पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK/PoJK): कब बनने भारत का हिस्सा, जानिए इतिहास
वर्तमान में POK में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। भारत की पश्चिमी सीमा पर स्थित पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) दशकों से भू-राजनीतिक विवाद और संघर्ष का विषय बना हुआ है। भारत सरकार ने अब इसका आधिकारिक नाम बदलकर 'पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर' ...
ब्लॉकबस्टर से कल्ट क्लासिक्स तक: वे फिल्ममेकर जिन्होंने एक पूरी पीढ़ी को दी रीवॉचेबल कल्ट क्लासिक्स
हर पीढ़ी की कुछ ऐसी पसंदीदा फिल्में होती हैं, जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस की सफलता तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि एक इतिहास रच देती हैं। ये वही फिल्में होती हैं, जो न सिर्फ फैन थ्योरीज़ को जन्म देती हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनती हैं, बार-बार देखी जाती हैं और एक पूरी पीढ़ी के फिल्म प्रेमियों की यादों का हिस्सा बन जाती हैं। सिर्फ यही नहीं, आंकड़ों और कमाई से आगे बढ़कर, ये फिल्में दर्शकों की कल्पना को छूती हैं, पॉप-कल्चर का हिस्सा बनती हैं और समय के साथ अपनी विरासत को और मजबूत करती जाती हैं। विशेष रूप से पिछले डेढ़ दशक में भारतीय सिनेमा के कई फिल्ममेकर्स ने ऐसी यादगार फिल्में दी हैं, जो आज मॉडर्न कल्ट क्लासिक्स का दर्जा हासिल कर चुकी हैं और अपने क्रिएटर्स को इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली निर्देशकों में शामिल कर चुकी हैं। आइए उन फिल्मों पर एक नज़र डालते हैं। ALSO READ: ‘राव बहादुर’ का ‘जस्ट अ टीज़र’ रिलीज, सत्यदेव कंचराना का खतरनाक ट्रांसफॉर्मेशन आदित्य धर- धुरंधर प्रभावशाली सोच और दमदार कहानी कहने की शैली के साथ निर्देशक आदित्य धर ने 'धुरंधर' के साथ यह साबित कर दिया है कि वे दर्शकों से जुड़ने वाली सिनेमाई दुनिया रचने में माहिर हैं। हाई-ऑक्टेन एक्शन, गहरी भावनाओं और प्रभावशाली किरदारों से सजी यह फिल्म शुरुआत से अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है। हालांकि फिल्म जितनी भव्य है, उतनी ही गहराई इसके भावनात्मक पक्ष में भी दिखाई देती है। अपनी महत्वाकांक्षी प्रस्तुति, दमदार नैरेटिव और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेज़ेंस के कारण यह फिल्म दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ती है और आदित्य धर को ऐसे फिल्ममेकर के रूप में स्थापित करती है, जो कहानियों को ऐतिहासिक बनाने की क्षमता रखते हैं। एटली- जवान 'जवान' के साथ एटली ने एक ऐसा सिनेमाई अनुभव पेश किया, जो पारंपरिक मास एंटरटेनर की सीमाओं से कहीं आगे निकल गया। ज़बरदस्त एक्शन, गहरे इमोशनल मोमेंट्स और सामाजिक संदेश के साथ फिल्म ने यह साबित किया कि मेनस्ट्रीम सिनेमा मनोरंजन के साथ प्रभाव भी छोड़ सकता है। सिनेमाघरों की भीड़ से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह 'जवान' चर्चा का विषय बनी रही। फिलहाल एटली ' राका' के साथ वही सिनेमाई अनुभव रचने को तैयार हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एसएस राजामौली- बाहुबली गौरतलब है कि 'बाहुबली' से पहले भारतीय सिनेमा ने इतने बड़े स्तर और महत्वाकांक्षा वाला दृश्य बहुत कम देखा था। 'बाहुबली' की विशाल दुनिया के साथ अद्भुत युद्ध दृश्यों और अविस्मरणीय कहानी के जरिए एस. एस. राजामौली ने सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक इतिहास रचा था। यही वजह है कि भाषा की सीमाओं को पार करते हुए 'बाहुबली' ने दुनियाभर के दर्शकों को आकर्षित किया और भारतीय फिल्मों को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही इसकी शानदार विजुअल्स, पौराणिक शैली और महाकाव्यात्मक कहानी ने सिनेमाई प्रस्तुति के नए मानक स्थापित किए। इम्तियाज अली- रॉकस्टार एक पूरी पीढ़ी के लिए 'रॉकस्टार' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक एहसास बन चुकी है। जॉर्डन का प्रेम, दर्द, जुनून और आत्म-खोज से भरी यात्रा के जरिए इम्तियाज़ अली ने ऐसी कहानी कही, जिससे हर वह इंसान जुड़ा, जिसने कभी दिल टूटने का दर्द महसूस किया हो या अपने सपनों का पीछा किया हो। शानदार संगीत और यादगार प्रस्तुति ने फिल्म को एक भावनात्मक पहचान दी, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती है। अनुराग कश्यप- गैंग्स ऑफ वासेपुर अगर मॉडर्न कल्ट क्लासिक्स की बात हो, तो 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। सत्ता, बदले और विरासत की इस दमदार कहानी के जरिए अनुराग कश्यप ने गैंगस्टर जॉनर को एक नई पहचान दी। वास्तविक कहानी के साथ यादगार किरदारों और चर्चित डायलॉग्स ने इसे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि एक दशक से अधिक समय बाद भी इसका प्रभाव पॉप-कल्चर और समकालीन सिनेमा में साफ दिखाई देता है। आनंद एल. राय- रांझणा ऐसी प्रेम कहानियां कम ही होती हैं, जो दर्शकों के दिलों पर 'रांझणा' जैसी गहरी छाप छोड़ती हैं। एकतरफा प्यार, टूटे दिल, जुनून और राजनीति के अनोखे मिश्रण के साथ आनंद एल. राय ने ऐसी फिल्म बनाई, जो भावनात्मक रूप से बेहद प्रभावशाली और यादगार साबित हुई। इसके किरदार और कई दृश्य आज भी दर्शकों की यादों में बसे हुए हैं, जिसने 'रांझणा' को एक मॉडर्न कल्ट क्लासिक का दर्जा दिया हुआ है। एक पीढ़ी की सिनेमाई विरासत ट्रेंड्स समय के साथ बदलते रहते हैं, लेकिन ये फिल्में वक्त की कसौटी पर खरी उतरी हैं। ये सिर्फ बॉक्स ऑफिस हिट नहीं रहीं, बल्कि ऐसी पहचान बन चुकी है, जिन्हें दर्शक बार-बार देखते हैं, याद करते हैं और नई पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। इन फिल्मों ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की सिनेमाई सोच को भी आकार दिया।
14 जून विश्व रक्तदाता दिवस विशेष: 29 वर्षों में 133 बार रक्तदान का रिकॉर्ड
इंदौर। इंदौर के 'रक्तवीर' नाम से मशहूर डॉ. अभिजीत तायड़े ने पिछले 29 वर्षों में 133 बार रक्तदान कर एक अनूठी मिसाल कायम की है। दशकों से लोगों की जान बचा रहे डॉ. तायड़े ने इतनी बार रक्तदान कर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। 'रक्तवीर' डॉ. अभिजीत तायड़े का परिचय निवासी व पद: इंदौर के विज्ञान नगर निवासी डॉ. अभिजीत तायड़े वर्तमान में इंडेक्स एवं अमलतास मेडिकल कॉलेज में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। रक्त समूह (Blood Group): उनका ब्लड ग्रुप 'ओ-पॉजिटिव' (O-Positive) है। सम्मान: समाज सेवा और इस अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें 'इंदौर गौरव अवार्ड' सहित कई अन्य प्रमुख पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। जीवन का संकल्प: उन्होंने बहुत कम उम्र में ही यह लक्ष्य बना लिया था कि वे हर जरूरतमंद की मदद के लिए रक्तदान करेंगे। वे हर समय रक्तदान के लिए तत्पर रहते हैं। उनका मानना है कि हर किसी को रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि जीवन में इससे बड़ा कोई महादान नहीं है। डोनेट ब्लड, सेव लाइफ समूह और सेवा कार्य डॉ. अभिजीत तायड़े केवल व्यक्तिगत रक्तदान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज की मदद के लिए उन्होंने एक रक्तदान समूह भी बनाया है, जिसका नाम डोनेट ब्लड, सेव लाइफ है। कार्यप्रणाली: इस समूह का कोई भी सदस्य जरूरत पड़ने पर कभी भी और कहीं भी रक्तदान करने पहुँच जाता है। इन बीमारियों में मददगार: इस ग्रुप के माध्यम से दुर्घटनाओं, बड़ी सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर, थैलेसीमिया, सिकल सेल और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराया जाता है। अन्य सामाजिक कार्य: नियमित रक्त उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस समूह द्वारा शहर में नशामुक्ति एवं अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। हेल्पलाइन नंबर: यदि किसी भी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता हो, तो वह इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकता है: 9977070185, 9630098978 रक्तदान से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और फायदे विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) के अवसर पर डॉ. तायड़े शहर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने रक्तदान से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए हैं: कौन कर सकता है रक्तदान: 18 से 60 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है। एक दान, तीन जान: आपके द्वारा दान किए गए मात्र एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। पूरी तरह सुरक्षित: रक्तदान एक अत्यंत सुरक्षित प्रक्रिया है। इससे दाता के स्वास्थ्य पर कोई भी विपरीत या प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। नियमित आवश्यकता: थैलेसीमिया, सिकल सेल और डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को हर 15 दिन में रक्त की आवश्यकता होती है। प्रेरणा और संदेश डॉ. अभिजीत तायड़े के इन निस्वार्थ प्रयासों ने न जाने कितने ही लोगों को जीवनदान दिया है और समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाया है। वे वास्तव में समाज के असली हीरो हैं, जिनकी प्रेरणा से अन्य लोग भी इस नेक कार्य के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी को पूरी तरह मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनका कहना है कि समय पर रक्त मिलने से किसी का जीवन बच सकता है, और इस सेवा के बदले वे ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि रक्त देने वाला और रक्त प्राप्त करने वाला, दोनों हमेशा स्वस्थ और सुखी रहें।
‘राव बहादुर’ का ‘जस्ट अ टीज़र’ रिलीज, सत्यदेव कंचराना का खतरनाक ट्रांसफॉर्मेशन
'महेश बाबू प्रेजेंट्स: राव बहादुर', जिसे वेंकटेश महा डायरेक्ट कर रहे हैं, के शानदार फर्स्ट लुक से दर्शकों को इम्प्रेस करने के बाद मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज कर दिया है, जिसने इस फिल्म को आने वाले सबसे अनोखे और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक बना दिया है। फिल्म को लेकर बढ़ती एक्साइटमेंट के बीच, मेकर्स ने अब 'जस्ट अ टीज़र' नाम की एक और झलक रिलीज की है, जो बहादुर राजकुमार के रोल में सत्यदेव स्टारर इस एपिक साइकोलॉजिकल ड्रामा के विज़न को और भी करीब से दिखाती है। अब 'राव बहादुर' की दुनिया में कदम रखने का समय आ गया है क्योंकि आखिरकार 'जस्ट अ टीज़र' सामने आ चुका है। ALSO READ: 'राणा नायडू 2' के एक साल, कृति खरबंदा का शांत अभिनय क्यों बना शो की जान? फोबिया, भ्रम, मतिभ्रम और बेमिसाल एंटरटेनमेंट से भरपूर यह टीज़र एक बिल्कुल अलग और अनोखे सिनेमाई एक्सपीरियंस का वादा करता है। यह झलक एक ऐसी दुनिया की तरफ इशारा करती है जो तेलुगु सिनेमा ने पहले कभी नहीं देखी है और यह निश्चित रूप से दर्शकों के बीच एक हलचल पैदा कर देगी। सत्यदेव एक कमाल के ट्रांसफॉर्मेशन से गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि फिल्म का ओवरऑल कैनवस बेहद खूबसूरत, ग्रैंड और विजुअली शानदार लग रहा है। Remember... This is JUST A TEASER.!! Really proud of this team for bringing the extraordinary vision of #RaoBahadur to life…. Coming to cinemas on July 3rd.. @ActorSatyaDev @mahaisnotanoun @DeepaThomasss @GMBents @SrichakraasEnts @AplusSMovies @Mahayana_MP … pic.twitter.com/qTCCbv5v8r — Mahesh Babu (@urstrulyMahesh) June 12, 2026 सुपरस्टार महेश बाबू ने अपने सोशल मीडिया पर सत्यदेव स्टारर 'राव बहादुर' का 'जस्ट अ टीज़र' शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, याद रखिए... यह सिर्फ एक टीज़र है!! #RaoBahadur के इस असाधारण विज़न को पर्दे पर उतारने के लिए मुझे इस टीम पर वाकई बहुत गर्व है…. 3 जुलाई को सिनेमाघरों में आ रही है। 'राव बहादुर' के टीज़र ने एक बेहद अनोखी कहानी पेश की है जहाँ लीड कैरेक्टर पर एक भूत सवार है और यहाँ 'शक' ही सबसे बड़ा भूत (डेमन) है। यह बात फिल्म को मिस्टिकल रियलिज्म से जुड़े एक साइकोलॉजिकल ड्रामा के रूप में स्थापित करती है। एक लीक से हटकर दिखी पहली झलक के बाद, फिल्म का पहला सिंगल 'ओ सुंदरी' एक चार्टबस्टर बन गया, जिसे इसके मेलोडियस कंपोज़िशन और एलिगेंट प्रेजेंटेशन के लिए काफी पसंद किया गया। सत्यदेव और दीपा थॉमस पर फिल्माया गया यह रोमांटिक ट्रैक बीते हुए दौर को खूबसूरती से दिखाता है, जो अपनी पीरियड सेटिंग और विजुअल भव्यता के साथ फिल्म के आकर्षण को और बढ़ा देता है। 'राव बहादुर' साइकोलॉजिकल ड्रामा को एक राजसी अतीत की धुंधली यादों के साथ जोड़ती है। वेंकटेश महा, जो राइटिंग, डायरेक्शन और एडिटिंग तीनों संभाल रहे हैं, एक ऐसी कहानी को आकार देते दिख रहे हैं जो अपनी लोकल सेंसिबिलिटीज़ से गहराई से जुड़ी हुई है और साथ ही इसमें एक यूनिवर्सल इमोशनल कनेक्ट भी है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का सपोर्ट मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई म्यूजिक कंपोज़ कर रहे हैं, और रोहन सिंह फिल्म के खास प्रोडक्शन डिज़ाइन को तैयार कर रहे हैं। शाही इमेजरी और रहस्यमयी अंडरटोन्स के अपने इस अनोखे ब्लेंड के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म के रूप में उभर रही है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ हर छोटी डिटेल का एक गहरा मतलब हो सकता है।
भारत के सीमा विवाद: POK, J&K, IB, LOC और LAC का पूरा इतिहास और भूगोल
भारत की पश्चिम और पूर्वोत्तर सीमाओं पर चीन का कब्जा वर्षों से विवाद, संघर्ष और युद्ध का विषय बना हुआ है। चीन और पाकिस्तान लगातर भारत को चुनौती देते आ रहे हैं जिसका भारत अपने तरीके से जवाब भी देते आया है। दोनों देशों ने वर्तमान में, भूटान, नेपाल और ...
पेपर लीक, बेरोजगारी जैसे मुद्दों के खिलाफ 17 जून को कोटा से कांग्रेस के अभियान शुरुआत करेंगे राहुल
कोटा/नई दिल्ली। कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है और इसकी शुरुआत लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 17 जून को राजस्थान के कोटा में आयोजित छात्र सम्मेलन से करेंगे। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को […] The post पेपर लीक, बेरोजगारी जैसे मुद्दों के खिलाफ 17 जून को कोटा से कांग्रेस के अभियान शुरुआत करेंगे राहुल appeared first on Sabguru News .
ममता बनर्जी ने पुलिस पर अभिषेक के घर का ताला तोड़कर तलाशी लेने का लगाया आरोप
कोलकाता। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास का ताला तोड़कर घर की तलाशी ली। आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस ने ताला तोड़ा और पूरे घर की तलाशी ली। यह […] The post ममता बनर्जी ने पुलिस पर अभिषेक के घर का ताला तोड़कर तलाशी लेने का लगाया आरोप appeared first on Sabguru News .
सूर्योदय से पहले अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस टीम, मकसद अस्पष्ट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के एक बड़े दल ने शनिवार तड़के तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंचकर राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब बनर्जी विभिन्न मामलों में चल रही जांचों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय सूत्रों […] The post सूर्योदय से पहले अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस टीम, मकसद अस्पष्ट appeared first on Sabguru News .
ओमान तट पर भारतीय नाविकों वाले चौथे जहाज पर हमले के दावे फर्जी : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट भारतीय नाविकों वाले चौथे जहाज लियाकी फ्रीडम पर अमरीकी नौसेना के हमले के बारे में सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावों को गलत बताते हुए इन्हें बेबुनियाद करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपने फैक्ट चेक हैंडल से एक पोस्ट में […] The post ओमान तट पर भारतीय नाविकों वाले चौथे जहाज पर हमले के दावे फर्जी : विदेश मंत्रालय appeared first on Sabguru News .
एयरपोर्ट से घर लौट रहे क्रिकेटर नईम हसन के साथ पुलिस ने की मारपीट
ढाका। हवाई अड्डे से घर लौट रहे बांग्लादेश टीम के क्रिकेटर नईम हसन के साथ स्थानीय पुलिस द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार रात चट्टोग्राम में क्रिकेटर नईम हसन के साथ पुलिस ने उस समय मारपीट की जब वह ढाका हवाई अड्डे से घर लौट रहे थे। पुलिस […] The post एयरपोर्ट से घर लौट रहे क्रिकेटर नईम हसन के साथ पुलिस ने की मारपीट appeared first on Sabguru News .
'राणा नायडू 2' के एक साल, कृति खरबंदा का शांत अभिनय क्यों बना शो की जान?
'राणा नायडू 2' को रिलीज़ हुए एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन सीरीज़ को लेकर चर्चाएं आज भी उसके विस्फोटक पारिवारिक ड्रामा, दमदार परफॉर्मेंस और उस गहरे, भावनात्मक रूप से जटिल संसार के इर्द-गिर्द घूमती हैं, जिसे इस शो ने दर्शकों के सामने पेश किया। हालांकि शो का सबसे ज्यादा ध्यान राणा दगुबत्ती और व्यंकटेश दगुबत्ती पर था, लेकिन इस बीच एक परफॉर्मेंस ऐसा भी था, जिसने बिना ज्यादा शोर किए गहरा प्रभाव छोड़ा और वह थी कृति खरबंदा द्वारा निभाया गया आलिया ओबेरॉय का किरदार। ALSO READ: कृति सेनन फैमिली की बड़ी प्रॉपर्टी डील, मुंबई में बेचे 4 फ्लैट, हुआ करोड़ों का फायदा रोमांटिक कॉमेडी और मेनस्ट्रीम एंटरटेनर्स में कृति को देखने वाले दर्शकों के लिए आलिया एक ताज़ा बदलाव की तरह थी। वह कहानी में केवल ग्लैमर जोड़ने वाला पारंपरिक किरदार नहीं थीं, बल्कि 'राणा नायडू' की दुनिया में वे रहस्य, बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और अप्रत्याशितता का मिश्रण लेकर आई थीं, जिसने दर्शकों को उनके किरदार से जोड़े रखा। इसके अलावा कृति की परफॉर्मेंस को सबसे अलग बनाने वाली बात थी उनका संयम। एक ऐसे शो में, जो ऊंची आवाज़ वाले टकराव, सत्ता संघर्ष और हाई-स्टेक ड्रामा से भरा हुआ था, में उन्होंने अपनी छोटी-छोटी भावनाओं को बेहद संजीदगी से निभाया। उन्होंने आलिया की भावनाओं को धीरे-धीरे उभरने दिया। यही वजह है कि उनका किरदार वास्तविक और यादगार महसूस हुआ। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आलिया ओबेरॉय के किरदार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि उसने 'राणा नायडू' की दुनिया को उसके केंद्रीय पारिवारिक संघर्ष से आगे बढ़ाया। वह कहानी में एक अलग तरह की ताकत का प्रतिनिधित्व करती दिखीं। यह एक ऐसी शक्ति थी, जो शारीरिक दबदबे से नहीं बल्कि भावनात्मक जटिलताओं और रणनीतिक सोच से बनी थीं। यही वजह है कि कृति के लिए यह भूमिका उनके लगातार विकसित होते करियर में एक अहम पड़ाव साबित हुई। कमर्शियल फिल्मों और विभिन्न किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री को 'राणा नायडू 2' ने अपने अभिनय का अधिक गंभीर, गहरा और रोमांचक पक्ष दिखाने का अवसर दिया। इसी के साथ एक साल बाद भी 'राणा नायडू 2' भारतीय स्ट्रीमिंग जगत की सबसे चर्चित सीरीज़ बनी हुई है, और कृति खरबंदा की आलिया ओबेरॉय इसकी सबसे दिलचस्प मौजूदगियों में से एक मानी जाती हैं। यह कृति की सबसे शोरगुल वाली परफॉर्मेंस भले न हो, लेकिन निश्चित रूप से यह उन परफॉर्मेंस में से एक है, जो लंबे समय तक याद रहेगी।
guru ka pushya nakshatra me gochar: ज्योतिष शास्त्र में गुरु का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर अत्यंत दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्तमान में गुरु चंद्र की राशि कर्क राशि में हैं और इसी राशि में रहते हुए वे 18 जून को शनि के नक्षत्र पुष्य में प्रवेश कर जाएंगे जहां वे 18 अगस्त तक रहेंगे। पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, जिसके देवता स्वयं बृहस्पति हैं और स्वामी शनि देव हैं। चूंकि गुरु इस समय अपनी सबसे शक्तिशाली (उच्च) स्थिति में हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक रहेगा। आइए जानते हैं कि यह गोचर किस राशि के लिए विशेष शुभ (भाग्यशाली) रहेगा और किन्हें थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ (Lucky Signs) 1. कर्क राशि (Cancer) गुरु आपकी ही राशि के लग्न भाव में उच्च के होकर पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। प्रभाव: यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आपके मान-सम्मान में भारी वृद्धि होगी, मानसिक तनाव दूर होगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। वैवाहिक जीवन की परेशानियां खत्म होंगी और अविवाहितों के विवाह के योग बनेंगे। 2. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इस गोचर से आपको आर्थिक रूप से बड़ा फायदा हो सकता है। प्रभाव: अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था, तो वह वापस मिल सकता है। करियर और व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। सुख-सुविधाओं और संपत्ति में निवेश के लिए यह बेहतरीन समय है। 3. कन्या राशि (Virgo) आपके ग्यारहवें भाव (आय भाव) में यह गोचर होने जा रहा है, जो आर्थिक समृद्धि का संकेत है। प्रभाव: आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) की संभावनाएं बनेंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) यह गोचर आपके भाग्य स्थान (नौवें भाव) को प्रभावित करेगा। प्रभाव: किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जो काम पिछले कई महीनों से रुके हुए थे, वे अचानक गति पकड़ेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। उच्च शिक्षा या विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को सफलता मिलेगी। 5. मकर राशि (Capricorn) यह गोचर आपके सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) में हो रहा है। प्रभाव: व्यापार में बड़ी साझेदारी (Partnerships) लाभदायक साबित होगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और यदि व्यापार में कोई मंदी चल रही थी, तो वह दूर होगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। इन राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी (Signs need to be cautious) गुरु का यह गोचर किसी भी राशि के लिए पूरी तरह 'अशुभ' नहीं है क्योंकि गुरु उच्च के हैं, लेकिन कुछ राशियों को अपनी स्थिति (Houses) के कारण थोड़ा संभलकर रहना होगा। सिंह राशि (Leo): गुरु आपकी राशि से 12वें भाव में गोचर करेंगे। इसके कारण आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह खर्च धार्मिक या शुभ कार्यों पर हो सकता है, फिर भी बजट बनाकर चलें और निवेश सोच-समझकर करें। कुंभ राशि (Aquarius): छठे भाव में गोचर होने के कारण आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। पेट से जुड़ी समस्याएं या मोटापा परेशान कर सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी, लेकिन विरोधियों से सावधान रहें। किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें। तुला राशि (Libra): आपके दसवें भाव में गोचर होने से कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाएंगी। काम का दबाव (Workload) मानसिक तनाव दे सकता है। सीनियर्स के साथ बातचीत करते समय अहंकार (Ego) से बचें, अन्यथा विवाद हो सकता है। बाकी बची राशियों के लिए प्रभाव (Aries, Taurus, Gemini, Pisces) इन राशियों के लिए यह गोचर सामान्य से बेहतर (Average to Good) रहेगा। मेष राशि वालों को भूमि-भवन का लाभ होगा। वृषभ राशि वालों के साहस और भाई-बहनों से संबंधों में सुधार होगा। मिथुन राशि वालों की वाणी का प्रभाव और बैंक बैलेंस बढ़ेगा। मीन राशि वालों को संतान सुख व शिक्षा में प्रगति मिलेगी। नक्षत्र गोचर का अचूक उपाय: गुरु के शुभ प्रभावों को बढ़ाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए प्रतिदिन ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करें या गुरुवार के दिन केले के वृक्ष में जल अर्पित करें। माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं।गुरुवार के दिन मंदिर में पीली वस्तुओं का करें दान।
विपक्ष को फांसी दे दो!: सांसद का सुप्रीम कोर्ट से बड़ा आग्रह, मची खलबली
राहुल गांधी के वायरल बयान और INDIA गठबंधन की रणनीति पर वरिष्ठ पत्रकारों की विस्तृत चर्चा। चुनाव प्रक्रिया, विपक्ष के आरोप, लोकतंत्र और राजनीतिक घटनाक्रम पर तथ्य आधारित विश्लेषण देखिए
लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत की ओर NDA, TMC के बाद अब इस दल में बड़ी बगावत के संकेत
लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत (360 सीटें) जुटाने के लिए NDA का बड़ा प्लान। TMC के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT के 6 सांसदों के पाला बदलने की अटकलें ... Read more
Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर इन 5 शुभ उपायों से चमकेगी आपकी किस्मत
Hindu Festival Somvati Amavasya: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव, पितृ देवताओं और पीपल वृक्ष की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान, व्रत, जप और विशेष उपाय करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ALSO READ: मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय व्यक्ति की किस्मत बदलने की क्षमता रखते हैं। आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर किए जाने वाले 5 ऐसे चमत्कारी उपाय, जिनसे आपकी किस्मत चमक सकती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। पितृ दोष और सुख-समृद्धि के अचूक उपाय यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, घर में बार-बार क्लेश होता है या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो इस खास अवसर पर ये 3 उपाय जरूर करें: 1. पितृ दोष शांति के लिए/ काले तिल का उपाय: अमावस्या की सुबह एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। उसमें थोड़े से काले तिल, कच्चा दूध और गंगाजल मिलाएं। इसे पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ाते हुए अपने पूर्वजों से गलतियों के लिए क्षमा मांगें। मान्यता है कि बिना काले तिल के पितर जल स्वीकार नहीं करते। 2. शिवजी का विशेष पूजन: सोमवार के दिन शिवजी का विशेष पूजन करें। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा और गाय के घी का दीपक जलाएं। इससे परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है। 3. पंचबलि भोग: इस दिन भोजन बनाने के बाद सबसे पहली 5 रोटियां निकालकर गाय, कुत्ते, कौए, देव और चींटियों के लिए अलग रखें। कौए को भोजन कराने से पितर सीधे तौर पर तृप्त होते हैं। 4. अंधकार दूर करने के लिए दीपदान/ गुप्त दान: सोमवती अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के बाद किसी पुराने पीपल के पेड़ या मंदिर के पास जाकर गाय के शुद्ध घी का एक चौमुखी यानी 4 बत्तियों वाला मिट्टी का दीपक जलाएं। इससे पितरों का मार्ग आलोकित होता है और 3 पीढ़ियों के पितृ शांत होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 5. कौन-सा मंत्र जपें: ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या/ सोमवती अमावस्या पर 'ॐ नमः शिवाय', 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' तथा पितृ शांति के लिए पितृ गायत्री मंत्र 'ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।' का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा, शिव अभिषेक, तिल दान, पितृ तर्पण और दीपदान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं, पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन, वैभव तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। ध्यान रखें: अमावस्या की तिथि पूरी तरह नकारात्मक ऊर्जाओं से बचने और आध्यात्मिक शुद्धता की होती है, इसलिए इस दिन घर में तामसिक भोजन यानी प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का प्रयोग बिल्कुल न करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: सोमवती अमावस्या क्यों हैं इस बार खास, जानें महासंयोग, पूजा मुहूर्त और विधि
ग्वालियर में शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय युवती से रेप, केस दर्ज
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में ग्वालियर शहर के मुरार थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपने परिचित युवक पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 21 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई है कि […] The post ग्वालियर में शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय युवती से रेप, केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
बड़वानी : लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई महिला को श्वानों ने नोचकर मार डाला
बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में शुक्रवार को एक 35 वर्षीय महिला की आवारा श्वानों के झुंड के हमले में मृत्यु हो गई। पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया कि राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के समीप लीलाबाई बकावले लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई थी। इसी दौरान उस पर आवारा […] The post बड़वानी : लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई महिला को श्वानों ने नोचकर मार डाला appeared first on Sabguru News .
