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भीलवाड़ा : चार्जिंग पर लगी स्कूटी में हुए धमाके से घर में आग लगी

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के जिले के हलेड़ गांव में मंगलवार को तड़के रात चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में हुए धमाके से पूरे घर में आग लग जाने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। आग के कारण मकान की पट्टियां तक चटक गईं और करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान […] The post भीलवाड़ा : चार्जिंग पर लगी स्कूटी में हुए धमाके से घर में आग लगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 10:09 pm

सुप्रीमकोर्ट ने हौज खास स्थित डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित करने की अनुमति दी

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने हौज खास स्थित दिल्ली के ए. एन. झा डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान के टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है और इसके साथ ही अदालत ने देश भर में वन्यजीवों के स्थानांतरण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए हैं। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के […] The post सुप्रीमकोर्ट ने हौज खास स्थित डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित करने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 10:03 pm

श्रीगंगानगर में दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में पति की मौत, पत्नी घायल

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान थाना क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक महिला और एक युवक घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि छिंद्रसिंह अपनी पत्नी कुलविंदर कौर के साथ मोटरसाइकिल पर गणेशगढ़ गांव से सोमवार की रात करीब साढ़े […] The post श्रीगंगानगर में दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में पति की मौत, पत्नी घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:58 pm

निर्वासन का बीजगणित

I. विस्मृति का भूगोल अतीत अब याद नहीं— धीरे-धीरे संख्या हो गया है। लोग लालटेन की लौ के पास अपने नाम को गर्म रखते थे। अब वे ठंडे कमरों में हैं— बिना आवाज़। देह काँपती थी। अब आत्मा हल्की है। हमने आँखें एक उजले दरवाज़े की देहरी पर रख दीं— भीतर देखा तो अँधेरा नहीं […]

चौथी दुनिया 28 Apr 2026 9:57 pm

A Portrait in Excess: The Grammar of Power in Donald Trump

“The limits of my language mean the limits of my world.” — Ludwig Wittgenstein In the second presidential debate of October 2016, Hillary Clinton spent four minutes explaining her position on Syrian safe zones — the humanitarian calculus, the no-fly-zone logistics, the Russian entanglement. Trump waited. Then, when the microphone returned to him, he said: […]

चौथी दुनिया 28 Apr 2026 9:51 pm

भारत ने होर्मुज से सुरक्षित समुद्री मार्ग बहाल करने का किया आग्रह, जहाजों पर हमलों की निंदा की

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में भारत ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री आवागमन को तत्काल बहाल करने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमले वैश्विक शांति, ऊर्जा सुरक्षा एवं आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा हैं। […] The post भारत ने होर्मुज से सुरक्षित समुद्री मार्ग बहाल करने का किया आग्रह, जहाजों पर हमलों की निंदा की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:32 pm

भीलवाड़ा में किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाला आरोपी अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में पहचान छिपाकर एक किशोरी को प्रेम जाल में फंसाने, रेप करने और फिर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी सुल्तान मोहम्मद पठान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय […] The post भीलवाड़ा में किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाला आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:21 pm

भीलवाड़ा : खनन कार्य में लगे वाहन चालकों से मारपीट करने के 7 ओर आरोपी अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र में बारनी गांव में ग्रेनाइट पत्थरों से भरे ट्रेलरों का रास्ता रोककर तोडफ़ोड़ करने और चालकों से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 19 अप्रैल को सुबह बारनी गांव में ग्रेनाइट […] The post भीलवाड़ा : खनन कार्य में लगे वाहन चालकों से मारपीट करने के 7 ओर आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:14 pm

अलवर : राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील की दाल में निकला मरा चूहा

अलवर। राजस्थान में अलवर के रामगढ़ उपखण्ड क्षेत्र में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब बच्चों के लिए आए मिड-डे मील की दाल में मरा हुआ चूहा पाया गया। यह मामला सोमवार का बताया जा रहा है, जिसके बाद पूरे स्कूल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post अलवर : राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील की दाल में निकला मरा चूहा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:11 pm

अरविंद केजरीवाल के ‘सत्याग्रह’को कांग्रेस ने बताया ढोंग, कार्यालय से राष्ट्रपिता की तस्वीर हटाने का आरोप

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल महात्मा गांधी के नाम पर राजनीतिक ढोंग कर रहे हैं। यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकारी कार्यालयों से महात्मा […] The post अरविंद केजरीवाल के ‘सत्याग्रह’ को कांग्रेस ने बताया ढोंग, कार्यालय से राष्ट्रपिता की तस्वीर हटाने का आरोप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:06 pm

बारात के इंतजार में मेहंदी लगाए बैठी रही दुल्हन, दूल्हा ममेरी बहन के साथ हुआ रफूचक्कर

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र में सोमवार को एक परिवार मे शादी की खुशियां उस समय काफूर हो गई जब एक दुल्हन दूल्हे और बारात के इंतजार में सजी बैठी रही तो वही दूल्हा अपने घर से अपनी ममेरी बहन के साथ लापता हो गया। शिकोहाबाद के गांव नीम खेरिया निवासी […] The post बारात के इंतजार में मेहंदी लगाए बैठी रही दुल्हन, दूल्हा ममेरी बहन के साथ हुआ रफूचक्कर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:01 pm

फार्मा सेक्टर में जोरदार हलचल: जगसनपाल के शेयरों में उछाल और किनिसा की आय में रिकॉर्ड वृद्धि

साल 2026 की शुरुआत फार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए बेहद सकारात्मक और मुनाफे से भरी रही...

टीबीई 9 28 Apr 2026 5:37 pm

महेंद्र सिंह धोनी का पूरे IPL से बाहर रहना लगभग तय, अभ्यास मैच में लगी चोट

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी की वापसी में और देरी होगी क्योंकि इस दिग्गज खिलाड़ी को एक अभ्यास मैच के दौरान पिंडली में फिर से चोट लग गई है।सीएसके ने इस सत्र में अपने पूर्व कप्तान के बिना आठ मैच खेले हैं और फ्लेमिंग ने कहा कि शुरू में उम्मीद थी कि धोनी कुछ हफ्तों में ठीक हो जाएंगे लेकिन पिंडली की चोट के बढ़ने के कारण अब ज्यादा सावधानी से रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। फ्लेमिंग ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा,‘‘ वह वापसी के लिए काफी उत्सुक हैं। लेकिन पिंडली की चोट काफी मुश्किल होती है। अगर वह जोर लगाते हैं और पिंडली में फिर से खिंचाव आ जाता है तो वह पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने शुरू में थोड़ी जल्दबाजी की और फिर एक अभ्यास मैच में उनकी पिंडली में फिर से खिंचाव आ गया। और तब से वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन इसमें एक झटका लगा इसलिए इसमें हमारी सोच से ज्यादा समय लग रहा है। लेकिन देखिए, इस मामले में वही सबसे बेहतर फैसला ले सकते हैं। ’’ फ्लेमिंग ने कहा कि धोनी टीम के फिजियो के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह फिजियो के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं और सारा रिहैब कर रहे हैं। और हम बस उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मैं बस यही कह सकता हूं और मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है और वह अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। ’’ MS DHONI RULED OUT OF IPL CSK head coach Stephen Fleming said that MS Dhoni has suffered another injury in his calf during practice. After this setback, his return could be delayed. Fleming mentioned that rushing him back could worsen the injury, so he is being handled with… pic.twitter.com/4NWtzrddLe — SIR AYUSH (@ayush_m255) April 28, 2026 मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने अगले मैच से पहले लंबे ब्रेक के साथ CSK धोनी के उबरने की प्रक्रिया पर नजर रखना जारी रखेगी। हालांकि फ्लेमिंग के अपडेट से लगता है कि उनकी वापसी की संभावना कम ही है।धोनी नियमित रूप से ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने खुद को ज्यादातर थ्रो-डाउन तक ही सीमित रखा है। हाल में उन्हें विकेटकीपिंग का अभ्यास करते देखा गया था, जिससे उनकी संभावित वापसी की चर्चा तेज हो गई थी। धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 5:15 pm

'द वॉयस' स्टार डायलन कार्टर का 24 साल की उम्र में निधन, कार हादसे में गई सिंगर की जान

मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो 'द वॉयस' के पूर्व प्रतियोगी और उभरते हुए कंट्री सिंगर डायलन कार्टर का निधन हो गया है। दक्षिण कैरोलिना के कोलेटन काउंटी में हुए एक दर्दनाक कार हादसे में डायलन की मौत हो गई। महज 24 साल की उम्र में उनके इस तरह चले जाने से उनके फैंस और म्यूजिक इंडस्ट्री गहरे सदमे में है। खबरों के अनुसार यह दुखद घटना 25 अप्रैल की रात की है। डायलन कार्टर अपनी 2026 मॉडल की टेस्ला कार से कोलेटन काउंटी में यू.एस. रूट 21 पर दक्षिण की ओर जा रहे थे। अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और एक बिजली के खंभे व बाड़ से टकराने के बाद पलट गई। कोलेटन काउंटी के कोरोनर ने पुष्टि की है कि डायलन की मृत्यु कार दुर्घटना के दौरान आई 'ब्लंट फोर्स इंजरी' के कारण हुई। हालांकि उन्होंने सीटबेल्ट पहनी हुई थी, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि अस्पताल ले जाने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। 'द वॉयस' में बनाया था यादगार रिकॉर्ड डायलन कार्टर साल 2023 में 'द वॉयस' के 24वें सीजन में नजर आए थे। उस समय उनकी उम्र केवल 20 वर्ष थी। उन्होंने अपने ब्लाइंड ऑडिशन में व्हिटनी ह्यूस्टन का क्लासिक गाना I Look to You गाकर शो के चारों जजों—रीबा मैकिन्टायर, नायल होरान, जॉन लीजेंड और ग्वेन स्टेफनी—को अपनी कुर्सियां मोड़ने पर मजबूर कर दिया था। यह परफॉर्मेंस न केवल तकनीकी रूप से शानदार था, बल्कि भावनात्मक भी था। डायलन ने बताया था कि यह गीत उनकी दिवंगत मां के लिए एक श्रद्धांजलि था। उन्होंने अपनी मां के अंतिम संस्कार में इस गाने को गाने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे भावुक होकर इसे पूरा नहीं कर पाए थे। 'द वॉयस' के मंच पर उन्होंने उस वादे को पूरा किया। डायलन कार्टर केवल एक अच्छे गायक ही नहीं, बल्कि एक नेक दिल इंसान भी थे। उन्होंने 'The Local Voice' नाम से एक एनजीओ की सह-स्थापना की थी, जो कैंसर से जूझ रही महिलाओं की मदद करती है। अपनी मां को कैंसर से खोने के बाद उन्होंने इस मिशन को अपनाया था। इसके अलावा, वह एक सफल रियल एस्टेट एजेंट भी थे।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 5:12 pm

दिल्ली के अशोका रोड पर देर रात सड़क हादसे में दो भाइयों की मौत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अशोका रोड पर पर सोमवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान यज्ञ भाटिया (20) और अभव भाटिया (14) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार संसद मार्ग थाना क्षेत्र में अशोका रोड स्थित महादेव रोड टी-प्वाइंट, पीएनबी […] The post दिल्ली के अशोका रोड पर देर रात सड़क हादसे में दो भाइयों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 5:03 pm

Nrisingh Jayanti 2026: नृसिंह जयंती पर करें 5 विशेष कार्य तो मिलेगी शत्रुओं से मुक्ति

Nrisingh Chaturdashi 2026 Ke Upay: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु ने दुष्ट दानव हिरण्यकश्यप का वध कर अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। इस घटना को याद करते हुए वैशाख मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को नृसिंह चतुर्दशी और इस दिन को नृसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत, पूजा, हवन और भजन-कीर्तन करके भगवान नरसिंह की भक्ति में लीन रहते हैं। नृसिंह जयंती और चतुर्दशी का उद्देश्य भक्तों की रक्षा, शत्रुओं से मुक्ति और जीवन में समृद्धि लाना है। ALSO READ: Nrisingh Chaturdashi 2026: नृसिंह चतुर्दशी क्या है, वैशाख मास में क्यों मनाई जाती है? भगवान नृसिंह शक्ति, साहस और सुरक्षा के अधिष्ठाता देवता हैं। यदि आप शत्रुओं से घिरे हैं, कानूनी विवादों में फंसे हैं या अज्ञात भय आपको सताता है, तो नृसिंह जयंती यानी वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन ये 5 विशेष कार्य आपकी हर बाधा को दूर कर सकते हैं: 1. गोधूलि बेला में नृसिंह स्तोत्र का पाठ भगवान नृसिंह का प्राकट्य संध्या काल (गोधूलि बेला) में हुआ था, इसलिए इस समय उनकी पूजा का फल अनंत गुना मिलता है। इस दिन का विशेष फल प्राप्त करने हेुत शाम के समय घी का चौमुखी दीपक जलाएं और 'ऋणमोचन नृसिंह स्तोत्र' या 'नृसिंह कवच' का पाठ करें। लाभ: यह शत्रुओं के षड्यंत्रों को विफल करता है और आपको एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 2. दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक भगवान विष्णु के अवतार होने के कारण नृसिंह देव को शंख अत्यंत प्रिय है। इस दिन भगवान नृसिंह की प्रतिमा या तस्वीर का केसर मिश्रित दूध और जल से अभिषेक करें। यदि दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग करें तो श्रेष्ठ है। लाभ: इससे जीवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और छिपे हुए शत्रुओं का प्रभाव कम होता है। 3. 'ठंडी' वस्तुओं का भोग लगाएं भगवान नृसिंह का स्वरूप अत्यंत उग्र और क्रोधी माना जाता है। उन्हें शांत करने और प्रसन्न करने के लिए शीतल चीजों का अर्पण किया जाता है। इसीलिये पूजा में भगवान को सत्तू, गुड़ का शरबत, ठंडा दही, तरबूज या पंजीरी का भोग लगाएं। लाभ: भगवान का क्रोध शांत होने से भक्तों पर उनकी सौम्य कृपा बरसती है और घर के क्लेश दूर होते हैं। 4. विशेष बीज मंत्र का जप शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए मंत्र जप एक अचूक अस्त्र है। कार्य: लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें: 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥' लाभ: यह मंत्र न केवल शत्रुओं का नाश करता है बल्कि अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति दिलाता है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य? 5. मोर पंख और लाल फूल अर्पित करना भगवान नृसिंह को साहस का प्रतीक माना जाता है, और उन्हें कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। नृसिंह जयंती के अवसर पर नृसिंह मंदिर जाकर भगवान को लाल रंग के फूल- जैसे गुड़हल और मोर पंख चढ़ाएं। लाभ: लाल फूल मंगल ग्रह को भी शांत करते हैं, जिससे शत्रु आप पर हावी नहीं हो पाते और कानूनी मामलों में सफलता मिलती है। महत्वपूर्ण सावधानी: भगवान नृसिंह की पूजा करते समय मन में किसी के प्रति ईर्ष्या या द्वेष न रखें। उनकी पूजा का उद्देश्य 'अधर्म पर धर्म की विजय' और 'स्वयं की रक्षा' होना चाहिए, न कि किसी का अहित करना। याद रखें: इस दिन व्रत रखने और अपनी सामर्थ्य अनुसार गरीबों को जल या अन्न का दान करने से भगवान नृसिंह बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: मंगल मेष में प्रवेश: क्या बढ़ेगी भारत की सैन्य ताकत और बंगाल में पीएम मोदी का प्रभाव?

वेब दुनिया 28 Apr 2026 5:02 pm

ई़डी ने आरकॉम की लगभग तीन हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क की

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) बैंक धोखाधड़ी मामले में 3,034.90 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। इसके साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) से जुड़े मामलों में कुल कुर्की 19,344 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। ईडी ने मंगलवार को बताया कि संपत्तियों को क्षय से बचाने […] The post ई़डी ने आरकॉम की लगभग तीन हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:56 pm

क्यों खास है पश्चिम बंगाल? जानिए इसका इतिहास, पर्यटन स्थल और रोचक तथ्य

भारतीय धर्म, कला, संस्कृति, अध्यात्म, दर्शन, तंत्र मार्ग और काला जादू की भूमि बंगाल क्रांतिकारियों की भी जन्मभूमि रही है। बंगाल के बारे में जितना कहा और लिखा जाए उतना कम है, परंतु बंगाल का विभाजित हो जाना भारत का सबसे बड़ा नुकसान रहा। मुगल और अंग्रेज काल में सबसे ज्यादा आंदोलन और विद्रोह बंगाल में हुए। 1757 में प्लासी के विद्रोह से लेकर 1905 के बंग-भंग आंदोलन तक बंगाल ने बहुत कुछ सहा। बंगाल ने इस देश को बहुत कुछ दिया, लेकिन लेफ्ट ने उससे सबकुछ छिन लिया। आओ जानते हैं भारत के पश्चिम बंगाल (बंग्लादेश नहीं) के संबंध में संक्षिप्त जानकारी। 1. ऐतिहासिक परिचय एवं शासनकाल प्राचीन काल: बंगाल प्राचीन समय से ही शैव, शाक्त और बौद्ध संप्रदायों का केंद्र रहा है। यहाँ रामायण और महाभारत कालीन राजाओं का शासन रहा। मध्यकाल: पाल और सेन वंश के बाद यहाँ मुस्लिम शासन शुरू हुआ, जिसमें इलियास, बायाजिद, गणेश, हाबिस और हुसेन वंश प्रमुख थे। इसके बाद शूरवंश, काररानि वंश और फिर मुगलों का आधिपत्य रहा। ब्रिटिश काल एवं नवाब: बंगाल के नवाबों में सिराजुद्दौला अंतिम स्वतंत्र शासक था। अंग्रेजों के काल में ही बंगाल का विभाजन हुआ। ब्रिटिश काल का अंतिम नवाब सइफ उद दौला था। 2. बंगाल का विभाजन और सांख्यिकी विभाजन का इतिहास: 1905 में अंग्रेजों ने धर्म के आधार पर 'बंग-भंग' किया। 1947 में विभाजन स्थायी हुआ, जिससे पूर्वी बंगाल (पाकिस्तान का हिस्सा) और पश्चिम बंगाल (भारत का हिस्सा) बने। 1971 में पूर्वी बंगाल 'बांग्लादेश' के रूप में स्वतंत्र देश बना। जनसांख्यिकी (बांग्लादेश): विभाजन के समय वहाँ 13.50% हिंदू थे। 2011 में यह संख्या 8.54% रह गई और 2022 की गणना के अनुसार वहाँ हिंदुओं की आबादी लगभग 7.95% से 8% (करीब 1.31 करोड़) है। 3. धार्मिक एवं आध्यात्मिक विरासत शक्तिपीठ: कुल 52 शक्तिपीठों में से लगभग 12-13 पश्चिम बंगाल में और 4 बांग्लादेश में (श्रीशैल, करतोयातट, यशोर, चट्टल और जयंती) स्थित हैं। प्रमुख संत: चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, स्वामी प्रणवानंद, युक्तेश्वर गिरि, योगी श्यामाचरण लाहिड़ी और स्वामी योगानंद जैसे महान संतों ने यहाँ जन्म लिया या कार्य किया। त्योहार: बंगाल अपनी तंत्र विद्या और आध्यात्मिक दर्शन के लिए प्रसिद्ध है। 'दुर्गा पूजा' यहाँ का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार है। 4. प्रमुख दर्शनीय और पूजा स्थल मंदिर (पश्चिम बंगाल): कालीघाट, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, तारापीठ, किरीतेश्वरी (मुर्शिदाबाद), कनक दुर्गा (मिदनापुर), और हंसेश्वरी मंदिर प्रमुख हैं। इसके अलावा बेलूर मठ (श्रीरामकृष्ण मठ) और बैंडेल चर्च प्रसिद्ध हैं। बांग्लादेश के मंदिर: ढाकेश्वरी मंदिर (ढाका), आदिनाथ मंदिर, कांताजी मंदिर और पुठिया मंदिर परिसर। 5. भूगोल और नदियां प्रमुख नदियां: बंगाल से लगभग 80 नदियां बहती हैं, जिनमें 19 प्रमुख हैं। गंगा यहाँ की मुख्य नदी है, जो पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर 'हुगली' के नाम से जानी जाती है। अन्य नदियां: भागीरथी, तीस्ता, महानंदा, दामोदर, अजय, मयुराक्षी और जलंगी प्रमुख हैं। कोलकाता हुगली नदी के किनारे स्थित है। 6. बंगाल की विभूतियाँ क्रांतिकारी और नेता: नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, अरविंद घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और खुदीराम बोस। साहित्य और कला: रवीन्द्र नाथ ठाकुर (टैगोर), बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय और सत्यजित राय। विज्ञान और समाज सुधार: जगदीश चन्द्र वसु, सत्येन्द्र नाथ बोस, राजा राममोहन राय और अमर्त्य सेन। खेल और राजनीति: सौरभ गांगुली (क्रिकेट), ज्योति बसु और ममता बनर्जी (राजनीति)। अध्यात्मिक नेता: चैतन्य महाप्रभु, प्रभु जगत्बंधु, स्वामी विवेकानंद, अरविंद घोष, रामकृष्ण परमहंस, श्यामाचरण लाहिड़ी (लाहिड़ी महाशय), स्वामी युक्तेश्वर गिरि, परमहंस योगानंद, स्वामी प्रणवानंद, योगी आनंदमूर्ति, निगमानंद परमहंस, बामखेपा (तारापीठ), कमलाकांत, 7. सांस्कृतिक पहचान बंगाल अपनी कला, संस्कृति, दर्शन और तंत्र मार्ग के लिए विश्वविख्यात है। यहाँ की फुटबॉल संस्कृति (मोहन बगान और ईस्ट बंगाल क्लब) अत्यंत लोकप्रिय है। यह भूमि स्वतंत्रता आंदोलनों और विद्रोहों (जैसे 1757 प्लासी और 1905 बंग-भंग) की साक्षी रही है। 8. बंगाल के प्रमुख पर्यटन स्थल: पहाड़ों की रानी और उत्तर बंगाल दार्जिलिंग (Darjeeling): यहाँ की 'टॉय ट्रेन' (यूनेस्को हेरिटेज), चाय के बागान और टाइगर हिल से कंचनजंगा की चोटियों पर सूर्योदय देखना जादुई अनुभव है। कालिम्पोंग (Kalimpong): बौद्ध मठों, फूलों की नर्सरी और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध। मिरिक (Mirik): यहाँ की सुमेंदु झील और चारों ओर फैले देवदार के जंगल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सदाकफू (Sandakphu): यह पश्चिम बंगाल की सबसे ऊँची चोटी है, जो ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए स्वर्ग है। कोलकाता: 'सिटी ऑफ जॉय' विक्टोरिया मेमोरियल: सफेद संगमरमर से बनी यह शानदार इमारत ब्रिटिश काल की याद दिलाती है। हावड़ा ब्रिज : हुगली नदी पर बना यह बिना खंभों वाला पुल कोलकाता की पहचान है। दक्षिणेश्वर और कालीघाट मंदिर: यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा और वास्तुकला अद्वितीय है। इंडियन म्यूजियम: भारत का सबसे पुराना और बड़ा संग्रहालय। इको पार्क और साइंस सिटी: परिवार और बच्चों के लिए बेहतरीन पिकनिक स्पॉट। समुद्र तट और द्वीप दीघा (Digha): बंगाल का सबसे लोकप्रिय समुद्री किनारा, जहाँ उथला समुद्र और शांत लहरें मिलती हैं। मंदारमणि (Mandarmani): यह अपनी लंबी मोटर-एबल बीच (जहाँ गाड़ी चलाई जा सके) के लिए मशहूर है। सागर द्वीप, गंगा सागर (Ganga Sagar): जहाँ गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है। यहाँ मकर संक्रांति पर विशाल मेला लगता है। यह एक हिंदू तीर्थ स्थल भी है। वन्यजीव और प्रकृति सुंदरबन नेशनल पार्क (Sundarbans): यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और 'रॉयल बंगाल टाइगर' का घर। यहाँ के मैंग्रोव जंगल और नाव की सवारी रोमांचक होती है। जलदापारा नेशनल पार्क: यह एक सींग वाले भारतीय गैंडे (Rhino) के लिए प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत शांति निकेतन (बीरभूम): रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय। यहाँ का 'पौष मेला' और 'बसंत उत्सव' विश्व प्रसिद्ध है। मुर्शिदाबाद: नवाबों का शहर, जहाँ का हजारद्वारी पैलेस (1000 दरवाजों वाला महल) देखने लायक है। बिष्णुपुर (बांकुरा): यह अपने टेराकोटा (पकी मिट्टी) के मंदिरों और बालूचरी साड़ियों के लिए जाना जाता है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 4:53 pm

इंडियन ओवरसीज बैंक ने मांगा मौत का सबूत, बहन का कंकाल लेकर पहुंचा भाई

नई दिल्ली। इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक व्यक्ति के बहन की मौत के सबूत के तौर पर बैंक में कंकाल लेकर पहुंचने की घटना पर सफाई देते हुए कहा है कि शाखा प्रबंधक का इरादा उस व्यक्ति को परेशान करने का नहीं था, बल्कि वह सिर्फ नियमों का पालन कर रहे थे। घटना के एक […] The post इंडियन ओवरसीज बैंक ने मांगा मौत का सबूत, बहन का कंकाल लेकर पहुंचा भाई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:50 pm

