उदयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने धर्म, संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए जीवनभर संघर्ष किया और उनका जीवन सत्ता प्राप्ति का नहीं, बल्कि लोककल्याण, आदर्श शासन और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का उदाहरण है। डॉ भागवत हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष […] The post प्रताप का जीवन सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि लोककल्याण और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का उदाहरण : मोहन भागवत appeared first on Sabguru News .
मोदी शांत, संयमित और पूरी तरह विजेता, G7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने की PM मोदी की तारीफ
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की। विश्व नेताओं की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यकारी लंच के दौरान ट्रंप ने मोदी को 'शांत, संयमित और पूरी तरह विजेता' बताते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की। फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने G7 देशों और साझेदार देशों के नेताओं के साथ आउटरीच सत्र में भाग लिया। इसी दौरान ट्रंप और मोदी के बीच 16 महीनों से अधिक समय बाद आमने-सामने मुलाकात भी हुई। ALSO READ: Pixel यूजर्स को मिलेगा नया Bubbles फीचर, फोल्डेबल गेमिंग मोड और दमदार सुरक्षा अपग्रेड, Android 17 अपडेट जारी 'मोदी शांत और संयमित हैं': ट्रंप हल्के-फुल्के अंदाज में ट्रंप ने अपनी तुलना प्रधानमंत्री मोदी से करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी की तरह मैं शांत, संयमित और पूरी तरह विजेता नहीं हूं। उन्हें देखिए। डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कई बार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और राजनीतिक अनुभव की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देते हुए उन्हें मजबूत, स्वस्थ और बुद्धिमान नेता बताया था। ALSO READ: What is the TRAI DND app : स्पैम कॉल और फालतू प्रमोशनल मैसेज से मिलेगा छुटकारा, मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ा फायदा द्विपक्षीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा G7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार दोनों नेता भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े सुरक्षा मुद्दे, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल हो सकते हैं। दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापारिक मतभेदों और बदलते भू-राजनीतिक हालात पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। 16 महीने बाद आमने-सामने मुलाकात मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की 16 महीनों बाद पहली प्रत्यक्ष मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दुनिया के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सम्मेलन स्थल से सामने आए दृश्यों में प्रधानमंत्री मोदी मुस्कुराते हुए ट्रंप का अभिवादन करते नजर आए, जिसके बाद दोनों नेता अन्य वैश्विक नेताओं के साथ आउटरीच सत्र में शामिल हुए। Edited by : Sudhir Sharma
Trump U-turn on Iran deal: अभी दो दिन पहले ही दुनिया ने राहत की सांस ली थी, जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए। लगा कि मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध अब शांत होगी। लेकिन, फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने एक बार फिर पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। इसे ट्रंप का सबसे बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। दरअसल, ट्रंप ने साफ किया है कि इस MOU को कोई 'अंतिम समझौता' न समझे। अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली में ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है, यह सिर्फ एक MOU है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया या ईरान ने ढंग से व्यवहार नहीं किया, तो हम सीधे उनके सिर के ठीक बीचोबीच बम गिराना शुरू कर देंगे... क्योंकि उन्होंने 47 वर्षों तक दुर्व्यवहार किया है। ट्रंप के इस बयान ने कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच 60 दिनों की समय-सीमा के भीतर व्यापक वार्ता होनी है, जिसे ट्रंप ने 'लचीला' बताया है। ALSO READ: मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले अमेरिका का बड़ा फैसला: सैन्य कमांड से हटा 'इंडो' शब्द, फिर हुआ 'US पैसिफिक कमांड' क्या कहती है अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट दूसरी ओर, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट ने दुनिया भर में खलबली मचा दी है। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएस खुफिया विभाग की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने अब वह ताकत हासिल कर ली है कि वह जब चाहे 'होर्मुज समुद्री मार्ग' को पूरी तरह बंद कर सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तेहरान के पास अब एक ऐसा हथियार है जो किसी भी परमाणु बम से ज्यादा शक्तिशाली है। इस जलमार्ग से दुनिया भर में तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का एक बड़ा हिस्सा निर्यात किया जाता है। एक तरफ राहत के संकेत इस यू-टर्न से ठीक पहले ट्रंप ने होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति पर संतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि महीनों के गतिरोध के बाद अब वहां से तेल टैंकर गुजरने लगे हैं, तेल की आपूर्ति बहाल हो रही है, कीमतें गिर रही हैं और शेयर बाजार मजबूत हो रहा है। उन्होंने इस समझौते की तुलना ओबामा काल के 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से करते हुए इसे परमाणु हथियारों के खिलाफ एक 'मजबूत दीवार' बताया था। लेकिन, ट्रंप के ताजा रुख ने बड़ी शिपिंग कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को फिर से चौकन्ना कर दिया है। ALSO READ: अमेरिका-ईरान डील मानने से इजराइल का साफ इनकार, 300 अरब डॉलर के फंड पर ट्रंप के बयान से मचा बवाल यदि यह समझौता टूटा तो क्या असर होगा? महंगाई और आर्थिक मंदी : अगर ट्रंप इस समझौते से पूरी तरह पलट जाते हैं और यह कूटनीतिक प्रयास विफल रहता है, तो वैश्विक स्तर पर इसके बेहद विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइफलाइन है। यदि अमेरिका और ईरान में दोबारा टकराव होता है, तो यह मार्ग पूरी तरह ठप हो जाएगा। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे पूरी दुनिया में रिकॉर्ड तोड़ महंगाई और आर्थिक मंदी (Global Recession) आ सकती है। फिर महायुद्ध की शुरुआत : ट्रंप की 'सिर के बीचोबीच बम गिराने' की धमकी अगर हकीकत में बदली, तो यह केवल अमेरिका-ईरान की जंग नहीं रहेगी। ईरान के सहयोगी देश और इजराइल-अमेरिका समर्थित देश आमने-सामने आ जाएंगे, जिससे पूरा मध्य पूर्व एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ जाएगा। परमाणु हथियारों की अंधी दौड़ : समझौता टूटने का सीधा मतलब होगा कि ईरान पर से सभी कूटनीतिक अंकुश हट जाएंगे। ऐसे में ईरान तेजी से परमाणु बम बनाने की ओर कदम बढ़ाएगा, जिससे सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देश भी असुरक्षित महसूस करेंगे और पूरे क्षेत्र में परमाणु हथियार हासिल करने की एक खतरनाक होड़ शुरू हो जाएगी। वैश्विक कूटनीति पर से भरोसा उठना : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाशक्तियों के समझौतों की विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी। अगर अमेरिका बार-बार अपने ही हस्ताक्षरित समझौतों और MOU से पीछे हटेगा, तो भविष्य में कोई भी देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय संधि पर भरोसा नहीं करेगा। सबसे अहम बात तो यह है कि ईरान भी ट्रंप पर पूरी तरह से भरोसा नहीं कर रहा है। ईरान का कहना है कि उसका रुख सतर्कतापूर्ण होगा। क्योंकि उसे ट्रंप की बातों पर भरोसा नहीं है क्योंकि वे अपनी ही कही बातों से पलट जाते हैं। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
14 जून को TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने गुमनाम सी पार्टी NCPI में विलय कर लिया। आज शिवसेना (उद्धव गुट) के 9 से 6 लोकसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी। इससे पहले 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी थी। ये सभी बागी BJP या NDA में शामिल हो रहे हैं। विपक्षी सांसदों की इस उछल-कूद के पीछे असली खेल क्या है, मोदी सरकार को और सांसदों का साथ क्यों चाहिए; आज के एक्सप्लेनर में इसी से जुड़े 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: मोदी सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई सांसदों का साथ क्यों चाहिए? जवाबः इसे समझने के लिए 2 महीने पीछे चलना होगा। 16 से 18 अप्रैल 2026। मोदी सरकार लोकसभा में 3 विधेयक लाई। तर्क दिया कि 2029 चुनाव तक महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए ये तीनों विधेयक पारित होने जरूरी हैं। इसमें एक संविधान संशोधन विधेयक था। इसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने और संविधान के आर्टिकल 81 और 82 में बदलाव करने के प्रावधान थे। संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है, यानी वोटिंग में आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद हों और जितने सदस्य मौजूद हैं, उनमें से कम से कम दो-तिहाई सांसद इसके पक्ष में वोट दें। सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल बताते हैं, ‘लोकसभा सीटें बढ़ाने वाला परिसीमन बिल मानसून सत्र में दोबारा जरूर लाया जाएगा और उसी के लिए सांसदों के समर्थन का आंकड़ा बढ़ाने की कवायद की जा रही है।’ NDA की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी यानी TDP के प्रमुख और आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी 15 जून को दावा किया है कि केंद्र सरकार जल्द ही परिसीमन बिल फिर से लाएगी। महिला आरक्षण और परिसीमन साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में महिला आरक्षण लागू करने के लिए डिलिमिटेशन जरूरी है और वह इसका पूरा समर्थन करते हैं। सवाल-2: अभी दोनों सदनों में मोदी सरकार का आंकड़ा कितना है? जवाबः संसद के दोनों सदनों में NDA का आंकड़ा… लोकसभा में NDA के साथ 318 सांसद राज्यसभा में NDA के साथ 154 सांसद सवाल-3: संसद में दो-तिहाई बहुमत से कितना पीछे है सरकार, बाकी कैसे आएंगे? जवाबः फिलहाल सरकार लोकसभा में दो-तिहाई के आंकड़े से 44 सीट और राज्यसभा में 10 सीट दूर है। ये कमी कुछ छोटे क्षेत्रीय दलों से पूरी हो सकती है… 1. लोकसभा में DMK और JMM के सांसदों पर दांव 2. राज्यसभा में YSR कांग्रेस और बीजू जनता दल की जरूरत BJP परिसीमन बिल को पास कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। बंगाल और महाराष्ट्र में जो स्थितियां बनीं, वो BJP की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। आगे तमिलनाडु में DMK, बिहार में RJD और यूपी में सपा या बसपा के सांसदों पर भी दबाव बनाकर उन्हें तोड़ने की कोशिश हो सकती है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट और सीनियर पत्रकार रशीद किदवाई भी कहते हैं, ‘फिलहाल, BJP का सबसे बड़ा एजेंडा परिसीमन ही है। लॉन्ग टर्म एजेंडे में उसे विपक्षी क्षेत्रीय पार्टियों को सीमित करना है। देश में 200-250 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस का वोट शेयर महज 4-5% है। ऐसे में 2029 में कांग्रेस को सीटें जीतने के लिए क्षेत्रीय दलों और छोटी पार्टियों की जरूरत पड़ेगी। इसीलिए BJP इन पर अभी से लगाम लगा रही है।’ सवाल-4: आखिर परिसीमन बिल पारित होने से क्या हो जाएगा? जवाबः परिसीमन के बाद लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटें बढ़ेंगी। सरकार जो बिल लाई थी, उसमें लोकसभा सीटों की संख्या 550 से बढ़ाकर 850 करने की बात थी। तब गृहमंत्री अमित शाह ने इसका फॉर्मूला बताते हुए कहा था, ‘मान लीजिए कि 100 सीटें हैं, जिसमें 33% आरक्षण देना है, तो इसमें 50 सीटें बढ़ाएंगे। इस हिसाब से 150 सीट होती हैं। लोकसभा में ये राउंड ऑफ फिगर 850 है।' सरकार का कहना था कि सारे राज्यों में सीटें 'आनुपातिक रूप से' बढ़ेंगी। यानी, अगर 543 सीटों की लोकसभा में तमिलनाडु के पास 7.18% हिस्सेदारी, यानी 39 सीटें हैं, तो 850 सीटों की लोकसभा में भी 7.18% हिस्सेदारी यानी 61 सीटें होंगी। हालांकि परिसीमन विधेयक में सीटें 'आनुपातिक रूप से बढ़ाने’ की गारंटी देने वाला कोई प्रावधान नहीं है। इसके उलट संविधान का अनुच्छेद 81(2)(a) कहता है कि सीटें जनसंख्या के अनुपात में मिलेंगी, न कि सभी राज्यों में बराबर प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। इसमें भी सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया। यानी 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या के अनुपात से ही परिसीमन होगा। ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों को ज्यादा सीटें और कम जनसंख्या वाले राज्यों को कम सीटें मिलेंगी। इसीलिए दक्षिण के राज्यों को चिंता है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन हुआ, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं को होगा, क्योंकि इन राज्यों की जनसंख्या भारत के होल्ड वाले हिंदी भाषी राज्यों के मुकाबले कम है। तमिलनाडु, केरलम और आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा घाटे में होंगे। देश की पॉलिसीज से जुड़े निर्णयों में इन राज्यों का दबदबा घटेगा। 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। इससे यूपी, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा फायदा में होंगे। ये सभी हिंदी बेल्ट के राज्य हैं, जहां बीजेपी का स्ट्रॉन्ग होल्ड है। सवाल-5: क्या इससे बीजेपी को चुनावी फायदा भी मिल सकता है? जवाब: बीजेपी के पिछले तीन चुनावों के आंकड़ों के आधार पर बीजेपी के लिए अच्छे और बुरे दोनों सिनैरियो में फायदा है… 1. बीजेपी के लिए बेस्ट केस सिनैरियोः अगर 2019 का प्रदर्शन दोहराती है 2. बीजेपी के वर्स्ट केस सिनैरियो: अगर 2024 का प्रदर्शन दोहराती है *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें… क्या ममता की राजनीति अब कांग्रेस के सहारे, वापसी क्यों मुश्किल; कैसे बागी हुए 58 विधायक और 20 सांसद TMC के 58 विधायकों की टूट और अब 20 सांसदों के बागी होने का दावा। ममता बनर्जी के पास अब सिर्फ 22 विधायकों और 8 सांसदों का समर्थन बाकी है। खेमे के सांसदों से लेकर पार्टी नेताओं तक पर हमले हो रहे। इस बीच ममता लगातार दो दिन सोनिया गांधी से मिलीं। INDIA ब्लॉक की अगुवाई करने की भी इच्छा जताई। ये तक कहा जा रहा कि ममता ‘अपनी वाली TMC’ का कांग्रेस में विलय कर सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर…
संचिता उगले के निधन पर रवि किशन का रिएक्शन, बोले- सुसाइड सबसे बड़ा पाप
'कुमकुम भाग्य' और 'वागले की दुनिया' जैसे लोकप्रिय टीवी शो और फिल्म 'छावा' में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस संचिता उगले के निधन ने पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया है। संचिता ने मुंबई के नालासोपारा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद खबर ने एक बार फिर कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य और काम के माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संचिता के निधन पर भोजपुरी सुपरस्टार और लोकसभा सांसद रवि किशन ने सामाचर एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान अपनी प्रतिक्रिया दी है। रवि किशन ने देश के युवाओं में बढ़ रही सुसाइड की प्रवृत्तियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। संचिता का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि इतने कम उम्र के कलाकारों का इस तरह दुनिया छोड़ जाना बेहद दुखद है। रवि किशन ने कहा, बस कल ही, हमारे एक कलाकार, जो सिर्फ 22 साल की युवा टेलीविजन स्टार थी, उन्होंने आत्महत्या करली। यह बहुत दुखद है। इसीलिए मेडिटेशन ज़रूरी है, अध्यात्म ज़रूरी है, पूजा-पाठ ज़रूरी है, इससे थोड़ी शक्तियां मिलती हैं। सुख-दुख तो आते रहते हैं, वो आते रहेंगे। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो दुखी नहीं है, जिसे चिंता नहीं है। लेकिन ज़िंदा भी रहना है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इसके रवि किशन ने सुसाइड को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए इसे एक 'बड़ा पाप' करार दिया। उन्होंने कहा कि समय से पहले प्राण त्यागने वाली आत्माओं को मोक्ष नहीं मिलता और वे भटकती रहती हैं। संचिता के निधन के बाद उनके परिवार ने इंडस्ट्री के दबाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके पिता और भाई ने मीडिया को बताया कि संचिता पिछले कुछ समय से काफी परेशान और मानसिक तनाव में थीं। उनके भाई आकाश ने इस घटना की तुलना 2020 में हुए सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड से करते हुए कहा कि बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री का भारी दबाव युवाओं की जान ले रहा है। बता दें कि संचिता उगले ने 14 जून को शाम 7 से 7:30 बजे के बीच नालासोपारा स्थि अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। जब परिवार ने यह देखा तो आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 15 जून को संचिता के पिता की शिकायत के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है।
12 वर्षों के बाद बृहस्पति का गुरु पुष्य योग के दिन पुष्य नक्षत्र में गोचर, तुरंत करें 5 उपाय
18 जून 2026 गुरुवार को ज्योतिष की दृष्टि से एक अत्यंत दुर्लभ और महाशुभ संयोग बन रहा है, जिसे 'गुरु-पुष्य अमृत योग' कहा जाता है। गुरु पुष्य योग तब बनता है जबकि गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र रहता है, लेकिन इस बार गुरुवार के ही दिन बृहस्पति नक्षत्र परिवर्तन करके पुष्य नक्षत्र में प्रवेश भी कर रहे हैं और इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है। इस दिन चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क में गुरु और शुक्र के साथ मौजूद रहेंगे, जो सुख-समृद्धि के लिए एक अद्भुत योग है। गुरु पुष्य योग: पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा और सबसे शुभ माना जाता है। जब यह नक्षत्र गुरुवार के दिन आता है, तो 'गुरु-पुष्य योग' का निर्माण होता है। इस महायोग में सोना (Gold), चांदी, भूमि, वाहन या किसी भी नए व्यापार की शुरुआत करना अत्यंत अक्षय फलदायी माना जाता है। इस दिन किए गए निवेश या खरीदारी में लगातार वृद्धि होती है। ALSO READ: Guru Pushya Yoga 2026: गुरु पुष्य योग में पूजा और खरीदी का शुभ मुहूर्त और महत्व बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन: बृहस्पति यानी गुरु ग्रह 18 जून को शनि के नक्षत्र पुष्य में प्रवेश कर जाएंगे जहां वे 18 अगस्त तक रहेंगे। पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, जिसके देवता स्वयं बृहस्पति हैं और स्वामी शनि देव हैं। चूंकि गुरु इस समय अपनी सबसे शक्तिशाली (उच्च) स्थिति में हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक रहेगा। इससे कर्क, धनु, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि को लाभ होगा। दुर्लभ योग में करें ये 5 उपाय: 1. केसर का तिलक: गुरु ग्रह का सीधा संबंध पीले रंग और खुशहाली से है। इस गोचर के दौरान रोज सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे आपकी कुंडली में गुरु मजबूत होंगे, समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और नकारात्मक ऊर्जा आपसे कोसों दूर रहेगी। 2. विष्णु सहस्रनाम का पाठ: पुष्य नक्षत्र के देवता खुद बृहस्पति हैं और भगवान विष्णु इसके प्रधान देव हैं। इस गोचर अवधि में रोज या हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या उसे सुनें। अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, तो इस उपाय से धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे। ALSO READ: 12 साल बाद गुरु का 'महागोचर': 2 जून से कर्क राशि में आएंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा 3. 'पीली चीजों' का गुप्त दान: इस दौरान किसी मंदिर में या किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को पीले रंग की चीजें दान करें। दान में आप चने की दाल, केला, पीले वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी दे सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुष्य नक्षत्र में रहने के दौरान किया गया पीली वस्तुओं का दान घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होने देता। 4. केले के वृक्ष का पूजन (करियर और विवाह बाधा के लिए) हर गुरुवार को सुबह उठकर केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें। जल में थोड़ी सी हल्दी, चने की दाल और गुड़ जरूर मिला लें। इसके बाद वहां शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः का जाप करें। फायदा: नौकरी और बिजनेस में आ रही रुकावटें खत्म होंगी और जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उनके योग जल्दी बनेंगे। ALSO READ: शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग 5. गाय को गुड़-चना खिलाना (सेहत और आयु रक्षा के लिए) अगर आप लंबे समय से सेहत से जुड़ी समस्याओं या पेट की बीमारियों से परेशान हैं, तो इस गोचर काल में नियमित रूप से (विशेषकर गुरुवार को) गीली चने की दाल और गुड़ अपने हाथों से गाय को खिलाएं। गाय की पीठ पर हाथ फेरकर उनका आशीर्वाद लें। फायदा: गाय में साक्षात देवताओं का वास होता है। इस उपाय से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं और सेहत का वरदान मिलता है। खास टिप: इस गोचर के दौरान अपने घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुओं का पैर छूकर आशीर्वाद लेना न भूलें। उनका सम्मान करने से देवगुरु बृहस्पति बिना किसी उपाय के ही शुभ फल देने लगते हैं! ALSO READ: शुक्र का बृहस्पति की धनु राशि में गोचर: 5 राशियों पर होगा बहुत ही शुभ असर
‘वी द लीडर्स’ जन आंदोलन है : के अन्नामलाई
चेन्नई। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता और ‘वी द लीडर्स’ आंदोलन के संस्थापक के अन्नामलाई ने बुधवार को कहा कि उनका संगठन वर्तमान में एक जन-केंद्रित आंदोलन है और इसके साथ ही संकेत दिया कि भविष्य में यह एक राजनीतिक मंच बनेगा। यूट्यूब पर एक सीधे संवाद के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस […] The post ‘वी द लीडर्स’ जन आंदोलन है : के अन्नामलाई appeared first on Sabguru News .
