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RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, जनगणना, नशा मुक्ति और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर हुआ मंथन

बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से 226 कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा, शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन, […] The post RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, जनगणना, नशा मुक्ति और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर हुआ मंथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 10:03 pm

श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:50 pm

नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:39 pm

अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ा गांव नैथला में रविवार सुबह खेत की तारबंदी को लेकर दो सगे भाइयों के परिवाराें में हुए खूनी संघर्ष में 13 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मालाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार […] The post अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:15 pm

ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर-डबरा थाना क्षेत्र में घर में अकेली महिला से कथित दुष्कर्म और उसके पति से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी ननदोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि शनिवार रात उसका पति खेत पर सिंचाई के […] The post ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:09 pm

अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:03 pm

जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़

दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:44 pm

गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व

आषाढ़ पूर्णिमा; यानी साधक और शिष्य जिस दिन की अत्यंत उत्सुकता (आतुरता) से प्रतीक्षा करते हैं, वह गुरु पूर्णिमा का मंगलमय दिन है। शिष्य के संपूर्ण जीवन में समाए हुए सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ गुरु के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, और साधना के अगले लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लेने के लिए […] The post गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:39 pm

जीत कर भी हार गईं 150 करोड़! 20 साल तक एक ही नंबर से खेली लॉटरी, जैकपॉट लगते ही मां ने कूड़ेदान में फेंक दिया टिकट

UK Lottery Cath Main Story: भारत में अक्सर कहा जाता है कि किस्मत कब किसी को राजा बना दे और कब एक पल में सब कुछ छीन ले, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है. ब्रिटेन के साउथ वेल्स (South Wales) से सामने आई एक बेहद हैरान करने वाली घटना ने इस कहावत को शत-प्रतिशत सच साबित कर दिया है. यहां रहने वाली 46 साल की कैथ मेन (Cath Main) के साथ एक ऐसी अनहोनी हुई, जिसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. कहां तो वह एक झटके में 150 करोड़ रुपये की मालकिन बनने वाली थीं, लेकिन एक छोटी सी मानवीय भूल के कारण उनके हाथ एक फूटी कौड़ी भी नहीं लगी.मशहूर ब्रिटिश अखबार 'द सन' (The Sun) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैथ ने पिछले 20 सालों से लगातार एक ही नंबर पर भरोसा करके लॉटरी खेली थी. 6 जून को हुए लकी ड्रॉ में आखिरकार उनके उन्हीं नंबरों ने बाजी मारी और करीब 12 मिलियन पाउंड यानी लगभग 150 करोड़ रुपये का बंपर जैकपॉट जीत लिया. लेकिन इस महा-जीत की खबर मिलने से ठीक पहले उनका वह असली करोड़पति टिकट कूड़ेदान के हवाले किया जा चुका था.20 साल पुराने जादुई नंबरों ने रातोंरात बदली किस्मतसाउथ वेल्स के एबरसीनन इलाके की रहने वाली कैथ मेन पेशे से एक रग्बी क्लब में ट्रेजरर (कोषाध्यक्ष) हैं. वह पिछले दो दशकों से अपनी मां फियोना की मदद से लॉटरी का टिकट खरीदती आ रही थीं. कैथ ने बताया कि उन्होंने हमेशा एक ही छह फिक्स नंबरों पर भरोसा किया और हर बार उन्हीं नंबरों के साथ अपनी किस्मत आजमाती थीं.6 जून के लॉटरी ड्रॉ के कई दिनों बाद तक जब किसी भी विजेता ने जैकपॉट की इतनी बड़ी राशि पर अपना दावा (Claim) नहीं किया, तो यह खबर मीडिया में छा गई. इस खबर पर जब कैथ की नजर पड़ी, तो उन्होंने सोचा कि क्यों न एक बार अपने रेगुलर नंबरों का मिलान कर लिया जाए.सभी नंबर थे हुबहू सेम, पर एक भूल से उड़े होशजैसे ही कैथ ने अखबार से अपने नंबर मिलाए, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लॉटरी के सभी छह नंबर बिल्कुल वही थे जो वह 20 साल से खरीद रही थीं. कैथ को यकीन नहीं हुआ कि वह आधिकारिक तौर पर करोड़पति बन चुकी थीं. उन्होंने तुरंत खुशी-खुशी अपनी मां फियोना को फोन लगाया और पूछा कि क्या उन्होंने उस विशेष सप्ताह उनके नंबरों वाला लॉटरी टिकट खरीदा था? उनकी मां ने हां में जवाब दिया. लेकिन इसके तुरंत बाद मां ने जो बात बताई, उसने कैथ की चीखें निकाल दीं और खुशी पल भर में भयंकर चिंता में बदल गई.मशीन की तकनीकी खराबी ने बिगाड़ा खेलदरअसल, ड्रॉ खत्म होने के बाद कैथ की मां फियोना उस टिकट को लेकर पास की एक स्थानीय लॉटरी दुकान पर गई थीं ताकि पता चल सके कि कोई इनाम निकला है या नहीं. दुकान के कर्मचारी ने जब उस टिकट को मशीन में स्कैन किया, तो मशीन से कोई अलर्ट या संकेत नहीं मिला. आमतौर पर विजेता टिकट स्कैन होने पर मशीन से एक विशेष बीप या अलर्ट आता है, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उस वक्त ऐसा कुछ नहीं हुआ.कर्मचारी ने फियोना से कह दिया कि इस टिकट पर कोई इनाम नहीं निकला है. फियोना ने भी सोचा कि जब टिकट खाली गया है तो इसे रखने का क्या फायदा. उन्होंने दुकानदार से कहा कि वह इसे कूड़ेदान (Dustbin) में फेंक दे. कर्मचारी ने टिकट कचरे के डिब्बे में डाल दिया. जब तक कैथ को अपनी जीत का पता चला, तब तक दुकान का पूरा कचरा साफ होकर शहर के मुख्य डंपिंग यार्ड में जा चुका था और वह ऐतिहासिक टिकट हमेशा के लिए गायब हो गया.अब 150 करोड़ रुपये के लिए चल रही है कानूनी जांचकैथ ने बिना असली टिकट के अपनी जीत साबित करने के लिए लॉटरी ऑपरेटर कंपनी 'ऑलविन' (Allwyn) के मुख्यालय से संपर्क किया है. कंपनी ने इस अनोखे मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है. कैथ का दावा है कि उनके पास अपनी सच्चाई साबित करने के लिए कई डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद हैं.उन्होंने टिकट खरीदने की बैंक ट्रांजैक्शन रसीद और दुकान के आसपास लगे कैमरों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी कंपनी को सौंपी है, जिसमें उनकी मां को उस दुकान में जाते और टिकट चेक कराते हुए साफ देखा जा सकता है. लॉटरी कंपनी के नियमों के मुताबिक, यदि टिकट खो जाए या नष्ट हो जाए, तो भी मजबूत सबूतों के आधार पर 30 दिनों के भीतर दावे पर विचार किया जा सकता है.दुकानदार ने भी जताया गहरा अफसोसलॉटरी दुकान के मालिक करण कुमार ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने बताया कि उस समय दुकान के भीतर कुछ मेंटेनेंस का काम चल रहा था, जिसके चलते अंदर के कैमरे बंद थे. उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः टिकट स्कैन करने वाली मशीन में कोई अस्थायी तकनीकी खराबी आ गई होगी जिसके कारण करोड़ों का टिकट रीजेक्ट हो गया. फिलहाल ऑलविन कंपनी सभी डिजिटल फॉरेंसिक सबूतों की जांच कर रही है और अंतिम फैसले के लिए कैथ को एक महीने का इंतजार करना होगा.'दुनिया की सबसे बदकिस्मत विजेता हूं मैं'कैथ मेन ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया और कहा, यह पूरा अनुभव मेरे लिए किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है. मैं खुद को दुनिया की सबसे बदकिस्मत विजेता महसूस कर रही हूं. मेरी आंखों के सामने 150 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम तैर रही है, लेकिन उसे पाने के लिए मुझे अब एक अदद कागज के टुकड़े के बिना पूरी दुनिया से लड़ना होगा. कैथ ने बताया कि अगर उन्हें यह रकम मिल जाती है, तो उनका सबसे बड़ा सपना अपने परिवार के साथ न्यूजीलैंड जाकर छुट्टियां मनाने का है. फिलहाल, वह केवल प्रार्थना कर रही हैं कि उनका 20 साल पुराना यह सपना सच साबित हो जाए.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:55 pm

तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं

हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:23 pm

आज का एक्सप्लेनर:3 देशों से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदीः ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम, इंडोनेशिया से बंदरगाह की डील; ये चीन-अमेरिका को कितना खलेगा

पीएम मोदी 6 जुलाई की सुबह नई दिल्ली से इंडोनेशिया के लिए निकले थे। फिर ऑस्ट्रेलिया होते हुए न्यूजीलैंड पहुंचे। वे 6 दिनों में 3 देशों का दौरा करके 12 जुलाई की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 144 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- इंडोनेशिया का जकार्ता। ये पीएम मोदी की चौथी इंडोनेशियाई यात्रा थी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दो दिन के टूर में उन्होंने इंडोनेशियाई संसद में भाषण दिया। दोनों देशों के बीच 14 समझौतों पर साइन हुए। इनमें 2 डील सबसे अहम हैं- 1. सबांग पोर्ट डीलभारत और इंडोनेशिया मिलकर सुमात्रा के उत्तर में सबांग पोर्ट डेवलप करेंगे। इंडोनेशिया ने मई 2018 में ही भारत को इसका न्योता दिया था। तब पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इसके लिए ज्वॉइंट टास्क फोर्स बनाने का फैसला हुआ था। 2023 तक प्रोजेक्ट को लेकर एक स्टडी भी हुई। अब समझौते पर साइन होने से काम आगे बढ़ पाएगा। सबांग समुद्र में गहरे पानी वाला पोर्ट है। ये 50 हजार टन के जहाजों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों को भी संभाल सकता है। पोर्ट में भारत कितना इन्वेस्टमेंट करेगा और ये कब तक पूरा होगा, अभी ये जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों ने अंडमान-निकोबार और इंडोनेशिया के आचे व सुमात्रा द्वीपों के बाकी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी सहमति जताई है। भारत के लिए डील के मायने 2. ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की सप्लाईDRDO के तहत आने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ये एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम देगा। इंडोनेशिया ने पहले 10 करोड़ डॉलर में ब्रह्मोस की 12 मिसाइल्स की एक बैटरी लेने का प्रपोजल दिया था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। अनुमान हैं कि पूरी डील करीब 63 करोड़ डॉलर की हो सकती है। इसमें मिसाइल सिस्टम के अलावा ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है। इस पैकेज में सरफेस-टू-सरफेस और एयर-लॉन्च्ड, यानी मिसाइल के दोनों सुपरसोनिक वैरिएंट शामिल हैं, जिनकी रेंज 300 किलोमीटर है। ब्रह्मोस भारत के सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात है। इंडोनेशिया भी अपने सुखोई-30 बेड़े में इसे इंटीग्रेट करेगा। इस डील के साथ फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, BDL और इंडोनेशियाई कंपनी 'रिपब्लिकॉर्प' के बीच भारत की एस्ट्रा Mk-1 एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी समझौता हुआ है। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का दूसरा पड़ाव था- ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न। वे यहां 8 और 9 जुलाई को रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच तीसरी सालाना भारत-ऑस्ट्रेलिया समिट हुई। दोनों देशों के बीच 18 समझौते और घोषणाएं हुईं। इनमें दो डील सबसे अहम हैं- 1. यूरेनियम सप्लाई डीलभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 में ‘सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट’ हुआ था। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई होनी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्लाई बेहद सीमित रखी। उसको चिंता थी कि यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। अब दोनों देशों ने उसी एग्रीमेंट को अमल में लाने के लिए 'एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेंट' पर साइन किए हैं। यानी अब ऑस्ट्रेलिया भारत को जरूरत भर का यूरेनियम एक्सपोर्ट करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये सप्लाई सिर्फ यूरेनियम के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, यानी बिजली वगैरह बनाने के लिए होगी। सप्लाई की निगरानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी, यानी IAEA करेगी। ऑस्ट्रेलिया किस कीमत पर और कितना यूरेनियम देगा, सप्लाई कब होगी, अभी ये डिटेल्स सामने नहीं आए हैं। भारत के लिए डील के मायने 2. क्रिटिकल मिनरल्स प्रोडक्शन भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लीथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए समझौता किया है। इसे ‘क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप’ कहा जा रहा है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच लॉन्ग-टर्म ऑफटेक, रिफाइनिंग और वैल्यू-एडिशन के लिए निवेश की व्यवस्था तय हुई है। यानी दोनों देशों की कंपनियां मिलकर मिनरल्स की सप्लाई में लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगी। कच्चे माल की खरीद के अलावा प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग भी मिलकर होगी। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का आखिरी पड़ाव था- न्यूजीलैंड का ऑकलैंड। वे 10 और 11 जुलाई को यहां रहे। ये पिछले 40 सालों में किसी भारतीय पीएम की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। इससे पहले 1986 में तब के पीएम राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे। पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बीच बातचीत हुई। इसके बाद 10 समझौते और 8 इनिशिएटिव की घोषणा हुई। इनमें 2 चीजें सबसे अहम थीं- 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रोडमैप टू 2030मार्च 2025 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत शुरू हुई और दिसंबर 2025 में पूरी हुई। 27 अप्रैल 2026 को इस पर औपचारिक साइन हुए। यानी ये डील मोदी की मौजूदा यात्रा से पहले ही हो चुकी थी। अब इस यात्रा में इसे 'स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के लेवल पर अपग्रेड किया गया। यानी तय हुआ कि FTA जल्द ही लागू करने ट्रेड बढ़ाया जाएगा। साथ ही 'इंडिया-न्यूजीलैंड रोडमैप टू 2030' नाम का एक दस्तावेज जारी किया गया। इसके तहत दोनों देश ट्रेड, डिफेंस, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, खेती, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में पार्टनरशिप बढ़ाएंगे। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करके करीब 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर, यानी 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। FTA के तहत भारत न्‍यूजीलैंड को केमिकल्‍स, प्रोसेसिंग फूड, एग्रीकल्चर प्रोडक्‍ट्स वगैरह की सप्‍लाई करेगा। इस सामान पर जीरो टैरिफ लगेगा। वही न्‍यूजीलैंड से कीवी सहित दूसरे फल, लकड़ी और क्रिटिकल्‍स मिनरल्स वगैरह आएंगे। एग्रीमेंट के तहत पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 % सामान पर जीरो टैरिफ लागू हो जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि न्‍यूजीलैंड भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर, यानी करीब 1.72 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। भारत के लिए डील के मायने 2. डिफेंस और मैरिटाइम पार्टनरशिपदोनों देशों ने डिफेंस में आपसी साझेदारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और जॉइंट नेवी एक्सरसाइज बढ़ाने पर सहमति जताई है।इसका मतलब है कि दोनों देशों की नेवी एक-दूसरे के पोर्ट और मैरीटाइम फैसिलिटीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील ----- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौटे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स क्रिटिकल मिनरल देगा, मेलोनी से भी डील PM मोदी 15 मई 2026 की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं, पूरी खबर में पढ़िए…

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 6:19 pm

विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता

नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोत पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय चालक दल का सदस्य अब भी लापता है। मंत्रालय ने अपने […] The post विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:17 pm

कपिल सिब्बल, आप किस दुनिया में रह रहे हैं? शिक्षा सुधार, संविधान और व्यवस्था पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू का बड़ा सवाल

जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कपिल सिब्बल के शिक्षा सुधार संबंधी विचारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक ढांचा गहरे संरचनात्मक संकट से गुजर रहे हैं

हस्तक्षेप 12 Jul 2026 6:14 pm

धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:13 pm

मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले

अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:01 pm

ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा

तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 5:55 pm

'अलायंस' में सोहेल खान का दर्द छलका, एक्स-वाइफ सीमा सजदेह से मांगी माफी, बोले- गलती मेरी थी

ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर तहलका मचा रहे नए रियलिटी शो 'अलायंस' में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा और इमोशनल मोड़ देखने को मिल रहे हैं। शो में उस वक्त एक हैरान करने वाला मोड़ आया, जब मेकर्स ने घर के अंदर वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री कराई। इन वाइल्डकार्ड्स में कोई और नहीं, बल्कि बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता सोहेल खान की एक्स-वाइफ और मशहूर फैशन डिजाइनर सीमा सजदेह शामिल थीं। साल 2022 में तलाक के बाद अलग हो चुके इस पूर्व जोड़े को एक बार फिर एक ही छत के नीचे देखकर न सिर्फ घरवाले, बल्कि दर्शक भी दंग रह गए। ALSO READ: ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल हालांकि, इस रीयूनियन ने शो का माहौल पूरी तरह से बदल दिया। दोनों ने बेहद गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया और नेशनल टेलीविजन पर सोहेल खान ने अपनी शादी टूटने की जो वजह बताई, उसने हर किसी को भावुक कर दिया। A post shared by Banijay Asia (@banijayasia) मेरी गलतियों की वजह से टूटा घर शो के होस्ट कुणाल खेमू और सह-प्रतियोगी निखिल चिनापा ने जब सोहेल खान से सीमा की एंट्री और उनके रिश्ते को लेकर सवाल किया, तो सोहेल अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए। निखिल ने पूछा था, 'औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है। आपके घर में किसका हाथ था?' इस सवाल का जवाब देते हुए सोहेल खान ने अपनी शादी टूटने की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ले ली। सोहेल ने कहा, उस दौर में मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, जिसकी वजह से मैं सही मानसिक स्थिति में नहीं था। मेरे चिड़चिड़े व्यवहार और बर्ताव के कारण मैंने उस इंसान को खो दिया जिसे मैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करता था। अगर हमारे बीच कोई भी गलती हुई थी, तो मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेलीविजन पर लेता हूं। सोहेल ने आगे कहा कि सीमा उनके दो प्यारे बच्चों की मां हैं, इसलिए उनके मन में सीमा के लिए प्यार से कहीं ज्यादा सम्मान है। उन्होंने 'अलायंस' शो का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनके बीच जो एक 'मिसिंग लिंक' थी, इस शो ने उसे फिर से जोड़ने का काम किया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सीमा सजदेह ने सोहेल को बताया अपना 'इकलौता साथी' घर में कदम रखते ही सीमा सजदेह ने भी परिपक्वता दिखाई। उन्होंने सोहेल खान के बदले व्यवहार और उनके द्वारा बनाई गई ग्रीन-टी को स्वीकार करते हुए उन्हें घर के अंदर अपना इकलौता सच्चा साथी बताया। सीमा का कहना था कि भले ही वे असल जिंदगी में अलग हो चुके हैं, लेकिन अपने बच्चों के माता-पिता होने के नाते उनका गठबंधन हमेशा कायम रहेगा। सोहेल खान और सीमा सजदेह की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। दोनों ने 1998 में घर से भागकर पहले आर्य समाज मंदिर में शादी की थी और बाद में निकाह किया था। निकाह के दिन ही सोहेल की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई थी। दोनों के दो बेटे हैं - निर्वाण और योहान। 24 साल तक साथ रहने के बाद साल 2022 में दोनों ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया था। तलाक के बावजूद दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं है। शो के दौरान ज़ैद दरबार से बात करते हुए सोहेल ने खुलासा किया कि उनके दोनों बेटे निर्वाण और योहान फिलहाल सोहेल के साथ ही रहते हैं। वहीं, सीमा हफ्ते में तीन बार बच्चों से मिलने उनके घर आती हैं और आज भी उनके पास सोहेल के घर की चाबी मौजूद है। मशहूर डच रियलिटी फॉर्मेट पर आधारित और कुणाल खेमू द्वारा होस्ट किया जा रहा शो 'अलायंस' इन दिनों दर्शकों का पसंदीदा शो बन चुका है। अपनी अनूठी रणनीति, पल-पल बदलते समीकरणों और धोखेबाजी के खेल की वजह से लोग इसे 'लॉक अप सीजन 2' से भी बेहतर मान रहे हैं।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 4:53 pm

ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल

बॉलीवुड की यंग जनरेशन की सबसे चर्चित और फैशनेबल अभिनेत्रियों में से एक, जाह्नवी कपूर अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने से कभी पीछे नहीं हटतीं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं। इस बार जाह्नवी ने ऑल-ब्लैक एथनिक लुक चुना है, जिसमें उनका ग्लैमर और बोल्डनेस साफ झलक रही है। ALSO READ: ‍गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर जाह्नवी कपूर के इस लुक की सबसे बड़ी यूएसपी उनका खूबसूरत ब्लैक लहंगा है। उन्होंने एक डीप-नेकलाइन वाला ब्लाउज कैरी किया है, जिस पर चमकीले रंगों की बेहद बारीक और हैवी एम्ब्रॉयडरी की गई है। ब्लाउज के निचले हिस्से पर लगे रंग-बिरंगे लटकन उनके लुक को थोड़ा फंकी और अट्रैक्टिव टच दे रहे हैं। इसके साथ ही, लहंगे के बॉर्डर पर की गई हेरिटेज कढ़ाई और लाल रंग की पाइपिंग उनके पूरे आउटफिट को शाही लुक दे रही है। साथ में ब्लैक शीयर दुपट्टा उनके इस स्टाइल को मुकम्मल कर रहा है। तस्वीरों में जाह्नवी कपूर का कॉन्फिडेंस देखने लायक है। कभी वह कैमरे की तरफ देखकर अपनी नशीली आंखों से जादू बिखेर रही हैं, तो कभी साइड प्रोफाइल फ्लॉन्ट करते हुए कैंडिड पोज दे रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर और एब्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। जाह्नवी ने न्यूड-ग्लॉसी मेकअप, सटल ब्लश और माथे छोटी सी लाल बिंदी के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। जाह्नवी ने अपने बालों को वेवी रखते हुए खुला छोड़ा है, जो उनके कंधों पर बिखरकर उनके लुक को और भी सिडक्टिव बना रहे हैं। ज्वेलरी की बात करें तो, उन्होंने कानों में बड़े झुमके, हाथों में मैचिंग भारी कंगन और नाक में एक छोटी सी नथ पहनी है, जो उनके इस एथनिक ग्लैमर को और अधिक निखार रही है। जाह्नवी की इन तस्वीरों पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, ट्रेडिशनल कपड़ों में आपकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है। वहीं दूसरे ने कमेंट किया, ब्लैक कलर आप पर बेहद सूट करता है।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 2:54 pm

रोहित चंदेल ने कबूल की नाबालिग का पीछा करने की बात! कोर्ट ने भेजा जेल

'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बैलाल' जैसे लोकप्रिय शोज में अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके मशहूर टीवी अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रोहित पर उनकी ही एक 16 वर्षीय नाबालिग सह-कलाकार ने पीछा करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया है। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 10 जुलाई को अभिनेता को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोहित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ALSO READ: ‍गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर रोहित ने कबूला सच, कोर्ट ने भेजा जेल घाटकोपर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर (PI) विट्ठल लक्ष्मण आर्डेकर ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर तुरंत अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीनियर पीआई के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रोहित ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार नहीं किया है। उसने स्वीकार किया है कि वह दहिसर से इतनी दूर घाटकोपर सिर्फ उस नाबालिग लड़की से मिलने आता था। लड़की द्वारा बार-बार मना करने और ब्लॉक करने के बाद भी वह लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का कहना है कि अब यह पूरी तरह अदालत पर निर्भर करता है कि रोहित कितने समय तक सलाखों के पीछे रहेगा। क्या है पूरा मामला? पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रोहित चंदेल पिछले काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। नाबालिग ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने रोहित का नंबर ब्लॉक कर दिया था और उसे साफ तौर पर दूरी बनाए रखने को कहा था। इसके बावजूद, रोहित ने अपने पर्सनल नंबर और कई अन्य अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार उसका पीछा करना और कॉल करना जारी रखा। वह लड़की पर लगातार बात करने का दबाव बना रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मामले ने तब तूल पकड़ा जब बीती 5 जुलाई को रोहित ने कथित तौर पर लड़की के घर (आवासीय इमारत) के पास जाकर उसे रोका। शिकायत के मुताबिक, रोहित ने वहां न सिर्फ पीड़िता के साथ बहस और गाली-गलौज की, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। 2014 में 'हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल' से करियर की शुरुआत करने वाले रोहित ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 90 से ज्यादा ऑडिशन दिए थे। हाल ही में 2 जून 2026 को स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुए म्यूजिकल ड्रामा 'सैरब' में वह मुख्य भूमिका 'ईशान' के रूप में नजर आ रहे थे। इस बड़े विवाद के बाद अब उनके करियर और इस शो के भविष्य पर भी तलवार लटक गई है।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 1:01 pm

जब प्राण की फीस अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा थी, जानिए बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन की कहानी

बॉलीवुड में प्राण एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने खलनायकी के क्षेत्र में एकछत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्ण सिकंद सरकारी ठेकेदार थे। उनकी कंपनी सड़कें और पुल बनाने के ठेके लिया करती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राण अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे। एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया। प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया लेकिन उनके बार-बार कहने पर वह तैयार हो गए। ALSO READ: आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप फिल्म यमला जट से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरूआत की। फिल्म की सफलता के बाद प्राण को यह महसूस हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में यदि वह करियर बनाएगें तो ज्यादा शोहरत हासिल कर सकते है। इस बीच भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद प्राण लाहौर छोड़कर मुंबई आ गए। प्राण ने लगभग 22 फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुई लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। वर्ष 1948 में उन्हें बॉम्बे टॉकीज की निर्मित फिल्म जिद्दी में बतौर खलनायक काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद प्राण ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी को ही करियर का आधार बनाएंगे। इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जब प्राण रूपहले पर्दे पर फिल्म अभिनेता से बात करते होते तो उनके बोलने के पहले दर्शक बोल पड़ते यह झूठ बोल रहा है, इसकी बात पर विश्वास नहीं करना यह प्राण है, इसकी रग-रग में मक्कारी भरी पड़ी है। वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म अदालत में प्राण ने इतने खतरनाक तरीके से अभिनय किया कि महिलाएं हॉल से भाग खड़ी हुईं और दर्शकों को पसीने आ गए। सत्तर के दशक में प्राण खलनायक की छवि से बाहर निकलकर चरित्र भूमिका पाने की कोशिश में लग गए। वर्ष 1967 में निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार ने अपनी फिल्म उपकार में प्राण को मलंग काका का एक ऐसा रोल दिया जो प्राण के सिने करियर का मील का पत्थर साबित हुआ। फिल्म उपकार में प्राण ने मलंग काका के रोल को इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि लोग प्राण के खलनायक होने की बात भूल गए। सदी के खलनायक प्राण की जीवनी भी लिखी जा चुकी है जिसका टाइटल 'एंड प्राण' रखा गया है। पुस्तक का यह टाइटल इसलिए रखा गया है कि प्राण की अधिकतर फिल्मों में उनका नाम सभी कलाकारों के पीछे 'और प्राण' लिखा हुआ आता था। कभी-कभी उनके नाम को इस तरह पेश किया जाता था एबॉव आल प्राण। प्राण ने अपने चार दशक से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगभग 350 फिल्मों मे अपने अभिनय का जौहर दिखाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राण के मिले सम्मान पर यदि नजर डालें तो अपने दमदार अभिनय के लिये वह तीन बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2013 में प्राण को फिल्म जगत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। प्राण को उनके करियर के शिखर काल में फिल्म के नायक से भी ज्यादा भुगतान किया जाता था। डॉन फिल्म में काम करने के लिए उन्हें नायक अमिताभ बच्चन से ज्यादा रकम मिली थी। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्राण 12 जुलाई 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 11:24 am

चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

इसी महीने चीनी नौसेना ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक मिसाइल का परीक्षण किया। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक परमाणु पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मिसाइल दागी, जिसमें नकली हथियार (डमी वॉरहेड) लगा हुआ था। प्रशांत क्षेत्र ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 8:32 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 जुलाई, 2026)

1. मेष राशि (Aries) Today Rashifal 12 July 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य या शादी-ब्याह की चर्चा हो सकती है। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन जल्दबाजी में निवेश से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति रहेगी, लेकिन आंखों में थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं। ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में थोड़ा तनाव हो सकता है, बातचीत से गलतफहमियां दूर करें। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खान-पान का ध्यान रखें। उपाय: माता लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी हो सकती है। लव: पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। रिश्ते में नयापन आएगा। धन: अप्रत्याशित लाभ होने के योग हैं। लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: पक्षियों को हरी मूंग की दाल खिलाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर काम का दबाव रहेगा। संयम से काम लें, वाद-विवाद से बचें। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। धन: घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त नींद लें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: लीडरशिप क्वालिटी निखर कर सामने आएगी। कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अहंकार का टकराव हो सकता है। शांत रहें। धन: निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। धूप में निकलने से बचें। उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: अधूरे काम पूरे होंगे। आपके काम की सटीकता की तारीफ होगी। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। प्रेम संबंध मधुर रहेंगे। धन: धन संचय करने में सफल रहेंगे। अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सुबह की सैर आपको तरोताजा रखेगी। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल 7. तुला राशि (Libra) करियर: कला और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा मुकाम मिल सकता है। लव: लव लाइफ में संतुलन रहेगा। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल देखने को मिलेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। अटके हुए वित्तीय मामले सुलझेंगे। स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी कोई छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। पानी खूब पिएं। उपाय: किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की मिठाई या कपड़े का दान करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: नौकरी में प्रमोशन या ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। चुनौतियां आएंगी, पर आप पार पा लेंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। छोटी बातों को तूल न दें। धन: पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। आज किसी को उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। भारी वजन न उठाएं। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा या विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है। लव: लव लाइफ सामान्य है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: भाग्य का साथ मिलेगा। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। आप खुद को मानसिक रूप से मजबूत पाएंगे। उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत करनी होगी। सीनियर्स आपके काम पर नजर रख रहे हैं। लव: पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, मन में कोई बात न छुपाएं। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी की समस्या हो सकती है। उपाय: शनिवार या आज के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल का दान करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: टीम वर्क से काम आसानी से पूरे होंगे। बिजनेस में कोई नई डील फाइनल हो सकती है। लव: पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण बढ़ेगा। आपसी विश्वास गहरा होगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन पैरों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें या गरीबों को भोजन कराएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: आज का दिन आपके पक्ष में है। नौकरीपेशा लोगों को इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। पार्टनर आपकी हर बात को समझेगा। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार बन सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। आप खुद को बहुत हल्का महसूस करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले रंग के फल या फूल अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र

वेब दुनिया 12 Jul 2026 7:03 am

शराब पीने से पहले जमीन पर क्यों छिड़कते हैं कुछ बूंदें? जानें इस पुरानी परंपरा के पीछे छिपी असली वजह और इसका धार्मिक व सांस्कृतिक सच

Why do people drop alcohol on ground: हम सभी ने कभी न कभी अपने आस-पास किसी को शराब का ग्लास हाथ में लेते ही उसकी कुछ बूंदें जमीन पर या हवा में छिड़कते हुए जरूर देखा होगा. भारत के लगभग हर हिस्से में यह नजारा बेहद आम है. अक्सर लोग इसे सिर्फ एक आदत या मजाक मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह कोई मामूली टोटका नहीं बल्कि एक वैश्विक परंपरा है, जिसे सदियों से दुनिया के कई देशों में निभाया जा रहा है. इतिहास और इतिहासवेत्ताओं की भाषा में इस रस्म को “लाइबेशन” (Libation) कहा जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर इस अनोखे रिवाज की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे क्या धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मान्यताएं छिपी हैं.क्या है 'लाइबेशन' और इसका आध्यात्मिक महत्व?अंग्रेजी शब्द 'Libation' का सीधा और सरल अर्थ होता है किसी देवी-देवता, प्रकृति या अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा के सम्मान में किसी तरल पदार्थ (विशेषकर मदिरा या जल) की कुछ बूंदों को श्रद्धापूर्वक अर्पित करना. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, शराब पीने से पहले उसकी एक छोटी सी मात्रा अदृश्य शक्तियों या आत्माओं के नाम कर दी जाती है. इसे मनुष्य और दैवीय शक्तियों के बीच संवाद स्थापित करने और उनके प्रति आभार प्रकट करने का एक प्रतीकात्मक माध्यम माना जाता है.भारत में भगवान भैरव नाथ से जुड़ी हैं इस परंपरा की जड़ेंभारतीय समाज और संस्कृति में शराब से जुड़े इस रिवाज का इतिहास बेहद पुराना और गहरा है. सनातन परंपरा और तांत्रिक साधनाओं में इसका सीधा संबंध भगवान शिव के उग्र रूप माने जाने वाले देव 'भैरव नाथ' से जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा भैरव नाथ को मदिरा का भोग बेहद प्रिय है और उन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सम्मान में शराब अर्पित की जाती है. आज भी उत्तर भारत समेत देश के कई प्रसिद्ध भैरव मंदिरों में भगवान को मदिरा चढ़ाने का अटूट प्रचलन है. समय के साथ आम लोगों ने इस धार्मिक कर्मकांड को अपने सामाजिक जीवन का हिस्सा बना लिया. लोग इस अटूट विश्वास के साथ शराब की कुछ बूंदें धरती पर छिड़कने लगे कि ऐसा करने से उनके ऊपर से हर प्रकार की अला-बला, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का साया हमेशा के लिए दूर रहेगा.दुनिया भर के देशों में अलग-अलग नामों से निभाई जाती है यह रस्मयह सोचना बिल्कुल गलत होगा कि शराब की बूंदें जमीन पर गिराने का रिवाज सिर्फ भारत तक ही सीमित है. दुनिया के प्राचीन इतिहास को खंगालने पर पता चलता है कि मिस्र (Egypt), ग्रीस (Greece) और प्राचीन रोम की महान सभ्यताओं में भी लोग अपनी मदिरा का पहला हिस्सा देवताओं और अपने मृत प्रियजनों की आत्माओं को शांति देने के लिए भूमि पर अर्पित करते थे. आज के आधुनिक दौर में भी यह रस्म कई महाद्वीपों में जिंदा है:क्यूबा और ब्राजील: इन देशों में आज भी शराब पीने से पहले कुछ बूंदें गिराई जाती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में 'Para los Santos' यानी “संतों के लिए अर्पण” कहा जाता है.फिलीपींस: यहां इस रस्म को 'Para sa Yawa' के नाम से जाना जाता है, जिसका सीधा अर्थ होता है “शैतान के लिए”. वहां के लोगों का मानना है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां शांत रहती हैं और शराब पीने वाले व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं.पीढ़ी दर पीढ़ी आदत में बदला यह खास रिवाजशुरुआत में जो काम शुद्ध रूप से धार्मिक आस्था और भय के चलते शुरू हुआ था, वह धीरे-धीरे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होकर एक सामाजिक आदत में तब्दील हो गया. आज के समय में बहुत से लोग बिना किसी धार्मिक सोच के भी, केवल अपने बड़ों को देखकर या दोस्तों के साथ महफिल में बैठने पर तीन बार हल्के हाथों से मदिरा की बूंदें नीचे गिरा देते हैं. यह एक ऐसी पारिवारिक और सामाजिक परंपरा बन चुकी है जिसे लोग बिना सोचे-समझे भी एक शुभ शगुन मानकर निभाते आ रहे हैं.चाहे आप इसे किसी देवता के प्रति अगाध श्रद्धा समझें, पूर्वजों के प्रति सम्मान या फिर किसी अज्ञात अनहोनी से बचने का एक मानवीय प्रयास, यह छोटा सा रिवाज हमें इस बात का अहसास जरूर कराता है कि इंसानी व्यवहार और उसकी हर छोटी से छोटी क्रिया के पीछे सदियों पुरानी कोई न कोई बेहद खूबसूरत सांस्कृतिक कहानी और गहरा भाव जरूर छिपा होता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:06 pm

सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन

साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्‌शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 10:36 pm

मर्दों की इन 3 गंदी आदतों से चिढ़ती हैं महिलाएं! सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, लुक्स और पैसा भी हो जाता है फेल

Men Personality Mistakes That Turn Off Women : अक्सर यह माना जाता है कि पुरुषों की अच्छी शक्ल और मोटा बैंक बैलेंस किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें (Men Personality Mistakes) होती हैं, जिनके सामने आपकी अच्छी शक्ल और पैसा भी धरा का धरा रह जाता है. हाल ही में एक बड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए रिलेशनशिप सर्वे में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 80% से ज्यादा महिलाएं पुरुषों के लुक्स को नजरअंदाज कर सकती हैं, लेकिन उनकी कुछ आदतों और व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करतीं. यदि आप भी जानना चाहते हैं कि पुरुषों का वो कौन सा बर्ताव है जो महिलाओं को पहली ही नजर में सबसे ज्यादा नापसंद आता है, तो इन आदतों के बारे में जरूर जान लें, विशेषकर नंबर 3, जो अक्सर अनजाने में हर दूसरा पुरुष कर बैठता है.खराब पर्सनल हाइजीन और साफ-सफाई की कमीआप चाहे जितने भी महंगे और ब्रांडेड कपड़े पहन लें, लेकिन अगर आपके शरीर से पसीने की दुर्गंध आ रही है, तो आपका सारा इंप्रेशन तुरंत खराब हो जाता है. महिलाएं पुरुषों की साफ-सफाई को लेकर बेहद संवेदनशील होती हैं. जब आप किसी महिला से मिलते हैं, तो वह आपके दांतों की सफाई, सांसों की बदबू, गंदे या बढ़े हुए नाखून और आपके जूतों की कंडीशन पर सबसे पहले ध्यान देती हैं. गंदा और बेतरतीब दिखना एक ऐसा सबसे बड़ा टर्न-ऑफ (Turn-off) है, जिसे पहली मुलाकात में कभी सुधारा नहीं जा सकता.बातचीत में सिर्फ ‘मैं, मेरा और मुझे’ करनाकुछ पुरुषों की आदत होती है कि वे पहली मुलाकात में खुद को बहुत बड़ा या कामयाब दिखाने के चक्कर में लगातार सिर्फ अपने बारे में ही बातें करते रहते हैं. “मैं कहाँ घूमता हूँ”, “मेरी गाड़ी कौन सी है”, “मैंने क्या हासिल किया है” – यह आत्ममुग्ध रवैया महिलाओं को अंदर से बुरी तरह बोर कर देता है. महिलाएं उन पुरुषों के साथ कभी सहज महसूस नहीं करतीं जो दूसरों को बोलने का मौका नहीं देते. जब आप बातचीत को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेते हैं, तो सामने वाले को लगता है कि आप केवल खुद से प्यार करते हैं और अहंकारी हैं.दूसरों के प्रति बदतमीजी या नीचा दिखाने वाला रवैयायह वह सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील आदत है जिसे महिलाएं बहुत गहराई से और चुपचाप नोटिस करती हैं. पहली मुलाकात के दौरान आप उस महिला के साथ कितने भी प्यार और तमीज से बात कर रहे हों, लेकिन यदि आपका व्यवहार समाज के अन्य लोगों के प्रति खराब है, तो आपका असली चरित्र वहीं उजागर हो जाता है.जब आप किसी रेस्टोरेंट में वेटर से रूखेपन से बात करते हैं, गाड़ी पार्क करते समय वॉचमैन पर चिल्लाते हैं, या रास्ते में किसी जरूरतमंद को देखकर मुंह बनाते हैं, तो महिला के लिए यह सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) होता है. मनोविज्ञान कहता है कि कोई पुरुष दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है, वही उसके असली संस्कारों को दर्शाता है. इस आदत को देखकर कोई भी समझदार महिला तुरंत दूरी बना लेती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:35 pm

पैसे और लुक्स सब रह जाते हैं पीछे! पुरुषों की ये 4 आदतें पल भर में जीत लेती हैं महिलाओं का दिल, रिलेशनशिप रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

Men Habits That Attract Women: अक्सर यह माना जाता है कि महिलाएं पुरुषों के लुक्स, उनकी कद-काठी या उनके भारी-भरकम बैंक बैलेंस को देखकर आकर्षित होती हैं. लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) और कई हालिया रिलेशनशिप रिसर्च कुछ अलग ही दिलचस्प कहानी बयां करते हैं. सच तो यह है कि पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जिनके आगे बाहरी खूबसूरती और पैसा भी फीका पड़ जाता है. एक पुरुष का व्यवहार और उसकी कुछ खास आदतें महिलाओं के दिल में पक्की जगह बना लेती हैं. अगर आप भी सोचते हैं कि महिलाओं को रिझाने के लिए सिर्फ अच्छा दिखना ही काफी है, तो आपको अपनी यह सोच बदलने की जरूरत है. आइए जानते हैं पुरुषों की उन 4 खास आदतों के बारे में, जिनकी महिलाएं दिल से दीवानी होती हैं.बिना टोके ध्यान से बातें सुननाज्यादातर पुरुषों की आदत होती है कि वे बातचीत के दौरान तुरंत अपना सुझाव देने लगते हैं या खुद की तारीफों के पुल बांधना शुरू कर देते हैं. लेकिन महिलाएं उन पुरुषों को बेहद पसंद करती हैं जो उनकी बातों को बिना टोके, बिना किसी जजमेंट के और पूरे ध्यान से सुनते हैं. जब एक पुरुष महिला की छोटी से छोटी बात को याद रखता है, तो महिला को सुरक्षित और खास होने का अहसास होता है. मनोविज्ञान कहता है कि ध्यान से सुनना किसी को सम्मान देने का सबसे बेहतरीन तरीका है.जिंदादिली और गजब का सेंस ऑफ ह्यूमरमुस्कुराहट हर मुश्किल को आसान बना देती है. महिलाएं उन पुरुषों की तरफ बहुत जल्दी आकर्षित होती हैं जो खुद भी खुश रहते हैं और माहौल को भी हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं. जो पुरुष अपने मजाकिया स्वभाव से महिलाओं को हंसा सकते हैं, उनका चार्म एकदम अलग ही होता है. रिलेशनशिप रिसर्च के अनुसार, मजाकिया स्वभाव के मर्दों के साथ महिलाएं खुद को अधिक सहज और तनावमुक्त महसूस करती हैं.हर किसी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखनाएक महिला सिर्फ यह नहीं देखती कि आप उसके साथ कैसा बर्ताव कर रहे हैं, बल्कि वह यह बहुत बारीकी से नोटिस करती है कि आपका व्यवहार दूसरों के प्रति कैसा है. जब आप किसी होटल में वेटर से तमीज से बात करते हैं, किसी बुजुर्ग की मदद करते हैं या अपने से छोटे लोगों को सम्मान देते हैं, तो आपकी यह आदत महिला का दिल जीत लेती है. दूसरों को सम्मान देने वाले पुरुष यह दर्शाते हैं कि उनका स्वभाव संवेदनशील और जमीन से जुड़ा हुआ है.अहंकार के बिना गजब का आत्मविश्वासआत्मविश्वास एक ऐसा गहना है जो बिना किसी महंगे कपड़े के भी पुरुष की पर्सनैलिटी में चार चांद लगा देता है. महिलाओं को ऐसे पुरुष बहुत आकर्षित करते हैं जिन्हें पता होता है कि वे जीवन में क्या कर रहे हैं और जो मुश्किल वक्त में घबराने के बजाय शांत रहकर सही फैसले लेना जानते हैं. हालांकि, आत्मविश्वास और अहंकार में बहुत बारीक अंतर होता है. महिलाएं अहंकारी पुरुषों से दूर भागती हैं, लेकिन जो पुरुष आत्म-निर्भर हैं और अपनी गलतियों को स्वीकार करने का माद्दा रखते हैं, उनका व्यक्तित्व सबसे चुंबकीय होता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:31 pm

वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया

हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:51 pm

अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:46 pm

भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण

अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। शर्मा शनिवार को […] The post भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:41 pm

नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट

मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:34 pm

अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी

अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:23 pm

बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन

अभिभावकों से सजग रहने और बच्चियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कोटा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर नई दिल्ली की कोटा महिला विंग की बैठक शुक्रवार शाम टीचर्स कॉलोनी स्थित कोटा जिला अध्यक्ष निर्मला वर्मा के निवास पर आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से […] The post बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 6:10 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या केतन की हत्या के मामले में सिया बच जाएगी, कैसे साबित होगा धक्का किसने दिया; पुलिस की थ्योरी पर सवाल क्यों

‘सिया गोयल ने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर मार डाला। क्योंकि वो केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।’ पुणे पुलिस की ये थ्योरी पूरे देश को याद हो चुकी है। लेकिन ये बात कहने में जितनी आसान है, कोर्ट में साबित करना उतना ही मुश्किल। तो क्या केतन अग्रवाल की हत्या मामले में सिया बच जाएगी, पुलिस कैसे साबित करेगी सिया ने ही धक्का दिया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: पुलिस ने सिया को किस आधार पर केतन की हत्या का आरोपी बनाया है? जवाब: पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे लोहगढ़ किले की चोटी पर मौजूद सिया चीखी। गार्ड्स पहुंचे, तो सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है।' सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ केतन अग्रवाल के माता-पिता ने लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के ऑफिसर्स से कहा कि उन्हें केतन की मौत में किसी गलत इरादे का शक नहीं है। पुलिस भी इसे एक्सीडेंट मान रही थी। लेकिन इसके बाद जांच में 5 ऐसी बातें सामने आईं, जिसके आधार पर सिया और चेतन को हत्या का आरोपी बनाया गया… 1. केतन के घर वालों को सिया पर शक हुआ 2. सिया ने पुलिस के सामने अपने बयान बदले 3. किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने दिखा शख्स 4. हत्या वाले दिन चेतन का इंटरनेट पूरे दिन बंद 4. सिया की चेतन के नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स सवाल-2: क्या सिया को दोषी साबित करने के लिए ये 5 आधार काफी नहीं, और क्या जरूरी? जवाब: हत्या के मामले में आरोपी को 2 तरीके से दोषी साबित किया जा सकता है… 1. हत्या का कोई पुख्ता सबूत मौजूद हो भारतीय कानून में हत्या का आरोप साबित करने के लिए तीन चीजें बेहद जरूरी होती हैं- हत्या का मोटिव, यानी इरादा, हत्या में इस्तेमाल हथियार, आरोपी का मौके पर मौजूद होना और हत्या का चश्मदीद गवाह। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘मान लीजिए किसी की हत्या हो और मौके पर ही आरोपी और हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार बरामद हो जाएं, जिसकी पोर्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुष्टि हो जाए, तो हत्या का मामला चलेगा। अभियोजन पक्ष या पुलिस घटना के CCTV फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वारदात के गवाह या किसी दूसरे सबूत के जरिए यह साबित करेंगे कि आरोपी ने ही हत्या की है। इसके बाद कोर्ट आरोपी को दोषी करार दे देगा।’ केतन के मामले में पुलिस का मानना है कि उसे चेतन या सिया ने खाई में धक्का दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। विराग गुप्ता के मुताबिक, कोर्ट सिया और केतन को तभी दोषी मानेगा, जब सबूतों से ये साबित हो जाए कि केतन न ही खुद फिसला, न उसका संतुलन बिगड़ा, बल्कि उसे जानबूझकर चेतन या सिया ने या दोनों ने मिलकर धक्का दिया था। हालांकि अभी तक पुलिस के पास इसका कोई सबूत नहीं है। एक पुलिस ऑफिसर ने कहा है, ‘केतन की हत्या के समय किले पर 208 लोग मौजूद थे। हमें उम्मीद है कि किसी न किसी ने कोई आपत्तिजनक फोटोग्राफिक सबूत कैद किया होगा।' पुलिस ने कोर्ट से चेतन और सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की परमिशन मांगते हुए कहा था कि उसके पास घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और न ही कोई ऐसा सबूत है, जिससे साबित हो सके कि केतन को धक्का देकर किसने मारा। पुलिस ने ये अर्जी वापस भी ले ली है। 2. हत्या की परिस्थिति से जुड़े सबूत मौजूद हों हत्या का वीडियो न हो, तो भी हत्या साबित की जा सकती है और आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। अदालतें परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर भी हत्या के मामलों में सजा सुनाती हैं। परिस्थितिजन्य सबूतों का मतलब है कि किसी व्यक्ति की हत्या के पीछे की वजह या मोटिव, हत्या के समय आरोपियों की लोकेशन, हत्या के तरीके से जुड़े सबूत सभी आपस में अच्छे से जुड़े हों। किसी भी तरह कोई एक भी कड़ी ऐसी न हो, जिससे ये गुंजाइश बने कि आरोपी बेकसूर भी हो सकता है। विराग गुप्ता कहते हैं कि केतन की हत्या के समय का कोई मटेरियल एविडेंस नहीं मिल पाता, तो पुलिस ने केतन की हत्या के पीछे जो कहानी, सुराग और हत्या का जो मोटिव बताया है, अभियोजन पक्ष को उसे कोर्ट में सबूतों के साथ साबित करना होगा। पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, केतन की मौत की लोकेशन से जुड़े सबूत जुटाने होंगे। इन सबके आधार पर यह साबित करना होगा कि सिया और चेतन के पास केतन को मारने की पर्याप्त वजह थी और उन दोनों ने ही केतन की हत्या की है। पुलिस का एक दावा ये भी है कि उसके पास चेतन और सिया के कबूलनामे हैं, जिनमें उन्होंने केतन की हत्या की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस को दिए बयान में कोई आरोपी अपना जुर्म कबूल ले, तो भी CRPC या BNS कानून के तहत इसकी कोर्ट में कोई अहमियत नहीं होती। सवाल-3: तो क्या हत्या के आरोप से बच भी सकते हैं सिया-चेतन? जवाब: अक्सर परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर हत्या के मामले में आरोपी बरी भी हो जाते हैं। आपने कई फैसलों में कोर्ट की ये टिप्पणी सुनी होगी- सबूतों की कमी के चलते आरोप साबित नहीं किया जा सका। दरअसल, इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के बनाए हुए नियम हैं। 1952 में एक फैसले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को आगाह किया था कि किसी शक को सबूत न समझा जाए। फिर 1984 में सुप्रीम कोर्ट ने एक और मामले में 5 सिद्धांत बताए… सिया के वकील तनवीर अहमद मीर कहते हैं कि अभियोजन पक्ष केवल ये दिखाकर केस नहीं जीत सकता कि कई चीजें संदिग्ध लग रही हैं। घटना की हर परिस्थिति खुद में साबित हो, और फिर वो अगली कड़ी से भी जुड़ती हो, ये भी साबित हो कि केतन की मौत की दूसरी कोई संभव वजह नहीं है। अगर एक भी कड़ी टूटती है, तो आरोपियों को संदेह का फायदा मिलेगा। केतन के मामले में पुलिस को हर दावा, सबूत में बदलना होगा। साबित करना होगा कि सिया शादी से नाखुश थी और यही हत्या का मोटिव था। चेतन के साथ उसका रिश्ता, कैफे में हुई दोनों की मुलाकात और दोनों के प्लान को रिहर्सल से साबित करना होगा। सिर्फ ये साबित करना काफी नहीं होगा कि दोनों का व्यवहार संदिग्ध है, बल्कि ये फोन, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज से ये साबित करना होगा कि वो हत्या की साजिश कर रहे थे। मीर कहते हैं कि इसके अलावा सबसे जरूरी ये साबित करना होगा कि केतन गिरा कैसे? उस पॉइंट की ढलान, कहां पर गिरा, केतन के जूते, गिरने की दिशा, उनकी चोटें, फिसलने की संभावना, ये सभी चीजें मायने रखेंगी। कई संभावनाएं हो सकती हैं- केतन खद फिसले, या कोई बहस हुई, उस दौरान गिर गए, किसी एक ने धक्का दिया, या दोनों ने उकसाया, या हाथापाई में ऐसा हुआ। पुलिस को बाकी सभी संभावनाओं को खारिज करके ये साबित करना होगा कि केतन को धक्का दिया गया। सवाल-4: क्या पहले भी कोर्ट ने ऐसे फैसले दिए हैं? जवाब: हां, आरुषि-हेमराज हत्याकांड इसकी लैंडमार्क मिसाल है। 13 साल की आरुषि तलवार और तलवार दंपति के नौकर हेमराज की 2008 में नोएडा में हत्या कर दी गई थी। आरुषि की लाश उसके बेडरूम में, जबकि हेमराज की लाश छत पर मिली थी। केतन के मामले की तरह ही ये दोहरा हत्याकांड नेशनल लेवल पर सनसनी बन चुका था। आरुषि के माता-पिता- राजेश और नूपुर तलवार के बारे में कहा जा रहा था कि दोनों ने ऑनर-किलिंग की है। 2013 में CBI कोर्ट ने दोनों को दोषी भी करार दे दिया, लेकिन 4 साल बाद इलाहाबाद हाई-कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। सिया के वकील मीर ने ही उनका भी केस लड़ा था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को लेकर 5 सिद्धांतों के आधार पर निचली अदालत का फैसला पलट दिया था। अभियोजन पक्ष ये साबित करने में नाकाम रहा था कि घटना की रात तलवार के घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता था। मीर ने कोर्ट में ये कल्पना दी कि राजेश तलवार का कंपाउंडर, कृष्णा थडाराई को भी पहले संदिग्ध माना गया था। हो सकता है कि उसने हत्याएं की हों। तलवार दंपति को बचाने के लिए मीर को ये साबित करने की जरूरत नहीं थी कि कृष्णा ने असल में हत्याएं की थीं। बस उन्हें अपनी कल्पना को इतना भरोसेमंद बनाना था कि तलवार के दोषी होने पर संदेह पैदा हो जाए। ------- ये खबर भी पढ़िए… शादी से बचने के लिए सीधे मंगेतर की हत्या, मना क्यों नहीं कर सकी; रोमांटिक पोस्ट डाले, चार सुराग से सुलझी गुत्थी पुणे शहर से 64 किमी दूर लोहगढ़ किला। 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे किले की चोटी से एक चीख गूंजी। गार्ड्स पहुंचे, तो वहां मौजूद 20 साल की सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 6:09 pm

वियतनाम में दर्दनाक हादसा, भारतीयों से भरी नाव पलटी, 15 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Vietnam Boat Incident case : वियतनाम में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरअसल यह हादसा वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ है। खबरों के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास आज कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट (नाव) पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि हादसे में 21 लोगों को बचा लिया है, इनमें से 2 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वियतनाम में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरअसल यह हादसा वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ है। खबरों के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास आज कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट (नाव) पलट गई। नाव में सवार थे 32 भारतीय और 4 क्रू मेंबर इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि हादसे में 21 लोगों को बचा लिया है, इनमें से 2 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने घटना के बारे में जानकारी के लिए हेल्पलाइन जारी की है। कैसेे हुआ हादसा? खबरों के अनुसार, नाव होन मे रुट आइलैंड से एन थोई पोर्ट जा रही थी, तभी समुद्र में लगभग 400 मीटर (440 गज) की दूरी पर वह पलट गई। उस समय समुद्र में हालात खराब थे और इलाके में ऊंची लहरें उठ रही थीं। भारतीय दूतावास ने कहा, जानकारी और मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल और हनोई में दूतावास में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन हादसे में मरने वालों की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम से इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414। हनोई वाले दूसरे कंट्रोल रूम से इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है: +84 91 308 9165। भारतीय मिशन ने कहा कि वे किसी भी तरह की मदद और सवालों के लिए उपलब्ध हैं।रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 5:11 pm

अमरनाथ यात्रा 2026: क्या बर्फ के शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश भी होते हैं प्रकट?

