SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

31    C

...

अजमेर में पश्चिम बंगाल की युवती से दरगाह में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी

अजमेर। दरगाह थाना क्षेत्र में पश्चिम बंगाल की एक 39 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पश्चिम बंगाल से प्राप्त जीरो नंबर एफआईआर के आधार पर दरगाह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों […] The post अजमेर में पश्चिम बंगाल की युवती से दरगाह में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 3 Jun 2026 7:25 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (03 जून, 2026)

1. मेष (Aries) Today 03 June 2026 horoscope in Hindi : करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Vibhuvan Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें महत्व, पूजा विधि और मंत्र 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। धन: बजट बनाकर चलना बेहतर होगा। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस के प्रोजेक्ट में कलीग्स का सहयोग मिलेगा। लव: लव पार्टनर से वाद-विवाद हो सकता है। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: कारोबार में शुभ समाचार मिल सकता है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह का प्रस्ताव आ सकता है। धन: भूमि-भवन से जुड़े मामलों में लाभ की स्थिति है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम की संभावना है। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में लिये गये निर्णय आपको बड़ी सफलता दिलाएंगे। लव: पार्टनर आपकी भावनाओं का सम्मान करेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: उगते सूर्य को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बांटें। लव: पुरानी बातों को भूलकर नई शुरुआत करने का समय है। धन: आज सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: कमर दर्द या जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope 1–7 June 2026: 01 से 07 जून तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल 7. तुला (Libra) करियर: साझेदारी में किया गया काम फलदायी होगा। लव: रोमांटिक डिनर पर जा सकते हैं। धन: सुख-सुविधाओं पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: आज ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी मेहनत का श्रेय कोई और ले सकता है। लव: प्रेम जीवन में पारदर्शिता रखें। धन: उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए संगीत का सहारा लें। उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज नौकरी में उच्च अधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी। लव: रिश्तों में नयापन आएगा। धन: पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही न बरतें। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: करियर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लव: घर के बड़ों की सहमति से प्रेम संबंध विवाह में बदल सकते हैं। धन: आज अनावश्यक खर्च पर रोक लगाएं। स्वास्थ्य: नींद की कमी महसूस हो सकती है। उपाय: शनिवार के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं पर टीम वर्क में सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ यात्रा का योग है। धन: शेयर बाजार में लाभ होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान हो सकती है। उपाय: गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं। 12. मीन (Pisces) करियर: काम में मन नहीं लगेगा, मन भटक सकता है। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: पुरानी किसी बीमारी से राहत मिल सकती है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। ALSO READ: गुरु का कर्क राशि में गोचर: किन राशियों के लिए रहेगा शुभ और अशुभ

वेब दुनिया 3 Jun 2026 7:03 am

सैनी-सुवेंदु-योगी, BJP का ट्रिपल इंजन पंजाब मिशन:5 महीनों में सैनी के 45 दौरे, यूपी-बंगाल मॉडल का वादा; 33% OBC वोट टारगेट

तारीख- 1 मई, जगह- पंजाब के नवांशहर का पोजेवाल इलाका। गरीबदासी संप्रदाय के सद्गुरू ब्रह्मानंद भूरीवाले का 24वां निर्वाण दिवस। केसरिया पगड़ी बांधे हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने मंच से पहले संत के लिए कुछ लाइनें बोलीं। फिर पंजाबी में कहा, 'पंजाब का विकास तभी होगा, जब यहां नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बनेगी।’ पंजाब में सैनी का ये कार्यक्रम विधानसभा चुनाव के लिए BJP के ‘पंजाब प्लान’ की झलक है। सोर्स बताते हैं कि पिछले 6-7 महीनों में सैनी पंजाब में 45 से ज्यादा दौरे और 65 से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। अगले महीने उनके 4 दौरे पहले से तय हैं। पिछले साल उन्होंने पंजाब के करीब 20-22 दौरे किए थे। इनके जरिए राज्य की 33% OBC आबादी पर नजर है। पंजाब में BJP 117 विधानसभा सीटों में से 40 सीटें टागरेट कर रही है। पंजाब में नायब सिंह सैनी सबसे पहले क्यों एक्टिव? पटियाला ग्रामीण (उत्तर) के BJP अध्यक्ष जसपाल सिंह गगरोली कहते हैं, 'पंजाब और हरियाणा की संस्कृति से लेकर जमीन पर मौजूद सीमाएं आपस में घुली-मिली हैं। नायब सिंह सैनी अंबाला से हैं, लेकिन धराप्रवाह पंजाबी बोलते हैं। CM बनने से पहले करीब 3 साल पंजाब में OBC मोर्चा के प्रभारी रहे हैं। वो BJP संगठन में एक-एक कार्यकर्ता को नाम से जानते हैं। चुनाव में उनकी भूमिका नहीं होगी, तो किसकी होगी?' अमृतसर ग्रामीण के BJP अध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी कहते हैं, 'वे संगठन में मजबूती से जमे हैं, इसलिए पंजाब के लिए उनसे मजबूत और जमीनी किरदार कोई नहीं। हरियाणा में किए सैनी के कामों की चर्चा तुरंत पंजाब पहुंच जाती है। व्यापारी बिरादरी उनसे बहुत खुश है, क्योंकि उन्होंने बिजनेस के लिए सिस्टम पहले से आसान किया है।' नायब सिर्फ पुलिया, वोट ट्रांसफर होना मुश्किल पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रो. राजिंदर पाल सिंह कहते हैं, ‘नायब सिंह पंजाब में पुलिया की तरह काम कर सकते हैं, लेकिन वोट ट्रांसफर होना मुश्किल हैं। वो पगड़ी बांध लें, पंजाबी बोल लें, लेकिन उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावी नहीं कि वोट ट्रांसफर करा सके। वो अलोकप्रिय भी नहीं हैं, इसलिए पार्टी उनके जरिए पंजाब टटोलने की कोशिश कर रही है।’ ’चुनाव के 8-10 महीने पहले नायब की लॉन्चिंग बुरी भी नहीं, वैसे भी पंजाब में OBC वोट बैंक अब तक किसी भी पार्टी ने एक्सप्लोर नहीं किया है। BJP अब सैनी को आगे करके इसे एक्सप्लोर कर रही है। वैसे चुनाव से 2-3 महीने पहले ही पॉलिटिकल सिनैरियो साफ होता है, इसलिए ये वोटर कितना एकजुट होगा, अभी कहना जल्दबाजी है।’ वहीं पॉलिटिकल एक्सपर्ट बलजीत पाल कहते हैं, ‘पंजाब में नायब की पकड़ मजबूत है। वो यहां 2-3 साल OBC मोर्चा के प्रभारी रहे हैं, इसलिए उनके असर को कम करके देखना ठीक नहीं।‘ पंजाब में BJP का सिख जाट बनाम गैर सिख मॉडल प्रो. राजिंदर पाल कहते हैं, ‘हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के जाट बनाम गैर-जाट मॉडल को BJP पंजाब में भी इस्तेमाल कर रही है। यहां सिख जाट करीब 25% है, जो जमींदार या बड़े किसान हैं। BJP इनके बजाय गैर जाट वर्ग पर फोकस कर रही है।‘ ‘BJP यहां OBC और दलितों को मिलाकर सिख जाट बनाम गैर जाट का फॉर्मूला तैयार कर रही है। OBC वाला प्रयोग नया है और कारगर साबित हो सकता है। हालांकि OBC को एकजुट करने के लिए कुछ बड़ा करना होगा, जिसकी झलक अब तक नहीं दिखी है।‘ पंजाब में CM योगी और सुवेंदु का बंगाल मॉडल कितना कारगर पटियाला ग्रामीण के BJP अध्यक्ष जसपाल बताते हैं, 'लॉ एंड ऑर्डर ठीक करने के लिए यहां योगी बाबा का बुलडोजर मॉडल ही चलेगा। पंजाब में लोग योगी आदित्यनाथ जैसे CM की डिमांड करते हैं।' अमृतसर ग्रामीण के BJP अध्यक्ष अमृतपाल सिंह बोनी भी यही बात दोहराते हैं। दिल्ली BJP में सूत्र बताते हैं, 'नायब के अलावा शाह-योगी की रैलियों की भी डिमांड आई है। बंगाल में सुवेंदु अधिकारी जैसे काम कर रहे हैं, चुनाव करीब आने पर वो भी पंजाब में नजर आएंगे।' हालांकि प्रो. राजिंदर का कहना है कि पंजाब में हिंदू-मुस्लिम नहीं कर सकते, इसलिए यहां ना बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा है और ना रोहिंग्या का। सुवेंदु बंगाल में चेहरा हैं, पंजाब में नहीं। कोई बाहरी पंजाब नहीं जिता सकता।‘ पंजाब में दलित वोटर के लिए BJP का रोडमैप… इस्लाम की जगह मौत कुबूल करने वाले संत का किस्सा गूंजेगा BJP सोर्सेज बताते हैं, ‘दलित संतों की लिस्ट तैयार हो रही है। इनके जरिए 33% दलित आबादी टारगेट की जाएगी। इसमें सबसे बड़ा नाम गुरु गोबिंद सिंह के शिष्य तेगबहादुर और औरंगजेब की सेना के बीच से गुरु तेगबहादुर का सिर निकालकर लाने वाले संत जैता सिंह का है।‘ सबसे ज्यादा कन्वर्जन वाले इलाकों में दलित संतों के बड़े कार्यक्रम कराए जाएंगे। जैता सिंह के कार्यक्रम से इन दलित संतों को याद करने की शुरुआत होगी। पंजाब में 56 अमृतधारी सिख संत हैं, जिसमें से 37 दलित हैं, जिन्हें BJP टारगेट कर रही है। दलित वर्ग को साधने के लिए यहां BJP से ज्यादा काम RSS कर रही है। दिल्ली BJP एक्टिव, लेकिन पंजाब में कार्यकर्ता खफा बंगाल जैसे नतीजों के लिए कई नायक चाहिए, राघव पर भरोसा डुबोएगा राघव को BJP में लाने और भरोसा जताने से पंजाब में कार्यकर्ताओं का एक धड़ा नाराज है। वे नायब सिंह के एक्टिव होने को अच्छा बताते हैं, लेकिन गुस्सा भी जताते हैं। नाम न छापने की शर्त पर वे इसकी 4 वजहें बताते हैं। 1. नायब का आना पॉजिटिव है, लेकिन पार्टी के बड़े लीडर्स के दौरे होने चाहिए। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान से कुछ नहीं होगा। 2. हमारे पास कोई CM फेस नहीं है। केजरीवाल के सामने एक चेहरा चाहिए, तभी फायदा होगा। बंगाल तभी जीते, जब लड़ाई सुवेंदु अधिकारी बनाम ममता बनर्जी हुई। 3. राघव चड्ढा और उनके साथियों को शामिल करने का फैसला ऊपर से ले लिया गया। क्या पंजाब में उनकी जमीनी पकड़ है, क्या वो क्राउड पुलर हैं, कम से कम कार्यकर्ताओं से पूछना चाहिए था। 4. पंजाब को लूटने वालों में एक नाम राघव चड्ढा का भी है। अगर उन्हें CM फेस बनाया गया, तो ये पार्टी की सबसे बड़ी भूल होगी। BJP के लिए पंजाब जीतने के दो ही रास्ते 1. अकाली दल के असंतुष्ट धड़े से गठजोड़प्रो. राजिंदर पाल कहते हैं, ‘BJP ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा भले कर दी, लेकिन अमित शाह अकाली दल के असंतुष्ट नेताओं से चुपचाप मिल रहे हैं। 2025 में अकाली दल औपचारिक रूप से बंट चुका है। वे नए बने अकाली दल के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मेलजोल बढ़ा रहे हैं। मुमकिन है कि वो चुनाव से 2-3 महीने पहले गठबंधन कर लें। 2. AAP और भगवंत मान को तोड़ ले BJPपंजाब में AAP से 7 लोग पहले टूट चुके हैं। अगर और लोग टूटकर BJP के साथ जाते हैं, तो बड़ा फायदा मिल सकता है। वैसे भी पार्टी में भगवंत मान की जो स्थिति है, वो सब जानते हैं। वो नाम के CM हैं। सरकार केजरीवाल और सिसोदिया ही चला रहे हैं। पंजाब में मान के बराबर कोई लोकप्रिय चेहरा नहीं है। AAP बोली- लोकल चुनाव में कैंडिडेट नहीं मिले, विधानसभा कैसे लड़ेगीपंजाब में आम आदमी पार्टी के स्पोक्सपर्सन नील गर्ग कहते हैं, ‘BJP की तैयारियों का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पंजाब में 29 मई को 1977 वार्ड में लोकल चुनाव हुए। इसमें BJP को 616 सीटों पर तो कैंडिडेट नहीं मिले। जिन वार्ड में पार्टी ने चुनाव लड़ा, उनमें से 1142 कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई। पंजाब में जमीन पर BJP की यही सच्चाई है।‘ ‘ये पार्टी सिर्फ ED, CBI और बाकी एजेंसियों के दम पर चुनाव प्रभावित करना जानती है। रही बात नायब सिंह की, तो पहले वो अपना घर संभाल लें, जहां जनता ने उन्हें चुनकर मुख्यमंत्री बनाया है। हरियाणा में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ा हुआ है। किसान और रोजगार सबकी हालत खराब है।‘ ……………….पंजाब की ये स्टोरी भी पढ़ें… पंजाब में क्या 38% दलित दिलाएंगे BJP को जीत पंजाब में विधानसभा चुनाव को करीब एक साल बाकी है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने ‘पंजाब विजय प्लान’ लॉक कर लिया है। गृह मंत्री अमित शाह भी साफ कर चुके हैं कि BJP पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 3 Jun 2026 5:07 am

बदलती सर्दियां, सिकुड़ते दाने: भारत के गेहूं पर बढ़ता जलवायु संकट और खाद्य सुरक्षा की चुनौती

Climate Trends की रिपोर्ट में खुलासा—बढ़ती गर्मी, गर्म होती रातें और बदलती बारिश भारत के गेहूं उत्पादन व खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं

हस्तक्षेप 2 Jun 2026 10:48 pm

देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य समापन, महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

पुष्कर। निकटवर्ती रेवत डूंगरिया खुर्द स्थित जोगणियाधाम में आयोजित देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में भव्य समापन हुआ। आठ दिनों तक चली कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। कथा के समापन अवसर पर कथा वाचक पंडित दिलीप शास्त्री […] The post देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य समापन, महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jun 2026 9:31 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या TMC बिखरने वाली है, 4 संकेत; बंगाल में एकबार सत्ता जाने के बाद पार्टियां कभी वापसी क्यों नहीं कर पातीं

बंगाल में आजादी के बाद से ही एक ट्रेंड है। जो पार्टी सत्ता से एकबार बेदखल हुई, वो कभी लौट नहीं सकी। सिर्फ कांग्रेस एक अपवाद है। 2026 का बंगाल चुनाव हारने के बाद TMC भी सबसे मुश्किल दौर में है। क्या ममता बनर्जी TMC को संकट से निकालकर वापसी कर पाएंगी या उनके हाथ से पार्टी फिसल जाएगी; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ममता की TMC पर कितना बड़ा संकट है? जवाबः TMC पर आए संकट को 4 संकेतों से समझिए… 1. TMC के सांसद, नेता और सभासदों तक के इस्तीफे 2. दावा- भाजपा के संपर्क में TMC के 75% सांसद-विधायक 3. 80 में सिर्फ 20 विधायक ही ममता की मीटिंग में पहुंचे 4. TMC के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले सवाल-2: पार्टी को बचाने के लिए ममता बनर्जी क्या कर रहीं? जवाबः ममता बनर्जी दो तरह की स्ट्रैटेजी पर काम कर रही हैं, पहली- मजबूत और जुझारू दिखो, दूसरी- पॉलिटिकली रिलेवेंट बने रहो। चुनाव में हार के बाद पहली बार किसी सीएम ने इस्तीफा देने से मना कर दिया। जानकार बताते हैं कि ममता ने ‘मैं नहीं झुकूंगी’ वाला संदेश देने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए ऐसा किया। चुनाव बाद TMC कार्यकर्ताओं के साथ हो रही हिंसा और 30 मई को अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को भी ममता ने आक्रामक तरीके से उठाया। TMC इन घटनाओं के विरोध में पूरे राज्य में पॉलिटिकल कैंपेन खड़ा करने की कोशिश कर रही है। ममता ने 2 जून को कोलकाता के धर्मतला बस स्टैंड के पास प्रोटेस्ट किया। ममता ने एक मेगाफोन से भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें मंच बनाने या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई। लेकिन मैं लड़ूंगी या मर जाऊंगी।’ ममता ने कहा, ‘बंगाल में पुलिस वाले TMC नेताओं को धमका रहे हैं। इस मुश्किल समय में मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ूंगी।’ ममता कई मुद्दों पर INDIA ब्लॉक से अलग लीक पर चलती दिखती थीं। हालांकि चुनाव हारने के बाद उनका नया रुख दिखा। वह नेशनल लेवल पर विपक्ष की राजनीति में TMC की हिस्सेदारी और प्रभाव को कमजोर नहीं होने देना चाहतीं। चुनाव हारते ही 5 मई को ममता ने कहा, ‘मेरा टारगेट बहुत क्लियर है। मैं INDIA टीम को मजबूत करूंगी... सोनिया जी, राहुल, अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन…सभी ने मुझे फोन किया। सभी INDIA गठबंधन के सहयोगी मेरे साथ हैं। आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मजबूत होगी।’ सवाल-3: ममता की कोशिशों के बावजूद क्या वाकई TMC बिखर सकती है? जवाबः पश्चिम बंगाल को करीब से समझने वाले एक्सपर्ट्स के बीच राय बंटी हुई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक प्रभाकर मणि तिवारी का मानना है कि TMC बिखर जाएगी। वो कहते हैं, ‘ममता 2011 में सत्ता में आईं, तो धीरे-धीरे उन्होंने भी CPM को खत्म कर दिया था। बीजेपी भी बंगाल में विपक्ष को खत्म करना चाहती है। बीजेपी की कोशिश रहेगी कि TMC के आधे से ज्यादा विधायक अलग हो जाएं, जिससे उपचुनाव भी न कराना पड़े। हालांकि अगले 2-3 महीने तक TMC में किसी बड़ी टूट की आशंका नहीं है।’ वहीं, वरिष्ठ पत्रकार शिखा मुखर्जी मानती हैं कि TMC में कोई बड़ा विभाजन होता नहीं दिख रहा। वो कहती हैं, ‘इसका कोई साफ संकेत नहीं है कि बीजेपी TMC नेताओं को बीजेपी में शामिल होने के लिए उकसा रही है।’ बंगाल बीजेपी के बड़े नेताओं के बयानों से भी लगता है कि बीजेपी बागियों को खुला न्योता नहीं देना चाहती… हालांकि जीत के बाद 5 मई को सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता का राजनीतिक निर्वासन शुरू हो गया है। बंगाल में TMC के कई सांसद और कार्यकर्ता उनके साथ जुड़ेंगे। शिखा मुखर्जी कहती हैं कि बीजेपी फिर भी TMC को कमजोर करने के लिए कुछ विधायकों को अपने पाले में जरूर ले सकती है। सवाल-4: क्या बंगाल की सत्ता में टीएमसी वापसी कर पाएगी? जवाबः 1977 तक बंगाल में कांग्रेस 25 साल शासन में रही। हालांकि, बीच में 1967 से 1972 तक यूनाइटेड फ्रंट भी सत्ता में आई। फिर 34 साल लेफ्ट फ्रंट की सरकार चली। 2011 में सीएम बनीं ममता 2026 तक काबिज रहीं। यानी बंगाल में जो आता है, सालों तक छा जाता है। अब बीजेपी सत्ता में है। 4 वजहों से TMC की भी सत्ता में वापसी मुश्किल लगती है… 1. कैडर बेस नई पार्टी में शिफ्ट हो जाता है 2. दिल्ली बनाम बंगाल का नैरेटिव खत्म 3. ममता की जगह सुवेंदु का ‘पर्सनैलिटी कल्ट’ 4. वोटबैंक की सटीक चुनावी इंजीनियरिंग ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------पश्चिम बंगाल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…बंगाल में गाय की कुर्बानी पर रोक, हिंदू क्यों नाराज:बोले- दीदी से परेशान होकर सरकार बदली, BJP ने 2500 करोड़ का धंधा बिगाड़ा पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में रहने वाले सुखदेव मंडल खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का खर्च चलता है। इस साल बेटी की शादी करनी है, इसलिए सालभर पहले बैंक से लोन लेकर मवेशी खरीदे। उम्मीद थी कि बकरीद पर बिक जाएंगे और शादी-ब्याह का खर्च निकल जाएगा, लेकिन बंगाल सरकार के एक फैसले ने उनकी उम्मीद तोड़ दी। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 2 Jun 2026 6:44 pm

दृश्यम 3 का शूट खत्म, फैंस के इंतजार को मिला बड़ा अपडेट; अजय देवगन-तब्बू की थ्रिलर अब रिलीज के लिए तैयार

बॉलीवुड की सबसे चर्चित सस्पेंस-थ्रिलर फ्रेंचाइजी में शामिल ‘दृश्यम’ के प्रशंसकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग आधिकारिक तौर पर पूरी हो चुकी है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह अपडेट किसी खुशखबरी से कम नहीं है। अब फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में प्रवेश कर चुकी है और इसकी रिलीज की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। निर्देशक अभिषेक पाठक ने दी बड़ी जानकारी फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए शूटिंग पूरी होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से पूरी टीम इसी फिल्म की दुनिया में जी रही थी। दिन-रात मेहनत, चुनौतियों का सामना और लगातार कहानी को बेहतर बनाने की कोशिशों के बाद आखिरकार फिल्म का शूट पूरा हो गया है। अभिषेक पाठक ने अपनी पोस्ट में कलाकारों और तकनीकी टीम का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति ने पूरे समर्पण और धैर्य के साथ काम किया और यही मेहनत अब बड़े पर्दे पर दिखाई देगी। ALSO READ: काला हिरण फिल्म पर सलमान खान का बड़ा एक्शन, रिलीज से पहले भेजा कानूनी नोटिस; 24 घंटे का अल्टीमेटम हर फ्रेम में टीम की मेहनत निर्देशक ने कहा कि इस फिल्म का हर दृश्य उन लोगों की मेहनत, जुनून और समर्पण की कहानी कहता है जिन्होंने इसे बनाने में योगदान दिया। उनके मुताबिक शूटिंग के दौरान अच्छे और मुश्किल दोनों तरह के दिन आए, लेकिन पूरी टीम ने कभी हार नहीं मानी। उनकी पोस्ट से साफ झलकता है कि ‘दृश्यम 3’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए एक भावनात्मक सफर भी रही है। ALSO READ: गोल्ड डिगर नहीं, डायमंड थीं सुष्मिता सेन: 4 साल बाद ललित मोदी का बड़ा खुलासा, रिश्ते पर पहली बार खुलकर बोले फिर लौटेगा सस्पेंस का बादशाह विजय सालगांवकर ‘दृश्यम’ सीरीज ने भारतीय सिनेमा में सस्पेंस और मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की एक अलग पहचान बनाई है। अजय देवगन द्वारा निभाया गया विजय सालगांवकर का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा है। पहली और दूसरी फिल्म में जिस तरह कहानी ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा, उसी वजह से तीसरे भाग को लेकर उत्सुकता अपने चरम पर है। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू और श्रिया सरन भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। इन कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। ALSO READ: थाई-हाई स्लिट आउटफिट में शिल्पा शेट्टी का कातिलाना अंदाज, बोल्ड अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका गांधी जयंती पर होगा बड़ा मुकाबला ‘दृश्यम 3’ का निर्माण पैनोरमा स्टूडियोज और वायकॉम18 द्वारा किया जा रहा है। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। त्योहारी माहौल और लंबे वीकेंड का फायदा फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मिल सकता है। ऐसे में इंडस्ट्री की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘दृश्यम 3’ अपने पिछले दोनों भागों की सफलता को पीछे छोड़ पाएगी। फिलहाल इतना तय है कि विजय सालगांवकर की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। शूटिंग पूरी होने की खबर ने फैंस के उत्साह को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है और अब सभी को ट्रेलर और फिल्म की पहली झलक का इंतजार है।

वेब दुनिया 2 Jun 2026 4:47 pm

विश्व पर्यावरण दिवस पर लें धरती को हरा-भरा बनाने का सच्चा संकल्प

World Environment Day 2026: हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें याद दिलाता है कि यह धरती हमारा इकलौता घर है और इसकी हरियाली को बचाना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है। साल 2026 में, जब कंक्रीट के जंगल लगातार बढ़ते जा रहे हैं और मौसम का मिजाज बदल रहा है, तब सिर्फ एक दिन का उत्सव मनाना काफी नहीं है। यदि पर्यावरण संतुलित रहेगा तो पृथ्वी पर जीवन सुरक्षित रहेगा। इस बार हमें अपनी सोच और आदतों को बदलने का एक सच्चा 'संकल्प' लेना होगा। ALSO READ: विश्व पर्यावरण दिवस 2026: 'कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय', यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश आइए जानते हैं कि इस पर्यावरण दिवस पर हम अपनी धरती को फिर से सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए क्या संकल्प ले सकते हैं: 1. 'एक पौधा, एक संकल्प' (हर खास मौके पर वृक्षारोपण) हम अक्सर पर्यावरण दिवस पर पौधे तो लगाते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। इस साल यह संकल्प लें: अपने या परिवार के सदस्यों के जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या किसी भी शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। पौधे को सिर्फ लगाएं नहीं, बल्कि अगले 3 वर्षों तक उसकी एक बच्चे की तरह देखभाल करने की जिम्मेदारी भी लें, ताकि वह एक मजबूत पेड़ बन सके। 2. 'शहरी हरियाली' (बालकनी और छतों को बनाएं हरा-भरा) अगर आप शहरों में रहते हैं और आपके पास जमीन की कमी है, तो भी आप धरती को हरा-भरा बनाने में योगदान दे सकते हैं: अपनी बालकनी, खिड़की या छत पर छोटे-छोटे गमले रखें। हवा को शुद्ध करने वाले (Air-Purifying) पौधे जैसे—तुलसी, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एलोवेरा और स्पाइडर प्लांट लगाएं। यह आपके घर के अंदर की हवा को साफ रखेंगे। 3. 'जीरो वेस्ट' और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प हरियाली तभी बढ़ेगी जब हम धरती को कचरे और प्लास्टिक के बोझ से मुक्त करेंगे: कच्चा कचरा, सूखी खाद: अपने रसोईघर के गीले कचरे (सब्जियों और फलों के छिलकों) को फेंकने के बजाय उससे घर पर ही जैविक खाद तैयार करें। इसी खाद को अपने पौधों में डालें। प्लास्टिक को ना: बाजार जाते समय कपड़े का थैला साथ ले जाने का संकल्प लें। प्लास्टिक की थैलियों और सिंगल-यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करें। ALSO READ: World Environment Day Essay: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष निबंध 4. पानी की बचत का संकल्प (जल है तो जीवन है) बिना पानी के किसी भी हरियाली की कल्पना नहीं की जा सकती। गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए यह संकल्प लें: घर में वॉटर प्यूरीफायर (RO) से निकलने वाले बेकार पानी को बाल्टी में इकट्ठा करेंगे और उसका उपयोग पौधों में डालने या पोछा लगाने में करेंगे। बारिश के पानी को बचाने (Rainwater Harvesting) के छोटे-छोटे प्रयास अपने घरों में शुरू करेंगे। 5. अपनी 'कार्बन फुटप्रिंट' को कम करने का संकल्प प्रदूषण को कम करके ही हम पौधों को एक स्वस्थ वातावरण दे सकते हैं: कम दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लें। सार्वजनिक वाहनों (बस या मेट्रो) या कारपूलिंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। संकल्प पत्र: आज ही से शुरुआत करें 'आज इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, मैं यह संकल्प लेता/लेती हूं कि मैं प्रकृति के संसाधनों का सम्मान करूंगा/करूंगी। मैं अपनी ज़रूरतों को सीमित रखूंगा/रखूंगी और अपनी धरती मां को फिर से हरा-भरा और स्वस्थ बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा/करूंगी।' याद रखें, बदलाव की शुरुआत हमेशा एक छोटे से कदम से होती है। आपका लगाया हुआ एक पौधा और आपकी एक सुधरी हुई आदत आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सांस लेने योग्य भविष्य दे सकती है। इस 5 जून को आइए केवल बातें नहीं, बल्कि काम करके दिखाएं! अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पृथ्वी और पर्यावरण पर कविता: काश प्रकृति भी बोल पाती