प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर केस में पांच आरोपी अरेस्ट
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु यादव समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में हिमांशु यादव, उसका भाई, उसके दो दोस्त तथा एक ग्राम प्रधान शामिल हैं। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, […] The post प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर केस में पांच आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
गंगापुर सिटी में किसानों के प्रदर्शन के बाद रेल मार्ग पर भारी पुलिस दल तैनात
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के गंगापुर सिटी के खंडीप रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए किसानों द्वारा दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग अवरुद्ध करने के बाद बुधवार को रेल ट्रैक की सुरक्षा के लिए भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पांचना बांध (करौली) से […] The post गंगापुर सिटी में किसानों के प्रदर्शन के बाद रेल मार्ग पर भारी पुलिस दल तैनात appeared first on Sabguru News .
लोकायुक्त के छापों में कर्नाटक के 8 अधिकारियों से 31.11 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा
बेंगलूरु। कर्नाटक में एक बड़े राज्यव्यापी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में, लोकायुक्त पुलिस ने राज्य में समन्वित छापे मारे, जिसमें आठ सरकारी अधिकारियों की 31.11 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। यह अभियान बेंगलूरु शहर, बेंगलूरु ग्रामीण, दावणगेरे, कलबुर्गी और चिकमगलूर सहित कई जिलों में चलाया गया। करीब 35 से अधिक […] The post लोकायुक्त के छापों में कर्नाटक के 8 अधिकारियों से 31.11 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा appeared first on Sabguru News .
रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले की कोशिश
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय में देर रात पेट्रोल पंप से हमला करने की कोशिश की गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आज सुबह केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और सांसद संजय सेठ, भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी सहित कई भाजपा विधायक और कार्यकर्ता आरएसएस ऑफिस पहुंचे। पुलिस […] The post रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले की कोशिश appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर : सीलिंग फैन में चिंगारियां निकलने से कमरे में लगी आग
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के जवाहरनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक मकान के प्रथम तल पर बने कमरे में सीलिंग फैन से निकली चिंगारियों से आग लग गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिजनों को ऊपर कमरे में आग लगने का तब पता चला, जब पड़ोस के लोगों ने धुंआ और आग की लपटें निकलती […] The post श्रीगंगानगर : सीलिंग फैन में चिंगारियां निकलने से कमरे में लगी आग appeared first on Sabguru News .
रेत विवाद में भाजपा कार्यकर्ता की जलाकर हत्या, फॉर्च्यूनर में आग लगाने के आरोप में 4 अरेस्ट
कोरिया। छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोरिया जिले में रेत कारोबार से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां सोनहत तहसील क्षेत्र के ग्राम कटगोड़ी में मंगलवार देर रात हुई एक सनसनीखेज वारदात में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से […] The post रेत विवाद में भाजपा कार्यकर्ता की जलाकर हत्या, फॉर्च्यूनर में आग लगाने के आरोप में 4 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार 22 जून को पेश करेगी अपना पहला बजट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपना पहला पूर्ण बजट 22 जून को विधानसभा में पेश करेगी। बजट सत्र के पहले चरण का कार्यक्रम मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक और कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में तय किया गया। संसदीय कार्य […] The post पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार 22 जून को पेश करेगी अपना पहला बजट appeared first on Sabguru News .
जैसलमेर के नाचना में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट अरेस्ट
जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक एजेंट को गिरफ्तार किया गया हैं। राजस्थान इंटेलीजेंस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार ने मंगलवार को बताया कि नाचना थाना क्षेत्र के खारिया की हिगोला की ढाणी निवास मुस्ताक अली (26) को गिरफ्तार किया गया हैं जिसकी संदिग्ध गतिविधियां […] The post जैसलमेर के नाचना में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है : सुनील बंसल
कोटा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है। बंसल मंगलवार को राजस्थान में कोटा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने मोदी के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इस कालखंड […] The post मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है : सुनील बंसल appeared first on Sabguru News .
सोनाली बेंद्रे ने की 'राख' में अपने इमोशनल रोल के बारे में बात, साझा किया अनुभव
कुछ किरदार इस बात से नहीं पहचाने जाते कि वे क्या कहते हैं, बल्कि उससे पहचाने जाते हैं जो वे खामोशी में समेटे रहते हैं। अपनी रिलीज के बाद से ही, प्राइम ओरिजिनल सीरीज 'राख' अपनी गहराई से भरी इमोशनल कहानी और दमदार परफॉर्मेंस के लिए दर्शकों के दिलों को छू रही है। सीरीज में सोनाली बेंद्रे द्वारा निभाया गया 'मोना अरोड़ा' का किरदार शो के सबसे बेहतरीन एलिमेंट्स में से एक बनकर उभरा है, जिसे अपनी गहराई, संवेदनशीलता और इमोशनल ईमानदारी के लिए हर तरफ से तारीफें मिल रही हैं। एक्ट्रेस ने खुलकर बात की कि किस वजह से वे इस रोल की तरफ अट्रैक्ट हुईं और कैसे इस एक्सपीरियंस ने उन कहानियों को देखने का उनका नजरिया बदल दिया जिन्हें वे आगे एक्सप्लोर करना चाहती हैं। ALSO READ: सीता खुद आई हैं लंका जलाने, आलिया भट्ट की 'अल्फा' का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, बॉबी देओल बने खतरनाक मेंटर सोनाली ने मोना के सफर को परिभाषित करने वाले दुख, लचीलेपन और इंसानी जज्बातों की कई परतों को पर्दे पर जिंदा करने को लेकर अपने विचार शेयर किए। प्रोसित रॉय, अनुषा नंदाकुमार और संदीप साकेत के साथ अपने पहले नरेशन को याद करते हुए सोनाली कहती हैं, इस कहानी में एक ऐसी संवेदनशीलता और इमोशनल ईमानदारी थी जो बिल्कुल अलग महसूस हुई। यह दुख या दर्द को आसान करने के पक्ष में नहीं थी। इसने उन जज्बातों को उनकी पूरी जटिलता के साथ जीने की जगह दी, और यही वो चीज थी जिसका मैं हिस्सा बनना चाहती थी। उन्होंने कहा, बतौर एक्टर्स, हमसे अक्सर उन इमोशंस को दिखाने के लिए कहा जाता है जिनसे दर्शक पहले से वाकिफ हैं। चुनौती उन बारीकियों को खोजने की होती है जो किसी किरदार के एक्सपीरियंस को उसके लिए खास बनाती हैं। मोना के साथ, मेरा ध्यान इस बात को समझने पर था कि किस चीज ने उसके दुख को बिल्कुल अलग बनाया, न कि इसे ऐसे पेश करने पर जो जाना-पहचाना या प्रेडिक्टेबल लगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आज के दौर में वे जिस तरह की कहानियों और किरदारों की तरफ अट्रैक्ट हो रही हैं, उस बदलाव पर बात करते हुए वे कहती हैं, राख ने निश्चित रूप से उन कहानियों के दायरे को बढ़ा दिया है जिनकी तरफ मैं आज आकर्षित होती हूं। इस एक्सपीरियंस ने मुझे याद दिलाया कि कुछ सबसे मीनिंगफुल कहानियाँ अक्सर वही होती हैं जो हमें असहज करने वाले इमोशंस से भागने के बजाय उनके साथ ठहरने के लिए कहती हैं। सोनाली ने कहा, मोना के बारे में जिस चीज ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वो यह थी कि उसका दुख किसी एक इमोशनल दायरे में नहीं बंधा है। यह खामोशी, गुस्से, इनकार, लचीलेपन और कभी-कभी नॉर्मल पलों के रूप में भी सामने आता है। असल जिंदगी में लोग अक्सर इसी तरह किसी नुकसान या दुख का सामना करते हैं। अली फजल, सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर जैसे बेहतरीन कलाकारों से सजी 'राख' को प्रोसित रॉय ने डायरेक्ट और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूस किया है, और इसे अनुषा नंदाकुमार व संदीप साकेत द्वारा क्रिएट, राइट और को-डायरेक्ट किया गया है। 'भाडीपा' के सहयोग से 'एंडेमॉल शाइन इंडिया' द्वारा प्रोड्यूस की गई यह सीरीज अब भारत और दुनिया भर के 240 से ज्यादा देशों और टेरिटरीज में एक्सक्लूसिव तौर पर प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।
श्रीगंगानगर : पति से प्रताड़ित पत्नी ने डिग्गी में कूद कर की आत्महत्या
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के गजसिंहपुर थाना क्षेत्र में चक 2-एफडी में एक महिला ने घर से कुछ दूर के खेत में पानी की डिग्गी में कूद कर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि गगनदीप कौर (32) ने सोमवार शाम को एक खेत में पानी की डिग्गी में छलांग लगा […] The post श्रीगंगानगर : पति से प्रताड़ित पत्नी ने डिग्गी में कूद कर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में नशेड़ी पोते ने की दादा की गला दबाकर हत्या
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के श्रीबिजयनगर थाना क्षेत्र में एक नशेड़ी पोते ने अपने बुजुर्ग दादा की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि मनफूलराम धाणक (72) के सोमवार को अपने घर में मृत होने की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई। मौके […] The post श्रीगंगानगर में नशेड़ी पोते ने की दादा की गला दबाकर हत्या appeared first on Sabguru News .
पिता की अचानक मौत का सदमा बर्दाश्त न कर सकी पुत्री, तालाब में कूदकर की सुसाइड
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र में एक युवती अपने पिता की अचानक हुई मौत का सदमा सह नहीं पाई और उसने पिता का शव देखते ही घर के पास तालाब में छलांग लगा दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पतराम गोदारा सोमवार को बज्जू कस्बे में अपने निर्माणाधीन मकान पर गया था […] The post पिता की अचानक मौत का सदमा बर्दाश्त न कर सकी पुत्री, तालाब में कूदकर की सुसाइड appeared first on Sabguru News .
तिलक की कप्तानी पारी से भारत अफगानिस्तान ए के खिलाफ पहुंचा 319 तक
AFGvsINDA तिलक वर्मा (59), प्रियांश आर्य (58) और कुमार कुशाग्र (58) की जुझारू पारियों के दम पर भारत ए ने बुधवार को त्रिकोणीय श्रृंखला के पांचवें मुकाबले में अफगानिस्तान ए के खिलाफ 8 विकेट पर 319 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। आज अफगानिस्तान ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए के लिए प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 75 रन जोड़े। आठवें ओवर में फरीदून दावूदजई ने वैभव सूर्यवंशी को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। वैभव सूर्यवंशी ने 28 गेंदों में चार चौके और दो छक्के लगाते हुए (38) रन बनाये। इसके बाद 15वें ओवर में फरमानउल्लाह ने अर्धशतक बना चुके प्रियांश आर्य को आउट कर पवेलियन भेज दिया। प्रियांश आर्य ने 42 गेंदों में नौ चौके और एक छक्का लगाते हुए (58) रनों की पारी खेली। ऋतुराज गायकवाड़ (30) रन बनाकर आउट हुये।इसके बाद कप्तान तिलक वर्मा और कुमार कुशाग्र ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच 104 रनों की साझेदारी हुई। 38वें ओवर में फरीदून दावूदजई ने कुमार कुशाग्र को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। कुमार कुशाग्र ने 67 गेंदों में पांच चौके लगाते हुए 58 रन बनाये। सूर्यांश शेडगे (सात) रन पांचवें विकेट के रूप में आउट हुये। 320 runs to defend in a must-win encounter! Watch #INDvAFG in the #TalentTVCup , LIVE NOW, on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV. #SonySportsNetwork #SonyLIV #TeamIndia pic.twitter.com/a7gy6S0MHc — Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) June 17, 2026 45वें ओवर में अहमदजई ने तिलक वर्मा को आउट किया। तिलक वर्मा ने 75 गेंदों में पांच चौके लगाते हुए (59) रन बनाये। विप्रज निगम ने 20 गेंदों में 30 रनों की पारी खेली। वह पारी के अखिरी ओवर में आउट हुये। इसी ओवर में पांचवीं गेंद पर अनुकूल राॅय (चार) रनआउट हुये। अंशुल कम्बोज पारी की आखिरी गेंद पर रन आउट हुये। भारत ए ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 319 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।अफगानिस्तान ए के लिए अब्दुल्लाह अहमदजई, फरीदून दावदजई और फरहान सोफी ने दो-दो विकेट लिये। जहीर खान ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
27 साल बाद भी कायम है 'हम दिल दे चुके सनम' का जादू, जानिए 10 बड़ी वजहें
रिलीज़ के 27 साल बाद भी 'हम दिल दे चुके सनम' भारतीय सिनेमा की सबसे पसंदीदा रोमांटिक फिल्मों में गिनी जाती है। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी और सलमान खान, ऐश्वर्या राय तथा अजय देवगन अभिनीत इस फिल्म ने प्यार, त्याग, पारिवारिक मूल्यों और भव्यता को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा। जैसे-जैसे यह प्रतिष्ठित फिल्म अपने 27 वर्ष पूरे कर रही है, आइए जानते हैं वे 10 वजहें जिनकी बदौलत यह आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है। ALSO READ: सीता खुद आई हैं लंका जलाने, आलिया भट्ट की 'अल्फा' का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, बॉबी देओल बने खतरनाक मेंटर संजय लीला भंसाली की अनोखी कहानी कहने की शैली हम दिल दे चुके सनम ने भंसाली की उस अद्भुत क्षमता को सामने रखा, जिसमें वे भावनाओं, संगीत, संस्कृति और भव्य दृश्यात्मकता को एक प्रभावशाली कहानी में पिरो देते हैं। यह फिल्म शानदार सौंदर्य और मानवीय भावनाओं के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित करती है और भंसाली को एक विशिष्ट सिनेमाई पहचान दिलाती है। एक कालजयी प्रेम त्रिकोण नंदिनी, समीर और वनराज की भावनात्मक यात्रा बॉलीवुड की सबसे यादगार प्रेम कहानियों में से एक है। पारंपरिक प्रेम कहानी से आगे बढ़ते हुए फिल्म ने प्यार, दिल टूटने, त्याग और भावनात्मक परिपक्वता जैसे विषयों को संवेदनशीलता और गहराई के साथ प्रस्तुत किया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ऐश्वर्या राय बच्चन का करियर-परिभाषित अभिनय नंदिनी के किरदार में ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपने करियर के सबसे प्रशंसित प्रदर्शनों में से एक दिया। एक बेफिक्र युवती से लेकर जीवन के कठिन भावनात्मक निर्णयों का सामना करने वाली महिला तक के सफर को उन्होंने बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय ने नंदिनी को एक अविस्मरणीय किरदार बना दिया। समीर के रूप में सलमान खान का यादगार प्रदर्शन सलमान खान ने समीर के किरदार में आकर्षण, ऊर्जा और मासूमियत का ऐसा मिश्रण पेश किया कि यह किरदार उस दौर के सबसे प्रिय रोमांटिक पात्रों में शामिल हो गया। उनकी चंचलता और भावनात्मक गहराई ने समीर को दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए बसा दिया। वनराज के रूप में अजय देवगन का दमदार अभिनय अजय देवगन ने वनराज के किरदार में गहरी संवेदनशीलता और गरिमा दिखाई। संयम, करुणा और निस्वार्थ प्रेम से भरे इस किरदार ने फिल्म को भावनात्मक रूप से और भी प्रभावशाली बना दिया। उनका अभिनय आज भी फिल्म की सबसे मजबूत विशेषताओं में गिना जाता है। ALSO READ: रेड वेलवेट गाउन में कंगना शर्मा ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा, देखिए एक्ट्रेस का कातिलाना अंदाज ऐसा संगीत जो सदाबहार बन गया तड़प तड़प, आंखों की गुस्ताखियां, चांद छुपा बादल में और ढ़ोली तारों जैसे गीत आज भी बॉलीवुड संगीत की अमूल्य धरोहर माने जाते हैं और पीढ़ियों से दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। सांस्कृतिक सौंदर्य और भव्य दृश्यात्मकता रंग-बिरंगी गुजराती परंपराओं, भव्य विवाह समारोहों, शानदार परिधानों और बारीकी से तैयार किए गए सेट्स ने भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को शानदार तरीके से प्रस्तुत किया। फिल्म का हर फ्रेम भंसाली की सूक्ष्म दृष्टि और कलात्मकता का प्रमाण है। एक कल्ट क्लासिक जिसने पीढ़ियों को प्रेरित किया जो फिल्म कभी एक बड़ी व्यावसायिक सफलता थी, वह समय के साथ एक कल्ट क्लासिक बन गई। इसकी कहानी, संगीत और किरदारों ने इसे पीढ़ियों से परे पहुंचा दिया है। आज भी नई पीढ़ी के दर्शक इसे खोजते हैं और सराहते हैं। प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित फिल्म फिल्म को आलोचकों और दर्शकों दोनों का भरपूर प्यार मिला। इसे चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान और अनेक फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुए, जिसने इसे अपने समय की सबसे चर्चित और सम्मानित फिल्मों में शामिल कर दिया। भारतीय सिनेमा में अमिट विरासत बहुत कम फिल्में ऐसी होती हैं जो दशकों बाद भी सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक बनी रहती हैं। हम दिल दे चुके सनम अपने यादगार अभिनय, शानदार संगीत, भावनात्मक कहानी और सिनेमाई उत्कृष्टता के लिए आज भी याद की जाती है। भारतीय सिनेमा पर इसका प्रभाव इसकी कालजयी लोकप्रियता का प्रमाण है। 27 साल बाद भी हम दिल दे चुके सनम सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अविस्मरणीय सिनेमाई अनुभव है। शानदार अभिनय, सदाबहार संगीत और संजय लीला भंसाली के बेहतरीन निर्देशन के साथ यह फिल्म आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती है और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक विशेष स्थान रखती है।
अयोध्या में रामलला को चढ़ाया सबसे महंगा आम, कीमत जानकर चौंक जाएंगे
Miyazaki mangoes in Ayodhya: भक्त और भगवान के बीच का रिश्ता हमेशा से अनूठा रहा है। अयोध्या के किसान ओम प्रकाश सिंह ने इस रिश्ते को एक नई ऊंचाई दी है। उन्होंने करीब दो वर्ष पहले एक प्रयोग किया था। उन्होंने जापान की सुप्रसिद्ध और बेहद कीमती 'मियाजाकी' किस्म का एक पौधा अपने बाग में रोपा था। उद्देश्य था यह परखना कि क्या अयोध्या की जलवायु इस विदेशी और शाही फल के अनुकूल है या नहीं। ओम प्रकाश की मेहनत और रामलला की कृपा से यह प्रयोग न सिर्फ सफल रहा, बल्कि इस साल उनके पेड़ पर करीब एक दर्जन फल आए हैं। कहते हैं भगवान भाव के भूखे होते हैं, लेकिन जब भावना के साथ दुनिया की सबसे नायाब चीज जुड़ जाए, तो वह 'महाप्रसाद' बन जाती है। आस्था की नगरी अयोध्या में एक ऐसी ही अद्भुत मिसाल देखने को मिली है, जहां एक स्थानीय किसान ने अपने बाग में उगे दुनिया के सबसे महंगे जापानी 'मियाजाकी' (Miyazaki) आम का पहला फल बाजार में बेचने के बजाय सीधे प्रभु रामलला के चरणों में अर्पित कर दिया। स्वाद लाजवाब, कीमत हैरान करने वाली मंगलवार को ओमप्रकाश सिंह भाव-विभोर होकर श्रीराम मंदिर पहुंचे और पूरी श्रद्धा के साथ तुलसी दल रखकर इस पहले पके हुए बेशकीमती आम को रामलला को भोग लगा दिया। इस आम की खासियतें और इसकी कीमत किसी को भी हैरान कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 2 से 2.5 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक है। आकार और वजन के हिसाब से इसके एक फल की कीमत करीब 80 हजार से 1 लाख रुपए तक बैठती है। वर्तमान में पेड़ पर लगे आमों का वजन 150 से 300 ग्राम के बीच है। इसका गहरा लाल-बैंगनी रंग इसे देखने में किसी रत्न जैसा लुक देता है। यह आम अपनी अत्यधिक मिठास, रसीलेपन, जीरो-फाइबर और प्रचुर पोषक तत्वों (Nutrients) के लिए दुनिया भर में मशहूर है। कहीं चोरों की नजर न लग जाए? जहां एक तरफ इस अनोखे महाप्रसाद और किसान की भक्ति की चर्चा पूरी अयोध्या में हो रही है, वहीं दूसरी तरफ लोग दबी जुबान में चिंता भी जाहिर कर रहे हैं। इस बेहद कीमती और दुर्लभ फल पर कहीं किसी चोर की बुरी नजर न पड़ जाए। दरअसल, रामलला के दरबार में देश-दुनिया से आने वाले सोने-चांदी, रत्नजड़ित आभूषणों और कीमती चढ़ावे पर हमेशा से 'तथाकथित चोरों' की कुदृष्टि रही है। पूर्व में भी ऐसी संपत्तियों के गायब होने की कोशिशों की खबरें सुर्खियां बनती रही हैं। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
संचिता उगले सुसाइड केस में करीबी दोस्त का शॉकिंग दावा, बोलीं- को-एक्टर की प्रताड़ना बना मौत की वजह!