आषाढ़ माह में अमरनाथ गुफा में हर साल बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन हेतु यात्रा का आयोजन होता है। यह शिवलिंग गुफा में किसी चमत्कार से प्राकृतिक रूप में निर्मित होकर चंद्रकलाओं के साथ ही घटकर गायब हो जाता है। ऐसी किवदंती भी प्रचलित है कि इस गुफा में माता पार्वती और गणेशजी की की मूर्ति भी बनती है। चलिए जानते हैं सचाई। ALSO READ: क्या है अमरनाथ हिमलिंग के पिघलने का राज? क्या कहते हैं पर्यावरणविद 1: अमरनाथ गुफा की भौगोलिक व आध्यात्मिक स्थिति हिमालय की गोद में बसे शिव स्थानों में अमरनाथ का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। शिव के पवित्र धाम: सनातन परंपरा में माना जाता है कि संपूर्ण हिमालय भगवान शिव का निवास स्थान है। भौगोलिक और आध्यात्मिक यात्रा के क्रम में केदारनाथ को शिवजी का विश्राम भवन माना गया है, अमरनाथ उससे आगे का पड़ाव है, और इन सबसे आगे तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत है, जो महादेव का मुख्य समाधि स्थल है। कहां है गुफा: अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से लगभग 141 किलोमीटर दूर, समुद्र तल से करीब 12,756 फीट (लगभग 3,888 मीटर) की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है। यह गुफा चारों ओर से बर्फीली चोटियों से घिरी हुई है। 2: 'बर्फानी बाबा' नामकरण का यथार्थ और विवाद इस पवित्र स्थल को दिए गए आधुनिक नामों के पीछे एक सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू जुड़ा हुआ है। नामकरण की पृष्ठभूमि: हालिया सदियों में स्थानीय मुस्लिम गाइडों और चरवाहों (जैसे बूटा मलिक का परिवार, जिन्होंने आधुनिक काल में इस गुफा को दोबारा खोजा था) के प्रभाव के कारण बाबा अमरनाथ को 'बर्फानी बाबा' कहा जाने लगा। हालांकि, सनातन ग्रंथों के अनुसार इन्हें 'अमरेश्वर महादेव' कहना ही शास्त्रसम्मत और अनुचित विसंगतियों से दूर है। प्राकृतिक संरचना: इन्हें यह नाम इसलिए मिला क्योंकि गुफा के भीतर छत से पानी की बूंदें टपकने और अत्यधिक ठंड के कारण वह पानी प्राकृतिक रूप से बर्फ के ठोस शिवलिंग का आकार ले लेता है। यह शिवलिंग चंद्रमा की कलाओं (घटने-बढ़ने) के साथ अपना आकार बदलता है। ALSO READ: Amarnath Yatra 2026 : 5 दिन में बाबा बर्फानी 'अंतर्ध्यान', बड़ी चेतावनी तो नहीं, अमरनाथ गुफा में कैसे बनता है बर्फ का शिवलिंग? क्या है विज्ञान और आस्था का सबसे बड़ा रहस्य 3: शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश पीठ का रहस्य गुफा के भीतर केवल एक ही आकृति नहीं बनती, बल्कि वहां पूरा शिव परिवार साकार होता है। तीन हिम आकृतियां: विज्ञान के लिए जहां पानी की बूंदों से शिवलिंग का बनना एक भूगर्भीय घटना हो सकता है, वहीं जनश्रुति और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मुख्य शिवलिंग के साथ ही दो अन्य छोटी हिम आकृतियां भी प्राकृतिक रूप से निर्मित होती हैं। इनमें से एक को 'गणेश पीठ' और दूसरी को 'पार्वती पीठ' के रूप में पूजा जाता है। शिवलिंग कब बनकर कब गायब हो जाता है: यह हिम शिवलिंग अचूक रूप से हर साल आषाढ़ पूर्णिमा से बनना शुरू होता है और सावन की पूर्णिमा (रक्षाबंधन) तक अपने पूरे आकार में रहता है। इसके बाद जैसे-जैसे चंद्रमा घटता है, इसका आकार भी छोटा होने लगता है। ALSO READ: अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा? 4: 51 शक्तिपीठों में से एक- महामाया शक्तिपीठ अमरनाथ गुफा केवल शैव भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि शाक्त (देवी) उपासकों के लिए भी परम पूजनीय है। सती के कंठ का निपात: अमरनाथ गुफा के भीतर निर्मित होने वाली पार्वती पीठ दरअसल माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के पार्थिव शरीर के टुकड़े किए थे, तब इस स्थान पर माता का 'कंठ' (गला) गिरा था। शिवशक्ति का मिलन स्थल: तंत्र चूड़ामणि के अनुसार, यहाँ की शक्ति को 'महामाया' और भैरव को 'अमरनाथ' कहा जाता है। यहाँ माता के अंग और उनके दिव्य आभूषणों की पूजा का विशेष विधान है। इसलिए यह स्थान शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। 5: प्राचीन साधना स्थली से आधुनिक सुगम तीर्थ तक का सफर समय के साथ इस दुर्गम यात्रा के स्वरूप में बहुत बड़ा बदलाव आया है। साधुओं की तपोभूमि: प्राचीन काल में यह क्षेत्र अत्यधिक दुर्गम, हिंसक मौसम और बर्फीले रास्तों से घिरा होने के कारण केवल सिद्ध साधु-संतों, अघोरियों और नागा बाबाओं की ही तपोभूमि था। आम सांसारिक लोग यहाँ जाने का साहस नहीं कर पाते थे। आधुनिक सुगमता: वर्तमान समय में आधुनिक तकनीकों, सड़कों, सेना की सुरक्षा, हेलीकॉप्टर सेवाओं और बेहतर यात्रा प्रबंधन के कारण अब आम श्रद्धालु भी न केवल अमरनाथ, बल्कि तिब्बत में स्थित बेहद कठिन कैलाश पर्वत और मानसरोवर की यात्रा आसानी से कर पा रहे हैं। यह विकास हिंदुओं के इन परम पूजनीय और सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों को नई पीढ़ी से जोड़ने में सफल रहा है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 5:00 pm

आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप

बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। आमिर खान ने 5 जुलाई को 61 साल की उम्र में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है। हालांकि तीसरी शादी रचाने के बाद आमिर खान विवादों में भी आ गए हैं। आमिर खान की शादी के विरोध में बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आमिर खान का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आमिर खान पर लव जिहाद करने का आरोप लगाया गया है। ALSO READ: 61 साल की उम्र में हनीमून मनाने तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट संग मेलबर्न रवाना हुए आमिर खान फारबिसगंज में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के स्थानीय नेता मनोज सोनी ने आमिर खान पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान आमिर खान मुर्दाबाद और आमिर खान जिहादी भारत छोड़ो जैसे नारे लगाए गए। Bajrang Dal workers on Tuesday, July 7, burned an effigy of the Bollywood actor Aamir Khan following his marriage to Gauri Spratt on Sunday, July 5. The Hindutva workers wearing saffron shawls could be seen burning the effigy while raising slogans, including Aamir Khan… pic.twitter.com/9szCYnHO4J — The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) July 10, 2026 मनोज सोनी ने कहा, आमिर खान लगातार हिंदू बहन-बेटियों से शादी रचाकर लाइन लगा रहे हैं। यह हिंदू समाज को नीचा दिखाने और हिंदुओं को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। अगर उन्होंने अपनी इन हरकतों को जल्द ही नहीं रोका, तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा। सोनी ने आगे बच्चों के नामकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि, शादी हिंदू बेटियों से करते हैं और बच्चों का नाम तैमूर, अफ़रोज़ या सलमान रखते हैं, यह कहां का नियम है? उन्हें मुस्लिम समाज की बेटियों से प्यार क्यों नहीं होता? बजरंग दल ने कोर्ट और सरकार से मांग की है कि देश का माहौल बिगाड़ने के आरोप में अभिनेता पर सख्त कार्रवाई की जाए। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आमिर खान हमेशा से अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहते हैं, लेकिन उनकी इस तीसरी शादी ने अब एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें नए जीवन की बधाई दे रहे हैं, वहीं कई संगठनों का यह विरोध आने वाले दिनों में आमिर खान के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। बता दें कि आमिर खान ने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी, जिससे उनका 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद साल 2005 में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन 16 साल बाद 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। अब 61 वर्ष की उम्र में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 3:27 pm

एनिमेशन फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' को बाबा रामदेव ने बताया मस्ट वॉच, बोले- अपने बच्चों को जरूर दिखाइए...

आगामी एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' के लिए एक बेहद आध्यात्मिक और यादगार पल तब आया जब फिल्म के निर्माताओं ने इसकी बहुप्रतीक्षित थिएट्रिकल रिलीज से पहले योग गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। फिल्म को अपना समर्थन देते हुए बाबा रामदेव ने कहा, महाप्रभु जगन्नाथ हमारे जीवन के स्वामी हैं। वे हमारे सनातन जीवन की प्राणशक्ति हैं। उनका जीवन, उनकी दिव्य लीलाएं, उनका चरित्र, उनके संदेश, उनकी शिक्षाएं, उनके प्रति भक्ति और श्रद्धा—यही हमारी संस्कृति का वास्तविक संस्कार हैं। उनसे जुड़ना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। A post shared by Ele Animations (@eleanimations) उन्होंने फिल्म के निर्माताओं की सराहना करते हुए कहा, जिस तरह यह फिल्म बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है ताकि उनमें हमारी संस्कृति और संस्कारों का संचार हो सके, उसके लिए पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई। अपने बच्चों को यह फिल्म ज़रूर दिखाइए ताकि वे अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ सकें। हमें अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति की ओर लौटना चाहिए। जय जगन्नाथ। ALSO READ: अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन 'महाप्रभु जगन्नाथ' एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन फिल्म है, जो बेहतरीन एनिमेशन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन मूल्यों को प्रस्तुत करती है। यह लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज़ 'जय जगन्नाथ' की शानदार सफलता के बाद बड़े पर्दे पर लाई जा रही है। A post shared by Jay Jagannath (@thejayjagannathofficial) एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने फिल्म के व्यापक प्रदर्शन के लिए सिनेपोलिस के साथ साझेदारी की है। यह फिल्म 300 से अधिक सिनेमाघरों में हिंदी, ओड़िया और तेलुगु भाषाओं में रिलीज़ होगी। साथ ही अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भी इसका अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्म के निर्माता दुर्गा प्रसाद दलई, निर्देशक श्रीपाद वारखेडकर, पटकथा एवं संवाद लेखिका पल्लवी शर्मा और संगीतकार अविरल कुमार हैं। 17 जुलाई 2026 को रिलीज़ होने वाली यह फिल्म 16 जुलाई को आयोजित होने वाली पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा के ठीक अगले दिन सिनेमाघरों में पहुंचेगी।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 2:49 pm

रोहित चंदेल पर POCSO एक्ट के तहत केस, मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

टीवी जगत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फेमस टीवी सीरियल 'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' जैसे शोज से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रोहित पर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को परेशान करने, बार-बार फोन करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की ‍रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने रोहित चंदेल के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद रोहित चंदेल पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पंत नगर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 115(2) भी लगाई हैं। ALSO READ: अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन क्या है पूरा मामला? मुंबई के एक पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग लड़की के परिजनों ने इस मामले में पंत नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अभिनेता रोहित चंदेल पिछले कुछ समय से नाबालिग को लगातार परेशान कर रहे थे। वह अपने खुद के नंबर के साथ-साथ कई अन्य अलग-अलग फोन नंबरों से लड़की को बार-बार कॉल कर रहे थे, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुकी थी। शिकायत में आगे बताया गया है कि बीती 5 जुलाई को रोहित ने पीड़िता के आवासीय भवन के पास उसका रास्ता रोका। जब लड़की ने बचने की कोशिश की, तो अभिनेता ने उसका पीछा किया। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई, जिसमें रोहित ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि नाबालिग के साथ मारपीट भी की और उसे थप्पड़ जड़ दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की पंत नगर पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को रोहित चंदेल को उनके दहिसर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अभिनेता को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, पीड़िता की शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी अभिनेता को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और नाबालिग लड़की पहले से एक-दूसरे को जानते थे। रोहित चंदेल टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' में बाजीराव और 'पंड्या स्टोर' में धवल मकवाना की भूमिका निभाकर काफी लोकप्रियता हासिल की थी। इन दिनों वह टीवी शो 'सैरब' में नजर आ रहे थे। गिरफ्तारी के बाद रोहित के अभिनय करियर पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 1:10 pm

अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन

अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म 'धमाल 4' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं अब फिल्म का ओपनिंग डे का कलेक्शन भी सामने आ गया है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक सधी हुई लेकिन औसत शुरुआत की है। 'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन अच्छा परफॉर्म किया, लेकिन ये 'धमाल फ्रैंचाइजी की पिछली फिल्म 'टोटल धमाल' को पछाड़ न सकी। ALSO READ: Dhamaal 4 Review: वही खजाना, वही भागमभाग... इस बार हंसी रास्ते में कहीं खो गई 'धमाल 4' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 15.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा अजय देवगन की कुछ हालिया रिलीज फिल्मों के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है, लेकिन फ्रेंचाइजी के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह कमाई उम्मीद से थोड़ी कम है। 'धमाल 4' अपनी ही पिछली फिल्म 'टोटल धमाल' (2019) के पहले दिन के रिकॉर्ड को तोड़ने में नाकाम रही, जिसने 16.5 करोड़ रुपए की ओपनिंग ली थी। इसके अलावा, हाल ही में रिलीज हुई एक और बड़ी कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' से भी यह पीछे छूट गई है, जिसने पेड प्रिव्यूज को मिलाकर 19 करोड़ रुपए की शानदार शुरुआत की थी। 'धमाल 4' की कहानी में मेकर्स ने एक बार फिर से पुराने फॉर्मूले को ही दोहराया है। साल 2007 में आई पहली 'धमाल' में जहां सभी किरदार गोवा के एक गार्डन में 'W' के नीचे दबे 10 करोड़ रुपए के खजाने को खोजने के लिए भागते नजर आए थे, वहीं इस बार पूरी स्टारकास्ट 'M' के नीचे छिपे खजाने की तलाश में जुटी है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 12:43 pm

स्पेन ने पहली बार गोल खाया लेकिन अंतिम लम्हों में बेलजियम पर पाई शानदार जीत

सुपर-सब मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किये गये गोल की बदौलत स्पेन ने शुक्रवार रात फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ने का रास्ता पक्का कर लिया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ गोल दागे। शुरुआती लाइनअप में अप्रत्याशित रूप से शामिल हुए फैबियान रुइज ने 30वें मिनट में रिबाउंड पर गोल दाग दिया, लेकिन चार्ल्स डी केटेलेरे ने टिमोथी कास्टाग्ने के क्रॉस पर 41वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। यह टूर्नामेंट में पहला अवसर है जबकि स्पेन ने गोल खाया। Spain grab a late goal to secure their place in the Semi-final! #FIFAWorldCup — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 10, 2026 हालांकि, अंत में स्पेन ने बाजी मार ली, जब स्थानापन्न गोलकीपर सेने लैमेंस पाउ कुबार्सी के दूर से किए गए शॉट को रोक नहीं पाए और मेरिनो ने सामान्य समय समाप्त होने से दो मिनट पहले विजयी गोल दाग दिया।स्पेन अब मंगलवार को एक सपने जैसे सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा।स्पेन मार्च 2023 से लगातार 37 मैचों में अजेय रहा है। गोलकीपर लैमेंस को 71वें मिनट में मैदान में उतरना पड़ा, क्योंकि बेल्जियम के लंबे समय से गोलकीपर रहे थिबाउट कर्टोइस जांघ में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे।बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में बराबरी का गोल करने के लिए जीजान से प्रयास किया, लेकिन आयमेरिक लापोर्टे ने सर्वश्रेष्ठ मौके पर बाहर शॉट से मार दिया।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 11:25 am

दूसरी बार मां बनने जा रहीं दीपिका पादुकोण, तीसरे ट्राइमेस्टर की मुश्किलें कीं शेयर

बॉलीवुड की 'मस्तानी' दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और खास दौर को एन्जॉय कर रही हैं। बेटी दुआ के जन्म के बाद, दीपिका और रणवीर सिंह जल्द ही अपने घर में एक और नन्हे मेहमान का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दीपिका अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करती हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने तीसरे ट्राइमेस्टर के मुश्किलों और प्यारे पलों को फैंस के साथ शेयर किया है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। दीपिका ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक मजेदार रील शेयर की है। ALSO READ: 'रामायणम्' का मेगा स्कूल कैंपेन शुरू, 400 से ज्यादा स्कूलों में नई पीढ़ी से जुड़ रही है महागाथा इस वीडियो में दीपिका खुद नजर नहीं आईं, लेकिन यह रील उनकी मौजूदा स्थिति और प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर की चुनौतियों को बेहद मजेदार अंदाज में दिखाया है। वीडियो में एक प्रेग्नेंट महिला आधी नींद में बार-बार उठकर वॉशरूम जाती हुई दिखाई दे रही हैं। दीपिका ने इस रील के साथ एक अपसाइड-डाउन स्माइली फेस इमोजी लगाया, जो यह साफ बयां करता है कि वह भी आजकल रातों की नींद खराब होने और इस शारीरिक थकावट से गुजर रही हैं। दीपिका ने यह स्टोरी शेयर की, सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने उन पर प्यार की बौछार कर दी। एक फैन ने लिखा, 'दुआ का भाई या बहन जल्द ही आने वाला है। यू गॉट दिस, दीपिका!' वहीं एक अन्य यूजर ने भावुक होकर कमेंट किया, 'मेरी क्वीन की मदद के लिए काश मैं वहां होता।' फैंस इस बात से बेहद खुश हैं कि दीपिका अपनी इस खूबसूरत जर्नी की छोटी-छोटी झलकियां उनके साथ साझा कर रही हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2024 में दीपिका और रणवीर ने अपनी नन्ही परी 'दुआ' का दुनिया में स्वागत किया था। जब दुआ एक साल की हुईं, तब इस कपल ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर की थीं, जिन पर फैंस ने खूब प्यार लुटाया था। वहीं, इस साल की शुरुआत में इस कपल ने बेहद अनोखे अंदाज में अपनी दूसरी प्रेगनेंसी की घोषणा की। प्रेग्नेंसी के साथ-साथ दीपिका अपने वर्क फ्रंट को लेकर भी लगातार चर्चा में हैं। आने वाले समय में वे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। दीपिका जल्द ही शाहरुख खान के साथ 'किंग' में नजर आएंगी। इसके अलावा वह साउथ स्टार अल्लू अर्जुन के साथ 'राका' में भी दिखेंगी।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 11:01 am

अमेरिका की चकाचौंध के पीछे का कड़वा सच! 90 साल की बुजुर्ग महिला वॉलमार्ट में करने को मजबूर है नौकरी, वजह जान भर आएंगी आंखें

विदेश, खासकर अमेरिका (America) को लेकर अक्सर आम लोगों के मन में यह धारणा होती है कि वहां रहने वाला हर व्यक्ति बेहद आलीशान और आरामदायक जिंदगी जीता है. सोशल मीडिया पर महंगे घर, लग्जरी कारें और शानदार लाइफस्टाइल देखकर ऐसा लगता है कि वहां पैसों की कोई समस्या नहीं है. लेकिन इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रहा एक भावुक वीडियो इस सोच से बिल्कुल उलट अमेरिका की एक कड़वी और असली तस्वीर बयां कर रहा है. यह वीडियो एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का है, जो इस उम्र में भी एक सुपरमार्केट में नौकरी करने को मजबूर हैं.एक सवाल और दिल छू लेने वाला जवाब: 'मुझे भी बिल भरने हैं'यह वायरल वीडियो अमेरिका के एक प्रसिद्ध वॉलमार्ट (Walmart) स्टोर का है, जहां यह 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला पूरे मन से अपनी ड्यूटी कर रही थीं. तभी वहां खरीदारी करने पहुंचे एक कंटेंट क्रिएटर ने उनके जज्बे को देखकर उनसे बातचीत शुरू की. जब शख्स ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि क्या वह सच में इस उम्र में भी काम कर रही हैं और क्या उनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं है? तो महिला ने बिना किसी शिकायत या भावुकता के बेहद सामान्य लहजे में एक ऐसी बात कही जो दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू गई. उन्होंने कहा, मुझे भी हर महीने अपने बिल भरने पड़ते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आपको भरने होते हैं.नई कार का इंश्योरेंस बिल पड़ गया भारी, 500 की जगह आया $2,000 का फटकाबातचीत के दौरान बुजुर्ग महिला ने अपनी मौजूदा आर्थिक तंगी की असली वजह भी साझा की. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने आने-जाने के लिए एक नई कार खरीदी थी. उन्हें उम्मीद थी कि कार का इंश्योरेंस बिल लगभग 500 डॉलर के आसपास आएगा. लेकिन जब कंपनी की तरफ से वास्तविक बिल आया, तो वह पूरे 2,000 डॉलर (लगभग ₹1.65 लाख) का था. इतनी बड़ी रकम देखकर उनके होश उड़ गए. वह लगातार यही सोच रही थीं कि आखिर इस उम्र में वह इतना पैसा कहां से लाएं. इसी भारी-भरकम खर्च और रोजमर्रा के बिलों को चुकाने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी जारी रखने का फैसला किया.विकसित देशों का संघर्ष: रिटायरमेंट के बाद भी काम करने की मजबूरीयह वीडियो भारत और अन्य देशों में रहने वाले उन लोगों की आंखें खोलने वाला है जो सोचते हैं कि विदेशों में सब कुछ मुफ़्त या आसान है. हकीकत यह है कि अमेरिका जैसे विकसित देशों में जीवन स्तर (Living Standard) जितना ऊंचा है, वहां का लाइफस्टाइल और रोजमर्रा का खर्च भी उतना ही महंगा है.बचत की कमी: अमेरिका में लाखों बुजुर्ग ऐसे हैं जिनकी जीवन भर की बचत इतनी नहीं होती कि वे बिना काम किए पूरी जिंदगी गुजार सकें.आर्थिक दबाव: वहां घर का किराया, बिजली-पानी, कार की किश्त, मेडिकल इंश्योरेंस और टैक्स इतने ज्यादा हैं कि अगर नियमित आमदनी रुक जाए, तो इंसान कर्ज के जाल में फंस सकता है. यही वजह है कि वहां बड़ी संख्या में लोग रिटायरमेंट की उम्र पार करने के बाद भी काम करते दिखते हैं.मेहनत की कोई उम्र नहीं होती, वीडियो ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बड़ी बहसवीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर ने अंत में समाज को एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हमें किसी भी व्यक्ति को उसके काम के आधार पर छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए. चाहे कोई सुपरमार्केट में कैशियर हो, सफाई कर्मचारी हो या किसी बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस का अधिकारी—हर इंसान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से पसीना बहा रहा है.सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद हजारों यूजर्स ने महिला के आत्मविश्वास और मुस्कुराते हुए काम करने के जज्बे की जमकर तारीफ की है. साथ ही, वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है. यह कहानी याद दिलाती है कि जिम्मेदारियां कभी-कभी उम्र से भी बड़ी हो जाती हैं और संघर्ष हर देश के आम नागरिक की जिंदगी का हिस्सा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:11 am

क्या हमारी आकाशगंगा में मौजूद हैं एलियंस? वैज्ञानिकों का सनसनीखेज दावा- जिसे हम समझ रहे थे ठंडे तारे, वे असल में हैं एलियन पावर प्लांट

अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से एक ऐसा चौंकाने वाला दावा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए हैं. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) में अब तक जिन खगोलीय पिंडों को सबसे ठंडे तारे माना जा रहा था, वे असल में प्राकृतिक तारे नहीं बल्कि अत्यंत विकसित एलियंस के विशालकाय ऊर्जा संयंत्र (पावर प्लांट) हो सकते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस के प्रख्यात खगोलभौतिकीविद् अमीरनेज़ाम अमिरी के एक नए क्रांतिकारी शोध ने इस थ्योरी को जन्म दिया है. इस रिसर्च के मुताबिक, सुदूर अंतरिक्ष में मौजूद एडवांस्ड एलियन सभ्यताएं इन तारों की पूरी ऊर्जा को सोखने के लिए एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. यह स्टडी जल्द ही प्रतिष्ठित विज्ञान जर्नल 'यूनिवर्स' में प्रकाशित होने वाली है.क्या होते हैं फ्रीमैन डायसन के 'डायसन स्वार्म'?इस पूरी थ्योरी का आधार साल 1960 में महान भौतिक विज्ञानी फ्रीमैन डायसन द्वारा की गई एक अनोखी कल्पना है. उन्होंने बताया था कि जब कोई एलियन सभ्यता तकनीकी रूप से बहुत ज्यादा एडवांस हो जाएगी, तो वह अपनी असीमित ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने नजदीकी तारे के चारों ओर एक विशालकाय गोलाकार ढांचा बना लेगी.आधुनिक वैज्ञानिक इसे एक ठोस गोले के बजाय 'डायसन स्वार्म' (Dyson Swarm) कहते हैं. इसका मतलब है कि किसी तारे के चारों ओर करोड़ों की संख्या में छोटे-छोटे सोलर कलेक्टर्स या सैटेलाइट्स का एक ग्रिड चक्कर लगाता है. यह पूरा सिस्टम मिलकर तारे की धूप और भारी गर्मी को इकट्ठा करता है. इस विशालकाय ढांचे द्वारा ऊर्जा सोखने के बाद बची हुई ऊर्जा इंफ्रारेड रेडिएशन (अवरक्त विकिरण) के रूप में बाहर निकलती है, जिसे पृथ्वी के वैज्ञानिक डिटेक्ट कर रहे हैं.रेड और व्हाइट ड्वार्फ तारे हैं एलियंस की पहली पसंदवैज्ञानिक अमिरी के गणितीय मॉडल (Mathematical Model) के अनुसार, विकसित एलियंस इस मेगा-स्ट्रक्चर को बनाने के लिए ब्रह्मांड के 'रेड ड्वार्फ' और 'व्हाइट ड्वार्फ' तारों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:रेड ड्वार्फ (Red Dwarf): ये हमारी आकाशगंगा में सबसे आम तारे हैं और खरबों सालों तक स्थिर रहते हैं. आकार में छोटे होने के कारण इनके चारों ओर सोलर कलेक्टर का नेटवर्क बनाना बहुत आसान होता है और कंस्ट्रक्शन मटेरियल भी बहुत कम लगता है.व्हाइट ड्वार्फ (White Dwarf): ये आकार में पृथ्वी जितने छोटे होते हैं, लेकिन इनसे अरबों सालों तक भारी मात्रा में थर्मल ऊर्जा निकलती रहती है. इन तारों के बेहद पास (कुछ मिलियन किलोमीटर की दूरी पर) ही एलियंस अपने सोलर पैनल तैनात कर सकते हैं.अजीब तापमान और इंफ्रारेड लाइट का रहस्यमयी खेलजब ये डायसन स्वार्म किसी तारे को पूरी तरह घेर लेते हैं, तो विज्ञान के एच-आर डायग्राम (H-R Diagram) पर उस तारे का व्यवहार प्राकृतिक न रहकर कृत्रिम दिखने लगता है. सामान्य तौर पर एक रेड ड्वार्फ का तापमान 3000 केल्विन होता है. लेकिन एलियन टेक्नोलॉजी के कारण जब उसकी रोशनी छिप जाती है, तो उसका बाहरी तापमान गिरकर सिर्फ 50 केल्विन के आसपास दिखाई देता है, जो सामान्य से बहुत ज्यादा ठंडा है. यह तारा सामान्य रोशनी में बहुत धुंधला हो जाता है, लेकिन इंफ्रारेड लाइट में बहुत तेजी से चमकता है.जेम्स वेब टेलीस्कोप और हेफेस्टस प्रोजेक्ट से चल रही है असली खोजअंतरिक्ष में तैरती आम धूल भी इंफ्रारेड चमक पैदा करती है, लेकिन वैज्ञानिकों के पास अब अंतरिक्ष की धूल और एलियन तकनीक के बीच अंतर पहचानने का सटीक तरीका है. अंतरिक्ष की धूल के बादलों में सिलिकेट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जबकि एलियन स्ट्रक्चर का इंफ्रारेड स्पेक्ट्रम (Spectrum) बिल्कुल साफ और अलग होता है. इसके अलावा, करोड़ों सोलर पैनलों के घूमने से तारे की रोशनी में एक खास पैटर्न में उतार-चढ़ाव होता है.वर्तमान में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) और प्रोजेक्ट हेफेस्टस जैसी वैश्विक टीमें लगातार इन अजीब संकेतों की जांच कर रही हैं. वैज्ञानिकों ने हाल ही में 50 लाख तारों की मैपिंग में से 7 ऐसे संभावित तारों को शॉर्टलिस्ट किया था, जिनमें से 5 पर अभी भी बेहद गहन रिसर्च चल रही है. खगोलविदों का मानना है कि यह नया मॉडल ब्रह्मांड में एलियन लाइफ की खोज को बहुत आसान बना देगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:53 am

