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क्या गर्मी ने भी भड़काया नोएडा का गुस्सा? मजदूर आंदोलन के पीछे ‘हीट स्ट्रेस’ की अनकही कहानी

नोएडा के मजदूर आंदोलन के पीछे क्या सिर्फ वेतन और काम के घंटे थे, या बढ़ती गर्मी और ‘हीट स्ट्रेस’ भी एक कारण बना? पढ़ें विस्तृत विश्लेषण।

हस्तक्षेप 20 Apr 2026 7:55 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today 20 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी, प्रोफेशनल नेटवर्क मजबूत होगा। लव: पार्टनर के साथ भावनात्मक तालमेल बढ़ेगा। धन: निवेश में लाभ संभव है, लेकिन बड़े फैसले सोच-समझ कर लें। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा, हल्की एक्सरसाइज करें। उपाय: आज लाल कपड़े का दान करें। ALSO READ: Akshaya Tritiya Special: चंद्रमा का वृषभ राशि में महागोचर: अक्षय तृतीया पर इन 3 राशियों की खुलने वाली है किस्मत की लॉटरी! 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में बदलाव या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: सिंगल्स को नए रिलेशन की संभावना। धन: पैसों का संतुलन बनाए रखें, अनावश्यक खर्च टालें। स्वास्थ्य: पेट संबंधित परेशानियां हो सकती हैं, खान-पान में सावधानी। उपाय: पीले रंग की वस्तुएं दान करें 3. मिथुन (Gemini) करियर: टीम वर्क में सहयोग मिलेगा, प्रमोशन के योग। लव: परिवार और साथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: छोटे निवेश लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें, मानसिक तनाव कम करें। उपाय: हरे रंग की वस्तुएं दान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कस्टमर व क्लाइंट मीटिंग में सफलता मिलेगी। लव: रोमांटिक समय मिलेगा, प्यार में वृद्धि होगी। धन: धन लाभ की स्थिति बनी रहेगी। स्वास्थ्य: हृदय और पाचन की देखभाल करें। उपाय: चंदन का तिलक लगाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: नई जिम्मेदारियां और नेतृत्व के अवसर मिलेंगे। लव: साथी के साथ अच्छे समय की उम्मीद। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत, निवेश सोच-समझ कर करें। स्वास्थ्य: जोड़ों और आंखों का ध्यान रखें। उपाय: नारंगी रंग की वस्तुएं दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: ऑफिस में मेहनत का फल मिलेगा। लव: रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। धन: खर्च में सावधानी आवश्यक। स्वास्थ्य: पाचन और माइग्रेन से बचाव। उपाय: गेहूं और दाल का दान करें। 7. तुला (Libra) करियर: करियर में स्थिरता और सहयोग मिलेगा। लव: रोमांस और दोस्ती में संतुलन बना रहेगा। धन: निवेश और बचत के लिए शुभ दिन। स्वास्थ्य: हल्की-फुल्की व्यायाम करें। उपाय: सफेद वस्तुएं दान करें। ALSO READ: Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कामकाज में रचनात्मक विचार सफल होंगे। लव: पार्टनर के साथ मधुर समय। धन: आर्थिक योजनाओं में लाभ। स्वास्थ्य: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उपाय: काले तिल का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता, व्यापार में वृद्धि होगी। लव: सिंगल्स को नए रिश्ते मिल सकते हैं। धन: निवेश लाभदायक, लेकिन जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: फिटनेस बनाए रखें। उपाय: आज पीले फल और वस्तुएं दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कड़ी मेहनत का फल मिलेगा, प्रमोशन या बोनस संभव। लव: परिवार और साथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: पैसों की सुरक्षा पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: जोड़ों और मांसपेशियों की देखभाल। उपाय: गोधूलि समय में दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नयी चुनौतियों का सामना करेंगे और सफलता मिलेगी। लव: प्रेम और दोस्ती में सकारात्मक बदलाव आएगा। धन: निवेश लाभकारी, लेकिन जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उपाय: नीले रंग का वस्त्र दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए रचनात्मक और कलात्मक प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में मधुरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य: पेट और मूत्र संबंधी समस्याओं से बचाव। उपाय: पानी में फूल अर्पित करें। ALSO READ: चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

वेब दुनिया 20 Apr 2026 7:02 am

मुस्लिम महिलाओं की मस्जिद में एंट्री, लड़कियों का खतना:ऐसे 66 मामलों पर असर डालेगा सबरीमाला का फैसला; शिव-विष्णु से जन्मे अयप्पा की कहानी

भारत की सभी मस्जिदों में महिलाएं बिना रुकावट नमाज पढ़ने जा सकेंगी या नहीं? दाऊदी बोहरा समाज की लड़कियों का खतना क्या गैर-कानूनी हो जाएगा? क्या दूसरे धर्म में शादी करने के बाद भी पारसी महिलाएं अग्नि मंदिर में जा पाएंगी? इन सभी सवालों के जवाब तय होंगे सबरीमाला पर फैसले से। सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संवैधानिक पीठ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले पर सुनवाई कर रही है। इसके साथ धार्मिक आस्था से जुड़े 66 मामले और जुड़े हैं। इसी महीने फैसला आने की उम्मीद है। भगवान अयप्पा के जन्म से लेकर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के व्यापक असर की पूरी कहानी; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ***** ग्राफिक्स: दृगचंद भुर्जी और अजीत सिंह ------ यह खबर भी पढ़िए… गजनवी ने सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े मस्जिद में लगवाए:6 टन सोना लूटा; नेहरू मंदिर बनवाने के इतने खिलाफ क्यों थे 6 जनवरी 1026 यानी आज से करीब 1 हजार साल पहले। कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर में लूटपाट कर चुका महमूद गजनवी भारत पर अपने आखिरी हमले के लिए सोमनाथ पहुंचा। सोमनाथ के ब्राह्मणों ने कहा, 'शक्तिशाली सोमेश्वर ने भारत के देवताओं के अपमान का बदला लेने इन मुसलमानों को अपने पास बुलाया है।' पूरी खबर पढ़िए

दैनिक भास्कर 20 Apr 2026 5:02 am

भगवान मुरुगन के घर में दरगाह का रास्ता बंद:बाबरी जैसा शोर, राम मंदिर जैसा दांव; क्या मदुरै की पहाड़ी बनेगी BJP की चुनावी सीढ़ी

मदुरै से करीब 15 किमी दूर तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी है। इसकी तलहटी में भगवान मुरुगन का मंदिर है और शिखर पर सूफी संत सिकंदर बदुशा की दरगाह। दरगाह के पास दीपम (कांसे से बना बड़ा दीपक) जलाने के विवाद से ये इलाका दक्षिण भारत का ‘अयोध्या’ बन चुका है। बीते 6 महीने में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता कई बार यहां जमा हो चुके हैं, इसलिए पुलिस ने इलाके की किलेबंदी कर रखी है। भीड़ जुटाने की मनाही है। मामला हाईकोर्ट में है। तमिलनाडु में भगवान मुरुगन वैसे ही पूजे जाते हैं, जैसे उत्तर भारत में भगवान राम, महाराष्ट्र में गणपति और बंगाल में मां काली। मान्यता है कि तिरुपरनकुंद्रम उनके छह पवित्र निवासों में पहला है, जहां उन्होंने देवयानी से विवाह किया था। इसीलिए ये मंदिर दक्षिण भारत में शादी से जुड़ी मुरादें पूरी करने के लिए मशहूर है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग हैं। उससे पहले ही तिरुपरनकुंद्रम धार्मिक अधिकारों की लड़ाई का अखाड़ा बन चुका है। तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति पहले कभी नहीं हुई। फिर भी BJP ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है। 1 दिसबंर को मद्रास हाईकोर्ट ने पहाड़ी के शिखर पर दीपम जलाने की अनुमति दी थी। DMK ने इसे चुनौती दी। पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और सीनियर लीडर एच. राजा समेत 113 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 1 मार्च को PM मोदी भी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। छोटा सा कस्बा हिंदुत्व की प्रयोगशाला, 91% हिंदू आबादी2011 की जनगणना में तिरुपरनकुंद्रम की आबादी 48,810 थी। ये बढ़कर करीब 70 हजार हो गई है। 91.8% आबादी हिंदू है और 3.6% मुस्लिम। मंदिर के आसपास की गलियों में हिंदू-मुस्लिम मिलकर रहते हैं। ऐसा भी नहीं है कि कस्बे में धर्म के आधार पर इलाके बंटे हों, लेकिन मंदिर के पास जाते ही ये बंटवारा दिखने लगता है। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर दरगाह का रास्ता बंद कर दिया है। आने-जाने वालों से पूछताछ होती है। एक पुलिसवाले ने हमें भी सीढ़ियों से पहले रोक लिया। बोला- आगे जाने के लिए ऊपर से परमिशन लेनी होगी। परमिशन के लिए थाना इंचार्ज को फोन किया, तो उन्होंने कहा, ‘आदेश है कि मीडिया और गैर मुस्लिमों को दरगाह तक नहीं जाने देना है।’ ‘विवाद शुरू हुए डेढ़ साल हो गए, मुस्लिमों से रिश्ते नहीं बदले’दरगाह जाने के रास्ते में जयराजमणि मिले। ऑटो ड्राइवर हैं। कहते हैं, ‘18 महीने से विवाद शुरू हुआ है। माहौल थोड़ा अलग हो गया है। हमेशा मंदिर में ही दीप जलाया गया है। वही परंपरा आज भी है। एक-दो साल से अचानक मांग होने लगी कि दीपम दरगाह के पास जलाया जाना चाहिए। इससे तो माहौल खराब ही होगा न।’ ‘मुस्लिमों से हमारे रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आया है। BJP और RSS वोट के लिए इसे हवा दे रहे हैं, लेकिन हमारे लिए ये मुद्दा नहीं है। हमारे लिए असली सवाल यह है कि चुनाव कौन जीतेगा, DMK या AIADMK। इस सीट से DMK ने कृथिका थंगपंडियान और AIADMK ने मौजूदा विधायक वीवी राजन चेल्लपा को टिकट दिया है।' ‘दीपम पहाड़ी पर ही जले, दरगाह नाजायज’मंदिर के सामने 45 साल से मालाएं बेच रहीं प्रसन्नकुमारी ने यहां का माहौल बदलते देखा है। वे कहती हैं ‘मैं तिरुपरनकुंद्रम में हो रहे अन्याय पर चुप नहीं रह सकती। DMK सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा करती है। कार्तिगई (तमिल हिंदुओं का त्योहार, जब घरों और मंदिरों में दीये जलाए जाते हैं) के समय सैकड़ों श्रद्धालुओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। वे पहाड़ी पर बने दीपस्तंभ पर दीप जलाने जा रहे थे।’ मंदिर के सामने मिले सुंदरमूर्ति करीब 40 साल से यहां आ रहे हैं। दीपम के मसले पर तेज आवाज में कहते हैं, ‘ये मुद्दा बिल्कुल सही है। दीपम पहाड़ी के शिखर पर ही जलाया जाना चाहिए। ये हमारे लिए भावनात्मक मुद्दा है। दरगाह नाजायज है।’ पी. मुरुगन की पीढ़ियां मंदिर में रहते आई हैं। उनका नाम भगवान मुरुगन के नाम पर रखा गया। पेशे से टेलर मुरुगन की राय सुंदरमूर्ति से अलग है। वे कहते हैं, ‘यह सिर्फ उन लोगों का मुद्दा है, जो समाज में फूट डालना चाहते हैं। हिंदू हो या मुस्लिम हम हर त्योहार साथ मनाते हैं। मंदिर का उत्सव हो या दरगाह का, हम वहां जाते हैं और वे यहां आते हैं।’ फिर अचानक इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया? मुरुगन जवाब देते हैं, ‘यह चुनाव से जुड़ा मामला है। कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल कर वोट लेना चाहते हैं। बाहर से लोगों को लाकर विरोध करवाया जा रहा है, ताकि ऐसा लगे कि हिंदू और मुस्लिम आपस में लड़ रहे हैं।’ मुस्लिम बोले- हमारे दिलों में कोई बैर नहीं, लोग विवाद से थक चुकेमुरुगन के पड़ोस में रहने वाले सैयद इब्राहिम मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले थे। हमें अपनी कपड़े की दुकान पर ले गए। वे कहते हैं, ‘सदियों से यह पहाड़ी शांति और सौहार्द का प्रतीक रही है। एक तरफ भगवान मुरुगन का मंदिर है और ऊपर पवित्र दरगाह। हमारे दिलों में इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है। यहां के लोग सच्चाई जानते हैं। सरकारी रिकॉर्ड में भी यह मामला साफ है।’ जैनुलाबुद्दीन 40 साल पहले तिरुपरनकुंद्रम में आकर बसे थे। वे कहते हैं कि मैंने इस विवाद के बारे में कभी नहीं सुना। यहां हिंदू दरगाह जाते हैं और मुस्लिम मंदिर के रथ उत्सव में शामिल होते हैं। परिवार की तरह साथ रहते हैं।’ क्या इस विवाद का असर वोटिंग पैटर्न पर पड़ेगा? जैनुलाबुद्दीन जवाब देते हैं, ‘कुछ लोग प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इससे थक चुके हैं। हम चाहते हैं कि चुनाव पानी, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर हो, न कि इस बात पर कि दीप कहां जलाया जाए।’ दीपम जलाने की मांग के पीछे हिंदू मुन्नानी संगठनहिंदू मुन्नानी नाम का संगठन दीपम को दरगाह के पास जलाने की मांग उठाता रहा है। वही इस मामले को कोर्ट में ले गया। संगठन के अलगारसामी सेल्वाराज 15 साल से इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। कई बार दरगाह के पास दीपम जलाने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिए गए हैं। उन पर 12 FIR दर्ज हैं। सेल्वाराज RSS और BJP के समर्थक हैं। वे दावा करते हैं कि PM मोदी 1 मार्च को मंदिर आए थे, तब मैंने उनके स्वागत में 1 लाख रुपए खर्च कर पूरे मदुरै में पोस्टर लगवाए थे। सेल्वाराज कहते हैं- ये पहाड़ी भगवान मुरुगन की है। इस पर हिंदुओं का ही हक है। ऊपर बना स्ट्रक्चर गैरकानूनी है और हटकर रहेगा। DMK से जुड़े नेताओं ने तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी को सिकंदर हिल कहकर विवाद पैदा किया। हमने सेल्वाराज से पूछा कि ये पहाड़ी भगवान मुरुगन की है, इसके समर्थन में आपके पास क्या सबूत हैं? सेल्वाराज कहते हैं, ‘तमिल साहित्य साबित करता है, लंदन से लेकर मद्रास हाईकोर्ट तक अदालतों ने माना है कि यह पहाड़ी भगवान मुरुगन की है। तमिल राजाओं के समय से लेकर आज तक के प्रशासनिक रिकॉर्ड भी यही पुष्टि करते हैं।’ एक्सपर्ट बोले- तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कभी नहीं चलीसीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार मंदिर-दरगाह विवाद पर कहते हैं, ‘तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिमों के बीच विवाद की स्थिति नहीं रही। द्रविड़ राजनीति के बड़े किरदारों पेरियार, अन्नादुरै, करुणानिधि, जयललिता जैसे नेताओं ने कभी विवाद की राजनीति को हवा नहीं दी। DMK कहता है- वुन्द्रै कुडम, उर्वदे देवम। मलतब कि हम सब एक हैं और हमारे देवता एक ही हैं। तमिलनाडु के मुसलमान भी तमिल बोलने वाले ही हैं। उर्दू बोलने वाले बहुत कम हैं।’ वहीं, स्थानीय पत्रकार राहुल कहते हैं कि तिरुपरनकुंद्रम मंदिर विवाद का चुनाव में खास असर नहीं होगा। यहां लोग धार्मिक हैं। हर गली-नुक्कड़ पर मंदिर है, लेकिन लोग राजनीति में धार्मिक मुद्दे शामिल करने को पसंद नहीं करते। ………………………….तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए…लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्‍डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 20 Apr 2026 4:59 am

पुष्कर घाटी में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 3 की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल

अजमेर। पुष्कर घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में एक मासूम बच्चे और दो महिलाओं की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। पीसांगन की ओर जा रही यात्रियों से भरी निजी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। चीख पुकार की आवाजें सुनकर बडी संख्या में लोग जमा हो […] The post पुष्कर घाटी में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 3 की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 11:00 pm

मैसूर में उर्स यात्रा के दौरान कावेरी नदी में 6 की डूबने से मौत

मैसूर। कर्नाटक में मैसूर जिले के कृष्णराजनगर के पास कावेरी नदी में रविवार को हजरत खदर लिंगावल्ली उर्स में महिलाओं और बच्चों सहित 6 लोगों की डूबने से मौत हो गई। अर्केश्वर स्वामी मंदिर के पास नहाने गए 8 लोगों के समूह में से छह लोग डूब गए, जबकि दो को बचा लिया गया लेकिन […] The post मैसूर में उर्स यात्रा के दौरान कावेरी नदी में 6 की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 9:59 pm

श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : 21 कुंडों पर दी जाएंगी 5 लाख आहुतियां

पुष्कर घाटी नौसर माता मंदिर परिसर में विशेष यज्ञ शाला अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन श्री नौसर माता मंदिर में 23 अप्रैल से होने वाले श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ में 21 कुंडों पर 5 लाख आहुतियां दी जाएंगी साथ ही श्री सूक्त के 16000 पाठ होंगे। महायज्ञ में बनारस, कोटा और अजमेर के विद्वान अनुष्ठान […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : 21 कुंडों पर दी जाएंगी 5 लाख आहुतियां appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 7:56 pm

तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 13 श्रमिकों की मौत, 6 घायल

चेन्नई। तमिलनाडु के दक्षिणी जिले विरुधुनगर के कट्टानरपट्टी गांव में रविवार शाम एक लाइसेंस प्राप्त पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में 13 श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों को मिलाने […] The post तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 13 श्रमिकों की मौत, 6 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 7:12 pm

वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 युवक और 2 युवतियां हिरासत में

वाराणसी। वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर इलाके में रविवार को हड़कंप मच गया, जब सन फ्लॉवर एकेडमी के पास स्थित एक मकान पर विशेष अभियान समूह (एसओजी-2) ने अचानक छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, दीपक सिंह के घर पर लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। सूचना पर कमिश्नरेट की एसओजी-2 टीम […] The post वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 युवक और 2 युवतियां हिरासत में appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 7:07 pm

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

देहरादून/उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत स्थित श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शनों के लिए खुल गए। गंगा मइया और यमुना मइया के जयकारों, बैंडबाजों की मधुर धुनों तथा वैदिक मंत्रोच्चारण और सैन्य बैंड की मधुर धुनों के मध्य ग्रीष्मकालीन दर्शनार्थ दोनो […] The post अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 7:02 pm

प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन

बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी) का उद्घाटन करेंगे ।इसकी तैयारियां जोरशोर से की जा रही है और अंतिम चरण में हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवसर पर मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे और इसके लिए बड़ा पंडाल तैयार किया गया […] The post प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 6:57 pm

भिवाड़ी-खुशखेड़ा में रात को तेल फैक्ट्री लगी आग

अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के औद्योगिक इलाके भिवाड़ी-खुशखेड़ा में शनिवार देर रात एक तेल फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात करीब बारह बजे श्री विजय इंडस्ट्रीज नामक ऑयल निर्माण फैक्ट्री में अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में […] The post भिवाड़ी-खुशखेड़ा में रात को तेल फैक्ट्री लगी आग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Apr 2026 6:51 pm

राजस्थान ने कोलकाता के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी (Video)

RRvsKKR राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाईट राइडर्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजीकरने का फैसला किया। Toss update from Kolkata @rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @kkriders Updates https://t.co/776nTdPbPj #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvRR pic.twitter.com/qlD0Fn2LMj — IndianPremierLeague (@IPL) April 19, 2026 राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, सार्थक रंजन, कार्तिक त्यागी, कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे, दक्ष कामरा।

वेब दुनिया 19 Apr 2026 3:24 pm

महिला आरक्षण को जल्द लागू करे सरकार- इकरा हसन

लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने पर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम जश्न मनाएंगे क्योंकि इनके नापाक ... Read more

विंध्य भास्कर 19 Apr 2026 11:38 am

Strait of Hormuz : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर फायरिंग, बीच समुद्र से लौटे टैंकर, IRGC ने कहा- गो टू बैक इमीडीएटली

Strait of Hormuz में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इससे यहां आवाजाही जोखिम भरी होती जा रही है। हालात ऐसे हो गए कि कई जहाजों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। शनिवार को एक भारतीय सुपरटैंकर ने अचानक यू-टर्न ले लिया, जब ईरानी गनबोट्स से गोलीबारी की खबर सामने आई। रिपोर्ट्‍स के अनुसार इराकी तेल के करीब 20 लाख बैरल लेकर जा रहा भारतीय टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी गोलीबारी के बाद उसे लौटना पड़ा। ईरान ने कहा कि होर्मुज पर अभी भी उसका कंट्रोल है।इधर भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया है। ALSO READ: पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर पर अमेरिकी रिपोर्ट में 'रेड फ्लैग' का अलर्ट, कहीं ट्रंप को भारी न पड़ जाएं गलबहियां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने शुक्रवार को कहा था कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता में स्पष्ट परिणाम नहीं आने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते भारतीय टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। ईरानी सेना (IRGC) ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक भारतीय जहाज को रोक लिया और उसे वहां से तुरंत अपने पोर्ट लौटने का निर्देश दिया। एक एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में बाचतीच रिकॉर्ड हुई। ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पर अभी भी रोक है, आप यहां से तुरंत अपने पोर्ट पर लौट जाएं, गो टू बैक इमीडीएटली। इस अनिश्चितता के कारण शिप मालिक इस रूट के इस्तेमाल को लेकर सतर्क हो गए हैं। भारतीय जहाजों के अलावा ग्रीस के कई टैंकर भी दिन में पहले ही लौट गए, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के अनुसार ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की दो गनबोट्स ने गुजर रहे एक टैंकर पर फायरिंग की। हालांकि जहाज और उसके क्रू को सुरक्षित बताया गया है, लेकिन अधिकारियों ने जहाज की पहचान और गंतव्य का खुलासा नहीं किया। टेंकर ट्रैकर डॉट कॉम ने भी पुष्टि की है कि इस घटना के बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया। इनमें एक भारतीय झंडा लगा सुपरटैंकर भी शामिल है। इसी बीच ईरान के नेतृत्व की ओर से आ रहे विरोधाभासी संकेतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। शनिवार को इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम दो व्यापारिक जहाजों पर भी गोलीबारी हुई। Sailors and Marines aboard dock landing ship USS Rushmore (LSD 47) conduct blockade operations in the Arabian Sea. pic.twitter.com/xF6n9ZFkvt — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 19, 2026 पिछले सात हफ्तों से जारी तनाव के चलते इस महत्वपूर्ण रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसकी शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'Operation Epic Fury' और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से हुई। हालांकि हाल ही में 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद कुछ राहत की उम्मीद जगी थी। यह युद्धविराम इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों से जुड़ा था। इसके चलते कुछ जहाजों ने फिर से इस मार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश की। इस बीच FPMC C Lord नाम का एक बड़ा क्रूड कैरियर, जो कतर और सऊदी अरब का तेल लेकर जा रहा था, ईरान के लारक द्वीप के दक्षिण में ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था। इसका गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात का फुजैरा बंदरगाह बताया गया। इसके अलावा कुछ अन्य तेल और गैस से जुड़े जहाज भी इस रूट की ओर बढ़ रहे हैं। दिन में पहले तीन एलपीजी कैरियर और एक ऑइल टैंकर ओमान की खाड़ी की ओर गए, जिनके पीछे पाकिस्तान का एक टैंकर भी था। कई एलएनजी कैरियर भी इस जलडमरूमध्य के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि बाद में ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी Fars News Agency ने कहा कि यदि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहती है तो यह मार्ग बंद भी किया जा सकता है। सरकारी Nour News ने शनिवार को कहा कि यह जलमार्ग सशस्त्र बलों के कड़े नियंत्रण में है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे दोबारा बंद किया गया है या नहीं। Edited by : Sudhir Sharma

वेब दुनिया 19 Apr 2026 9:10 am

संडे जज्बात-क्या है भगवान? राधे-राधे करते मारे गए मेरे मम्मी-पापा:अगर भगवान के दर वृंदावन में नाव पलट जाती है, तो कौन जाएगा वहां?