एनटीए ने नीट परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) -2026 परीक्षा को अधिक छात्र-अनुकूल बनाने के लिए परीक्षा समय को 15 मिनट बढ़ाने का फैसला किया है। एनटीए ने शुक्रवार को सार्वजनिक सूचना जारी कर कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में […] The post एनटीए ने नीट परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देखी ‘भारत भाग्य विधाता’फिल्म
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ देखी। फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, राज्य की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्देशक एवं निर्माता सहित नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं मौजूद थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देखी ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म appeared first on Sabguru News .
फीफा विश्वकप 2026 : अमरीका ने परग्वे को 4-1 से हराया
लॉस एंजिल्स। फोलारिन बालोगुन के दो गोलों की बदौलत अमेरिका की फुटबॉल टीम ने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले में पैराग्वे को 4-1 से हरा दिया। सोफी स्टेडियम में खेले गए मैच में अमरीका ने पैराग्वे पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। अमरीका ने विश्व कप मैच में पहली बार चार गोल […] The post फीफा विश्वकप 2026 : अमरीका ने परग्वे को 4-1 से हराया appeared first on Sabguru News .
WHO की नई रिपोर्ट के अनुसार रक्तदान में प्रगति हुई है, लेकिन निम्न और मध्यम आय वाले देशों में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता अब भी बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (13 जून, 2026)
1. मेष (Aries) करियर: नई परियोजनाओं में सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल बना रहेगा। धन: निवेश के लिए समय उत्तम है। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: सुबह उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। ALSO READ: सोमवती अमावस्या क्यों हैं इस बार खास, जानें महासंयोग, पूजा मुहूर्त और विधि 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद से बचें। लव: प्रेम रिलेशनशिप के मुद्दे बातचीत से सुलझाएं। धन: बचत पर ध्यान देना जरूरी है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। लव: जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। धन: अचानक धन लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा। उपाय: गाय को हरी घास खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: बिजनेस में कोई बड़ी डील आज फाइनल हो सकती है। लव: परिवार के साथ समय बिताएंगे। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद लें। उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कारोबार में आपके निर्णय सही साबित होंगे। लव: पार्टनर के साथ छोटी यात्रा का प्लान बन सकता है। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: आंखों में जलन की समस्या हो सकती है। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: अधूरी योजनाओं को पूरा करने का समय है। लव: प्रेमीजन रिश्ते में ईमानदारी रखें। धन: खर्चों में बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द की शिकायत रह सकती है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो रुकें। लव: पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर पर जा सकते हैं। धन: आज निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। स्वास्थ्य: खुद को एक्टिव महसूस करेंगे। उपाय: लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Weekly Horoscope June 2026: 08 से 14 जून तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी में छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें। लव: जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है। धन: रुका हुआ धन मिलने में देरी हो सकती है। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलने के संकेत हैं। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। धन: नई प्रॉपर्टी खरीदने का विचार कर सकते हैं। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचकर रहें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: काम का बोझ हो तो ब्रेक लेना जरूरी है। लव: पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। धन: भविष्य के लिए धन का निवेश करें। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई नौकरी के इंटरव्यू में सफलता मिलेगी। लव: लव लाइफ में कुछ नयापन आएगा। धन: किसी दोस्त से आर्थिक मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य: योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: जरूरतमंदों को काले तिल का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: व्यापार में लाभ होगा। लव: पुरानी दोस्ती प्यार में बदल सकती है। दिन सुखद रहेगा। धन: अचानक यात्रा पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: पैरों में सूजन या दर्द महसूस हो सकता है। उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: मंगल का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश: 4 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव, जानें असर
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 जून को गृह विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी। पुलिस ने किए सराहनीय नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे। बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई। Edited by : Sudhir Sharma
अलवर में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से नवयुवक की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़-बांदीकुई रेल मार्ग के मध्य स्थित माता जी का नाले के समीप गत रात्रि वन्दे भारत ट्रेन की चपेट में आने से एक नव युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलने पर राजगढ़ पुलिस एवं रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की शिनाख्त […] The post अलवर में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से नवयुवक की मौत appeared first on Sabguru News .
रेलवे की सभी विभागीय परीक्षाएं सीबीटी माध्यम से होंगी, बढ़ाया जाएगा टीबीटी का दायरा बढ़ाएगा
नई दिल्ली। रेलवे की सभी विभागयी परीक्षाएं अब सीबीटी यानी सीबीटी यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा माध्यम से होंगी और टैबलेट-आधारित टेस्टिंग (टीबीटी) का दायरा बढ़ाया जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक बनाने और तकनीक आधारित प्रणाली लागू करने पर बल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को […] The post रेलवे की सभी विभागीय परीक्षाएं सीबीटी माध्यम से होंगी, बढ़ाया जाएगा टीबीटी का दायरा बढ़ाएगा appeared first on Sabguru News .
अगर आप रोज एक करोड़ रुपए खर्च करें- बिना रुके, बिना छुट्टी लिए। तो इलॉन मस्क की मौजूदा संपत्ति खर्च करने में आपको करीब 26 हजार साल से ज्यादा लगेंगे। 11 जून 2026 को स्पेसएक्स के IPO ने मस्क को वो मुकाम दे दिया, जहां इंसानी इतिहास में कोई नहीं पहुंचा है, यानी पहला ट्रिलियनेयर। आखिर मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर कैसे बने, ये कितनी बड़ी रकम है और स्पेसएक्स आगे क्या करने वाली है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: इलॉन मस्क की नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर के पार कैसे पहुंची? जवाब: इलॉन मस्क की स्पेस इंजीनियरिंग कंपनी है स्पेसएक्स। ये रॉकेट, स्पेसक्राफ्ट वगैरह बनाती है। साथ ही ‘स्टारलिंक’ नाम से सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज भी देती है। फरवरी 2026 में मस्क ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ‘xAI’ को भी इसी में शामिल कर लिया था। AI प्लेटफॉर्म Grok इसी xAI का बनाया हुआ है। स्पेसएक्स अब तक प्राइवेट कंपनी थी, यानी इसके शेयर आम लोग शेयर मार्केट से नहीं खरीद सकते थे। 11 जून 2026 को इसने अमेरिकी शेयर बाजार ‘NASDAQ’ पर अपना IPO लॉन्च किया है। जब कोई कंपनी पहली बार शेयर बाजार में लिस्टेड होने के लिए शेयर जारी करती है, तो उसे IPO यानी ‘इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग’ कहते हैं। रॉयटर्स ने कंपनी के दस्तावेजों और फोर्ब्स के अनुमानों के आधार पर हिसाब लगाया है कि जैसे ही स्पेसएक्स शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू करेगी, मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर पार कर जाएगी। ऐसा कैसे होगा, इसे आसान भाषा में समझते हैं… चूंकि IPO लॉन्च होने के बाद लोगों के शेयर खरीदने के चलते उसका प्राइस भी बढ़ता है। फोर्ब्स के मुताबिक, स्पेसएक्स का शेयर शुरुआती प्राइस, यानी 135 डॉलर से 3.5 डॉलर बढ़कर 138.5 डॉलर पहुंच जाए या फिर टेस्ला का शेयर 399 डॉलर से बढ़कर 424 डॉलर का हो जाए, तो मस्क की नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। रुपए में करीब 95.35 लाख करोड़। सवाल-2: एक ट्रिलियन डॉलर से क्या-क्या खरीद सकते हैं मस्क? जवाब: किसी की कमाई कितनी ज्यादा है, इसे समझने का एक तरीका ये है कि उस रकम से क्या-क्या खरीदा जा सकता है। मस्क 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ से सैद्धांतिक रूप से कई देश खरीदने से लेकर मंगल ग्रह पर कॉलोनी तक बसा सकते हैं… दुनिया के कई देश खरीद सकते हैं मस्क (थ्योरिटिकली) मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों का शहर बसा सकते हैं एक खुद की न्यूक्लियर पावर्ड नेवी बना सकते हैं सभी रईस स्पोर्ट्स लीग और सैकड़ों टीमें खरीद सकते हैं हॉलीवुड के सबसे अमीर 5 फिल्म स्टूडियो खरीद सकते हैं दुनिया की सबसे अमीर 10 एयरलाइंस खरीद सकते हैं मुंबई शहर का हर घर खरीद सकते हैं सवाल-3: स्पेसएक्स इतनी रकम जुटाकर आगे क्या-क्या करने वाली है? जवाब: स्पेसएक्स इस रकम को 3 बड़े कामों में लगाएगी… 1. स्टारलिंक के लिए नए V3 सैटेलाइट खरीदेगी 2. अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर्स बनाएगी 3. रॉकेट सिस्टम पर इन्वेस्टमेंट बढ़ाएगी सवाल-4: मस्क के बाद सबसे ज्यादा नेटवर्थ वाले लोग कौन हैं? जवाब: इलॉन मस्क की नेटवर्थ न सिर्फ सबसे ज्यादा है, बल्कि लिस्ट में दूसरे स्थान पर मौजूद गूगल के CEO लैरी पेज की नेटवर्थ से 3.36 गुना ज्यादा है। सवाल-5: आम आदमी के नजरिए से 1 ट्रिलियन डॉलर कितनी बड़ी रकम है? जवाब: अगर आपकी एक महीने की सैलरी 1 लाख रुपए हो, तो इस हिसाब से आपकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपए होगी। अगर आपके परिवार के 4 अन्य सदस्यों की सैलरी भी इतनी ही हो, तो परिवार की कुल सालाना कमाई हुई 60 लाख रुपए। अगर साल-दर साल इस 60 लाख रुपए से कोई खर्च न किया जाए, तो भी आपके पूरे परिवार को इलॉन मस्क की नेटवर्थ के बराबर पैसा जमा करने में 158 लाख साल लगेंगे। मस्क ने अपनी आधी संपत्ति दान करने का फैसला किया है। अभी दुनिया की आबादी करीब 8.29 अरब है। अगर मस्क दुनिया के हर व्यक्ति को अपनी नेटवर्थ से बराबर रकम बांट दें, तो सबको 121 डॉलर यानी करीब 11,500 रुपए मिलेंगे। वहीं वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, दुनियाभर में 70 करोड़ लोग भयंकर गरीबी में जी रहे हैं। मस्क चाहें तो इनमें से हर व्यक्ति को 1,430 डॉलर दे सकते हैं। ---------- रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें…चुटकी में हैक कर लेता है बैंक, दुनियाभर की सरकारों को Mythos AI का डर; क्या खातों में जमा आपका पैसा भी खतरे में है एंथ्रोपिक का नया AI मॉडल 'क्लॉड मिथोस' इतना खतरनाक है कि इसे आम लोगों के लिए रिलीज ही नहीं किया गया। हालांकि ये किसी तरह लीक हो गया है। एंथ्रोपिक के मुखिया डेरियो अमोदेई ने खुद इसके खतरे की चेतावनी दी है। पढ़ें पूरी खबर…
सोनभद्र में नाबालिग से रेप व धमकी के मामले में आरोपी युवक अरेस्ट
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने, वीडियो बनाने व वायरल करने और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि 12 जून […] The post सोनभद्र में नाबालिग से रेप व धमकी के मामले में आरोपी युवक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
औद्योगिक ग्राहकों को खुदरा खरीद से रोकने के लिए पेट्रोल-डीजल पर जारी किया गया नियंत्रण आदेश : सरकार
नई दिल्ली। डीजल की खुदरा बिक्री में कई जिलों में भारी वृद्धि के बाद सरकार ने औद्योगिक तथा संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए आम पेट्रोल पंपों से इसकी खरीद पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, कालाबाजारी रोकने के लिए खुदरा ग्राहकों के लिए भी एक दिन में खरीद की अधिकतम सीमा 200 लीटर तय कर […] The post औद्योगिक ग्राहकों को खुदरा खरीद से रोकने के लिए पेट्रोल-डीजल पर जारी किया गया नियंत्रण आदेश : सरकार appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा नामांकन खारिज होने के खिलाफ मीनाक्षी नटराजन की याचिका की खारिज
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन रद्द होने को चुनौती दी थी। हालांकि, अदालत ने उन्हें यह छूट दी है कि वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव याचिका दायर कर इस मामले […] The post सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा नामांकन खारिज होने के खिलाफ मीनाक्षी नटराजन की याचिका की खारिज appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक में छात्रों के लिए मुफ्त बस पास योजना को मिली मंजूरी
बेंगलूरु। कर्नाटक सरकार ने स्कूल से लेकर स्नातकोत्तर (पीजी) तक की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस पास योजना को शुक्रवार को मंजूरी दी। इस योजना का लाभ बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी), कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी), उत्तर पश्चिमी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनडब्ल्यूकेआरटीसी) और कल्याण कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (केकेआरटीसी) […] The post कर्नाटक में छात्रों के लिए मुफ्त बस पास योजना को मिली मंजूरी appeared first on Sabguru News .
शुभेंदु सरकार ने कुछ फैसले किए तथा कुछ प्रभाव में ही परिवर्तन आ गया। इनमें केवल केंद्रीय योजनाओं को लागू करना ही नहीं है। आप चाहे भाजपा के जितने आलोचक हों क्या किसी ने कल्पना की थी कि सरकार आने के हफ्ते भर के अंदर ही राज्य से टीएमसी द्वारा लगाए अवैध ...
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल में संभावित विभाजन को लेकर कयासों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। पार्टी के 19 सांसदों के ‘हस्ताक्षरों’ वाले कई पन्नों की कॉपियां सार्वजनिक होने के बाद पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में सियासी बहस छिड़ गई है। सूत्रों के अनुसार इन हस्ताक्षर करने […] The post तृणमूल के 19 सांसदों के ‘हस्ताक्षरों’ वाले दस्तावेज सामने आने के बाद पार्टी में संभावित विभाजन को लेकर कयास तेज appeared first on Sabguru News .
होंडा ने भारत में किया प्रीमियम मोटरसाइकिल श्रृंखला का विस्तार
नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने देश में अपनी प्रीमियम मोटरसाइकिल श्रृंखला का विस्तार करते हुए 755सीसी प्लेटफॉर्म पर ई-क्लच तकनीक को शामिल करने की शुक्रवार को घोषणा की। ई-क्लच तकनीक में बिना क्लच लिवर दबाए गियर बदला जा सकता है। कंपनी ने साथ ही सीबी750 हॉर्नेट ई-क्लच और एक्सएल750 ट्रांसैल्प ई-क्लच […] The post होंडा ने भारत में किया प्रीमियम मोटरसाइकिल श्रृंखला का विस्तार appeared first on Sabguru News .
टाटा एक जुलाई से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ाएगी कारों और एसयूवी के दाम
नई दिल्ली। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए 01 जुलाई से कारों और एसयूवी के दाम में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। कंपनी ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन वाले वाहन और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों के दाम […] The post टाटा एक जुलाई से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ाएगी कारों और एसयूवी के दाम appeared first on Sabguru News .
घर में कॉकरोच दिखना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत
घर में कॉकरोच का होना न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में भी इसे बेहद अशुभ माना गया है। कॉकरोच अक्सर अंधेरे, गंदगी और सीलन वाली जगहों पर पनपते हैं, इसलिए इनका संबंध सीधे तौर पर नकारात्मक ऊर्जा से होता है। आइए इसके वैज्ञानिक (स्वास्थ्य) और ज्योतिषीय दोनों पहलुओं को समझते हैं। ALSO READ: घर में गार्डनिंग का शौक हैं तो जान लीजिए पौधों से जुड़े ये गोल्डन वास्तु रूल्स 1. स्वास्थ्य और वैज्ञानिक नुकसान (Health Risks) वैज्ञानिक और मेडिकल दृष्टिकोण से कॉकरोच घर में गंभीर बीमारियां फैलाते हैं: भोजन का दूषित होना: कॉकरोच गटर और कचरे से निकलकर रसोई के बर्तनों और खाने की चीजों पर रेंगते हैं, जिससे साल्मोनेला (Salmonella) और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भोजन में मिल जाते हैं। गंभीर बीमारियां: इनके कारण फूड पॉइजनिंग, डायरिया (दस्त), हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। अस्थमा और एलर्जी: कॉकरोच की त्वचा, लार और मल से हवा में कुछ ऐसे तत्व (Allergens) फैलते हैं, जिससे घर के बच्चों और बुजुर्गों को अस्थमा (दमा) का दौरा या त्वचा में एलर्जी हो सकती है। ALSO READ: Top News 11 June: पुणे में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तेज, आज से फीफा वर्ल्ड कप का आगाज 2. ज्योतिष और वास्तु अनुसार अशुभ प्रभाव (Astrological Impact) ज्योतिष शास्त्र में हर जीव का संबंध किसी न किसी ग्रह या ऊर्जा से होता है। कॉकरोच को मुख्य रूप से राहु, केतु और शनि की नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। राहु-केतु का दोष (Rahu-Ketu Dosha) कॉकरोच गंदगी और अंधेरे में रहते हैं, जो राहु का निवास स्थान है। घर में अचानक बहुत ज्यादा कॉकरोच होने का मतलब है कि घर में राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ रहा है। इसके कारण: परिवार के सदस्यों में भ्रम, मानसिक तनाव और अज्ञात भय बना रहता है। घर में अचानक कोई बड़ी धन हानि हो सकती है या बिना वजह के खर्चे बढ़ जाते हैं। ALSO READ: 'कॉकरोच जनता पार्टी को टक्कर देने आई एल्विश यादव की 'खरगोश जनता पार्टी, घोषणापत्र भी जारी किया दरिद्रता और आर्थिक तंगी (Financial Crisis) वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई (Kitchen) में कॉकरोच का होना सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। रसोई को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। अगर रसोई में कॉकरोच घूम रहे हैं, तो यह वास्तु दोष पैदा करता है। इससे घर की बरकत रुक जाती है, कमाया हुआ पैसा दवाइयों में खर्च होने लगता है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। ALSO READ: वास्तु के अनुसार घर में रखी ये 5 चीजें बढ़ाती हैं राहु का अशुभ प्रभाव आपसी क्लेश और नकारात्मक ऊर्जा (Family Disputes) कॉकरोच की मौजूदगी घर के 'सकारात्मक आभामंडल' (Positive Aura) को नष्ट कर देती है। इसके कारण घर के सदस्यों में चिड़चिड़ापन बढ़ता है और बिना बात के आपस में झगड़े होने लगते हैं। खासकर रात के समय कॉकरोच का ज्यादा दिखना घर में 'नेगेटिव एनर्जी' के एक्टिव होने का संकेत माना जाता है। ALSO READ: कॉकरोच जनता पार्टी का पहला शक्ति प्रदर्शन, दिल्ली पहुंचने से अभिजीत दीपके ने दिया यह बड़ा संदेश? क्या करें उपाय? सफाई ही सबसे बड़ा उपाय है: ज्योतिष और विज्ञान दोनों मानते हैं कि जहां सफाई होगी, वहां राहु या बीमारियां नहीं टिक सकतीं। रसोई को रात में बिल्कुल साफ करके सोएं, जूठे बर्तन न छोड़ें। राहु की शांति: हफ्ते में एक बार पानी में थोड़ा सा खड़ा नमक (Rock Salt) मिलाकर घर में पोछा लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। लौंग का उपाय: कॉकरोच भगाने के लिए रसोई के कोनों में लौंग या कपूर रख सकते हैं, इनकी महक से कॉकरोच भागते हैं और घर का वातावरण भी शुद्ध होता है।
रोहित शर्मा ने नेट्स पर पसीना बहाकर साबित की अपनी फिटनेस
अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच से पहले रोहित शर्मा ने नेट्स पर पसीना बहाकर फिटनेस संबंधी समस्याओं को दरकिनार कर दिया है। रोहित शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग के कई मैचों से बाहर थे और इस सीरीज में भी उनका चयन फिटनेस साबित करने पर ही होना था। रोहित ने सबसे पहले तेज़ गेंदबाज़ों का सामना किया। नीतीश कुमार रेड्डी की पहली गेंद ऑफ़ स्टंप के गुड लेंथ से अंदर आई और उनके पैड पर लगी। इसके बाद उन्होंने अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ की बाहर जाती गेंदों को बल्ला उठाकर जाने दिया। इसके बाद प्रिंस यादव की गेंद को वह पहली बार बल्ले से छू पाए, हालांकि यह भी बल्ले पे मिडल नहीं हुआ था और अंदरूनी किनारा लेकर मिडविकेट की ओर गया। हालांकि इसके बाद वह थोड़ी लय में आते दिखे। कुछ गेंदों पर उन्होंने रक्षात्मक और कुछ गेंदों पर आक्रामक शॉट लगाए। इस दौरान उनके बल्ले से ड्राइव, हुक, पुल, फ़्लिक, कट सहित अन्य सभी शॉट निकले, जिसमें प्रिंस के ऊपर लगाया गया उनका पसंदीदा पुल शॉट सबसे दर्शनीय था। तेज गेंदबाज़ों का सामना करने के बाद रोहित ने स्पिनरों का भी सामना किया, जिसमें भारतीय टीम में शामिल हुए युवा हर्ष दुबे सहित अन्य स्थानीय नेट्स स्पिनर शामिल थे। रोहित ने लगभग एक घंटे तक बल्लेबाज़ी का अभ्यास किया। उनके साथ श्रेयस और किशन अलग-अलग नेट्स पर बल्लेबाज़ी करते नज़र आए। जहां श्रेयस को रोहित की तरह लय में आने में समय लगा, वहीं किशन ऐसे लगा कि वह अपनी आईपीएल की फ़ॉर्म को जैसे लेकर आए हों। उन्होंने सबसे पहले स्पिनरों का सामना किया और सीधे, आड़े सभी तरीकों से मैदान के चारों तरफ़ शॉट लगाए। आगे निकलकर गेंदबाज़ के ऊपर से लगाया गया सीधा शॉट और पैर तोड़कर लगाए गए स्लॉग स्वीप उनके कुछ दर्शनीय शॉट थे। जहां एक घंटे के बाद रोहित और श्रेयस वापस लौट गए, वहीं किशन ने अपनी बल्लेबाज़ी आधे घंटे और जारी रखी। स्पिनरों के बाद उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों का सामना किया और फिर थ्रोडाउन भी लिया। इस दौरान यशस्वी जायसवाल भी बगल के नेट्स में अपने टेस्ट मैचों वाले सफ़ेद और चौड़े पैड के साथ बल्लेबाज़ी करते नज़र आए। सोमवार को समाप्त हुए टेस्ट के भारतीय एकादश में शामिल वह एकमात्र क्रिकेटर थे, जो इस अभ्यास सत्र में नज़र आए। बाक़ी के खिलाड़ियों में कप्तान शुभमन गिल, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने इस अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। युवा स्पिन ऑलराउंडर हर्ष ने गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्लेबाज़ी का भी अभ्यास किया और स्पिनरों पर कुछ शानदार शॉट्स लगाए। गेंदबाज़ी में बराड़ ने अपनी लंबाई का फ़ायदा उठाते हुए कुछ बेहतरीन गेंदें की और रोहित को परेशान किया। वहीं प्रिंस यादव ने भी अपने सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाज़ों को बांधे रखा। बराड़ और प्रिंस में से किसी एक का डेब्यू धर्मशाला वनडे में हो सकता है।
'ग्राम चिकित्सालय सीजन 2' का ट्रेलर रिलीज, हंसी और गांव की सच्चाई का अनोखा मेल
प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2' का मज़ेदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। इस ट्रेलर को देखकर दर्शक अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। द वायरल फीवर द्वारा प्रोड्यूस की गई और ललितम तिवारी के निर्देशन में बनी इस सीरीज़ की कहानी वैभव सुमन और श्रेया श्रीवास्तव ने लिखी है, जिसे दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने मिलकर तैयार किया है। हंसते-हंसते लोटपोट कर देने वाले इस ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे डॉ. प्रभात भठकंडी के एक बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को फिर से पहले जैसा बनाने के लिए मुश्किलों से जूझ रहे हैं, पर उन्हें जल्द ही समझ आ जाता है कि कुछ बीमारियों का इलाज दवाइयों से नहीं होता, बल्कि इसके लिए बिल्कुल अलग तरीका अपनाना पड़ता है। ट्रेलर में डॉ. प्रभात (अमोल पाराशर) के उस मिशन की झलक दिखाई गई है जिसमें वे भठकंडी के एक बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को फिर से पहले जैसा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जब उन्हें इस बात का भरोसा हो जाता है कि अब गांव वाले उनके साथ हैं, तभी नई-नई चुनौतियां उनके सामने आकर खड़ी हो जाती हैं। ALSO READ: इमरान हाशमी को टक्कर देंगी 75 साल की शबाना आजमी, 'आवारापन 2' में बनेंगी खूंखार विलेन डॉ. प्रभात को लगता है कि अगर उनके अस्पताल को आदर्श पीएचसी का खिताब मिल जाए, तो सारी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी। पर उन्हें जल्द ही समझ आ जाता है कि कामयाबी सिर्फ डॉक्टरी की डिग्री और अच्छा अस्पताल चलाने से नहीं मिलती है। गांव वालों के अजीबोगरीब रवैये, स्थानीय राजनीति के चक्कर, लोगों के दिलों में बसे शक और जरूरी सामानों की हमेशा रहने वाली कमी के बीच, क्या डॉ. प्रभात भठकंडी की इन परेशानियों का सही इलाज ढूंढ पाएंगे, या फिर साबित हो जाएगा की ये सब ठीक करना उनके बस की बात नहीं? अमोल पाराशर ने कहा, इस नए चैप्टर में भठकंडी में मेरे किरदार का सफ़र कुछ इस तरह आगे बढ़ता है, जैसा किसी ने सोचा भी नहीं होगा। उसे थोड़ी-बहुत कामयाबी तो मिली है, पर उसके सामने नई-नई मुसीबतें भी आकर खड़ी हो गई हैं। मुझे इस सीरीज़ की सबसे अच्छी बात ये लगी कि इसमें गांव के अस्पतालों की असली और गंभीर दिक्कतों को बखूबी पर्दे पर उतारा गया है, और फिर उन्हें मजाक, अपनेपन के भाव, कॉमेडी और जज्बातों के साथ इस तरह पेश करता है कि इसकी कहानी हर उम्र और क्षेत्र के दर्शकों को अपनी सी लगती है। चेतन कुमार का किरदार निभाने वाले विनय पाठक ने कहा, टीवीएफ ने हमेशा से ही ज़मीन से जुड़ी और आम लोगों की कहानियों को पेश किया है, जो सीधा दर्शकों के दिलों में उतर जाती हैं और 'ग्राम चिकित्सालय' इसकी सबसे अच्छी मिसाल है। इस शो की खासियत यह है कि यह गाँव के अस्पतालों के सच और वहाँ के लोगों की जिंदगी को अपनेपन के भाव, हंसी-मजाक और सच्चे जज्बातों के साथ दिखाता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ग्राम चिकित्सालय का दूसरा सीज़न प्राइम डे के लिए प्राइम वीडियो की ब्लॉकबस्टर सूची में शामिल हो गया है। इस साल जुलाई में, अमेज़न प्राइम डे अपने दसवें एडिशन के साथ भारत में वापस आ रहा है। प्राइम मेंबर्स के लिए इस बार ज़बरदस्त डील्स, भारी बचत, नए-नए प्रोडक्ट्स के लॉन्च और ब्लॉकबस्टर मनोरंजन के साथ बहुत कुछ खास होने वाला है। ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2 में अमोल पाराशर, आकाश मखीजा, आनंदेश्वर द्विवेदी, विनय पाठक, आकांक्षा रंजन कपूर, और गरिमा विक्रांत सिंह फिर से अपने-अपने किरदारों में नज़र आने वाले हैं, जबकि इस बार दिनेश लाल यादव भी एक अहम किरदार निभाकर इस सीरीज़ से जुड़ने वाले हैं। यह नया सीज़न भारत के साथ-साथ दुनिया भर के 240 देशों एवं क्षेत्रों में 23 जून को सिर्फ़ प्राइम वीडियो पर हिंदी में प्रीमियर के लिए तैयार है।
अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में किए जाने वाले महादान कौन से हैं और उनका क्या फल मिलता है?
