ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी
येरूशलेम। इजराइल ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका के साथ खुफिया इनपुट साझा किए हैं। इस आशय की रिपोर्ट चैनल 12 ने दी है। मामले से वाकिफ लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को बताया कि इजराइली खुफिया तंत्र ने अमरीकी राष्ट्रपति की हत्या की नई […] The post ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी appeared first on Sabguru News .
संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
उदयपुर। राजस्थान में भ्रषचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को उदयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल के लिए उसके दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी बांसवाडा को शिकायत मिली कि […] The post संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दुनिया भर के अलग-अलग शहरों में फ्लैट या मकान शेयर करके रहने वाले रूममेट्स (Roommates) के बीच छोटी-मोटी कहासुनी, नोकझोंक या विवाद होना एक आम बात मानी जाती है। लेकिन तकनीक और शांति के लिए मशहूर देश जापान (Japan) से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला पर अपनी ही रूममेट के साथ एक ऐसी क्रूरता और बर्बरता करने का आरोप लगा है, जिसकी सामान्य तौर पर कल्पना करना भी नामुमकिन है।मशहूर मीडिया वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है। यहां स्थानीय पुलिस ने 49 वर्षीय एक महिला मसाए सकुराई (Masae Sakurai) को अपनी ही रूममेट को गंभीर रूप से घायल करने और बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मसाए पर आरोप है कि एक मामूली घरेलू विवाद के बाद उन्होंने अपनी 42 वर्षीय रूममेट के होंठों को सुई और धागे की मदद से बेरहमी से सिल दिया।सुई-धागे से सिल दिए होंठ, जुबान बंद करने की खौफनाक साजिशजापान की जांच एजेंसियों और पुलिस द्वारा शुरुआती तफ्तीश में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह वारदात बीते 29 जून को अंजाम दी गई थी। आरोपी मसाए सकुराई और पीड़ित महिला पिछले कुछ महीनों से इबाराकी के एक घर में साथ रह रही थीं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के मकान में शिफ्ट हुई थी।शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ने लगा। 29 जून को दोनों के बीच हुई तीखी बहस इस कदर हिंसक रूप ले बैठी कि आरोपी ने पीड़िता को काबू में किया और सुई-धागे से उसका मुंह सिल दिया ताकि वह चिल्ला न सके। हालांकि, दोनों के बीच उस दिन किस विशिष्ट बात को लेकर इतनी बड़ी लड़ाई हुई, इसकी प्रामाणिक जानकारी पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।बिना बोले, कागज पर लिखकर मांगी मदद और बच गई जानइस दर्दनाक हमले के बाद पीड़िता ने गजब का हौसला दिखाया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर से बाहर भागने में सफल रही। बदहवास हालत में वह पास के एक स्थानीय जनरल स्टोर (दुकान) में जा पहुंची। चूंकि उसके होंठ पूरी तरह सिले हुए थे, इसलिए वह बोलने या चिल्लाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थी।पीड़िता ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और दुकान के काउंटर पर रखे एक कागज के टुकड़े पर पेन से अपनी आपबीती और मदद की गुहार लिखकर वहां मौजूद कर्मचारी को थमा दी। पर्ची पढ़ते ही दुकान का कर्मचारी सन्न रह गया और उसने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही अगले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस की भारी टीम ने मौके पर दबिश देकर पीड़िता को रेस्क्यू किया और उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया।डर के साये में जी रही थी पीड़िता, घर में और लोगों के होने का दावापुलिस अभिरक्षा में आने के बाद पीड़िता ने पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह इस खौफनाक घर से बहुत पहले ही भाग जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी महिला के खौफ और लगातार मिलने वाली धमकियों की वजह से वह हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। वह पिछले कई हफ्तों से भारी मानसिक और शारीरिक दबाव (Trauma) में जी रही थी।इस बीच, जांच में एक और दिलचस्प और पेचीदा एंगल सामने आया है। आरोपी मसाए सकुराई के एक परिचित ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था, तब वहां सिर्फ ये दो महिलाएं ही नहीं रहती थीं। उसने दावा किया कि उस बड़े मकान में दो-तीन अन्य महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी साथ रहते थे। इस गवाही के बाद जापानी पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह कोई अवैध शेल्टर होम था और क्या वारदात के वक्त घर में अन्य लोग भी मूकदर्शक बनकर मौजूद थे?जरूरतमंद लड़कियों की मदद का ढोंग और सोशल मीडिया पर बहसमामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आरोपी महिला मसाए सकुराई की प्रोफाइल समाज में बिल्कुल अलग थी। उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले सकुराई सोशल मीडिया और जमीन पर उन लड़कियों और महिलाओं की मदद करने का दावा करती थी, जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं होता था या जिनका अपने परिवार से नाता टूट चुका होता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या मसाए परोपकार की आड़ में बेसहारा महिलाओं का शोषण कर रही थी?जापान की यह अजीबोगरीब और हिंसक घटना वायरल होने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे किसी हॉरर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा बताया है, तो वहीं कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर घर में अन्य सदस्य मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की चीखें सुनकर उसकी मदद क्यों नहीं की। फिलहाल, जापानी पुलिस ने आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
विदेश यात्रा (Foreign Travel) को लोग अक्सर अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और रोमांचक अनुभव मानते हैं। नई जगहें, नई संस्कृति और नए लोगों से मिलने की खुशी हर घुमक्कड़ के चेहरे पर साफ दिखाई देती है। लेकिन कई बार अनजान जगह पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही पूरी यात्रा को किसी खौफनाक हादसे में बदल देती है। ऐसा ही एक बेहद डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकिया ऑस्ट्रेलिया (Australia) की रहने वाली 36 वर्षीय महिला स्टेफनी के साथ इटली (Italy) में घटा, जहां वे अकेले यात्रा कर रही थीं।स्टेफनी अपने दोस्तों के साथ यूरोप टूर पर निकली थीं। दोस्तों के वापस लौटने के बाद उन्होंने कुछ दिन और रुककर अकेले ही इटली घूमने का फैसला किया। उनका सबसे बड़ा सपना था कि वह इटली की मशहूर '1 यूरो हाउस स्कीम' (लगभग ₹90 में घर) के तहत वहां एक पुराना घर खरीदें और सिसिली के खूबसूरत 'लो स्टैग्नोने' इलाके में काइटबोर्डिंग (Kiteboarding) का लुत्फ उठाएं। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सपना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने जा रहा है। स्टेफनी ने अपनी यह आपबीती ऑस्ट्रेलियाई मीडिया वेबसाइट News.com.au से साझा की है, जहां उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही घंटों के भीतर वे दो बार किडनैपिंग और हमले का शिकार होने से बाल-बाल बचीं।एक अनजान लिफ्ट और पल भर में बदल गया पूरा सफरसिसिली में काइटबोर्डिंग का इवेंट खत्म होने के बाद वहां मौजूद कुछ अन्य टूरिस्ट और स्थानीय लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान यूरोपीय मूल के एक अज्ञात कार सवार व्यक्ति ने स्टेफनी को उनके गंतव्य तक छोड़ने (लिफ्ट देने) की पेशकश की। स्टेफनी को लगा कि वह व्यक्ति भी बाकी ग्रुप के लोगों के साथ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा को भांपे बिना उसकी कार में बैठना ठीक समझ लिया। लेकिन कार में बैठते ही कुछ ही मिनटों के भीतर उन्हें अहसास हो गया कि गाड़ी बाकी लोगों के रास्ते से पूरी तरह अलग और सुनसान रास्ते पर जा रही है।160 KM की रफ्तार, अजीब हरकतें और लाइव लोकेशन का सहारास्टेफनी के मुताबिक, कार स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने अपनी सनक दिखाते हुए कहा कि वह देखना चाहता है कि उसकी कार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ सकती है या नहीं। इसके बाद उसने अचानक बेहद खतरनाक रफ्तार से गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी। स्टेफनी घबरा गईं और लगातार कार रोकने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन ड्राइवर ने उनकी एक न सुनी।खतरे को भांपते हुए स्टेफनी ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और चुपके से अपने मोबाइल के जरिए काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को अपनी 'लाइव लोकेशन' (Live Location) शेयर कर दी। इसी बीच कार की अगली सीट पर बैठे एक दूसरे संदिग्ध व्यक्ति ने ड्राइवर से पूछा कि क्या बाकी लोग भी उसके घर आ रहे हैं, तो ड्राइवर का जवाब था, 'नहीं, वहां कोई नहीं आ रहा।' यह सुनते ही स्टेफनी के पैर तले जमीन खिसक गई कि उनके साथ कुछ बहुत गलत होने वाला है।मकान का गेट खुलते ही जान बचाकर भागीं स्टेफनीकरीब 12 किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी को एक बड़े लोहे के गेट वाले सुनसान मकान के अंदर खड़ा किया। जैसे ही कार रुकी, स्टेफनी ने ध्यान दिया कि कार का चाइल्ड लॉक ऑन नहीं था। उन्होंने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत दरवाजा खोला और अपनी पूरी ताकत से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी।दहशत का आलम यह था कि उन्होंने पीछे मुड़कर देखने की भी हिम्मत नहीं की। वह तब तक भागती रहीं, जब तक उन्हें यह पक्का भरोसा नहीं हो गया कि कोई उनका पीछा नहीं कर रहा है। कई किलोमीटर तक नंगे पैर और बदहवास दौड़ने के बाद वह एक छोटे अंजान कस्बे में पहुंचीं, जहां उन्हें लगा कि अब शायद कोई मदद मिल जाएगी।मददगार के रूप में आया दूसरा शिकारी, कार में लिखा गंदा मैसेजकस्बे में पहुंचने के बाद स्टेफनी को एक यूनिफॉर्म में सुरक्षा गार्ड (Security Guard) दिखाई दिया। भाषा की बड़ी समस्या होने के कारण स्टेफनी ने अपने मोबाइल के 'ट्रांसलेशन ऐप' (Translation App) की मदद से पूरी आपबीती उस गार्ड को समझाई। गार्ड ने बेहद सहानुभूति दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि वह अपनी कार से उन्हें सुरक्षित उनके होटल तक छोड़ देगा।स्टेफनी ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद उस गार्ड ने भी अपना असली रंग दिखा दिया। उसने कार को एक अंधेरी और बेहद सुनसान गली में रोक दिया। इसके बाद उसने स्टेफनी का मोबाइल छीन लिया और उसमें एक ट्रांसलेटेड मैसेज टाइप किया। मैसेज पढ़ते ही स्टेफनी के होश उड़ गए, उसमें लिखा था— 'मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ रहा हूं... लेकिन इसके बदले में तुम मेरे लिए क्या करोगी?'वाइनयार्ड की झाड़ियों में छिपकर बचाई जान, सदमे में बीती रातइस घिनौने मैसेज को देखते ही स्टेफनी समझ गईं कि वह एक ही दिन में दूसरी बार एक बड़े शिकारी के जाल में फंस चुकी हैं। उन्होंने बिना डरे तुरंत कार का दरवाजा खोला और दोबारा अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। इस बार वे अपनी जान छुपाने के लिए रास्ते में आने वाले एक घने वाइनयार्ड (अंगूर के बाग) की झाड़ियों में जाकर छिप गईं।वे काफी देर तक अंधेरे में वहीं दुबकी रहीं और जब उन्हें रास्ता पूरी तरह सुरक्षित लगा, तो वे कई किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह अपने होटल पहुंचीं। रास्ते में सबूत के तौर पर उन्होंने एक वेंडिंग मशीन से ड्रिंक भी खरीदी ताकि डिजिटल रिकॉर्ड रहे कि वे उस वक्त वहां मौजूद थीं। होटल पहुंचने के बाद वे पूरी रात सदमे में रोती रहीं।इस भयावह घटना के बाद स्टेफनी ने फिलहाल इटली में घर खरीदने और वहां रहने का अपना सालों पुराना सपना हमेशा के लिए टाल दिया है। उनका कहना है कि यह कहानी दुनिया भर के सोलो ट्रैवलर्स (Solo Travelers) के लिए एक सबक है कि विदेश यात्रा के दौरान कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक आपको मौत के मुंह में धकेल सकती है।
महीनों की कड़ी मेहनत, लगातार इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब किसी प्रोफेशनल को नौकरी का मनपसंद ऑफर मिलता है, तो वह पल किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं होता। लेकिन दिल्ली की एक महिला प्रोफेशनल के लिए यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। जॉइनिंग से ठीक पहले उन्होंने कंपनी से सिर्फ कुछ बुनियादी सवाल पूछे और एक लिखित ऑफर लेटर की मांग की, जिसके अगले ही दिन कंपनी ने उनका जॉब ऑफर तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।यह पूरा हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आया है, जहां महिला के पति ने इस पूरी घटना को विस्तार से साझा किया। पोस्ट के अनुसार, उनकी पत्नी दिल्ली-एनसीआर में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस (GIS) और आर्किटेक्चर सेक्टर में नौकरी तलाश रही थीं। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें फाइनल सिलेक्ट किया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट वर्क कल्चर (Corporate Work Culture) के उस काले सच को दिखाती है जहां कंपनियां पारदर्शिता से बचती हैं।पहली बार कम सैलरी मिलने पर ठुकरा दिया था ऑफररेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस नौकरी के लिए महिला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में कंपनी ने उनकी उम्मीद से लगभग आधी सैलरी का ऑफर दिया था। साथ ही एचआर ने यह अजीब शर्त रखी कि पहले तीन महीने इसी कम पैकेज पर काम शुरू कर दीजिए, उसके बाद परफॉर्मेंस देखकर सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। महिला को यह प्रस्ताव प्रोफेशनल नहीं लगा और उन्होंने साफ मना कर दिया।कुछ समय बीतने के बाद कंपनी ने उनसे दोबारा संपर्क किया और इस बार एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया। महिला ने पेशेवर तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया। कोटेशन देखने के बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का नया प्रस्ताव लेकर आई। इस बार सैलरी पहले से काफी बेहतर थी और महिला की उम्मीद के मुताबिक थी, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को स्वीकार करने का मन बना लिया।जॉइनिंग से पहले सामने आईं 10 घंटे काम और वीकेंड ड्यूटी जैसी नई शर्तेंफोन पर हुई बातचीत के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले किसी भी तरह का लिखित ऑफर लेटर जारी नहीं किया जाएगा। महिला से सीधे सोमवार को ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मौखिक बातचीत में कंपनी ने कुछ नई शर्तें भी सामने रखीं:रोजाना कम से कम 10 घंटे ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।हफ्ते में पांच दिन पूरी तरह ऑफिस आना होगा।काम के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर वीकेंड (शनिवार-रविवार) में भी घर से काम करना पड़ सकता है।महिला ने इन शर्तों पर न तो कोई विवाद किया और न ही नौकरी छोड़ी। उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि वे काम शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जॉइनिंग से पहले एक लिखित ऑफर लेटर (Written Offer Letter) चाहिए। उन्होंने मांग की कि सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोबेशन पीरियड की शर्तें और काम के घंटों की जानकारी लिखित रूप में ईमेल पर साझा की जाए, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न हो।लिखित में जानकारी मांगते ही एचआर ने पलट दिया फैसलामहिला की इस बेहद जायज और प्रोफेशनल मांग के बाद जो जवाब आया, उसने उन्हें और उनके परिवार को पूरी तरह चौंका दिया। अगले ही दिन कंपनी के एचआर (HR) विभाग की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें साफ लिखा था कि उनका नौकरी का ऑफर वापस लिया जा रहा है।एचआर ने अपने आधिकारिक ईमेल में तर्क दिया कि जॉइनिंग और काम के घंटों को लेकर हुई चर्चा के बाद कंपनी को ऐसा महसूस हुआ कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत अपेक्षाएं कंपनी की कार्यशैली और जरूरतों से मेल नहीं खाती हैं। इसी वजह से इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। महिला के लिए यह काफी निराशाजनक था क्योंकि उन्होंने सिर्फ वही दस्तावेज मांगा था, जो किसी भी वैध नौकरी का सबसे बुनियादी हिस्सा होता है।सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, लोगों ने बताया बड़ा 'रेड फ्लैग'जैसे ही यह पोस्ट रेडिट पर वायरल हुई, हजारों कामकाजी प्रोफेशनल्स महिला के समर्थन में उतर आए और कंपनी के रवैये की जमकर आलोचना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि नौकरी शुरू करने से पहले लिखित ऑफर लेटर मांगना या काम के स्पष्ट घंटों की जानकारी लेना किसी भी कर्मचारी का कानूनी और बुनियादी अधिकार है।कई अनुभवी यूजर्स ने इसे एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) बताया और कहा कि अच्छा हुआ कि महिला ने ऐसी कंपनी जॉइन नहीं की, क्योंकि जो कंपनी शुरुआत में ही लिखित दस्तावेज देने से भाग रही है, वह आगे चलकर सैलरी रोकने या बिना पैसे दिए एक्स्ट्रा काम कराने जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती थी। लोगों का यह भी मानना था कि कंपनी शायद किसी ऐसे कर्मचारी की तलाश में थी, जो बिना कोई सवाल पूछे उनकी हर मनमानी शर्त को चुपचाप स्वीकार कर ले।क्या जॉइनिंग से पहले ऑफर लेटर मांगना गलत है?इस पूरी घटना ने देश के जॉब मार्केट में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोजगार की शर्तें स्पष्ट करना गुनाह है? वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कर्मचारी को यह जानने का 100% अधिकार है कि वह किन नियमों के तहत अपनी सेवाएं देने जा रहा है।लिखित ऑफर लेटर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होता, बल्कि यह एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को सुरक्षित करता है। इसके बिना काम शुरू करना पूरी तरह से जोखिम भरा है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने भी महिला के स्टैंड को पूरी तरह सही ठहराया है, क्योंकि शुरुआत में पारदर्शिता न होने पर आगे चलकर विवाद होना तय होता है।
साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया
अलवर। राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा के नाम और फोटो का दुरुपयोग करके साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बना लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फर्जी अकाउंट के जरिए आम लोगों को संदेश भेजकर पैसे कमाने, निवेश योजनाओं से जुड़ने और विभिन्न समूहों में शामिल होने का […] The post साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया appeared first on Sabguru News .
पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव […] The post बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में
मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी में अवसर तलाश रहे हैं। चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान […] The post कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में appeared first on Sabguru News .
वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना ने वाणिज्यिक जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी शिपिंग गलियारे का उपयोग करने का अपना आग्रह जारी रखा है। अमरीकी नौसेना ने यह बात इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों और तेहरान की ओर से बार-बार मिलने वाली उन चेतावनियों के बावजूद […] The post अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .
अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
अजमेर/ब्यावर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को कार्यालय राजस्थान स्टेट इण्डट्रियल डेवलपमेन्ट एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कॉपरेशन लिमिटेड (रीको) अजमेर के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अजय विशश्वकर्मा को 50 हजार रुपए एवं कार्यालय रीको उप इकाई ब्यावर में कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक […] The post अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के कक्ष में शुक्रवार को उस समय बेहद अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए एक याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर मामले के कागजात न्यायाधीशों की तरफ फेंके और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करके भारी हंगामा किया। यह घटना न्यायाधीश केवी […] The post सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को भरतपुर में भू प्रबंध विभाग में पटवारी प्रदीप सिंह एवं दिगम्बर सिंह को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके एवं उसके परिवारजनों […] The post भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर
ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे। धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ। सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है। इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए। बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है। मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं। टीम इस प्रकार हैं: भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई। इंग्लैंड : हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स। समय: शाम सात बजे।
नशा मुक्त एमपी पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस, कहा- इससे वर्तमान और भावी पीढ़ियां हो जाती हैं बर्बाद
प्रदेश में 15 से 30 जुलाई तक चलेगा नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान पीएम मोदी-गृह मंत्री शाह का लक्ष्य वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाना प्रदेशवासियों से 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान को सफल बनाने की अपील भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने की अपील की है। प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान में हर संभव सहयोग प्रदान करने और अभियान को समर्थन देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा में हमारी युवा शक्ति रचनात्मक भूमिका निभा रही है। सभी नागरिक भी विकासात्मक गतिविधियों से स्वयं को जोड़कर महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध कर रहे हैं। ऐसे में नशे की प्रवृत्ति समाज की विकास यात्रा पर कुठाराघात करती है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लिए कार्य कर रही है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नशे से लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। राज्य सरकार ने हर तरह के नशे पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत की है। नशा नाश की जड़ है, जो वर्तमान और भावी पीढ़ियों को भी बर्बाद कर देता है। नशे से सभी प्रकार की रचनात्मकता और आगे बढ़ने की संभावनाओं पर कुठाराघात होता है, वर्तमान और भविष्य दोनों खराब होते हैं। नशा घरों-परिवारों तक को बर्बाद कर देता है। राज्य सरकार ने अपनी समस्त क्षमताओं के साथ प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान आरंभ किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प तथा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक भारत को पूर्णत: नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है। इस दिशा में जनभागीदारी के साथ निरंतर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलवाद जैसी बड़ी लड़ाई में भी विजय प्राप्त की है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के विरूद्ध अभियान में भी सफल होगी। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल हमारे साथ हैं, हम नशा मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों और युवाओं से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
Weekly Horoscope July 2026: साप्ताहिक राशिफल आपको पहले से यह समझने में मदद करता है कि आने वाला सप्ताह करियर, नौकरी, व्यापार, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन, प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहने वाला है। 13 जुलाई से 19 जुलाई 2026 के बीच के सप्ताह में कई महत्वपूर्ण ग्रह गोचर और ज्योतिषीय परिवर्तन होने की संभावना है, जिनका प्रभाव कुछ राशियों के लिए उन्नति और नई उपलब्धियों का कारण बन सकता है, आइए यहां जानें आपके लिए कैसा रहेगा पूरा सप्ताह... ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा साप्ताहिक राशिफल (13 जुलाई से 19 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आप किसी महत्वपूर्ण कार्य को बेहतरीन ढंग से पूरा कर पाएंगे। किसी पारिवारिक आयोजन की जिम्मेदारी संभालने में आपकी संगठन क्षमता सबको प्रभावित करेगी। किसी अनुभवी गुरु का साथ आपके शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार ला सकता है। परिवार के किसी छोटे सदस्य की उपलब्धि पूरे घर को गर्व और खुशियों से भर देगी। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता आपकी ऊर्जा और सहनशक्ति में सकारात्मक बदलाव लाएगी। प्रेम जीवन में रिश्ते आगे बढ़ सकते हैं और कुछ लोग अपने संबंध को नई दिशा देने का निर्णय ले सकते हैं। यह समय पुराने अधूरे काम निपटाने और आने वाले अवसरों की तैयारी करने के लिए भी अनुकूल है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: टरक्वॉइज़ वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) अचानक धन लाभ, बोनस या किसी अप्रत्याशित आय से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बेहतर स्वास्थ्य आपको फिटनेस के नए लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारी आपके विचारों का समर्थन करेंगे और आपको अपनी क्षमता साबित करने के अवसर देंगे। सामाजिक जीवन में प्रभावशाली लोगों से दोबारा जुड़ना भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। प्रेम जीवन में व्यस्तता को रिश्तों पर हावी न होने दें। खुशियां अचानक और अप्रत्याशित रूप से आपके जीवन में दस्तक दे सकती हैं। इस सप्ताह सकारात्मक बदलावों को खुले मन से स्वीकार करें और हर अच्छे पल का आनंद लें। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: लैवेंडर मिथुन (21 मई – 21 जून) आय में वृद्धि के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार के सदस्य आपके किसी नए कदम या उपलब्धि में पूरा सहयोग देंगे। मजबूत आर्थिक स्थिति आपको लंबे समय से टली हुई किसी बड़ी खरीदारी का अवसर दे सकती है। प्रेम जीवन में आपका आकर्षक व्यक्तित्व किसी खास व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है। हालांकि, कार्यक्षेत्र में लापरवाही या काम टालने की आदत आपको मुश्किल में डाल सकती है, इसलिए समय पर निर्णय लेना जरूरी होगा। कोई नया खेल, जिम या फिटनेस गतिविधि आपके जीवन में नई ऊर्जा लेकर आएगी। दोस्तों के साथ खरीदारी करते समय अनावश्यक खर्च से बचें। कुल मिलाकर, यह सप्ताह प्रगति और नए अवसरों से भरा रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: क्रिमसन कर्क (22 जून – 22 जुलाई) आर्थिक मामलों में किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित करने में मददगार रहेगा। निजी जीवन में थोड़ी नीरसता महसूस हो सकती है, इसलिए रिश्तों में गर्मजोशी बनाए रखने का प्रयास करें। घरेलू मामलों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी होगा, अन्यथा वे आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में लंबित कार्यों को पूरा करने पर ध्यान दें, क्योंकि अभी की मेहनत भविष्य की परेशानियों से बचाएगी। सामाजिक जीवन में जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियां लेने से बचें। संतुलित और सोच-समझकर उठाए गए कदम पूरे सप्ताह आपको स्थिरता और शांति प्रदान करेंगे। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: नेवी ब्लू सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की आपकी पेशेवर पहल इस सप्ताह उत्साहजनक परिणाम दे सकती है। फिटनेस को लेकर बनाई गई नई योजना आपको पहले से अधिक ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस कराएगी। पढ़ाई के क्षेत्र में अपनी योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन करने से प्रदर्शन में सुधार आएगा। आर्थिक मामलों में किसी भी दीर्घकालिक निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करना आवश्यक है। सामाजिक कार्यक्रमों में आपका आकर्षण लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचेगा। जो लोग प्रेम की तलाश में हैं, उनके जीवन में कोई नया रिश्ता दस्तक दे सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात सुखद यादों को ताजा करेगी। कुल मिलाकर, यह सप्ताह ऊर्जा, उत्साह और सामाजिक गतिविधियों से भरपूर रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: रोज़ी ब्राउन कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता और समय प्रबंधन की क्षमता आपको निर्धारित समय से पहले काम पूरा करने में मदद करेगी। आर्थिक रूप से रुका हुआ धन या बकाया राशि मिलने से स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में साथी का बढ़ता सहयोग और अपनापन रिश्ते को और मधुर बनाएगा। परिवार के बड़े सदस्य किसी नए विचार का शुरू में विरोध कर सकते हैं, लेकिन समझदारी से बात करने पर उनका समर्थन मिल जाएगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। जीवनशैली में किया गया सकारात्मक बदलाव आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: सी ग्रीन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) कार्यस्थल पर आपका विनम्र और समझदारी भरा व्यवहार सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करेगा। घर की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी से परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी खूबसूरत यात्रा या छुट्टी की योजना बन सकती है, जिससे रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। नए कौशल सीखना आपको प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने में मदद करेगा। सामाजिक जीवन में किसी ऐसे व्यक्ति के साथ तालमेल बिठाना, जिससे आपकी ज्यादा नहीं बनती, आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। स्वादिष्ट भोजन और नई चीजों का आनंद लेने के अवसर मिलेंगे। इस सप्ताह अनावश्यक विवादों से बचने के लिए सादगी और संयम बनाए रखना बेहतर रहेगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: ऑरेंज वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) आपका आत्मविश्वास और कार्यकुशलता महत्वपूर्ण लोगों की प्रशंसा दिला सकती है। जीवनसाथी का कठिन समय में साथ देने से रिश्तों में भावनात्मक मजबूती आएगी। किसी कानूनी मामले पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या में पारंपरिक उपचार या वैकल्पिक चिकित्सा से लाभ मिलने की संभावना है। किसी कार्यक्रम के आयोजन में आपकी रचनात्मकता सबको प्रभावित करेगी। पारिवारिक जीवन सुखद और संतोष देने वाला रहेगा। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पीच धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) अचानक धन लाभ या कोई लाभदायक अवसर आपके सप्ताह को खास बना सकता है। करियर में अच्छे अवसर और बेहतर स्वास्थ्य आपको पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। परिवार में सामंजस्य बनाए रखने के आपके प्रयास रिश्तों को और मजबूत करेंगे। पढ़ाई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी भावना आपकी प्रतिभा को निखारेगी। अपने करियर से जुड़ी योजनाओं को हर किसी के साथ साझा करने से बचें, क्योंकि कुछ लोग बाधाएं पैदा कर सकते हैं। आप किसी करीबी व्यक्ति को अपनी सोच के साथ जोड़ने में सफल हो सकते हैं। किसी सुंदर और आकर्षक स्थान की यात्रा की योजना भी बन सकती है, जो आपको खुशी और नई ऊर्जा देगी। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लेमन मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) किसी नए समझौते या सौदे से आर्थिक लाभ मिलने के योग हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। हाल ही में मिली शैक्षणिक सफलता आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। प्रेम जीवन में साथी का बिना शर्त समर्थन आपके रिश्ते में गर्मजोशी और खुशियां लेकर आएगा। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता आपको अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आपको लोगों के साथ अधिक जुड़ने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की आवश्यकता होगी। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: व्हाइट कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) परिवार के किसी प्रिय सदस्य की शैक्षणिक सफलता इस सप्ताह आपके लिए गर्व और खुशियों का कारण बनेगी। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण कार्य को सटीकता से पूरा करने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और उधार दिया गया धन अपेक्षा से पहले वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार रवैया आपको अच्छे परिणाम देगा। प्रेम संबंधों में किए गए प्रयास सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे। जो लोग परिवार से दूर रह रहे हैं, उन्हें अपनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। दोस्तों के साथ लंबी ड्राइव या घूमने-फिरने की योजना मन को तरोताजा कर देगी। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: गोल्डन ब्राउन मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) यह सप्ताह नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है, क्योंकि पेशेवर सफलता के प्रबल संकेत हैं। व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अधूरा पड़ा कोई काम आसानी से पूरा हो सकता है, जिससे संतोष मिलेगा। कार्यस्थल पर प्रेम संबंधों की शुरुआत कुछ लोगों के लिए रोमांचक अनुभव बन सकती है। परिवार के बड़े सदस्यों से मुलाकात आपको भावनात्मक सुख और संतोष देगी। लंबी यात्रा सुखद और यादगार साबित हो सकती है। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से नए लोगों से जुड़ने और पहचान बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नियमित दिनचर्या और अनुशासन आपको पूरे सप्ताह ऊर्जावान बनाए रखेंगे। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: डार्क स्लेट ग्रे ALSO READ: शनि की उल्टी चाल: 138 दिनों तक मीन राशि में वक्री रहेंगे शनिदेव, जानें अपनी राशि का हाल
Ashadhi Ekadashi Pandharpur Yatra: महाराष्ट्र की धरती जब 'जय जय राम कृष्ण हरि' और 'माउली-तुकाराम' के जयघोष से गुंजायमान होने लगती है, तो समझ लीजिए कि 'वारकरी संप्रदाय का कुंभ' यानी पंढरपुर वारी शुरू हो चुकी है। यह महज एक पैदल यात्रा नहीं, बल्कि भगवान विठोबा (श्री कृष्ण के स्वरूप) के प्रति अटूट प्रेम, समानता और असीम श्रद्धा का ऐसा समंदर है, जिसमें हर साल लाखों भक्त गोता लगाते हैं। आइए, इस अनूठी आध्यात्मिक यात्रा के इतिहास, महत्व और इस साल के सफर को एक नए अंदाज में समझते हैं। कब से कब तक: वर्ष 2026 का भक्ति मार्ग यह एक बेहद अनुशासित 21 दिवसीय पैदल यात्रा होती है, जो महाराष्ट्र के अलग-अलग कोनों से शुरू होकर आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) के दिन पंढरपुर पहुंचकर संपन्न होती है। साल 2026 में इस महायात्रा का पूरा शेड्यूल कुछ इस तरह है: 7 जुलाई (देहू से प्रस्थान): भक्ति के सफर की शुरुआत हुई, जब संत तुकाराम महाराज की पावन पालकी ने देहू से पंढरपुर के लिए कदम बढ़ाए। 8 जुलाई (आलंदी से प्रस्थान): ज्ञान और भक्ति के संगम के साथ संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी ने आलंदी से अपनी यात्रा शुरू की। 23 जुलाई (वाखरी मिलन): अलग-अलग रास्तों से आ रही दोनों मुख्य पालकियां वाखरी नामक स्थान पर पहुंचकर एक-दूसरे से मिलेंगी। 24 जुलाई (पंढरपुर आगमन): लाखों वारकरियों का यह हुजूम भगवान विठोबा की नगरी पंढरपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। 25 जुलाई (आषाढ़ी एकादशी महा-संगम): आषाढ़ी एकादशी के पावन मौके पर चंद्रभागा नदी के तट पर विट्ठल दर्शन के साथ इस 21 दिनों की कठिन और आनंदमयी पैदल यात्रा का समापन होगा। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा: क्या गुफा में आज भी दिखाई देते हैं 2 अमर कबूतर? जानें पूरा रहस्य क्यों निकाली जाती है यह वारी? पंढरपुर वारी का मूल मंत्र है- 'भक्ति, समानता और सामाजिक समरसता'। वारकरी संप्रदाय में मान्यता है कि इस पैदल यात्रा को करने से मनुष्य को मोक्ष और भगवान विठोबा का साक्षात आशीर्वाद मिलता है। इस यात्रा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ कोई अमीर नहीं, कोई गरीब नहीं, न कोई जाति भेद है और न ही कोई सामाजिक ऊंच-नीच। कंधे पर भगवा ध्वज, गले में तुलसी की माला और हाथों में मंजीरे लिए लाखों लोग जब एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो यह नजारा जीवंत 'भक्ति आंदोलन' का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाता है। भक्त अपने प्रिय संतों के पदचिह्नों पर चलते हुए उनके 'अभंग' (भक्ति गीत) गाते हैं, जो हर थकान को पल भर में दूर कर देता है। वारी का गौरवशाली इतिहास: 800 बरसों की अटूट परंपरा पंढरपुर वारी का इतिहास 800 साल से भी अधिक पुराना और समृद्ध है। इस महान परंपरा की नींव 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानेश्वर महाराज ने रखी थी, जिन्होंने सबसे पहले आलंदी से पंढरपुर तक की पैदल यात्रा शुरू की थी। आगे चलकर इस भक्ति मार्ग को और सुदृढ़ किया संत तुकाराम महाराज ने, जिन्होंने देहू से अपनी पालकी यात्रा की शुरुआत की। ALSO READ: जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम इन संत-कवियों ने अपनी सरल और हृदयस्पर्शी कविताओं (अभंगों) के जरिए भगवान के प्रति प्रेम को महलों से निकालकर आम जनता के दिलों तक पहुंचाया। समय बदलता गया, लेकिन यह परंपरा रुकी नहीं। आज यह यात्रा महाराष्ट्र की संस्कृति, लोक-कला और सामाजिक ताने-बाने की धड़कन बन चुकी है, जो हर साल लाखों इंसानों को जात-पात से ऊपर उठाकर केवल एक 'भक्त' के धागे में पिरो देती है।
मध्य प्रदेश में लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन? जानें वायरल दावे की सच्चाई
रतलाम डीआरएम ने वायरल दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि मालगाड़ी (लोको नंबर 27237/27600) को तय इंजीनियरिंग कार्य के चलते राऊ होम सिग्नल पर रोका गया था.
