मैं हमारे 'इंडियन आइडल 3' के सारे ही लोगों से मैं संपर्क में बनी रहती हूं। मुझे वह लोग फोन करके या मैसेज करके बताते रहते हैं कि उनकी जिंदगी में क्या-क्या चल रहा है। मुझे मालूम चल जाता है कि प्रलीन क्या कर रहा है या चैंग का भी क्या शूट चल रहा है। प्रशांत कहां पर परफॉर्म करने जा रहा है या अमित पॉल क्या कर रहा है। ऐसे में जब मुझे चैंग फोन लगाते हैं कि हमारे इंडियन आइडल 3 के विनर यानी कि प्रशांत तमांग अब हमारे बीच में नहीं रहे हैं तो मुझे समझ में नहीं आया कि मैं कैसे इस बात को लूं। मतलब इतना युवा कलाकार, इतना टैलेंटेड कलाकार है। महज 43 साल की उम्र की चला गया। उनको दिल्ली में पसंद किया जाता है। वही रहते थे। उन्हें मुंबई में पसंद किया जाता है। उन्हें दार्जिलिंग में बहुत पसंद किया जाता है और ऐसे व्यक्ति के बारे में जब आप खबर सुनते हो तो आप सिर्फ सन्न रह जाते हो। यह कहना है मिनी माथुर का जो कि टेलीविजन पर इंडियन आयल की शुरुआत के समय से शो प्रजेंटर रही है उनकी बोलने की स्टाइल हो या उनका अपने कंटेस्टेंट के साथ का बॉन्डिंग हो दोनों के लिए खास तौर पर से उन्हें पसंद किया जाता रहा है। आप उन्हें एक्ट्रेस के तौर पर तो देखते ही आ रहे हैं लेकिन एंकर के तौर पर भी उन्होंने टेलीविजन में एक अच्छी खासी और बहुत मजबूत छवि बनाई है। प्रशांत तमांग की जब हाल ही में असामयिक मृत्यु की खबर आई तब वेबदुनिया ने उनसे संपर्क किया और मिनी से जानना चाहा कि क्या वह अपने कुछ मनोव्यथा कहना चाहती हैं क्योंकि प्रशांत तमांग भी उनके बहुत पसंदीदा कंटेस्टेंट में से रहे हैं हालांकि उनकी बॉन्डिंग सारे ही नवोदित कलाकारों के साथ बहुत अच्छी रही है। ऐसे में मिनी माथुर वेबदुनिया को आगे बताती है कि, जितने भी इंडियन ऑयल के सीजन मैंने होस्ट किए हैं, उसमें मुझे इंडियन आइडल 3 खासतौर पर पसंद आया है और मैं उससे आज भी उतना ही जुड़ाव महसूस करती हूं। बात कुछ ऐसी है कि जो मुख्य इंडियन आइडल शो था, उसके अलावा भी हम एक साथ में छोटा शो करते थे। जो था इंडियन आइडल रूबरू जिसमें हम कंटेस्टेंट्स के साथ बैठकर बातें करते थे। मैं उनसे पूछती थी उनके सपनों के बारे में वह क्या आशाएं लगाकर बैठे हैं अपने जीवन को लेकर और इस दौरान बहुत सारी बातें यही कंटेस्टेंट्स मुझे खुल कर बताते थे। ऐसे भी मुझे मालूम पड़ा कि यह सारे के सारे ही कंटेस्टेंट जो है, वह अपने घर के बने हुए खाने को बहुत ज्यादा मिस कर रहे हैं। तब मैंने अपने शो वालों से बहुत जोर देकर कहा था कि बच्चों को एक बार घर का खाना खिलाने की इच्छा है। मेरी इन सभी को मेरे घर पर भेज दो। लेकिन तब यह फॉर्मेट नहीं था कि कंटेस्टेंट होस्ट के साथ बहुत क्लोज हो। लेकिन मैं उनको बोलती रही कि आप चाहो तो अपने टीम में से किसी को मेरे साथ घर पर भेज दो। लेकिन इन बच्चों को कम से कम घर का एक बार खाना खिलाने दो। बच्चे बहुत ज्यादा मिस कर रहे हैं और ऐसा कुछ भी नहीं होगा जिससे कि शो के क्वालिटी में फर्क आए। यह वह समय था जब कंटेस्टेंट और होस्ट को बहुत सधे हुए तरीके से ही पेश आना होता था। फिर मेरे बार-बार कहने पर और बहुत जोर देकर कहने पर कुछ तब्दीलियां की गई और इन बच्चों को मेरे घर पर भेजा गया और मैंने उनको खूब घर का बना हुआ खाना खिलाया। पराठे खिलाए और मुझे आज भी याद है जब यह सारे ही लोग बैठे थे। हम रात भर बातें करते रहे, गाने गाते रहे। एक दूसरे की टांग खींचते रहे और सुबह 6 बजे तक हम में से कोई भी सोया नहीं था। जब यह खबर मैंने सुनी, तो मैं एकदम से अपनी यादों में कहीं गुम हो गई। मैं आज की कोशिश कर रही हूं कि मेरा एक पुराना कैमरा जिसमें मेरी और प्रशांत की बहुत सारी तस्वीर है वह कुछ बिगड़ गया है और वह ठीक नहीं हुआ है। मैं चाहती हूं कि वह तस्वीर में एक बार प्रिंट करवा कर देख सकूं। मेरे लिए बहुत मुश्किल हो रहा है। बहुत कठिन घड़ी है कि इतने अच्छे कलाकार जिससे मेरा इतना मजबूत रिश्ता रहा। मैं उनके गाने को बहुत पसंद करती थी। मैं चाह कर भी अपने पुराने फोटो नहीं देख पा रही हूं। बस मेरी यही कोशिश है कि किसी तरह से वह कैमरा ठीक हो जाए तो मैं उन सारी तस्वीरों को लोगों से शेयर कर सकूं। अब मेरी मनस्थिति कुछ ऐसी है कि मैं सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट नहीं कर पा रही हूं। दिमाग एकदम सुन्न हो गया है। अपनी बात को जारी रखते हुए मिनी आगे बताती हैं कि आप मुझे कोई भी ऐसा रियालिटी शो बता दो आज के समय में जिसमें आपको उस शो का सीजन 3 याद हो जबकि इंडियन आइडल के सीजन 3 के टॉप टेन कौन रहे हैं। आप यह हमको गिन कर बता सकते हो। बात कुछ ऐसी है कि यह उस समय ऐसा इकलौता शो था जो सिंगिंग रियलिटी शो था तो लोगों का ध्यान वैसे ही इनके साथ जुड़ जाता था और वह इमोशनली इन कंटेस्टेंट के साथ अच्छे से जुड़ जाते थे। दर्शक का अपना दिमाग होता है। आप उन्हें कम नहीं आंक सकते हैं और अच्छी बात यह होती थी कि रियलिटी शो में जो दिखाया जा रहा है, वह सच में जैसा हुआ है। वैसे ही दिखाया गया। उसमें कोई बनावटीपन या नकलीपन नहीं लगता था और यह बात दर्शक बहुत आसानी से भांप जाते थे। जो कंटेस्टेंट भी आते थे वह अपने दिल की बात बहुत खुलकर बताते थे। हम लोगों की जो बॉन्डिंग भी होती थी, वह भी एक दम साफ-सुथरी होती थी। बात तो यह भी है कि इंडियन आइडल को देखने वाले दर्शक आज भी यह फॉलो करते हैं कि मोनाली ने अभी कौन सा गाना गाया है। रविंद्र रवी का कौन सा गाना अब आने वाला है। कौन कहां है यह सब जाने कि आज भी उन दर्शकों को इच्छा होती है क्योंकि यह शो है ऐसा बन गया था। प्रशांत की कोई खास बात अगर आपको याद हो? आप तो जानते हैं ना प्रशांत कैसा था। एकदम शर्मिला सा, कम बोलने वाला उसकी मुस्कुराहट ही बता देती थी कि वह अच्छे से रियेक्ट भी नहीं कर पाता होगा इतना शर्मीले स्वभाव का था। हमारे जज भी अगर उन्हें कुछ कह देते थे तो चुपचाप नम्र होकर उनकी बात को सुन लेता था और उस पर काम करना शुरू कर देता था। वहीं पर अमित पाल एकदम, फ्लैंबॉयंट और एकदम खूब सारी एनर्जी के साथ दिखने वाला एक कंटेस्टेंट था। अंत तक लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि अमित पाल जीतेगा या प्रशांत तमांग और आप तो जानते हैं कि पूर्वोत्तर भारत में संगीत का प्रचलन कितना ज्यादा है। अमित भी वही का था और प्रशांत तमांग भी वहीं का। लेकिन शायद प्रशांत के शर्मीले स्वभाव ने लोगों का दिल लुभा लिया था। एक वाक्य आपसे शेयर करती हूं। मैं अपने बेटे को कभी भी किसी भी सेट या किसी स्टूडियो में लेकर नहीं जाती थी। मुझे वह ठीक नहीं लगता था, लेकिन एक बार ऐसा हुआ कि मुझे अपने बेटे को विवान को आइडल के सेट पर ले जाना पड़ा। उस समय वह 3 साल का था। वही 3 साल का बच्चा बाकी किसी कंटेस्टेंट से बात नहीं कर रहा है। वह सिर्फ प्रशांत के साथ ही बैठा हुआ है। उन दोनों की बॉन्डिंग इतनी अच्छी लगी मुझको मुझे आज भी याद है जब प्रशांत ने उसके हाथ में वह एक प्रेयर यानी कि प्रार्थना की माला पहनाकर तथा उसे किसी मठ ने दी थी। उसने वह मेरे बेटे विवान को दे दी और मेरे बेटे को प्रशांत इतना पसंद है कि वह आज भी उसके साथ उसके रूम में ही रहती है। जब यह खबर मैंने अपने बेटे को सुनाई जो आज बड़ा हो गया है। मेरे लिए बहुत मुश्किल हुआ उसको यह बताना कि अब प्रशांत हमारे बीच में नहीं रहा है। आखिरी में प्रशांत या उनके फैंस के लिए कुछ कहना चाहेंगे मुझे इतना ही कहना है कि प्रशांत तुम जहां कहीं भी हो इस पूरे दुनिया में, यह याद रखना कि तुम और तुम्हारा संगीत हमेशा साथ में ही रहेगा। हम तो बहुत ज्यादा मिस करने वाले हैं और खासतौर पर से तुम्हारे फैन्स भी तुम्हें बहुत मिस करने वाले हैं। मेरा प्रशांत की फैमिली से यह कहना है कि वह समय हिम्मत ना खोए। प्रशांत को सभी ने बहुत ज्यादा प्यार किया है। प्रशांत तमांग ना सिर्फ बहुत बेहतरीन सिंगर रहा है बल्कि वह तो एक्टिंग में भी कमाल कर रहा था। उसने पाताल लोक में जब काम किया था तो वह कितना बेहतरीन काम किया था। दार्जिलिंग का यह चमकता सितारा जो हमारे बीच में नहीं है तो दिल टूट कर बिखर रहा है।