Purushottam Maas 2026: अधिकमास (जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है) को सनातन धर्म में आध्यात्मिक शुद्धि और पुण्य कमाने का सबसे सर्वोत्तम समय माना गया है। भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम 'पुरुषोत्तम' दिया है, इसलिए मान्यता है कि इस मास में किए गए दान और पूजा का फल सामान्य दिनों की तुलना में अनंत गुणा या कई गुना अधिक प्राप्त होता है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में करें ये 5 काम, धन-दौलत और सुख-समृद्धि की होगी वर्षा हिंदू धर्मग्रंथों में इस माह को जप, तप, व्रत, दान और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ बताया गया है। इस पवित्र महीने में कुछ विशेष वस्तुओं के दान को 'महादान' की श्रेणी में रखा गया है। 1. 33 मालपुए का दान (सबसे प्रमुख दान) 2. दीपदान (घृत दीप दान) 3. धार्मिक पुस्तकों का दान (ग्रंथ दान) 4. सुहाग सामग्री और वस्त्र दान 5. अन्न और रसीले फलों का दान 6.तिथि के अनुसार विशेष दान सूची 7. अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) महादान (FAQ) आइए जानते हैं कि वे महादान कौन से हैं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनका क्या फल मिलता है: अधिकमास के 5 महादान और उनके फल 1. 33 मालपुए का दान (सबसे प्रमुख दान) अधिकमास में कांसे के बर्तन में 33 मालपुए रखकर दान करने का सबसे बड़ा महत्व है। 33 की संख्या ही क्यों? ज्योतिषीय गणना के अनुसार अधिकमास लगभग 32-33 महीने के बाद आता है, इसलिए 32 महीनों के प्रतीक स्वरूप और एक अतिरिक्त विषम संख्या जोड़कर कुल 33 मालपुए दान किए जाते हैं। धार्मिक रूप से इसे 33 कोटि यानी प्रकार देवी-देवताओं के सम्मान से भी जोड़ा जाता है। मिलने वाला फल: शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा से यह दान करता है, उसके जीवन के सभी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक संकट दूर हो जाते हैं। इसे 'दरिद्रता नाशक दान' भी कहा जाता है। 2. दीपदान (घृत दीप दान) इस पूरे महीने में प्रतिदिन शाम के समय पीपल के पेड़ के पास, मंदिर में, तुलसी जी के सम्मुख या बहती नदी में घी का दीपक जलाना या कांसे के पात्र में घी भरकर दीपक सहित दान करना महापुण्यदायी माना जाता है। फल: दीपदान करने से वंश की वृद्धि होती है, अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर का अंधकार अर्थात् कष्ट, कलह और नकारात्मकता दूर होकर सुख-समृद्धि का आगमन होता है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कौन से मंत्र, पाठ और चालीसा दिलाते हैं अपार पुण्य और सुख-समृद्धि? 3. धार्मिक पुस्तकों का दान (ग्रंथ दान) अधिकमास विशुद्ध रूप से भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति का महीना है। इस दौरान श्रीमद्भागवत गीता, विष्णु सहस्रनाम या रामायण जैसी पवित्र पुस्तकों का दान किसी योग्य ब्राह्मण या जिज्ञासु व्यक्ति को करना चाहिए। फल: शास्त्रों में ज्ञान और धर्मग्रंथ के दान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इससे व्यक्ति को वैकुंठ धाम/ मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितर प्रसन्न होते हैं। 4. सुहाग सामग्री और वस्त्र दान सुहागिन महिलाओं को इस महीने में लाल वस्त्र, हरी चूड़ियां, सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी जैसी सुहाग की 16 सामग्रियां दान करनी चाहिए। साथ ही जरूरतमंदों को मौसम के अनुकूल- जैसे सूती या ऊनी साफ वस्त्र देने चाहिए। मिलने वाला फल: सुहाग सामग्री के दान से महिलाओं को अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख का वरदान मिलता है। वस्त्र दान से व्यक्ति का मान-सम्मान समाज में बढ़ता है। 5. अन्न और रसीले फलों का दान किसी भूखे व्यक्ति या ब्राह्मण को अनाज- जैसे गेहूं, चावल, दाल और इस मौसम के रसीले फल- आम, खरबूजा या जल से भरा कलश दान करना। फल: अन्न और जल दान को जीवन दान के समान माना गया है। इससे अन्नपूर्णा माता प्रसन्न रहती हैं और घर के भंडार कभी खाली नहीं होते। कुंडली के कई ग्रह दोष भी इस दान से शांत हो जाते हैं। ALSO READ: अधिकमास: पुरुषोत्तम मास की आरती 6. तिथि के अनुसार विशेष दान सूची यदि आप पूरे महीने महादान नहीं कर पा रहे हैं, तो अधिकमास की अलग-अलग तिथियों पर इन चीजों का लघु दान भी कर सकते हैं: तिथि: दान की जाने वाली वस्तु प्रतिपदा (पहली तिथि): चांदी के पात्र या दीये में शुद्ध घी का दान द्वितीया: कांसे के पात्र में सोने या मिश्री का दान तृतीया: उत्तम चने की दाल या दही का दान चतुर्थी व पंचमी: रेशमी या सूती वस्त्रों का दान अष्टमी: तिल और गुड़ का दान (राहु-केतु दोष शांति के लिए) एकादशी व द्वादशी: गाय का शुद्ध दूध और गेहूं का दान अमावस्या/पूर्णिमा: 33 मालपुए, खीर या कद्दू (पेठा) का दान दान का मूल नियम: पुरुषोत्तम मास में कोई भी दान करते समय मन में अहंकार नहीं होना चाहिए। गुप्त रूप से और बिना किसी दिखावे के, निस्वार्थ भाव से किया गया छोटा सा दान भी भगवान विष्णु तुरंत स्वीकार कर लेते हैं। पुरुषोत्तम मास में दान का महत्व केवल वस्तु देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, करुणा और परोपकार की भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार किया गया दान भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाला माना गया है। इस पवित्र माह में अन्नदान, जलदान, गौसेवा, वस्त्रदान और धर्मग्रंथ दान जैसे कार्य विशेष पुण्य प्रदान करते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। 7.अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) महादान (FAQ) 1. अधिकमास या पुरुषोत्तम मास क्या है? अधिकमास हिंदू पंचांग का एक विशेष माह है, जो लगभग हर 32 महीने 16 दिन 8 घंटे बाद आता है। इसे भगवान विष्णु ने अपना नाम पुरुषोत्तम मास प्रदान किया था, इसलिए यह अत्यंत पवित्र माना जाता है। 2. पुरुषोत्तम मास में दान का क्या महत्व है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में किया गया दान, जप, तप और पूजा कई गुना अधिक पुण्यफल प्रदान करती है। दान से पापों का क्षय और पुण्य की वृद्धि होती है। 3. पुरुषोत्तम मास में सबसे श्रेष्ठ दान कौन-सा माना गया है? अन्नदान को सबसे श्रेष्ठ दान माना गया है, क्योंकि इससे भूखे व्यक्ति की तृप्ति होती है और इसे महापुण्यदायक बताया गया है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कब समाप्त होगा अधिकमास?
तीन साल से अधिक समय तक कोमा में रहने के बाद थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकीतियाभा का निधन
बैंकॉक। तीन साल से अधिक समय तक कोमा में रहने के बाद थाईलैंड की राजकुमारी 47 वर्ष की बज्रकीतियाभा का निधन हो गया है। राजघराने ने इसकी घोषणा की। दिसंबर 2022 में अपने कुत्तों को टहलाते समय वह अचानक बेहोश होकर गिर गई थीं। डॉक्टरों के अनुसार उनके दिल में मायकोप्लाज्मा संक्रमण के कारण धड़कनें […] The post तीन साल से अधिक समय तक कोमा में रहने के बाद थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकीतियाभा का निधन appeared first on Sabguru News .
महेंद्रगढ़ में ट्रक और वॉल्वो बस की टक्कर में दो लोगों की मौत, 16 घायल
जयपुर/महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में शुक्रवार सुबह ट्रक और वॉल्वो बस की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मनाली से राजस्थान के जयपुर लौट रही पर्यटकों से भरी एक वॉल्वो बस नेशनल हाईवे-152डी पर बचावास कट के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से […] The post महेंद्रगढ़ में ट्रक और वॉल्वो बस की टक्कर में दो लोगों की मौत, 16 घायल appeared first on Sabguru News .
राजस्थान की मशहूर मांड गायिका गवरी देवी का निधन
बाड़मेर/जयपुर। राजस्थान की मशहूर मांड गायिका गवरी देवी का निधन हो गया। वह करीब 98 वर्ष की थी। उन्होंने गुरुवार रात अंतिम सांस ली। गवरी देवी कई दशकों तक मांड गायकी के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाई। वह अपनी बहू सुंदरदेवी और पौत्री नीतू को विरासत में मांड गायकी सौंप कर गई हैं। गवरी का […] The post राजस्थान की मशहूर मांड गायिका गवरी देवी का निधन appeared first on Sabguru News .
कोटा में चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद की सुपारी देकर करवाई थी हत्या
कोटा। राजस्थान में कोटा में पुलिस ने चन्द्रेसल मठ के मंहत देवानंद हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए साजिशकर्ता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सिटी पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने गुरुवार को बताया कि पांच जून को रात में चंद्रेसल मठ के देवानंद महाराज की हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता […] The post कोटा में चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद की सुपारी देकर करवाई थी हत्या appeared first on Sabguru News .
फीफा विश्व कप के उद्घाटन मैच में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका टीम को 2-0 से हराया
मेक्सिको सिटी। मेक्सिको ने एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में खेले गये फीफा विश्वकप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर 2-0 से शानदार जीत दर्ज। मैच का अंत तीन रेड कार्ड और काफी हंगामे के साथ हुआ, जिसमें मेक्सिको ने दूसरे हाफ में कुछ बिखरे हुए खेल के बावजूद अपनी श्रेष्ठता साबित की। हाफ-टाइम तक […] The post फीफा विश्व कप के उद्घाटन मैच में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका टीम को 2-0 से हराया appeared first on Sabguru News .
शकीरा और बर्ना बॉय की प्रस्तुति के साथ शुरु हुआ फीफा विश्व कप 2026
मेक्सिको सिटी। मशहूर स्टार गायिका शकीरा और बर्ना बॉय के संगीतमय माहौल और रंगबिरंगी रोशनी के बीच फुटबॉल के महाकुंभ फीफा विश्वकप कप 2026 की शुरुआत हुई। गुरुवार रात मशहूर एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में संगीत से भरे एक भव्य समारोह कोलंबियाई स्टार गायिका शकीरा और बर्ना बॉय ने फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट के आगाज़ […] The post शकीरा और बर्ना बॉय की प्रस्तुति के साथ शुरु हुआ फीफा विश्व कप 2026 appeared first on Sabguru News .
2 गोल और 3 रेड कार्ड, जबरदस्त हंगामें से शुरु हुआ FIFA WC का आगाज (Video)
मेक्सिको ने एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में खेले गये फीफा विश्वकप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर 2-0 से शानदार जीत दर्ज। मैच का अंत तीन रेड कार्ड और काफी हंगामे के साथ हुआ, जिसमें मेक्सिको ने दूसरे हाफ में कुछ बिखरे हुए खेल के बावजूद अपनी श्रेष्ठता साबित की।हाफ-टाइम तक मेक्सिको 1-0 से आगे था। जूलियन क्विनोन्स ने नौवें मिनट में गोल किया। उन्होंने याया सिथोले की एक बड़ी गलती का फायदा उठाते हुए रोनवेन विलियम्स के पैरों के बीच से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। मेक्सिको ने शुरुआती दौर में दबदबा बनाए रखा और राउल जिमेनेज और क्विनोन्स के जरिए कई मौके बनाए, जबकि दक्षिण अफ्रीका की ओर से हमले के नाम पर केवल फोस्टर का एक कमजोर हेडर देखने को मिला। WORLD CUP REFEREE SAMPIAO MAKES FUNNY MISTAKE MAKING ANNOUNCEMENT The 2026 World Cup has just started, but fans are already laughing at a very awkward moment. A Brazilian referee named Wilton Sampaio became famous on the internet during the Mexico vs. South Africa match.… — Busby Davey (@UTDavey) June 12, 2026 दूसरा हाफ भी इसी तरह शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही खेल में अफरातफरी मच गई। सिथोले के लिए रात और खराब हो गई जब उन्हें 49वें मिनट में गोल करने का एक साफ मौका रोकने के कारण रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया, जिससे दक्षिण अफ्रीका के पास केवल दस खिलाड़ी रह गए। हालांकि, मेक्सिको शुरू में इसका पूरा फायदा नहीं उठा सका; लगातार दबाव के बावजूद कुछ समय तक विलियम्स को कोई खास बचाव नहीं करना पड़ा। आखिरकार 67वें मिनट में दूसरा गोल हुआ। क्विनोन्स, रेयेस और जिमेनेज के बीच बने एक शानदार मूव के बाद, ‘वॉल्व्स’ के स्ट्राइकर ने विलियम्स को छकाते हुए गोल किया। यह उनका पहला विश्व कप गोल था, जिससे मेक्सिको की बढ़त दोगुनी हो गई और मैच का नतीजा लगभग तय हो गया। The moment South Africa got their second red card completely changed the game What an unforgettable World Cup opener! https://t.co/aXKlfs7bjL pic.twitter.com/bUMUMvz6xi — SethOfficial (@UTD_Seth001) June 12, 2026 लेकिन मैच अनुशासनहीनता देखी गई। 83वें मिनट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों की संख्या घटकर नौ रह गई, जब जवाने को रेड कार्ड दिखाया गया। वीएआर की जांच में पाया गया कि उन्होंने अल्वारो के चेहरे पर हाथ मारा था, जिसे खतरनाक खेल माना गया। मेहमान टीम के लिए स्थिति और खराब हो गई जब 94वें मिनट में मुदाऊ को भी मोंटेस के खिलाफ फाउल करने के कारण बाहर भेज दिया गया, जिससे उनकी टीम का अनुशासन पूरी तरह बिखर गया। red cards in the first game of the 2026 World Cup. There were only four in each of the entire 2018 and 2022 tournaments pic.twitter.com/2juUuQy7No — B/R Football (@brfootball) June 11, 2026 रुकावटों के कारण स्टॉपेज टाइम सात मिनट से भी लंबा खिंच गया और आखिरकार 97वें मिनट में मैच खत्म होने की सीटी बजी। मेक्सिको ने न केवल तीन अंक हासिल किए, बल्कि यह जीत ऐसे मैच में मिली जिसमें दो गोल हुए, तीन रेड कार्ड दिखाए गए और सह-मेजबान टीम के नियंत्रण और दक्षिण अफ्रीका के बिखरते हुए अनुशासन के बीच साफ़ फ़र्क देखने को मिला।
'पैसे नहीं बलि चाहिए', रिलीज हुआ 'काला हिरण' का टीजर, नाम बदलकर हुआ सलमान खान-बिश्नोई का जिक्र
बॉलीवुड में असल जिंदगी के विवादों पर फिल्में बनना कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में रिलीज हुआ एक टीजर देश के सबसे बड़े सुपरस्टार और एक कुख्यात गैंगस्टर की रंजिश को सीधे बड़े पर्दे पर लाने का दावा कर रहा है। अपनी घोषणा के वक्त से ही विवादों में घिरी हुई फिल्म 'काला हिरण - द बैटल फॉर लेगेसी' का फर्स्ट लुक सामने आ गया है। निर्माता अमित जानी की फिल्म 'काला हिरण-द बैटल फॉर लेगेसी' का 2 मिनट 32 सेकंड का पहला लुक इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा चुका है। यह फिल्म 1998 के जोधपुर काले हिरण शिकार मामले और सुपरस्टार सलमान खान व गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच चल रहे बेहद संवेदनशील विवाद पर आधारित नजर आ रही है। टीजर की शुरुआत एक गंभीर कोर्ट रूम सीन से होती है, जहां 'अयान खान' नाम का आरोपी कटघरे में खड़ा है। फिल्म मेकर्स ने अयान के किरदार को पूरी तरह से सलमान खान का लुक देने की कोशिश की है—चाहे वह हाथ में पहना जाने वाला उनका सिग्नेचर ब्रेसलेट हो, चलने का खास अंदाज या फिर उनका बॉडी पोस्चर। ALSO READ: सलमान खान फार्म हाउस विवाद, भाईजान के पड़ोसी को लगाई हाईकोर्ट ने फटकार, कहा- सोशल मीडिया मानहानि का मंच नहीं टीजर में वकील दलील देते हुए बताता है कि कैसे 2 अक्टूबर 1998 की रात दो निर्दोष काले हिरणों को अयान खान ने अपनी बंदूक की गोली से मार गिराया था। वहीं दूसरी तरफ, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से प्रेरित किरदार 'लॉयन बिश्नोई' को एक एंटी-हीरो या रक्षक की तरह पेश किया गया है। टीजर का एक डायलॉग खूब वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है— '90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का बाप दाऊद था, लेकिन आज दाऊद का भी बाप है, लॉयन बिश्नोई।' टीजर में अयान खान पुलिस इंस्पेक्टर को कहता है, 'अगर तुम लोगों में दम नहीं है तो अभी मुझे क्लियर बता दो, मैं ये देश हमेशा के लिए छोड़कर चला जाऊंगा, लेकिन बिश्नोई गैंग के हाथ सड़कों पर कुत्ते की मौत नहीं मरूंगा।' इसके तुरंत बाद पुलिस का एक अधिकारी कहता है— 'बिश्नोई को अयान खान के पैसे नहीं बल्कि उसकी बलि चाहिए।' A post shared by Amit Jani (@amitjaani_ind) फिल्म के लेखक और निर्माता अमित जानी ने साफ किया है कि यह फिल्म किसी की बायोपिक नहीं है, बल्कि यह बिश्नोई पंथ के संस्थापक और पर्यावरणविद संत गुरु जंभेश्वर भगवान और पूरे बिश्नोई समाज को समर्पित है, जिन्होंने जीवों की रक्षा के लिए दशकों तक कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ी है। फिल्म का निर्देशन भरत एस श्रीनेत ने किया है। मुख्य भूमिका में काशिफ इकबाल खान के साथ मुकेश तिवारी, राजेश दहिया और ऋषभ अरोड़ा जैसे मंझे हुए कलाकार नजर आने वाले हैं।
तुगलकाबाद एक्सटेंशन की इमारत में लगी भीषण आग, 3 लोगों की मौत
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में शुक्रवार सुबह पांच मंज़िला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए, जिनकी हालत गंभीर है। पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात को हुई। गोविंद पुरी पुलिस स्टेशन की एक टीम […] The post तुगलकाबाद एक्सटेंशन की इमारत में लगी भीषण आग, 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
47 दिन चलेगा दक्षिण अफ्रीका में होने वाला ODI विश्वकप, पढ़े पूरा शेड्यूल
दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेज़बानी में होने वाले 2027 वनडे विश्व कप का आयोजन 04 अक्टूबर से 21 नवंबर के बीच खेला जाएगा। ESPNcricinfo के मुताबिक इन तारीख़ों पर सहमति मई में अहमदाबाद में हुई ICC की बोर्ड मीटिंग के दौरान बनी थी और जुलाई में होने वाली वार्षिक बैठक में सूक्ष्म चीज़ों पर चर्चा होगी। ऐसा माना जा रहा है कि दक्षिण अफ़्रीका के आठ मैदानों पर ही अधिकांश मैच खेले जाने हैं और 54 में से 41 मैच इसी देश में हो सकते हैं। ज़िम्बाब्वे में 8-10 और नामीबिया में तीन मैच खेला जा सकते हैं। शुरुआत में ज़िम्बाब्वे के दो मैदानों की ही बात हो रही थी, लेकिन अब इस साल के अंत तक विक्टोरिया फॉल्स पर बन रहा स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएगा तो तीनों मैदानों का इस्तेमाल होगा। नए स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए दक्षिण अफ़्रीका की टीम ज़िम्बाब्वे का दौरा करने वाली थी, लेकिन फिलहाल उस पर अधिक अपडेट नहीं है। Difficult to believe that the finals are not in Ahmedabad. https://t.co/8UjD5EGvtn — Ramesh Srivats (@rameshsrivats) June 11, 2026 2003 के बाद यह दक्षिण अफ़्रीका में होने वाला पहला वनडे विश्व कप होगा। हालांकि, इस बीच में 2007 पुरुष T20 विश्व, 2009 चैंपियंस ट्रॉफ़ी और 2023 महिला T20 विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ़्रीका में हो चुका है। हाल ही में ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ़्रीका ने मिलकर पुरुष अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी की थी। पिछले दो संस्करणों में 10 टीमों के साथ खेले गए टूर्नामेंट की 14 टीमों के साथ वापसी होगी। टीमों को सात-सात के दो ग्रुप में बांटा जाएगा और फिर दोनों ग्रुप से टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में जगह बनाएंगी। दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे पहले ही अपनी जगह बना चुकी हैं, लेकिन नामीबिया क्वालिफ़िकेशन प्रक्रिया का हिस्सा होगी। यह विश्व कप 2027-2031 के फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट होगा। यह नियम दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय समझौतों को नियंत्रित करता है और इस वर्ष के अंत में हांगकांग में ICC की बैठकों में इसे अंतिम रूप दिया जाना है। ऐसा माना जाता है कि कुछ प्रारंभिक चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन FTP के निर्माण में मुख्य अड़चन विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप की संरचना और इसके संभावित विस्तार को लेकर है। ICC इस बात पर अंतिम निर्णय लेने वाली है कि क्या सभी 12 फुल मेंबर्स को (वर्तमान में ज़िम्बाब्वे, आयरलैंड और अफ़ग़ानिस्तान WTC में शामिल नहीं हैं) शामिल किया जाए और क्या WTC के तहत एक टेस्ट मैच भी खेले जा सकते हैं। ESPNcricinfo को मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई में होने वाली वार्षिक आम बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद पूर्ण FTP को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा का दिल का दौरा पड़ने से निधन
नई दिल्ली। पूर्व दिग्गज निशानेबाज एवं भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेस कोच जसपाल राणा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन को खेल जगत के लिए बड़ी क्षति बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ (एनआरएआई) ने जसपाल राणा के निधन की […] The post पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा का दिल का दौरा पड़ने से निधन appeared first on Sabguru News .