'कुमकुम भाग्य' फेम एक्ट्रेस संचिता उगले के अचानक निधन ने पूरी इंडस्ट्री और फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है। 14 जून 2026 की शाम को मुंबई के पास नालासोपारा स्थित अपने फ्लैट में संचिता ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इतनी कम उम्र में एक उभरती हुई एक्ट्रेस का ऐसा कदम उठाना सभी के लिए बड़ा झटका है। फिलहाल पुलिस संचिता के इस कदम की वजह तलाश रही है। इसी बीच संचिता उगले की एक बेहद करीबी दोस्त और टीवी एक्ट्रेस इंद्राक्षी कांजीलाल ने कुछ ऐसे सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिन्होंने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। ALSO READ: संचिता उगले सुसाइड केस: एक्ट्रेस ने पिता ने लगाए टॉर्चर और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप आजतक संग बात करते हुए इंद्राक्षी ने संचिता के आखिरी दिनों के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि संचिता पिछले कुछ समय से बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। दोनों की मुलाकात एक शो के मॉक शूट के दौरान हुई थी और जल्द ही वे गहरी दोस्त बन गई थीं। इंद्राक्षी के अनुसार, जब संचिता को टीवी शो 'साजन घर' में मुख्य भूमिका मिली, तो वह बेहद उत्साहित थीं। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें लगभग दो महीने पहले, जब इंद्राक्षी को उसी शो के लिए मेकर्स की तरफ से कास्टिंग कॉल आया, तो वह हैरान रह गईं। जब उन्होंने संचिता से संपर्क किया, तो संचिता ने शुरुआत में स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देकर शो छोड़ने की बात कही। लेकिन गहराई से बात करने पर संचिता का दर्द छलक पड़ा। इंद्राक्षी ने बताया कि संचिता ने रोते हुए उन्हें बताया कि सेट पर उनका एक को-एक्टर उन्हें मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित कर रहा था, जिसकी वजह से वह भारी ट्रॉमा से गुजर रही थीं। संचिता ने इसके सबूत के तौर पर इंद्राक्षी को कुछ स्क्रीनशॉट्स और वीडियो भी दिखाए थे। इंद्राक्षी का दावा है कि इस पूरे विवाद और उत्पीड़न की शुरुआत पैसों के लेन-देन से हुई थी। शो 'साजन घर' के ही एक को-एक्टर ने संचिता से कुछ पैसे उधार लिए थे। जब संचिता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उस को-एक्टर ने पैसे लौटाने के बजाय उनके साथ बदसलूकी और गाली-गलौज शुरू कर दी। लगातार हो रही इस बुलिंग और उत्पीड़न का असर संचिता के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर दिखने लगा था। वह सेट पर अपने डायलॉग्स भूलने लगी थीं और उन्हें एंग्जायटी के दौरे पड़ने लगे थे। इंद्राक्षी ने संचिता को इस बारे में प्रोडक्शन हाउस और शो के डायरेक्टर से शिकायत करने को कहा था। संचिता ने डायरेक्टर को सब बताया भी था, लेकिन अफसोस की बात यह है कि मेकर्स और प्रोडक्शन की तरफ से आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हारकर संचिता को भारी मन से वह शो छोड़ना पड़ा। शो छूटने और लगातार मानसिक शोषण के कारण संचिता गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं। इंद्राक्षी ने बताया कि अपनी आखिरी बातचीत में संचिता ने महाबलेश्वर घूमने जाने और वहां से लौटकर दोबारा ऑडिशन शुरू करने की इच्छा जताई थी। पिछले कुछ दिनों से वह इतनी उदास और बेचैन थीं कि उन्होंने घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया था।
सौर आषाढ़ मास 2026: जानिए इसका धार्मिक महत्व और विशेष परंपराएं
Saur Ashadha Maas: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस राशि परिवर्तन को 'मिथुन संक्रांति' कहा जाता है। मिथुन संक्रांति के दिन से ही सौर आषाढ़ महीने की शुरुआत होती है। सौर आषाढ़ मास वर्षा ऋतु के आगमन का संकेत देता है, जिससे धरती पर हरियाली बढ़ने लगती है और वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है। भारतीय संस्कृति में इस समय को दान, जप, तप, पूजा-पाठ और सेवा कार्यों के लिए शुभ माना गया है। ALSO READ: Saur Ashadha Month 2026: सौर आषाढ़ माह प्रारंभ, जानिए महत्व वर्ष 2026 में सौर आषाढ़ माह की शुरुआत 16 जून 2026 से हो चुकी है, जो 16 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। संक्रांति क्षण: सौर आषाढ़ का प्रारंभ हमेशा मिथुन संक्रांति से होता है। अवधि: यह अमूमन मध्य-जून से मध्य-जुलाई के बीच आता है। महत्व: इस समय सूर्य उत्तरायण के अंतिम चरण में होते हैं और इसके ठीक बाद (जुलाई के मध्य में) कर्क संक्रांति के साथ सूर्य दक्षिणायन हो जाते हैं। विशेष परंपरा: धार्मिक, पर्यावरण और कृषि के दृष्टिकोण से सौर आषाढ़ का विशेष पारंपारिक महत्व है। इस समयावधि में ऋतु परिवर्तन और वर्षा का आगमन होता है। सौर आषाढ़ के शुरू होते ही भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने लगता है। तपती गर्मी से राहत मिलती है और धरती हरी-भरी होने लगती है। मिथुन संक्रांति का पुण्यकाल: इस महीने के पहले दिन (मिथुन संक्रांति) पर पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन किया गया दान अक्षय फल देता है। कृषि की नई शुरुआत: भारतीय किसानों के लिए यह महीना नई फसल (खरीफ की फसल) की बुआई का होता है। वर्षा देव और सूर्य देव की कृपा से फसलों का चक्र शुरू होता है। रज पर्व (Raja Parba): मुख्य रूप से ओडिशा में सौर आषाढ़ की शुरुआत (मिथुन संक्रांति) को 'रज पर्व' के रूप में मनाया जाता है। यह भू-देवी (धरती माता) के सम्मान में मनाया जाने वाला नारीत्व और कृषि का उत्सव है। चंद्र आषाढ़ और सौर आषाढ़ में अंतर अक्सर लोग आषाढ़ महीने की तारीखों को लेकर असमंजस में रहते हैं। इसे आप इस छोटी सी तालिका से आसानी से समझ सकते हैं: सौर आषाढ़ (Solar Ashadha) आधार: सूर्य का मिथुन राशि में गोचर शुरुआत: मिथुन संक्रांति से (मध्य-जून) धार्मिक त्योहार: संक्रांति स्नान, सूर्य पूजा, कृषि उत्सव चंद्र आषाढ़ (Lunar Ashadha) आधार: चंद्रमा की पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियां शुरुआत: ज्येष्ठ पूर्णिमा के अगले दिन से (जून के अंत में) धार्मिक त्योहार: जगन्नाथ रथ यात्रा, देवशयनी एकादशी, गुरु पूर्णिमा विशेष नोट: हिंदू धर्म के मुख्य व्रत-त्योहार- जैसे रथ यात्रा या एकादशी चंद्र आषाढ़ के आधार पर तय होते हैं, लेकिन मौसम का बदलाव, संक्रांति और सौर गणनाएं सौर आषाढ़ के अनुसार चलती हैं। इस महीने सूर्य देव के 'वरुण' स्वरूप की पूजा करने से मान-सम्मान और अच्छी सेहत की प्राप्ति होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: आषाढ़ का महीना 2026: क्या करें और किन गलतियों से बचें?
संचिता उगले सुसाइड केस: एक्ट्रेस ने पिता ने लगाए टॉर्चर और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप
टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले की मौत से मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। 14 जून को मुंबई के नालासोपारा स्थित उनके अपार्टमेंट में संचिता का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इस खबर ने न सिर्फ उनके फैंस बल्कि पूरी टेलीविजन इंडस्ट्री को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस इस मामले को आत्महत्या के एंगल से देख रही है और जांच जारी है, लेकिन इसी बीच संचिता के पिता मच्छिंद्र उगले के बयानों ने इस मामले में एक नया और गंभीर मोड़ ला दिया है। मच्छिंद्र ने अपनी बेटी के डिप्रेशन में होने का दावा करते हुए बताया कि उन्हें काफी समय से टॉर्चर किया जा रहा था। ALSO READ: सुशांत सिंह राजपूत जैसा दबाव? टीवी अभिनेत्री संचिता उगले की मौत पर भाई के सनसनीखेज आरोप, इंडस्ट्री पर उठे सवाल एनडीटीवी संग बात करते हुए संचिता के पति ने कहा अपसेट तो वो रहती ही थी। उसने हमें कभी खुलकर वजह नहीं बताई, बस इतना ही कि वो परेशान रहती थी। मतलब, वह जब अच्छे मूड में होती थी, तब भी अचानक डिप्रेशन में चली जाती थी। यह बात हमारे ध्यान में आई थी, और इसी वजह से हम लोग हर वक्त उसके साथ रहते थे, रोज उसके साथ आना-जाना करते थे। उन्होंने कहा, बस वही एक वक्त, समझो कि आधा घंटा हम उसके साथ नहीं थे, वो हमारी गलती समझो। लेकिन वो इतने गहरे डिप्रेशन में चली जाएगी, ये हमें मालूम नहीं था कि वो ऐसा कदम उठा लेगी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सिर्फ डिप्रेशन ही नहीं, संचिता के पिता ने सीधे तौर पर मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग की आशंका जताई है। उनके बयानों से साफ है कि ग्लेमर की इस चकाचौंध के पीछे संचिता किसी बड़े दबाव को झेल रही थीं। उन्होंने कहा, हमने उससे बातचीत करने की कोशिश की थी, पर उसे टॉर्चर किया जा रहा था। कोई न कोई पैसों को लेकर या किसी न किसी बात को लेकर लगातार डिमांड कर रहा था, उसे टॉर्चर और हैमरिंग कर ही रहा था। किसी न किसी मामले में यह सब चल रहा था। हालांकि, वो बात अब मेरे सामने साफ हो ही जाएगी, पर निश्चित रूप से ऐसा हो रहा था। प्रशासन से मेरी बस एक ही मांग है कि मेरी बेटी के साथ जो भी गलत हुआ है, उसे पूरा न्याय मिलना चाहिए। बता दें कि संचिता उगले ने 14 जून को शाम 7 से 7:30 बजे के बीच नालासोपारा स्थि अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। जब परिवार ने यह देखा तो आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 15 जून को संचिता के पिता की शिकायत के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है। संचिता उगले इंडस्ट्री का एक उभरता हुआ चेहरा थीं। उन्होंने टीवी शो 'कुमकुम भाग्य' में 'दिया टंडन' का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी। इसके अलावा उन्होंने विक्की कौशल स्टारर ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म 'छावा' में महारानी तारा रानी के बचपन का किरदार निभाया था। साथ ही वह मनोज बाजपेयी के साथ 'साइलेंस 2' में नजर आई थीं।
Rambha Teej Date 2026: रम्भा तीज व्रत पूजन के मुहूर्त, उपाय और कथा
Rambha Teej Worship: हिंदू धर्म में रम्भा तीज या रम्भा तृतीया महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चमत्कारी व्रत माना गया है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए कन्याएं इस व्रत रखती हैं। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है, जो कि आज 17 जून, दिन बुधवार को मनाया जा रहा है। ALSO READ: Rambha Teej 2026: रम्भा तीज व्रत का क्या है महत्व, उपवास की विधि 1. रम्भा तीज कब करें? जानें शुभ मुहूर्त 2026 हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया तिथि 17 जून 2026, बुधवार को पड़ रही है। इसी दिन रम्भा तीज का व्रत रखा जाएगा। तृतीया तिथि शुरू: 17 जून 2026 को मध्यरात्रि (16 जून की रात) 12:52 AM से तृतीया तिथि समाप्त: 17 जून 2026 को रात 09:39 PM तक 4. सुख-समृद्धि के लिए विशेष उपाय और मंत्र * दांपत्य जीवन (Married Life) की कड़वाहट दूर करने, धन की कमी मिटाने और आकर्षण बढ़ाने के लिए इस दिन कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं: * सौंदर्य और यौवन के लिए मंत्र: पूजा के समय इस विशेष मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे चेहरे पर चमक और आरोग्य की प्राप्ति होती है: 'ॐ रंभे अगच्छ पूर्ण यौवन संस्तुते' * धन और समृद्धि के लिए: चूंकि इस दिन लक्ष्मी जी की भी पूजा होती है, इसलिए पूजा के दौरान 'ॐ महालक्ष्म्यै नम:' का जाप करें और मां लक्ष्मी को कमल का फूल या गुलाब अर्पित करें। * सुहाग की रक्षा के लिए उपाय : पूजा संपन्न होने के बाद श्रृंगार की वस्तुएं- जैसे सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी आदि किसी सुहागिन महिला या किसी मंदिर में ब्राह्मण की पत्नी को दान करें। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी तनाव और क्लेश दूर होते हैं। यदि आप अविवाहित हैं और विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो चूड़ियों के साथ-साथ इस दिन माता पार्वती को पीले फूल और सफेद मिठाइयों का भोग लगाएं; विवाह के योग जल्दी बनेंगे। रम्भा तीज कथा रम्भा तीज कथा से संबंधित वर्णन वाल्मीकि रामायण मिलता है, इसके अनुसार विश्व विजय करने के लिए जब रावण स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे वहां रम्भा नामक अप्सरा दिखाई दी। रावण ने कामातुर होकर उसे पकड़ लिया। तब अप्सरा रम्भा ने कहा कि आप मुझे इस तरह से स्पर्श न करें, मैं आपके बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर के लिए आरक्षित हूं। इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू के समान हूं। लेकिन रावण ने उसकी बात नहीं मानी और रम्भा से दुराचार किया। यह बात जब नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को शाप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसको स्पर्श नहीं कर पाएगा और यदि करेगा तो उसके मस्तक के सौ टुकड़े होकर वह बंट जाएगा। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Dvidvadasha Yoga: दुर्लभ द्विद्वादश योग से 4 राशियों को होगा बड़ा लाभ, जानिए कहीं आपकी राशि भी तो नहीं
जसपाल राणा के बाद उनकी मां श्यामा देवी का निधन, खेल जगत में शोक
भारतीय निशानेबाज़ी जगत में लगातार दो बड़ी दुखद घटनाओं ने सभी को झकझोर दिया है। दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा के निधन के कुछ ही दिनों बाद उनकी माता श्यामा देवी राणा (78) का भी दिल्ली के आर्मी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थीं और उनकी हालत गंभीर (critical condition) बताई जा रही थी। परिवार के अनुसार, बेटे के अचानक निधन के बाद श्यामा देवी पूरी तरह टूट गई थीं। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार 16 जून को उन्होंने अंतिम सांस ली। जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में कार्डियक जटिलताओं के कारण हुआ था। वे हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से लौटे थे, जहां वे भारतीय पिस्टल टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम कर रहे थे। भारत की टीम ने उनके मार्गदर्शन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 मेडल (2 गोल्ड और 2 सिल्वर) जीते थे। खिलाड़ी के रूप में जसपाल राणा भारत के सबसे सफल निशानेबाज़ों में गिने जाते हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 1994 से 2006 के बीच 15 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने एशियन गेम्स में भी भारत के लिए 8 पदक जीते और देश के सबसे सफल शूटरों में अपनी पहचान बनाई। कोच के रूप में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को निखारा, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर भी शामिल हैं। उनके निधन के बाद पूरे देश के खेल जगत में शोक की लहर फैल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई खेल हस्तियों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राणा परिवार, जिसमें उनकी पत्नी रीना राणा, बेटी देवांधी, बेटा युवराज और अन्य सदस्य शामिल हैं, पहले ही इस बड़ी क्षति से उबर नहीं पाया था कि अब माता के निधन ने दुख को और गहरा कर दिया है। पूरे शूटिंग समुदाय में शोक का माहौल है। कॉमनवेल्थ गेम्स में जसपाल राणा ने अपने करियर का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1994, 1998, 2002 और 2006 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 15 पदक अपने नाम किए, जिनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे। एशियन गेम्स में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा। 1994, 1998 और 2006 संस्करणों में उन्होंने भारत के लिए कुल 8 पदक जीते। अपनी इन उपलब्धियों के दम पर वह भारत के सबसे सफल और सम्मानित निशानेबाज़ों में शामिल हुए।
नसों की बीमारी से जूझ रहे सोनू निगम, MRI और CT स्कैन के बीच भी करेंगे लाइव परफॉर्म
म्यूजिक इंडस्ट्री के बेताज बादशाह और करोड़ों दिलों की धड़कन सोनू निगम को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। सोनू निगम इन दिनों एक बेहद दर्दनाक नर्व-रिलेटेड हेल्थ कंडीशन (नसों से जुड़ी बीमारी) का सामना कर रहे हैं। इस वजह से उन्हें पिछले कुछ दिनों से लगातार कड़े मेडिकल सुपरविजन और इलाज से गुजरना पड़ रहा है। सोनू निगम ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने इस मुश्किल दौर का दर्द बयां किया है, जिसे सुनकर उनके फैंस काफी भावुक और चिंतित हैं। सोनू निगम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए अपने इस हालिया हेल्थ स्केयर का खुलासा किया। वीडियो में उनके कंधे पर एक मेडिकल पैच साफ देखी जा सकती है। ALSO READ: सुशांत सिंह राजपूत जैसा दबाव? टीवी अभिनेत्री संचिता उगले की मौत पर भाई के सनसनीखेज आरोप, इंडस्ट्री पर उठे सवाल अपनी हेल्थ के बारे में बताते हुए सोनू निगम ने कहा, मेरी नसें दब गई हैं। मैं एक हफ्ते से लगातार एमआरआई और सीटी स्कैन करवा रहा हूं। इसके अलावा मुझे काफी भारी मात्रा में दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। फिजियोथेरेपी बहुत दर्दनाक थी। मैं अभी दर्द की दवाइयां ले रहा हूं, उसकी वजह से गला भी थोड़ा भारी है। A post shared by Sonu Nigam (@sonunigamofficial) कमजोर हुआ कॉन्फिडेंस, फिर भी नहीं डिगा हौसला सोनू निगम ने बताया कि वह लगभग डेढ़ महीने के लंबे गैप के बाद स्टेज पर वापसी कर रहे हैं। बीमारी और दवाओं के असर के कारण उनका कॉन्फिडेंस इस समय थोड़ा कम है, क्योंकि उनका गला पूरी तरह से सहयोग नहीं कर पा रहा है। लेकिन इसके बावजूद, सोनू निगम ने अपने फैंस का दिल न तोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी हाल में अपने आगामी मुंबई कॉन्सर्ट को कैंसिल नहीं करेंगे। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में '13th June, Mumbai लिखते हुए ईश्वर से मंच पर परफॉर्म करने की शक्ति मांगी है। यह फैसला उनके प्रोफेशनल कमिटमेंट और फैंस के प्रति उनके अटूट प्यार को दर्शाता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें महज 19 साल की उम्र में गुलशन कुमार द्वारा पहला ब्रेक पाने वाले सोनू निगम ने साल 1995 में 'सा रे गा मा' होस्ट कर हर घर में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने 1993 में फिल्म 'आजा मेरी जान' के गाने 'ओ आसमान वाले जमीन पर उतर के देख' से हिंदी फिल्मों में बतौर प्लेबैक सिंगर डेब्यू किया था। अपने 30 साल से ज्यादा के करियर में सोनू निगम ने विभिन्न भाषाओं में 5000 से अधिक गाने गाए हैं। फिल्म 'कल हो ना हो' (2003) के टाइटल ट्रैक के लिए उन्हें नेशनल अवार्ड से नवाजा जा चुका है। 'ये दिल दीवाना', 'सूरज हुआ मद्धम' जैसे उनके अनगिनत आइकॉनिक गाने आज भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं।