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा अपने रिलेशनशिप को लेकर काफी समय से सुर्खियों में हैं। बीते दिनों दोनों के तलाक लेने की खबरें भी सामने आई थी। सुनीता कई इंटरव्यू में गोविंदा पर कई तरह के आरोप लगा चुकी हैं। चर्चा है कि गोविंदा का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है। वहीं अब सुनीता आहूजा ने गोविंदा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सुनीता ने बताया कि गोविंदा के अफेयर की खबरों से उनपर और उनके बच्चों पर काफी बुरा असर पड़ा है। उन्होंने गोविंदा के अफेयर का भी हिंट दिया है। मिस मालिनी संग पॉडकास्ट में सुनीता आहूजा ने कहा, 2025 मेरे लिए काफी डिजास्टर रहा है, क्योंकि उसमें पूरी फैमिली डिस्टर्ब थी। मैं भी गोविंदा के बारे में कुछ सुन रही थी. मैं गोविंदा के बारे में जो भी सुन रही थी, मैं उससे खुश नहीं थी, क्योंकि मैंने हमेशा कहा है कि हर चीज करने की एक उम्र होती है। सुनीता ने कहा, 63 की उम्र में ये सब बातें सुनना अच्छा नहीं है. वो भी जब बच्चे बड़े हो जाते हैं। ये बहुत खराब बात है। इनका दोनों बच्चों टीना और यश पर बुरा असर पड़ा है। देखो, मेरे बच्चे बड़े हो गए। मैंने हमेशा यही बोला कि वो डिस्टर्ब हो जाएंगे। मैंने उनसे हमेशा कहा है कि ये तुम्हारी उम्र नहीं है। इंडस्ट्री में आने वाली यंग लड़कियों को लेकर सुनीता ने कहा, क्या होता है ना आज कल जो लड़कियां आती हैं स्ट्रगल करने के लिए, उन्हें शुगर डैडी की जरूरत होती है, जो उनका खर्चा चलाए। शक्ल दो कौड़ी की है, पर हीरोइन बनना है। तो तुम क्या उम्मीद करते हो? फंसा लेती हैं। फिर ब्लैकमेल करेंगी। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं। गोविंदा को लेकर सुनीता ने कहा, मगर तुम क्यों बेवकूफ हो। तुम 63 के हो गए हो। तुम्हारी एक अच्छी फैमिली है। सुंदर बीवी है। दो बड़े बच्चे हैं। तुम 63 की उम्र में ये सब नहीं कर सकते। तुमने जवानी में किया, चलो ठीक है। जवानी में हम भी गलतियां करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं। तुम्हें बेटी की शादी करानी चाहिए, यश का करियर है...इसपर फोकस करो ना।
U19 विश्वकप में भारत ने बांग्लादेश से छीना हरा हुआ मैच, 18 रनों से जीता मैच
BANvsIND वैभव सूर्यवंशी (72) और अभिज्ञान कुंडु (80) की अर्धशतकीय पारियों के बाद विहान मल्होत्रा (चार विकेट) और खिलन पटेल (तीन विकेट) के दमदार प्रदर्शन बदौलत भारत ने शनिवार काे अंडर-19 विश्वकप के वर्षा प्रभावित मुकाबले में बंगलादेश को डीएलएस पद्धति से 18 रनों से शिकस्त दी। 239 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बंगलादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहले ही ओवर में जावद अबरार (पांच) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये कप्तान अजीजुल हकीम ने रफत बेग के साथ पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए 56 रन जोड़े। 12वें ओवर में कनिष्क चौहान ने रफत बेग (37) को आउटकर इस साझेदारी को तोड़ा। दो विकेट पर 92 के स्कोर के बाद बारिश शुरु हो गई और बारिश रूकने के बाद बंगलादेश को संशेधित लक्ष्य मिला, जिसे वह हासिल करने में विफल रही।बंगलादेश का तीसरा विकेट कमाल सिद्दीकी (15) के रूप में गिरा। उन्हें विहान मल्होत्रा ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। इसके बाद 24वें ओवर में मल्होत्रा ने शेख परवेज जिबोन (सात) को आउट कर पवेलियन भेज दिया। अगले ही ओवर में खिलन पटेल ने अजीजुल हकीम (51) के रूप में बंगलादेश का पांचवां विकेट झटकर भारत की मैच में वापसी कराई। इसके बाद खिलन पटेल ने फरीद हसन (एक) को भी अपना शिकार बना लिया। 29वें ओवर की तीसरी गेंद पर खिलन पटेल ने इकबाल हुसैन इमोन (दो) को आउटकर 146 के स्कोर पर बंगलादेश की पारी का अंत कर दिया। भारत के लिए विहान मल्होत्रा ने चार विकेट लिये। खिलन पटेल को तीन विकेट मिले। कनिष्क चौहान और दीपेश देवेंद्रन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले बंगलादेश ने आज यहां टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय अंडर-19 टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 53 के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। कप्तान आयुष म्हात्रे (छह), वेदांत त्रिवेदी (शून्य) को अल फहद ने तीसरे ओवर में आउट किया। विहान मल्होत्रा (सात) को 10वें ओवर में अजीज़ुल हकीम ने अपना शिकार बनाया। A dramatic win! #TeamIndia pulled off a performance against Bangladesh, picking last 8 wickets for just 40 runs 2/2 wins for , they play New Zealand next Watch #ICCMensU19WC | #INDvNZ SAT, 24th JAN, 12:45 PM pic.twitter.com/BOcJyuKhnT — Star Sports (@StarSportsIndia) January 17, 2026 इसके बाद बल्लेबाजी करने आये अभिज्ञान कुंडु ने वैभव सूर्यवंशी के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन भी बटोरे। दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 62 रन जोड़े। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्धशतक पूरा किया। 27वें ओवर में इकबाल हुसैन इमोन ने वैभव सूर्यवंशी को आउटकर भारत को चौथा झटका दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 67 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के उड़ाते हुए 72 रनों की आतिशी पारी खेली। हरवंश पंगालिया (दो) और कनिष्क चौहान (28) रन बनाकर आउट हुये। बारिश के कारण खेल रोके जाने के समय भारत ने 39 ओवर में छह विकेट पर 192 रन बना लिये है। बारिश के बाद फिर से खेल शुरु होने पर 40वें ओवर में शेख परवेज जिबोन अमब्रिश (पांच) को आउट किया। भारत का आठवां विकेट खिलन पटेल (आठ) के रूप में 45वें ओवर में गिरा। इस दौरान अभिज्ञान कुंडु एक छोर थामे रन बनाते रहे, उन्हें 47वें ओवर में अल फहद ने आउट किया।अभिज्ञान कुंडु ने 112 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के उड़ाते हुए 80 रनों की पारी खेली। 49वें ओवर की चौथी गेंद पर अल फहद ने दीपेश देवेंद्रन छह गेंदों में 11 रन को आउटकर भारतीय पारी को 238 के स्कोर रोक दिया। बंगलादेश के लिए अल फहद ने पांच विकेट लिये। इकबाल हुसैन इमोन और अजीज़ुल हकीम ने दो-दो विकेट लिये। शेख परवेज जिबोन ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
कभी पत्रकार बनना चाहती थीं मिनिषा लांबा, फिल्में नहीं मिली तो करने लगीं यह काम
बॉलीवुड में ऐसी कई एक्ट्रेस रही हैं जिन्हें पहचान तो खूब मिली लेकिन वो अब गायब हो चुकी है। ऐसी ही एक एक्ट्रेस हैं रणबीर कपूर के साथ फिल्म 'बचना ऐ हसीनों' में नजर आ चुकीं मिनिषा लांबा। मिनिषा लांबा 18 जनवरी को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। दिल्ली की रहने वाली मिनिषा एक पत्रकार बनना चाहती थीं लेकिन मॉडलिंग ने उनकी किस्मत बदल दी। मिनिषा ने कई फिल्मों में काम इंडस्ट्री के बड़े स्टार्स के साथ काम किया। लेकिन उनका करियर सफलता का शिखर नहीं छू पाया। यही वजह थी कि वो धीरे-धीरे वो पर्दे से दूर हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिनिषा लांबा अब एक्टिंग छोड़कर किसी और काम में अपना करियर बना रही हैं। खबरों के अनुसार मिनिषा लांबा प्रोफेशनल पोकर प्लेयर बन चुकी हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद अपने इंटरव्यू में दी थी। मिनिषा लांबा ने बताया था, पोकर के बारे में मुझे मेरे एक दोस्त ने बताया था, हालांकि शुरुआत में मैं इससे दूर रही थी। लेकिन जब मैंने इस खेल को चुना और सीखा मुझे इस खेल में उपलब्धि हासिल होने लगी। अपने बॉलीवुड करियर के बारे में बताते हुए मिनिषा लांबा ने कहा था बॉलीवुड में मेरे करियर ने मुझे पीछे खींच लिया, क्योंकि मुझे वैसे रोल नहीं मिले जैसे मैं करना चाहती थी। लेकिन जब कभी मुझे ऐसे रोल मिलेंगे तो मैं वापस बॉलीवुड में आ जाऊंगी। मिनिषा ने साल 2015 में फिल्म 'यहां' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। उनकी आखिरी फिल्म भूमि थी जो 2017 में रिलीज हुई थी। फिल्म में उनका छोटा सा रोल था। इस फिल्म के बाद ही मिनिषा ने बॉलीवुड से दूरी बनाने का फैसला किया। मिनिषा लांबा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने साल 2015 में रेयान थॉम संग शादी की थी। हालांकि कुछ सालों बाद ही दोनों का तलाक हो गया। मिनिषा का नाम राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर संग भी जुड़ चुका है।
महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राज के पुरोहित का निधन, राजस्थानी समाज को बड़ा आघात
मुंबई में महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राज के पुरोहित का निधन हो गया। पांच बार विधायक रहे राज के पुरोहित राजस्थानी प्रवासी समाज के प्रमुख नेता थे। उनके निधन से राजनीति और समाजसेवा जगत को गहरा आघात पहुंचा है।
वर्जीनिया में इतिहास रचा गया! पहली महिला गवर्नर ने पद की शपथ लेकर संभाली सत्ता। आर्थिक सुधारों और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नई गवर्नर ने अपने 'विजन 2026' का किया ऐलान। जानिए कैसे यह ऐतिहासिक बदलाव वर्जीनिया की राजनीति और आम जनता के जीवन को प्रभावित करेगा। शपथ ग्रहण समारोह और नई नीतियों की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
‘अपराधी हैं अमेरिकी राष्ट्रपति’, खामेनेई का ट्रंप पर बड़ा हमला: बिना सज़ा के छोड़ेंगे नहीं
ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर बड़ा खुलासा—खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया ज़िम्मेदार, जानलेवा हिंसा और विदेशी साज़िश का आरोप...