पहले मम्मी-पापा से बात करना कई बार टाल देता था, लेकिन अब वे बात करने के लिए इस दुनिया में ही नहीं रहे। मेरी सभी से गुजारिश है, अगर आप भी अपने मम्मी-पापा से बात करना टालते हैं, तो ऐसा न करें। मैं मोहित गुलाटी लुधियाना का रहने वाला हूं। जालंधर से आईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे की एक कंपनी में इंजीनियर हूं। जिंदगी पूरी रफ्तार से चल रही थी- वही रोज का काम, जिम्मेदारियां। लेकिन इस भाग-दौड़ के बीच मम्मी-पापा से बात होती रहती थी। कई बार काम के दबाव में उनका फोन नहीं उठा पाता था, तब अंदाजा नहीं था कि ये 'टालना' एक दिन उम्रभर का पछतावा बन जाएगा। वृंदावन में उस नाव हादसे ने मेरा सब कुछ छीन लिया। मेरे मम्मी-पापा भी उसी नाव पर सवार थे और उस हादसे ने उनकी जान ले ली। 10 अप्रैल को मैं ऑफिस में था… मेरे एक पड़ोसी ने फोन कर बताया कि- आपके मम्मी-पापा नहीं रहे। नाव हादसे में उनकी भी जान चली गई है। एक पल तो लगा यह सब झूठ है। इसी बीच, मेरी बहन दामिनी ने मुझे फोन किया। उसने रोते-रोते बताया- मम्मी-पापा नहीं रहे। मैंने तुरंत फोन काटा और अपने जीजा जी को फोन लगााया। कहा- ठीक से पता कर लीजिए, कोई गलतफहमी तो नहीं है। वो बोले- मरने वालों की लिस्ट में मम्मी-पापा का भी नाम है। इतना सुनते ही, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। दरअसल, उस हादसे में एक आंटी बच गई थीं, उन्होंने अपने बच्चों को फोन करके बताया। उसके बाद हादसे में मारे गए परिवारों को पता चला। मैं बदहवास ऑफिस से सीधे पुणे एयरपोर्ट पहुंचा। आंखों के सामने बार–बार मम्मी-पापा का चेहरा आ रहा था। लगा शरीर में जान ही नहीं है, अचानक एयरपोर्ट के अंदर गिर गया। एयरपोर्ट स्टाफ ने मुझे संभाला और पानी पिलाया। वहां से किसी तरह दिल्ली पहुंचा। वृंदावन जाना चाह रहा था, लेकिन पता लगा कि सभी शव दिल्ली लाए जा रहे हैं। वृंदावन के स्थानीय विधायक ने शवों को भेजने में बड़ी मदद की थी। जब मम्मी-पापा का शव दिल्ली आया तो बहुत रोया। उन्हें लेकर लुधियाना चल पड़ा। रास्तेभर मां की बातें, उनकी आवाज, उनकी हंसी याद आ रही थीं। सच कहूं तो, आज जब आपसे मम्मी-पापा की यादें साझा करने को तैयार हो रहा था, तो शब्द गले में अटक जा रहे थे। मुझमें हिम्मत नहीं थी कि आपसे बात करूं। मैंने अपनी बहन दामिनी से साफ कह दिया कि अकेले इंटरव्यू नहीं दे पाऊंगा। ‘बहन दामिनी ने जब कहा कि पत्रकार काफी दूर से आई हैं, तो मैंने खुद को संभाला। हमें लगा कि हमारी आपबीती के जरिए उन बच्चों तक एक संदेश पहुंचना चाहिए जो करियर की दौड़ में इतने मशरूफ हो गए हैं कि अपने मां-बाप कॉल तक नहीं उठा पाते। मेरी सबसे एक ही विनती है- कुछ भी करें, अपने मम्मी-पापा से रोज बात जरूर करें।’ मेरी मां मुझे हर दिन कई सारे वॉयस नोट्स यानी संदेश रिकॉर्ड करके भेजती थीं। अब मैं बार-बार उन्हें सुन रहा हूं। अब उनकी आवाज सुनने का बस यही जरिया बचा है। दरअसल, अपनी कंपनी में शाम से देर रात तक क्लाइंट्स की कॉल्स में उलझा रहता था। मां इस बात को अच्छे से समझती थीं, इसलिए उन्होंने एक रास्ता निकाला था। वे मुझे कॉल करके परेशान नहीं करना चाहती थीं, वॉयस नोट्स भेज दिया करती थीं। व्यस्त बेटे से जुड़े रहने का उन्होंने यह अपना एक तरीका बना लिया था। उन वॉयस नोट्स में मां की ममता गूंजती थी। वे बड़े प्यार से कहतीं- 'बेटा, जब भी काम से फुर्सत मिले तो एक बार फोन कर लेना।' वे अक्सर पूछतीं कि कहां हूं? क्या कर रहे हूं? खाना समय पर खाया या नहीं? और आखिर में हमेशा की तरह ढेर सारी दुआएं देना नहीं भूलतीं। अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, मैं किसी काम की उलझन में फंसा हुआ था। उस वक्त मम्मी का फोन आया। मैं उठा नहीं पाया। उसके कुछ देर बाद उनका एक वॉयस नोट आया, जिसमें उन्होंने बड़े प्यार से कहा था- ‘जब मैं नहीं रहूंगी न, तो तरस जाएगा मेरी आवाज सुनने को।’ मां का वो वॉयस मैसेज सुनकर मेरा गला भर आया और मैं रो पड़ा। जब मैंने उन्हें वापस फोन किया, तो वो हंस पड़ीं। दिनभर में उनका तीन बार फोन आता था… पर अब मां का फोन कभी नहीं आएगा। एक झटके में मेरा सब कुछ उजड़ गया। मेरी छोटी बहन दामिनी बेंगलुरु में सीए है, हम दोनों के बीच सिर्फ दो साल का फर्क है। घर में मैं बड़ा हूं। हमारे पास मम्मी-पापा बारी बारी से आकर रहते थे। मम्मी जब भी हमारे पास आतीं तो हम खुश होते थे कि अब तरह-तरह के पराठे खाने को मिलेंगे। वह हमारे पास कभी अचार खत्म नहीं होने देती थीं। यहां तक कि आचार कूरिअर से भिजवा देतीं। मेरी बच्चे कहते नानी हाउस से अचार आया है। दरअसल, बहन के बच्चे नानी हाउस कहते थे, तो मेरे बच्चे भी वही सीख गए थे और वे भी नानी हाउस कहते। मेरे बच्चे मम्मी को दादी न कहकर नानी कहते थे। इस समय साथ में हमारे बच्चे भी आए हुए हैं। यहां उन्हें मम्मी के बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है। वे बार-बार कह रहे हैं कि नानी हाउस से वापस चलो। यहां नानी नहीं है। यह बस यही बार-बार सोच रहा हूं कि अगर भगवान के दर पर जाकर भी ऐसा हो सकता है, तो उनके यहां कौन जाएगा? भगवान भला इस तरह राधे-राधे जपने वाले अपने श्रद्धालु को कैसे मार सकते हैं? मम्मी-पापा पहली बार बांके बिहारी के दर्शन करने गए थे। बहन ने तो तय कर लिया था कि वह कभी भी वृंदावन नहीं जाएगी। इस दौरान हमारे घर लोग आते तो बहन वही बात दोहराती, तब वे कहते कि- परेशान मत हो। तुम्हारे मम्मी-पापा ने कितनी अच्छी जगह मौत पाई है। वे राधे-राधे करते हुए इस दुनिया से गए हैं, लेकिन हम उनकी बातों से सहमत नहीं हो पाते। आखिर भगवान जब अपने भक्त की रक्षा नहीं कर सकते फिर काहे का भगवान? लेकिन अब धीरे-धीरे मन शांत हो रहा है। मैंने दामिनी से बात की और तय किया है कम से कम एक बार उस घाट पर चलेंगे, जहां मम्मी-पापा आखिरी बार एक साथ थे। वहां चलकर एकांत में बैठेंगे और उन्हें महसूस करेंगे। आपको पता है कि पापा वृंदावन नहीं जा रहे थे। मम्मी उन्हें जबरदस्ती लेकर गई थीं। वह पापा से कह रही थीं कि साथ इसलिए चल रही हूं, ताकि वहां आपको रोटी-पानी दे सकूं। दरअसल, मम्मी पापा को बहुत प्यार करती थीं। उन्हें हमेशा लगता था कि पापा उनके बिना अकेले कैसे रहेंगे? कैसे खाना खाएंगे? इसलिए जहां भी पापा जाते, मम्मी साथ जाती थीं। उस दिन जब वे जा रहे थे तो मम्मी ने हमें बताया था कि मोहल्ले वालों के साथ बस से पापा को लेकर वृंदावन जा रही हूं। वृंदावन पहुंचकर मम्मी ने पापा का एक वीडियो भेजा था कि- देखो नाव में बैठकर तुम्हारे पापा कैसे राधे-राधे कर रहे हैं। पापा को पानी से बहुत डर लगता था। इसलिए वे कभी नदी वगैरह में नहीं जाते, न ही नाव में बैठते थे। इसलिए मम्मी वीडियो दिखाकर बताना चाह रही थीं कि- देखो तुम्हारे पापा नाव में बैठकर कैसे मस्ती में गा रहे हैं। उसके बाद नाव पलट गई थी। अब जिंदगी में बस दो चीजें रह गई हैं। एक अफसोस और दूसरे पापा जैसा बनने की तमन्ना। अफसोस इस बात का है कि उस दिन काश मम्मी-पाप लाइफ जैकेट पहने होते। काश, जो चार लोग दूसरी नाव में शिफ्ट किए गए थे, उसमें मेरे मम्मी-पापा भी होते। काश नाव पुल से टकराने से पहले घूम गई होती, जिससे हादसा टल जाता। काश मम्मी-पापा मेरे पास पुणे आ जाते, क्योंकि उन्हें पुणे आना था। हमने योजना बनाई थी कि पुणे से एक साथ उज्जैन और इंदौर घूमने चलेंगे। अब वो सारी बातें दिमाग में चल रही हैं। दूसरी चीज यह कि- पापा की तरह बनना चाहता हूं। पापा पूरे दिन लोगों की मदद करते थे। उनके काम करवाने में लगे रहते थे। यह जिस पार्क में बैठकर हम बात कर रहे हैं, इसे भी पापा ने बनवाया था। इसकी देखरेख भी वही करते थे। लोगों के लिए साल में एक बार जगराता करवाते थे। मोहल्ले में हजारों औरतें हैं, जिनकी पेंशन पापा ने लगवाई थी। दरअसल, हमारी सोसाइटी का नाम अर्बन स्टेट 2 है, जिसका मुखिया पापा को चुना गया था। मुझे याद है कि पिछले साल जब मम्मी-पापा के पास आया था तो अपना टिफिन भूल गया था। मैंने उन्हें फोन किया तो लगातार उनका फोन बिजी जा रहा था। जब बात हुई तो पता चला कि वह किसी का आधार कार्ड बनवाने साथ गए हुए थे। इस तरह पापा लोगों की मदद करने में लगे रहते। मम्मी-पापा कभी पैसे के पीछे नहीं भागते थे। हम शुरू से कोई बहुत अमीर नहीं थे। मुझे इंजीनियरिंग कराने और दामिनी को सीए बनाने के लिए मम्मी ने अपने गहने तक बेच दिए थे। मम्मी-पापा ने जैसे भी हो हम भाई-बहन को अच्छे स्कूल में पढ़ाया। पापा का बिजनेस बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, तो हमारी फीस भरने के लिए मम्मी ने घर में बूटीक काम शुरू कर दिया था। घर पर ही कपड़े सिलतीं और बेचती थीं। मेरे सामने की बात है। एक बार मम्मी ने एक सूट सिला था। उसे बनाने में 275 रुपए लगे थे, लेकिन उन्होंने 300 में बेचा, क्योंकि उन्हें हमारी फीस भरनी थी। इस तरह मम्मी ने हमारे लिए बहुत मेहनत की थी। आखिर में मुझे सरकार से बहुत शिकायत है। कहना चाहता हूं कि वृंदावन जैसी धार्मिक जगहों पर हम सभी के माता-पिता जाते हैं। उनमें ज्यादातर बूढ़े होते हैं। कई बार वे मुसीबत में घबरा जाते हैं। सरकार ऐसी धार्मिक जगहों पर सख्त नियम बनाए। कम से कम वहां तो जरूर, जिन धार्मिक जगहों पर ज्यादा लोग जाते हैं। अगर आज हमारे मम्मी-पापा लाइफ जैकेट पहने होते तो बच जाते या नाव में सवार बच्चों का ख्याल रखा गया होता तो कम से कम वे जिंदा होते। (मोहित गुलाटी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------- 1- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 19 Apr 2026 5:42 am

क्या 124 सीटों पर ममता का नुकसान करेगी बाबरी मस्जिद:मुस्लिम बोले- धंधा चमका, मस्जिद से खुश हैं, लेकिन हुमायूं कबीर मतलबी

पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद का बेलडांगा। यहीं बाबरी मस्जिद बन रही है। अभी चारदीवारी की नींव भरी जा रही है। 50 से ज्यादा मजदूर काम में जुटे हैं। पास ही असगरुल की चाय की दुकान हैं। मस्जिद की ओर जाते वक्त मेन रोड पर सबसे पहले यही दुकान मिलती है, इसलिए भीड़ भी होती है। असगरुल के भगोने में चाय उबल रही है, ऐसा ही उबाल बंगाल की हिंदू-मुस्लिम सियासत में है। बाबरी मस्जिद उसी का एक हिस्सा है। मस्जिद की वजह से असगरुल का धंधा जरूर चमक गया, लेकिन वे फिक्रमंद हैं। कहते हैं, ‘मंदिर-मस्जिद दोनों जरूरी हैं। मैं मजहब को मानता हूं। मस्जिद चाहिए, लेकिन बेटे के लिए स्कूल भी तो हो। वो छठवीं में पढ़ता है, पर 50 तक गिनती नहीं आती। सिर्फ थाल बजाने और खाने के लिए बच्चे को स्कूल क्यों भेजूं।’ पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 6 मुस्लिम बहुल जिलों मुर्शिदाबाद, मालदा, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, नादिया और उत्तर दिनाजपुर में करीब 124 सीटें हैं। TMC छोड़कर नई पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया, तो उनकी इस कोशिश को मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश माना गया। हुमायूं फिलहाल BJP से 1000 करोड़ की डील वाले वीडियो पर सफाई दे रहे हैं। इधर बाबरी मस्जिद का काम चल रहा है। इस मस्जिद की अहमियत, मायने और चुनाव में असर समझने के लिए हमने 5 किरदार चुने। 1. असगरूल शेख, जिन्हें मस्जिद के साथ बेटे के लिए अच्छा स्कूल चाहिए।2. बदरुद्दीन, जो मुंबई छोड़कर घर आ गए और मस्जिद के पास जूस की दुकान खोल ली।3. रफीकुल अंसारी, जो झारखंड से 200 किमी दूर बाबरी मस्जिद देखने आए थे।4. हुमायूं शेख, जिन्हें लगता है कि हुमायूं कबीर अपनी राजनीति के लिए मस्जिद बनवा रहे हैं। 5. हुमायूं कबीर, जो कहते हैं कि BJP या TMC कितना भी रोके, मस्जिद बनकर रहेगी। पढ़िए हर किरदार की कहानी…असगरुल के लिए बंगाल में कुछ नहीं बदला असगरूल शेख की दुकान पर चाय पीते हुए बातचीत शुरू हुई। तभी उनका बेटा आया। मैंने पूछा- स्कूल जाते हो? जवाब असगरुल ने दिया। पास में सरकारी स्कूल है, वहीं पढ़ता है। वे चाय बनाते हुए बताते हैं, ‘मैं छठवीं तक पढ़ा हूं। बेटा भी अब पढ़ाई छोड़ देगा। दोनों बाप-बेटे छठवीं तक ही पढ़े। 40-50 साल में बंगाल में कुछ नहीं बदला। मैं दुकान चला लेता हूं, ये तो हिसाब भी नहीं कर सकता। मजदूरी ही करेगा। यही हमारा सच है। स्कूल में 10 टीचर होने चाहिए, सिर्फ 2-3 हैं। सरकार अपनी जेब भर रही है। विधायक अपना फायदा देख रहे हैं। गरीब की कौन सुनता है।’ असगरुल के इस सवाल का जवाब नहीं था। हम यहां से आगे बढ़ गए। थोड़ी दूर बाबरी मस्जिद का ऑफिस है। इसकी छत पर तिरंगा लहरा रहा है। बाहर चंदे के लिए क्यूआर कोड लगे हैं। एक बोर्ड पर लिखा है, ‘द होली बाबरी मस्जिद’। इस पर अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की फोटो है। हमने फोटो लेनी चाही, तो एक शख्स ने रोक दिया। बोला कि यहां फोटो-वीडियो नहीं ले सकते। लोग वीडियो बनाते हैं, फिर गलत इस्तेमाल करते हैं। ऑफिस खाली था, इसलिए हम मस्जिद साइट के पास बने मार्केट की ओर बढ़ गए। रास्ते में कई छोटी-छोटी दुकानें हैं। आसपास मेले जैसा माहौल है। बदरुद्दीन ने मस्जिद के बाहर दुकान खाेली, बोले- मस्जिद और वोट दोनों अलग बदरुद्दीन पहले मुंबई में काम करते थे। पता चला कि बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनने वाली है, इसलिए घर लौट आए। तिरपाल और बांस-बल्ली से दुकान बनाई और जूस बेचने लगे। हमने पूछा मस्जिद से क्या फायदा मिल रहा है, क्या इसके नाम पर वोट भी देंगे। बदरुद्दीन फौरन जवाब देते हैं, ‘मस्जिद अलग है, चुनाव अलग। मस्जिद में लोग इबादत के लिए आ रहे हैं। हिंदू और मुस्लिम दोनों दान दे रहे हैं। इसके बनने से हजारों लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी। मैं खुद मुंबई छोड़कर गांव लौट आया हूं। एक महीने पहले ही ये दुकान खोली है।’ यूपी, बिहार, असम से मस्जिद देखने आ रहे लोग, रफीकुल 200 किमी बाइक से आए मस्जिद की ओर बढ़ते हुए बाइक पर बैठे रफीकुल अंसारी मिले। वे झारखंड के दुमका के रहने वाले हैं। रफीकुल बताते हैं, ‘200 किमी बाइक चलाकर आया हूं। सुना था कि बाबरी मस्जिद बन रही है। इसका बनना जरूरी भी है।’ यहीं असम से आए कुछ लड़के भी थे। गन्ने का जूस बेच रहे एक दुकानदार ने बताया कि यूपी, बिहार, झारखंड, असम और दूसरे राज्यों से लोग मस्जिद देखने आ रहे हैं। बिजनेस बढ़ रहा है। यही फायदेमंद है, बाकी वोट तो मर्जी से ही देंगे। हुमायूं कबीर से नाराजगी, हुमायूं शेख बोले- अपने फायदे के लिए मस्जिद बनवा रहे 4 एकड़ में बन रही बाबरी मस्जिद पर 69 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसे वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया कमेटी बनवा रही है। हुमायूं कबीर इसी ट्रस्ट के फाउंडर थे। चुनाव लड़ने की वजह से ट्रस्ट छोड़ दिया। उनका एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे BJP से 1 हजार करोड़ की डील करते दिख रहे हैं। बेलडांगा में ढाबा चलाने वाले अब्दुल मन्नफ मलिक कहते हैं, मस्जिद का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। इसे बनाने में हिंदू भाई सहयोग कर रहे हैं। हुमायूं कबीर तो बनवा ही रहे हैं। वीडियो की सारी बातें झूठी हैं। वे कहते हैं कि हुमायूं कबीर ने मस्जिद की नींव रखी है, तभी से ममता बनर्जी उनके पीछे पड़ी हैं। TMC अब की हार रही है, इसलिए इस तरह की बातें फैला रहे हैं। बेलडांगा से करीब 100 किमी दूर शमशेरगंज के लोगों के ख्याल अलग हैं। फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाले हुमायूं शेख कहते हैं, ‘मैं हुमायूं कबीर को मुसलमानों का नेता नहीं मानता। उन्होंने भले बाबरी मस्जिद की नींव रखी हो, लेकिन ये सब राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। वे वीडियो में डील करते साफ दिख रहे हैं। भले ही इसे AI वीडियो बताएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।’ वहीं, मोहम्मद साबिर कहते हैं कि हुमायूं कबीर तो BJP का आदमी है। मुसलमानों को ये बात थोड़ी देर से समझ आई। मुझे पहले से उनकी हरकतों पर शक था। पहले मुसलमानों के बीच उनके लिए थोड़ा बहुत प्यार था। वीडियो आने के बाद वो भी खत्म हो गया। हुमायूं कबीर बोले- मुसलमानों से गद्दारी नहीं करूंगा, बाबरी बनकर रहेगी हुमायूं कबीर ने माना है कि वायरल वीडियो उनका ही है, लेकिन आवाज AI से बदली गई है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं मुसलमानों के साथ कभी गद्दारी नहीं करूंगा। मेरे लिए पहले कौम है। बाबरी तो बनेगी, इसे न BJP रोक पाएगी और न TMC। मुर्शिदाबाद में 66% मुस्लिम आबादी है, इसलिए यहां मस्जिद बनवा रहा हूं। अबीरुल के लिए बाबरी से बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट से नाम कटना मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में बाबरी मस्जिद से बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट से नाम कटना है। यहां रहने वाले अबीरूल के परिवार में 8 वोटर थे, इनमें 6 के नाम कट गए। इनमें अबीरुल भी शामिल हैं। वे कहते हैं, ‘हमें लग रहा है कि बंगाल से बाहर काम करने गए, तो हमें बांग्लादेशी न समझ लिया जाए। इसलिए काम के लिए बाहर नहीं जा रहे हैं। हम लोगों के लिए TMC अच्छा काम कर रही है।’ वहीं रफीक कहते हैं कि मेरा नाम भी कट गया है। यहां TMC जीत सकती है, इसलिए BJP वालों ने जानबूझकर ऐसा किया है। इसके बाद भी BJP जीत नहीं पाएगी।’ 24 परगना के असमताली मुल्ला BJP के सपोर्ट में हैं। वे कहते हैं कि पहले हम TMC को वोट देते थे। अब ममता दीदी सबसे ज्यादा घोटाले कर रही हैं। TMC वाले कहते हैं कि BJP सरकार बनाएगी, तो मुस्लिमों को भगा देगी। हम ही BJP में आ जाएंगे, तो फिर कोई क्यों भगाएगा। एक्सपर्ट बोले: बाबरी मस्जिद का असर सिर्फ हुमायूं कबीर की सीट तक क्या हुमायूं कबीर को मस्जिद बनवाने का फायदा पूरे बंगाल में मिलेगा? जवाब में पॉलिटिकल एक्सपर्ट सुमन भट्टाचार्य कहते हैं, ‘नहीं। हुमायूं कबीर का असर सिर्फ बेलडांगा में है। मुसलमानों को समझ है कि अयोध्या की बाबरी मस्जिद का दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। इसका ये मतलब नहीं कि मुस्लिम वोटर TMC से ज्यादा खुश हैं। बस वे उससे अलग नहीं हो पाते। TMC के बाद उनकी पसंद कांग्रेस है, लेकिन वो ज्यादा एक्टिव नहीं है।’ आखिर में हम बेलडांगा से करीब 20 किमी दूर बहरामपुर पहुंचे। हुमायूं कबीर ने जिस दिन बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था, उसी दिन यहां राम मंदिर बनाने की बात कही गई थी। बहरामपुर के BJP नेता शंकवाह सरकार ने ये दावा किया था। हमने उनसे पूछा कि मंदिर का काम कहां तक पहुंचा। उन्होंने जवाब दिया, अभी शुरू ही नहीं हुआ। ================इनपुट: पूनम मसीह================पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये इंटरव्यू भी पढ़ें… 1000 करोड़ की डील पर हुमायूं बोले-BJP से दोस्ती नहीं 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद हुमायूं को ममता ने पार्टी से निकाल दिया। अब वो अपनी पार्टी बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले दिनों BJP के साथ उनकी 1000 करोड़ की डील का वायरल वीडियो सुर्खियों में रहा। इन सभी मसलों पर हुमायूं कबीर से सीधी बातचीत। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

दैनिक भास्कर 19 Apr 2026 5:39 am

महिला आरक्षण में रुकावट पैदा करने वालों को माफ नहीं करेंगी देश की महिलाएं : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है जिन राजनीतिक दलों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया और महिलाओं को उनका अधिकार देने से रोकने का काम किया है, देश की नारी उन दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। मोदी ने शनिवार को कहा कि जिन दलों ने यह अपराध […] The post महिला आरक्षण में रुकावट पैदा करने वालों को माफ नहीं करेंगी देश की महिलाएं : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 11:06 pm

सेना दिवस पर बोले मोजतबा खामेनेई, जारी रहेगी अमरीकी-इजराइली आक्रमण के खिलाफ जंग

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सेना दिवस संबोधन में ईरानी सेना की प्रशंसा करते हुए अमरीका-इज़राइल की कथित आक्रामकता के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने फरवर्दिन की 29 तारीख (18 अप्रैल) को मनाए जाने वाले सेना दिवस के अवसर पर कहा कि इस्लामिक गणराज्य […] The post सेना दिवस पर बोले मोजतबा खामेनेई, जारी रहेगी अमरीकी-इजराइली आक्रमण के खिलाफ जंग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 9:57 pm

गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जाने जमीनी हालात

कलक्टर लोक बन्धु ने बूबानिया व नांदला गांव में किया निरीक्षण अजमेर/नसीराबाद। राज्य सरकार के निर्देश पर गर्मी के मौसम में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कलक्टर लोक बन्धु के नेतृत्व में शनिवार को जिले में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। कलक्टर सहित सभी उपखण्ड अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में हैण्डपम्पों, पाइपलाइन, परियोजना […] The post गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जाने जमीनी हालात appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 9:50 pm

बारां में एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर की हत्या

बारां। राजस्थान में बारां के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बदमाशों ने एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि लालबाई चौक के पास घात लगाए बैठे हमलावरों ने मनीष शर्मा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और मौके से फरार हो गए जिससे वह […] The post बारां में एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 9:39 pm