वेब दुनिया 2 Jun 2026 3:35 pm

भाग्य बदलने वाली रात: परमा एकादशी व्रत की अमर कथा

parama ekadashi vrat katha: यह बात द्वापर युग की है। महाभारत के युद्ध की कगार पर खड़े अर्जुन के मन में कई दुविधाएं थीं। तब उनके सारथी और मार्गदर्शक, भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें एक ऐसी कहानी सुनाई, जो यह सिखाती है कि जब इंसान के पास सब कुछ खत्म हो जाता है, तब भी धर्म और धैर्य उसका साथ नहीं छोड़ते। अभावों के बीच महकता प्रेम और संतोष सदियों पहले, काम्पिल्य नाम के एक खूबसूरत नगर में सुमेधा नाम के एक ब्राह्मण रहते थे। उनकी पत्नी का नाम था पवित्रा—जो अपने नाम की तरह ही पवित्र, शांत और ऊंचे विचारों वाली महिला थीं। दोनों के जीवन में एक बहुत बड़ी परीक्षा थी—घोर दरिद्रता। खाने को ठीक से अनाज नहीं था, पहनने को फटे-पुराने कपड़े थे, लेकिन उनके घर का दरवाज़ा कभी किसी अतिथि के लिए बंद नहीं होता था। खुद भूखे सो जाते, पर मेहमान को भूखा नहीं लौटने देते। एक दिन गरीबी के इस अंतहीन सिलसिले से टूटकर सुमेधा ने अपनी पत्नी से कहा, पवित्रा, अब यह मुफ़लिसी मुझसे देखी नहीं जाती। मैं धन कमाने के लिए परदेस जा रहा हूँ। पवित्रा ने मुस्कुराते हुए अपने पति का हाथ थामा और बड़े शांत भाव से कहा, स्वामी, धन और संतान तो पूर्वजन्मों के कर्मों और दान से मिलते हैं। अगर हमारे भाग्य में इस समय संघर्ष लिखा है, तो जगह बदलने से भाग्य नहीं बदलेगा। आप यहीं रहिए, हम मिलकर इस संकट का सामना करेंगे। ALSO READ: परमा एकादशी 2026: कब है व्रत? जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और जरूरी नियम जब कुटिया में आए महर्षि कौडिन्य वक्त गुज़रा और एक दोपहर उनकी कुटिया में साक्षात महर्षि कौडिन्य पधारे। ब्राह्मण दंपत्ति के पास देने के लिए कोई धन-दौलत नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने तन-मन की श्रद्धा से महर्षि की ऐसी सेवा की कि ऋषि का हृदय पिघल गया। दोनों की आंखों में छिपे दर्द को महर्षि ने भांप लिया। महर्षि कौडिन्य ने प्यार से कहा, हे सुमेधा! तुम्हारी इस कंगाली का अंत अब निकट है। मैं तुम्हें इस दरिद्रता के चक्रव्यूह से निकलने का सबसे सीधा और दिव्य रास्ता बताता हूँ। अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष में एक चमत्कारी तिथि आती है, जिसे 'परमा एकादशी' कहते हैं। तुम दोनों मिलकर पूरी श्रद्धा से इस दिन व्रत रखो और रात में सोओ मत, बल्कि ईश्वर की भक्ति में लीन रहकर जागरण करो। याद रखो, इसी व्रत के पुण्य से कभी राजा हरिश्चंद्र को उनका खोया राजपाठ मिला था और कुबेर देवताओं के धनाधीश बने थे। श्रद्धा का फल और बदला हुआ भाग्य ऋषि की बात मानकर सुमेधा और पवित्रा ने पूरे नियम और अटूट विश्वास के साथ परमा एकादशी का व्रत किया। रात भर दोनों ने प्रभु के नाम के दीप जलाए और कीर्तन किया। कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा कभी खाली हाथ नहीं लौटती। अगले ही दिन सुबह, उनकी कुटिया के बाहर घोड़े की टापों की आवाज़ गूंजी। उन्होंने देखा कि एक दिव्य राजकुमार वहां खड़ा था। राजकुमार ने सुमेधा के त्याग और धार्मिकता से प्रभावित होकर उन्हें उपहार स्वरूप एक भव्य, आलीशान घर और इतनी धन-सम्पदा दी कि उनकी सात पीढ़ियों की गरीबी एक पल में गायब हो गई। सीख: श्री कृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हों, जो इंसान अपने धर्म पर टिका रहता है और ईश्वर पर भरोसा रखता है, समय आने पर उसका भाग्य ज़रूर बदलता है। परमा एकादशी का व्रत सिर्फ धन नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और समृद्धि देता है।

वेब दुनिया 2 Jun 2026 3:24 pm

परमा एकादशी 2026: कब है व्रत? जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और जरूरी नियम

अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाली एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस बार अधिकमास ज्येष्ठ महीने में लगा है, इसलिए इसके कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है। इस बार परमा एकादशी का व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा। आइए जानते हैं साल 2026 की परमा एकादशी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें। 1. परमा एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और पारण समय एकादशी तिथि आरंभ: 11 जून, 2026 को सुबह 12:57 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून, 2026 को रात 10:36 बजे तक उदयातिथि (व्रत का दिन): बृहस्पतिवार, 11 जून 2026 व्रत तोड़ने का (पारण) समय: 12 जून 2026 को सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे के बीच द्वादशी तिथि समाप्त: 12 जून 2026 को शाम 07:36 बजे ALSO READ: भाग्य बदलने वाली रात: परमा एकादशी व्रत की अमर कथा 2. व्रत का विशेष महत्व और लाभ कल्पतरू के समान फल: नि:स्वार्थ भावना से रखा गया यह व्रत कल्पतरू वृक्ष के समान फलदायी है, जिससे हर मनोकामना पूरी होती है। पापों से मुक्ति व मोक्ष: इस व्रत को करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। सुख और ऐश्वर्य: यह एकादशी जीवन में धन, सुख, समृद्धि और पुत्र-पौत्रादि का सुख देने वाली है। दुर्लभ सिद्धियां: पुरुषोत्तम मास की इस एकादशी को करने से साधक को परम दुर्लभ सिद्धियां प्राप्त होती हैं। ALSO READ: परमा एकादशी का व्रत रखने के 10 फायदे 3. सम्पूर्ण पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप) दशमी तिथि (व्रत से एक दिन पहले): दशमी की रात्रि को सात्विक भोजन ग्रहण करें। एकादशी तिथि (व्रत का दिन): संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। पूजन सामग्री: धूप, दीप, पुष्प, मौसमी फल और नैवेद्य (प्रसाद) एकत्रित करें। अभिषेक व मंत्र: भगवान श्री विष्णु जी को पंचामृत से स्नान कराएं। पूजन के समय इस मंत्र का मनपूर्वक उच्चारण करें: एकादश्यां निराहार: स्थित्वाहमपरेअहनि, भोक्ष्यामि पुण्डरीकाक्ष शरणं मे भवाच्युत दिनचर्या: पूरा दिन उपवास रखें (केवल एक समय फलाहार ले सकते हैं) और ज्यादा से ज्यादा समय श्रीहरि की भक्ति में बिताएं। रात्रि जागरण: रात में सोएं नहीं; भजन-कीर्तन, दीपदान, विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करते हुए जागरण करें। द्वादशी तिथि (अगले दिन): दूध से अभिषेक: सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु का केवल दूध से अभिषेक करें और हाथ जोड़कर इस मंत्र का जाप करें: अज्ञानतिमि रान्धस्य व्रतेनानेन केशव, प्रसीद सुमुखो भूत्वा ज्ञानदृष्टिप्रदो भव तर्पण व अर्घ्य: सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और पितृ तर्पण करें। दान-दक्षिणा: ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन करवाएं। उन्हें कपड़े, अनाज और सामर्थ्य अनुसार रुपए-पैसे दान दें। पारण: इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें। ALSO READ: Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? 4. परमा एकादशी व्रत के कड़े नियम (क्या करें, क्या न करें) अन्न का त्याग: एकादशी के दिन भूलकर भी अन्न (चावल, गेहूं आदि) का सेवन न करें। वाणी पर संयम: इस दिन किसी की निंदा या बुराई न करें। किसी का दिल दुखाने वाले कटु (कड़वे) वचन न बोलें। पुण्य कार्य: गाय को चारा-पानी दें, असहाय और गरीब लोगों को भोजन, वस्त्र और अनाज का दान करें। मंदिर में फलों का दान करना भी शुभ होता है। महादान का फल: इस दिन स्वर्ण, विद्या, अन्न, भूमि और गौदान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। 5. विशेष परंपरा: पंचरात्रि उपवास परमा एकादशी पर कुछ श्रद्धालु बेहद कठिन 'पंचरात्रि उपवास' रखते हैं: यह उपवास एकादशी तिथि से शुरू होकर अमावस्या तिथि तक (5 दिनों तक) चलता है। इसमें रात के समय जल का पूर्ण त्याग कर दिया जाता है। उपवास के दौरान केवल भगवान का चरणामृत ही ग्रहण किया जाता है। इस पंचरात्र व्रत का पुण्य लाभ असीमित माना गया है।

वेब दुनिया 2 Jun 2026 2:50 pm

इंदौर ने अपने चैंपियंस को किया सलाम: कार्तिक जोशी और प्रीति खंडेलवाल का भव्य सम्मान

Academy of Indore Marathoners (AIM) द्वारा सोमवार प्रातः राजबाड़ा पर शहर के दो गौरवशाली खिलाड़ियों, अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी एवं मध्यप्रदेश की प्रथम महिला आयरनमैन प्रीति खंडेलवाल का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 रनर्स एवं साइक्लिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर दोनों खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल ने बताया कि इंदौर के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों का सम्मान करना पूरे शहर का दायित्व है, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर माननीय श्री पुष्यमित्र भार्गव ने दोनों खिलाड़ियों का पुष्पहार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी ने कार्तिक जोशी की कारगिल से कन्याकुमारी तक की ऐतिहासिक रनिंग यात्रा की सराहना करते हुए उनके उत्साहवर्धन हेतु 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कार्तिक जैसे खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और उनकी उपलब्धियां पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। वहीं उन्होंने प्रीति खंडेलवाल को महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि उन्होंने आयरनमैन जैसी विश्व की सबसे कठिन खेल प्रतियोगिताओं में से एक को पूर्ण कर यह सिद्ध किया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां प्राप्त कर सकती हैं। उनकी सफलता प्रदेश की हजारों बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी। कार्यक्रम के दौरान एकेडमी के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मांग की कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया जाए, जो योग्य खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति (Scholarship), प्रशिक्षण सहायता एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करे। सम्मान समारोह में कार्तिक जोशी एवं प्रीति खंडेलवाल ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्तिक जोशी ने अपनी लंबी एवं चुनौतीपूर्ण रनिंग यात्रा के अनुभव बताते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। वहीं प्रीति खंडेलवाल ने आयरनमैन प्रतियोगिता की तैयारी, संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। सम्मान समारोह के पश्चात सभी रनर्स एवं साइक्लिस्टों ने दोनों खिलाड़ियों के सम्मान में राजबाड़ा से दशहरा मैदान तक रन एवं साइक्लिंग रैली आयोजित की। सैकड़ों प्रतिभागियों ने कार्तिक जोशी के साथ दौड़ लगाकर उनके प्रति अपना सम्मान एवं समर्थन व्यक्त किया। पूरे मार्ग में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा खेलों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन Academy of Indore Marathoners के श्री विशाल मुदगल ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह ने यह संदेश दिया कि इंदौर अपने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करना जानता है और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर है।

वेब दुनिया 2 Jun 2026 12:42 pm

LIVE: भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई

Latest News Today Live Updates in Hindi : भाजपा से मोहभंग की खबरों के बीच तमिलनाडु भाजपा के दिग्गज नेता अन्नामलाई आज दिल्ली में है। यहां वे पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई दिग्गजों से मुलाकात कर रहे हैं। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 2 Jun 2026 11:29 am

बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपना ध्यान कैसे रखें? WHO ने जारी किए नए स्व-सहायता दिशानिर्देश

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए नई गाइड जारी की है। जानिए डिप्रेशन, चिंता और तनाव से निपटने के स्व-सहायता उपाय

हस्तक्षेप 2 Jun 2026 9:33 am

सिरोही:वार्ड पंचों ने दिया तीन बच्चों के सबूत, प्रशासन पर बिना जांच प्रशासक बनाने के आरोप 

सबगुरु न्यूज- सिरोही। आबूरोड पंचायत समिति की किवरली पंचायत में चुने हुए जनप्रतिनिधियों और लोगों में आक्रोश है। वो इस बात का कि उनकी पंचायत समिति के अनुसूचित जनजाति के प्रशासक को प्रशासन ने कथित मामूली अनियमितता के चलते निलंबित कर दिया है, उनकी जगह उस निवर्तमान जनप्रतिनिधि को प्रशासक नियुक्त कर दिया जिसके खिलाफ […] The post सिरोही:वार्ड पंचों ने दिया तीन बच्चों के सबूत, प्रशासन पर बिना जांच प्रशासक बनाने के आरोप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jun 2026 8:46 am

कैमरा देखकर भागे चोलानाइकन, गुफा में छिपने लगे:मानते हैं कि शक्ति चली जाएगी, गुफाओं में रहने वाली एशिया की आखिरी जनजाति, 250 ही बचे

सुबह का वक्त, हल्की धुंध, घने जंगल में अजीब सी आवाजें आ रही हैं। 5 घंटे तक पैदल चलने के बाद चट्‌टानों पर कुछ लोग नजर आते हैं। नजदीक पहुंचे तो देखा चट्‌टानों में छोटी-बड़ी काली गुफाएं हैं। हमें देखते ही उनमें से कुछ छिप-छिपकर गुफाओं में जाने लगे। थोड़ी देर बाद डरे-सहमे कुछ लोग हमारे करीब आए। मैंने कैमरा निकाला तो वो अजीब हाव-भाव दिखाने लगे। मेरे साथी बोले- ये आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस बीच, उन्हीं में से एक बुजुर्ग आगे आया और कैमरे की ओर इशारा करते हुए अपनी भाषा में बोला- इसे दूर करो, ये हमारी शक्ति खींच लेगा। मैंने तुरंत कैमरा हटा लिया। ये बात मुझे मेरे साथी ने समझाई। अपने साथी के जरिए बुजुर्ग से पूछा– आप लोग गुफाओं में क्यों रहते हैं? बुजुर्ग हमें अपनी गुफा के पास ले गया। एक ओर इशारा करते हुए कहा- यहां हमारे बुजुर्ग सोए हैं। हम उन्हें छोड़कर नहीं जाते। ये हमारी गुफाओं के रक्षक हैं। हम अपने परिवार के लोगों को भी यहीं दफनाते हैं। ये किस्सा है चोलानाइकन जनजाति का, जो 21वीं सदी में भी घने जंगलों के बीच गुफाओं में रहती है। इनसे मिलने पहुंचे थे पर्यावरणविद केए शाहजी। दैनिक भास्कर की सीरीज ‘हम लोग’ में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं इसी चोलानाइकन जनजाति की कहानी। चोलानाइकन जनजाति के करीब 250 लोग ही बचे हैं, जो केरलम के मलप्पुरम जिले के नीलांबूर के जंगलों में बसे हैं। जब मैं इनसे मिलने जंगल पहुंची तो रोक दिया गया। केरलम सरकार ने हाल ही में चोलानाइकन लोगों से जंगल में जाकर मिलने पर सख्त पाबंदी लगा दी है। केए शाहजी वो आखिरी शख्स हैं, जो इनकी गुफाओं तक पहुंचे हैं। शाहजी ने चोलानाइकन की गुफाएं और उनके रहन-सहन को करीब से देखा है। मेरी शाहजी से मुलाकात नीलांबूर जंगलों के मुहाने पर हुई। वहीं उन्होंने ये पूरी कहानी सुनाई। यह जंगल वायनाड के करीब है। मैंने प्रशासन से चोलानाइकन की गुफाओं तक जाने की मंजूरी मांगी, लेकिन अफसर नहीं माने। लगातार प्रयास करने के बाद वन विभाग के अफसरों ने सिर्फ दो चोलानाइकन परिवारों से मिलने की मंजूरी दी। ये दो परिवार जंगल के मुहाने पर रहते हैं। इन्हें सरकार ने कच्चे घर भी बनाकर दिए हैं। बाकी 20-25 परिवार जंगल में ही गुफाओं में रहते हैं। इजाजत मिलते ही मैं अपने साथी राम कुमार और बालकृष्णन के साथ वायनाड से नीलांबूर के जंगलों की ओर निकल पड़ी। रास्ते में बालकृष्णन बताते हैं कि चोलानाइकन बाहरी लोगों से डरते हैं, जल्द बातचीत के लिए तैयार नहीं होते। ये पहाड़ों को देवता मानते हैं। गर्मियों के मौसम में नदियों के किनारे झोपड़ी बनाते हैं। मानसून और ठंड में वापस गुफाओं में लौट जाते हैं। ये जंगल से आमतौर पर बाहर नहीं आते। फिर ये दो परिवार यहां क्यों रहते हैं? कभी-कभी कुछ सामान वगैरह लेने के लिए चोलानाइकन जंगल से बाहर आते हैं। थोड़े दिन इन कच्चे घरों में रहते हैं। प्रशासन इनकी निगरानी करता है, ताकि कोई इन्हें परेशान न करे। बाद में जंगल के बीचोबीच अपनी गुफाओं में लौट जाते हैं। नीलांबूर के आगे करीब 20 किलोमीटर के बाद सड़क खत्म हो जाती है। आगे का सफर यहां से पैदल ही तय करना होगा। हम तीनों पथरीले रास्तों से होते हुए तो जंगल के मुहाने पर पहुंचे। यहां चारों ओर पक्षियों की आवाज आ रही है। अचानक दो कच्चे घर दिखाई देते हैं। तभी बालकृष्णन कहते हैं- चोलानाइकन के दो परिवार वहीं रह रहे हैं। हम उन घरों की ओर बढ़े, तो कुत्ते भौंककर स्वागत करते हैं। घरों के करीब पहुंचते ही एक आदमी दिखता है। बालकृष्णन बताते हैं– ये मुरगन है। इस बीच, मुरगन अपने काम में लगा रहा, हमें देखा तक नहीं। वह जमीन पर बैठे-बैठे कटहल को फोड़कर उसके बीजों को खा रहा है। बालकृष्णन ने उसी की भाषा में पूछा- यह कहां से लाए हो? वह बताता है- जंगल से एक आदमी लेकर आया था। अभी वो और फल लेने जंगल गया है। इस दौरान, जब मैं इस बातचीत का वीडियो बना रही थी, तो मुरगन कुछ कहते-कहते रुक गया। बालकृष्णन के थोड़ा समझाने के बाद मुरगन मान गया। वह बताता है- गर्मी से एक महीने पहले जंगल से कटहल लाते हैं। इसे उबालते हैं। इसके बाद, इसमें शहद और मिर्च डालकर छोटे–छोटे गोले बनाकर खाते हैं। बालकृष्णन बताते हैं- 'इनके पास हर बीमारी का इलाज जंगल में ही है। ये हर तरह की जड़ी–बूटी पहचानते हैं। बालकृष्णन, मुरगन से पूछता है कि तुम्हारे यहां शादी कैसे होती है?' वो बताता है- ‘जब लड़की को लड़का पसंद कर लेता है, तो हमारे मुखिया और गांव के बुजुर्ग एक जगह सभी को बुलाते हैं। वहां वे तुलसी की दो माला बनाकर दोनों को देते हैं। लड़का, लड़की एक दूसरे को माला पहनाते हैं। इसके बाद, दोनों साथ रहने लगते हैं। उन्हें अलग से एक गुफा भी दे दी जाती है। किसी तरह का कोई भोज या लेन-देन नहीं होता।’ इतने में एक महिला आती हैं। दुबली-पतली, घुंघराले बालों वाली। बालकृष्णन ने नाम पूछा, तो बोली- बिंदु। मुझे देखते ही वह गुफा के दूसरी ओर चली जाती है और वहां कुछ सुखाने लगती है। बालकृष्णन पास में जाकर पूछते हैं- यह क्या कर रही हो? वो बताती है- ये काली मिर्च है, इसे सुखा रही हूं। जंगली शहद और काली मिर्च बेचकर थोड़ा बहुत पैसा मिल जाता है। इस दौरान मैं उनके घर में झांकती हूं, तो मुरगन–बिंदु मुझे गौर से देखते हैं। घर की दीवारें गंदी थीं और चारों तरफ धूल ही धूल है। नीचे दाल–चावल बिखरे पड़े हैं। शायद एक–दो दिन पहले उन्हें किसी ने राशन किट दी थी। जंगल से लाई गई सब्जियां हैं और नींबू भी रखे हैं। रसोई में सिर्फ 2–3 एल्युमिनियम के बर्तन दिखाई दिए। न मसाला, न नमक, न तेल। मुरगन, बालकृष्ण को बताता है कि हम जंगलों से कुछ भी तोड़कर सीधे ही खा लेते हैं, पकाते नहीं हैं। आग में मछली भून लेते हैं या चावल उबालकर कांजी बनाते हैं। तभी, मेरे साथी राम कुमार ने मुझे आवाज दी। मैं बाहर निकली, तो उन्होंने मुझे घर के पास से ही एक हल्दी की गांठ निकालकर दी। कहा– 'इसकी खुशबू लेकर देखिए।' मैंने सूंघी तो, वाकई हल्दी की ऐसी खुशबू मैंने पहले कभी महसूस नहीं की थी। राम कुमार ने बताया– दुनिया में आपको इससे ज्यादा शुद्ध हल्दी कहीं नहीं मिलेगी। चोलानाइकन इसे खाते हैं। घाव होने पर शरीर पर लगाते हैं। इसके बाद राम कुमार ने एक पेड़ से पत्ता तोड़कर दिया। कहा- ये तेजपत्ता है। उसकी खुशबू भी लाजवाब थी। मैंने पूछा- जंगल में हर समय फल-फूल नहीं होते, ऐसे में ये क्या खाते हैं? बालकृष्णन बताते हैं– चोलानाइकन जंगल से शहद इकट्ठा करते हैं। बांस के लंबे खोखले डंडों में भरकर इसे हल्की आंच पर गर्म करते हैं। इसके बाद इसे मिट्टी में दबा देते हैं। जब जंगल में खाने के लिए कुछ नहीं मिलता, तब ये लोग इस शहद को बाहर निकालकर उसमें पानी मिलाते हैं और पके चावल से खाते हैं। क्या, इनके नाम भी खास होते हैं? बालकृष्णन बताते हैं– ‘हर चोलानाइकन की गुफा का एक नाम होता है, इसलिए गुफा के नाम से ही परिवार पहचाने जाते हैं। ये लोग भले ही संख्या में कम हैं, लेकिन अपने मुखिया की हर बात मानते हैं।’ ‘कौन सा परिवार किस गुफा में रहेगा, कब जंगल में नई जगह जाना है या शहद का बंटवारा कैसे होगा, ये सब मुखिया ही तय करता है।’ चोलानाइकन छोटे–छोटे कबीलों में जंगलों में अलग-अलग जगह रहते हैं। हर कबीले का एक मुखिया होता है। कबीले आपस में बहुत मेल-जोल नहीं रखते। क्या चोलानाइकन कोई उत्सव भी मनाते हैं? दैवओट्टू, इनका एक पारंपरिक उत्सव है। यह आमतौर पर अप्रैल में होता है। इस उत्सव के लिए हर परिवार शहद एकत्रित करता है। फिर शहद का एक हिस्सा पर्वत और पुरखों को अर्पित करते हैं। क्या आपको पता है, चोलानाइकन तारों को देखकर मौसम का हाल बता देते हैं। मैंने पूछा- कैसे? वो बताते हैं- ये लोग तारों की स्थिति और उनकी चमक के आधार पर मानसून के आने का अनुमान लगा लेते हैं। साथ ही, अपनी गुफा बदल लेते हैं। भारी बारिश से बचने के लिए ये लोग पहाड़ों पर बनी गुफाओं में चले जाते हैं। मौत के बाद मिट्टी से दूरी… लाश को पत्तों–बेलों से ढंकते हैं बालकृष्णन बताते हैं कि चोलनाइकन समुदाय में अंतिम संस्कार अनूठे तरीके से होता है। मौैत के बाद वे एक गहरा गड्ढा खोदते हैं। लाश को बेलों और पत्तों में लपेटकर उसमें रखते हैं। ऊपर से मिट्टी नहीं डालते, बल्कि गड्ढे को सूखी लकड़ियों और पत्तों से ढंक देते हैं। वे इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं कि मिट्टी का एक भी कण शव को न छू पाए। ऐसा क्यों? चोलनाइकन के लिए मिट्टी 'संसार का भार' है। शव को मिट्टी से दूर रखने के पीछे उनकी गहरी आस्था है। उनका मानना है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा बिना किसी सांसारिक बंधन में उलझे, जंगल की हवाओं और पेड़ों की चेतना में विलीन हो जाती है। अब शाम होने वाली है। हम वापस वायनाड की ओर निकल पड़ते हैं। अगले दिन, वायनाड में पर्यावरणविद केए शाहजी के घर पहुंची। शाहजी बताते हैं- बारिश के दिन थे। जब मैं पहली बार चोलानाइकन लोगों की गुफा के पास पहुंचा, तो लगा जैसे किसी दूसरी सदी में आ गया हूं। मैंने चोलानाइकन के बीच रात गुजारी है। रात में हाथियों की चिंघाड़ पूरे जंगल में गूंज रही थी। गुफाओं के पास तक भी कुछ हाथी आ गए थे, लेकिन चोलानाइकन पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। वो रात मैंने करवटें बदल–बदल कर गुजारी। चोलानाइकन की खासियत बताता हूं। वे पक्षियों की चहचहाहट, हवा का रुख और पेड़ों की पत्तियों के हिलने के तरीके से बता सकते हैं कि बारिश कब होगी या जंगल में खतरा कितना करीब है। ‘वे कौन सी भाषा बोलते हैं?’ चोलानाइकन अपनी भाषा को 'चोलानाइक्कन' कहते हैं। इस भाषा में मलयालम के अलावा तमिल और कन्नड़ के भी कुछ शब्द मिलते हैं। शाहजी से मिलकर मैं वायनाड के स्थानीय पत्रकार दीपक कुमार के घर पहुंची। दीपक भी चोलानाइकन और उनकी गुफाओं को करीब से देख चुके हैं। कुछ बताने से पहले वो मुझे चोलानाइकन की तस्वीरें दिखाते हैं। इसके बाद वे कहते हैं- ये लोग अपने पूर्वजों की तरह गुफाओं में ही रहना पसंद करते हैं। सरकार ने जंगल में इनके लिए घर बनाकर दिए हैं, लेकिन वह अधूरे हैं। वे बताते हैं– चोलानाइकन समुदाय की एक महिला को गर्भवती होने पर वायनाड के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन वह रात में ही वहां से चली गई। अफरा–तफरी मच गई। आखिर, वह जंगल में अपने लोगों के बीच मिली। ऐसे और भी किस्से हैं। लेकिन सबसे बड़ा संकट यह है कि यदि इस जनजाति को नहीं संभाला गया तो ये ‘केवमैन’ जंगलों में ही खत्म हो जाएंगे। --------------------------------------- 1- ‘-10C में मौत, लेकिन हम करते हैं नंगे बदन तपस्या’:ध्यान में ही थम जाती हैं हमारी सांसें, मरने के 15 दिन बाद अंतिम संस्कार हिमालय। 3,600 मीटर की ऊंचाई पर यहां पारा -10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है। हवा में ऑक्सीजन इतनी कम है कि हर सांस एक जद्दोजहद है। लेकिन इन बर्फीली हवाओं के बीच, सामने जो कुछ दिख रहा है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यहां नजर आ रही छोटी-छोटी गुफाओं और पत्थरों पर कुछ लोग नंगे बदन आंखें बंद किए बैठे हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- मुर्गी का कलेजा चीरकर कहा, ये चोर नहीं है:ससुराल पहुंचते ही बलि देती है दुल्हन, कटे सिर को मंदिर मानते हैं गालो सुबह के 7 बजे हैं। अरुणाचल प्रदेश की एक पहाड़ी बस्ती में हूं। यहं एक घर पर लोगों की भीड़ जमा है। उन्हीं के बीच एक लड़का परेशान खड़ा है। थोड़ी देर में घर से एक बुजुर्ग बाहर आते हैं। काले कपड़े में, बाघ की खाल का जैकेट पहने। कंधे पर धनुष, पीठ पर तीरों से भरा तरकश लिए और सिर पर टोपी लगाए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 2 Jun 2026 7:21 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (02 जून, 2026)

