1952 में जब देश में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, तब संसद में 489 सीटें थीं और आबादी थी करीब 36 करोड़। आज आबादी 140 करोड़ पार कर चुकी है, लेकिन पिछले 50 साल से सीटें 543 पर जमी हैं। अब सरकार ने सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है और एक साथ तीन बड़े काम करने की तैयारी में है- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना (यानी परिसीमन), और 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। लेकिन यह इतना सीधा नहीं है। दक्षिण के राज्यों को डर है कि उनकी सीटें घटेंगी। विपक्ष पूछ रहा है कि बंगाल चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी क्यों और सबसे बड़ा सवाल- महिला आरक्षण असल में लागू कब से होगा? ऐसे ही 8 जरूरी सवालों के जवाब, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: महिला आरक्षण का कानून 2023 में ही पास हो गया था, तो अब तीन नए बिल क्यों लाने पड़े?जवाबः केंद्र सरकार ने 19 सितंबर 2023 को संविधान (128वां संशोधन) विधेयक पेश किया था। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था। 20 सितंबर को लोकसभा, 21 सितंबर को राज्यसभा और 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद यह बिल कानून बन गया। लेकिन लागू नहीं हो सका। क्यों? क्योंकि उस कानून में शर्त थी कि आरक्षण नई जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होगा। नई जनगणना का डेटा आने में करीब दो साल और लग सकते हैं। यानी परिसीमन 2034 के चुनाव तक टल सकता था। इसी को बदलने के लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है और तीन नए बिल ला रही है: इन बिलों के तीन मकसद हैं… सवाल 2: लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाबः मौजूदा सीटों का बंटवारा 1971 की जनगणना पर आधारित है। तब एक सांसद औसतन 10 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता था, जो अब बढ़कर 25 लाख से ऊपर पहुंच गया है। लेकिन राजनीतिक जानकार एक और बात भी कहते हैं। लोकसभा में अभी 74 महिला सांसद हैं, यानी सिर्फ 13.6%। 543 सीटों पर 33% आरक्षण लागू होता, तो 181 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होतीं और कई पुरुष सांसदों को अपनी सीटें छोड़नी पड़तीं। इससे पार्टियों के भीतर बगावत का खतरा था। अनुमान है कि परिसीमन के बाद 816 सीटें हो जाएंगी, यानी 273 नई सीटें जुड़ेंगी। लगभग इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी मौजूदा पुरुष सांसदों पर सीधा असर कम होगा। सवाल 3: परिसीमन के लिए 2011 का पुराना डेटा क्यों, नई जनगणना का इंतजार क्यों नहीं?जवाबः लोकतांत्रिक मानकों के हिसाब से परिसीमन हमेशा ताजा जनगणना के आधार पर होना चाहिए। लेकिन अगर 2027 की जनगणना का इंतजार किया गया, तो महिला आरक्षण 2034 तक लागू नहीं हो पाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की महिलाओं को पत्र लिखा- ‘महिलाओं का अधिकार अब और टाला नहीं जा सकता और 2029 के चुनाव से इसे लागू होना चाहिए।’ लेकिन मोदी सरकार की इस जल्दबाजी पर सवाल भी उठ रहे हैं- इन सवालों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘यह विधेयक 2023 में पास हुआ था। अब बात वादे को पूरा करने की है। संसद ने देश की महिलाओं को 33% आरक्षण देने का वादा किया है। इस वादे को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।’ सवाल-4: दक्षिण के राज्यों ने आबादी काबू में रखी, तो क्या अब उनकी सीटें घटेंगी और हिंदी भाषी राज्यों की बढ़ेंगी?जवाबः यह डर नया नहीं है। 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। आज भी यही चिंता है। दक्षिण के राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाया, आबादी काबू में रखी, लेकिन जनसंख्या आधारित परिसीमन में उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व घट सकता है। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने चेतावनी दी है कि अगर परिसीमन से राज्य को नुकसान हुआ तो 1950-60 के दशक जैसा आंदोलन होगा। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने दक्षिण के सभी मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर एकजुट होने और पीएम मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। इलेक्शन एनालिस्ट से पॉलिटिकल एक्टिविस्ट बने योगेंद्र यादव का कहना है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर आनुपातिक परिसीमन हुआ तो केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब को नुकसान होगा, जबकि हिंदी भाषी राज्यों को फायदा। इससे संघीय ढांचे का नाजुक संतुलन बिगड़ सकता है। केंद्र सरकार बार-बार भरोसा दे रही है कि राज्यों की आनुपातिक हिस्सेदारी से छेड़छाड़ नहीं होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सीटों का बंटवारा परिसीमन आयोग करेगा और आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होगा। इससे दक्षिण को नुकसान नहीं, फायदा होगा। अनुपातिक प्रतिनिधित्व, यानी लोकसभा में राज्यों की मौजूदा हिस्सेदारी की हिसाब से परिसीमन में सीटें बांटी जाएंगी। उदाहरण से समझते हैं- तमिलनाडु में अभी लोकसभा की 39 सीटें हैं, यानी अनुपातिक हिस्सेदारी हुई- (39/543) 100 = 7.18%। अगर लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी, तो इस फॉर्मूले से तमिलनाडु की लोकसभा सीटें बढ़कर 61 हो जाएंगी। सवाल-5: महिलाओं को आरक्षण कब से मिलेगा और परिसीमन कब लागू होगा?जवाबः इसके लिए पहले परिसीमन आयोग बनेगा। इसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त सदस्य होते हैं। हर राज्य के लिए 5 लोकसभा और 5 विधानसभा सदस्य सहयोगी सदस्य होते हैं। हालांकि इन्हें वोट देने का हक नहीं होता। भारत के पिछले चार परिसीमन आयोगों को अंतिम आदेश जारी करने में 3 से साढ़े 5 साल लगे थे। 2002 में शुरू हुआ परिसीमन 2008 में पूरा हुआ, यानी 6 साल में। सरकार की कोशिश है कि यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव तक लागू हो जाए। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बारी-बारी बदलती रहेंगी। SC/ST कोटे की भी एक-तिहाई सीटें उसी वर्ग की महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। सवाल-6: क्या विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण लागू होगा?जवाबः हां। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023) के तहत लोकसभा के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। ज्यादातर राज्यों की विधानसभा सीटें 2001 की जनगणना पर आधारित हैं, असम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर। पूर्वोत्तर के 4 राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल और मिजोरम में तो विधानसभा क्षेत्र 2001 से भी पुराने आधार पर हैं। इसलिए इन सभी जगहों पर भी नए सिरे से परिसीमन होगा। सवाल-7: अगर परिसीमन आयोग का फैसला गलत लगे, तो क्या कोर्ट जा सकते हैं?जवाबः परिसीमन आयोग के आदेश कानून की तरह लागू होते हैं। आर्टिकल 329 और परिसीमन अधिनियम 2002 की धारा 10 के तहत इनके खिलाफ अदालत में नहीं जाया जा सकता। संसद और विधानसभाएं भी इनमें बदलाव नहीं कर सकतीं। हालांकि 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने किशोरचंद्र छगनलाल राठौर बनाम भारत सरकार मामले में एक अहम फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 329 न्यायिक समीक्षा को पूरी तरह खत्म नहीं करता। अगर कोई आदेश स्पष्ट रूप से मनमाना हो, समानता और निष्पक्षता जैसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हो या गलत इरादे से लिया गया हो, तो हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उसकी जांच कर सकती हैं। छोटे-मोटे सीमा बदलाव जैसे मुद्दों पर कोर्ट दखल नहीं देगा और यह भी ध्यान रखेगा कि उसकी वजह से चुनाव में देरी न हो। हालांकि मीडिया रिपोर्ट है कि 2026 का परिसीमन आयोग ज्यादा ताकतवर होगा, जिसके फैसलों को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। सवाल-8: संसद में तीनों बिल पास होना कितना आसान या मुश्किल है?जवाबः संविधान संशोधन के लिए लोकसभा में 'विशेष बहुमत' चाहिए। यानी कुल 543 में से कम से कम आधे यानी 272 सांसद उपस्थित होने चाहिए। जितने भी सांसद उपस्थित हों, उनके दो-तिहाई का समर्थन। मान लीजिए सभी 543 सांसद मतदान करें, तो बिल पारित कराने के लिए 362 वोट चाहिए। अभी NDA के पास 292 सांसद हैं। विपक्ष के 233। यानी अकेले NDA बिल नहीं पास करा सकता। विपक्ष का सहयोग जरूरी है। BJP, कांग्रेस, JDU, LJP(R) समेत कई दलों ने व्हिप जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि जैसे 2023 में महिला आरक्षण बिल बिना विरोध के पास हुआ था, वैसा इस बार होने की उम्मीद कम है। क्योंकि विपक्षी गठबंधन INDIA का कहना है कि हम महिला आरक्षण के समर्थन में तो है, लेकिन परिसीमन के खिलाफ है। इसका हम संसद में विरोध करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, सरकार जो प्रस्ताव पेश कर रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। जाति जनगणना को नजरअंदाज कर OBC, दलित और आदिवासियों के हक की चोरी हो रही है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर जैसे राज्यों के साथ किसी भी तरह का अन्याय हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ------------ चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ममता के सिर पर रॉड मारी, लगा बचेंगी नहीं: बंगाल में जो आता है, क्यों छा जाता है; क्या अब बीजेपी की बारी है जैसे बंगाली रसगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। पूरी खबर पढ़िए…
2002 गुजरात दंगे के दो पोस्टर बॉय की कहानी, जिनमें हिंदुत्व का चेहरा बने मोची अशोक परमार आज दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात सड़क पर सोते हैं। वह उस वक्त 27 साल के थे। आज 51 साल के हैं। उनसे मिलने मैं अहमदाबाद के शाहपुर इलाके पहुंचा- ‘केटी देसाई स्कूल’। बगल में एक नीम के पेड़ नीचे अशोक परमार की दुकान है- एक बंद अलमारी और नीचे रखा पतला, मटमैला गत्ता। आसपास के लोगों से पता चला कि वे सिविल हॉस्पिटल गए हैं- कुछ दिन पहले उन्हें लकवा मार गया है। मैं दुकान पर उनका इंतजार करता हूं। वह दो घंटे बाद लौटे- दुबले-पतले, फटी टी-शर्ट और पैंट पहने। लंगड़ाते हुए हाथ में दवाइयों से भरी थैली है। मैंने पूछा- आप ही अशोक परमार हैं? लाल आंख, काले-मुरझाए चेहरे से वो तेज आवाज में बोले- हां… वही, जिसे 2002 में हिंदुत्व का चेहरा बनाया गया था। अब भोजन से ज्यादा दवाइयां खाता हूं। थैली से दवाएं दिखाते हुए कहते हैं- ये दवाइयां तो सरकारी अस्पताल से मिल जाती हैं… लेकिन खाना? वह फ्री में नहीं मिलता। अब तो बस मौत का इंतजार है। पहले तो जूते-चप्पल सिलकर किसी तरह 50-100 रुपए कमा लेता था… अब लकवे ने वह भी छीन लिया’, इतना कहकर वे चुपचाप दुकान के बाहर झाड़ू लगाने लगते हैं। ब्लैकबोर्ड में आज अशोक परमार और कुतुबुद्दीन अंसारी की कहानी, जिन्हें 2002 गुजरात दंगे का पोस्टर बॉय बनाया गया। अशोक परमार को हिंदुत्व का चेहरा और कुतुबुद्दीन अंसारी को मुस्लिम दर्द का चेहरा, लेकिन उन तस्वीरों की वजह से आज दोनों की जिंदगी स्याह बन चुकी है। झाड़ू लगाने के बाद अशोक गमछा बिछाते हैं। मैं उनके साथ बातचीत के लिए बैठ जाता हूं। वह कहते हैं- जो बात करनी है, जल्दी कर लीजिए। यहां आप जैसे मीडिया वालों को देखकर लोग जुटने लगते हैं। मुझे खाना खाने भी जाना है। आज का खाना आप खिला देंगे क्या? मुझे तो रोज दो वक्त का खाना दूसरों से मांगना पड़ता है। पिछले साल दिसंबर में लकवा मार गया था, तो दो महीने दुकान बंद रही। पिछले महीने से ही इसे खोला है। मैंने कहा- चलिए, पहले खाना खा लेते हैं, फिर बात करेंगे। कहते हैं- नहीं-नहीं, पहले बात कर लीजिए। अब मुझे भूख कम लगती है। बस जिंदा हूं। इस जिंदगी से तंग आकर कई बार खुद को मारने की कोशिश की। डिप्रेशन की दवाइयों की ओवरडोज ली, लेकिन मरा नहीं। सांस है कि निकलती नहीं। अब सोचता हूं, खुद से नहीं मरूंगा, वर्ना लोग कहेंगे- अशोक कितना कायर था। उनकी हालत देखकर ताज्जुब होता है। दिमाग में गुजरात दंगे की वही तस्वीर उभर आती है- पीछे आग का गुबार और सामने काली शर्ट में माथे पर भगवा पट्टी बांधे और गुस्से में लोहे की रॉड उठाए यही अशोक परमार थे। अब मैं उन्हें पोस्टर बॉय बनाने वाली उस तस्वीर को दिखाते हुए पूछता हूं- इस तस्वीर में आप ही हैं? अशोक गुस्से में बोल पड़ते हैं- इसी फोटो ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। पता नहीं, उस मुंबई के पत्रकार को मैंने क्यों फोटो खींचने को कहा। दरअसल, यह गोधरा कांड के अगले दिन 28 फरवरी 2002 की बात है। सुबह के 10 बज रहे थे। शहर की सारी दुकानें बंद थीं। पता चला कि शाहपुर चौराहे के पास दंगाई तांडव मचा रहे हैं। मुस्लिम बस्तियों को आग के हवाले किया जा रहा है। चौराहे और सड़कों पर जलते टायर बिखरे हैं। यह पूरा इलाका मुसलमानों का है। थोड़ी देर बाद हल्ला मचा कि दंगाई मेरी दुकान की तरफ आ रहे हैं। उनके हाथ में पेट्रोल और जलते टायर हैं। मैंने तुरंत दुकान बंद की और अपने भाई के घर की तरफ भागा। उधर भी भीड़ थी। रास्ते में मुझे एक भगवा पट्टी गिरी दिखी। भीड़ से बचने के लिए मैंने उसे माथे पर बांध लिया, ताकि दंगाई समझ सकें कि मैं भी हिंदू हूं। जैसे ही शाहपुर चौराहे पर पहुंचा, एक फोटो पत्रकार मिला। वह बेचैन था। मुझे देखकर बोला, ‘मैं काफी देर से एक गुस्सैल चेहरे की तलाश में हूं, जो हिंदुत्व का गुस्सा दिखा सके। आपका चेहरा वैसा ही लग रहा है। पीछे आग की लपटें उठ रही थीं। मैंने सड़क पर पड़ी एक लोहे की रॉड उठाई और दोनों हाथ ऊपर उठाए और कहा- ‘मेरी फोटो खींच लो।’ उसने मेरी फोटो खींची और चला गया। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उस फोटो की वजह से मैं गुजरात दंगे का चेहरा बन जाऊंगा। अगले दिन मेरी वह फोटो टीवी पर गुजरात दंगाई के रूप में दिखाई जाने लगी। उस समय इलाके के लोगों को छोड़कर किसी को पता नहीं था कि वह शख्स मैं ही हूं। ‘आपके परिवार में कौन-कौन हैं?’ कोई नहीं। तभी तो 24 साल से इस सड़क पर जिंदगी बिता रहा हूं। इसी जगह चबूतरे पर सोता हूं। कोई खाना दे दे, तो भूख मिटा लेता हूं। अभी दो दिन पहले ही मेरी भाभी की मौत हुई है। वही भाभी, जिन्होंने मुझे घर से निकाल दिया था। 1990 की बात है। 