मंगल का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश: 4 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव, जानें असर
16 जून 2026 को मंगल ग्रह का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश होगा। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, भूमि और पराक्रम का कारक माना जाता है। वहीं कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं, जो मंगल के परम मित्र हैं। जब अग्नि तत्व के ग्रह मंगल का प्रवेश सूर्य के नक्षत्र कृतिका में होता है, तो यह कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोल देता है। इस गोचर से मुख्य रूप से चार राशियों को जबरदस्त लाभ होने की संभावना है। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियाँ कौन सी हैं। ALSO READ: सूर्य का मिथुन राशि में होगा गोचर, मेष से लेकर मीन तक जानिए 12 राशियों का राशिफल 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि के स्वामी खुद मंगल देव हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा। करियर में ग्रोथ: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके नेतृत्व क्षमता की तारीफ होगी। आर्थिक लाभ: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। अगर निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है। ऊर्जा का स्तर: आप खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद ऊर्जावान महसूस करेंगे। 2. सिंह राशि (Leo) कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं, जो सिंह राशि के अधिपति हैं। मित्र नक्षत्र में मंगल का यह गोचर आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। मान-सम्मान में वृद्धि: समाज और कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। बिजनेस में मुनाफा: व्यापारियों के लिए कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। फंसा हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। प्रतियोगी परीक्षा: जो छात्र सरकारी नौकरी या किसी बड़े एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें शुभ समाचार मिल सकता है। ALSO READ: शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ? 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) मेष की तरह वृश्चिक भी मंगल की ही राशि है। इस गोचर के प्रभाव से आपके अटके हुए काम गति पकड़ेंगे। साहस और पराक्रम: आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। करियर में बदलाव: अगर आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो बेहतर ऑफर मिल सकते हैं। भूमि-भवन का सुख: प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने के लिए समय बहुत अनुकूल है। 4. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के लिए मंगल का यह गोचर भाग्य में वृद्धि करने वाला रहेगा। भाग्य का साथ: आपके सोचे हुए काम कम मेहनत में भी पूरे होने लगेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी। पारिवारिक सुख: परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे और भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। ALSO READ: शनि ग्रह जब मेष में जाएगा तब होगा विश्व युद्ध या भारत-पाक का महायुद्ध, बहुत कम बचा है समय? विशेष सलाह: मंगल की इस ऊर्जा का पूरा लाभ उठाने के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें और तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें। इससे गोचर के शुभ प्रभावों में और वृद्धि होगी।
आधुनिक दौर में सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम बन चुका है, लेकिन क्या इसका उपयोग किसी निजी कानूनी विवाद को सार्वजनिक रूप से हवा देने या किसी की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है? इस गंभीर विषय पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और उनके पनवेल स्थित 'अर्पिता फार्महाउस' के पड़ोसी केतन कक्कड़ के बीच चल रहे संपत्ति विवाद की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया का एक्सेस होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि इसका इस्तेमाल किसी को बदनाम करने के लिए किया जाए। ALSO READ: दिशा पाटनी को स्कूल में घास तक नहीं डालते थे लड़के, आज करती हैं करोड़ों दिलों पर राज यह कानूनी लड़ाई जनवरी 2022 से चल रही है, जब सलमान खान ने अपने पड़ोसी केतन कक्कड़ के खिलाफ दीवानी अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। सलमान खान का आरोप है कि केतन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब इंटरव्यूज के जरिए उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे, भड़काऊ और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। सलमान खान के वकीलों के अनुसार, इन वीडियोज में कुछ ऐसी टिप्पणियां भी शामिल थीं, जो सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की क्षमता रखती थीं। दूसरी तरफ, केतन कक्कड़ का दावा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है और उनके बयान पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित हैं। चेतन कक्कड़ का आरोप है कि सलमान खान ने पनवेल में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया है और उनके प्लॉट तक जाने वाले रास्ते को बाधित कर दिया है। विवाद तब और बढ़ गया जब अधिकारियों ने कक्कड़ के एक प्रस्तावित भूमि सौदे को अवैध मानकर रद्द कर दिया, जिसका आरोप कक्कड़ ने सीधे तौर पर सलमान खान और उनके परिवार पर मढ़ दिया। बॉम्बे हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी निचली अदालत से अंतरिम राहत न मिलने के बाद सलमान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की एकल पीठ ने केतन कक्कड़ के वकील को मौखिक रूप से सुझाव दिया कि वे अपने मुवक्किल से बात कर विवादित पोस्ट, ट्वीट्स और वीडियो को स्वेच्छा से हटाने पर विचार करें। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जस्टिस देशमुख ने कहा, सिर्फ इसलिए कि किसी के पास सोशल मीडिया तक पहुंच है, इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी भी व्यक्ति—चाहे वह आम नागरिक हो या कोई सेलिब्रिटी—के बारे में केवल उसे बदनाम करने के लिए वीडियो अपलोड कर सकते हैं। अदालत ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि लोग अपनी कानूनी शिकायतों को संबंधित सक्षम अधिकारियों के पास ले जाने के बजाय सोशल मीडिया पर 'मीडिया ट्रायल' शुरू कर देते हैं। कोर्ट ने साफ किया कि अगर केतन कक्कड़ इन वीडियो को हटा भी लेते हैं, तो मुख्य संपत्ति विवाद में उनकी कानूनी स्थिति या स्टैंड पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। हाई कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि अदालत का कीमती समय इस बात की जांच करने में बर्बाद हो रहा है कि कौन से सोशल मीडिया लिंक चालू रहने चाहिए और कौन से डिलीट होने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई आपत्तिजनक कंटेंट किसी तीसरे पक्ष द्वारा भी री-अपलोड किया गया है, तो भी सोशल मीडिया मध्यस्थों से संपर्क कर उसे हटवाया जा सकता है।
हॉलीवुड के फिल्म मेकर्स अब केवल भारतीय दर्शकों को ही टारगेट नहीं कर रहे, बल्कि वे बॉलीवुड के सबसे बड़े चेहरों को अपनी मुख्य कहानियों का हिस्सा भी बना रहे हैं। इसी कड़ी में एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले सुपरस्टार रितिक रोशन ने मशहूर हॉलीवुड मैनेजमेंट और प्रोडक्शन कंपनी 'एनोनिमस कंटेंट' के साथ एक खास डील साइन की है। हॉलीवुड की प्रतिष्ठित मैगजीन डेडलाइन के मुताबिक, एजेंसी ने रितिक को 'भारतीय सिनेमा के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेताओं में से एक' के रूप में पेश किया है। हालांकि, अभी तक किसी स्पेसिफिक इंटरनेशनल फिल्म की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ऑस्कर विजेता प्रोजेक्ट्स देने वाली इस कंपनी के साथ रितिक का जुड़ना साफ इशारा करता है कि उनका हॉलीवुड डेब्यू अब ज्यादा दूर नहीं है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कौन है 'एनोनिमस कंटेंट' और क्यों खास है यह डील? रितिक रोशन के फैंस के लिए यह जानना जरूरी है कि एनोनिमस कंटेंट कोई साधारण एजेंसी नहीं है। यह हॉलीवुड का वह पावरहाउस है जिसने सिनेमाई इतिहास की कुछ सबसे बेहतरीन और अवॉर्ड-विनिंग फिल्में दी हैं। इनमें शामिल हैं- 'द रेवेनेंट' जिसके लिए लियोनार्डो डिकैप्रियो को उनका पहला ऑस्कर मिला। 'स्पॉटलाइट', जिसने बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर अपने नाम किया। 'इंटरनल सनशाइन ऑफ द स्पॉटलेस माइंड', जिसे कल्ट सिनेमा माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रितिक का प्रतिनिधित्व अमर हैनसेन, जेम्स जॉली और जीन यांग जैसे अनुभवी हॉलीवुड मैनेजर्स करेंगे, जबकि भारत में उनका काम हमेशा की तरह 'कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क' ही संभालेगा। रितिक रोशन इस ग्लोबल रेस में अकेले नहीं हैं। भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे पहले ही विदेशी धरती पर अपनी धाक जमा चुके हैं। प्रियंका चोपड़ा को ग्लोबल ट्रांजिशन का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। क्वांटिको से शुरुआत करने के बाद वह बेवॉच, सिटाडेल और हाल ही में जॉन सीना के साथ हेड्स ऑफ स्टेट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। रितिक रोशन के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे भारतीय फैंस को भी बैक-टू-बैक बड़े सरप्राइज देने के लिए तैयार हैं। हाल ही में ब्लॉकबस्टर वॉर 2 की शूटिंग और चर्चाओं के बीच, रितिक के दो बड़े घरेलू प्रोजेक्ट्स कतार में हैं।
सोमवती अमावस्या क्यों हैं इस बार खास, जानें महासंयोग, पूजा मुहूर्त और विधि
Somvati amavasya date n timing: हिन्दू धर्मशास्त्रों में अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है, लेकिन जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि सोमवार भगवान शिव को समर्पित है और अमावस्या पितरों की पूजा एवं तर्पण के लिए श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है। इस बार की सोमवती अमावस्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी मानी जा रही है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान, दान, जप, तप और पूजा-पाठ से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। ALSO READ: IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन क्यों रहा शानदार, जानिए क्या कहता है अंक शास्त्र? इस बार क्यों है यह महासंयोग बेहद खास? सोमवती अमावस्या के शुभ मुहूर्त (15 जून 2026) सोमवती अमावस्या पूजा विधि ज्येष्ठ अधिक अमावस्या 2026 (FAQ) आइए जानते हैं कि इस बार यह तिथि इतनी खास क्यों है और इसकी पूजा विधि क्या हैं? इस बार क्यों है यह महासंयोग बेहद खास? इस बार की सोमवती अमावस्या के पीछे कई ऐसे बड़े धार्मिक और ज्योतिषीय कारण हैं, जो इसे साधारण अमावस्या से कहीं अधिक फलदायी बनाते हैं: 3 साल बाद आया अधिकमास का योग: यह अमावस्या ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ रही है। अधिकमास हर तीन साल में एक बार आता है। इस महीने में किए गए दान और पूजा का फल सामान्य दिनों से अनंत गुना ज्यादा मिलता है। मिथुन संक्रांति (त्रिगुणी संयोग): इसी दिन सूर्य देव भी राशि परिवर्तन करके मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। खासकर इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और असहायों को दान करने का विशेष महत्व है। शुभ योगों का महासंयोग : 15 जून को एक साथ 'सर्वार्थ सिद्धि योग' और 'अमृत सिद्धि योग' बन रहे हैं। इन योगों में की गई पूजा, व्रत या उपाय सीधे तौर पर सिद्ध होते हैं और मनोकामनाएं बहुत जल्दी पूरी होती हैं। सोमवती अमावस्या के शुभ मुहूर्त (15 जून 2026) अमावस्या तिथि की शुरुआत: 14 जून 2026 को दोपहर 12:19 बजे से अमावस्या तिथि की समाप्ति: 15 जून 2026 को सुबह 08:23 बजे तक स्नान और दान का श्रेष्ठ समय (ब्रह्म मुहूर्त): सुबह 03:33 बजे से सुबह 04:55 बजे तक सोमवती अमावस्या पूजा विधि सोमवती अमावस्या के दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव-माता पार्वती और पितरों (पूर्वजों) की पूजा का विधान है। 1. पवित्र स्नान और संकल्प सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी, सरोवर में स्नान करें। अगर बाहर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद व्रत या दान का संकल्प लें। 2. सूर्य देव को अर्घ्य और तर्पण तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद हाथ में काले तिल और जल लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों का ध्यान करते हुए तर्पण या जल अर्पण करें। 3. देवताओं का अभिषेक घर के मंदिर में या शिवालय जाकर भगवान शिव का दूध और गंगाजल से अभिषेक करें। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाएं। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना शुभ होता है। 4. पीपल के वृक्ष का पूजन और परिक्रमा सोमवती अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व है। पीपल की जड़ में कच्चा दूध और जल चढ़ाएं। वहां घी का दीपक जलाएं। इसके बाद सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा के दौरान पेड़ पर सूत का धागा लपेटा जाता है। 5. अन्न-वस्त्र का दान पूजा समाप्त होने के बाद किसी गरीब, जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को अनाज- जैसे गेहूं, चावल, तिल, वस्त्र या सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा दान करें। ज्येष्ठ अधिक अमावस्या 2026 (FAQ) 1. ज्येष्ठ अधिक अमावस्या क्या है? ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली अमावस्या तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या कहा जाता है। जब अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के दौरान यह तिथि आती है, तो इसे ज्येष्ठ अधिक अमावस्या कहा जाता है। यह दिन पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। 2. ज्येष्ठ अधिक अमावस्या 2026 कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक अमावस्या 15 जून 2026 में पड़ रही है। तिथि और मुहूर्त स्थानीय पंचांग के अनुसार देखना उचित रहता है। 3. ज्येष्ठ अधिक अमावस्या का धार्मिक महत्व क्या है? यह तिथि पितृ तर्पण, स्नान-दान, भगवान विष्णु और शिव की पूजा तथा पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए सत्कर्मों का कई गुना फल प्राप्त होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: क्या 2027-2028 में होगा सत्ता परिवर्तन? ज्योतिषीय गणनाएं दे रही हैं बड़े संकेत
ज्योतिषाचार्य पंडित रामाकांत शर्मा के अनुसार कुंभ पर शनि की साढ़ेतसाती 23 जनवरी 2020 को शुरू हुई थी। 29 मार्च 2025 से कुंभ पर शनि की साढ़ेसाती के 3 चरणों में से यह अंतिम चरण चल रहा है। 3 जून 2027 तक मुख्य प्रभाव रहेगा और 23 फरवरी 2028 को पूरी तरह समाप्त होगी। वैदिक ज्योतिष में कुंभ एक वायु तत्व की राशि है, जिसका प्रतीक एक घड़ा है। वर्तमान में कुंभ राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देवगुरु बृहस्पति का कर्क में गोचर इस राशि के लिए संजीवनी का काम कर रहा है। आइए प्रसिद्ध ज्योतिषीय ग्रंथों और ग्रह स्थिति के आधार पर इसका कस्टमाइज्ड विश्लेषण करते हैं। मुख्य ग्रहीय स्थितियां (Core Planetary Alignments) शनि का प्रभाव: शनि आपकी ही राशि के ठीक आगे मीन में गोचर कर रहे हैं। साढ़ेसाती का यह अंतिम चरण 'लौह पाद' या 'रजत पाद' से गुजरते हुए जातक को तपाकर सोना बनाता है। यह समय कड़े फैसले लेने और पुरानी गलतियों को सुधारने का है। गुरु की अमृत दृष्टि (Jupiter’s Blessing): देवगुरु बृहस्पति का शुभ गोचर आपके त्रिकोण भावों को सक्रिय कर रहा है। राहु-केतु का प्रभाव आपको लीक से हटकर सोचने पर मजबूर करेगा। क्षेत्र-वार विशिष्ट विश्लेषण (Sector-Wise Detailed Analysis) 1. करियर और बिजनेस: संघर्ष के बाद बड़ी सफलता नौकरीपेशा: कुंभ राशि के नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय कार्यस्थल पर अपनी योग्यता साबित करने का है। शनि आपसे कड़ी मेहनत करवाएंगे, लेकिन गुरु की कृपा से अक्टूबर के बाद पदोन्नति (Promotion) और ट्रांसफर के प्रबल योग बनेंगे। बिजनेस (Business): जो लोग पार्टनरशिप में काम कर रहे हैं, उन्हें पारदर्शिता रखनी होगी। मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, कंसलटेंसी और विदेशी व्यापार से जुड़े जातकों को अचानक कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। चेतावनी: शॉर्टकट और सट्टेबाज़ी (Speculation) से बिल्कुल दूर रहें, अन्यथा शनि देव भारी दंड दे सकते हैं। 2. आर्थिक स्थिति: खर्चों पर लगाम, नए आय के स्रोत आर्थिक मामलों में यह समय मिला-जुला रहेगा। राहु की स्थिति के कारण अप्रत्याशित खर्चे (Unexpected Expenses) सामने आ सकते हैं, खासकर सेहत या यात्राओं पर। सकारात्मक पक्ष: गुरु की दृष्टि के कारण आपकी रेगुलर इनकम प्रभावित नहीं होगी। यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो इस अवधि में वो वापस मिल सकता है। संपत्ति या वाहन खरीदने के योग भी बन रहे हैं। 3. लव लाइफ और वैवाहिक जीवन: परिपक्वता की परीक्षा रिश्तों के मामले में कुंभ राशि वालों को अपनी वाणी पर बहुत नियंत्रण रखना होगा। वैवाहिक जीवन: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, जिसका कारण आपका काम का तनाव होगा। शनि आपके धैर्य की परीक्षा लेंगे। अहंकार को बीच में न आने दें। सिंगल्स के लिए: जो लोग सिंगल हैं, उनके जीवन में किसी गंभीर और मैच्योर इंसान की एंट्री हो सकती है। प्रेम विवाह (Love Marriage) के इच्छुक जातकों को परिवार की मंजूरी मिल सकती है। 4. स्वास्थ्य (Health): मानसिक तनाव और हड्डियों का ध्यान रखें शनि की साढ़ेसाती के कारण कुंभ राशि के जातकों में अज्ञात भय, अनिद्रा (Insomnia) और मानसिक थकान देखी जा सकती है। इसके अलावा, पैरों में दर्द, जोड़ों का दर्द (Arthritis) या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। सुबह की सैर और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं। कुंभ राशि के लिए 4 अचूक लाइफ-हैक (Remedies for Aquarius) शनिवार का नियम: शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और वहीं बैठकर 8 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। पावर मंत्र: रोज शाम को ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का एक माला (108 बार) जाप करें। कर्म योग: शनिवार को दिव्यांग जनों या सफाई कर्मचारियों को भोजन या काले चने भेंट करें। मेंटल डीटॉक्स: मानसिक शांति के लिए सोमवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध या गन्ने का रस चढ़ाएं।