FIFA WC: गोल्डन बूट की रेस में अब एमबाप्पे आए मेस्सी के बराबर
काइलियन एमबाप्पे फ्रांस की विश्वकप क्वार्टर फाइनल में मोरक्को पर 2-0 की जीत से ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी की बराबरी पर पहुंच गए हैं।इन दोनों खिलाड़ियों ने मौजूदा टूर्नामेंट में अभी तक आठ आठ गोल किए हैं। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को मिलने वाले ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में सबसे आगे हैं। एमबाप्पे ने हालांकि तीन गोल करने में मदद की है, जबकि मेस्सी ने एक बार ही ऐसा किया है। इस कारण से एमबाप्पे को अंकतालिका में मेस्सी से आगे रखा गया है।एमबाप्पे विश्व कप के अपने करियर में अब तक 20 गोल कर चुके हैं और वह मेस्सी के रिकॉर्ड 21 गोल से केवल एक गोल पीछे हैं। ‘गोल्डन बूट’ हासिल करने की दौड़ में इन दोनों को नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड (सात गोल), इंग्लैंड के हेरी केन (छह) और फ्रांस के ओस्मान डेम्बले (पांच) से कड़ी चुनौती मिल रही है।गौरतलब है कि फ्रांस और अर्जेंटीना टूर्नामेंट की गत उपविजेता और विजेता टीम है। ऐसे में अगर एक बार और फाइनल इन दो टीमों के बीच हो जाता है तो दोनों को अंतिम मैच में अपने गोल में सुधार करने का मौका मिलेगा। The race for the Golden Boot is heating up! pic.twitter.com/FEoZokrHeR — BBC Sport (@BBCSport) July 9, 2026 फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था।
'रामायणम्' का मेगा स्कूल कैंपेन शुरू, 400 से ज्यादा स्कूलों में नई पीढ़ी से जुड़ रही है महागाथा
एक खास सांस्कृतिक पहल के तहत 'रामायणम्' की टीम 9 जुलाई से देशभर में बड़े स्तर पर एक स्कूल कैंपेन शुरू करने जा रही है। इसका मकसद भारत के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक 'रामायण' की भावना, उसके मूल्यों और विरासत को सीधे देश के बच्चों तक पहुंचाना है। बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस कैंपेन को 18 शहरों के 400 से ज्यादा स्कूलों में चलाया जाएगा और इसके जरिए 5 लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस पहल के तहत बच्चे 'रामायण' से जुड़ी कई खास गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। इनमें ड्रॉइंग, क्रिएटिव एक्टिविटीज, क्विज प्रतियोगिताएं और इंटरैक्टिव डिस्कशन शामिल हैं। ALSO READ: राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को अपने परिवार के साथ मिलकर 'रामायणम्' को समझने और उससे जुड़ने का मौका मिलेगा। साथ ही, यह पहल बच्चों और उनके माता-पिता के बीच 'रामायणम्' की कहानियों, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बातचीत को भी बढ़ावा देगी। हमारा सत्य। हमारा इतिहास। की सोच पर आधारित इस कैंपेन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भागीदारी, रचनात्मकता और कहानी कहने के जरिए 'रामायण' से जोड़ना है। यह पहल 'रामायणम्' की रिलीज से पहले की बड़ी तैयारियों का अहम हिस्सा है। फिल्ममेकर नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा इस भारतीय महाकाव्य को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। दो भागों में बनने वाली 'रामायण' का पहला भाग एक भव्य सिनेमाई अनुभव होगा, जो भारत की सबसे पूजनीय कहानियों में से एक को बड़े पैमाने, भावनाओं और शानदार विजुअल्स के साथ दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाएगा। स्कूल कैंपेन पर बात करते हुए 'रामायणम्' के मेकर्स ने कहा, रामायण पीढ़ियों से अपनी कहानियों, मूल्यों और यादों के जरिए लोगों के बीच जिंदा रही है। इस स्कूल आउटरीच पहल के जरिए हमारी कोशिश इस विरासत को बच्चों तक एक दिलचस्प और आसान तरीके से पहुंचाने की है। जैसे-जैसे हम 'रामायणम्' को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि बच्चे इसे सिर्फ एक पौराणिक कहानी के तौर पर न देखें, बल्कि साहस, कर्तव्य, प्रेम और धर्म की ऐसी कहानी के रूप में महसूस करें, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह स्कूल कैंपेन बच्चों को 'रामायण' की दुनिया से जुड़ने का एक खास और सार्थक मौका देने के लिए तैयार किया गया है। साथ ही, इसका मकसद भारत की संस्कृति में 'रामायण' की अहम जगह का जश्न मनाना भी है। कई शहरों में चलाए जाने वाले इस अभियान से बड़े स्तर पर बच्चों की भागीदारी की उम्मीद है और फिल्म की रिलीज से पहले युवाओं के बीच इसके लिए मजबूत जुड़ाव बनाने की कोशिश की जाएगी। दुनिया के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक 'रामायण' से प्रेरित नितेश तिवारी की 'रामायणम्' इसके कालजयी जज्बात और भव्यता को बड़े सिनेमाई स्तर पर पेश करने के लिए तैयार है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी सीता की भूमिका निभाएंगी। वहीं, रॉकिंग स्टार यश रावण के किरदार में दिखेंगे। सनी देओल हनुमान की भूमिका निभाएंगे और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' को नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज, 8 बार ऑस्कर जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस कर रही है। यह दो भागों में बनने वाली फिल्म दुनियाभर में आईमैक्स में रिलीज होगी। इसका पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा।
12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी
नई दिल्ली। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल युक्त दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि सरकार ने अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल युक्त औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग पर रोक […] The post 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी appeared first on Sabguru News .
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर सीधा प्रहार करते हुये कहा कि आस्था का दिखावा करने वाले लोगों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था, लेकिन क्या वे जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकते हैं। यदि […] The post हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : योगी appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स
ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो। HISTORY WIRTTEN IN BRISTOL. - India lose a T20i series against England for the first time ever of 2+ matches. - India lose their first bilateral series against England since 2019. - India lose back to back T20i series for the first time since 2019. pic.twitter.com/uFhy6IQQJP — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 9, 2026 ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।
राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार
बॉलीवुड के फेमस एक्टर राजेश शर्मा इस समय कोलकाता के एक निजी अस्पताल में गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं। हैदराबाद की रामोजी फिल्मसिटी में सुपरस्टार प्रभास की आगामी फिल्म के सेट पर राजेश शर्मा को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। राजेश शर्मा की इस गंभीर हालत को देखकर उनके बेहद करीबी दोस्त और को-स्टार अक्षय कुमार काफी भावुक हो गए हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। अक्षय कुमार ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर राजेश शर्मा के साथ एक खुशनुमा पुरानी तस्वीर साझा की। Very concerned to hear about my dear friend Rajesh’s health condition after an insect bite while shooting. Hope Mahadev blesses him with fast and complete recovery. Jaldi theek ho ja yaar, abhi saath baith ke bhot hansna hai. pic.twitter.com/n8yH6IYxKH — Akshay Kumar (@akshaykumar) July 9, 2026 इस तस्वीर के साथ अक्षय ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा, शूटिंग के दौरान एक कीड़े के काटने के बाद मेरे प्यारे दोस्त राजेश की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सुनकर बेहद चिंतित हूं। उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्द और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने का आशीर्वाद देंगे। जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठ के बहुत हंसना है। बता दें कि अक्षय और राजेश शर्मा की ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। दोनों ने स्पेशल 26, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, लक्ष्मी और भूत बंगला जैसी कई बड़ी फिल्मों में एक साथ काम किया है। ALSO READ: बाथटब में सनी लियोनी का सिज़लिंग अवतार, तस्वीरों ने इंटरनेट पर लगाई आग एक मामूली डंक बना जानलेवा पारिवारिक सूत्रों और अभिनेत्री सुदीपा चटर्जी द्वारा जारी किए गए शुरुआती बयान के अनुसार, यह घटना हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में पैक-अप के बाद हुई। शूटिंग खत्म होने के बाद राजेश शर्मा घने पेड़ों और झाड़ियों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें पैर में किसी कीड़े के काटने का अहसास हुआ। शुरुआत में इसे एक सामान्य बात समझकर उन्होंने नजरअंदाज कर दिया और तुरंत कोई डॉक्टरी इलाज नहीं लिया। करीब छह घंटे बीतने के बाद उनके दाहिने पैर में असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। हवाई सफर के दौरान राजेश शर्मा को तेज बुखार आ गया और वे बेहद बेचैन हो गए। कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें तुरंत ढाकुरिया स्थित मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमण उनके पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक बहुत तेजी से फैल गया है और प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले हो गए हैं। उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है और डॉक्टरों की टीम उन पर 24 घंटे नजर रख रही है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें AICWA की तेलंगाना के CM से जांच की मांग इस घटना ने फिल्म सेट्स पर काम करने वाले कलाकारों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है।
प्राचीन भारतीय लोकतंत्र बनाम आधुनिक लोकतंत्र: जस्टिस मार्कंडेय काटजू का लेख
जस्टिस मार्कंडेय काटजू के इस विश्लेषण को जानें कि कैसे प्राचीन भारतीय गणराज्यों ने एकता को बढ़ावा दिया, और उनकी तुलना जाति और धार्मिक ध्रुवीकरण पर आधारित आधुनिक लोकतंत्र से करें।
गुरुग्राम में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, दीपक नांदल गैंग के 4 शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल
गुरुग्राम। हरियाणा में गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में पुलिस और गैंगस्टर दीपक नांदल गिरोह के बदमाशों के बीच हुई गुरुवार रात भीषण मुठभेड़ में चार शार्प शूटर मारे गए, जबकि एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली लगने से एक सहायक उप निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी भी […] The post गुरुग्राम में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, दीपक नांदल गैंग के 4 शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .
चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत
बीजिंग। चीन के जिंजियांग शहर में एक जूता कारखाने में भीषण आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। यह विनाशकारी आग गुरुवार को हुइतेंग फुटवियर कारखाने में लगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार जब आग भड़की तब कारखाने के भीतर लगभग 240 लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही 500 से अधिक […] The post चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस
आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’ अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ The conversation between coach Gautam Gambhir and Captain Iyer after every Match pic.twitter.com/iryRGpB41J — RISHABH17FAN (@ARJUNkaPANT) July 9, 2026 अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’
पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार रात पूर्व तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा सदस्यों सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक को आगामी 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में […] The post पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित appeared first on Sabguru News .
बाथटब में सनी लियोनी का सिज़लिंग अवतार, तस्वीरों ने इंटरनेट पर लगाई आग
बॉलीवुड की 'बेबी डॉल' सनी लियोनी जब भी स्क्रीन या सोशल मीडिया पर आती हैं, फैंस के दिलों की धड़कनें बढ़ा देती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसी तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिसने इंटरनेट का तापमान बढ़ा दिया है। इन तस्वीरों में सनी लियोनी बाथटप में बैठकर हुस्न का जलवा बिखेरती नजर आ रही हैं। सनी ने मल्टीकलर सिक्विन और क्रिस्टल वर्क वाला एक बेहद ग्लैमरस बॉडीसूट पहना हुआ है। पर्पल, पिंक, मरून और एक्वा ब्लू शेड्स के चेकर बोर्ड पैटर्न वाले इस आउटफिट में उनका टोंड फिगर साफ नजर आ रहा है। ALSO READ: ब्लैक ब्रालेट में सान्या मल्होत्रा ने ढाया कहर, बोल्ड फोटोशूट ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा इस सिजलिंग मोनोकिनी के साथ सनी लियोनी ने मैचिंग फिशनेट स्टॉकिंग्स कैरी किए हैं, जो उनके लुक में बोल्डनेस का तड़का लगा रहा है। बाथटब में लेटकर और बैठकर दिए गए सनी के 'सेक्सी पोज' किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी हैं। किसी तस्वीर में वह अपने हाथों को बालों में घुमाते हुए कैमरे को इंटेंस लुक दे रही हैं, तो किसी में वह अपनी आँखें बंद कर कातिलाना अदाएं बिखेर रही हैं। उनके चेहरे के एक्सप्रेशंस में कॉन्फिडेंस और सेंसुअलिटी का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें लुक को कम्प्लीट करने के लिए सनी ने बोल्ड रेड लिपस्टिक लगाई है, जो उनके चेहरे पर खूब फब रही है। स्मोकी आइज, परफेक्ट कॉन्टूरिंग और न्यूड मेकअप बेस के साथ उन्होंने कानों में बड़े गोल्डन हूप इयररिंग्स पहने हैं। सनी ने अपने बालों को खुला रखा है। सनी लियोनी की इन तस्वीरों ने यह साबित कर दिया है कि फैशन और बोल्डनेस के मामले में उनका मुकाबला करना आसान नहीं है। फैंस लगातार इन तस्वीरों पर फायर और हार्ट इमोजीस की बरसात कर रहे हैं।
अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक
मशहद। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुवार देर रात को मशहद शहर के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार देर रात खामेनेई के बड़े बेटे हुज्जतुलइस्लाम सैय्यद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई की अगुवाई में लाखों लोगों ने […] The post अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .
'बाहुबली: द बिगिनिंग' के 11 साल: प्रभास की आवाज़ में गूंजते ये डायलॉग आज भी हैं सुपरहिट
प्रभास स्टारर 'बाहुबली- द बिगिनिंग' भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की एक बेहद सफल और यादगार फिल्मों में से एक है। इस सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म को रिलीज हुए अब 11 साल हो गए है। ये फिल्म आज ही के दिन यानी 10 जुलाई 2015 को रिलीज़ हुई थी और भारतीय सिनेमा में एक इतिहास रच दिया था। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली ने किया हैं। इस मैग्नम ओपस ने प्रभास को एक पैन इंडिया स्टार बना दिया और बाद में उनके प्रशंसकों ने उन्हें एक ग्लोबल सेंसेशन बना दिया। फिल्म में सुपरस्टार प्रभास ने सहजता के साथ अमरेंद्र और महेंद्र बाहुबली का डबल रोल प्ले किया और अपने जीवन के 5 से 6 साल बाहुबली यूनिवर्स के नाम कर दिया और जिसका नतीजा जबरदस्त था। ALSO READ: उत्तराखंड के ऐतिहासिक टनल रेक्स्यू पर फिल्म 'सिल्कयारा 41' लेकर आ रहे आमिर खान, कबीर खान करेंगे निर्देशन इस दौरान अपने काम के लिए सुपरस्टार का अनुशासन, समर्पण और जुनून वास्तव में तब रंग लाया, जब ये फिल्म रिलीज हुई और ग्लोबल एंटरटेनमेंट स्पेस में नए स्टैंडर्ड्स सेट करते हुए एक बड़ी ग्लोबल ब्लॉकबस्टर बन गई। इसके अलावा, प्रभास ने इस फिल्म से जो स्टारडम हासिल किया वह भी कमाल का है। इस सिनेमाई मास्टर पीस के ग्लोरियस 11 साल पूरे होने के मौके पर, आइए प्रभास के उन एपिक डायलॉग्स पर एक नज़र डालते हैं जो दर्शकों को आज भी अपना दीवाना बना लेते है। औरत पर हाथ डालने वाले की उंगलियां नहीं काटते… काट ते हैं तो गाला ये डायलॉग उस आइकोनिक सीन के दौरान बोला गया था, जहां प्रभास एक विशाल हॉल में अपनी ऑन-स्क्रीन पत्नी (अनुष्का शेट्टी) का बचाव करते हुए अपराधी का सिर काटते हैं। समय हर कायर को अपनी बहादुरी दिखाने का एक मौका जरूर देता है… यही वो क्षण है वह इंस्पायरिंग पल जब प्रभास अकेले ही एक बड़े दुश्मन से लोहा लेते हैं और इस लाइन को पढ़कर कुमार वर्मा को प्रेरित करते हैं। देवी मां की प्यास बुझाने के लिए एक निर्बल की बाली क्यों, मेरा उमड़ता हुआ रक्त समर्पित हैं युद्ध के मैदान में विशाल दुश्मन से मुकाबला करने से पहले, प्रभास उर्फ बाहुबली राज्य की परंपरा को चुनौती देते हैं, जिससे सभी इस सीन और दमदार डायलॉग के दीवाने हो जाते हैं। क्या है मृत्यु… हमारे हाथों से शत्रु का मर जाना ये सोचना है मृत्यु… रणभूमि में शत्रु से भयभीत होकर जीवित रहना है मृत्यु? युद्ध के मैदान में अपनी बटालियन के गिरते मनोबल को देखते हुए, प्रभास ने यह प्रभावशाली डायलॉग कहा था, जिसने उनमें हिम्मत, वीरता और दुश्मन से मुकाबला करने की ताकत पैदा की। अपने हाथों को हथियार बना लो... अपनी सांसों को आंधियों में बदल दो... हमारा खून ही महान सेना है प्रभास उर्फ बाहुबली अपने मामा कटप्पा के साथ दुश्मन से मुकाबला करने से पहले अपनी सेना को प्रेरित करते हैं!
Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र
Ten Mahavidyas Mantra: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि तंत्र, मंत्र और शक्ति साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान आदिशक्ति के दस महाविद्या स्वरूपों की उपासना करने से साधक को आध्यात्मिक उन्नति, आत्मबल, भय से मुक्ति और विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। प्रत्येक महाविद्या का अपना विशिष्ट स्वरूप, महत्व और बीज मंत्र है। श्रद्धा, शुद्धता और गुरु के मार्गदर्शन में इनकी साधना करना सर्वोत्तम माना गया है। यदि आप भी इस गुप्त नवरात्रि अपनी किसी खास मनोकामना को पूरा करना चाहते हैं, तो तिथियों के अनुसार इन 10 देवियों की पूजा और उनके विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण आइए यहां जानते हैं आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 10 महाविद्या और उनके मंत्र किस दिन होगी किस देवी की साधना? गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों में देवियों की आराधना का एक खास क्रम होता है। आइए जानते हैं किस दिन आपको किस महाशक्ति की पूजा करनी है: पहला दिन: मां काली की साधना दूसरा दिन: मां तारा और मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा तीसरा दिन: मां भुवनेश्वरी की आराधना चौथा दिन: मां छिन्नमस्ता की साधना पांचवां दिन: मां त्रिपुरभैरवी की पूजा छठा दिन: मां धूमावती की आराधना सातवां दिन: मां बगलामुखी की साधना आठवां दिन: मां मातंगी की पूजा नौवां दिन: मां कमला की पूजा जानें 10 महाविद्याएं और उनके अचूक सिद्ध मंत्र ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? इन दिव्य मंत्रों का जाप शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करने से आप चमत्कारिक फल पा सकते हैं। काली : ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।अथवा ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा। तारा : ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्। त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:। भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं। छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:। त्रिपुरभैरवी : ह स: हसकरी हसे।' धूमावती : धूं धूं धूमावती ठ: ठ:। बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:। मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:। कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:। जानें गुप्त नवरात्रि की 10 देवियों के नाम- 1. काली, 2. तारा, 3. त्रिपुरसुंदरी, 4. भुवनेश्वरी, 5. छिन्नमस्ता, 6. त्रिपुरभैरवी, 7. धूमावती, 8. बगलामुखी, 9. मातंगी, 10. कमला। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 5 खास बातें और महत्व
लखनऊ की दो बहनों ने कैसे रची संस्कृति से गेम की दुनिया
लखनऊ की दो बहनों ने भारतीय कला और संस्कृति से प्रेरित एक कार्ड गेम बनाया जिसे 40 से ज्यादा देशों के लोगों ने पसंद किया। उनकी कहानी बताती है कि संस्कृति केवल विरासत नहीं बल्कि रचनात्मक उद्यम का जरिया भी बन सकती है।
आमिर खान प्रोडक्शंस (भारत), माइंड ब्लोइंग फिल्म्स (ऑस्ट्रेलिया) और कबीर खान फिल्म्स ने 'सिल्कयारा 41' की घोषणा की है। यह फिल्म उत्तराखंड के सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन और इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर टनलिंग एक्सपर्ट और ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय हीरो अर्नोल्ड डिक्स की अहम भूमिका से प्रेरित है। फिल्म की कहानी ऑस्ट्रेलिया के चर्चित स्क्रीनराइटर एंड्रयू अनास्टासियोस ('द वॉटर डिवाइनर') ने लिखी है और इसका निर्देशन पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्ममेकर कबीर खान करेंगे। यह फिल्म भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक खास सहयोग का उदाहरण है, जो दोनों देशों की रचनात्मक ताकत, कहानी कहने की परंपरा और प्रोडक्शन एक्सपर्टीज को एक साथ लेकर आएगी। ALSO READ: 'बंटवारा 1947' में गूंजेगी सोनू निगम की आवाज, ए.आर. रहमान ने शेयर किया बड़ा अपडेट यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने रिश्तों को और मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग के नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में 'सिल्कयारा 41' सहयोग, साझा मूल्यों और इंसानी जज्बे की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। आमिर खान प्रोडक्शंस के संस्थापक और निर्माता आमिर खान ने कहा, माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और आमिर खान प्रोडक्शंस के बीच इस खास सहयोग की घोषणा करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। सिल्कयारा टनल रेस्क्यू की कहानी ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। यह मुश्किल हालात में साहस, जज्बे, सूझबूझ और इंसानियत की कहानी है। आमिर ने कहा, हमें खास तौर पर खुशी है कि हम इसकी घोषणा ऐसे ऐतिहासिक दिन पर कर रहे हैं, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह भी खास बात है कि हमारे दोनों देश मिलकर ऐसी फिल्म बना रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंसानी जज्बे की जीत की कहानी को सामने लाती है।
सनातन धर्म की सर्वप्रमुख और पवित्र नगरी हरिद्वार (Haridwar) से एक ऐसा शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। मां गंगा के सबसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों में से एक, वीआईपी घाट (VIP Ghat) इन दिनों एक बेहद फूहड़ विवाद की वजह से देश भर में चर्चा का विषय बन गया है।जहां देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु मोक्ष, आत्मिक शांति और आस्था की डुबकी लगाने आते हैं, वहां तेज आवाज में बज रहे अश्लील गानों पर बार बालाओं के डांस का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद तीर्थनगरी के साधु-संतों, पुरोहितों और विभिन्न धार्मिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।किसानों के महाकुंभ में मर्यादा तार-तार: क्या है पूरा मामला?यह पूरा बखेड़ा ‘किसानों का महाकुंभ’ नाम के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान खड़ा हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य: इस मंच को किसानों की गंभीर समस्याओं, उनकी फसलों के उचित दाम और उनके अधिकारों पर चर्चा करने के लिए सजाया गया था।मनोरंजन का फूहड़ तड़का: स्थानीय लोगों और इनपुट्स के अनुसार, कार्यक्रम में भीड़ जुटाने या मनोरंजन के नाम पर आयोजकों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। गंभीर और वैचारिक मुद्दों पर बात होने के बजाय अचानक मंच पर डांसरों के अश्लील ठुमके लगने लगे।बना विवाद का कारण: जिस पावन गंगा तट पर सुबह-शाम मंत्रोच्चार, शंखनाद और पावन गंगा आरती की गूंज होनी चाहिए, वहां लाउडस्पीकर पर फूहड़ बॉलीवुड गाने बज रहे थे। किसी जागरूक नागरिक ने इस पूरे कृत्य का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह विवाद पूरे देश में फैल गया।संतों का भारी आक्रोश: हरिद्वार कोई पिकनिक स्पॉट नहीं हैवीडियो के वायरल होते ही हरिद्वार की सर्वोच्च संस्था गंगा सभा के पदाधिकारियों और स्थानीय अखाड़ों के साधु-संतों में भारी उबाल देखने को मिल रहा है। संतों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे सनातन धर्म और हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार बताया है।संतों का कड़ा संदेश: वीआईपी घाट जैसे अति-संवेदनशील और पूजनीय स्थान पर इस तरह की फूहड़ता फैलाना अक्षम्य अपराध है। हरिद्वार एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र है, कोई पिकनिक स्पॉट नहीं। घाटों पर इस तरह की अश्लीलता फैलाकर धर्मनगरी की वैश्विक छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश की जा रही है, जिसे हिंदू समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।पुलिस और जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई की तैयारीसाधु-संतों और धार्मिक संगठनों के बढ़ते दबाव और आक्रोश के बीच उत्तराखंड का जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है।1.लिखित शिकायत और मांग:कदम 1.धार्मिक संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।2.अनुमति की जांच:कदम 2.प्रशासन इस बात की गंभीरता से जांच कर रहा है कि आखिर इतने संवेदनशील और पवित्र घाट पर इस प्रकार के फूहड़ सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति किस विभाग या अधिकारी ने और किन शर्तों पर दी थी।3.वायरल वीडियो से पहचान:कदम 3.हरिद्वार पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आयोजकों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ ऐसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सके, जिससे भविष्य में कोई भी दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके।इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सख्त निर्देशों के तहत तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा घाटों पर गश्त और सख्त गाइडलाइंस लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
बुढ़ापा जीवन का वह पड़ाव होता है जहां इंसान को आराम और अपनों के साथ की जरूरत होती है। लेकिन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) से एक ऐसा दिल झकझोर देने वाला और प्रेरणादायक वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह कहानी है लगभग 80 वर्ष के रवींद्रनाथ सरकार की, जो इस उम्र में भी जब उनका शरीर उनके इरादों का साथ नहीं देता, हर सुबह अपनी पीली टैक्सी का स्टीयरिंग व्हील थाम लेते हैं।वे ऐसा किसी बड़े बिजनेस या शौक के लिए नहीं, बल्कि घर का गुजारा करने और अपनी 67 साल की बीमार पत्नी की दवाइयों का खर्च उठाने के लिए करते हैं।रोजाना 16 घंटे का कड़ा संघर्ष: बिना छुट्टी किराए की टैक्सीसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर चैताली बोस नाम की एक यूजर द्वारा शेयर किए गए इस भावुक वीडियो ने देखते ही देखते हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।52 सालों का सफर: रवींद्रनाथ सरकार पिछले लगभग 52 वर्षों से कोलकाता की सड़कों पर टैक्सी चला रहे हैं।कठिन दिनचर्या: वे रोजाना सुबह 6 बजे घर से निकलते हैं और रात 11 बजे तक (करीब 16 घंटे) लगातार गाड़ी चलाते हैं।किराए का बोझ: सबसे दर्दनाक बात यह है कि वे जो टैक्सी चलाते हैं, वह उनकी अपनी नहीं बल्कि किराए की है। अगर किसी दिन उन्हें एक भी सवारी न मिले या वे एक रुपया भी न कमा पाएं, तब भी उन्हें जेब से टैक्सी का दैनिक किराया मालिक को चुकाना ही पड़ता है।बीमारियों की मार और टपकती छत का आशियानाइस बुजुर्ग जोड़े की कोई संतान नहीं है जो इस उम्र में उनका सहारा बन सके। दोनों अकेले ही जिंदगी की इस जंग को लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सेहत की दिक्कतें इस संघर्ष को और भी ज्यादा दर्दनाक बना देती हैं:ईमानदारी की मिसाल: चैताली बोस ने वीडियो में बताया कि इतनी आर्थिक तंगहाली और बीमारियों के बावजूद, रवींद्रनाथ सरकार अपनी सवारी से कभी भी ज्यादा पैसे नहीं मांगते। वे मीटर या ईमानदारी के हिसाब से उतना ही किराया लेते हैं, जितना वे सही समझते हैं।रहने के हालात बेहद मुश्किल: यह बुजुर्ग जोड़ा कोलकाता के दम दम (Dum Dum) इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक बेहद छोटे से टीन के घर में रहता है। मानसून के इस मौसम में जब कोलकाता में भारी बारिश हो रही है, उनके घर की छत लगातार टपकती है। पूरा पानी घर के अंदर आ जाता है, लेकिन तंगहाली के कारण इस छत की मरम्मत करवाना भी उनके बजट से बाहर है।सोशल मीडिया पर उमड़ा मदद का सैलाब: यूजर्स ने उठाई पेंशन की मांगवीडियो के अंत में चैताली बोस ने देशवासियों और कोलकाता के स्थानीय लोगों से इस स्वाभिमानी बुजुर्ग जोड़े की मदद के लिए आगे आने की भावुक अपील की है। इस क्लिप के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों की अलग-अलग और दिल छू लेने वाली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:स्वाभिमान को सलाम: एक यूजर ने लिखा, ऐसे मुश्किल हालात में कई लोग भीख मांगने पर मजबूर हो जाते हैं, लेकिन यह बुजुर्ग इस उम्र में भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। जिन लोगों ने पूरी जिंदगी सम्मान के साथ काम किया है, उन्हें बुढ़ापे में ऐसे संघर्ष नहीं करना चाहिए। दया कोई दान नहीं, हमारा फर्ज है।पेंशन नियमों में बदलाव की मांग: एक अन्य नागरिक ने नीतिगत बदलावों का सुझाव देते हुए लिखा कि सरकार को सक्षम महिलाओं की योजनाओं की राशि को संतुलित कर ऐसे लाचार और अक्षम बुजुर्गों के लिए बुढ़ापा पेंशन (Old Age Pension) की रकम को बढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में काम करने की क्षमता खत्म हो जाती है और दवाइयों का खर्च बहुत ज्यादा होता है।यदि आप भी कोलकाता या इसके आसपास के क्षेत्र में रहते हैं, तो दम दम रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले रवींद्रनाथ सरकार की टैक्सी में सफर करके या सीधे तौर पर उनकी टपकती छत को ठीक करवाकर इस सावन में पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।
सोशल मीडिया पर अक्सर भारतीय रेलवे (Indian Railways) की ट्रेनों में फैली गंदगी, टॉयलेट्स की बदहाली और जनरल बोगियों में क्षमता से अधिक भरी भीड़भाड़ के वीडियो वायरल होते रहते हैं। इन नकारात्मक खबरों के बीच, तमिलनाडु से एक ऐसा अनोखा और सुखद वीडियो सामने आया है, जिसने हर देशवासी को हैरान होने पर मजबूर कर दिया है।एक यात्री ने मदुरै से रामेश्वरम जाने वाली एक बेहद साधारण और कम किराए वाली पैसेंजर ट्रेन ($Passenger Train$) का वीडियो शेयर किया है। यह ट्रेन अंदर से इतनी ज्यादा साफ-सुथरी और व्यवस्थित थी कि इसे देखने के बाद लोग इसकी तुलना देश की प्रीमियम और वीआईपी ट्रेनों (जैसे वंदे भारत या तेजस) से करने लगे हैं। हालांकि, इस सकारात्मक वीडियो के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर 'उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत' (North vs South) के नागरिकों के सिविक सेंस (नागरिक समझ) को लेकर एक नई और तीखी बहस भी छिड़ गई है।पैसेंजर ट्रेन की चमक देख चौंक गए इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर 'गौरव'गौरव नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने हाल ही में मदुरै से रामेश्वरम के बीच चलने वाली एक आम पैसेंजर ट्रेन में सफर किया। एक सामान्य भारतीय यात्री की तरह गौरव ने भी यही उम्मीद की थी कि बाकी पैसेंजर ट्रेनों की तरह यह कोच भी गुटके के दागों, कचरे और बदबू से भरा होगा।लेकिन जैसे ही उन्होंने ट्रेन के अंदर कदम रखा, वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।ट्रेन का इंटीरियर: ट्रेन के कोच की सीटें, फर्श, हाथ धोने का वॉश बेसिन और टॉयलेट एकदम शीशे की तरह साफ-सुथरे और चमचमाते दिख रहे थे।स्टेशन का नजारा: चौंकाने वाली बात यह थी कि केवल ट्रेन ही नहीं, बल्कि उस रूट के रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म पर भी कहीं कोई कचरा या प्लास्टिक की बोतल नजर नहीं आ रही थी। गौरव ने इस अद्भुत नजारे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।सफर के अंत तक चमचमाती रही बोगी: आलोचकों को दिया करारा जवाबजब गौरव का पहला वीडियो वायरल हुआ, तो कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' बताते हुए कमेंट किया कि यह ट्रेन अभी यार्ड से धोकर आई है और स्टेशन से खुली नहीं है, इसलिए साफ दिख रही है। 10-20 किलोमीटर का सफर तय करते ही भारतीय यात्री इसे भी कचरा पेटी बना देंगे।1.यूजर्स ने उठाए सवाल:आलोचकों की चुनौती.कमेंट सेक्शन में लोगों ने दावा किया कि सफर खत्म होते-होते पैसेंजर ट्रेन की हालत हमेशा की तरह बदतर हो जाएगी।2.170 किमी बाद बनाया दूसरा वीडियो:गौरव का पलटवार.गौरव ने इन आलोचकों को जवाब देने के लिए मदुरै से रामेश्वरम तक का पूरा 170 किलोमीटर का सफर खत्म होने का इंतजार किया।3.सफर के बाद भी ट्रेन रही बेदाग:हैरान करने वाला सच.मंजिल पर पहुंचने के बाद गौरव ने ट्रेन की स्थिति का दूसरा वीडियो शेयर किया। हैरान करने वाली बात यह थी कि पूरा सफर खत्म होने के बाद भी ट्रेन के टॉयलेट, सिंक एरिया और सीटें वैसी ही साफ-सुथरी थीं, जैसी यात्रा की शुरुआत में थीं।सोशल मीडिया पर 'सिविक सेंस' को लेकर बंटी जनता: छिड़ी नई जंगगौरव ने अपने वीडियो के कैप्शन में 'डिफरेंस बिटवीन नॉर्थ एंड साउथ पीपल' (उत्तर और दक्षिण के लोगों में अंतर) लिख दिया, जिसने इंटरनेट पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया। गौरव का मानना है कि हम हमेशा सोचते हैं कि सिर्फ महंगे किराए वाली प्रीमियम ट्रेनों में ही सफाई रखी जा सकती है, लेकिन इस आम ट्रेन के यात्रियों ने साबित कर दिया कि अगर नागरिक चाहें तो बिना रेलवे स्टाफ के भी व्यवस्था को साफ रखा जा सकता है।इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं:यूजर्स का नजरियाउनका मुख्य तर्कसाउथ इंडिया के समर्थककई यूजर्स का कहना है कि दक्षिण भारत के राज्यों में साक्षरता दर (Education Rate) अधिक होने के कारण वहां के आम नागरिकों में सिविक सेंस और सार्वजनिक संपत्तियों को साफ रखने की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा होती है, जबकि उत्तर भारत की थर्ड एसी बोगियों में भी लोग कचरा फैला देते हैं।तटस्थ और राष्ट्रवादी नजरियादूसरे पक्ष के लोगों का मानना है कि गंदगी या सफाई का संबंध किसी क्षेत्र (नॉर्थ या साउथ) से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सोच से है। हर जगह अच्छे और बुरे नागरिक होते हैं। देश को क्षेत्रीय आधार पर बांटने या आपस में लड़ने के बजाय हम सभी को मिलकर पूरे भारत को स्वच्छ (Swachh Bharat) बनाने पर ध्यान देना चाहिए।कड़ा संदेश: सफाई सिर्फ सरकार की नहीं, हमारी भी जिम्मेदारी हैयह वायरल वीडियो देश के हर रेल यात्री के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। यह साबित करता है कि रेलवे चाहे कितनी भी आधुनिक मशीनें लगा ले, जब तक यात्री खुद जागरूक होकर कचरा डस्टबिन में डालने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक देश की ट्रेनों की दशा नहीं सुधारी जा सकती।
‘अमेरिका में जो इंडियन हैं, उनके पास बहुत पैसा है। पाकिस्तानी लड़के ने एक महीने में 95 लाख रुपए से ज्यादा कमीशन उठाया। उसने इंडियन कस्टमर को डिजिटल अरेस्ट कर 9.5 करोड़ की पेमेंट करवाई थी।’ सायबर स्कैम करने वाली इंडस्ट्री में लड़कों की भर्ती करने वाले एजेंट विक्की से हमारी मुलाकात कंबोडिया में हुई। सायबर स्कैम के जरिए भारत में हर दिन करीब 61 करोड़ रुपए और हर महीने 2 हजार करोड़ रुपए ठगे जा रहे हैं। कंबोडिया–मलेशिया जैसे देश इसका हब बन चुके हैं। कंबोडिया में किसी इंडस्ट्री की तरह सायबर स्कैम कंपनियां चल रही हैं, इसलिए हम पड़ताल करने वहां पहुंचे। ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड के पहले पार्ट में हमने बताया था कि कैसे भारत में लड़कों को सायबर स्कैम के लिए भर्ती किया जा रहा है। अब दूसरे और आखिरी पार्ट में पढ़िए और देखिए कंबोडिया पहुंचने के बाद लड़कों के साथ क्या होता है। स्टेप 1: पाकिस्तानी एजेंट से मुलाकात हम 15 जून को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह पहुंचे। विक्की से कॉन्टैक्ट कराने वाले पाकिस्तानी एजेंट लफी ने बताया था कि एयरपोर्ट पर पूछताछ होती है, लेकिन हमारी सेटिंग है। 200 से 250 डॉलर में हमारा बंदा इमिग्रेशन क्लियर करवा देता है। हालांकि, हम टूरिस्ट वीजा पर नोम पेन्ह पहुंचे थे। इमिग्रेशन में हमसे सिर्फ कंबोडिया आने की वजह पूछी गई। हमने बताया कि घूमने आए हैं। एयरपोर्ट से निकलते ही एजेंट विक्की को कॉल किया। उसने शाम 5 बजे मिलने को कहा। जिस जगह की लोकेशन भेजी, वो नोम पेन्ह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ट्रापेआंग रूमचेक एरिया की थी। यहां कई वेयरहाउस, लॉजिस्टिक कंपनियां, रेस्टोरेंट्स और अपार्टमेंट्स हैं। लोकेशन पर पहुंचने के बाद हमने विक्की को कॉल किया। कहा कि भाई कहां हो, नजर नहीं आ रहे। उसने कहा- ‘तुम जहां हों, वहां से आगे बढ़ो। मैं मेन रोड की तरफ आ रहा हूं।’ थोड़ा आगे बढ़ने पर ब्लैक शर्ट और कैप में एक लड़का दिखा। यही विक्की था। वो हमें अपने घर ले गया। अंदर जाते ही विक्की के साथ मौजूद लड़के ने गेट बंद कर दिया। फिर बातचीत शुरू हुई। पता चला कि विक्की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का रहने वाला है। उसने बताया ‘ये मेरा घर और ऑफिस दोनों है। स्कैम के लिए आने वाले लड़कों को पहले यहीं रुकवाते हैं। कुछ दिन लड़कों को यहां रखने के बाद स्कैम कंपाउंड भेजते हैं। अब भर्ती का तरीका बदल गया है। आजकल एजेंट सीधे अपनी लोकेशन पर नहीं बुलाते। आपको लफी भाई ने भेजा है, इसलिए बुला लिया।’ भारतीयों को फंसाने में ज्यादा पैसा, पाकिस्तानी लड़के ने एक महीने में 95 लाख कमाएविक्की को शक न हो, इसलिए हमने सीधे सवाल-जवाब नहीं किए। हमने कहा कि यहां रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं। आप बताओ कहां खोल सकते हैं। रेस्टोरेंट के ऊपर ही कमरे बना देंगे, भारत से आने वाले लड़कों को उसी में रुकवाएंगे। इससे किसी को शक भी नहीं होगा। विक्की बोला, ‘जमीन मिल जाएगी, कोई दिक्कत नहीं। मैं वीजा के साथ कानूनी मदद भी करता हूं। अगर किसी लड़के को जेल हो जाए, तो मेरे पास वकीलों का ग्रुप है। मुझे पुलिस रेड की खबर पहले मिल जाती है। कई बार लड़कों को ऐसे निकाला कि एक दरवाजे से पुलिस आ रही है और दूसरे से उन्हें बाहर कर दिया। विक्की ने आगे बताया, ‘अगर कोई खुद स्कैम ऑपरेशन चलाना चाहे, तो उसके लिए भी जगह दिलवा सकते हैं। सिक्योरिटी भी प्रोवाइड कराता हूं। पुलिस नंबर वाली गाड़ियां भी दी हैं।’ सैलरी के बारे में पूछने पर बोला, ‘लड़कों की शुरुआती सैलरी 75 हजार से 1 लाख रुपए तक जाती है। काम के हिसाब से कमीशन मिलता है। रहने के लिए एसी रूम और तीन वक्त का खाना मिलता है। लड़के को आने के बाद पूरा काम समझाते हैं’ बातचीत के आखिर में उसने कहा, ‘‘कंबोडिया में भारत के सिम कार्ड की बहुत डिमांड है। अगर कोई कंबोडिया पहुंचा दे, तो बहुत मुनाफा है। भारत से आने वाले लोग हजारों सिम लेकर आते हैं। इंडियन कॉलिंग में भी कमाई है। अगर अरेंज हो सकें, तो भेजना। खूब कमाओगे।’ स्टेप 2: स्कैम कंपाउंड में ट्रांसफरविक्की से मुलाकात के बाद हम सायबर स्कैम कंपाउंड तक पहुंचना चाहते थे। इन स्कैम कंपाउंड में फंस चुके रोहित ने बताया था कि नोम पेन्ह से 60 किमी दूरी पर चेरिथॉम नाम की जगह है, जहां कई कंपाउंड बने हुए हैं। कंबोडिया के कंदाल प्रांत में बसी इस जगह पर पहुंचे तो सैकड़ों सफेद रंग की बहुमंजिला इमारतें नजर आईं। ये जगह वियतनाम बॉर्डर से महज 3 किमी दूर है। सभी बिल्डिंगों के बाहर ऊंची-ऊंची दीवारें थीं। दीवारों के ऊपर कंटीले तार थे। सीसीटीवी लगे थे। बड़े-बड़े लोहे के गेट थे। कुछ कंपाउंड में ताला लगा था, कुछ के बाहर सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे। मैं नोम पेन्ह के अपने साथी पोंग वांथा के साथ यहां पहुंचा था। उसने कहा कि, गाड़ी से बाहर मत निकलना, यहां सब स्कैमर घूमते रहते हैं। पोंग ने बताया कि, यहां कुल कितने कंपाउंड है, इसका आंकड़ा तो किसी को नहीं पता, लेकिन ज्यादातर बिल्डिंगों में सायबर स्कैम कंपनियां ही चल रहीं थीं। कुछ अब भी चोरी-छिपे चल रही हैं, कुछ ने लोकेशन बदली है। पूरा एरिया सूना था। छिपते-छिपाते हमने बिल्डिंगों के शॉट लिए। फिर एक बिल्डिंग के पीछे बनी झुग्गी के पास पहुंचे। वहां मिले लोगों ने बताया कि थोड़े दिन पहले तक स्कैम कंपाउंड में रहने वाले लड़के यहां चाय-पानी के लिए आते थे, लेकिन पुलिस की रेड हुई तो अब बहुत सारे भाग गए। भीड़ आना कम हो गई। मैंने पूछा, ये इमारतें कब बनीं हैं? जवाब मिला-सब पिछले चार-पांच साल में खड़ी हुई हैं। चाइनीज लोगों ने बनाई हैं। पहले कुछ भी नहीं था। अब खेतों के बीच में कंपाउंड, सड़कें, बिजली सब हो गया। कंपाउंड में आने के बाद बाहर जाना मुश्किल, यहीं ऑफिस, मेस और हॉस्टल स्कैम कंपाउंड तक पहुंचाने का जरिया बने रोहित को इन्हीं में से एक कंपाउंड में रखा गया था। जिन लड़कों को सायबर स्कैम के लिए कंबोडिया लाया जाता है, उन्हें एयरपोर्ट से सीधे गाड़ियों में कंपाउंड के अंदर लाते हैं। फिर जांच–पड़ताल होती है। पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं। घरवालों से बात करने के लिए सिर्फ एक बार मोबाइल मिलता है, लेकिन वीडियो कॉल नहीं कर सकते। एक कमरे में 6 से 10 लड़कों को रखते हैं। किसी हॉस्टल की तरह यहां बंक बैड बने होते हैं। सभी लड़कों को 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। जिन लड़कों पर भरोसा हो जाता है, उन्हें कंपनी कुछ देर के लिए कंपाउंड के बाहर जाने की परमिशन भी देती है। रोहित से हमें इसी एरिया में रेस्टोरेंट चलाने वाले जाहिद का नंबर मिला। कॉल किया तो उसने बताया- ‘भाईजान अब सख्ती के चलते वहां सब बंद हो गया है। मैं भी नोम पेन्ह में हूं। लड़कों को दूसरे देश भेज रहे। जैसे सख्ती कम होगी, फिर सब शुरू हो जाएगा।’ स्टेप 3: स्कैम कंपाउंड का वर्क कल्चर, सैलरी और कमीशन इन स्कैम कंपाउंड में पहुंचने के बाद एक हफ्ते तक काम सिखाया जाता है। रोहित और उसके साथियों को कंप्यूटर पर काम, मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल, अंग्रेजी में बातचीत और पहले से तैयार स्क्रिप्ट के मुताबिक लोगों से बात करने की ट्रेनिंग दी गई। चेरिथॉम में स्कैम कंपाउंड को देखने के बाद मैं नोम पेन्ह में रिवर साइड एरिया पहुंचा। इस इलाके को स्कैमर्स का अड्डा कहा जाता है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल, वियतनाम सहित तमाम देशों के लड़के यहां मिले। इन्हीं में से एक बांग्लादेशी लड़के ने बंद कैमरे पर बात की। बोला– ‘कंपनी ने कंबोडिया के शहर सीएम रीप बुलाया था क्योंकि यहां के एयरपोर्ट पर उनकी सेटिंग थी। वहां से नोम पेन्ह आ गए। 20 दिन होटल में फंसे रहे क्योंकि कंपनी ने नौकरी के बदले 6 लाख मांगे थे। मैंने सिर्फ डेढ़ लाख दिए थे। एजेंट ने कहा- बाकी साढ़े चार लाख रुपए मिलने पर ही कंपनी आ सकोगे। फिर रकम बढ़ाकर 8 लाख कर दी। परिवार ने कर्ज लेकर पैसे भेजे।‘ ‘तब एजेंट ने गोल्डन कैसीनो कंपनी में भेजा। पहले 7 दिन ट्रेनिंग हुई। रोज 12 घंटे बैठाए रखते और कस्टमर से बात करना सिखाते। दोपहर में ज्यादातर चाइनीज खाना मिलता, जो खाया नहीं जाता। अच्छे से काम ना करने वाले से 20 घंटे तक काम करवाया जाता। कई बार 12 घंटे खड़े रहकर काम करना पड़ता।‘ टारगेट पूरा न होने पर कैद किया, करंट दिया और मारपीट कीलड़का आगे बोला, ‘मुझे बहुत टॉर्चर किया। टारगेट पूरा न होने पर पहले खाना बंद किया। फिर छोटे से कमरे में बंद कर दिया। न वॉशरूम जा सकता था, न कुछ खाने को मिलता। एक दिन मैनेजर के सामने बहुत रोया, तो टीम लीडर ने मुझे करंट लगाया और बहुत मारा। एक हफ्ते बाद मैनेजर ने मेरे एजेंट को बुलाकर मुझे बाहर निकलवा दिया।