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यूपी बनेगा देश का स्टार्टअप हब, नई नीति में एआई और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस

Uttar Pradesh Startup Policy 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के साथ उत्तर प्रदेश प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी मंजूरी दे दी गई। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर का मजबूत, समावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि यह नीति प्रदेश को नवाचार और उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाने के साथ-साथ वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार (स्केल-अप) तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का प्रावधान किया है। इसके तहत सस्टेनेंस अलाउंस (भरण-पोषण भत्ता) 17,500 रुपए प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। वहीं प्रोटोटाइप अनुदान 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए और सीड फंडिंग 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपए तक बढ़ाई जा सकेगी। स्टार्टअप्स को मिलेंगे कई नए वित्तीय प्रोत्साहन नई नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 2 करोड़ रुपए तक की प्रतिपूर्ति, 5 करोड़ रुपए तक की मैचिंग ग्रांट, 2 करोड़ रुपए तक के टर्म लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ और ईएसआई की प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टार्टअप्स की शुरुआती वित्तीय चुनौतियां कम होंगी और उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा विशेष पैकेज सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपए तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपए तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपए तक पेशेंस कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इन्क्यूबेटर्स को मिलेगा अधिक सहयोग नई नीति में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इन्क्यूबेटर्स को भी अधिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जबकि पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए यह राशि बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपए कर दी गई है। इसके अलावा परिचालन व्यय अनुदान 30 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए प्रतिवर्ष किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीप-टेक यू-हब की स्थापना प्रदेश में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक, रोबोटिक्स सहित अन्य उभरती तकनीकों पर रहेगा। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपए कर दी गई है। सरकार राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब की स्थापना करेगी, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, निवेश, उद्योग सहयोग, मेंटरशिप तथा अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा। स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा व्यापक विस्तार नई नीति के तहत प्रदेश में बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, ग्रैंड चैलेंज, स्टार्टअप वीक, नवाचार संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा मिल सके। सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप संस्कृति को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाकर अधिक से अधिक युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना है। मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश स्टार्टअप में बहुत आगे है। 17 हजार स्टार्टअप यूपी में रजिस्टर्ड हैं। इनको आगे बढ़ाने और इन्क्यूबेटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना की जाएगी। इससे स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा। Edited by: Vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 6 Jul 2026 7:05 pm

आज का एक्सप्लेनर:‘हमारे पास भारत है’, नेतन्याहू ने जेडी वेंस को क्यों दिया ऐसा जवाब; भारत-इजराइल की ‘पक्की दोस्ती’ के पीछे की कहानी

5 जुलाई को इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- अमेरिका ही नहीं, बल्कि हमारे कुछ और दोस्त भी हैं। जैसे- 1.4 अरब आबादी वाला भारत। नेतन्याहू का ये बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जवाब था। वेंस ने पिछले महीने कहा था कि ट्रम्प दुनिया के इकलौते ताकतवर देश के नेता हैं, जो इजराइल से सहानुभूति रखते हैं। आखिर नेतन्याहू ने इकलौते भारत का ही जिक्र क्यों किया, दोनों देशों की ‘पक्की दोस्ती’ के पीछे की कहानी, 4 चैप्टर्स में… भारत-इजराइल में औपचारिक राजनयिक संबंध 1992 में बने, लेकिन उससे काफी पहले से इजराइल मुसीबत में भारत की गुपचुप तरीके से मदद करने लगा था… 1962: जब इजराइली झंडे लगे जहाज हथियार लेकर भारत पहुंचे 1965 और 1971: पाकिस्तान के खिलाफ मोर्टारों की खेप भेजी 1999: कारगिल में इजराइली तकनीक से उड़ाए पाकिस्तानी बंकर इजराइल को 14 मई 1948 को आजादी मिली। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल और फिलिस्तीन को बांटकर दो देश बनाने का प्रस्ताव पेश हुआ, तो भारत ने इसके खिलाफ वोट किया था। हालांकि, अगले ही साल 17 सितंबर, 1950 को भारत ने आधिकारिक रूप से इजराइल को एक संप्रभु राष्ट्र के बतौर मान्यता दी। 'इंडिया इजराइल पॉलिसी' नाम की किताब लिखने वाले भारत के फॉरेन एक्सपर्ट पी.आर. कुमारस्वामी कहते हैं कि भारत और इजराइल के बीच 1950 से 1992 तक बिना रिश्तों के मान्यता वाला संबंध रहा।' 1971 की जंग में इजराइल ने विदेशी मंचों पर भी भारत का समर्थन किया और पाकिस्तानी सेना के पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) में नरसंहार की आलोचना की थी। इजराइली पीएम गोल्डा मीर चाहती थीं कि इसके बदले इंदिरा गांधी इजराइल को पूर्ण राजनयिक मान्यता दें और औपचारिक राजनयिक संबंध कायम हों। हालांकि तब भारत ने मान्यता नहीं दी। उलटा 1988 में जब फिलिस्तीन देश की घोषणा हुई, तो भारत इसे मान्यता देने वाला पहला गैर-अरब देश था। हालांकि 4 साल बाद स्थिति तब बदलनी शुरू हुई, जब पीएम नरसिम्हा राव ने इजराइल से राजनयिक संबंध बनाए और दोनों देशों में पहली बार दूतावास खोले गए। पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत-इजराइल रिश्तों का एक नया दौर शुरू हुआ। 2015 में इतिहास में पहली बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भारत ने फिलिस्तीन में इजराइली हमलों की निंदा करने वाले एक प्रस्ताव पर वोटिंग से परहेज किया। जबकि इसे 45 देशों ने पारित किया था। पीएम मोदी के दौर में इजराइल को खुला समर्थन दिया इजराइली हथियारों की खरीद में भारत की एक-तिहाई हिस्सेदारी भारत-इजराइल के बीच 1 लाख करोड़ का कारोबार 1992 में भारत और इजराइल के बीच द्विपक्षीय रिश्तों की शुरुआत हुई, तब दोनों देशों का व्यापार 202 मिलियन डॉलर का था। 2022-23 तक बढ़कर यह 10.77 बिलियन डॉलर, यानी १ लाख करोड़ पहुंच गया। हालांकि बीते 2 सालों में द्विपक्षीय व्यापार में कमी आई है। इसकी वजह इजराइल-हमास जंग और इसकी वजह से समुद्री रास्ते में आई अड़चने हैं। टाटा, अडाणी जैसी कंपनियों के इजराइल में निवेश नेतन्याहू के बयान के 3 मायने हैं… 1. अकेला पड़ गया है इजराइल: स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट ब्रह्म चेलानी के मुताबिक युद्ध के समय नेतन्याहू सरकार के तौर-तरीकों के चलते इजराइल दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। यह लंबे समय में इजराइल के लिए खतरनाक है। वो दूसरे देशों का समर्थन जुटाना चाहता है, इसीलिए भारत का जिक्र किया। भारत और इजराइल के संबंध अहम हैं, लेकिन भारत में इजराइल के लोगों के प्रति सद्भावना है, न कि नेतन्याहू की सरकार के लिए। 2. नेतन्याहू घरेलू राजनीति साध रहे: भारतीय थिंकटैंक ORF में नॉन-रेसिडेंट फेलो और मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार कबीर तनेजा कहते हैं, ‘नेतन्याहू के भारत को दोस्त बताने वाले बयान को उनकी घरेलू राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन पर मुकदमे चल रहे हैं और चुनाव आने हैं। घरेलू समर्थन कम न हो, इसलिए वे दिखा रहे हैं कि इजराइल अलग-थलग नहीं पड़ा है।' कबीर तनेजा कहते हैं कि इजराइल-भारत की स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप खास तौर पर डिफेंस सेक्टर में है। इजराइल भारत को एडवांस हथियार देता है। ये साझेदारी नेतन्याहू के पहले भी थी और उनके बाद भी रहेगी। 3. भारत की संतुलन की पॉलिसी के लिए मुश्किल: जॉर्डन, लीबिया और रूस में भारत के राजदूत रहे अनिल त्रिगुणायत बताते हैं, ‘नेतन्याहू का का यह बयान भारत को गलत ब्रैकेट में डाल रहा है। भारत ने कभी भी इजराइल को बिना शर्त समर्थन नहीं दिया है। इस बयान के बाद भारत, इजराइल के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन कर सकता है।’ दरअसल, भारत बाकी देशों से भी अपने रिश्ते संतुलित रखने की कोशिश करता है। मिसाल के लिए जून 2025 में SCO समिट के दौरान भारत ने ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों की निंदा वाले प्रस्ताव से दूरी बनाई। हालांकि सितंबर में दोबारा इसी प्रस्ताव की घोषणा पर भारत ने साइन कर दिए थे। -------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर:दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा रान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। क्या वो जिंदा भी हैं, अगर हां तो किस हाल में, पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 6:23 pm

'फितूर' में दिखेगा को-एड कॉलेज में कदम रखने वाली लड़कियों का भावनात्मक सफर, सौम्या के रोल में छाएंगी देबचंद्रिमा

स्टार प्लस हमेशा से ही अपने शोज के जरिए समाज के संवेदनशील और अनछुए पहलुओं को पर्दे पर उतारने के लिए जाना जाता है। इस बार चैनल अपने आगामी इंटेंस लव सागा 'ये फितूर तेरा' के साथ दर्शकों के दिलों में जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्टार प्लस का नया शो 'फितूर' अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियां खुद को जुड़ा हुआ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को उजागर करता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं। A post shared by StarPlus (@starplus) कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है। प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, इस प्रोमो ने मुझे काफी हद तक छू लिया, क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:20 pm

कागजों पर ‘घोस्ट हॉस्पिटल’, डॉक्‍टरों को मिलीं नौकरियां, ट्रांसफर भी हो रहे, ये कांड हुआ सबसे स्‍वच्‍छ इंदौर में

इंदौर अपनी स्‍वच्‍छता के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां करप्‍शन के दाग भी बहुत गहरे हैं। दरअसल, इंदौर के खजराना इलाके में प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की इमारत सरकारी मंजूरी के 6 साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सकी है, लेकिन इस अस्पताल के लिए स्वीकृत 87 पदों पर नियुक्तियां और कर्मचारियों के तबादले होते रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग महज कागजों पर जारी इस परियोजना को ‘घोस्ट हॉस्पिटल’ जैसे नामों से संबोधित करते हुए प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब अस्पताल का भवन ही अस्तित्व में नहीं है, तो उसके नाम पर तबादले आखिर किस आधार पर किए जा रहे हैं? इंदौर के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने सोमवार को बताया कि खजराना और आस-पास के क्षेत्रों में करीब पांच लाख की आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 100 बिस्तरों वाले नये सिविल अस्पताल की कवायद 2019 में शुरू की गई थी और 2020 में इसके निर्माण को मंजूरी दी गई थी। यह मंजूरी मिलते ही चिकित्सकों, नर्स, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट आदि के कुल 87 पद तय सरकारी प्रक्रिया के तहत अस्पताल के लिए स्वीकृत किए गए थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हसानी ने कहा, 'खजराना सिविल अस्पताल के लिए हमें जमीन का आवंटन कर दिया गया है, लेकिन अब तक हमें जमीन का कब्जा नहीं मिला है जिससे यह जमीन निर्माण एजेंसी के सुपुर्द नहीं की जा सकी है' डॉ हसानी ने कहा कि अस्पताल का निर्माण समय पर नहीं हो सका, इसलिए अस्पताल के लिए स्वीकृत स्टाफ का उपयोग शहर के 85 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिकों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। खजराना, इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाकों में शामिल है। खजराना और इसके आस-पास के क्षेत्रों की आबादी लगातार बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि खजराना में बड़े सरकारी अस्पताल का अभाव है और मरीजों को उपचार के लिए महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) और अन्य शासकीय अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खजराना में सिविल अस्पताल के लिए आवंटित करीब पांच एकड़ जमीन पर फिलहाल सिर्फ मलबा और कचरा दिखाई देता है। यह ऐसा अस्पताल है जिसके बारे में कागजों में तो सब कुछ दिखाई देता है, लेकिन जमीन पर कुछ भी नजर नहीं आता। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खजराना सिविल अस्पताल की परियोजना रद्द नहीं हुई है और जमीन का कब्जा मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:11 pm

'Viking Row' क्या है यह जश्न का तरीका जिसे नॉर्वे की टीम लाई सुर्खियों में?

ब्राजील जैसे दिग्गज को हराने के बाद स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड स्टेडियम के बीचोंबीच ड्रम पीटते नजर आये और लाल जर्सी में बैठे नॉर्वे के प्रशंसकों ने अनूठे ‘Viking Row’ अंदाज में जश्न मनाया तो दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के रोंगटे खड़े हो गए।पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे टीम के प्रशंसकों का जश्न मनाने का यह अंदाज अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है। नॉर्वे के असाधारण प्रदर्शन, हालैंड के मैच दर मैच बढते गोल और प्रशंसकों की एकजुटता का परिचायक बन गया है ‘वाइकिंग रो’। सोशल मीडिया इसकी रील्स और फोटो से भरा हुआ है और बोस्टन से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक और नॉर्वे की संसद से लेकर दिल्ली में इंडिया गेट तक ‘वाइकिंग रो’ की झलक देखने को मिल रही है। Norway की फुटबॉल टीम को सप्पोर्ट करने के लिए नॉर्वे के राजकुमार और राजकुमारी आए थे. Haaland के गोल दागते ही राजकुमारी खुशी के मारे उछाल पड़ीं. Human Development Index के मामले में Norway दूसरे स्थान पर है. यहां प्रधानमंत्री और चपरासी एक साथ चाय नास्ता करते हैं. अमीर और… pic.twitter.com/XNPq7TL9a8 — Kranti Kumar (@KraantiKumar) July 6, 2026 Why We Are So Apologetic? Every country in the world proudly celebrates its culture (Except Indian liberals) Viking Row Celebration by the Norwegian Soccer team after defeating Brazil in Round of 16. For Norway, Viking Row isn’t just a goal celebration it’s a tribute to their… pic.twitter.com/vhNeLK2VpN — STAR Boy TARUN (@Starboy2079) July 6, 2026 If you don't celebrate your own traditions, then you will have to celebrate someone else's traditions. The Norwegian team celebrates the right way and we all love it. The Viking way. But also wearing the Cross of Christ with pride. pic.twitter.com/8wHJG1GXhd — Seth (@seth_fin) July 6, 2026 क्या है वाइकिंग रो इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘Viking Longboat’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है।ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग लाल रंग की नॉर्वे की जर्सी पहनकर एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम जोश से भर जाता है । अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड में ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले मीलों दूर दिल्ली में इंडिया गेट पर भी नॉर्वे के प्रशंसक ‘ वाइकिंग रो’ करते नजर आये। इस वीडियो को भारत में नॉर्वे के दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा करते कैप्शन दिया ,‘‘ नॉर्वे फुटबॉल का जोश भारत में। इंडिया गेट पर वाइकिंग रो।’’ फीफा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी शुरूआत दिसंबर 2025 में हुई जब ओले फ्रोयस्टाड ( अब मिस्टर रो रो के नाम से मशहूर) ने समुद्री नाव चलाने से प्रेरित यह नारा दिया।उन्होंने फीफा से कहा ,‘‘ लोगों को इस तरह साथ में नाव चलाने का एक्शन करते देखना मजेदार है। मैने सोचा भी नहीं था कि वाइकिंग रो इतना मशहूर हो जायेगा।’’नॉर्वे के प्रशंसकों के आधिकारिक समूह ने इसे बड़े पैमाने पर लोकप्रिय कर दिया। ‘वाइकिंग रो’ भले ही त्वरित प्रतिक्रिया लगे लेकिन यह काफी तैयारी के साथ किया जाता है। ‘वाइकिंग हॉर्न’ बजते ही प्रशंसक समझ जाते हैं कि अब कतार में बैठने का समय है।फीफा विश्व कप में तो टीम की हर जीत के बाद खिलाड़ी और प्रशंसकों के बीच यह सेतु की तरह हो गया। एक की बजाय दो ड्रम बजाये जाने लगे ताकि मैदान के कोने कोने में बैठे दर्शक जुड़ सकें।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:10 pm

योगिनी एकादशी का व्रत करने से कौन-कौन से फल प्राप्त होते हैं?

Ashadha Krishna Ekadashi Benefits: पुराणों में वर्णित योगिनी एकादशी व्रत का केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सात्विक जीवन और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना को भी मजबूत करती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान विष्णु का पूजन करते हैं, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करते हैं और जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी करते हैं। योगिनी एकादशी की कथा केवल एक राजा, माली और ऋषि की पौराणिक कहानी नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, अध्यात्म और मनोविज्ञान से जुड़ा एक गहरा संदेश है। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? योगिनी एकादशी का व्रत करने से मुख्य रूप से निम्नलिखित फलों की प्राप्ति होती है: 1. समस्त पापों का नाश (प्रायश्चित का फल) जाने-अनजाने में इंसान से कई गलतियां या पाप हो जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के सभी संचित (पुराने) पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है। 2. गंभीर बीमारियों और कोढ़ से मुक्ति जैसा कि पौराणिक कथा में बताया गया है कि राजा कुबेर के शाप से कोढ़ी हुए हेम माली को इस व्रत से नया जीवन मिला था। इसलिए माना जाता है कि इस व्रत को करने से त्वचा संबंधी रोग (Skin Diseases), कोढ़ और अन्य असाध्य या गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत अच्छी सेहत और आरोग्य प्रदान करता है। 3. अठासी हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य शास्त्रों में लिखा है कि जो फल 88,000 ब्राह्मणों को भरपेट भोजन कराने से मिलता है, वही विशाल पुण्य फल केवल एक योगिनी एकादशी का व्रत पूरी निष्ठा से रखने से प्राप्त हो जाता है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व 4. जीवन में सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। भगवान विष्णु/ नारायण की कृपा से घर में धन-धान्य के भंडार भरते हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति का वास होता है। 5. अंत समय में मोक्ष की प्राप्ति यह व्रत न केवल इस लोक में सुख देता है, बल्कि परलोक भी सुधारता है। जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद विष्णु लोक (स्वर्गलोक/ बैकुंठ धाम) या स्वर्गलोक में स्थान मिलता है। वे जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाते हैं। संक्षेप में कहें तो: यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के कष्टों, बीमारियों और पापों से छुटकारा पाकर मानसिक शांति और सुख-समृद्धि चाहता है, तो उसके लिए योगिनी एकादशी का व्रत किसी वरदान से कम नहीं है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: आखिर क्यों इस एकादशी व्रत को माना जाता है बेहद चमत्कारी? जानें कुबेर और हेम माली की यह पौराणिक कथा ```````````````

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:06 pm

Budh Vakri 2026: उल्टी चाल चलेंगे बुध, इन 5 राशियों की बढ़ सकती है मुश्किलें; रहें बेहद सतर्क

Budh ki vakri chaal 2026: ब्रह्मांड के 'मैनेजर' और बुद्धि-संवाद के कारक बुध देव 7 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक अपनी ही राशि मिथुन में रहने वाले हैं। ट्विस्ट ये है कि 24 जुलाई तक बुध वक्री (उल्टी चाल) रहेंगे और 25 जुलाई तक अस्त भी। इस दौरान वृषभ, सिंह, वृश्‍चिक, मकर और मीन राशि को लाभ होगा लेकिन बाकी की राशियों को सतर्क रहना होगा। मिथुन राशि: बुध आपके लग्न भाव में आ रहे हैं। गोचर के नियम अनुसार यह स्थिति 'अप्रिय वाणी' बोलने की ओर उकसा सकती है, इसलिए किसी की चुगली या निंदा करने से बचें। फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं। गुरु का सपोर्ट मिलने से बड़ी परेशानियां टल जाएंगी। कर्क राशि: बुध का गोचर आपके 12वें (हानि) भाव में होगा। यह समय मानसिक तनाव और महिलाओं से अनबन करा सकता है। कार्यस्थल पर महिलाओं का सम्मान करें। छात्रों को पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। धनु राशि: बुध आपके 7वें (साझेदारी) भाव में वक्री और अस्त रहेंगे। जीवनसाथी के साथ विवाद या शारीरिक कष्ट की आशंका है। बिजनेस पार्टनरशिप में कोई बड़ा रिस्क न लें। इस दौरान पार्टनर की बातों से इरिटेट होने के बजाय धैर्य से काम लें। कुंभ राशि: 5वें भाव में बुध के वक्री और अस्त होने से मन अशांत रह सकता है। संतान और शिक्षा से जुड़े मामलों में 25 जुलाई तक थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं। कोई भी नया काम शुरू करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 4:52 pm

ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने इस्तीफ़ा दिया

भुवनेश्वर। ओडिशा में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2013 बैच के अधिकारी जगमोहन मीणा ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। मीणा ने हाल ही में भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के तौर पर काम किया था।श्री मीणा ने अपने फ़ैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके इस्तीफ़े […] The post ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने इस्तीफ़ा दिया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:29 pm

होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत

होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के ओहरपुर-बस्सी जलाल लिंक रोड पर रविवार शाम को आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में चार वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत हो गई। मृत बालिका की पहचान गुंगुन (4) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ध्यानपुर गांव निवासी राम जीवन और प्रीति […] The post होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:25 pm

भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में शनिवार को बदमाशों की गोली से घायल हुए बर्तन व्यापारी की रविवार देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। व्यापारी की मौत की खबर के बाद शहर में लोगों में रोष व्याप्त हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात मोटर साइकिल पर आये बदमाशों ने पहले […] The post भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:16 pm

शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना सिधौली क्षेत्र में तीन साल से अपनी सौतेली बेटी से कथित रूप से दुष्कर्म करने के आरोपी की पुलिस हिरासत में रविवार रात तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने सोमवार को बताया कि थाना सिधौली अंतर्गत रहने वाली […] The post शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:12 pm

वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 9 जोड़े बने, 280 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

अजमेर। अनुबंध फाऊंडेशन एवं लक्ष्मीनारायण फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मन्ना हवेली में वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए 280 वरिष्ठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 250 पुरुष एवं 30 महिलाएं शामिल रहीं। आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के इस पड़ाव […] The post वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 9 जोड़े बने, 280 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 3:58 pm

'लव लॉटरी' का फर्स्ट लुक हुआ रिलीज, कोर्टरूम ड्रामा और मर्डर मिस्ट्री के साथ दिखेगा सस्पेंस का तड़का

बॉलीवुड एक्टर अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर और सत्य घटनाओं से प्रेरित फिल्म 'लव लॉटरी' का बहुप्रतीक्षित फर्स्ट लुक रिलीज कर दिया गया है। महज 49 सेकंड का यह वीडियो अपने रहस्यमयी अंदाज, दमदार विजुअल्स और सस्पेंस से भरपूर बैकग्राउंड स्कोर के साथ दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा रहा है। फिल्म कोर्टरूम ड्रामा, मर्डर मिस्ट्री और सस्पेंस थ्रिलर का दिलचस्प मिश्रण है, जिसमें रिश्तों, कानून और समाज के कई संवेदनशील पहलुओं को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। फर्स्ट लुक में कहानी का ज़्यादा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन फिल्म के प्रमुख किरदारों की झलक दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए काफी है। वीडियो में अक्षय ओबेरॉय, हेली दरूवाला, कबीर दुहान सिंह, हेमंत पांडे, विजयंत कोहली और अग्नि अग्यारी अपने अलग-अलग अंदाज़ में नज़र आते हैं। वहीं वीडियो के आखिर में संतोष शुक्ला की एंट्री कहानी के रहस्य को और गहरा कर देती है। ALSO READ: Lock Upp 2: सुनीता आहूजा का इमोशनल ब्रेकडाउन, खाने की क्वालिटी पर मेकर्स पर फूटा गुस्सा, सूप को बताया 'गाय का पेशाब' फिल्म में अक्षय ओबेरॉय और हेली दरूवाला के अलावा कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्यारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोढ़ी और अर्शदीप संधू अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। 18 सितंबर 2026 को रिलीज़ होने वाली 'लव लॉटरी' एक ऐसे आधुनिक शहरी दंपति की कहानी है, जिनकी शादीशुदा ज़िंदगी में आई दरार धीरे-धीरे एक जटिल कानूनी लड़ाई में बदल जाती है। इसी बीच एक मर्डर मिस्ट्री, कई चौंकाने वाले खुलासे और नैतिक दुविधाएं कहानी को नए मोड़ देती हैं। फिल्म रिश्तों में विश्वास, सामाजिक धारणा, भावनात्मक शोषण और गंभीर आरोपों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव जैसे विषयों को भी छूती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म के निर्माता कुलदीप ने कहा, हम चाहते थे कि 'लव लॉटरी' सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म न बने, बल्कि दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करे। इसमें सस्पेंस, इमोशंस और सामाजिक रूप से प्रासंगिक विषयों का ऐसा मेल देखने को मिलेगा जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा। निर्देशक अरविंद पांडे का कहना है, यह सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा नहीं, बल्कि रिश्तों, भावनाओं और सच्चाई की तलाश की कहानी है। हमने मर्डर मिस्ट्री, सस्पेंस और इंसानी रिश्तों की जटिलताओं को इस तरह पिरोया है कि दर्शक आखिरी दृश्य तक अनुमान लगाते रहेंगे कि सच क्या है। 'लव लॉटरी' का निर्माण सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले किया गया है। फिल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव (तुषार), निर्देशक अरविंद पांडे और लेखक अंकुर खत्री हैं। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने और एडिटिंग प्रकाश झा ने की है, जबकि संगीत वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे ने तैयार किया है। फिल्म 'लव लॉटरी' 18 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 3:26 pm

'हर क़ौम रास्त राहे, दीन-ए-वा क़िब्ला गाहे' का क्या अर्थ है? जानिए हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के संदेश की व्याख्या

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के प्रसिद्ध फ़ारसी कथन का अर्थ समझाते हुए उसे सम्राट अशोक और अकबर की धार्मिक सहिष्णुता की परंपरा से जोड़ा है

हस्तक्षेप 6 Jul 2026 3:23 pm

नेमार ने नम आंखो से कहा फुटबॉल को अलविदा, जहां से शुरु हुआ करियर वहीं खत्म (Video)