9 बरस की लड़की दीवार के सहारे खड़ी है। नाम है आद्या। शरीर ऐसा मानो हड्डी के ऊपर सिर्फ चमड़ी चढ़ी हो। वजन 17 किलो, यानी 4 साल के बच्चे जितना। खेलने-कूदने की उम्र में आद्या को मौत कब आ जाए, कह नहीं सकते। इसका दिल महज 60% ही काम कर रहा है, यानी कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है। आद्या दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। जिसमें जिंदा रहने की एक ही शर्त है- पैसा। साल भर में 72 लाख रुपए, यानी हर महीने 6 लाख। जैसे-जैसे शरीर का वजन बढ़ेगा, खर्च भी बढ़ता जाएगा। जिस दिन पैसे खत्म, उसी दिन आद्या की सांसें भी थम सकती हैं। आद्या की बहन को भी यही बीमारी थी। 13 महीने की उम्र में उसे दो बार हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। हालांकि आद्या फिलहाल ठीक है। फ्रांस की एक कंपनी उसका इलाज करा रही है। दरअसल, इस बीमारी के चलते शरीर में मांसपेशियों की सफाई करने वाला एक खास एंजाइम सामान्य से बहुत कम बन पाता है। इस वजह से मांसपेशियों में अतिरिक्त शुगर जमा होती है। इससे हार्ट और बाकी मांसपेशियां बहुत कमजोर होती जाती हैं। आद्या के शरीर में यही एंजाइम सिर्फ 4% बन रहा है। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ऐ जिंदगी में मैं नीरज झा पहुंचा हूं, हैदराबाद से 30 किलोमीटर दूर हिम्मत नगर। आज कहानी यहीं से… शाम के 5 बज रहे हैं। हल्की बूंदाबांदी हो रही है। इतने में, आद्या के पिता राज बोधुना आते हैं। वे कहते हैं- जिस बेटी के बारे में मैंने आपसे फोन पर बात की थी, यह वही है। इसे देखते ही आपको अंदाजा लग गया होगा कि यह कितनी कमजोर है। राज बताते हैं- 4 साल पहले यही बीमारी मेरी दूसरी बेटी आयरा को निगल गई। वो सिर्फ 13 महीने ही जी पाई। और अब… कहते-कहते राज आद्या का हाथ कसकर पकड़ लेते हैं। जैसे कोई उनकी बेटी को छीनने वाला हो। फिर कहते हैं- जब से इस बीमारी के बारे में पता चला है, तबसे हमने कल के बारे में सोचना ही छोड़ दिया। रोज सुबह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि आज का दिन आद्या जी भरके जी ले, क्योंकि अगली सुबह क्या होगा, पता नहीं। आद्या जब 4 साल की थी, तब इस बीमारी का पता चला। अब आद्या की जिंदगी का एक ही नियम है-हर 15 दिन में अस्पताल जाना और 'एंजाइम थेरेपी' करवाना। जब थेरेपी रुकेगी, सांसें भी रुक जाएंगी। अभी एक थेरेपी में 4 घंटे का वक्त लगता है और 3 लाख रुपए खर्च होते हैं। मैं ठहरा एक पुलिस कॉन्स्टेबल। मेरी तनख्वाह इतनी भी नहीं कि मैं अपनी बेटी की सांसों की कीमत चुका सकूं, इसी बेबसी में एक बेटी को खो चुका हूं। शुरुआत में तो आद्या इंजेक्शन देखकर डर जाती थी, रोने लगती थी, लेकिन अब उसे फर्क नहीं पड़ता। इतना कहते ही राज की आंखें भर आती हैं। वे कहते हैं- आज छोटी बेटी आयरा होती, तो 5 साल की होती। मेरे मोबाइल में उसकी कई तस्वीरें हैं, लेकिन कभी देखने की हिम्मत नहीं होती। जब वह इस दुनिया में आई थी, तो ठीक थी। उसका वजन 7 किलो तक बढ़ गया था, लेकिन इस बीमारी की ऐसी नजर लगी कि कुछ ही दिनों में वह सूखकर 4 किलो की रह गई। बगल में ही बैठी राज की पत्नी निरोसा भी रोने लगती हैं। मोबाइल में आयरा के फोटो दिखाते हुए कहती हैं- आद्या 2017 में पैदा हुई थी। 2020 तक हमें पता नहीं था कि इसे कोई बीमारी है। बाकी बच्चों की तरह खेलती-कूदती, लेकिन जल्दी थक जाती थी। नवंबर 2020 में जब दूसरी बेटी आयरा का जन्म हुआ और वह बीमार हुई, तब इस बीमारी के बारे में पता चला। राज बताते हैं- ‘अगस्त 2021 की बात है। आयरा 7 महीने की थी। उसने दूध पीना कम कर दिया था। उसे लगातार दस्त लग रहे थे। शरीर कमजोर होता जा रहा था। हम उसे लेकर शहर पहुंचे। डॉक्टरों की सलाह पर कई टेस्ट कराए, लेकिन कुछ पता नहीं चला।’ तभी, एक बाल रोग विशेषज्ञ ने जेनेटिक टेस्ट कराने की सलाह दी। सैंपल मुंबई भेजे। करीब 15 दिन बाद रिपोर्ट आई। डॉक्टरों ने बताया कि आपकी बेटी को पॉम्पे डिजीज है। यह 6 महीने से ज्यादा जिंदा नहीं रहेगी। उन्होंने बताया- यह जेनेटिक बीमारी है। लाखों बच्चों में से किसी एक को होती है। तब पहली बार हमें इस बीमारी के बारे में पता चला। राज कहते हैं- तब मैंने अपनी पत्नी निरोसा को बीमारी के बारे में कुछ नहीं बताया था। जब भी पूछती, मैं हंसकर टाल देता। कहता– अरे, कुछ नहीं हुआ है, बस हार्ट में मामूली दिक्कत है। दवा से सब ठीक हो जाएगा। लेकिन अंदर ही अंदर मैं रोज मर रहा था। उस वक्त आयरा का हार्ट सिर्फ 30-40% ही चल रहा था। वह 13 महीने की हो गई थी, लेकिन उसमें इतनी भी जान नहीं थी कि वह खड़ी हो सके। 9 जनवरी 2022 की बात है। आयरा की सांसें अचानक उखड़ने लगी। हम उसे लेकर अस्पताल भागे। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। कुछ देर बाद जब डॉक्टर बाहर आए, तो उन्होंने कहा- इसे नहीं बचा पाएंगे, पैसा और समय बर्बाद न करें, इसे घर ले जाएं। बच्ची कुछ ही दिनों की मेहमान है। मैं और मेरी पत्नी ने बिलखते हुए डॉक्टर से कहा- एक बार देख लीजिए, शायद चमत्कार हो जाए। हमारे कहने पर डॉक्टरों ने उसे भर्ती तो रखा, लेकिन 2 दिन बाद फिर कहा- घर ले जाइए, कुछ नहीं हो सकता। हम अपनी बच्ची को लेकर पुराने घर मनचेरियल आ गए। यह शहर हैदराबाद से 250 किलोमीटर दूर है। तीन-चार दिन ही बीते थे कि एक दिन अचानक आयरा की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे लगातार दो बार दिल का दौरा पड़ा। वो मेरी गोद में ही थी। देखते ही देखते उसकी सांसें थम गई। उस वक्त उसकी नन्ही-सी उंगली मेरी हथेली में फंसी हुई थी, जैसे वह जीने की कोशिश कर रही हो। मैं बार-बार उसे सीपीआर देता रहा, ऑक्सीजन लगाने की कोशिश करता रहा। लेकिन मेरी बच्ची इस दुनिया से जा चुकी थी। यह कहते-कहते राज और पास बैठी निरोसा फूटफूटकर रोने लगती हैं। मोबाइल में एक तस्वीर दिखाते हुए निरोसा कहती हैं- जब भी इस तस्वीर को देखती हूं, तो गला भर आता है। खाना-पीना भी छूट जाता है। मुझे याद है- मैं उस दिन किचन में डोसा बना रही थी। अब जब कभी डोसा बनाती हूं, तो उसकी खिलखिलाहट कानों में गूंजने लगती है और हाथ थम जाते हैं। बहुत प्यारी थी मेरी बच्ची। अब दोनों की नजरें आद्या पर आकर टिक जाती हैं। राज कहते हैं- जब आयरा की बीमारी के बारे में पता चला, तब डॉक्टर ने पूछा- आपके और भी बच्चे हैं? मैंने कहा- हां, एक और बेटी है। डॉक्टर ने हिदायत दी कि 'बड़ी बेटी आद्या का भी जेनेटिक टेस्ट करवाओ। मुमकिन है कि उसे भी यह बीमारी हो।' आद्या का सैंपल लिया। रिपोर्ट में पता चला ‘पॉम्पे डिजीज’ है। डॉक्टर ने बताया कि आद्या का हार्ट सिर्फ 60% काम कर रहा है। डॉक्टर से पूछा- क्या इसका कोई इलाज नहीं है? तब उन्होंने समझाया कि इसके लिए एक थेरेपी होती है- एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी (ERT)। अगर आद्या को यह थेरेपी ताउम्र दी जाए, तभी उसकी जान बच सकती है। ये थेरेपी इतनी महंगी थी कि पैसे का इंतजाम कहां से होगा, हम समझ ही नहीं पा रहे थे। जैसे-जैसे आद्या का वजन बढ़ेगा, खुराक बढ़ेगी, वैसे-वैसे थेरेपी का खर्च भी बढ़ेगा। सबकुछ पता होने के बाद भी तीन साल तक हम कुछ नहीं कर पाए। हर दिन आद्या को अपनी आंखों के सामने कमजोर होते देखते रहे। आखिरकार, साल 2024 में एक उम्मीद जागी। केंद्र सरकार ने रेयर डिजीज फंड से 50 लाख रुपए की सहायता मंजूर की। तब जाकर आद्या की एंजाइम थेरेपी शुरू हो सकी। एक साल बाद, एंजाइम बनाने वाली फ्रांस की कंपनी ने भी आद्या को छह महीने तक मुफ्त दवा देने की मंजूरी दी है। आज मेरी बेटी की हर सांस उसी दवा के सहारे चल रही है। लेकिन डर लगता है, जिस दिन यह दवा बंद हो जाएगी, मैं अपनी बच्ची से हाथ धो बैठूंगा। डॉक्टरों ने आद्या के खेलने-कूदने और दौड़ने-भागने के लिए मना किया है। स्कूल में जब बाकी बच्चे खेलते हैं, तो यह सिर्फ दूर से उन्हें देखती है। जब वह मुझसे पूछती है- पापा, मेरे बाकी दोस्त तो इतना खेलते-कूदते हैं, मैं क्यों नहीं खेल सकती तो मैं कोई जवाब नहीं दे पाता। आप ही बताइए, मैं उस 9 साल की बच्ची को कैसे समझाऊं कि उसका दिल बहुत कमजोर है। कभी भी, कुछ भी हो सकता है। इतने में आद्या, राज की गोद में आकर बैठ जाती है। वह बेटी को कसकर गले लगा लेते हैं। इसके बाद आद्या की एक-एक रिपोर्ट, एक-एक प्रिस्क्रिप्शन दिखाने लगते हैं। अचानक उनकी नजर 2021 के एक प्रिस्क्रिप्शन पर जाकर ठहर जाती है। तब आद्या का वजन 13 किलोग्राम था। डॉक्टरों ने इलाज के लिए जिस थेरेपी की सलाह दी थी। उसका सालाना खर्च लगभग 65 लाख रुपए बताया था। सबकुछ देखने, सुनने के बाद भी इस बीमारी को लेकर मेरे मन में कई सवाल उठ रहे हैं। किसी बच्ची को इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे आ सकता है? भारत में इस बीमारी के 50 केस, महंगा इलाज बड़ी चुनौती इस बीमारी को गहराई से समझने के लिए हैदराबाद के निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के जेनेटिक विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रजन्या रंगनाथ से मुलाकात की। उन्होंने आयरा और आद्या की बीमारी के बारे में बताया कि ‘यह रेयर डिजीज है। भारत में अब तक इसके करीब 50 मामले सामने आए हैं। हालांकि कोई सटीक रिकॉर्ड नहीं है। 2020 से पहले तो ऐसी दुर्लभ बीमारियों पर चर्चा ही नहीं होती थी।’ डॉ. रंगनाथ बताती हैं– ऐसी बीमारियों से जूझ रहे परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि समय पर पहचान और महंगा इलाज। पॉम्पे डिजीज भी ऐसी ही एक जेनेटिक बीमारी है। इसे समझने के लिए पहले शरीर के एनर्जी सिस्टम को जानना होगा। हम जो भी खाना खाते हैं, हमारा शरीर उसे ग्लूकोज में बदल देता है। यही ग्लूकोज हमारे शरीर का असली 'ईंधन' है, जिससे हमारे अंगों और मांसपेशियों को काम करने के लिए ऊर्जा मिलती है। जब शरीर में जरूरत से ज्यादा ग्लूकोज बन जाता है, तो हमारा सिस्टम उसे भविष्य के लिए सुरक्षित रख लेता है। इस स्टोर किए गए ग्लूकोज को 'ग्लाइकोजन' कहते हैं। जब हम कोई काम करते हैं या दौड़ते हैं, तब शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के लिए इस स्टोर किए गए 'ग्लाइकोजन' को वापस ग्लूकोज में तोड़ना पड़ता है। इस काम को अंजाम देने के लिए हमारे शरीर में GAA यानी एसिड अल्फा-ग्लूकोसिडेस नाम का एक खास एंजाइम होता है। लेकिन पॉम्पे डिजीज के मरीजों में खेल यहीं बिगड़ जाता है। इस बीमारी में मरीज के शरीर में यह बेहद जरूरी GAA एंजाइम या तो बनना बंद हो जाता है या बहुत कम हो जाता है। नतीजा यह होता है कि जब यह एंजाइम ही नहीं रहता, तो ग्लाइकोजन टूट नहीं पाता और कचरे की तरह शरीर के अंगों व मांसपेशियों में जमा होने लगता है, जिससे मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर और बेजान होने लगती हैं। शरीर का विकास रुक जाता है। सबसे ज्यादा असर फेफड़ों और हार्ट पर पड़ता है। खासकर बच्चों में यह दिल को कमजोर कर देता है। अगर समय रहते इस बीमारी की पहचान कर थेरेपी शुरू न की जाए, तो मरीज का दिल किसी भी वक्त धड़कना बंद कर सकता है। डॉ. रंगनाथ कहती हैं– 'कुछ समय पहले फ्रांसीसी दवा कंपनी ने एक एंजाइम मायोजाइम तैयार किया था। इसे 'एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी' के जरिए ड्रिप से मरीज के शरीर में पहुंचाया जाता है, जो ग्लाइकोजन को तोड़कर ग्लूकोज बनाने में मदद करता है। मरीज के वजन के हिसाब से दी जाती है थेरेपी डॉ. रंगनाथ कहती हैं- इस थेरेपी का पूरा गणित मरीज के वजन पर टिका होता है। इस थेरेपी को हर 15 दिन में एक बार दिया जाता है। मरीज के प्रति 1 किलोग्राम वजन पर 20 मिलीग्राम दवा की जरूरत होती है। आद्या का वजन 17 किलो है। नियमानुसार प्रति किलो 20 मिलीग्राम दवा चाहिए, यानी हर 15 दिन में 340 मिलीग्राम (करीब 7 वायल) का डोज लगेगा। एक वायल 35 से 45 हजार के बीच में आती है। इस तरह एक बार का खर्च करीब 3 लाख रुपए आता है। यह थेरेपी 15 दिन में ही क्यों होती है? डॉ. रंगनाथ कहती हैं- मरीज का शरीर खुद एंजाइम नहीं बना पाता। नस के जरिए दी गई दवा का असर शरीर में केवल 7 से 10 दिनों तक ही रहता है। इसके बाद मांसपेशियों में जहरीला ग्लाइकोजन फिर जमा होने लगता है। इस चक्र को रोकने और दिल-फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हर 15 दिन में थेरेपी जरूरी है। डॉ. रंगनाथ कहती हैं- पॉम्पे डिजीज किसी भी उम्र में हो सकती है। लक्षणों के आधार पर इसके दो रूप हैं। बच्चे को पॉम्पे डिजीज है या नहीं, गर्भ में पता लग सकता है? डॉ. रंगनाथ कहती हैं- गर्भ के दौरान पॉम्पे डिजीज का पता दो मुख्य टेस्ट से लगाया जाता है। प्रेग्नेंसी के बाद 10 से 13 हफ्ते में कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (CVS) के जरिए गर्भनाल का सैंपल लिया जाता है। इसके अलावा, 15 से 20 हफ्ते में एम्नियोसेंटेसिस टेस्ट के जरिए इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है। ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पड़ें… 1- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2. 17 की उम्र में हो गई 70 साल की बूढ़ी:झुर्रियों से खाल लटकी, भूत कहते हैं लोग; कहानी दो बहनों की 19 साल की राजकुमारी और 17 साल की रोशनी घर की चौखट पर बैठी हैं। यूं तो यह उम्र अपने लंबे बाल संवारने और चेहरा निखारने की है। दोस्तों के साथ खिलखिलाने और अपनी सतरंगी दुनिया बुनने की है, लेकिन ये दोनों बहनें 70 साल की किसी बूढ़ी जैसी हो चली हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर दंतेवाड़ा का जबेली गांव। कभी नक्सली रहे प्रदीप कुंजम का घर यहां है। उन्होंने मुस्कुराते हुए दरवाजा खोला। गोद में 8 महीने की बेटी करिश्मा थी। प्रदीप 2008 में नक्सली बन गए थे। संगठन का नियम था, शादी करनी है तो नसबंदी करानी होगी। 2016 में प्रदीप ने शादी से पहले नसबंदी करा ली। 2022 में उन्होंने सरेंडर कर दिया। 2023 में नसबंदी खुलवाने के लिए सर्जरी कराई और अब एक बेटी के पिता हैं। प्रदीप अकेले नहीं है। बीते 10 साल में 56 पूर्व नक्सली ऐसी सर्जरी करा चुके हैं। 26 लोग पिता भी बन गए। बस्तर रेंज के IG सुंदर राज पी. के मुताबिक, 120 पूर्व नक्सलियों की सर्जरी अभी होनी है। ये सरेंडर पॉलिसी का हिस्सा है और फ्री में की जाती है। पहली कहानी प्रदीप कुंजम की जख्मी पत्नी को इलाज नहीं मिला, तो संगठन छोड़ा; दूसरी सर्जरी के बाद पिता बने 2008 में प्रदीप के गांव में नक्सली आए थे। उनकी बातों के असर में आकर प्रदीप संगठन से जुड़ गए। वे बताते हैं, ‘संगठन में काम करते हुए मैं गंगू से मिला। हम अक्सर साथ रहते थे। जंगल में राशन ढोना, पानी लाना, खाना बनाना, पहरा देना, सब काम मिलकर करते थे। इसी दौरान एक-दूसरे के करीब आ गए।’ ‘कैडर के लोगों ने हमें बात करते देख लिया। खबर बड़े लीडर तक पहुंच गई। उन्होंने मुझसे पूछा, क्या तुम इससे शादी करना चाहते हो? मैंने हां कह दिया। उन्होंने रिश्ता मंजूर कर लिया। शादी की बात आगे बढ़ी, तो कामरेडों ने कहा कि पहले नसबंदी करानी होगी। कैडर की महिलाओं ने गंगू को समझाया कि जंगल की जिंदगी में बच्चे के साथ रहना मुश्किल होगा। अगर किसी मुठभेड़ में फंस गए, तो बच्चे को लेकर भाग नहीं पाओगी। पूरे परिवार की जान खतरे में पड़ जाएगी।’ ‘धीरे-धीरे गंगू भी यही बात कहने लगी। आखिरकार मैंने नसबंदी के लिए हामी भर दी। संगठन में कोई डॉक्टर नहीं था। कुछ लोग थे, जो बुखार की दवा देते थे, चोट लगने पर मरहम-पट्टी कर देते थे। उन्होंने ही नसबंदी करना सीख लिया और जंगल में मेरा ऑपरेशन किया।’ ‘मई 2016 में मैंने गंगू से शादी कर ली। करीब एक महीने बाद मुठभेड़ में गंगू जख्मी हो गई। तीन साथी मारे गए। घायल होने के बाद भी गंगू सामान उठाकर पहाड़ चढ़ती थी। उसकी हालत बिगड़ने लगी। मैंने कई बार अपने नेताओं से कहा कि किसी डॉक्टर को बुला लें, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।’ प्रदीप ये किस्सा सुना ही रहे थे कि बगल में बैठीं गंगू स्थानीय भाषा में कुछ कहने लगीं। हमने प्रदीप से पूछा कि वे क्या कह रही हैं? प्रदीप ने उनकी बात का मतलब बताया, ‘ये कह रही है कि घायल होने के बाद भी तैरकर नदियां पार करनी पड़ती थीं। भीगे कपड़े शरीर पर ही सूख जाते, जिससे घाव और गहरा हो जाता था। रात में दवाइयां दी जाती थीं, लेकिन उनका असर नहीं होता था।’ हमने गंगू से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे उठकर चली गईं। प्रदीप ने पहले ही कहा था कि पत्नी के वीडियो न बनाएं। इसलिए हमने जोर नहीं दिया। प्रदीप आगे कहते हैं, ‘उसी वक्त मैंने सोचा कि जिस संगठन के लिए हमने सब छोड़ दिया, वह अपने लोगों का इलाज तक नहीं करा सकता। तय कर लिया कि अब यहां नहीं रहना है।’ पहली सर्जरी रायपुर में, दूसरी तेलंगाना में प्रदीप बताते हैं, ‘मैंने 2022 में दंतेवाड़ा में सरेंडर कर दिया। तब एसपी अभिषेक पल्लव थे। मैंने उन्हें नसबंदी के बारे में बताया। उन्होंने मुझे रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल भेजा। वहां ऑपरेशन हुआ, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। मुझे पता चला कि तेलंगाना के वारंगल में भी नसबंदी रिवर्स करने के लिए ऑपरेशन होता है। मैं वारंगल गया और दूसरी बार ऑपरेशन कराया। इस बार सर्जरी कामयाब रही। मैं 2025 में पिता बन गया।’ दूसरी कहानी दिनेश कड़ती की सोचा था जंगल में ही मरेंगे, गांव में बच्चों को देखकर पिता बनने की इच्छा हुई दिनेश दंतेवाड़ा के मुंगेर गांव में रहते थे। 2005 में उन्होंने नक्सल संगठन जॉइन कर लिया। 2012 में सरेंडर किया, तब डिप्टी कमांडर बन चुके थे। 3 लाख रुपए के इनामी थे। दिनेश बताते हैं, ‘मैं संगठन में नया था। तभी एक लड़की भी आई। उसका नाम मीना था। वो मुझे पसंद थी। मैंने उसे प्यार के इजहार वाला लेटर भेजा। मीना की तरह से जवाब नहीं आया। फिर दूसरा लेटर लिखा और पूछा क्या आप नाराज हो? इस बार उसने जवाब दिया और मेरा प्रपोजल मान लिया।’ 2007 में हमने शादी के बारे में सोचा। हमें नहीं पता था कि शादी से पहले नसबंदी कराना पड़ता है। मैंने यह बात मीना को बताई, तो उसने कहा कि हम यहीं मिले हैं, यहीं रहेंगे और शायद यहीं मरेंगे, इसलिए नसबंदी करा लो। मैंने 2008 में नसबंदी करा ली। दिनेश आगे बताते हैं, ‘समय के साथ मेरे भीतर पिता बनने की इच्छा जागने लगी। मैं किसी गांव में जाता और छोटे बच्चों को खेलते देखता, तो सोचता था कि मैं कभी बाप नहीं बन पाऊंगा। मीना भी मां बनना चाहती थी, लेकिन संगठन छोड़ने से डरती थी। मैं उससे पूछता था कि अगर परिवार ही नहीं होगा, तो यह लड़ाई किसके लिए लड़ रहे हैं।’ ‘हमने 2012 में दंतेवाड़ा में सरेंडर कर दिया। मैंने अफसरों को नसबंदी के बारे में बताया। कहा कि मैं परिवार बढ़ाना चाहता हूं। उन्होंने मेरी मदद की। अभी मेरा पांच साल का बेटा है।’ तीसरी कहानी योगेश माड़वी की एक थप्पड़ ने नक्सली बनाया, बेटे को देखकर लगता है जिंदगी ने दूसरा मौका दे दिया सुकमा के चिंतलनार गांव के योगेश माड़वी के नक्सली बनने की कहानी एक थप्पड़ से शुरू हुई थी। 1996 में उनके मामा जंगल में जमीन जोत रहे थे। तभी फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी आए और उन्हें रोकने लगे। एक अधिकारी ने मामा को थप्पड़ मार दिया। यह बात नक्सलियों तक पहुंची, तो उन्होंने अधिकारी को धमकाया। योगेश कहते हैं कि इसके बाद वह अधिकारी दोबारा हमारे इलाके में नहीं आया। तभी मुझे लगा कि नक्सली ही आदिवासियों के साथ हैं। 1998 में मैं उनसे जुड़ गया। शुरुआत स्टूडेंट विंग से हुई। धीरे-धीरे रीजनल कमेटी का मेंबर बन गया। हिडमा जैसे बड़े नक्सली नेताओं के साथ काम करने लगा। योगेश आगे बताते हैं, ‘संगठन में शामिल होने के कुछ समय बाद मुझे कैडर में शामिल अनीता पसंद आ गई। मैंने उसे चिट्ठी लिखी कि मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं। उसने हां कह दिया, लेकिन पूछा कि क्या नसबंदी कराओगे? पहले मैं इसके लिए तैयार नहीं था, लेकिन कामरेड दबाव बनाने लगे। आखिरकार मैं मान गया। 2007 में पश्चिम बंगाल से आए एक डॉक्टर ने मेरी नसबंदी कर दी।’ ‘समय के साथ संगठन से मेरा भरोसा उठने लगा। गुटबाजी बढ़ रही थी। कई लोगों को सिर्फ शक के आधार पर पुलिस का मुखबिर बताकर मार दिया गया। तब पहली बार लगा कि हम जिस लड़ाई का हिस्सा हैं, उसमें कहीं न कहीं बड़ी गलती हो रही है।’ ‘2011 में मैंने तय किया कि अब संगठन के साथ नहीं रहूंगा। मुझे डर था कि अगर पुलिस के पास गया तो वे नक्सली समझकर मार देंगे। संगठन को पता चल गया तो वे भी नहीं छोड़ेंगे। मैंने पत्नी के इलाज का बहाना बनाया। मेरी सुरक्षा में पांच गनमैन थे। उनके साथ तेलंगाना बॉर्डर तक गया। फिर उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि इलाज कराकर लौट आऊंगा।’ ‘तेलंगाना में एक सरपंच मुझे पहचानता था। उसकी मदद से मैं करीमनगर पहुंचा और सरेंडर कर दिया। नसबंदी खुलवाने के लिए सर्जरी करवाई। मेरा एक बेटा है। उसे देखकर लगता है कि जिंदगी ने मुझे दूसरा मौका दिया है।’ नसबंदी की रिवर्स सर्जरी कामयाब होने के चांस 30 से 70% पूर्व नक्सली सर्जरी के लिए जगदलपुर के महारानी अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ. संजय कुमार प्रसाद बताते हैं, ‘कई पूर्व नक्सलियों की नसबंदी प्रशिक्षित डॉक्टरों ने नहीं की थी। कुछ मामलों में ऑपरेशन के दौरान ऐसी नसें भी कट गईं, जिन्हें दोबारा जोड़ना मुमकिन नहीं है।’ सरेंडर पॉलिसी में नसबंदी की रिवर्स सर्जरी कराने का वादा बस्तर डिवीजन के IG सुंदरराज पी. कहते हैं, ‘हाल के कुछ साल में 1 हजार से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है। उसमें से ज्यादातर ने यही कहा कि संगठन में उनकी नसबंदी हो गई है, लेकिन वे परिवार बढ़ाना चाहते हैं। हमने फैसला लिया कि सभी का टेस्ट कर नसबंदी खुलवाई जाएगी।’ भारत में नक्सलवाद की स्थिति इस ग्राफिक से समझिए… ……………………. ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ेंआर्मी के साथ आतंकियों से लड़े, सरकार ने घर उजाड़ा, मंत्री बोले- पता नहीं किसने आदेश दिया 80 साल के अब्दुल रज्जाक अपने टूटे घर के मलबे के पास उदास बैठे रहते हैं। 2001 में वे कश्मीर से भागकर जम्मू आए थे। सिधरा एरिया में घर बनाया। 25 साल हो गए रहते हुए। 19 मई को वन विभाग वाले बुलडोजर लेकर आए और अब्दुल समेत करीब 25 घर तोड़ दिए। ये दूसरी बार है, जब अब्दुल बेघर हुए हैं। इससे पहले आतंकियों के डर से घर छोड़ा था। हालांकि मंत्री जावेद राणा ने हैरानी जताई है कि ये कार्रवाई सरकार की जानकारी के बिना की गई। पढ़ें पूरी खबर...
