआं नजर आने लगता है, पास में ही एक लोहे का बक्सा रखा है। इस बक्से में इंसानों की हड्डियां भरकर रखी गई हैं। आपको ये जानकर थोड़ा झटका लग सकता है कि ये हड्डियां 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों की हैं। इन सैनिकों को इस कुएं में जिंदा दफना दिया गया था। 2014 में पहली बार खुदाई में ये अवशेष निकले। प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार, राज्य सरकार सभी को लगातार चिट्ठियां लिखी गईं, लेकिन शहीदों के बचे-खुचे कंकाल और अवशेषों को अब तक लोहे का बक्सा ही हासिल हो पाया है। 168 से ज्यादा साल बीत चुके हैं। न तो किसी सरकार ने इन शहीदों का अंतिम संस्कार करवाने की पहल की। न इन अवशेषों को सम्मान के साथ किसी म्यूजियम में रखा गया। शर्म की बात ये है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले अंग्रेज अफसर फ्रेडरिक हेनरी कूपर के नाम पर अमृतसर में एक रोड है। क्रिस्टल चौक से रेलवे ब्रिज की तरफ जाने वाली इस रोड का नाम है- कूपर रोड। राज्य में कांग्रेस, अकाली-BJP और AAP की सरकार भी आ गई, लेकिन किसी को फुर्सत नहीं मिली। केंद्र में मोदी सरकार को भी लेटर लिखे गए, लेकिन अभी तक ये शहीद सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, पहचान का इंतजार कर रहे हैं। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर इन शहीदों की कहानी याद करें… भारतीय सैनिकों का नरसंहार, जो इतिहास में खो गयाये कहानी सुरेंद्र कोछड़ नाम के शख्स को कबाड़ में मिली एक किताब से शुरू हुई। 1857 में अमृतसर का डिप्टी कमिश्नर था फ्रेडरिक हेनरी कूपर। इसी फ्रेडरिक ने 1858 में ब्रिटेन में एक किताब लिखी थी, द क्राइसिस इन द पंजाब। (The Crisis in the Punjab From The 10th Of May Until the fall of Delhi) इस किताब को भारत में कोई नहीं जानता था। ये अमृतसर की मोती लाल नेहरू लाइब्रेरी में रखी थी। ये लाइब्रेरी अंग्रेजों के जमाने में बने टाउन हॉल में है, जो गोल्डन टेंपल से महज कुछ दूरी पर है। सौ साल से ज्यादा समय तक रखी इस किताब को 2003 में लाइब्रेरी में ही रद्दी के ढेर में फेंक दिया गया। इसी लाइब्रेरी में अमृतसर के सुरेंद्र कोछड़ जाया करते थे। उन्होंने ये किताब पढ़ने के लिए ले ली। किताब के पेज नंबर 151 पर चैप्टर-6 है। इसमें 1857 में मौजूद 26वीं नेटिव इन्फैन्ट्री बटालियन का जिक्र है। इस चैप्टर में मेजर स्पेंसर की हत्या और उस रेजिमेंट के टोटल डिस्ट्रक्शन की बात है। इसी चैप्टर में हेनरी कूपर ने अजनाला के सूखे कुएं में 282 सैनिकों को मारकर दफनाने का जिक्र किया है। यहीं से सुरेंद्र कोछड़ की खोज शुरू हुई। 11 साल तक ढूंढा, 2007 में कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बन गया थासुरेंद्र कोछड़ के मुताबिक, ‘किताब में लिखा था कि अजनाला थाने के पास कैंपिंग ग्राउंड है। पहले वहां एक छोटा कुआं था। इसमें 20-30 लोगों को ही फेंका जा सकता था। उससे करीब 100 मीटर दूर एक बड़ा सूखा कुआं मिल गया।' 'इसके बाद कूपर ने उसी कुएं में गोलियों से मारे गए सैनिक और भूख-प्यास से जिंदा, लेकिन अधमरे हो चुके सैनिकों को दफना दिया था। पहले तो ये लगा कि अगर ये सच होता तो पंजाब के अजनाला या अमृतसर में इसकी चर्चा जरूर होती। कई साल तक लगातार पड़ताल के बाद भी हमें ऐसे कुएं के बारे में जानकारी नहीं मिली।’ ‘कोई दस्तावेज नहीं मिल रहा था, कई साल गुजर गए। हमें 1928 में प्रयागराज से पब्लिश एक पत्रिका मिली। इस पत्रिका में अजनाला के रहने वाले बाबा जगत सिंह का इंटरव्यू छपा था। अजनाला हत्याकांड उन्होंने अपनी आंखों से देखा था।’ ‘उनके हवाले से लिखा गया था कि 26 नंबर की पलटन के कुछ थके हुए सिपाही अमृतसर की एक तहसील अजनाला से 6 मील दूर रावी नदी के किनारे पड़े थे। ये वही सिपाही थे, जो 30 जुलाई की रात को लाहौर की छावनी से भागे थे। इन्हें शक के आधार पर पकड़ लिया गया। इसके बाद मार दिया गया। इस पत्रिका में कूपर की दरिंदगी का भी जिक्र था।’ सुरेंद्र आगे बताते हैं, ‘इसी के बाद मुझे इस कहानी पर यकीन हो गया। जिस कैंपिंग ग्राउंड में छोटे कुएं और उसके 100 मीटर की दूरी पर बड़े कुएं की बात हो रही थी। उसकी 1857 और 1957 यानी 100 साल बाद की भी फोटो मिल गई। 1857 की पहली फोटो में बंद कुएं के आसपास झाड़ियां नजर आ रही हैं। 1957 की फोटो में उस कुएं के आसपास ईंट की चारदीवारी बना दी गई थी। कुछ बच्चे और लोग खड़े थे। साल 2007 के आसपास उसी कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बना दिया गया था।’ पत्नी-बच्चों की कसम खाई तो खुदाई शुरू हुईसुरेंद्र ने कूपर की किताब तो पढ़ ली थी, लेकिन इस घटना की दूसरे ऐतिहासिक सोर्स से जांच-पड़ताल भी जरूरी थी। 11 साल तक वे अलग-अलग किताबों और जरियों से पड़ताल करते रहे। उन्हें भरोसा हो गया था, लेकिन कुएं की खुदाई कराने को कोई तैयार नहीं हो रहा था। गुरुद्वारा प्रशासन, स्थानीय लोग, राज्य सरकार सबको बताया, लेकिन कोई इस सच को मानने के लिए तैयार नहीं था। सुरेंद्र कोछड़ को कहना पड़ा कि अगर सिपाहियों के कंकाल न मिलें तो मुझे भी इसी कुएं में दफना देना। कंकालों के हाथ ऊपर की तरफ थे, मरने से पहले निकलना चाहते थेसुरेंद्र बताते हैं, ‘10 फीट के बाद लोग सवाल उठाने लगे थे, लेकिन थोड़ा ही नीचे पहला कंकाल नजर आ गया। वो कंकाल एक हाथ का हिस्सा था। कुएं में नीचे से ऊपर की तरफ। मानो मरने वाला कुएं से बाहर निकलने की आखिरी कोशिश में था, पर निकल न सका। उसी हालात में उस सैनिक की मौत हो गई होगी। इसके बाद एक-एक कर कंकाल निकलने लगे।’ सुरेंद्र ये बताते हुए इमोशनल हो जाते हैं। वे कहते हैं, ‘खुदाई के दौरान मिले दो सैनिकों के कंकाल को मैं कभी नहीं भूल सकता। एक सैनिक के कंकाल के जबड़े में कुछ दबा हुआ था। उसे खोला तो जबड़े में उंगली डाली हुई थी। उंगली में एक अंगूठी भी थी। वो अंगूठी किसी महिला की थी। सोने और हीरे की बनी हुई। शायद उसकी याद में मरते हुए सैनिक ने उसे मुंह में दबा लिया होगा। ऐसा लगता है कि या तो उस सैनिक की नई शादी हुई होगी या फिर सगाई होने वाली होगी। दूसरा कंकाल मुझे याद है, उसकी हाथ की मुट्ठी बंद थी। उस कंकाल की हथेली को खोला गया, तब उसमें 7 सिक्के मिले। उसने अपनी मेहनत की कमाई और परिवार की याद में सिक्के दबा रखे होंगे। इस उम्मीद में कि अगर कुएं से जिंदा निकल गए तो शायद परिवार को दे सकेंगे। दुख इस बात का है कि किसी ने भी इन सैनिकों की पहचान तक करने की कोशिश नहीं की।’ कूपर ने अपनी किताब में सैनिकों के कत्लेआम के बारे में क्या लिखा, पढ़िए कुएं से क्या-क्या मिलासुरेंद्र कोछड़ बताते हैं, ‘खुदाई के दौरान 282 लोगों के कंकाल मिले थे। इनमें जो काफी हद तक बेकार हो चुके थे, उन्हें तो हमने खुद हरिद्वार में जाकर जल प्रवाह करा दिया। कुछ कंकाल आज भी पंजाब यूनिवर्सिटी के पास हैं। बाकी जो दांत मिले थे, वो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में जांच के लिए रखे हैं।’ ‘इनके अलावा सैनिकों की काफी निशानियां मिली थीं, जैसे उस समय के चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठियां, हीरे की अंगूठी, सोने के कई सामान, हाथ के कड़े और कुछ मालाएं। ये सब हमने गुरुद्वारा कमेटी के पास ही रख दिए थे। ये निशानियां आज भी उनके पास ही रखी हैं। हम चाहते थे कि ये सामान भारत सरकार के पास रहे। इन्हें लोगों को दिखाने के लिए किसी म्यूजियम में रखा जाए।’ सैनिकों को गोली मारी, गोलियां खत्म हुईं तो पत्थरों से मार डालादैनिक भास्कर ने हेनरी कूपर की लिखी किताब 'क्राइसिस इन पंजाब' पढ़ी। सुरेंद्र कोछड़ के अलावा बरामद कंकालों की साइंटिफिक जांच करने वाले प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे से भी बात की। कंकालों की DNA जांच में जुटे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘10-10 लोगों के हाथ पीछे की तरफ बांधकर कैंपिंग ग्राउंड में ले गए। फिर उन्हें गोली मार दी गई। गोलियां कम पड़ गईं, तो उन्हें पत्थर की गोलियां मारी गईं। इसके सबूत हमें कंकालों की जांच में मिले हैं। हथियार के बट से सैनिकों के सिर के पीछे हमला किया गया, जिसके निशान उन खोपड़ियों पर मिले हैं।’ हेनरी कूपर की किताब और सुरेंद्र कोछड़ से बात कर हम भारतीय सैनिकों के साथ हुई दरिंदगी की 3 बड़ी निशानियों तक पहुंचे। पहली निशानी- अंग्रेजों के जमाने की पुरानी तहसीलअब इस तहसील के पास ही टेलीफोन एक्सचेंज का दफ्तर है। पुरानी तहसील इतनी जर्जर हालत में है कि यहां ताला लगा रहता है। हम उस ताले को खुलवाकर अंदर पहुंचे। आसपास की दीवारें जर्जर, दरवाजे टूटे-फूटे। किनारे-किनारे आसपास घने और लंबे पेड़। इन्हीं पेड़ों और जर्जर दीवारों के बीच में जर्जर गुंबदनुमा बुर्ज वाली छोटी कोठरी है। इसमें एक भी खिड़की नहीं है। लोहे के दो गेट हैं, जिन्हें तहसील के जरूरी कागजात सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। अजनाला थाने में जगह कम पड़ गई तो इसी 7 फुट चौड़े और करीब 8-9 फुट लंबे गुंबद के आकार वाली कोठरी में 60-70 सैनिकों को रखा गया था। इन सैनिकों को पहले यहीं के पेड़ों पर फांसी देने की तैयारी थी। बारिश और लकड़ियों की कमी से सैनिकों को जिंदा ही सूखे कुएं में डाल दिया गया था। दूसरी बड़ी निशानी कैंपिंग ग्राउंडये जगह उस सूखे कुएं से 100 मीटर और अजनाला थाने से चंद कदम दूर है। पहले भी यहां सैनिकों की छावनी हुआ करती थी। आज भी छावनी है। गेट पर आर्मी के जवान तैनात मिले। इन्होंने कैमरे पर बात नहीं की। न ही अंदर जाने दिया। बात करते हुए ये जरूर बताया कि यहां आने पर हमें पता चला कि अजनाला नरसंहार के दौरान अंग्रेजों ने इसी कैंपिंग ग्राउंड में 1857 के दौरान भारतीय सैनिकों को मारा था। इसी कैंपिंग ग्राउंड में थाने में बंद सैनिकों को 10-10 की संख्या में खड़ा करके गोली मारी गई थी। जब ये सैनिक मर गए तब उन्हें सूखे कुएं में फेंक दिया गया था। तीसरी निशानी सूखा कुआंहम इसी कैंपिंग ग्राउंड के किनारे-किनारे उस गुरुद्वारे तक पहुंचे, जहां सूखे कुएं में 282 सैनिकों को दफनाया गया था। उस कुएं तक पहुंचे तो वहां एक संदूक मिला। इसमें आज भी एक संदूक में उन गुमनाम सैनिकों की अस्थियां पड़ी मिलीं। इसके बाद अजनाला से करीब 10-11 किमी दूर रावी नदी तक पहुंचे। यहां सोफियां गांव से आगे रावी नदी से कुछ दूर पाकिस्तान शुरू हो जाता है। आखिर कब इन सैनिकों को सम्मान मिलेगा, अंतिम संस्कार होगाकुएं के पास ले जाकर सुरेंद्र हमें एक लोहे का बक्सा दिखाते हैं। ये एक सामान्य बक्सा है, जैसा घरों में सामान या कपड़े रखने के लिए इस्तेमाल होता है। वे इस बक्से का ढक्कन खोलते हैं और हाथ में एक इंसानी हड्डी लेकर हमें दिखाने लगते हैं। सुरेंद्र कोछड़ उदास होकर कहते हैं, ‘साल 2014 में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच गुरुद्वारे के नीचे खुदाई हुई थी। इसमें से 282 सैनिकों के कंकाल मिले। खुदाई के 12 साल बाद और दफन होने के 168 साल बाद भी इनके कंकाल आज भी उसी कुएं के पास 2 बाई 1 के एक संदूक में बंद हैं।' मैंने कई बार केंद्र और राज्य सरकार को जानकारी दी। सैनिकों के काफी अवशेष आज भी लैब में पड़े हैं। ये सैनिकों की सबसे बड़ी तौहीन है। इनके साथ ऐसा होगा इसकी उम्मीद हमने कभी नहीं की थी। न PMO ने सुनी न पंजाब सरकार ने, अभी जांच ही चल रहीऐसा भी नहीं है कि सरकारों को इस घटना की जानकारी नहीं है। दैनिक भास्कर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक, सैनिकों के नाम और पहचान के लिए 16 मई 2022 को पीएमओ के ऑनलाइन पोर्टल पर डिमांड की गई थी। इसके तीन दिन बाद ही 18 मई को इसके लिए उस समय के अंडर सेक्रेटरी मुकुल दीक्षित को जिम्मेदारी दी गई थी। हमने उनसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। इससे पहले, गृह मंत्रालय की तरफ से भी 26 मार्च 2014 को लेटर जारी हुआ था। ये लेटर ब्रिटेन भी भेजा गया था। अब तक ब्रिटेन की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। सैनिकों के कंकाल और निशानियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने के लिए भारतीय पुरातत्व संरक्षण को 2024 में लेटर लिखा गया था। हालांकि जवाब मिला कि ये स्थल संरक्षण योग्य नहीं है। सुरेंद्र कोछड़ ने 25 जुलाई 2025 को पंजाब के मुख्यमंत्री को एक लेटर लिखा था। इसका ज्ञापन अजनाला के एसडीएम रविंद्र सिंह अरोड़ा को भी दिया था। लेटर में सवाल किया गया था कि अजनाला से खुदाई में मिले अवशेषों को पंजाब सरकार कब्जे में क्यों नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेएस सहरावत को जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि हम लोग इस पर लगातार काम कर रहे हैं। जल्द ही साइंटिफिक तरीके से एक रिपोर्ट पब्लिश करेंगे। उस रिपोर्ट पर सहमति मिल जाएगी, तभी हम उस बारे में मीडिया को जानकारी दे सकेंगे। .................................स्टोरी का दूसरा पार्ट 26 जनवरी, सोमवार को पढ़िएयूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीदअजनाला के कुएं में मिले कंकालों की वैज्ञानिक जांच और DNA सैंपलिंग की भी कोशिशें हुई हैं। जांच से साबित हो रहा है कि सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले थे। दो से तीन परिवार भी सामने आए, लेकिन अवशेष लोहे के बक्से में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने कंकालों की जांच करने वाले प्रोफेसर और सैनिकों के संभावित परिवारों से बात की है। ये रिपोर्ट पढ़िए 26 जनवरी को...
