SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

39    C
...

भवानीपुर में बवाल, ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की रैलियों में लाउडस्पीकर को लेकर भिंड़त, 100 मीटर की थी दूरी

शनिवार को भवानीपुर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की रैलियां महज 100 मीटर की दूरी पर आयोजित की गईं, जिससे दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। भवानीपुर को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां उन्होंने 2011 से अब तक तीन बार जीत दर्ज की है। #WATCH | Bhabanipur, West Bengal: TMC and BJP workers came face to face & raised slogans against each other near the venue of public meeting of Suvendu Adhikari, BJP candidate from Bhabanipur. Security personnel intervened and brought the situation under control. Suvendu Adhikari… pic.twitter.com/wO2fnmeYkt — ANI (@ANI) April 25, 2026 यह सीट 29 अप्रैल को होने वाले मतदान वाले 142 सीटों में शामिल है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ALSO READ: वॉशिंगटन हिल्टन होटल फायरिंग पर भारत की प्रतिक्रिया, PM मोदी ने ट्रंप की सुरक्षा पर जताई चिंता, हमले की कड़ी निंदा हंगामे की शुरुआत तब हुई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पास में हो रही भाजपा की रैली में लगे लाउडस्पीकरों के कारण उनकी जनसभा बाधित की जा रही है, जहाँ सुवेंदु अधिकारी को संबोधित करना था। इस बाधा से नाराज़ होकर बनर्जी ने अपना भाषण अचानक समाप्त कर दिया और भीड़ से माफी मांगते हुए कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। ALSO READ: वॉशिंगटन हिल्टन होटल फायरिंग पर भारत की प्रतिक्रिया, PM मोदी ने ट्रंप की सुरक्षा पर जताई चिंता, हमले की कड़ी निंदा उनके जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के आक्रोशित कार्यकर्ता अधिकारी की रैली की ओर विरोध जताने के लिए बढ़े, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और तीखी झड़पें शुरू हो गईं। स्थिति बिगड़ते ही सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया और व्यवस्था बहाल की। ALSO READ: Raghav Chadha : राघव चड्ढा के BJP में जाने से Gen Z हुआ नाराज, घटे लाखों फॉलोअर्स, लोकप्रियता में क्यों आई गिरावट सुवेंदु अधिकारी, जो घटना के समय अभी रैली स्थल पर नहीं पहुंचे थे, ने ममता बनर्जी पर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा जिसे उन्होंने “गुंडा राज” कहा, उसका “मुंहतोड़ जवाब” देगी। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो साझा किया और आरोप लगाया कि बनर्जी अपनी पार्टी की संभावित हार के डर से अपना संयम खो बैठी हैं। Edited by: Sudhir Sharma

वेब दुनिया 26 Apr 2026 11:26 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 26 April 2026 करियर: कारोबार तथा जॉब में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: प्रेम रिश्तों में मजबूती आएगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सिरदर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: कैवल्य ज्ञान क्या है? जानें इसका सही अर्थ और इसे प्राप्त करने के प्रभावी तरीके 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: आज पेट खराब होने की समस्या हो सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। लव: सिंगल लोगों को पार्टनर मिल सकता है। धन: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: दिन भर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: लव मैरिज वाले घर में खुशी का माहौल होगा। धन: अचल संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: रिश्तों में नया उत्साह महसूस करेंगे। धन: पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा, योग का सहारा लें। उपाय: मंदिर में इत्र का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी में आय के नए स्रोत खुलेंगे। लव: पार्टनर के साथ पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। धन: धन निवेश में जल्दबाजी में नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य: थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: पक्षियों को अनाज डालें। ALSO READ: Mohini Ekadashi Katha 2026: मोहिनी एकादशी के रहस्य, जानें पौराणिक व्रत कथा और लाभ 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में बड़ा अवसर मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या बढ़ सकती है। उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा। लव: विवाद की स्थिति बन सकती है। धन: शेयर बाजार से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचकर रहें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। लव: लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा। धन: अचानक धन लाभ होने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द में सावधानी बरतें। उपाय: चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरी लोगों के लिए दिन व्यस्त रहेगा। लव: पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। धन: पुरानी उधारी वापस मिल सकती है। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लव: पुराने दोस्त से मुलाकात प्रेम संबंधों में बदल सकती है। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: रात को हल्का भोजन करें। उपाय: काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: रचनात्मक कार्यों में नाम और पैसा दोनों कमाएंगे। लव: जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। धन: आज धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें और फल खाएं। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल दें। ALSO READ: मेष राशि में सूर्य का प्लूटो से स्क्वायर, क्या होगा 4 राशियों पर इसका प्रभाव

वेब दुनिया 26 Apr 2026 7:03 am

संडे जज्बात-हम अधेड़ कुंवारे कौवों जैसे अपशकुन माने जाते हैं:सरकार हमें देती है पेंशन, जाने कितने जानवरों से रेप करते पकड़े गए

लोग मुझे मेरे नाम से कम, रं@#% कहकर ज्यादा बुलाते हैं। मुझे शुभ कामों से दूर रखा जाता है। गलती से पहुंच जाऊं तो लोगों का चेहरा उतर जाता है। मैं वीरेंद्र दून। हरियाणा के जिला हांसी के गांव पेटवाड़ का रहने वाला हूं। मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी कमी है कि 46 साल का होने के बावजूद मेरी शादी नहीं हुई। इसलिए लोग मुझे रं@#% रं@#% कहकर पुकारते हैं। गांव और रिश्तेदारी में शादी-ब्याह हो, तो लोग मुझे बुलाते तो जरूर हैं, लेकिन काम करवाने के लिए- कुर्सियां लगाने, पानी भरवाने, टेंट संभालने के लिए। घर में हवन हो तो कह दिया जाता है- तू यहां से हट जा, जोड़ा बैठेगा। इस व्यवहार की इतनी आदत हो चुकी है कि कोई इज्जत दे तो अजीब लगता है। मैं अकेला नहीं हूं। हरियाणा में बच्चियों को गर्भ में मारने की वजह से हजारों पुरुष हैं, जो कुंवारे रह गए हैं। शादी न होने से कई तो शराब में डूब गए, कइयों ने जान तक दे दी। ऐसे ही लोगों के बीच से निकला है हमारा एक संगठन- 'कुंवारे मर्दों की यूनियन’ दरअसल, मैं और मेरा दोस्त सीलू सांगवान साथ-साथ बड़े हुए। सीलू 45 साल का है और मैं 46 साल का। हम दोनों ने 12वीं तक पढ़ाई साथ की है। उस समय जिंदगी बहुत सीधी लगती थी। न कोई चिंता थी, न कोई सवाल। सोचते थे, बड़े होंगे, कमाएंगे और अपना घर बसाएंगे। हालांकि, किस्मत ने हमारे लिए कुछ और ही तय कर रखा था। जब शादी की उम्र हुई तो घर वालों ने कई जगह रिश्ते की बात चलाई, लेकिन हर बार कोई न कोई कमी निकाल दी जाती थी। सबसे बड़ी कमी यही बताई जाती थी कि मेरे पास जमीन कम है और कोई पक्की नौकरी भी नहीं है। धीरे-धीरे साल गुजरते गए। बहुत कोशिशों के बाद भी मेरी शादी नहीं हो पाई। मैं कुंवारा रह गया। जब 30 साल का हुआ, तब दिल्ली में पीएसओ यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर की नौकरी मिली। सोचा था कि अब शायद शादी हो जाएगी, और अगर नहीं भी हुई तो कम से कम जिंदगी अच्छे से कट जाएगी। नौकरी करते एक साल भी नहीं बीता, मैं फिर बेरोजगार हो गया। वजह पता चली तो सन्न रह गया। मुझे अपशकुन माना गया, क्योंकि कुंवारा था। इसके बाद फरीदाबाद गया। जैसे-तैसे फिर नौकरी मिली। धीरे-धीरे वहां भी सभी को पता चल गया कि मेरी शादी नहीं हो रही है। लोग कहने लगे कि दूसरों की बहन-बेटियों पर गलत नजर डालेगा, इसलिए इसे हटा दो। आखिरकार यही वजह बताते हुए मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। वे बातें मुझे अंदर तक चुभ गईं। कई रात तो मैं सो नहीं पाया। तब तक 38 साल का हो चुका था। शादी की कोशिशें तब तक भी चल रही थीं, लेकिन कहीं बात नहीं बनी। कई महीनों तक नौकरी के लिए भटकता रहा, आखिरकार गांव लौट आया। यहीं खेती करने लगा। फिर गांव में भी यही सब होने लगा। लोगों की नजरें, ताने और तरह-तरह की फुसफुसाहटें सुनने को मिलती। किसी बात पर चर्चा होती। अगर मैं कोई मशविरा देता, तो उसे सुना नहीं जाता। लोग बीच में ही रोक देते। कहते- ‘तू रं@#%है, तुझे क्या पता?’ यही नहीं अपने घर में भी तवज्जो नहीं मिलती थी। मेरे कहने पर कोई फसल बोई जाती और अच्छी हो जाती, तो उसका क्रेडिट बड़े भाई को दे दिया जाता। कोई भी शुभ काम होता तो मुझे दूर बैठाया जाता। मेरे ही घर में हवन होता तो कहा जाता- ‘दूर बैठ, तू यहां बैठेगा तो अशुभ हो जाएगा।’ हां, लेकिन आधी रात में खेत में पानी देना हो तो सबको मेरी याद आ जाती थी। उसमें भी ताने मारतेकि- ‘तेरे भाई की शादी हो चुकी है। अगर उसे मोटर चलाते समय करंट लग गया, सांप ने काट लिया या ठंड लग गई तो क्या होगा? उसके बच्चों का क्या होगा? तेरा क्या है, तू तो रं@#% है।’ यह सब सुनकर मैं अंदर से टूट जाता था। किसी की शादी-ब्याह में जाने से रोका जाता था। कहा जाता कि वहां जाओगे तो लोग क्या कहेंगे? अगर कुछ गलत हो गया, तो दोष तुम्हारे सिर मढ़ दिया जाएगा। मेरे लिए कभी भी नए कपड़े तक नहीं खरीदे गए। हमेशा भाई की उतरन पहननी पड़ती थी। घरवाले कहते थे- ‘तुम्हें कौन सा ससुराल जाना है?’ घर के बच्चे तक भाव नहीं देते थे। कभी भाई के बच्चों को डांट देता तो भाभी कहती- ‘तेरी तो शादी नहीं हुई, बच्चे नहीं हुए, इसलिए तुझे मेरे बच्चे देखे नहीं जाते।’ यहां तक कि छोटे बच्चों को मेरे पास नहीं आने दिया जाता। उनके मां-बाप कहते कि उसके पास मत जाओ, गलत बातें सिखाएगा। मुझे एक तरह से कौवा बना दिया गया था। जैसे किसी शुभ काम के समय कौवे को अपशकुन माना जाता है, वैसे ही मुझे माना जाता है। हरियाणा में कुछ अविवाहित पुरुष ऐसे भी हैं, जिन्हें अपने ही घर में रहने तक की जगह नहीं दी गई। उन्हें पशुओं के बाड़े के पास रहने को मजबूर किया गया। जहां पशु बंधे होते हैं, वहीं बगल में बिस्तर लगाना पड़ता है। कहा जाता है- जाकर जानवरों के पास रहो। घर में तुम्हारे छोटे भाई की बहू है, उसे घूंघट करना पड़ेगा। वैसे भी सुबह जल्दी उठकर तुम्हें पशुओं की ही देखभाल करनी है। मैं सुबह 4 बजे उठ जाता हूं। पशुओं को चारा देता हूं, दूध निकालता हूं और उन्हें जोड़ यानी तालाब पर नहलाने ले जाता हूं। रात को फिर यही काम करता हूं। इस तरह सुबह 4 बजे उठकर रात 11 बजे जाकर सो पाता हूं। हालांकि, चाहें तो हम दलालों के जरिए पैसे देकर शादी कर सकते हैं, लेकिन कई मामलों में ठगी सामने आई है। शादी के नाम पर धोखाधड़ी का खेल चल रहा है। कई गिरोह ऐसे हैं, जो हमसे डेढ़-दो लाख रुपए लेकर शादी करवाने का दावा करते हैं। मेरे भाई की शादी भी इसी तरह करवाई गई थी, लेकिन कुछ समय बाद उसकी पत्नी जेवर और सामान लेकर भाग गई। ऐसे ही मेरे एक दोस्त ने कोर्ट मैरिज के लिए एक वकील को डेढ़ लाख रुपए दिए। डेढ़ लाख से ज्यादा के जेवर भी बनवाए। शादी हुई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद लड़की मायके जाने का बहाना बनाकर सब लेकर चली गई। अब मेरा दोस्त कर्ज उतार रहा है। लोग उसका मजाक उड़ाते हैं- वाह, बड़ा बन रहा था लुगाई लाने वाला, क्या हुआ? आ गई लुगाई? अब गांव की चौपाल पर उसका अक्सर मजाक बनाया जाता है। जब इस तरह शादी टूटती है या दुल्हन चली जाती है, तो लोग जिस तरह मजाक बनाते है, वह अलग ही दर्द देने वाला होता है। अब तो हम सिर्फ समय काट रहे हैं। खाली पड़े रहते हैं, तो कुछ लोग खेत या बाग में घास कटाई का काम दे देते हैं। बदले में कभी पैसा तो कभी शराब दे देते हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग गलत काम करते भी पकड़े गए। एक बार मैं एक गांव गया था, जहां कुछ लोग एक कुंवारे मर्द को पीट रहे थे। पता चला कि वह एक कुतिया के साथ रेप कर रहा था। मैंने लोगों को समझाकर उस आदमी को बचाया और उसे भी समझाया। बाद में हमारी यूनियन ने लोगों को जागरूक किया कि इससे बचें, क्योंकि इससे संक्रमण और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे ही कुछ कुंवारे मर्द एक-दूसरे के साथ सेक्स करते पकड़े गए, जिससे गांवों में विवाद और तनाव बढ़ता दिखा। इसके खिलाफ भी हमने जागरूकता अभियान चलाया। हमारी यूनियन कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ भी काम कर रही है, ताकि बेटियों को बराबरी का दर्जा मिले और राज्य में यह समस्या खत्म हो। हम लोगों का सबसे बड़ा दर्द अकेलापन है। शादीशुदा आदमी अपनी हर बात पत्नी से साझा कर लेता है, लेकिन हम किससे कहें? हम रातभर घुटते हैं, और सुबह फिर वही जिंदगी शुरू हो जाती है। अब तो मन मर चुका है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ रही है, मुझ पर दबाव डाला जा रहा है कि मैं अपने भाई के बच्चे को गोद ले लूं, ताकि मेरी संपत्ति उसे मिल जाए। लेकिन मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं, जहां भाई के बच्चों को जायदाद मिलते ही वे धीरे-धीरे अविवाहित लोगों को किनारे कर देते हैं। यहां तक कि उन्हें खाना तक नहीं देते और बीमारी में इलाज भी नहीं कराते। मैंने कई ऐसे लोग देखे हैं, जिन्हें ठीक देखभाल मिलती तो वे ज्यादा जी सकते थे, लेकिन कम उम्र में ही चले गए। अब जाकर मेरे गांव और आसपास के कुंवारे पुरुष जुटे और विचार किया कि इस समस्या का हल कैसे निकाला जाए। हम कब तक समाज की नजरों में चुभते रहेंगे? बातचीत के बाद हमने फैसला किया कि एक एसोसिएशन बनाई जाए- ‘समस्त अविवाहित पुरुष समाज एंड एकीकृत रं@#%यूनियन’। तय किया गया कि अब हम इसके जरिए अपने हक की आवाज उठाएंगे। हमारी यूनियन ने राज्य में प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। सरकार ने ध्यान दिया और अब हमें 3200 रुपए पेंशन मिल रही है। हालांकि, कई अविवाहित पुरुषों की फैमिली आईडी नहीं बन पाई है, इसलिए उन्हें पेंशन नहीं मिल रही। आखिर जिनका परिवारिक रिकॉर्ड ही नहीं है, वे फैमिली आईडी कहां से लाएं? हमारी यूनियन में लगभग साढ़े पांच लाख लोग हैं, जिनमें से 80 हजार को ही पेंशन मिल रही है। मेरे दोस्त सीलू सांगवान के माता-पिता नहीं हैं। इसलिए उनकी फैमिली आईडी नहीं बन पाई, जिससे उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा। आखिर में सरकार से बस एक ही मांग है- हमें शक की नजर से न देखा जाए। हम भी इंसान हैं। हमें सम्मान के साथ जीने का हक मिले। (वीरेंद्र दून ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------- 1- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Apr 2026 5:44 am

एक गलती से हर घंटे दो परमाणु बम ‘फूटने’ लगे:आग बुझाने वालों को खून की उल्टियां, स्किन में फफोले; 40 साल बाद भी जानलेवा है चेर्नोबिल

26 अप्रैल 1986 यानी आज से ठीक 40 साल पहले। तब के सोवियत रूस का हिस्सा रहे यूक्रेन का प्रिपयत शहर। रात के 1 बजकर 28 मिनट पर 25 साल के फायरफाइटर वसिली इग्नातेंको की नींद एक फोन से टूटी। आवाज आई- कहीं आग लगी है, तुरंत आओ। वसिली उठे। वर्दी पहनी। जाते-जाते पत्नी ल्युडमिला से बस इतना कहा- ‘घबराओ मत। जल्द लौटूंगा।’ ल्युडमिला नहीं जानती थी कि ये उनके पति के आखिरी शब्द हैं। वसिली कभी वापस नहीं आए। क्योंकि जिस ‘आग’ को बुझाने वे गए थे, वो कोई साधारण आग नहीं थी। वो चेर्नोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट के रिएक्टर-4 की आग थी, वो दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु त्रासदी बन गई। 1980 का दशक। अमेरिका और सोवियत रूस के बीच कोल्ड वार अपने चरम पर थी। दोनों देश एक-दूसरे को दिखाना चाहते थे कि हम ताकतवर हैं, हम आधुनिक हैं। इसी होड़ में सोवियत रूस ने यूक्रेन के एक छोटे से कस्बे चेर्नोबिल के पास एक विशाल न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाया। 1983 में तैयार हुआ ये प्लांट यूक्रेन की राजधानी कीव से 130 किलोमीटर दूर था और वहां की 10% बिजली अकेले यही प्लांट देता था। प्लांट से महज 3 किलोमीटर दूर था प्रिपयत। एक खूबसूरत, आधुनिक शहर, जहां 50 हजार लोग रहते थे। ज्यादातर प्लांट के ही कर्मचारी और उनके परिवार। कहानी में आगे बढ़ने से पहले सीधे शब्दों में जान लेते हैं कि ये RBMK रिएक्टर प्लांट काम कैसे करता था- यूरेनियम की छड़ें को गर्म करो, उससे पानी गर्म होगा, भाप बनेगी, भाप से टर्बाइन घुमेगा और बिजली तैयार। 25 अप्रैल, 1986 को चेर्नोबिल प्लांट के रिएक्टर-4 में पानी के पंप को लेकर एक रूटीन टेस्ट किया जाना था। इसका मकसद ये देखना था कि अगर रिएक्टर एनर्जी जेनरेट करना बंद कर दे, तो बची हुई बिजली से वॉटर पंप्स, बैकअप जेनरेटर चालू होने तक रिएक्टर को ठंडा रख पाते हैं या नहीं। बिजली की मांग बढ़ने से टेस्ट सुबह नहीं हो सका, तो नाइट शिफ्ट को जिम्मेदारी दी गई। रिएक्टर कंट्रोल इंजीनियर लियोनिद टॉपटुनोव और नाइट शिफ्ट सुपरवाइजर अलेक्सांद्र अकिमोव टेस्ट कंडक्ट कर रहे थे। डिप्टी चीफ इंजीनियर अनातोली डायटलोव इसकी निगरानी कर रहे थे। यहां पेच ये था कि टॉपटुनोव, जिनके पास टेस्ट की जिम्मेदारी थी, वे 25 साल के थे और उनके पास महज 3 महीने का अनुभव था। रात 11 बजकर 10 मिनटः रिएक्टर 1 हजार मेगावॉट (MW) कैपिसिटी पर काम कर रहा था। टेस्ट 700 MW पर किया जाना था। कंट्रोल रॉड्स अंदर डालकर पावर घटाई गई, जिससे रिएक्शन धीमी हो सके। रात 12 बजकर 28 मिनटः अचानक पावर 700 के बजाय 30 MW तक गिर गई। इसे ऊपर लाने के लिए कुछ कंट्रोल रॉड्स बाहर निकाली गईं। रात 1 बजेः पावर नहीं बढ़ी, तो सुपरवाइजर ने और कंट्रोल रॉड्स निकालने को कहा। इंजीनियर टॉपटुनोव ने मना करते हुए कहा कि कम से कम 15 कंट्रोल रॉड्स रिएक्टर में होनी ही चाहिए। रात 1 बजकर 5 मिनटः डिप्टी चीफ इंजीनियर ने सस्पेंड करने की धमकी दी। टॉपटुनोव ने और रॉड्स निकालीं। अब रिएक्टर में महज 8 रॉड्स थीं, जो सेफ्टी प्रोटोकॉल के खिलाफ था। रात 1 बजकर 23 मिनटः 203 कंट्रोल रॉड्स बाहर होने से रिएक्टर कैपिसिटी एकदम से बढ़कर 2,600 MW तक पहुंच गई। रिएक्टर भट्टी की तरह तपने लगा। जेनरेटर चालू होकर पूरी क्षमता तक पहुंच पाता, उसके पहले ही अंदर मौजूद पानी जिसका काम रिएक्टर ठंडा करना था, भाप बनकर उड़ गया। इससे तापमान और बढ़ गया। रात 1 बजकर 25 मिनटः सुपरवाइजर अकिमोव ने स्थिति हाथ से निकलती देख इमरजेंसी शटडाउन बटन (AZ-5) दबाया, जिससे सारी कंट्रोल रॉड्स एक साथ अंदर चली गई। कंट्रोल रॉड्स के अंदर जाते ही रिएक्शन कंट्रोल हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। RBMK रिएक्टर में एक बड़ा ‘डिजाइन फ्लॉ’ था। कंट्रोल रॉड्स की टिप ग्रेफाइट की बनी थी, जिसने रिएक्शन को कई गुना बढ़ा दिया। रिएक्टर में 2 भयानक विस्फोट हुए, जिससे ऊपर लगी 1 हजार टन की कवर प्लेट उड़़ गई। बाहर खड़े लोगों ने नीली रोशनी की एक लकीर आसमान की तरफ जाती हुई देखी। कुछ ने सोचा रंग-बिरंगी आतिशबाजी है। वे नहीं जानते थे कि वो रोशनी जानलेवा रेडिएशन की थी। फायर फाइटर वसिली इग्नातेंको अपने 20 साथियों के साथ प्लांट पहुंचे। उन्हें बताया गया था कि एक फैक्ट्री में आग है। उनके पास न कोई सुरक्षा उपकरण थे और न ही रेडिएशन मापने का कोई यंत्र। प्लांट की छत पर जो ग्रेफाइट के जले-पिघले टुकड़े बिखरे थे, वसिली के साथियों ने उन्हें हाथ से उठाकर फेंका। उन्हें क्या पता था कि वो टुकड़े इतने रेडियोएक्टिव थे कि कुछ ही मिनटों में किसी की जान ले सकते थे। कुछ ही देर में फायरफाइटर्स को उल्टियां होने लगीं। त्वचा लाल पड़ गई। आंखें जलने लगीं। एक-एक करके वे बेहोश होकर गिरने लगे। इलाज के दौरान कई फायरफाइटर्स के शरीर अंदर से टूटने लगे थे। उनकी त्वचा जलकर उतर रही थी और मांस के लोथड़े तक गिरने लगे थे। वसिली और उनके 20 साथियों ने आने वाले हफ्तों में दम तोड़ दिया। पत्नी ल्युडमिला बाद में याद करती हैं- ‘अस्पताल में वसिली को शीशे के पीछे रखा गया था। मैं उन्हें छू भी नहीं सकती थी। जब भी मिलती, नर्स चिल्लाती- दूर रहो, ये रेडियोएक्टिव हैं। मैंने कहा- मुझे परवाह नहीं।’ सोवियत यूनियन ने घटना से निपटने के लिए तुरंत एक हाई लेवल टीम बनाई, जिसकी कमान डिप्टी प्राइम मिनिस्टर बॉरिस शरबीना को सौंपी। टीम में कुर्चाटोव इस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर रिसर्च के प्रोफेसर वेलेरी लेगासोव को एक्सपर्ट के रूप में जोड़ा गया। जब वेलेरी मौके पर पहुंचे, तो उन्हें प्लांट का सेंसर 3.6 रॉन्टगेन का रेडिएशन दिखा रहा था। जो खतरनाक जरूर था, लेकिन तुरंत जानलेवा नहीं। लेगासोव को शक हुआ। नई मशीन मंगवाई। असली आंकड़ा था- 15,000 रॉन्टगेन। यानी 4000 गुना ज्यादा। 500 रॉन्टगेन के रेडिएशन में एक मिनट में जान जा सकती है। यहां 15,000 था। इसे ऐसे समझिए कि उस रात चेर्नोबिल से जितना रेडिएशन हवा में फैला, उसकी तुलना हिरोशिमा पर हर घंटे दो एटम बम गिराए जाने से की जाती है। लेगासोव ने डिप्टी प्राइम मिनिस्टर बॉरिस शरबीना से कहा- ‘प्रिपयत शहर तुरंत खाली कराओ। 50 हजार लोगों की जान खतरे में है।’ बॉरिस ने मना कर दिया। उनकी चिंता थी कि खबर फैली तो पूरी दुनिया में सोवियत रूस की बदनामी होगी। इस बीच प्रिपयत के हॉस्पिटल नंबर-126 में भयावह दृश्य था। हर घंटे सैकड़ों लोग आ रहे थे। जलन, उल्टी, बेहोशी के साथ। हॉस्पिटल भर गया। गेट लगाया गया। कई लोगों ने बाहर ही दम तोड़ दिया। हादसे में बचे एक चश्मदीद अलेक्सांद्र युवचेंको बताते हैं- कुछ लोग अपने छोटे बच्चों को नर्सों की गोद में सौंप रहे थे। उन्हें पता था वे नहीं बचेंगे। बस चाहते थे कि बच्चा बच जाए। 27 अप्रैल की सुबह हालात और बिगड़ने पर बॉरिस राजी हुए। 47 हजार से ज्यादा लोगों को 1000 बसों में भरकर शहर से निकाला गया। कहा गया 3 दिन में वापस आ जाओगे। वे लोग कभी वापस नहीं आए। चेर्नोबिल प्लांट में लगी आग बुझाना मुश्किल हो रहा था। रिएक्टर खुला था और उसमें मौजूद ग्रैफाइट के ब्लॉक्स जल रहे थे। जब फायरब्रिगेड से बात नहीं बनी, तो हेलिकॉप्टर की मदद से प्लांट पर लगभग 5 हजार टन बोरॉन पार्टिकल, रेत और मिट्टी बरसाए गए। आग बुझाने में 10 दिन लगे, लेकिन खतरा अभी टला नहीं था। प्लांट के नीचे भारी मात्रा में पानी मौजूद था। वेलेरी को डर था कि अगर पिघला हुआ यूरेनियम उससे टकराया, तो पानी तेजी से भाप बन जाएगा, जिससे बड़ा विस्फोट हो सकता है। तब तीन कर्मचारी आगे आए। उन्होंने रिएक्टर के नीचे मौजूद रेडियोएक्टिव मटेरियल से भरे हिस्से में गए और वाल्व खोलकर पानी निकाला। सोवियत संघ ने सैकड़ों माइनर्स की मदद से रिएक्टर के नीचे सुरंग खोदकर नीचे एक कॉन्क्रीट बेस तैयार करवाया, जिससे यूरेनियम धरती में जाकर मिट्टी की उर्वरता और पास मौजूद प्रिपयत नदी के पानी को दूषित न कर पाए। माइनर्स ने रेडिएशन के बीच दिन-रात काम किया, कई लोग गर्मी के कारण कम कपड़ों में काम करते थे। इस वजह से वे रेडिएशन के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में आए और रेडिएशन से जुड़ी बीमारियों के शिकार हुए। UN के मुताबिक, चेर्नोबिल से निकला रेडिएशन हिरोशिमा में गिराए परमाणु बम से 400 गुना ज्यादा था। अगले 4 सालों में 5000 से ज्यादा लोग थायरॉइड कैंसर से मरे। ग्रीनपीस जैसी संस्थाएं मानती हैं कि सोवियत रूस ने आंकड़े छुपाए और असली संख्या 93 हजार से 2 लाख के बीच हो सकती है। प्लांट के आस-पास 30 किलोमीटर का इलाका आज भी ‘एक्सक्लूजन जोन’ है। यहां न रहना मुमकिन है, न खेती। हादसे के 206 दिन बाद रिएक्टर के ऊपर कंक्रीट का एक ढांचा बनाया गया। साल 2019 में उसके ऊपर 1.6 अरब डॉलर की लागत से एक विशाल स्टील डोम बनाया गया जो 100 साल तक रेडिएशन रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। उस डोम के अंदर आज भी 4 टन जानलेवा रेडियोएक्टिव पदार्थ बंद है। प्रोफेसर वेलेरी लेगासोव ने पूरी दुनिया को चेर्नोबिल की सच्चाई बताई। 1986 में वियना में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सामने RBMK रिएक्टर की डिजाइन खामियां उजागर कीं। सोवियत सरकार नाराज हो गई। लेगासोव ने एक के बाद एक टेप रिकॉर्ड करके सच दुनिया के सामने रखा- कैसे सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया, कैसे अफसरों ने जानबूझकर खतरे को छुपाया। उनकी रिकॉर्ड की हुई ‘लेगासोव टेप्स’ सोवियत संघ के पतन के बाद सार्वजनिक हुईं। कहा जाता है कि इन टेपों ने सोवियत सरकार की विश्वसनीयता को ऐसा धक्का दिया जो देश के टूटने में अहम कारण बना। डायटलोव समेत तीन मुख्य आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई। हादसे के बाद प्रिपयत शहर हमेशा के लिए वीरान हो गया। बच्चों के खिलौने, परिवारों की तस्वीरें, खाने की अधूरी थालियां, सब जहां थे, वहीं पड़े रहे। आज भी उस शहर की इमारतों में पेड़ उग आए हैं। सड़कों में दरारें पड़ गई हैं। लेकिन कोई इंसान वहां नहीं रहता।***ये स्टोरी दैनिक भास्कर में फेलोशिप कर रहे प्रथमेश व्यास ने लिखी है। *** References and Further Readings:- -------------------- ये खबर भी पढ़िए… जब 3 हजार चीनी सैनिकों से भिड़ गए 120 बहादुर:एक इंच पीछे नहीं हटे, पोजिशन पर जमी लाशें मिलीं; रेजांग-ला की लड़ाई भारत और चीन के बीच जंग जारी थी। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC के नजदीक लद्दाख के रेजांग ला में 13 कुमाऊं बटालियन की चार्ली कंपनी तैनात थी। माइनस 30 डिग्री की तूफानी हवाओं से बचने के लिए जवानों के पास ढंग के स्वेटर और दस्ताने तक नहीं थे। पत्थरों से बने बिना छत वाले बंकर, जरूरत से आधी ऑक्सीजन के साथ इस चौकी पर जिंदा रहना भी किसी जंग से कम नहीं था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Apr 2026 5:42 am

500 करोड़ में ममता दीदी की वोट मशीन बने क्लब:एक लाख पाड़ा क्लब TMC के प्रचार में जुटे, क्या BJP की हार की वजह बनेंगे