ब्राजील फुटबॉल टीम के स्टार खिलाड़ी नेमार ने सोमवार को फीफा विश्वकप में नॉर्वे के खिलाफ उनकी टीम को मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया। 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पेनल्टी के जरिए मैच के अंत में एक सांत्वना गोल दागा, लेकिन ब्राजील को एर्लिंग हालैंड के दो गोलों की बदौलत नॉर्वे से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। नेमार की इस घोषणा के साथ ही उनके 16 साल लंबे करियर का अंत हो गया। चोटो से जूझ रहे नेमार ने विश्वकप में दो मैच खेले। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में मैच खत्म होने की सीटी बजते ही नेमार रोते हुए जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद उनके साथियों ने उन्हें सांत्वना दी।भावुक नेमार ने कहा, “ मैंने कोशिश की, मैंने कोशिश की। अब, यह सब खत्म हो गया है। मैंने यहीं से शुरुआत की थी; यहीं पर मेरा अंत हुआ।” End of an era. Neymar has announced his retirement from international football with Brazil. “I tried. I tried. It started here at MetLife Stadium and I finished here. It is now over.” From his 2010 debut at the same stadium to tonight’s heartbreaking 2-1 R16 exit vs Norway… pic.twitter.com/kmUHNYuHiG — Dr RK Singh (@DrRupak) July 6, 2026 Obrigado Neymar. Se tivessem lhe deixado jogar desde o incio, essa partida teria outro destino. Valeu! @neymarjr pic.twitter.com/yNGMsead8w — Julio Schneider (@juliovschneider) July 5, 2026 Hoje o mundo se despede de Neymar Jr. o prncipe que nunca foi coroado Rei. Infelizmente voc nunca teve uma seleo que estivesse no seu nvel. nica coisa boa nisso que finalmente voc vai parar de ser o escudo dos jogadores FRACOS que sempre se esconderam atrs de voc. pic.twitter.com/jAZcOKIDis — Serafim (@Serafim_zx) July 6, 2026 नेमार ने अगस्त 2010 में मेटलाइफ स्टेडियम में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ एक मैत्रीपूर्ण मैच में ब्राजील के लिए पदार्पण किया और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया। वह 80 गोल के साथ ब्राजील के सर्वकालिक अग्रणी गोल स्कोरर के रूप में अपना अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त करेंगे, जो पेले से तीन गोल आगे है। उनके करियर का दुखद अंत इस कारण कहा जा सकता है क्योंकि वह अपने करियर में एक भी विश्वकप के खिताबी जीत का भाग नहीं बन सके। ब्राजील ने आखिरी बार विश्वकप साल 2002 में जीता था तब नेमार एक बच्चे थे। नेमार चाहते तो अपने करियर को और लंबा खींच सकते थे लेकिन चोटों ने उनका पीछा कभी नहीं छोड़ा। उनके फीफा विश्वकप में चयन और कप्तानी से भी कई ब्राजील के फैंस खफा थे क्योंकि वह एक चोट से जूझ रहे थे और करीब 2.5 साल बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई थी। 34 साल के नेमार, जो 133 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 80 गोल के साथ ब्राज़ील के ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर हैं, ने आखिरी बार अक्टूबर 2023 में ब्राज़ील के लिए खेला था, जब उरुग्वे के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालीफायर में उनके एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट में चोट लग गई थी।बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व फॉरवर्ड तब से चोटों से जूझ रहे हैं, पिछले साल जनवरी में अपने बचपन के क्लब सैंटोस में लौटने के बाद सभी कॉम्पिटिशन में 38 मैचों में सिर्फ 17 गोल कर पाए हैं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 1:30 pm

प्राइवेट जेट में उर्वशी रौतेला का ग्लैमरस अंदाज, सिजलिंग अदाओं से बढ़ाया सोशल मीडिया का तापमान

बॉलीवुड की खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेसेस में से एक उर्वशी रौतेला हमेशा अपने कमाल के फैशन सेंस और लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में उर्वशी ने अपनी कुछ बेहद हॉट और ग्लैमरस तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्होंने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। एक आलीशान प्राइवेट जेट के केबिन में क्लिक कराई गईं ये तस्वीरें उर्वशी के 'जेट-सेटर' स्टाइल को एक नए मुकाम पर ले जा रही हैं। तस्वीरों में उर्वशी रौतेला का स्टाइल गेम ऑन-पॉइंट है। ALSO READ: फिल्मों में आने से पहले यह काम करते थे रणवीर सिंह, अनिल कपूर से है खास रिश्ता उर्वशी ने पेस्टल शेड का बेहद स्टाइलिश और स्पोर्टी को-ऑर्ड सेट पहना हुआ है। उनके आउटफिट में फ्रंट-कट डिज़ाइन वाली एक अट्रैक्टिव स्पोर्ट्स ब्रा शामिल है, जिसके ऊपर उन्होंने मैचिंग फुल-स्लीव्स क्रॉप जिपर जैकेट को फ्रंट से ओपन रखकर कैरी किया है। उर्वशी ने इसके साथ मैचिंग हाई-वेस्ट फ्लेयर्ड पैंट्स पेयर की है, जो उनके लेग्स को एक परफेक्ट और अट्रैक्टिव शेप दे रही है। इस आउटफिट में उर्वशी की टोंड बॉडी और कर्व्स साफ नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक्ट्रेस ने कैमरे के सामने एक से बढ़कर एक सेक्सी और सिजलिंग पोज दिए हैं। किसी तस्वीर में वह साइड प्रोफाइल दिखाते हुए अपने परफेक्ट कर्व्स फ्लॉन्ट कर रही हैं, तो किसी में केबिन की लग्जरी सीट्स के पास खड़े होकर कैमरे को कातिलाना एक्सप्रेशन के साथ देख रही हैं। अपने लुक को कम्प्लीट करने के लिए उर्वशी ने अपने लंबे बालों को खुला रखा है, जो साइड-पार्टेड होकर उनके कंधों पर लहरा रहे हैं। आँखों पर चढ़ाए डार्क ओवल सनग्लासेज उनके लुक में एक हाई-एंड कस्टमाइज्ड लग्जरी वाइब जोड़ रहा है। उर्वशी रौतेला का यह लेटेस्ट अवतार साबित करता है कि जब बात ट्रैवल फैशन और ग्लैमर को मिक्स करने की आती है, तो उनका कोई मुकाबला नहीं है। फैंस उनकी इन तस्वीरों पर दिल खोलकर लाइक्स और कमेंट्स की बरसात कर रहे हैं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 1:06 pm

पृथ्वी शॉ की जिंदगी में एक और विवाद, मंगेतर ने कहा 'धोखेबाज'

भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताने वाले पृथ्वी शॉ का जीवन विवादों से इतना भरा रहा है कि पता ही नहीं चलता कौन सा विवाद पहले हुआ और कौन सा बाद में। अब वह एक और विवाद में फंस गए हैं। उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उनके स्नैपशॉ्टस वायरल हो रहे हैं जिस पर लिखा है कि एक बार धोखा खाने के बाद भी बार बार धोखा मिला रहा है। Meet Prithvi Shaw, once hailed as a generational talent • Started dating Akriti Agrawal in mid-2025. • Announced their engagement in 2026 and called her his lucky charm. • Then cheated on her multiple times. • She forgave him once, but he just wouldn't stop. This guy… pic.twitter.com/ddkuAqa2Ha — Wickets Hitting (@offpacedelivery) July 5, 2026 Prithvi Shaw engaged & bought a house for a new life, but fiancee’s story now accuses him of cheating & says every rumor is true. Another chapter in his troubled personal saga. pic.twitter.com/wbG3PFTtKt — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) July 5, 2026 विवादों से भरा रहा है करियर 2 साल पहले एमसीए के एक सीनियर अधिकारी ने कहा था कि खराब फिटनेस, रवैये और अनुशासन मसले के कारण कई बार टीम को मैदान पर उसे छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था।शॉ ने 16 सदस्यीय विजय हजारे ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये गुस्सा निकाला था । वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थे। शॉ ने किशोरावस्था में पदार्पण करते हुए टेस्ट शतक बनाया था। 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी। भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा था और छह सत्र पहले टेस्ट पदार्पण पर शतक लगाने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ गई थीं। भारत के लिये 5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 T20I मैच खेल चुके शॉ आईपीएल मेगा नीलामी 2024 में नहीं बिके। पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम से 2021 से दूर चल रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था। 264 वर्ष के शॉ टीम के अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से भाग नहीं ले रहे और उनका वजन भी बढ गया है।कई फैंस के मन में चिंता भी थी कि साल 2018 के Under19 विश्वकप विजेता कप्तान बच्चे जैसे लगते थे और अब 26 साल की उम्र में भी उनका यह हाल हो गया।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 1:00 pm

सोशल मीडिया से अचानक गायब क्यों हुई थीं सुमोना चक्रवर्ती? खुद बताई हैरान करने वाली वजह

'द कपिल शर्मा शो' में कपिल शर्मा की पत्नी मंजू का रोल निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती करीब दो महीनों से लाइमलाइट और सोशल मीडिया की चकाचौंध से पूरी तरह दूर हैं। फैंस परेशान थे कि आखिर सुमोना अचानक कहां गायब हो गईं। अब सुमोना चक्रवर्ती ने खुद इंटरनेट पर वापसी करते हुए अपनी इस लंबी चुप्पी का एक ऐसा कारण बताया है, जिसने हर किसी को हैरान और भावुक कर दिया है। सुमोना ने खुलासा किया है कि वह 'एंडोमेट्रियोसिस' नाम की एक बेहद दर्दनाक और गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, जिसके चलते इसी साल मई में उन्हें एक बड़ी सर्जरी करानी पड़ी। A post shared by Sumona Chakravarti (@sumonachakravarti) इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा और दिल छू लेने वाला नोट शेयर करते हुए सुमोना ने लिखा, हैलो! लंबे समय बाद वापस लौट रही हूं। पिछले दो महीनों से मैं मानों पाताल में रह रही थी। मैंने होशोहवास में सोशल मीडिया से दूरी बनाई थी। दरअसल, बीते 4 मई को मेरी एंडोमेट्रियोसिस की सर्जरी हुई थी। कई सालों तक इसे मैनेज करने की कोशिशों के बावजूद यह बीमारी दुर्भाग्य से बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। आखिरकार इसे अलविदा कहने का समय आ ही गया था। ALSO READ: फिल्मों में आने से पहले यह काम करते थे रणवीर सिंह, अनिल कपूर से है खास रिश्ता सुमोना ने बताया कि सर्जरी के बाद के दो महीने उन्होंने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक करने में बिताए हैं। उन्होंने बेहद खुशी के साथ फैंस को आश्वासन दिया कि अब वह पूरी तरह से ठीक हैं, बल्कि बहुत अच्छी हैं। सुमोना ने भी स्वीकार किया कि रिकवरी के दौरान उनके मन में सोशल मीडिया को हमेशा के लिए छोड़ने का ख्याल आया था। उन्होंने लिखा, एक वक्त ऐसा था जब मैं व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को पूरी तरह से डिलीट कर देना चाहती थी। लेकिन बाद में अहसास हुआ कि यह व्यावहारिक फैसला नहीं है। मैं अभी पहाड़ों पर संन्यास लेने नहीं जा रही हूं। मेरे पास काम है, परिवार है, दोस्त हैं और एक खूबसूरत जिंदगी है। सुमोना ने कहा कि वह अब सोशल मीडिया को लेकर अपना नजरिया बदलना चाहती हैं। वह अब लाइक्स, कमेंट्स या फॉलोअर्स की अंधी दौड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात करना चाहती हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सुमोना चक्रवर्ती ने साल 2021 में पहली बार खुलासा किया था कि वह एंडोमेट्रियोसिस की 'स्टेज 4' से पीड़ित हैं। हाल ही में स्टंट बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 14' में दमदार खेल दिखाकर सातवें स्थान पर रहने वाली सुमोना ने बताया कि इस सर्जरी के बाद उनके पेट पर तीन गहरे निशान आ गए हैं। सुमोना ने लिखा, ये निशान और यादें इस बात का सबूत हैं कि मैंने जिंदगी को डटकर जिया है। 38 साल की उम्र में मुझे समझ आ रहा है कि बूढ़ा होना या उम्र का बढ़ना कोई डरने वाली बात नहीं है, बल्कि यह एक प्रिविलेज है। अगर उम्र के साथ थोड़ी समझदारी, थोड़ा नया नजरिया, थोड़ा आभार और कुछ निशान मिलते हैं, तो मैं इन सभी को खुशी-खुशी स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 12:39 pm

सलमान खान की 'सुल्तान' ने पूरे किए 10 साल, जानिए क्यों आज भी दिलों पर करती है राज

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'सुल्तान' को रिलीज हुए 10 साल पूरे हो गए है। इस फिल्म की सफलता सुपरस्टार के सिनेमैटिक स्किल और पॉपुलैरिटी का सबूत है। साल 2016 में रिलीज हुई यह ब्लॉकबस्टर फिल्म जिसमें सलमान खान की वर्सेटलिटी को ही नहीं सिर्फ दिखाया गया है बल्कि फिल्म ने शानदार स्टोरी लाइन और यादगार किरदारों के जरिए भी दर्शकों के दिलों को जीता है। सुल्तान में सलमान खान का किरदार फिल्म की जान है। फिल्म में सलमान ने सुल्तान अली खान का किरदार निभाया है, एक ऐसा किरदार जो एक साधारण बैकग्राउंड से रेसलिंग चैंपियन बनने तक का सफर तय करता है। सलमान खान ने सुल्तान के संकल्प, व्यक्तिगत संघर्ष और आखिर में आजादी के एहसास के साथ किरदार को दिल छू लेने वाला और असरदार बनाया है। अनुष्का शर्मा द्वारा आरफा का किरदार निभाना सुल्तान की कहानी में और गहराई जोड़ता है। फिल्म में उनकी केमिस्ट्री और कहानी के इमोशनल कोर को खूबसूरती से हाईलाइट किया गया है। ऑडियंस सलमान और अनुष्का की ऑन स्क्रीन जोड़ी को देखने के लिए आकर्षित हुई थी, इतना ही नहीं सभी को उन्हें फिर से साथ देखने का भी बेसब्री से इंतजार है। ALSO READ: रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही ओटीटी से हटाई गई 'सतलुत', दिलजीत दोसांझ का रिएक्शन आया सामने 'सुल्तान' फिल्म को अलग बनाता है उसका रेसलिंग का असल लगने वाला चित्रण, जिसमें इंटेंस MMA मैच थे। सलमान खान के रोल में उनकी डेडिकेशन, उनके फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और टफ ट्रेनिंग को साफ तौर से देखा गया था, जिससे किरदार और स्क्रीन पर दिखाए गए स्पोर्ट को मजबूती मिली थी। 'सुल्तान' के एक्शन से भरपूर सीन्स के अलावा, इसमें प्यार, एंबीशन और अहंकार जैसे थीम को दर्शाया गया है, जो दर्शकों से व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ते हैं। फिल्म की सफलता के लिए उसके फुट-टैपिंग साउंडट्रैक और कमाल की सपोर्टिंग कास्ट ने भी अहम भूमिका निभाई है। अपनी रिलीज के दस साल बाद भी 'सुल्तान' एक पसंदीदा फिल्म बनी हुई है, जिसे इसकी दिलचस्प कहानी, सलमान खान की शानदार परफॉर्मेंस और बॉलीवुड सिनेमा पर इसके स्थायी प्रभाव के लिए सराहा जाता है। फिल्म की कहानी बच्चे को खोने के दर्द और व्यक्तिगत संघर्षों से निपटने पर केंद्रित है। फिल्म में सुल्तान के उठने और गिरने के सफर को भी दर्शाया गया है, जिसने अपनी स्वदेशी कहानी से हमारे दिलों को छू लिया। सलमान खान फिल्म के टाइटल रोल में बिलकुल फिट बैठते हैं। सुल्तान और उनके MMA कोच फतेह सिंह, जिसका किरदार रणदीप हुड्डा ने निभाया है, के बीच की केमिस्ट्री गहरी और जोश से भरी थी। रेसलिंग के सीन्स देखने में बेहद रीयल थे, जिन्हें देख आज भी हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सलमान खान लगातार ट्रेंड सेट कर रहे हैं और फिल्म के गानों का हर डांस स्टेप सनसनी बन रहा है। 'बेबी को बेस पसंद है' और '440 वोल्ट' जैसे गाने बेहद पॉपुलर हैं, साथ ही टाइटल ट्रैक भी। इन हिट गानों का हर डांस स्टेप आज भी ट्रेंडिंग हुक स्टेप बना हुआ है, जिसका सारा श्रेय सलमान खान को जाता है। आज 'सुल्तान' अपनी 10वीं एनिवर्सरी मना रही है, यह हमारे दिल के करीब रहने वाली फिल्मों में से एक है, जिसे हम कभी भी घर के छोटे से लेकर बड़े उम्र के सदस्यों के साथ एंजॉय कर सकते हैं। यह फिल्म परिवार और जिनसे हम प्यार करते हैं, उनके महत्व पर खूबसूरती से जोर देती है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:31 am

जेडी वेंस को नेतन्याहू का करारा जवाब- मेरे पास भारत जैसा मजबूत दोस्त

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस को जवाब देते हुए कहा कि इजराइल के भारत सहित कई देशों के साथ इजराइल के मजबूत और सकारात्मक संबंध हैं। उन्हें भारत से व्यापक जनसमर्थन भी मिलता है। वेंस ने कहा था कि अमेरिका ही दुनिया में इजराइल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी है। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार फॉक्स न्यूज के एक शो में नेतन्याहू से जेडी वेंस के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने वॉशिंगटन को यरुशलम का सबसे करीबी सहयोगी बताया था। वेंस ने इसके साथ ही इजरायली कैबिनेट को ईरान के साथ शांति समझौते की आलोचना करने के बजाय इसका समर्थन करने की सलाह दी थी। भारत से मिलता है जबरदस्त समर्थन इस पर नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के अलावा भी इजरायल के दोस्त हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे पास कुछ दूसरे दोस्त भी हैं, जैसे कि छोटा सा देश भारत है। इसकी 1.4 अरब की आबादी है और हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है। उन्हें सोशल मीडिया पर भारत के लोगों से बहुत सारे सपोर्ट वाले मैसेज मिलते हैं। इजरायली नेता ने यह माना कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका मतलब हर बात पर सहमति नहीं होता है। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ किसी तरह के मतभेद से भी इनकार किया। ALSO READ: उन्हें पता है बॉस कौन है, नेतन्याहू पर ट्रंप का बड़ा बयान, व्हाइट हाउस में जल्द हो सकती है मुलाकात गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते से इजराइल खुश नहीं है। इस समझौते की शर्तों में लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान को रोकना भी शामिल है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:24 am

फिल्मों में आने से पहले यह काम करते थे रणवीर सिंह, अनिल कपूर से है खास रिश्ता

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 6 जुलाई को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। रणवीर अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री के नए सुपरस्टार बनकर उभरे हैं। रणवीर सिंह ने साल 2010 में फिल्म 'बैंड बाजा बारात' से बॉलीवुड डेब्यू किया था और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन क्या आपको पता है फिल्मों में आने से पहले रणवीर सिंह क्या काम करते थे। फिल्मों में आने से पहले रणवीर एक एडवरटाइजिंग कंपनी में कॉपीराइटर का काम करते थे। उन्होंने ओगिल्वी और माथर और जे. वाल्टर थॉम्पसन जैसी विज्ञापन एजेंसियों में एक कॉपीराइटर के रूप में काम किया था। ALSO READ: रणवीर सिंह के यादगार डायलॉग्स, जो हर किरदार के साथ बन गए आइकॉनिक हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह ने बताया था कि वह वह प्रोडक्शन हाउस में जाकर अपना पोर्टफोलियो दिया करते थे, लेकिन डायरेक्टर उसे कचरे के डब्बे में फेंक देते थे। इन पोर्टफोलियो को बनाने में काफी मेहनत लगती थी, लेकिन इसके बावजूद भी कहीं काम नहीं मिल रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इतना ही नहीं काम की तलाश में रणवीर सिंह रेस्टोरेंट और नाइट क्लब्स में फिल्ममेकर्स का पीछा किया करते थे, ताकि उन्हें फिल्मों में एक बार मौका मिल जाए। इसके अलावा वह लोगों के फोन से नंबर चुराया करते थे, जिससे फिल्ममेकर्स को कॉल करके यह कह सकें कि उन्हें फिल्मों में एक मौका चाहिए। रणवीर सिंह का अनिल कपूर से भी खास रिश्ता है। अनिल कपूर की पत्नी और रणवीर की मां दोनों सगी बहनें हैं। हालांकि रणवीर सिंह को इसका कोई फायदा नहीं मिला, उन्हें इंडस्ट्री में आने के लिए तगड़ी मेहनत करनी पड़ी थी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:11 am

रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही ओटीटी से हटाई गई 'सतलुत', दिलजीत दोसांझ का रिएक्शन आया सामने

फेमस पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी फिल्म सतलुज को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी हुई थी। पहले फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई सारे कट्स लगाने की मांग की थी। इसके बाद दिलजीत की यह फिल्म सालों से अपनी रिलीज का इंतजार कर रही हैं। हाल ही में यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज की गई। लेकिन दो दिन बाद ही यह फिल्म ओटीटी से हटा ली गई है। जी5 द्वारा फिल्म को अचानक हटाए जाने के फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। ALSO READ: ये हीरोइन कैसे बन जाती हैं, दुबली-पतली सांवले रंग की प्रियंका चोपड़ा को देख हैरान हो गई थीं ये एक्ट्रेस 'पंजाब 95' से 'सतलुज' बनने का सफर हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म पिछले 4 सालों से सेंसर बोर्ड के चक्रव्यूह में फंसी हुई थी। रिपोर्ट्स की मानें तो सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 120 से ज्यादा कट्स लगाने की मांग की थी। विवाद को टालने और दर्शकों तक सच पहुंचाने के लिए मेकर्स ने इसका टाइटल 'पंजाब 95' से बदलकर 'सतलुज' कर दिया। आखिरकार, 3 जुलाई को इसे बिना किसी तामझाम के 'अनकट वर्जन' में सीधे जी5 पर स्ट्रीम कर दिया गया। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और 5 जुलाई की शाम को इसे अचानक प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। A post shared by Zee 5 (@zee5) फिल्म को इंडिया में 'अनअवेलेबल' करने के बाद ज़ी5 ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्लेटफॉर्म ने कहा, रिलीज के बाद से ही 'सतलुज' को दर्शकों का जो रिस्पॉन्स मिला है, वह वाकई कमाल का है। हम इस फिल्म की क्रिएटिव विज़न के साथ मजबूती से खड़े हैं। मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए, 'सतलुज' अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। हम उचित कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए इस फिल्म को अपने दर्शकों के बीच जल्द से जल्द वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। A post shared by Diljit Dosanjh (@diljit.dosanjh.fan.page) हटा दी तो हटा दें, लोगों ने डाउनलोड कर ली है... इस पूरे विवाद पर दिलजीत दोसांझ का जो रिएक्शन आया है, उसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। दिलजीत ने अपने सोशल मीडिया पर फिल्म का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, इसे बैन होने से पहले जल्दी से देख डालिए। मॉर्डन टाइम्स की एक बेहतरीन फिल्म है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म की स्टारकास्ट, विशेषकर सुविंदर विक्की की एक्टिंग की जमकर सराहना की। दिलजीत का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे हंसते हुए कह रहे हैं, अब कोई टेंशन नहीं है। हटा दी तो हटा दें क्योंकि लोगों ने इसे ऑनलाइन पहले ही डाउनलोड कर लिया है। मुझे पहले फिक्र थी, लेकिन अब मैं बिल्कुल टेंशन फ्री हूं। A post shared by DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh) आखिर क्या है 'सतलुज' की कहानी? यह फिल्म महज़ एक सिनेमाई कहानी नहीं है, बल्कि पंजाब के इतिहास का वो पन्ना है जिसे अक्सर दबाने की कोशिश की गई। यह एक बायोग्राफिकल क्राइम ड्रामा है जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म 1980 और 1990 के दशक के उस दौर को दिखाती है जब पंजाब उग्रवाद और हिंसा की चपेट में था। जसवंत सिंह खालड़ा ने उस दौर में हजारों लावारिस शवों और पुलिस द्वारा किए गए कथित फर्जी एनकाउंटर्स के सच को दुनिया के सामने उजागर किया था, जिसके बाद 1995 में वे खुद रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए थे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह और सुविंदर विक्की मुख्य भूमिकाओं में हैं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 10:58 am

7 विकेट से इंग्लैंड को हराकर 7वीं बार T-20I विश्व चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलिया

AUSvsENG ऑस्ट्रेलिया ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चिर-प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को रविवार को एकतरफा अंदाज में सात विकेट से हराकर सातवीं बार महिला टी 20 चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।इंग्लैंड ने नैटली सिवर-ब्रंट (नाबाद 58) के शानदार अर्धशतक और उनकी फ़्रेया केंप (नाबाद 44) के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 गेंदों में 80 रन की अविजित साझेदारी की बदौलत चार विकेट पर 150 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने बेथ मूनी (64) के बेहतरीन अर्धशतक से 17.1 ओवर में तीन विकेट पर 153 रन बनाकर खिताब अपने नाम किया। इंग्लैंड ने पांच वाइड रन दिए और ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन बन गया। ऑस्ट्रेलिया इससे पहले 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 में चैम्पियन रहा था। बेथ मूनी ने फ़ीबी लिचफ़ील्ड (48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 100 रन की मैच विजयी साझेदारी की। बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की अपनी पारी में 10 चौके लगाए। इस हार के साथ इंग्लैंड का 2009 के बाद दूसरी बार यह खिताब जीतने का सपना टूट गया।इससे पहले इंग्लैंड ने 150 रन बना लिए थे, लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया को रोकने के लिए काफी नहीं थे। ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में दो विकेट मिले और उन्होंने दबाव भी बनाए रखा। कप्तान नैटली सिवर-ब्रंट ने संभलकर खेलने का फैसला किया। कैपसी ने उनका अच्छा साथ दिया और जब उन्होंने तेज़ी से रन बनाना शुरू किया, तो मोलिनक्स ने उन्हें आउट कर दिया। Can’t take your eyes off the #T20WorldCup pic.twitter.com/EuLMeO3nn8 — ICC (@ICC) July 6, 2026 गार्थ ने शानदार स्लोअर बॉल डालकर नाइट को जल्दी आउट कर दिया। फ्रेया केम्प क्रीज़ पर आईं और इंग्लैंड को जिस तेज़ी की ज़रूरत थी, वह उन्होंने दी। 80 रन की नाबाद साझेदारी में उन्होंने आक्रामक भूमिका निभाई। सिवर ब्रंट ने कोशिश की लेकिन अंत में तेज़ी से रन नहीं बना सकीं। एक छोर संभाले रखते हुए उन्होंने अपना 20वां टी 20 अर्धशतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम फील्डिंग में उतनी सटीक नहीं रही; उन्होंने कुछ रन-आउट के मौके गंवाए और कुछ रन भी आसानी से दे दिए। गार्थ और हैमिल्टन ने कसी हुई गेंदबाजी की।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 9:10 am

नया रक्षा बैंक क्यों बनाना चाहता है नाटो का सदस्य कनाडा

रूस का खतरा, ट्रंप का खराब मूड और बढ़ती रक्षा जरूरतें। इन चुनौतियों के बीच कनाडा 133 अरब डॉलर का एक वैश्विक रक्षा बैंक शुरू करना चाहता है। नाटो शिखर सम्मेलन में इसकी पहली परीक्षा होगी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 8:49 am

अंतिम संस्कार में काला छाता क्यों लेकर जाते हैं लोग? चीन और ब्रिटेन की इस रहस्यमयी परंपरा के पीछे की असली वजह जानकर चौंक जाएंगे आप!