मटका किंग रिव्यू: सत्ता, सिस्टम और सट्टा के टकराव की परतें

‘मटका किंग’ का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विषय है क्योंकि यह भारत में सट्टेबाजी के सबसे चर्चित नाम रतन खत्री से प्रेरित कहानी है। सीरिज में इस किरदार को ब्रिज भट्टी के नाम से पेश किया गया है, जो पाकिस्तान से भारत आकर छोटी नौकरी से शुरुआत करता है और फिर ताश के पत्तों के सहारे एक ऐसा नंबर गेम खड़ा करता है, जो मुंबई से निकलकर पूरे देश में फैल जाता है। मिल मजदूरों से लेकर पांच सितारा होटलों के अमीरों तक, हर कोई इस खेल में अपनी किस्मत आजमाता है। ब्रिज का किरदार इस अवैध धंधे को एक ‘ईमानदार’ जुए के रूप में पेश करता है, जहां जीतने वाले को पूरा पैसा मिलता है। यही भरोसा उसे भीड़ से अलग करता है और धीरे-धीरे वह एक ‘मसीहा’ जैसी छवि बना लेता है। जैसे-जैसे ब्रिज का साम्राज्य फैलता है, वैसे-वैसे सिस्टम उसके खिलाफ खड़ा होता नजर आता है। महाराष्ट्र सरकार खुद की लॉटरी शुरू कर देती है, पुलिस, नेता और बॉलीवुड के लोग उससे वसूली करने लगते हैं। नोटिस, पूछताछ और दबाव, ब्रिज की दुनिया पर शिकंजा कसने लगता है। लेकिन असली टकराव सिर्फ बाहर नहीं, भीतर भी है। पैसा आते ही रिश्ते टूटने लगते हैं। पत्नी, भाई और करीबी लोग उससे दूर होने लगते हैं। निर्देशक नागराज मंजुले इन सभी परतों को आठ एपिसोड में पिरोने की कोशिश करते हैं, लेकिन असर उतना गहरा नहीं हो पाता जितना होना चाहिए था। सीरिज की सबसे बड़ी कमजोरी इसका फ्लैट नैरेशन है। जहां कहानी में जबरदस्त उतार-चढ़ाव की गुंजाइश थी, वहां ज्यादातर सीन सपाट नजर आते हैं। आगे क्या होने वाला है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे रोमांच कम हो जाता है। कुछ सी, जैसे फ्लाइट में या पुलिस स्टेशन में ब्रिज का नंबर खोलना, जरूर ध्यान खींचते हैं, लेकिन ऐसे पल गिने-चुने हैं। ब्रिज को सिंधी दिखाया गया है, लेकिन उसके परिवार और बैकग्राउंड को विश्वसनीय तरीके से नहीं रचा गया। एक समय के बाद कहानी ठहर जाती है और ऐसा लगता है कि सिर्फ एपिसोड बढ़ाने के लिए इसे खींचा जा रहा है। सबसे बड़ी कमी यह है कि मटका गेम कैसे काम करता है, इसे ठीक से समझाया ही नहीं गया। जो दर्शक इस खेल से अनजान हैं, उनके लिए यह कन्फ्यूजिंग बन जाता है। यहां एक-दो एपिसोड पूरी तरह इस सिस्टम को समझाने पर होने चाहिए थे। नागराज मंजुले ने कहानी को बेहद धीमी गति से आगे बढ़ाया है। ब्रिज को एक ‘ईमानदार अपराधी’ और कभी-कभी ‘मसीहा’ के रूप में पेश करना दिलचस्प जरूर है, लेकिन इसे और गहराई दी जा सकती थी। बजट की कमी भी कई जगह साफ नजर आती है। सेट्स नकली लगते हैं और कार वाले सीन पुराने जमाने की फिल्मों की याद दिलाते हैं। सीरिज की कास्टिंग भी थोड़ा खटकती है। विजय वर्मा और सई तम्हाणकर जैसे शानदार कलाकार यहां उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ पाते। विजय वर्मा का अभिनय बेहद सपाट लगता है, जबकि सई भी खास रंग नहीं भर पातीं। वहीं कृतिका कामरा अपनी परफॉर्मेंस से प्रभावित करती हैं। सिद्धार्थ जाधव और गिरीश कुलकर्णी भी अपने किरदारों में जमे हैं। गुलशन ग्रोवर एक बार फिर ‘बैडमैन’ की छवि से बाहर नहीं निकल पाते। ‘मटका किंग’ एक ऐसी सीरिज है, जिसका विषय बेहद दिलचस्प और संभावनाओं से भरा हुआ था। रतन खत्री से प्रेरित कहानी दर्शकों को बांध सकती थी, लेकिन कमजोर प्रेजेंटेशन, धीमी रफ्तार और अधूरी व्याख्या इसे औसत बना देती है। यह सीरिज देखी जा सकती है, लेकिन सिर्फ इसके दिलचस्प किरदार और बैकस्टोरी के लिए, न कि इसके ट्रीटमेंट के लिए।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 4:49 pm

बटाला में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर दो लोगों की हत्या की, एक घायल

बटाला। पंजाब के बटाला में श्री हरगोबिंदपुर उपमंडल के भोमा गांव में सोमवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने टहल रहे तीन लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें दो व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेहताब सिंह ने बताया कि अचानक हुए इस […] The post बटाला में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर दो लोगों की हत्या की, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:16 pm

सरकारी अभियंता के साथ मारपीट के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा

सिंधुदुर्ग। महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग की एक स्थानीय अदालत ने राज्य के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नितेश राणे को साल 2019 में एक सरकारी इंजीनियर के साथ मारपीट करने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीएस देशमुख ने सोमवार को दिए अपने आदेश में राणे […] The post सरकारी अभियंता के साथ मारपीट के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:11 pm

मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता की अदालत में पेश होने से किया इनकार

नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बाद अब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर सूचित किया है कि न तो वह और न ही उनके वकील उनकी अदालत में पेश होंगे। सिसोदिया ने अपने पत्र और सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट […] The post मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता की अदालत में पेश होने से किया इनकार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 3:53 pm

इंदौर में संपन्न हुई पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता; दीपेंद्र और तनिष्क रहे विजेता

चत्रभुज नरसी स्कूल (CNS), इंदौर में दो दिवसीय पिस्टल शूटिंग कॉम्पिटिशन सम्पन्न हुई। ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित की देखरेख में शुरू हुई स्कूल की नई स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट पिस्टल शूटिंग एकेडमी ने अपने पहले ही आयोजन में शहर की युवा प्रतिभाओं को नई दिशा दी है। दो दिनों तक चले कड़े मुकाबले के बाद, दीपेंद्र वर्मा (पिता) और तनिष्क वर्मा (पुत्र) ने अपने सटीक निशाने और धैर्य का परिचय देते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि आदित्यवर्धन सिंह और भूमिका सोलंकी प्रतियोगिता के रनर -अप रहे। पिस्टल शूटिंग वर्कशॉप में लगभग 89 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पेशेवर शूटिंग की बारीकियों को समझा। इस पहल पर बात करते हुए, चत्रभुज नरसी स्कूल के चेयरपर्सन श्री सुजय जयराज ने कहा , चत्रभुज नरसी स्कूल में हमारा मानना है कि शिक्षा को पढ़ाई से आगे बढ़कर अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए। यह शूटिंग एकेडमी और फिएस्टा जैसे आयोजन हमारे उसी विजन को दर्शाते हैं, जहाँ हम छात्रों को न केवल ज्ञान बल्कि विश्वस्तरीय मौके और खेल के जरिए मजबूती प्रदान करते हैं। एकेडमी के मेंटर, ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित ने युवा निशानेबाजों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा , - इस शुरुआती स्तर पर युवा सीखने वालों को शूटिंग के खेल से रूबरू कराना सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं था—बल्कि यह उनके भीतर फोकस, सब्र और आत्मविश्वास पैदा करने की एक कोशिश थी। मुझे इन दो दिनों में बच्चों के भीतर सीखने की जो ललक और धैर्य दिखा, वह काबिले-तारीफ है। चत्रभुज नरसी स्कूल में मेरा उद्देश्य तकनीक सिखाने के साथ उन मूल्यों को जगाना है जो इन बच्चों को जीवन की हर चुनौती के लिए तैयार करें। यहाँ की वर्ल्ड-क्लास 10-मीटर शूटिंग रेंज इंदौर में भविष्य के ओलंपिक चैंपियंस तैयार करने की क्षमता रखती है। प्रिंसिपल डॉ जेरिन जैकब ने भी आयोजन की सफलता पर कहा कि वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के साथ सीधे जुड़कर बच्चों ने सीखा है कि कैसे अनुशासन और फोकस जीवन के हर पहलू में उत्कृष्टता ला सकता है। शूटिंग रेंज के बाहर, स्कूल परिसर में आयोजित 'फिएस्टा' ने परिवारों के लिए एक शानदार उत्सव का माहौल तैयार किया, जिसमें लगभग 266 लोगों ने शिरकत की। इस फिएस्टा में विविध एक्टिविटी स्टॉल्स, रिटेल आउटलेट्स, क्रिएटिव आर्ट स्पेसेस, DIY स्टॉल्स और बच्चों के आकर्षण के लिए बाउंसी कैसल जैसे कई विकल्प मौजूद थे। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण वह नया 'प्ले एरिया' रहा जिसका उद्घाटन फिएस्टा से ठीक पहले किया गया था। दिन भर बच्चे अपने माता-पिता के साथ इस आधुनिक प्ले एरिया में समय बिताते और खेल का आनंद लेते नजर आए। इसके साथ ही, बच्चों की माताओं के लिए विशेष रूप से जुम्बा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी माताओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया और खूब आनंद उठाया। चत्रभुज नरसी स्कूल, इंदौर एक प्रोग्रेसिव संस्थान है जो शिक्षा, खेल और कला के समन्वय से छात्रों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। शूटिंग एकेडमी जैसी पहल स्कूल के एक्सीलेंस के प्रति कमिटमेंट को और मजबूत करती है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:30 pm

आमिर खान ने लगाई '3 इडियट्स' के सीक्वल पर मुहर, 10 साल बाद की दिखेगी कहानी

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़े नहीं बदलतीं, बल्कि लोगों की सोच बदल देती हैं। साल 2009 में आई राजकुमार हिरानी की फिल्म '3 इडियट्स' उन्हीं में से एक थी। पिछले कई वर्षों से इस फिल्म के सीक्वल को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब खुद 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए यह साफ कर दिया है कि '3 इडियट्स 2' पर काम शुरू हो चुका है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान आमिर खान ने खुलासा किया कि फिल्म का सीक्वल पाइपलाइन में है। आमिर ने बताया, राजू (राजकुमार हिरानी) फिलहाल '3 इडियट्स 2' की कहानी पर काम कर रहे हैं। मैंने इसकी मूल कहानी सुनी है और यह वाकई में अद्भुत है। हालांकि अभी स्क्रिप्ट पर कुछ और काम होना बाकी है, लेकिन कहानी का विचार बहुत ही अनूठा है। आमिर ने आगे कहा कि वह एक बार फिर से 'फुंसुख वांगडू' का किरदार निभाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। अपनी पिछली फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' की असफलता के बाद आमिर अब 'सितारे जमीन पर' और '3 इडियट्स' जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी पुरानी लय वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। 10 साल आगे बढ़ेगी कहानी खबरों की मानें तो '3 इडियट्स 2' की कहानी वहीं से शुरू नहीं होगी जहां पहली फिल्म खत्म हुई थी। फिल्म में एक दशक का 'लीप' दिखाया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि कॉलेज के वो तीन दोस्त—रेंचो, फरहान और राजू—अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल जिंदगी में 10 साल बाद कहां खड़े हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म में आमिर खान के साथ आर. माधवन (फरहान) और शरमन जोशी (राजू) की वापसी लगभग तय है। साथ ही करीना कपूर खान भी 'पिया' के रूप में अपनी भूमिका को आगे बढ़ा सकती हैं। बोमन ईरानी (वायरस) और ओमी वैद्य (चतुर) के बिना यह फिल्म अधूरी मानी जाती है, इसलिए मेकर्स उन्हें भी स्क्रिप्ट में अहम जगह देने की योजना बना रहे हैं।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:21 pm

Nrisingh Chaturdashi 2026: नृसिंह चतुर्दशी क्या है, वैशाख मास में क्यों मनाई जाती है?

Vaishakh Month Nrisingh Jayanti: नृसिंह चतुर्दशी भगवान विष्णु के सबसे उग्र और शक्तिशाली अवतार, भगवान नृसिंह के प्राकट्य का उत्सव है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सूर्यास्त के समय उनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और घोर संकटों से मुक्ति मिलती है। वर्ष 2026 में नृसिंह चतुर्दशी या भगवान नृसिंह जयंती 30 अप्रैल, दिन गुरुवार को मनाई जा रही है। ALSO READ: त्रिपुष्कर योग 2026: इस दिन क्या करें, कैसे मिलेगा कई गुना लाभ? नृसिंह चतुर्दशी क्या है? वैशाख मास में ही क्यों मनाई जाती है? इस दिन के मुख्य नियम और परंपराएं धार्मिक मान्यता (प्राकट्य का समय) वैशाख की ऊर्जा और तप धर्म की स्थापना का संदेश यहां इसके महत्व और वैशाख मास से इसके संबंध की विस्तृत जानकारी दी गई है: नृसिंह चतुर्दशी क्या है? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने और अधर्मी राजा हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए नृसिंह अवतार (आधा सिंह और आधा मनुष्य) धारण किया था। यह भगवान विष्णु के चौथे अवतार, भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव या नृसिंह जयंती का दिन है। स्वरूप: भगवान का मुख और पंजे सिंह के समान थे, जबकि धड़ मनुष्य का था। उद्देश्य: हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि उसे न कोई मनुष्य मार सके न पशु, न दिन में न रात में, और न घर के भीतर न बाहर। इसलिए भगवान ने खंभे को चीरकर गोधूलि बेला (शाम) में, चौखट पर बैठकर अपने नाखूनों से उसका वध किया। वैशाख मास में ही क्यों मनाई जाती है? हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास को अत्यंत पवित्र और 'माधवन मास' या भगवान विष्णु का महीना माना गया है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं: 1. धार्मिक मान्यता (प्राकट्य का समय): शास्त्रों के अनुसार, सत्ययुग में वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन ही भगवान ने यह अवतार लिया था। हिंदू धर्म में जिस तिथि को भगवान का प्राकट्य होता है, वह तिथि और मास सदैव के लिए उनके उत्सव के लिए निर्धारित हो जाते हैं। 2. वैशाख की ऊर्जा और तप: वैशाख मास भीषण गर्मी और तप का प्रतीक है। भगवान नृसिंह का स्वभाव अत्यंत क्रोधी और 'अग्नि' के समान तेजस्वी माना गया है। वैशाख की ऊर्जा उनके इस प्रखर तेज को दर्शाती है। यही कारण है कि इस दिन भगवान को शीतल करने के लिए चंदन का लेप लगाया जाता है और ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। 3. धर्म की स्थापना का संदेश: वैशाख मास भक्ति और दान का महीना है। भक्त प्रह्लाद की 'अटूट भक्ति' और हिरण्यकश्यप के 'अहंकार' के अंत की यह कथा हमें सिखाती है कि जब पाप चरम पर होता है, तो ईश्वर स्वयं प्रकट होते हैं। इस दिन के मुख्य नियम और परंपराएं व्रत: श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं। इसे 'नृसिंह जयंती' भी कहा जाता है। पूजा का समय: चूंकि भगवान शाम के समय प्रकट हुए थे, इसलिए इनकी मुख्य पूजा गोधूलि बेला (सूर्यास्त के समय) में की जाती है। अभिषेक : दक्षिण भारतीय मंदिरों और वैष्णव संप्रदायों में इस दिन भगवान नृसिंह का पंचामृत अभिषेक विशेष रूप से किया जाता है। महत्व: मान्यता है कि नृसिंह चतुर्दशी का व्रत करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन के हर प्रकार के संकट व भय का नाश होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य?

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:15 pm

Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करते हैं?

buddha purnima बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा सबसे बड़ा त्योहार का दिन होता है। इस दिन अनेक प्रकार के समारोह आयोजित किए गए हैं। अलग-अलग देशों में वहां के रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुसार समारोह आयोजित होते हैं। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर किए जाने वाले कार्यों और परंपराओं को जानिए। 1. धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान प्रार्थना और तीर्थ: दुनियाभर के बौद्ध अनुयायी बोधगया में एकत्रित होते हैं और विशेष प्रार्थनाएँ आयोजित करते हैं। अस्थि दर्शन: दिल्ली संग्रहालय इस दिन भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों को दर्शन हेतु बाहर निकालता है, ताकि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकें। धर्मग्रंथों का पाठ: इस दिन बौद्ध धर्मग्रंथों का निरंतर पाठ किया जाता है, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा बनी रहे। 2. बोधिवृक्ष एवं मंदिर पूजा विधान बोधिवृक्ष की पूजा: उस वृक्ष की पूजा की जाती है जिसके नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। इसकी शाखाओं को हार और रंगीन पताकाओं से सजाया जाता है। जलाभिषेक: बोधिवृक्ष की जड़ों में दूध और सुगंधित पानी डाला जाता है और उसके आसपास दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं। अर्चना: मंदिरों और घरों में भगवान बुद्ध की मूर्ति पर फल-फूल चढ़ाए जाते हैं और अगरबत्ती जलाकर धूप-दीप किया जाता है। 3. सजावट और उत्सव की शैली दीपोत्सव: बौद्ध घरों में दीपक जलाए जाते हैं और फूलों से विशेष सजावट की जाती है। वेसाक उत्सव: श्रीलंका में इस दिन को 'वेसाक' (वैशाख का अपभ्रंश) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। 4. दान, पुण्य एवं जीव दया मांसाहार का त्याग: बुद्ध पशु हिंसा के सख्त खिलाफ थे, इसलिए इस दिन मांसाहार का पूर्ण परहेज किया जाता है। जीवों की मुक्ति: इस दिन पक्षियों को पिंजरों से मुक्त कर खुले आसमान में छोड़ा जाता है, जो स्वतंत्रता और करुणा का प्रतीक है। परोपकार: गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन व वस्त्र दान किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कार्यों से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:13 pm

23 रनों से मैच जीतकर द.अफ्रीका ने भारत के खिलाफ 4-1 से सीरीज की अपने नाम

INDvsSA कप्तान लॉरा वुलफार्ट (नाबाद 92) के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम ने सोमवार को पांचवें T-20I मुकाबले भारत को 23 रनों से हरा दिया। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। लॉरा वुलफार्ट को ‘प्लयेर ऑफ द मैच’ और प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार मिला। 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय महिला टीम शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 38 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिये। शेफाली वर्मा (चार), जेमिमाह रॉड्रिग्स (एक) अनुष्का शर्मा (17) रन बनाकर आउट हुई। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारती फूलमाली ने पारी को संभालने का किया। इसी दौरान 13वें ओवर में एन म्लाबा ने हरमनप्रीत कौर (22) का शिकार कर लिया। 16वें ओवर में क्लोई ट्राइऑन ने भारती फूलमाली को आउटकर पवेलियन भेज दिया। भारती फूलमाली 30 गेंदों में चार चौके और दो छक्के उड़ाते हुए 40 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण के आगे भारतीय बल्लेबाज खुल कर नहीं खेल सके। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 132 रन बनाये और दक्षिण अफ्रीका ने 23 रनों से मुकाबला जीत लिया। ऋचा घोष 15 गेंदों में 25 रन बनाकर नाबाद रही। South Africa registered a 4-1 T20I series win against India, building crucial momentum heading into the #T20WorldCup in June : @ProteasWomenCSA Book your tournament tickets : https://t.co/8kyuNOXKdL pic.twitter.com/hmrIKv0t6O — ICC (@ICC) April 28, 2026 दक्षिण अफ्रीका की ओर से एन म्लाबा और एनडी क्लार्क ने दो-दो विकेट लिये। एलिज़ मारी मार्क्स, क्लोई ट्राइऑन और अयाबोंगा खाका ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 155 रनों का स्कोर खड़ा किया। कप्ताना लॉरा वुलफार्ट ने 56 गेंदों में 11 चौके और दो छक्के लगाते हुए नाबाद 92 रनों की पारी खेली। सुने लूस ने (23) और क्लोई ट्राइऑन ने (12) रनों का योगदान दिया। सिनालो जाफ्टा (16) रन बनाकर नाबाद रही। चार बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक नहीं पहुंच सके। भारत की ओर से रेणुका सिंह, श्री चारणी और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लिये।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:00 pm

Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य?

भगवान बुद्ध का एक शाश्वत सत्य है- इंसान अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। हम अक्सर किस्मत को दोष देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हम अपने ही कर्मों की विरासत ढो रहे हैं। हमारे कर्म ही हमारे जन्म का कारण हैं, वही हमारा बंधन हैं और अंततः वही हमारी एकमात्र शरणस्थली भी हैं। इसी से भाग्य और दुर्भाग्य निर्मित होता है। सरल शब्दों में कहें तो, जीवन एक गूंज (Echo) की तरह है; आप जो ब्रह्मांड को देंगे, वही तीन गुना होकर आपके पास वापस आएगा। कर्म के तीन द्वार: मन, वचन और शरीर हम कर्म को केवल हाथ-पैर चलाने तक सीमित समझते हैं, लेकिन इसके उद्गम के तीन गहरे स्तर हैं: 1. कायिक (Physical): जो शरीर से किया जाए, जैसे किसी की मदद करना या किसी को चोट पहुँचाना। यह सबसे प्रत्यक्ष होता है। 2. वाचिक (Vocal): जो शब्दों के माध्यम से हो। गाली देना या मीठा बोलना। समाज इसे भी गंभीरता से लेता है। 3. मानसिक (Mental): किसी के बारे में बुरा सोचना। अक्सर हम इसे 'मामूली' समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यहीं हम सबसे बड़ी चूक करते हैं। सत्य यह है कि 'मन' ही असली इंजन है। शरीर और शब्द तो बस उसके डिब्बे हैं। जो विचार मन में अंकुरित नहीं होता, वह क्रिया का रूप ले ही नहीं सकता। इसलिए कर्म की शुद्धता का पैमाना 'नीयत' है, 'क्रिया' नहीं। नीयत का फर्क: डॉक्टर बनाम हत्यारा इसे एक बेहतरीन उदाहरण से समझते हैं। एक सर्जन और एक अपराधी, दोनों ही इंसान के शरीर पर चाकू चलाते हैं। दोनों ही मामलों में व्यक्ति को दर्द होता है और रक्त बहता है। लेकिन डॉक्टर को सम्मान मिलता है और अपराधी को जेल। क्यों? क्योंकि डॉक्टर की नीयत 'रक्षा' की थी और अपराधी की 'हत्या' की। कर्म एक ही था, पर मानसिक प्रेरणा ने उसका परिणाम बदल दिया। ठीक वैसे ही, जैसे पिता का डांटना प्रेम है और शत्रु का अपशब्द बोलना विवाद। राग, द्वेष और संस्कारों की लकीरें हमारे कर्म मन में 'संस्कारों' की लकीरें खींचते हैं। ये लकीरें तीन तरह की हो सकती हैं: पानी पर लकीर: जो तुरंत मिट जाए (क्षणभंगुर विचार)। रेत पर लकीर: जो कुछ समय तक रहे। पत्थर पर लकीर: जो गहरा प्रभाव छोड़े और स्वभाव बन जाए। जब हमारी इच्छा पूरी होती है, तो 'राग' (attachment) पैदा होता है, और जब इच्छा टूटती है, तो 'द्वेष' (hatred)। यही राग-द्वेष बार-बार जमा होकर हमारी 'तृष्णा' यानी प्यास बन जाते हैं, जो हमें कर्मों के चक्रव्यूह में फँसाए रखते हैं। गीता का विज्ञान: कर्म, विकर्म और अकर्म श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, हमारे दैनिक कार्यों को गहराई के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: 1. कर्म: वे कार्य जो हम आदतन या यंत्रवत (Mechanically) करते हैं। जैसे—सांस लेना, खाना खाना या किसी को औपचारिक 'नमस्ते' कह देना। इसमें भावना का अभाव होता है। 2. विकर्म: जब कर्म के साथ 'भाव' जुड़ जाए। यदि आप किसी को नमस्ते करते समय हृदय में उसके प्रति प्रेम और मंगल-कामना रखते हैं, तो वह 'विकर्म' बन जाता है। उदाहरण: एक नर्स जो केवल ड्यूटी समझकर इंजेक्शन लगाती है, वह 'कर्म' कर रही है। लेकिन वही नर्स जब ममता और सेवा भाव से रोगी की देखभाल करती है, तो वह 'विकर्म' है। यह विलक्षण प्रभाव पैदा करता है और आत्मा को तृप्ति देता है। 3. अकर्म: वह अवस्था जहाँ कर्म करते हुए भी कर्तापन का अहंकार न हो (निष्काम कर्म)। अगर आप अपने जीवन में शांति चाहते हैं, तो अपने मन को निर्मल रखें। क्योंकि बुरे विचार के पीछे दुख वैसे ही चलता है जैसे बैल के पीछे गाड़ी का पहिया, और शुद्ध विचार के पीछे सुख वैसे ही चलता है जैसे आपकी अपनी परछाई।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 2:44 pm

अलवर में पुत्री की हत्या करने की आरोपी मां अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के पुराना राजगढ़ में गत 17 अप्रैल को एक चार वर्षीय बच्ची का गला दबाकर हत्या करने के आरोप में उसकी मां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थानाधिकारी राजेश मीना ने मंगलवार को बताया कि आरोपी महिला शीला सुबह घटनास्थल पर लाया गया और […] The post अलवर में पुत्री की हत्या करने की आरोपी मां अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 2:07 pm

सिरोही में श्रम कल्याण अधिकारी की अनुबंधित कार से डेढ़ लाख रुपए बरामद

सिरोही। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सिरोही में श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल की अनुबंधित कार से आकस्मिक निरीक्षण में डेढ़ लाख रुपए की संदिग्ध राशि बरामद की हैं। एसीबी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक पुलिस जोधपुर के पर्यवेक्षण में एसीबी की सिरोही इकाई द्वारा […] The post सिरोही में श्रम कल्याण अधिकारी की अनुबंधित कार से डेढ़ लाख रुपए बरामद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 1:58 pm

Apple के 50वें साल में बड़े लॉन्च की तैयारी, लेकिन मौजूदा आईफोन यूजर्स बैटरी की समस्या से परेशान

Apple नए साल 2026 में टेक मार्केट में बड़ा तहलका मचाने की तैयारी में है।...