शाम के करीब 6 बजे हैं। कोलकाता के न्यू टाउन में टीन की छत वाला छोटा सा क्लब खुल चुका है। अंदर चार बुजुर्ग कैरम और बाहर कुछ लड़के फुटबॉल खेल रहे हैं। पहली नजर में यह किसी मोहल्ले का नॉर्मल क्लब लगता है, लेकिन ऐसा है नहीं। एक बॉक्स में शराब की बोतलें रखी हैं। दीवारों पर ममता बनर्जी की फोटो और TMC के पोस्टर लगे हैं। ये क्लब कम और TMC का ऑफिस ज्यादा दिखता है। पश्चिम बंगाल में इन्हें पाड़ा क्लब कहते हैं। पाड़ा यानी मोहल्ला। बंगाल में 23 अप्रैल को पहले फेज की वोटिंग में रिकॉर्ड 93% वोटिंग हुई। 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग होगी। हर मोहल्ले में बने क्लब TMC के प्रचार में जुटे हैं। बंगाल की राजनीति समझने के लिए इन्हें समझना जरूरी है। ममता सरकार ने 2025 में हर रजिस्टर्ड क्लब को 1.1 लाख रुपए दिए थे। 2018 में ये रकम सिर्फ 10 हजार थी, यानी 8 साल में सरकारी मदद 10 गुना बढ़ी है। अब तक सरकार क्लबों को 3,500 से 5,000 करोड़ रुपए दे चुकी है। 2025 में इन पर 495 करोड़ खर्च किए। ये 386 करोड़ रुपए लागत वाले भारत के पहले चंद्रयान प्रोजेक्ट से करीब 109 करोड़ रुपए ज्यादा है। बदले में क्लब मेंबर TMC के कैडर की तरह काम करते हैं। चुनाव के वक्त पोस्टर, रैली, वोटर लाने ले जाने में मदद करते हैं। क्लब नेटवर्क जहां मजबूत होता है, वहां दूसरी पार्टी का संगठन कमजोर रहता है। ‘क्लब और पार्टी ऑफिस में फर्क खत्म, सभी क्लब TMC से जुड़े, विधायकों से मदद’ न्यू टाउन में रहने वाले तपस मंडल कहते हैं, ‘अब क्लब और पॉलिटिकल पार्टियों के ऑफिस में खास फर्क नहीं रह गया है। सभी लोकल क्लब TMC से जुड़े हैं। इनके मेंबर पार्टी की एक्टिविटी में शामिल होते हैं। विधायक और सरकार क्लबों को टीवी, खेल का सामान और दुर्गा पूजा के लिए मदद देते हैं। 2011 से पश्चिम बंगाल सरकार स्पोर्ट्स क्लब और पाड़ा क्लबों को अलग-अलग योजनाओं के जरिए पैसे दे रही है।’ सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह के क्लब दर्ज हैं। सिर्फ दुर्गा पूजा कराने वाले क्लब ही करीब 45 हजार हैं। इनके अलावा पाड़ा क्लब, स्पोर्ट्स क्लब और यूथ क्लब हैं। सब मिलाकर ये करीब 1 लाख तक पहुंच जाते है। कई जगह एक पाड़ा में 4 से 5 क्लब है। सबसे ज्यादा पैसा दुर्गा पूजा ग्रांट के तौर पर मिलता है। 31 जुलाई, 2025 को रजिस्टर्ड क्लबों को सरकार ने 495 करोड़ रुपए बांटे। इसके अलावा हर साल सभी छोटे-बडे़ रजिस्टर्ड क्लबों को सरकार से 2 लाख रुपए मिलते है। बिजली के बिल में 80% छूट, फायर लाइसेंस, सरकारी फीस में छूट भी इसमें शामिल है। साल भर क्लबों को लोकल विधायक, नगरपालिका फंड, स्पोर्ट्स टूर्नामेंट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्लब बिल्डिंग की मरम्मत, सरकारी कैंप जैसे- ‘दुआरे सरकार’ के लिए पैसे मिलते है। पहला क्लब अंग्रेजों ने खोला, आजादी के बाद हर मोहल्ले में खुले, युवाओं का अड्डा बने 20वीं सदी की शुरुआत में क्लब मोहल्लों में लोगों के जुटने की जगह होते थे। लोग यहां नाटक करते, फुटबॉल खेलते और साथ त्योहार मनाते थे। शोवाबाजार राजबाड़ी 1885 में खुला पहला भारतीय क्लब था। इससे पहले अंग्रेजों ने 1827 में बंगाल क्लब बनाया था। रविन्द्रनाथ टैगोर का मानना था कि मजबूत देश की शुरुआत सरकार से नहीं, बल्कि मोहल्ले और समाज से होती है। वे ऐसे क्लबों को लोगों को जोड़ने और समाज को मजबूत बनाने का जरिया मानते थे। 1950 से 1970 के बीच हर मोहल्ले में क्लब बनने लगे। ये युवाओं के मिलने-जुलने की जगह बन गए। 1970 के बाद राजनीति की एंट्री हुई। नेताओं ने क्लबों के जरिए लोगों तक पहुंचना शुरू किया। धीरे-धीरे चुनाव के समय पोस्टर लगाना, रैली और प्रचार करना क्लबों से ही होने लगा। 1977 से 2011 तक लेफ्ट की सरकार में क्लब समाज और राजनीति का हिस्सा बने रहे। हालांकि तब उन्हें सीधे पैसे कम मिलते थे। रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर बिस्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं, ‘2011 में सरकार बदलने के बाद पाड़ा क्लबों की भूमिका काफी बदल गई। पहले ये राजनीति से दूर और तटस्थ हुआ करते थे। धीरे-धीरे इन्हें राजनीति से जोड़ा जाने लगा। क्लबों के प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी के पद पर लोकल नेताओं की भूमिका बढ़ने लगी। इससे क्लब की आजादी कम हुई। उनका इस्तेमाल राजनीतिक कामों में ज्यादा होने लगा।’ कोलकाता की बसंती कॉलोनी में रहने वाले स्वपन बैद्य क्लब में बच्चों को पढ़ाते हैं। वे कहते हैं, ‘हम TMC के सपोर्टर हैं। हमारे इलाके में सात-आठ क्लब हैं। यहां 24 घंटे पानी और बिजली आती है, अच्छी सड़क है। 260 परिवारों को फ्री में फ्लैट मिले हैं।’ ममता सरकार ने पहली बार पैसे देने शुरू किए, क्लब पॉलिटिकल हो गए 2011 में लेफ्ट की सरकार चली गई। ममता मुख्यमंत्री बनीं। TMC ने इन क्लबों के असर को जल्दी ही भांप लिया। उसने पाड़ा क्लबों का इस्तेमाल लोकल नेटवर्क बनाने और चुनावों से पहले जनता का मूड समझने के लिए किया। राज्य सरकार ने पहली बार क्लबों को नकद पैसे देना शुरू किया। सरकार ने कहा कि इसका मकसद सोशल, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटी को बढ़ावा देना है। हालांकि इससे क्लबों और सरकार चला रही पार्टी के बीच सीधा संबंध मजबूत हुआ। कोलकाता में रहने वाले सुदर्शन मिश्रा अक्सर लोकल क्लब जाते हैं। क्लब का नाम केष्टोपुर है। सुदर्शन कहते हैं, ‘क्लब के बारे में बहुत कुछ जानकर भी कुछ नहीं कह सकता। बगल में रहकर उनके खिलाफ कैसे बोलूं। जिसे जहां अपना स्वार्थ लगता है, वहां काम करता है। यहां सब लोग साथ रहते हैं, इसलिए कुछ कहने से डर लगता है।’ BJP का दावा: हर साल चंद्रयान प्रोजेक्ट के बराबर पैसे क्लबों को दे रहीं ममता कोलकाता नगर निगम में BJP पार्षद सजल घोष किशोरी संघ क्लब चलाते है। वे आरोप लगाते है, ‘ममता सरकार खेल और समाजसेवा के नाम पर क्लबों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। केंद्र सरकार ने लगभग 615 करोड़ रुपए में चंद्रयान-3 मिशन पूरा कर रही है, वहीं बंगाल सरकार हर साल करीब 500 करोड़ रुपए क्लबों पर खर्च करती है।’ सजल घोष का दावा है कि क्लबों को मिलने वाले अनुदान के लिए स्थानीय विधायक के साइन जरूरी होते हैं। इससे पॉलिटिकल कंट्रोल बना रहता है। हर क्लब सरकार पर निर्भर रहता है। हालांकि, हम सरकार से पैसे नहीं लेते। जरूरत पड़ने पर मेंबर खुद पैसे जुटाकर लोगों की मदद करते हैं। एक्सपर्ट बोले- स्कूल बंद, डॉक्टरों की कमी, लेकिन क्लब को फंड मिल रहा प्रोफेसर बिस्वनाथ चक्रवर्ती क्लबों को मिल रहे फंड पर सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं, ‘स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है। करीब 8,200 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। हॉस्पिटलों में डॉक्टरों की कमी है। यूनिवर्सिटी में टीचर कम हैं। करीब 6 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन क्लबों को फंड मिल रहा है।' बंगाल में 85 हजार पोलिंग बूथ, इनसे ज्यादा क्लब, चुनाव पर भी असर पश्चिम बंगाल में एक लाख से ज्यादा क्लब एक्टिव हैं। राज्य में करीब 85 हजार पोलिंग बूथ हैं। कई जगह एक बूथ पर दो क्लब हैं। यही वजह है कि चुनाव में इनका असर बहुत बड़ा हो जाता है। लोग मानते हैं कि क्लब अब भी उनके मोहल्ले की पहचान हैं। एक बात लगभग हर कोई मानता है, बंगाल में चुनाव बूथ पर नहीं, पाड़ा क्लब में तय होते हैं। ………………… पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… 1. आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़ित की मां BJP कैंडिडेट, सभा में कुर्सियां खाली पानीहाटी सीट से आरजीकर रेप केस की पीड़ित की मां रतना देबनाथ BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 12 अप्रैल को सभा करने गईं तो कुर्सियां खाली पड़ी थीं। रतना देबनाथ अपने चुनाव लड़ने को बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई बता रही हैं। महिलाएं उनकी सभा के सामने से गुजरते हुए रुकती हैं। पूछने पर कहती हैं, ‘हम साथ हैं, लेकिन दिखा नहीं सकते। TMC वाले घूम रहे हैं। साथ देख लिया, तो मुश्किल होगी।’ पढ़िए पूरी खबर… 2. हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 26 Apr 2026 5:40 am

श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : महा आरती में उमड़ा जनसैलाब

अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित श्री नौसर माता मंदिर में आयोजित श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ के अंतर्गत शनिवार को महा आरती में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा पड़ा। दिनभर जयकारों और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दी। यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर प्रखर जी महाराज ने भी पधार कर आशीर्वाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधिवत पूजा […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : महा आरती में उमड़ा जनसैलाब appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Apr 2026 12:00 am

गुजरात के खिलाफ संजू सैमसन पर अति आत्मनिर्भर होने से बचना चाहेगी चेन्नई

अलग-अलग ताकतों पर आधारित एक महा मुकाबला होने वाला है, जब चेन्नई सुपर किंग्स रविवारको एमए चिदंबरम स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में गुजरात टाइटन्स से भिड़ेगी; इस मैच का नतीजा शायद इन-फॉर्म खिलाड़ियों और टीम के संतुलन से तय होगा। चेन्नई सुपर किंग्स इस मुकाबले में सीजन की खराब शुरुआत के बाद ज़ोरदार वापसी करके उतर रही है। इस बदलाव के केंद्र में संजू सैमसन रहे हैं, जिनके कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के साथ ओपनिंग करने की उम्मीद है। सैमसन के आक्रामक स्ट्रोकप्ले ने सीएसके को टॉप ऑर्डर में गति दी है, जबकि गायकवाड़ अब तक भले ही औसत प्रदर्शन कर रहे हों, फिर भी पारी को संभाले हुए हैं। मध्य क्रम, जिसमें सरफराज खान, डेवाल्ड ब्रेविस और शिवम दुबे शामिल हैं, स्थिरता और ताकत का मिश्रण पेश करता है; जरूरत पड़ने पर हर कोई रन बनाने की गति बढ़ा सकता है। एमएस धोनी के संभावित शामिल होने से अनुभव और मैच खत्म करने की ताकत जुड़ती है, जबकि कार्तिक शर्मा विकेटकीपिंग के लिए एक वैकल्पिक विकल्प बने हुए हैं। ऑल-राउंड गहराई को जेमी ओवर्टन ने और मजबूत किया है, जिनकी दोहरी भूमिका टीम की लाइनअप में लचीलापन लाती है। गेंदबाज़ी यूनिट में नूर अहमद की स्पिन, अंशुल कंबोज की निरंतरता और गुरजपनीत सिंह व मुकेश चौधरी के तेज़ गेंदबाज़ी के विकल्प शामिल हैं। अकील हुसैन से एक ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है, खासकर ऐसी पिच पर जो स्पिन गेंदबाज़ों के लिए मददगार हो; वहीं, हाल ही में चोट के कारण हुए बदलावों के बाद आकाश मधवाल टीम को और गहराई देते हैं। दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स अपने ज़बरदस्त टॉप ऑर्डर पर बहुत ज़्यादा निर्भर है, जिसमें साई सुदर्शन, कप्तान शुभमन गिल और जोस बटलर शामिल हैं। इस तिकड़ी ने इस सीजन में टीम के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाए हैं; सुदर्शन ने हाल ही में एक शतक जड़ा है, जबकि गिल टीम के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। बटलर की मौजूदगी टीम में विस्फोटक क्षमता जोड़ती है, हालांकि उनकी निरंतरता में कमी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स मध्य क्रम में अतिरिक्त आक्रामक क्षमता प्रदान करते हैं, जिन्हें वॉशिंगटन सुंदर और शाहरुख खान का साथ मिलता है; हालांकि, इन दोनों का योगदान अब तक अनियमित रहा है। राहुल तेवतिया के एक ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर खेलने की उम्मीद है, जो मैच खत्म करने की क्षमता और रणनीतिक लचीलापन टीम में लाएंगे। टाइटन्स का गेंदबाज़ी आक्रमण उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक बना हुआ है। चेन्नई के हालात में राशिद खान की स्पिन गेंदबाज़ी अहम साबित हो सकती है, जबकि कगिसो रबाडा और प्रसिद्ध कृष्णा अपनी विकेट लेने की क्षमता के साथ तेज गेंदबाज़ी की कमान संभालेंगे। मोहम्मद सिराज और अशोक शर्मा इस यूनिट को और मजबूत बनाते हैं, और जेसन होल्डर तेज गेंदबाज़ी का एक अतिरिक्त विकल्प देने के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाज़ी की गहराई भी देते हैं। ऐतिहासिक रूप से, दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा है, लेकिन गुजरात टाइटन्स अभी तक चेपॉक में कोई जीत हासिल नहीं कर पाई है, जिससे चेन्नई को अपने घरेलू मैदान पर एक साफ़ मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल है। मौसम गर्म और उमस भरा रहने की उम्मीद है और बारिश का कोई अनुमान नहीं है। पिच – जो कभी स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती थी – इस सीज़न में बड़े स्कोर वाले मैच दे रही है, जिसमें पहली पारी का औसत स्कोर 200 से ज़्यादा रहा है। रणनीतिक लड़ाई टॉस के इर्द-गिर्द घूम सकती है, क्योंकि इस मैदान पर टीमें आम तौर पर पहले गेंदबाज़ी करना पसंद करती हैं। हालाँकि, मुख्य सवाल यह बना हुआ है कि क्या चेन्नई की सामूहिक वापसी – जो सैमसन की शानदार फॉर्म और कंबोज, ओवर्टन, होसेन और नूर अहमद जैसे गेंदबाज़ों से सजी एक संतुलित गेंदबाज़ी आक्रमण पर आधारित है – जारी रह पाएगी? या फिर गुजरात की गिल, सुदर्शन और बटलर जैसे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों पर ज़्यादा निर्भर रहने वाली टीम सामूहिक रूप से अच्छा प्रदर्शन करके अपनी इस निर्भरता को दूर कर पाएगी? सभी प्रमुख खिलाड़ियों पर नज़र रहेगी – सैमसन, गायकवाड़, सरफ़राज़, ब्रेविस, दुबे और धोनी से लेकर गिल, सुदर्शन, बटलर, फ़िलिप्स और तेवतिया तक; साथ ही रबाडा, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, सिराज, कंबोज और ओवर्टन जैसे गेंदबाज़ों पर भी। चेपॉक का यह मुकाबला एक निर्णायक भिड़ंत साबित होने का वादा करता है, जिसका नतीजा खिलाड़ियों की फॉर्म, टीम के संतुलन और रणनीति के सही क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। टीम इस प्रकार हैं: गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), शाहरुख खान, अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, टॉम बैंटन, ग्लेन फिलिप्स, जेसन होल्डर, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, साई किशोर, जयंत यादव, अरशद खान, शाहरुख खान, मानव सुथार, राशिद खान, मोहम्मद सिराज, कागिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा। चेन्नई सुपर किंग्स: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), एमएस धोनी (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), कार्तिक शर्मा (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, सरफराज खान, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), अमन खान, शिवम दुबे, जैक फॉल्केस, रामकृष्ण घोष, अंशुल कंबोज, जेमी ओवरटन, मैथ्यू शॉर्ट, प्रशांत वीर, राहुल चाहर, श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह, मैट हेनरी, अकील हुसैन, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी, नूर अहमद। समय: दोपहर 3:30 बजे

वेब दुनिया 25 Apr 2026 3:30 pm

स्वाति मालीवाल का AAP से इस्तीफा, PM मोदी के नेतृत्व पर भरोसा कर भाजपा में शामिल

Swati Maliwal Joins BJP : राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने आप छोड़ दी है और पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए भाजपा में शामिल हो गई। उन्होंने रचनात्मक राजनीति करने के इच्छुक सभी लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील की। ALSO READ: केजरीवाल का नया 'शीश महल'? बीजेपी के प्रवेश वर्मा का बड़ा खुलासा, जानिए क्या है पूरा विवाद केजरीवाल ने गुंडे से पिटाई करवाई राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आप पार्टी छोड़ने के बाद कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने घर में गुंडे से पिटाई करवाई और केस वापस लेने का दबाव डाला। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि मैंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है और BJP में शामिल हो गई हूँ। 2006 से, मैं अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही हूँ और हर आंदोलन में उनका साथ दिया है। हालाँकि, केजरीवाल ने मेरे ही घर में एक गुंडे से मेरी पिटाई करवाई। जब मैंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो मुझे धमकाया गया। उन्होंने मुझ पर इस घटना के संबंध में दर्ज FIR वापस लेने के लिए बहुत दबाव डाला। पार्टी ने मुझे दो साल तक संसद में बोलने का कोई मौका नहीं दिया; यह बहुत शर्मनाक है। केजरीवाल महिला-विरोधी मालीवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल महिला-विरोधी हैं। अब, वे पंजाब में घुस गए हैं, और राज्य सरकार को रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा है, जिससे पंजाब उनका निजी ATM बन गया है। पंजाब में रेत खनन और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल अपने चरम पर है। उन सभी नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की जाती हैं जो उनके खिलाफ आवाज़ उठाते हैं। अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार और 'गुंडागर्दी' के लिए जाने जाते हैं। ALSO READ: 'केजरीवाल के घर की तस्वीरें फर्जी': आतिशी का प्रवेश वर्मा को जवाब मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, हमारे पास PM मोदी हैं, जो दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। चाहे वह 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हो, जब हमने दुश्मनों के घरों में घुसकर उन्हें मार गिराया और देश से नक्सलवाद खत्म किया, या संसद में महिला आरक्षण बिल पेश करना हो, PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विकास के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। मैं BJP में किसी मजबूरी में शामिल नहीं हुई, बल्कि इसलिए शामिल हुई क्योंकि मुझे PM मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है। edited by : Nrapendra Gupta

वेब दुनिया 25 Apr 2026 3:20 pm

शनिदेव की कृपा के ये गुप्त संकेत पहचानें, जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

Shani dev ki kripa ke shubha sanket: जब कर्मफल दाता शनिदेव की शुभ दृष्टि किसी व्यक्ति पर पड़ती है, तो उसके जीवन की दिशा सकारात्मकता की ओर मुड़ जाती है। यहाँ शनि कृपा के मुख्य संकेत और उन्हें प्रसन्न करने के तरीके दिए गए हैं। ALSO READ: इन 10 बातों या संकेतों से जानिए कि शनिदेव प्रसन्न हैं आप पर शुभ कृपा के प्रमुख संकेत:- शनि कृपा: जब शनिदेव मेहरबान होते हैं, तो जीवन में ये बदलाव महसूस होने लगते हैं: आर्थिक उन्नति: आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य अचानक बनने लगते हैं और धन के नए स्रोत खुलते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा: समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ता है। लोग आपके निर्णयों की सराहना करते हैं और आपके कठिन परिश्रम का उचित फल मिलने लगता है। आंतरिक स्थिरता: शनि देव व्यक्ति को धैर्य और गंभीरता प्रदान करते हैं। आप मानसिक रूप से इतने शांत हो जाते हैं कि बड़ी से बड़ी मुसीबत में भी विचलित नहीं होते। निरोगी काया: यदि आप लंबे समय से बीमार चल रहे थे, तो स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। शनिदेव की प्रिय श्रेणियाँ:- शनिदेव 'न्याय के देवता' हैं, इसलिए वे विशेष रूप से उन लोगों पर कृपा बरसाते हैं जो इन गुणों को अपनाते हैं: सेवा भाव: जो लोग निस्वार्थ भाव से असहायों, दिव्यांगों और गरीबों की मदद करते हैं। पितृ भक्ति: जो अपने माता-पिता और बुजुर्गों का हृदय से सम्मान करते हैं और उनकी सेवा करते हैं। सत्य और ईमानदारी: जो अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदार रहते हैं और कभी किसी दूसरे का हक नहीं मारते। जीव दया: जो मूक जीव-जंतुओं (विशेषकर काले कुत्ते और कौवे) की सेवा करते हैं और उन्हें भोजन खिलाते हैं। कृपा प्राप्ति के सरल उपाय:- यदि आप शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो इन उपायों को पूरी श्रद्धा के साथ अपने जीवन में शामिल करें: शनिवार का दान: शनिवार के दिन काली उड़द, काला तिल, तेल या लोहे का दान करें। दीप दान: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मंत्र जाप: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का नियमित जाप करें। अनुशासन: अपने जीवन में अनुशासन लाएं और आलस्य का त्याग करें, क्योंकि शनिदेव कर्मठ लोगों को पसंद करते हैं।

वेब दुनिया 25 Apr 2026 3:09 pm

8 रुपए में गुजार देती थीं पूरा दिन, भूख लगने पर पी लेती थीं पानी, नुसरत भरूचा का संघर्ष भरा सफर

बॉलीवुड में अपनी अदाकारी और बोल्ड किरदारों से पहचान बनाने वाली नुसरत भरूचा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। 'प्यार का पंचनामा' से शुरू हुआ उनका सफर आज 'छोरी 2' तक पहुंच चुका है। लेकिन चमक-धमक वाली इस दुनिया के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है, जो आंखों में आंसू और दिल में हिम्मत भर देती है। बीते दिनों एक इंटरव्यू में नुसरत ने अपने उन दिनों को याद किया था जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। नुसरत ने बताया था कि उनका बचपन बहुत सुख-सुविधाओं में बीता था, लेकिन कॉलेज आते-आते स्थितियां बदल गईं। उनके पिता को बिजनेस में बड़ा धोखा मिला, जिसके चलते परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजरने लगा। नुसरत ने कहा था, पापा मुझे पैसे देना चाहते थे, लेकिन मेरी चेतना मुझे गवाही नहीं देती थी कि मैं उन पर और बोझ डालूं। जुहू में रहने वाली नुसरत को साउथ मुंबई के जय हिंद कॉलेज जाना होता था। नुसरत ने बताया था कि उन्होंने अपने कॉलेज लाइफ का 90% समय रोजाना सिर्फ 8 रुपए खर्च करके निकाला है। पूरा दिन कॉलेज में रहने के दौरान नुसरत कुछ भी नहीं खाती थीं। जय हिंद कॉलेज में पीने का पानी मुफ्त था। नुसरत बताती हैं कि जब भी उन्हें तेज भूख लगती, वह पेट भरकर पानी पी लेती थीं ताकि पेट भरा हुआ महसूस हो। अक्सर कॉलेज लाइफ में दोस्त बाहर खाने-पीने का प्लान बनाते हैं। नुसरत के साथ भी ऐसा ही होता था। लेकिन पैसे न होने के बावजूद उन्होंने कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया। जब उनके दोस्त रेस्तरां में खाना ऑर्डर करते, तो नुसरत चतुराई से खुद को बचा लेती थीं। वह सिर्फ पानी पीती थीं और किसी को भनक भी नहीं लगने देती थीं कि वह भूखी हैं। आज नुसरत एक सफल अभिनेत्री हैं, लेकिन वह आज भी फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता अब 70 साल के हैं, मां 62 की और दादी 92 साल की हैं। पूरा परिवार उन पर निर्भर है। नुसरत कहती हैं, मैं कोई सुपरवुमन नहीं हूं, मुझे डर लगता है। मैं अपनी जरूरतों के बाद जो भी पैसा बचता है, उसे तुरंत निवेश और सेविंग्स में डाल देती हूं। मुझे एक बैकअप की जरूरत है, क्योंकि कल क्या होगा किसी को नहीं पता। आउटसाइडर होकर भी बनाई खास जगह नुसरत भरूचा की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के मुंबई आते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आपमें अनुशासन और अपने परिवार के प्रति समर्पण है, तो आप 8 रुपये से करोड़ों के सफर तक पहुंच सकते हैं।

वेब दुनिया 25 Apr 2026 11:27 am

मार्केट क्रैश: क्या अगले हफ्ते संभलेगा शेयर बाजार? शांति वार्ता पर टिकी निवेशकों की निगाहें

Share Market Weekly Review : वैश्विक बाजार में नकारात्मक रुझान और हार्मुज पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ते निराशाजनक रहा। इस कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स में 1829 अंक गिरा तो निफ्टी में भी 455 अंकों की गिरावट रही। आखिरी 3 सत्रों में आई गिरावट से निवेशकों की संपत्ति 7.17 लाख करोड़ रुपए घट गई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 27 अंक बढ़कर 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 11 अंक बढ़कर 24,365 पर जा पहुंचा। मंगलवार को सेंसेक्स 753 अंक बढ़कर 79,273 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 212 अंक बढ़कर 24,577 पर पहुंच गया। इसके बाद लगातार 3 दिन बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। सेंसेक्स बुधवार को 757 अंक गिरकर 78,516 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 199 अंकों की गिरावट के साथ 24,378 पर जा पहुंचा। गुरुवार को सेंसेक्स में 852 अंकों की गिरावट आई और यह 77,664 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 205 अंक गिरकर 24,173 पर आ गया। हफ्ते के आखिरी दिन सेंसेक्स 999 अंक गिरकर 76,664 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 275 अंकों की गिरावट के साथ 23,897 पर जा पहुंचा। इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल हार्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। इस वजह से अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल पर दबाव बन रहा है और इसकी कीमतों में तेजी दिखाई दी। विदेशी निवेशकों ने इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में जमकर बिकवाली की। निराशाजनक तिमाही परिणामों से भी आईटी सेक्टर के शेयरों में गिरावट आई। कैसा रहेगा अगला हफ्ता पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के नतीजों पर अगले हफ्ते बाजार की चाल निर्भर करेगी। अगर वार्ता के सकारात्मक नतीजे निकलते हैं तो दुनियाभर के बाजारों में तेजी का दौर शुरू होगा। हार्मुज के रास्ते अगर तेल की आपूर्ति शुरू होने पर दुनियाभर के देशों को तेल संकट से भी राहत मिलेगी। हालांकि अमेरिका मिडिल ईस्ट में पूर्ण शांति होने तक हार्मुज की नाकेबांदी पर अड़ा हुआ है। इससे ईरान की नाराजगी भी काफी बढ़ गई है। बहरहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

वेब दुनिया 25 Apr 2026 11:26 am

क्या सच में 'धुरंधर' के जमील जमाली को मिला 1 करोड़ रुपए का बोनस? राकेश बेदी ने खोला राज

साल 2026 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी 'धुरंधर' ने न केवल बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, बल्कि इसके किरदारों ने भी दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली है। फिल्म में पाकिस्तानी राजनेता 'जमील जमाली' का किरदार निभाने वाले दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म में राकेश बेदी के 'जमील जमाली' के रोल से शानदार कमबैक करके सभी को हैरान कर दिया। अपनी दमदार परफॉर्मेंस के लिए राकेश बेदी को खूब प्यार मिल रहा है। हाल ही में खबरें वायरल हुई कि फिल्म की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए निर्देशक आदित्य धर ने राकेश बेदी को 1 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बोनस दिया है। A post shared by Rakesh Bedi (@therakeshbedi) अब इन खबरों पर राकेश बेदी ने चुप्पी तोड़ी है। राकेश बेदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसे उन्होंने अपने सिग्नेचर स्टाइल 'हाय चाय विद राकेश बेदी' के तहत पेश किया। इस वीडियो में उन्होंने मजेदार अंदाज में 1 करोड़ के बोनस की खबरों का सच बताया है। राकेश बेदी ने चुटकी लेते हुए कहा, मुझे कई लोग वीडियो भेज रहे हैं और पूछ रहे हैं कि भाई आपको धुरंधर की सफलता के बाद 1 करोड़ रुपये मिले हैं। तो भैया, वो पैसे कहां पड़े हैं? किसके घर में रखे हैं या किसकी जेब में हैं, मुझे भी बता दो यार! कहां किसी ने गाड़ कर रखे हैं तो बता दो ताकि मैं जाकर ले आऊं। राकेश बेदी ने आगे हंसते हुए कहा कि उनके बैंक अकाउंट में फिलहाल ऐसी कोई राशि नहीं दिख रही है। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ा, अगर पैसे आ गए तो शायद मैं बता भी दूं या शायद न भी बताऊं, लेकिन फिलहाल तो नहीं मिले हैं। अगर आप दिलवा सकते हो तो प्लीज दिलवा दो। क्यों उड़ी 1 करोड़ के बोनस की अफवाह? हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि राकेश बेदी को 'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' के लिए 50 लाख रुपए की फीस दी गई थी। फिल्म की सुनामी जैसी सफलता और राकेश बेदी के अभिनय की तारीफों को देखते हुए निर्देशक आदित्य धर और निर्माता लोकेश धर ने खुशी में उन्हें 1 करोड़ रुपए का चेक सौंप दिया, जो उनकी मूल फीस का दोगुना है। आदित्य धर की इस स्पाई-थ्रिलर में राकेश बेदी ने जमील जमाली नामक एक ऐसे राजनेता का किरदार निभाया है जो असल में एक भारतीय एजेंट होता है। फिल्म के दूसरे भाग 'धुरंधर: द रिवेंज' में उनके किरदार का 'आर्क' इतना मजबूत था कि दर्शकों ने मुख्य नायक रणवीर सिंह के साथ-साथ राकेश बेदी को भी बराबर का प्यार दिया। सोशल मीडिया पर उनके डायलॉग बच्चा है तू मेरा पर लाखों की संख्या में मीम्स बन रहे हैं।

वेब दुनिया 25 Apr 2026 11:03 am

जब 7 महीने की प्रेग्नेंट कियारा आडवाणी को शख्स ने की गले लगाने की कोशिश, बॉडीगार्ड ने बताया किस्सा

बॉलीवुड के सबसे चहेते कपल्स में से एक सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी अपनी पर्सनल लाइफ को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करते हैं। हाल ही में कियारा एक प्यारी सी बेटी की मां बनी हैं, जिसका नाम उन्होंने सारायाह रखा है। अब कियारा के बॉडीगार्ड जीशान कुरैशी ने एक्ट्रेस की प्रेग्नेंसी के दौरान का एक वाक्या बताया है। जीशान कुरैशी ने बताया कि कियारा की प्रेग्नेंसी के दौरान सेट पर एक फैन ने उन्हें गले लगाने की कोशिश की थी। कियारा उस वक्त सात महीने की प्रेग्नेंट थीं और वह एक ब्रांड शूट के सिलसिले में बाहर थीं। सिद्धार्थ मल्होत्रा उस वक्त काफी डरे हुए थे और उन्होंने खुद जीशान को कियारा के साथ जाने के लिए कहा था, जबकि कियारा के पास पहले से ही अपनी सुरक्षा टीम थी। शूट के दौरान जब कियारा अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकलीं, तो कॉर्पोरेट टीम से जुड़े एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आने की कोशिश की। जीशान के अनुसार, उस व्यक्ति ने सूट पहना था, मुझे लगा वह एक सभ्य आदमी होगा। लेकिन अचानक उसने कियारा को गले लगाने की कोशिश की। जीशान ने तुरंत हस्तक्षेप किया, जिससे वहां तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि सुरक्षा टीम को स्थिति संभालने के लिए उनके मैनेजर को व्यक्तिगत रूप से फोन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई बार फैंस अपने उत्साह में सीमा पार कर देते हैं और यही वजह है कि सुरक्षा को लेकर सख्ती जरूरी होती है। फरवरी 2023 में हुई सिद्धार्थ और कियारा की शादी को बॉलीवुड की सबसे 'हश-हश' शादियों में गिना जाता है। जीशान ने बताया कि यह शादी किसी अचानक लिए गए फैसले का परिणाम नहीं थी। इसके लिए 4 महीने पहले से ही जैसलमेर में रेकी की जा रही थी। सिद्धार्थ और कियारा की लव स्टोरी 2021 की फिल्म 'शेरशाह' के सेट पर शुरू हुई थी। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री जितनी जबरदस्त थी, असल जिंदगी में भी उनका रिश्ता उतना ही गहरा होता गया। फरवरी 2023 में जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में शादी के बाद, इस कपल के जीवन में एक नया मोड़ आया। जुलाई 2025 में कपल ने एक प्यारी सी बेटी का स्वागत किया।

वेब दुनिया 25 Apr 2026 9:19 am

33 साल बाद खलनायक बनकर लौट रहे संजय दत्त, 'खलनायक रिटर्न्स' के टीजर में दिखा खूंखार अंदाज