जन्मदिन पर राहुल का पचासा, अंतिम ओवर में मिलर के किलर पंच से हारी बैंगलूरू

DCvsRCB गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद केएल राहुल (57) और ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 60) की अर्धशतकीय पारियों की मदद से दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में शनिवार को यहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को छह विकेट से शिकस्त दी। सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट की 38 गेंद में 63 रन की आक्रामक पारी के बावजूद कैपिटल्स ने आरसीबी को आठ विकेट पर 175 रन पर रोकने के बाद 19.5 ओवर में चार विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।कैपिटल्स के लिए राहुल ने 34 गेंद की पारी में दो छक्के और चार चौके लगाए। टीम के 18 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद उन्होंने स्टब्स के साथ चौथे विकेट के लिए 44 गेंद में 69 रन की साझेदारी की। इसके बाद स्टब्स ने कप्तान अक्षर पटेल (26 रन पर रिटायर हर्ट) के साथ 35 गेंद में 47 रन की अटूट साझेदारी की। अक्षर चोटिल होने के कारण 16वें ओवर में रिटायर हर्ट हो गए। स्टब्स ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंद की नाबाद पारी में एक छक्का और चार चौके जड़े, जबकि डेविड मिलर (नाबाद 22) ने आखिरी ओवर में लगातार गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी।आरसीबी के लिए भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि कृणाल पंड्या ने 24 रन देकर एक विकेट हासिल किया। सॉल्ट ने अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए, लेकिन अक्षर पटेल (18 रन पर दो विकेट), कुलदीप यादव (32 रन पर दो विकेट) और लुंगी एनगिडी (39 रन पर दो विकेट) ने अन्य बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का मौका नहीं दिया। मुकेश कुमार को भी एक सफलता मिली। सॉल्ट ने पहले विकेट के लिए विराट कोहली (19) के साथ 31 गेंद में 52 रन और दूसरे विकेट के लिए देवदत्त पडिक्कल (18) के साथ 29 गेंद में 47 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, लेकिन 11वें ओवर में उनके आउट होने के बाद टिम डेविड (17 गेंद में 26 रन) के अलावा कोई भी बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना सका। David Miller stands up tall and hits them big to take @DelhiCapitals to a thrilling victory Scorecard https://t.co/vfJ6SccA9T #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC | @DavidMillerSA12 pic.twitter.com/I6FXLeOhXU — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स को भुवनेश्वर कुमार ने अपने शुरुआती दो ओवर में तीन झटके दिए। उन्होंने पहले ओवर में ही पथुम निसांका (एक) को पगबाधा आउट किया और तीसरे ओवर में करुण नायर (पांच) और समीर रिजवी (दो) को पवेलियन भेजा। राहुल ने दूसरे छोर से जोश हेजलवुड का स्वागत छक्के से किया और चौथे ओवर में रसिक सलाम के खिलाफ मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार चौका जड़ा।इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 18 रन पर तीन विकेट गिरने के बावजूद पांचवें ओवर में हेजलवुड के खिलाफ स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का लगाया और लगातार गेंदों पर चौके जड़कर दबाव को टीम पर हावी नहीं होने दिया। पावरप्ले में दिल्ली ने तीन विकेट पर 50 रन बना लिए। स्टब्स संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे, जबकि राहुल ने सुयश शर्मा के खिलाफ तीन चौके लगाकर रन गति को बनाए रखा और 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।कृणाल पंड्या ने 11वें ओवर की पहली गेंद पर राहुल को आउट कर दिल्ली को बड़ा झटका दिया। विराट कोहली ने उनका शानदार कैच लपका। अक्षर पटेल ने क्रीज़ पर आते ही कृणाल की बाउंसर गेंद पर शॉर्ट थर्ड मैन के ऊपर से चौका लगाया और फिर हेजलवुड तथा सलाम के खिलाफ भी चौके जड़े।अब तक रक्षात्मक खेल रहे स्टब्स ने सलाम की धीमी गेंद पर चौका लगाया और सुयश के खिलाफ शानदार स्ट्रेट ड्राइव पर चार रन बटोरे। टीम को आखिरी छह ओवर में 51 रन की जरूरत थी, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी कर बाउंड्री रोक दी। इसी बीच अक्षर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर चले गए।स्टब्स ने भुवनेश्वर के खिलाफ छक्का लगाकर 24 गेंद के बाउंड्री सूखे को खत्म किया तथा 41 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 19वें ओवर में सलाम का स्वागत चौके से किया, लेकिन इस युवा गेंदबाज़ ने अच्छी वापसी करते हुए ओवर से सिर्फ 10 रन दिए।दिल्ली कैपिटल्स को आखिरी ओवर में 15 रन चाहिए थे और डेविड मिलर ने रोमारिया शेफर्ड की तीसरी और चौथी गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर करने के बाद चौके के साथ टीम को जीत दिला दी। इससे पहले सॉल्ट ने शुरुआती ओवर में औकिब नबी के खिलाफ चौका जड़ा, जबकि कोहली ने मुकेश की गेंद पर कदमों का इस्तेमाल करते हुए एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से चार रन बटोरे। इसके बाद अगले ओवर में भी उन्होंने लेग स्टंप के बाहर जाकर चौका मारा।संभलकर खेल रहे सॉल्ट ने नबी के खिलाफ पांचवें ओवर में दो चौके और पारी का पहला छक्का लगाकर 18 रन बटोरे, जिससे टीम का अर्धशतक पूरा हुआ। एनगिडी ने अगले ओवर में पहली ही गेंद पर कोहली को आउट कर पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी समाप्त की।सॉल्ट ने नटराजन का स्वागत चौके से किया, जबकि पडिक्कल ने भी इस गेंदबाज के खिलाफ छक्का लगाकर आक्रामक तेवर दिखाए। सॉल्ट ने कुलदीप यादव के खिलाफ छक्का लगाकर 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।अक्षर ने अपने शुरुआती ओवर में ही पडिक्कल (18) को डेविड मिलर के हाथों कैच कराया, जबकि कुलदीप ने 11वें ओवर में छक्का खाने के बाद सॉल्ट को ट्रिस्टन स्टब्स के हाथों कैच कराया। शानदार लय में चल रहे डेविड ने एनगिडी के खिलाफ छक्का और चौका जड़ा, लेकिन कप्तान रजत पाटीदार (आठ) मुकेश की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विकेटकीपर राहुल को कैच दे बैठे।डेविड ने अक्षर पटेल के खिलाफ चौका लगाया, लेकिन बाद में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में शॉर्ट थर्ड मैन पर नटराजन द्वारा कैच कर लिए गए। कुलदीप ने शेफर्ड (एक) को पगबाधा कर जल्दी पवेलियन भेज दिया।कृणाल (12) ने एनगिडी के खिलाफ छक्का लगाकर रनगति बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वह आखिरी ओवर में रन आउट हो गए। जितेश शर्मा भी संघर्ष करते दिखे और उन्होंने 20 गेंद में 14 रन बनाए।आरसीबी ने आखिरी पांच ओवर में चार विकेट खोकर केवल 29 रन बनाए।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 9:09 pm

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक जनवरी 2026 से अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ाने की शनिवार को मंजूरी प्रदान कर दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत […] The post केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 8:59 pm

तमिलनाडु में केरल के पर्यटकों से भरी वैन दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोगों की मौत

चेन्नई। तमिलनाडु में कोयंबटूर जिले में पोल्लाची के पास शुक्रवार की शाम केरल के पर्यटकों को ले जा रही वैन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक केरल के मलप्पुरम जिले के पेरिंथलमन्ना से कुल 13 पर्यटक पोल्लाची के पास स्थित पर्यटन स्थल वालपराई के ठंडे मौसम […] The post तमिलनाडु में केरल के पर्यटकों से भरी वैन दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 8:54 pm

मैहर में शौच के लिए गई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म

मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर में खुले में शौच के लिए गई एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक तेरह साल की नाबालिग किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हो गई। शुक्रवार की रात खुले में शौच के लिए घर से बाहर निकली तेरह वर्षीय किशोरी को दो लोगों […] The post मैहर में शौच के लिए गई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 8:48 pm

श्रीगंगानगर में अवैध अफीम और पोस्त बरामद, तीन अरेस्ट

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने कल देर रात तीन व्यक्तियों को अवैध रूप से अफीम और पोस्त रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने शनिवार को बताया कि राजियासर थाना क्षेत्र में पुलिस दल ने सूरतगढ़-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग 62 पर श्रीविजयनगर फांटा के समीप हरविंदरसिंह उर्फ पप्पू (30), […] The post श्रीगंगानगर में अवैध अफीम और पोस्त बरामद, तीन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 8:44 pm

हनुमानगढ़ में IPL सट्टेबाजी का भंडाफोड़, दो सटोरिये अरेस्ट

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट से जुड़े सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है और इस सिलसिले में दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाने वाले दो प्रमुख बुकी को गिरफ्तार किया, वहीं मोबाइल […] The post हनुमानगढ़ में IPL सट्टेबाजी का भंडाफोड़, दो सटोरिये अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 8:40 pm

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की फायरिंग, भारतीय ध्वज वाले टैंकर समेत दो जहाज लौटे

तेहरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शनिवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नौसेना की गनबोट्स से कथित गोलीबारी के बाद भारतीय ध्वज वाले एक सुपरटैंकर सहित दो जहाजों को वापस लौटना पड़ा। यह जानकारी शिपिंग मॉनिटर टैंकरट्रैकर्स ने दी। ब्रिटेन मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए केएमटीओ चेतावनी 038-26 जारी […] The post होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की फायरिंग, भारतीय ध्वज वाले टैंकर समेत दो जहाज लौटे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 7:49 pm

एमडीएस विश्वविद्यालय में प्रबंध अध्ययन विभाग के 13 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट

अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन विभाग ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता और सुदृढ़ प्लेसमेंट व्यवस्था का परिचय देते हुए 13 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनी ICICI Prudential Life Insurance में सफलतापूर्वक कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित किया है। शुक्रवार को आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में कंपनी की ओर से मैनेजर एचआर प्रियंका विश्वास […] The post एमडीएस विश्वविद्यालय में प्रबंध अध्ययन विभाग के 13 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Apr 2026 6:24 pm

100 साल बाद अक्षय तृतीया पर दुर्लभ योग, इस मुहूर्त में करें पूजा और खरीदारी

साल 2026 की अक्षय तृतीया (20 अप्रैल) इसलिए बेहद खास है क्योंकि इस दिन ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, वैसी स्थिति लगभग 100 साल के अंतराल के बाद देखने को मिल रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन 5 महायोगों का एक साथ मिलन हो रहा है, जो इसे निवेश और शुभ कार्यों के लिए अमोघ (न विफल होने वाला) बना रहा है। यहाँ उन दुर्लभ योगों का विवरण दिया गया है। 1. गजबदन योग (Gajbadan Yoga) इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होंगे और उन पर गुरु (बृहस्पति) की शुभ दृष्टि रहेगी। ज्योतिष में इसे सुख-समृद्धि और ज्ञान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Festival 2026: अक्षय तृतीया: भीषण गर्मी में ये 5 वस्तुएं दान करने से घर आएगी बरकत 2. शश महापुरुष राजयोग (Shasha Rajyoga) शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे। 100 साल के चक्र में ऐसा बहुत कम होता है कि अक्षय तृतीया के दिन शनि अपनी इतनी मजबूत स्थिति में हों। यह योग स्थिरता और लंबे समय तक चलने वाली संपत्ति (जैसे जमीन या घर) खरीदने के लिए बहुत शुभ है। 3. त्रिपुष्कर योग (Tripushkar Yoga) इस दिन तिथि, वार और नक्षत्र के संयोग से त्रिपुष्कर योग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में किए गए किसी भी शुभ कार्य या निवेश का फल तीन गुना होकर वापस मिलता है। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, कथा, आरती और इस दिन का खास महत्व जानें 4. रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग: यह सूर्य की ऊर्जा से भरपूर होता है जो मार्ग की बाधाओं को दूर करता है। सर्वार्थ सिद्धि योग: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस योग में शुरू किया गया कोई भी काम 'सिद्ध' (सफल) होता है। 5. ग्रहों का विशेष गोचर सूर्य का उच्च होना: सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होंगे, जो आत्मविश्वास और सरकारी कार्यों में सफलता दिलाते हैं। शुक्र की स्थिति: धन के कारक शुक्र भी अनुकूल स्थिति में रहेंगे, जो खरीदारी के लिए शुभ फलदायी हैं। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करें ये 7 अचूक उपाय, सालभर नहीं होगी पैसों की कमी इन योगों का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इन 100 साल बाद बनने वाले दुर्लभ संयोगों के कारण: आर्थिक मजबूती: यदि आप लंबे समय से कर्ज या तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस दिन किया गया दान या निवेश धन के नए मार्ग खोलेगा। रुके हुए काम: यदि कोई प्रॉपर्टी या कानूनी मामला वर्षों से अटका है, तो इस दिन उस दिशा में कदम उठाना लाभकारी होगा। खरीदारी: इस दिन सोना, चांदी, वाहन या घर खरीदना न केवल शुभ होगा, बल्कि वह संपत्ति आपके पास अक्षय (स्थायी) रहेगी। विशेष: ज्योतिषियों का मानना है कि 1920 के दशक के बाद अब जाकर ग्रहों की ऐसी पावरफुल जुगलबंदी अक्षय तृतीया पर देखने को मिल रही है।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 5:06 pm

श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय में 'जिम्मी मगिलिगन स्मृति सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह' में जल संरक्षण पर संगोष्‍ठी

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सीईएसडी), इंदौर द्वारा 17 अप्रैल 2026 को 'मानव जिम्मेदारी: लोगों और पृथ्वी के सतत विकास के लिए जल का उपयोग' विषय पर एक अत्यंत प्रभाव शाली एवं प्रेरणादायक विशेष सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन 15 से 21 अप्रैल 2026 तक मनाए जा रहे जिम्मी मगिलिगन 'स्मृति सतत विकास सप्ताह' के अंतर्गत संपन्न हुआ, जिसका मूलभाव 'छोटे परिवर्तन, बड़ा प्रभाव – जल बचाएं' पर केंद्रित था। यह संपूर्ण कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रोफेसर डॉ. योगेश गोस्वामी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में आयोजित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर प्रख्यात भूवैज्ञानिक एवं भूजल वैज्ञानिक सुधीन्द्र मोहन शर्मा तथा जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलेपमेंट इंदौर की निदेशकपद्‍मश्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जल संरक्षण, सतत विकास एवं सामाजिक सेवा के प्रति अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें जल संरक्षण के प्रति जागरूकता मात्र 16 वर्ष की आयु में शुरू हो गई थी, जिसने उनके जीवन की दिशा निर्धारित की। उन्होंने वर्ष 1988 में उत्तरी आयरलैंड के ब्रिटिश नागरिक, जल अभियंता (बिना औपचारिक डिग्री) जेम्स (जिम्मी) मगिलिगन से विवाह किया। उन्होंने 76 एकड़ और फिर 6 एकड़ जमीन में रेनवाटर हर्वेस्टिंग में सबसे बड़ा काम कर उसे उपजाऊ और सस्टेनेबल बनाया। जिम्मी मगिलिगन को वर्ष 2008 में महारानी एलिज़ाबेथ द्वारा ग्रामीण भारत में सामाजिक कार्यों एवं वैकल्पिक ऊर्जा के योगदान के लिए 'ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (OBE)' से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1986 से 2011 तक भारत में यूके बहाई पायनियर के रूप में रहकर सेवा कार्य किया। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने 1985 में 'बरली विकास संस्थान' की स्थापना की, और वर्ष 2011 तक 26 साल अपने पति के कर्मठ योगदान और सहयोग से 6000 अशिक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण महिलाओं को साक्षरता, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक विकास, पर्यावरण तथा जीवन कौशल के क्षेत्र में सशक्त बनाया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात ये महिलाएं भारत के लगभग 500 गांवों में लौटकर सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनीं। अपने वक्तव्य में उन्होंने अपने पति द्वारा किए गए नवाचारों का भी उल्लेख किया। जिम्मी मगिलिगन ने सोलर तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करते हुए 'शेफलर डिश' का निर्माण सीखा तथा वर्ष 1998 में मध्यभारत की पहली सोलर कम्युनिटी किचन बनाई जो आज भी प्रतिदिन लगभग 150 लोगों के लिए भोजन तैयार करती है। उन्होंने बरली संस्थान में अस्थायी एवं बाद में स्थायी सौर रसोई की स्थापना की। वहां की महिलाओं ने अपने 500 गांव सोलर कुकर लगाए (SK-14) जिनसे नमकीन, मिठाई बनाने, तलने, इस्त्री करने एवं चाय स्टॉल चला कर सोलर कुकरों से का उपयोग बहुत बड़े कार्यों में किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 50 आदिवासी परिवारों को निःशुल्क विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई तथा 19 सोलर स्ट्रीट लाइट्स एवं 2 किलोवाट के सौर-पवन ऊर्जा संयंत्र (2010–2026) की स्थापना में योगदान दिया। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन स्वयं सोलर कुकिंग, जल संरक्षण, प्रकृति आधारित, जैविक, कचरामुक्त और प्रदूषणमुक्त जीवनयापन करती है और सभी को प्रेरित करती है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क में 9–19 जुलाई 2017 के दौरान सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित उच्चस्तरीय मंच में वैश्विक सलाहकार के रूप में सहभागिता की। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने यह प्रेरणादायी संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर कार्य करते हुए विश्व के कल्याण में योगदान देना होगा, क्योंकि 'अपने आप विश्व का कल्याण नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के प्रयासों से ही यह संभव है।' कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के कुलगुरु माननीय डॉ. योगेश सी. गोस्वामी के स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ, जिस में सतत विकास के मूल सिद्धांतों तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता परविशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने अपने सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक विचारों के माध्यम से जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन तथा पर्यावरण संतुलन के विभिन्न पहलुओं को अत्यंत सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। सुधीन्द्र मोहन शर्मा ने अपने व्याख्यान सत्र के दौरान जल संरक्षण एवं सतत विकास के विषय को अत्यंतरोचक, प्रभावशाली एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी बात की शुरुआत वर्ष 1975 की प्रसिद्ध फिल्म 'गीत गाता चल' के गीत 'चांदी सा चमकता पानी…' के संदर्भ से की और उन्होंने वर्ष 2008 हॉलीवुड फिल्म 'ब्लूगोल्ड' का एक संक्षिप्त अंश प्रदर्शित करते हुए बताया कि जलसंकट केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक समस्या बन चुका है। फिल्म 'लगान' का उदाहरण देते हुए यह स्पष्ट किया कि जलसंरक्षण केवल प्राणि-विज्ञानियों अथवा कृषि वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसका उत्तरदायी है। उन्होंने एक व्यक्ति के एक समय के भोजन के लिए आवश्यक जल की मात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुल जल उपयोग में लगभग 90 प्रतिशत जल कृषि क्षेत्र में, 3 प्रतिशत उद्योगों में तथा 7 प्रतिशत नगरपालिकाओं द्वारा उपयोग किया जाता है। अपने वक्तव्य को और प्रभावशाली बनाते हुए उन्होंने अब्दुल रहीम खान का प्रसिद्ध दोहा 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून…' उद्धृत किया, जिससे जल के महत्व को अत्यंत सरल एवं गहन रूप में समझाया। सततता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि 'जितनी आवश्यकता हो उतना ही उपयोग करें' तथा 'जल के पास जाना सीखें, न कि उसे अपने पास लाने का प्रयास करें।' इसके साथ ही उन्होंने 7 R के सिद्धांत—रिड्यूस (कम करना), रीयूज़ (पुनः उपयोग), रीसायकल (पुनर्चक्रण), रिचार्ज (पुनर्भरण), रिस्टोर (पुनर्स्थापन), रीजुवेनेट (पुनर्जीवन) एवंरिस्पेक्ट (सम्मान)— पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि एक विद्यार्थी तथा सामान्य व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन करके जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। अंत में, उन्होंने प्राचीन भारत में वर्षा जलसंचयन की समृद्ध परंपरा को रेखांकित करते हुए मोढेरा के सूर्य मंदिर एवं जोधपुर के तूरजी के झालरे जैसे ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किए, जो लगभग 1026–27 ईस्वी कालखंड से संबंधित हैं। इन उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जलसंरक्षण की परंपरा हमारी संस्कृति में प्रारंभ से ही विद्यमान रही है, जिसे वर्तमान समय में पुनः अपनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वयन डॉ. उत्तम शर्मा (समन्वयक) एवं डॉ. श्वेता अग्रवाल (सह-समन्वयक) द्वारा किया गया। रिपोर्ट- डॉ. श्वेता अग्रवाल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सीईएसडी), श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय

वेब दुनिया 18 Apr 2026 4:57 pm

अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदना चाहिए?

Rock Salt: अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा तो जगजाहिर है, लेकिन हाल के वर्षों में नमक खरीदने का महत्व भी काफी तेजी से बढ़ा है। खासकर सेंधा नमक खरीदने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुछ ठोस धार्मिक कारण हैं बताए जाते हैं। इससे घर की नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है और घर में बरकत रहती है। ALSO READ: Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि 1. माता लक्ष्मी से संबंध पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नमक की उत्पत्ति समुद्र से हुई है और माता लक्ष्मी भी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। इस नाते नमक को माता लक्ष्मी का 'भाई' माना जाता है। अक्षय तृतीया पर नमक खरीदकर घर लाने का अर्थ है माता लक्ष्मी के स्वरूप को घर में स्थान देना। 2. नकारात्मकता का नाश नमक नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। अक्षय तृतीया एक अक्षय तिथि है (जिसका पुण्य कभी खत्म न हो), इसलिए इस दिन नया नमक लाकर पुराने नमक को घर से हटा देना घर की दरिद्रता और क्लेश को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। 3. बरकत और संपन्नता ऐसी मान्यता है कि इस दिन नमक खरीदने से घर में साल भर धन और धान्य की कमी नहीं होती। उपाय: इस दिन खरीदे गए नमक का उपयोग करके यदि घर में पोंछा लगाया जाए या उसे कांच के बर्तन में भरकर रखा जाए, तो यह वास्तु दोष को भी शांत करता है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Story: एक मामूली वैश्य कैसे बना चक्रवर्ती सम्राट? जानें अक्षय तृतीया की यह चमत्कारिक कथा! इस दिन नमक के साथ क्या करें? यदि आप अक्षय तृतीया पर नमक खरीदते हैं, तो इन छोटी बातों का ध्यान रखें: दान: इस दिन नमक का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे पितृ दोष में शांति मिलती है। पहला उपयोग: नए नमक का इस्तेमाल इस दिन बनने वाले विशेष प्रसाद या भोजन में जरूर करें। सेंधा नमक: यदि संभव हो तो साधारण नमक के साथ सेंधा नमक (Rock Salt) भी खरीदें, इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। एक रोचक तथ्य: ज्योतिष में नमक का संबंध शुक्र (Venus) और चंद्र (Moon) से है। शुक्र सुख-सुविधाओं का कारक है और चंद्र मन का। अक्षय तृतीया पर नमक लाने से इन दोनों ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे मानसिक शांति और भौतिक सुख बढ़ते हैं। ALSO READ: Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र संक्षेप में: सोना खरीदना हर किसी के बजट में नहीं होता, लेकिन नमक हर कोई खरीद सकता है। यह इस त्योहार की इस भावना को दर्शाता है कि सौभाग्य पर सबका समान अधिकार है।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 4:40 pm

“युद्ध रुकेगा नहीं, पर जीतेगा ईरान!” — Markandey Katju की चौंकाने वाली भविष्यवाणी | US-इज़राइल बनाम ईरान विश्लेषण

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर Markandey Katju का बड़ा विश्लेषण—क्या US-ईरान युद्ध फिर भड़केगा? जानिए आर्थिक और राजनीतिक कारण।

हस्तक्षेप 18 Apr 2026 3:35 pm

दिल्ली ने टॉस जीतकर बैंगलूरू के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)

DCvsRCB दिल्ली कैपिटल्स ने बैंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने का फैसला किया। TOSS @DelhiCapitals have won the toss and will bowl first against @RCBTweets Updates https://t.co/vfJ6SccA9T #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC pic.twitter.com/u4tYnk5mUA — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 Playing XI और Impact Player सहित टीमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, औकिब डार, नीतीश राणा, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 3:14 pm

करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली का दसवां भाव (10th House) जिसे 'कर्म भाव' भी कहा जाता है, आपके करियर, प्रतिष्ठा, अधिकार और सफलता का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। यदि आप करियर के चुनाव को लेकर असमंजस में हैं, तो दसवें भाव में बैठे ग्रह या उस पर दृष्टि डालने वाले ग्रह आपको सही दिशा दिखा सकते हैं। यहाँ प्रमुख ग्रहों के अनुसार करियर के कुछ बेहतरीन विकल्प दिए गए हैं। ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय 1. सूर्य (Sun): सत्ता और प्रशासन यदि दसवें भाव में सूर्य मजबूत स्थिति में है, तो जातक में नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता होती है। कार्यक्षेत्र: सरकारी नौकरी (IAS/IPS), राजनीति, प्रबंधन (Management), चिकित्सा (सर्जन), और पैतृक व्यवसाय। विशेषता: ऐसे लोग स्वतंत्र रहकर काम करना पसंद करते हैं। 2. चंद्रमा (Moon): सेवा और कला चंद्रमा मन और जल का कारक है। दसवें भाव में चंद्रमा व्यक्ति को संवेदनशील और रचनात्मक बनाता है। कार्यक्षेत्र: होटल मैनेजमेंट, खाद्य पदार्थ (Food Industry), मरीन इंजीनियरिंग, मनोविज्ञान, नर्सिंग, कविता या ललित कला। विशेषता: इनके करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन जनसंपर्क में ये माहिर होते हैं। ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय 3. मंगल (Mars): साहस और तकनीक मंगल ऊर्जा का प्रतीक है। यदि यह कर्म भाव में है, तो जातक चुनौतियों से नहीं डरता। कार्यक्षेत्र: सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग (Mechanical/Civil), रियल एस्टेट, खेल (Sports), और सर्जरी। विशेषता: इन्हें ऐसे काम रास आते हैं जिनमें शारीरिक ऊर्जा और रिस्क शामिल हो। ALSO READ: Work From Home: घर में इस दिशा में बैठकर करेंगे काम, तो करियर में मिलेगी दोगुनी तरक्की 4. बुद्ध (Mercury): बुद्धि और व्यापार बुध संचार और तर्क का ग्रह है। दसवें भाव में बुध जातक को चतुर और हाजिरजवाब बनाता है। कार्यक्षेत्र: बैंकिंग, सीए (CA), मार्केटिंग, पत्रकारिता, लेखन, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग, और व्यापार। विशेषता: गणित और भाषा पर इनकी पकड़ मजबूत होती है। ALSO READ: मंगल का श्रवण नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, करियर और धन में उछाल 5. गुरु (Jupiter): ज्ञान और सलाह बृहस्पति विस्तार और नैतिकता का ग्रह है। यह दसवें भाव में हो तो व्यक्ति समाज में बहुत सम्मान पाता है। कार्यक्षेत्र: शिक्षण (Teaching), कानून (Judge/Lawyer), धर्मगुरु, वित्त सलाहकार (Financial Advisor), और उच्च पदस्थ अधिकारी। विशेषता: ये लोग हमेशा न्याय और नैतिकता के पथ पर चलते हैं। 6. शुक्र (Venus): कला और सौंदर्य शुक्र विलासिता और रचनात्मकता का ग्रह है। कार्यक्षेत्र: फैशन डिजाइनिंग, अभिनय, संगीत, इंटीरियर डेकोरेशन, फिल्म इंडस्ट्री, और लग्जरी प्रोडक्ट्स का व्यापार। विशेषता: इनके काम में ग्रेस और सुंदरता झलकती है। 7. शनि (Saturn): मेहनत और न्याय शनि कर्म फल दाता है। दसवें भाव का शनि व्यक्ति को बहुत परिश्रमी बनाता है, हालांकि सफलता थोड़ी देरी से मिल सकती है। कार्यक्षेत्र: न्यायपालिका, लोहा और तेल उद्योग, कृषि, श्रम कल्याण, और माइनिंग (Mining)। विशेषता: ये Slow and Steady wins the race के सिद्धांत पर चलते हैं। 8. राहु और केतु (Shadow Planets) राहु: राजनीति, विदेशी व्यापार, एविएशन, और आईटी (IT) सेक्टर में अचानक बड़ी सफलता दिलाता है। केतु: अध्यात्म, गुप्त विधाएं, अनुसंधान (Research) और कोडिंग में रुचि पैदा करता है। करियर चुनाव के लिए अन्य जरूरी बातें: केवल दसवें भाव का ग्रह ही नहीं, बल्कि इन दो बातों पर भी गौर करना चाहिए: दशमेश (10th Lord): दसवें भाव का स्वामी ग्रह किस राशि और भाव में बैठा है। अमात्यकारक: जैमिनी ज्योतिष के अनुसार कुंडली में दूसरा सबसे अधिक डिग्री वाला ग्रह भी करियर का संकेत देता है। दशमांश कुंडली: यदि आप करियर के मोड़ पर खड़े हैं, तो अपनी दशमांश कुंडली (D10 Chart) का विश्लेषण जरूर करवाएं। यह सूक्ष्म चार्ट करियर की सूक्ष्मताओं को स्पष्ट करता है।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 3:06 pm