खमेनेई के बाद ईरान: कितनी बदल जाएगी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खमेनेई को एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था विरासत में मिली है जिसे उनके पिता ने दशकों की कड़ी मेहनत से बिल्कुल अपने सांचे में ढाला और तैयार किया था।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 8:30 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (11 जुलाई, 2026)

मेष राशि (Aries) Today 11 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज ऑफिस में कामकाज की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, शॉर्टकट अपनाने से बचें। पेंडिंग कामों को पूरा करने पर जोर दें। लव: जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर तालमेल में कमी आ सकती है। शांति से एक-दूसरे की बात सुनें। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आज कोई भी बड़ा निवेश करने से बचें, नुकसान होने की आशंका है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं। शाम को परिवार के साथ समय बिताने से राहत मिलेगी। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा वृषभ राशि (Taurus) करियर: शनि देव की कृपा से आज नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिलेगा। व्यापार में नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने के योग हैं। लव: प्रेम जीवन में रोमांस और आपसी विश्वास बढ़ेगा। पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। पुराना फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। आज आप खुद को शारीरिक रूप से काफी एक्टिव महसूस करेंगे। उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपको अपनी वाणी पर संयम रखना होगा। सहकर्मियों के साथ किसी भी तरह के विवाद या गॉसिप से दूर रहें। लव: लव लाइफ में किसी बाहरी व्यक्ति के कारण गलतफहमी पैदा हो सकती है। आपस में बैठकर बात सुलझाएं। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट प्रभावित होगा। सोच-समझकर खर्च करें। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। भारी शारीरिक काम करने से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने या उड़द की दाल का दान करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: टीम वर्क से आज आपको बड़ी सफलता मिलेगी। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। धन: इनकम के नए सोर्स मिलने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य: एसिडिटी/गैस या पेट से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने से पूरी तरह परहेज करें। उपाय: शनिवार की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। सिंह राशि (Leo) करियर: बिजनेस में कोई बड़ा बदलाव करने की सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में चल रही गलतफहमियां दूर होंगी। आपसी समझ और बॉन्डिंग में मजबूती आएगी। धन: आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। भूमि, भवन या वाहन खरीदने की योजना पर काम शुरू हो सकता है। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। पुरानी किसी शारीरिक समस्या से आज काफी हद तक राहत मिलेगी। उपाय: शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज ऑफिस में काम का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े दस्तखत न करें। लव: जीवनसाथी का स्वास्थ्य आपकी चिंता बढ़ा सकता है, उन्हें समय दें और डॉक्टर से सलाह लें। धन: लेन-देन के मामलों में सावधानी बरतें। आज किसी को बड़ा उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या परेशान कर सकती है। पर्याप्त नींद लें और तनाव से दूर रहें। उपाय: शनिवार के दिन चींटियों को आटा और पिसी हुई चीनी डालें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र तुला राशि (Libra) करियर: आज कार्यस्थल पर आपका सम्मान बढ़ेगा। आज कोई बड़ा प्रोजेक्ट या बड़ी डील मिल सकती है। लव: नए रिश्ते की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। पार्टनर की तरफ से कोई खूबसूरत सरप्राइज मिल सकता है। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। सुख-सुविधाओं और मनोरंजन पर धन खर्च होने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शाम के समय खुद को काफी रिलैक्स और पॉजिटिव महसूस करेंगे। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें और गरीबों में काले रंग के कंबल या वस्त्र दान करें। ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: नौकरी में ट्रांसफर या नई जिम्मेदारी के योग हैं। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों को आज बड़ा मुनाफा हो सकता है। लव: लव पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात को लेकर चल रहा विवाद सुलझ जाएगा। रिश्ते में मधुरता आएगी। धन: अचानक धन लाभ होने के योग हैं। पुराना कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे, जिससे मानसिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय बेहद सावधान रहें, जल्दबाजी या लापरवाही से चोट लगने की आशंका है। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं। धनु राशि (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और ईमानदारी रंग लाएगी। बॉस आपके काम से बेहद प्रभावित होकर बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। लव: पार्टनर के साथ किसी धार्मिक स्थल या लॉन्ग ड्राइव पर जाने का प्लान बन सकता है। धन: नया बिजनेस शुरू करने के लिए धन की व्यवस्था आसानी से हो जाएगी। पुराना निवेश लाभ देगा। स्वास्थ्य: हड्डियों या जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। ज्यादा देर एक ही पोजीशन में बैठने से बचें। उपाय: शनिवार की शाम को कुत्तों को सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं। मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यस्थल के अटके हुए काम आज पूरे होंगे। नौकरी में प्रमोशन की बात आगे बढ़ सकती है। लव: वैवाहिक जीवन में खुशहाली रहेगी। पार्टनर का पूरा सहयोग हर काम में मिलेगा, जिससे रिश्ता गहरा होगा। धन: फंसा हुआ पैसा वापस मिलने से आर्थिक तंगी दूर होगी। बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। आप खुद को मानसिक रूप से बहुत शांत पाएंगे। उपाय: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: आज बिजनेस के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है, जो भविष्य में आपके लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होगी। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन थोड़ा कमजोर है। पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें और उनकी बात को समझने का प्रयास करें। धन: सुख-साधनों और घर की मरम्मत पर खर्च बढ़ सकता है। बजट का पूरा ध्यान रखकर ही आगे बढ़ें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण अनिद्रा या थकान की समस्या हो सकती है। उपाय: शमी के पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मीन राशि (Pisces) करियर: व्यापारियों को आज नए ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स और मुनाफा मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। लव: पार्टनर के साथ रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। शाम को रोमांटिक समय बिताएंगे। धन: धन का आगमन अच्छा रहेगा, लेकिन निवेश करते समय किसी अनुभवी व्यक्ति की राय जरूर लें। स्वास्थ्य: सेहत के लिहाज से दिन अच्छा है। माता-पिता के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। उपाय: शनिवार के दिन किसी जरूरतमंद को काले तिल या सरसों का तेल दान करें। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:03 am

ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी

येरूशलेम। इजराइल ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका के साथ खुफिया इनपुट साझा किए हैं। इस आशय की रिपोर्ट चैनल 12 ने दी है। मामले से वाकिफ लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को बताया कि इजराइली खुफिया तंत्र ने अमरीकी राष्ट्रपति की हत्या की नई […] The post ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 11:21 pm

Japan Roommate Crime News: जापान में रूममेट के बीच विवाद का खौफनाक अंत, गुस्से में महिला ने सुई-धागे से सिल दिए साथी के होंठ, हैरान कर देगी ये दास्तां

दुनिया भर के अलग-अलग शहरों में फ्लैट या मकान शेयर करके रहने वाले रूममेट्स (Roommates) के बीच छोटी-मोटी कहासुनी, नोकझोंक या विवाद होना एक आम बात मानी जाती है। लेकिन तकनीक और शांति के लिए मशहूर देश जापान (Japan) से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला पर अपनी ही रूममेट के साथ एक ऐसी क्रूरता और बर्बरता करने का आरोप लगा है, जिसकी सामान्य तौर पर कल्पना करना भी नामुमकिन है।मशहूर मीडिया वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है। यहां स्थानीय पुलिस ने 49 वर्षीय एक महिला मसाए सकुराई (Masae Sakurai) को अपनी ही रूममेट को गंभीर रूप से घायल करने और बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मसाए पर आरोप है कि एक मामूली घरेलू विवाद के बाद उन्होंने अपनी 42 वर्षीय रूममेट के होंठों को सुई और धागे की मदद से बेरहमी से सिल दिया।सुई-धागे से सिल दिए होंठ, जुबान बंद करने की खौफनाक साजिशजापान की जांच एजेंसियों और पुलिस द्वारा शुरुआती तफ्तीश में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह वारदात बीते 29 जून को अंजाम दी गई थी। आरोपी मसाए सकुराई और पीड़ित महिला पिछले कुछ महीनों से इबाराकी के एक घर में साथ रह रही थीं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के मकान में शिफ्ट हुई थी।शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ने लगा। 29 जून को दोनों के बीच हुई तीखी बहस इस कदर हिंसक रूप ले बैठी कि आरोपी ने पीड़िता को काबू में किया और सुई-धागे से उसका मुंह सिल दिया ताकि वह चिल्ला न सके। हालांकि, दोनों के बीच उस दिन किस विशिष्ट बात को लेकर इतनी बड़ी लड़ाई हुई, इसकी प्रामाणिक जानकारी पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।बिना बोले, कागज पर लिखकर मांगी मदद और बच गई जानइस दर्दनाक हमले के बाद पीड़िता ने गजब का हौसला दिखाया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर से बाहर भागने में सफल रही। बदहवास हालत में वह पास के एक स्थानीय जनरल स्टोर (दुकान) में जा पहुंची। चूंकि उसके होंठ पूरी तरह सिले हुए थे, इसलिए वह बोलने या चिल्लाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थी।पीड़िता ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और दुकान के काउंटर पर रखे एक कागज के टुकड़े पर पेन से अपनी आपबीती और मदद की गुहार लिखकर वहां मौजूद कर्मचारी को थमा दी। पर्ची पढ़ते ही दुकान का कर्मचारी सन्न रह गया और उसने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही अगले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस की भारी टीम ने मौके पर दबिश देकर पीड़िता को रेस्क्यू किया और उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया।डर के साये में जी रही थी पीड़िता, घर में और लोगों के होने का दावापुलिस अभिरक्षा में आने के बाद पीड़िता ने पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह इस खौफनाक घर से बहुत पहले ही भाग जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी महिला के खौफ और लगातार मिलने वाली धमकियों की वजह से वह हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। वह पिछले कई हफ्तों से भारी मानसिक और शारीरिक दबाव (Trauma) में जी रही थी।इस बीच, जांच में एक और दिलचस्प और पेचीदा एंगल सामने आया है। आरोपी मसाए सकुराई के एक परिचित ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था, तब वहां सिर्फ ये दो महिलाएं ही नहीं रहती थीं। उसने दावा किया कि उस बड़े मकान में दो-तीन अन्य महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी साथ रहते थे। इस गवाही के बाद जापानी पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह कोई अवैध शेल्टर होम था और क्या वारदात के वक्त घर में अन्य लोग भी मूकदर्शक बनकर मौजूद थे?जरूरतमंद लड़कियों की मदद का ढोंग और सोशल मीडिया पर बहसमामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आरोपी महिला मसाए सकुराई की प्रोफाइल समाज में बिल्कुल अलग थी। उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले सकुराई सोशल मीडिया और जमीन पर उन लड़कियों और महिलाओं की मदद करने का दावा करती थी, जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं होता था या जिनका अपने परिवार से नाता टूट चुका होता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या मसाए परोपकार की आड़ में बेसहारा महिलाओं का शोषण कर रही थी?जापान की यह अजीबोगरीब और हिंसक घटना वायरल होने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे किसी हॉरर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा बताया है, तो वहीं कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर घर में अन्य सदस्य मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की चीखें सुनकर उसकी मदद क्यों नहीं की। फिलहाल, जापानी पुलिस ने आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:47 pm

इटली में ऑस्ट्रेलियाई महिला के साथ एक ही दिन में दो बार हुआ खौफनाक हादसा, सूझबूझ से बचाई अपनी जान, अधूरा रह गया ₹90 का घर खरीदने का सपना

विदेश यात्रा (Foreign Travel) को लोग अक्सर अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और रोमांचक अनुभव मानते हैं। नई जगहें, नई संस्कृति और नए लोगों से मिलने की खुशी हर घुमक्कड़ के चेहरे पर साफ दिखाई देती है। लेकिन कई बार अनजान जगह पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही पूरी यात्रा को किसी खौफनाक हादसे में बदल देती है। ऐसा ही एक बेहद डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकिया ऑस्ट्रेलिया (Australia) की रहने वाली 36 वर्षीय महिला स्टेफनी के साथ इटली (Italy) में घटा, जहां वे अकेले यात्रा कर रही थीं।स्टेफनी अपने दोस्तों के साथ यूरोप टूर पर निकली थीं। दोस्तों के वापस लौटने के बाद उन्होंने कुछ दिन और रुककर अकेले ही इटली घूमने का फैसला किया। उनका सबसे बड़ा सपना था कि वह इटली की मशहूर '1 यूरो हाउस स्कीम' (लगभग ₹90 में घर) के तहत वहां एक पुराना घर खरीदें और सिसिली के खूबसूरत 'लो स्टैग्नोने' इलाके में काइटबोर्डिंग (Kiteboarding) का लुत्फ उठाएं। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सपना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने जा रहा है। स्टेफनी ने अपनी यह आपबीती ऑस्ट्रेलियाई मीडिया वेबसाइट News.com.au से साझा की है, जहां उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही घंटों के भीतर वे दो बार किडनैपिंग और हमले का शिकार होने से बाल-बाल बचीं।एक अनजान लिफ्ट और पल भर में बदल गया पूरा सफरसिसिली में काइटबोर्डिंग का इवेंट खत्म होने के बाद वहां मौजूद कुछ अन्य टूरिस्ट और स्थानीय लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान यूरोपीय मूल के एक अज्ञात कार सवार व्यक्ति ने स्टेफनी को उनके गंतव्य तक छोड़ने (लिफ्ट देने) की पेशकश की। स्टेफनी को लगा कि वह व्यक्ति भी बाकी ग्रुप के लोगों के साथ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा को भांपे बिना उसकी कार में बैठना ठीक समझ लिया। लेकिन कार में बैठते ही कुछ ही मिनटों के भीतर उन्हें अहसास हो गया कि गाड़ी बाकी लोगों के रास्ते से पूरी तरह अलग और सुनसान रास्ते पर जा रही है।160 KM की रफ्तार, अजीब हरकतें और लाइव लोकेशन का सहारास्टेफनी के मुताबिक, कार स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने अपनी सनक दिखाते हुए कहा कि वह देखना चाहता है कि उसकी कार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ सकती है या नहीं। इसके बाद उसने अचानक बेहद खतरनाक रफ्तार से गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी। स्टेफनी घबरा गईं और लगातार कार रोकने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन ड्राइवर ने उनकी एक न सुनी।खतरे को भांपते हुए स्टेफनी ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और चुपके से अपने मोबाइल के जरिए काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को अपनी 'लाइव लोकेशन' (Live Location) शेयर कर दी। इसी बीच कार की अगली सीट पर बैठे एक दूसरे संदिग्ध व्यक्ति ने ड्राइवर से पूछा कि क्या बाकी लोग भी उसके घर आ रहे हैं, तो ड्राइवर का जवाब था, 'नहीं, वहां कोई नहीं आ रहा।' यह सुनते ही स्टेफनी के पैर तले जमीन खिसक गई कि उनके साथ कुछ बहुत गलत होने वाला है।मकान का गेट खुलते ही जान बचाकर भागीं स्टेफनीकरीब 12 किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी को एक बड़े लोहे के गेट वाले सुनसान मकान के अंदर खड़ा किया। जैसे ही कार रुकी, स्टेफनी ने ध्यान दिया कि कार का चाइल्ड लॉक ऑन नहीं था। उन्होंने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत दरवाजा खोला और अपनी पूरी ताकत से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी।दहशत का आलम यह था कि उन्होंने पीछे मुड़कर देखने की भी हिम्मत नहीं की। वह तब तक भागती रहीं, जब तक उन्हें यह पक्का भरोसा नहीं हो गया कि कोई उनका पीछा नहीं कर रहा है। कई किलोमीटर तक नंगे पैर और बदहवास दौड़ने के बाद वह एक छोटे अंजान कस्बे में पहुंचीं, जहां उन्हें लगा कि अब शायद कोई मदद मिल जाएगी।मददगार के रूप में आया दूसरा शिकारी, कार में लिखा गंदा मैसेजकस्बे में पहुंचने के बाद स्टेफनी को एक यूनिफॉर्म में सुरक्षा गार्ड (Security Guard) दिखाई दिया। भाषा की बड़ी समस्या होने के कारण स्टेफनी ने अपने मोबाइल के 'ट्रांसलेशन ऐप' (Translation App) की मदद से पूरी आपबीती उस गार्ड को समझाई। गार्ड ने बेहद सहानुभूति दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि वह अपनी कार से उन्हें सुरक्षित उनके होटल तक छोड़ देगा।स्टेफनी ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद उस गार्ड ने भी अपना असली रंग दिखा दिया। उसने कार को एक अंधेरी और बेहद सुनसान गली में रोक दिया। इसके बाद उसने स्टेफनी का मोबाइल छीन लिया और उसमें एक ट्रांसलेटेड मैसेज टाइप किया। मैसेज पढ़ते ही स्टेफनी के होश उड़ गए, उसमें लिखा था— 'मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ रहा हूं... लेकिन इसके बदले में तुम मेरे लिए क्या करोगी?'वाइनयार्ड की झाड़ियों में छिपकर बचाई जान, सदमे में बीती रातइस घिनौने मैसेज को देखते ही स्टेफनी समझ गईं कि वह एक ही दिन में दूसरी बार एक बड़े शिकारी के जाल में फंस चुकी हैं। उन्होंने बिना डरे तुरंत कार का दरवाजा खोला और दोबारा अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। इस बार वे अपनी जान छुपाने के लिए रास्ते में आने वाले एक घने वाइनयार्ड (अंगूर के बाग) की झाड़ियों में जाकर छिप गईं।वे काफी देर तक अंधेरे में वहीं दुबकी रहीं और जब उन्हें रास्ता पूरी तरह सुरक्षित लगा, तो वे कई किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह अपने होटल पहुंचीं। रास्ते में सबूत के तौर पर उन्होंने एक वेंडिंग मशीन से ड्रिंक भी खरीदी ताकि डिजिटल रिकॉर्ड रहे कि वे उस वक्त वहां मौजूद थीं। होटल पहुंचने के बाद वे पूरी रात सदमे में रोती रहीं।इस भयावह घटना के बाद स्टेफनी ने फिलहाल इटली में घर खरीदने और वहां रहने का अपना सालों पुराना सपना हमेशा के लिए टाल दिया है। उनका कहना है कि यह कहानी दुनिया भर के सोलो ट्रैवलर्स (Solo Travelers) के लिए एक सबक है कि विदेश यात्रा के दौरान कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक आपको मौत के मुंह में धकेल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:34 pm

दिल्ली की महिला ने जॉइनिंग से पहले मांगा सिर्फ ऑफर लेटर, कंपनी ने अगले ही दिन वापस लिया जॉब ऑफर, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

महीनों की कड़ी मेहनत, लगातार इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब किसी प्रोफेशनल को नौकरी का मनपसंद ऑफर मिलता है, तो वह पल किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं होता। लेकिन दिल्ली की एक महिला प्रोफेशनल के लिए यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। जॉइनिंग से ठीक पहले उन्होंने कंपनी से सिर्फ कुछ बुनियादी सवाल पूछे और एक लिखित ऑफर लेटर की मांग की, जिसके अगले ही दिन कंपनी ने उनका जॉब ऑफर तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।यह पूरा हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आया है, जहां महिला के पति ने इस पूरी घटना को विस्तार से साझा किया। पोस्ट के अनुसार, उनकी पत्नी दिल्ली-एनसीआर में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस (GIS) और आर्किटेक्चर सेक्टर में नौकरी तलाश रही थीं। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें फाइनल सिलेक्ट किया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट वर्क कल्चर (Corporate Work Culture) के उस काले सच को दिखाती है जहां कंपनियां पारदर्शिता से बचती हैं।पहली बार कम सैलरी मिलने पर ठुकरा दिया था ऑफररेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस नौकरी के लिए महिला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में कंपनी ने उनकी उम्मीद से लगभग आधी सैलरी का ऑफर दिया था। साथ ही एचआर ने यह अजीब शर्त रखी कि पहले तीन महीने इसी कम पैकेज पर काम शुरू कर दीजिए, उसके बाद परफॉर्मेंस देखकर सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। महिला को यह प्रस्ताव प्रोफेशनल नहीं लगा और उन्होंने साफ मना कर दिया।कुछ समय बीतने के बाद कंपनी ने उनसे दोबारा संपर्क किया और इस बार एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया। महिला ने पेशेवर तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया। कोटेशन देखने के बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का नया प्रस्ताव लेकर आई। इस बार सैलरी पहले से काफी बेहतर थी और महिला की उम्मीद के मुताबिक थी, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को स्वीकार करने का मन बना लिया।जॉइनिंग से पहले सामने आईं 10 घंटे काम और वीकेंड ड्यूटी जैसी नई शर्तेंफोन पर हुई बातचीत के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले किसी भी तरह का लिखित ऑफर लेटर जारी नहीं किया जाएगा। महिला से सीधे सोमवार को ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मौखिक बातचीत में कंपनी ने कुछ नई शर्तें भी सामने रखीं:रोजाना कम से कम 10 घंटे ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।हफ्ते में पांच दिन पूरी तरह ऑफिस आना होगा।काम के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर वीकेंड (शनिवार-रविवार) में भी घर से काम करना पड़ सकता है।महिला ने इन शर्तों पर न तो कोई विवाद किया और न ही नौकरी छोड़ी। उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि वे काम शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जॉइनिंग से पहले एक लिखित ऑफर लेटर (Written Offer Letter) चाहिए। उन्होंने मांग की कि सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोबेशन पीरियड की शर्तें और काम के घंटों की जानकारी लिखित रूप में ईमेल पर साझा की जाए, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न हो।लिखित में जानकारी मांगते ही एचआर ने पलट दिया फैसलामहिला की इस बेहद जायज और प्रोफेशनल मांग के बाद जो जवाब आया, उसने उन्हें और उनके परिवार को पूरी तरह चौंका दिया। अगले ही दिन कंपनी के एचआर (HR) विभाग की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें साफ लिखा था कि उनका नौकरी का ऑफर वापस लिया जा रहा है।एचआर ने अपने आधिकारिक ईमेल में तर्क दिया कि जॉइनिंग और काम के घंटों को लेकर हुई चर्चा के बाद कंपनी को ऐसा महसूस हुआ कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत अपेक्षाएं कंपनी की कार्यशैली और जरूरतों से मेल नहीं खाती हैं। इसी वजह से इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। महिला के लिए यह काफी निराशाजनक था क्योंकि उन्होंने सिर्फ वही दस्तावेज मांगा था, जो किसी भी वैध नौकरी का सबसे बुनियादी हिस्सा होता है।सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, लोगों ने बताया बड़ा 'रेड फ्लैग'जैसे ही यह पोस्ट रेडिट पर वायरल हुई, हजारों कामकाजी प्रोफेशनल्स महिला के समर्थन में उतर आए और कंपनी के रवैये की जमकर आलोचना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि नौकरी शुरू करने से पहले लिखित ऑफर लेटर मांगना या काम के स्पष्ट घंटों की जानकारी लेना किसी भी कर्मचारी का कानूनी और बुनियादी अधिकार है।कई अनुभवी यूजर्स ने इसे एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) बताया और कहा कि अच्छा हुआ कि महिला ने ऐसी कंपनी जॉइन नहीं की, क्योंकि जो कंपनी शुरुआत में ही लिखित दस्तावेज देने से भाग रही है, वह आगे चलकर सैलरी रोकने या बिना पैसे दिए एक्स्ट्रा काम कराने जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती थी। लोगों का यह भी मानना था कि कंपनी शायद किसी ऐसे कर्मचारी की तलाश में थी, जो बिना कोई सवाल पूछे उनकी हर मनमानी शर्त को चुपचाप स्वीकार कर ले।क्या जॉइनिंग से पहले ऑफर लेटर मांगना गलत है?इस पूरी घटना ने देश के जॉब मार्केट में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोजगार की शर्तें स्पष्ट करना गुनाह है? वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कर्मचारी को यह जानने का 100% अधिकार है कि वह किन नियमों के तहत अपनी सेवाएं देने जा रहा है।लिखित ऑफर लेटर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होता, बल्कि यह एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को सुरक्षित करता है। इसके बिना काम शुरू करना पूरी तरह से जोखिम भरा है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने भी महिला के स्टैंड को पूरी तरह सही ठहराया है, क्योंकि शुरुआत में पारदर्शिता न होने पर आगे चलकर विवाद होना तय होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:32 pm

साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया

अलवर। राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा के नाम और फोटो का दुरुपयोग करके साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बना लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फर्जी अकाउंट के जरिए आम लोगों को संदेश भेजकर पैसे कमाने, निवेश योजनाओं से जुड़ने और विभिन्न समूहों में शामिल होने का […] The post साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 9:12 pm

आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया

बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के विस्तार अभियान के तहत संगठन की रणनीति बनाने और संघ के 100वें वर्ष के समारोहों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का शुभारंभ किया। आरएसएस की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक संगठनात्मक गतिविधियों में से एक मानी जाने वाली इस उच्च-स्तरीय […] The post आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:56 pm

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार

पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव […] The post बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:37 pm

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में

मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी में अवसर तलाश रहे हैं। चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान […] The post कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:30 pm

अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया

वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना ने वाणिज्यिक जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी शिपिंग गलियारे का उपयोग करने का अपना आग्रह जारी रखा है। अमरीकी नौसेना ने यह बात इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों और तेहरान की ओर से बार-बार मिलने वाली उन चेतावनियों के बावजूद […] The post अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:24 pm

दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:13 pm

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के कक्ष में शुक्रवार को उस समय बेहद अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए एक याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर मामले के कागजात न्यायाधीशों की तरफ फेंके और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करके भारी हंगामा किया। यह घटना न्यायाधीश केवी […] The post सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:06 pm

भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

भरतपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को भरतपुर में भू प्रबंध विभाग में पटवारी प्रदीप सिंह एवं दिगम्बर सिंह को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके एवं उसके परिवारजनों […] The post भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:01 pm

वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर

ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे। धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ। सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है। इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए। बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है। मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं। टीम इस प्रकार हैं: भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई। इंग्लैंड : हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स। समय: शाम सात बजे।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 7:07 pm

आज का एक्सप्लेनर:‘ट्रम्प को मारने वाला है ईरान’, इजराइल का खुफिया इनपुट और अमेरिका ने दोबारा हमला किया; नेतन्याहू क्या खेल कर रहे