बॉलीवुड के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो समय की धूल में दबने के बजाय और भी चमकदार हो जाते हैं। ऐसा ही एक किरदार है 'बल्लू बलराम'। साल 1993 में रिलीज फिल्म 'खलनायक' में जब संजय दत्त ने पर्दे पर 'नायक नहीं खलनायक हूं मैं' गाया था, तो पूरे देश में एक लहर दौड़ गई थी। इस फिल्म में संजय दत्त ने 'बल्लू बलराम' नाम के खलनायक का किरदार निभाया था। वहीं फिल्म में माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ भी नजर आए थे। 'खलनायक' ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कलेक्शन किया था। अब 33 साल बाद संजय दत्त एक बार फिर खलनायक बनकर लौट रहे हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित एक भव्य इवेंट में फिल्म 'खलनायक रिटर्न्स' का आधिकारिक ऐलान किया गया। इस मौके पर फिल्म का टीजर और पोस्टर भी रिलीज किया गया, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। फिल्म की घोषणा करते हुए संजय दत्त ने एक बेहद भावुक और दिलचस्प खुलासा भी किया। टीजर में दिखा बल्लू का 'रग्ड' लुक टीजर में संजय दत्त अपने उसी आइकॉनिक अंदाज़ में नजर आ रहे हैं, लेकिन इस बार उनका लुक पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और मैच्योर है। पहला ही सीन खौफनाक और खून-खराबे से भरा हुआ है। टीजर में एक डायलॉग सुनाई देता है— 'कुछ कहानियां खत्म नहीं होतीं, वो दोबारा शुरू होती हैं।' एक अन्य डायलॉग में संजय कहते हैं, 'बोला था ना, रात के 10 बजे बल्लू जेल से फुरररर.. नायक नहीं खलनायक हूं मैं।' टीजर ने साफ कर दिया है कि यह फिल्म पुरानी कहानी को एक नए सिरे से और आधुनिक दर्शकों के हिसाब से पेश करेगी। A post shared by Sanjay Dutt (@duttsanjay) जेल के 4,000 कैदियों ने लिखी कहानी की नींव संजय दत्त ने बताया कि 'खलनायक' को आगे ले जाने का विचार उन्हें तब आया जब वे जेल में अपनी सजा काट रहे थे। उन्होंने कहा, जेल में मैंने अपने आसपास के लोगों से पूछा कि क्या वे बल्लू को दोबारा देखना चाहेंगे? वहां मौजूद 4,000 कैदियों ने एक सुर में 'हां' कहा। मैंने उन सभी से एक-एक पेज पर अपनी राय लिखने को कहा। उन 4,000 पन्नों को पढ़ने के बाद मुझे यकीन हो गया कि इस कहानी में अभी बहुत कुछ बाकी है। जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद, संजय ने यह विचार फिल्म निर्माता सुभाष घई के सामने रखा, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी खुशी-खुशी सहमति दे दी। संजय दत्त की कंपनी 'थ्री डायमेंशन मोशन पिक्चर्स' और प्रोड्यूसर अक्शा कंबोज की 'आस्पेक्ट एंटरटेनमेंट' ने मिलकर सुभाष घई की 'मुक्ता आर्ट्स' से इस फिल्म के कानूनी अधिकार खरीदे हैं। फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्शन की कमान जियो स्टूडियोज की ज्योति देशपांडे के हाथों में है। इवेंट के दौरान सुभाष घई ने संजय दत्त की तारीफ करते हुए कहा, संजू और मान्यता की यह दिली इच्छा थी कि इस फिल्म को बनाया जाए। मुझे पूरा विश्वास है कि यह सीक्वल मूल फिल्म से भी बेहतर साबित होगा। इस मौके पर संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म को लेकर उनके घर पर पिछले 10 सालों से चर्चा हो रही थी। क्या लौटेंगे जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित? हालांकि अभी तक केवल संजय दत्त के नाम की ही पुष्टि हुई है, लेकिन फैंस यह जानने को बेताब हैं कि क्या मूल फिल्म के सितारे जैकी श्रॉफ (राम) और माधुरी दीक्षित (गंगा) भी इस सफर का हिस्सा होंगे। मेकर्स ने फिलहाल कास्टिंग को लेकर सस्पेंस बरकरार रखा है।

वेब दुनिया 25 Apr 2026 8:59 am

त्रिशूर पूरम 2026: केरल की सांस्कृतिक विरासत पूरमों के पूरम का भव्य शंखनाद

Thrissur Pooram 2026: जब दक्षिण भारत के केरल राज्य में 'मेदम' का महीना आता है और चंद्रमा 'पूरम' नक्षत्र के साथ अपनी जुगलबंदी शुरू करता है, तब त्रिस्सूर की धरती पर उतरता है- त्रिशूर पूरम। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि रंगों, संगीत, आस्था और हाथियों की शाही शान का ऐसा महाकुंभ है, जिसे 'सभी पूरमों का राजा' (The Mother of all Poorams) कहा जाता है। त्रिस्सूर के हृदय में स्थित ऐतिहासिक वडक्कुनाथन मन्दिर इस दिव्य महोत्सव का साक्षी बनता है। ALSO READ: सिद्धिलक्ष्मी जयंती 2026: सफलता और समृद्धि के संगम का महापर्व 1. देवताओं का दिव्य मिलन त्रिशूर पूरम की सबसे सुंदर परंपरा इसकी समावेशी भावना है। उत्सव के दौरान त्रिस्सूर के आसपास के सभी प्रमुख मंदिरों और उनके देवी-देवताओं को भगवान वडक्कुनाथन (शिव) को अपनी पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। यह एक ऐसा दृश्य होता है मानो पूरा देवलोक धरती पर एक साथ उत्सव मनाने उतर आया हो। 2. संगीत की गूँज: चेंडा मेलम और पञ्चवाद्यम् इस पर्व की आत्मा यहाँ का संगीत है। जब सैकड़ों कलाकार एक साथ 'चेंडा मेलम' और 'पञ्चवाद्यम्' (केरल के पारंपरिक वाद्य यंत्र) की थाप छेड़ते हैं, तो पूरा शहर एक जादुई कंपन से भर जाता है। ढोल और मंजीरों की ये लयबद्ध गूँज हज़ारों की भीड़ के दिल की धड़कन बन जाती है, जिसे सुनकर रोम-रोम पुलकित हो उठता है। ALSO READ: बुद्ध पूर्णिमा का पर्व कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व? 3. स्वर्ण मंडित गजराज: वैभव का प्रतीक त्रिशूर पूरम की पहचान है- इसकी विशाल और भव्य शोभायात्रा। इस उत्सव में 50 से भी अधिक हाथियों को सम्मिलित किया जाता है। इन हाथियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो वे इंद्र के ऐरावत हों। स्वर्णाभूषण: हाथियों को 'नेट्टिपट्टम' (माथे पर पहने जाने वाले सुनहरे आभूषणों) से सजाया जाता है। कुडामट्टम: सजे हुए हाथियों के ऊपर रंग-बिरंगी रेशमी छतरियों को बदलने की प्रतियोगिता (कुडामट्टम) दर्शकों की साँसे रोक देती है। 4. आसमान में रंगों की होली (आतिशबाजी) त्रिशूर पूरम का समापन केवल जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में भी होता है। यहाँ की आतिशबाजी (Vedikkettu) पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। घंटों तक चलने वाला यह प्रकाश का खेल अंधकार को चीरते हुए विश्वास और विजय का संदेश देता है। 5. मुख्य जानकारी (Quick Facts): स्थान: वडक्कुनाथन मन्दिर परिसर, त्रिस्सूर, केरल। प्रमुख आकर्षण: हाथियों की कतारें, पारम्परिक वाद्य संगीत, और भव्य आतिशबाजी। महत्व: यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि केरल की समृद्ध कला और संस्कृति का सबसे बड़ा प्रदर्शन मंच भी है। निष्कर्ष: यदि आप भारत की असली भव्यता और अध्यात्म के संगम को महसूस करना चाहते हैं, तो 2026 का त्रिशूर पूरम आपके जीवन का सबसे यादगार अनुभव साबित हो सकता है। स्वामीये शरणम अय्यप्पा!

वेब दुनिया 25 Apr 2026 7:27 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (25 अप्रैल, 2026)

मेष - Aries Today Rashifal 25 April 2026: करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी, पदोन्नति के योग हैं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: आकस्मिक धन लाभ की संभावना है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: किस राशि के लोग सबसे ज्यादा खर्चीले होते हैं, जानिए बचत के उपाय वृषभ - Taurus करियर: नई परियोजनाओं की शुरुआत के लिए समय शुभ है। लव: पार्टनर के साथ छोटी यात्रा पर जा सकते हैं। धन: निवेश किसी से सलाह लेकर करें, आज का दिन उत्तम है। स्वास्थ्य: गले से संबंधित समस्या हो सकती है। उपाय: सफेद वस्तुओं का दान करें। मिथुन - Gemini करियर: कार्यस्थल पर वाणी पर नियंत्रण रखें, विवाद से बचें। लव: पुराने प्रेमी मित्रों से मुलाकात होगी। धन: बढ़ रही फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: बढ़ती गर्मी में मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। कर्क - Cancer करियर: छात्र वर्ग को रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में पहले से अधिक प्रगाढ़ता आएगी। धन: पैतृक संपत्ति से धनलाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव हो तो योग करें। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। सिंह - Leo करियर: बिजनेस में नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा होगी, नौकरीपेशा को नए अवसर मिलेंगे। लव: दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: व्यापार में बड़ी अच्छी डील मिल सकती है। स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें। कन्या - Virgo करियर: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: सिंगल लोगों को नया लव पार्टनर मिल सकता है। धन: कारोबार में रुके हुए काम पूरे होंगे। स्वास्थ्य: पाचन तंत्र का ध्यान रखें। उपाय: लाल चंदन का तिलक लगाएं। ALSO READ: अगर आपके नाम में A, M, R या S है तो ये 5 राज जरूर जान लें तुला - Libra करियर: ऑफिस से अटका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में पारदर्शिता रखें। धन: धन विलासिता की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें। वृश्चिक - Scorpio करियर: आज नौकरी में कठिन परिश्रम का फल जरूर मिलेगा। लव: जीवनसाथी के साथ बढ़ता विवाद सुलझ जाएगा। धन: कारोबारी लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें। स्वास्थ्य: आपको त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। धनु - Sagittarius करियर: नौकरी हेतु विदेश जाने की योजना सफल हो सकती है। लव: प्रेमीसंग अच्छा समय बीतेगा। धन: किसी को उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें। उपाय: नारायण मंदिर में चने की दाल दान करें। मकर - Capricorn करियर: कारोबार में बदलाव की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है। लव: प्रेमीजन पार्टनर के प्रति ईमानदार रहें। धन: पुरानी उधारी चुकाने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: आज आंखों की जांच करवाएं। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। कुंभ - Aquarius करियर: नौकरीपेशा की नई तकनीक सीखने में रुचि बढ़ेगी। लव: लव रिश्तों में दूरी आ सकती है, संवाद करें। धन: कारोबार में आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। मीन - Pisces करियर: कला और साहित्य से जुड़े लोग सफल रहेंगे। लव: लव मैरिज में इमोशनल फैसले लेने से बचें। धन: व्यापार से आकस्मिक लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: पेट के दर्द में राहत मिलेगी। उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। ALSO READ: अगर आपके नाम में A, M, R या S है तो ये 5 राज जरूर जान लें

वेब दुनिया 25 Apr 2026 7:04 am

बंगाल चुनाव में क्या आरजी कर रेप-मर्डर केस भूले लोग:पीड़ित की मां की सभा में कुर्सियां खाली, महिलाएं बोलीं-TMC वाले देख लेंगे

सीन-1तारीख: 12 अप्रैल जगह: पानीहाटी सीट, पश्चिम बंगाल BJP की उम्मीदवार और आरजीकर रेप केस की पीड़िता की मां रतना देबनाथ सभा करने पहुंची, लेकिन सभा में लोग ही नहीं आए थे। सिर्फ आगे की कुर्सियों पर कुछ लोग बैठे थे। रतना ने धीरे से पति से कहा, यहां तो लोग ही नहीं, संबोधित किसे करूं। पति कुछ नहीं बोले, शांत ही रहे। रतना बोलना शुरू करती हैं, ‘मुझे पूरा देश पहचानता है। एक मां होने के नाते बस इतना चाहती हूं, कभी किसी की संतान को ऐसी दर्दनाक मौत न देखनी पड़े।’ ये सुनकर वहां से गुजर रहीं महिलाएं रुक जाती हैं। घर के बाहर बैठी महिलाओं की आंखों में भी आंसू नजर आते हैं। उनसे पूछती हूं, ‘आप इनके साथ क्यों नहीं है? जवाब मिलता है, ‘साथ हैं, लेकिन दिखा नहीं सकते। TMC वाले घूम रहे हैं। साथ देख लिया, तो मुश्किल होगी।’ हमें बात करता देख एक बाइक वाला वहां चक्कर काटने लगता है। महिलाएं उसे देखते ही वापस घर में चली जाती हैं। मैं बाइक वाले को रोककर पूछती हूं, आप किसी पार्टी से हैं क्या ? वो अपना नाम पार्थो दास बताता है। ठेकेदारी का काम करता है। कहता है- ’TMC ही जीतेगी, यहां मुकाबला एकतरफा है।’ मैं फिर पूछती हूं, इतने भरोसे से कैसे कह रहे हैं ? जवाब मिला- ’यहां लोगों से बात करके अंदाजा हुआ।’ डर के माहौल से जुड़े सवाल पर पार्थो कहते हैं- ’नहीं, अब पानीहाटी में ऐसा नहीं होता।’ पार्थो कुछ भी कहे, लेकिन रतना की सभा में पहुंचे चुनिंदा लोग भी उठकर जाने लगते हैं। सीन-2तारीख: 24 अप्रैलजगह: पानीहाटी सीट इन सबके 12 दिन बाद यहीं PM मोदी ने रतना देबनाथ के समर्थन में चुनावी सभा की, लेकिन तस्वीर इसके उलट दिखी। PM की सभा में हजारों की संख्या में भीड़ जुटी। अस्पताल की दीवारों पर लिखा, क्या हम महफूज हैं पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को सेकंड फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होनी है। रतना देबनाथ भी अपने चुनाव लड़ने को बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई कह रही हैं। पानीहाटी में रतना की सभा देखने के बाद मैं सीधा आरजी कर अस्पताल पहुंची। अंदर दाखिल होते ही सामने स्टेज है। पीड़ित डॉक्टर के नाम से 18 महीने के अन्याय का पोस्टर और उसकी फोटो लगी है। फोटो पर धूल जमा है और माला के फूल मुरझा गए हैं। ये कई महीनों तक चले प्रोटेस्ट, कैंडल मार्च और रैलियों की याद दिलाता है। अस्पताल की दीवारों पर लिखा है- ‘क्या हम महफूज हैं? हमें जवाब चाहिए, न्याय चाहिए।‘ 'नाइट ड्यूटी में दरवाजा नॉक होते ही आज भी डर जाते हैं' अस्पताल में मौजूद हॉस्टल में हमें डॉ. स्वस्तिका कौशिक मिलीं। वे कहती हैं, ‘उस घटना के बाद से पेरेंट्स डरे रहते हैं। नाइट ड्यूटी के दौरान आज भी कोई दरवाजा खटखटा दे, तो डर जाती हूं। पहले दो बार पूछती हूं, तभी खोलती हूं। किसी भी लड़की के साथ अगर ऐसा हो जाए और दोषी को फांसी जैसी सख्त सजा भी ना मिले, तो इसे पूरा न्याय नहीं कह सकते।‘ हॉस्टल से निकलकर हमने कैंपस में कुछ और मेडिकल स्टूडेंट्स से बात करने की कोशिश की। ये सभी प्रोटेस्ट में शामिल हुई थीं, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, उस पर कुछ नहीं कहना चाहतीं। एक गार्ड से जरूर बात हुई। उसने एक बिल्डिंग की ओर इशारा करते हुए कहा ,‘जूनियर डॉक्टर के साथ वहां तीसरी मंजिल पर गलत हुआ था।‘ यहां से हम चेस्ट एंड मेडिसिन डिपार्टमेंट की ओर बढ़े। क्राइम स्पॉट पर पहुंचे तो वहां ‘Do Not Cross‘ का टेप लगा मिला। सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स और कोलकाता पुलिस ने ये कहकर आगे नहीं जाने दिया कि जगह प्रतिबंधित हैं।’ फिर वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाने लगे। 'बेटी को न्याय नहीं मिला, इसलिए चुनाव लड़ रही' अस्पताल से निकलकर हम आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़ित जूनियर डॉक्टर के घर पहुंचे। अंदर दाखिल होते ही सामने पीड़िता का कमरा नजर आता है। उनकी फोटो लगी है। बिस्तर पर किताबें, गुलदस्ता, कुछ चॉकलेट और मां दुर्गा की फोटो रखी है। घर पर उनकी मां रतना देबनाथ मिलीं। रतना पति के साथ स्कूल ड्रेस सिलने की फैक्ट्री चलाती थीं। बेटी की मौत के बाद सब छोड़कर उसे न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही हैं। घटना वाली रात को याद करते हुए कहती हैं, ‘हमेशा की तरह उसे अपने हाथों से खाना खिलाकर ड्यूटी पर भेजा था। रात 11:15 बजे तक उससे बात भी हुई, अस्पताल में सब ठीक था। सुबह खबर आई कि वो नहीं रही।’ ’अस्पताल में चल रहे करप्शन का सच जानने के बाद से ही हमें उसकी सेफ्टी को लेकर डर था और वही हुआ भी। हैरानी इस बात की है कि इतने बड़े अस्पताल में कोई गवाह सामने नहीं आया।’ हमने पूछा कैसा करप्शन? इस पर कहती हैं, उसने हमें नकली दवाइयों, फर्जी सलाइन और थीसिस से जुड़ी गड़बड़ियों के बारे में बताया था। वहां एडमिशन कराने और पास कराने के भी पैसे मांगे जाते थे। मेरी बेटी पर भी दबाव बनाया गया था। चुनाव लड़ने के बारे में पूछने पर रतना कहती हैं, ‘हमें आज तक इंसाफ नहीं मिल सका, इसलिए अब कोर्ट से सड़क और सड़क से चुनाव मैदान तक आ गई हूं।‘ हमने पूछा- BJP से चुनाव लड़ने की क्या कोई खास वजह है? इस पर कहती हैं, ‘सबसे बड़ी पार्टी है। ममता को हटाने के लिए BJP को सपोर्ट कर रहे हैं। मैंने फोन करके टिकट मांगा है।‘ हमने पूछा- लोगों से कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है? इस पर वे कहती हैं, ‘अब ये एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है। लोग इसे गंभीरता से ले रहे हैं। अगर चुनाव में जीती तो लोगों की आवाज विधानसभा तक पहुंचाऊंगी।‘ ‘बेटी का रेप नहीं मर्डर हुआ, एक नहीं कई आरोपी शामिल’ रतना कहती है, ‘मेरी बेटी का रेप नहीं हुआ। उसके बाल अच्छे से बने हुए थे। उसकी डायरी के पेज फटे थे। जींस और अंडरगारमेंट साफ थे। चादर तनी थी, किताब-लैपटॉप भी सुरक्षित रखा था। ये सब देखकर हम समझ गए थे कि ये सिर्फ मर्डर है।’ ‘इस मामले में सिर्फ संजय दोषी नहीं है। प्रिंसिपल समेत और भी लोग शामिल हैं। प्रिंसिपल ने ही मौत की पुष्टि से पहले डेड बॉडी मॉर्चुरी भेजी थी। अस्पताल पहुंचने पर सेमिनार रूम (जहां जूनियर डॉक्टर की बॉडी मिली) की जगह हमें जानबूझकर इमरजेंसी में भेज दिया। हमने कहा कि बस एक बार बेटी को दिखा दो, लेकिन कोई राजी नहीं हुआ, बोले- पुलिस जांच चल रही है।‘ ‘उस दिन अस्पताल में मुरलीधर शर्मा, बिनीत गोयल जैसे IPS अफसर मौजूद थे। मैं पुलिस के पैर पकड़कर भी सेमिनार रूम तक नहीं पहुंच पाईं, लेकिन TMC विधायक निर्मल घोष आसानी से अंदर पहुंच गए।‘ ममता ने माना, हॉस्पिटल के अंदर के लोग भी शामिल रतना आगे कहती हैं, ‘घटना के चार दिन बाद ही ममता बनर्जी हमारे घर आईं। बोलीं- असली अपराधी को पकड़ लिया गया है। मैंने कहा- वो असली अपराधी नहीं। मेरी बेटी डॉक्टर और सिविक वॉलंटियर थी। बिना अंदर के व्यक्ति के शामिल हुए, उसके बारे में किसी को कैसे पता चला। ममता सिर झुकाए चुपचाप सुनती रहीं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर बिनीत गोयल की तरफ देखा। कमिश्नर ने कहा, अंदर से किसी को पकड़ें, तो सब मान लेंगे।‘ ‘ममता सरकार हमें 10 लाख की मदद दे रही थी। हमने मना कर दिया क्योंकि हमें सिर्फ न्याय चाहिए। तब उन्होंने माना कि केस में हॉस्पिटल के अंदर के लोग भी शामिल हैं। हालांकि आज तक कोई गिरफ्तार नहीं हुआ।‘ पिता बोले- वो बेटी नहीं, गार्जियन थी, न्याय ही मकसद पीड़ित जूनियर डॉक्टर के पिता देबाशीष देबनाथ भी पत्नी के चुनाव प्रचार में जा रहे हैं। वे कहते हैं, ‘चुनाव को लेकर मेरी कोई भावना नहीं है। मेरा लक्ष्य सिर्फ इंसाफ पाना है। वो सिर्फ मेरी बेटी नहीं, गार्जियन भी थी। मैं कहीं भी रहूं, रोज रात 9:30 बजे उसका फोन आ जाता था। बस यही कहती- बापी, जल्दी घर आ जाओ। दवा से लेकर हमारी हर छोटी-बड़ी चीजों का ध्यान रखती थी।‘ चुनावी सभा को लेकर वे कहते हैं, ‘हम जहां भी सभा करने जाते हैं, वहां आने वालों को डराया-धमकाया जाता है। पानीहाटी में यही हो रहा है।‘ एक्सपर्ट बोले- BJP का टिकट मिलने से असर नहीं पड़ेगा आरजी कर रेप-मर्डर केस और रतना देबनाथ के चुनाव लड़ने पर सोशल एक्टिविस्ट काजी मासूम अख्तर कहते हैं, ‘ये मामला अब जनता के जेहन से धुंधला पड़ चुका है, इसलिए पीड़ित की मां को BJP से टिकट मिलने का कोई खास फायदा नहीं होगा।‘ वे आगे कहते हैं, ‘पहले रतना लेफ्ट की विचारधारा के प्रभाव में थीं, तब उन्होंने BJP नेताओं का विरोध किया था। अब वे सियासी जमीन तलाशने के लिए कई पार्टियों के संपर्क में हैं। परिवार का 10 लाख रुपए की मदद ठुकराना भी डॉक्टरों के प्रभाव में लिया गलत फैसला था।‘ TMC उम्मीदवार बोले: पानीहाटी में क्लीन स्वीप को तैयार इसके बाद हम TMC ऑफिस पहुंचे, जहां सभा के बाहर चक्कर काट रहा पार्थो दास हमें पहले से बैठे मिले। यहां हम पानीहाटी से TMC उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से मिले। उनके पिता निर्मल घोष इसी सीट से पिछले 15 साल से विधायक हैं। तीर्थंकर कहते हैं, ‘यहां मुकाबला एकतरफा है। पिछले कई चुनावों से यहां ममता दीदी का दबदबा रहा है। अबकी TMC क्लीन स्वीप करेगी।‘ डर के माहौल पर वे कहते हैं, ‘ये सब प्रोपेगैंडा है। चुनाव प्रशासन और CRPF के कंट्रोल में है।’ रतना देबनाथ के चुनाव लड़ने पर वे कहते हैं, ‘हम उनका दर्द समझते हैं, लेकिन पानीहाटी के लोग जानते हैं कि विधायक किसे और क्यों चुनना है।‘ …………………. पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… क्या BJP को बंगाल जिताएगा सुषमा स्वराज का फॉर्मूला पश्चिम बंगाल की सियासत में इस बार कुछ बड़ा पक रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले BJP और RSS खामोशी से अब तक की सबसे बड़ी बिसात बिछा चुके हैं। बूथ से लेकर बॉर्डर तक संगठन एक्टिव हैं। BJP ने सीनियर लीडर रहीं सुषमा स्वराज का फॉर्मूला ‘1 बूथ-10 यूथ’ पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर लागू किया है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 25 Apr 2026 4:56 am

राजस्थान हाईकोर्ट ने आईएएस आरती डाेगरा के खिलाफ जांच पर रोक लगाई

जयपुर। राजस्थान में राजस्थान उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी आरती डोगरा के खिलाफ प्रस्तावित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जांच पर रोक लगा दी है। खंडपीठ ने शुक्रवार को एकलपीठ के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें जांच के निर्देश दिए गए थे। खंडपीठ ने इस मामले में सभी संबंधित कार्रवाईयों पर […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने आईएएस आरती डाेगरा के खिलाफ जांच पर रोक लगाई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 11:46 pm

आप के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में होंगे शामिल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है। आप के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आप के दो-तिहाई से अधिक राज्यसभा सांसदों ने […] The post आप के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में होंगे शामिल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 11:41 pm

अरणी मंथन से अग्नि प्रज्ज्वलित, श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ आरंभ

अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन नौसर माता मंदिर में श्रीनवशक्ति सृजन सेवा प्रंन्यास के तत्वावधान में चार दिवसीय श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दिनभर अनुष्ठान का सिलसिला चला। शाम को सांस्कृतिक व भजन […] The post अरणी मंथन से अग्नि प्रज्ज्वलित, श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ आरंभ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 11:19 pm

काशी में युवती का धर्मांतरण कराकर रेप करने वाला अरेस्ट

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में सिगरा थाने की पुलिस ने शुक्रवार को एक युवती का जबरन धर्मांतरण कराकर दुष्कर्म करने के आरोपी रुस्तम को श्रीराम कॉम्प्लेक्स के पास से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त के खिलाफ सिगरा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 87, 123 एवं उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म […] The post काशी में युवती का धर्मांतरण कराकर रेप करने वाला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 9:06 pm

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है। ALSO READ: Reliance Industries का रिकॉर्ड प्रदर्शन, FY26 में मुनाफा ₹95,754 करोड़, जियो और रिटेल ने दिखाई दमदार ग्रोथ रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा। मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है। डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू 44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है। AI और प्राइसिंग पर फोकस, स्केल को वैल्यू में बदलेगा रिलायंस रिटेल : ईशा अंबानी रिलायंस रिटेल अब अपने अगले ग्रोथ फेज में AI आधारित मर्चेंडाइजिंग और बेहतर प्राइसिंग पर फोकस रखेगा, ताकि अपने बड़े नेटवर्क से ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा - AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।” FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ के पार रहा और EBITDA ₹27,000 करोड़ से अधिक रहा। रिलायंस रिटेल ने 38.7 करोड़ ग्राहकों को 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस के जरिए सेवा दी। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 20,000 के पार पहुंच गया है, जबकि जियोमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क को डिजिटल और हाइपरलोकल डिलीवरी से जोड़ रहे हैं। जियोमार्ट के हाइपरलोकल कॉमर्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29% और सालाना आधार पर 300% से ज्यादा बढ़े। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में सेवाएं दे रहा है, जिसे 3,100 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क सपोर्ट कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

वेब दुनिया 24 Apr 2026 9:04 pm

आरबीआई ने रद्द किया पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों के उल्लंघन के मामले में पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 24 अप्रैल 2026 को कारोबार की समाप्ति से लाइसेंस रद्द करने का उसका आदेश प्रभावी हो गया है। उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने […] The post आरबीआई ने रद्द किया पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 8:36 pm

बढ़ता जाएगा जानवरों के घर पर मौसम का वार: 2085 तक 36% वन्यजीव आवास पर चरम जलवायु संकट

नई स्टडी के अनुसार 2085 तक 36% स्थलीय जानवरों के आवास हीटवेव, जंगल की आग, सूखा और बाढ़ जैसी कई चरम जलवायु घटनाओं की चपेट में होंगे। जानिए जलवायु संकट का वन्यजीवों पर बढ़ता असर।

हस्तक्षेप 24 Apr 2026 7:54 pm

‘रामराज्य’निर्माण के लिए मंदिरों में सामूहिक प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा का आयोजन

जयपुर। अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण के पश्चात, अब देश में आदर्श रामराज्य की व्यवस्था स्थापित करने के संकल्प के साथ सनातन संस्था द्वारा रामराज्य निर्माण अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। जयपुर के प्राचीन मां वैष्णव देवी मंदिर एवं सिद्ध श्री काले हनुमान मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में […] The post ‘रामराज्य’ निर्माण के लिए मंदिरों में सामूहिक प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा का आयोजन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 7:45 pm

मानव एकता दिवस पर निरंकारी भक्तों ने किया रक्तदान

देशभर में 40,000 यूनिट रक्त संग्रहित अजमेर। जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक […] The post मानव एकता दिवस पर निरंकारी भक्तों ने किया रक्तदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 7:36 pm

भीलवाड़ा : मेडीकल स्टोर में आग लगने से लाखों रुपए की दवाएं नष्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के माणिक्य नगर मार्ग पर स्थित एक मेडिकल स्टोर में गुरुवार रात आग लगने से लाखों रुपए की दवाइयां और कीमती फर्नीचर नष्ट हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात नमन मेडीकल स्टोर में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें […] The post भीलवाड़ा : मेडीकल स्टोर में आग लगने से लाखों रुपए की दवाएं नष्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 7:18 pm

बैंगलूरू ने गुजरात के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी (Video)

RCBvsGT रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। Toss @RCBTweets have won the toss and elected to bowl first against @gujarat_titans in Bengaluru Updates https://t.co/5ZJjfv5Nr6 #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvGT pic.twitter.com/Rbn3cx4DRm — IndianPremierLeague (@IPL) April 24, 2026 टीम इस प्रकार हैं: Playing XI & Impact Player रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), शाहरुख खान, अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, टॉम बैंटन, ग्लेन फिलिप्स, जेसन होल्डर, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, साई किशोर, जयंत यादव, अरशद खान, शाहरुख खान, मानव सुथार, राशिद खान, मोहम्मद सिराज, कागिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 7:17 pm

लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल का प्रस्ताव

कैलिफ़ोर्निया। कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कार्यकारी वेंकी मैसूर का कहना है कि लॉस एंजेलिस 2028 के लिए बनने वाला ओलंपिक क्रिकेट स्टेडियम भविष्य में अपने वैश्विक विस्तार योजनाओं के तहत इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीमों की मेज़बानी कर सकता है। गेम्स में क्रिकेट की वापसी की तैयारी के तौर पर, दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के […] The post लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल का प्रस्ताव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 7:13 pm

प्रधानमंत्री मोदी ने की हुगली नदी में नाव की सवारी और फोटोग्राफी

हुगली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कोलकाता में हुगली नदी में नाव की सवारी करते हुए अपनी तस्वीरें साझा कीं। मोदी द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में उन्हें हाथ में कैमरा लिए एक छोटी नाव पर बैठे देखा जा सकता है, जिसके बैकग्राउंड में विद्यासागर सेतु दिखाई दे रहा है। मोदी ने सोशल मीडिया […] The post प्रधानमंत्री मोदी ने की हुगली नदी में नाव की सवारी और फोटोग्राफी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 5:42 pm

अलवर : स्कूली छात्रा को अगवा कर गैंगरेप, ग्रामीणों ने आरोपियों का वाहन फूंका

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रैणी थाना क्षेत्र में एक गांव की 15 वर्षीय छात्रा को स्कूल जाने के दौरान अगवा कर उससे सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुष्कर्म के बाद छात्रा को छोड़ने आये आरोपियों को गुस्साए ग्रामीणों ने घेर लिया। इस पर आरोपी युवक चौपहिया वाहन […] The post अलवर : स्कूली छात्रा को अगवा कर गैंगरेप, ग्रामीणों ने आरोपियों का वाहन फूंका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 5:33 pm

क्या दिल्ली में है गत उप-विजेता पंजाब का विजय रथ रोकने का दम?