वैनिटी वैन की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस: पूनम ढिल्लों की अनसुनी कहानी

बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री पूनम ढिल्लों 64 वर्ष की हो गई हैं। पूनम ढिल्लों का जन्म 18 अप्रैल 1962 को उत्तरप्रदेश के कानपुर में हुआ था। उनके पिता अमरीक सिंह भारतीय वायु सेना में विमान इंजीनियर थे। पूनम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ कार्मेल कान्वेंट हाई स्कूल से पूरी की। 1977 में पूनम ढिल्लो को अखिल भारतीय सौन्दर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिला, जिसमें वह पहले स्थान पर आईं। इस बीच पूनम की खूबसूरती से प्रभावित होकर निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा ने अपनी फिल्म त्रिशूल में उनसे काम करने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में कार्यरत उनके करीबी दोस्त गार्गी ने उन्हें समझाया कि फिल्मों में काम करना कोई बुरी बात नहीं है। पूनम ढिल्लो के परिजनों ने उन्हें इस शर्त पर फिल्मों में काम करने की इजाजत दी कि वह स्कूल की छुट्टियों के दौरान ही फिल्मों में एक्टिंग करेंगी। A post shared by PoonamDhillon (@poonam_dhillon_) फिल्म त्रिशूल में पूनम को संजीव कुमार, शशि कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे धुरंधर सितारों के साथ काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उन्होंने संजीव कुमार की बेटी की भूमिका निभाई, जो अभिनेता सचिन से प्रेम करती है। फिल्म में उन पर फिल्माया गया गाना गप्पूजी उन दिनों युवाओं के बीच क्रेज बन गया था। फिल्म त्रिशूल बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद कई फिल्मकारों ने पूनम ढिल्लों से अपनी फिल्म में काम करने की पेशकश की लेकिन उन्होंने उन सारे प्रस्तावों को ठुकरा दिया क्योंकि वह अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी। इस बीच उन्होंने मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहा लेकिन उनके बड़े भाई ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया। इसके बाद पूनम ढिल्लो की तमन्ना भारतीय विदेश सेवा में काम करने की हो गयी और वह परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। वर्ष 1979 में यश चोपड़ा के ही बैनर तले बनी फिल्म नूरी में पूनम को काम करने का अवसर मिला। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की कामयाबी ने न सिर्फ उन्हें बल्कि एक्टर फारूख शेख को भी स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म नूरी की सफलता के बाद पूनम ने यह निश्चय किया कि वह फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेस के रूप में ही अब अपनी पहचान बनाएंगी। पूनम ढिल्लों ने इसके बाद राजेश खन्ना के साथ 'रेड रोज', जितेन्द्र के साथ 'निशाना' और राज कपूर के बैनर तले बनी फिल्म बीबी और बीबी में काम किया लेकिन ये फिल्में असफल हो गईं। पूनम का करियर डूबने लगा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ फिल्म दर्द और कुमार गौरव के साथ फिल्म तेरी कसम में काम किया। इन फिल्मों की सफलता के बाद वह अभिनेत्री के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गईं। वर्ष 1988 में पूनम ने निर्माता अशोक ठकारिया के साथ शादी कर ली। शादी के बाद पूनम ने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। नौ साल की शादी के बाद पूनम ढिल्लों ने तलाक ले लिया। पूनम ढिल्लों ने बॉलीवुड में वैनिटी वैन का चलन शुरू किया। उन्होंने 1991 में 25 वैनिटी वैन भारत में लॉन्च की थीं। इससे पहले, अभिनेत्रियां अक्सर शूटिंग सेट पर झाड़ियों के पीछे कपड़े बदलती थीं. पूनम ढिल्लों ने एक कंपनी के साथ मिलकर इन वैनिटी वैन को लॉन्च किया, जो फिल्म उद्योग में एक नई अवधारणा थी। साल 1997 में रिलीज फिल्म जुदाई से उन्होंने अपने करियर की दूसरी पारी शुरू की। वर्ष 1995 में पूनम ढिल्लो ने दर्शको की पसंद को देखते हुए छोटे पर्दे का भी रूख किया और अंदाज और किटी पार्टी जैसे धारावाहिकों में काम करके दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन सबके साथ ही बिग बॉस के तीसरे सीजन में उन्होंने हिस्सा लिया जिसमें वह तीसरे स्थान पर चुनी गईं। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद पूनम सामाजिक कार्यो में दिलचस्पी लेने लगी। उन्होंने शराब विमुक्ति, एड्स और परिवार नियोजन जैसे कई सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 1:11 pm

40 डिग्री पार पहुंचा पारा, अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के केस, अस्‍पतालों में मरीजों की भीड़, विभाग ने जारी की गाइडलाइन

गर्मी में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इस गर्मी का असर आम लोगों की हेल्‍थ पर हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवा की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। अस्‍पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्‍या बढ़ गई है। जिला अस्‍पताल, एमवाय और प्राइवेट क्‍लिनिकों में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की है। लू का अलर्ट जारी : भीषण गर्मी का कहर जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 20 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और खानपान में सावधानी बरतने की विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव यानी लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है। हालांकि, मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार 19-20 अप्रैल को कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। गुरुवार को इंदौर में दिन का पारा 40.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक था। रात का पारा भी 21.7 पर चला गया जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ : लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। इंदौर के जिला अस्पताल, एमवाय अस्पताल और विभिन्न संजीवनी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अत्यधिक तपन के कारण लोग उल्टी-दस्त और लू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर : डॉ प्रवीण दानी ने बताया कि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, खिलाड़ियों और धूप में मजदूरी करने वाले लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठंडा पानी पीते रहे। दही छाछ और नारियल पानी बेहतर विकल्‍प हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन : इंदौर का दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि शाम का तापमान 21 डिग्री तक रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा सूखी व लाल पड़ जाती है। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं। क्‍या करें लक्षण दिखने पर : डॉक्‍टर प्रवीण दानी ने बताया कि ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत किसी छायादार स्थान पर ले जाएं और प्राथमिक उपचार के साथ नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और छाते या गमछे का प्रयोग करें। खानपान में बरतें सावधानी : गर्मी के इस मौसम में खानपान को लेकर भी डॉक्टरों ने सतर्क किया है। लोगों को ज्यादा तेल-मसाले वाले और काफी देर पहले बने हुए भोजन से परहेज करने को कहा गया है। खाली पेट घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए दिनभर पर्याप्त जल सेवा करें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में काफी मददगार साबित होते हैं। कैसे बचें लू के कहर से : डॉक्टरों ने बताया कि नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। दोपहर के समय अनावश्यक भ्रमण से बचें और घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े ही पहनें। छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और उन्हें बंद गाड़ियों में न छोड़ें। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 18 Apr 2026 12:56 pm

23 साल उम्र में नौकरी कर रहे अक्षय कुमार के बेटे आरव, सैलरी सुन चौंक जाएंगे

बॉलीवुड में जहां एक ओर 'नेपोटिज्म' और स्टार किड्स के डेब्यू को लेकर बहस छिड़ी रहती है, वहीं अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया ने एक बिल्कुल अलग और सादगी भरा रास्ता चुनकर सबको हैरान कर दिया है। जहां फैंस आरव को बड़े पर्दे पर देखने का इंतज़ार कर रहे थे, वहीं अक्षय ने साफ कर दिया है कि उनके बेटे का फिल्मों में आने का कोई इरादा नहीं है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अक्षय कुमार ने अपने बेटे के भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। अक्षय ने बताया कि आरव स्वभाव में बिल्कुल उनके जैसा है—अनुशासित और अपनी सेहत के प्रति जागरूक। लेकिन करियर के मामले में आरव ने अपने पिता से अलग राह चुनी है। अक्षय ने कहा, आरव को फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह फैशन की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहता है। ताज्जुब की बात यह है कि वह आज भी 4500 रुपए की नौकरी कर रहा है और जमीन से जुड़कर काम सीख रहा है। अक्षय ने आगे बताया कि आरव फैशन को किताबी तरीके से नहीं, बल्कि व्यावहारिक तरीके से सीखने के लिए भारत के अलग-अलग गांवों का दौरा कर रहा है। वह वहां के स्थानीय प्रिंट्स, बुनाई और पारंपरिक कला को करीब से समझ रहा है। 15 साल की उम्र में छोड़ा घर आरव भाटिया अक्षय और ट्विंकल खन्ना के बड़े बेटे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद महज 15 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए लंदन का रुख किया था। अक्षय बताते हैं कि उन्होंने आरव को कभी किसी चीज के लिए मजबूर नहीं किया, बस उन्हें एक ही सलाह दी है कि 'कभी किसी का दिल मत दुखाना।' जहां उनकी छोटी बहन नितारा अक्सर सोशल मीडिया पर नजर आती हैं, वहीं आरव कैमरे और लाइमलाइट से दूर रहना ही पसंद करते हैं।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 12:40 pm

'मायसा' में दिखेगा रश्मिका मंदाना का असली एक्शन अवतार, बैंकॉक में ली मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग

'नेशनल क्रश' रश्मिका मंदाना अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में कदम रख रही हैं, और इसकी वजह है उनकी आने वाली पैन-इंडिया एक्शन ड्रामा फिल्म 'मायसा'। फिल्म की इंटेंस झलक ने पहले ही काफी चर्चा बटोर ली थी, लेकिन अब रश्मिका की ऑफ-स्क्रीन मेहनत उम्मीदों को और भी ज्यादा बढ़ा रही है। डेब्यू डायरेक्टर रविंद्र पुल्ले के निर्देशन और अनफॉर्मुला फिल्म्स के प्रोडक्शन में बन रही 'मायसा' में रश्मिका एक आदिवासी गोंड लड़की के रोल में हैं, एक ऐसा किरदार जिसमें इमोशनल गहराई के साथ-साथ जबरदस्त शारीरिक ताकत की भी जरूरत है। इंटरनेशनल एक्शन डायरेक्टर एंडी लॉन्ग की देखरेख में इसके स्टंट्स तैयार किए जा रहे हैं, जिससे यह फिल्म भारतीय सिनेमा में फीमेल-लेड एक्शन के लिए एक नया पैमाना सेट करने की तैयारी में है। फिल्म की स्क्रिप्ट सुनने के बाद रश्मिका ने एक बड़ा फैसला लिया और वह है खुद को इस रोल के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार करने का। एक्शन को एकदम असली और दमदार दिखाने के लिए रश्मिका बैंकॉक गई हैं, जहाँ वो एक इंटेंस स्टंट और कॉम्बैट बूटकैंप में हिस्सा ले रही हैं। वहां रश्मिका का डेली रूटीन काफी मुश्किल भरा है। वो हर दिन लगभग आठ घंटे ट्रेनिंग कर रही हैं, जिसमें वो दुनिया भर के एक्सपर्ट्स से एडवांस स्टंट तकनीक, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और हाई-स्पीड एक्शन कोऑर्डिनेशन सीख रही हैं। उनकी ट्रेनिंग की तस्वीरों में रश्मिका का एक अलग ही रूप दिख रहा है, बेहद फोकस्ड और निडर, जो उनके अब तक के सॉफ्ट किरदारों से बिल्कुल अलग है। टीम जल्द ही केरल में फिल्म का एक अहम 16 दिनों का एक्शन शेड्यूल शुरू करेगी, और रश्मिका की मौजूदा ट्रेनिंग खास तौर पर इसी मुश्किल हिस्से के लिए तैयार की गई है। रश्मिका की इस कड़ी मेहनत को देखकर साफ है कि 'मायसा' उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक बड़ा बदलाव और मील का पत्थर है जिसे वो हर हाल में हासिल करना चाहती हैं। जैसे-जैसे शूटिंग और तैयारी जोर-शोर से आगे बढ़ रही है, उनके इस अनोखे अवतार को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट भी बढ़ती जा रही है। फिल्म में ईश्वरी राव, गुरु सोमसुंदरम और राव रमेश जैसे बेहतरीन कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। श्रेयस पी कृष्णा सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, जबकि जेक्स बिजॉय ने संगीत दिया है। इंटरनेशनल स्टंट कोरियोग्राफर एंडी लॉन्ग इस बड़े प्रोजेक्ट के एक्शन सीन्स की देखरेख कर रहे हैं।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 11:21 am

अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' ने पहले ही दिन मचाया धमाल, बॉक्स ऑफिस पर किया इतना कलेक्शन

अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' अपनी घोषणा के वक्त से ही सुर्खियों में थी, और इसके ट्रेलर ने इसकी बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी दुनिया की झलक दिखाई थी। हंसी और डर का बेहतरीन मिश्रण पेश करने वाली यह फिल्म एक शानदार फैमिली एंटरटेनर साबित होने का वादा करती है। अब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। पहले ही दिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दबदबा बनाते हुए दुनिया भर में 21.60 करोड़ रुपए की कमाई की। भूत बंगला ने अपनी जोरदार कमाई के साथ उम्मीदों को पार कर लिया है। मजबूत चर्चा और दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के चलते फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 21.60 करोड़ का कलेक्शन किया है। 'भूत बंगला' ने पहले ही दिन के शानदार प्रदर्शन के साथ इसने सच में कमाल कर दिया है। खास बात यह है कि इस शानदार कलेक्शन के साथ इसने अक्षय कुमार की पिछली फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह साफ दिखाता है कि फिल्म ने दर्शकों का दिल जीतना शुरू कर दिया है और शानदार ओपनिंग दर्ज की है। यह तो बस शुरुआत है, और आने वाले दिनों में भी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर इसी तरह का दबदबा देखने लायक होगा। बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो कि बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का एक हिस्सा है, केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर भूत बंगला प्रस्तुत करता है। फिल्म में अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है और निर्माण अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने किया है।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 11:05 am

क्यों हुई थी गुलशन कुमार की हत्या? राम गोपाल वर्मा ने खोला 90s बॉलीवुड का काला सच

90 के दशक का बॉलीवुड आज की तरह चमक-धमक वाला नहीं, बल्कि अंडरवर्ल्ड के काले साये में लिपटा हुआ था। हाल ही में फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने क्राइम राइटर एस. हुसैन जैदी के साथ बातचीत में उस दौर की कड़वी सच्चाइयों को फिर से कुरेदा है। राम गोपाल वर्मा के अनुसार, उस समय अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि बॉलीवुड पर अपना पूर्ण नियंत्रण और वर्चस्व स्थापित करना था। आरजीवी ने बताया कि अंडरवर्ल्ड की कार्यशैली काफी सोची-समझी होती थी। वे किसी छोटे कलाकार को नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली लोगों को अपना निशाना बनाते थे। राम गोपाल वर्मा ने कहा, जब अंडरवर्ल्ड को अपनी ताकत दिखानी होती है, तो वे राकेश रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े नामों को चुनते हैं। अंडरवर्ल्ड का एक सीधा मंत्र था: एक को मारो, दस से उगाही करो। खौफ पैदा करने के लिए ये गैंगस्टर्स किसी भी हद तक जा सकते थे, ताकि बाकी लोग बिना सवाल किए उनकी बात मान लें। राकेश रोशन पर हमला साल 2000 में फिल्म 'कहो ना... प्यार है' की ब्लॉकबस्टर सफलता ने रितिक रोशन को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। आरजीवी के अनुसार, इसी सफलता ने उनके पिता राकेश रोशन को मुसीबत में डाल दिया। गैंगस्टर्स एक फिल्म प्रोजेक्ट केलिए रितिक रोशन की डेट्स पर अपना नियंत्रण चाहते थे, जिसे कथित तौर पर छोटा शकील का सपोर्ट हासिल थश। आरजीवी ने दावा किया, जब राकेश रोशन ने इन मांगों के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो 21 जनवरी 2000 को उनके ऑफिस के बाहर उन पर जानलेवा हमला हुआ। वे इस हमले में बाल-बाल बचे, लेकिन इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री की रीढ़ हिला दी थी। गुलशन कुमार की हत्या संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह गुलशन कुमार की 1997 में हुई हत्या बॉलीवुड के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। आरजीवी ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि गुलशन कुमार की बढ़ती सफलता और अंडरवर्ल्ड के आगे न झुकने की उनकी जिद ही उनकी मौत का कारण बनी। राम गोपाल वर्मा ने कहा, अबू सालेम जैसे गैंगस्टर्स अपनी साख बनाने की होड़ में थे। गुलशन कुमार ने जबरन वसूली की मांगों को ठुकरा दिया था, जिसे गैंगस्टर्स ने अपनी बेइज्जती समझा। आरजीवी ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें यह खबर मिली, तो पूरी इंडस्ट्री सुन्न हो गई थी। राम गोपाल वर्मा, जिन्होंने 'सत्या', 'कंपनी' और 'डी' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में बनाई हैं, स्वीकार करते हैं कि उनकी फिल्मों की कई कहानियां और किरदार इन्हीं वास्तविक अनुभवों और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों से प्रेरित थे।

वेब दुनिया 18 Apr 2026 10:49 am

Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि

इस बार अक्षय तृतीया 2 दिन मनाई जा रही है। 19 अप्रैल और 20 अप्रैल को। दोनों ही दिन शुभ हैं। 20 अप्रैल को उदयातिथि से अक्षय तृतीया रहेगी। इस दिन 'अबूझ मुहूर्त' होता है, लेकिन लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष मुहूर्त का पालन करना श्रेष्ठ रहता है। इसी के साथ यह देखना भी जरूरी है कि राहु काल कब है। राहु काल में किसी भी तरह की पूजा और खरीदी नहीं होती है। तृतीया तिथि प्रारम्भ- 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से। तृतीया तिथि समाप्त- 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:27 बजे तक। नोट: मराठी और गुजराती काल निर्णय कैलेंडर में और ऑनलाइन द्रिक पंचांग एवं एस्ट्रोसेज पंचांग के अनुसार19 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहेगी जबकि लाला रामस्वरूप और लाला रामनारायण पंचांग में उदयातिथि के अनुसार 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहेगी। ALSO READ: Akshaya Tritiya गोल्ड रेट अलर्ट: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, क्या इस अक्षय तृतीया गोल्ड खरीदना है फायदे का सौदा? 1. अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त: 19 अप्रैल पूजा और खरीददी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। त्रिपुष्कर योग: सुबह 07:10 से 10:49 तक रहेगा। राहुकाल: शाम 05:12 से शाम 06:49 के बीच रहेगा। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। ALSO READ: Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र 2. अक्षय तृतीया पूजन विधि अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा का विधान है: संकल्प: सुबह जल्दी स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें और व्रत या दान का संकल्प लें। स्थापना: एक चौकी पर गंगाजल छिड़क कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। अभिषेक: यदि संभव हो, तो दक्षिणावर्ती शंख से भगवान का अभिषेक करें। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल (केवल विष्णु जी को) और अक्षत अर्पित करें। विशेष भोग: इस दिन भगवान को सत्तू, ककड़ी, भीगी हुई चने की दाल और मिश्री का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह ग्रीष्म ऋतु के आगमन का प्रतीक है। आरती: अंत में ॐ जय जगदीश हरे या लक्ष्मी जी की आरती करें। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: बस ये 15 दान बदल देंगे आपकी किस्मत, बरकत के लिए घर लाएं ये 12 चीजें 3. इस दिन क्या करना सबसे 'शुभ' है? चूंकि अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो, इसलिए आज के दिन ये 3 काम जरूर करने चाहिए: कलश दान: पानी से भरा मिट्टी का घड़ा (कलश) किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। सोना या चांदी: धातु खरीदना समृद्धि का प्रतीक है। यदि बजट कम है, तो आप चांदी का एक छोटा सिक्का या केवल जौ (Barley) भी खरीद सकते हैं। जौ को 'कनक' (सोने) के समान माना गया है। परशुराम जयंती पूजन: चूंकि आज ही परशुराम जी का जन्म हुआ था, इसलिए शस्त्रों या औजारों की सफाई और पूजा करना भी फलदायी होता है। 4. अक्षय तृतीया पर विशेष मंत्र पूजा के समय इस मंत्र का जाप करने से घर में बरकत बनी रहती है: ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय क्या रहेगा?

वेब दुनिया 18 Apr 2026 9:03 am

क्या कागजों तक सीमित है 'पॉश' कानून? टीसीएस नासिक मामले और बढ़ती शिकायतों ने खोली कंपनियों की पोल

भारत में पॉश कानून के तहत हर कंपनी में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए एक समिति बनाना जरुरी है। इसका काम निष्पक्ष और समय रहते जांच करना है। नासिक में टीसीएस के ऑफिस में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। आरोप है कि टीसीएस ने पॉश (प्रिवेंशन ऑफ ...

वेब दुनिया 18 Apr 2026 8:32 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (18 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 18 April 2026: करियर: कारोबार में नई परियोजना शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। लव: प्रेमी साथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। धन: लेन-देन संबंधी कागजात ध्यान से पढ़ें। स्वास्थ्य: व्यायाम पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें। ALSO READ: महाविनाश का संकेत! भविष्य मालिका और कालज्ञानम की समान 6 भविष्यवाणियां, जो अब हो रही हैं सच 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में वरिष्ठों से बहस करने से बचें। लव: पार्टनर संग रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। उपाय: आज सफ़ेद वस्त्र पहनें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: व्यापार में नई साझेदारी लाभप्रद रहेगी। लव: प्रेमीसंग पुरानी बातों को लेकर अनबन हो सकती है। धन: शेयर बाजार से लाभ संभव है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए योग का सहारा लें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: शिक्षा जे जुड़ें छात्रों को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी। धन: आज उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: शिवलिंग पर जल का अभिषेक करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली से लोग प्रभावित होंगे। लव: जीवनसाथी के साथ रोमांस बना रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज पेट खराब हो सकता है। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नई नौकरी के अधूरे काम पूरे होंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: कर्ज से मुक्ति मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। ALSO READ: जैन धर्म में अक्षय तृतीया मनाने के 10 कारण जानें 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में टीम वर्क पर ध्यान दें। लव: लव लाइफ में बोलचाल संभव है। धन: आज कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: जरूरतमंदों को चावल का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कलीग्स के साथ मिलकर काम पर फोकस करें। लव: प्रेमी पर विश्वास ही रिश्ते की नींव है। धन: धन निवेश करने से पहले किसी से सलाह लें। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। उपाय: प्रतिदिन 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर तथा व्यापार से खुशखबरी मिल सकती है। लव: घर में मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। धन: संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। स्वास्थ्य: सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: विदेश में व्यापार या नौकरी की इच्छा रखने वाले आलस्य का त्याग करें। लव: पार्टनर के साथ आउटिंग पर जा सकते हैं। धन: घर-बाहर के फालतू खर्चों पर लगाम लगाएं। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलेगी। उपाय: पीपल के वृक्ष के पास दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यक्षेत्र में बाहरी क्षेत्र में नए संपर्क बनेंगे। लव: अविवाहितों के लिए शादी की बात चल सकती है। धन: भविष्य के लिए धन संचय होगा। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें, संगीत सुनें। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 12. मीन (Pisces) करियर: ऑफिस के काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। लव: लव पार्टनर के साथ बातचीत में शांति से काम लें। धन: किसी को दिया हुआ ऋण वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: संभलकर चलें, चोट लगने की संभावना है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। ALSO READ: कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम

वेब दुनिया 18 Apr 2026 7:02 am

जीतने पर हर दुल्हन को 8 ग्राम सोना देंगे विजय:तमिलनाडु के घरों में अमेरिकी खजाने जितना सोना, आखिर इस दीवानगी की वजह क्या है