7वीं में पढ़ता था। पिताजी मोची का काम करते थे, लेकिन बीमार रहते थे। अचानक उनकी मौत हो गई। मां पहले ही गुजर गई थीं। कुछ समय तक भाई ने पिताजी का काम संभाला। हम दो भाई और दो बहनें हैं। दोनों की शादी हो चुकी थी। भाभी मुझे घर पर देखकर गाली-गलौज करती थीं। खाना नहीं देती थीं। कहतीं- जाओ, रुपए कमाकर लाओ, तब खाना मिलेगा। तुम पढ़ोगे और तुम्हारा भाई काम करेगा? उनकी बातें सुन-सुनकर परेशान हो गया था। एक दिन उनसे खूब लड़ा। भाई घर आए, तो उन्हें पता चला। उस दिन उन्होंने मुझे मारा और घर से निकाल दिया। गाली देते हुए बोले- तुम्हारी वजह से मेरी बीवी मुझे मारती है। अब लौटकर मत आना। उसके बाद मैंने पढ़ाई छोड़ दी और पिताजी की दुकान पर बैठने लगा। 5-10 रुपए की कमाई हो जाती, किसी तरह खाना खा लेता था। तब से इसी सड़क पर हूं। थोड़ा बड़ा हुआ, तो एक दूसरी बिरादरी की लड़की से प्यार हो गया। हम दोनों 5 साल साथ रहे। लड़की के घर वालों को जब पता चला, तो उन्होंने उसकी शादी कहीं और कर दी। मेरे पास कुछ था भी नहीं, शादी करके लाता, तो रखता कहां? इसलिए उसे जाने दिया। उसके बाद यह दंगा हो गया। '2002 गुजरात दंगे के बाद क्या हुआ?’ क्या बताऊं, उसके बाद तो जिंदगी दो जोड़ी कपड़ों में आ गई। टी-शर्ट, पैंट, जो अभी पहने हूं और एक जोड़ी इस अलमारी में है। रात में एक शख्स यहां अपनी ऑटो खड़ी करते हैं, उसी में सोता हूं। 2012 में दुकान के साथ मेरी एक तस्वीर वायरल हुई, तब पुलिस पकड़कर मुझे ले गई। मैंने सब सच-सच बता दिया। 14 दिन साबरमती जेल में रखा, उसके बाद छोड़ दिया। बाहर आया तो कुछ लोगों ने मुझे मारने की कोशिश की। गोली चलाई, लेकिन बच गया। अब सोचता हूं, मर ही गया होता, तो आज मौत का इंतजार न करना पड़ता। 2012 में मुझे खोजते हुए मीडिया के लोग यहां पहुंचे, तब से उनका तांता लगने लगा। मीडिया वाले आकर एक ही बात पूछते हैं। मन करता था कि भाग जाऊं, लेकिन कहां जाता? टीवी पर, नेताओं के भाषणों में, जहां भी गुजरात दंगे का जिक्र होता, मेरी तस्वीर दिखाई जाती। कई बार मैं हिंदू नेताओं के पास गया और कहा- हिंदुत्व के नाम पर मेरी तस्वीर इस्तेमाल करते हो, रहने के लिए एक छत ही दे दीजिए। कोई काम दे दीजिए, ताकि घर बसा सकूं। वे कहते- तुम्हें अपनी जाति का पता है…? और भगा देते। उसके बाद मैंने हिंदुओं के धार्मिक कार्यक्रमों में जाना बंद कर दिया। इस बातचीत के दौरान अब यहां लोग जमा होने लगे हैं। अशोक कई बार कह चुके हैं- अब रहने दीजिए। चलिए, खाना खिला दीजिए, वर्ना 3 बजे के बाद होटल बंद हो जाएंगे। हम दोनों ऑटो से खाना खाने निकल जाते हैं। वह बताते हैं- आप लोगों से बात करते हुए मुझे पुरानी बातें याद आने लगती हैं। सोचकर पागल हो जाता हूं। यहां लोग मुझे दो वक्त खाना खिला देते हैं। जरूरत पड़ने पर 50-100 रुपए भी दे देते हैं। राजस्थानी और मुस्लिम मेरी काफी मदद करते हैं। सोचिए, मुझे 5 करोड़ गुजरातियों का चेहरा बताया गया, लेकिन कोई पूछता नहीं। ऑटो रुकते ही एक होटल में जाते हैं। दोनों यहां खाना खाते हैं। वापस लौटते हुए अशोक कहते हैं, 'कुछ पैसे हों तो दे दीजिए, जेब में सिर्फ 20 रुपए हैं।’ मैं कुछ पैसे उनकी जेब में डालते हुए ‘सोनी की चाली’ इलाके की ओर निकल पड़ता हूं। गुजरात दंगे के दूसरे ‘पोस्टर बॉय’ कुतुबुद्दीन अंसारी के घर। कुतुबुद्दीन उस वक्त 28 साल के थे। यहां पहुंचने पर पता चला कि वह ऊपरी माले पर सिलाई का काम कर रहे हैं। एक पतली सीढ़ी से ऊपर पहुंचता हूं। मुझे देखते ही वह कहते हैं- जब कोई मुझे गुजरात दंगे का पोस्टर बॉय कहता है, तो दुख होता है। मेरा अपना नाम है। चाहता हूं कि लोग उसी नाम से बुलाएं। अब उन बातों पर चर्चा नहीं करना चाहता। मेरे बच्चे बड़े हो गए हैं। जो बेटा दंगे के वक्त मेरी पत्नी की कोख में था, उसकी हाल ही में शादी हुई है। अब बेटा-बहू डांटते हैं कि अब्बू कब तक उन बातों को दोहराते रहोगे। अच्छा नहीं लगता… इसलिए अब उन सब के बारे में बात नहीं करना चाहता। कई बार गुजारिश करता हूं, तब वह बातचीत के लिए राजी होते हैं। ऊपर माले से नीचे आकर एक कमरे में बैठते हैं। बातचीत शुरू करते ही कहते हैं- उस तस्वीर ने मेरी पूरी जिंदगी चौपट कर दी। अब अल्लाह के करम से दो वक्त की रोटी खा रहा हूं और परिवार के साथ शांति से हूं। दरअसल, यहां नरोडा हाईवे के एक तरफ दंगा भड़का। उसके बाद जगह-जगह लाशें बिछ गईं। उनके हाथों में बम-बारूद, पेट्रोल और जलते हुए टायर थे- भयावह मंजर था। दंगाई सड़क पर मुसलमान को देखते ही तलवार से काट रहे थे। उस दिन अच्छा था कि पुलिस की एक गाड़ी पहुंची और हमें किसी तरह एक राहत कैंप में लेकर गई। वहां रहने-खाने की सुविधा नहीं थी। उस समय मेरी पत्नी 5 महीने की गर्भवती थी। गोद में डेढ़ साल की बेटी भी थी। ऐसा लग रहा था कि दंगाई कभी भी यहां आ सकते हैं। खैर, एक-दो दिन में दंगा थोड़ा शांत हुआ। लगा कि शायद सब ठीक हो रहा है। मैं पत्नी-बेटी को लेकर राहत कैंप से घर लौट आया। बस्ती में बमुश्किल दो-चार घरों में ही लोग बचे थे। कुछ मारे गए थे, बाकी भाग चुके थे। लेकिन 1 मार्च 2002 को दोपहर 2 बजे अचानक फिर से दंगाई पेट्रोल बम और तलवार लेकर बस्ती में पहुंचे। वे दुकानों में आग लगाने लगे। मुसलमान मिलता तो उसे मार देते। गर्भवती महिलाओं के पेट में तलवार घोंप रहे थे। मैं यह सब घर की दूसरी मंजिल की दीवार के एक झरोखे से देख रहा था। अब तय हो गया था कि दंगाई हमारे घर में भी घुसेंगे और मार देंगे। आखिरी वक्त में बस अल्लाह का नाम ले रहा था। तभी सामने से पुलिस की गाड़ी दिखी, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी बैठे थे। मैं झरोखे से जोर-जोर से चीख रहा था- साहब, बचा लो! जब लगा कि मेरी आवाज उन तक नहीं पहुंच रही, तो बालकनी में आकर चिल्लाने लगा। उसके बाद कुछ पुलिसकर्मी तुरंत गाड़ी से उतरे और मेरे पास पहुंचे। मैं उनके सामने हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगने लगा। उसी गाड़ी में बैठे एक पत्रकार ने मेरी रोती-बिलखती, हाथ जोड़े तस्वीर खींच ली। उसके बाद पुलिस हमें राहत कैंप में ले गई। अगले दिन मेरी तस्वीर पीड़ित मुसलमानों के चेहरे के रूप में अखबारों में छपी। एक-दो दिनों में यही तस्वीर हर जगह फैल गई। उसके बाद पत्रकार इस तस्वीर के जरिए मुझे खोजने लगे। राहत कैंप में कुछ पत्रकारों ने मुझे पहचान लिया। इसके बाद मेरी तस्वीर लगातार छपने लगी- एक तरफ हिंदुत्व के चेहरे के रूप में अशोक परमार की और दूसरी तरफ पीड़ित मुसलमान के रूप में मेरी। ‘आप उस वक्त भी सिलाई करते थे?’ हां, यह हमारा खानदानी काम है। दंगे से पहले मैं अहमदाबाद की एक बड़ी फैक्ट्री में काम करता था। वहां सुनील नाम का एक दोस्त था। वह मुझे घर से लेकर जाता और वापस छोड़ता भी था। 27 फरवरी को जब गोधरा कांड हुआ, तो शाम में फैक्ट्री में घोषणा हुई कि बाहर माहौल ठीक नहीं है। सभी घर चले जाएं। दंगा रुकने तक फैक्ट्री बंद रहेगी। उसके बाद मैं घर आ गया। जब मेरी फोटो आई, तो मीडिया और पार्टियों के नेता मेरे पास आने लगे। उस दौरान कई महीने तक इलाके में कर्फ्यू लगा रहा। यह नया घर 2008 में बनवाया था। इससे कुछ ही दूर मेरे हिंदू दोस्त सुनील का घर था, लेकिन उसने मुझसे बात करना बंद कर दिया। फैक्ट्री में करीब एक साल काम किया था, लेकिन मालिक ने निकाल दिया। उनका कहना था- मीडिया वाले तुम्हारा इंटरव्यू ले रहे हैं, भीड़ लग रही है, इसलिए तुम्हें नहीं रख सकते। नौकरी गई, तो सोचा था कि काश उस दंगे में मर गया होता, तो यह न होता। दिन-रात मीडिया वाले घर के बाहर जमे रहते थे। काम-धंधा चौपट हो गया था, जहां भी गुजरात दंगों में मारे गए मुसलमानों की बात होती, मेरी ही तस्वीर दिखाई जाती। तंग आकर मैंने शहर छोड़ दिया और कोलकाता चला गया। तीन-चार साल वहां रहा, फिर चुपके से अहमदाबाद लौट आया। इसी बीच कुछ समाजसेवी संस्थाओं ने बुलाकर कहा- गुमनाम रहने से कुछ नहीं होगा। जिंदा बचे हो, तो लोग पूछेंगे ही, इसी में जिंदगी बिताओ। इसके बाद मैंने 5,000 रुपए में पांच सिलाई मशीनें खरीदीं और घर पर काम शुरू कर दिया। लेकिन 13 सितंबर 2008 की बात है। दिल्ली में बम धमाका हुआ था। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली थी। उसने सरकार को एक मेल भेजा था, जिसमें लिखा था- 'आंख के बदले आंख’, यानी गुजरात दंगों में मारे गए मुसलमानों का बदला लेंगे। मेल के नीचे मेरी फोटो लगा दी थी। अगले दिन सुबह 7 बजे से ही मीडिया के लोग मेरे घर जमा हो गए। पत्नी और बच्चे डर गए। शाम होते-होते मुझे पुलिस उठा ले गई, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों की कोशिश से छोड़ दिया गया। 2013 में ‘राजधानी एक्सप्रेस’ फिल्म आई। उसमें मुझे आतंकवादी की तरह दिखाया गया। उसमें एक सीन में एक पुलिस अफसर के दफ्तर में मेरी फोटो लगी है, सामने एक आतंकी खड़ा है। पहले पुलिस मेरी तस्वीर पर बंदूक तानती है, फिर आतंकी को गोली मार देती है। फिल्म के बारे में दोस्तों ने बताया, तब मुझे पता चला। मैंने डायरेक्टर पर केस कर दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ और 2019 में मामला बंद कर दिया गया। मैंने उस पत्रकार से भी सवाल किया, जिसने मेरी फोटो खींची थी। उसके पास माफी के अलावा कोई जवाब नहीं था। नहीं पता था कि एक तस्वीर मेरी जिंदगी इस तरह बर्बाद कर देगी। खैर… मेरी बेटी के बच्चे की तबीयत खराब है, अब मुझे जाना होगा। शाम हो चुकी है।’ कहते-कहते वह सहम जाते हैं। कैमरा बंद करते ही कहते हैं, ‘सच कहूं, तो मुझे मोबाइल से भी डर लगता है। उस पर ऐसी ही खबरें देखकर परेशान हो जाता हूं। मेरी हालत तो फिर भी कुछ ठीक है, लेकिन अशोक का सब खत्म हो गया। वह महीने-पंद्रह दिन में खाना खाने मेरे घर आ जाता है। उसे कुछ पैसे दे देता हूं। अब क्या कर सकता हूं, मेरे भी बाल-बच्चे हैं। अब मैं 52 साल का हूं। ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-वो बेटी जैसी थी, उसके पिता बोले-तूने इसका रेप किया:25 साल बाद जेल से बरी, आज भी लगता है कोई मारने आ रहा है 57 साल के आजाद खान अपने भाई की किराने की दुकान पर बेसुध बैठे हुए हैं। तीन महीने पहले ही 25 साल बाद जेल से बाइज्जत बरी होकर आए हैं। अकेले में कुछ बुदबुदा रहे हैं। पूछने पर कहते हैं- पूरी जिंदगी काल-कोठरी में गुजार दी। अब किसी से क्या ही बात करूं, क्या ही बचा है! पूरी कहानी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-हट्टा-कट्टा भर्ती हुआ, फौज ने विकलांग बनाकर भेज दिया:8 महीने कोमा में रहा, होश आया तो पता चला- मुझे आर्मी से निकाल दिया ‘डेढ़ महीने से मुझे ‘महाराजा’ पनिशमेंट दी जा रही थी, जिसमें सिर के बल डेढ़-डेढ़ घंटे रहना होता था। एक दिन मैं बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहा था। तभी एक जोरदार पंच मेरे सिर पर लगा और मैं गिर पड़ा। अफसर चिल्लाए- चेतन, उठो और लड़ो। मैंने कहा- अब नहीं लड़ पाऊंगा, सर। लेकिन उन्होंने कहा- नहीं चेतन, तुम्हें भिड़ना होगा। पूरी कहानी यहां पढ़ें
पश्चिम बंगाल की सियासत में इस बार कुछ बड़ा पक रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले BJP और RSS खामोशी से अब तक की सबसे बड़ी बिसात बिछा चुके हैं। बूथ से लेकर बॉर्डर तक संगठन एक्टिव हैं। BJP ने सीनियर लीडर रहीं सुषमा स्वराज का फॉर्मूला ‘1 बूथ-10 यूथ’ पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर लागू किया है। क्या है BJP-RSS की 12 रणनीतियां, जो बंगाल की राजनीति का समीकरण बदल सकती है, यही समझने के लिए हम कोलकाता पहुंचे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों का चुनावी माहौल देखा। इसे जितना समझने की कोशिश की, तस्वीर उतनी ही उलझती गई। लोग कह रहे हैं, ‘इस बार बंगाल की राजनीति और मौसम, दोनों का मिजाज एक जैसा है। कब क्या बदल जाए, कहना मुश्किल है। कुछ लोगों का मानना है कि ममता बनर्जी की वापसी लगभग तय है। उनके मुताबिक BJP की सीटें बढ़ सकती हैं, लेकिन सरकार बनाना आसान नहीं होगा। एक वर्ग ये मानता है कि BJP का चुनावी गणित सही बैठ गया, तो सत्ता परिवर्तन बड़ी बात नहीं होगी। 2021 की एक भूल से सबक, BJP ने भी रणनीति बदलीडॉ. धनपत राम अग्रवाल, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक हैं। ये संगठन RSS से जुड़ा है और पश्चिम बंगाल में एक्टिव है। डॉ. अग्रवाल बताते हैं, ‘BJP को 2021 में ही सरकार बनाने की उम्मीद थी। उसे 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें मिली थीं। लोकसभा की एक सीट पर विधानसभा की एवरेज 7 सीटें होती है। पार्टी का गणित था कि विधानसभा चुनाव में 18 7 यानी 126 सीटेें मिल जाएंगी। रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और सिर्फ 77 सीटें मिलीं।’ ‘BJP ने माना कि संगठन की कुछ गलतियां थी। बीते 5 साल में बूथ लेवल तक सुधार किया गया। सभी रीजन- सेंट्रल, नॉर्थ, साउथ बंगाल और जंगल महाल में बूथ लेवल तक तैयारी की गई है। उम्मीद है कि BJP 150 से ज्यादा सीटें जीतेगी।’ BJP की नई स्ट्रैटजी, बॉटम टू टॉप अप्रोचBJP का फोकस किसान, युवा, महिला, व्यापारी और मजदूरों पर है। इन वर्गों से अलग-अलग बैठकें कर उनके सुझाव मेनिफेस्टो में शामिल किए गए। पार्टी इसे बॉटम टू अप स्ट्रैटजी बता रही है। इस बार प्रचार के शोर से ज्यादा माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर है। ये 4 हिस्सों में है… 1. वन बूथ-टेन यूथ ये सुषमा स्वराज का दिया फॉर्मूला है। हर बूथ पर 10 युवाओं की टोली तैनात है। उनके साथ अनुभवी कन्वीनर (संयोजक) काम कर रहे है। मंडल स्तर के कार्यकर्ता भी लगे है। कोई बूथ ऐसा नहीं है, जहां BJP के कार्यकर्ता एक्टिव न हों। 2. YM, यानी युवा और महिला फैक्टरBJP की इंटरनल रिपोर्ट में महिलाएं और युवा निर्णायक वोटर समूह के तौर पर सामने आए हैं। इसलिए पार्टी संदेशखाली और आरजीकर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर से रेप की घटनाओं के जरिए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां पुरुषों का पलायन ज्यादा है। बंगाल में करीब 3.26 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में 50% महिलाओं ने TMC को वोट दिया था। इसकी वजह लक्ष्मी भंडार योजना को माना गया। इसके मुकाबले इस बार BJP ने अन्नपूर्णा योजना के तहत 3 हजार रुपए देने का वादा किया है। राज्य में रोजगार और शिक्षा की स्थिति BJP के चुनावी नैरेटिव का अहम हिस्सा है। पार्टी दावा करती है कि इंडस्ट्री में निवेश ठहरा हुआ है। 6800 कंपनियां राज्य छोड़ चुकी हैं। लॉ एंड ऑर्डर की वजह से निवेश नहीं आ रहा है और राज्य पर कर्ज बढ़ा है। 3. दलबदलुओं को तवज्जो नहीं2021 में BJP ने दूसरी पार्टियों से आए 100 से ज्यादा नेताओं को टिकट दिए थे। इनमें ज्यादातर TMC से थे। इससे BJP के पुराने कार्यकर्ता नाराज हो गए। कई नेता चुनाव हारने के बाद TMC में वापस चले गए। इस बार पार्टी ज्यादा अलर्ट रही। दलबदलुओं की बजाय पार्टी नेताओं को तरजीह दी गई। 4. मुस्लिमों को टिकट नहीं BJP ने इस बार एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया। 