अंतिम संस्कार जैसी गंभीर रस्मों में काले छाते का दिखना केवल एक संयोग नहीं है. हॉलीवुड और विदेशी फिल्मों में कब्रिस्तान के दृश्यों में लोगों के हाथों में काला छाता आपने भी जरूर देखा होगा. पहली नजर में यह सिर्फ खराब मौसम या बारिश से बचने का एक साधन लग सकता है, लेकिन दुनिया के अलग-अलग कोनों में इस साधारण से छाते को लेकर बेहद हैरान करने वाली सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं, खासकर चीन और ब्रिटेन में.चीन में छाते का आत्मा और यिन ऊर्जा से गहरा कनेक्शनचीनी परंपराओं में छाते को केवल धूप या पानी से बचने की चीज नहीं माना जाता, बल्कि इसे परालौकिक और आध्यात्मिक दुनिया से जोड़कर देखा जाता है. पुरानी लोक मान्यताओं के अनुसार, छाता बारिश का पानी सोखता है और नमी को अपने भीतर समेट लेता है. इस नमी को चीनी संस्कृति में 'यिन ऊर्जा' यानी रहस्यमयी या नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि आज भी कई चीनी परिवारों में घर के अंदर खुला छाता रखना पूरी तरह वर्जित है.मृतक की विदाई और सूरज की रोशनी से आत्मा की रक्षाचीन के कुछ हिस्सों में अंतिम विदाई के समय मृतक के शव या उसकी तस्वीर के ऊपर काला छाता तानने का रिवाज है. इसके पीछे यह लोक मान्यता है कि सूर्य की तेज और सीधी रोशनी मृतक की आत्मा के लिए कष्टकारी हो सकती है. ऐसे में यह काला छाता एक ढाल की तरह काम करता है और आत्मा को सुरक्षित रखता है. इसके अलावा, चीन में किसी को छाता गिफ्ट करना भी बेहद अशुभ माना जाता है, क्योंकि वहां छाते को रिश्तों में अलगाव और दूरी आने का सूचक माना जाता है.ब्रिटेन का अनिश्चित मौसम और 'ब्रोली' की अनोखी परंपराचीन से बिल्कुल उलट, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में अंतिम संस्कार में काला छाता ले जाने की वजह पूरी तरह व्यावहारिक है. ब्रिटेन का मौसम अपनी अनिश्चितता के लिए बदनाम है, जहां धूप खिले होने पर भी अचानक तेज बारिश शुरू हो जाती है. ऐसे में कब्रिस्तान में अंतिम विदाई की रस्म बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके, इसलिए लोग अपने साथ छाता रखते हैं, जिसे वहां स्थानीय भाषा में 'ब्रोली' भी कहा जाता है. समय के साथ यह व्यावहारिक जरूरत अब वहां सम्मान प्रकट करने की एक गंभीर परंपरा बन चुकी है, इसलिए मौसम साफ होने पर भी लोग काले कपड़े पहनकर हाथ में काला छाता लिए नजर आते हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Jul 2026 7:49 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 जुलाई, 2026)

मेष राशि (Aries) Today 06 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: दिन की शुरुआत धमाकेदार रहेगी। कारोबारी नए सौदे कर सकते हैं। ऑफिस में नए प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा। पार्टनर आपके हर फैसले में आपका साथ देगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश के नए अवसर मिलेंगे, जो भविष्य में फायदा देंगे। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, लेकिन कामकाज के चक्कर में समय पर खाना खाना न भूलें। उपाय: सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरीपेशा लोगों को आज अपनी काबिलियत दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। सीनियर्स आपके काम से प्रभावित होंगे। लव: प्रेम जीवन में चल रहा तनाव आज समाप्त होगा। पार्टनर के साथ बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। धन: रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। हालांकि, सुख-सुविधाओं की चीजों पर थोड़ा खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी या जुकाम की शिकायत हो सकती है। गुनगुने पानी का सेवन करें। उपाय: भगवान शिव को सफेद चंदन का तिलक लगाएं और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: व्यापार में नई पार्टनरशिप के लिए दिन अच्छा है। नौकरी में काम की अधिकता के कारण थोड़ा तनाव महसूस हो सकता है। लव: शादीशुदा जिंदगी में खुशहाली रहेगी। शाम का समय परिवार के साथ बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। धन: आर्थिक मामलों में सूझबूझ से काम लें। लॉटरी या सट्टेबाजी में पैसा लगाने से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण सिरदर्द की समस्या हो सकती है। योग और ध्यान का सहारा लें। उपाय: सोमवार को शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं और शिव चालीसा का पाठ करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा। नई नौकरी के इंटरव्यू में सफलता मिल सकती है। लव: लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर बात हो सकती है। धन: इनकम के एक्स्ट्रा सोर्स मिलने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा। प्रॉपर्टी में निवेश के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आज आप खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मजबूत महसूस करेंगे। उपाय: शिवजी को अक्षत (साबुत चावल) अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। सिंह राशि (Leo) करियर: व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं आज लाभदायक सिद्ध होंगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े काम आसानी से पूरे हो जाएंगे। लव: दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होने से मन प्रसन्न रहेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद आज आपके पक्ष में सुलझ सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। उपाय: शिवलिंग पर शहद और गंगाजल चढ़ाएं। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज ऑफिस में अपने काम को कल पर न टालें। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलने से काम समय पर पूरा होगा। लव: पार्टनर की किसी बात से मन थोड़ा उदास हो सकता है। गुस्से में आकर कोई प्रतिक्रिया न दें। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। उधार लेन-देन से बचें, नहीं तो पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज या अपच परेशान कर सकती हैं। खान-पान में ढिलाई न बरतें। उपाय: सोमवार को किसी गरीब को सफेद वस्तु-जैसे दूध या चावल का दान करें। तुला राशि (Libra) करियर: आज का दिन कला, मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए तरक्की लेकर आएगा। नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो दिन शुभ है। लव: सिंगल जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। लव लाइफ में आपसी समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक रूप से दिन अच्छा है। पुराना किया गया निवेश आज आपको उम्मीद से बढ़कर लाभ दे सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। माता के स्वास्थ्य को लेकर चल रही चिंताएं आज दूर होंगी। उपाय: शिव मंदिर में जाकर 'महामृत्युंजय मंत्र' का 11 बार जाप करें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: राजनीति और कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। विरोधियों पर आपका दबदबा बना रहेगा। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। शांति और धैर्य से काम लें, बात बढ़ सकती है। धन: फंसा हुआ पैसा मिलने से आपकी आर्थिक परेशानियां कम होंगी। खर्चों में थोड़ी कटौती करना सही रहेगा। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या नींद पूरी न होने के कारण थकान महसूस हो सकती है। पर्याप्त आराम लें। उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय मंत्र' की एक माला का जाप करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण धनु राशि (Sagittarius) करियर: ऑफिस में आपके कार्य की सराहना होगी। उच्च शिक्षा या विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले छात्रों को आज कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से आपका कोई बड़ा काम आज पूरा हो जाएगा। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। भविष्य के लिए बचत करने की योजना सफल रहेगी। स्वास्थ्य: मौसमी एलर्जी या त्वचा से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। खूब पानी पीएं। उपाय: शिवजी को पंचामृत से स्नान कराएं। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज आपके कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यदि आप नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे हैं तो आज अच्छे ऑफर मिल सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है। पार्टनर को थोड़ा स्पेस दें और उनकी बात को समझें। धन: धन का आगमन ठीक रहेगा, लेकिन आज आपको अचानक किसी बड़े और अनपेक्षित खर्च का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य: रीढ़ की हड्डी या पीठ में दर्द की शिकायत हो सकती है। बैठने के पोस्चर पर ध्यान दें। उपाय: शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: नौकरीपेशा लोगों को अपनी मनपसंद जगह पर ट्रांसफर या प्रमोशन की खबर मिल सकती है। व्यापारियों के लिए आज का दिन मुनाफे वाला रहेगा। लव: लव पार्टनर के साथ रिश्ता और मजबूत होगा। परिवार के लोग आपके रिश्ते को मंजूरी दे सकते हैं। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए आज का दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिहाज से दिन बेहतरीन है। आप पुरानी किसी शारीरिक परेशानी से निजात पाएंगे। उपाय: शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें और शिव जी को सफेद फूल चढ़ाएं। मीन राशि (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर किसी भी तरह के विवाद या गॉसिप से दूर रहें। अपने काम पर फोकस बनाए रखें, सीनियर्स की नजर आप पर है। लव: घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ का आयोजन हो सकता है। जीवनसाथी के साथ प्रेम बढ़ेगा। धन: रुका हुआ धन वापस मिलने के प्रबल योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार से मन का बोझ हल्का होगा। स्वास्थ्य: योग और वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। आज आप खुद को काफी फ्रेश महसूस करेंगे। उपाय: सोमवार की शाम को शिव मंदिर में जाकर कपूर का दीपक जलाएं। ALSO READ: गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

वेब दुनिया 6 Jul 2026 7:03 am

बर्थडे स्पेशल: 3000 करोड़ की फ्रेंचाइजी से लेकर नंबर 1 बनने तक, ये माइलस्टोन्स साबित करते हैं रणवीर सिंह का स्टारडम

रणवीर सिंह जैसे कि आज अपना एक और जन्मदिन मना रहे हैं, एक बात तो बिल्कुल तय है कि वह सिर्फ एक कामयाब दौर का मजा नहीं ले रहे हैं, बल्कि वह हिंदी सिनेमा का एक नया युग (एरा) लिख रहे हैं। बॉक्स ऑफिस का इतिहास बदलने से लेकर बॉलीवुड की ग्लोबल पहचान को बढ़ाने तक, रणवीर ने हर एक मील के पत्थर के साथ बेंचमार्क को और ऊपर उठाया है। रणवीर की यह जर्नी खुद को बार-बार बदलने, कंसिस्टेंसी (लगातार अच्छा करने) और रिकॉर्ड तोड़ कामयाबी की कहानी रही है, जो उन्हें इस जनरेशन का बेस्ट एक्टर बनाती है। आइए डालते हैं एक नजर उन अचीवमेंट्स पर जो रणवीर सिंह को इंडियन सिनेमा का असली 'धुरंधर' और हमारा सबसे महान एक्टर बनाते हैं: ALSO READ: रणवीर सिंह के यादगार डायलॉग्स, जो हर किरदार के साथ बन गए आइकॉनिक 1000 करोड़ रुपए का हिंदी नेट क्लब किया शुरू रणवीर सिंह ने 'धुरंधर: द रिवेंज' के साथ सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म ही नहीं दी—बल्कि उन्होंने कामयाबी का एक बिल्कुल नया पैमाना खड़ा कर दिया। भारत में 1000 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन पार करने वाली पहली हिंदी फिल्म बनकर, उन्होंने एक ऐसा मील का पत्थर स्थापित किया जो पहले कभी हासिल नहीं हुआ था। उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की कमाई की परिभाषा ही बदल दी। खड़ी की इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी फ्रेंचाइजी बनने में सालों लग जाते हैं, लेकिन इस लेवल पर लगातार कामयाबी बहुत कम ही देखने को मिलती है। रणवीर सिंह के लीड रोल वाली 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया है, जो यह साबित करता है कि रणवीर में ऐसे किरदार और कहानियां रचने की काबिलियत है, जिन्हें देखने के लिए दर्शक बार-बार खींचे चले आते हैं। ओवरसीज में पहुंच को दिया नया रूप रणवीर सिंह इंडियन सिनेमा के सबसे मजबूत ग्लोबल स्टार्स में से एक बनकर उभरे हैं। 'पद्मावत', 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी', 'धुरंधर', और 'धुरंधर: द रिवेंज' जैसी फिल्मों के साथ, जिन्होंने नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा का बिजनेस किया है, उन्होंने एक ऐसी कंसिस्टेंसी दिखाई है जो किसी भी इंडियन एक्टर के पास नहीं है। यह जर्नी अब और भी बड़ी हो रही है, क्योंकि 'धुरंधर' अब जापान में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। हिंदी सिनेमा को दी अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग रणवीर सिंह स्टारर 'धुरंधर: द रिवेंज' के नाम बॉलीवुड इतिहास के सबसे बड़े ओपनिंग डे का रिकॉर्ड दर्ज है। इस जबरदस्त एक्शन ब्लॉकबस्टर फिल्म ने अपने पहले ही दिन भारत में सभी भाषाओं को मिलाकर 102 करोड़ रुपए से ज्यादा का नेट कलेक्शन किया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें किसी भी इंडियन फिल्म के लिए सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग डेब्यू दिया थिएटर्स का इतिहास बदलने के बाद, रणवीर सिंह का यह रिकॉर्ड तोड़ सफर ओटीटी (OTT) पर भी जारी रहा। 'धुरंधर: द रिवेंज' स्ट्रीमिंग के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली इंडियन फिल्म बन गई, जिसने अपने ओपनिंग वीकेंड के दौरान ओटीटी पर रिकॉर्ड तोड़ 50 मिलियन (5 करोड़) व्यूअर्स को अट्रैक्ट किया। अपने पिछले जन्मदिन से लेकर इस जन्मदिन तक, रणवीर सिंह ने अपने करियर का सबसे ऐतिहासिक साल जिया है। बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड्स को फिर से लिखने और हिंदी सिनेमा के लिए नए माइलस्टोन्स सेट करने से लेकर, बेटी दुआ का पहला जन्मदिन मनाने और यह अनाउंस करने तक कि 'बेबी नंबर 2' आने वाला है, यह साल उनके लिए प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों ही मोर्चों पर जीतों का साल रहा है। अब जब वह अपना एक और जन्मदिन मना रहे हैं, तो इसमें कोई शक नहीं है कि यह रणवीर सिंह का अब तक का सबसे बड़ा जन्मदिन है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 7:02 am

जब ताबूत से गिरे खुमैनी, कफन के चीथड़े उड़े:खामेनेई के जनाजे में 3 करोड़ लोग जुटेंगे; शिया मुसलमानों में मातम इतना अहम क्यों

4 जुलाई से ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम विदाई की रस्में शुरू हुईं। उनका जनाजा तेहरान, कोम, नजफ और इराक के कर्बला शहर होते हुए, 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगा, जहां उन्हें दफन किया जाएगा। इस दौरान 100 से ज्यादा देशों के नेता और 3 करोड़ से ज्यादा लोग ‘शियाओं के रहबर’ का आखिरी दीदार करेंगे। शिया मुसलमानों में मातम इतना अहम क्यों है, खामेनेई की हत्या को कर्बला की शहादत से क्यों जोड़ा जा रहा और इस बड़े जलसे के पीछे असली वजह क्या है; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और महेंद्र वर्मा --------- यह खबर भी पढ़िए… दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:25 am

जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज

जयपुर। राजस्थान में संचालित शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत आयुक्तालय की निरीक्षण टीम ने रविवार को जयपुर के निर्माण नगर क्षेत्र में स्टिंग एनर्जी नामक एनर्जी ड्रिंक के गोदाम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 हजार 292 बोतलें सीज की। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के बताया कि […] The post जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 10:45 pm

दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारूईपुर में रविवार को एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। आक्रोशित भीड़ ने इस अपराध में शामिल होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कई घंटों […] The post दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 10:42 pm

बानसूर में चार वर्षीय बालक का शव कब्र से निकलवाया

अलवर। राजस्थान में कोटपुतली बहरोड़ जिले के बानसूर में इन्द्राडा गांव में एक दिन पहले दफनाए गए चार वर्षीय बालक का शव रविवार को पुलिस ने श्मशान भूमि से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। प्राप्त […] The post बानसूर में चार वर्षीय बालक का शव कब्र से निकलवाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 10:32 pm

बांका परमाणु परियोजना विवाद: आदिवासी अस्मिता, पर्यावरण और विकास मॉडल पर बहस

बिहार के बांका जिले की रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध में आदिवासी और ग्रामीण आंदोलनरत हैं। जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों पर उठे सवाल

हस्तक्षेप 5 Jul 2026 10:24 pm

उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट

रामनगर। उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने रामनगर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का रविवार को भंडाफोड़ करते हुए 51 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग सहित 10 महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि एक किशोर को संरक्षण में लिया गया। रिसॉर्ट को सील कर दिया […] The post उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 9:46 pm

पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार

जयपुर। विद्या भारती राजस्थान द्वारा संचालित पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान (1 जुलाई से 15 अगस्त 2026) के अंतर्गत आज सेवाधाम परिसर, जयपुर में पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य तथा कार्यपद्धति पर विस्तार […] The post पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 9:41 pm

आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी

अजमेर। सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संत निरंकारी मण्डल (संयोजक एवं प्रचारक) मारवाड कान्ता सोलंकी ने मधुरम गार्डन में शनिवार को आयोजित संयोजक स्तरीय निरंकारी संत समागम के दौरान सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को अपने भाव उदगार करते हुए बताया कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय […] The post आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 9:32 pm

गाज़ा युद्ध के 1000 दिन: दिल्ली में फ़िलिस्तीन के समर्थन में कविताएँ, प्रतिरोध और न्याय की आवाज़

गाज़ा में इज़राइली हमलों के 1000वें दिन दिल्ली में IPSN की सभा हुई। वक्ताओं ने फ़िलिस्तीन, न्याय, शांति और मानवाधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी।

हस्तक्षेप 5 Jul 2026 9:20 pm

आज का एक्सप्लेनर:भारत को तेल बेचने वाला रूस, अब तेल खरीदने पर क्यों मजबूर; क्या यूक्रेन ने सभी रिफाइनरी तबाह कीं

दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। रूसी पेट्रोल पंपों पर पहली बार लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। पेट्रोल खरीदने पर पाबंदियां लागू हैं। इसकी वजह है- यूक्रेन के हमले। आखिर यूक्रेन ने रूस में पेट्रोल की किल्लत कैसे पैदा कर दी, क्या वाकई भारत, रूस को पेट्रोल बेच रहा; और रूस, यूक्रेन के हमले क्यों नहीं रोक पा रहा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: दुनिया को तेल बेचने वाले रूस में तेल की कमी कैसे हो गई है? जवाब: रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यूक्रेन लगातार रूसी ऑइल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। मार्च 2026 से अब तक रूस की ऑयल रिफाइनरी पर 50 से ज्यादा हमले किए हैं। 4 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन की सीमा से करीब 850 किमी अंदर रूस के सेंट पीटर्सबर्ग की रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक किया है। इस रिफाइनरी से हर साल 1.25 करोड़ टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बनते हैं। 3 जून को भी इस रिफाइनरी पर हमला हुआ था। इसके अलावा 18 जून को मॉस्को के बाहरी इलाकों में स्थित रिफाइनरी पर हमला हुआ। यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, रूस की टॉप-10 रिफाइनरियों में से 8 पर यूक्रेन हमले कर चुका है। रिफाइनरियों पर हुए हमले से रूस में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है… सवाल-2: क्या इस स्थिति से निपटने में भारत रूस की मदद कर रहा है? जवाब: रॉयटर्स के मुताबिक, भारतीय तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई को पेट्रोल के 2 टैंकर रूस भेजे हैं। इन टैंकरों में करीब 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल है। नायरा एनर्जी में रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की 49% हिस्सेदारी है। हालांकि नायरा ने टैंकर भेजने की पुष्टि नहीं की है। रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस कई दशकों बाद ईंधन आयात करने की तैयारी में है। दूसरे देशों के संपर्क से ईंधन खरीदने की बातचीत चल रही है। हालांकि भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है, 'भारतीय सरकारी या प्राइवेट कंपनियां सीधे रूस को ईंधन नहीं बेच रही हैं। हो सकता है कि रूस अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भारतीय मूल का ईंधन खरीद रहा हो।' दरअसल, सीधे व्यापार के बजाय अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भी तेल खरीदने का एक विकल्प होता है। ये व्यापारी कई देशों की तेल कंपनियों से तेल खरीदकर उसका पेमेंट करते हैं। फिर ये सारा तेल सिंगापुर, UAE के फुजैरा या यूरोप के रोटरडैम जैसे बड़े बंदरगाहों पर ले जाते हैं। यहां कई बार अलग-अलग देशों का तेल मिक्स भी किया जाता है। फिर जब रूस या किसी अन्य देश को तेल की जरूरत पड़ती है, तो ये व्यापारी उसे तेल के टैंकर बेच देते हैं। सवाल-3: तेल की जरूरत पूरी करने के लिए रूस और क्या कर रहा है? जवाब: रूस 2 मुख्य तरीके अपना रहा है- 1. दूसरे देशों से खरीद 2. पेट्रोल एक्सपोर्ट और बिक्री पर पाबंदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है, ‘रिफाइनरी पर हमलों से ईंधन की कमी तो हुई है, लेकिन यह गंभीर नहीं है। पेट्रोल भंडार में पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 4% की कमी आई है।’ सवाल-4: रूस तेल की कमी से कब तक निपट पाएगा? जवाब: ग्लोबल बिजनेस कंसल्टेंसी फर्म मैक्रो-एडवाइजरी लिमिटेड के CEO और एनालिस्ट क्रिस वेफर कहते हैं, ‘रूस में फ्यूल का स्टोरेज पर्याप्त है, लेकिन दिक्कत ये है कि ये गलत जगह पर है। जिन इलाकों में फ्यूल की कमी है, वहां सप्लाई रातोंरात नहीं हो सकती। इस बड़े लॉजिस्टिक्स कई हफ्ते लग सकते हैं। ये एक बड़ा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है।’ जिन रूसी रिफाइनरीज को यूक्रेनी हमलों में नुकसान पहुंचा है, उनको रिपेयर करना भी मुश्किल है। इनमें कुछ मशीनरी और इक्विपमेंट ऐसी हैं, जिसे विदेशों से इम्पोर्ट किया जाता है, लेकिन रूस पर विदेशी व्यापार को लेकर कई तरह के बैन लगे हैं। वेफर के मुताबिक, मॉस्को रिफाइनरी की मरम्मत में कम से कम 3 महीने लग जाएंगे। इसी से मॉस्को और आसपास के इलाके में जरूरत के 40% फ्यूल की सप्लाई होती है। वहीं ऑयल मार्केट एनालिस्ट गैरी पीच कहते हैं कि मरम्मत के बावजूद रिफाइनरीज पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। इनमें इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि गर्मियों के दौरान, यानी अगस्त तक रिफाइनिंग दोबारा पूरी तरह शुरू नहीं हो पाएगी। पीच के मुताबिक, जब तक यूक्रेन-रूस सीजफायर या कोई समझौता नहीं हो पाए, तब तक कई रिफाइनरीज की मरम्मत करने से कोई फायदा नहीं है, क्योंकि इन पर दोबारा हमला कर दिया जाएगा। वेफर कहते हैं कि अगर ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान न पहुंचे, तो भी सितंबर तक फ्यूल की कमी बनी रहेगी, क्योंकि इसी दौरान खेती के लिए सबसे ज्यादा तेल की जरूरत होती है। सवाल-5: आखिर रूस यूक्रेन के हमलों का सामना क्यों नहीं कर पा रहा? जवाब: यूक्रेन और रूस के बीच जंग का पांचवां साल चल रहा है। यूक्रेन, रूसी रिफाइनरीज पर ज्यादातर ड्रोन अटैक ही करता है। 3 बड़ी वजहों से रूस इन्हें रोक नहीं पा रहा... 1. यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज ड्रोन ट्रैक करना मुश्किल 2. सैकड़ों सस्ते ड्रोन रोकना महंगा 3. रूस का बड़ा इलाका ही उसका दुश्मन --------- यह खबर भी पढ़िए… दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:09 pm

रणवीर सिंह के यादगार डायलॉग्स, जो हर किरदार के साथ बन गए आइकॉनिक

चाहे अपनी कॉमिक टाइमिंग से हंसाना हो, दमदार किरदारों से प्रेरित करना हो, विलेन बनकर खौफ पैदा करना हो या सिनेमाघरों में दर्शकों से सीटियां बजवानी हों, रणवीर सिंह ने हिंदी सिनेमा को कई ऐसे यादगार डायलॉग दिए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, शानदार डायलॉग डिलीवरी और हर किरदार में पूरी तरह ढल जाने की कला ने उनके कई संवादों को फैंस का पसंदीदा बना दिया है। भारतीय सिनेमा के 'बब्बर शेर' रणवीर सिंह के जन्मदिन के खास मौके पर आइए एक बार फिर उनके उन आइकॉनिक डायलॉग्स को याद करते हैं, जो आज भी दर्शकों के दिलों और यादों में पूरी शिद्दत के साथ बसे हुए हैं। बैंड बाजा बारात (2010) – जब पहली ही फिल्म से बन गए स्टार बिट्टू शर्मा के किरदार में रणवीर सिंह ने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी एनर्जी, कॉमिक टाइमिंग और दिल्ली वाले बिंदास अंदाज़ ने उनके कई डायलॉग्स को यादगार बना दिया। ले, ब्रेड पकोड़े की कसम! मैं तुझे बहुत-बहुत-बहुत लव करूंगा और तुझसे ढेर सारा लव लूंगा… बोल देगी लव? गोलियों की रासलीला राम-लीला (2013) – रोमांस, रौब और बेखौफ अंदाज़ 'राम' के किरदार में रणवीर ने प्यार और बेखौफ स्वैग का ऐसा मेल दिखाया कि उनके कई डायलॉग्स आज भी फैंस के पसंदीदा हैं। हीरो बनने के लिए जिगर की ज़रूरत पड़ती है… और जब जिगर हो तो भारी बंदूक का क्या काम? ALSO READ: आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, मुंबई की भारी बारिश के बीच घर पर की रजिस्टर्ड मैरिज, देखिए तस्वीर लूटेरा (2013) – कम शब्द, गहरी भावनाएं 'लूटेरा' में रणवीर सिंह ने अपने सबसे भावुक किरदारों में से एक निभाया। इस फिल्म में उन्होंने बेहद सादगी के साथ गहरे जज़्बात पर्दे पर उतारे। मेरी ज़िंदगी में सबने मेरा इस्तेमाल किया… प्यार सिर्फ तुमने किया। बाजीराव मस्तानी (2015) – एक योद्धा की शान पेशवा बाजीराव के किरदार में रणवीर ने हर डायलॉग पूरी ताकत, आत्मविश्वास और शाही अंदाज़ के साथ बोला, जिसने इस किरदार को और भी यादगार बना दिया। बाजीराव की रफ्तार ही बाजीराव की पहचान है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें पद्मावत (2018) – एक ऐसा विलेन जिसे भुला पाना मुश्किल है अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में रणवीर सिंह ने ऐसा खौफ और जुनून दिखाया कि उनका हर डायलॉग आज भी याद किया जाता है। खिलजियों ने आज तक कभी हार कबूल नहीं की… सूरज डूबने से पहले भेज दो सिपाही… नाप लेते हैं इन राजपूतों की औकात। सिम्बा (2018) – पूरा पैसा वसूल एंटरटेनर संग्राम 'सिम्बा' भालेराव के किरदार में रणवीर ने ऐसे दमदार डायलॉग्स बोले, जिन पर सिनेमाघरों में खूब सीटियां और तालियां बजीं। जो देतो त्रास, त्यांचा मी घेतो क्लास। 83 (2021) – जब हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया कपिल देव के किरदार में रणवीर सिंह ने देशभक्ति और जज़्बे को पूरी ईमानदारी के साथ पर्दे पर उतारा। उनके कई संवाद दर्शकों के दिलों को छू गए। जब हम ये यूनिफॉर्म पहनकर ग्राउंड में उतरते हैं, तो हमारा एक ही मकसद होता है — जान लगाकर देश के लिए खेलना। रॉकी और रानी की प्रेम कहानी (2023) – स्टाइल, स्वैग और भरपूर कॉमेडी रॉकी रंधावा का बेफिक्र और रंगीन अंदाज़ दर्शकों को खूब पसंद आया। उनके डायलॉग्स ने इस किरदार को और भी यादगार बना दिया। ताड़ लो जितना ताड़ना है… देखने की चीज़ हूं, बड़ी मेहनत से बनाई है… ऑल नेचुरल, नो स्टेरॉयड्स। धुरंधर – हमज़ा का दमदार आगाज़ 'धुरंधर' में रणवीर सिंह ने अपने जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन और दमदार डायलॉग डिलीवरी से हमज़ा के किरदार को नई पहचान दी। यह किरदार देखते ही देखते दर्शकों का पसंदीदा बन गया और इसके डायलॉग्स सिनेमाघरों में खूब गूंजे। घायल हूं, इसलिए घातक हूं। ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी। धुरंधर: द रिवेंज – पहले से भी ज्यादा दमदार वापसी 'धुरंधर: द रिवेंज' में रणवीर सिंह ने हमज़ा के किरदार को और बड़े स्तर पर पेश किया। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और जोशीले डायलॉग्स ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। अब पाकिस्तान का मुस्तकबिल हिंदुस्तान तय करेगा। अगर तुम लोगों के पटाखे खत्म हो गए हो, तो मैं धमाका शुरू करूं। बिट्टू शर्मा की मासूमियत से लेकर राम के बेखौफ अंदाज़, बाजीराव की शान, खिलजी की खौफनाक मौजूदगी, रॉकी रंधावा के स्वैग और हमज़ा के दमदार तेवर तक, रणवीर सिंह ने ऐसे किरदार निभाए हैं जिनके डायलॉग्स भी उतने ही आइकॉनिक बन चुके हैं जितने खुद उनके किरदार। भारतीय सिनेमा के 'बब्बर शेर' रणवीर सिंह के जन्मदिन पर उनके ये यादगार संवाद एक बार फिर याद दिलाते हैं कि वह हर किरदार के साथ दर्शकों पर अपनी अलग और गहरी छाप छोड़ते हैं।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 5:20 pm

आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, मुंबई की भारी बारिश के बीच घर पर की रजिस्टर्ड मैरिज, देखिए तस्वीर

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता आमिर खान ने एक बार फिर अपने जीवन की नई शुरुआत की है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं को सच साबित करते हुए आमिर खान और गौरी स्प्रैट आखिरकार 5 जुलाई को शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। 61 वर्षीय अभिनेता ने अपनी इस शादी को बेहद निजी और घरेलू रखा। शादी के लिए किसी भव्य वेन्यू को चुनने के बजाय आमिर ने अपने बांद्रा, पाली हिल स्थित अपार्टमेंट 'बेला विस्टा' को ही चुना। यह शादी 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत एक रजिस्टर्ड मैरिज के रूप में संपन्न हुई। आमिर ने पहले ही मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि वे किसी भी तरह का ग्रैंड बॉलीवुड रिसेप्शन या बड़ी पार्टी होस्ट नहीं करेंगे। BREAKING: #AamirKhan Marries #GauriSpratt ????In an intimate ceremony at his Pali Hill home. Bollywood’s Mr. Perfectionist has a new Mrs. Perfectionist. No grand Sangeet. No 7-day destination wedding. Just family, love, and 100-150 of their closest people. Read Here … pic.twitter.com/ilEirL9Igf — Ashwani kumar (@BorntobeAshwani) July 5, 2026 शादी के तुरंत बाद घर पर ही करीबी मेहमानों के लिए एक प्राइवेट लंच और पार्टी का आयोजन किया गया, जिसका फूड मेन्यू और गेस्ट लिस्ट खुद आमिर और गौरी ने मिलकर तैयार किया था। भारी बारिश के बीच पहुंचे मेहमान शादी के दिन मुंबई में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिला। मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद आमिर के घर पर उत्सव का माहौल थमा नहीं। इस शादी में करीब 100 से 150 बेहद करीबी लोग शामिल हुए। मेहमानों की इस खास लिस्ट में देश का सबसे प्रतिष्ठित अंबानी परिवार भी शामिल था। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) हालांकि, मूसलाधार बारिश के चलते आमिर के घर के ठीक बाहर एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिसके कारण अंबानी परिवार के काफिले को कुछ देर के लिए रुकना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों और प्रशासन की मदद से रास्ता साफ होने के बाद मेहमान अंदर पहुंच सके। इसके अलावा फिल्ममेकर आशुतोष गोवारिकर, राजकुमार संतोषी और राज ठाकरे जैसी बड़ी हस्तियां भी इस जश्न का हिस्सा बनीं। A post shared by Manav Manglani (@manav.manglani) चारों बच्चों की मौजूदगी ने शादी को बनाया भावुक और खास इस शादी की सबसे खूबसूरत और अनोखी बात यह रही कि इसमें दोनों परिवारों के बच्चे पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। आमिर खान की पहली पत्नी रीना दत्ता से उनके दो बच्चे—अभिनेता जुनैद खान और आइरा खान इस शादी में पहुंचे। वहीं, दूसरी पत्नी किरण राव से उनके बेटे आजाद राव खान भी अपने पिता के इस खास दिन के गवाह बने। इसके साथ ही, गौरी स्प्रैट की पिछली शादी से उनका एक बेटा है, वह भी इस शादी का हिस्सा बना। चारों बच्चों की मौजूदगी और आपसी तालमेल ने इस घरेलू शादी को बेहद भावुक और यादगार बना दिया। आमिर खान की बहन भी भाई को आशीर्वाद देने सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल थीं। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) आमिर खान और गौरी स्प्रैट की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों पहली बार करीब 25 साल पहले बेंगलुरु में मिले थे, लेकिन उसके बाद दोनों का संपर्क टूट गया था। साल 2023 के मध्य में आमिर की कजिन नुजहत खान के जरिए बेंगलुरु में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और साल 2024 से दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। लगभग एक साल तक दोनों लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहे, क्योंकि गौरी बेंगलुरु में थीं। इसके बाद मार्च 2025 में आमिर खान ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर मीडिया के सामने गौरी स्प्रैट को इंट्रोड्यूस कर अपने रिश्ते का आधिकारिक एलान किया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 47 वर्षीय गौरी स्प्रैट फैशन, ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। उनके पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो वे एक बेहद समृद्ध और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से आती हैं: गौरी के पिता रॉबर्ट स्प्रैट तमिल-ब्रिटिश मूल के हैं, जबकि उनकी मां रीता स्प्रैट पंजाबी-आइरिश मूल की हैं। गौरी के दादा फिलिप स्प्रैट एक ब्रिटिश लेखक और कम्युनिस्ट थे, जो 1920 के दशक में भारत आए थे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई थी। ऊटी के 'ब्लू माउंटेन स्कूल' से पढ़ाई और लंदन से फैशन डिजाइनिंग व फोटोग्राफी का कोर्स करने वाली गौरी बेंगलुरु और मुंबई के प्रसिद्ध हेयर सैलून चेन BBlunt की को-ओनर और मैनेजर हैं। साल 2025 में अपने बेटे के साथ मुंबई शिफ्ट होने के बाद से गौरी अब 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के क्रिएटिव और अन्य कामों में भी आमिर खान की मदद कर रही हैं।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 3:28 pm

'लुटेरा' की रिलीज को 13 साल पूरे, सोनाक्षी सिन्हा ने फिल्म के एक गाने में पहनी थीं 9 साड़ियां

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'लुटेरा' की रिलीज को 13 साल पूरे हो गए हैं। विक्रमादित्य मोटवानी के निर्देशन में बनी 'लुटेरा' एक कल्ट क्लासिक फिल्म है। इस फिल्म के गाने काफी पसंद किए गए। फिल्म 'लुटेरा' के एक गाने में सोनाक्षी ने 9 अलग-अलग साड़ियां पहनी थी। फिल्म की कहानी 50 के दशक में आधारित थी जिसकी वजह से सोनाक्षी ढेर सारी साड़ियां पहने हुए ही नज़र आईं। ALSO READ: 'लुटेरा' के 13 साल: रणवीर सिंह का सबसे शांत लेकिन सबसे गहरा रोल आज भी खास फिल्म के गाने 'संवार लूं' में सोनाक्षी के लिए खास तरीके से साड़ियां चुनी गई, जिसमें उनकी खूबसूरती और निखर कर आए और उनके रूप में उस दशक की झलक दिखे। सिर्फ इस गाने के लिए सोनाक्षी को 9 प्रकार की साड़ियां पहननी थी, जिनकी कीमत लगभग 3 लाख रुपए थी। प्रत्येक साड़ी की कीमत 30 से 35 हजार रुपए के बीच थी। इस गाने के शूट होने के बाद जो इसका परिणाम आया उससे सभी बेहद खुश थे, खासतौर से सोनाक्षी। सोनाक्षी ने कहा था, विक्रम और उनकी टीम ने लुटेरा में मुझे खूबसूरत दिखाने के लिए बहुत बढ़िया काम किया। अब तो मैं साड़ी पहनने में एक्सपर्ट हो चुकी हूं। संवार लूं गाने में मैंने 9 अलग साड़ियां पहनी हैं। जब मैंने परिणाम देखा तो लगा सभी की मेहनत सफल रही है। बता दें कि फिल्म 'लुटेरा' का ऑफर रणवीर सिंह ने पहले ठुकरा दिया था। बाद में विक्रमादित्य ने उन्हें फिर से स्क्रिप्ट रीडिंग के लिए बुलाया और स्क्रिप्ट खुद पढ़कर सुनाई। इसके बाद रणवीर सिंह ने इस फिल्म के लिए हामी भरी। फिल्म में रणवीर ने अपने बीते कल से परेशान एक व्यक्ति का किरदार बखूबी निभाया।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 1:24 pm

Lock Upp 2: शादी से पहले लड़कियों के साथ रिलेशन में थी... आकांक्षा चमोला ने अपनी सेक्सुअलिटी पर किया बड़ा खुलासा

रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' इन दिनों छाया हुआ है। शो में आए दिन कंटेस्टेंट्स की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे गहरे राज सामने आ रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इस सीजन में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं टीवी एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी और एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला। शो के प्रीमियर एपिसोड में अपने तलाक का खुलासा कर सभी को चौंकाने वाली आकांक्षा चमोला ने अब अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने इंटरनेट पर सनसनी फैला दी है। आकांक्षा चमोला ने 'लॉक अप 2' के हालिया एपिसोड में यह कबूल किया है कि वह शादी से पहले 'बाइसेक्सुअल' थीं और महिलाओं के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। A post shared by Content creator (@jessyz.life) दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब शो के 'जजमेंट डे' एपिसोड में एक बड़ा ट्विस्ट देखने को मिला। आकांक्षा को होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान के सामने एक वीडियो फुटेज दिखाई गई। इस वीडियो में को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा, आकांक्षा के इस बेहद निजी राज को दूसरे कंटेस्टेंट सूफी मोतीवाला के सामने रिवील करती नजर आईं। ALSO READ: 'लुटेरा' के 13 साल: रणवीर सिंह का सबसे शांत लेकिन सबसे गहरा रोल आज भी खास श्रेया ने आकांक्षा से पुराना बदला लेने के लिए उनका यह सीक्रेट लीक किया था, जिससे आकांक्षा की गेम की 'लाइफलाइन' भी खत्म हो गई। जब आकांक्षा को पता चला कि उनका भरोसा बुरी तरह तोड़ा गया है, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और कैमरे के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़ीं। आकांक्षा ने दुख जताते हुए कहा कि शो के पहले दिन से ही वह खुद को सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड महसूस कर रही हैं और शायद इस शो में आना उनकी एक गलती थी। रितेश देशमुख के पूछने पर आकांक्षा ने अपनी हिम्मत बटोरी और पूरी सच्चाई बयां की। आकांक्षा ने कहा, हाँ, यह सच है कि मैं शादी से पहले बाइसेक्सुअल थी। मेरे कुछ लड़कियों के साथ रिलेशनशिप रहे हैं। हालांकि, वे बहुत ज्यादा शारीरिक रूप से इंटीमेट रिश्ते नहीं थे, लेकिन मैं कुछ लड़कियों के साथ रिश्ते में जरूर रही हूं। मुझे लड़कियां पसंद हैं और मैं उनकी तरफ आकर्षित होती हूं। मुझे लगता है कि उनके साथ मुझे एक सेफ स्पेस मिलता है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आकांक्षा ने एक बेहद भावुक नजरिया साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही जब वह बड़ी हो रही थीं, तो उन्हें अपनी मां और बहन के साथ सबसे ज्यादा कंफर्ट महसूस होता था। उन्होंने धीरे-धीरे समझा कि यह समाज पुरुषों के वर्चस्व वाला है। आकांक्षा के मुताबिक, उनके लिए हर महिला खूबसूरत है और भले ही समाज उनकी इस भावना को 'बाइसेक्सुअल' का टैग दे, लेकिन उनके लिए महिलाओं के प्रति यह भावना एक बेहद पवित्र प्यार की तरह है A post shared by Akanksha Chamola (@akankshagkhanna) रितेश देशमुख और फराह खान ने बढ़ाया हौसला आकांक्षा के इस बेबाक और साहसी खुलासे को सुनने के बाद होस्ट रितेश देशमुख ने उनकी हिम्मत की जमकर तारीफ की। रितेश ने कहा, हम जिस समाज में रहते हैं, वहां लोग बहुत जल्दी जजमेंट पास करने लगते हैं। ऐसे माहौल में और इस मंच पर आकर अपनी सच्चाई को इस तरह स्वीकार करना बहुत बड़ी बात है। आपको और हिम्मत मिले, मैं बस यही कहूंगा। वहीं, शो की सह-होस्ट फराह खान ने भी रोती हुई आकांक्षा को गले लगाया, उन्हें चुप कराया और ढांढस बंधाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस एपिसोड के ऑन-एयर होते ही सोशल मीडिया पर आकांक्षा चमोला के सपोर्ट में बाढ़ आ गई है। फैंस उनकी ईमानदारी और बेबाकी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि आकांक्षा एक 'पवित्र आत्मा' हैं, जिन्होंने बिना किसी डर के समाज के सामने अपनी सच्चाई रखी। हालांकि, इस खुलासे के बाद इंटरनेट यूजर्स ने उनके और गौरव खन्ना के तलाक को लेकर एक नया एंगल ढूंढ निकाला है। हाल ही में आकांक्षा ने शो में खुलासा किया था कि उनके अलग होने की मुख्य वजह यह थी कि गौरव पिता बनना चाहते थे, जबकि आकांक्षा के अंदर कभी 'मैटरनल इंस्टिंक्ट' नहीं रही और वह 'चाइल्ड-फ्री' लाइफ चाहती थीं। अब उनके बाइसेक्सुअल होने की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि शायद यही वजह थी कि दोनों का वैचारिक तालमेल नहीं बैठ पाया और दोनों ने आपसी सहमति से एक साल पहले अलग होने का सही फैसला किया।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 1:05 pm

जज तबस्सुम खान को धमकियां: क्या भारत में न्यायाधीश सुरक्षित हैं? पढ़ें जस्टिस मार्कंडेय काटजू का विश्लेषण

नरमदापुरम मॉब लिंचिंग मामले में फैसला देने वाली जज तबस्सुम खान को मिली धमकियों पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू का विश्लेषण। न्यायपालिका की स्वतंत्रता, संविधान और कानून के राज पर गंभीर सवाल।

हस्तक्षेप 5 Jul 2026 12:52 pm

पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र

रायपुर। देश की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्होंने रविवार सुबह लगभग 3:15 बजे अंतिम सांस ली। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उनके पार्थिव […] The post पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 11:13 am

चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम करीब 54 साल पुरानी दो मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। राहत एवं बचाव कार्य करीब साढ़े पांच घंटे […] The post चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 11:06 am

Computer Science Graduate: 500 से ज्यादा कंपनियों में किया अप्लाई, पर कहीं नहीं मिली नौकरी; अब सुबह 6 बजे से Rapido चलाने को मजबूर है यह फर्स्ट क्लास ग्रेजुएट

नई दिल्ली/लखनऊ: इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस की बड़ी डिग्री हासिल करने के बाद हर छात्र का यही सपना होता है कि उसे किसी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में अच्छी नौकरी मिले और वह अपने शानदार करियर की शुरुआत करे. लेकिन वर्तमान समय में देश के युवाओं के लिए यह सपना हकीकत में बदलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. आईटी सेक्टर और टेक इंडस्ट्री में चल रही मंदी के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी भावुक कर देने वाली कहानी वायरल हो रही है, जिसने मौजूदा जॉब मार्केट की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है.यह कहानी कंप्यूटर साइंस (CS) से फर्स्ट डिवीजन में ग्रेजुएशन करने वाले एक ऐसे होनहार लड़के की है, जो सैकड़ों कंपनियों के चक्कर काटने के बाद जब थक गया, तो पेट पालने और अपना खर्च चलाने के लिए रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलाने पर मजबूर हो गया.ट्रैफिक जाम में 'रैपिडो राइड' के दौरान खुला ये चौंकाने वाला राजइस दिल छू लेने वाली कहानी को एक्स (पूर्व में ट्विटर) के एक यूजर 'नीरज' (@nirajxdev) ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. नीरज ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली-एनसीआर में एक Rapido बाइक बुक की थी. सफर के दौरान अचानक उनकी नजर राइडर के हेलमेट पर लगे एक नामी कॉलेज के स्टिकर पर पड़ी. बस फिर क्या था, भारी ट्रैफिक जाम में फंसे होने के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई जो करीब 10 मिनट तक चली. इसी बातचीत में राइडर ने बताया कि वह इसी साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिविजन से पास आउट हुआ है, लेकिन डिग्री मिलने के दो महीने बाद भी उसके हाथ खाली हैं.500 से ज्यादा कंपनियों में भेजा रिज्यूमे, पर कहीं से नहीं आया एक भी कॉलयुवक ने बेहद भारी मन से बताया कि उसने अब तक 500 से अधिक कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन (Job Applications) किया है. शुरुआत में वह हर एक एप्लिकेशन की गिनती रखता था, लेकिन बाद में रिजेक्शन और सन्नाटे का दौर ऐसा बढ़ा कि उसने गिनती करना ही छोड़ दिया. सबसे ज्यादा तकलीफदेह बात यह रही कि अधिकांश टेक कंपनियों ने उसका रिज्यूमे देखने के बाद रिप्लाई तक नहीं किया और न ही उसे किसी इंटरव्यू का मौका मिला. दो महीने तक लगातार भटकने के बाद जब उसकी पूरी जमा-पूंजी और सेविंग्स खत्म हो गईं, तो उसने सुबह 6 बजे से ही बाइक लेकर सड़कों पर निकलना शुरू कर दिया ताकि वह रोजाना का खर्च निकाल सके.माता-पिता से छिपाया सच, बोले- 'जॉब मार्केट का हाल ही अभी ऐसा है'इस कहानी का सबसे इमोशनल पहलू तब सामने आया जब लड़के ने बताया कि उसके माता-पिता को आज भी इस बात की भनक नहीं है कि उनका बेटा बाइक टैक्सी चला रहा है. वे यही समझते हैं कि वह घर पर रहकर ऑनलाइन इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है. लड़का अपने माता-पिता को इस उम्र में कोई मानसिक तनाव नहीं देना चाहता. नीरज ने लिखा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतनी मुश्किलों के बावजूद उस लड़के के चेहरे पर सिस्टम को लेकर कोई शिकायत नहीं थी; वह बस यही कह रहा था कि फिलहाल मार्केट की कंडीशन ही ऐसी है. उसका यह सकारात्मक और जुझारू रवैया नेटिजन्स को काफी प्रेरित कर रहा है.युवाओं का आखिरी सहारा बन रही हैं 'गिग जॉब्स' (Gig Economy)इस वायरल पोस्ट के बाद कमेंट सेक्शन में देश भर के फ्रेश ग्रेजुएट्स ने अपने-अपने कड़वे अनुभव साझा करने शुरू कर दिए हैं. कई युवाओं का कहना है कि अच्छी डिग्री और बेहतरीन स्किल्स होने के बावजूद आज के समय में एंट्री-लेवल जॉब मिलना नामुमकिन सा हो गया है. करियर एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक सेक्टर में हायरिंग (Hiring Freezes) की रफ्तार धीमी होने के कारण अब देश के युवा मजबूरी में फूड डिलीवरी, कूरियर सर्विस और बाइक टैक्सी जैसी गिग जॉब्स (Gig Jobs) को अपना रहे हैं, क्योंकि यहां तुरंत अर्निंग शुरू हो जाती है. हालांकि, यह अस्थाई विकल्प युवाओं के आत्मविश्वास के लिए एक बड़ा संकट भी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Jul 2026 9:54 am

Pakistan के 23 आतंकियों पर मोदी सरकार का बड़ा 'प्रहार', UAPA के तहत जारी हुई नई List

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 23 आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। यह कदम सरकार की प्रहार रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के खिलाफ उभरते और बदलते आतंकवादी खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना है। जारी सूची में शामिल 23 आतंकियों में 13 लाहौर स्थित लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क से जुड़े हैं, जबकि 10 बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। इनमें 16 पाकिस्तान के नागरिक हैं, जबकि सात भारतीय मूल के ऐसे आतंकी हैं जो पाकिस्तान से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि हाल ही में भारत के कूटनीतिक प्रयासों के बाद अमेरिका ने 18 जुलाई 2025 को लश्कर के मुखौटा संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)' को विदेशी आतंकवादी संगठन और वैश्विक आतंकवादी समूह घोषित किया था। केंद्र सरकार के अनुसार, नई सूची का उद्देश्य आतंकवाद के लिए कट्टरपंथ, भर्ती और सीमा पार घुसपैठ को रोकना है। साथ ही यह संदेश देना भी है कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कायम है और आतंकवादी नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इन सभी के खिलाफ विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी वारंट और आतंकवाद से जुड़े कई मामलों की जांच लंबित है। ALSO READ: Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का कहर, 3 दिन में जुलाई की आधी से ज्यादा बारिश, कई इलाकों में भारी जलभराव सूची में शामिल आतंकी केवल हमलों की साजिश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आतंकवादी संगठनों के लिए प्रचार, भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की तस्करी, घुसपैठ और सीमा पार आतंकियों को भारत भेजने जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नामित आतंकियों में सैफुल्लाह खालिद प्रमुख है, जिसे अमेरिका पहले ही वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है। वह लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ माना जाता है। वहीं हाफिज अब्दुर रऊफ भी इस सूची में शामिल है। वह 7 मई 2025 को भारत द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे का नेतृत्व करता दिखाई दिया था। अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा रऊफ लश्कर के मुरीदके कैंप में पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी देखा गया था। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नामित आतंकियों में मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, जिसे कश्मीर ऑपरेशन का प्रमुख कमांडर बताया जाता है, और मसूद इलियास कश्मीरी शामिल हैं। मसूद इलियास कश्मीरी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश का प्रमुख माना जाता है और संगठन की भर्ती तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह अप्रैल 2022 के सुनजवां आतंकी हमले के प्रमुख आरोपियों में भी शामिल है। सरकार के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर सुरंगों और ड्रोन के माध्यम से आतंकियों, हथियारों और गोला-बारूद की भारत में घुसपैठ कराने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इनमें अब्दुल्ला जेहादी, मोहम्मद मुसद्दिक और वसीम नूर जैसे नाम शामिल हैं।आतंकी संगठनों के लिए युवाओं की भर्ती भी एक प्रमुख रणनीति बनी हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 9:06 am

लोन दिलाने का झांसा देकर विवाहिता का यौन शोषण, फाइनेंस कंपनी का शाखा प्रबंधक अरेस्ट

मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के ढाका थाना क्षेत्र में लोन दिलाने का झांसा देकर एक विवाहिता के कथित यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता की शिकायत पर ढाका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माइक्रोफाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।मामले की जांच […] The post लोन दिलाने का झांसा देकर विवाहिता का यौन शोषण, फाइनेंस कंपनी का शाखा प्रबंधक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 8:53 am

भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के उच्चैन थाना क्षेत्र में चक खरका गांव में शनिवार शाम को जमीन के विवाद में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में एक बुजुर्ग की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या कर दी गई जबकि दस से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि झगड़े में दोनो पक्षों के […] The post भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 8:46 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जुलाई, 2026)

मेष राशि (Aries) Today 05 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज का दिन आराम और प्लानिंग में बीतेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई नया आइडिया मिल सकता है। लव: जीवनसाथी के साथ पुराना मनमुटाव दूर होगा। घर में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार के साथ शॉपिंग या मनोरंजन पर खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। शारीरिक ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा। उपाय: गाय को गुड़ या भीगी हुई चने की दाल खिलाएं। ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय वृषभ राशि (Taurus) करियर: रविवार होने के कारण नौकरीपेशा लोगों को आज ऑफिस के काम से थोड़ी राहत मिलेगी। आगामी सप्ताह की रणनीतियों पर विचार करेंगे। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। अपनी जिद पर अड़े रहने से बचें। धन: धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय सतर्क रहें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों में भारीपन महसूस हो सकता है। स्क्रीन टाइम कम करें। उपाय: जल में रोली और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: रचनात्मक कार्यों और हॉबीज को समय देने के लिए आज का दिन बेहतरीन है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में फोकस करने की जरूरत है। लव: सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प व्यक्ति से बात शुरू हो सकती है। पार्टनर से कोई प्यारा सा गिफ्ट मिल सकता है। धन: अचानक किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। सुबह की सैर या प्राणायाम से दिन की शुरुआत करें। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र की चिंता को आज खुद पर हावी न होने दें। आज का दिन परिवार और खुद के लिए निकालने का है। लव: घर-परिवार के लोगों के साथ किसी गेट-टुगेदर या पारिवारिक लंच का प्लान बन सकता है। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। फिजूल की चीजों पर पैसा बर्बाद न करें। स्वास्थ्य: पेट में गैस या अपच की समस्या हो सकती है। सात्विक भोजन लें। उपाय: सूर्य नमस्कार करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। सिंह राशि (Leo) करियर: बिजनेस से जुड़े लोगों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। लव: पार्टनर के साथ आपसी तालमेल बहुत शानदार रहेगा। प्रेम जीवन में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। अटके हुए सरकारी काम पूरे होने से धन लाभ का मार्ग खुलेगा। स्वास्थ्य: आज आप खुद को बेहद ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करेंगे। उपाय: अपने पिता या पितातुल्य किसी व्यक्ति के पैर छूकर आशीर्वाद लें। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज पेंडिंग घरेलू कामों को निपटाने में दिन बीतेगा। करियर को लेकर कोई बड़ा फैसला आज टाल देना ही बेहतर होगा। लव: जीवनसाथी का मूड आज थोड़ा उखड़ा हुआ रह सकता है, उन्हें समझने की कोशिश करें। धन: बजट बनाकर चलें, नहीं तो महीने के शुरुआती हफ्ते में ही तंगी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण अनिद्रा (नींद न आना) की शिकायत हो सकती है। ध्यान लगाएं। उपाय: किसी मंदिर में तांबे के बर्तन का दान करें या लाल चंदन का तिलक लगाएं। तुला राशि (Libra) करियर: यदि आप कोई नया कोर्स या स्किल सीखने की सोच रहे थे, तो आज का दिन उसकी शुरुआत के लिए अच्छा है। लव: दोस्तों और लव पार्टनर के साथ शाम का समय बेहतरीन बीतेगा। पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सकारात्मक बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों में हल्का दर्द उभर सकता है। भारी वजन उठाने से बचें। उपाय: उगते हुए सूर्य के दर्शन करें और गायत्री मंत्र का 21 बार जाप करें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: राजनीति से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ेगा। आज काम का कोई नया कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है, जो भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है। पार्टनर आपकी भावनाओं की कद्र करेगा। धन: फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं। पुराना कर्ज चुकाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य: थकान और बदन दर्द की शिकायत रह सकती है। शरीर को पूरा आराम दें। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर लाल फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण धनु राशि (Sagittarius) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो नए विकल्प तलाश सकते हैं। आध्यात्मिक या धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। बच्चों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: चींटियों को आटा डालें और सूर्य देव को प्रणाम करें। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज कोई भी काम अधूरा न छोड़ें, वरना सोमवार को ऑफिस में काम का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के कारण गलतफहमी पैदा हो सकती है। आपस में बात करके मामला सुलझाएं। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रुकावट आ सकती है। आज बड़े निवेश से बचें। स्वास्थ्य: माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससे आपकी बड़ी चिंता दूर होगी। उपाय: बहते जल में थोड़ा सा गुड़ प्रवाहित करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों के लिए आज का दिन मुनाफे वाला रहेगा। नई योजनाओं पर सहमति बनेगी। लव: जीवनसाथी के साथ रिश्ते में नजदीकियां और रोमांस बढ़ेगा। आपसी बॉन्डिंग मजबूत होगी। धन: आमदनी के नए स्रोत मिल सकते हैं। सुख-सुविधाओं पर खर्च होने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य आम तौर पर अच्छा रहेगा। आप काफी एक्टिव महसूस करेंगे। उपाय: पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करें। मीन राशि (Pisces) करियर: सरकारी नौकरी करने वाले लोगों को आज अचानक कोई जरूरी काम संभालना पड़ सकता है। बाकी लोगों के लिए दिन रिलैक्सिंग रहेगा। लव: परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। लव पार्टनर के साथ रिश्ते गहरे होंगे। धन: आर्थिक मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। लोन या उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: एलर्जी या त्वचा से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। साफ-सफाई का ध्यान रखें। उपाय: जरूरतमंदों में गेंहू या तांबे की वस्तुओं का दान करें। ALSO READ: अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?