चेन्नई की मिंट रोड पर छोटा-सा बिजनेस करने वाली सेल्वी की बेटी की शादी तय हुई, तो घर में एक अजीब किस्म की उठापटक शुरू हो गई। पैसे कम थे, लेकिन गोल्ड ज्वेलरी खरीदनी जरूरी थी। आखिर सेल्वी ने रास्ता निकाला। घर में रखी पुरानी ज्वेलरी में थोड़ा नया सोना मिलाया और बेटी के लिए नए गहने तैयार कराए। सेल्वी कहती हैं, ‘अगर हम ऐसा नहीं करते तो सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होती है। कोई लोअर मिडिल क्लास या गरीब भी हो तो कम से कम 10-20 तोला सोना शादी में चढ़ाना ही होता है।’ सेल्वी की कहानी कोई अपवाद नहीं, यह तामिलनाडु का स्वभाव है। भारत का सबसे ज्यादा करीब 28% घरेलू सोना अकेले तमिलनाडु के लोगों की तिजोरियों और अलमारियों में रखा है। वजन में करीब 6,720 टन। ये अमेरिका के कुल सरकारी गोल्ड भंडार (8000 टन) के आस-पास है। जर्मनी, इटली और रूस जैसे देशों में राष्ट्रीय भंडार से कहीं ज्यादा। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की वोटिंग है। जहां अन्य राज्यों के चुनाव में कैश और शराब की छापेमारी का चलन है, तामिलनाडु में सोने की छापेमारी की जाती है। थलापति विजय जैसे नेता जीतने पर दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का वादा कर रहे हैं। AIADMK भी थलिक्कू थनगम यानी शादी के लिए सोना जैसी स्कीम ला चुकी है। इस स्टोरी में जानेंगे तमिलनाडु के लोगों में सोने की दीवानगी के पीछे की पूरी कहानी… प्राचीन तमिल साहित्य में संपन्नता पर असाधारण जोर मिलता है। तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल की एक पंक्ति कहती है- गरीबी पर पूरी दुनिया मजाक उड़ाती है। इस समाज में संपन्नता का पैमाना था- सोना। यहां की एक प्रसिद्ध कहानी का नाम ही शीलप्पद्दीगारम यानी ‘सोने की पायल’ है। यह कहानी कन्नगी नाम की स्त्री के सोने की पायल पर आधारित है। बुरे वक्त में पति की मदद के लिए वह अपना सोना आगे कर देती है। कहानी का सार एक पंक्ति में था- बुरे समय में सोना ही काम आता है। इसी से निकली स्त्री-धन की परंपरा। वह सोना जो विवाह के समय स्त्री को मिलता था और जो सिर्फ उसका था। कोई बैंक उसे नहीं छीन सकता था, कोई कानून उस पर दावा नहीं कर सकता था। मुसीबत में यही सोना परिवार की ढाल बनता था। जब तमिलनाडु में जमा होने लगा पूरी दुनिया का सोना करीब 2,000 साल पहले। रोमन साम्राज्य के सम्राट कैलिगुला अपनी तीसरी शादी की पार्टी दे रहे थे। शाम ढल चुकी थी और महल मशालों की रोशनी में आलोकित था। तभी सभी मेहमानों की नजरें एक गलियारे की तरफ मुड़ गईं, जहां से नई रानी लोलिया पॉलिना आ रही थीं। उनके कान, नाक, गले, उंगलियों, जूतों के साथ-साथ बालों में भी सैकड़ों पन्ने और मोती जड़े हुए थे। उस पार्टी में ‘प्लिनी द एल्डर’ नाम के एक इतिहासकार मौजूद थे। वो अपनी किताब नेचुरालिस हिस्टोरिया में लिखते हैं कि रोम हर साल भारत से आने वाले मोतियों, मसालों और कपड़ों के बदले भारी मात्रा में सोना लुटा रहा था। उनकी शिकायत थी- ‘हम भारत के मोतियों के बदले हर साल 5.5 करोड़ सेस्टर्टियस गंवा रहे हैं।’ यह सोना आता था तीन बंदरगाहों पर- चोल साम्राज्य का मायलापुर (जहां से कपड़े जाते थे), पांड्य वंश का अरिकामेडू (मोतियों का केंद्र) और चेर वंश का मुजिरिस (काली मिर्च का बड़ा बाजार)। इन तीनों बंदरगाहों पर हर साल 120 जहाज सोना लेकर आते थे। विलियम डार्लिंपल अपनी किताब द गोल्डन रोड में लिखते हैं कि चेर और पांड्य वंश ने रोम में अपने राजदूत तक तैनात कर दिए थे, ताकि रोम के व्यापार-घाटे की समस्या सुलझाई जा सके। हालत यह हो गई कि 70 ईस्वी में रोमन सम्राट वेस्पासियन को तमिल आयात के बदले सोना देने पर रोक लगानी पड़ी। तामिलनाडु के व्यापारियों ने दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य को आर्थिक रूप से झुकने पर मजबूर किया था। जब पश्चिमी रोमन साम्राज्य टूट गया और 640 ईस्वी में अरबों ने मिस्र पर कब्जा कर रोम की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए, तो तमिल व्यापारियों ने अपना रुख पूरब की ओर मोड़ लिया। पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम के शासनकाल में मामल्लापुरम बंदरगाह सुवर्णभूमि, यानी आज के म्यांमार, सुमात्रा, इंडोनेशिया और मलेशिया की ओर जाने वाले जहाजों का सबसे बड़ा अड्डा बन गया। 11वीं सदी में चोल वंश के राजा राजेंद्र चोल प्रथम ने 1025 AD में श्रीविजय साम्राज्य पर विशाल नौसैनिक हमला किया। सिर्फ युद्ध के लिए नहीं, बल्कि चीन तक जाने वाले व्यापारिक मार्गों पर एकाधिकार के लिए। सुमात्रा और मलेशिया के शासकों को हराकर वहां का खजाना तामिलनाडु के मंदिरों में भर दिया गया। यहीं से शुरू हुई एक ऐसी व्यवस्था, जो आधुनिक बैंकिंग की पूर्वज थी। गोल्ड बैंक की तरह काम करते थे तमिलनाडु के मंदिर पल्लव और चोल राजाओं ने समझ लिया था कि सोने को सबसे सुरक्षित रखना है तो मंदिर से बेहतर कोई जगह नहीं। मंदिर इतनी पवित्र संस्था था कि वहां से सोना चुराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सकता था। पांड्य राजाओं ने कोरकई जैसे बंदरगाहों से मिलने वाले रोमन सोने को मदुरई के मंदिरों में जमा किया। राजराजा चोल प्रथम ने तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर को सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे राज्य की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया। मंदिर की दीवारों पर दर्ज है कि राजा ने युद्ध में लूटा हुआ लगभग 230 किलो सोना और 125 किलो कीमती रत्न मंदिर के खजाने में जमा किए थे। यह सोना वहां बस पड़ा नहीं रहता था। मंदिर एक बैंक की तरह काम करते थे। जहां सोना जमा भी होता था और लोगों को व्यापार के लिए ब्याज पर कर्ज भी दिया जाता था। 19वीं और 20वीं सदी में इस मंदिर-बैंकिंग की विरासत को एक नया रूप दिया चेट्टिनाड के नट्टुकोट्टई चेट्टियार समुदाय ने। ये लोग म्यांमार, सिंगापुर और मलेशिया में जब व्यापार फैलाने लगे, तो उन्होंने एक क्रांतिकारी मॉडल विकसित किया। सोने के गहनों को गिरवी रखकर कर्ज देना। सोने की शुद्धता परखना और उसके आधार पर फैसले करना। मंदिरों को ही वह जगह बनाना जहां ब्याज दरें तय होती थीं और व्यापारिक झगड़े सुलझाए जाते थे। लोग इन चेट्टियारों पर सरकारी बैंकों से ज्यादा भरोसा करते थे। इसीलिए जब आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था का ढांचा बदला, तो इसी परंपरा पर मुथूट और मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियां खड़ी हुईं। गरीब परिवार भी शादियों में 20-25 लाख का सोना खरीदते हैं चेन्नई में तीन पीढ़ियों से ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले विकास मेहता कहते हैं कि तामिलनाडु में गोल्ड की डिमांड पूरे साल रहती है। साउथ इंडिया की किसी भी शादी में लोग कम से कम 3-4 हेवी गोल्ड ज्वेलरी पहनते ही हैं। अपर मिडिल क्लास एक शादी के लिए कम से कम 1 करोड़ तक का गोल्ड खरीदते हैं। लोअर मिडिल क्लास भी 20-25 लाख का गोल्ड तो खरीदते ही हैं। यहां शादी में दहेज का सोना सिर्फ दिया नहीं जाता। वह खुले तौर पर सबके सामने रखा जाता है। जो मेहमान आते हैं, वे सोना देखकर ही परिवार की हैसियत और समाज में रुतबा तय करते हैं। सोने की खरीदारी सिर्फ शादी तक सीमित नहीं है। विकास मेहता बताते हैं कि जन्म, एंगेजमेंट, गोदभराई, पोंगल, अक्षय तृतीया, नवरात्र, दिवाली- हर मौके पर सोना खरीदने का चलन है। यहां तक कि लड़की के जब पहली बार पीरियड्स शुरू होते हैं, उस मौके पर भी एक बड़ा आयोजन होता है और उसमें भी सोना चढ़ाने का रिवाज है। तमिल परिवारों में गोल्ड खरीदना एक निवेश जैसा है 20 साल से चेन्नई में ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले रोशन कहते हैं कि तमिल परिवारों में बचपन से ही गोल्ड खरीदने को एक शौक के तौर पर नहीं, बल्कि एक जरूरत के तौर पर देखा जाता है। ‘लोग गोल्ड को अपने इन्वेस्टमेंट और सेविंग के नजरिए से देखते हैं, ताकि क्राइसिस में उसे बेचकर कैश ले सकें।’ यह बात आंकड़ों में भी दिखती है। तामिलनाडु के परिवारों के कुल कर्ज का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ गोल्ड लोन का होता है। जहां सरकारी बैंक तमाम तरह के डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं, वहीं मुथूट और मणप्पुरम जैसी कंपनियां 10-15 मिनट में सोने के बदले नकद दे देती हैं। दिसंबर 2024 तक, बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास गोल्ड लोन का कुल बकाया 1,72,000 करोड़ रुपये को पार कर चुका था। पिछले साल की तुलना में 71% की वृद्धि। 2020 में जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को रोक दिया, तब भी यही सोना मध्यम वर्ग की ढाल बना। RBI ने गोल्ड लोन का LTV (लोन टू वैल्यू) रेश्यो 75 से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। लाखों परिवारों ने अपना सोना गिरवी रखकर उस मुश्किल दौर को पार किया। सोने की इसी दीवानगी को भुनाना चाहते हैं नेता तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सोने से जुड़ा सबसे प्रमुख वादा TVK के प्रमुख अभिनेता-राजनेता विजय ने किया है। उन्होंने सोने से जुड़े 2 प्रमुख वादे किए- अन्नन सीर थिट्टम: शादी करने वाली युवतियों खासकर गरीब परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का वादा। इसे ‘भाई का उपहार’ के रूप में पेश किया गया है। थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम: तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को सरकारी आशीर्वाद के रूप में एक सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट देने का वादा। ये वादे TVK के चुनावी घोषणा-पत्र में भी शामिल हैं। AIADMK ने भी पहले की ‘तालीक्कु थंगम’ योजना को जारी रखने और शादी में सोना देने का जिक्र किया है। चेन्नई की सेल्वी एक लाइन में बताती हैं- ‘मुसीबत में सोना बेचकर पैसा मिल जाता है।’ यही वह विश्वास है जो दो हजार साल से इस मिट्टी में गहरा धंसा है और चुनावी वादों में भी जाहिर हो रहा है। ------------- तमिलनाडु चुनाव से जुड़ी खबर भी पढ़िए… ‘हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां’: स्टेशन के नाम पर काली स्याही, तमिल बोले- जो हिंदी थोपेगा, तमिलनाडु उसे रिजेक्ट करेगा 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। प्रचार के बीच एक रिपोर्टर ने CM स्टालिन से पूछा- केंद्र सरकार CBSE स्कूलों में 3 लैंग्वेज पॉलिसी लागू करेगी, हिंदी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य होगा… स्टालिन ने फौरन जवाब दिया- ‘जब तक DMK है, तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने देंगे।’ पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 18 Apr 2026 5:07 am

₹1500 बांट रहीं ममता, 3.15 करोड़ आधी आबादी टारगेट:लड़कियों को पैसे नहीं, नौकरी चाहिए, महिलाएं बोलीं- नमक का फर्ज अदा करेंगे

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 7 मार्च से 'बांग्लार युवा साथी योजना' लागू की। 1500 रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी। दुर्गापुर की रहने वाली मोमिता ने फॉर्म भरा था, लेकिन खाते में पैसे नहीं आए। गुस्से से भरी मोमिता कहती हैं, ‘पैसों से ज्यादा हमें नौकरी की जरूरत है।‘ 21 साल की मोमिता के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है, इसीलिए ग्रेजुएशन पूरा किए बिना पढ़ाई छोड़ दी और छोटा-मोटा काम करने लगीं। वे बहन के साथ काम से लौट रही थीं, तभी मुलाकात हुई। पढ़ाई दोबारा शुरू करने सवाल पर कहती हैं- ‘इतने कम पैसों में पढ़ाई कैसे कर पाएंगे।’ युवा साथी योजना चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई है। चुनावी साल में ममता सरकार ने पंडितों और मौलवियों के भत्ते भी बढ़ाए हैं। लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को मिलने वाली रकम 500 रुपए बढ़ाई गई है। BJP ने भी कई वादे किए हैं। इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर है, इस रिपोर्ट में पढ़िए… योजनाओं से दिक्कत नहीं, नौकरियां भी होंममता बनर्जी ने इस साल बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया था। पहली किस्त चुनाव से ठीक पहले आई। इसे लेकर दुर्गापुर की 20 साल की मोह कहती हैं, ‘सरकारी योजनाएं हमारी सुविधा के लिए हैं, फिर फायदा लेने में क्या हर्ज। सरकार कुछ भी अपने घर से नहीं देती है। ये जरूरतमंदों के लिए जनता का ही पैसा है।‘ ‘हमें ऐसी योजनाओं से दिक्कत नहीं, लेकिन नौकरियां भी हों।‘ वहीं, BJP के तीन हजार रुपए देने वादे पर उनकी बहन मोमिता कहती हैं, ‘अगर इसका फायदा मिला, तो हम बहनों की पढ़ाई फिर शुरू हो सकती है।‘ पैसे सिर्फ 5 साल मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगीआसनसोल की रहने वाली संध्या की राय इससे अलग है। 12वीं पास करने के बाद ही संध्या की शादी कर दी गई इसलिए पढ़ नहीं पाईं। कंप्यूटर का बेसिक कोर्स करने के बाद बेकिंग का काम सीखा है। लक्ष्मी भंडार का फायदा लेने के लिए उनकी उम्र नहीं, इसलिए युवा साथी का फॉर्म भरा। खाते में पहली किस्त के 1500 रुपए भी आ गए हैं। संध्या कहती हैं, रोजगार की जरूरत ज्यादा है। ये पैसे सिर्फ पांच साल ही मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगी। हमने पूछा इससे केक बेकिंग का काम भी तो शुरू कर सकती हैं? जवाब मिला, ‘इतने कम पैसों में कैसे होगा। साल भर पैसे जमा करने पड़ेंगे, तभी इस लायक पूंजी होगी।’ ट्यूशन फीस और कॉलेज आने-जाने का खर्च निकलेगा योजनाओं को लेकर पेरेंट्स की राय अलग है। आसनसोल के रहने वाले गौतम बाध्यकर का कहना है कि ऐसी स्कीम्स ने कई पेरेंट्स की परेशानियां कम कर दी हैं। ये बच्चों की पढ़ाई के काम आएंगी। वे कहते हैं, ‘बच्चे इससे कॉम्पिटीशन के फॉर्म भर सकेंगे। नौकरी का इंटरव्यू देने जाने के लिए घरवालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। माता-पिता का बोझ कम होगा।‘ आसनसोल में राशन दुकान चलाने वाले रवींद्र प्रसाद का भी यही मानना है। वे कहते हैं, ‘महंगाई में पेरेंट्स को थोड़ी राहत मिली है। बच्चों की ट्यूशन फीस आराम से निकल रही है। उनके मोबाइल रिचार्ज जैसे छोटे-मोटे काम हो जा रहे हैं।‘ विधवा पेंशन से घर चल रहा, नमक का फर्ज अदा करेंगेआसनसोल में हम 65 साल की कल्याणी देवी सिंह से मिले। योजनाओं का पूछते ही वे कहती हैं, ‘सिर्फ विधवा पेंशन मिलती है, बाकी का पता नहीं।‘ स्वास्थ्य साथी कार्ड के बारे में वे नहीं जानतीं। हां, राशन कार्ड के लिए फॉर्म भरा है, लेकिन नहीं बना।‘ वोट किसे देंगी, पूछने पर कल्याणी कहती हैं, ‘हमारी एक ही पसंद है, जिसका नमक खाया है। उसे अदा करना है।‘ इसके बाद हम कुल्टी विधानसभा में प्रतिमा केवड़ा से मिले। पति गुजर गए इसलिए घरों में काम करके परिवार चला रही हैं। सरकारी योजनाओं का नाम पर सिर्फ लक्ष्मी भंडार का फायदा मिलता है। जॉब कार्ड है, लेकिन कभी उस पर काम नहीं मिला। स्वास्थ्य साथी कार्ड की कभी जरूरत नहीं पड़ी। प्रतिमा को सबसे ज्यादा जरूरत राशन की है। राशन कार्ड है, लेकिन राशन नहीं मिल रहा। सब दीदी ने दिया, जो हमारे साथ-हम उसके साथइसके बाद हम मुर्शिदाबाद पहुंचे। यहां हमें ईरानी मूल की भारतीय रुखसार खातून से मिलीं। उनके परिवार के कई लोगों के नाम SIR में कट गए, इसलिए गुस्से में हैं। सरकारी योजनाओं के बारे में पूछने पर कहती हैं, ‘मुझे और बेटी को लक्ष्मी भंडार का पैसा मिलता है। छोटी बेटी को स्कूल से कन्या श्री की राशि मिली है। सरकारी घर भी है।‘ BJP के 3 हजार और कांग्रेस के 2 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘ये सब राजनीति है। इन पर भरोसा नहीं है, जिन्होंने हमारा साथ दिया, हम उनके साथ हैं।‘ क्या सरकारी मकान पीएम आवास योजना के तहत मिला? इस पर कहती हैं, ‘BJP, बिहार वालों को दे रही है, यहां तो सब दीदी ने दिया है।‘ 1500 या 3 हजार में क्या होगा, काम करके ही घर चलेगा इसके बाद हम शमशेरगंज विधानसभा गए। यहां तकरीबन हर घर में बीड़ी बनाने का काम होता है। यहां मिलीं सुमित्रा दास भी बीड़ी बांधती हैं। 100 बीड़ी बंधाने पर 100 रुपए मिलते हैं। उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा मिल रहा है, लेकिन वे इससे खुश नहीं हैं। BJP के 3 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘इतने पैसों से कुछ नहीं होता। पांच साल से लक्ष्मी भंडार के पैसे मिल रहे हैं, लेकिन पहले भी काम करके घर चल रहा था और अब भी। कोई 1500 दे या 3 हजार इससे फर्क नहीं पड़ने वाला है।‘ पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के दलित गांव में रहने वाली झरना बाउरी का घर विधवा पेंशन और लक्ष्मी भंडार से चल रहा है। हालांकि वे भी सरकार से खफा हैं क्योंकि स्वास्थ्य साथी कार्ड का फायदा नहीं मिल सका। एक्सपर्ट: महिला-युवा वोटर साध ममता एंटी इनकम्बेंसी मैनेज कर रहीं ममता की योजनाओं का असर समझने के लिए हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर मैदुल इस्लाम से बात की। उनका कहना है, ‘ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल में इंसान के पैदा होने से लेकर मरने तक कई स्कीमें शुरू कीं, जिनका उन्हेंं फायदा भी मिला। 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना की घोषणा हुई। तब महिला वोटर्स TMC के साथ गईं और सीटें भी बढ़ीं।‘ ‘यही 2024 के लोकसभा चुनाव में हुआ। ममता सरकार ने लक्ष्मी भंडार की रकम बढ़ाई और TMC की सीट 22 से बढ़कर 29 हो गई। जबकि BJP की 18 से घटकर 12 हो गईं। अब BJP राज्य में सरकार बनने पर TMC से ज्यादा भत्ता देने की बात कर रही है, लेकिन लोगों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रही है। वहीं लोगों को ये लगता है कि अगर BJP सत्ता में आई, तो सारी स्कीमें बंद हो जाएगी।‘ ‘साफ है कि इसे वोट के लिए शुरू किया गया है। लेफ्ट की सरकार में बेरोजगारी भत्ता के नाम से ऐसी योजना थी। उसमें युवाओं को हर महीने कुछ राशि मिलती थी, शर्त इतनी थी कि एक्सचेंज ऑफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था।‘ एंटी इनकम्बेंसी को इसकी वजह बताते हुए वे आगे कहते हैं, ‘इसे मैनेज करने के लिए ममता, महिला और युवा वोटरों को स्कीम के जरिए टारगेट कर रही हैं। जहां तक युवाओं को काम और भत्ते देने की बात है, ये दोनों जरूरी हैं। क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें उतनी नौकरियां नहीं दे पा रहीं, जितनी होनी चाहिए। लिहाजा, सरकार को भत्ता देना पड़ रहा है। ये लगभग हर राज्य में हो रहा है।‘ वहीं, पॉलिटिकल एक्सपर्ट उन्नयन बंदोपाध्याय कहते हैं, ‘चुनाव से पहले सभी पार्टियां आजकल ऐसे लोकलुभावन वादे करती हैं। ममता ने भी युवाओं को टारगेट कर अबकी युवा साथी योजना का ऐलान किया है। इसका मकसद 21 से 40 साल तक के वोटर्स को अपनी ओर खींचना है। राज्य में इस वर्ग के युवा वोटर्स लगभग 40-50% हैं।’ ’ममता ने पिछले कार्यकाल में भी कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन लोगों की पहली पसंद रोजगार होगा क्योंकि उसमें ज्यादा सिक्योरिटी है।’ …………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 18 Apr 2026 5:02 am

महिला आरक्षण अधर में : संविधान संशोधन विधेयक नहीं हो सका पारित

नई दिल्ली। विधायिका में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने से संबंधित 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में जरूरी दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने की वजह से शुक्रवार को पारित नहीं हो पाया। इस संशोधन विधेयक पर दो दिन की चर्चा और उस पर गृहमंत्री अमित शाह के जवाब के बाद कराए गए मत […] The post महिला आरक्षण अधर में : संविधान संशोधन विधेयक नहीं हो सका पारित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 10:06 pm

हनुमानगढ़ के भादरा में फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भादरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी बायोमेट्रिक से आधार कार्ड बनाने वाले एक गिरोह का खुलासा करके सैकड़ों एनरोलमेंट रसीदें और हाईटेक उपकरण बरामद किए हैं। इस संबंध में कुलदीप शर्मा, जसवंत और आमिर के खिलाफ फर्जी कागजात के आधार पर आधार सेंटर चलाने के आरोप में मामला […] The post हनुमानगढ़ के भादरा में फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 9:52 pm

गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर इंसान

नई दिल्ली। अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। ब्लूमबर्ग के दुनिया के 500 सबसे अमीर अरबपतियों के दैनिक सूचकांक में अडानी की संपत्ति का शुद्ध मूल्य 92.6 अरब डॉलर आंका गया है। पिछली सूची के बाद उनकी संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़ी है और वह दुनिया में […] The post गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर इंसान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 9:48 pm

अजमेर में रसद विभाग ने जब्त किए 3 घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर

अजमेर। जिले में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला रसद विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 3 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जिला रसद अधिकारी मोनिका जाखड़ ने बताया कि कलक्टर लोक बन्धु के […] The post अजमेर में रसद विभाग ने जब्त किए 3 घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 9:43 pm

अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक महत्व

अक्षय तृतीया का त्यौहार वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। इस वर्ष यह त्यौहार 19 अप्रैल रविवार के दिन मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया को उत्तर भारत में आखा तीज भी कहते हैं। अक्षय तृतीया की तिथि साढे तीन मूहूर्तों में से एक पूर्ण मुहूर्त है। इस दिन सत्ययुग समाप्त होकर त्रेतायुग का […] The post अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक महत्व appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 9:12 pm

डीग में दिल्ली पुलिस की वर्दी में अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

डीग। राजस्थान में डीग जिले में पुलिस ने दिल्ली पुलिस की फर्जी वर्दी पहनकर अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करके दो बदमाशों को गिरफ्तार करके एक बालक को निरूद्ध किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि कार्रवाई के दौरान तीन बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने बदमाशों के […] The post डीग में दिल्ली पुलिस की वर्दी में अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 8:24 pm

लेबनान में संघर्ष विराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे जहाज : ईरान

तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि लेबनान में लागू संघर्ष विराम के मद्देनजर होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग पूरी तरह से खोल दिया गया है। अराघची ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने इसमें स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम […] The post लेबनान में संघर्ष विराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे जहाज : ईरान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 8:17 pm

महिला आरक्षण-परिसीमन बिल लोकसभा में क्यों गिरे:पीएम मोदी की अपील भी काम न आई; क्या सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया, जानिए पूरी कहानी

17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया X पर 2 पोस्ट किए। उनमें लिखा कि कुछ ही देर में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। देश की आधी आबादी को उसका हक दें। पीएम मोदी की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद केंद्र सरकार के लाए तीनों बिल लोकसभा में पास नहीं हो सके। जब सरकार को जब ये बात पता था कि उसके फेवर में नंबर गेम नहीं है, तो फिर क्यों लोकसभा में ये बिल लेकर आई? लोकसभा में बिलों के पास न होने और उसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: सरकार के 3 बिल लोकसभा में पास क्यों नहीं हो सके? जवाब: महिला आरक्षण कानून 2029 से पहले लागू करने के लिए केंद्र सरकार 3 काम करने की तैयारी में थी- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना, यानी परिसीमन और महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। इसके लिए सरकार 2011 की जनगणना को आधार पर महिला आरक्षण और परिसीमन लागू करने के लिए लोकसभा में तीन बिल लाई थी… परिसीमन और केंद्र शासित कानून (संशोधन) विधेयक सामान्य बहुमत से पास होने वाले बिले थे, यानी इसके लिए वोटिंग करने वाले सांसदों का आधे से एक ज्यादा समर्थन चाहिए था। वहीं संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लिए विशेष बहुमत की जरूरत थी। क्योंकि इसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने, आर्टिकल 81 और 82 में बदलाव, और महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का प्रावधान है। दरअसल, संविधान के आर्टिकल 368 के मुताबिक संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है, यानी आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद रहें और जितने सदस्य उपस्थित हैं, उनका दो-तिहाई बहुमत। कुल मिलाकर बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए था। वोटिंग के दौरान लोकसभा में 528 सांसद मौजूद थे। इस हिसाब से बिल को पास कराने के लिए 352 वोट चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस यानी NDA के पास 293 सांसद हैं, यानी सदन का महज 54.2% हिस्सा। जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA के पास 233 सांसद हैं और 14 सांसद ऐसे हैं, जो किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। यहीं क्लियर हो गया था कि बिल पास नहीं हो पाएंगे। जब वोटिंग हुई तो बिल के समर्थन में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुलकर सरकार के विधेयकों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरीके से सरकार बिल ला रही है, उसका विरोध करते हैं। यह राजनीतिक मंशा से किया जा रहा है। हम परिसीमन बिल का विरोध करेंगे और पूरा विपक्ष एकजुट है। वहीं सरकार ने बाकी के दो बिल- परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक हैं, इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।सवाल-2: जब बिल का गिरना तय था, तो फिर बीजेपी इसे क्यों लेकर आई? जवाब: सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी… मैं सभी सांसदों से कहूंगा...आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त…— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026 मीडिया रिपोर्ट्स में बीजेपी सूत्रों के हवाले से लिखा गया कि अगर विधेयकों को लोकसभा की मंजूरी नहीं मिलती है, तो पार्टी महिला आरक्षण कानून को लागू करने की नाकामी के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराने का एक कैम्पेन शुरू कर सकती है। इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी कहते हैं, ‘बीजेपी इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकती है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में वोटिंग होने को है और यहां महिला वोटर्स काफी अहम हैं। बीजेपी यहां नैरेटिव बनाएगी कि हमने तो कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने महिलाओं का हक और परिसीमन में रूकावट पैदा कर दी।’ हालांकि कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष का कहना है कि नई जनगणना और पिछड़े तबके को नजरअंदाज करके सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करना चाहती थी। विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल नहीं है। यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा। यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है। यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है।’ पॉलिटिकल एक्सपर्ट मिन्हाज मर्चेंट भी मानते हैं कि सरकार और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने तरीके से इसे नैरेटिव बनाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि इससे होने वाले चुनावी फायदे का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। सवाल-3: अब सरकार के पास क्या विकल्प हैं?जवाब: सरकार के पास 3 ऑप्शन हैं… सवाल-4: अगर बिल पास हो जाता, तो परिसीमन के बाद लोकसभा में क्या बदल जाता? जवाब: लोकसभा में चर्चा के दौरान सरकार ने बार-बार कहा कि सभी राज्यों की 50% सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी भी राज्य की सीटें नहीं घटेंगी। गृहमंत्री अमित शाह ने 850 सीटें करने का फॉर्मूला भी बताया। उन्होंने कहा, ‘मान लीजिए कि 100 सीटें हैं, जिसमें 33% आरक्षण देना है, तो इसमें 50 सीटें बढ़ाएंगे। इस हिसाब से 150 सीट होती हैं। लोकसभा में ये राउंड ऑफ फिगर 850 है।' जबकि दक्षिण के राज्यों को चिंता है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं को होगा। तमिलनाडु, केरलम और आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा घाटे में होंगे। इसी के विरोध में तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन ने बिल की कॉपी जलाई। स्टालिन ने चेताया भी कि अगर बिल पास हो गया तो 1960 के दशक में जैसा आंदोलन करेंगे। वहीं तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर इस बिल का विरोध करने की अपील की। सवाल-5: लोकसभा की सीटें 815 होने से क्या असर पड़ता, जिनकी कम चर्चा है? जवाब: लोकसभा में 543 से बढ़कर 815 सीटें होने से देश की राजनीति पर 3 बड़े असर पड़ेंगे… 1. लोकसभा, राज्यसभा से ज्यादा ताकतवर हो जाएगी 2. महिला आरक्षण के बावजूद, पुरुष सांसदों की सीट घटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी 3. केंद्र सरकार अब 122 मंत्री बना सकेगी ----------- परिसीमन बिल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पूरे दक्षिण भारत से 5% ज्यादा सांसद यूपी-बिहार में: लोकसभा सीटें 850 होने से इतना बेचैन क्यों है विपक्ष; क्या वाकई बीजेपी को फायदा केंद्र सरकार एक साथ 3 बड़े काम करने की तैयारी में है- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना, यानी परिसीमन और 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। लेकिन यह इतना सीधा नहीं है। दक्षिण के राज्यों को डर है कि उनकी सीटें घटेंगी। विपक्ष पूछ रहा है कि बंगाल चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी क्यों और सबसे बड़ा सवाल- महिला आरक्षण असल में लागू कब से होगा? पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 17 Apr 2026 8:16 pm