2021 में 6 मुस्लिम कैंडिडेट थे। पार्टी बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा काे भी मुद्दा बना रही है। BJP का ये भी दावा है कि मुस्लिमों का एक धड़ा ममता सरकार से नाराज है। बदलती डेमोग्राफी और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा फैक्टरबांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा और दीपू दास की हत्या भी एक फैक्टर है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे बांग्लादेश बन रहा है। घुसपैठियों की वजह से सीमा से सटे जिलों की डेमोग्राफी बदल रही है। पश्चिम बंगाल की जमीन का इस्तेमाल बिहार, झारखंड, पूर्वांचल और सीमांचल की डेमोग्राफी बदलने के लिए किया जा रहा है।’ समिक भट्टाचार्य बताते हैं, ‘इस बार चुनाव जनता और तृणमूल कांग्रेस के बीच है। हमने तैयारी कर ली है। पहाड़ से समुद्र तक, कूचबिहार से काकद्वीप तक, दार्जिलिंग से आसनसोल तक, गंगोत्री से गंगासागर तक इस बार BJP की सरकार बनेगी।’ लोगों से बिना डरे वोट देने की अपील, लेकिन RSS पदाधिकारी खुद डरेRSS से जुड़े संगठन पर्चे बांटकर राष्ट्रवादी पार्टी को वोट देने की अपील कर रहा है। पदाधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं से NOTA का इस्तेमाल न करने की अपील की जा रही है, ताकि वे स्थिर सरकार चुनें। लोगों से कहा गया है कि वे सुबह-सुबह वोट डालने जाएं, क्योंकि दोपहर 12 बजे के बाद कई इलाकों में वोटिंग के दौरान गड़बड़ी और हंगामे की आशंका बढ़ जाती है। RSS का रीजनल ऑफिस ‘केशव भवन’ कोलकाता में है। यहां मिले पदाधिकारियों ने कैमरे पर बात नहीं की। हालांकि, एक पदाधिकारी बोले कि अगर TMC के लोग चुनाव में हमें मारेंगे, तो इस बार हम भी उन्हें मारेंगे। फिर तुरंत बोले, ‘ये लिखिएगा मत, वरना वे मुझे जेल में डाल सकते हैं।’ उनकी बात में डर था। हैरानी हुई कि आम लोगों से बिना डरे वोटिंग की अपील करने वाले RSS के लोग खुद इतना डरे हुए हैं। VHP का दावा: BJP 150 सीट जीतकर सरकार बनाएगी, TMC के एक करोड़ वोट घटेंगेRSS पदाधिकारी ने हमारी बात विश्व हिंदू परिषद के नेता सचिंद्रनाथ सिंह से करवाई। वे दावा करते हैं, ‘इस बार BJP 150 सीटें जीतकर बंगाल में सरकार बनाएगी। यह सिर्फ चुनावी उम्मीद नहीं, बल्कि सौ साल की हिंदुत्व साधना की सिद्धि का परिणाम होगा।’ सचिंद्रनाथ सिंह आरोप लगाते हैं कि TMC के कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं पर दबाव बनाते हैं। बच्चों के सिर पर हाथ रखकर TMC को वोट देने की कसम दिलाते हैं। इससे निपटने के लिए गांवों में क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई जा रही हैं। ये संवेदनशील बूथों के बारे में चुनाव आयोग को जानकारी देंगी। वोटों का गणित समझाते हुए सचिंद्रनाथ सिंह कहते हैं, ‘पिछले विधानसभा चुनाव में BJP को करीब 2.3 करोड़ और TMC को 2.9 करोड़ वोट मिले थे। SIR से TMC के एक करोड़ वोट घट सकते हैं।’ पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा 4.5 लाख नाम मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद से कम हुए हैं। नॉर्थ 24 परगना में 3.25 नाम हटाए गए हैं। हालांकि हटाए गए वोटर को इसके खिलाफ अपील का एक मौका मिलेगा। जंगल महाल और नॉर्थ बंगाल में BJP मजबूत, साउथ बंगाल TMC का पावर हाउस2021 के विधानसभा चुनाव में BJP नॉर्थ बंगाल में सबसे मजबूत थी। यहां की 54 सीटों में से BJP को 30 और TMC को 24 सीटें मिलीं। कूचबिहार और अलीपुरद्वार में पार्टी ने क्लीन स्वीप किया। जंगलमहाल की 42 सीटों में 17 BJP और 25 TMC को मिली थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां BJP आगे थी, लेकिन 2021 में TMC ने वापसी की। इस बार BJP दोनों इलाकों को सेफ जोन मान रही है। साउथ बंगाल TMC का सबसे मजबूत गढ़ है। यहां मुस्लिम और शहरी लिबरल वोटर ज्यादा हैं। यहां की 167 सीटों में 153 TMC ने जीती थीं। नॉर्थ और साउथ 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता में उसे एकतरफा जीत मिली थी। BJP को सिर्फ 14 सीटें मिलीं। ये जीत मतुआ आबादी वाले इलाकों में मिले। इस बार BJP यहां उन हिंदू वोटर्स तक पहुंच रही है, जो डर की वजह से वोट डालने नहीं निकलते। पांच पत्तों की इकोनॉमी पर नजर, मतुआ-राजबंशी तक पहुंचा RSSझारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा के अलावा उत्तर बंगाल में आदिवासी आबादी है। इनकी रोजी-रोटी चाय, साल, तेंदू, पान और तंबाकू के पत्तों से चलती है। बंगाल में करीब 42 से 45 लाख आदिवासी वोटर हैं। राज्य की 294 सीटों में से 16 सीटें ST के लिए रिजर्व हैं, लेकिन आदिवासियों का प्रभाव 45 से 50 सीटों पर है। RSS ने इनके इलाकों में शाखाएं बढ़ाईं, स्कूल खोले और स्थानीय त्योहारों के जरिए उनके बीच जगह बनाई। BJP चुनाव में इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है। खासकर जंगलमहाल में, जहां पहले लेफ्ट पार्टियों का मजबूत वोट बैंक था। धीरे–धीरे ये BJP में शिफ्ट हो गया। इसके अलावा BJP ने मतुआ, राजवंशी और बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने के लिए काम किया। CAA का सबसे ज्यादा असर नॉर्थ 24 परगना, नादिया कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में है। 2021 के चुनाव के बाद RSS ने बॉर्डर वाले इलाकों में शाखाएं बढ़ाई हैं। मतुआ बांग्लादेश से आए शरणार्थी हैं। बंगाल की आबादी में इनकी हिस्सेदारी 4% से 5% है। दलित आबादी में ये करीब 17% हैं। ये समुदाय नादिया, नॉर्थ और साउथ 24 परगना में रहता है और करीब 15 सीटों पर जीत-हार तय करता है। इसी तरह राजबंशी समुदाय कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग की 54 सीटों में से करीब 25-30 सीटों पर निर्णायक हैं। एक्सपर्ट बोले- ममता सरकार के खिलाफ गुस्सा, लेकिन BJP भुना नहीं पा रहीपश्चिम बंगाल की राजनीति पर रिसर्च कर रहे रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बिश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं, ‘पिछले 3-4 चुनावों में TMC ने 30% जीत डर के माहौल से हासिल की है। वे BJP समर्थकों को डराते हैं कि वोट दोगे, तो घर से निकाल देंगे। लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा नहीं मिलेगा, बूथ पर कैमरे से देख लेंगे।’ ‘इस बार चुनाव आयोग ने सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन डर का माहौल फिर भी बना हुआ है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हिंसा के जरिए जीतने की प्रवृत्ति रही है। हाल में मालदा और मुर्शिदाबाद में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, यानी SIR का काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर हमले इसके उदाहरण हैं।’ उन्होंने कहा, ‘TMC और ममता बनर्जी के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी है, लेकिन इसका फायदा BJP को नहीं मिलेगा। BJP के संगठन में कमियां हैं। ये कमियां 2021 में भी थीं। BJP ने ममता के खिलाफ मजबूत CM फेस नहीं दिया। शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा में एक्टिव रखा, लेकिन संगठन में उनसे मतभेद रहे।’ ‘पिछले चुनाव के मुकाबले RSS बंगाल में ज्यादा एक्टिव दिख रहा है। BJP का बूथ पर मजबूत संगठन नहीं है, लेकिन RSS के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। PM मोदी और अमित शाह की रैलियों से डोर-टू-डोर कैंपेन तक RSS का योगदान है।’ ‘पिछले 5 साल में ममता सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन BJP बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं कर पाई। पार्टी के सीनियर नेता मानते रहे कि गुजरात या मध्य प्रदेश में बिना किसी आंदोलन के सरकार बनी। ऐसे में बंगाल में आंदोलन से फायदा नहीं होगा, लेकिन यहां की राजनीति में आंदोलन जरूरी होते हैं। इसी वजह से BJP का संगठन मजबूत नहीं हो सका।’ प्रो. चक्रवर्ती आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में डेमोग्राफिक बदलाव हुआ है। राज्य में 35% मुस्लिम आबादी है। ये 146 विधानसभा सीटों में 20% से 80% तक हैं। यहां लेफ्ट-लिबरल वोटर भी मजबूत हैं। लेफ्ट परंपरा काफी लंबी रही है। प्रेसिडेंसी कॉलेज, कलकत्ता यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों से निकले लिबरल सोच वाले लोग ममता के खिलाफ तो हैं, लेकिन BJP की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेंगे।’ प्रो. चक्रवर्ती के मुताबिक, ‘BJP ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और मुर्शिदाबाद दंगों जैसे मुद्दे उठाए हैं। 2021 में BJP को लगभग 94% और 2024 के लोकसभा चुनाव में 95% हिंदू वोट मिले। इसमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है।’ ………………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
‘मई 2025 की बात है, मैंने सोमवार का व्रत रखा था। तभी तौसीफ अत्तार पास आया और मेरे टेबल पर रखी महादेव की मूर्ति देखकर बोला कि क्या ये सच में भगवान हैं। अगर पार्वती ने गणेश को जन्म दिया, तो इन्हें क्यों नहीं पता था। फिर हंसने लगा। वो अक्सर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाता था। एक दिन उसने कहा कि ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ गलत काम किया था।‘ ‘तौसीफ ऑफिस में बिजनेस प्रोसेस लीडर है। हम एक टीम में नहीं थे, फिर भी वो मेरे पास आता और निजी जिंदगी के बारे में बातें करता। पूछता कि क्या तुम्हारा बॉयफ्रेंड है। वो ऑफिस की लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और आंख मारता। मैंने सीनियर्स से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ, इसलिए पुलिस के पास जाना पड़ा।‘ ये आपबीती 25 साल की उस लड़की की है, जिसकी शिकायत के बाद नासिक पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 7 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच 9 महिलाओं ने FIR दर्ज कराई। उन्होंने कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर पर सेक्शुअल हैरेसमेंट समेत जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। नई फीमेल वर्कर्स को टारगेट कर ब्रेनवॉश का पैटर्न हमने जांच कर रही नासिक पुलिस की SIT के अफसर से बात की। उन्होंने बताया कि मामले के तार ह्यूमन ट्रैफिकिंग, धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग से भी जुड़े हो सकते हैं। इसकी जांच हो रही है। आरोपियों के बैकग्राउंड और ऑफिशियल रिकॉर्ड्स देखे जा रहे हैं। पीड़ित महिलाएं महाराष्ट्र पुलिस की निगरानी में हैं। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है।‘ ‘ज्यादातर गवाही में पाया गया कि पीड़ित महिलाओं को पहले अलग-अलग तरीकों से अप्रोच किया गया। फिर नौकरी के दबाव, प्रमोशन और काम सिखाने के बहाने टारगेट किया गया। पुलिस ने बयानों के आधार पर TCS कंपनी के दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, आसिफ अंसारी, शफी शेख और अश्विनी चनानी को गिरफ्तार किया है। कंपनी की HR मैनेजर निदा खान अभी फरार हैं।’ 9 में से 3 महिलाओं की FIR मिली…पहली पीड़ितसीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, 'क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।' वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, 'क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। दूसरी पीड़ित‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?' मैंने कहा- 'छाछ पी रही हूं।' उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ तीसरी पीड़ितभगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ 40 दिन के 'अंडरकवर ऑपरेशन' से खुलासा मामले की जांच कर रहे SIT चीफ और सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके कहते हैं कि नासिक पुलिस को जांच के दौरान अहम बातें पता चलीं। जांच टीम के एक सीनियर अफसर नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं, ‘फरवरी में कुछ लड़कियों ने हमसे गोपनीय तरीके से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि कंपनी में बहुत खराब माहौल है, लड़कियां खुलकर बोलने से डर रही हैं। आरोपों की सच्चाई जानने के लिए हमने पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के निर्देश पर एक प्लान बनाया।‘ 7 महिला पुलिसकर्मियों को अंडरकवर तैनात किया गया। ये हाउसकीपिंग स्टाफ और बाकी छोटे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के तौर पर कंपनी के अंदर गईं। ‘ऑफिसर्स ने 40 दिनों तक नजर रखी कि क्या आरोपी मीटिंग में या महिला कर्मचारियों के वर्क स्टेशन पर दुर्व्यवहार कर रहे थे। ये अंडरकवर ड्यूटी के बाद हर दिन सीनियर्स को अपडेट देती थीं।‘ जांच के दौरान एक महिला कर्मचारी ने 26 मार्च को देवलाली पुलिस स्टेशन में पहली FIR दर्ज कराई। उसने कंपनी के सीनियर अधिकारी पर रेप का आरोप लगाया। 2 अप्रैल तक कुल 9 केस दर्ज हुए। इनमें आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी स्टाफ सस्पेंड, TCS चेयरमैन बोले- केस परेशान करने वाला टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि ये केस परेशान करने वाला है। हम पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। TCS किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति लंबे समय से 'जीरो टॉलरेंस' अपनाता रहा है। इस मामले में भी कंपनी सख्त रुख अपना रही है। सरकारी वकील बोलीं- कंपनी की ऑपरेशंस हेड ने आरोपियों की मदद की पीड़ित पक्ष की सरकारी वकील किरण बेंडभर कहती हैं, ‘ये गंभीर मामला है, जिसमें पीड़ित के यौन उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं। साथ ही आरोपियों ने वर्कप्लेस में कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार किया।‘ ‘जांच में पाया गया है कि कंपनी की ऑपरेशंस हेड ने POSH यानी यौन उत्पीड़न के लिए रोकथाम समिति की सदस्य होने के बावजूद शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि आरोपियों की मदद की। इससे उनकी हिम्मत बढ़ी और वे दूसरी महिलाओं को भी परेशान करने लगे।‘ ………………ये खबर भी पढ़ें… कैप्टन बाबा के 58 अश्लील वीडियो, कहता था, ‘मैं शिव का अवतार, संबंध बनाओ, पवित्र हो जाओगी’ ‘शादी के बाद मुझे बेटा नहीं हो रहा था। ससुराल में ताने मिलते थे। तंग आकर मैं कैप्टन बाबा के पास गई। बाबा ने गारंटी दी कि तंत्र-पूजा से सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने मुझे तांबे के लोटे से पानी पिलाया और कुछ खाने को दिया। थोड़ी देर बाद मेरा सिर घूमने लगा और शरीर सुन्न पड़ गया। इसी का फायदा उठाकर बाबा ने मेरा रेप किया और बोला- मैं शिव का अवतार हूं, मेरे साथ संबंध बनाकर तुम पवित्र हो गई हो।’ पढ़ें पूरी खबर...