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महाराष्ट्र लाडकी बहिन योजना की रुकी हुई किस्तों को लेकर मंत्री अदिति तटकरे ने बड़ा ऐलान किया है। अब 181 हेल्पलाइन और आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से ई-केवाईसी (e-KYC) की गलतियों को सुधारा जाएगा। 25 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ। जानिए कैसे सुधारें अपने आवेदन की त्रुटियां और पाएं बकाया पैसा।
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पंचशील नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन से पूर्व निकलेगी वाहन रैली
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रोडवेज बस की टक्कर से सैनिक की मौत होने पर एक करोड़ रुपए के मुआवजे के आदेश
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रिश्वत लेने के दाेषी तत्कालीन रीडर को 4 वर्ष का कारावास
जयपुर। राजस्थान में जयपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के विशेष न्यायालय ने रिश्वत लेने के मामले में तत्कालीन रीडर को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। विशिष्ट न्यायाधीश प्रहलाद राय शर्मा ने अभियुक्त तत्कालीन रीडर मनीष कुमार को रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए उस पर 40 हजार रुपए […] The post रिश्वत लेने के दाेषी तत्कालीन रीडर को 4 वर्ष का कारावास appeared first on Sabguru News .
जयपुर में देखा गया विंटेज कारों का शाही जलवा
27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार प्रदर्शनी जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार को विंटेज कारों का शाही जलवा देखने को मिला और इस दौरान लोगों में इन कारों को लेकर खासा उत्साह रहा। राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब की ओर से आयोजित 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार प्रदर्शनी में इन कारों का प्रदर्शन देखने […] The post जयपुर में देखा गया विंटेज कारों का शाही जलवा appeared first on Sabguru News .
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रामकथा जीवन जीने की पाठशाला : भजनलाल शर्मा
कोटा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामकथा को जीवन जीने की पाठशाला बताया है और कहा है कि श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रामराज्य की संकल्पना को साकार कर सकेंगे। शर्मा शनिवार को कोटा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के सान्निध्य में आयोजित […] The post रामकथा जीवन जीने की पाठशाला : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
लातूर के चाकूर बाईपास पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में ठाणे के कलवा निवासी चेतन पंचाक्षरी मलकसमुद्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी अश्विनी गंभीर रूप से घायल हैं। ससुराल जाते समय गन्ने के ट्रैक्टर से टकराने के कारण यह दुखद दुर्घटना हुई। पूरी खबर पढ़ें और जानें पुलिस की कार्रवाई और हादसे की मुख्य वजह।
सवाई माधोपुर के मोशन इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन गर्ग ने किया विशेष निरीक्षण। कोटा की फैकल्टी और अनुशासित शैक्षणिक माहौल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे डॉक्टर व इंजीनियर बनने के इच्छुक छात्रों के लिए उत्कृष्ट बताया। संस्थान प्रबंधन ने मदन मोहन गर्ग का सम्मान किया और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डाला।
भीलवाड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब: आदर्श नगर में भगवामय हुई सड़कें, गूंजे जय श्री राम के उद्घोष
भीलवाड़ा के आदर्श नगर में भव्य हिन्दू सम्मेलन और विशाल शोभायात्रा का आयोजन हुआ। महन्त गोपाल दास जी शास्त्री के सानिध्य में हुई धर्मसभा ने हज़ारों श्रद्धालुओं को जोड़ा। चारभुजा मंदिर से निकली सुसज्जित रथों वाली इस यात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दीपक सोमानी, राजेन्द्र कुमार जागेटिया व गोपाल पाण्डे जैसे दिग्गजों की भागीदारी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
सिद्धि धात्री माता की भव्य पालकी यात्रा, जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत
इंदौर। नगर में श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच सिद्धि धात्री माता की भव्य पालकी यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ माता के मंदिर, साईं मंदिर के पीछे नंदा नगर से हुआ। यात्रा समापन पुन: लौटकर आने के बाद उसी स्थान पर श्रद्धापूर्वक किया गया। पालकी यात्रा के दौरान मार्ग को फूलों […] The post सिद्धि धात्री माता की भव्य पालकी यात्रा, जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में उड़ान क्लब ने बिखेरे बसंत के रंग: पीले फूलों और भक्तिमयी भजनों से गूंजा उत्सव
भीलवाड़ा के उड़ान क्लब द्वारा बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संरक्षक प्रतिभा मानसिंहका की अध्यक्षता में आयोजित इस उत्सव में नीलू वागरानी, आशा अग्रवाल और अंजना मानसिंहका सहित कई सदस्यों ने मां सरस्वती की पूजा और भजनों के माध्यम से बसंत का स्वागत किया। आगामी सामाजिक सेवा कार्यों की रूपरेखा के साथ खेलों में सपनी अग्रवाल, द्रोपदी मानसिंहका और आभा मित्तल विजेता रहीं।
जयपुर की बेटियों की उड़ान: डॉ. राजेश डोगीवाल ने कहा—सशक्त बालिका ही है विकसित राष्ट्र की असली नींव
जयपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। डॉ. राजेश डोगीवाल ने 'सक्षम जयपुर' अभियान के तहत बालिकाओं को शिक्षित और सुरक्षित बनाने पर जोर देते हुए सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। सांगानेर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बना राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
जयपुर आर्ट वीक 5.0 का आगाज़ 27 जनवरी से होने जा रहा है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। सना रेज़वान के नेतृत्व में आयोजित इस उत्सव में 100 से अधिक कलाकार शहर के 11 प्रमुख स्थलों पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ‘अंधा युग’ और ‘आवतो बैरो बाजे’ जैसी प्रदर्शनियों के साथ यह आयोजन जयपुर को एक वैश्विक आर्ट हब के रूप में प्रस्तुत करेगा।
जयपुर के माधोराजपुरा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। हरसूलिया निवासी हीरालाल गुर्जर को फर्टिलिटी किट और उन्नत तकनीक की जानकारी के साथ मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ मिला। जानिए कैसे आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाएं राजस्थान के पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
जयपुर में आयोजित भव्य समारोह में हमीद खान मेवाती ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। मदन राठौड़ और जमाल सिद्दीकी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को केंद्र व राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करने का आह्वान किया गया।
जयपुर के प्रताप नगर में 25 जनवरी 2026 को सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज द्वारा यशोदा देवी रेवाचन्द गुरुनानी चैरिटेबल ट्रस्ट के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण होगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की उपस्थिति में भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और दिव्य सत्संग का भव्य आयोजन किया जाएगा। समाज हित और आध्यात्मिक चेतना को समर्पित इस कार्यक्रम का पूर्ण विवरण यहाँ पढ़ें।