‘ईरान ने ट्रम्प की हत्या के लिए एक नया प्लान तैयार किया है।’ ये खुफिया इनपुट इजराइल ने अमेरिका को दिया है। इसके बाद ईरान को लेकर ट्रम्प के तेवर वापस सख्त हो गए। वो ईरानी नेताओं को ‘गंदा’ और ‘शैतान’ बताने लगे। अमेरिका ने 7-8 जुलाई की रात ईरान के 80 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर दी। क्या ईरान वाकई ट्रम्प की हत्या का प्लान बना रहा या सिर्फ इजराइल की चाल है, क्या इसी उकसावे में अमेरिका ने ईरान पर फिर हमला किया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: इजराइल ने ट्रम्प की हत्या की साजिश से जुड़े क्या खुफिया इनपुट दिए? जवाबः 9 जुलाई को सबसे पहले अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में एक रिपोर्ट छपी। इसमें कहा गया कि इजराइल ने अमेरिका को इनपुट दिया है कि ईरान ने ट्रम्प की हत्या की साजिश रची है। इसके बाद अमेरिकी मीडिया चैनल CNN ने बताया कि ये इनपुट इसी हफ्ते दिया गया। रिपोर्ट में दो सोर्सेज के हवाले से कहा गया… सवाल-2: क्या इसी खुफिया इनपुट से भड़के ट्रम्प ने ईरान पर दोबारा धावा बोला? जवाबः सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता। लेकिन इसके 3 संकेत मिलते हैं… 1. ईरानी नेताओं को लेकर ट्रम्प के तेवर बदले 2. ट्रम्प ने खुद कहा- ‘उनकी ‘किल लिस्ट में सबसे ऊपर’, जहाज बदला 3. नेतन्याहू से नाराजगी के बीच फोन पर बात सवाल-3: क्या इजराइल जानबूझकर ट्रम्प को भड़काने की कोशिश कर रहा? जवाबः पिछले 2 साल में अमेरिका ने ईरान पर तीन हमले किए। हर हमले से पहले इजराइल ने अमेरिका को कोई-न-कोई खुफिया इनपुट दिया, जिसने ट्रम्प भड़क गए… जून 2025, ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की स्ट्राइक इजराइली खुफिया विभाग ने ट्रम्प को इनपुट दिया था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की तैयारी में है। अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक ‘इजराइलियों ने ट्रम्प को यकीन दिलाया कि सैन्य विकल्प खोलने से ईरान के साथ न्यूक्लियर डील आसान हो जाएगी। ट्रम्प प्रशासन भी नेतन्याहू को रोकने में सक्षम नहीं था। ऐसे में ट्रम्प को उनका समर्थन करना पड़ा।' फरवरी 2026, ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना 28 फरवरी 2026 के हमले से पहले 11 फरवरी को नेतन्याहू, ट्रम्प से मिलने व्हाइट हाउस गए थे। उन्होंने ट्रम्प को 1 घंटे का प्रेंजेंटेशन देकर बताया कि कैसे ईरान पर उनका हमला सफल होगा। लेकिन ट्रम्प हमले के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद नेतन्याहू ने ट्रम्प से कहा था कि खामेनेई को मारकर 2024 में उन पर हुए हमले का बदला लेने का सबसे अच्छा मौका है। दरअसल राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान एक हमलावर ने ट्रम्प पर गोली चलाई थी। अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इसमें ईरान का हाथ था। जुलाई 2026, समझौते के बावजूद ईरान पर हमला इसबार भी इजराइल ने ट्रम्प की हत्या की साजिश का खुफिया इनपुट दिया। दरअसल, अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते की घोषणा की, तो इजराइल इससे खुश नहीं था। नेतन्याहू ने तो ये तक कहा था कि वे इस डील को मानने के लिए बाध्य नहीं है। CNN के मुताबिक, जिन सोर्सेज ने ये बताया कि इजराइल ने अमेरिका को ट्रम्प पर हमले का अलर्ट दिया है, उन्हीं में से एक सोर्स ने ये भी कहा कि ये रिपोर्ट ट्रम्प के फैसले को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। क्योंकि ट्रम्प इस समय सोच रहे हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज की जाए या नहीं। इस इजराइली रिपोर्ट के डिटेल्स भी स्पष्ट नहीं हैं। साथ ही अमेरिका ने न ही ऐसी किसी साजिश की खुद कोई जांच की है और न ही वह इस पर नजर रख रहा है। इसलिए ये इजराइल का उकसावा ज्यादा लग रहा है। इजराइली अखबार ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ में ये भी दावा किया गया है कि इजराइल दोबारा ईरान पर हमले में अमेरिका के साथ शामिल होना चाहता है। नेतन्याहू सिर्फ अमेरिका और ट्रम्प से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सवाल-4: इजराइल की बातों में आकर अमेरिका को क्या कीमत चुकानी पड़ी? जवाबः इजराइल पर भरोसा कर ईरान पर हमले करने से अमेरिका को आर्थिक और सैन्य नुकसान हुआ है, ट्रम्प को घरेलू आलोचना झेलनी पड़ रही है… 10 लाख करोड़ रुपए तबाह हो गए: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक, जंग के पहले 6 दिनों में ही अमेरिका ने 11.3 बिलियन डॉलर, यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। जंग के दौरान अमेरिका में पेट्रोल के दाम 40% तक बढ़ गए थे।ईरान के साथ जंग में अमेरिका अबतक 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुका है। 42 जेट गंवाए, करोड़ों के रडार सिस्टम को नुकसान: पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के दौरान अमेरिका ने 42 जेट गंवाए हैं। इनमें करीब 282 करोड़ रुपए के चार F-15E फाइटर जेट और करीब 534 करोड़ रुपए के तीस MQ-9 रीपर ड्रोन भी शामिल हैं। कतर के अमेरिकी बेस पर तैनात FP132 रडार सिस्टम नुकसान पहुंचा है। ईरानी सेना ने अमेरिका के एडवांस डिफेंस सिस्टम THAAD और पैट्रियट को भी डैमेज किया है। ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग 25% घटी: ईरान के साथ जंग छेड़ने से अमेरिकी जनता खुश नहीं है। जनवरी में जब ट्रम्प को दूसरी बार राष्ट्रपति बने 1 साल पूरे हुए थे, उनकी अप्रूवल रेटिंग 52% थी। अप्रूवल रेटिंग, यानी एक सर्वे के जरिए पता करना कि कितने प्रतिशत लोग किसी नेता, सरकार या नीति से खुश हैं। 10 जुलाई को ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग सिर्फ 39% रह गई है। अमेरिका के कई शहरों में उनके खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रोटेस्ट हो रहे हैं। इसके अलावा ईरान जंग को लेकर अमेरिका के टारगेट भी पूरे नहीं हुए। ट्रम्प ने जंग के 3 मुख्य टारगेट बताए थे- ईरान में सत्ता परिवर्तन, उसके न्यूक्लियर और बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर रोक, ईरानी नेवी का खात्मा। 4 महीने बाद भी इनमें से कोई टारगेट पूरा नहीं हो पाया है। सवाल-5: क्या वाकई अभी ईरान ट्रम्प को मारने की कोई साजिश कर रहा है? जवाबः कुछ अमेरिकी रिपोर्ट्स के अलावा अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि ईरान ने ट्रम्प को मारने के लिए कोई नया प्लान बनाया है। हालांकि 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी टॉप जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद कई बार ट्रम्प को मारने की धमकी दी गई, कुछ साजिशें हुईं और एक बार ट्रम्प पर हमला भी हुआ… --------- ये खबर भी पढ़िए… ‘हमारे पास भारत है’, नेतन्याहू ने जेडी वेंस को क्यों दिया ऐसा जवाब; भारत-इजराइल की ‘पक्की दोस्ती’ के पीछे की कहानी 5 जुलाई को इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- अमेरिका ही नहीं, बल्कि हमारे कुछ और दोस्त भी हैं। जैसे- 1.4 अरब आबादी वाला भारत। नेतन्याहू का ये बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जवाब था। वेंस ने पिछले महीने कहा था कि ट्रम्प दुनिया के इकलौते ताकतवर देश के नेता हैं, जो इजराइल से सहानुभूति रखते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:05 pm

नशा मुक्त एमपी पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस, कहा- इससे वर्तमान और भावी पीढ़ियां हो जाती हैं बर्बाद

प्रदेश में 15 से 30 जुलाई तक चलेगा नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान पीएम मोदी-गृह मंत्री शाह का लक्ष्य वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाना प्रदेशवासियों से 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान को सफल बनाने की अपील भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने की अपील की है। प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान में हर संभव सहयोग प्रदान करने और अभियान को समर्थन देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा में हमारी युवा शक्ति रचनात्मक भूमिका निभा रही है। सभी नागरिक भी विकासात्मक गतिविधियों से स्वयं को जोड़कर महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध कर रहे हैं। ऐसे में नशे की प्रवृत्ति समाज की विकास यात्रा पर कुठाराघात करती है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लिए कार्य कर रही है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नशे से लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। राज्य सरकार ने हर तरह के नशे पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत की है। नशा नाश की जड़ है, जो वर्तमान और भावी पीढ़ियों को भी बर्बाद कर देता है। नशे से सभी प्रकार की रचनात्मकता और आगे बढ़ने की संभावनाओं पर कुठाराघात होता है, वर्तमान और भविष्य दोनों खराब होते हैं। नशा घरों-परिवारों तक को बर्बाद कर देता है। राज्य सरकार ने अपनी समस्त क्षमताओं के साथ प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान आरंभ किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प तथा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक भारत को पूर्णत: नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है। इस दिशा में जनभागीदारी के साथ निरंतर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलवाद जैसी बड़ी लड़ाई में भी विजय प्राप्त की है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के विरूद्ध अभियान में भी सफल होगी। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल हमारे साथ हैं, हम नशा मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों और युवाओं से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 5:25 pm

Weekly Horoscope 2026: सप्ताह का राशिफल (13-19 जुलाई 2026): किस राशि के लिए खुलेंगे सफलता के नए रास्ते?

Weekly Horoscope July 2026: साप्ताहिक राशिफल आपको पहले से यह समझने में मदद करता है कि आने वाला सप्ताह करियर, नौकरी, व्यापार, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन, प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहने वाला है। 13 जुलाई से 19 जुलाई 2026 के बीच के सप्ताह में कई महत्वपूर्ण ग्रह गोचर और ज्योतिषीय परिवर्तन होने की संभावना है, जिनका प्रभाव कुछ राशियों के लिए उन्नति और नई उपलब्धियों का कारण बन सकता है, आइए यहां जानें आपके लिए कैसा रहेगा पूरा सप्ताह... ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा साप्ताहिक राशिफल (13 जुलाई से 19 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आप किसी महत्वपूर्ण कार्य को बेहतरीन ढंग से पूरा कर पाएंगे। किसी पारिवारिक आयोजन की जिम्मेदारी संभालने में आपकी संगठन क्षमता सबको प्रभावित करेगी। किसी अनुभवी गुरु का साथ आपके शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार ला सकता है। परिवार के किसी छोटे सदस्य की उपलब्धि पूरे घर को गर्व और खुशियों से भर देगी। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता आपकी ऊर्जा और सहनशक्ति में सकारात्मक बदलाव लाएगी। प्रेम जीवन में रिश्ते आगे बढ़ सकते हैं और कुछ लोग अपने संबंध को नई दिशा देने का निर्णय ले सकते हैं। यह समय पुराने अधूरे काम निपटाने और आने वाले अवसरों की तैयारी करने के लिए भी अनुकूल है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: टरक्वॉइज़ वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) अचानक धन लाभ, बोनस या किसी अप्रत्याशित आय से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बेहतर स्वास्थ्य आपको फिटनेस के नए लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारी आपके विचारों का समर्थन करेंगे और आपको अपनी क्षमता साबित करने के अवसर देंगे। सामाजिक जीवन में प्रभावशाली लोगों से दोबारा जुड़ना भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। प्रेम जीवन में व्यस्तता को रिश्तों पर हावी न होने दें। खुशियां अचानक और अप्रत्याशित रूप से आपके जीवन में दस्तक दे सकती हैं। इस सप्ताह सकारात्मक बदलावों को खुले मन से स्वीकार करें और हर अच्छे पल का आनंद लें। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: लैवेंडर मिथुन (21 मई – 21 जून) आय में वृद्धि के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार के सदस्य आपके किसी नए कदम या उपलब्धि में पूरा सहयोग देंगे। मजबूत आर्थिक स्थिति आपको लंबे समय से टली हुई किसी बड़ी खरीदारी का अवसर दे सकती है। प्रेम जीवन में आपका आकर्षक व्यक्तित्व किसी खास व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है। हालांकि, कार्यक्षेत्र में लापरवाही या काम टालने की आदत आपको मुश्किल में डाल सकती है, इसलिए समय पर निर्णय लेना जरूरी होगा। कोई नया खेल, जिम या फिटनेस गतिविधि आपके जीवन में नई ऊर्जा लेकर आएगी। दोस्तों के साथ खरीदारी करते समय अनावश्यक खर्च से बचें। कुल मिलाकर, यह सप्ताह प्रगति और नए अवसरों से भरा रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: क्रिमसन कर्क (22 जून – 22 जुलाई) आर्थिक मामलों में किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित करने में मददगार रहेगा। निजी जीवन में थोड़ी नीरसता महसूस हो सकती है, इसलिए रिश्तों में गर्मजोशी बनाए रखने का प्रयास करें। घरेलू मामलों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी होगा, अन्यथा वे आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में लंबित कार्यों को पूरा करने पर ध्यान दें, क्योंकि अभी की मेहनत भविष्य की परेशानियों से बचाएगी। सामाजिक जीवन में जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियां लेने से बचें। संतुलित और सोच-समझकर उठाए गए कदम पूरे सप्ताह आपको स्थिरता और शांति प्रदान करेंगे। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: नेवी ब्लू सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की आपकी पेशेवर पहल इस सप्ताह उत्साहजनक परिणाम दे सकती है। फिटनेस को लेकर बनाई गई नई योजना आपको पहले से अधिक ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस कराएगी। पढ़ाई के क्षेत्र में अपनी योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन करने से प्रदर्शन में सुधार आएगा। आर्थिक मामलों में किसी भी दीर्घकालिक निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करना आवश्यक है। सामाजिक कार्यक्रमों में आपका आकर्षण लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचेगा। जो लोग प्रेम की तलाश में हैं, उनके जीवन में कोई नया रिश्ता दस्तक दे सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात सुखद यादों को ताजा करेगी। कुल मिलाकर, यह सप्ताह ऊर्जा, उत्साह और सामाजिक गतिविधियों से भरपूर रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: रोज़ी ब्राउन कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता और समय प्रबंधन की क्षमता आपको निर्धारित समय से पहले काम पूरा करने में मदद करेगी। आर्थिक रूप से रुका हुआ धन या बकाया राशि मिलने से स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में साथी का बढ़ता सहयोग और अपनापन रिश्ते को और मधुर बनाएगा। परिवार के बड़े सदस्य किसी नए विचार का शुरू में विरोध कर सकते हैं, लेकिन समझदारी से बात करने पर उनका समर्थन मिल जाएगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। जीवनशैली में किया गया सकारात्मक बदलाव आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: सी ग्रीन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) कार्यस्थल पर आपका विनम्र और समझदारी भरा व्यवहार सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करेगा। घर की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी से परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी खूबसूरत यात्रा या छुट्टी की योजना बन सकती है, जिससे रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। नए कौशल सीखना आपको प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने में मदद करेगा। सामाजिक जीवन में किसी ऐसे व्यक्ति के साथ तालमेल बिठाना, जिससे आपकी ज्यादा नहीं बनती, आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। स्वादिष्ट भोजन और नई चीजों का आनंद लेने के अवसर मिलेंगे। इस सप्ताह अनावश्यक विवादों से बचने के लिए सादगी और संयम बनाए रखना बेहतर रहेगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: ऑरेंज वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) आपका आत्मविश्वास और कार्यकुशलता महत्वपूर्ण लोगों की प्रशंसा दिला सकती है। जीवनसाथी का कठिन समय में साथ देने से रिश्तों में भावनात्मक मजबूती आएगी। किसी कानूनी मामले पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या में पारंपरिक उपचार या वैकल्पिक चिकित्सा से लाभ मिलने की संभावना है। किसी कार्यक्रम के आयोजन में आपकी रचनात्मकता सबको प्रभावित करेगी। पारिवारिक जीवन सुखद और संतोष देने वाला रहेगा। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पीच धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) अचानक धन लाभ या कोई लाभदायक अवसर आपके सप्ताह को खास बना सकता है। करियर में अच्छे अवसर और बेहतर स्वास्थ्य आपको पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। परिवार में सामंजस्य बनाए रखने के आपके प्रयास रिश्तों को और मजबूत करेंगे। पढ़ाई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी भावना आपकी प्रतिभा को निखारेगी। अपने करियर से जुड़ी योजनाओं को हर किसी के साथ साझा करने से बचें, क्योंकि कुछ लोग बाधाएं पैदा कर सकते हैं। आप किसी करीबी व्यक्ति को अपनी सोच के साथ जोड़ने में सफल हो सकते हैं। किसी सुंदर और आकर्षक स्थान की यात्रा की योजना भी बन सकती है, जो आपको खुशी और नई ऊर्जा देगी। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लेमन मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) किसी नए समझौते या सौदे से आर्थिक लाभ मिलने के योग हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। हाल ही में मिली शैक्षणिक सफलता आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। प्रेम जीवन में साथी का बिना शर्त समर्थन आपके रिश्ते में गर्मजोशी और खुशियां लेकर आएगा। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता आपको अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आपको लोगों के साथ अधिक जुड़ने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की आवश्यकता होगी। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: व्हाइट कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) परिवार के किसी प्रिय सदस्य की शैक्षणिक सफलता इस सप्ताह आपके लिए गर्व और खुशियों का कारण बनेगी। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण कार्य को सटीकता से पूरा करने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और उधार दिया गया धन अपेक्षा से पहले वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार रवैया आपको अच्छे परिणाम देगा। प्रेम संबंधों में किए गए प्रयास सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे। जो लोग परिवार से दूर रह रहे हैं, उन्हें अपनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। दोस्तों के साथ लंबी ड्राइव या घूमने-फिरने की योजना मन को तरोताजा कर देगी। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: गोल्डन ब्राउन मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) यह सप्ताह नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है, क्योंकि पेशेवर सफलता के प्रबल संकेत हैं। व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अधूरा पड़ा कोई काम आसानी से पूरा हो सकता है, जिससे संतोष मिलेगा। कार्यस्थल पर प्रेम संबंधों की शुरुआत कुछ लोगों के लिए रोमांचक अनुभव बन सकती है। परिवार के बड़े सदस्यों से मुलाकात आपको भावनात्मक सुख और संतोष देगी। लंबी यात्रा सुखद और यादगार साबित हो सकती है। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से नए लोगों से जुड़ने और पहचान बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नियमित दिनचर्या और अनुशासन आपको पूरे सप्ताह ऊर्जावान बनाए रखेंगे। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: डार्क स्लेट ग्रे ALSO READ: शनि की उल्टी चाल: 138 दिनों तक मीन राशि में वक्री रहेंगे शनिदेव, जानें अपनी राशि का हाल

वेब दुनिया 10 Jul 2026 5:15 pm

पंढरपुर यात्रा 2026: कब से कब तक चलेगी, क्यों निकाली जाती है? जानें 800 साल पुरानी इस यात्रा का पूरा सफर

Ashadhi Ekadashi Pandharpur Yatra: महाराष्ट्र की धरती जब 'जय जय राम कृष्ण हरि' और 'माउली-तुकाराम' के जयघोष से गुंजायमान होने लगती है, तो समझ लीजिए कि 'वारकरी संप्रदाय का कुंभ' यानी पंढरपुर वारी शुरू हो चुकी है। यह महज एक पैदल यात्रा नहीं, बल्कि भगवान विठोबा (श्री कृष्ण के स्वरूप) के प्रति अटूट प्रेम, समानता और असीम श्रद्धा का ऐसा समंदर है, जिसमें हर साल लाखों भक्त गोता लगाते हैं। आइए, इस अनूठी आध्यात्मिक यात्रा के इतिहास, महत्व और इस साल के सफर को एक नए अंदाज में समझते हैं। कब से कब तक: वर्ष 2026 का भक्ति मार्ग यह एक बेहद अनुशासित 21 दिवसीय पैदल यात्रा होती है, जो महाराष्ट्र के अलग-अलग कोनों से शुरू होकर आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) के दिन पंढरपुर पहुंचकर संपन्न होती है। साल 2026 में इस महायात्रा का पूरा शेड्यूल कुछ इस तरह है: 7 जुलाई (देहू से प्रस्थान): भक्ति के सफर की शुरुआत हुई, जब संत तुकाराम महाराज की पावन पालकी ने देहू से पंढरपुर के लिए कदम बढ़ाए। 8 जुलाई (आलंदी से प्रस्थान): ज्ञान और भक्ति के संगम के साथ संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी ने आलंदी से अपनी यात्रा शुरू की। 23 जुलाई (वाखरी मिलन): अलग-अलग रास्तों से आ रही दोनों मुख्य पालकियां वाखरी नामक स्थान पर पहुंचकर एक-दूसरे से मिलेंगी। 24 जुलाई (पंढरपुर आगमन): लाखों वारकरियों का यह हुजूम भगवान विठोबा की नगरी पंढरपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। 25 जुलाई (आषाढ़ी एकादशी महा-संगम): आषाढ़ी एकादशी के पावन मौके पर चंद्रभागा नदी के तट पर विट्ठल दर्शन के साथ इस 21 दिनों की कठिन और आनंदमयी पैदल यात्रा का समापन होगा। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा: क्या गुफा में आज भी दिखाई देते हैं 2 अमर कबूतर? जानें पूरा रहस्य क्यों निकाली जाती है यह वारी? पंढरपुर वारी का मूल मंत्र है- 'भक्ति, समानता और सामाजिक समरसता'। वारकरी संप्रदाय में मान्यता है कि इस पैदल यात्रा को करने से मनुष्य को मोक्ष और भगवान विठोबा का साक्षात आशीर्वाद मिलता है। इस यात्रा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ कोई अमीर नहीं, कोई गरीब नहीं, न कोई जाति भेद है और न ही कोई सामाजिक ऊंच-नीच। कंधे पर भगवा ध्वज, गले में तुलसी की माला और हाथों में मंजीरे लिए लाखों लोग जब एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो यह नजारा जीवंत 'भक्ति आंदोलन' का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाता है। भक्त अपने प्रिय संतों के पदचिह्नों पर चलते हुए उनके 'अभंग' (भक्ति गीत) गाते हैं, जो हर थकान को पल भर में दूर कर देता है। वारी का गौरवशाली इतिहास: 800 बरसों की अटूट परंपरा पंढरपुर वारी का इतिहास 800 साल से भी अधिक पुराना और समृद्ध है। इस महान परंपरा की नींव 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानेश्वर महाराज ने रखी थी, जिन्होंने सबसे पहले आलंदी से पंढरपुर तक की पैदल यात्रा शुरू की थी। आगे चलकर इस भक्ति मार्ग को और सुदृढ़ किया संत तुकाराम महाराज ने, जिन्होंने देहू से अपनी पालकी यात्रा की शुरुआत की। ALSO READ: जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम इन संत-कवियों ने अपनी सरल और हृदयस्पर्शी कविताओं (अभंगों) के जरिए भगवान के प्रति प्रेम को महलों से निकालकर आम जनता के दिलों तक पहुंचाया। समय बदलता गया, लेकिन यह परंपरा रुकी नहीं। आज यह यात्रा महाराष्ट्र की संस्कृति, लोक-कला और सामाजिक ताने-बाने की धड़कन बन चुकी है, जो हर साल लाखों इंसानों को जात-पात से ऊपर उठाकर केवल एक 'भक्त' के धागे में पिरो देती है।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 5:09 pm

FIFA WC: गोल्डन बूट की रेस में अब एमबाप्पे आए मेस्सी के बराबर

काइलियन एमबाप्पे फ्रांस की विश्वकप क्वार्टर फाइनल में मोरक्को पर 2-0 की जीत से ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी की बराबरी पर पहुंच गए हैं।इन दोनों खिलाड़ियों ने मौजूदा टूर्नामेंट में अभी तक आठ आठ गोल किए हैं। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को मिलने वाले ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में सबसे आगे हैं। एमबाप्पे ने हालांकि तीन गोल करने में मदद की है, जबकि मेस्सी ने एक बार ही ऐसा किया है। इस कारण से एमबाप्पे को अंकतालिका में मेस्सी से आगे रखा गया है।एमबाप्पे विश्व कप के अपने करियर में अब तक 20 गोल कर चुके हैं और वह मेस्सी के रिकॉर्ड 21 गोल से केवल एक गोल पीछे हैं। ‘गोल्डन बूट’ हासिल करने की दौड़ में इन दोनों को नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड (सात गोल), इंग्लैंड के हेरी केन (छह) और फ्रांस के ओस्मान डेम्बले (पांच) से कड़ी चुनौती मिल रही है।गौरतलब है कि फ्रांस और अर्जेंटीना टूर्नामेंट की गत उपविजेता और विजेता टीम है। ऐसे में अगर एक बार और फाइनल इन दो टीमों के बीच हो जाता है तो दोनों को अंतिम मैच में अपने गोल में सुधार करने का मौका मिलेगा। The race for the Golden Boot is heating up! pic.twitter.com/FEoZokrHeR — BBC Sport (@BBCSport) July 9, 2026 फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 4:46 pm

'रामायणम्' का मेगा स्कूल कैंपेन शुरू, 400 से ज्यादा स्कूलों में नई पीढ़ी से जुड़ रही है महागाथा

एक खास सांस्कृतिक पहल के तहत 'रामायणम्' की टीम 9 जुलाई से देशभर में बड़े स्तर पर एक स्कूल कैंपेन शुरू करने जा रही है। इसका मकसद भारत के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक 'रामायण' की भावना, उसके मूल्यों और विरासत को सीधे देश के बच्चों तक पहुंचाना है। बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस कैंपेन को 18 शहरों के 400 से ज्यादा स्कूलों में चलाया जाएगा और इसके जरिए 5 लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस पहल के तहत बच्चे 'रामायण' से जुड़ी कई खास गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। इनमें ड्रॉइंग, क्रिएटिव एक्टिविटीज, क्विज प्रतियोगिताएं और इंटरैक्टिव डिस्कशन शामिल हैं। ALSO READ: राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को अपने परिवार के साथ मिलकर 'रामायणम्' को समझने और उससे जुड़ने का मौका मिलेगा। साथ ही, यह पहल बच्चों और उनके माता-पिता के बीच 'रामायणम्' की कहानियों, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बातचीत को भी बढ़ावा देगी। हमारा सत्य। हमारा इतिहास। की सोच पर आधारित इस कैंपेन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भागीदारी, रचनात्मकता और कहानी कहने के जरिए 'रामायण' से जोड़ना है। यह पहल 'रामायणम्' की रिलीज से पहले की बड़ी तैयारियों का अहम हिस्सा है। फिल्ममेकर नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा इस भारतीय महाकाव्य को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। दो भागों में बनने वाली 'रामायण' का पहला भाग एक भव्य सिनेमाई अनुभव होगा, जो भारत की सबसे पूजनीय कहानियों में से एक को बड़े पैमाने, भावनाओं और शानदार विजुअल्स के साथ दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाएगा। स्कूल कैंपेन पर बात करते हुए 'रामायणम्' के मेकर्स ने कहा, रामायण पीढ़ियों से अपनी कहानियों, मूल्यों और यादों के जरिए लोगों के बीच जिंदा रही है। इस स्कूल आउटरीच पहल के जरिए हमारी कोशिश इस विरासत को बच्चों तक एक दिलचस्प और आसान तरीके से पहुंचाने की है। जैसे-जैसे हम 'रामायणम्' को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि बच्चे इसे सिर्फ एक पौराणिक कहानी के तौर पर न देखें, बल्कि साहस, कर्तव्य, प्रेम और धर्म की ऐसी कहानी के रूप में महसूस करें, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह स्कूल कैंपेन बच्चों को 'रामायण' की दुनिया से जुड़ने का एक खास और सार्थक मौका देने के लिए तैयार किया गया है। साथ ही, इसका मकसद भारत की संस्कृति में 'रामायण' की अहम जगह का जश्न मनाना भी है। कई शहरों में चलाए जाने वाले इस अभियान से बड़े स्तर पर बच्चों की भागीदारी की उम्मीद है और फिल्म की रिलीज से पहले युवाओं के बीच इसके लिए मजबूत जुड़ाव बनाने की कोशिश की जाएगी। दुनिया के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक 'रामायण' से प्रेरित नितेश तिवारी की 'रामायणम्' इसके कालजयी जज्बात और भव्यता को बड़े सिनेमाई स्तर पर पेश करने के लिए तैयार है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी सीता की भूमिका निभाएंगी। वहीं, रॉकिंग स्टार यश रावण के किरदार में दिखेंगे। सनी देओल हनुमान की भूमिका निभाएंगे और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' को नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज, 8 बार ऑस्कर जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस कर रही है। यह दो भागों में बनने वाली फिल्म दुनियाभर में आईमैक्स में रिलीज होगी। इसका पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 4:44 pm