टीबीई 9 28 Apr 2026 1:56 pm

मुंबई नगर निगम के सहायक आयुक्त यौन उत्पीड़न के आरोप में अरेस्ट

मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई नगर निगम के एक सहायक आयुक्त को सोमवार को पुलिस ने एक महिला वास्तुकार की शिकायत पर यौन उत्पीड़न के मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय पार्कसाइट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के अनुसार के-ईस्ट वार्ड में तैनात आरोपी नितिन शुक्ला को शिकायतकर्ता द्वारा शादी का […] The post मुंबई नगर निगम के सहायक आयुक्त यौन उत्पीड़न के आरोप में अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 1:54 pm

क्या बाइसेक्शुअल हैं करण औजला, सिंगर की टीम ने बताया वायरल पोस्ट का सच

फेमस पंजाबी सिंगर करण औजला इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुद को बाइसेक्शुअल होने का ऐलान किया है। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया। जहां कुछ लोग करण की हिम्मत की तारीफ कर रहे थे, वहीं कई फैंस इसे फर्जी बता रहे थे। अब इस वायरल खबर का सच करण की टीम ने बताई है। इंटरनेट पर घूम रहे इस स्क्रीनशॉट में करण औजला के आधिकारिक हैंडल जैसा दिखने वाला एक अकाउंट दिखाया गया, जिससे एक पोस्ट शेयर की गई थी। Every karan aujla fan right now #karanaujla pic.twitter.com/fQrjqizYFH — Aaftab (@Whotfaaftab) April 26, 2026 इस पोस्ट में गायक के हवाले से उनकी सेक्सुअलिटी को लेकर बड़े दावे किए गए थे। देखते ही देखते एक्स और इंस्टाग्राम पर #KaranAujla ट्रेंड करने लगा और यूजर्स इस पर तीखे रिएक्शन देने लगे। इस बढ़ते विवाद और फैंस के बीच मचे हड़कंप को देखते हुए करण औजला की टीम ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। टीम ने इस पोस्ट को पूरी तरह से 'फेक और एडिटेड' करार दिया है। बयान में कहा गया, सोशल मीडिया पर जो स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, उसका करण औजला से कोई लेना-देना नहीं है। यह किसी शरारती तत्व द्वारा गायक की छवि खराब करने की कोशिश है। विवादों के बीच 'पी पॉप कल्चर इंडिया टूर' का जलवा भले ही सोशल मीडिया पर करण की पर्सनल लाइफ को लेकर अफवाहें उड़ रही हों, लेकिन उनका प्रोफेशनल ग्राफ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। करण औजला इन दिनों अपने 'पी पॉप कल्चर इंडिया टूर' में व्यस्त हैं। इस टूर की शुरुआत दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से हुई थी। करण औजला ने 'सॉफ्टली', 'डॉन्ट लुक', 'प्लेयर्स', और 'चिट्टा कुर्ता' जैसे गानों के जरिए ग्लोबल लेवल पर पहचान बनाई है। हाल ही में विक्की कौशल की फिल्म 'बैड न्यूज' के गाने 'तौबा तौबा' ने उन्हें बॉलीवुड में भी एक बड़ा मुकाम दिला दिया है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 1:09 pm

शकीरा के ब्राजील कॉन्सर्ट की तैयारी के दौरान दर्दनाक हादसा, क्रू मेंबर की मौत

फेमस पॉप सिंगर शकीरा के अपकमिंग ब्राजील कॉन्सर्ट की तैयारी के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया है। शो के लिए स्टेज तैयार करते समय गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो नाम का एक क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। खबरों के अनुसार रियो डी जनेरियो के कोपाकबाना बीच पर 'टोडो मुंडो नो रियो' कॉन्सर्ट के लिए विशाल स्टेज तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान एक लिफ्टिंग सिस्टम के साथ काम करते समय एक पेशेवर कर्मचारी भारी उपकरणों के बीच दब गया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उसे बचाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कॉन्सर्ट आयोजकों ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की पुष्टि की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। शकीरा ने जताया दुख एंटरटेनमेंट वीकली के अनुसार, शकीरा ने एक बयान में कहा, मैं गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो के परिवार, दोस्तों और साथ कामकरने वालों के लिए बहुत दुखी हूं।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 12:41 pm

भरणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: इन 4 राशियों की किस्मत चमकेगी, शुरू होगा सुनहरा दौर

Sun Entry into Bharani Nakshatra: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को अश्विनी नक्षत्र से निकलकर भरणी नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं। सूर्य और शुक्र के बीच शत्रुता का भाव होने के बावजूद, यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ विशिष्ट राशियों के लिए गोल्डन पीरियड लेकर आया है। सूर्य इस नक्षत्र में 11 मई 2026 तक विराजमान रहेंगे। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है। इन 4 राशियों के लिए सुनहरा दौर मेष (Aries) आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। नए स्टार्टअप के लिए यह सर्वोत्तम समय है। ALSO READ: सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में, 3 राशियों के लिए गोल्डन टाइम सिंह (Leo) सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं। समाज और ऑफिस में आपका दबदबो बढ़ेगा। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को पदोन्नति (Promotion) या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। धनु (Sagittarius) व्यापारिक यात्राएं सफल होंगी और धन लाभ के योग बनेंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता आपको दूसरों से आगे रखेगी। बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी। मिथुन (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए भी यह समय आय के नए स्रोत खुलने और सुख-सुविधाओं में विस्तार वाला रहेगा। इन 3 राशियों को जरूरत है सावधान रहने की जहाँ कुछ राशियों के लिए यह समय शुभ है, वहीं वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों को 11 मई तक थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी गई है। इन्हें मानसिक तनाव, अचानक खर्चों में बढ़ोतरी या कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद का सामना करना पड़ सकता है। शुभ फल के लिए उपाय यदि आप इस गोचर का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं या नकारात्मक प्रभाव को कम करना चाहते हैं, तो ये सरल उपाय कर सकते हैं: प्रतिदिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार के दिन गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:27 am

'बाहुबली 2' की रिलीज को 9 साल पूरे, जानिए कैसे प्रभास की फिल्म ने बदल दिया सिनेमा का इतिहास

साल 2017 में भारतीय सिनेमा ने एक ऐसी घटना को जन्म लेते देखा था, जिसका नाम था 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन'। इस फिल्म की रिलीज को 9 साल पूरे हो गए हैं। ये फिल्म सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ सफलता का प्रतीक नहीं बनी, बल्कि उस शख्स को एक चमकदार सलाम भी थी, जिसने इसकी आत्मा को जिया — हमारे पैन-इंडिया सुपरस्टार प्रभास। 'बाहुबली 2' अपने आप में एक कल्चरल माइलस्टोन बन गया, लेकिन इसकी असली जान प्रभास की जबरदस्त मेहनत, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और दिल जीत लेने वाले परफॉर्मेंस में छिपी थी। आज जब फिल्म अपनी सालगिरह मना रही है, तो आइए उन खास पलों को फिर से याद करें, जिन्होंने इसे एक ऐसा सिनेमा अनुभव बना दिया जिसे शायद दोहराया नहीं जा सकता। ऐतिहासिक प्री-रिलीज़ रिकॉर्ड 'बाहुबली 2' तो थिएटर्स में रिलीज़ होने से पहले ही इतिहास रच चुका था। फिल्म ने सैटेलाइट और थिएट्रिकल राइट्स के ज़रिए करीब 500 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर ली थी। ये कारनामा मुमकिन हुआ था प्रभास के लिए लोगों के जबरदस्त इंतज़ार और उनके बाहुबली वाले शानदार अंदाज की वजह से, जिसने पहले से ही फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज़ बना दिया था। प्रभास का डबल रोल अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली, दो-दो किरदारों को निभाते हुए प्रभास ने परदे पर जो गहराई, करिश्मा और भावनाएं उतारीं, वो वाकई कमाल की थीं। उनकी परफॉर्मेंस सिर्फ एंटरटेन ही नहीं करती थी, बल्कि दिलों में एक अलग ही जगह बना लेती थी। यही वजह है कि दोनों किरदार आज भी हर जनरेशन के लिए आइकॉनिक बन गए हैं। पांच साल की कमिटमेंट बहुत कम एक्टर्स होते हैं जो वो कमिटमेंट दिखाते हैं जो प्रभास ने दिखाया। पूरे पांच साल उन्होंने खुद को सिर्फ बाहुबली फ्रेंचाइज़ी के लिए समर्पित कर दिए थे। हर दूसरी ऑपर्च्युनिटी छोड़कर, उन्होंने बस एक ही मकसद रखा और वह था हर लेवल पर परफेक्शन लाना। फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ दमदार एक्टिंग ही नहीं, प्रभास ने बाहुबली की ताकत और शान को जीने के लिए जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन भी किया था। उनकी मेहनत, डिसिप्लिन और परदे के पीछे की उनकी सादगी ने दुनियाभर के फैंस का दिल जीत लिया। डायलॉग्स प्रभास की दमदार डायलॉग डिलीवरी ने हर एक संवाद को सिनेमा के इतिहास का यादगार लम्हा बना दिया। चाहे जंग के मैदान में गरजती बातें हों या राजदरबार में दी गई जोशीली घोषणाएं और उनके बोले हर शब्द आज भी पॉप कल्चर में गूंजते हैं। कभी न भूलने वाली केमिस्ट्री और कैमरेडरी प्रभास और अनुष्का शेट्टी की खूबसूरत केमिस्ट्री ने इस पूरी कहानी में जान डाल दी, वहीं राणा दग्गुबाती के साथ उनके ऑनस्क्रीन टकराव ने फिल्म में एक जबरदस्त इंटेंसिटी और इमोशनल गहराई ले आई, जिसने पूरी कहानी को और भी मजबूत बना दिया। पहले सच्चे पैन-इंडियन सुपरस्टार बाहुबली ने सिर्फ इतिहास नहीं रचा, बल्कि प्रभास को भारत और उससे बाहर एक घरेलू नाम बना दिया। भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़ते हुए, वह पहले सच्चे पैन-इंडियन सुपरस्टार बने, जिन्होंने भारतीय सिनेमा के नियमों को हमेशा के लिए बदल दिया। बाहुबली 2 आज सिनेमा की एक बड़ी मिसाल बन गई है और इसके बीच में सबसे खास है प्रभास की वो धरोहर, जिसने खुद को एक ज़बरदस्त आइकन बना दिया।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:19 am

क्या आप जानते हैं सामंथा रुथ प्रभु का असली नाम, मजबूरी में किया था मॉडलिंग का रुख

भारतीय सिनेमा में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो केवल अपनी सुंदरता से नहीं, बल्कि अपने अडिग हौसले से पहचाने जाते हैं। इन्ही में से एक नाम है सामंथा रुथ प्रभु। आज यानी 28 अप्रैल को अपना जन्मदिन मना रहीं सामंथा की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। क्या आप जानते हैं कि जिस एक्ट्रेस को आज पूरी दुनिया 'सामंथा' के नाम से जानती है, उनका असली नाम 'यशोदा' है? उनके घरवाले उन्हें प्यार से यशोदा बुलाते थे। लेकिन यशोदा से साउथ की 'क्वीन' और पैन-इंडिया स्टार सामंथा बनने का यह रास्ता कांटों भरा था। चेन्नई के पल्लावरम में जन्मी सामंथा शुरू से ही मेधावी छात्रा थीं। उनके स्कूल और कॉलेज के रिपोर्ट कार्ड गवाह हैं कि वह अपनी क्लास में हमेशा नंबर वन आती थीं। सामंथा का सपना बड़ी पढ़ाई करने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके पिता के पास उनकी आगे की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। एक इंटरव्यू में सामंथा ने भावुक होकर बताया था कि एक दौर ऐसा भी था जब उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह दिन में दो वक्त का भोजन कर सकें। कई हफ्तों तक उन्होंने केवल एक वक्त का खाना खाकर दिन बिताए। जब घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी, तो सामंथा ने अपनी पढ़ाई जारी रखने और घर चलाने के लिए मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। यह उनकी इच्छा नहीं, बल्कि एक मजबूरी थी। मॉडलिंग के दौरान ही प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर और निर्देशक रवि बर्मन की नजर उन पर पड़ी। सामंथा की सादगी और उनके चेहरे के तेज ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने तुरंत उन्हें अपनी फिल्म के लिए कास्ट करने का मन बना लिया। साल 2010 में आई फिल्म 'ये माया चेसावे' से उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और पहली ही फिल्म से वह रातों-रात स्टार बन गईं। सामंथा ने न केवल गरीबी को हराया, बल्कि अपनी सेहत से जुड़ी चुनौतियों का भी डटकर मुकाबला किया। साल 2022-23 के दौरान वह मायोसिटिस नाम की एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी की चपेट में आ गईं। शारीरिक और मानसिक पीड़ा के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिंदी बेल्ट में सामंथा को असली पहचान 'द फैमिली मैन 2' में 'राजी' के किरदार से मिली। उनके दमदार अभिनय और 'पुष्पा' फिल्म के गाने 'ऊ अंटवा' ने उन्हें ग्लोबल आइकन बना दिया। आज साल 2026 में भी, वह भारत की सबसे अधिक कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में शुमार हैं। कभी आर्थिक तंगी का सामना करने वाली सामंथा की नेट वर्थ आज 100 से 110 करोड़ रुपए के आसपास है। उनके पास हैदराबाद में एक आलीशान घर और बीएमडब्ल्यू, जगुआर जैसी लग्जरी कारों का काफिला है। लेकिन वह अपनी पुरानी स्थिति को नहीं भूलीं। वह 'प्रत्युषा सपोर्ट' (Pratyusha Support) नाम का एक एनजीओ चलाती हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों और महिलाओं के इलाज और सर्जरी का खर्च उठाता है। सामंथा प्रोफेशनल के साथ ही पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। सामंथा ने पहली शादी अक्टूबर 2017 में साउथ एक्टर नागा चैतन्य संग की थी। 2021 में दोनों ने तलाक ले लिया। इसके बाद एक्ट्रेस ने फेमस फिल्ममेकर राज निदिमोरु संग दूसरी शादी रचाई।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:08 am

भारत: 50 की उम्र के बाद मां बनने का अधिकार मांगती महिलाएं

हाल ही में भारत में महिलाओं के मां बनने के अधिकार और कानून की तय उम्र की सीमाओं के बीच टकराव का एक अहम मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट में दो महिलाओं ने आईवीएफ से जुड़े कानून को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं ने एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 में तय ...

वेब दुनिया 28 Apr 2026 8:04 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 अप्रैल, 2026)

मेष (Aries) Rashifal 28 April 2026: करियर : आज कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए कार्य की सराहना होगी। लव : प्रेम संबंधों में कुछ तनाव हो सकता है। धन : आपकी वित्तीय स्थिति संतुलित रहेगी। स्वास्थ्य : मानसिक तनाव से बचने के लिए आराम करें। उपाय : हनुमान जी की पूजा करें। ALSO READ: Bhauṃ Pradosh 2026; भौम प्रदोष का व्रत रखने से 3 कार्यों में मिलती है सफलता वृषभ (Taurus) करियर : खासकर यदि आप व्यवसाय में हैं, तो आज कोई नया प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी से काम लें। धन : धन के मामले में आज कोई बड़ा लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा उपाय : शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की पूजा करें। मिथुन (Gemini) करियर : कार्यस्थल पर अपनी टीम के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। लव : प्रेम संबंधों में थोड़ी असहमति हो सकती है। धन : आज कोई अप्रत्याशित खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। कर्क (Cancer) करियर : आपको कार्यस्थल पर मेहनत का फल जल्दी मिलेगा। लव : आज प्रेम संबंधों में थोड़ी हलचल हो सकती है। धन : अनावश्यक खर्चों से बचने की कोशिश करें। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : किसी गरीब को भोजन कराएं। सिंह (Leo) करियर : कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सराहा जाएगा। लव : अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन : आपको पुराने निवेशों से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए समय-समय पर ध्यान और योग करें। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर : आप अपनी मेहनत और धैर्य से कार्यस्थल की समस्या को हल कर पाएंगे। लव : प्रेम संबंधों में आपसी संवाद से समस्याएं हल हो सकती हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, अप्रत्याशित खर्च से बचें। स्वास्थ्य : आज मानसिक तनाव हो सकता है। ALSO READ: मीन राशि में 5 ग्रहों की बड़ी हलचल: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि है शामिल? उपाय : शनिवार को काले तिल का दान करें। तुला (Libra) करियर : आज आपकी लगन और कड़ी मेहनत को सराहा जाएगा। लव : प्रेम संबंधों में आज अच्छे बदलाव आएंगे। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य : शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय : गुलाब का फूल देवी मंदिर में चढ़ाएं। वृश्चिक (Scorpio) करियर : कार्यक्षेत्र में आपको आज कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव : प्रेम संबंधों में समझ और विश्वास बढ़ेगा। धन : किसी अप्रत्याशित लाभ के संकेत नहीं हैं, लेकिन सावधानी बरतें। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : आज हनुमान जी की पूजा करें। धनु (Sagittarius) करियर : आज किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन : धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से स्वस्थ होने हेतु थोड़ी राहत की आवश्यकता हो सकती है। उपाय : शिवलिंग पर जल अर्पित करें। मकर (Capricorn) करियर : आज कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां निभाने का समय है। लव : यह समय आपके रिश्ते को मजबूत बनाने का अवसर होगा। धन : अनावश्यक खर्चों से बचें और अपनी बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य : आज स्वयं शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : गुरुवार को लक्ष्मी मंदिर में दीप जलाएं। कुंभ (Aquarius) करियर : आज आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य और प्यार बढ़ेगा। धन : बड़े खर्चों से बचें और भविष्य के लिए निवेश की योजना बनाएं। स्वास्थ्य : शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय : मंगलवार को हनुमान जी से आशीर्वाद प्राप्त करें। मीन (Pisces) करियर : आज आपको कार्यस्थल पर कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी और समर्थन मिलेगा। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : खुद को शांत रखने के लिए ध्यान और योग करें। उपाय : मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। ALSO READ: शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग

वेब दुनिया 28 Apr 2026 7:03 am

संकरा गड्‌ढा खोदा, मां का शव खड़ा ही गाड़ दिया:लाश की हथेली पर दी बलि, अनोखे रिवाज वाले मरिंग लोगों की कहानी

रात के 8 बज रहे हैं। कई पुरुष सिर पर सफेद कपड़ा बांधे एक घर की ओर बढ़ रहे हैं। साथ में चलती हुई महिलाएं गीत गा रही हैं। मानो कोई उत्सव हो, लेकिन कहानी कुछ और है। सभी एक घर के पास पहुंचते हैं, जहां आंगन में एक बुजुर्ग महिला का शव रखा है। शव के पास एक तरफ पुरुष और दूसरी ओर महिलाएं बैठ जाती हैं। उसके बाद रातभर गीतों का सिलसिला चलता है। सूरज की पहली किरण के साथ महिलाएं तैयारियों में जुट जाती हैं। उन्हीं में से एक महिला पत्तों में खाना और बांसुरी लेकर आती हैं और शव के पास रख देती हैं। तभी एक लड़का आया, उसके हाथ में जिंदा मुर्गी है। उसने फड़फड़ाती मुर्गी को शव के सामने रखा और फरसे से उसकी गर्दन उड़ा दी। ठीक उसके बाद एक दूसरा लड़का चूजा लेकर आया। उसने शव की दाहिनी हथेली पर रखा और चाकू से काट दिया। ये काम इतने सधे तरीके से किया गया, ताकि शव की हथेली न कटे। इसके बाद सभी ने वहां फैला खून साफ किया। दरअसल, यहां अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। मुर्गे की बलि दी जा रही है और मरने वाले का पसंदीदा खाना भी बनाया गया है। दैनिक भास्कर की सीरीज ‘हम लोग’ में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं कहानी- मरिंग समुदाय की। मणिपुर के इंफाल और इसके आस-पास बसे इस समुदाय की आबादी करीब 25 हजार है। यह अंतिम संस्कार सांगडांग शेनबा मरिंग नाम के गांव में हो रहा है, जो मणिपुर की राजधानी इंफाल से 50 किमी दूर पहाड़ी पर है। यहां रहने वाले काएसंग अंग्गुन की मां कैसनकैसल की मौत हो गई है। इस तरह मुर्गे की बलि देने के बाद अब उनके शव को एक सुनसान जगह ले जाया जा रहा है। भीड़ भी पीछे-पीछे चल रही है, लेकिन गीत लगातार जारी है। थोड़ी दूर पहुंचते ही कुछ लोग गड्‌ढा खोदना शुरू करते हैं। यह जगह मरिंग लोगों का कब्रिस्तान है। काफी मशक्कत के बाद एक संकरा गाेलाकार गड्‌ढा खोदा गया। मेरे मन में सवाल उठ रहा था, इसे संकरे गड्‌ढे में शव को कैसे दफनाएंगे? तभी कुछ लोग शव को उठाते हैं और उसे लिटाने के बजाय गड्ढे में खड़ा रख देते हैं। साथ में बांसुरी भी। फिर गड्‌ढे को मिट्‌टी से पाट देते हैं। उसके बाद कब्र के चारों ओर बांस का घेरा बनाया गया, ताकि कोई जानवर शव को नुकसान न पहुंचा सके। यह सब करते-करते शाम हो गई। उसके बाद सभी घर लौट गए। अगले दिन, मैं फिर अंग्गुन के घर पहुंची। यहां केवल उन्हें ही हिंदी आती है। वह घर के बाहर किसी जानवर के कंकाल को उलट-पलट रहे हैं। मैंने पूछा- यह किसका कंकाल है? वो कहते हैं- यह मिथुन का सिर है। मिथुन, पहाड़ी बैल जैसा जानवर है, जिसके मोटे सींग पीछे की तरफ मुड़े होते हैं। शिकार के बाद इसका सिर घर के सामने टांगना जरूरी होता है। यह जानवर हमारे लिए शुभ होता है, जिसकी हम पूजा करते हैं। यह बताते हुए अंग्गुन मुझे घर के अंदर चलने को कहते हैं। अंदर पहुंचने पर देखा तो घर की छत टीन की और दीवारें बांस की बनी हुई हैं। अंदर पूरा घर बांस से बने सामानों से सजा है। अंग्गुन के चेहरे पर मां के जाने का गम और थकान थी, लेकिन फिर भी मरिंग लोगों के बारे में बातचीत करने के लिए राजी हो गए। मैंने पूछा- आपके यहां मौत पर गीत क्यों गाए जाते हैं? वे बताते हैं- मरिंग मानते हैं कि मौत शरीर की होती है, जबकि जाने वाले से प्यार हमेशा बना रहता है, इसलिए हम गम नहीं मनाते, गीत गाते हैं। शव को खड़ा करके क्यों दफनाया और साथ में बांसुरी भी रखी? हां, मरिंग मानते हैं कि शव को खड़ा दफनाने से मरने वाला दोबारा जन्म ले सकता है। इसलिए खड़ा दफनाते हैं। मरने वाला जो भी वाद्य यंत्र बजाता हो, उसे भी साथ दफनाते हैं। मेरी मां बांसुरी बजाती थीं। इसलिए उसे भी साथ रखा। इस बीच, तेज बारिश होने लगती है। टीन की चादर पर बूंदों की आवाज इतनी तेज कि हम एक-दूसरे की बात नहीं सुन पा रहे। तभी एक बच्चा चाय लेकर आया। शराब तय करती है, रिश्ता आगे बढ़ेगा या नहीं चाय की चुस्की लेते हुए अंग्गुन बताते हैं- हमारे यहां शादी की तीन रस्में होती हैं। पहली- जब लड़के वाले रिश्ता लेकर लड़की के घर जाते हैं। ऐसे में वे अपने साथ चावल से बनी शराब भी लेकर जाते हैं। अगर लड़की वालों को रिश्ता मंजूर न हो तो वे इस शराब की बोतल को अपने दरवाजे के बाहर रख देते हैं। अगर रिश्ता मंजूर हो तो लड़की की मां उस बोतल को अपनी चारपाई के पाये पर बांस की घास से बांध देती है। यह चारपाई वही होनी चाहिए, जिस पर लड़की के माता-पिता सोते हों। इस रस्म को तुलिग्लियांसंग कहते हैं। दूसरी- ये रस्म लड़की की मंजूरी से जुड़ी है। एक खास दिन लड़की के घर वाले उससे पूछते हैं- क्या लड़का तुम्हें पसंद है? अगर लड़की हां कर देती है, तो लड़की के घर वाले चारपाई से बंधी शराब की बोतल लाकर एक खास बर्तन में पीते हैं। यह बर्तन सूखे कद्दू से बना होता है। इसे तुलबोनवा कहते हैं, इसलिए इस रस्म का नाम भी तुलबोनवा है। तीसरी रस्म- इसमें लड़की, लड़के को कपड़े देती है और लड़का, लड़की को अंगूठी। इस रस्म को तुलखम कहते हैं। इसके बाद दोनों शादी से इनकार नहीं कर सकते। इनकार करने पर जुर्माना देना होता है। लेकिन जुर्माना भी खास है। अगर लड़की शादी से इनकार करके किसी और लड़के से शादी करती है, तो लड़की जिस लड़के से शादी करेगी जुर्माना उसे देना होगा। यानी अगली ससुराल वाले को। यह जुर्माना पहले वाले लड़के को मिलता है। इसी तरह, अगर लड़के वाले रिश्ता तोड़कर किसी और लड़की से शादी करें, तो उस लड़की के घर वालों को यह जुर्माना देना होता है। जो कि पहली वाली लड़की को मिलता है। जुर्माना नकद या मिथुन के रूप में दिया जाता है। जब शादी तय हो जाती है तब लड़के के परिवार की कुछ महिलाएं लड़की के घर आती हैं, उसे सजा-धजाकर अपने साथ लेकर जाती हैं। इन महिलाओं का सुहागन होना और उनके माता-पिता का जिंदा होना जरूरी है। यहीं शादी की रस्म पूरी हो जाती है। पहले बेटे का नाम ‘मो’, दूसरे का ‘को’ अक्षर से अंग्गुन बताते हैं- हमारे यहां नाम रखने का भी अलग रिवाज है। पहले बेटे का नाम ‘मो’ से शुरू होगा। जैसे- मोदार, मोरम, मोसिल। दूसरे का ‘को’ और तीसरे का नाम ‘अंग’ से शुरू होता है। ऐसे ही पहली बेटी का नाम ‘टे’, दूसरी का ‘टो’ और तीसरी का ‘तुंग’ से शुरू होता है। बाकी चौथे, पांचवे बच्चे के नाम भी इसी तरह रखे जाते हैं। मैंने पूछा- ऐसा क्यों? वे बताते हैं- इससे पता चलता है कि कौन सा बच्चा बड़ा है और कौन सा छोटा। मरिंग समुदाय में सात गोत्र हैं, सभी में यही परंपरा है। अंग्गुन दावा करते हैं कि उनके पूर्वजों ने ही आग की खोज की थी। इसलिए मरिंग खुद को अग्नि का रक्षक या आग पैदा करने वाला मानते हैं। इसलिए हमारे यहां सिर्फ भाप में बना खाना ही खाया जाता है। हम चावल और सब्जियों की खेती करते हैं। वह बताते हैं कि मरिंग समुदाय में बच्चे के जन्म पर नाल काटने की रस्म भी अनोखी है। बेटे के जन्म पर बांस के पतले टुकड़े सालदा से नाल काटी जाती है। बेटी पैदान होने पर बांस के मोटे टुकड़े पुई से नाल काटी जाती है। यह रस्म गांव की अनुभवी दाई निभाती है। जन्म के पांचवें दिन भोज दिया जाता है। गांव की सुरक्षा के लिए रोज रात में देते हैं बलि इसके बाद मैं और मेरी साथी थांगशा टेसिल गांव की तरफ निकल पड़े। थोड़ा चलने के बाद हम एक घर के पास पहुंचे। घर के अंदर बीचों-बीच एक डंडा गड़ा है। पूछने पर थांगशा बताते हैं कि- यह हमारे पूर्वजों का प्रतीक है। हम इस डंडे पर शराब की एक बूंद रोज चढ़ाते हैं। इसके बाद, हम गांव के बिलकुल बीच पहुंचे, जहां मरिंग लोगों का मंदिर है। इसके दरवाजे पर पक्षियों के कंकाल टंगे हुए हैं। मंदिर के पुराेहित बताते हैं कि शिकार किए गए पक्षियों के सिर मंदिर में टांगना जरूरी है। मंदिर के अंदर एक पेड़ की टहनी है, जिसे हम वाओहाएहिंग कहते हैं। इसी के सामने पूजा करते हैं और मंत्र पढ़ते हैं। वह बताते हैं कि हमारे गांव में आने के लिए दो गेट हैं। पहला- पूर्व और दूसरा- दक्षिण में है। गांव में कोई आपदा न आए, इसलिए हम रोज आधी रात को दोनों गेट पर सफेद रंग का कपड़ा बांधते हैं। साथ ही कौवे, मोर, उल्लू और मुर्गी में से किसी एक पक्षी की बलि देते हैं। हालांकि, मरिंग समुदाय में अब ईसाई धर्म का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। गांव में एक चर्च भी बनकर तैयार हो चुका है, जो इस बदलाव की साफ झलक देता है। सड़क और तालाबों की सफाई के लिए लमलाई त्योहार अब हम वापस अंग्गुन के घर आते हैं। वे बताते हैं- हमारा सबसे बड़ा त्योहार लमलाई है। इस दिन गांव की सड़कें और तालाब की सफाई की जाती है। उस दिन सभी नाचते हुए तालाब तक जाते हैं और साफ-सफाई करते हैं। तालाब साफ करने में महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता। वे बताते हैं- यहां दो तरह के पुरोहित होते हैं। एक खुलपु और दूसरा खुल्लक। खुल्लक, खुलपु से छोटा पुरोहित होता है। तालाबों को सफाई में दोनों शामिल होते हैं। उस दिन वे अच्छी बारिश और फसल के लिए मंत्र पढ़ते हैं।