हॉर्मुज़ संकट और ट्रंप की कूटनीति: युद्ध, दबाव और अमेरिकी सत्ता के भीतर बढ़ती दरारें
हॉर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी के बाद Donald Trump की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। Iran के साथ बढ़ते तनाव, अमेरिकी सेना में असंतोष और वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरणों का विस्तृत विश्लेषण
चेहरे की चोट पर खुद को भाग्यशाली समझते हैं बेन स्टोक्स, नहीं हुआ ज्यादा नुकसान
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा कि वह “लकी” हैं और अगर फरवरी में जब उनके चेहरे पर क्रिकेट बॉल लगी थी, तब चीजें थोड़ी अलग होतीं तो “शायद मैं यहां नहीं होता”। ऑलराउंडर को यह चोट तब लगी जब वह अपनी काउंटी डरहम में एकेडमी के खिलाड़ियों के साथ नेट्स पर काम कर रहे थे। बीबीसी स्पोर्ट के अनुसार, उनके गाल की हड्डी टूटने पर उन्हें “चेहरे की काफी बड़ी सर्जरी” करानी पड़ी, जिससे वह मई तक खेल नहीं पाएंगे। स्टोक्स ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की वेबसाइट से कहा, “यह काफी डरावनी स्थिति थी। मेरे चेहरे पर सीधे एक बॉल लगी। बस कुछ इंच इधर-उधर, अगर मैंने अपना सिर नहीं घुमाया होता तो शायद मैं यह इंटरव्यू नहीं दे रहा होता। “यहां (गाल की हड्डी) के नीचे थोड़ी गड़बड़ थी। मैं काफी लकी रहा। शुक्र है कि मैं अभी भी यहां हूं और सब कुछ ठीक है।” जनवरी में इंग्लैंड की 4-1 से एशेज हार के बाद से स्टोक्स ने कोई कॉम्पिटिटिव मैच नहीं खेला है। उन्होंने कहा कि वह 8 मई को वॉर्सेस्टरशायर में काउंटी चैंपियनशिप में डरहम के लिए वापसी करने को तैयार हैं। मंगलवार को जारी ईसीबी इंटरव्यू के एक हिस्से में, स्टोक्स ने कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ अनबन की बात को खारिज कर दिया, लेकिन कहा कि उन्हें “थोड़े अलग तरीके से” काम करना होगा। पूरे इंटरव्यू में, स्टोक्स ने कहा कि वह नहीं चाहते कि हर खिलाड़ी एक ही स्टाइल में खेले; एशेज के दौरान इंग्लैंड की बहुत आलोचना जायज थी; और सीरीज़ हार पर उनके अपने रिएक्शन ने खुद को साबित कर दिया कि वह इंग्लैंड के लिए कमिटेड हैं।
भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव का आगाज, गणेश पूजन कर भगवान को न्यौता
अजमेर। राजस्थान ब्राह्मण महासभा अजमेर के तत्वावधान में आगामी 19 अप्रैल को होने जा रहे भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव का आगाज बुधवार को गणेश पूजन से हो गया। खाईलैंड स्थित राजराजेश्वर मंदिर से समस्त ब्राह्मण बंधु आगरा गेट स्थित गणेश मंदिर पहुंचे तथा गणेश पूजन कर भगवान को न्यौता दिया। राजस्थान ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष […] The post भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव का आगाज, गणेश पूजन कर भगवान को न्यौता appeared first on Sabguru News .
संपर्क क्रांति ट्रेन में पिस्तौल की नोक पर लूट, बदमाश लाखों लेकर फरार
रुद्रपुर। उत्तराखंड के रुद्रपुर-दिल्ली रेल मार्ग पर बुधवार को बदमाशों ने चलती ट्रेन में पिस्तौल की नोक पर दो लोगों से सात लाख रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रपुर स्थित जपनीत ऑटो के दो कर्मचारी ऋतिक मंडल और साहिब सिंह बुधवार सुबह हल्द्वानी से चलने वाली संपर्क […] The post संपर्क क्रांति ट्रेन में पिस्तौल की नोक पर लूट, बदमाश लाखों लेकर फरार appeared first on Sabguru News .
ईरान पूरे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने वाला था, हमनें उसे रोक दिया : ट्रंप
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान को पूरे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने से रोक दिया है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने जा रहे थे और हमने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनके […] The post ईरान पूरे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने वाला था, हमनें उसे रोक दिया : ट्रंप appeared first on Sabguru News .
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका : असम मामले में अंतरिम जमानत पर लगा दी रोक
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की एक शिकायत से संबंधित है। न्यायालय का यह आदेश असम पुलिस की एक अपील पर […] The post पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका : असम मामले में अंतरिम जमानत पर लगा दी रोक appeared first on Sabguru News .
पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस के एमएलसी अब्दुल जब्बार निलंबित
बेंगलूरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी(केपीसीसी) ने विधान परिषद सदस्य के. अब्दुल जब्बार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। केपीसीसी अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते की गई […] The post पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस के एमएलसी अब्दुल जब्बार निलंबित appeared first on Sabguru News .
झालावाड़ में ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा 10400 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट
झालावाड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को झालावाड जिले में पंचायत समिति की मऊ बोरदा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा को 10 हजार 400 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी की झालावाड चौकी को गत 10 अप्रैल को शिकायत […] The post झालावाड़ में ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा 10400 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मोदी ने कर्नाटक में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया, लोगों से 9 संकल्प लेने का आग्रह
बेंगलूरू/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कर्नाटक के मांड्या में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया और भारत के सामाजिक सांस्कृतिक और सभ्यतागत उत्थान में मंदिर-मठ और आध्यात्मिक परम्पराओं के योगदान का उल्लेख करते हुए जनता से जल संरक्षण, वृक्षाराेपण और प्राकृतिक खेती जैसे कार्यों के प्रोत्साहन के लिए […] The post मोदी ने कर्नाटक में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया, लोगों से 9 संकल्प लेने का आग्रह appeared first on Sabguru News .
विश्व चैंपियन दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन ने लिया संन्यास
दो बार के ओलंपिक और विश्व चैंपियन दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन ने बुधवार को संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि लगातार चोटिल होने के कारण उन्हें यह फैसला करना पड़ा।डेनमार्क का यह 32 वर्षीय खिलाड़ी पिछले साल अक्टूबर से पीठ की समस्या के कारण किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाया है। उन्होंने इसके लिए सर्जरी भी कराई लेकिन उनका दर्द अब भी बना रहता है। तीन बार के यूरोपीय चैंपियन एक्सेलसन ने ‘बैडमिंटन यूरोप’ से कहा, ‘‘जैसा कि अधिकतर लोग जानते हैं कि मैं काफी समय से अपनी पीठ की समस्या से जूझ रहा हूं। पिछले साल अप्रैल में सर्जरी कराने और लंबे समय तक ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजरने के बाद दुर्भाग्य से अक्टूबर में यह दर्द फिर से उबर गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दर्द के कारण मैं खेल नहीं पा रहा हूं और अभ्यास भी नहीं कर पा रहा हूं। इस कारण मुझे यह बेहद मुश्किल फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’ एक्सलसेन 183 सप्ताह तक विश्व में नंबर एक खिलाड़ी रहे हैं और वह इस मामले में तीसरे स्थान पर काबिज हैं। उन्होंने कहा कि दर्द कम न होने और डॉक्टरों का खेल जारी रखने पर एक और सर्जरी की चेतावनी दिए जाने के बाद आखिर में उन्हें अपने शरीर की बात सुननी पड़ी। मिलनसार स्वभाव का यह खिलाड़ी अपने पूरे करियर में अस्थमा से जूझता रहा है। उन्होंने तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार स्वर्ण पदक जीते तथा 2017 और 2022 विश्व चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान हासिल किया। वह यूरोपीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली डेनमार्क की छह टीमों का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह फैसला चिकित्सकों से परामर्श करने के बाद लिया है। उनका कहना है कि मुझे अभी जो दर्द हो रहा है, उसके लिए शायद एक और सर्जरी करवानी पड़े। अगर सर्जरी सफल नहीं रही तो इससे भी गंभीर प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। मेरा शरीर मुझे रुकने का संकेत दे रहा है और मुझे अपने डॉक्टरों की सलाह माननी होगी।’’एक्सलसेन अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच अक्टूबर 2025 में डेनमार्क ओपन में खेला था।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक केस को चित्तौड़गढ़ से जयपुर स्थानांतरित करने का आदेश दिया
जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से जुड़े एक मामले को चित्तौड़गढ़ से जयपुर स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित द्वारा बुधवार को दिए गए। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता किशन अग्रवाल (64 वर्ष) ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को आधार बनाते हुए मामले को […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने एक केस को चित्तौड़गढ़ से जयपुर स्थानांतरित करने का आदेश दिया appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक : शक्ल नहीं मिलने के गांव वालों के ताने के कारण पिता ने अपने बेटे की हत्या की
विजयपुर। कर्नाटक के विजयपुर जिले के नागठाण गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक पिता ने अपने ही छह साल के मासूम बेटे को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि गांव वाले ताना मारते थे कि बच्चे की शक्ल उससे नहीं मिलती। पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबार्गी ने बुधवार को बताया […] The post कर्नाटक : शक्ल नहीं मिलने के गांव वालों के ताने के कारण पिता ने अपने बेटे की हत्या की appeared first on Sabguru News .
इंदौर निगम राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ विवाद में दो महिला पार्षदों पर एफआईआर
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इंदौर के एमजी रोड थाना पुलिस ने जांच के बाद यह कार्रवाई की है। पुलिस के […] The post इंदौर निगम राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ विवाद में दो महिला पार्षदों पर एफआईआर appeared first on Sabguru News .