DCvsPBKS दिल्ली कैपिटल्स को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अपने अभियान को फिर से पटरी पर लाने के लिए शनिवार को होने वाले मुकाबले में तालिका में शीर्ष पर चल रही पंजाब किंग्स के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से 47 रन से हार का सामना करने वाली दिल्ली के लिए वापसी की राह काफी चुनौतीपूर्ण होगी। इसके लिए उसके ज्यादातर खिलाड़ियों को एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। छह मैचों में तीन जीत और तीन हार के साथ दिल्ली फिलहाल अंकतालिका के छठे स्थान पर है, जबकि पंजाब किंग्स छह मुकाबलों में 11 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। उनका एकमात्र अंक तब गया था जब कोलकाता में मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या उसकी बल्लेबाजी में अस्थिरता रही है। केएल राहुल, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने कुछ पारियों में योगदान दिया है, लेकिन पूरी टीम एक साथ प्रदर्शन करने में नाकाम रही है।सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया है। कप्तान अक्षर पटेल से भी उम्मीद की जा रही है कि वह बल्ले और रणनीति दोनों में अधिक जिम्मेदारी निभाएं। पिछले मैच में उनके कुछ निर्णयों पर भी सवाल उठे हैं, खासकर गेंदबाजी बदलावों को लेकर।विस्फोटक अभिषेक शर्मा के खिलाफ उन्होंने कामचलाऊ गेंदबाज नितीश राणा को लगातार इस्तेमाल किया, जो असरदार साबित नहीं हुआ। दिल्ली का क्षेत्ररक्षण भी चिंता का विषय रहा है। टीम ने कुछ मैचों में स्टंपिंग के मौके गंवाए, रन-आउट में गलतियां कीं और आसान कैच छोड़े, जिसका उसे काफी नुकसान हुआ है।बल्लेबाजों की तुलना में गेंदबाजी इकाई अपेक्षाकृत बेहतर रही है, लेकिन शानदार लय में चल रहे पंजाब के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए उसमें अधिक आक्रामकता की जरूरत है। पंजाब किंग्स की टीम इस समय पूरी लय में नजर आ रही है। उन्होंने हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ इस सत्र का सबसे बड़ा स्कोर, सात विकेट पर 254 रन, बनाया। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने 211 रन बनाकर शानदार फॉर्म दिखाया है और तेज शुरुआत दी है। कप्तान श्रेयस अय्यर भी 208 रन के साथ बेहतरीन लय में हैं।इसके अलावा प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली ने भी क्रमशः 211 और 223 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी को गहराई और आक्रामकता दी है। प्रियांश अपने घरेलू मैदान में एक और दमदार पारी खेलना चाहेंगे। गेंदबाजी में भी पंजाब संतुलित नजर आई है, जहां अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, मार्को यानसन, विजयकुमार वैशाक और जेवियर बार्टलेट ने लगातार योगदान दिया है।मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पंजाब किंग्स इस मुकाबले में स्पष्ट रूप से प्रबल दावेदार हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स को अपनी उम्मीदें बनाए रखने के लिए कोई भी गलती करने से बचना होगा। टीमें: दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विपराज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, औकिब नबी डार, नीतीश राणा, टी. नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, लुंगिसानी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), विष्णु विनोद (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, कूपर कोनोली, मार्को यानसन, मुशीर खान, मिचेल ओवेन, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, बेन ड्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विशाल निशाद, विजयकुमार वैशाख, यश ठाकुर। समय: दोपहर 03:30 बजे

वेब दुनिया 24 Apr 2026 5:30 pm

45 साल की श्वेता तिवारी का कॉलेज गर्ल लुक, सिंपल अंदाज से जीता फैंस का दिल

श्वेता तिवारी अपने ग्लैमरस लुक्स की वजह से सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। श्वेता का बोल्ड अंदाज देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि वह दो बच्चों की मां हैं। 45 साल की श्वेता तिवारी की तस्वीरों पर फैंस जमकर प्यार लुटाते हैं। इस बार श्वेता तिवारी ने वेकेशन से अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की है। इन तस्वीरों में एक्ट्रेस का कॉलेज लुक नजर आ रहा है। कभी वेस्टर्न से तो कभी देसी लुक्स से दिल जीतने वाली श्वेता का इस बार कैजुअल अवतार देखने को मिला। तस्वीरों में श्वेता व्हाइट शिफली एम्ब्रॉयडर्ड क्रॉप टॉप पहने नजर आ रही हैं, जिसमें कट-वर्क वाली हेमलाइन और खूबसूरत मल्टीकलर कढ़ाई है। इसके साथ उन्होंने डार्क ब्राउन हाई-वेस्ट वाइड-लेग ट्राउजर्स को पेयर किया है, जो उन्हें एक क्लासी और कंफर्टेबल वेकेशन लुक दे रहा है। श्‍वेता कभी विक्ट्री साइन के साथ फंकी पोज दे रही हैं, तो कभी हाथ में ड्रिंक लिए उनके क्यूट एक्सप्रेशंस फैंस का दिल जीत रहे हैं। बारिश की बूंदों के बीच छाता लिए उनकी सादगी और खुले लहराते बाल उनके लुक में चार चांद लगा रहे हैं। श्वेता तिवारी ने मिनिमल मेकअप के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। उन्होंने अपने बालों को साइड-पार्टेड सॉफ्ट वेव्स में खुला रखा है, जो उनके चेहरे को खूबसूरती से फ्रेम कर रहे हैं। इसके अलावा श्वेता ने सिल्वर हूप्स पहने हुए हैं और हाथ में घड़ी नजर आ रही हैं। पैरों में चप्पल डालकर श्वेता वेकेशन के मजे लेती दिख रही हैं। श्वेता तिवारी का यह सिंपल 'कॉलेज गर्ल' फैंस को काफी पसंद आ रहा है। एक यूजर ने कमेंट किया 'मेरी फेवरेट संतूर मॉम।'

वेब दुनिया 24 Apr 2026 5:29 pm

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग तेज, विपक्ष के 73 सांसदों ने दिया प्रस्ताव नोटिस

नई दिल्ली। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर एक बार फिर राज्यसभा में औपचारिक पहल की है। विपक्ष के 73 सांसदों ने राज्यसभा के महासचिव को प्रस्ताव (रेजोल्यूशन) का नोटिस सौंपा है, जिसमें भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की गई है। यह […] The post मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग तेज, विपक्ष के 73 सांसदों ने दिया प्रस्ताव नोटिस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 5:27 pm

चूरू में बोलेरो-डंपर की भिड़ंत में 3 युवकों की जलकर मौत, 5 झुलसे

चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के हमीरवास थाना क्षेत्र में गुरुवार रात को डम्पर और बोलेरो की भिडंत के बाद बोलेरो में लगी आग से तीन युवकों की जलकर मौत हो गई जबकि अन्य 5 गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि बोलेरो सवार परिवार के लोग शादी समारोह में […] The post चूरू में बोलेरो-डंपर की भिड़ंत में 3 युवकों की जलकर मौत, 5 झुलसे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Apr 2026 5:22 pm

प्रियंका चोपड़ा को ग्लोबल वैनगार्ड ऑनर, Gold Gala 2026 में मिलेगा बड़ा सम्मान

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी धाक जमाने वाली प्रियंका चोपड़ा जोनास के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। 9 मई 2026 को आयोजित होने वाले पांचवें 'गोल्ड गाला' में प्रियंका को 'ग्लोबल वेनगार्ड ऑनर' से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार प्रियंका चोपड़ा को मनोरंजन जगत में एशियाई प्रतिनिधित्व को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने और उनके 25 साल के बेमिसाल करियर के लिए दिया जा रहा है। A post shared by GOLD HOUSE (@goldhouseco) 'गोल्ड हाउस' द्वारा आयोजित इस वार्षिक समारोह की थीम इस साल 'A New Gold World' रखी गई है। इंस्टाग्राम पर इस सम्मान की घोषणा करते हुए संस्थान ने बताया कि प्रियंका के साथ-साथ मार्शल आर्ट्स लेजेंड जेट ली को 'गोल्ड लेजेंड ऑनर' और सिमू लियू को 'गोल्ड मोगुल ऑनर' दिया जाएगा। समारोह में 650 से अधिक वैश्विक नेता शामिल होंगे। शो की शुरुआत मशहूर कॉमेडियन बोवेन यांग के मोनोलॉग से होगी, जबकि हेली कियोको अपनी परफॉर्मेंस से समां बांधेंगी। यह कार्यक्रम न केवल पुरस्कारों का मंच है, बल्कि सांस्कृतिक विभाजन को पाटकर एकजुटता का संदेश देने का एक वैश्विक प्रयास भी है। पिछले कुछ वर्षों में प्रियंका ने 'हेड्स ऑफ स्टेट' और 'द ब्लफ' (2025) जैसी फिल्मों के जरिए हॉलीवुड में अपनी स्थिति और मजबूत की है। 'द ब्लफ' में उन्होंने न केवल अभिनय किया बल्कि इसे प्रोड्यूस भी किया। इससे पहले वे 'द मैट्रिक्स रिसरेक्शन्स', 'बेवॉच' और 'सिटाडेल' जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान पुख्ता कर चुकी हैं। 'वाराणसी' के साथ बॉलीवुड में ग्रैंड वापसी प्रियंका लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। 'RRR' की ऐतिहासिक सफलता के बाद, दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली अपनी अगली फिल्म 'वाराणसी' लेकर आ रहे हैं। इस फिल्म में प्रियंका के साथ साउथ सुपरस्टार महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 5:03 pm

सीता नवमी 2026: माता जानकी के इन 5 उपायों से घर में बरसेगी खुशहाली

Sita Navami Ke upay: हिंदू संस्कृति में सीता नवमी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि नारी शक्ति, अटूट धैर्य और मर्यादा के उत्सव का दिन है। यह वही पावन दिन है जब धरती की कोख से साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा माता सीता का प्राकट्य हुआ था। यह दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी का था। माता सीता का जीवन हमें सिखाता है कि कैसे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी करुणा और संकल्प के साथ अडिग रहा जाता है। अगर आप भी अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं, तो इस सीता नवमी (2026) पर आजमाएं ये सिद्ध उपाय। 1. खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए अगर घर में अनबन रहती है या प्रेम की कमी है, तो सीता नवमी के दिन प्रभु श्री राम और माता सीता की छवि के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। मंत्र: “ॐ सीतारामाय नमः” का 108 बार जाप करें। अंत में साथ मिलकर आरती करें; यह उपाय आपके रिश्तों में आपसी समझ और मिठास घोल देगा। 2. संतान के सुख और सौभाग्य के लिए संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले या बच्चों की सेहत के लिए प्रार्थना करने वाले लोग इस दिन सुहागिन महिलाओं को लाल चुनरी, सिंदूर और ताजे फल सादर भेंट करें। माता जानकी का आशीर्वाद आपके आंगन को खुशियों से भर देगा। 3. बरकत और सुख-समृद्धि के लिए क्या आपकी मेहनत का फल आपको नहीं मिल रहा? इस दिन पीली हल्दी की गांठ और अक्षत (चावल) माता सीता के चरणों में अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद उस हल्दी की गांठ को अपनी तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में कभी लक्ष्मी की कमी नहीं होती। 4. बाधाओं और दुखों के विनाश के लिए जीवन के संघर्षों से मुक्ति पाने का सबसे सरल मार्ग है 'राम-सिया' नाम का सुमिरन। इस दिन जितना संभव हो इस नाम का जप करें। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल छिड़कें और मिट्टी का दीपक जलाएं, ताकि नकारात्मकता दूर हो सके। 5. अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए विवाहित महिलाएं इस पावन अवसर पर व्रत रखें और माता सीता की गौरव गाथा का पाठ करें। शाम को माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करने से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। खास बात: इस सीता नवमी, केवल पूजा ही नहीं, बल्कि माता सीता के धैर्य और करुणा को अपने स्वभाव में उतारने का संकल्प लें।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 5:03 pm

सिर्फ एक्शन नहीं, अब होगा 'हाई-कॉन्सेप्ट' धमाका, पर्दे पर पहली बार दिखेगा सनी देओल का ऐसा अवतार

रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस में से एक है। हाल ही में उन्होंने सनी देओल के साथ अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसे ए.आर. मुरुगादॉस भी प्रोड्यूस करेंगे। फिल्म में ज्योतिका भी हैं, जो इस प्रोजेक्ट में उनके साथ एक अहम किरदार निभा रही हैं। ​सनी देओल इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं, और 'बॉर्डर 2' की कामयाबी के बाद इस खबर ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोर ली हैं। प्रोडक्शन से जुड़े एक करीबी सूत्र के अनुसार, सनी देओल एक बहुत बड़े और हाई-कॉन्सेप्ट प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे हैं, जो बड़े पर्दे पर उनकी मौजूदगी को एक नई पहचान दे सकता है। हालांकि मेकर्स ने डिटेल्स को काफी छुपा कर रखा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का इशारा है कि इसे बहुत बड़े स्केल पर बनाया जा रहा है और इसे पहले से ही एक मजबूत साथ मिल चुका है। इस फिल्म में उनके अब तक के सबसे प्रभावशाली और चर्चित प्रोजेक्ट्स में से एक बनने की पूरी काबिलियत है। ​इस खबर ने दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है, क्योंकि उन्हें सनी देओल को एक नए अवतार में देखने का मौका मिलेगा। दूसरी ओर, चेन्नई के फिल्ममेकर बालाजी गणेश, जो लंबे समय तक ए.आर. मुरुगादॉस के को-डायरेक्टर रहे हैं, इस सस्पेंस थ्रिलर के साथ बतौर डायरेक्टर अपनी शुरुआत कर रहे हैं। उनके पास कहानी, निर्देशन और बड़े पैमाने के प्रोडक्शन का अच्छा अनुभव है। ​यह फिल्म एक्सेल एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है, जिसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस ने प्रोड्यूस किया है, जबकि कासिम जगमगिया, विशाल रामचंद्रनी, आदित्य जोशी, सुनील जैन और यूसुफ शेख इसके को-प्रोड्यूसर हैं।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 3:19 pm

श्री कुलदेवी स्तोत्रम् | Shri kuldevi stotram

।। श्री कुलदेवी स्तोत्रम् ।। ॐ नमस्ते श्री शिवाय कुलाराध्या कुलेश्वरी। कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1।। वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी। वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2।। आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी। विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम् शरणागत:।।3।। त्रैलोक्य ह्रदयं देवी कुलेशी कुलदीपिका। वंदितं च महाशक्ति त्राहिमाम् शरणागत:।।4।। कुलधर्म कुलज्ञान कुलपूजा कुलेश्वरी। सदानंदमयी माता त्राहिमाम् शरणागत:।।5।। कुलार्थं च प्रसीदत्वं कुलधर्म रता सुधी। कुलवात्सल्य रूपा च त्राहिमाम् शरणागत:।।6।। ।। इति श्री कुलदेवी स्तोत्रं सम्पूर्णम् ।।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 3:01 pm

ईद 2027 पर सलमान खान का कब्जा, 'SVC63' के ऐलान से फैंस एक्साइटेड

ईद बॉक्स ऑफिस को एक बार फिर अपनी सबसे बड़ी हेडलाइन मिल गई है, और यह खबर सलमान खान से जुड़ी है। हाल ही में सुपरस्टार सलमान खान ने आधिकारिक तौर पर ईद 2027 के लिए अपनी अगली फिल्म का ऐलान कर दिया है। इस खबर ने फैंस के बीच खलबली मचा दी है और उस परंपरा को फिर से ताजा कर दिया है जिसने एक दशक से ज्यादा समय से हिंदी सिनेमा को परिभाषित किया है। ​इस नई फिल्म का नाम फिलहाल 'SVC63' रखा गया है, जिसे डायरेक्टर वंशी पैदीपल्ली निर्देशित कर रहे हैं। इस फिल्म में नयनतारा भी नजर आएंगी और इसे दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए सलमान ने लिखा, थोड़ा दूर की सोचना चाहिए, इसीलिए ईद का ऐलान कर दिया... फिक्र मत करो, इस वाली का भी बताएंगे, जब सही वक्त आएगा... पेशेंस, थोड़ा सा सब्र... मेरे जितना ही इंतजार करना पड़ेगा, बहरहाल जो आपका हाल है वही मेरा भी हाल है... हाहा सलमान खान की फिल्म सिर्फ एक मूवी नहीं होती, बल्कि एक त्योहार की तरह होती है। और जब यह मौका ईद का हो, तो यह पूरे देश के लिए एक जश्न बन जाता है। सालों से सलमान ने ईद के इस मौके को जैसे अपने नाम कर लिया है, एक के बाद एक ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं जिनमें एक्शन, इमोशन, म्यूजिक और जबरदस्त मास अपील का तड़का होता है। 'वांटेड' और 'दबंग' से लेकर 'बॉडीगार्ड', 'एक था टाइगर', 'किक', 'बजरंगी भाईजान', 'सुल्तान' और 'भारत' तक, ईद पर उनका ट्रैक रिकॉर्ड कमाल का रहा है। ​वह बॉलीवुड के पहले ऐसे एक्टर थे जिन्होंने लगातार 17 फिल्में 100 करोड़ के क्लब में पहुंचाईं, जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे पैमाने बदल दिए। सलमान खान के नाम कई 200 करोड़ रुपए की हिट फिल्में हैं और कम से कम दो फिल्में तो ऐसी हैं जिन्होंने भारत में 300 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है, जैसे 'बजरंगी भाईजान' और 'सुल्तान' जिसने नए रिकॉर्ड बनाए। ​सलमान खान की फैन फॉलोइंग को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़ी क्यों माना जाता है, उसकी वजह है फैंस का प्यार और उनके प्रति वफादारी। बड़े शहरों से लेकर गांव-कस्बों तक, उनके फैंस हर उम्र के हैं, जो उनकी हर रिलीज को एक सामूहिक उत्सव में बदल देते हैं। अब जब ईद 2027 लॉक हो चुकी है, तो सलमान खान के एक और धमाकेदार धमाके का काउंटडाउन आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 2:47 pm

ईद 2027 पर बड़े पर्दे पर धमाका मचाएंगे सलमान खान, साउथ हसीना नयनतारा संग किया नई फिल्म का ऐलान

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म की रिलीज काफी समय से अटकी हुई है। इस बीच सलमान खान ने अपनी नई फिल्म का ऐलान कर दिया है। यह फिल्म ईद 2027 के मौके पर बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। सलमान खान ने सोशल मीडिया पर फिल्म के सेट से एक वीडियो शेयर करते हुए इसकी रिलीज डेट का ऐलान किया है। इस फिल्म में सलमान खान पहली बार साउथ एक्ट्रेस नयनतारा संग नजर आने वाले हैं। इस फिल्म का निर्देशन वामशी पैदिपल्ली कर रहे है। वामशी ने 'महर्षि' और 'वारिसु' जैसी नेशनल अवॉर्ड विनिंग और ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। फिल्म का निर्माण मशहूर प्रोड्यूसर दिल राजू के बैनर 'श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स' (SVC) के तहत किया जा रहा है। यह सलमान की पहली फिल्म होगी जो पूरी तरह से साउथ और नॉर्थ के बड़े कॉम्बिनेशन के साथ तैयार हो रही है। Thoda durr ki sochna chahiye, That’s why announced Eid….. Don’t worry iss wali ka bhi bataenge, when the time is right…… Patience, thoda sa sabar…… Mere Jitna he intezar karna padega, Baherhaal jo apka haal hai wo hi mera bhi haal hai…. haha #Nayanthara … pic.twitter.com/nMGrfOj3DF — Salman Khan (@BeingSalmanKhan) April 24, 2026 'जवान' की सफलता के बाद, साउथ की लेडी सुपरस्टार नयनतारा अब सलमान खान के साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी। मुंबई में इस हफ्ते फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। फैंस इस फ्रेश जोड़ी को देखने के लिए अभी से उत्साहित हैं। सलमान खान ने फिल्म के सेट से एक बीटीएस वीडियो शेयर करते हुए अपने सिग्नेचर अंदाज में लिखा, 'थोड़ा दूर की सोचना चाहिए, इसलिए ईद अनाउंस कर दी... चिंता मत करो, इस वाली का भी बताएंगे, जब सही समय आएगा। थोड़ा सब्र रखें... मेरे जितना ही इंतजार करना पड़ेगा। ईद और सलमान खान: एक अटूट परंपरा बॉलीवुड में 'ईद' का मतलब 'सलमान खान' बन चुका है। साल 2009 में 'वांटेड' से शुरू हुआ यह सिलसिला 'दबंग', 'बॉडीगार्ड', 'बजरंगी भाईजान', 'सुल्तान' और 'भारत' जैसी फिल्मों के साथ एक परंपरा बन गया है। ईद 2027 की यह घोषणा उसी विरासत को आगे बढ़ाने की एक कोशिश है।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 1:22 pm

'एक दिन' की रिलीज से पहले आमिर खान ने किया देवेन भोजानी की गुजराती फिल्म को सपोर्ट

आमिर खान प्रोडक्शंस की आने वाली फिल्म 'एक दिन' को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज बना हुआ है। एक प्यारी और दिल को छू लेने वाली लव स्टोरी के रूप में पहचानी जाने वाली इस फिल्म के ट्रेलर और गानों ने पहले ही लोगों का दिल जीत लिया है। फिल्म की रिलीज करीब आते ही, आमिर खान और जुनैद खान एक्टर देवेन भोजानी को उनकी गुजराती फिल्म 'धबकारो' के लिए सपोर्ट करने पहुंचे, जो उसी दिन रिलीज हो रही है। A post shared by Dhabkaaro (@dhabkaaro.thefilm) देवेन भोजानी की गुजराती फिल्म 'धबकारो' और 'एक दिन' दोनों ही 1 मई को रिलीज हो रही हैं। ऐसे में आमिर और जुनैद ने एक्टर से मुलाकात कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। अपनी फिल्म के साथ ही दूसरी फिल्म को इस तरह सपोर्ट करना आमिर और जुनैद का वाकई एक बहुत ही नेक और सराहनीय कदम है। खास बात यह है कि आमिर खान और देवेन भोजानी ने अपने करियर की शुरुआत साथ में की थी, दोनों ने अपना पहला नाटक एक साथ किया था। इसके अलावा, वे सुपरहिट फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' में भी साथ नजर आए थे। A post shared by Dhabkaaro (@dhabkaaro.thefilm) 'एक दिन' के जरिए आमिर खान और फिल्ममेकर मंसूर खान एक लंबे समय के बाद फिर से साथ आ रहे हैं, जो हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक रही है। अब 'एक दिन' के साथ यह जोड़ी फिर से रोमांस के जॉनर में वापसी कर रही है, जिसे लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। इनका साथ आना दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा रहा है कि इस बार पर्दे पर क्या जादू देखने को मिलेगा। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म में साई पल्लवी और जुनैद खान लीड रोल में हैं। सुनील पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म को आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 12:53 pm

सीता माता चालीसा | Sita Mata Chalisa

।।दोहा।। बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥ कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बासा करें दुःख भंजन सिया राम ॥ ।।चौपाई।। राम प्रिया रघुपति रघुराई बैदेही की कीरत गाई।। चरण कमल बन्दों सिर नाई, सिय सुरसरि सब पाप नसाई।। जनक दुलारी राघव प्यारी, भरत लखन शत्रुहन वारी।। दिव्या धरा सों उपजी सीता, मिथिलेश्वर भयो नेह अतीता।। सिया रूप भायो मनवा अति, रच्यो स्वयंवर जनक महीपति।। भारी शिव धनुष खींचै जोई, सिय जयमाल साजिहैं सोई।। भूपति नरपति रावण संगा, नाहिं करि सके शिव धनु भंगा।। जनक निराश भए लखि कारन, जनम्यो नाहिं अवनिमोहि तारन।। यह सुन विश्वामित्र मुस्काए, राम लखन मुनि सीस नवाए।। आज्ञा पाई उठे रघुराई, इष्ट देव गुरु हियहिं मनाई।। जनक सुता गौरी सिर नावा, राम रूप उनके हिय भावा।। मारत पलक राम कर धनु लै, खंड खंड करि पटकिन भू पै।। जय जयकार हुई अति भारी, आनन्दित भए सबैं नर नारी।। सिय चली जयमाल सम्हाले, मुदित होय ग्रीवा में डाले।। मंगल बाज बजे चहुँ ओरा, परे राम संग सिया के फेरा।। लौटी बारात अवधपुर आई, तीनों मातु करैं नोराई।। कैकेई कनक भवन सिय दीन्हा, मातु सुमित्रा गोदहि लीन्हा।। कौशल्या सूत भेंट दियो सिय, हरख अपार हुए सीता हिय।। सब विधि बांटी बधाई, राजतिलक कई युक्ति सुनाई।। मंद मती मंथरा अडाइन, राम न भरत राजपद पाइन।। कैकेई कोप भवन मा गइली, वचन पति सों अपनेई गहिली।। चौदह बरस कोप बनवासा, भरत राजपद देहि दिलासा।। आज्ञा मानि चले रघुराई, संग जानकी लक्षमन भाई।। सिय श्री राम पथ पथ भटकैं, मृग मारीचि देखि मन अटकै।। राम गए माया मृग मारन, रावण साधु बन्यो सिय कारन।। भिक्षा कै मिस लै सिय भाग्यो, लंका जाई डरावन लाग्यो।। राम वियोग सों सिय अकुलानी, रावण सों कही कर्कश बानी।। हनुमान प्रभु लाए अंगूठी, सिय चूड़ामणि दिहिन अनूठी।। अष्ठसिद्धि नवनिधि वर पावा, महावीर सिय शीश नवावा।। सेतु बाँधी प्रभु लंका जीती, भक्त विभीषण सों करि प्रीती।। चढ़ि विमान सिय रघुपति आए, भरत भ्रात प्रभु चरण सुहाए।। अवध नरेश पाई राघव से, सिय महारानी देखि हिय हुलसे।। रजक बोल सुनी सिय वन भेजी, लखनलाल प्रभु बात सहेजी।। बाल्मीक मुनि आश्रय दीन्यो, लव–कुश जन्म वहाँ पै लीन्हो।। विविध भाँती गुण शिक्षा दीन्हीं, दोनुह रामचरित रट लीन्ही।। लरिकल कै सुनि सुमधुर बानी, रामसिया सुत दुई पहिचानी।। भूलमानि सिय वापस लाए, राम जानकी सबहि सुहाए।। सती प्रमाणिकता केहि कारन, बसुंधरा सिय के हिय धारन।। अवनि सुता अवनी मां सोई, राम जानकी यही विधि खोई।। पतिव्रता मर्यादित माता, सीता सती नवावों माथा।। ।।दोहा।। जनकसुता अवनिधिया राम प्रिया लव-कुश मात, चरणकमल जेहि उन बसै सीता सुमिरै प्रात ॥

वेब दुनिया 24 Apr 2026 12:47 pm

'द ट्रायल' के लिए काजोल ने तोड़ी अपनी 32 साल पुरानी नो-किसिंग पॉलिसी, बताई वजह

बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल पिछले तीन दशकों से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। काजोल ने अपने 32 साल लंबे करियर में कई ऐसी लकीरें खींची थीं, जिन्हें पार करना उनके लिए नामुमकिन माना जाता था। इनमें से सबसे प्रमुख थी उनकी 'नो-किसिंग पॉलिसी'। लेकिन साल 2023 में जब काजोल ने ओटीटी की दुनिया में कदम रखा, तो फैंस को एक बड़ा सरप्राइज मिला। वेब सीरीज 'द ट्रायल: प्यार, कानून, धोखा' में काजोल ने अपने को-स्टार जिशु सेनगुप्ता के साथ एक लिपलॉक सीन देकर इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। A post shared by Lilly Singh (@lilly) अब आखिरकार काजोल ने बताया है कि 'नो किसिंग पॉलिसी' तोड़ने के पीछे क्या वजह थी। मशहूर इन्फ्लुएंसर लिली सिंह के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान काजोल ने इस बोल्ड फैसले पर खुलकर बात की। काजोल ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो, यह उस किरदार (नयोनिका सेनगुप्ता) की जरूरत थी जिसे मैं निभा रही थी। वह सिर्फ एक किस नहीं था, बल्कि उस महिला की भावनाओं, उसकी इच्छाओं और उसके विश्वास का एक हिस्सा था। काजोल ने स्वीकार किया कि वह सेट पर जाने तक इस सीन को लेकर 'बेहद असहज' थीं। उन्होंने कहा, थ्योरी में तो मुझे यह सही लगा, लेकिन जब सेट पर करने की बारी आई, तो मैं सोच रही थी कि क्या मैं सच में यह कर पाऊंगी या 'कट' बोलकर मना कर दूंगी। अंत में, यह एक प्रोफेशनल कॉल था। पॉडकास्ट के दौरान काजोल ने यह भी साझा किया कि वह अपने फैसलों को लेकर कभी पछतावा नहीं करतीं। उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में ही वह बहुत स्पष्ट थीं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने 'जेन-जी' को सलाह देते हुए कहा कि आज सूचनाओं की भरमार है, लेकिन असली चुनौती यह पहचानना है कि आप व्यक्तिगत रूप से क्या चाहते हैं। ता दें कि 'द ट्रायल' मशहूर अमेरिकी सीरीज 'द गुड वाइफ' का आधिकारिक भारतीय रूपांतरण है। इसमें काजोल ने एक ऐसी वकील और पत्नी का किरदार निभाया है जिसका पति एक सेक्स स्कैंडल में फंस जाता है। सुपर्ण वर्मा द्वारा निर्देशित इस शो ने काजोल को एक गंभीर और परिपक्व अभिनेत्री के रूप में फिर से स्थापित किया है।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 11:17 am

मेष राशि में बुध का गोचर, 5 राशियों को मिलेगा नौकरी और व्यापार में लाभ

Mercury Transit in Aries: बुध ग्रह 30 अप्रैल 2026 को सुबह 06:38 पर मंगल की राशि मेष में गोचर करने वाले हैं। बुध महाराज शनि के साए से मुक्त होकर मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे। यहां वे सूर्य और मंगल के साथ मिलकर एक शक्तिशाली युति बनाएंगे। संचार, बुद्धि और व्यापार के कारक बुध ग्रह 5 राशियों को लाभ देगा। ALSO READ: मेष राशि में बुध का गोचर: 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर, जानें किसकी बदलेगी किस्मत 1. मेष राशि: आपकी ही राशि (लग्न) में बुध का आगमन हो रहा है। यहां बुध 'दिग्बल' पाकर आपको गजब की वाकपटुता देंगे। आपकी बातें लोगों को प्रभावित करेंगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। सप्तम भाव पर दृष्टि के साझेदारी के करोबार में लाभ मिलेगा। बुध यहाँ छठे भाव के स्वामी भी हैं, इसलिए वायरल इन्फेक्शन या पाचन संबंधी समस्या परेशान कर सकती है। जीवनसाथी के साथ संवाद स्पष्ट रखें। 2. मिथुन राशि: आपके राशि स्वामी अब 11वें (लाभ) भाव में गोचर करेंगे। यह आपके लिए 'गोल्डन पीरियड' जैसा है। व्यापार उन्नति और नौकरी में प्रमोशन या आय वृद्धि के प्रबल योग हैं। दोस्तों के साथ नेटवर्किंग से भविष्य के रास्ते खुलेंगे। अपनी पहचान बनाने का यह सही समय है, इसे हाथ से न जाने दें। 3. कर्क राशि: बुध आपके 10वें (कर्म) भाव में आ रहे हैं। यह आपके पेशेवर जीवन के लिए एक बूस्टर डोज़ है। ऑफिस में आपकी मैनेजमेंट स्किल्स की तारीफ होगी। व्यापार में नई डील्स फाइनल हो सकती हैं। पहले की अपेक्षा आप अधिक सफलता प्राप्त करेंगे। हलांकि आपको थोड़े और प्रयास की जरूरत है। काम का दबाव अचानक बढ़ सकता है, मानसिक रूप से तैयार रहें। 4. सिंह राशि: आपके लिए बुध धन और लाभ के स्वामी होकर 9वें (भाग्य) भाव में बैठेंगे। नौकरी और व्यापार में किस्मत का सितारा बुलंद होगा। कोई नया हुनर सीखने या उच्च शिक्षा के लिए यह समय शानदार है। लंबी अवधि के निवेश के बारे में सोचें, भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा। 5. मीन राशि: बुध आपके 2रे (धन) भाव में प्रवेश कर रहे हैं। परिवार में वृद्धि और आर्थिक बचत के योग हैं। जीवनसाथी के माध्यम से भी धन लाभ हो सकता है। नौकरी और व्यापार में यह अच्छा लाभ देगा। अचानक आने वाले बदलावों के लिए तैयार रहें। ज्योतिष या रहस्यमयी विषयों में रुचि बढ़ सकती है।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 11:13 am

अगर आपके नाम में A, M, R या S है तो ये 5 राज जरूर जान लें

अंकशास्त्र (Numerology) और नाम के पहले अक्षर के प्रभाव के अनुसार, A, M, R और S से शुरू होने वाले नाम वाले व्यक्ति बहुत ही प्रभावशाली व्यक्तित्व के मालिक होते हैं। हालांकि यदि आपका नाम कुछ भी हो लेकिन यदि नाम की स्पेलिंग में यह अक्षर आते हैं तो भी आप पर मंगल, सूर्य, शुक्र और शनि का विशेष प्रभाव माना जा सकता है।यदि आपके नाम में ये अक्षर आते हैं, तो ये 5 बातें आपके व्यक्तित्व को गहराई से दर्शाती हैं। A, M, R और S वाले लोगों की 5 खास बातें 1. नेतृत्व की क्षमता (Leadership Qualities) इन अक्षरों वाले लोग जन्मजात नेता होते हैं। विशेषकर A और R से शुरू होने वाले लोग दूसरों के पीछे चलना पसंद नहीं करते। ये अपनी शर्तों पर जीवन जीना पसंद करते हैं और किसी भी समूह में मुख्य भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं। 2. बेहद भावुक और वफादार (Emotional & Loyal) जहाँ M और S वाले लोग बाहर से सख्त दिख सकते हैं, वहीं अंदर से ये बहुत ही नरम और भावुक होते हैं। ये अपने रिश्तों के प्रति बहुत गंभीर होते हैं। यदि ये किसी को अपना मित्र या जीवनसाथी चुनते हैं, तो उनका साथ आखिरी दम तक निभाते हैं। 3. कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प (Hardworking Nature) इन लोगों के लिए सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। M और R अक्षर वाले लोग काफी मेहनती होते हैं। ये जो लक्ष्य एक बार ठान लेते हैं, उसे पूरा करने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा लगा देते हैं। इनकी एकाग्रता (Focus) ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है। 4. स्वाभिमानी और स्पष्टवादी (Self-Respect & Straightforward) ये लोग अपने स्वाभिमान (Self-respect) से कभी समझौता नहीं करते। इन्हें घुमा-फिराकर बातें करना पसंद नहीं होता। जो दिल में होता है, वही जुबान पर होता है। कई बार इनकी स्पष्टवादिता लोगों को चुभ सकती है, लेकिन ये मन के साफ होते हैं। 5. आकर्षण और रचनात्मकता (Charisma & Creativity) इन अक्षरों वाले व्यक्तियों में एक प्राकृतिक आकर्षण होता है। S और A वाले लोग अक्सर कला, संगीत या रचनात्मक कार्यों में बहुत रुचि रखते हैं। इनकी बातचीत करने की शैली ऐसी होती है कि लोग इनकी ओर खिंचे चले आते हैं। अक्षर की राशि और ग्रह A (ए): यह अक्षर मेष राशि और मंगल (Mars) से संबंधित माना जाता है। यह नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, ऊर्जा, और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। M (एम): यह अक्षर सिंह राशि और सूर्य से (Sun) या कभी-कभी पानी के तत्व से संबंधित होता है, जो मेहनत, स्थिरता, और भावनाओं को दर्शाता है। S (एस): यह अक्षर कुंभ राशि और शनि (Saturn) के प्रभाव में आता है। यह अनुशासन, जिम्मेदारी, मेहनत और जीवन में संघर्ष के बाद सफलता का संकेत देता है। R (आर): यह अक्षर तुला राशि और शुक्र (Venus) या अन्य ग्रहों के प्रभाव से जुड़कर लक्जरी लाइफ, आकर्षण, मानसिक शक्ति, ऊर्जा और कार्य करने की क्षमता को दर्शाता है। एक छोटी सी सलाह चूँकि आप स्वभाव से थोड़े जिद्दी और भावुक हो सकते हैं, इसलिए कई बार गुस्से में आकर गलत फैसले ले लेते हैं। यदि आप अपने धैर्य (Patience) पर थोड़ा काम करें, तो आपकी सफलता की राह और आसान हो सकती है।