प्रेम,प्रकृति और परम्परा की सतरंगी बारिश में भीगी डॉ. कविता अरोरा की श्रव्य - दृश्य कविताएँ
-डॉ. रमाकांत शर्मा आज की कवयित्रियों में एक नाम ऐसा भी है जो अपनी विशेष काव्यसंवेदना और रचनाशीलता के चलते अपनी सर्वथा अलग पहचान बनाने में क़ामयाब हुआ है। जी हाँ, उस कवियत्री का नाम है डॉ. कविता अरोरा। डॉ.कविता अरोरा के अब तक तीन कविता - संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं : 1.पैबंद की हँसी 2.चाँद का शरगा 3.कागज़ के नीले साहिल अलावा इसके, आपकी कविताएँ देश की प्रमुख पत्र - पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित और आकाशवाणी - दूरदर्शन से प्रसारित होती रही हैं। अनेक वीडियो और मंचों से इनकी कविताएँ सुनी और सराही जाती रही हैं। कविता अरोरा की कविताओं से गुज़रते हुए मैंने यह महसूस किया कि इनकी एक नहीं, अनेक कविताएँ मानो प्रेमरस के सरोवर में डुबकियां लगाने वाली सद्य स्नाताएँ हैं। जहाँ अमृता प्रीतम की रचनाओं का कहीं प्रत्यक्ष तो कहीं परोक्ष रूप में प्रभाव भी लक्षित किया जा सकता है। जहाँ प्रेम का संबंध देह से नहीं, बल्कि दो आत्माओं से है। रूह से है। ये ऐसी कविताएँ हैं जो सीधे दिल में उतरने का हुनर रखती हैं। उदाहरण स्वरूप देखिए कवयित्री अपनी ' बसंत के फूल ' कविता में प्रेम में पड़ी एक अल्हड़ लड़की की मनोदशा को व्यक्त करती हुई कहती है: जब वह टहलती तब मुंडेर पर बसंत के फूल खिलते थे हवाओं में गेसू सरसराकर पतंगों से खुलते थे **** उल्टी किताब थामे टहलकर सबक याद करती लड़की सुना है इश्क़ में पागल थी। **** इसी प्रकार डॉ. कविता अपनी कविता ' इश्क़ का घर ' में लिखती हैं : वो सतरह साल की लड़कियाँ साड़ी के पल्लू को पिन से जोड़ती ख़्वाबों के सतरंगी फ़लक पर दौड़ती **** लड़कियों की आँखें निडर हैं यहीं तो निगोड़े इश्क़ का घर है। **** जैसा कि मैंने पूर्व में कहा कि डॉ. कविता अरोरा को अमृता प्रीतम की प्रेम कविताएँ पसंद हैं। आत्मिक प्रेम से बढ़कर दुनिया में कुछ भी नहीं। इस संदर्भ में ' इमरोज़ ' शीर्षक कविता की इन पंक्तियों को पढ़ा जा सकता है : मैंने कभी सोचा नहीं था कि ख़्वाबों की गलियों से निकल कर तमाम शिद्दत लिए रंग भरी कूँचियों से ता उम्र तुम मुझे ही सजाते रहोगे। **** कभी तो तुम्हें भी लगा होगा किसी रोज़ सफ़्हों की सफ़ेद पीठ पर खिला दूँ कोई एक नीला फूल तुम्हारे लिए भी। **** इसी प्रकार जब वे प्रकृति के विविध रूपों को अपने काव्य के कैनवस पर चित्रित करती हैं तो ऐसा लगता है कवि सुमित्रानंदन पंत अथवा कवि शमशेरबहादुर सिंह की कविताएँ अपनी श्रव्य - दृश्य बिम्बात्मकता और प्रतीकात्मकता के साथ हमें आवाज़ दे रही हैं। इनकी कविताओं में आप देखेंगे कि कहीं बादल बुला रहे हैं तो कहीं पक्षी चहचहा रहे हैं। कहीं चाँद - चाँदनी परस्पर बतिया रहे हैं। कहीं नदी सुस्ता रही है तो कहीं वृक्ष रिफ्यूजी हो गए हैं। ऐसे अनेक बिम्ब सहृदय पाठक को अनायास ही आकर्षित करते हैं। इस तरह इनका प्रेम और प्रकृति चित्रण अपनी अनूठी धज लिए हुए है जो अमृता प्रीतम, सुमित्रानंदन पंत और शमशेर बहादुर की यादें अनायास ही ताज़ा कर देता है। बहरहाल। चाँद और चाँदनी, वृक्ष और लताएँ, समंदर और नदियाँ, आकाश और पृथ्वी, अमृता और इमरोज़ आदि इनकी कविताओं के मुख्य क़िरदार हैं। कविता जी की कविताओं में इनका आना - जाना, बोलना - बतियाना, देखना और देखते ही जाना इनकी कविताओं में बराबर बना रहता है। एक और बात। डॉ. कविता अरोरा की कविताओं में गाँव की गंध रची - बसी है। बचपन का अल्हड़पन, मेले -झूले, गलियाँ -चौबारे, छत - आँगन, माँ - दादी की कहानियाँ और सखा-सहेलियों की नोक -झौंक के अनेक प्रसंग वहाँ जीवंत हो उठते हैं। इन्हें शहर की बहुमंज़िला इमारतें, आपाधापी वाली ज़िंदगी, व्यक्तिगत स्वार्थी नज़रिया रास नहीं आता।जहाँ न अपनी छत है। चाँद भी जहाँ इमारतों के पीछे छिपा बैठा रहता है। चाँद का शरगा ( चाँद का बादामी रंग का घोड़ा ) कहानी में दौड़ता दिखाई नहीं देता। इसी प्रकार हम देखते हैं कि शहर में ' अपणायत ' का भाव नहीं है, बल्कि एक तरह का ' अजनबीपन ' है। अपने एक गीत ' नहीं रमते शहरों में मन ' में शहरों के हालात पर कवयित्री डॉ. कविता अरोरा लिखती हैं : अपनेपन को तरसते हैं मन नहीं रमते शहरों में मन। है प्रीत अटारी बड़ी सूनी सूनी न रिश्तों में है भोलापन नहीं रमते शहरों में मन। **** परिंदे तलाशे छाँव का एक टुकड़ा हैं इमारतें बहुत पर शजर सिकुड़ा सिकुड़ा तुलसियों को नहीं आँगन नहीं रमते शहरों में मन। **** कविता जी समाज के कटु यथार्थ से भी आँखें चार करती हैं। सियासत के हथकंडे,नौकरशाही, भूख और ग़रीबी के दंश से भी वे बाख़बर हैं। अस्पतालों की दुर्दशा देखकर वे लिखती हैं : अस्पतालों की भीड़ में रोज़ दिखते हैं मुझे लाचार आदमी बोतलों में ख़ून सिलेण्डरों में सांस इंजेक्शन में विटामिन पेसमेकर में दिल की धड़कनें क़ैद हैं। **** हाय अब तक जोड़ जमा तो डॉक्टरों की फीस निगल गई। **** घर - परिवार में दरकते रिश्तों की हक़ीक़त कवयित्री डॉ. कविता अरोरा कुछ इस प्रकार बयाँ करती हैं: प्रेम अपरिचित हो गया मजबूरियों की चादर ओढ़ कर सारे रिश्ते मौन हो गए। कल तक ' अज़ीज़ ' थे अब कौन हो गए। **** जहां तक कवयित्री कविता की काव्यभाषा और काव्यशिल्प का सवाल है, इनकी काव्यभाषा हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी और पंजाबी का आफ़ताबी संगम है। यहाँ आमजन की बोली-बानी का मिठास पाठक को आकर्षित करता है। कवयित्री अपनी संवेदनाओं को पूर्ण सहजता और स्वाभाविकता के साथ शब्दों में रूपायित करती है। यद्यपि ये कविताएँ मुक्तछंदी हैं, लेकिन इसके बावजूद कवयित्री ने अपनी मुक्तछंदी कविताओं में आंतरिक लय को बराबर साधे रखा है। इसका विशेष कारण यह है कि कवयित्री स्वयं सुप्रसिद्ध गायिका भी हैं। मुझे पूरा यक़ीन है कि डॉ. कविता अरोरा की कविताओं का हिंदी के पाठक - जगत में भव्य स्वागत होगा। अंत में, मैं कवयित्री के रचनात्मक उत्कर्ष की कामना करता हूँ। - डॉ. रमाकांत शर्मा rkramakant.sharma(at)gmail.com --------------------------------------------------------- काग़ज़ के नीले साहिल ( कविता - संग्रह ) डॉ. कविता अरोरा बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : ₹ 200 /- **** चाँद का शरगा ( कविता - संग्रह ) डॉ. कविता अरोरा बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : ₹ 175 /-
राज्यसभा की 21 सीटों पर निर्विरोध चुनाव में भाजपा के 12, कांग्रेस के 4 उम्मीदवार निर्वाचित
नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनाव में 21 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं। इसके अलावा तीन राज्यों की तीन राज्यसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। झारखंड की दो तथा मिजोरम की एक सीट पर 18 […] The post राज्यसभा की 21 सीटों पर निर्विरोध चुनाव में भाजपा के 12, कांग्रेस के 4 उम्मीदवार निर्वाचित appeared first on Sabguru News .
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श्रीगंगानगर में रोहित गोदारा गिरोह का गुर्गा मुठभेड़ में घायल
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हनुमानगढ़ में कच्चे कमरे की छत ढहने से भट्ठा मजदूर की मौत, बेटा घायल
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भिरानी थाना क्षेत्र में अमरपुरा गांव के बस अड्डा के पास बने एक पुराने कच्चे कमरे की छत ढह जाने से एक ईंट भट्ठा मजदूर की मौत हो गई, जबकि उसका 12 वर्षीय पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि मृतक मजदूर […] The post हनुमानगढ़ में कच्चे कमरे की छत ढहने से भट्ठा मजदूर की मौत, बेटा घायल appeared first on Sabguru News .
पीओके के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी, 16 की मौत
नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) के रावलकोट शहर में बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों निहत्थे नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिसमें कम से कम 16 नागरिक मारे गए हैं और 37 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो […] The post पीओके के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी, 16 की मौत appeared first on Sabguru News .
तहसीलदार ने बामनवास में सेल्समेन को शराब की दुकान में बंद करके बाहर लगाया ताला
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बिलासपुर में युवती को शादी का झांसा देकर रेप, जबरन कराया गर्भपात, आरोपी नागपुर से अरेस्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की सरकंडा पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने तथा जबरन गर्भपात कराने के मामले में तीन माह से फरार चल रहे पांच हजार रुपए के ईनामी आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर थाना […] The post बिलासपुर में युवती को शादी का झांसा देकर रेप, जबरन कराया गर्भपात, आरोपी नागपुर से अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में गृहणियों के घरेलू कार्य के मूल्य को 30,000 रुपए प्रति माह निर्धारित करते हुए कहा है कि गृहिणी का योगदान केवल घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वह परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। न्यायमूर्ति संजय करोल […] The post सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सड़क हादसे में गृहिणी के मौत पर कम से कम 30,000 रुपए प्रति माह मुआवजा appeared first on Sabguru News .
महासमुंद में महिला से रेप के आरोप में कथावाचक नरेंद्र नयन शास्त्री अरेस्ट
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म के आरोप में धार्मिक प्रवचनकर्ता एवं ज्योतिषाचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने छह मई को बागबाहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस […] The post महासमुंद में महिला से रेप के आरोप में कथावाचक नरेंद्र नयन शास्त्री अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
- 75 जिलों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर 3 दिन चली परीक्षा, फर्जी अभ्यर्थियों और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई - अब तक 12 मुकदमे दर्ज, 9 गिरफ्तार, ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से उजागर हुए फर्जीवाड़े के मामले - 2 पालियों में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई परीक्षा Police Recruitment Exam 2025 : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रदेश के 75 जनपदों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक तकनीकी निगरानी, ई-केवाईसी सत्यापन, बायोमेट्रिक मिलान और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए भर्ती बोर्ड ने नकल, प्रतिरूपण और अफवाह फैलाने के प्रयासों पर प्रभावी अंकुश लगाया। भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 28,86,798 अभ्यर्थियों को आहूत किया गया था। इनमें 19,62,561 पुरुष अभ्यर्थी (67.99 प्रतिशत) तथा 9,24,237 महिला अभ्यर्थी (32.01 प्रतिशत) शामिल थीं। तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 21,92,236 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 75.94 प्रतिशत है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का सफल आयोजन प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। ALSO READ: UP में नए सत्र से पहले बदलेगी स्कूलों की सूरत, तैयारियों में जुटी योगी सरकार, जानिए क्या है एक्शन प्लान? परीक्षा के दौरान जनपद गौतमबुद्ध नगर के मिहिर भोज पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी अंकित कुमार पुत्र सत्यदेव निवासी कुटियाना, थाना कोतवाली देहात, जनपद एटा की ई-केवाईसी मिसमैच होने पर जांच की गई। जांच में सामने आया कि वह कूटरचित आधार कार्ड के माध्यम से परीक्षा में शामिल हुआ था। मामले में थाना दादरी, गौतमबुद्ध नगर में 9 जून 2026 को मुकदमा संख्या 255/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की गई है। ALSO READ: योगी सरकार में यूपी की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव, रिकॉर्ड आपूर्ति और उत्पादन से उपभोक्ताओं को मिली राहत इसी प्रकार जनपद अलीगढ़ के डीएवी बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अंकित पुत्र रविंद्र सिंह निवासी तालिबपुर, थाना खुर्जा देहात, जनपद बुलंदशहर को दूसरे अभ्यर्थी लोकेश पुत्र नेत्रपाल के नाम से परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बायोमेट्रिक मिसमैच और दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद थाना क्वार्सी, अलीगढ़ में 9 जून 2026 को मुकदमा संख्या 474/2026 धारा 318(4), 336(2), 336(3), 337, 338, 340(2) भारतीय न्याय संहिता तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4 एवं 13(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। भर्ती बोर्ड द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 9454457951 पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। यूट्यूब पर Shubham Mittal नामक चैनल द्वारा परीक्षा को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने के मामले में थाना हुसैनगंज, लखनऊ कमिश्नरेट में मुकदमा संख्या 83/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 एवं 292, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4 एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। ALSO READ: CM योगी का PM मोदी को पत्र, बोले- आपके नेतृत्व में आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम बना उत्तर प्रदेश इसी क्रम में इंस्टाग्राम यूजर reshami68yadav द्वारा परीक्षा के संबंध में भ्रामक वीडियो प्रसारित करने पर थाना हुसैनगंज में मुकदमा संख्या 82/2026 धारा 221, 292 भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया। इंस्टाग्राम यूजर durgeshsaxena94 एवं आईडी mukti.reem_98 द्वारा परीक्षा संबंधी भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने पर थाना हुसैनगंज में मुकदमा संख्या 84/2026 धारा 221, 292 भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2008 के अंतर्गत दर्ज किया गया। वहीं इंस्टाग्राम यूजर Rohit (Oye Hero) एवं आईडी Rohitvlogs_24*7 द्वारा परीक्षा को लेकर भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने पर थाना हुसैनगंज में मुकदमा संख्या 85/2026 धारा 221, 292 भारतीय न्याय संहिता, धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4/13(2) के तहत अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जा रही है। ALSO READ: यूपी में रोजगार से स्वावलंबन तक, योगी सरकार के प्रयासों से युवा बन रहे सफल उद्यमी बुधवार को जनपद कानपुर नगर के लालू प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज, माल रोड परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी नागेश कुमार पुत्र राम प्रसाद निवासी गाजीपुर दरगाह, जनपद जौनपुर को संदेह के आधार पर जांच के लिए रोका गया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में उसके द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में सम्मिलित होने की आशंका सामने आई। मामले में विस्तृत पूछताछ कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। भर्ती बोर्ड ने बताया कि उपरोक्त मामलों के अतिरिक्त पिछले दिनों में दर्ज प्रकरणों को मिलाकर परीक्षा से संबंधित अब तक कुल 12 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। इन मामलों में कुल 9 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े, प्रतिरूपण, दस्तावेजों की कूटरचना अथवा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। ALSO READ: मुख्यमंत्री योगी ने दिए आर्थिक अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई और तेज करने के निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा कि परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों, तकनीकी टीमों और अभ्यर्थियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। बोर्ड भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। Edited By : Chetan Gour
फैक्ट चेक: खान सर को अरेस्ट करने आए पुलिसकर्मी ने उनके साथ बनाया वीडियो? जानिए सच
बूम ने वीडियो में दिख रहे सब इंस्पेक्टर सुशांत यादव से संपर्क किया जिन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि उन्होंने साल 2024 में यह वीडियो रिकॉर्ड किया था.
ओमान की खाड़ी से गुजर रहे जहाज पर अमेरिकी हमले की ये तस्वीरें देखिए… सेटेबेलो नाम के इस जहाज पर सवार 24 क्रू मेंबर्स भारतीय थे। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। 8 जून और 11 जून को भी अमेरिका ने भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाजों पर हमले किए हैं। आखिर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर मिसाइल क्यों मार रहा है अमेरिका; इससे जुड़े 5 जरूरी सवालों को समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर अमेरिका ने कैसे हमला किया?जवाबः पहला हमला 8 जून की दोपहर करीब 2:15 बजे हुआ… दूसरा हमला 10 जून की सुबह करीब 9 बजे हुआ… तीसरा हमला 11 जून की दोपहर हुआ… जिस ऑपरेशन में भारतीय नाविकों को निशाना बनाया गया, उसे उपलब्धि बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा- ‘मेरी वजह से 10 करोड़ बैरल तेल होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर दुनिया के बाजार में पहुंचा। क्योंकि उसे हम कंट्रोल कर रहे हैं, ईरान नहीं।’ सवाल-2: भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमले की वजह क्या है? जवाबः 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया था। उसने समुद्र में माइन्स बिछाईं। जहाजों पर हमले किए। इससे दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई ठप पड़ गई। होर्मुज खुलवाने की सारी कोशिश नाकाम होने के बाद अमेरिका ने 13 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट के बाहर ओमान की खाड़ी में दोहरी नाकेबंदी लगा दी। अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोकने लगी। जो जहाज अमेरिकी नाकेबंदी का पालन नहीं करता, उन पर हमले भी किए जाते हैं। अमेरिका का दावा है कि 13 अप्रैल से अब तक उसने 9 जहाजों पर कार्रवाई की है, 135 जहाजों का रास्ता बदला है। 8 से 11 जून के बीच भारतीय क्रू वाले जहाजों के साथ भी यही हुआ। अमेरिकी सेना के मुताबिक… एक आशंका ये भी है कि ये तीनों जहाज शैडो फ्लीट का हिस्सा थे। शैडो फ्लीट, यानी ऐसे जहाज जिनकी रजिस्ट्री किसी और देश में हो, लेकिन कंट्रोल कोई और देश करे। इन दोनों जहाजों के ऑपरेशंस पर भी पलाऊ का कंट्रोल न के बराबर है। सवाल-3: तो क्या भारत ईरान से गुपचुप तरीके से तेल खरीद रहा है?जवाबः पहले ये समझिए कि गुपचुप तरीके से शैडो फ्लीट के जरिए समुद्र में तेल का ट्रांसपोर्ट होता कैसे है… कनाडाई थिंक टैंक मैकडोनाल्ड लॉरियर इंस्टीट्यूट के मुताबिक, शैडो फ्लीट अपने सफर का ओरिजिन और डेस्टिनेशन दोनों छिपाते हैं। अक्सर उन देशों के झंडे इस्तेमाल करते हैं, जो इंटरनेशनल मैरीटाइम कानूनों की ज्यादा परवाह नहीं करते। मरीन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, 8 जून को जिस मैरिवेक्स जहाज पर हमला हुआ, वो अप्रैल में ईरान के बंदर अब्बास से कार्गो लेकर भारत आया था। जिस वक्त मैविरेक्स पर हमला हुआ, वो खाली था और ओमान की खाड़ी से होते हुए ईरान के बंदरगाह तक पहुंचना चाह रहा था। ओमान की खाड़ी तक पहुंचते ही उसने अपने सिग्नल बंद कर लिए थे। ये जहाज किसी भारतीय मालिक का नहीं था। वहीं सेटेबेलो टैंकर अप्रैल में चीन गया था। उसने चीन के लियांयुंगांग पोर्ट पर सामान उतारा और फिर 12 मई को सिंगापुर से रवाना हुआ था। ये भी ईरान से तेल लेने जा रहा था। हालांकि इन जहाजों पर भारतीय क्रू होने का मतलब ये नहीं है कि ये ईरान से तेल लेकर भारत आने वाले थे। इंडियन सीफेयरर के मुताबिक, भारतीय नाविक ग्लोबल मर्चेंट नेवी का हिस्सा है, जो दुनिया के किसी भी मालिक के जहाज पर काम करते हैं। जहाज में क्या सामान है और कहां जाएगा, इसका क्रू के भारतीय होने से कोई लेना-देना नहीं होता। फिलहाल भारत के ईरान से तेल खरीदने के कोई सबूत नहीं हैं- न आधिकारिक तौर पर और न ही गुपचुप तरीके से। सवाल-4: भारत ईरान से आधिकारिक तौर पर तेल क्यों नहीं खरीद रहा है?जवाब: भारत पिछले 7 सालों से ईरानी तेल नहीं खरीद रहा है। इसकी वजह अमेरिकी बैन है… 19 अप्रैल, यानी छूट की मियाद खत्म होने के बाद भारत के ईरानी तेल खरीदने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। सवाल-5: भारतीय क्रू सदस्यों वाले जहाज पर अमेरिकी हमले, सरकार क्या कर रही? जवाबः भारत ने 10 जून को सेटेबेलो पर हुए हमले के विरोध में अमेरिका के चार्ज डी'अफेयर्स, यानी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने मीक्स को इस हमले को लेकर भारत की चिंताओं के बारे में बताया। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने अमेरिका का नाम लिए बिना एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया, ‘हम ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं। इस इलाके में शिपिंग पर लगातार हमले की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। कमर्शियल जहाजों और सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना अब बंद होना चाहिए और जल्द से जल्द अंतर्राष्ट्रीय समुद्री रास्तों से बिना रुकावट के दोबारा व्यापार शुरू होना चाहिए।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि बताया कि भारत ने अमेरिका को साफ मैसेज दिया है कि समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और जहाजों पर हो रहे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। ---- रिसर्च सहयोग- श्रेया नाकाड़े ---- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका का भारतीय क्रू वाले तीसरे जहाज पर अटैक:अब तक 3 मौतें; भारत ने अमेरिकी राजदूत को फटकारा, कहा- तुरंत हमले बंद करें ओमान के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर अमेरिकी हमलों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय क्रू वाले तीसरे जहाज MT जलवीर पर भी हमला किया है। इस पर सवार सभी 20 भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें निकालने का काम जारी है। पूरी खबर पढ़ें…
इशिता दत्ता ने बेटी वेदा का किया फेस रिवील, पहले बर्थडे पर शेयर की क्यूट तस्वीरें
दृश्यम फेम एक्ट्रेस इशिता दत्ता और उनके पति वत्सल सेठ के घर इन दिनों जश्न का माहौल है। कपल की लाडली बेटी 'वेदा' एक साल की हो गई है। अपनी इस खुशी को दोगुना करते हुए इशिता और वत्सल ने आखिरकार फैंस का लंबा इंतजार खत्म कर दिया है। कपल ने वेदा के पहले जन्मदिन के खास मौके पर पहली बार उसका फेस रिवील किया है। सोशल मीडिया पर बेटी का चेहरा दिखाते हुए उन्होंने बर्थडे सेलिब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर की है। A post shared by Ishita Dutta Sheth (@ishidutta) इशिता और वत्सल ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक जॉइंट पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'और देखते ही देखते, वह एक साल की हो गई।' शेयर की गई तस्वीरों में पूरा परिवार बेहद खुश और परफेक्ट बॉन्डिंग में नजर आ रहा है। ALSO READ: प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो हुआ वायरल, डॉक्टर ने किया डेड बॉडी को लेकर भद्दा कमेंट बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए पूरे परिवार ने मैचिंग और को-ऑर्डिनेटेड आउटफिट्स कैरी किए थे। जहां बर्थडे गर्ल वेदा लेमन-येलो कलर की फ्रॉक में किसी परी जैसी नजर आ रही थीं, वहीं इशिता दत्ता ने ब्लू कलर की खूबसूरत ड्रेस पहनी थी। वत्सल सेठ और वायु भी ब्लू और व्हाइट स्ट्राइप्ड शर्ट और डेनिम में काफी कूल लग रहे थे। बता दें कि वत्सल और इशिता अपनी बेटी को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में कपल ने वेदा के लिए एक पारंपरिक बंगाली 'अन्नप्राशन' सेरेमनी का आयोजन किया था। इस निजी पारिवारिक समारोह में केवल दोनों परिवारों के करीबी लोग शामिल हुए थे, लेकिन तब भी कपल ने वेदा का चेहरा छुपा कर रखा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इशिता दत्ता और वत्सल सेठ का बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन और काजोल के साथ बेहद दिलचस्प और करीबी रिश्ता है। रील लाइफ से लेकर रियल लाइफ तक, यह बॉन्डिंग काफी मजबूत है। वत्सल सेठ ने अपनी डेब्यू फिल्म टार्जन: द वंडर कार में अजय देवगन के बेटे का किरदार निभाया था। वहीं, इशिता दत्ता ने ब्लॉकबस्टर फिल्म दृश्यम और दृश्यम 2 में अजय देवगन की बेटी का यादगार रोल प्ले किया है। पर्सनल लाइफ में भी यह कपल अजय और काजोल के बेहद करीब है। दिलचस्प बात यह है कि वत्सल सेठ और काजोल अपना जन्मदिन एक ही दिन 5 अगस्त को शेयर करते हैं और अक्सर इसे एक साथ सेलिब्रेट भी करते हैं।
मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से होगी फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत
मेक्सिको सिटी। फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत शुक्रवार तड़के होगी। टूर्नामेंट के सबसे बड़े एडिशन (जिसमें 104 मैच होंगे) का पहला मैच ग्रुप ए में सह-मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मशहूर मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच 2010 वर्ल्ड कप के ओपनिंग मैच की यादें ताजा करता है, जब अफ्रीकी […] The post मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से होगी फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत appeared first on Sabguru News .