1. मेष (Aries) Today Rashifal 02 June 2026 : करियर: आज काम में नई चुनौतियां आ सकती हैं। लव: प्यार में भावनाओं को समझना जरूरी है। धन: कारोबारी अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: पेट और पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। उपाय: लाल कपड़े धारण करें। ALSO READ: Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्यस्थल पर सहयोगियों का समर्थन मिलेगा। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: सिरदर्द और तनाव की संभावना। उपाय: रविवार को सूर्य देव की पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज आपकी रचनात्मकता काम आएगी। लव: प्रेम संबंधों में रोमांस बढ़ेगा। धन: अचानक आय के योग हैं। स्वास्थ्य: गले से संबंधित समस्या हो सकती है। उपाय: बुधवार को बुध देव की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: नौकरीपेशा के काम में स्थिरता रहेगी। लव: प्रेमी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें। धन: आज अनावश्यक खरीदारी को टालें। स्वास्थ्य: नींद कम आने की समस्या संभव है। उपाय: सोमवार को चंद्रमा की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 1 to 7 June: साप्ताहिक राशिफल (1 से 7 जून 2026): अपने भाग्य को जानें और तैयार रहें 5. सिंह (Leo) करियर: प्रमोशन और सराहना मिलने के योग हैं। लव: प्यार में रोमांस और उत्साह बना रहेगा। धन: कारोबार से पैसों में वृद्धि की संभावना है। स्वास्थ्य: व्यायाम और संतुलित भोजन करें। उपाय: रविवार को सूर्य को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में दस्तावेज और रिपोर्ट में गलती न करें। लव: साथी की भावनाओं का ध्यान रखें। धन: व्यय बढ़ सकता है। बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: मंगलवार को हनुमान जी का ध्यान करें। 7. तुला (Libra) करियर: आज नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: प्रेम में मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च अधिक होने की संभावना। स्वास्थ्य: थकान और मानसिक तनाव हो सकता है। उपाय: सफेद रंग के वस्त्र आज पहनें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरीपेशा को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्यार में उत्साह और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत। धन प्राप्ति के योग। स्वास्थ्य: ध्यान और योग लाभकारी रहेगा। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नौकरीपेशा की नई योजनाएँ सफल होंगी। लव: साथी के साथ समझदारी बनाए रखें। धन: कारोबारियों को निवेश में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: गुरुवार को बृहस्पति देव की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज का दिन मेहनत का प्रतिफल देगा। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: हल्का व्यायाम और संतुलित भोजन करें। उपाय: काले रंग का उपयोग कम करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: आज आपकी बुद्धिमानी और सोच से फायदा होगा। लव: प्रेम संबंधों में विश्वास और सहयोग बढ़ेगा। धन: कारोबार की आय में वृद्धि के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत संबंधी तनाव कम करें। उपाय: नीले या सफेद वस्त्र पहनें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर पुराने प्रोजेक्ट पूरे होंगे। लव: अकेले लोगों के लिए नए संबंध के योग हैं। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: शरीर और मानसिक स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय: सोमवार को चंद्रमा की पूजा करें। ALSO READ: Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल: नवाबों के शहर से कैसे शुरू हुई बजरंगबली की ये खास परंपरा, पढ़ें गौरव गाथा

वेब दुनिया 2 Jun 2026 7:03 am

राहुल से मीटिंग के बाद सिद्धारमैया ने मांगे 48 घंटे:पहले 4 बातें मनवाईं, फिर इस्तीफा; डीके को CM बनाकर कांग्रेस क्या साध रही

28 मई 2026, 77 साल के सिद्धारमैया ने कर्नाटक के CM पद से इस्तीफा दिया, अब 64 साल के डीके शिवकुमार 3 जून को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। ये फैसला अचानक नहीं लिया गया। 4 मई को दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ सिद्धारमैया की बैठक हुई। इसमें उन्हें नेतृत्व परिवर्तन के लिए कहा गया। सिद्धारमैया ने 48 घंटे का वक्त मांगा और वादा पूरा करते हुए इस्तीफा दे दिया। CM पद छोड़ने के लिए आखिर कैसे माने सिद्धारमैया? कर्नाटक के सीनियर जर्नलिस्ट गौतम शंकर कहते हैं, ‘कांग्रेस सत्ता परिवर्तन को भले सहजता से पेश कर रही, लेकिन सिद्धारमैया का करियर देखने के बाद मैं कह सकता हूं कि इतनी आसानी से पद छोड़ देना, उनके स्वभाव के विपरीत है। उन्होंने 1996 में जेएच पटेल और 2004 में धर्म सिंह को कर्नाटक का CM बनाए जाने को खुली चुनौती दी थी। इसी अड़ियल रुख के कारण 2005 में पूर्व PM देवगौड़ा ने उन्हें JDS से निकाल दिया था।’ इस बार क्या बदला? गौतम जवाब में कहते हैं, ‘अहिंदा गुट के कुछ नेताओं से जानकारी मिली है कि सिद्धारमैया ने 4 प्रमुख मांगें रखीं।’ 1. तीन डिप्टी CM का पद। 2. कैबिनेट में वफादारों के लिए अहम विभाग। 3. MLC बेटे यतींद्र को कैबिनेट में जगह और बड़ी जिम्मेदारी। 4. कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष चुनने में उनकी सलाह जरूरी। इसकी ज्यादा संभावना है कि सतीश जारकीहोली को नया अध्यक्ष बनाया जाए।वे एक शक्तिशाली ST नेता हैं और खुद को अगले अहिंदा नेता के रूप में भी स्थापित कर रहे हैं। गौतम आगे कहते हैं, ‘सीट छोड़ने के बाद सिद्धारमैया सबसे पहले बेटे यतींद्र के साथ दिल्ली गए। 29 मई को उन्होंने बेटे की मुलाकात सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कराई। इससे लगभग तय है कि अबकी यतींद्र को कैबिनेट में शामिल किया जाए।’ कर्नाटक की पॉलिटिक्स पर करीब से नजर रख रहे पॉलिटिकल एनालिस्ट केए शाजी कहते हैं, ‘पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है कि सिद्धारमैया बेटे यतींद्र के लिए डिप्टी CM का पद या फिर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, उद्योग और जल संसाधन विभाग और मेडिकल एजुकेशन जैसे विभाग चाहते हैं।‘ सिद्धारमैया गुट खुश नहीं, लेकिन फैसला माना सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले विधायक अशोक एम.पट्टन बताते हैं, ‘ये पहले से तय था कि हाईकमान से जो भी निर्देश होगा, दोनों नेता (सिद्धारमैया और शिवकुमार) मानेंगे। अब जब डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे, तो सभी उनके साथ हैं।‘ ‘पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले विधायकों ने आलाकमान तक संदेश पहुंचाया है कि अगर हमारे (अहिंदा) इतने बड़े नेता को पद से हटाया जा रहा है, तो भविष्य में भी इस वर्ग के हितों और प्रतिनिधित्व का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।‘ केरल चुनाव की वजह से टाली गई CM बदलने की कवायद कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनकर उभरे। इसे देखते हुए फॉर्मूला निकाला गया कि दोनों ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। नवंबर 2025 में सिद्धारमैया के ढाई साल पूरे हो गए, लेकिन वो तब भी CM बने रहने पर अड़े रहे। कर्नाटक कांग्रेस से जुड़े सोर्स के मुताबिक, तय फॉर्मूले के हिसाब से दिसंबर 2025 से शिवकुमार को CM पद संभालना था, लेकिन राहुल गांधी समेत पार्टी के सभी सीनियर लीडर केरल में चुनावों की तैयारियों में व्यस्त थे, इसलिए तब ये बदलाव नहीं हो सका। नए CM के लिए क्या चैलेंज…वोक्कालिगा को एक रखना डीके के सामने चुनौती कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक, नई सरकार में 4 डिप्टी CM और 6 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। शिवकुमार प्रभावशाली वोक्कालिगा कम्युनिटी से हैं। राज्य में इनकी हिस्सेदारी करीब 15% है। CM बनते शिवकुमार का सबसे बड़ा टारगेट पूरे वोक्कालिगा वोटबैंक को कांग्रेस के पक्ष में करना होगा। ऐसे में BJP की सहयोगी पार्टी JD(S) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के लिए वोक्कालिगा वोटरों का समर्थन हासिल कर पाना मुश्किल हो सकता है। BJP की भी टेंशन बढ़ीBJP के एक सोर्स बताते हैं कि शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद JD(S) के अंदर टूट-फूट की आशंका भी बढ़ जाएगी। सोर्स के मुताबिक, शिवकुमार ये तय करेंगे कि JD(S) के नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक हिस्सा कांग्रेस में आए। JD(S) के लिए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा राज्य की सबसे बड़ी कम्युनिटी लिंगायत को साधना भी चुनौती है। ये BJP के सपोर्टर रहे हैं। पार्टी लीडर और कर्नाटक के पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा की बढ़ती उम्र के चलते पार्टी का इन पर कंट्रोल कम हो रहा है। ऐसे में BJP के नेतृत्व वाली NDA अगले चुनाव में सिर्फ एंटी-इनकंबेंसी के भरोसे नहीं रह सकती। उसे कांग्रेस को चुनौती देने के लिए नई रणनीति और मुद्दे तलाशने होंगे। डीके का कर्नाटक के लिए रोडमैप शिवकुमार की पहचान मनी और पावर के दम पर काम करने वाले लीडर की रही है। अब CM बनकर उन्हें अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित करनी है। सीनियर जर्नलिस्ट गौतम शंकर के मुताबिक, CM बनने के बाद शिवकुमार को सबसे पहले ये तय करना होगा कि राज्य कर्ज में न डूबे और टैक्सपेयर्स पर ज्यादा बोझ न बढ़े। उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई मेगा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए थे, लेकिन सभी फंड की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें बेंगलुरु में 40 किलोमीटर की टनल परियोजना शामिल है, जिसे 40,000 करोड़ से ज्यादा की लागत से शहर को जाम मुक्त करने के लिए बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं, लिहाजा इसपर काम जल्द पूरा करना चाहिए। गौतम कहते हैं, ‘राज्य के सिंचाई मंत्री के रूप में डीके ने कावेरी नदी पर मेकेदातु संतुलन जलाशय और पेयजल परियोजना के लिए केंद्र से मंजूरी लेने में कड़ी मेहनत की है। इसकी लागत करीब 14,000 करोड़ है। वे CM बनते ही ये प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। इसके अलावा परिवहन और लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल की दिशा में सरकार बड़े फैसले ले सकती है।’ ………………….. ये खबर भी पढ़ें… 5 दिन मीटिंग, प्रियंका एक्टिव, तब सतीशन बने केरलम CM 10 दिन की माथापच्ची के बाद आखिर कांग्रेस ने केरलम का CM तय कर लिया। राज्य में पार्टी के सबसे बड़े लीडर वीडी सतीशन नए CM होंगे। राहुल के भरोसेमंद केसी वेणुगोपाल और सबसे अनुभवी रमेश चेन्नीथला भी दावेदार थे। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 2 Jun 2026 4:58 am

आज का एक्सप्लेनर:क्या नेपाल ने वाकई भारत के इलाकों पर कब्जा किया; पीएम बालेन शाह का दावा उनका ही नुकसान कैसे करेगा

पीएम बालेन शाह ने रविवार को दावा किया- नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन पर कब्जा किया है। मामले ने तूल पकड़ा, तो नेपाल के विदेश मंत्रालय को सफाई देनी पड़ी। क्या वाकई नेपाल ने भारत की जमीन कब्जा की है और बालेन का दावा उनका ही नुकसान कैसे कर सकता है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बालेन शाह ने क्या दावे किए, जिसपर हंगामा मच गया? जवाबः नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद मार्च 2026 में चुनाव हुए। पुरानी पार्टियां और नेता बुरी तरह हार गए। बालेन शाह की अगुवाई में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिला। 35 साल के बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। पीएम बनने के 65 दिन बाद 31 मई को बालेन संसद में पहला भाषण देने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ सांसदों ने उनसे भारत-नेपाल सीमा विवाद पर सवाल पूछा। जवाब में बालेन ने 2 बड़ी बातें कहीं… इन बयानों के बाद नेपाल की संसद में हंगामा मचा। विपक्षी दलों ने उनसे सबूत मांगे। बयान को संसद की कार्रवाई से हटाने की मांग की गई। प्रधानमंत्री को माफी मांगने के लिए कहा जाने लगा। नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री कमल थापा ने X पर लिखा ‘उन्हें जनता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह कौन-सी जगह है और उसके क्या सबूत हैं। उन्हें तुरंत उस गलती को सुधारना चाहिए और सम्मानपूर्वक वह जमीन भारत को वापस कर देनी चाहिए।’ विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के नेता वासना थापा ने कहा, ‘हमें जल्द सूचित किया जाना चाहिए था कि किस भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। यह एक गंभीर और आपत्तिजनक मुद्दा है। इस बयान को संसद के रिकॉर्ड से भी हटाना चाहिए।’ हालांकि नेपाल में पत्रकारों और राजनयिकों के एक धड़े ने पीएम बालेन की साफगोई और सीमा विवाद को इतनी मजबूती से उठाने की तारीफ भी की है। सवाल-2: क्या वाकई नेपाल ने भारत की जमीन पर कब्जा कर रखा है? जवाबः नेपाल के विदेश मंत्रालय ने पीएम के बयान पर खुद स्पष्टीकरण जारी किया। लिखा- ‘प्रधानमंत्री भारत के इलाकों पर कब्जे की नहीं, 'क्रॉस-बॉर्डर ऑक्यूपेशन' की बात कर रहे थे।’ क्रॉस-बॉर्डर ऑक्यूपेशन यानी एक देश की जमीन को दूसरे देश के नागरिक खेती-बाड़ी, रहने के लिए और दूसरे कामों में इस्तेमाल करते हैं। दरअसल, भारत और नेपाल के बीच करीब 1,751 किमी लंबी सीमा है। इसमें पहाड़ी इलाके, नदियां और समतल जमीन है। ज्यादातर ओपेन बॉर्डर है, यानी दोनों देशों के बीच में कोई फेंसिंग नहीं है। जिन इलाकों में जमीन समतल है, वहां दोनों तरफ कुछ जमीन ‘नो-मेंस लैंड’ रखी जाती है। बॉर्डर पिलर के दोनों तरफ 10-10 गज की पट्टी होती है, इसलिए इसे दसगजा भी कहते हैं। इस जमीन पर दोनों देशों के नागरिकों को स्थायी निर्माण, मकान, दुकान या खेती करने की अनुमति नहीं होती। बिहार के सीमावर्ती इलाकों से भास्कर रिपोर्टर बताते हैं कि सीमा के कई इलाकों में 500 मीटर तक कोई पिलर नहीं है। यहां लोग अपना कब्जा बढ़ा लेते हैं। दोनों तरफ के किसान अपनी जमीन के साथ नो-मेंस लैंड की जमीन पर भी खेत जोतकर बुआई कर लेते हैं। कई जगहों पर लोगों ने टीन शेड लगाकर भैंसें और बकरियां भी बांधी हुई हैं। भारत की सशस्त्र सीमा बल और नेपाल सशस्त्र पुलिस मिलकर इस क्षेत्र में कब्जे हटाने के अभियान चलाते रहते हैं। इसके अलावा भी पिछले सालों में क्रॉस बॉर्डर अतिक्रमण की कुछ रिपोर्ट मिलती हैं… सवाल-3: बालेन शाह का दावा उनका ही नुकसान कैसे करेगा? जवाबः उनके दावे से 3 मुश्किलें पैदा होंगी… 1. नेपाल की कूटनीतिक स्थिति कमजोर होगी 2. ब्रिटेन शामिल हुआ, तो मामला और उलझ जाएगा 3. बालेन शाह की विश्वसनीयता पर सवाल उठे सवाल-4: भारत के लिए इस बयान के मायने क्या हैं? जवाबः ​​बालेन शाह के ताजा बयान पर फिलहाल भारत ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि पिछले दिनों सीमा विवाद के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नेपाल के ये क्षेत्रीय दावे न तो सही हैं और न ही किसी ऐतिहासिक तथ्य या सबूत पर आधारित हैं। पीएम बनने के बाद पिछले 65 दिनों में बालेन शाह ने कई ऐसे काम किए, जिससे भारत के डिप्लोमैटिक गलियारों में हलचल है… भारतीय राजदूत को विशेष दर्जा नहीं दिया: परंपरा के मुताबिक, नेपाल में नए पीएम भारतीय राजदूत से अलग से शिष्टाचार मुलाकात करते हैं। बालेन शाह ने भारतीय राजदूत से अलग से मिलने के बजाय सभी देशों के राजदूतों से सामूहिक मुलाकात की। इससे यह संदेश गया कि उनकी सरकार भारत को कोई विशेष तरजीह नहीं देना चाहती। मानसरोवर यात्रा पर आपत्ति जताई: 4 जुलाई से मानसरोवर यात्रा शुरू होनी है। इसके लिए श्रद्धालु भारत से लिपुलेख पास होते हुए चीन के तिब्बत जाते हैं। नेपाली विदेश मंत्रालय ने इस पर आपत्ति जताई है और कहा है कि लिपुलेख उनका इलाका है। उन्होंने भारत और चीन को भी चिट्ठी लिखकर अपना स्टैंड साफ किया है। भारतीय विदेश सचिव से नहीं मिले: मई 2026 में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री नेपाल जाकर बालेन शाह को भारत आने का आधिकारिक न्योता देने वाले थे। लेकिन, बालेन ने उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया और दौरा रद्द हो गया। पीएम बनने के बाद भारत नहीं आए: ये परंपरा रही है कि पद संभलाने के बाद नेपाली प्रधानमंत्री भारत का दौरा करते हैं। लेकिन बालेन ने कार्यभार संभालते ही यह घोषणा कर दी कि वे कार्यकाल के पहले साल किसी भी देश के आधिकारिक दौरे पर नहीं जाएंगे। राजन कुमार के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने पीएम बालेन शाह के बयान पर सफाई दे दी है। इसलिए भारत अभी इस पर कड़ा रुख नहीं अपनाएगा। भारत-नेपाल का सीमा विवाद उतना जटिल भी नहीं है, क्योंकि दोनों देशों के बीच खुली सीमा है। इस बीच बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने 5 दिन के भारत दौरे पर आए हैं। वे बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे। इस दौरान हुई बातचीत से नेपाल की नई सरकार का रुख और साफ हो सकता है। सवाल-5: भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद क्या है? जवाबः भारत के पांच राज्यों से नेपाल की सीमा लगती है- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम। इनमें उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा की लंबाई 173 किलोमीटर है। उत्तराखंड की सीमा चीन से भी लगती है। इसी सीमा से जुड़े तीन इलाके- लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी विवाद की वजह हैं। नेपाल इन्हें अपना हिस्सा बताता है, जबकि भारत इस दावे को खारिज करता आया है। ये पूरा इलाका लगभग 338 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यानी रायपुर शहर जितना बड़ा। भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद करीब 210 साल पुराना है… उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मौजूद कालापानी भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद जरूरी है। मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्री इसी इलाके के लिपुलेख दर्रे से होकर गुजरते हैं। यहां से चीनी सेना पर नजर रखना आसान है। इसीलिए चीन इसे लेकर नेपाल को उकसाता रहता है। 1962 के युद्ध के बाद लिपुलेख दर्रा बंद भी हुआ। हालांकि 2015 में हुए भारत-चीन समझौते के बाद इसे दोबारा खोला गया। मई 2020 में भारत ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को आसान बनाने के लिए पिथौरागढ़ से लेकर लिपुलेख दर्रे तक 80 किमी की सड़क बनाई, जिस पर नेपाल ने नाराजगी जताई थी। 15 मई 2020 को तत्कालीन थल सेना अध्यक्ष एम.एम नरवणे ने कहा था कि नेपाल ऐसा किसी और के बहकावे में कर रहा है। नरवणे का इशारा चीन की ओर था। इसके बाद जून 2020 में नेपाल की संसद ने एक नया नक्शा मंजूर किया था, जिसमें इन इलाकों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नेपाल का दावा ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित नहीं है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। ---------- पुरी खबर पढ़िए… 15 दिन में सैलरी, अफसरों के बच्चे सरकारी स्कूल में: पीएम बालेन शाह के 30 दिनों की कहानी; नेपाल को बदलेंगे या तानाशाह बनेंगे 27 मार्च 2026 को 35 साल के बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पीएम बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार करवा दिया गया। सरकारी दफ्तरों से नेताओं की तस्वीरें उतरवा दी गईं। छात्र राजनीति पर रोक लगा दी गई। अब अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ना होगा, जबकि कर्मचारियों को हर 15 दिन में सैलरी मिलेगी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 2 Jun 2026 4:56 am

बोरदेही रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सीट विवाद के बाद युवक की पीट-पीटकर हत्या

बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के बोरदेही रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जीआरपी ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक की पहचान छिंदवाड़ा निवासी अली खान […] The post बोरदेही रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सीट विवाद के बाद युवक की पीट-पीटकर हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 10:45 pm

अलवर में तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े टेंपो से टकराई, तीन घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर के बगड़ तिराहे थाना क्षेत्र में सोमवार को तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े टेंपो से टकरा गई इससे टैम्पो में सवार तीन लोग घायल हाे गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुभाष जोशी अलवर सब्जी मंडी से सब्जी भरकर टेंपो से अपने गांव बाम्बोली जा रहा था। रास्ते में बगड़ तिराहे […] The post अलवर में तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े टेंपो से टकराई, तीन घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 10:39 pm

कांग्रेस की रीति-नीति के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता जाएंगे जनता के बीच : राहुल गांधी

अजमेर। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी संगठन को सर्वोपरि बताते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि दल की रीति-नीति आम जनता के बीच प्रसारित कर कांग्रेस को और मजबूत करने के जिए जी-जान से जुट जाएं। गांधी सोमवार को कांग्रेस की ओर से अजमेर के […] The post कांग्रेस की रीति-नीति के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता जाएंगे जनता के बीच : राहुल गांधी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 10:35 pm

ऑस्ट्रेलिया की फुटबॉल टीम फीफा विश्वकप में लगातार छठी बार लेंगी हिस्सा

ऑस्ट्रेलिया की फुटबॉल टीम 11 जून से शुरु होने वाले फीफा विश्वकप 2026 में लगातार छठी बार हिस्सा लेगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम क्वालिफाइंग ग्रुप में जापान के बाद दूसरे स्थान पर रही थी। पिछली बार, कतर 2022 में,ऑस्ट्रेलिया की फुटबॉल टीम, जिसे सॉकरूज के नाम से भी जाना जाता है ने राउंड ऑफ 16 में पहुंचकर विश्वकप में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन दोहराया था। वहा, ऑस्ट्रेलिया को बाद में चैंपियन बनी टीम अर्जेंटीना के हाथों 2-1 से करीबी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका में होने वाले टूर्नामेंट में वे और भी बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगे। टोनी पोपोविक की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल टीम ग्रुप डी में तुकिर्ये के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद उनका मुकाबला सह-मेजबान अमेरिका और फिर वे पैराग्वे के साथ होगा। फुटबॉल ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को 2026 फीफा विश्व कप के लिए अपनी टीम का की घोषणा कर दी है इस टीम में 17 ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो पहली बार विश्व कप खेल सकते हैं और दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। चयनकर्ताओं ने टीम में इटली में रहने वाले अटैकिंग प्लेमेकर क्रिस्टियन वोल्पाटो को भी शामिल किया गया है। वोल्पाटो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इटली के बजाय ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने का फैसला किया है और वह वर्ल्ड कप में अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए तैयार हैं। 22 साल के वोल्पाटो का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था, लेकिन उन्होंने यूथ इंटरनेशनल स्तर पर इटली की तरफ से खेला था। टीम में उनके साथ ऐसे स्ट्राइकर टेटे येंगी भी शामिल हैं, जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है और जो जापान में क्लब फुटबॉल खेलते हैं। विश्व कप में टीम की कप्तानी गोलकीपर मैट रयान और विंगर मैथ्यू लेकी करेंगे। ये दोनों सॉकरूस के तीसरे और चौथे ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जो चार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। हेड कोच टोनी पोपोविक ने एक बयान में कहा, “इस फाइनल वर्ल्ड कप टीम को चुनने में कई बातों का ध्यान रखा गया है। कुछ मुश्किल फैसले भी लेने पड़े – बड़े टूर्नामेंट्स में ऐसा ही होता है।”