वेब दुनिया 24 Apr 2026 10:54 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Rashifal 24 April 2026: करियर: आज आप कार्यस्थल की चुनौतियों को इन्हें आसानी से पार कर लेंगे। लव: प्रेम रिश्ते में रोमांटिक अवसर मिल सकते हैं। धन: धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में हल्की थकान हो सकती है। उपाय: आज हनुमान जी का स्मरण करें। ALSO READ: Numerology Weekly Horoscope: : साप्ताहिक अंक राशिफल 20-26 अप्रैल 2026: जानिए आपका लकी नंबर क्या कहता है? 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्यस्थल पर आप संयम बनाए रखें। लव: प्रेम संबंधों में एक दूसरे के विचारों का सम्मान करें। धन: आज खर्चों में वृद्धि हो सकती है, बजट का ध्यान रखें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए योग करें। उपाय: श्री गणेश जी को लड्डू का भोग अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज कार्यक्षेत्र में काम में धीमी गति हो सकती है। लव: आज प्रेम संबंधों में नए मोड़ आएंगे। धन: धन के मामले में यह दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य में सुधार होगा, पर्याप्त आराम लें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर किसी कठिन प्रोजेक्ट को पूरा करने का अवसर मिलेगा। लव: आज प्रेम संबंधों में थोड़ी परेशानियां आ सकती हैं, संयम रखें। धन: आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: सेहत में कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। उपाय: सूर्य देव की पूजा करें और जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आज कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य बना रहेगा। धन: किसी निवेश के मामले में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, ध्यान रखें। उपाय: भगवान श्री कृष्ण की पूजा करें। ALSO READ: Mohini Ekadashi: मोहिनी एकादशी का अद्भुत महत्व: 5 बातें जो आपको जरूर जाननी चाहिए 6. कन्या (Virgo) करियर: आज कुछ नई योजनाओं के परिणाम सकारात्मक रहेंगे। लव: आज एक दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे। धन: धन के मामलों में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय: पीपल के पेड़ की पूजा करें। 7. तुला (Libra) करियर: आज कार्यक्षेत्र में कुछ बदलाव आ सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में थोड़ी असहमति हो सकती है। धन: आज कोई बड़ी आर्थिक चिंता नहीं होगी। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में सामान्य रहेगा, तनाव से बचें। उपाय: घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आप कार्यस्थल पर अपने प्रयासों का फल प्राप्त करेंगे। लव: प्रेम संबंधों में आज का दिन अच्छा रहेगा। धन: धन के मामले में आय बढ़ने के संकेत हैं। स्वास्थ्य: किसी भी प्रकार की अधिक मेहनत से बचें। उपाय: शनिदेव की पूजा करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नौकरीपेशा के लिए यह समय लाभकारी रहेगा। लव: आज प्रेमीजन किसी भी भ्रम से बचें। धन: आज आपके धन संबंधी मामलों में कोई खास बदलाव नहीं होगा। स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक रूप से थोड़ा तनाव हो सकता है। उपाय: दान करें और जरूरतमंदों की मदद करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी। लव: प्रेमीजन अपने रिश्ते को मजबूत करेंगे। धन: धन की स्थिति स्थिर रहेगी, कुछ खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में कोई परेशानी नहीं होगी। उपाय: श्री लक्ष्मी नारायण का पूजन करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: आज कार्य में किसी नई दिशा का सामना कर सकते हैं। लव: रिश्तों में थोड़ी परेशानियां आ सकती हैं, संयम बनाए रखें। धन: धन का संचार अच्छा रहेगा, लेकिन खर्चों पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस करेंगे। उपाय: भगवान शिव का ध्यान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आज कार्यस्थल पर किसी नई जिम्मेदारी का सामना कर सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य बना रहेगा। धन: धन के बड़े निवेश से पहले अच्छे से सोचें। स्वास्थ्य: आज अधिक मानसिक दबाव से बचें। उपाय: भगवान सूर्य को जल अर्पित करें। ALSO READ: मेष में बनने वाला है मंगलादित्य, बुधादित्य और त्रिग्रही योग: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

वेब दुनिया 24 Apr 2026 7:03 am

जयपुर में AI से फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को दबोचा

जयपुर। राजस्थान में जयपुर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आई) की मदद से फर्जी समाचार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के एक गंभीर मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ज्योति नगर थाना पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार सोहाना, पंजाब निवासी अमृता धूमाल को अदालत में पेश किया, जहां जज श्रृंगिका जाजू […] The post जयपुर में AI से फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को दबोचा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:36 pm

भारतीय नमकीन उद्योग के दिग्गज उद्योगपति शिवरतन अग्रवाल का निधन

बीकानेर। भारतीय नमकीन उद्योग के दिग्गज उद्योगपति और देश विदेश में विख्यात बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संचालक शिवरतन अग्रवाल उर्फ फन्ना बाबू का चेन्नई में गुरुवार को निधन हो गया। अग्रवाल के निधन की खबर से नमकीन उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और बीकानेर सहित राजस्थान में में शोक छा गया। उनका अंतिम संस्कार […] The post भारतीय नमकीन उद्योग के दिग्गज उद्योगपति शिवरतन अग्रवाल का निधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:31 pm

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, गला घोंटने से हुई आईआरएस अधिकारी की बेटी की मौत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके में भारतीय राजस्व सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी की बेटी की हत्या की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है जिसमें कहा गया है कि हत्यारे ने पहले उसका गला घोंटा था। मृतका के चेहरे और हाथों पर चोट के कई निशान मिले हैं, जो इस बात की ओर […] The post पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, गला घोंटने से हुई आईआरएस अधिकारी की बेटी की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:28 pm

टिहरी गढ़वाल में खाई में गिरी पिकअप, 8 की मौत, 2 घायल

टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद में सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्ता जानकारी के अनुसार चंबा-कोटी नैल मोटर मार्ग पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गई, […] The post टिहरी गढ़वाल में खाई में गिरी पिकअप, 8 की मौत, 2 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:22 pm

फर्जी मतदान, हिंसा और गड़बड़ियों ने उत्तरी बंगाल के चुनावों को दागदार बनाया

सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में फर्जी मतदान, हिंसा और गड़बड़ियों की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिसने मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कूचबिहार, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दार्जिलिंग जैसे क्षेत्रों में मतदान के दौरान हिंसा और मतदाताओं को […] The post फर्जी मतदान, हिंसा और गड़बड़ियों ने उत्तरी बंगाल के चुनावों को दागदार बनाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:18 pm

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शाम छह तक 84.80 प्रतिशत मतदान

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरूवार शाम छह बजे तक 84.80 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले, जो अपने आप में रिकॉर्ड तोड़ मतदान है। मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि मतदाताओं ने वोटिंग को लेकर खासे उत्साह का प्रदर्शन किया। तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव कराया गया है। राज्य की सभी 234 सीटों के […] The post तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शाम छह तक 84.80 प्रतिशत मतदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:14 pm

राजस्थान में महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर गुरुवार को राज्य में महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी प्रदान की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इससे राज्य कार्मिकों एवं पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि देय होगी। अब प्रदेश में सातवें वेतनमान के अंतर्गत राज्य […] The post राजस्थान में महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 11:09 pm

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: पश्चिम बंगाल चुनाव और लोकतंत्र की कसौटी

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में सुरक्षा तैनाती, मतदाता सूची विवाद और आचार संहिता को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठते गंभीर सवाल।

हस्तक्षेप 23 Apr 2026 10:58 pm

श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा, जयकारों से गूंजा पुष्कर मार्ग

अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित श्री नवदुर्गा नौसर माता मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ से पूर्व गुरुवार को गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरा वातावरण मां महालक्ष्मी के […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा, जयकारों से गूंजा पुष्कर मार्ग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 10:40 pm

पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% वोटिंग क्यों हुई:ममता या बीजेपी किसे मिलेगा फायदा; पिछले चुनावों के एनालिसिस और एक्सपर्ट्स से समझिए

पश्चिम बंगाल में पहले फेज की 152 सीटों पर 92% वोटिंग हुई है। अगर यही पैटर्न दूसरे और आखिरी फेज की 142 सीटों पर रहा, तो यह बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा वोटर टर्नआउट होगा। 2021 विधानसभा चुनाव में 82% वोट पड़े थे। आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में कुल 17 विधानसभा चुनाव हुए हैं और 4 बार सत्ता परिवर्तन हुआ है। इनमें 3 चुनावों में जब वोटिंग 4.5% से ज्यादा घटी या बढ़ी है, तो सत्ता बदल गई। चौथी बार 2011 में जब ममता ने लेफ्ट के 34 साल के शासन को खत्म किया, तब 2.4% वोटिंग बढ़ी थी। इस बार बंगाल में इतनी ज्यादा वोटिंग क्यों हुई और इससे टीएमसी या बीजेपी किसे मिलेगा फायदा; पिछले चुनावों के एनालिसिस और एक्सपर्ट्स से जानेंगे पूरी कहानी… पहले जानते हैं कि इस बार बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग क्यों हो रही है? वजह-1: SIR में 91 लाख नाम कटे, लेकिन वोट देने वाले उतने ही वजह-2: टीएमसी और बीजेपी ने महिलाओं से वादे कर लामबंद किया वजह-3: चुनाव के लिए 2.4 लाख जवानों की तैनाती वजह-4: ममता को लेकर एंटी-इनकमबेंसी या प्रो-इनकमबेंसी फैक्टर इतनी ज्यादा वोटिंग से बीजेपी या ममता किसे फायदा होगा? यानी यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वोटर टर्नआउट बढ़ने से किसे फायदा मिलेगा। पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावों के एनालिसिस से भी कोई साफ पैटर्न समझ नहीं आता। आजादी के बाद १७ चुनावों में 9 बार वोटिंग 4.5% से ज्यादा घटी/बढ़ी है। इसमें सिर्फ 3 बार सत्ता परिवर्तन हुआ, बाकी 6 बार मौजूदा सरकार ही बरकरार रही। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रभाकरमणि तिवारी मानते हैं कि SIR की नाराजगी का फायदा टीएमसी को मिल सकता है। सीनियर जर्नलिस्ट सुमन भट्टाचार्य बताते हैं कि इतनी ज्यादा वोटिंग होना, बीजेपी के लिए चुनौती साबित हो सकती है। क्योंकि पहले फेज में जिस इलाके में वोटिंग हुई है, वो बीजेपी का गढ़ है। वहीं अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर बीजेपी को सबक सिखाने के लिए ज्यादा वोटर्स निकले, खासकर महिलाएं। SIR के बाद बिहार चुनाव में 10% वोटिंग बढ़ी, BJP को फायदा मिला ------------- बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मुस्लिम बहुल 6 जिले ममता को बनाते हैं अजेय: TMC की आधी सीटें यहीं से; क्या ममता के ‘चिकन नेक’ पर शिकंजा कसेगी बीजेपी फरवरी 2026 में गृहमंत्री अमित शाह ने 3 दिन तक सीमांचल इलाके का दौरा किया। इसके बाद एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी चली कि केंद्र सरकार एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी में है, जिसमें बिहार के सीमांचल इलाके के 4 जिले और उत्तरी बंगाल के चिकन नेक या सिलिगुड़ी कॉरिडोर के 8 जिले शामिल हो सकते हैं। कहा गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले ये ममता बनर्जी को हराने की स्ट्रैटजी है। चर्चा इतनी जोर से उठी कि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB को इसे अफवाह बताकर खारिज करना पड़ा। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 23 Apr 2026 8:24 pm

UP Board Result 2026 : बरेली की बेटियों का जलवा, सर्वोदय इंटर कॉलेज की छात्राओं ने प्रदेश में टॉप कर रचा इतिहास

उत्तरप्रदेश बोर्ड परीक्षा परिणाम में बरेली की बेटियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। खेड़ा गांव स्थित सर्वोदय जन कल्याण इंटर कॉलेज की छात्राओं ने प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल कर नई मिसाल पेश की है। नंदिनी गुप्ता ने 97.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि सुरभि यादव ने 97 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय में जश्न का माहौल बन गया। दोनों छात्राओं का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया और मिठाइयां बांटी गईं। शिक्षकों और परिजनों के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। नंदिनी गुप्ता की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और अनुशासन की बड़ी भूमिका रही है। उनके पिता मोहनलाल गुप्ता फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि माता ममता देवी गृहिणी हैं। नंदिनी रोजाना लगभग 7 किलोमीटर साइकिल से स्कूल जाती थीं। उन्होंने बताया कि मौसम चाहे जैसा भी हो, उन्होंने कभी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। नियमित कक्षाओं के साथ-साथ अतिरिक्त कक्षाओं में भी भाग लिया और रोजाना करीब 18 घंटे अध्ययन किया। उनका सपना डॉक्टर बनना है। सुरभि यादव ने भी अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। वह भी 7 से 8 किलोमीटर दूर से साइकिल चलाकर स्कूल पहुंचती थीं। उनके पिता इफको खाद कंपनी में कार्यरत हैं। सुरभि ने बताया कि उन्होंने पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई की, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और अतिरिक्त कक्षाओं का पूरा लाभ उठाया। उनका लक्ष्य भी डॉक्टर बनना है। दोनों छात्राओं की सफलता से पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। विद्यालय के शिक्षकों ने इसे कठिन परिश्रम, अनुशासन और सही मार्गदर्शन का परिणाम बताया। परिजनों ने भी मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। बरेली की इन बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। Edited by: Sudhir Sharma

वेब दुनिया 23 Apr 2026 7:24 pm

रोहित धोनी बाहर, मुंबई ने टॉस जीतकर चेन्नई के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)

CSKvsMI मुंबई इंडियन्स ने वानखेड़े स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। चेन्नई की टीम से महेंद्र सिंह धोनी नदारद है और मुंबई की टीम से रोहित शर्मा नदारद हैं। ऐसा माना जा रहा था कि यह दोनों इस मैच में दिखेंगे लेकिन फिटनेस के चलते ऐसा नहीं हो पाया। Toss update from Mumbai @mipaltan won the toss and elected to bowl first against @ChennaiIPL Updates https://t.co/gGt34dqUoq #TATAIPL | #KhelBindaas | #MIvCSK pic.twitter.com/nDH0Nw23eD — IndianPremierLeague (@IPL) April 23, 2026 टीम इस प्रकार हैं: (Playing XI & Impact Player) मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, दानिश मालेवार, शेरफेन रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, तिलक वर्मा, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, कृष भगत, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा। चेन्नई सुपर किंग्स: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), एमएस धोनी (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), कार्तिक शर्मा (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, सरफराज खान, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), अमन खान, शिवम दुबे, जैक फॉल्क्स, रामकृष्ण घोष, अंशुल कंबोज, जेमी ओवरटन, मैथ्यू शॉर्ट, प्रशांत वीर, राहुल चाहर, श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह, मैट हेनरी, अकील हुसैन, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी, नूर अहमद।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 7:11 pm

आयुष म्हात्रे की जगह चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में आया यह गेंदबाज, पहले था मुंबई में

चेन्नई सुपर किंग्स ने आयुष म्हात्रे की जगह बल्लेबाज की जगह एक गेंदबाज को तरजीह दी है। चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियन्स के खिलाफ होने वाले मैच से पहले एक ऐसे गेंदबाज को टीम में शामिल किया है जो खुद मुंबई इंडियन्स के लिए खेल चुका है। इस गेंदबाज का नाम आकाश मधवाल है। भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान म्हात्रे ने सीएसके के लिए इस सत्र में शानदार शुरुआत की थी, उन्होंने छह मैच में दो अर्धशतक बनाए लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें बाईं हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी।मधवाल 30 लाख रुपये में सीएसके से जुड़े हैं। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मधवाल इससे पहले मुंबई इंडियंस (2023, 2024) और राजस्थान रॉयल्स (2025) का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। Official Announcement Speed incoming!! Akash Madhwal is now #Yellove Note: Akash Madhwal replaces Ayush Mhatre, who has been ruled out due to hamstring injury. #WhistlePodu pic.twitter.com/tSgnZupmZb — Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) April 23, 2026 इस सत्र की शुरुआत में सीएसके के ट्रायल्स में शामिल हुए उत्तराखंड के इस तेज गेंदबाज ने अब तक 17 आईपीएल मैच खेले हैं और 23 विकेट लिए हैं।बत्तीस वर्षीय इस खिलाड़ी के नाम पांच विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है। उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए अपने पहले ही सत्र में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर मैच में पांच रन देकर पांच विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 5:30 pm

Sita Navami 2026: जानकी जयंती या सीता नवमी कब और क्यों मनाई जाती है?

Sita Navami Celebration: जानकी जयंती या सीता नवमी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इसे हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख मास की शुक्ल पक्ष नवमी को मनाया जाता है। ALSO READ: माता बगलामुखी की पूजा विधि, मं‍त्र, आरती, चालीसा, कथा और लाभ मान्यतानुसार जिस दिन सीता माता प्रकट हुई, उसे जानकी जयंती या सीता नवमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग विशेष पूजा-अर्चना, हवन, कथा वाचन और भजन-कीर्तन का आयोजन करते हैं। यह दिन नारी शक्ति, मर्यादा और धार्मिक आस्था का प्रतीक भी है। माता सीता को धैर्य, शांति और धर्म की प्रतीक माना जाता है, और उनके जीवन से हम सभी को सत्संग, त्याग और भक्ति की प्रेरणा मिलती है। जानकी जयंती (सीता नवमी) की तिथि 2026 में • तिथि: 25 अप्रैल 2026 • दिन: शनिवार • यह तिथि क्षेत्र और पंचांग के अनुसार थोड़ा बदल सकती है। क्यों मनाई जाती है? 1. माता सीता का जन्मोत्सव: सीता जी को जानकी भी कहा जाता है, क्योंकि उनका जन्म जनकपुरी (जनक राजा के राज्य) में हुआ था। उन्हें धरती से उत्पन्न देवी माना जाता है। 2. धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व: माता सीता को आदर्श स्त्री और नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनका जीवन धैर्य, समर्पण, सत्य और धर्म के पालन का संदेश देता है। 3. पूजा और अनुष्ठान: इस दिन श्रद्धालु माता सीता की मूर्ति या चित्र की तथा राम-सीता की पूजा करते हैं। व्रत, कथा पाठ और हवन का आयोजन भी किया जाता है। कई जगहों पर रामायण का पाठ और भजन कीर्तन होते हैं। 4. नारी शक्ति का सम्मान: जानकी जयंती का पर्व न केवल माता सीता के जन्मदिन के रूप में, बल्कि स्त्री सम्मान और धार्मिक आदर्शों के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: बद्रीनाथ धाम के ये 10 रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान, आज तक नहीं सुनी होंगी ये बातें

वेब दुनिया 23 Apr 2026 5:02 pm

'लंगूर को हूर मिल गई', राधा संग शादी रचाने के बाद राजपाल यादव को मिले थे ताने, एज गेप पर भी तोड़ी चुप्पी

बॉलीवुड में अपनी कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ, दोनों को लेकर चर्चा में हैं। चेक बाउंस मामले में जेल से बाहर आने के बाद उनकी फिल्म 'भूत बंगला' रिलीज हुई है। हाल में राजपाल यादव शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में नजर आए। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी राधा यादव के साथ अपने रिश्ते और 10-12 साल के उम्र के फासले पर ऐसी बातें कहीं, जिसने सोशल मीडिया पर फैंस का दिल जीत लिया है। राजपाल यादव ने अपनी प्रेम कहानी साझा करते हुए बताया कि उनकी और राधा की मुलाकात कैलगरी (कनाडा) में हुई थी। आज भी मुझे समझ नहीं आता कि उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे के आदमी को कनाडा में जीवनसाथी कैसे मिल गया। राजपाल ने खुलासा किया कि जब वे पहली बार साथ आए, तो उनके परिवार और दोस्तों के लिए यह यकीन करना मुश्किल था। उनकी मौसी ने तो यहां तक कह दिया था, लंगूर को हूर मिल गई। राजपाल खुद भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि राधा न केवल बेहद खूबसूरत हैं, बल्कि वे उनके जीवन की सबसे मजबूत कड़ी भी साबित हुई हैं। राजपाल और राधा की शादी साल 2003 में हुई थी। उनके बीच 10 से 12 साल का उम्र का अंतर है, लेकिन राजपाल के अनुसार, संवाद (Communication) ने उनके रिश्ते को हमेशा जवान रखा। उन्होंने बताया कि राधा को पांच भाषाओं का ज्ञान है और शुरुआती दिनों में उनकी हिंदी राजपाल से भी बेहतर थी। बता दें कि राजपाल यादव ने राधा संग दूसरी शादी की थी। उनकी पहली पत्नी का नाम करुणा था। उनकी शादी तब हुई थी जब राजपाल बॉलीवुड में स्थापित नहीं हुए थे। यह शादी उनके माता-पिता की मर्जी से हुई एक पारंपरिक शादी थी। साल 1991 में बेटी के जन्म के तुरंत बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण करुणा का निधन हो गया था। करुणा के निधन के लगभग 12 साल बाद, राजपाल की जिंदगी में राधा आईं। राजपाल और राधा की मुलाकात 2002 में कनाडा में फिल्म 'द हीरो' की शूटिंग के दौरान हुई थी। राधा ने न केवल राजपाल को संभाला, बल्कि उनकी बेटी ज्योति को भी अपनी सगी मां जैसा प्यार दिया। आज राधा और राजपाल की अपनी दो बेटियां और हैं, और पूरा परिवार एक साथ रहता है।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 4:59 pm

ज्येष्ठ माह 60 दिनों का: इस दौरान 5 राशियों की किस्मत के तारे रहेंगे बुलंदी पर

मई और जून माह 2026 में सूर्य, मंगल और बुध का गोचर मेष से वृषभ में होगा, शुक्र का वृषभ से मिथुन और फिर कर्क में होगा। इस दौरान 60 दिनों का ज्येष्ठ माह रहेगा। इन 60 दिनों में अधिकमास भी रहेगा। इन दोनों माह में 5 राशियों की किस्मत का तारा बुलंदी पर रहेगा। चलिए जानते हैं कि कौनसी राशियां रहेगी लाभ में। 13 माह का 'रौद्र' संवत्सर हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में 'रौद्र' नामक संवत्सर प्रारंभ हो चुका है। खगोलीय गणना के अनुसार, इस वर्ष कुल 12 नहीं बल्कि 13 माह होंगे। इस अतिरिक्त महीने को 'अधिक मास', 'पुरुषोत्तम मास' या 'मलमास' कहा जाता है। 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है कि ज्येष्ठ मास दो बार (कुल 60 दिन) आएगा। इस वर्ष के राजा राजा बृहस्पति (गुरु) और मंत्री मंगल हैं। ग्रहों की स्थिति और प्रभाव अवधि: ज्येष्ठ माह 1 मई से 29 जून 2026 तक रहेगा। ग्रह गोचर: बृहस्पति मिथुन में, शनि मीन में, मंगल मेष और वृषभ में, सूर्य मेष और वृषभ में, बुध मेष और वृषभ में और शुक्र वृषभ, मिथुन और कर्क में। राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे होंगे। अशुभ योग: इसी दौरान शनि और मंगल का संबंध भी रहेगा, खप्पर योग भी रहेगा, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। 13 माह में 13 पूर्णिमा का होना भी धार्मिक और सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। इन 5 राशियों के लिए समय रहेगा बेहद शुभ भले ही संवत्सर का नाम 'रौद्र' है, लेकिन ज्येष्ठ के इन 60 दिनों में गुरु, मंगल और सूर्य की कृपा से निम्नलिखित 5 राशियों की किस्मत चमकने वाली है। 1. मेष राशि (Aries) संवत्सर के मंत्री मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं। ज्येष्ठ माह में आपको करियर में बड़ी छलांग लगाने का मौका मिलेगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी और समाज में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। साहस और पराक्रम से आप कठिन कार्यों को भी सिद्ध कर लेंगे। 2. वृषभ राशि (Taurus) अधिक मास के दौरान गुरु की दृष्टि आपके धन भाव पर रहेगी। व्यापार में निवेश के लिए यह सर्वोत्तम समय है। अचानक पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। पारिवारिक विवादों का अंत होगा और आप नया वाहन या मकान खरीदने की योजना बना सकते हैं। 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए ज्येष्ठ के 60 दिन वरदान साबित होंगे। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी और जो लोग राजनीति से जुड़े हैं, उन्हें बड़ा पद मिल सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आपकी निर्णय क्षमता आपको शत्रुओं पर विजय दिलाएगी। 4. तुला राशि (Libra) आपके लिए यह समय प्रेम और सामंजस्य का रहेगा। यदि कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो ग्रहों का साथ मिलेगा। विशेषकर विदेश से जुड़े व्यापार में बड़ा मुनाफा होने के संकेत हैं। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे जो मानसिक शांति प्रदान करेंगे। 5. धनु राशि (Sagittarius) चूंकि संवत्सर के राजा गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह 13 माह का वर्ष आपके लिए आध्यात्मिक और आर्थिक उन्नति लाएगा। ज्येष्ठ माह में आपकी बौद्धिक क्षमता निखरेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अपार सफलता मिलेगी। निष्कर्ष और उपाय: ज्येष्ठ के इस विशेष संयोग और अधिक मास की अवधि में भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) की उपासना अत्यंत फलदायी रहती है। चूंकि संवत्सर 'रौद्र' है और मंगल मंत्री हैं, इसलिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ और विष्णु सहस्रनाम का श्रवण करने से ग्रहों की उग्रता शांत होती है और शुभ फलों में वृद्धि होती है।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 4:40 pm

सस्टेनेबल डेवलपमेंट के प्रणेता जिम्मी मगिलिगन की 15वीं पुण्यतिथि पर सेवा और संकल्प सप्ताह का सर्वधर्म प्रार्थना से समापन

'ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर' से सम्मानित और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित, जिम्मी मगिलिगन की 15वीं पुण्यतिथि को 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह' के रूप में मनाया गया। सात दिनों तक चले इस आयोजन का उद्देश्य पद्मश्री (श्रीमती) डॉ. जनक पलटा मगिलिगन के पति जिम्मी मगिलिगन के प्रकृति-प्रेम और उनके पदचिह्नों पर चलते हुए समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना रहा। सप्ताह का शुभारंभ एक भव्य सोलर कुकिंग फूड फेस्टिवल के साथ हुआ, जिसमें लगभग 60-70 लोगों ने सोलर कुकिंग करके सामूहिक खाना बनाया और उसका आनंद लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने सौर ऊर्जा के उपयोग और सोलर कुकिंग की तकनीक को बारीकी से सीखा। इसके पश्चात एक्रोपोलिस कॉलेज, वैष्णव कॉलेज, वरुण रहेजा सोलर फ़ूड, लाइफ केयर हॉस्पिटल और देवी अहिल्या विश्वविद्यलय के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग सहित शहर के विभिन्न संस्थानों और स्थानों पर संगोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिनमें जल संरक्षण, प्रदूषण मुक्त पर्यावरण, जैविक खाने और सोलर कुकिंग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। आयोजन के दौरान पद्मश्री (श्रीमती) डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने बताया कि उनके पति जिम्मी मगिलिगन का पूरा जीवन सस्टेनेबल डेवलपमेंट को समर्पित था। उन्होंने साझा किया कि वह भी पिछले 41 वर्षों से लोगों को नि:शुल्क सस्टेनेबल जीवन जीना सिखा रही हैं। पद्मश्री (श्रीमती) डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने इस जीवनशैली में 'जीरो वेस्ट', अपना भोजन स्वयं उगाने और अपनी आयु के बराबर पौधे लगाने जैसी आदतों पर विशेष जोर दिया, जिसे अब बच्चे भी उत्साहपूर्वक सीखकर अपना रहे हैं। कई वर्षों से अकेले रहकर इस मिशन को आगे बढ़ा रहीं डॉ. पलटा के साथ इस कार्यक्रम में उनके माता-पिता के परिवार के सदस्य, फाउंडेशन के ट्रस्टी वीरेंद्र गोयल, अनुराधा दुबे और आभा पलटा तिवारी और उनके पति डॉ. अनुराग तिवारी भी उपस्थित रहे। इस मुख्य कार्यक्रम का स्वरूप आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रहा। कार्यक्रम की शुरुआत तपन मुखर्जी दादा के शंखनाद और वीरेंद्र गोयल द्वारा ॐ के उच्चारण से हुई। इसके पश्चात सुभाष पलटा ने अतिथियों का स्वागत किया और पद्मश्री (श्रीमती) डॉ. जनक पलटा ने जिम्मी मगिलिगन की याद में विशेष प्रार्थना की। कार्यक्रम में पूनम पलटा और नीलम वर्मा ने बहाई प्रार्थनाएं कीं, जबकि वंदना बत्रा, अरुण वर्मा ने भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। अद्वय तिवारी और अनुराग तिवारी ने गायत्री मंत्र का पाठ किया | इस अवसर पर अनुराग शुक्ला और राजेंद्र ऊचानी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया, वहीं परविंदर सिंह भाटिया और गुरबख्श ने गुरु ग्रंथ साहिब से गुरुवाणी का पाठ कर सर्वधर्म सद्भाव का संदेश दिया। साहित्यिक और संगीतमय प्रस्तुतियों की कड़ी में सुष्मिता भट्टाचार्य ने जिम्मी मगिलिगन से सोलर ऊर्जा की प्रेरणा लेकर एक कविता का पाठ किया। इसके साथ ही डॉ. ललिता शर्मा, हातिम अनंत, प्रिया शर्मा, फाजली परिवार, चंदा निखारे और डॉ. प्रकाश कौशल ने बहाई पवित्र लेखों का पाठ किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भारतीय संगीत गुरु और पंचम निषाद की संस्थापिका शोभा चौधरी और संतोष अग्निहोत्री के हारमोनियम की संगत उनकी पूरी मंडली द्वारा की गई राम स्तुति का संकीर्तन रहा। अंत में सभी आगंतुकों का आभार आभा पलटा तिवारी द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के पश्चात सभी ने मिलकर सहभोज किया। उल्लेखनीय है कि गिरीदर्शन में पिछले 15 साल की तरह यह कार्यक्रम भी पूर्णत कचरामुक्त और प्रदूषण मुक्त रहा।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 3:22 pm

दोस्त की शादी में आर्यन खान का फुल ऑन मस्ती अवतार, 'जूता चुराई' रस्म को बना डाला मिनी वॉर, देखिए वीडियो

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान अक्सर अपने शांत और गंभीर स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हाल ही में एक शादी समारोह से उनका जो वीडियो सामने आया है, उसने फैंस की इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आर्यन खान अपने सबसे अच्छे दोस्त माहिर मेहता और रिया की शादी में शामिल हुए, जहां उन्होंने 'जूता चुराई' की रस्म को एक 'मिनी वॉर' में तब्दील कर दिया। वेडिंग ऑर्गेनाइजर ने 'जूता चुराई' रस्म का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में आर्यन खान बेहद कैजुअल लुक—जींस, टी-शर्ट और ब्राउन जैकेट में नजर आ रहे हैं। परंपरा के अनुसार, दुल्हन पक्ष की लड़कियां दूल्हे के जूते चुराने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन आर्यन ने मोर्चा संभाल लिया। Aryan Khan What is really happening here man pic.twitter.com/jz1uaP55bX — POSITIVE FAN (@POSITIVEFANN) April 22, 2026 वीडियो में दिख रहा है कि आर्यन दूल्हे का जूता हाथ में लेकर भाग रहे हैं। इस दौरान कई लोग उनसे जूता छीनने की कोशिश करते दिखते हैं। आर्यन जूते को बचाते हुए अपना बैलेंस खो बैठते हैं और गिरते-गिरते बचते हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंत में वह जूता लेकर वहां से दूर भाग जाते हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद फैंस ने कमेंट्स की बौछार कर दी। एक यूजर ने लिखा, 'मुझे लगा कोई असली झगड़ा (लफड़ा) हो गया है।' एक अन्य ने लिखा, 'हर दूल्हे को ऐसा ही वफादार दोस्त मिलना चाहिए।' मस्ती के अलावा आर्यन अपने काम को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' के साथ बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत की है। इस सीरीज में उन्होंने न केवल निर्देशन किया, बल्कि वह इसके लेखक और शो-रनर भी हैं।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 3:17 pm