प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी का विश्लेषण कि कैसे टेलीविजन पर प्रसारित फलित ज्योतिष सामाजिक विभाजन, सांप्रदायिक चेतना, मनोवैज्ञानिक परनिर्भरता और यथास्थितिवाद को मजबूत करता है।
अमेरिका को ईरान जंग का हर सेकेंड 10 लाख रुपए का पड़ा। रोजाना करीब 9,400 करोड़ रुपए। 107 दिन बाद जंग खत्म करके भी मुसीबत नहीं टली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को हर्जाने के तौर पर 28 लाख करोड़ रुपए और देने पड़ सकते हैं।ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ईरान जंग; 8 ग्राफिक्स में देखिए… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा -------- ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका-ईरान जंग में कौन जीता, क्या पाकिस्तान नहीं, कतर ने करवाई डील, पेट्रोल-डीजल कब सस्ता होगा; 7 सवालों में पूरी कहानी 107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। पूरी खबर पढ़िए…
टीवी इंडस्ट्री की उभरती अभिनेत्री संचिता उगले की मौत ने एक बार फिर मनोरंजन जगत के उस अंधेरे पक्ष को चर्चा में ला दिया है, जिसके बारे में अक्सर फुसफुसाहट तो होती है, लेकिन खुलकर बात कम होती है। 26 वर्षीय अभिनेत्री के निधन के बाद उनके भाई आकाश सतीश उगले ने ऐसे आरोप लगाए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। उनका दावा है कि संचिता लंबे समय से कास्टिंग सर्किट से जुड़े कुछ लोगों के मानसिक दबाव और उत्पीड़न का सामना कर रही थीं। यही नहीं, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो देखने की बात कही, जिसने उन्हें अंदर तक डरा दिया। सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई चिंता मीडिया से बातचीत में आकाश उगले ने बताया कि उन्हें एक इंस्टाग्राम रील मिली, जिसमें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का वीडियो इस्तेमाल किया गया था और उसके साथ उनकी बहन की प्रोफाइल तस्वीर लगाई गई थी। आकाश के मुताबिक, जब उन्होंने संचिता के दोस्तों से बात की तो उन्हें पता चला कि कुछ कास्टिंग से जुड़े लोग अभिनेत्री को परेशान कर रहे थे। उनका कहना है कि संचिता मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं और लगातार तनाव में रह रही थीं। आकाश ने दावा किया कि उनकी बहन इस दबाव से दुखी थीं और कई बार उन्होंने अपनी परेशानी जाहिर भी की थी। सुशांत सिंह राजपूत का भी किया जिक्र संचिता के भाई ने अपनी बात रखते हुए सुशांत सिंह राजपूत के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुशांत पर भी इंडस्ट्री का भारी दबाव था और उसी तरह की परिस्थितियों ने उनकी बहन को भी प्रभावित किया। आकाश का आरोप है कि मनोरंजन उद्योग में कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं, जहां नए कलाकार खुद को बेहद असहाय महसूस करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह इंडस्ट्री कई लोगों के लिए डर पैदा करने वाली साबित हो सकती है और यहां शक्ति तथा प्रभाव का खेल भी देखने को मिलता है। हालांकि यह उनके व्यक्तिगत आरोप और राय हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच होना अभी बाकी है। परिवार ने मांगी निष्पक्ष जांच आकाश उगले ने पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर अभिनेत्री किन परिस्थितियों से गुजर रही थीं और उनके ऊपर किस तरह का दबाव था। दूसरी ओर, पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। 14 जून को घर में मिली थीं मृत संचिता उगले 14 जून को नालासोपारा ईस्ट स्थित अपने घर में मृत पाई गई थीं। परिवार के लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता मच्छिंद्र उगले की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू को गंभीरता से देखा जा रहा है। टीवी से फिल्मों तक बना चुकी थीं पहचान संचिता उगले टीवी दर्शकों के बीच खासतौर पर लोकप्रिय धारावाहिक ‘कुमकुम भाग्य’ में दीया टंडन के किरदार के लिए जानी जाती थीं। इसके अलावा उन्होंने ‘वागले की दुनिया’ में रुचिता जेटली का किरदार निभाया था। बाद में वह दंगल टीवी के शो ‘दिलवाली दुल्हा ले जाएगी’ में अभिनेता सोराब बेदी के साथ भी नजर आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अभिनेता विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ में भी ताराबाई की भूमिका निभाई थी। कम उम्र में अभिनय की दुनिया में पहचान बनाने वाली संचिता का अचानक इस तरह दुनिया छोड़ जाना उनके प्रशंसकों और इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
31 मई को विराट कोहली ने वैभव सूर्यवंशी के कंधे पर हाथ रखकर एक बात कही थी- ‘परवाह मत करो, कौन क्या कहता है।’ 2 हफ्ते बाद ही वैभव ये नसीहत भूल गए। 15 जून को श्रीलंकाई खिलाड़ी ने ताना मारा, तो वैभव भिड़ गए और उसे धक्का दे दिया। पहले भी वैभव मैदान पर गुस्सा करते दिखे हैं। श्रीलंकाई खिलाड़ियों से क्यों हुई धक्का-मुक्की, क्या सजा मिल सकती है और 15 साल के वैभव का गुस्सा क्या करियर पर असर डालेगा; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: वैभव ने श्रीलंका के खिलाड़ी से धक्का-मुक्की क्यों की? जवाबः भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान की क्लास-A टीमों के बीच 50 ओवर की ट्राई सीरीज जारी है। 15 जून को सुपर ओवर तक गए चौथे मैच में श्रीलंका ने भारत को हराया। इसके बाद ये पूरा विवाद हुआ.. दरअसल, इस मैच की शुरुआत से ही स्थितियां तनावपूर्ण होने लगी थीं। भारतीय बैटर विपराज निगम के पिच पर दौड़ने की वजह से अंपायर ने भारत पर 10 रन की पेनाल्टी लगा दी। अंधेरा हो रहा था, इसके बावजूद श्रीलंकाई बल्लेबाज क्रीज पर देरी से आए। एक नो बॉल को लेकर भी विवाद हुआ था। भारतीय स्पिनर आर. अश्विन X पर लिखते हैं, 'इन मैचों में IPL जितने कैमरे नहीं होते। नो-बॉल का फैसला विवादित था और श्रीलंकाई टीम के देर करने से भी भारतीय टीम नाराज थी। श्रीलंका ने भारतीय टीम पर मानसिक दबाव की स्ट्रैटेजी और माइंड गेम के तहत ये किया।' सवाल-2: इस धक्का-मुक्की में किसकी गलती थी, क्या सजा मिल सकती है? जवाबः अब तक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड या भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी BCCI ने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। आखिरी फैसला मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश का होगा। हालांकि, ICC की रूलबुक में ऐसी घटनाओं के लिए स्पष्ट नियम हैं। ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 के मुताबिक, 'इंटरनेशनल मैच में खिलाड़ी, सपोर्टिंग स्टाफ, अंपायर, रेफरी या किसी दर्शक के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क नियमों के खिलाफ है।’ सवाल-3: क्या वैभव पहले भी मैदान पर ऐसा गुस्सा दिखा चुके हैं? जवाब: हां, इससे पहले दो बार वैभव मैदान पर ऐसे गुस्से में दिखे हैं.. 1. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गलत आउट से नाराज दिखे वैभव 7 अक्टूबर 2025। ऑस्ट्रेलिया में अंडर-19 यूथ टेस्ट मैच। वैभव 14 गेंदों 20 रन बना चुके थे। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज चार्ल्स लैचमंड की गेंद वैभव के थाई पैड को छूते हुए कीपर के ग्लव्स तक पहुंची। अंपायर ने कैच की अपील पर बिना वक्त लगाए आउट करार दिया। इस पर नाराज वैभव कुछ देर के लिए विकेट के सामने खड़े अंपायर को देखते रहे और फिर थाईपैड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि गेंद बल्ले से नहीं लगी है। वे हाथ में बल्ला घुमाते हुए पवेलियन लौट गए। वीडियो रिप्ले से भी पता चला कि गेंद पैड से लगकर गई है। 2. आउट हुए तो पाकिस्तानी खिलाड़ी को जूता दिखाया 21 दिसंबर 2025. दुबई में भारत-पाकिस्तान के बीच अंडर-19 एशिया कप का फाइनल मुकाबला। वैभव ने 10 गेंदों में 26 रन बना लिए थे। तभी पाकिस्तानी गेंदबाज अली राजा की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। अली ने आक्रामक तरीके से जश्न मनाया। वैभव की तरफ देखकर कुछ कहा भी। इस पर वैभव ने एग्रेसिव रिएक्शन दिया और अली को देखते हुए अपने जूते की तरफ इशारा किया। भारतीय टीम सिर्फ 156 रन बना सकी और मैच हार गई। सवाल-4: तो क्या बड़े मैचों में खराब परफॉरमेंस के चलते आपा खो देते हैं वैभव? जवाब: जब भी वैभव मैचों में कथित ‘गुस्से’ में दिखे, तब उनकी या टीम की परफॉरमेंस अच्छी नहीं चल रही थी... सवाल-5: क्या वैभव का गुस्सा उनके करियर के लिए घातक बन जाएगा? जवाबः कई स्टार खिलाड़ी अपने शुरुआती दौर में एग्रेसिव रहे हैं, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपना तरीका बदला। गुस्से को कंट्रोल करके खेल पर फोकस बढ़ाया और खुद को हर मामले में बेस्ट स्पोर्ट्सपर्सन साबित किया। सीनियर क्रिकेट जर्नलिस्ट के. श्रीनिवास राव कहते हैं, ‘ये संभव नहीं है कि मैदान पर हमारी इच्छा के मुताबिक हमारा खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसी आक्रामक भाषा में जवाब दे और वो संतुलित भी रहे। वैभव बच्चा है, उसने कोई क्राइम नहीं किया है, उसे गलती करने और उससे खुद सीखने का हक है। 15 साल की उम्र में 30 साल वाली परिपक्वता की उम्मीद नहीं की जा सकती।’ हालांकि सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार भी X पर लिखते हैं, 'वैभव को मैदान पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। इससे इंसान अपना नजरिया खो देता है। मुझे यकीन है कि इस घटना से वो सीखेंगे। हम सब गलतियां करते हैं, वो भी अलग नहीं हैं।’ वैभव की पैदाइश 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर की है। कम उम्र में वैभव ने स्किल और परफॉरमेंस के मामले में विराट और रोजर फेडरर की तरह नई लकीर खींची है। उन्हें ‘वर्ल्ड क्रिकेट का बेबी बॉस’ और ‘वंडर किड’ कहा जाने लगा है। सवाल-6: वैभव में ऐसा क्या खास है कि उन्हें ‘वंडर किड’ कहा जाता है? जवाबः इसकी 4 बड़ी वजहें हैं… 1. सिर्फ पावर हिटिंग नहीं, कम्प्लीट बैटिंग स्किल सेट 2. 15 की उम्र में टीम इंडिया में सिलेक्शन, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा 3. क्रिस गेल, डीविलियर्स, रसल के रिकॉर्ड तोड़े 4. वैभव पर IIM इंदौर रिसर्च करेगा *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------क्रिकेट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…क्या IPL का डाउनफॉल शुरू:टीवी दर्शक 26% घटे, विदेशी खिलाड़ी आधा सीजन ही खेल रहे; टॉप एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहें और समाधान 29 मई की शाम। फोन पर नोटिफिकेशन आया- राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी सेंचुरी के करीब हैं। मैंने जियो हॉटस्टार खोला, लाइव मैच चला लिया। तभी ध्यान आया कि इस पूरे सीजन में पहला मैच लाइव देख रही हूं। बाकी दो महीने? बस हाइलाइट्स, स्कोर अपडेट्स और कभी-कभी रील्स। पढ़ें पूरी खबर…
होशियारपुर में बहू ने कथित तौर पर ईंट मारकर की सास की हत्या
होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के मेहतियाना थाना क्षेत्र के मुखलियाना गांव में एक महिला को अपनी सास की कथित हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपी की पहचान प्रभजोत कौर के रूप में हुई है, जो हरप्रीत सिंह उर्फ फतेह की पत्नी है। मृतका की पहचान […] The post होशियारपुर में बहू ने कथित तौर पर ईंट मारकर की सास की हत्या appeared first on Sabguru News .
ब्रिटेन में 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन
लंदन। ब्रिटेन में 16 वर्ष से कम उम्र के किशोर अगले साल वसंत के बाद टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन होने वाले नुकसानों से बचाना और उनके मानसिक स्वास्थ्य […] The post ब्रिटेन में 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन appeared first on Sabguru News .
टाइम्स मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों की सूची में स्मृति मंधाना अकेली भारतीय
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना को टाइम मैगजीन ने इस वर्ष खेल जगत के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में शामिल किया है। वह इस सूची में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय हैं।टाइम पत्रिका की 2026 की खेल जगत के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में ऐसे खिलाड़ी, कोच, समर्थक और निवेशक शामिल हैं जिन्होंने खेलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस सूची में अमेरिकी बास्केटबॉल के दिग्गज लेब्रॉन जेम्स, फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, चीनी-अमेरिकी स्कीयर एलीन गु, टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज़, बास्केटबॉल खिलाड़ी विक्टर वेम्बन्यामा, दिग्गज गोल्फर रोरी मैकलॉय, दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट कप्तान तेम्बा बावुमा जैसे खेल जगत के सुपरस्टार शामिल हैं। भारतीय महिला राष्ट्रीय टीम की उप-कप्तान 29 वर्षीय मंधाना इस विशिष्ट क्लब का हिस्सा हैं। #CricketWithTOI | India vice-captain #SmritiMandhana has earned another prestigious honour after being named in #TIME magazine's list of the 100 Most #Influential People in #Sports 2026, emerging as the only Indian to feature among a star-studded global lineup. For more details… pic.twitter.com/0gSCkxt5Pp — The Times Of India (@timesofindia) June 16, 2026 टाइम मैगजीन में मंधाना के बारे में कहा गया है, ‘‘मंधाना घरेलू एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, वह तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक बनाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं और 17 शतकों के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे अधिक शतक की संयुक्त रिकॉर्ड धारक हैं।’’ स्मृति मंधाना का निजी जीवन एकदिवसीय विश्वकप की जीत के बाद उतना बेहतर नहीं रहा। उनकी उनके प्रेमी पलाश मुछ्छल से सगाई टूट गई। हालांकि उन्होंने महिला टी-20 विश्वकप के पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ अकेले दम पर 68 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि उनकी पेशेवर जिंदगी में इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है।
अमरीका के सुप्रीम कोर्ट में टीसीएस की याचिका खारिज
मुंबई। अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने एक दूसरी कंपनी के सॉफ्टवेयर तक अवैध पहुंच हासिल करने के एक मामले में भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। टीसीएस ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून को अमेरिकी प्रांतीय अपीलीय अदालत के फैसले के पुनरीक्षण […] The post अमरीका के सुप्रीम कोर्ट में टीसीएस की याचिका खारिज appeared first on Sabguru News .
सरकार ने नीट पुनर्परीक्षा के मद्देनजर टेलीग्राम एप पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध
नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा के मद्देनजर इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी पाबंदी लगा दी है। यह कदम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मैटी) ने उठाया है। सरकार के इस निर्णय के बाद कोई भी उपभोक्ता 22 […] The post सरकार ने नीट पुनर्परीक्षा के मद्देनजर टेलीग्राम एप पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध appeared first on Sabguru News .
वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें अमेरिका की ओर से ईरान को वित्तीय भुगतान करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने अमरीकी फंडिंग की रिपोर्टों को ‘फर्जी’ करार दिया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह कहानी कि अमरीका ईरान को ‘30 करोड़’ डॉलर का […] The post ट्रंप ने ईरान को अमरीका से भुगतान की रिपोर्ट को बताया फर्जी, वेंस ने कहा कि खाड़ी देश देंगे पुनर्निर्माण की राशि appeared first on Sabguru News .
छत्तीसगढ़ : झाड़फूंक के बहाने युवती से रेप, प्रयागराज का कथित तांत्रिक अरेस्ट
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में झाड़फूंक के नाम पर लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करने वाले एक कथित तांत्रिक को युवती से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार गांधीनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली […] The post छत्तीसगढ़ : झाड़फूंक के बहाने युवती से रेप, प्रयागराज का कथित तांत्रिक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
डीजल, विमान ईंधन के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ा
नई दिल्ली। सरकार ने डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है। डीजल के निर्यात पर उत्पाद शुल्क में 50 पैसे और विमान ईंधन पर तीन रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गयी है। वित्त मंत्रालय की सोमवार देर रात जारी अधिसूचना में बताया गया है कि नई दरें 16 जून […] The post डीजल, विमान ईंधन के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ा appeared first on Sabguru News .
INDIA गठबंधन का भविष्य : दीपांकर भट्टाचार्य ने INDIA गठबंधन, राहुल गांधी, लोकतांत्रिक प्रतिरोध, जन आंदोलनों और विपक्ष की राजनीति के भविष्य पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है
लोकप्रिय और भरोसेमंद वाहन में क्या अंतर होता है?