वेब दुनिया 1 Jun 2026 7:10 pm

आईपीएल फाइनल देखते समय लोहे की रेलिंग गिरने से एक प्रवासी मजदूर की मौत, 48 घायल

चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के नंदंबक्कम में निर्माण स्थल पर आईपीएल फाइनल देखते समय सीढ़ियों की लोहे की रेलिंग गिरने से एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई और 48 अन्य घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब सैकड़ों मजदूर अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटन्स के बीच आईपीएल का फाइनल […] The post आईपीएल फाइनल देखते समय लोहे की रेलिंग गिरने से एक प्रवासी मजदूर की मौत, 48 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 5:35 pm

कोटपूतली में अवैध खनन के विरोध में धरना दे रहे ग्रामीणों पर गोलीबारी, 5 घायल

अलवर। राजस्थान में कोटपूतली बहरोड़ जिले के अजीतपुरा-कुजेटा गांव में अवैध खनन के विरोध में चल रहे धरने के दौरान सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों पर कथित तौर पर खनन माफियाओं ने गोलीबारी कर दी, जिससे करीब छह लोग घायल हो गए। घटना में पांच ग्रामीणों को गोली […] The post कोटपूतली में अवैध खनन के विरोध में धरना दे रहे ग्रामीणों पर गोलीबारी, 5 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 5:30 pm

Driving License New Rules: आज से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का नियम बदला, RTO जाए बिना ऐसे मिलेगा DL

अगर आप नया ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब कई मामलों में लोगों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नए नियमों के तहत सरकार से मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी ड्राइविंग टेस्ट आयोजित कर सकेंगे। इन संस्थानों में प्रशिक्षण लेने और टेस्ट पास करने वाले आवेदकों को प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सकेगा। ALSO READ: सूर्या हत्याकांड पर CM योगी की चेतावनी, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार नहीं, नालायक औलादों को समझाना जरूरी, सामने खरदूषण तो शस्त्र उठाना होगा क्या है नया नियम? सरकार द्वारा अधिकृत निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर ड्राइविंग टेस्ट ले सकेंगे। टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवारों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस सर्टिफिकेट को ऑनलाइन अपलोड कर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। कई मामलों में आरटीओ में अलग से ड्राइविंग टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं होगी। ALSO READ: Kalita Majhi : कौन हैं कलिता माझी, कभी 4,000 रुपए प्रतिमाह में घरों में करती थीं काम, अब बंगाल में बनीं मंत्री, पढ़िए संघर्ष, मेहनत और राजनीतिक समर्पण की पूरी कहानी लाइसेंस के लिए कैसे करें आवेदन? सारथी परिवहन पोर्टल पर जाएं। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण लें। टेस्ट पास करने के बाद प्राप्त सर्टिफिकेट अपलोड करें। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। ALSO READ: Flex Fuel Vehicle : पेट्रोल की टेंशन खत्म, 3 जून को Hero की एथेनॉल बाइक और 4 जून को Maruti की E100 कार लॉन्च, जानिए क्या होंगी खूबियां आम लोगों को क्या होगा फायदा? आरटीओ में भीड़ और लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी। प्रशिक्षित ड्राइवरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे सड़क सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिलेगी। किन बातों का रखें ध्यान? केवल सरकार द्वारा अधिकृत और मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों का ही चयन करें। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के परिवहन विभाग की वेबसाइट या सारथी पोर्टल पर नवीनतम दिशा-निर्देश जरूर जांच लें। Edited by : Sudhir Sharma

वेब दुनिया 1 Jun 2026 5:29 pm

वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर 42 रुपए महंगा

नई दिल्ली। देशभर में वाणिज्यिक रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी की गई। इससे होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और एलपीजी पर निर्भर अन्य व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ने की आशंका है। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपए बढ़ाकर 3,113.50 रुपए कर […] The post वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर 42 रुपए महंगा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 5:25 pm

हरिद्वार : तीन तलाक बोलने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पति के खिलाफ मुकदमा

हरिद्वार। उत्तराखंड में हरिद्वार के सिडकुल थाना पुलिस ने सोमवार को एक मुस्लिम महिला की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ तीन तलाक बोलने, गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला कस्साबान निवासी एक महिला ने […] The post हरिद्वार : तीन तलाक बोलने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पति के खिलाफ मुकदमा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 5:20 pm

5th Bada Mangal 2026: 5वां बड़ा मंगल 2026: 12 राशियों के लिए धन-समृद्धि और संकट से मुक्ति के चमत्कारी उपाय

Bada Mangal Remedies on 2nd June 2026: साल 2026 में 2 जून, दिन मंगलवार को ज्येष्ठ माह का पांचवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का पांचवां बड़ा मंगल है, जो भगवान विष्णु और हनुमान जी की संयुक्त उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार यह अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर पड़ रहा है। साथ ही हिंदू ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनका प्रभाव हमारे जीवन पर गहरा असर डालता है। मंगल ग्रह को क्रोध, ऊर्जा, साहस और साहसिक निर्णयों का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में आने वाला यह 5वां बड़ा मंगल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस समयावधि में आप हनुमानजी की उपासना करके जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं... ALSO READ: Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल: नवाबों के शहर से कैसे शुरू हुई बजरंगबली की ये खास परंपरा, पढ़ें गौरव गाथा आइए इस लेख में हम 12 राशियों के लिए विशेष उपाय के बारे में जानेंगे... पांचवां बड़ा मंगल (2 जून 2026): 12 राशियों के उपाय मेष राशि हनुमान जी को लाल सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। वृषभ राशि बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं और जरूरतमंदों को मीठा दान करें। मिथुन राशि हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। इससे मानसिक तनाव कम होने की मान्यता है। कर्क राशि हनुमान मंदिर में नारियल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। सिंह राशि लाल वस्त्र और गुड़ का दान करें। रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां कन्या राशि बंदरों को केले और चने खिलाएं। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने की मान्यता है। तुला राशि सुंदरकांड का पाठ करें और गरीबों को भोजन कराएं। वृश्चिक राशि हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें और बजरंग बाण का पाठ करें। धनु राशि मंदिर में लाल ध्वजा चढ़ाएं और जरूरतमंदों को वस्त्र दान करें। मकर राशि पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें। कुंभ राशि काले तिल और सरसों के तेल का दान करें। इससे शनि दोष कम होने की मान्यता है। मीन राशि राम नाम का जाप करें और तुलसी में जल अर्पित करें। घर में सुख-शांति बनी रहती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल के दिनों में करें ये 10 विशेष कार्य, मिलेगा रामदूत हनुमान जी का आशीर्वाद

वेब दुनिया 1 Jun 2026 5:07 pm

IPL 2026 का चैंम्पियन बनने के बाद अनुष्का ने लुटाया विराट कोहली पर प्यार, ट्रॉफी थाम पति को किया किस

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का खिताबी मुकाबला इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी पर कब्जा किया है। विराट कोहली इस खिताबी जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। कोहली ने महज 25 गेंदों में आईपीएल फाइनल इतिहास की अपनी सबसे तेज फिफ्टी ठोक दी। उन्होंने 42 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 75 रनों की नाबाद पारी खेली। इस पूरे मुकाबले के दौरान विराट कोहली की पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा स्टैंड्स में मौजूद थीं। मैच के दौरान वह हर एक गेंद पर काफी नर्वस और दुआएं मांगती नजर आईं, लेकिन जैसे ही विराट ने विजयी छक्का लगाया, अनुष्का खुशी से झूम उठीं। उनके जश्न मनाने के कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। A post shared by AnushkaSharma1588 (@anushkasharma) अनुष्का शर्मा ने इंस्टाग्राम पर विराट कोहली के साथ एक बेहद खूबसूरत और दिल छू लेने वाली तस्वीर भी साझा की। इस तस्वीर में अनुष्का, विराट के माथे पर 'फोरहेड किस' करती नजर आ रही हैं, जबकि विराट के हाथों में आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी है और अनुष्का ने उनका हाथ थाम रखा है। अनुष्का ने इस पोस्ट के कैप्शन में किसी शब्द का इस्तेमाल न करते हुए सिर्फ एक पीस साइन, रेड हार्ट और हाथ जोड़ने वाले इमोजी पोस्ट किए, जो यह साफ बयां करता है कि उनके लिए यह पल शब्दों से परे है। ALSO READ: व्हाइट सूट और नीले दुपट्टे में पश्मीना रोशन का सादगी भरा अंदाज, जीता फैंस का दिल अनुष्का शर्मा की इस पोस्ट पर लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। महज कुछ ही मिनटों में इस पोस्ट को मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल गए। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, 'हर अच्छे और बुरे वक्त में, वह हमेशा विराट के साथ खड़ी रहीं।' एक अन्य ने लिखा, 'अनुष्का तो असली ट्रॉफी (विराट) को चूम रही हैं।' इसके अलावा अनुष्का ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर विराट कोहली की एक और फोटो शेयर की है, जिसमें कोहली एक खास टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। इस टी-शर्ट पर लिखा है— One time felt nice, we did it twice (एक बार अच्छा लगा, हमने इसे दोबारा कर दिखाया), जो RCB की लगातार दूसरी खिताबी जीत की ओर इशारा करता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की लव स्टोरी एक एड शूट के दौरान शुरू हुई थी, जिसके बाद दिसंबर 2017 में दोनों ने इटली में एक बेहद निजी समारोह में शादी रचाई थी। साल 2021 में इस कपल के घर बेटी वामिका और साल 2024 में बेटे अकाय का जन्म हुआ। अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखने के लिए मशहूर यह कपल अब ज्यादातर यूके में रहता है और वहीं अपने बच्चों की परवरिश कर रहा है। अनुष्का शर्मा साल 2018 में आई फिल्म 'जीरो' के बाद से बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन वह हर बड़े मौके पर विराट की सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी नजर आती हैं।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 5:05 pm

बल्ला है गेंद पर भारी, सचिन ने IPL में संतुलित खेल के लिए दिए यह सुझाव

इंडियन प्रीमियर लीग में जान फूंकने के लिए दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सचिन तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग IPL में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाने के लिए विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म करने की वकालत की और साथ ही कुछ अन्य बदलाव करने के लिए भी सुझाव दिए। आईपीएल में इंपैक्ट प्लेयर का नियम 2023 में लागू किया गया था। इसके तहत टीम अंतिम एकादश में शामिल किसी खिलाड़ी को पहले से घोषित किए गए पांच संभावित खिलाड़ियों में से किसी एक से बदल सकती हैं। तेंदुलकर ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘मेरी निजी राय है कि कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे मुझे लगता है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम खत्म कर देना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 प्रारूप में आपको केवल 20 ओवर खेलने होते हैं। फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वहां मुझे असंतुलन नजर आता है।’’ IPL में पिछले कुछ सत्र में खेल का पलड़ा काफी हद तक बल्लेबाजों की पक्ष में झुक गया है और तेंदुलकर का मानना ​​है कि इस नियम ने बल्ले और गेंद के बीच पहले से ही मौजूद असमानता को और भी बिगाड़ दिया है।इस नियम की आलोचना कई प्रमुख खिलाड़ियों ने भी की है, जिनमें भारतीय कप्तान शुभमन गिल और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा भी शामिल हैं। उनका तर्क है कि यह नियम खेल से कौशल को खत्म कर देता है और ऑलराउंडर के महत्व को कम करता है। तेंदुलकर ने मौजूदा बल्लेबाजी पावरप्ले के साथ-साथ गेंदबाजी पावरप्ले को भी शुरू करने की वकालत की।उन्होंने कहा, ‘‘पहले छह ओवर में पावरप्ले लागू रहता है जिसमें केवल दो फील्डर ही 30 गज के दायरे से बाहर रहते हैं। मेरा मानना है कि पहले चार ओवर बल्लेबाजों के पावरप्ले हों और उनमें भी यही फील्डिंग प्रतिबंध लागू हों।’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इसके बाद पावरप्ले के शेष दो ओवर फील्डिंग कप्तान अपनी इच्छानुसार ले सकते हैं। इन लगातार दो ओवरों में खेल के किसी भी चरण में रिंग के बाहर एक अतिरिक्त फील्डर तैनात किया जा सकता है।’’ एक गेंदबाज करे 5 ओवर इस महान बल्लेबाज ने प्रत्येक टीम में एक गेंदबाज के गेंदबाजी कोटा को चार ओवर से बढ़ाकर पांच करने का भी प्रस्ताव रखा।उन्होंने कहा, ‘‘एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि आमतौर पर टीम का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज ही पांचवां ओवर फेंकेगा।’’तेंदुलकर ने सवालिया अंदाज में कहा, ‘‘क्या आप नहीं चाहेंगे कि सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और अधिक गेंदबाजी करे। शीर्ष बल्लेबाज कभी-कभी 20 ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं। तो फिर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को पांच ओवर गेंदबाजी क्यों नहीं करनी चाहिए।’’

वेब दुनिया 1 Jun 2026 4:52 pm

IPL 2026 : वैभव सूर्यवंशी ने जीते ऑरेंज कैप, एमवीपी और इमर्जिंग प्लेयर पुरस्कार

अहमदाबाद। राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के एमवीपी और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही वह एक ही सीजन में यह दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा 16 मुक़ाबलों में 776 रन बनाने के साथ ही […] The post IPL 2026 : वैभव सूर्यवंशी ने जीते ऑरेंज कैप, एमवीपी और इमर्जिंग प्लेयर पुरस्कार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 4:44 pm

मनोज बाजपेयी की फिल्म 'गवर्नर' का है एस. वेंकिटरमणन से गहरा कनेक्शन, जानिए देश के 18वें RBI गवर्नर कीऐतिहासिक कहानी

​साल की सबसे मच-अवेटेड फिल्मों में से एक 'गवर्नर' में मनोज बाजपेयी और अदा शर्मा लीड रोल में नजर आने वाले हैं, और इस फिल्म ने अभी से दर्शकों के बीच एक जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। यह फिल्म भारत के इकोनॉमिक इतिहास के एक बेहद जरूरी लेकिन अनसुने चैप्टर को पर्दे पर दिखाने जा रही है। फिल्म में 1990 के दशक के उस बड़े और उथल-पुथल भरे फाइनेंशियल क्राइसिस (आर्थिक संकट) को बहुत ही ग्रिपिंग और एंगेजिंग तरीके से बड़े पर्दे पर लाया गया है। ट्रेलर में मनोज बाजपेयी की कमाल की परफॉर्मेंस ने तो सबका दिल जीत ही लिया है, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि उनका यह रोल असल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पूर्व गवर्नर एस. वेंकिटरमणन से इंस्पायर्ड है। ALSO READ: थाई-हाई स्लिट आउटफिट में शिल्पा शेट्टी का कातिलाना अंदाज, बोल्ड अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका ​भारतीय सिविल सर्वेंट और जाने-माने इकोनॉमिस्ट एस. वेंकिटरमणन ने दिसंबर 1990 से दिसंबर 1992 के बीच RBI के 18वें गवर्नर के रूप में देश की कमान संभाली थी। उन्होंने उस बेहद नाजुक दौर में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी, जब भारत अभूतपूर्व आर्थिक दबावों और बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा था। ​एस. वेंकिटरमणन की विरासत भारत के 1991 के आर्थिक संकट से गहराई से जुड़ी हुई है। जब देश एक गंभीर 'बैलेंस ऑफ पेमेंट्स क्राइसिस' (भुगतान संतुलन संकट) से जूझ रहा था और देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व) लगभग खत्म होने की कगार पर था, तब उन्होंने भारत के आर्थिक इतिहास के इस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से देश को बाहर निकालने में एक ऐतिहासिक रोल निभाया था। दशकों की प्रशासनिक सेवा और मजबूत एकेडमिक बैकग्राउंड वाले इस सीनियर आईएएस अधिकारी ने इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालने से पहले राज्य और केंद्र सरकारों में कई अहम पदों पर काम किया था। उस दौर में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व) इस कदर गिर चुका था कि देश के पास सिर्फ कुछ हफ्तों के इम्पोर्ट (आयात) के लिए ही पैसे बचे थे। इस अभूतपूर्व इमरजेंसी का सामना करते हुए, एस. वेंकिटरमणन ने एक बेहद विवादास्पद लेकिन बेहद जरूरी कदम उठाने का फैसला किया, उन्होंने इमरजेंसी विदेशी लोन लेने के लिए भारत के सोने के भंडार को गिरवी रखने की मंजूरी दे दी। उनके नेतृत्व में, लगभग 405 मिलियन डॉलर जुटाने के लिए सोने को विदेशों में भेजा गया और इंटरनेशनल बैंकों के पास गिरवी रखा गया। इस साहसिक फैसले ने भारत को डिफॉल्टर होने से बचा लिया और नीति निर्माताओं को बड़े आर्थिक सुधार (इकोनॉमिक रिफॉर्म्स) लागू करने के लिए जरूरी समय दे दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आज इस फैसले को मॉडर्न इंडियन इकोनॉमिक हिस्ट्री का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जाता है। इस महान सिविल सर्वेंट का 18 नवंबर, 2023 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। ​एस. वेंकिटरमणन से इंस्पायर्ड किरदार निभाने जा रहे मनोज बाजपेयी ने उन्हें एक ऐसा विजनरी बताया, जिसने उस समय इतना बड़ा रिस्क लिया जब देश का भविष्य पूरी तरह अनिश्चित था। एक्टर के मुताबिक, पूर्व RBI गवर्नर को इस रोल के लिए कोई आम पसंद नहीं माना जा रहा था, बल्कि उन्हें एक नेशनल इमरजेंसी के दौरान इस जिम्मेदारी के लिए लाया गया था। ​मनोज बाजपेयी ने कहा, वेंकिटरमणन की लीक से हटकर सोचने की क्षमता और मुश्किल फैसले लेने की हिम्मत ने ही भारत को दिवालिया होने से बचाया था। इस फिल्म का मकसद एक ऐसे इंसान की कहानी को सामने लाना है, जिसका भारत को आर्थिक रूप से जिंदा रखने में इतना बड़ा योगदान होने के बावजूद, आम जनता उनके बारे में ज्यादा नहीं जानती। सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म 'गवर्नर' 1990 के दशक के उस आर्थिक संकट (इकोनॉमिक कोलैप्स) की गहराई में ले जाती है, जिसने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया था। सस्पेंस, पावर और पॉलिटिकल ड्रामे से भरपूर इस फिल्म का ट्रेलर दर्शकों को उस दौर के क्राइसिस और देश के सर्वाइवल की एक बेहद रोमांचक झलक दिखाता है। नेशनल अवार्ड-विनिंग एक्टर मनोज बाजपेयी फिल्म में गवर्नर के लीड रोल में सेंटर स्टेज संभाल रहे हैं, और उनका ऐसा खूंखार और कमांडिंग स्क्रीन प्रेजेंस पहले कभी नहीं देखा गया है। ​दमदार और इम्पैक्टफुल डायलॉग्स से सजी इस बेमिसाल कहानी को सनशाइन पिक्चर्स लेकर आ रहा है। इस फिल्म को चिन्मय मांडलेकर ने डायरेक्ट किया है और इसके प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह हैं। फिल्म के को-प्रोड्यूसर आशिन ए. शाह हैं, जबकि इसकी स्क्रिप्ट सुवेंदु भट्टाचार्य, सौरभ भारत, रवि असरानी और विपुल अमृतलाल शाह ने मिलकर लिखी है। फिल्म के खूबसूरत गाने महान गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे हैं और इसका म्यूजिक अमित त्रिवेदी ने कंपोज किया है।​यह फिल्म 12 जून 2026 को दुनिया भर के थिएटर्स में रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 4:41 pm

स्वरों की मधुर साधिका सुमन कल्याणपुर : छह दशक तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर किया राज

मुंबई। हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर ने अपनी मधुर, कोमल और भावपूर्ण आवाज से भारतीय संगीत जगत में विशिष्ट पहचान बनाई है। लगभग छह दशक लंबे अपने संगीत सफर में उन्होंने हजारों गीतों को स्वर देकर श्रोताओं के दिलों में अमिट स्थान बनाया। सुमन कल्याणपुर का जन्म 28 […] The post स्वरों की मधुर साधिका सुमन कल्याणपुर : छह दशक तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर किया राज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 4:39 pm

अलवर में अवैध निर्माण रुकवाने गए पटवारी पर हमला

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में गन्दीका गांव में सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण को रुकवाने गए पटवारी से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने सोमवार को बताया कि बारोली में पटवारी […] The post अलवर में अवैध निर्माण रुकवाने गए पटवारी पर हमला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 4:36 pm

शिक्षा को कारोबार बनाना सभी बुराइयों का आधार : राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर उसकी गलतियों के लिए छात्रों से शुल्क वसूली को लूट करार देते हुए कहा है कि जब शिक्षा को सेवा के बजाय कारोबार बना दिया जाता है तो उससे अनेक बुराइयां जन्म लेना शुरू […] The post शिक्षा को कारोबार बनाना सभी बुराइयों का आधार : राहुल गांधी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 4:31 pm

भीलवाड़ा में जुए के अड्डे पर पुलिस की दबिश, लाखों रुपए बरामद

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने एक संयुक्त अभियान के तहत जुए के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करके 16 से अधिक जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि धुवाला-लागरों का खेड़ा मार्ग पर जुआ संचालित होने […] The post भीलवाड़ा में जुए के अड्डे पर पुलिस की दबिश, लाखों रुपए बरामद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 4:27 pm

पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में निधन

मुंबई। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 89 वर्ष थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि सुमन कल्याणपुर के निधन से भारतीय संगीत जगत की एक मधुर, सुरमयी और भावपूर्ण आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। उन्होंने कहा कि छह दशकों […] The post पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Jun 2026 4:14 pm

चीन की परमाणु प्रलय की तैयारी? रेगिस्तान में बिछाया मिसाइलों का खौफनाक जाल, सीधे अमेरिका पर निशाना!

China Nuclear Expansion: चीन के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters द्वारा विश्लेषित हालिया उपग्रह तस्वीरों में चीन के उत्तर-पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों में तेजी से विकसित हो रहे विशाल सैन्य ढांचे का खुलासा हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मिसाइल तैनाती का विस्तार नहीं, बल्कि चीन की परमाणु युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव है। तस्वीरों के अनुसार, चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के आसपास लॉन्च पैड, भूमिगत बंकर, संचार केंद्र, हवाई रक्षा तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सुविधाओं का विशाल नेटवर्क तैयार कर रहा है। ये वही साइलो हैं जिनमें चीन की लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) तैनात की जाती हैं, जो अमेरिका के किसी भी शहर तक मार करने में सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी तल्खियां नजर आई थीं। ऐसे में चीन की इस योजना ने अमेरिका के भी कान खड़े कर दिए हैं। 80 से अधिक लॉन्च पैड, हजारों वर्ग किलोमीटर में फैलता नेटवर्क उपग्रह तस्वीरों में 80 से अधिक ऐसे लॉन्च पैड दिखाई दिए हैं जिनका इस्तेमाल मोबाइल मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट और कमांड सेंटर के रूप में किया जा सकता है। निर्माण का दायरा इतना व्यापक है कि यह पूरे रेगिस्तानी क्षेत्र में हजारों वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। हवाई स्थित रणनीतिक थिंक टैंक Pacific Forum के सहयोगी फेलो अलेक्जेंडर नील के अनुसार, “चीन केवल नए साइलो नहीं बना रहा, बल्कि वह अपने पूरे रणनीतिक परमाणु ढांचे को बहुस्तरीय सुरक्षा कवच दे रहा है। यह उसकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में भारी विस्तार और विविधीकरण का संकेत है।” क्या है ‘सेकंड स्ट्राइक’ रणनीति? परमाणु रणनीति में “Second Strike Capability” बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका अर्थ है—यदि किसी देश पर पहले परमाणु हमला हो जाए, तब भी उसके पास इतना सैन्य ढांचा बचा रहे कि वह जवाबी परमाणु हमला कर सके। विश्लेषकों का मानना है कि चीन अब अपनी इसी क्षमता को लगभग अजेय बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि उसके कुछ साइलो नष्ट भी हो जाएं, तब भी मोबाइल लॉन्चर, वैकल्पिक कमांड सेंटर और भूमिगत नेटवर्क उसकी जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। चीन की ‘न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय’ परमाणु नीति चीन लंबे समय से “Minimum but Credible Nuclear Deterrence” यानी “न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोध” की नीति का दावा करता रहा है। बीजिंग आधिकारिक तौर पर ‘No First Use’ नीति की भी बात करता है, जिसके तहत वह पहले परमाणु हमला न करने का दावा करता है। लेकिन हाल के वर्षों में चीन की परमाणु गतिविधियों की रफ्तार ने पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। शिनजियांग और गांसु प्रांत में तेजी से बन रहे साइलो नेटवर्क को विशेषज्ञ PLA (Peoples Liberation Army) के जमीनी परमाणु बलों का भविष्य मान रहे हैं। ताइवान तनाव और अमेरिका-चीन परमाणु प्रतिस्पर्धा यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में ताइवान को लेकर सैन्य टकराव होता है, तो चीन परमाणु प्रतिरोध की शक्ति का इस्तेमाल बाहरी हस्तक्षेप रोकने के लिए कर सकता है। कुछ पश्चिमी राजनयिकों का मानना है कि बीजिंग अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अमेरिका के बराबर वैश्विक सामरिक शक्ति बनने की दिशा में बढ़ रहा है। एशिया-प्रशांत में बदलता सामरिक संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का यह परमाणु विस्तार केवल सैन्य आधुनिकीकरण नहीं है, बल्कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सामरिक संतुलन को बदलने वाला कदम हो सकता है। इससे अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की सुरक्षा रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है। यदि यह निर्माण इसी गति से जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में दुनिया एक नए परमाणु संतुलन और संभवतः नए शीत युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ सकती है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मिसाइल तैनाती का विस्तार नहीं, बल्कि चीन की परमाणु युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव है। तस्वीरों के अनुसार, चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के आसपास लॉन्च पैड, भूमिगत बंकर, संचार केंद्र, हवाई रक्षा तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सुविधाओं का विशाल नेटवर्क तैयार कर रहा है। ये वही साइलो हैं जिनमें चीन की लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) तैनात की जाती हैं, जो अमेरिका के किसी भी शहर तक मार करने में सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी तल्खियां नजर आई थीं। ऐसे में चीन की इस योजना ने अमेरिका के भी कान खड़े कर दिए हैं। 80 से अधिक लॉन्च पैड, हजारों वर्ग किलोमीटर में फैलता नेटवर्क उपग्रह तस्वीरों में 80 से अधिक ऐसे लॉन्च पैड दिखाई दिए हैं जिनका इस्तेमाल मोबाइल मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट और कमांड सेंटर के रूप में किया जा सकता है। निर्माण का दायरा इतना व्यापक है कि यह पूरे रेगिस्तानी क्षेत्र में हजारों वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। हवाई स्थित रणनीतिक थिंक टैंक Pacific Forum के सहयोगी फेलो अलेक्जेंडर नील के अनुसार, “चीन केवल नए साइलो नहीं बना रहा, बल्कि वह अपने पूरे रणनीतिक परमाणु ढांचे को बहुस्तरीय सुरक्षा कवच दे रहा है। यह उसकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में भारी विस्तार और विविधीकरण का संकेत है।” क्या है ‘सेकंड स्ट्राइक’ रणनीति? परमाणु रणनीति में “Second Strike Capability” बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका अर्थ है—यदि किसी देश पर पहले परमाणु हमला हो जाए, तब भी उसके पास इतना सैन्य ढांचा बचा रहे कि वह जवाबी परमाणु हमला कर सके। विश्लेषकों का मानना है कि चीन अब अपनी इसी क्षमता को लगभग अजेय बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि उसके कुछ साइलो नष्ट भी हो जाएं, तब भी मोबाइल लॉन्चर, वैकल्पिक कमांड सेंटर और भूमिगत नेटवर्क उसकी जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। चीन की ‘न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय’ परमाणु नीति चीन लंबे समय से “Minimum but Credible Nuclear Deterrence” यानी “न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोध” की नीति का दावा करता रहा है। बीजिंग आधिकारिक तौर पर ‘No First Use’ नीति की भी बात करता है, जिसके तहत वह पहले परमाणु हमला न करने का दावा करता है। लेकिन हाल के वर्षों में चीन की परमाणु गतिविधियों की रफ्तार ने पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। शिनजियांग और गांसु प्रांत में तेजी से बन रहे साइलो नेटवर्क को विशेषज्ञ PLA (Peoples Liberation Army) के जमीनी परमाणु बलों का भविष्य मान रहे हैं। ताइवान तनाव और अमेरिका-चीन परमाणु प्रतिस्पर्धा यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में ताइवान को लेकर सैन्य टकराव होता है, तो चीन परमाणु प्रतिरोध की शक्ति का इस्तेमाल बाहरी हस्तक्षेप रोकने के लिए कर सकता है। कुछ पश्चिमी राजनयिकों का मानना है कि बीजिंग अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अमेरिका के बराबर वैश्विक सामरिक शक्ति बनने की दिशा में बढ़ रहा है। एशिया-प्रशांत में बदलता सामरिक संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का यह परमाणु विस्तार केवल सैन्य आधुनिकीकरण नहीं है, बल्कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सामरिक संतुलन को बदलने वाला कदम हो सकता है। इससे अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की सुरक्षा रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है। यदि यह निर्माण इसी गति से जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में दुनिया एक नए परमाणु संतुलन और संभवतः नए शीत युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ सकती है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 1 Jun 2026 3:24 pm