दैनिक भास्कर 28 Apr 2026 5:18 am

SIR गणित चला तो बंगाल में BJP को 150-170 सीटें:SIR का डर चला तो TMC जीतेगी 160-190 सीटें, मुस्लिमों से कांग्रेस फायदे में

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए 148 सीटें चाहिए। मुकाबला TMC और BJP के बीच है। अबकी जीत-हार का पूरा समीकरण SIR के इर्द-गिर्द है। SIR का गणित चला तो BJP और SIR का डर चला तो TMC आगे नजर आ रही है। चुनावी कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर की टीम मुर्शिदाबाद, कोलकाता, मालदा, दार्जिलिंग, नादिया, झारग्राम, संदेशखाली समेत नॉर्थ और साउथ बंगाल के कई जिलों में पहुंची। आम लोगों से लेकर सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। इस दौरान 3 बातें समझ आईं… 1. BJP के लिए: SIR में कुल 91 लाख नाम कटे हैं। इसमें 47 लाख मृत लोगों के हैं। अगर इन्हें आधार बनाकर सीटों का गणित समझें तो इस बार BJP को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। उसे 150 से 170 सीटें मिल सकती हैं। वहीं TMC 110-140 सीटों पर सिमट सकती है। इसी गणित के आधार पर BJP के नेता बंगाल में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। 2. TMC के लिए: पश्चिम बंगाल के वोटर्स में SIR का डर TMC के पक्ष में जा सकता है। असल में ग्राउंड पर ऐसी अफवाह फैली है कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद नागरिकता भी जा सकती है। जिनके नाम वोटर लिस्ट में बच गए, उन्होंने इसी डर से हर कीमत पर 100% वोट डालने की कोशिश की। इस बंपर वोटिंग का फायदा TMC को मिल सकता है। पार्टी 160 से 190 सीटें जीत सकती है। 3. कांग्रेस के लिए: एक फैक्टर ऐसा भी है, जिससे कांग्रेस फायदे में नजर आ रही है। TMC सरकार से लोग नाराज हैं। भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के साथ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर मजबूत है। ये नाराजगी मुस्लिम बहुल इलाकों में भी है, लेकिन ये वोटर BJP के साथ नहीं जाएगा। ऐसे में मुर्शिदाबाद और मालदा की सीटों पर इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। कांग्रेस 1-3 सीटों पर मजबूत हो रही है। साउथ बंगाल में इंडियन सेकुलर फ्रंट यानी ISF 1 या दो सीटों पर मजबूत हो सकती है। वहीं, CPI(M) 2 से 3 सीटों पर दूसरी पोजीशन पर हो सकती है या फिर ज्यादा से ज्यादा 1 सीट जीत सकती है। वहीं, TMC से बाहर हुए हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP का कोई असर नहीं दिख रहा है। BJP की जीत के लिए बड़े फैक्टर…SIR में 47 लाख वोटर्स डिलीट होने का फायदा BJP को पॉलिटिकल एनालिस्ट देबांजन बनर्जी ने BJP की जीत का गणित समझाया। उनके मुताबिक, पिछले दो चुनावों में TMC को करीब 2.86 करोड़ और BJP को 2.26 करोड़ वोट मिले थे, यानी TMC लगभग 60 लाख वोट से आगे थी। अब SIR में करीब 47 लाख मृत लोगों के नाम लिस्ट से हट गए हैं। माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर TMC के समर्थक थे। अगर ऐसा है, तो TMC का वोट बैंक घटेगा और BJP को सीधा फायदा होगा।’ असली खेल उन सीटों पर है, जहां बहुत कम अंतर से जीत-हार होती है। 2021 विधानसभा चुनाव के लिहाज से देखें, तो करीब 30 सीटों पर 1000 से कम वोटों से जीत-हार तय हुई थी, जबकि करीब 50 सीटों पर दो से पांच हजार वोटों का अंतर था। 100 सीटों पर वोट का अंतर करीब 5 हजार से 10 हजार के बीच था। 47 लाख वोट कम होने पर ऐसी सीटों के नतीजे पलट सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो BJP 150 से 170 सीट जीत सकती है। डर से आजादी और दूसरे राज्यों के नेता बूथ पर सक्रिय चुनाव में डर का माहौल है। मालदा, मुर्शिदाबाद और संदेशखाली में पैरा मिलिट्री फोर्सेज पोलिंग बूथ के साथ-साथ घरों के बाहर गलियों में भी तैनात हैं। लोग बिना डरे पोलिंग बूथ जा रहे हैं। ये फैक्टर BJP के पक्ष में है। वहीं, हर बूथ पर यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और असम समेत BJP सरकार वाले राज्यों के मंत्री, विधायक और सांसदों की टीम काम कर रही है, ताकि जीत उनके पक्ष में हो। BJP के पक्ष में ये फैक्टर भी… 1. BJP ने TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का मुद्दा बढ़ा-चढ़ाकर उठाया। 2. TMC की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत 1500 रुपए की जगह 3000 रुपए देने का वादा किया है। पश्चिम बंगाल में बंपर वोटिंग यानी सत्ता बदलाव TMC की जीत के लिए बड़े फैक्टर…SIR में नाम कटने से नागरिकता छिनने का डर, TMC को फायदा राज्य में SIR में ज्यादा नाम ग्रामीण इलाकों में कटे। इसे लेकर पॉलिटिकल एनालिस्ट डॉ. सिबाजी प्रतीम बसु कहते हैं, ‘वोटर लिस्ट से नाम कटने पर चुनाव आयोग ने सिर्फ इतना कहा था कि मामला सिर्फ SIR से जुड़ा है। BJP ने इसे घुसपैठिया शब्द से जोड़ दिया। इससे लोगों में मन में नागरिकता जाने का डर है। बांग्लादेशी बताकर देश से बाहर कर दिया जाएगा।‘ ‘ये खौफ भी है कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस और राशन कार्ड छिन जाएगा। फिर वो बंगाल से बाहर जाकर कैसे काम करेंगे।‘ ‘TMC के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी के साथ भ्रष्टाचार नेगेटिव पॉइंट हैं, लेकिन अब अस्मिता के सामने ये मुद्दे दूसरे और तीसरे नंबर पर चले गए हैं। ऐसे में लगता है कि TMC को 160 से 190 सीटें और BJP को ज्यादा से ज्यादा 80 से 110 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस महज 1 से 3 सीटें ही जीत सकेगी।‘ सीनियर जर्नलिस्ट सुमन भट्टाचार्य भी मानते हैं, SIR की वजह से वोट प्रतिशत पिछली बार से बढ़ा है। अबकी BJP 85 सीटों से ज्यादा जीतेगी, लेकिन बहुमत नहीं मिल पाएगा। TMC को 180 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, लेकिन ये 2021 से कम होंगी।‘ ……………………. पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… 1. आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़ित की मां BJP कैंडिडेट, सभा में कुर्सियां खाली पानीहाटी सीट से आरजीकर रेप केस की पीड़ित की मां रतना देबनाथ BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 12 अप्रैल को सभा करने गईं तो कुर्सियां खाली पड़ी थीं। रतना देबनाथ अपने चुनाव लड़ने को बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई बता रही हैं। महिलाएं उनकी सभा के सामने से गुजरते हुए रुकती हैं। पूछने पर कहती हैं, ‘हम साथ हैं, लेकिन दिखा नहीं सकते। TMC वाले घूम रहे हैं। साथ देख लिया, तो मुश्किल होगी।’ पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 28 Apr 2026 5:16 am

डेढ़ दशक के लिव-इन संबंध, फिर ब्रेकअप : क्या यह रेप का मामला है? सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल, मध्यस्थता का दिया सुझाव

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा कि क्या 15 साल लंबे लिव-इन रिलेशनशिप के टूटने को दुष्कर्म का मामला माना जा सकता है, खासकर तब जब जोड़े का एक बच्चा भी हो और पुरुष संबंध तोड़कर अलग हो गया हो। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की […] The post डेढ़ दशक के लिव-इन संबंध, फिर ब्रेकअप : क्या यह रेप का मामला है? सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल, मध्यस्थता का दिया सुझाव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Apr 2026 11:42 pm

रेलवे में 30 हजार पद खत्म करने की खबर गलत : रेल मंत्रालय

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने रेलवे में 30 हजार पदों को समाप्त किए जाने संबंधी खबरों को गलत बताते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रेल मंत्रालय के एक प्रवक्ता के अनुसार मानव संसाधन का समायोजन एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत समय के हिसाब से […] The post रेलवे में 30 हजार पद खत्म करने की खबर गलत : रेल मंत्रालय appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Apr 2026 11:37 pm

IPL 2026 : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु ने दिल्ली कैपिल्टस को 9 विकेट से हराया

नई दिल्ली। जॉश हेजलवुड (चार विकेट) और भुवनेश्वर कुमार (तीन विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद देवदत्त पड़िक्कल (नाबाद 34) और विराट कोहली (नाबाद 23) रन बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु (आसीबी) ने सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 39वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 81 गेंदे शेष रहते नौ विकेट से रौंद दिया। […] The post IPL 2026 : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु ने दिल्ली कैपिल्टस को 9 विकेट से हराया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Apr 2026 11:31 pm

शिवसेना नेता ने बर्थडे पर 51 हजार डॉग्‍स को दी पार्टी, कहा, कैसे बेजुबानों की सेवा ने हर ली हर तकलीफ, पहुंचाया फर्श से अर्श तक

सदियों से इंसानों के दोस्‍त और वफादार रहे कुत्‍तों से एक तरफ जहां कई लोग डरते और भागते हैं, उन्‍हें मारते, दुत्‍कारते और नफरत करते हैं, वहीं कुछ लोग इन बेजुबानों की सेवा करने की मिसालें पेश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे मानते हैं कि कैसे कुत्‍तों या दूसरे बेजुबानों की सेवा से उनके जीवन में चमत्‍कार घटे और वे मुसीबतों से बाहर आ गए। इंदौर में एक ऐसा ही अनोखा मामला सामने आया है जिसमें प्रदेश के शिवसेना प्रभारी सुरेश गुर्जर ने अपने 55वें जन्मदिन पर 51 हजार स्ट्रीट डॉग्स को भोजन कराया और एक मिसाल पेश की। उनके पशु प्रेम की यह कहानी जमकर वायरल हो रही है। दरअसल, शिवसेना एमपी के प्रभारी सुरेश गुर्जर ने अपने 55वें जन्मदिन पर 51 हजार स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिलाया। इसके लिए उन्होंने स्ट्रीट डॉग्स के लिए भंडारे का आयोजन किया था। शिवसेना नेता सुरेश गुर्जर की यह पहल लोगों का दिल जीत रही है। इसके साथ ही एक सकारात्मक मैसेज भी दे रही है कि आखिर इन बेजुबानों की मदद इंसान नहीं करेगा तो कौन करेगा। वे किस के भरोसे हैं। इसी भाव के चलते उन्होंने अपने जन्मदिन को धूमधाम से मनाने के बजाय सादगी और सेवा के रूप में मनाने का फैसला किया और शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर कुत्तों को खाना खिलाया। क्‍या है कुत्‍तों को भंडारा खिलाने के पीछे की असल कहानी : बता दें कि कुत्‍तों को खाना खिलाने के इस अभियान में उनके साथ शिवसेना के कई पदाधिकारी और सामाजिक संगठन के सदस्‍य भी साथ रहे। जिन्होंने इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुरेश गुर्जर ने बताया कि उन्होंने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। एक समय ऐसा भी आया जब वे आर्थिक रूप से काफी कमजोर हो गए थे। उन्होंने बताया कि काफी गरीबी देखी है। उनके पास करोड़ों रुपए थे, लेकिन समय इतना खराब आया कि काफी कर्ज में हो गए थे, लेकिन एक दिन उन्‍होंने बेजुबान पशुओं खासकर कुत्‍तों की सेवा शुरू की। इसके बाद तो उनके दिन फिर गए और एक तरह से उनके जीवन में चमत्‍कार ही घट गया। आज वे फिर से एक समृद्ध जीवन जी रहे हैं और बताते हैं कि जैसे कुत्‍तों ने उनके जीवन की हर तकलीफ को हर लिया है। गाड़ी का हॉर्न सुनते ही चले आते हैं उनके दोस्‍त : उन्होंने बताया कि उनके घर और फार्म हाउस पर भी कई कुत्ते रहते हैं, जिनकी वे देखभाल करते हैं। उनका मानना है कि जहां घरों में पालतू जानवरों को अच्छा भोजन और देखभाल मिलती है, वहीं सड़कों पर रहने वाले कुत्तों के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती। वे दिनभर भूखे प्‍यासे भटकते हैं। भूख की वजह से हिंसक हो जाते हैं। लोग उनके साथ दुर्व्‍यवहार करते हैं। लेकिन वे अपनी गाड़ी में दूध, बिस्किट, टोस्ट और अन्य खाद्य सामग्री रखकर शहरभर में घूम-घूमकर कुत्तों को खाना खिलाते हैं। जैसे ही उनकी गाड़ी का हॉर्न बजता, कॉलोनियों और गलियों में रहने वाले कुत्ते दौड़कर उनके पास पहुंच जाते हैं। गुर्जर उन्हें पत्तल में अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसते। उन्होंने कहा कि यह नेक काम एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, इसे आगे भी जारी रखेंगे, इसमें उनके साथ कई लोग शामिल होते जा रहे हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 27 Apr 2026 6:55 pm

सुशांत सिंह राजपूत केस में 6 साल बाद रिया चक्रवर्ती को बड़ी राहत, कोर्ट ने बैंक खाते अनफ्रीज करने का दिया आदेश

साल 2020 में बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया था। एक्टर की मौत के मामले में सामने आए ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक को जेल तक जाना पड़ा। अब रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार को एक बड़ी राहत मिली है। मुंबई की एक विशेष NDPS कोर्ट ने रिया, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और मां संध्या चक्रवर्ती के बैंक खातों को तुरंत अनफ्रीज करने का आदेश दिया है। यह फैसला रिया के लिए न केवल आर्थिक बल्कि नैतिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। NCB ने 2020 में जांच के दौरान रिया और उनके परिवार के कई बैंक खातों को इस संदेह में फ्रीज कर दिया था कि इनका संबंध ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से हो सकता है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि NCB ने खातों को फ्रीज करने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी नहीं ली थी। अदालत ने इसे कानून की गंभीर चूक करार दिया। कोर्ट ने कहा कि NDPS अधिनियम के तहत संपत्ति या खातों को फ्रीज करने की शक्ति असीमित नहीं है और इसके लिए सख्त कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। कोर्ट ने RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार खातों को फिर से संचालित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने इस आदेश में रिया पर लगे आरोपों की मेरिट (गुण-दोष) पर चर्चा नहीं की। अदालत का पूरा ध्यान इस बात पर था कि क्या जांच एजेंसी ने उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया या नहीं। बॉम्बे हाईकोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों के पास यह विश्वास करने का ठोस कारण होना चाहिए कि संपत्ति अवैध गतिविधियों से जुड़ी है, और इसे समय पर रिपोर्ट करना आवश्यक है। बैंक खातों का अनफ्रीज होना रिया के लिए राहत की आखिरी कड़ी नहीं है। पिछले एक साल में उनके पक्ष में कई अहम फैसले आए हैं। इससे पहले सीबीआई की तरफ से रिया को क्लीन चिट मिली थी। CBI ने अपनी जांच में सुशांत सिंह राजपूत की मौत में किसी भी तरह की साजिश या हत्या की संभावना को खारिज करते हुए इसे आत्महत्या करार दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले साल ही रिया को उनका पासपोर्ट वापस करने का आदेश दिया था, जिससे उनकी विदेश यात्रा पर लगी पाबंदियां खत्म हो गईं। कानूनी मोर्चे पर मजबूती मिलने के बाद रिया चक्रवर्ती अब अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वह मशहूर फिल्म निर्माता हंसल मेहता के एक आगामी प्रोजेक्ट के साथ अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 5:13 pm

Parshuram Dwadashi: परशुराम द्वादशी क्यों मनाते हैं, जानिए इसका महत्व

Lord Parshuram: परशुराम द्वादशी हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे विशेष रूप से भगवान परशुराम की उपासना के लिए मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम विष्णु जी के छठे अवतार हैं, जिन्हें धर्म की रक्षा और अधर्म का नाश करने के लिए पृथ्वी पर भेजा गया था। परशुराम द्वादशी का पर्व वैशाख मास की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है और इसे विशेष श्रद्धा के साथ धार्मिक रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ के माध्यम से मनाया जाता है। ALSO READ: Atichari brihaspati:क्या अतिचारी बृहस्पति बढ़ाएगा गर्मी? 50 डिग्री तक जा सकता है पारा? आइए जानते हैं कि यह दिन क्यों मनाया जाता है और इसका आध्यात्मिक महत्व क्या है: क्यों मनाई जाती है परशुराम द्वादशी? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया को हुआ था, लेकिन परशुराम द्वादशी मुख्य रूप से उनके द्वारा किए गए धर्म की स्थापना और उनके तपस्वी रूप के सम्मान में मनाई जाती है। इस दिन को मनाने के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: अधर्म का नाश: परशुराम जी ने पृथ्वी पर अहंकारी और अत्याचारी क्षत्रिय राजाओं का अंत कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। यह दिन उनकी उस शक्ति और न्याय का उत्सव है। पितृ और गुरु भक्ति: परशुराम जी अपनी पितृ-भक्ति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने पिता महर्षि जमदग्नि की आज्ञा का पालन किया और कठोर तप से शिव जी को प्रसन्न किया। उनकी तपस्या की पूर्णता और उनके दिव्य स्वरूप की आराधना हेतु यह द्वादशी मनाई जाती है। परशुराम द्वादशी का महत्व हिंदू शास्त्रों में परशुराम द्वादशी का फल अत्यंत कल्याणकारी बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान परशुराम की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह दि समस्त पापों से मुक्ति से देकर मन की शुद्धि करता है। परशुराम जी 'शस्त्र और शास्त्र' दोनों के ज्ञाता हैं। उनकी पूजा करने से भक्तों में आत्मविश्वास बढ़ता है, भय का नाश होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। इस तरह यह साहस और निर्भयता की प्राप्ति का दिन है। धार्मिक मान्यता है कि जो दंपत्ति संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए इस दिन व्रत रखना विशेष फलदायी होता है। यह व्रत संतान और परिवार की रक्षा करके सुख-शांति और आरोग्य लाता है। चूंकि यह वैशाख मास में आती है, जो कि दान-पुण्य का महीना है, इस दिन किए गए दान, स्नान और तर्पण का फल कभी समाप्त नहीं होता यानी 'अक्षय' रहता है। यह दिन अक्षय पुण्य की प्राप्ति देता है। परशुराम द्वादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। भगवान विष्णु या परशुराम जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। उन्हें पीले पुष्प, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें। इस दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अन्न, जल का घड़ा या कलश या सत्तू का दान करना श्रेष्ठ माना जाता है। भगवान परशुराम 'चिरंजीवी' हैं (अमर हैं), इसलिए उनकी पूजा हमें दीर्घायु और स्थिर बुद्धि का वरदान देती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा

वेब दुनिया 27 Apr 2026 4:55 pm

Atichari brihaspati:क्या अतिचारी बृहस्पति बढ़ाएगा गर्मी? 50 डिग्री तक जा सकता है पारा

भारतीय ज्योतिष और विज्ञान दोनों ही बृहस्पति (गुरु) को पृथ्वी के अस्तित्व के लिए अनिवार्य मानते हैं। जहाँ ज्योतिष इसे प्राणवायु, सुख और वातावरण की सौम्यता का कारक मानता है, वहीं विज्ञान इसे पृथ्वी की कक्षा को स्थिर रखने वाला 'कॉस्मिक रक्षक' और 'वैक्यूम क्लीनर' कहता है। ज्योतिष का मानना है कि वर्तमान में बृहस्पति की तेज गति से धरती के वातारवण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है। यह प्रभाव वर्ष 2033 तक रहेगा। इस दौरान धरती के जलवायु में अप्रत्याशित परिवर्तन होंगे। ALSO READ: Jupiter transit year 2026: क्या अतिचारी गुरु 2026 में लाएंगे वैश्विक महासंकट? पृथ्वी का अभेद्य कवच (कॉस्मिक रक्षक) बृहस्पति अपनी विशाल गुरुत्वाकर्षण शक्ति से पृथ्वी को अंतरिक्ष के खतरों से बचाता है: उल्कापिंडों से सुरक्षा: यह खतरनाक एस्टेरॉयड और धूमकेतुओं को अपनी ओर खींचकर पृथ्वी से टकराने से रोकता है। इसके बिना पृथ्वी पर उल्कापात की घटनाएँ 1,000 गुना अधिक होतीं। कक्षा की स्थिरता: यह सौरमंडल के द्रव्यमान केंद्र को संतुलित रखता है, जिससे पृथ्वी की कक्षा स्थिर रहती है और जीवन के अनुकूल मौसम बना रहता है। अतिचारी बृहस्पति (2025-2026): बिगड़ती चाल और जलवायु संकट 18 मई 2025 से बृहस्पति 'अतिचारी' हो गए हैं। इसका अर्थ है कि वे अपनी सामान्य गति (एक राशि में 12 माह) को छोड़कर बहुत तेजी से राशियाँ बदल रहे हैं। तीन गुना अतिचारी गोचर: वर्तमान में गुरु मिथुन में हैं। वे अक्टूबर 2025 में कर्क में जाएंगे, फिर दिसंबर में पुनः मिथुन में लौटेंगे और जून 2026 में फिर कर्क में प्रवेश करेंगे। 8 वर्षों का संकट: ग्रहों की यह अस्थिर चाल अगले 8 वर्षों तक जारी रह सकती है। यह ब्रह्मांडीय हलचल पृथ्वी के वातावरण की शांति और सौम्यता को बाधित करेगी। पूर्व में भी हुए अतिचारी: बृहस्पति ग्रह पूर्व में भी कई बार अतिचारी हुए हैं लेकिन उस काल में धरती पर जंगल और पहाड़ों की भरमार थी। वर्तमान में मानव की गतिविधियों ने धरती को बहुत नुकसान पहुंचाया है जिसके चलते अतिचारी बृहस्पति का नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। धरती पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव बृहस्पति की इस बिगड़ती चाल के कारण वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं: बढ़ता तापमान: अनुमान है कि आने वाले समय में भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में पारा 50C के पार जा सकता है। प्राकृतिक आपदाएँ: गुरु की 'अतिचारी' स्थिति से विनाशकारी बाढ़, समुद्री तूफान, भूकंप और भीषण जल संकट की आवृत्ति बढ़ेगी। मिलनकोविच चक्र: बृहस्पति का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की कक्षा को अधिक अंडाकार बना देता है, जिससे सूर्य की विकिरण मात्रा बदलती है और लंबे समय में हिमयुग या ग्लोबल वार्मिंग जैसी स्थितियां पैदा होती हैं। समाधान: हमारा साझा प्रयास प्रकृति के इस प्रकोप को कम करने के लिए केवल वैज्ञानिक उपाय ही काफी नहीं हैं, हमें धरातल पर कार्य करना होगा: वृक्षारोपण: बड़े पैमाने पर नए जंगल विकसित करना। प्राकृतिक संरक्षण: खनन, पहाड़ों की कटाई और पेड़ों के विनाश पर तत्काल रोक लगाना। संतुलित जीवन: वायुमंडल की शीतलता बनाए रखने के लिए प्रदूषण कम करना। निष्कर्ष: बृहस्पति भले ही करोड़ों मील दूर है, लेकिन उसकी चाल हमारी 'प्राणवायु' और 'आयु' को सीधे प्रभावित करती है। यह समय सचेत होने और प्रकृति के साथ जुड़ने का है।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 3:27 pm

बॉबी देओल की क्राइम-थ्रिलर 'बंदर' की रिलीज डेट का ऐलान, इस दिन सिनेमाघरों में देगी दस्तक