12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी

नई दिल्ली। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल युक्त दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि सरकार ने अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल युक्त औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग पर रोक […] The post 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 4:18 pm

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : योगी

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर सीधा प्रहार करते हुये कहा कि आस्था का दिखावा करने वाले लोगों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था, लेकिन क्या वे जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकते हैं। यदि […] The post हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : योगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 3:41 pm

चेक बाउंस केस: राजपाल यादव फिर जाएंगे सलाखों के पीछे! कोर्ट ने सुनाई 3 महीने जेल की सजा

अपनी बेहतरीन कॉमेडी से दर्शकों को गुदगुदाने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव कानूनी पचड़े में बुरी तरह फंस गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने राजपाल यादव और अन्य द्वारा निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सभी पुनरीक्षण याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। यह फैसला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाया। ALSO READ: राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार यह मामला कुल 7 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों से जुड़ा हुआ है, जो 'मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा दर्ज कराए गए थे। हाईकोर्ट ने इससे पहले 2 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के कई असफल प्रयासों के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि राजपाल यादव को अदालत द्वारा समझौता करने और शिकायतकर्ता को भुगतान करने के कई सुनहरे मौके दिए गए थे। उन्होंने और उनके वकील ने अदालत में कई बार आश्वासन और अंडरटेकिंग दिए, लेकिन वे हर बार अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रहे। कोर्ट ने कहा कि किसी खास बैकग्राउंड या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े होने के कारण किसी व्यक्ति को विशेष रियायत नहीं दी जा सकती। इसी वजह से कोर्ट ने उन्हें 'प्रोबेशन' का लाभ देने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने भले ही राजपाल यादव की पुरानी 6 महीने की जेल की सजा को घटाकर 3 महीने कर दिया हो, लेकिन उन पर और उनके परिवार पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाया है। राजपाल यादव को सभी 7 मामलों में 3-3 महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है, जो एक साथ चलेगी। अभिनेता को प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए हर मामले में शिकायतकर्ता को 5 लाख से अधिक की राशि देने का आदेश दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हालांकि, राहत के तौर पर हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 2 महीने का समय दिया है। तब तक के लिए सजा के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी। साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राजपाल यादव द्वारा अंतरिम राहत के दौरान पहले से जमा की जा चुकी करीब 2.25 करोड़ रुपए की राशि को अंतिम देय राशि में एडजस्ट किया जाएगा। फिल्म फ्लॉप होने से शुरू हुआ था विवाद इस पूरे विवाद की जड़ें एक कमर्शियल लोन से जुड़ी हैं। राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के प्रोडक्शन और निर्देशन के लिए यह मोटी रकम कर्ज के तौर पर ली थी। लेकिन वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिससे अभिनेता को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा। इस नुकसान के बाद जब उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए चेक जारी किए, तो वे बैंक में बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 3:31 pm

इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स

ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो। HISTORY WIRTTEN IN BRISTOL. - India lose a T20i series against England for the first time ever of 2+ matches. - India lose their first bilateral series against England since 2019. - India lose back to back T20i series for the first time since 2019. pic.twitter.com/uFhy6IQQJP — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 9, 2026 ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 3:22 pm

राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार

बॉलीवुड के फेमस एक्टर राजेश शर्मा इस समय कोलकाता के एक निजी अस्पताल में गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं। हैदराबाद की रामोजी फिल्मसिटी में सुपरस्टार प्रभास की आगामी फिल्म के सेट पर राजेश शर्मा को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। राजेश शर्मा की इस गंभीर हालत को देखकर उनके बेहद करीबी दोस्त और को-स्टार अक्षय कुमार काफी भावुक हो गए हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। अक्षय कुमार ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर राजेश शर्मा के साथ एक खुशनुमा पुरानी तस्वीर साझा की। Very concerned to hear about my dear friend Rajesh’s health condition after an insect bite while shooting. Hope Mahadev blesses him with fast and complete recovery. Jaldi theek ho ja yaar, abhi saath baith ke bhot hansna hai. pic.twitter.com/n8yH6IYxKH — Akshay Kumar (@akshaykumar) July 9, 2026 इस तस्वीर के साथ अक्षय ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा, शूटिंग के दौरान एक कीड़े के काटने के बाद मेरे प्यारे दोस्त राजेश की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सुनकर बेहद चिंतित हूं। उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्द और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने का आशीर्वाद देंगे। जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठ के बहुत हंसना है। बता दें कि अक्षय और राजेश शर्मा की ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। दोनों ने स्पेशल 26, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, लक्ष्मी और भूत बंगला जैसी कई बड़ी फिल्मों में एक साथ काम किया है। ALSO READ: बाथटब में सनी लियोनी का सिज़लिंग अवतार, तस्वीरों ने इंटरनेट पर लगाई आग एक मामूली डंक बना जानलेवा पारिवारिक सूत्रों और अभिनेत्री सुदीपा चटर्जी द्वारा जारी किए गए शुरुआती बयान के अनुसार, यह घटना हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में पैक-अप के बाद हुई। शूटिंग खत्म होने के बाद राजेश शर्मा घने पेड़ों और झाड़ियों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें पैर में किसी कीड़े के काटने का अहसास हुआ। शुरुआत में इसे एक सामान्य बात समझकर उन्होंने नजरअंदाज कर दिया और तुरंत कोई डॉक्टरी इलाज नहीं लिया। करीब छह घंटे बीतने के बाद उनके दाहिने पैर में असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। हवाई सफर के दौरान राजेश शर्मा को तेज बुखार आ गया और वे बेहद बेचैन हो गए। कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें तुरंत ढाकुरिया स्थित मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमण उनके पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक बहुत तेजी से फैल गया है और प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले हो गए हैं। उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है और डॉक्टरों की टीम उन पर 24 घंटे नजर रख रही है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें AICWA की तेलंगाना के CM से जांच की मांग इस घटना ने फिल्म सेट्स पर काम करने वाले कलाकारों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 2:54 pm

प्राचीन भारतीय लोकतंत्र बनाम आधुनिक लोकतंत्र: जस्टिस मार्कंडेय काटजू का लेख

जस्टिस मार्कंडेय काटजू के इस विश्लेषण को जानें कि कैसे प्राचीन भारतीय गणराज्यों ने एकता को बढ़ावा दिया, और उनकी तुलना जाति और धार्मिक ध्रुवीकरण पर आधारित आधुनिक लोकतंत्र से करें।

हस्तक्षेप 10 Jul 2026 2:48 pm

चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत

बीजिंग। चीन के जिंजियांग शहर में एक जूता कारखाने में भीषण आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। यह विनाशकारी आग गुरुवार को हुइतेंग फुटवियर कारखाने में लगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार जब आग भड़की तब कारखाने के भीतर लगभग 240 लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही 500 से अधिक […] The post चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 1:13 pm

इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस

आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’ अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ The conversation between coach Gautam Gambhir and Captain Iyer after every Match pic.twitter.com/iryRGpB41J — RISHABH17FAN (@ARJUNkaPANT) July 9, 2026 अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’

वेब दुनिया 10 Jul 2026 1:00 pm

पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार रात पूर्व तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा सदस्यों सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक को आगामी 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में […] The post पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 12:57 pm

बाथटब में सनी लियोनी का सिज़लिंग अवतार, तस्वीरों ने इंटरनेट पर लगाई आग

बॉलीवुड की 'बेबी डॉल' सनी लियोनी जब भी स्क्रीन या सोशल मीडिया पर आती हैं, फैंस के दिलों की धड़कनें बढ़ा देती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसी तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिसने इंटरनेट का तापमान बढ़ा दिया है। इन तस्वीरों में सनी लियोनी बाथटप में बैठकर हुस्न का जलवा बिखेरती नजर आ रही हैं। सनी ने मल्टीकलर सिक्विन और क्रिस्टल वर्क वाला एक बेहद ग्लैमरस बॉडीसूट पहना हुआ है। पर्पल, पिंक, मरून और एक्वा ब्लू शेड्स के चेकर बोर्ड पैटर्न वाले इस आउटफिट में उनका टोंड फिगर साफ नजर आ रहा है। ALSO READ: ब्लैक ब्रालेट में सान्या मल्होत्रा ने ढाया कहर, बोल्ड फोटोशूट ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा इस सिजलिंग मोनोकिनी के साथ सनी लियोनी ने मैचिंग फिशनेट स्टॉकिंग्स कैरी किए हैं, जो उनके लुक में बोल्डनेस का तड़का लगा रहा है। बाथटब में लेटकर और बैठकर दिए गए सनी के 'सेक्सी पोज' किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी हैं। किसी तस्वीर में वह अपने हाथों को बालों में घुमाते हुए कैमरे को इंटेंस लुक दे रही हैं, तो किसी में वह अपनी आँखें बंद कर कातिलाना अदाएं बिखेर रही हैं। उनके चेहरे के एक्सप्रेशंस में कॉन्फिडेंस और सेंसुअलिटी का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें लुक को कम्प्लीट करने के लिए सनी ने बोल्ड रेड लिपस्टिक लगाई है, जो उनके चेहरे पर खूब फब रही है। स्मोकी आइज, परफेक्ट कॉन्टूरिंग और न्यूड मेकअप बेस के साथ उन्होंने कानों में बड़े गोल्डन हूप इयररिंग्स पहने हैं। सनी ने अपने बालों को खुला रखा है। सनी लियोनी की इन तस्वीरों ने यह साबित कर दिया है कि फैशन और बोल्डनेस के मामले में उनका मुकाबला करना आसान नहीं है। फैंस लगातार इन तस्वीरों पर फायर और हार्ट इमोजीस की बरसात कर रहे हैं।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 12:46 pm

अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म करके उसे कुंए में फेंकने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गत तीन जुलाई की रात करीब 11 बजे की है जब महिला अपने पीहर में थी और घर में उसके पिता भी मौजूद थे। देर रात […] The post अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 12:38 pm

अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक

मशहद। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुवार देर रात को मशहद शहर के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार देर रात खामेनेई के बड़े बेटे हुज्जतुलइस्लाम सैय्यद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई की अगुवाई में लाखों लोगों ने […] The post अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 12:26 pm

'बाहुबली: द बिगिनिंग' के 11 साल: प्रभास की आवाज़ में गूंजते ये डायलॉग आज भी हैं सुपरहिट

प्रभास स्टारर 'बाहुबली- द बिगिनिंग' भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की एक बेहद सफल और यादगार फिल्मों में से एक है। इस सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म को रिलीज हुए अब 11 साल हो गए है। ये फिल्म आज ही के दिन यानी 10 जुलाई 2015 को रिलीज़ हुई थी और भारतीय सिनेमा में एक इतिहास रच दिया था। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली ने किया हैं। इस मैग्नम ओपस ने प्रभास को एक पैन इंडिया स्टार बना दिया और बाद में उनके प्रशंसकों ने उन्हें एक ग्लोबल सेंसेशन बना दिया। फिल्म में सुपरस्टार प्रभास ने सहजता के साथ अमरेंद्र और महेंद्र बाहुबली का डबल रोल प्ले किया और अपने जीवन के 5 से 6 साल बाहुबली यूनिवर्स के नाम कर दिया और जिसका नतीजा जबरदस्त था। ALSO READ: उत्तराखंड के ऐतिहासिक टनल रेक्स्यू पर फिल्म 'सिल्कयारा 41' लेकर आ रहे आमिर खान, कबीर खान करेंगे निर्देशन इस दौरान अपने काम के लिए सुपरस्टार का अनुशासन, समर्पण और जुनून वास्तव में तब रंग लाया, जब ये फिल्म रिलीज हुई और ग्लोबल एंटरटेनमेंट स्पेस में नए स्टैंडर्ड्स सेट करते हुए एक बड़ी ग्लोबल ब्लॉकबस्टर बन गई। इसके अलावा, प्रभास ने इस फिल्म से जो स्टारडम हासिल किया वह भी कमाल का है। इस सिनेमाई मास्टर पीस के ग्लोरियस 11 साल पूरे होने के मौके पर, आइए प्रभास के उन एपिक डायलॉग्स पर एक नज़र डालते हैं जो दर्शकों को आज भी अपना दीवाना बना लेते है। औरत पर हाथ डालने वाले की उंगलियां नहीं काटते… काट ते हैं तो गाला ये डायलॉग उस आइकोनिक सीन के दौरान बोला गया था, जहां प्रभास एक विशाल हॉल में अपनी ऑन-स्क्रीन पत्नी (अनुष्का शेट्टी) का बचाव करते हुए अपराधी का सिर काटते हैं। समय हर कायर को अपनी बहादुरी दिखाने का एक मौका जरूर देता है… यही वो क्षण है वह इंस्पायरिंग पल जब प्रभास अकेले ही एक बड़े दुश्मन से लोहा लेते हैं और इस लाइन को पढ़कर कुमार वर्मा को प्रेरित करते हैं। देवी मां की प्यास बुझाने के लिए एक निर्बल की बाली क्यों, मेरा उमड़ता हुआ रक्त समर्पित हैं युद्ध के मैदान में विशाल दुश्मन से मुकाबला करने से पहले, प्रभास उर्फ बाहुबली राज्य की परंपरा को चुनौती देते हैं, जिससे सभी इस सीन और दमदार डायलॉग के दीवाने हो जाते हैं। क्या है मृत्यु… हमारे हाथों से शत्रु का मर जाना ये सोचना है मृत्यु… रणभूमि में शत्रु से भयभीत होकर जीवित रहना है मृत्यु? युद्ध के मैदान में अपनी बटालियन के गिरते मनोबल को देखते हुए, प्रभास ने यह प्रभावशाली डायलॉग कहा था, जिसने उनमें हिम्मत, वीरता और दुश्मन से मुकाबला करने की ताकत पैदा की। अपने हाथों को हथियार बना लो... अपनी सांसों को आंधियों में बदल दो... हमारा खून ही महान सेना है प्रभास उर्फ बाहुबली अपने मामा कटप्पा के साथ दुश्मन से मुकाबला करने से पहले अपनी सेना को प्रेरित करते हैं!

वेब दुनिया 10 Jul 2026 11:13 am

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र

Ten Mahavidyas Mantra: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि तंत्र, मंत्र और शक्ति साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान आदिशक्ति के दस महाविद्या स्वरूपों की उपासना करने से साधक को आध्यात्मिक उन्नति, आत्मबल, भय से मुक्ति और विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। प्रत्येक महाविद्या का अपना विशिष्ट स्वरूप, महत्व और बीज मंत्र है। श्रद्धा, शुद्धता और गुरु के मार्गदर्शन में इनकी साधना करना सर्वोत्तम माना गया है। यदि आप भी इस गुप्त नवरात्रि अपनी किसी खास मनोकामना को पूरा करना चाहते हैं, तो तिथियों के अनुसार इन 10 देवियों की पूजा और उनके विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण आइए यहां जानते हैं आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 10 महाविद्या और उनके मंत्र किस दिन होगी किस देवी की साधना? गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों में देवियों की आराधना का एक खास क्रम होता है। आइए जानते हैं किस दिन आपको किस महाशक्ति की पूजा करनी है: पहला दिन: मां काली की साधना दूसरा दिन: मां तारा और मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा तीसरा दिन: मां भुवनेश्वरी की आराधना चौथा दिन: मां छिन्नमस्ता की साधना पांचवां दिन: मां त्रिपुरभैरवी की पूजा छठा दिन: मां धूमावती की आराधना सातवां दिन: मां बगलामुखी की साधना आठवां दिन: मां मातंगी की पूजा नौवां दिन: मां कमला की पूजा जानें 10 महाविद्याएं और उनके अचूक सिद्ध मंत्र ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? इन दिव्य मंत्रों का जाप शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करने से आप चमत्कारिक फल पा सकते हैं। काली : ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।अथवा ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा। तारा : ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्। त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:। भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं। छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:। त्रिपुरभैरवी : ह स: हसकरी हसे।' धूमावती : धूं धूं धूमावती ठ: ठ:। बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:। मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:। कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:। जानें गुप्त नवरात्रि की 10 देवियों के नाम- 1. काली, 2. तारा, 3. त्रिपुरसुंदरी, 4. भुवनेश्वरी, 5. छिन्नमस्ता, 6. त्रिपुरभैरवी, 7. धूमावती, 8. बगलामुखी, 9. मातंगी, 10. कमला। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 5 खास बातें और महत्व

वेब दुनिया 10 Jul 2026 10:55 am

उत्तराखंड के ऐतिहासिक टनल रेक्स्यू पर फिल्म 'सिल्कयारा 41' लेकर आ रहे आमिर खान, कबीर खान करेंगे निर्देशन

आमिर खान प्रोडक्शंस (भारत), माइंड ब्लोइंग फिल्म्स (ऑस्ट्रेलिया) और कबीर खान फिल्म्स ने 'सिल्कयारा 41' की घोषणा की है। यह फिल्म उत्तराखंड के सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन और इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर टनलिंग एक्सपर्ट और ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय हीरो अर्नोल्ड डिक्स की अहम भूमिका से प्रेरित है। फिल्म की कहानी ऑस्ट्रेलिया के चर्चित स्क्रीनराइटर एंड्रयू अनास्टासियोस ('द वॉटर डिवाइनर') ने लिखी है और इसका निर्देशन पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्ममेकर कबीर खान करेंगे। यह फिल्म भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक खास सहयोग का उदाहरण है, जो दोनों देशों की रचनात्मक ताकत, कहानी कहने की परंपरा और प्रोडक्शन एक्सपर्टीज को एक साथ लेकर आएगी। ALSO READ: 'बंटवारा 1947' में गूंजेगी सोनू निगम की आवाज, ए.आर. रहमान ने शेयर किया बड़ा अपडेट यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने रिश्तों को और मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग के नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में 'सिल्कयारा 41' सहयोग, साझा मूल्यों और इंसानी जज्बे की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। आमिर खान प्रोडक्शंस के संस्थापक और निर्माता आमिर खान ने कहा, माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और आमिर खान प्रोडक्शंस के बीच इस खास सहयोग की घोषणा करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। सिल्कयारा टनल रेस्क्यू की कहानी ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। यह मुश्किल हालात में साहस, जज्बे, सूझबूझ और इंसानियत की कहानी है। आमिर ने कहा, हमें खास तौर पर खुशी है कि हम इसकी घोषणा ऐसे ऐतिहासिक दिन पर कर रहे हैं, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह भी खास बात है कि हमारे दोनों देश मिलकर ऐसी फिल्म बना रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंसानी जज्बे की जीत की कहानी को सामने लाती है।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 10:49 am

हरिद्वार के पवित्र वीआईपी घाट पर बार बालाओं के अश्लील ठुमके; वायरल वीडियो देख भड़के साधु-संत, पुलिस ने शुरू की जांच

सनातन धर्म की सर्वप्रमुख और पवित्र नगरी हरिद्वार (Haridwar) से एक ऐसा शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। मां गंगा के सबसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों में से एक, वीआईपी घाट (VIP Ghat) इन दिनों एक बेहद फूहड़ विवाद की वजह से देश भर में चर्चा का विषय बन गया है।जहां देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु मोक्ष, आत्मिक शांति और आस्था की डुबकी लगाने आते हैं, वहां तेज आवाज में बज रहे अश्लील गानों पर बार बालाओं के डांस का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद तीर्थनगरी के साधु-संतों, पुरोहितों और विभिन्न धार्मिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।किसानों के महाकुंभ में मर्यादा तार-तार: क्या है पूरा मामला?यह पूरा बखेड़ा ‘किसानों का महाकुंभ’ नाम के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान खड़ा हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य: इस मंच को किसानों की गंभीर समस्याओं, उनकी फसलों के उचित दाम और उनके अधिकारों पर चर्चा करने के लिए सजाया गया था।मनोरंजन का फूहड़ तड़का: स्थानीय लोगों और इनपुट्स के अनुसार, कार्यक्रम में भीड़ जुटाने या मनोरंजन के नाम पर आयोजकों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। गंभीर और वैचारिक मुद्दों पर बात होने के बजाय अचानक मंच पर डांसरों के अश्लील ठुमके लगने लगे।बना विवाद का कारण: जिस पावन गंगा तट पर सुबह-शाम मंत्रोच्चार, शंखनाद और पावन गंगा आरती की गूंज होनी चाहिए, वहां लाउडस्पीकर पर फूहड़ बॉलीवुड गाने बज रहे थे। किसी जागरूक नागरिक ने इस पूरे कृत्य का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह विवाद पूरे देश में फैल गया।संतों का भारी आक्रोश: हरिद्वार कोई पिकनिक स्पॉट नहीं हैवीडियो के वायरल होते ही हरिद्वार की सर्वोच्च संस्था गंगा सभा के पदाधिकारियों और स्थानीय अखाड़ों के साधु-संतों में भारी उबाल देखने को मिल रहा है। संतों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे सनातन धर्म और हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार बताया है।संतों का कड़ा संदेश: वीआईपी घाट जैसे अति-संवेदनशील और पूजनीय स्थान पर इस तरह की फूहड़ता फैलाना अक्षम्य अपराध है। हरिद्वार एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र है, कोई पिकनिक स्पॉट नहीं। घाटों पर इस तरह की अश्लीलता फैलाकर धर्मनगरी की वैश्विक छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश की जा रही है, जिसे हिंदू समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।पुलिस और जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई की तैयारीसाधु-संतों और धार्मिक संगठनों के बढ़ते दबाव और आक्रोश के बीच उत्तराखंड का जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है।1.लिखित शिकायत और मांग:कदम 1.धार्मिक संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।2.अनुमति की जांच:कदम 2.प्रशासन इस बात की गंभीरता से जांच कर रहा है कि आखिर इतने संवेदनशील और पवित्र घाट पर इस प्रकार के फूहड़ सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति किस विभाग या अधिकारी ने और किन शर्तों पर दी थी।3.वायरल वीडियो से पहचान:कदम 3.हरिद्वार पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आयोजकों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ ऐसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सके, जिससे भविष्य में कोई भी दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके।इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सख्त निर्देशों के तहत तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा घाटों पर गश्त और सख्त गाइडलाइंस लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:47 am

जज्बे को सलाम: कोलकाता में 67 साल की बीमार पत्नी के लिए 80 की उम्र में 16 घंटे पीली टैक्सी चलाते हैं रवींद्रनाथ सरकार, इंटरनेट पर भावुक हुए लोग

बुढ़ापा जीवन का वह पड़ाव होता है जहां इंसान को आराम और अपनों के साथ की जरूरत होती है। लेकिन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) से एक ऐसा दिल झकझोर देने वाला और प्रेरणादायक वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह कहानी है लगभग 80 वर्ष के रवींद्रनाथ सरकार की, जो इस उम्र में भी जब उनका शरीर उनके इरादों का साथ नहीं देता, हर सुबह अपनी पीली टैक्सी का स्टीयरिंग व्हील थाम लेते हैं।वे ऐसा किसी बड़े बिजनेस या शौक के लिए नहीं, बल्कि घर का गुजारा करने और अपनी 67 साल की बीमार पत्नी की दवाइयों का खर्च उठाने के लिए करते हैं।रोजाना 16 घंटे का कड़ा संघर्ष: बिना छुट्टी किराए की टैक्सीसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर चैताली बोस नाम की एक यूजर द्वारा शेयर किए गए इस भावुक वीडियो ने देखते ही देखते हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।52 सालों का सफर: रवींद्रनाथ सरकार पिछले लगभग 52 वर्षों से कोलकाता की सड़कों पर टैक्सी चला रहे हैं।कठिन दिनचर्या: वे रोजाना सुबह 6 बजे घर से निकलते हैं और रात 11 बजे तक (करीब 16 घंटे) लगातार गाड़ी चलाते हैं।किराए का बोझ: सबसे दर्दनाक बात यह है कि वे जो टैक्सी चलाते हैं, वह उनकी अपनी नहीं बल्कि किराए की है। अगर किसी दिन उन्हें एक भी सवारी न मिले या वे एक रुपया भी न कमा पाएं, तब भी उन्हें जेब से टैक्सी का दैनिक किराया मालिक को चुकाना ही पड़ता है।बीमारियों की मार और टपकती छत का आशियानाइस बुजुर्ग जोड़े की कोई संतान नहीं है जो इस उम्र में उनका सहारा बन सके। दोनों अकेले ही जिंदगी की इस जंग को लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सेहत की दिक्कतें इस संघर्ष को और भी ज्यादा दर्दनाक बना देती हैं:ईमानदारी की मिसाल: चैताली बोस ने वीडियो में बताया कि इतनी आर्थिक तंगहाली और बीमारियों के बावजूद, रवींद्रनाथ सरकार अपनी सवारी से कभी भी ज्यादा पैसे नहीं मांगते। वे मीटर या ईमानदारी के हिसाब से उतना ही किराया लेते हैं, जितना वे सही समझते हैं।रहने के हालात बेहद मुश्किल: यह बुजुर्ग जोड़ा कोलकाता के दम दम (Dum Dum) इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक बेहद छोटे से टीन के घर में रहता है। मानसून के इस मौसम में जब कोलकाता में भारी बारिश हो रही है, उनके घर की छत लगातार टपकती है। पूरा पानी घर के अंदर आ जाता है, लेकिन तंगहाली के कारण इस छत की मरम्मत करवाना भी उनके बजट से बाहर है।सोशल मीडिया पर उमड़ा मदद का सैलाब: यूजर्स ने उठाई पेंशन की मांगवीडियो के अंत में चैताली बोस ने देशवासियों और कोलकाता के स्थानीय लोगों से इस स्वाभिमानी बुजुर्ग जोड़े की मदद के लिए आगे आने की भावुक अपील की है। इस क्लिप के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों की अलग-अलग और दिल छू लेने वाली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:स्वाभिमान को सलाम: एक यूजर ने लिखा, ऐसे मुश्किल हालात में कई लोग भीख मांगने पर मजबूर हो जाते हैं, लेकिन यह बुजुर्ग इस उम्र में भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। जिन लोगों ने पूरी जिंदगी सम्मान के साथ काम किया है, उन्हें बुढ़ापे में ऐसे संघर्ष नहीं करना चाहिए। दया कोई दान नहीं, हमारा फर्ज है।पेंशन नियमों में बदलाव की मांग: एक अन्य नागरिक ने नीतिगत बदलावों का सुझाव देते हुए लिखा कि सरकार को सक्षम महिलाओं की योजनाओं की राशि को संतुलित कर ऐसे लाचार और अक्षम बुजुर्गों के लिए बुढ़ापा पेंशन (Old Age Pension) की रकम को बढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में काम करने की क्षमता खत्म हो जाती है और दवाइयों का खर्च बहुत ज्यादा होता है।यदि आप भी कोलकाता या इसके आसपास के क्षेत्र में रहते हैं, तो दम दम रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले रवींद्रनाथ सरकार की टैक्सी में सफर करके या सीधे तौर पर उनकी टपकती छत को ठीक करवाकर इस सावन में पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:39 am