थाई-हाई स्लिट आउटफिट में शिल्पा शेट्टी का कातिलाना अंदाज, बोल्ड अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी अपने बेहतरीन फैशन सेंस, कमाल की फिटनेस और स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी कुछ बेहद हॉट और ग्लैमरस तस्वीरें शेयर की हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीरों में शिल्पा शेट्टी ने एक बेहद अट्रैक्टिव व्हाइट कलर की वेस्टर्न ड्रेस पहने नजर आ रही हैं। यह एक स्लीवलेस, बोट-नेकलाइन वाली ड्रेस है, जिसमें वेस्टलाइन पर शानदार पेपलम स्टाइल रफ़ल डिज़ाइन दिया गया है। इस आउटफिट की सबसे बड़ी यूएसपी इसका बोल्ड 'थाई-हाई स्लिट' है, जो शिल्पा के लंबे और टोंड लेग्स को बेहद खूबसूरती से फ्लॉन्ट कर रहा है। व्हाइट कलर की सादगी और ड्रेस का बोल्ड कट मिलकर उनके इस लुक को क्लासी के साथ-साथ बेहद सेक्सी बना रहे हैं। ALSO READ: व्हाइट सूट और नीले दुपट्टे में पश्मीना रोशन का सादगी भरा अंदाज, जीता फैंस का दिल शिल्पा शेट्टी तस्वीरों में एक से बढ़कर एक सिजलिंग और कॉन्फिडेंट पोज देती दिख रही हैं। कभी वह स्विमिंग पूल के किनारे लगे टेबलनुमा सनबेड पर लेटकर कैमरे की तरफ कातिलाना अंदाज में देख रही हैं, तो कभी काउच पर बैठकर अपनी टोंड बॉडी को फ्लॉन्ट कर रही हैं। अपने इस लुक को कम्प्लीट करने के लिए शिल्पा ने मिनिमल लेकिन बेहद अट्रैक्टिव स्टाइलिंग चुनी है। उन्होंने अपने बालों को हल्का कर्ल करके खुला रखा है, जो हवा में लहराते हुए उनके लुक में एक सेंसुअलिटी जोड़ रहे हैं। एक्सेसरीज की बात करें तो, शिल्पा ने कानों में बड़े और अट्रैक्टिव गोल्डन हूप इयररिंग्स पहने हैं, जो उनके चेहरे को परफेक्ट फ्रेम दे रहे हैं। इसके साथ ही कलाई में चौड़ा गोल्डन ब्रेसलेट और उंगलियों में स्टेटमेंट रिंग्स उनके लुक में एक रीगल और ग्लैमरस टच जोड़ रहे हैं। शिल्पा शेट्टी को देखकर उम्र का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। इन तस्वीरों में उनका ग्लोइंग, ड्यूई और सटल मेकअप उनके नेचुरल फीचर्स को और निखार रहा है। न्यूड लिपस्टिक, स्मोकी आइज और परफेक्टली डिफाइंड आईब्रोज़ के साथ उनका फेशियल ग्लैम ऑन-पॉइंट है।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 3:16 pm

साल का सबसे बड़ा महागोचर: 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से वर्ष 2026 की सबसे सनसनीखेज और महत्वपूर्ण खगोलीय घटना 2 जून 2026 को घटित होने जा रही है। ज्ञान, भाग्य, अध्यात्म, धन और संतान के परम कारक देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) अपने पुराने घर को छोड़कर अपनी सबसे प्रिय और उच्च राशि कर्क (Cancer) में प्रवेश कर रहे हैं। गुरु पूरे 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कर्क राशि में आ रहे हैं। चूंकि कर्क एक जल तत्व की राशि है और चंद्रमा इसके स्वामी हैं, इसलिए इस राशि में आते ही बृहस्पति अपने सबसे बलवान और चेष्टावान स्वरूप (Exalted State) में आ जाते हैं। गुरु का यह उच्च अवस्था में जाना पूरी दुनिया में एक बड़े वैचारिक और आध्यात्मिक बदलाव का संकेत है। शिक्षा जगत, बैंकिंग सेक्टर, न्याय व्यवस्था और धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोगों के लिए यह समय अभूतपूर्व प्रगति लेकर आएगा। ALSO READ: बृहस्पति अपनी उच्च की राशि कर्क में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए विपरीत राजयोग विशेष रूप से मेष, मिथुन, कर्क और मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर जीवन की दिशा और दशा बदलने वाला 'टर्निंग पॉइंट' साबित हो सकता है। आइए बिना किसी तालिका (टेबल) के, अत्यंत विस्तार से जानते हैं कि इस महागोचर का सभी 12 राशियों के जीवन पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है: मेष राशि (Aries) देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं, जिसे सुख, माता, भूमि और वाहन का घर माना जाता है। करियर और सामाजिक जीवन: इस अवधि में आपके कार्यक्षेत्र में जबरदस्त उछाल आएगा। नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा ट्रांसफर या प्रमोशन मिल सकता है। समाज में आपका मान-सम्मान और रुतबा बढ़ेगा। पारिवारिक और आर्थिक जीवन: आपके पारिवारिक सुखों में भारी वृद्धि होने वाली है। लंबे समय से अटका हुआ नया घर खरीदने या नई गाड़ी लेने का सपना इस दौरान पूरा होगा। माता जी के स्वास्थ्य में चल रहा पुराना उतार-चढ़ाव पूरी तरह समाप्त होगा और उनके साथ आपके संबंध बेहद मधुर होंगे। मानसिक रूप से आप खुद को बहुत शांत और संतुष्ट महसूस करेंगे। वृषभ राशि (Taurus) बृहस्पति देव आपकी राशि से तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जिसे पराक्रम, साहस, छोटे भाई-बहन और संचार (Communication) का भाव कहा जाता है। करियर और सामाजिक जीवन: आपकी निर्णय लेने की क्षमता और कार्यकुशलता में गजब का सुधार होगा। लेखन, पत्रकारिता, मार्केटिंग और कंसल्टेंसी के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी कला के दम पर बड़ी सफलता हाथ लगेगी। इस दौरान आपकी छोटी लेकिन बेहद लाभदायक व्यावसायिक यात्राएं होंगी। पारिवारिक और आर्थिक जीवन: आपके भीतर आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा रहेगा। छोटे भाई-बहनों के साथ यदि कोई मनमुटाव चल रहा था, तो वह समाप्त होगा और संकट के समय उनका पूरा सहयोग आपको मिलेगा। आपका झुकाव धार्मिक यात्राओं और परोपकार के कार्यों की तरफ बढ़ेगा। ALSO READ: बृहस्पति का इस वर्ष 2026 में 3 राशियों में होगा गोचर, किस राशि को क्या मिलेगा, कौन होगा परेशान मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए देवगुरु का यह गोचर उनके दूसरे भाव में होने जा रहा है, जिसे धन, पैतृक संपत्ति, परिवार और वाणी का स्थान माना जाता है। करियर और आर्थिक जीवन: आर्थिक मोर्चे पर यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था या डूब चुका था, तो वह इस दौरान वापस मिल जाएगा। आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे आपका बैंक बैलेंस तेजी से बढ़ेगा। व्यापारियों को निवेश से भारी मुनाफा होने के संकेत हैं। पारिवारिक और सामाजिक जीवन: आपकी वाणी में एक अद्भुत सौम्यता और आकर्षण पैदा होगा, जिससे लोग आपकी बातों से प्रभावित होकर आपके मुरीद हो जाएंगे। परिवार में चल रहे पुराने विवाद सुलझेंगे और घर में किसी मांगलिक या शुभ कार्य (जैसे विवाह या मुंडन) का आयोजन होने के प्रबल योग बनेंगे। ALSO READ: 10 जनवरी का 'महा बृहस्पति': ब्रह्मांड में होगा बड़ा बदलाव, इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय उनके जीवन का स्वर्णिम काल कहा जा सकता है, क्योंकि बृहस्पति आपकी ही राशि में यानी आपके पहले (लग्न) भाव में आ रहे हैं, जहाँ वे पूरी तरह उच्च के हो जाते हैं। व्यक्तिगत विकास और स्वास्थ्य: आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही तेज और आकर्षण देखने को मिलेगा। आपकी बौद्धिक और तार्किक क्षमता इतनी मजबूत हो जाएगी कि आपके द्वारा लिए गए फैसले भविष्य में मील का पत्थर साबित होंगे। समाज के संभ्रांत और उच्च पदों पर बैठे लोगों से आपके संपर्क स्थापित होंगे। स्वास्थ्य से जुड़ी हर पुरानी समस्या से आपको निजात मिलेगी। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन: वैवाहिक जीवन में यदि कड़वाहट या दूरियां आ गई थीं, तो वे प्यार और आपसी समझ में बदल जाएंगी। जीवनसाथी के भाग्य से भी आपको धन और करियर में लाभ मिलेगा। सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए बृहस्पति देव का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होने जा रहा है, जिसे व्यय (खर्च), विदेश और मोक्ष का भाव माना जाता है। करियर और आर्थिक जीवन: जो लोग बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में काम कर रहे हैं या विदेश जाकर पढ़ाई या नौकरी करने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह गोचर सफलता के द्वार खोलने वाला है। विदेशी व्यापार से आपको उम्मीद से बढ़कर लाभ होगा। हालांकि, इस दौरान आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन राहत की बात यह है कि ये खर्चे किसी बीमारी पर न होकर शुभ कार्यों, घर के रेनोवेशन या तीर्थ यात्राओं पर होंगे। आध्यात्मिक जीवन: आपका झुकाव भौतिक सुखों से हटकर अध्यात्म, ध्यान और योग की तरफ तेजी से बढ़ेगा। मानसिक शांति के लिए आप कुछ समय एकांत में बिताना पसंद करेंगे। कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के जातकों के लिए देवगुरु का यह गोचर आपके ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है, जिसे लाभ, आय और इच्छा पूर्ति का भाव माना जाता है। करियर और आर्थिक जीवन: यह गोचर आपकी आमदनी की रफ्तार को दोगुना कर देगा। लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू होंगे और उनसे आपको बंपर आर्थिक लाभ होगा। यदि आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपको बड़ा मुनाफा देकर जा सकता है। सामाजिक जीवन: आपकी कई ऐसी अधूरी इच्छाएं और महत्वाकांक्षाएं इस अवधि में पूरी होंगी जिनकी आपने उम्मीद छोड़ दी थी। आपको अपने बड़े भाई-बहनों और मित्रों का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा और आप नए प्रभावशाली मित्र बनाएंगे। तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर उनके दसवें भाव में होगा, जिसे कर्म, करियर, व्यवसाय और पिता का स्थान कहा जाता है। करियर और व्यवसाय: आपके पेशेवर जीवन में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को न केवल प्रमोशन मिलेगा, बल्कि उनकी सैलरी में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी। यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो बड़े ब्रांड्स से आपको ऑफर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपके सीनियर्स और बॉस आपके काम के मुरीद रहेंगे। पारिवारिक जीवन: व्यापार करने वाले जातकों के काम का विस्तार होगा। पिता के साथ आपके संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत और सम्मानजनक होंगे। पिता या पैतृक सहयोग से आपको अपने बिजनेस में कोई बड़ी डील हासिल हो सकती है। वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों के लिए देवगुरु का गोचर उनके नौवें भाव में होने जा रहा है, जिसे भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा का भाव माना जाता है। भाग्य और करियर: इस गोचर के प्रभाव से आपका सोया हुआ भाग्य पूरी तरह से जाग उठेगा। अब तक जिन कामों में आपको कड़ी मेहनत के बाद भी असफलता मिल रही थी, वे काम अब बहुत कम प्रयास में भी आसानी से बनने लगेंगे। उच्च शिक्षा या सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को इस अवधि में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। धार्मिक और पारिवारिक जीवन: आप खुद को धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से पूरी तरह जुड़ा हुआ पाएंगे। परिवार के साथ किसी लंबी दूरी की सुखद यात्रा या प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन करने के प्रबल योग बन रहे हैं। समाज में आपकी ख्याति एक परोपकारी व्यक्ति के रूप में होगी। धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर आठवें भाव में होने जा रहा है, जिसे आयु, संकट, गुप्त विद्या और अचानक होने वाले लाभ-हानि का भाव माना जाता है। करियर और आर्थिक जीवन: यह समय आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आ रहा है। आर्थिक मोर्चे पर आपको सावधान रहने की जरूरत है, हालांकि सट्टा बाजार या पैतृक संपत्ति के माध्यम से आपको अचानक से कोई बड़ा धन लाभ भी हो सकता है। जो लोग रिसर्च, गुप्त विज्ञान, ज्योतिष या तंत्र-मंत्र की विद्याओं में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह समय बेहद ज्ञानवर्धक रहेगा। स्वास्थ्य और सावधानी: आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा। विशेषकर खान-पान पर नियंत्रण रखें, अन्यथा पेट, लीवर या मोटापे से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। मकर राशि (Capricorn) मकर राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति का गोचर सातवें भाव में होने जा रहा है, जिसे विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी (Partnership) और दैनिक रोजगार का भाव माना जाता है। वैवाहिक और प्रेम जीवन: जो जातक लंबे समय से सिंगल हैं या जिनके विवाह में लगातार अड़चनें आ रही थीं, उनके लिए अब शहनाइयां बजने का समय आ चुका है। आपके लिए विवाह के बेहद मजबूत और अच्छे प्रस्ताव आएंगे। शादीशुदा लोगों के जीवन में चल रहे पुराने तनाव और गलतफहमियां दूर होंगी और आपसी प्रेम बढ़ेगा। बिजनेस और सामाजिक जीवन: यदि आप पार्टनरशिप में कोई नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सबसे सटीक है। आपके साझेदार के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे और व्यापार में बड़ा मुनाफा दर्ज किया जाएगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा और लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा। कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का यह गोचर छठे भाव में होने जा रहा है, जिसे रोग, ऋण (कर्ज), और शत्रुओं (विरोधियों) का घर माना जाता है। करियर और कानूनी मामले: कार्यस्थल पर आपके जो विरोधी या सहकर्मी आपके खिलाफ साजिशें रच रहे थे, वे इस दौरान पूरी तरह परास्त हो जाएंगे। यदि आपका कोई मामला कोर्ट-कचहरी में लंबे समय से लंबित था, तो उसका फैसला इस अवधि में आपके पक्ष में आ सकता है। जो लोग नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिलेगी। कर्ज और स्वास्थ्य: यदि आप किसी पुराने कर्ज के बोझ से दबे हुए थे, तो इस गोचर के दौरान आपको उस कर्ज से मुक्ति पाने के रास्ते मिल जाएंगे। हालांकि, स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी है। नियमित रूप से योग और संतुलित दिनचर्या अपनाएं ताकि मौसमी बीमारियों से बचे रहें। मीन राशि (Pisces) मीन राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर पांचवें भाव में होने जा रहा है, जिसे संतान, बुद्धि, उच्च शिक्षा और प्रेम संबंधों का भाव माना जाता है। शिक्षा और संतान: विद्यार्थियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। आपकी एकाग्रता बढ़ेगी और जटिल से जटिल विषय भी आपको आसानी से समझ आने लगेंगे। जो विवाहित दंपत्ति लंबे समय से संतान सुख से वंचित थे या संतान प्राप्ति की योजना बना रहे थे, उनके घर में इस दौरान किलकारियां गूंज सकती हैं। प्रेम और रचनात्मकता: प्रेम संबंधों के लिहाज से यह समय बेहद रोमांटिक और प्रगाढ़ता लाने वाला रहेगा। आप अपने पार्टनर के साथ विवाह के बंधन में बंधने का फैसला भी कर सकते हैं। आपकी रचनात्मकता (Creativity) और कलात्मक क्षमता अपने चरम पर होगी, जिससे आपको अपने कार्यक्षेत्र में विशेष पहचान और पुरस्कार मिल सकता है।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 2:57 pm

व्हाइट सूट और नीले दुपट्टे में पश्मीना रोशन का सादगी भरा अंदाज, जीता फैंस का दिल

रितिक रोशन की कजिन और 'इश्क विश्क रिबाउंड' से बॉलीवुड में कदम रखने वालीं खूबसूरत एक्ट्रेस पश्मीना रोशन को हाल ही में जुहू में स्पॉट किया गया। इस दौरान उन्होंने अपनी सिंपल लेकिन बेहद एलिगेंट स्टाइल से सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। पश्मीना का सादगी भरा अंदाज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। तस्वीरों में पश्मीना रोशन ने बेहद खूबसूरत ऑफ-व्हाइट कुर्त-पायजामा सेट पहने नजर आ रही हैं। इस ट्रेडिशनल स्ट्रेट-कट कुर्ते पर सामने और आस्तीन पर नीले और पीले रंगों से बेहद महीन फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी की गई है, जो उनके लुक को समरी और फ्रेश वाइब दे रही है। ALSO READ: ब्लैक स्विमसूट में प्रियंका चोपड़ा का बोल्ड अंदाज, पूल में लगाई आग लुक को कम्प्लीट करने के लिए पश्मीना ने इसके साथ डुअल-टोन का शेडेड दुपट्टा कैरी किया है। यह दुपट्टा उनके पूरे आउटफिट में कलर्स का एक परफेक्ट कंट्रास्ट जोड़ रहा है। पश्मीना ने पैरों में कोल्हापुरी सैंडल्स पहनी हैं, जो उनके इस एथनिक वियर को पूरा देसी टच दे रही हैं। तस्वीरों में उनकी मिलियन-डॉलर स्माइल हर किसी का ध्यान खींच रही है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें पश्मीना ने पैपराजी को देखते ही अपनी प्यारी सी मुस्कान के साथ पोज दिए। कैमरे की तरफ देखते हुए उनके ब्लश करते गाल और मासूम एक्सप्रेशन्स उनके ग्लैमर को दोगुना कर रहे हैं। बिना किसी हैवी ज्वैलरी के भी पश्मीना का चेहरा बेहद ग्लो कर रहा है। पश्मीना ने अपने इस कैजुअल आउटिंग लुक के लिए 'नो-मेकअप' लुक या बेहद मिनिमल मेकअप चुना है। हल्के गुलाबी गाल और न्यूड लिपस्टिक उनके नेचुरल कॉम्प्लेक्शन को निखार रहे हैं। वहीं हेयर स्टाइल की बात करें, तो उन्होंने अपने वेवी और कर्ली बालों को मिडिल पार्टिंग के साथ खुला रखा है, जो हवा में लहराते हुए उनके लुक में एक सॉफ्ट, रोमांटिक टच जोड़ रहे हैं। फैंस पश्मीना की इन तस्वीरों पर 'ब्यूटी इन व्हाइट', 'सो एलिगेंट' और 'सिम्पलिसिटी एट इट्स बेस्ट' जैसे कमेंट्स की बौछार कर रहे हैं।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 2:50 pm

1 मैच ज्यादा खेलने के कारण कगीसो रबाड़ा ने भुवनेश्वर कुमार से छीनी पर्पल कैप

कगीसो रबाड़ा ने भुवनेश्वर कुमार से 1 मैच ज्यादा खेलने के कारण पर्पल कैप छीन ली। गौरतलब है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर 1 जीतकर सीधे फाइनल में चली गई थी और गुजरात को फिर एलिमिनेटर की विजेता राजस्थान रॉयल्स से मैच खेलने को मिला था। इसे जीतकर गुजरात फिर खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से आमने सामने हुई। कगीसो रबाड़ा ने भुवनेश्वर कुमार से 1 मैच ज्यादा खेलने के साथ साथ सिर्फ एक विकेट ज्यादा लेने के कारण पर्पल कैप जीती। उन्होंने 17 मैचों में 29 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने 64 ओवर किए और 626 रन दिए। वहीं भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लिए। कुल 63 ओवर में उन्होंने 501 रन दिए। गौरतलब है कि पूरे टूर्नामेंट में भुवनेश्वर कुमार कगीसो रबाड़ा से आगे चल रहे थे लेकिन फाइनल से ठीक पहले कगीसो रबाड़ा उनसे आगे निकल गए। फाइनल में भी महंगे साबित होने के बावजूद वह सिर्फ एक विकेट निकाल पाए और यह ही निर्णायक साबित हुआ अन्यथा समान विकेट लेने के कारण भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप रहती क्योंकि उन्होंने रबाड़ा से कम रन दिए हैं।यह तीसरा मौका है जब कगीसो रबाडा़ ने इंडियन प्रीमियर लीग में पर्पल कैप जीती हो।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 1:19 pm

प्राइम वीडियो ने क्राइम थ्रिलर 'राख' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज किया, दिल दहला देगी कहानी

प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली प्राइम ऑरिजिनल इन्वेस्टिगेटिव क्राइम थ्रिलर सीरीज 'राख' का रोंगटे खड़े कर देने वाला ट्रेलर रिलीज कर दिया है। एक काल्पनिक कहानी पर बनी इस सीरीज़ के डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर प्रोसित रॉय हैं, जबकि इसे अनुषा नंदकुमार और संदीप साकेत ने मिलकर बनाया, लिखा और सह-निर्देशित किया है, तथा इसके संवाद आयुष त्रिवेदी ने लिखे हैं। ट्रेलर में ऐसे बेरहम और खौफनाक जुर्म की झलक दिखाई गई है, जो न सिर्फ पीड़ितों के परिवारों को पूरी तरह तोड़कर रख देता है, बल्कि इंसान के भीतर छिपी नफरत और हैवानियत के डरावने चेहरे को भी सामने लाता है, जो हमारे समाज में मौजूद हैं। राख के इस झकझोर देने वाले ट्रेलर की शुरुआत एक ऐसे सवाल से होती जिसे कोई भी मां-बाप कभी सुनना नहीं चाहेगा: बच्चे कब से गायब हैं? ये कहानी 1970 के दशक के आखिरी सालों की दिल्ली की है, जब हर मां-बाप को यही लगता था कि सूरज डूबने के बाद भी उनके बच्चे अकेले बाहर निकलने के लिए पूरी तरह महफूज हैं, लेकिन एक चौंकाने वाले जुर्म ने पूरे देश के इस भरोसे को तोड़ दिया। ALSO READ: 'अल्फा' के सेट पर आलिया भट्ट संग अनबन की खबरों पर बॉबी देओल ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लोग इतने वेल्ले हैं कि... ट्रेलर के दिल दहला देने वाले और माहौल को गंभीर बनाने वाले दृश्य, एक मां-बाप के अपने बच्चों को ढूंढ निकालने की हताश उम्मीद को बयां करते हैं। इस घिनौने जुर्म को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए, सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश— जिसका किरदार अली फज़ल ने बखूबी निभाया है — एक ज़ोरदार तलाशी अभियान शुरू करते हैं। यह अभियान उन्हें उन मुजरिमों की बीमार मानसिकता के ऐसे दलदल में खींच ले जाती है, जहाँ इंसान के जमीर का कोई नामोनिशान नहीं, और फिर इंसान की बुराई का सबसे भयानक चेहरा सामने आता है। इस सीरीज़ में सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश का किरदार निभाने वाले अली फज़ल ने कहा, जब पहली बार राख के लिए मुझसे संपर्क किया गया, तो मुझे लगा कि ये भी कोई आम इन्वेस्टिगेटिव क्राइम थ्रिलर होगी, लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद मैं इसकी तरफ खिंचा चला गया। अनुषा, संदीप और प्रोसित ने मिलकर एक ऐसी कहानी तैयार की है जो कई परतों वाली, जज्बातों से भरी और असल जिंदगी की कड़वी सच्चाई के बेहद करीब है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मोना अरोड़ा का किरदार निभाने वाली सोनाली बेंद्रे ने कहा, ‘राख’ की कहानी उस वक्त मेरे पास आई, जब मैं इस बात को लेकर काफी सजग हो गई थी कि मुझे किस तरह की कहानियों का हिस्सा बनना है। कई परतों वाली और जज्बातों के स्तर पर काफी गहरी ये कहानी मुझे सच में बहुत पसंद आई। वैसे तो ये कहानी एक सस्पेंस थ्रिलर की तरह आगे बढ़ती है, पर असल में यह इंसान के जज्बातों को भी बड़ी संजीदगी से सामने लाती है। इस सीरीज़ में सोनाली बेंद्रे, अली फज़ल, और आमिर बशीर ने मुख्य किरदार निभाए हैं, जबकि आकाश मखीजा, रमनदीप यादव, दिव्या शर्मा, विवान शर्मा, अंशुल चौहान, राकेश बेदी, और दिब्येंदु भट्टाचार्य भी अहम भूमिकाओं में नज़र आने वाले हैं। भारत के साथ-साथ दुनिया भर के 240 देशों एवं क्षेत्रों में दर्शक 12 जून को सिर्फ प्राइम वीडियो पर राख के प्रीमियर का आनंद ले सकते हैं।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 1:19 pm