अनुराग कश्यप की अपकमिंग फिल्म 'बंदर' का फैंस बेसब्री से इंतजार कररहे हैं। इस फिल्म ने 2025 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के साथ ही चर्चा बटोर ली थी। सच्ची घटना से प्रेरित यह क्राइम-थ्रिलर ग्लैमर, रिश्तों और कानून की जटिल दुनिया को बेबाक अंदाज में सामने लाएंगी। 'बंदर' के मेकर्स ने अब आधिकारिक तौर पर इसकी रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। यह फिल्म 5 जून, 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। इस फिल्म में बॉबी देओल लीड रोल में हैं, और इसमें डायरेक्टर अनुराग कश्यप के नेतृत्व में एक मजबूत क्रिएटिव टीम एक साथ आई है, जिसमें राइटर सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी शामिल हैं। अपनी बोल्ड कहानी कहने के अंदाज के लिए मशहूर अनुराग कश्यप ने पहले 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'ब्लैक फ्राइडे' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में दी हैं। लगातार कई दमदार परफॉर्मेंस देने के बाद, बॉबी देओल इस इंटेंस ड्रामा में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का प्रोडक्शन निखिल द्विवेदी ने किया है और इसे ज़ी स्टूडियोज का सपोर्ट मिला है। फिल्म को सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखा है, जिन्हें 'पाताल लोक', 'कोहरा' और 'उड़ता पंजाब' जैसे सराहे गए प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है। सुदीप शर्मा ने हाल ही में 'कोहरा 2' का निर्देशन भी किया है, जिसे क्रिटिक्स ने काफी पसंद किया है। फिल्म की स्टार कास्ट में सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी, जितेंद्र जोशी, सपना पब्बी, इंद्रजीत सुकुमारन, रिद्धि सेन, सबा आज़ाद और नागेश भोसले भी अहम भूमिकाओं में हैं। एक टैलेंटेड टीम और दमदार कास्ट के साथ, 'बंदर' 2026 की सबसे रोमांचक थियेट्रिकल रिलीज में से एक बनने जा रही है।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 2:48 pm

फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' के नए पोस्टर्स रिलीज, मनोज बाजपेयी के साथ नजर आएंगी अदा शर्मा

​विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' अपनी घोषणा के बाद से ही चर्चा में बनी हुई है। हाल ही में, मनोज बाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर एक दिलचस्प पोस्टर के साथ फिल्म के टाइटल का खुलासा किया गया था। अब, फिल्म के नए पोस्टर्स रिलीज कर दिए गए हैं, जो एक बड़ा खुलासा करते हैं जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था, और हमें इस इंटेंस ड्रामा की दुनिया के और करीब ले जाते हैं। A post shared by Sunshine Pictures (@sunshinepicturesofficial) ​'गवर्नर' के नए पोस्टर्स ने स्टार कास्ट का खुलासा कर दिया है, जिसमें मनोज बाजपेयी और अदा शर्मा नजर आएंगे। जहां अलग-अलग पोस्टर्स नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर मनोज बाजपेयी के अलग-अलग शेड्स दिखाते हैं, वहीं ये पोस्टर्स पर्दे पर दिखने वाले जबरदस्त ड्रामा के बारे में भी बहुत कुछ बयां करते हैं। ​कास्ट के चेहरे सामने आने के अलावा, पोस्टर्स में कुछ दमदार टैगलाइन्स भी दी गई हैं जैसे— अब बारी मेरी है, आई विल नॉट लेट इंडिया फेल, और इंडिया इज ऑन द वर्ज ऑफ बैंकरअप्ट्सी, ही सौ ईट कमिंग। ये सभी भारत के आर्थिक संकट के एक मुश्किल दौर की ओर इशारा करते हैं। अब यह देखने के लिए उत्साह चरम पर है कि फिल्म में मनोज बाजपेयी किस तरह का किरदार निभाएंगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ​​विपुल अमृतलाल शाह प्रोडक्शन की फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' सनशाइन पिक्चर्स द्वारा पेश की जा रही है। विपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्मित और चिन्मय मांडलेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर आशिन ए. शाह हैं। फिल्म को सुवेंदु भट्टाचार्यजी, सौरभ भरत, रवि असरानी और खुद विपुल अमृतलाल शाह ने लिखा है। जावेद अख्तर के लिखे गानों को अमित त्रिवेदी ने अपने संगीत से सजाया है। 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' 12 जून, 2026 को रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 1:26 pm

इन OTT शोज ने ग्लोबल लेवल पर मचाई धूम, इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स में मिली खास पहचान

भारत में स्ट्रीमिंग के बढ़ते चलन ने न केवल लोकल एंटरटेनमेंट को बदला है, बल्कि इंडियन स्टोरीटेलिंग को दुनिया के नक्शे पर भी ला खड़ा किया है। गोल्डन कारवां, इवानहो प्रोडक्शंस, फिल्म कारवां और पुअर मैन्स प्रोडक्शंस द्वारा बनाई गई 'दिल्ली क्राइम' जैसे दमदार क्राइम ड्रामा से लेकर बानिजय एंटरटेनमेंट के तहत बानिजय एशिया द्वारा निर्मित 'द नाइट मैनेजर' जैसे शानदार थ्रिलर्स तक, कई शोज ने भाषा और कल्चर की दीवारों को तोड़कर ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाई है। इसमें इंटरनेशनल एमी नॉमिनेशंस और जीत भी शामिल है। यहां पांच बेहतरीन इंडियन सीरीज दी गई हैं जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा: 1. दिल्ली क्राइम नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई 'दिल्ली क्राइम' इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2020 में बेस्ट ड्रामा सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय सीरीज बनी। गोल्डन कारवां, इवानहो प्रोडक्शंस, फिल्म कारवां और पुअर मैन्स प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित, एक हाई-प्रोफाइल केस के इस ईमानदार और संवेदनशील चित्रण ने, जिसमें शेफाली शाह की दमदार परफॉर्मेंस थी, पूरी दुनिया के दिलों को छुआ। इसने साबित कर दिया कि भारतीय कहानियाँ असरदार होने के साथ-साथ ग्लोबल लेवल पर भी जुड़ाव पैदा कर सकती हैं। 2. द नाइट मैनेजर बनिजय एंटरटेनमेंट का हिस्सा, बनिजय एशिया द्वारा निर्मित 'द नाइट मैनेजर', जो डिज्नी+हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है, ने इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 में नॉमिनेशन हासिल किया। आदित्य रॉय कपूर, शोभिता धुलिपाला और अनिल कपूर जैसे कलाकारों के साथ, इस सीरीज ने ग्लोबल फॉर्मेट को हाई-क्वालिटी और स्टाइलिश प्रोडक्शन में ढालने की भारत की काबिलियत को दिखाया। 3. मेड इन हेवन मॉडर्न रिश्तों और समाज की उम्मीदों को बारीकी से दिखाने वाली एमेजॉन प्राइम वीडियो की सीरीज 'मेड इन हेवन', जिसे एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है, को 2018 के इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स में बेस्ट ड्रामा सीरीज के लिए नॉमिनेशन मिला। जोया अख्तर और रीमा कागती द्वारा बनाई गई इस सीरीज ने पर्सनल ड्रामा को तीखी सोशल कमेंट्री के साथ जोड़ा, जिसे भारत के बाहर भी दर्शकों ने काफी पसंद किया। 4. सेक्रेड गेम्स नेटफ्लिक्स इंडिया की शुरुआती ग्लोबल हिट्स में से एक, फैंटम फिल्म्स द्वारा निर्मित 'सेक्रेड गेम्स' ने 2019 के इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स में नॉमिनेशन पाया था। सैफ अली खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बेहतरीन परफॉर्मेंस वाली इस सीरीज ने भारतीय वेब कंटेंट में एक दमदार और सिनेमाई अंदाज पेश किया। 5. आर्या बनिजय एंटरटेनमेंट का हिस्सा, एंडेमोल शाइन इंडिया द्वारा निर्मित 'आर्या' ने इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2021 में नॉमिनेशन हासिल किया। सुष्मिता सेन के नेतृत्व वाली इस सीरीज ने उनकी पावरफुल वापसी कराई और महिलाओं पर आधारित मजबूत कहानियाँ बनाने की भारत की ताकत को दुनिया के सामने रखा।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 1:16 pm

शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्ष 2026 और 2027 में शनि, बृहस्पति (गुरु), राहु और केतु की स्थिति कुछ विशेष राशियों के लिए राजयोग के समान फल देने वाली होगी। आपके द्वारा दिए गए विवरण को यहाँ स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है। ग्रहों की स्थिति का मुख्य आधार शनि: 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक मीन राशि में रहेंगे। बृहस्पति (गुरु): 18 मई 2025 से मिथुन में, 2 जून 2026 से कर्क में और 30 अक्टूबर 2026 से सिंह राशि में गोचर करेंगे। राहु-केतु: अक्टूबर तक राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। राशियों के लिए: तीनों का गोचर निम्नलिखित राशियों के लिए शुभ माना जाएगा। ALSO READ: मेष में बनने वाला है मंगलादित्य, बुधादित्य और त्रिग्रही योग: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा इन 5 राशियों के लिए बनेगा राजयोग 1. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति का है। ग्रह स्थिति: शनि आपकी कुंडली के 12वें भाव में हैं, जिससे साढ़ेसाती का प्रथम चरण प्रभावी है। मेष में जाने के बाद भी यह लाभ देंगे। गुरु वर्ष के पूर्वार्ध में तीसरे और चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे, अगले वर्ष पंचम भाव में रहेंगे जो सकारात्मकता लाएंगे। विशेष लाभ: 11वें भाव (आय भाव) में राहु का गोचर आपकी इनकम में भारी बढ़ोतरी कराएगा। सावधानी: 5वें भाव में केतु होने के कारण प्रेम संबंधों और संतान पक्ष को लेकर थोड़ी मानसिक परेशानी हो सकती है। ALSO READ: मंगल का महा-गोचर 2026: अपनी ही राशि मेष में लौटेंगे मंगल, 6 राशियों के लिए अपराजेय योग 2. कर्क राशि इस राशि के लिए 2026 स्वर्ण काल साबित हो सकता है। भाग्य का साथ: शनि पूरे वर्ष भाग्य भाव (9वें) में रहकर आपकी कड़ी मेहनत का फल देंगे। मेष राशि में 10वें भाव में जाने के बाद यह और प्रबल होकर कर्मक्षे‍त्र में लाभ देंगे। गुरु का वरदान: 2 जून को गुरु का कर्क राशि (लग्न) में प्रवेश आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। व्यापार में मुनाफा दोगुना होने और नौकरी में अप्रत्याशित उन्नति के योग हैं। पारिवारिक सुख: दांपत्य जीवन की परेशानियां खत्म होंगी, संतान सुख मिलेगा और अविवाहितों के लिए विवाह के प्रबल योग बनेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्च पद मिल सकता है। 3. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए शत्रुओं पर विजय और करियर में उछाल का समय है। शत्रु विजय: शनि छठे भाव में रहकर विरोधियों को शांत रखेंगे और पुराने रोगों से मुक्ति दिलाएंगे। बृहस्पति का प्रभाव: गुरु का गोचर तीन चरणों में आपके भाग्य और करियर को मजबूत करेगा। जून से अक्टूबर के बीच करियर की हर मनोकामना पूरी होगी। आर्थिक स्थिति: अक्टूबर के बाद 11वें भाव में गुरु का गोचर धन लाभ के नए स्रोत खोलेगा। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदना इस समय अत्यंत शुभ रहेगा। 4. मकर राशि साहस और रिश्तों में सुधार के लिए यह वर्ष विशेष है। पराक्रम में वृद्धि: शनि तीसरे भाव में रहकर आपके साहस को बढ़ाएंगे, जिससे देरी से ही सही लेकिन सफलता सुनिश्चित होगी। सुधार का समय: जून के बाद सप्तम भाव में गुरु का गोचर साझेदारी के व्यापार और वैवाहिक जीवन में बड़ा सुधार लाएगा। धन लाभ: आय के एक से अधिक स्रोत (Multiple sources) बनेंगे और भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। 5. मीन राशि मीन राशि के लिए गुरु का गोचर हर प्रकार की सुख-सुविधाओं में विस्तार करेगा। व्यक्तित्व और स्वास्थ्य: शनि लग्न में स्थित हैं, लेकिन गुरु की दृष्टि लग्न पर होने से आपकी सेहत और व्यक्तित्व में निखार आएगा। विदेशी अवसर: 12वें भाव का राहु आपको विदेश यात्रा या विदेशी जमीन से लाभ के अवसर दिला सकता है। कर्ज मुक्ति: छठे भाव का केतु आपको शत्रुओं पर विजयी बनाएगा और पुराने कर्ज से मुक्ति दिलाने में सहायक होगा। संपत्ति लाभ: गुरु चतुर्थ और पंचम भाव को प्रभावित करेंगे, जिससे चल-अचल संपत्ति में लाभ, बेहतर शिक्षा और प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 1:09 pm

अमीषा पटेल की फैमिली का था गांधी परिवार से खास रिश्ता, इंदिरा गांधी ने तय की थी एक्ट्रेस के पेरेंट्स की वेडिंग डेट

बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल अपने बेबाक बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं। इस बार अमीषा ने एक बड़ा खुलासा किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने परिवार और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बीच बेहद करीबी रिश्तों का खुलासा किया, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। अमीषा पटेल ने बताया कि जब उनका जन्म मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ, तब सबसे पहले उन्हें देखने आने वाली शख्सियत इंदिरा गांधी थीं। यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि इस बात का संकेत था कि उनके परिवार और गांधी परिवार के बीच रिश्ता कितना गहरा और पुराना था। इतना ही नहीं अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी कराने में भी इंदिरा गांधी का अहम रोल था। अमीषा ने इस खास रिश्ते की जड़ अपने दादा रजनी पटेल को बताया। वे एक प्रसिद्ध बैरिस्टर थे, जिन्होंने बाद में राजनीति में कदम रखा। उनका मार्गदर्शन खुद जवाहरलाल नेहरू ने किया था। राजनीति में आने के बाद उन्होंने पहले कम्युनिस्ट पार्टी जॉइन की, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में रहते हुए वे इंदिरा गांधी के बेहद करीबी बन गए और उनके प्रमुख सलाहकारों में शामिल थे। कहा जाता है कि इंदिरा गांधी कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले रजनी पटेल से सलाह जरूर लेती थीं। बॉलीवुड बबल संग बात करते हुए अमीषा पटेल ने कहा, मेरे माता-पिता की शादी की तारीख भी इंदिरा गांधी ने तय की थी। दरअसल, मेरे पेरेंट्स की कुंडलियां नहीं मिल रही थीं, इसलिए इंदिरा गांधी से पूछा गया था कि वो कब फ्री हो सकती हैं। फिर उनकी बताई हुईं तारीखों के मुताबिक ही मेरे माता-पिता की शादी का दिन फाइनल किया गया थश। अमीषा ने यह भी बताया कि उनके दादा ने मुंबई के वर्ली में स्थित नेहरू प्लेनेटेरियम का निर्माण करवाया था, जो जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया था। इससे साफ होता है कि उनका परिवार न सिर्फ राजनीति में सक्रिय था, बल्कि देश के इतिहास और विरासत से भी गहराई से जुड़ा हुआ था।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 12:54 pm

आज है मोहिनी एकादशी: इसे क्यों करना शुभ माना जाता है?

Mohini Ekadashi Importance: मोहिनी एकादशी हिन्दू धर्म का एक पवित्र व्रत है, जिसे भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा और भक्ति के लिए मनाया जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक लाभ और जीवन में समृद्धि लाने वाला भी माना जाता है। ALSO READ: मोहिनी एकादशी का व्रत रखने के 10 चमत्कारी फायदे आज मोहिनी एकादशी का पावन दिन है। दरअसल, आज का दिन इतना शुभ और महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है, इसके पीछे कुछ बहुत ही ठोस और दिलचस्प कारण हैं। आज हम जानेंगे कि मोहिनी एकादशी क्यों खास है और इसे करना क्यों शुभ माना जाता है। 1. बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक आज के दिन ही भगवान विष्णु ने अपनी माया से अमृत कलश को असुरों के चंगुल से बचाया था। इसे करने से भक्त को यह संदेश और शक्ति मिलती है कि अंततः जीत धर्म और सत्य की ही होती है। 2. मानसिक क्लेश और 'मोह' से मुक्ति हम अक्सर पुरानी बातों, रिश्तों या नुकसान के 'मोह' में फंसकर दुखी रहते हैं। मोहिनी एकादशी का व्रत मानसिक क्लेश को साफ करने तथा मोह से मुक्ति के लिए जाना जाता है। आध्यात्मिक मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने से मन की चंचलता शांत होती है और व्यक्ति को मोह-माया के दुखों से मुक्ति मिलती है। 3. कठिन से कठिन पापों का नाश शास्त्रों में वर्णन है कि जाने-अनजाने में हुए ऐसे पाप, जिनका बोझ मन पर रहता है, इस व्रत को करने से धुल जाते हैं। त्रेता युग में भगवान श्री राम ने भी सीता माता के वियोग के समय दुखों से मुक्ति पाने के लिए महर्षि वशिष्ठ के कहने पर यह व्रत किया था। 4. सुख-समृद्धि और आरोग्य धार्मिक दृष्टि से एकादशी का व्रत शरीर को डिटॉक्स यानी शुद्ध करने का सबसे अच्छा तरीका है। इसे करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आज श्रद्धा से पूजन करता है, उसके घर में दरिद्रता नहीं आती और सुख-शांति का वास होता है। ALSO READ: Mohini Ekadashi Katha 2026: मोहिनी एकादशी के रहस्य, जानें पौराणिक व्रत कथा और लाभ 5. वैकुंठ धाम की प्राप्ति हिंदू धर्म में एकादशी को 'मोक्षदायिनी' कहा गया है। आज के दिन किया गया दान और उपवास व्यक्ति के लिए स्वर्ग के द्वार खोलता है और उसे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। आज क्या करें? दान: आज के दिन तरबूज, ठंडा पानी या सत्तू का दान करना बहुत शुभ है क्योंकि यह गर्मी का महीना (वैशाख) होता है। तुलसी पूजन: शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरूर जलाएं (लेकिन याद रखें, एकादशी पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें और न ही उसमें जल दें)। मंत्र: आज पूरा दिन मन ही मन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करते रहें। मोहिनी एकादशी सिर्फ एक व्रत नहीं है, बल्कि यह धार्मिक, आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति का अवसर है। इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Mohini Ekadashi: मोहिनी एकादशी 2026: व्रत नियम, पूजा मुहूर्त, विधि और खास बातें

वेब दुनिया 27 Apr 2026 11:20 am

फिरोज खान: बॉलीवुड के पहले स्टाइल आइकॉन जिन्होंने बदली हीरो की परिभाषा

फिल्म इंडस्ट्री में फिरोज खान को स्टाइल आइकॉन के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने नायक की परंपरागत छवि के विपरीत अपनी एक विशेष शैली गढ़ी जो आकर्षक और तड़क-भड़क वाली छवि थी। 25 सितंबर 1939 को बेंगलूरू में जन्में फिरोज खान ने बेंगलूरू के बिशप कॉटनब्वायज स्कूल और सेंट जर्मन ब्वायज हाई स्कूल से पढ़ाई की और अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई आ गए। वर्ष 1960 में फिल्म दीदी में उन्हें पहली बार अभिनय करने का मौका मिला। इस फिल्म में वह सहनायक थे। इसके बाद अगले पांच साल तक अधिकतर फिल्मों में उन्हें सहनायक की भूमिकाएं ही मिलीं। जल्दी ही उनकी किस्मत का सितारा चमका और उन्हें 1965 में फणी मजूमदार की फिल्म ऊंचे लोग में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में फिरोज खान के सामने अशोक कुमार और राजकुमार जैसे बड़े कलाकार थे, लेकिन अपने भावप्रवण अभिनय से वह दर्शकों में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। वर्ष 1965 में ही फिरोज खान की एक और फिल्म आरजू प्रदर्शित हुई, जिसमें राजेन्द्र कुमार नायक और साधना नायिका थीं। इस फिल्म में उन्होंने अपने प्रेम की कुबार्नी देने वाले युवक का किरदार निभाया। 1969 में उनकी फिल्म आदमी और इंसान प्रदर्शित हुई। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ सहनायक का पुरस्कार मिला। फिरोज खान अपने भाई संजय खान के साथ भी कुछ फिल्मों में दिखाई दिए, जिनमें उपासना, मेला, नागिन जैसी हिट फिल्में शामिल हैं। वर्ष 1972 में प्रदर्शित फिल्म अपराध से फिरोज खान ने निर्माता-निर्देशक के रूप में अपनी पारी की सफल शुरुआत की। इसके बाद फिरोज खान ने धर्मात्मा, कुबार्नी, जांबाज, दयावान, यलगार, प्रेम अगन और जानशीं जैसी कुछ फिल्मों का निर्माण किया।फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्रम में फिरोज खान ने हिन्दी फिल्मों में कुछ नयी बातों का आगाज किया। अपराध भारत की पहली फिल्म थी, जिसमें जर्मनी में कार रेस दिखाई गई थी। धर्मात्मा की शूटिंग के लिए वह अफगानिस्तान के खूबसरत लोकशनों पर गए। इससे पहले भारत की किसी भी फिल्म का वहां फिल्मांकन नहीं किया गया था। फिरोज खान ने अपने करियर की सबसे हिट फिल्म कुबार्नी से पाकिस्तान की पॉप गायिका नाजिया हसन के संगीत करियर की शुरुआत कराई। फिरोज खान उन चंद अभिनेताओं में एक थे, जो अपनी ही शर्त पर फिल्म में काम करना पसंद करते थे। इस वजह से उन्होंने कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे। राज कपूर की फिल्म संगम में राजेन्द्र कुमार और आदमी फिल्म में मनोज कुमार वाली भूमिका के लिये उन्होंने मना कर दिया था। वर्ष 2003 में फिरोज खान ने अपने पुत्र फरदीन खान को लांच करने के लिए जानशीन का निर्माण किया। बॉलीवुड में लेडी किलर के नाम से मशहूर फिरोज खान ने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 60 फिल्मों में अभिनय किया। फिरोज खान ने फिल्म निर्माण की अपनी विशेष शैली बनायी थी। फिरोज खान की निर्मित फिल्मों पर नजर डालें तो उनकी फिल्में बड़े बजट की हुआ करती थीं जिनमें बड़े-बड़े सितारे आकर्षक और भव्य सेट, खूबसूरत लोकेशन, दिल को छू लेने वाला गीत, संगीत और उम्दा तकनीक देखने को मिलती थी। अपने विशिष्ट अंदाज से दर्शकों के बीच खास पहचान वाले फिरोज खान 27 अप्रैल 2009 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 11:06 am

खलनायक से सुपरस्टार बने विनोद खन्ना, संघर्ष और सफलता की कहानी

बतौर खलनायक अपने करियर का आगाज कर नायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचने वाले सदाबहार अभिनेता विनोद खन्ना ने अपने अभिनय से दर्शको के बीच अपनी अमिट छाप छोड़ी। विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। विनोद के जन्म के बाद भारत और पाकिस्तान का विभाजन हो गया था, जिसके बाद उनका परिवार ने मुंबई शिफ्ट हो गया था। विनोद खन्ना का ब्लड कैंसर के चलते 27 अप्रैल 2017 को निधन हो गया था। विनोद खन्ना अपने जमाने के सुपरस्टार थे। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था। स्नातक की शिक्षा के दौरान विनोद खन्ना को एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का अवसर मिला। सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म 'मन का मीत' के लिये नए चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने फिल्म में विनोद से बतौर सहनायक काम करने की पेशकश की जिसे विनोद ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। घर पहुंचने पर विनोद को अपने पिता से काफी डांट भी सुननी पड़ी। विनोद ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में कहा तो उनके पिता ने उन पर बंदूक तान दी और कहा, 'यदि तुम फिल्मों में गए तो तुम्हें गोली मार दूंगा।' बाद में विनोद की मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की इजाजत देते हुए कहा यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होते हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा। वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म मन का मीत असफल रही, लेकिन विनोद को फिल्मों में पैर जमाने की जगह मिल गई। आन मिलो सजना, मेरा गांव मेरा देश, सच्चा झूठा जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिकाएं निभाने का अवसर मिला, लेकिन इन फिल्म की सफलता के बावजूद विनोद खन्ना को कोई खास फायदा नहीं पहुंचा। विनोद को प्रारंभिक सफलता गुलजार की फिल्म मेरे अपने से मिली। इसे महज एक संयोग ही कहा जाएगा कि गुलजार ने बतौर निर्देशक करियर की शुरूआत की थी। छात्र राजनीति पर आधारित इस फिल्म में मीना कुमारी ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म में विनोद खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच टकराव देखने लायक था। वर्ष 1973 में विनोद खन्ना को एक बार फिर से निर्देशक गुलजार की फिल्म 'अचानक' में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म इम्तिहान विनोद के सिने करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुई। वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' विनोद के सिने करियर की सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई। मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी यह फिल्म 'खोया पाया' फार्मूले पर आधारित थी। तीन भाइयों की जिंदगी पर आधारित इस मल्टीस्टारर फिल्म में अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर ने भी अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 1980 में प्रदर्शित फिल्म 'कुर्बानी' विनोद खन्ना के करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुई। फिरोज खान के निर्माण और निर्देशन में बनी इस फिल्म में विनोद खन्ना ने अपनी दमदार अभिनय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से नामांकित किए गए। अस्सी के दशक में विनोद शोहरत की बुलंदियो पर जा पहुंचे और ऐसा लगने लगा कि सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को उनके सिंहासन से विनोद उतार सकते हैं लेकिन विनोद ने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया और आचार्य रजनीश के आश्रम की शरण ले ली। वर्ष 1987 में विनोद खन्ना ने एक बार फिर से फिल्म इंसाफ के जरिये फिल्म इंडस्ट्री का रूख किया। वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म दयावान विनोद के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। हालांकि यह फिल्म टिकट खिड़की पर कामयाब नहीं रही लेकिन समीक्षको का मानना है कि यह फिल्म विनोद खन्ना के करियर की उत्कृष्ठ फिल्मों में एक है। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद विनोद खन्ना ने समाज सेवा के लिए वर्ष 1997 राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से वर्ष 1998 में गुरदासपुर से चुनाव लड़कर लोकसभा सदस्य बने। बाद में उन्हें केन्द्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया। 1997 में अपने पुत्र अक्षय खन्ना को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए विनोद खन्ना ने फिल्म हिमालय पुत्र का निर्माण किया। दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुये विनोद खन्ना ने छोटे पर्दे की ओर भी रूख किया और महाराणा प्रताप और मेरे अपने जैसे धारावाहिकों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया। विनोद खन्ना ने अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में अभिनय किया है। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले विनोद खन्ना 27 अप्रैल 2017 को अलविदा कह गए।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 10:57 am

सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में, 3 राशियों के लिए गोल्डन टाइम