लॉरा वुलफार्ट के शतक ने भारत को हराया लगातार तीसरा T-20I

INDvsSA कप्तान लॉरा वुलफार्ट (115) की आतिशी शतकीय पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे टी-20 मुकाबले में भारत को 21 गेंदे शेष रहते नौ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त बना ली है। बुधवार रात द वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 192 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 16.3 ओवर में एक विकेट पर 193 रन बनाकर मुकाबला और सीरीज अपने नाम कर ली। कप्तान लॉरा वुलफार्ट ने 53 गेंदों में 14 चौके और पांच छक्के उड़ाते हुए 115 रनों की शतकीय पारी खेली। उन्हें 16वें ओवर में श्रेयंका पाटिल ने आउट किया। सूने लुस ने 42 गेंदों में छह चौके और दो छक्के लगाते हुए नाबाद 64 रन बनाये। A tough outing in Johannesburg South Africa win the 3rd T20I by 9 wickets. Scorecard https://t.co/rWypksPBiS #TeamIndia | #SAvIND pic.twitter.com/Jd6j4dHPy8 — BCCI Women (@BCCIWomen) April 22, 2026 इससे पहले भारतीय महिला टीम के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। नौवें ओवर में एन म्लाबा ने स्मृति मंधाना 25 गेंदों में (37) रन को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसी ओवर में म्लाबा ने जेमिमाह रॉड्रिग्स (शून्य) का भी शिकार कर लिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आयी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शेफाली वर्मा के साथ पारी को संभाला। शेफाली वर्मा ने 46 गेंदों में आठ चौके और दो छक्के उड़ाते हुए 64 रन बनाये। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 38 गेंदों में सात चौके और तीन छक्के लगाते हुए 66 रनों की पारी खेली। वह पारी की आखिरी गेंद पर रनआउट हुई। दक्षिण अफ्रीका के लिए एन म्लाबा ने दो विकेट लिये। नडीन डी क्लर्क ने एक बल्लेबाज को आउट किया।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 2:53 pm

इंदौर में लेंसकार्ट शोरूम पर हिंदू फेडरेशन का जमकर हंगामा, चश्‍मे तोड़े, पूरे शहर के शोरूम के बहिष्‍कार का ऐलान

इंदौर के विजयनगर के स्कीम-54 में स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर गुरूवार को जमकर हंगामा हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें महिलाएं भी मौजूद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने महिला कर्मचारियों को तिलक लगाया और कहा कि वे बिना किसी डर के अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ काम करें। दरअसल, लेंसकार्ट की ड्रेस कोड नीति को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश ने इंदौर में कंपनी के शोरूम के बाहर प्रदर्शन किया है। इस दौरान बडी संख्‍या में भीड जमा हो गई। आसपास के लोगों और रहवासियों को कुछ समझ ही नहीं आया कि क्‍या हो गया है। काफी देर तक इसे लेकर गहमागहमी चलती रही। लेंसकार्ट के चश्‍मे भी तोड़े : इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने लेंसकार्ट के चश्मों का बहिष्कार करते हुए उन्हें तोड़कर विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में सिद्धेश्वर धाम के पीठाधीश्वर स्वामी अतुल आनंद महाराज भी मौजूद रहे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कंपनी की आंतरिक नीति में कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों के उपयोग पर रोक लगाई गई है, जबकि हिजाब को अनुमति दी गई है। उन्होंने इसे धार्मिक भेदभाव बताते हुए कड़ा विरोध जताया। संजय अग्रवाल ने कहा कि यदि एक धर्म के प्रतीकों को अनुमति दी जा सकती है, तो अन्य धर्मों के प्रतीकों पर रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने गुरुवार को इंदौर के सभी लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन और पूरे मध्य प्रदेश में कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की घोषणा की। क्‍या कहा लेंसकार्ट कंपनी ने : देशभर में विवाद बढ़ने पर कंपनी के संस्थापक व सीईओ पीयूष बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज पुराना है और वर्तमान नीति में किसी भी धार्मिक प्रतीक पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कंपनी ने नई स्टाइल गाइड जारी कर स्पष्ट किया कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, हिजाब और पगड़ी सहित सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों की अनुमति है। साथ ही भ्रम के लिए खेद भी व्यक्त किया। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 23 Apr 2026 1:15 pm

पहले पत्नी का गला काटा फिर सिर हाथ में लेकर घूमता रहा

कोरबा। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के रजगामार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बुंदेली में बुधवार को एक युवक ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बुंदेली निवासी सालिक राम यादव ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी छेक बाई की हत्या कर दी। […] The post पहले पत्नी का गला काटा फिर सिर हाथ में लेकर घूमता रहा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 1:09 pm

अमरीकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने त्यागपत्र दिया : युद्ध विभाग

वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने त्यागपत्र दे दिया है। इसकी जानकारी अमरीका के युद्ध विभाग ने दी। विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा कि नौसेना प्रमुख जॉन सी फेलन तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। बयान में कहा गया है कि उप प्रमुख हंग काओ नौसेना के कार्यवाहक प्रमुख के […] The post अमरीकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने त्यागपत्र दिया : युद्ध विभाग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 1:04 pm

बड़वानी : अनेर नदी में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत

बड़वानी। मध्यप्रदेश में बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र में नदी में नहाने के दौरान तीन सगे भाई-बहनों की डूबने से मृत्यु हो गई। पुलिस ने तीनों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 10 वर्षीय राधा, 8 वर्षीय राजवीर और 6 वर्षीय जयवीर के रूप में […] The post बड़वानी : अनेर नदी में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 12:57 pm

मिर्जापुर में ट्रक की टक्कर से बोलेरो में लगी आग, 11 की जिंदा जलकर मौत

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के ड्रमण्डगंज थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की मृत्यु हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह हादसा थाना क्षेत्र के ड्रमण्डगंज पहाड़ी पर बड़का मोड़ पर उस समय हुआ जब पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने बोलेरो और एक […] The post मिर्जापुर में ट्रक की टक्कर से बोलेरो में लगी आग, 11 की जिंदा जलकर मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Apr 2026 12:43 pm

मनोज बाजपेयी के जन्मदिन पर रिवील हुआ 'गवर्नर' का दमदार पोस्टर, पहली बार विपुल अमृतलाल शाह करने जा रहे काम

विपुल अमृतलाल शाह ने कई लीक से हटकर फिल्में दी हैं और अब वो एक और दिलचस्प प्रोजेक्ट लेकर आने के लिए तैयार हैं। ताजा अपडेट के मुताबिक, उनकी आने वाली फिल्म के पोस्टर्स सामने आ गए हैं, जिसमें फिल्म के नाम के साथ-साथ एक रहस्यमयी सस्पेंस भी नजर आ रहा है। 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' नाम की इस फिल्म ने मनोज बाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर अपने पहले पोस्टर के साथ ही लोगों के बीच जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है। ​बिना ज्यादा कुछ बताए बहुत कुछ कह जाने वाला 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' का यह पहला पोस्टर रिवील कर दिया गया है, जिसे चिन्मय मांडलेकर ने डायरेक्ट किया है। A post shared by Sunshine Pictures (@sunshinepicturesofficial) पोस्टर में मनोज बाजपेयी पीछे से नजर आ रहे हैं, जो हाथ में एक सूटकेस लिए कॉरिडोर में चल रहे हैं। इसके साथ ही फिल्म की टैगलाइन है, अगर मैं फेल हुआ... तो इंडिया फेल हो जाएगा, जो एक हाई-वोल्टेज लीगल ड्रामा की तरफ इशारा करती है। दूसरे पोस्टर में, एक हरी कुर्सी को हाईलाइट किया गया है जिस पर टैगलाइंस लिखी हैं, 'इंडिया दिवालिया होने की कगार पर है' और 'यह सिर्फ कुर्सी नहीं... ज़िम्मेदारी है।' यह देश के इर्द-गिर्द बुनी गई एक गंभीर और गहरी कहानी की ओर इशारा करता है। यह फिल्म विपुल अमृतलाल शाह और मनोज बाजपेयी का पहला साथ काम होगा। जब ये दो नेशनल अवॉर्ड विनर्स एक साथ आ रहे हैं, तो वाकई यह एक अलग तरह का सिनेमाई जादू होने वाला है, जो बड़े पर्दे पर रिलीज के लिए तैयार है। मनोज बाजपेयी के जन्मदिन पर फिल्म का पोस्टर रिलीज होने से यह मौका वाकई और भी खास हो गया है। अपनी बेहतरीन एक्टिंग, जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस और किरदारों पर अपनी पकड़ के लिए मशहूर मनोज बाजपेयी, इस फिल्म में भी एक यादगार परफॉर्मेंस देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पहले ही अपनी शानदार एक्टिंग से इंडस्ट्री में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। 'सनशाइन पिक्चर्स' के बैनर तले बन रही यह फिल्म एक और इंटेंस ड्रामा होने का वादा करती है। इस फिल्म के साथ विपुल अमृतलाल शाह एक बार फिर एक दिलचस्प कहानी लेकर वापस आ रहे हैं। इसके अलावा, फिल्ममेकर का मनोज बाजपेयी के जन्मदिन पर पोस्टर रिलीज करना साउथ इंडस्ट्री के उस ट्रेंड की याद दिलाता है जहां एक्टर्स के जन्मदिन पर फिल्म की खास झलकियां शेयर की जाती हैं, जो फैंस के लिए इस तारीख को यादगार बना देता है। विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन वाली फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' को सनशाइन पिक्चर्स द्वारा पेश किया गया है। विपुल अमृतलाल शाह द्वारा प्रोड्यूस और चिन्मय मांडलेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर आशिन ए. शाह हैं। फिल्म की कहानी सुवेंदु भट्टाचार्जी, सौरभ भरत, रवि असरानी और विपुल अमृतलाल शाह ने मिलकर लिखी है।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 12:43 pm

मेष में बनने वाला है मंगलादित्य, बुधादित्य और त्रिग्रही योग: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

अगले माह मई 2026 में मेष राशि में मंगल, सूर्य और बुध की युति से एक अत्यंत शक्तिशाली 'त्रिग्रही योग' का निर्माण होने जा रहा है। मेष राशि मंगल की स्वराशि है, जहाँ मंगल स्वग्रही होकर अत्यंत बलवान होंगे। इसी राशि में सूर्य अपनी उच्च स्थिति में विराजमान रहेंगे, जो बुध के साथ मिलकर 'बुधादित्य योग' और मंगल के साथ मिलकर 'मंगलादित्य योग' बनाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की यह दुर्लभ स्थिति 5 विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाली साबित होगी। इन जातकों को अचानक धन लाभ, करियर में उन्नति और मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियाँ कौन सी हैं: 1. मेष राशि (Aries) चूंकि यह योग आपकी ही राशि में बन रहा है, इसलिए सबसे अधिक लाभ आपको ही मिलेगा। मंगल और सूर्य का प्रभाव आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी और रुके हुए सरकारी कार्य पूरे होंगे। सेहत में सुधार होगा और समाज में आपका कद बढ़ेगा। 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए यह त्रिग्रही योग आर्थिक समृद्धि लेकर आएगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और निवेश से बड़ा लाभ होने की संभावना है। आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे आप व्यापारिक सौदों में सफलता प्राप्त करेंगे। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा। 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के स्वामी सूर्य इस समय उच्च के रहेंगे, जो आपके लिए 'राजयोग' जैसा फल देंगे। यदि आप विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा की योजना बना रहे हैं, तो यह समय सर्वोत्तम है। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। 4. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह योग साझेदारी के कार्यों में बड़ी सफलता दिला सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और जीवनसाथी के सहयोग से कोई बड़ा आर्थिक लक्ष्य पूरा होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है। नई नौकरी के प्रस्ताव मिलने की प्रबल संभावना है। 5. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए पंचम भाव में यह युति संतान सुख और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता लाएगी। विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्ण काल जैसा रहेगा; प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं। अचानक धन प्राप्ति (जैसे लॉटरी या शेयर बाजार) के संकेत मिल रहे हैं। आपके रचनात्मक कार्यों की प्रशंसा होगी।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 12:40 pm

फेमस हरियाणवी एक्ट्रेस का 30 साल की उम्र में निधन, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आखिरी पोस्ट

हरियाणवी इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी बेहतरीन अदाकारी और डांस से लाखों दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री दिव्यांका सिरोही का 21 अप्रैल को अचानक निधन हो गया है। उन्होंने महज 30 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। दिव्यांका के निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है। दिव्यांका सिरोही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित राजनगर एक्सटेंशन में अपने परिवार के साथ रहती थीं। खबरों के मुताबिक, मंगलवार की शाम को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। उनके भाई हिमांशु के अनुसार, दिव्यांका को अचानक बेचैनी महसूस हुई और वह फर्श पर गिर गईं। गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। दिव्यांका को आनन-फानन में पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया। बुधवार सुबह गाजियाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, उनकी मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में कार्डियक अरेस्ट या अचानक सिर में लगी चोट को वजह माना जा रहा है। We are deeply saddened to share the untimely passing of actress and dancer Divyanka Sirohi at the young age of 30. Gone far too soon, her loss is not just personal to her loved ones, but a profound loss to the entire film fraternity. Divyanka had made a significant mark in the… pic.twitter.com/6Lr381mRDo — All Indian Cine Workers Association (@aicwaofficial) April 22, 2026 AICWA ने जताया शोक ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर दिव्यांका के निधन पर दुख व्यक्त किया। एसोसिएशन ने लिखा, हम अभिनेत्री और डांसर दिव्यांका सिरोही के असामयिक निधन से अत्यंत दुखी हैं। इतनी कम उम्र में उनका जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरी फिल्म बिरादरी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। A post shared by Divyanka (@divyankaasirohi) वायरल हुआ एक्ट्रेस का पोस्ट दिव्यांका के निधन के बाद एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे उनका आखिरी पोस्ट माना जा रहा है। इस पोस्ट में दिव्यांका पहाड़ों पर नजर आ रही हैं। वह जैकेट पहने और सिर पर स्टॉल बांधे दिख रही हैं। इस तस्वीर के साथ एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा था, 'पीओवी- शिव मुझे अपने साथ ले चलो।' दिव्यांका सिरोही केवल एक अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक बेहद लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी थीं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 13 लाख फॉलोअर्स थे। अभिनय में आने से पहले दिव्यांका एक साधारण नौकरी करती थीं, लेकिन डांस और एक्टिंग के प्रति उनके जुनून ने उन्हें ग्लैमर की दुनिया में ला खड़ा किया। दिव्यांका को असली पहचान सुनंदा शर्मा के गाने 'मेरी मम्मी नु पसंद नी तू' पर बनाए गए एक वीडियो से मिली, जो रातों-रात वायरल हो गया था। उन्होंने अपने करियर में 50 से अधिक हरियाणवी गानों में काम किया। दिव्यांका ने मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया और केडी (KD) जैसे बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 11:17 am

Ganga Snan 2026: गंगा स्नान, पूजा विधि, आरती, चालीसा और लाभ

Ganga worship rituals: गंगा स्नान भारतीय संस्कृति और धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गंगा नदी को पवित्र और जीवनदायिनी माना गया है, और इसका जल आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों ही दृष्टियों से शुद्धि प्रदान करता है। गंगा स्नान के साथ-साथ पूजा, आरती और गंगा चालीसा का पाठ करने से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। यह केवल धार्मिक कृत्य नहीं है, बल्कि मानसिक शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। ALSO READ: Ganga Saptami: गंगा सप्तमी का क्या है महत्व, पूजा विधि और उपाय विशेष अवसर जैसे गंगा सप्तमी, गंगा दशहरा, सावन तथा कार्तिक मास में गंगा स्नान तथा पूजन करने से पुण्य के गुण कई गुना बढ़ जाते हैं। गंगा पूजा और चालीसा का नियमित पाठ आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लाता है। आइएयहां जानते हैं गंगा स्नान और पूजा विधि, आरती, चालीसा और पूजन से होने वाले विशेष लाभ... 1. गंगा स्नान की विधि गंगा जी में स्नान करते समय कुछ नियमों का पालन करना फलदायी होता है: संकल्प: स्नान से पूर्व हाथ में जल लेकर अपना नाम और गोत्र बोलकर स्नान का संकल्प लें। मंत्र: स्नान करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें: गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।। डुबकी: गंगा में कम से कम 3 या 5 डुबकी लगानी चाहिए। सावधानी: नदी स्नान के समय साबुन का प्रयोग बिलकुल भी न करें और न ही गंदगी फैलाएं। 2. पूजन विधि स्नान के पश्चात गंगा किनारे पूजन करने की परंपरा है: अर्घ्य: तांबे के पात्र में गंगाजल, अक्षत, फूल और रोली मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। दीपदान : एक पत्तल के दोने में दीया जलाकर गंगा जी की धारा में प्रवाहित करें। भोग: मां गंगा को सफेद मिठाई या बताशे अर्पित करें। दान: सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों या गरीबों को अनाज, वस्त्र या धन का दान करें। ALSO READ: Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व, परंपरा और दान 3. श्री गंगा जी की आरती 1. श्री गंगा आरती ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता। ॐ जय गंगे माता... चन्द्र-सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता। ॐ जय गंगे माता... पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता। कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता। ॐ जय गंगे माता... एक ही बार भी जो नर तेरी शरणगति आता। यम की त्रास मिटा कर, परम गति पाता। ॐ जय गंगे माता... आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता। दास वही जो सहज में मुक्ति को पाता। ॐ जय गंगे माता... ॐ जय गंगे माता...।। **** 2. गंगा मैया की आरती जय गंगा मैया मां जय सुरसरी मैया। भवबारिधि उद्धारिणी अतिहि सुदृढ़ नैया।। हरी पद पदम प्रसूता विमल वारिधारा। ब्रम्हदेव भागीरथी शुचि पुण्यगारा।। शंकर जता विहारिणी हारिणी त्रय तापा। सागर पुत्र गन तारिणी हारिणी सकल पापा।। गंगा-गंगा जो जन उच्चारते मुखसों। दूर देश में स्थित भी तुरंत तरन सुखसों।। मृत की अस्थि तनिक तुव जल धारा पावै। सो जन पावन होकर परम धाम जावे।। तट-तटवासी तरुवर जल थल चरप्राणी। पक्षी-पशु पतंग गति पावे निर्वाणी।। मातु दयामयी कीजै दीनन पद दाया। प्रभु पद पदम मिलकर हरी लीजै माया।। *** 4. श्री गंगा चालीसा दोहा जय जय जय जग पावनी जयति देवसरि गंग । जय शिव जटा निवासिनी अनुपम तुंग तरंग ॥ चौपाई जय जग जननि अघ खानी, आनन्द करनि गंग महरानी । जय भागीरथि सुरसरि माता, कलिमल मूल दलनि विखयाता ।। जय जय जय हनु सुता अघ अननी, भीषम की माता जग जननी । धवल कमल दल मम तनु साजे, लखि शत शरद चन्द्र छवि लाजे ।। वाहन मकर विमल शुचि सोहै, अमिय कलश कर लखि मन मोहै । जडित रत्न कंचन आभूषण, हिय मणि हार, हरणितम दूषण ।। जग पावनि त्रय ताप नसावनि, तरल तरंग तंग मन भावनि । जो गणपति अति पूज्य प्रधाना, तिहुं ते प्रथम गंग अस्नाना ।। ब्रह्‌म कमण्डल वासिनी देवी श्री प्रभु पद पंकज सुख सेवी । साठि सहत्र सगर सुत तारयो, गंगा सागर तीरथ धारयो ।। अगम तरंग उठयो मन भावन, लखि तीरथ हरिद्वार सुहावन । तीरथ राज प्रयाग अक्षैवट, धरयौ मातु पुनि काशी करवट ।। धनि धनि सुरसरि स्वर्ग की सीढ़ी, तारणि अमित पितृ पद पीढी । भागीरथ तप कियो अपारा, दियो ब्रह्‌म तब सुरसरि धारा ।। जब जग जननी चल्यो लहराई, शंभु जटा महं रह्‌यो समाई । वर्ष पर्यन्त गंग महरानी, रहीं शंभु के जटा भुलानी ।। मुनि भागीरथ शंभुहिं ध्यायो, तब इक बूंद जटा से पायो । ताते मातु भई त्रय धारा, मृत्यु लोक, नभ अरु पातारा ।। गई पाताल प्रभावति नामा, मन्दाकिनी गई गगन ललामा । मृत्यु लोक जाह्‌नवी सुहावनि, कलिमल हरणि अगम जग पावनि ।। धनि मइया तव महिमा भारी, धर्म धुरि कलि कलुष कुठारी । मातु प्रभावति धनि मन्दाकिनी, धनि सुरसरित सकल भयनासिनी ।। पान करत निर्मल गंगाजल, पावत मन इच्छित अनन्त फल । पूरब जन्म पुण्य जब जागत, तबहिं ध्यान गंगा महं लागत ।। जई पगु सुरसरि हेतु उठावहिं, तइ जगि अश्वमेध फल पावहिं । महा पतित जिन काहु न तारे, तिन तारे इक नाम तिहारे ।। शत योजनहू से जो ध्यावहिं, निश्चय विष्णु लोक पद पावहिं । नाम भजत अगणित अघ नाशै, विमल ज्ञान बल बुद्धि प्रकाशै ।। जिमि धन मूल धर्म अरु दाना, धर्म मूल गंगाजल पाना । तव गुण गुणन करत सुख भाजत, गृह गृह सम्पत्ति सुमति विराजत ।। गंगहिं नेम सहित निज ध्यावत, दुर्जनहूं सज्जन पद पावत । बुद्धिहीन विद्या बल पावै, रोगी रोग मुक्त ह्‌वै जावै ।। गंगा गंगा जो नर कहहीं, भूखे नंगे कबहूं न रहहीं । निकसत की मुख गंगा माई, श्रवण दाबि यम चलहिं पराई ।। महां अधिन अधमन कहं तारें, भए नर्क के बन्द किवारे । जो नर जपै गंग शत नामा, सकल सिद्ध पूरण ह्‌वै कामा ।। सब सुख भोग परम पद पावहिं, आवागमन रहित ह्‌वै जावहिं । धनि मइया सुरसरि सुखदैनी, धनि धनि तीरथ राज त्रिवेणी ।। ककरा ग्राम ऋषि दुर्वासा, सुन्दरदास गंगा कर दासा । जो यह पढ़ै गंगा चालीसा, मिलै भक्ति अविरल वागीसा ।। दोहा नित नव सुख सम्पत्ति लहैं, धरैं, गंग का ध्यान । अन्त समय सुरपुर बसै, सादर बैठि विमान ॥ सम्वत्‌ भुज नभ दिशि, राम जन्म दिन चैत्र । पूण चालीसा कियो, हरि भक्तन हित नैत्र ॥ ।।इतिश्री गंगा चालीसा समाप्त।। 5. गंगा स्नान और पूजन के लाभ शास्त्रों के अनुसार गंगा जी की महिमा अपार है: पाप मुक्ति : 'ब्रह्मवैवर्त पुराण' के अनुसार, गंगा का दर्शन करने और उनका नाम लेने मात्र से व्यक्ति के संचित पापों का क्षय होता है। मोक्ष प्राप्ति : पितरों की शांति के लिए गंगाजल का अर्पण और तर्पण करने से उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। ग्रह दोष निवारण: विशेषकर चंद्रमा और बृहस्पति/ गुरु के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए गंगा स्नान अत्यंत लाभकारी है। मानसिक शांति: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गंगा का जल औषधीय गुणों से भरपूर है, जो तनाव कम करने और शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में सहायक है। एक विशेष सुझाव : यदि आप गंगा जी के तट पर नहीं जा सकते, तो अपने घर में स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर 'ॐ नमो गंगायै' का जाप करते हुए स्नान करें, इससे भी समान फल की प्राप्ति होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: ganga saptami katha: गंगा सप्तमी की पौराणिक कथा

वेब दुनिया 23 Apr 2026 11:02 am

​डेविड धवन ने सलमान खान को बताया अपना सबसे बड़ा सपोर्टर, बोले- हर मुश्किल में साथ देते हैं

भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक सलमान खान ने सालों में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, जिनमें से बहुत सी उन्होंने मशहूर फिल्ममेकर डेविड धवन के साथ मिलकर की हैं। डेविड ने सलमान की कई सबसे सफल फिल्मों को डायरेक्ट किया है, जिससे उनकी जोड़ी बॉलीवुड की सबसे यादगार एक्टर-डायरेक्टर जोड़ियों में से एक बन गई है, लेकिन उनका रिश्ता सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है। ​हाल ही में, डेविड धवन ने अपने इस खास रिश्ते के बारे में खुलकर बात की और सलमान की तारीफ करते हुए उन्हें सिर्फ एक सुपरस्टार ही नहीं, बल्कि एक बेहद नेक दिल और इमोशनल इंसान बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका रिश्ता फिल्मों से कहीं आगे बढ़कर है और उनके निजी जीवन तक फैला हुआ है। डेविड धवन ने साझा किया, सलमान और मेरा साथ बहुत पुराना है। हमने साथ में 8-9 फिल्में की हैं। उन्होंने हर चीज के लिए हमेशा अपना सपोर्ट दिया है। परिवार की बात हो तो वो सिर्फ एक के लिए नहीं बल्कि सबके लिए खड़े रहते हैं। मैंने उनके साथ बहुत सारा काम किया है। हमारी आपस में बहुत जमती है। हमने शूटिंग के सिलसिले में पूरी दुनिया की साथ में यात्रा की है। शूटिंग खत्म होने के बाद भी, वो एक बेहतरीन इंसान हैं। वो काफी इमोशनल भी हैं। आप जानते ही हैं कि हमारा रिश्ता बहुत ही अनोखा है। ​सलमान खान और डेविड धवन ने साथ में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, खासकर 1990 और 2000 के दशक में। उनकी सबसे पॉपुलर फिल्मों में जुड़वा, बीवी नंबर 1, मुझसे शादी करोगी और कई अन्य शामिल हैं। फिल्मों की बात करें तो, सलमान खान अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' की तैयारी में जुटे हैं। सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान द्वारा प्रोड्यूस की जा रही इस फिल्म को अपूर्व लाखिया डायरेक्ट कर रहे हैं। 'मातृभूमि' बहादुरी, त्याग और डटे रहने की एक सच्ची और निडर कहानी पेश करने का वादा करती है। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी एक अहम रोल में नजर आएंगी।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 10:48 am

'आखिरी सवाल' से कमबैक कर रहीं समीरा रेड्डी, बताया अपने करियर का सबसे बड़ा फैसला

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त की फिल्म 'आखिरी सवाल' साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बनकर उभरी है और दर्शक इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अपनी अनाउंसमेंट के साथ ही जबरदस्त सुर्खियां बटोरने के बाद, मेकर्स ने हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म का टीजर रिलीज किया। फिल्म का टीजर दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास की एक ऐसी झलक दिखाता है जो पहले कभी नहीं देखी गई। इस फिल्म के जरिए समीरा रेड्डी भी बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं और उन्होंने इसे लेकर अपनी बात रखी है। समीरा रेड्डी ने 'आखिरी सवाल' के साथ अपने कमबैक के बारे में बताया, मैंने फिल्मों में वापसी सिर्फ सुरक्षित रोल करने के लिए नहीं की है, और 'आखिरी सवाल' तो बिल्कुल भी कंफर्टेबल फिल्म नहीं है। RSS को लेकर मेरी समझ बहुत कम थी और जो भी थी वो आधी-अधूरी जानकारी पर टिकी थी, लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद मुझे एहसास हुआ कि बहुत सी बातें वैसी नहीं थीं जैसी दिखती थीं। यह बात मेरे दिल में बैठ गई। उन्होंने कहा, यह कोई ऐसी फिल्म नहीं है जो आपको दिलासा दे बल्कि यह आपको बेचैन करती है, आपके विश्वास को चुनौती देती है और आपको उन चीजों पर सवाल उठाने के लिए मजबूर करती है जिन्हें आप हमेशा से सच मानते आए हैं। मैं चाहती थी कि मेरी वापसी निडर हो, जो बहस छेड़े, और यह फिल्म बिल्कुल वही करती है। 'आखिरी सवाल' को नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर अभिजीत मोहन वारंग ने डायरेक्ट किया है। निखिल नंदा द्वारा पेश की जा रही इस फिल्म के प्रोड्यूसर निखिल नंदा और संजय दत्त हैं, जबकि पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्जवल आनंद इसके को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी ने लिखे हैं। यह फिल्म 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

वेब दुनिया 23 Apr 2026 10:40 am

LIVE: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान, चिदंबरम ने डाला वोट

Latest News Today Live Updates in Hindi : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तहत पहले चरण की 152 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान जारी। तमिलनाडु की 234 सीटों पर भी मतदान जारी। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 23 Apr 2026 7:17 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (23 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today 23 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यस्थल पर टीम का सहयोग बना रहेगा। लव: पार्टनर के साथ आपसी तालमेल और गहरा होगा। धन: पुराने निवेश से लाभ होने के योग हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। उपाय: हनुमान जी को लाल सिंदूर और गुड़ अर्पित करें। ALSO READ: Numerology Weekly Horoscope: : साप्ताहिक अंक राशिफल 20-26 अप्रैल 2026: जानिए आपका लकी नंबर क्या कहता है? 2. वृषभ (Taurus) करियर: आपकी व्यापारिक यात्रा सफल हो सकती है। लव: प्रेमी की तरफ से कोई सरप्राइज मिल सकता है। धन: विलासिता और कपड़ों पर धन खर्च होगा। स्वास्थ्य: अधिक ठंडा पानी न पिएं। उपाय: शनि मंदिर में छाया दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: लेखन और कला से जुड़े लोगों को संपर्कों का लाभ होगा। लव: लव लाइफ में रोमांच बढ़ेगा। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति का अनुभव होगा। उपाय: 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। लव: परिवार के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। धन: अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। स्वास्थ्य: गर्मी से से एलर्जी हो सकती है, सावधानी बरतें। उपाय: भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें। 5. सिंह (Leo) करियर: राजनीति से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। लव: पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जा सकते हैं। धन: शेयर मार्केट से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को अधिक भागदौड़ से बचना चाहिए। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। 6. कन्या (Virgo) करियर: आज पेंडिंग काम पूरे करने का दिन है। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: मांसपेशियों में खिंचाव संभव है। उपाय: जरूरतमंदों को काले तिल का दान करें। ALSO READ: ganga saptami katha: गंगा सप्तमी की पौराणिक कथा 7. तुला (Libra) करियर: नौकरीपेशा के लिए दिन तरक्की वाला है। लव: प्रेम संबंधों में रोमांस की अधिकता रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: दिन भर ताजगी महसूस करेंगे। उपाय: लक्ष्मी-नारायण को मिश्री का भोग लगाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के प्रतिद्वंदी परास्त होंगे। लव: पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है। धन: अचानक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नौकरीपेशा के मान-सम्मान में वृद्धि का दिन है। लव: प्रेमियों का जीवन सुखमय रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही पेट खराब कर सकती है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरीपेशा से बॉस आपसे प्रसन्न रहेंगे। लव: लव मामले में पुराने मतभेद सुलझ जाएंगे। धन: व्यापारिक आय बनी रहेगी। संभलकर चलें। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: हनुमान मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: आज का दिन श्रेष्ठ है। रचनात्मकता बढ़ेगी। लव: पार्टनर के साथ सुखद यादें बनेंगी। धन: निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आर्थिक योजनाएं सफल होंगी। मान-सम्मान बढ़ेगा। लव: प्रेमी अथवा लाइफ पार्टनर के प्रति समर्पित रहेंगे। धन: कारोबार में धन की बचत पर ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य: थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: जरूरतमंद को पीला अनाज दान करें। ALSO READ: खप्पर योग का बड़ा असर: 4 राशियों को होगा फायदा, जानिए कौन से 5 काम करें