भाजपा को त्रिपुरा एडीसी चुनाव में गठबंधन सहयोगी मोथा से मिली हार, मिली 28 में केवल 4 सीटें

अगरतला। त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) चुनाव में टिपरा मोथा ने 28 में से 24 सीटें जीतकर एक महत्वपूर्ण जीत दर्ज की जबकि भारतीय जनता पार्टी केवल चार सीटें ही जीत पाई। कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी एक भी सीट प्राप्त करने में असफल रहीं। इससे पहले 2021 के एडीसी चुनावों में, भाजपा […] The post भाजपा को त्रिपुरा एडीसी चुनाव में गठबंधन सहयोगी मोथा से मिली हार, मिली 28 में केवल 4 सीटें appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:56 pm

लियोनेल मेसी ने बार्सिलोना का एक निचली लीग क्लब खरीदा

मैड्रिड। एफसी बार्सिलोना के पूर्व फॉरवर्ड लियोनेल मेसी ने स्पेन के पांचवें दर्जे के क्लब यूएई कोर्नेला को खरीदने का काम पूरा कर लिया है। अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी ने, जो एमएलएस टीम इंटर मियामी के लिए खेलते हैं, बार्सिलोना के बाहरी इलाके में स्थित इस क्लब का 100 प्रतिशत मालिकाना हक हासिल कर […] The post लियोनेल मेसी ने बार्सिलोना का एक निचली लीग क्लब खरीदा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:50 pm

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की अर्जी ठुकराई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका देते हुए उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की अर्जी ठुकरा दी है। यह मामला असम पुलिस द्वारा असम के मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी की शिकायत पर दर्ज की गई […] The post सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की अर्जी ठुकराई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:46 pm

कर्नाटक में सड़क दुर्घटना में कार में आग लगने से 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत

यादगीर। कर्नाटक के यादगीर जिले में शुक्रवार को देवपुर के पास एक कार और एक निजी बस की आमने-सामने की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पुलिस के अनुसार टक्कर के बाद कार में भीषण आग लग […] The post कर्नाटक में सड़क दुर्घटना में कार में आग लगने से 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:41 pm

झुंझुनूं जिले के गांव में पेड़ से लटके मिला सेना के जवान व युवती का शव

झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के भोड़की गांव में शुक्रवार सुबह एक सेना के एक जवान एवं एक युवती के शव पेड़ से लटके मिले। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब छह बजे गांव के ही एक युवक ने कीकर के पेड़ से लटके इन शवों को देखा और तत्काल ग्रामीणों और पुलिस को […] The post झुंझुनूं जिले के गांव में पेड़ से लटके मिला सेना के जवान व युवती का शव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:35 pm

अलवर में महिला ने 4 साल की बेटी की हत्या के बाद आत्महत्या का किया प्रयास

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में पुराना राजगढ़ में शुक्रवार को एक महिला ने अपनी ही पुत्री की हत्या करने के बाद खुद पर धारदार हथियार से वार करके आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह जब परिजनों ने बच्ची को स्कूल के लिए जगाया तब घटना […] The post अलवर में महिला ने 4 साल की बेटी की हत्या के बाद आत्महत्या का किया प्रयास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:29 pm

लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश

नई दिल्ली। राज्यसभा के मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार को लगातार तीसरी बार उच्च सदन के उप सभापति के पद पर ध्वनिमत से चुन लिया गया। नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने हरिवंश को उप सभापति चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका भारतीय जनता पार्टी की सदस्य एस फांगनोन कोन्याक ने समर्थन किया। सदन ने […] The post लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:25 pm

बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत

बारां। राजस्थान में बारां जिले में अवैध खनन करके सामग्री ले जा रहे एक ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि बरडिया बस्ती बालाजी धाम के पास स्कूल से अपनी मां के साथ घर लौटते समय पांच वर्षीय योगिता यादव और सात वर्षीय गतिक यादव […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Apr 2026 7:19 pm

नोएडा श्रमिक प्रदर्शन से जोड़कर पुराने और असंबंधित वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो दो अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं. इनका नोएडा प्रोटेस्ट से कोई संबंध नहीं है.

बूमलाइव 17 Apr 2026 5:19 pm

फैंस का इंतजार हुआ खत्म, इस दिन बड़े पर्दे पर दस्तक देगी संजय लीला भंसाली की 'लव एंड वॉर', रणबीर-आलिया और विक्की की तिकड़ी मचाएगी धमाल

संजय लीला भंसाली का नाम सिनेमाई भव्यता और गहरी भावनाओं का पर्याय है। उनकी अगली बड़ी फिल्म 'लव एंड वॉर' को लेकर पिछले काफी समय से बज बना हुआ है। इस फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल अहम किरदार में नजर आने वाले हैं। फैंस काफी समय से 'लव एंड वॉर' की रिलीज का इंतजार कर रहे है। वहीं अब भंसाली ने अपनी इस फिल्म की रिलीज डेट पर मुहर लगा दी है। मेकर्स ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 'लव एंड वॉर' 21 जनवरी 2027 को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी। A post shared by Bhansali Productions (@bhansaliproductions) फिल्म को गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत का लाभ मिलेगा। 2025 और फिर 2026 के लिए प्रस्तावित इस फिल्म को अब तक दो बार टाला जा चुका है। जानकारों की मानें तो फिल्म के वीएफएक्स और भव्य सेटों के काम की वजह से यह फैसला लिया गया है। सेट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भंसाली अपनी फिल्मों की दुनिया को पर्दे पर आने से पहले लीक होने से बचाने के लिए जाने जाते हैं। 'लव एंड वॉर' के सेट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के क्रू और मुख्य कलाकारों सहित 500 से अधिक लोगों से स्ट्रिक्ट नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट साइन करवाए गए हैं। सेट पर मोबाइल फोन ले जाने पर भी पाबंदी है। यह फिल्म कई मायनों में खास है क्योंकि इसमें बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली तिकड़ी एक साथ आ रही है। रणबीर कपूर पूरे 20 साल बाद संजय लीला भंसाली के पास लौटे हैं। उन्होंने 2007 में 'सावरिया' से डेब्यू किया था। वहीं 'गंगूबाई काठियावाड़ी' के लिए नेशनल अवार्ड जीतने के बाद आलिया एक बार फिर भंसाली के निर्देशन में काम कर रही हैं। विक्की कौशल पहली बार भंसाली के भव्य कैनवस का हिस्सा बनेंगे।

वेब दुनिया 17 Apr 2026 5:11 pm

भगवान परशुराम के बारे में 13 अनसुने तथ्य, जानकर रह जाएंगे हैरान

वैशाख माह के शुक्ल पक्ष यानी अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम का जन्मोत्वस मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 2 दिन है- 19 अप्रैल और 20 अप्रैल 2026। उदयातिथि से 20 अप्रैल को जयंती मनाई जाएगी। भगवान परशुराम के बारे में पुराणों और प्राचीन ग्रंथों में कई ऐसे तथ्य छिपे हैं, जो सामान्य चर्चाओं में कम ही सुनने को मिलते हैं। यहाँ उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने और अद्भुत रहस्य दिए गए हैं। 1. वे 'चिरंजीवी' हैं (आज भी जीवित हैं) हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सात महापुरुषों को 'चिरंजीवी' होने का वरदान प्राप्त है। परशुराम जी उन्हीं में से एक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वे कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर निवास करेंगे और जब भगवान विष्णु का 'कल्कि अवतार' होगा, तब परशुराम जी ही उन्हें अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा (गुरु के रूप में) देंगे। 2. उनका वास्तविक नाम नहीं था परशुराम जन्म के समय उनका नाम 'राम' रखा गया था। चूँकि वे महर्षि जमदग्नि के पुत्र थे, इसलिए उन्हें 'जामदग्न्य' भी कहा जाता था। जब उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या की, तब शिवजी ने प्रसन्न होकर उन्हें एक दिव्य कुल्हाड़ी (परशु) भेंट की। उस 'परशु' को धारण करने के कारण उनका नाम 'परशुराम' पड़ा। 3. एक अनोखा 'परशुराम कुंड' अरुणाचल प्रदेश में 'परशुराम कुंड' नाम का एक तीर्थ स्थल है। कहा जाता है कि अपनी माता का वध करने के बाद (पिता की आज्ञा पर), परशुराम जी का फरसा उनके हाथ से चिपक गया था। उन्होंने इस कुंड के पानी में अपना हाथ धोया, तब जाकर वह फरसा अलग हुआ। आज भी यहाँ हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 4. केरल और कोंकण के रचयिता दक्षिण भारत की लोककथाओं के अनुसार, परशुराम जी ने ही केरल, कोंकण और तटीय कर्नाटक की भूमि को समुद्र से निकाला था। कहा जाता है कि उन्होंने अपना फरसा समुद्र में फेंका, जिससे समुद्र पीछे हट गया और उपजाऊ भूमि प्रकट हुई। इसलिए उन्हें इस क्षेत्र का संरक्षक देवता माना जाता है। मान्यता अनुसार परशुराम जी ने हैहयवंशी क्षत्रियों से धरती को जीतकर दान कर दी थी। जब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची तो वे सह्याद्री पर्वत की गुफा में बैठकर वरुण देव की तपस्या करने लगे। वरुण देवता ने परशुराम जी को दर्शन दिए और कहा कि तुम अपना फरसा समुद्र में फेंको। जहां तक तुम्हारा फरसा समुद्र में जाकर गिरेगा, वहीं तक समुद्र का जल सूख कर पृथ्वी बन जाएगी। वह सब पृथ्वी तुम्हारी ही होगी। परशुराम जी के ऐसा करते पर समुद्र का जल सूख गया और जो भूमि उनको समुद्र में मिली, उसी को वर्तमान को केरल कहते हैं। 5. ओणम और परशुराम परशुरामजी ने सर्वप्रथज्ञ इस भूमि पर विष्णु भगवान का मंदिर बनाया। कहते हैं कि वह मंदिर आज भी 'तिरूक्ककर अप्पण' के नाम से प्रसिद्ध है। जिस दिन परशुराम जी ने मंदिर में मूर्ति स्थापित की थी, उस दिन को 'ओणम' का त्योहार मनाया जाता है। 6. मार्शल आर्ट्स के जनक ऐसा भी कहा जाता है कि दुनिया की सबसे पुरानी युद्ध कलाओं में से एक, 'कलारीपयट्टू' (Kalaripayattu), का श्रेय भगवान परशुराम को दिया जाता है। माना जाता है कि उन्होंने ही उत्तर कलारी की स्थापना की और इस कला को ऋषियों व योद्धाओं को सिखाया ताकि वे अपनी और धर्म की रक्षा कर सकें। हालांकि कुछ विद्वान मानते हैं कि इसके जन्मदाता श्रीकृष्‍ण हैं। 7. परशुराम और गणेश जी का युद्ध एक बार जब परशुराम जी भगवान शिव से मिलने कैलाश गए, तो बाल गणेश ने उन्हें द्वार पर रोक दिया। क्रोध में आकर परशुराम जी ने अपने फरसे से प्रहार किया। गणेश जी जानते थे कि यह फरसा उनके पिता (शिव) ने दिया है, इसलिए उन्होंने उसका सम्मान करते हुए अपना एक दाँत कटवा लिया। इसी के बाद गणेश जी 'एकदंत' कहलाए। 8. भीष्म और कर्ण के गुरु वे केवल शस्त्र चलाने वाले योद्धा ही नहीं, बल्कि महान शिक्षक भी थे। महाभारत के तीन सबसे शक्तिशाली योद्धाओं भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण ने अस्त्र विद्या की शिक्षा परशुराम जी से ही प्राप्त की थी। हालांकि, कर्ण ने अपनी पहचान छुपाकर शिक्षा ली थी, जिसके कारण परशुराम जी ने उसे अंत समय में विद्या भूल जाने का श्राप दिया था। 9. श्री राम को अपनी शक्ति सौंपना रामायण के एक प्रसंग (सीता स्वयंवर के बाद) में जब परशुराम जी और श्री राम का मिलन होता है, तो परशुराम जी को आभास हो जाता है कि श्री राम स्वयं विष्णु के अवतार हैं। तब उन्होंने अपनी समस्त संचित तपस्या और वैष्णव धनुष श्री राम को सौंप दिया था और स्वयं तपस्या के लिए चले गए थे। 10. जीती धरती को किया दान भगवान परशुराम ने कभी राज्य नहीं किया। उन्होंने 21 बार आततायी राजाओं को हराया, लेकिन हर बार जीती हुई भूमि ब्राह्मणों या ऋषियों को दान कर दी और खुद एक सन्यासी की तरह महेंद्र पर्वत पर चले गए। 11. परशुराम ने श्रीकृष्ण को दिया सुदर्शन चक्र: महाभारत के काल में परशुराम जी दक्षिण भारत में गोमांतक पर्वत के आगे कहीं आश्रम में रहती थे। जरासंध के आक्रमण के चलते एक बार श्रीकृष्‍ण दक्षिण में चले गए। उस काल में दक्षिण में यादवों के 4 राज्य थे। आदिपुरुष, पद्मावत, क्रौंचपुर और चौथा राज्य यदु पुत्र हरित ने पश्चिमी सागर तट पर बसाया था। पद्मावत राज्य में वेण्या नदी के तट पर भगवान परशुराम निवास करते थे। श्रीकृष्‍ण ने उनसे वहीं उनके आश्रम में मुलाकात की तो परशुराम ने उन्हें सुदर्शन चक्र भेंट करके कहा कि यह तुम्हारा ही अस्त्र है। 12. परशुराम ने श्रीराम को दिया कोदंड धनुष: जब प्रभु श्रीराम ने शिवजी का धनुष तोड़ दिया था तब परशुराम जी क्रोधित होकर वहां आ धमके थे। परंतु उन्होंने श्रीराम में विष्णु जी के दर्शन किए और उस समय विश्वामित्र ने भी उन्हें बताया था कि आपके अवतार रहने का समय समाप्त हो चुका है और अब विष्णु जी स्वयं प्रभु श्रीराम के रूप में हैं। तब परशुराम जी ने रामजी को कोदंड नाम का धनुष दिया। 13. परशुराम ने कर्ण को दी ब्रह्मास्त्र की शिक्षा: जब द्रोणाचार्य ने कर्ण को ब्रह्मास्त्र विद्या सिखाने से इनकार कर दिया, तब वे परशुराम के पास पहुंच गए। परशुराम ने प्रण लिया था कि वे इस विद्या को किसी ब्राह्मण को ही सिखाएंगे, क्योंकि इस विद्या के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया था। कर्ण यह सीखना चाहता था तो उसने परशुराम के पास पहुंचकर खुद को ब्राह्मण का पुत्र बताया और उनसे यह विद्या सीख ली। बाद में इस छल का परशुराम जी को पता चला तो उन्होंने कर्ण को श्राप दिया कि जब तुझे इस विद्या की सबसे ज्यादा जरूरत होगी तब तू इसे भूल जाएगा।

वेब दुनिया 17 Apr 2026 5:08 pm

हार्दिक पंड्या की कप्तानी पर सवाल, टीम के खराब प्रदर्शन पर यह कहा

IPL 2026 में मुंबई इंडियंस के लगातार चौथा मैच हारने के बाद उनके कप्तान हार्दिक पंड्या ने कहा कि टीम को अपनी क़िस्मत बदलने के लिए “कुछ कठिन सवालों” के जवाब ढूंढने होंगे।उनकी ताज़ा हार पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ आई, जिन्होंने एमआई को 195/6 पर रोका और फिर 16.3 ओवरों में ही सात विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इसका मतलब यह रहा कि एमआई पांच मैचों में सिर्फ़ एक जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर बनी हुई है। उनकी कप्तानी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मैच के दौरान भी उन्होंने गेंदबाजी करते वक्त जसप्रीत बुमराह से सलाह लेना उचित नहीं समझा जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। इसकी कप्तानी और एटीट्यूड से आईपीएल मे मुंबई इंडियंस टीम बस एक कोलकाता से आगे है,9 वें नंबर पर... pic.twitter.com/bsH7LS0tHj — Dinesh Dangi (@dineshdangi84) April 16, 2026 पंड्या ने मैच के बाद कहा, “हमें सच में देखना होगा कि क्या हमें कुछ मुश्किल फ़ैसले लेने की ज़रूरत है या हमें इसी तरह आगे बढ़ते रहना चाहिए और उम्मीद करनी चाहिए कि चीज़ें बदल जाएंगी। ये कुछ कठिन सवाल हैं, जिनका जवाब हमें देना होगा और इसकी ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी। “मेरे पास अभी कहने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं है। मुझे लगता है हमें फिर से शुरुआत करनी होगी और देखना होगा कि हम कहां कमी कर रहे हैं। क्या यह व्यक्तिगत स्तर पर है, क्या टीम के तौर पर है, या प्लानिंग में कोई कमी है? हम इसे समझेंगे और देखेंगे कि आगे क्या किया जा सकता है।” The Legacy built over the years is getting broken brick by brick Wankhede used to be our Fortress but now #IPL #IPL2026 @mipaltan pic.twitter.com/B7YJJO0r3y — MI Blud (@micricket2013) April 17, 2026 साथ ही, पंड्या ने विपक्ष को तीनों विभागों में बेहतर खेलने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है हमें उन्हें भी क्रेडिट देना चाहिए। पहली पारी में गेंद रिवर्स होने लगी थी और उस समय ओस नहीं आई। दूसरी पारी में ओस आई और पिच थोड़ी बेहतर हो गई। लेकिन इसके बावजूद, उन्होंने हमें हर विभाग में मात दी। उन्होंने बेहतर गेंदबाज़ी की, बेहतर बल्लेबाज़ी की और फ़ील्डिंग भी बेहतर की और यही हमारे मैच हारने की वजह बनी।”

वेब दुनिया 17 Apr 2026 5:00 pm

Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र

Financial success mantra: अक्षय तृतीया का अवसर केवल सोना खरीदने का नहीं, बल्कि अपनी किस्मत को चमकाने और दरिद्रता को जड़ से मिटाने का महापर्व है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस 'आखा तीज' पर मां लक्ष्मी के इन सिद्ध मंत्रों के साथ अपनी तिजोरी के द्वार खोल सकते हैं। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: बस ये 15 दान बदल देंगे आपकी किस्मत, बरकत के लिए घर लाएं ये 12 चीजें शास्त्रों की मानें तो अक्षय तृतीया एक ऐसा 'स्वयंसिद्ध मुहूर्त' है जिसमें सितारों की स्थिति आपके हर प्रयास को सफल बनाती है। इस दिन शाम के समय की गई साधना सीधे मां लक्ष्मी तक पहुंचती है। आइए यहां प्रस्तुत हैं अक्षय तृतीया पर प्रभावशाली लक्ष्मी साधना... साधना की तैयारी: सही विधि, सटीक परिणाम दिशा ज्ञान: अक्षय तृतीया पर्व की शाम को शांत मन के साथ उत्तर दिशा (Kuber Direction) की ओर मुख करके बैठें। आसन: लाल रंग के आसन का प्रयोग करें, यह ऊर्जा और लक्ष्मी का प्रतीक है। स्थापना: एक चौकी पर लाल मखमली कपड़ा बिछाएं और उस पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। विशेष यंत्र: मां के सम्मुख 10 लक्ष्मीकारक कौड़ियां रखें (यह धन को आकर्षित करने का प्राचीन तांत्रिक माध्यम है)। प्रकाश: शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें जो पूरी साधना के दौरान जलता रहे। प्रक्रिया: मां का विधि-विधान से पूजन करें, प्रत्येक कौड़ी पर सिंदूर का तिलक लगाएं और लाल चंदन की माला हाथ में लेकर एकाग्र हो जाएं। धन-वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र अपनी जरूरत और श्रद्धा के अनुसार निम्न में से किसी भी एक मंत्र की 5 माला का जाप करें: 1. ॐ आद्य लक्ष्म्यै नम: - जीवन की बाधाओं को दूर कर नई शुरुआत के लिए जपें ये मंत्र। 2. ॐ विद्या लक्ष्म्यै नम: - बुद्धि और कौशल से धन कमाने के लिए इस मंत्र को जपें। 3. ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम: - वैवाहिक सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति हेतु इसका जाप करें। 4. ॐ अमृत लक्ष्म्यै नम: - स्थिर लक्ष्मी और आरोग्य के लिए इसे जपें। 5. सिद्ध महामंत्र: 'ॐ पहिनी पक्षनेत्री पक्षमना लक्ष्मी दाहिनी वाच्छा भूत-प्रेत सर्वशत्रु हारिणी दर्जन मोहिनी रिद्धि सिद्धि कुरु-कुरु-स्वाहा।' - यह मंत्र शत्रुओं का नाश कर व्यापार में अटकी हुई सफलता को वापस दिलाता है। ALSO READ: जैन धर्म में अक्षय तृतीया मनाने के 10 कारण जानें क्यों खास है यह साधना? अक्षय तृतीया पर किया गया यह लघु अनुष्ठान आपके जीवन से 'आर्थिक ग्रहण' को हटा देता है। लाल चंदन की ऊर्जा और मंत्रों की शक्ति जब कौड़ियों से टकराती है, तो वे अभिमंत्रित हो जाती हैं। पूजा के बाद इन कौड़ियों को अपनी तिजोरी या गल्ले में रखें। परिणाम: व्यापार में अप्रत्याशित बढ़त, कर्जों से मुक्ति और साल भर घर में बनी रहने वाली बरकत। टिप: साधना के दौरान पूर्ण विश्वास रखें, क्योंकि मां लक्ष्मी वहां निवास करती हैं जहां श्रद्धा 'अक्षय' होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Akshaya Tritiya गोल्ड रेट अलर्ट: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, क्या इस अक्षय तृतीया गोल्ड खरीदना है फायदे का सौदा?