Surya gochar 2026: 14 अप्रैल 2026 से ही सूर्य का मेष राशि में गोचर चल रहा है। सूर्य का मेष राशि में गोचर ज्योतिष शास्त्र की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है, क्योंकि यहाँ सूर्य अपनी 'उच्च' अवस्था में होते हैं। आपके द्वारा दिए गए संक्षिप्त विवरणों को विस्तार देते हुए, यहाँ इन तीन राशियों के लिए एक विस्तृत भविष्यफल और मार्गदर्शन दिया गया है। 1. मेष राशि (Aries): सूर्य का अपनी ही राशि में आगमन मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का आपकी राशि में आना एक नए जन्म के समान है। आपकी ऊर्जा का स्तर चरम पर होगा। व्यक्तित्व में निखार: सूर्य के प्रभाव से आपके चेहरे पर एक विशेष तेज दिखाई देगा। लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे और आपके नेतृत्व (Leadership) को स्वीकार करेंगे। यदि आप लंबे समय से किसी निर्णय को लेने में हिचकिचा रहे थे, तो अब आप पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। संतान और प्रेम: पंचम भाव पर दृष्टि होने के कारण, यह समय विद्यार्थियों के लिए शानदार है। यदि आप माता-पिता हैं, तो आपकी संतान किसी बड़ी प्रतियोगिता या क्षेत्र में नाम रोशन कर सकती है। प्रेम संबंधों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ेगा। विशेष सावधानी: ज्योतिष के अनुसार, सूर्य जब लग्न में होता है तो व्यक्ति के स्वभाव में 'अहं' (Ego) बढ़ा सकता है। अपनी वाणी और व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें। जीवनसाथी के साथ अनावश्यक बहस से बचें, ताकि घर की शांति बनी रहे। 2. कर्क राशि (Cancer): करियर के शिखर की ओर कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव (करियर का स्थान) में गोचर कर रहे हैं। यहाँ सूर्य को 'दिग्बल' प्राप्त होता है, यानी वे सबसे अधिक शक्तिशाली होते हैं। पेशेवर सफलता: यह समय आपके करियर में 'यू-टर्न' साबित हो सकता है। यदि आप पदोन्नति (Promotion) का इंतजार कर रहे थे, तो आपकी फाइल आगे बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी और वरिष्ठ अधिकारी आपकी कार्यशैली की प्रशंसा करेंगे। पारिवारिक व्यापार: जो लोग अपने पिता या दादा के व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्हें इस दौरान कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट या अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कार्यों में भी सफलता के योग हैं। स्वास्थ्य और सेवा: जहाँ करियर चमक रहा है, वहीं आपको अपने पिता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनके साथ समय बिताएं और नियमित चेकअप कराएं। साथ ही, काम के बोझ को खुद पर इतना हावी न होने दें कि आपका निजी जीवन प्रभावित हो। 3. वृश्चिक राशि (Scorpio): चुनौतियों पर विजय वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य का छठे भाव (शत्रु और रोग का स्थान) में उच्च का होना एक शक्तिशाली राजयोग की तरह है। शत्रु हंता योग: आपके गुप्त शत्रु या प्रतिस्पर्धी जो अब तक आपको परेशान कर रहे थे, वे खुद-ब-खुद पीछे हट जाएंगे। आप अपनी बुद्धि और साहस से हर बाधा को पार कर लेंगे। कानूनी और सरकारी मामले: यदि आप किसी कानूनी विवाद या कोर्ट-कचहरी के मामले में फंसे हैं, तो प्रबल संभावनाएं हैं कि परिणाम आपके पक्ष में आएगा। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को इस अवधि में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। सेहत का प्रबंधन: छठा भाव बीमारियों का भी होता है। सूर्य यहाँ आपको लड़ने की शक्ति तो देंगे, लेकिन आपको पेट की गर्मी (Digestion) और आंखों में जलन जैसी समस्याओं के प्रति सतर्क रहना होगा। खान-पान में सात्विकता बनाए रखें और अत्यधिक धूप से बचें।

वेब दुनिया 27 Apr 2026 9:25 am

आंध्र प्रदेश : पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, तेल की कमी जारी

विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के कई पेट्रोल पंपों पर रविवार को पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो जाने के कारण विभिन्न जिलों में वाहन चालकों की लंबी कतारें देखी गईं। कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना के बोर्ड लगे होने के कारण, वाहन चालकों ने उन पंपों पर लंबी कतारें लगा दीं […] The post आंध्र प्रदेश : पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, तेल की कमी जारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Apr 2026 9:14 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today 27 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यस्थल पर चुनौती आएगी, धैर्य रखें। लव: साथी के साथ समझौता आवश्यक। धन: अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: सिर और आंखों में हल्का दर्द। उपाय: सूर्यदेव को जल अर्पित करें। ALSO READ: बुध का मेष राशि में गोचर: इन 3 राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रहें सतर्क 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी। लव: रोमांस में मधुर समय रहेगा। धन: धन निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: पाचन में सुधार की आवश्यकता है। उपाय: तुलसी का पान करें, पीपल के वृक्ष की पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: बिजनेस या नौकरी में अवसर मिल सकते हैं। लव: दोस्ती में प्यार का अनुभव। धन: अप्रत्याशित खर्च हो सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: हरे रंग के वस्त्र पहनें, शनिदेव की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ सहयोग आवश्यक रहेगा। लव: प्रेम तथा पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। धन: पैसों की स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: पेट और किडनी की देखभाल करें। उपाय: दूध में गुड़ मिलाकर सेवन करें। 5. सिंह (Leo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा, प्रमोशन की संभावना है। लव: प्रेम जीवन में नयी शुरुआत होगी। धन: आज आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: ऊर्जा स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: सूर्य नमस्कार करें, पीले वस्त्र पहनें। 6. कन्या (Virgo) करियर: छात्रों को करियर बनाने के नए अवसर मिल सकते हैं, ध्यान रखें। लव: प्रेमीसंग भावनाओं में स्पष्टता लाएं। धन: आज धन का निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: तनाव और थकान दूर करें। उपाय: भगवान गणेश को फूल अर्पित करें। 7. तुला (Libra) करियर: टीम वर्क में सफलता, अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। लव: रोमांस में मधुरता आने के प्रबल योग। धन: कारोबार से अच्छा धन लाभ होगा। स्वास्थ्य: आंखों और कानों की सुरक्षा का ध्यान रखें। उपाय: नीले रंग के वस्त्र पहनें। ALSO READ: Mohini Ekadashi Katha 2026: मोहिनी एकादशी के रहस्य, जानें पौराणिक व्रत कथा और लाभ 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: करियर संबंधी कठिनाइयों पर विजय मिलेगी। लव: प्रेमीसंग प्यार में भावनाएं बरकरार रहेंगी। धन: अचानक धन खर्च बढ़ सकता हैं। स्वास्थ्य: रक्त संबंधित समस्याओं पर ध्यान दें। उपाय: आज हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर संबंधी विदेश या कारोबारी यात्रा से लाभ होगा। लव: प्रेमी साथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: धन निवेश से आगामी समय में फायदा मिल सकता है। स्वास्थ्य: जोड़ों में हल्का दर्द महसूस करेंगे।। उपाय: भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। 10. मकर (Capricorn) करियर: रचनात्मक कार्यों में सफलता के प्रबल योग बने हैं। लव: प्रेम जीवन में सावधानी बरतना ठीक रहेगा। धन: वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: हड्डियों और पेट का विशेष ध्यान रखें। उपाय: आज काले तिल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर नई योजनाओं में साथी का सहयोग मिलेगा। लव: दोस्ती और प्यार में सामंजस्य बना रहेगा। धन: कारोबारी अनियमित खर्च से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम करें। उपाय: पीपल के पेड़ पर पीले फूल चढ़ाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी में तथा सामज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लव: प्रेम जीवन सुखमय रहेगा। धन: कारोबार में मेहनत रंग लाएगी। धनलाभ होगा। स्वास्थ्य: गर्मी में आंखों का विशेष ध्यान रखें। उपाय: भगवान शिव जी की पूजा करें। ALSO READ: मेष राशि में सूर्य का प्लूटो से स्क्वायर, क्या होगा 4 राशियों पर इसका प्रभाव

वेब दुनिया 27 Apr 2026 7:02 am

सिक्किम की रानी भारत से दार्जिलिंग चाहती थी:इंदिरा बोली- मेरे पिता से गलती हुई; सिक्किम विलय की कहानी, आज सालगिरह पर जाएंगे पीएम मोदी

PM मोदी आज सिक्किम विलय की सालगिरह पर राजधानी गंगटोक जा रहे हैं। 1947 में आजादी मिलने के 28 साल बाद तक सिक्किम भारत का पूर्ण राज्य नहीं, सिर्फ प्रोटेक्टर स्टेट था। 1975 तक वहां नामग्याल राजवंश का शासन था और भारत सिर्फ विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े मामले देखता था। 1970 के दशक में सिक्किम के राजा की अमेरिकी पत्नी ने भारत से दार्जिलिंग लेने की ख्वाहिश जताई। इंदिरा गांधी इसके खतरे समझ गईं। उन्होंने RAW चीफ से पूछा- कुछ हो सकता है? आइए, जानते हैं सिक्किम के भारत में विलय की रोचक कहानी… अंग्रेजों ने सिक्किम को नेपाल से बचाया, तो राजा ने दार्जिलिंग दे दिया 1642 में सिक्किम में बौद्ध राजतंत्र की स्थापना हुई। पहले चोग्याल बने फुंटसोग नामग्याल। सिक्किम में चोग्याल का मतलब ‘धर्म से शासन करने वाला राजा’ होता है। 19वीं सदी में भारत से तिब्बत में व्यापार करने के लिए अंग्रेजों को सिक्किम रूट की जरूरत थी। इधर सिक्किम के दाईं तरफ नेपाल की गोरखा आर्मी लगातार अपना विस्तार कर रही थी। 1814 से 1816 के बीच ईस्ट इंडिया कंपनी और नेपाल की गोरखा आर्मी के बीच एंग्लो-गोरखा युद्ध हुआ। सिक्किम ने सोचा कि गोरखाओं के हमले बंद करवाने के लिए लड़ाई में अंग्रेजों का साथ देना चाहिए। जंग में गोरखा हार गए, तो सिक्किम में कब्जाई सारी जमीन अंग्रेजों को लौटा दी। अंग्रेजों ने यह जमीन सिक्किम को लौटा दी और सुरक्षा की गारंटी भी दी। बदले में सिक्किम के रास्ते तिब्बत से व्यापार करने का अधिकार ले लिया। धीरे-धीरे सिक्किम के अंदरूनी मामलों में भी अंग्रेजों का दखल होने लगा। 1828 में ब्रिटिश ऑफिसर कैप्टन लॉयड दार्जिलिंग गए थे। उस समय दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि सिक्किम का हिस्सा था। उन्हें यह जगह गर्मियों में सैनिकों के आराम और तिब्बत के ट्रेड रूट पर नजर रखने के लिए जरूरी लगी। इधर सिक्किम को भी नेपाल से सुरक्षा के लिए अंग्रेजों की जरूरत थी। इसलिए 1835 में चोग्याल ने अंग्रेजों को दार्जिलिंग तोहफे में दे दिया। बदले में उन्हें हथियार और कई तरह के तोहफे मिले। 1841 से अंग्रेजों ने सिक्किम को हर साल 3,000 रुपए का मुआवजा देना शुरू किया, जो बाद में बढ़कर 6,000 रुपए हो गया। 1889 में अंग्रेजों ने सिक्किम में नेपाली मजदूरों को आने की इजाजत दे दी। 1941 तक इनकी आबादी 75% तक पहुंच गई। सिक्किम में पहले से रह रहा भूटिया समुदाय 11% और लेपचा समुदाय सिर्फ 14% तक सीमित हो गया था। अंग्रेज गए तो नेहरू ने कहा- ‘हम सिक्किम की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे’ भारत की आजादी के समय 600 प्रिंसली स्टेट में से एक सिक्किम भी था लेकिन चोग्याल भारत में विलय के लिए तैयार नहीं थे। ‘सिक्किम: डॉन ऑफ डेमोक्रेसी’ किताब में जी. बी. एस. सिद्धु लिखते हैं, ‘सरदार पटेल सिक्किम के साथ बाकी भारतीय रियासतों की तरह ही व्यवहार करना चाहते थे। लेकिन नेहरू के विचार सिक्किम के साथ अलग व्यवहार करने के थे।’ नेहरू चाहते थे कि जैसे भूटान के साथ भारत ने मित्रता की संधि की है, वैसे ही सिक्किम के साथ भी हो जाए। 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ। इसके तहत सिक्किम भारत का प्रोटेक्टर स्टेट यानी संरक्षित राज्य बना। अब सिक्किम की सुरक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत की थी। भारत वहां सेना तो तैनात कर सकता था, लेकिन सिक्किम के आंतरिक मामलों में दखल नहीं कर सकता था। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था, ‘अगर सिक्किम या भूटान पर कोई दूसरा देश हमला करता है, तो हम उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे।’ इधर भारत की आजादी के समय सिक्किम की अंदरूनी राजनीति में उथल-पुथल मची थी। जो लोग सिक्किम का भारत में विलय चाहते थे, उन्होंने सिक्किम स्टेट कांग्रेस पार्टी बनाई। काजी लेहेंडप दोरजी इसके अध्यक्ष बने। आगे चलकर उन्होंने सिक्किम नेशनल कांग्रेस बनाई। वहीं सिक्किम की आजादी चाहने वालों ने सिक्किम नेशनल पार्टी बनाई। सिक्किम की रानी दार्जिलिंग वापस चाहती थी, राजा ने आजाद राज्य की मांग की सिक्किम की सीमा भारत के साथ-साथ चीन से भी लगती है। 1962 में चीन से युद्ध हारने के बाद भारत ने सिक्किम में भी अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी, ताकि चीन को भारत में घुसने से रोका जा सके। 5 साल बाद 1 अक्टूबर, 1967 को चीनी सेना ने नाथू-ला के रास्ते सिक्किम में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय आर्मी इस हमले को रोकने में सफल रही, लेकिन अभी इस सीमा को और मजबूत करने की जरूरत थी। दूसरी तरफ सिक्किम के चोग्याल पाल्डेन थोंडुप नामग्याल 1950 की संधि को बदलकर, सिक्किम को भूटान जैसा दर्जा देने की मांग करने लगे। वह सिक्किम को भारत से अलग पहचान दिलाना चाहते थे और लगातार विदेश यात्राएं कर रहे थे। चोग्याल की पत्नी होप कूक अमेरिकी नागरिक थीं, कई लोग उन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट भी मानते थे। उन्होंने एक आर्टिकल में लिखा, '1835 में सिक्किम के राजपरिवार ने अंग्रेजों को दार्जिलिंग लीज पर दिया था। राजपरिवार दार्जिलिंग को वापस मांग सकता है।' चोग्याल भारत से आजादी चाहते थे, लेकिन सिक्किम की जनता चोग्याल से। 1960 और 70 के दशक में सिक्किम में राजशाही का विरोध बढ़ने लगा। देश की 75% से ज्यादा नेपाली आबादी चोग्याल पर भेदभाव के आरोप लगा रही थी। चुनाव में गड़बड़ी के आरोप भी लग रहे थे। ये सिक्किम को भारत में शामिल करने का सबसे सही मौका था। तीन फेज में सिक्किम का भारत में विलय हुआ पहला फेज: सिक्किम में हो रहे विरोध को समर्थन, विपक्षी पार्टियों से हाथ मिलाया इंदिरा गांधी सिक्किम की समस्या का हल चाहती थीं। उन्होंने मुख्य सचिव पी. एन. धर से कहा, ‘मेरे पिता ने सिक्किम के लोगों की भारत में शामिल होने की इच्छा न मानकर गलती की।’ इंदिरा ने खुफिया एजेंसी RAW के चीफ आर. एन. काओ से पूछा- 'क्या आप सिक्किम के मामले में कुछ कर सकते हैं?' काओ ने कलकत्ता में RAW और IB के रीजनल ऑफिस के इंचार्ज पी. एन. बनर्जी और गंगटोक में क्रॉस बॉर्डर इंफॉर्मेशन जुटाने के लिए तैनात ऑफिसर अजीत सिंह स्याली से बात की। सिक्किम को भारत में मिलाने के लिए 5 काम तय हुए… बनर्जी और स्याली ने 1973 में सिक्किम में ऑपरेशन - 'जनमत' और 'ट्विलाइट' शुरु किया। यह सिक्किम नेशनल कांग्रेस के काजी और जनता कांग्रेस के के. सी. प्रधान के कोडनेम थे। इन दोनों ने चोग्याल के खिलाफ लड़ाई में साथ आकर जॉइंट एक्शन कमेटी बनाई थी। दूसरा फेज: भारत ने चोग्याल के गार्ड्स हटाए, सिक्किम में चुनाव कराए आखिरी फेज: सिक्किम के लोगों ने भारत में शामिल होने पर किया वोट, चोग्याल की सत्ता खत्म --------ये खबर भी पढ़िए… एक गलती से हर घंटे दो परमाणु बम ‘फूटने’ लगे: आग बुझाने वालों को खून की उल्टियां, स्किन में फफोले; 40 साल बाद भी जानलेवा है चर्नोबिल 26 अप्रैल 1986 यानी आज से ठीक 40 साल पहले। तब के सोवियत रूस का हिस्सा रहे यूक्रेन का प्रिपयत शहर। रात के 1 बजकर 28 मिनट पर 25 साल के फायरफाइटर वसिली इग्नातेंको की नींद एक फोन से टूटी। आवाज आई- कहीं आग लगी है, तुरंत आओ। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 27 Apr 2026 4:50 am

बंगाल चुनाव, मायने डर:ममता के मोहल्ले में पुलिस की दादागिरी, बाहर TMC की; लोग बोले- मुंह खोला तो रोजी-रोटी जाएगी

‘ये बंगाल है, वेस्ट बंगाल, बंगाली में बात करो… जो बोला जाए उसका जवाब बंगाली में दो।‘ ये खुद को पुलिसवाला कह रहे। जगह- कोलकाता का भवानीपुर। मोहल्ला ममता का। हां ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के घर के बाहर। हमने एतराज जताया, कहा क्या बंगाली आनी जरूरी है, हिंदी में बात नहीं कर सकते? इस बीच पुलिस वाले के साथ और पुलिस वाले आ जाते हैं। सब सादे कपड़ों में हैं। बहस के बीच उनमें से कुछ तल्ख होते हैं और कुछ नरम भी, लेकिन हमारे कैमरे की रिकॉर्डिंग डिलीट कराने के पीछे पड़ जाते हैं। फिर हमें वहां से जाने को कहते हैं। ये महज एक घटना नहीं है। पश्चिम बंगाल में चुनावी रिपोर्टिंग के दौरान हमें डर का ये माहौल जगह-जगह नजर आया। भवानीपुर मुंह खोला तो रोजी-रोटी चली जाएगी, परिवार होता तो मैं भी नहीं बोलता पश्चिम बंगाल में पिछले एक महीने की रिपोर्टिंग के दौरान जब हमने चुनाव पर सवाल किए, तो लोग कैमरे पर बोलने से बचते दिखे। पहले लगा कि शायद सहज नहीं हैं, लेकिन बाद में कई लोगों ने ऑफ कैमरा बात करने की इच्छा जताई। तब समझ आया कि ये झिझक नहीं, डर है। लोगों ने TMC का दबाव होने और डर की आशंका जताई। भवानीपुर में हमें कैटरिंग का काम करने वाले चंदन दास मिले। उन्होंने बताया, लोग यहां खुलकर नहीं बोलते, क्योंकि चुनाव के बाद हिंसा का डर रहता है। मुझे कोई डर नहीं, क्योंकि मेरा परिवार नहीं है। अगर होता तो मैं भी आपसे कभी बात नहीं करता। रंगाई-पुताई का काम करने वाले बबला कहते हैं, ‘यहां लोग उसी पार्टी के साथ चलना सुरक्षित समझते हैं, जो सरकार में होती है।‘ अर्जुन दास फुटपाथ की ढलाई का काम करते हैं। वे कहते हैं, ‘मैं किसी के बारे में कुछ नहीं बोलूंगा, वरना रोजी-रोटी छिन जाएगी। पहले भवानीपुर में वोट देता था। अब नाम कटवाकर झारखंड में अपने गांव पर ट्रांसफर करा लिया है।‘ वहीं, मधुश्री कौर महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताती हैं। उनका कहना है कि कोलकाता में लोग खुलकर राय रखने में हिचकते हैं। पश्चिमी मेदिनीपुर हर बार पोलिंग बूथ से लौटाया, 40 साल में पहली बार वोट डाला बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के दौरान हम पश्चिमी मेदिनीपुर में थे। यहां 40 साल के महादेव मांडी बताते हैं, ‘अबकी पहली बार वोट डाला। पहले जब भी वोटिंग सेंटर गया, ये कहकर लौटा दिया गया कि तुम्हारा वोट डल चुका है।‘ वो हैरानी जताते हुए कहते हैं, ’वोटर आईडी कार्ड मेरा पास है, लेकिन मेरा वोट कोई और डाल रहा था। मुझे कभी मौका ही नहीं मिला।‘ यहां मिले एक स्थानीय बताते हैं कि 280 नंबर अयोध्याबार बूथ को पहले चरण की वोटिंग में TMC कार्यकर्ताओं ने जाम कर दिया था। वो BJP के वोटर बूथ तक पहुंचने नहीं दे रहे थे। जब दैनिक भास्कर की टीम वहां पहुंची, तब बूथ के बाहर 7 से 8 महिला एजेंट्स और एक पुरुष एजेंट मिले। ये बिना किसी रोक-टोक बैठे रहे। इन पर बूथ से 200 मीटर का फासला मेंटेन करने का दबाव भी नहीं था। इस पर TMC कार्यकर्ता अभिजीत कहते हैं, ‘BJP कार्यकर्ताओं के लगाए आरोप महज अफवाह हैं। बूथ पर सुरक्षा के लिए ममता बनर्जी की पुलिस नहीं, सेंट्रल फोर्स तैनात है। उनसे घटना की पुष्टि की जा सकती है।‘ पानीहाटी पीड़ित डॉक्टर की मां की सभा खाली, TMC वाले निगरानी कर रहे आरजी कर अस्पताल में रेप-मर्डर की पीड़ित की मां रतना देबनाथ यहां से BJP उम्मीदवार हैं। लोग उनका समर्थन करने या सभा में शामिल होने तक से डर रहे हैं। सभा के दौरान हमें एक महिला मिलीं। वो रतना का समर्थन करते हुए कहती हैं, ‘हम सब उनके साथ हैं, लेकिन साथ खड़े नहीं हो सकते। TMC के लोग यहीं घूम रहे हैं। अगर देख लिया, तो हमें कोई मदद नहीं मिलेगी।‘ जब हम महिला से बात कर रहे थे, तभी एक बाइक सवार वहां से तीन-चार बार चक्कर काटता दिखा। मैं बाइक वाले को रोककर पूछती हूं, आप किसी पार्टी से हैं क्या ? वो अपना नाम पार्थो दास बताता है। ठेकेदारी का काम करता है। फिर उसने कहा- आप यहां पहली बार आई हैं, इसलिए फॉलो कर रहा था और कोई वजह नहीं है। राजरहाट गोपालपुर पाड़ा क्लबों से TMC का प्रचार, इसलिए बोलने से कतरा रहे कोलकाता में रहने वाले सुदर्शन मिश्रा अक्सर लोकल क्लब जाते हैं। क्लब का नाम केष्टोपुर है। सुदर्शन कहते हैं, ‘क्लब के बारे में बहुत कुछ जानकर भी कुछ नहीं कह सकता। बगल में रहकर उनके खिलाफ कैसे बोलूं। जिसे जहां अपना स्वार्थ लगता है, वहां काम करता है। यहां सब लोग साथ रहते हैं, इसलिए कुछ कहने से डर लगता है।’ सुदर्शन इतना बताते हैं, लेकिन बाकी लोग कुछ भी कहने को तैयार नहीं होते। वे कहते हैं, ’आगे चले जाइए, यहां आपसे कोई बात नहीं करेगा।’ संदेशखाली चुनाव से पहले हिरासत में लिया, अबकी पता नहीं क्या करेंगे संदेशखाली में स्थानीय लोग बताते हैं कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से ठीक दो दिन पहले संदेशखाली पुलिस ने उन्हें उठा लिया और जेल में डाल दिया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी यही घटना हुई। उन्हें वोटिंग से दो दिन पहले फिर हिरासत में ले लिया गया। 2026 के चुनाव को लेकर वे डरे हुए हैं। उन्हें अंदाजा नहीं कि दूसरे चरण की वोटिंग से पहले उनके साथ क्या होगा। शाहजहां के गुंडे आज भी धमका रहे, पुलिस भी उनकी सुनती यहीं मिली एक महिला ने बताया कि गांव में महिलाओं और लड़कियों का उत्पीड़न आम बात थी। शाहजहां के डर से कई परिवार उजड़ गए। उन्होंने पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि वो ग्रामीणों की सुनने के बजाय शाहजहां के इशारों पर काम करती थी। वे ममता बनर्जी के दौरे पर निराशा जताते हुए कहती हैं, ‘दीदी ने लोकल लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय सिर्फ बाहरी लोगों से बात की। अब भी शाहजहां के आदमी हमें धमका रहे हैं, इसलिए अब चुप नहीं रहेंगे और बदलाव के लिए संघर्ष करेंगे।‘ एक्सपर्ट बोले- पश्चिम बंगाल चुनाव में डर का फैक्टर 30% बंगाल चुनाव में डर के माहौल को लेकर हमने रविंद्र भारती यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बिस्वनाथ चक्रवर्ती से बात की। वे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल के चुनावों में डर बड़ा फैक्टर है। पिछले तीन-चार चुनावों में TMC की जीत में डर की भूमिका लगभग 30% रही है।‘ ‘वोटरों और BJP कार्यकर्ताओं को डराकर TMC चुनाव प्रचार करने और वोटिंग करने से रोकती है। लोगों को धमकाया जाता है कि अगर BJP को वोट दिया, तो 'लक्ष्मी भंडार' जैसी सरकारी योजनाओं का फायदा मिलना बंद हो जाएगा।‘ ​वे आगे कहते हैं कि सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद BJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की जा रही है। TMC का राजनीतिक कल्चर ही हिंसा और डर के आधार पर चुनाव जीतना रहा है। मालदा की एक घटना का उदाहरण देते हुए वे कहते हैं, ‘जब सत्ताधारी पार्टी के समर्थक जजों को डरा सकते हैं, तो आम जनता को डराना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है।‘ TMC बोली- ये डर TMC से नहीं, BJP से TMC में आईटी सेल और सोशल मीडिया सेल के प्रमुख देवांशु भट्टाचार्य इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। वे कहते हैं, 'ये डर TMC से नहीं, BJP से है। बंगाल में एग्जिट पोल इसलिए कई बार गलत साबित होते हैं क्योंकि लोग सार्वजनिक तौर पर BJP का समर्थन करते हैं, लेकिन वोट TMC को देते हैं।' भवानीपुर की घटना को लेकर वे कहते हैं कि ये व्यक्ति विशेष का व्यवहार हो सकता है। पार्टी ऐसी किसी भी घटना का समर्थन नहीं करती है। ………………….. पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… 1. आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़ित की मां BJP कैंडिडेट, सभा में कुर्सियां खाली पानीहाटी सीट से आरजीकर रेप केस की पीड़ित की मां रतना देबनाथ BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 12 अप्रैल को सभा करने गईं तो कुर्सियां खाली पड़ी थीं। रतना देबनाथ अपने चुनाव लड़ने को बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई बता रही हैं। महिलाएं उनकी सभा के सामने से गुजरते हुए रुकती हैं। पूछने पर कहती हैं, ‘हम साथ हैं, लेकिन दिखा नहीं सकते। TMC वाले घूम रहे हैं। साथ देख लिया, तो मुश्किल होगी।’ पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 27 Apr 2026 4:48 am

श्री नौसर माता मंदिर में श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ की पूर्णाहुति

अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन नौसर माता मंदिर में श्रीनवशक्ति सृजन सेवा प्रंन्यास के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ की रविवार को पूर्णाहुति हुई। अंतिम दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12:15 बजे यज्ञशाला में आहुतियां देने का सिलसिला चला। दोपहर करीब 1 बजे महाआरती हुई। इसके बाद 2 बजे से […] The post श्री नौसर माता मंदिर में श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ की पूर्णाहुति appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 11:44 pm

चित्तौड़गढ़ : शराब के पैसे नहीं देने पर की हत्या, दो आरोपी अरेस्ट

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के कोतवाली निंबाहेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब के पैसे नहीं देने पर एक व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि गत गुरुवार को क्षेत्र के बरखेड़ा गांव के बगदीराम भील की वहीं के निवासी श्यामलाल […] The post चित्तौड़गढ़ : शराब के पैसे नहीं देने पर की हत्या, दो आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 11:10 pm

पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा की दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा पर उनके खिलाफ कई […] The post पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 11:06 pm

झुंझुनूं में कार पलटने से तीन दोस्तों की मौत

झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनू जिले के धनूरी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक कार के पलटने से तीन दोस्तों की मौत हो गई और एक अन्य युवक घायल हो गया। थानाधिकारी संजय गौतम ने बताया कि झुंझुनू के नील शुक्ला (33), गौरव सैनी (21), विजय ढंड और जितेंद्र वालिया सोनासर स्थित हीरा की ढाणी […] The post झुंझुनूं में कार पलटने से तीन दोस्तों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 11:01 pm

ज्यूरिख जा रहे स्विस एयरलाइंस के विमान के इंजन में लगी आग, रनवे पर रोकी गई उड़ान

नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज्यूरिख जाने वाली स्विस इंटरनेशनल एयर लाइन्स की एक उड़ान को रविवार तड़के उड़ान भरने (टेक-ऑफ) से ठीक पहले रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा। विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी आने के बाद पूर्ण आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई। यह घटना रात लगभग […] The post ज्यूरिख जा रहे स्विस एयरलाइंस के विमान के इंजन में लगी आग, रनवे पर रोकी गई उड़ान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 10:51 pm

लंदन में नीलाम होगा जयपुर राजपरिवार का 17वीं सदी का स्मार्टफोन, 25 करोड़ रुपए तक लग सकती है बोली

लंदन/जयपुर। जयपुर के शाही संग्रह की सबसे बेशकीमती वैज्ञानिक विरासतों में से एक 17वीं शताब्दी का एक विशाल एस्ट्रोलेब (खगोलीय गणना यंत्र) आगामी 29 अप्रैल को लंदन के सोथबी नीलामी घर में वैश्विक बोली के लिए तैयार है। पीतल से बने इस अद्भुत यंत्र को विशेषज्ञ अपनी बहुमुखी क्षमताओं के कारण उस दौर का सुपरकंप्यूटर […] The post लंदन में नीलाम होगा जयपुर राजपरिवार का 17वीं सदी का स्मार्टफोन, 25 करोड़ रुपए तक लग सकती है बोली appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 10:44 pm

महिला आरक्षण विधेयक 2023: भाजपा की लैंगिक समानता की राजनीति या परिसीमन की रणनीति?