टाटा मुंबई मैराथन 2026: मुंबई की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब! मैराथन के चलते दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक का भारी डायवर्जन और लोकल ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द। जानिए किन रास्तों पर जाने से बचें और रेलवे द्वारा किए गए बड़े बदलावों की पूरी रिपोर्ट। क्या है मैराथन का नया रूट और यात्रियों के लिए जारी की गई विशेष एडवाइजरी? पढ़ें विस्तार से।
कर्नाटक में RSS के शताब्दी वर्ष का भव्य आगाज़! पूरे राज्य में 3,000 से अधिक हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू, जिसमें लाखों की संख्या में उमड़ रहा जनसैलाब। जानिए कैसे 'पंच परिवर्तन' और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संघ रच रहा है सांस्कृतिक इतिहास। क्या है इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य और समाज पर इसका प्रभाव? पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
Reclaiming India’s Startup Soul: From Diluted Dreams to True Technological Revolution
In the quiet auditorium of the Bhopal Literature Festival in January 2026, I found myself in conversation with Saurabh Nigam, the thoughtful HR professional and author of People-First Startups. What began as a discussion on the “secret elixir” for winning startups evolved into something deeper—a reflection on why so many of our ventures, despite billions […]
हरियाणा सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! 5 प्रमुख योजनाओं के तहत ₹659 करोड़ की राशि 6 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई। फसल मुआवजे से लेकर कृषि उपकरणों पर सब्सिडी तक, जानिए मुख्यमंत्री के इस बड़े फैसले का पूरा विवरण और इससे प्रदेश के अन्नदाताओं को कैसे मिलेगा आर्थिक लाभ। पूरी रिपोर्ट विस्तार से पढ़ें।
January 2026: the month when international diplomacy finally admitted it was just a really expensive game of show-and-tell. Picture this: Mara Corina Machado, Venezuela’s Iron Lady and freshly minted 2025 Nobel Peace Prize laureate, strolls into the American Oval Office like it’s a yard sale. In her hands? Not a fruit basket or a “World’s […]
डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ धमकी ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार युद्ध का बिगुल फूंक दिया है! यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील रोकने की तैयारी की। जानिए क्या है ट्रम्प की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और कैसे यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले इस बड़े कूटनीतिक टकराव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
KGMU धर्मांतरण कांड: इलाज के मंदिर में 'मजहबी' खेल? STF की एंट्री के बाद रडार पर कई सफेदपोश चेहरे
लखनऊ के KGMU धर्मांतरण मामले में UP STF की एंट्री! 50 हजार का इनामी डॉक्टर रमीज गिरफ्तार, PFI कनेक्शन और विदेशी लिंक की जांच शुरू। क्या मेडिकल कॉलेज की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण का बड़ा रैकेट? जानिए लव जिहाद, यौन शोषण और रेडिकलाइजेशन के इस गंभीर मामले की पूरी सच्चाई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश।
वैश्विक व्यापार पर नई चोट: ट्रंप का 8 देशों पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल
डोनाल्ड ट्रंप ने आठ देशों पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है और कई देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञ इसे संभावित व्यापार युद्ध की शुरुआत मान रहे हैं, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर जीर्णोद्धार योजना को लेकर छिड़ा भीषण विवाद! स्थानीय लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन, कहा—घाट का एक-एक पत्थर आस्था का प्रतीक है। विरासत के साथ छेड़छाड़ के आरोपों के बीच विकास और परंपरा के टकराव की पूरी रिपोर्ट। क्या प्रशासन जन-आक्रोश के आगे झुकेगा? विस्तृत समाचार यहाँ पढ़ें।
सोने की आभा में लिपटा संत: माघ मेला में ‘गोल्डन बाबा’ बने श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
प्रयागराज के माघ मेले में ‘गोल्डन बाबा’ इस वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सबसे बड़े आकर्षण बनकर उभरे हैं। अपने अनोखे सुनहरे रूप और विशिष्ट वेशभूषा के कारण वे सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब! संगम तट पर लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान। कड़कड़ाती ठंड के बीच मौन साधना और भक्ति का अद्भुत संगम। जानिए सुरक्षा इंतजामों से लेकर पौराणिक महत्व तक, प्रयागराज के इस विशाल धार्मिक आयोजन की हर बारीक रिपोर्ट।
फिलीपींस, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ ने तबाही मचा दी है। हजारों लोग विस्थापित हुए हैं, सड़कें और संचार सेवाएं बाधित हैं। प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि मौसम विभाग ने आगे भी खतरे की चेतावनी दी है।
आस्था से अर्थव्यवस्था तक’: सीएम योगी का बड़ा बयान—काशी देश के GDP में निभा रही निर्णायक भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी अब केवल आध्यात्मिक केंद्र नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था में भी अहम भूमिका निभा रही है। पर्यटन, व्यापार, बुनियादी ढांचे और निवेश में बढ़ोतरी से काशी का योगदान देश के GDP में लगातार बढ़ रहा है, जिससे रोजगार और राजस्व दोनों को मजबूती मिल रही है।
राजधानी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी: हाई-अलर्ट पर रेलवे, दहशत में यात्री
राजधानी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है! अज्ञात कॉल के बाद हाई-अलर्ट जारी, बम निरोधक दस्ते ने बीच रास्ते में रोकी ट्रेन और ली सघन तलाशी। क्या यह किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश है या महज एक शरारत? राजधानी एक्सप्रेस धमाके की धमकी और जांच से जुड़ी हर बड़ी अपडेट यहाँ पढ़ें।
18 जनवरी की सुबह दिल्ली का AQI बहुत खराब से गंभीर स्तर तक पहुंच गया। हवा में सूक्ष्म कणों की अधिकता के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया और स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ गया। प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जबकि विशेषज्ञों ने लोगों को घर में रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जनवरी की सुबह उत्तर भारत में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया। तापमान 3–6 डिग्री के बीच रहा, दृश्यता बेहद कम रही और यातायात पर असर पड़ा। IMD ने कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे की संभावना जताई गई है।
दिल्ली की सुबह पर ठंड का पहरा: कोहरे की चादर, कंपकंपाती सर्दी और धीमी रफ्तार जिंदगी
सुबह दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया। तापमान 5–6 डिग्री के बीच रहा, दृश्यता बेहद कम रही और यातायात पर असर पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे की संभावना जताई है।
बदलते मिजाज के बीच दिल्ली की सर्द सुबह-धुंध की चादर में लिपटी दिल्ली, पारा गिरने से बढ़ी ठिठुरन
दिल्ली में ठंड का भीषण आगाज़! आज सुबह घने कोहरे और सर्द हवाओं ने राजधानी की रफ़्तार रोक दी। न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जानिए मौसम विभाग की आगामी चेतावनी और बदलते मौसम का आम जनजीवन पर पड़ने वाला गहरा असर। क्या दिल्ली तैयार है कड़ाके की इस ठंड के लिए? पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
स्वास्थ्य बनाम सुविधा: क्या मधुमेह की 'कॉकटेल' दवाएं आपकी जान के लिए खतरा हैं?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली ट्रिपल-ड्रग कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर प्रतिबंध बहाल कर दिया है। ग्लिमेपिराइड, पियोग्लिटाजोन और मेटफॉर्मिन के इस मिश्रण को सुरक्षा कारणों से खतरनाक माना गया है। जानिए क्यों कोर्ट ने कहा कि 'सुविधा सुरक्षा से बढ़कर नहीं' और इस फैसले का मरीजों पर क्या असर होगा।
30 साल बाद फिर उड़ीं 'ग्रैन': लोक परंपरा के प्रति प्रेम ने 93 वर्ष की उम्र में तय कराया आसमान का सफर
93 वर्षीय 'ग्रैन' ने अमेरिकी लोक परंपरा 'ममर्स परेड' में शामिल होने के लिए 30 साल बाद पहली बार हवाई उड़ान भरी। जुनून और संस्कृति के प्रति समर्पण की यह अनूठी कहानी हमें याद दिलाती है कि उत्साह के सामने उम्र कोई बाधा नहीं है। जानिए इस प्रेरणादायक यात्रा और लोक उत्सव के प्रति उनकी दीवानगी के बारे में।
बर्फ के नीचे छिपा भविष्य: आखिर क्यों ग्रीनलैंड बन गया है वैश्विक शक्तियों के बीच 'नया कुरुक्षेत्र'?