वेब दुनिया 5 Jul 2026 7:04 am

जब इंदिरा ने लालकिले में 32 फीट नीचे दफनाया टाइम-कैप्सूल:4 साल बाद ही खुदवाया गया; भीतर क्या था, जिसपर आज भी हंगामा मचता है

राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह पर एक टाइम कैप्सूल दफनाया है। भारत की आजादी के 25 साल बाद भी ऐसा ही टाइम कैप्सूल दफनाया गया था। आज उसी की कहानी… *** 15 अगस्त 1973, आजादी की 26वीं सालगिरह। तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सुबह-सुबह लाल किला पहुंचीं। रस्मन तिरंगा फहराया, भाषण दिया और नेता-अधिकारियों के साथ लाहोरी दरवाजे की तरफ चल दीं। वहां पहले से 32 फीट गहरा एक कुआं खोदा गया था। इंदिरा ने उस कुएं में तांबे और स्टील से बना एक वैक्यूम-सील्ड, भारी-भरकम टाइम कैप्सूल दफना दिया। कहा गया- ‘काल पत्र’ नाम के इस कैप्सूल को 1 हजार साल बाद निकाला जाएगा। हालांकि, सत्ता बदली और 4 साल बाद ही इसे खुदवा लिया गया। 1970 का दशक। देश में कांग्रेस सरकार की कमान संभाल रही थीं इंदिरा गांधी। 1971 की जंग में पाकिस्तान को शिकस्त देकर वो अपने राजनीतिक करियर के चरम पर थीं। उन्हें ख्याल आया कि भविष्य की पीढ़ी को मौजूदा भारत के बारे में बताना चाहिए। यहीं से तय हुआ कि भारत की आजादी के 25 साल पूरे होने पर एक ‘टाइम कैप्सूल’ दफनाया जाएगा। इसमें देश की आजादी और उसके 25 साल बाद के भारत के बारे में बताने वाले दस्तावेज रखे जाएंगे। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी मिली इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च, यानी ICHR को। ICHR ने ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार करने का काम मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर एस. कृष्णस्वामी को सौंपा। प्रो. कृष्णस्वामी ने दस्तावेज तो बना दिए, लेकिन उन पर कुछ सलाह चाहते थे। उन्होंने दस्तावेजों की एक कॉपी उस दौर के जाने-माने इतिहासकार और तमिलनाडु के आर्काइव्स कमिश्नर टी. बद्रीनाथ को भेजी। बद्रीनाथ ने मसौदा पढ़ा, तो भड़क गए। उनका मानना था कि ऐतिहासिक तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'आजादी के 25 साल बाद अकाल का खतरा खत्म हो गया है? दावा किया गया है कि भूमि सुधारों को लागू करने से कृषि क्रांति पूरी हो गई है, क्या ये सच है?' यहीं से इंदिरा गांधी की इस पहल का विरोध शुरू हुआ। आरोप लगा कि वो टाइम कैप्सूल के जरिए खुद की और अपने परिवार की वाहवाही कराने की कोशिश कर रही हैं। इंदिरा गांधी को कहना पड़ा- मुझे टाइम कैप्सूल से जुड़ी चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, ICHR ने प्रो. कृष्णस्वामी को नोटिस जारी कर दिया। इसके बावजूद प्रोजेक्ट नहीं रुका। इस पूरे वाकये का खुलासा इकोनॉमिस्ट वीके रामचंद्रन के आर्टिकल से होता है। 1974 में 'सोशल साइंटिस्ट' जर्नल में छपे इस लेख का शीर्षक था- 'प्रोजेक्ट टाइम कैप्सूल एंड द इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च'। 15 अगस्त 1973 को इंदिरा ने लाल किले के लाहौरी गेट के पास ये टाइम कैप्सूल दफनाया। १ हजार साल तक सुरक्षित रखने के लिए कई इंतजाम किए गए। मसलन- इसे तांबे और स्टील से बनाया गया, जिससे जंग और नमी का असर न पड़े। वैक्यूम-पैक्ड बनाया गया, ताकि हवा, गैस या धूल का असर न हो। उस वक्त इस पूरे प्रोजेक्ट पर 8 हजार रुपए खर्च हुए थे। हालांकि, टाइम कैप्सूल को लेकर इंदिरा का विरोध जारी रहा। 2 महीने बाद, यानी 15 अक्टूबर को CPI (M) के पोलित ब्यूरो मेंबर पी. राममूर्ति ने इस दस्तावेज का ड्राफ्ट जारी कर दिया। उन्होंने इसे भारतीयों की बेइज्जती बताते हुए कहा- ‘यह भारत का इतिहास नहीं है, बल्कि सत्ता में मौजूद कांग्रेस पार्टी की तथाकथित उपलब्धियों की जानकारी देने वाली कांग्रेस के महासचिव की रिपोर्ट जैसा दिखता है।’ 1975-77 की इमरजेंसी के बाद देश का सियासी माहौल पूरी तरह बदल गया। 1977 में चुनाव हुए और इंदिरा गांधी की सरकार चली गई। उनके धुर विरोधी मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी। उन्होंने चुनावी कैम्पेन में कहा था कि सरकार बनी तो टाइम कैप्सूल निकलवाएंगे और सच सबके सामने लाएंगे। नवंबर 1977 के आखिर में टाइम कैप्सूल की जांच के लिए एक संसदीय समिति बनाई गई। इसकी कमान जनता पार्टी के पंजाब से सांसद यज्ञदत्त शर्मा को मिली। शर्मा ने कहा- सच्चाई उजागर करना और इतिहास से लीपापोती को रोकना जरूरी है। दिसंबर 1977 में कड़ी सुरक्षा के बीच टाइम कैप्सूल की खुदाई शुरू हुई। 8 दिसंबर 1977 को कैप्सूल निकाला गया। इसे निकालने में 58 हजार रुपए खर्च हुए, यानी दफनाने से 7 गुना ज्यादा। रिपोर्ट्स हैं कि मोरारजी देसाई और उनके कुछ मंत्रियों ने कैप्सूल के दस्तावेज देखे थे। टाइम कैप्सूल समिति के अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने घोषणा की थी कि 20 दिसंबर 1977 को इन्हें संसद में पेश किया जाएगा। कैप्सूल से निकाले गए दस्तावेजों को संसद की लाइब्रेरी में रखा गया। इस पर कई बार चर्चा भी हुई, लेकिन उसमें क्या लिखा था, ये बात कभी जनता के सामने नहीं आई। दिसंबर 1973 में इंदिरा गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टाइम कैप्सूल में संविधान की कई माइक्रोफिल्म्स, इवेंट कैलेंडर और लिखित दस्तावेज हैं। असली विवाद दस्तावेज को लेकर है। 2012 में सीनियर जर्नलिस्ट मधु किश्वर ने टाइम कैप्सूल को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक RTI लगाई। PMO ने कहा कि उसके पास इंदिरा गांधी सरकार द्वारा 1973 में दफनाए गए कैप्सूल की चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बाद में मधु किश्वर ने केंद्रीय सूचना आयोग के सामने ये मुद्दा उठाया। फरवरी 2013 में आयोग ने PMO को निर्देश दिया कि वे इस बारे में जानकारी जुटाएं, लेकिन PMO की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया। 12 साल बाद ये मुद्दा राज्यसभा में भी उठा। 16 दिसंबर 2024 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि इसे 5 हजार साल के लिए दफनाया गया और संसद को नहीं बताया गया। सीतारमण ने कहा कि कैप्सूल के दस्तावेजों में अटल बिहारी वाजपेयी के जनसंघ को सेक्युलर देश का विरोध करने वाली एक उग्रवादी रूढ़िवादी हिंदू पार्टी बताया था। इसमें सी. राजगोपालाचारी, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृष्णन, जाकिर हुसैन और लाल बहादुर शास्त्री का कोई जिक्र नहीं था। लेखक कनैलाल बसु अपनी किताब 'नेताजी: रीडिस्कवर्ड' में लिखते हैं, 'इंदिरा गांधी और उनके कुछ करीबी लोगों के अलावा किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस टाइम कैप्सूल में क्या-क्या है। यहां तक कि सांसदों को भी कुछ पता नहीं था। जब भी सवाल उठाए गए, सरकार ने मामूली या टालने वाले जवाब देकर चुप करा दिया।' मार्च 2010 में तब की राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने IIT कानपुर के कैंपस में एक टाइम कैप्सूल दफनाया। कैप्सूल में IIT कानपुर के रिसर्च पेपर और वहां के शिक्षकों से जुड़ी जानकारियां रखी गई थीं, ताकि दुनिया में कोई बड़ी उथल-पुथल हो जाए तब भी संस्थान का इतिहास सुरक्षित रहे। मई 2010 में तब के गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में बन रहे महात्मा मंदिर की नींव में एक टाइम कैप्सूल दफनाया। सरकार का दावा था कि 3 फीट लंबे और ढाई फीट चौड़े स्टील के सिलेंडर में गुजरात के 50 साल के इतिहास को संजोया गया है। अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ के मुताबिक, 90 किलो वजनी कैप्सूल में 14 लिखे दस्तावेज और 29 ऑडिया-वीडियो कॉम्पैक्ट डिस्क रखे हुए हैं, जिसमें 90% चीजें मोदी से जुड़ी हुई हैं। कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि मोदी खुद का महिमामंडन करा रहे हैं। कहा कि सत्ता में आते ही कैप्सूल निकलवाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। फिर जनवरी 2019 में 106वीं भारतीय विज्ञान सम्मेलन के दौरान पंजाब के जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी एक टाइम कैप्सूल गाड़ा गया था। इसमें लैपटॉप, स्मार्टफोन, ड्रोन और वीआर चश्मे समेत 100 चीजें दफनाई गईं, जो 100 साल तक सहेजी जा सकती हैं। इसे 3 जनवरी 2119 को निकाला जाएगा। पिछले साल सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले 50 साल पूरे होने पर 21 अगस्त 2025 को राजधानी गंगटोक के ताशीलिंग सचिवालय परिसर में मौजूद रुस्तमजी डियर पार्क में सीएम प्रेम सिंह तमांग ने एक टाइम कैप्सूल दफनाया। 32 किलो वजनी गुलाबी-सुनहरे रंग के इस स्टील सिलेंडर में राज्य की 13 आधिकारिक भाषाओं में दस्तावेज, धान और औषधीय पौधों के बीज, पारंपरिक वाद्य यंत्र, नक्शे, मिट्टी, स्मार्टफोन-गैजेट वगैरह रखे गए। इसे 2075 तक के लिए दफनाया गया है। अब आखिर में- अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह पर दफनाए गए टाइम कैप्सूल की कहानी… ------------- टाइम कैप्सूल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका 250 साल के लिए टाइम कैप्सूल दफन करेगा: 408 किलो वजन, इसमें व्हेल की हड्डी से AI की भविष्यवाणी तक; आखिर इसकी जरूरत क्यों 4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:27 am

मूत्र सेवन का राज जानने पाकिस्तानी राष्ट्रपति फोन करते थे:PM मोरारजी ने खुफिया जानकारी साझा कर दी, भारत के कई जासूस मारे गए; ऑपरेशन कहूटा पार्ट-2

भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन कहूटा।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1974 में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद पाकिस्तान भी एटम बनाने की तैयारी में जुट गया था। इंजीनियर डॉ. अब्दुल कदीर खान ने नीदरलैंड्स के एक न्यूक्लियर लैब से परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी चुराई थी। अब्दुल, आजादी से पहले भोपाल में जन्मे थे। भारत की खुफिया एजेंसी RAW और इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद, पाकिस्तान के इस मिशन को भेदने में जुटी थीं। कई तरह की चर्चाएं थीं। कुछ अमेरिका से आईं, तो कुछ फ्रांस से, लेकिन भारत को जरूरत थी पुख्ता सबूत की। पार्ट-2 में उससे आगे की कहानी… साल था 1977 और अक्टूबर महीना। रावलपिंडी में सर्दियों की शुरुआत हो चुकी थी। बाजार में एक कतार में दर्जियों की दुकानें थीं। हर दुकान के बाहर रंग-बिरंगे कपड़ों के थान लटके हुए। इसी गली में तारीक दर्जी की दुकान थी। छोटी-सी, पर काम उसका बेहतरीन था। रावलपिंडी में सब जानते थे, लेकिन तारीक का एक और परिचय था, जो सिर्फ दिल्ली जानती थी। उस रोज तारीक सिलाई मशीन के सामने बैठा था। तभी पड़ोस की दुकान से रफीक ने आवाज लगाई- ‘यार तारीक! जरा इधर आ।’ रफीक उसका पुराना साथी था, उसी गली का दर्जी। उस रोज रफीक के चेहरे पर अजीब-सी चमक थी। ‘क्या हुआ?’ तारीक ने पूछा। ‘फौज का ऑर्डर आया है। बड़ा ऑर्डर। ढेर सारी वर्दियां सिलनी है, वो भी दो रोज के भीतर।’ रफीक ने बताया। तारीक ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘वाह मियां तुम्हारी तो लॉटरी लग गई… पर इतनी वर्दियों की डिमांड क्यों है?’ ‘अब ये तो नहीं पता भाई… बस फौज का एक ड्राइवर बता रहा था कि कहूटा में उनका कोई कैंप लगने वाला है।’ रफीक ने बताया। ‘कहूटा? कहूटा में क्या हो रहा?’ तारीक के दिमाग में ये बात बिजली सी कौंधी, पर उसने खुद को संभालते हुए कहा- ‘हां कोई भर्ती-वर्ती का कैंप होगा। फौज का तो काम ही ऐसा है।’ रफीक ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘कुछ वर्दियां तुम भी सिल देना तारीक। मैं अकेले इतना बड़ा ऑर्डर कैसे पूरा कर पाऊंगा।’ तारीक- ‘हां क्यों नहीं…’ इसके बाद तारीक और रफीक, दोनों अपने काम में जुट गए… देर शाम तारीक पुराने बस स्टैंड के पास एक कोने में बने टेलिफोन बूथ में पहुंचा। एक नंबर डायल किया और कोड वर्ड में बता दिया- ‘भारी तादाद में फौजी कहूटा भेजे जा रहे हैं।’ अगली सुबह दिल्ली के लोधी रोड में RAW का दफ्तर। एक अधेड़ उम्र का आदमी चाय की चुस्की लेते हुए वो संदेश पढ़ रहा था। वो थे- रामेश्वर नाथ काव। RAW के प्रमुख और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के सबसे भरोसेमंद ब्यूरोक्रेट। काव ने संदेश दो बार पढ़ा। फिर अपने साथी अफसर की तरफ देखा। ‘हम्म… कहूटा,’ उन्होंने कहा। साथी अफसर समझ गए। ‘सर, वहां की सुरक्षा…’ अफसर ने हिचकिचाते हुए पूछा। काव ने चाय का कप रखते हुए कहा- ‘मुझे पता है। फ्रांस कोशिश कर चुका है। अमेरिका कोशिश कर चुका है। कोई अंदर नहीं घुस पाया है।’ फिर थोड़ा रुककर काव ने कहा- ‘अगर हम अंदर नहीं जा सकते, तो क्या हुआ? जो अंदर से बाहर आ रहा है, हम उसे तो पकड़ सकते हैं।’ ‘मतलब सर?’ अफसर ने पूछा। RAW चीफ- ‘इंसान अपनी पहचान बदल सकता है, लेकिन अपने शरीर का सच नहीं बदल सकता। परमाणु रिएक्टर में काम करने वाले वैज्ञानिकों और फौजियों का शरीर रेडिएशन सोख लेता है। पता है, रेडिएशन के कण सबसे लंबे वक्त तक कहां जमा रहते हैं?’ अफसर चुप रहे। काव ने कहा- ‘बालों और नाखूनों में।’ कहूटा में कहीं ना कहीं नाई की दुकान होगी। वहां फौजी और वैज्ञानिक बाल कटवाने आते होंगे। हमें कहूटा के सैलूनों से वो बाल चाहिए। अगर उन बालों में प्लूटोनियम या यूरेनियम के अंश मिले... तो समझो पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो गया।’ इसके बाद RAW ने अपने एजेंटों को कोड वर्ड में मैसेज भेजकर नई रणनीति बताई। रणनीति थी- ‘कहूटा में मौजूद फौजियों या वैज्ञानिकों के बाल जमा करके भारत भेजना।’ RAW के नौ एजेंट। सब के सब अलग-अलग शहरों में पाकिस्तानी बनकर रह रहे थे। कोई दर्जी, कोई व्यापारी, कोई सब्जीवाला। उन्हें तीन-तीन के गुट में बांटा गया। कहूटा में एक नाई की दुकान थी। प्लान के मुताबिक तारीक, करीम और अरशद, RAW के ये तीन एजेंट सुबह-सुबह सफाईकर्मी और कचरा उठाने वाला बनकर उस बाजार में पहुंचे। फिर मौका पाकर तीनों ने अपनी ड्रेस बदली और सैलून में घुस गए। दुकान छोटी थी। तीन कुर्सियां, एक आईना, दीवार पर पुराने फिल्मी कैलेंडर। नाई उस्ताद रफीक, 50 साल की उम्र, हल्की मूंछें और जिंदगी भर के किस्से। तारीक ने दुकान में घुसते ही क्रिकेट की बहस छेड़ दी। इमरान खान बेहतर है या जहीर अब्बास। उस्ताद रफीक भी क्रिकेट का दीवाना था। पांच मिनट में दुकान में माहौल ऐसा था जैसे किसी चाय के ढाबे पर बहस छिड़ी हो। इसी दौरान दो फौजी सैलून में दनदनाते हुए घुसे। कंधे पर पट्टियां, तीखी नजर। वे बिना बारी का इंतजार किए सीधे जाकर कुर्सियों पर बैठ गए। नाई को डांटते हुए बोले- ‘पहले हमारे बाल काटो। वक्त नहीं है अपने पास।’ नाई बाल काटने लगा। अब तीनों लड़कों की नजरें फौजियों के गिरते हुए बालों पर थीं। वे बारीकी से देख रहे थे कि फौजियों के बाल फर्श पर कहां गिर रहे हैं। कुछ देर बाद बाल कटवाकर फौजी चले गए। अब सैलून वाला झाड़ू लेकर उन बालों को साफ करने के लिए आगे बढ़ा, तभी अरशद और करीम आपस में भिड़ गए। ‘तूने मुझे गाली कैसे दी?’ एक चिल्लाया। ‘तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की।’ दूसरे ने उसका कॉलर पकड़ लिया। सैलून में शोर मच गया। नाई झाड़ू छोड़कर दोनों को छुड़ाने के लिए बीच में आ गया। सैलून में बैठे बाकी लोग भी मार-पीट को शांत कराने में जुट गए। इसी अफरा-तफरी के बीच, तारीक ने फर्श पर गिरे फौजियों के बालों को समेटकर एक लिफाफे में डाला और जेब में रखकर चुपचाप निकल गया। वो सीधे रावलपिंडी स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर लाहौर आया। प्लेटफॉर्म पर भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस खड़ी थी। तारीक ने चुपके से बालों वाला लिफाफा दिल्ली जाने वाले एक मुसाफिर के बैग में रख दिया। करीब 10 घंटे बाद ट्रेन दिल्ली पहुंची। जांच के नाम पर एक-एक बैग की तलाशी ली गई। फिर RAW के एक अफसर के हाथ वो लिफाफा लग गया। जब फॉरेंसिक लैब में उन बालों की जांच की गई, तो पता चला कि उसमें 'हाईली एनरिच्ड यूरेनियम' के कण हैं। वही यूरेनियम, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में होता है।’ RAW जान चुका था कि पाकिस्तान कहूटा में परमाणु बम बना रहा है। अब ये बात भारत के प्रधानमंत्री तक पहुंचानी थी और यहीं से कहानी में ऐसा मोड़ आया, जिससे RAW के मिशन पर पानी फिर गया। दरअसल, इमरजेंसी के बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हार चुकी थी। जनता पार्टी के मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने थे। RAW से उनका पुराना बैर था। उनका मानना था कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा के कहने पर RAW ने विपक्षी नेताओं की जासूसी की थी। मोरारजी ने RAW का बजट भी 30% कम कर दिया था। उस रोज RAW चीफ आरएन काव कुछ अफसरों के साथ प्रधानमंत्री दफ्तर पहुंचे। फाइलें सामने रखीं। सबूत रखे। फिर कहा- सर, ‘पाकिस्तान कहूटा में परमाणु बम बना रहा है। हमारे पास सबूत हैं। एक एजेंट भी मिला है, जो उनका पूरा ब्लूप्रिंट दे सकता है- दस हजार डॉलर में। अगर आप कहें तो…’ तब 10 हजार डॉलर की कीमत 80-85 हजार रुपए के बराबर थी। मोरारजी ने हाथ उठाया। ‘नहीं। पाकिस्तान के मामले में हम दखल नहीं देंगे।’ कमरे में सन्नाटा छा गया। काव ने एक पल रुककर कहा, ‘सर, अगर पाकिस्तान परमाणु बम बना लेता है तो…’ ‘मैंने अपना फैसला बता दिया।’ मोरारजी ने कहा। काव बाहर निकले और RAW चीफ पद से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त जनरल जिया-उल-हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे। RAW के पूर्व अधिकारी बी. रमन अपनी किताब 'द काउब्वॉयज ऑफ रॉ' में लिखते हैं- ‘जनरल जिया अक्सर मोरारजी देसाई को फोन करते थे। देसी दवाओं और मूत्र चिकित्सा पर सलाह लेने के बहाने। मोरारजी इस पर गदगद हो जाते थे। जिया गंभीरता दिखाते हुए उनसे पूछते- ‘जनाब, एक दिन में कितनी बार मूत्र पीना चाहिए? क्या ये सुबह का पहला मूत्र होना चाहिए या दिन के किसी भी वक्त का?’ दरअसल, मोरारजी देसाई स्वमूत्र पीते थे। वे इसे नेचर थेरेपी मानते थे। एक बार तो अमेरिका में उन्होंने टीवी पर कह दिया था कि वो रोजाना अपना मूत्र पीते हैं। उस रोज भी जनरल जिया का फोन आया था, पर मोरारजी देसाई नेचर थेरेपी बताने के मूड में नहीं थे। वे परेशान थे। गुस्से में थे। पाकिस्तान के ग्रुप कैप्टन रहे एसएम हाली एक आर्टिकल में इस घटना का जिक्र करते हैं- ‘मोरारजी ने फोन पर कहा, ‘जनरल जिया, 'मुझे पता चल गया है। पाकिस्तान परमाणु बम बना रहा है।’ जिया घबरा गए, पर आवाज में मिठास बनाए रखी। ‘नहीं जनाब... यह सब झूठ है। पाकिस्तान ऐसा कुछ नहीं कर रहा।’ ‘तो फिर कहूटा में क्या हो रहा है?’ मोरारजी ने पूछा। इसके बाद फोन कट गया। जिया समझ गए कि उनका एटमी ताकत बनने का राज हिंदुस्तान जान चुका है। उन्होंने फौरन फौज और खुफिया एजेंसियों की बैठक बुलाई। आदेश सीधा था- ‘RAW के जासूसों को ढूंढो और खत्म करो।’ पाकिस्तानी फौज और एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों के सारे फोन कॉल्स खंगाले। खास तौर पर वो कॉल, जो हिंदुस्तान में किए गए थे। उसके बाद चुन-चुनकर RAW एजेंट्स मार दिए गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि कम से कम 30-35 जासूस मारे गए थे। अंडर कवर एजेंट तारीक, करीम और अरशद भी नहीं बचे। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का ब्लूप्रिंट इस्लामाबाद में एक ड्राय क्लीनर के बैग में मिला था। जब वो ब्लू प्रिंट किसी तरह दिल्ली पहुंचा, तो उसे देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए। पाकिस्तान सिर्फ एटम बम नहीं बना रहा था, उसने तो पूरा ढांचा तैयार कर लिया था। जनवरी 1980, इंदिरा गांधी 353 सीटें जीतकर फिर से प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने दोबारा ऑपरेशन कहूटा शुरू करने का आदेश दिया, लेकिन इस बार मकसद सिर्फ जानकारी जुटाना नहीं था। दरअसल, जून 1981 में इजराइली एयर फोर्स ने इराक के ओसिरक परमाणु संयंत्र पर बमबारी करके उसे तबाह कर दिया था। भारत भी कहूटा में कुछ ऐसा ही करना चाहता था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने जगुआर विमानों की मदद से कहूटा पर हवाई हमले की योजना बनाई। फरवरी 1983 में सेना के अफसर गोपनीय तरीके से इजराइल भी गए। इजराइल ने भारत को पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के बारे में टेक्निकल जानकारी दी। बदले में भारत ने मिग-23 की जानकारी इजराइल से साझा की। सीनियर सिक्योरिटी एनालिस्ट भरत कर्नाड एक आर्टिकल में लिखते हैं- ‘प्लान के मुताबिक 6 एफ-16 और 6 एफ-15 लड़ाकू विमानों को इजराइल के हाइफा से उड़कर गुजरात के जामनगर पहुंचना था। वहां से हवा में ईंधन भरते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जाना था। फिर पाकिस्तानी बॉर्डर में घुसकर हमला करना था। दो एफ-16 कहूटा पर बम गिराने वाले थे। जबकि, एक एफ-16 पाकिस्तानी वायु सेना की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए हवा में मुस्तैद रहने वाला था।' ये सीक्रेट प्लान था, लेकिन सितंबर 1984 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पाकिस्तान को बता दिया- ‘भारत हवाई हमला कर सकता है।’ उसी दिन अमेरिकी टेलीविजन चैनल ABC ने भी ये खबर प्रसारित कर दी। मजबूरन RAW को कहूटा पर अटैक करने के प्लान को होल्ड करना पड़ा। एक महीने बाद… 31 अक्टूबर 1984, दिल्ली में हल्की-हल्की सर्दियां पड़नी शुरू हो गई थीं। हमेशा की तरह पीएम इंदिरा गांधी सुबह 6 बजे उठ गईं। नाश्ते में उन्होंने दो टोस्ट, संतरे का जूस और अंडे लिए। इसके बाद वो अखबार पढ़ने लगीं। सुबह 8.30 बजे ‌BBC की एक डॉक्यूमेंट्री के लिए इंदिरा का इंटरव्यू होना था। पीएम को तैयार करने के लिए सुबह-सुबह ही मेकअप आर्टिस्ट उनके घर पहुंच गए थे। सुबह 9.10 बजे, इंदिरा हाथ से बुनी हुईं हल्के नारंगी रंग की साड़ी पहने 1, सफदरजंग रोड से अपने दफ्तर 1, अकबर रोड के लिए निकलीं। वे पैदल ही चल रही थीं। उन्हें धूप से बचाने के लिए कॉन्स्टेबल नारायण सिंह छाता लेकर उनके बगल में चल रहे थे। अकबर रोड गेट पर पहुंचते ही सुरक्षा गार्ड बेअंत सिंह और संतरी बूथ पर तैनात सतवंत सिंह ने इंदिरा को नमस्ते किया। इसी दौरान बेअंत ने पॉइंट 38 बोर की रिवॉल्वर इंदिरा पर तान दी। इंदिरा बोलीं, ‘ये तुम क्या कर रहे हो‌ बेअंत?’ बेअंत ने फायर कर दिया। गोली इंदिरा के पेट में लगी। उसने 4 और गोलियां दागीं। सतवंत घबरा गया। तभी बेअंत चिल्लाया- ‘गोली मारो।’ सतवंत ने स्टेनगन से धड़ाधड़ 25 गोलियां इंदिरा के सीने में उतार दीं। इंदिरा की मौत के बाद RAW का ऑपरेशन कहूटा ठंडे बस्ते में चला गया। इधर, पाकिस्तान ने चोरी-छिपे परमाणु बम बनाने का काम जारी रखा। सत्ता बदलती रही। सरकारें आती-जाती रहीं, पर कहूटा का काम नहीं रुका। अब तारीख आई 11 मई 1998, अटल बिहारी वाजपेयी को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने 53 दिन बीत चुके थे। उस रोज प्रधानमंत्री आवास में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी NSA ब्रजेश मिश्रा कुछ नर्वस मालूम पड़ रहे थे। प्रधानमंत्री के सचिव शक्ति सिन्हा वाजपेयी के पास कुछ जरूरी फाइलें लेकर आ रहे थे। उस दिन सिन्हा का जन्मदिन भी था, लेकिन वो जान-बूझ कर बधाई देने वालों के कॉल रिसीव नहीं कर रहे थे। उधर, राजस्थान के पोकरण में बने कंट्रोल रूम में बैठे वैज्ञानिक मौसम विभाग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। शाम के करीब 3 बजे रिपोर्ट आ गई कि सब कुछ ठीक है। सीनियर जर्नलिस्ट राज चेंगप्पा अपनी किताब 'वेपेंस ऑफ पीस' में लिखते हैं- ‘शाम के 3.45 बजे मॉनीटर पर लाल रोशनी आई। फिर एक सेकेंड बाद तीनों मॉनीटरों पर चौंधियाने वाली रोशनी दिखाई दी। अचानक सभी तस्वीरें फ्रीज हो गईं, धरती के अंदर का तापमान हजारों डिग्री सेंटिग्रेड पहुंच गया। वहां मौजूद मशहूर साइंटिस्ट और बाद में राष्ट्रपति बने एपीजे अब्दुल कलाम ने लगभग चिल्लाते हुए कहा- ‘अब एक अरब लोगों के हमारे देश को कोई नहीं कह सकता कि उसे क्या करना है। अब हम तय करेंगे कि हमें क्या करना है।’ थोड़ी देर बाद… प्रधानमंत्री आवास में फोन बजा। पहली ही घंटी पर NSA ब्रजेश मिश्रा ने फोन उठाया। रिसीवर पर कलाम की कांपती हुई आवाज गूंजी, 'सर, वी हैव डन इट।’ ब्रजेश मिश्रा फोन पर ही चिल्लाए, 'गॉड ब्लेस यू।’ अटल बिहारी वाजपेयी के सचिव रहे शक्ति सिन्हा अपनी किताब 'वाजपेयी द इयर्स दैट चेंज्ड इंडिया' में लिखते हैं- ‘लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, यशवंत सिन्हा और जसवंत सिंह प्रधानमंत्री आवास में डायनिंग टेबिल के चारों ओर बैठे हुए थे। सोफे पर बैठे वाजपेयी गहरी सोच में डूबे थे। कोई किसी से कुछ नहीं बोल रहा था। उस कमरे में मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। बहुत देर बाद वाजपेयी के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। उन्होंने जोर का ठहाका लगाया।’ उसी शाम वाजपेयी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- ‘आज 3.45 बजे भारत ने तीन भूमिगत परमाणु परीक्षण किए हैं। मैं इन्हें सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई देता हूं। दो दिन बाद यानी 13 मई को भारत ने फिर से दो परमाणु परीक्षण किए। दुनिया हैरान रह गई। CIA चौंक गई। उन्हें भनक तक नहीं थी। पाकिस्तान में फिर से हलचल मच गई- ‘हिंदुस्तान ने दो बार परमाणु बम का परीक्षण कर लिया और हम एक के लिए तरस रहे।’ ठीक 17 दिन बाद। 28 मई, 1998 की शाम। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अचानक टेलीविजन पर आए। उन्होंने कहा- ‘बीते दिनों भारत ने जो एटमी परीक्षण किए, आज हमने उसका भी हिसाब चुका दिया है और पांच एटमी परीक्षण किए हैं।’ उसी भाषण में शरीफ ने दावा किया- 'आज अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा कि हम आपको पांच अरब डॉलर दे रहे हैं। आप मेहरबानी करके एटम धमाका ना करें। मैंने उनसे कहा कि हमारे जमीर का सौदा ना करें, हम बिकने वाली कौम नहीं हैं। क्लिंटन बोले- आप पर प्रतिबंध लग जाएंगे। मैंने कहा- लगा दें पाबंदियां, क्या होगा।' इस तरह ‘ऑपरेशन कहूटा’ के बाद भी पाकिस्तान परमाणु ताकत हासिल करने वाला दुनिया का सातवां देश बन गया। आज भी इस मिशन को लेकर सियासी गलियारों में मोरारजी देसाई के उस कदम को लेकर सवाल उठते हैं। मई 1990 में, पाकिस्तान ने मोरारजी को निशान-ए-पाकिस्तान सम्मान भी दिया। ये पाकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान है। नोट : कहानी में शामिल कुछ असली किरदारों के नाम बदले हुए हैं। ऑपरेशन कहूटा की पहली कड़ी भी पढ़िए… भोपाल में जन्मे अब्दुल ने परमाणु बम की टेक्नोलॉजी चुराई: भागकर रातों-रात पाकिस्तान पहुंचा, बाल चुराकर भारतीय जासूसों ने बिगाड़ा खेल; ऑपरेशन कहूटा पार्ट-1 18 मई 1974, सुबह के ठीक 9 बज रहे थे। आकाशवाणी के दिल्ली स्टेशन पर उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉबी’ का गाना बज रहा था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों, और चाबी खो जाए...’ अचानक, गाने को बीच में ही रोक दिया गया। रेडियो पर कुछ सेकेंड्स के लिए सन्नाटा पसर गया। फिर अनाउंसर की गंभीर आवाज गूंजी- ‘एक महत्वपूर्ण प्रसारण की प्रतीक्षा करें…पूरी कहानी पढ़िए… ***** रेफरेंस :1. Vajpayee: The Years That Changed India : By Shakti Sinha2. The Kaoboys of RAW : By B Raman3. Kahuta: The Indo-Israeli Plan to Attack Pakistan's Nuclear Plant : Saghir Iqbal4. The man from Pakistan : Douglas Frantz and Catherine Collins5. Weapons of Peace : Raj Chengappa