वेब दुनिया 17 Apr 2026 4:56 pm

एक्सेल एंटरटेनमेंट की एक्शन थ्रिलर में दिखेगा सनी देओल का नया अवतार, फिल्म को लेकर बढ़ा बज

रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस में से एक है। हाल ही में उन्होंने सनी देओल के साथ अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसे ए.आर. मुरुगादॉस भी प्रोड्यूस करेंगे। फिल्म में ज्योतिका भी हैं, जो इस प्रोजेक्ट में उनके साथ एक अहम किरदार निभा रही हैं। सनी देओल इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं, और 'बॉर्डर 2' की कामयाबी के बाद इस खबर ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोर ली हैं। एक्टर के करीबी एक सूत्र ने खुलासा किया है कि इस फिल्म में सनी एकदम नए ज़ोन में नजर आएंगे। रितेश, फरहान और मुरुगादॉस के साथ यह उनका पहला कोलाबोरेशन है, जो उनके करियर का एक रोमांचक नया अध्याय साबित होगा। एक्टर के करीबी सूत्र के अनुसार, लगातार मास एंटरटेनर फिल्मों के साथ एक धमाकेदार दौर के बाद, सनी देओल अब रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस के साथ अपनी पहली फिल्म के लिए एक बिल्कुल नए किरदार और ज़ोन में कदम रख रहे हैं। यह एक्सेल एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है, जिसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह अपनी तरह की अलग एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी, जिसका निर्देशन बालाजी गणेश करेंगे। इस खबर ने दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है, क्योंकि उन्हें सनी देओल को एक नए अवतार में देखने का मौका मिलेगा। दूसरी ओर, चेन्नई के फिल्ममेकर बालाजी गणेश, जो लंबे समय तक ए.आर. मुरुगादॉस के को-डायरेक्टर रहे हैं, इस सस्पेंस थ्रिलर के साथ बतौर डायरेक्टर अपनी शुरुआत कर रहे हैं। उनके पास कहानी, निर्देशन और बड़े पैमाने के प्रोडक्शन का अच्छा अनुभव है। यह फिल्म एक्सेल एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है, जिसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस ने प्रोड्यूस किया है, जबकि कासिम जगमगिया, विशाल रामचंद्रनी, आदित्य जोशी, सुनील जैन और यूसुफ शेख इसके को-प्रोड्यूसर हैं। सनी देओल की लीड रोल वाली यह एक्शन थ्रिलर फिल्म 27 फरवरी 2026 को फ्लोर पर आ चुकी है। फिलहाल फिल्म की शूटिंग चल रही है, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है।

वेब दुनिया 17 Apr 2026 4:50 pm

एक्स्ट्रा-मैरिटल रिश्तों वाले ऐप बदल रहे हैं शादी के मायने

भारत में कई लोग शादी के बाहर अपनी भावनात्मक और शारीरिक जरूरतें पूरा करने के लिए 'ग्लीडन' जैसे ऐप्स को अपना रहे हैं। बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के अलावा लखनऊ और पटना जैसे शहरों में भी इसके यूजर तेजी से बढ़े हैं।

वेब दुनिया 17 Apr 2026 9:10 am

‘गाँव से लौटते हुए’ : स्मृतियों, संवेदनाओं और बदलते ग्राम्य जीवन का काव्यात्मक दस्तावेज

डॉ. पारुल के कविता संग्रह ‘गाँव से लौटते हुए’ की समीक्षा—ग्राम्य जीवन, स्मृतियों, रिश्तों और बदलते सामाजिक यथार्थ का संवेदनात्मक विश्लेषण।

हस्तक्षेप 17 Apr 2026 8:22 am

लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने की तैयारी:2029 चुनाव तक महिलाओं के लिए कैसे आरक्षित होगी हर तीसरी सीट; 8 सवालों में पूरी कहानी

1952 में जब देश में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, तब संसद में 489 सीटें थीं और आबादी थी करीब 36 करोड़। आज आबादी 140 करोड़ पार कर चुकी है, लेकिन पिछले 50 साल से सीटें 543 पर जमी हैं। अब सरकार ने सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है और एक साथ तीन बड़े काम करने की तैयारी में है- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना (यानी परिसीमन), और 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। लेकिन यह इतना सीधा नहीं है। दक्षिण के राज्यों को डर है कि उनकी सीटें घटेंगी। विपक्ष पूछ रहा है कि बंगाल चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी क्यों और सबसे बड़ा सवाल- महिला आरक्षण असल में लागू कब से होगा? ऐसे ही 8 जरूरी सवालों के जवाब, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: महिला आरक्षण का कानून 2023 में ही पास हो गया था, तो अब तीन नए बिल क्यों लाने पड़े?जवाबः केंद्र सरकार ने 19 सितंबर 2023 को संविधान (128वां संशोधन) विधेयक पेश किया था। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था। 20 सितंबर को लोकसभा, 21 सितंबर को राज्यसभा और 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद यह बिल कानून बन गया। लेकिन लागू नहीं हो सका। क्यों? क्योंकि उस कानून में शर्त थी कि आरक्षण नई जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होगा। नई जनगणना का डेटा आने में करीब दो साल और लग सकते हैं। यानी परिसीमन 2034 के चुनाव तक टल सकता था। इसी को बदलने के लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है और तीन नए बिल ला रही है: इन बिलों के तीन मकसद हैं… सवाल 2: लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाबः मौजूदा सीटों का बंटवारा 1971 की जनगणना पर आधारित है। तब एक सांसद औसतन 10 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता था, जो अब बढ़कर 25 लाख से ऊपर पहुंच गया है। लेकिन राजनीतिक जानकार एक और बात भी कहते हैं। लोकसभा में अभी 74 महिला सांसद हैं, यानी सिर्फ 13.6%। 543 सीटों पर 33% आरक्षण लागू होता, तो 181 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होतीं और कई पुरुष सांसदों को अपनी सीटें छोड़नी पड़तीं। इससे पार्टियों के भीतर बगावत का खतरा था। अनुमान है कि परिसीमन के बाद 816 सीटें हो जाएंगी, यानी 273 नई सीटें जुड़ेंगी। लगभग इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी मौजूदा पुरुष सांसदों पर सीधा असर कम होगा। सवाल 3: परिसीमन के लिए 2011 का पुराना डेटा क्यों, नई जनगणना का इंतजार क्यों नहीं?जवाबः लोकतांत्रिक मानकों के हिसाब से परिसीमन हमेशा ताजा जनगणना के आधार पर होना चाहिए। लेकिन अगर 2027 की जनगणना का इंतजार किया गया, तो महिला आरक्षण 2034 तक लागू नहीं हो पाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की महिलाओं को पत्र लिखा- ‘महिलाओं का अधिकार अब और टाला नहीं जा सकता और 2029 के चुनाव से इसे लागू होना चाहिए।’ लेकिन मोदी सरकार की इस जल्दबाजी पर सवाल भी उठ रहे हैं- इन सवालों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘यह विधेयक 2023 में पास हुआ था। अब बात वादे को पूरा करने की है। संसद ने देश की महिलाओं को 33% आरक्षण देने का वादा किया है। इस वादे को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।’ सवाल-4: दक्षिण के राज्यों ने आबादी काबू में रखी, तो क्या अब उनकी सीटें घटेंगी और हिंदी भाषी राज्यों की बढ़ेंगी?जवाबः यह डर नया नहीं है। 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। आज भी यही चिंता है। दक्षिण के राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाया, आबादी काबू में रखी, लेकिन जनसंख्या आधारित परिसीमन में उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व घट सकता है। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने चेतावनी दी है कि अगर परिसीमन से राज्य को नुकसान हुआ तो 1950-60 के दशक जैसा आंदोलन होगा। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने दक्षिण के सभी मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर एकजुट होने और पीएम मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। इलेक्शन एनालिस्ट से पॉलिटिकल एक्टिविस्ट बने योगेंद्र यादव का कहना है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर आनुपातिक परिसीमन हुआ तो केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब को नुकसान होगा, जबकि हिंदी भाषी राज्यों को फायदा। इससे संघीय ढांचे का नाजुक संतुलन बिगड़ सकता है। केंद्र सरकार बार-बार भरोसा दे रही है कि राज्यों की आनुपातिक हिस्सेदारी से छेड़छाड़ नहीं होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सीटों का बंटवारा परिसीमन आयोग करेगा और आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होगा। इससे दक्षिण को नुकसान नहीं, फायदा होगा। अनुपातिक प्रतिनिधित्व, यानी लोकसभा में राज्यों की मौजूदा हिस्सेदारी की हिसाब से परिसीमन में सीटें बांटी जाएंगी। उदाहरण से समझते हैं- तमिलनाडु में अभी लोकसभा की 39 सीटें हैं, यानी अनुपातिक हिस्सेदारी हुई- (39/543) 100 = 7.18%। अगर लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी, तो इस फॉर्मूले से तमिलनाडु की लोकसभा सीटें बढ़कर 61 हो जाएंगी। सवाल-5: महिलाओं को आरक्षण कब से मिलेगा और परिसीमन कब लागू होगा?जवाबः इसके लिए पहले परिसीमन आयोग बनेगा। इसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त सदस्य होते हैं। हर राज्य के लिए 5 लोकसभा और 5 विधानसभा सदस्य सहयोगी सदस्य होते हैं। हालांकि इन्हें वोट देने का हक नहीं होता। भारत के पिछले चार परिसीमन आयोगों को अंतिम आदेश जारी करने में 3 से साढ़े 5 साल लगे थे। 2002 में शुरू हुआ परिसीमन 2008 में पूरा हुआ, यानी 6 साल में। सरकार की कोशिश है कि यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव तक लागू हो जाए। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बारी-बारी बदलती रहेंगी। SC/ST कोटे की भी एक-तिहाई सीटें उसी वर्ग की महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। सवाल-6: क्या विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण लागू होगा?जवाबः हां। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023) के तहत लोकसभा के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। ज्यादातर राज्यों की विधानसभा सीटें 2001 की जनगणना पर आधारित हैं, असम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर। पूर्वोत्तर के 4 राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल और मिजोरम में तो विधानसभा क्षेत्र 2001 से भी पुराने आधार पर हैं। इसलिए इन सभी जगहों पर भी नए सिरे से परिसीमन होगा। सवाल-7: अगर परिसीमन आयोग का फैसला गलत लगे, तो क्या कोर्ट जा सकते हैं?जवाबः परिसीमन आयोग के आदेश कानून की तरह लागू होते हैं। आर्टिकल 329 और परिसीमन अधिनियम 2002 की धारा 10 के तहत इनके खिलाफ अदालत में नहीं जाया जा सकता। संसद और विधानसभाएं भी इनमें बदलाव नहीं कर सकतीं। हालांकि 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने किशोरचंद्र छगनलाल राठौर बनाम भारत सरकार मामले में एक अहम फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 329 न्यायिक समीक्षा को पूरी तरह खत्म नहीं करता। अगर कोई आदेश स्पष्ट रूप से मनमाना हो, समानता और निष्पक्षता जैसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हो या गलत इरादे से लिया गया हो, तो हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उसकी जांच कर सकती हैं। छोटे-मोटे सीमा बदलाव जैसे मुद्दों पर कोर्ट दखल नहीं देगा और यह भी ध्यान रखेगा कि उसकी वजह से चुनाव में देरी न हो। हालांकि मीडिया रिपोर्ट है कि 2026 का परिसीमन आयोग ज्यादा ताकतवर होगा, जिसके फैसलों को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। सवाल-8: संसद में तीनों बिल पास होना कितना आसान या मुश्किल है?जवाबः संविधान संशोधन के लिए लोकसभा में 'विशेष बहुमत' चाहिए। यानी कुल 543 में से कम से कम आधे यानी 272 सांसद उपस्थित होने चाहिए। जितने भी सांसद उपस्थित हों, उनके दो-तिहाई का समर्थन। मान लीजिए सभी 543 सांसद मतदान करें, तो बिल पारित कराने के लिए 362 वोट चाहिए। अभी NDA के पास 292 सांसद हैं। विपक्ष के 233। यानी अकेले NDA बिल नहीं पास करा सकता। विपक्ष का सहयोग जरूरी है। BJP, कांग्रेस, JDU, LJP(R) समेत कई दलों ने व्हिप जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि जैसे 2023 में महिला आरक्षण बिल बिना विरोध के पास हुआ था, वैसा इस बार होने की उम्मीद कम है। क्योंकि विपक्षी गठबंधन INDIA का कहना है कि हम महिला आरक्षण के समर्थन में तो है, लेकिन परिसीमन के खिलाफ है। इसका हम संसद में विरोध करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, सरकार जो प्रस्ताव पेश कर रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। जाति जनगणना को नजरअंदाज कर OBC, दलित और आदिवासियों के हक की चोरी हो रही है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर जैसे राज्यों के साथ किसी भी तरह का अन्याय हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ------------ चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ममता के सिर पर रॉड मारी, लगा बचेंगी नहीं: बंगाल में जो आता है, क्यों छा जाता है; क्या अब बीजेपी की बारी है जैसे बंगाली रसगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 16 Apr 2026 5:05 am

ब्लैकबोर्ड-जान बचानी थी, तो सिर पर बांध ली भगवा पट्टी:दंगे की तस्वीर ने मेरी जिंदगी बर्बाद की- चेहरा इस्तेमाल हुआ, लेकिन मिला कुछ नहीं

2002 गुजरात दंगे के दो पोस्टर बॉय की कहानी, जिनमें हिंदुत्व का चेहरा बने मोची अशोक परमार आज दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात सड़क पर सोते हैं। वह उस वक्त 27 साल के थे। आज 51 साल के हैं। उनसे मिलने मैं अहमदाबाद के शाहपुर इलाके पहुंचा- ‘केटी देसाई स्कूल’। बगल में एक नीम के पेड़ नीचे अशोक परमार की दुकान है- एक बंद अलमारी और नीचे रखा पतला, मटमैला गत्ता। आसपास के लोगों से पता चला कि वे सिविल हॉस्पिटल गए हैं- कुछ दिन पहले उन्हें लकवा मार गया है। मैं दुकान पर उनका इंतजार करता हूं। वह दो घंटे बाद लौटे- दुबले-पतले, फटी टी-शर्ट और पैंट पहने। लंगड़ाते हुए हाथ में दवाइयों से भरी थैली है। मैंने पूछा- आप ही अशोक परमार हैं? लाल आंख, काले-मुरझाए चेहरे से वो तेज आवाज में बोले- हां… वही, जिसे 2002 में हिंदुत्व का चेहरा बनाया गया था। अब भोजन से ज्यादा दवाइयां खाता हूं। थैली से दवाएं दिखाते हुए कहते हैं- ये दवाइयां तो सरकारी अस्पताल से मिल जाती हैं… लेकिन खाना? वह फ्री में नहीं मिलता। अब तो बस मौत का इंतजार है। पहले तो जूते-चप्पल सिलकर किसी तरह 50-100 रुपए कमा लेता था… अब लकवे ने वह भी छीन लिया’, इतना कहकर वे चुपचाप दुकान के बाहर झाड़ू लगाने लगते हैं। ब्लैकबोर्ड में आज अशोक परमार और कुतुबुद्दीन अंसारी की कहानी, जिन्हें 2002 गुजरात दंगे का पोस्टर बॉय बनाया गया। अशोक परमार को हिंदुत्व का चेहरा और कुतुबुद्दीन अंसारी को मुस्लिम दर्द का चेहरा, लेकिन उन तस्वीरों की वजह से आज दोनों की जिंदगी स्याह बन चुकी है। झाड़ू लगाने के बाद अशोक गमछा बिछाते हैं। मैं उनके साथ बातचीत के लिए बैठ जाता हूं। वह कहते हैं- जो बात करनी है, जल्दी कर लीजिए। यहां आप जैसे मीडिया वालों को देखकर लोग जुटने लगते हैं। मुझे खाना खाने भी जाना है। आज का खाना आप खिला देंगे क्या? मुझे तो रोज दो वक्त का खाना दूसरों से मांगना पड़ता है। पिछले साल दिसंबर में लकवा मार गया था, तो दो महीने दुकान बंद रही। पिछले महीने से ही इसे खोला है। मैंने कहा- चलिए, पहले खाना खा लेते हैं, फिर बात करेंगे। कहते हैं- नहीं-नहीं, पहले बात कर लीजिए। अब मुझे भूख कम लगती है। बस जिंदा हूं। इस जिंदगी से तंग आकर कई बार खुद को मारने की कोशिश की। डिप्रेशन की दवाइयों की ओवरडोज ली, लेकिन मरा नहीं। सांस है कि निकलती नहीं। अब सोचता हूं, खुद से नहीं मरूंगा, वर्ना लोग कहेंगे- अशोक कितना कायर था। उनकी हालत देखकर ताज्जुब होता है। दिमाग में गुजरात दंगे की वही तस्वीर उभर आती है- पीछे आग का गुबार और सामने काली शर्ट में माथे पर भगवा पट्टी बांधे और गुस्से में लोहे की रॉड उठाए यही अशोक परमार थे। अब मैं उन्हें पोस्टर बॉय बनाने वाली उस तस्वीर को दिखाते हुए पूछता हूं- इस तस्वीर में आप ही हैं? अशोक गुस्से में बोल पड़ते हैं- इसी फोटो ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। पता नहीं, उस मुंबई के पत्रकार को मैंने क्यों फोटो खींचने को कहा। दरअसल, यह गोधरा कांड के अगले दिन 28 फरवरी 2002 की बात है। सुबह के 10 बज रहे थे। शहर की सारी दुकानें बंद थीं। पता चला कि शाहपुर चौराहे के पास दंगाई तांडव मचा रहे हैं। मुस्लिम बस्तियों को आग के हवाले किया जा रहा है। चौराहे और सड़कों पर जलते टायर बिखरे हैं। यह पूरा इलाका मुसलमानों का है। थोड़ी देर बाद हल्ला मचा कि दंगाई मेरी दुकान की तरफ आ रहे हैं। उनके हाथ में पेट्रोल और जलते टायर हैं। मैंने तुरंत दुकान बंद की और अपने भाई के घर की तरफ भागा। उधर भी भीड़ थी। रास्ते में मुझे एक भगवा पट्टी गिरी दिखी। भीड़ से बचने के लिए मैंने उसे माथे पर बांध लिया, ताकि दंगाई समझ सकें कि मैं भी हिंदू हूं। जैसे ही शाहपुर चौराहे पर पहुंचा, एक फोटो पत्रकार मिला। वह बेचैन था। मुझे देखकर बोला, ‘मैं काफी देर से एक गुस्सैल चेहरे की तलाश में हूं, जो हिंदुत्व का गुस्सा दिखा सके। आपका चेहरा वैसा ही लग रहा है। पीछे आग की लपटें उठ रही थीं। मैंने सड़क पर पड़ी एक लोहे की रॉड उठाई और दोनों हाथ ऊपर उठाए और कहा- ‘मेरी फोटो खींच लो।’ उसने मेरी फोटो खींची और चला गया। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उस फोटो की वजह से मैं गुजरात दंगे का चेहरा बन जाऊंगा। अगले दिन मेरी वह फोटो टीवी पर गुजरात दंगाई के रूप में दिखाई जाने लगी। उस समय इलाके के लोगों को छोड़कर किसी को पता नहीं था कि वह शख्स मैं ही हूं। ‘आपके परिवार में कौन-कौन हैं?’ कोई नहीं। तभी तो 24 साल से इस सड़क पर जिंदगी बिता रहा हूं। इसी जगह चबूतरे पर सोता हूं। कोई खाना दे दे, तो भूख मिटा लेता हूं। अभी दो दिन पहले ही मेरी भाभी की मौत हुई है। वही भाभी, जिन्होंने मुझे घर से निकाल दिया था। 1990 की बात है। 7वीं में पढ़ता था। पिताजी मोची का काम करते थे, लेकिन बीमार रहते थे। अचानक उनकी मौत हो गई। मां पहले ही गुजर गई थीं। कुछ समय तक भाई ने पिताजी का काम संभाला। हम दो भाई और दो बहनें हैं। दोनों की शादी हो चुकी थी। भाभी मुझे घर पर देखकर गाली-गलौज करती थीं। खाना नहीं देती थीं। कहतीं- जाओ, रुपए कमाकर लाओ, तब खाना मिलेगा। तुम पढ़ोगे और तुम्हारा भाई काम करेगा? उनकी बातें सुन-सुनकर परेशान हो गया था। एक दिन उनसे खूब लड़ा। भाई घर आए, तो उन्हें पता चला। उस दिन उन्होंने मुझे मारा और घर से निकाल दिया। गाली देते हुए बोले- तुम्हारी वजह से मेरी बीवी मुझे मारती है। अब लौटकर मत आना। उसके बाद मैंने पढ़ाई छोड़ दी और पिताजी की दुकान पर बैठने लगा। 5-10 रुपए की कमाई हो जाती, किसी तरह खाना खा लेता था। तब से इसी सड़क पर हूं। थोड़ा बड़ा हुआ, तो एक दूसरी बिरादरी की लड़की से प्यार हो गया। हम दोनों 5 साल साथ रहे। लड़की के घर वालों को जब पता चला, तो उन्होंने उसकी शादी कहीं और कर दी। मेरे पास कुछ था भी नहीं, शादी करके लाता, तो रखता कहां? इसलिए उसे जाने दिया। उसके बाद यह दंगा हो गया। '2002 गुजरात दंगे के बाद क्या हुआ?’ क्या बताऊं, उसके बाद तो जिंदगी दो जोड़ी कपड़ों में आ गई। टी-शर्ट, पैंट, जो अभी पहने हूं और एक जोड़ी इस अलमारी में है। रात में एक शख्स यहां अपनी ऑटो खड़ी करते हैं, उसी में सोता हूं। 2012 में दुकान के साथ मेरी एक तस्वीर वायरल हुई, तब पुलिस पकड़कर मुझे ले गई। मैंने सब सच-सच बता दिया। 14 दिन साबरमती जेल में रखा, उसके बाद छोड़ दिया। बाहर आया तो कुछ लोगों ने मुझे मारने की कोशिश की। गोली चलाई, लेकिन बच गया। अब सोचता हूं, मर ही गया होता, तो आज मौत का इंतजार न करना पड़ता। 2012 में मुझे खोजते हुए मीडिया के लोग यहां पहुंचे, तब से उनका तांता लगने लगा। मीडिया वाले आकर एक ही बात पूछते हैं। मन करता था कि भाग जाऊं, लेकिन कहां जाता? टीवी पर, नेताओं के भाषणों में, जहां भी गुजरात दंगे का जिक्र होता, मेरी तस्वीर दिखाई जाती। कई बार मैं हिंदू नेताओं के पास गया और कहा- हिंदुत्व के नाम पर मेरी तस्वीर इस्तेमाल करते हो, रहने के लिए एक छत ही दे दीजिए। कोई काम दे दीजिए, ताकि घर बसा सकूं। वे कहते- तुम्हें अपनी जाति का पता है…? और भगा देते। उसके बाद मैंने हिंदुओं के धार्मिक कार्यक्रमों में जाना बंद कर दिया। इस बातचीत के दौरान अब यहां लोग जमा होने लगे हैं। अशोक कई बार कह चुके हैं- अब रहने दीजिए। चलिए, खाना खिला दीजिए, वर्ना 3 बजे के बाद होटल बंद हो जाएंगे। हम दोनों ऑटो से खाना खाने निकल जाते हैं। वह बताते हैं- आप लोगों से बात करते हुए मुझे पुरानी बातें याद आने लगती हैं। सोचकर पागल हो जाता हूं। यहां लोग मुझे दो वक्त खाना खिला देते हैं। जरूरत पड़ने पर 50-100 रुपए भी दे देते हैं। राजस्थानी और मुस्लिम मेरी काफी मदद करते हैं। सोचिए, मुझे 5 करोड़ गुजरातियों का चेहरा बताया गया, लेकिन कोई पूछता नहीं। ऑटो रुकते ही एक होटल में जाते हैं। दोनों यहां खाना खाते हैं। वापस लौटते हुए अशोक कहते हैं, 'कुछ पैसे हों तो दे दीजिए, जेब में सिर्फ 20 रुपए हैं।’ मैं कुछ पैसे उनकी जेब में डालते हुए ‘सोनी की चाली’ इलाके की ओर निकल पड़ता हूं। गुजरात दंगे के दूसरे ‘पोस्टर बॉय’ कुतुबुद्दीन अंसारी के घर। कुतुबुद्दीन उस वक्त 28 साल के थे। यहां पहुंचने पर पता चला कि वह ऊपरी माले पर सिलाई का काम कर रहे हैं। एक पतली सीढ़ी से ऊपर पहुंचता हूं। मुझे देखते ही वह कहते हैं- जब कोई मुझे गुजरात दंगे का पोस्टर बॉय कहता है, तो दुख होता है। मेरा अपना नाम है। चाहता हूं कि लोग उसी नाम से बुलाएं। अब उन बातों पर चर्चा नहीं करना चाहता। मेरे बच्चे बड़े हो गए हैं। जो बेटा दंगे के वक्त मेरी पत्नी की कोख में था, उसकी हाल ही में शादी हुई है। अब बेटा-बहू डांटते हैं कि अब्बू कब तक उन बातों को दोहराते रहोगे। अच्छा नहीं लगता… इसलिए अब उन सब के बारे में बात नहीं करना चाहता। कई बार गुजारिश करता हूं, तब वह बातचीत के लिए राजी होते हैं। ऊपर माले से नीचे आकर एक कमरे में बैठते हैं। बातचीत शुरू करते ही कहते हैं- उस तस्वीर ने मेरी पूरी जिंदगी चौपट कर दी। अब अल्लाह के करम से दो वक्त की रोटी खा रहा हूं और परिवार के साथ शांति से हूं। दरअसल, यहां नरोडा हाईवे के एक तरफ दंगा भड़का। उसके बाद जगह-जगह लाशें बिछ गईं। उनके हाथों में बम-बारूद, पेट्रोल और जलते हुए टायर थे- भयावह मंजर था। दंगाई सड़क पर मुसलमान को देखते ही तलवार से काट रहे थे। उस दिन अच्छा था कि पुलिस की एक गाड़ी पहुंची और हमें किसी तरह एक राहत कैंप में लेकर गई। वहां रहने-खाने की सुविधा नहीं थी। उस समय मेरी पत्नी 5 महीने की गर्भवती थी। गोद में डेढ़ साल की बेटी भी थी। ऐसा लग रहा था कि दंगाई कभी भी यहां आ सकते हैं। खैर, एक-दो दिन में दंगा थोड़ा शांत हुआ। लगा कि शायद सब ठीक हो रहा है। मैं पत्नी-बेटी को लेकर राहत कैंप से घर लौट आया। बस्ती में बमुश्किल दो-चार घरों में ही लोग बचे थे। कुछ मारे गए थे, बाकी भाग चुके थे। लेकिन 1 मार्च 2002 को दोपहर 2 बजे अचानक फिर से दंगाई पेट्रोल बम और तलवार लेकर बस्ती में पहुंचे। वे दुकानों में आग लगाने लगे। मुसलमान मिलता तो उसे मार देते। गर्भवती महिलाओं के पेट में तलवार घोंप रहे थे। मैं यह सब घर की दूसरी मंजिल की दीवार के एक झरोखे से देख रहा था। अब तय हो गया था कि दंगाई हमारे घर में भी घुसेंगे और मार देंगे। आखिरी वक्त में बस अल्लाह का नाम ले रहा था। तभी सामने से पुलिस की गाड़ी दिखी, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी बैठे थे। मैं झरोखे से जोर-जोर से चीख रहा था- साहब, बचा लो! जब लगा कि मेरी आवाज उन तक नहीं पहुंच रही, तो बालकनी में आकर चिल्लाने लगा। उसके बाद कुछ पुलिसकर्मी तुरंत गाड़ी से उतरे और मेरे पास पहुंचे। मैं उनके सामने हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगने लगा। उसी गाड़ी में बैठे एक पत्रकार ने मेरी रोती-बिलखती, हाथ जोड़े तस्वीर खींच ली। उसके बाद पुलिस हमें राहत कैंप में ले गई। अगले दिन मेरी तस्वीर पीड़ित मुसलमानों के चेहरे के रूप में अखबारों में छपी। एक-दो दिनों में यही तस्वीर हर जगह फैल गई। उसके बाद पत्रकार इस तस्वीर के जरिए मुझे खोजने लगे। राहत कैंप में कुछ पत्रकारों ने मुझे पहचान लिया। इसके बाद मेरी तस्वीर लगातार छपने लगी- एक तरफ हिंदुत्व के चेहरे के रूप में अशोक परमार की और दूसरी तरफ पीड़ित मुसलमान के रूप में मेरी। ‘आप उस वक्त भी सिलाई करते थे?’ हां, यह हमारा खानदानी काम है। दंगे से पहले मैं अहमदाबाद की एक बड़ी फैक्ट्री में काम करता था। वहां सुनील नाम का एक दोस्त था। वह मुझे घर से लेकर जाता और वापस छोड़ता भी था। 27 फरवरी को जब गोधरा कांड हुआ, तो शाम में फैक्ट्री में घोषणा हुई कि बाहर माहौल ठीक नहीं है। सभी घर चले जाएं। दंगा रुकने तक फैक्ट्री बंद रहेगी। उसके बाद मैं घर आ गया। जब मेरी फोटो आई, तो मीडिया और पार्टियों के नेता मेरे पास आने लगे। उस दौरान कई महीने तक इलाके में कर्फ्यू लगा रहा। यह नया घर 2008 में बनवाया था। इससे कुछ ही दूर मेरे हिंदू दोस्त सुनील का घर था, लेकिन उसने मुझसे बात करना बंद कर दिया। फैक्ट्री में करीब एक साल काम किया था, लेकिन मालिक ने निकाल दिया। उनका कहना था- मीडिया वाले तुम्हारा इंटरव्यू ले रहे हैं, भीड़ लग रही है, इसलिए तुम्हें नहीं रख सकते। नौकरी गई, तो सोचा था कि काश उस दंगे में मर गया होता, तो यह न होता। दिन-रात मीडिया वाले घर के बाहर जमे रहते थे। काम-धंधा चौपट हो गया था, जहां भी गुजरात दंगों में मारे गए मुसलमानों की बात होती, मेरी ही तस्वीर दिखाई जाती। तंग आकर मैंने शहर छोड़ दिया और कोलकाता चला गया। तीन-चार साल वहां रहा, फिर चुपके से अहमदाबाद लौट आया। इसी बीच कुछ समाजसेवी संस्थाओं ने बुलाकर कहा- गुमनाम रहने से कुछ नहीं होगा। जिंदा बचे हो, तो लोग पूछेंगे ही, इसी में जिंदगी बिताओ। इसके बाद मैंने 5,000 रुपए में पांच सिलाई मशीनें खरीदीं और घर पर काम शुरू कर दिया। लेकिन 13 सितंबर 2008 की बात है। दिल्ली में बम धमाका हुआ था। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली थी। उसने सरकार को एक मेल भेजा था, जिसमें लिखा था- 'आंख के बदले आंख’, यानी गुजरात दंगों में मारे गए मुसलमानों का बदला लेंगे। मेल के नीचे मेरी फोटो लगा दी थी। अगले दिन सुबह 7 बजे से ही मीडिया के लोग मेरे घर जमा हो गए। पत्नी और बच्चे डर गए। शाम होते-होते मुझे पुलिस उठा ले गई, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों की कोशिश से छोड़ दिया गया। 2013 में ‘राजधानी एक्सप्रेस’ फिल्म आई। उसमें मुझे आतंकवादी की तरह दिखाया गया। उसमें एक सीन में एक पुलिस अफसर के दफ्तर में मेरी फोटो लगी है, सामने एक आतंकी खड़ा है। पहले पुलिस मेरी तस्वीर पर बंदूक तानती है, फिर आतंकी को गोली मार देती है। फिल्म के बारे में दोस्तों ने बताया, तब मुझे पता चला। मैंने डायरेक्टर पर केस कर दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ और 2019 में मामला बंद कर दिया गया। मैंने उस पत्रकार से भी सवाल किया, जिसने मेरी फोटो खींची थी। उसके पास माफी के अलावा कोई जवाब नहीं था। नहीं पता था कि एक तस्वीर मेरी जिंदगी इस तरह बर्बाद कर देगी। खैर… मेरी बेटी के बच्चे की तबीयत खराब है, अब मुझे जाना होगा। शाम हो चुकी है।’ कहते-कहते वह सहम जाते हैं। कैमरा बंद करते ही कहते हैं, ‘सच कहूं, तो मुझे मोबाइल से भी डर लगता है। उस पर ऐसी ही खबरें देखकर परेशान हो जाता हूं। मेरी हालत तो फिर भी कुछ ठीक है, लेकिन अशोक का सब खत्म हो गया। वह महीने-पंद्रह दिन में खाना खाने मेरे घर आ जाता है। उसे कुछ पैसे दे देता हूं। अब क्या कर सकता हूं, मेरे भी बाल-बच्चे हैं। अब मैं 52 साल का हूं। ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-वो बेटी जैसी थी, उसके पिता बोले-तूने इसका रेप किया:25 साल बाद जेल से बरी, आज भी लगता है कोई मारने आ रहा है 57 साल के आजाद खान अपने भाई की किराने की दुकान पर बेसुध बैठे हुए हैं। तीन महीने पहले ही 25 साल बाद जेल से बाइज्जत बरी होकर आए हैं। अकेले में कुछ बुदबुदा रहे हैं। पूछने पर कहते हैं- पूरी जिंदगी काल-कोठरी में गुजार दी। अब किसी से क्या ही बात करूं, क्या ही बचा है! पूरी कहानी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-हट्टा-कट्टा भर्ती हुआ, फौज ने विकलांग बनाकर भेज दिया:8 महीने कोमा में रहा, होश आया तो पता चला- मुझे आर्मी से निकाल दिया ‘डेढ़ महीने से मुझे ‘महाराजा’ पनिशमेंट दी जा रही थी, जिसमें सिर के बल डेढ़-डेढ़ घंटे रहना होता था। एक दिन मैं बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहा था। तभी एक जोरदार पंच मेरे सिर पर लगा और मैं गिर पड़ा। अफसर चिल्लाए- चेतन, उठो और लड़ो। मैंने कहा- अब नहीं लड़ पाऊंगा, सर। लेकिन उन्होंने कहा- नहीं चेतन, तुम्हें भिड़ना होगा। पूरी कहानी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 16 Apr 2026 5:04 am