जनवरी 2026 में ग्रीनलैंड वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार और रणनीतिक सैन्य महत्व के कारण अमेरिका, चीन और रूस के बीच इसे लेकर खींचतान तेज हो गई है। जानिए क्यों राष्ट्रपति ट्रम्प का ग्रीनलैंड अधिग्रहण का प्रस्ताव नाटो और यूरोप के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और इस द्वीप के गर्भ में कौन सा खजाना छिपा है।
ईरान में गिरती अर्थव्यवस्था और दमन के खिलाफ ऐतिहासिक विद्रोह जारी है, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन किया है। टोनी ब्लेयर और मार्को रुबियो जैसे दिग्गजों के साथ यह बोर्ड मध्य-पूर्व की तस्वीर बदलने की कोशिश में है। जानिए इस वैश्विक कूटनीति के पीछे के गहरे मायने।
मेरा नाम दीपक रावत है। 17 साल का हूं। मैं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के खनौली गांव का रहने वाला हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही अपने बड़े भाई की चिता को आग दी। उस आग में सिर्फ उसका शरीर नहीं जला- मेरा आखिरी सहारा भी राख हो गया। मैं वहां खड़े-खड़े न रो पा रहा था, न चीख पा रहा था। मेरे अंदर जैसे कुछ बचा ही नहीं था। इससे पहले मैंने अपनी मां को खोया था। उससे पहले पिता को। फिर चाचा और अब भाई को। एक-एक करके टीबी ने मेरे पूरे परिवार को निगल लिया। मेरे सगे-संबंधी मुझे छूने से डरने लगे। उन्हें डर था के उन्हें भी टीबी हो जाएगी। इस धरती पर अब मेरा कोई सगा नहीं बचा है। हालांकि, भगवान ने एक-एक करके सब कुछ छीन लिया, लेकिन अंत में एक रिश्ता दे दिया…एक अजनबी विभोर जोशी के रूप में, जिन्हें अब मामा कहता हूं। उन्होंने मुझे गोद लिया है। उनके साथ कभी लगता ही नहीं के वो गैर हैं। दरअसल, हम एक छोटे से पत्थर के बने घर में रहते थे- मैं, मेरे पापा, मां, बड़ा भाई और चाचा। पापा खेती करते थे। उसी खेती से हमारे परिवार की जिंदगी चलती थी। लेकिन उस जिंदगी में सुकून कम, खौफ ज्यादा था। मुझे पापा की शक्ल याद नहीं है। जब उनकी मौत हुई, तब मैं बहुत छोटा था। मेरी मां बताती थीं कि पापा खेत से शराब पीकर घर आते थे। नशे में वह उनको अक्सर पीटते थे। मां एतराज करतीं, तो वह उन्हें पीटकर घर से बाहर निकाल देते। फिर वह रात दूसरे के घर गुजारती थीं। मेरे पास अपने पापा की बस इतनी ही याद है। इसके बाद टीबी ने हमारे घर में दस्तक दी। एक-एक करके सबको निगलती गई। पहले पापा को, फिर मां को, उसके बाद चाचा और आखिर में मेरे बड़े भाई को। मां बताती थीं कि पापा को टीबी हो गई थी। शुरू में सिर्फ खांसी थी। फिर खांसी के साथ खून आने लगा। गांव में कोई अस्पताल नहीं था, कोई डॉक्टर नहीं था। एक दिन अचानक पापा की हालत बहुत बिगड़ गई। खून की उल्टियां होने लगीं। मां घबरा गईं। अस्पताल लेकर भागीं, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो चुकी थी। वहीं पापा की मौत हो गई। आज से करीब 15 साल पहले। उस वक्त मैं मुश्किल से दो साल का था। मुझे अपने पापा की शक्ल तक याद नहीं। मेरे लिए अब मां ही पूरी दुनिया थीं। पापा के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी चाचा ने संभाली। खेती-बाड़ी वही देखने लगे। मां पहले की तरह घर चलाती रहीं। लेकिन उस घर में टीबी की बीमारी फिर से लौटने वाली थी। 2017 की बात है। मां को खांसी रहने लगी। शुरू में किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहाड़ में खांसी आम बात है, लेकिन तीन-चार महीने बीत गए और खांसी रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मां दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही थीं। एक दिन वह हम दोनों भाइयों को बिना बताए अकेले ही शहर के डॉक्टर को दिखाने चली गईं। वहां डॉक्टर ने बताया- टीबी है। मां घर लौटीं, लेकिन उन्होंने हमसे कुछ नहीं बताया। वह बीमारी छिपाकर जीती रहीं। हमारे लिए खाना बनातीं, कपड़े धोती, घर संभालतीं। अस्पताल मीलों दूर था। दवाइयां कभी समय पर मिलतीं, कभी नहीं। मां कभी दवा खाती, कभी छोड़ देतीं। फिर एक दिन सब बिखर गया। मां की हालत अचानक बहुत खराब हो गई। हम उन्हें अस्पताल लेकर भागे। डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। उधर, मां का इलाज चलता रहा और हम कड़ाके की सर्दी में दोनों भाई अस्पताल की कैंटीन के बाहर भूखे बैठे रहते। एक दिन एक विभोर जोशी नाम के अजनबी हमसे मिलने आए। अब उन्हें मामा कहते हैं। दरअसल, कैंटीन का मालिक उनका दोस्त था। उसने ही मामा को बताया कि यहां यह दो बच्चे आए हैं और इनकी मां बीमार है। इन बच्चों के पास पैसे नहीं हैं। ये बिना खाए-पिए कैंटीन के बाहर पड़े रहते हैं। उस दिन मामा पहली बार मेरी मां से मिले। मां बिस्तर पर पड़ी थीं। चेहरा पीला पड़ चुका था। सांस भारी थी। मामा ने देखा और उनका मन पसीज गया। बाहर निकलकर उन्होंने कैंटीन वाले से कहा- इन दोनों बच्चों को रोज खाना देना और मां के लिए रोज दो उबले अंडे। पैसे की चिंता मत करना। उसी दिन से हमारी भूख का इंतजाम हो गया। महीनों बीत चुके थे। हमारा स्कूल छूट गया था। अस्पताल ही हमारा घर बन गया था। एक दिन मां ने मुझसे चाय लाने को कहा। मैं भागकर चाय लेकर आया। चाय का घूंट लेते ही उनको खून की उल्टियां होने लगीं। वह बिस्तर पर तड़पने लगीं। उन्होंने हमें पास बुलाया। आवाज बहुत धीमी थी। कहा- विभोर मामा को बुला लो। मामा आए। मां ने उनकी तरफ देखा और कहा- मेरा एक भाई है, लेकिन वह अब मुझसे मतलब नहीं रखता। आज से आप ही मेरे भाई हैं। अगर मुझे कुछ हो जाए, तो मेरे बच्चों को अकेला मत छोड़ना। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं डॉक्टर को बुलाने भागा। डॉक्टर ने कहा- आ रहा हूं, लेकिन वह देर से आए। बहुत देर से। जब डॉक्टर कमरे में पहुंचे, तो हमें बाहर कर दिया गया। डॉक्टर ने कुछ दवाएं और इंजेक्शन दिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उसके तीसरे दिन ही मां की मौत हो गई। हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। अस्पताल में मां का शरीर पड़ा था और बाहर हम दो बच्चे खड़े थे- बिल्कुल खाली हाथ। उसी वक्त जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से आए गुरुद्वारे के कुछ लोग सामने आए। उन्होंने बिना कुछ पूछे मां के अंतिम संस्कार का पूरा खर्च उठाया। मामा ने उस दिन मेरे बड़े भाई के हाथों मां को मुखाग्नि दिलवाई। मां की चिता जल रही थी। आग की लपटें उठ रही थीं। तब मैं सिर्फ 9 साल का था। उसी चिता के पास मैं कंचे खेल रहा था। मुझे यह तक नहीं पता था कि मेरी मां अब कभी वापस नहीं आएगी। मुझे भूख लगी थी। मैंने मामा का हाथ खींचा और कहा- मुझे खाना चाहिए। मामा मुझे खाना खिलाने ले गए। अंतिम संस्कार के बाद मामा हमें अपने घर ले गए। उस दिन मामा के घर रातभर नींद नहीं आई। रात में बार-बार बिस्तर से उठकर बैठ जाता और मां को याद करके रोने लगता। मामा ने अपने ही घर मां की तेरहवीं की। लोगों को खाना खिलाया गया- पूरे रीति-रिवाज के साथ। मामा के घर में पहली बार मुझे अपनापन महसूस हुआ। मामा की पत्नी यानी मामी बैंक में नौकरी करती हैं, लेकिन घर में वह मां जैसी थीं। वह भी हमारा ख्याल करती हैं। नानी गरम-गरम खाना खिलाती और कहती थीं- अब से मैं तुम्हारी नानी हूं, डरने की कोई बात नहीं। धीरे-धीरे मुझे समझ आया- भगवान ने मुझसे एक घर छीन लिया था, लेकिन एक दूसरा घर दे दिया था। मामा के घर मैं कुछ दिन रहा। वह घर, जहां किसी ने पहली बार हमें बोझ नहीं, इंसान समझा। कुछ दिन बाद मामा हम दोनों भाइयों को लेकर मेरे गांव पहुंचे। शायद यह देखने कि अब हम वहां रह सकते हैं या नहीं, लेकिन गांव ने जवाब देने में देर नहीं की। उसी दिन पता चला कि मेरे चाचा को भी टीबी है। यह खबर फैलते ही गांव वालों का व्यवहार बदल गया। गांव के कुछ लोग मामा के लिए चाय बनाकर लाए, लेकिन हमें चाय नहीं दी गई। हम दोनों एक कोने में खड़े रहे। लोगों को डर था- ‘अगर हम उनके बर्तन में चाय पिएंगे, तो उन्हें भी टीबी हो जाएगी।’ उस वक्त मामा ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने बस हमें देखा। और शायद उसी पल तय कर लिया कि यह गांव अब इन बच्चों का नहीं है। मामा उसी दिन वापस हमें अपने घर ले आए। उन्हें हमारी सिर्फ भूख या बीमारी की नहीं, हमारी पढ़ाई की भी चिंता थी। कुछ दिन हमें अपने पास रखा, हमें संभाला, फिर उन्होंने एक फैसला लिया- ताकि हम रोजमर्रा की जिंदगी में लौट सकें, मामा ने हम दोनों को एक हॉस्टल में रख स्कूल में दाखिला करवा दिया। ऐसी जगह, जहां हमारे साथ काफी बच्चे थे। हम हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने लगे। जिंदगी जैसे एक नई पटरी पर दौड़ने लगी थी। इन सबके बीच विभोर मामा कभी हमें भूलते नहीं। फोन करके हाल-चाल पूछते हैं, मिलने आ जाते हैं। फिर एक दिन हॉस्टल में मेरे गांव से खबर आई। बताया गया कि मेरे चाचा की भी टीबी से मौत हो गई है। उस खबर ने मुझे अंदर से झकझोर दिया, लेकिन तब तक मैं यह भी नहीं जानता था कि टीबी की बीमारी क्या होती है। हॉस्टल में मुझे नहीं पता था कि मेरी जन्मतिथि क्या है। मामा को पता चला तो उन्होंने सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए, कागजात ढूंढे, रजिस्टर खंगाले। कई दिनों की भागदौड़ के बाद एक दिन मामा आए और मुस्कुराते हुए बताया- ‘आज से तुम्हारा भी जन्मदिन होगा।’ उस दिन पहली बार मुझे पता चला कि मेरी जिंदगी की भी एक तारीख है। पिता, मां और फिर चाचा के जाने के बाद हॉस्टल में अब मेरा सहारा मेरा भाई ही था। वह मेरे कपड़े धोता, मेरे लिए खाना बनाता और मेरी पढ़ाई का ख्याल रखता। मां मेरे लिए जो करती थीं, वह सब अब मेरा भाई कर रहा था- बिना थके, बिना शिकायत किए। वह मुझसे बहुत प्यार करता था, लेकिन सख्ती भी रखता था। मैं जब कोई गलत काम करता, तो वह मुझे टोकता। मुझे याद है, मैं अक्सर गुस्से में कॉपी के कागज फाड़ देता था। वह यह देखकर भड़क उठता। डांटते हुए कहता- ‘उसी कॉपी में तो तू लिखेगा-पढ़ेगा। अगर कॉपी ही नहीं रहेगी, तो पढ़ेगा कैसे?’ कभी-कभी वह मुझे मार भी देता था। तब मुझे लगता था कि वह मुझसे नाराज है। आज समझ आता है- वह मुझे बचा रहा था। मुझे दूसरों पर पत्थर फेंकने की आदत थी। इस पर भी वह मुझे डांटता, रोकता, कभी हाथ उठा देता। वह चाहता था कि मैं वही न बनूं, जो हालात मुझे बना रहे थे। मेरी बदनसीबी यह थी कि जिस बीमारी ने मेरे मां-पापा और चाचा को छीना, वही बीमारी मेरे भाई के शरीर में भी पल रही थी- और मुझे इसकी भनक तक नहीं थी। एक दिन हॉस्टल की ओर से हमें घुमाने के लिए ले जाया गया। मेरा भाई भी मेरे साथ था। हम दोनों ने साथ-साथ कचौड़ियां खाईं। रात में हॉस्टल लौटकर हमने दाल-चावल खाया और सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक मेरा भाई बेचैन होने लगा। अगले ही पल उसे तेज उल्टियां होने लगीं। शोर सुनकर एक टीचर भागती हुई पहुंचीं। वह तुरंत उसे लेकर अस्पताल भागीं। जाते वक्त उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखते हुए कहा- ‘डरो मत, भाई ठीक होकर जल्दी आ जाएगा। तुम यहीं हॉस्टल में रहो।’ भाई अस्पताल में भर्ती था। उस रात हॉस्टल का कमरा मुझे पहले से कहीं ज्यादा सूना लग रहा था। मैं पहली बार भाई के बिना सोने जा रहा था। डर लग रहा था। टीचर ने मेरी हालत देखी और उस दिन मुझे अपने साथ सुला लिया। उस रात मैं सोया तो था, लेकिन पहली बार अपने भाई के बिना। अगली सुबह डॉक्टरों ने कहा- सब ठीक है। उस दिन भाई अस्पताल से लौट आया। मुझे लगा- सब टल गया। कुछ दिन बीते। एक रात हम खाना खाने जा रहे थे। थाली उठाने ही वाले थे कि भाई अचानक झुक गया। फिर उल्टियां होने लगीं। वही डर, वही घबराहट। इस बार उसे श्रीकोट के अस्पताल ले जाया गया। मुझे भरोसा था- पिछली बार की तरह वह फिर लौट आएगा, लेकिन अगली सुबह हॉस्टल के कमरे में एक अजीब सी हलचल थी। मेरे भाई के कपड़े उठाए जा रहे थे। अलमारी खाली की जा रही थी। मैंने घबराकर टीचर से पूछा- ‘ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ उन्होंने मुझे सीने से लगा लिया। देर तक कुछ नहीं बोलीं। फिर कहा- ‘तुम्हारे भाई की मौत हो गई है।’ मैं सुन्न सा हो गया। मां के जाने के बाद वही मेरा सब कुछ था। अब वह भी चला गया था। उस पल मुझे लगा- अब इस दुनिया में मेरा कोई नहीं। मैं रोते हुए अस्पताल पहुंचा। मेरा भाई सामने एक सफेद चादर में बंधा हुआ था। वही भाई, जो मुझे जगाता था, मेरा होमवर्क देखता था, रात में मेरे साथ सोता था। अब वह कुछ नहीं बोल रहा था। उस पल मुझे समझ आ गया- अब मेरे आगे-पीछे कोई नहीं बचा। मामा के साथ भाई का अंतिम संस्कार कर मैं वापस हॉस्टल लौट आया, लेकिन उस रात नींद मुझसे बहुत दूर थी। सच तो यह है कि कई रातों से मैं सोया ही नहीं था। मुझे मां की एक बात बार-बार याद आ रही थी। मरने से एक दिन पहले मां ने भाई के हाथ में मेरा हाथ दिया था और कहा था- छोटे का ख्याल रखना। उसे कभी अकेला मत छोड़ना। भाई उस वादे को निभा रहा था, लेकिन अब वह भी चला गया था। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं अपने भाई की चिता को आग दूंगा। जब मामा को पता चला कि मैं हॉस्टल में रात भर जागता रहता हूं, तो वे एक दिन चुपचाप आए। मेरा हाथ पकड़ा और कहा- अब तुम अकेले नहीं रहोगे। और मुझे अपने घर लेकर चले आए। उस दिन के बाद से मामा ने मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ा। वे मुझे हर जगह अपने साथ रखते हैं। अपने साथ बैठाकर खाना खिलाते हैं। मेरे सोने से लेकर जागने तक की हर चिंता करते हैं। वे मुझे जीना सिखा रहे हैं। उनसे मेरा कोई खून का रिश्ता नहीं है। फिर भी अब वही मेरी मां, मेरे पिता और मेरे भाई हैं। भगवान ने मुझसे बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन एक रिश्ता ऐसा दिया, जिसने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं अकेला हूं। (दीपक रावत ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) --------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें
‘मेड इन इंडिया’ टेक अब बहस नहीं, जरूरत बन चुका है। जब सरकार के मंत्रालय गूगल-माइक्रोसॉफ्ट छोड़कर जोहो जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म अपना रहे हैं, तब सवाल है- क्या भारत AI और एडवांस टेक में आत्मनिर्भर हो पाएगा? दैनिक भास्कर से खास बातचीत में जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू साफ कहते हैं- गूगल ने एआई में 15 साल तक निवेश किया। रिसर्च हुई, पेपर पब्लिश हुए, प्रयोग हुए। अगर हमें बाजार से फल नहीं खरीदने तो खुद के पेड़ लगाने होंगे। शायद 1-2 साल में नतीजे न दिखें, लेकिन 5-10 साल में रिटर्न आएगा, और वही असली निवेश होता है। डिग्री बनाम स्किल, विदेशी निर्भरता, गांवों से टेक क्रांति और भारत के टेक भविष्य पर उनका बेबाक विजन जानने के लिए इस खास इंटरव्यू से गुजर जाइए... कई मंत्रालय विदेशी कंपनियां छोड़ जोहो पर शिफ्ट हो रहे, क्या यह स्वदेशी टेक में एक माइलस्टोन है? यह एक माइलस्टोन जरूर है, पर रास्ता अभी लंबा है। टेक्नोलॉजी में हमारी बाहरी निर्भरता बहुत ज्यादा है। एआई का उदाहरण लीजिए। हमें एआई के लिए एनवीडिया की जीपीयू चिप्स चाहिए होती हैं। कम लोग जानते हैं कि पूरे भारत को साल भर में सिर्फ 50 हजार जीपीयू चिप्स का कोटा मिलता है, जबकि ओपनएआई या ग्रोक जैसी कंपनियों के पास लाखों चिप्स हैं, यानी पैसा होने के बावजूद हम उन्हें खरीद नहीं सकते। हमें अब ये सभी तकनीकें घर पर विकसित करनी होंगी। सिर्फ AI पर अटकना गलती होगी। AI आज फैशन है, लेकिन देश को 100-200 क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज पहचाननी होंगी, मेटलर्जी से सेमीकंडक्टर्स तक, सभी क्षेत्र में फोकस जरूरी है। आपने ‘10 साल की टेक रेजिलिएंस’ की बात की, उसके बारे में बताएं? मैं अक्सर कहता हूं कि हम नेलकटर तक नहीं बनाते। आप बाजार से नेलकटर खरीदेंगे, तो वह चीन, कोरिया या जापान में बना होगा। कोरिया हमसे ज्यादा समृद्ध इसलिए है क्योंकि वह छोटे-छोटे प्रोडक्ट भी बनाता और बेचता है। अगर हमें ग्लोबल प्लेयर बनना है, तो 10 साल की नीति बनानी होगी। आलोचना सहनी भी सीखनी होगी। 20-25 साल पहले चीनी स्टार्टअप्स की भी खूब आलोचना होती थी, कहा जाता था, घटिया हैं, नकल करते हैं। आज चीन तकनीक में कहां हैं... हम जानते हैं। एआई के दौर में युवाओं का फोक्स क्या हो, डिग्री या स्किल? स्किल पर फोकस होना चाहिए। मैं यह नहीं कहता कि छात्र तुरंत कॉलेज छोड़ दें। लेकिन डिग्री के साथ-साथ अपनी फील्ड से जुड़ी नई-नई स्किल्स जरूर सीखें। अगर आप इंजीनियर हैं, तो कुछ बनाइए। शुरुआत में कोई भले समस्या हो... लेकिन करते रहिए। यानी अब आपको कॉलेज के समय से हेड्स–ऑन प्रोजेक्ट्स करने होंगे। क्या एआई आने वाले दिनों में नौकरियां छीन लेगा? आज स्विट्जरलैंड के एक टीचर को आईफोन खरीदने के लिए 3 दिन काम करना पड़ता है। भारत में वही आईफोन खरीदने के लिए टीचर को 3-6 महीने लग सकते हैं। तो क्या कोई टीचर इस बात को लेकर दुखी होगा कि कम काम करके वो आईफोन खरीद पा रहा है? एआई से दरअसल हमारी गुणवत्ता तो बढ़ेगी ही, लेकिन नौकरियों का नेचर बदलेगा। तकनीक सस्ती होगी और जो सामान्य काम हैं, उनकी जगह स्पेशिलाइज्ड जॉब्स विकसित होंगी। अर्थव्यवस्था मशीनों की नहीं होती। मशीनें उपभोक्ता नहीं हैं। इकॉनमी इंसानों से चलती है। यह बात साफ समझनी होगी कि एआई उन नौकरियों की जगह नहीं लेगा, जहां इंसानी जुड़ाव सबसे जरूरी है। शिक्षक, नर्स और डॉक्टर–इनका काम मशीन नहीं छीन सकती। हां, एआई इनके काम को बेहतर जरूर बना सकता है। यानी यहां नौकरी छिनने की नहीं, बल्कि काम को और मजबूत बनाने की बात है। टेक के क्षेत्र में भारतीय कंपनियों का फोकस क्या होना चाहिए? हम देश में नीट-जेईई जैसी रैंकिंग छात्रों के लिए करते हैं, इसे कंपनियों के लिए क्यों न करें? कंपनियों के बीच प्रतियोगिता जरूरी है। स्वतंत्र एक्सपर्ट्स की एक पैनल हो, जो कंपनियों को क्षमताओं के आधार पर रैंक करे। हर साल ये रैंकिंग पब्लिश हो। एक बड़ा नेशनल इवेंट बने, वैसे ही जैसे नीट-जेईई के रिजल्ट्स। इससे जो कंपनियां अच्छा कर रही हैं, उन्हें पहचान मिलेगी, निवेश मिलेगा। 10 साल ऐसा लगातार किया गया, तो चमत्कार हो सकता है। 20 साल में हम ग्लोबल लीडर भी बन सकते हैं। भारत को एआई के क्षेत्र में क्या करने की जरूरत है? 