इंदौर में सड़क पर शराब पीने से रोका तो हुई चाकूबाजी, दोनों तरफ के कई लोग जख्‍मी

इंदौर में अपराधिक गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां के परदेशीपुरा थाना इलाके में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से रोकने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों ने हथियार निकाल लिए और जमकर चाकूबाजी हो गई। जानकारी के मुताबिक घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार जनता क्वार्टर निवासी विनोद उर्फ पन्नू सिंह जादौन (48) ने शिकायत दर्ज कराई है कि 31 मई की रात करीब 11 बजे वह सांची पॉइंट के सामने से गुजर रहा था। इसी दौरान उसने मंगू सरदार उर्फ राजदीप, जयेश संकट तथा उनके साथियों राहुल और नितिन को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते देखा। विनोद ने उन्हें समझाइश देते हुए कहा कि यह रिहायशी इलाका है और यहां महिलाओं का आना-जाना रहता है, इसलिए सड़क पर शराब न पिएं। विनोद के मुताबिक उसकी बात सुनकर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जयेश संकट ने उसके साथ मारपीट की, जबकि मंगू सरदार ने चाकू निकालकर उस पर हमला कर दिया। चाकू का वार विनोद के गले के बाईं ओर लगा, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद विवाद और बढ़ गया। पुलिस के अनुसार विनोद पक्ष के कुछ लोग भी हथियार लेकर मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि कालू मराठा, गोल्डी सरदार और विनोद उर्फ पन्नू जादौन ने मंगू सरदार पर चाकुओं से कई वार किए। हमले में मंगू सरदार के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उसके शरीर पर आधा दर्जन से अधिक घाव हुए। वहीं जयेश संकट ने भी शिकायत में बताया कि कालू मराठा ने उस पर चाकू से हमला किया, जिससे उसके बाएं पैर के घुटने के ऊपर चोट लगी और खून बहने लगा। सूचना मिलने पर परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 1 Jun 2026 1:01 pm

'वेलकम टू द जंगल' का पार्टी एंथम 'ऊंचा लंबा कद फॉरएवर' रिलीज, अक्षय कुमार-दिशा पाटनीकी जोड़ी ने मचाया धमाल

बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और यादगार गीतों में से एक अब नए अंदाज में लौट आया है। जंगली म्यूज़िक, जो टाइम्स म्यूज़िक का एक डिवीजन है, ने बहुप्रतीक्षित कॉमेडी एंटरटेनर 'वेलकम टू द जंगल' का नया गाना 'ऊंचा लंबा कद फॉरएवर' रिलीज कर दिया है। यह गीत नॉस्टैल्जिया, स्टार पावर और मॉडर्न म्यूज़िक का शानदार संगम लेकर आया है, जो नई पीढ़ी के दर्शकों को भी आकर्षित करेगा। अक्षय कुमार और दिशा पाटनी पर फिल्माया गया यह गीत आइकॉनिक चार्टबस्टर की यादों को ताज़ा करते हुए उसे एक नए और आधुनिक अंदाज में पेश करता है। मूल गीत का संगीत आनंद राज आनंद ने तैयार किया था, जबकि इसके नए संस्करण को विक्रम मॉन्ट्रोज़ ने रीक्रिएट किया है। उन्होंने गाने की मूल आत्मा को बरकरार रखते हुए उसमें नई ऊर्जा का संचार किया है। अक्षय कुमार और दिशा पाटनी की शानदार केमिस्ट्री, रंगीन विज़ुअल्स और जोशीली धुन 'ऊंचा लंबा कद फॉरएवर' को फिल्म के साउंडट्रैक का एक खास आकर्षण बनाती है। डांस फ्लोर पर थिरकाने वाली इसकी ऊर्जा और नॉस्टैल्जिया का तड़का इसे हर पीढ़ी के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाने की क्षमता रखता है। ALSO READ: 'अल्फा' के सेट पर आलिया भट्ट संग अनबन की खबरों पर बॉबी देओल ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लोग इतने वेल्ले हैं कि... गाने के इस नए संस्करण को आनंद राज आनंद और रुबाई ने अपनी आवाज दी है। इसमें मेघा बाली द्वारा लिखे गए नए बोलों के साथ समीर के मूल गीत भी शामिल हैं। अपनी दमदार धुन, हाई-एनर्जी विज़ुअल्स और सेलिब्रेशन वाले माहौल के साथ यह गीत नॉस्टैल्जिया और समकालीन पॉप कल्चर के बीच एक बेहतरीन पुल बनकर उभरा है। गाने के रीक्रिएशन को लेकर विक्रम मॉन्ट्रोज़ ने कहा, मूल ‘ऊंचा लंबा कद’ बॉलीवुड संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह रखता है। चुनौती यह थी कि उसके नॉस्टैल्जिया को बनाए रखते हुए उसे एक नई पहचान दी जाए, जो 'वेलकम टू द जंगल' की ऊर्जा के अनुरूप हो। हम चाहते थे कि दर्शक इस गीत से तुरंत जुड़ जाएं और साथ ही इसमें कुछ नया भी महसूस करें। नई पंक्तियां लिखने वाली मेघा बाली ने कहा, ऐसे गीत अपने साथ एक विरासत और दर्शकों की भावनात्मक यादें लेकर आते हैं। हमारी कोशिश यही थी कि लोग मूल गीत में जो पसंद करते थे, उसे बरकरार रखा जाए और साथ ही उसमें आज के दौर का नया स्वाद भी जोड़ा जाए। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह गीत ‘वेलकम टू द जंगल’ के संगीत सफर का एक और बड़ा पड़ाव है। अपनी भव्यता, हास्य और बड़े कलाकारों की टोली के लिए चर्चित यह फ्रेंचाइज़ी हमेशा ऐसे गीत देने के लिए जानी जाती है जो लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा बन जाते हैं। टाइम्स म्यूज़िक और जंगली म्यूज़िक के सीईओ मंदार ठाकुर ने कहा, आइकॉनिक गीतों को हर पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए। ‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि किस तरह किसी क्लासिक गीत को सम्मानपूर्वक नए रूप में पेश किया जा सकता है और उसे आज के दर्शकों के लिए भी प्रासंगिक बनाया जा सकता है। हमें खुशी है कि हम इसे ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज़ी के प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों तक पहुंचा रहे हैं। नॉस्टैल्जिया, भव्यता और आधुनिक संगीत का अनूठा मेल लिए ‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ अब सभी प्रमुख ऑडियो प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम हो रहा है। इसका म्यूज़िक वीडियो जंगली म्यूज़िक और टाइम्स म्यूज़िक के चैनलों पर उपलब्ध है। फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, ज़ाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडेय, बृजेंद्र काला, फिरोज़ खान (अर्जुन), स्वर्गीय पंकज धीर, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृहि कोडवारा, आदित्या सिंह और भाग्य भानुशाली जैसे कलाकार शामिल हैं। अहमद खान द्वारा निर्देशित ‘वेलकम टू द जंगल’ को ए.ए. नाडियाडवाला, केप ऑफ गुड फिल्म्स और स्टार स्टूडियो18 ने सीता फिल्म्स और राकेश डांग के सहयोग से प्रस्तुत किया है। यह बेस इंडस्ट्रीज़ ग्रुप का प्रोडक्शन है, जिसे राकेश डांग और वेदांत विकास बाली ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म के निर्माता फिरोज़ ए. नाडियाडवाला हैं और यह 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 12:58 pm

Lunar Eclipse 2026: साल के दूसरे चंद्र ग्रहण की 5 बड़ी और रोचक बातें

Partial Lunar Eclipse: वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को (एक पूर्ण चंद्र ग्रहण के रूप में) लग चुका है। वर्ष 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। ग्रहण सुबह 06:53 से प्रारंभ होगा और सूतक काल 9 घंटे पहले प्रारंभ होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। राहु और शनि के प्रभाव वाली इस राशि में ग्रहण लगने से मानसिक और आर्थिक उथल-पुथल के संकेत मिलते हैं। चलिए इस आगामी चंद्र ग्रहण से जुड़ी 5 खास बातें जानते हैं। 1. यह एक गहरे स्तर का आंशिक ग्रहण है (Deep Partial Eclipse) भले ही यह पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) नहीं है, लेकिन यह आंशिक ग्रहणों में बेहद खास है। इस ग्रहण के दौरान पृथ्वी की मुख्य घनी छाया (Umbra) चंद्रमा के लगभग 96.2% हिस्से को ढक लेगी। इसका मतलब है कि चंद्रमा का केवल एक बहुत छोटा सा कोना ही चमकीला बचेगा, बाकी पूरा हिस्सा अंधकार में डूब जाएगा। 2. 'ब्लड मून' जैसा अद्भुत नजारा आमतौर पर आंशिक चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का रंग सफेद-मटमैला या हल्का काला दिखता है। लेकिन इस बार 96% से अधिक हिस्सा ढकने के कारण, अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा पूरी तरह काला होने के बजाय हल्का तांबे जैसा या गहरा लाल (Coppery Red) दिखाई दे सकता है। यह नजारा लगभग 'ब्लड मून' जैसा ही अद्भुत होगा। ALSO READ: 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान 3. आकार में थोड़ा छोटा दिखेगा चंद्रमा (Micro Moon इफेक्ट) यह चंद्र ग्रहण तब लग रहा है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी कक्षा में काफी दूरी (Apogee के करीब) पर होगा। पृथ्वी से दूर होने के कारण आसमान में चंद्रमा का आकार आम पूर्णिमा के मुकाबले थोड़ा छोटा दिखाई देगा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'माइक्रो मून' (Micro Moon) भी कहा जाता है। 4. ग्रहण की कुल अवधि (Duration) यह ग्रहण अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए काफी लंबा होने वाला है। अगर इसके सभी चरणों (उपछाया और मुख्य छाया दोनों) को मिला दिया जाए, तो यह पूरा घटनाक्रम लगभग 5 घंटे 38 मिनट तक चलेगा। वहीं, मुख्य आंशिक चरण (जब चांद साफ तौर पर कटा हुआ या लाल दिखेगा) लगभग 3 घंटे 18 मिनट का होगा।स्थानीय समयानुसार अवधि में 5 से 10 मिनट की घटबढ़ रह सकती है। 5. दृश्यता: कहां दिखेगा और क्या भारत में सूतक लगेगा? कहां दिखाई देगा: यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका (North and South America) में शुरू से अंत तक पूरा दिखाई देगा। इसके अलावा यूरोप, अफ्रीका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में भी इसे देखा जा सकेगा। भारत में स्थिति: यह ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) 28 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 6:53 बजे (जब भारत में सूरज उग चुका होगा और चंद्रमा अस्त हो चुका होगा) अपने चरम पर होगा। इसलिए यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में दृश्यमान न होने के कारण यहाँ इसका कोई धार्मिक प्रभाव या सूतक काल मान्य नहीं होगा। सावधानी के उपाय ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में ये उपाय बताए गए हैं: मंत्र जाप: ग्रहण काल के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' या चंद्रमा के बीज मंत्र 'ॐ सों सोमाय नमः' का जाप करें। दान: ग्रहण समाप्त होने के बाद सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्र का दान गरीबों को करें। हनुमान चालीसा: नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत प्रभावी रहता है।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 12:48 pm

Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल: नवाबों के शहर से कैसे शुरू हुई बजरंगबली की ये खास परंपरा, पढ़ें गौरव गाथा

the history of Bada Mangal: इस बार 2 जून 2026 को पांचवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है तथा 23 जून को आठवां बड़ा मंगल मनाने के साथ ही ज्येष्ठ महीने के अधिकमास के बड़ा मंगल पर्व का समापन होगा। इस बड़े मंगल का इतिहास, लखनऊ की गलियों में गूंजता जय श्री राम और भंडारे की कहानी बहुत अनूठी है। आइए यहां जानते हैं आखिर नवाबों ने क्यों बनवाया था यह हनुमान मंदिर? ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां जब ज्येष्ठ की तपती गर्मी शुरू होती है, तो उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ की रूह एक अलग ही रंग में रंग जाती है। इसे हम 'बड़ा मंगल' कहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक हिंदू त्योहार के पीछे नवाबी रियासत और आपसी भाईचारे की कितनी गहरी जड़ें हैं? 1. जब बेगम की मन्नत ने दूर की 'महामारी' कहानी शुरू होती है अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर से। नवाब शुजाउद्दौला की बेगम, आलिया ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। कहा जाता है कि जब शहर में महामारी फैली, तो बेगम ने बजरंगबली का सुमिरन कराया। ज्येष्ठ के मंगलवार को ही वह संकट टला और तभी से यह दिन 'बड़ा' हो गया। आज भी इस मंदिर के गुंबद पर बना 'चांद' हिंदू-मुस्लिम एकता की गवाही देता है। 2. नवाब के बेटे की सेहत और गुड़-पानी का प्याऊ एक और दिलचस्प किस्सा नवाब मोहम्मद अली शाह से जुड़ा है। उनका बेटा जब मौत के मुंह से वापस आया, तो बेगम रूबिया ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। ज्येष्ठ की चिलचिलाती धूप में प्यासे राहगीरों के लिए नवाब ने जगह-जगह गुड़ और ठंडे पानी की व्यवस्था की। यही परंपरा आज आधुनिक 'भंडारे' का रूप ले चुकी है। 3. इत्र, केसर और जाटमल की मन्नत व्यापार और भक्ति का भी यहां अनूठा मेल है। जाटमल नाम के एक व्यापारी का सारा इत्र और केसर जब नवाब वाजिद अली शाह ने खरीद लिया, तो उन्होंने अपनी मन्नत पूरी करते हुए ज्येष्ठ के पहले मंगल को हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की। 4. क्यों है यह मंगल इतना खास? ज्योतिष शास्त्र और परंपराओं का मानना है कि ज्येष्ठ के महीने में हनुमान जी का दर्जा स्वयं प्रभु श्री राम से भी ऊंचा हो जाता है। इस दिन कुछ विशेष करने से बजरंगबली तुरंत प्रसन्न होते हैं: दान का महत्व: इस दिन गुड़, गेहूं और मीठी पूड़ी का दान 'महादान' माना जाता है। संकटों का समाधान: मान्यता है कि लखनऊ के इन ऐतिहासिक मंदिरों या किसी भी हनुमान मंदिर में हाजिरी लगाने से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Bada Mangal 2026: क्या आप जानते हैं ज्येष्ठ मंगल को 'बड़ा मंगल' क्यों कहते हैं? जानें सटीक पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

वेब दुनिया 1 Jun 2026 11:30 am

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का इस्तीफा, अमेरिका के साथ शांति वार्ता को लग सकता है झटका?

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी खत्‍म होने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच खबर है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सुप्रीम लीडर को अपना इस्तीफा दे दिया है। यह दावा एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से किया गया है। इस इस्‍तीफे के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता और युद्ध रोकने की कोशिशों को भी झटका लग सकता है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का दफ्तर पेजेशकियान का इस्तीफा मंजूर करेगा या नहीं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान इंटरनेशनल ने रविवार को बताया कि इस्तीफे में कहा गया है कि राष्ट्रपति और उनकी सरकार को ईरान में बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईरान में युद्ध के बाद पैदा हुए खालीपन का फ़ायदा उठाकर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर के कट्टरपंथी गुटों ने अहम मामलों पर अपना कब्जा जमा लिया है। इससे ईरान की सरकार चलाना मुश्किल हो रहा था। क्‍या कहा इस्‍तीफे में : रिपोर्ट के मुताबिक इस इस्तीफ़ में पेजेशकियान ने लिखा कि हालात ठीक नहीं हैं। वह न तो ठीक से शासन चला पा रहे हैं और न ही अपनी कानूनी जिम्मेदारियां पूरी कर पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने तुरंत अपने पद से हटने की गुजारिश की है। कौन हैं पेज़ेश्कियान : बता दें कि पेज़ेश्कियान का जन्म 29 सितंबर, 1954 को उत्तर-पश्चिमी ईरान के महाबाद में हुआ था। वह एक अजेरी पिता और एक कुर्द मां की संतान हैं। वे एक हार्ट सर्जन रहे हैं। 1994 में एक कार दुर्घटना में उनकी पत्नी, फ़तेमेह मजीदी और एक बेटी की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने शादी नहीं की और दो बेटों और एक बेटी का अकेले ही पालन-पोषण किया। वह 2024 में ईरान के राष्ट्रपति बने थे। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 1 Jun 2026 11:28 am

ब्लैक स्विमसूट में प्रियंका चोपड़ा का बोल्ड अंदाज, पूल में लगाई आग

ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों से तहलका मचाती हैं। इस बार उन्होंने अपनी जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसे देखकर फैंस के दिलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। एसएस राजामौली की आगामी मेगा-बजट फिल्म 'वाराणसी' की शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल से वक्त निकालकर देसी गर्ल ने एक परफेक्ट 'सेल्फ-केयर संडे' एन्जॉय किया। प्रियंका के पूल किनारे बिताए इस फुर्सत के पलों की तस्वीरें इस समय इंटरनेट पर ट्रेंड कर रही हैं। ALSO READ: 'तारक मेहता' शो की एक्ट्रेस नेहल वडोलिया का दावा- IPL क्रिकेटर भेजता था पर्सनल मैसेज, फिर किया ब्लॉक प्रियंका चोपड़ा ब्लैक कलर का स्विमसूट पहने नजर आ रही हैं। यह स्विमसूट डीप-नेकलाइन और क्लीन-कट स्ट्रैप्स के साथ उनके टोंड फिगर को बेहद खूबसूरती से फ्लॉन्ट कर रहा है। बिना किसी तामझाम या हैवी एक्सेसरीज के, सिर्फ एक क्लासिक ब्लैक आउटफिट में भी प्रियंका का यह लुक 'मैक्सिमम ग्लैम' और एफर्टलेस समर वाइब्स दे रहा है। तस्वीरों में प्रियंका पानी में एक से बढ़कर एक सिजलिंग अंदाज में पोज देती दिख रही हैं। प्रियंका के गीले बाल उनके चेहरे पर आ रहे हैं, जो उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। सबसे ज्यादा ध्यान खींचा उनके जबरदस्त मर्मेड हेयर फ्लिप ने, जहां पानी से निकलते हुए जब उन्होंने अपने बालों को पीछे झटका, तो पानी की गिरती बूंदों ने एक जादुई फ्रेम तैयार कर दिया। पानी में तैरते हुए प्रियंका का रिलैक्स्ड अंदाज सोशल मीडिया पर आग लगा रहा है। प्रियंका चोपड़ा ने इन तस्वीरों को कैप्शन दिया, Sunday done right... now Summer, here I come.

वेब दुनिया 1 Jun 2026 11:24 am

जिम्मी मगिलिगन सेंटर में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का 34वां वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह शुरू

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम दिन 1: 30 मई, 2026 शनिवार 'जलवायु कार्रवाई' विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में पर्यावरण संवाद सप्ताह का शुभारंभ वीरेंद्र गोयल, डॉ. नीरजा पौराणिक और जनक मगिलिगन द्वारा प्रकृति को समर्पित प्रार्थनाओ से किया गया। डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन ने सभी का स्वागत किया और बताया कि 1992 से चले आ रहे उनके द्वारा पर्यावरण संवाद का 34वां साल हैं। उन्होंने बताया की UNEP द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम सामूहिक कार्रवाई घोषित की गई। उन्होंने जानकारी दी कि यह पहल 'संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम' (UNEP) के मार्गदर्शन में चलाई जा रही है, और उन्होंने सभी को पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार तौर-तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सप्ताहभर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं आम नागरिकों को सतत विकास के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के प्रति संवेदनशील बनाना तथा स्वयं और अपने आसपास के वातावरण से शुरुआत करते हुए “जलवायु कार्रवाई” के लिए प्रेरित करना है। डॉ. जनक ने सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) को समझने के अपने सफ़र को साझा किया। उन्होंने अपनी जीवन-गाथा सुनाते हुए समझाया कि उन्हें सतत विकास का सही अर्थ कैसे समझ में आया और आज की दुनिया में यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है; साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में भी बताया। उन्होंने पहली बार 'सतत विकास' (Sustainable Development) की परिभाषा जब 1992 में रियो डी जनेरियो में आयोजित 'अर्थ समिट' (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में भाग लिया था तब वहां से उन्हें इसकी गहरी अंतर्दृष्टि मिली और उन्होंने 'सतत जीवन शैली' का संकल्प लिया। जनक, 'बर्ली डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट फॉर रूरल की संस्थापक निदेशक थीं। इस अनुभव ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया; वे पर्यावरण के प्रति अत्यंत जागरूक और सचेत व्यक्ति बन गईं और उन्होंने स्वयं भी पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली का अभ्यास शुरू कर दिया। उनके पति, स्वर्गीय जेम्स (जिम्मी) आर. मगिलिगन—जो कि एक भूमि सुधार विशेषज्ञ, जल निकासी विशेषज्ञ और पर्यावरणविद् थे—उसी संस्थान के प्रबंधक थे। उन दोनों ने मिलकर 6 एकड़ के उस परिसर को विकसित किया; इसकी शुरुआत उन्होंने 40 साल पुराने एक सूखे हुए कुएं को पुनर्जीवित करने से की थी। उन्होंने इस परिसर को प्लास्टिक-मुक्त, प्रदूषण-मुक्त, जैविक खेती वाला, सोलर थर्मल किचन और पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित 'हरित परिसर' विकसित किया, जिसमें वर्षा जल संचयन की भी व्यवस्था थी। उन्होंने प्रशिक्षण के सभी पाठ्यक्रम भी तैयार किए और 26 वर्षों के दौरान, 6-6 महीने के प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 6000 अशिक्षित और गरीब आदिवासी लड़कियों को 'सामुदायिक स्वयंसेवकों' के रूप में प्रशिक्षित किया। उन लड़कियों ने 500 से अधिक गांवों में सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में जिम्मी और जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' के ट्रस्टी वीरेंद्र गोयल के उद्घाटन भाषण से हुई, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवन शैली के महत्व पर ज़ोर दिया। इस अवसर पर बोलते हुए, जाने-माने बायोटेक्नोलॉजिस्ट और 'रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट' के निदेशक डॉ. अनुराग तिवारी ने पानी और हवा को बचाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, इंदौर वन प्रभाग के मुख्य वन संरक्षक (IFS) पी.एन. मिश्रा ने सतत विकास, ज्ञानोदय और सकारात्मक सोच की शक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उज्जैन में कार्यरत रहते हुए शिप्रा नदी के किनारे एक लाख पौधारोपण का कार्य शासन-प्रशासन एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से सफलतापूर्वक किया गया। बाद में देवास में पदस्थापना के दौरान उन्होंने सभी के सहयोग से शंकरगढ़ पहाड़ी के संरक्षण हेतु विशेष कार्य किए। उन्होंने जनक मैम की तुलना सूर्य की एक किरण से की, जो सभी को सतत विकास की राह दिखाती है और उनके मन में पर्यावरण के प्रति प्रेम जगाती है। मालवांचल के मनोचिकित्सक डॉ. राम गुलाम ने संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है तथा आज समाज को जिम्मी मगिलिगन एवं जनक मगिलिगन के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। विशेष अतिथि अनुराग तिवारी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर, एक्रोपोलिस यूनिवर्सिटी, इंदौर ने अपने संबोधन में बताया कि प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन जीना अत्यंत सुकूनभरा, शांतिदायक एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला है। कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री वीरेंद्र गोयल जी ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डीएवीवी एमएसडब्ल्यू इंटर्न निलेश चौहान ने किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गुजराती कॉलेज की सेवानिवृत्त प्रोफेसर जयश्री सिक्का, कलेक्टोरेट कार्यालय से महेंद्र धाकड़ जी, डीएवीवी इकोनॉमिक्स इंटर्न तुहिना झा, अमर नर्गेश, मालवांचल मनोचिकित्सा पीजी स्टूडेंट्स एवं सेंट पॉल इंस्टिट्यूट के स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 10:55 am

सेना का सपना टूटने से लेकर 'पद्मश्री' तक, जानें आर माधवन के अनसुने किस्से

भारतीय सिनेमा के सबसे वर्सटाइल और चहेते अभिनेताओं में से एक, आर माधवन 1 जून को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी दिलकश मुस्कान, दमदार आवाज और सहज अभिनय के दम पर उन्होंने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी अदाकारी का डंका बजाया है। हाल ही में भारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री' से सम्मानित होने वाले माधवन का यह जन्मदिन उनके प्रशंसकों के लिए और भी खास हो गया है। आइए जानते हैं, जमशेदपुर के एक तमिल परिवार से निकलकर पैन-इंडिया स्टार बनने तक का उनका यह शानदार सफर कैसा रहा। जब टूटा सेना में जाने का सपना आर माधवन का जन्म बिहार (अब झारखंड) के जमशेदपुर में हुआ था, जहां उनके पिता टाटा स्टील में एक एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत थे। आज भले ही हम उन्हें एक बेहतरीन एक्टर के रूप में जानते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वह कभी अभिनेता बनना ही नहीं चाहते थे। माधवन के मन में बचपन से देश की सेवा करने और एक आर्मी अफसर बनने का जुनून सवार था। जब माधवन के पास सेना में शामिल होने का असल मौका आया, तो तकनीकी रूप से उनकी उम्र निर्धारित सीमा से महज 6 महीने कम निकल गई। इस एक छोटे से रिजेक्शन ने उनके पूरे जीवन की दिशा बदल दी। सेना का सपना टूटने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपना ध्यान पब्लिक स्पीकिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट की तरफ केंद्रित किया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें रिजेक्शन से शुरुआत और छोटे पर्दे का सफर साल 1997 में माधवन ने एक टीवी कमर्शियल विज्ञापन से अपने करियर की शुरुआत की। इसी दौरान दिग्गज फिल्म निर्देशक मणि रत्नम की नजर उन पर पड़ी। मणि रत्नम ने उनका एक स्क्रीन टेस्ट लिया, लेकिन रोल के लिए वे काफी छोटे लग रहे थे, इसलिए उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। इस शुरुआती झटके के बाद माधवन ने छोटे पर्दे का रुख किया। उन्होंने 'बनेगी अपनी बात' और 'घर जमाई' जैसे बेहद लोकप्रिय टीवी शोज में काम किया, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा, जहां उनकी प्रतिभा को खूब सराहा गया और उन्हें 'साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड' से भी नवाजा गया। 'मैडी' बनकर जीता पूरे देश का दिल हिंदी सिनेमा में आर माधवन को असली और ऐतिहासिक पहचान साल 2001 में आई कल्ट क्लासिक फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' से मिली। फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए 'मैडी' के किरदार ने युवाओं को दीवाना बना दिया। इस फिल्म के बाद बॉलीवुड में उनके पास ऑफर्स की लाइन लग गई। माधवन ने अपने करियर में कभी खुद को किसी एक जॉनर में नहीं बांधा। उन्होंने एक के बाद एक कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। जिसमें रंग दे बसंती, 3 इडियट्स, तनु वेड्स मनु सीरीज, धुरंधर और धुरंधर 2 शामिल है। साल 2022 में आई फिल्म 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' के जरिए माधवन ने बतौर लेखक और निर्देशक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतकर खुद को साबित किया। वहीं साल 2026 उनके करियर का स्वर्णिम काल साबित हो रहा है। हाल ही में 25 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया है, जिसे उन्होंने सपनों से परे बताया।