डीपनेक ड्रेस में कंगना शर्मा शर्मा का बोल्ड अंदाज, सिजलिंग अदाओं से मचाया तहलका
कंगना शर्मा अपने बोल्ड लुक्स की वजह से इंटरनेट पर छाई रहती हैं। वह अपने सिजलिंग अवतार से फैंस के दिल की धड़कने बढ़ा देती हैं। इस बार कंगना शर्मा ने व्हाइट डीप-नेक स्लिट ड्रेस में अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की है, जो उनके कर्व्स को बखूबी फ्लॉन्ट कर रहा है। कंगना ने व्हाइट कलर की डीप नेक, हाई स्लिट लॉन्ग ड्रेस पहनी है, जिसमें फेदर डिटेलिंग स्लीव्स पर खास अट्रैक्शन बना रही है। ड्रेस का ट्रांसपेरेंट इल्यूजन पैनल लुक को और ज्यादा ग्लैमरस बना रहा है। कंगना ने सॉफ्ट ग्लोइंग मेकअप, न्यूड पिंक लिप शेड और साइड पार्टेड सॉफ्ट वेव्स हेयर स्टाइल के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। तस्वीरों में कंगना दरवाजे के फ्रेम को पकड़कर एक से बढ़कर एक सिजलिंग अंदाज में पोज देती नजर आ रही है। वह अपना परफेक्ट फिगर और क्लीवेज फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं। कंगना के एक्सप्रेशन इस फोटोशूट की जान हैं— कहीं सेडक्टिव, कहीं कॉन्फिडेंट तो कहीं प्लेफुल। यही वजह है कि उनकी हर तस्वीर इंस्टाग्राम पर वायरल होने का दम रखती है। कंगना शर्मा एक एक्ट्रेस और मॉडल हैं, जिन्होंने फिल्म ग्रेट ग्रैंड मस्ती से बॉलीवुड में एंट्री की थी और बाद में वेब सीरीज़ और म्यूजिक वीडियोज़ में भी अपनी पहचान बनाई।
जब से साई पल्लवी और जुनैद खान स्टारर 'एक दिन' का ट्रेलर और गाने रिलीज हुए हैं, आमिर खान प्रोडक्शंस की इस फिल्म ने जबरदस्त बज क्रिएट कर दिया है। अरिजीत सिंह की रूहानी आवाज ने फिल्म के संगीत में जो जान फूंकी है, उसने दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। आमिर खान प्रोडक्शंस की एक दिन, जिसमें साई पल्लवी और जुनैद खान नज़र आने वाले हैं, एक प्यारी, जादुई और दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी का वादा करती है जिसने पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। अपने दिलचस्प ट्रेलर और सुकून देने वाले संगीत के साथ, फिल्म ने उत्साह को और बढ़ा दिया है, जो रोमांस का एक ऐसा ताज़ा अंदाज़ पेश करती है जिसे कई लोग बड़े पर्दे पर मिस कर रहे थे। फैंस विशेष रूप से साई पल्लवी को एक दिन के साथ हिंदी सिनेमा में कदम रखते देखने के लिए उत्साहित हैं। रिलीज से पहले, इंडस्ट्री के एक सूत्र ने स्क्रिप्ट पर साई के रिएक्शन और फिल्म की गहरी केमिस्ट्री और इमोशनल गहराई के बारे में खुलासा किया है। इंडस्ट्री के सूत्र ने बताया, जब से साई ने एक दिन की स्क्रिप्ट सुनी, उनका रिएक्शन तुरंत 'हाँ' था, वह पूरी तरह से इसकी ओर खिंची चली आईं। वह फिल्म की रॉ केमिस्ट्री और इमोशनल गहराई से गहराई से जुड़ गईं, और उन्हें लगा कि यह एक ऐसी कहानी है जो वास्तव में सबसे अलग है! ट्रेलर में उनके किरदार की झलक देखने को मिली, जिसमें साई पल्लवी, जुनैद के किरदार के विपरीत काफी शांत और आत्मविश्वासी नज़र आ रही हैं। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और नैचुरल परफॉरमेंस साफ तौर पर बताती है कि वह क्यों साउथ की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक हैं और अब हिंदी सिनेमा में अपनी छाप छोड़ रही हैं। एक दिन एक लंबे अंतराल के बाद आमिर खान और फिल्म निर्माता मंसूर खान को फिर से साथ लाती है, जो हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा क्रिएटिव जोड़ियों में से एक है। एक दिन के साथ, यह जोड़ी रोमांस जॉनर में वापसी कर रही है, जिससे फैंस के बीच नया उत्साह पैदा हो गया है। उनके एक बार फिर साथ आने ने उत्सुकता बढ़ा दी है, और दर्शक उस जादू को बड़े पर्दे पर फिर से देखने के लिए बेताब हैं। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'एक दिन' में साई पल्लवी और जुनैद खान मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे ने किया है और निर्माण आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित द्वारा किया गया है। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के करीब : डोनाल्ड ट्रंप
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त होने के करीब है। उन्होंने एक संभावित कूटनीतिक सफलता का संकेत भी दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया कि रुकी हुई बातचीत पाकिस्तान में कुछ ही दिनों में फिर से शुरू हो सकती है, जिससे युद्धविराम समाप्त होने से […] The post ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के करीब : डोनाल्ड ट्रंप appeared first on Sabguru News .
विजय कुमार चौधरी ने बैंक अधिकारी से उपमुख्यमंत्री तक का सफर तय किया
पटना। बैंक अधिकारी के रूप में अपनी करियर की शुरूआत करने वाले जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने आज राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक जीवन के एक नए और सबसे महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत की। बिहार के समस्तीपुर में 8 जनवरी 1957 को विजय कुमार चौधरी का […] The post विजय कुमार चौधरी ने बैंक अधिकारी से उपमुख्यमंत्री तक का सफर तय किया appeared first on Sabguru News .
पटना। बिहार में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक बाद यहां पुराना सचिवालय पहुंचकर विधिवत अपना कार्यभार ग्रहण किया। चौधरी ने मुख्यमंत्री का पद भर संभालते ही राज्य के वरिष्ठ प्रशसनिक सेवा के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें विभिन्न विभागों के […] The post मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सक्रिय हुए सम्राट चौधरी, अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की appeared first on Sabguru News .
सक्ती वेदांता पावर प्लांट में मृतकों की संख्या 17 हुई, मृतकों के नाम जारी
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। प्रशासन ने सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित पावर प्लांट में मंगलवार को बाॅयलर में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों की पहचान कर उनकी सूची जारी कर […] The post सक्ती वेदांता पावर प्लांट में मृतकों की संख्या 17 हुई, मृतकों के नाम जारी appeared first on Sabguru News .
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ
पटना। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार में मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ ली। चौधरी बिहार के ऐसे 24वें व्यक्ति हैं, जिन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने का अवसर मिला है। बिहार की राजधानी पटना के लोकभवन में राज्यपाल सैयद […] The post सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ appeared first on Sabguru News .
जब से 'भूत बंगला' की घोषणा हुई है, तब से यह फिल्म दर्शकों के बीच उत्साह बनाए हुए है, और इसके ट्रेलर ने इसकी बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी दुनिया की झलक भी दिखाई है। ह्यूमर और डर का बेहतरीन मिश्रण लिए यह फिल्म एक शानदार पारिवारिक मनोरंजन का वादा करती है। इसी बीच, अक्षय कुमार ने दिवंगत दिग्गज अभिनेता असरानी के साथ काम करने की यादों को ताजा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और एक भावुक नोट साझा किया। ‘भूत बंगला’ की रिलीज से पहले, अक्षय कुमार ने अपने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की और असरानी को याद करते हुए अपने साथ काम करने के अनुभव और उनसे सीखी गई बातों को लिखा। A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar) उन्होंने लिखा, कभी-कभी एक तस्वीर सिर्फ यादों का टुकड़ा नहीं होती... बल्कि पूरी एक यात्रा को समेट लेती है। यह तस्वीर हमारी ‘भूत बंगला’ की शूटिंग के दौरान की है। असरानी जी के साथ मेरी दूसरी आखिरी फिल्म। हमने साथ में कुल 12 फिल्में कीं, और हर एक में मैंने उनसे कुछ नया सीखा। अक्षय ने लिखा, हर बार ऐसा लगता था जैसे एक मास्टरक्लास हो। जब वो कॉमेडी करते थे तो सब कुछ बहुत आसान लगता था, लेकिन असल में यह एक कठिन कला है। असरानी जी उसके उस्ताद थे और हमेशा रहेंगे। ‘भूत बंगला’ कल रिलीज हो रही है... मेरे लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक याद है... एक श्रद्धांजलि है... उस दिग्गज को सलाम है। असरानी जी, आप हमेशा याद आएंगे। इसके अलावा, ‘भूत बंगला’ दिवंगत अभिनेता असरानी की आखिरी कुछ फिल्मों में से एक है, उनके 20 अक्टूबर को निधन से पहले। अक्षय कुमार और असरानी ने कई फिल्मों में साथ काम किया है, जिनमें हेरा फेरी, गरम मसाला, भागम भाग, भूल भुलैया, दे दना दन, खट्टा मीठा, वेलकम जैसी कई फिल्में शामिल हैं। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से असरानी ने कई कल्ट क्लासिक्स दिए और भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स के सहयोग से बनी ‘भूत बंगला’ में अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने किया है। ‘भूत बंगला’ के पेड प्रीव्यू 16 अप्रैल 2026 को रात 9 बजे से सिनेमाघरों में शुरू होंगे।
Akshaya Tritiya in 2026: कंगाली दूर करेंगे अक्षय तृतीया के ये 5 गुप्त उपाय
Akshaya Tritiya 2026 date: अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होकर 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:27 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार 20 अप्रैल को यह पर्व मनाया जाएगा। हालांकि विवाह के लिए 19 अप्रैल का मुहूर्त बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में 19 अप्रैल को यह पर्व मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं कि इस दिन कौनसे गुप्त उपाय करने से दरिद्रता और कंगाली दूर हो जाती है। कंगाली दूर करने के लिए अक्षय तृतीया पर करें 5 गुप्त उपाय: 1. लक्ष्मी माता: पीत वस्त्रासन, पंचमुखी घृत का दीपक, स्फटिक की माला से उत्तराभिमुख हो रात्रि के समय 'ॐ कमलवासिन्यै श्री श्रियै ह्रीं नम:' की 108 माला जपें। सामने प्रतिष्ठित श्री यंत्र या महालक्ष्मी यंत्र रखें। रक्तपुष्प, कमल गट्टा आदि दूध से बने पदार्थ का नैवेद्य लगाकर तथा संभव हो तो 1 माला अंत में हवन करे। पश्चात यंत्र को उठाकर गल्ले या तिजोरी में रख दें। रजत या ताम्र पात्र में कमल गट्टे भरकर तथा उस पर महालक्ष्मी यंत्र स्थापित कर केशर से चावल रंगकर प्रति यंत्र 1-2 दाने चढ़ाते जाएं तथा वे सभी चावल इकट्ठे कर बाद में कन्याओं को खीर बनाकर खिलाएं। ALSO READ: अक्षय तृतीया आने वाली है, अभी से कर लें ये 6 खास तैयारी 2. 11 कौड़ियों का उपाय: अक्षय तृतीया के दिन 11 कौड़ियों को लाल कपडे में बांधकर पूजा स्थान में रखे इसमें देवी लक्ष्मी को आकर्षित करने की क्षमता होती है। इनका प्रयोग तंत्र मंत्र में भी होता है। देवी लक्ष्मी के समान ही कौड़ियां समुद्र से उत्पन्न हुई हैं। 3. तुलसी पूजा: भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करें और घी का दीपक जलाएं। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026 कब है- 19 या 20 अप्रैल? तिथि को लेकर कंफ्यूजन का जानिए सही जवाब 4. पितृ का तर्पण: अपने पितरों का स्मरण करें और उनके निमित्त जल दान करें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं। 5. 14 महादान में से करें कोई भी 3 दान: अन्न दान: गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन दान करें। जल दान: प्यासों को पानी पिलाएं या पानी के प्याऊ लगवाएं। वस्त्र तथा जूते: चप्पल का दान: इस दिन गरीबों को नए या साफ वस्त्र दान करें। साथ ही जूते या चप्पल का दान करना लाभकारी होता है। स्वर्ण दान: अपनी क्षमतानुसार सोने का दान करें। चांदी दान: चांदी के आभूषण या सिक्के दान करें। भूमि दान: यदि संभव हो तो भूमि का दान करें या किसी धार्मिक कार्य के लिए भूमि प्रदान करें। गौ दान: गाय का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो तो गौशाला में दान करें। विद्या दान: किसी गरीब बच्चे की शिक्षा का खर्च उठाएं या पुस्तकें दान करें। औषधि दान: जरूरतमंदों को दवाएं दान करें या स्वास्थ्य शिविरों में योगदान दें। अभय दान: किसी भयभीत व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करें या किसी प्राणी को संकट से बचाएं। कन्या को दान: गरीब कन्या के विवाह में यथाशक्ति सहायता करें। गृह निर्माण: किसी गरीब व्यक्ति को घर बनाने में मदद करें या गृह निर्माण हेतु सहायता प्रदान करें। दीपक दान: मंदिरों या धार्मिक स्थलों पर दीपक दान करें। पुस्तक दान: धार्मिक या ज्ञानवर्धक पुस्तकें दान करें।
'राजा शिवाजी' से रितेश देशमुख का बड़ा कदम, बदल सकता है मराठी सिनेमा का भविष्य
जियो स्टूडियोज और मुंबई फिल्म कंपनी की फिल्म 'राजा शिवाजी' इस समय काफी चर्चा में है। इस बड़ी और खास फिल्म में रितेश देशमुख सिर्फ़ अभिनय ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने इसका निर्देशन, निर्माण और लेखन भी किया है। यह फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनकी विरासत पर आधारित है। करीब 25 साल से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रितेश देशमुख की हिंदी और मराठी सिनेमा में अच्छी फैन फॉलोइंग है। खास बात यह है कि मराठी सिनेमा में उनकी एक भी फिल्म फ्लॉप नहीं रही है। कई हिट और मनोरंजक फिल्में देने के बाद अब वह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘राजा शिवाजी’ लेकर आ रहे हैं। इस फिल्म में हिंदी और मराठी सिनेमा के कई बड़े कलाकार नजर आएंगे, जैसे संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, बोमन ईरानी, भाग्यश्री, फरदीन खान, जितेंद्र जोशी, अमोल गुप्ते, जिनिलीया देशमुख और खुद रितेश देशमुख। कुछ हफ्ते पहले फिल्म का टीज़र रिलीज़ हुआ था, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिला। ‘राजा शिवाजी’ को मराठी सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी पैन-इंडिया फिल्मों में से एक माना जा रहा है। फिल्म अपने बड़े स्तर, शानदार निर्माण, दमदार एक्शन और बेहतरीन तकनीक के लिए चर्चा में है। इसका संगीत मशहूर जोड़ी अजय-अतुल ने दिया है, जो फिल्म को और भव्य बनाता है। रितेश देशमुख हमेशा अलग और अच्छे प्रोजेक्ट्स चुनने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ‘वेड’, ‘माउली’ और ‘लाई भारी’ जैसी सफल फिल्में दी हैं, जिससे उनकी बॉक्स ऑफिस पर पकड़ साफ दिखती है। ‘वेड’ ने 73 करोड़ रुपये से ज्यादा और ‘लाई भारी’ ने करीब 33 करोड़ रुपये की कमाई की थी। ‘राजा शिवाजी’ के जरिए रितेश देशमुख एक और बड़ा कदम उठा रहे हैं। इस फिल्म में वह एक मजबूत और ऐतिहासिक कहानी को बड़े स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। फिल्म की खास बात यह है कि इसमें मनोरंजन के साथ-साथ एक अच्छा और असरदार संदेश भी है। जियो स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत और मुंबई फिल्म कंपनी द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्माण ज्योति देशपांडे और जिनिलीया देशमुख ने किया है। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर बनी यह फिल्म 1 मई 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में मराठी और हिंदी भाषा में रिलीज़ होगी। यह फिल्म भारत के इतिहास को भव्य और भावनात्मक तरीके से दिखाने की कोशिश करेगी।
सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खुशखबरी,इस तारीख से जुड़ेंगें पैट कमिंस
दो डेब्यू करने वाले भारतीय पेसरों की शानदार सफलता पर सवार सनराइजर्स हैदराबाद का बॉलिंग अटैक और मजबूत हो सकता है, क्योंकि पैट कमिंस की टीम से कुछ अच्छी खबर आई है। उनके चुने हुए कप्तान, जो दुनिया के सबसे अच्छे तेज गेंदबाजों में से एक हैं, जल्द ही उनके आने वाले मैचों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। अभी तक कोई गारंटी नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से नई उम्मीद जगी है। सूत्रों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के कप्तान कमिंस बुधवार को घर पर फिटनेस टेस्ट देंगे, और अगर वह इसे पास कर लेते हैं – जिसके बारे में फ्रेंचाइजी में उम्मीद की किरण है – तो उनके उनके लिए खेलना शुरू करने का चांस है। कमिंस के 17 अप्रैल को हैदराबाद वापस आने की उम्मीद है। एसआरएच अपना अगला मैच शुक्रवार (18 अप्रैल) को अपने घर पर खेलेगा। सीजन शुरू होने से पहले, कमिंस ने कहा था कि अगर सब ठीक रहा तो वह आईपीएल का दूसरा हाफ़ खेलने की उम्मीद कर रहे हैं। कमिंस के हवाले से कहा गया, “मैं बॉलिंग पर वापस आ गया हूँ। मैं अभी लगभग हर तीसरे दिन बॉलिंग कर रहा हूँ। हमने टूर्नामेंट के बीच तक मुझे ठीक करने का प्लान बनाया है। इसलिए उम्मीद है, अगर कुछ गलत नहीं हुआ, तो मैं पिछला हाफ़ और फ़ाइनल खेलूँगा।” वह 27 मार्च को भारत आए, जो सनराइज़र्स हैदराबाद के रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ पहले मैच से एक दिन पहले था, और 2 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ अपने दूसरे गेम के बाद ऑस्ट्रेलिया लौट आए। Pat Cummins is flying back to India to lead #SRH for the remainder of #IPL2026 Our skipper is BACK… and ready to fire up the Orange This campaign just got a whole lot DEADLIER Let’s go, boys! #OrangeArmy #SRHXtra #CumminsIsBack @SunRisers pic.twitter.com/woHlratZkJ — SRH Xtra (@SRHXtra) April 15, 2026 असल में, वह टीम के साथ कोलकाता गए थे और वहीं से घर से निकले थे। ताज़ा अपडेट यह है कि अगले 24 घंटों में उनका फ़िटनेस टेस्ट होगा। जब कमिंस के बारे में अपडेट के लिए संपर्क किया गया, तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एक प्रवक्ता ने जवाब दिया, ‘कोई खबर नहीं’। हालांकि, एक जानकार सोर्स ने क्रिकबज को कन्फर्म किया, “उम्मीद है, वह टेस्ट पास कर लेंगे और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से एनओसी ले लेंगे।” कमिंस की गैरमौजूदगी में, ईशान किशन टीम की कप्तानी कर रहे हैं। यह सब जानते हैं कि सीए अपने तेज गेंदबाजों को एनओसी देने में बहुत सख्ती बरतता है। मिचेल स्टार्क (दिल्ली कैपिटल्स) को अभी तक एनओसी नहीं मिला है, जबकि कैमरून ग्रीन को कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए गेंदबाजी करने की देर से हरी झंडी मिली। आरसीबी के जोश हेजलवुड, जो राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले थे, रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में आश्चर्यजनक रूप से अनुपस्थित थे और समझा जाता है कि उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा रहा है। सोमवार को, सनराइजर्स, जिन्हें उनकी गेंदबाजी कमजोर लग रही थी, को प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन के रूप में एक बहुत काबिल नई जोड़ी मिली, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ डेब्यू मैच में चार-चार विकेट लिए। कमिंस और ईशान मलिंगा की वापसी की उम्मीद है, जो पहले से ही अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं, इसलिए वे एक ज़बरदस्त फास्ट-बॉलिंग अटैक उतार सकते हैं जो ट्रैविशेक की बैटिंग लाइन-अप को सपोर्ट कर सके।
मावली में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य पुष्पांजलि अर्पित
आलोक दीप स्कूल में अंबेडकर सेवा समिति ने किया आयोजन, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. खेमराज कड़ेला ने बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कार्तिक आर्यन का ऑटोमोबाइल्स के प्रति प्यार उनके ऑन-स्क्रीन करिश्मे जितना ही आकर्षक है। यही वजह है कि एक सच्चे कार और बाइक प्रेमी के रूप में, उन्होंने एक शानदार कलेक्शन तैयार किया है, जो न सिर्फ उनकी बॉलीवुड में सफलता को दर्शाता है, बल्कि लग्ज़री इंजीनियरिंग, स्पीड और स्टाइल के प्रति उनकी गहरी समझ को भी दिखाता है। फिलहाल अपने इस शानदार कलेक्शन में कार्तिक आर्यन ने 'मर्सिडीज़ बेंज वी क्लास' कार को शामिल किया है, जिसकी कीमत लगभग 1.4 करोड़ रुपए है। गौरतलब है कि इससे पहले उनके कार कलेक्शन में 'मैकलारेन जीटी' और 'लैम्बोर्गिनी उरुस' जैसी हाई-परफॉर्मेंस गाड़ियां हैं, जो कार्तिक के पावर और प्रिसीजन के प्रति जुनून को बखूबी दर्शाती हैं। इन शानदार कारों के अलावा उनके कलेक्शन में 'रेंज रोवर', 'बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज़' और मिनी कूपर एस कन्वर्टिबल' जैसी गाड़ियां भी शामिल हैं। ये चुनाव कार्तिक की वर्सेटिलिटी को दिखाते हैं, जहां रोज़मर्रा की सुविधा के साथ लग्ज़री और पर्सनैलिटी का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। हालांकि कारों के साथ-साथ, कार्तिक का जुनून प्रीमियम मोटरसाइकिल्स तक भी फैला हुआ है। उनके बाइक कलेक्शन में डुकाटी स्क्रैम्ब्लर 1100, रॉयल एनफील्ड हंटर 350 और रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 जैसी दमदार बाइक्स शामिल हैं। ये मोटरसाइकिल्स स्पोर्टी परफॉर्मेंस के साथ क्लासिक डिज़ाइन और मज़बूती का बेहतरीन मेल पेश करती हैं। कुल मिलाकर, कार्तिक आर्यन का यह कलेक्शन सिर्फ सेलिब्रिटी लग्ज़री का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे स्टार की पहचान है, जो सच में ऑटोमोबाइल्स के प्रति अपने जुनून को जीता है। एक्सॉटिक सुपरकार्स, लग्ज़री एसयूवी और स्टाइलिश बाइक्स से भरा उनका गैराज यह साबित करता है कि वह हर सफर का पूरा आनंद लेते हैं, फिर चाहे वह चार पहियों पर हो या दो पर।
भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा संपन्न, उमड़ी भारी भीड़
सात दिवसीय आयोजन के समापन पर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, सुरक्षा व्यवस्था संभालने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत।
भीलवाड़ा: नेशनल हाईवे पर बस से 2 किलो अफीम बरामद, चित्तौड़गढ़ का तस्कर गिरफ्तार
प्रोबेशनर आईपीएस आयुष श्रोत्रिय के नेतृत्व में मांडल थाना पुलिस ने नाकेबंदी कर धार ट्रेवल्स की बस से मादक पदार्थ जब्त किया।
मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, सुपर अलनीनो के प्रभाव से जून में भीषण लू और सूखे जैसे हालात की चेतावनी।
Pawan Khera को SC से झटका; आखिर क्यों अंतरिम जमानत के आदेश पर लगाई रोक ?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका; तेलंगाना हाईकोर्ट की अंतरिम जमानत पर रोक। जानें क्या है असम पुलिस की एफआईआर और शीर्ष अदालत का सख्त रुख।
भीलवाड़ा: डॉ. अंबेडकर जयंती पर विचार गोष्ठी और 101 पक्षी परिंडों का वितरण
भारत विकास परिषद की नेताजी सुभाष शाखा द्वारा शिवाजी उद्यान में बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और भीषण गर्मी में पक्षी संरक्षण का संकल्प लिया गया।
भीलवाड़ा: सिंधु नगर गुरुद्वारा साहिब में हर्षोल्लास के साथ मना बैसाखी पर्व
भीलवाड़ा के सिंधु नगर में खालसा सृजना दिवस पर विशेष कीर्तन दीवान और लंगर का आयोजन, लुधियाना के भाई मनप्रीत सिंह के जत्थे ने संगत को निहाल किया।
कुब्रा सैत के 5 यूनिक फैशन स्टेटमेंट्स जो उन्हें बनाते हैं सबसे अलग
फिल्म रेडी से लेकर कल्ट-फेवरेट सीरीज़ सैक्रेड गेम्स तक, और फिर देवा, सन ऑफ सरदार 2, द ट्रायल और हाल ही में आई 'संकल्प' में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाली कुब्रा सैत ने हमेशा ऐसे रोल्स चुने हैं, जो अलग और यादगार हों। ठीक उसी तरह, उनका फैशन सेंस भी एक्सपेरिमेंटल, कॉन्फिडेंट और पूरी तरह से उनका अपना रहा है। तो आइए एक नज़र डालते हैं उनके यूनिक सिग्नेचर स्टाइल मोमेंट्स पर। A post shared by Kubbra Sait (@kubbrasait) द डेरिंग ग्लैम डीवा शिमरिंग मिनी ड्रेस में बेहद ग्लैमरस और बोल्ड अंदाज़ में नजर आ रहीं कुब्रा शीयर डिटेलिंग और स्ट्रक्चर्ड सिल्हूट्स के साथ अपने फियरलेस अंदाज़ में न सिर्फ आकर्षक नज़र आ रही हैं, बल्कि अपने फियरलेस फैशन अप्रोच को भी बखूबी दर्शा रही हैं। चाहे रेड कार्पेट हो या कैज्युअल आउटिंग, यह लुक पूरी तरह उनके आत्मविश्वास और उनकी स्टार पावर को दिखाता है। A post shared by Kubbra Sait (@kubbrasait) पावर ड्रेसिंग का नया अंदाज क्रॉप्ड ब्लेज़र के साथ ड्रेप्ड, हाई-स्लिट स्कर्ट कुब्रा सैत के सधे हुए लेकिन अलग स्टाइल को दिखाता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि उनका यह आउटफिट ताकत और नज़ाकत का बेहतरीन मेल है, जो साबित करता है कि पावर ड्रेसिंग हमेशा एक जैसी नहीं होती। A post shared by Kubbra Sait (@kubbrasait) सादगी में भी खास अंदाज एक दो-रंगों वाले गाउन में फिटेड टॉप और घेरदार स्कर्ट के साथ कुब्रा सैत सादगी भरा आकर्षण पेश करती हैं। साफ-सुथरी डिजाइन और अलग-अलग टेक्सचर उनके सादगी भरे लेकिन शानदार फैशन सेंस को उभारते हैं, जहां 'लेस इज़ मोर' पूरी तरह सही लगता है। A post shared by Shagun Joshi (@shagunj0shi) स्टाइलिश और नए प्रयोगों वाला स्ट्रीट स्टाइल कुब्रा का मस्तीभरा अंदाज़ उनके बोल्ड लेयर्ड लुक में साफ नजर आता है, जिसमें खास तरह की स्टॉकिंग्स और भारी-भरकम जूते शामिल हैं। यह आरामदायक लेकिन स्टाइलिश लुक उनके एक्सपेरिमेंट करने वाले स्वभाव को दिखाता है, वह फैशन की सीमाएं तोड़ने से बिल्कुल नहीं डरतीं। A post shared by Kubbra Sait (@kubbrasait) मॉडर्न बोहेमियन एलिगेंस ढीले-ढाले वाइड-लेग पैंट्स और हॉल्टर स्टाइल टॉप के साथ कुब्रा सैत एक आरामदायक लेकिन सलीकेदार लुक में नजर रही हैं। यह स्टाइल उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दिखाता है, जो हाई फैशन से लेकर आसान और सिंपल स्टाइल तक हर अंदाज़ में बिना किसी कोशिश के स्टाइलिश लगती हैं। कुब्रा सैत का फैशन सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व का भी विस्तार है, जो उनकी तरह बोल्ड, निडर और बेहद यूनिक है।
भीलवाड़ा: रघुवंशी नायक समाज का शपथ ग्रहण समारोह, विकास हेतु 10 लाख की घोषणा
नवनियुक्त कार्यकारिणी ने शिक्षा प्रसार और सामाजिक सुधार का लिया संकल्प, छात्रावास निर्माण के लिए समाजजनों ने एकत्रित की सहयोग राशि।
भीलवाड़ा: कांग्रेस की जनसभा में 'संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ' का आह्वान
भीलवाड़ा के सांगानेर में आयोजित रैली में नगर निकाय चुनाव टालने पर भाजपा सरकार को घेरा गया और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मजबूती की अपील की गई।
आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह तेज: सुरक्षा हटते ही राघव चड्ढा ने कहा- 'आवाज उठाई तो चुकाई कीमत'
आम आदमी पार्टी में बढ़ते मतभेदों के बीच पंजाब सरकार ने वापस लिया सुरक्षा घेरा, केंद्र के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी।
भीलवाड़ा: डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि
जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा ने गांधी भवन में बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया, शिवराम खटीक ने संवैधानिक मूल्यों पर दिया जोर।
भीलवाड़ा: बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर भव्य रैली, उमड़ा जनसैलाब
अम्बेडकर विचार मंच के तत्वावधान में सांगानेरी गेट से अम्बेडकर सर्किल तक निकाली गई विशाल रैली, हजारों अनुयायी हुए शामिल।
जहाजपुर से लापता मंदबुद्धि बालिका देवली में मिली, पुलिस ने 4 घंटे में किया रेस्क्यू
भीलवाड़ा के जहाजपुर से मंगलवार सुबह लापता हुई बालिका को पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाकर टोंक के देवली बस स्टैंड से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा।
भीलवाड़ा: खारी नदी में अवैध बजरी खनन पर पुलिस की दबिश, जेसीबी और ट्रैक्टर जब्त
गुलाबपुरा थाना पुलिस ने आनंदीपुरा के पास खारी नदी क्षेत्र में घेराबंदी कर अवैध खनन के वाहनों को पकड़ा, माफिया मौके से फरार।
ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हो, अपनी आत्मा को जगाओ...— आचार्य रविशेखर सूरीश्वर म. सा.
मुंबई प्रवास पर आचार्य श्रीमद विजय रविशेखर सूरीश्वर जी म.सा. ने 'दैनिक प्रातःकाल' से वार्ता में आध्यात्मिक चेतना और आत्म-जागरण को शांति का एकमात्र मार्ग बताया। उन्होंने कलयुग के प्रभाव, गुरु-शिष्य परंपरा के क्षरण और भौतिकता के जाल पर चिंता व्यक्त करते हुए भगवान महावीर के दर्शन और आत्म-शुद्धि के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का दिव्य संदेश दिया।
भीलवाड़ा: जहाजपुर से लापता बालिका 4 घंटे में देवली से मिली सुरक्षित
जहाजपुर की मंदबुद्धि बालिका बिना बताए घर से निकली, पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर टोंक के देवली बस स्टैंड से किया बरामद।
हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े विवाद में पवन खेड़ा को लगा तगड़ा झटका, हाईकोर्ट के आदेश पर 'ब्रेक'
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया, असम पुलिस की एफआईआर से जुड़ा है पूरा मामला।
मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे घोषित, 499 अंकों के साथ प्रतिभा सिंह बनीं स्टेट टॉपर, सरकार मेधावियों को देगी लैपटॉप और स्कूटी।
IPL में वंडर किड की एंट्री ; जाने क्या वैभव सूर्यवंशी तोड़ पाएंगे क्रिस गेल का 175 रनों का रिकॉर्ड?