1980 के दशक में कहा जा रहा था कि जापान हर टेक्नोलॉजी में नंबर वन बन जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि वहां जनसंख्या घट गई। भारत के पास आज युवा आबादी है। हमें अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है, तो इनोवेशन करना होगा। टैलेंट को रोकना है तो मौके देने होंगे। आपने टेक कंपनी गांव से शुरू करने का मॉडल क्यों चुना? अगर आप भारत के बड़े मेट्रो शहरों को देखें, नोएडा, चेन्नई या बेंगलुरु तो पाएंगे कि वहां काम करने वाला बहुत बड़ा टैलेंट ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों से आया है। इसका मतलब है कि टैलेंट गांवों में पहले से मौजूद है, लेकिन उसे पहचानने और इस्तेमाल करने की सोच की कमी रही है। भारत में आज भी टॉप कॉलेजों के ग्रेजुएट्स विदेश में क्यों जा रहे? मैंने 1989 में IIT मद्रास से पढ़ाई की थी। उस समय करीब 80% छात्र विदेश चले जाते थे। आज वही आंकड़ा घटकर करीब 20% रह गया है। यानी टॉप संस्थानों से ब्रेन ड्रेन कम हुआ है, और यह एक अच्छा संकेत है। लेकिन टैलेंट वहीं जाता है जहां अवसर होते हैं। इसलिए सवाल यह है कि भारत में टैलेंट को रोकने के लिए अवसर कैसे बनाए जाएं। छात्र आज इसलिए रुक रहे क्योंकि देश में पहले से अधिक अवसर हैं। क्या रूरल वर्क मॉडल को बड़े स्तर पर स्केल किया जा सकता है? मैं इसे आंकड़ों से समझाना चाहूंगा। भारत में 832 जिले हैं, जिनमें से करीब 600 को ग्रामीण माना जा सकता है। इसके अलावा देश में लगभग 2 लाख 50 हजार पंचायतें हैं। अब सवाल यह है कि क्या हम 600 ऐसी कंपनियां ढूंढ सकते हैं, जो एक-एक जिले के लिए कमिट हों? बस इतना ही चाहिए। इसी तरह अगर हर पंचायत के लिए एक कमिटेड टेक्नोलॉजिस्ट मिल जाए, तो हमें कुल मिलाकर करीब ढाई लाख लोगों की जरूरत होगी। टेक इंडस्ट्री में आज कुछ मिलियन लोग काम कर रहे हैं। ऐसे में ढाई लाख लोगों का गांवों के लिए कमिट होना बिल्कुल संभव है। मुझे पूरा भरोसा है कि यही मॉडल स्केलेबल है। बस जरूरत है कमिटेड लोगों की। गांव से जुड़ी कोई याद, जो आपके लिए लाइफ लेसन बन गई हो? मैं गांव में पला-बढ़ा हूं। पढ़ने में काफी अच्छा था। एक बार मेरी गली की एक बुजुर्ग महिला ने मुझसे कहा था ‘तुम जैसे बच्चे हमारे गांव में कम ही होते हैं। लेकिन एक समय के बाद ऐसे बच्चे गांव छोड़ जाते हैं। लेकिन तुम इस गांव को मत भूलना और हमारे लोगों के लिए कुछ करना। वह महिला 5-10 साल बाद गुजर गईं, पर उनके शब्द आज भी मेरे साथ हैं। उस महिला ने जो बात कही थी… वाे आज भी कई मायनों में रेलेवेंट है। श्रीधर वेम्बू के जीवन में खुशी का मंत्र क्या है? मेरी खुशी अब ज्यादा आध्यात्मिक हो गई है। इस पल में खुश रहना… यही असली मंत्र है। पक्षियों की आवाज, सूरज उगना, तारों को देखना; यही असली खुशी है। बड़ी डील, लॉन्च, तारीफ- ये सब सेकेंडरी हैं। छोटी-छोटी चीजों में आनंद लेना सीखना ही असली खुशी है। ------------------------------------ये इंटरव्यू भी देखें... गांव में गोबर उठाते थे जयदीप अहलावत: आज बॉलीवुड के ‘महाराज' बने, इरफान खान से तुलना पर छलके आंसू, शाहरुख को अपना इश्क बताया जयदीप अहलावत ने हरियाणा के गांव-खेतों से निकलकर, एसएसबी के रिजेक्शन और कई अनगिनत जागती रातों से गुजरते हुए, एफटीआईआई पुणे से मुंबई की इस चकाचौंध भरी दुनिया में उन्होंने अपनी मजबूत जगह बना ली है। देखिए पूरा इंटरव्यू...
भारतीय नौसेना के INSV कौंडिन्या ने प्राचीन 'सिलाई तकनीक' और अजंता की कला से प्रेरित डिजाइन के साथ मस्कट तक की अपनी पहली ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ली है। नारियल के रेशों से सिले इस अनोखे जहाज ने सदियों पुराने समुद्री व्यापार मार्ग को पुनर्जीवित कर दिया है। जानें इस 'स्टिच्ड शिप' की निर्माण तकनीक और इसके रणनीतिक सफर की पूरी कहानी।
ट्रैफिक अलर्ट! दिल्ली में परेड की रिहर्सल शुरू; इन सड़कों को कर दिया गया है सील
दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2026 परेड की रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। 17 से 21 जनवरी तक कर्तव्य पथ और इंडिया गेट के आसपास कई रास्ते बंद रहेंगे। जाम से बचने के लिए पुलिस द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों और समय की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें। अपनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए इस अलर्ट को अनदेखा न करें।
हथियाने की जिद या बिजनेस? ग्रीनलैंड के लिए ट्रंप ने 8 देशों पर थोपा भारी टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के अधिग्रहण के लिए 8 यूरोपीय देशों पर 10% से 25% तक टैरिफ लगाने का ऐलान कर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डेनमार्क और अन्य सहयोगियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। जानें क्या है ग्रीनलैंड विवाद और ट्रंप के इस 'ट्रेड वॉर' का दुनिया पर असर।
भारत के कड़े रुख से बैकफुट पर अमेरिका ; जाने कैसे 'दाल' बनी व्यापार युद्ध की वजह?
भारत ने अमेरिका से आयातित दालों पर 30% टैरिफ लगाया है, जिससे अमेरिकी किसानों को नुकसान होने लगा है। मोंटाना और नॉर्थ डकोटा के दो सीनेटरों ने ट्रंप को पत्र लिखकर टैरिफ हटाने की अपील की है। वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत भी अंतिम चरण में है, लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।
12,000 नई नौकरियां और 35,000 करोड़ का निवेश; ऑटो कंपनी ने किया बड़ा ऐलान
मारुति सुजुकी ने गुजरात के खोरज में 35,000 करोड़ रुपये निवेश से नया मेगा कार प्लांट स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। 1,750 एकड़ में बनने वाले इस प्लांट में सालाना 10 लाख कारें उत्पादन का लक्ष्य है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह कदम गुजरात को ऑटो हब के रूप में मजबूत करेगा।
U19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-बांग्लादेश मैच के दौरान टॉस के समय कप्तानों के बीच ‘नो-हैंडशेक’ विवाद पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने बयान जारी किया। BCB ने कहा यह घटना अनजाने में हुई और भारतीय टीम के प्रति कोई अनादर नहीं था, साथ ही खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने की याद दिलाई।
खामेनेई का ट्रंप पर आरोप; “ईरान में तबाही के जिम्मेदार हैं अमेरिकी राष्ट्रपति”
खामेनेई के बयान ने ईरान-यूएस संबंधों में फिर से तनाव बढ़ाने का संकेत दिया है। देश में जारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा की पृष्ठभूमि में यह आरोप अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं। इस बीच, ईरान के भीतर जारी संकट और बाहरी दावों के बीच स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है।
Make in India के तहत बनेंगे राफेल फाइटर जेट; क्या भारत बन पायेगा रक्षा निर्यात की नई ताकद ?
मेक इन इंडिया के तहत भारत में 114 राफेल फाइटर जेट के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। 3.24 लाख करोड़ की इस ऐतिहासिक डील से भारत फ्रांस के बाद राफेल का दूसरा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है। सवाल है—क्या भारत अब राफेल का निर्यात भी कर पाएगा?
क्या मुंबई मेयर की कुर्सी पर होगा समझौता ? फडणवीस ने दिया बड़ा संकेत
मुंबई बीएमसी चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महायुति में कोई विवाद नहीं है और मेयर महायुति का ही होगा। ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले सहित सभी मुद्दों पर एकनाथ शिंदे के साथ बैठकर सहमति से फैसला लिया जाएगा।
DGCA का इंडिगो पर 22 करोड़ का जुर्माना, 50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश
नई दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर उस पर 22.20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है, और एक अधिकारी को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। एयरलाइंस ने कहा है कि उसे आदेश मिल […] The post DGCA का इंडिगो पर 22 करोड़ का जुर्माना, 50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश appeared first on Sabguru News .
डीग जिले के सीकरी थाने के कांस्टेबल को रील बनाना भारी पड़ा
भरतपुर। राजस्थान में डीग जिले के सीकरी थाने के एक कांस्टेबल को सोशल मीडिया पर पुलिस वर्दी में रील बनाकर हवाबाजी करना भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश मीणा ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल अतर सिंह बैंसला को लाइन हाजिर किया है। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मामला उस वीडियो से […] The post डीग जिले के सीकरी थाने के कांस्टेबल को रील बनाना भारी पड़ा appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के खैरथल-तिजारा में नकली पुलिस अधिकारी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नकली पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के कंडेरा निवासी सौरभ तोमर के रूप में हुई है। वह पेशे से सॉफ्टवेयर डवलपर इंजीनियर है। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी […] The post राजस्थान के खैरथल-तिजारा में नकली पुलिस अधिकारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मुंबई मेयर चुनाव : भाजपा और शिंदे सेना की दावेदारी में फंसा पेंच
मुंबई। मुंबई में सत्ता पक्ष के भीतर मेयर पद को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है क्योंकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के लिए ढाई साल के कार्यकाल की मांग की है। शिंदे गुट की शिवसेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे का तर्क है कि बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में यह […] The post मुंबई मेयर चुनाव : भाजपा और शिंदे सेना की दावेदारी में फंसा पेंच appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में बालिका से रेप करने के दोषी को आजीवन कठोर कारावास
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं के यौन अपराध बाल संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम न्यायालय ने एक बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को शुक्रवार को दाेषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशिष्ट न्यायाधीश ने 63 वर्षीय अभियुक्त को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी […] The post झुंझुनूं में बालिका से रेप करने के दोषी को आजीवन कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .
किशोरी से रेप मामले में मिथिलांचल का कथावाचक श्रवण दासजी अरेस्ट
दरभंगा। शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म करने वाले मिथिलांचल के कथावाचक श्रवण दासजी महाराज को महिला थाने की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार कथावाचक को पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अभियुक्त को चौदह दिनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा में […] The post किशोरी से रेप मामले में मिथिलांचल का कथावाचक श्रवण दासजी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
उदयपुर जिले के वेटरनरी महाविद्यालय नवानिया के विद्यार्थियों ने रामसर साइट मेनार वेटलैंड का शैक्षणिक भ्रमण किया। बर्ड फेयर 2026 के दौरान विद्यार्थियों ने प्रवासी पक्षियों, वेटलैंड पारिस्थितिकी और संरक्षण के महत्व को प्रत्यक्ष रूप से समझा
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शनिमहाराज आली (कांकरवा) में मंदिर विस्तार के लिए सराय हटाने के मुद्दे पर गुर्जर समाज ने बड़ा दांव खेला है। कैलाश पहलवान और रूपलाल गुर्जर के नेतृत्व में हुई बैठक में समाज ने मंदिर मंडल से सराय के बदले 1 करोड़ रुपये और 10 हजार वर्ग फीट जमीन की मांग की है। सांवता के गोपाल गुर्जर ने दी जानकारी। इस निर्णय से मंदिर विस्तार योजना में नया मोड़ आ गया है।
भरतपुर के डीग-नगर में इफको ने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के जरिए खेती की लागत आधी करने का क्रांतिकारी तरीका बताया। इफको अधिकारी श्याम सुन्दर और संजय सिंह की मौजूदगी में आयोजित इस किसान सभा में बताया गया कि कैसे नैनो तकनीक से 50% डीएपी की बचत होगी और पैदावार बढ़ेगी। साथ ही ड्रोन से छिड़काव और संकट हरण बीमा योजना की जानकारी भी दी गई। भविष्य की खेती का यह नया अध्याय अन्नदाताओं के लिए वरदान साबित होगा।
उदयपुर के वल्लभनगर में पीएमश्री स्कूल नवानिया के उप प्राचार्य और एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. बी. एल. नागदा ने फिट इंडिया मूवमेंट के तहत इतिहास रच दिया है। डॉ. नागदा ने उदयपुर से नवानिया तक बिना रुके 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर युवाओं को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का कड़ा संदेश दिया। उनकी इस उपलब्धि पर 2 राज आर एंड वी यूनिट के सीओ कर्नल एन. प्रकाश ने बधाई दी। ग्रामीणों और छात्रों ने इस साहसिक पहल का जोरदार स्वागत किया।
उदयपुर जिले के वल्लभनगर स्थित मोड़ी गांव में पाइपलाइन के अधूरे काम ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे आए दिन वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं और हादसे का खतरा बना हुआ है। पिछले एक महीने से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद होने से महिलाओं और बुजुर्गों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़कों की मरम्मत और जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।
19 जनवरी 1990 : कश्मीरी हिंदुओं के विस्थापन का भीषण सत्य और 36 वर्षों की अखंड पीड़ा
कश्मीर में जिहादी अत्याचारों और हिंदुओं के वंशविच्छेद का ज्वलंत सत्य नई दिल्ली। तारीख 19 जनवरी 1990, यह तारीख और साल याद आते ही आज भी प्रत्येक कश्मीरी हिंदू कांप उठता है। पृथ्वी का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में इसी दिन मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी थी। करीब 5 हजार साल पुरानी […] The post 19 जनवरी 1990 : कश्मीरी हिंदुओं के विस्थापन का भीषण सत्य और 36 वर्षों की अखंड पीड़ा appeared first on Sabguru News .
उदयपुर जिले के वल्लभनगर स्थित फाचर गांव में सोलर लाइन के लिए खोदे गए खुले गड्ढों में गिरने से दो गायों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। ठेकेदार द्वारा चारागाह भूमि पर गड्ढे खोदकर खुला छोड़ देने से यह हादसा हुआ, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण राकेश आमेटा और विजय सिंह ने ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने सोलर प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है।
उत्तर प्रदेश में गणतंत्र दिवस से पहले 23 जनवरी को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग शामिल होंगे। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय, समन्वय और सुरक्षा तैयारियों को परखना है।
बिहार के वो 10 साल और आज की कड़वी हकीकत ; जानें क्या थी पुत्रपक्षपात की खूनी कीमत
बिहार में 2000-2010 के दशक में महिला भ्रूण हत्या और बाल लिंगानुपात में गिरावट ने सामाजिक संरचना को प्रभावित किया। बेटियों के जन्म पर प्रतिकूल असर, पुत्रपक्षपात और अवैध लिंग-निर्धारण क्लीनिकों ने समस्या को बढ़ाया। कानूनी प्रयासों के बावजूद सुधार सीमित रहा।
ग्रीन ग्रोथ स्किल प्रतियोगिता : प्रदर्शनी में मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में राजकीय सावित्री कन्या विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सतत विकास एवं ग्रीन ग्रोथ स्किल प्रतियोगिता 2025-26 विभिन्न गतिविधियों, सार्थक एवं प्रेरणादायी रूप में सम्पन्न हुई। इस दौरान सतत विकास लक्ष्यों पर गुजराती सीनियर सैकंडरी स्कूल समेत विभिन्न विद्यालयों एवं विभागों की ओर से लगाई गई […] The post ग्रीन ग्रोथ स्किल प्रतियोगिता : प्रदर्शनी में मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे appeared first on Sabguru News .
झाड़ोल के आवरड़ा गांव में NH 58E से फतेह लाल गायरी के घर तक बन रही सीसी रोड में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा। ग्रामीणों ने मिट्टी पर बिछ रही घटिया सड़क का काम रुकवाया। सरपंच पति और ठेकेदार पर गंभीर आरोप, टेंडर निरस्त करने की मांग। उप सरपंच लक्ष्मण सिंह और भीमराज गायरी सहित ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा शिकायती पत्र।
टोंक पुलिस की DST टीम ने झिराना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए जुए के अड्डे पर छापा मारकर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 2.64 लाख रुपये नकद, क्रेटा और डिजायर जैसी लग्जरी कारों सहित मोबाइल जब्त किए गए हैं। संगठित अपराध की धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस अब इस बड़े नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
भरतपुर के भुसावर में रक्तकोष फाउंडेशन की नई जिला कार्यकारिणी का हुआ गठन। चंद्रशेखर पाण्डेय को जिला अध्यक्ष और अरविंद मित्तल को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया। अर्चना शर्मा, आशीष चतुर्वेदी, अनिल सोनी और मोहन जोशी को मिली अहम जिम्मेदारियां। जानें कैसे यह टीम भरतपुर को बनाएगी रक्तदान में नंबर वन जिला और क्या है इनका आगामी मास्टर प्लान।
12वें उदयपुर बर्ड फेस्टिवल के तहत भूपालसागर और मातृकुंडिया बांध पर पक्षी प्रेमियों का जमावड़ा लगा। साइबेरिया और यूरोप से आए दुर्लभ विदेशी पक्षियों जैसे रोजी पेलिकन, बार-हेडेड गूज़ और टफ़्टेड डक की अठखेलियों ने सभी का मन मोह लिया। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर उज्जवल दाधीच के नेतृत्व में 52 सदस्यीय दल ने फील्ड विजिट की। जानिए कैसे सात समंदर पार कर मेवाड़ की झीलों में पहुंचे ये नन्हे मेहमान और क्यों खास रही बर्ड रेस प्रतियोगिता।
चित्तौड़गढ़ के मधुबन स्थित श्री आदिनाथ दिवाकर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। 108 कलशों से महामस्तकाभिषेक और निर्वाण लाडू चढ़ाने के इस भव्य आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानिए इस आध्यात्मिक उत्सव की पूरी झलक और समाज के प्रमुख व्यक्तियों की सहभागिता के बारे में।
कांकरवा के पीएम श्री मोड सिंह चौहान विद्यालय में '21वीं सदी के कौशल' पर ब्लॉक स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित। एसीबीईओ लक्ष्मण सिंह चुंडावत और सुभाष सिंह राणावत की उपस्थिति में भूपालसागर के छात्रों ने दिखाया हुनर। खुशी दर्जी, कन्हैया लोहार, छगनी तेली और नयन रेगर का चयन जिला स्तर के लिए हुआ। विजेताओं को किया गया पुरस्कृत। पढ़िए पूरी खबर।
चित्तौड़गढ़ के महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज के रोवर रेंजर दल ने छत्तीसगढ़ में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय जंबूरी में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। 16 में से 14 प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान पाकर राजस्थान ने नेशनल कमिश्नर फ्लैग जीता। रेंजर लीडर डॉ. अनिता कुमारी और रोवर लीडर किशन दान चारण के नेतृत्व में लौटे इस दल का कॉलेज में भव्य स्वागत किया गया।
चित्तौड़गढ़ के भदेसर में भेरूजी मंदिर के पास कब्रिस्तान भूमि आवंटन को लेकर बवाल। सांसद सी पी जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर भूमि आवंटन निरस्त करने की मांग की। जानें क्या है पूरा विवाद और क्यों बंद रहा भदेसर कस्बा। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु संघर्ष समिति की बड़ी चेतावनी।
चित्तौड़गढ़ की सदर थाना पुलिस ने ओछड़ी पुलिया के नीचे कार्यवाही करते हुए हरियाणा के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 21 किलो 810 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा बरामद किया गया है। एसपी मनीष त्रिपाठी के निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्यवाही ने नशा तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। पढ़ें पूरी खबर।
चित्तौड़गढ़ के भोईखेड़ा में किराने की दुकान की दीवार तोड़कर ₹2 लाख की नकबजनी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसपी मनीष त्रिपाठी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने रतन लाल, नानुराम समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹1.80 लाख नगद और औजार बरामद किए हैं। जानें पूरी रिपोर्ट और पुलिस की इस बड़ी सफलता की कहानी।
अमरावती के चांदूरबाजार में जर्जर सड़क को लेकर सोनोरी ग्रामवासियों का बड़ा आंदोलन। उपसरपंच प्रेम गजभिये के नेतृत्व में महिलाओं और छात्रों ने निर्माण विभाग के कार्यालय पर जड़ा ताला। प्रशासन के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी। उप अभियंता ने 15 दिनों में सड़क दुरुस्त करने का दिया आश्वासन, मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने दी आत्मदाह की चेतावनी।
एक देश एक विधान मांग रहा है हिन्दुस्तान : अश्विन उपाध्याय
जनचेतना मंच भीलवाड़ा शाखा द्वारा रामराज्य विषय पर संगोष्ठी भीलवाड़ा। भारत को स्वाधीन हुए 75 साल से अधिक समय बीत गया पर अब भी अंग्रेजो द्वारा बनाए गए कई कानून प्रभावी होने से सनातन संस्कृति के समक्ष चुनौतियों का अंबार लगा हुआ है। स्थिति यह है कि हम अंग्रेजी संस्कृति से मुक्त नहीं हो पा […] The post एक देश एक विधान मांग रहा है हिन्दुस्तान : अश्विन उपाध्याय appeared first on Sabguru News .