वेब दुनिया 1 Jun 2026 10:55 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (01 जून, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 01 June 2026: करियर: कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा होगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। धन: निवेश के लिए दिन सामान्य है। स्वास्थ्य: आज थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: June 2026 Monthly Horoscope: मासिक राशिफल जून 2026: 12 राशियों की भविष्यवाणी, जानें भाग्य, आर्थिक स्थिति और जीवनशैली 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में नए सौदे लाभकारी रहेंगे। लव: प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: आज दूध या चावल जैसी सफेद वस्तुओं का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नौकरी में बदलाव के अवसर मिल सकते हैं। लव: छोटी सी गलतफहमी विवाद का रूप ले सकती है। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए योग करें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अधिकारी वर्ग आपसे प्रसन्न रहेगा। लव: पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है। धन: भूमि या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: राजनीति के क्षेत्र में पदोन्नति के योग हैं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: शेयर बाजार से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल देर से मिलेगा, निराश न हों। लव: पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है, जो प्रेम में बदल सकती है। धन: धन संचय करने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: गाय को हरी घास खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: पार्टनरशिप के काम में सावधानी बरतें। लव: रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: लक्ष्मी जी की आरती करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope 1-7 June 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल, जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत? 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज ऑफिस की राजनीति से दूर रहना ही बेहतर है। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: वाहन सावधानी से चलाएं। उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: विदेश से जुड़े कार्यों में प्रगति होगी। लव: लव लाइफ में कुछ नयापन महसूस करेंगे। धन: पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज कर्मक्षेत्र में कड़ी मेहनत का दिन है। लव: परिवार के साथ समय बिताएंगे। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: नींद की कमी महसूस हो सकती है। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: तकनीकी कार्य करने वालों के लिए उन्नति भरा दिन है। लव: किसी अजनबी पर भरोसा न करें। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: प्राणायाम करना आपके लिए बेहतर रहेगा। उपाय: गरीब बच्चों को शिक्षा सामग्री दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी में तबादले के योग हैं। लव: पार्टनर के साथ लंबी बातचीत भविष्य के रास्ते खोलेगी। धन: आज दान-पुण्य में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य: पाचन तंत्र संवेदनशील रह सकता है। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। ALSO READ: अधिकमास की भानु सप्तमी 2026 कब है? जानें तिथि, महत्व, शुभ मुहूर्त और सूर्यदेव को प्रसन्न करने के उपाय

वेब दुनिया 1 Jun 2026 7:02 am

क्या IPL का डाउनफॉल शुरू:टीवी दर्शक 26% घटे, विदेशी खिलाड़ी आधा सीजन ही खेल रहे; टॉप एक्सपर्ट्स ने बताईं असली वजहें और समाधान

29 मई की शाम। फोन पर नोटिफिकेशन आया- राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी सेंचुरी के करीब हैं। मैंने जियो हॉटस्टार खोला, लाइव मैच चला लिया। तभी ध्यान आया कि इस पूरे सीजन में पहला मैच लाइव देख रही हूं। बाकी दो महीने? बस हाइलाइट्स, स्कोर अपडेट्स और कभी-कभी रील्स। न्यूजरूम में पूछा तो कई और क्रिकेट के दीवानों का यही हाल था। थोड़ी रिसर्च की तो और परतें खुलती गईं। इस साल IPL के फर्स्ट हाफ में टीवी व्यूअरशिप 26% गिरी है। स्पॉन्सर 65 से 45 रह गए हैं। ईडन गार्डन जैसे स्टेडियम भी कुछ मैचों में आधे ही भर पाए। कई विदेशी खिलाड़ियों ने भी आधे सीजन बाद टीम को जॉइन किया। तो क्या IPL का डाउनफॉल शुरू हो गया है? या यह सिर्फ एक स्पीड ब्रेकर है जिसे आसानी से पार किया जा सकता है; इस मंडे मेगा इसी की कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा ------------ ये खबर भी पढ़िए आज का एक्सप्लेनर: हार्दिक, पंत, रहाणे...आखिर IPL 2026 कप्तानों पर भारी क्यों पड़ गया, क्या अगले सीजन 50% कप्तान बदलेंगे; किन नए चेहरों को मौका IPL का ये सीजन कई कप्तानों के लिए अच्छा नहीं गुजरा। पहले हार्दिक पांड्या और ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी खत्म होने की खबरें आईं, फिर ऋषभ पंत का इस्तीफा आ गया...लिस्ट में और भी कई नाम शामिल हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 1 Jun 2026 5:23 am

बैंगलूरू ने गुजरात को 5 विकेटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीता IPL

GTvsRCB रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने अपना आईपीएल खिताब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बरकरार रखा जब मेजबान गुजरात टाइटंस को उन्होंने 5 विकेट से हरा दिया। 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करना टीम के लिए काफी आसान लगा जब विराट कोहली ने शानदार अर्धशतक जड़ा। लगातार 2 आईपीएल जीतने वाली बैंगलूरू तीसरी टीम बन गई है। वहीं बैंगलूरू आईपीएल की चौथी सबसे सफल फ्रैंचाइजी बन गई है। 156 रनों के लक्ष्य को बैंगलूरू की सलामी जोड़ी वैंकटेश अय्यर और विराट कोहली ने मजाक बना दिया था जब पहले पॉवरप्ले में ही 70 से ज्यादा रन टीम ने बना लिए। हालांकि बैंगलूरु ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए लेकिन विराट कोहली पिच पर डटे रहे और टीम को विजयी बनाकर ही डगआउट लौटे। @RCBTweets have done it again #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/ww2zB98Xb8 — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 दोनों टीमें इस प्रकार है:- गुजरात टाइटंस (एकादश) : शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जॉस बटलर (कीपर), जेसन होल्डर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद ख़ान, निशांत सिंधु, कगिसो रबाडा, अरशद ख़ान और मोहम्मद सिराज। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (एकादश): विराट कोहली, देवदत्त पड़ीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (कीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जॉश हेजलवुड और रसिख डार सलाम।

वेब दुनिया 31 May 2026 11:26 pm

राष्ट्र सेविका समिति जयपुर प्रांत के प्रवेश वर्ग का समापन

जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर प्रांत द्वारा आयोजित प्रवेश वर्ग का समापन समारोह रविवार शाम हुआ। समापन कार्यक्रम में वर्ग के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण, अनुशासन, संगठनात्मक कार्य एवं सेविकाओं द्वारा प्रस्तुत विविध कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में समिति की सेविकाओं ने मान वंदना, योग, दण्ड, यष्टि, योगचाप, नियुद्ध की प्रस्तुति के माध्यम से […] The post राष्ट्र सेविका समिति जयपुर प्रांत के प्रवेश वर्ग का समापन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 11:20 pm

155 रनों तक थमी गुजरात की पारी, बैंगलूरू के गेंदबाजों ने नहीं लेने दी सांस

GTvsRCB रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के गेंदबाजों ने गुजरात टाइटंस को अंत तक सांस नहीं लेने दी और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मेजबान टीम को 8 विकेटों के नुकसान पर 155 रनों तक समेट दिया। गुजरात के लिए सिर्फ वॉशिंगटन सुंदर ही अर्धशतक लगा पाए और बैंगलूरू की ओर से सर्वाधिक 3 विकेट रसिख डार ने लिए। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू मेजबान गुजरात टाइटंस पर इस कदर हावी रही कि टीम के गेंदबाजों ने ईकाई के तौर पर प्रदर्शन कर गुजरात के 5 विकेट 100 रनों से पहले ही गिरा दिए।गुजरात को खुशनसीब समझना चाहिए कि वॉशिंगटन सुंदर की कैच को तीसरे अंपायर ने अवैध करार दे दिया नहीं तो टीम की हालत और बुरी होती। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने पहले ही पॉवरप्ले में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडयम में मेजबान टीम गुजरात टाइटंस पर शिकंजा कस लिया। बैंगलूरू ने दोनों सलामी बल्लेबाज और टूर्नामेंट के दो सबसे सफल बल्लेबाज को 4 ओवरों के भीतर ही पवैलियन रवाना कर दिया। शुरुआती झटकों के कारण गुजरात टीम पहले पॉवरप्ले का फायदा नहीं उठा सकी और महज 45 रन ही बना सकी। शुरुआती झटकों के कारण गुजरात टीम पहले पॉवरप्ले का फायदा नहीं उठा सकी और महज 45 रन ही बना सकी। Innings Break! Washington Sundar fights back but an all-round effort from #RCB restricts #GT to Scorecard https://t.co/Yz6K3q6w0X #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/1nMfBYvg1D — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 गुजरात टाइटंस (एकादश) : शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जॉस बटलर (कीपर), जेसन होल्डर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद ख़ान, निशांत सिंधु, कगिसो रबाडा, अरशद ख़ान और मोहम्मद सिराज। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (एकादश): विराट कोहली, देवदत्त पड़ीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (कीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जॉश हेजलवुड और रसिख डार सलाम।

वेब दुनिया 31 May 2026 9:21 pm

100 रनों से पहले ही गुजरात की आधी टीम आउट, बैंगलूरू ने कसा शिकंजा

GTvsRCB अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू मेजबान गुजरात टाइटंस पर इस कदर हावी रही कि टीम के गेंदबाजों ने ईकाई के तौर पर प्रदर्शन कर गुजरात के 5 विकेट 100 रनों से पहले ही गिरा दिए। ताजा जानकारी तक गुजरात 14.1 ओवरों तक 5 विकेट सिर्फ 99 रनों परदे चुकी थी। पहले पॉवरप्ले में शुभमन गिल और सांई सुदर्शन का विकेट गंवाने वाली गुजरात के लिए कोई बल्लेबाज टिक के नही खेल पाया। गुजरात को खुशनसीब समझना चाहिए कि वॉशिंगटन सुंदर की कैच को तीसरे अंपायर ने अवैध करार दे दिया नहीं तो टीम की हालत और बुरी होती। फिलहाल बैंगलूरू खिताबी मुकाबले को एक लो स्कोर मैच की तरफ ले जा रही है। Ahmedabad, can you feel the heat? #RCB are on fire Updates https://t.co/Yz6K3q6w0X #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/LGtUK2ucrH — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 दोनों टीमें इस प्रकार है:- गुजरात टाइटंस (एकादश) : शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जॉस बटलर (कीपर), जेसन होल्डर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद ख़ान, निशांत सिंधु, कगिसो रबाडा, अरशद ख़ान और मोहम्मद सिराज। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (एकादश): विराट कोहली, देवदत्त पड़ीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (कीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जॉश हेजलवुड और रसिख डार सलाम।

वेब दुनिया 31 May 2026 8:47 pm

IPL Final में बैंगलूरू ने टॉस जीतकर गुजरात के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)

GTvsRCB रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के कप्तान रजत पाटीदार ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूर ने प्लेऑफ में गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ में हरा दिया था। इसके बाद गुजरात ने दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। Toss Update from the FINAL @RCBTweets have won the toss & will bowl first against @gujarat_titans in Ahmedabad. Updates https://t.co/Yz6K3q6w0X #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/kgrF0LJ0gQ — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 टीमें: Playing XI & Impact Player रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, कृणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विकी ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), शाहरुख खान, अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, टॉम बैंटन, ग्लेन फिलिप्स, जेसन होल्डर, निशांत सिंधू, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, साई किशोर, जयंत यादव, अरशद खान, शाहरुख खान, मानव सुथार, राशिद खान, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, इशांत शर्मा, गुरनूर बराड़, अशोक शर्मा, ल्यूक वुड, पृथ्वी राज यारा।

वेब दुनिया 31 May 2026 7:02 pm

आज का एक्सप्लेनर:हार्दिक, पंत, रहाणे...आखिर IPL 2026 कप्तानों पर भारी क्यों पड़ गया, क्या अगले सीजन 50% कप्तान बदलेंगे; किन नए चेहरों को मौका

IPL का ये सीजन कई कप्तानों के लिए अच्छा नहीं गुजरा। पहले हार्दिक पांड्या और ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी खत्म होने की खबरें आईं, फिर ऋषभ पंत का इस्तीफा आ गया...लिस्ट में और भी कई नाम शामिल हैं। आखिर इन कप्तानों के साथ ऐसा क्यों हुआ, परफॉरमेंस आड़े आई या टीमों को नए चेहरों की तलाश, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… ऋषभ पंत: 27 करोड़ में बिके, LSG आखिरी पायदान पर, दिया इस्तीफा IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स, यानी LSG पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर रही। 30 मई को LSG ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि फ्रेंचाइजी ने ऋषभ के कप्तानी छोड़ने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। LSG के क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी के मुताबिक, ‘पंत ने खुद कप्तानी से हटने की इच्छा जताई थी और फ्रेंचाइजी ने उनके फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया। ऐसा फैसला लेना कभी आसान नहीं होता।' पंत के इस्तीफा देने के पीछे 3 बड़े फैक्टर हो सकते हैं… 1. टीम का खराब प्रदर्शन, पंत प्रेशर मैनेज नहीं कर पाए 2. IPL के सबसे महंगे खिलाड़ी, लेकिन परफॉरमेंस उम्मीद से कम 3. LSG के मालिक संजीव से अनबन की खबर हार्दिक पांड्या: कोचों की बात नहीं मानी, मुंबई इंडियंस 9वें पायदान पर रही 28 मई को इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि मुंबई इंडियंस, यानी MI के कप्तान के बतौर हार्दिक पांड्या का टेन्योर खत्म होने वाला है। टीम में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत कप्तान से होगी। अखबार ने टीम से जुड़े 3 सोर्सेज के हवाले से बताया, ‘टीम का मैनेजमेंट हार्दिक को आगे कप्तान बनाए रखना नहीं चाहता। आने वाले दिनों में इंट्रोस्पेक्शन होगा। कई सवालों के जवाब देने होंगे। उसके बाद तय होगा कि क्या हार्दिक कप्तान बने रहेंगे या सिर्फ प्लेयर की तरह टीम में रहेंगे?’ हार्दिक की कप्तानी जाने के पीछे 3 बड़े फैक्टर हो सकते हैं.. 1. MI की खराब परफॉरमेंस, सीनियर खिलाड़ी भी नाकाम रहे 2. मिड-ऑर्डर में हार्दिक का परफॉरमेंस अच्छा नहीं रहा 3. कोचों से अंदरूनी विवाद ऋतुराज गायकवाड़: 3 सीजन से कप्तान, CSK 8वें पायदान पर रही पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने 19 मई को क्रिकबज से कहा, 'IPL 2027 में ऋतुराज ही चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान होंगे, ये कहा नहीं जा सकता। CSK के लिए खेल चुके ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी मौजूदा सीजन में गायकवाड़ की परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'कप्तानी के प्रेशर के चलते वे बल्लेबाजी में भी कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं।’ ऋतुराज की कप्तानी जाने के 3 बड़े फैक्टर हो सकते हैं… 1. CSK की कमजोर परफॉर्मेंस, गायकवाड़ प्लेयर्स को मैनेज नहीं कर पाए 2. ओपनर के तौर पर ऋतुरात का प्रदर्शन खराब रहा 3. तीन सीजन से कप्तान, एक बार भी प्लेऑफ तक नहीं ले जा पाए अजिंक्य रहाणे: KKR दूसरी बार प्लेऑफ तक नहीं पहुंची, 7वें पायदान पर फिनिश 15 मई 2026 को आउटलुक इंडिया मैगजीन ने सोर्सेज के हवाले से तीन IPL कप्तानों के नाम दिए, जिनसे कप्तानी छीनी जा सकती है। इस रिपोर्ट में ऋतुराज गायकवाड़, अक्षर पटेल और अजिंक्य रहाणे का नाम था। आउटलुक के मुताबिक, ‘रहाणे को KKR की कप्तानी मिलना 'फोर्स्ड कॉल' यानी मजबूरी में लिया फैसला था, क्योंकि टीम के पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था।’ KKR ने 2024 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में 10 साल के इंतजार के बाद IPL खिताब जीता। हालांकि, 2025 में अय्यर पंजाब किंग्स में शामिल हो गए थे। 3 फैक्टर जिनके चलते रहाणे की कप्तानी छिन सकती है… 1. KKR का निराशाजनक सीजन, लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर 2. एज फैक्टर और इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी 3. स्लो-बैटिंग और स्ट्राइक रेट पर सवाल इन 4 कप्तानों के अलावा दिल्ली कैपिटल्स (DC) के कप्तान अक्षर पटेल की कप्तानी पर भी सवाल हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, ‘अक्षर बतौर कप्तान पूरी तरह नाकाम रहे। फैसले लेने के लिए वे ज्यादातर कोच हेमांग बदानी और वेणुगोपाल राव पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर अगले साल उनकी कप्तानी बरकरार रहना एक चमत्कार ही होगा।’ सवाल-1: इन टीमों के नए कप्तान कौन हो सकते हैं? जवाब: 5 टीमों के नए कप्तान के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं… LSG : मिशेल मार्श ESPN के मुताबिक LSG अगले कप्तान की दौड़ में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मिचेल मार्श का नाम सबसे आगे है, मार्श पिछले दो सीजन से टीम के टॉप स्कोरर भी रहे हैं। इसके अलावा भारतीय युवा खिलाड़ी आयुष बडोनी के नाम की भी चर्चा है। MI: तिलक वर्मा MI के पास जसप्रीत बुमराह और सूर्यकुमार यादव का विकल्प है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैनेजमेंट युवा बैटर तिलक वर्मा पर दांव खेल सकता है। CSK: संजू सैमसन पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के मुताबिक, 'CSK IPL 2027 के लिए संजू सैमसन को चुनेगी। उनके पास RR की कप्तानी का अनुभव है और वे ऋतुराज से बेहतर फॉर्म में हैं।’ KKR: रिंकू सिंह क्रिकट्रैकर की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘KKR मैनेजमेंट 2027 में टीम की कप्तानी रिंकू सिंह को सौंप सकता है। टीम के CEO वेंकी मैसूर ने IPL 2026 से पहले उन्हें वाइस-कैप्टन बनाकर इसका संकेत दे दिया था।’ DC: ट्रिस्टन स्टब्स DC के पास मौजूदा वाइस-कैप्टन केएल राहुल का विकल्प है। हालांकि, जब वे पहले ही कप्तान बनने से मना कर चुके हैं। IPL 2026 में अक्षर की गैर-मौजूदगी में डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स ने कप्तानी संभाली। स्टब्स युवा हैं, टीम उन्हें कप्तान बना सकती है।***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- IPL से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स:सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए, प्रिंस ने कोहली को बोल्ड किया; रसिख खेलेंगे फाइनल IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 31 May 2026 6:40 pm

टेस्टी फ्लेवर वाली ये आइसक्रीम खुद बनाएं, खाएं और खिलाएं

गर्मी के दिनों में आइसक्रीम खाने का मन हो तो इन टेस्टी फ्लेवर को खुद बनाएं और अपनों को खिलाएं, देखना सब कह उठेंगे वाह वाह। गुलाब कुल्फी गुलाब कुल्फी अपनी नाजुक खुशबू और शाही स्वाद के कारण हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आती है। इस खास कुल्फी को बनाने के लिए सबसे […] The post टेस्टी फ्लेवर वाली ये आइसक्रीम खुद बनाएं, खाएं और खिलाएं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 6:01 pm

मंदिर के रथ के पहियों से कुचलकर एक किशोर की मौत, एक घायल

चेन्नई। तमिलनाडु के नामक्कल जिले के तिरुचेंगोडु में रविवार को एक उत्सव के दौरान मंदिर के रथ के पहियों के नीचे कुचलकर एक किशोर की मौत हो गयी और एक अन्य घायल हो गया। इस हादसे पर मुख्यमंत्री विजय ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतक के परिवार को पांच लाख रुपए की विशेष […] The post मंदिर के रथ के पहियों से कुचलकर एक किशोर की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 5:44 pm

'मिर्जापुर: द मूवी' की रिलीज से पहले जाने क्या बोले गुड्डू पंडित, अली फजल ने साझा की फिल्म से जुड़ी दिलचस्प बात

अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट मिलकर मिर्जापुर की आइकॉनिक दुनिया को स्ट्रीमिंग से बड़े पर्दे पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह इंडिया की सबसे कामयाब और चहेती ओटीटी फ्रेंचाइजीज में से एक का पहला थियेट्रिकल एडाप्टेशन (थिएटर के लिए रूपांतरण) होने जा रहा है। मिर्जापुर: द मूवी 4 सितंबर, 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में ग्रैंड रिलीज के लिए शेड्यूल की गई है। मिर्जापुर: द मूवी को लेकर बज एकदम नेक्स्ट लेवल पर है। इंडिया की सबसे बड़ी और कामयाब स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजीज में से एक अब ओटीटी से सीधे बड़े पर्दे पर ऐतिहासिक एंट्री मारने के लिए तैयार है। यह फिल्म मिर्जापुर यूनिवर्स के उसी एक्शन, ड्रामा और धांसू डायलॉग्स को थिएटर के बड़े स्क्रीन पर एक अलग ही स्केल पर लाने वाली है, जिसने इसे 2026 की सबसे मच-अवेटेड फिल्मों में से एक बना दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अपने लॉयल फैनबेस, कल्ट किरदारों और ग्रिपिंग कहानी के साथ, उम्मीद है कि यह फ्रेंचाइजी दर्शकों को एक ऐसा थिएट्रिकल एक्सपीरियंस देगी जो पहले कभी नहीं देखा गया। फिल्म की रिलीज से पहले, गुड्डू पंडित के अपने आइकॉनिक रोल में नजर आने वाले अली फजल ने इस प्रोजेक्ट के ग्रैंड विजन पर बात की। अली फजल ने शेयर किया कि कैसे मिर्जापुर एक हिट सीरीज से एक स्टैंडअलोन फिल्म बनकर एक नया इतिहास रच रही है। अली फजल ने कहा, “हमने अभी-अभी फिल्म की शूटिंग पूरी की है। इंडिया में पहली बार कोई शो फिल्म में बदल रहा है, और सबसे मजेदार बात यह है कि यह एक स्टैंडअलोन फिल्म है, कोई सीक्वल नहीं है। उन्होंने कहा, सीजन 1 की ओरिजिनल कास्ट वापस आ गई है और यह कहानी खुद को बहुत ही खूबसूरत तरीके से सही साबित करती है। जिन लोगों ने मिर्जापुर नहीं देखी है, उन्हें भी यह समझ आएगी और जिन्होंने देखी है, उनके लिए भी सारा लॉजिक एकदम फिट बैठेगा। यह मोस्ट-अवेटेड फिल्म मिर्जापुर की सागा को बड़े एक्शन, शॉकिंग ट्विस्ट्स, नए नैरेटिव आर्क्स और पावर स्ट्रगल्स के साथ एक बिल्कुल नए लेवल पर ले जाने के लिए तैयार है, जो इस फ्रेंचाइजी की दुनिया को रीडिफाइन करेगा। पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु जैसे चहेते किरदारों की वापसी के साथ-साथ, फिल्म में कुछ नए चेहरे भी शामिल होंगे, जो नए किरदारों और बदलते रिश्तों के जरिए कहानी में एक और दिलचस्प लेयर जोड़ेंगे। मिर्जापुर: द मूवी को अमेजॉन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रेजेंट कर रहे हैं। गुरमीत सिंह के डायरेक्शन और पुनीत कृष्णा की लिखी इस फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 4 सितंबर, 2026 को दुनिया भर के थिएटर्स में ग्रैंड रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है।

वेब दुनिया 31 May 2026 5:18 pm

हिमाचल नगर निगम चुनाव : भाजपा की मंडी, धर्मशाला, सोलन में शानदार जीत, कांग्रेस का पालमपुर पर कब्जा बरकरार

शिमला। हिमाचल प्रदेश में रविवार को घोषित हुए नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के चार नगर निगमों में से तीन में शानदार जीत दर्ज की और मंडी, धर्मशाला एवं सोलन पर कब्जा जमाया जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस पालमपुर में अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रही। इस परिणाम को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह […] The post हिमाचल नगर निगम चुनाव : भाजपा की मंडी, धर्मशाला, सोलन में शानदार जीत, कांग्रेस का पालमपुर पर कब्जा बरकरार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:26 pm

बारां में 7 हजार रुपए रिश्वत लेते यातायात प्रभारी उप निरीक्षक अरेस्ट

बारां। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बारां में रविवार को यातायात प्रभारी उप निरीक्षक को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की बारां चौकी में शिकायत की कि यातायात प्रभारी उप निरीक्षक चन्द्रप्रकाश ने उसकी मिट्टी रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली […] The post बारां में 7 हजार रुपए रिश्वत लेते यातायात प्रभारी उप निरीक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:16 pm

पंचकूला में उच्च क्षमता वाले बम का सफल परीक्षण, 6 किलोमीटर तक गूंजी आवाज

पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला के रामगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (टीबीआरएल) क्षेत्र में रविवार को उच्च क्षमता वाले बम का परीक्षण किया गया। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पहले ही आसपास के गांवों के लिए परामर्श जारी कर दिया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे हुए परीक्षण के दौरान जोरदार धमाका […] The post पंचकूला में उच्च क्षमता वाले बम का सफल परीक्षण, 6 किलोमीटर तक गूंजी आवाज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:11 pm

इजराइली सेना ने लेबनान के बोफोर्ट किले पर कब्जा किया

तेल अवीव/बेरुत। इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए लितानी नदी पार कर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘बोफोर्ट किले’ पर कब्जा कर लिया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सोशल मीडिया पर इस कामयाबी को एक बड़ी रणनीतिक जीत बताया और कहा कि यह गालिली (उत्तरी इजराइल) के […] The post इजराइली सेना ने लेबनान के बोफोर्ट किले पर कब्जा किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:06 pm

खैरथल तिजारा में ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत

खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के शेखपुर थाना क्षेत्र में ईशरौदा के पास शनिवार को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि मृतक की पहचान अमन कुमार (26) के रूप में हुई है, जो तिजारा […] The post खैरथल तिजारा में ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:59 pm

‘ब्राउन’ का ट्रेलर रिलीज, करिश्मा कपूर निभाएंगी पुलिस अधिकारी की भूमिका

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर की आगामी क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘ब्राउन’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। निर्देशक अभिनय देव की इस सीरीज में करिश्मा कपूर एक ऐसी पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगी, जो अपने निजी मानसिक संघर्षों के बीच एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। ट्रेलर के अनुसार […] The post ‘ब्राउन’ का ट्रेलर रिलीज, करिश्मा कपूर निभाएंगी पुलिस अधिकारी की भूमिका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:55 pm