इस बार IPL 2026 में 'वंडर किड' वैभव सूर्यवंशी दिखेंगे। SRH के खिलाफ शून्य पर आउट होने के बाद, अब क्रिस गेल के 175 रनों का रिकॉर्ड तोड़ने पर है नजर। जाने पूरी रिपोर्ट
Iran-US War में क्या भारत बनेगा 'शांति का दूत'? सर्जियो गोर के बयान से वैश्विक हलचल
Iran-US War के बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा बयान। क्या भारत बनेगा विश्व शांति का मसीहा? जानिए पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत के अनकहे पहलू।
फरहान अख्तर को ऑफर हुई फिल्म रंग दे बसंती, इस वजह से एक्टर ने ठुकराया था ऑफर
भारतीय सिनेमा में कुछ ही ऐसे कलाकार हैं जिन्हें 'ऑल-राउंडर' कहा जा सकता है, और फरहान अख्तर इस लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं। एक लेखक, निर्देशक, अभिनेता, गायक और निर्माता के रूप में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। फरहान ने कितनी ही फिल्में लिखी है और उनमें काम भी किया है। फरहान अख्तर ने अपने किरदार को अच्छा बनाने के लिए हमेशा सही कदम आगे बढ़ाया है। अपने काम को लेकर फरहान की डेडीकेशन की कोई सीमा नहीं है, क्योंकि वह हमेशा अपना बेस्ट देने में विश्वास रखते हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब फरहान एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे। उन्होंने 'रंग दे बसंती' जैसी बड़ी फिल्म का ऑफर भी ठुकरा दिया था। फिल्ममेकर राकेश ओमप्रकाश मेहरा वह पहले शख्स थे, जिन्होंने फरहान को अपनी फिल्म 'रंग दे बसंती' के लिए उनका पहला रोल ऑफर किया था। लेकिन फरहान ने इसे ठुकरा दिया। फिल्ममेकर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था। राकेश ने बताया था कि फरहान अख्तर वह पहले व्यक्ति थे जिन्हें उन्होंने 'रंग दे बसंती' के लिए 'करण सिंघानिया' का रोल ऑफर किया था। यह वह समय था जब फरहान बॉलीवुड में एक सफल निर्देशक के रूप में अपनी धाक जमा चुके थे। उनकी पहली फिल्म 'दिल चाहता है' ने युवाओं के बीच एक नई क्रांति ला दी थी। राकेश मेहरा के अनुसार, जब उन्होंने फरहान को एक्टिंग का प्रस्ताव दिया, तो फरहान की आंखों में एक चमक थी, लेकिन उन्होंने विनम्रता से इसे मना कर दिया। उस समय फरहान का पूरा ध्यान निर्देशन और पटकथा लेखन पर था। वह 'लक्ष्य' जैसी बड़ी फिल्म के निर्माण में व्यस्त थे और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह कैमरे के पीछे से निकलकर कैमरे के सामने आएंगे। अंततः, वह रोल साउथ के स्टार सिद्धार्थ को मिला और उन्होंने उसे बखूबी निभाया। फरहान अख्तर के शुरुआती करियर को देखें तो वह अभिनय को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे। उनके लिए सिनेमा का मतलब कहानी कहना था। 'दिल चाहता है' के जरिए उन्होंने दोस्ती की परिभाषा बदली, तो 'लक्ष्य' के माध्यम से युवाओं को जीवन के उद्देश्य के प्रति प्रेरित किया। यही कारण था कि जब उन्हें 'रंग दे बसंती' जैसी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनने का मौका मिला, तो उन्होंने अपने निर्देशन के विजन को प्राथमिकता दी। जिस अभिनेता को मेहरा ने 2004 में पहचाना था, उसने आखिरकार 2008 में 'रॉक ऑन!!' के साथ परदे पर कदम रखा। इसके बाद फरहान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। राकेश ओमप्रकाश मेहरा और फरहान की जोड़ी बाद में साल 2013 में 'भाग मिल्खा भाग' के लिए साथ आई।
अब विदेशी नहीं, आपके छोटे-छोटे निवेश तय कर रहे हैं दलाल स्ट्रीट की दिशा, बाजार में आया नया युग।
विदेशी निवेशकों द्वारा फंड निकालने के बावजूद खुदरा निवेशकों ने SIP के जरिए रिकॉर्ड निवेश कर भारतीय शेयर बाजार को स्थिरता प्रदान की है।
करोड़ों दिलों की धड़कन और बॉक्स ऑफिस का तूफान: 'धुरंधर 2' ने लिखी भारतीय सिनेमा की नई इबारत
रणवीर सिंह अभिनीत धुरंधर 2 ने 27 दिनों में 1,096 करोड़ रुपये कमाकर बाहुबली 2 के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ा।
तूफान बनकर लौटा बुल-लाल निशान छोड़ हरे समंदर में डूबा बाजार,निवेशकों की चांदी ही चांदी!
वैश्विक तनाव में कमी और कच्चे तेल की गिरती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक, निवेशकों ने की चौतरफा खरीदारी।
No one fired a shot. No boots crossed the floor at night. The door did not tremble. Still— something necessary stopped speaking. Like salt disappearing in water, leaving the tongue with a memory it cannot name. There was a story. Or the shadow of one, waiting in the throat of a sentence. It could have […]
There was a time when the threat to “send a nation back to the Stone Age” belonged to the private lexicon of war rooms—phrases uttered in anger, then buried under the disciplines of statecraft. Today, such language escapes into the open, not as a lapse but as a signal. It is repeated, televised, debated, and […]
संगीत पर सरहद का पहरा! आशा भोसले की अंतिम विदाई पर पाक में विवाद, पेमरा नोटिस से छिड़ी नई बहस
मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन पर पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज़ द्वारा प्रसारित रिपोर्ट पर पेमरा ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
चांदी की कीमतों में तूफानी उछाल—क्या अब चांदी बनेगी निवेशकों की पहली पसंद?
भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में भारी उछाल के बीच सर्राफा व्यापारियों के पास उपलब्ध चांदी की ईंटों का स्टॉक।
सोने की आसमान छूती कीमतों ने उड़ाए आम आदमी के होश—क्या अब गोल्ड बन जाएगा सिर्फ सपना?
भारत में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बीच सर्राफा बाजार में आभूषणों की कीमतों में भारी बदलाव देखा गया।
पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संभाली बिहार की कमान, एनडीए गठबंधन के दिग्गज नेता रहे मौजूद।
CBSE 10वीं रिजल्ट: लाखों छात्रों का इंतजार खत्म, बिना नेटवर्क के भी ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड
सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों को बिना इंटरनेट एसएमएस और कॉल के जरिए 10वीं का परिणाम देखने की सुविधा दी है ताकि कनेक्टिविटी की समस्या बाधा न बने।
चारदीवारी से 'मन की बात' तक- हीराकुंड के जलाशय में सुजाता ने कैसे रचा कामयाबी का नया इतिहास?
ओडिशा की सुजाता ने हीराकुंड जलाशय में आधुनिक तकनीक से सालाना 30 टन मछली उत्पादन कर महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की है।
सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी और मां पार्वती देवी भी राजनीति के दिग्गज चेहरे रहे हैं, अब बेटा संभालेगा बिहार की कमान।
क्या इस बार रिकॉर्ड तोड़ेगी गर्मी? दक्षिण भारत में चढ़ता पारा और उमस का जानलेवा संगम!
दक्षिण भारतीय राज्यों में चढ़ते पारे और आर्द्रता के कारण बढ़ी उमस, मौसम विभाग ने तेज धूप और शुष्क मौसम को लेकर जारी की चेतावनी।
कुदरत का कहर या ग्लोबल वार्मिंग? 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा,लू के थपेड़ों से बेहाल जनजीवन!
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी, मौसम विभाग ने नागरिकों को दोपहर में सावधानी बरतने की सलाह दी।
तपती दिल्ली और लू का साया: क्या इस बार अप्रैल तोड़ देगा गर्मी के सारे पुराने रिकॉर्ड?
दिल्ली में 15 अप्रैल को भीषण गर्मी का अनुमान, मौसम विभाग ने बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को लेकर जारी की चेतावनी।
साल 1990। अगस्त का महीना। ज्योति बसु की लेफ्ट सरकार ने बस का किराया बढ़ा दिया। विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई और तीन लोग मारे गए। कांग्रेस ने हड़ताल का ऐलान किया। दक्षिण कोलकाता के हाजरा इलाके से मार्च निकालने की जिम्मेदारी मिली बंगाल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को। ‘माय अनफॉरगेटेबल मेमोरीज’ में ममता लिखती हैं- ‘हाजरा में CPI(M) कार्यकर्ताओं की एक टुकड़ी पहले से मौजूद थी। जैसे ही हम आगे बढ़े, उन्होंने हमला कर दिया। सबसे पहले लालू आलम ने मेरे सिर पर लोहे की रॉड मारी। मैं खून से भीग गई। फिर कई और वार हुए। होश आया तो अस्पताल में थी। डॉक्टरों को लग रहा था कि मौत तय है, लेकिन मैं बच गई।’ इस घटना के 8 साल बाद 1998 में ममता ने कांग्रेस छोड़ दी और 1998 में तृणमूल कांग्रेस यानी TMC बनाई। 2011 में TMC ने 34 साल से जारी लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका और तब से बंगाल की सत्ता पर ममता बनर्जी का ही राज है। जैसे बंगाली रसुगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। आज के इलेक्शन एक्सप्लेनर में इसी पैटर्न से जुड़े 2 सवालों को समझेंगे… पहला- आखिर बंगाल में जो आता है, लंबे वक्त तक छा क्यों जाता है? दूसरा- कांग्रेस, लेफ्ट, TMC के बाद क्या बंगाल में अब BJP की बारी है? पहले सवाल का जवाब इन 5 वजहों में छिपा है… वजह-1: बंगाल में सबसे बड़ा कैडर बेस कोलकाता के सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी बताते हैं कि कोई पार्टी जब लंबे समय तक सत्ता में रहती है। तो उसका खासकर गांवों में संगठन मजबूत हो जाता है। पहले इसका फायदा लेफ्ट को मिला और आज TMC को। वजह-2: दिल्ली बनाम बंगाल का नैरेटिव सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी बताते हैं कि पश्चिम बंगाल के लोगों के दिमाग में ‘बंगाली अस्मिता’ सबसे अहम है। वे अपना हीरो बनाना जानते हैं। चाहे वो रविंद्रनाथ टैगोर हों या सुभाष चंद्र बोस। या फिर कोई हीरो या खिलाड़ी।’ वजह-3: पर्सनैलिटी कल्ट यानी चेहरे को चुनता है बंगाल बंगाल के चुनाव हमेशा एक चेहरे के इर्द-गिर्द घूमते हैं… पश्चिम बंगाल की सीनियर जर्नलिस्ट शिखा मुखर्जी बताती हैं, 'पश्चिम बंगाल में सारे चुनाव चेहरे पर लड़े जाते हैं। आजादी के बाद कांग्रेस के पास आंदोलन से निकले नेता थे, जिसके चलते कांग्रेस ने 20 साल तक सत्ता संभाली। फिर लेफ्ट के ज्योति बसु का कल्ट बना। इसके बाद ममता बनर्जी TMC का चेहरा हैं। पिछले कुछ चुनावों से ममता के सामने लेफ्ट या कांग्रेस के पास कोई चेहरा नहीं है।’ वजह-4: वोटबैंक की सटीक चुनावी इंजीनियरिंग वजह-5: बिखरा हुआ विपक्ष सीनियर जर्नलिस्ट शिखा मुखर्जी बताती हैं, 'बंगाल के ज्यादातर चुनाव बाइपोलर, यानी दो पार्टियों के बीच हुए हैं। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब लेफ्ट विपक्ष में था। फिर लेफ्ट सत्ता में आई, तो कांग्रेस विपक्ष में चली गई। TMC के आने के बाद भी पहले लेफ्ट, फिर कांग्रेस विपक्ष में बैठी। अब बीजेपी उसे टक्कर दे रही है। क्या कांग्रेस, लेफ्ट, टीएमसी के बाद अब बंगाल में बीजेपी की बारी है? 2016 में बीजेपी के पास बंगाल विधानसभा में सिर्फ 3 सीटें थीं। 2021 में 77 हो गईं। वोट शेयर 10% से 38% तक पहुंचा। यह छलांग कैसे लगी? पांच चीजें काम आईं- लेफ्ट-कांग्रेस का वोट बीजेपी की तरफ शिफ्ट होना, हिंदुत्व कार्ड, मतुआ समुदाय को CAA का वादा, RSS का जमीनी नेटवर्क और सुवेंदु अधिकारी जैसे TMC के बड़े नेताओं का पार्टी में आना। सुवेंदु अधिकारी की कहानी तो बंगाल की राजनीति में अलग ही अध्याय है। नवंबर 2020 में ममता के सबसे करीबी सिपहसालार ने इस्तीफा दिया। दिसंबर में अमित शाह ने मेदिनीपुर के मंच पर उनके गले में बीजेपी का गमछा डाला। TMC ने उन्हें 'मीरजाफर' कहा। ममता ने सीधे उनके गढ़ नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सुवेंदु ने जवाब दिया- अगर 50,000 वोटों से नहीं हराया, तो राजनीति छोड़ दूंगा। 2 मई 2021 को गिनती हुई। 16वें राउंड तक ममता 800 वोट आगे थीं। 17वें राउंड में पासा पलट गया। सुवेंदु 1956 वोटों से जीत गए। पहली बार किसी 'सिटिंग CM' ने अपनी सीट गंवाई। अब 2026 में सुवेंदु ने ममता के गढ़ भवानीपुर से पर्चा भरा है। बीजेपी की गणित सीधा है- 2021 में BJP ने 294 में से 77 सीटों जीतें थी और 75 सीटें सिर्फ 10% से कम मार्जिन से हारी थी। 2026 में इस बार BJP अगर TMC के 5% वोट शेयर भी अपने पाले में कर ले, तो मोटा-मोटी 77+75 यानी 152 सीटें जीत सकती है। यानी बहुमत के 148 सीटों से 4 ज्यादा। लेकिन रास्ता आसान नहीं है। सेफोलॉजिस्ट से नेता बने योगेंद्र यादव का आकलन है कि 2021 के मुकाबले जमीन पर बीजेपी कमजोर हुई है और SIR के बावजूद बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब नहीं होगी। बंगाल का इतिहास बताता है कि जब भी कोई पार्टी यहां सत्ता में आई, उसने दशकों तक राज किया। कांग्रेस 20 साल, लेफ्ट 34 साल। सीनियर जर्नलिस्ट सुमन भट्टाचार्य कहते हैं- ‘बंगाल के लोग बेहद वफादार होते हैं। एक बार पसंद कर लिया तो लंबे समय तक जिताते हैं। अगर बीजेपी एक बार ध्रुवीकरण में सफल हो गई, तो अगले 15-20 साल तक वह जीतती रह सकती है।’ लेकिन यह 'अगर' बड़ा है। बंगाल में हर जीतने वाली पार्टी की पांच खूबियां रही हैं- मजबूत कैडर, बंगाली अस्मिता का नैरेटिव, एक करिश्माई चेहरा, सटीक वोटबैंक, और बिखरा हुआ विपक्ष। बीजेपी के पास अभी इनमें से कुछ हैं, कुछ नहीं। सुवेंदु जैसा चेहरा है। RSS का नेटवर्क है। हिंदुत्व का नैरेटिव है। लेकिन गहरा जमीनी कैडर अभी भी TMC के मुकाबले कमजोर है। बंगाली अस्मिता का नैरेटिव अभी भी ममता के पास है। और ममता खुद एक ऐसा 'पर्सनैलिटी कल्ट' हैं, जिसका कोई विकल्प बीजेपी के पास नहीं। ------------ बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सोनिया ने 9 दिन इंतजार कराया, बागी हो गईं ममता: बंगाल में कभी 39% वोट पाने वाली कांग्रेस, 2.9% पर सिमटी; क्या जानबूझकर हार रहे राहुल 1952 में पहली बार पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए। 238 में से 150 सीटें कांग्रेस ने जीतीं। लेफ्ट फ्रंट को 41 और जनसंघ वाले राइट ब्लॉक को 13 सीट मिलीं। पं. नेहरू और महात्मा गांधी के पर्सनल डॉक्टर रहे बिधान चंद्र रॉय मुख्यमंत्री बने। लगातार 20 साल और कुल 25 साल कांग्रेस सरकार में रही, लेकिन 1977 के बाद वो अपना सीएम नहीं बना पाई। अब कोई विधायक भी नहीं है। वोट शेयर भी सिमटकर 3% से कम हो गया। पूरी खबर पढ़िए…