‘ ‘कर्ज ज्यादा था और वापस आने का पैसा नहीं था, इसलिए दूसरी कंपनी में चला गया। वहां महीने का दो से तीन हजार डॉलर तक कमा रहा था, लेकिन 24 अप्रैल को कंपनी बंद हो गई। हमारे चाइनीज बॉस को अरेस्ट कर लिया। सब लड़के भाग गए। हमें म्यांमार-मलेशिया जाने का कहा गया। कुछ अफ्रीकन देशों में भी गए हैं। कुछ पर कंपनी ने इतना प्रेशर डाला कि उन्होंने सुसाइड कर लिया। उनमें से दो की लाशें समुद्र में फेंक दीं। एजेंट भी भाग गए।‘ सख्ती के बाद कंबोडिया से म्यांमार-मलेशिया जा रहीं स्कैम कंपनियां पाकिस्तानी एजेंट लफी, स्कैम कंपनी के HR डिपार्टमेंट में काम करने वाले मैनुअल, कंबोडिया में मिले एजेंट विक्की और स्कैम कंपनी में काम कर चुके लड़कों से बातचीत से पता चला कि, कंपनियां कंबोडिया से मलेशिया, म्यांमार, तुर्कमेनिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में जा रही हैं। इन्हीं लड़कों के जरिए हमें कुआलालंपुर में भर्ती करने वाले एजेंट की लिंक मिली। जिस लड़के से नंबर मिला था, उसी के रेफरेंस से एजेंट से बात की। उसे बताया कि मैं एजेंट हूं, इंडिया से लड़कों को स्कैम कंपाउंड भेजना चाहता हूं। उसने पहले कुआलालंपुर में मिलने की बात कही लेकिन वहां पहुंचने पर मिलने से इनकार कर दिया। बोला- ‘बिना मिले ही सारा काम हो जाएगा। कुआलालंपुर के लिए ओपनिंग है। आप लड़कों के वीडियो भेजो, मैं इंटरव्यू करवाता हूं। जिन लड़कों की इंग्लिश अच्छी है, उन्हें प्रिफरेंस मिलेगा।‘ फिर एजेंट ने वॉट्सएप पर एक स्क्रिप्ट भेजी। इसमें लिखा था- ‘कॉल करके कैसे किसी व्यक्ति को झांसे में लेना है। पुलिस, ईडी या सीबीआई अधिकारी बनकर बात करनी है।’ एजेंट ने कहा कि जिन लड़कों को भेजना है, उनके वीडियो इस स्क्रिप्ट के हिसाब से रिकॉर्ड करके भेज दो। हमने एक लड़के का वीडियो भेजा, तो जवाब मिला- वीडियो ठीक है। लड़के का पासपोर्ट भेजो, इंटरव्यू करवाता हूं। एक हफ्ते में कुआलालंपुर बुला लेंगे। हमने कंपनी का एड्रेस मांगा और कहा एक बार देखना चाहते हैं। जवाब मिला- ‘चाइनीज कंपनी है, ऑफिस मेन सिटी में है, लेकिन एड्रेस नहीं दे सकता। मैं भी नहीं गया। लड़के के सिलेक्ट होने के बाद कंपनी के लोग सीधे एयरपोर्ट से ले जाएंगे।‘ अगले दिन उसने यूरोपियन और अमेरिकन मार्केट की ओपनिंग का मैसेज भेजा। बताया कि 800 डॉलर सैलरी मिलेगी। कुआलालंपुर से काम करना है, लेकिन जो स्कैम करना चाहते हैं, उन्हें ही लेकर आना। ये स्टोरी लिखे जाने तक लफी और मैनुअल हमारे कॉन्टैक्ट में हैं। मैनुअल लड़कों के पासपोर्ट मांग रहा है, लफी ने इंटरव्यू के लिए थोड़ा रुकने को कहा है। किराए के बंगले और अपार्टमेंट्स में चल रहीं स्कैम कंपनियां मलेशिया में जिन लोकेशन पर पुलिस की रेड में स्कैम कंपनियां पकड़ी गई हैं, हम वहां भी पहुंचे लेकिन ये नहीं पता चल सका कि कौन सी इमारतों में स्कैम कंपाउंड चलाए जा रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि कुआलालंपुर के ओल्ड क्लांग रोड, कुचाई लामा और बंगसर इलाकों में कमर्शियल बिल्डिंग्स, किराए के बंगलों या अपार्टमेंट्स में सायबर स्कैम कंपनियां चल रही हैं। बाहर से देखने पर सब सामान्य लगता है, लेकिन हकीकत अलग है। श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार, युगांडा जैसे देश नए ठिकाने बन रहेकंबोडिया के कई स्कैम कंपाउंड की जमीनी पड़ताल कर चुके ‘द आई विटनेस’ प्रोजेक्ट के ऑपरेशंस डायरेक्टर नाथन पॉल सदर्न कहते हैं, ‘इन कंपाउंड्स को इंटरनेशनल चाइनीज सिंडिकेट चला रहे हैं। उनके लोकल गवर्नमेंट से अच्छे रिलेशन होते हैं। पहले टेलीकॉलिंग या कस्टमर सर्विस की जॉब बताते हैं और 1200 डॉलर महीना मिलने की बात करते हैं। लोग लालच में फंस जाते हैं।‘ ‘स्कैम कंपाउंड में आने के बाद काम करना ही पड़ता है। न करने पर डार्क रूम में बंद कर मारपीट करते हैं। कंपाउंड के बाहर हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड होते हैं, इसलिए भाग पाना आसान नहीं होता। कंपनियां पासपोर्ट भी ले लेती हैं। लोगों के पास पैसे नहीं होते, ऐसे में कंपाउंड में ही काम करने लगते हैं।‘ वे कहते हैं, ‘इन स्कैम कंपाउंड्स की ऑपरेशनल कैपेसिटी और जिस स्केल पर ये काम कर रहे हैं, वो सब हैरान करने वाला है। एक देश में क्रैकडाउन होने पर दूसरे देश भाग जाते हैं। यही इनके काम का तरीका है।‘ कंबोडिया में ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सालों से काम कर रहे मार्क टेलर कहते हैं, ‘कंबोडिया सायबर क्राइम का डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां गेम्बलिंग इंडस्ट्री से जुड़कर सायबर स्कैम करने वाली कंपनियां आई हैं। कई देशों के लोग यहां फंसे हैं।‘ ‘सख्ती के बाद ये श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार, युगांडा और केन्या जैसे देशों में मूव कर रही हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि कंबोडिया में पूरी तरह से काम बंद हो चुका है। ये ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क है। इस इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है।‘ साउथ-ईस्ट एशिया ही क्यों बना साइबर स्कैम का अड्डा? ……………………ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड का पहला पार्ट भी पढ़ें… एक लड़के पर 95 हजार कमीशन, काम भारतीयों को लूटना ‘लड़के भेज दो... एक लड़के पर 95 हजार रुपए तक कमीशन मिलेगा।’ ये ऑफर कंबोडिया में बैठे एक पाकिस्तानी एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। शर्त थी कि लड़के इंग्लिश बोलना जानते हो, बाकी काम कंपनी सिखा देगी। कंपनी का नाम नहीं है। वेबसाइट नहीं है। ऑफर लेटर नहीं है। इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। जॉब दुनियाभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की है। पढ़िए पूरी खबर…
ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। गांव का रास्ता पता नहीं है, सो मैं मोबाइल में मिथुन की तस्वीर दिखाकर लोगों से पूछता हूं- इस लड़के का गांव तिलकचक कहां है? जो मिथुन को नहीं जानता वो तस्वीर देखते ही डर जाता। कहता- ‘अरे भाई ये क्या है। इंसान तो नहीं लगता।’ जैसे-जैसे मैं गांव के करीब पहुंचता गया, लोग गांव से ज्यादा उसे पहचानने लगे। फोटो देखकर एक शख्स बोला- ‘अरे ये तो मिथुन है। दूर-दूर से लोग इसका वीडियो बनाने आते हैं।’ फिर हाथ से इशारा करते हुए कहते हैं-‘इसी रोड पर 5 किलोमीटर आगे चले जाइए, फिर किसी से भी पूछ लीजिएगा सब मिथुन का घर बता देंगे।’ इस तरह पूछते-पूछते मैं करीब आधे घंटे बाद मिथुन के गांव पहुंचा और फिर उसके घर। बाहर ही कुछ लोग बैठे हैं। इनमें से एक बजुर्ग महिला को तस्वीर दिखाकर पूछा- क्या यही है मिथुन का घर? वो देखते ही बोलीं- ‘अरे, ये मेरा बेटा मिथुन है।’ पूछने पर वो अपना नाम बचिया देवी बताती हैं। मैंने जैसे ही उन्हें अपने बारे में बताया, वो बोलीं- ‘पहले भी आप जैसे कई लोग आ चुके हैं। आप भी क्या ही करिएगा। बैठ जाइए यहीं, मिथुन थोड़ी देर में आता होगा।’ थोड़ी देर बाद, एक शख्स आता दिखा। वो मिथुन थे। करीब पहुंचते ही हंसते हुए बोला- ‘मुझे देखकर डर तो नहीं गए।’ मैंने पूछा- ‘फोटो में तो आपकी शक्ल काफी अलग है।’ वो बोले- ‘एकबार सर्जरी हुई थी, उसके बाद से चेहरा थोड़ा बदल गया है।’ मैंने जैसे ही कैमरा निकाला, मिथुन की मां बोलीं- 'अब ई सबसे कुछ होने वाला नहीं है। केतना लोग वीडियो बनाकर ले गए। हमें फूटी कौड़ी नहीं दी। अब आप भी वीडियो बनाइएगा। ये तो अपनी बीमारी को कफन की तरह ओढ़कर जैसे-तैसे जी रहा है। मरेगा तभी ये बला टलेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह भी भला कोई जिंदगी है इसकी। 5 लाख रुपये दिलवा दो, तो यह कुछ कर लेगा। कम से कम अपनी एक छोटी-मोटी दुकान ही खोल लेगा। चेहरा देख रहे हैं इसका, शादी-ब्याह की बात सोचना भी गुनाह है। पता नहीं कौन-सा पाप किया था, जो ऐसा अजूबा मेरे घर में पैदा हुआ है। सब किस्मत का दोष है।' इतना सुनते ही वहां बैठा एक शख्स बोला- ‘मिथुनमा, अब मिथुन चक्रवर्ती बन जाएगा। अबकी वीडियो बनेगा तो दिल्ली से पैसा आएगा।’ ये सुनते ही मिथुन झल्लाते हुए घर के अंदर चले गए और सिर पकड़कर सीढ़ी पर बैठ गए। मिथुन का चेहरा जगह-जगह कटा हुआ है। सर्जरी के बाद भी चेहरा आम लोगों जैसा नहीं है। शरीर पर गड्ढे भी हैं। कुछ देर बाद मिथुन कहते हैं- 'मैं इसीलिए आपको बुलाना नहीं चाहता था। जब भी कोई आता है तो ये लोग ऐसे ही मेरा मजाक उड़ाते हैं। कहने लगते हैं- ‘इतने सारे लोग वीडियो बनाने के लिए आते हैं। पैसा तो मिलता ही होगा। तुमको पैसे की क्या कमी है। फालतू में मजदूरी करने जाते हो। देखिए पैर में सीमेंट लगी है। लेबर का काम कर रहा था। आपका फोन आया, तो खाने का बहाना बनाकर घर आया हूं। मोबाइल है, लेकिन लोकेशन भेजना नहीं आता है। किसी को बोलता तो ये लोग फिर मजाक उड़ाते। इसीलिए आपसे कहा था- इस इलाके में किसी को भी मेरी फोटो दिखाइएगा, वो पता बता देगा। सर, मेरा चेहरा देखकर तो लोगों को घिन आती है। मेरे मुंह से लगातार लार टपकती रहती है, क्योंकि मुंह पूरी तरह बंद नहीं होता। शायद, डॉक्टर ने चेहरे का मांस ज्यादा काट दिया, इसलिए मुंह खिंचा-खिंचा रहता है। लोग कहते हैं कि तुम मनहूस हो, तभी तो ऐसी शक्ल भगवान ने दी है। आप ही बताइए, मेरा क्या दोष है। बचपन में मेरे साथ क्या हुआ, किसे पता। 10-12 साल का था, आईने में खुद का चेहरा देखकर डर जाता था। भाइयों को देखता, वो हट्टे-कट्टे, सुंदर दिखते थे। मैं न तो अपने चेहरे को ठीक से धो सकता था और न ही हाथ फेर सकता था। पूरे शरीर पर मांस के बड़े-बड़े लोथड़े थे। चेहरे पर न आंख का पता चलता था, न मुंह का। सांस भी नहीं ले पाता था। नजर भी कमजोर हो गई थी। रात में सोता था, तो 10 घर तक मेरे खर्राटे की आवाज जाती थी। जो भी रात में इस रास्ते से गुजरता, वह डर जाता था।' 'एक बार की बात है। सुबह के 5 बज रहे होंगे। मैं भाइयों के साथ आम तोड़ने के लिए खेत गया था। वहां जैसे ही कुछ लोगों की नजर मुझ पर पड़ी तो वे भूत, भूत कहकर चिल्लाने लगे। डर के मारे तेजी से भागे और एक बड़े गड्ढे में जा गिरे। उस दिन से आजतक मैं सुबह-सुबह घर से नहीं निकलता। बच्चे तो मेरे पास आते ही नहीं हैं। कोई भूत-प्रेत तो कोई शैतान का बच्चा कहता है। पड़ोसी कहते हैं- घर में ही रहा करो। बच्चे तुम्हें देखकर डर जाते हैं। दिनभर खाना नहीं खाते। मैं भी स्कूल जाता था। लेकिन जब बीमारी की वजह से मेरा चेहरा बिगड़ने लगा, तो एक दिन मैडम ने मुझे बहुत मारा। दरअसल, क्लास के बच्चों ने शिकायत की थी कि वे मुझे देखकर डरते हैं। यहां तक कि उनके घरवालों ने भी हेडमास्टर से कह दिया था- इसे स्कूल से निकाल दो, हमारे बच्चे इसे देखकर रात-रातभर सो नहीं पाते। मैडम ने कहा- तुम्हारी वजह से बाकी बच्चे स्कूल आना छोड़ देंगे। तुम अपना चेहरा आईने में देखते हो, जाकर देखो। कैसा डरावना है। अब स्कूल मत आना। तब से ही स्कूल जाना छोड़ दिया। सिर्फ 5वीं तक ही पढ़ पाया। घर में ही बंद रहता था। पापा के साथ कहीं जाता तो लोग मुझे देखकर रास्ता बदल लेते थे। अब घर वाले भी मुझे कहीं नहीं ले जाते। शाम को बाहर कहीं खेलने के लिए जाता, तो बच्चे भाग जाते। मेरे घर आकर कहते- इसे बाहर मत भेजा करो। धीरे-धीरे जब चेहरे पर मांस के लोथड़े बड़े होने लगे, तो दर्द बढ़ने लगा। ठीक से खाना भी नहीं खा पाता था। दिनभर कराहता रहता। 15-16 साल का हुआ, तो घरवालों ने पैसा देना बंद कर दिया। बीमारी में भला कौन किसका होता है। सोचा काम-धंधा करूंगा, तभी दो रोटी मिलेगी। हमारे आसपास के लोग घर बनाने का काम करते हैं। उनसे काम मांगने गया, तो वे बोले- तुम्हारी शक्ल देखने लायक नहीं है। घर पर ही बैठो। 2016-17 की बात है। तब यहां झोपड़ी थी। भाइयों ने कहा- घर बनवा लेते हैं। इसके हिस्से का खाली खेत छोड़ देते हैं। घर बनना शुरू हुआ तो कुछ मिस्त्री बाहर से काम के लिए आए। जब उन्होंने मुझे देखा तो दूसरे शहरों में मेरे बारे में बताया। कहा- वहां भूत जैसा लड़का रहता है। धीरे-धीरे ये बात सब जगह फैल गई। एक दिन शहर से एक शख्स आया। उसने मेरा फोटो खींचा और चला गया। कुछ दिन बाद वह फिर आया और पापा से कहा- इसे बड़ी बीमारी है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन सर्जरी से थोड़ी राहत मिल सकती है। वह शख्स किसी संस्था के जरिए मेरी मदद के लिए आया था।' मिथुन अस्पताल का एक पर्चा दिखाते हुए कहते हैं, इसमें पढ़ लीजिए। मेरी बीमारी का नाम लिखा है। मुझसे तो पढ़ते भी नहीं बनता। पर्चे में बीमारी का नाम लिखा है न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस। मिथुन आगे बताते हैं कि पहले तो पापा इलाज के लिए नहीं माने। कहने लगे- ‘जब इलाज नहीं है, तो सर्जरी कराकर क्या करेंगे। कहीं इसे कुछ हो गया तो।’ उस शख्स के लाख कहने के बाद पापा माने। तब वो शख्स मुझे और पापा को हवाई जहाज से बेंगलुरु ले गया। वहां मुझे एक अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद क्या हुआ, कुछ पता नहीं। बाद में पापा ने बताया कि डॉक्टरों ने खून की जांच कराई और फिर ऑपरेशन के लिए ले गए। करीब 10 घंटे बाद मैं बाहर आया तो पूरे शरीर पर पटि्टयां लिपटी हुई थीं। कई दिनों तक बेहोश रहा। डॉक्टर आकर रोज पटि्टयां बदलते थे। ये सिलसिला एक-दो महीने तक चला। इसके बाद हम ट्रेन से गांव लौट आए। वो शख्स कौन था, इलाज में कितने पैसे लगे, हमें कुछ भी नहीं पता। अगले छह-आठ महीनों में सारे घाव सूख गए। डॉक्टरों ने चेहरे से मांस के लोथड़े काटकर हटा दिए थे। लेकिन मेरा चेहरा पूरी तरह बदरंग हो चुका था। शरीर पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। इसी वजह से मेरी शादी नहीं हो पाई। घरवाले भी नहीं चाहते कि मेरा घर बसे। वे बस मेरे मरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि मेरे हिस्से की जमीन बाकी के भाइयों में बंट जाए। कपड़ों के नाम पर मेरे पास एक जींस, एक हाफ-पैंट, टी-शर्ट और एक शर्ट है। इस घर में मेरा कोई हिस्सा नहीं है। घर भी पापा और भाइयों ने मिलकर बनाया है। भाइयों की शादी हुई तो मुझे कोई नहीं ले गया। बस कोई खाना दे देता तो मैं खा लेता था। सर! क्या कोई मेरी प्लास्टिक सर्जरी नहीं करवा सकता। कहते हैं, उससे चेहरा ठीक हो जाता है। अब मुझे घुटनों में भी गांठें हो रही हैं। इतने में मिथुन का फोन बजा। बात करके फोन रखते ही वो बोले- राजमिस्त्री का फोन था। उसके साथ ही काम कर रहा हूं। मुझे जाना पड़ेगा। हो सके तो मेरे लिए कुछ पैसे देते जाइएगा। मिथुन के जाने के बाद मैंने बचिया देवी से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कहने लगीं- सब वीडियो, फोटो खींचकर चले जाते हैं, कोई एक रुपए की मदद नहीं करता। काफी कोशिशों और पैसे की मदद का भरोसा देने के बाद बचिया देवी बात करने को राजी हुईं। कहती हैं- साल 1996 में इसका जन्म हुआ। महीना, तारीख याद नहीं। जब 4-5 साल का हुआ तो आंगन में पूरे दिन खेलता रहता था। दिखने में भी सुंदर था। उस दौरान, मिथुन के पिता रामजी चौहान कलकत्ता में रहते थे। अब भी वहीं हैं। वहां खाली तेल के कनस्तर बेचते हैं। मेरे 5 बच्चों में मिथुन चौथे नंबर का है। गर्मी का महीना था। अचानक इसे बुखार आया। उस समय तो फोन नहीं था। घर में कोई पढ़ा-लिखा भी नहीं था। एक पड़ोसी से चिट्ठी लिखवाकर पति को भेजी कि मिथुन को तेज बुखार है। ब्लॉक के डॉक्टर ने दवा दी है, लेकिन ठीक नहीं हो रहा। 15 दिन बाद इसके पिता का जवाब आया। नारदीगंज में एक डॉक्टर बैठता है। उसे जाकर दिखा दो, ठीक हो जाएगा। मिथुन को उस डॉक्टर के पास ले गई। उसने कुछ दवाई दी। दो-तीन दिन पानी में गोली को घोलकर पिलाया, तो इसके गाल पर एक छोटा सा घाव हो गया। कुछ दिन में यह घाव गांठ जैसा हो गया। डॉक्टर ने देखा तो एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के एक-दो दिन बाद ही मिथुन के पूरे शरीर में जगह-जगह लाल चकत्ते नजर आने लगे। उस समय तो इसके चेहरे पर कुछ नहीं था। सिर्फ गाल पर एक घाव था। घरवालों ने कहा- सिंदूर को केरोसिन में मिलाकर शरीर पर लगा दो। शाम तक ठीक हो जाएगा। एक हफ्ते बीतने के बाद भी चकत्ते ठीक नहीं हुए, बढ़ते ही गए। फिर डॉक्टर के पास लेकर गई तो उसने कुछ दवाई दे दी। बोला- ‘दो-तीन दिन में ठीक हो जाएगा।’ पास में एक ओझा रहता था। उसके पास भी लेकर गई। उसने कहा- ‘तुम्हारे बेटे पर बुरी आत्मा का साया था, उसे हटा दिया है। जल्द ठीक हो जाएगा।’ हालांकि उससे भी कुछ नहीं हुआ। हाथ-पैर, कोहनी, घुटना… शरीर में सब जगह, गाठें बढ़ने लगीं। कुछ ही महीने में इसके पूरे चेहरे पर बड़े-बड़े घाव होने लगे। मांस के लोथड़े लटकने लगे। हम तो डर गए कि ये क्या हो गया। फिर डॉक्टर के पास गए तो उसने दवा देने से मना कर दिया। कहा- ‘पता नहीं, कौन-सी बीमारी है। किसी बड़े शहर लेकर जाओ।’ पूरे गांव में हल्ला हो गया था कि डॉक्टर की दवाई के रिएक्शन से मिथुन को ऐसा हुआ। दूसरे डॉक्टरों के पास गए तो डर के मारे उन्होंने भी दवाई नहीं दी। मैंने दोबारा पति को खबर भिजवाई। 3 दिन बाद वो कलकत्ता से घर आए। मिथुन को लेकर नवादा जिले के सरकारी अस्पताल गए। डॉक्टर देखते ही बोला- ‘ये कौन सी बीमारी है। हमने ऐसी बीमारी कभी नहीं देखी, इसे कहीं और ले जाओ।’ हम गरीब आदमी, दिन में खाएं तो रात के लिए सोचें। रात में खाएं तो दिन के लिए। खेती-बाड़ी कुछ नहीं, मेहनत मजदूरी करते हैं। पांच बच्चे थे। इसी को लेकर इधर-उधर भागते रहते तो बाकी का क्या होता, इसलिए ठीक से ध्यान नहीं दे पाए। एक बार एक भले मानुष ने इलाज करवा दिया। अब न तो हमारे पास पैसे हैं और न ही हिम्मत। डॉक्टर भी कह चुके हैं कि कोई इलाज ही नहीं तो क्या करें। सरकारी मदद के नाम पर एक पैसा नहीं मिला। मिथुन का दर्द करीब से देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मैंने डॉक्टर से मिलकर बीमारी के बारे में जानने का सोचा। मैं पहुंचा दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल के जेनेटिक डिपार्टमेंट। जहां मेरी मुलाकात डिपार्टमेंट की हेड रतना पुरी शाह से हुई। मैंने उन्हें मिथुन की रिपोर्ट्स और फोटो दिखाई। वे बताती हैं- मिथुन को जो बीमारी है, उसका नाम- न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस(NF) है। इसका दुनिया में कोई स्थाई इलाज नहीं है। NF जीन में खराबी से यह बीमारी होती है। माता-पिता दोनों से बच्चे में जीन की 20-20 हजार कॉपियां आती हैं। इसमें से किसी एक के भी NF जीन में खराबी आती है, तो बच्चे को यह बीमारी हो सकती है। कुछ केस में जन्म के बाद ही बच्चे के शरीर पर दाने जैसी छोटी गांठ नजर आती है। उम्र के साथ यह बढ़ती जाती है। दरअसल, इस जीन का काम सेल्स को बेतहाशा बढ़ने से रोकना है। जब इसमें खराबी आती है, तो नसों के आसपास की कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। बढ़ते-बढ़ते ये ट्यूमर जैसी हो जाती है। हालांकि इन ट्यूमर से कैंसर का खतरा बहुत कम होता है। कुछ मामलों में चार-पांच साल की उम्र के बाद बच्चों में इस बीमारी के लक्षण नजर आते हैं। जैसा मिथुन का केस है। सबसे पहले पूरे शरीर पर लाल, भूरे रंग के चकत्ते और फिर छोटी-छोटी गांठ नजर आती है। गांठ के बढ़ने से मरीज की आंख, मुंह, नाक सब ढंक जाता है। इससे मरीज को देखने, बोलने, खाने-पीने में दिक्कत होती है। सांस की तकलीफ भी होती है। दिमाग कमजोर होने लगता है। वह जल्दी किसी चीज को सीख नहीं पाता। नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता है। कई केस में जैसे-जैसे मरीज की उम्र बढ़ती है, गांठों में तेज दर्द होने लगता है। शरीर जल्दी थक जाता है। इन गांठों को सर्जरी करके हटाया जाता है। रतना पुरी कहती हैं- इस बीमारी का इलाज किसी एक डॉक्टर के बस की बात नहीं है। इसमें जेनेटिक, न्यूरो जैसे कई विभागों के डॉक्टरों को मिलकर काम करना पड़ता है। जब शरीर की गांठें बड़ी होकर अंदरूनी नसों तक पहुंच जाती हैं, तो ऑपरेशन बहुत सावधानी से करना पड़ता है। हर जगह इसका इलाज या ऑपरेशन मुमकिन नहीं होता। असल में, कुछ ट्यूमर नसों के इतने करीब या उनके अंदर तक धंसे होते हैं कि अगर डॉक्टर उन्हें पूरा बाहर निकालने की कोशिश करें, तो नसें डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि सर्जरी से पहले MRI, CT स्कैन और एंजियोग्राफी जैसी जांचें जरूरी हैं। ताकि यह सटीक रूप से देखा जा सके कि ट्यूमर का जाल कहां तक फैला हुआ है। इसके बाद, ट्यूमर को परत-दर-परत हटाया जाता है। जब प्लास्टिक सर्जन इस सर्जरी को करते हैं, तब न्यूरोसर्जन लगातार मॉनिटरिंग करते रहते हैं कि कोई नस न कट जाए। यदि ट्यूमर नसों की जड़ तक फैला हो, तो डॉक्टर केवल उसके उतने ही हिस्से को काटते हैं जिससे मरीज को दर्द से राहत मिल सके। ताकि नसें पूरी तरह सुरक्षित रहें। इस जटिल सर्जरी के बाद कई मामलों में नसों की कमजोरी के कारण मरीज को हंसने, बोलने या चेहरे के हाव-भाव बदलने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा, जब ये गांठें निकलती हैं तो, अंगों को दोबारा सामान्य रूप से काम करने के लायक बनाने के लिए फिजियोथेरेपी की भी जरूरत होती है। यह पूरी तरह से एक जेनेटिक बीमारी है, इसलिए सर्जरी के बाद भी शरीर के उसी हिस्से या किसी अन्य जगह से गांठें दोबारा उभर सकती हैं। दरअसल, जीन में मौजूद इस गड़बड़ी को ठीक करना फिलहाल मेडिकल साइंस के लिए संभव नहीं है। यही वजह है कि इस बीमारी का कोई स्थाई इलाज नहीं है। इस बारे में IGIMS पटना के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. समरेंद्र कुमार सिंह इस बीमारी के बारे में बताते हैं कि न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस नसों से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है, जो 1 लाख में से किसी 1 व्यक्ति को होती है। यह ज्यादातर शरीर के संवेदनशील हिस्सों में होती है जैसे- पीठ, हाथ और चेहरा। जहां नसें ज्यादा होती हैं। यदि गांठ त्वचा के ऊपर हो तो दर्द नहीं होता, लेकिन नसों के अंदर विकसित हो जाए तो दर्द बहुत ज्यादा होता है। रीढ़ की हड्डी या दिमाग के पिछले हिस्से (CP एंगल) में गांठ होने पर पूरा शरीर और दिमाग पैरालाइज्ड हो सकता है। कान की नस में ट्यूमर से सुनने की क्षमता जा सकती है। सीपी एंगल में गांठ होने से खाना सांस की नली में फंस सकता है, जो जानलेवा है। इसकी सर्जरी का खर्च 3 से 5 लाख रुपये तक आता है। ऑपरेशन के दौरान नसों को बचाने के लिए माइक्रोस्कोप और 'इंट्राऑपरेटिव नर्व मॉनिटरी मशीन' का उपयोग किया जाता है। सर्जरी के बाद प्रभावित जगह की नसें थोड़ी कमजोर हो जाती हैं। -------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- बेटे की सभी हड्डियां टेढ़ी, 4 करोड़ में होगा इलाज:बिस्तर से उठ नहीं पाता, 3 डॉक्टर बोले- आपसी रिश्तों में शादी का असर 8 साल का जावेद स्कूल के मैदान में क्रिकेट खेलते-खेलते अचानक गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। जमीन पर पड़ा कराहने लगा। टीचर भागते हुए आए, उन्होंने भी उठाने की कोशिश की। वो बार-बार कहता रहा- मेरे घुटने और कोहनियों में बहुत दर्द है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
राजस्थान में 10 से 23 जुलाई तक प्रदेशव्यापी ओबीसी परिवारों का होगा सर्वेक्षण
जयपुर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग 10 से 23 जुलाई तक राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण का आयोजन करेगा। ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित निर्णयों एवं […] The post राजस्थान में 10 से 23 जुलाई तक प्रदेशव्यापी ओबीसी परिवारों का होगा सर्वेक्षण appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय भंडार निगम ने मदन दिलावर को सौंपा 44 लाख रुपए का चेक
कोटा। केन्द्रीय भंडार निगम ने राजस्थान में कोटा जिले में रामगंजमंडी क्षेत्र के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगभग 44 लाख रुपए मूल्य के आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रिंस कुमार ने गुरुवार को शिक्षा एवं पंचायती राज […] The post केंद्रीय भंडार निगम ने मदन दिलावर को सौंपा 44 लाख रुपए का चेक appeared first on Sabguru News .
कृषि शिक्षा में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
राज किसान साथी पोर्टल पर होंगे ऑनलाइन आवेदन अजमेर। कृषि विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत कृषि शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। पात्र छात्राएं राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से आगामी 31 जनवरी 2027 तक आवेदन कर सकती हैं। कृषि विभाग […] The post कृषि शिक्षा में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि appeared first on Sabguru News .
शहरी सेवा शिविरों में विशेष योग्यजनों के सर्वे हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
पात्र दिव्यांगजन योजनाओं के लाभ से नहीं रहेंगे वंचित अजमेर। जिले में संचालित शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से विशेष योग्यजनों को राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी नगरीय निकायों में नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों की […] The post शहरी सेवा शिविरों में विशेष योग्यजनों के सर्वे हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त appeared first on Sabguru News .
भोपाल में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से गैंगरेप, भाई को भेजा वीडियो
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपियों ने वारदात का वीडियो बनाकर पीड़िता के भाई के मोबाइल पर भेजा, जिसके बाद परिजन ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता ने स्कूल जाना […] The post भोपाल में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से गैंगरेप, भाई को भेजा वीडियो appeared first on Sabguru News .
उदयपुर में नर्सिंग छात्र की चाकू मारकर हत्या
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में एक नर्सिंग छात्र की चाकू मार कर हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि हिरण मगरी सेक्टर-14 स्थित श्रीराम अपार्टमेंट के पास रहने वाला दिनेश कुमार बुधवार शाम को मोटरसाइकिल ठीक करवाने के लिए घर से निकला था। रात […] The post उदयपुर में नर्सिंग छात्र की चाकू मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .
निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में उमड़ी मरीजों की भीड़, विशेषज्ञों ने दिए आंखों की देखभाल के टिप्स
अजमेर। भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप शाखा एवं शंकर आयुर्वेद सिविल लाइंस अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दिल्ली के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं रेटिना व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने मरीजों की आंखों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। परिषद सचिव दीपक चोपड़ा […] The post निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में उमड़ी मरीजों की भीड़, विशेषज्ञों ने दिए आंखों की देखभाल के टिप्स appeared first on Sabguru News .