वेब दुनिया 23 Apr 2026 7:03 am

ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां

‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। नितिन ने बाइक खड़ी की और सीढ़ियां चढ़ते हुए कहा- मां, मैं छत पर कमरे में सोने जा रहा हूं। शादी के बाद से वह छत पर बने कमरे में ही रहता था। उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। रात के 9 बज चुके थे। अब तक कमरे में गए उसे 5 घंटे हो चुके थे। मैंने उसकी पसंद की प्याज की भुजिया बनाई थी। खाने के लिए कई आवाजें लगाई, लेकिन नहीं आया। कुछ देर बाद उसकी भाभी ऊपर गईं। दरवाजा खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं मिला। वह घबराई हुई नीचे लौटीं और बोली- भइया गेट नहीं खोल रहे। इसके बाद मैं और मेरा बड़ा बेटा सूरज ऊपर गए। दरवाजा पीटा, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। परेशान होकर सूरज ने खिड़की से अंदर झांका तो नितिन की टांगें लटक रही थीं। यह देखते ही वह चीख पड़ा। मैं तो बेहोश हो गई।', यह कहते हुए 51 वर्षीय नितिन की मां राधा पड़ियार फूट-फूटकर रोने लगती हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज ऐसे पतियों की कहानी, जिन्होंने अपने रिश्ते से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले राधा से बातचीत के लिए मैं उनके घर इंदौर पहुंचा था। वह आगे बताती हैं- बड़े बेटे सूरज ने दरवाजा तोड़ा और नितिन को नीचे उतारा। उसने प्रेस आयरन की पावर केबल से फांसी लगा ली थी। नितिन ने हर्षा से लव मैरिज की थी। इस तरह बहू ने मेरे बेटे को छीन लिया। सामने दीवार पर नितिन की तस्वीर टंगी है, तभी उनकी नजर उस पर पड़ती है और देखकर उनके आंसू निकल पड़ते हैं। वह धीमी आवाज में कहती हैं- यहां नितिन और हर्षा की कई तस्वीरें लगी थीं। बेटे के जाने के बाद सब हटा दीं। बात 2013 की है। तब नितिन इंदौर में नौकरी के साथ पढ़ाई भी कर रहा था। वहां एक मार्केट में आना-जाना था, जहां हर्षा का परिवार रहता था। वे मूलरूप से राजस्थान के कुचामन के रहने वाले थे। वहीं पर नितिन और हर्षा मिले थे। नितिन ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी, लेकिन हर्षा को एमसीए की पढ़ाई कराई। 2018 में हर्षा का परिवार इंदौर से अपने गांव राजस्थान लौट गया। हर्षा भी गई थी, लेकिन कुछ समय बाद इंदौर वापस आकर अपने चाचा के घर रहने लगी। नितिन और उसकी दोबारा मुलाकातें होने लगी। 2019 में दोनों ने शादी कर ली। उस दिन शाम को नितिन के दोस्त का फोन आया। उसने बताया- आंटी, नितिन ने मंदिर में हर्षा से शादी कर ली है। उसके बाद मेरे बड़े बेटे सूरज ने नितिन को फोन लगाया नितिन ने कहा- हां भइया, शादी कर ली है, लेकिन घर नहीं आऊंगा। वह हर्षा के साथ किराए के मकान में रहने लगा। राधा कहती हैं- लेकिन मैं बहुत चिंतित थी, क्योंकि हर्षा की मां इस शादी के खिलाफ थीं। धमकी देती थीं कि अगर मेरे बेटे ने उनकी बेटी से शादी की, तो दोनों को जिंदा जला देंगी। शादी के दो महीने बाद बड़े बेटे सूरज ने नितिन को फोन किया। कहा- मां की तबीयत खराब है, आकर देख लो। नितिन घर आया। मेरी हालत देखकर उसने हर्षा से कहा- अब यहीं रहेंगे। उसके बाद हमने दोनों के लिए रिसेप्शन भी रखा, लेकिन हर्षा के घर से कोई नहीं आया। शुरुआती 7-8 महीने सब ठीक रहा। नितिन ने अपने लिए छत पर एक कमरा बनवाया और वहीं रहने लगा। राधा बताती हैं कि एक दिन हर्षा की बड़ी बहन का फोन आया। उसके बाद दोनों में बातचीत शुरू हुई और कुछ समय बाद वह मेरे घर आने लगी। उसके बाद हर्षा का स्वभाव बदलने लगा। उसकी मायके वालों से बातचीत बढ़ी और घर का माहौल बिगड़ने लगा। वो नितिन से कहती थी- तुम्हारे मां-बाप होते कौन हैं, मुझे कुछ कहने वाले? मैं 9 बजे सोकर उठूं या 11 बजे? धीरे-धीरे उसने नितिन पर अलग घर बसाने का दबाव बनाना शुरू किया। वह कहती थी- परिवार से अलग हो जाओ और मेरे नाम से फ्लैट खरीदो। रिश्ता बचाने के लिए नितिन फिर किराए के मकान में रहने लगा। हर्षा, नितिन से कहती- बाहर खा लिया करो... मेरे लिए भी लाया करो। मैं कोई नौकर नहीं हूं, जो बनाकर खिलाऊं। उस वक्त हर्षा के माता-पिता नितिन से पैसे मांगते, लेकिन लौटाते नहीं। इन वजहों से नितिन टूटने लगा था। इस बातचीत के दौरान, राधा के बड़े बेटे सूरज ऑफिस से घर आ जाते हैं। उन्हें देखते ही राधा थोड़ी देर चुप हो जाती हैं, फिर भर्राई आवाज में कहती हैं- मैं नितिन के बिना रह नहीं पाती। दिवाली का दिन था। उस दिन हर्षा का नितिन से झगड़ा हुआ था। शाम को हम दीये और मिठाई लेकर उसके घर पहुंचे, तो वह एक कोने में बैठा था। उसने कहा- हर्षा कई दिनों से फ्लैट लेने को लेकर लड़ रही है। नाराज है, इसलिए आज उसने खाना नहीं बनाया। उस रात हमने उसके घर दीये जलाए, खाना मंगवाकर खिलाया और लौट आए। कुछ दिन बाद नितिन फिर से हर्षा को लेकर घर आ गया। उस समय हर्षा तीन महीने की गर्भवती थी। इस बार नितिन ने ऊपर कमरे के पास एक छोटा किचन भी बनवा दिया, लेकिन हर्षा का व्यवहार नहीं बदला। एक दिन अचानक वह अपने मायके चली गई। वहां जाकर गर्भपात करवा लिया और नितिन को बताया कि बच्चा खराब हो गया है। उसके बाद नितिन खुद उसे लेकर वापस आया। राधा बताती हैं- 2023 में हर्षा फिर गर्भवती हुई। उसने बेटे को जन्म दिया, तो लगा, सब ठीक हो जाएगा। पोता पांच महीने का था। होली आने वाली थी। हर्षा ने कहा कि उसके मायके में पूजा है, जाना पड़ेगा। हमने रोकने की कोशिश की, लेकिन नहीं मानी। उसके बाद फिर लौटकर नहीं आई। मायके से नितिन को फोन करके कहती- मेरे नाम से फ्लैट खरीदो, तभी आऊंगी। जब नितिन ने फ्लैट नहीं खरीदा, तो उसने राजस्थान के कुचामन में हमारे खिलाफ दहेज प्रताड़ना, रेप का केस दर्ज कराया। हमें जेल हो गई। काफी दिनों बाद जमानत मिली। इसके बाद हमें हर सुनवाई पर राजस्थान जाना पड़ता था। वहां हर्षा का परिवार समझौते के नाम पर 20 लाख रुपए मांगता था। धमकी देता- पैसे दो और मामला खत्म करो... नहीं तो जीना हराम कर देंगे। राधा बताती हैं- आखिरी बार दिसंबर 2024 में हम सुनवाई के लिए गए थे। वहां हर्षा ने कचहरी में नितिन का कॉलर पकड़ लिया और कहा- तू जिंदा क्यों है रे नितिन? 20 लाख नहीं दे सकता, तो मर क्यों नहीं जाता? उस घटना के बाद नितिन बहुत परेशान हो गया। गुमसुम रहने लगा। मुकदमे की अगली तारीख में अभी 10 दिन बाकी थे। उस दिन रात में उसने फांसी लगा ली। यह कहते हुए राधा फिर से रो पड़ती हैं। बगल में बैठे सूरज की भी आंखें भर आती हैं। रुंधे गले से वह कहते हैं- भाई ने 14 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था। नोट में नितिन ने हर्षा, उसकी मां और दोनों बहनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। भाई की मौत के 10 दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में अभी हर्षा और उसकी मां इंदौर जेल में हैं, जबकि उसकी दोनों बहनें जमानत पर बाहर आ गई हैं। अब इंदौर से निकलकर मैं दिल्ली पहुंचता हूं। वहां छतरपुर में 70 साल की ऊषा बरनवाल से मुलाकात होती है। वह बेटे की मौत के बाद अपनी बेटी मोनिका के साथ रह रही हैं। बातचीत के लिए बैठते ही वह भर्राई आवाज में कहती हैं- पता नहीं, उस औरत को क्या चाहिए था। आखिर उसने मेरे इकलौते बेटे की जान ले ली। ऊषा यह बातें अपने हॉल के सोफे पर बैठकर रही हैं। सामने दीवार पर उनके पति और बेटे निशांत की तस्वीरें टंगी हैं। वह बताती हैं- 2015 की बात है। हम वाराणसी में रहते थे। एक रिश्तेदार ने कहा- आपके बेटे की उम्र 31 साल हो गई है। एक पढ़ी-लिखी लड़की है, परिवार अच्छा है... शादी कर दीजिए। मैंने सोचा, बेटा सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, अच्छी कमाई कर रहा है। हमने रिश्ता तय कर दिया। उसी साल अप्रैल में शादी भी हो गई। शादी के बाद बहू निधि एक हफ्ते हमारे साथ रही। फिर निशांत के साथ नोएडा चली गई। कुछ समय बाद वहां दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे, लेकिन बेटे ने कभी शिकायत नहीं की। 2022 में कोरोना के दौरान लॉकडाउन बढ़ा तो दोनों वाराणसी आ गए। उनका एक बच्चा भी हो चुका था। वहां रहने के दौरान निधि गुस्से में हमारे किराएदारों से लड़ती। कहती- मकान खाली करो, इसमें मुझे रहना है। निशांत मुझसे कहता- ‘मां, किस लड़की से आपने शादी करवा दी? सनकी है।’ उसी बीच 18 सितंबर 2023 को मेरे पति की अचानक मौत हो गई। हमें समझ नहीं आया कि उन्हें क्या हुआ था। उसके बाद घर में तनाव बढ़ गया। बेटे और निधि के बीच झगड़े बढ़ते गए। पति की मौत के बाद मैं दिल्ली बेटी के पास आकर रहने लगी। उस वक्त बेटा बार-बार कहता- मां, मेरे पास आकर रहो। लेकिन मैं कहती- तू ऑफिस चला जाएगा, तो पूरे दिन तेरी पत्नी को कैसे झेलूंगी? कुछ पल रुककर ऊषा कहती हैं- काश बेटे के पास चली जाती तो शायद उसकी जान बच जाती। 14 सितंबर 2024 की रात एक बजे थे। मेरे पति की बरसी में चार दिन बचे थे। वाराणसी से देवर का फोन आया। उन्होंने बताया कि निशांत ने आत्महत्या कर ली है। उन्हें खबर बहू निधि ने दिया। ऊषा रोते हुए कहती हैं- सोचिए, हम नोएडा से ज्यादा दूर नहीं थे... फिर भी बहू ने हमें फोन न करके मेरे देवर को किया। उसके बाद मेरी बेटी ने निधि को फोन किया। जवाब आया- हां, निशांत ने सुसाइड कर लिया है। आ जाओ। हम तुरंत नोएडा निकल पड़े। रास्ते में पुलिस का फोन आया कि वह शव अस्पताल लेकर जा रही है। ऊषा की आवाज कांपने लगती है। वह कहती हैं- उसके बाद हम अस्पताल पहुंचे, तो सामने स्ट्रेचर पर बेटे का शव पड़ा था। निधि पुलिस वालों के साथ खड़ी, बोतल से पानी पी रही थी। उसके चेहरे पर तनिक भी पछतावा नहीं था। सदमे में मेरी बेटी मोनिका बोल पड़ी- तुमने मेरे भाई की जान ले ली न! अस्पताल से लौटकर हम निशांत के फ्लैट पर पहुंचे। जिस कमरे को निधि आत्महत्या की जगह बता रही थी, वहां कटी हुई रस्सियां पड़ी थीं। पंखे में फंदे का हिस्सा अटका था और पास ही एक कैंची रखी थी। यह सब देखकर लगा कि मामला वैसा नहीं है, जैसा बताया जा रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उस घर की ठीक से छानबीन नहीं की। जब हमने सीसीटीवी फुटेज देखे, तो पता चला कि पूरी घटना रात साढ़े नौ बजे के बाद की थी। उससे पहले दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। ऊषा का दावा है कि घटना से पहले निशांत ने कई वीडियो भी रिकॉर्ड किए थे। वे बाद में उसकी मोबाइल से मिले थे। इसलिए निधि, निशांत का मोबाइल फोन लेना चाह रही थी और अपना फोन छिपाकर रखना चाह रही थी। निशांत का सिम कार्ड निधि के मोबाइल में था। मौत के तुरंत बाद उसने बेटे का सिम अपने फोन में लगा लिया था। ऊषा यह भी दावा करती हैं कि- निधि ने पुलिस से कहा था कि उसने अकेले ही निशांत का शव पंखे से उतारा और गार्ड को बुलाकर बाहर लेकर आई। आखिर जिस महिला के पति की मौत हुई हो, क्या वह अकेले शव उतार पाएगी? कोई जांच-पड़ताल हुई? निशांत की बहन मोनिका आरोप लगाती हैं कि- जांच तो छोड़िए, पुलिस ने निधि से ठीक से पूछताछ तक नहीं की। घटना के तुरंत बाद निधि सामान लेकर मायके रांची चली गई। कमरे में एक पैंट मिली थी, जिसमें गुटखे के पैकेट रखे थे। मेरा भाई गुटखा नहीं खाता था। समझ नहीं आया कि उस रात कमरे में कौन आया था। ठीक से जांच होती, तो शायद सच सामने आ जाता। मोनिका यह भी आरोप लगाती हैं कि- उस फ्लैट को सीज नहीं किया गया और कुछ ही दिनों बाद उसे पेंट कर दिया गया। वह बताती हैं कि नोएडा की सूरजपुर कोर्ट ने मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए थे। अभी मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में है। रुंधी आवाज में मोनिका कहती हैं- लगता नहीं कि भाई को न्याय नहीं मिलेगा। अगले दिन सुबह मैं गुरुग्राम पहुंचता हूं, जहां डॉली से मुलाकात होती है। डॉली एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हैं। धीमी आवाज में कहती हैं- शादी के चार महीने के भीतर ही मेरे भाई ने आत्महत्या कर ली। रिश्ता एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तय हुआ था। सितंबर 2024 की बात है। हम पटना के रहने वाले हैं। लड़की का परिवार रांची का। 9 नवंबर को हम लड़की देखने गए, लेकिन वहां हमसे बिना ठीक से बातचीत के भाई को अगूंठी पहनाकर सगाई करा दी। उसके बाद लड़की नोएडा स्थित मेरे भाई के फ्लैट पर आने-जाने लगी। उसी साल फरवरी में शादी कर दी गई। एक हफ्ता पटना में रहने के बाद विकास, पत्नी एकता को लेकर नोएडा चला गया। मार्च में दोनों की पहली होली थी। एकता शादी में मिले गिफ्ट और गहनों से खुश नहीं थी। झगड़ा करती थी। बालकनी से कूदने की धमकी देती थी। एक बार तो भाई को पुलिस भी बुलानी पड़ी थी। शादी के करीब दो महीने के बाद एकता की मां भी नोएडा आईं। उनके सामने भी एकता भाई से झगड़े करती। भाई ने परेशान होकर हमें बताया। उसके बाद हमने उसे गुरुग्राम बुला लिया। उधर, मां-बेटी उसका कीमती सामान और गहने लेकर रांची चली भाग गईं और हमारे खिलाफ केस दर्ज करा दिया। एकता ने हमें सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया, लेकिन विकास से स्नैपचैट पर बात करती थी। एक दिन उसने विकास से कहा- रांची में मेरा दम घुट रहा है, मुझे ले चलो। उसकी जिद पर जुलाई में भाई विकास, एकता के घर गया। वहां उसके परिवार वालों ने उसे नंगा करके पीटा, कान पकड़कर उठक-बैठक कराई और भगा दिया। उस सदमे में वह एक होटल पहुंचा और हाथ की नस काट ली। पुलिस को खबर मिली, तब उसे अस्पताल ले गई। उसके बाद विकास नोएडा आकर रह रहा था। 3 अगस्त 2025 की बात है। एकता एक दिन अचानक नोएडा भाई के पास पहुंची। दोनों के बीच झगड़ा हुआ। एकता ने विकास के शरीर पर नाखूनों से चोट पहुंचाई और अगले दिन सामान पैक करके वापस रांची चली गई। वह रास्ते में ही रही होगी। 5 अगस्त की रात भाई ने आत्महत्या कर ली। उससे पहले भाई ने हमें एक वीडियो भेजा था। कलाई की नस काटने के बाद फंदा लगा लिया था। वह रुककर कहती हैं- जब तक हम गुरुग्राम से नोएडा पहुंचते, देर हो चुकी थी। मां उस समय छोटी बहन के पास ऑस्ट्रेलिया गई हुई थीं। वो आज भी कहती हैं- अगर वह विदेश नहीं जाती, तो उनका बेटा बच जाता। रुंधे गले से डॉली कहती हैं- भाई की मौत के बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटकती रही। जिन लोगों पर शक है, वे आज भी खुले में घूम रहे हैं। मामला सूरजपुर सेशन कोर्ट में है। एकता जमानत पर बाहर है। पुरुष आयोग की अध्यक्ष बरखा त्रेहान कहती हैं, ‘जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं तो लगता है कि जो कानून महिलाओं को बचाने के लिए बने थे, उन्हीं को ढाल बनाकर अब पुरुषों को फंसाया जा रहा है। पुरुषों को आगे आकर बोलना पड़ेगा।’ नोट- घरेलू हिंसा का शिकार महिला या पुरुष, कोई भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में परिवार, दोस्तों या काउंसलर से मदद लें। आत्महत्या समाधान नहीं है। ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-जान बचानी थी, तो सिर पर बांध ली भगवा पट्टी:दंगे की तस्वीर ने मेरी जिंदगी बर्बाद की- हिंदुत्व का चेहरा बना, लेकिन मिला कुछ नहीं 2002 गुजरात दंगे के दो पोस्टर बॉय की कहानी, जिनमें हिंदुत्व का चेहरा बने मोची अशोक परमार आज दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात सड़क पर सोते हैं। वे उस वक्त 27 साल के थे। आज 51 साल के हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-वो बेटी जैसी थी, उसके पिता बोले-तूने इसका रेप किया: 25 साल बाद जेल से बरी, आज भी लगता है कोई मारने आ रहा है 57 साल के आजाद खान अपने भाई की किराने की दुकान पर बेसुध बैठे हुए हैं। तीन महीने पहले ही 25 साल बाद जेल से बाइज्जत बरी होकर आए हैं। अकेले में कुछ बुदबुदा रहे हैं। पूछने पर कहते हैं- पूरी जिंदगी काल-कोठरी में गुजार दी। अब किसी से क्या ही बात करूं, क्या ही बचा है! पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 23 Apr 2026 5:06 am

क्या वोट में बदलेगी थलापति के रोते-चिल्लाते फैंस की भीड़:फैन क्लब बना पार्टी, लोग बोले- जान भी देंगे; स्टालिन या BJP, किसे नुकसान

15 अप्रैल 2026, तमिलनाडु के चेन्नई का टीनगर। एक्टर से राजनेता बने थलापति विजय का शाम 4 बजे रोड शो था। तैयारी सुबह 11 बजे से ही शुरू हो गई। जगह-जगह पुलिस की बैरिकेडिंग, स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं के मंच। विजय को देखने के लिए सुबह से फूल-माला लिए सड़कों पर लोग जुटने लगे। रैली टीनगर पहुंचते, विजय की एक झलक पाने के लिए भीड़ बेकाबू हो गई। उन्हें देखते ही एक शख्स जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आंखों में आंसू थे, क्योंकि इस पल का इंतजार उसने 6 घंटे धूप में खड़े रहकर किया था। विजय को लेकर ये दीवानगी रैली में जगह-जगह दिखी। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है। विजय दो महीने पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि विधानसभा चुनाव में लड़ाई ‘विजय बनाम स्टालिन’ है। विजय की एंट्री से तमिलनाडु की राजनीति में क्या बदलेगा, हमने समझने की कोशिश की। विजय दिल में बसते हैं, हमें उनकी राजनीति भी पसंद चेन्नई में रोड शो के बीच हमें संगीता मिलीं। विजय को देखने के लिए वो गांव से अपने दोस्तों के साथ पहुंचीं। संगीता कहती हैं, ‘विजय हम सबके दिल में बसते हैं, हम उनके लिए जान भी दे सकते हैं। उनसे हमारा लगाव सिर्फ फिल्म स्टार और फैन का नहीं, हम उनकी राजनीति को भी सपोर्ट करते हैं, क्योंकि वो महिलाओं की सुरक्षा, एजुकेशनस, ड्रग्स और भ्रष्टाचार के जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। वे रोजगार की बात कर रहे हैं।‘ क्या इस बार थलापति आ रहे हैं? जवाब में संगीता कहती हैं, ‘पक्के तौर पर। देखिए मैं किसी फैन क्लब से नहीं जुड़ी, लेकिन उनकी फैन हूं। हम दिल से उनका समर्थन करते हैं। अगर वो सरकार में आए, तो हमारी दिक्कतें दूर होंगी।‘ विजय के वादों पर यकीन, वही CM बनेंगे21 साल के फैजल कॉलेज में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट हैं। वो और उनकी मां जैतून, तिरुपुर से चेन्नई का साढ़े 400 किमी का सफर बस से तय करके पहुंचे। दोनों विजय के जबरदस्त फैन हैं और उनकी एक झलक पाने के लिए आए। जैतून कहती हैं, हमें बदलाव चाहिए। थलापति को आना होगा और सब सही करना होगा। हमें उनके वादों पर यकीन है। 2026 में थलापति ही CM बनेंगे। हमने पूछा कि विजय की पॉलिटिक्स में क्या पसंद है? वे कहती हैं, ‘औरतों को लेकर उनका नजरिया बहुत पसंद है। DMK में अब वो दम नहीं रहा। हम यहां पैसों के लिए नहीं, बल्कि विजय के लिए आए हैं। हम बदलाव के लिए आए हैं।’ विजय की रैली में 18 साल के युवा से लेकर बुजुर्ग तक हर उम्र के लोग थे। यहीं हमारी मुलाकात 61 साल की एलिजाबेथ से हुई। उनके लिए चल पाना मुश्किल है, लेकिन वो विजय को देखने के लिए चेन्नई के विल्लिवाकम इलाके से टी नगर आईं। फिर हजारों लोगों के बीच 3 घंटे बैरिकेडिंग के सहारे खड़ी रहीं। एलिजाबेथ कहती हैं, ‘मैं सिर्फ विजय को देखने आई हूं, उन्हीं को सपोर्ट करूंगी।’ विजय इन रैलियों और सभाओं में कास्ट पॉलिटिक्स करते नहीं दिखते। उनका फोकस महिला और युवा वोटबैंक पर है। उनकी पार्टी युवाओं और महिलाओं से सीधे संवाद कर रही है। फैन क्लब ने बनाया विजय की पार्टी का स्ट्रक्चर रैली में मिलीं चैवन्ति वेल्लोर के कॉलेज से पढ़ाई कर रही हैं। क्लास छोड़कर यूनिफॉर्म में ही 150 किमी दूर रैली में आ गई। वे शर्माते हुए कहती हैं, ‘वी ऑल लव थलापति। बचपन से उन्हें देखते आए हैं, आज सामने से देखना है।‘ चैवन्ति, वेल्लोर विजय फैन क्लब की मेंबर भी हैं। तमिलनाडु में विजय के सैकड़ों फैन क्लब्स हैं। ये स्टार के नाम पर सोशल वर्क करते हैं। इन क्लब्स के पीछे खुद स्टार ही होते हैं। विजय का अब ऐसा ही एक क्लब पार्टी में बदल चुका है, जिसकी टॉप बॉडी का नाम ‘ऑल इंडिया थलापति विजय मक्कल इयक्कम’ है। क्लब में काम करने वालों को ही पार्टी में जगह दी गई है। ये क्लब एक नेटवर्क की तरह काम करता है। इसमें स्टेट प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और कोऑर्डिनेटर्स सभी विजय को रिपोर्ट करते हैं। हर कोऑर्डिनेटर के पास स्टार के फैन्स का डेटा होता है, जो नई फिल्म, पोस्टर, गाने और सोशल वर्क से जुड़े कंटेट उनके फैन्स तक भेजते हैं। ये क्लब्स वॉट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के जरिए नेटवर्किंग करते हैं। अब इसी सिस्टम का इस्तेमाल विजय राजनीति और चुनाव में कर रहे हैं। विजय के चेहरे और फैसलों पर चल रही पार्टी DMK और AIADMK की तरह TVK कोई संगठनात्मक पार्टी नहीं है। ये विजय की ‘थलापति’ (सेनापति) इमेज के आसपास ही घूमती है। पार्टी में विजय के बाद कोई नंबर दो या तीन नहीं है। वही पहले और आखिरी डिसीजनमेकर हैं। पार्टी के सीनियर लीडर्स बताते हैं कि चुनाव के पहले करीब 70 हजार बूथ एजेंट बनाने की तैयारी की गई थी। काफी हद तक इसमें सफल भी रहे। पार्टी में अलग-अलग पद बनाकर जिम्मेदारियां बांटी गईं हैं। हालांकि,ये सभी सिर्फ विजय को सलाह दे सकते हैं, उन्हें चुनौती देने का दम किसी में नहीं हैं। TVK भले नई पार्टी है, लेकिन चुनाव प्रचार काफी खर्च कर रही है। पार्टी अब तक 40 से ज्यादा मेगा रैलियां और रोड शो कर चुकी है। प्रचार में AI तकनीक और रोबोट्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी से जुड़ी फाइनेंशियल जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं। पार्टी सोर्स बताते हैं कि उनके पास तीन तरफ से पैसे आ रहे हैं। पहला- विजय की निजी संपत्ति। दूसरा- फैन क्लब और बड़े समर्थक। तीसरा- टिकट पाने वाले उम्मीदवार। विजय की शोहरत फैन क्लब की 20 साल की मेहनत का नतीजा विजय सर्वेसर्वा हैं, लेकिन वो ना मीडिया से बात करते हैं, ना कोई इंटरव्यू देते हैं। TVK के लीडर फेलिक्स गेराल्ड ही नेशनल मीडिया में पार्टी का पक्ष रखते हैं। वे बताते हैं, ‘2021 के स्थानीय चुनाव में फैन क्लब के 130 नेताओं ने चुनाव लड़ा और ज्यादातर चुनाव जीते। विजय ने पार्टी लॉन्च करने के पहले ही यहां की सियासी जमीन का अंदाजा लगा लिया था। वे औपचारिक तौर पर 2024 में राजनीति में आए, लेकिन उनकी ये शोहरत फैन क्लब की 20 साल की मेहनत का नतीजा है।’ हमने फेलिक्स से पूछा कि विजय का CM स्टालिन के खिलाफ प्रचार और BJP-AIADMK के लिए नरमी कहीं ये इशारा तो नहीं कि वे चुनाव के बाद BJP को सपोर्ट कर देंगे? इस पर फेलिक्स कहते हैं, ‘हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। DMK सही मायने में सेक्यूलर पार्टी भी नहीं है। हम BJP की भी आलोचना करते हैं।‘ ‘विजय ने साफ किया है कि वैचारिक रूप से BJP हमारी विरोधी है। उसे समर्थन करने का सवाल ही नहीं, हम अपने दम पर सरकार बनाने जा रहे हैं।‘ एक्सपर्ट बोले: विजय की राजनीति में कुछ नया नहीं, 12-15% वोट मिलेंगे द हिंदू के सीनियर जर्नलिस्ट डी सुरेश कुमार कहते हैं कि विजय तमिलनाडु के सबसे बड़े हीरो हैं, लेकिन उनकी कहानी जयललिता और MGR से काफी अलग है। विजय ने ऐसे वक्त पर राजनीति में कदम रखा, जब वो करियर के शिखर पर हैं। कमल हसन या रजनीकांत दोनों करियर ढलान पर पहुंचने के बाद राजनीति में आए। विजय ने चुनाव प्रचार में कई बार खुद को जोसेफ विजय कहकर संबोधित किया। वो अपनी क्रिश्चियन आइडेंटिटी पर जोर दे रहे हैं। इसे लेकर सुरेश कहते हैं, ‘विजय का प्रभाव शहरी इलाकों में ज्यादा है। महिलाओं और युवाओं का बड़ा हिस्सा उनके साथ जाएगा। वे क्रिश्चियन हैं, इसलिए अल्पसंख्यकों का भी वोट मिलेगा। कम से कम 12-15% वोट उनके हिस्से आएंगे।‘ सुरेश के मुताबिक, विजय की राजनीतिक विचारधारा में कुछ नया नहीं है। वो द्रविड़ राजनीति ही कर रहे हैं, जो DMK और AIADMK करते आए हैं। उनके वैचारिक नेता पेरियार और अंबेडकर ही हैं। मुद्दों की बात करें तो वो NEET हटाने, राज्य के अधिकार बढ़ाने और टू लैंगुएज फॉर्मूला का समर्थन करते हैं। ……………..तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए… लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्‍डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 23 Apr 2026 5:05 am

नक्सलवाद खत्म, नक्सलबाड़ी में BJP भारी:नक्सल लीडर कानू सान्याल की साथी बोलीं- न मोदी मिटा पाएंगे, न ममता

पश्चिम बंगाल का नक्सलबाड़ी, यहां की गलियों में आज भी 'लाल' रंग बिखरा है, बस उस रंग की चमक फीकी पड़ गई है। ये लाल रंग नक्सल आंदोलन की निशानी है। सबसे बड़ी निशानी लाल चारदीवारी वाला एक घर है। झंडे लाल, छत भी लाल। दीवार पर अंग्रेजी में लिखा है- कानू सान्याल स्मृति भवन। ये नक्सल आंदोलन के शुरुआती लीडर कानू सान्याल का घर है। कानू सान्याल ने मई, 1967 में चारू मजूमदार के साथ मिलकर नक्सलवाद की शुरुआत की थी। कानू सान्याल के घर के बगल में एक कच्चा घर और है। अंदर एक चारपाई, मिट्टी का चूल्हा और कुछ पुराने बर्तन हैं। ये शांति मुंडा की कुल जमा पूंजी हैं। 84 साल की शांति कभी कानू सान्याल की भरोसेमंद सिपाही थीं। 1967 में जब पुलिस की गोलियां चल रही थीं, तब 25 साल की शांति पीठ पर बेटी को बांधकर इंकलाब के नारे लगा रही थीं। शांति अब लाठी के सहारे चलती हैं। हाथ जोड़कर मिलती हैं, लेकिन आवाज में वही पुरानी ठसक है। वे कहती हैं, 'मोदी हों या ममता, कोई नक्सल आंदोलन को मिटा नहीं सकता। रूस, जर्मनी, चीन में देखिए। बहुत लोग मरे, लेकिन कम्युनिस्ट कभी न खत्म हुआ, न कभी होगा।' नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में 30 BJP के पास, नक्सलबाड़ी में आज वोटिंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को लोकसभा में कहा कि नक्सलवाद अब लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। इस दावे के बाद नक्सलबाड़ी में पहला विधानसभा चुनाव है। 23 अप्रैल यानी आज वोटिंग है। दार्जिलिंग से करीब 60 किमी दूर बसा नक्सलबाड़ी 2011 से पहले सिलीगुड़ी विधानसभा सीट में था। 2008 में परिसीमन हुआ और 2011 में अलग माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट बनी। तीन बार चुनाव हुए, जिनमें दो बार कांग्रेस जीती। 2021 में पहली बार BJP को जीत मिली। BJP मौजूदा विधायक आनंदमय बर्मन को दोबारा टिकट दिया है। TMC की तरफ से शंकर मलकार मैदान में हैं। चाय बागानों के लिए मशहूर ये एरिया नॉर्थ बंगाल में आता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने नॉर्थ बंगाल की 54 में से 30 सीटें जीती थीं। TMC को 23 सीटें मिली थीं। इस बार BJP 32 से 38 सीटों पर मजबूत है। पहले फेज की 152 सीटों में 80 से 90 सीटों पर BJP आगे दिख रही है। शांति का दर्द: नेताओं के पास बड़ी गाड़ियां, नातिन के पास 'चाकरी' नहीं शांति मुंडा नक्सली संगठन की महिला समिति में थीं। कानू सान्याल के साथी चारु मजूमदार से बहुत प्रभावित थीं। दो बार चुनाव लड़ीं, लेकिन जीती नहीं। शांति कानू सान्याल के घर के बगल में रहती हैं। नक्सल आंदोलन के बारे में क्या याद है? शांति कहतीं हैं, ‘सब याद है। जमीन की लड़ाई से कहानी शुरू हुई थी। जमींदारों ने एक बिगुल नाम के एक किसान का सिर फोड़ दिया था। जमीन की लड़ाई तब भी थी, आज भी है। हर जगह जमीन बिक रही है, ये लड़ाई खत्म नहीं होगी।’ ‘अब नेता बदल गए हैं। पहले अपना काम देखते हैं। कम्युनिस्ट पार्टी की सोच है कि पहले जनता होनी चाहिए और नेता उनके पीछे। आजकल तो नेता जनता से आगे हैं। उनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां हैं। अगर हम भी चुनाव जीत गए, तो रावण राजा बन जाएंगे। मैं अब भी कम्युनिस्ट पार्टी के बुलाने पर मीटिंग में जाती हूं, लेकिन विचार अब अलग हो गए हैं।’ ‘मोदी कहते हैं कम्युनिस्ट को खत्म कर देंगे, लेकिन ये मरेगा नहीं’ नक्सलबाड़ी में कम्युनिस्ट पार्टी पीछे रह गई हैं। TMC और BJP में मुकाबला है। इस पर शांति कहती हैं, ‘अरे ममता-मोदी सब एक ही हैं। लोग कहते हैं कि कम्युनिस्ट खत्म हो जाएगा। नरेंद्र मोदी भी बोलते हैं कि खत्म कर देंगे। करिए। पब्लिक है न। हम नहीं करेंगे, नेता भी नहीं करेंगे, जनता फैसला करेगी। कम्युनिस्ट कभी नहीं मरता है।’ मार्क्स, माओ, लेनिन, स्टालिन की मूर्ति; लोग बोले- लाल पार्टी खत्म नक्सलबाड़ी में 25 मई, 1967 को पुलिस फायरिंग में 11 लोग मारे गए, जिनमें 8 महिलाएं और दो बच्चे भी थे। इस जगह शहीद बेदी (वेदी) बनी है। बीच में चारू मजूमदार की मूर्ति है। आसपास कार्ल मार्क्स, लेनिन, स्टालिन और माओत्से तुंग की मूर्ति है। यहां मिले सुनील 1967 के आंदोलन के गवाह हैं। तब वे 13 साल के थे। सुनील कहते हैं, ‘यहां सिर्फ 5-6 भारतीयों की मूर्ति लगी है। बाकी विदेशी हैं। ये लोग खत्म हो गए। साल में एक बार यहां लोग फूल चढ़ाने आते हैं। इन लोगों ने पहले काम किया है। इन्हीं का खून बहा। धीरे-धीरे सब खत्म हो गया। अब यहां TMC और BJP में मुकाबला है। कांग्रेस और लाल पार्टी खत्म हो गई। ‘नक्सलबाड़ी नाम सुनते ही लोग हमें नक्सली समझ लेते हैं’ नक्सलबाड़ी के रेलवे स्टेशन से मार्केट की तरफ जाने वाले रास्ते में दोनों तरफ पार्टियों के झंडे लगे हैं। कई दुकानों पर BJP और TMC के झंडे साथ दिखे। मिठाई की दुकान चलाने वाले सायन कुंडू बताते हैं, ‘यहां से जिसकी रैली निकलती है, वही अपना झंडा लगा देते हैं। हम झंडे नहीं लगाते।’ नक्सलबाड़ी नाम से कभी कोई दिक्कत होती है? सायन जवाब देते हैं, ‘हां, अक्सर होती है। मैं पढ़ाई के लिए बेंगलुरू गया था। वहां दोस्तों को बताया कि मेरा घर नक्सलबाड़ी में है। वे अजीब तरह से देखने लगे। नक्सलबाड़ी नाम सुनते ही नक्सली पर ध्यान जाता है। वे अब भी ऐसा ही सोचते हैं।’ नक्सलबाड़ी के मुद्दे… चाय बागान में मजदूरी नहीं बढ़ी, आदिवासी एरिया में वोट कटने से गुस्सा नक्सलबाड़ी के पास 40 से ज्यादा चाय बागान हैं। सभी मैदानी इलाके में हैं। पहाड़ी एरिया में 80 से ज्यादा बागान हैं। यहां के दो मुद्दे हैं। पहला काम के बदले सिर्फ 250 रुपए मजदूरी और वोटर लिस्ट से नाम कटना। यहां मिलीं अनिता भगत कहतीं हैं, मेरे पति और बेटे का नाम वोटर लिस्ट में है। मेरा और देवर का वोट कट गया। हम चकरमाणी में रहते हैं। दिनभर चाय बागान में काम करते हैं, तब 250 रुपए कमाते हैं। नाम कटने पर राजा मुर्मू कहते हैं, ‘आदिवासी का मतलब ही है सबसे पुराना वासी। इसलिए आदिवासियों का नाम कटना नहीं चाहिए। आसपास 4 से ज्यादा बस्तियां हैं। हर परिवार में किसी न किसी का नाम कटा है। नाम कटने का मतलब है कि हमारा अस्तित्व ही काट दिया।’ एक्सपर्ट की राय: पहले फेज में BJP आगे दिख रही, वजह आदिवासी वोट …………………………….. पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 23 Apr 2026 5:04 am