पहले ये वीडियो देखिए…’हुमायूं कबीर तू चोर है, दलाल है…’ वीडियो में दिख रहे शख्स हुमायूं कबीर हैं। सरेराह खुद को चोर कहने वाले से उलझ पड़े और उसके पीछे भागे। Video Courtesy- ABP हुमायूं को चोर क्यों कहा, ये वीडियो देखिए… ’मैंने शुभेंदु अधिकारी से बोला कि मुझे पैसा चाहिए, ये पूरा लक्ष्य 1000 करोड़ रुपए में पूरा होगा।’ इस वीडियो में हुमायूं BJP नेताओं के साथ एक हजार करोड़ रुपए की डील के बारे में बता रहे थे। 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद हुमायूं को ममता ने पार्टी से निकाल दिया। इन सभी मसलों पर हुमायूं कबीर से सीधी बातचीत। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आप कांग्रेस, TMC और BJP तीनों पार्टियों में रह चुके हैं, अब किस आधार पर वोट मांग रहे हैं?जवाब: 2016 में जब TMC ने टिकट नहीं दिया, तब मैं निर्दलीय चुनाव लड़ा। महज 17 दिन के चुनाव प्रचार में ही TMC को कमजोर कर दिया था। TMC काफी पीछे थी, इसलिए हुमायूं कबीर से पंगा लेने से पहले किसी भी पार्टी को सोचना चाहिए। मैं कोई फालतू आदमी नहीं हूं। अपने इलाके का जमीन से जुड़ा नेता हूं। भरोसा दिलाता हूं कि यहां लोग हुमायूं कबीर को देखकर वोट देते हैं। आपको ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की रैली से ज्यादा ज्यादा भीड़ मेरी रैली में दिखेगी। सवाल: एक वायरल वीडियो में आप 1000 करोड़ रुपए की लेनदेन की बात कर रहे हैं। क्या मामला है?जवाब: किसी ने मुझे दिल्ली के एक पत्रकार से मिलवाया था। बीते साल दिसंबर में जब वो सिलीगुड़ी आए, तो मिलने का समय मांगा। 19 दिसंबर 2025 की बात है। मैंने उन्हें दोपहर 12 बजे बहरामपुर में मिलने के लिए बुलाया, लेकिन वो नहीं आ सके। फिर शाम 4 बजे उनका फोन आया और बोले कि दूर से आए हैं, अगर मुलाकात हो जाए, तो मैंने बुला लिया। शाम करीब 7 बजे वो घर आए। उनके साथ एक महाराज भी थे। मैं उन्हें नहीं जानता था। दोनों लगभग 51 मिनट बैठे। पत्रकार ने पूछा कि TMC ने आपको सस्पेंड कर दिया है, अब क्या करेंगे, कैसे राजनीति करेंगे। कांग्रेस में जाएंगे या कुछ और करेंगे। मैंने कहा कि 30 साल कांग्रेस, 7 साल TMC और 17 महीने BJP में रहा। अब किसी के अंडर काम नहीं करूंगा। मुलाकात के बाद से ही उनका फोन बंद है। अब बताइए वीडियो में हुए सवाल-जवाब अगर कोई बाहर जाकर बदल दे, तो क्या करें। अब जवाब तो मुझे ही देना है। सवाल: MP के CM मोहन यादव और असम के CM हिमंता से मुलाकात और बातचीत के आरोपों पर क्या कहेंगे?जवाब: मोहन यादव से कभी नहीं मिला, न कभी बात हुई। हिमंता से भी कोई बात नहीं हुई। जब तक जिंदा रहूंगा, कभी BJP और RSS के साथ नहीं मिलूंगा। यही मेरा एजेंडा है। मैं मुसलमानों के साथ गद्दारी नहीं करूंगा। मेरे लिए पहले कौम है, मुसलमान लोग हैं, उसके बाद राजनीति और पार्टी है। सवाल: वायरल वीडियो के बाद औवेसी ने आपसे समर्थन ले लिया, क्या वजह लगती है?जवाब: ओवैसी को बड़ा भाई मानता हूं। वे लंदन से पढ़े-लिखे बैरिस्टर है, सांसद हैं, इसलिए उनकी इज्जत करता हूं। उनकी पार्टी के स्टेट लीडर इमरान सोलंकी गड़बड़ी कर रहे हैं। कुछ और नेता भी TMC से मिले हुए हैं। ये अभिषेक और I-PAC के जरिए काफी पैसा लेते हैं। AIMIM का राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हुसैन और प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी दोनों बंगाली नहीं हैं। ये TMC से पैसे लेकर उसकी भाषा बोलते हैं। ओवैसी को इनकी जांच करानी चाहिए। सवाल: मतलब आप ये कहना चाहते हैं कि ओवैसी की पार्टी के लोग TMC से मिले हुए हैं?जवाब: हां, बिल्कुल। पहले ओवैसी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। फिर मुझसे बात करके 12 सीटें देने की गुजारिश की। फिर आदिल ने पैसे ले लिए और वो मुझसे 14 सीटें मांगने लगा। इस तरह ओवैसी की पार्टी बंगाल में कभी खड़ी नहीं हो सकेगी। सवाल: वीडियो वायरल होने के बाद क्या आपकी असदुद्दीन ओवैसी से कोई बात हुई?जवाब: नहीं, कोई बात नहीं हुई। पहले जब सीट बंटवारे को लेकर हमारी बात हो रही थी, तब मैंने डिप्टी CM का पद मांगा था। हालांकि उन्होंने सीधे CM बनाने की बात कही थी। वीडियो वायरल होने के बाद मैंने खुद उनसे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। अगले दिन मीडिया से पता चला कि उनकी पार्टी ने हमसे समर्थन वापस ले लिया है। सवाल: वायरल वीडियो आपका है या नहीं, सच क्या है?जवाब: वो मेरा ही वीडियो है, लेकिन AI के जरिए मेरी बातें बदली गई हैं। मैंने हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। मेरा सवाल है कि जब वीडियो 19 दिसंबर को रिकॉर्ड किया गया, तो 5 महीने बाद अप्रैल में क्यों जारी किया गया। जब वो लोग (TMC) मेरा सामना नहीं कर पाए और लगा चुनाव हार जाएंगे, तो ऐसा वीडियो ले आए। सवाल: क्या बाबरी मस्जिद बनेगी, ये कितना बड़ा मुद्दा है? जवाब: बाबरी तो बनेगी, इसे न BJP रोक पाएगी और न TMC। अयोध्या में दोबारा बाबरी मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जानी थी, लेकिन ये अयोध्या से 15 किमी दूर दी गई। वहां मुस्लिम आबादी भी नहीं है। यहां (मुर्शिदाबाद) 72% मुस्लिम हैं, इसलिए यहां मस्जिद बनवा रहा हूं। ये इबादत की जगह है। इसके लिए हमने एक ट्रस्ट बनाया है। अभी चुनाव लड़ने की वजह से मैंने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है। सवाल: अगर बंगाल में TMC और BJP किसी को बहुमत नहीं मिला, तो आप किसे समर्थन देंगे?जवाब: इस बार किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने वाला है। इस स्थिति में दूसरी राजनीतिक पार्टियां मुझसे समर्थन मांगेंगी। सरकार बनाने के लिए जो मुझे सपोर्ट करेगा, उसी के साथ जाएंगे। …………………. ये खबर भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद ही नहीं, बीते 5 साल में मालदा, कूचबिहार, नादिया, झाड़ग्राम, बीरभूम और संदेशखाली में कई हिंसक घटनाएं हुईं। इन इलाकों में विधानसभा की कुल 76 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 54 सीटें TMC और 22 BJP के पास हैं। हिंसा का इन सीटों क्या असर है, पढ़िए पूरी खबर…
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने आज़ाद हिन्द फ़ौज दिवस मनाया
जयपुर। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से आजाद हिंद फौज दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर हेमंत सेठिया, सह संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जयपुर प्रांत तथा अध्यक्ष कमांडर बनवारी लाल, प्रदेश महासचिव रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता व नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर […] The post अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने आज़ाद हिन्द फ़ौज दिवस मनाया appeared first on Sabguru News .
अधिवक्ता परिषद ने अम्बेडकर जयंती पर हाईकोर्ट परिसर में बांटी ‘समरसता खीर’
जयपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत की हाईकोर्ट इकाई ने न्यायालय परिसर में एक अनूठी पहल की। परिषद ने किसी भी तरह के भव्य कार्यक्रम या मंचीय आयोजन से परहेज करते हुए ‘समरसता खीर’ का वितरण किया। इस मौके पर परिषद ने बाबा साहब के संदेश […] The post अधिवक्ता परिषद ने अम्बेडकर जयंती पर हाईकोर्ट परिसर में बांटी ‘समरसता खीर’ appeared first on Sabguru News .
उत्तराखंड में मोदी का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में उमड़े लोग
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने इसके बाद देहरादून कैंट स्थित सभा […] The post उत्तराखंड में मोदी का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में उमड़े लोग appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने किया संविधान का सबसे ज्यादा उल्लंघन : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उस पर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने ही संविधान का सबसे ज्यादा उल्लंघन किया है। शर्मा ने मंगलवार को जयपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती […] The post कांग्रेस ने किया संविधान का सबसे ज्यादा उल्लंघन : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में भीषण कार हादसे में तीन दोस्तों की मौत
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनू जिले के सिंघाना थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक कार के खेत में गिरने से तीन युवकों की मौत हाे गई और एक युवक घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यह घटना भैंसावत के पास देर रात करीब दो बजे हुई। चारों दोस्त एक शादी समारोह में […] The post झुंझुनूं में भीषण कार हादसे में तीन दोस्तों की मौत appeared first on Sabguru News .
सक्ती वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर विस्फोट में 11 की मौत, 20 से अधिक घायल
सक्ती। छत्तीसगढ़ में सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अंतर्गत सिंघीतराई गांव स्थित इस प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में मृतकों की संख्या 11 हो गई है। उन्होंने […] The post सक्ती वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर विस्फोट में 11 की मौत, 20 से अधिक घायल appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक कांग्रेस में बगावत : जमीर अहमद पर नजर, सिद्दारमैया ने मामला हाईकमान तक पहुंचाया
बेंगलूरु। कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर एक बार फिर जबरदस्त आंतरिक कलह और बगावत देखने को मिल रही है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के करीबी माने जाने वाले मंत्री जमीर अहमद खान पर हाईकमान की नजर टेढ़ी हो गई है। यह विवाद उन आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा है कि जमीर ने टिकट वितरण और चुनाव […] The post कर्नाटक कांग्रेस में बगावत : जमीर अहमद पर नजर, सिद्दारमैया ने मामला हाईकमान तक पहुंचाया appeared first on Sabguru News .
सम्राट चौधरी राज्यपाल से मिले, बिहार में सरकार बनाने का दावा पेश किया
पटना। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद आज शाम राज्यपाल अता हसनैन से मिले और विधायकों का समर्थन पत्र सौंप कर नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। चौधरी बिहार में भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री […] The post सम्राट चौधरी राज्यपाल से मिले, बिहार में सरकार बनाने का दावा पेश किया appeared first on Sabguru News .
अपने या परिजनों के जन्मदिन पर अवकाश ले सकेंगे पुलिसकर्मी
सवाईमाधोपुर/जयपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिला पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने पुलिसकर्मियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अब उनके स्वयं के जन्मदिन, पत्नी, बच्चों और माता-पिता के जन्मदिन के विशेष अवसर पर आकस्मिक अवकाश देने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी की इस मानवीय पहल की पूरे महकमे में […] The post अपने या परिजनों के जन्मदिन पर अवकाश ले सकेंगे पुलिसकर्मी appeared first on Sabguru News .
चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में बंद रहे अलवर के निजी अस्पताल
अलवर। राजस्थान के अलवर में एक चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में निजी अस्पतालों के 24 घंटे के बंद के आव्हान के बाद मंगलवार को अलवर के निजी चिकित्सालयों में चिकित्सा सेवाएं ठप रही जिससे मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बंद के आह्वान के तहत सुबह आठ बजे से निजी […] The post चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में बंद रहे अलवर के निजी अस्पताल appeared first on Sabguru News .
इंडिगो की चार दिन की सेल, टिकट पर 10 प्रतिशत तक छूट
नई दिल्ली। प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने मंगलवार से चार दिन की सेल की घोषणा की है जिसमें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर बुकिंग में 10 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। ‘समर गेटअवे’ सेल के तहत 14 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच बुकिंग करायी जा सकती है जबकि यात्रा की तारीख 1 जुलाई […] The post इंडिगो की चार दिन की सेल, टिकट पर 10 प्रतिशत तक छूट appeared first on Sabguru News .
कोटा स्टेशन पुनर्विकास: सोगरिया स्टेशन पर रुकेंगी ये चार प्रमुख ट्रेनें
कोटा जंक्शन पर निर्माण कार्य के चलते भोपाल-जोधपुर और जबलपुर-अजमेर एक्सप्रेस 15 अप्रैल को परिवर्तित मार्ग से चलेंगी और सोगरिया में अस्थाई ठहराव लेंगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के प्रताप नगर गुरुद्वारे में टेका मत्था
बैसाखी पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की और सिख समाज के राष्ट्र निर्माण में योगदान व गुरुओं के बलिदान को सराहा।
gandhidham-malda-town-summer-special-train-booking-western-railway
यात्रियों की सुविधा के लिए गांधीधाम और मालदा टाउन के बीच चलेगी विशेष ट्रेन, 14 अप्रैल से शुरू होगी टिकटों की बुकिंग।
निम्बाहेड़ा: अम्बेडकर जयंती पर भव्य शोभायात्रा, भाजपा नेताओं ने किया स्वागत
वाल्मीकि पंचायत द्वारा आयोजित शोभायात्रा का पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी के निर्देशन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर भव्य अभिनंदन किया।
निम्बाहेड़ा: बाबा साहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती पर विधायक कृपलानी ने किया नमन
निम्बाहेड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और पूर्व संध्या पर सेवा पखवाड़ा के तहत दीपदान कर समरसता का संदेश दिया।
निंबाहेड़ा: नीति आयोग के संपूर्णता अभियान 2.0 का समापन, विधायक ने दिया संकल्प
विधायक श्रीचंद कृपलानी और कलेक्टर डॉ. मंजू की उपस्थिति में आकांक्षी ब्लॉक के विकास लक्ष्यों की समीक्षा की गई और आत्मनिर्भरता का संकल्प लिया गया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भूपाल सागर में डॉ. अंबेडकर जयंती समारोह आयोजित
संस्था प्रधान बाबूलाल गाडरी की अध्यक्षता में बाबा साहब को दी गई श्रद्धांजलि, विद्यार्थियों ने उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प।
फतहनगर में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर कांग्रेस ने अर्पित की श्रद्धांजलि
रोडवेज बस स्टैंड स्थित अंबेडकर स्थल पर मंडल और नगर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर बाबा साहब के संवैधानिक मूल्यों को याद किया।
चित्तौड़गढ़: जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने एकलव्य ज्ञान केंद्र का किया निरीक्षण
जिला कलक्टर ने फाचर अहिरान में वंडर सीमेंट द्वारा स्थापित केंद्र की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सराहा और विद्यार्थियों को सफलता के लिए मार्गदर्शन दिया।
चित्तौड़गढ़: हजरत किबला उस्ताद सा. का 740वां उर्स झंडे की रस्म के साथ शुरू
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बूंदी रोड स्थित दरगाह पर ध्वजारोहण के साथ उर्स का आगाज हुआ, देश में अमन-चैन के लिए सामूहिक दुआ मांगी गई।
चित्तौड़गढ़: प्रताप नगर गुरुद्वारे में बैसाखी और खालसा पंथ स्थापना दिवस आयोजित
विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने गुरु ग्रंथ साहब के समक्ष मत्था टेका, रबी फसल और खालसा पंथ स्थापना की खुशी में हुआ शबद कीर्तन व लंगर।

29 C