चोटिल प्रतिका रावल की जगह लॉर्ड्स टेस्ट के लिए शामिल हुई यह खिलाड़ी
ENGvsIND लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ ऐतिहासिक वन-ऑफ़ टेस्ट से पहले भारत को एक झटका लगा है क्योंकि प्रतिका रावल इस मैच से बाहर हो गई हैं। दूसरे वनडे मैच के दौरान रावल के घुटने पर कट लग गया था और इस वजह से वह सीरीज़ के आखिरी मैच में भी नहीं खेल पाई थीं।इंग्लैंड में इंडिया ए टीम का हिस्सा रहीं प्रिया पुनिया को रावल की जगह टीम में शामिल किया गया है। हेड कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की, “प्रतिका रावल ‘A’ सीरीज़ के दौरान लगी चोट के कारण टेस्ट मैच से बाहर हो गई हैं। उनके घुटने पर कट लग गया था जिसके लिए कुछ टांके लगाने पड़े। वह टेस्ट मैच से बाहर हैं और प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है।” जहां रावल ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ वाका में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, वहीं पुनिया ने अभी तक टेस्ट लेवल पर डेब्यू नहीं किया है। हालांकि, ‘A’ सीरीज़ में इंग्लैंड के खिलाफ़ लगातार दो हाफ़-सेंचुरी लगाने के बाद वह इस मैच के लिए अच्छी फ़ॉर्म में हैं।25 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह चोट एक और झटका है; इससे पहले पिछले साल चोट के कारण वह वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में नहीं खेल पाई थीं। वह डब्ल्यूपीएल में भी नहीं खेली थीं और ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैचों के ज़रिए वापसी की थी। पुनिया को हाल ही में इंडिया ए सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में वापस बुलाया गया है, जहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। अगर उन्हें चुना जाता है, तो यह अनुभवी बल्लेबाज़ लॉर्ड्स में अपना टेस्ट डेब्यू कर सकती हैं। भारत की जिन खिलाड़ियों का टेस्ट डेब्यू हो सकता है, उनमें हरलीन देओल, अच्छी फ़ॉर्म में चल रही स्पिनर श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ नंदिनी शर्मा शामिल हैं। दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम में पांच ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है; इनमें एलिस कैपसी, टिली कॉर्टीन-कोलमैन, मैडी विलियर्स, ग्रेस पॉट्स और एली थ्रेलकेल शामिल हैं।टैमी ब्यूमोंट का विदाई मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट ने भारत के खिलाफ़ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
6 जुलाई को ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे 3 जहाजों पर हमला कर दिया। अगले ही दिन अमेरिका ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी कर दी। ट्रम्प बोले- मेरे हिसाब से अब शांति समझौता खत्म हो गया है। ईरान ने भी पलटवार किया है। समझौते के बावजूद ईरान ने जहाजों पर हमला क्यों किया और क्या ये दांव महंगा पड़ेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ईरान और अमेरिका के शांति समझौते में क्या तय हुआ था?जवाबः करीब 4 महीने की जंग के बाद 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियान ने 14 पॉइंट्स का MoU साइन किया। इस पर अगले 60 दिनों में फाइनल डील होनी थी। समझौते में 3 पॉइंट्स सबसे अहम थे- 1. होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध आवाजाहीः ईरान बिना कोई शुल्क लिए 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का इंतजाम करेगा। ईरान और ओमान साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम करेंगे। साथ ही 30 दिनों के अंदर स्ट्रेट के मुख्य रास्ते में बिछी माइन्स और दूसरी तकनीकी रुकावटों को हटाया जाएगा। 2. ईरान को 300 बिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज: अमेरिका खाड़ी देशों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निमाण के लिए 300 बिलियन डॉलर, यानी करीब 28 लाख करोड़ का फंड देगा। अगले 60 दिनों की बातचीत में इसका फ्रेमवर्क तय किया जाएगा। 3. परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत: ईरान नए परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। संवर्धित यूरेनियम का क्या करना है, इस पर दोनों देश अगले 60 दिनों में बातचीत करके सहमति पर पहुंचेंगे। सवाल-2: समझौते के बावजूद ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे तेल टैंकरों पर हमला क्यों किया?जवाबः ईरान की बेसब्री के पीछे एक्सपर्ट्स 3 प्रमुख वजह मानते हैं… 1. ईरान को लगा होर्मुज उसके हाथ से निकल रहा है 2. लेबनान में ईरान का प्रभाव कम होने की आशंका 3. ईरान को फंड न मिलने की बेचैनी, रकम भी घट रही सवाल-3: क्या ईरान ने इस बार जरूरत से ज्यादा जोखिम वाला दांव खेल दिया है?जवाबः 6 जुलाई को होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर ईरान का हमला आक्रामक दांव माना जा रहा है… ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी है कि उनके एक हमले के बदले अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। उन्होंने ईरान की लीडरशिप को नीच और पागल बताया। यह भी कहा कि उनकी नजर में सीजफायर खत्म हो चुका है। अमेरिका ने लगातार 2 दिन तक ईरान पर करीब 170 हमले किए। 3 लोगों की मौत हुई। सवाल-4: जहाजों पर ईरान के हमले से अमेरिका इतना आक्रामक क्यों हो गया?जवाबः होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, यानी किसी एक देश का इस पर कंट्रोल नहीं है। लेकिन ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाना चाहता है। अमेरिका इसके खिलाफ है। अमेरिका ने समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी ली है। इसके लिए 1979 में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन प्रोग्राम की भी शुरुआत की, जिसके तहत क्रिटिकल चोकपॉइंट्स पर अमेरिका अपने नौसैनिक जहाज भेजकर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है। होर्मुज स्ट्रेट के अलावा दुनिया में तेल व्यापार के रास्तों पर 7 और चोकपॉइंट्स हैं। यहां से दुनिया के करीब 52% कच्चे तेल का व्यापार होता है। इनमें पनामा कैनाल, स्वेज कैनाल, मलक्का स्ट्रेट जैसे पॉइंट शामिल हैं। अगर ईरान होर्मुज में फीस वसूलने लगे, तो बाकी चोकपॉइंट्स पर भी क्षेत्रीय ताकतें ऐसा ही करने लगेंगी। इससे पूरी दुनिया के कारोबार पर असर पड़ेगा। अप्रैल 2026 में इंडोनेशिया के वित्त मंत्री पुरबाया युधि सदेवा मलक्का स्ट्रेट से गुजरने वाले जहजों से टोल लेने का सुझाव भी दे चुके हैं। सवाल-5: अब शांति समझौते का क्या होगा, क्या ये सिर्फ दिखावा था?जवाबः अमेरिका-ईरान के बीच हुआ शांति समझौता कभी पूरी तरह से शांति के लिए था ही नहीं। सीनियर जर्नलिस्ट और विदेश मामलों के जानकार मार्क चैंपियन के मुताबिक, इस समझौते की भाषा जानबूझकर अस्पष्ट रखी गई, ताकि दोनों ही पक्षों को अपने मकसद पूरे करने के लिए दूसरे तरीकों की गुंजाइश बनी रहे। शांति समझौते में साफ-साफ शर्तें होती हैं। जैसे- कौन कब क्या करेगा, कोई उल्लंघन कैसे तय होगा, निगरानी कौन करेगा। अमेरिका-ईरान समझौते में में साफ नहीं था कि हॉर्मुज में 'मुक्त आवाजाही' का मतलब क्या है? क्या ईरान वहां टोल वसूल सकता है? गश्त कर सकता है? किन शर्तों पर जंग पूरी तरह खत्म होगी? तेल प्रतिबंधों में छूट कितनी पक्की है? अमेरिका ने ईरानी तेल पर 60 दिन के लिए प्रतिबंध हटाए थे, लेकिन महज 20 दिन बाद ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ये अस्थायी छूट वापस ले ली और अगस्त तक तेल बिक्री की इजाजत देने वाला लाइसेंस रद्द कर दिया। CSIS के जियोस्ट्रैटजी एक्सपर्ट जॉन बी. अल्टरमैन मानते हैं कि दोनों पक्षों ने जंग की मूल जड़- परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता, प्रतिबंध, होर्मुज पर नियंत्रण वगैहर को सुलझाए बिना सिर्फ हथियार डालने का समय तय किया, इसीलिए यह इतनी जल्दी टूट गया। सवाल-6: क्या वाकई जंग दोबारा शुरू हो चुकी है, आगे क्या होगा?जवाबः ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे 3 जहाजों पर हमला किया। अगली रात अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। IRGC ने भी पलटवार करते हुए बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल दागीं। कुल मिलाकर आंख के बदले आंख का खेल चल रहा है। हालांकि अभी ये लिमिटेड स्ट्राइक हैं, पूरी तरह जंग में नहीं बदलीं। अब आगे 2 सिनैरियो बन सकते हैं… 1. लिमिटेड स्ट्राइक बढ़ते-बढ़ते पूर्ण यूद्ध में बदल जाएं 2. हमले रुकें और समझौते पर दोबारा बात शुरू हो हालांकि ईरानी जर्नलिस्ट सैयद मुस्तफा खोशचेश्म मानते हैं कि बातचीत चलने के बावजूद ईरान की तरफ से दुश्मनी और अविश्वास कभी खत्म नहीं हुआ है, यानी बातचीत की मेज पर बैठना अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं। ----------- ये खबर भी पढ़िए… भारत को तेल बेचने वाला रूस, अब तेल खरीदने पर क्यों मजबूर; क्या यूक्रेन ने सभी रिफाइनरी तबाह कीं दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। रूसी पेट्रोल पंपों पर पहली बार लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। पेट्रोल खरीदने पर पाबंदियां लागू हैं। इसकी वजह है- यूक्रेन के हमले। पूरी खबर पढ़िए…
62 की उम्र में कर्टली एम्ब्रोस का गेंदबाजी करते हुए वीडियो वायरल
तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है। Legendary Bowler Curtly Ambrose at the age of 62: pic.twitter.com/AU0ThJkZrt — CricInformer (@CricInformer) July 9, 2026 एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी। एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है। एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का विषय है। वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।
रिश्तों की गर्माहट और एक बिल्ली की प्यारी कहानी लेकर आ रही है 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी'
आज के दौर में जब बड़े बजट की एक्शन और थ्रिलर फिल्मों का दबदबा है, वहीं एक ऐसी फिल्म दर्शकों के बीच आने वाली है जो रिश्तों की गर्माहट, परिवार के जुड़ाव और जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों को पर्दे पर उतारने का वादा करती है। फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी' अपनी सादगी और भावनात्मक कहानी से दर्शकों का ध्यान खींच सकती है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि इंसानों और उनके रिश्तों के बीच खोते जा रहे अपनापन को फिर से महसूस कराने की कोशिश करती नजर आ रही है। निर्माताओं का मानना है कि सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली के बीच जहां पारिवारिक रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, यह फिल्म उसी पुराने अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव को वापस लाने की कोशिश करेगी। इस फिल्म में दर्शकों को एक ऐसी दुनिया की झलक मिलेगी, जहां आधुनिक रिश्तों की जटिलताएं, परिवार के बदलते समीकरण और एक खास बिल्ली म्याऊज़ाकी कहानी का अहम हिस्सा बनकर सामने आती है। कहानी ऐसे रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है जहां समय के साथ प्यार के मायने बदलते हैं, परिवार में दूरियां आती हैं और फिर कुछ खास रिश्ते लोगों को दोबारा जोड़ देते हैं। साथ बैठकर खाना खाना, सड़क यात्राएं, पारिवारिक समारोह, अलग-अलग सोच रखने वाले लोग और रिश्तों के बीच की खामोशियां फिल्म की भावनात्मक दुनिया को सामने लाती हैं। इसकी सहजता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत नजर आती है। मुंबई की पृष्ठभूमि और मानसून के खूबसूरत माहौल में बनी यह फिल्म जिंदगी की उन छोटी बातों को महत्व देती है, जो बड़े रिश्तों की नींव बनती हैं। फिल्म बदलाव, अपनापन और उन अनजान मुलाकातों की कहानी कहती है जो कभी-कभी इंसान की पूरी जिंदगी बदल देती हैं। इस पूरी यात्रा में म्याऊज़ाकी सिर्फ एक बिल्ली नहीं बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आती है। माना जा रहा है कि फिल्म में म्याऊज़ाकी नाम की बिल्ली का नाम मशहूर जापानी फिल्मकार हायाओ मियाज़ाकी से प्रेरित है। हालांकि, कहानी में इस किरदार की भूमिका सिर्फ एक पालतू जानवर तक सीमित नहीं दिखाई देती, बल्कि यह इंसानों के बीच प्यार, संवेदना और जुड़ाव का प्रतीक बनकर उभरती है। फिल्म में नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ अनुभवी सितारे भी नजर आएंगे। इसमें मेधा शंकर, सिद्धार्थ मेनन और विधात्री बांदी जैसे युवा कलाकार शामिल हैं। वहीं आदिल हुसैन, मंदिरा बेदी, नासर और नफीसा अली जैसे दिग्गज कलाकार फिल्म को मजबूती देते हैं। 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी' का लेखन और निर्देशन पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति ने किया है। एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता समीक्षा ओसवाल और शेल ओसवाल हैं। 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी' 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली प्राइम ऑरिजिनल सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' के वर्ल्डवाइड प्रीमियर की घोषणा कर दी है। इस सीरीज़ के निर्देशक हिमांक गौर हैं, जिसे इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर्स बिस्वपति सरकार और समीर सक्सेना ने पोशम पा पिक्चर्स के बैनर तले मिलकर बनाया है। सात एपिसोड वाली इस कॉमेडी सीरीज़ की कहानी बिस्वपति सरकार, अक्षय अस्थाना, नूपुर पाई, तत्सत पांडे और मेघना श्रीवास्तव ने मिलकर लिखी है। बेहतरीन कलाकार के के मेनन की मुख्य भूमिका वाली इस सीरीज़ में अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया, प्रसन्ना बिष्ट, अभिमन्यु सिंह, देवेन भोजानी, अजितेश गुप्ता, अन्नपूर्णा सोनी, और प्राची शाह जैसे कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए हैं। ALSO READ: ऋत्विक पारीक की फिल्म 'डुग डुग' प्राइम वीडियो पर हुई रिलीज, ग्लोबल ऑडियंस के बीच मिलेगी नई पहचान इस सीरीज़ का वर्ल्डवाइड प्रीमियर भारत के साथ-साथ दुनिया भर के 240 देशों एवं क्षेत्रों में 24 जुलाई को सिर्फ़ प्राइम वीडियो पर हिंदी में अंग्रेज़ी सबटाइटल के साथ होगा। A post shared by prime video IN (@primevideoin) आदर्श बाल विद्यालय की कहानी, एक बदहाल स्कूल में ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (केके मेनन) नाम के एक बेफिक्र स्वभाव वाले हेडमास्टर के इर्द-गिर्द घूमती है। कैंब्रिज में होने वाले एक बड़े सरकारी ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा बनने की उनकी चाहत ऐसा कमाल करती है, कि वो स्कूल की हालत सुधारने के अनदेखे सफर पर निकल पड़ते हैं। शहर के सबसे पिछड़े स्कूलों में से एक की किस्मत बदलने के लिए जब वो शिक्षकों की एक अनोखी टीम को साथ लाते हैं, तो उनका सामना रोज़मर्रा की चुनौतियों से होता है - जैसे क्लासरूम में शोर मचाते बच्चे, संसाधनों की कमी, माता-पिता की बेरुखी और कामकाज में आने वाली मुश्किलें। यह सीरीज़ हंसी-मज़ाक के साथ जज़्बातों को खूबसूरती से जोड़ती है और दिखाती है कि कैसे एक कमज़ोर समझे जाने वाले संस्थान को भी नया जीवन मिल सकता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर और ऑरिजिनल्स के हेड, निखिल मधोक ने कहा, आदर्श बाल विद्यालय बेहद मज़ेदार और जोश से भरी कॉमेडी सीरीज़ है, जो हमारे सिस्टम की गड़बड़ियों और कमियों को सामने लाती है जिसे वहाँ के लोगों की अपनी कोशिशों से अब तक संभाल रखा है। इस कहानी का अंदाज़ मज़ेदार, दिल को छूने वाला और हर किसी को अपना सा लगने वाला है। आदर्श बाल विद्यालय के को-क्रिएटर और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर, बिस्वपति सरकार एवं समीर सक्सेना ने बताया, इसकी शुरुआत बस एक छोटे-से आइडिया से हुई थी — एक ऐसे स्कूल की कहानी बयां करना जो हर पैमाने पर नाकाम दिखाई दे रहा है, लेकिन फिर भी ये कुछ ऐसे लोगों के दम पर टिका हुआ है जो रोज़ वहां आते हैं और अपनी तरफ से कोशिश करते रहते हैं। यह सीरीज़ एक बदहाल स्कूल के अंदर कुछ हंसाने वाले लम्हों और उलझी हुई दुनिया के साथ रोज़मर्रा की चुनौतियों को सामने लाती है, साथ ही उन शिक्षकों और छात्रों के जज़्बे को भी दिखाती है जो एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते।
Chaturmas 2026: चातुर्मास में क्या करना चाहिए? जानें पुण्य कमाने के तरीके
Chaturmas Benefits: 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है और इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है। इन चार महीनों यानी श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक में भले ही शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, लेकिन आध्यात्मिक प्रगति, साधना और पुण्य कमाने के लिए यह पूरे साल का सबसे शक्तिशाली समय माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर ईश्वर के प्रति समर्पण बढ़ा सकता है। ALSO READ: चातुर्मास 2026: सिद्धि की कामना है तो इन 4 कार्यों को न भूलें पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास में किए गए व्रत, दान और भक्ति का फल आम दिनों की तुलना में हजार गुना अधिक मिलता है। यदि आप भी इस अवधि का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो इन 6 तरीकों से अथाह पुण्य कमा सकते हैं: 1. मंत्र जाप, स्वाध्याय और मानसिक साधना चूंकि इन दिनों भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं और सृष्टि का कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं, इसलिए दोनों देवों की आराधना का यह महापर्व है। इन दिनों प्रतिदिन सुबह या शाम को भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या महाकाल के मंत्र ॐ नमः शिवाय का कम से कम एक माला (108 बार) जाप जरूर करें। पुण्य का तरीका: इस दौरान रोज 'विष्णु सहस्रनाम', 'शिवपुराण' या 'रामचरितमानस' के कुछ पन्नों का पाठ या स्वाध्याय करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। 2. 'दीपदान' का महापुण्य चातुर्मास में प्रकाश/ रोशनी का दान करना शास्त्रों में सबसे बड़ा पुण्य कर्म बताया गया है। इससे जीवन का अंधकार और पितृ दोष दूर होते हैं। अत: इन चार महीनों में रोज शाम के समय तुलसी के पौधे के पास, घर के मुख्य द्वार पर, पास के किसी मंदिर में या पीपल के पेड़ के नीचे घी या सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। कार्तिक मास में नदी या तालाब में दीप प्रवाहित करने या नदी दीपदान का भी विशेष महत्व है। 3. सात्विक भोजन का संकल्प चातुर्मास का सीधा संबंध हमारी शारीरिक और मानसिक शुद्धि से है। इन दिनों इंद्रियों पर नियंत्रण रखना सबसे बड़ा तप है। पूरे चार महीने दिन यदि संभव हो, तो केवल एक बार भोजन करने का संकल्प लें, जिसे शास्त्रों में 'एकभुक्त व्रत' कहा जाता है। पुण्य का तरीका: अगर ऐसा करना कठिन हो, तो कम से कम पूरी तरह से सात्विक भोजन अपनाएं। लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा का पूरी तरह त्याग कर दें। ऐसा करने से न केवल पुण्य मिलता है बल्कि वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य भी उत्तम रहता है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक 4. मौसम के अनुकूल वस्तुओं का दान शास्त्रों के अनुसार, दान हमेशा सामने वाले की जरूरत और मौसम के हिसाब से होना चाहिए। चातुर्मास चूंकि मानसून और सर्दियों के शुरुआती दौर में आता है, इसलिए इस समय दान का विशेष महत्व है। इस अवसर पर जरूरतमंदों और गरीबों को छाता, सूती अथवा गर्म कपड़े, चप्पल, पानी का घड़ा और अनाज का दान करें। चातुर्मास के दौरान भूखों को भोजन कराना साक्षात नारायण की सेवा के बराबर माना गया है। 5. गौ सेवा/ गायों की सेवा और जीव दया हिंदू धर्म में गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। चातुर्मास के दौरान मूक पशुओं की सेवा से भाग्य के बंद दरवाजे खुलते हैं। नियमित रूप से गौशाला जाकर गायों को हरा चारा, गुड़ या रोटी खिलाएं। इसके अलावा, बारिश के मौसम में पक्षियों के लिए दाना और पानी का इंतजाम अपनी छत या बालकनी में जरूर करें। 6. 'भूमि शयन' और सादगी भरा जीवन चातुर्मास हमें अपनी सुख-सुविधाओं और अहंकार को छोड़कर सादगी से जीना सिखाता है। इन चार महीनों में बिस्तर या आलीशान गद्दों का त्याग करके जमीन पर चटाई या पतले गद्दे पर सोने यानी भूमि शयन का नियम बनाएं। इसके साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करें और अपनी वाणी पर संयम रखें, किसी की चुगली, निंदा या किसी को अपशब्द न बोलें। चातुर्मास का असली उद्देश्य खुद को भीतर से शुद्ध करना है। इस दौरान आप जितना शांत रहेंगे, जितना दान करेंगे और जितनी सादगी से जिएंगे, उतना ही आपका मानसिक तनाव कम होगा और भगवान श्री हरि विष्णु व देवों के देव महादेव की असीम कृपा आपको प्राप्त होगी। चातुर्मास-FAQs 1. चातुर्मास क्या होता है? चातुर्मास चार महीनों की वह अवधि है जो देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलती है। 2. चातुर्मास में किस देवता की पूजा की जाती है? इस अवधि में मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा और आराधना की जाती है। 3. चातुर्मास में जप-तप का क्या महत्व है? मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप और साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?
मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन अपने साथ झमाझम बारिश, जलभराव (Waterlogging) और लंबे पावर कट की मुसीबत भी लेकर आता है। कई बार मूसलाधार बारिश के चलते गलियां समंदर बन जाती हैं और बाजार जाना पूरी तरह नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में अगर घर पर पहले से तैयारी न हो, तो छोटी सी बात बड़ी आफत बन सकती है। इस मानसूनी सीजन में अपनी फैमिली को सुरक्षित और टेंशन-फ्री रखने के लिए घर पर एक 'मानसून इमरजेंसी किट' (Monsoon Emergency Kit) तैयार करना सबसे समझदारी का काम है। आइए जानते हैं उन जरूरी चीजों के बारे में, जो इस सीजन आपके घर में जरूर होनी चाहिए।1. पीने का साफ पानी और सूखा राशन (Emergency Food Supply)बारिश के दिनों में अक्सर नगर निगम की वॉटर सप्लाई लाइन में गंदा पानी आने लगता है या जलभराव के कारण सप्लाई ठप हो जाती है। इसलिए घर में कम से कम 3 से 4 दिनों के लिए पीने का साफ पानी स्टोर करके जरूर रखें। इसके साथ ही ऐसा सूखा राशन रखें जिसे पकाने या फ्रिज में रखने की जरूरत न हो, जैसे—बिस्कुट, एनर्जी बार, भुने चने, ड्राई फ्रूट्स, मखाना और इंस्टेंट नूडल्स। अगर डिब्बाबंद (Canned Food) खाना रख रहे हैं, तो एक मैन्युअल कैन ओपनर भी किट में डालना न भूलें।2. फर्स्ट एड किट और जरूरी दवाएं (Medical First Aid)मौसम बदलते ही सर्दी-खांसी, वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया या पेट खराब होने की समस्या आम हो जाती है। अपनी इमरजेंसी किट में पट्टियां, एंटीसेप्टिक लिक्विड, ओआरएस (ORS) के पैकेट, दर्द निवारक दवाएं और थर्मामीटर जरूर रखें। अगर घर में कोई बुजुर्ग, बच्चा या क्रोनिक बीमारी (जैसे डायबिटीज या ब्लड प्रेशर) का मरीज है, तो उनकी कम से कम दो हफ्ते की दवाएं एडवांस में लाकर रखें।3. टॉर्च, एक्स्ट्रा बैटरी और पावर बैंकतेज आंधी और भारी बारिश के कारण बिजली गुल होना आम बात है। ऐसे में मोबाइल की फ्लैशलाइट पर निर्भर रहने के बजाय एक अच्छी और तेज रोशनी वाली टॉर्च, इमरजेंसी एलईडी लाइट और एक्स्ट्रा बैटरी अपने पास रखें। अपने पावर बैंक को हमेशा 100% फुल चार्ज रखें ताकि बिजली कटने पर भी आपका मोबाइल चालू रहे और आप अपनों से जुड़े रह सकें।4. जरूरी सरकारी और बैंक डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षाबाढ़ या घरों में पानी भरने की स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान कागजातों का होता है। अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, इंश्योरेंस के पेपर्स, बैंक की पासबुक, वसीयत और मेडिकल रिकॉर्ड्स को एक वॉटरप्रूफ फोल्डर या जिपलॉक प्लास्टिक पाउच में संभालकर रखें। इसके अलावा, इन सभी की एक साफ डिजिटल कॉपी (स्कैन फोटो) अपने फोन या गूगल ड्राइव जैसे क्लाउड स्टोरेज पर भी जरूर सेव कर लें।5. साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन का सामानमानसून में चारों तरफ पानी जमा होने से इंफेक्शन, फंगस और खतरनाक बैक्टीरिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अपनी किट में एंटी-बैक्टीरियल साबुन, हैंड सैनिटाइजर, गीले वाइप्स, मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम (मच्छर भगाने वाली क्रीम), टिशू पेपर और सैनिटरी पैड्स जरूर शामिल करें। घर के गीले कचरे को ठीक से डिस्पोज करने के लिए मजबूत गारबेज बैग्स भी पास रखें।6. रेन गियर और गैजेट्स के लिए वॉटरप्रूफ कवर्सअगर किसी बेहद जरूरी काम या इमरजेंसी में आपको बारिश के बीच बाहर निकलना पड़े, तो छाता, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते घर में बिल्कुल सामने होने चाहिए ताकि उन्हें ढूंढना न पड़े। इसके अलावा, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को सुरक्षित रखने के लिए जिपलॉक पाउच या प्लास्टिक कवर्स का इस्तेमाल करें।7. इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स की एक फिजिकल लिस्टमुश्किल वक्त में अक्सर घबराहट में जरूरी नंबर याद नहीं आते या फोन डिस्चार्ज होने पर भारी दिक्कत होती है। इसलिए एक डायरी या कागज पर स्थानीय प्रशासन, एम्बुलेंस, नजदीकी अस्पताल, फैमिली डॉक्टर, पुलिस स्टेशन और बिजली विभाग के इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर लिखकर घर में किसी ऐसी जगह चिपका दें जहाँ सब देख सकें।
सफेद बाल, चेहरे पर गजब की शालीनता और बेहद फर्राटेदार अंग्रेजी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक आलीशान 7 मंजिला लग्जरी होटल में जब यह 69 साल का बुजुर्ग पहुंचा, तो उसकी रईसी देखकर होटल के बड़े-बड़े अधिकारियों को भी उस पर रत्ती भर शक नहीं हुआ। वह दो दिनों तक होटल में पूरे ठाठ-बाठ से रहा और फिर दो बैग लेकर चुपचाप नौ दो ग्यारह हो गया। जब होटल स्टाफ को असलियत का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बुजुर्ग न सिर्फ ₹63,755 का बिल चुकाए बिना भागा था, बल्कि स्टाफ का एक कीमती लैपटॉप भी पार कर गया था। यह शातिर कहानी है विंसेंट जॉन (Vincent John) की, जिसने पिछले तीन दशकों से देश के सैकड़ों फाइव-स्टार होटलों को चूना लगाकर पुलिस की नाक में दम कर रखा था।टूरिस्ट गाइड से कैसे बना लग्जरी होटलों का सबसे बड़ा ठग?विंसेंट जॉन मूल रूप से तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले का रहने वाला है। एक अच्छे इंग्लिश मीडियम स्कूल से पढ़ा-लिखा विंसेंट अविवाहित है। 1980 के दशक में उसने दिल्ली में एक टूरिस्ट गाइड के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। गाइड होने की वजह से उसे अक्सर बड़े और महंगे होटलों में मुफ्त में रुकने का मौका मिलता था। बस यहीं से उसे फाइव-स्टार लाइफस्टाइल और आलीशान होटलों में रहने का चस्का लग गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह अब तक दिल्ली, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गोवा और केरल समेत देश के कई राज्यों के बड़े होटलों में लाखों की चपत लगा चुका है।जिलत का बदला लेने के लिए चुना जुर्म का रास्ता, चार्ल्स शोभराज को माना गुरुआखिर इस पढ़े-लिखे बुजुर्ग ने ठगी का यह रास्ता क्यों चुना? जांच अधिकारी पीयूष बघेल ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में एक आलीशान होटल के मैनेजमेंट ने विंसेंट को किसी बात पर बुरी तरह जलील (Insult) किया था। विंसेंट ने इस बेइज्जती को अपने दिल पर ले लिया और ठान लिया कि वह इन बड़े-बड़े होटलों से इसका बदला लेगा और कभी इन्हें एक रुपया भी नहीं देगा। वह पहली बार साल 1996 में दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा था। तिहाड़ जेल में रहने के दौरान उसने दुनिया के मशहूर ठग और बिकनी किलर चार्ल्स शोभराज (Charles Sobhraj) की कहानियां सुनीं और उसके शातिर दिमाग का ऐसा फैन हुआ कि उसने ठगी को ही अपना फुल-टाइम प्रोफेशन बना लिया।'अखबारों से भरा बैग और झूठा रोब' — ठगी का बेहद शातिर स्टाइलविंसेंट जॉन के ठगी करने का तरीका किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा है। वह होटलों में कभी योगा टीचर, कभी इंग्लिश प्रोफेसर तो कभी कॉर्पोरेट इवेंट ऑर्गेनाइजर बनकर बड़ी ही धमक के साथ एंट्री लेता था। होटल आते वक्त उसके पास हमेशा दो वीआईपी बैग होते थे। एक बैग में उसका असली सामान होता था और दूसरे बैग में वह केवल रद्दी अखबार या भारी तकिए भरकर रखता था। वह सुरक्षा जांच के समय स्टाफ को अपना बैग कभी छूने नहीं देता था। जब उसे होटल से रफूचक्कर होना होता था, तब वह अखबारों वाला बैग कमरे में ही छोड़ जाता था ताकि हाउसकीपिंग स्टाफ को लगे कि मेहमान अभी होटल में ही रुका हुआ है और कोई शक न करे।रायपुर के 5-स्टार होटल में ऐसे किया कांड, ₹1.48 लाख का लैपटॉप उड़ायारायपुर के फाइव-स्टार होटल में विंसेंट एक बड़ा इवेंट ऑर्गेनाइजर बनकर रुका था। अपनी मीठी बातों और अंग्रेजी के रौब से उसने होटल के एक भोले-भाले कर्मचारी को जाल में फंसाया और उसे एक बड़ी कंपनी में ऊंची सैलरी वाली नौकरी का लालच दिया। इसी बहाने उसने उस कर्मचारी का ₹1.48 लाख का कीमती लैपटॉप उड़ा लिया। होटल में रुकने के दौरान उसने महंगी विदेशी शराब और सिगरेट्स के ऑर्डर दिए, जबकि वह असल जिंदगी में न तो शराब पीता है और न ही स्मोक करता है। भागने से पहले उसने रिसेप्शन पर झूठ कहा कि उसका बेटा भी आने वाला है, इसलिए एक और कमरा बुक कर दें और मौका मिलते ही वह बिल दिए बिना गायब हो गया।पुलिस के सामने रोने का नाटक; बदनामी के डर से केस नहीं करते थे होटलचोरी किए गए लैपटॉप को तुरंत बेचकर विंसेंट ट्रेन से ओडिशा के भुवनेश्वर भाग गया था, लेकिन रायपुर पुलिस की मुस्तैद टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने वह बेहद सीधा, शरीफ और पछतावे से भरा चेहरा बना लेता है। उसने पुलिस से रोते हुए कहा, साहब, यह मेरा आखिरी गुनाह था, अब मैं सुधरकर गोवा के किसी ओल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) में अपनी बाकी जिंदगी बिताना चाहता हूँ। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह विंसेंट का पुराना पैंतरा है और वह हर बार पकड़े जाने पर यही इमोशनल ड्रामा करता है। देश के कई बड़े फाइव-स्टार होटल अपनी साख और बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते थे, जिसका फायदा विंसेंट पिछले 30 सालों से उठा रहा था।
अमरीकी हमलों की दूसरी रात के बाद ईरानी नेतृत्व ने ट्रंप को चेताया, हमला करोगे तो जवाब मिलेगा
तेहरान। अमरीका और ईरान के बीच लगातार दूसरी रात हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान का दायरा होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़ाते हुए ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर चाबहार तक कर दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड […] The post अमरीकी हमलों की दूसरी रात के बाद ईरानी नेतृत्व ने ट्रंप को चेताया, हमला करोगे तो जवाब मिलेगा appeared first on Sabguru News .