क्या बंगाल में BJP-RSS का माइक्रो मैनेजमेंट बनेगा गेमचेंजर:जीत की 12 स्ट्रैटजी; हिंदुओं की वोटिंग बढ़ाने, डर खत्म करने के लिए अलग टीमें

पश्चिम बंगाल की सियासत में इस बार कुछ बड़ा पक रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले BJP और RSS खामोशी से अब तक की सबसे बड़ी बिसात बिछा चुके हैं। बूथ से लेकर बॉर्डर तक संगठन एक्टिव हैं। BJP ने सीनियर लीडर रहीं सुषमा स्वराज का फॉर्मूला ‘1 बूथ-10 यूथ’ पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर लागू किया है। क्या है BJP-RSS की 12 रणनीतियां, जो बंगाल की राजनीति का समीकरण बदल सकती है, यही समझने के लिए हम कोलकाता पहुंचे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों का चुनावी माहौल देखा। इसे जितना समझने की कोशिश की, तस्वीर उतनी ही उलझती गई। लोग कह रहे हैं, ‘इस बार बंगाल की राजनीति और मौसम, दोनों का मिजाज एक जैसा है। कब क्या बदल जाए, कहना मुश्किल है। कुछ लोगों का मानना है कि ममता बनर्जी की वापसी लगभग तय है। उनके मुताबिक BJP की सीटें बढ़ सकती हैं, लेकिन सरकार बनाना आसान नहीं होगा। एक वर्ग ये मानता है कि BJP का चुनावी गणित सही बैठ गया, तो सत्ता परिवर्तन बड़ी बात नहीं होगी। 2021 की एक भूल से सबक, BJP ने भी रणनीति बदलीडॉ. धनपत राम अग्रवाल, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक हैं। ये संगठन RSS से जुड़ा है और पश्चिम बंगाल में एक्टिव है। डॉ. अग्रवाल बताते हैं, ‘BJP को 2021 में ही सरकार बनाने की उम्मीद थी। उसे 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें मिली थीं। लोकसभा की एक सीट पर विधानसभा की एवरेज 7 सीटें होती है। पार्टी का गणित था कि विधानसभा चुनाव में 18 7 यानी 126 सीटेें मिल जाएंगी। रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और सिर्फ 77 सीटें मिलीं।’ ‘BJP ने माना कि संगठन की कुछ गलतियां थी। बीते 5 साल में बूथ लेवल तक सुधार किया गया। सभी रीजन- सेंट्रल, नॉर्थ, साउथ बंगाल और जंगल महाल में बूथ लेवल तक तैयारी की गई है। उम्मीद है कि BJP 150 से ज्यादा सीटें जीतेगी।’ BJP की नई स्ट्रैटजी, बॉटम टू टॉप अप्रोचBJP का फोकस किसान, युवा, महिला, व्यापारी और मजदूरों पर है। इन वर्गों से अलग-अलग बैठकें कर उनके सुझाव मेनिफेस्टो में शामिल किए गए। पार्टी इसे बॉटम टू अप स्ट्रैटजी बता रही है। इस बार प्रचार के शोर से ज्यादा माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर है। ये 4 हिस्सों में है… 1. वन बूथ-टेन यूथ ये सुषमा स्वराज का दिया फॉर्मूला है। हर बूथ पर 10 युवाओं की टोली तैनात है। उनके साथ अनुभवी कन्वीनर (संयोजक) काम कर रहे है। मंडल स्तर के कार्यकर्ता भी लगे है। कोई बूथ ऐसा नहीं है, जहां BJP के कार्यकर्ता एक्टिव न हों। 2. YM, यानी युवा और महिला फैक्टरBJP की इंटरनल रिपोर्ट में महिलाएं और युवा निर्णायक वोटर समूह के तौर पर सामने आए हैं। इसलिए पार्टी संदेशखाली और आरजीकर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर से रेप की घटनाओं के जरिए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां पुरुषों का पलायन ज्यादा है। बंगाल में करीब 3.26 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में 50% महिलाओं ने TMC को वोट दिया था। इसकी वजह लक्ष्मी भंडार योजना को माना गया। इसके मुकाबले इस बार BJP ने अन्नपूर्णा योजना के तहत 3 हजार रुपए देने का वादा किया है। राज्य में रोजगार और शिक्षा की स्थिति BJP के चुनावी नैरेटिव का अहम हिस्सा है। पार्टी दावा करती है कि इंडस्ट्री में निवेश ठहरा हुआ है। 6800 कंपनियां राज्य छोड़ चुकी हैं। लॉ एंड ऑर्डर की वजह से निवेश नहीं आ रहा है और राज्य पर कर्ज बढ़ा है। 3. दलबदलुओं को तवज्जो नहीं2021 में BJP ने दूसरी पार्टियों से आए 100 से ज्यादा नेताओं को टिकट दिए थे। इनमें ज्यादातर TMC से थे। इससे BJP के पुराने कार्यकर्ता नाराज हो गए। कई नेता चुनाव हारने के बाद TMC में वापस चले गए। इस बार पार्टी ज्यादा अलर्ट रही। दलबदलुओं की बजाय पार्टी नेताओं को तरजीह दी गई। 4. मुस्लिमों को टिकट नहीं BJP ने इस बार एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया। 2021 में 6 मुस्लिम कैंडिडेट थे। पार्टी बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा काे भी मुद्दा बना रही है। BJP का ये भी दावा है कि मुस्लिमों का एक धड़ा ममता सरकार से नाराज है। बदलती डेमोग्राफी और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा फैक्टरबांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा और दीपू दास की हत्या भी एक फैक्टर है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे बांग्लादेश बन रहा है। घुसपैठियों की वजह से सीमा से सटे जिलों की डेमोग्राफी बदल रही है। पश्चिम बंगाल की जमीन का इस्तेमाल बिहार, झारखंड, पूर्वांचल और सीमांचल की डेमोग्राफी बदलने के लिए किया जा रहा है।’ समिक भट्टाचार्य बताते हैं, ‘इस बार चुनाव जनता और तृणमूल कांग्रेस के बीच है। हमने तैयारी कर ली है। पहाड़ से समुद्र तक, कूचबिहार से काकद्वीप तक, दार्जिलिंग से आसनसोल तक, गंगोत्री से गंगासागर तक इस बार BJP की सरकार बनेगी।’ लोगों से बिना डरे वोट देने की अपील, लेकिन RSS पदाधिकारी खुद डरेRSS से जुड़े संगठन पर्चे बांटकर राष्ट्रवादी पार्टी को वोट देने की अपील कर रहा है। पदाधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं से NOTA का इस्तेमाल न करने की अपील की जा रही है, ताकि वे स्थिर सरकार चुनें। लोगों से कहा गया है कि वे सुबह-सुबह वोट डालने जाएं, क्योंकि दोपहर 12 बजे के बाद कई इलाकों में वोटिंग के दौरान गड़बड़ी और हंगामे की आशंका बढ़ जाती है। RSS का रीजनल ऑफिस ‘केशव भवन’ कोलकाता में है। यहां मिले पदाधिकारियों ने कैमरे पर बात नहीं की। हालांकि, एक पदाधिकारी बोले कि अगर TMC के लोग चुनाव में हमें मारेंगे, तो इस बार हम भी उन्हें मारेंगे। फिर तुरंत बोले, ‘ये लिखिएगा मत, वरना वे मुझे जेल में डाल सकते हैं।’ उनकी बात में डर था। हैरानी हुई कि आम लोगों से बिना डरे वोटिंग की अपील करने वाले RSS के लोग खुद इतना डरे हुए हैं। VHP का दावा: BJP 150 सीट जीतकर सरकार बनाएगी, TMC के एक करोड़ वोट घटेंगेRSS पदाधिकारी ने हमारी बात विश्व हिंदू परिषद के नेता सचिंद्रनाथ सिंह से करवाई। वे दावा करते हैं, ‘इस बार BJP 150 सीटें जीतकर बंगाल में सरकार बनाएगी। यह सिर्फ चुनावी उम्मीद नहीं, बल्कि सौ साल की हिंदुत्व साधना की सिद्धि का परिणाम होगा।’ सचिंद्रनाथ सिंह आरोप लगाते हैं कि TMC के कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं पर दबाव बनाते हैं। बच्चों के सिर पर हाथ रखकर TMC को वोट देने की कसम दिलाते हैं। इससे निपटने के लिए गांवों में क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई जा रही हैं। ये संवेदनशील बूथों के बारे में चुनाव आयोग को जानकारी देंगी। वोटों का गणित समझाते हुए सचिंद्रनाथ सिंह कहते हैं, ‘पिछले विधानसभा चुनाव में BJP को करीब 2.3 करोड़ और TMC को 2.9 करोड़ वोट मिले थे। SIR से TMC के एक करोड़ वोट घट सकते हैं।’ पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा 4.5 लाख नाम मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद से कम हुए हैं। नॉर्थ 24 परगना में 3.25 नाम हटाए गए हैं। हालांकि हटाए गए वोटर को इसके खिलाफ अपील का एक मौका मिलेगा। जंगल महाल और नॉर्थ बंगाल में BJP मजबूत, साउथ बंगाल TMC का पावर हाउस2021 के विधानसभा चुनाव में BJP नॉर्थ बंगाल में सबसे मजबूत थी। यहां की 54 सीटों में से BJP को 30 और TMC को 24 सीटें मिलीं। कूचबिहार और अलीपुरद्वार में पार्टी ने क्लीन स्वीप किया। जंगलमहाल की 42 सीटों में 17 BJP और 25 TMC को मिली थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां BJP आगे थी, लेकिन 2021 में TMC ने वापसी की। इस बार BJP दोनों इलाकों को सेफ जोन मान रही है। साउथ बंगाल TMC का सबसे मजबूत गढ़ है। यहां मुस्लिम और शहरी लिबरल वोटर ज्यादा हैं। यहां की 167 सीटों में 153 TMC ने जीती थीं। नॉर्थ और साउथ 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता में उसे एकतरफा जीत मिली थी। BJP को सिर्फ 14 सीटें मिलीं। ये जीत मतुआ आबादी वाले इलाकों में मिले। इस बार BJP यहां उन हिंदू वोटर्स तक पहुंच रही है, जो डर की वजह से वोट डालने नहीं निकलते। पांच पत्तों की इकोनॉमी पर नजर, मतुआ-राजबंशी तक पहुंचा RSSझारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा के अलावा उत्तर बंगाल में आदिवासी आबादी है। इनकी रोजी-रोटी चाय, साल, तेंदू, पान और तंबाकू के पत्तों से चलती है। बंगाल में करीब 42 से 45 लाख आदिवासी वोटर हैं। राज्य की 294 सीटों में से 16 सीटें ST के लिए रिजर्व हैं, लेकिन आदिवासियों का प्रभाव 45 से 50 सीटों पर है। RSS ने इनके इलाकों में शाखाएं बढ़ाईं, स्कूल खोले और स्थानीय त्योहारों के जरिए उनके बीच जगह बनाई। BJP चुनाव में इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है। खासकर जंगलमहाल में, जहां पहले लेफ्ट पार्टियों का मजबूत वोट बैंक था। धीरे–धीरे ये BJP में शिफ्ट हो गया। इसके अलावा BJP ने मतुआ, राजवंशी और बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने के लिए काम किया। CAA का सबसे ज्यादा असर नॉर्थ 24 परगना, नादिया कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में है। 2021 के चुनाव के बाद RSS ने बॉर्डर वाले इलाकों में शाखाएं बढ़ाई हैं। मतुआ बांग्लादेश से आए शरणार्थी हैं। बंगाल की आबादी में इनकी हिस्सेदारी 4% से 5% है। दलित आबादी में ये करीब 17% हैं। ये समुदाय नादिया, नॉर्थ और साउथ 24 परगना में रहता है और करीब 15 सीटों पर जीत-हार तय करता है। इसी तरह राजबंशी समुदाय कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग की 54 सीटों में से करीब 25-30 सीटों पर निर्णायक हैं। एक्सपर्ट बोले- ममता सरकार के खिलाफ गुस्सा, लेकिन BJP भुना नहीं पा रहीपश्चिम बंगाल की राजनीति पर रिसर्च कर रहे रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बिश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं, ‘पिछले 3-4 चुनावों में TMC ने 30% जीत डर के माहौल से हासिल की है। वे BJP समर्थकों को डराते हैं कि वोट दोगे, तो घर से निकाल देंगे। लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा नहीं मिलेगा, बूथ पर कैमरे से देख लेंगे।’ ‘इस बार चुनाव आयोग ने सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन डर का माहौल फिर भी बना हुआ है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हिंसा के जरिए जीतने की प्रवृत्ति रही है। हाल में मालदा और मुर्शिदाबाद में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, यानी SIR का काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर हमले इसके उदाहरण हैं।’ उन्होंने कहा, ‘TMC और ममता बनर्जी के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी है, लेकिन इसका फायदा BJP को नहीं मिलेगा। BJP के संगठन में कमियां हैं। ये कमियां 2021 में भी थीं। BJP ने ममता के खिलाफ मजबूत CM फेस नहीं दिया। शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा में एक्टिव रखा, लेकिन संगठन में उनसे मतभेद रहे।’ ‘पिछले चुनाव के मुकाबले RSS बंगाल में ज्यादा एक्टिव दिख रहा है। BJP का बूथ पर मजबूत संगठन नहीं है, लेकिन RSS के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। PM मोदी और अमित शाह की रैलियों से डोर-टू-डोर कैंपेन तक RSS का योगदान है।’ ‘पिछले 5 साल में ममता सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन BJP बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं कर पाई। पार्टी के सीनियर नेता मानते रहे कि गुजरात या मध्य प्रदेश में बिना किसी आंदोलन के सरकार बनी। ऐसे में बंगाल में आंदोलन से फायदा नहीं होगा, लेकिन यहां की राजनीति में आंदोलन जरूरी होते हैं। इसी वजह से BJP का संगठन मजबूत नहीं हो सका।’ प्रो. चक्रवर्ती आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में डेमोग्राफिक बदलाव हुआ है। राज्य में 35% मुस्लिम आबादी है। ये 146 विधानसभा सीटों में 20% से 80% तक हैं। यहां लेफ्ट-लिबरल वोटर भी मजबूत हैं। लेफ्ट परंपरा काफी लंबी रही है। प्रेसिडेंसी कॉलेज, कलकत्ता यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों से निकले लिबरल सोच वाले लोग ममता के खिलाफ तो हैं, लेकिन BJP की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेंगे।’ प्रो. चक्रवर्ती के मुताबिक, ‘BJP ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और मुर्शिदाबाद दंगों जैसे मुद्दे उठाए हैं। 2021 में BJP को लगभग 94% और 2024 के लोकसभा चुनाव में 95% हिंदू वोट मिले। इसमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है।’ ………………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 16 Apr 2026 4:59 am

‘तौसीफ बोला- शिव भगवान नहीं, ब्रह्माजी को गाली दी’:हनीमून की डिटेल पूछता, प्राइवेट पार्ट घूरता; TCS केस में अब तक कितने खुलासे

‘मई 2025 की बात है, मैंने सोमवार का व्रत रखा था। तभी तौसीफ अत्तार पास आया और मेरे टेबल पर रखी महादेव की मूर्ति देखकर बोला कि क्या ये सच में भगवान हैं। अगर पार्वती ने गणेश को जन्म दिया, तो इन्हें क्यों नहीं पता था। फिर हंसने लगा। वो अक्सर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाता था। एक दिन उसने कहा कि ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ गलत काम किया था।‘ ‘तौसीफ ऑफिस में बिजनेस प्रोसेस लीडर है। हम एक टीम में नहीं थे, फिर भी वो मेरे पास आता और निजी जिंदगी के बारे में बातें करता। पूछता कि क्या तुम्हारा बॉयफ्रेंड है। वो ऑफिस की लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और आंख मारता। मैंने सीनियर्स से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ, इसलिए पुलिस के पास जाना पड़ा।‘ ये आपबीती 25 साल की उस लड़की की है, जिसकी शिकायत के बाद नासिक पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 7 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच 9 महिलाओं ने FIR दर्ज कराई। उन्होंने कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर पर सेक्शुअल हैरेसमेंट समेत जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। नई फीमेल वर्कर्स को टारगेट कर ब्रेनवॉश का पैटर्न हमने जांच कर रही नासिक पुलिस की SIT के अफसर से बात की। उन्होंने बताया कि मामले के तार ह्यूमन ट्रैफिकिंग, धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग से भी जुड़े हो सकते हैं। इसकी जांच हो रही है। आरोपियों के बैकग्राउंड और ऑफिशियल रिकॉर्ड्स देखे जा रहे हैं। पीड़ित महिलाएं महाराष्ट्र पुलिस की निगरानी में हैं। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है।‘ ‘ज्यादातर गवाही में पाया गया कि पीड़ित महिलाओं को पहले अलग-अलग तरीकों से अप्रोच किया गया। फिर नौकरी के दबाव, प्रमोशन और काम सिखाने के बहाने टारगेट किया गया। पुलिस ने बयानों के आधार पर TCS कंपनी के दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, आसिफ अंसारी, शफी शेख और अश्विनी चनानी को गिरफ्तार किया है। कंपनी की HR मैनेजर निदा खान अभी फरार हैं।’ 9 में से 3 महिलाओं की FIR मिली…पहली पीड़ितसीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, 'क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।' वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, 'क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। दूसरी पीड़ित‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?' मैंने कहा- 'छाछ पी रही हूं।' उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ तीसरी पीड़ितभगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ 40 दिन के 'अंडरकवर ऑपरेशन' से खुलासा मामले की जांच कर रहे SIT चीफ और सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके कहते हैं कि नासिक पुलिस को जांच के दौरान अहम बातें पता चलीं। जांच टीम के एक सीनियर अफसर नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं, ‘फरवरी में कुछ लड़कियों ने हमसे गोपनीय तरीके से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि कंपनी में बहुत खराब माहौल है, लड़कियां खुलकर बोलने से डर रही हैं। आरोपों की सच्चाई जानने के लिए हमने पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के निर्देश पर एक प्लान बनाया।‘ 7 महिला पुलिसकर्मियों को अंडरकवर तैनात किया गया। ये हाउसकीपिंग स्टाफ और बाकी छोटे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के तौर पर कंपनी के अंदर गईं। ‘ऑफिसर्स ने 40 दिनों तक नजर रखी कि क्या आरोपी मीटिंग में या महिला कर्मचारियों के वर्क स्टेशन पर दुर्व्यवहार कर रहे थे। ये अंडरकवर ड्यूटी के बाद हर दिन सीनियर्स को अपडेट देती थीं।‘ जांच के दौरान एक महिला कर्मचारी ने 26 मार्च को देवलाली पुलिस स्टेशन में पहली FIR दर्ज कराई। उसने कंपनी के सीनियर अधिकारी पर रेप का आरोप लगाया। 2 अप्रैल तक कुल 9 केस दर्ज हुए। इनमें आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी स्टाफ सस्पेंड, TCS चेयरमैन बोले- केस परेशान करने वाला टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि ये केस परेशान करने वाला है। हम पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। TCS किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति लंबे समय से 'जीरो टॉलरेंस' अपनाता रहा है। इस मामले में भी कंपनी सख्त रुख अपना रही है। सरकारी वकील बोलीं- कंपनी की ऑपरेशंस हेड ने आरोपियों की मदद की पीड़ित पक्ष की सरकारी वकील किरण बेंडभर कहती हैं, ‘ये गंभीर मामला है, जिसमें पीड़ित के यौन उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं। साथ ही आरोपियों ने वर्कप्लेस में कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार किया।‘ ‘जांच में पाया गया है कि कंपनी की ऑपरेशंस हेड ने POSH यानी यौन उत्पीड़न के लिए रोकथाम समिति की सदस्य होने के बावजूद शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि आरोपियों की मदद की। इससे उनकी हिम्मत बढ़ी और वे दूसरी महिलाओं को भी परेशान करने लगे।‘ ………………ये खबर भी पढ़ें… कैप्टन बाबा के 58 अश्लील वीडियो, कहता था, ‘मैं शिव का अवतार, संबंध बनाओ, पवित्र हो जाओगी’ ‘शादी के बाद मुझे बेटा नहीं हो रहा था। ससुराल में ताने मिलते थे। तंग आकर मैं कैप्टन बाबा के पास गई। बाबा ने गारंटी दी कि तंत्र-पूजा से सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने मुझे तांबे के लोटे से पानी पिलाया और कुछ खाने को दिया। थोड़ी देर बाद मेरा सिर घूमने लगा और शरीर सुन्न पड़ गया। इसी का फायदा उठाकर बाबा ने मेरा रेप किया और बोला- मैं शिव का अवतार हूं, मेरे साथ संबंध बनाकर तुम पवित्र हो गई हो।’ पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 16 Apr 2026 4:59 am