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:26 am

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी, आरोपी के IP एड्रेस की हुई पहचान, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। ALSO READ: नरेंद्र मोदी ने तोड़ा नेहरू का 77 साल पुराना रिकॉर्ड, बने भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री खबरों के अनुसार, इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। यह धमकी 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कम्युनिटी इवेंट की घोषणा करने वाली एक फेसबुक पोस्ट के नीचे दी गई थी। यह कार्यक्रम 9 जुलाई को मार्वल स्टेडियम में होना है। इस यात्रा के दौरान उनके कई द्विपक्षीय कार्यक्रमों और कम्युनिटी इवेंट्स में शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें मेलबर्न में होने वाला कार्यक्रम भी शामिल है। क्‍या लिखा है फेसबुक पोस्‍ट में? यह धमकी अबू मुस्तफा नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई है। टिप्पणी में कहा गया था, इवेंट के दौरान स्टेडियम की छत बंद कर दी जाए वरना वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आ रहे होंगे। इस मामले की सूचना उसी दिन ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने उस पोस्ट से जुड़े IP एड्रेस की पहचान कर ली है। अधिकारी इस मैसेज से जुड़ी परिस्थितियों और इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कोई अपराध हुआ है या इसकी योजना है? ALSO READ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र को संबोधन से जुड़ीं 20 खास बातें... अब तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां, वहां आने वाले दूसरे देशों के प्रमुखों को मिलने वाली धमकियों को बहुत गंभीरता से लेती हैं और इसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई भी का जाती है। हाईप्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की सुरक्षा योजना में आमतौर पर कई एजेंसियां ​​शामिल होती हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और खास सुरक्षा यूनिट्स शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने अभी तक इस जांच पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। ALSO READ: कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें पहले भी मिल चुकी है प्रधानमंत्री मोदी को धमकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकीभरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 11:22 pm

इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ की सबसे बड़ी रन चेज, 4 विकेट से जीता T20I मैच

ENGvsIND रवि बिश्नोई का एक महंगा ओवर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर भारी पड़ा जहां इंग्लैंड ने शनिवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।इंग्लैंड ने 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक ओवर शेष रहते छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।यह इंग्लैंड की टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी रन चेज है। मैच का निर्णायक मोड़ 17वां ओवर साबित हुआ, जिसमें रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। ओवर की शुरुआत उन्होंने लगातार दो नो-बॉल से की और इसके बाद जैकब बेथल ने तीन शानदार छक्के जड़कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड की झोली में डाल दिया। बेथल ने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।दिन की शुरुआत 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर उत्साह के साथ हुई थी, लेकिन अंत 22 वर्षीय जैकब बेथल की विस्फोटक बल्लेबाजी के नाम रहा। इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह (40 रन पर तीन विकेट) ने फिल सॉल्ट और जोस बटलर को खाता खोले बिना आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।कप्तान हैरी ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 39 रन बनाए। उन्होंने अर्शदीप के एक ओवर में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 27 रन बटोरे और दबाव को काफी हद तक कम कर दिया। अक्षर पटेल (20 रन पर एक विकेट) ने हैरी ब्रूक को विकेटकीपर इशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को राहत दिलाई, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।इसके बाद बेथल और टॉम बैंटन ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी कर भारतीय स्पिन आक्रमण को प्रभावी नहीं होने दिया। बैंटन ने 32 गेंदों में 39 रन बनाए। भारतीय स्पिनरों में केवल अक्षर ही प्रभाव छोड़ सके। इसके विपरीत बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन खर्च किए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 37 रन देकर एक विकेट लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दोनों स्पिनरों की अपेक्षाकृत तेज गेंदबाजी का भरपूर फायदा उठाया। कप्तान श्रेयस अय्यर का 13वें ओवर में अर्शदीप सिंह को दोबारा गेंदबाजी पर लाने का फैसला सफल रहा। अर्शदीप ने बैंटन को आउट कर भारत की उम्मीदें जगाईं, लेकिन बिश्नोई का महंगा ओवर टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर गया। England take a 1-0 series lead thanks to Jacob Bethell's stunning knock : https://t.co/QHJo0eDrRz pic.twitter.com/esBm5eDnMp — ICC (@ICC) July 4, 2026 इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवर में तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन की तेज पारी खेलते हुए जोफ्रा आर्चर के ओवर से 17 रन बटोरे और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा। उनकी पहली पारी हालांकि ज्यादा लंबी नहीं चली। उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन विल जैक्स की ऑफ स्पिन पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन और किशन ने 43 गेंदों में 49 रन बनाए, लेकिन तीनों बल्लेबाज पूरी तरह सहज नहीं दिखे। किशन विशेष रूप से स्पिनरों की धीमी गेंदों और गति में बदलाव को पढ़ने में संघर्ष करते नजर आए। इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर की तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में परेशान किया, जबकि सैम कुरन ने गति में बदलाव और धीमी गेंदों के दम पर मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखा। कुरन ने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। विल जैक्स ने तीन ओवर में 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने तीन ओवर में 27 रन देकर एक सफलता प्राप्त की। आदिल राशिद भी किफायती रहे और दो ओवर में सिर्फ 21 रन दिए। अभिषेक शर्मा शुरुआत में आर्चर की रफ्तार के सामने संघर्ष करते रहे और अपनी पहली 12 गेंदों में लगभग 10 बार गेंद को खेलने से चूक गए। बाद में उन्होंने लय हासिल की, लेकिन कुरन की फुलटॉस पर खेला गया उनका जोरदार फ्लिक सीधे मिडविकेट पर खड़े बैंटन के हाथों में चला गया।अय्यर और किशन ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला, लेकिन ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की बड़ी बाउंड्री और इंग्लैंड के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 11:19 pm

निकाह हलाला क्या है और इस पर न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू की क्या राय है?

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने निकाह हलाला को असंवैधानिक बताते हुए इसे समाप्त करने, बहुविवाह पर रोक और समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की

हस्तक्षेप 4 Jul 2026 11:08 pm

झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट

झालावाड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को झालावाड़ जिले में क्षेत्रीय वन अधिकारी (गश्ती दल) को घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ब्यूरो ने उनके ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि उनको शिकायत मिली थी कि लकड़ी से लदे वाहनों को पास करने […] The post झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:58 pm

उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं

नई दिल्ली। वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने ई20 से पुराने वाहनों को नुकसान की बात को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे जो भी छिटपुट मामले सामने आए हैं उनमें ईंधन में मिलावट के कारण नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में हुंडई मोटर इंडिया के […] The post उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:51 pm

जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी

बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से 2018 से 2023 तक पचपदरा रिफाइनरी का काम ठप हो गया था और जैसे ही राज्य में डबल इंजन सरकार आई इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज इसका लोकार्पण किया जा रहा […] The post जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:46 pm

रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल

बालोतरा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया इतिहास रचने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है और उनके मार्गदर्शन में […] The post रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:39 pm

तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को संबोधित एक पत्र में अपना पद छोड़ने की जानकारी दी। उनका यह इस्तीफा पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों की रिपोर्टों के बीच आया है। उनके पार्षद बेटे ने पार्टी […] The post तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:31 pm

मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन

जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। मोदी ने इस अवसर पर संशोधित उड़ान योजना का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने नये टर्मिनल भवन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायड़ू, केन्द्रीय संस्कृति […] The post मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 8:05 pm

एथनॉल जैसी वैकल्पिक व्यवस्था से ईंधन आयात पर कम होगी निर्भरता : गडकरी

नई दिल्ली। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के सरकार के कार्यक्रम की कतिपय हलकों में हो रही आलोचना के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहनों के लिए ऐसे ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि इससे तेल आयात में भारी बचत हो सकती है और वैकल्पिक ईंधनों पर चलने […] The post एथनॉल जैसी वैकल्पिक व्यवस्था से ईंधन आयात पर कम होगी निर्भरता : गडकरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 8:01 pm

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक , राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से 13 अगस्त तक होगा और इस दौरान करीब 19 बैठकें होनी की संभावना है। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति ने संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से बुलाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान […] The post संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक , राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों पर होगी चर्चा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 7:56 pm

मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली

मेरठ। उत्तर प्रदेश में मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किशोरी की उसके ही भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन की हत्या करके आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा […] The post मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 7:47 pm

अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी

अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में शालीमार नगर में शनिवार सुबह हथियारबंद तीन नकाबपोश बदमाशों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के सहायक आयुक्त के घर में घुसकर लाखों रुपये के जेवर नकदी लूटकर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बदमाश रात में ही ओमप्रकाश के मकान की छत पर […] The post अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 7:42 pm

हनुमानगढ़ में हवा भरते ट्रक का टायर फटा, मिस्त्री की मौत

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के गोगामेडी कस्बे में एक वर्कशॉप के मिस्त्री की ट्रक के टायर में हवा भरते समय टायर फट जाने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार दोपहर में गोगामेडी में सोनी वर्कशॉप पर काम करने वाला रोहताश (34) एक ट्रक के टायर में पंचर लगाने […] The post हनुमानगढ़ में हवा भरते ट्रक का टायर फटा, मिस्त्री की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 7:37 pm

बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में जयपुर मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक फार्च्यूनर के पलटने से दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि देर रात जयपुर मार्ग पर तेजी से आ रही फार्च्यूनर एक स्कूटी से […] The post बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 7:33 pm

आज का एक्सप्लेनर:मुजतबा खामेनेई जिंदा भी हैं या नहीं, पिता के जनाजे को कंधा क्यों नहीं दिया; क्या सुराग मिलते ही मार देगा इजराइल

ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। क्या वो जिंदा भी हैं, अगर हां तो किस हाल में, क्या उनकी जान को अब भी खतरा; आज का एक्सप्लेनर इसी बात पर… सवाल-1: मुजतबा खामेनेई जिंदा भी हैं या नहीं? जवाब: मुजतबा खामेनेई घायल हुए थे, लेकिन जिंदा हैं… सवाल-2: जिंदा हैं, तो किस हाल में हैं मुजतबा? जवाब: कोई पुख्ता जानकारी नहीं, 3 तरह के दावे हैं… 1. ब्रिटिश अखबार ‘द टाइम्स’ ने अप्रैल में रिपोर्ट की थी कि मुजतबा होश में नहीं हैं और वे कोमा में भी हो सकते हैं। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ईरान में क्या हो रहा है। अन्य ब्रिटिश अखबार 'द सन' के मुताबिक वेंटिलेटर पर हैं। वो बिना सपोर्ट के सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। 2. अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक बुरी तरह से घायल हैं, लेकिन दिमाग सक्रिय है और वे फैसले ले रहे हैं। उनके पैर की 3 बार सर्जरी हो चुकी है। उन्हें प्रोस्थेटिक, यानी कृत्रिम पैर लगाया जाना है। उनका चेहरा और होंठ बुरी तरह जल गए हैं। उनके हाथ में भी चोट लगी है। 3. सुप्रीम लीडर के दफ्तर में प्रोटोकॉल महानिदेशक मजाहेर होसैनी के मुताबिक, सुप्रीम लीडर के कान के पीछे छोटी खरोंच है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सुप्रीम लीडर के घाव में कुछ टांके लगे, लेकिन उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। सवाल-3: क्या मुजतबा फिलहाल ईरान में नहीं हैं? जवाब: कुवैत के अखबार अल-जरीदा ने रिपोर्ट किया था कि मुजतबा रूस की राजधानी मॉस्को में इलाज करवा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के सुझाव पर रूसी प्लेन से मॉस्को ले जाया गया है। यहीं उनकी सर्जरी हुई है और वे रिकवर हो रहे हैं। पुतिन के ही किसी घर में उन्हें ठहराया गया है। अल-जरीदा के मुताबिक, मुजतबा की गंभीर चोटों को विशेष इलाज और देखरेख की जरूरत थी, जो ईरान में जंग के बीच मुमकिन नहीं था। इजराइल की धमकी के बाद ईरान में उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता था। हालांकि, मॉस्को में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने इन दावों को खारिज कर दिया। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक भी मुजतबा ईरान में ही किसी सीक्रेट लोकेशन पर हैं। अमेरिकी न्यूज चैनल CBS ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ईरान के बड़े अधिकारियों को भी नहीं पता है कि मुजतबा कहां हैं। लोकेशन लीक न हो, इसलिए ईरान के सीनियर नेता और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारी मिलने या हाल-चाल पूछने भी नहीं जाते हैं। सवाल-4: तो फिर सुप्रीम लीडर तक सूचनाएं कैसे पहुंचती हैं? जवाब: किसी भी डिजिटल ट्रैकिंग से बचकर मुजतबा तक मैसेज पहुंचाने के लिए पुराने जमाने का तरीका अपनाया जाता है। अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स और इजराइली अखबार इजराइल हायोम की रिपोर्ट्स के मुताबिक… अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने इसे 'कोरियरों का भूलभुलैया' बताया है। इसी वजह से अमेरिका-ईरान की बातचीत या फैसलों में देरी हुई है। एक ईरानी अधिकारी ने इजराइली अखबार 'द जेरूसलम पोस्ट' को बताया कि जब तक सुप्रीम लीडर की मंजूरी मिलती है, तब तक वो शर्त या सूचना पुरानी हो चुकी होती है। क्योंकि जवाब आने में काफी वक्त लगता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कुछ मामलों में सीक्रेट ऑडियो लिंक के जरिए भी मुजतबा बैठकों में शामिल होते हैं। सवाल-5: ऐसे में ईरान चला कौन रहा है? जवाब: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, 1979 की क्रांति के बाद, पहली बार ईरान के पास कोई एक ऐसा धार्मिक नेता नहीं है जो हर फैसले पर आखिरी मुहर लगाए। कागजी तौर पर भले मुजतबा सुप्रीम लीडर हैं, लेकिन हकीकत ये है कि ईरान को IRGC के टॉप कमांडर्स और मुजतबा के वफादार सलाहकारों का ग्रुप चला रहा है। दरअसल, आयतुल्लाह खामेनेई ने मरने से पहले ही अपनी गैरमौजूदगी को भरने के लिए अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां बांट दी थी। न्यू यॉर्क टाइम्स के मुताबिक बड़े सैन्य और सरकारी पदों पर 4 स्तर के विकल्प तैयार किए गए थे, जिससे किसी की मृत्यु होने पर अगला व्यक्ति तुरंत जिम्मेदारी संभाल ले। इसके अलावा उन्होंने पहले ही IRGC को कई अधिकार दे दिए थे। ब्रिटिश थिंकटैंक चाथम हाउस में मिडिल ईस्ट प्रोग्राम के डायरेक्टर सनम वकील के मुताबिक, 'ईरान में अभी कोई एक कमांडर नहीं है। यहां एक सिस्टम चल रहा है, जहां बहुत सारे लोग कमांड कर रहे हैं। हर कोई अपने लिए लड़ रहा है।' अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी ऑफ ब्लूमिंगटन में ईरानी राजनीति के प्रोफेसर हुसैन बनाई के मुताबिक, 'ईरान में सुप्रीम लीडर की शक्तियां कम होने के कई सबूत हैं। राष्ट्रपति जो चाहते हैं, कहते हैं। स्पीकर को जो ठीक लगता है, वो कह देते हैं। किसी में कोई सामंजस्य नहीं है।' रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि अब मुजतबा की भूमिका सहमति की मुहर लगाने भर की रह गई है। बड़े फैसले जनरल लेते हैं और मुजतबा उन्हें अपनी धार्मिक-संवैधानिक वैधता देते हैं। ईरान मामलों के जानकार आरश अजीजी के मुताबिक, जरूरी मसौदे शायद मुजतबा से होकर गुजरते होंगे, लेकिन यह मुश्किल है कि वे नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसले पलट सकें। यहां तक कि राष्ट्रपति पजशकियान भी कई बड़े फैसलों से बाहर रखे गए हैं। सवाल-6: जंग खत्म हो गई, क्या अब भी मुजतबा की जान को खतरा है? जवाब: 4 मार्च, 2026 को इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने धमकी दी- ‘जो भी ईरान का लीडर बनेगा, वो इजराइल का टारगेट होगा।’ उन्होंने 1 जुलाई को फिर दोहराया कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा को मारना हमारा टारगेट है। इजराइल टारगेट किलिंग में एक्सपर्ट है। उसने दशकों की मेहनत के बाद ईरान में अपना खुफिया नेटवर्क बहुत मजबूत कर लिया है। करीब ३ महीने की जंग में इजराइल ने ईरान में 250 से ज्यादा टारगेट किलिंग की हैं। स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी में इस्लामी धर्मशास्त्र के प्रोफेसर मोहम्मद फजलहाशमी के मुताबिक, 'इजराइल और अमेरिका का खुफिया तंत्र ईरान से मजबूत है। ईरान में इजराइल के एजेंट तैनात हैं। मुजतबा जैसे ही सामने आएंगे, अमेरिका और इजराइल उन्हें अपना निशाना बना लेंगे।' इजराइल पहले भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़े हमले कर चुका है। 2024 में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के शपथ ग्रहण में पहुंचे हमास प्रमुख इस्माइल हानिया को इजराइल ने मिसाइल हमले में मार दिया था। 1992 में हिज्बुल्लाह के महासचिव अब्बास अल-मुसावी पर लेबनान में एक रैली से लौटते हुए हमला किया था। सवाल-7: क्या वाकई पिता के जनाजे में नहीं पहुंचेंगे मुजतबा?जवाब: भारत में मुजतबा खामेनेई के प्रतिनिधि आयतुल्लाह हाकिम इलाही ने 3 जुलाई को बताया कि सुप्रीम लीडर जनाजे में शामिल होना चाहते थे। वो अपने लोगों से मिलना चाहते थे। लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। ईरान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के डिप्टी मिनिस्टर और समारोहों की देखरेख करने वाली समिति के सचिव अली अकबर पोरजमशीदियन ने कहा कि सुप्रीम लीडर के जनाजे में शामिल होने का फैसला उनके कार्यालय के हाथों में है। आयोजकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि वे शामिल होंगे या नहीं। अगर मुजतबा शामिल नहीं होंगे, तो उनकी जगह जनाजे की नमाज कौन अदा करेगा, इसकी घोषणा भी अभी नहीं हुई है। ------------ ये खबर भी पढ़िए…खामेनेई के जनाजे में न पीएम मोदी जाएंगे, न विदेश मंत्री; राज्यपाल और राज्यमंत्री क्यों भेज रहे, भारत की स्ट्रैटेजी क्या अयातुल्लाह अली खामेनेई को हत्या के 131 दिन बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। 6 दिन के राजकीय जनाजे में ईरान दुनियाभर से नेताओं को बुला रहा है। 23 जून को राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को भी न्योता दिया। लेकिन पीएम मोदी नहीं पहुंचे। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:58 pm

Weekly Horoscope: 6 से 12 जुलाई 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत

Weekly Horoscope 2026: साप्ताहिक राशिफल ग्रह-नक्षत्रों की चाल और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर आने वाले सात दिनों की संभावित घटनाओं का संकेत देता है। हर सप्ताह ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों- मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन- पर अलग-अलग रूप में पड़ता है। इस साप्ताहिक राशिफल में मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, बिजनेस, धन, लव लाइफ, वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा और शुभ उपाय का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है, ताकि आप आने वाले सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक सोच और बेहतर तैयारी के साथ कर सकें। ALSO READ: July 2026 Weekly Horoscope: अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल (6 से 12 जुलाई): इस सप्ताह किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार? साप्ताहिक राशिफल (6 जुलाई से 12 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) कार्यक्षेत्र में प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होने के योग हैं, जो भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने कर्ज या देनदारियों से राहत मिलने की संभावना है। इस सप्ताह आपके घर-परिवार का माहौल प्रेम और अपनापन से भरा रहेगा। किसी प्रियजन के प्रति आपकी सच्ची चिंता परिवार के सदस्यों को और करीब लाएगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और साथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। दयालु और सकारात्मक सोच आपको मानसिक शांति देगी। लंबित कार्यों को टालें नहीं, क्योंकि वे यात्रा योजनाओं में बाधा डाल सकते हैं। संपत्ति में किया गया दीर्घकालिक निवेश लाभदायक रहेगा। विद्यार्थियों को सम्मान या छात्रवृत्ति मिलने की संभावना है। शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: येलो वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) बचत और खर्चों पर नियंत्रण रखने के प्रयास आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे। अविवाहित लोगों के जीवन में किसी समझदार और आकर्षक व्यक्ति का प्रवेश हो सकता है, जिससे नए प्रेम की शुरुआत संभव है। यह सप्ताह आपके लिए कम मेहनत में अच्छे परिणाम लेकर आ सकता है। घर में आपकी किसी इच्छा का विरोध हो सकता है, जिससे मन थोड़ा विचलित रहेगा, इसलिए धैर्य बनाए रखें। स्वास्थ्य में सुधार होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। रोमांच से भरी छुट्टी की योजना बन सकती है। अपना घर खरीदने का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सामाजिक जीवन में आपकी चमक फिर लौट सकती है। विद्यार्थी निरंतर मेहनत से पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: पर्पल मिथुन (21 मई – 21 जून) कार्यक्षेत्र में आपकी उपलब्धियों में एक नया अध्याय जुड़ सकता है। घर में किसी बदलाव से पहले सभी की राय लेना बेहतर रहेगा, जिससे शांति बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में थोड़ा संयम जरूरी है, क्योंकि अस्थायी धन की कमी महसूस हो सकती है। प्रेम जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति मिलेगा जिससे आप अपने मन की बातें खुलकर साझा कर पाएंगे और विश्वास बढ़ेगा। रचनात्मक गतिविधियां और शौक आपको मानसिक सुकून देंगे। यात्रा के योग हैं, लेकिन सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। संपत्ति की खरीद-बिक्री में जल्दबाजी से बचें, क्योंकि इससे आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। किसी पुराने परिचित से अचानक मुलाकात पुराने रिश्तों को फिर से जीवंत कर सकती है। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: ऑरेंज कर्क (22 जून – 22 जुलाई) कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं बनाने और अधूरे काम पूरे करने के लिए समय अनुकूल है। व्यस्तता के बावजूद अपने वादों को निभाना प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक होगा। इस सप्ताह परिवार में आपकी भूमिका और महत्व बढ़ेगा तथा आप जिम्मेदारियों को आसानी से निभाएंगे। व्यापार करने वालों को उम्मीद से पहले आर्थिक लक्ष्य प्राप्त हो सकते हैं। खान-पान में सुधार से आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित यात्रा का अवसर मिल सकता है। व्यावसायिक संपत्ति में सोच-समझकर किया गया निवेश अच्छा लाभ देगा। किसी भी नए वादे या जिम्मेदारी को स्वीकार करने से पहले अपने समय और संसाधनों का सही आकलन कर लें। शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: स्काई ब्लू सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) आपके पुराने प्रयासों और समर्पण का फल मिलने लगेगा, विशेषकर नेतृत्व की भूमिका निभाने वालों को। परिवार पुराने मतभेद भूलकर आगे बढ़ने की कोशिश करेगा। किसी अच्छे उद्देश्य पर खर्च किया गया धन संतोष देगा, लेकिन फिजूलखर्ची से बचें। प्रेम जीवन में ताजगी और उत्साह बनाए रखने से रिश्ते और मजबूत होंगे। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव आपको भावनात्मक तनाव से राहत देगा। छुट्टी की योजना बनाने से पहले अधूरे कामों पर भी ध्यान दें। माता-पिता के लिए कोई बड़ा उपहार या घर खरीदने का विचार मन में आ सकता है। चुनौतियों का सामना मुस्कान और सकारात्मक सोच से करेंगे तो कठिनाइयां आसान लगेंगी। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पीच कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) ग्राहकों और लोगों से सीधे संपर्क के माध्यम से आपको आगे बढ़ने के नए विचार मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आप स्वयं पर थोड़ा खर्च करने का आनंद ले सकते हैं। व्यायाम से थोड़ा विराम लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा, बशर्ते यह आलस्य में न बदल जाए। बच्चों से जुड़ी समस्याएं धैर्य और समझदारी की मांग करेंगी। प्रेम संबंधों में कुछ परीक्षाएं आ सकती हैं, इसलिए रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करें। नई जगहों की यात्रा आपके अनुभवों को समृद्ध बनाएगी। संपत्ति से जुड़े निर्णय लेने से पहले बजट का ध्यान रखें। बुरी आदतों को छोड़ने के प्रयास धीरे-धीरे अच्छे परिणाम देंगे। विद्यार्थी मेहनत के बल पर शानदार सफलता प्राप्त करेंगे। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: मैरून तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बांटना थोड़ा कठिन लग सकता है। दोस्तों के साथ अचानक घूमने या पिकनिक का अवसर मन को प्रसन्न करेगा। प्रेम आपके जीवन में अप्रत्याशित बदलाव ला सकता है और भावनाएं गहरी हो सकती हैं। म्यूचुअल फंड और नियमित निवेश आपको दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों के करीब ले जाएंगे। किसी पुराने मित्र या परिचित से सुखद मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर उपचार लें। घर या संपत्ति के विस्तार और नवीनीकरण की योजनाएं सफल रहेंगी। कई अच्छी बातों के बावजूद आपको लगेगा कि आप अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। विद्यार्थी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देकर बेहतर परिणाम पा सकते हैं। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: सैफ्रन वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) आप कार्य का दबाव आसानी से संभाल पाएंगे। सामाजिक जीवन में अपनी पहचान बनाने के प्रयास आंशिक रूप से सफल रहेंगे। आर्थिक मामलों में अनुशासन बेहद आवश्यक होगा, अन्यथा बजट बिगड़ सकता है। प्रेम जीवन में नई खुशियां आएंगी और छोटे-छोटे पल भी आनंद देंगे। योग, ध्यान और स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगी। किसी शांत और सुकून भरी जगह की यात्रा आपको मानसिक शांति दे सकती है। संपत्ति से जुड़े विवाद अचानक सामने आ सकते हैं, इसलिए दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें। मित्रों के साथ समय बिताना खुशी और ताजगी देगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में एकाग्रता बनाए रखने से सफलता मिलने की संभावना प्रबल है। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सिल्वर धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह सप्ताह सहज और उत्पादक रहेगा। परिवार की जिम्मेदारियों के कारण आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। प्रेम जीवन में किसी नई मुलाकात या पुराने संपर्क के माध्यम से मधुर शुरुआत हो सकती है। किसी बुद्धिमान या आध्यात्मिक व्यक्ति का मार्गदर्शन मानसिक शांति देगा। यात्रा की योजना बनाते समय खर्च और लाभ दोनों पर विचार करें। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रिश्तेदारों के बीच मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें समझदारी से सुलझाना होगा। किसी सामाजिक समारोह में भाग लेने से नए लोगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी अपने ज्ञान और सीखने की लगन से उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: गोल्डन मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपका आत्मविश्वास और ज्ञान कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता दिला सकता है। बच्चों को दिया गया आपका प्रोत्साहन उनके मनोबल को बढ़ाएगा। अनावश्यक खर्चों में कटौती करने से आर्थिक संतुलन बना रहेगा। प्रेम जीवन में आप गहराई और सच्चे भावनात्मक संबंधों की तलाश करेंगे। संतुलित जीवनशैली अपनाने से स्वास्थ्य में सुधार होगा। परिवार या मित्रों के साथ यात्रा की योजना यादगार साबित होगी। व्यावसायिक संपत्ति में निवेश दीर्घकालिक लाभ दे सकता है। अनावश्यक जोखिम उठाने से बचें, क्योंकि इससे समस्याएं बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों को लापरवाही से बचकर निरंतर मेहनत करनी चाहिए। शुभ अंक: 15 | शुभ रंग: ग्रीन कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) अचानक होने वाला आर्थिक लाभ आपकी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकता है। कोई छोटी-सी रोमांटिक मुलाकात आपके मन में मीठी याद छोड़ जाएगी। ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और खेलकूद या बाहरी गतिविधियों की ओर आकर्षित होंगे। बिक्री और मार्केटिंग से जुड़े लोग प्रतिस्पर्धा के बावजूद ग्राहकों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। यदि आप यात्रा की सोच रहे हैं, तो अब उसकी ठोस योजना बनाने का सही समय है। घर का कोई हिस्सा किराए पर देकर अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है। दोस्तों के साथ घूमने का निमंत्रण भी मिल सकता है। विद्यार्थी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन से उम्मीदों से बढ़कर सफलता हासिल करेंगे। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: व्हाइट मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) सामाजिक जीवन में आपकी संवाद क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। आर्थिक रूप से बचत और सोच-समझकर खर्च करने की आदत आपकी स्थिति को मजबूत बनाएगी। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी या कटु शब्दों से बचें, क्योंकि इससे साथी की भावनाएं आहत हो सकती हैं। मानसिक थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम और आत्म-देखभाल के लिए समय निकालें। यात्रा का मन होगा, लेकिन खर्चों पर नजर रखना जरूरी है। घर या संपत्ति में सुधार और नवीनीकरण से उसका मूल्य बढ़ सकता है। महत्वाकांक्षी लोगों के साथ मिलकर काम करना आपके भविष्य के लिए लाभकारी रहेगा। विद्यार्थी अनुशासन और प्रेरणा के साथ अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: ब्राउन ALSO READ: गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

वेब दुनिया 4 Jul 2026 5:17 pm

61 साल की उम्र में तीसरी शादी करने जा रहे आमिर खान, भारी बारिश के बीच घर रोशनी और फूलों से सजा

बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान एक बार फिर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आमिर खान 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाने जा रहे हैं। उनकी शादी को लेकर उनके फैंस और सोशल मीडिया पर जबरदस्त बज बना हुआ है। भारी बारिश के बीच सज रहा है 'पाली हिल' का आशियाना मुंबई में इस समय मानसून की भारी बारिश हो रही है, लेकिन मौसम की यह बेरुखी भी शादी की तैयारियों को नहीं रोक सकी। आमिर खान के बांद्रा स्थित 'पाली हिल' आवास से कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जहां घर को खूबसूरत लाइट्स और फूलों से सजाया जा रहा है। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) भारी बारिश और वॉटरलॉगिंग के बीच वाटरप्रूफ टेंट लगाए जा रहे हैं और वर्कर्स रेनकोट पहनकर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। घर पर मेहमानों के आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जहां हाल ही में आमिर की बहन को भी स्पॉट किया गया। ALSO READ: सोनाक्षी सिन्हा ने दिखाई घर की खास पेंटिंग, गायत्री मंत्र और कलमा का अनूठा संगम A post shared by Varinder Chawla (@varindertchawla) सेलेब्रिटीज की भव्य और डेस्टिनेशन शादियों के चलन से इतर, आमिर खान ने इस शादी को पूरी तरह निजी रखने का फैसला किया है। खबरों के मुताबिक, आमिर स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज करेंगे। शादी में केवल 100 से 150 करीबी लोग ही शामिल होंगे। इसमें दोनों परिवारों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री से आमिर के बेहद पुराने दोस्त जैसे आशुतोष गोवारिकर और राजकुमार संतोषी के शामिल होने की उम्मीद है। खबरों की मानें तो इस शादी के बाद किसी भी तरह के बड़े बॉलीवुड रिसेप्शन का आयोजन नहीं किया जाएगा। दोपहर में सिर्फ एक खास लंच रखा गया है, जिसके मेन्यू में आमिर और गौरी की पसंद के खास व्यंजन शामिल किए गए हैं। इस शादी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें आमिर और गौरी के बच्चे पूरी तरह शामिल और खुश हैं। आमिर खान की पहली पत्नी रीना दत्ता से उनके बच्चे जुनैद खान और इरा खान, साथ ही किरण राव से उनका बेटा आजाद राव खान इस शादी का हिस्सा बनेंगे। वहीं, गौरी स्प्रैट का भी पहली शादी से एक बेटा है, जो इस जश्न में मौजूद रहेगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कौन हैं गौरी स्प्रैट? गौरी स्प्रैट का जन्म बेंगलुरु में एक बहुसांस्कृतिक परिवार में हुआ था। वह फैशन, ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। वह मशहूर ग्रूमिंग ब्रांड BBlunt की को-ओनर और मैनेजर रह चुकी हैं। इसके अलावा वह आमिर खान प्रोडक्शंस के साथ भी कुछ क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स में जुड़ी रही हैं। आमिर और गौरी एक-दूसरे को लगभग 25 सालों से जानते हैं। सालों पहले बेंगलुरु में एक कॉमन कनेक्शन के जरिए उनकी मुलाकात हुई थी, लेकिन बाद में दोनों का संपर्क टूट गया। समय के साथ जब वे दोबारा मिले, तो उनकी पुरानी दोस्ती प्यार में बदल गई। आमिर ने पिछले साल अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर पहली बार गौरी को मीडिया से मिलवाया था। आमिर खान ने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी, जिससे उनका 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद साल 2005 में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन 16 साल बाद 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। आमिर के दोनों पूर्व पत्नियों के साथ आज भी बेहतरीन और सम्मानजनक संबंध हैं। अब 61 वर्ष की उम्र में आमिर अपनी जिंदगी का यह नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 5:00 pm

अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस पर न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू का संदेश

अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस पर न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने अमेरिका के लोकतांत्रिक आदर्शों, स्वतंत्रता संग्राम और भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य पर अपने विचार व्यक्त किए।

हस्तक्षेप 4 Jul 2026 3:45 pm

क्या सेंसर बोर्ड ने होल्ड किया 'मातृभूमि' का सर्टिफिकेशन? सलमान खान फिल्म्स ने बताया सच

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्मों का फैंस को हमेशा बेसब्री से इंतजार रहता है। इन दिनों सलमान खान अपनी आगामी वॉर-ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फिल्म के सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेशन को लेकर कई तरह के विवादों की खबरें तैर रही थीं। अब इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए खुद सलमान खान फिल्म्स ने एक आधिकारिक और बड़ा बयान जारी किया है। सलमान खान फिल्म्स ने 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर हाल ही में सामने आई अटकलों को खारिज कर दिया है। A post shared by Salman Khan Films (@skfilmsofficial) प्रोडक्शन हाउस ने साफ किया है कि फिल्म को लेकर CBFC सर्टिफिकेशन में किसी तरह की दिक्कत आने की खबरें गलत हैं। बैनर ने बताया कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजा ही नहीं गया है, इसलिए इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है। ALSO READ: ब्लैक शिमरी टॉप और डेनिम में पलक तिवारी ने ढाया कहर, सिजलिंग अदाओं से उड़ाए फैंस के होश साथ ही, उन्होंने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाली जानकारी शेयर न करें। फिल्म से जुड़ी सभी आधिकारिक घोषणाएं सिर्फ सलमान खान फिल्म्स के ऑफिशियल कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए ही की जाएंगी। क्या है पूरा विवाद और सलमान खान फिल्म्स का जवाब? हाल ही में मीडिया गलियारों और इंटरनेट पर ऐसी खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं कि फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' के कुछ दृश्यों या विषय वस्तु को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने आपत्ति जताई है और फिल्म का सर्टिफिकेशन होल्ड पर रख दिया है। इन खबरों के सामने आने के बाद फैंस के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर चिंता बढ़ गई थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें बता दें कि इस फिल्म की घोषणा पहले 'बैटल ऑफ गलवान' के नाम से की गई थी। यह फिल्म साल 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई ऐतिहासिक और साहसी झड़प से प्रेरित है, जिसमें भारतीय सेना के जांबाज कर्नल बी. संतोष बाबू और उनके जवानों ने अदम्य वीरता का परिचय दिया था। चित्रांगदा सिंह भी फिल्म में अहम भूमिका में दिखेंगी। हाल ही में निर्देशक अपूर्वा लखिया ने फिल्म का नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' करने के पीछे की वजह साझा की थी। उन्होंने बताया था कि यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध या सैन्य टकराव के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के भीतर चलने वाले मौन संघर्ष, उनके बलिदान, मानवता और वैश्विक शांति के संदेश को दर्शाती है।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 3:18 pm

‘जाने तू या जाने ना’ को 18 साल पूरे: आज भी क्यों दिल जीत लेती है ये फिल्म?

इमरान खान और जेनेलिया डिसूजा देशमुख की फिल्म 'जाने तू या जाने ना' की रिलीज को 18 साल पूरे हो गए हैं। फिल्म में दोनों की केमिस्ट्री ने फैंस का दिल जीत लिया था। इस फिल्म से आमिर खान के भांजे इमरान खान ने इंडस्ट्री में कदम रखा था। आमिर खान प्रोडक्शंस की 'जाने तू या जाने ना' की 18वीं एनिवर्सरी पर उसे दोबारा देखना एक मजेदार चॉइस है। चलिए डालते हैं, फिल्म को मस्ट वॉच बनाने वाली फिल्म से जुड़ी 6 बातों पर एक नजर... ALSO READ: फराह खान अली ने बताया क्यों टूटा था बॉबी देओल संग रिश्ता, क्या नीलम कोठारी थीं वजह? आइकॉनिक स्टोरी टेलिंग यह फिल्म मॉडर्न रिलेशनशिप की उलझनों को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाती है, साथ ही दोस्ती से रोमांस तक के सफर को ह्यूमर के साथ-साथ खास पलों के साथ पेश करती है। यादगार म्यूजिक ए.आर. रहमान के शानदार कंपोजिशन के साथ, जाने तू या जाने ना का साउंडट्रैक गहरा प्रभाव छोड़ता है, जिसमें कभी कभी अदिति और पप्पू कान्ट डांस जैसे गानों से पुरानी यादें ताज़ा हो जाती हैं। इमरान-जेनेलिया की केमिस्ट्री इमरान खान का डेब्यू एक चार्मिंग यंग लड़के के रूप में, स्क्रीन पर जेनेलिया डिसूजा की एनर्जेटिक एक्टिंग के साथ, एक खूबसूरत केमिस्ट्री बनाती है। बढ़ती दोस्ती और अनजाने प्यार का उनका एहसास असल और आकर्षक लगता है। दिल छू लेने वाली दोस्ती फिल्म खूबसूरती से दिखाती है कि करीबी दोस्तों के ग्रुप में विश्वास कैसे काम करता है। हर एक किरदार का एक अनोखा व्यक्तित्व है, जो असल जीवन की दोस्ती और जीवन के उतार-चढ़ाव के दौरान एक-दूसरे को दिए जाने वाले सपोर्ट को दर्शाता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें रूढ़िवादिता को तोड़ना जाने तू या जाने ना इंडियन सिनेमा में आम रूढ़ियों को चुनौती देती है। यह इमरान खान के शांत किरदार और जेनेलिया के आजाद व्यक्तित्व को दिखाते हुए आदमी-औरत की दोस्ती को देखने के हमारे नजरिए को बदल देती है, जो दोस्ती के आम विचारों को चुनौती देती है। टाइमलेस अपील कई साल के बाद भी, फिल्म में मौजूद ह्यूमर, रोमांस और रीयल इमोशंस का मेल दर्शकों को जोड़ता है, जिससे यह एक टाइमलेस क्लासिक फिल्म बन जाती है, जो दोबारा देखने लायक है। जाने तू या जाने ना, एक फ्रेश कहानी और यादगार एक्टिंग का सही उदाहरण है, जो इंडियन सिनेमा में एक यादगार बन चुका है।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 2:56 pm

अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?

कश्मीर की कुछ ऐसी रहस्यमयी गुफाएं हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इनका दूसरा सिरा 4,000 किलोमीटर दूर सीधा रूस तक जाता है। पीर पंजाल केव: यहाँ एक प्राचीन और पवित्र शिवलिंग स्थापित है। शिव खाड़ी: यह भी जम्मू में स्थित शिव आराधना का एक प्रमुख केंद्र है और अमरनाथ गुफा जो श्रीनगर से 3 घंटे की दूरी पर स्थित है। चलिए जानते हैं अमरनाथ गुफा के बारे में रोचक बातें। बाबा अमरनाथ: यात्रा और भौगोलिक स्थिति लोकेशन व आकार: श्रीनगर से 145 किमी दूर, समुद्र तल से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा 150 फीट ऊंची और 90 फीट लंबी है। यात्रा मार्ग: इसके दो रास्ते हैं- पहला पहलगाम और दूसरा सोनमर्ग बालटाल। इन बेस कैंप्स तक पहुंचने के बाद आगे की चढ़ाई पैदल तय की जाती है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जाने से पहले जरूर करें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेंगे सुरक्षित अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य 1. पुण्य का महासागर: पुराणों के अनुसार, अमरनाथ के दर्शन से काशी से 10 गुना, प्रयाग से 100 गुना और नैमिषारण्य से 1,000 गुना अधिक पुण्य मिलता है। 2. 'अमरेश्वर' बनाम बाबा बर्फानी: इस शिवलिंग का वास्तविक नाम 'अमरेश्वर' है। यह यात्रा हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा से शुरू होकर पूरे सावन महीने (रक्षाबंधन तक) चलती है। 3. शिव का प्रथम आगमन: मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं श्रावण मास की पूर्णिमा को पहली बार इस गुफा में आए थे, इसीलिए इस दिन 'छड़ी मुबारक' को हिमशिवलिंग के पास स्थापित किया जाता है। 4. चंद्रकला से निर्मित ठोस बर्फ: गुफा के केंद्र में टपकने वाली बूंदों से पहले बर्फ का बुलबुला बनता है, जो 15 दिनों तक चंद्रमा के बढ़ने के साथ बढ़ता है और घटने के साथ विलीन हो जाता है। यह अद्भुत शिवलिंग ठोस बर्फ का होता है, जबकि अन्य जगहों की बर्फ हाथ लगाते ही भुरभुरा जाती है। पास में ही गणेश, भैरव और पार्वती के हिमखंड भी बनते हैं। 5. अमरकथा और अमर पक्षी: इसी गुफा में शिवजी ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इस कथा को एक तोते (शुकदेव ऋषि) और दो कबूतरों ने भी सुन लिया था। वो कबूतर आज भी अमर होकर इस गुफा में श्रद्धालुओं को दिखाई देते हैं। 6. शिवजी का 'त्याग' मार्ग: अमरकथा सुनाने जाते समय शिवजी ने रास्ते में अपनी प्रिय चीजों का त्याग किया- अनंतनाग में नागों को, चंदनवाड़ी में माथे के चंदन को, पिस्सू टॉप पर पिस्सुओं को और शेषनाग पर अपने गले के नाग को छोड़ा। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प गुफा का पौराणिक व ऐतिहासिक सफ़र भृगु ऋषि की खोज: पौराणिक कथा के अनुसार, जब ऋषि कश्यप ने जलमग्न कश्मीर घाटी का पानी नदियों के जरिए बाहर निकाला, तब सबसे पहले भृगु ऋषि ने हिमालय की कंदराओं में इस पवित्र गुफा और शिवलिंग के दर्शन किए थे। उम्र का रहस्य: पुरातत्व विभाग इसे 5,000 वर्ष पुराना (महाभारत कालीन) मानता है, लेकिन हिमालय के इतिहास को देखते हुए यह गुफा हिमयुग (12 से 13 हजार वर्ष पूर्व) की हो सकती है। ऐतिहासिक प्रमाण: महाभारत और बौद्ध काल के अलावा, ईसा पूर्व लिखी गई कल्हण की 'राजतरंगिनी' में जिक्र है कि 34 ईस्वी पूर्व कश्मीर के राजा सामदीमत पहलगाम के वनों में स्थित इस बर्फ के शिवलिंग की पूजा करने आते थे। बृंगेश संहिता और नीलमत पुराण में भी इसका गौरवशाली इतिहास दर्ज है। ALSO READ: गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

वेब दुनिया 4 Jul 2026 2:45 pm

India's Got Latent 2 में छाईं Geni Kamki, 134 मिलियन व्यूज वाली वायरल रील ने समय रैना को भी किया हैरान

समय रैना का मशहूर और विवादित टैलेंट हंट शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2' अपने दूसरे एपिसोड के साथ तहलका मचा रहा है। इस एपिसोड में कई अनोखे और टैलेंटेड कंटेस्टेंट्स ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, लेकिन जिस एक चेहरे ने पूरी महफिल लूट ली, वह हैं जेनी कामकी (Geni Kamki)। सोशल मीडिया की दुनिया में जेनी को उनके इंस्टाग्राम हैंडल Luciidforyou के नाम से जाना जाता है। शो के मंच पर भले ही जेनी 1 लाख रुपए की प्राइज मनी नहीं जीत पाईं, लेकिन उन्होंने अपनी अविश्वसनीय सोशल मीडिया रीच और लोकप्रियता से शो के होस्ट समय रैना सहित सभी जजों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। A post shared by India’s Got Latent (@indiasgotlatent) गुवाहाटी और समय रैना की FIR का कनेक्शन मंच पर अपनी एंट्री के दौरान जेनी कामकी ने बताया कि वह मूल रूप से अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले के कामकी गांव की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल वह गुवाहाटी से होम्योपैथी की पढ़ाई कर रही हैं। जैसे ही समय रैना ने सुना कि जेनी गुवाहाटी में रहती हैं, तो वह अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में बोल पड़े, यार गुवाहाटी में मेरी एक FIR कम करा दो। ALSO READ: जब नीना गुप्ता ने शाहरुख खान और करण जौहर को कह दिया था 'मतलबी', बेटी मसाबा से जुड़ा है ये दिलचस्प किस्सा दरअसल, समय रैना पिछले सीजन के एक विवाद के बाद गुवाहाटी में दर्ज हुई कानूनी शिकायत (FIR) का जिक्र कर रहे थे, जिसने वहां मौजूद दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। A post shared by Geni Kamki (@luciidforyou) 134 मिलियन व्यूज वाली वायरल रील जेनी कामकी इंटरनेट की दुनिया के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। वह इंस्टाग्राम पर 1.2 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स के साथ एक स्थापित कंटेंट क्रिएटर, डांसर और सिंगर हैं। शो के दौरान जब उनकी लोकप्रियता की बात चली, तो उनके एक बेहद खास वीडियो का जिक्र हुआ। वर्ष 2018 की सुपरहिट तेलुगु फिल्म 'गीता गोविंदम' के ब्लॉकबस्टर गाने वाचिंदम्मा पर जेनी ने एक रील बनाई थी। इस वीडियो में वह पहले बहुत ध्यान से पढ़ाई करती नजर आती हैं और अचानक उठकर पूरे जोश के साथ डांस करने लगती हैं। पढ़ाई के बीच की यह 'रिलेटेबल मस्ती' लोगों को इतनी पसंद आई कि देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। शो की शूटिंग के समय इस वीडियो पर 118 मिलियन व्यूज थे, जो अब बढ़कर 134 मिलियन को पार कर चुके हैं। जब पैनलिस्ट बलराज सिंह घई ने चुटकी लेते हुए कहा कि समय के खुद के वीडियोज पर इतने व्यूज नहीं आते हैं, तो समय रैना ने भी बेहद सादगी से इसे स्वीकार किया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें समय रैना ने मजाकिया लहजे में कहा, नहीं हैं भाई इतने व्यूज! जेनी के इस स्टारडम को देखकर समय इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने खड़े होकर जेनी कामकी को अपनी जज वाली कुर्सी ऑफर कर दी और कहा कि उन्हें कंटेस्टेंट नहीं बल्कि पैनल में जजों के साथ बैठना चाहिए। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा भी हैं दीवाने जेनी कामकी के इस वीडियो का जादू सिर्फ आम जनता पर ही नहीं, बल्कि फिल्म 'गीता गोविंदम' के लीड एक्टर्स रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा पर भी चला। रश्मिका मंदाना ने इस रील पर कमेंट करते हुए लिखा था, आय्य्य्य! मुझे यह वीडियो बहुत पसंद आया। मेरे भगवान! क्या डांस है यार!! अमेजिंग! वहीं विजय देवरकोंडा ने तारीफ में लिखा, यह हाल के दिनों में मुझे भेजा गया सबसे बेस्ट वीडियो है, गेनी तुम्हारी टाइमिंग कमाल की है। जेनी सिर्फ एक कैजुअल रील क्रिएटर नहीं हैं, बल्कि वह कला के क्षेत्र में गहरी रुचि रखती हैं। वह एक प्रशिक्षित कथक डांसर हैं और उन्होंने असमिया शास्त्रीय नृत्य 'सत्रिया' तथा कई आदिवासी लोक नृत्यों का भी प्रशिक्षण लिया है। शो में उन्होंने अपने भाई का एक अनरिलीज्ड गाना गाकर अपनी गायकी का हुनर भी दिखाया। 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में आने के बाद अब जेनी कामकी की फैन फॉलोइंग और तेजी से आसमान छू रही है।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 1:04 pm

रोमांच के शिखर पर अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराया (Video Highlights)