जयपुर के काजीपुरा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर बना किसान दूलीचन्द के लिए वरदान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही कर स्वीकृत किए कृषि यंत्र, जिससे कुमावत परिवार के घर आई खुशहाली। जानिए कैसे प्रशासनिक तत्परता और ग्राम उत्थान शिविरों ने ग्रामीण राजस्थान की तस्वीर बदल दी है।
जयपुर में 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार एग्जीबिशन का शानदार आगाज़! उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया उद्घाटन और शाही कारों की सवारी कर सराहा इतिहास का संरक्षण। दुर्लभ और ऐतिहासिक गाड़ियों का अनूठा संगम देखने उमड़ी भीड़। राजस्थान के पर्यटन और हेरिटेज को बढ़ावा देने वाले इस भव्य आयोजन की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि हम अब सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, अगर उन्होंने मना कर दिया तो हम भी टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे। भारत-श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला T20 वर्ल्ड कप शुरू होने में महज 2 हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में बांग्लादेश को वर्ल्ड कप नहीं खेलने से क्या घाटा होगा, क्या पाकिस्तान भी मैच नहीं खेलेगा और भारत पर क्या असर पड़ेगा; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना क्यों किया? जवाब: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में न खेलने का फैसला किया है। BCB चाहता था कि उसके T20 वर्ल्ड कप मैच श्रीलंका में हों, लेकिन ICC ने इससे इनकार कर दिया। बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने कहा, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है।’ सुरक्षा से जुड़ी इस वजह के अलावा बांग्लादेशी टीम के भारत न आने की 2 छिपी वजहें भी हैं… 1. मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करना IPL की टीम KKR ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा, लेकिन भारत में इसका विरोध होने लगा। BCCI ने KKR से उन्हें रिलीज करने को कहा। 3 जनवरी को KKR ने ऐसा कर दिया। BCB ने इसे अपमान माना और IPL का टेलिकास्ट बैन कर दिया। यहीं से ये विवाद शुरू हुआ। 2. भारत-बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और रिश्ते पिछले कुछ महीनों में भारत और बांग्लादेश के डिप्लोमेटिक रिलेशंस बेहद खराब हुए हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हत्या होने के बाद भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों और कलाकारों के विरोध की बात होने लगी। बिगड़ते माहौल का हवाला देते हुए बांग्लादेश सरकार ने टीम भेजने से मना कर दिया। हालांकि BCB के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि हम ICC से एक बार फिर बात करेंगे और कहेंगे कि वे हमारी चिंताओं पर ध्यान दें। बांग्लादेश इस मसले पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। बांग्लादेश के बायकॉट के फैसले के बाद अब उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप में खेल सकती है। सवाल-2: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश को क्या-क्या नुकसान होगा? जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से लेकर बांग्लादेश में बिजनेस को अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है… पार्टिसिपेशन फीस नहीं मिलेगी, बोर्ड का घाटा मैच जीतने पर भी फीस मिलती है, इसका नुकसान स्पॉन्सर और कॉमर्शियल लॉस रैंकिंग पर असर दैनिक भास्कर डिजिटल के स्पोर्ट्स एडिटर बिक्रम प्रताप सिंह के मुताबिक बांग्लादेश ने पाकिस्तान से प्रभावित होकर फैसला तो ले लिया कि वह वर्ल्ड कप बायकॉट कर देगा, लेकिन ICC में पाकिस्तान का फिर भी दबदबा है। भारत-पाकिस्तान मैच से पूरे वर्ल्ड कप का 25% तक रेवेन्यू आता है, लेकिन बांग्लादेश के साथ ऐसा नहीं है। उसने वर्ल्ड कप बायकॉट कर अपना ही नुकसान किया है। हालांकि BCB की फाइनेंस कमेटी के प्रमुख और अंतरिम सरकार के स्पोर्ट्स एडवाइजर नजमुल हुसैन ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप न खेलने से बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा। जो नुकसान होगा वो खिलाड़ियों को होगा। सवाल-3: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश के खिलाड़ियों को क्या नुकसान होगा जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेशी खिलाड़ियों के करियर और फाइनेंस को नुकसान होगा… हर खिलाड़ी को साढ़े सात लाख का नुकसान रैंकिंग पर असर स्पॉन्सर्स का पीछे हटना सवाल-4: क्या ICC बांग्लादेश टीम के खिलाफ कोई एक्शन ले सकती है? जवाब: ICC के पास कार्रवाई का अधिकार है। ICC के नियमों के मुताबिक वर्ल्ड कप का बायकॉट, मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के खिलाफ है। ऐसे मामलों में ICC आर्थिक दंड से लेकर सदस्यता निलंबन तक का फैसला ले सकती है। पहले भी ICC सख्त कदम उठा चुकी है। 2019 में जिम्बाब्वे क्रिकेट को राजनीतिक दखल के कारण निलंबित किया गया था, जिससे वह 2020 में कोई ICC टूर्नामेंट नहीं खेल सका। अगर ICC को लगता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने राजनेताओं के दबाव में फैसला लिया है, तो ICC के सदस्य के तौर पर उसके निलंबन पर सोचा जा सकता है। अगर बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट से हटती है तो ICC उसे ग्रुप स्टेज में भागीदारी पर मिलने वाले लगभग 3 लाख डॉलर भी नहीं देगी। इसके अलावा बोर्ड को ICC से मिलने वाला 30–40 मिलियन डॉलर का सालाना हिस्सा भी रोका जा सकता है। इसके अलावा ICC भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी का अधिकार भी छीन सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्पॉन्सरशिप पर असर पड़ेगा। सवाल-5: क्या पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप का बायकॉट कर सकता है? जवाब: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप बायकॉट करने की संभावना कम है क्योंकि उसके मैच पहले से ही भारत में नहीं होना तय है। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में शेड्यूल हैं। हालांकि PCB के चेरयमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि बांग्लादेश के साथ गलत हुआ है। अगर हमारी सरकार ने वर्ल्ड कप खेलने से मना किया, तो हम भी टीम नहीं भेजेंगे। लेकिन नकवी बार-बार बयान बदल रहे हैं। कुछ दिन पहले टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने PCB सूत्रों के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप न खेलने जैसा कदम नहीं उठाएगा। सवाल-6: बांग्लादेश के बायकॉट करने से क्या भारत को भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब: बांग्लादेश के वर्ल्ड कप बायकॉट करने से भारत से ज्यादा बांग्लादेश को ही नुकसान होगा। इससे भविष्य में अब भारत भी बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार कर सकता है। जब भारत-बांग्लादेश के मैच होते हैं तो बांग्लादेश के ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर सबसे ज्यादा कमाई करते हैं। IPL से भी यह कमाई करते हैं। भारत से संबंध खराब कर BCB अपना ही नुकसान कर रहा है। हालांकि मैच टिकट और टूरिज्म से होने वाली कमाई का नुकसान भारत को झेलना पड़ेगा… ***** बांग्लादेश क्रिकेट विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर: बोर्ड बोला- भारत में नहीं खेलेंगे; ICC ने कल कहा था- इंडिया में ही खेलना होगा बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। एक दिन पहले ही ICC ने स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच भारत में ही कराए जाएंगे। पूरी खबर पढ़िए...