महाप्रभु जगन्नाथ: रथ यात्रा के पावन अवसर पर सिनेमाघरों में होगी रिलीज
आस्था, संस्कृति और भारतीय परंपराओं को भव्य एनिमेशन के जरिए बड़े पर्दे पर उतारने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' अब 17 जुलाई 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। खास बात यह है कि फिल्म 16 जुलाई को होने वाली पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा के ठीक अगले दिन दर्शकों के बीच पहुंचेगी। 'महाप्रभु जगन्नाथ' एक पारिवारिक एनिमेटेड फिल्म है, जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को आधुनिक एनिमेशन तकनीक के साथ पेश किया गया है। फिल्म का उद्देश्य बच्चों से लेकर बड़ों तक हर आयु वर्ग के दर्शकों को एक साथ जोड़ना है। इस फिल्म का निर्माण दुर्गा प्रसाद दलई ने एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले किया है। यह उनकी लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज 'जय जगन्नाथ' की विरासत को आगे बढ़ाती है, जिसे टेलीविजन पर प्रसारण के दौरान लाखों दर्शकों का प्यार मिला था। 300 से ज्यादा स्क्रीन पर होगी रिलीज फिल्म को देशभर में बड़े स्तर पर रिलीज करने के लिए सिनेपोलिस के साथ साझेदारी की गई है। 'महाप्रभु जगन्नाथ' को 300 से अधिक स्क्रीन पर हिंदी, ओड़िया और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। इसके अलावा फिल्म चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। मजबूत टीम ने संभाली जिम्मेदारी फिल्म का निर्देशन श्रीपाद वारखेडकर ने किया है, जबकि इसकी कहानी और संवाद पल्लवी शर्मा ने लिखे हैं। निर्माताओं का दावा है कि कहानी भावनात्मक रूप से बच्चों और बड़ों, दोनों को जोड़ने में सफल होगी। वहीं, अविरल कुमार का संगीत फिल्म के आध्यात्मिक और भव्य माहौल को और प्रभावशाली बनाता है। 2008 से उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट बना रही है कंपनी भुवनेश्वर स्थित एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड वर्ष 2008 से भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला एनिमेटेड कंटेंट तैयार कर रही है। अब कंपनी 'महाप्रभु जगन्नाथ' के जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान जगन्नाथ की परंपरा को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में प्रस्तुत करने जा रही है। रथ यात्रा के पावन अवसर पर रिलीज होने वाली यह फिल्म आस्था, संस्कृति और आधुनिक एनिमेशन का ऐसा संगम पेश करने का दावा करती है, जो पूरे परिवार के लिए यादगार सिनेमाई अनुभव बन सकता है।
निसान ने दुनिया के लिए पेश की भारत में बनी नई टेकटॉन, कीमत 10.49 लाख रुपए से शुरू
नई दिल्ली। जापानी कार निर्माता कंपनी निसान मोटर की भारतीय इकाई निसान मोटर इंडिया ने गुरुवार को भारत में आयोजित विश्व प्रीमियर के दौरान नयी निसान टेकटॉन बाजार में पेश की। इस साल भारत में पेश किया गया यह निसान का दूसरा नया मॉडल है। यह दो इंजन विकल्पों टर्बो टी160 औ टर्बो टी280 में […] The post निसान ने दुनिया के लिए पेश की भारत में बनी नई टेकटॉन, कीमत 10.49 लाख रुपए से शुरू appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर : नाबालिग पुत्र की हत्या करने के दोषी पिता को आजीवन कारावास
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपने ही नाबालिग पुत्र की हत्या करने के आरोपी को गुरुवार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विपिन बिश्नोई ने अभियुक्त राजकुमार उर्फ निक्कू को शराब के नशे में उसके 13 वर्षीय पुत्र […] The post श्रीगंगानगर : नाबालिग पुत्र की हत्या करने के दोषी पिता को आजीवन कारावास appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में पुत्र ने चाकू से वार करके मां को मार डाला
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक व्यक्ति ने मां की चाकुओं के वार से हत्या कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग में बाबू के पद पर पदस्थ राजवीर (28) ने अपनी मां प्रभाती देवी (59) पर चाकुओं के कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर […] The post झुंझुनूं में पुत्र ने चाकू से वार करके मां को मार डाला appeared first on Sabguru News .
आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर नोएडा के रहने वाले 56 वर्षीय मनोज की एक बेहद भावुक कहानी तेजी से वायरल हो रही है। अपनी जिंदगी के 14 कीमती साल एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी को देने के बाद मनोज को अचानक ले-ऑफ (नौकरी से निकालना) का शिकार होना पड़ा। आज वह अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए सड़कों पर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करने को मजबूर हैं। उनकी इस आपबीती ने भारतीय जॉब मार्केट में उम्रदराज लोगों के रोजगार और कॉर्पोरेट कंपनियों के रवैये पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।एक नॉर्मल डिलीवरी और खुल गया 14 साल की नौकरी का दर्दयह पूरी कहानी तब दुनिया के सामने आई जब सोशल आंत्रप्रेन्योर किरण वर्मा ने नोएडा में एक जरूरी दस्तावेज भेजने के लिए 'पॉर्टर' (Porter) ऐप से एक डिलीवरी पार्टनर बुक किया। किरण को लगा कि यह एक आम डिलीवरी होगी, लेकिन जब उनके सामने सफेद बालों वाले 56 साल के बुजुर्ग मनोज आए, तो वह हैरान रह गए। सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ मनोज के चेहरे पर एक अजीब सी बेबसी थी। बातचीत के दौरान मनोज ने मुस्कुराते हुए किरण से कहा, बेटा, आज दिनभर कोई काम ही नहीं था, बस इसी ऑर्डर के इंतजार में बैठा था।टाटा एआईए में थे एडमिन, 2023 की मंदी में छिनी नौकरीकिरण वर्मा की लिंक्डइन पोस्ट के मुताबिक, मनोज ने बताया कि वह साल 2023 तक मशहूर कंपनी 'टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस' (Tata AIA Life Insurance) के एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत थे। उन्होंने वहां लगातार 14 साल तक अपनी वफादार सेवाएं दी थीं। लेकिन 2023 में जब कॉर्पोरेट जगत में ले-ऑफ की आंधी आई, तो उन्हें अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। नौकरी जाने के बाद मनोज ने दर्जनों कंपनियों में इंटरव्यू दिए, लेकिन 56 साल की उम्र और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण किसी भी कंपनी ने उन्हें काम पर रखने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।हम तो सब्जी के करी पत्ते जैसे हैं... कॉर्पोरेट की कड़वी सच्चाईजब किरण ने उनसे अचानक नौकरी जाने के अनुभव के बारे में पूछा, तो मनोज ने एक ऐसा उदाहरण दिया जो हर नौकरीपेशा इंसान के दिल को छू गया। मनोज ने पुराने और वफादार कर्मचारियों की तुलना करी पत्ते से करते हुए कहा, बेटा, जब सब्जी बनाते हैं तो करी पत्ता स्वाद के लिए सबसे पहले डालते हैं, पर जब सब्जी पक कर तैयार हो जाती है और लोग उसे खाते हैं, तो सबसे पहले उस करी पत्ते को ही बाहर निकालकर फेंक देते हैं। उनका इशारा साफ था कि कंपनियां अनुभवी लोगों का इस्तेमाल तो भरपूर करती हैं, लेकिन संकट आने पर सबसे पहले उन्हें ही दूध की मक्खी की तरह निकाल देती हैं।सोशल मीडिया पर गिग इकॉनमी और एजिसम (Ageism) पर छिड़ी बहसकिरण वर्मा की यह पोस्ट देखते ही देखते लिंक्डइन पर वायरल हो गई, जिस पर हजारों प्रोफेशनल्स, एचआर और रिक्रूटर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस मामले पर खुद 'पॉर्टर' कंपनी ने भी कमेंट कर अपने डिलीवरी पार्टनर मनोज के जज्बे और मेहनत की तारीफ की है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह कहानी भारत के जॉब मार्केट का सबसे क्रूर और असली चेहरा दिखाती है, जहाँ एक उम्र के बाद अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए कोई जगह नहीं बचती और मजबूरन उन्हें गिग इकॉनमी (Gig Economy) यानी डिलीवरी और ड्राइविंग जैसे कामों में पसीना बहाना पड़ता है।
'द इंडिया स्टोरी' का नया पोस्टर हुआ रिलीज, गुस्साई भीड़ के बीच फंसे काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े
सामाजिक मुद्दे पर आधारित आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' के निर्माताओं ने फिल्म का एक और प्रभावशाली पोस्टर जारी किया है, जिसने दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। ज़ी स्टूडियोज़ के सहयोग से एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी और निर्माण की जिम्मेदारी सागर बी. शिंदे ने संभाली है। कीटनाशक खेती और इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों जैसे संवेदनशील विषय को उठाने वाली यह फिल्म एक दिलचस्प कोर्टरूम ड्रामा के जरिए एक बड़े सामाजिक मुद्दे को सामने लाती है। रिलीज हुए नए पोस्टर में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े एक तनावपूर्ण और भावनात्मक स्थिति में नजर आ रहे हैं, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि फिल्म में उनके किरदार एक बड़ी सच्चाई को उजागर करने के लिए कठिन संघर्ष से गुजरते हैं। A post shared by Zee Studios (@zeestudiosofficial) सब्जी मंडी के माहौल में सेट यह पोस्टर डर, गुस्से और विरोध की तीव्र भावना को दर्शाता है। पोस्टर में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े को एक आक्रोशित भीड़ से घिरा हुआ दिखाया गया है, जहां गुस्साए विक्रेता उन पर उंगलियां उठा रहे हैं और सब्जियां फेंक रहे हैं। कलाकारों के चेहरे पर दिखता डर, हवा में उड़ती सब्जियां और उग्र भीड़ फिल्म में सच सामने लाने वालों के सामने आने वाली चुनौतियों को बखूबी दर्शाते हैं। ऐसे में पोस्टर पर लिखा टैगलाइन स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस फिल्म के मुख्य विषय को और मजबूत करता है। यह एक ऐसे छिपे खतरे की ओर भी इशारा करता है, जो धीरे-धीरे लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस विषय में निर्देशक चेतन डीके कहते हैं, यह पोस्टर सच बोलने की कीमत को दर्शाता है। जब किसी झूठ पर आधारित व्यवस्था को चुनौती दी जाती है, तो सबसे पहली प्रतिक्रिया अक्सर डर और गुस्से के रूप में सामने आती है। 'द इंडिया स्टोरी' का हर फ्रेम इसी संघर्ष को दिखाने और दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करने के लिए बनाया गया है कि वे क्या खा रहे हैं और किस पर विश्वास कर रहे हैं। इस फिल्म के सह-निर्माता स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी हैं। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धकड़े, एडिटर आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिजाइनर अनमोल भावे शामिल हैं। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी।
कब है गुरु पूर्णिमा 2026 में? जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व एक विशेष स्थान रखता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पावन उत्सव गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा, कृतज्ञता और आदर प्रकट करने का दिन है। गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो साधक को अज्ञान के तिमिर से निकालकर ज्ञान के आलोक की ओर ले जाते हैं। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी तिथियां, शुभ मुहूर्त, आध्यात्मिक महत्व और प्रामाणिक पूजन विधि। तिथि एवं शुभ मुहूर्त: पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 28 जुलाई 2026 को सायंकाल 06:18 बजे से पूर्णिमा तिथि का समापन: 29 जुलाई 2026 को रात्रि 08:05 बजे तक गुरु पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय: 29 जुलाई को प्रातः 05:41 से 09:05 तक का समय आराधना के लिए सर्वोत्तम है। चूँकि सनातन धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व है, इसलिए 29 जुलाई को पूरे दिन श्रद्धाभाव से गुरु वंदन किया जा सकता है। राहुकाल (वर्जित समय): दोपहर 12:27 से 02:08 तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार इस समयावधि में मुख्य पूजा करने से बचना चाहिए। गुरु पूर्णिमा का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व इस पावन पर्व की जड़े हमारे पौराणिक इतिहास और दर्शन से गहराई से जुड़ी हुई हैं: आदिगुरु महर्षि वेदव्यास की जयंती: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ तिथि पर चारों वेदों के वर्गीकरण कर्ता और महाभारत जैसे महान महाकाव्य के रचयिता महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास जी का अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है। वे मानव चेतना के आदिगुरु स्वीकार किए जाते हैं। महान आचार्यों का स्मरण: यह दिन सनातन परंपरा के उन महान स्तंभों को याद करने का भी है, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी; जैसे जगद्गुरु श्री आदि शंकराचार्य, श्री रामानुजाचार्य और श्री माधवाचार्य। अज्ञान के अंधकार का नाश: 'गुरु' शब्द स्वयं में एक महामंत्र है। यहाँ 'गु' का तात्पर्य अंधकार (अज्ञान) से है और 'रु' का अर्थ है उसका निरोध या विनाश करने वाला। जो शिष्य के जीवन से अज्ञानता को मिटा दे, वही गुरु है। ग्रह नक्षत्रों का शुभ प्रभाव: ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण वैभव में होता है। साथ ही, गुरु का सीधा संबंध देवगुरु बृहस्पति से है, जो बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति के कारक हैं। इस दिन गुरु कृपा से कुंडली के कई दोष स्वतः शांत हो जाते हैं। गुरु पूर्णिमा पूजन विधि: गुरु पूर्णिमा के दिन न केवल दीक्षा देने वाले गुरु, बल्कि माता-पिता और घर के बड़े-बुजुर्गों (जिन्हें हम अपना पहला गुरु मानते हैं) का पूजन किया जाता है। इसकी सरल एवं सात्विक विधि निम्नलिखित है: 1. पावन स्नान एवं संकल्प पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पूर्व (ब्रह्म मुहूर्त में) उठकर घर की साफ-सफाई करें। स्नान के पश्चात स्वच्छ, सात्विक वस्त्र (यदि संभव हो तो पीले या सफेद रंग के) धारण करें और व्रत या पूजा का मानसिक संकल्प लें। 2. देव-चौकी का निर्माण घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) या पूर्व दिशा में एक पवित्र चौकी स्थापित करें। उस पर पीला या श्वेत वस्त्र बिछाकर महर्षि वेदव्यास, भगवान विष्णु या अपने व्यक्तिगत दीक्षा-गुरु के चित्र को सुशोभित करें। 3. षोडशोपचार या पंचोपचार पूजन शुद्ध घी का दीपक और सुगंधित धूप प्रज्वलित करें। इसके बाद रोली, चंदन, अक्षत (बिना टूटे चावल), पुष्प और मौसमी फल अर्पित करें। गुरुदेव के प्रिय सात्विक नैवेद्य जैसे पीली मिठाई या मखाने की खीर का भोग लगाएं। 4. मंत्र साधना एवं दिव्य आरती एकाग्रचित्त होकर गुरु मंत्र (जैसे- गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु, गुरुर देवो महेश्वरः...) का कम से कम 108 बार जाप करें। यदि आप किसी संप्रदाय से दीक्षित हैं, तो गुरु द्वारा दिए गए गुरुमंत्र का मानसिक स्मरण करें। अंत में कर्पूर जलाकर प्रेमपूर्वक आरती करें। 5. साक्षात वंदन एवं उपहार अर्पण यदि आपके गुरु साक्षात रूप में उपस्थित हैं, तो उनके चरण प्रक्षालन (धोकर) करें, तिलक लगाएं और यथाशक्ति वस्त्र, फल या दक्षिणा भेंट स्वरूप देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। यदि गुरु दूर हैं, तो मानस पूजा कर उन्हें मन ही मन प्रणाम करें। 6. परोपकार एवं दान की महिमा इस दिन की पूर्णता दान से होती है। पूजा के उपरांत असमर्थ व जरूरतमंद लोगों को धार्मिक पुस्तकें, अन्न, पीले वस्त्र या सामर्थ्य अनुसार धन का दान अवश्य करें। ऐसा करना आत्मिक शांति और समृद्धि प्रदायक माना जाता है।
गडग में मानसिक रूप से दिव्यांग महिला से बार-बार रेप, प्रेगनेंट होने पर खुला राज
गडग। कर्नाटक के गडग जिले में मानसिक रूप से एक दिव्यांग युवती के साथ कथित तौर पर बार-बार दुष्कर्म करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता लगभग छह महीने की गर्भवती पाई गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार रोना तालुक के […] The post गडग में मानसिक रूप से दिव्यांग महिला से बार-बार रेप, प्रेगनेंट होने पर खुला राज appeared first on Sabguru News .
'सतलुज' को ओटीटी से हटाने पर भड़कीं नीरू बाजवा, बोलीं- जनता को सच जानने का अधिकार
पंजाबी एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 से अचानक हटा दिया गया। इसके बाद से कई सेलेब्स इस फिल्म के सपोर्ट में आगे आ रहे हैं। वहीं सिनेमाई स्वतंत्रता पर एक नई बहस छिड़ गई है। फिल्म को अचानक हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ के समर्थन में पंजाब और बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सितारे उतर आए हैं। दिलजीत की को-एक्ट्रेस और पंजाबी सिनेमा की क्वीन नीरू बाजवा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा-चौड़ा और बेहद तीखा पोस्ट साझा कर अपनी भड़ास निकाली है। ALSO READ: ब्लैक ब्रालेट में सान्या मल्होत्रा ने ढाया कहर, बोल्ड फोटोशूट ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा नीरू बाजवा ने लिखा, मैंने 'सतलुज' देखी, भावनाएं जरूर आहत हुईं। लेकिन एक फिल्म सिर्फ एंटरटेनमेंट से कहीं ज्यादा होती है। यह इसे बनाने वालों की आवाज, उनका पैशन, उनकी सच्चाई और सालों की कड़ी मेहनत है। बिना किसी जवाबदेही के किसी के पास भी इसे चुप कराने की ताकत नहीं होनी चाहिए। नीरू ने दर्शकों के अधिकारों की वकालत करते हुए आगे लिखा, चाहे लोग फिल्म को सपोर्ट करें या उसकी आलोचना करें, यह पूरी तरह से उनका निजी फैसला होना चाहिए। जनता से उनकी पसंद का अधिकार छीनना सरासर गलत है। अगर 'सतलुज' को रोका गया है, तो जनता को सच जानने का हक है। हमें खामोशी नहीं, बल्कि साफ-साफ वजह पता होनी चाहिए। पारदर्शिता कोई प्रिविलेज (विशेषाधिकार) नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। नीरू बाजवा ने पंजाबियों की आवाज बुलंद करते हुए आखिर में कहा, एक पंजाबी होने के नाते, जब हमारी कहानियां हमसे छिपाई जाती हैं, तो हमें सवाल पूछने का पूरा हक है। हम कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मांग रहे, हम बस सच, निष्पक्षता और किसी फिल्म को देखकर अपनी राय बनाने की आजादी चाहते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कौन थे जसवंत सिंह खालरा इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं जसवंत सिंह खालरा, जिनका किरदार फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। खालरा पंजाब के एक मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता थे, जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान हजारों अज्ञात शवों के अवैध रूप से किए गए अंतिम संस्कार और पुलिसिया ज्यादतियों का पर्दाफाश किया था। साल 1995 में उनका अचानक अपहरण कर लिया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई, जिसके लिए कई पुलिस अधिकारियों को सजा भी हुई थी। फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहन के मुताबिक, यह फिल्म पूरी तरह से अदालती दस्तावेजों और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। फिल्म के हटने पर खुद दिलजीत दोसांझ ने भी निराशा व्यक्त की, लेकिन साथ ही संतोष जताया कि दो दिनों के भीतर ही सही, पर यह कहानी जनता तक पहुंच गई। इस फिल्म का सफर शुरुआत से ही विवादों और संघर्षों से भरा रहा है। फिल्म 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और 1990 के दशक में पंजाब के संवेदनशील हालातों पर आधारित है। जब मेकर्स ने इसे थिएटर में रिलीज करने के लिए सेंसर बोर्ड के पास भेजा, तो बोर्ड ने इस पर करीब 127 कट्स लगाने और फिल्म का नाम बदलने का आदेश दे दिया था। सेंसर बोर्ड के इन कट्स को मानने से इनकार करते हुए मेकर्स ने इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर 3 जुलाई को बिना किसी कट के रिलीज कर दिया। मगर यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। आईटी नियम 2021 और 'राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों' का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने ZEE5 को इसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया, जिसके बाद 5 जुलाई को फिल्म को भारत में 'पॉज' कर दिया गया।
अशोक सिंह ने कांग्रेस छोड़ी, अनुशासन समिति के नोटिस से नाराज होकर दिया इस्तीफा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी सदस्य अशोक सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। इस्तीफे में उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर नाराजगी जताते हुए इसे अपने फैसले की प्रमुख […] The post अशोक सिंह ने कांग्रेस छोड़ी, अनुशासन समिति के नोटिस से नाराज होकर दिया इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक में एमयूवी और लॉरी की टक्कर में 7 लोगों की मौत, दो गंभीर घायल
कारवार। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में गुरुवार तड़के एक बहु उपयोगी वाहन (एमयूवी) की लॉरी से आमने-सामने की टक्कर में 7 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रात करीब 1.30 बजे येल्लापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर अराबैल घाट […] The post कर्नाटक में एमयूवी और लॉरी की टक्कर में 7 लोगों की मौत, दो गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के रोहिणी सेक्टर-16 में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के ढ़हने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर को बचा लिया गया। बचाव अभियान बुधवार की शाम से अभी तक जारी है। मलबे से तीन शव बरामद किये गये और मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी […] The post दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
LIVE: भारी बारिश से दिल्ली की पानी-पानी, रोहिणी में इमारत गिरने से 4 की मौत
Latest News Today Live Updates in Hindi : रात भर हुई बारिश से दिल्ली NCR में कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। रोहिणी में इमारत गिरने से 4 की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आज भी 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पल पल भी जानकारी...
सिल्क साड़ी में जाह्नवी कपूर ने बिखेरा जलवा, ट्रेडिशनल आउटफिट में लगाया बोल्डनेस का तड़का
बॉलीवुड की यंग और खूबसूरत एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर अपने बेहतरीन फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन लेटेस्ट तस्वीरों में जाह्नवी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है, जहां उन्होंने भारतीय परंपरा को बोल्डनेस के साथ पेश किया है। ALSO READ: 66 की उम्र में भी ग्लैमरस हैं संगीता बिजलानी, सलमान खान संग शादी के छप गए थे कार्ड तस्वीरों में जाह्नवी कपूर ने एक बेहद खूबसूरत लैवेंडर और गोल्डन शेड वाली सिल्क साड़ी पहनी हुई है। साड़ी का बॉर्डर काफी हैवी है, जो इसे बेहद रॉयल लुक दे रहा है। साड़ी के साथ जाह्नवी ने मैचिंग स्ट्रैपलेस स्टाइल ब्लाउज कैरी किया है, जो उनके इस एथनिक लुक में मॉडर्न और ग्लैमरस टच जोड़ रहा है। तस्वीरों में जाह्नवी एक से बढ़कर एक सेक्सी और अट्रैक्टिव पोज देते नजर आ रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं। उनके इन बोल्ड पोज ने ट्रेडिशनल लुक में भी हॉटनेस का तड़का लगा दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जाह्नवी ने न्यूड-ग्लॉसी लिपस्टिक, सटल मेकअप, विंग्ड आईलाइनर और माथे पर एक छोटी सी बिंदी के साथ अपने चेहरे की खूबसूरती को निखारा है। इस रॉयल लुक को पूरा करने के लिए जाह्नवी ने अपने बालों का एक नीट और क्लीन स्लीक जूड़ा (Sleek Bun) बनाया हुआ है, जिसे पारंपरिक हेयर एक्सेसरीज से सजाया गया है। ज्वेलरी की बात करें तो उन्होंने गले में एक बेहद हैवी कुंदन और पर्ल का चोकर नेकलेस, मैचिंग झुमके, हाथों में ढेर सारी खूबसूरत चूड़ियां, बाजूबंद और अंगूठियां पहनी हुई हैं, जो उनके लुक में चार चांद लगा रहे हैं।
भीलवाड़ा में ठगी और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाता विवाह के नाम पर लाखों रुपए की ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक कथित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी शादी के बाद नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो जाते थे और […] The post भीलवाड़ा में ठगी और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .
लॉरेल्स स्कूल इंटरनेशनल के कक्षा आठ के छात्र अपने टीचर्स फ़िरदौस ग़ोरी खान, अतिसुची सिन्हा और अंजलि बालखे के साथ, जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' शैक्षणिक भ्रमण पर आए। इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य क्लासरूम की थ्योरी और असल दुनिया की प्रैक्टिकल ग्रीन टेक्नोलॉजी के बीच के अंतर को कम करना था। पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन की इस 'लिविंग लेबोरेटरी' (जीवंत प्रयोगशाला) में जाकर, ग्रामीण परिवेश में बड़े पैमाने पर ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी; जैव-विविधता: दुर्लभ, स्थानीय पेड़-पौधों की पहचान करना और पर्यावरण संरक्षण को देखना और समझना; सर्कुलर इकोनॉमी का अध्ययन। ज़ीरो-वेस्ट सिस्टम कृषि-अवशेषों से फ़ूड प्रोसेसिंग, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली और आत्मनिर्भरता से परिचित हुए, वह भी उनसे, जिन्हें प्यार से 'जनक दीदी' या 'ग्रीन हीरो' कहा जाता है। जीवन भर सोलर कुकर और साफ़-सुथरे खाना पकाने के तरीकों को आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं को टिकाऊ कौशल का प्रशिक्षण दिया है, जिससे हज़ारों ग्रामीण समुदायों में बदलाव आया है। सेंटर कैंपस पूरी तरह से ऑफ़-ग्रिड चलता है, जो ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता का एक बेहतरीन उदाहरण है। छात्रों ने सोलर और विंड पावर से साल भर रिन्यूएबल एनर्जी की लगातार आपूर्ति आंखों से देखी जनक दीदी ने एडवांस्ड सोलर ड्रायर सोलर डिहाइड्रेटर का इस्तेमाल करके दिखाया। खुली हवा में धूप में सुखाने के विपरीत, ये बंद संरचनाएं खाने को धूल और कीड़ों से बचाती हैं और साथ ही गर्मी को अच्छी तरह बनाए रखती हैं। छात्रों ने देखा कि कैसे यह टेक्नोलॉजी बिना किसी केमिकल प्रिजर्वेटिव या बिजली की खपत के फलों और जड़ी-बूटियों के पोषक तत्वों, रंग और खुशबू को बनाए रखती है। वनस्पति संबंधी चमत्कार: खास पेड़-पौधे और संरक्षण: यह फ़ार्म एक जीवित जीन बैंक के रूप में काम करता है, जो कई दुर्लभ और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पौधों को संरक्षित करता है। डॉ. जनक ने व्यक्तिगत रूप से समूह को ऑर्गेनिक बाग की सैर कराई और खास प्रजातियों के बारे में बताया: अरिठा, कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट और पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट्स के लिए 100% बायोडिग्रेडेबल और केमिकल-फ्री विकल्प के तौर पर काम करते हैं। पारिजात: अपनी तेज़ खुशबू के लिए मशहूर इस पौधे के बारे में चर्चा हुई कि इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं, सूजन कम करने वाले इलाज और ज़रूरी तेल निकालने में बड़े पैमाने पर किया जाता है। हनुमान जी वाला सिंदूर (बिक्सा ओरेलाना/ एनाट्टो): इस अनोखे पौधे ने छात्रों का ध्यान खींचा क्योंकि इसके बीजों से एक चमकदार, प्राकृतिक लाल रंग मिलता है। यह खाने की चीज़ों और कॉस्मेटिक्स में इस्तेमाल होने वाले ज़हरीले सिंथेटिक रंगों का एक सुरक्षित विकल्प है। इस विज़िट की एक खास बात थी फ़ार्म की ज़ीरो-वेस्ट किचन और प्रोसेसिंग यूनिट्स के बारे में जानना। खेतों में फ़सल के बचे हुए हिस्से, सूखी पत्तियां और टहनियां जलाने के बजाय—जिससे बहुत ज़्यादा वायु प्रदूषण होता है—फ़ार्म इस बिखरे हुए कचरे को इकट्ठा करके स्मोकलेस (धुआं-रहित) ब्रिकेट बनाते हैं। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट की अनूठी मिसाल है। उनका सनावादिया स्थित घर और फ़ार्म, ज़ीरो वेस्ट और ज़ीरो यूटिलिटी बिल के साथ चलते हैं, जो यह साबित करता है कि पूरी तरह से सस्टेनेबल (टिकाऊ) जीवनशैली अपनाना मुमकिन है। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग की जानकारी से अवगत कराना था अपितु उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण-अनुकूल आवास तथा 'जीरो वेस्ट' एवं 'जीरो डिस्चार्ज' की अवधारणा को सरल एवं रोचक ढंग से समझा। फ़िरदौस ग़ोरी ने इस अवसर को अत्यंत गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि पद्मश्री सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. पलटा मगिलिगन से प्रत्यक्ष संवाद एवं उनके सतत विकास मॉडल का अवलोकन विद्यार्थियों के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव रहेगा। संकाय नेतृत्वकर्ता: श्रीमती फिरदौस गोरी खान
अमरीका का ईरान पर फिर हमला, चाबहार में बिजली अवसंरचना, अस्पताल प्रभावित
तेहरान। अमरीका ने ईरान के खिलाफ नये सैन्य हमले किए हैं, जिनमें दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार की बिजली अवसंरचना, बंदरगाह सुविधाओं और एक अस्पताल को नुकसान पहुंचा है। देश के अन्य दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी हमलों और विस्फोटों की सूचना मिली है। ईरानी मीडिया के अनुसार बुधवार को हुए हमलों में चाबहार की […] The post अमरीका का ईरान पर फिर हमला, चाबहार में बिजली अवसंरचना, अस्पताल प्रभावित appeared first on Sabguru News .