ऑटोमोबाइल बाजार में कुछ गाड़ियाँ अपनी लोकप्रियता के लिए जानी जाती हैं, जबकि कुछ अपनी विश्वसनीयता के लिए। कई बार दोनों गुण एक ही वाहन में मिल जाते हैं, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। कोई वाहन बिक्री के आंकड़ों, नए फीचर्स या आकर्षक डिजाइन की वजह से लोकप्रिय हो सकता है, जबकि भरोसेमंद वाहन वह होता है जो वर्षों तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करके मालिक का विश्वास जीतता है। यही अंतर समझना महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब खरीदार लंबे समय के लिए वाहन चुन रहे हों। लोकप्रियता क्या दर्शाती है? किसी वाहन की लोकप्रियता आमतौर पर इन बातों से प्रभावित होती है: आकर्षक डिजाइन नए फीचर्स और तकनीक विज्ञापन और ब्रांड छवि बाजार में बढ़ती मांग लोकप्रिय वाहन अक्सर चर्चा में रहते हैं और बड़ी संख्या में खरीदारों का ध्यान आकर्षित करते हैं। वे बाज़ार के ट्रेंड्स के अनुरूप होते हैं और तेजी से लोकप्रियता हासिल कर सकते हैं। हालांकि, लोकप्रियता हमेशा यह नहीं बताती कि वाहन लंबे समय तक कैसा प्रदर्शन करेगा। भरोसेमंद वाहन की पहचान क्या है? भरोसेमंद वाहन वह होता है जो समय के साथ अपना मूल्य साबित करता है। ऐसे वाहन: लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं कम अप्रत्याशित खराबियाँ दिखाते हैं कठिन परिस्थितियों में भी भरोसेमंद रहते हैं मालिक को लंबे समय तक संतोषजनक अनुभव देते हैं विश्वसनीयता का निर्माण वर्षों के वास्तविक उपयोग और सकारात्मक ओनरशिप अनुभवों से होता है। भरोसा समय के साथ बनता है लोकप्रियता अपेक्षाकृत जल्दी हासिल की जा सकती है, लेकिन भरोसा समय लेता है। जब कोई वाहन: लगातार चलने में भरोसेमंद साबित हो अलग-अलग परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करे मालिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरे तब वह धीरे-धीरे भरोसेमंद वाहन की श्रेणी में आता है। यही कारण है कि कई वाहन दशकों तक बाजार में अपनी पहचान बनाए रखते हैं। ट्रेंड बदलते हैं, भरोसा बना रहता है ऑटोमोबाइल उद्योग लगातार बदल रहा है। हर साल: नए फीचर्स आते हैं नई तकनीकें लॉन्च होती हैं डिजाइन ट्रेंड बदलते हैं लेकिन खरीदारों का भरोसा उन वाहनों पर बना रहता है जो वर्षों से अपने प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि कुछ वाहन नई प्रतिस्पर्धा के बावजूद प्रासंगिक बने रहते हैं। वास्तविक उपयोग से बनती है प्रतिष्ठा भरोसेमंद वाहन की सबसे बड़ी ताकत उसका वास्तविक प्रदर्शन होता है। उदाहरण के लिए, Mahindra Bolero को लंबे समय से उसकी मजबूती, टिकाऊपन और व्यावहारिक उपयोगिता के लिए जाना जाता है। इसके नए संस्करण में भी मजबूत निर्माण, हाई-स्ट्रेंथ फ्रेम-बेस्ड बॉडी और बेहतर ड्राइविंग अनुभव पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो इसकी स्थापित छवि को और मजबूत करता है। ऐसी विशेषताएँ वाहन को केवल लोकप्रिय नहीं, बल्कि भरोसेमंद भी बनाती हैं। अनुभवी खरीदार क्या चुनते हैं? पहली बार वाहन खरीदने वाले ग्राहक अक्सर: फीचर्स डिजाइन तकनीक पर अधिक ध्यान देते हैं। वहीं अनुभवी खरीदार आमतौर पर: विश्वसनीयता रखरखाव लागत लंबे समय का प्रदर्शन ओनरशिप अनुभव को अधिक महत्व देते हैं। यही कारण है कि समय के साथ कई खरीदारों की प्राथमिकताएँ बदल जाती हैं। ओनरशिप अनुभव का प्रभाव एक वाहन की वास्तविक पहचान उसके ओनरशिप अनुभव से बनती है। यदि वाहन: कम परेशानी देता है लंबे समय तक अच्छा चलता है मालिक को मानसिक सुकून देता है तो वह धीरे-धीरे भरोसेमंद वाहन के रूप में स्थापित हो जाता है। यह अनुभव अक्सर किसी भी मार्केटिंग अभियान से अधिक प्रभावशाली होता है। लोकप्रियता और भरोसे का संतुलन आदर्श स्थिति तब होती है जब कोई वाहन लोकप्रिय भी हो और भरोसेमंद भी। आधुनिक खरीदार चाहते हैं: उपयोगी फीचर्स अच्छी तकनीक मजबूत निर्माण विश्वसनीय प्रदर्शन इसलिए आज वाहन निर्माता भी केवल लोकप्रियता नहीं, बल्कि लंबे समय की विश्वसनीयता पर ध्यान दे रहे हैं। डिजिटल रिसर्च की भूमिका आज के खरीदार पहले से कहीं अधिक जानकारी जुटाते हैं। ACKO Drive जैसे प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को: विभिन्न वाहनों की तुलना करने ओनरशिप अनुभव समझने दीर्घकालिक मूल्य का आकलन करने में मदद करते हैं। इससे खरीदार केवल ट्रेंड्स के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक उपयोगिता और भरोसे के आधार पर निर्णय ले पाते हैं। निष्कर्ष लोकप्रिय और भरोसेमंद वाहन में सबसे बड़ा अंतर समय में होता है। लोकप्रियता ध्यान आकर्षित करती है भरोसा लंबे समय तक साथ निभाता है एक लोकप्रिय वाहन आज चर्चा में हो सकता है, लेकिन भरोसेमंद वाहन वर्षों तक मालिकों का विश्वास बनाए रखता है। अंततः, वाहन खरीदना केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने के बारे में नहीं है। यह उस भरोसे को चुनने के बारे में भी है जो आने वाले वर्षों में आपके साथ बने रहे।
मर्द इंसान नहीं, भूमिका क्यों बन जाते हैं? पुरुषों की भावनात्मक दुनिया का अनकहा सच
समाज पुरुषों को मजबूत बनने की सीख देता है, लेकिन उनकी भावनाओं को दबा देता है। जानिए मर्दानगी, अकेलेपन और मानसिक स्वास्थ्य का अनकहा सच
टीम इंडिया में शामिल हुआ एक और गुजरात टाइटंस का तेज गेंदबाज
तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को श्रीलंका में चल रही त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए चोटिल युद्धवीर सिंह की जगह भारतीय टीम में शामिल किया गया है।अशोक ने आईपीएल में गुजरात टाइटन्स की तरफ से खेलते हुए अपनी तेज गति से सभी को प्रभावित किया था। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने बयान में कहा, ‘‘युद्धवीर सिंह ने 13 जून को गेंदबाजी करते समय दाहिने कंधे में तकलीफ की शिकायत की थी और 11 जून को अभ्यास सत्र के दौरान भी उन्हें इसी तरह का दर्द महसूस हुआ था।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने एक विशेषज्ञ से परामर्श करने के बाद सिफारिश की है कि युद्धवीर को चोट से पूरी तरह से उबरने के लिए BCCI Centre of Excellence (COE) में रिहैबिलिटेशन से गुजरना चाहिए।’’ भारत ए को त्रिकोणीय श्रृंखला में अभी तक 3 मैचों में से दो मैच में हार का सामना करना पड़ा है।भारत को पहले मैच में श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में चमत्कारिक रूप से 7 रनों से जीत मिली थी। News Ashok Sharma added to India A squad for tri-series in Sri Lanka as a replacement for Yudhvir Singh. More Details https://t.co/Hvc2KSoBlv #TriNationSeries pic.twitter.com/jcZMZ0DDm8 — BCCI (@BCCI) June 16, 2026 त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारत ए टीम: तिलक वर्मा (कप्तान), रुतुराज गायकवाड़ (उप-कप्तान), प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), विप्रज निगम, यश ठाकुर, अंशुल कंबोज, अरशद खान, अनुकूल रॉय, अशोक शर्मा।
'कॉकरोच जनता पार्टी': सोशल मीडिया पर धमाल के बाद जमीनी हकीकत
देश के बेरोजगारों की कॉकरोच से तुलना के बाद इसी नाम से बनी कॉकरोच जनता पार्टी ने बनते ही युवाओं और देश की मीडिया में सनसनी पैदा कर दी। कुछ ही दिन के भीतर सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोवर बना लेने वाली पार्टी पहली बार जब आंदोलन के मैदान में उतरी तो वो ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 16 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज काम में धैर्य और मेहनत से सफलता मिलेगी। लव: प्यार में गलतफहमी से बचें। धन: आज अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: हल्का भोजन करें। उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें। ALSO READ: देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, करियर-धन पर पड़ सकता है असर 2. वृषभ (Taurus) करियर: नए प्रोजेक्ट की शुरुआत लाभकारी होगी। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: सिरदर्द और तनाव की संभावना है। उपाय: रविवार को सूर्य देव की पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज आपकी रचनात्मकता काम आएगी। लव: प्रेम संबंधों में रोमांस बढ़ेगा। धन: अचानक आय के योग हैं। स्वास्थ्य: गले से संबंधित समस्या हो सकती है। उपाय: बुधवार को बुध देव की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: काम में स्थिरता रहेगी। लव: पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: नींद कम आने की समस्या संभव है। उपाय: सोमवार को चंद्रमा की पूजा करें। 5. सिंह (Leo) करियर: प्रमोशन और सराहना मिलने के योग हैं। लव: प्यार में रोमांस और उत्साह बना रहेगा। धन: पैसों में वृद्धि की संभावना दिख रही है। स्वास्थ्य: व्यायाम और संतुलित भोजन करें। उपाय: रविवार को सूर्य को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: आज दस्तावेज़ और रिपोर्ट में गलती न करें। लव: रिश्तों में समझौता जरूरी है। धन: व्यय बढ़ सकता है। बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: आज आप हल्का भोजन करें। उपाय: मंगलवार को हनुमान जी का ध्यान करें। ALSO READ: मिथुन संक्रांति 2026: करें ये 5 विशेष दान, आर्थिक तंगी और जीवन के संकटों से मिल सकती है राहत 7. तुला (Libra) करियर: आज नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: प्रेम में मधुरता बनी रहेगी। धन: धन का निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: थकान और मानसिक तनाव हो सकता है। उपाय: सफेद रंग पहनें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्य में वरिष्ठों का समर्थन मिलेगा। लव: प्यार में उत्साह और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत। स्वास्थ्य: आज ध्यान और योग लाभकारी रहेगा। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई योजनाएँ सफल होंगी। लव: साथी के साथ समझदारी बनाए रखें। धन: निवेश में लाभ मिलेगा। अनावश्यक खर्च न करें। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: बृहस्पति देव की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज का दिन मेहनत का प्रतिफल देगा। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: आज स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय: काले रंग का उपयोग कम करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: आज आपकी बुद्धिमानी से नए अवसर मिलेंगे। लव: प्रेम संबंधों में विश्वास और सहयोग बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि के योग हैं। निवेश पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: बाहरी तनाव कम करें। उपाय: शनिवार को शनिदेव का ध्यान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर स्थिरता रहेगी। पुराने प्रोजेक्ट पूरे होंगे। लव: अकेले लोगों के लिए नए संबंध के योग हैं। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: शरीर और मानसिक स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय: सोमवार को चंद्रमा की पूजा करें। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद
अलवर में भूमि विवाद को लेकर युवक को गोली मारी
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बडेर गांव में जमीन विवाद को लेकर एक पक्ष ने सोमवार को खेत में जुताई करने पहुंचे एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल गजेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने खेत में जुताई करने गया था। इसी दौरान जमीन को लेकर चल […] The post अलवर में भूमि विवाद को लेकर युवक को गोली मारी appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : घायल होने के बावजूद एएसआई ने चोर को दबोचा
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में रविवार रात चोरों ने पुलिस गश्ती दल पर हमला करके एक पुलिस कर्मी को घायल कर दिया। थाना प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि मध्य रात्रि को एएसआई कैलाश चंद्र प्रजापत जाप्ते के साथ कोटड़ी कस्बे में रूटीन गश्त पर थे। इसी दौरान रात […] The post भीलवाड़ा : घायल होने के बावजूद एएसआई ने चोर को दबोचा appeared first on Sabguru News .
आरएसएस को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं : मोहन भागवत
बेंगलूरु/त्रिशूर। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से पारदर्शिता की मांग किए जाने के बाद पैदा हुए नए राजनीतिक विवाद के बीच आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि संगठन को किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। भागवत ने आरएसएस को एक संगठन के रूप में पंजीकृत करने […] The post आरएसएस को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं : मोहन भागवत appeared first on Sabguru News .
हिंदू देवी-देवताओं पर कथित टिप्पणियों को लेकर प्रकाश राज के खिलाफ शिकायत दर्ज
तिरुपति। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता एवं तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) बोर्ड के सदस्य भानु प्रकाश रेड्डी ने सोमवार को कहा कि अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर तिरुपति की एक अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। रेड्डी ने यहां अदालत परिसर में मीडिया से […] The post हिंदू देवी-देवताओं पर कथित टिप्पणियों को लेकर प्रकाश राज के खिलाफ शिकायत दर्ज appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में ट्रक-कार की टक्कर से हरियाणा के 6 लोगों की मौत, बालिका घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के डूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को ट्रक और कार की भिड़ंत में छह लोगों की मौत हो गयी, जबकि एक बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हरियाणा नंबर की कार में कुल सात लोग सवार थे। सभी मृतक एक ही परिवार के हैं, […] The post बीकानेर में ट्रक-कार की टक्कर से हरियाणा के 6 लोगों की मौत, बालिका घायल appeared first on Sabguru News .
अजमेर में तीन दिवसीय निःशुल्क योग, प्राणायाम एवं ध्यान शिविर 16 से
अजमेर। हार्टफुलनेस संस्थान एवं श्री रामचन्द्र मिशन, अजमेर के तत्वावधान में 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय निःशुल्क योग, प्राणायाम एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर प्रतिदिन प्रातः 5:30 बजे से 7 बजे तक धोला भाटा रोड स्थित मन्ना हवेली में आयोजित होगा। शिविर का उद्देश्य आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, […] The post अजमेर में तीन दिवसीय निःशुल्क योग, प्राणायाम एवं ध्यान शिविर 16 से appeared first on Sabguru News .
आंध्र प्रदेश : संदिग्ध परिस्थितियों में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने की सुसाइड
नेल्लोर। आंध्र प्रदेश के संगम मंडल के दुव्वुरु गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के सीलिंग फैन से लटककर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास रेड्डी ने सोमवार को मीडिया को बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षक मधुसूदन राव, उनकी पत्नी रत्नावली और बेटे साई सुकृत के शव उनके घर में पंखे […] The post आंध्र प्रदेश : संदिग्ध परिस्थितियों में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने की सुसाइड appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में आरोली और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोली गांव का गोपाल गुर्जर (38) सलावटिया के बीच सुबह करीब सात बजे अपनी मोटरसाइकिल का टायर पंक्चर होने […] The post भीलवाड़ा में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत appeared first on Sabguru News .
जमीन से हमला करने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल उडान परीक्षण
नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से ज़मीन पर हमला करने वाली लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर में विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से […] The post जमीन से हमला करने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल उडान परीक्षण appeared first on Sabguru News .
ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत में महिला की मौत, पति गंभीर घायल
बारां। राजस्थान में बारां जिले के भंवरगढ़ थान क्षेत्र में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक महिला की मौत हो गई और उसका पति घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मियांडा गांव निवासी घनश्याम गुर्जर अपनी पत्नी द्रौपदी बाई गुर्जर (45) के साथ मोटरसाइकिल से बारां […] The post ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत में महिला की मौत, पति गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
INDAvsSLA में ड्रामा, सुपर ओवर, लड़ाई लेकिन भारत श्रीलंका से हारा (Video)
INDAvsSLA श्रीलंका में चल रहे त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत ए को श्रीलंका ए से एक अहम मैच सुपर ओवर में गंवाना पड़ा। सुपर ओवर में भारत ए की ओर से अरशद खान ने 17 रन दिए वहीं भारत इसके जवाब में सिर्फ 9 रन ही बना पाया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ कहा सुनी और झड़प भी हुई। Vaibhav Sooryavanshi in a heated moment with Sri Lankan players after super over pic.twitter.com/Ajlqu7XUtr — King In The North (@KingInThe2North) June 15, 2026 लेकिन मैच में नाटकीय मोड़ तब आया जब भारत के 265 रनों के जवाब में श्रीलंका की टीम 265 रन ही बना पाई। सुपर ओवर के लिए तिलक वर्मा और अंपायर में काफी देर तक बहस हुई। सुपर ओवर देर से शुरु हुआ। वहीं जब श्रीलंका की पारी की आखिरी गेंद थी तो नो बॉल देने में भी देर हुई जिससे डगआउट में जा चुके तिलक फिर से अंपायर से भिड़ गए। Drama in Dambulla! India A players, led by Tilak Varma, argued with umpires after the match vs Sri Lanka A ended in a tie, demanding a Super Over despite bad light. Umpires eventually agreed. Pure chaos! #IndiaA #SriLankaA #Cricket pic.twitter.com/EwEvUg7Dvm — Kunal Bhanwala (@bhanwala_k38130) June 15, 2026 भारत ने इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में सूर्यांश शेगड़े और विपराज निगम के अर्धशतकों की बतौलत 265 रनों तक पहुंचा। वहीं श्रीलंका की ओर से सदीरा समरविक्रमा ने 91 रनों की पारी खेली।
Bada Mangal 2026: सातवें बड़े मंगल पर अवश्य करें ये 10 कार्य, हनुमान जी देंगे वरदान
Hanuman Ji Blessings Remedies: ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संकटमोचन भगवान हनुमान की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सातवां बड़ा मंगल भक्तों के लिए विशेष अवसर होता है, जब वे हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न धार्मिक कार्य करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का कई गुना फल मिलता है। इस बार 7वां बड़ा मंगल 16 जून 2026, दिन मंगलवार को पड़ रहा है। ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां यदि आप जीवन में संकटों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और बजरंगबली की विशेष कृपा चाहते हैं, तो सातवें बड़े मंगल पर ये 10 कार्य अवश्य करें: 1. हनुमान जी को चोला चढ़ाएं सातवें बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल (चोला) अर्पित करें। चोला चढ़ाते समय अपनी मनोकामना मन में दोहराएं। ऐसा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है। 2. सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ इस विशेष दिन पर घर में या मंदिर जाकर सुंदरकांड का पाठ करें। यदि समय की कमी हो, तो कम से कम 7 बार हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। 3. बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग बजरंगबली को बूंदी, बेसन के लड्डू या मलाईदार पेड़े अत्यंत प्रिय हैं। सातवें बड़े मंगल पर हनुमान जी को इनका भोग लगाएं और फिर इस प्रसाद को अधिक से अधिक लोगों और बच्चों में बांटें। 4. राम नाम का कीर्तन या जप हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका है भगवान श्री राम की आराधना। इस दिन तुलसी की माला से ॐ राम रामाय नमः या श्री राम जय राम जय जय राम मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। ALSO READ: Jyeshtha Month Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल: क्यों बन रहा है यह महीना खास 5. 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ यदि आप लंबे समय से कर्ज के बोझ से दबे हैं, तो सातवें बड़े मंगल के दिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। इससे कर्ज से मुक्ति के मार्ग खुलते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। 6. पीपल के पत्तों की माला पीपल के 11 साबुत यानी बिना फटे पत्ते लें। उन्हें साफ पानी से धोकर उन पर लाल चंदन या कुमकुम से 'श्री राम' लिखें। इन पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। इससे धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। 7. चमेली के तेल का दीपक शाम के समय किसी हनुमान मंदिर में जाएं और उनके सामने मिट्टी का एक बड़ा दीपक चमेली के तेल का जलाएं। उसमें दो लौंग भी डाल दें। यह उपाय नौकरी और व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करता है। 8. बंदरों और गायों को भोजन हनुमान जी के प्रतीक स्वरूप इस दिन बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं। इसके अलावा, काली गाय को भी भीगे हुए चने या मीठी रोटी खिलाने से शनि देव और हनुमान जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। 9. जरूरतमंदों को दान इस दिन गर्मी से राहत दिलाने वाली वस्तुओं का दान करें, जैसे- मिट्टी का घड़ा/ मटका, छाता, सूती वस्त्र, या जूते-चप्पल। नि:स्वार्थ भाव से किया गया दान हनुमान जी को तुरंत प्रसन्न करता है। 10. भंडारा और ठंडे पानी का वितरण जेठ के महीने में भीषण गर्मी होती है। बड़े मंगल पर राहगीरों के लिए ठंडे पानी, शरबत या शिकंजी की व्यवस्था करना और आम जनता के लिए भंडारे (पूड़ी-सब्जी या हलवा) का आयोजन करना महापुण्य का काम माना जाता है। बजरंगबली का महामंत्र: इस दिन पूजा के दौरान ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकायं हुं फट्।' मंत्र का जप करने से सभी नकारात्मक शक्तियां और शत्रु बाधा दूर हो जाती है। ध्यान रहे कि इस दिन पूरी तरह से सात्विक रहें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी का भी अनादर न करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सातवें बड़े मंगल पर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भय, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं। साथ ही साहस, आत्मविश्वास, सफलता और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। हनुमान जी अपने भक्तों के सभी संकट हरकर उन्हें सुखमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग: इस तरह करेंगे हनुमानजी की उपासना तो मिलेंगे अनेक शुभ फल
इंदौर से मां और बेटे के एक साथ दुनिया छोड़कर चले जाने की एक भावुक कर देने वाली खबर आ रही है। लोग इस घटना को मां और बेटे के बीच का अटूट रिश्ता बताकर याद कर रहे हैं। दरअसल, रविवार को इंदौर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ अपार्टमेंट में रहने वाले राजुल शर्मा की घर पर ही मौत हो गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मां किरण शर्मा अपनी बेटी के घर पर थीं। परिजनों ने उन्हें फोन कर अपार्टमेंट आने के लिए कहा, लेकिन उन्हें उनके बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया गया। राजुल की मां किरण जब फ्लैट पर पहुंचीं तो बेटे राजुल के शव को देखकर सदमा सहन नहीं कर सकीं। कुछ ही घंटों बाद किरण ने भी दम तोड़ दिया। लेकिन दुनिया से जाते-जाते मां बेटे एक मिसाल पेश कर गए। परिवार ने दोनों की आंखें दान करने का फैसला किया। अब दोनों मां बेटे की आंखें किसी और की जिंदगी में रोशनी बिखेरेगी। बेटे के सिर पर हाथ फेरा और चल बसीं : मां किरण जब बेटे राजुल के शव के पास पहुंची तो सन्न रह गईं। कुछ देर बात उन्होंने बेटे के सिर पर हाथ फेरा और फिर खुद बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजनों को लगा कि वे सदमे के कारण बेहोश हो गई हैं। जब काफी देर तक वे उठी नहीं और आंख नहीं खोली तो परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया, डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मां बेटे की अर्थी देख भावुक हो गया शहर : इस बेहद दर्दनाक घटना के बाद जब एक ही घर से दो अर्थियां उठीं तो यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया। हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिवार ने मानवता की सेवा के भाव से दोनों का नेत्रदान कराया। उनकी आंखें अब दो लोगों की ज़िंदगी में उजाला करेंगी। मुस्कान ग्रूप के संदीपन आर्य ने बताया कि मां बेटे की मौत दुखद है, लेकिन उनकी आंखें अब किसी दूसरी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी करेगी, यह इंदौर के लिए एक मिसाल है। Edited By: Naveen R Rangiyal
अमेरिका से वापस भेजे गए अफ्रीकी रेफरी अब्दुलकादिर को मिलेगी पूरी पगार
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) ने कहा है कि वीजा संबंधी समस्याओं के कारण अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सके सोमालिया के मैच रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन को उनकी भूमिका के लिए भुगतान किया जायेगा। अफ्रीका के अग्रणी रेफरी के रूप में पहचाने जाने वाले आर्टन को पिछले सप्ताह मियामी पहुंचने पर वीजा संबंधी समस्याओं के कारण अमेरिका से वापस भेज दिया गया था, जिसके बाद वे सोमालिया लौट गए थे। अमेरिकी सीमा एवं सीमा शुल्क सुरक्षा के एक बयान में 34 वर्षीय खिलाड़ी को देश से निष्कासित करने के लिए “जांच संबंधी चिंताओं” का हवाला दिया गया। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने आर्टन की ओर से सफलतापूर्वक हस्तक्षेप करने में फीफा की विफलता के बारे में पूछे जाने पर आलोचकों से “शांत रहने” को कहा। सूत्रों का कहना है कि आर्टन को विश्व कप में अपनी भूमिकाओं के लिए पूरा पारिश्रमिक दिया जाएगा। हालांकि, आर्टन को सौंपे गए मैचों की संख्या के कारण सटीक राशि अभी तय नहीं की गई है। आर्टन को विश्व कप से बाहर किए जाने के बाद, यूईएफए ने उस अधिकारी को यूईएफए सुपर कप का प्रभारी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की, जो अगस्त में ऑस्ट्रिया के साल्ज़बर्ग में चैंपियंस लीग विजेता पेरिस सेंट-जर्मेन और यूरोपा लीग विजेता एस्टन विला के बीच होने वाला एक प्री-सीज़न मुकाबला है। सोमालिया पहुंचने पर हुआ था जोरदार स्वागत अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सोमालिया के फुटबॉल विश्व कप रैफरी उमर अर्टन का पिछले बुधावार को राजधानी मोगादिशू पहुंचने पर समर्थकों और अधिकारियों ने स्वागत किया था।अर्टन टूर्नामेंट के लिए फीफा की अंतिम सूची में जगह बनाने के बाद विश्व कप में रैफरी की भूमिका निभाने वाले सोमालिया के पहले रैफरी बनने वाले थे। अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने हालांकि एक बयान में कहा कि मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जांच-पड़ताल से जुड़ी चिंताओं के कारण उन्हें देश में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद फीफा ने उन्हें टूर्नामेंट की रैफरी की सूची से हटा दिया। ALSO READ: उमर अब्दुल कादिर- सर्वश्रेष्ठ अफ्रीकी फुटबॉल रेफरी को नहीं मिली अमेरिका में एंट्री (Video)
Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें
significance of the month of Muharram: मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर यानी हिजरी संवत का पहला महीना होता है। इस्लाम धर्म में इस महीने का ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है। यह महीना केवल इस्लामी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक नहीं है, बल्कि त्याग, धैर्य, सत्य और न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरणा भी देता है। यह महीना खुशियां मनाने का नहीं, बल्कि इंसाफ, सच्चाई, सब्र/ धैर्य और महान शहादत को याद करने का समय है। 1. मोहर्रम मास का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व 2. मोहर्रम मास की मुख्य परंपराएं 3. एक आम गलतफहमी का निवारण: क्या मोहर्रम कोई त्योहार है? आइए समझते हैं कि इस्लाम में इस महीने का क्या महत्व है और इसके दौरान कौन सी परंपराएं निभाई जाती हैं: 1. मोहर्रम मास का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व * चार पवित्र महीनों में से एक (अशहुरुम हुरुम) कुरान और इस्लाम की मान्यताओं के अनुसार, साल के 12 महीनों में से 4 महीने बेहद पवित्र और अदब के माने गए हैं, जिनमें से मोहर्रम एक है। अल्लाह के रसूल पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.अ.व.) ने इसे 'अल्लाह का महीना' कहा है। इन चार पवित्र महीनों में किसी भी प्रकार की लड़ाई-झगड़े या युद्ध को पूरी तरह प्रतिबंधित (हराम) माना गया है। * कर्बला की ऐतिहासिक शहादत मोहर्रम महीने का महत्व इतिहास की एक ऐसी घटना से जुड़ा है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। सन 61 हिजरी (680 ईस्वी) में इराक के 'कर्बला' नामक स्थान पर एक तरफ इस्लाम के सिद्धांतों को बचाने वाले पैगंबर मोहम्मद के नवासे (नाती) हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथी, जिनमें उनके परिवार के छोटे बच्चे और महिलाएं भी थीं, और दूसरी तरफ अत्याचारी शासक यजीद की बड़ी सेना थी। यजीद चाहता था कि इमाम हुसैन उसके गलत तौर-तरीकों और क्रूर शासन को जायज ठहराते हुए उसके आगे झुक जाएं। लेकिन इमाम हुसैन ने हक यानी सच्चाई और इंसानियत की रक्षा के लिए झुकने से मना कर दिया। यजीद की सेना ने इमाम हुसैन और उनके परिवार का पानी तक बंद कर दिया और अंत में 10वें मोहर्रम (यौम-ए-आशुरा) के दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों को बेहद बेरहमी से शहीद कर दिया गया। इमाम हुसैन की यह शहादत दुनिया को यह सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अत्याचार के आगे कभी सिर नहीं झुकाना चाहिए और हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए। 2. मोहर्रम मास की मुख्य परंपराएं दुनिया भर के मुसलमान, विशेषकर शिया समुदाय और कई जगहों पर सुन्नी समुदाय भी इस महीने में इमाम हुसैन और उनके परिवार की कुर्बानियों को याद करते हुए कई परंपराएं निभाते हैं: मजालिस (धार्मिक सभाएं): मोहर्रम के शुरुआती 10 दिनों में 'मजालिस' का आयोजन किया जाता है। इसमें धार्मिक गुरु (उलेमा) कर्बला के इतिहास, इमाम हुसैन के संदेशों और उनके परिवार पर ढाए गए जुल्मों की दास्तान सुनाते हैं, जिसे सुनकर लोग शोक व्यक्त करते हैं। मातम और नोहा ख्वानी: शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर इमाम हुसैन के गम में मातम करते हैं। इस दौरान 'नोहा' (शोक गीत) पढ़े जाते हैं, जिसमें कर्बला के शहीदों के दर्द को बयां किया जाता है। ताजिया निकालना: भारत, पाकिस्तान और कई अन्य देशों में मोहर्रम की 10वीं तारीख (आशुरा) को बांस, लकड़ी और रंग-बिरंगे कागजों से इमाम हुसैन के रौजे (मकबरे) की प्रतिकृति बनाई जाती है, जिसे 'ताजिया' कहा जाता है। लोग अकीदत (श्रद्धा) के साथ जुलूस के रूप में इन ताज़ियों को निकालते हैं और अंत में इन्हें कर्बला या स्थानीय कब्रिस्तान या निश्चित स्थान पर सुपुर्द-ए-खाक यानी दफन कर देते हैं। सबील और लंगर लगाना: इमाम हुसैन और उनके भूखे-प्यासे बच्चों की याद में मोहर्रम के दिनों में जगह-जगह 'सबील' अर्थात् ठंडे पानी, शरबत या दूध के स्टॉल लगाए जाते हैं, जहाँ से गुजरने वाले हर राहगीर को बिना किसी भेदभाव के पानी या शरबत पिलाया जाता है। साथ ही गरीबों के लिए मुफ्त भोजन/ लंगर का इंतजाम किया जाता है। आशुरा के रोजे (उपवास): सुन्नी समुदाय में मोहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख (या 10वीं और 11वीं तारीख) को रोजा रखने की विशेष परंपरा है। पैगंबर मोहम्मद साहब इस दिन रोजा रखा करते थे और उन्होंने इसे रमजान के बाद सबसे उत्तम रोजा बताया है। 3. एक आम गलतफहमी का निवारण: क्या मोहर्रम कोई त्योहार है? अक्सर गैर-मुस्लिम समाज में लोग इसे 'मोहर्रम का त्योहार' कह देते हैं, जो कि गलत है। मोहर्रम कोई त्योहार या उत्सव नहीं है, बल्कि यह इस्लाम का एक शोक (गम) का महीना है। यही कारण है कि इस महीने में कोई भी खुशी का काम (जैसे शादी-ब्याह, नया घर खरीदना या जश्न मनाना) नहीं किया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Muharram 2026: कब से शुरू हो रहा है मोहर्रम मास, जानें सही डेट
सवाईमाधोपुर : ट्रक के अंडरपास में गिरने से एक युवक की मौत, एक घायल
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार को एक ट्रक के अंडरपास में गिरने से उसमें सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 270.5 पर भगवतगढ़ के पास त्रिलोकपुरा अंडरपास में मिर्ची से भरा ट्रक गिर […] The post सवाईमाधोपुर : ट्रक के अंडरपास में गिरने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने बदरी विशाल और बाबा केदार के किए दर्शन बीकेटीसी को 10 करोड़ रुपए का दान
देहरादून। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं देश के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने सोमवार को उत्तराखंड स्थित भगवान बदरी विशाल और बाबा केदार नाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ ने बताया कि प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश […] The post उद्योगपति मुकेश अंबानी ने बदरी विशाल और बाबा केदार के किए दर्शन बीकेटीसी को 10 करोड़ रुपए का दान appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में तीन साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या
चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुमिदिपुंडी में रविवार शाम को सीपकोट इंडस्ट्रियल एस्टेट के पास साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म और उसकी मौत पर विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है। पीड़िता […] The post तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में तीन साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या appeared first on Sabguru News .