लियोनेल मेसी, लिसैंड्रो मार्टिनेज और डिने बोर्गस के आत्मघाती गोल की मदद से अर्जेंटीना ने शुक्रवार को अतिरिक्त समय के बाद केप वर्डे पर 3-2 की नाटकीय जीत दर्ज करते हुए फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की की। मैच की शुरुआत के पहले हॉफ में मेसी ने 29वें मिनट में गोल दागा अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत में केप वर्डे के लिए डेरोय डुआर्टे ने 59वें मिनट में बराबरी का गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। दोनों टीमों के बीच 90 मिनट का खेल पूरा होने तक स्कोर बराबरी ही रहा। इसके बाद अतिरिक्त समय में लिसांद्रो मार्टिनेज ने 92वें मिनट में दूसरा गोल कर अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी। Argentina vs Cape Verde is the best game of this World Cup so far. What a game! Every time you thought Argentina had won it, Cape Verde found a way back. If only the rest of the African teams had shown that same mentality pic.twitter.com/DGrVgEZRt8 — ????????????????????????????????????! (@UtdChulo) July 4, 2026 मार्टिनेज के गोल के बाद लगा अर्जेंटीना अब यह मैच आसानी से जीत लेगा, लेकिन 103वें मिनट में सिडनी लोप्स काब्रेल ने गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद फिर 15 मिनट का अतिरिक्त समय लिया गया। अतिरिक्त समय में मेसी ने 111वें मिनट में कॉर्नर से गोल करने का प्रयास किया, लेकिन केप वर्डे के डिने बोर्गस ने आत्मघाती गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 से बढ़त दिला दी। केप वर्डे ने इसके बाद 116 और 120वें मिनट में गोल करने के प्रयास किए, लेकिन विफल रहे। अभी एक और नाटकीय मोड़ आना बाकी था जब एमिलियानो मार्टिनेज ने कैब्राल की फ्री किक को शानदार तरीके से रोककर अर्जेंटीना को जीत दिला दी।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 1:00 pm

सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही में अभिभावकों को दहलाने वाला आरोप सामने आया है। सिरोही के एक निजी छात्रावास में छह बच्चों से यौन शोषण का आरोप सामने आया है। न्यायिक हस्तक्षेप और प्रारंभिक जांच के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पुलिस को तहरीर भिजवाई। सिरोही […] The post सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 12:04 pm

मुंबई की बारिश बनी आफत: उर्वशी ढोलकिया की कार पर गिरा विशालकाय पेड़, देखिए वीडियो

मुंबई में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। जहां एक तरफ इस बारिश ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ लोगों के लिए यह आफत का सबब भी बनती जा रही है। भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया के बेटे और अभिनेता क्षितिज ढोलकिया के साथ एक हादसा हो गया। दरअसल, मुंबई में लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण क्षितिज ढोलकिया की खड़ी कार पर एक बहुत बड़ा और भारी-भरकम पेड़ अचानक गिर गया। इस हादसे में उनकी गाड़ी बुरी तरह से पिचक गई और उसे भारी नुकसान पहुंचा है। ALSO READ: ब्लैक शिमरी टॉप और डेनिम में पलक तिवारी ने ढाया कहर, सिजलिंग अदाओं से उड़ाए फैंस के होश हालांकि, सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कार के अंदर कोई भी इंसान मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते टल गया। हादसे के ठीक बाद क्षितिज ढोलकिया ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर इस भयावह घटना से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं। A post shared by Bollywood News (@bolly_newssss) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक विशालकाय पेड़ ने उनकी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया है और गाड़ी का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से दब चुका है। एक अन्य वीडियो क्लिप में BMC कर्मचारी और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर पहुंचकर कटर की मदद से पेड़ की टहनियों को काटकर कार से हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस डरावने अनुभव को साझा करते हुए क्षितिज ने वीडियो में कहा, फिलहाल मेरी कार की हालत ऐसी हो चुकी है। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि किसी को भी इस हादसे में चोट नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने एक भावुक और आभार व्यक्त करने वाला नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को तुरंत एक्शन लेने के लिए धन्यवाद दिया। क्षितिज ने लिखा, यह एक डरावनी याद दिलाने वाली घटना है कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित हो सकती है। शुक्र है कि मैं उस वक्त कार में नहीं था और सब सुरक्षित हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की तुरंत मदद के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमेशा आभारी रहूंगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस मानसूनी आफत का असर केवल आम जनता पर ही नहीं बल्कि बॉलीवुड और टीवी सितारों पर भी पड़ रहा है। हाल ही में एक्ट्रेस अश्नूर कौर के घर में भी बारिश का पानी घुस गया था, वहीं अभिनेता रणदीप हुड्डा को मुंबई के भारी ट्रैफिक से बचने के लिए मास्क लगाकर मेट्रो से सफर करना पड़ा था। कौन हैं क्षितिज ढोलकिया? उर्वशी ढोलकिया के बेटे क्षितिज ढोलकिया ने हाल ही में एकता कपूर के सुपरहिट सुपरनैचुरल शो 'नागिन 7' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की है। इस शो में उन्होंने एक 'नाग' की भूमिका निभाई थी, जिसमें उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया। उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर साजिद खान की फिल्म 'हमशक्लस' (2014) और आयुष्मान खुराना स्टारर 'ड्रीम गर्ल' (2019) में काम करके फिल्म मेकिंग की बारीकियों को सीखा है।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 11:16 am

भोपाल में जन्मे अब्दुल ने परमाणु बम की टेक्नोलॉजी चुराई:भागकर रातों-रात पाकिस्तान पहुंचा, बाल चुराकर जासूसों ने कैसे बिगाड़ा खेल; ऑपरेशन कहूटा पार्ट-1

बात 1977 की है। पाकिस्तानी फौज के हेडक्वार्टर रावलपिंडी से करीब 50 किलोमीटर दूर कहूटा। छोटा सा शहर। भारत के जम्मू-कश्मीर का पुंछ यहां से महज 70 किलोमीटर है। सुबह का वक्त था। एक सैलून में बाल कटाने वालों की भीड़ थी। कैंचियों की 'खिच-खिच' और रेडियो पर बजते फिल्मी गानों बीच कई लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी सैलून का दरवाजा खुला। दो फौजी अफसर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने कड़क आवाज में कहा, ‘पहले हमारे बाल काटो…वक्त नहीं है अपने पास।’ वे सीधे जाकर कुर्सी पर बैठ गए। सैलून के कोने में बैठे तीन लड़के अखबार पढ़ रहे थे। कड़क आवाज सुनते ही उनकी नजरें फौजियों पर टिक गईं। अब नाई ने बाल काटना शुरू किया। लड़कों की नजर फर्श पर गिर रहे फौजियों के बालों पर थी। थोड़ी देर बाद फौजी बाल कटवाकर चले गए। अब सैलून वाला झाड़ू लेकर उन बालों को साफ करने के लिए आगे बढ़ा, तभी तीन में से दो लड़के आपस में भिड़ गए। ‘तूने मुझे गाली कैसे दी?’ एक चिल्लाया। ‘तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की।’ दूसरे ने उसका कॉलर पकड़ लिया। सैलून में हड़कंप मच गया। नाई झाड़ू छोड़कर दोनों को छुड़ाने लगा। सैलून में बैठे बाकी लोग भी मार-पीट को शांत कराने में जुट गए। इधर, चुपचाप बैठा तीसरा लड़का धीरे से उठा। फर्श पर गिरे फौजियों के बालों को समेटकर एक लिफाफे में डाला और जेब में रखकर चुपचाप निकल गया। लड़का भागता हुआ रावलपिंडी स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर लाहौर आया। प्लेटफॉर्म पर भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस खड़ी थी। लड़का खिड़कियों से अंदर झांकते हुए आगे बढ़ा। अचानक उसने एक शख्स से पूछा- ‘जनाब दिल्ली जा रहे हैं क्या? शख्स ने सिर हिलाया- जी हां।’ थोड़ी देर बाद, भीड़ का फायदा उठाकर लड़का बोगी के अंदर गया और लोगों की नजरों से बचकर उस अनजान मुसाफिर के बैग में वो लिफाफा रख दिया। करीब 10 घंटे बाद ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। भारत की खुफिया एजेंसी RAW के अफसर वहां मौजूद थे। जांच के नाम पर एक-एक बैग की तलाशी ली गई। फिर एक अफसर के हाथ वो लिफाफा लग गया। अफसर उस लिफाफे को लेकर फौरन एक फॉरेन्सिक लैब पहुंचा। उसने एक अधिकारी से कहा- ‘अर्जेंट है। प्लीज इस सैंपल की जांच कीजिए।’ वैज्ञानिक ने लिफाफे से बाल निकाले और एक मशीन के भीतर रखकर स्विच ऑन कर दिया। मशीन की लाल लाइटें चमकने लगीं और मॉनिटर का ग्राफ तेजी से ऊपर होने लगा। वैज्ञानिक ने घबराहट में री-चेकिंग की, पर नतीजा नहीं बदला। आखिर उन बालों में क्या था? पाकिस्तान के किस राज से पर्दा उठने वाला था? आज ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में कहानी भारत के खुफिया ‘ऑपरेशन कहूटा’ की… कहानी की शुरुआत होती है 1962 के भारत-चीन जंग से। चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से पर अचानक हमला कर दिया। एक महीने तक जंग चली। भारत बुरी तरह हार गया। करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पर चीन ने कब्जा कर लिया। नेहरू की सरकार कठघरे में थी। देश की सुरक्षा और आधुनिक हथियारों की जरूरतों को लेकर बहस छिड़ी हुई थी। इसी बीच 1964 में चीन ने परमाणु परीक्षण कर दिया। पूरी दुनिया चौंक गई। देश में यह मांग जोर पकड़ने लगी कि भारत को बचे रहना है, तो हर हाल में परमाणु बम बनाना होगा। 1965 की एक तपती दोपहर। कराची में पाकिस्तान के विदेश मंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो पत्रकारों से बात कर रहे थे। एक पत्रकार ने सवाल दागा- ‘भुट्टो साहब, अगर हिंदुस्तान ने परमाणु बम बना लिया, तो पाकिस्तान क्या करेगा?’ भुट्टो के चेहरे के भाव बदल गए। उन्होंने गुस्से में कहा- ‘अगर हिंदुस्तान परमाणु बम बनाता है, तो हम भी बनाएंगे। इसके सिवा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है। भले ही हमें घास खानी पड़े या पत्ते चबाने पड़ें। जरूरत पड़ी, तो हम भूखे पेट भी सो जाएंगे।’ इधर, पाकिस्तान, भारत पर हमले की तैयारी कर रहा था। वह यह सोच बैठा था कि चीन से मात खाने के बाद हिंदुस्तान कमजोर पड़ चुका है। अप्रैल 1965 में उसने गुजरात के कच्छ में कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। कुछ दिनों बाद दोनों देशों के बीच सुलह हुई, लेकिन जुलाई में पाकिस्तान ने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए ऑपरेशन जिब्राल्टर शुरू कर दिया। भारत ने फौरन जवाबी कार्रवाई शुरू की और अगस्त महीने में पीओके के दाना और दर्रा हाजीपीर इलाके पर कब्जा कर लिया, लेकिन इतना काफी नहीं था। फिर आई 6 सितंबर की सुबह। भारत की फौज लाहौर के बाहरी इलाके तक पहुंच गई। जोरदार हमला कर दिया। तब पाकिस्तान को लगा कि कश्मीर हथियाने के चक्कर में कहीं उसका लाहौर न छीन जाए। आखिरकार यूनाइटेड नेशन्स की पहल पर 23 सितंबर को दोनों देश सीज फायर पर राजी हो गए। ठीक 15 दिन बाद… 8 अक्टूबर को भारत के मशहूर परमाणु वैज्ञानिक डॉ. होमी भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो पर ऐलान किया- ‘अगर मुझे छूट दी जाए तो भारत 18 महीने के भीतर परमाणु बम बना सकता है।’ तीन महीने बाद यानी 10 जनवरी 1966 को भारत और पाकिस्तान के बीच ताशकंद में समझौता हुआ, लेकिन 12 घंटे बाद ही आधी रात में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत हो गई। अचानक हुई शास्त्री की मौत पर साजिश की बात चल ही रही थी कि 24 जनवरी को लंदन जा रहे एक विमान हादसे में परमाणु वैज्ञानिक होमी भाभा का निधन हो गया। चर्चा होने लगी कि दोनों मौतों में कोई ना कोई कड़ी तो है। 7 साल बाद… 3 अगस्त 1972, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पाकिस्तान सरकार को बताया कि भारत बहुत जल्द परमाणु परीक्षण करने वाला है। 1971 की जंग हार चुका पाकिस्तान बेचैन हो उठा, लेकिन परीक्षण कब होगा, कहां होगा और किस रूप में होगा, इसकी जानकारी CIA को भी नहीं थी। पाकिस्तान इधर-उधर हाथ-पैर मारता रहा। 2 साल बाद, तारीख-13 मई 1974 और जगह- राजस्थान का पोकरण। भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष होमी सेठना की देखरेख में वैज्ञानिकों ने परमाणु डिवाइस असेंबल करना शुरू किया। 14 मई की रात ढलने से पहले, उस डिवाइस को L शेप के एक गहरे गड्ढे में पहुंचा दिया गया। काम का पहला चरण पूरा हो चुका था, अब बारी थी फैसले की। अगली सुबह, सेठना साहब ने दिल्ली का रुख किया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात का वक्त पहले से मुकर्रर था। सेठना ने इंदिरा से कहा- ‘मैडम… हमने उस डिवाइस को असेंबल कर दिया है। अब आप यह मत कहिएगा कि उसे बाहर निकालो। ऐसा करना मुमकिन नहीं है। अब आप भी हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।’ इंदिरा के चेहरे पर न कोई शिकन थी, न कोई हिचकिचाहट। उन्होंने बड़ी सहजता से कहा- ‘क्या तुम्हें डर लग रहा है, सेठना?’ सेठना के होठों पर मुस्कान उभर आई, बोले- ‘बिल्कुल नहीं, प्रधानमंत्री जी। मैं तो बस आपको बता रहा था कि अब इस रास्ते पर वापसी का कोई मोड़ नहीं है।’ इंदिरा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘गो अहेड।’ अगले दिन सेठना वापस पोकरण पहुंचे। टीम को एक जगह जमा किया। माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा था। सेठना ने सबकी तरफ देखा और पूछा- ‘साथियों, अगर यह मिशन नाकाम रहा, तो किसका सिर काटा जाना चाहिए?’ बम का डिजाइन तैयार करने वाले राजगोपाल चिदंबरम ने झट से जवाब दिया- ‘मेरा, मेरा सिर काट लीजिएगा।’ 18 मई 1974, सुबह के ठीक 9 बज रहे थे। आकाशवाणी के दिल्ली स्टेशन पर उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉबी’ का गाना बज रहा था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों, और चाबी खो जाए...’ अचानक, गाने को बीच में ही रोक दिया गया। रेडियो पर कुछ सेकेंड्स के लिए सन्नाटा पसर गया। फिर अनाउंसर की गंभीर आवाज गूंजी- ‘एक महत्वपूर्ण प्रसारण की प्रतीक्षा करें…’ रेडियो सुन रहे लोगों की सांसें थम गईं। कुछ ही सेकेंड्स के बाद अनाउंसर ने बताया- ‘आज सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर भारत ने एक अज्ञात जगह पर भूमिगत परमाणु परीक्षण किया है।’ यह भारत का 'स्माइलिंग बुद्धा' मिशन था। यानी भारत ने परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी हासिल कर ली थी। जब ये खबर रेडियो पर चल रही थी, तब नीदरलैंड्स में बैठा एक शख्स भी कान लगाए हुए था। उसका नाम था- ‘अब्दुल कदीर खान।’ आजादी से पहले भोपाल में जन्मे कदीर खान उन दिनों नीदरलैंड्स में एक जर्मन यूरेनियम लैबोरेटरी में काम कर रहे थे। अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन अफेयर्स’ के मुताबिक- 'जैसे ही कदीर खान को पता चला कि हिंदुस्तान ने परमाणु बम बना लिया है, उन्होंने सीधे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को चिट्ठी लिखी। कदीर खान ने लिखा- ‘हिंदुस्तान के परमाणु परीक्षण ने हमारे अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। पाकिस्तान को बिना देर किए परमाणु बम बनाना चाहिए। मेरे पास वह समझ और पहुंच है, जो पाकिस्तान को परमाणु ताकत वाला मुल्क बना सकता है। मैं काम करने को तैयार हूं।’ चिट्ठी मिलते ही भुट्टो ने कदीर खान के इस ऑफर को मान लिया और हर मुमकिन मदद का भरोसा भी दिया। कदीर खान अपने मिशन में जुट गए। इधर, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और नीदरलैंड्स की खुफिया एजेंसियां उनके पीछे पड़ गईं। एजेंसियों को पता चल चुका था कि खान चोरी-छिपे परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी और डिजाइनों का अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि, एजेंसियों ने तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय, उनकी जासूसी करने का फैसला किया। क्योंकि, उनकी नजर सिर्फ एक व्यक्ति तक नहीं थी। वे पाकिस्तान के पूरे नेटवर्क का पता लगाना चाहते थे। कदीर खान भी कम शातिर वैज्ञानिक नहीं थे। जल्द ही उन्हें आभास हो गया कि चौबीसों घंटे उनकी निगरानी की जा रही है। उनके फोन टैप हो रहे हैं। अगर वे जरा भी चूके, तो यूरोप की जेलों में उन्हें सड़ना होगा। दिसंबर 1975 की एक सर्द रात। नीदरलैंड्स के यूरेनियम प्लांट के बरामदे में सन्नाटा पसरा था। भारी ओवरकोट पहने कदीर खान तेजी से आगे बढ़ रहे थे। अचानक उनके कदम एक दरवाजे के सामने रुक गए, जिस पर लाल अक्षरों में लिखा था- ‘प्रतिबंधित एरिया’। खान ने गर्दन घुमाकर चारों तरफ देखा। कोई नजर नहीं आ रहा था। उन्होंने कोट की अंदरूनी जेब से एक मास्टर चाबी निकाली। चाबी घूमते ही महीन सी 'क्लिक' की आवाज हुई और दरवाजा खुल गया। अंदर टेबल पर एक ब्रीफकेस रखा था। खान ने फुर्ती से उसका लॉक खोला। भीतर रखे डिजाइन्स और ब्लूप्रिंट्स को निकालकर ओवरकोट में छुपा लिया। दबे पांव बाहर निकले। दरवाजा बंद किया और अंधेरे में गुम हो गए। कुछ देर बाद… खान अपने घर के एक बंद कमरे में थे। टेबल लैंप की मद्धम रोशनी में उनके साथ 35-40 साल का भरोसेमंद असिस्टेंट बैठा था। खान एक-एक कर सीक्रेट फाइलें बढ़ाते जा रहे थे और असिस्टेंट उनका अंग्रेजी में अनुवाद करता जा रहा था। दो घंटे की मशक्कत के बाद अनुवाद पूरा हो गया। तड़के 4 बजे। एम्सटर्डम एयरपोर्ट कोहरे की चादर से लिपटा हुआ था। कदीर खान बीवी और बच्चों के साथ पाकिस्तान जाने वाले जहाज में बैठ चुके थे। जैसे ही जहाज आसमान की ऊंचाइयों में ओझल हुआ, खान ने खिड़की से बाहर देखते हुए गहरी सांस ली।…'Now we are safe.' उधर, एम्सटर्डम एयरपोर्ट के कंट्रोल रूम में डच खुफिया एजेंसी के अफसरों के होश उड़े थे। वे बदहवासी में सुरक्षा कैमरों की फुटेज खंगाल रहे थे। कुछ अफसर गाड़ियां दौड़ाते हुए खान के घर की तरफ भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अगले दिन, इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री आवास। बंद कमरे में प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो, सेना के टॉप अफसर और ISI प्रमुख के सामने वो फाइल और ब्लूप्रिंट्स रखे थे। भुट्टो ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए खान से कहा- ‘डॉक्टर साहब, क्या इन कागजातों के दम पर हम एटम बम बना लेंगे।?’ खान की आंखों में एक चमक उभरी, ‘बिल्कुल जनाब। अगर हमें इसका सामान मिल जाए, तो एटम बम सिर्फ एक ख्वाब नहीं, हकीकत होगा।’ भुट्टो के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। उन्होंने मेज पर मुट्ठी मारी और मंजूरी दे दी- ‘चलिए, अपने काम में जुट जाइए। हुकूमत आपके साथ है।' कुछ दिन बाद…रावलपिंडी के पास कहूटा की बंजर, पथरीली और वीरान पहाड़ियां फौज के बूटों की थाप से गूंज उठीं। भारी मशीनें दिन-रात कंक्रीट उगल रही थीं। देखते ही देखते, एक बड़ी सी बिल्डिंग के मेन गेट पर बोर्ड टांग दिया गया, जिस पर लिखा था- ‘खान रिसर्च लैबोरेट्रिज'। धूल और कंक्रीट के उस बवंडर के बीच, सिर पर सेफ्टी हेलमेट पहने कदीर खान एक ऊंची पहाड़ी पर खड़े थे। तभी एक सीनियर अफसर उनके पास आया। बोला- ‘मुबारक हो डॉक्टर खान… आज से आप इस लैब के डायरेक्टर और चीफ साइंटिस्ट हैं। हिंदुस्तान को बता दीजिए कि अब हमारे पास भी एटमी ताकत है।’ खान ने कहूटा की पहाड़ियों को देखा। कुछ कहा नहीं, बस मुस्कुराते रहे। कदीर खान के पास बम बनाने की चोरी की गई टेक्नोलॉजी तो थी, लेकिन उसके लिए जरूरी कच्चा माल और क्रिटिकल पार्ट्स पाकिस्तान में उपलब्ध नहीं थे। उस दौर में यूरोप की कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही ऐसे संवेदनशील टेक्निकल पार्ट्स बनाती थीं। पाकिस्तान सीधे उन कंपनियों से डील करता, तो उसका मिशन लीक हो जाता। RAW या अमेरिका की CIA को तुरंत भनक लग जाती कि पाकिस्तान एटम बम बना रहा है। इस सीक्रेसी को बनाए रखने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों जैसे- स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी और दुबई में फर्जी कंपनियां बना लीं। इन फर्जी कंपनियों के जरिए इंडस्ट्रियल सामान खरीदने के बहाने बम बनाने के पार्ट्स खरीदे जाने लगे। इन पार्ट्स को अलग-अलग रास्तों से घुमाकर पाकिस्तान लाया जाने लगा। इस मिशन को नाम दिया गया- ‘प्रोजेक्ट 706.’ इसी दौरान, भारत में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ। देश में लगे आपातकाल के बाद मार्च 1977 में लोकसभा चुनाव हुए। कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंदिरा गांधी खुद चुनाव हार गईं। जनता पार्टी ने 542 में से 296 सीटें जीत लीं। पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। कभी इंदिरा गांधी सरकार में वित्त मंत्री रहे मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बन गए। इसके कुछ ही महीनों बाद, सरहद पार पाकिस्तान में भी एक खूनी उलटफेर हो गया। 5 जुलाई 1977 को जनरल जिया-उल-हक ने सैन्य तख्तापलट करते हुए प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को सत्ता से बेदखल कर दिया। देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया, केंद्र और सभी प्रांतीय सरकारों को भंग करके खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया। दो साल बाद यानी 1979 में भुट्टो को भ्रष्टाचार के एक मामले में फांसी दे दी गई। अब पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की कमान सीधे जनरल जिया-उल-हक के हाथों में आ चुकी थी। कहूटा में फौज का दखल और सख्त हो गया। खान रिसर्च लैबोरेट्रिज की सुरक्षा ऐसी सख्त कर दी गई कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। चारों तरफ तोपें और मॉडर्न रडार तैनात कर दिए गए। पाकिस्तान सोच रहा था कि उसका यह राज कोई जान नहीं पाएगा, लेकिन मार्च 1979 में जर्मन ब्रॉडकास्टर ZDF ने एक डाक्यूमेंट्री जारी कर दी। इस डॉक्यूमेंट्री में बताया गया कि कदीर खान ने नीदरलैंड्स से परमाणु बम बनाने की डिजाइन चुराई है। वे पाकिस्तान में परमाणु बम बना रहे हैं।' पाकिस्तान परमाणु बम बना रहा है, लेकिन कहां?… इसकी पुख्ता जानकारी किसी एजेंसी के पास नहीं थी। पाकिस्तान में मौजूद RAW के अंडरकवर एजेंट्स दिन-रात कड़ियों से कड़ियां जोड़ने में लगे थे, लेकिन उनके हाथ कोई खास सुराग नहीं लग रहा था। तभी इस मिशन में एंट्री हुई- इजराइल के मोसाद की। मोसाद दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मानी जाती है। इजराइल हरगिज नहीं चाहता था कि किसी इस्लामिक मुल्क के पास परमाणु बम हो। उसे डर था कि इस 'इस्लामिक बम' का इस्तेमाल आगे चलकर उसके विनाश का कारण बन सकता है। यहां से ‘RAW’ और 'मोसाद' के बीच एक सीक्रेट और अघोषित साझेदारी की शुरुआत हुई। दोनों एजेंसियां पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को भेदने में जुट गईं। उसी दौरान, अमेरिकी खुफिया विभाग में काम करने वाले एक सीनियर अफसर रॉबर्ट गैलुची किसी तरह कहूटा जा पहुंचे, लेकिन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी गाड़ी रोक ली। गैलुची ने बताया कि वे कहूटा की पहाड़ियों में पिकनिक मनाने आए हैं। कहूटा पिकनिक स्पॉट था तो जरूर, लेकिन पाकिस्तानी फौज इतनी मूर्ख नहीं थी। उन्होंने अमेरिकी अधिकारी को फौरन इस्लामाबाद भेज दिया। कुछ महीने बाद पाकिस्तान में तैनात फ्रांस के राजदूत ने भी कहूटा जाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पाकिस्तानी फौज की नजर से वे बच नहीं सके। फौज ने न सिर्फ उनकी गाड़ी रोकी, बल्कि बेरहमी से पिटाई भी कर दी। इसके चलते फ्रांस और पाकिस्तान के बीच मनमुटाव भी हो गया। कहूटा के चारों तरफ बिखरी इन घटनाओं ने भारत की खुफिया एजेंसी RAW के कान खड़े कर दिए थे, लेकिन अभी तक जो भी जानकारियां थीं, वे महज कयास, सुनी-सुनाई बातें या विदेशी रिपोर्टों पर आधारित थीं। कहूटा के भीतर झांकने और उस परमाणु प्रोजेक्ट को बेनकाब करने के लिए भारत को एक ऐसे सबूत की जरूरत थी, जिसे झुठलाया न जा सके। तभी भारत के जासूसों के हाथ कुछ ऐसा लगा जिसे जानकर दुनिया चौंक गई। ***** पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया अक्सर भारत के पीएम मोरारजी देसाई को फोन करते थे। देसी दवाओं और मूत्र चिकित्सा पर सलाह लेने के बहाने। मोरारजी इस पर गद्गद हो जाते थे। जिया गंभीरता दिखाते हुए उनसे पूछते- ‘जनाब, एक दिन में कितनी बार मूत्र पीना चाहिए? क्या ये सुबह का पहला मूत्र होना चाहिए या दिन के किसी भी वक्त का?’ उस रोज भी जनरल जिया का फोन आया था, पर उस दिन मोरारजी देसाई नेचर थेरेपी बताने के मूड में नहीं थे। वे परेशान थे। गुस्से में थे। पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए 'ऑपरेशन कहूटा' पार्ट-2… रेफरेंस : 1. Raja ramanna years of pilgrimage.2. Kahuta: The Indo-Israeli Plan to Attack Pakistan's Nuclear Plant.3. The man from Pakistan.

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:15 am