प्रयागराज : पेट्रोल पंप पर खड़ी महिला की अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मौके पर मौत

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित कांटी गांव के पास एचपी पेट्रोल पंप पर शनिवार देर शाम को एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार वाहन […] The post प्रयागराज : पेट्रोल पंप पर खड़ी महिला की अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मौके पर मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:50 pm

प्रयागराज में करंट लगने से दो लोगों की मौत मचा हड़कंप

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में कारपेंटर समेत दो मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। दोनों मकान में फर्नीचर का काम कर रहे थे, तभी एल्युमिनियम की रॉड 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गई और उसमें करंट उतर आया। लालपट्टी […] The post प्रयागराज में करंट लगने से दो लोगों की मौत मचा हड़कंप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:45 pm

पूजा हेगड़े ने फ्लोरल लेस ड्रेस में बढ़ाया इंटरनेट का तापमान, तस्वीरें वायरल

बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस और स्टाइलिश एक्ट्रेसेस में से एक पूजा हेगड़े अपने फैशन सेंस से लोगों को क्लीन बोल्ड कर देती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देखकर फैंस के दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं। तस्वीरों में पूजा हेगड़े ऑलिव ग्रीन कलर का एक स्टनिंग स्ट्रैपलेस फ्लोरल लेस ड्रेस पहने नजर आ रही हैं। इस आउटफिट का फैब्रिक और बारीक फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी नेट पैटर्न उन्हें एक रीगल और सेंसुअस लुक दे रहा है। स्ट्रैपलेस डिजाइन के जरिए पूजा अपने टोन्ड शोल्डर्स और कॉलरबोन को बेहद ग्रेसफुली फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। यह आउटफिट फेस्टिव सीजन और हाई-एंड फैशन पार्टीज के लिए एक परफेक्ट इंस्पिरेशन है। तस्वीरों में पूजा हेगड़े एक क्लासिक केन-बैक विंटेज चेयर पर बैठकर एक से बढ़कर एक सेक्सी पोज देती नजर आ रही हैं। कुछ तस्वीरों में वे कैमरे से नजरें चुराकर नीचे देखते हुए शर्मीला लेकिन बेहद बोल्ड पोज दे रही हैं। वहीं कुछ क्लोज-अप शॉट्स में उनका सीधे कैमरे में देखना और उनके सिडक्टिव व इंटेंस फेशियल एक्सप्रेशंस फैंस को मदहोश करने के लिए काफी हैं। हाथों में सफेद ताजे फूलों का गुलदस्ता लिए पूजा का यह अंदाज़ किसी पेंटिंग की तरह खूबसूरत और जादुई लग रहा है। पूजा ने अपने बालों को सॉफ्ट हैवी वेव्स के साथ ओपन मिडिल-पार्टेड हेयरस्टाइल दिया है, जो उनके चेहरे पर बेहद खूबसूरती से गिर रहे हैं। मेकअप की बात करें तो उन्होंने वॉर्म, जूसी और डेवी टोन सिलेक्ट किया है, जिसमें ब्लश-पिंक चीक्स और ग्लॉसी लिप्स उनके ग्लैमर को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कानों में लॉन्ग पर्ल और कलर्ड स्टोन ड्रॉप ईयररिंग्स पहने हैं, और हाथों में लेयर्ड गोल्ड ब्रेसलेट्स और स्टेटमेंट रिंग्स कैरी की हैं, जो इस पूरे विंटेज एस्थेटिक लुक में चार चांद लगा रहे हैं। पूजा हेगड़े का यह अवतार सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। फैंस उनके कमेंट सेक्शन में फायर और हार्ट इमोजीस की बारिश कर रहे हैं।

वेब दुनिया 31 May 2026 3:10 pm

ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से सनसनी

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बीटा-दो थाना क्षेत्र के सिग्मा अपार्टमेंट के पास एक नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शनिवार को बताया कि मृतक की पहचान 39 वर्षीय माइक के रूप में […] The post ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से सनसनी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 1:39 pm

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में 6 अरेस्ट

कोलकाता। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इलाके से जुटाए गए वीडियो फुटेज के जरिये आरोपियों की पहचान की गयी। सोनारपुर पुलिस स्टेशन ने इस घटना के संबंध […] The post सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में 6 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 1:33 pm

हैदराबाद में 9 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस निरीक्षक अरेस्ट

हैदराबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (टीजीसीएसबी) से जुड़े एक पुलिस निरीक्षक को रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की ओर से शनिवार रात जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार हैदराबाद स्थित टीजीसीएसबी के साइबर अपराध थाना के निरीक्षक बाथुला महेंद्र के खिलाफ आपराधिक कदाचार का […] The post हैदराबाद में 9 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस निरीक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 1:20 pm

'कोई दूसरा राम नहीं देखना चाहता', रामायणम् में रणबीर कपूर की कास्टिंग विवाद पर अरुण गोविल का बड़ा बयान

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायणम्' इस साल की सबसे चर्चित और प्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। दिवाली 2026 में रिलीज होने वाली इस फिल्म का जब पहला टीज़र 'रामा अवतरण' के रूप में सामने आया, तो इसने सिनेमा जगत में तहलका मचा दिया। हालांकि, जहां एक तरफ फिल्म के भव्य विजुअल्स की तारीफ हुई, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में कास्ट करने पर एक बड़ी बहस छिड़ गई। कई दर्शक रणबीर को इस दिव्य भूमिका में स्वीकार करने से कतरा रहे हैं। ALSO READ: 'तारक मेहता' शो की एक्ट्रेस नेहल वडोलिया का दावा- IPL क्रिकेटर भेजता था पर्सनल मैसेज, फिर किया ब्लॉक अब इस पूरे विवाद और हो रही आलोचनाओं पर रामानंद सागर की ऐतिहासिक 'रामायण' में श्रीराम का किरदार निभाकर घर-घर में पहचाने जाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 'रामायणम्' में अरुण गोविल राजा दशरथ का किरदार निभाते नजर आने वाले हैं। वैयाइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में अरुण गोविल ने रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर हो रही ट्रोलिंग और तुलना पर बेहद संजीदगी से बात की। उन्होंने दर्शकों के इस विरोध के पीछे के मनोविज्ञान को समझाते हुए कहा, शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि भगवान राम के रूप में मेरा अभिनय एक पैमाना बन चुका है। वह आज भी लोगों के दिलों और दिमाग में पूरी तरह जिंदा है। अ‍रुण गोविल ने कहा, कोई भी दर्शक किसी दूसरे व्यक्ति को 'राम' के रूप में नहीं देखना चाहता। आज भी उत्तर और मध्य भारत के मेलों या नाटकों में जब श्रीराम की तस्वीरें बिकती हैं, तो उनमें मेरा ही चेहरा होता है। इसलिए दर्शकों के लिए इस बदलाव को स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जब अरुण गोविल से पूछा गया कि वह रणबीर कपूर को इस अवतार में कैसे देखते हैं, तो उन्होंने रणबीर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक किरदार को निभाने के हर अभिनेता के अपने तौर-तरीके होते हैं। राम के रूप में मैं उनके अभिनय पर अभी कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि रणबीर एक बेहतरीन अभिनेता और एक शानदार इंसान हैं। हर एक्टर किसी भी किरदार को अपने अनूठे अंदाज में जीता है और रणबीर ने भी भगवान राम के चरित्र को अपने अलग और अनोखे तरीके से पर्दे पर उतारा होगा। 'रामायणम्' में राजा दशरथ का किरदार निभाने पर अरुण गोविल ने कहा, शुरुआत में वह इस रोल के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा के आग्रह पर वह मान गए, क्योंकि मेकर्स पुरानी रामायण और आधुनिक रामायणम् के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना चाहते थे। नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बताई जा रही है, जिसका बजट 4,000 करोड़ रुपए से अधिक है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए हॉलीवुड की दिग्गज वीएफएक्स कंपनी 'DNEG' और ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर को जोड़ा गया है। इस फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा साई पल्लवी माता सीता के रूप में, यश रावण के रूप में, सनी देओल हनुमान के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। ‍'रामायण: पार्ट 1' दिवाली 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा।

वेब दुनिया 31 May 2026 1:16 pm

'तारक मेहता' शो की एक्ट्रेस नेहल वडोलिया का दावा- IPL क्रिकेटर भेजता था पर्सनल मैसेज, फिर किया ब्लॉक

मनोरंजन जगत और क्रिकेट का नाता हमेशा से गहरा रहा है, लेकिन कभी-कभी यह जुड़ाव विवादों की वजह से सुर्खियों में आ जाता है। हाल ही में टीवी और ओटीटी की जानी-मानी अभिनेत्री नेहल वडोलिया ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। 'तारक मेहता'शो में काम कर चुकी एक्ट्रेस नेहल ने सुनो इंडिया के पॉडकास्ट में दावा किया कि आईपीएल की टीम 'राजस्थान रॉयल्स' के एक क्रिकेटर उनके सोशल मीडिया इनबॉक्स में लगातार मैसेज भेज रहे थे। ALSO READ: क्या हॉलीवुड में दिख गई महिमा चौधरी की बेटी? बेटी आरियाना की हमशक्ल देख एक्ट्रेस ने कही यह बात पॉडकास्ट के दौरान जब होस्ट ने नेहल वडोलिया से पूछा कि क्या कभी किसी नामचीन क्रिकेटर ने उन्हें सोशल मीडिया पर अप्रोच करने की कोशिश की है? इस पर नेहल ने बिना झिझक के हामी भरी। उन्होंने जो हिंट दिए, उसने इंटरनेट यूजर्स के कान खड़े कर दिए। क्रिकेटर की पहचान से पर्दा उठाए बिना नेहल ने कहा, वह इतना ज्यादा जाना-माना चेहरा नहीं है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स का खिलाड़ी है। साथ ही उसका तलाक भी हो चुका है। जब नेहल से पूछा गया कि वह क्रिकेटर उन्हें किस तरह के मैसेज भेजता था, तो अभिनेत्री ने बताया कि वह अक्सर उनकी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर रिएक्ट करता था। वह उनकी तस्वीरों पर हॉट, ब्यूटीफुल और प्रीटी जैसे कॉम्प्लीमेंट्स लिखकर भेजा करता था। एक्ट्रेस ने किया ब्लॉक नेहल ने साफ किया कि उन्हें उस क्रिकेटर से बातचीत बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उन्होंने इस एकतरफा बातचीत को आगे बढ़ाने के बजाय उस खिलाड़ी से दूरी बनाना ही बेहतर समझा। अभिनेत्री ने कहा, अगर अभी मैं उसे मैसेज कर दूंगी, तो वह फिर से बातचीत शुरू कर देगा। लेकिन सच यह है कि मुझे उससे कोई बात ही नहीं करनी है। आखिरकार परेशान होकर नेहल ने उस क्रिकेटर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें करण जोशी विवाद को लेकर भी चर्चा में हैं नेहल यह पहली बार नहीं है जब नेहल वडोलिया अपने बेबाक बयानों और खुलासों को लेकर चर्चा में आई हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने गुजराती सिनेमा के उभरते हुए अभिनेता करण जोशी पर भी इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजने के गंभीर आरोप लगाए थे। नेहल ने इस बात को साबित करने के लिए अपने सोशल मीडिया पर चैट के स्क्रीनशॉट और वीडियो प्रूफ भी शेयर किए थे। नेहल वडोलिया को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में किसी परिचय की जरूरत नहीं है। उन्होंने कई लोकप्रिय वेब सीरीज में काम किया है, जिनमें गंदी बात 3, मस्तराम, जूली, इमली, दुनली, वुडपेकर और रसीले पड़ोसन शामिल हैं। इसके अलावा, टीवी के सबसे लोकप्रिय शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बबीता जी की सहेली 'नेहा' के किरदार में भी उन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

वेब दुनिया 31 May 2026 12:39 pm

शोभिता धुलिपाला की 5 शानदार आउटफिट्स जिसने इंटरनेट का पारा किया हाई

Sobhita Dhulipala : भारतीय काउचर वीक हमेशा एक बड़े इवेंट के रूप में देखा जाता है, और इस साल भी यह फैशन प्रेमियों और नेटिज़न्स को एक बार फिर से मंत्रमुग्ध कर दिया है। आइए नजर डालते हैं शोभिता धुलिपाला की उन 5 लुक्स पर जो सच में रैंप पर चलने के लायक हैं! ब्लश पिंक और मेटैलिक ह्यूज गाउन Instagram पर यह पोस्ट देखें Sobhita (@sobhitad) द्वारा साझा की गई पोस्ट शोभिता धुलिपाला ने एक ब्लश पिंक और मेटैलिक ह्यूज से सजे गाउन में अपने लुक को बेहतरीन बनाया। इस गाउन में माइक्रो प्लीट्स का खूबसूरत काम है जो फर्श तक बहती है। उनकी परफेक्ट मेकअप, जिसमें आंखों की शेडो, काजल, ब्लश और लिपस्टिक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन शामिल था, इस अनूठे आउटफिट को खास बनाता है ड्रामेटिक ओवरसाइज़्ड जैकेट View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) इस बोल्ड और आर्टिस्टिक आउटफिट में शोभिता धुलिपाला का लुक बहुत ही प्रभावशाली है। इस लुक में एक ड्रामेटिक, ओवरसाइज़्ड जैकेट है जिसमें फ्लोरल और एब्सट्रैक्ट पैटर्न का एक जीवंत मिक्स है। लाल, नीले और काले रंग के संयोजन के साथ इसका स्ट्रक्चर्ड सिल्हूट और शानदार डिजाइन इसे एक स्ट्रॉन्ग स्टाइल स्टेटमेंट बनाता हैं। एंफीट्राइट-एस्क गाउन View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) शोभिता धुलिपाला ने एक शानदार एंफीट्राइट-एस्क गाउन में अपनी रौनक बिखेरी। यह गाउन ट्रांसपेरेंट और नेटेड डिटेल्स के साथ डिजाइन किया गया था, जो एक फैरिटेल की तरह लगता है। शियर ब्लू ब्लाउज़ और ब्लैक स्कर्ट View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) शोभिता का शियर, वाइब्रेंट ब्लू ब्लाउज़ और वॉल्यूमिनस स्लीव्स के साथ ब्लैक व्रैप स्कर्ट का लुक बेहद आकर्षक था। इस लुक को स्टेटमेंट चोकर, मिनिमल मेकअप और एक चीक रिलैक्स्ड हेयरस्टाइल के साथ पूरा किया गया, जो एक सच्ची फैशनिस्टा की छवि को प्रकट करता है। सिल्वर लहंगा View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) शोभिता धुलिपाला ने भारतीय काउचर वीक में एक शानदार आधुनिक सिल्वर लेहेंगा पहनकर रैंप पर छा गईं। इस चमकदार सिल्वर एन्सेम्बल में हाईली बीडवर्क और सिक्विन्स की जड़ी-बूटी है, जो इसकी विलासिता को बढ़ाती है। फिटेड बॉडीज़ इस लुक को एक शानदार आकर्षण प्रदान करता है, जबकि शीयर ड्रेपिंग फैब्रिक एक बहता प्रभाव डालता है। इन लुक्स ने शोभिता धुलिपाला की फैशन-फॉरवर्ड सेंसिबिलिटी को बेहतरीन तरीके से दर्शाया है, जो निश्चित ही इस साल के काउचर वीक की हाइलाइट रही हैं।

वेब दुनिया 31 May 2026 11:31 am

IPL 2026 Final: अहमदाबाद में क्रिकेट प्रेमियों के लिए दौड़ेगी AMTS-BRTS की अतिरिक्त बसें, देखें पूरा रूट प्लानिंग

अहमदाबाद में कल आईपीएल का हाई-वोल्टेज फाइनल मैच खेला जाने वाला है। इस महामुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिसे ध्यान में रखते हुए दर्शक स्टेडियम तक आसानी से और बिना किसी रुकावट के पहुंच सकें, इसके लिए AMTS-BRTS बस सेवाओं में भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में महासंग्राम: RCB vs GT कल अहमदाबाद के विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में IPL 2026 का फाइनल मैच खेला जाएगा। इस खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और होम टीम गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। इस ऐतिहासिक मैच को लेकर लाखों की संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के स्टेडियम पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते शहर में विशेष परिवहन व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन मुस्तैद प्रशासन द्वारा सभी यात्रियों और क्रिकेट फैंस को स्टेडियम तक आसानी से, सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए AMTS और BRTS द्वारा संयुक्त रूप से बस सेवाओं में इजाफा किया गया है। मैच के दिन यातायात व्यवस्था (ट्रैफिक) सुचारू रूप से बनी रहे, इसके लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही पुख्ता प्लानिंग कर ली गई है। AMTS द्वारा 16 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों की तुलना में फाइनल मैच के दिन यात्रियों की भारी भीड़ रहने का अनुमान है। इसलिए लोगों की सुविधा के लिए और किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से AMTS द्वारा विशेष रूटों पर 16 अतिरिक्त बसें संचालित की जाएंगी। स्टेडियम रूट पर BRTS की 52 बसों का काफिला इसके अलावा, BRTS प्रशासन ने भी कमर कस ली है और कल स्टेडियम रूट पर कुल 52 बसें दौड़ाई जाएंगी। वर्तमान में स्टेडियम के आसपास के इलाकों में 36 बसें सेवा दे रही हैं, लेकिन फाइनल मैच के दौरान यात्रियों के बढ़ते भारी दबाव को देखते हुए बसों की संख्या में यह बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की अपील और क्रिकेट का जम रहा माहौल ट्रैफिक की समस्या से बचने के लिए प्रशासन ने दर्शकों से अपने निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का अधिक से अधिक उपयोग करने की विशेष अपील की है। इस व्यवस्था से स्टेडियम तक का सफर बेहद सुविधाजनक हो जाएगा। फिलहाल पूरे अहमदाबाद शहर में क्रिकेट का जबरदस्त माहौल बना हुआ है और क्रिकेट प्रेमियों में फाइनल मैच को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

वेब दुनिया 31 May 2026 5:32 am

आज का एक्सप्लेनर:पहले ईरान को तबाह किया, अब ट्रम्प ₹29 लाख करोड़ देकर फिर खड़ा करेंगे; अमेरिका को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही

एक मशहूर कहावत है- नमाज बख्शवाने गए थे, रोजे गले पड़ गए। ट्रम्प के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा। तीन महीने पहले ईरान को घुटनों पर लाने निकले थे, आज खुद 300 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट फंड लेकर उसके दरवाजे पर खड़े हैं। रिपोर्ट्स हैं कि जंग रोकने का मसौदा तैयार हो चुका है। सिर्फ ट्रम्प और खामेनेई के दस्तखत होने बाकी हैं। अमेरिका-ईरान के समझौते की शर्तें क्या हैं, इसमें ईरान कैसे फायदे में और आखिर ट्रम्प को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही; आज के एक्सप्लेनर में समझिए… सवाल-1: अमेरिका और ईरान के बीच किन शर्तों पर डील हो रही है?जवाबः अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने 28 मई को रिपोर्ट किया कि अमेरिका और ईरान ६० दिन के लिए सीजफायर बढ़ाने को तैयार हैं। दोनों देशों के बीच एक MoU यानी समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी। इस पर प्रेसिडेंट ट्रम्प की फाइनल मंजूरी बाकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मसौदे में 5 प्रमुख शर्तें हैं… 1. होर्मुज स्ट्रेट खुलेगाः होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के निकलने पर कोई रोक नहीं होगी। ईरान किसी जहाज से कोई टोल या ट्रांजिट फीस नहीं वसूलेगा। ईरान को 30 दिनों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। अमेरिका भी होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी से अपनी नाकाबंदी हटाएगा। 2. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगाः सीजफायर के दौरान ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम के निपटारे पर ही बात की जाएगी। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक ईरानी ऑफिसर ने बताया कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोक देगा। बदले में अमेरिका ये वादा करेगा कि जब तक दोनों देशों में समझौते पर आखिरी बातचीत न हो जाए, तब तक ईरान पर प्रतिबंध नहीं बढ़ाए जाएंगे। 3. ईरान के जब्त पैसे मिलेंगे: विदेशी बैंकों में ईरान के करीब 24 अरब डॉलर फ्रीज हैं। अब समझौते के तहत उसके ये पुराने फंड रिलीज किए जा सकते हैं। अमेरिकी ऑफिसर ने कहा कि अब ईरान के पास अपनी इकॉनमी को बंधन से आजाद करने का मौका है। ईरानी न्यूज एजेंसी तसनीम के मुताबिक, ईरान के 24 अरब डॉलर में से 12 अरब डॉलर देने पर बातचीत आगे बढ़ी है। 4. इजराइल हिजबुल्लाह पर हमले रोकेगा: ईरानी अधिकारियों और एक राजनयिक के अनुसार लेबनान में लड़ाई रोकना भी समझौते में शामिल है। ट्रम्प प्रशासन को उम्मीद है कि ईरान हिजबुल्लाह और हूती जैसे मिलिटेंट ऑर्गेनाइजेशन की मदद पर बात करेगा। 5. 29 लाख करोड़ लगाकर ईरान का रीकन्स्ट्रक्शनः न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते में सबसे हैरान करने वाला संशोधन ईरान के लिए एक इन्वेस्टमेंट फंड का जिक्र है। ये फंड 300 अरब डॉलर यानी करीब 28.5 लाख करोड़ रुपए का है। एक ईरानी अधिकारी ने इसे ईरान में रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम बताया। सवाल-2: अगर डील हुई, तो कौन ज्यादा फायदे में होगा?जवाबः मौजूदा समझौते में जितनी शर्तें सामने आई हैं, उनसे ईरान को ज्यादा फायदा है… ट्रम्प सिर्फ एक बात को भुना सकते हैं कि अब ईरान परमाणु बम नहीं बना सकेगा। लेकिन उसमें भी झोल है… पॉलिटिकल रिस्क कंसल्टेंसी फर्म यूरेशिया ग्रुप के सीनियर ईरान एनालिस्ट ग्रेगरी ब्रू कहते हैं, 'ये कुल मिलाकर ईरान की जीत है। उसने एक महीने से ज्यादा समय तक बमबारी झेली। होर्मुज को बंद रखा और अमेरिका के साथ अपनी शर्तों पर समझौता करके ही इसे दोबारा खोलने पर राजी हुआ। ट्रम्प ने जंग के पीछे जो टारगेट बताए थे, उनमें से कुछ भी हासिल नहीं हुआ। न ईरान में शासन बदला, न वेनेजुएला जैसी सफलता मिली, न होर्मुज खुलवा सके और न कोई बड़ा परमाणु समझौता कर पाए।' सवाल-3: आखिर अमेरिका को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही है?जवाबः ईरान से घाटे की डील करने के पीछे ट्रम्प और अमेरिका की 3 बड़ी मजबूरियां हैं… 1. ईरान जंग में फायदे की बजाय नुकसान हुआ 2. ट्रम्प की ईरान पर जीत दिखाने की जल्दी 3. मिड-टर्म चुनाव गंवाना नहीं चाहते ट्रम्प सवाल-4: अमेरिका-ईरान की इस डील में अभी क्या बड़ी अड़चने हैं? जवाबः दोनों देशों ने मसौदा भले तैयार कर लिया है, लेकिन दस्तखत होने से पहले कई अड़चने हैं। सबसे बड़ी अड़चन एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर है। ईरान के पास 440 किलो एनरिच्ड यूरेनियम और 10 टन कच्चा यूरेनियम है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई के मुताबिक, 'मौजूदा बातचीत युद्ध खत्म करने तक सीमित है, इसमें यूरेनियम का मुद्दा शामिल नहीं है। ट्रम्प ईरान के इसे किसी तीसरे देश में ले जाने पर सहमत हैं, लेकिन इसे रूस या चीन भेजने पर राजी नहीं हैं। जबकि 2015 में परमाणु समझौते के बाद ईरान ने अपने यूरेनियम का 97% रूस ही भेजा था। ईरानी मामलों के एक्सपर्ट अली वायज के मुताबिक, '10 साल पहले अमेरिका को ईरान से न्यूक्लियर डील करने में ढाई साल लग गए थे। आज के हालात कहीं ज्यादा पेचीदा हैं। अगले 60 दिनों में कोई हल निकलना मुश्किल है। होर्मुज पर भी बात बिगड़ सकती है। ईरान चाहता है कि पहले अमेरिकी नाकेबंदी हटे, फिर होर्मुज पर बात हो। वह बाद में भी ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में टोल वसूलना चाहता है, जो ट्रम्प को मंजूर नहीं है। ईरान के भीतर कई कट्टरपंथी संगठन भी डील का विरोध कर रहे हैं। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 मई को तेहरान में बड़ी रौलियां निकलीं, जिनमें अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी हुई। ईरान किसी भविष्य में संभावित आंतरिक संघर्ष से बचना चाहता है, इसीलिए वह किसी समझौते तक पहुंचने में समय ले रहा है। सवाल-5: अगर ये डील हो गई, तो सबकुछ पहले जैसा सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा? जवाबः ईरान की बिछाई बारूदी सुरंगें हटाने में कई हफ्ते लग सकते हैं। अमेरिकी नाकाबंदी भी ईरान से बातचीत के आधार पर धीरे-धीरे कम होगी। प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक, ‘मौजूदा हालात में सीजफायर संभव है। युद्ध रुकने के बाद तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं, क्योंकि बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो चुका होता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ दिल्ली बेस्ड थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के एक्सपर्ट विवेक मिश्र बताते हैं, ‘होर्मुज में 18-20 हजार जहाज फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने में 3 हफ्ते लग सकते हैं। इसके बाद अगले डेढ़ महीने में दोनों तरफ से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो पाएगी।’ विवेक मिश्र कहते हैं, ‘UAE पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन OPEC से बाहर हो गया है। OPEC के सदस्य देश मिलकर तेल के प्रोडक्शन की मात्रा और तेल की कीमतें तय करते थे। अब UAE जितना चाहे उतना तेल बाजार में उतार सकता है। ऐसे में कीमत पर कंट्रोल रखना आसान नहीं होगा।’ ईरानी मामलों के एक्सपर्ट यासिर अली मिर्जा मानते हैं, ‘फिलहाल दोनों देशों को किसी डील पर पहुंचने में कम से कम 6 महीने और लग सकते हैं। ईरान की स्ट्रैटजी होर्मुज बंद करके वर्ल्ड इकॉनोमी पर दबाव बढ़ाने की है, जिसमें वो काफी हद तक सफल रहा है। ऐसे में वह आसानी से अमेरिका की शर्तें मानने वाला नहीं है।’ ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…ट्रम्प ने क्या मांग लिया, जिससे पाकिस्तान का सीधा इनकार:अमेरिका का गुस्सा मंजूर, इजराइल से दोस्ती क्यों नहीं कर सकता पाकिस्तान अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल के एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन कहते हैं- ट्रम्प के जितना करीब जाओगे, उतना ही जोखिम बढ़ेगा। वह कुछ ऐसा मांग बैठेंगे, जो देना संभव न हो। पाकिस्तान इस वक्त उसी ‘कुआं और खाई’ की सिचुएशन में आ गिरा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 30 May 2026 6:38 pm