दिल्ली: 7 दिन से लापता मजदूर दंपति की लाशें नाले से हुई बरामद, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिंदापुर निवासी मजदूर दंपति के शव नजफगढ़ नाले से बरामद। 17 जनवरी से थे लापता, पोस्ट-मार्टम के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
मोकलसर के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब आपकी दहलीज पर ठहरेगी चेन्नई-भगत की कोठी एक्सप्रेस
रेलवे ने मोकलसर वासियों को दी बड़ी सौगात! अब एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-भगत की कोठी रेलसेवा का मोकलसर स्टेशन पर होगा ठहराव। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने गाड़ी संख्या 20625 और 20626 के समय और तारीखों की घोषणा की है। इस नए स्टॉपेज से दक्षिण भारत की यात्रा होगी आसान और व्यापार को मिलेगा नया आयाम। पूरी समय-सारणी यहाँ पढ़ें।
जयपुर में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने भगवान श्री देवनारायण जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोक देवता को गौ रक्षक और असहायों का मसीहा बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। पढ़ें, कैसे राजस्थान के राजभवन से जन-जन के आराध्य के प्रति व्यक्त की गई गहरी श्रद्धा।
जयपुर में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए मतदाता को 'भाग्य विधाता' बताया। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लेने का आह्वान किया है। पढ़िए राज्यपाल का पूरा संदेश और मतदान जागरूकता पर्व का महत्व।
चित्तौड़गढ़ में अग्रसेन महिला मंडल द्वारा बसंत पंचमी के पावन पर्व पर महाराजा अग्रसेन और माता माधवी का विवाह वर्षगांठ महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दीप प्रज्वलन, सांस्कृतिक खेलों और भजनों की प्रस्तुति के साथ आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में समाज की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
रथसप्तमी की पूर्व संध्या पर भड़की कीमतें: सोना ₹1.58 लाख, चांदी ₹3.30 लाख, डॉलर 92 के करीब!
24 जनवरी 2026 की रात सराफा बाजार में भूचाल! रथसप्तमी से पहले सोना 1.58 लाख और चांदी 3.30 लाख रुपये के पार। जानें 24 कैरेट गोल्ड, सिल्वर और डॉलर (91.90) के ताजा रेट्स। इस ऐतिहासिक तेजी ने त्योहारी सीजन में खरीदारों की चिंता बढ़ाई। पढ़ें पूरी मार्केट रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़: अटूट आस्था का पैदल सफर, 1200 किमी की दूरी तय कर बागेश्वर धाम पहुंचेंगे उदयपुर के भक्त
उदयपुर से बागेश्वर धाम के लिए 1200 किमी की पैदल यात्रा पर निकले 20 भक्तों का चित्तौड़गढ़ में भव्य स्वागत किया गया। यह जत्था पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री को उदयपुर के संकट मोचन बागेश्वर धाम मंदिर की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण देने जा रहा है। जानिए इस साहसिक और भक्तिपूर्ण सफर की पूरी कहानी, जिसमें श्रद्धा और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
चित्तौड़गढ़ में शिवसेना द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और बाला साहब ठाकरे की पुण्यतिथि पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और गोसेवा के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने इन महान नायकों को श्रद्धांजलि दी। शहर के प्रमुख चौराहों पर केसरिया ध्वज फहराकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया, जिसमें जिले के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।
चित्तौड़गढ़ में भगवान देवनारायण जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब। आकर्षक झांकियों, अश्वों और ड्रोन से पुष्प वर्षा के बीच शहर हुआ भक्तिमय। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या सहित हजारों समाजजनों ने की शिरकत। मेवाड़ी परंपरा और गुर्जर समाज के शौर्य का अद्भुत संगम, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़ में आयोजित इंटर जिंक सीजन 4 चैंपियनशिप के फाइनल में रामपुरा आगूचा माइंस ने एचओ सीआरडीएल को हराकर खिताब अपने नाम किया। राकेश के 4 विकेट और मनीष सेन की बल्लेबाजी ने टीम को शानदार जीत दिलाई। आलोक रंजन सहित कई गणमान्य अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। पढ़ें इस रोमांचक मुकाबले की पूरी रिपोर्ट
भीलवाड़ा में कड़ाके की ठंड के बीच लायंस क्लब ने 'आओ खुशियां बांटे' अभियान के तहत चमनपुरा स्कूल के 50 जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर वितरित किए। एडवोकेट पवन पंवार और भामाशाह जे.के. बागडोदिया की उपस्थिति में आयोजित इस 20वें चरण ने शिक्षा और सेवा का संदेश दिया। मानवता की इस पहल से बच्चों के चेहरे खिले और समाज में सकारात्मक संदेश गया।
ओडिशा: 24 घंटे में दो नाबालिगों से हैवानियत, मुख्य आरोपी समेत 2 नाबालिग गिरफ्तार
नयागढ़, ओडिशा में रानपुर और सारांकुल में दो अलग-अलग घटनाओं में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न, पुलिस हिरासत में आरोपी, जांच जारी।
भीलवाड़ा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामलाल जाट के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों और मनरेगा को कमजोर करने की साजिशों के खिलाफ 'मनरेगा बचाओ जनआंदोलन' के तहत जोरदार प्रदर्शन किया गया। छापरी, बड़ा महुआ और सुवाना जैसी पंचायतों में सभाएं कर कांग्रेस ने मजदूरों के समय पर भुगतान और ब्याज की मांग उठाई। इस ऐतिहासिक विरोध में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं और सरपंचों ने एकजुट होकर हुंकार भरी।
सवाई माधोपुर में 27 जनवरी से आयोजित होने जा रहे भरतपुर मंडल के सात दिवसीय स्काउटर-गाइडर एडवांस कोर्स की पूरी जानकारी। भारत स्काउट गाइड की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित इस शिविर में सवाई माधोपुर, भरतपुर, डीग और धौलपुर सहित कई जिलों के शिक्षक लेंगे हिस्सा। आपदा प्रबंधन और नेतृत्व कौशल का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण।
सवाई माधोपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत खंडार और जिला मुख्यालय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए। डॉ. अनिल कुमार जैमिनी की उपस्थिति में छात्राओं ने पोस्टर व नारों के जरिए भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाई और एनीमिया जांच व स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया। मुखबिर योजना और डीकोय कार्रवाई की जानकारी के साथ बेटियों के सम्मान की शपथ ली गई।
खेरोदा में पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत के नेतृत्व में 'मनरेगा बचाओ महासंग्राम' के तहत विशाल पैदल मार्च निकाला गया। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून बदलने के विरोध में उमड़े इस जनसैलाब ने मोदी सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानें कैसे वल्लभनगर कांग्रेस ने किसान और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
डूंगरपुर में कुदरत का कहर: हाड़ कंपाने वाली शीत लहर ने थामी रफ्तार, घरों में कैद हुए लोग
डूंगरपुर में अचानक बदले मौसम के मिजाज और भीषण शीत लहर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार शाम से जारी बर्फीली हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है, जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। गैप सागर में उठती लहरों से लेकर बाजारों में छाई वीरानी और गर्म कपड़ों की बढ़ती मांग तक, जानें डूंगरपुर की सर्दी का पूरा हाल।