Train Cleanliness Video: साधारण पैसेंजर ट्रेन की सफाई देख हैरान रह गए लोग, इंटरनेट पर छिड़ी 'नॉर्थ बनाम साउथ' के सिविक सेंस की बहस

सोशल मीडिया पर अक्सर भारतीय रेलवे (Indian Railways) की ट्रेनों में फैली गंदगी, टॉयलेट्स की बदहाली और जनरल बोगियों में क्षमता से अधिक भरी भीड़भाड़ के वीडियो वायरल होते रहते हैं। इन नकारात्मक खबरों के बीच, तमिलनाडु से एक ऐसा अनोखा और सुखद वीडियो सामने आया है, जिसने हर देशवासी को हैरान होने पर मजबूर कर दिया है।एक यात्री ने मदुरै से रामेश्वरम जाने वाली एक बेहद साधारण और कम किराए वाली पैसेंजर ट्रेन ($Passenger Train$) का वीडियो शेयर किया है। यह ट्रेन अंदर से इतनी ज्यादा साफ-सुथरी और व्यवस्थित थी कि इसे देखने के बाद लोग इसकी तुलना देश की प्रीमियम और वीआईपी ट्रेनों (जैसे वंदे भारत या तेजस) से करने लगे हैं। हालांकि, इस सकारात्मक वीडियो के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर 'उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत' (North vs South) के नागरिकों के सिविक सेंस (नागरिक समझ) को लेकर एक नई और तीखी बहस भी छिड़ गई है।पैसेंजर ट्रेन की चमक देख चौंक गए इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर 'गौरव'गौरव नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने हाल ही में मदुरै से रामेश्वरम के बीच चलने वाली एक आम पैसेंजर ट्रेन में सफर किया। एक सामान्य भारतीय यात्री की तरह गौरव ने भी यही उम्मीद की थी कि बाकी पैसेंजर ट्रेनों की तरह यह कोच भी गुटके के दागों, कचरे और बदबू से भरा होगा।लेकिन जैसे ही उन्होंने ट्रेन के अंदर कदम रखा, वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।ट्रेन का इंटीरियर: ट्रेन के कोच की सीटें, फर्श, हाथ धोने का वॉश बेसिन और टॉयलेट एकदम शीशे की तरह साफ-सुथरे और चमचमाते दिख रहे थे।स्टेशन का नजारा: चौंकाने वाली बात यह थी कि केवल ट्रेन ही नहीं, बल्कि उस रूट के रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म पर भी कहीं कोई कचरा या प्लास्टिक की बोतल नजर नहीं आ रही थी। गौरव ने इस अद्भुत नजारे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।सफर के अंत तक चमचमाती रही बोगी: आलोचकों को दिया करारा जवाबजब गौरव का पहला वीडियो वायरल हुआ, तो कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' बताते हुए कमेंट किया कि यह ट्रेन अभी यार्ड से धोकर आई है और स्टेशन से खुली नहीं है, इसलिए साफ दिख रही है। 10-20 किलोमीटर का सफर तय करते ही भारतीय यात्री इसे भी कचरा पेटी बना देंगे।1.यूजर्स ने उठाए सवाल:आलोचकों की चुनौती.कमेंट सेक्शन में लोगों ने दावा किया कि सफर खत्म होते-होते पैसेंजर ट्रेन की हालत हमेशा की तरह बदतर हो जाएगी।2.170 किमी बाद बनाया दूसरा वीडियो:गौरव का पलटवार.गौरव ने इन आलोचकों को जवाब देने के लिए मदुरै से रामेश्वरम तक का पूरा 170 किलोमीटर का सफर खत्म होने का इंतजार किया।3.सफर के बाद भी ट्रेन रही बेदाग:हैरान करने वाला सच.मंजिल पर पहुंचने के बाद गौरव ने ट्रेन की स्थिति का दूसरा वीडियो शेयर किया। हैरान करने वाली बात यह थी कि पूरा सफर खत्म होने के बाद भी ट्रेन के टॉयलेट, सिंक एरिया और सीटें वैसी ही साफ-सुथरी थीं, जैसी यात्रा की शुरुआत में थीं।सोशल मीडिया पर 'सिविक सेंस' को लेकर बंटी जनता: छिड़ी नई जंगगौरव ने अपने वीडियो के कैप्शन में 'डिफरेंस बिटवीन नॉर्थ एंड साउथ पीपल' (उत्तर और दक्षिण के लोगों में अंतर) लिख दिया, जिसने इंटरनेट पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया। गौरव का मानना है कि हम हमेशा सोचते हैं कि सिर्फ महंगे किराए वाली प्रीमियम ट्रेनों में ही सफाई रखी जा सकती है, लेकिन इस आम ट्रेन के यात्रियों ने साबित कर दिया कि अगर नागरिक चाहें तो बिना रेलवे स्टाफ के भी व्यवस्था को साफ रखा जा सकता है।इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं:यूजर्स का नजरियाउनका मुख्य तर्कसाउथ इंडिया के समर्थककई यूजर्स का कहना है कि दक्षिण भारत के राज्यों में साक्षरता दर (Education Rate) अधिक होने के कारण वहां के आम नागरिकों में सिविक सेंस और सार्वजनिक संपत्तियों को साफ रखने की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा होती है, जबकि उत्तर भारत की थर्ड एसी बोगियों में भी लोग कचरा फैला देते हैं।तटस्थ और राष्ट्रवादी नजरियादूसरे पक्ष के लोगों का मानना है कि गंदगी या सफाई का संबंध किसी क्षेत्र (नॉर्थ या साउथ) से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सोच से है। हर जगह अच्छे और बुरे नागरिक होते हैं। देश को क्षेत्रीय आधार पर बांटने या आपस में लड़ने के बजाय हम सभी को मिलकर पूरे भारत को स्वच्छ (Swachh Bharat) बनाने पर ध्यान देना चाहिए।कड़ा संदेश: सफाई सिर्फ सरकार की नहीं, हमारी भी जिम्मेदारी हैयह वायरल वीडियो देश के हर रेल यात्री के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। यह साबित करता है कि रेलवे चाहे कितनी भी आधुनिक मशीनें लगा ले, जब तक यात्री खुद जागरूक होकर कचरा डस्टबिन में डालने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक देश की ट्रेनों की दशा नहीं सुधारी जा सकती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:17 am

डिजिटल अरेस्ट कर 10 करोड़ ठगे, 95 लाख कमीशन:एजेंट ने बताया नकली पुलिस बनकर डराने का तरीका, स्कैम कंपाउंड पहुंचा रिपोर्टर...पार्ट-2

‘अमेरिका में जो इंडियन हैं, उनके पास बहुत पैसा है। पाकिस्तानी लड़के ने एक महीने में 95 लाख रुपए से ज्यादा कमीशन उठाया। उसने इंडियन कस्टमर को डिजिटल अरेस्ट कर 9.5 करोड़ की पेमेंट करवाई थी।’ सायबर स्कैम करने वाली इंडस्ट्री में लड़कों की भर्ती करने वाले एजेंट विक्की से हमारी मुलाकात कंबोडिया में हुई। सायबर स्कैम के जरिए भारत में हर दिन करीब 61 करोड़ रुपए और हर महीने 2 हजार करोड़ रुपए ठगे जा रहे हैं। कंबोडिया–मलेशिया जैसे देश इसका हब बन चुके हैं। कंबोडिया में किसी इंडस्ट्री की तरह सायबर स्कैम कंपनियां चल रही हैं, इसलिए हम पड़ताल करने वहां पहुंचे। ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड के पहले पार्ट में हमने बताया था कि कैसे भारत में लड़कों को सायबर स्कैम के लिए भर्ती किया जा रहा है। अब दूसरे और आखिरी पार्ट में पढ़िए और देखिए कंबोडिया पहुंचने के बाद लड़कों के साथ क्या होता है। स्टेप 1: पाकिस्तानी एजेंट से मुलाकात हम 15 जून को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह पहुंचे। विक्की से कॉन्टैक्ट कराने वाले पाकिस्तानी एजेंट लफी ने बताया था कि एयरपोर्ट पर पूछताछ होती है, लेकिन हमारी सेटिंग है। 200 से 250 डॉलर में हमारा बंदा इमिग्रेशन क्लियर करवा देता है। हालांकि, हम टूरिस्ट वीजा पर नोम पेन्ह पहुंचे थे। इमिग्रेशन में हमसे सिर्फ कंबोडिया आने की वजह पूछी गई। हमने बताया कि घूमने आए हैं। एयरपोर्ट से निकलते ही एजेंट विक्की को कॉल किया। उसने शाम 5 बजे मिलने को कहा। जिस जगह की लोकेशन भेजी, वो नोम पेन्ह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ट्रापेआंग रूमचेक एरिया की थी। यहां कई वेयरहाउस, लॉजिस्टिक कंपनियां, रेस्टोरेंट्स और अपार्टमेंट्स हैं। लोकेशन पर पहुंचने के बाद हमने विक्की को कॉल किया। कहा कि भाई कहां हो, नजर नहीं आ रहे। उसने कहा- ‘तुम जहां हों, वहां से आगे बढ़ो। मैं मेन रोड की तरफ आ रहा हूं।’ थोड़ा आगे बढ़ने पर ब्लैक शर्ट और कैप में एक लड़का दिखा। यही विक्की था। वो हमें अपने घर ले गया। अंदर जाते ही विक्की के साथ मौजूद लड़के ने गेट बंद कर दिया। फिर बातचीत शुरू हुई। पता चला कि विक्की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का रहने वाला है। उसने बताया ‘ये मेरा घर और ऑफिस दोनों है। स्कैम के लिए आने वाले लड़कों को पहले यहीं रुकवाते हैं। कुछ दिन लड़कों को यहां रखने के बाद स्कैम कंपाउंड भेजते हैं। अब भर्ती का तरीका बदल गया है। आजकल एजेंट सीधे अपनी लोकेशन पर नहीं बुलाते। आपको लफी भाई ने भेजा है, इसलिए बुला लिया।’ भारतीयों को फंसाने में ज्यादा पैसा, पाकिस्तानी लड़के ने एक महीने में 95 लाख कमाएविक्की को शक न हो, इसलिए हमने सीधे सवाल-जवाब नहीं किए। हमने कहा कि यहां रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं। आप बताओ कहां खोल सकते हैं। रेस्टोरेंट के ऊपर ही कमरे बना देंगे, भारत से आने वाले लड़कों को उसी में रुकवाएंगे। इससे किसी को शक भी नहीं होगा। विक्की बोला, ‘जमीन मिल जाएगी, कोई दिक्कत नहीं। मैं वीजा के साथ कानूनी मदद भी करता हूं। अगर किसी लड़के को जेल हो जाए, तो मेरे पास वकीलों का ग्रुप है। मुझे पुलिस रेड की खबर पहले मिल जाती है। कई बार लड़कों को ऐसे निकाला कि एक दरवाजे से पुलिस आ रही है और दूसरे से उन्हें बाहर कर दिया। विक्की ने आगे बताया, ‘अगर कोई खुद स्कैम ऑपरेशन चलाना चाहे, तो उसके लिए भी जगह दिलवा सकते हैं। सिक्योरिटी भी प्रोवाइड कराता हूं। पुलिस नंबर वाली गाड़ियां भी दी हैं।’ सैलरी के बारे में पूछने पर बोला, ‘लड़कों की शुरुआती सैलरी 75 हजार से 1 लाख रुपए तक जाती है। काम के हिसाब से कमीशन मिलता है। रहने के लिए एसी रूम और तीन वक्त का खाना मिलता है। लड़के को आने के बाद पूरा काम समझाते हैं’ बातचीत के आखिर में उसने कहा, ‘‘कंबोडिया में भारत के सिम कार्ड की बहुत डिमांड है। अगर कोई कंबोडिया पहुंचा दे, तो बहुत मुनाफा है। भारत से आने वाले लोग हजारों सिम लेकर आते हैं। इंडियन कॉलिंग में भी कमाई है। अगर अरेंज हो सकें, तो भेजना। खूब कमाओगे।’ स्टेप 2: स्कैम कंपाउंड में ट्रांसफरविक्की से मुलाकात के बाद हम सायबर स्कैम कंपाउंड तक पहुंचना चाहते थे। इन स्कैम कंपाउंड में फंस चुके रोहित ने बताया था कि नोम पेन्ह से 60 किमी दूरी पर चेरिथॉम नाम की जगह है, जहां कई कंपाउंड बने हुए हैं। कंबोडिया के कंदाल प्रांत में बसी इस जगह पर पहुंचे तो सैकड़ों सफेद रंग की बहुमंजिला इमारतें नजर आईं। ये जगह वियतनाम बॉर्डर से महज 3 किमी दूर है। सभी बिल्डिंगों के बाहर ऊंची-ऊंची दीवारें थीं। दीवारों के ऊपर कंटीले तार थे। सीसीटीवी लगे थे। बड़े-बड़े लोहे के गेट थे। कुछ कंपाउंड में ताला लगा था, कुछ के बाहर सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे। मैं नोम पेन्ह के अपने साथी पोंग वांथा के साथ यहां पहुंचा था। उसने कहा कि, गाड़ी से बाहर मत निकलना, यहां सब स्कैमर घूमते रहते हैं। पोंग ने बताया कि, यहां कुल कितने कंपाउंड है, इसका आंकड़ा तो किसी को नहीं पता, लेकिन ज्यादातर बिल्डिंगों में सायबर स्कैम कंपनियां ही चल रहीं थीं। कुछ अब भी चोरी-छिपे चल रही हैं, कुछ ने लोकेशन बदली है। पूरा एरिया सूना था। छिपते-छिपाते हमने बिल्डिंगों के शॉट लिए। फिर एक बिल्डिंग के पीछे बनी झुग्गी के पास पहुंचे। वहां मिले लोगों ने बताया कि थोड़े दिन पहले तक स्कैम कंपाउंड में रहने वाले लड़के यहां चाय-पानी के लिए आते थे, लेकिन पुलिस की रेड हुई तो अब बहुत सारे भाग गए। भीड़ आना कम हो गई। मैंने पूछा, ये इमारतें कब बनीं हैं? जवाब मिला-सब पिछले चार-पांच साल में खड़ी हुई हैं। चाइनीज लोगों ने बनाई हैं। पहले कुछ भी नहीं था। अब खेतों के बीच में कंपाउंड, सड़कें, बिजली सब हो गया। कंपाउंड में आने के बाद बाहर जाना मुश्किल, यहीं ऑफिस, मेस और हॉस्टल स्कैम कंपाउंड तक पहुंचाने का जरिया बने रोहित को इन्हीं में से एक कंपाउंड में रखा गया था। जिन लड़कों को सायबर स्कैम के लिए कंबोडिया लाया जाता है, उन्हें एयरपोर्ट से सीधे गाड़ियों में कंपाउंड के अंदर लाते हैं। फिर जांच–पड़ताल होती है। पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं। घरवालों से बात करने के लिए सिर्फ एक बार मोबाइल मिलता है, लेकिन वीडियो कॉल नहीं कर सकते। एक कमरे में 6 से 10 लड़कों को रखते हैं। किसी हॉस्टल की तरह यहां बंक बैड बने होते हैं। सभी लड़कों को 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। जिन लड़कों पर भरोसा हो जाता है, उन्हें कंपनी कुछ देर के लिए कंपाउंड के बाहर जाने की परमिशन भी देती है। रोहित से हमें इसी एरिया में रेस्टोरेंट चलाने वाले जाहिद का नंबर मिला। कॉल किया तो उसने बताया- ‘भाईजान अब सख्ती के चलते वहां सब बंद हो गया है। मैं भी नोम पेन्ह में हूं। लड़कों को दूसरे देश भेज रहे। जैसे सख्ती कम होगी, फिर सब शुरू हो जाएगा।’ स्टेप 3: स्कैम कंपाउंड का वर्क कल्चर, सैलरी और कमीशन इन स्कैम कंपाउंड में पहुंचने के बाद एक हफ्ते तक काम सिखाया जाता है। रोहित और उसके साथियों को कंप्यूटर पर काम, मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल, अंग्रेजी में बातचीत और पहले से तैयार स्क्रिप्ट के मुताबिक लोगों से बात करने की ट्रेनिंग दी गई। चेरिथॉम में स्कैम कंपाउंड को देखने के बाद मैं नोम पेन्ह में रिवर साइड एरिया पहुंचा। इस इलाके को स्कैमर्स का अड्‌डा कहा जाता है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल, वियतनाम सहित तमाम देशों के लड़के यहां मिले। इन्हीं में से एक बांग्लादेशी लड़के ने बंद कैमरे पर बात की। बोला– ‘कंपनी ने कंबोडिया के शहर सीएम रीप बुलाया था क्योंकि यहां के एयरपोर्ट पर उनकी सेटिंग थी। वहां से नोम पेन्ह आ गए। 20 दिन होटल में फंसे रहे क्योंकि कंपनी ने नौकरी के बदले 6 लाख मांगे थे। मैंने सिर्फ डेढ़ लाख दिए थे। एजेंट ने कहा- बाकी साढ़े चार लाख रुपए मिलने पर ही कंपनी आ सकोगे। फिर रकम बढ़ाकर 8 लाख कर दी। परिवार ने कर्ज लेकर पैसे भेजे।‘ ‘तब एजेंट ने गोल्डन कैसीनो कंपनी में भेजा। पहले 7 दिन ट्रेनिंग हुई। रोज 12 घंटे बैठाए रखते और कस्टमर से बात करना सिखाते। दोपहर में ज्यादातर चाइनीज खाना मिलता, जो खाया नहीं जाता। अच्छे से काम ना करने वाले से 20 घंटे तक काम करवाया जाता। कई बार 12 घंटे खड़े रहकर काम करना पड़ता।‘ टारगेट पूरा न होने पर कैद किया, करंट दिया और मारपीट कीलड़का आगे बोला, ‘मुझे बहुत टॉर्चर किया। टारगेट पूरा न होने पर पहले खाना बंद किया। फिर छोटे से कमरे में बंद कर दिया। न वॉशरूम जा सकता था, न कुछ खाने को मिलता। एक दिन मैनेजर के सामने बहुत रोया, तो टीम लीडर ने मुझे करंट लगाया और बहुत मारा। एक हफ्ते बाद मैनेजर ने मेरे एजेंट को बुलाकर मुझे बाहर निकलवा दिया।‘ ‘कर्ज ज्यादा था और वापस आने का पैसा नहीं था, इसलिए दूसरी कंपनी में चला गया। वहां महीने का दो से तीन हजार डॉलर तक कमा रहा था, लेकिन 24 अप्रैल को कंपनी बंद हो गई। हमारे चाइनीज बॉस को अरेस्ट कर लिया। सब लड़के भाग गए। हमें म्यांमार-मलेशिया जाने का कहा गया। कुछ अफ्रीकन देशों में भी गए हैं। कुछ पर कंपनी ने इतना प्रेशर डाला कि उन्होंने सुसाइड कर लिया। उनमें से दो की लाशें समुद्र में फेंक दीं। एजेंट भी भाग गए।‘ सख्ती के बाद कंबोडिया से म्यांमार-मलेशिया जा रहीं स्कैम कंपनियां पाकिस्तानी एजेंट लफी, स्कैम कंपनी के HR डिपार्टमेंट में काम करने वाले मैनुअल, कंबोडिया में मिले एजेंट विक्की और स्कैम कंपनी में काम कर चुके लड़कों से बातचीत से पता चला कि, कंपनियां कंबोडिया से मलेशिया, म्यांमार, तुर्कमेनिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में जा रही हैं। इन्हीं लड़कों के जरिए हमें कुआलालंपुर में भर्ती करने वाले एजेंट की लिंक मिली। जिस लड़के से नंबर मिला था, उसी के रेफरेंस से एजेंट से बात की। उसे बताया कि मैं एजेंट हूं, इंडिया से लड़कों को स्कैम कंपाउंड भेजना चाहता हूं। उसने पहले कुआलालंपुर में मिलने की बात कही लेकिन वहां पहुंचने पर मिलने से इनकार कर दिया। बोला- ‘बिना मिले ही सारा काम हो जाएगा। कुआलालंपुर के लिए ओपनिंग है। आप लड़कों के वीडियो भेजो, मैं इंटरव्यू करवाता हूं। जिन लड़कों की इंग्लिश अच्छी है, उन्हें प्रिफरेंस मिलेगा।‘ फिर एजेंट ने वॉट्सएप पर एक स्क्रिप्ट भेजी। इसमें लिखा था- ‘कॉल करके कैसे किसी व्यक्ति को झांसे में लेना है। पुलिस, ईडी या सीबीआई अधिकारी बनकर बात करनी है।’ एजेंट ने कहा कि जिन लड़कों को भेजना है, उनके वीडियो इस स्क्रिप्ट के हिसाब से रिकॉर्ड करके भेज दो। हमने एक लड़के का वीडियो भेजा, तो जवाब मिला- वीडियो ठीक है। लड़के का पासपोर्ट भेजो, इंटरव्यू करवाता हूं। एक हफ्ते में कुआलालंपुर बुला लेंगे। हमने कंपनी का एड्रेस मांगा और कहा एक बार देखना चाहते हैं। जवाब मिला- ‘चाइनीज कंपनी है, ऑफिस मेन सिटी में है, लेकिन एड्रेस नहीं दे सकता। मैं भी नहीं गया। लड़के के सिलेक्ट होने के बाद कंपनी के लोग सीधे एयरपोर्ट से ले जाएंगे।‘ अगले दिन उसने यूरोपियन और अमेरिकन मार्केट की ओपनिंग का मैसेज भेजा। बताया कि 800 डॉलर सैलरी मिलेगी। कुआलालंपुर से काम करना है, लेकिन जो स्कैम करना चाहते हैं, उन्हें ही लेकर आना। ये स्टोरी लिखे जाने तक लफी और मैनुअल हमारे कॉन्टैक्ट में हैं। मैनुअल लड़कों के पासपोर्ट मांग रहा है, लफी ने इंटरव्यू के लिए थोड़ा रुकने को कहा है। किराए के बंगले और अपार्टमेंट्स में चल रहीं स्कैम कंपनियां मलेशिया में जिन लोकेशन पर पुलिस की रेड में स्कैम कंपनियां पकड़ी गई हैं, हम वहां भी पहुंचे लेकिन ये नहीं पता चल सका कि कौन सी इमारतों में स्कैम कंपाउंड चलाए जा रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि कुआलालंपुर के ओल्ड क्लांग रोड, कुचाई लामा और बंगसर इलाकों में कमर्शियल बिल्डिंग्स, किराए के बंगलों या अपार्टमेंट्स में सायबर स्कैम कंपनियां चल रही हैं। बाहर से देखने पर सब सामान्य लगता है, लेकिन हकीकत अलग है। श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार, युगांडा जैसे देश नए ठिकाने बन रहेकंबोडिया के कई स्कैम कंपाउंड की जमीनी पड़ताल कर चुके ‘द आई विटनेस’ प्रोजेक्ट के ऑपरेशंस डायरेक्टर नाथन पॉल सदर्न कहते हैं, ‘इन कंपाउंड्स को इंटरनेशनल चाइनीज सिंडिकेट चला रहे हैं। उनके लोकल गवर्नमेंट से अच्छे रिलेशन होते हैं। पहले टेलीकॉलिंग या कस्टमर सर्विस की जॉब बताते हैं और 1200 डॉलर महीना मिलने की बात करते हैं। लोग लालच में फंस जाते हैं।‘ ‘स्कैम कंपाउंड में आने के बाद काम करना ही पड़ता है। न करने पर डार्क रूम में बंद कर मारपीट करते हैं। कंपाउंड के बाहर हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड होते हैं, इसलिए भाग पाना आसान नहीं होता। कंपनियां पासपोर्ट भी ले लेती हैं। लोगों के पास पैसे नहीं होते, ऐसे में कंपाउंड में ही काम करने लगते हैं।‘ वे कहते हैं, ‘इन स्कैम कंपाउंड्स की ऑपरेशनल कैपेसिटी और जिस स्केल पर ये काम कर रहे हैं, वो सब हैरान करने वाला है। एक देश में क्रैकडाउन होने पर दूसरे देश भाग जाते हैं। यही इनके काम का तरीका है।‘ कंबोडिया में ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सालों से काम कर रहे मार्क टेलर कहते हैं, ‘कंबोडिया सायबर क्राइम का डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां गेम्बलिंग इंडस्ट्री से जुड़कर सायबर स्कैम करने वाली कंपनियां आई हैं। कई देशों के लोग यहां फंसे हैं।‘ ‘सख्ती के बाद ये श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार, युगांडा और केन्या जैसे देशों में मूव कर रही हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि कंबोडिया में पूरी तरह से काम बंद हो चुका है। ये ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क है। इस इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है।‘ साउथ-ईस्ट एशिया ही क्यों बना साइबर स्कैम का अड्डा? ……………………ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड का पहला पार्ट भी पढ़ें… एक लड़के पर 95 हजार कमीशन, काम भारतीयों को लूटना ‘लड़के भेज दो... एक लड़के पर 95 हजार रुपए तक कमीशन मिलेगा।’ ये ऑफर कंबोडिया में बैठे एक पाकिस्तानी एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। शर्त थी कि लड़के इंग्लिश बोलना जानते हो, बाकी काम कंपनी सिखा देगी। कंपनी का नाम नहीं है। वेबसाइट नहीं है। ऑफर लेटर नहीं है। इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। जॉब दुनियाभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:06 am

चेहरे पर मांस के लोथड़े देख लोग कहते हैं भूत:शक्ल देखकर 5 लोग गड्ढे में जा गिरे, मां बोली-मरेगा तभी बला टलेगी

ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। गांव का रास्ता पता नहीं है, सो मैं मोबाइल में मिथुन की तस्वीर दिखाकर लोगों से पूछता हूं- इस लड़के का गांव तिलकचक कहां है? जो मिथुन को नहीं जानता वो तस्वीर देखते ही डर जाता। कहता- ‘अरे भाई ये क्या है। इंसान तो नहीं लगता।’ जैसे-जैसे मैं गांव के करीब पहुंचता गया, लोग गांव से ज्यादा उसे पहचानने लगे। फोटो देखकर एक शख्स बोला- ‘अरे ये तो मिथुन है। दूर-दूर से लोग इसका वीडियो बनाने आते हैं।’ फिर हाथ से इशारा करते हुए कहते हैं-‘इसी रोड पर 5 किलोमीटर आगे चले जाइए, फिर किसी से भी पूछ लीजिएगा सब मिथुन का घर बता देंगे।’ इस तरह पूछते-पूछते मैं करीब आधे घंटे बाद मिथुन के गांव पहुंचा और फिर उसके घर। बाहर ही कुछ लोग बैठे हैं। इनमें से एक बजुर्ग महिला को तस्वीर दिखाकर पूछा- क्या यही है मिथुन का घर? वो देखते ही बोलीं- ‘अरे, ये मेरा बेटा मिथुन है।’ पूछने पर वो अपना नाम बचिया देवी बताती हैं। मैंने जैसे ही उन्हें अपने बारे में बताया, वो बोलीं- ‘पहले भी आप जैसे कई लोग आ चुके हैं। आप भी क्या ही करिएगा। बैठ जाइए यहीं, मिथुन थोड़ी देर में आता होगा।’ थोड़ी देर बाद, एक शख्स आता दिखा। वो मिथुन थे। करीब पहुंचते ही हंसते हुए बोला- ‘मुझे देखकर डर तो नहीं गए।’ मैंने पूछा- ‘फोटो में तो आपकी शक्ल काफी अलग है।’ वो बोले- ‘एकबार सर्जरी हुई थी, उसके बाद से चेहरा थोड़ा बदल गया है।’ मैंने जैसे ही कैमरा निकाला, मिथुन की मां बोलीं- 'अब ई सबसे कुछ होने वाला नहीं है। केतना लोग वीडियो बनाकर ले गए। हमें फूटी कौड़ी नहीं दी। अब आप भी वीडियो बनाइएगा। ये तो अपनी बीमारी को कफन की तरह ओढ़कर जैसे-तैसे जी रहा है। मरेगा तभी ये बला टलेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह भी भला कोई जिंदगी है इसकी। 5 लाख रुपये दिलवा दो, तो यह कुछ कर लेगा। कम से कम अपनी एक छोटी-मोटी दुकान ही खोल लेगा। चेहरा देख रहे हैं इसका, शादी-ब्याह की बात सोचना भी गुनाह है। पता नहीं कौन-सा पाप किया था, जो ऐसा अजूबा मेरे घर में पैदा हुआ है। सब किस्मत का दोष है।' इतना सुनते ही वहां बैठा एक शख्स बोला- ‘मिथुनमा, अब मिथुन चक्रवर्ती बन जाएगा। अबकी वीडियो बनेगा तो दिल्ली से पैसा आएगा।’ ये सुनते ही मिथुन झल्लाते हुए घर के अंदर चले गए और सिर पकड़कर सीढ़ी पर बैठ गए। मिथुन का चेहरा जगह-जगह कटा हुआ है। सर्जरी के बाद भी चेहरा आम लोगों जैसा नहीं है। शरीर पर गड्‌ढे भी हैं। कुछ देर बाद मिथुन कहते हैं- 'मैं इसीलिए आपको बुलाना नहीं चाहता था। जब भी कोई आता है तो ये लोग ऐसे ही मेरा मजाक उड़ाते हैं। कहने लगते हैं- ‘इतने सारे लोग वीडियो बनाने के लिए आते हैं। पैसा तो मिलता ही होगा। तुमको पैसे की क्या कमी है। फालतू में मजदूरी करने जाते हो। देखिए पैर में सीमेंट लगी है। लेबर का काम कर रहा था। आपका फोन आया, तो खाने का बहाना बनाकर घर आया हूं। मोबाइल है, लेकिन लोकेशन भेजना नहीं आता है। किसी को बोलता तो ये लोग फिर मजाक उड़ाते। इसीलिए आपसे कहा था- इस इलाके में किसी को भी मेरी फोटो दिखाइएगा, वो पता बता देगा। सर, मेरा चेहरा देखकर तो लोगों को घिन आती है। मेरे मुंह से लगातार लार टपकती रहती है, क्योंकि मुंह पूरी तरह बंद नहीं होता। शायद, डॉक्टर ने चेहरे का मांस ज्यादा काट दिया, इसलिए मुंह खिंचा-खिंचा रहता है। लोग कहते हैं कि तुम मनहूस हो, तभी तो ऐसी शक्ल भगवान ने दी है। आप ही बताइए, मेरा क्या दोष है। बचपन में मेरे साथ क्या हुआ, किसे पता। 10-12 साल का था, आईने में खुद का चेहरा देखकर डर जाता था। भाइयों को देखता, वो हट्टे-कट्टे, सुंदर दिखते थे। मैं न तो अपने चेहरे को ठीक से धो सकता था और न ही हाथ फेर सकता था। पूरे शरीर पर मांस के बड़े-बड़े लोथड़े थे। चेहरे पर न आंख का पता चलता था, न मुंह का। सांस भी नहीं ले पाता था। नजर भी कमजोर हो गई थी। रात में सोता था, तो 10 घर तक मेरे खर्राटे की आवाज जाती थी। जो भी रात में इस रास्ते से गुजरता, वह डर जाता था।' 'एक बार की बात है। सुबह के 5 बज रहे होंगे। मैं भाइयों के साथ आम तोड़ने के लिए खेत गया था। वहां जैसे ही कुछ लोगों की नजर मुझ पर पड़ी तो वे भूत, भूत कहकर चिल्लाने लगे। डर के मारे तेजी से भागे और एक बड़े गड्ढे में जा गिरे। उस दिन से आजतक मैं सुबह-सुबह घर से नहीं निकलता। बच्चे तो मेरे पास आते ही नहीं हैं। कोई भूत-प्रेत तो कोई शैतान का बच्चा कहता है। पड़ोसी कहते हैं- घर में ही रहा करो। बच्चे तुम्हें देखकर डर जाते हैं। दिनभर खाना नहीं खाते। मैं भी स्कूल जाता था। लेकिन जब बीमारी की वजह से मेरा चेहरा बिगड़ने लगा, तो एक दिन मैडम ने मुझे बहुत मारा। दरअसल, क्लास के बच्चों ने शिकायत की थी कि वे मुझे देखकर डरते हैं। यहां तक कि उनके घरवालों ने भी हेडमास्टर से कह दिया था- इसे स्कूल से निकाल दो, हमारे बच्चे इसे देखकर रात-रातभर सो नहीं पाते। मैडम ने कहा- तुम्हारी वजह से बाकी बच्चे स्कूल आना छोड़ देंगे। तुम अपना चेहरा आईने में देखते हो, जाकर देखो। कैसा डरावना है। अब स्कूल मत आना। तब से ही स्कूल जाना छोड़ दिया। सिर्फ 5वीं तक ही पढ़ पाया। घर में ही बंद रहता था। पापा के साथ कहीं जाता तो लोग मुझे देखकर रास्ता बदल लेते थे। अब घर वाले भी मुझे कहीं नहीं ले जाते। शाम को बाहर कहीं खेलने के लिए जाता, तो बच्चे भाग जाते। मेरे घर आकर कहते- इसे बाहर मत भेजा करो। धीरे-धीरे जब चेहरे पर मांस के लोथड़े बड़े होने लगे, तो दर्द बढ़ने लगा। ठीक से खाना भी नहीं खा पाता था। दिनभर कराहता रहता। 15-16 साल का हुआ, तो घरवालों ने पैसा देना बंद कर दिया। बीमारी में भला कौन किसका होता है। सोचा काम-धंधा करूंगा, तभी दो रोटी मिलेगी। हमारे आसपास के लोग घर बनाने का काम करते हैं। उनसे काम मांगने गया, तो वे बोले- तुम्हारी शक्ल देखने लायक नहीं है। घर पर ही बैठो। 2016-17 की बात है। तब यहां झोपड़ी थी। भाइयों ने कहा- घर बनवा लेते हैं। इसके हिस्से का खाली खेत छोड़ देते हैं। घर बनना शुरू हुआ तो कुछ मिस्त्री बाहर से काम के लिए आए। जब उन्होंने मुझे देखा तो दूसरे शहरों में मेरे बारे में बताया। कहा- वहां भूत जैसा लड़का रहता है। धीरे-धीरे ये बात सब जगह फैल गई। एक दिन शहर से एक शख्स आया। उसने मेरा फोटो खींचा और चला गया। कुछ दिन बाद वह फिर आया और पापा से कहा- इसे बड़ी बीमारी है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन सर्जरी से थोड़ी राहत मिल सकती है। वह शख्स किसी संस्था के जरिए मेरी मदद के लिए आया था।' मिथुन अस्पताल का एक पर्चा दिखाते हुए कहते हैं, इसमें पढ़ लीजिए। मेरी बीमारी का नाम लिखा है। मुझसे तो पढ़ते भी नहीं बनता। पर्चे में बीमारी का नाम लिखा है न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस। मिथुन आगे बताते हैं कि पहले तो पापा इलाज के लिए नहीं माने। कहने लगे- ‘जब इलाज नहीं है, तो सर्जरी कराकर क्या करेंगे। कहीं इसे कुछ हो गया तो।’ उस शख्स के लाख कहने के बाद पापा माने। तब वो शख्स मुझे और पापा को हवाई जहाज से बेंगलुरु ले गया। वहां मुझे एक अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद क्या हुआ, कुछ पता नहीं। बाद में पापा ने बताया कि डॉक्टरों ने खून की जांच कराई और फिर ऑपरेशन के लिए ले गए। करीब 10 घंटे बाद मैं बाहर आया तो पूरे शरीर पर पटि्टयां लिपटी हुई थीं। कई दिनों तक बेहोश रहा। डॉक्टर आकर रोज पटि्टयां बदलते थे। ये सिलसिला एक-दो महीने तक चला। इसके बाद हम ट्रेन से गांव लौट आए। वो शख्स कौन था, इलाज में कितने पैसे लगे, हमें कुछ भी नहीं पता। अगले छह-आठ महीनों में सारे घाव सूख गए। डॉक्टरों ने चेहरे से मांस के लोथड़े काटकर हटा दिए थे। लेकिन मेरा चेहरा पूरी तरह बदरंग हो चुका था। शरीर पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। इसी वजह से मेरी शादी नहीं हो पाई। घरवाले भी नहीं चाहते कि मेरा घर बसे। वे बस मेरे मरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि मेरे हिस्से की जमीन बाकी के भाइयों में बंट जाए। कपड़ों के नाम पर मेरे पास एक जींस, एक हाफ-पैंट, टी-शर्ट और एक शर्ट है। इस घर में मेरा कोई हिस्सा नहीं है। घर भी पापा और भाइयों ने मिलकर बनाया है। भाइयों की शादी हुई तो मुझे कोई नहीं ले गया। बस कोई खाना दे देता तो मैं खा लेता था। सर! क्या कोई मेरी प्लास्टिक सर्जरी नहीं करवा सकता। कहते हैं, उससे चेहरा ठीक हो जाता है। अब मुझे घुटनों में भी गांठें हो रही हैं। इतने में मिथुन का फोन बजा। बात करके फोन रखते ही वो बोले- राजमिस्त्री का फोन था। उसके साथ ही काम कर रहा हूं। मुझे जाना पड़ेगा। हो सके तो मेरे लिए कुछ पैसे देते जाइएगा। मिथुन के जाने के बाद मैंने बचिया देवी से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कहने लगीं- सब वीडियो, फोटो खींचकर चले जाते हैं, कोई एक रुपए की मदद नहीं करता। काफी कोशिशों और पैसे की मदद का भरोसा देने के बाद बचिया देवी बात करने को राजी हुईं। कहती हैं- साल 1996 में इसका जन्म हुआ। महीना, तारीख याद नहीं। जब 4-5 साल का हुआ तो आंगन में पूरे दिन खेलता रहता था। दिखने में भी सुंदर था। उस दौरान, मिथुन के पिता रामजी चौहान कलकत्ता में रहते थे। अब भी वहीं हैं। वहां खाली तेल के कनस्तर बेचते हैं। मेरे 5 बच्चों में मिथुन चौथे नंबर का है। गर्मी का महीना था। अचानक इसे बुखार आया। उस समय तो फोन नहीं था। घर में कोई पढ़ा-लिखा भी नहीं था। एक पड़ोसी से चिट्ठी लिखवाकर पति को भेजी कि मिथुन को तेज बुखार है। ब्लॉक के डॉक्टर ने दवा दी है, लेकिन ठीक नहीं हो रहा। 15 दिन बाद इसके पिता का जवाब आया। नारदीगंज में एक डॉक्टर बैठता है। उसे जाकर दिखा दो, ठीक हो जाएगा। मिथुन को उस डॉक्टर के पास ले गई। उसने कुछ दवाई दी। दो-तीन दिन पानी में गोली को घोलकर पिलाया, तो इसके गाल पर एक छोटा सा घाव हो गया। कुछ दिन में यह घाव गांठ जैसा हो गया। डॉक्टर ने देखा तो एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के एक-दो दिन बाद ही मिथुन के पूरे शरीर में जगह-जगह लाल चकत्ते नजर आने लगे। उस समय तो इसके चेहरे पर कुछ नहीं था। सिर्फ गाल पर एक घाव था। घरवालों ने कहा- सिंदूर को केरोसिन में मिलाकर शरीर पर लगा दो। शाम तक ठीक हो जाएगा। एक हफ्ते बीतने के बाद भी चकत्ते ठीक नहीं हुए, बढ़ते ही गए। फिर डॉक्टर के पास लेकर गई तो उसने कुछ दवाई दे दी। बोला- ‘दो-तीन दिन में ठीक हो जाएगा।’ पास में एक ओझा रहता था। उसके पास भी लेकर गई। उसने कहा- ‘तुम्हारे बेटे पर बुरी आत्मा का साया था, उसे हटा दिया है। जल्द ठीक हो जाएगा।’ हालांकि उससे भी कुछ नहीं हुआ। हाथ-पैर, कोहनी, घुटना… शरीर में सब जगह, गाठें बढ़ने लगीं। कुछ ही महीने में इसके पूरे चेहरे पर बड़े-बड़े घाव होने लगे। मांस के लोथड़े लटकने लगे। हम तो डर गए कि ये क्या हो गया। फिर डॉक्टर के पास गए तो उसने दवा देने से मना कर दिया। कहा- ‘पता नहीं, कौन-सी बीमारी है। किसी बड़े शहर लेकर जाओ।’ पूरे गांव में हल्ला हो गया था कि डॉक्टर की दवाई के रिएक्शन से मिथुन को ऐसा हुआ। दूसरे डॉक्टरों के पास गए तो डर के मारे उन्होंने भी दवाई नहीं दी। मैंने दोबारा पति को खबर भिजवाई। 3 दिन बाद वो कलकत्ता से घर आए। मिथुन को लेकर नवादा जिले के सरकारी अस्पताल गए। डॉक्टर देखते ही बोला- ‘ये कौन सी बीमारी है। हमने ऐसी बीमारी कभी नहीं देखी, इसे कहीं और ले जाओ।’ हम गरीब आदमी, दिन में खाएं तो रात के लिए सोचें। रात में खाएं तो दिन के लिए। खेती-बाड़ी कुछ नहीं, मेहनत मजदूरी करते हैं। पांच बच्चे थे। इसी को लेकर इधर-उधर भागते रहते तो बाकी का क्या होता, इसलिए ठीक से ध्यान नहीं दे पाए। एक बार एक भले मानुष ने इलाज करवा दिया। अब न तो हमारे पास पैसे हैं और न ही हिम्मत। डॉक्टर भी कह चुके हैं कि कोई इलाज ही नहीं तो क्या करें। सरकारी मदद के नाम पर एक पैसा नहीं मिला। मिथुन का दर्द करीब से देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मैंने डॉक्टर से मिलकर बीमारी के बारे में जानने का सोचा। मैं पहुंचा दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल के जेनेटिक डिपार्टमेंट। जहां मेरी मुलाकात डिपार्टमेंट की हेड रतना पुरी शाह से हुई। मैंने उन्हें मिथुन की रिपोर्ट्स और फोटो दिखाई। वे बताती हैं- मिथुन को जो बीमारी है, उसका नाम- न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस(NF) है। इसका दुनिया में कोई स्थाई इलाज नहीं है। NF जीन में खराबी से यह बीमारी होती है। माता-पिता दोनों से बच्चे में जीन की 20-20 हजार कॉपियां आती हैं। इसमें से किसी एक के भी NF जीन में खराबी आती है, तो बच्चे को यह बीमारी हो सकती है। कुछ केस में जन्म के बाद ही बच्चे के शरीर पर दाने जैसी छोटी गांठ नजर आती है। उम्र के साथ यह बढ़ती जाती है। दरअसल, इस जीन का काम सेल्स को बेतहाशा बढ़ने से रोकना है। जब इसमें खराबी आती है, तो नसों के आसपास की कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। बढ़ते-बढ़ते ये ट्यूमर जैसी हो जाती है। हालांकि इन ट्यूमर से कैंसर का खतरा बहुत कम होता है। कुछ मामलों में चार-पांच साल की उम्र के बाद बच्चों में इस बीमारी के लक्षण नजर आते हैं। जैसा मिथुन का केस है। सबसे पहले पूरे शरीर पर लाल, भूरे रंग के चकत्ते और फिर छोटी-छोटी गांठ नजर आती है। गांठ के बढ़ने से मरीज की आंख, मुंह, नाक सब ढंक जाता है। इससे मरीज को देखने, बोलने, खाने-पीने में दिक्कत होती है। सांस की तकलीफ भी होती है। दिमाग कमजोर होने लगता है। वह जल्दी किसी चीज को सीख नहीं पाता। नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता है। कई केस में जैसे-जैसे मरीज की उम्र बढ़ती है, गांठों में तेज दर्द होने लगता है। शरीर जल्दी थक जाता है। इन गांठों को सर्जरी करके हटाया जाता है। रतना पुरी कहती हैं- इस बीमारी का इलाज किसी एक डॉक्टर के बस की बात नहीं है। इसमें जेनेटिक, न्यूरो जैसे कई विभागों के डॉक्टरों को मिलकर काम करना पड़ता है। जब शरीर की गांठें बड़ी होकर अंदरूनी नसों तक पहुंच जाती हैं, तो ऑपरेशन बहुत सावधानी से करना पड़ता है। हर जगह इसका इलाज या ऑपरेशन मुमकिन नहीं होता। असल में, कुछ ट्यूमर नसों के इतने करीब या उनके अंदर तक धंसे होते हैं कि अगर डॉक्टर उन्हें पूरा बाहर निकालने की कोशिश करें, तो नसें डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि सर्जरी से पहले MRI, CT स्कैन और एंजियोग्राफी जैसी जांचें जरूरी हैं। ताकि यह सटीक रूप से देखा जा सके कि ट्यूमर का जाल कहां तक फैला हुआ है। इसके बाद, ट्यूमर को परत-दर-परत हटाया जाता है। जब प्लास्टिक सर्जन इस सर्जरी को करते हैं, तब न्यूरोसर्जन लगातार मॉनिटरिंग करते रहते हैं कि कोई नस न कट जाए। यदि ट्यूमर नसों की जड़ तक फैला हो, तो डॉक्टर केवल उसके उतने ही हिस्से को काटते हैं जिससे मरीज को दर्द से राहत मिल सके। ताकि नसें पूरी तरह सुरक्षित रहें। इस जटिल सर्जरी के बाद कई मामलों में नसों की कमजोरी के कारण मरीज को हंसने, बोलने या चेहरे के हाव-भाव बदलने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा, जब ये गांठें निकलती हैं तो, अंगों को दोबारा सामान्य रूप से काम करने के लायक बनाने के लिए फिजियोथेरेपी की भी जरूरत होती है। यह पूरी तरह से एक जेनेटिक बीमारी है, इसलिए सर्जरी के बाद भी शरीर के उसी हिस्से या किसी अन्य जगह से गांठें दोबारा उभर सकती हैं। दरअसल, जीन में मौजूद इस गड़बड़ी को ठीक करना फिलहाल मेडिकल साइंस के लिए संभव नहीं है। यही वजह है कि इस बीमारी का कोई स्थाई इलाज नहीं है। इस बारे में IGIMS पटना के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. समरेंद्र कुमार सिंह इस बीमारी के बारे में बताते हैं कि न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस नसों से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है, जो 1 लाख में से किसी 1 व्यक्ति को होती है। यह ज्यादातर शरीर के संवेदनशील हिस्सों में होती है जैसे- पीठ, हाथ और चेहरा। जहां नसें ज्यादा होती हैं। यदि गांठ त्वचा के ऊपर हो तो दर्द नहीं होता, लेकिन नसों के अंदर विकसित हो जाए तो दर्द बहुत ज्यादा होता है। रीढ़ की हड्डी या दिमाग के पिछले हिस्से (CP एंगल) में गांठ होने पर पूरा शरीर और दिमाग पैरालाइज्ड हो सकता है। कान की नस में ट्यूमर से सुनने की क्षमता जा सकती है। सीपी एंगल में गांठ होने से खाना सांस की नली में फंस सकता है, जो जानलेवा है। इसकी सर्जरी का खर्च 3 से 5 लाख रुपये तक आता है। ऑपरेशन के दौरान नसों को बचाने के लिए माइक्रोस्कोप और 'इंट्राऑपरेटिव नर्व मॉनिटरी मशीन' का उपयोग किया जाता है। सर्जरी के बाद प्रभावित जगह की नसें थोड़ी कमजोर हो जाती हैं। -------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- बेटे की सभी हड्डियां टेढ़ी, 4 करोड़ में होगा इलाज:बिस्तर से उठ नहीं पाता, 3 डॉक्टर बोले- आपसी रिश्तों में शादी का असर 8 साल का जावेद स्कूल के मैदान में क्रिकेट खेलते-खेलते अचानक गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। जमीन पर पड़ा कराहने लगा। टीचर भागते हुए आए, उन्होंने भी उठाने की कोशिश की। वो बार-बार कहता रहा- मेरे घुटने और कोहनियों में बहुत दर्द है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:05 am

आज का एक्सप्लेनर:तो इस वजह से फिर भिड़े ईरान-अमेरिका; क्या शांति समझौता सिर्फ दिखावा था, पर्दे के पीछे कुछ और खेल चल रहा

6 जुलाई को ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे 3 जहाजों पर हमला कर दिया। अगले ही दिन अमेरिका ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी कर दी। ट्रम्प बोले- मेरे हिसाब से अब शांति समझौता खत्म हो गया है। ईरान ने भी पलटवार किया है। समझौते के बावजूद ईरान ने जहाजों पर हमला क्यों किया और क्या ये दांव महंगा पड़ेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ईरान और अमेरिका के शांति समझौते में क्या तय हुआ था?जवाबः करीब 4 महीने की जंग के बाद 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियान ने 14 पॉइंट्स का MoU साइन किया। इस पर अगले 60 दिनों में फाइनल डील होनी थी। समझौते में 3 पॉइंट्स सबसे अहम थे- 1. होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध आवाजाहीः ईरान बिना कोई शुल्क लिए 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का इंतजाम करेगा। ईरान और ओमान साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम करेंगे। साथ ही 30 दिनों के अंदर स्ट्रेट के मुख्य रास्ते में बिछी माइन्स और दूसरी तकनीकी रुकावटों को हटाया जाएगा। 2. ईरान को 300 बिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज: अमेरिका खाड़ी देशों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निमाण के लिए 300 बिलियन डॉलर, यानी करीब 28 लाख करोड़ का फंड देगा। अगले 60 दिनों की बातचीत में इसका फ्रेमवर्क तय किया जाएगा। 3. परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत: ईरान नए परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। संवर्धित यूरेनियम का क्या करना है, इस पर दोनों देश अगले 60 दिनों में बातचीत करके सहमति पर पहुंचेंगे। सवाल-2: समझौते के बावजूद ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे तेल टैंकरों पर हमला क्यों किया?जवाबः ईरान की बेसब्री के पीछे एक्सपर्ट्स 3 प्रमुख वजह मानते हैं… 1. ईरान को लगा होर्मुज उसके हाथ से निकल रहा है 2. लेबनान में ईरान का प्रभाव कम होने की आशंका 3. ईरान को फंड न मिलने की बेचैनी, रकम भी घट रही सवाल-3: क्या ईरान ने इस बार जरूरत से ज्यादा जोखिम वाला दांव खेल दिया है?जवाबः 6 जुलाई को होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर ईरान का हमला आक्रामक दांव माना जा रहा है… ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी है कि उनके एक हमले के बदले अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। उन्होंने ईरान की लीडरशिप को नीच और पागल बताया। यह भी कहा कि उनकी नजर में सीजफायर खत्म हो चुका है। अमेरिका ने लगातार 2 दिन तक ईरान पर करीब 170 हमले किए। 3 लोगों की मौत हुई। सवाल-4: जहाजों पर ईरान के हमले से अमेरिका इतना आक्रामक क्यों हो गया?जवाबः होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, यानी किसी एक देश का इस पर कंट्रोल नहीं है। लेकिन ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाना चाहता है। अमेरिका इसके खिलाफ है। अमेरिका ने समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी ली है। इसके लिए 1979 में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन प्रोग्राम की भी शुरुआत की, जिसके तहत क्रिटिकल चोकपॉइंट्स पर अमेरिका अपने नौसैनिक जहाज भेजकर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है। होर्मुज स्ट्रेट के अलावा दुनिया में तेल व्यापार के रास्तों पर 7 और चोकपॉइंट्स हैं। यहां से दुनिया के करीब 52% कच्चे तेल का व्यापार होता है। इनमें पनामा कैनाल, स्वेज कैनाल, मलक्का स्ट्रेट जैसे पॉइंट शामिल हैं। अगर ईरान होर्मुज में फीस वसूलने लगे, तो बाकी चोकपॉइंट्स पर भी क्षेत्रीय ताकतें ऐसा ही करने लगेंगी। इससे पूरी दुनिया के कारोबार पर असर पड़ेगा। अप्रैल 2026 में इंडोनेशिया के वित्त मंत्री पुरबाया युधि सदेवा मलक्का स्ट्रेट से गुजरने वाले जहजों से टोल लेने का सुझाव भी दे चुके हैं। सवाल-5: अब शांति समझौते का क्या होगा, क्या ये सिर्फ दिखावा था?जवाबः अमेरिका-ईरान के बीच हुआ शांति समझौता कभी पूरी तरह से शांति के लिए था ही नहीं। सीनियर जर्नलिस्ट और विदेश मामलों के जानकार मार्क चैंपियन के मुताबिक, इस समझौते की भाषा जानबूझकर अस्पष्ट रखी गई, ताकि दोनों ही पक्षों को अपने मकसद पूरे करने के लिए दूसरे तरीकों की गुंजाइश बनी रहे। शांति समझौते में साफ-साफ शर्तें होती हैं। जैसे- कौन कब क्या करेगा, कोई उल्लंघन कैसे तय होगा, निगरानी कौन करेगा। अमेरिका-ईरान समझौते में में साफ नहीं था कि हॉर्मुज में 'मुक्त आवाजाही' का मतलब क्या है? क्या ईरान वहां टोल वसूल सकता है? गश्त कर सकता है? किन शर्तों पर जंग पूरी तरह खत्म होगी? तेल प्रतिबंधों में छूट कितनी पक्की है? अमेरिका ने ईरानी तेल पर 60 दिन के लिए प्रतिबंध हटाए थे, लेकिन महज 20 दिन बाद ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ये अस्थायी छूट वापस ले ली और अगस्त तक तेल बिक्री की इजाजत देने वाला लाइसेंस रद्द कर दिया। CSIS के जियोस्ट्रैटजी एक्सपर्ट जॉन बी. अल्टरमैन मानते हैं कि दोनों पक्षों ने जंग की मूल जड़- परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता, प्रतिबंध, होर्मुज पर नियंत्रण वगैहर को सुलझाए बिना सिर्फ हथियार डालने का समय तय किया, इसीलिए यह इतनी जल्दी टूट गया। सवाल-6: क्या वाकई जंग दोबारा शुरू हो चुकी है, आगे क्या होगा?जवाबः ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे 3 जहाजों पर हमला किया। अगली रात अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। IRGC ने भी पलटवार करते हुए बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल दागीं। कुल मिलाकर आंख के बदले आंख का खेल चल रहा है। हालांकि अभी ये लिमिटेड स्ट्राइक हैं, पूरी तरह जंग में नहीं बदलीं। अब आगे 2 सिनैरियो बन सकते हैं… 1. लिमिटेड स्ट्राइक बढ़ते-बढ़ते पूर्ण यूद्ध में बदल जाएं 2. हमले रुकें और समझौते पर दोबारा बात शुरू हो हालांकि ईरानी जर्नलिस्ट सैयद मुस्तफा खोशचेश्म मानते हैं कि बातचीत चलने के बावजूद ईरान की तरफ से दुश्मनी और अविश्वास कभी खत्म नहीं हुआ है, यानी बातचीत की मेज पर बैठना अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं। ----------- ये खबर भी पढ़िए… भारत को तेल बेचने वाला रूस, अब तेल खरीदने पर क्यों मजबूर; क्या यूक्रेन ने सभी रिफाइनरी तबाह कीं दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। रूसी पेट्रोल पंपों पर पहली बार लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। पेट्रोल खरीदने पर पाबंदियां लागू हैं। इसकी वजह है- यूक्रेन के हमले। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 6:04 pm