मोदी सरकार के 12 साल, मीनाक्षी नटराजन विवाद, चुनाव आयोग की भूमिका, विपक्ष की रणनीति और बंगाल से मध्य प्रदेश तक के राजनीतिक घटनाक्रम का विश्लेषण
यूपी में हिंदू कट्टरपंथियों द्वारा मुस्लिम युवक की पिटाई के सांप्रदायिक दावे से वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है. अलीगढ़ पुलिस ने बूम से बताया कि घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका महिला अंडर-19 टीम के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारतीय महिला अंडर-19 टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में इंदौर की प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज अनादि तागड़े को वनडे और टी20 दोनों टीमों में जगह मिली है। खास बात यह है कि अनादि मध्य प्रदेश से चयनित होने वाली एकमात्र खिलाड़ी हैं। अनादि के चयन से उनके परिवार, कोचों और इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर है। अनादि लंबे समय से अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर उम्र वर्ग क्रिकेट में पहचान बना रही हैं और अब उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। क्रिकेट अनादि को विरासत में मिला है। उनकी मां दीप्ति तागड़े स्वयं क्रिकेटर रह चुकी हैं और उन्होंने ही बेटी को शुरुआती प्रशिक्षण दिया था। बाद में अनादि ने क्लब क्रिकेट के जरिए अपने खेल को निखारा और लगातार मेहनत के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। India Women's U19 squads for Sri Lanka series announced The Women’s Selection Committee has picked the India Women’s U19 squads for the upcoming IDFC First Bank Sri Lanka Women’s U19 Tour of India. The tour will comprise three T20 matches and three One-Day matches @BCCI pic.twitter.com/AsG3DasDfQ — Gaurav Gupta (@toi_gauravG) June 11, 2026 अनादि इससे पहले भी अपनी घातक गेंदबाजी से सुर्खियां बटोर चुकी हैं। महिला अंडर-19 टी20 ट्रॉफी में उन्होंने सिक्किम के खिलाफ 4 ओवर में केवल 8 रन देकर 6 विकेट झटके थे, जिसमें हैट्रिक भी शामिल थी। इस प्रदर्शन ने उन्हें देश की उभरती हुई तेज गेंदबाजों में शामिल कर दिया। अब श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज में अनादि तागड़े पर सभी की नजरें रहेंगी। इंदौर की यह युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम को मजबूती देने और भविष्य में सीनियर भारतीय महिला टीम में जगह बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाने के लिए तैयार है। अनादि के प्रेरणा स्त्रोत हार्दिक पंड्या हैं! भारतीय अंडर-19 टीम में चयन से पहले अनादि तागड़े वेबदुनिया के विशेष इंटरव्यू में भी शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने अपने क्रिकेट करियर, मां से मिली प्रेरणा और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर खुलकर बात की थी। अनादि की प्रेरणादायक कहानी जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखा जा सकता है।
गहलोत का जितना वैभव से स्नेह एवं लगाव, उतना मेरे साथ भी : सचिन पायलट
दौसा। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर कहा है कि उनका जितना स्नेह और लगाव अपने पुत्र वैभव गहलोत से हैं उतना ही उनका लगाव मेरे साथ भी हैं और हम सब कांग्रेस के सिपाही हैं तथा एक साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी के […] The post गहलोत का जितना वैभव से स्नेह एवं लगाव, उतना मेरे साथ भी : सचिन पायलट appeared first on Sabguru News .
2400 करोड़ निवेश घोटाले से जुड़ा सनी लियोनी का नाम, CID ने भेजा नोटिस
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी इस समय मुश्किलों का सामना कर रही हैं। कर्नाटक और महाराष्ट्र में तहलका मचाने वाले 2,400 करोड़ रुपए के 'शिवम एसोसिएट्स' निवेश घोटाले की आंच अब सनी लियोनी तक पहुंच गई है। एक्ट्रेस को कर्नाटक पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। सीआईडी की एक टीम ने इस मामले में सनी लियोनी से पूछताछ कर वित्तीय लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां मांगी हैं। हालांकि, इस खबर के सामने आते ही सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सनी लियोनी पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी या आपराधिक संलिप्तता का आरोप नहीं है। उन्हें यह नोटिस केवल निवेशकों के पैसे के प्रवाह को ट्रैक करने और एक फिल्म के लिए हुए भुगतान की पुष्टि करने के लिए भेजा गया है। ALSO READ: 370 रुपए बिरयानी विवाद से मचा बवाल, डेट स्टोरी ने छीन ली नौकरी, कॉमेडियन प्रणित मोरे को भी मांगनी पड़ी माफी यह पूरा मामला साल 2023 में रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म 'चैंपियन' से जुड़ा हुआ है। इस फिल्म के निर्माता शिवानंद नीलन्नवर हैं, जो इस पूरे घोटाले के मुख्य आरोपी और शिवम एसोसिएट्स के प्रमोटर हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, सनी लियोनी ने इस फिल्म के एक मशहूर आइटम सॉन्ग ‘डिंगारा बिल्ली नानु’ में परफॉर्म किया था। इस गाने के लिए उन्हें लगभग 1 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। सीआईडी अब इसी बात की फोरेंसिक जांच कर रही है कि क्या अभिनेत्री को दी गई यह भारी-भरकम रकम आम जनता और छोटे निवेशकों से ठगे गए पैसों का हिस्सा थी। अभिनेत्री से इस ट्रांजैक्शन की प्रकृति, अनुबंध और भुगतान के माध्यम से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 40 हजार से अधिक लोग शिकार बेलगावी स्थित शिवम एसोसिएट्स और उसके मालिक शिवानंद नीलन्नवर पर बिना किसी कानूनी मंजूरी के अवैध डिपॉजिट और इन्वेस्टमेंट स्कीम्स चलाने का आरोप है। आरबीआई से बिना किसी लाइसेंस के, इस फर्म ने लोगों को 36% से लेकर 60% तक का सालाना रिटर्न देने का लालच दिया। यह पूरी तरह से एक 'पोंजी स्कीम' की तरह काम कर रही थी, जहां पुराने निवेशकों को मुनाफा दिखाने के लिए नए निवेशकों से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल किया जाता था। इस झांसे में आकर कर्नाटक और सीमा पार महाराष्ट्र के लगभग 40,700 छोटे और मध्यम वर्गीय निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई इस फर्म में लगा दी। इस फंड का इस्तेमाल कई अन्य कलाकारों, अभिनेत्रियों और क्रू मेंबर्स को भुगतान करने के लिए भी किया गया था, इसलिए आने वाले दिनों में मनोरंजन जगत की कुछ और मशहूर हस्तियों को भी सीआईडी का नोटिस मिल सकता है। फिलहाल, सीआईडी ने कंपनी के 30 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
अलवर में नवविवाहिता ने पीहर में फांसी लगाकर की आत्महत्या
अलवर। राजस्थान में अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में श्रीराम कॉलोनी में शादी के महज छह महीने बाद ही बैंक कैशियर की पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान गीतांजलि उर्फ अंजली मीणा पत्नी देवेंद्र मीणा के रूप में हुई है। अंजली कुछ दिन पहले ही अपने पीहर अलवर आई हुई […] The post अलवर में नवविवाहिता ने पीहर में फांसी लगाकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
तृणमूल सांसद प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा की सदस्यता से दिया इस्तीफा
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस सांसद प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया और इसके साथ ही अब तक पार्टी के तीन सांसद उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। बराइक ने यहां राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफ़ा औपचारिक रूप से सौंपा। उनके इस्तीफ़े के साथ ही […] The post तृणमूल सांसद प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा की सदस्यता से दिया इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
इस वीकेंड कहां जाएं? इंदौर और भोपाल के पास एक दिवसीय ट्रिप के लिए बेहतरीन खूबसूरत जगहें
गर्मी हो या बारिश का सुहावना मौसम, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और बिजनेस हब इंदौर के आसपास कई ऐसी खूबसूरत जगहें मौजूद हैं, जहां वीकेंड पर हर कोई घूमना पसंद करता है। यदि आप इंदौर, भोपाल या इनके नजदीकी क्षेत्रों में रहते हैं, तो ये पर्यटन स्थल आपके लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित होंगे क्योंकि यहां की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्थलों का आनंद लेकर आप महज एक ही दिन में आसानी से अपने घर वापस लौट सकते हैं। इंदौर के आसपास घूमने के बेस्ट स्थान इंदौर (Indore) के आसपास प्रकृति, एडवेंचर और इतिहास का इतना बेहतरीन कॉम्बिनेशन है कि आप एक दिन में ही कई शानदार जगहों की सैर करके लौट सकते हैं। यहाँ 5 सबसे खूबसूरत जगहें दी गई हैं, जहाँ आप सुबह जाकर शाम तक आसानी से वापस आ सकते हैं: 1. मांडू या मांडवगढ़ (Mandu)- इतिहास और रोमांस का शहर दूरी: इंदौर से लगभग 90 किमी। क्यों जाएं: विंध्याचल की पहाड़ियों पर बसा मांडू बारिश और ठंड के मौसम में स्वर्ग जैसा नजर आता है। यहाँ का जहाज महल, रानी रूपमती का महल और हिंडोला महल वास्तुकला के बेजोड़ नमूने हैं। पहाड़ियों से दिखने वाली नर्मदा घाटी का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। समय: इंदौर से गाड़ी से जाने में करीब 2 घंटे लगते हैं। पूरा दिन बिताने के लिए यह बेस्ट जगह है। 2. पातालपानी जलप्रपात और टंट्या भील सफारी (Patalpani Waterfall) दूरी: इंदौर से लगभग 35 किमी (महू के पास)। क्यों जाएं: यह इंदौर का सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत झरना है, जो लगभग 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है। इसके चारों तरफ घने जंगल और गहरी घाटियाँ हैं। यहाँ का रेलवे ट्रैक और हरियाली इसे एक परफेक्ट पिकनिक स्पॉट बनाते हैं। समय: यहाँ पहुंचने में केवल 1 घंटा लगता है। आप आधे दिन में यहाँ घूमकर लौट सकते हैं। (नोट: बारिश के मौसम में झरने के बहुत पास जाने से बचें)। 3. रालामंडल अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary)– प्रकृति और ट्रैकिंग दूरी: इंदौर शहर से महज 12 से 15 किमी। क्यों जाएं: अगर आप शहर के बिल्कुल पास प्रकृति के बीच वक्त बिताना चाहते हैं, तो यह सबसे सही जगह है। यह एक छोटा वन्यजीव अभयारण्य है जहाँ आप ट्रेकिंग करके पहाड़ी की चोटी पर बने प्राचीन शिकारगाह (वॉच टॉवर) तक जा सकते हैं। यहाँ हिरण, नीलगाय और कई तरह के पक्षी देखने को मिल जाते हैं। समय: सुबह के समय यहाँ जाना सबसे अच्छा रहता है। 3-4 घंटे में आप आसानी से घूमकर वापस आ सकते हैं। 4. जाम गेट (Jam Gate)– मालवा का प्रवेश द्वार दूरी: इंदौर से लगभग 55 किमी (महू-मंडलेश्वर मार्ग पर)। क्यों जाएं: यह एक ऐतिहासिक द्वार है जिसे कभी मालवा का प्रवेश द्वार कहा जाता था। यह जगह पहाड़ों की ऊंचाई पर स्थित है, जहाँ से नीचे की वादियों और घुमावदार रास्तों का नजारा बेहद अद्भुत दिखता है। खासकर सुबह के समय यहाँ बादलों और कोहरे का खूबसूरत नजारा (Foggy view) देखने को मिलता है। समय: इंदौर से यहाँ पहुंचने में 1.5 घंटे लगते हैं। यहाँ सनराइज (सूर्योदय) देखना एक बहुत ही शानदार अनुभव है। 5. चोरल डैम (Choral Dam)– शांत और सुंदर जलाशय दूरी: इंदौर से लगभग 45 किमी (खंडवा रोड पर)। क्यों जाएं: चोरल नदी के बैकवाटर पर बना यह डैम चारों तरफ से छोटी-छोटी पहाड़ियों से घिरा है। यहाँ का शांत और साफ पानी मन को सुकून देता है। यहाँ मध्य प्रदेश पर्यटन (MP Tourism) का रिसॉर्ट भी है, जहाँ आप बोटिंग और अन्य एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। समय: यहाँ पहुंचने में सवा घंटा लगता है। दोपहर और शाम का वक्त बिताने के लिए यह जगह सबसे बेहतरीन है। सुझाव: अगर आपको फोटोग्राफी, इतिहास और पुरानी इमारतें पसंद हैं, तो मांडू जाएं। अगर आप झरने, हरियाली और लॉन्ग ड्राइव के शौकीन हैं, तो जाम गेट या पातालपानी का रुख करें। इसके अलावा आप चाहें तो ओंकारेश्वर, उज्जैन, महेश्वर, नेपावर, जानापावा, गंगा महादेव मंदिर और देवास घूमने का प्लान भी बना सकते हैं। भोपाल के आसपास घूमने की 5 खास जगहें भोपाल के आसपास एक दिन (One-day trip) में घूमकर वापस आने के लिए 5 बहुत ही खूबसूरत और बेहतरीन जगहें नीचे दी गई हैं। ये सभी जगहें प्रकृति, इतिहास और शांति का शानदार मिश्रण हैं। 1. भोजपुर (Bhojpur)– ऐतिहासिक और धार्मिक दूरी: भोपाल से लगभग 28 किमी। क्यों जाएं: यहाँ राजा भोज द्वारा बनवाया गया अधूरा लेकिन भव्य भोजेश्वर शिव मंदिर है। इसमें स्थित विशाल शिवलिंग दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है। मंदिर के पास ही बेतवा नदी बहती है, जो इस जगह की सुंदरता को और बढ़ा देती है। समय: यहाँ पहुंचने में करीब 45 मिनट लगते हैं। आप 2-3 घंटे में इसे आराम से घूम सकते हैं। 2. भीमबेटका की गुफाएं (Bhimbetka Caves)– विश्व धरोहर दूरी: भोपाल से लगभग 45 किमी (भोजपुर के रास्ते में ही आगे)। क्यों जाएं: यह एक यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल है। यहाँ प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric era) के आदिमानवों द्वारा बनाए गए पत्थरों पर शैलचित्र (Rock Paintings) देखने को मिलते हैं, जो हजारों साल पुराने हैं। घने जंगलों और विंध्याचल की पहाड़ियों के बीच यह जगह बेहद शांत और सुंदर है। समय: भोजपुर और भीमबेटका को एक ही दिन में एक साथ कवर किया जा सकता है। 3. सांची (Sanchi)– शांति और वास्तुकला दूरी: भोपाल से लगभग 48 किमी। क्यों जाएं: बौद्ध धर्म का यह प्रसिद्ध केंद्र भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। सम्राट अशोक द्वारा बनवाए गए सांची स्तूप, उसकी नक्काशी और वहाँ का शांत वातावरण मन को सुकून देता है। इतिहास और शांति पसंद करने वालों के लिए यह परफेक्ट जगह है। समय: भोपाल से सवा घंटे का रास्ता है। आधे दिन में पूरा सांची स्तूप परिसर घूमा जा सकता है। 4. समरधा / केरवा डैम और ईको टूरिज्म (Kerwa & Samardha) दूरी: भोपाल शहर से महज 15 से 25 किमी। क्यों जाएं: अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर शुद्ध प्रकृति के बीच जाना चाहते हैं, तो केरवा डैम या समरधा जा सकते हैं। मानसून और ठंड के मौसम में यहाँ की हरियाली देखने लायक होती है। केरवा में आप ज़िपलाइन जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज़ का आनंद ले सकते हैं, वहीं समरधा ईको-टूरिज्म स्पॉट ट्रेकिंग और पिकनिक के लिए बेहतरीन है। समय: सुबह जाकर शाम तक आराम से वापस आ सकते हैं। 5. हलाली डैम (Halali Dam)– पिकनिक स्पॉट दूरी: भोपाल से लगभग 40 किमी (सांची के रास्ते के पास)। क्यों जाएं: यह भोपाल के लोगों का पसंदीदा पिकनिक स्पॉट है। हलाली नदी पर बने इस जलाशय का बैकवाटर बहुत विशाल और खूबसूरत दिखता है। यहाँ आप बोटिंग का मजा ले सकते हैं। चारों तरफ फैली हरियाली के बीच सूर्यास्त (Sunset) देखना यहाँ बेहद खूबसूरत अनुभव होता है। समय: दोपहर में जाकर शाम का वक्त बिताने के लिए यह जगह सबसे अच्छी है। सुझाव: अगर आप इतिहास और संस्कृति में रुचि रखते हैं, तो एक दिन में भोजपुर और भीमबेटका का कॉम्बिनेशन सबसे बेस्ट रहेगा। वहीं अगर आप पानी और प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो केरवा या हलाली डैम चुन सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो नर्मदापुरम, विदिशा और सलकनपुर धाम भी जा सकते हैं।
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन क्यों रहा शानदार, जानिए क्या कहता है अंक शास्त्र?
Vaibhav Suryavanshis horoscope: IPL 2026 समापन हो चुका है और इस IPL में सबसे अधिक चर्चा का विषय रहा है, तो वह है 15 वर्षीय राजस्थान रॉयल्स के खिलाडी वैभव सूर्यवंशी का। वैभव सूर्यवंशी के अंदर ऐसा क्या रहा कि वह इस कम उम्र में इतने धुरंधर खिलाड़ी के सामने, निडर, निर्भीक होकर खड़ा रहा और अपने प्रदर्शन के बल पर पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना दिया। ALSO READ: कौन हैं गंगाधरा स्वामी जिन्होंने भविष्यवाणी की थी कि शिवकुमार बनेंगे CM, उन्हीं के नाम पर ली DK ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो आइए अंक शास्त्र की दृष्टि से देखते हैं कि वैभव सूर्यवंशी के इस प्रदर्शन में अंकों का क्या योगदान रहा है। वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर में हुआ। वैभव के मूलांक 2+7=9 है जो मंगल का प्रतिनिधित्व करता है। उनका भाग्यांक 2+7+3+2+0+1+1= 7 है, जो 7 केतु का प्रतिनिधित्व करता है। अब बात करें 9 और 7 के विशेषताओं की, तो मूलांक 9 जातक को ऊर्जावान और साहसी बनाता है जो कि किसी भी काम को पूरे जोश और हिम्मत से करते हैं। इस विशेषता के कारण वैभव की अपनी समस्त पारी पूरे जोश और ऊर्जा से भरी रही। निर्भीक और आत्मविश्वासी होने के कारण कितनी ही कठिन परिस्थिति क्यों न होल जातक पीछे नहीं हटता बल्कि पूरे आत्मविश्वास से उस परिस्थिति का सामना करता है, यही कारण रहा कि वैभव सूर्यवंशी ने विश्व के कई दिग्गज गेंदबाजों का डटकर सामना किया और अपने पूरे आत्मविश्वास से उनका सामना कर IPL में बेहतर प्रदर्शन किया। मूलांक 9 वाले जातक सफलता प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं, जिसे पूरा करने के लिए वह मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल करते हैं जो कि वैभव के प्रदर्शन में दिखता है। मूलांक 9 वाले जातक दूसरों के लिए अधिक करने की प्रवृत्ति के कारण वैभव कई बार शतक जीत चूके हैं। अब बात करते हैं वैभव के भाग्यांक की, वैभव का भाग्यांक 7 है। मूलांक और भाग्यांक 9 और 7 का यह संयोजन बहुत अच्छा है जो कि बहुत कम देखने को मिलता है । गहन चिंतन और विश्लेषक की अद्भुत क्षमता अंक 7 में होती है, यह हर बात की जड़ तक जाकर उसका विश्लेषण करते है और फिर उस पर चिंतन कर उसको अपने जीवन में लाते हैं, यही विशेषता ने वैभव को आगे बढ़ने में सहयोग किया। वैभव ने प्रतिद्वंद्वी के प्रमुख खिलाड़ियों का सूक्ष्म विश्लेषण कर इस खिलाड़ी की क्या अच्छाई और क्या कमजोरी है, इसे समझकर अपना खेल का प्रदर्शन किया। अंक 7 का गुण होता है की वह जातक को अपना कार्य धैर्यपूर्वक और संयम में रहकर पूरा करवाते है जो कि वैभव के अंदर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। रचनात्मकता और नवाचार के कारण वैभव ने अपने खेल को सुधारा एवं अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन इस IPL में किया। मूलांक और भाग्यांक में संबंध- वैभव का मूलांक 9 और भाग्यांक 7 है जो कि बहुत कम लोगो में देखने को मिलता। मूलांक 9 आपको ऊर्जावान और जोशीला बनाता है जबकि भाग्यांक 7 आपको गहरी सोच और ठहराव देता है, वैभव बाहर से जितने आक्रामक दिखते है, अंदर से वह उतने ही शांत रहते है। मूलांक और भाग्यांक का यह संयोजन व्यक्ति को जोश में फैसला लेने से रोकता है और स्थिति को परखकर विश्लेषणात्मक सोच के द्वारा निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है। वैभव ने अंकशास्त्र की मदद से अपनी नाम की स्पेलिंग में बदलाव किया पूर्व में वैभव सूर्यवंशी की स्पेलिंग इस प्रकार थी- VAIBHAV SURYAVANSHI जिसका नामांक 2 आ रहा था, पूर्व के वर्षों में वैभव इसी स्पेलिंग का प्रयोग करते थे और वह इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। इस बार के IPL में वैभव ने अपने उपनाम की स्पेलिंग में सुधार कर U के स्थान पर OO का प्रयोग किया... VAIBHAV SOORYAVANSHI जिससे उनके नामांक 1 पर आ गया जो व्यक्ति को लीडर बनाता है। इस वर्ष का वर्षांक भी 1 है जो कि मूलांक और भाग्यांक का मित्र है, अतः यह वर्ष वैभव को सफलता दिलाने वाला होगा। वैभव के इस स्पेलिंग की बदलाव से उन्होंने मूलांक और भाग्यांक की ऊर्जा को और अधिक संतुलित किया, जिसके ठीक बाद आईपीएल 2026 में उनकी किस्मत पूरी तरह से चमक उठीं और वह रातोंरात सुपरस्टार बन गए। वैभव सूर्यवंशी के इस IPL के आकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने कुल 16 मैच खेलें जिसका अंक 7 आता है। इन मैचों में कुल 63 चौके लगे जिसका योग 9 आता है साथ ही उन्होंने कुल 72 छक्के लगाए जिसका योग भी 9 आता है। क्या यह संयोग मात्र है या कुछ और? इसके भी आगे हम देखें तो मैच में 237 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए जिसका योग क्रमशः 3 और 2 आता है, इन दोनों अंक की भी मूलांक और भाग्यांक से मित्रता है, जिसके फलस्वरूप यह परिणाम आया है जो आप सभी के सामने है। निष्कर्ष अंक शास्त्र एक विज्ञान है जो कि अंकों की ऊर्जा पर कार्य करता है और इन्हीं ऊर्जा को संतुलित करके व्यक्ति सफलता या अपने लक्ष्य से प्राप्त करता है। वैभव सूर्यवंशी मात्र 15 वर्ष का खिलाड़ी भी अंकों के इन ही ऊर्जा को संतुलित करके अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है। आज वैभव की इस उपलब्धि को देश की प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम द्वारा भी रिसर्च किया जाएगा। ALSO READ: ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात
ईशा रिखी ने कंफर्म की बादशाह संग शादी, पतिदेव संग शेयर की रोमांटिक तस्वीर
फेमस सिंगर और रैपर बादशाह ने इस साल मार्च में पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी से एक सेरेमनी में गुपचुप शादी रचा ली थी। हालांकि बादशाह ने अपनी शादी को लेकर कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की थी। अब फाइनली बादशाह की पत्नी ईशा रिखी ने सोशल मीडिया पर बादशाह संग अपनी शादी को कंफर्म कर दिया है। ईशा ने न सिर्फ अपनी शादी की बात कबूली बल्कि बादशाह के साथ एक बेहद रोमांटिक तस्वीर शेयर कर फैंस को एक बड़ा सरप्राइज भी दिया है। यह सब तब शुरू हुआ जब ईशा रिखी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फैंस के साथ बातचीत करने के लिए एक 'Ask Me Anything' सेशन रखा। इस दौरान फैंस ने उन पर शादी से जुड़े सवालों की बौछार कर दी। एक यूजर ने सीधे तौर पर पूछा कि शादी की खबरों के बावजूद दोनों सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को फॉलो क्यों नहीं करते? इस पर ईशा ने बेहद मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए लिखा, 'मुझे लगता है कि मैं आधिकारिक तौर पर इस तरह के सवालों से घिर चुकी हूं। हां, मैं शादीशुदा हूं। अब आते हैं सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल पर कि हम एक-दूसरे को फॉलो क्यों नहीं करते? सच कहूं तो मुझे लगता है कि इसका जवाब मेरे पति को देना चाहिए। पति देव (बादशाह), जनता जवाब मांग रही है! कृपया अपनी सुविधानुसार जल्द से जल्द इस पर बात करें।' बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इतना ही नहीं, जब एक अन्य फैन ने सवाल उठाया कि उन्होंने अपने पति के साथ एक भी तस्वीर पोस्ट नहीं की है, तो ईशा ने तुरंत बादशाह की गोद में बैठी हुई और उन्हें गले लगाती हुई एक बेहद प्यारी और अनसीन फोटो शेयर कर दी। बता दें कि इस साल 24 मार्च में ही सोशल मीडिया पर इन दोनों की शादी की खबरें वायरल हुई थीं। दरअसल, ईशा की मां पूनम रिखी ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें और एक वीडियो क्लिप शेयर की थी, जिसमें बादशाह और ईशा शादी के पारंपरिक लिबास में नजर आ रहे थे। A post shared by BADSHAH (@badboyshah) कैसे शुरू हुई बादशाह और ईशा की लव स्टोरी? चंडीगढ़ की रहने वाली ईशा रिखी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने साल 2013 में फिल्म 'जट्ट बॉयज पुत्त जट्टान दे' से अपने करियर की शुरुआत की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बादशाह और ईशा की मुलाकात एक म्यूचुअल फ्रेंड की पार्टी में हुई थी। पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग हो गई और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि, दोनों ने अपने इस रिश्ते को पूरी तरह से लो-प्रोफाइल और मीडिया की नजरों से दूर रखने का फैसला किया था। यह रैपर बादशाह की दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने साल 2012 में जैस्मीन मसीह से शादी की थी, लेकिन आपसी मतभेदों के चलते साल 2020 में दोनों अलग हो गए। दोनों की एक बेटी भी है, जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है। बादशाह और जैस्मीन मिलकर अपनी बेटी की परवरिश कर रहे हैं।
सुखेंदु शेखर रॉय ने फ़ेसबुक पोस्ट में तृणमूल नेतृत्व पर किया ज़ोरदार हमला
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने एक फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए तृणमूल के एक सांसद के कथित व्यवहार और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर ज़ोरदार हमला किया। उन्होंने उस वरिष्ठ सांसद को कामुक सांसद कहा और तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व पर पर निशाना साधने के लिए बैंडिट क्वीन और […] The post सुखेंदु शेखर रॉय ने फ़ेसबुक पोस्ट में तृणमूल नेतृत्व पर किया ज़ोरदार हमला appeared first on Sabguru News .