डूंगरपुर में वागड़ बस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष वल्लभराम पाटीदार के नेतृत्व में निजी बस संचालकों ने टैक्स माफी, किराया वृद्धि और पड़ोसी राज्यों के समान सुविधाओं की मांग की है। जानें क्या हैं मुख्य मांगें और बजट से ऑपरेटर्स को क्या उम्मीदें हैं।
राजसमंद की पसुन्द पंचायत में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 1.70 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मंजूरी देकर ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। सरपंच अयन जोशी के प्रयासों से अब मोरचना में जर्जर स्कूल भवन की जगह नया विद्यालय बनेगा और तलाई कुँवा भील बस्ती में आधुनिक सड़कों व ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण होगा, जिससे वर्षों पुरानी समस्याओं का अंत होगा।
चित्तौड़गढ़ में कुष्ठ मुक्त समाज का शंखनाद: 'स्पर्श' अभियान से मिटेगा भेदभाव का कलंक
चित्तौड़गढ़ में 30 जनवरी से शुरू होगा 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान'। डॉ. ताराचंद गुप्ता और डॉ. पुनीत तिवारी के नेतृत्व में 13 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को मिटाना और रोगियों को गरिमापूर्ण जीवन दिलाना है। ग्राम सभाओं और स्कूलों में जागरूकता गतिविधियों के जरिए जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की ओर यह एक बड़ा कदम है।
चित्तौड़गढ़ के भूपालसागर स्थित फलासिया में 25 जनवरी को सांसद चंद्र प्रकाश जोशी और विधायक अर्जुन लाल जीनगर की उपस्थिति में भव्य विकास समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, नए जीएसएस का भूमि पूजन और प्रधानमंत्री की 'मन की बात' का सीधा प्रसारण किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह राणावत ने तैयारियों का जायजा लेकर कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी।
निंबाहेड़ा में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। सेवा केंद्र प्रभारी बीके शिवली दीदी ने 'गुरु' की महत्ता समझाते हुए जीवन को बसंत बनाने का मार्ग दिखाया। अंबा माता परिसर में सामूहिक योग और आध्यात्मिक चर्चा के साथ श्रद्धालुओं ने दिव्य अनुभूति प्राप्त की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
निम्बाहेडा की बेटी का दिल्ली के राजपथ पर जलवा: निशी काबरा गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयनित
चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा की बेटी निशी काबरा का चयन दिल्ली में 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ है। बिरला विद्यापीठ पिलानी की छात्रा निशी, सुरेश जी काबरा की सुपौत्री हैं। इस गौरवशाली उपलब्धि से राजस्थान और माहेश्वरी समाज में खुशी की लहर है। जानिए इस होनहार बेटी के संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी।
हिण्डौन: साधु वेशधारी ठगों का मायाजाल, पति-बेटे की जान का डर दिखा महिला से ठगे लाखों के जेवर और नगदी
हिण्डौन के पौछडी गाँव में साधु वेशधारी दो ठगों ने पति और बेटे की जान का खतरा बताकर महिला नीलम से ढाई तोला सोना और 11 हजार रुपये की ठगी की। 'ऊपरी साया' हटाने के नाम पर हुई इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में फैलाया हड़कंप। पढ़ें पूरी खबर और जानें कैसे अंधविश्वास का फायदा उठाकर फरार हुए शातिर ठग।
FASTag और Amazon गिफ्ट कार्ड फ्रॉड का पर्दाफाश ; दिल्ली में पकड़ा गया अनोखा फ्रॉड नेटवर्क
दिल्ली पुलिस ने FASTag‑और‑Amazon गिफ्ट कार्ड साइबर फ्रॉड नेटवर्क पकड़ा; आरोपियों ने stolen पैसे FASTag वॉलेट से निकालकर गिफ्ट कार्ड्स में बदले, एक पीड़ित से ₹1 लाख से अधिक की ठगी।
करौली के हुनरमंदों ने बिखेरा जलवा: जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन में दिखा भविष्य का भारत
करौली के भंवर विलास मैरिज गार्डन में आयोजित जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन कम कॉम्पिटिशन में 97 स्कूलों के 121 विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। एडीपीसी सर्वेश कुमार गुप्ता और मेघराम मीना की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम के विजेता अब जयपुर में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जानिए करौली के इन हुनरमंद युवाओं की पूरी कहानी।
लातूर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित उड्डाणपूल पर एक ही दिन में दो दर्दनाक मौतों से शहर दहल उठा है। प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों के अभाव में यह फ्लाईओवर 'मौत का उड्डाणपूल' बन चुका है। जानें क्या है पूरी घटना और क्यों बढ़ रहा है लातूर की जनता का गुस्सा।
करौली के भाजपाइयों का जयपुर में शक्ति प्रदर्शन: हमीद खान मेवाती ने संभाली अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान
जयपुर में आयोजित भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती के भव्य शपथ ग्रहण समारोह में करौली जिले के पदाधिकारियों ने भारी संख्या में भाग लिया। जिला अध्यक्ष अल्लानूर खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने राजधानी पहुंचकर मेवाती का स्वागत किया। इस रिपोर्ट में जानें समारोह की पूरी जानकारी और करौली के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी का सियासी महत्व।
करौली में राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 पर जिला प्रशासन और यूनिसेफ द्वारा भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों पर चर्चा के साथ-साथ 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' की सफलता और विकसित भारत 2047 के विजन को साझा किया गया। जानिए कैसे करौली की बेटियाँ सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
सवाई माधोपुर में सनाढ्य गौड़ ब्राह्मण समाज द्वारा द्वितीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आगाज! बसंत पंचमी पर त्रिनेत्र गणेश जी को न्यौता देकर 19 अप्रैल 2026 अक्षय तृतीया के आयोजन की तैयारियां शुरू। अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद शर्मा व संयोजक डॉ. नगेन्द्र शर्मा की मौजूदगी में समाज के गणमान्य नागरिकों ने भगवान परशुराम मंदिर से रणथंभौर तक निकाली श्रद्धा यात्रा। सामाजिक एकता का बड़ा संदेश।
नोहर में श्री मल्ला बाबा के 24वें वार्षिक उत्सव का भव्य समापन हुआ। चाचाण परिवार द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विधायक अमित चाचाण सहित राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जागरण की भक्तिमय प्रस्तुतियों और भव्य सजावट ने इस उत्सव को यादगार बना दिया। बाबा के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और अटूट आस्था की पूरी रिपोर्ट।
नोहर विधानसभा क्षेत्र में पाले से फसलों के भारी नुकसान पर विधायक अमित चाचाण ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग की है। सरसों, चना और गेहूं की फसलें शत-प्रतिशत बर्बाद होने से किसान गहरे आर्थिक संकट में हैं। विधायक ने राज्य आपदा राहत कोष से विशेष सहायता और पारदर्शी सर्वे की अपील की है।
हनुमानगढ़ में राजस्थान आवासन मंडल ने मध्यम आय वर्ग (MIG-A) के लिए 160 नए फ्लैट्स की बड़ी योजना शुरू की है। मेडिकल कॉलेज के सामने बनने वाले ये फ्लैट 156 आसान किस्तों और किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे। पारदर्शी ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के जरिए आवंटन किया जाएगा। 31 जनवरी 2026 तक आवेदन का सुनहरा अवसर, जानें पूरी प्रक्रिया और विशेषताएं।
मावली में कल आयोजित होगा 'विकसित भारत जी राम जी' जिला स्तरीय सम्मेलन! सांसद सी.पी. जोशी और कृष्ण गोपाल पालीवाल की मौजूदगी में निकलेगी विशाल ट्रैक्टर रैली। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं का महासंगम, जिसमें क्षेत्र के दिग्गज नेता और भारी जनसैलाब जुटेगा। जानिए इस भव्य आयोजन का पूरा कार्यक्रम और मावली की राजनीति पर इसका प्रभाव।