उदयपुर के फील्ड क्लब में मयंक पूर्बिया का 'तूफान', आरएनटी स्पोर्ट्स क्लब ने सलूंबर को चटाई धूल
उदयपुर के फील्ड क्लब में आयोजित मेवाड़-वागड़ खेल महोत्सव 2026 में मयंक पूर्बिया के आतिशी शतक और प्रशांत सोनी के अर्धशतक की बदौलत आरएनटी स्पोर्ट्स क्लब ने सलूंबर को बड़े अंतर से हराया। कप्तान गुलाब नबी के नेतृत्व में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। पीडिया सुपर जायंट्स ने भी उदयपुर ग्रामीण पर 9 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की। खेल जगत की इस बड़ी कवरेज में जानें मैच के हीरो और सभी खिलाड़ियों के नाम।
उज्जैन में लाडो सेवा फाउंडेशन के 'रोटी बैंक' में डॉ. अर्चना मुनोत और डॉ. राजेंद्र मुनोत ने अपनी बेटी का जन्मदिन जरूरतमंदों की सेवा कर मनाया। संस्थापक लक्ष्मण सिंह राठौड़ की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज की अंतिम पंक्ति के लोगों को भोजन कराकर मानवता और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। सेवा और करुणा से भरे इस आयोजन का विस्तृत विवरण पढ़ें।
करीमनगर, तेलंगाना में पति-पत्नी द्वारा चलाए जा रहे एक हाई-प्रोफाइल 'हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग' रैकेट का पर्दाफाश। पत्नी ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए 100 से ज्यादा लोगों को फंसाया, जबकि पति अश्लील वीडियो बनाकर करता था करोड़ों की वसूली। ट्रक व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस ने दबोचा। अवैध कमाई से खरीदी लाखों की संपत्ति। पूरा मामला यहाँ पढ़ें।
नागपुर में छांगुर बाबा के करीबी सहयोगी की गिरफ्तारी से धर्मांतरण रैकेट पर शिकंजा। कानपुर सहित चार जिलों में बड़े नेटवर्क की जांच तेज।
राजसमंद के कुटवा में राजपूत चेतना मंच द्वारा आयोजित 10वीं खेल प्रतियोगिता का सफल समापन हुआ। वॉलीबॉल में पुनावली टीम विजेता बनी, वहीं एथलेटिक्स और भाला फेंक जैसी स्पर्धाओं में युवाओं ने अपना कौशल दिखाया। समाज के गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस खेल महाकुंभ की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
चाकूर (महाराष्ट्र) स्थित STC BSF में 334 नवआरक्षकों का भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। 44 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद ये जांबाज अब भारत-पाक और भारत-बांग्लादेश सीमा पर देश की रक्षा करेंगे। महानिरीक्षक विनीत कुमार ने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षक सिबा सुंदर, अंबर पांडे और प्रजापति भाविन समेत अन्य को सम्मानित किया। देशभक्ति के जज्बे से भरा एक संपूर्ण समाचार।
डूंगरपुर में साधु वासवानी की 60वीं पुण्यतिथि पर सिंधी भाषा अधिगम केंद्र में भव्य निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। कोमल भावनानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मुकेश आडवानी, अशोक कालरा और डॉ. प्रदीप गेहानी ने बच्चों को सिंधी संस्कृति व साधु वासवानी के मानवतावादी कार्यों से अवगत कराया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़ के पायरी गांव में 'राज्यपाल स्मार्ट विलेज' पहल के तहत कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रौढ़ साक्षरता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। डॉ. आर.एल. सोलंकी और श्रीमती दीपा इन्दौरिया ने ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए साक्षर बनने हेतु प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में 46 किसानों ने भाग लेकर विकास और शिक्षा की नई राह चुनी।
टोंक जिले के सोप थाना पुलिस पर गर्भवती महिला समेत परिजनों से मारपीट और लज्जा भंग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। रघुनाथपुरा निवासी मथुरालाल मीणा की शिकायत और कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज हुआ है। डीएसपी आकांक्षा चौधरी को सौंपी गई जांच ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
जयपुर: मुख्यमंत्री का बड़ा एलान, सरपंचों को बताया गांव की आवाज और विकास का असली आधार
जयपुर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवर्तमान सरपंचों को ग्रामीण विकास की पहली सीढ़ी बताते हुए 'सबका साथ-सबका विकास' का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार मुक्त पंचायतीराज, अटल ज्ञान केंद्रों की स्थापना और 3417 नई ग्राम पंचायतों के गठन जैसे बड़े कदमों की जानकारी दी। जानिए कैसे राजस्थान सरकार गांवों को सशक्त बना रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा, पश्चिम बंगाल में 3,250 करोड़ रुपये की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (हावड़ा-गुवाहाटी) और चार अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। उत्तर बंगाल को दक्षिण और पश्चिम भारत से जोड़ने वाली इन परियोजनाओं से व्यापार, पर्यटन और रोजगार को नई गति मिलेगी। जानिए कैसे भारतीय रेलवे अब आत्मनिर्भरता और आधुनिकता का वैश्विक प्रतीक बन रहा है।
डॉ. के० एन० मोदी विश्वविद्यालय निवाई की सहायक आचार्य डॉ. अंजली प्रजापति को ऋषि वैदिक विद्यापीठ, फतेहाबाद (आगरा) द्वारा 'विद्या वाचस्पति' सम्मान से नवाजा गया है। मुंशी प्रेमचंद के साहित्य पर शोध और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिले इस सम्मान से टोंक और शिक्षा जगत में हर्ष की लहर है। जानिए डॉ. अंजली की इस प्रेरणादायक यात्रा और उपलब्धियों के बारे में।
कोटा के लाडपुरा में विधायक कल्पना देवी के प्रयासों से बारां रोड पर नवीन फायर स्टेशन की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। कोटा विकास प्राधिकरण ने कंवरपुरा में 0.32 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है, जिससे बोरखेड़ा कोचिंग हब और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 1.70 लाख लोगों को आगजनी से त्वरित सुरक्षा मिलेगी।
कोटा में इस्कॉन नंदग्राम धाम द्वारा आयोजित श्री श्री गौर निताई रथ यात्रा ने रचा इतिहास! 30 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर सवार होकर निकले भगवान, उमड़ा भक्तों का सैलाब। जयपुर और उदयपुर के संकीर्तन दलों की प्रस्तुतियों और भव्य पुष्प वर्षा के बीच संपन्न हुई यह यात्रा। जानिए इस भव्य आयोजन और सनातन संस्कृति के संदेश की पूरी रिपोर्ट।
कोटा के कुन्हाड़ी स्थित श्री चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवपुराण कथा का भव्य आयोजन हो रहा है। कथावाचक श्री रमेश जी भार्गव महाराज ने शिव भक्ति को सुख-शांति का आधार बताया। 22 जनवरी को विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इस धार्मिक समागम में अध्यक्ष गिरिराज माहेश्वरी सहित पूरी समिति सक्रिय है। शिव तत्व और आध्यात्मिक शांति की खोज में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़।
कोटा में गणिनी आर्यिका श्री 105 विशुद्धमति माताजी का 77वां अवतरण महोत्सव 19-20 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा। तलवंडी जैन मंदिर में पत्रिका विमोचन के साथ ही समितियों का गठन कर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जानें भव्य शोभायात्रा, आदिनाथ मंडल विधान और महाआरती के पूर्ण कार्यक्रम का विवरण।
कोटा के जवाहर नगर स्थित राम मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास श्री शिवदास जी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंद उत्सव का दिव्य वर्णन किया। श्रीराम जन्म की पावन कथा के साथ भक्ति और उल्लास के इस संगम में श्रद्धालुओं ने भगवान के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कोटा के आरकेपुरम् राजकीय विद्यालय में विधायक संदीप शर्मा ने 13 छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं और वाटर कूलर का लोकार्पण किया। शिक्षा के प्रति समर्पित इस आयोजन में विधायक ने बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। जानें कैसे यह पहल बालिकाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है और कौन-कौन से गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित रहे।
जेईई-मेन 2026 जनवरी सत्र के एडमिट कार्ड जारी हो गए हैं। कोटा के एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि 21 जनवरी से शुरू होने वाली इस परीक्षा के लिए एनटीए ने कड़े नियम लागू किए हैं। आधार कार्ड के बिना आवेदन करने वालों के लिए विशेष बायोमेट्रिक जांच और सख्त ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य होगा। जानिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और परीक्षा केंद्र के नियमों की पूरी जानकारी इस विस्तृत रिपोर्ट में।
छोटीसादड़ी-मध्य प्रदेश सीमा पर खनन माफियाओं का आतंक चरम पर है। चारागाह, श्मशान और मंदिर की जमीनों पर अवैध खुदाई से सरकार को करोड़ों के राजस्व की चपत लग रही है, वहीं ओवरलोड डंपरों ने गांवों की सड़कों को खंडहर बना दिया है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते ग्रामीणों ने अब ड्रोन सर्वे और सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानिए इस अवैध कारोबार की पूरी जमीनी हकीकत।
छोटीसादड़ी के रामदेवजी खेल मैदान पर दो दिवसीय सेमी शूटिंगबाल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। 40 टीमों के बीच हो रहे इस रोमांचक डे-नाइट टूर्नामेंट में विजेता को 5100 रुपये का इनाम मिलेगा। घनश्याम आंजना और महिपाल सिंह शक्तावत जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में शुरू हुए इस खेल उत्सव ने क्षेत्र में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें और जानें कौन बनेगा इस खेल महाकुंभ का विजेता।
छोटीसादड़ी में पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना ने भाजपा पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए विशाल रैली निकाली। कांग्रेस का दावा है कि बीएलओ पर दबाव बनाकर आगामी चुनावों को प्रभावित करने के लिए मतदाता सूची से अनैतिक रूप से नाम काटे जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और उच्चस्तरीय जांच की मांग के साथ कांग्रेस ने अब हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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