क्या वर्ल्ड कप और फीफा के बिना अधूरा है फुटबॉल
भले ही फुटबॉल वर्ल्ड कप की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन इसका आयोजन करने वाली संस्था फीफा की साख आज शायद सबसे निचले स्तर पर है। सवाल उठ रहा है कि फुटबॉल को अब भी फीफा की जरूरत क्यों है?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का 75 से 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा : नितिन गडकरी
कोटा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना में लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपए की लागत से 75 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। गडकरी बुधवार देर शाम कोटा के गोपालपुरा मण्डाना में आमसभा को संबोधित […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का 75 से 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा : नितिन गडकरी appeared first on Sabguru News .
भारतीय बेसबॉल का चेहरा बने सूर्याकुमार यादव, नजर आएंगे इस टूर्नामेंट में
टी-20 विश्व विजेता कप्तान सूर्याकुमार यादव अब भारतीय बेसबॉल का चेहरा बन गए हैं। टी-20 विश्वकप जीतने के बाद खराब फॉर्म के कारण उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। हालांकि अब करियर के अंतिम पड़ाव पर खड़े सूर्या भाऊ ने दूसरे खेलों को प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी उठाई है।वह एमएलबी इंडिया यानि कि भारतीय बेसबॉल टीम के ब्रांड एंबेसेडर बन गए हैं और उनको अमेरिका में होने वाले एमएलबी ऑल स्टार वीक में देखा जा सकेगा। यह टूर्नामेंट 12 से 14 जुलाई को फिलेडिया में होगा। SURYA ANNOUNCED AS THE MLB INDIA AMBASSADOR! Suryakumar Yadav, the new face of Baseball in India, will also be attending MLB All-Star week from 12th to 14th July, in Philadelphia, in the US. Great time ahead for baseball fans in India! pic.twitter.com/MnJ187ZfPE — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 8, 2026 सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।सूर्याकुमार यादव बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे। हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका। 35 वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और भारतमाला परियोजनाएं राजस्थान के विकास को देगी नई गति : भजनलाल शर्मा
कोटा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा विकसित की जा रही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे एवं भारतमाला जैसी महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाएं राजस्थान के विकास को नई गति प्रदान करेंगी। शर्मा बुधवार देर शाम कोटा के गोपालपुरा मण्डाना में आमसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और भारतमाला परियोजनाएं राजस्थान के विकास को देगी नई गति : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
गया : सड़क हादसे में कार में लगी आग, 2 लोग जिंदा जले
गया जी। बिहार के गया जिले में डोभी-पटना फोरलेन पर बीती देर रात एक सड़क हादसे में कार सवार दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से झुलस गया। यह हादसा बोधगया थाना क्षेत्र के सिजुआ गांव के पास बीती रात करीब 1:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खाद से […] The post गया : सड़क हादसे में कार में लगी आग, 2 लोग जिंदा जले appeared first on Sabguru News .
जब संजीव कुमार ने बिना संवाद बोले जीत लिया था हर दिल, जानिए उनकी अनसुनी कहानी
बॉलीवुड में संजीव कुमार को ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलो मे खास पहचान बनाई। मुंबई में 9 जुलाई 1938 को एक मध्यम वर्गीय गुजराती परिवार में जन्में संजीव कुमार बचपन से ही फिल्मों में नायक बनने का सपना देखा करते थे। इस सपने को पूरा करने के लिये उन्होंने फिल्मालय के एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया। साल 1962 में राजश्री प्रोडक्शन की निर्मित फिल्म 'आरती' के लिए उन्होंने स्क्रीन टेस्ट दिया, जिसमें वह पास नहीं हो सके। संजीव कुमार को सर्वप्रथम मुख्य अभिनेता के रूप में 1965 में रिलीज फिल्म 'निशान' में काम करने का मौका मिला। साल 1960 से 1968 तक संजीव कुमार फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' के बाद उन्हें जो भी भूमिका मिली वह उसे स्वीकार करते चले गए। ALSO READ: 66 की उम्र में भी ग्लैमरस हैं संगीता बिजलानी, सलमान खान संग शादी के छप गए थे कार्ड इस बीच उन्होंने स्मगलर पति-पत्नी, हुस्न और इश्क, बादल, नौनिहाल और गुनहगार जैसी कई बी ग्रेड फिल्मों मे अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स आफिस पर सफल नहीं हुई। साल 1968 मे रिलीज फिल्म शिकार में संजीव कुमार पुलिस ऑफिसर की भूमिका में दिखाई दिए। यह फिल्म पूरी तरह अभिनेता धर्मेन्द्र पर केन्द्रित थी फिर भी संजीव अपने अभिनय की छाप छोड़ने में वह कामयाब रहे। इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड भी मिला। साल 1970 में रिलीज फिल्म खिलौना की जबरदस्त कामयाबी के बाद संजीव कुमार ने नायक के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली। वर्ष 1970 में ही रिलीज फिल्म दस्तक में लाजवाब अभिनय के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 1972 मे रिलीज फिल्म 'कोशिश' में उनके अभिनय का नया आयाम दर्शकों को देखने को मिला। इस फिल्म में गूंगे की भूमिका निभाना किसी भी अभिनेता के लिये बहुत बड़ी चुनौती थी। बगैर संवाद बोले सिर्फ आंखों और चेहरे के भाव से दर्शकों को सब कुछ बता देना संजीव कुमार की अभिनय प्रतिभा का ऐसा उदाहरण था, जिसे शायद ही कोई अभिनेता दोहरा पाए। इस फिल्म में उनके लाजवाब अभिनय के लिये उन्हें दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अभिनय में एकरूपता से बचने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप में भी स्थापित करने के लिये संजीव कुमार ने अपने को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। इस क्रम में 1975 में रिलीज रमेश सिप्पी की सुपरहिट फिल्म शोले में वह फिल्म अभिनेत्री जया भादुडी के ससुर की भूमिका निभाने से भी नहीं हिचके। हालांकि संजीव कुमार ने फिल्म शोले के पहले जया भादुड़ी के साथ कोशिश और अनामिका में नायक की भूमिका निभायी थी। संजीव कुमार दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए हैं। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों में खास पहचान बनाने वाला यह अजीम कलाकार 6 नवंबर 1985 को इस दुनिया को अलविदा कह गया।
महाराष्ट्र में बाढ़ का खौफनाक मंजर! HPCL प्लांट से 3000 गैस सिलेंडर नदी में बहे
महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश के कारण आई अचानक फ्लैश फ्लड में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के चावणे गांव में स्थित HPCL गैस प्लांट से करीब 3000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ गैस सिलेंडर भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में लोगों को इन सिलेंडरों को उठाकर ले जाते भी देखा गया। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पानी में बहे सिलेंडरों की जांच में जुटे हुए हैं। पानी में सिलेंडरों के बहने की वजह भी तलाशी जा रही है। महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश के बाद HPCL के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नदी या किनारे मिले किसी भी सिलेंडर को उठाने, खोलने या घर ले जाने की कोशिश न करें। #maharastra #lpg #lpgcylinders #river #hpcl pic.twitter.com/LD2bLGUsa4 — Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) July 9, 2026 रायगढ़ के डीएम किशन जावले ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नदी में बहकर आए सिलेंडर में गैस है या नहीं या वे सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में उत्सुकता या इस्तेमाल के मकसद से ऐसे सिलेंडर को उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की। गौरतलब है कि मुंबई, पुणे और नासिक समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है। सड़कें तालाब बनी हुई है, रेलवे ट्रेक पर पानी भरा हुआ। जलजमाव और भूस्खलन की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय
Pitru Dosh Remedies: हिंदू धर्म में हलहारिणी अमावस्या को पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पर श्रद्धा और विधिपूर्वक किए गए पितृ कर्म से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष बताया गया हो अथवा परिवार में बिना वजह कलह, तरक्की में रुकावट और संतान संबंधी परेशानियां आ रही हैं, तो धार्मिक परंपराओं में इस दिन कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने की सलाह दी जाती है। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? आइए जानते हैं हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले 10 प्रमुख पारंपरिक उपाय। 1. पवित्र नदी में स्नान और तर्पण अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी- जैसे गंगा, यमुना या नर्मदा में स्नान करें। इसके बाद हाथ में कुशा, जो कि एक प्रकार की घास होती है, काले तिल और जल लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों का स्मरण करते हुए 3 बार तर्पण यानी जल अर्पित करें। 2. पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास माना जाता है। अत: सुबह के समय पीपल की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल, काले तिल और चीनी मिला हुआ जल अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जाप करते हुए पीपल की 7 बार परिक्रमा करें। शाम को पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 3. पंचबलि भोग अमावस्या के दिन घर में सात्विक भोजन बनाएं। ध्यान रहें कि यह बिना लहसुन-प्याज का हो। फिर भोजन तैयार होने के बाद सबसे पहले 5 विशेष हिस्से निकालें: गोबलि: गाय के लिए श्वानबलि: कुत्ते के लिए काकबलि: कौए के लिए देवादिबलि: देवताओं या अग्नि के लिए पिपीलिकादिबलि: चींटियों के लिए ये विशेष भोजन निकालने के बारे में माना जाता है कि कौए और कुत्ते के माध्यम से यह भोजन सीधे पितरों तक पहुंचता है। 4. दक्षिण दिशा में 'पितृ दीपक' जलाना अमावस्या की शाम को घर के दक्षिण कोने में या मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है, वहां दीपक जलाने से पितृ प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 5. हलहारिणी अमावस्या पर 'हल' और अन्न का दान चूंकि यह हलहारिणी अमावस्या है, इसलिए इस दिन कृषि से जुड़ी चीजों या मौसमी फसलों का दान बहुत फलदायी होता है। किसी जरूरतमंद किसान को खेती की सामग्री दान करें या किसी गरीब को गेहूं, चावल, और गुड़ का दान करें। इससे पितृ तृप्त होते हैं। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक 6. गीता के 7वें अध्याय का पाठ पितरों की आत्मा की शांति और उन्हें मोक्ष दिलाने के लिए हलहारिणी अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें। यदि आप स्वयं पाठ नहीं कर सकते, तो इसे घर में ऑडियो के रूप में चलाकर शांति से सुनें। पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पित करें। 7. काले तिल और कुश का विशेष दान पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या के दिन काले तिल, कुशा घास, ऊनी वस्त्र या छाते का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसे किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को आदरपूर्वक दें। 8. जल पात्र या घड़े का दान गर्मी और उमस के इस मौसम में किसी मंदिर, प्याऊ या सार्वजनिक स्थान पर पानी से भरा मिट्टी का घड़ा या कलश दान करना महादान माना गया है। राहगीरों को ठंडा जल पिलाने से पितरों की आत्मा को परम शांति मिलती है और कुंडली का पितृ दोष शांत होता है। 9. चींटियों और मछलियों को भोजन देना सुबह के समय किसी सूखे तालाब, पेड़ के नीचे या पार्क में चींटियों के लिए 'कसार' यानी भुने हुए आटे में चीनी या शक्कर मिलाकर खिलायें। इसके अलावा, आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर किसी साफ नदी या तालाब की मछलियों को खिलाएं। यह उपाय राहु-केतु के दोष को भी दूर करता है, जो अक्सर पितृ दोष का कारण बनते हैं। 10. गायत्री मंत्र या पितृ गायत्री का जाप अमावस्या के दिन शांत चित्त होकर सफेद आसन पर बैठें और गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। या फिर आप इस विशेष पितृ मंत्र का जाप कर सकते हैं: 'ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥' विशेष नोट: हलहारिणी अमावस्या के दिन घर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद, कलह या तामसिक भोजन यानी मांस-मदिरा से पूरी तरह दूर रहें। मन में शांत और क्षमा का भाव रखकर किए गए उपाय ही पितरों तक पहुंचते हैं। हलहारिणी अमावस्या- FAQS प्रश्न 1. क्या हलहारिणी अमावस्या पर पितृ तर्पण किया जा सकता है? उत्तर: हां, धार्मिक परंपराओं में इस दिन पितृ तर्पण को शुभ माना जाता है। प्रश्न 2. क्या पितृ दोष के लिए केवल यही उपाय पर्याप्त हैं? उत्तर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये पारंपरिक उपाय हैं। विशेष अनुष्ठान के लिए योग्य आचार्य से परामर्श लेना उचित रहता है। प्रश्न 3. क्या इस दिन दान करना आवश्यक है? उत्तर: दान अनिवार्य नहीं है, लेकिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान पुण्यदायी माना जाता है। प्रश्न 4. पितरों के लिए कौन-सा दान शुभ माना जाता है? उत्तर: काले तिल, अन्न, गुड़, वस्त्र, जल और भोजन का दान पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। प्रश्न 5. क्या कौओं को भोजन कराने का महत्व है? उत्तर: कई धार्मिक परंपराओं में कौओं को पितरों का प्रतीक मानकर उन्हें भोजन अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है?
मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का निधन, एक्टर ने दी दी भावभीनी श्रद्धांजलि
बॉलीवुड के मशहूर एक्टर और टीवी होस्ट मनीष पॉल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मनीष पॉल की मां, उर्मिल पॉल का 77 साल की उम्र में निधन हो गया है। इस दुखद खबर की पुष्टि खुद मनीष पॉल की पीआर टीम द्वारा की गई है। मां के अचानक चले जाने से मनीष पॉल और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मनीष पॉल की टीम ने मीडिया और प्रशंसकों के साथ दुख साझा करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया। इस बयान में लिखा, अत्यंत दुखी मन से हमें आपको यह सूचित करना पड़ रहा है कि अभिनेता मनीष पॉल ने दिल्ली में अपनी 77 वर्षीय मां को खो दिया है। हम आप सभी से विनम्र अनुरोध करते हैं कि दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना करें। ईश्वर उनकी आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करे। A post shared by Maniesh Paul (@manieshpaul) मनीष पॉल ने भी लिखा इमोशनल पोस्ट मनीष पॉल ने अपनी मां को याद करते हुए लिखा, आज दुनिया थोड़ी शांत लग रही है। आज सुबह मैंने अपनी मां को अलविदा कहा—जो मेरा पहला घर थीं, मुझे सबसे ज़्यादा सुकून देने वाली थीं और अब तक की मेरी ज़िंदगी की सबसे मज़बूत महिला थीं। ALSO READ: 66 की उम्र में भी ग्लैमरस हैं संगीता बिजलानी, सलमान खान संग शादी के छप गए थे कार्ड उन्होंने आगे लिखा, मेरे लिए आपकी क्या अहमियत थी या आपके जाने से जो खालीपन आया है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। लेकिन मैं अपने साथ आपका प्यार, आपकी हिम्मत, आपकी नेकी और आपके सिखाए हर सबक को लेकर आगे बढ़ूंगा। ये सब ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे। उम्मीद है कि अब आपको सुकून मिल गया होगा। मुझे उस तरह प्यार करने के लिए शुक्रिया, जैसा सिर्फ़ एक मां ही कर सकती है। फिर मिलने तक हमेशा-हमेशा आपसे प्यार करता रहूंगा। A post shared by Maniesh Paul (@manieshpaul) मनीष पॉल अक्सर इंटरव्यूज और सोशल मीडिया पर अपनी मां के साथ अपने बेहद करीबी और खूबसूरत रिश्ते का जिक्र करते रहे हैं। वह हर साल मदर्स डे और मां के जन्मदिन पर उनके लिए भावुक पोस्ट साझा करना नहीं भूलते थे। साल 2025 के मदर्स डे पर मनीष ने एक बेहद पुरानी तस्वीर साझा कर अपनी मां को याद किया था, जो उनके प्रशंसकों के दिलों को छू गई थी। मनीष ने लिखा था, मेरी सबसे पहली मेकअप आर्टिस्ट को, जिन्होंने मुझे स्कूल की सभी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया और यह सुनिश्चित किया कि मैं जीतूं! उस पहली शख्सियत को, जिन्होंने मुझे आज मैं जो कुछ भी हूं, बनने का आत्मविश्वास दिया—मेरी मां! हैप्पी मदर्स डे मम्मी! मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं। मनीष पॉल के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के साथ 'है जवानी तो इश्क होना है' में नजर आए थे।
66 की उम्र में भी ग्लैमरस हैं संगीता बिजलानी, सलमान खान संग शादी के छप गए थे कार्ड
अपने जमाने की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस संगीता बिजलानी 9 जुलाई को अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। 66 साल की उम्र में भी संगीता अपने ग्लैमरस अंदाज से इंटरनेट पर तहलका मचा देती हैं। संगीता ने महज 16 साल की उम्र से ही मॉडलिंग करनी शुरू कर दी थी। साल 1980 में संगीता बिजलानी ने मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद संगीता ने बॉलीवुड की राह पकड़ ली। उनीक पहली फिल्म 'कातिल' साल 1988 में रिलीज हुई थी। हालांकि उनके पहचान 1989 में रिलीज फिल्म 'त्रिदेव' से मिली थी। ALSO READ: आकांक्षा रंजन का सिजलिंग एथनिक लुक वायरल, फ्लोरल सीक्विन साड़ी में लगीं बेहद खूबसूरत फिल्मों के अलावा संगीता सलमान खान के साथ अफेयर को लेकर सुर्खियों में रहीं। संगीता बिजलानी एक दौर में सलमान खान के साथ शादी करने के काफी करीब थीं लेकिन उन्होंने खुद ही इस रिश्ते को तोड़ दिया था। खबरों के अनुसार 27 मई 1994 को दोनों की शादी होने वाली थी। सलमान ने ये तारीख खुद चुनी थी। संगीता बिजलानी और सलमान खान ने 1986 में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। तब संगीता फिल्मों में नहीं आई थीं। दोनों करीब 10 साल तक रिलेशनशिप में थे। बात शादी तक पहुंची और कार्ड भी छप गए थे लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने शादी कैंसिल कर दी। सलमान खान अपने कई इंटरव्यू में इस बात को कुबूल कर चुके हैं कि कार्ड छपकर कई जगह बंट भी गए थे लेकिन शादी नहीं हो पाई। ऐसी खबरें थीं कि सलमान खान और अभिनेत्री सोमी अली के बीच नजदीकियां बढ़ रही थीं। संगीता को जब सोमी अली से सलमान की नजदीकियों की बात पता चली तो उन्होंने शादी तोड़ने का मन बना लिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 1996 में संगीता ने क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन से शादी की। अजहरुद्दीन पहले से शादीशुदा थे और उनके दो बेटे थे। पहली पत्नी को तलाक देने के बाद अजहरुद्दीन ने संगीता बिजलानी से शादी की। अजहर से शादी के लिए संगीता ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और अपना नाम आयशा रखा। शादी के 14 साल बाद संगीता और अजहर के रिश्ते में दरार आ गई। आखिरकार 2010 में उन्होंने तलाक ले लिया। सलमान खान से संगीता की आज भी अच्छी दोस्ती है। सलमान खान के घर में होने वाले कई फंक्शन के दौरान उन्हें देखा जाता है। शादी के बाद ही संगीता बिजलानी फिल्मों से भी दूर हो गईं।
पश्चिम बंगाल: पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त की मौत से उठे सवाल
पश्चिम बंगाल में बलात्कार और हत्या मामले के एक आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत पर सवाल उठे हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने एक अधिकारी की पिस्तौल छीन कर फायरिंग की और भागने की कोशिश की, जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर जानवरों के अजीबोगरीब और मजेदार वीडियोज की भरमार है, लेकिन इन दिनों इंटरनेट पर जो वीडियो तहलका मचा रहा है, उसे देखकर आप पहले तो अपनी सांसें थाम लेंगे और अंत में हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे। एक व्यस्त सड़क पर दो भारी-भरकम सांडों के बीच चल रहे भयंकर युद्ध के बीच एक 'शांतिदूत' कुत्ते की एंट्री ने पूरे नजारे को बेहद फनी बना दिया है।जब बीच सड़क पर भिड़ गए दो खूंखार सांडवीडियो की शुरुआत एक बिजी रोड से होती है, जहां दो ताकतवर सांड एक-दूसरे के खून के प्यासे नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच कांटे की टक्कर हो रही है और वे पूरी ताकत से सींग लड़ा रहे हैं। सांडों का गुस्सा और रौद्र रूप देखकर सड़क पर चल रहे राहगीर और गाड़ियों वाले सहम जाते हैं। कोई भी उनके करीब जाने का जोखिम नहीं उठाता और लोग दूर खड़े होकर इस दंगल का वीडियो बनाने लगते हैं।सांडों के बीच 'पंचायती' करने उतरा कुत्ताइसी खौफनाक माहौल के बीच अचानक एक गली का कुत्ता वहां पहुंच जाता है। अमूमन ऐसे खूंखार नजारे देखकर छोटे जानवर दुम दबाकर भाग जाते हैं, लेकिन यह कुत्ता खुद को इलाके का 'पंच' समझ बैठता है। वह बार-बार दोनों सांडों के बीच घुसकर जोर-जोर से भौंकने लगता है। कुत्ते की बॉडी लैंग्वेज देखकर ऐसा लगता है मानो वह इंसानों की तरह हाथ जोड़कर कह रहा हो— अरे भाई! बहुत हुआ, अब लड़ाई बंद करो और अपने-अपने घर जाओ।तीसरे सांड की सरप्राइज एंट्री और फुस्स हुई बहादुरीकुत्ता लगातार कभी एक सांड के मुंह के आगे जाता तो कभी दूसरे को डराने की कोशिश करता, लेकिन गुस्से में अंधे हो चुके सांडों पर उसकी इस 'पंचायती' का कोई असर नहीं हो रहा था। असली ट्विस्ट तब आता है जब कुत्ता हार मानकर पीछे हटने ही वाला होता है कि अचानक पीछे से एक तीसरा विशालकाय सांड दौड़ता हुआ मैदान में एंट्री मारता है।तीसरे सांड को अपनी तरफ आता देख कुत्ते को समझ आ जाता है कि यह मामला अब आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका है और यहां ज्यादा देर 'नेताजी' बने रहे तो चटनी बनना तय है। फिर क्या था, अगले ही पल कुत्ते की सारी बहादुरी काफूर हो जाती है और वह बिना एक सेकंड गंवाए उल्टे पैर ऐसी दौड़ लगाता है कि कैमरे से ही गायब हो जाता है।इंस्टाग्राम पर बटोर रहा है लाखों व्यूजकुत्ते का इस तरह अचानक दुम दबाकर भागना सोशल मीडिया यूजर्स को सबसे ज्यादा गुदगुदा रहा है। यह मजेदार वीडियो इंस्टाग्राम पर hamar__tenduwa.2 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है। अपलोड होते ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है। लोग इस पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं कि भाई ने बीच-बचाव करने की पूरी कोशिश की, पर जब देखा कि त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है, तो पतली गली पकड़ ली।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (9 जुलाई, 2026)
मेष राशि (Aries) Today 09 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: व्यापारियों को नए अवसर मिल सकते हैं। आज ऑफिस में आपके काम की गति अच्छी रहेगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता रहेगी। एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। निवेश करने के लिए दिन अच्छा है, लेकिन सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांत महसूस करेंगे। शारीरिक थकान दूर होगी। उपाय: गुरुवार के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करें और केले के वृक्ष में जल अर्पित करें। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? वृषभ राशि (Taurus) करियर: आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। व्यापार में वृद्धि होगी। लव: लव लाइफ में चल रही गलतफहमियां दूर होंगी। शाम को पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: धन लाभ के योग हैं। अचानक कहीं से रुका हुआ पैसा मिल सकता है, जिससे आपकी बड़ी चिंता दूर होगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आप खुद को ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर पाएंगे। उपाय: मस्तक पर पीले चंदन या केसर का तिलक लगाएं। मिथुन राशि (Gemini) करियर: कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता के कारण तनाव महसूस हो सकता है। कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा, लेकिन संतान की ओर से थोड़ी चिंता रह सकती है। धन: खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। आज बजट बनाकर चलना बेहद जरूरी है, अन्यथा तंगी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस या अपच परेशान कर सकती हैं। खान-पान सादा रखें। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल अर्पित करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: व्यापारियों को आज कोई बड़ा मुनाफा होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन की बात आगे बढ़ सकती है। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन बहुत अनुकूल है। सिंगल जातकों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। भूमि या वाहन खरीदने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। हल्की सर्दी-खांसी हो सकती है। उपाय: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। सिंह राशि (Leo) करियर: आज आपके पराक्रम और प्रभाव में वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर सीनियर्स आपके काम और सुझावों की तारीफ करेंगे। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर वाद-विवाद हो सकता है। अपनी वाणी पर संयम रखें। धन: पैसों की स्थिति अच्छी रहेगी। सुख-सुविधाओं और धार्मिक कार्यों पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सुबह की सैर या योग से दिन की शुरुआत करें। उपाय: चने की दाल और गुड़ किसी गाय को खिलाएं। कन्या राशि (Virgo) करियर: कला और शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शानदार रहेगा। व्यापार में कोई नई डील फाइनल हो सकती है। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग हर मोड़ पर मिलेगा, जिससे आपसी बॉन्डिंग और मजबूत होगी। धन: अचानक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। पुराना किया गया निवेश आज बड़ा फायदा दे सकता है। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: किसी मंदिर के पुजारी या बुजुर्ग व्यक्ति को पीले रंग के वस्त्र दान करें। ALSO READ: Shravan Somwar 2026: सावन माह 2026 कब से कब तक रहेगा, कितने श्रावण सोमवार हैं? तुला राशि (Libra) करियर: आज ऑफिस में गॉसिप से दूर रहें। अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें, काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है। लव: लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव या डिनर का प्लान बन सकता है। धन: आर्थिक मामले सामान्य रहेंगे। बिना सोचे-समझे किसी को बड़ा उधार न दें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों का पुराना दर्द आज थोड़ा परेशान कर सकता है। भारी काम से बचें। उपाय: भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें या पढ़ें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: राजनीति और कानून के क्षेत्र में विरोधियों पर आपकी विजय निश्चित है। नौकरी से जुड़े लोगों को आज कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ रिश्ता गहरा होगा। आज आप अपनी किसी दिल की बात उनके साथ खुलकर साझा कर सकते हैं। धन: आकस्मिक धन लाभ के मजबूत योग हैं। अटका हुआ सरकारी पेमेंट आज क्लियर हो सकता है। स्वास्थ्य: आज आप खुद को जोश और अत्यधिक ऊर्जा से भरा हुआ पाएंगे। सेहत शानदार रहेगी। उपाय: हनुमान जी के मंदिर जाकर राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। धनु राशि (Sagittarius) करियर: आज का दिन ज्ञान और करियर में वृद्धि वाला रहेगा। विद्यार्थियों को मनचाहा परिणाम मिलेगा। लव: पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी। जीवनसाथी के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा का योग बन रहा है। धन: आर्थिक मामलों में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी और बचत भी बढ़ेगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा। पुरानी किसी शारीरिक समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। उपाय: गुरुवार के दिन हल्दी मिश्रित जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपको अत्यधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। काम का बोझ बढ़ने से मानसिक तनाव महसूस होगा, लेकिन सफलता जरूर मिलेगी। लव: पार्टनर की किसी बात से मन थोड़ा उदास हो सकता है। बैठकर शांति से बात सुलझाना बेहतर होगा। धन: धन से जुड़े बड़े फैसले आज टाल दें। कहीं भी बड़ा निवेश करने के लिए दिन अनुकूल नहीं है। स्वास्थ्य: अत्यधिक काम और तनाव के कारण शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। भरपूर नींद लें। उपाय: किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले फल या केले दान करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों के लिए आज का दिन बहुत ही लाभदायक रहेगा। नई योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का सही समय है। लव: दांपत्य जीवन में रोमांस और आपसी समझ बढ़ेगी। शाम को पार्टनर के साथ बेहतरीन समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। लंबे समय से रुका हुआ कोई पेमेंट आज क्लियर हो सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मानसिक रूप से खुद को काफी रिलैक्स महसूस करेंगे। उपाय: शिवलिंग पर पीले रंग के फूल या गेंदा अर्पित करें। मीन राशि (Pisces) करियर: नौकरीपेशा को आज सफलता मिल सकती है। इंटरव्यू आदि में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। ऑफिस में मान-सम्मान बढ़ेगा। लव: परिवार में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। पार्टनर का व्यवहार आपके प्रति बहुत प्रेमपूर्ण रहेगा। धन: धन लाभ के योग हैं, लेकिन हाथ में पैसा आते ही खर्चों की लिस्ट भी तैयार हो जाएगी। बजट का ध्यान रखें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। त्वचा या एलर्जी से जुड़ी कोई पुरानी समस्या आज दूर हो सकती है। उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाकर गरीबों में बांटें। ALSO READ: सावन में शनि-गुरु की बदली चाल, इन 3 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा
‘लड़के भेज दो... एक लड़के पर 95 हजार रुपए तक कमीशन मिलेगा।’ ये ऑफर कंबोडिया में बैठे एक पाकिस्तानी एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। शर्त थी कि लड़के इंग्लिश बोलना जानते हों, बाकी काम कंपनी सिखा देगी। कंपनी का नाम नहीं है। वेबसाइट नहीं है। ऑफर लेटर नहीं है। इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। जॉब दुनियाभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की है। इस स्कैम के जरिए भारत में ही हर दिन करीब 61 करोड़ रुपए और हर महीने करीब 2 हजार करोड़ रुपए ठगे जा रहे हैं। हमारी पड़ताल 55 दिन चली। भास्कर रिपोर्टर एजेंट बना। स्कैम कंपनी के पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए रैकेट में शामिल हुआ। विक्टिम, रिक्रूटमेंट करने वाले HR, ट्रेनिंग देने वाले सीनियर इम्प्लाई और कंबोडिया-मलेशिया में काम संभालने वाले एजेंट तक पहुंचा। उनका भरोसा जीता, दोस्ती बढ़ाई और यकीन दिलाया कि मैं एजेंट हूं और भारत से लड़कों को स्कैम के लिए कंबोडिया भेजना चाहता हूं। इस इन्वेस्टिगेशन में 45 दिन भारत, 7 दिन कंबोडिया और 3 दिन मलेशिया में बीते। स्कैम कंपनियों के रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग, ऑपरेशन मॉड्यूल को जाना। सैलरी और इंसेंटिव तक का गणित समझा। लड़कों को फंसाने से लेकर जबरदस्ती काम करवाने तक के तरीके पता किए। 'ऑपरेशन वर्ल्ड स्कैम' सीरीज के पहले पार्ट में आज पढ़िए और देखिए, कैसे भारत से युवाओं को कंबोडिया-मलेशिया जैसे देशों में भेजकर सायबर फ्रॉड इंडस्ट्री का हिस्सा बनाया जा रहा है। स्टेप 1: पाकिस्तानी एजेंट से मुलाकात हमारी इन्वेस्टिगेशन सायबर स्कैम सिंडिकेट में फंस चुके यूपी के रोहित (बदला हुआ नाम) से शुरू हुई। राेहित नौकरी के लिए कंबोडिया गए थे। वहां उनका पासपोर्ट छीनकर सायबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया गया। भारत सरकार के दखल के बाद 22 नवंबर, 2025 को लोकल पुलिस ने रोहित और उनके साथियों को बाहर निकाला। कंबोडिया में रोहित की दोस्ती पाकिस्तान के लफी से हुई थी। लफी रोहित से सीनियर था। सायबर स्कैम के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए हमने रोहित की मदद ली। एजेंट बनकर गिरोह में शामिल होने का प्लान बनाया और रोहित से लफी का नंबर लेकर उससे कॉन्टैक्ट किया। लफी से हमारी बात बीती 6 मई को हुई। वॉट्सएप पर हुई बातचीत में हमने उसे बताया कि आपका नंबर रोहित ने दिया है। मैं एजेंट हूं और 10 लड़कों को सायबर स्कैम के लिए कंबोडिया भेजना चाहता हूं। इसके बाद लफी ने कई दफा हमसे बातचीत की। लफी ने बताया, ‘अमेरिका और चीन का प्रेशर है। इसलिए ज्यादातर कंपनियां थाइलैंड-म्यांमार बॉर्डर पर शिफ्ट हो गई हैं। मैं जिस कंपनी में काम करता हूं, उसमें 300 बंदे हैं। 40 से 60 इंडिया के हैं। HR भी मुंबई का है।’ स्टेप 2: रिक्रूटमेंट रिक्रूटमेंट के बारे में पूछने पर लफी ने कहा कि दो लड़कों के एक-एक मिनट के इंट्रोडक्शन वीडियो भेजो। उन्हें इंग्लिश में अपने बारे में बताना है। वीडियो सिलेक्ट होने के बाद पासपोर्ट का पहला और आखिरी पेज का फोटो भेजना। फिर कंपनी का HR टेलीग्राम पर लड़कों का इंटरव्यू लेगा। इंटरव्यू क्लियर होते ही टिकट बुकिंग और वीजा प्रोसेस शुरू हो जाएगी।’ लफी ने बताया, अभी कंपनियां भारतीयों को ज्यादा हायर कर रही हैं। यहां पाकिस्तान के बहुत लोग पहले से हैं। एक मुल्क से ज्यादा लोग होने पर बवाल हो सकता है। इसलिए सभी देशों से थोड़े–थोड़े रखते हैं। भारत से अभी तमिल–तेलुगु बोलने वालों की डिमांड ज्यादा है। ऑफर लेटर कैसे मिलेगा? लफी ने जवाब दिया, ‘कंपनी ऑफर लेटर नहीं देती। कोई ऑफिशियल वेबसाइट नहीं है। कोई कानूनी दस्तावेज नहीं। सिर्फ पासपोर्ट, वीडियो और टेलीग्राम से काम होता है।’ स्टेप 3: HR इंटरव्यू लफी के कहने पर हमने अपनी टीम के दो साथियों के वीडियो उसे भेज दिए। वीडियो देखकर उसने कहा, ‘दोनों ठीक हैं, लेकिन अभी कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। म्यांमार बॉर्डर पर सख्ती बढ़ गई है।’ ‘हमारे कुछ बंदे कंबोडिया में फंसे हैं। कुछ लड़के गिरफ्तार भी हो गए हैं। पुलिस एक लड़के को छोड़ने के बदले 10 हजार डॉलर मांग रही है। बॉस ने कहा है कि पहले इन लड़कों को निकालना पड़ेगा क्योंकि इनके वीजा और टिकट पर पैसे खर्च हो चुके हैं। इनके निकलते ही नई रिक्रूटमेंट शुरू करेंगे। तब तक माहौल थोड़ा ठीक हो जाएगा।’ रोहित के जरिए हम मैनुअल जोसेफ तक पहुंचे। मैनुअल कंबोडिया और लाओस में सायबर स्कैम कर चुका है। रोहित का रेफरेंस देते हुए हमने मैनुअल से कहा कि 10 लड़के बाहर भेजना है। रोहित का नाम सुनकर उसने भरोसा कर लिया और बातचीत शुरू कर दी। मैनुअल ने भी लड़कों के इंट्रोडक्शन वाले वीडियो मांगे। बोला कि लड़के इंग्लिश पढ़कर बोलेंगे, तब भी चलेगा, लेकिन टाइपिंग आना चाहिए। उसने आगे बताया, ‘कंबोडिया में सख्ती चल रही है, इसलिए लड़कों को मलेशिया भेजेंगे। 10 लड़के हैं, तो 5–5 के स्लॉट में भेजेंगे। टिकट तुम्हें करनी होगी। वीजा कंपनी करवाएगी। लड़के पहुंच जाएंगे तब तुम्हें एक बंदे पर 1000 डॉलर या करीब 95 हजार रुपए कमीशन मिलेगा। 300 डॉलर मेरे होंगे, 700 डॉलर तुम्हारे। इसके अलावा तुम्हें हर एक बंदे पर मुझे 5 हजार रुपए अलग से देना होगा।’ ‘एयरपोर्ट से कंपनी के लोग बंदों को लोकेशन पर ले जाएंगे। वहां रुकने, खाने–पीने का इंतजाम है। लड़कों के वहां पहुंचने के बाद 10 से 15 दिन में तुम्हें पैसा मिल जाएगा। लड़कों को सिर्फ कपड़े लेकर जाना है। लैपटॉप कंपनी में मिलेगा। अमेरिका के लोगों को फंसाना है। नाइट शिफ्ट रहेगी। रात में 10 बजे से सुबह के 10 बजे तक। एक साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन होगा। तीन महीने के पहले कोई बाहर नहीं आ सकता। बाद में कोई आएगा, तो उसे टिकट खुद करना होगा।’ सब तय होने के बाद हमने मैनुअल को टेलीग्राम पर तीन लड़कों के वीडियो भेजे। वीडियो देखने के बाद उसने इंटरव्यू के लिए वक्त दिया। कहा कि इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। लड़कों को कैमरा ऑन रखना है, मेरा कैमरा ऑफ रहेगा।’ मैनुअल ने तीनों लड़कों का एक-एक मिनट का इंटरव्यू लिया। लड़कों से नॉर्मल सवाल पूछे, जैसे कहां से पढ़े हो, कहां जॉब की है। एक लड़के से पूछा कि अमेरिका के बंदे से बात होगी तो सबसे पहले क्या पूछोगे। इंटरव्यू के अगले दिन मैनुअल ने बताया कि तीनों लड़के सिलेक्ट हो गए हैं। उनके पासपोर्ट की फोटो भेज दो, ताकि वीजा प्रोसेस शुरू हो जाए। अगले 15 दिन में वीजा हो जाएगा। जून के फर्स्ट वीक में सभी को रवाना कर देंगे। स्टेप 4: कंबोडिया का सफर लड़कों के सिलेक्शन के बाद हमने मैनुअल और लफी से कहा कि लड़के बाहर जाने में डर रहे हैं। उनके घरवाले कह रहे हैं कि बिना किसी लेटर कैसे बाहर भेज दें। इसलिए एक बार मैं वहां जाकर सब देखना चाहता हूं, ताकि उन्हें यकीन हो जाए। लफी ने हमें फिनोम पेन्ह में कंपनी का काम संभालने वाले एजेंट विक्की का नंबर दिया। विक्की से हमारी वॉट्सएप पर बात हुई। उसने कहा कि मैं 16 से 19 जून तक कंपनी के काम से फिनोम पेन्ह में नहीं रहूंगा। 15 जून को मिल सकता हूं। इसके बाद हमने 14 जून का मुंबई से बैंकॉक होते हुए फिनोम पेन्ह का टिकट बुक करवाया। लफी ने हमें बताया था कि भारत और थाईलैंड दोनों एयरपोर्ट पर हमारे लोग रहते हैं। इमिग्रेशन पर ज्यादा पूछताछ हो, तो मैनेज कर लेंगे। एयरपोर्ट पर 200 से 250 डॉलर में सेटिंग होती है। कई बार एयरपोर्ट से लोगों को डिपोर्ट कर दिया जाता है। इसी लफड़े से बचने के लिए पहले ही सेटिंग कर लेते हैं।’ लफी ने कहा कि आप टूरिस्ट वीजा पर कंबोडिया जाना क्योंकि अभी एयरपोर्ट पर बहुत सख्ती चल रही है। शक हुआ तो आपको डिपोर्ट कर देंगे। लफी की बात मानकर हमने टूरिस्ट वीजा पर कंबोडिया जाना तय किया। उसी दिन फिनोम पेन्ह में भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर एक एडवाइजरी पढ़ी। इसमें लिखा था, ‘कंबोडिया में अच्छी सैलरी और नौकरी के झूठे वादे देकर भारतीय नागरिकों को मानव तस्करों के जाल में फंसाया जा रहा है। उन्हें डराकर ऑनलाइन फाइनेंशियल धोखाधड़ी और गैरकानूनी काम के लिए मजबूर किया जाता है।’ ‘कंबोडिया में जॉब के लिए आने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे ऑथराइज्ड रिक्रूटमेंट एजेंट्स के जरिए ही जॉब ऑफर एक्सेप्ट करें। नौकरी देने वाली कंपनी का बैकग्राउंड भी चेक करें। मेजबान देश की ओर से जारी वीजा की शर्तों का पालन करें और टूरिस्ट वीजा पर जॉब करने न आएं। जिन भारतीय नागरिकों के पास कंबोडिया में रहने और जॉब का वैलिड वीजा नहीं है, उन्हें तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी जाती है।’ हम 14 जून को मुंबई से बैंकॉक के लिए निकले। 15 जून को बैंकॉक से कंबोडिया की राजधानी फिनोम पेन्ह पहुंच गए। कंबोडिया पहुंचने के बाद क्या हुआ, पढ़िए और देखिए कल यानी 10 जुलाई को। ग्राफिक से समझिए सायबर फ्रॉड इंडस्ट्री का दायरा कितना बड़ा है…
सुबह करीब 11 बजे का वक्त। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर का करंजी गांव। मिट्टी और गोबर से लिपे कच्चे मकान का आंगन। एक कोने में उपले और सूखी लकड़ियों का ढेर। आंगन के किनारे घूंघट में मुंह छिपाए एक औरत बैठी हैं। उम्र लगभग 35-38 साल। नाम है ताराबाई। मुझे देखते ही पास आने का इशारा करती हैं। मैं पास जाकर जमीन पर ही बैठ जाती हूं। वह उंगलियों में दुपट्टे का किनारा फंसा कर बार-बार खींच रही हैं। अपने सूखे नाखूनों को नोच रही हैं। अचानक हवा चली और महिला के सिर से दुपट्टा खिसक गया। सिर पर नए-नए बाल आने शुरू हुए हैं, जैसे मुंडन के 10-15 दिन बाद आते हैं। वो तुरंत दुपट्टा खींचकर अपने सिर और चेहरे पर बांध लेती हैं। मेरे कुछ पूछने से पहले ही नजरें झुकाकर बोल पड़ती हैं- ‘पति ने सबके सामने मुझे गंजा कर दिया था।’ ब्लैकबोर्ड में एक ऐसी महिला की कहानी, जिसे पति ने पूरे गांव के सामने बेरहमी से पीटा, गंजा किया। अपना और बच्चों का पेशाब पिलाया… खुद को संभालते हुए ताराबाई ने कहानी बतानी शुरू की- तीन हफ्ते पुरानी बात है। इसी 14 जून की । भाभी के साथ उनके मायके, पांडूपारा गांव गई थी। जाना नहीं चाहती थी, लेकिन भाभी जबरदस्ती ले गईं। वहां पहुंचे कुछ घंटे बीते थे, तभी मेरा पति जितेंद्र वहां पहुंच गया। घर के बाहर खड़े होकर जोर-जोर से चीखने लगा। कहां है ताराबाई? मा@#$%। बताता हूं आज उसे। उसे देखकर मैं घबरा गई। वो अंदर घुसा और गाली देते हुए बोला-‘आज देख तू मैं तेरे साथ क्या करता हूं मा@#$%’। बाल पकड़कर सीधे मुझे बाहर लेकर आया। पहले थप्पड़ मारे फिर जमीन पर पटक दिया। लात-घूसे से मारा। सामने एक दीवार पर मेरा सिर दे मारा। मैं हाथ जोड़कर कह रही थी, छोड़ दे मुझे। लेकिन उसने एक न सुनी। गांवभर के लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की, लेकिन वो सबको धमकाने लगा। कहने लगा- ‘जो भी बीच में आएगा, उसे जान से मार दूंगा। कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं पुलिस को भी सब कुछ बताकर आया हूं।’ फिर उसने दुपट्टे से दोनों हाथ पीछे की तरफ बांध दिए। छाती, पेट और चेहरे पर लात मारी। चारों बच्चों को भी साथ लाया था। बड़ी बेटी से बोला- ‘तू क्या देख रही है, मार @#$ को।’ बेटी ने भी एक के बाद एक कई थप्पड़ मारे। फिर खुद पीटने लगा। जब वो मारते-मारते थक गया तो मेरे एक पैर पर दुपट्टा बांधा और जोर से खींच दिया। मैं खड़े-खड़े जमीन पर गिर गई। भीड़ में खड़े एक शख्स से बोला- ‘ये ले मेरा मोबाइल, इस @#% का वीडियो बना।’ फिर छोटे बेटे से मुझे थप्पड़ मरवाए। कुछ देर बाद कहीं से कैंची लेकर आया और मेरे लंबे बाल काट दिए। डिस्पोजल में अपना पेशाब भरकर मेरे सिर पर उड़ेल दिया। दूसरे डिस्पेजल में फिर पेशाब भरकर लाया और जबरन मेरा मुंह पकड़कर पिला दिया। मैं बेजान सी वहीं पड़ी थी। उबकाई आ रही थी। मैं वहां से भाग जाना चाहती थी, लेकिन उस वक्त कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। फिर बड़े बेटे से रेजर मंगवाया और मुझे गंजा कर दिया। तब तक मेरे एक कान में आवाज आनी बंद हो गई थी। सबके सामने मेरे कपड़े फाड़ दिए। छोटे बेटे से बोला- ‘मा@#$% के मुंह पर पेशाब कर।’ फिर जबरन मेरा मुंह के अंदर बेटे से पेशाब करवाया। आखिर में मेरे ऊपर काला मोबिल ऑयल उड़ेल दिया। चेहरे काला कर दिया। फिर वो कहने लगा- ‘अब वीडियो वायरल करके पूरी दुनिया को दिखाऊंगा। तुझे बहुत शौक है न दूसरी शादी करने का। अब तू देख @#$%। पूरी दुनिया थूकेगी तेरे ऊपर।’ उस वक्त तो मुझे लगा था कि जिंदा भी नहीं बचूंगी। बेहोश हो गई थी। तब से ही सुनाई देना बंद हो गया। वो साल भर से मुझसे कोई मतलब नहीं रखता था। खाने-पीने का खर्च तक नहीं उठाता था। कई साल पहले कमाने के लिए शहर चला गया था। धीरे-धीरे मतबल रखना भी बंद कर दिया। किसी दूसरी औरत के साथ रहने लगा था।आंसू भरी आंखों से वो मेरी तरफ देखती हैं और पूछती हैं- ‘मैडम, आप ही बताइए, क्या मैं घर में बंद होकर रहती? मैं अपने ही रिश्तेदारों के घर भी न जाती? जब उसने मुझे छोड़ दिया था, तो उसके बाद मैं कहीं भी जाऊं, उसका तो मेरे ऊपर कोई हक नहीं है न।’ ‘वो तो ऊपर वाले ने मेरी उम्र लिखी थी, इसलिए बच गई। लेकिन सच कहूं तो उस दिन के बाद से जिंदा लाश की तरह जिंदगी जी रही हूं। अब जब घर से बाहर किसी को देखती हूं तो लगता इसने भी मुझे पिटते देखा होगा। इसलिए किसी से नजरें नहीं मिला पाती। जिस पति ने मेरा ये हाल किया, उससे मैंने पसंद की शादी की थी। मेरे घरवाले नहीं चाहते थे। हर कोई शादी के खिलाफ था, इसलिए मैंने घर से भागकर शादी की थी। अब देखिए, उस पति ने कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा।’ ‘20 साल पहले की बात है। तब मैं 9वीं में पढ़ती थी, 16 साल की थी। जितेंद्र मेरे चाचा के लड़के का साला है। रिश्तेदारी में अक्सर आना-जाना होता था। वहीं हमारी बातें शुरू हुईं और धीरे-धीरे एक-दूसरे को पसंद करने लगे। जब घरवालों को पता चला, तो लड़ाई-झगड़े होने लगे। मां-बाप कहने लगे कि इस तरह रिश्तेदारी में शादी नहीं हो सकती। अगर उससे शादी की तो जान से मार देंगे। तब जितेंद्र ने बोला- ‘चलो, भागकर शादी कर लेते हैं। एकबार शादी हो गई तो कोई क्या ही कर लेगा।’ आखिर हम दोनों घर छोड़कर भाग गए और शादी कर ली।’ ताराबाई बात कर ही रही थीं, तभी बीच में उनके चाचा के बेटे बबलू सारथी बोल पड़े, ‘हां, पहले हम इस शादी के खिलाफ थे, लेकिन दोनों नहीं माने। भागकर शादी कर ली। फिर हमने सोचा कि लड़का अपनी ही जात-बिरादरी का है। परिवार भी जाना-पहचाना है। बात बढ़ाने से क्या ही फायदा। दोनों को बुलाया और शादी की मंजूरी दे दी। शुरुआत में सबकुछ ठीक भी था। दोनों साथ थे, घर बस गया और धीरे-धीरे परिवार भी बढ़ने लगा। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। धीरे-धीरे बात बिगड़ने लगी दरअसल, जितेंद्र की बहन से मेरी शादी नहीं चली। आए दिन हमारे झगड़े होते थे। वो कभी जान देने की धमकी देती, तो कभी अपनी नस काट लेती। उसकी इन हरकतों से हम डर गए। आखिरकार, पंचायत बुलाई और हमारा तलाक हो गया। यहीं से दोनों परिवारों के रिश्तों में दरार पड़ गई। इसके बाद ताराबाई और जितेंद्र के रिश्ते लगातार बिगड़ते चले गए। जितेंद्र ने अपनी बहन का बदला लेना शुरू कर दिया। वह आए दिन ताराबाई पर गुस्सा उतारने लगा।’ ताराबाई फिर बोल पड़ती हैं, ‘भाई का तलाक क्या हुआ, उसके बाद से तो मेरी जिंदगी नरक बन गई। दोनों परिवार के रिश्ते दुश्मनी में बदल गए। जितेंद्र कभी शहर में दिहाड़ी मजदूरी करता, तो कभी गांव में गाड़ी चलाता था। इसी से घर का खर्च चलता था। धीरे-धीरे उसने मेरी तरफ ध्यान देना बंद कर दिया। कुछ साल बाद शहर में उसके दूसरी महिला से संबंध हो गए। आधी रात को शराब पीकर घर आता फिर मुझे पीटता। कई-कई दिन तो घर भी नहीं आता था। मुझे खर्च के पैसे देना भी बंद कर दिए। कई बार तो राशन तक के पैसे नहीं होते थे। जब मैं जितेंद्र से उसके दूसरी औरत से संबंध के बारे में बात करती, तो ये कहकर टाल देता कि तू पागल है,ऐसा कुछ नहीं है। चारों बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह मेरे कंधों पर आ गई थी। मैं उससे कहती, अगर तुम उसे दूसरी पत्नी बनाना चाहते हो, तो बना लो, लेकिन बच्चों की देखभाल भी करो। इसी बात पर अक्सर झगड़ा हो जाता और वो मुझे मारने लगता था। एकबार तो चार दिन तक घर में राशन नहीं था और जितेंद्र एक हफ्ते से घर नहीं लौटा था। जब वो शराब पीकर घर आया तो मैंने कहा- दूसरी औरत के लिए अपने बच्चों को परेशान कर रहे हो, कुछ तो हमारे बारे में भी सोचो। इसपर वो नाराज हो गया और कमरे का दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। मेरे कपड़े उतरवा दिए और मुझे बुरी तरह पीटा। उस दिन मुझे समझ आ गया था कि जितेंद्र के लिए अब मैं सिर्फ गुस्सा निकालने का जरिया बन गई हूं। इस तरह हमारे बीच झगड़ा बढ़ता ही जा रहा था। मुझे बच्चों की ज्यादा चिंता होने लगी थी। फिर एक दिन झगड़ा हुआ तो उसने मेरा सिंदूर पोंछ दिया और मंगलसूत्र भी तोड़ दिया। कहने लगा- अब से तू मेरी पत्नी नहीं। निकल जा मेरे घर से। अगले दिन मैं अपनी बुआ सास के घर चली गई। जितेंद्र ने फोन किया और कहने लगा- तू वहां क्यों गई है? किससे मिलने गई है? गोद में छोटी बेटी को लेकर, बुआ सास के घर किससे मिलने जाती?’ जबरदस्ती कहता था कि तेरे और तेरे जीजा के बीच में कुछ चल रहा है। एक दिन फिर उस औरत को लेकर हमारा झगड़ा हुआ। मैंने जितेंद्र से कहा- जरूरत पड़े, तो मैं दूसरी औरत के साथ भी रह लूंगी। लेकिन तुम बच्चों को दूर मत करो। उनका ध्यान रखो मैडम आप ही बताइए, आखिर कौन-सी औरत अपनी सौतन के साथ रहने की बात करती है? लेकिन मैंने अपने बच्चों के लिए यह भी मंजूर कर लिया था। जितेंद्र का व्यवहार तब भी नहीं बदला। न तो हमारे झगड़े खत्म हुए और न ही उसका मारना पीटना। आखिर, एक दिन मैं घर छोड़कर निकल गई। रास्ते में मुझे जीजा मिल गए। उनको देखते ही मैं रोने लगी। वो मुझे मोटरसाइकिल में बैठाकर मायके छोड़ आए। अगले दिन जितेंद्र को पता चला, तो वह मुझे लेने आया। बहुत शांति से मुझे घर वापस ले गया। लगा कि शायद अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन घर पहुंचते ही मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। कहने लगा कि मैं अपने जीजा के साथ रहती हूं। मेरा उनसे चक्कर है। मुझे जिसके साथ भी देख लेता, उसी से मेरा रिश्ता जोड़ देता। उसे मारने-पीटने का कोई न कोई बहाना चाहिए होता था। गांव की दुकानों में उधारी लेकर बच्चों का पेट पाल रही थी। धीरे-धीरे उधार इतना बढ़ गया कि दुकान वालों ने देहरी चढ़ने से भी मना कर दिया। ससुराल वाले भी जितेंद्र को कुछ नहीं कहते थे। उल्टा सास तो मुझे ही तंग करती थीं। यहां तक कि जितेंद्र को उकसाती थीं। कहती थीं- इसने घर से भागकर तुमसे शादी की है। यह सही औरत नहीं है। इसे छोड़ दो।’ उस घटना को हुए 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं। आज भी सिर में दर्द रहता है। ठीक से सुनाई नहीं देता। कभी-कभी अचानक कान में तेज दर्द शुरू हो जाता है। भूख नहीं लगती। घर से बाहर निकलने का मन ही नहीं करता। डर लगता है। लोगों से बात करने की हिम्मत नहीं होती। मैंने पूछा- इतना सब होने के बाद भी उस घर में क्यों लौटती रही? ताराबाई बिना ज्यादा सोचे बोलीं- ‘क्योंकि मुझे अपने बच्चों के साथ रहना था। लेकिन जब बार-बार कोशिश के बाद भी कुछ नहीं बदला तो एक साल पहले मैंने उसका घर छोड़ दिया था।' ताराबाई का कहना है कि- घटना के बाद मेरा परिवार पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा। शुरुआत में पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। उसके बाद परिवार लोकल सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी के पास पहुंचा, तब कड़ी धाराएं जोड़ीं। पंकज तिवारी बताते हैं- उस दिन शाम करीब 5 बजे ये लोग मेरे पास आए। उन्होंने पूरी घटना बताई और वीडियो दिखाया। वीडियो देखते ही मैं सन्न रह गया। मुझे लगा कि यह सिर्फ मारपीट का मामला नहीं, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है। अगले ही दिन मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को सार्वजनिक किया। हमारी मांग है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर गैर-जमानती और कड़ी धाराएं लगाई जाएं। जिस तरह से ताराबाई के साथ सार्वजनिक रूप से अपमान और हिंसा की गई, उसे सामान्य अपराध मानकर नहीं देखा जा सकता। एक इंसान को शारीरिक रूप से घायल होने के बाद भी इलाज मिल सकता है, लेकिन जिस तरह की सार्वजनिक बेइज्जती की गई है, उसके निशान शायद जिंदगी भर नहीं मिटेंगे।’ कोरिया जिला थाना प्रभारी प्रमोद पांडे बताते हैं कि 15 जून को ताराबाई आई थीं। उनकी शिकायत थी कि 14 जून सुबह 7 बजे उसके पति जितेंद्र घसिया अपने बच्चों के साथ गांव पांडुपुरा पहुंचा और उनके हाथ-पैर बांधकर सिर मुंडवाया। बुरी तरीके से मारा। जिसके आधार पर हमने एफआईआर दर्ज कर ली थी। जितेंद्र को गिरफ्तार भी कर लिया था। उसपर लगी धाराएं जमानती थी। लेकिन फिर पता लगा कि आरोपी ने तारा का चेहरा काला किया। बच्चों का और अपना पेशाब भी पिलाया। फिर एफआईआर में हमने बीएनएस की धारा 123 जोड़ी जो गैर जमानती धारा है। थाना प्रभारी प्रमोद पांडे के अनुसार तारा के पति का आरोप था कि वह 11 महीने से घर और बच्चों को छोड़कर किसी और के साथ रह रही थी। पांडे यह भी बताते हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसी वीभत्स और अमानवीय घटना कभी नहीं देखी है। इसी के आधार पर एफआईआर में सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं। ----------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1- ब्लैकबोर्ड-दूसरे के बच्चे धोखे से मेरी कोख में डाल दिए:शक्ल-सूरत नहीं मिली तो DNA करवाया, आखिर कहां गए मेरे बच्चे आज ब्लैकबोर्ड में कहानी ऐसे पति-पत्नी की जिनकी दो बेटियां हैं। इन्होंने एकबार फिर मां-बाप बनने का फैसला किया, लेकिन उम्र आड़े आ गई। डॉक्टर ने सलाह दी- ‘IVF आजमाइए।’ पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड- तानों से परेशान होकर ब्रेस्ट इम्प्लांट करवाया:ऑडिशन वाले कहते थे- तुम्हारा फिगर ठीक नहीं, अब आधी कमाई सर्जरी की EMI में जा रही एकबार मैं ऑडिशन के लिए गई थी। वहां मुझे ट्रायल के लिए एक बिकिनी दी गई। 10-15 मर्दों के सामने जैसे ही बिकिनी पहनकर बाहर आई, तो सब हंसने लगे। कहने लगे- 'अरे मैडम, ये सब आपके लिए नहीं है। आप तो एकदम फ्लैट हैं।' पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
ओप्पो इंडिया ने अपने स्मार्टफोन की रेनो 1616 सीरीज लॉन्च की
जयपुर। ओप्पो इंडिया ने बुधवार को अपनी रेनो 1616 सीरीज (स्मार्टफोन) लॉन्च की। इस सीरीज में भारत के पहले होलोवर्स थ्री डी डिजाइन, 50 एमपी के मेन और 3.5एक्स टेलीफोटो लेंस वाले एआई पोर्ट्रेट कैमरा, नैचुरल टोन इमेजिंग और ऑल-फोकल-लेंथ के साथ दो स्मार्टफोन रेनो 1616 और रेनो 1616 सी पेश किए गए हैं। इस […] The post ओप्पो इंडिया ने अपने स्मार्टफोन की रेनो 1616 सीरीज लॉन्च की appeared first on Sabguru News .
नंदीग्राम एक्सप्रेस में सजाई सुहागरात की सेज, टीटीई निलंबित
नई दिल्ली। रेलवे ने महाराष्ट्र में बल्हारशाह से दादर (मुंबई) के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के एक प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कूपे को सुहागरात की सेज के रूप में सजाने के मामले को गंभीरता से लिया है और इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में ट्रेन टिकट निरीक्षक (टीटीई) को निलंबित कर विस्तृत विभागीय […] The post नंदीग्राम एक्सप्रेस में सजाई सुहागरात की सेज, टीटीई निलंबित appeared first on Sabguru News .

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