राजसमंद के अमरतीया में भगवान देवनारायण जन्मोत्सव के दौरान उमड़ा आस्था का सैलाब। श्री जालनाथ भेरूजी मंदिर में आयोजित दो दिवसीय समारोह में मुंबई के कलाकारों की भजन संध्या पर झूमे भक्त। सेवादार सोहनलाल, अशोक और निलेश धींग ने दिए आशीर्वचन। मेवाड़ सहित गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रवासियों ने लिया भाग। पढ़िए इस भव्य धार्मिक आयोजन की पूरी रिपोर्ट।
बारां के अंता में पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री द्वारा वाचित श्रीमद् भागवत कथा का हवन और विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ। कृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता के प्रसंग ने भक्तों को भावुक कर दिया। धनराज और ब्रजराज मीणा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
आसनसोल: हीरापुर इलाके में हार्डवेयर कारोबारी सैफुद्दीन की हत्या, पुलिस की CCTV पर टिकी नजर
आसनसोल के हीरापुर इलाके में नमाज़ के लिए जा रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या। बाइक सवार बदमाश फरार, CCTV से जांच जारी।
बारां के राजसखी मेले में अमृत महोत्सव के तहत सृष्टि सेवा समिति और बाल अधिकारिता विभाग ने '100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान का आयोजन किया। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर नृत्य नाटक के जरिए बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाई गई और लोगों को शपथ दिलाई गई। लोकेश सेन, विजय कुशवाह और श्वेता अदलक्खा सहित कई दिग्गजों की मौजूदगी में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का संकल्प लिया गया।
बारां जिला कांग्रेस कमेटी 26 जनवरी को धूमधाम से मनाएगी 77वां गणतंत्र दिवस। जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा और संगठन महामंत्री कैलाश जैन के नेतृत्व में श्रीजी चौक कार्यालय पर होगा भव्य ध्वजारोहण। जिले के सभी ब्लॉकों में भी फहराया जाएगा तिरंगा। पढ़ें पूरी खबर और जानें क्या है कांग्रेस की विशेष तैयारी।
सिरोही के माधव विश्वविद्यालय में आयोजित 'जनएआई कॉन्क्लेव–2026' ने ग्रामीण भारत के लिए डिजिटल क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है। हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन के सहयोग से हुए इस भव्य आयोजन में एआई के माध्यम से कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। चांसलर हिम्मत सिंह देवल सहित कई दिग्गजों की उपस्थिति में 'जन एआई ग्राम सेतु' और 'डिजिटल स्वदेशी आंदोलन' जैसी अवधारणाओं के साथ ग्रामीण विकास की नई रूपरेखा तैयार की गई।
रथसप्तमी 2026 के पावन पर्व पर जानें सूर्य देव की उपासना की संपूर्ण विधि और महत्व। 25 जनवरी को मनाए जाने वाले इस 'सूर्य जयंती' उत्सव में आरोग्य और समृद्धि प्राप्ति के लिए अरुणोदय स्नान, अर्घ्य अर्पण और मंत्र जाप के नियम यहाँ पढ़ें। यह पर्व वसंत के आगमन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जहाँ भक्त 'आदित्य हृदय स्तोत्र' के पाठ और दान-पुण्य के साथ भगवान भास्कर की आराधना करते हैं।
गौतम शिक्षण संस्थान में नई ऊर्जा का संचार: संजय पांडे की अध्यक्षता में प्रबंधन समिति का ऐतिहासिक गठन
गौतम शिक्षण संस्थान की महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्ष संजय पांडे की उपस्थिति में नई प्रबंधन समिति का गठन किया गया। विधान नियमावली के तहत संरक्षक, उपाध्यक्ष, और विभिन्न समितियों हेतु पदाधिकारियों का चयन हुआ। समाज सेवा और शिक्षा के संकल्प के साथ गुर्जर गौड़ समाज के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया। पढ़ें पूरी खबर और नवनियुक्त पदाधिकारियों की सूची।
प्रतापगढ़ में रोडवेज बसों की आड़ में चल रहा है अवैध सामान परिवहन का बड़ा खेल! मंदसौर-अहमदाबाद रूट पर बिना लगेज टिकट के ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है माल। चालक-परिचालकों की मनमानी से रोडवेज को लग रहा है लाखों का चूना और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में। क्या प्रशासन लेगा एक्शन? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
प्रतापगढ़ के हथुनिया थाना क्षेत्र के बड़ोदिया गांव में 3 दिन से लापता 17 वर्षीय किशोरी अंजू का शव कुएं में मिलने से सनसनी फैल गई। सुरेश भील मीणा की पुत्री 21 जनवरी से लापता थी। पुलिस, MOB और FSL टीमों ने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के बाद पुलिस मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर।
प्रतापगढ़ में सांसद सीपी जोशी और राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने 'VB-G RAM-G अधिनियम 2025' को ग्रामीण विकास का गेम-चेंजर बताया। सांसद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि कहा। इस ऐतिहासिक कानून के तहत अब ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी और AI के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
25 January Birthday: आपको 25 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
25 January Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 25 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : ALSO READ: Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय आपका जन्मदिन: 25 जनवरी दिनांक 25 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 7, 16, 25 शुभ अंक : 7, 16, 25, 34 शुभ वर्ष : 2026 ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल करियर: नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। सलाह: नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं। मंदिर में पताका चढ़ाएं। कारोबार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति चेतेश्वर अरविंद पुजारा (Cheteshwar Arvind Pujara): एक भारतीय क्रिकेटर, जोकाउंटी चैम्पियनशिप में ससेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब के कप्तान हैं। विशाल आदित्य सिंह (Vishal Aditya Singh): एक भारतीय अभिनेता हैं जो हिंदी टेलीविजन में काम करते हैं। प्रदीप सावंत (Pradeep Sawant): एक भारतीय पुलिस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में मुंबई पुलिस में डीसीपी सुरक्षा शाखा के रूप में कार्यरत हैं। शारदा कृष्णमूर्ति (Sharda Krishnamurthy): जिन्हें कविता कृष्णमूर्ति के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय पार्श्व और शास्त्रीय गायिका हैं। राजेन्द्र अवस्थी (Rajendra Awasthi): भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार और पत्रकार थे। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल
महाराष्ट्र के मुंब्रा इलाके में एक वार्ड से पार्षद का चुनाव जीतने के बाद पूरे इलाके को हरा green color यानी इस्लामिक रंग ये रंग देने वाला बयान देने वाली नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटर सहर शेख (29) ने अब अपने बयान से पलटी मार कर माफी मांग ली है। अपने लिखित माफीनामा में सहर शेख ने कहा कि अगर उनके बयान से किसी को तकलीफ पहुंची है तो वह उसके लिए खेद व्यक्त करती है। पार्षद ने कहा कि उनका इरादा किसी को आहत करने का नहीं था। वहीं AIMIM ने अपने पार्षद के बयान को पॉलिटिकल स्टेटमेंट बताया है। सहर ने कहा कि वो भारत देश और भारतीय तिरंगे से प्यार करती है और मुम्ब्रा को हरा कर देंगे इस बयान के पीछे उनका मकसद ये था कि पूरे मुम्ब्रा में अपनी पार्टी एमआईएम के सभी पार्षद विधायक को भविष्य में जिताकर लाएंगे। भाजपा नेता किरिट सोमैया ने पूछा थाने जाकर बता दें कि भाजपा नेता किरिट सोमैया आज सुबह 11 बजे मुंब्रा पुलिस थाने में दूसरी बार पहुंचकर उन्होंने पुलिस से पूछा कि एमआईएम पार्षद सहर शेख ने लिखित माफीनामा दिया है क्या, पुलिस ने बताया है कि सहर ने पुलिस ने सहर के लिखित माफीनामे की पुष्टि की है। जीतने के बाद क्या कहा था सहर ने चुनाव जीतने के बाद सहर शेख ने मंच से भड़काऊ भाषण दिया था। एक सभा में उन्होंने कहा, हम पूरे मुंब्रा को हरा बना देंगे। इस भाषण के 2 अर्थ निकाले गए। पहला, पूरे मुंब्रा में AIMIM का परचम लहरा देना, क्योंकि ओवैसी की पार्टी के झंडे का रंग हरा है। दूसरा, पूरे मुंब्रा इलाके पर इस्लाम की फतह हासिल कर लेंगे। यह भाषण इसलिए भी विवादास्पद माना गया, क्योंकि मुंब्रा मुस्लिम बहुल इलाका है। जो पहले से ही सांप्रदायिक संवेदनशीलता का केंद्र रहा है। नोटिस मिला तो ढीले पड़े तेवर बता दें कि शिकायत के बाद पुलिस ने सहर शेख को नोटिस जारी किया था और स्पष्टीकरण मांगा। इस नोटिस के बाद मुंब्रा को हरा कर देने की धमकी देने वाली शेख के सुर ढीले पड़ गए और थाने में लिखित माफीनामा जमाकर बयान के लिए खेद जताया। अपनी स्टेटमेंट में उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान से किसी को तकलीफ पहुंची है, तो वे उसके लिए खेद व्यक्त करती हैं। Edited By: Navin Rangiyal
अगर शुरू हुआ अमेरिका-ईरान युद्ध तो 150 डॉलर के पार जा सकता है कच्चा तेल, भारत पर भी होगा असर
US Iran Conflict: निश्चित रूप से यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव युद्ध में तब्दील होता है, तो इसका सबसे बड़ा और तत्काल प्रहार वैश्विक ऊर्जा बाजार पर होगा। खाड़ी देशों में युद्ध की आहट मात्र से कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद किया, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई का दौर शुरू हो सकता है। दुनिया की नजरें अब 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर टिकी हैं, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की 'गले की नस' कहा जाता है। दुनिया का 'एनर्जी गेटवे' ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑइल चोकपॉइंट' है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 फीसदी और भारत की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। चिंता इसलिए भी है कि ईरान ने पहले भी कई बार चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह इस रास्ते को ब्लॉक कर देगा। यदि ऐसा होता है, तो सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे बड़े उत्पादकों का तेल बाजार तक नहीं पहुंच पाएगा। कीमतों पर क्या होगा असर? विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतें रातों-रात आसमान छू सकती हैं। युद्ध शुरू होते ही 'वॉर रिस्क प्रीमियम' के कारण ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यदि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो कीमतें 120 से 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है तो यह 150 डॉलर के पार भी जा सकता है। भारत पर भी होगा सीधा असर भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। खाड़ी में तनाव का मतलब है भारत में महंगा पेट्रोल और डीजल। माना जा रहा है कि क्रूड के 100 डॉलर के पार जाने की स्थिति में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ जाएगी। परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। तेल आयात बिल बढ़ने से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर हो सकता है। हालांकि बाजार में वर्तमान में तेल की अधिक आपूर्ति है, लेकिन खाड़ी देशों से आने वाले तेल का कोई ठोस विकल्प तुरंत उपलब्ध नहीं है। पाइपलाइनों के जरिए कुछ तेल निकाला जा सकता है, लेकिन वह कुल समुद्री व्यापार का बहुत छोटा हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार बाजार अभी 'देखो और प्रतीक्षा करो' की नीति पर है। अगर ट्रंप का 'अरमाडा' केवल दबाव बनाने के लिए है, तो कीमतें स्थिर रहेंगी। लेकिन अगर एक भी मिसाइल चली तो ऊर्जा बाजार में सुनामी आ जाएगी। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
राजसमंद में निजी विद्यालय संगठन ने 30 जनवरी 2026 को होने वाले जिला स्तरीय धरने के लिए फूंका बिगुल। लाल सिंह झाला, डॉ. लेखराज सिंह और भरत कुमावत के नेतृत्व में पीले चावल बांटकर संचालकों को किया गया आमंत्रित। शिक्षा कुल और स्कूल शिक्षा परिवार ने भी दिया समर्थन। लंबित समस्याओं और समान नीति की मांग को लेकर होगा महाआंदोलन।
रेलमगरा में गूंजी निजी स्कूलों की हुंकार: 30 जनवरी को राजसमंद जिला मुख्यालय पर होगा महाआंदोलन
रेलमगरा में निजी विद्यालय संगठन की अहम बैठक में आरटीई पुनर्भरण और प्रवेश विसंगतियों के खिलाफ 30 जनवरी 2026 को राजसमंद जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान के नेतृत्व में व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू हो चुका है, जिसमें जिले भर के प्रमुख स्कूल संचालक और पदाधिकारी एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
आमेट के बरजाल में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन। सचिव भारतभूषण पाठक के निर्देशानुसार अधिकार मित्र हेमराज बलाई ने बालिकाओं को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। बाल विवाह और बाल श्रम रोकने हेतु विशेष जानकारी साझा की गई।
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 जनवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो! 25 January 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 25 जनवरी, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त। ALSO READ: नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व? आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है। 25 जनवरी 2026, रविवार का दिन बहुत ही विशेष है। आज रथ सप्तमी (भानु सप्तमी) है, जिसे सूर्य जयंती के रूप में मनाया जाता है। साथ ही आज नर्मदा जयंती और भीष्म अष्टमी का भी संयोग बन रहा है। आज का पंचांग (25 जनवरी 2026) तिथि: सप्तमी (सायं 04:46 तक), उसके बाद अष्टमी प्रारंभ। पक्ष: शुक्ल पक्ष मास: माघ वार: रविवार नक्षत्र: अश्विनी (प्रातः 06:44 तक), उसके बाद भरणी नक्षत्र। योग: सिद्ध (सुबह 08:11 तक), उसके बाद साध्य योग। करण: वणिज (प्रातः 05:41 तक), फिर विष्टि (भद्रा)। चंद्र राशि: मेष (पूरा दिन और रात) आज के विशेष मुहूर्त (रथ सप्तमी/सूर्य पूजा) अरुणोदय काल (स्नान मुहूर्त): प्रातः 05:26 से 07:12 तक सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन (सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक) रवि योग: पूरे दिन (सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक) शुभ और अशुभ मुहूर्त शुभ समय (Auspicious Timings) अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 से 12:55 तक (अति शुभ) ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:26 से 06:19 तक विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 से 03:05 तक अमृत काल: रात्रि 09:20 से 10:55 तक अशुभ समय (Avoid for New Tasks) राहुकाल: सायं 04:34 से 05:54 तक यमगण्ड: दोपहर 12:33 से 01:54 तक भद्रा: प्रातः 05:41 से सायं 04:46 तक (भद्रा के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं) पंचक: आज प्रातः 07:58 पर पंचक समाप्त हो जाएंगे। ALSO READ: Narmada Jayanti 2026: 25 जनवरी को मनेगा मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव, जानें कलियुग में कैसे करें मां नर्मदा की भक्ति

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