मुस्लिम बहुल 6 जिलों में बसती है ममता की जान:TMC की आधी सीटें यहीं से; क्या ममता के ‘चिकेन नेक’ पर शिकंजा कसेगी बीजेपी

तारीख- 25 फरवरी 2026, जगह- पूर्णिया एयरपोर्ट। एयरस्ट्रिप पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई नेता और अधिकारी खड़े थे। शाम करीब 5 बजे BSF का एक खास विमान उतरा। सफेद कुर्ता-पायजामा और गमछे में गृहमंत्री अमित शाह बाहर निकले। Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर से शाह सीधे किशनगंज पहुंचे। अगले तीन दिन शाह ने इलाके के सभी जिला कलेक्टरों, एसपी, केंद्रीय बलों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से बात की। 27 फरवरी की शाम वे दिल्ली लौटे। शाह के इस दौरे के बाद एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी चली कि केंद्र सरकार एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी में है, जिसमें बिहार के सीमांचल इलाके के 4 जिले और पश्चिम बंगाल के चिकन नेक या सिलिगुड़ी कॉरिडोर के 8 जिले शामिल हो सकते हैं। कहा गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले ये ममता बनर्जी को हराने की स्ट्रैटजी है। चर्चा इतनी जोर से उठी कि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB को इसे अफवाह बताकर खारिज करना पड़ा। इस कॉन्सपिरेसी थ्योरी की हकीकत और ममता के असली चिकन नेक की पूरी कहानी; जानेंगे आज के इलेक्शन एक्सप्लेनर में… चिकन नेक को UT बनाने की मांग पहले भी उठी उत्तर बंगाल के 8 जिले उस भूगोल पर बसे हैं, जिसे दुनिया सिलिगुड़ी कॉरिडोर या चिकन नेक के नाम से जानती है। महज 40 किमी लंबा और 22 से 30 किमी चौड़ा यह रास्ता पूर्वोत्तर के सातों राज्यों को भारत के बाकी हिस्से से जोड़ता है। एक तरफ नेपाल, दूसरी तरफ बांग्लादेश, और सिर्फ 200 किमी दूर चीन। उत्तर बंगाल को अलग करने की मांग पहली बार जून 2021 में उठी थी, जब अलीपुरद्वार से बीजेपी सांसद जॉन बारला ने कहा कि इन जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए। ममता ने तुरंत विरोध किया। लेकिन खुद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने बारला से ये कहते हुए किनारा कर लिया कि बंगाल बांटना हमारा एजेंडा नहीं। तीन साल बाद जुलाई 2024 में गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में इसी मांग को और बड़े दायरे में उठाया। झारखंड के संथाल परगना के 6 जिले, बिहार के सीमांचल के 4 जिले और बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद समेत उत्तरी बंगाल के कुछ हिस्से- सबको मिलाकर UT बनाने की बात कही। तर्क था कि इन इलाकों में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन न संसद में चर्चा हुई, न बीजेपी ने इसे आधिकारिक स्टैंड बनाया। अब 2026 में बंगाल चुनाव से ठीक पहले शाह की सीमांचल विजिट के बाद यही चर्चा तीसरी बार उठी। उत्तर बंगाल हथियाने से बीजेपी को खास चुनावी फायदा नहीं राजनीतिक तौर पर यह इलाका फिलहाल बीजेपी की तरफ झुका है। 2021 में इन 8 जिलों की 54 सीटों में से बीजेपी ने 30 और टीएमसी ने 24 जीतीं। 2016 में यहां लेफ्ट ने 25 सीटें जीती थीं, लेकिन 2021 तक उसकी जगह बीजेपी ने ले ली। इसकी वजह डेमोग्राफी है। इन 8 में से 6 जिलों में हिंदू आबादी 73-81% के बीच है। सिर्फ उत्तर दिनाजपुर और मालदा में मुस्लिम आबादी 50% के करीब है और वहां टीएमसी मजबूत है। यानी उत्तर बंगाल में बीजेपी की ताकत और टीएमसी की कमजोरी, दोनों का एक ही कारण है- डेमोग्राफी। लेकिन यह आधी तस्वीर है। असली तस्वीर दक्षिण बंगाल में है। ममता का असली ‘चिकन नेक’ हैं मुस्लिम बहुल ये 6 जिले पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में 6 मुस्लिम बहुल जिले हैं- मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और बीरभूम। विधानसभा की 294 में से 118 सीटें यानी 40% सीटें इन्हीं जिलों में हैं। 2021 में टीएमसी ने कुल 215 सीटें जीती थीं- उनमें से 103 यानी 48% सीटें सिर्फ इन्हीं 6 जिलों से आईं। इन जिलों में टीएमसी का जीत प्रतिशत 87% रहा। बीजेपी को महज 14 सीटें मिलीं। यह सिर्फ संख्या नहीं है। यह ममता की पूरी चुनावी गणित की नींव है। अगर यह नींव हिली, तो ममता की सरकार हिलेगी। और इसीलिए इस वोटबैंक को समझना जरूरी है। 15 साल में कैसे बना टीएमसी का यह गढ़? लेफ्ट के 34 साल के राज में मुस्लिम वोटर 'लाल झंडे' के साथ थे। दो घटनाओं ने यह बदला… 2011 में सत्ता में आने के बाद ममता ने इस रिश्ते को नीतियों में बदला। इमामों-मोअज्जिनों के लिए मासिक भत्ता, ऐक्यश्री स्कॉलरशिप से लाखों अल्पसंख्यक छात्रों को मदद, और मुस्लिम जातियों को OBC में शामिल करके आरक्षण का फायदा। ऊपर से सांस्कृतिक नजदीकी, मसलन- हिजाब पहनकर इफ्तार पार्टी में जाना, इस्लामी दुआएं पढ़ना। बीजेपी इसे तुष्टिकरण कहती है, लेकिन मुस्लिम वोटर इसे अपनी पहचान का सम्मान मानते हैं। जब NRC-CAA के बाद असुरक्षा बढ़ी, तो ममता ने खुद को मुस्लिमों की इकलौती ढाल बताया। यह नैरेटिव इतना मजबूत हुआ कि 2021 में बीजेपी की पूरी ताकत झोंकने के बाद भी मुस्लिम वोट में कोई दरार नहीं आई। पश्चिम बंगाल के सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी मानते हैं कि इस बार SIR में काफी नाम कटे हैं। इससे थोड़ा उलटफेर हो सकता है। लेकिन यहां बीजेपी की एकतरफा जीत नहीं होगी। अगर यहां भ्रष्टाचार के मुद्दे का असर पड़ता तो ममता कई साल पहले हार गईं होती। लेकिन ये मुद्दा असरदार नहीं है। नॉर्थ और साउथ परगना में काफी हद तक ममता ही मजबूत रहने वाली हैं। इसलिए बीजेपी को ममता के गढ़ में चुनौती देना अभी आसान नहीं है। हालांकि उत्तर बंगाल में बीजेपी जरूर मजबूत रहेगी। -------------- बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ममता के सिर पर रॉड मारी, लगा बचेंगी नहीं: बंगाल में जो आता है, क्यों छा जाता है; क्या अब बीजेपी की बारी है जैसे बंगाली रसगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 22 Apr 2026 4:57 am

‘ढोक में छुपे थे पहलगाम आतंकी, चावल खिलाकर दी पनाह’:NIA की चार्जशीट- खजूर और सिगरेट साथ लाए थे; 1113 लोगों से पूछताछ

कश्मीर में पोनी यानी घोड़ा चलाने वाले बशीर अहमद और परवेज अहमद ने पहलगाम में हमला करने वालों को न सिर्फ अपने घर में रुकवाया, बल्कि लोकेशन की डिटेल भी दी। अपने ढोक यानी झोपड़ी में आतंकियों को चाय पिलाई, खाना खिलाया। पॉलिथीन में सब्जी-रोटी पैक करके दी। वे आतंकी हैं, ये पता चलने के बावजूद पुलिस या सुरक्षाबलों को जानकारी नहीं दी। NIA ने अपनी चार्जशीट में ये खुलासे किए हैं। जांच के दौरान NIA ने कुल 1,113 गवाहों के बयान दर्ज किए। 31 शॉल हॉकर, 543 ढोक यानी झोपड़ी में रहने वाले लोग, 117 पोनी चलाने वाले, 69 पशु मालिक, 42 फोटोग्राफर, 54 ढाबा-भेलपुरी और चाय बेचने वाले, 36 टिकट काउंटर-जिपलाइन वाले, 25 टैक्सी ड्राइवर, 19 दुकान मालिक, 23 दूसरे जिलों के संदिग्ध और अन्य 54 लोग शामिल थे। चार्जशीट के मुताबिक, हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ अली भाई ने रची, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। NIA ने उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। उसने ही हमले के लिए लोकेशन बताई और कोर्डिनेट्स भेजे थे। तीन पाकिस्तानी आतंकी भारत में घुसे और हमला किया। पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पढ़िए इनसाइड स्टोरी… गवाह का खुलासा: बशीर को हथियारों से लैस लोगों के साथ जाते देखाचार्जशीट में एक गवाह को X-1 नाम दिया गया है। उसने खुलासा किया, ‘मैं हिल पार्क के रास्ते घर लौट रहा था। मैंने बशीर अहमद जोठार को हथियारों से लैस तीन लोगों को इशारा करते देखा। फिर सभी को बशीर के भांजे परवेज अहमद की झोपड़ी में जाते देखा। मैं परवेज को भी जानता हूं।' 'अगले दिन यानी 22 अप्रैल को मैं रूटीन काम के लिए बैसरन घाटी गया। अजान के वक्त के आसपास मैंने परवेज अहमद और बशीर अहमद जोठार को वहां टहलते देखा।’ हमले के वक्त X–1 मौके पर था। तीनों आतंकियों ने उसे भी रोका और कलमा पढ़ने को कहा। कलमा पढ़ने पर जाने दिया। दूर से उसने आतंकियों को गोली चलाते हुए देखा। X–1 ने तीनों आतंकियों की पहचान की है। परवेज बोला- मामा अंदर आया और हमें चुप रहने को कहापरवेज अहमद ने पूछताछ में बताया, ‘21 अप्रैल, 2025 को शाम 5 बजे मैं और पत्नी घर में चाय बनाने की तैयारी कर रहे थे। तभी मेरा मामा बशीर अहमद जोठार अंदर आया और हमें चुप रहने को कहा। वो बाहर गया और कुछ मिनट बाद वापस आया। उसके पीछे तीन लोग थे, जिनके हाथ में हथियार थे।’ ‘वे अंदर आकर बैठ गए। पानी देने के लिए कहते हुए बोले कि वे बहुत दूर से आए हैं। थके और प्यासे हैं। पानी पीने के बाद उन्होंने कहा कि अल्लाह के रास्ते में लड़ने वाले और कश्मीरी मुसलमानों की आजादी के लिए जिहाद करने वालों को पानी पिलाने पर मुझे सवाब मिलेगा।’ ‘वे उर्दू बोल रहे थे, जिसमें पंजाबी टच था। वे कश्मीरी नहीं लग रहे थे। मुझे अहसास हुआ कि वे मुजाहिद थे। उन्होंने मुझसे बैग और पाउच छिपाने के लिए कहा। मैंने उन्हें ढोक में पड़े कंबलों, बिस्तरों के नीचे छिपा दिया। पत्नी ताहिरा से सभी के लिए चाय बनाने को कहा। तीनों मुजाहिद ढोक की दीवार से टिककर बैठे थे। ‘ इस खुलासे के बाद बशीर अहमद जोठार से पूछताछ की गई। बशीर और परवेज को 22 जून, 2025 को गिरफ्तार किया गया। बशीर का खुलासा: पेड़ों के पीछे से तीन हथियारबंद लोग आए बशीर अहमद जोठार ने खुलासा किया कि 19 और 20 अप्रैल को पानी की वजह से मैं बैसरन घाटी नहीं गया था। 21 अप्रैल को शाम 4 बजे के करीब अपने घोड़े को देखने जंगल गया। तभी पेड़ों के पीछे से तीन हथियारबंद व्यक्ति सामने आए। उन्होंने मुझे कहा कि हमें सुरक्षित जगह ले चलो और अल्लाह के नाम पर खाने का इंतजाम करो। यह सुनते ही मुझे अहसास हो गया था कि ये मुजाहिद हैं। मैं उन्हें परवेज के ढोक के पास ले गया और कहा कि यहां रुककर मेरे सिग्नल का इंतजार करना। मैं परवेज के ढोक में अंदर घुसा और परवेज–ताहिरा को चुप रहने को कहा। आसपास नजर मारने के बाद मैंने उन्हें हाथों से इशारा किया। फिर वे मेरे पीछे-पीछे परवेज के ढोक में अंदर आए। वे एक-दूसरे को भाईजान बोल रहे थे। ताहिरा ने सभी के लिए चाय बनाई। छोटे कद के एक मुजाहिद ने खाना बनाने के लिए कहा। मैंने ताहिरा को चावल और कच्चे टमाटर बनाने को कहा। खाने खाते हुए उन्होंने मुझसे अमरनाथ यात्रा के बारे में बात की। सिक्योरिटी कैंप्स और एरिया में जवानों के मूवमेंट के बारे में पूछा। वे हमसे उर्दू और पंजाबी में बात कर रहे थे। आपस में पंजाबी में बात कर रहे थे। उनकी बातचीत में मैंने साजिद का नाम सुना। खाने के बाद उन्होंने ताहिरा को रोटी पैक करने को कहा। हल्दी, मिर्ची और नमक भी लेकर गए थे बशीर ने आगे बताया, ‘परवेज ने पुराने कपड़े के टुकड़े में 10 रोटी पैक कर दीं और एक पॉलिथीन में सब्जी रख दी। मुजाहिदों ने एक पॉलिथीन में हल्दी, मिर्ची और नमक भी ले लिया। उन्होंने परवेज के ढोक से एक पतीला और करछी भी ले ली। मैंने ढोक को पानी से बचाने के लिए जो बड़ी पॉलिथीन रखी थी, एक मुजाहिद ने वो भी ले ली।’ उनके पास सिगरेट, टॉफी और खजूर भी थे। वे करीब 5 घंटे ढोक में रहे और रात 10 बजे एक-एक करके निकल गए। बाहर निकलते वक्त छोटे कद के मुजाहिद ने परवेज को 3 हजार रुपए दिए। मुजाहिदों के जाने के 5 मिनट के बाद मैं भी चला गया। ‘22 अप्रैल को सुबह 10 बजे के आसपास मैं परवेज से हिल पार्क पोनी स्टेंड के पास मिला। हम अपने घोड़ों से दो टूरिस्ट को लेकर बैसरन घाटी पहुंचे। उन्हें मेन गेट पर छोड़ने के बाद परवेज और मैंने घोड़ों को मेन गेट के पास ही बांध दिया। हम पार्क में टहल रहे थे, तभी हमने उन्हीं तीन लोगों को पार्क की फेंसिंग के पास बैठे देखा।’ ‘हम तुरंत मेन गेट की तरफ आए और जिन टूरिस्ट को लेकर गए थे, उनके आने का इंतजार करने लगे। 1 बजे के करीब पोनी स्टेंड से निकल गए। मैं पहलगाम मार्केट में था, तब मुझे एक पोनीवाले ने बताया कि बैसरन में आतंकी हमला हुआ है, जिसमें कई टूरिस्ट मारे गए हैं। हमले के बाद मैंने हिल पार्क वाला ढोक छोड़ दिया और खैय्यार में अपने घर में शिफ्ट हो गया। पकड़े जाने के डर से किसी से इस बारे में बात नहीं की।’ मुठभेड़ में ढेर हुए तीनों आतंकवादी 28 जुलाई, 2025 को श्रीनगर के डाचीगाम की महादेव हिल्स में सिक्योरिटी फोर्स और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें तीन आतंकवादी मारे गए। उनके पास मिले हथियारों की फॉरेंसिक जांच से पुष्टि हुई कि वही हथियार बैसरन में हुए हमले में इस्तेमाल किए गए थे। इस मुठभेड़ के दौरान एक GoPro कैमरा मिला। मोबाइल डेटा के एनालिसिस से टेरेरिस्ट नेटवर्क से कनेक्शन साबित हुआ। जांच में पता चला कि 21 दिसंबर 2023 को सेना वाहन पर हमला, 4 मई 2024 को वायुसेना के वाहन पर हमला, 9 जून 2024 को शिव खोरी यात्री हमला, 20 अक्टूबर को APCO कंपनी पर हमला और 22 अप्रैल 2025 को बैसरन में हुए हमले में बरामद किए गए हथियार एक जैसे थे। जांच में साबित हुआ कि तीनों टेरेरिस्ट को पाकिस्तान में बैठे लश्कर–ए–तैयबा के कमांडर साजिद जट्ट से इंस्ट्रक्शन मिल रहे थे। हमला सोची–समझी साजिश था, जिसे पाकिस्तान से ऑपरेट किया गया और लोकल लेवल पर मदद ली गई। साजिद जट्ट सीधे एक आतंकी सुलेमान के संपर्क में था। सुलेमान के फोन में alpine quest app डाउनलोड था। इस पर बिना इंटरनेट के किसी लोकेशन के कोऑर्डिनेट मिल जाते हैं। एप में पहले से बैसरन घाटी की लोकेशन सेट थी। मौके से बरामद कंबल, सामान पर बशीर और परवेज का डीएनए मिला। मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि आतंकियों के फोन पाकिस्तान में खरीदे गए थे और उनमें उनकी तस्वीरें भी थीं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR से यह भी साबित हुआ कि बशीर और परवेज घटना के समय उसी इलाके में मौजूद थे। दोनों स्थानीय आरोपियों के पहले से बड़ी मात्रा में राशन खरीदने के सबूत भी मिले। आशंका है कि वे पहले से ही आतंकियों को सपोर्ट देने की तैयारी में थे। हमले में लश्कर-ए-तैयबा और द रेसिस्टेंस फ्रंट शामिल थे। कश्मीर में डर का माहौल बनाना, टूरिज्म एक्टिविटी को रोकना और देश विरोधी एक्टिविटी को बढ़ाना इसका मकसद था। केस अभी ट्रायल स्टेज मेंNIA पुलिस स्टेशन जम्मू में FIR नंबर RC-02/2025/NIA/JMU के तहत 27 अप्रैल 2025 को केस रजिस्टर हुआ। यह केस NIA एक्ट 2008 के तहत जम्मू की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है और चार्जशीट नंबर 03/2025 दाखिल हो चुकी है। केस ट्रायल स्टेज में है। इसके बाद आरोप तय किए जाएंगे और ट्रायल होगा, जिसमें गवाहों के बयान और सबूत पेश किए जाएंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट फैसला सुनाएगा। …………………………….पहलगाम अटैक पर ये स्टोरी भी पढ़िए, ये हमले के 30 दिन पूरे होने पर की गई थी…13 मिनट, 26 कत्ल; वीडियो में देखिए आतंकी कहां से आए, कहां गए कश्मीर की हरी-भरी बायसरन घाटी, उसकी खूबसूरती को निहारते टूरिस्ट, गोलियां, चीखें, बचने-बचाने की कोशिशें और 26 कत्ल, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक की कहानी बस इतनी ही है, लेकिन असर इतना बड़ा कि भारत-पाकिस्तान जंग के मुहाने पर खड़े हो गए। पहलगाम में तीन आतंकी आए और हमेशा का दर्द देकर चले गए। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 22 Apr 2026 4:57 am

पहलगाम में 75% घटे टूरिस्ट; गाइड बर्बाद, गाड़ियां-घोड़े बिके:6 टूरिस्ट स्पॉट बंद, आतंकियों से भिड़े आदिल की फैमिली को एक साल बाद मिला घर

पहलगाम की बैसरन घाटी। हरी वादियों और घास के मैदानों से आबाद। कश्मीर आने वाले टूरिस्ट यहां जरूर आते थे। ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल को भी आए थे। तभी जंगल की तरफ से तीन आतंकी आए और 13 मिनट में 26 लोगों का कत्ल कर दिया। बैसरन घाटी वीरान हो गई। पूरा साल बीत गया, लेकिन वीरानी अब भी है। यहां अब पहले जैसे टूरिस्ट नहीं आते। लोगों को घाटी घुमाने वाले गाइड बर्बाद हो गए। उनके घोड़े और गाड़ियां तक बिक गईं। पहलगाम में अटैक करने वाले तीनों आतंकी मारे गए, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान से बदला ले लिया, लेकिन बैसरन घाटी में कुछ नहीं बदला। मुंबई की मुनीजा परिवार के साथ कश्मीर घूमने आईं, तो पहलगाम भी पहुंचीं। बैसरन घाटी जाना चाहती थीं, लेकिन नहीं जा पाईं क्योंकि हमले के बाद घाटी दोबारा खुली ही नहीं। पहलगाम अटैक के बाद क्या बदला 1. 48 में से 6 टूरिस्ट स्पॉट अब भी बंद, सिक्योरिटी क्लियरेंस के बाद खुलेंगे हमले के बाद कश्मीर में 48 टूरिस्ट स्पॉट बंद किए गए थे। इनमें 42 दोबारा खुल गए। 6 अब भी बंद हैं। बैसरन घाटी के अलावा चंदनवाणी, गुरेज, अथवटो, बंगस और रामकुंड का सिक्योरिटी रिव्यू हो रहा है। क्लीयरेंस के बाद इन्हें खोला जा सकता है। आतंकी हमले से पहले अप्रैल, जून और जुलाई में हर दिन 10 हजार से ज्यादा टूरिस्ट पहलगाम आते थे। अब 2000 से 2500 ही आते हैं। अब बैसरन घाटी कब खुलेगी, हमने ये सवाल जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से पूछा। वे ऑफिशियली बात करने को नहीं हुए, लेकिन ये बताया कि अभी यहां की सिक्योरिटी देखी जा रही है। क्लीयरेंस मिलने के बाद ही फैसला लिया जाएगा। 2. घोड़े वाले, दुकानदारों की पहचान के लिए QR कोड वाले कार्ड सेंसेटिव टूरिस्ट स्पॉट की लिस्टिंग की गई है। यहां टूरिस्ट के साथ सीधे कॉन्टैक्ट में आने वाले लोकल लोगों का वेरिफिकेशन होगा। उन्हें QR कोड वाला कार्ड जारी किया जा रहा है। इसे स्कैन करते ही, उनकी डिटेल, फोन नंबर, आधार नंबर और एड्रेस की जानकारी मिल जाएगी। इसकी शुरुआत इसी हफ्ते से पहलगाम में हुई है। मुंबई से आईं टूरिस्ट मुनीजा मोहम्मद मेरीशा बताती हैं, ‘पहलगाम अटैक की वजह से थोड़ा डरी हुई थी। यहां घूमने के बाद डर नहीं है। सेफ्टी पर काम हो रहा है। हर घोड़े वाले के पास एक QR कोड है। इसे स्कैन करने पर पता चल जाता है कि हम सही इंसान के साथ घूमने आए हैं।’ मुनीजा इसका अनुभव बताती हैं, ‘मैं एक घोड़े वाले से बैसरन घाटी जाने की बात कर रही थी। उसने अपनी पहचान के लिए QR कोड दिखाया। इसे स्कैन करते ही उसकी पूरी डिटेल आ गई। नाम- मोहिद्दीन मागरे। एड्रेस- पहलगाम। फोन नंबर 9469******। आधार नंबर 4491********। प्रोफेशन-पोनी मैन। पुलिस वेरिफाइड- यस।’ टूरिस्ट गाइड जब्बार अहमद मागरे कहते हैं कि QR कोड शुरू करके सरकार ने अच्छा काम किया है। इससे घोड़े वाले, कैमरे वालों और दुकान वालों की सही पहचान हो रही है। अब तक 165 से ज्यादा घोड़े वालों को कार्ड इश्यू हुए हैं। हम सबसे पहले टूरिस्ट को कार्ड ही दिखाते हैं। गाड़ी वाले और दुकानदार, सभी के अलग-अलग QR कोड हैं। 3. आतंकियों के मददगारों के खिलाफ चार्जशीट पहलगाम अटैक में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ जम्मू NIA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। ट्रायल शुरू हो गया है। 1300 पेज की चार्जशीट में हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने के सबूत दिए गए हैं। पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट समेत 7 आरोपी बनाए गए हैं। चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर सजाद जट्ट का नाम भी है। 4. आतंकियों से भिड़ने वाले आदिल की पत्नी को नौकरी, परिवार को घर मिला कश्मीरी युवक सैयद आदिल हुसैन 22 अप्रैल,2025 को टूरिस्ट के साथ बैसरन घाटी गए थे। आतंकियों ने हमला किया, तो वे टूरिस्ट को बचाने के लिए एक आतंकी से भिड़ गए। उसकी राइफल पकड़ ली। आदिल को आतंकी ने तीन गोलियां मार दीं। परिवार की जिम्मेदारी 29 साल के आदिल पर ही थी। जम्मू-कश्मीर सरकार ने उनकी पत्नी गुलनाज अख्तर को सरकारी नौकरी दी है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उनके गांव हापतनार में घर बनवाकर दिया है। आदिल के भाई नौशाद कहते हैं, ‘उसकी मौत से हमें तकलीफ तो होती है लेकिन उससे ज्यादा फख्र होता है। उसने आतंकियों के सामने घुटने नहीं टेके।’ टूर ऑपरेटर बोले- EMI नहीं भर पा रहे, बैंक वाले गाड़ी उठा ले जाएंगे जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से करीब 90 किमी दूर पहलगाम और पहलगाम से 6 किमी दूर बैसरन घाटी है। घास के बड़े मैदान, देवदार के घने जंगल, बर्फ से ढंकी पहाड़ियों की वजह से ये जगह स्विट्जरलैंड का एहसास दिलाती है। इसलिए इसका नाम मिनी स्विट्जरलैंड ही पड़ गया। यहां सिर्फ घोड़े या ट्रैक करके ही जा सकते हैं। जिस जगह से टूरिस्ट सफर शुरू करते थे, वहां काफी घोड़े और गाइड मिल जाते थे। एक साल बाद भी मिले, लेकिन पहले से बहुत कम। घाटी का रास्ता बताने वाला बोर्ड भी हटा दिया गया। पहलगाम से 2-3 किमी दूर कनहमर्ग है। अब गाइड लोगों को वहीं घुमाने ले जाते हैं। बैसरन घाटी की ओर कोई नहीं जा सकता। टूर ऑपरेटर मोहम्मद शफी बताते हैं कि बैसरन घाटी पहलगाम का सबसे पसंदीदा स्पॉट है। आतंकी हमले के बाद 8-9 महीने तक पहलगाम पूरी तरह बंद रहा। डेढ़-दो महीने से टूरिस्ट आना शुरू हुए हैं। बैसरन घाटी के साथ चंदनवाड़ी भी बंद है। इसलिए सिर्फ 20% टूरिस्ट आ रहे हैं। साइट बंद होने से वे भी जल्दी लौट जाते हैं।’ ‘कहा गया है कि जल्द ही घाटी खोली जाएगी, लेकिन अभी फाइनल नहीं हुआ है। पुलिस और एजेंसियां पूरी सिक्योरिटी जांच कर लें। कम से कम चंदनवाड़ी को तो खोलना चाहिए। चंदनवाड़ी में बर्फ होती है। टूरिस्ट वही देखने आते हैं। हमारी गाड़ियों की किस्त बाकी है। अगर ये टूरिस्ट स्पॉट नहीं खोले गए, तो किस्त नहीं भर पाएंगे। बैंक वाले गाड़ी उठा ले जाएंगे। चंदनवाड़ी पर पुलिस चौकी है, आर्मी तैनात है। उसे खोला जा सकता है। बैसरन घाटी भले बंद रखें।’ पहलगाम में पोनी मैन एसोसिएशन के प्रेजिडेंट बिलाल अहमद कहते हैं, ‘एक साल बाद भी हमारा काम बंद है। कई लोगों ने अपने घोड़े और गाड़ियां बेच दीं। कुछ टूरिस्ट साइट खुलने से काम शुरू हुआ है। रोज 200-500 रुपए की कमाई हो रही है। हम मांग कर रहे हैं कि कुछ और साइट खोली जाएं।’ ‘अभी टूरिस्ट आ रहे हैं। हम उन्हें यहां-वहां घुमा देते हैं। इससे टूरिस्ट खुश नहीं होते। वे तो बैसरन घाटी और चंदनवाड़ी घूमने आते हैं। इनमें से कोई भी खुल जाए, तो अच्छा रहेगा। यहां अब बहुत सिक्योरिटी है। हम लोग भी समझ गए हैं कि किस तरह के लोग बुरे हैं और उनसे दूर रहना है।’ 22 अप्रैल, 2025 का दिन, जब बैसरन घाटी में अटैक हुआ दोपहर करीब 2 बजे की बात है। टूरिस्ट के ग्रुप घाटी में वीडियो-फोटो शूट कर रहे थे। उसी वक्त तीन आतंकी जंगल की ओर से आए और गोलियां बरसाने लगे। पहली गोली करीब 2.20 बजे चली। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। जब लाशें गिरने लगीं, तब लगा कि हमला हुआ है। लोग बचने के लिए भागे, लेकिन उस मैदान में छिपने की जगह ही नहीं थी। हमले में कुल 26 लोग मारे गए। पहलगाम अटैक के 15 दिन बाद भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में एयर स्ट्राइक की। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना शामिल है। मुजफ्फराबाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की राजधानी है और यहीं से आतंकी नेटवर्क ऑपरेट होता है। ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इनमें कंधार प्लेन हाईजैक, पठानकोट और संसद हमले में शामिल अब्दुल रऊफ अजहर भी शामिल है। रऊफ जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का भाई था। …………………………….पहलगाम अटैक पर ये स्टोरी भी पढ़िए, ये हमले के 30 दिन पूरे होने पर की गई थी…13 मिनट, 26 कत्ल; वीडियो में देखिए आतंकी कहां से आए, कहां गए कश्मीर की हरी-भरी बायसरन घाटी, उसकी खूबसूरती को निहारते टूरिस्ट, गोलियां, चीखें, बचने-बचाने की कोशिशें और 26 कत्ल, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक की कहानी बस इतनी ही है, लेकिन असर इतना बड़ा कि भारत-पाकिस्तान जंग के मुहाने पर खड़े हो गए। पहलगाम में तीन आतंकी आए और हमेशा का दर्द देकर चले गए। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 22 Apr 2026 4:57 am