महिला आरक्षण विधेयक 2023 लागू क्यों नहीं हुआ? परिसीमन, भाजपा की रणनीति, आरएसएस की सोच और लैंगिक समानता पर डॉ राम पुनियानी का विस्तृत विश्लेषण।

हस्तक्षेप 26 Apr 2026 10:13 pm

21 नहीं सिर्फ 15 अंक का हुआ बैडमिंटन मैच, नाराज भारतीय खिलाड़ी

बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को डेनमार्क के हॉर्सन में अपनी सालाना आम बैठक में 315 स्कोरिंग प्रणाली को अपनाने की मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव को डाले गए वोट में से जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिल गया।अब 315 स्कोरिंग प्रणाली चार जनवरी 2027 से लागू होगी।बीडब्ल्यूएफ की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि यह फैसला बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर है। लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा, ‘‘हम एक ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़ा हो, और साथ ही हम अपने खिलाड़ियों के लंबे समय के भविष्य में भी निवेश करते रहेंगे। ’ उन्होंने कहा, ‘‘315 स्कोरिंग प्रणाली का मकसद बैडमिंटन को और भी ज़्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाना, बेहतर शेड्यूल, मैचों की अवधि में ज्यादा एकरूपता लाना, और खिलाड़ियों की भलाई और उबरने के लिए संभावित फायदे देना है। ’’ विश्व संस्था ने एक बयान में कहा कि यह फैसला लंबे समय तक चली टेस्टिंग, विश्लेषण और सदस्यों व हितधारकों के साथ सलाह-मशविरे की प्रक्रिया के बाद लिया गया है। यह बीडब्ल्यूएफ के सदस्यों की सामूहिक राय को दिखाता है जो खिलाड़ियों की भलाई, और खिलाड़ियों को लंबे व ज्यादा सफल करियर बनाने में मदद करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है। The #BWF membership has voted to approve the adoption of the 315 scoring system. Read more https://t.co/DkFphb3fgo #badminton pic.twitter.com/18o22irlHf — BWF (@bwfmedia) April 25, 2026 भारत की प्रमुख खिलाड़ियों ने पहले इस कदम पर अपनी आपत्तियां जताई थीं और मौजूदा 21 अंक की प्रणाली का समर्थन किया था जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल शामिल हैं। कुछ हितधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि बैडमिंटन का मूल स्वरूप नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि बदलाव से चिंताएं पैदा हो सकती हैं, खासकर ऐसे खेल में जिसकी परंपराएं इतनी मजबूत हैं। लेकिन यह फैसला बैडमिंटन के बुनियादी स्वरूप को नहीं बदलता है। खेल के कौशल, रणनीतियां, शारीरिक और मानसिक चुनौतियां, और इसका रोमांच सब कुछ वैसा ही रहेगा। ’’

वेब दुनिया 26 Apr 2026 8:45 pm

लखनऊ ने कोलकाता के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी (Video)

LSGvsKKR लखनऊ सुपर जाएंट्स ने कोलकाता के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी का चुनाव किया है। Toss update from Lucknow @lucknowipl won the toss and elected to bowl first against @kkriders Updates https://t.co/elFxwvCeWO #TATAIPL | #KhelBindaas | #LSGvKKR pic.twitter.com/atpHS3DPuk — IndianPremierLeague (@IPL) April 26, 2026 टीम इस प्रकार हैं: Playing XI & Impact Player लखनऊ: ऋषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्क्रम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिचेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज़ अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नोर्किया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान। कोलकाता: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, कैमरन ग्रीन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, फिन एलन, दक्ष कामरा, कार्तिक त्यागी, सार्थक रंजन, सौरभ दुबे।

वेब दुनिया 26 Apr 2026 7:12 pm

बल्ले और गेंद से दीप्ति शर्मा ने भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वाइटवॉश से बचाया

INDvsSA भारतीय महिला टीम ने दीप्ति शर्मा (नाबाद 36 रन, 19 रन देकर पांच विकेट) के आल राउंड प्रदर्शन की बदौलत शनिवार को चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दक्षिण अफ्रीका को 14 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में अपनी पहली जीत दर्ज की।दीप्ति ने टी20 प्रारूप में पहली बार पांच विकेट चटकाए। भारतीय टीम इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की अनुशासित गेंदबाजी के सामने पांच विकेट पर 185 रन ही बना सकी।लेकिन दीप्ति ने बीच के ओवरों में अहम विकेट चटकाए जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम 20 ओवर में नौ विकेट पर 171 रन ही बना सकी।इस मैच से पहले दक्षिण अफ्रीका ने 3-0 की अजेय बढ़त बनाई हुई थी। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट (18 रन) का विकेट झटका। सुने लुस ने 40 रन और तजमिन ब्रिट्स ने 30 रन का योगदान दिया। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़े लेकिन दीप्ति ने लुस को आउट कर इस भागीदारी का अंत किया।दीप्ति ने लुस के अलावा एनेरी डर्कसेन, कायला रेनेके, तुमी सेखुखुने और अयाबोंगा खाका के विकेट झटके। इससे पहले जेमिमा रोड्रिग्स 43 रन बनाकर भारत के लिए शीर्ष स्कोरर रहीं जबकि दीप्ति ने नाबाद 36 और विकेटकीपर बल्लेबाज रिचा घोष ने नाबाद 34 रन का योगदान दिया।दक्षिण अफ्रीका के लिए एलिज मारी मार्क्स और कायला रेनेके ने दो दो विकेट चटकाए। बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारत की शुरुआत खराब रही और शेफाली वर्मा को एलिज मार्क्स ने आउट किया। वहीं स्मृति मंधाना की जगह टीम में शामिल हुईं अनुष्का शर्मा 23 रन बनाकर आउट हो गईं।पावरप्ले के खत्म होने तक भारत का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 47 रन था। कप्तान हरमनप्रीत कौर (22) और जेमिमा रोड्रिग्स (43) ने तीसरे विकेट के लिए छह ओवर से कुछ ज्यादा समय में 55 रन जोड़े।रोड्रिग्स ने विशेष रूप से प्रभावित किया, उन्होंने 11वें ओवर में स्पिनर नोंखु म्लाबा की गेंद पर 24 रन बटोरे जिसमें 4, 2, 6, 6, 2, 4 के क्रम में रन बने। इसमें गेंदबाज के सिर के ऊपर से सीधे लगाए गए लगातार दो छक्के देखने लायक थे।लेकिन जैसे ही भारत की पारी में कुछ तेजी आने लगी रोड्रिग्स ऑफ स्पिनर कायला रेनेके की गेंद पर स्वीप शॉट खेलने में नाकाम रहीं और आउट हो गईं। उन्हें 18 रन के स्कोर पर भी जीवनदान मिला था। हरमनप्रीत भी शानदार लय में दिख रही थीं। उन्होंने मार्क्स की गेंद पर एक छक्का और क्लो ट्रायोन की गेंद पर एक चौका जड़ा। लेकिन रेनेके की गेंद पर भारतीय कप्तान के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और विकेट के पीछे खड़ी सिनालो जाफ्टा ने इसे लपक लिया। दीप्ति शर्मा (26 गेंद) और घोष (18 गेंद) ने छठे विकेट के लिए 65 रन जोड़े, लेकिन वे तेजी से रन बनाने में कामयाब नहीं हो पाईं।हालांकि आखिरी पांच ओवरों में इस जोड़ी ने 56 रन बनाकर अपनी टीम के गेंदबाज़ों को बचाव के लिए एक सम्मानजनक स्कोर दे दिया।

वेब दुनिया 26 Apr 2026 3:05 pm

भवानीपुर में बवाल, ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की रैलियों में लाउडस्पीकर को लेकर भिंड़त, 100 मीटर की थी दूरी

शनिवार को भवानीपुर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की रैलियां महज 100 मीटर की दूरी पर आयोजित की गईं, जिससे दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। भवानीपुर को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां उन्होंने 2011 से अब तक तीन बार जीत दर्ज की है। #WATCH | Bhabanipur, West Bengal: TMC and BJP workers came face to face & raised slogans against each other near the venue of public meeting of Suvendu Adhikari, BJP candidate from Bhabanipur. Security personnel intervened and brought the situation under control. Suvendu Adhikari… pic.twitter.com/wO2fnmeYkt — ANI (@ANI) April 25, 2026 यह सीट 29 अप्रैल को होने वाले मतदान वाले 142 सीटों में शामिल है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ALSO READ: वॉशिंगटन हिल्टन होटल फायरिंग पर भारत की प्रतिक्रिया, PM मोदी ने ट्रंप की सुरक्षा पर जताई चिंता, हमले की कड़ी निंदा हंगामे की शुरुआत तब हुई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पास में हो रही भाजपा की रैली में लगे लाउडस्पीकरों के कारण उनकी जनसभा बाधित की जा रही है, जहाँ सुवेंदु अधिकारी को संबोधित करना था। इस बाधा से नाराज़ होकर बनर्जी ने अपना भाषण अचानक समाप्त कर दिया और भीड़ से माफी मांगते हुए कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। ALSO READ: वॉशिंगटन हिल्टन होटल फायरिंग पर भारत की प्रतिक्रिया, PM मोदी ने ट्रंप की सुरक्षा पर जताई चिंता, हमले की कड़ी निंदा उनके जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के आक्रोशित कार्यकर्ता अधिकारी की रैली की ओर विरोध जताने के लिए बढ़े, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और तीखी झड़पें शुरू हो गईं। स्थिति बिगड़ते ही सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया और व्यवस्था बहाल की। ALSO READ: Raghav Chadha : राघव चड्ढा के BJP में जाने से Gen Z हुआ नाराज, घटे लाखों फॉलोअर्स, लोकप्रियता में क्यों आई गिरावट सुवेंदु अधिकारी, जो घटना के समय अभी रैली स्थल पर नहीं पहुंचे थे, ने ममता बनर्जी पर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा जिसे उन्होंने “गुंडा राज” कहा, उसका “मुंहतोड़ जवाब” देगी। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो साझा किया और आरोप लगाया कि बनर्जी अपनी पार्टी की संभावित हार के डर से अपना संयम खो बैठी हैं। Edited by: Sudhir Sharma

वेब दुनिया 26 Apr 2026 11:26 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 26 April 2026 करियर: कारोबार तथा जॉब में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: प्रेम रिश्तों में मजबूती आएगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सिरदर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: कैवल्य ज्ञान क्या है? जानें इसका सही अर्थ और इसे प्राप्त करने के प्रभावी तरीके 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: आज पेट खराब होने की समस्या हो सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। लव: सिंगल लोगों को पार्टनर मिल सकता है। धन: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: दिन भर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: लव मैरिज वाले घर में खुशी का माहौल होगा। धन: अचल संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: रिश्तों में नया उत्साह महसूस करेंगे। धन: पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा, योग का सहारा लें। उपाय: मंदिर में इत्र का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी में आय के नए स्रोत खुलेंगे। लव: पार्टनर के साथ पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। धन: धन निवेश में जल्दबाजी में नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य: थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: पक्षियों को अनाज डालें। ALSO READ: Mohini Ekadashi Katha 2026: मोहिनी एकादशी के रहस्य, जानें पौराणिक व्रत कथा और लाभ 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में बड़ा अवसर मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या बढ़ सकती है। उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा। लव: विवाद की स्थिति बन सकती है। धन: शेयर बाजार से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचकर रहें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। लव: लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा। धन: अचानक धन लाभ होने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द में सावधानी बरतें। उपाय: चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरी लोगों के लिए दिन व्यस्त रहेगा। लव: पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। धन: पुरानी उधारी वापस मिल सकती है। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लव: पुराने दोस्त से मुलाकात प्रेम संबंधों में बदल सकती है। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: रात को हल्का भोजन करें। उपाय: काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: रचनात्मक कार्यों में नाम और पैसा दोनों कमाएंगे। लव: जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। धन: आज धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें और फल खाएं। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल दें। ALSO READ: मेष राशि में सूर्य का प्लूटो से स्क्वायर, क्या होगा 4 राशियों पर इसका प्रभाव

वेब दुनिया 26 Apr 2026 7:03 am

संडे जज्बात-हम अधेड़ कुंवारे कौवों जैसे अपशकुन माने जाते हैं:सरकार हमें देती है पेंशन, जाने कितने जानवरों से रेप करते पकड़े गए

लोग मुझे मेरे नाम से कम, रं@#% कहकर ज्यादा बुलाते हैं। मुझे शुभ कामों से दूर रखा जाता है। गलती से पहुंच जाऊं तो लोगों का चेहरा उतर जाता है। मैं वीरेंद्र दून। हरियाणा के जिला हांसी के गांव पेटवाड़ का रहने वाला हूं। मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी कमी है कि 46 साल का होने के बावजूद मेरी शादी नहीं हुई। इसलिए लोग मुझे रं@#% रं@#% कहकर पुकारते हैं। गांव और रिश्तेदारी में शादी-ब्याह हो, तो लोग मुझे बुलाते तो जरूर हैं, लेकिन काम करवाने के लिए- कुर्सियां लगाने, पानी भरवाने, टेंट संभालने के लिए। घर में हवन हो तो कह दिया जाता है- तू यहां से हट जा, जोड़ा बैठेगा। इस व्यवहार की इतनी आदत हो चुकी है कि कोई इज्जत दे तो अजीब लगता है। मैं अकेला नहीं हूं। हरियाणा में बच्चियों को गर्भ में मारने की वजह से हजारों पुरुष हैं, जो कुंवारे रह गए हैं। शादी न होने से कई तो शराब में डूब गए, कइयों ने जान तक दे दी। ऐसे ही लोगों के बीच से निकला है हमारा एक संगठन- 'कुंवारे मर्दों की यूनियन’ दरअसल, मैं और मेरा दोस्त सीलू सांगवान साथ-साथ बड़े हुए। सीलू 45 साल का है और मैं 46 साल का। हम दोनों ने 12वीं तक पढ़ाई साथ की है। उस समय जिंदगी बहुत सीधी लगती थी। न कोई चिंता थी, न कोई सवाल। सोचते थे, बड़े होंगे, कमाएंगे और अपना घर बसाएंगे। हालांकि, किस्मत ने हमारे लिए कुछ और ही तय कर रखा था। जब शादी की उम्र हुई तो घर वालों ने कई जगह रिश्ते की बात चलाई, लेकिन हर बार कोई न कोई कमी निकाल दी जाती थी। सबसे बड़ी कमी यही बताई जाती थी कि मेरे पास जमीन कम है और कोई पक्की नौकरी भी नहीं है। धीरे-धीरे साल गुजरते गए। बहुत कोशिशों के बाद भी मेरी शादी नहीं हो पाई। मैं कुंवारा रह गया। जब 30 साल का हुआ, तब दिल्ली में पीएसओ यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर की नौकरी मिली। सोचा था कि अब शायद शादी हो जाएगी, और अगर नहीं भी हुई तो कम से कम जिंदगी अच्छे से कट जाएगी। नौकरी करते एक साल भी नहीं बीता, मैं फिर बेरोजगार हो गया। वजह पता चली तो सन्न रह गया। मुझे अपशकुन माना गया, क्योंकि कुंवारा था। इसके बाद फरीदाबाद गया। जैसे-तैसे फिर नौकरी मिली। धीरे-धीरे वहां भी सभी को पता चल गया कि मेरी शादी नहीं हो रही है। लोग कहने लगे कि दूसरों की बहन-बेटियों पर गलत नजर डालेगा, इसलिए इसे हटा दो। आखिरकार यही वजह बताते हुए मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। वे बातें मुझे अंदर तक चुभ गईं। कई रात तो मैं सो नहीं पाया। तब तक 38 साल का हो चुका था। शादी की कोशिशें तब तक भी चल रही थीं, लेकिन कहीं बात नहीं बनी। कई महीनों तक नौकरी के लिए भटकता रहा, आखिरकार गांव लौट आया। यहीं खेती करने लगा। फिर गांव में भी यही सब होने लगा। लोगों की नजरें, ताने और तरह-तरह की फुसफुसाहटें सुनने को मिलती। किसी बात पर चर्चा होती। अगर मैं कोई मशविरा देता, तो उसे सुना नहीं जाता। लोग बीच में ही रोक देते। कहते- ‘तू रं@#%है, तुझे क्या पता?’ यही नहीं अपने घर में भी तवज्जो नहीं मिलती थी। मेरे कहने पर कोई फसल बोई जाती और अच्छी हो जाती, तो उसका क्रेडिट बड़े भाई को दे दिया जाता। कोई भी शुभ काम होता तो मुझे दूर बैठाया जाता। मेरे ही घर में हवन होता तो कहा जाता- ‘दूर बैठ, तू यहां बैठेगा तो अशुभ हो जाएगा।’ हां, लेकिन आधी रात में खेत में पानी देना हो तो सबको मेरी याद आ जाती थी। उसमें भी ताने मारतेकि- ‘तेरे भाई की शादी हो चुकी है। अगर उसे मोटर चलाते समय करंट लग गया, सांप ने काट लिया या ठंड लग गई तो क्या होगा? उसके बच्चों का क्या होगा? तेरा क्या है, तू तो रं@#% है।’ यह सब सुनकर मैं अंदर से टूट जाता था। किसी की शादी-ब्याह में जाने से रोका जाता था। कहा जाता कि वहां जाओगे तो लोग क्या कहेंगे? अगर कुछ गलत हो गया, तो दोष तुम्हारे सिर मढ़ दिया जाएगा। मेरे लिए कभी भी नए कपड़े तक नहीं खरीदे गए। हमेशा भाई की उतरन पहननी पड़ती थी। घरवाले कहते थे- ‘तुम्हें कौन सा ससुराल जाना है?’ घर के बच्चे तक भाव नहीं देते थे। कभी भाई के बच्चों को डांट देता तो भाभी कहती- ‘तेरी तो शादी नहीं हुई, बच्चे नहीं हुए, इसलिए तुझे मेरे बच्चे देखे नहीं जाते।’ यहां तक कि छोटे बच्चों को मेरे पास नहीं आने दिया जाता। उनके मां-बाप कहते कि उसके पास मत जाओ, गलत बातें सिखाएगा। मुझे एक तरह से कौवा बना दिया गया था। जैसे किसी शुभ काम के समय कौवे को अपशकुन माना जाता है, वैसे ही मुझे माना जाता है। हरियाणा में कुछ अविवाहित पुरुष ऐसे भी हैं, जिन्हें अपने ही घर में रहने तक की जगह नहीं दी गई। उन्हें पशुओं के बाड़े के पास रहने को मजबूर किया गया। जहां पशु बंधे होते हैं, वहीं बगल में बिस्तर लगाना पड़ता है। कहा जाता है- जाकर जानवरों के पास रहो। घर में तुम्हारे छोटे भाई की बहू है, उसे घूंघट करना पड़ेगा। वैसे भी सुबह जल्दी उठकर तुम्हें पशुओं की ही देखभाल करनी है। मैं सुबह 4 बजे उठ जाता हूं। पशुओं को चारा देता हूं, दूध निकालता हूं और उन्हें जोड़ यानी तालाब पर नहलाने ले जाता हूं। रात को फिर यही काम करता हूं। इस तरह सुबह 4 बजे उठकर रात 11 बजे जाकर सो पाता हूं। हालांकि, चाहें तो हम दलालों के जरिए पैसे देकर शादी कर सकते हैं, लेकिन कई मामलों में ठगी सामने आई है। शादी के नाम पर धोखाधड़ी का खेल चल रहा है। कई गिरोह ऐसे हैं, जो हमसे डेढ़-दो लाख रुपए लेकर शादी करवाने का दावा करते हैं। मेरे भाई की शादी भी इसी तरह करवाई गई थी, लेकिन कुछ समय बाद उसकी पत्नी जेवर और सामान लेकर भाग गई। ऐसे ही मेरे एक दोस्त ने कोर्ट मैरिज के लिए एक वकील को डेढ़ लाख रुपए दिए। डेढ़ लाख से ज्यादा के जेवर भी बनवाए। शादी हुई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद लड़की मायके जाने का बहाना बनाकर सब लेकर चली गई। अब मेरा दोस्त कर्ज उतार रहा है। लोग उसका मजाक उड़ाते हैं- वाह, बड़ा बन रहा था लुगाई लाने वाला, क्या हुआ? आ गई लुगाई? अब गांव की चौपाल पर उसका अक्सर मजाक बनाया जाता है। जब इस तरह शादी टूटती है या दुल्हन चली जाती है, तो लोग जिस तरह मजाक बनाते है, वह अलग ही दर्द देने वाला होता है। अब तो हम सिर्फ समय काट रहे हैं। खाली पड़े रहते हैं, तो कुछ लोग खेत या बाग में घास कटाई का काम दे देते हैं। बदले में कभी पैसा तो कभी शराब दे देते हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग गलत काम करते भी पकड़े गए। एक बार मैं एक गांव गया था, जहां कुछ लोग एक कुंवारे मर्द को पीट रहे थे। पता चला कि वह एक कुतिया के साथ रेप कर रहा था। मैंने लोगों को समझाकर उस आदमी को बचाया और उसे भी समझाया। बाद में हमारी यूनियन ने लोगों को जागरूक किया कि इससे बचें, क्योंकि इससे संक्रमण और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे ही कुछ कुंवारे मर्द एक-दूसरे के साथ सेक्स करते पकड़े गए, जिससे गांवों में विवाद और तनाव बढ़ता दिखा। इसके खिलाफ भी हमने जागरूकता अभियान चलाया। हमारी यूनियन कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ भी काम कर रही है, ताकि बेटियों को बराबरी का दर्जा मिले और राज्य में यह समस्या खत्म हो। हम लोगों का सबसे बड़ा दर्द अकेलापन है। शादीशुदा आदमी अपनी हर बात पत्नी से साझा कर लेता है, लेकिन हम किससे कहें? हम रातभर घुटते हैं, और सुबह फिर वही जिंदगी शुरू हो जाती है। अब तो मन मर चुका है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ रही है, मुझ पर दबाव डाला जा रहा है कि मैं अपने भाई के बच्चे को गोद ले लूं, ताकि मेरी संपत्ति उसे मिल जाए। लेकिन मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं, जहां भाई के बच्चों को जायदाद मिलते ही वे धीरे-धीरे अविवाहित लोगों को किनारे कर देते हैं। यहां तक कि उन्हें खाना तक नहीं देते और बीमारी में इलाज भी नहीं कराते। मैंने कई ऐसे लोग देखे हैं, जिन्हें ठीक देखभाल मिलती तो वे ज्यादा जी सकते थे, लेकिन कम उम्र में ही चले गए। अब जाकर मेरे गांव और आसपास के कुंवारे पुरुष जुटे और विचार किया कि इस समस्या का हल कैसे निकाला जाए। हम कब तक समाज की नजरों में चुभते रहेंगे? बातचीत के बाद हमने फैसला किया कि एक एसोसिएशन बनाई जाए- ‘समस्त अविवाहित पुरुष समाज एंड एकीकृत रं@#%यूनियन’। तय किया गया कि अब हम इसके जरिए अपने हक की आवाज उठाएंगे। हमारी यूनियन ने राज्य में प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। सरकार ने ध्यान दिया और अब हमें 3200 रुपए पेंशन मिल रही है। हालांकि, कई अविवाहित पुरुषों की फैमिली आईडी नहीं बन पाई है, इसलिए उन्हें पेंशन नहीं मिल रही। आखिर जिनका परिवारिक रिकॉर्ड ही नहीं है, वे फैमिली आईडी कहां से लाएं? हमारी यूनियन में लगभग साढ़े पांच लाख लोग हैं, जिनमें से 80 हजार को ही पेंशन मिल रही है। मेरे दोस्त सीलू सांगवान के माता-पिता नहीं हैं। इसलिए उनकी फैमिली आईडी नहीं बन पाई, जिससे उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा। आखिर में सरकार से बस एक ही मांग है- हमें शक की नजर से न देखा जाए। हम भी इंसान हैं। हमें सम्मान के साथ जीने का हक मिले। (वीरेंद्र दून ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------- 1- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Apr 2026 5:44 am