राम चरण स्टारर 'पेड्डी', जिसमें जाह्नवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में हैं, दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर लगातार तहलका मचा रही है। यह फिल्म न केवल इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बनकर उभरी है, बल्कि यह 2026 की साउथ इंडिया की नंबर 1 ग्रॉसर भी बन गई है। दर्शकों की शानदार तारीफ, ब्लॉकबस्टर वर्ड-ऑफ-माउथ और खचाखच भरे सिनेमाघरों के दम पर 'पेड्डी' अपनी रिलीज के बाद से ही लगातार असाधारण आंकड़े दर्ज कर रही है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी ब्लॉकबस्टर रफ्तार को और मजबूत करते हुए एक और जबरदस्त वीकेंड देखा है। ALSO READ: श्रीलीला कैसे बनीं देश की सबसे पसंदीदा यंग स्टार? जानिए उनकी सफलता के बड़े राज महज 11 दिनों में 'पेड्डी' ने दुनिया भर में 393 करोड़ रुपए से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है, जो दर्शकों से मिल रहे असीम प्यार को साफ दिखाता है। अपने सनसनीखेज दूसरे हफ्ते के परफॉर्मेंस के साथ, यह फिल्म थिएटर्स में लगातार अपना दबदबा बनाए हुए है और इसके धीमे होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। A post shared by PEDDI (@peddimovie) इस खबर को शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, #Peddi ने 11 दिनों में दुनिया भर में 393 करोड़ से ज़्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। अपने दूसरे हफ्ते में भी दुनिया भर में सफलतापूर्वक चल रही है। बुची बाबू सना द्वारा लिखित और डायरेक्टेड 'पेड्डी' में राम चरण लीड रोल में हैं, जिनके साथ शिव राजकुमार, जाह्नवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह दमदार स्टार कास्ट फिल्म के स्केल और इसके इम्पैक्ट को एक अलग ही लेवल पर ले जाती है। वेंकट सतीश किलारु द्वारा वृद्धि सिनेमाज के तहत, मैत्री मूवी मेकर्स, सुकुमार राइटिंग्स और IVY एंटरटेनमेंट के सहयोग से प्रड्यूस की गई इस फिल्म के को-प्रड्यूसर ईशान सक्सेना हैं।
होशियारपुर में नाबालिग से रेप करने के आरोप में किशोर अरेस्ट
होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर में एक किशोर लड़के को नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने, उसका अश्लील वीडियो बनाने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पीड़िता के परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद स्थानीय पुलिस ने तत्परता […] The post होशियारपुर में नाबालिग से रेप करने के आरोप में किशोर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
लोक सभा में तृणमूल कांग्रेस के 20 सदस्य हुए अलग, बिरला से मिलकर सदन में जगह मांगी
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के नेतृत्व को एक बड़ा झटका देते हुए पार्टी के 20 लोकसभा सदस्यों ने रविवार को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय की घोषणा की और अध्यक्ष ओम बिरला से मिल कर सदन में के सदस्य के रूप में लग बैठने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध-पत्र दिया। बिड़ला […] The post लोक सभा में तृणमूल कांग्रेस के 20 सदस्य हुए अलग, बिरला से मिलकर सदन में जगह मांगी appeared first on Sabguru News .
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर के पास दर्दनाक सड़क हादसा, 9 तीर्थयात्रियों की मौत
मुंबई। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर के पास रविवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई महिलाओं और बच्चों सहित नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय के सूत्रों ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा म्हसवड-पंढरपुर मार्ग पर उस समय हुआ […] The post प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर के पास दर्दनाक सड़क हादसा, 9 तीर्थयात्रियों की मौत appeared first on Sabguru News .
अभिनेत्री गौतमी ने अन्नाद्रमुक छोड़ी, सामाजिक कार्यों पर करेंगी ध्यान केंद्रित
चेन्नई। लगातार चुनावी हार के बाद बड़े पैमाने पर नेताओं के पलायन का सामना कर रही अन्नाद्रमुक को रविवार को उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब पार्टी की उप-प्रचार सचिव और लोकप्रिय अभिनेत्री गौतमी तड़िमल्ला ने सामाजिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। भारतीय जनता […] The post अभिनेत्री गौतमी ने अन्नाद्रमुक छोड़ी, सामाजिक कार्यों पर करेंगी ध्यान केंद्रित appeared first on Sabguru News .
उदयपुर इंटरसिटी में आग की अफवाह के बाद बड़ा हादसा, 4 की मौत
मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दुखद रेल दुर्घटना में तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्री ट्रेन से उतर गए और दूसरी पटरी पर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ […] The post उदयपुर इंटरसिटी में आग की अफवाह के बाद बड़ा हादसा, 4 की मौत appeared first on Sabguru News .
सोमवार की सुबह इंदौर में स्थित गुटकेश्वर मंदिर से लेकर सदर बाजार रोड तक सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य में बाधक बन रहे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान करीब 100 मकानों को ढहाया गया। निगम के रिमूवल विभाग द्वारा भारी पुलिस बल और पोकलेन-जेसीबी मशीनों के साथ यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई सुबह 8 बजे शुरू हुई। खबर लिखे जाने तक करीब 80 से 100 मकानों को तोड़ा जा चुका है, प्रशासन ने करीब 85 मकानों को तोड़ने जाने के नोटिस दिया था। रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया के मुताबिक कार्रवाई में 9 पोकलेन मशीन, 5 जेसीबी, 100 से अधिक निगमकर्मी मौके पर मौजूद है। हालांकि कई रहवासियों का आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था, प्लॉट या फ्लैट का मुआवजा दिए बिना ही प्रशासन उनके 4-4 पीढ़ियों पुराने घरों को तबाह कर दिया गया है। रहवासियों का आरोप , मुआवजा नहीं मिला : स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बिना किसी उचित मुआवजे या पुनर्वास (प्लॉट/फ्लैट) की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही उनके सालों पुराने मकानों को बेरहमी से तोड दिया गया। इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित वो बुजुर्ग, विधवा और निराश्रित लोग हो रहे हैं, जिनके पास सिर ढंकने के लिए कहीं कोई दूसरा विकल्प नहीं है। मास्टर प्लान में 60 फीट चौड़ी होगी सड़क : दरअसल, यह पूरी कार्रवाई मास्टर प्लान के लिए की जा रही है। जिसके तहत इस मार्ग को कुल 60 फीट चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई काफी कम होने के कारण यहां से बड़े वाहनों का गुजरना बेहद मुश्किल होता था। सड़क के 60 फीट चौड़ा हो जाने के बाद न केवल वाहन चालकों को आसानी होगी, बल्कि दोनों तरफ पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। Edited By: Naveen R Rangiyal
श्रीलीला कैसे बनीं देश की सबसे पसंदीदा यंग स्टार? जानिए उनकी सफलता के बड़े राज
श्रीलीला को आखिर क्या चीज आज देश की सबसे पसंदीदा युवा सितारों में से एक बनाती है। बहुत कम समय में उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और उम्र के दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई है और एक सच्ची पैन-इंडिया सेंसेशन बनकर उभरी हैं। 1. जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस श्रीलीला की सबसे बड़ी खूबियों में से एक उनकी शानदार स्क्रीन प्रेजेंस है। चाहे हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस हो, इमोशनल सीन हो या फिर कोई कमर्शियल एंटरटेनर, वह हर बार स्क्रीन पर आते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। उनका करिश्मा और आत्मविश्वास उन्हें बेहद खास बनाता है। ALSO READ: गोलू की वापसी को लेकर उत्साहित हैं श्वेता त्रिपाठी, 'मिर्जापुर: द मूवी' के बारे में कही ये बात 2. बेहतरीन परफॉर्मर स्टारडम के अलावा श्रीलीला ने खुद को एक शानदार कलाकार के रूप में भी साबित किया है। वह हर किरदार में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ नजर आती हैं, जिससे दर्शक उनके किरदारों से जुड़ाव महसूस करते हैं। उनकी परफॉर्मेंस मनोरंजन और भावनाओं का बेहतरीन संतुलन पेश करती है। 3. जमीन से जुड़ी शख्सियत उनकी लोकप्रियता की एक और बड़ी वजह उनकी सादगी और जमीन से जुड़ा स्वभाव है। इतनी तेजी से सफलता मिलने के बावजूद श्रीलीला बेहद विनम्र, सहज और असली व्यक्तित्व वाली नजर आती हैं। यही वजह है कि अलग-अलग पीढ़ियों के लोग उनसे आसानी से जुड़ जाते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. हर तरह के किरदारों में खुद को साबित किया एक कलाकार के तौर पर उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने भी उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई है। पुष्पा 2 के गाने किस्सिक में अपनी खास मौजूदगी से लेकर गुंटूर कारम, राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली भगवंत केसरी और पराशक्ति जैसी फिल्मों में यादगार परफॉर्मेंस देकर उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों और शैलियों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। 5. ब्रांड्स की पहली पसंद श्रीलीला की बढ़ती लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका मजबूत ब्रांड कनेक्ट भी है। वह कई बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड्स का चेहरा हैं, जो उनकी लोकप्रियता, भरोसेमंद छवि और व्यापक पहुंच को दर्शाता है। अलग-अलग तरह के दर्शकों से जुड़ने की उनकी क्षमता उन्हें ब्रांड्स की पसंदीदा पसंद बनाती है। अपने टैलेंट, आकर्षण, बहुमुखी प्रतिभा और दर्शकों के साथ मजबूत जुड़ाव की बदौलत श्रीलीला लगातार पूरे भारत में लोगों का दिल जीत रही हैं। यही वजह है कि वह आज अपनी पीढ़ी की सबसे पसंदीदा और चर्चित सितारों में शुमार हैं।
रीट-आरएएस पेपर लीक के ‘बड़े मगरमच्छ’नहीं पकड़े गए तो उठाऊंगा बड़ा कदम : किरोड़ी लाल मीणा
अलवर। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री एवं अलवर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है कि रीट, आरएएस और उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामलों के बड़े आरोपी और बीज घोटाले के शेष दोषियों के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वह जल्द ही बड़ा फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि […] The post रीट-आरएएस पेपर लीक के ‘बड़े मगरमच्छ’ नहीं पकड़े गए तो उठाऊंगा बड़ा कदम : किरोड़ी लाल मीणा appeared first on Sabguru News .
अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता, पीएम मोदी ने किया स्वागत; भड़का इजराइल
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एलान से दुनिया ने राहत की सांस ली है। 19 जून, शुक्रवार को जिनेवा में अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी वार्ताकार एमबी गालीबाफ और अराघची डील पर साइन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की इस शांति समझौते का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे दुनिया में स्थिरता आएगी। ALSO READ: अमेरिका-ईरान डील का असर: सस्ता हुआ क्रूड ऑयल, कब घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा। I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries. India hopes that the implementation of this understanding will… — Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026 मीडिया खबरों के अनुसार, प्रस्तावित डील में मिलिट्री ऑपरेशन खत्म करना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाना शामिल है, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भविष्य की बातचीत के लिए छोड़ दिया गया है। डील पर क्या बोले ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर इस बड़ी कामयाबी की घोषणा करते हुए कहा, 'ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया भर के जहाजो, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!' ALSO READ: मिडिल ईस्ट में खत्म होगी जंग, ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर अमेरिका-ईरान ऐतिहासिक समझौते का एलान, गिरे तेल के दाम डील से इजराइल नाराज शांति समझौते पर इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन ग्वीर का बड़ा बयान, इजराइल स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र। हमारी नीति कोई और तय नहीं करेगा। ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं। डील के बाद इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर उठ रहे हैं सवाल। इस मामले में उन्होंने अब तक कोई बयान नहीं दिया है। edited by : Nrapendra Gupta
स्मृति कल्प आयोजन में ‘मालवा की मीरा’ मालती जोशी को किया याद
पद्मश्री से सम्मानित, मालवा की मीरा के रूप में ख्यात लोकप्रिय कथाकार मालती जोशी की याद में स्मृति कल्प का आयोजन इंदौर के प्रीतम लाल दुआ सभागार में किया गया। इसमें देश के प्रसिद्ध साहित्यकार और रंगमंच और फ़िल्म की हस्तियों ने भाग लिया। मालती जोशी की कहानियों और कविताओं के पाठ से सज्जित इस कार्यक्रम में लक्ष्मी शंकर बाजपेयी दिल्ली से , अतुल तिवारी मुंबई से जैसी हस्तियां शामिल हुईं और उन्होंने मालती जोशी की कहानियों का पाठ किया। उन्होंने माना कि मालती जोशी अपनी सहज और पारिवारिक पृष्ठभूमि की कहानियों के लिए जानी जाती थीं और अपने समय की सर्वश्रेष्ठ कथा लेखिकाओं में से एक थीं। विद्वानों का ये भी मत था कि सम्मान या आलोचक किसी की श्रेष्ठता का मापदंड नहीं है। श्रेष्ठ वही है जो अपने पाठकों का प्रिय हो और उनके निकट हो। मालती जोशी इसका साक्षात उदाहरण थीं। जाने माने अभिनेता और पटकथा लेखक अतुल तिवारी ने मालती जोशी ने महिला कथाकारों के लिए श्रेष्ठतम मानदंड स्थापित किए। वे कहानी कहने की कला की सिद्धहस्त हस्ताक्षर थी और अपनी कहानियों का वे बिना देखे पाठ करती थीं। उन्होंने कहा कि मालती जोशी जैसे लोग शताब्दियों में पैदा होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कहानियाँ फ़िल्म के बहुत अनुकूल थीं और गुलज़ार, जया बच्चन जैसे फ़िल्मकारों ने उनकी कहानियों पर टेली फ़िल्म का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि मालती जोशी ने रंगमंच पर कहानी की प्रस्तुति का सूत्रपात किया था। लक्ष्मी शंकर बाजपेयी का मानना था कि मालती जी की कहानियों को युवाओं के बीच प्रस्तुत किया जाना चाहिए ताकि वे भारतीय परिवार परंपरा का महत्व समझ सकें। उनका मानना था कि मालती जी का शिल्प अनोखा था। बाजपेयी ने कहा कि यदि वे गीत लिखना जारी रखती तो वे सर्वश्रेष्ठ समकालीन गीतकारों में शुमार होती। बाजपेयी जी ने मालती जोशी की कहानी ‘इतिश्री’ का वाचन किया। मोटिवेशनल स्पीकर मंजूषा राजस जौहरी ने कहा कि मालती जोशी की कहानियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रसार के लिए पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने मालती जी की कहानी ‘आखरी शर्त’ का पाठ किया। कथाकार अनीता सक्सेना मालती जोशी जी के काव्य पक्ष पर चर्चा की। उन्होंने मालती जोशी के गीतकार पक्ष की विशेषताओं पर चर्चा की। कथाकार कवियत्री ज्योति जैन ने मालती जी के साथ अपने अंतरंग प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने बताया कि मालती जोशी के अत्यंत सरल और सहज व्यक्तित्व के कारण वो किसी को भी अपना सा बना लेती थीं। मुंबई से आई प्रसिद्ध शिक्षा विद मधुरा फड़के ने मालती जोशी की संवेदनशीलता और आत्मीयता पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि मालती जी हमेशा अपने समसामयिक संदर्भों के कारण हमेशा प्रासंगिक रहीं और युवाओं में भी उतनी ही लोकप्रिय रहीं। ब्रॉडकास्टर रंजना चितले ने मालती जोशी के जीवन के प्रति दृष्टिकोण का विवेचन किया और मालती जी की कहानी ‘बोल री कठपुतली’ कहानी का पाठ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मालती जोशी के बड़े पुत्र ऋषिकेश जोशी ने स्वागत वक्तव्य दिया और मालती जी स्मृति में बनाये ट्रस्ट के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन मालती जी के छोटे पुत्र सच्चिदानंद जोशी के वक्तव्य से हुआ, जिसमे उन्होंने मालती जी की रचनाओं के कॉपी राइट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बिना अनुमति मालती जोशी की रचनाओं का प्रकाशन कर रहे हैं जो ग़लत है। कार्यक्रम का संचालन रिया जोशी ने किया। कार्यक्रम का प्रबंधन और कला आकल्पन दुष्यंत जोशी तथा अमन चौबे का था। अर्चना जोशी और मालविका जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस आत्मीय कार्यक्रम में साहित्य और सांस्कृतिक जगत की जानी मानी हस्तियां जिनमे सूर्यकांत नागर, कलापिनी कोमकली, कल्पना झोकरकर, संतोष मोहंती आदि शामिल हैं, उपस्थित रहे। Edited By: Naveen R Rangiyal
गोलू की वापसी को लेकर उत्साहित हैं श्वेता त्रिपाठी, 'मिर्जापुर: द मूवी' के बारे में कही ये बात
अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट की 'मिर्जापुर' ने भारत की सबसे सफल और मशहूर ओटीटी फ्रेंचाइजी के रूप में अपनी एक खास पहचान बनाई है। अपने कभी न भूले जाने वाले किरदारों, ग्रिपिंग स्टोरीटेलिंग, शानदार परफॉर्मेंसेस और इंटेंस ड्रामा के दम पर इस सीरीज़ ने सालों से एक बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग खड़ी की है। अब यह फ्रेंचाइजी स्ट्रीमिंग से सीधे थिएटर्स का रुख करके इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। 'मिर्जापुर: द मूवी' के साथ यह भारत की सबसे बड़ी ओटीटी प्रॉपर्टीज में से एक का पहला थिएट्रिकल एडाप्टेशन बनने जा रही है। ALSO READ: लेपर्ड प्रिंट को-ऑर्ड सेट में दिशा पाटनी ने फ्लॉन्ट किया कर्वी फिगर, बोल्ड अदाओं से मचाया तहलका जहां एक तरफ इस फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट लगातार आसमान छू रही है, वहीं फैंस इसके सीजन 4 का भी उतनी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 'मिर्जापुर' को मिलने वाले इस असीम प्यार के बारे में बात करते हुए श्वेता त्रिपाठी, जो दर्शकों के पसंदीदा किरदार 'गोलू' का रोल निभाती हैं, ने फ्रेंचाइजी के साथ दर्शकों के जुड़ाव और एक बार फिर इस रोल में कदम रखने को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की है। 'मिर्जापुर' को मिले इस जबरदस्त प्यार पर बात करते हुए श्वेता ने शेयर किया, 'मिर्जापुर' हमारे लिए सिर्फ और सिर्फ प्यार है, और गोलू का किरदार तो बेशक बेहद खास है। इन सभी सीजंस को मिलाकर अब लगभग एक दशक (10 साल) होने जा रहा है। हमने इससे सिर्फ पैसा ही नहीं कमाया, बल्कि उससे कहीं बढ़कर बहुत कुछ कमाया है - वह प्यार, इज्जत और एक खास कनेक्शन। इसके कास्ट और क्रू अब एक परिवार बन चुके हैं। हमने साथ में बहुत कुछ शेयर किया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें गोलू के किरदार को निभाना श्वेता के लिए क्यों इतना मायने रखता है और सीजंस के साथ यह रोल कैसे बदला है, इस पर बात करते हुए उन्होंने शेयर किया: गोलू बेहद खास है। मुझे उसका रोल निभाना बहुत पसंद है। जब हम आर्केटाइप्स की बात करते हैं, तो मुझे लगता है कि गोलू एक वॉरियर है। वह एक ऐसी लड़की है जो सबसे मुश्किल हालातों में भी गरिमा के साथ रहना नहीं छोड़ती। वह कोई पोस्टर गर्ल नहीं है। उसने जो चीजें अपनी आंखों से देखीं, उन्होंने उसे पूरी तरह से बदल दिया, और यह बेहद दुखद है। गोलू का किरदार निभाने के इमोशनल इम्पैक्ट पर बात करते हुए और अगले सीजन के लिए अपनी उत्सुकता जताते हुए श्वेता ने आगे कहा, खासकर सीजन 2 और 3 में मैं एक बेहद गहरे अंधकार में चली गई थी और मुझे इससे बाहर आने में समय लगा। लेकिन फिर भी मैं उससे बहुत प्यार करती हूं। मैं सीजन 4 का और इंतजार नहीं कर सकती। फिंगर्स क्रॉस्ड। मैं इसके लिए दुआ कर रही हूं। मैं बहुत एक्साइटेड हूँ। मैं गोलू से दोबारा मिलने के लिए अब और इंतजार नहीं कर सकती। 'मिर्जापुर: द मूवी' को अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंट किया जा रहा है। गुरमीत सिंह द्वारा डायरेक्टेड, पुनीत कृष्णा द्वारा लिखित, और एक्सेल एंटरटेनमेंट के तहत रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा प्रड्यूस की गई यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनिया भर में एक ग्रैंड रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है।
त्रिपुरा चुनाव में कुल 822 वोट पाने वाली पार्टी (NCPI) लोकसभा में बनी NDA की नई 'पॉवर प्लेयर'!
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसद, जो कल तक दीदी के माँ, माटी, मानुष के सुर में सुर मिला रहे थे, अचानक एक रात में 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के रंग में रंग गए। लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप दिया गया और देखते ही देखते दिल्ली के ...
'धमाल 4' गैंग लेकर आया मस्ती का परफेक्ट तड़का, 'चटनी' गाना हुआ रिलीज
अपने हंसी से भरपूर ट्रेलर के जरिए दर्शकों को नॉस्टैल्जिया की सैर कराने के बाद 'धमाल 4' ने उत्साह को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। इस उत्साह को और बढ़ाते हुए मेकर्स ने अब 'चटनी' गाना रिलीज़ कर दिया है। यह एक हाई-एनर्जी लोक-प्रेरित गीत है, जो भोजपुरी संगीत की जबरदस्त ऊर्जा को धमाल फ्रेंचाइज़ी की मस्ती भरी दुनिया में लेकर आता है। 'फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी' जैसी लोकप्रिय पंक्तियों पर आधारित यह गाना आकर्षक बीट्स और थिरकने पर मजबूर कर देने वाले रिदम से भरपूर है, जो फिल्म की हंसी और अफरा-तफरी से भरी दुनिया में पूरी तरह फिट बैठता है। यह गीत कलाकारों के बीच की शानदार केमिस्ट्री और धमाल फ्रेंचाइज़ी की पहचान बन चुकी मस्ती और पागलपन को बखूबी दर्शाता है। गाने में अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, अंजलि आनंद और रवि किशन नजर आ रहे हैं। खास तौर पर रवि किशन अपने अंदाज़ और भोजपुरी स्वैग से इस गाने में चार चांद लगा रहे हैं। ALSO READ: लेपर्ड प्रिंट को-ऑर्ड सेट में दिशा पाटनी ने फ्लॉन्ट किया कर्वी फिगर, बोल्ड अदाओं से मचाया तहलका इस गाने को नीलकमल सिंह और ममता शर्मा ने अपनी आवाज़ दी है। इसके जोशीले बोल धीरज बबुआन ने लिखे हैं, जबकि संगीत नीलकमल सिंह और आदित्य देव ने तैयार किया है। गाने की कोरियोग्राफी राहुल शेट्टी ने की है। गाने के बारे में बात करते हुए नीलकमल सिंह ने कहा, फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी ऐसा गीत है, जो हमेशा से दर्शकों से गहरा जुड़ाव रखता है। जब हमें पता चला कि धमाल 4 बन रही है, तो हमें लगा कि इसकी ऊर्जा फिल्म के किरदारों और दुनिया के साथ पूरी तरह मेल खाएगी, क्योंकि यह मस्ती, जश्न और मनोरंजन से भरपूर है। इस गाने पर काम करना बेहद मजेदार रहा और मुझे यकीन है कि दर्शक भी इसे सुनकर और इस पर थिरककर खूब आनंद लेंगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ममता शर्मा ने कहा, धमाल मेरी पसंदीदा फ्रेंचाइज़ियों में से एक है, इसलिए इसके एक गाने को अपनी आवाज़ देना मेरे लिए बेहद खास रहा। चटनी ऐसा गीत है, जिसे पहले से ही दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है और उसकी उसी ऊर्जा को धमाल 4 के लिए दोबारा पेश करना बेहद रोमांचक और संतोषजनक अनुभव रहा। यह गाना ऊर्जा, मस्ती और जश्न से भरपूर है, और मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि दर्शक इस पर झूमें। हर उम्र के दर्शकों के लिए हंसी का भरपूर मनोरंजन लेकर आ रही धमाल 4 में अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे। इनके साथ ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। 'धमाल 4' को टी-सीरीज़ और गुलशन कुमार प्रस्तुत कर रहे हैं। यह देवगन फिल्म्स, टी-सीरीज़ फिल्म्स, मारुती इंटरनेशनल और Panorama Studios के बैनर तले बनी है। फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है और इसे अजय देवगन, भुषण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक ठकेरिया, इंद्र कुमार, आनंद पंडित और कुमार मंगत पाठक ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
India’s Institutional Tilt After Decades of Seeking Stability In the architecture of democracy, governance resembles a table steadied by four pillars: the legislature, the executive, the judiciary, and a free press. When one leg—the political executive—lengthens through centralized authority while the others shorten under pressure, the surface slopes. Policies may advance with dispatch, yet […]
गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद
देवगुरु बृहस्पति का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर ज्योतिष की दुनिया की सबसे बड़ी और शुभ घटनाओं में से एक है। गुरु इस समय अपनी सबसे पावरफुल यानी उच्च की स्थिति कर्क राशि में हैं। चूंकि पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, इसलिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन धन, सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का वरदान पाने का सबसे सुनहरा मौका है। अगर आप भी इस महागोचर का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं और अपने जीवन से पैसों की तंगी व बीमारियों को दूर भगाना चाहते हैं, तो इस दौरान ये 5 अचूक उपाय जरूर करें। 1. केसर या हल्दी का तिलक (सौभाग्य और मान-सम्मान के लिए) गुरु ग्रह का सीधा संबंध पीले रंग और खुशहाली से है। इस गोचर के दौरान रोज सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। फायदा: इससे आपकी कुंडली में गुरु मजबूत होंगे, समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और नकारात्मक ऊर्जा आपसे कोसों दूर रहेगी। 2. विष्णु सहस्रनाम का पाठ (धन की तंगी दूर करने के लिए) पुष्य नक्षत्र के देवता खुद बृहस्पति हैं और भगवान विष्णु इसके प्रधान देव हैं। इस गोचर अवधि में रोज या हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranamam) का पाठ करें या उसे सुनें। फायदा: अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, तो इस उपाय से धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे। 3. 'पीली चीजों' का गुप्त दान (बरकत और सुख-समृद्धि के लिए) इस दौरान किसी मंदिर में या किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को पीले रंग की चीजें दान करें। दान में आप चने की दाल, केला, पीले वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी दे सकते हैं। फायदा: शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुष्य नक्षत्र में रहने के दौरान किया गया पीली वस्तुओं का दान घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होने देता। 4. केले के वृक्ष का पूजन (करियर और विवाह बाधा के लिए) हर गुरुवार को सुबह उठकर केले के वृक्ष (Banana Tree) की जड़ में जल अर्पित करें। जल में थोड़ी सी हल्दी, चने की दाल और गुड़ जरूर मिला लें। इसके बाद वहां शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः का जाप करें। फायदा: नौकरी और बिजनेस में आ रही रुकावटें खत्म होंगी और जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उनके योग जल्दी बनेंगे। 5. गाय को गुड़-चना खिलाना (सेहत और आयु रक्षा के लिए) अगर आप लंबे समय से सेहत से जुड़ी समस्याओं या पेट की बीमारियों से परेशान हैं, तो इस गोचर काल में नियमित रूप से (विशेषकर गुरुवार को) गीली चने की दाल और गुड़ अपने हाथों से गाय को खिलाएं। गाय की पीठ पर हाथ फेरकर उनका आशीर्वाद लें। फायदा: गाय में साक्षात देवताओं का वास होता है। इस उपाय से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं और सेहत का वरदान मिलता है। खास टिप: इस गोचर के दौरान अपने घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुओं का पैर छूकर आशीर्वाद लेना न भूलें। उनका सम्मान करने से देवगुरु बृहस्पति बिना किसी उपाय के ही शुभ फल देने लगते हैं!
तीसरे वनडे में बांग्लादेश से वाइटवॉश से बाल बाल बची ऑस्ट्रेलिया (Video)
AUSvsBAN सलामी बल्लेबाज कूपर कॉनली (149) के बेहतरीन शतक से ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को तीसरे वनडे में रविवार को तीन गेंद शेष रहते एक विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। बांग्लादेश ने यह मैच हारने के बावजूद तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।जीत के लिए अंतिम 9 रन पाने के पड़ाव पर खड़ी ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट बाकी थे लेकिन 4 विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया तीसरा वनडे भी हार जाती लेकिन अंतिम ओवर में एडम जैम्पा के चौके ने विश्व विजेता को शर्मसार होने से बचा लिया। We missed this drama today. Australia almost had the worst ever choke we've ever seen pic.twitter.com/y5XxYNGlBa — AdityaRRaj (@RR_for_LIFE) June 14, 2026 बांग्लादेश ने 50 ओवर में पांच विकेट पर 274 रन बनाये जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 49.3 ओवर में नौ विकेट पर 277 रन बनाकर रोमांचक जीत हासिल की। प्लेयर ऑफ द मैच कूपर कॉनली ने एकतरफा मुकाबला करते हुए 134 गेंदों पर 13 चौकों और छह छक्कों की मदद से शानदार 149 रन बनाये।ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ वनडे सीरीज़ खत्म की और बांग्लादेश को क्लीन स्वीप करने से रोक दिया, जबकि मेज़बान टीम ने बारिश से प्रभावित शुरुआती दो मैच जीते थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया के ओपनर्स ने तेज़ शुरुआत की, लेकिन साझेदारी टूटने के बाद पारी की रफ़्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। जोश इंगलिस और मैथ्यू रेनशॉ जल्दी-जल्दी आउट हो गए, जबकि एलेक्स कैरी कोई खास योगदान नहीं दे पाए। कूपर कॉनली और मार्नस लाबुशेन के बीच अहम साझेदारी से टीम को संभलने में मदद मिली, जिससे लक्ष्य का पीछा करने की गति स्थिर हुई; इसके बाद कैमरन ग्रीन ने भी अच्छा साथ दिया। दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कॉनली बिना घबराए खेलते रहे, लगातार बाउंड्री लगाते रहे और ऑस्ट्रेलिया को जीत की राह पर बनाए रखा। वह 49वें ओवर में आउट हुए, लेकिन ज़म्पा ने शानदार कवर ड्राइव लगाकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई। शोरिफुल इस्लाम की शानदार गेंदबाज़ी और लगातार कोशिशों के बावजूद, कोनोली का बेहतरीन शतक निर्णायक साबित हुआ और उनके प्रदर्शन पर भारी पड़ा। शोरिफ़ुल इस्लाम ने 48 रन देकर छह विकेट लिए। इससे पहले मो. तौहीद हृदोय (83), मोसद्दक हुसैन (नाबाद 56) और लिटन कुमार दास ( नाबाद 58) की शानदार पारियों के दम पर बांग्लादेश ने पांच विकेट पर 274 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का किया फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने 61 रन के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। सौम्य सरकार (दो), तंजिद हसन (19) और कप्तान नजमुल शांतो (24) रन बनाकर आउट हुये। इसके बाद मो. तौहीद हृदोय और लिटन कुमार दास चौथे विकेट के लिए 92 रन जोड़कर बड़े स्कोर की नींव रखी। लिटन कुमार दास (48) रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। शतक की ओर बढ़ रहे मो. तौहीद हृदोय को 46वें ओवर में बेन ड्वारश्विस ने आउट कर पवेलियन भेज दिया। मो. तौहीद हृदोय ने 88 गेंदों में आठ चौकों की मदद से (83) रन बनाये। 49वें ओवर में मेहदी हसन (तीन) रन पांचवें विकेट के रूप में आउट हुये। इसके बाद लिटन कुमार दास फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे और (नाबाद 58) रन बनाये। मोसद्दक हुसैन ने 51 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से (नाबाद 56) रनों की पारी खेली। बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में पांच विकेट पर 274 रनों का स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट शॉ और जेवियर बार्टलेट को दो-दो विकेट मिले।
लेपर्ड प्रिंट को-ऑर्ड सेट में दिशा पाटनी ने फ्लॉन्ट किया कर्वी फिगर, बोल्ड अदाओं से मचाया तहलका
बॉलीवुड इंड्स्ट्री की सबसे फिट और ग्लैमरस अभिनेत्रियों में शुमार दिशा पाटनी अपनी बोल्डनेस और बेहतरीन स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं। वह अपनी बोल्ड तस्वीरों से इंटरनेट पर तहलका मचाती रहती हैं। इस बार दिशा पाटनी ने बेहद अट्रैक्टिव और सिजलिंग 'लेपर्ड प्रिंट' को-आर्ड सेट में अपनी तस्वीरें शेयर की है। इस आउटफिट में एक बोल्ड हॉल्टर-नेक क्रॉप टॉप शामिल है, जिसमें डीप प्लंजिंग नेकलाइन दी गई है। ALSO READ: निक्की तंबोली का बोल्ड साड़ी लुक, हॉट अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका यह टॉप दिशा की टोंड बॉडी और एब्स को पूरी तरह से फ्लॉन्ट कर रहा है। इसके साथ उन्होंने मैचिंग हाई-वेस्टेड लॉन्ग बॉडीकॉन स्कर्ट कैरी की है, जो उनके परफेक्ट कर्व्स को बखूबी निखार रही है। दिशा का यह को-आर्ड सेट न सिर्फ वाइल्ड वाइब्स दे रहा है, बल्कि समर फैशन के लिए एक बड़ा बोल्ड इंस्पिरेशन भी है। दिशा पाटनी अपने सिजलिंग और बोल्ड पोज के लिए मशहूर हैं, और इस फोटोशूट में भी उन्होंने अपनी इस कला का शानदार प्रदर्शन किया है। ALSO READ: दिशा पाटनी का बोल्ड अवतार, बैकलेस गाउन में दिखाया ग्लैमरस अंदाज तस्वीरों में वह एक से बढ़कर एक सिजलिंग अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। कभी वह जमीन पर बैठकर रिलैक्स्ड अंदाज में पोज दे रही हैं, तो कभी वुडन चेयर पर बैठकर बेहद एलीगेंट और सिजलिंग पोज देती नजर आ रही हैं। मेकअप की बात करें तो दिशा ने इसे 'न्यूड एंड सटल' रखा है—ग्लोसी लिप्स, न्यूड आईशैडो और हल्के मस्कारा के साथ उनका नेचुरल लुक उभर कर आ रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दिशा ने अपने इस वाइल्ड लुक को कॉम्प्लीमेंट करने के लिए अपने बालों को खुला रखा है। उनके लंबे, काले और चमकदार बाल सॉफ्ट वेव्स के साथ बीच से पार्टेड होकर उनके कंधों पर बिखरे हुए हैं। यह सिंपल मगर क्लासी हेयर स्टाइल उनके चेहरे की बनावट को परफेक्ट फ्रेम दे रहा है। एक्सेसरीज के मामले में दिशा ने मिनिमलिज्म को चुना है। उन्होंने अपने बाएं हाथ में कुछ थिक मैरून और गोल्डन कलर के कलर्ड कड़े पहने हैं और कानों में छोटे गोल्डन स्टड्स कैरी किए हैं, जो लेपर्ड प्रिंट के साथ बेहद सलीके से मैच हो रहे हैं।