शादी के बाद बदली किस्मत, तब मिलने लगे काम के ऑफर : अपारशक्ति खुराना
मुंबई। अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने खुलासा किया है कि शादी से पहले उन्हें मनोरंजन जगत में काम पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेदी के चैट शो डबल डेट में अपनी पत्नी आकृति खुराना के साथ शिरकत की, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी […] The post शादी के बाद बदली किस्मत, तब मिलने लगे काम के ऑफर : अपारशक्ति खुराना appeared first on Sabguru News .
केंद्र ने 22, 25, 27 और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क हटाया
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क शून्य कर दिया है। वित्त मंत्रालय की बुधवार देर रात जारी अधिसूचनाओं में कहा गया है कि इन चारों प्रकार के पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क शून्य और इससे संबंधित सभी उपकर शून्य कर दिये गये […] The post केंद्र ने 22, 25, 27 और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क हटाया appeared first on Sabguru News .
शादी के बाद पलटी अपारशक्ति खुराना की किस्मत, 3 साल पुराने मैसेजेस का अचानक आया जवाब!
बॉलीवुड में 'आउटसाइडर्स' का संघर्ष किसी से छिपा नहीं है। भले ही आज अपारशक्ति खुराना को 'दंगल', 'स्त्री' फ्रेंचाइजी और 'जुबली' जैसी बेहतरीन फिल्मों और वेब सीरीज के लिए जाना जाता हो, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उनके टैलेंट को कोई घास नहीं डालता था। हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेदी के नए टॉक शो 'डबल डेट' में अपनी पत्नी आकृति खुराना के साथ पहुंचे अपारशक्ति ने अपने जीवन के कई अनसुने और हैरान करने वाले पन्ने खोले हैं। ALSO READ: पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, सलमान खान से जोड़ा कनेक्शन! शो के दौरान बातचीत करते हुए अपारशक्ति खुराना ने एक बेहद दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि शादी से पहले जब वह दिल्ली हाई कोर्ट, रेडियो या छोटे-मोटे प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे, तब वह मुंबई में पैर जमाने के लिए बेताब थे। वह लगातार कास्टिंग डायरेक्टर्स, प्रोडक्शन हाउसेस, टीवी चैनल्स और फिल्म निर्देशकों को काम के लिए ईमेल्स और मैसेजेस भेजा करते थे। लेकिन निराशा की बात यह थी कि महीनों-सालों तक उन्हें किसी एक का भी रिप्लाई नहीं मिलता था। टर्निंग पॉइंट तब आया जब उनकी शादी आकृति खुराना से हुई। अपारशक्ति ने मुस्कुराते हुए कहा, मैं पहले 'लेडी लक' जैसी बातों पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता था। लेकिन जिस दिन मेरी शादी हुई, उसी दिन मेरे पास उन मैसेजेस के जवाब आने शुरू हो गए जो मैंने तीन साल पहले भेजे थे। मेकर्स कह रहे थे कि वे एक शो के लिए होस्ट ढूंढ रहे हैं और क्या मैं इसे जॉइन कर सकता हूं? तब मुझे अहसास हुआ कि जिंदगी में शायद आपकी किस्मत किसी और के भाग्य से भी जुड़ी होती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मुंबई में कभी 'स्टाइलिस्ट' थे अपारशक्ति आज भले ही अपारशक्ति करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं, लेकिन मायानगरी मुंबई में एंट्री पाने के लिए उन्होंने कभी स्टाइलिस्ट का काम भी किया था। उन्होंने याद करते हुए बताया कि वह एक बड़े टीवी चैनल पर बॉलीवुड शोज होस्ट करने वाले एंकर्स को स्टाइल किया करते थे। उनका मकसद सिर्फ किसी तरह मुंबई में बने रहना और सही मौके का इंतजार करना था। हालांकि, सबसे ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा उनके भविष्य के प्लान को लेकर था। अपारशक्ति ने बताया कि वह हमेशा एक्टिंग नहीं करते रहेंगे। उन्होंने कहा, मैं धीरे-धीरे उस काम को अलविदा कह दूंगा जो मैं अभी कर रहा हूं। मेरा बहुत मन है कि आज से 10-12 साल बाद मैं टेलरिंग सीखूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि कपड़ा कैसे काटा जाता है और उसकी सिलाई कैसे की जाती है। यह चैट शो केवल हंसी-मजाक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक मोड़ पर आकर काफी भावुक भी हो गया। अपारशक्ति और शो के होस्ट अंगद बेदी के बीच अपने पिताओं के साथ रिश्तों को लेकर गहरी बातचीत हुई। अपारशक्ति ने चंडीगढ़ के अपने पुराने दिनों और अपने दिवंगत पिता को याद किया। उनके और आकृति के बीच की बॉन्डिंग और जमीन से जुड़े स्वभाव ने इस एपिसोड को दर्शकों के लिए बेहद खास बना दिया।
Lokrakshak recruitment exam : गुजरात में आगामी 14 जून को आयोजित होने वाली लोकरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और कदाचार मुक्त बनाने के लिए भर्ती बोर्ड द्वारा अभूतपूर्व और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की है, वहीं दूसरी ओर कच्छ जिले की 6 सड़कों को फोरलेन में अपग्रेड करने की महत्वपूर्ण मंजूरी भी दे दी है। लाखों उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए आधुनिक तकनीक और कड़ी निगरानी का सहारा लिया जा रहा है। जीपीएस ट्रैकर और कंट्रोल रूम से निगरानी परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्रों के परिवहन पर विशेष नजर रखी जाएगी। प्रश्न पत्रों को केंद्रों तक ले जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस (GPS) ट्रैकर सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी आवाजाही की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। ALSO READ: किसानों के हित में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला इसके अलावा एक हाईटेक सेंट्रल कंट्रोल रूम भी तैयार किया गया है, जहां से उच्च अधिकारी प्रत्येक परीक्षा केंद्र की गतिविधियों और स्थिति पर लगातार लाइव नजर रखेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके। एआई फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग उम्मीदवारों की पहचान प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों और डमी उम्मीदवारों (मुन्नाभाइयों) के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के चेहरे की सटीकता से जांच की जाएगी, ताकि कोई अन्य व्यक्ति किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने का प्रयास न कर सके। भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने में यह डिजिटल सिस्टम बेहद प्रभावी साबित होगा। ALSO READ: गुजरात के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, सेवानिवृत्त और मृत कर्मचारियों के परिवारों को ब्याज समेत मिलेगी बचत राशि परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़े प्रतिबंध परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून, व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास की सभी फोटोकॉपी (जेरॉक्स) की दुकानें पूरी तरह से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, छात्रों की एकाग्रता भंग न हो, इसके लिए लाउडस्पीकर बजाने पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ALSO READ: गुजरात गृह विभाग का बड़ा फैसला, IPS जीएस मलिक बने राज्य के नए DGP 7 जिलों के केंद्रों पर विशेष प्रबंधन यह लोकरक्षक भर्ती लिखित परीक्षा राज्य के 7 जिलों में स्थित कुल 879 स्कूलों और कॉलेजों के केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें लगभग 2 लाख 63 हजार उम्मीदवार शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रों पर सुविधाओं का विशेष खाका तैयार किया गया है। सभी संबंधित विभागों के समन्वय के साथ प्रशासन इस परीक्षा को सफल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। Edited By : Chetan Gour
दिल्ली में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए बेखौफ बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। दिल्ली के पॉश इलाके पश्चिम विहार स्थित '24HS Fitness' जिम पर बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। यह जिम देश के मशहूर पंजाबी पॉप सिंगर गुरु रंधावा की फ्रेंचाइजी का हिस्सा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना तड़के करीब 4:00 बजे की है। मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात हमलावरों ने जिम की इमारत को निशाना बनाया। हमलावारों ने अपने चेहरे को कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था। ALSO READ: 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर वेदांग रैना बोले– Gen Z को बदलने की ताकत है इस कहानी में हमलावरों ने '24HS Fitness' के शीशे वाले फ्रंट फैसाड पर एक के बाद एक कई राउंड फायर किए। राहत की बात यह रही कि हमला बेहद तड़के हुआ, जिसके कारण जिम के भीतर या आसपास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस वजह से किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई खबर नहीं है। सुबह जब केयरटेकर और स्टाफ मौके पर पहुंचे, तो चारों तरफ टूटे हुए शीशे और गोलियों के निशान देखकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके से खाली कारतूस बरामद कर जांच शुरू कर दी है। इस गोलीबारी के कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा, जिसने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अंकीय पंडित नाम के एक हैंडल से इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली गई। सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया, हमने दिल्ली में गुरु रंधावा के जिम को निशाना बनाया है, क्योंकि वह सलमान खान के बहुत करीब जा रहे थे। उन्हें पहले भी चेतावनी दी गई थी कि वह हमारे दुश्मन से दूर रहें, लेकिन वह नहीं समझे। देश के खिलाफ साजिश रचने वाले और हमारे दुश्मनों को पनाह देने वाले चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, उनसे बहुत जल्द हिसाब चुकता किया जाएगा। थोड़ा इंतजार करो। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल सेल इस सोशल मीडिया पोस्ट के डिजिटल फुटप्रिंट की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पोस्ट वाकई बिश्नोई गैंग द्वारा किया गया है या किसी ने केवल दहशत फैलाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल किया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पश्चिम विहार वाले इस विशेष जिम को दिल्ली के ही स्थानीय निवासियों द्वारा फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत चलाया जा रहा था। पुलिस ने जिम मालिकों को पूछताछ और बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है ताकि यह जाना जा सके कि क्या उन्हें पिछले कुछ दिनों में कोई रंगदारी या धमकी भरा फोन आया था। लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सलमान खान के प्रति आक्रोश कोई नया नहीं है। इस विवाद की जड़ें साल 1998 के 'काला हिरण शिकार मामले' से जुड़ी हैं। राजस्थान में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। बिश्नोई समुदाय प्रकृति और वन्यजीवों, विशेषकर काले हिरण को भगवान की तरह पूजता है और उन्हें पवित्र मानता है। इस घटना से आहत होकर लॉरेंस बिश्नोई ने कोर्ट की कानूनी प्रक्रिया से अलग सलमान खान को सबक सिखाने की कसम खाई थी। तब से यह गैंग लगातार सलमान खान, उनके परिवार और उनके करीबियों को निशाना बनाता आ रहा है। 2018 में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को पांच साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद वे जमानत पर बाहर आ गए। हालांकि, बिश्नोई गैंग का गुस्सा अब भी शांत नहीं हुआ है।
मोदी की 'दखल की राजनीति' क्या है? बंगाल से राष्ट्रीय राजनीति तक प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी का विश्लेषण
क्या भारतीय राजनीति में 'दखल की राजनीति' का नया मॉडल उभर रहा है? बंगाल, लोकतंत्र, सत्ता और संस्थाओं पर नियंत्रण को लेकर प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी का विश्लेषण
क्यों हो रहा है स्वीडन में किशोरों को जेल भेजने पर विचार?
आमतौर पर 13 से 14 साल के बच्चों को स्कूल में होना चाहिए लेकिन स्वीडन में आपराधिक गुट दिनदहाड़े लोगों पर हमले करने और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे अपराधों को अंजाम देने के लिए किशोरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्वीडिश कानून के तहत 15 साल से कम उम्र के ...
महाराष्ट्र के नांदेड़ का इतवारा बाजार इलाका। सुबह के करीब 9 बजे हैं। एक घर के बाहर कुछ लोग अर्थी तैयार कर रहे हैं। पास में एक लाश रखी है। ये 18 साल के सक्षम की है। लाश के पास मां छाती पीट-पीटकर रो रही है। तभी घर से एक बदहवास लड़की निकल कर आई और लाश से लिपटकर रोने लगी। नाम है आंचल। रोते-रोते बोली, ‘सक्षम और मैंने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं। अब मेरा क्या होगा? इस अर्थी में बांधकर मेरा भी अंतिम संस्कार कर दो।’ लोग समझा रहे थे, लेकिन वो नहीं मान रही थी। कुछ देर बाद उसने कहा- ‘सिंदूर और अगरबत्ती लाओ! मैं सक्षम की लाश से शादी करूंगी और इसे इंसाफ दिलाऊंगी।’ सिंदूर लाया गया। उसने कांपते हाथों से सक्षम का बेजान चेहरा छुआ और अपनी मांग में सिंदूर भर लिया। मंगलसूत्र की जगह गले में लाल धागा बांधा। रोते हुए बोली- ‘अब से सक्षम की विधवा हूं। उसकी जगह घर में रहूंगी। उसके मां-बाप अब मेरे मां-बाप हैं।’ लाश से शादी की चर्चा दुनियाभर में हुई। अमर प्रेम की मिसाल दी गई। लेकिन वो लड़की सक्षम का घर छोड़कर जा चुकी है। इस बार ब्लैकबोर्ड में नांदेड़ की संगीता ताटे की स्याह कहानी, जिनके बेटे को प्रेमिका के घरवालों ने मार डाला। फिर प्रेमिका ने बेटे की लाश से शादी की और अब घर छोड़कर चली गई… मैं नीरज झा महाराष्ट्र के नांदेड़ के इतवारा बाजार में घनी आबादी, संकरी गलियों से होते हुए संगीता ताटे से मिलने पहुंचा। एक पतली-सी सीढ़ी के सहारे दूसरे माले पर बने उनके घर में दाखिल हुआ। 40 साल की संगीता से बातचीत शुरू हुई। बेटे को गोली मारने की बात बताते हुए रो पड़ती हैं। सिसकते हुए कहती हैं- ‘मुझे नहीं पता था कि लड़की का परिवार इतनी बेरहमी से मेरे बेटे को मार देगा, नहीं तो कभी उसे वहां जाने नहीं देती। मेरा अब क्या ही बचा। न बेटा बचा, न पति। वो लड़की भी अब जा चुकी है।’ वह बताती हैं- 27 नवंबर 2025 की बात है। दोपहर करीब 1 बजे थे। मेरा बेटा सक्षम घर पर था। तभी उसके कुछ दोस्त उसे बुलाने आए। उन्होंने कहा- ‘चलो, तुम्हारी गर्लफ्रेंड के घरवाले बुला रहे हैं।' सक्षम ने हैरानी से पूछा- 'वे मुझे क्यों बुलाएंगे?' उसका एक दोस्त बोला- 'वे शादी की बात करना चाहते हैं।' सक्षम दोस्तों के साथ चला गया। दोस्त उसे लड़की के घर छोड़कर चले गए। घर में उसका दामाद की तरह स्वागत हुआ। उसे चाय-पानी दिया गया। माहौल ऐसा था मानो किसी रिश्ते की बात होने वाली हो। कुछ देर बाद अचानक सब बदल गया। लड़की के बाप ने पिस्टल निकाली और सक्षम की कनपटी पर तान दी। कहने लगे- ‘तू मेरी बेटी से शादी करेगा? सा%$’ सक्षम जान बचाने के लिए भागा, लेकिन लड़की के बाप ने उस पर गोली चला दी। पहली गोली उसके सीने में लगी। वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद दो गोलियां और उसके सीने में दाग दीं। वह जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। तभी एक बड़ा पत्थर उठाकर लाए और सिर पर दे मारा। मेरे बेटे का सिर बुरी तरह से कुचल दिया। सक्षम की मौत का सदमा मेरे पति बर्दाश्त नहीं कर सके। 3 महीने बाद उनकी भी मौत हो गई। ये बताते हुए संगीता फिर रोने लगीं। ‘घर में कोई और है या आप अकेली रहती हैं?, मैंने पूछा संगीता ताटे धीरे से बोलीं- ‘छोटा बेटा नासिक में रहकर पढ़ाई कर रहा है। अब घर में अकेली बची हूं। बेटे की प्रेमिका मेरे ही घर रह रही थी, लेकिन कुछ महीने में वापस मायके चली गई। उसने कहा था- ‘मम्मी, सक्षम की जगह अब मैं आपका बेटा हूं। आपके साथ ही रहूंगी। आपकी देखभाल करूंगी।’ वह साढ़े 3 महीने साथ रही। एक दिन अचानक बोली- ‘दादी की तबीयत बहुत खराब हो गई है। मुझे उनसे मिलने जाना है’। यहां से कुछ ही दूर उसका घर है। मैं उसे पहुंचाकर आ गई। उसके बाद से वह कभी लौटकर नहीं आई। अब मेरी क्या ही जिंदगी बची है? रोज बेटे को याद करती हूं। सोचती हूं, उस दिन मुझे भी मार दिया गया होता तो इस तरह बेटे की याद में घुट-घुटकर न जीती। लेकिन फिर सोचती हूं- मैं नहीं रहूंगी तो बेटे को इंसाफ कौन दिलाएगा? घर में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा। सरकार ने वादा किया था कि वह 3 महीने में घर के किसी सदस्य को नौकरी देगी, लेकिन 6 महीने बीत चुके हैं, कुछ नहीं हुआ।’ लड़की को आप पहले से जानती थीं? उसकी कोई तस्वीर? संगीता मोबाइल का स्क्रीन ऑन करती हैं। एक तस्वीर दिखाती हैं, जिसमें लड़का-लड़की एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखे हुए खड़े हैं। वह बताती हैं- ‘लड़की का नाम आंचल है। साथ में मेरा बेटा सक्षम। लड़की इसी बस्ती में रहती थी। दोनों की इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे वे मिलने-जुलने लगे। प्यार हो गया। हम SC यानी शेड्यूल कास्ट से हैं और लड़की पिछड़ी जाति यानी OBC से है। मेरा बेटा 12वीं में पढ़ता था और लड़की 11वीं में। कुछ समय बाद सक्षम आंचल के घर जाने लगा। नवरात्रि में दोनों गरबा करने जाते थे। लड़की के घर वालों को शक हुआ। उन्हें दोनों के रिश्ते की बात पता चल गई। वह रिश्ते के खिलाफ हो गए, लेकिन आंचल मेरे बेटे के साथ ही शादी करना चाहती थी। एक दिन उसके घर वाले मारते-पीटते हुए आंचल को थाने लेकर गए। वहां कहा कि सक्षम और उसके परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराओ, नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे। लड़की बोली- वह मुकदमा नहीं दर्ज कराएगी। वह सक्षम से ही शादी करेगी। संगीता ताटे आगे बताती हैं- पता नहीं, अचानक उन लोगों के मन में क्या आया। वे सक्षम को अपनाने की बात कहने लगे। मेरे बेटे को घर बुलाने लगे। ये सारी बातें मुझे बेटे की मौत से दो महीने पहले पता चली थीं। मैंने उससे कहा था कि वो परिवार ठीक नहीं है। गांजा-चरस का धंधा करते हैं। वे अपराधी लोग हैं। गोली-बंदूक भी रखते हैं। उनसे दूर रहो। लेकिन मेरे बेटे ने कहा- मम्मी वे अच्छे लोग हैं। मेरी आंचल के पापा से बात हुई है। उसका भाई तो अब मेरा दोस्त बन चुका है। वह हमारी शादी करवाने की बात कहते हैं। पहले चाचा की शादी हो जाए तब आंचल से शादी करूंगा।’ इस दौरान बार-बार संगीता की नजर बेटे सक्षम की तस्वीर पर जाकर टिक रही है। ऐसा लग रहा जैसे वो बेटे की तस्वीर को गले लगाना चाह रही हों। फिर से फूट-फूटकर रोने लगीं। फफकते हुए बोलीं- ‘सक्षम इतना समझदार था कि पापा के साथ धंधे में हाथ बंटाता था। इसी इतवारा बाजार में एक सब्जी मंडी है। वहां हमारी फल की दुकान थी। वह स्कूल और कोचिंग से जब आता तो दुकान पर पापा का हाथ बंटाता था। 27 नवंबर को बस्ती के कुछ लोगों ने बताया कि 10 मिनट पहले सक्षम को आंचल के घरवालों ने मार डाला। लाश उनके घर के बाहर सड़क पर पड़ी है। जब तक हम पहुंचते, पुलिस वहां से लाश को थाने ले जा चुकी थी। लड़की के घर वाले हत्या के बाद आसपास ही छिपे थे। पुलिस ने सभी को दबोच लिया था। मैं तो बेहोश पड़ी थी। होश आने पर जब थाने पहुंची, तो बेटे की लाश थाने के बरामदे में पड़ी थी। पुलिस ने हत्यारों को हवालात में बंद कर रखा था।’ इस बीच संगीता की चचेरी सास रेखा बाई आती हैं। वह कहती हैं- ‘उन हत्यारों की फांसी होनी चाहिए। हमारे सक्षम को मार दिया।' घटना के थोड़ी देर बाद ही हम थाने पहुंचे। आंचल सक्षम की लाश से लिपटकर रो रही थी। कह रही थी- मेरे सामने ही मेरे होने वाले पति को पापा, भाई ने मिलकर मार दिया। सक्षम को मारने से पहले उन्होंने आंचल को एक कमरे में बंद कर दिया था। उस दिन थाने से हम जब सक्षम की लाश घर लेकर आए, तो साथ में आंचल भी आई। तब तक रात हो चुकी थी। अगले दिन सुबह जब अर्थी बनाई जा रही थी, तभी आंचल ने बेटे की लाश के साथ शादी कर ली। फिर हमारे घर में ही रहने लगी। कुछ महीने बाद अपने मायके चली गई। यह कहते हुए वह रोने लगती हैं। ‘पति की कब और कैसे मौत हुई?’, मैंने संगीता ताटे से पूछा वह बताती हैं- ‘आंचल जब मेरे घर रहने लगी तो हम उसका बेटी की तरह ख्याल रखते थे। किसी भी चीज की कमी नहीं होने देते थे। जो कहती थी, लाकर देते थे। उधर, पुलिस ने उसके मां, भाई और पिता तीनों को जेल भेज दिया था। हमें लगा कि अब सक्षम की जगह आंचल ही हमारा बेटा है और ताउम्र हमारे साथ रहेगी। मार्च महीने की बात है। शायद इंस्टाग्राम पर उसके चाचा से उसकी बात होनी शुरू हुई। हम लोग कोई पूछताछ नहीं करते थे कि वह किससे बात कर रही है। चाचा ने क्या कहा, नहीं पता। फिर दादी की तबीयत का बताकर वो घर से चली गई। उसके जाने पर मेरे पति की तबीयत और बिगड़ गई। सक्षम के जाने के सदमे में वह काम-धंधा छोड़कर पहले ही घर बैठ गए थे। उनका रह-रहकर बीपी कम हो रहा था। हमने आंचल को फोन किया और ये बातें बताई, लेकिन वह वापस लौटकर नहीं आई। 21 मार्च को अचानक पति की भी मौत हो गई। मेरी जिंदगी एकदम से उजड़ गई।’, यह कहते हुए संगीता फिर से रोने लगीं। संगीता रोते हुए उठीं और सक्षम की तस्वीर को सीने से लगा लिया। उसे चूमने लगीं। इस दौरान टेबल पर जल रहा दीया बुझ जाता है। वह उसे फिर से जलाती हैं। संगीता आगे बताती हैं- ‘अब तो केवल बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए जिंदा हूं। लड़की का परिवार तो जेल में है, लेकिन पता नहीं कब वे जमानत पर छूटकर बाहर आ जाएं। डर लगता है कि मुझे भी न मार दें। डरती हूं कि बेटे का केस अकेले कैसे लड़ूं? प्राइवेट वकील करना पड़ेगा। उसके लिए पैसे कहां से लाऊंगी?’ सक्षम की मां से बात करने के बाद मैंने लाश से शादी करने वाली आंचल से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। -------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड- भाई का अपहरण किया, जिससे जिंदा साबित हो जाऊं:सिंदूर लगाने वाली पत्नी विधवा पेंशन मांगने पहुंची, लेकिन मुझे जिंदा नहीं माना साल 1975। लाल बिहारी 20 साल के थे। शादी के 10 साल बाद अभी-अभी गौना हुआ था और पत्नी घर आई थी। मां ने कहा- गांव की जमीन गिरवी रखकर बैंक से कुछ लोन ले लो। अपना काम-धंधा शुरू करो, वर्ना आगे बाल-बच्चों को कैसे पालोगे? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

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