एक गलती से हर घंटे दो परमाणु बम ‘फूटने’ लगे:आग बुझाने वालों को खून की उल्टियां, स्किन में फफोले; 40 साल बाद भी जानलेवा है चेर्नोबिल

26 अप्रैल 1986 यानी आज से ठीक 40 साल पहले। तब के सोवियत रूस का हिस्सा रहे यूक्रेन का प्रिपयत शहर। रात के 1 बजकर 28 मिनट पर 25 साल के फायरफाइटर वसिली इग्नातेंको की नींद एक फोन से टूटी। आवाज आई- कहीं आग लगी है, तुरंत आओ। वसिली उठे। वर्दी पहनी। जाते-जाते पत्नी ल्युडमिला से बस इतना कहा- ‘घबराओ मत। जल्द लौटूंगा।’ ल्युडमिला नहीं जानती थी कि ये उनके पति के आखिरी शब्द हैं। वसिली कभी वापस नहीं आए। क्योंकि जिस ‘आग’ को बुझाने वे गए थे, वो कोई साधारण आग नहीं थी। वो चेर्नोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट के रिएक्टर-4 की आग थी, वो दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु त्रासदी बन गई। 1980 का दशक। अमेरिका और सोवियत रूस के बीच कोल्ड वार अपने चरम पर थी। दोनों देश एक-दूसरे को दिखाना चाहते थे कि हम ताकतवर हैं, हम आधुनिक हैं। इसी होड़ में सोवियत रूस ने यूक्रेन के एक छोटे से कस्बे चेर्नोबिल के पास एक विशाल न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाया। 1983 में तैयार हुआ ये प्लांट यूक्रेन की राजधानी कीव से 130 किलोमीटर दूर था और वहां की 10% बिजली अकेले यही प्लांट देता था। प्लांट से महज 3 किलोमीटर दूर था प्रिपयत। एक खूबसूरत, आधुनिक शहर, जहां 50 हजार लोग रहते थे। ज्यादातर प्लांट के ही कर्मचारी और उनके परिवार। कहानी में आगे बढ़ने से पहले सीधे शब्दों में जान लेते हैं कि ये RBMK रिएक्टर प्लांट काम कैसे करता था- यूरेनियम की छड़ें को गर्म करो, उससे पानी गर्म होगा, भाप बनेगी, भाप से टर्बाइन घुमेगा और बिजली तैयार। 25 अप्रैल, 1986 को चेर्नोबिल प्लांट के रिएक्टर-4 में पानी के पंप को लेकर एक रूटीन टेस्ट किया जाना था। इसका मकसद ये देखना था कि अगर रिएक्टर एनर्जी जेनरेट करना बंद कर दे, तो बची हुई बिजली से वॉटर पंप्स, बैकअप जेनरेटर चालू होने तक रिएक्टर को ठंडा रख पाते हैं या नहीं। बिजली की मांग बढ़ने से टेस्ट सुबह नहीं हो सका, तो नाइट शिफ्ट को जिम्मेदारी दी गई। रिएक्टर कंट्रोल इंजीनियर लियोनिद टॉपटुनोव और नाइट शिफ्ट सुपरवाइजर अलेक्सांद्र अकिमोव टेस्ट कंडक्ट कर रहे थे। डिप्टी चीफ इंजीनियर अनातोली डायटलोव इसकी निगरानी कर रहे थे। यहां पेच ये था कि टॉपटुनोव, जिनके पास टेस्ट की जिम्मेदारी थी, वे 25 साल के थे और उनके पास महज 3 महीने का अनुभव था। रात 11 बजकर 10 मिनटः रिएक्टर 1 हजार मेगावॉट (MW) कैपिसिटी पर काम कर रहा था। टेस्ट 700 MW पर किया जाना था। कंट्रोल रॉड्स अंदर डालकर पावर घटाई गई, जिससे रिएक्शन धीमी हो सके। रात 12 बजकर 28 मिनटः अचानक पावर 700 के बजाय 30 MW तक गिर गई। इसे ऊपर लाने के लिए कुछ कंट्रोल रॉड्स बाहर निकाली गईं। रात 1 बजेः पावर नहीं बढ़ी, तो सुपरवाइजर ने और कंट्रोल रॉड्स निकालने को कहा। इंजीनियर टॉपटुनोव ने मना करते हुए कहा कि कम से कम 15 कंट्रोल रॉड्स रिएक्टर में होनी ही चाहिए। रात 1 बजकर 5 मिनटः डिप्टी चीफ इंजीनियर ने सस्पेंड करने की धमकी दी। टॉपटुनोव ने और रॉड्स निकालीं। अब रिएक्टर में महज 8 रॉड्स थीं, जो सेफ्टी प्रोटोकॉल के खिलाफ था। रात 1 बजकर 23 मिनटः 203 कंट्रोल रॉड्स बाहर होने से रिएक्टर कैपिसिटी एकदम से बढ़कर 2,600 MW तक पहुंच गई। रिएक्टर भट्टी की तरह तपने लगा। जेनरेटर चालू होकर पूरी क्षमता तक पहुंच पाता, उसके पहले ही अंदर मौजूद पानी जिसका काम रिएक्टर ठंडा करना था, भाप बनकर उड़ गया। इससे तापमान और बढ़ गया। रात 1 बजकर 25 मिनटः सुपरवाइजर अकिमोव ने स्थिति हाथ से निकलती देख इमरजेंसी शटडाउन बटन (AZ-5) दबाया, जिससे सारी कंट्रोल रॉड्स एक साथ अंदर चली गई। कंट्रोल रॉड्स के अंदर जाते ही रिएक्शन कंट्रोल हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। RBMK रिएक्टर में एक बड़ा ‘डिजाइन फ्लॉ’ था। कंट्रोल रॉड्स की टिप ग्रेफाइट की बनी थी, जिसने रिएक्शन को कई गुना बढ़ा दिया। रिएक्टर में 2 भयानक विस्फोट हुए, जिससे ऊपर लगी 1 हजार टन की कवर प्लेट उड़़ गई। बाहर खड़े लोगों ने नीली रोशनी की एक लकीर आसमान की तरफ जाती हुई देखी। कुछ ने सोचा रंग-बिरंगी आतिशबाजी है। वे नहीं जानते थे कि वो रोशनी जानलेवा रेडिएशन की थी। फायर फाइटर वसिली इग्नातेंको अपने 20 साथियों के साथ प्लांट पहुंचे। उन्हें बताया गया था कि एक फैक्ट्री में आग है। उनके पास न कोई सुरक्षा उपकरण थे और न ही रेडिएशन मापने का कोई यंत्र। प्लांट की छत पर जो ग्रेफाइट के जले-पिघले टुकड़े बिखरे थे, वसिली के साथियों ने उन्हें हाथ से उठाकर फेंका। उन्हें क्या पता था कि वो टुकड़े इतने रेडियोएक्टिव थे कि कुछ ही मिनटों में किसी की जान ले सकते थे। कुछ ही देर में फायरफाइटर्स को उल्टियां होने लगीं। त्वचा लाल पड़ गई। आंखें जलने लगीं। एक-एक करके वे बेहोश होकर गिरने लगे। इलाज के दौरान कई फायरफाइटर्स के शरीर अंदर से टूटने लगे थे। उनकी त्वचा जलकर उतर रही थी और मांस के लोथड़े तक गिरने लगे थे। वसिली और उनके 20 साथियों ने आने वाले हफ्तों में दम तोड़ दिया। पत्नी ल्युडमिला बाद में याद करती हैं- ‘अस्पताल में वसिली को शीशे के पीछे रखा गया था। मैं उन्हें छू भी नहीं सकती थी। जब भी मिलती, नर्स चिल्लाती- दूर रहो, ये रेडियोएक्टिव हैं। मैंने कहा- मुझे परवाह नहीं।’ सोवियत यूनियन ने घटना से निपटने के लिए तुरंत एक हाई लेवल टीम बनाई, जिसकी कमान डिप्टी प्राइम मिनिस्टर बॉरिस शरबीना को सौंपी। टीम में कुर्चाटोव इस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर रिसर्च के प्रोफेसर वेलेरी लेगासोव को एक्सपर्ट के रूप में जोड़ा गया। जब वेलेरी मौके पर पहुंचे, तो उन्हें प्लांट का सेंसर 3.6 रॉन्टगेन का रेडिएशन दिखा रहा था। जो खतरनाक जरूर था, लेकिन तुरंत जानलेवा नहीं। लेगासोव को शक हुआ। नई मशीन मंगवाई। असली आंकड़ा था- 15,000 रॉन्टगेन। यानी 4000 गुना ज्यादा। 500 रॉन्टगेन के रेडिएशन में एक मिनट में जान जा सकती है। यहां 15,000 था। इसे ऐसे समझिए कि उस रात चेर्नोबिल से जितना रेडिएशन हवा में फैला, उसकी तुलना हिरोशिमा पर हर घंटे दो एटम बम गिराए जाने से की जाती है। लेगासोव ने डिप्टी प्राइम मिनिस्टर बॉरिस शरबीना से कहा- ‘प्रिपयत शहर तुरंत खाली कराओ। 50 हजार लोगों की जान खतरे में है।’ बॉरिस ने मना कर दिया। उनकी चिंता थी कि खबर फैली तो पूरी दुनिया में सोवियत रूस की बदनामी होगी। इस बीच प्रिपयत के हॉस्पिटल नंबर-126 में भयावह दृश्य था। हर घंटे सैकड़ों लोग आ रहे थे। जलन, उल्टी, बेहोशी के साथ। हॉस्पिटल भर गया। गेट लगाया गया। कई लोगों ने बाहर ही दम तोड़ दिया। हादसे में बचे एक चश्मदीद अलेक्सांद्र युवचेंको बताते हैं- कुछ लोग अपने छोटे बच्चों को नर्सों की गोद में सौंप रहे थे। उन्हें पता था वे नहीं बचेंगे। बस चाहते थे कि बच्चा बच जाए। 27 अप्रैल की सुबह हालात और बिगड़ने पर बॉरिस राजी हुए। 47 हजार से ज्यादा लोगों को 1000 बसों में भरकर शहर से निकाला गया। कहा गया 3 दिन में वापस आ जाओगे। वे लोग कभी वापस नहीं आए। चेर्नोबिल प्लांट में लगी आग बुझाना मुश्किल हो रहा था। रिएक्टर खुला था और उसमें मौजूद ग्रैफाइट के ब्लॉक्स जल रहे थे। जब फायरब्रिगेड से बात नहीं बनी, तो हेलिकॉप्टर की मदद से प्लांट पर लगभग 5 हजार टन बोरॉन पार्टिकल, रेत और मिट्टी बरसाए गए। आग बुझाने में 10 दिन लगे, लेकिन खतरा अभी टला नहीं था। प्लांट के नीचे भारी मात्रा में पानी मौजूद था। वेलेरी को डर था कि अगर पिघला हुआ यूरेनियम उससे टकराया, तो पानी तेजी से भाप बन जाएगा, जिससे बड़ा विस्फोट हो सकता है। तब तीन कर्मचारी आगे आए। उन्होंने रिएक्टर के नीचे मौजूद रेडियोएक्टिव मटेरियल से भरे हिस्से में गए और वाल्व खोलकर पानी निकाला। सोवियत संघ ने सैकड़ों माइनर्स की मदद से रिएक्टर के नीचे सुरंग खोदकर नीचे एक कॉन्क्रीट बेस तैयार करवाया, जिससे यूरेनियम धरती में जाकर मिट्टी की उर्वरता और पास मौजूद प्रिपयत नदी के पानी को दूषित न कर पाए। माइनर्स ने रेडिएशन के बीच दिन-रात काम किया, कई लोग गर्मी के कारण कम कपड़ों में काम करते थे। इस वजह से वे रेडिएशन के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में आए और रेडिएशन से जुड़ी बीमारियों के शिकार हुए। UN के मुताबिक, चेर्नोबिल से निकला रेडिएशन हिरोशिमा में गिराए परमाणु बम से 400 गुना ज्यादा था। अगले 4 सालों में 5000 से ज्यादा लोग थायरॉइड कैंसर से मरे। ग्रीनपीस जैसी संस्थाएं मानती हैं कि सोवियत रूस ने आंकड़े छुपाए और असली संख्या 93 हजार से 2 लाख के बीच हो सकती है। प्लांट के आस-पास 30 किलोमीटर का इलाका आज भी ‘एक्सक्लूजन जोन’ है। यहां न रहना मुमकिन है, न खेती। हादसे के 206 दिन बाद रिएक्टर के ऊपर कंक्रीट का एक ढांचा बनाया गया। साल 2019 में उसके ऊपर 1.6 अरब डॉलर की लागत से एक विशाल स्टील डोम बनाया गया जो 100 साल तक रेडिएशन रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। उस डोम के अंदर आज भी 4 टन जानलेवा रेडियोएक्टिव पदार्थ बंद है। प्रोफेसर वेलेरी लेगासोव ने पूरी दुनिया को चेर्नोबिल की सच्चाई बताई। 1986 में वियना में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सामने RBMK रिएक्टर की डिजाइन खामियां उजागर कीं। सोवियत सरकार नाराज हो गई। लेगासोव ने एक के बाद एक टेप रिकॉर्ड करके सच दुनिया के सामने रखा- कैसे सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया, कैसे अफसरों ने जानबूझकर खतरे को छुपाया। उनकी रिकॉर्ड की हुई ‘लेगासोव टेप्स’ सोवियत संघ के पतन के बाद सार्वजनिक हुईं। कहा जाता है कि इन टेपों ने सोवियत सरकार की विश्वसनीयता को ऐसा धक्का दिया जो देश के टूटने में अहम कारण बना। डायटलोव समेत तीन मुख्य आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई। हादसे के बाद प्रिपयत शहर हमेशा के लिए वीरान हो गया। बच्चों के खिलौने, परिवारों की तस्वीरें, खाने की अधूरी थालियां, सब जहां थे, वहीं पड़े रहे। आज भी उस शहर की इमारतों में पेड़ उग आए हैं। सड़कों में दरारें पड़ गई हैं। लेकिन कोई इंसान वहां नहीं रहता।***ये स्टोरी दैनिक भास्कर में फेलोशिप कर रहे प्रथमेश व्यास ने लिखी है। *** References and Further Readings:- -------------------- ये खबर भी पढ़िए… जब 3 हजार चीनी सैनिकों से भिड़ गए 120 बहादुर:एक इंच पीछे नहीं हटे, पोजिशन पर जमी लाशें मिलीं; रेजांग-ला की लड़ाई भारत और चीन के बीच जंग जारी थी। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC के नजदीक लद्दाख के रेजांग ला में 13 कुमाऊं बटालियन की चार्ली कंपनी तैनात थी। माइनस 30 डिग्री की तूफानी हवाओं से बचने के लिए जवानों के पास ढंग के स्वेटर और दस्ताने तक नहीं थे। पत्थरों से बने बिना छत वाले बंकर, जरूरत से आधी ऑक्सीजन के साथ इस चौकी पर जिंदा रहना भी किसी जंग से कम नहीं था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Apr 2026 5:42 am

500 करोड़ में ममता दीदी की वोट मशीन बने क्लब:एक लाख पाड़ा क्लब TMC के प्रचार में जुटे, क्या BJP की हार की वजह बनेंगे

शाम के करीब 6 बजे हैं। कोलकाता के न्यू टाउन में टीन की छत वाला छोटा सा क्लब खुल चुका है। अंदर चार बुजुर्ग कैरम और बाहर कुछ लड़के फुटबॉल खेल रहे हैं। पहली नजर में यह किसी मोहल्ले का नॉर्मल क्लब लगता है, लेकिन ऐसा है नहीं। एक बॉक्स में शराब की बोतलें रखी हैं। दीवारों पर ममता बनर्जी की फोटो और TMC के पोस्टर लगे हैं। ये क्लब कम और TMC का ऑफिस ज्यादा दिखता है। पश्चिम बंगाल में इन्हें पाड़ा क्लब कहते हैं। पाड़ा यानी मोहल्ला। बंगाल में 23 अप्रैल को पहले फेज की वोटिंग में रिकॉर्ड 93% वोटिंग हुई। 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग होगी। हर मोहल्ले में बने क्लब TMC के प्रचार में जुटे हैं। बंगाल की राजनीति समझने के लिए इन्हें समझना जरूरी है। ममता सरकार ने 2025 में हर रजिस्टर्ड क्लब को 1.1 लाख रुपए दिए थे। 2018 में ये रकम सिर्फ 10 हजार थी, यानी 8 साल में सरकारी मदद 10 गुना बढ़ी है। अब तक सरकार क्लबों को 3,500 से 5,000 करोड़ रुपए दे चुकी है। 2025 में इन पर 495 करोड़ खर्च किए। ये 386 करोड़ रुपए लागत वाले भारत के पहले चंद्रयान प्रोजेक्ट से करीब 109 करोड़ रुपए ज्यादा है। बदले में क्लब मेंबर TMC के कैडर की तरह काम करते हैं। चुनाव के वक्त पोस्टर, रैली, वोटर लाने ले जाने में मदद करते हैं। क्लब नेटवर्क जहां मजबूत होता है, वहां दूसरी पार्टी का संगठन कमजोर रहता है। ‘क्लब और पार्टी ऑफिस में फर्क खत्म, सभी क्लब TMC से जुड़े, विधायकों से मदद’ न्यू टाउन में रहने वाले तपस मंडल कहते हैं, ‘अब क्लब और पॉलिटिकल पार्टियों के ऑफिस में खास फर्क नहीं रह गया है। सभी लोकल क्लब TMC से जुड़े हैं। इनके मेंबर पार्टी की एक्टिविटी में शामिल होते हैं। विधायक और सरकार क्लबों को टीवी, खेल का सामान और दुर्गा पूजा के लिए मदद देते हैं। 2011 से पश्चिम बंगाल सरकार स्पोर्ट्स क्लब और पाड़ा क्लबों को अलग-अलग योजनाओं के जरिए पैसे दे रही है।’ सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह के क्लब दर्ज हैं। सिर्फ दुर्गा पूजा कराने वाले क्लब ही करीब 45 हजार हैं। इनके अलावा पाड़ा क्लब, स्पोर्ट्स क्लब और यूथ क्लब हैं। सब मिलाकर ये करीब 1 लाख तक पहुंच जाते है। कई जगह एक पाड़ा में 4 से 5 क्लब है। सबसे ज्यादा पैसा दुर्गा पूजा ग्रांट के तौर पर मिलता है। 31 जुलाई, 2025 को रजिस्टर्ड क्लबों को सरकार ने 495 करोड़ रुपए बांटे। इसके अलावा हर साल सभी छोटे-बडे़ रजिस्टर्ड क्लबों को सरकार से 2 लाख रुपए मिलते है। बिजली के बिल में 80% छूट, फायर लाइसेंस, सरकारी फीस में छूट भी इसमें शामिल है। साल भर क्लबों को लोकल विधायक, नगरपालिका फंड, स्पोर्ट्स टूर्नामेंट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्लब बिल्डिंग की मरम्मत, सरकारी कैंप जैसे- ‘दुआरे सरकार’ के लिए पैसे मिलते है। पहला क्लब अंग्रेजों ने खोला, आजादी के बाद हर मोहल्ले में खुले, युवाओं का अड्डा बने 20वीं सदी की शुरुआत में क्लब मोहल्लों में लोगों के जुटने की जगह होते थे। लोग यहां नाटक करते, फुटबॉल खेलते और साथ त्योहार मनाते थे। शोवाबाजार राजबाड़ी 1885 में खुला पहला भारतीय क्लब था। इससे पहले अंग्रेजों ने 1827 में बंगाल क्लब बनाया था। रविन्द्रनाथ टैगोर का मानना था कि मजबूत देश की शुरुआत सरकार से नहीं, बल्कि मोहल्ले और समाज से होती है। वे ऐसे क्लबों को लोगों को जोड़ने और समाज को मजबूत बनाने का जरिया मानते थे। 1950 से 1970 के बीच हर मोहल्ले में क्लब बनने लगे। ये युवाओं के मिलने-जुलने की जगह बन गए। 1970 के बाद राजनीति की एंट्री हुई। नेताओं ने क्लबों के जरिए लोगों तक पहुंचना शुरू किया। धीरे-धीरे चुनाव के समय पोस्टर लगाना, रैली और प्रचार करना क्लबों से ही होने लगा। 1977 से 2011 तक लेफ्ट की सरकार में क्लब समाज और राजनीति का हिस्सा बने रहे। हालांकि तब उन्हें सीधे पैसे कम मिलते थे। रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर बिस्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं, ‘2011 में सरकार बदलने के बाद पाड़ा क्लबों की भूमिका काफी बदल गई। पहले ये राजनीति से दूर और तटस्थ हुआ करते थे। धीरे-धीरे इन्हें राजनीति से जोड़ा जाने लगा। क्लबों के प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी के पद पर लोकल नेताओं की भूमिका बढ़ने लगी। इससे क्लब की आजादी कम हुई। उनका इस्तेमाल राजनीतिक कामों में ज्यादा होने लगा।’ कोलकाता की बसंती कॉलोनी में रहने वाले स्वपन बैद्य क्लब में बच्चों को पढ़ाते हैं। वे कहते हैं, ‘हम TMC के सपोर्टर हैं। हमारे इलाके में सात-आठ क्लब हैं। यहां 24 घंटे पानी और बिजली आती है, अच्छी सड़क है। 260 परिवारों को फ्री में फ्लैट मिले हैं।’ ममता सरकार ने पहली बार पैसे देने शुरू किए, क्लब पॉलिटिकल हो गए 2011 में लेफ्ट की सरकार चली गई। ममता मुख्यमंत्री बनीं। TMC ने इन क्लबों के असर को जल्दी ही भांप लिया। उसने पाड़ा क्लबों का इस्तेमाल लोकल नेटवर्क बनाने और चुनावों से पहले जनता का मूड समझने के लिए किया। राज्य सरकार ने पहली बार क्लबों को नकद पैसे देना शुरू किया। सरकार ने कहा कि इसका मकसद सोशल, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटी को बढ़ावा देना है। हालांकि इससे क्लबों और सरकार चला रही पार्टी के बीच सीधा संबंध मजबूत हुआ। कोलकाता में रहने वाले सुदर्शन मिश्रा अक्सर लोकल क्लब जाते हैं। क्लब का नाम केष्टोपुर है। सुदर्शन कहते हैं, ‘क्लब के बारे में बहुत कुछ जानकर भी कुछ नहीं कह सकता। बगल में रहकर उनके खिलाफ कैसे बोलूं। जिसे जहां अपना स्वार्थ लगता है, वहां काम करता है। यहां सब लोग साथ रहते हैं, इसलिए कुछ कहने से डर लगता है।’ BJP का दावा: हर साल चंद्रयान प्रोजेक्ट के बराबर पैसे क्लबों को दे रहीं ममता कोलकाता नगर निगम में BJP पार्षद सजल घोष किशोरी संघ क्लब चलाते है। वे आरोप लगाते है, ‘ममता सरकार खेल और समाजसेवा के नाम पर क्लबों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। केंद्र सरकार ने लगभग 615 करोड़ रुपए में चंद्रयान-3 मिशन पूरा कर रही है, वहीं बंगाल सरकार हर साल करीब 500 करोड़ रुपए क्लबों पर खर्च करती है।’ सजल घोष का दावा है कि क्लबों को मिलने वाले अनुदान के लिए स्थानीय विधायक के साइन जरूरी होते हैं। इससे पॉलिटिकल कंट्रोल बना रहता है। हर क्लब सरकार पर निर्भर रहता है। हालांकि, हम सरकार से पैसे नहीं लेते। जरूरत पड़ने पर मेंबर खुद पैसे जुटाकर लोगों की मदद करते हैं। एक्सपर्ट बोले- स्कूल बंद, डॉक्टरों की कमी, लेकिन क्लब को फंड मिल रहा प्रोफेसर बिस्वनाथ चक्रवर्ती क्लबों को मिल रहे फंड पर सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं, ‘स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है। करीब 8,200 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। हॉस्पिटलों में डॉक्टरों की कमी है। यूनिवर्सिटी में टीचर कम हैं। करीब 6 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन क्लबों को फंड मिल रहा है।' बंगाल में 85 हजार पोलिंग बूथ, इनसे ज्यादा क्लब, चुनाव पर भी असर पश्चिम बंगाल में एक लाख से ज्यादा क्लब एक्टिव हैं। राज्य में करीब 85 हजार पोलिंग बूथ हैं। कई जगह एक बूथ पर दो क्लब हैं। यही वजह है कि चुनाव में इनका असर बहुत बड़ा हो जाता है। लोग मानते हैं कि क्लब अब भी उनके मोहल्ले की पहचान हैं। एक बात लगभग हर कोई मानता है, बंगाल में चुनाव बूथ पर नहीं, पाड़ा क्लब में तय होते हैं। ………………… पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… 1. आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़ित की मां BJP कैंडिडेट, सभा में कुर्सियां खाली पानीहाटी सीट से आरजीकर रेप केस की पीड़ित की मां रतना देबनाथ BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 12 अप्रैल को सभा करने गईं तो कुर्सियां खाली पड़ी थीं। रतना देबनाथ अपने चुनाव लड़ने को बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई बता रही हैं। महिलाएं उनकी सभा के सामने से गुजरते हुए रुकती हैं। पूछने पर कहती हैं, ‘हम साथ हैं, लेकिन दिखा नहीं सकते। TMC वाले घूम रहे हैं। साथ देख लिया, तो मुश्किल होगी।’ पढ़िए पूरी खबर… 2. हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 26 Apr 2026 5:40 am