महंगाई का महाविस्फोट: 9.68% पर पहुंची भारत की थोक महंगाई, ईंधन और खाने-पीने की चीजों ने बिगाड़ा बजट
Wholesale Price Index : मई 2026 में भारत की थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह दर 43 महीने में सबसे ज्यादा है। ये बाजार के 9.1 प्रतिशत के अनुमान और अप्रैल के 8.3 प्रतिशत के आंकड़े से काफी अधिक है। मई में थोक महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण ईंधन और खाद्य वस्तुओं का महंगा होना है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए। आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। ईंधन और बिजली में थोक मूल्य महंगाई मई में 30.33 फीसदी पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 24.89 फीसदी थी। कच्चे पेट्रोलियम में महंगाई मई में 61.51 फीसदी रही। खाद्य वस्तुओं में महंगाई मई में 3.60 फीसदी दर्ज की गई। अप्रैल में यह 2.43 फीसदी थी। विनिर्मित उत्पादों में महंगाई अप्रैल के 6.68 फीसदी से बढ़कर मई में 7.48 फीसदी हो गई। खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई भी मई में 3.93 फीसदी पर पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल के दाम 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़े थे। दरअसल, थोक स्तर पर कीमतों में इस तेजी के पीछे कच्चे माल, ईंधन, ऊर्जा और विनिर्मित वस्तुओं की लागत में बढ़ोतरी प्रमुख कारण मानी जा रही है। अपेक्षा से अधिक महंगाई के आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उद्योगों की लागत और उपभोक्ताओं पर मूल्य दबाव बढ़ सकता है। थोक महंगाई दर क्या है थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत में थोक मूल्य सूचकांक को आधार मान कर महंगाई दर की गणना होती है। हालांकि थोक मूल्य और खुदरा मूल्य में काफी अंतर होने के कारण इस विधि को कुछ लोग सही नहीं मानते हैं। भारत में थोक मूल्य सूचकांक में 697 पदार्थों को शामिल किया गया है। इनमें खाद्यान्न, धातु, ईंधन, रसायन आदि हर तरह के पदार्थ शामिल हैं। अब मान लीजिए 10 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक 120 है और 17 मार्च को यह बढ़कर 122 हो गया। प्रतिशत में अंतर लगभग 1.6 प्रतिशत हुआ और यही महंगाई दर मानी जाती है। सामानों के थोक भाव लेने और सूचकांक तैयार करने में समय लगता है, इसलिए मुद्रास्फीति की दर हमेशा दो हफ्ते पहले की होती है। भारत में हर हफ्ते थोक मूल्य सूचकांक का आकलन किया जाता है। इसलिए महंगाई दर का आकलन भी हफ्ते के दौरान कीमतों में हुए परिवर्तन दिखाता है। पहले डब्ल्यूपीआई मापने का बेस ईयर 2004-2005 था। लेकिन अप्रैल 2017 में सरकार ने इसे बदलकर 2011-12 कर दिया। WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां होती हैं- प्राइमरी आर्टिकल्स, ईंधन और उत्पादित सामग्रियां। प्राइमरी आर्टिकल्स की भी दो उप-श्रेणियां हैं। पहली खाद्य उत्पाद। दूसरी गैर खाद्य उत्पाद। खाद्य उत्पादों में अनाज, धान, गेहूं, दालें, सब्जियां, फल, दूध, अंडा, मांस और मछली जैसी चीजें शामिल हैं। गैर खाद्य उत्पाद में तेल के बीज, खनिज संसाधन और कच्चा पेट्रोलियम शामिल है। डब्ल्यूपीआई की दूसरी श्रेणी है ईंधन। इसमें पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें देखी जाती हैं। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी है, मैन्युफैक्चर्ड गुड्स यानी उत्पादित सामग्रियां। इनमें कपड़ा, रेडिमेट कपड़े, कैमिकल, प्लास्टिक, सीमेंट, धातु, चीनी, तंबाकू उत्पाद, वसा उत्पाद जैसे मैन्युफैक्चर्ड खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। आम जनता पर क्या असर थोक महंगाई दर बढ़ने का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। थोक में अगर किसी वस्तु के दाम बढ़ते हैं तो आम आदमी को रिटेल में भी इसके ज्यादा दाम चुकाने होते हैं। वहीं थोक में दाम घटने पर बाजार में वस्तु कम दाम पर मिल जाती है। edited by : Nrapendra Gupta
'राख' देखकर टूटा करण जौहर का सोशल मीडिया डिटॉक्स, देर रात वेब सीरीज की तारीफ में शेयर किया पोस्ट
प्राइम वीडियो की हालिया रिलीज वेब सीरीज 'राख' की हर तरफ चर्चा हो रही है। सीरीज में सोनाली बेंद्रे,अली फजल, राकेश बेदी और आमिर बशीर हैं। यह सीरीज साल 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस पर आधारित है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस सीरीज को देखने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया डिटॉक्स बीच में ही तोड़ दिया और इस शो पर अपनी गहरी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर, जो पिछले कुछ समय से इंस्टाग्राम से दूरी बनाए हुए थे, 'राख' का आखिरी एपिसोड देखने के बाद खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने देर रात 1:35 बजे एक लंबा पोस्ट साझा कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। ALSO READ: निक्की तंबोली का बोल्ड साड़ी लुक, हॉट अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका करण ने लिखा, मैं इंस्टाग्राम से कुछ समय के लिए दूरी बनाने की कोशिश कर रहा था और मुझे लग रहा था कि मैं इसमें सफल भी हो गया हूं। लेकिन जब मैंने इस दिल दहला देने वाली सीरीज को देखा, तो मुझे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की जरूरत महसूस हुई। A post shared by Karan Johar (@karanjohar) सिंगल फादर करण जौहर ने बताया कि यह शो उनके दिल के बहुत करीब लगा और इसने उन्हें अंदर तक परेशान कर दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, रात के 1:35 बज रहे हैं और आखिरी एपिसोड देखने के बाद मैं पूरी तरह से विचलित हूं... एक पिता के रूप में, एक इंसान के रूप में और समाज के एक सदस्य के रूप में। 'राख' इंसानियत के सबसे बदसूरत चेहरे को सामने लाती है। कोई भी बहाना या बचपन का कोई ट्रॉमा किसी इंसान को अपने अंदर के शैतान के आगे घुटने टेकने की इजाजत नहीं दे सकता। करण जौहर ने जहां सीरीज के मेकर्स की बिना किसी मिर्च-मसाले के ईमानदारी से कहानी पेश करने के लिए तारीफ की, वहीं मुख्य कलाकारों के अभिनय को 'करियर डिफाइनिंग' बताया। उन्होंने विशेष रूप से सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर की सराहना की, जिन्होंने इस त्रासदी को झेलने वाले माता-पिता का किरदार निभाया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें करण ने लिखा, मैं सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर के शानदार अभिनय को अपने दिमाग से नहीं निकाल पा रहा हूं। असहनीय त्रासदी का सामना कर रहे माता-पिता के दर्द और शोक को उन्होंने जिस तरह पर्दे पर उतारा, उसने मुझे हैरान कर दिया। वे पूरी तरह अपने किरदारों में डूब गए और मैं उनके इस काम को सलाम करता हूं। अली फजल और पूरी टीम की हुई तारीफ करण ने सीरीज के मुख्य अभिनेता अली फजल के काम को 'असाधारण और ठोस' बताया। इसके अलावा उन्होंने सह-कलाकार आकाश मखीजा और रमनदीप यादव के किरदारों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने प्राइम वीडियो की टीम को इस तरह का संवेदनशील और बांधकर रखने वाला शो दर्शकों के सामने लाने के लिए बधाई दी। 1978 का वो काला अध्याय, जिसने देश को डराया प्रोसित रॉय, अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत के निर्देशन में बनी वेब सीरीज 'राख' देश के सबसे कुख्यात और खौफनाक आपराधिक मामलों में से एक—1978 के 'रंगा-बिल्ला कांड' से प्रेरित है। दिल्ली में रहने वाले दो किशोर भाई-बहन का कुख्यात अपराधी कुलजीत सिंह उर्फ रंगा और जसबीर सिंह उर्फ बिल्ला ने बेरहमी से अपहरण और मर्डर कर दिया था। इस घटना ने उस दौर में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता के मन में एक गहरा खौफ पैदा कर दिया था। 'राख' इसी त्रासदी और उसके बाद पीड़ित परिवार व समाज पर पड़े असर को बेहद संजीदगी से दिखाती है।
Global Wind Day 2026: विश्व पवन दिवस क्या है, क्यों मनाया जाता है?
Global Wind Day: हर वर्ष 15 जून को पूरी दुनिया में विश्व पवन दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को पवन ऊर्जा (Wind Energy) के महत्व, इसके लाभों और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक करना है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पवन ऊर्जा को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों में से एक माना जाता है। विश्व पवन दिवस क्या है? यह दिन क्यों मनाया जाता है? जानें उद्देश्य इसकी शुरुआत कब हुई? (इतिहास) यह कैसे काम करता है? पवन ऊर्जा के मामले में भारत की स्थिति आइए जानते हैं कि यह क्या है, क्यों मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है: विश्व पवन दिवस क्या है? विश्व पवन दिवस एक वैश्विक आयोजन है, जिसे दुनिया भर में पवन ऊर्जा के फायदों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हवा सिर्फ मौसम बदलने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बिजली पैदा करने और प्रदूषण कम करने का एक बेहद शक्तिशाली और कभी न खत्म होने वाला अक्षय स्रोत है। इस दिन को मुख्य रूप से यूरोपियन विंड एनर्जी एसोसिएशन (WindEurope) और ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (GWEC) द्वारा मिलकर आयोजित किया जाता है। यह दिन क्यों मनाया जाता है? जानें उद्देश्य इस दिवस को मनाने के पीछे कुछ बेहद महत्वपूर्ण कारण हैं: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना: कोयला, डीजल और पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) से बड़े पैमाने पर प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग होती है। पवन ऊर्जा इसका एक पूरी तरह से स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है। अर्थव्यवस्था और रोजगार की संभावनाएं: पवन ऊर्जा क्षेत्र दुनिया भर में लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है। पवन चक्कियों (Wind Turbines) के निर्माण, रखरखाव और रिसर्च में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, जिसके प्रति सरकारों और निवेशकों का ध्यान आकर्षित करना इसका उद्देश्य है। जागरूकता फैलाना: आम जनता और नीति निर्माताओं को यह समझाना कि कैसे पवन ऊर्जा की मदद से बिजली की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकता है और कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) को कम किया जा सकता है। इसकी शुरुआत कब हुई? (इतिहास) साल 2007: पहली बार इसकी शुरुआत यूरोप में हुई थी, तब इसे 'विंड डे' (Wind Day) के रूप में मनाया गया था। इसे यूरोपियन विंड एनर्जी एसोसिएशन (EWEA) ने आयोजित किया था। साल 2009: इसकी सफलता और महत्व को देखते हुए ईडब्ल्यूईए (EWEA) और जीडब्ल्यूईसी (GWEC) ने हाथ मिलाया और इसे वैश्विक स्तर पर मनाने का फैसला किया। तब से इसे 'विश्व पवन दिवस' (Global Wind Day) का नाम मिला। यह कैसे काम करता है? पवन ऊर्जा बनाने के लिए बड़े-बड़े मैदानों या समुद्र के तटीय इलाकों में ऊंची पवन चक्कियां (Wind Turbines) लगाई जाती हैं। जब तेज हवा चलती है, तो इन चक्कियों के ब्लेड घूमने लगते हैं। यह घुमावदार गति (Kinetic Energy) टरबाइन के अंदर लगे जनरेटर को चलाती है, जिससे यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) बिजली (Electrical Energy) में बदल जाती है। इसके बाद इस बिजली को ग्रिड के जरिए हमारे घरों और फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। पवन ऊर्जा के मामले में भारत की स्थिति भारत पवन ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है। भारत में तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में पवन ऊर्जा का उत्पादन बहुत बड़े पैमाने पर होता है। भारत सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के उत्पादन के लिए बड़े लक्ष्य रखे हैं, जिसमें पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
निक्की तंबोली का बोल्ड साड़ी लुक, हॉट अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका
रियलिटी शो 'बिग बॉस' से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली और अपने बोल्ड फैशन स्टेटमेंट के लिए मशहूर निक्की तंबोली एक बार फिर सुर्खियों में हैं। निक्की सोशल मीडिया पर अपने हुस्न का जलवा बिखेरने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। इस बार निक्की ने वाइन-पर्पल रंग के मॉडर्न एथनिक आउटफिट में बोल्डनेस और ग्लैमर का ऐसा तड़का लगाया है कि देखने वालों के पसीने छूट गए हैं। निक्की तंबोली के इस लुक की सबसे ज्यादा चर्चा उनकी रिवीलिंग और ग्लैमरस ड्रेस की हो रही है। ALSO READ: दिशा पाटनी का बोल्ड अवतार, बैकलेस गाउन में दिखाया ग्लैमरस अंदाज निक्की ने एक ट्रेडिशनल साड़ी को बेहद मॉडर्न और सिजलिंग ट्विस्ट दिया है। उन्होंने वाइन-पर्पल शेड की प्री-ड्रैप्ड सैटिन साड़ी पहनी है, जो नीचे से स्कर्ट स्टाइल में उनके परफेक्ट टोंड फिगर और बॉडी कर्व्स को बखूबी फ्लॉन्ट कर रही है। इस आउटफिट का सबसे बोल्ड हिस्सा उनका हैवी एम्बेलिश्ड कोर्सेट ब्लाउज है। ब्लाउज पर बेहद चमकीली और बारीक कढ़ाई की गई है। ब्लाउज की प्लंजिंग डीप नेकलाइन और ऑफ-शोल्डर शीयर नेट स्लीव्स निक्की के क्लीवेज को बेहद हॉट अंदाज में शोकेस कर रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निक्की तंबोली अपनी तस्वीरों में सिर्फ कपड़ों से ही नहीं, बल्कि अपने कातिलाना एक्सप्रेशंस से भी बिजली गिराना जानती हैं। इस फोटोशूट की हर एक तस्वीर में उनका कॉन्फिडेंस और बोल्डनेस साफ झलक रही है। निक्की अपने दोनों हाथों को अपने बालों में डालकर, आंखें झुकाए बेहद सेक्सी पोज देती नजर आ रही हैं। निक्की ने इस हैवी और बोल्ड आउटफिट के साथ एक्सेसरीज का चुनाव भी बेहद रॉयल रखा है। उन्होंने गले में वाइट डायमंड और पिंक रूबी स्टोन्स से बना एक हैवी फ्लोरल चोकर नेकलेस पहना है। इसके साथ ही उन्होंने मैचिंग इयररिंग्स, ब्रेसलेट और उंगलियों में बड़ी सी रूबी रिंग कैरी की है। ALSO READ: कैंसर से जंग लड़ रहीं दीपिका कक्कड़ ने बताया इम्यूनोथेरेपी का असर, शरीर में हुआ तेज दर्द और बुखार मेकअप की बात करें तो निक्की ने 'ड्यूई और ग्लॉसी' मेकअप चुना है। फ्लॉलेस शाइनी बेस के साथ उन्होंने अपनी आंखों को स्मोकी टच दिया है, आईब्रोज को परफेक्टली डिफाइन किया है और होंठों पर न्यूड-पिंक ग्लॉसी लिपस्टिक लगाई है। उन्होंने बालों को सॉफ्ट वेव्स के साथ खुला छोड़ा है। निक्की तंबोली का यह नया लुक सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। उनके कमेंट सेक्शन में फैंस हार्ट और फायर इमोजीस की बौछार कर रहे हैं।
कैंसर से जंग लड़ रहीं दीपिका कक्कड़ ने बताया इम्यूनोथेरेपी का असर, शरीर में हुआ तेज दर्द और बुखार
टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं। साल 2025 में स्टेज 2 लीवर कैंसर का पता चलने के बाद से वे लगातार इस गंभीर बीमारी से बहादुरी से लड़ रही हैं। हाल ही में उनके लिवर में दो नए सिस्ट पाए गए थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी 'डबल इम्यूनोथेरेपी' शुरू की है। अपने ताजा यूट्यूब व्लॉग में दीपिका ने अपने पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन के बाद सेहत पर पड़े असर और पारिवारिक संकट को लेकर भावुक अपडेट साझा किया है। दीपिका कक्कड़ ने जून के पहले हफ्ते में अपनी पहली इम्यूनोथेरेपी करवाई थी। यह थेरेपी आईवी इन्फ्यूजन के जरिए दी जा रही है। ALSO READ: आमिर खान प्रोडक्शंस के 25 साल पूरे, ऑस्कर से लेकर बॉक्स ऑफिस तक के शानदार सफर पर डालें एक नजर दीपिका ने बताया कि थेरेपी के बाद उन्हें गंभीर पीठ दर्द और हल्का बुखार महसूस हुआ। इसके साथ ही शरीर में भारी दवाइयों के जाने की वजह से काफी कमजोरी और थकान भी रही। दीपिका ने अपने फैंस को आश्वस्त करते हुए कहा, इम्यूनोथेरेपी के सीधे तौर पर कोई बड़े साइड इफेक्ट्स अभी नहीं हैं। जब शरीर में इतनी भारी दवाएं जाती हैं, तो सुस्ती आना आम है। मेरी रिपोर्ट्स बिल्कुल नॉर्मल आई हैं, इसलिए यह दर्द और बुखार किसी बीमारी के कारण नहीं, बल्कि थेरेपी के प्रति शरीर के रिस्पॉन्स की वजह से है। क्या होती है इम्यूनोथेरेपी और आगे क्या है प्लान? कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी एक आधुनिक और प्रभावी तरीका है। परंपरागत कीमोथेरेपी जहां सीधे तौर पर कैंसर कोशिकाओं को मारती है, वहीं इम्यूनोथेरेपी मरीज के शरीर की अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है ताकि वह खुद कैंसर सेल्स को पहचान कर उन्हें नष्ट कर सके। दीपिका का इलाज कोकिलाबेन और एचएन रिलायंस अस्पताल के विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है। दीपिका के पति और अभिनेता शोएब इब्राहिम ने बताया कि दीपिका का अगला इम्यूनोथेरेपी सेशन 2 जुलाई को होना तय हुआ है। इससे ठीक पहले उनके कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट्स और 'ट्यूमर मार्कर्स' की जांच की जाएगी। इन टेस्ट्स से डॉक्टरों को यह सटीक जानकारी मिलेगी कि पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन ने दीपिका की बॉडी पर कितना असर दिखाया है और कैंसर कोशिकाएं कितनी नियंत्रित हुई हैं। दीपिका के कैंसर के साथ-साथ इब्राहिम परिवार पर एक और बड़ा संकट टूट पड़ा है। मई के आखिरी हफ्ते में शोएब इब्राहिम के पिता को अचानक ब्रेन हैमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस दोहरे संकट ने पूरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से थका दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दीपिका ने व्लॉग में बेहद भावुक होते हुए कहा कि यह समय उनके पति शोएब के लिए सबसे ज्यादा कठिन है। दीपिका ने कहा, शोएब इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। मेरी पहली थेरेपी के वक्त भी वे मेरे साथ खड़े रहना चाहते थे। मैं हमेशा पापा के बीमार होने पर अस्पताल में उनके साथ रहती थी, लेकिन इस बार अपनी सेहत के कारण मैं वहां नहीं जा पा रही हूं। हमें अपने छोटे बेटे रुहान को भी समय देना पड़ रहा है। आप सब शोएब को सपोर्ट करें, उन्हें इस वक्त दुआओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। बता दें कि पिछले साल कैंसर का पता चलने के बाद दीपिका की एक बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसमें उनके लिवर का करीब 22 प्रतिशत हिस्सा काटकर निकाला गया था। इसके बाद से ही दीपिका अपने यूट्यूब चैनल 'दीपिका की दुनिया' पर अपनी कीमोथेरेपी, खान-पान में बदलाव और अपने भावनात्मक उतार-चढ़ाव को फैंस के साथ साझा करती आ रही हैं।
क्या डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था? ऐतिहासिक दस्तावेज़, हिंदू महासभा, मुस्लिम लीग और ब्रिटिश शासन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (15 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 15 June horoscope in Hindi 2026: करियर: आज ऑफिस में चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकते हैं, धैर्य बनाए रखें। लव: रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: निवेश से लाभ संभव है, पर जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या सिरदर्द हो सकता है। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका 2. वृषभ (Taurus) करियर: सहकर्मियों और अधिकारियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में स्थिरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, पर खर्चों में संयम रखें। स्वास्थ्य: पाचन या हल्की गैस की समस्या हो सकती है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट और जिम्मेदारियां मिलने की संभावना। लव: साथी के साथ संवाद से संबंध मजबूत होंगे। धन: धन लाभ संभव है, पर निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: आज धार्मिक ग्रंथ पढ़ें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। लव: साथी के साथ तालमेल और समझ बढ़ेगी। धन: अचानक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की सर्दी या एलर्जी की संभावना। उपाय: दूध का दान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना। लव: प्रेम जीवन में उत्साह और रोमांस बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि संभव है। स्वास्थ्य: ऊर्जा और उत्साह बनाए रखें। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा। टीम वर्क अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की संभावना। उपाय: प्रतिदिन गाय को आहार दें। ALSO READ: Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर इन 5 शुभ उपायों से चमकेगी आपकी किस्मत 7. तुला (Libra) करियर: कामकाज में स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: संबंधों में सामंजस्य अच्छा रहेगा। धन: खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। उपाय: आज गायत्री मंत्र का जाप करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: जोखिम उठाने का समय अच्छा है। लव: रोमांटिक जीवन में उत्साह बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें। उपाय: नीले या काले कपड़े पहनें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: पेशेवर जीवन में उन्नति की संभावना। लव: संबंधों में समझ और मधुरता बढ़ेगी। धन: निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: पीले चने का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। धन: वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य, हल्का व्यायाम लाभकारी। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: चावल का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए अवसर मिलेंगे, ध्यान केंद्रित रखें। लव: भावनात्मक समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: आंखों और दृष्टि का ध्यान रखें। उपाय: आज भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: मूलांक 1 से 9 के लिए कैसा रहेगा नया सप्ताह, जानें 15 से 21 जून 2026 का सटीक भविष्यफल

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